लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में जिस फौजी ने जेल वार्डर महेंद्र प्रताप सिंह और अमित टाटा पर जमीन कब्जाने के आरोप लगाए थे, वह अपने लगाए आरोपों से पलट गया है। उसने अब डीसीपी ऑफिस जाकर कहा है कि मेरे साथ जितेंद्र यादव ने साजिश रची। जितेंद्र और उसके भाई संतोष ने मुझे बरगलाया था कि जेल वार्डर, अमित टाटा का नाम लो जिससे तुम्हें तुम्हारी जमीन मिल जाएगी। मालूम हो कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने फौजी का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया था। इसमें फौजी कहता नजर आया था कि जेल वार्डर महेंद्र ने सांसद का नाम लेकर उसका प्लॉट कब्जाया। वह लद्दाख ड्यूटी पर था तभी इन लोगों ने उसकी बाउंड्री गिराकर वहां सड़क बना दी। जमीन दिलाने के नाम पर करोड़ों की वसूली का आरोप पीड़ितों के अनुसार, अर्जुनगंज के सरसवां इलाके में हो रही प्लॉटिंग के नाम पर जितेंद्र यादव और संतोष यादव ने खुद को जमीन का मालिक बताया। ग्राम सरसवां, तहसील सरोजनीनगर निवासी कई लोगों को प्लॉट देने का झांसा देकर उनसे बड़ी रकम वसूली गई। भुगतान आरोपियों और उनके करीबियों के खातों में कराया गया, लेकिन इसके बावजूद न तो जमीन का कब्जा मिला और न ही पैसा वापस किया गया। एक ही जमीन कई लोगों को बेचने का दावा पीड़ितों का आरोप है कि जिस जमीन के नाम पर सौदे किए गए, वह जमीन आरोपियों की थी ही नहीं। बाद में सामने आया कि एक ही भूखंड को कई लोगों को बेच दिया गया और फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया गया। जब लोगों ने इसका विरोध किया तो उन्हें धमकाया जाने लगा। पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने साफ कहा कि “तुम लोग बाहर के रहने वाले हो, कुछ नहीं कर पाओगे।” इसके साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी गई। पीड़ितों का आरोप है कि आरोपी खुद को प्रभावशाली बताकर पुलिस संरक्षण का दावा करते रहे। फौजी अरविंद सिंह का नया बयान, पलटा मामला इस मामले में बड़ा मोड़ तब आया, जब पीड़ित फौजी अरविंद सिंह का नया बयान सामने आया। अरविंद सिंह ने बताया कि उन्हें भी जितेंद्र यादव और संतोष यादव ने प्लॉट का कब्जा नहीं दिया। उन्होंने कहा कि जितेंद्र यादव ने उनसे कहा था कि अगर धनंजय सिंह का नाम लोगे तो प्लॉट मिल जाएगा। इसी झांसे में आकर उन्होंने बिना पूरी जानकारी के पूर्व सांसद धनंजय सिंह का नाम लिया। बाद में उन्हें समझ आया कि यह सब जितेंद्र यादव की साजिश थी। 50 से ज्यादा फौजी और सैकड़ों आम लोग पीड़ित होने का दावा फौजी अरविंद सिंह ने दावा किया कि जितेंद्र यादव से करीब 50 फौजी और 50 से ज्यादा आम लोग पीड़ित हैं, जिनका पैसा फंसा हुआ है। सभी लोग लंबे समय से न जमीन पा सके हैं और न ही अपनी गाढ़ी कमाई वापस ले पा रहे हैं। DCP ऑफिस पहुंचकर की शिकायत शुक्रवार को अरविंद सिंह समेत कई पीड़ित डीसीपी कल्ली पश्चिम कार्यालय पहुंचे और जितेंद्र यादव के खिलाफ लिखित शिकायत दी। पीड़ितों ने मामले में एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा फौजी का वीडियो शेयर किए जाने के बाद सियासी हलकों में भी हलचल मच गई थी। हालांकि, अब फौजी के नए बयान के बाद मामला पूरी तरह से अलग दिशा में जाता दिख रहा है। ACP दक्षिणी से FIR की मांग डरे-सहमे पीड़ितों ने सहायक पुलिस आयुक्त (दक्षिणी) से पूरे प्रकरण में एफआईआर दर्ज कर भू-माफिया गिरोह पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़ितों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कोई बड़ी घटना हो सकती है। फिलहाल पुलिस शिकायतों के आधार पर जांच की बात कह रही है।
अजमेर में बिजली वितरण का जिम्मा संभाल रही टाटा पावर ने मेंटेनेंस कार्य के लिए बिजली शटडाउन शेड्यूल जारी किया है। आज कई क्षेत्रों में 7 घंटे तक पावर कट होगा। अलग-अलग क्षेत्रों में सुबह 10 से 5 बजे के बीच बिजली सप्लाई प्रभावित रहेगी। बिजली संबंधी समस्या के लिए यहां करें कॉल टाटा पावर प्रबंधन ने वरिष्ठ अधिकारियों एवं फील्ड इंजीनियरों के मोबाइल नंबर भी जारी किए हैं। इन नंबर पर उपभोक्ता अपने सुझाव एवं शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में विकसित किए जा रहे मेडिकल डिवाइस पार्क में निवेश करने के इच्छुक कंपनियों के लिए अच्छा मौका है। प्राधिकरण ने 22 भूखंडों की योजना शुरू की गई है। इसमें 12 जनवरी से आवेदन किया जा सकेगा। आखिरी तारीख 11 फरवरी है। यीडा सिटी के सेक्टर-28 में 350 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित किया जा रहा है। अब तक 101 भूखंड हो चुके आवंटित यहां मेडिकल उपकरण से संबंधित कंपनियों को भूखंड आवंटित किए जाने है। अब तक 101 भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। इनमें से एक कंपनी कार्यशील हो चुकी है। बाकी को मौके पर कब्जा दिया जा चुका है। प्राधिकरण के अधिकारी के मुताबिक 1000, 2100 और 5940 वर्गमीटर के 22 भूखंडों की योजना है। इसमें सबसे ज्यादा 11 भूखंड 1000 वर्गमीटर के हैं। वहीं, 2100 वर्गमीटर के नौ और 5940 वर्गमीटर के दो भूखंड हैं। 12 जनवरी से ऑनलाइन आवेदन इसमें ऑनलाइन आवेदन 12 जनवरी से किए जा सकेंगे। बता दे मेडिकल डिवाइस पार्क में बनने वाले उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। लॉजिस्टिक्स और बेहतर कनेक्टिविटी के साथ मेडिकल डिवाइस के उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल-मेडिकल डिवाइस (ईपीसी-एमडी) के लिए मोबाइल ऐप बेस्ड डिजिटल आईटी सेटअप तैयार किया जा रहा है।
जीआरएमसी: एम्स की तर्ज पर कॉलेज व अस्पताल में लगेगा फायर सिस्टम
गजराराजा मेडिकल कॉलेज और उससे संबद्ध जेएएच समूह के अस्पतालों में एम्स की तर्ज पर फायर सिस्टम लगाए जाएंगे। कॉलेज प्रबंधन ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। जयारोग्य चिकित्सालय समूह के न्यू जेएएच को छोड़कर पूरे अस्पताल में आगजनी से निपटने के लिए एक्सटिंगग्युशर (आग बुझाने वाले सिलेंडर) का ही सहारा है। सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में आग लगने की स्थिति में अलार्म बजने के साथ-साथ अग्निशमन यंत्र का पूरा सिस्टम लगा हुआ है। बीते साल सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के ऑपरेशन थियेटर में औजार स्ट्रलाइज करते समय आग लग गई थी जिस पर तुरंत ही काबू पा लिया गया था, लेकिन यहां अलार्म नहीं बजे थे। इसके अलावा केआरएच में बीते साल करीब 4 बार शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी और एक बार न्यूरोलॉजी–न्यूरोसर्जरी तथा कार्डियोलॉजी में शॉर्ट सर्किट हो चुका है। डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ ने बताया कि आगजनी की घटना पर तुरंत ही काबू पाया जा सके। इसलिए उक्त व्यवस्था हो रही है।
पाली पुलिस ने एक बाइक चोर को पकड़ा। जिसने एक-दो नहीं तीन वाहन चोरी किए। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर 2 बाइक , 1 स्कूटी बरामद की। आरोपी पढ़ा-लिखा लैब टेक्नीशियन है। पूछताछ में बताया कि घर खर्च ज्यादा होने और सैलरी कम होने के चलते उसने बाइक चोरी करना शुरू किया।ट्रांसपोर्ट नगर थाने के SHO हनुवतंसिंह सिसोदिया ने बताया कि पाली शहर के लोडिया पाल स्थित मामा-भांजा दरगाह के बाहर से 12 सितम्बर को घोसीवाड़ा निवासी सलीम पुत्र भाऊजी घोसी की बाइक चोरी हो गई थी। उसने कोतवाली थाने में इसको लेकर रिपोर्ट दर्ज करवाई। CCTV फुटेज खंगालते हुए जोधपुर पहुंची पुलिसमामला दर्ज होने पर पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी। घटना स्थल के आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो आरोपी नजर आया। फुटेज के आधार पर पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़कर जोधपुर आरोपी के घर तक पहुंची और उसे पकड़कर पाली लाई। आरोपी को पकड़ने में कॉन्स्टेबल सूरज चौधरी की मुख्य भूमिका रही। जोधपुर में निजी हॉस्पिटल में लैब टेक्नीशियन33 वर्षीय आरोपी धनराज पुत्र चतराराम मूल रूप से पाली जिले के रोहट थाना क्षेत्र के खारड़ा की ढाणी का रहने वाला है। जो वर्तमान में जोधपुर के मगरा पुंजला (माता का थान) क्षेत्र में रहता है। जो जोधपुर के एक निजी हॉस्पिटल में लैब टेक्नीशियन का काम करता है। प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि उसकी सैलेरी 14 हजार रुपए है और घर खर्च ज्यादा इसलिए बाइक चोरी करना शुरू की। खेत में छुपाई तीनों बाइक, पुलिस ने की बरामदआरोपी ने पाली के बांगड़ हॉस्पिटल कॉम्पलेक्स के बाहर से, लोडिया पाल से और मंडिया रोड पर एक बैंक के बाहर से वाहन चोरी करना स्वीकार की। तीनों बाइक आरोपी जोधपुर ले गया। फिर उसे बेचने के लिए वापस पाली लाया और अपने गांव के पास खेत में झाड़ियों में छुपा दी ताकि ग्राहक मिलने पर उसे बेच से। आरोपी बाइक बेचता इससे पहले पुलिस ने उसे दबोच लिया।
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और झारखंड समेत चार राज्यों में ठगी का जाल बिछाने वाले 'कैनविज' कंपनी के मालिक कन्हैया गुलाटी पर पुलिस का शिकंजा और कस गया है। शनिवार को बरेली के इज्जतनगर और कोतवाली थाने में गुलाटी के खिलाफ दो और मुकदमे दर्ज किए गए। एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई के बाद अब आरोपी पर दर्ज मुकदमों की कुल संख्या 45 पहुंच गई है। हालांकि, लाखों परिवारों की खुशियाँ छीनने वाला यह महाठग अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। 4 राज्यों के लोगों को ठगाकन्हैया गुलाटी और उसके गैंग ने केवल बरेली ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिलों बदायूं, पीलीभीत, रामपुर और लखीमपुर समेत बिहार-झारखंड के भोले-भाले निवेशकों को 5% मासिक ब्याज का लालच देकर करोड़ों की चपत लगाई है। पुलिस अब इस गैंग की हिस्ट्रीशीट खोलने और गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति कुर्क करने की तैयारी में है। महिला से 13 और युवक से 42 लाख की ठगीइज्जतनगर के सिद्धार्थनगर निवासी दिनेश कुमार ने पुलिस को बताया कि आरोपी देवेश सिंह और प्रमोद परिहार ने उन्हें कैनविज कंपनी में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया था। झांसे में आकर दिनेश और उनके दोस्तों ने कुल 42.25 लाख रुपये निवेश कर दिए। वहीं, कोतवाली क्षेत्र की पूनम अग्रवाल ने बताया कि आरोपी अनूप गुप्ता ने खुद को कंपनी का डायरेक्टर बताकर उनसे और उनके परिजनों से 13.15 लाख रुपये निवेश कराए। दोनों ही मामलों में न तो ब्याज मिला और न ही मूलधन। रुपये मांगने पर जो चेक दिए गए, वे भी बैंक में बाउंस हो गए। पाकिस्तान से बरेली तक: फर्श से अर्श और फिर अपराध का सफरकन्हैया गुलाटी का पारिवारिक इतिहास बंटवारे के दर्द से जुड़ा है। 1947 में उसका परिवार पाकिस्तान के बन्नू जिले से विस्थापित होकर भारत आया था। 1948 में बरेली बसने के बाद परिवार ने छोटे स्तर पर व्यापार शुरू किया। कन्हैया ने अपनी इसी 'संघर्ष गाथा' को सेमिनारों में ढाल बनाया। वह मंचों से खुद को जमीन से जुड़ा इंसान बताकर लोगों का भावनात्मक शोषण करता था। 2007 में उसने 'कैनविज' की नींव रखी और मल्टी लेवल मार्केटिंग (MLM) के जरिए ठगी का साम्राज्य खड़ा कर दिया। LIC का फर्जी लोगो और क्रिप्टो का मायाजालजांच में खुलासा हुआ है कि गुलाटी ने लोगों का भरोसा जीतने के लिए LIC जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड के नाम और लोगो का अवैध इस्तेमाल किया। इतना ही नहीं, 2018 में दिल्ली के अशोका होटल में 'ड्रिबल' नाम की क्रिप्टो करेंसी लॉन्च कर निवेशकों को 24 करोड़ के रिटर्न का सपना दिखाया। भव्य सेमिनार, चमकदार लाइटें और लग्जरी गाड़ियों का दिखावा कर उसने बेरोजगार युवाओं और किसानों की गाढ़ी कमाई लूट ली। कार दिलाने के नाम पर भी खेल, अब बैंक काट रहे पीड़ितों के चक्करकैनविज ने निवेशकों को लुभाने के लिए इंसेंटिव के रूप में कार दिलाने का लालच दिया। कंपनी ने दावा किया कि कार की किस्तें प्रॉफिट से भरी जाएंगी। अप्रैल 2025 में भुगतान बंद होने के बाद अब हालात ये हैं कि 70% निवेशकों की गाड़ियां बिक चुकी हैं और बैंक वसूली के लिए दबाव बना रहे हैं। कई पीड़ित परिवार अब आत्महत्या की कगार पर पहुंच गए हैं। भाजपा और सपा नेता भी नहीं बचे, 42 गुर्गों पर FIRठगी की इस आग में सियासी चेहरे भी झुलसे हैं। भाजपा जिला कोषाध्यक्ष मनोज कुमार गुप्ता से 13 लाख और सपा नेता विशाल अग्रवाल व उनके साथियों से करीब 2 करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है। एसएसपी ने बारादरी थाना प्रभारी को वादी बनाकर 113 पीड़ितों की ओर से एक संयुक्त रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसमें कन्हैया की पत्नी राधिका, बेटे गोपाल और अन्य रिश्तेदारों समेत 42 लोगों को नामजद किया गया है। हमने मामले की गंभीरता को देखते हुए दो SIT गठित की हैं। कन्हैया गुलाटी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है ताकि वह विदेश न भाग सके। उसकी अवैध संपत्तियों को चिह्नित कर कुर्क करने की प्रक्रिया जारी है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।- अनुराग आर्य, एसएसपी, बरेली
शहर में बढ़ती ठंड और प्रदूषण का असर अब लोगों के फेफड़ों पर साफ दिखाई देने लगा है। अस्पतालों में अस्थमा और सीओपीडी (क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। मुरारी लाल चेस्ट हॉस्पिटल के एचओडी डॉ. अवधेश कुमार के अनुसार बीते दिनों में अस्थमा के लगभग 15 प्रतिशत और सीओपीडी के करीब 20 प्रतिशत मरीजों की संख्या बढ़ी है। इसके साथ ही निमोनिया के मरीज भी सामने आ रहे हैं।पहले अस्थमा और सीओपीडी में समझे अंतरडॉ. अवधेश कुमार ने बताया कि अस्थमा एलर्जी से संबंधित बीमारी है, जो धूल, धुआं, परागकण, मौसम परिवर्तन और प्रदूषण से ट्रिगर होती है, जबकि सीओपीडी ज्यादातर उन लोगों में देखी जाती है जो लंबे समय तक धूम्रपान करते हैं या धुएं के संपर्क में रहते हैं। ठंड के मौसम में हवा में धुंध और प्रदूषण बढ़ने से सांस की नलियों में सूजन हो जाती है, जिससे सांस लेने में दिक्कत, खांसी और सीने में जकड़न बढ़ जाती है।सर्दियों में ज्यादा सक्रीय होते है कीटाणुउन्होंने बताया कि सर्दियों में लोग अक्सर कमरे बंद करके रहते हैं और धूप का कम पहुंचना कीटाणुओं के लिए अनुकूल वातावरण बना देता है। ऐसे में वायरल संक्रमण तेजी से फैलता है। यदि इस अवस्था में लापरवाही की जाए तो वायरल संक्रमण, बैक्टीरियल इंफेक्शन में बदल सकता है, जिसके उपचार के लिए एंटीबायोटिक की आवश्यकता पड़ती है। इसी कारण इस मौसम में खांसी-जुकाम और सांस फूलने को हल्के में न लेने की सलाह दी जाती है। बच्चे और बुजुर्गों की संख्या सबसे अधिकडॉ. कुमार के अनुसार अस्पताल में आने वाले मरीजों में बच्चों और बुजुर्गों की संख्या सबसे अधिक है। जिन मरीजों को पहले से अस्थमा या सीओपीडी है, उनमें अटैक आने की संभावना अधिक रहती है। इसलिए ऐसे मरीज अपनी दवा और इनहेलर नियमित रूप से लें और डॉक्टर की सलाह के बिना दवा में कोई बदलाव न करें।उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग धूम्रपान करते हैं उन्हें इस मौसम में खास तौर पर परहेज करना चाहिए, क्योंकि यह फेफड़ों की क्षमता और अधिक कम कर देता है। ये लक्षण दिखे तो तुरंत करें संपर्कउन्होंने बताया कि लगातार सांस फूलना, सीने में घरघराहट, सीने में जकड़न, बलगम खांसी, बुखार या थकान जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत चेस्ट विशेषज्ञ से संपर्क करना जरूरी है। समय पर इलाज न मिलने पर मरीज की स्थिति गंभीर हो सकती है और आईसीयू की जरूरत भी पड़ सकती है। अस्थमा और सीओपीडी से बचाव के 10 जरूरी टिप्स
महाकुंभ के बाद अब माघ मेले में किन्नर अखाड़े का शिविर स्थापित हो चुका है। किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी भी इस अपने इस शिविर में 15 जनवरी को पहुंच रही हैं। मेले में संगम लोवर, ओल्ड जीटी रोड चौराहे पर लगे शिविर में देश के अलग - अलग प्रदेश से दर्जनभर किन्नर संतों को महंत, श्रीमहंत, मंडलेश्वर और महामंडलेश्वर के पदों पर पट्टाभिषेक 16 जनवरी को होने जा रहा है। यह किन्नर संत, महात्मा दिल्ली, महाराष्ट्र, तमिलनाडु सहित अन्य प्रदेशों के रहने वाले हैं जो कई वर्षों से सनातन धर्म की सेवा कर रहे है। आचार्य महामंडलेश्वर खुद उनका पट्टाभिषेक करेंगी। ‘सनातन धर्म मोक्ष का मार्ग दिखाता है’ आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि संस्कारों वाला सनातन धर्म है जो मोक्ष का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म आदि, अनादि काल से साश्वत है जो निरंतर चल रहा है। यह धर्म भारत ही नहीं बल्कि विश्व में भी अपनी जड़े जमाए हुए है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बहुत से विदेशी आक्रांताओं ने सनातन धर्म को कई बार क्षति पहुंचाने की कोशिश किया लेकिन सनातन धर्म साश्वत चलता रहा। उन्होंने देश और विदेश से तीर्थ राज प्रयागराज आये हुए संत, महात्मा और कल्पवासियों के मंगल, उन्नति की भगवान वेणी माधव और तीर्थराज प्रयागराज से कामना की है। उधर, किन्नर अखाड़ा प्रयागराज की महामंडलेश्वर कल्याणीनंद गिरि (छोटी मां), नासिक से महामंडलेश्वर स्वामी पूजानंद गिरि सहित पांच दर्जनों शिष्य माघ मेला में लगे शिविर में कल्पवास करते हुए श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दें रही हैं।
हरियाणा के यूएचबीवीएनमें इन दिनों जेई के लिए ट्रांसफर ड्राइव के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया चल रही है। जिसके लिए करीब 800 जेई हिस्सा बन रहे हैं। लेकिन 29 जुलाई 2025 को प्रमोट हुई जेई को प्रक्रिया से बाहर कर दिया है। उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम के ट्रांसफर ड्राइव से बाहर हुई जेई एमडी कार्यालय को मेल भेज कर शामिल करने की मांग कर रहे हैं लेकिन उनका कोई रिप्लाई नहीं मिल रहा। जिसके चलते जेई के लिए टेंशन बढ़ गई है। हरियाणा के यूएचबीवीएन में ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी 7 जुलाई 2025 को लागू हुई थी। उनके प्रमोशन के बाद जारी हुए ऑर्डर में लिखा था कि उन्हें आगामी ट्रांसफर ड्राइव में अनिवार्य रूप से भाग लेना होगा। ट्रांसफर पॉलिसी में क्या शर्तें.. विभाग की ट्रांसफर पॉलिसी के अनुसार जिनकी नौकरी को एक ही जगह पर 4 साल हो गए हैं, उन्हें ट्रांसफर के लिए अप्लाई करना होगा। वहीं जिनकी सर्विस को 2 साल हो गए हैं, उनके लिए चॉइस होगी। वे चाहें तो आवेदन कर भी सकते हैं। कर्मचारी 14 जनवरी तक ऑनलाइन प्रक्रिया का हिस्सा बन सकते हैं। ट्रांसफर पॉलिसी में स्पष्ट चेतावनी अगर किसी कर्मचारी द्वारा गलत, अधूरा या झूठा डेटा दिया गया पाया गय तो उसे ट्रांसफर ड्राइव से बाहर किया जा सकता है। UHBVN में कहीं भी पोस्टिंग की जा सकती है। साथ में अनुशासनात्मक कार्यवाही भी की जाएगी,सभी कर्मचारी समय रहते ETMS Portal चेक करें और सही जानकारी ही दर्ज करें।
पंजाब के लुधियाना के सलेम टाबरी इलाके में मिले 30 वर्षीय युवक दविंदर की नृशंस हत्या मामले में तीन डॉक्टरों के बोर्ड ने पोस्टमॉर्टम किया। बोर्ड में फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. करण प्रमोद, डॉ. अभयदीप और डॉ. पवनदीप कौर शामिल थे। पोस्टमॉर्टम की शुरुआती रिपोर्ट में संकेत मिले हैं कि हत्या से पहले दविंदर के इंजेक्शन हाथ पर लगा है। सूत्रों मुताबिक यह भी सामने आया है कि गिरने के बाद उसके सिर पर हेमरेज जैसी चोट आई है। फोरेंसिक साइंस लैब भेजा गया विसरा हालांकि, मौत के सटीक कारण की पुष्टि के लिए विसरा फोरेंसिक साइंस लैब भेजा गया है। डॉक्टरों ने बताया कि शव छह टुकड़ों में पोस्टमॉर्टम के लिए लाया गया, जबकि दाहिना हाथ गायब था। पुलिस हाथ की सर्च भी कर रही है। पुलिस का दावा है कि इस केस में यदि कोई अन्य भी शामिल हुआ तो तुरंत उस पर भी कार्रवाई की जाएगी। 8 जनवरी को मिले थे शव के टुकड़ेदविंदर का शव 8 जनवरी को सलेम टाबरी इलाके में छह हिस्सों में कटा हुआ मिला था। घटना के एक दिन बाद पुलिस ने शमशेर सिंह उर्फ शेरा और उसकी पत्नी कुलदीप कौर को गिरफ्तार किया। पैसों के विवाद में दोस्त ने की हत्यापुलिस के अनुसार आरोपी शमशेर सिंह और दविंदर आपस में दोस्त थे। पैसों के विवाद के चलते शमशेर ने दविंदर की हत्या की। इसके बाद आरी से शव के छह टुकड़े किए और अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया। पूछताछ में खुल सकते हैं और राजमामले की जांच कर रहे एएसआई जिंदर सिंह ने बताया कि दोनों आरोपी फिलहाल पुलिस रिमांड पर हैं और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के दौरान और अहम खुलासे होने की संभावना है।
पुराना मर्ज...:निपानिया में खुदाई में फूटी नर्मदा लाइन, 3 दिन क्षेत्र में सप्लाय नहीं
भागीरथपुरा में नर्मदा की लाइन में लीकेज के कारण ड्रेनेज का पानी मिलने से हुई मौतों से अब भी निर्माण एजेंसियों ने सबक नहीं लिया है। शनिवार को निपानिया में मास्टर प्लान की सड़क बनाने के लिए हुई खुदाई से नर्मदा की मुख्य ट्रंक लाइन फूट गई। इससे टंकियों में पानी पहुंचता है। इसमें करीब 5 लाख लीटर पानी बह गया। ऐसे ही लीकेज जानलेवा बन रहे हैं। 50 फीसदी घरों में वार्ड 36 के है नर्मदा कनेक्शन। करीब 1 लाख लोग होंगे प्रभावित।
मौसम का हाल:रात में तेज ठंड, दिन में धूप से लोगों को मिली राहत
शहर में शुक्रवार रात को फिर कंपकंपाने वाली ठंड रही। हालांकि शनिवार को दिन में धूप निकली, जिससे लोगों को ठंड से कुछ राहत मिली। न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री कम होकर 6.9 डिग्री पर रहा। हाल यह था कि सुबह 8.30 बजे भी 10 डिग्री ही तापमान दर्ज हुआ। वहीं शनिवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री ज्यादा रहा। हवा की गति 6 किमी प्रति घंटे की रही, वहीं विजिबिलिटी 1500 मीटर की रही। इधर, प्रदेश में शिवपुरी सबसे ठंडा (4 डिग्री) रहा। इंदौर और पचमढ़ी (6.4) में तापमान लगभग एक जैसा रहा। कोहरे की वजह से कई ट्रेनें भी लेट हुईं। इस बार इंदौर में नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा था। जनवरी में भी कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। एक्सपर्ट की मानें तो जनवरी में प्रदेश में न्यूनतम तापमान माइनस में जा चुका है। इंदौर में 91 साल पहले जनवरी में माइनस 1.1 डिग्री तक जा चुका पारा इंदौर में 16 जनवरी 1935 में पारा माइनस 1.1 डिग्री दर्ज किया गया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। उस साल पूरे महीने में 4 इंच बारिश दर्ज की गई थी। दिसंबर और जनवरी में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं, इसलिए तापमान में अच्छी-खासी गिरावट होती है।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के शताब्दी वर्ष के तहत रविवार को इंदौर में 286 स्थानों पर हिंदू सम्मेलन होने जा रहे हैं। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम, हिंदुत्व पर चर्चा और सहभोज होगा। हर आयोजन में न्यूनमत 1 हजार से 6 हजार तक लोग शामिल होंगे। विभिन्न समाज इसमें पूर्ण सहभागिता कर रहे हैं। हजारों स्वयंसेवकों के साथ ही सैकड़ों समाजों के भी हजारों लोग व क्षेत्रीय रहवासी शामिल होंगे। शनिवार देर रात तक तैयारियां चलती रहीं। हर आयोजन लगभग 3 घंटे का होगा। इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन तथा बौद्धिक कार्यक्रम रहेंगे। इसके बाद आखिर में समरसता भोज होगा। कार्यक्रम प्रात 11 से शुरू होंगे। खजराना गणेश मंदिर : खजराना गणेश मंदिर प्रांगण में भी बड़ा हिंदू सम्मेलन होगा। इसमें मध्यप्रदेश मराठी अकादमी इन्दूर के सहसचिव कीर्तिश धामारीकर शास्त्री का प्रबोधन होगा। संत वक्ता के तौर पर श्रीअनादि सरस्वती व अमिता झा भी मौजूद रहेंगी। तिलक नगर में मुनिश्री पूज्य सागर महाराज रहेंगे मुख्य वक्ता तिलक नगर में सरकारी स्कूल मैदान पर 40 हजार स्क्वेयर फीट में पंडाल बनाया गया है। यहां 6 हजार लोगों की उपस्थिति में कार्यक्रम होगा। संयोजक राहुल जैन ने बताया कि 13 किमी की यात्रा के बाद पूज्य सागर महाराज का आदिनाथ जिनालय विनोबा नगर (तिलक मंदिर) में प्रवेश हुआ। वे हिंदू सम्मेलन के प्रमुख वक्ता होंगे। महिलाओं ने मंगल गीत व कलश यात्रा के साथ अगवानी की। भव्य सजावट भी की गई है। एसजीएसआईटीएस कैंपस में कई परिवार जुटेंगे रेसकोर्स क्षेत्र का हिंदू सम्मेलन एसजीएसआईटीएस परिसर में होगा। संयोजिका श्रेया माहेश्वरी ने बताया इसमें क्षेत्र के कई हिंदू परिवार शामिल होंगे। महामंडलेश्वर रामगोपालदास महाराज एवं जैन मुनिश्री आचार्य विश्वर|सागर सूरीश्वरजी महाराज के शिष्य राजर्षि र|सागर महाराज का प्रबोधन होगा। प्रभु नगर : एक साथ सहभोज करेंगे सरस्वती नगर क्षेत्र का आयोजन शाम 4 बजे नटराज नगर मैदान पर शुरू होगा। इसमें सिल्वर ऑक्स कॉलोनी, चाणक्यपुरी, उमेश नगर और नर्मदा नगर के रहवासी शामिल होंगे। घरों में भोजन नहीं बनेगा। सभी मिलकर सहभोज करेंगे। निपानिया : सम्मेलन से पहले वॉकथान हुआ निपानिया में हिंदू सम्मेलन की पूर्व संध्या पर भगवा वॉकथॉन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी सहभागिता की। साथ ही स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। सर्वेश चिखले ने बताया हिंदू सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे।
गोरखपुर महोत्सव का आज से होगा आगाज:पवन, बादशाह, मैथिली और वरुण ने फैन से की अपील, देखें VIDEO
गोरखपुर महोत्सव को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आज से गोरखपुर महोत्सव का भव्य शुभारंभ होने जा रहा है। महोत्सव को लेकर न सिर्फ शहरवासियों में बल्कि बाहर से आने वाले मशहूर कलाकारों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। हर कोई इस महोत्सव को यादगार बनाने के लिए तैयार नजर आ रहा है। सभी कलाकारों ने गोरखपुर आने से पहले वीडियो संदेश जारी कर अपने फैंस से भारी संख्या में महोत्सव में पहुंचने की अपील की है। गोरखपुर महोत्सव में इस बार कई बड़े कलाकार अपनी प्रस्तुति देने आ रहे हैं। इनमें वरुण जैन, मैथिली ठाकुर, पवन सिंह और बादशाह जैसे नाम शामिल हैं। देखिए 2 तस्वीरें... सबसे पहले 11 जनवरी को मशहूर गायक वरुण जैन मंच संभालेंगे। अपने वीडियो संदेश में वरुण जैन ने कहा है, “नमस्कार गोरखपुर मैं हूं वरुण जैन मैं आ रहा हूं आपके शहर गोरखपुर में 11 जनवरी को गोरखपुर महोत्सव में तो तैयार हो जाइए प्यारे म्यूजिकल रात के लिए।” उनके इस संदेश के बाद से ही संगीत प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। इसके साथ में भोजपुरी स्टार पवन सिंह बाराजन को जलवा बिखेरने के लिए गोरखपुर पहुँच रहे हैं उन्होंने अपनी वीडियो संदेश में कहा कि- ''नमस्ते, प्रणाम गोरखपुर मैं पवन सिंह 12 जनवरी को गोरखपुर महोत्सव में आ रहा हूं, तो आप सब भी आइये।'' वहीं लोक और भक्ति संगीत की मशहूर गायिका मैथिली ठाकुर 13 जनवरी को गोरखपुर महोत्सव में अपनी प्रस्तुति देंगी। अपने वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, “नमस्कार मैं हूं मैथिली ठाकुर मैं आ रही हूं गोरखपुर महोत्सव में 13 जनवरी को भक्ति संगीत के साथ राम नाम साझा करने के लिए। आप लोग आइएगा जरूर पूरे परिवार के साथ।” उनकी भक्ति संगीत की प्रस्तुति को लेकर परिवारों में खास उत्सुकता है।इसी क्रम में रैपर और सिंगर बादशाह भी पहली बार गोरखपुर आ रहे हैं। उन्होंने भी वीडियो जारी कर कहा, “गोरखपुर कैसे हैं आप लोग, बहुत-बहुत एक्साइटेड हूं मैं 13 तारीख को आ रहा हूं आप लोगों के समक्ष खूब पार्टी करेंगे खूब मजे करेंगे और उसके बाद सो जाएंगे। पहली बार मैं आ रहा हूं गोरखपुर।” बादशाह के आने से युवाओं में खासा जोश देखने को मिल रहा है।गोरखपुर महोत्सव का शुभारंभ आज दोपहर 11:30 बजे किया जाएगा। जैसे-जैसे शाम होगी, महोत्सव का रंग और भी गहराता चला जाएगा। रोशनी, संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से पूरा माहौल उत्सवमय हो जाएगा।इस बार महोत्सव की खास बात यह है कि स्थानीय कलाकारों को भी मंच दिया जाएगा। इससे गोरखपुर और आसपास के कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा और उन्हें एक बड़ा मंच मिल सकेगा। महोत्सव के प्रमुख कार्यक्रम11 जनवरी 12 जनवरी 13 जनवरी
