गोरखपुर में सड़क चौड़ीकरण, लाइन शिफ्टिंग और जर्जर तारों को बदलने का काम तेजी से चल रहा है। इस संबंध में जरूरी मरम्मत और मेंटेनेंस के चलते शुक्रवार को शहर के कई इलाकों में सुबह 10:00 बजे से दोपहर 03:00 बजे तक विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित रहेगी। बिजली विभाग के अनुसार, राजेंद्रनगर उपकेंद्र के 11 केवी द्वारकापुरी फीडर क्षेत्र में पुराने जर्जर तारों को हटाकर नए तार लगाए जाएंगे। इसके अलावा दुर्गाबाड़ी उपकेंद्र के 11 केवी हनुमंतनगर फीडर, भटहट उपकेंद्र के 11 केवी भटहट फीडर, शाहपुर उपकेंद्र और रायगंज उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों में रोड चौड़ीकरण और लाइन शिफ्टिंग का काम किया जाएगा। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह कटौती केवल निर्धारित 5 घंटे के लिए की जा रही है और काम पूरा होते ही आपूर्ति तुरंत बहाल कर दी जाएगी। बिजली न रहने के दौरान पानी और अन्य कामों में असुविधा न हो, इसके लिए उपभोक्ताओं से सुबह 10 बजे से पहले पानी की आवश्यक व्यवस्था कर लेने की अपील की गई है।
वाराणसी के आईआईटी बीएचयू की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले में बुधवार को फास्टट्रैक (प्रथम) के न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत में सुनवाई हुई। आरोपी कुणाल पांडेय और सक्षम पटेल की ओर से बचाव साक्ष्य के लिए तलब किए गए गवाहों में से एक अदालत में उपस्थित हुआ। आरोपियों ने सफाई गवाही के लिए तत्कालीन आईआईटी पोस्ट, बीएचयू में तैनात सुरक्षाकर्मी संतोष कुमार त्रिपाठी और सौरभ सिंह को गवाही के लिए तलब करने की मांग की गई थी, जिससे उस रात का घटनाक्रम बताया जा सके। लगातार तीन तारीखों पर गवाहों के पेश नहीं होने पर सवाल उठे तो आरोपियों ने बीएचयू प्रशासन पर गवाह नहीं भेजने का आरोप लगाया। कोर्ट में बचाव पक्ष ने प्रार्थना पत्र देकर कहा कि बीएचयू प्रशासन के दबाव के कारण गवाह सही तथ्य रखने की स्थिति में नहीं है। इसके चलते दोनों गवाहों की गवाही का अवसर समाप्त करने की मांग की गई। अदालत ने अवसर समाप्त कर अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए 29 सितंबर की तारीख नियत की है। इस तारीख पर नहीं आने वाले गवाहों को फिर नहीं सुना जाएगा। दोनों गवाहों में एक पहुंचा, दावों से उल्ट बयान कोर्ट में गैंगरेप के आरोपी कुणाल पांडेय और सक्षम पटेल की ओर से सफाई साक्ष्य के लिए तत्कालीन आईआईटी पोस्ट, बीएचयू में तैनात सुरक्षाकर्मी संतोष कुमार त्रिपाठी और सौरभ सिंह को गवाही के लिए तलब करने की मांग की गई थी। अदालत ने दोनों को समन भेजकर वारदात की रात में उनकी मौजूदगी और संज्ञान में आए घटनाक्रम पर बयान के लिए तलब किया था। तलबी के बाद एक गवाह पहुंचा और उसने भी बचाव पक्ष के दावों से उलट ही गवाही दी। इसके बाद आरोपियों की ओर से अधिवक्ता ने दोनों की गवाही का अवसर समाप्त करने का अनुरोध किया गया। सुनवाई के दौरान तीनों आरोपित अपने अधिवक्ताओं के साथ उपस्थित रहे। मामले में पीड़िता, उसके दोस्त, डॉक्टर और दूसरे विवेचक सहजानंद राय और शिवाकांत मिश्रा समेत सभी प्रमुख गवाहों की गवाही और जिरह पूरी हो चुकी है। अब केवल आरोपियों के सफाई गवाही शेष है। उनके बयान के बाद बचाव पक्ष अपनी अंतिम दलीलें पेश करेगा। अदालत में तीनों आरोपितों कुणाल पांडेय,आनंद चौहान व सक्षम पटेल के अलावा उनके अधिवक्ता श्री नाथ त्रिपाठी, अजय सिंह, राजीव रंजन सिंह, कुंदन सिंह और अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी मनोज गुप्ता मौजूद रहे। 2023 की आधी रात गैंगरेप हुआ था IIT-BHU की छात्रा के साथ 31 अक्टूबर को 2023 की आधी रात गैंगरेप हुआ था। उसने पुलिस और कोर्ट में अपने बयान दिए थे, जिसमें अपने साथ एक दोस्त की मौजूदगी भी बताई थी। 22 अगस्त, 2024 को पहली बार कोर्ट में पीड़ित ने बयान दर्ज कराए, जिसमें पूरी वारदात में अपने दोस्त को चश्मदीद बताया। इसके बाद उसके दोस्त को कोर्ट ने तलब किया और कोर्ट पहुंचकर छात्रा की बात पर सहमति जताते हुए गवाही दी। अब तक इसमें आरोपित कुणाल पांडेय और सक्षम पटेल के वकील की जिरह की कार्रवाई पूरी हो गई।अदालत ने अब तीसरे आरोपित आनंद चौहान के वकील द्वारा बचाव अभियोजन पक्ष के अहम गवाह व पीड़िता के दोस्त से जिरह की अनुमति मांगी थी। इससे पहले पीड़िता के दोस्त से जिरह की कार्रवाई पूरी न करने पर अदालत ने बीते साल नौ दिसंबर को आनंद चौहान के स्थगन प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया था। गुरुवार को सुनवाई के दौरान आनंद चौहान की ओर से पीड़िता के दोस्त से जिरह करने का अवसर देने की अपील की गई। इसे अदालत ने स्वीकार कर लिया और आज की तारीख तय की। पीड़िता के साथी द्वारा पूर्व में दिए गए बयान के संबंध में आरोपित कुणाल पांडेय व सक्षम पटेल के वकीलों की जिरह की कार्यवाही पूरी होने के बाद तीसरे आरोपित आनंद चौहान की ओर से जिरह की कार्यवाही की जा रही थी। बता दें कि बीएचयू परिसर में 1 नवंबर 2023 की रात में आइआइटी की छात्रा के साथ तीन युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म का पीड़िता ने लंका थाना में मुकदमा दर्ज कराया था। घटना के समय पीड़िता का साथी मौके पर मौजूद था। सरकारी वकील बोले- आरोपियों को कड़ी सजा दिलाएंगे अभियोजन की ओर से अधिवक्ता (ADCG) मनोज कुमार गुप्ता कहते हैं- आज केस में अहम गवाही है, केस के विवेचक को कोर्ट में बुलाया जाएगा। वो चार्जशीट और केस डायरी पर सवालों के जवाब देंगे। इसके बाद हमारी कोशिश होगी कि कोर्ट आरोपियों के खिलाफ कड़ी सजा सुनाए जाने की पैरवी करेंगे। बताया कि पहले ही जज कुलदीप सिंह ने पिछली तारीख पर ही सुनवाई में केस के आरोपी की स्टे पिटिशन (स्थगन याचिका) को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने यह भी कहा था कि कार्रवाई में बाधक बनने पर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पहले आनंद, फिर कुणाल और सक्षम की रिहाई हो चुकी वाराणसी फास्ट ट्रैक कोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद सबसे पहले आरोपी आनंद ने 11 नवंबर, 2023 को जमानत याचिका हाईकोर्ट में दायर की थी। आनंद ने परिजन की बीमारी समेत कई कारण बताए। इस पर कोर्ट ने 2 जुलाई, 2024 को जमानत स्वीकार कर ली, लेकिन कई शर्तें भी लगाईं। आनंद के जमानत स्वीकार होते ही दूसरे आरोपी कुणाल ने भी 2 जुलाई को हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की। 4 जुलाई को कोर्ट ने उसकी भी जमानत स्वीकार कर ली, लेकिन जमानतदारों के वैरिफिकेशन के चलते उसकी भी रिहाई 24 अगस्त को हो सकी। इसके बाद 4 जुलाई को तीसरे आरोपी सक्षम पटेल ने जमानत अर्जी दाखिल की। उसे भी कोर्ट ने कुछ दिन बाद गैंगरेप में जमानत दे दी, लेकिन गैंगस्टर में आपत्ति दाखिल हो गई। इसके बाद गैंगस्टर के केस में सक्षम पटेल की याचिका हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 16 सितंबर, 2024 को खारिज कर दी। इसके बाद उसने डबल बेंच में अपील की, जहां कोर्ट ने पुलिस से रिपोर्ट तलब की। पुलिस ने कोर्ट में कमजोर रिपोर्ट पेश की, जिस पर सक्षम पटेल को जमानत मिल गई। गैंगरेप के तीनों आरोपी भाजपा IT सेल से जुड़े थे। सरकार के मंत्री-विधायक समेत बड़े नेताओं के संपर्क में थे।
वाराणसी की एसटीएफ यूनिट ने गुरुवार को असम के गुवाहटी में कार्रवाई करते हुए 50 हजार के इनामिया अपराधी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ बलिया के सहतवार थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज है, जिसमें उसकी तलाश जारी थी। गुवाहाटी के वशिष्ठ थाना क्षेत्र स्थित बजरा पाड़ा रोड पर एक मकान में छिपे होने की सूचना पर टीम ने छापा मारा। मुकदमे में वर्ष 2012 से फरार चल रहे इनामिया आरोपी राजकुमार वर्मा उर्फ प्रदीप वर्मा को दबोच लिया। उसके कब्जे से 2,400 रुपये नकद और आधार कार्ड बरामद हुआ। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लाने के बाद उससे पूछताछ की गई, आरोपी के नक्सली संगठनों से तार जुड़े होने के बाबत भी पूछताछ की गई, इसके बाद बलिया पुलिस को सुपुर्द करके कोर्ट में पेश किया जाएगा। हत्या के मुकदमे में 2012 से था वांछित एसटीएफ के मुताबिक राजकुमार वर्मा के खिलाफ बलिया के सहतवार थाने में मुकदमा संख्या 280/2012 दर्ज है। मुकदमा हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही आरोपी लगातार फरार चल रहा था। लंबे समय तक गिरफ्तारी नहीं होने के कारण पुलिस ने उसकी तलाश जारी रखी और बाद में उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया। लगभग 12 वर्ष तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहने के बाद आरोपी के दूसरे राज्य में मौजूद होने की सूचना एसटीएफ को मिली। एसटीएफ वाराणसी फील्ड यूनिट की टीम ने सूचना की पुष्टि और आवश्यक जानकारी जुटाने के बाद असम में कार्रवाई की योजना तैयार की। गुवाहाटी के वशिष्ठ थाना क्षेत्र स्थित बजरा पाड़ा रोड पर छापेमारी की। एसटीएफ के अनुसार टीम को आरोपी के गुवाहाटी में मौजूद होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद अधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर सूचना को विकसित किया और आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी। टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से नकदी और आधार कार्ड बरामद एसटीएफ की कार्रवाई के दौरान राजकुमार वर्मा के पास से 2,400 रुपये नकद और एक आधार कार्ड बरामद होने की जानकारी दी गई है। बरामद सामान को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की है। आरोपी की पहचान और उसके पिछले आपराधिक रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारियों की भी जांच की जा रही है। एसटीएफ के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी के आपराधिक गतिविधियों से जुड़े रहने और प्रतिबंधित नक्सली संगठन CPI (माओवादी) से संपर्क का भी उल्लेख सामने आया है। पुलिस स्तर पर आगे जांच की जा रही है। बलिया में कई पुराने मुकदमों की जानकारी एसटीएफ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ बलिया जिले में कई पुराने मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है। पुलिस अब उसके आपराधिक इतिहास को खंगालने के साथ-साथ वर्ष 2012 में दर्ज हत्या के मामले में उसकी भूमिका और फरारी के दौरान उसकी गतिविधियों से संबंधित तथ्यों की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि हत्या के मुकदमे में वांछित होने के बाद आरोपी ने किन-किन स्थानों पर ठिकाने बदले और इतने लंबे समय तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहने के दौरान उसकी गतिविधियां क्या रहीं। इसके साथ ही दूसरे आपराधिक मामलों में उसकी संभावित संलिप्तता की जानकारी भी जुटाई जा रही है। गुवाहाटी कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड की कार्रवाई गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत गुवाहाटी की संबंधित अदालत के समक्ष पेश किए जाने की कार्रवाई की गई। एसटीएफ के अनुसार आरोपी को पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर पूछताछ के बाद लाया जा रहा है। बलिया पुलिस को सौंपने और संबंधित मुकदमे में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लंबे समय से फरार आरोपियों पर एसटीएफ की नजर एसटीएफ की इस कार्रवाई के बाद लंबे समय से फरार चल रहे इनामी आरोपियों की तलाश को लेकर चलाए जा रहे अभियान पर भी ध्यान गया है। राजकुमार वर्मा की गिरफ्तारी ऐसे मामले में हुई है, जिसमें वह वर्ष 2012 से पुलिस की तलाश में था। इतने लंबे समय तक फरार रहने के बाद दूसरे राज्य से गिरफ्तारी से यह भी सामने आया कि पुलिस और जांच एजेंसियां ऐसे आरोपियों की तलाश में राज्य की सीमाओं से बाहर भी कार्रवाई कर रही हैं। अब आगे की जांच पर टिकी नजर राजकुमार वर्मा की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का अगला चरण उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, फरारी के दौरान उसके ठिकानों और कथित आपराधिक संपर्कों से जुड़ा होगा। एसटीएफ के अनुसार पूछताछ में सामने आई नक्सली संगठन से संपर्क की जानकारी की भी जांच की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि आरोपी का वर्ष 2012 के हत्या के मुकदमे के अलावा अन्य मामलों में क्या संबंध रहा है। STF की कार्रवाई के बाद आरोपी को उत्तर प्रदेश लाए जाने की प्रक्रिया जारी है। ट्रांजिट रिमांड और आगे की कानूनी कार्रवाई के बाद ही मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल 12 साल से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी की गुवाहाटी से गिरफ्तारी को एसटीएफ की महत्वपूर्ण कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।
धार कोठी क्षेत्र में ड्रग विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक दवा गोदाम पर छापा मारकर बड़ी मात्रा में गर्भपात में इस्तेमाल होने वाली दवाएं जब्त की हैं। कार्रवाई में 10 हजार से अधिक गर्भपात किट मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा सिडेनफिल साइट्रेट और 'सेफ्टी पिल' ब्रांड की दवाएं भी बरामद की गई हैं। जब्त दवाओं की कीमत 52 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। कार्रवाई गुरुवार रात सेंट रेफियल स्कूल के पास धार कोठी स्थित क्वालिटी फार्मा से जुड़े गोदाम पर की गई। विभाग के अनुसार फर्म लाइसेंसी है, लेकिन जांच के दौरान गोदाम में दवाओं के भंडारण और बिक्री से संबंधित जरूरी रिकॉर्ड और दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं कराए जा सके। इसके बाद टीम ने दवाओं को जब्त कर जांच शुरू कर दी। करीब 9 हजार किट पहले ही बेचने की जानकारी जांच के दौरान विभाग को यह जानकारी भी मिली कि संबंधित फर्म से अब तक करीब 9 हजार गर्भपात किट की बिक्री की जा चुकी है। हालांकि बिक्री का पूरा रिकॉर्ड अभी जांच के दायरे में है। विभाग ने संबंधित पक्ष से दस्तावेज और बिक्री का हिसाब उपलब्ध कराने को कहा है। अब अधिकारियों की जांच इस दिशा में भी आगे बढ़ रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में दवाएं कहां से लाई गईं और इन्हें किन लोगों या संस्थानों को बेचा गया। दो लोगों से जुड़ा मामला विभागीय कार्रवाई में जावेद खान और अजय सवडतकर नामक व्यक्तियों से संबंधित दवाएं जब्त की गई हैं। अधिकारियों के अनुसार दवाओं के अवैध भंडारण और बिक्री से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित लोगों की भूमिका स्पष्ट होगी। बिना निर्धारित प्रक्रिया बिक्री पर विभाग की नजर औषधि विभाग के अधिकारियों के अनुसार गर्भपात संबंधी दवाओं की बिक्री निर्धारित चिकित्सकीय प्रक्रिया और वैध प्रिस्क्रिप्शन के अनुसार ही की जानी चाहिए। विभाग को आशंका है कि नियमों का उल्लंघन कर इन दवाओं की बिक्री की गई हो सकती है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच और रिकॉर्ड की पड़ताल के बाद ही सामने आएगा। ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत कार्रवाई मामले में ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी है। जब्त दवाओं और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक अगले चरण में जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई ड्रग इंस्पेक्टर सारिका अग्रवाल, योगेश गुप्ता और लोकेश गुप्ता की टीम ने की।