राज्य सरकार ने ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए जयपुर-जोधपुर सहित प्रदेश के 12 जिलों में जिला परिषद और पंचायत समितियों के बोर्ड समय से पहले भंग भी कर सकती है। हाल ही में राज्य चुनाव आयोग ने चिट्ठी लिखकर सरकार से ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। चिट्ठी के बाद प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से सरपंचों को बुलाकर ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ पर चर्चा हो चुकी है। संबंधित सरपंचों को बोर्ड भंग करने के संकेत दे दिए गए हैं। अब बजट पूर्व संवाद के दौरान मुख्यमंत्री भी सरपंच प्रतिनिधियों से बात कर सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो जिन पंचायत समितियों और जिला परिषदों का कार्यकाल बाकी है, उसे समाप्त कर एक साथ चुनाव कराए जा सकते हैं। हालांकि इस राह में अभी भी कई चुनौतियां बनी हुई हैं। संडे बिग स्टोरी में पढ़िए- क्या है ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ और अभी को लेकर क्या स्थिति है? कार्यकाल एक साथ पूरा नहीं होने के हालत क्यों हुए?आमतौर पर प्रदेश के सभी जिलों में पंचायत चुनाव एक साथ होते आए हैं। कोरोना काल में (2020 से 2022) प्रदेश की ज्यादातर पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने के बाद चुनाव नहीं हो पाए थे। तब सरकार ने सरपंचों को ही प्रशासक बनाकर उनका कार्यकाल बढ़ा दिया था। सरपंचों और वार्ड पंचों की एक कमेटी बनाकर चुनाव होने तक उसे ही प्रशासक के पावर दे दिए गए थे। पुराने जिलों के हिसाब से 21 और नए के हिसाब से 25 जिलों में पंचायत समितियों कार्यकाल कब का समाप्त हो चुका है। पुराने 12 जिलों (नए के हिसाब से 16) में कई पंचायत समितियों और जिला परिषदों का कार्यकाल अभी बाकी है। इधर, सुप्रीम कोर्ट ने भी 15 अप्रैल 2026 तक चुनाव करवाने की हाईकोर्ट की डेडलाइन पर मुहर लगा दी है। ऐसे में राज्य चुनाव आयोग ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। चुनाव आयोग के लेटर के बाद सरकार में तैयारियां तेजसरकार चाहती है कि ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ के तहत सभी ग्राम पंचायत और पंचायत समितियों के चुनाव एक साथ हों, लेकिन इसका निर्णय भी सरकार को ही लेना है। 3 दिन पूर्व 8 जनवरी को ही राज्य चुनाव आयोग ने भी पत्र लिखकर पूछा था- ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ के तहत पंचायत चुनाव कराने हैं या नहीं, स्थिति स्पष्ट करें। ऐसे में सरकार के स्तर पर भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। CMO में पंचायती राज से जुड़े अधिकारियों ने विभिन्न हिस्सों से सरपंच प्रतिनिधियों को बुलाकर चर्चा की थी। अब 17 जनवरी को बजट पूर्व संवाद के दौरान फाइनल डिस्कशन मुख्यमंत्री स्तर पर हो सकता है। CMO में अधिकारियों के साथ मीटिंग में शामिल रहे राजस्थान सरपंच संघ के प्रवक्ता रफीक पठान कहते हैं- राज्य सरकार ने बात करने के लिए हमें मुख्यमंत्री कार्यालय बुलाया था। अधिकारियों ने एक साथ सभी जिलों में चुनाव कराने के संकेत दिए थे। हमसे हमारी राय पूछी गई थी। जवाब में हमने यही कहा कि जैसा सरकार उचित समझे। हम सरकार के फैसले के साथ हैं। जयपुर के सांगानेर में नरसिंहपुरा ग्राम पंचायत के प्रशासक बंशीधर गढ़वाल बताते हैं- सरकार वन स्टेट वन इलेक्शन के तहत चुनाव कराना चाहती है। हम सरकार के हर फैसले के साथ हैं। हम भी चाहते हैं कि एक साथ चुनाव हों। अब सरकार ने 15 जनवरी के बाद बात करने के लिए बुलाया है। हालांकि अभी तारीख तय नहीं हुई है। वन स्टेट वन इलेक्शन के लिए राज्य सरकार को करने होंगे ये 2 काम1. सरकार ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ का फॉर्मूला लागू करना चाहती है तो उसे 12 जिलों की जिला परिषद और पंचायत समितियों के चुनाव कार्यकाल समाप्ति से पहले करानी होगी। 2. जानकारों के मुताबिक सरकार नगरीय निकाय और पंचायतीराज के चुने हुए बोर्ड को 6 महीने पहले भंग कर सकती है। ऐसे में सभी जिलों के चुनाव एक साथ कराए जा सकते हैं। सरकार ऐसा नहीं करती है तो वन स्टेट वन इलेक्शन फॉर्मूला फेल हो सकता है। सरकार के सामने दिक्कत क्या है?जानकारों के मुताबिक, राज्य सरकार के सामने दिक्कत यह है कि जिन जिला परिषदों और पंचायत समितियों का कार्यकाल समाप्त होने में 8 महीने बाकी है। वह मामला कोर्ट में जा सकता है। एक अप्रैल के हिसाब से 4 जिलों (बारां, करौली, कोटा और श्रीगंगानगर) में जिला परिषद और पंचायत समितियों का कार्यकाल पूरा होने में 8 महीने का समय बचा है। अगर इन जिलों के बोर्ड समय से पहले सरकार भंग करती है तो उन जनप्रतिनिधियों के पास कोर्ट में जाने का विकल्प रहेगा। फिलहाल वन स्टेट वन इलेक्शन के लिए सबसे बड़ी अड़चन 12 जिलों (नए जिलों को छोड़कर) की 12 जिला परिषद और करीब 135 पंचायत समितियां हैं। क्योंकि इनका कार्यकाल बचा हुआ है। शेष जिलों में कार्यकाल समाप्त हो गया है। इन जिलों में हाईकोर्ट ने अप्रैल में ही चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। 21 जिलों (पुराने) में कार्यकाल पूरा, सरकार ने प्रशासक लगाएजैसलमेर, उदयपुर, बाड़मेर, अजमेर, पाली, भीलवाड़ा, राजसमंद, नागौर, बांसवाड़ा, बीकानेर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, चूरू, डूंगरपुर, हनुमानगढ़, जालोर, झालावाड़, झुंझुनूं, प्रतापगढ़, सीकर, टोंक की करीब 222 पंचायत समितियों का कार्यकाल पूरा हो गया। सरकार ने जिला परिषदों में कलेक्टर को प्रशासक लगा दिया है, जबकि 12 जिलों (भरतपुर, दौसा, जयपुर, जोधपुर, सवाई माधोपुर, सिरोही, अलवर, धौलपुर, बारां, करौली, कोटा और श्रीगंगानगर) की ग्राम पंचायतों और जिला परिषदों का कार्यकाल बचा हुआ है। 4 जिले खैरथल-तिजारा, फलोदी, डीग और कोटपूतली-बहरोड़ भी हैं, जो इन 12 जिलों में से टुकड़े करके बनाए गए हैं। ऐसे में 12 और 4 कुल 16 जिलों में कार्यकाल पूरा होने में समय बचा हुआ है। आयोग को हरियाणा और मध्य प्रदेश से मिली ईवीएमराजस्थान में ग्राम पंचायत और पंचायत समिति के चुनाव एक साथ होने की संभावना ज्यादा है। इसके लिए आयोग ने 60 हजार ईवीएम की व्यवस्था कर ली है। आयोग को हरियाणा से 40 हजार और मध्य प्रदेश से 10 हजार ईवीएम मिल गई हैं। आयोग के पास खुद की ही 10 हजार ईवीएम हैं। करीब एक महीने पहले आयोग को ईवीएम नहीं मिली थी। आयोग के अधिकारियों का कहना था कि ईवीएम मिल जाती है तो एक साथ चुनाव करा लिए जाएंगे। प्रदेश में 60 हजार बूथ हैं। वार्ड पंच और सरपंच के चुनाव बैलेट बॉक्स से होंगेराज्य निर्वाचन आयोग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पंच और सरपंच के चुनाव बैलेट बॉक्स से कराए जाएंगे। इसके लिए एक लाख बैलेट बॉक्स गुजरात से मंगाए जा रहे हैं। आयोग के पास पहले से एक लाख बैलेट बॉक्स है। यदि राज्य सरकार आयोग से कह देती है कि सभी जिलों में एक साथ चुनाव कराओ। ऐसी स्थिति में 16 जिलों में बैलेट बॉक्स से चुनाव कराए जाएंगे। हाईकोर्ट ने अप्रैल में चुनाव कराने के दिए निर्देशहाल ही में देश की शीर्ष अदालत सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान में पंचायत चुनाव का रास्ता साफ कर दिया है। बीते सोमवार को कोर्ट ने आदेश में स्पष्ट किया कि पंचायत चुनाव की प्रक्रिया 15 अप्रैल तक पूरी कर ली जाए। कोर्ट ने पंचायत परिसीमन और पुनर्गठन की प्रक्रिया को चुनौती देने वाली राजस्व ग्राम सिंहानिया सहित अन्य गांवों की एसएलपी खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और चुनावी प्रक्रिया शुरू है, ऐसे में दखल देना उचित नहीं है। राजस्थान सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष बोले- यह सरकार का फैसलाराजस्थान सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर गढ़वाल का कहना है- सरकार एक साथ चुनाव कराएं। कभी भी कराएं। यह सरकार का फैसला होगा। हमारे कहने से तो सरकार निर्णय नहीं लेती है। चुनाव का स्वागत है। हमने अधिकारियों से बात की है। चुनाव कराने के संकेत दिए हैं। यह सरकार की व्यवस्था है कि वो किस तरह से चुनाव करवाती है।
एयरपोर्ट पर उड़ान यात्री कैफे और रिमोट एसएचए के उद्घाटन की तैयारी
देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए दो परियोजनाओं का उद्घाटन प्रस्तावित है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू से सांसद शंकर लालवानी ने इन सुविधाओं के उद्घाटन के लिए इंदौर आगमन का अनुरोध किया है। पत्र में सांसद ने बताया इंदौर एयरपोर्ट पर उड़ान यात्री कैफे की शुरुआत की जा रही है। साथ ही रिमोट SHA (सेकंडरी होल्डिंग एरिया) सुविधा विकसित की गई है, जिससे यात्रियों की भीड़ का बेहतर प्रबंधन संभव हो सकेगा।
पार्टी के बाद चारों कहां गए, जांच जारी:हादसे को याद कर सहम जाती है अनुष्का, मल्टीपल फ्रैक्चर हुए
तेजाजी नगर में हुए सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवती गंभीर रूप से घायल थी। सभी बर्थडे पार्टी से लौट रहे थे, तभी तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े डंपर में जा घुसी। हादसे में घायल अनुष्का राठी के शरीर में मल्टीपल फ्रैक्चर के अलावा सिर में क्लॉटिंग भी हुई है। उनका रविवार को ऑपरेशन है। जब भी थोड़ा होश आता है, वे हादसे को याद कर सहम जाती हैं। रालामंडल के पास हुए हादसे में प्रखर कासलीवाल, प्रेरणा बच्चन और मन संधू की मौत हो गई थी। अनुष्का गंभीर घायल होकर आईसीयू में भर्ती हैं। मां रंजना राठी ने बताया, अनुष्का को मल्टीपल फ्रैक्चर हुए हैं। डीसीपी जोन-1 कृष्ण लालचंदानी के मुताबिक डंपर के दोनों ड्राइवर संदीप मौर्य और सुनील कानशा को जेल भेज दिया गया है। मन के घर अनुष्का चलाकर ले गई थी कार टीआई देवेंद्र मरकाम ने बताया, देर रात पार्टी के बाद फार्म हाउस से निकलने के बाद अनुष्का ही मन संधू के घर तक कार चलाकर ले गई थी, जबकि अनुष्का की कार फार्म हाउस पर ही खड़ी थी। पुलिस ने चारों की सीडीआर मंगवाई, जिसके आधार पर जांच की जा रही है कि चारों रात में कहां गए थे। इसके अलावा शुक्रवार को एफएसएल की टीम ने घटनास्थल और ट्रक पर लगे खून-बालों के सैंपल लिए हैं। इसके आधार पर आगे की जांच की जाएगी। अब तक चार बोतल ब्लड चढ़ चुका अनुष्का को देर रात होश आया था। उसने इशारों में बात करने की कोशिश की थी। माता-पिता लगातार उसे मोटिवेट कर रहे हैं। अब अनुष्का को चार बोतल ब्लड दिया जा चुका है। भास्कर एक्सपर्ट यातायात नियमों के पालन को 17वां संस्कार बनाएं एक्सपर्ट के अनुसार, 2025 के पहले 10 महीनों में 1600 से अधिक सड़क हादसों में 122 मौतें हुई हैं। ये उन घरों की कहानी है, जहां एक्सीडेंट में जानें गई हैं। शहर की सड़कों पर बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, लाल बत्ती को चुनौती देते, रॉन्ग साइड फुल स्पीड में भागते युवा, शराब के नशे में अंध गति से दौड़ते वाहन देखने को मिलेंगे। ट्रैफिक नियम पालन के लिए अभियान चलते हैं। चालान भी कटते हैं, लेकिन लोगों का व्यवहार नहीं बदला। यह स्पष्ट है कि ट्रैफिक समस्या कानूनी नहीं, संस्कारों की भी है। समय आ गया है कि यातायात नियम पालन को 17वां संस्कार माना जाए। इंदौर को सुरक्षित बनाना है तो शुरुआत अभी से करना होगी। शुरुआत स्वयं से करना होगी। अपने लिए नहीं तो अपनी संतानों के लिए। पीछे की सीट पर बैठी प्रेरणा उछलकर डंपर से टकराई थी इस मामले में पुलिस और एफएसएल की शुरुआती जांच में सामने आया है कि प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री बाला बच्चन की बेटी प्रेरणा कार की पिछली सीट पर बीच में बैठी थीं। टक्कर के झटके से वह उछलकर आगे गिरी और सीधे डंपर से सिर टकराने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, कार की आगे वाली सीट पर बैठे प्रखर और मन संधू की सीधी टक्कर से लगी गंभीर चोटों के कारण जान चली गई। तेजाजी नगर टीआई देवेंद्र मरकाम के अनुसार हादसे के बाद शनिवार को एफएसएल टीम थाने पहुंची। जिस डंपर से कार टकराई, उसके पिछले हिस्से में प्रेरणा के बाल और मांस का टुकड़ा मिला है। इनके सैंपल ले लिए गए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि टक्कर के समय प्रेरणा उछलकर डंपर से टकराई। दोनों डंपर चालकों का मेडिकल कराया गया है। पीछे सीट पर बैठी थी, सीट बेल्ट नहीं लगाया^ एक्सीडेंट के बाद जिस तरह से प्रेरणा का फोटो सामने आया है उससे यही माना जा रहा है कि वह कार में पीछे की सीट पर बीच में बैठी थी। उसने सीट बेल्ट भी नहीं लगाया। इसी वजह से तेज रफ्तार में टक्कर होते ही वह उछली और कार का अगला हिस्सा क्रॉस करते हुए सीधे डंपर से टकराई। सिर में गंभीर चोट से उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।- प्रतोष बंसल, डायरेक्टर आईईटी, डीएवीवी
भागीरथपुरा दूषित पानी के कारण 21 लोगों की जान चली। सैकड़ों लोग अस्पताल तक पहुंच गए। अभी भी कई लोग अस्पताल में अपना इलाज करा रहे हैं। भागीरथपुरा की इस घटना को लेकर कांग्रेस आज सड़क पर उतरेगी। रविवार को बड़ा गणपति चौराहे पर कांग्रेस के कई नेता एकत्रित होंगे और यहां से न्याय यात्रा निकालेंगे। कांग्रेस ने शनिवार को ही मामले में प्रेस नोट जारी कर कहा कि- दरअसल, भाजपा और सरकार प्रशासन की लापरवाही के कारण इंदौर के भागीरथपुरा की इस वीभत्स अपराध की जिम्मेदारी भाजपा के जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की है। हमारा इंदौर शहर हादसों और त्रासदियों का गढ़ बन गया है। मानवता आए दिन शर्मसार हो रही है, लेकिन सत्ताधीशों का अहंकार बढ़ता जा रहा रहा है। इसके विरोध में कांग्रेस पार्टी विशाल न्याय यात्रा निकालने जा रही है। ये न्याय यात्रा बड़ा गणपति चौराहे से राजवाड़ा तक जाएगी। यात्रा दोपहर करीब 12 शुरू होगी। दिग्विजयसिंह, पटवारी सहित विधायक-पार्षद होंगे शामिलबड़ा गणपति से यात्रा शुरू होकर राजवाड़ा तक जाएगी। इसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता शामिल होंगे। खासतौर पर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, पूर्व सीएम दिग्विजयसिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा, मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी हरीश चौधरी, विवेक तन्खा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे सहित प्रदेश के कांग्रेस विधायक-पार्षद, कांग्रेस सेवादल, महिला कांग्रेस के पदाधिकारी व कार्यकर्ता सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन शामिल होंगे। इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चिंटू चौकसे , जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने बताया कि कल 11 जनवरी को सुबह 11:00 से बड़ा गणपति चौराहा से न्याय यात्रा का आयोजन किया गया है। यह यात्रा पूरी तरह से एक मौन यात्रा के रूप में रहेगी। इस यात्रा के मार्ग पर कांग्रेस के द्वारा कोई स्वागत मंच द्वार वगैरा नहीं लगाए गए हैं। इस यात्रा को गैर राजनीतिक यात्रा के रूप में निकाला जाएगा। इस यात्रा में कहीं कांग्रेस का झंडा नहीं होगा। यह यात्रा इंदौर शहर के नागरिकों की न्याय यात्रा होगी जिसमें की भागीरथपुरा की घटना की जिम्मेदारी निर्धारित करने के लिए आवाज उठाई जाएगी।इसके साथ ही इंदौर शहर के ग्रामीण क्षेत्र और जिले के क्षेत्र से नागरिकों को बड़ी गाड़ियों से लाया जाएगा।कुछ गांव से नागरिक ट्रैक्टर से भी आ सकते हैं। इन सभी नागरिकों की गाड़ियां भी बड़ा गणपति चौराहा पर ही पार्क की जाएगी। दोपहर में शुरू होगी यात्रा कांग्रेस के सभी बड़े नेता व कार्यकर्ता बड़ा गणपति चौराहे पर एकत्रित होंगे। यहीं से न्याय यात्रा शुरू होगी। न्याय यात्रा बड़ा गणपति चौराहे से शुरू होकर राजवाड़ा तक जाएगी। भागीरथपुरा में हुई घटना में जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई है उनके लिए कांग्रेस न्याय मांगेंगी। ये खबरें भी पढ़ें... इंदौर दूषित पानी से 21वीं मौत इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से शनिवार को 21वीं मौत हो गई। शनिवार को एक और महिला सुनीता वर्मा पति सतीश (49) निवासी फर्जी वाली गली की मौत हो गई है। महिला को 7 जनवरी को एमवायएच में भर्ती कराया गया था। इसके बाद उसकी हालत लगातार खराब होती चली गई और शनिवार दोपहर को उसने दम तोड़ दिया। पूरी खबर पढ़ें भागीरथपुरा को मिला था शहर का सबसे स्वच्छ वार्ड अवॉर्ड इंदौर के जिस भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 20 लोगों की मौत हो गई और तीन गंभीर रूप से बीमार हैं। उसे 2023 में शहर का सबसे स्वच्छ वार्ड घोषित कर अवॉर्ड दिया गया था। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने न सिर्फ मंच से वार्ड-11 के पार्षद कमल वाघेला की तारीफ की पुल बांधे थे, बल्कि उन्हें प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित भी किया गया था। पूरी खबर पढ़ें क्या हकीकत छिपा रहा इंदौर प्रशासन इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों की संख्या 18 से बढ़कर 20 हो गई है। सरकार ने हाईकोर्ट में पेश रिपोर्ट में सिर्फ चार मौतें होना माना है, जबकि 18 मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए की सहायता दी जा चुकी है। प्रशासन ने परिजन को मुआवजा देने के लिए बनाई गई सूची में बुधवार को दो नए नाम जोड़े हैं।पूरी खबर पढ़ें
झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर अनीता चौधरी (40) के हत्यारे एक्स बॉयफ्रेंड मुकेश झा को एक नहीं, बल्कि दो हत्याएं करनी थी। अनीता के साथ उसके बॉयफ्रेंड अरुण को भी गोली मारनी थी। 4 जनवरी की रात लगभग एक बजे दोनों ऑटो में घूम रहे थे। मुकेश कार से पीछा करते हुए पहुंचा। पहले चलती ऑटो में अनीता को गोली मारी। इससे संतुलन बिगड़ गया और ऑटो पलट गया। तब अरुण मौके से भाग गया और वो बच गया। ये कबूलनामा शुक्रवार रात मुठभेड़ में पकड़े गए मुकेश झा ने किया है। उसने पुलिस को बताया- मैंने चोरी छुपे अनीता की ऑटो में एक जीपीएस ट्रैकर लाइव वॉयस के साथ लगा दिया था। जिसके जरिए मैं अनीता की सारी गतिविधि पर नजर रखता था। साथ ही माइक्रोफोन के जरिए ऑटो में होने वाली सारी बातें सुनता था। इसी के जरिए मुझे अनीता और अरुण के रिलेशन का पता चला था। अनीता को बहुत समझाया, मगर वो नहीं मानी। तब उसका मर्डर प्लान किया। मगर अरुण बच गया। शनिवार को पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। अफेयर का पता लगाने के जीपीएस लगाया एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने बताया- मुकेश किसी भी कीमत पर अनीता को खोना नहीं चाहता था। नवंबर 2025 में उसने चोरी छुपे अनीता की ऑटो में एक जीपीएस ट्रैकर लाइव वॉयस के साथ लगा दिया। जिससे वो अनीता की सारी गतिविधि पर नजर रखने लगा। माइक्रोफोन के जरिए ऑटो में होने वाली सारी बातें भी सुनने लगा। इसके अलावा अनीता के मोबाइल का कंट्रोल भी अपने मोबाइल में एक्सेस कर लिया था। जिससे अनीता अपने मोबाइल में जो भी कुछ करती थी। जैसे- किससे बात कर रही है? क्या देख रही है? आदि जानकारी मुकेश को मिलती रहती थी। इसी के जरिए मुकेश को अनीता और अरुण के रिलेशन का पता चल गया था। उसके बाद अनीता उससे अलग रहने लगी। इससे मुकेश चिढ़ गया था। पहले पढ़िए मुकेश और अनीता के इश्क और धोखे की कहानी अनीता चौधरी नवाबाद थाना क्षेत्र के तालपुरा स्थित अंबेडकर नगर में रहती थी। उनके तीन बच्चे हैं। बड़े बेटे विक्की की शादी हो चुकी है। उससे छोटी बेटी साक्षी (18) और जानू (16) पढ़ते हैं। अनीता 9 साल पहले ओरछा में एक ग्लास फैक्ट्री में काम करती थी, जहां मुकेश झा मैनेजर था। एक साथ काम करने की वजह से दोनों की दोस्ती हो गई। 7 साल पहले यह दोस्ती प्यार में बदल गई। दोनों ने 4 जनवरी 2019 को एक मंदिर में शादी कर ली थी। अनीता जॉब छोड़कर ऑटो चलाने लगी थी। दोनों एक साथ रहने लगे थे। मुकेश से ब्रेकअप कर अरुण से नजदीकी बढ़ाई पुलिस के अनुसार, 7 साल तक मुकेश झा और अनीता का अफेयर चला। अनीता अक्सर ऑटो लेकर रेलवे स्टेशन के पास खड़ी होती थी। यहां जुलाई 2025 में ट्रेवल एजेंसी में काम करने वाले अरुण से उसकी दोस्ती हो गई। अनीता उसे पसंद करने लगी। दोनों घंटों मोबाइल पर बात करते। अरुण से नजदीकी बढ़ने पर अनीता मुकेश को नजरअंदाज करने लगी। उसके फोन उठाना और मिलना बंद कर दिया। पूछने पर अनीता कुछ नहीं बताती थी। इससे मुकेश को शक हो गया। नवंबर में उसे अनीता और अरुण के अफेयर का पता चल गया। अनीता ने थाने में कर दी थी शिकायत अनीता को अपने से दूर जाता देख मुकेश बर्दाश्त नहीं कर पाया। वो उसे परेशान करने लगा था। तब अनीता ने नवाबाद थाने में शिकायत कर दी थी। तब दोनों परिवारों के लोग एकत्र हुए थे। मुकेश अपने परिजनों के सामने बोला- मैं तो अनीता के साथ ही रहूंगा। जब अनीता से पूछा गया तो उसने कहा कि वह मुकेश के साथ नहीं रहना चाहती। यह सुनते ही मुकेश बौखला गया और कहने लगा कि अब या तो तुम रहोगी या हम। उसने गोली मारने की धमकी भी दी थी। तब से वह अनीता का पीछा कर रहा था। जीपीएस की वजह से ऑटो की लोकेशन मिली अनीता झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर थी। वह सुबह और रात को ऑटो चलाती थी और दिन में घर का काम करती थी। 4 जनवरी की रात 9:30 बजे वह घर से ऑटो चलाने निकली थी। मुकेश ने पुलिस को बताया- 4 जनवरी को हमारी मैरिज एनिवर्सरी थी। मुकेश ने अनीता से बाहर चलने को कहा। मगर अनीता ने मना कर दिया। वो ऑटो में अरुण को बैठाकर घूम रही थी। तब उसने दोनों को सबक सिखाने की ठान ली। जीपीएस ट्रैकर के सहारे वह पीछा करते हुए अनीता की ऑटो तक पहुंच गया। अनीता ऑटो चला रही थी। स्टेशन रोड पर सुकुवां-ढुकुवां कॉलोनी के पास चलती ऑटो में अनीता की कनपटी में गोली मारी। तब ऑटो पलट गया और अनीता की मौत हो गई। वहां से अरुण छुपकर भाग निकला। हादसे की सूचना मिली थी देर रात करीब 1:30 बजे लोगों ने सड़क किनारे अनीता का शव पड़ा देखा। थोड़ी दूरी पर ऑटो पलटा हुआ था। यह देखकर लोगों को लगा कि एक्सीडेंट हुआ है। घरवालों और पुलिस को भी एक्सीडेंट की सूचना मिली। जब वे मौके पर पहुंचे तो अनीता के शरीर पर एक्सीडेंट की चोट नहीं थी। इसलिए परिजनों ने कहा कि अनीता की हत्या हुई है। कार्रवाई की मांग को लेकर परिजन एसएसपी कार्यालय पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने मुकेश झा, उसके बेटे शिवम झा और बहनोई मनोज झा के खिलाफ केस दर्ज किया। शिवम और मनोज को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जबकि मुकेश फरार हो गया। उस पर एसएसपी ने 25 हजार का इनाम घोषित किया था। शनिवार को मुकेश मुठभेड़ में पकड़ा गया। कैसे पुलिस ने पकड़ा पढ़िए SP सिटी प्रीति सिंह ने बताया था- मुकेश झा (37) प्रेमनगर थाना क्षेत्र के इसाईटोला मोहल्ले का रहने वाला है। 4 जनवरी को अनीता की हत्या के बाद उस पर 25 हजार रुपए का इनाम रखा गया था। पुलिस टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। उन्होंने बताया- शुक्रवार देर रात मुखबिर ने सूचना दी कि मुकेश को भगवंतपुरा से करगुआंजी वाले कच्चे रास्ते पर देखा गया है। इस पर नवाबाद थाना प्रभारी रवि प्रकाश श्रीवास्तव ने पुलिस टीम के साथ घेराबंदी की। जब मुकेश को रुकने का इशारा किया गया तो वह पुलिस टीम पर फायरिंग करने लगा। काउंटर अटैक में उसके पैर में गोली लगी। घायल मुकेश को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। अब पढ़िए अनीता के ऑटो ड्राइवर बनने की कहानी अनीता चौधरी एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती थी। उसने 15 साल तक काम किया। 2020 में उसकी सुपरवाइजर से कहासुनी हो गई। गुस्से में सुपरवाइजर ने कहा- कल से मत आना। यह बात अनीता को बुरी लगी और उसने नौकरी छोड़ दी। अनीता के पति द्वारका चौधरी बस स्टैंड के पास ठेला लगाते हैं, जिससे घर का खर्च नहीं चलता था। तब अनीता बच्चों को लेकर महाराष्ट्र चली गई। वहां गए 10-15 दिन ही हुए थे कि कोरोना की वजह से लॉकडाउन की चर्चा होने लगी। वहां नौकरी भी नहीं मिली, इसलिए वह घर लौट आई। महाराष्ट्र से लौटने के बाद अनीता के घर के हालात और बिगड़ गए। तब उसने फाइनेंस पर ऑटो लेकर चलाने का प्लान बनाया। कोई बैंक लोन देने को तैयार नहीं था, लेकिन एक निजी बैंक ने लोन देने की हामी भरी। जब बैंक के अधिकारी घर आए तो पति ने आधार कार्ड और अपने बैंक खाते की जानकारी देने से मना कर दिया। घरवाले अनीता के ऑटो चलाने का विरोध कर रहे थे। अनीता ने किसी तरह कागजात पूरे किए। 18 फरवरी 2021 को उसने फाइनेंस पर नई ऑटो खरीदी। अनीता को ऑटो चलाना नहीं आता था। पड़ोसी ऑटो ड्राइवर ने उसे ऑटो चलाना सिखाया। इस तरह अनीता झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर बन गई। DIG से लेकर कई संस्थाएं कर चुकी थीं सम्मानित अनीता के जज्बे की हर तरफ तारीफ होती थी। 13 दिसंबर 2021 को उसे तत्कालीन डीआईजी जोगेंद्र सिंह सहित कई संस्थाओं ने सम्मानित किया था। अनीता ने अपनी ऑटो के आगे पोस्टर भी लगाए थे, जिन पर लिखा था- जनपद झांसी पुलिस, झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर। पुरुष और महिला एक समान, जन-जन का हो यही आह्वान। पुलिस अफसरों के नंबर भी लिखे थे। अनीता से प्रेरणा लेकर अब कई महिलाएं ऑटो और ई-रिक्शा चला रही हैं।
उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवा ने राजस्थान में हाड़ कंपाने वाली सर्दी कर दी है। मौसम विभाग ने रविवार (11 जनवरी) को भी 14 जिलों में कोहरे और शीतलहर का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। शीतलहर आने वाले दिनों में भी ठिठुराएगी। वहीं, शनिवार को राजस्थान में सबसे ज्यादा सर्द दिन और रात श्रीगंगानगर में रहे। यहां अधिकतम तापमान 8.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इस सीजन में ये पहली बार है, जब किसी शहर का अधिकतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हुआ। शीतलहर से अभी नहीं मिलेगी राहत मौसम विशेषज्ञों ने राजस्थान में मकर संक्रांति तक कोल्ड-डे की स्थिति रहने का अनुमान जताया है और तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट होने की संभावना जताई है। श्रीगंगानगर में दिनभर कोहरा रहा श्रीगंगानगर में इससे पहले साल 2020 और 2019 के सीजन में अधिकतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था। श्रीगंगानगर में सुबह से ही घना कोहरा रहा, जो देर शाम तक रहा। पूरे दिन सर्द हवा चली, जिसके कारण कल पूरे दिन में गलनभरी सर्दी रही। न्यूनतम तापमान 3.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो जिले का इस सीजन का सबसे कम तापमान था। जयपुर, भरतपुर, बीकानेर, जोधपुर संभाग में दिन में भी ठिठुरन राजस्थान में शनिवार को कोहरे के अलावा सर्द हवाओं की चपेट में 15 से ज्यादा जिले रहे। जयपुर में दिन का अधिकतम तापमान 21.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जयपुर में सुबह से हल्की सर्द हवा से गलन रही। पिलानी, सीकर, उदयपुर, जैसलमेर, फलोदी, बीकानेर, चूरू, नागौर, सिरोही, फतेहपुर, झुंझुनूं में कल दिन का अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर राम मंदिर में नमाज पढ़ने की कोशिश से जुड़ी रही। दूसरी बड़ी खबर ईरान के हिंसक प्रदर्शन में हुईं 217 मौतों की रही। तीसरी बड़ी खबर नगीना सांसद चंद्रशेखर से जुड़ी है। शनिवार को उनके और पुलिस के बीच जमकर बवाल हुआ। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. ईरान में हिंसक प्रदर्शन, 217 मौतें; सेना बोली- बच्चों को दूर रखें, वरना गोली लगने पर शिकायत न करें ईरान में सरकार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन में 217 लोगों की मौत हो गई। इनमें ज्यादातर की मौत गोली लगने से हुई है। सुरक्षा बलों ने गुरुवार की कई जगहों पर गोलीबारी की थी। इस बीच रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक अधिकारी ने सरकारी टीवी पर चेतावनी दी कि माता-पिता बच्चों को प्रदर्शनों से दूर रखें, वरना गोली लगने पर शिकायत न करें। महंगाई के विरोध में प्रदर्शन: ईरान में प्रदर्शन महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक बदहाली के कारण हो रहे हैं। रियाल की कीमत गिरने से खाने-पीने और दवाओं के दाम बहुत बढ़ गए हैं। इस वजह से GenZ गुस्से में है। हालांकि, सरकार आरोप लगा रही है कि अमेरिका और इजराइल प्रदर्शन भड़का रहे हैं। क्योंकि ट्रम्प ने कहा था कि अगर ईरानी सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों की हत्या करते हैं, तो अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है। पढ़ें पूरी खबर... 2. अयोध्या राम मंदिर में नमाज पढ़ने की कोशिश, परिसर में घुसा 55 साल का कश्मीरी शख्स अयोध्या के राम मंदिर में 55 साल के कश्मीरी शख्स ने नमाज पढ़ने की कोशिश की। उसने सीता रसोई के पास नमाज पढ़ने के लिए कपड़ा बिछाया तो सुरक्षा कर्मियों ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद वह नारेबाजी करने लगा। पूछताछ में उसने अपना नाम अबु अहद शेख बताया। वह कश्मीर के शोपियां का रहने वाला है। मंदिर में धमाके की मिल चुकी हैं धमकियां: 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से हर दिन करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। मंदिर पर आतंकी हमले को लेकर कई धमकियां मिल चुकी हैं। ऐसे में मंदिर की सुरक्षा को देखते हुए सरकार ने NSG की यूनिट शुरू करने का फैसला लिया है। पढ़ें पूरी खबर... 3. रिपोर्ट- वेनेजुएला का तेल भारत को देगा अमेरिका, रिलायंस भी तेल खरीद सकती है भारत को वेनेजुएला से तेल खरीदने की इजाजत दे सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सब अमेरिका की शर्तों के साथ होगा। हालांकि शर्तें अभी तक सामने नहीं आई हैं। रिलायंस भी चाहती है कि अमेरिका उसे वेनेजुएला का तेल खरीदने की इजाजत दे दे। वेनेजुएला पर कड़े प्रतिबंध हैं: अमेरिका ने 2019 में वेनेजुएला पर कई कड़े प्रतिबंध लगाए थे। इसके तहत जो भी देश या कंपनी वेनेजुएला से तेल खरीदती है, उसे अमेरिकी बाजार में व्यापार करने या बैंकिंग सुविधाओं से रोका सकता था। पढ़ें पूरी खबर... 4. जयपुर में रेस लगा रही ऑडी ने 16 को रौंदा, 120km/h की स्पीड थी ओवरस्पीड ऑडी कार का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। इसमें वो फूड स्टॉल को टक्कर मारती नजर आ रही है। जयपुर में रेसिंग कर रही एक ऑडी कार ने 16 लोगों को रौंद दिया। हादसे में एक युवक की मौत हो गई। वहीं, चार लोग घायल हैं। ऑडी में ड्राइवर समेत 4 लोग बैठे थे। इनमें जयपुर पुलिस का सिपाही भी था। मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि, ड्राइवर समेत दो फरार लोगों की तलाश जारी है। इंदौर में 7 वाहन टकराए: MP के इंदौर में 7 वाहन आपस में टकरा गए। ट्रक और गैस टैंकर कारों पर चढ़ गए। इसकी वजह से मुंबई-आगरा नेशनल हाईवे बंद हो रहा। हालांकि, किसी तरह की कोई जनहानि नहीं हुई। पढ़ें पूरी खबर... 5. मेरठ से अगवा दलित लड़की सहारनपुर में मिली, लड़का भी पकड़ा गया, मां की हत्या करके उठा ले गया था मेरठ से एक दलित लड़की को एक युवक दिनदहाड़े उठाकर ले गया था। लड़की को बचाने आई उसकी बुजुर्ग मां की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी थी। वारदात के 3 दिन बाद शनिवार को आरोपी पारस और उसके साथ गई रूबी को पुलिस ने सहारनपुर से बरामद कर लिया। पुलिस दोनों को लेकर मेरठ पहुंची। यहां दोनों से पूछताछ की जा रही है। वहीं लड़की के भाई रूबी ने कहा कि मेरी बहन की बदनामी मत कीजिए। उसने कुछ नहीं किया है। सांसद चंद्रशेखर को पुलिस ने रोका : मेरठ में दलित महिला की हत्या के बाद उसके परिवार से मिलने जा रहे भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने गाजियाबाद के डासना बॉर्डर पर रोक लिया। डिवाइडर फांदकर हाईवे की ओर बढ़े तो भारी संख्या में पुलिस फोर्स ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान चंद्रशेखर की पुलिस से बहस हुई। उनके बीच कई मिनट तक धक्का-मुक्की होती रही। गुस्सा में चंद्रशेखर ने कहा- हाथ मत लगाना, हाथ हटाइए। इसके बाद नगीना सांसद पुलिस फोर्स को ढकेलते हुए निकले और हाईवे पर दौड़े लगे। फिर हाईवे पर दूसरे साइड जाकर बाइक पर ट्रिपलिंग की और 25 किलोमीटर दूर भोजपुर पहुंचे। यहां भी पुलिस ने रोका। पढ़ें पूरी खबर... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... अमेरिका में शख्स कब्रिस्तान से चुराता था हड्डियां अमेरिका में जोनाथन क्रिस्ट नाम का शख्स कब्रिस्तान से हड्डियां चुराता था। इसके लिए उसने कई कब्र में तोड़फोड़ की। वहां से 100 से ज्यादा इंसानी खोपड़ियां, ममी बने हाथ-पैर, दो सड़ते धड़ और कई हड्डियां चुराकर अपने घर में रख लिया। ऐसा वो क्यों कर रहा था, इसकी जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है। फिलहाल पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज कर्क राशि वालों की रुकी हुई इनकम फिर शुरू हो सकती है। तुला राशि वालों का अटका हुआ काम बनेगा। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
एक समय आरसीबी के होम ग्राउंड के तौर पर पहचान रखने वाला एम चिन्नास्वामी स्टेडियम अब टीम के लिए ही विवादित हो गया है। आईपीएल 2025 फाइनल जीत के बाद हुए ट्रॉफी सेलिब्रेशन के दौरान मची भगदड़ का असर अब आईपीएल 2026 तक दिखाई देने लगा है। रिपोर्ट्स के अनुसार आरसीबी अगले सीजन बेंगलुरु में अपने घरेलू मुकाबले नहीं खेलेगी। वो अपने लिए नया होम ग्राउंड तलाश कर रही है। इस तलाश में रायपुर का इंटरनेशनल स्टेडियम सबसे आगे हैं। इस टीम के खिलाड़ियों को रायपुर का ग्राउंड बेहद पसंद आ रहा है। आरसीबी ने अब तक कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन से आईपीएल 2026 के मैचों को लेकर कोई बातचीत नहीं की है। वहीं छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ के अधिकारियों से उनकी लगातार बात हो रही है। टीम फिलहाल बेंगलुरु लौटने के मूड में नहीं है। रायपुर को आरसीबी के नए होम ग्राउंड बनने का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है, इसके अलावा अभी इंदौर भी रेस में है। क्या था पूरा मामला : आईपीएल 2025 का खिताब जीतने के बाद आरसीबी ने चिन्नास्वामी स्टेडियम में ट्रॉफी सेलिब्रेशन रखा था, लेकिन खराब प्लानिंग और भीड़ नियंत्रण की कमी के कारण हालात बिगड़ गए। भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई। बड़ी संख्या में लोग घायल हुए। घटना ने न सिर्फ टीम मैनेजमेंट बल्कि कर्नाटक सरकार को भी कटघरे में खड़ा कर दिया था।
रायपुर से सटी पंचायतें देवपुरी, डूंडा, बोरियाखुर्द और डूमरतराई वर्ष 2011-12 में नगर निगम में शामिल की गई थीं। पंचायत से निगम में शामिल होने के बाद यहां के निवासियों पर संपत्तिकर लागू हुआ, लेकिन इन चारों गांवों के करीब 70 प्रतिशत से अधिक मूल निवासी और संपत्ति मालिकों ने अब तक टैक्स जमा नहीं किया है। कुछ लोग जब टैक्स जमा करने जोन कार्यालय पहुंचते हैं, तो उनसे 14 वर्षों का एकमुश्त टैक्स मांगा जा रहा है, जो बेहद अधिक है। कई मामलों में यह राशि 5 से 10 लाख रुपए तक पहुंच गई है। इसी वजह से बड़ी संख्या में लोग संपत्तिकर जमा नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि, क्षेत्र के सभी व्यावसायिक परिसरों और वर्ष 2012 के बाद निर्मित आवासों का टैक्स नियमित रूप से वसूला जा रहा है। गौरतलब है कि निगम में सम्मिलन के समय बाबू जगजीवनराम वार्ड-53 में देवपुरी, डूंडा और डूमरतराई की बस्तियों को शामिल किया गया था। वहीं, कामरेड सुधीर आजाद वार्ड-54 में बोरियाखुर्द और बोरियाखुर्द बस्ती को जोड़ा गया। ये सभी बस्तियां तत्कालीन पंचायतों की मूल आबादी क्षेत्र थीं। इन चारों पंचायतों के 2000 से अधिक संपत्ति मालिकों ने अब तक टैक्स अदा नहीं किया है। इसे लेकर पार्षदों के माध्यम से लोगों ने कम से कम पांच वर्षों की टैक्स छूट की मांग की है। इस संबंध में पार्षदों ने महापौर और निगम आयुक्त को पत्र भी लिखा है। अवैध बसाहट भी बन रही समस्यावार्ड 53 और 54 में अवैध बसाहट और अवैध प्लाटिंग भी बड़ी समस्या बनी हुई है। अवैध प्लाटिंग में प्लाट खरीदकर मकान बनाने वाले लोग सड़क, बिजली और पानी जैसी सुविधाओं से जूझ रहे हैं। दूसरी ओर, निगम भी इनसे नियमित टैक्स वसूली नहीं कर पा रहा है। इसी क्रम में निगम ने देवपुरी व बोरियाखुर्द में 7.42 एकड़ जमीन पर हुई अवैध प्लाटिंग को लेकर प्रबंध अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की है। पार्षदों ने कहा- कोई खास काम नहीं हुआ वार्ड-53 के पार्षद मनोज जांगड़े ने बताया कि निगम में शामिल होने के बाद वर्षों तक इन इलाकों में काम ही नहीं हुआ। अब गलियों में सड़कें बन रही हैं। मुक्तिधाम का रास्ता 13 साल बाद बना है।वार्ड-54 की पार्षद सुषमा तिलक साहू ने कहा कि निगम में शामिल तो हुए, लेकिन विकास नहीं हुआ। पिछले कुछ समय से काम शुरू हुआ है। 14 साल का एकमुश्त टैक्स भारीस्थानीय निवासी राजेश साहू का कहना है कि 14 वर्षों का एकमुश्त टैक्स उनके लिए बेहद भारी है। निगम अधिकारी भले ही 2-2 या 5-5 साल में टैक्स जमा करने का विकल्प दे रहे हों, लेकिन जब निगम स्तर का विकास ही नहीं हुआ तो 14 साल का टैक्स क्यों दिया जाए। तस्वीर डूंडा की, यहां पक्की सड़क ही नहीं देवपुरी, डूंडा, बोरियाखुर्द और डूमरतराई में बुनियादी सुविधाओं का ही संकट है। भास्कर की पड़ताल में पता चला कि डूंडा के कई मोहल्लों में आज भी सीसी सड़क और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पाई हैं। बरसात में हर साल जलभराव की गंभीर समस्या सामने आती है। मुख्य मार्ग के आसपास नए मोहल्ले बस चुके हैं, जहां बड़ी आबादी रहती है, लेकिन सड़क और नाली नहीं होने से घुटनों तक पानी भर जाता है। स्थानीय निवासी नरेश सिन्हा ने बताया कि कचरा वाहन अनियमित आता है। बोरियाखुर्द के नए इलाकों में सुविधाएं दिखती हैं, जबकि पुरानी बस्तियों में गंदगी और बदहाली है। आगे क्या... किस्तों में टैक्स जमा कर सकेंगे जोन-10 के जोन कमिश्नर विवेकानंद दुबे ने बताया कि वार्ड क्रमांक 53 में करीब 1200 संपत्तियों का टैक्स वर्षों से जमा नहीं हुआ है। ऐसे लोगों को 2-2 या 5-5 साल में टैक्स जमा करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। व्यावसायिक परिसरों और नई संपत्तियों का टैक्स नियमित रूप से जमा हो रहा है। वार्ड क्रमांक 54 में भी अब पुराने निवासी टैक्स जमा करना शुरू कर रहे हैं। निगम के पास छूट का अधिकार नहींपिछली सरकारों ने नए क्षेत्रों के विकास पर ध्यान नहीं दिया। अब वर्क ऑर्डर जारी किए गए हैं। दोनों वार्डों से पांच साल की टैक्स छूट की मांग आई है, लेकिन टैक्स में छूट देने का अधिकार निगम के पास नहीं है। यह निर्णय शासन स्तर पर होता है। -मीनल चौबे, महापौर
मैं टॉयलेट के लिए घर के पीछे 200 मीटर दूर तालाब तक गई थी। वहां से कुछ दूर एक काले रंग की स्कॉर्पियो रुकी, 2 लोग उतरे और मुझे खींचकर गाड़ी के अंदर ले जाने लगे। वर्दी पहने शख्स ने मेरे पैर पकड़ लिए। जबकि दूसरे व्यक्ति ने मेरा मुंह दबा लिया, हाथ जकड़ लिए। मैं कुछ कर नहीं पा रही थी। खींचकर स्कॉर्पियो में लेकर गए, वर्दी पहना शख्स मुझे छोड़कर ड्राइविंग शीट पर बैठ गया। ये सब बताते हुए गैंगरेप पीड़िता थोड़ा ठहर जाती है, फिर संभलकर धीरे-धीरे आपबीती बताने लगती है। कहा- वो 5 जनवरी की रात थी, कोई 9.30 बजे होंगे। मुझे गाड़ी में खींचे जाने के बाद धीरे-धीरे गाड़ी चलने लगती है, वो दोनों 10 मिनट गाड़ी चलाते, फिर रोक देते। मैंने पूछा- कौन हो… कहां ले जा रहे हो? तुम तो पुलिस वाले हो। इस पर मुझे तेज थप्पड़ मारा। बोले- बैठी रहो, नहीं तो मार डालेंगे। मैं सहम गई, कुछ समझ नहीं आ रहा था। फिर गाड़ी को रेलवे पटरी के पास लेकर जाकर रोक दिया। मुझे खींचकर नीचे उतारा। वहां दोनों ने मेरे साथ रेप किया। ये सब 45 मिनट तक चलता रहा। फिर वो दोनों मुझे छोड़कर भाग निकले। गैंगरेप की पीड़ा झेल रही लड़की का दर्द समझने के लिए दैनिक भास्कर की टीम कानपुर के गांव पहुंची। पढ़िए रिपोर्ट… कानपुर के उस गांव तक हमारी टीम खेतों के बीच पगडंडी पर चलते हुए पहुंची। जिस झोपड़ीनुमा घर में पीड़िता रहती है, वो बांस और खपरैल से बनाई गई थी। देखने से ही लग रहा था कि परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी। घर पहुंचने के बाद परिवार के लोग अंदर कमरे में लेकर गए। वहां कोने में डरी सहमी लड़की बैठी दिखी। उससे मिलने के लिए गांव के लोग आ रहे थे। सब उसको दिलासा दे रहे थे। गैंगरेप के आरोपी दरोगा और यूट्यूबर के लिए लोगों में गुस्सा था। परिजनों ने बताया कि पीड़िता सदमे में है, ठीक से खाना नहीं खा रही है। दिन में 1 रोटी ही खाई। छोटे घर में लोग ज्यादा थे, पीड़िता अकेला कोना ढूंढ रही थी, घर के बरामदे में बैठे पिता गांव के लोगों को रुंधे गले से बेटी के साथ हुई दरिंदगी के बारे में बता रहे थे। इस घर से 20 कदम की दूरी पर एक दरोगा, महिला कॉन्स्टेबल समेत 2 पुरुष कॉन्स्टेबल मौजूद थे, गांव के लोगों ने बताया कि इन्हें सुरक्षा के लिए रखा गया है, क्योंकि आरोपियों में एक दरोगा है। गांव की बेटी के साथ हुई दरिंदगी के बाद लोगों में गुस्सा और डर दोनों देखने को मिला, घर के बाहर दहलीज पर बैठी महिलाएं खुद की और अपनी बेटियों की सुरक्षा पर बातचीत करती दिखी। पिता बोले- एक्सीडेंट के बाद चल नहीं सकताघर के बरामदे में बैठे पिता कहते हैं- मैं वाटर आरओ बनाने का काम करता था। 2024 में फैजाबाद से लौटने के दौरान मेरा उन्नाव में एक्सीडेंट हो गया। जिससे दोनों पैर बेकार हो गए। सड़क हादसे के गम में पत्नी की मौत हो गई। जिसके बाद मैं अपने 2 बेटे और 2 बेटियों के साथ रहता हूं। मां की मौत के बाद पीड़िता ने भी पढ़ाई छोड़कर घर की जिम्मेदारियों का बोझ उठा लिया। पीड़िता से हमने बात करने का प्रयास किया तो पहले तो वह सहमी, फिर फफकते हुए कहा- वह लोग मेरे परिवार को मार डालेंगे। हमनें कहा- नहीं, पुलिस सुरक्षा है। आप बताइए, क्या हुआ था? उसने कहा- गाड़ी में खींचने के बाद जब मैं चिल्लाया, तो दरोगा ने आंख दिखाते हुए कहा था- अगर ज्यादा चिल्लाएगी, तो मार डालूंगा। रेल की पटरी के पास लेकर जाने के बाद मेरे साथ रेप पहले दरोगा ने नहीं किया, पहले उस लड़के ने किया। फिर दरोगा भी आ गया। मेरे चीखने पर मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। मेरी जिंदगी बर्बाद करने के बाद वो दोनों भाग गए। दरोगा थाने से भाग गया, वो लोग पकड़ नहीं पाएरोते-रोते रात में मैं घर पहुंची, जहां बड़े भाई को सब बताया। तब उन्होंने पुलिस को बुलाया। पुलिस ने मेरा वीडियो बनाया और सुबह हम लोग चौकी गए। चौकी में शिवबरन पहले से बैठा हुआ था, हमने उसे पहचान लिया। उसने पूछा कि हम थे क्या? तो हमने कहा- हां… तुम ही तो थे। दरोगा का नाम हमको नहीं पता था, वहीं चौकी में जब सब पुलिस वालों के बारे में बताया गया, तब हमने दरोगा को भी पहचान लिया। फिर हम लोग थाने पहुंचे। दरोगा अमित कुमार मौर्या वहां से भाग गया, पुलिसवाले उसे पकड़ नहीं पाए। रुक-रुक कर चल रही थी कार, दरोगा ने धमकायावहीं पीड़िता के भाई ने बताया- हम दोनों भाई बहन को ढूंढते हुए पुलिया के पास पहुंचे, मगर वो वहां नहीं मिली। करीब आधा किलोमीटर आगे और गए तो एक स्कॉर्पियो और एक अपाचे बाइक खड़ी दिखी। गाड़ी 20 कदम चलती फिर रुक जाती, बार-बार गाड़ी चलने और रुकने पर हमें शक हुआ। करीब 45 मिनट बाद गाड़ी हमारी घर के पास बनी पुलिया की तरफ आकर रुक गई। शिवबरन और पुलिस वाला गाड़ी में था। उनसे हमने पूछा कि आप यहां क्या कर रहे, तो पुलिसवाले बोले कि उतर कर आऊं क्या? हमने कहा कि हमारी बहन खो गई है, हम उसी को ढूंढ रहे। फिर शिवबरन ने कहा- जाओ तुम लोग, तो हम लोग घर आ गए। कुछ देर के बाद बहन घर लौटकर आ गई, तब उसने पूरी बात बताई। हमने रात में ही डायल 112 पर फोन मिलाया, तब पुलिस आ गई। सुबह चौकी पहुंचे, शिवबरन चौकी पहुंचने से पहले मुझसे मिला। बोला कि अगर लड़की किसी को पहचानेगी, तो हम तुम्हें चौकी पर ही मार देंगे। चौकी में शिवबरन मौजूद मिला, तो बहन बोली- भैया इसी ने गलत काम किया है। पुलिस वाले हम लोगों को थाने लाने लगे, तो हमने कहा कि हमारे पास बिल्कुल रुपए नहीं हैं। हम कुछ देर के लिए घर आ गए। इस दौरान शिवबरन के भाइयों ने हमें घेर लिया और कहा- अगर फर्जी नाम लिखाओगे, तुम थाने नहीं पहुंच पाओगे। यह कहते ही वह लोग थप्पड़ मारने लगे। हमने पुलिस को फोन किया, जिस पर पुलिस आई और हमें थाने लेकर पहुंची। थाने में बार-बार अलग-अलग पुलिसवाले पूछताछ करते रहे, फिर मुकदमा लिखा गया। मुकदमा दर्ज होने के बाद शिवबरन के भाई ने 5-10 लाख लेकर समझौता करने की बात कही। अब तक 5 पुलिस वालों पर कार्रवाई हुई ........................ ये पढ़ें - स्कॉर्पियो में गैंगरेप, दरोगा पर 50 हजार का इनाम: पीड़ित ने कानपुर कोर्ट में सुनाई आपबीती, ACP लाइन हाजिर, दरोगा सस्पेंड कानपुर गैंगरेप कांड में 4 दिन बाद पीड़िता के बयान कोर्ट में दर्ज हुए। 30 मिनट तक जज दरिंदगी की कहानी सुनते रहे। फिर उन्होंने सुबक रही पीड़िता की तरफ देखकर कहा- इंसाफ होगा। एक दिन पहले कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाई थी कि लड़की 14 साल की है, मगर केस को पॉक्सो एक्ट में दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद कानपुर पुलिस ने FIR में गैंगरेप, किडनैपिंग के साथ पॉक्सो एक्ट बढ़ा दिया। पढ़िए पूरी खबर...
भारतीय जनता पार्टी ने मनरेगा को बदलकर विकसित भारत गारंटी फोर रोजगार एंड आजीविका मिशन (जीवी-जी राम जी) कर दिया है। इसमें कई बदलाव किए हैं, जिसका कांग्रेस विरोध कर रही हैं। वहीं कांग्रेस द्वारा इस योजना को जनता विरोधी व रोजगार गारंटी खत्म करने वाला बताया गया है। जिसके खिलाफ कांग्रेस सड़क से लेकर संसद तक विरोध करेगी। कांग्रेस द्वारा जीवी-जी राम जी का विरोध करने को लेकर हरियाणा कांग्रेस के सह प्रभारी जितेंद्र बघेल, शहरी अध्यक्ष प्रदीप गुलिया व ग्रामीण अध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। हरियाणा कांग्रेस के सह प्रभारी जितेंद्र बघेल से बातचीतप्रश्न : मनरेगा में सरकार द्वारा बदलाव किया गया है। उसका कांग्रेस द्वारा क्यों विरोध किया जा रहा है?जितेंद्र बघेल : भाजपा सुनियोजित तरिके से मजदूरों, महिलाओं व युवाओं की योजना खत्म करने जा रही है। उनके जीवन स्तर व रहन-सहन को निम्न स्तर पर लाना चाहती है। कांग्रेस मांग करती है कि 2005 में यूपीए की सरकार ने मजदूर वर्ग के लिए जो कानून बनाया था और उसमें पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन करती थी। जो अपने से पल्ला झाड़कर खुद पर आश्रित करने में जुटी है। यह पंचायत सिस्टम खत्म कर रही है। मजदूरी गारंटी खत्म कर रही है और ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा मिलेगा। प्रश्न : कांग्रेस द्वारा इसके खिलाफ क्या कदम उठाए जाएंगे?जितेंद्र बघेल : कांग्रेस मुख्य विपक्षी पार्टी है और विपक्ष में इंडिया गठबंधन है। वे चाहते हैं कि मजदूरों को उनका हक मिले और यह बिल वापस हो। पहले 100 दिन के रोजगार की गारंटी व न्यूनतम वेतन 400 रुपए था, उसकी कांग्रेस मांग करती है। इसके लिए कांग्रेस प्रदेश स्तर से जिला लेवल, पंचायत व वार्ड लेवल पर उनके अधिकारों के लिए बात करने जा रही है और पूरे प्रदेश में आंदोलन चलेगा। प्रश्न : भाजपा कहती है कि यह योजना मजदूरों के लिए फायदेमंद होगी और कांग्रेस बरगलाने का काम कर रही है?जितेंद्र बघेल : भाजपा हमेशा से मुद्दों को भटकाती है। 2014 के बाद जितनी भी भाजपा ने बात की है, तो उन्होंने केवल नाम बदला है। कोई भी उनका वायदा पूरा नहीं हुआ। वह हर मुद्दे को धर्म से जोड़ने का काम करती है। वह मनरेगा को धीरे-धीरे खत्म करने की कगार पर जा रही है। प्रश्न : क्या इसको लेकर कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी?जितेंद्र बघेल : बिल्कुल। अब जिले स्तर पर विरोध किया है। आगे गांव व वार्ड लेवल पर भी विरोध करेंगे। कांग्रेस सड़क से संसद तक विरोध करेंगे ताकि मजदूरों का हक वापस मिले। कांग्रेस के शहरी अध्यक्ष प्रदीप गुलिया से बातचीतप्रश्न : मनरेगा में बदलाव का क्या असर पड़ेगा?प्रदीप गुलिया : मनरेगा पंचायत स्तर पर होती है। ये पूरी तरिके से इस योजना को खत्म करने का काम किया है। 40 प्रतिशत खर्चा राज्य सरकार भरेगी। लेकिन वह खर्चा नहीं भर सकती। केंद्र की यह योजना है और केंद्र से ही पैसा आता था। अब केंद्र ने इसका पैसा कम कर दिया और राज्य के पास पैसा नहीं होगा तो वह कैसे लागू करवाएगा। दूसरा झोल यह है कि दिल्ली में बैठक बाबू व अफसर यह तय करेंगे कि किस गांव में क्या काम होगा। उन्हें नहीं पता कि किस गांव में क्या काम करवाना है। पहले सरपंच को पता होता था कि गांव में क्या काम करवाना है। इसके अलावा यह भी प्रावधान यह भी किया है कि जो बड़े ठेकेदार काम करते हैं तो उन कार्यों में भी मनरेगा मजदूर काम करेंगे और खर्च सरकार वहन करेगी। यह उन ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए फैसला है जो सरकार के साथ मिलकर काम करते हैं। इस योजना में 90 प्रतिशत लोग एससी व पिछड़ा वर्ग के लोग शामिल थे, वे गांव में रहकर परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। अब उन्हें मजदूरी करने के लिए शहर में या अन्य जगह जाना पड़ेगा। इसको हम लागू नहीं होने देंगे।प्रश्न : कांग्रेस द्वारा किस तरह के कदम उठाए जाएंगे और विरोध किया जाएगा?प्रदीप गुलिया : हम गांव-गांव जाएंगे। वहां सरकार द्वारा की जा रही गड़बड़ों के बारे में बताया जाएगा और लोगों को जागरूक किया जाएगा।प्रश्न : भाजपा कहती है कि कांग्रेस लोगों को बरगला रही है?प्रदीप गुलिया : हम बरगला नहीं रहे, हम सवाल पूछ रहे हैं। कांग्रेस सवाल पूछ रही है कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकार पर 40 प्रतिशत खर्च का बोझ डाल दिया। जबकि राज्य सरकार पहले ही कर्ज में है, खासकर हरियाणा की बात करें तो प्रदेश सरकार कर्ज में है। पैसे के लिए एक-दूसरे पर टाल-मटोल करेंगे और यह स्कीम खत्म हो जाएगी। यह एक गहरी साजिश है। धीरे-धीरे करके पूंजीपतियों के हाथ में देश को सौंपने की कौशिश कर रहे हैं। ताकि कोई व्यक्ति आवाज नहीं उठा सके। प्रश्न : केंद्र सरकार पर जो भेदभाव का आरोप लगाया, वह क्या है?प्रदीप गुलिया : 100 प्रतिशत भेदभाव होगा। जिसको यह चाहेंगे उसे फायदा होगा। जैसे अब जो राष्ट्रमंडल खेल होने हैं, उसमें 3500 करोड़ का बजट पास हुआ है। हरियाणा ने सबसे ज्यादा मेडल दिया और प्रदेश को केवल 80 करोड़ रुपए मिले। पूरे देश के आधे मेडल हरियाणा देता है और रुपए देने की बात आई तो गुजरात में पैसे दे रहे हैं और वहां खेल करवा रहे हैं। यह दर्शाता है कि भाजपा अपने हिसाब से फैसले करती है। कांग्रेस के ग्रामीण अध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी से बातचीतप्रश्न : मनरेगा ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े लोगों से संबंधित माना जाता है, इसलिए इसे कैसे देखते हैं?अनिरुद्ध चौधरी : कांग्रेस की जो मांगे है, वे बहुत जायज हैं, इस समय। नए कानून है, उसमें रोजगार की गारंटी खत्म कर दी है। कहीं भी तसल्ली वाली बात नहीं हैं। सरपंचों के हाथ से पावर ले ली है। केंद्र से राज्य सरकार की तरफ योजना टरका दी है। इस योजना में जो लोकतंत्र वाली बात दिख रही थी, वह खत्म होती दिख रही है। प्रश्न : कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल है, तो क्या उसकी जिम्मेदारी नहीं लोगों की आवाज उठाना। किस तरह से आवाज उठाई जाएगी?अनिरुद्ध चौधरी : जी, कांग्रेस आवाज उठाएंगी। विधानसभा में कांग्रेस के विधायक तो लोकसभा में सांसद आवाज उठाएंगे। सड़क पर पार्टी का संगठन आवाज उठाएगा।प्रश्न : भाजपा कह रही है कि इस योजना में रोजगार अवधि 100 दिन से बढ़ाकर 125 कर दी, उससे फायदा नहीं है क्या?अनिरुद्ध चौधरी : कोई गारंटी तो नहीं है। ऐसा करेंगे या नहीं करेंगे। जो बोलते हैं और जो जमीन पर उतरती है, उसमें बहुत अंतर होता है। हम एमएसपी की गारंटी मांगते हैं। आज आप कुछ बोल दोगे तो उस पर भरोसा नहीं होता। पुराने जो नेता होते थे वे कुछ बोलते थे तो उस पर भरोसा होता था। जनता की आवाज है कि एक्ट में ही गारंटी दी जाए। कांग्रेस ने मांग उठाई है कि 400 रुपए प्रतिदिन वेतन दिया जाए और रोजगार गारंटी दी जाए।प्रश्न : ऐसी नौबत क्यों आती है कि कांग्रेस को विरोध करना पड़े?अनिरुद्ध चौधरी : क्योंकि योजनाएं ठीक तरीके से बनाई नहीं जाती। इसलिए विरोध करने की नौबत आती है। ठीक तरीके से बताएं तो विरोध करने की नौबत नहीं आए। प्रश्न : उम्मीद है भाजपा इसमें सुधार करेगी?अनिरुद्ध चौधरी : अगर भाजपा वाकई में लोगों का भला चाहती है तो बदलाव कर देगी। अगर लोगों का भला नहीं चाहती तो बदलाव नहीं करेगी।
सतुआ बाबा से जुड़ जाएं, जो नहीं जुड़ेगा…आखिरी वक्त में उनके पास ही जाएगा, वह काशी में मणिकर्णिका घाट पर बैठते हैं। - योगी आदित्यनाथ योगी ने 10 जनवरी को जिन सतुआ बाबा का जिक्र प्रयागराज के मंच से किया, वो यूपी की सियासत की सुर्खियों में हैं। कभी माघ मेला में ये युवा संत 3 करोड़ की लैंड रोवर डिफेंडर कार से पहुंचकर सबको चौंका देते हैं। अक्सर CM के साथ दिखने वाले संत महंगे रे-बैन के सनग्लास पहनते हैं। अमूमन हेलिकॉप्टर और हवाई जहाज के साथ उनकी तस्वीरें सामने आती रहती हैं। बहुत कम लोग जानते हैं, सतुआ बाबा उनका असली नाम नहीं है, बल्कि वो वाराणसी के जिस विष्णु स्वामी संप्रदाय की पीठ से आते हैं, उसके प्रमुख को ‘सतुआ बाबा’ कहा जाता है। उनका असली नाम संतोष तिवारी (संतोष दास) है, वो यूपी के ललितपुर के रहने वाले हैं। हाल में वो 3 घटनाओं के बाद चर्चा में आए- पहली- माघ मेला में सतुआ बाबा को आश्रम के लिए सबसे ज्यादा जमीन अलॉट की गई। सबसे बड़ा आश्रम उन्हीं का है। दूसरी- प्रयागराज डीएम उनके आश्रम में पहुंचे और जमीन पर बैठकर रोटियां सेंकी। तीसरी- डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य इसके 6 दिन बाद प्रयागराज पहुंचे, डीएम से कहा- आश्रम में रोटियां मत सेंकिए, फील्ड में थोड़ा काम करिए। सतुआ बाबा को लेकर यूपी की सियासत में क्या चल रहा है? ये इस रिपोर्ट में पढ़िए… सबसे बड़ा आश्रम, सबसे महंगी कार रखते हैं सतुआ बाबा प्रयागराज में इन दिनों माघ मेला अपने पूरे रंग में है। देश के कोने-कोने से साधु-संत यहां पहुंच रहे हैं। अध्यात्म और साधना का माहौल है। साधु-संतों के हाईटेक शिविर, स्टाइल और लग्जरी लाइफ भी लोगों के बीच चर्चा में बनी हुई है। इन्हीं चर्चाओं के केंद्र में इन दिनों माघ मेले में पहुंचे सबसे युवा संतों में गिने जाने वाले सतुआ बाबा हैं। वाराणसी की सतुआ बाबा पीठ के पीठाधीश्वर जगतगुरु महामंडलेश्वर संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा को माघ मेला में सबसे ज्यादा जमीन अलॉट की गई है, ये कितना एरिया है, इसको प्रशासन ने डिक्लेयर नहीं किया है। सबसे बड़े आश्रम में उनके शिविर के बाहर 3 करोड़ की खड़ी लग्जरी कार सबका ध्यान खींचती है। माघ मेले में मौजूद साधु-संतों की ये सबसे महंगी कार है। दरअसल, ये साधारण से दिखने वाले संत योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाते हैं। जगतगुरू की पदवी मिलने के दौरान योगी आदित्यनाथ खुद मौजूद रहे थे। योगी जब कुंभ मेले के दौरान संगम स्नान कर रहे थे, उस समय भी सतुआ बाबा उनके साथ मौजूद थे। विष्णु स्वामी संप्रदाय के 57वें आचार्य, महाकुंभ में बने जगदगुरुसतुआ बाबा विष्णु स्वामी संप्रदाय की सतुआ बाबा पीठ के मुखिया हैं। इस संप्रदाय के प्रमुख को सतुआ बाबा के नाम से जाना जाता है। 2012 में छठे पीठाधीश्वर ब्रह्मलीन यमुनाचार्य जी महाराज सतुआ बाबा का निधन हो गया था, जिसके बाद संतोष दास जी को ये जिम्मेदारी मिली। संतोष दास जी विष्णु स्वामी संप्रदाय के 57वें आचार्य बने। दरअसल, संतोष दास ने 11 वर्ष की उम्र में ही परिवार को छोड़ दिया था और अध्यात्म की तरफ रुख कर लिया था। इनको काशी विश्वनाथ का प्रतिनिधि भी माना जाता है। सतुआ बाबा को महाकुंभ-2025 में जगतगुरू की पदवी दी गई थी। 12 दिन पहले से शुरू हुई सियासत सतुआ बाबा के नाम पर यूपी की राजनीति क्यों गरमा गई है? इसके जवाब के लिए 12 दिन पहले जाना होगा। जब डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने प्रयागराज डीएम की चुटकी ली। कहा- ये जो जाम लग रहा है, इसे देखो। सतुआ बाबा की रोटी के चक्कर में न पड़ो। यह सुनकर DM मनीष वर्मा और अफसर हंसने लगे। दरअसल, डिप्टी सीएम सोमवार को माघ मेले की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे थे। संगम नोज पर उन्होंने व्यवस्थाओं की जानकारी DM और मेला अधिकारी से ली। कार में चढ़ते वक्त उन्होंने अफसरों को बुलाया। डिप्टी सीएम ने एक पैर कार में, दूसरा पावदान पर रखा और गेट पकड़कर खड़े हो गए। अफसर उनके सामने खड़े थे। इसी दौरान उन्होंने नसीहत दी- कोई भी साधु-संत जमीन मांगे, तो उसे दिया जाए। अब सवाल उठा कि डिप्टी सीएम ने ये नसीहत दी क्यों? दरअसल, DM ने 6 दिन पहले सतुआ बाबा के आश्रम में चूल्हे पर रोटी सेंकी थी। कोट पहने DM ने चूल्हे पर रोटी सेंकी थी 2017 से 2 नेताओं के बीच खींचतान चली आ रहीइन पूरे वाकये के पीछे योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य के बीच चली आ रही सियासी खींचतान है। 2017 में BJP की बड़ी जीत के बाद केशव प्रसाद मौर्य (तब प्रदेश अध्यक्ष) खुद को मुख्यमंत्री पद का दावेदार मानते थे। लेकिन अचानक योगी आदित्यनाथ को कमान सौंपी गई। यहीं से दरार शुरू हुई, केशव को उप मुख्यमंत्री बनाया गया, लेकिन कई बड़े विभाग (जैसे PWD) बाद में छीन लिए गए। 2022 में केशव सिराथू सीट हार गए, फिर भी उप-मुख्यमंत्री बने रहे। 2018-19 में PWD टेंडर और विभागीय नियुक्तियों को लेकर दोनों ही नेताओं के बीच चिट्ठियां और आरोप-प्रत्यारोप ने माहौल को तल्ख बनाया। 2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी के 29 सीटें गंवाने के बाद केशव मौर्य के एक बयान ने दोनों के बीच की दूरी और बढ़ी दी। मौर्य ने कहा था कि संगठन सरकार से बड़ा है। इसे योगी सरकार पर अप्रत्यक्ष हमला माना गया। 2024-25 में अयोध्या दीपोत्सव में दोनों डिप्टी सीएम (केशव और ब्रजेश) विज्ञापन में नाम न छपने पर शामिल नहीं हुए। कई बार अलग-अलग बयानबाजी हुई, जैसे योगी के बंटेंगे तो कटेंगे नारे से केशव ने दूरी बनाई। 2025 में भी दोनों के बीच तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ, हालांकि केशव ने कई बार योगी की तारीफ की है। कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर कहा- योगी उनके रास्ते पर चल रहे हैं। बिहार चुनाव में केशव सह-प्रभारी बने, योगी ने 20 से अधिक सभाएं कीं। दोनों ने मिलकर काम किया।10 जनवरी को प्रयागराज में योगी आदित्यनाथ का पूरा बयान पढ़िए... योगी बोले- सतुआ बाबा अद्भुत काम कर रहेजगद्गुरु रामानंदाचार्य के 726वें जन्मोत्सव समारोह में योगी आदित्यनाथ पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि जाति और संप्रदाय के नाम पर बंटोगे तो देश का हाल बांग्लादेश जैसा हो जाएगा। जाति, मत और संप्रदाय के आधार पर किया गया विभाजन हमारे लिए भी उसी तरह सर्वनाश का कारण बनेगा, जैसा हम आज बांग्लादेश में देख रहे हैं। योगी ने कहा- सतुआ बाबा ने अद्भुत काम कर दिया। इस वर्ष पौष पूर्णिमा 3 जनवरी को ही पड़ गई। तो स्वाभाविक रूप से हमें इस आयोजन से जुड़ने का अवसर मिल गया। श्री रामानंदाचार्य भगवान का जहां पर प्रकटोत्सव हुआ था, वहां पर मंदिर बने, सरकार उसमें सहयोग करेगी। सतुआ बाबा समाज को जोड़ने का काम कर ही रहे हैं। जो नहीं जुड़ेगा वह अंतिम समय में सतुआ बाबा की शरण में जाएगा ही। वह काशी में मणिकर्णिका घाट पर बैठते हैं। विपक्ष पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा- 'ये लोग सेकुलरिज्म के नाम पर ठेका लेकर हिंदू धर्म को तोड़ने की पूरी ताकत लगा रहे हैं। बांग्लादेश की घटनाओं पर इनका मुंह बंद है। लगता है जैसे किसी ने फेविकोल लगा दिया हो।' सीएम ने कहा- मैंने पहले ही कहा था कि जाते ही संगम में डुबकी लगाऊंगा। बहुत दिव्य जल है। आज से 10 साल पहले ऐसा मिलता था क्या? अगर कोई राम भक्त सत्ता में रहता है तो ऐसा अवसर मिलता है। पौष पूर्णिमा पर 31 लाख श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई थी। ये है सनातन आस्था, इस सनातन आस्था को मजबूती देने के लिए डबल इंजन की सरकार आपके साथ खड़ी है। ------------------------ ये पढ़ें - योगी की चेतावनी- बंटोगे तो सर्वनाश हो जाएगा:बांग्लादेश पर इनका मुंह बंद, जैसे फेविकोल लगा है; संगम में 3 डुबकी भी लगाई सीएम योगी प्रयागराज दौरे पर हैं। संगम में स्नान और लेटे हनुमान जी के पूजन के बाद वह जगद्गुरु रामानंदाचार्य के 726वें जन्मोत्सव समारोह में पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि जाति और संप्रदाय के नाम पर बंटोगे तो देश का हाल बांग्लादेश जैसा हो जाएगा। जाति, मत और संप्रदाय के आधार पर किया गया विभाजन हमारे लिए भी उसी तरह सर्वनाश का कारण बनेगा, जैसा हम आज बांग्लादेश में देख रहे हैं। पढ़िए पूरी खबर...
माघ मेले में शिवालय पार्क का ड्रोन वीडियो:वेस्ट मटेरियल से बना, देश के नक्शे पर बने हैं सभी मंदिर
प्रयागराज के अरैल में एक साल पहले बना शिवालय पार्क माघ मेले में भी आकर्षण का केंद्र बना है। मेले में आने वाले लोग इसकी खूबसूरती देखने पहुंच रहे हैं। देश के नक्शे वाले इस पार्क को 14 करोड़ रुपए की लागत से 11 एकड़ क्षेत्र में बनाया गया है। शिवालय पार्क को भारत के नक्शे के आकार में डिजाइन किया गया है। सभी प्रमुख मंदिर उनके मूल स्थानों पर ही बनाए गए हैं। पार्क में तुलसी वन और संजीवनी वन भी बनाया गया है। इसके अलावा पार्क के अंदर फूड कोर्ट और रेस्तरां भी बना है। सबसे खास यह बात है कि इसमें अधिकतर वेस्ट मटीरियल का इस्तेमाल किया गया है। VIDEO में देखिए इस खूबसूरत पार्क की झलक...