साउथ जोन में गणेश विसर्जन यात्रा में उस समय अफरा-तफरी का माहौल हो गया, जब गुजैनी के फत्तेपुर गांव से गुजर रही यात्रा में दो दर्जन दबंगों ने फायरिंग करते हुए अंधाधुंध बम फोड़े। यात्रा में भगदड़ मचने में कुछ युवक सड़क पर गिरे पड़े, फिर पुराने विवाद की खुन्नस में उन पर लाठी-डंडा लेकर टूट पड़े। साथ ही बाइकों में तोड़फोड़ की। जिससे महिला समेत चार लोग घायल हो गए। बवाल की सूचना पर पहुंचे एसीपी नौबस्ता व गुजैनी पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल कर यात्रा में शामिल लोगों से पूछताछ की। दो दर्जन दबंगों ने घेरा, तीन राउंड फायरिंग की हनुमंत विहार के गल्ला मंडी केडीए कॉलोनी निवासी अर्पित शुक्ला ने घर में गणेश प्रतिमा की स्थापना की थी। अर्पित शुक्ला ने बताया कि, गुरुवार शाम पांच बजे वह गणेश विसर्जन यात्रा में अपने दोस्त अंश शर्मा उर्फ सुदामा व अन्य लोगों के साथ सेन पश्चिम थाना क्षेत्र में स्थित नहर के लिए बाइकों से निकले थे। यात्रा में डीजे की धुन व गाजे-बाजे की थाप पर गणेश भक्त झूमते-नाचते आगे बढ़े रहे थे। तभी गुजैनी थाना क्षेत्र के फत्तेपुर गांव के पास पहले से घात लगाए पहले तीन लोगों ने सबसे आगे चल रहे मूर्ति रखे ट्रैक्टर को रुकवाया। ट्रैक्टर रुकते ही करीब दो दर्जन लोगों ने यात्रा को घेर लिया और दो से तीन राउंड फायरिंग करते हुए अंधाधुंध बम फोड़े। धुएं का गुबार उठता देख यात्रा में भगदड़ मचने के साथ चीख-पुकार मच गई। इसके बाद लाठी-डंडों व कुल्हाड़ी से लैस दबंगों ने की टोली ने यात्रा में शामिल महिला समेत अन्य भक्त अंश, अर्पित व अविरल दुबे व मयंक उर्फ मोहित को घेर लिया, फिर गाली-गलौज करते हुए लात-जूतों व लाठी-डंडा लेकर टूट पड़े। हमलावरों ने बाइकों में तोड़फोड़ करते चाबी निकाल तक निकाल ली। वहीं, घटना से एक महिला बबली भी घायल हुई है। विसर्जन यात्रा में फायरिंग व बम फोड़े जाने की सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर एसीपी नौबस्ता अभिषेक कुमार राहुल व गुजैनी पुलिस पहुंची और घायल भक्तों से पूछताछ की। पुरानी खुन्नस में घात लगाकर की घेराबंदी, दौड़ा-दौड़ाकर मारा अर्पित शुक्ला ने बताया कि, पिछले साल मोहल्ले में रहने वाले शोभित सिंह राणा से विवाद हो गया था। विवाद के बाद उसने साथियों के साथ घर में धावा बोल दो बार मारपीट की थी। इसके बाद उस पर हनुमंत विहार थाने में मुकदमा कराया था। मुकदमा वापस लेने का दबंग शोभित ने कई बार दबाव बनाया, लेकिन वापस नहीं लिया। इसी मुकदमेबाजी की खुन्नस में फत्तेपुर गांव में मामा के घर में रह रहे शोभित ने पहले से घात लगाकर हमला कर भक्तों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। हमलावरों से बचने के लिए महिलाओं व बच्चों ने खेत में कूदकर अपनी जान बचाईं। इस दौरान कई बच्चों के पैरों में कांटे घुस गए। नाचते-गाते बढ़ रहे थे आगे, चार सेकंड में तीन बम फोड़े विसर्जन यात्रा का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। 46 सेकंड के वायरल वीडियो में विसर्जन यात्रा में आगे चल रहे साउंड सिस्टम की धुन पर बाइकों में बैठी भक्तों की टोली झूमते हुए आगे बढ़ रही है। इस दौरान कुछ युवक यादगार पल मोबाइल से कैद करने में मशगूल है। तभी अचानक 42 सेकंड के वीडियो में पहला बम फोड़ने की आवाज सुनाईं दे रही है। इसके बाद तीन सेकंड में एकाएक तीन बम फोड़े गए, जिसका धुआं सड़क से उठता दिखाई दे रहा है। अंधाधुंध बम फोड़ने से दहशत के मारे युवक ने मोबाइल से वीडियो बनाना बंद कर दिया।
नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात दिल्ली से महोबा जा रही स्लीपर बस आग का गोला बन गई। हादसे में 9 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए। बस में सवार जालौन के हासिर खान ने जान की परवाह किए बिना आग में फंसे यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया। उन्होंने करीब 13 से 14 लोगों की जान बचाई। बचाव के दौरान कुछ यात्री उनके ऊपर गिर गए, जिससे उनकी कमर में अंदरूनी चोट आई। हासिर का बैग, जिसमें 1.14 लाख रुपए और सामान था, आग में जल गया। हादसे में अपना सब कुछ गंवाने के बावजूद उन्होंने कई जिंदगियां बचाईं। VIDEO देखिए…
सऊदी अरब में फंसे याचिकाकर्ता को राहत:हाईकोर्ट ने दिए इमरजेंसी सर्टिफिकेट जारी करने के निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सऊदी अरब में रह रहे एक भारतीय नागरिक की पासपोर्ट संबंधी परेशानी पर विदेश मंत्रालय के सचिव को उसे इमरजेंसी सर्टिफिकेट जारी कराने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने अशरफ की याचिका का निस्तारण करते हुए यह आदेश पारित किया। जानिये क्या है मामला कोर्ट को बताया गया कि याचिकाकर्ता का पासपोर्ट की अवधि 29 अगस्त 2026 को समाप्त हो चुकी है। उसने सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास में पासपोर्ट दोबारा जारी करने के लिए आवेदन पहले ही दे रखा है, जो अभी लंबित बताया गया। इन परिस्थितियों में कोर्ट ने निर्देश दिया कि पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 4(2)(ए) के तहत उसे इमरजेंसी सर्टिफिकेट जारी कराया जाए, ताकि वह स्वदेश लौटकर अपने क्षेत्र के पासपोर्ट अधिकारी के यहां नए पासपोर्ट के लिए विधिवत आवेदन कर सके। कोर्ट ने रजिस्ट्रार (अनुपालन) को आदेश की प्रति मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, लखनऊ के माध्यम से क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी, गोमती नगर, लखनऊ को भेजने का निर्देश भी दिया है।
इंदौर के मोती तबेला इलाके में शासकीय भूमि पर छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापना के लिए तैयार किए जा रहे ढांचे को नगर निगम द्वारा हटाए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। कार्रवाई से नाराज स्थानीय रहवासी, क्षेत्रीय पार्षद और हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता गुरुवार रात पंढरीनाथ थाने पहुंचे। यहां उन्होंने नारेबाजी कर चबूतरा तोड़ने वालों पर कार्रवाई की मांग की। सरकारी जमीन पर बनाया था चबूतरा जानकारी के अनुसार, मोती तबेला क्षेत्र स्थित सरकारी जमीन पर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी की जा रही थी। इसके लिए मौके पर चबूतरा तैयार किया गया था। गुरुवार को नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और बिना पूर्व सूचना के निर्माणाधीन ढांचे को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में विरोध शुरू हो गया। क्षेत्रीय पार्षद रूपाली पंडित के नेतृत्व में बड़ी संख्या में रहवासी और विभिन्न हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता एकत्रित हुए। सभी जुलूस के रूप में पंढरीनाथ थाने पहुंचे और चबूतरा तोड़ने वालों पर कार्रवाई की मांग की। प्रतिमा स्थापना की अनुमति देने की मांग पार्षद रूपाली पंडित और प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापना के लिए विधिवत अनुमति दी जाए। साथ ही बिना संवाद के कार्रवाई करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर मामला शांत कराया। पार्षद ने मामले को लेकर पुलिस को लिखित शिकायत भी दी है।
भोपाल में बांग्लादेशी फर्जी पासपोर्ट केस:75 आरोपी चिह्नित, 19 फरार आरोपियों पर 20-20 हजार का इनाम
भोपाल में बांग्लादेशी नागरिकों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारतीय पासपोर्ट दिलाने वाले नेटवर्क की जांच में एसटीएफ अब तक 75 आरोपियों को चिह्नित कर चुकी है। इनमें बांग्लादेशी नागरिकों के साथ फर्जी दस्तावेज, पते और गवाह उपलब्ध कराने वाले लोग शामिल हैं। 19 आरोपी अभी फरार हैं। इन पर 20-20 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। फरार आरोपियों में डबरा का गुलाब राय समेत दो, भोपाल के 14 और बैतूल के तीन आरोपी शामिल हैं। एसटीएफ डीआईजी राहुल लोढ़ा के मुताबिक, आरोपियों ने भोपाल, बैतूल, छिंदवाड़ा, डबरा और पाहुर्ना के मठों के पते का इस्तेमाल कर पासपोर्ट बनवाए। जांच में कुछ अफसरों और कर्मचारियों की मदद से पासपोर्ट तैयार होने की बात भी सामने आई है। अब पासपोर्ट सेवा केंद्र से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। 70 में से 50 पासपोर्ट में तीन ही गवाह जांच में सामने आया कि करीब 70 फर्जी पासपोर्ट में से 50 में गयाप्रसाद गौतम, गुलाब राय और रियाल चौधरी उर्फ भंते मेतानंद ही गवाह बने। ज्यादातर पासपोर्ट में इन्हीं के मोबाइल नंबर भी दर्ज मिले हैं। मठों के पते के बार-बार इस्तेमाल होने से इनकी भूमिका जांच के केंद्र में है। शिविर में हुई थी गुलाब और भंते की मुलाकात फरार आरोपी गुलाब राय की मुलाकात रियाल चौधरी से बैतूल के आमला में लगे शिविर में हुई थी। इसके बाद झांसी के शिविर में भी दोनों मिले। वर्ष 2022 में डबरा के आंबेडकर पार्क में लगे शिविर में गुलाब अपने साथियों के साथ पहुंचा था। बाद में बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए विदेश जाने की बात सामने आई और इसी आधार पर पासपोर्ट बनवाए गए। एसटीएफ को उसके झांसी में होने की जानकारी मिली है। छह राज्यों में तलाश फरार आरोपियों के मध्यप्रदेश के अलावा असम, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, दिल्ली और पंजाब में छिपे होने की जानकारी मिली है। एसटीएफ की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश की तैयारी कर रही हैं। 1994 में सरपंच, 2019 में ली बौद्ध दीक्षा गयाप्रसाद गौतम बनवार का पूरा, चिनोर का रहने वाला है। वह 1994 में गांव का सरपंच रह चुका है। वर्ष 2019 में बौद्ध धर्म की दीक्षा लेने के बाद 2021-22 में डबरा के सिमरिया टेकरी स्थित आंबेडकर पार्क में भंते के रूप में रहने लगा। एसटीएफ ने उसे 23 सितंबर को गिरफ्तार किया। भोपाल से सबसे ज्यादा मामले एसटीएफ ने भोपाल के अन्नानगर से 40, डबरा से 17, बैतूल के आमला बौद्ध मठ से 11 और छिंदवाड़ा-पाहुर्ना से दो फर्जी पासपोर्ट से जुड़े मामले चिह्नित किए हैं। मामले में अब तक छह आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। 25 अगस्त को रियाल चौधरी, 7 सितंबर को विप्लब अधिकारी, 10 सितंबर को प्रियान रॉय और जॉय चौधरी, 18 सितंबर को नसीम अख्तर और 23 सितंबर को गयाप्रसाद गौतम गिरफ्तार किया गया। ये खबर भी पढ़ें… मठ के पते से बने 40+ पासपोर्ट...वेरिफिकेशन तक नहीं हुआ मध्यप्रदेश में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवाने के मामले की जांच अब डबरा से भोपाल तक पहुंच गई है। STF का दावा है कि भोपाल के गोविंदपुरा क्षेत्र स्थित अशोक बुद्ध विहार मठ के एक ही पते का इस्तेमाल 40+ पासपोर्ट बनवाने में हुआ। अब जांच एजेंसी यह पता कर रही है कि इतनी बड़ी संख्या में पासपोर्ट के लिए पुलिस वेरिफिकेशन किस तरह हुआ।पूरी खबर पढ़ें
कोई जली लाश के जेवर देखकर अपनों की पहचान कर रहा था, तो कोई कंकाल के ढांचे से। गुरुवार (24 सितंबर) को पूरा दिन नोएडा के जिला अस्पताल स्थित पोस्टमॉर्टम हाउस की यही हाल रहा। रोते-बिलखते लोग अपने घरवालों के बारे में जानने के लिए इधर से उधर भटकते रहे। दरअसल, नोएडा में बुधवार रात यमुना एक्सप्रेस-वे पर चलती स्लीपर AC बस में आग लगने से 9 यात्री जिंदा जल गए थे। जैसे ही इसकी खबर बस में सवार लोगों के घरवालों को मिली, वो तुरंत नोएडा के लिए निकल पड़े। जो घरवाले रात 10 बजे अपनों को बस में बैठाकर घर में सो रहे थे, वही सुबह होते-होते उनकी सलामती की दुआ करने लगे। इन्हीं लोगों में से थे शिवम और नैंसी। दोनों अपनी मां सरोज गुप्ता और भाई मयंक को बस में बैठाकर घर लौट गए थे। सुबह दोनों भाई-बहन मां और भाई की तलाश में घंटों भटकते रहे। शव इतनी बुरी तरह जल चुके थे कि पहचान ही नहीं कर पा रहे थे। इसके बाद शिवम और नैंसी एक-दूसरे से लिपटकर काफी देर तक रोते रहे। पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर ऐसे ही दर्दनाक मंजर दिखे। कई परिवारों की दर्दनाक तस्वीरें सामने आईं। 3 केस जानिए, जो अपनों को ढूंढते रहे… 1- रात 10 बजे मां और भाई को बस में बैठाया, सुबह ढूंढते रहे शिवम और नैंसी सुबह करीब 10 बजे पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। दोनों अपनी मां सरोज गुप्ता और भाई मयंक को तलाश रहे थे। दोनों को शुरुआत में अंदर जाने की इजाजत ही नहीं मिली। बताया गया कि अधिकारी आने के बाद कागजी प्रक्रिया पूरी होगी। फिर शवों की पहचान कराई जाएगी। बाहर खड़े दोनों भाई-बहन रोते रहे। जो भी पुलिसवाला सामने आता, उससे मां और भाई के बारे में पूछते। हर बार उन्हें इंतजार करने को कहा जाता। करीब दोपहर 2 बजे अधिकारी पहुंचे। इसके बाद दोनों को अंदर ले जाया गया। करीब एक घंटे तक शवों की पहचान की कोशिश होती रही। लेकिन, शव इतने बुरी तरह जल चुके थे कि पहचान करना आसान नहीं था। शिवम-नैंसी के लिए यह तय करना भी मुश्किल था कि किस शव में मां के होने की उम्मीद करें? किससे पहचान शुरू करें? देर रात सरोज और मयंक के शव की पहचान हो सकी। 2- बेटे ने मां को दी थी पायल, उसी से शव को पहचाना ऊषा देवी की तलाश में उनकी नातिन आयुषी भी पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंची थी। परिवार के लिए सबसे मुश्किल पल तब आया, जब ऊषा देवी की पहचान उनकी पायल से हुई। बताया कि यह पायल बेटे ने ही अपनी मां को लाकर दी थी। वही पायल हादसे के बाद मां के शव की पहचान का जरिया बनी। पहचान होते ही परिवार का सब्र टूट गया। आयुषी पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर रोती रही। हादसे में कई शव बुरी तरह जल गए थे। ऐसे में घरवालों के लिए अपनों की पहचान करना भी किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं रहा। 