अगस्त 2021, करीब चार साल पुराने मामले की DNA रिपोर्ट अब जाकर सामने आई थी। इसके बाद जो पता चला, उसे जानकर पुलिस भी हैरान रह गई। 2018 के उस रोज जो सिरकटी लाश मिली थी, वो राकेश की नहीं थी। परिवार ने जिसे बेटा जानकर अंतिम संस्कार किया, वो अभी जिंदा था और एक बड़ी साजिश में शामिल था। खूनी शादी के चौथे एपिसोड में आज अलीगढ़ के राकेश और रत्नेश की कहानी। पुलिसवाली के प्यार में अंधे बाप ने दो मासूम बच्चों और पत्नी का गला घोंट दिया। फिर खुद की मौत का नाटक रचकर गायब हो गया। 4 साल बाद एक कॉल से पकड़ा गया… साल 2012, अलीगढ़ का नौगवां गांव। दोपहर का वक्त। यूपी पुलिस से रिटायर्ड बनवारीलाल के घर कुछ अलग हलचल थी। बड़ा बेटा राकेश आंगन में बैठा किसी काम में लगा था। तभी बाहर वाले कमरे से पिता की आवाज आई- “राकेश… अंदर आओ। घर के सब लोग बैठे हैं।” राकेश उठा और कमरे में चला गया। मां, पिता, छोटा भाई राजीव और दो-चार रिश्तेदार पहले से बैठे थे। माहौल में अजीब सी औपचारिकता थी। बनवारीलाल ने बिना किसी भूमिका के सीधे कहा- “तुम्हारी शादी तय कर दी है। लड़की घरेलू है, संस्कारी है। लोग एटा के रहने वाले हैं।” सभी खुश थे, लेकिन राकेश ने कोई रिएक्शन नहीं दिया। मां ने पूछा- “कोई परेशानी तो नहीं है तुम्हें?” राकेश फिर भी चुप रहा। उसने नजरें झुका लीं, फिर अचानक उठकर बाहर चला गया। कुछ देर बाद छोटा भाई राजीव उसके पीछे गया। उसने राकेश के कंधे पर हाथ रखकर पूछा- “क्या हुआ?” राकेश ने गहरी सांस ली और कहा- “तू जानता है, मैं रूबी को चाहता हूं। उसी से शादी करूंगा।” राजीव वापस कमरे में गया और पूरी बात बता दी। बनवारीलाल का चेहरा तमतमा उठा। वो गुस्से में खड़े हुए, लेकिन कुछ बोले नहीं। उस रात घर में चुप्पी पसरी रही। अगले दिन दोपहर में पूरा परिवार खाने बैठा। बनवारीलाल ने थाली रखते हुए कहा- “अब बताओ, उस लड़की में ऐसा क्या है जिसे तुम पसंद करते करते हो और एटा वाली लड़की में क्या कमी है?” राकेश ने पिता की बात सुनी, लेकिन कुछ बोला नहीं। बनवारीलाल ने बात आगे बढ़ाई- “शादी सिर्फ दो लोग नहीं मिलते, दो परिवार जुड़ते हैं। खानदान देखा जाता है। कुंडली मिलती है। दहेज भी मिलता है। तुम्हारी पसंद की लड़की दहेज दे पाएगी?” राकेश ने धीमी आवाज में कहा- “वो पढ़ी-लिखी है। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही है।” पिता ने तंज कसा- “हमारे पास पैसों की कमी है क्या? नौकरी से घर नहीं चलता। घर चलाने के लिए घरेलू लड़की जरूरी होती है।” कुछ दिन परिवार में ये तकरार चलती रही। आखिरकार राकेश ने घरवालों के दबाव में एटा की रत्नेश से शादी कर ली। शादी धूमधाम से हुई, लेकिन राकेश का मन कहीं और था। रत्नेश ससुराल आई तो उसने एक अनमना पति पाया। बाहर से राकेश सामान्य दिखता था, लेकिन उसका मन किसी और से जुड़ा हुआ था। शादी के बाद भी वो चोरी-छिपे रूबी से मिलता रहा। घरवालों को भी इसका अंदाजा था, लेकिन किसी ने खुलकर कुछ नहीं कहा। 2015-16 आते-आते हालात और उलझ गए। उसी साल रूबी का सिलेक्शन उत्तर प्रदेश पुलिस में हो गया। वो कॉन्स्टेबल बनकर आगरा में तैनात हो गई। इन तीन-चार सालों में रत्नेश दो बार मां बन चुकी थी। पहले बेटा, फिर 2016 में बेटी हुआ। बच्चे होने के बाद भी राकेश नहीं बदला, लेकिन रूबी को ये बात अंदर ही अंदर खटकने लगी। उसे लगने लगा कि राकेश अब उससे दूर हो जाएगा। वो उस पर दबाव बनाने लगी। फोन पर कहती- “तुम्हारी शादी हो गई, बच्चे भी हो गए। तुम आखिर चाहते क्या हो? मैं क्या तुम्हारी रखैल हूं?” राकेश चुप रह जाता। राकेश के चुप्पी साध लेने से रूबी और तमतमा जाती। राकेश ग्रेटर नोएडा की एक पैथोलॉजी में काम करता था। वहीं, चिपियाना बुजुर्ग इलाके में उसका खुद का घर था। दो बच्चे होने के बाद भी जब रूबी और राकेश का मिलना-जुलना बंद नहीं हुआ, तो पिता बनवारीलाल पूरा परिवार लेकर वहीं आकर रहने लगे। इसके बाद से हालात खतरनाक मोड़ लेने लगे। पत्नी रत्नेश को राकेश पर शक होने लगा। एक दिन उसने राकेश से सीधे पूछ लिया- “कौन है वो लड़की? क्या छुपा रहे हो मुझसे?” पहले तो राकेश टालता रहा। जब सवाल बढ़ते गए, तो उसका गुस्सा फूट पड़ा। उसने रत्नेश पर हाथ उठा दिया। ये सब कुछ बच्चों के सामने हुआ। वो रोते हुए बोली- “ये मेरा कसूर है कि मैंने तुम्हारे लिए सब छोड़ दिया?” राकेश बोला- “मैंने तुम्हें कभी पत्नी माना ही नहीं। मेरी शादी जबरदस्ती हुई थी। पापा ने मुझे मजबूर किया था।” रत्नेश ने पूछा- “क्या ये बच्चे भी तुम्हारे पापा के हैं?” बात हद से ज्यादा बढ़ चुकी थी। घरवालों ने किसी तरह दोनों को समझाकर मामला शांत करा दिया। फिर भी रिश्तों में दरार आ ही चुकी थी। पत्नी रत्नेश के सवाल, बात-बात पर उसके ताने राकेश को चुभने लगा था। घर में रोज-रोज के झगड़ों ने उसे परेशान कर दिया था। उधर रूबी का दबाव भी लगातार बढ़ता जा रहा था। एक शाम रूबी ने सीधे पूछा- “साफ-साफ बताओ, तुम मेरे साथ रहना चाहते हो या नहीं?” राकेश कुछ पल चुप रहा, फिर बोला- “हां… सबसे ज्यादा अगर किसी के साथ रहना चाहता हूं, तो तुम्हारे साथ।” रूबी ने कहा- “सबसे ज्यादा… ये कैसे साबित करोगे?” राकेश थकी आवाज में बोला- “अगर कोई पैमाना हो, कोई मीटर हो जिससे नापा जा सके कि मैं तुमसे कितना प्यार करता हूं, तो बता दो।” रूबी की आवाज और ठंडी हो गई। कुछ देर रुककर बोली- “प्यार बातों से नहीं, एक्शन से साबित होता है।” राकेश चौंका- “कैसा एक्शन…?” रूबी ने सीधे कहा- “हमारे रास्ते से रुकावट हटा दो। अपनी पत्नी, अपने बच्चे… सब। तभी हम साथ रह सकते हैं।” ये सुनकर राकेश जैसे पत्थर हो गया। उसने तुरंत फोन काट दिया। उस रात वो सो नहीं पाया। बार-बार बच्चों के चेहरे आंखों के सामने आते रहे। वो खुद से कहता रहा कि ये मुमकिन नहीं है। रूबी ने ये सिर्फ गुस्से में कहा होगा। अगले कुछ दिनों में रूबी ने फिर वो बात दोहराई। राकेश को लगने लगा था कि वो दोनों तरफ से घिर चुका है। एक तरफ घर, बच्चे, जिम्मेदारी और दूसरी तरफ रूबी। फिर वो दिन आया… 14 फरवरी, 2018 दुनिया के लिए वेलेंटाइन डे, लेकिन राकेश के घर में खामोशी थी। दोनों बच्चे सो चुके थे। तीन साल की बेटी मां के पास लेट गई। डेढ़ साल का बेटा भी वहीं सो रहा था। पत्नी रत्नेश बच्चों को सुलाकर कमरे से बाहर आई। राकेश तखत पर लेटा हुआ था। रत्नेश बोली- “खाना रखा है, खा लेना।” राकेश कुछ नहीं बोला। उसका चेहरा बिल्कुल सपाट था। रात गहराती चली गई। पूरा घर सो गया था, राकेश उठकर कमरे में गया। कमरे में हल्की रोशनी थी। कुछ पल बच्चों को देखता रहा। फिर रत्नेश की तरफ बढ़ा और दोनों हाथों से रत्नेश का गला दबाने लगा। रत्नेश नींद में थी। अचानक हमले से कुछ समझ नहीं पाई, बस छटपटाती रही। उसकी आंखें फैलने लगीं। फिर कुछ ही मिनटों में सब शांत हो गया। जोश में राकेश ने पत्नी को मार तो दिया, लेकिन लाश देखकर वो घबरा उठा। उसके हाथ कांप रहे थे। सांस तेज चल रही थी। फिर उसकी नजर बिस्तर की दूसरी तरफ पड़ी। राकेश डर रहा था, लेकिन अभी काम पूरा नहीं हुआ था। सामने डेढ़ साल का बेटा था। राकेश ने उसका भी गला दबाया। फिर बेटी की तरफ बढ़ा। कुछ ही देर में उसने तीन हत्याएं कर दीं। राकेश कुछ देर वहीं बैठा रहा। फिर अचानक उठा और दूसरे कमरे की तरफ गया। वहां उसके मां-बाप और भाई सो रहा था। दरवाजा खटखटाया। पिता बनवारीलाल नींद में थे। वो झुंझलाकर बोले- “इतनी रात को क्या हुआ?” राकेश कुछ बोल नहीं पाया। बस फूट-फूटकर रोने लगा। कुछ देर बाद उसने पूरी बात बता दी। बनवारीलाल के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने दो जोरदार तमाचे जड़ दिए। फिर बोले- “सोचा भी नहीं था, तू यहां तक गिर जाएगा।” आवाज सुनकर मां और छोटा भाई भी जग गया। पूरी बात पता चली तो दोनों सन्न रह गए। राकेश लगातार रोए जा रहा था। थोड़ी देर बातचीत के बाद बनवारीलाल बोले- “अब रोने से कुछ नहीं होगा। जो हो गया, उसे छुपाना होगा।” उन्होंने पुलिस की नौकरी में कई साल बिताए थे। सिस्टम की चाल, जांच की दिशा और छोटी-सी चूक का अंजाम वो अच्छी तरह जानते थे। उसी अनुभव ने फैसला करवा दिया कि सच जमीन के नीचे ही दबा दिया जाए। इसके लिए घर का आंगन चुना गया। यहां बाहरी लोगों का आना-जाना कम था। काम शुरू हुआ, बनवारीलाल पहरे पर थे। राकेश का फावड़ा जमीन में धंसता तो आवाज से पकड़े जाने का डर गहराने लगता। मिट्टी सख्त थी, हाथों में छाले पड़ने लगे, लेकिन रुकना नहीं था। गड्ढा इतना गहरा होना था कि लाशों के सड़ने की बदबू न आए। घंटों मेहनत के बाद जमीन ने तीन लाशों को अपने भीतर लेने लायक जगह दे दी। एक-एक करके तीनों लाशें नीचे उतारी गईं। मिट्टी डालते वक्त हाथ के कांप रहे थे, लेकिन चेहरे पत्थर हो चुके थे। गड्ढा भरते ही ऊपर की जमीन बराबर की गई। ऐसा कोई निशान नहीं छोड़ा गया, जो सवाल खड़ा करे। अगली सुबह राकेश ने ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। वो बोला- “मेरी पत्नी घर से कहीं बाहर गई थी। बच्चों को साथ ले गई थी। वापस नहीं आई।” पुलिस ने सवाल-जवाब किए तो उसने कहा- “घर में अक्सर झगड़ा होता था। मुझे शक है कि वो किसी के साथ चली गई है।” पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज किया। कई लोगों से पूछताछ हुई। पड़ोसियों से सवाल किए गए, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। मिसिंग का मामला था, इसलिए जांच धीरे-धीरे ठंडी पड़ने लगी। कुछ दिनों बाद फाइल पर धूल जमने लगी। उधर, वो कमरा कुछ दिन बंद रहा। फिर मजदूर बुलाए गए। ऊपर सीमेंट डालकर पक्की फर्श बनवाई गई। जैसे वहां कभी कुछ हुआ ही न हो। लोग आते जाते रहे, कदम उसी फर्श पर पड़ते रहे। नीचे तीन जिंदगियों का सच दबा रहा। मामला तो दब तो गया, लेकिन राकेश को चैन नहीं था। दिन में वो नॉर्मल दिखने की कोशिश करता, मगर रात में ठीक से नींद नहीं आती। पत्नी रत्नेश के पिता ने बेटी के गायब होने में राकेश पर शक जताया था। बार-बार ख्याल आता- ‘कभी सच सामने आ गया तो क्या होगा?’ एक रात उसने पिता से कहा- “अब क्या करूं… कब तक ऐसे घुटकर जीऊंगा? मामला खुल गया तो सब खत्म हो जाएगा।” बनवारीलाल ने उसे देर तक देखा। फिर बोले- “डर से फैसला नहीं होता, दिमाग से होता है। मुझे पता है जांच कैसे चलती है, कहां चूक होती है।” राकेश की मां और भाई राजीव भी वहीं बैठा था। कुछ देर कमरे में सन्नाटा रहा। फिर बनवारीलाल ने कहा- “अगर सबको ये यकीन हो जाए कि तुम मर चुके हो, तो न केस खुलेगा, न कोई पीछा करेगा।” राकेश चौंक कर बोला- “लेकिन… कैसे?” बनवारी ने धीमी आवाज में कहा- “किसी और को तुम्हारी जगह मारना होगा।” कुछ देर चुप्पी रही। फिर राकेश बोला- “मेरा एक दोस्त है… कलुआ। अपने गांव का है। मेरी कद-काठी का है, मेरे जैसा ही दिखता है।” बनवारीलाल ने हां में सिर हिलाया। राकेश ने रूबी को भी इस प्लान में शामिल कर लिया। 25 अप्रैल, 2018 राकेश ने कलुआ को फोन किया, बोला- “चलो यार, कहीं घूमने चलते हैं।” कलुआ खुश हो गया। राकेश ने आगे कहा- “ढोलना के जंगल में बैठे कई दिन हो गए। वहीं पीएंगे।” कलुआ- “भाभी की याद आ रही है?” राकेश ने गहरी सांस ली और बोला- “अब क्या कहूं यार…” कलुआ को लगा कि राकेश पत्नी और बच्चों के गायब होने के बाद दुखी है। साथ मिल-बैठकर उसका मन कुछ हल्का हो जाएगा। राकेश, कलुआ से मिलने गया तो रूबी भी उसके साथ थी। कलुआ चौंक गया, पूछा- “ये कौन है?” राकेश बस मुस्कुरा दिया। तीनों चल दिए, रास्ते में हंसी-मजाक होता रहा। राकेश का गांव अलीगढ़-कासगंज जिलों के बॉर्डर पर था। तीनों गांव से करीब 10 किमी दूर ढोलना के जंगल में पहुंचे। ये इलाका कासगंज में आता है। जंगल के अंदर पहुंचते ही माहौल बदल गया। चारों तरफ सन्नाटा था। कलुआ और रूबी कुछ आगे चल रहे थे। राकेश पहले ही वहां एक जगह पर कुल्हाड़ी छुपा गया था। उसने कुल्हाड़ी उठाई और अचानक पीछे से कलुआ के सिर पर वार किया। कुल्हाड़ी सिर में धंस गई। खून की धार बह निकली। कलुआ जमीन पर गिर पड़ा। राकेश ने दूसरा वार किया। कलुआ खत्म हो चुका था। अब लाश की पहचान बदलने की बारी थी। राकेश पैथोलॉजी लैब में काम करता था। उसे फोरेंसिक की बुनियादी जानकारी थी। उसे पता था कि पुलिस क्या-क्या देखती है। साथ में रूबी भी उसकी मदद कर रही थी। रूबी ने कहा- “कपड़े लाए हो?” राकेश ने हां में सिर हिलाया। दोनों ने मिलकर लाश को राकेश के कपड़े पहना दिए। इसके बाद राकेश ने फिर कुल्हाड़ी उठाई और कलुआ की गर्दन पर वार किया। एक झटके में गर्दन शरीर से अलग हो गई। इस बार ज्यादा खून नहीं गिरा। खून जितना था, सब पहले ही रिस चुका था। फिर दोनों हाथ काटे, ताकि फिंगरप्रिंट न मिलें। हाथ और गर्दन जला दी। इसके बाद रूबी ने कहा- “जहां खून गिरा है, वहां की मिट्टी साफ करनी होगी।” दोनों ने खून से सनी मिट्टी हटाई। सबूत मिटाने के लिए और भी कुछ चीजें कीं। कलुआ का मोबाइल भी तोड़कर जला दिया। अपना आधार कार्ड, LIC के कागजात और कुछ पैसे जेब में डाल दिए। अगली सुबह खबर फैल गई कि जंगल में सिरकटी लाश मिली है। भीड़ इकट्ठा होने लगी, पुलिस पहुंची। लाश की हालत इतनी खराब थी कि पहचान मुश्किल थी। जेब से राकेश का आईडी कार्ड मिला। उसके परिवार को खबर दी गई। उसके गांव में भी लोगों को पता चला। ऐसे में कलुआ के घरवालों को भी चिंता हुई। वो राकेश के साथ ही गया था और अब-तक लौटा नहीं था। राकेश और कलुआ के परिवारवाले मौके पर पहुंचे। एक तरफ राकेश के पिता बनवारीलाल सुबक रहे थे, दूसरी तरफ कलुआ के घरवाले लाश को अपने बेटे कलुआ की बता रहे थे। काफी देर झंझट चलता रहा। चूंकि जेब से राकेश का आधार कार्ड मिला था, इसलिए उसे राकेश की लाश मानकर घरवालों को अंतिम संस्कार के लिए दे दिया गया। फिर भी कलुआ के घरवालों का दावा देखते हुए दोनों परिवारों और लाश के DNA सैंपल लेकर जांच के लिए आगरा भेज दिए गए। राकेश के घरवालों ने उसकी पत्नी रत्नेश के परिवार पर केस कर दिया। आरोप लगाया कि उन्होंने राकेश को मारा है। मामला चलता रहा, लेकिन उलझाऊ सरकारी कार्रवाई के चक्कर में DNA रिपोर्ट काफी महीने नहीं आई। कलुआ के घरवालों ने कई बार थाने जाकर पूछताछ की, लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ। धीरे-धीरे मामला ठंडा पड़ गया। कई महीने बीत चुके थे। दुनियावालों के लिए राकेश मर चुका था, लेकिन वो नाम बदलकर अलग-अलग जगह रहने लगा। कभी हरियाणा, कभी पंजाब तो कभी दिल्ली। रूबी से अब भी चोरी-छिपे मिलता था। दोनों जानते थे कि सच अभी पूरी तरह दफन नहीं हुआ है। फिर भी उन्हें भरोसा था कि वक्त के साथ सब खत्म हो जाएगा। करीब साढ़े तीन साल गुजर गए, पुलिस इस मामले को भूल ही गई थी। ये मान लिया गया था कि जंगल में मिली लाश राकेश की ही थी। इसी दौरान जुलाई, 2021 में रोहन प्रमोद बोत्रे बतौर SP (सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस) कासगंज में तैनात हुए ये उनकी पहली पोस्टिंग थी। चार्ज संभालते ही उन्होंने पुराने मामलों की फाइलें मंगवाईं। उन्हीं में से एक राकेश के ‘मर्डर’ की थी। फाइल पलटी तो पता चला लाश की पहचान संदिग्ध होने के बावजूद अब तक DNA रिपोर्ट नहीं आई है। SP बोत्रे ने मीटिंग बुलाई और सभी केस पर बात की। राकेश मामले में उन्होंने पूछा- “जब डीएनए सैंपल लिया गया है, तो रिपोर्ट अब-तक क्यों नहीं आई?” एक अफसर ने कहा- “सर, सैंपल आगरा भेजा गया था। रिपोर्ट आने में देरी हुई, फिर हम लोग दूसरे मामलों में उलझ गए।” बोत्रे कुछ देर चुप रहे, फिर बोले- “ठीक है, मामले को ठीक से दिखवाइए।” कुछ दिन बाद रिपोर्ट आई। लाश का DNA कलुआ के पिता से मैच हुआ। SP बोत्रे ने रिपोर्ट देखी और सीधे सेंट्रल नोएडा के ADCP (एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस) को फोन किया, पूरा मामला समझाया। अब तस्वीर बदल चुकी थी। जांच आगे बढ़ी। पता चला कि राकेश की पत्नी रत्नेश भी गायब है। उसने रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। रत्नेश के पिता ने राकेश पर शक जताया था। इसके बाद पुलिस भी ज्यादा एक्टिव हो गई। राकेश के पिता से पूछताछ हुई, लेकिन वो कहते रहे- “मुझे कुछ नहीं पता। मेरा बेटा मर चुका है। उसकी पत्नी के घरवालों ने बेटे को मारा है।” लेकिन पुलिस के हाथ लगे सबूत कुछ और ही कह रहे थे। राकेश के पुराने नंबर के कॉल रिकॉर्ड खंगाले गए। पता चला वो एक नंबर पर दिन में कई दफा बात करता था। कई बार बातचीत का टाइम काफी ज्यादा होता था। ये नंबर रूबी का था। रूबी का वो नंबर अब भी एक्टिव था। पुलिस ने वो नंबर ट्रेस करना शुरू किया। इस दौरान रूबी और राकेश के अफेयर के बारे में भी जानकारी मिली। रूबी को हरियाणा के एक नंबर से फोन आता था। कई बार घंटों बातचीत होती है। SP रोहन बोत्रे समझ गए कि हो न हो ये राकेश ही है और हरियाणा में छिपा बैठा है। 31 अगस्त, 2021 एक्शन शुरू हुआ, लोकेशन पर दबिश दी गई और राकेश पकड़ा गया। पूछताछ शुरू हुई। दरोगा- “कलुआ को क्यों मारा…?” राकेश- “मैंने नहीं मारा साब, मैं तो बस भाग गया था यहां से। पत्नी के घरवालों ने इल्जाम लगाया था कि मैंने उसे गायब किया है। पुलिस परेशान कर रही थी, इसलिए मैं भाग गया।” दरोगा- “अच्छा… तो ऐसा है।” ‘तड़ाक…’ राकेश के मुंह पर एक जोरदार थप्पड़ पड़ा। “मा$#%द… पुलिसवालों को चू$% समझता है? तू भाग गया था तो कलुआ की जेब में तेरा आधार कार्ड क्या कर रहा था?” ये सवाल सुनकर राकेश थोड़ा सकपका गया। वो कुछ बोलने की कोशिश कर रहा था- “मैं… वो… ऐसा हुआ न साब…” ‘फटाक…’ पीछे खड़े एक सिपाही ने राकेश की गर्दन पर जोर का हाथ मारा। फिर राकेश के बाल पकड़कर चेहरा ऊपर किया और बोला- “सा$% सब सच उगल दे… वरना ऐसा हाल करूंगा कि रिश्तेदार भी पहचान नहीं पाएंगे।” राकेश फिर चुप रहा। इसके बाद पुलिस ने अपने स्टाइल से पूछताछ शुरू की। कुछ देर बाद राकेश टूट गया। उसने बोलना शुरू किया- “घरवालों ने मेरी शादी जबरदस्ती कराई थी। मैं रूबी से प्यार करता था। शादी के बाद भी हम साथ थे, इसलिए मैंने पत्नी और बच्चों को मार दिया।” “क्या… क्या… क्या…” दरोगा चौंका। “पत्नी और बच्चे… मतलब… तू तो कह रहा था वो किसी और के साथ भाग गई?” राकेश ने आगे बताया- “सब झूठ था... मैंने उन लोगों को मारकर घर में गाड़ दिया था।” कलुआ के मर्डर की परतें खोलते-खोलते एक नए केस की कहानी सामने आ चुकी थी। दरोगा ने सवाल किया- “मार के गाड़ दिया…? तेरे मां-बाप कहां थे उस समय… जब तू ये कांड कर रहा था?” राकेश बोला- “वो लोग साथ ही थे। पापा ने ही जमीन में गाड़ने का आइडिया दिया था।” अब पुलिसवालों का सिर चकराने लगा था। अब-तक कलुआ को मारने की वजह सामने नहीं आई थी। दरोगा ने सिर खुजाते हुए पूछा- “अबे ह#%@ दूसरी के चक्कर में बीवी-बच्चों को खा गया, वो तो समझ आया। फिर दोस्त को क्यों मारा, उसने क्या बिगाड़ा था?” राकेश ने फिर बोलना शुरू किया- “बीवी के घरवाले मुझ पर शक कर रहे थे। पुलिस से भी कह दिया था। मुझे डर था कि सच सामने आ जाएगा। पापा ने आइडिया दिया, लोगों को यकीन हो जाए तो कि तुम मर चुके हो तो पुलिस शांत हो जाएगी। राकेश बोलते-बोलते अचानक चुप हो गया। कुछ देर शांत बैठा रहा, फिर बोला- कलुआ मेरी कद-काठी का था, इसलिए उसे मार दिया। सोचा लोगों को लगेगा, मैं मर गया।” राकेश ने सिर पकड़ लिया। वो रोते हुए बोला- “मैं किसी और से प्यार करता था। पत्नी और बच्चों से छुटकारा चाहता था। एक गलती पर दूसरी गलती होती चली गई।” उसने वो जगह भी बताई, जहां पत्नी और बच्चों को दफनाया था। 1 सितंबर, 2021 कासगंज और नोएडा पुलिस की जॉइंट टीम चिपियाना बुजुर्ग इलाके में राकेश के घर पहुंची। मजिस्ट्रेट और फोरेंसिक टीम की मौजूदगी में खुदाई शुरू हुई। कुछ देर बाद जमीन से पहला कंकाल निकला, फिर दूसरा और फिर तीसरा। खुदाई में इस्तेमाल औजार भी घर से ही बरामद हुए। करीब 4 साल बाद सच सबके सामने था। पुलिस ने राकेश, उसकी मां, भाई राजीव और पिता बनवारीलाल के खिलाफ चार्जशीट दायर की। मामला कोर्ट में है और ट्रायल जारी है। *** स्टोरी एडिट- कृष्ण गोपाल *** रेफरेंस जर्नलिस्ट- राहुल ठाकुर, भूपेश प्रताप सिंह, नरेंद्र ठाकुर भास्कर टीम ने सीनियर जर्नलिस्ट्स, पुलिस, पीड़ितों और जानकारों से बात करने के बाद सभी कड़ियों को जोड़कर ये स्टोरी लिखी है। कहानी को रोचक बनाने के लिए क्रिएटिव लिबर्टी ली गई है। ---------------------------------------------------------- सीरीज की ये स्टोरीज भी पढ़ें... देवर के प्यार में पागल थी, पति को मारकर घर में दफनाया; सब भूल गए, 4 साल बाद पकड़ी गई अप्रैल 2022, मुनीराज जी. को गाजियाबाद का SSP बनाया गया। चार्ज संभालते ही ऐसे सभी मामलों की फाइलें निकलवाईं, जो अनसुलझे रह गए थे। उन्हीं में एक फाइल निकली चंद्रवीर सिंह की… गुमशुदगी का मामला था। फाइल पढ़ी तो दिमाग की नसें फड़कने लगी। पूरी स्टोरी पढ़ें वो तड़प रही थी और पति फोन पर चीखें सुन रहा था; प्लान परफेक्ट था, एक टी-शर्ट से पकड़ा गया 27 जुलाई 2014, कानपुर। रात के करीब साढ़े बारह बजे थे। एक युवक बदहवास हाल में स्वरूपनगर थाने पहुंचा। आंसू थम नहीं रहे थे। आवाज में हकलाहट थी। उसने बताया- कुछ बाइक सवार उसकी पत्नी को कार समेत उठा ले गए। पूरी स्टोरी पढ़ें...
भोपाल लिट्रेचर फेस्ट का समापन आज:डायवर्ट रहेंगी शहर की कई सड़कें ; जानिए शहर में आज कहां- क्या खास
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स
कैसरगंज के पूर्व सांसद, भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह…। तीन दशक तक अवध के राजनीतिक अखाड़े में राजनीति के सबसे ताकतवर पहलवान रहे बृजभूषण शरण सिंह और उनके समर्थकों को नाम के आगे पूर्व लगना अच्छा नहीं लगता। यही वजह है कि नेताजी ने अवध में बढ़ती राजनीतिक चुनौतियों, सरकार और संगठन में कम होते वजूद को वर्चस्व में बदलने के लिए अपने जन्मदिन पर आठ दिवसीय राष्ट्रकथा का भव्य आयोजन किया। गोंडा-अयोध्या के बॉर्डर पर नंदनी निकेतनम् में राष्ट्रकथा के मंच पर रोज राजनीतिक, सामाजिक, आध्यात्मिक और कला जगत की हस्तियों ने शिरकत की। रोजाना हजारों लोग और समर्थक भी पहुंचे। बृजभूषण की राष्ट्रकथा में कौन-कौन शामिल हुआ? राष्ट्रकथा का सियासी संदेश क्या है? राजनीति के जानकारों की नजर में आयोजन क्यों और कितना सफल रहा? कुश्ती संघ में लगे आरोपों से लेकर बृजभूषण से जुड़ी हर कंट्रोवर्सी इस बार संडे बिग स्टोरी में पढ़िए… राष्ट्रकथा में देश भर से आए मंत्री-नेताराष्ट्रकथा में यूपी ही नहीं, देश के अन्य कई राज्यों के मंत्री, नेताओं के साथ खेल और सांस्कृतिक जगत की हस्तियां शामिल हुईं। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा, उद्यान एवं कृषि निर्यात मंत्री दिनेश प्रताप सिंह भी पहुंचे। बहराइच के सांसद आनंद गोंड, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी, पूर्व मंत्री रमापति राम शास्त्री, एमएलसी एवं एमपी भाजपा के प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह पहुंचे। इनके अलावा विधायक बावन सिंह, भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर सिंह, विधायक एवं पूर्व मंत्री पलटू राम, सभाकुंवर कुशवाहा, राकेश सिंह, गौरव वर्मा, राम निवास वर्मा, अरुणवीर सिंह, दद्न मिश्रा, अजय सिंह हरैया, सुशांत सिंह, सुभाष त्रिपाठी, अनुपमा जायसवाल, एमएलसी अवधेश सिंह और एमएलसी अन्नपूर्णा सिंह राष्ट्रकथा में शामिल हुईं। सरकार और संगठन ने बनाई दूरी बृजभूषण शरण सिंह की राष्ट्रकथा से प्रदेश की योगी सरकार और भाजपा ने दूरी बनाए रखी। सीएम योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह का राष्ट्रकथा में नहीं पहुंचे। यह गोंडा से लखनऊ और लखनऊ से दिल्ली तक के सत्ता और शासन के गलियारों में चर्चा का विषय बना। इतना ही नहीं, गोंडा से सांसद और केंद्रीय मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह भी राष्ट्रकथा में नहीं पहुंचे। सीएम योगी के भरोसेमंद और करीबी वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, एमएसएमई मंत्री राकेश सचान, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, गन्ना मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण, पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह, आईटी मंत्री सुनील शर्मा, महिला कल्याण मंत्री बेबीरानी मौर्य, औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी भी नहीं पहुंचे। वहीं, भाजपा के अवध क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष कमलेश मिश्र, अवध के प्रभारी एवं प्रदेश महामंत्री संजय राय सहित भाजपा के अधिकांश प्रदेश पदाधिकारी भी नहीं पहुंचे। कई हस्तियों को नहीं बुलायाबृजभूषण शरण सिंह के करीबी बताते हैं कि नेताजी ने राष्ट्रकथा में कई बड़े मंत्रियों और राजनेताओं को आमंत्रित ही नहीं किया। नेताजी को आभास था कि कौन उनके बुलावे पर आएंगे और कौन नहीं आएंगे? इसे ध्यान में रखकर ही आमंत्रण पत्र भेजे गए और फोन किए गए। जानिए आयोजन के सियासी मायने क्या? दबदबा दिखाने की कोशिशराजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि बृजभूषण शरण सिंह ने राष्ट्रकथा के जरिए अपना राजनीतिक दबदबा दिखाने की कोशिश की है। वे संदेश देना चाहते थे कि देवीपाटन मंडल और अयोध्या मंडल में उनका दबदबा था, दबदबा है और रहेगा। इस दबदबे के बूते वह आगामी पंचायत चुनाव और विधानसभा चुनाव तक में अपना राजनीतिक वर्चस्व कायम रखना चाहते हैं। जिससे उनके परिवार के सदस्यों के साथ करीबियों को टिकट मिलने में कोई दिक्कत नहीं हो। वरिष्ठ पत्रकार त्रियुग नारायण तिवारी कहते हैं- बृजभूषण सिंह राष्ट्रकथा के बहाने खुद को अवध का सबसे बड़ा नेता के रूप में स्थापित करने की मंशा थी। लेकिन, जिस तरीके से भाजपा के लोग इस कथा से बचते हुए दिखे इससे ये मंशा तो पूरी नहीं हुई। बेटा सीएम योगी को आमंत्रित करने गया था। लेकिन, वहां से शुभकामना संदेश ही पहुंचा। सीएम और दोनों डिप्टी सीएम सहित कई मंत्री नहीं पहुंचे। राष्ट्रकथा से पहले सियासी संदेश…अखिलेश की तारीफ के मायनेबृजभूषण शरण सिंह और उनके सांसद बेटे करण भूषण सिंह ने राष्ट्रकथा से पहले ही सियासी संदेश दे दिया था। करण भूषण ने कहा कि 2029 में वे और उनके पिता बृजभूषण शरण सिंह दोनों लोकसभा जाएंगे। बृजभूषण ने उनकी बात का समर्थन करते हुए कहा कि लोकसभा से अपमान के साथ वह निकले हैं। इसलिए एक बार सम्मान के साथ फिर लोकसभा में जाएंगे। उन्होंने कहा कि 2029 में वे और करण भूषण दोनों लोकसभा में जाएंगे। भाजपा टिकट देगी तो अच्छा है, नहीं तो फिर भी जाएंगे। वहीं, राष्ट्रकथा के दौरान बृजभूषण ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की तारीफ की। उन्होंने कहा कि वह अखिलेश यादव का अहसान नहीं भूल सकते। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस बयान से बृजभूषण ने सपा में अपना दरवाजा खुला रखने और मजबूत विकल्प उनके पास होने का भी संदेश दिया है। कीर्तिवर्धन के बढ़ते कद से चिंतितराजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि देवीपाटन मंडल में अब तक बृजभूषण का सबसे अधिक राजनीतिक वर्चस्व रहा है। वह 1991 में पहली बार गोंडा से सांसद चुने गए। 1999 में गोंडा, 2004 में बलरामपुर से सांसद चुने गए। 2009 में सपा के टिकट पर कैसरगंज से सांसद चुने गए। 2014 में फिर भाजपा में शामिल होने के बाद कैसरगंज से सांसद चुने गए। 2019 में भी जीत मिली। 6 बार सांसद रहने के बाद भी वह कभी केंद्र में मंत्री नहीं बन सके। वहीं, उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले कीर्तिवर्धन सिंह मोदी सरकार 3.0 में मंत्री बनाए गए हैं। कीर्तिवर्धन के मंत्री बनने और सीएम योगी से अदावत के चलते क्षेत्र में उनकी राजनीतिक पकड़ कुछ ढीली पड़ रही है। देवीपाटन मंडल के कुछ विधायक अब उनके दबाव और दबदबे से मुक्त हैं। वरिष्ठ पत्रकार सुरेश बहादुर सिंह कहते हैं- इस राष्ट्रकथा बहाने चुनाव से पहले बृजभूषण सिंह ने शक्ति प्रदर्शन किया है। जिस तरीके से कुश्ती संघ के अघ्यक्ष पद से उन्हें हटना पड़ा था। इस मामले को लेकर भाजपा हाईकमान भी नाराज रहा। इस आयोजन के जरिए उन्होंने उन सभी को जवाब दे दिए हैं कि उनकी लोकप्रियता में कहीं से भी कोई कमी नहीं आई। इस आयोजन में जिस तरीके से देश भर से उनके प्रशंसक और समर्थक पहुंचे, उससे भी साफ रहा कि उनका कद राष्ट्रीय नेता का है। उन्होंने इस आयोजन के मंच से चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है। चुनौती दी है कि वे हर हाल में चुनाव लड़ेंगे। बृजभूषण बीच-बीच में अखिलेश की भी तारीफ कर देते हैं। मतलब, उन्होंने उधर भी रास्ते खोल रखे हैं। पहले भी दबदबा दिखाते रहे हैं बृजभूषण ---------------------- ये खबर भी पढ़ें... यूपी में 80 लाख वोटरों को नहीं ढूंढ सके BLO, बिहार जैसा ट्रेंड तो 42 लाख नाम और जुड़ेंगे उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद वोटरों की जारी की गई सूची में 2.89 करोड़ के नाम कट गए। इनमें करीब 46.23 लाख मृत और 25.47 लाख डुप्लीकेट वोटर थे। 1.29 करोड़ मतलब 8.40% वोटर स्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं। जबकि, 79.52 लाख मतदाता अनट्रेसेबल रहे। पढ़ें पूरी खबर
रायपुर-टेडेसरा कॉरिडोर:जितना उपयोग, उतना चार्ज; प्रति किमी लगेगा 2 रुपए टैक्स
छत्तीसगढ़ के सबसे महत्वपूर्ण सड़क प्रोजेक्ट्स में शामिल रायपुर-टेडेसरा इकोनॉमिक कॉरिडोर पर वाहन चालकों को प्रति किलोमीटर 2 रुपए की दर से टोल टैक्स चुकाना होगा। 92.23 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर पूरी दूरी तय करने पर कुल 184 रुपए टोल देना पड़ेगा। इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के किनारे बसे स्थानीय निवासियों को भी टोल टैक्स का भुगतान करना होगा। यह प्रदेश की पहली सड़क होगी, जहां यात्रियों से दूरी के अनुसार किलोमीटर आधारित टोल वसूला जाएगा। लेकिन, 3000 रुपए वाला पास मान्य रहेगा। एनएचएआई के अनुसार, परियोजना का लगभग 60 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 40 प्रतिशत कार्य शेष है। इस कॉरिडोर पर कुल छह इंटरचेंज बनाए जा रहे हैं, जिनमें राजनांदगांव के देवादा, दुर्ग के कोल्हियापुरी, पाटन के फुंडा-देवादा, अभनपुर के कोलार, झांकी और पारागांव शामिल हैं। इन्हीं इंटरचेंज के गेट पर टोल की गणना की जाएगी। वाहन चालकों से एक्सप्रेस-वे पर प्रवेश के समय शुल्क नहीं लिया जाएगा, लेकिन जैसे ही वे कॉरिडोर से बाहर निकलेंगे, फास्टैग के माध्यम से प्रति किलोमीटर के हिसाब से राशि स्वतः कट जाएगी। एनएचएआई 2 हजार करोड़ रुपए की लागत से मुंबई-कोलकाता इकोनॉमिक कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत राजनांदगांव-दुर्ग-रायपुर के बीच यह 92.23 किलोमीटर लंबा सिक्सलेन बायपास बना रहा है। परियोजना का निर्माण दो चरणों में किया जा रहा है। दुर्ग से अभनपुर तक 45 किलोमीटर सड़क का निर्माण एसएमएस प्राइवेट लिमिटेड और मल्होत्रा बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड कर रही हैं, जबकि टेडेसरा से दुर्ग तक 47 किलोमीटर सड़क का निर्माण शिल्के कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के जिम्मे है। यह सिक्सलेन बायपास राजनांदगांव के टेडेसरा गांव से शुरू होकर रायपुर के पारागांव में समाप्त होगा, जहां वाहनों के लिए 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति सीमा निर्धारित रहेगी। परियोजना को अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य परियोजना के लिए राजनांदगांव, दुर्ग और रायपुर जिलों में भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा हो चुका है, हालांकि कुछ भू-स्वामियों को अब तक मुआवजा नहीं मिल पाया है। यह भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया वर्ष 2016 से चल रही है। एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार, पूरे प्रोजेक्ट में छोटे-बड़े मिलाकर कुल 300 पुल-पुलियों का निर्माण किया जाना है, जिनमें से 270 का काम पूरा हो चुका है। शेष 30 पुल-पुलियों के अलावा बिजली खंभों और हाईटेंशन लाइनों की शिफ्टिंग, कुछ हिस्सों में डामरीकरण, सड़कों का निर्माण और इंटरचेंज का कार्य बाकी है। परियोजना को अगस्त 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। माल ढुलाई तेज से हो सकेगीइस बायपास से राज्य के स्टील, सीमेंट और पावर सेक्टर को सीधा लाभ मिलेगा। दुर्ग–भिलाई औद्योगिक क्षेत्र से माल ढुलाई तेज होगी और रायपुर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन तथा बड़े औद्योगिक हब तक पहुंच आसान बनेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे राज्य की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। बायपास के आसपास रहने वाले लोगों को भी इस परियोजना से बेहतर कनेक्टिविटी और जमीन के दाम बढ़ने की उम्मीद है। यह रायपुर-दुर्ग बायपास छत्तीसगढ़ के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट माना जा रहा है। दोनों ओर रहेगी दीवारटेडेसरा से रायपुर तक इकोनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। 60% कार्य पूरा हो चुका है। इस सड़क पर यात्रियों से किमी के हिसाब से टोल वसूला जाएगा। दोनों ओर दीवारें बनाई जाएंगी, ताकि अनधिकृत प्रवेश न हो सके।-दिग्विजय सिंह, प्रोजेक्ट डायरेक्टर
अगले साल तक पूरा हो जाएगा काम:एक ही छत के नीचे मिलेंगे 33 आयोगों के दफ्तर, नवा रायपुर में बन रहा भवन
छत्तीसगढ़ में आयोगों से जुड़ी शिकायतों और प्रशासनिक कार्यों को सरल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) सेक्टर-24 में 1.08 एकड़ भूमि पर 11 मंजिला हाईटेक आयोग भवन का निर्माण कर रहा है। इस भवन में प्रदेश के सभी आयोगों के कार्यालय एक ही छत के नीचे संचालित होंगे। डीवी प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड ने ठेका हासिल किया है। ठेका एजेंसी को दिसंबर 2027 तक निर्माण कार्य पूरा कर भवन एनआरडीए को सौंपना होगा। अधिकारियों के अनुसार प्रत्येक फ्लोर पर दो से तीन आयोगों के कार्यालय होंगे। प्रदेश में वर्तमान में लगभग 33 आयोग कार्यरत हैं, जिनमें से अधिकांश अलग-अलग किराए की इमारतों में संचालित हो रहे हैं। इससे शासन को हर वर्ष करोड़ों रुपए किराया चुकाना पड़ता है। नए भवन से खर्च में बचत होगी। सुविधाएं बढ़ेंगी। काम आसानी से हो सकेगा नया रायपुर के सेक्टर 24 में यह बिल्डिंग आयोग कार्यालय के लिए बनाई जा रही है। एक ही छत के नीचे लोगों का आसानी से काम हो जाएगा।-ओपी चौधरी, आवास-पर्यावरण मंत्री अभी अलग-अलग स्थानों पर दफ्तर होने से लोग हो रहे परेशान वर्तमान में अनुसूचित जाति आयोग, अनुसूचित जनजाति आयोग, पिछड़ा वर्ग आयोग, महिला आयोग, युवा आयोग, वित्त आयोग, योग आयोग, छत्तीसगढ़ नवाचार आयोग, बाल अधिकार संरक्षण आयोग, अल्पसंख्यक आयोग और राज्य गौ सेवा आयोग सहित 12 प्रमुख आयोगों के कार्यालय संचालित हो रहे हैं। अभी तक ये कार्यालय अलग-अलग स्थानों पर संचालित हो रहे हैं, जिससे लोगों को एक आयोग से दूसरे आयोग के कार्यालय जाने में समय लगता है। एक ही छत के नीचे आने से आपसी तालमेल बेहतर होगा और निर्णय प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सकेगी।
करनाल में एक महिला ने अपने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दी है। महिला का कहना है कि उसके साथ लगातार मारपीट की गई, हाथ मरोड़ा गया और पेट्रोल डालकर जलाने की कोशिश भी हुई। उसे घर से बाहर निकाल दिया गया और जान से मारने की धमकी दी गई। महिला का दावा है कि पति ने वर्षों पहले दूसरी शादी कर रखी थी, जिसकी जानकारी उसे नहीं दी गई थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। बीस साल पहले हुई शादी, सास पर गलत व्यवहार और मारपीट के आरोप पीड़िता रोजी की शादी इंद्री के गांव ब्याना में हुई थी। रोजी ने बताया कि उसकी शादी करीब 20 साल पहले ब्याना गांव के भारतभूषण से हुई थी। शादी के बाद से ही सास ममता उसके साथ गलत व्यवहार करती थी। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी। पति अधिकतर बाहर रहते थे और घर के खर्च के लिए भी पंद्रह दिन में सिर्फ 500 रुपये देते थे। महिला का कहना है कि उसे लगातार डराया-धमकाया जाता रहा। पति की पहचान पत्र से सामने आई दूसरी शादी की जानकारी पीड़िता के अनुसार उसे बाद में पता चला कि उसके पति ने करीब 9 साल पहले दूसरी शादी कर ली थी। यह बात उसे तब मालूम हुई जब उसने पति की पहचान से जुड़े दस्तावेज देखे, जिनमें दूसरी शादी की जानकारी सामने आई। महिला ने बताया कि उसके दो बच्चे हैं, एक बेटी 18 साल की और एक बेटा 17 साल का है। बेटे और देवर पर भी मारपीट में शामिल होने का आरोप रोजी का आरोप है कि ससुराल वालों ने उसके बेटे लक्ष्य को भी उसके खिलाफ भड़का रखा है। मारपीट के दौरान बेटे ने भी उसकी बाजू मरोड़ी। इसके अलावा देवर जोगिंद्र ने भी उसके साथ मारपीट की और उसे घर से बाहर निकाल दिया गया। महिला का कहना है कि उसे अपने ही घर में सुरक्षित महसूस नहीं होता था। चार महीने मायके में रहने के बाद लौटने पर फिर निकाला बाहर पीड़िता ने बताया कि वह करीब चार महीने से अपने मायके में रह रही थी। इस दौरान पति उसे लेने तक नहीं आए। बाद में उसने खुद ही ससुराल जाने का फैसला किया और ब्याना गांव पहुंची, जहां उसे धक्के देकर बाहर निकाल दिया गया। इस दौरान सास ममता, देवर जोगिंद्र और बेटे लक्ष्य ने उसके साथ मारपीट की। पेट्रोल डालकर जलाने की कोशिश और जान का खतरा बताया महिला का कहना है कि मारपीट के दौरान उस पर पेट्रोल भी छिड़का गया और उसे जलाने का प्रयास किया गया। उसने साफ कहा कि उसे ससुराल पक्ष से जान का खतरा है और उसे सुरक्षा की जरूरत है। पहले इंद्री, अब रामनगर थाने में शिकायत, जांच शुरू रोजी ने बताया कि उसने पहले इंद्री पुलिस को शिकायत दी थी, लेकिन वहां कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने करनाल के रामनगर थाना में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रोवर–रेंजर जंबूरी में गड़बड़ी:5 करोड़ के काम में 2 करोड़ सिर्फ टॉयलेट पर खर्च
बालोद जिले के ग्राम दुधली में आयोजित राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोपों में घिर गई है। आयोजन से जुड़े टेंट, भोजन, टॉयलेट, बिजली, फोटोग्राफी और अन्य व्यवस्थाओं के लिए टेंडर 5 जनवरी 2026 को खोला गया, लेकिन जिस अमर भारत किराया भंडार रायपुर को यह काम मिला उसने एक महीने पहले से ही आयोजन स्थल पर काम शुरू कर दिया था। जसपाल को इसका टेंडर मिला है जो सत्ताधारी दल के एक प्रभावशाली नेता के करीबी बताए जा रहे हैं। सबसे खास बात ये है कि लगभग 6 करोड़ के काम में 2 करोड़ सिर्फ अस्थायी टॉयलेट बनाने पर खर्च किए गए हैं। भास्कर की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध तस्वीरों और वीडियो से साफ है कि दिसंबर 2025 से ही टेंट, अस्थायी टॉयलेट, मंच और अन्य संरचना बनाने का काम शुरू हो गया था। जबकि आधिकारिक रूप से उसी फर्म को 5 जनवरी को वर्क ऑर्डर जारी हुआ। इससे यह समझा जा सकता है कि टेंडर प्रक्रिया केवल औपचारिकता थी और ठेका पहले से हो चुका था। अस्थाई टायलेट पर दो करोड़ के टायलेट बनाए गए :इसी तरह टेंडर दस्तावेजों में दर्शाई गई दरें भी चौंकाने वाली हैं। एक सामान्य टॉयलेट का रेट 22 हजार रुपए रखा गया है और ऐसे 400 टॉयलेट बनाए गए हैं, यानी केवल इस मद में करीब 88 लाख रुपए का खर्च हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी राशि में स्थायी आरसीसी टॉयलेट बनाए जा सकते हैं, न कि अस्थायी ढांचे। इसके अलावा वीआईपी और वीवीआईपी टॉयलेट, यूरिनल और वॉशरूम मिलाकर यह खर्च दो करोड़ रुपए से अधिक पहुंचता है। यही नहीं, वीआईपी कुर्सियां, डिनर टेबल, टेंट, चेयर कवर और वॉशबेसिन जैसी मदों में भी बाजार भाव से कई गुना ज्यादा दरें तय की गई हैं। 340 टेंट के लिए 19 हजार रुपए प्रति टेंट और 100 वीआईपी डिनर टेबल के लिए 12,500 रुपए प्रति टेबल जैसी दरें टेंडर में दर्ज हैं। बिना विधिवत टेंडर खुले निर्माण कार्य दरअसल बृजमोहन अग्रवाल ने टेंडर को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद इस आयोजन को स्थगित करने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि 10 करोड़ रुपये की राशि सीधे जिला शिक्षा अधिकारी, बालोद के खाते में स्थानांतरित किया गया, जो संस्था की स्वायत्तता और वित्तीय नियमों का उल्लंघन है। इसी तरह बिना विधिवत टेंडर खुले निर्माण कार्य शुरू करने की बात भी उन्होंने कही थी।
25 करोड़ से अधिक की योजना की सीएमओ करेगा मॉनिटरिंग
प्रदेश में 25 करोड़ रुपए से अधिक लागत की हर योजना की मुख्यमंत्री कार्यालय से ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी। इसके लिए ई-प्रगति पोर्टल बनाया गया है। इसके जरिए किसी भी बड़े निर्माण कार्य में मंजूरी से लेकर मजदूरी भुगतान और प्रगति रिपोर्ट तक हर चरण पर नजर रखी जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विभागों के सचिवों और सभी कलेक्टरों समेत तमाम अधिकारियों को योजनाओं की रिपोर्ट नियमित रूप से अपडेट करने के आदेश दिए। नवा रायपुर में आयोजित मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह में साय कहा कि गुड गवर्नेस कागजों में नहीं, लोगों के जीवन में बदलाव और अफसरों के काम में दिखना चाहिए। समाज के अंतिम व्यक्ति को बुनियादी सेवाओं के लिए भटकना न पड़े, यही इसका उद्देश्य है। कार्यक्रम में मुख्य सचिव विकास शील, डीजीपी अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, एससीएस गृह मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव निहारिका बारिक, सुशासन व अभिसरण सचिव राहुल भगत व संचालक रजत बंसल भी मौजूद थे। पुरस्कृत विभागों में यह नवाचार शिक्षा : विद्या समीक्षा केंद्र से 56,000 स्कूल, 2.83 लाख शिक्षकों और 57.5 लाख छात्रों की निगरानी हो रही। { वाणिज्य व उद्योग : वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम से 136 सेवाओं की शिकायत निवारण और निरीक्षण। { वाणिज्य कर (आबकारी) : समग्र ई-गवर्नेंस से एंड-टू-एंड डिजिटलीकरण। ₹5425 करोड़ का राजस्व संग्रह। वन व जलवायु परिवर्तन : ई-कुबेर डिजिटल प्रणाली से नक्सल क्षेत्र में ₹1776 करोड़ के 18 लाख कैशलेस लेन-देन। {पंचायत व ग्रामीण विकास: मनरेगा में QR कोड आधारित प्रणाली से योजना की जानकारी आसान। मध्यस्थ खत्म। जिला श्रेणी के विजेता दंतेवाड़ा: ब्लॉकचेन आधारित भूमि अभिलेख डिजिटलीकरण से मैनुअल प्रक्रिया खत्म कर छेड़छाड़-रोधी प्रणाली लागू की। { जशपुर: निर्माण जशपुर पहल से 7300 परियोजनाओं व 444 ग्राम पंचायतों में जियो-टैगिंग व रियल-टाइम निगरानी संभव। मोहला मानपुर-अंबागढ़ चौकी: संवर्धित टेक-होम राशन से कुपोषण का समाधान। जहां 77.5% बच्चों की स्थिति में सुधार। { गरियाबंद: हाथी ट्रैकिंग व अलर्ट ऐप ने मानव-वन्यजीव संघर्ष कम किया। फसल क्षति कम हुई। अन्य राज्यों ने भी अपनाया। { नारायणपुर: इंटिफाई इंटेलिजेंस टूल ने रियल-टाइम और पूर्वानुमान आधारित डेटा एकीकरण से 100 अभियानों का संचालन।
हरियाणा के फतेहाबाद जिले के गांव भूथन कलां के निवासी अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग तैराक सुरेंद्र ढाका अब सात समुद्रों को नापने की तैयारी में हैं। इसकी शुरुआत उन्होंने अरब सागर से कर दी है। अगला लक्ष्य श्रीलंका में जाकर रामसेतु को तैर कर पार करना है। यह लंबाई करीब 33 किलोमीटर की होगी। बता दें कि, दोनों पैरों से दिव्यांग सुरेंद्र ढाका पिछले 12 सालों से तैराकी कर रहे हैं। दो दिन पहले ही उन्होंने महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में जाकर अरब सागर में 36 किलोमीटर की चैनल स्विम 9 घंटे 40 मिनट में पार कर गोल्ड मेडल जीता है। यह स्विमिंग अरब सागर में धरमतर जेट्टी से गेटवे ऑफ इंडिया तक की गई। इसी से उत्साहित सुरेंद्र अब रामसेतु पार करना चाह रहे हैं। 14 देशों में कर चुके हैं स्विमिंग सुरेंद्र ढाका 14 देशों में स्विमिंग कर चुके हैं। इनमें जापान, उज्बेकिस्तान, जर्मनी, रूस और यूएई आदि शामिल हैं। वह नेशनल लेवल पर अब तक 25 से ज्यादा मेडल जीत चुके हैं। जापान व उज्बेकिस्तान में हुई एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता। साल 2023 में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में चौथे नंबर पर रहे। 2014 में रुस में वर्ल्ड कप में तीसरा स्थान प्राप्त किया। दुबई में बोट रेस में भी मेडल जीते थे। जानिए... सुरेंद्र ढाका का सफर ये भी हैं उपलब्धियां साल 2015 में मधुबन में हुई हरियाणा स्टेट पैरा स्विमिंग चैंपियनशिप में तीन गोल्ड जीते। इसके बाद साल 2016 में फरीदाबाद में हुई हरियाणा स्टेट पैरा स्विमिंग चैंपियनशिप में तीन गोल्ड, साल 2017 और साल 2018 में भी मधुबन में हुई हरियाणा स्टेट पैरा स्विमिंग चैंपियनशिप में तीन गोल्ड जीते। गोवा में भी जीती पांच किलोमीटर की रेस सुरेंद्र ढाका ने गोवा की कोलवा बीच पर हुई इंडियाज प्रीमियर ओपन वाटर स्विमिंग चैंपियनशिप के दौरान पांच किलोमीटर की तैराकी प्रतियोगिता जीती थी। इसके अतिरिक्त गुजरात के पोरबंदर में हुए दो किलोमीटर के स्विमेथिऑन को भी जीता।
हरियाणा में सर्दी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, रविवार को राज्य के ज्यादातर जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। सुबह और देर रात के समय दृश्यता बेहद कम रह सकती है। कई इलाकों में कोल्ड-डे जैसी स्थिति बनने का भी अनुमान है। 10 जनवरी की तुलना में न्यूनतम तापमान में औसतन 0.9 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि अधिकतम तापमान अब भी सामान्य से नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज (रविवार को) अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत और यमुनानगर में सुबह घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। वहीं, रोहतक, झज्जर, जींद, हिसार और भिवानी में भी हल्का कोहरे का असर दिखेगा। दक्षिणी हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, पलवल और मेवात में कोहरे के साथ ठंड का असर ज्यादा रहेगा। वाहन चालकों को खासतौर पर हाईवे पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हरियाणा के प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान आने वाले 3 दिनों में कैसा रहेगा मौसम का हाल 12 जनवरी: आने वाले दिनों की बात करें तो 12 जनवरी को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में कोहरा बना रहेगा। 13 जनवरी: दक्षिणी हरियाणा के कुछ जिलों में मौसम में हल्का सुधार देखने को मिल सकता है, जबकि उत्तर और मध्य जिलों में कोहरा जारी रहेगा। 14 जनवरी: 14 जनवरी को भी यही स्थिति बनी रहने के आसार हैं और अधिकतर जिलों में सुबह के समय दृश्यता कम रह सकती है। प्रदेश में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट... महेंद्रगढ़ में 1.6 डिग्री तापमान : न्यूनतम तापमान के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में सबसे ठंडा जिला महेंद्रगढ़ रहा, जहां न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिसार में 4 डिग्री, करनाल में 4.4 डिग्री और रोहतक में 5 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा। गुरुग्राम में रात का पारा 1.8 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि नूंह में न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। नारनौल में 7 डिग्री तक गिरा पारा : अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन यह अभी भी सामान्य से नीचे बना हुआ है। नारनौल में अधिकतम तापमान सामान्य से 7 डिग्री नीचे 13 डिग्री दर्ज किया गया है। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान पलवल में 21.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अंबाला में दिन का पारा 17 डिग्री, हिसार में 14.5 डिग्री और करनाल में 16.6 डिग्री रहा। गुरुग्राम में अधिकतम तापमान 17.9 डिग्री और फरीदाबाद में 21.5 डिग्री दर्ज किया गया।
कैथल शहर के सेक्टर 18 व 21 में सड़कों को बनाने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से करीब एक माह पहले काम को स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन सड़कों को बनाने का कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। इन दोनों सेक्टरों में करीब 6 करोड़ रुपए की लागत से सड़कों को बनाया जाना है। इन पर ब्लॉक लगाए जाने हैं। काम शुरू न होने के कारण सेक्टर में रहने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सेक्टरवासी जल्द से जल्द काम शुरू करवाने और नई सड़क बनाने की मांग कर रहे हैं। हर समय सड़कों पर धूल उड़ रही सेक्टर 18 निवासी प्रधान बलबीर सिंह, विजेंद्र मोर, बलवंत चहल, सुनील कुमार, नरेश व 21 के रहने वाले संदीप और विनोद ने बताया कि सेक्टर में सड़कों की हालत खराब हो चुकी है। बड़े बड़े गड्ढे हो गए हैं। हर समय सड़कों पर धूल उड़ती रहती है। दोपहिया वाहन चलाने वाले इन पर गिरकर चोटिल हो रहे हैं, लेकिन काम शुरू नहीं किया जा रहा। निर्माण को मिल चुकी अप्रूवल हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से इन्हें नए सिरे से बनाया जाना है। इस संबंध में वे कई बार अधिकारियों से मिल चुके हैं। काफी मशक्कत के बाद तो सड़कों को बनाने के लिए बजट आया और उसे अप्रूव किया गया, लेकिन अब सारा कुछ होने के बावजूद काम शुरू नहीं हो रहा है। सड़कों पर बने गड्ढे और उनमें फैली कंकरीट दो पहिया वाहन चलाने वाले लोगों के लिए परेशानी बनी हुई है। उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द सड़कों को नए सिरे से बनाया जाए ताकि सेक्टर वासियों को राहत मिल सके। इस संबंध में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के एक्सईएन धर्मवीर सिंह ने बताया कि सेक्टर 21 में इस समय बरसाती पानी निकासी के लिए नाले बनाए जा रहे हैं, जिस कारण वहां पर काम शुरू नहीं हो पाया। वहीं सेक्टर 18 में जल्द से जल्द काम शुरू कर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोनों सेक्टर में अगले सप्ताह काम शुरू होने की पूरी उम्मीद है। सेक्टर वासियों को जल्द समस्या से निजात दिलाई जाएगी।
उत्पाद विभाग की टीम ने 7.095 लीटर विदेशी शराब व 7.850 लीटर बियर और महुआ चुलाई शराब बरामद की
भास्कर न्यूज|गुमला अधीक्षक उत्पाद के निर्देश पर गुमला थाना अंतर्गत मुरकुण्डा ग्राम में अवैध शराब के विरुद्ध विशेष तलाशी अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई स्थानीय थाना बल के सहयोग से की गई। अभियान का नेतृत्व अवर निरीक्षक प्रदीप करमाली ने किया, जिसमें उत्पाद चलित दस्ते की महत्वपूर्ण भूमिका रही। तलाशी अभियान के दौरान गांव के विभिन्न ठिकानों पर सघन जांच की गई। इस क्रम में अवैध रूप से संग्रहित व बिक्री के िलए रखी गई शराब की बरामदगी की गई। उत्पाद विभाग की टीम ने मौके से लगभग 7.095 लीटर विदेशी शराब व 7.850 लीटर बियर व 7 लीटर अवैध महुआ चुलाई शराब बरामद की। बरामदगी के उपरांत संबंधित अभियुक्तों के विरुद्ध उत्पाद अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। नियमानुसार अभियुक्तों से सांकेतिक जुर्माना वसूलते हुए आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कर बंध पत्र भरवाया गया। जिसके बाद उन्हें छोड़ा गया। उत्पाद विभाग ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की गई है और इसका उद्देश्य अवैध शराब कारोबार पर अंकुश लगाना है। उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अवैध शराब न केवल राजस्व को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि लोक स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करती है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिले में लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। विभाग ने यह भी कहा कि भविष्य में इस प्रकार की विभागीय तलाशी व कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उत्पाद विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे अवैध शराब के निर्माण, भंडारण अथवा बिक्री से जुड़ी किसी भी सूचना को प्रशासन तक पहुंचाएं, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
बकरी चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार 2 आरोपी भेजे गए गुमला जेल
कामडारा|बकरी चोरी करने के आरोप मे कुरकुरा पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर गुमला जेल भेजा। जबकि एक 16 वर्षीय नाबालिग को बाल सुधार गृह गुमला भेजा गया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक कामडारा प्रखंड के कुरकुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत गांव बेतेरकेरा से गत 8 जनवरी को दो बकरी चोरी हुई थी। जिसमें ग्रामीण उदय सुरीन का एक बकरी और उसके भाई का एक बकरी शामिल था। थाने में दिए गए आवेदन पर ग्रामीण उदय सुरीन ने बताया कि शाम के वक्त उसे खबर मिली कि बसिया पुलिस ने दो बकरी के साथ कुल 3 लोगों को पकड़ा है। इसी सूचना पर उसने सत्यापन के लिए बसिया जाकर देखा तो वह दोनों बकरी उन्हीं लोगों का था। इसके बाद उसने कुरकुरा थाना मे जाकर आरोपी नीतेश कुमार साहु, उम्र 20 वर्ष (पिता बनु साहू, प्रवीण कच्छप, उम्र 20 वर्ष (पिता सागर कच्छप) दोनों ग्राम पतुरा, थाना बसिया निवासी और एक 16 वर्षीय नाबालिग के विरुद्ध मामला दर्ज करा दिया।
पेसा कानून की खुलकर की तारीफ, तो राम के नाम वाली योजना पर भड़के बंधु तिर्की
भास्कर न्यूज|गुमला कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष और गुमला जिला प्रभारी बंधु तिर्की गुमला में अलग तेवर में दिखे। राज्य सरकार द्वारा पेसा कानून नियमावली लागू करने की खूब सराहना की और इस कानून का विरोध करने वाले अपने ही पार्टी के विधायक डॉक्टर रामेश्वर उरांव की भी आलोचना की, तो केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर वीबी-जी-राम जी करने पर भड़कते दिखे। राष्ट्रव्यापी मनरेगा बचाओ अभियान के तहत शनिवार को सर्किट हाउस में वे पत्रकारों से बात कर रहे थे। इस क्रम में कहा कि मनरेगा में प्रस्तावित बदलाव किसी भी तरह से योजना में सुधार नहीं हैं। बल्कि यह ग्रामीण भारत से काम, सम्मान और पंचायतों के अधिकार छीनने की साजिश है। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा में अपने हिस्से की फंडिंग में करीब 30 प्रतिशत तक कटौती कर रही है। नाम बदलना गांधी का अपमान और किसानों-मजदूरों के साथ अपराध है। चूंकि यूपीए की सरकार ने मनरेगा कानून लाया था। जिसे एनडीए की सरकार ने योजना में तब्दील कर दिया। तिर्की ने कहा कि सरकार ने पेसा कानून की नियमावली लागू की है। जिससे ग्राम सभाओं को जल, जंगल और जमीन जैसे स्थानीय संसाधनों पर स्वशासन के अधिकार मिल गए हैं। मौके पर जिलाध्यक्ष सह सांसद प्रतिनिधि राजनील तिग्गा, गुलाम सरवर, आजाद अंसारी, जय सिंह, फिरोज आलम व रूपेश सन्नी थे। बंधु तिर्की ने कहा कि केंद्र सरकार ने जिस प्रकार दो करोड़ नौकरी और 15 लाख रुपए देने का झूठा वादा किया था। उसी प्रकार वीबी-जी-राम जी के तहत द्वारा 125 दिन रोजगार देने का दावा भ्रामक है। आरोप लगाया कि गांवों में बनने वाली परिसंपत्तियां जैसे तालाब, सड़क और मिट्टी-पार्न के स्थानीय कार्यों की जगह अब ठेकेदार आधारित और बड़ी परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिससे स्थानीय रोजगार खत्म होगा। पंचायतों की भूमिका भी केवल कार्यान्वयन एजेंसी तक सीमित कर दी जाएगी और निर्णय का अधिकार दिल्ली के हाथ में चला जाएगा। बंधु तिर्की ने कहा कि इन बदलावों से बेरोजगारी बढ़ेगी, बंधुआ मजदूरी और पलायन को बढ़ावा मिलेगा। महिलाओं की भागीदारी घटेगी और दलित-आदिवासी परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। स्थानीय आजीविका पर संकट खड़ा हो जाएगा। बीजेपी षडयंत्रकारणी पार्टी है। कांग्रेस खुलकर इसका विरोध करती रहेगी। बंधु तिर्की को असम का सीनियर ऑब्जर्बर नियुक्त किया गया है। इसे लेकर जिलाध्यक्ष राजनील तिग्गा के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने बुके देकर उन्हें बधाई दी और आशा जताई कि निश्चित तिर्की अपने दायित्व को बेहतर निभाएंगे। इससे पार्टी को मजबूती मिलेगी।
सांसद की दी गई एम्बुलेंस जरूरतमंदों के लिए बड़ी सौगात : आशिक
गुमला|सांसद सुखदेव भगत ने अपने चुनावी वादे को पूरा करते हुए अंजुमन इस्लामियां गुमला को सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से एक एम्बुलेंस उपलब्ध कराई। सांसद स्वयं थाना रोड स्थित अंजुमन इस्लामियां के कार्यालय पहुंचे और अंजुमन के सदर को एम्बुलेंस की चाबी सौंपी। इस अवसर पर अंजुमन कार्यालय में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। अंजुमन इस्लामियां गुमला के प्रवक्ता आशिक अंसारी ने बयान जारी करते हुए कहा कि सांसद सुखदेव भगत द्वारा दी गई यह एम्बुलेंस गरीब, बेसहारा और जरूरतमंद लोगों के लिए बड़ी सौगात है। उन्होंने कहा कि इस एम्बुलेंस के माध्यम से बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग को आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
कोलेंग पंचायत भवन में मुखिया ने जरूरतमंद लोगों को बांटा कंबल
गुमला|कोलेंग पंचायत के पंचायत भवन के सभागार में बढ़ते ठंड के प्रकोप को देखते हुए जरूरतमंद 160 ग्रामीणों के बीच कंबल का वितरण पंचायत की मुखिया सुषमा केरकेट्टा व उपप्रमुख सिकंदर सिंह ने किया। मौके पर सुषमा केरकेट्टा ने कहा कि ठंड को देखते हुए झारखंड सरकार ने हर पंचायत में कंबल का व्यवस्था करायी है, सरकार का उद्देश्य है कि सरकार लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसी उद्देश्य से आज कंबल का वितरण तक किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि जरूरत पड़ने पर और भी कंबल की व्यवस्था करायी जाएगी। वही कंबल पाकर ग्रामीण हर्षित हो उठे। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि ठंड को देखते हुए सरकार हमारे लिए भी चिंतित है, ये खुशी की बात है। मौके पर पंचायत सचिव बिरसा सोरेंग, पंसस महेन्द्र नगेशिया, दीपिका कुमारी, आनंद सिंह, पूनम केरकेट्टा ,उपमुखिया कैटरीना सोरेंग, गोपीन देवी, सुकरा भगत, आरती कुमारी, शिवरत साहु, फोले खड़िया,बिनीता कुमारी, सुमरीता देवी समेत कई लोग मौजूद थे।
कॅरियर काउंसिलिंग कार्यक्रम में छात्रों को मिला भविष्य का मार्गदर्शन
लोहरदगा|लोहरदगा, भंडरा प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मसमानो में विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को दिशा देने के उद्देश्य से कैरियर काउंसिलिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन पंचायत स्तर पर किया गया, जिसमें भंडरा प्रखंड की प्रभारी कार्यक्रम पदाधिकारी वीणा कुमारी ने बतौर मुख्य वक्ता छात्रों का मार्गदर्शन किया। कॅरियर काउंसिलिंग सत्र में कक्षा 9, 10, 11, 12 के अलावा स्नातक स्तर के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को शिक्षा के विभिन्न विकल्पों, विषय चयन, उच्च शिक्षा, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों, प्रतियोगी परीक्षाओं तथा रोजगार से जुड़ी संभावनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। भंडरा प्रखंड की प्रभारी कल्याण पदाधिकारी वीणा कुमारी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में सही जानकारी व मार्गदर्शन के अभाव में कई प्रतिभाशाली विद्यार्थी अपने लक्ष्य से भटक जाते हैं। ऐसे में कैरियर काउंसिलिंग जैसे कार्यक्रम छात्रों के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रुचि, क्षमता और योग्यता के अनुसार करियर का चयन करने की सलाह दी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, समय प्रबंधन, अनुशासन और निरंतर अभ्यास पर विशेष जोर दिया। छात्रों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने व लक्ष्य निर्धारित कर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अपने करियर से जुड़े सवाल पूछे, जिनका समाधान वीणा कुमारी द्वारा सरल और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से किया गया। कार्यक्रम के अंत में पंचायत प्रतिनिधियों ने ऐसे कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करने की मांग की।
राज्यकीय मेले को सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित करने का निर्णय
डुमरी| ककड़ोलता आदिवासी धार्मिक स्थल पर 23 जनवरी को आयोजित होने वाले राज्यकीय मेले की तैयारियों को लेकर शनिवार को टांगरडीह ग्राम स्थित झखरकुंबा भवन परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ अगुवा जगरनाथ भगत ने की। बैठक में मुख्य रूप से मोहरलाल उरांव ने आगामी राज्यकीय मेले के कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ककड़ोलता आदिवासी धार्मिक स्थल पर लगने वाला यह राज्यकीय मेला हम सभी आदिवासियों के लिए गौरव और आस्था का विषय है। इस वर्ष मेले को पहले से अधिक भव्य और सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए धार्मिक स्थल की विशेष सजावट, साफ-सफाई एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मोहरलाल उरांव ने आगे बताया कि इस राज्यकीय मेले की सफलता में प्रखंड क्षेत्र के सभी गांवों की अहम भूमिका होगी। मेले में आने वाले अतिथियों और श्रद्धालुओं के स्वागत की जिम्मेदारी अलग-अलग गांवों को सौंपी जाएगी, ताकि सभी लोग इस आयोजन से जुड़ सकें और सामूहिक भागीदारी सुनिश्चित हो सके। बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से यह भरोसा दिलाया कि उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, उसका वे पूरी निष्ठा और उत्साह के साथ निर्वहन करेंगे। साथ ही 23 जनवरी को आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी भी साझा की गई, जिसमें धार्मिक अनुष्ठान, पारंपरिक पूजा-पाठ, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य आयोजन शामिल हैं।
ठंड से किसी को परेशानी न हो, यही एकमात्र उद्देश्य : ऐनूल अंसारी
कुडू|लोहरदगा जिला इन दिनों लगातार शीतलहर और कड़ाके की ठंड की चपेट में है। ऐसे में आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है, खासकर गरीब, वृद्ध और असहाय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी को देखते हुए कुडू प्रखंड के उप प्रमुख सह कांग्रेसी नेता ऐनूल अंसारी ने पहल करते हुए कुडू प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत चिरी में दर्जनों जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण किया। कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान ऐनुल अंसारी ने कहा कि ठंड से किसी भी वृद्ध, असहाय व जरूरतमंद व्यक्ति को परेशानी न हो, यही उनका एकमात्र उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि जनता ने जिस भरोसे और विश्वास के साथ उन्हें जिम्मेदारी सौंपी है, उस पर वे हमेशा सौ प्रतिशत खरा उतरने का प्रयास करते रहेंगे। कहा कि आगे भी जनहित से जुड़े ऐसे कार्य लगातार किए जाएंगे, ताकि कुड़ू प्रखंड क्षेत्र की आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी से जूझना न पड़े। उन्होंने जनता से अपील की कि समाज के सक्षम लोग भी आगे आकर जरूरतमंदों की मदद करें, जिससे मानवता की भावना और मजबूत हो सके।
उमवि को उच्च विद्यालय में पदोन्नत करंे, सभापति ने डीईओ को लिखा पत्र
भास्कर न्यूज|गुमला झारखंड विधानसभा की शून्यकाल समिति के सभापति भूषण तिर्की ने गुमला नगर क्षेत्र स्थित उर्दू मध्य विद्यालय को उच्च विद्यालय में उन्नयन (अपग्रेड) किए जाने की मांग को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी, गुमला को पत्र लिखा है। पत्र दिनांक 6 जनवरी 2026 का है।अपने पत्र में भूषण तिर्की ने उल्लेख किया है कि गुमला नगरपालिका क्षेत्र में उर्दू माध्यम का यह एकमात्र मध्य विद्यालय है, जबकि नगर क्षेत्र में मुस्लिम आबादी की संख्या काफी अधिक है। यह विद्यालय थाना रोड, गुमला में अवस्थित है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में यहां अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को आठवीं कक्षा के बाद आगे की पढ़ाई के लिए अन्य विद्यालयों में नामांकन लेना पड़ता है, जहां भाषा अंतर के कारण उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसका सीधा असर विद्यार्थियों की शिक्षा पर पड़ रहा है। भूषण तिर्की ने पत्र में यह भी बताया कि उर्दू मध्य विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र शिक्षा के प्रति जागरूक हैं और पठन-पाठन के पथ पर अग्रसर हैं। विद्यालय के उच्च विद्यालय में उन्नयन के लिए आवश्यक सभी अर्हताएं वर्तमान में पूरी होती प्रतीत हो रही हैं। विद्यालय भवन अंजुमन इस्लामिया की जमीन पर बना है और समाज के ओहदेदारों के पास अतिरिक्त भूमि भी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि अंजुमन इस्लामिया के अध्यक्ष (सदर) और सचिव विद्यालय भवन निर्माण के लिए शेष जमीन देने को तैयार हैं, जिसका आवेदन भी पत्र के साथ संलग्न किया गया है। ऐसे में उर्दू मध्य विद्यालय को शीघ्र उच्च विद्यालय में उन्नत करना अत्यंत आवश्यक है।भूषण तिर्की ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से इस दिशा में त्वरित और सकारात्मक कार्रवाई करने की बात कही है।
चेंबर के पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण आज, लोहानी होंगे अध्यक्ष
भास्कर न्यूज|गुमला गुमला चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह आज टाउन हॉल में शाम के 6:30 बजे आयोजित की जाएगी। इस समारोह के साथ ही चेंबर के नए सत्र का विधिवत आगाज होगा। गुमला चेंबर ऑफ कॉमर्स का चुनाव बीते 2 बार की तरह इस बार भी नहीं हुआ। सर्वसम्मति से टीम लीडर राजेश लोहानी अध्यक्ष निर्वाचित हुए है। उन्होंने मुख्य चुनाव पदाधिकारी अमित माहेश्वरी द्वारा निर्धारित समयावधि में अपने पदाधिकारियों की सूची सौंप दी है। जिसे गुप्त रखा गया है। अब रविवार को शपथ ग्रहण सह प्रमाण-पत्र वितरण समारोह के दौरान स्पष्ट होगा कि इस बार चेंबर में किसे कौन सा दायित्व सौंपा गया है। हालांकि अध्यक्ष द्वारा चयनित पदाधिकारियों में कौन शामिल है और किसे क्या जिम्मेवारी मिली है। यह जानने के लिए चेंबर से जुड़े लोग बेताब है। इसे लेकर चेंबर के अंदरखाने में हलचल मची हुई है। लेकिन स्पष्ट पदाधिकारियों के बारे किसी को जानकारी नहीं है। चुनाव पदाधिकारी अमित माहेश्वरी ने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए व्यापारियों को निमंत्रण कार्ड दिया गया है। इस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रकाशचंद्र गुग्गी मौजूद रहेंगे। राजेश लोहानी को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया है। व्यापारिक हितों के लिए सदैव तत्पर रहने वाले राजेश के अध्यक्ष बनने से स्थानीय व्यापारियों में हर्ष का माहौल है। पदभार संभालने से पूर्व उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता गुमला में व्यापारिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और जिला प्रशासन के साथ समन्वय बिठाकर व्यापारियों की समस्याओं का समाधान करना है। सबसे बड़ी चर्चा युवा बबलू वर्मा की हो रही है। जो संभवत: तीसरी बार सचिव पद के लिए चुने जा सकते हैं। ऐसा हुआ, तो चेंबर के इतिहास में लगातार तीसरी बार सचिव बनना उनकी कार्यकुशलता और व्यापारियों के बीच उनकी गहरी पैठ को दर्शाता है। इसके अलावे पदाधिकारियों की सूची में अभिजीत जायसवाल, मुन्नीलाल साहू, राहुल केशरी, प्रणय साहू व अजय कुमार के शामिल होने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि इस बार सह सचिव पद पर दो लोग काबिज होंगे।