3- दादी की मौत पर निकले थे, मां अस्पताल और पिता मोर्चरी में सर्वज्ञ सुबह से अपने पिता देवेंद्र भारद्वाज की तलाश कर रहे थे। वह बताते हैं- पिता देवेंद्र और मां रेखा को दिल्ली के कश्मीरी गेट से बस में रात में बैठाया था। महोबा में मेरी दादी की मौत हो गई थी। माता-पिता अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे। देवेंद्र हिसार की एक यूनिवर्सिटी में टीचर थे और वहीं से रिटायर हुए थे। हादसे के बाद रेखा घायल हालत में अस्पताल पहुंच गईं, लेकिन देवेंद्र का पता नहीं था। परिवार उनकी तलाश में पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचा। बाद में देवेंद्र के शव की पहचान हो गई। एक तरफ मां अस्पताल में भर्ती थी, दूसरी तरफ पिता का शव मोर्चरी में था। सर्वज्ञ की आंखों के आंसू रुक नहीं रहे थे। उन्होंने सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा कि अंतिम संस्कार तक नहीं करने दिया गया। अब सवाल जिम्मेदारी का, कौन अफसर कितना जिम्मेदार इतने चालान के बाद भी सड़क पर कैसे दौड़ती रही बस? 9 मौतों के बाद सवाल सिर्फ आग लगने की वजह का नहीं है। सवाल यह भी है कि जिस बस के 19 चालान पहले से बताए जा रहे थे और करीब 1.75 लाख रुपए का जुर्माना बकाया था, वह सड़क पर लगातार कैसे दौड़ती रही? बस की फिटनेस और परमिट सही पाए जाने की बात अधिकारियों की ओर से कही गई है। इसके बावजूद बस पर इतने चालान होने से प्रवर्तन व्यवस्था की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। जिम्मेदारी- एआरटीओ (सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी) प्रवर्तन का मुख्य काम सड़कों पर मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों का पालन कराना और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई करना है। लापरवाही- जिस बस में आग लगी, उस पर यातायात नियमों के उल्लंघन के 19 चालान हैं। इन चालानों की कुल रकम करीब 1.75 लाख रुपए है। इतने चालान के बाद भी बस चल रही थी। जिम्मेदारी- प्रवर्तन का मुख्य काम सड़कों पर मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों का पालन कराना और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई करना है। लापरवाही- इनके मुताबिक, बस की फिटनेस और परमिट सही पाए गए। सवाल है कि जब बस पर इतने चालान थे, तो अब तक इसे अनदेखा क्यों किया गया? जिम्मेदारी- शहर में ट्रैफिक नियमों का पालन करवाना और ट्रैफिक इंस्पेक्टर को दिशा निर्देश देना। लापरवाही- ये बस रोजाना इसी रूट से गुजरती है। बावजूद किसी भी ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने बस को रोका नहीं। न ही बस की जांच की। इतने चालान के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिम्मेदारी- ओवरलोडिंग, निर्धारित क्षमता से अधिक यात्री, अनधिकृत रूट या स्टॉपेज जैसी अनियमितताओं तो नहीं हो रहीं, इसे देखना। लापरवाही- ये बस 35 सीटर थी। अफसरों ने बताया कि कुछ यात्री चले गए। आशंका है कि ज्यादा यात्री सवार थे। ऐसे में इस बस की जांच रास्ते में कहीं नहीं की गई। CFO बोले- 2 ड्राइवर और एक कंडक्टर गिरफ्तार किए -------------------------- ये खबर भी पढ़िए- नोएडा बस अग्निकांड- 2 घंटे तक लाशें जलती रहीं, चमड़ी जलकर सीटों से चिपकीं, महिला की शिनाख्त नातिन ने पायल से की नोएडा में बुधवार आधी रात महोबा जा रही स्लीपर AC बस में आग लग गई। बस में सवार 9 यात्री जिंदा जल गए। इनमें 8 पुरुष और एक महिला ऊषा देवी थीं। ऊषा की पहचान उनकी पायल से हुई। पोस्टमॉर्टम हाउस पर आयुषी अपनी नानी की पायल देख बिलख पड़ीं। पढ़ें पूरी खबर…
जबलपुर हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन के द्विवार्षिक चुनाव की घोषणा कर दी गई है। चुनावी प्रक्रिया 17 सितंबर को प्रोविजनल मतदाता सूची जारी होने के साथ शुरू हो चुकी है। इस बार सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर महिलाओं के लिए कुछ पद आरक्षित किए गए हैं। 3 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, अंतिम मतदाता सूची 3 अक्टूबर को जारी होगी। नामांकन पत्र 5 और 6 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक जमा किए जा सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी, जबकि 8 अक्टूबर को नाम वापस लिए जा सकेंगे। उम्मीदवारों की अंतिम सूची 9 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी। 15 अक्टूबर को मतदान, उसी दिन आएगा परिणाम मतदान 15 अक्टूबर को होगा। मतदान समाप्त होने के बाद उसी दिन शाम को मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे। चुनाव अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, सह-सचिव, कोषाध्यक्ष, लाइब्रेरी प्रभारी और 5 कार्यकारिणी सदस्यों के पदों के लिए होंगे। महिला वकीलों के लिए 3 पद आरक्षित इस बार चुनाव में अहम बदलाव किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एसोसिएशन के संविधान में संशोधन किया गया है। इसके तहत लाइब्रेरी प्रभारी का एक पद और कार्यकारिणी सदस्य के दो पद महिला वकीलों के लिए आरक्षित किए गए हैं।
बरेली के सिविल लाइंस स्थित पुलिस ऑफिस के बाहर गुरुवार दोपहर एक महिला ने अपने ऊपर डीजल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत महिला को रोक लिया और उसके हाथ से डीजल की बोतल ले ली। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के आधार पर दो युवकों को महिला को आत्मदाह के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। दहेज उत्पीड़न का मुकदमा चलने की बातसीबीगंज क्षेत्र के गोविंदपुर निवासी अब्दुल कम ने शहर कोतवाली में तहरीर दी है। इसमें बताया कि उनके बेटे अब्दुल तस्लीम का निकाह सैलानी निवासी शबाना खान से हुआ था। शादी के बाद पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ। इसके बाद शबाना की ओर से परिवार के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए गए। इनमें से एक मामला पारिवारिक न्यायालय में चल रहा है। मामला खत्म कराने के नाम पर रकम मांगने का आरोपअब्दुल कम का आरोप है कि 23 सितंबर की शाम चौकी चौराहा क्षेत्र में उनकी मुलाकात शोएब और अमर सैनी समेत कुछ लोगों से हुई। तहरीर के अनुसार, बातचीत के दौरान अमर सैनी ने पुलिस और अधिकारियों में अपनी पहचान होने की बात कही। परिवार का आरोप है कि दोनों युवकों ने 50 हजार रुपए देने पर मामले को निपटाने में मदद करने की बात कही। 6 हजार रुपए देने की बात कहीतहरीर में अब्दुल कम ने बताया कि उस समय उनके पास 6 हजार रुपए थे, जो उन्होंने दे दिए। उनका आरोप है कि इसके बाद बाकी रकम के लिए भी दबाव बनाया गया। साथ ही महिला से पुलिस ऑफिस के बाहर आत्मदाह करवाने की बात कहे जाने का भी आरोप लगाया गया है। दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कियाअगले दिन महिला ने पुलिस ऑफिस के बाहर अपने ऊपर डीजल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने उसे बचा लिया। इसके बाद अब्दुल कम की तहरीर पर अमल सैनी, शोएब और एक अज्ञात के खिलाफ शहर कोतवाली में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने नामजद दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मामले में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।
यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात हुए स्लीपर बस हादसे ने उरई के राजेंद्र नगर निवासी एक परिवार को गहरा सदमा दिया। बीमार बेटे ओम गुप्ता को हरिशरण गुप्ता (55) नोएडा से घर लाने गए थे। आग लगने के बाद अपनी जान की परवाह किए बिना बेटे को बस की खिड़की से बाहर कुदाकर उसकी जान बचा ली, लेकिन खुद बाहर नहीं निकल सके। आग की लपटों में घिरने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में ओम भी घायल हुआ है और उसके हाथ में चोट आई है। बीमार बेटे को लेने नोएडा गए थे हरिशरण गुप्ता राजेंद्र नगर में परिवार के साथ रहते थे और एकाउंटेंट का काम करते थे। परिवार में पत्नी ज्योति के अलावा तीन बेटियां राधिका, रिचा और मानसी हैं। उनका बेटा ओम गुप्ता नोएडा में रहकर बीटेक की पढ़ाई कर रहा है। इन दिनों उसकी तबीयत खराब चल रही थी। बेटे की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिलने पर हरिशरण मंगलवार को नोएडा गए थे। वहां बेटे की हालत देखने के बाद उन्होंने उसे अपने साथ उरई लाने का फैसला किया। बुधवार रात करीब 9 बजे दोनों राठ से उरई आने वाली स्लीपर बस में सवार हुए थे। बस में आग लगी तो मच गई चीख-पुकार परिजनों के मुताबिक, बस यमुना एक्सप्रेसवे पर पहुंची ही थी कि अचानक उसमें आग लग गई। कुछ ही देर में आग तेजी से फैलने लगी। बस में मौजूद यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। जान बचाने के लिए यात्री बस से बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान हरिशरण ने बेटे ओम को बचाने के लिए उसे बस की खिड़की से बाहर कुदा दिया। ओम घायल अवस्था में बस से बाहर निकल गया। लेकिन हरिशरण खुद बाहर नहीं निकल सके। कुछ ही क्षणों में आग की लपटों ने उन्हें घेर लिया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बेटी घटनास्थल पर पहुंची, भाई को संभाला हादसे की सूचना परिवार तक पहुंचते ही कोहराम मच गया। हरिशरण की बेटी राधिका तत्काल घटनास्थल की ओर रवाना हुई। वहां पहुंचकर उसने घायल भाई ओम को संभाला। एक तरफ पिता की मौत और दूसरी तरफ भाई के घायल होने की खबर से पूरा परिवार टूट गया। पत्नी ज्योति और बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के लिए यह हादसा इसलिए भी असहनीय है कि जिस बेटे को सुरक्षित घर लाने के लिए हरिशरण नोएडा गए थे, उसकी जान बचाने में उन्होंने अपनी जिंदगी गंवा दी। बेटे को घर लाने निकले थे, खुद नहीं लौट सके परिजनों के मुताबिक, हरिशरण बेटे को सुरक्षित उरई लाने के लिए घर से निकले थे। उन्हें क्या पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। बेटे की जान बचाने के दौरान पिता की मौत की खबर से राजेंद्र नगर और परिचितों में शोक की लहर है। परिवार के लोगों का कहना है कि ओम की जान बच गई, लेकिन उसे घर लाने निकले हरिशरण खुद कभी घर नहीं लौट सके।
गोरखपुर में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि के अवसर पर साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। इसके दूसरे दिन भक्ति, गुरु महिमा और आध्यात्मिक जीवन पर चर्चा हुई। वृंदावन से आए कथा व्यास जगद्गुरु स्वामी राजेंद्रदास देवाचार्य ने कहा कि शास्त्र के वचनों को तर्क की कसौटी पर कसा जा सकता है, लेकिन गुरु के प्रति पूर्ण समर्पण के बाद उनके वचनों में तर्क नहीं करना चाहिए। गुरु शिष्य को भगवान के चरणों तक पहुंचाते हैं कथा व्यास ने कहा कि लौकिक वस्तुओं का अभाव दूर हो जाना ही वास्तविक कल्याण नहीं है। वास्तविक कल्याण तब है, जब जीवन के आत्यंतिक दुखों से मुक्ति मिले। यह भगवान के चरणों की प्राप्ति से संभव है। गुरु अपने शिष्य को भगवान के चरणों तक पहुंचाने का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि शरीर नाशवान है, लेकिन इसी शरीर के माध्यम से भगवान की प्राप्ति हो सकती है। इसलिए शरीर की जरूरत भर व्यवस्था करनी चाहिए और उसका उपयोग भगवान की प्राप्ति के लिए करना चाहिए। भजन में आलस्य को बताया सबसे बड़ा बाधक स्वामी राजेंद्रदास ने कहा कि व्यक्ति अपने दूसरे कामों में आलस्य नहीं करता, लेकिन भजन की बात आते ही टालने लगता है। जीवन कितना भी व्यस्त हो, भगवान के भजन के लिए समय निकालना चाहिए। उन्होंने भजन में आने वाले पांच दोष बताए। इनमें विषयभोग, निद्रा, हंसी, संसार के प्रति अत्यधिक मोह और अधिक बोलना शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यदि बुद्धि भगवान में स्थिर हो जाए तो काम और क्रोध जैसे विकार भी भक्ति के मार्ग में बाधक नहीं रहते। राधाष्टमी के गीत से वृंदावन के छठी महोत्सव की अनुभूति कथा के दौरान उन्होंने राधाष्टमी महोत्सव का गीत प्रस्तुत किया। इससे श्रद्धालुओं को वृंदावन के छठी महोत्सव की अनुभूति हुई। गीतावली के उत्तरकांड का एक पद हनुमानजी को समर्पित कर उन्होंने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि आलस्य का त्याग करके भगवान की कथा सुननी चाहिए। भगवान की कथा मन के अविद्या-जन्य विकारों को दूर कर भक्ति का भाव पैदा करती है। प्रेम को चंद्रमा की तरह बताया कथा व्यास ने कहा कि प्रेम की तुलना चंद्रमा से की गई है। जैसे चंद्रमा लगातार बढ़ता है, वैसे ही भगवान के प्रति प्रेम भी हर क्षण बढ़ता रहता है। पूर्णिमा का चंद्रमा पूर्ण हो जाता है, लेकिन प्रेम रूपी चंद्रमा कभी पूर्ण नहीं होता। उन्होंने कहा कि भगवान का भक्त अपने वैराग्य से कभी संतुष्ट नहीं होता। भगवान की भक्ति में जो वस्तु बाधक हो, वह प्रिय होने के बावजूद त्याग देनी चाहिए। वहीं भक्ति में सहायक वस्तु अप्रिय होने पर भी स्वीकार करनी चाहिए। गोरक्षा को लेकर गोरक्षपीठ का उल्लेख कथा व्यास ने कहा कि गोरक्षा की आशा गोरक्षपीठ से है और गोरक्षपीठ लंबे समय से गो-रक्षा के लिए कार्य करती रही है। इसी संदर्भ में उन्होंने सनातन धर्म और गो-रक्षा के लिए योगी को दोबारा प्रचंड बहुमत से जिताने की अपील भी की। उन्होंने नैमिष तीर्थ की महिमा बताते हुए कहा कि वहां कलियुग के दोषों का प्रभाव नहीं है। उन्होंने कहा कि परम धर्म वही है, जिसके आचरण से भगवान के चरणों की प्राप्ति हो। यह अहैतुकी भक्ति से संभव है, जिसमें किसी सांसारिक कामना का भाव नहीं होता। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। इस अवसर पर योगी कमलनाथ, अयोध्या के महंत राजूदास, महंत रविंद्रदास, ब्लॉक प्रमुख बृजेश यादव, डॉ. सुनीता सिंह, संजय सिंह, प्रदीप राव, डॉ. अरविंद चतुर्वेदी, महेश पोद्दार और विकास जालान समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
लखनऊ में 25 सितंबर को प्रस्तावित वीआईपी कार्यक्रम के मद्देनजर शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात डायवर्जन लागू रहेगा। यह व्यवस्था कार्यक्रम समाप्त होने तक आवश्यकतानुसार जारी रहेगी। ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से डायवर्जन रूट का इस्तेमाल करने की अपील की है। इन रास्तों पर रहेगा डायवर्जन कुंवर जगदीश चौराहा: लोको चौराहा/केकेसी तिराहा की ओर सामान्य यातायात नहीं जा सकेगा। वाहन जेल हाउस चौराहा या फतेह अली तालाब होकर गंतव्य की ओर जाएंगे। लोको चौराहा: केकेसी तिराहा/रविंद्रालय की ओर जाने वाला यातायात कुंवर जगदीश चौराहा होकर जाएगा। गुप्ता तिराहा: रविंद्रालय/केकेसी की ओर जाने वाले वाहन बांसमंडी चौराहा होकर निकलेंगे। मोहन होटल चौराहा: केकेसी-ठाकुर ट्रांसपोर्ट तिराहा की ओर यातायात प्रतिबंधित रहेगा। वाहन बांसमंडी चौराहा होकर जाएंगे। रविंद्रालय तिराहा/एपी सेन रोड तिराहा: कार्यक्रम स्थल की ओर यातायात नहीं जा सकेगा। वाहन बांसमंडी चौराहा होकर जाएंगे। राणा प्रताप चौराहा: कार्यक्रम स्थल की ओर जाने वाला यातायात बांसमंडी/हीवेट रोड होकर गंतव्य की ओर जाएगा। नत्था तिराहा: रविंद्रालय तिराहा/केकेसी तिराहा की ओर यातायात नहीं जा सकेगा। वाहन नाका चौराहा और बांसमंडी चौराहा होकर जाएंगे। आलमबाग बस अड्डा: बसें मवैया तिराहा होते हुए केकेसी तिराहा की ओर नहीं जा सकेंगी। बसों को आलमबाग टेढ़ी पुलिया, फतेह अली तालाब और कुंवर जगदीश चौराहा होकर भेजा जाएगा। एम्बुलेंस और फायर सर्विस को मिलेगी छूट ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक डायवर्जन के दौरान चिकित्सकीय आपात स्थिति में वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं होने पर एम्बुलेंस, शव वाहन, फायर सर्विस और स्कूली वाहनों को प्रतिबंधित मार्ग से जाने की अनुमति दी जा सकेगी। इसके लिए ट्रैफिक कंट्रोल नंबर 9454405155 पर संपर्क किया जा सकता है।
मथुरा के नौहझील थाना क्षेत्र में रविवार शाम हुई युवक अवनीश उर्फ रवनी सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने गुरुवार को मुख्य आरोपी सतेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से हत्या में इस्तेमाल तमंचा, कारतूस और बाइक बरामद की है। पूछताछ के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। बाजना से घर लौटते समय रास्ते में रोका गांव मुडलिया निवासी अवनीश रविवार शाम करीब सवा सात बजे बाजना में दंगल देखकर बाइक से घर लौट रहा था। पुलिस के मुताबिक, बाजना-मुडलिया मार्ग पर महाशय भट्ट के पास सतेंद्र पहले से घात लगाए बैठा था। उसने अवनीश को रोका और तमंचे से गोली चला दी। गोली लगने से अवनीश सड़क पर गिर गया। उसे एक गोली गले और दूसरी सिर के पीछे लगी थी। गंभीर हालत में वह मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। भाई ने दो लोगों के खिलाफ दर्ज कराया केस सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतक के बड़े भाई सत्यपाल ने नौहझील थाने में दो नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे पारिवारिक रंजिश सामने आई है। सत्यपाल ने पुलिस को बताया कि सतेंद्र की पत्नी बबली अपने दो बच्चों को छोड़कर अवनीश के साथ रहने लगी थी। इसी बात को लेकर सतेंद्र और उसके साथियों की अवनीश से रंजिश थी। पुलिस इसी रंजिश को हत्या की वजह मानकर जांच कर रही है। तीन टीमों ने दबिश देकर पकड़ा घटना के खुलासे के लिए सीओ मांट अमरनाथ सिंह ने तीन पुलिस टीमें गठित की थीं। टीमों ने आरोपियों की तलाश में कई जगह दबिश दी और मुखबिरों को सक्रिय किया। गुरुवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे पुलिस ने मुख्य आरोपी सतेंद्र कुमार को मुडलिया-बाजना रोड से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से हत्या में इस्तेमाल तमंचा, कारतूस और बाइक बरामद की गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के बाद उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तीन आरोपियों को महज 30 दिनों के लिए अग्रिम जमानत देने के ट्रायल कोर्ट के आदेश पर सवाल उठाते हुए संबंधित पीठासीन अधिकारी से उचित स्पष्टीकरण मांगा। हाईकोर्ट ने कहा कि इतने कम समय के लिए सुरक्षा देने का कोई स्पष्ट कारण आदेश में दर्ज नहीं किया गया। जस्टिस मदन पाल सिंह की कोर्ट ने सुरेश यादव और दो अन्य की ओर से दाखिल बीएनएसएस की धारा 528 के तहत याचिका पर सुनवाई कर रही है। आजमगढ़ का मामला याचिका में आजमगढ़ की एडिशनल सेशंस कोर्ट नंबर-1 के 23 दिसंबर 2025 के आदेश को चुनौती दी गई है।ट्रायल कोर्ट ने तीनों आरोपियों की अग्रिम जमानत मंजूर तो की लेकिन उनकी गिरफ्तारी से सुरक्षा सिर्फ 30 दिनों तक सीमित की। आरोपियों की ओर से हाईकोर्ट में दलील दी गई कि इतनी कम अवधि के लिए सुरक्षा देने का कोई औचित्य नहीं है। खास तौर पर इसलिए कि जांच के दौरान पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया और चार्जशीट दाखिल होने तक भी उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई। याचिकाकर्ताओं ने यह भी बताया कि जिन अपराधों का आरोप लगाया गया, उनमें अधिकतम सजा सात साल से कम है। उन्होंने बीएनएसएस की धारा 35(3) के तहत जारी नोटिस का भी पालन किया था। आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट का हवाला दियाआरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट के संविधान बेंच के फैसले सुशीला अग्रवाल बनाम राज्य (एन सी टी दिल्ली) का हवाला देते हुए कहा कि सामान्य तौर पर अग्रिम जमानत उचित शर्तों के साथ मुकदमे की समाप्ति तक जारी रह सकती है। हाईकोर्ट ने इससे पहले 18 अगस्त 2026 को आरोपियों को अंतरिम सुरक्षा देते हुए ट्रायल कोर्ट से यह रिपोर्ट मांगी थी कि आखिर अग्रिम जमानत को केवल 30 दिनों तक सीमित करने का आधार क्या है? हाईकोर्ट ने गौर किया कि इस मामले में चार्जशीट पहले ही दाखिल हो चुकी थी और ट्रायल कोर्ट संज्ञान भी ले चुका था। इसके बावजूद अग्रिम जमानत मंजूर करते समय ट्रायल जज ने यह स्पष्ट नहीं किया कि सुरक्षा केवल 30 दिनों के लिए ही क्यों दी जा रही है। ट्रायल जज तीन बिंदुओं पर स्पष्टीकरण देंहाईकोर्ट ने कहा कि इस तरह के आदेश का परिणाम यह हो सकता है कि 30 दिन की अवधि समाप्त होने के बाद आरोपी को फिर से बेल के लिए आवेदन करना पड़े। हाईकोर्ट ने इसे अनावश्यक उत्पीड़न की स्थिति बताया। संबंधित ट्रायल जज ने 3 सितंबर 2026 को अपना स्पष्टीकरण दाखिल किया, लेकिन हाईकोर्ट उससे संतुष्ट नहीं हुआ। अब हाईकोर्ट ने ट्रायल जज को तीन बिंदुओं पर उचित स्पष्टीकरण दाखिल करने का निर्देश दिया। जज से पूछा गया कि उन्होंने कितने मामलों में आरोपियों को 20, 30 या 40 दिनों जैसी सीमित अवधि के लिए जमानत दी है। क्यो दी गई जमानतअदालत ने यह भी पूछा कि इस मामले में ऐसी कौन सी विशेष परिस्थितियां हैं, जिनके आधार पर आरोपियों को केवल 30 दिनों की अग्रिम जमानत देना उचित समझा गया, जबकि कथित अपराधों में अधिकतम सजा सात साल से कम थी और चार्जशीट दाखिल होने तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने तीसरा सवाल यह रखा कि 30 दिनों की अवधि समाप्त होने के बाद आरोपियों से क्या अपेक्षा थी। क्या उन्हें ट्रायल जज के समक्ष आत्मसमर्पण कर दोबारा अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करना है। हाईकोर्ट ने यह भी दोहराया कि अदालत अग्रिम जमानत की अर्जी पर विचार करते समय या तो उचित शर्तों के साथ मुकदमे के निष्कर्ष तक सुरक्षा दे सकती है या अपराध की गंभीरता समेत प्रासंगिक परिस्थितियों पर विचार करने के बाद अर्जी खारिज कर सकती है। हाईकोर्ट ने तीनों आरोपियों को दी गई अंतरिम सुरक्षा आगे भी जारी रखने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर 2026 को होगी। रजिस्ट्रार (अनुपालन) हाईकोर्ट को आदेश की प्रति आवश्यक अनुपालन के लिए आजमगढ़ के जिला जज को भेजने का निर्देश दिया गया है।
गाजियाबाद के इंदिरापुरम के न्याय खंड-3 में गुरुवार को 25 साल के युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय वह घर में अकेला था। परिवार के लोग जागरण में शामिल होने मुजफ्फरनगर गए थे। शाम को चचेरे भाई के टिफिन लेकर पहुंचने पर घटना का पता चला। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोसियों की मदद से तोड़ा मृतक की पहचान अमन (25) के रूप में हुई है। वह मूलरूप से मुजफ्फरनगर का रहने वाला था और लोनी क्षेत्र में एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। परिवार के साथ न्याय खंड-3 में रहता था। गुरुवार दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच परिवार के लोग जागरण में शामिल होने मुजफ्फरनगर चले गए। इसके बाद अमन घर में अकेला था। घर से कुछ दूरी पर उसके चाचा का फ्लैट है। शाम को चाचा का बेटा अमन के लिए टिफिन लेकर उसके घर पहुंचा। उसने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। काफी देर तक कोशिश के बाद भी दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद उसने पड़ोसियों को जानकारी दी। पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया तो अमन अंदर फांसी के फंदे पर लटका मिला। पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जांच-पड़ताल के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है। हालांकि, अमन ने यह कदम क्यों उठाया, इसका अभी पता नहीं चला है। मौके से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला। पुलिस परिजनों से जानकारी जुटाने के साथ मामले की जांच कर रही है।
लखनऊ के इटौंजा थाने का आज गुरुवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने घेराव कर प्रदर्शन किया। बीजेपी विधायक योगेश शुक्ल के साथ पहुंचे कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। बजरंग दल ने यह प्रदर्शन इलाके में गोमांस तस्करी का आरोप लगाते हुए किया। मांग की कि इलाके में गोमांस तस्करी रोकी जाए। दरअसल, 20 सितंबर को सराय उसरना के पास स्कूटी से जा रहे रिजवान नाम के व्यक्ति को कुछ युवकों ने शक करते हुए रोक लिया। उसकी स्कूटी की डिक्की खोली तो उसमें किसी मवेशी का मांस मिला। इसे गोमांस बताते हुए युवकों ने रिजवान के साथ मारपीट की थी। उसके बाद आज बजरंग दल के करीब 300 कार्यकर्ता इटौंजा थाने पहुंच गए। उन्होंने इलाके में गोमांस तस्करी होने का आरोप लगाया। इसके साथ ही तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। ये सभी दल के जिला संयोजक (लखनऊ ग्रामीण) रोहित सिंह की अगुआई में पहुंचे थे। प्रदर्शन के बाद एसीपी को एक ज्ञापन भी सौंपा गया। कई जनप्रतिनिधि भी थाने पहुंचे इस प्रदर्शन में विधायक योगेश शुक्ला, भाजपा किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष अतुल मिश्रा, इटौंजा नगर पंचायत अध्यक्ष अवधेश अवस्थी समेत कई गांवों के जनप्रतिनिधि शामिल थे। कार्यकर्ताओं ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की। विधायक बोले- लड़कों ने कहा था उनकी बात नहीं सुनी गई भाजपा विधायक योगेश शुक्ल ने थाने में मीडिया को बयान दिया। उन्होंने कहा- कुछ युवकों के खिलाफ मारपीट की FIR दर्ज हुई थी। उनका कहना था कि FIR दर्ज कर ली गई और उनका पक्ष नहीं लिया गया। हम इसीलिए यहां आए कि किसी के साथ गलत या अन्याय नहीं होना चाहिए। असदुद्दीन ओवैसी का बयान सामने आया इस घटना पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने किसी जनसभा में बयान दिया। उन्होंने कहा कि लखनऊ में रिजवान नाम के युवक को खुद को गोरक्षक बताने वाले लोगों ने पीटा। ये लोग रक्षक नहीं बल्कि राक्षस हैं। ओवैसी का यह बयान कानपुर की जनसभा में घटना वाले दिन का ही बताया जा रहा है। ----------------------------- संबंधित खबरें भी पढ़िए- (बजरंग दल कार्यकर्ता बोले- मांस तस्करी की जांच की जाए) (इटौंजा में मीट ले जा रहे युवक से मारपीट, 3 पर FIR)
बिलासपुर में जातिगत जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए अलग और साफ कॉलम शामिल करने की मांग उठने लगी है। जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर (पिछड़ा वर्ग विभाग) के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि ओबीसी वर्ग की वास्तविक संख्या के सही आंकड़े जुटाने और उसके आधार पर उचित प्रतिनिधित्व व भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए यह जरूरी है। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग विभाग बिलासपुर के अध्यक्ष सुनील साहू ने किया। उन्होंने बताया कि इस ज्ञापन के जरिए देश और राज्य के करोड़ों पिछड़ा वर्ग समुदाय के संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक न्याय की आवाज उठाई जा रही है। साहू ने यह भी कहा कि देश की बड़ी आबादी को नए आंकड़ों के बिना अधिकारों से वंचित रखना अन्याय है। पत्रकारों से बात करते हुए सुनील साहू ने कहा कि भारत का संविधान सामाजिक न्याय, समान अवसर और समावेशी विकास पर आधारित है। देश और प्रदेश की कुल आबादी का एक बड़ा हिस्सा अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित है, जो लंबे समय से सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक न्याय की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आजादी के इतने दशकों बाद भी देश में ओबीसी वर्ग की वास्तविक और नई जनसंख्या का कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। साहू ने जोर दिया कि जब तक सटीक आंकड़े सामने नहीं आएंगे, तब तक शिक्षा, रोजगार, आरक्षण, छात्रवृत्ति और जनकल्याणकारी योजनाओं का सही तरीके से निर्धारण संभव नहीं है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी तिफरा के अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू ने कहा कि आबादी के अनुपात में सही प्रतिनिधित्व और भागीदारी के लिए अगली राष्ट्रीय जातिगत जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग की गणना के लिए अलग और साफ कॉलम जोड़ा जाए। उन्होंने मांग की कि ओबीसी समुदाय की वास्तविक जनसंख्या के आंकड़े वैज्ञानिक, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जुटाए जाने चाहिए।
ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में 25 सितंबर से यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण शुरू होगा। पांच दिन तक चलने वाला यह आयोजन 29 सितंबर तक चलेगा। ट्रेड शो में पूरे उत्तर प्रदेश की झलक एक ही जगह देखने को मिलेगी। ओडीओपी से लेकर बड़े निवेश और प्रदेश के अलग-अलग उत्पादों की जानकारी यहां एक छत के नीचे मिलेगी। उद्घाटन समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत केंद्र और राज्य सरकार के कई मंत्री शामिल होंगे। देश-विदेश से बड़ी संख्या में वीवीआईपी और अन्य लोग भी ट्रेड शो में पहुंचेंगे। इसे देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात की विशेष व्यवस्था की है। 3 तस्वीरें देखिए… 4 लेयर में सुरक्षा, 2500 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात नोएडा के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि ट्रेड शो को लेकर सुरक्षा के चार स्तर बनाए गए हैं। जिले की सीमाओं के साथ शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगातार जांच की जा रही है। एक्सपो मार्ट के बाहरी इलाकों में भी जांच अभियान चलाया जा रहा है। ट्रेड शो में 2500 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। निगरानी के लिए कमांड कंट्रोल सेंटर बनाया गया है, जहां अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। 20 से ज्यादा जगह पार्किंग, नासा में 10 हजार वाहन एक्सपो मार्ट के आसपास 20 से ज्यादा स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इनमें नासा पार्किंग भी शामिल है। यहां 10 हजार से ज्यादा गाड़ियां खड़ी की जा सकती हैं। पार्किंग और यातायात व्यवस्था को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की गई है। पुलिस का कहना है कि आयोजन के दौरान सुरक्षा के साथ लोगों के आवागमन को सुचारु रखने पर भी फोकस रहेगा। आने-जाने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाएगी।