झामुमो जिलाध्यक्ष ने किया जरूरतमंदों के बीच बांटा कंबल
गुमला|लायंस क्लब गुमला के द्वारा मलीन बस्तियों के गरीब महिला और पुरुष को पंचायत भवन ग्राम करौंदी में 100 पीस कंबल का वितरण किया गया। अध्यक्ष मुरली मनोहर प्रसाद ने कहा कि क्लब लगातार सेवा भावना से आप सबों की सेवा करता रहा है। जब भी ठंड पड़ती है, तो लायंस क्लब आपके दरवाजे में पहुंचकर गरीब से गरीब ग्रामीणों के बीच कंबल उपलब्ध कराता है। आने वाले दिन में भी कंबल का वितरण होता रहेगा। आप सभी से हम लोग उम्मीद करते हैं और दूसरे किसी को भी कंबल नहीं देंगे और आप अपने पास ही रखेंगे। रीजन चेयरपर्सन अशोक कुमार जायसवाल ने कहा कि लायंस क्लब प्रत्येक वर्ष ठंड जब बढ़ती है असहनीय हो जाती है और महिलाओं पुरुषों को जब असहज महसूस होने लगता है तो लोगों के बीच में गर्म कपड़ों और कंबल का वितरण करता है। शंकर लाल जाजोदिया ने कहा कि क्लब द्वारा मोतियाबिंद के लिए भी प्रत्येक मंगलवार को जांच होती है। कुडू/लोहरदगा|जिले में लगातार ठंड में हो रही वृद्धि से गरीब तबका के लोगों को बड़ी चुनौतियों से गुजरना पड़ रहा है। यहां पर कनकनी और हाड़ कंपा देने वाली ठंड से निचले स्तर पर जीवन यापन करने वाले असहाय और गरीब परिवार वालों के बीच कंबल वितरण कर झामुमो जिलाध्यक्ष मोजम्मिल अहमद ने लोगों के मायूस चेहरे पर खुशियां बिखरने का कार्य किया। इसे लेकर गरीब और असहाय व वृध्दजनों ने झामुमो जिलाध्यक्ष मोजम्मिल अहमद का आभार जताया है। झामुमो जिलाध्यक्ष मोजम्मिल अहमद लगातार जिले वासियों को ठंड से निजात दिलाने के िलए कंबल वितरण कर राहत पहुंचाने में प्रति दिन जुटे हुए हैं। राज्य सरकार के निर्देशानुसार झामुमो जिलाध्यक्ष मोजम्मिल अहमद की ओर से कंबल वितरण कर जिले में लगातार कड़ाके की ठंड और शीतलहर की मार झेल रहे लोगों को राहत पहुंचाने में काफी अहम भूमिका निभाई जा रही है। इधर जिले के कुडू प्रखंड अंतर्गत चेटर गांव के वृध्दजनों और असहायों के बीच झामुमो जिलाध्यक्ष मोजम्मिल अहमद द्वारा कंबल वितरित की गई। इस बीच कंबल वितरण कार्यक्रम में झारखंड मुक्ति मोर्चा के उपरांत जिला अध्यक्ष मोजम्मिल अहमद ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए, कंबलों का बढ़ते ठंड और शीतलहरी को ध्यान में रखते हुए वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा एकमात्र उद्देश्य है कि ठंड के कारण गरीब असहाय और वृध्दजनों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो इसे लेकर लगातार कंबल वितरण कर राहत पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, जो आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
बिना वाइब्रेटर के पिलर ढलाई के कारण नदी पर बन रहे पुल का काम बंद कराया
भास्कर न्यूज|गुमला चैनपुर प्रखंड मुख्यालय से 35 किमी दूर जनावल पंचायत के राजा डेरा गांव में शंख नदी पर बन रहे पुल निर्माण में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है। लगभग 4.5 करोड़ रुपए की लागत से बन रही इस महत्वकांक्षी योजना में संवेदक द्वारा गुणवत्ता को ताक पर रखकर काम किया जा रहा था। ग्रामीणों की शिकायत पर गुमला विधायक भूषण तिर्की के निर्देश के बाद झामुमो कार्यकर्ताओं ने निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। मिली जानकारी के अनुसार शंख नदी पर पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। इसकी गुणवत्ता को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने विधायक भूषण तिर्की से शिकायत की थी। विधायक के निर्देश पर शुक्रवार को जमीनी हकीकत परखने के लिए झामुमो केंद्रीय समिति के सदस्य सुशील दीपक मिंज और झामुमो कार्यकर्ता सह बेंदोरा पंचायत के मुखिया दीपक खलखो स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि पुल के पिलर की ढलाई बिना वाइब्रेटर चलाए ही नहीं जा रही थी जो निर्माण के तकनीकी मानकों का खुला उल्लंघन है। जब निरीक्षण टीम ने मौके पर मौजूद मुंशी सोनू कुमार से इस बाबत सवाल किया तो उसने बेतुका तर्क देते हुए कहा कि वाइब्रेटर खराब हो गया है व उसे बनने के लिए भेजा गया है इसलिए इसके बिना ही ढलाई की जा रही है। कार्यकर्ताओं द्वारा वस्तुस्थिति की जानकारी मिलते ही विधायक भूषण तिर्की ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संवेदक को काम रोकने का आदेश दिया। विधायक भूषण तिर्की ने कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र में चल रही किसी भी विकास योजना में भ्रष्टाचार और गुणवत्ता से समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भ्रष्टाचार के कारण ही सरकारी राशि की बंदरबांट होती है और करोड़ों की लागत से बनी योजनाएं समय से पहले ही धराशाई हो जाती हैं। गुणवत्ता सुनिश्चित होने के बाद ही काम आगे बढ़ेगा। इस पुल के निर्माण से राजाडेरा, नवाटोली, छिछवानी, नवगई, सिरसी, पुटरूंगी, अकासी और पकरी टोली सहित कई गांवों की तकदीर बदलने वाली है। ग्रामीण तरबेला लकड़ा, निर्मला उरांव, राजेंद्र उरांव, शोभा चोराठ और प्रतिमा एक्का ने बताया कि वे वर्षों से इस पुल का इंतजार कर रहे थे। ग्रामीणों ने कहा की इस पुल के बन जाने से चैनपुर मुख्यालय की दूरी 35 किलोमीटर से घटकर 25 किलोमीटर रह जाएगी। जिससे हमें 10 किलोमीटर से अधिक की बचत होगी। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम घटिया निर्माण बर्दाश्त करेंगे। हमें पुल चाहिए लेकिन वह मजबूत और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। फिलहाल विधायक के हस्तक्षेप के बाद निर्माण कार्य रुका हुआ है और संवेदक को गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने की चेतावनी दी गई है। इंजीनियर उमेश कुमार ने कहा कि मैं अभी बाहर हूं, पुल की प्राक्कलित राशि लगभग 4 करोड़ 50 लाख रुपए है। बिना वाइब्रेटर का ढलाई की जा रही है तो यह सरासर गलत। गुणवत्तापूर्ण कार्य करने का संवेदक को निर्देश दिया गया है। इसकी जांच की जाएगी।
गुमला में आधी आबादी संभालेंगी अध्यक्ष पद की कुर्सी
गुडडू चौरसिया|गुमला राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण सूची जारी कर दी गई है। इस घोषणा के साथ ही गुमला नगर परिषद की भावी राजनीति की तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। आयोग के नए प्रावधानों के अनुसार गुमला के अध्यक्ष पद को अनुसूचित जनजाति महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया है। इस फैसले ने शहर के सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। विशेष रूप से वे पुरुष उम्मीदवार, जो पिछले कई महीनों से क्षेत्र में सक्रिय थे और अपनी जमीन मजबूत कर रहे थे। उनके चेहरों पर मायूसी साफ देखी जा सकती है। अब इस बार अध्यक्ष के तौर पर महिला नेतृत्व दिखेगा। कई संभावित पुरुष प्रत्याशियों को राजनीतिक वजूद को बचाने के लिए अपने परिवार की महिलाओं या किसी अन्य महिला प्रत्याशी को मैदान में उतारने की रणनीति बनानी पड़ेगी। वहीं गुमला के इतिहास में यह पहला मौका है। जब अध्यक्ष की कुर्सी विशेष रूप से एसटी महिला के लिए आरक्षित की गई है। इस निर्णय को महिला सशक्तिकरण की दिशा में सशक्त कदम माना जा रहा है। अब गुमला की गलियों में आधी आबादी का दबदबा बढ़ने वाला है। माना जा रहा है कि गैर दलीय इस चुनाव में विशेष पद अध्यक्ष की कुर्सी पर या, तो भाजपा वरना कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार ही बैठेगा। चूंकि अब तक यही होता आया है। इस स्थिति में पार्टियों में भी दावेदारों की संख्या बढ़ने लगी है। अब धीरे-धीरे स्पष्ट होगा कि कौन सी पार्टी किस प्रत्याशी को अपना समर्थन देती है और उसका गुमला की राजनीति पर कैसा असर होता है। सीट क्लियर होते ही राजनीतिक पार्टियों के कई नेता अपनी पत्नी को मैदान में उतारने की ओर कदम बढ़ा चुके है। राष्ट्रीय पार्टी के एक प्रदेश स्तरीय नेता दंगल में पत्नी के साथ कूदने को तैयार है। वे पत्नी को अध्यक्ष और खुद वार्ड का चुनाव जीतकर उपाध्यक्ष की रेस में शामिल हो चुके है। निवर्तमान अध्यक्ष दीपनारायण उरांव भी पत्नी अथवा बहु किसी एक पर दांव खेलने की रणनीति बना रहे है।
ब्लॉक मोड़ के पास दो बाइकों की टक्कर में युवक गंभीर
लोहरदगा|सदर थाना क्षेत्र के ब्लॉक मोड़ के समीप शनिवार शाम करीब 5 बजे तेज रफ्तार दो बाइकों की आमने सामने भीषण टक्कर हो गई। इस सड़क दुर्घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि दूसरे युवक को मामूली चोटें आई हैं। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पैशन प्रो बाइक सवार युवक लोहरदगा के पावरगंज की ओर से अपने घर लौट रहा था, जबकि प्लैटिना बाइक सवार युवक विपरीत दिशा से कचहरी मोड़ की ओर आ रहा था। इसी दौरान ब्लॉक मोड़ के पास दोनों बाइकों में जोरदार टक्कर हो गई, जिससे दोनों सवार सड़क पर गिर पड़े। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों मोटरसाइकिलें क्षतिग्रस्त हो गईं। हादसे में पैशन प्रो बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों की मदद से उसे 108 एम्बुलेंस के माध्यम से लोहरदगा सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं प्लैटिना बाइक सवार युवक को हल्की चोटें आई हैं। घटना के बाद खबर लिखे जाने तक दोनों घायलों की पहचान नहीं हो सकी थी। दुर्घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। एक माह में 40 से अधिक दुर्घटनाएं हुई:लोहरदगा जिले में बीते एक माह में 40 से अधिक दुर्घटनाएं सामने आई है। जिसमें एक दर्जन लोगों की जान जा चुकी है। वहीं 60 से अधिक लोग घायल हो चुके है। जिसमें दो दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए है।
महेंद्र सिंह के शहादत दिवस पर जनसंकल्प सभा 16 को
बगोदर | संयुक्त झारखंड-बिहार के लोकप्रिय जनांदोलन नेता और बगोदर विधानसभा से लगातार तीन बार विधायक रहे शहीद महेंद्र सिंह के 21वें शहादत दिवस के अवसर पर 16 जनवरी को बगोदर बस पड़ाव में विशाल जनसंकल्प सभा आयोजित की जाएगी। शनिवार को बगोदर मध्य जोन के बनपुरा, ढिबरा और दोनदलो में ग्रामसभाएं आयोजित की गईं, जिनका नेतृत्व उप प्रमुख हरेंद्र कुमार सिंह, गांगो दास, सुरेश रविदास और सुरेंद्र सिंह ने किया। वहीं कुसमरजा, हेसला, तिरला और मंझिलाडीह में इंकलाबी नौजवान सभा के प्रदेश अध्यक्ष संदीप जायसवाल और पूर्व प्रमुख मुस्ताक अंसारी के नेतृत्व में अग्रणी कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। 16 जनवरी को अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने, चौक-चौराहों पर झंडा लगाने का निर्णय लिया गया। भाकपा माले प्रखंड सचिव परमेश्वर महतो ने बताया कि जब पश्चिमी अफ्रीका के नाइजर में बगोदर के पांच प्रवासी श्रमिक अपहरण कर लिए गए थे।
होल्डिंग टैक्स वसूली में सख्ती, 31 मार्च तक बकाया जमा नहीं करने पर बैंक खाते होंगे सीज
गिरिडीह | नगर निगम चुनाव से पहले होल्डिंग टैक्स वसूली को लेकर निगम प्रशासन सख्त हो गया है। शनिवार को उपनगर आयुक्त प्रशांत लायक की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि नगर निगम क्षेत्र में करीब 7 करोड़ रुपये बकाया थे, जिसमें से अब तक 4.70 करोड़ की वसूली हो चुकी है, जबकि 2 करोड़ रुपये से अधिक अब भी शेष हैं। सदर अस्पताल ने 46 लाख और डीवीसी ने 24 लाख रुपये जमा किए हैं। 100 से अधिक बड़े बकायेदारों को तीन बार नोटिस भेजे जा चुके हैं। उपनगर आयुक्त ने 31 मार्च तक अंतिम मौका देते हुए भुगतान नहीं करने पर बैंक खाते सीज करने और संपत्ति सील करने की चेतावनी दी है।
बालमुकुंद स्पंज आयरण फैक्ट्री में मजदूर की मौत, परिजन को दिया गया 16 लाख मुआवजा
भास्कर न्यूज |गिरिडीह मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के चतरो स्थित बालमुकुंद स्पंज आयरण फैक्ट्री में घायल मजदूर 33 वर्षीय राजा राम कुशवाहा की मौत शनिवार को हो गयी। काम करने के दौरान वह बीती रात में घायल हो गया था। मृतक मुकेश कुमार मंडल ग्राम बलहो थाना मुफ्फसिल का रहने वाला था। घायल होने के बाद प्रबंधन की ओर से उसे इलाज के लिए धनबाद में भर्ती कराया गया था। इधर मौत की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन और स्थानीय लोगों ने शनिवार दोपहर में फैक्ट्री मुख्य गेट को जाम कर मृतक के आश्रित को 25 लाख की मुआवजा मांग कर रहे थे। इस बीच सुरक्षा के मद्देनजर मुफ्फसिल थाना पुलिस पहुंची और लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। फिर फैक्ट्री प्रबंधन से वार्ता कर परिजन को 16 लाख रुपए बतौर मुआवजा दिया गया। इसके बाद लोग शांत हुए और पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। मौके पर गिरिडीह सांसद प्रतिनिधि गुड्डू यादव, झामुमो नेता मो हसनैन, माले नेता राजेश सिन्हा ने कहा कि मुकेश कुमार मंडल ऑपरेटर पद पर कार्यरत था। बीते रात शुक्रवार को क्रेन ऑपरेट के दौरान उसका पैर क्रेन चेन में फंस गया, जिससे वह गंभीर रुप से जख्मी हो गया। फैक्ट्री प्रबंधक ने जख्मी मजदूर की स्थिति खराब देखते हुए का इलाज के लिए आनन फानन में वाहन से धनबाद भेज दिया। लेकिन धनबाद जाने के क्रम में रास्ते में ही उसकी मौत हो गयी। सूचना पाकर सांसद चन्द्र प्रकाश चौधरी फैक्ट्री पहुंचे परिजनों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। प्रबंधक ने मृतक मजदूर की पत्नी के अंतिम संस्कार के लिए 1 लाख नगद सहित कुल 16 लाख का मुआवाजा दी गयी।
चोरी की बाइक खरीदने व बेचने वाले 5 धराए
भास्कर न्यूज | गिरिडीह गिरिडीह में पुलिस ने चोरी की बाइक बेचने और खरीदने में शामिल पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार कर शनिवार को जेल भेज दिया। यह जानकारी नगर थाना सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में डीएसपी वन नीरज कुमार सिंह ने दी। डीएसपी ने बताया कि शुक्रवार को एसपी के निर्देश पर नगर थाना के एएसआई प्रमोद कुमार ने पुलिस बल के साथ नेताजी चौक में एंटी क्राइम चेकिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान पचंबा से शहर गिरिडीह बाइक पर सवार दो लोग पुलिस को देखकर विपरीत दिशा में भागने लगे। पुलिस ने उनका पीछा कर पकड़ लिया। बाइक सवार पचंबा थाना इलाके के सुग्गासार िनवासी रविंद्र कुमार और विजय साव ने पूछताछ में बताया कि यह बाइक चोरी की है और उन्होंने इसे पचंबा के पैठियाटांड़ िनवासी सत्यनरायण पांडेय और ितवारीडीह सुनिल दास से 15 हजार रुपए में खरीदी थी। नगर थाना पुलिस ने सत्यनरायण पांडेय और सुनिल दास को अलकापुरी थानानगर में छापेमारी कर गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि बाइक पचंबा थाना इलाके के तेलोडीह िनवासी मो. ताज और मुख्य साजिशकर्ता मो. सद्दाम उर्फ मिठु ने चोरी की थी। सद्दाम फिलहाल फरार है और पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। डीएसपी ने बताया कि जब सद्दाम गिरफ्तार होगा, तो इस चोरी और बिक्री के पूरे मामले का खुलासा होने की संभावना है। इसके अलावा, जब्त बाइक बेंगाबाद थाना क्षेत्र की है। एक आरोपी पहले भी जा चुका है जेल गौरतलब है कि सुनिल दास पहले ही लूट के मामले में जेल जा चुका है और सत्यनरायण पांडेय चोरी के मामले में बेंगाबाद थाना से जेल जा चुका है। गिरफ्तार अभियुक्तों में रविंद्र कुमार, विजय साव, सत्यनरायण पांडेय, सुनिल कुमार दास, मो. ताज है। पुलिस ने एक ब्लू कलर की बाइक भी जब्त की है। छापेमारी दल में नगर थाना निरीक्षक सह थाना प्रभारी ज्ञान रंजन कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक अरविंद कुमार सिंह, सहायक पुलिस अवर निरीक्षक प्रमोद कुमार, सहायक अवर पुलिस निरीक्षक शिव सागर रजक शामिल थे। डीएसपी ने कहा कि गिरिडीह पुलिस चोरी और वाहन बिक्री के मामलों में सख्त कदम उठा रही है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
रोटरी गिरिडीह ने लगाया गिफ्ट ऑफ लाइफ मेगा कैंप
भास्कर न्यूज | गिरिडीह रोटरी गिफ्ट ऑफ लाइफ कार्यक्रम के अंतर्गत जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के निःशुल्क इलाज हेतु दो दिवसीय मेगा स्क्रीनिंग कैंप का आयोजन किया गया। यह शिविर रोटरी गिरिडीह द्वारा अमृता हॉस्पिटल कोच्चि, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन गिरिडीह, एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया तथा इनर व्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन के सहयोग से शहर के रोटरी नेत्र चिकित्सालय में आयोजित हुआ। कैंप के उद्घाटन समारोह में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड के निदेशक शशि प्रकाश झा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में सिविल सर्जन गिरिडीह डॉ. शेख मो. जफरुल्लाह शामिल हुए। कैंप के प्रथम दिन झारखंड के विभिन्न जिलों से आए कुल 77 बच्चों की जांच की गई, जिनमें से 28 बच्चों का चयन हृदय ऑपरेशन हेतु किया गया। शिविर में प्रारंभिक जांच गिरिडीह के वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. श्यामल कुमार, डॉ. राम रतन केडिया, डॉ. संजीव एच. कुमार एवं डॉ. राकेश कुमार ने की। इसके बाद अमृता हॉस्पिटल कोच्चि से आए डॉ. ब्रजेश पी.के. एवं डॉ. निशांत ने इको मशीन के माध्यम से विस्तृत जांच कर ऑपरेशन हेतु बच्चों का चयन किया। कैंप के सफल आयोजन में गिफ्ट ऑफ लाइफ के समन्वयक एवं रोटरी के पूर्व जिलापाल शिव प्रकाश बगड़िया, रोटरी गिरिडीह के अध्यक्ष पीयूष मुसद्दी, आईएमए गिरिडीह अध्यक्ष डॉ. रियाज अहमद, इनर व्हील क्लब अध्यक्ष कविता राजगढ़िया सहित नंदन दारुका, डॉ. मोहम्मद आजाद, राजेंद्र बगड़िया, प्रकाश सहाय, प्रदीप डालमिया, देवेंद्र सिंह, गुरुप्रीत सिंह, रोहित जैन, हर्ष केडिया, दिलीप जैन, जगजीत सिंह, अमित गुप्ता, प्रशांत बगड़िया, अभिषेक जैन, पूनम सहाय, डॉ. तारक नाथ देव, आशीष तर्वे समेत अनेक सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
3 फरवरी को होगा दिव्यांग जन संघ का गठन
गिरिडीह | जिले के दिव्यांग जन संघ की विशेष बैठक शनिवार को आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य संघ के विशेष मंचन एवं पूर्ण गठन पर चर्चा करना था। हालांकि सदस्यों की कम उपस्थिति के कारण संघ का पूर्ण गठन नहीं हो सका। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 3 फरवरी को संघ का पूर्ण गठन किया जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संघ के स्थायी कार्यालय की मांग को लेकर उपायुक्त को एक मांग पत्र सौंपा जाएगा। इसके साथ ही सदस्यों ने यह मुद्दा उठाया कि पूर्व में 25 अक्टूबर 2025 को दिव्यांग प्रमाण पत्र एवं रेलवे यात्रा पास से संबंधित मांगों को लेकर सिविल सर्जन के नाम से एक ज्ञापन सौंपा गया था। बैठक में उपाध्यक्ष नसीमुद्दीन के अलावा द्वारिका पंडित, मो. आबिद, रवि मंडल, साहिद, सरफराज, महताब, नरेश वर्मा, मुंशी वर्मा, संजीत सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। गावां |मदरसा अनवारुल इस्लाम माल्डा में शनिवार को छात्रों के बीच कंबल का वितरण किया गया। यह कंबल वितरण कार्यक्रम झामुमो जिला कमिटी की ओर से उपलब्ध कराए गए कंबलों से आयोजित किया गया, जिसे प्रखंड के कई कार्यकर्ताओं की अगुवाई में संपन्न कराया गया। मौके पर झामुमो नेता मो सहाबुद्दीन, एजाज अहमद, मदरसा कमिटी सदस्य मो साजिद अख्तर, मो मंसूर आलम सहित कई लोग उपस्थित थे। बड़की सरिया | जेएलकेएम नेता सह डुमरी विधायक जयराम महतो एक राजनीतिक कार्यक्रम के सिलसिले में शनिवार को कोडरमा जा रहे थे। सरिया विवेकानंद चौक के समीप जेएलकेएम के प्रखंड अध्यक्ष शशि ठाकुर और समर्थकों ने उन्हें गुलदस्ता और फूल माला पहनाकर भव्य स्वागत किया। विधायक जयराम महतो ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि झारखंड के नगर निकाय चुनाव फिलहाल सामने हैं। उन्होंने कहा कि कई राजनीतिक दल दलीय चुनाव कराने के पक्ष में हैं। उन्होंने बताया कि कई राजनीतिक दल नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर कराने के पक्ष में हैं,चुनावी माहौल और अधिक रोचक व प्रतिस्पर्धात्मक हो सकता है। मौके पर प्रखंड अध्यक्ष शशि ठाकुर, सचिव दुलारचंद शर्मा, जागेश्वर राणा, पुनीत मंडल, संजय यादव, करण भंडारी, पवन दास, राहुल यादव, पवन मंडल सहित उपस्थित थे।
स्वामी विवेकानंद जयंती पर एबीवीपी ने क्रिकेट टूर्नामेंट का किया उद्घाटन
भास्कर न्यूज | राजधनवार प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन तत्वावधान में धनवार प्रखंड इकाई द्वारा शनिवार को धनवार टाउन हॉल में प्रतिभा खोज परीक्षा एवं सद्भावना क्रिकेट टूर्नामेंट का सम्मान एवं पुरस्कार वितरण समारोह भव्य रूप से आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्घाटन डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो, रोटरी क्लब के अध्यक्ष सुबोध कुमार राय, जिला परिषद सदस्य उदय सिंह, पांडेयडीह मुखिया प्रतिनिधि उमेश दास एवं जिला सचिव दिनेश साहू ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर और राष्ट्रगान के साथ किया। छात्रों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत से अतिथियों का अभिनंदन किया गया। मुख्य अतिथि विधायक जयराम कुमार महतो ने कहा कि गिरिडीह जिले में लगभग 750 और पूरे झारखंड में करीब 15,000 निजी विद्यालय संचालित हैं, जिन्हें अभी तक मान्यता नहीं मिली है। कार्यक्रम में अध्यक्ष रंजीत कुमार सोनी, सचिव अनिल कुमार वर्मा, कोषाध्यक्ष रणधीर कुमार पांडेय, उपाध्यक्ष उमाशंकर सिंह, उपसचिव सुबल कुमार, उपकोषाध्यक्ष संजिव कुमार सिंह, मीडिया प्रभारी सच्चिदानंद राय, गोविंद राय, असलम, संदीप कुमार, संतोष कुमार सहित सैकड़ों विद्यालय संचालक उपस्थित थे। भास्कर न्यूज |गिरिडीह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष्य में गिरिडीह महाविद्यालय मैदान में शनिवार को तीन दिवसीय जिला स्तरीय क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन किया गया। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में एबीवीपी बिहार-झारखंड क्षेत्रीय संगठन मंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ल उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में अधिवक्ता चुनुकांत, डॉ. सुमन कुमार, डॉ. एस.पी.सिन्हा,डॉ.अनुज कुमार एवं प्रो. विनीता कुमारी शामिल हुए। अतिथियों ने युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद एवं विद्या की देवी मां सरस्वती की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर तथा फीता काटकर टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। क्षेत्रीय संगठन मंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी की 163वीं जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस पर यह प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करना और स्वामी विवेकानंद के स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन के विचार को जन-जन तक पहुंचाना है। एबीवीपी प्रदेश सह मंत्री मंटू मुर्मू ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी है, आधारभूत सुविधाओं का अभाव है तथा विश्वविद्यालयों में समय पर परीक्षा और परिणाम घोषित नहीं हो पा रहे हैं। इससे छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने राज्य सरकार पर युवाओं की उपेक्षा का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो एबीवीपी आंदोलन करेगी। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश एसएफएस सह प्रमुख अनीश राय ने किया। मौके पर जिला प्रमुख प्रो. राजकुमार वर्मा, नगर अध्यक्ष ज्योति चौधरी, नगर मंत्री नीरज चौधरी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य ऋषि त्रिवेदी सहित आदि थे।
माले कार्यकर्ता 16 जनवरी को पहंुचेंगे बगोदर
गिरिडीह | गिरिडीह विधानसभा के भाकपा माले नेता राजेश सिन्हा और कन्हाई पांडेय ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि 16 जनवरी को शहीद महेंद्र सिंह की शहादत दिवस पर सैकड़ों माले कार्यकर्ता बगोदर पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि गठबंधन केवल चुनाव तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पूरे कार्यकाल तक होना चाहिए।
सेंट्रलपिट से गिरिडीह स्टेशन जानेवाली रैक पर चढ़ कोयला उतार लेते हैं चोर
भास्कर न्यूज | गिरिडीह गिरिडीह कोल माइनिंग क्षेत्र में कोयला चोरी का संगठित गिरोह बेखौफ होकर सक्रिय है। सेंट्रलपिट रेलवे कोल डंप यार्ड से रेलवे वैगनों में लदे कोयले को गिरिडीह रेलवे स्टेशन तक पहुंचाने के दौरान रैक पर चढ़कर चोर रोज कोयला उतार लेते हैं। एक रैक से करीब 20 टन कोयला चोरी किया जा रहा है। हर दिन एक-दो रैक यहां से निकलती है। जैसे ही कोयले से लदी रैक साइडिंग से निकलती है और रास्ते में गति धीमी होती है तो चोरों का गिरोह अलग-अलग जगहों पर सक्रिय हो जाता है। कुछ लोग चलते वैगनों पर चढ़कर कोयला नीचे फेंकते हैं, जबकि, अन्य लोग रेलवे लाइन के किनारे उसे इकट्ठा करते हैं। चोरी के दौरान विरोध करने पर सीसीएल के सुरक्षा कर्मियों पर पत्थरबाजी और झड़प की घटनाएं भी सामने आई हैं। रेलवे लाइन के दोनों ओर कई स्थानों पर चोरी किए गए कोयले के ढेर दिखाई देते हैं, जिनकी संख्या करीब 200 है। चोरी का कोयला झाड़ियों में छिपाकर बाद में बाइक और साइकिल सवारों के जरिए शहर के अंदर होते हुए बेंगाबाद, गांडेय के रास्ते अन्य जगह पर सक्रिय कोल तस्करों के डीपो मंे पहंुचाया जा रहा है। वहीं, सीसीएल के सुरक्षा अधिकारी नकुल कुमार नायक ने बताया कि सेंट्रलपिट से गिरिडीह रेलवे स्टेशन तक कोयला लदी रैक को पूरी तरह स्काउट कर ले जाया जा रहा है, ताकि किसी भी स्थान पर कोयला चोरी न हो सके। रेलवे रैक से कोयला उतारते चोर। इन इलाकों में सक्रिय है गिरोह मोती महल, बुढ़ियाखाद, मुर्गियाटेंगरी, बरवाडीह, मंगरोडीह तालाब, गांधी गली और झरियागादी के इलाके कोयला चोरी के हॉटस्पॉट बने हुए हैं। इन स्थानों पर मौका मिलते ही चोर रेलवे वैगनों पर चढ़कर बेखौफ होकर कोयला उतार लेते हैं। सीसीएल के सुरक्षाकर्मी सड़क मार्ग से रैक की निगरानी करते हैं, जबकि इसी दौरान रेलवे लाइन के किनारे चोरों की गतिविधियां जारी रहती हैं। पटरी पर ग्रीस लगाकर धीमी कर देते हैं रैक कहीं-कहीं कोयला चोर रैक को रोकने या उसकी रफ्तार कम करने के लिए रेलवे पटरी पर ग्रीस लगा देते हैं। ग्रीस लगे हिस्से में इंजन पहुंचते ही उसकी गति काफी धीमी हो जाती है, जिसका फायदा उठाकर तस्कर वैगनों पर चढ़ जाते हैं और कोयला नीचे गिरा देते हैं। बीते 31 दिसंबर की रात बरवाडीह के पास इसी तरह की घटना हुई थी। जब सीसीएल के सुरक्षाकर्मियों ने चोरों को रोकने का प्रयास किया, तो उनके ऊपर जमकर पत्थरबाजी की गई।
एनएच 18 के किनारे बालू-गिट्टी गिराए जाने से दुर्घटना की आशंका
भास्कर न्यूज| धालभूमगढ़ एनएच 18 सड़क के कदमबेड़ा स्थित गजानन फेरो प्राइवेट लिमिटेड कंपनी गेट के समीप एनएचएआई के जमीन पर मिट्टी डालकर पार्किंग बना दिया गया है। इस स्थान पर अक्सर बड़े-बड़े वाहन खड़ी रहती है। बनाया गया पार्किंग के समीप सड़क के किनारे बालू-गिट्टी बिखरा रहने के कारण अक्सर दुर्घटना होते रहती है। कुछ दिन पहले इसी स्थल पर ही एक स्कूटी सवार गिर जाने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसके अलावा भी पुनिशा के समीप हिल टॉप होटल के पास सड़क के किनारे स्लैग गिरा रहने के कारण कई बाइक अनियंत्रित होकर गिरने से दुर्घटना घट चुकी है। इस तरह जगह पर बाइक से गिरने से कई लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद भी सड़क के साईड में गिरे बालू गिट्टी हटाने का प्रयास नहीं किया गया और ना ही इस तरह सड़क के किनारे फैलाने वाले लोगों के ऊपर कार्रवाई की गई। धालभूमगढ़ चौक स्थित फ्लाईओवर के ऊपर सड़क के किनारे अवैध रूप से कई दिनों से बालू गिरा हुआ है। इससे भी दुर्घटना की आशंका व्यक्त की जा रही है।
झारखंड के फंड से बंगाल में पुल निर्माण का आरोप, जांच की मांग
भास्कर न्यूज| धालभूमगढ़ झारखंड के फंड से पश्चिम बंगाल में पुल निर्माण कराए जाने के आरोप को लेकर मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस संबंध में आरटीआई कार्यकर्ता सिरमा देवगम ने मुख्यमंत्री, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव और जिला उपायुक्त को ट्वीट कर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि जिस योजना के तहत झारखंड में पुल का निर्माण होना था, उसी योजना की राशि से पश्चिम बंगाल में पुल का निर्माण कराया जा रहा है। आरटीआई कार्यकर्ता का कहना है कि यह मामला न केवल सरकारी राशि के दुरुपयोग का है, बल्कि इससे झारखंड के हितों के साथ भी सीधा खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है। सिरमा देवगम ने स्पष्ट किया है कि यदि मामले में पारदर्शिता नहीं बरती गई, तो वे आगे भी इस मुद्दे को उठाते रहेंगे। फिलहाल यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और अब लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। सिरमा देवगम के अनुसार, संबंधित पुल का निर्माण 2 करोड़ 30 लाख 96 हजार 991 रुपये की लागत से कराया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि जब तक पूरे मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक इससे जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों पर आवश्यक कार्रवाई की जाए। आरटीआई कार्यकर्ता ने ट्वीट के माध्यम से मुख्यमंत्री और जिला उपायुक्त का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर आकृष्ट किया है।
शैक्षणिक गतिविधियों पर शिक्षकों ने की चर्चा
धालभूमगढ़| संकुल संसाधन केंद्र व उत्क्रमित उच्च विद्यालय हल्दाजुड़ी संकुल के शिक्षकों के सहयोग से रावताडा जुड़ीउल जलाशय के किनारे वार्षिक मिलन समारोह सह वनभोज का आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षक-शिक्षिकाओं के बीच समरसता और सौहार्द्र का वातावरण बनाकर सहअस्तित्व की भावना से कार्य करने की योजना बनाना। विद्यालय की शैक्षणिक और सह शैक्षणिक गतिविधियों पर सकारात्मक विचार -विमर्श करना। अवसर प्राप्त शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित करना। शिक्षक समाज के हित में कार्य करने की प्रेरणा जगाना। विभागीय पदाधिकारी और कर्मचारियों के बीच समन्वय साधन के साथ सेवा कार्य करने की योजना बनाना। संकुल के विभिन्न विद्यालयों में नव पदस्थापित सहायक आचार्यों को सम्मानित करना था। इस दौरान उत्क्रमित मध्य विद्यालय महिषाधारा में नव पदस्थापित सहायक आचार्य अमित महतो एवं पिंटू गोराई, मध्य विद्यालय जगन्नाथपुर में नव पदस्थापित आचार्य शुभम कुमार पाल और सूरज कुमार भोल और प्राथमिक विद्यालय निश्चिंतपुर के सुकुलमनी मुर्मू को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया। साथ ही सेवानिवृत्त शिक्षक श्यामचरण टुडू, लखाई हेम्ब्रम, बारियाड टुडू, रायसेन किस्कू को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। शिक्षक समागम में संबंधित संकुल के शिक्षक - शिक्षिकाएं और प्रखंड के आमंत्रित अतिथि शिक्षक मित्रों ने अपने- अपने अनुभवों को साझा किया और वनभोज का आनंद उठाया।
पारुलिया में हाइवा की टक्कर से बिजली का पोल टूटा, परेशानी
डुमरिया| मुसाबनी प्रखंड के पारुलिया बजरंग चौक के पास शुक्रवार रात को एक अनियंत्रित हाइवा की टक्कर से बिजली का पोल टूट गया। इससे पारुलिया गांव में अंधेरा छा गया। विद्युत विभाग के कनीय अभियंता आकाश धल ने बताया कि हाइवा का फोटो रखा गया है। उसकी पहचान की जाएगी। शनिवार को टूटे पोल के पास नया पोल लगा दिया गया। शाम तक विद्युत बहाल नहीं हो पाई थी। चाकुलिया| कमारीगोड़ा स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पीछे जंगल के झाड़ियों में शनिवार को शरारती तत्वों द्वारा आग लगा दी गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल इसकी जानकारी थाना प्रभारी संतोष कुमार एवं फायर ब्रिगेड को दी। आग धीरे-धीरे पेट्रोल पंप की ओर बढ़ रही थी, जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई थी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और समय रहते आग पर काबू पा लिया। घटना में किसी प्रकार की जान-माल की क्षति नहीं हुई है। खड़गपुर| पश्चिम मेदिनीपुर जिले के केशियारी प्रखंड अंतर्गत केशियाड़ी बाजार के समीप स्थित एक शाल पत्ते के गोदाम में वाहन में लोडिंग के दौरान हुए हादसे की चपेट में आकर एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक का नाम मनोज कुमार पानिया (48) है। वह खड़िका माथानी क्षेत्र का निवासी था। पुलिस व स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मनोज कुमार पानिया गोदाम में वाहन पर साल पत्ते लोड करने का कार्य करता था। कार्य के दौरान असावधानीवश वह वाहन के ऊपर से नीचे गिर पड़ा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने उसे केशियारी ग्रामीण अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