दमोह जिले के हिंडोरिया स्वास्थ्य केंद्र में गुरुवार रात 50 वर्षीय शिव सिंह लोधी की मौत के बाद हंगामा हो गया। परिजन ने पुलिस पर पुलिस कस्टडी में बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगाया है, जिससे उनकी जान गई है। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और ग्रामीण हिंडोरिया अस्पताल पहुंच गए और देर रात तक हंगामा चलता रहा। मृतक शिव सिंह लोधी हिंडोरिया थाना क्षेत्र के टिकरी पिपरिया के रहने वाले थे। उनके बेटे ने बताया कि बांदकपुर और हिंडोरिया पुलिस ने हिनौता गांव में एक जुए के अड्डे पर छापा मारा था। वहां से पुलिस उनके पिता को पकड़कर ले गई, जबकि बाकी लोग भाग निकले। बेटा बोला- पिता हार्ट के मरीज थे परिजन का आरोप है कि पुलिस ने कस्टडी में उनके साथ बुरी तरह मारपीट की। बाद में उन्हें फोन कर बताया गया कि पिता की तबीयत खराब है, लेकिन जब वे अस्पताल पहुंचे तो उनकी मौत हो चुकी थी। बेटे ने यह भी साफ किया कि हालांकि उसके पिता हार्ट पेशेंट थे और उन्हें स्टंट (छल्ले) डले थे, लेकिन उनकी मौत बीमारी से नहीं बल्कि पुलिस की पिटाई से हुई है। अस्पताल में रातभर हंगामा, एसपी ने नहीं उठाया फोन घटना के बाद पुलिस का कहना है कि आरोपी की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था जहां उसने दम तोड़ दिया। मौके पर पहुंचीं पथरिया एसडीओपी प्रिया सिंधी ने गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों को समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं थे। ग्रामीणों ने पुलिस पर जुआ और अवैध शराब के कारोबार में ढिलाई बरतने और निर्दोषों के साथ मारपीट का आरोप लगाया। मामले में जब एसपी आनंद कलादगी से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो कई बार फोन लगाने के बावजूद उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। रात 10:30 बजे तक अस्पताल में तनाव की स्थिति बनी रही। अब शुक्रवार सुबह शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो सकेगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पति की हत्या के मामले में दोषी ठहराई गई एक महिला और उसके कथित प्रेमी को बरी किया। हाईकोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की ऐसी पूरी कड़ी स्थापित करने में विफल रहा, जो दोनों आरोपियों को हत्या से जोड़ सके। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल मोबाइल फोन के कॉल विवरण के आधार पर यह साबित नहीं किया जा सकता कि दो लोग घटना के समय एक ही स्थान पर मौजूद थे। जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस जय कृष्ण उपाध्याय की खंडपीठ ने ट्रायल कोर्ट का 14 नवंबर 2025 का फैसला रद्द किया। ट्रायल कोर्ट ने हसनेरा उर्फ शबाना और शाहरुख को हसनेरा के पति नईम की हत्या का दोषी ठहराते हुए दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। जानिये क्या है मामलाअभियोजन के अनुसार नईम की 1 जनवरी 2023 को शिकोहाबाद में एक ईंट भट्ठे के पास हत्या कर दी गई। आरोप है कि हसनेरा और शाहरुख के बीच कथित अवैध संबंध थे और दोनों ने साजिश के तहत नईम की हत्या की। मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं है और अभियोजन का पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है। अभियोजन ने मोबाइल फोन के कॉल विवरण का हवाला देते हुए दावा किया कि नईम और शाहरुख के बीच बातचीत हुई थी और घटना वाले दिन दोनों के मोबाइल एक-दूसरे के नजदीक थे। हाईकोर्ट ने इस तर्क को पर्याप्त नहीं माना। तथ्य वाले गवाह पेश नहीं हुएअदालत ने कहा कि कथित संबंध को साबित करने वाले गवाहों के पास उसके बारे में व्यक्तिगत जानकारी नहीं है। इसके अलावा, ऐसे संबंध को लेकर पहले कभी कोई शिकायत भी दर्ज नहीं कराई गई। अदालत ने कहा कि अभियोजन की ओर से ऐसा कोई अन्य प्रत्यक्ष तथ्यात्मक गवाह पेश नहीं किया गया, जिससे कथित संबंध और उसके आधार पर हत्या के मकसद की पुष्टि हो सके। मोबाइल के कॉल डिटेल्स पर अदालत की अहम टिप्पणीहाईकोर्ट ने कॉल डिटेल्स पर अभियोजन की निर्भरता को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि मोबाइल टावर के दायरे में दो फोन का होना इस बात का प्रमाण नहीं है कि उन फोन का इस्तेमाल करने वाले दोनों व्यक्ति वास्तव में एक ही जगह मौजूद थे। अदालत ने कहा, “कॉल डिटेल्स से यह साबित नहीं होता कि दोनों व्यक्ति एक साथ मौजूद थे।” खंडपीठ ने समझाया कि कोई व्यक्ति अपना मोबाइल फोन एक जगह छोड़कर दूसरी जगह जा सकता है। इसलिए केवल मोबाइल फोन की नजदीकी के आधार पर उसके यूजर की घटनास्थल पर मौजूदगी साबित नहीं की जा सकती। कॉल डिटेल्स महज मजबूत साक्ष्यों की पुष्टि कोअदालत ने कहा कि कॉल डिटेल्स दूसरे मजबूत साक्ष्यों की पुष्टि करने में मदद कर सकता है। उदाहरण के लिए, यदि कोई विश्वसनीय प्रत्यक्षदर्शी बयान या ऐसा वैज्ञानिक साक्ष्य मौजूद हो, जो आरोपी को अपराध से जोड़ता हो, तो कॉल डिटेल्स संदेह दूर करने में सहायक हो सकता है। लेकिन इसे अकेले इस निष्कर्ष के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता कि आरोपी और मृतक घटना के समय साथ थे। पुलिस के सामने कथित कबूलनामे पर भी भरोसा नहीं हाईकोर्ट ने आरोपियों द्वारा जांच अधिकारी के सामने कथित तौर पर अपराध स्वीकार किए जाने का दावा भी स्वीकार नहीं किया। अदालत ने साक्ष्य अधिनियम की धारा 26 का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिस हिरासत में आरोपी द्वारा किया गया कबूलनामा उसके खिलाफ तब तक साबित नहीं किया जा सकता, जब तक वह मजिस्ट्रेट की तत्काल मौजूदगी में न किया गया हो। इसलिए जांच अधिकारी के सामने कथित कबूलनामे को आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। आरोपियों की दोषसिद्धि की ओर ही संकेत नहींअदालत ने कथित हत्या के हथियार के रूप में बरामद खून से सनी ईंट को भी अभियोजन के लिए निर्णायक कड़ी नहीं माना। खंडपीठ ने कहा कि ईंट घटनास्थल से बरामद हुई थी और वह किसी आरोपी के कब्जे या उसकी निशानदेही पर बरामद नहीं हुई। हाईकोर्ट ने कहा कि अभियोजन द्वारा पेश की गई परिस्थितियां न तो पूरी तरह साबित हुईं और न ही ऐसी पूर्ण कड़ी बनाती हैं, जिससे आरोपियों की दोषसिद्धि की ओर ही संकेत मिलता हो। संदेह का लाभ दिया जाना चाहिएकोर्ट ने कहा, “साक्ष्यों की पूरी कड़ी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कड़ियां गायब हैं।” अदालत ने माना कि इन परिस्थितियों में दोनों की दोषसिद्धि बरकरार रखना सुरक्षित नहीं होगा और उन्हें संदेह का लाभ दिया जाना चाहिए। इसके बाद हाईकोर्ट ने दोनों अपीलों को मंजूर करते हुए ट्रायल कोर्ट का फैसला रद्द किया। हसनेरा और शाहरुख को आरोपों से बरी कर दिया गया और अदालत ने निर्देश दिया कि यदि वे किसी अन्य मामले में आवश्यक नहीं हैं तो उन्हें तत्काल रिहा किया जाए।
बालोद जिले के गुरुर थाना क्षेत्र के हितेकसा गांव के अमलीडहार नाले में गुरुवार दोपहर एक महिला का शव तैरता मिला। शव करीब 24 घंटे पुराना लग रहा है। महिला की उम्र करीब 30 से 35 साल के बीच है, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो पाई है। नाले के बीच में पत्थर के पास महिला का शव उल्टी पड़ा था। चरवाहों ने जब उसे देखा तो ग्रामीणों को सूचना दी। इसके बाद गुरुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकालकर जांच शुरू की। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर जाकर निरीक्षण किया। महिला ने कत्थई रंग का सूट पहना है। उसके दोनों हाथों में चूड़ियां और अंगूठियां हैं। पैरों में चांदी की पायल और नाक में फुल्ली भी है। पुलिस इन चीजों और महिला के हुलिए के आधार पर आसपास के गांवों में उसकी पहचान करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, आसपास के गांवों के लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन किसी ने महिला को नहीं पहचाना। महिला नाले तक कैसे पहुंची, इस एंगल से जांच महिला घटनास्थल तक कैसे और किस माध्यम से पहुंची, पुलिस और साइबर टीम इस एंगल से भी जांच कर रही है। अमलीडहार नाला हितेकसा से गुरुर जाने वाले मुख्य मार्ग के पास है। ऐसे में पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि महिला यहां खुद पहुंची थी या किसी अन्य माध्यम से उसे यहां लाया गया। शिनाख्ती के बाद कराया जाएगा पोस्टमार्टम बालोद एएसपी चंद्रकांत गवर्ना ने बताया कि महिला की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। आसपास के थानों में महिला की फोटो भेजकर शिनाख्ती कराई जा रही है। प्रथम दृष्टया डूबने से मौत होना सामने आया है। शिनाख्ती के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। मामले की जांच जारी है।
राजनांदगांव में साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए 'म्यूल बैंक अकाउंट' देने वाले एक आरोपी को बसंतपुर पुलिस और साइबर सेल राजनांदगांव की टीम ने दुर्ग जिले से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी दीपक पाल (24 वर्ष) दुर्ग के सुपेला थाना क्षेत्र का रहने वाला है। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया। इसमें पुलिस मुख्यालय रायपुर और गृह मंत्रालय (I4C) के समन्वय पोर्टल से मिली जानकारी की जांच के बाद यह कामयाबी मिली। जांच में पता चला कि IDFC FIRST Bank में जय अंबे फर्नीचर मार्ट के नाम से चल रहे खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था। आरोपी दीपक पाल के इस खाते में 5,88,404 रुपए की ठगी की रकम आई थी। खाते की डिटेल से अब तक कुल 75,02,500 रुपए के संदिग्ध लेन-देन सामने आए हैं। समन्वय पोर्टल की जांच में इस अकेले बैंक खाते से जुड़ी 19 अलग-अलग राज्यों से साइबर अपराध की शिकायतें मिली हैं। इस मामले में बसंतपुर थाने में अपराध क्रमांक 458/2026, धारा 317(2), 317(4), 317(5) BNS के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। 'म्यूल अकाउंट' उन बैंक खातों को कहते हैं, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी, फर्जी ट्रेडिंग और गेमिंग या सट्टेबाजी ऐप्स से मिली अवैध रकम को छिपाने या ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। अक्सर साइबर ठग लोगों को कमीशन या पैसों का लालच देकर उनके खाते किराए पर ले लेते हैं। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को लालच या कमीशन के चक्कर में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, इंटरनेट बैंकिंग या UPI की जानकारी न दें। बैंक खाते का गलत इस्तेमाल होने पर खाताधारक के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बलरामपुर कोतवाली पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 109.235 किलो गांजा जब्त किया है। पुलिस के मुताबिक, इसकी कीमत करीब 50 लाख रुपए है। तस्कर गांजा ओडिशा से बलरामपुर के रास्ते बिहार ले जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में बिहार के बक्सर जिले के योगीराज (29) को गिरफ्तार किया है। वह कतिकनार गांव का रहने वाला है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले में NDPS एक्ट की धारा 20(ख)(2)(ग) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, ओडिशा से बिहार के बीच बलरामपुर के रास्ते होने वाली गांजा तस्करी को रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि बड़ी मात्रा में गांजा ओडिशा से बिहार ले जाया जा रहा है। इसके बाद मुखबिरों को सक्रिय किया गया और संभावित रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी गई। 24 सितंबर की रात मुखबिर से सूचना मिली कि सफेद रंग की बोलेरो पिकअप (JH10AQ5144) में गांजा भरकर अंबिकापुर की ओर से बलरामपुर होते हुए बिहार ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने चेक पोस्ट लगाकर वाहनों की जांच शुरू कर दी। पिकअप के सीक्रेट चैंबर में छिपा रखा था गांजा जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध पिकअप को रोककर तलाशी ली। पिकअप के डाले के नीचे सीक्रेट चैंबर बना हुआ था। डाला हटाने पर चैंबर में 100 पैकेट गांजा छिपाकर रखा मिला। गांजे का कुल वजन 109.235 किलो निकला। पुलिस ने गांजा और तस्करी में इस्तेमाल पिकअप वाहन को जब्त कर लिया है। आरोपी योगीराज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। साथ ही गांजा तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
प्रतापगढ़ में टीएसपी क्षेत्र में विद्या संबल भर्ती नियमों को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक रामलाल मीणा की अगुवाई में कई कांग्रेस कार्यकर्ता सूरजपोल चौराहे पर जमा हुए और नारे लगाए। भर्ती में टीएसपी क्षेत्र के उम्मीदवारों को प्राथमिकता की मांगकांग्रेस ने मांग की कि टीएसपी क्षेत्र के उम्मीदवारों को भर्ती में प्राथमिकता दी जाए और क्षेत्र की आरक्षण व्यवस्था फिर से लागू की जाए। देखें प्रदर्शन से जुड़ी PHOTOS प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के घरों को घेरने के लिए सिविल लाइन की तरफ गए। खबर मिलने पर कई पुलिसकर्मी तैनात किए गए। पूर्व विधायक रामलाल मीणा भी अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठे। कलेक्टर और एसपी आवास के बाहर मौजूद डीएसपी बाबूलाल मुरारिया से रामलाल मीणा की बहस हो गई, जिससे कुछ देर के लिए माहौल में तनाव आ गया। हालांकि, वहां मौजूद अधिकारियों ने समझाकर मामला शांत किया। करीब एक घंटे चले प्रदर्शन के बाद बड़े अधिकारियों से बात करने पर सहमति बनी। रामलाल मीणा की अगुवाई में कांग्रेस का एक ग्रुप शुक्रवार को अधिकारियों से मिलकर टीएसपी उम्मीदवारों को जल्द राहत देने और भर्ती नियमों में बदलाव की मांग करेगा। कांग्रेस ने कहा कि अगर आरक्षण व्यवस्था फिर से लागू नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मध्यप्रदेश (AIMP) के कार्यकारिणी वर्ष 2026-28 के लिए हुए चुनाव में प्रोग्रेसिव पैनल के सभी 15 उम्मीदवार विजयी रहे। चुनाव परिणाम जारी होने के बाद एसोसिएशन परिसर में समर्थकों और सदस्यों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। चुनाव अधिकारियों प्रभु सक्सेरिया, विजय गोयल, नितिन तेंदुलकर और डॉ. शरद डोसी के नेतृत्व में चुनाव प्रक्रिया संपन्न हुई। जारी परिणाम के अनुसार एसोसिएशन के कुल 854 वैध मतदाताओं में से 636 ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इनमें से 36 मत अवैध घोषित किए गए। मतदान प्रतिशत करीब 75 रहा। प्रोग्रेसिव पैनल के उम्मीदवारों को मिले वोट निर्दलीय प्रत्याशियों में अभय कुमार अग्रवाल को 190 और दिलीप बराल को 174 मत मिले। परिणाम के बाद समर्थकों में उत्साह परिणाम घोषित होने के बाद प्रोग्रेसिव पैनल के समर्थकों और सदस्यों में उत्साह नजर आया। परिसर में जश्न का माहौल रहा। पैनल के संयोजक ओम धूत, मोहनसिंह रघुवंशी, दिनेश भट्ट सहित नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों ने मतदाताओं और समर्थकों के प्रति आभार जताया। पैनल की ओर से कहा गया कि मतदाताओं ने जिस विश्वास के साथ उन्हें दोबारा जिम्मेदारी सौंपी है, उसे कायम रखने के लिए संगठन और उद्योगजगत के हित में पूरी निष्ठा से काम किया जाएगा। प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशियों से भी सहयोग की अपील प्रोग्रेसिव पैनल के संयोजक और विजयी उम्मीदवारों ने चुनाव में शामिल निर्दलीय प्रत्याशी दिलीप बराल और अभय कुमार अग्रवाल के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया अब समाप्त हो चुकी है और आगे संगठन तथा उद्योगजगत के हितों को प्राथमिकता देते हुए सभी को मिलकर काम करना चाहिए।
बेमेतरा: खम्हरिया पुलिस और साइबर सेल की टीम ने जुआ खेलते हुए 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से 31 हजार 200 रुपए नकद और 52 पत्ती ताश जब्त की है। यह कार्रवाई 23 सितंबर को वार्ड नंबर 13 स्थित परमार कबाड़ी दुकान के पास की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि परमार कबाड़ी दुकान के पास कुछ लोग ताश के पत्तों पर हार-जीत का दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं। इस सूचना पर खम्हरिया थाना और साइबर सेल की टीम ने मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखकर कुछ लोग भाग गए, लेकिन 5 जुआरियों को पकड़ लिया गया। पकड़े गए आरोपियों में विनोद परमार (51), जीवन साहू (42), अजय कुमार तिवारी (39), जुनैद (28) और दिनेश यादव (28) शामिल हैं। ये सभी खम्हरिया इलाके के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 112 BNS और छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 3(2) के तहत मामला दर्ज किया है। कार्रवाई के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
मैहर के मां शारदा मंदिर की पहाड़ी पर तेंदुए की मौजूदगी से फिर हड़कंप मच गया है। बुधवार रात एक बार फिर तेंदुआ मंदिर के सीढ़ी मार्ग के पास तक पहुंच गया, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। गुरुवार को सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि तेंदुआ एक कुत्ते का पीछा करते हुए सीढ़ियों तक आ पहुंचा। जिस वक्त तेंदुआ वहां पहुंचा, रास्ते पर श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी थी। तेंदुए को इतने पास देखकर वहां मौजूद श्रद्धालुओं और राहगीरों में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। हालांकि, सीढ़ी मार्ग के किनारे लगी लोहे की सुरक्षा जाली की वजह से तेंदुआ श्रद्धालुओं तक नहीं पहुंच सका और बड़ा हादसा टल गया। तेंदुआ कुछ देर तक सीढ़ियों के आसपास घूमने के बाद वापस पहाड़ी के जंगलों की तरफ चला गया। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता मंदिर परिसर और आसपास की पहाड़ियों में पिछले कई महीनों से लगातार तेंदुआ देखा जा रहा है। बुधवार रात की इस घटना के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में अपनी सुरक्षा को लेकर डर और चिंता और बढ़ गई है। घटना के बाद अब मंदिर क्षेत्र में तेंदुए की निगरानी बढ़ाने और श्रद्धालुओं की पुख्ता सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग उठ रही है।
टोंक नगर परिषद के नए सभापति संभाला कार्यभार:लग्जरी कारों के काफिले के साथ निकला जुलूस, आतिशबाजी हुई
टोंक नगर परिषद के नवनिर्वाचित सभापति मयंक गोयल और उपसभापति फरजाना सईद ने गुरुवार को विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कार्यभार संभाल लिया। कार्यभार ग्रहण करने से पहले मयंक गोयल, उपसभापति फरजाना सईद, कांग्रेस और समर्थित पार्षदों के साथ लग्जरी कारों के काफिले में जुलूस के रूप में निकले। शहर के प्रमुख मार्गों और मुख्य बाजारों में समर्थकों ने जगह-जगह मालाएं पहनाकर और आतिशबाजी कर उनका जोरदार स्वागत किया। कार्यभार ग्रहण करने से पहले मयंक गोयल, वरिष्ठ पार्षद सुनील बंसल, निसार अहमद, मोहम्मद कमर, एडवोकेट शैलेश गोयल और हर्षित बंसल सहित अन्य पार्षद तथा उपसभापति फरजाना सईद महिला पार्षदों के साथ खुली जीप में अग्रवाल धर्मशाला से गाड़ियों के काफिले के साथ रवाना हुए। जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों और मुख्य बाजारों से होकर निकला। इस दौरान गोयल समर्थकों ने जगह-जगह मालाएं पहनाकर और आतिशबाजी कर उनका स्वागत किया। इसके बाद नगर परिषद टोंक अग्निशमन केंद्र के सभागार में कार्यभार ग्रहण समारोह हुआ। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सऊद सईदी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, नवनिर्वाचित पार्षदों और परिजनों की मौजूदगी में सभापति मयंक गोयल और उपसभापति फरजाना सईद ने कार्यभार संभाला। इस दौरान मयंक गोयल ने कहा कि टोंक के विकास को गति मिलेगी। टोंक की जनता के कामों को प्राथमिकता से किया जाएगा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सऊद सईदी ने विश्वास जताया कि नवनिर्वाचित सभापति और उपसभापति टोंक की जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले कार्यों को भी पूरा किया जाएगा। कार्यक्रम में कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष रामबिलास चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष लक्ष्मण गाता, हरिप्रसाद बेरवा, पूर्व विधायक कमल बैरवा, सेठ मोइनुद्दीन निजाम, दिनेश चौरसिया, पार्षद गायत्री चौरसिया, पार्षद सुनील बंसल, रामदेव गुजर, कांग्रेस के युवा नेता हंसराज गाता, ताबिश अजमल, शाइद सईद, पार्षद भागचंद गुजर, महावीर यादव, रेणु टाक, फाईज खान, अकरम खान, अल्फेज नदाफी, सरताज अहमद, कमर सिद्दीकी, राजीव बंसल, मनिंदर लोदी, यूसुफ यूनिवर्सल, मोहसिन रशीद, मोहम्मद अजमल, अब्दुल खालिद खान, जीशान, इरशाद खान, पंकज यादव, बरकात हसीन, इम्तियाज खान, वासिद नूर और विकास विजयवर्गीय सहित अन्य लोग मौजूद रहे। नवनिर्वाचित सभापति मयंक गोयल के ताऊ राजेंद्र गोयल, पिता दिनेश गोयल सहित परिजन भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
कैथल में स्तरीय प्रतियोगिता में पदक दिलाने का झांसा देकर महिला खिलाड़ी से छेड़छाड़ व दुष्कर्म करने के मामले में दोषी दीपक लौट को अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई है। एडीजे अनुपमिश मोदी की अदालत ने आरोपी पर 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने वीरवार को मामले में फैसला सुनाया। युवती ने दी शिकायतशहर निवासी 19 वर्षीय युवती ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह कई वर्षों से ताइक्वांडो की खिलाड़ी है। उसने वर्ष 2014 में इस खेल में कांस्य पदक हासिल किया था। इसके बाद वह वुशू खेल से जुड़ गई। अप्रैल 2023 में उसने जिला स्तर की प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया था। शिकायत के अनुसार 3 मई 2023 को जिला कैथल वुशू संघ के महासचिव दीपक लौट ने उसे अपने घर बुलाया। वह सुबह करीब 11 बजे उसके घर पहुंची। आरोपी ने उसे अपने पास बैठाकर राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता में पदक दिलाने का भरोसा दिया और कहा कि इसके लिए उसे मेहनत करनी होगी। कोल्ड ड्रिंक पीने के लिए दियायुवती ने शिकायत में बताया था कि आरोपी ने उससे चाय पीने के लिए पूछा। उसने चाय से एलर्जी होने की बात कहते हुए चाय पीने से मना कर दिया। इसके बाद आरोपी उसके लिए एक गिलास में माजा लेकर आया और उसे पीने के लिए दिया। माजा पीने के बाद उसे हल्का नशा महसूस हुआ और उसे अजीब लगने लगा।इसके बाद आरोपी ने उससे एलर्जी के बारे में पूछा और उसकी छाती पर हाथ मारा। उस समय वह नशे की हालत में थी। इसके बाद आरोपी ने उसके निजी अंग के साथ छेड़छाड़ की। शिकायत के अनुसार करीब एक मिनट बाद बाहर से दरवाजा खटखटाया गया। उसकी दो सहेलियां वहां पहुंचीं और कमरे में आ गईं। उनके आने के बाद आरोपी ने उसे धमकी दी कि यदि उसने घटना के बारे में किसी को बताया तो वह उसे खेल में हिस्सा नहीं लेने देगा और उसकी बदनामी भी करवा देगा। बदनामी और सामाजिक प्रतिष्ठा के डर से युवती ने उसने घटना के बारे में किसी को नहीं बताया। बाद में उसने पुलिस को शिकायत दी। महिला थाना में आरोपी के खिलाफ 328, 354, 354ए, 376 व 506 में प्राथमिकी दर्ज की गई। मामलों में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद वुशू कोच दोषी मिला। जिसके बाद यह सजा सुनाई गई।
मंडला के पाठा सिहोरा स्थित राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह सरकारी छात्रावास में 6वीं कक्षा के 3 जूनियर छात्रों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि 7वीं-8वीं के करीब 9 सीनियर छात्रों ने उन्हें रात में सोते समय उठाया और पैसे चोरी करने के शक में बेल्ट से पीटा। इसके बाद बच्चों के हाथों में जलते अंगारे रखे गए। घटना सोमवार 21 सितंबर की बताई जा रही है। बच्चों के हाथ झुलस गए और छाले पड़ गए। गुरुवार को परिजन के मीडिया से बातचीत करने के बाद मामला सामने आया। सीनियर्स ने कहा- चोरी नहीं की तो हाथ नहीं जलेंगे एक बच्चे ने बताया कि उसे रात करीब 2 बजे उठाया गया था। सीनियर छात्रों ने चोरी का आरोप लगाकर उसकी पिटाई की। इसके बाद कहा कि जिसने चोरी नहीं की होगी, उसके हाथ नहीं जलेंगे और उसके हाथ में जलता हुआ अंगारा रख दिया। बच्चे के मुताबिक, सीनियर्स ने उसे छत से फेंकने और जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बारे में किसी को बताने से मना किया गया था। पिता को फोन कर बताई घटनाबच्चे ने बाद में फोन पर अपने पिता राजेश कुलस्ते को घटना की जानकारी दी। राजेश सिवनी जिले के जमुनिया गांव के रहने वाले हैं और नागपुर में मजदूरी करते हैं। बेटे की सूचना मिलने के बाद वे नागपुर से पाठा सिहोरा पहुंचे। परिजन का कहना है कि उनके बेटे को पहले भी परेशान किए जाने की शिकायत की गई थी। उनका आरोप है कि दो अन्य जूनियर छात्रों के साथ भी इसी तरह की घटना हुई है। वे मामले की पुलिस में शिकायत दर्ज कराना चाहते हैं। अधीक्षक बोले- घटना के वक्त हॉस्टल में नहीं था छात्रावास अधीक्षक अनिल कुमार उइके ने बताया कि घटना के वक्त वे हॉस्टल में नहीं थे और बालाघाट गए हुए थे। सीनियर छात्रावास के अधीक्षक भी अवकाश पर थे। उस समय सिर्फ चौकीदार मौजूद था। उन्होंने बताया कि बच्चों के पिता से जानकारी मिलने के बाद उनका इलाज कराया गया। दोनों छात्रावास अधीक्षकों को नोटिस मामला सामने आने के बाद जनजातीय कार्य विभाग ने सीनियर और जूनियर दोनों छात्रावास के अधीक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। सहायक आयुक्त अरुण शुक्ला ने बताया कि घटना की जांच के लिए समिति बनाई गई है। समिति बच्चों के साथ हुई घटना, जिम्मेदारी और छात्रावास की व्यवस्थाओं से जुड़े पहलुओं की जांच करेगी।
छतरपुर में हीरा, सिंगरौली-कटनी में सोना खोजेगी सरकार:सीएम ने 62 खनिज निरीक्षकों को दिए नियुक्ति पत्र
मध्यप्रदेश में सरकार अब खनिज संपदा की नई संभावनाएं तलाशने पर फोकस कर रही है। छतरपुर में दो नए क्षेत्रों में हीरे की खोज का काम चल रहा है, जबकि सिंगरौली और कटनी में छह स्वर्ण ब्लॉक नीलाम किए जा चुके हैं। इसी बीच खनन गतिविधियों की निगरानी और खनिज राजस्व बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को 62 नवनियुक्त खनि निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे। सरकार के मुताबिक प्रदेश की खनिज आय अब 8-9 हजार करोड़ से बढ़कर 12 हजार करोड़ रुपए हो गई है। मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश खनिज संपदा के मामले में अग्रणी राज्य है। प्रदेश की धरती से हीरा निकलता है और कोयले के मामले में भी प्रदेश समृद्ध है। उन्होंने नवनियुक्त खनि निरीक्षकों से पारदर्शिता और दक्षता के साथ काम करते हुए प्रदेश की आर्थिक समृद्धि में योगदान देने की अपेक्षा की। जहां जमीन के नीचे खजाना, वहां बढ़ेगी विभाग की निगरानी प्रदेश में खनिज गतिविधियों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। केंद्र सरकार ने नीलामी के जरिए 33 कोयला खनन ब्लॉक आवंटित किए हैं। इनमें से 8 ब्लॉक में उत्पादन शुरू हो चुका है, जबकि 6 अन्य ब्लॉकों में उत्पादन शुरू करने के लिए माइन डेवलपमेंट का काम चल रहा है। इसी तरह छतरपुर के दो नए क्षेत्रों में हीरे की खोज के लिए अन्वेषण चल रहा है। पन्ना में एक हीरा ब्लॉक आवंटित किया गया है। यानी हीरे के लिए प्रदेश में पुराने क्षेत्रों के अलावा नए इलाकों में भी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। सोने पर भी फोकस, सिंगरौली में लगेगी प्रोसेसिंग यूनिट प्रदेश में खनिज गतिविधियों में अब सोने का हिस्सा भी बढ़ रहा है। सिंगरौली में स्वर्ण अयस्क की प्रोसेसिंग के लिए ग्रीनफील्ड गोल्ड कंसंट्रेट प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जा रही है। इसके अलावा सिंगरौली और कटनी में 6 स्वर्ण ब्लॉक नीलाम किए गए हैं। ऐसे में नए खनि निरीक्षकों की नियुक्ति को खनन गतिविधियों के बढ़ते दायरे से जोड़कर देखा जा रहा है। वित्त वर्ष 2026-27 में सरकार ने 72 खनि निरीक्षकों की नियुक्ति की पहल की है। गुरुवार को इनमें से 62 को नियुक्ति पत्र दिए गए। खनिज आय 12 हजार करोड़, अब और बढ़ाने की जिम्मेदारी प्रमुख सचिव खनिज साधन विवेक पोरवाल ने बताया कि प्रदेश में खनिजों से मिलने वाली आय 8-9 हजार करोड़ से बढ़कर 12 हजार करोड़ रुपए हो गई है। नवनियुक्त खनि निरीक्षकों की भूमिका इस राजस्व को और बढ़ाने में महत्वपूर्ण बताई गई है। सरकार के अनुसार नीलामी प्रक्रिया और खनन क्षेत्र में किए गए सुधारों के कारण मध्यप्रदेश ने इस क्षेत्र में अग्रणी राज्य की पहचान बनाई है। भारत सरकार ने भी खनन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए मध्यप्रदेश को सम्मानित किया है। सीएम बोले- सरकारी नौकरी नहीं बल्कि सेवा का नया मौका मिल रहा मुख्यमंत्री ने कहा कि नवनियुक्त खनि निरीक्षक सिर्फ सरकारी नौकरी हासिल नहीं कर रहे, बल्कि उन्हें सेवा का नया अवसर मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदर्भ में उन्होंने कहा कि युवाओं को सरकारी सेवा में आने पर कर्मचारी नहीं बल्कि कर्मयोगी माना जाता है। मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र के साथ नवनियुक्त खनि निरीक्षकों को 'विश्वास पत्र' भी सौंपा। उन्होंने कहा कि सुशासन और लोक कल्याण के उद्देश्य से काम करते हुए ये युवा प्रदेश के लिए गर्व का कारण बनेंगे। कार्यक्रम में नवनियुक्त निरीक्षकों ने कहा कि नियुक्ति मिलने का दिन उनके लिए होली और दीपावली दोनों की खुशी जैसा है। मुख्यमंत्री ने पांच चयनित अभ्यर्थियों को मंच से नियुक्ति पत्र प्रदान किए।