चालकों को हेलमेट पहनने की दी जानकारी
गढ़वा | राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के अंतर्गत सीख से सुरक्षा, तकनीक से परिवर्तन थीम के तहत जिले में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को जिला परिवहन पदाधिकारी धीरज प्रकाश के निर्देश पर समाहरणालय स्थित डीटीओ कार्यालय के पास लोगों को जिला सड़क सुरक्षा मैनेजर संजय बैठा ने यातायात नियमों व सड़क सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या चिंताजनक बनी रहती है, जिसे कम करने के लिए आमजन, वाहन चालकों और प्रशासन को मिलकर सामूहिक रूप से कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी से यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट व सीट बेल्ट के उपयोग तथा सुरक्षित गति से वाहन चलाने की अपील की। साथ ही कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाकर लोगों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा। इस दौरान उन्होंने बाइक चालकों को सही तरीके से हेलमेट का पहनने की जानकारी भी दिया। कहा कि अक्सर लोग हेलमेट को सिर में पहनने के बाद बेल्ट नहीं लगाते हैं। जिससे दुर्घटना होने पर हेलमेट गिरने की संभावनाएं बनी रहती है। जिससे सिर में गंभीर चोंटें आ सकती है। लोग सही तरीके से हेलमेट पहनने ताकि सुरक्षित रह सकें।
भामसं की झारखंड प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में मजदूर हित और अधिकारों पर की गई चर्चा
भास्कर न्यूज | गढ़वा भारतीय मजदूर संघ, झारखंड प्रदेश की कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कार्यालय, रेहला रोड चेतना, गढ़वा में शुरू हुआ। इस बैठक का उद्घाटन संघ के प्रदेश अध्यक्ष बलिराम यादव, प्रदेश महामंत्री राजीव रंजन सिंह, क्षेत्रीय संगठन मंत्री डीडी शुक्ला, प्रदेश संगठन मंत्री बृजेश कुमार, भाजपा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य अलखनाथ पांडये व एकल अभियान के जिला अध्यक्ष डॉक्टर पतंजलि केसरी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। यह बैठक राष्ट्र हित, उद्योग हित और मजदूर हित को केंद्र में रखकर आयोजित की गई है। बैठक का मुख्य उद्देश्य मजदूरों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा कर उनके अधिकारों की रक्षा एवं कल्याण के लिए ठोस और प्रभावी रणनीति तैयार करना है। इस अवसर पर मजदूर हित में संगठित प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया गया। बैठक में विशेष रूप से झारखंड प्रदेश के असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की समस्याओं पर गहन चर्चा की गई। समिति के सदस्यों ने असंगठित क्षेत्र में कार्यरत मजदूरों, विशेषकर गिग वर्कर और गिग कर्मियों की स्थिति पर चिंता जताई, जिनकी कोई स्पष्ट पहचान और स्थायी आय का स्रोत नहीं है। चर्चा के दौरान यह विचार रखा गया कि ऐसे श्रमिकों और उनके परिवारों को भी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। भारतीय मजदूर संघ ने निर्णय लिया कि इस विषय में केंद्र और राज्य सरकार को अवगत कराते हुए न्यूनतम पारिश्रमिक, सामाजिक सुरक्षा और पहचान से जुड़े मुद्दों पर ठोस नीति बनाने की मांग की जाएगी। इसके अलावा संगठनात्मक मजबूती पर भी विचार-विमर्श हुआ। प्रदेश के सभी जिलों में उद्योगों और मजदूरों तक अंतिम पंक्ति तक पहुंचने की रणनीति बनाई गई, ताकि जमीनी स्तर पर मजदूरों की समस्याओं को समझकर उन्हें समाधान के लिए आगे बढ़ाया जा सके। बैठक में केंद्र द्वारा संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा की गई तथा आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की गई। बैठक में गढ़वा जिला अध्यक्ष एसएस वर्मा, जिला मंत्री विश्वनाथ यादव, कार्यकारी अध्यक्ष जयशंकर मेहता, संगठन मंत्री बसंत शर्मा, कोषाध्यक्ष लक्ष्मी महतो, भवन निर्माण जिला अध्यक्ष कैलाश शर्मा, जिला मंत्री राम प्रताप यादव, झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सह गढ़वा जिला अध्यक्ष नीरज तिवारी, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मुकेश, उपाध्यक्ष रविकांत देव, गढ़वा जिला सचिव रितेश रंजन, कोषाध्यक्ष ललन चौधरी समेत संगठन से जुड़े अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे। भारतीय मजदूर संघ की बैठक में उपस्थित प्रदेश के पदाधिकारी।
नागौद तहसील के गंगवरिया गांव में सतना-पन्ना रेल परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन में किए गए अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई शनिवार को पूरी की गई। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सुबह साढ़े 10 बजे से जमीन खाली कराने की कार्रवाई शुरू हुई और शाम 5 बजे तक चली। अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन की अनुमानित कीमत करीब 21 लाख रुपए है। जमीन के अंश भाग में एक व्यक्ति ने शेड का निर्माण कर फ्लाई ऐश ईट बनाने का कारखाना और मछली पालन का काम शुरू कर रखा था। यह जमीन पहले ही रेल परियोजना के लिए अधिग्रहण की जा चुकी थी और वर्ष 2017 में संबंधित व्यक्ति को 1.56 करोड़ का मुआवजा भी दिया जा चुका था। कब्जा हटाने के लिए दो चेन मांउटेन और दो पोकलेन मशीन लगाई गईं। कार्रवाई में एसडीएम, तहसीलदार, एसडीओपी, थाना प्रभारी, आरपीएफ और रेल कंस्ट्रक्शन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान करीब 100 से अधिक पुलिस बल और आरपीएफ के जवान तैनात किए गए। हाई कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई सतना-पन्ना रेल परियोजना के लिए गंगवरिया में अधिग्रहित जमीन पर अवैध कब्जा किया गया था। हाईकोर्ट के निर्देश पर कार्रवाई की गई और कब्जा हटाकर जमीन रेल प्रबंधन को सौंप दी गई।'- जितेंद्र वर्मा, एसडीएम नागौद
एमपी में खेती को फायदे का धंधा बनाने के लिए सरकार लंबे समय से प्रयासरत रही है। अब मोहन सरकार इस साल को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाने जा रही है। आज भोपाल के जंबूरी मैदान पर सीएम डॉ. मोहन यादव कृषक कल्याण वर्ष 2026 की औपचारिक शुरुआत करेंगे। ट्रैक्टर रैली को दिखाएंगे हरी झंडीसीएम डॉ. मोहन यादव कोकता बायपास पर आरटीओ ऑफिस के पास लगभग 1101 ट्रैक्टरों की रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। दोपहर करीब 12 बजे भोपाल और आसपास से आए किसानों की ट्रैक्टर रैली को सीएम फ्लैग ऑफ करके रवाना करेंगे। सीएम डॉ. मोहन यादव दोपहर 1 बजे जंबूरी मैदान में कृषक कल्याण वर्ष-2026 के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री किसानों को कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत संचालित की जाने वाली गतिविधियों, योजनाओं और भावी कार्ययोजना की जानकारी देंगे। उद्यानिकी पशुपालन, डेयरी और फिशरीज इस साल के फोकस सेक्टरमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष-2026 का उद्देश्य कृषि को केवल परंपरागत खेती तक सीमित न रखकर उसे लाभकारी, स्थायी और तकनीक आधारित रोजगार सृजन मॉडल के रूप में विकसित करना है। इस वर्ष के फोकस सेक्टर उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य-पालन और खाद्य प्रसंस्करण रहेंगे। जिला स्तरीय कलस्टर आधारित विकास को बढ़ावा देगी सरकारसीएम बताया कि कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य-पालन और वानिकी को एकीकृत करते हुए जिला-स्तरीय क्लस्टर आधारित विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही उच्च उत्पादकता, प्राकृतिक खेती, डिजिटल सेवाओं और कृषि प्रसंस्करण के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा। एग्री-टेक, ड्रोन सेवाएं, एफपीओ प्रबंधन, खाद्य प्रसंस्करण और हाइड्रोपोनिक्स जैसे क्षेत्रों में ग्रामीण युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर भी सृजित किए जाएंगे। किसानों की आय के साथ कृषि बजट बढ़ रहामुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि और समृद्ध ग्रामीण क्षेत्र मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं। राज्य सरकार एक ओर कृषि बजट में लगातार वृद्धि कर रही है, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें समर्थन मूल्य पर उपज की खरीदी, सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना, अतिवृष्टि, कीट-व्याधि और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को राहत, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना और रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना प्रमुख हैं। कृषक कल्याण वर्ष-2026 के माध्यम से राज्य सरकार का लक्ष्य अन्नदाता के समग्र विकास, आय वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देना है। भोपाल की इन सड़कों पर जाने से आज बचें ट्रैक्टर रैली- कोकता बायपास कृषि कल्याण वर्ष का शुभारंभ- जंबूरी मैदान जम्बूरी मैदान अन्य वाहन पार्किंग
पेशाब में जलन, कमर और पेट के निचले हिस्से में असहनीय दर्द, बार-बार यूरिन की समस्या और अचानक खून आना, ये लक्षण किडनी स्टोन यानी पथरी से जूझ रहे मरीज को झेलने पड़ते हैं। मॉडर्न मेडिसिन में इसका स्थायी इलाज सर्जरी माना जाता है, लेकिन भोपाल के आयुर्वेद संस्थान में हुए एक नए रिसर्च ने इस सोच को चुनौती दी है। आयुर्वेद के अनुसार श्वद्रंष्ट्रादि क्वाथ (आयुर्वेदिक काढ़ा) में मौजूद औषधियां यूरिन ट्रैक की सूजन कम करने वाली और पथरी तोड़ने में सहायक मानी जाती हैं। यही कारण था कि इसके वैज्ञानिक प्रमाण के लिए एक अध्ययन भोपाल स्थित पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में किया गया। संस्थान में हुए अध्ययन में श्वद्रंष्ट्रादि क्वाथ 90 दिन तक किडनी स्टोन से ग्रसित 40 मरीजों को दिया गया। इस शोध में न सिर्फ मरीजों के दर्द और जलन में राहत देखी गई, बल्कि पथरी के आकार में भी कमी आई। यह रिसर्च बिना सर्जरी आयुर्वेदिक उपचार से किडनी स्टोन मैनेजमेंट का रास्ता दिखाती है। इसकी वजह है कि 73% मरीजों में सुधार देखा गया, जबकि किसी भी मरीज से हालत बिगड़ने की शिकायत नहीं आई। दिन में दो बार पीना होगा काढ़ारिसर्च में शामिल 40 मरीजों को श्वद्रंष्ट्रादि क्वाथ दिया गया। इन्हें खुराक के रूप में 30 मिली काढ़े को दिन में दो बार दिया गया। यह प्रक्रिया 90 दिन तक जारी रही। इस दौरान साथ में गुनगुना पानी और आयुर्वेदिक आहार नियमों का पालन भी करना अनिवार्य था। केस वन: 4 एमएम की थी पथरी, 3 माह बाद डेढ़ एमएम बचीसीधी जिले की 42 वर्षीय अंबिका मिश्रा लंबे समय से किडनी में स्टोन की समस्या से परेशान थी। अचानक उठने वाले दर्द के कारण कई बार वो दो से तीन पेन किलर की गोलियां तक खा लेती थीं। स्थानीय डॉक्टरों ने उन्हें ज्यादा पेन किलर ना खाने और सर्जरी कराने की सलाह दी थी। वे भोपाल आईं और पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद संस्थान के विशेषज्ञों की सलाह पर श्वद्रंष्ट्रादि क्वाथ (आयुर्वेदिक काढ़ा) नियमित रूप से सुबह और शाम पीना शुरू किया। तीन माह बाद उनकी दर्द की समस्या पूरी तरह खत्म हो गई थी। जांच में पथरी का साइज भी डेढ़ एमएम के करीब आया। केस 2: दर्द से मिला आराम, दिल्ली लौटेभोपाल के 32 वर्षीय वेब डेवलपर राहुल जैन मल्टीनेशनल कंपनी में टीम लीड की पोजिशन पर काम करते हैं। उनकी दिल्ली में हेड ऑफिस में पोस्टिंग है। राहुल को बीते साल जून माह में अचानक पथरी का दर्द उठा। जांच कराई तो किडनी में 5 एमएम का स्टोन होने की बात सामने आई। वे भोपाल आए और पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद संस्थान में इलाज कराया। उन्हें श्वद्रंष्ट्रादि क्वाथ दिया गया था। जिसके रिजल्ट बेहतर आए और तीन माह बाद दिल्ली लौट गए। मूताश्मरी आयुर्वेद में एक गंभीर रोग आयुर्वेद में किडनी स्टोन को मूताश्मरी कहा जाता है। यह बीमारी किडनी, यूरिन ट्रैक और मूत्राशय में पथरी बनने से जुड़ी है। सुश्रुत संहिता में इसे गंभीर रोगों की श्रेणी में रखा गया है। जिसमें इसे “महागद” कहा गया है। यही नहीं, लंबे समय तक किडनी में स्टोन पर गंभीर नुकसान हो सकते हैं। कई मामलों में यह किडनी फैलियर तक का कारण बन सकता है। अब बड़े स्तर पर रिसर्च की तैयारी यह रिसर्च पत्र Journal of Ayurveda and Integrated Medical Sciences में प्रकाशित किया गया है। शोधकर्ताओं ने कहा कि बड़े स्तर पर और अधिक मरीजों पर अध्ययन किए जाने की जरूरत है। इस दिशा में संस्थान जल्द काम शुरू करने जा रहा है। पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद संस्थान के प्रिंसिपल डॉ. उमेश शुक्ला के अनुसार यह शोध बताता है कि सही आहार, जीवनशैली और आयुर्वेदिक उपचार के जरिए किडनी स्टोन जैसी समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है। यह खबर भी पढ़ें... भोपाल के पं. खुशीलाल आयुर्वेद कॉलेज का अनूठा प्रयास भोपाल के पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय ने शुक्रवार को मीडिया टूर में मुख्य रूप से दो प्रोजेक्ट्स की सफलता के बारे में बताया है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. उमेश शुक्ला ने कहा कि यह प्रोजेक्ट्स न सिर्फ नई पीढ़ी को पुराने आयुर्वेदिक ज्ञान से जोड़ रहे हैं, बल्कि गर्भवती महिलाओं और उनके होने वाले बच्चों को भी सेहतमंद बनाने में योगदान दे रहे हैं।पूरी खबर पढ़ें
अवैध खनन रोकने पहुंची थी राजस्व टीम:तहसीलदार को खनन कारोबारी की धमकी; बोला– डंपर चढ़ा दो
बरगी थाना क्षेत्र में अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन पर कार्रवाई करने पहुंची राजस्व टीम को एक खनन कारोबारी की धमकी का सामना करना पड़ा। आरोप है कि कार्रवाई से नाराज कारोबारी ने अपने ड्राइवर से तहसीलदार पर डंपर चढ़ाने तक की बात कह दी। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी खनन कारोबारी को गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल, राजस्व और खनिज विभाग की टीम ग्राम मानेगांव के पास औचक निरीक्षण पर पहुंची थी। यहां मुरम, मिट्टी और गिट्टी के अवैध व ओवरलोड परिवहन की शिकायत पर कार्रवाई की जा रही थी। टीम ने तीन डंपरों को रोककर रॉयल्टी दस्तावेज मांगे, लेकिन ड्राइवर कोई वैध कागजात पेश नहीं कर सके। इसके बाद वाहन मालिक और खनन कारोबारी रोहित जैन को मौके पर बुलाया गया। दस्तावेज नहीं दिखाने को लेकर तहसीलदार रवींद्र पटेल और रोहित जैन के बीच तीखी बहस हो गई। आरोप है कि इसी दौरान रोहित जैन ने ड्राइवर से कहा- डंपर चढ़ा दो, जो होगा देख लेंगे।, कार्रवाई के बाद तीनों हाइवा के खिलाफ केस दर्ज किया गया, लेकिन इसके बावजूद कारोबारी वाहनों का पीछा करता रहा और अधिकारियों को कई जगह जबरन रोककर वाहन छुड़ाने का प्रयास किया गया। पुलिस ने आरोपी रोहित जैन को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।
स्वाभिमान पर्व:सोमनाथ के बहाने भोजपुर से महाकाल तक मंदिरों में जुटा भाजपा संगठन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व-2026 का शुभारंभ किया। इसके साथ ही प्रदेश के प्रमुख शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। खजुराहो स्थित मतंगेश्वर महादेव मंदिर में केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके और खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने विधिवत पूजन किया। उज्जैन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल ने बाबा महाकाल के दर्शन कर ॐकार मंत्र का जप किया। भोजपुर महादेव मंदिर में भाजपा संगठन महामंत्री हितानंद ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। मंत्रोच्चार के बीच जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं ने सनातन स्वाभिमान तथा शिवालयों की अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया।
ओस-नमी कम होने से 314 पहुंचा भोपाल का AQI
ठंड के मौसम में अब तक जो ओस और नमी राजधानी की हवा को कुछ हद तक संभाले हुए थी, उसके कम होते ही प्रदूषण ने रफ्तार पकड़ ली है। शनिवार को राजधानी के अरेरा कॉलोनी, पर्यावरण परिसर क्षेत्र में एक्यूआई 314 यानी बहुत खराब की श्रेणी में पहुंच गया। यहां पाल्यूशन का मुख्य कारण पीएम 2.5 को बताया जा रहा है। इसके साथ ही पीएम 10 की मात्रा 209 के आसपास दर्ज की गई। इसी तरह टीटी नगर में भी एक्यूआई खराब की श्रेणी में दर्ज किया गया। यहां एक्यूआई 203 दर्ज किया गया। यहां प्रदूषण का मुख्य कारण ग्राउंड लेवल ओजोन यानी ओ3 रहा। खास बात यह है कि ग्राउंड लेवल ओजोन बढ़ने का मुख्य कारण वाहनों से निकलने वाले धुंए को बताया गया है। इसी तरह पुराने भोपाल में एक्यूआई 131 रिकॉर्ड किया गया। प्रदूषण का मुख्य कारण पीएम 10 को बताया गया है। इस तरह देखा जाए तो शहर के तीन अलग-अलग क्षेत्र में पहली बार अलग-अलग कारणों से प्रदूषण बढ़ा है। इधर, शाम के समय मौसम में नमी 33 प्रतिशत दर्ज की गई। इस तरह न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस और सामान्य से 3.2 डिग्री कम है। पहली बार तीन इलाके, तीन वैज्ञानिक कारण विशेषज्ञों के मुताबिक यह पहला मौका है जब राजधानी के तीन अलग-अलग हिस्सों में तीन अलग वैज्ञानिक कारणों से प्रदूषण बढ़ता दर्ज किया गया। इससे साफ है कि शहर में प्रदूषण अब किसी एक स्रोत तक सीमित नहीं रह गया है। नमी घटते ही क्यों बिगड़ी हवा? शाम के समय वातावरण में नमी 33 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.2 डिग्री कम है। अब तक ज्यादा नमी के कारण हवा में ड्रॉपलेट्स (सूक्ष्म जल-बूंदें) बन रही थीं। ये बूंदें हवा में मौजूद धूलकणों और पीएम 10 व पीएम 2.5 से चिपककर उनका वजन बढ़ा देती थीं, जिससे वे जमीन पर बैठ जाते थे और हवा अपेक्षाकृत साफ बनी रहती थी।
8 लाख कर्मियों की बचत की सही गणना का सिस्टम तैयार
मप्र के करीब 8 लाख कर्मचारियों की बचत की अब सही गणना होगी। उन्हें 25 हजार से लेकर 2 लाख रुपए तक अतिरिक्त राशि मिल सकेगी। प्रदेश में पुरानी पेंशन, एनपीएस और यूपीएस में शामिल लगभग 8 लाख अधिकारी-कर्मचारी तीन योजनाओं- फैमिली बेनिफिट फंड, जीआईएस ग्रुप इंश्योरेंस स्कीम और शासकीय समूह बचत योजना के अंतर्गत आते हैं। इन योजनाओं में क्लास-1 अधिकारियों के वेतन से हर महीने 600 रुपए, क्लास-2 से 400 , क्लास-3 से 200 और क्लास-4 कर्मचारियों से 100 रुपए की कटौती होती है। इसमें 70% राशि बचत और 30% बीमा में जमा होती है। अब तक समस्या थी कि कार्यालय प्रमुख ब्याज की गणना अपने स्तर पर करते थे। गणना में त्रुटियों के कारण कर्मचारियों को उनकी देय राशि कम मिल रही थी, जो 25 हजार से 2 लाख रुपए तक का अंतर पैदा कर रही थी। केंद्रीकृत एप्लीकेशन से दूर होगी गड़बड़ी गड़बड़ी को दूर करने के लिए वित्त विभाग ने एप्लीकेशन https://www.pension. mp.gove.in विकसित की है। सभी अधिकारियों को इसी एप्लीकेशन से संबंधित योजना के अनुसार गणना कर भुगतान करने के निर्देश दिए हैं । वित्त विभाग ने शनिवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। ऐसी व्यवस्था लागू करने वाला मप्र पहला राज्य है। हो रही थी यह दिक्कत अब तक क्लास-1 अधिकारियों के वेतन से कटने वाले 600 रुपए में से 420 रुपए बचत और 180 रुपए बीमा में जाते थे। सेवा के दौरान मृत्यु होने पर 7.50 लाख का भुगतान होता था। सेवा पूर्ण होने पर बचत राशि ब्याज सहित देय होती थी। इसमें हर माह कटने वाली 420 रुपए की बचत राशि का रिकॉर्ड और ब्याज गणना नहीं हो पा रही थी।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल बोले:इंदौर की घटना सबक है... जहां कमी है उसे दूर करेंगे
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने शनिवार को कहा कि इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों की घटना दुखद है। इससे सबक लेना जरूरी है। सिस्टम में जहां भी कमी है, उसे दूर किया जाएगा। सरकार ने दोषियों पर कार्रवाई की है। मामले में सरकार ने संज्ञान लिया है और संगठन भी संज्ञान ले रहा है। ऐसी कोई घटना भविष्य में कहीं भी न हो, इसकी चिंता सरकार और संगठन को मिलकर करनी चाहिए। खंडेलवाल सैलाना रोड पर विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन-ग्रामीण (वीबी-जी रामजी) योजना को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। जी रामजी में 185 दिन मिलेगा रोजगार खंडेलवाल ने कहा कि जी रामजी योजना में मजदूरों को 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है। इसके अलावा 60 दिन खेतों में मजदूरी का अवसर भी मिलेगा। योजना का उद्देश्य बुवाई और कटाई के समय खेती के लिए मजदूर उपलब्ध कराना है। रोजगार न मिलने पर मजदूरी भत्ते का प्रावधान भी है। गांधीजी के विचार भाजपा की नीति में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज और स्वदेशी के विचारों को व्यवहार में उतारा है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का जितना सम्मान भाजपा कर रही है, उतना किसी अन्य राजनीतिक दल ने नहीं किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को लोकपथ 2.0 एप लॉन्च किया। एप का नया वर्जन सिर्फ सड़कों के गड्ढे ही नहीं बताएगा बल्कि सड़क पर चलने वालों को आगे आने वाले ब्लैक स्पॉट, अंधे मोड़, संकरी सड़क या अनधिकृत कट के बारे में 500 मी पहले ही अलर्ट दे देगा। जिस सड़क से यात्रा कर रहे हैं, उस पर कितने टोल प्लाजा, पर्यटक-धार्मिक स्थल, पेट्रोल पंप, गैस स्टेशन या इमरजेंसी सेवाएं मौजूद हैं, ये भी एप से यात्रा शुरू करने से पहले ही पता लगा सकते हैं।मुख्यमंत्री ने कहा क साल 2014 से पहले तो विभाग के काम नारियल फोड़ने और फीता काटने तक ही सीमित थे। उस समय किसी प्रशासनिक अधिकारी को अपने तेवर या तीखापन दिखाना हो तो 2 -3 विभागों में पीडब्ल्यूडी का नाम ले लेते थे। इसको देखकर कष्ट भी होता था। पर अब दो सालों की उपलब्धियों के आधार पर मैं कह सकता हूं कि टेक्नोलॉजी से नवाचार कर और पैसे का सही उपयोग कर विभाग सही दिशा में बढ़ रहा है। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि पीडब्ल्यूडी लगातार ट्रेनिंग -शोध करके अगले दो सालों में देश के सबसे दक्ष इंजीनियरों का समूह बन जाएगा। लोकपथ एप 2.0 को लॉन्च के मौके पर सीएम मोहन यादव, पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह और विभाग से जुड़े अधिकारी। मौसम की भी जानकारी मिलेगी लोकपथ ऐप मार्ग में आगे दिखने वाले मौसम जैसे बारिश, तेज हवा की जानकारी भी देगा। इसके अलावा ड्राइवर को पूरे रास्ते अपडेट करता रहेगा। अनुमान है कि अलर्ट मिलने से हादसे की संभावना घटेगी। इंजीनियरों को दी ट्रेनिंग
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को एक और महिला सुनीता वर्मा की मौत हो गई। इसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है। 12 मरीज अब भी ICU में हैं। सभी की हालत गंभीर बनी हुई है। चार मरीज तो वेंटिलेटर पर हैं। उन्हें इसी स्थिति में 8 से 10 दिन हो चुके हैं, लेकिन कोई खास रिस्पॉन्स नहीं मिल पाया है। डॉक्टरों की एक टीम लगातार उनकी मॉनिटरिंग कर रही है। परिजन बार-बार पूछ रहे हैं कि हालत में कब तक सुधार होगा। डॉक्टरों का जवाब होता है कि धीरे-धीरे ही सुधार संभव है, लेकिन स्थिति अभी भी चिंताजनक है। इस पर परिजन कहते हैं कि हमसे उनकी यह स्थिति देखी नहीं जाती है। अब कुछ भी नहीं बचा है, उन्हें इसी हालत में हमें सौंप दीजिए। इसी तरह, धार के एक रिटायर्ड पुलिसकर्मी की भी इस हादसे में मौत हो चुकी है। मुआवजे के लिए उनके बेटे से आधार कार्ड में भागीरथपुरा का पता मांगा जा रहा है। इस पर उनका कहना है कि बीमारी आधार कार्ड देखकर नहीं आई थी। वे यहां आए थे और अपनी जान गंवा बैठे। अब आधार कार्ड में भागीरथपुरा का पता कहां से लाएं? वहीं, शनिवार को भागीरथपुरा में डायरिया के 19 मरीज और आए हैं। इनमें से 2 को हॉस्पिटल रेफर किया। पूरे मामले में अब तक 420 मरीज एडमिट हो चुके हैं। इनमें से 379 को डिस्चार्ज कर दिया है। अभी 41 मरीज एडमिट हैं। डॉक्टर्स बोले-स्थिति नाजुक, घर ले जाना जोखिम भराभले ही मरीज के इलाज का सारा खर्च शासन द्वारा वहन किया जा रहा है लेकिन परिजनों की हिम्मत जवाब देने लगी है। कुछ मरीज के परिजन उन्हें घर ले जाना चाहते हैं। जिस पर पहले तो डॉक्टर हेल्थ प्रोटोकॉल, केस में शासन की निगरानी का हवाला देते रहे लेकिन अब स्थिति अलग है। उन्हें यह बताया जा रहा है कि स्थिति बहुत नाजुक है। अगर ऐसी स्थिति में घर ले जाया गया तो वह जोखिम भरा रहेगा। साहब, जैसी हालत वैसे ही हमें सौप दोपरिजन का भी अपना मत है कि यूं भी उनकी हालत में अब कोई सुधार नहीं हो रहा है। कुछेक के परिजन तो यहां तक बोल चुके हैं कि साहब अब उनकी जैसी हालत है, वैसी हालत में ही हमें सौंप दो। वेंटिलेटर पर लगी ऑक्सीजन, अलग-अलग नली, कई तरह के सिस्टम, इस प्रकार की स्थिति देखी नहीं जाती है। इससे बेहतर है कि हम उन्हें घर ही ले जाए। इसके लिए लिखकर देने को भी राजी हैं कि हम इन्हें अपनी जिम्मेदारी पर घर ले जा रहे हैं। किसी की किडनी खराब, तो किसी का लिवरएडमिट होने के दौरान इन मरीजों को उल्टी, दस्त हुए थे जिससे शरीर में पानी की मात्रा काफी कम हो गई थी। इसके बाद हालत खराब होती गई। फिर किसी की किडनी खराब हुई तो किसी का लिवर। किसी मरीज को तो इसका असर ब्रेन तक हो गया है। डॉक्टरों का अपना तर्क है कि कुछ को पहले से बीमारी थी। आज इनमें से कुछ के परिजन अपने मुखिया को डिस्चार्ज करवाकर घर ले जाने की तैयारी में है। मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव की दोनों किडनी खराबएक मरीज सतीश अग्रवाल अभी आईसीयू में हैं। वे मार्केटिंग एक्जीक्युटिव है। उनका भागीरथपुरा में इसी काम से आना-जाना था। इसी दौरान वे भी दूषित पानी का शिकार हो गए। पहले उन्हें एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। फिर पता चला कि किडनी खराब है तो एक अन्य हॉस्पिटल में रेफर किया गया। वहां उनकी हालत में और गिरावट आई। अब उनकी दोनों किडनियां खराब हो चुकी है और डायलिसिस चल रहा है। परिवार की परेशानी यह है कि चूंकि वे भागीरथपुरा में नहीं रहते हैं इसलिए उन्हें शासन इस मामले में शामिल ही नहीं कर रहा है। उन्हें तो यह तक कहा गया कि कैसे मान ले कि भागीरथपुरा के दूषित पानी से ही उनकी हालत बिगड़ी। नजदीकी लोगों का कहना है कि वे तो पूरी तरह स्वस्थ थे और कोई बीमार नहीं थे लेकिन यकीन नहीं किया जा रहा है। आधार कार्ड देखकर नहीं आती बीमारीऐसा ही एक मामला धार के बुजुर्ग ओमप्रकाश शर्मा का है, जिनकी मौत इसी हफ्ते में हुई थी। शासन ने उन्हें भी मुआवजा सूची में नहीं माना है। उनके बेटे गौरव शर्मा ने कहा कि वे पूरी तरह स्वस्थ है। भागीरथपुरा में अपने एक परिचित के यहां गए थे। इसी दौरान दूषित पानी पीने के बाद उनकी हालत खराब हुई और मौत हो गई। गौरव का कहना है अधिकारी कहते हैं कि पिताजी के भागीरथपुरा का आधार कार्ड बताइए। क्या पीड़ितों या दिवंगतों का भागीरथपुरा निवासी होना जरूरी है? क्या वायरस आधार कार्ड देखकर ही किसी पर अटैक करता है? प्रत्येक नागरिक को दिए जाएंगे स्वास्थ्य कार्डशनिवार को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने समीक्षा बैठक की। जिसमें कहा कि वर्तमान में स्वास्थ्य की दृष्टि से स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है और नियंत्रण में है। फिलहाल कोई भी गंभीर (सीरियस) मामला सामने नहीं है। इसके बावजूद एहतियातन भागीरथपुरा क्षेत्र के प्रत्येक परिवार का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए अभियान शुरू किया जा रहा है। क्षेत्र के लगभग 50 से 60 हजार नागरिकों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए संपूर्ण स्वास्थ्य दल तैनात रहेगा। जांच के दौरान यदि किसी प्रकार की समस्या पाई जाती है तो तत्काल उपचार और फॉलो-अप सुनिश्चित किया जाएगा। प्रभावित नागरिकों को स्वास्थ्य कार्ड भी प्रदान किए जाएंगे। नागरिकों की विभिन्न प्रकार की जांचें नि:शुल्क की जाएंगी। नए बोरिंग खनन पर लगेगी रोकइंदौर में नए बोरिंग खनन पर रोक लगाया जाएगा। वहीं, भागीरथपुरा क्षेत्र में पाइपलाइन का काम प्रगति पर है। लगभग 30 प्रतिशत क्षेत्र में पाइपलाइन डाली जा चुकी है और उसकी टेस्टिंग भी पूरी हो चुकी है। जल के सैंपल लेकर लगातार जांच की जा रही है। पूरी तरह पीने योग्य होने की पुष्टि के बाद तीन दिन के भीतर नर्मदा का पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। भागीरथपुरा में 114 सरकारी और 80 से अधिक निजी ट्यूबवेल हैं। जल परीक्षण में पानी पीने योग्य नहीं पाए जाने पर सभी ट्यूबवेलों में क्लोरीनेशन कराया गया है। मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें... 1. इंदौर दूषित पानी से 21वीं मौत:एक और महिला ने दम तोड़ा, अभी भी 4 मरीज वेंटिलेटर पर, 11 आईसीयू में भर्ती 2. भागीरथपुरा के वो 3 जहरीले दिन, जिन्होंने छीनीं 20 जानें:पानी में थे बेहद बारीक कीड़े और बदबू...लोग पीते रहे 3. हमें भी शुद्ध पानी उपलब्ध कराओ 'सरकार':भागीरथपुरा के दिव्यांगों की गुहार- हम बोल और सुन नहीं सकते 4. क्या हकीकत छिपा रहा इंदौर प्रशासन?:20 की जान गई, मुआवजा 18 को…सरकारी आंकड़े 4 पर सीमित क्यों? 5. बिना पोस्टमॉर्टम कई शवों का हुआ अंतिम संस्कार: भागीरथपुरा दूषित पानी से मौत कैसे होगी साबित
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की अगुआई की तस्वीर साफ होती जा रही है। कांग्रेस सोर्सेज के मुताबिक पूर्व CM चरणजीत चन्नी की अगुआई में ही कांग्रेस चुनावी अखाड़े में उतरेगी। इसके संकेत कांग्रेस की मनरेगा बचाओ रैलियों से मिलने शुरू हो गए हैं। जिनमें प्रदेश प्रधान सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने CM कुर्सी का दावा छोड़ दिया है। पूर्व कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू पहले ही एक्टिव पॉलिटिक्स से बाहर हो चुके हैं। हालांकि कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप बाजवा जरूर अभी अड़े हुए हैं। वह रैलियों में सरकार आने पर जिस तरह से कार्रवाई का ऐलान कर रहे हैं, उससे लग रहा है कि वह अभी भी खुद को CM चेहरे की दौड़ में बनाए हुए हैं। इसके उलट चन्नी पार्टी के भीतर साइलेंट पॉलिटिक्स कर रहे हैं। चन्नी को अगले मुख्यमंत्री के तौर पर भले ही कांग्रेस के भीतर और सोशल मीडिया पर चन्नी को सपोर्ट मिल रहा हो लेकिन वह खुद कोई दावा नहीं कर रहे। CM चेहरे को लेकर किसने क्या कहा... बाजवा के CM चेहरे वाले तेवर क्यों... चरणजीत चन्नी की दावेदारी मजबूत क्यों? हाईकमान मंच से ऐलान क्यों करा रहाCM की कुर्सी पर दावेदारी से अचानक कांग्रेसियों का मोहभंग क्यों, इसके पीछे हाईकमान की प्लानिंग है। 2022 के चुनाव में चन्नी और नवजोत सिद्धू की लड़ाई से कांग्रेस 18 सीटों पर सिमट गई। इस बार हाईकमान नहीं चाहता कि सीएम कुर्सी को लेकर अभी से झगड़ा शुरू हो। इसलिए हाईकमान के दूत पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल की मौजूदगी में वड़िंग और रंधावा से ऐलान कराया गया है। आने वाले दिनों में प्रताप बाजवा भी इसको लेकर दावा छोड़ते नजर आ सकते हैं। 2027 में कांग्रेस की क्या स्थितिपॉलिटिकल एक्सपर्ट्स मानते हैं कि मौजूदा राजनीतिक हालात देखें तो पंजाब में AAP के मुकाबले अभी कांग्रेस ही नजर आती है। अकाली दल ने तरनतारन उपचुनाव और जिला परिषद–ब्लॉक समिति उपचुनाव में अच्छी परफॉर्मेंस जरूर दिखाई लेकिन अभी वे बराबरी के मुकाबले में नजर नहीं आते। भाजपा जरूर वोट शेयर बढ़ा रही है लेकिन गांवों में आधार नहीं है। कांग्रेस हाईकमान के पास भी ये अच्छा मौका है क्योंकि पंजाब उन राज्यों में से एक है, जहां भाजपा की राजनीतिक पकड़ कमजोर है। ऐसे में यहां कांग्रेस के चांसेज ज्यादा हैं। ------------- ये खबर भी पढ़ें... राजा वड़िंग बोले- मैं मुख्यमंत्री कैंडिडेट नहीं, रंधावा ने कहा- चीफ मिनिस्ट्री नहीं पंजाब में सरकार चाहिए; बाजवा के CM वाले तेवर, चन्नी गैरहाजिर पंजाब में कांग्रेस सांसद व पूर्व डिप्टी CM सुखजिंदर रंधावा ने बलाचौर की स्टेज से ऐलान किया कि हम में से किसी को भी चीफ मिनिस्ट्री यानी मुख्यमंत्री की कुर्सी नहीं चाहिए। हमें सिर्फ पंजाब में कांग्रेस की सरकार चाहिए। हालांकि जिस वक्त रंधावा ने ये बात कही, तब CM कुर्सी के दावेदारों में शुमार पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी और प्रताप बाजवा जैसे बड़े चेहरे वहां नहीं थे। पूरी खबर पढ़ें...