रायसेन में अनंत चतुर्दशी का पर्व शुक्रवार को मनाया जाएगा। शहर में स्थापित भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विधि-विधान से पूजन के बाद विसर्जन होगा। प्रशासन ने इसके लिए विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। गुरुवार रात एसडीएम मनीष शर्मा, तहसीलदार भरत सिंह और थाना प्रभारी नरेंद्र गोयल ने शहर के प्रमुख गणेश विसर्जन स्थलों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सांची रोड स्थित पगनेश्वर विसर्जन स्थल का जायजा लिया। इसके बाद भोपाल रोड स्थित जाखा और माखनी सहित आसपास के अन्य विसर्जन स्थलों पर भी सुरक्षा व्यवस्थाएं देखीं। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद व्यवस्थाओं की जानकारी ली और जरूरी निर्देश दिए। प्रशासन ने विसर्जन के दौरान सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। प्रमुख विसर्जन स्थलों पर पुलिस बल के साथ होमगार्ड जवान और गोताखोर भी तैनात रहेंगे। प्रशासन की निगरानी में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो और सुरक्षा बनी रहे। अनंत चतुर्दशी की पूर्व संध्या पर गुरुवार को शहर के गणेश पंडालों में देर रात तक हवन-पूजन चलता रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। शुक्रवार को प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान श्रद्धालु 'श्री गणपति बप्पा मोरिया, अगले बरस तू जल्दी आ' के जयकारों के साथ भगवान गणेश को विदाई देंगे। श्री हिंदू उत्सव समिति अनंत चतुर्दशी पर महामाया चौक पर एक कार्यक्रम आयोजित करेगी। शहर में सजाई गई गणेश झांकियों के आयोजकों और समिति के सदस्यों को शील्ड और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही शहर में आकर्षक झांकियों का चल समारोह भी निकाला जाएगा। चल समारोह को लेकर समिति और प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
विदिशा पुलिस ने अनंत चतुर्दशी पर होने वाले गणेश चल समारोह और प्रतिमा विसर्जन को शांतिपूर्ण बनाने के लिए शहर में फ्लैग मार्च निकाला। करीब 100 पुलिस अधिकारी और जवान इस मार्च में शामिल थे। यह मार्च कोतवाली थाना से शुरू होकर झांकियों के तय मार्ग से गुजरा। पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने खुद पैदल चलकर संवेदनशील जगहों, भीड़ वाले इलाकों और यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। यह फ्लैग मार्च मेन मार्केट, निकासा, तिलक चौक, सराफा, बड़ा बाजार, लोहा बाजार, झूलन पीर, बजरिया, बरईपुरा, किरी मोहल्ला और माधवगंज से गुजरा। इसके बाद यह वापस कोतवाली पहुंचा। पूरे रास्ते में पुलिस की मौजूदगी से बाजार में सुरक्षा का माहौल दिखा। एसपी रोहित काशवानी ने बताया कि अनंत चतुर्दशी के लिए पुलिस ने पूरी तैयारियां कर ली हैं। फ्लैग मार्च का मकसद लोगों में भरोसा बढ़ाना और जुलूस मार्ग का आखिरी जायजा लेना था। इससे व्यवस्था में कोई कमी होने पर उसे तुरंत ठीक किया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि विसर्जन के समय मुख्य चौराहों, संवेदनशील जगहों और भीड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। सीसीटीवी कैमरों, लगातार गश्त और सोशल मीडिया की निगरानी से भी नजर रखी जाएगी। इस फ्लैग मार्च में सीएसपी अतुल सिंह, जिले के एसडीओपी, थाना प्रभारी, यातायात पुलिस, महिला अपराध शाखा और पुलिस लाइन के जवान शामिल थे। पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रशासन के यातायात निर्देशों का पालन करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत डायल-112 पर दें।
श्री गणेश उत्सव के अंतिम चरण में शुक्रवार को अयोध्या में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। केंद्रीय दुर्गापूजा एवं रामलीला समन्वय समिति ने विसर्जन की तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रतिमाएं दोपहर 1 बजे जमुनिया बाग में एकत्रित होंगी। यहां से शोभायात्रा निकलेगी, जो चौक और रिकाबगंज चौराहा होते हुए गुप्तार घाट पहुंचेगी। समिति के प्रवक्ता केशव बिगुलर ने बताया कि जमुनिया बाग तिराहे से श्री गणेश शोभायात्रा शुरू होगी। इसके बाद चौक, रिकाबगंज चौराहा होते हुए प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए गुप्तार घाट ले जाया जाएगा। विसर्जन मार्ग और घाट पर समिति के पदाधिकारी व्यवस्थाएं संभालेंगे। बैठक में तय की गई पदाधिकारियों की ड्यूटी विसर्जन व्यवस्था को लेकर गुरुवार को सुभाष नगर स्थित शुभम हाट में केंद्रीय समिति के पदाधिकारियों की बैठक हुई। संयोजक गगन जायसवाल ने पूर्व निर्धारित ड्यूटी चार्ट पढ़कर सुनाया। इसके आधार पर विसर्जन की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया। समिति के जिला अध्यक्ष मनोज जायसवाल ने पदाधिकारियों से तय स्थानों पर मौजूद रहकर विसर्जन मार्ग और घाट की व्यवस्था संभालने को कहा। इन स्थानों पर संभालेंगे व्यवस्था जमुनिया बाग कैंप में जेएन चतुर्वेदी के साथ केशव बिगुलर, गगन जायसवाल, शिवजी गौड़ और तारकेश्वर शर्मा रहेंगे। चौक में मनोज जायसवाल, अतुल सिंह, राजेश कुमार गौड़, आलोक शंकर समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। रिकाबगंज चौराहे पर प्रेमनाथ राय, दीपक गौतम, विशाल गुप्ता वासू, देवेंद्र अग्रहरि समेत अन्य पदाधिकारी व्यवस्था संभालेंगे। गुप्तार घाट पर पवन कुमार निषाद, विवेक साहू, अंकुश गुप्ता, रविकांत आर्य, अजय विश्वकर्मा, अवधेश अग्रहरि समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। विसर्जन मार्ग पर अपनी ड्यूटी पूरी करने वाले अन्य पदाधिकारी भी बाद में घाट पर पहुंचेंगे।
मुरादाबाद में न्यायिक व्यवस्था को और सुदृढ़ करने तथा स्थानीय वादकारियों व अधिवक्ताओं की सुविधा के लिए 'दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी मुरादाबाद' ने अपनी आवाज बुलंद की है। अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता के नेतृत्व में एसोसिएशन के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रयागराज (इलाहाबाद) पहुंचकर मुरादाबाद के प्रशासनिक न्यायमूर्ति चन्द्रधारी सिंह से शिष्टाचार भेंट की और मुरादाबाद में विभिन्न महत्वपूर्ण न्यायालयों की स्थापना के संबंध में एक मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा। मंडल स्तरीय न्यायालयों की स्थापना पर जोर एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता और महासचिव कपिल गुप्ता के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में मुरादाबाद में सीबीआई कोर्ट समेत कई न्यायालयों को जल्द से जल्द स्थापित करने की पुरजोर मांग की गई। ये कोर्ट मांगीं प्रतिनिधिमंडल ने न्यायमूर्ति को अवगत कराया कि इन न्यायालयों के न होने से स्थानीय जनता और अधिवक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और न्याय के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। बार एसोसिएशन अध्यक्ष एडवोकेट आनंद मोहन गुप्ता ने बताया कि मुरादाबाद के प्रशासनिक न्यायाधीश न्यायमूर्ति चन्द्रधारी सिंह ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को बेहद गंभीरता से सुना। उन्होंने बार एसोसिएशन को आश्वस्त किया कि मुरादाबाद में इन न्यायालयों की स्थापना और न्यायिक सुविधाओं के विस्तार के लिए वे अपने स्तर से हरसंभव प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। अन्य न्यायाधीशों से भी मिला प्रतिनिधि मंडल आनंद मोहन गुप्ता ने बताया कि अपने प्रयागराज प्रवास के दौरान बार एसोसिएशन के इस प्रतिनिधिमंडल ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र, न्यामूर्ती पद्म नारायण मिश्रा और न्यायमूर्ति हरबीर सिंह से भी मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें मुरादाबाद के अधिवक्ताओं और न्यायिक प्रणाली से जुड़ी विभिन्न स्थानीय समस्याओं से अवगत कराया और उनके निराकरण की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल इस महत्वपूर्ण दौरे और मुलाकात के दौरान बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता व महासचिव कपिल गुप्ता के अतिरिक्त वरिष्ठ अधिवक्ता भारत गर्ग सहित कई अन्य प्रमुख अधिवक्ता भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहे।
भोपाल जिला पंचायत की शिक्षा समिति की मीटिंग गुरुवार को हुई। इसमें डीपीसी, बीईओ, बीआरसी और जनशिक्षक तो आए थे, लेकिन डीईओ अभिनव आर्य नहीं पहुंचे। इस पर शिक्षा समिति अध्यक्ष मोहन सिंह जाट, सदस्य विक्रम भालेश्वर नाराज हो गए। कुछ देर तक बैठक की और फिर उसे कैंसिल कर दी। दोपहर में जिपं सभाकक्ष में बैठक हुई थी। शुरुआत होते ही जब अध्यक्ष जाट ने जिला शिक्षा अधिकारी अभिनव आर्य के नहीं आने की वजह से पूछी तो डीपीसी जैन ने कहा कि वे मेडिकल लीव पर है। अचानक छुट्टी पर जाने पर जनप्रतिनिधियों की नाराजगी देखने को मिली। जाट ने कहा कि एक दिन पहले ही डीईओ से बात हुई थी। उन्होंने आने का कहा था, लेकिन अब वे बीमार हो गए। हालांकि, डीईओ की अनुपस्थिति में डीपीसी जैन ने बैठक शुरू की। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने गांवों में स्कूलों से जुड़ी समस्याएं बताना शुरू कर दी। कुछ स्कूलों में शिक्षकों की आपसी खींचतान, ट्रांसफर होने के बावजूद कर्मचारियों के रिलीव नहीं करने, निरीक्षण के दौरान शराब पीकर आए शिक्षक पर कोई कार्रवाई नहीं होने के मुद्दे उठे। समिति अध्यक्ष और जिपं उपाध्यक्ष जाट ने कहा कि साधारण सभा के दौरान भी यह विषय उठाया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। शिक्षिका की शिकायत लेकर बैठक में पहुंच गए बच्चेबैठक के दौरान ही शासकीय माध्यमिक शाला अलवरिया की कई छात्राएं अपने अभिभावकों के साथ पहुंच गईं। उन्होंने स्कूल की शिक्षिका रानी मेहरा के व्यवहार को लेकर लिखित में शिकायत की। साथ ही मांग की कि शिक्षिका का यहां से अन्य स्कूल में ट्रांसफर कर दिया जाए। इस पर उपाध्यक्ष जाट ने कहा कि स्कूलों में कई अव्यवस्थाएं हैं। यदि जिम्मेदार लगातार निरीक्षण करेंगे तो बच्चों को इस तरह शिकायत करने यहां आना नहीं पड़ेगा। डीपीसी जैन ने जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। डीईओ से जुड़े कई मुद्दे, कैंसिल की बैठककरीब आधे घंटे बाद जनप्रतिनिधियों ने बैठक को कैंसिल कर दिया। उन्होंने कहा कि डीईओ से जुड़े कई मामले हैं, जो उन्हीं से हल होने हैं। उनके बीमार होने से समस्याएं किसे बताएं? इसलिए बैठक आगामी दिनों में की जाएगी।
फुटपाथ पर चल रही महिला को कार ने मारी टक्कर:राजगढ़ में उछलकर दूर गिरी, सिर पर चोट लगने से गंभीर घायल
राजगढ़ में तेज रफ्तार कार ने फुटपाथ पर चल रही 48 वर्षीय महिला को टक्कर मार दी। महिला सब्जी लेकर घर लौट रही थी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना का लाइव वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया और कई ग्रुपों में वायरल हो रहा है। घटना राजगढ़ शहर में खिलचीपुर नाके से खुजनेर रोड की ओर हुई। भंवर कॉलोनी निवासी रानी शर्मा (48), पति पंकज शर्मा, गुरुवार को सब्जी खरीदकर घर लौट रही थीं। वह सड़क किनारे बने फुटपाथ पर पैदल चल रही थीं। पीछे से कार ने मारी टक्करइसी दौरान पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई और रानी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वह उछलकर दूर जा गिरीं। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने रानी को संभाला और तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां उनका इलाज चल रहा है। घटना की जानकारी कोतवाली पुलिस को भी दी गई है। वीडियो सामने आने के बाद पैदल चलने वालों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि फुटपाथ पर चलने वाले लोगों के लिए भी तेज रफ्तार वाहन खतरा बन रहे हैं। उनका कहना है कि सड़क सुरक्षा के इंतजामों पर ध्यान दिया जाना चाहिए। पुलिस मामले की जांच कर रही है। कार चालक और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी सीहोर के चिंतामन गणेश मंदिर पहुंचे। दर्शन और पूजा के बाद उन्होंने पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार, चुनाव व्यवस्था और भारतीय जनता पार्टी पर जमकर हमला बोला। पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी ने देश के सामने सच्चाई रखी है। अब देश को सोचना होगा कि क्या 'मैच फिक्सिंग' वाले चुनाव से देश का भविष्य बन सकता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या संविधान और लोकतंत्र पर देश का भरोसा कायम रह पाएगा। इसका फैसला अब जनता को करना है। पटवारी ने चुनावी गड़बड़ियों के विरोध में कांग्रेस के प्रदेशव्यापी आंदोलन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पार्टी चरणबद्ध तरीके से प्रदर्शन करेगी। मंगलवार को प्रदेश के सभी जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्टर और निर्वाचन कार्यालयों का घेराव करेंगे। सोमवार को पूरे प्रदेश से हजारों कांग्रेसी कार्यकर्ता भोपाल स्थित मुख्य निर्वाचन कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे। कांग्रेस पार्टी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज कर जेल भेजने की मांग करेगी। सीहोर के पीजी कॉलेज से डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर हटाए जाने पर जीतू पटवारी ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि महापुरुषों का अनादर करना बीजेपी की सोच है। बीजेपी हर जगह नफरत और बंटवारे की राजनीति कर अपना फायदा देखती है। पटवारी ने कहा कि देश की जनता सब देख रही है और आने वाले चुनावों में बीजेपी को सही सबक सिखाएगी।