नूंह के बाद अब हरियाणा के महेंद्रगढ़ में भी रील बनाने के चक्कर में कॉलेज तोड़ने का वीडियो सामने आया है। यह वीडियो सरकारी कॉलेज के परिसर का बताया जा रहा है। जिसमें 12 से 15 युवा तोड़फोड़ कर रहे हैं। आग जला रहे हैं। हाथ में ताश और गिलास लिए हैं। गिलास में क्या है, यह स्पष्ट नहीं है। बैकग्राउंड में हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा का सॉन्ग ‘कॉलेज कांड’ बज रहा है। जिसके बोल हैं...आपां कोनी देख्या करदे कदे भी मुंह परिणामा के, तू यार सुधरता क्यों नी रै किसे तै डरता क्यों नी रै। क्यूं तेरी रुचि बढ़ती जावै हर दम हथियारां मैं... वीडियो सामने आने के बाद शहर के सामाजिक संगठनों ने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। वहीं, उस बारे में सरकारी कॉलेज के कार्यवाहक प्रिंसिपल विजय यादव ने कहा कि वीडियो में दिख रहे युवाओं की पहचान का प्रयास किया गया। ये शायद आउटसाइडर्स हैं। इससे पहले नूंह के सरकारी पॉलिटेक्निक में भी ऐसा ही वीडियो वायरल हुआ था। जिस पर कार्रवाई करते हुए 12 स्टूडेंट्स को सस्पेंड किया गया। सबसे पहले जानिए….वीडियो में क्या करते दिख रहे युवावीडियो में कुछ युवक कॉलेज परिसर में पेड़ों की सुरक्षा के लिए लगाए गए ट्री गार्ड को एक-एक कर तोड़ते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवक जानबूझकर लोहे के ट्री गार्ड को उखाड़ते और नुकसान पहुंचाते हैं। करीब 15 सेकेंड की इस वीडियो में युवा पत्थर से लकड़ी तोड़ते, कॉलेज के पेड़ों के लगे ट्री गार्ड तोड़ते, ताश खेलते, आग जलाकर सेंकते, एक दूसरे को भाग कर पकड़ते और गिलास में कुछ पीते दिखाई दे रहे हैं। पूरी घटना को रील बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया। सामाजिक संगठन बोले- सख्त कार्रवाई होमहेंद्रगढ़ के सोहन सिंह, धर्मेंद्र यादव, सतबीर ने कहा कि इस तरह रील्स के लिए हरकतें करना गलत है। जिला प्रशासन और विभिन्न सामाजिक संगठन हर वर्ष “पेड़ लगाओ, पर्यावरण बचाओ” जैसे अभियानों पर लाखों रुपए खर्च करते हैं, ताकि हरियाली बढ़े और पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके। सरकारी धन से लगाए गए ट्री गार्ड को नुकसान पहुंचाना सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की श्रेणी में आता है। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। साथ ही अनुशासन बनाए रखने के लिए ऐसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रिंसिपल बोले- शायद ये आउट साइडर्स इस बारे में कार्यवाहक प्राचार्य विजय यादव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह घटना सात या आठ जनवरी की है। जिस समय कॉलेज में एग्जाम चल रहे थे। उन्होंने बच्चों की पहचान की है, इसमें कोई कॉलेज का स्टूडेंट नहीं लग रहा। ये युवा आउट साइडर्स हो सकते हैं, जो एग्जाम देने वालों के साथ आए होंगे। पास की एकेडमी के भी हो सकते हैं। अगर कॉलेज का कोई स्टूडेंट इसमें इन्वॉल्व पाया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसी ही वीडियो नूंह के सरकारी पॉलिटेक्निक में भी बनीबीते 22-23 दिसंबर को नूंह में भी ऐसा ही वीडियो सामने आया था। जिसमें रील बनाने के चक्कर में मालब स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में छात्रों ने वर्कशॉप में तोड़फोड़ की थी। उस रील का टाइटल दिया था- फ्यूचर इंजीनियर। बैकग्राउंड में मेवाती सॉन्ग बज रहा था। जिसके बोले थे-अब तक याने भेड़ चराई अब फैशन कु पचरो। उल्टी बुरसट पहनके कहरो केसों में लगरसा, हंसा के नी पागल बना दी मोलू यूरिया की चाय बना दी...अनपढ़ सु करा दी मेरी शादी मोलू यूरिया की चाय बना दी। इस सॉन्ग का मतलब है- अभी तक इसने भेड़ चराई हैं, लेकिन अब फैशन की कोशिश कर रहा है। उल्टी शर्ट पहनकर कह रहा है कि मैं कैसा लग रहा हूं, हंस हंसकर में पागल हो गई, अनपढ़ व्यक्ति से कर दी मेरी शादी, मेरे लिए यूरिया की चाय बना दी। तब 12 स्टूडेंट्स को सस्पेंड किया नूंह के मामले में कॉलेज प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की। 12 छात्रों को आगामी आदेशों तक सस्पेंड कर दिया गया है। कॉलेज के प्रिंसिपल रहीस अहमद ने बताया था कि यह निलंबन अस्थायी है और मामले की विस्तृत जांच होगी। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। निलंबित छात्रों की काउंसलिंग भी करवाई गई, ताकि वे भविष्य में इस तरह की अनुशासनहीन गतिविधियों से दूर रहे। साथ ही छात्रों के परिजनों को भी जांच प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा, ताकि बच्चों की गलतियों को समझाकर उनमें सुधार लाया जा सके। -------------- यह खबर भी पढ़ें... हरियाणा में रील वायरल करने को कॉलेज में तोड़फोड़,VIDEO: टाइटल दिया- फ्यूचर इंजीनियर; बैकग्राउंड में सॉन्ग-अब तक याने भेड़ चराई अब फैशन कु पचरो हरियाणा के एक पॉलिटेक्निक कॉलेज की वर्कशॉप में सामान तोड़-फोड़ करने की एक रील तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। यह रील कुछ स्टूडेंट्स ने बनाई है, जिसका टाइटल दिया है- फ्यूचर इंजीनियर। पड़ताल में पता चला कि ये वीडियो नूंह जिले के मालब स्थित गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक का है। (पूरी खबर पढ़ें)
हरियाणा के यमुनानगर में श्यामपुर गांव के सरपंच जसबीर सिंह की पत्नी बलजिंद्र कौर का हत्यारा इनका ही बेटा गोमित राठी निकला। गोमित पास के ही गांव की एक युवती के साथ 4 साल से रिलेशन में था। गोमित की मां को ये रिश्ता मंजूर नहीं था। इसी विवाद के कारण गोमित को परिवार ने इंग्लैंड भेज दिया। 18 दिसंबर को गोमित ने इंडिया आने का प्लान बनाया। इसमें उसने अपने दोस्त पंकज को भी शामिल कर लिया। पंकज ने ही इंडिया में गोमित को छिपाने का अरेंजमेंट किया। दिल्ली से दोनों खाटूश्यामजी दर्शन करने के लिए गए। वहां से आने के बाद गोमित ने करनाल में PG लिया। 6 दिन यहां रहने के बाद 24 दिसंबर को उसने श्यामपुर गांव जाकर मां की हत्या कर दी। इसके बाद वह परिवार को दर्शाता रहा कि वह इंग्लैंड में ही है। परिवार का फोन आने के बाद उसने उन्हें इंग्लैंड से इंडिया आने की बात कही। पुलिस जांच में पारिवारिक झगड़े की बात सामने आने की बात के बाद गोमित फंस गया। अब सिलसिलेवार ढंग से जानिए इंग्लैंड से आकर हत्या करने की पूरी कहानी.... 2 पॉइंट में जानिए कैसे फंसा गोमित.... -------------------------- ये खबर भी पढ़ें :- लव मैरिज न कराने पर मां की हत्या:इंग्लैंड से यमुनानगर आया बेटा, 6 दिन छुपा रहा; डंडे मार गला दबाया, हौद में फेंकी लाश हरियाणा के यमुनानगर में श्यामपुर गांव के सरपंच की पत्नी का शव मिलने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। महिला की हत्या उसके बेटे ने ही की थी। बेटा लव मैरिज करना चाहता था, जबकि मां इसके खिलाफ थी। पढ़ें पूरी खबर...
दतिया में विद्युत वितरण कंपनी रविवार को शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में मेंटेनेंस का कार्य करेगी। इस वजह से शहरी इलाकों में 4 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। मेंटेनेंस के चलते अलग-अलग फीडरों पर अलग-अलग समय पर शटडाउन लिया जाएगा। शहर में सुबह 6:30 से 10:30 बजे तक कटौती शहर के विभिन्न इलाकों में सुबह 6:30 बजे से 10:30 बजे तक बिजली बंद रहेगी। प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं... ग्रामीण इलाकों में सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक बंद ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। इसमें बड़ौनी, लमकना, औरीना और घूघसी सब स्टेशन शामिल हैं। इनसे जुड़े फीडर प्रभावित रहेंगे: समय में हो सकता है बदलाव विद्युत वितरण कंपनी ने सूचित किया है कि मेंटेनेंस कार्य की आवश्यकता के अनुसार बिजली कटौती का समय घटाया या बढ़ाया जा सकता है।
मध्यप्रदेश का ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग कोल्ड वेव यानी, शीतलहर से ठिठुर रहा है। रविवार को ग्वालियर, दतिया समेत 7 जिलों में शीतलहर का अलर्ट है। 20 से अधिक जिले सुबह कोहरे के आगोश में है। 2 दिन तक दिन-रात के पारे में उतार-चढ़ाव रहेगा लेकिन 3 दिन बाद फिर से कड़ाके की ठंड का दौर शुरू होगा। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और सतना में सर्द हवाएं चलेगी। इससे यहां दिन का तापमान भी कम रहेगा। वहीं, सुबह के समय ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, इंदौर, भोपाल, उज्जैन, रायसेन, शाजापुर, देवास, सीहोर, गुना, अशोकनगर, विदिशा में कहीं घना तो कहीं मध्यम कोहरा रहा। खजुराहो सबसे ठंडा, पारा 3.6 डिग्रीबीती रात प्रदेश के 25 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा। छतरपुर का खजुराहो लगातार दूसरी रात सबसे ठंडा था। यहां तापमान 3.6 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार-शनिवार की रात में शिवपुरी में 4 डिग्री, राजगढ़ में 4.4 डिग्री, दतिया में 4.6 डिग्री, नौगांव में 5 डिग्री, रीवा में 5.5 डिग्री, मंडला में 6 डिग्री, पचमढ़ी में 6.4 डिग्री और उमरिया में तापमान 6.9 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े 5 शहरों में ग्वालियर में सबसे कम 5.9 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 7.2 डिग्री, इंदौर में 6.9 डिग्री, उज्जैन में 9 डिग्री और जबलपुर में तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस रहा। वेस्टर्न डिस्टरबेंस गुजरने के बाद बढ़ेगी ठंडसीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अगले दो दिन के लिए कोहरे और शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। अभी उत्तरी हिस्से में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। यह सिस्टम जब आगे बढ़ेगा तो ठंड का असर भी बढ़ जाएगा और तापमान में गिरावट होगी। वर्तमान में उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर समुद्र तल से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर करीब 252 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से जेट स्ट्रीम हवाएं बह रही है। इसका असर एमपी पर भी है और उत्तरी हिस्सा कांप रहा है। कोहरे से ट्रेनों की टाइमिंग पर असरकोहरे की वजह से दिल्ली से प्रदेश में आने वाली ट्रेनों की टाइमिंग पर असर पड़ा है। खासकर मालवा, पंजाब मेल, जन शताब्दी जैसी ट्रेनें हर रोज लेट हो रही है। मालवा एक्सप्रेस भोपाल में 5 से 6 घंटे तक लेट आ रही है। रविवार को भी टाइमिंग पर असर पड़ रहा है। इस बार कड़ाके की ठंड का दौरइस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चल रही है। ठंड के लिए इसलिए खास जनवरीमौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे। MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड... भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्प्रेचरभोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। वहीं, दिन में गर्मी का एहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 में हुई थी। इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पाराइंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 में पारा माइनस 1.1 डिग्री दर्ज किया गया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी। जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था पाराजबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। इस महीने सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडाउत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 को कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पाराउज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्प्रेचर 2 से 5.8 डिग्री सेल्सियस तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी।
दिग्विजय सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री इंदौर में दूषित पेयजल के कारण 20 से अधिक नागरिकों की मृत्यु एक गहरी मानवीय त्रासदी है। जिन जिंदगियों को दूषित पानी ने निगल लिया, उन्हें न तो लौटाया जा सकता है और न ही किसी मुआवजे से परिजनों का दुःख कम किया जा सकता है। हाँ, एक काम अवश्य किया जा सकता है- पता लगाया जाए कि लापरवाही और भ्रष्टाचार का कौन है जिम्मेदार, नीलकंठ और उत्तरदायित्व की स्वच्छ जल व्यवस्था में कब और कैसे मिल गया। अपनी सार्वजनिक जीवन में मैं सदैव उत्तरदायित्व स्वीकार करने का पक्षधर रहा हूँ। व्यवस्था के केंद्र में कोई भी दल या व्यक्ति हो, उसका प्रथम दायित्व नागरिकों के लिए सुरक्षित, स्वस्थ और भयमुक्त जीवन का बुनियादी ढाँचा उपलब्ध कराना होता है। 1985 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने प्रसिद्ध वास्तुकार चार्ल्स कोरिया की अध्यक्षता में राष्ट्रीय शहरीकरण आयोग का गठन कर शहरी विकास के प्रति दूरदृष्टि दिखाई थी। आयोग ने समग्र शहरी नियोजन, जन-भागीदारी और स्थानीय निकायों की सशक्त भूमिका पर बल दिया। दुर्भाग्यवश, उनकी असमय हत्या के कारण आयोग की सिफारिशें पूरी तरह लागू नहीं हो सकीं। यद्यपि, इन्हीं सिफारिशों के आधार पर 74वाँ संविधान संशोधन हुआ, जिसने शहरी सुधारों की नींव रखी। प्रश्न यह है कि क्या आज भी शहरी नियोजन में वैसी दूरदृष्टि शेष है, या हम केवल स्मार्ट सिटी के चमकते पोस्टरों में उलझकर अव्यवस्थित शहरीकरण की कठोर सच्चाई से आंखें मूंदे हुए हैं? इंटरनेशनल सेंटर फॉर सस्टेनेबिलिटी की एक रिपोर्ट बताती है कि भारत का लगभग 70% पानी दूषित हो चुका है। भोपाल, ग्वालियर, इंदौर और जबलपुर जैसे शहरों के बुनियादी ढाँचे को सुधारने और नागरिकों को बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 2003 में 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर का ऋण प्राप्त हुआ था, जो आज के मूल्य पर 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक बैठता है। यह प्रश्न स्वाभाविक है कि इस धनराशि का कितना और कैसे उपयोग हुआ, और उसका लाभ आम नागरिक तक क्यों नहीं पहुंचा? प्रधानमंत्री द्वारा प्रारंभ किया गया राष्ट्रीय जल जीवन मिशन एक सराहनीय पहल थी, किंतु इसके क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। मप्र में विपक्ष के साथ-साथ सत्तारूढ़ दल के विधायकों ने भी इस योजना में लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाने वाली एजेंसियों, सामग्री आपूर्तिकर्ताओं और स्वीकृति देने वाले अधिकारियों की मिलीभगत एक स्कैंडल खड़ा करती रही और स्मार्ट सिटी योजनाओं का महिमामंडन होता रहा। राज्य की अनेक ग्राम पंचायतों में गुजरात की कंपनियों को कैसे ठेके दिए गए, यह भी सवालों के घेरे में है। कई कंपनियों ने कार्य पूर्ण किए बिना ही भुगतान ले लिया, बाद में उन्हें ब्लैकलिस्ट किया गया। फिर वही लोग अन्य नामों से ठेके लेते रहे। के.एल. गांधी कंस्ट्रक्शन (सूरत), इन्फ्रास्ट्रक्चर कंस्ट्रक्शन (सूरत), अमृत इन्फ्राप्रोजेक्ट (सूरत), नीलकंठ कॉर्पोरेशन (अहमदाबाद), वेस्टकॉन इन्फ्रा (सूरत), जयखंडेश्वर इंटरप्राइजेज और ग्रीन कंकीट कंस्ट्रक्शन (अहमदाबाद) जैसी कंपनियों को किन शर्तों पर ठेके मिले- यह जानने का अधिकार नागरिकों को है। क्या इंदौर के भागीरथपुरा में भ्रष्टाचार का यही सीवेज पेयजल की पाइपलाइनों में नहीं मिला होगा? पहाड़ी और वनांचल क्षेत्रों में जल भंडारण के लिए ओवरहेड टैंक नहीं बनाए गए। अनेक गांवों में केवल स्टैंड लगा दिए गए, जिनमें न पाइप है, न पानी। आदिवासी क्षेत्रों में कई पंचायत प्रतिनिधियों तक यह जानकारी नहीं है कि उनकी पंचायतों में नल-जल योजना कागजों में पूरी घोषित कर दी गई है। जब राजधानी भोपाल में ही जल परीक्षण के लिए पर्याप्त सुविधाएं और अमला उपलब्ध नहीं है, तो ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्थिति की अपेक्षा कैसी की जा सकती है? यदि भारत के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी से लोगों की जान जा सकती है, तो यह मानना कठिन नहीं कि दूरस्थ और वंचित अंचलों में कैसी नीतियां अनदेखी रह जाती होंगी। आजादी के समय देश की मात्र 17% आबादी शहरों में रहती थी, जो आज लगभग 31% हो चुकी है। 2030 तक यह 40% के आसपास होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती बन गया है। समस्या सिर्फ पाइपलाइन बिछाने से हल नहीं होगी। इसके लिए अवैध बस्तियों पर नियंत्रण, सीवेज और पेयजल लाइनों का पृथक्करण तथा हर 10 वर्ष में नया मास्टर प्लान अनिवार्य है। भोपाल में मेरे मुख्यमंत्री कार्यकाल में 1994 में मास्टर प्लान लागू किया गया था, जिसे 2004-05 में अपडेट किया जाना चाहिए था। दुर्भाग्यवश, पिछले 20 वर्षों में इस पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया। हम विकास के चमकते पोस्टर लगा सकते हैं, मेट्रो की पटरियों पर खाली घड़ियां चला सकते हैं, किंतु आम नागरिक के घर के नल से स्वच्छ जल नहीं निकलता, तो यह विकास अधूरा है।
रातापानी टाइगर रिजर्व अब केवल बाघ, तेंदुआ और अन्य वन्य प्राणियों के लिए ही नहीं, बल्कि पक्षियों की विविध प्रजातियों के लिए भी तेजी से पहचान बना रहा है। हाल ही में हुई पक्षी गणना (बर्ड सेंसस) में यहां 198 प्रजातियों के पक्षियों की उपस्थिति दर्ज की गई है। खास बात यह है कि रिजर्व अब साइबेरियन पक्षियों को भी आकर्षित कर रहा है, जिससे यह बर्ड वॉचर्स के लिए नया हॉट डेस्टिनेशन बनकर उभर रहा है। नोडल अधिकारी एवं एसडीओ औबेदुल्लागंज निकुंज पांडे ने बताया कि वन विभाग द्वारा 7 और 8 जनवरी को कराई गई गणना में दाहोद जलाशय में 119 प्रजातियों के पक्षी मिले। वहीं, बरुसोत क्षेत्र स्थित रातापानी डेम में 65 और झोलिया पुर तालाब में 14 प्रजातियों की पहचान की गई। यह रातापानी टाइगर रिजर्व में दूसरी बार पक्षी गणना कराई गई है। इससे पहले जनवरी 2022 में हुई गणना में 150 प्रजातियां दर्ज की गई थीं। अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष के आंकड़ों का अंतिम विश्लेषण अभी किया जाना शेष है, जिसके बाद पक्षियों की संख्या और विविधता में और बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। रिजर्व का पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता का विस्तार तालाब, नदी और खेतों तक सर्वे- गणना के तहत टीमों ने दाहोद बांध जलाशय, बरुसोत के रातापानी डैम और झोलिया तालाब के दोनों किनारों और बैकवाटर क्षेत्र का गहन सर्वे किया। आसपास के तालाबों, नदी किनारों, बस्तियों, खेतों और खुले इलाकों में भी पक्षियों की गणना की गई। इससे पता चला कि रिजर्व का पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता केवल जंगल तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के इलाकों तक फैली हुई है। पर्यटन की नई संभावनाएं औबेदुल्लागंज वन डिवीजन के डीएफओ हेमंत रैकवार का कहना है कि इस बर्ड सेंसस से सामने आया है कि रातापानी टाइगर रिजर्व में आने वाले पर्यटक अब केवल बाघ या तेंदुए ही नहीं, बल्कि विभिन्न प्रजातियों के रंग-बिरंगे पक्षियों को भी नजदीक से देख सकेंगे। इससे आने वाले समय में बर्ड वाचिंग और नेचर टूरिज्म को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। दुर्लभ प्रजातियों के पक्षी गणना में दिखे पक्षी गणना के दौरान कई दुर्लभ और प्रवासी प्रजातियां दर्ज की गईं। इनमें रेड हेडेड, इजिप्टियन, वाइट रम्पड और इंडियन वल्चर जैसे दुर्लभ गिद्ध शामिल रहे। तालाब, नदी और वेटलैंड क्षेत्रों में जैकाना, सैंडपाइपर, गल, टर्न, एग्रेट और कॉर्मोरेंट देखे गए। सर्दियों में साइबेरियन और अन्य प्रवासी पक्षियों की मौजूदगी रही, जबकि स्थानीय व शहरी क्षेत्रों में स्पैरो, सनबर्ड, प्रिनिया, स्टार्लिंग और रॉबिन जैसी प्रजातियां भी गणना में शामिल रहीं।
भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी) में शनिवार को तीन आधुनिक मेडिकल सुविधाओं की शुरुआत की गई। इनसे अब एसआईवी तथा हेपेटाइटिस-बी और सी जैसी गंभीर बीमारियों की पहचान विंडो पीरियड में ही संभव होगी, जिससे समय पर उपचार और रोकथाम में मदद मिलेगी। उद्घाटन स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव और आईसीएमआर महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने किया। उन्होंने गैस त्रासदी में दिवंगत नागरिकों को श्रद्धांजलि दी । इस दौरान इलाज के साथ शोध को समान महत्व देने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में आईसीएमआर की अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. संघमित्रा पति, बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव मौजूद रहे। बीएमएचआरसी में एनएएटी टेस्टिंग लैब की भी शुरुआत हुई। यह ब्लड सेंटर में आने वाली प्रत्येक रक्त यूनिट की अनिवार्य जांच करेगी। इससे एचआईवी तथा हेपेटाइटिस-बी और सी की शुरुआती अवस्था में ही पहचान संभव होगी। पारंपरिक जांचों की तुलना में यह तकनीक अधिक संवेदनशील है, जिससे संक्रमित रक्त के उपयोग की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी। यह सुविधा थैलेसीमिया, कैंसर और बार-बार रक्त आधान वाले मरीजों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगी। पता चलेगी फेफड़े की क्षमता बॉडी प्लेथसमोग्राफी मशीन फेफड़ों की क्षमता, वायुमार्ग अवरोध और गैस वॉल्यूम को मापने वाली उन्नत तकनीक है। गहरी सांस के बाद शेष कुल वायु की माप हो सकेगी। इससे सीओपीडी, अस्थमा और इंटरस्टिशियल लंग डिजीज में सटीक जानकारी मिलेगी। इससे इलाज की बेहतर योजना बनेगी। एक समय में कई स्तर की जांच- इम्यूनोअसे एनालाइजर (इंटीग्रेटेड बायोकेमेस्ट्री एंड इम्यूनोअसे एनालाइजर) मशीन तेज गति से हार्मोन प्रोफाइल, कैंसर मार्कर्स, संक्रमण संकेतक और बायोकेमिस्ट्री परीक्षणों को एक ही स्थान पर पूरा करेगी। गंभीर मरीजों के इलाज में समय की बचत और बाहरी लैब पर निर्भरता कम होगी।
आदिवासी बेटियों के लिए अपग्रेड होगा मिडिल स्कूल
राजधानी से महज 20 किलोमीटर दूर स्थित जिले के सबसे बड़े आदिवासी गांव केकड़िया की बेटियों का डॉक्टर और वैज्ञानिक बनने का सपना अब अधूरा नहीं रहेगा। गांव की शासकीय माध्यमिक शाला को हाईस्कूल में अपग्रेड करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस संबंध में राजभवन ने स्कूल शिक्षा विभाग को आवश्यक निर्देश दिए हैं। वहीं, शनिवार को राज्यपाल मंगुभाई पटेल स्वयं ग्राम केकड़िया पहुंचे और मिडिल स्कूल के छात्र-छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने बच्चों द्वारा बनाए गए शैक्षणिक मॉडलों को देखा और उनकी पढ़ाई की जानकारी ली। राज्यपाल के अपर सचिव द्वारा जारी पत्र में दैनिक भास्कर में 20 दिसंबर को प्रकाशित समाचार “राजधानी सिर्फ 20 किलोमीटर दूर, पर पढ़ाई का सफर कोसों दूर, 8वीं के बाद नहीं पढ़ पाती हैं आदिवासी बेटियां”का प्रमुखता से उल्लेख किया गया है। इसके बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया। शिक्षा विभाग ने प्रक्रिया शुरू की जिला शिक्षा अधिकारी (भोपाल) ने 1 जनवरी 2026 को विकासखंड स्रोत केंद्र समन्वयक (फंदा ग्रामीण) को आदेश जारी कर ग्राम केकड़िया स्थित शासकीय माध्यमिक शाला को हाईस्कूल में उन्नयन के लिए परीक्षण प्रतिवेदन मांगा। यह ईमेल और हार्डकॉपी दोनों माध्यमों से भेजा गया, जिसे आगे स्कूल शिक्षा विभाग को सौंप दिया गया है। अंतिम निर्णय अब विभाग स्तर पर लिया जाना है। राजभवन के पत्र में उल्लेख किया गया है कि पिछले पांच वर्षों में माध्यमिक शिक्षा के बाद लगभग 69 जनजातीय छात्राओं ने पढ़ाई छोड़ दी। कारण यह है कि निकटतम हाईस्कूल 7 से 8 किलोमीटर दूर है और वहां तक पहुंचने का रास्ता घने जंगल से होकर गुजरता है, जहां सार्वजनिक परिवहन की कोई सुविधा नहीं है। केकड़िया में हाईस्कूल खुलने से रसूलिया, भानपुर, खाकरडोल, अमरपुरा, समसपुरा, सरौतीपुरा और बावड़ीखेड़ा सहित आसपास के गांवों के विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र अहिरवार ने बताया, “हमने स्कूल से जुड़ी पूरी रिपोर्ट और आवश्यक जानकारी विभाग को भेज दी है। आगे का निर्णय स्कूल शिक्षा विभाग स्तर पर लिया जाना है।”
गिरने से मौत:छात्रा को छत से धक्का देने के बाद अस्पताल ले गया था, हत्या का केस
नूतन कॉलेज की छात्रा प्रिया मेहरा की मौत के मामले में चूनाभट्टी थाना पुलिस ने आरोपी तुषार कपिल के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का दावा है कि वारदात से पहले दोनों के बीच होम स्टे में जोरदार झगड़ा हुआ था, जिसकी आवाज वहां ठहरे मेहमानों ने सुनी। प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर पुलिस ने निष्कर्ष निकाला है कि गुस्से में आकर तुषार ने प्रिया को छत से नीचे धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार घटना वाले दिन बुधवार को प्रिया अपने घर से 9:30 बजे कॉलेज जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन वह सीधे तुषार के घर 10:30 पहुंच गई। यहां पहले कमरे में दोनों के बीच डेढ़ घंटे तक विवाद हुआ। इसके बाद तुषार प्रिया को लेकर छत पर पहुंचा, जहां करीब आधे घंटे तक बहस होती रही। इसी दौरान तुषार ने प्रिया को छत से नीचे धक्का दे दिया। प्रेम संबंध थे: पुलिस घटना के बाद तुषार ही गंभीर हालत में प्रिया को जेपी अस्पताल लेकर पहुंचा। डॉक्टरों द्वारा प्रिया को मृत घोषित किए जाने के बाद वह मौके से फरार हो गया। घटना को तीन दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस का कहना है कि तुषार और प्रिया के बीच पिछले छह साल से अधिक समय से प्रेम संबंध थे। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट से पुष्टि पुलिस का कहना है कि शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी ऊंचाई से गिरने के कारण मौत की पुष्टि हुई है। इसी आधार पर धारा 302 के तहत हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपी की तलाश में दो टीमें आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने दो विशेष टीमें गठित की हैं। एक टीम शहर में दबिश दे रही है, जबकि दूसरी टीम शहर से बाहर संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी का रूट ट्रेस कर रही है। हत्या गैर-जमानती अपराध सीनियर एडवोकेट जगदीश गुप्ता के अनुसार हत्या के मामले में दोष सिद्ध होने पर आरोपी को न्यूनतम आजीवन कारावास से लेकर फांसी तक की सजा हो सकती है। अपराध की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट सजा के साथ जुर्माना भी लगा सकती है। हत्या गैर-जमानती अपराध है।
13 को परिषद बैठक, उठेगा गोमांस का मुद्दा
स्लॉटर हाउस में गोमांस को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। निगम की 13 जनवरी को होने वाली परिषद की बैठक हंगामेदार हो सकती है। अब कांग्रेस पार्षद इस मुद्दे को लेकर शहर सरकार को परिषद में घेरने की तैयारी में है। कांग्रेस पार्षदों का आरोप है कि इसे प्रशासक काल में लाया गया। इसके बाद गुपचुप तरीके से एमआईसी ने परिषद की जानकारी के बिना स्लॉटर हाउस चालू करवा दिया गया। इसमें भाजपा की मिलीभगत है। इसे तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही परिषद में कांग्रेस गंदे पानी का मुद्दे पर भी शहर सरकार को घेरेगी। परिषद की बैठक में बल्क कनेक्शन वालों को निजी कनेक्शन और विवाह पंजीयन की फीस करने का एजेंडा रखा जाएगा। नगर निगम की नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने आरोप लगाए कि शहर सरकार एमआईसी के माध्यम से गुपचुप सभी निर्णय ले लेती है। स्लाटर हाउस गुपचुप तरीके से शुरू कर दिया गया। जानवर मर रहे हैं, लोगों को गंदा पानी पिलाया जा रहा है। इसके बाद भी शहर सरकार जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। हम परिषद में जानता की आवाज को पूरी ताकत से उठाएंगे। सबसे पहले इन्हीं दो मुद्दों पर चर्चा कराई जाए। फिर एजेंडे पर बात होगी। निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की स्लॉटर हाउस से निकले मांस में गोमांस की अधिकारिक पुष्टि होने के 3 दिन बाद भी नगर निगम ने न तो फर्म और न ही जिम्मेदार डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की है। शहर में एक बार फिर से पुराने स्लॉटर हाउस पर ही स्लॉटिंग की व्यवस्था शुरू हो गई है। निगम अब नए स्लॉटर हाउस के संचालन की व्यवस्था दोबारा से शुरू करने की योजना पर काम करने लगी है। शहर में हर दिन 80 से ज्यादा मृत मवेशी और पशु मिलते हैं। इसके अलावा गो शालाओं में मरने वाले मवेशी भी स्लॉटर हाउस भेजे रहे थे। नए स्लॉटर हाउस बंद होने से निगम के सामने इन मवेशियों को डिस्पोज करने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। अभी तक लाइवस्टॉक फूड प्रोसेसर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ही शहर भर से इन मवेशियों को उठाकर ला रही थी। इसके साथ ही स्लॉटर हाउस में 200 के आसपास बड़े मवेशियों की स्लॉटिंग होने लगी थी, वह भी बंद हो गई है।
वादे पूूरे करने की मांग को लेकर आज रैली, ज्ञापन भी देंगे
भोपाल घोषणा पत्र 2002 की 24वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर दलित बुद्धिजीवी वर्ग द्वारा विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। इसे लेकर शनिवार को शहर में बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं की बैठक हुई, जिसमें रविवार को शांतिपूर्ण रैली और कैंडल मार्च निकालने का निर्णय लिया गया। अखिल भारत अनुसूचित जाति परिषद के प्रदेश अध्यक्ष हृदयेश किरार और प्रांतीय प्रवक्ता कमलेश खातरकर ने संयुक्त रूप से बताया कि 11 जनवरी की शाम 5 बजे बोर्ड आफिस स्थित इंडियन काफी हाउस प्रांगण से रैली शुरू होगी। रैली व्यापम चौराहा होते हुए बोर्ड आफिस स्थित डॉ बाबासाहेब आंबेडकर प्रतिमा तक पहुंचेगी, जहां राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसमें करीब सौ से अधिक बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता और छात्र शामिल होंगे। बैठक में कहा गया कि भोपाल घोषणा पत्र 12-13 जनवरी 2002 को आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में तैयार किया गया था, जिसे तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने स्वीकार किया था। इसमें भूमि सुधार, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण आदि से जुड़े 21 प्रमुख मुद्दे शामिल हैं।
बीएलओ एप में दोबारा खुला मैपिंग का ऑप्शन
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के तहत नो मैपिंग मतदाताओं की सुनवाई का काम जारी है। तहसील और वार्ड दफ्तरों में एईआरओ 1 लाख 16 हजार 925 मतदाताओं की सुनवाई कर रहे हैं। जिले की बैरसिया, उत्तर, नरेला, मध्य, दक्षिण-पश्चिम, गोविंदपुरा और हुजूर विधानसभा के 8 हजार 120 मतदाताओं ने सुनवाई में पहुंचकर दस्तावेज पेश कर दिए हैं। चुनाव आयोग ने मतदाताओं की सुविधा को देखते हुए बीएलओ एप में दोबारा से मैपिंग का विकल्प खोल दिया है। यदि किसी मतदाता का खुद का या माता-पिता का वर्ष 2003 की वोटर सूची में नाम मिल जाता है, तो बीएलओ उसे सीधे लिंक कर देगा। इससे मतदाता को सुनवाई के लिए नहीं जाना पड़ेगा। नो मैपिंग वाले मतदाताओं की सुनवाई 14 फरवरी तक की जानी है। अब तक करीब 75 हजार मतदाताओं को नोटिस दिए गए हैं। इन मतदाताओं को अलग-अलग दिनों के हिसाब से बुलाया गया है। मतदाताओं को उम्र के हिसाब से खुद का और अपने माता-पिता के जन्म से जुड़े दस्तावेज पेश करने पड़ेंगे। दो बहनों की मैपिंग, तीसरी अनमैप नो मैपिंग में सुनवाई के लिए दक्षिण-पश्चिम विधानसभा के शास्त्री नगर सामुदायिक भवन में आईं नया बसेरा की रहने वाली महिला मतदाता सुनीता यादव, पत्नी केदारनाथ यादव, ने बताया कि उनके पिता उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में रहते हैं। वहां उनकी दो बहनों का नाम पिता के डेटा से मैप हो गया था। एसआईआर के दौरान वह बाहर चली गई थीं, तो उनका नाम नो मैपिंग श्रेणी में डाल दिया गया। नोटिस मिलने के बाद पिता की 2003 की मतदाता सूची की जानकारी दे दी है। बीएलओ सुनीता भीमटेक ने बताया कि पिता की जानकारी के आधार पर सुनीता की मैपिंग कर ली गई है। नए आवेदन कर सकेंगे मतदाता नो मैपिंग मतदाताओं के लिए बीएलओ एप में मैपिंग का विकल्प आ गया है। यदि किसी मतदाता का लिंक मिल गया है, तो वह बीएलओ को जानकारी दे सकता है। ऐसे मतदाताओं को दस्तावेज पेश करने की जरूरत नहीं है। नए मतदाता भी 22 जनवरी तक आवेदन कर सकते हैं। भुवन गुप्ता, उप जिला निर्वाचन अधिकारी