मध्यप्रदेश में लंबे अंतराल के बाद पुलिस मुख्यालय की ओर से शुरू की गई पुलिस बैंड भर्ती प्रक्रिया को लेकर दायर तीन याचिकाओं पर इंदौर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है। जस्टिस पवन कुमार द्विवेदी की एकल पीठ ने तीनों याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी या धांधली के ठोस प्रमाण पेश नहीं कर सके। हालांकि, इसी भर्ती से जुड़ी एक अन्य याचिका जबलपुर हाईकोर्ट में लंबित है। ऐसे में अंतिम चयन प्रक्रिया पूरी तरह आगे बढ़ने का रास्ता उस मामले के निराकरण के बाद ही स्पष्ट होगा। 679 पदों पर हुई थी भर्ती प्रक्रिया पुलिस मुख्यालय ने अप्रैल 2026 में प्रदेश में पुलिस बैंड के 679 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। भर्ती के दूसरे चरण यानी वादन टेस्ट के बाद अगस्त में 1271 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए पात्र घोषित किया गया। इस दौरान उनके अंकों का खुलासा नहीं किया गया था, जिसे लेकर विवाद शुरू हुआ। याचिकाकर्ता नीलेश सिंह, विपिन बैरवा और योगेंद्र पंवार ने हाईकोर्ट में भर्ती प्रक्रिया को चुनौती दी थी। उनका तर्क था कि नियम के अनुसार उपलब्ध पदों की संख्या के तीन गुना अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना चाहिए था। इसके अलावा याचिकाओं में प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के साथ भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और बैकडोर एंट्री जैसे आरोप भी लगाए गए थे। न्यूनतम अंक पूरा करने वालों की संख्या रही कम सरकार और पुलिस मुख्यालय की ओर से अदालत में बताया गया कि तीन गुना अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाने का प्रावधान निर्धारित न्यूनतम अंकों की पात्रता से जुड़ा था। 75 अंकों के वादन टेस्ट में अनारक्षित, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक, जबकि एससी-एसटी वर्ग के लिए 40 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए थे। अधिकारियों के अनुसार, ओबीसी वर्ग में 95 पदों के लिए 207 अभ्यर्थी ही निर्धारित मानक पूरा कर सके। एसटी वर्ग में 36 पदों के लिए 137 और ईडब्ल्यूएस वर्ग में 68 पदों के लिए सिर्फ 26 अभ्यर्थी पात्र पाए गए। वहीं, अनारक्षित वर्ग में 184 पदों के लिए 552 और एससी वर्ग में 106 पदों के लिए 325 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए पात्र घोषित किए गए। छह कमेटियों ने लिया वादन टेस्ट पुलिस मुख्यालय ने अदालत के समक्ष भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी भी दी। वादन टेस्ट के लिए छह अलग-अलग कमेटियां गठित की गई थीं। प्रत्येक कमेटी की अध्यक्षता आईपीएस अधिकारी कर रहे थे, जबकि एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारी और संबंधित विशेषज्ञ भी इसमें शामिल थे। परीक्षण के दौरान कमेटी के सदस्यों के पास बॉडी-वॉर्न कैमरे मौजूद थे। इनके जरिए वादन टेस्ट की पूरी प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग किए जाने की बात पुलिस मुख्यालय ने अदालत को बताई। तीन चरणों में पूरा होना है चयन पुलिस बैंड भर्ती की चयन प्रक्रिया तीन चरणों में निर्धारित की गई है। पहला चरण क्वालिफाइंग स्किल टेस्ट: इस चरण में अभ्यर्थी द्वारा चुने गए पसंदीदा वाद्य यंत्र का परीक्षण किया गया। इसके अंक अंतिम मेरिट में शामिल नहीं किए जाने हैं। दूसरा चरण : बैंड वादन टेस्ट: यह चरण 60 अंकों का है। इसके अलावा तीन अलग-अलग वाद्य यंत्र बजाने पर पांच-पांच बोनस अंक का प्रावधान है। इस तरह वादन टेस्ट के अधिकतम अंक 75 निर्धारित हैं। तीसरा चरण : इंटरव्यू: इंटरव्यू के लिए 25 अंक निर्धारित किए गए हैं। अंतिम मेरिट वादन टेस्ट के 75 और इंटरव्यू के 25, यानी कुल 100 अंकों के आधार पर तैयार की जानी है। जबलपुर हाई कोर्ट में लंबित है एक और याचिका इंदौर हाईकोर्ट ने फिलहाल तीन याचिकाओं को खारिज कर दिया है। कोर्ट के समक्ष याचिकाकर्ताओं की ओर से लगाए गए चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी और धांधली के आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए जा सके। हालांकि, भर्ती से संबंधित एक अन्य मामला जबलपुर हाईकोर्ट में लंबित है। इसलिए पुलिस बैंड भर्ती की अंतिम चयन प्रक्रिया पर पूरी तरह स्पष्ट स्थिति उस याचिका के निर्णय के बाद ही सामने आएगी।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह को एक बार फिर यूपी का प्रदेश महामंत्री संगठन बनाया गया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने बृहस्पतिवार को 22 राज्यों में पार्टी के महामंत्री संगठन और सह महामंत्री संगठन नियुक्त किए। देश के कई राज्यों में महामंत्री संगठन बदले गए हैं। लेकिन यूपी में मौजूदा प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह को ही फिर से नियुक्त किया है। धर्मपाल सिंह को अगस्त 2022 में यूपी का महामंत्री संगठन नियुक्त किया गया था। संगठनात्मक चुनाव कराने से लेकर प्रदेश टीम के गठन में उनकी सराहना हुई है। सीएम योगी और आरएसएस के साथ उनका बेहतर समन्वय है। जिला प्रभारियों की नियुक्ति में भी धर्मपाल ने पुराने और अनुभवी नेताओं को मौका दिया है। धर्मपाल सिंह की देखरेख में ही भाजपा विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही है। चुनावी रणनीति भी उनकी ही निगरानी में बनाई जा रही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष, आरएसएस के सह सर कार्यवाह अरुण कुमार के भी भरोसेमंद हैं। यूपी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के क्षेत्रीय महामंत्री से लेकर झारखंड में भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन का लंबा अनुभव है। यूपी में पश्चिम से पूरब तक उनकी पकड़ है। पार्टी नेतृत्व ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उन्हें यूपी में ही बरकरार रखा है। यूपी के बांदा के निवासी चंद्रशेखर को मध्यप्रदेश भाजपा का संगठन महामंत्री नियुक्त किया है। राजस्थान विधानसभा चुनाव के बाद चंद्रशेखर को तेलंगाना का संगठन महामंत्री नियुक्त किया था। ब्रज में संगठक नियुक्त भाजपा ने ब्रज क्षेत्र में भाजपा के कामकाज देखने के लिए अभय गिरी को संगठक नियुक्त किया है। उनका केंद्र आगरा रखा गया है।
देश में स्वामित्व योजना के करीब 50 लाख हितग्राहियों को मुफ्त रजिस्ट्री देने के काम में पटवारियों की भूमिका को लेकर बना गतिरोध खत्म नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गुरुवार को पांच कैबिनेट मंत्रियों और अधिकारियों के साथ पटवारी संघ के प्रतिनिधिमंडल की करीब दो घंटे बैठक हुई, लेकिन इसमें भी सहमति नहीं बन सकी। बैठक के बाद पटवारी संघ ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर लिखित आदेश नहीं मिलता, वे स्वामित्व योजना की मुफ्त रजिस्ट्री के काम में शामिल नहीं होंगे। बैठक में मंत्री उदय प्रताप सिंह, गोविंद सिंह राजपूत, चैतन्य काश्यप, विश्वास सारंग और करण सिंह वर्मा के साथ राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव ई. रमेश कुमार, राजस्व सचिव, सीएलआर निधि निवेदिता और पंजीयन आईजी आलोक कुमार सिंह मौजूद रहे। पटवारी बोले- निष्पादक की भूमिका से हटाएं बैठक में प्रांतीय पटवारी संघ और मप्र पटवारी संघ के प्रतिनिधियों ने अपनी पुरानी मांग दोहराते हुए कहा कि पटवारियों को रजिस्ट्री प्रक्रिया में निष्पादक की भूमिका से हटाया जाए। अधिकारियों की ओर से बताया गया कि पूर्व में तय व्यवस्था में संशोधन किए गए हैं। प्रमुख सचिव राजस्व ने पटवारियों की आशंकाओं और व्यवस्था में किए गए बदलावों को पीपीटी प्रजेंटेशन के जरिए समझाया। सर्कुलर और ड्राफ्ट की कॉपी मांगी पटवारी संघ पदाधिकारियों उपेंद्र सिंह और सैनी के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों से संशोधनों की जानकारी लिखित सर्कुलर के रूप में देने और संबंधित ड्राफ्ट की प्रति उपलब्ध कराने की मांग की। संघ का कहना है कि बैठक में बताया गया कि पटवारी को निष्पादक की भूमिका से अलग किया गया है, लेकिन दूसरी ओर उसे पदेन निष्पादक घोषित किए जाने की बात भी सामने आई। इस पर संघ ने लिखित आदेश मांगा। लिखित आदेश मिलने तक काम नहीं करेंगे पटवारी संघ के अनुसार, मंत्रियों ने सर्कुलर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है, लेकिन बैठक के बाद तक उन्हें संबंधित सर्कुलर नहीं मिला। इसलिए संघ ने प्रदेशभर के पटवारियों से कहा है कि स्वामित्व योजना की मुफ्त रजिस्ट्री से जुड़ा काम फिलहाल नहीं किया जाए। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार की ओर से लिखित आदेश मिलने और आगे की चर्चा के बाद ही अगला निर्णय लिया जाएगा।
जोधपुर की डांगियावास थाना पुलिस ने डोडा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 373.91 किलो डोडा पोस्त पकड़ा। नशे की तस्करी के लिए दिल्ली से चोरी की गई स्कॉर्पियो का इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस ने टोल के पास वाहन को रोकने के लिए घेराबंदी की तो तस्करों ने पुलिस की जीप को टक्कर मार दी और मौके से भाग गए। तलाशी में स्कॉर्पियो से 374 किलो डोडा बरामद हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार तस्करों की तलाश में जुट गई है। दरअसल, तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए नई दिल्ली के केशवपुरम से चोरी की गई स्कॉर्पियो पर फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थी। पुलिस ने गाड़ी को रोकने का प्रयास किया तो ड्राइवर ने रफ्तार बढ़ाकर भागने की कोशिश की। पीछा करने के दौरान टोल के पास तस्करों ने पुलिस की चेतक जीप को सामने से जोरदार टक्कर मार दी। इस दौरान एयरबैग खुलने से पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। इसके बाद स्कॉर्पियो का ड्राइवर और उसके साथ बैठा तस्कर स्कॉर्पियो छोड़ अंधेरे में फरार हो गए। देखिए, कार्रवाई से जुड़ी 2 PHOTO'S तस्करी की सूचना पर एक्टिव हुई पुलिस डांगियावास थाना सीआई राजूराम काला के अनुसार, पिछले करीब 15 दिनों से स्कॉर्पियो में डोडा पोस्त की खेप आने की सूचना मिल रही थी। बुधवार रात गश्त के दौरान संदिग्ध स्कॉर्पियो नजर आने पर उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन ड्राइवर ने गाड़ी की स्पीड़ बढ़ा दी। बाईपास टोल पर नाकाबंदी देखकर चालक ने करीब 500 मीटर पहले डोलिया की तरफ गाड़ी मोड़ दी। कट्टों में भर रखा था डोडा-पोस्त पुलिस टीम ने पीछा किया तो स्कॉर्पियो ने चेतक जीप को जोर से टक्कर मार दी। आगे चलकर तस्कर अंधेरा होने स्कॉपियो छोड़कर भाग छूटे। थाने के एएसआई परमेश्वरलाल, हेड कॉन्स्टेबल सुभाषचंद, छोटाराम, कॉन्स्टेबल अनिल, रिछपाल, जितेंद्र सिंह, हुकमाराम, सुनील, राजेंद्र, महेंद्र, सुरजाराम सहित अन्य जवानों द्वारा तलाशी में स्कॉर्पियो के अंदर 19 प्लास्टिक कट्टों में 373.91 किलो डोडा पोस्त मिला। इसकी अनुमानतित कीमत करीब 70 लाख है। जांच में गाड़ी पर लगी 26 BH 5885G नंबर की प्लेट फर्जी निकली। स्कॉर्पियो 21 जुलाई 2026 को केशवपुरम, नई दिल्ली से चोरी हुई थी। पुलिस ने मादक पदार्थ व स्कॉर्पियो जब्त कर मामला दर्ज किया है।
यूपी में होटल-रेस्टोरेंटों की सफाई और खाने की गुणवत्ता जांचने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ा अभियान चलाया। ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत गुरुवार को 6 जिलों में 317 होटल और रेस्टोरेंट की जांच की गई। कई जगह एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री, गंदा किचन, कीड़े-मकौड़े और खराब ड्रेनेज मिला। कई प्रतिष्ठानों में शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थ भी एक साथ रखे मिले। गंभीर खामियां मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की गई है। विभाग ने वैधानिक कार्रवाई भी शुरू कर दी है। छह जिलों में सबसे ज्यादा 97 जांच अयोध्या में 24 सितंबर को हुई कार्रवाई में अयोध्या में 97, कानपुर नगर में 60, मुरादाबाद में 52, प्रयागराज में 40, बरेली में 34 और गोरखपुर में 34 होटल-रेस्टोरेंट की जांच की गई। कानपुर में एक्सपायर्ड सामान, वेज-नॉनवेज एक ही फ्रीजर में कानपुर नगर के काके की हट्टी रेस्टोरेंट में जांच के दौरान एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री मिली। किचन में साफ-सफाई बेहद खराब थी और कीड़े-मकौड़ों की मौजूदगी भी मिली। परिसर में गंदा पानी जमा था। फ्रीजर में शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थ एक साथ रखे मिले। प्रयागराज के होटल में गंदा किचन, ड्रेनेज भी खराब अर्बन रेजिडेंसी होटल में किचन की सफाई और ड्रेनेज व्यवस्था खराब मिली। कच्चे खाद्य पदार्थ और उपकरण भी ठीक से साफ नहीं किए जा रहे थे। यहां भी शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों का एक साथ निर्माण और भंडारण मिला। गोरखपुर में 3 प्रतिष्ठानों में मिलीं गंभीर कमियां रैडिसन होटल की जांच में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली और लाइसेंस से जुड़ी अनियमितता सामने आई। रामकृष्ण होटल में ड्रेनेज और स्वच्छता बेहद खराब थी। यहां वेज-नॉनवेज खाद्य पदार्थ एक साथ रखे और एक ही बर्तन में तैयार किए जा रहे थे। द ब्रायन फ्लावर इन रेस्टोरेंट की किचन और ड्रेनेज एरिया में गंदगी मिली। कॉकरोच भी मिले। स्टोरेज व्यवस्था खराब थी और चिमनी पर कालिख व गंदगी जमा थी। अयोध्या में फंगस, कीड़े और एक्सपायर्ड सामग्री मिली अंदाना रेस्टोरेंट एंड ढाबा में खाद्य पदार्थों में फंगस और कीड़े-मकौड़े मिले। एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री के इस्तेमाल की बात भी सामने आई। अल हिंद रेस्टोरेंट, मवई में जलभराव और जाम ड्रेनेज मिला। फ्रीजर चालू हालत में नहीं था और किचन में कीड़े-मकौड़े मिले। बरेली-मुरादाबाद में भी सफाई व्यवस्था खराब बरेली के कृष्णा भोजनालय, स्टेशन रोड पर ड्रेनेज जाम मिला। कॉकरोच की मौजूदगी के साथ खाद्य पदार्थों के स्टोरेज में भी कमियां मिलीं। मुरादाबाद के होटल लवाना में वेज-नॉनवेज खाद्य पदार्थ एक ही फ्रीजर में बिना उचित पृथक्करण के रखे मिले। स्टोर रूम में कॉकरोच और जाम ड्रेनेज मिला। टाइम 24, दिल्ली गेट में कुकिंग एरिया में कीड़े और मक्खियां मिलीं। ड्रेनेज भी गंदा और जाम था। खाद्य पदार्थों में संक्रमण रोकने पर जोर विभाग की टीमों ने कच्चे माल की गुणवत्ता, किचन की सफाई, स्टोरेज और वेज-नॉनवेज खाद्य पदार्थों को अलग रखने की व्यवस्था की जांच की। विभाग का कहना है कि अलग बर्तन, अलग स्टोरेज और पर्याप्त सफाई से क्रॉस-कंटेमिनेशन यानी एक खाद्य पदार्थ से दूसरे में संक्रमण का खतरा कम किया जा सकता है। गंभीर मामलों में लाइसेंस निलंबन की संस्तुति विभाग के अनुसार, सामान्य कमियां मिलने पर प्रतिष्ठानों को सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं। गंभीर अनियमितता मिलने पर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। ऐसे मामलों में संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति भी की गई है।
सीकर में सोशल मीडिया पर दोस्ती का झांसा देकर युवक से साइबर ठगी हुई। ठगों ने युवक से 1.11 लाख रुपए ट्रांसफर करवाए। हालांकि पुलिस ने इसमें से करीब 96 हजार रुपए होल्ड भी करवा दिए। अब पुलिस मामला दर्ज करके जांच कर रही है। इस संबंध में सीकर निवासी युवक (30) ने पुलिस में शिकायत देकर बताया- मैं सोशल मीडिया एप यूज कर रहा था। इसी दौरान मेरे पास फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। इसे एक्सेप्ट करने के बाद एक युवती से बातचीत करना शुरू कर दिया। बात करके युवती ने मुझे झांसे में ले लिया। इसके बाद दोस्ती का नाम लेकर मेरे फोटो और वीडियो भी मंगवा लिए। बाद में ब्लैकमेल करना शुरू किया। ब्लैकमेल करते हुए युवती और उसके गिरोह के लोगों ने 1.11 लाख रुपए अलग-अलग अकाउंट में ट्रांसफर करवा लिए। युवक ने साइबर पोर्टल पर इसकी शिकायत की और साइबर पुलिस से कांटेक्ट किया। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 96 हजार रुपए होल्ड करवा दिए। अब मामले में पुलिस बैंक अकाउंट की डिटेल्स के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया थाना क्षेत्र के ग्राम रोलियाखेड़ी के पास एक बाइक सवार सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर मोहन बड़ोदिया थाने की डायल-112 टीम के पायलट जगदीश सोनी और पुलिसकर्मी सोनू यादव तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहन बड़ोदिया पहुंचाया। अभी तक ये पता नहीं चल पाया है कि हादसा हुआ कैसे है। घायल के सिर में गंभीर चोट लगी थी और लगातार खून बह रहा था। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर करने की तैयारी की। उन्होंने 108 एंबुलेंस से संपर्क किया, लेकिन उस जगह पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं थी, जिससे परेशानी बढ़ गई। ऐसे की गई घायल की पहचान इस दौरान घायल की पहचान नहीं हो पा रही थी। उसके हाथ पर 'मोहन चौहान' लिखा हुआ दिखा। इसके आधार पर घायल के फोटो और वीडियो आसपास के वॉट्सएप ग्रुप में भेजे गए। इसके बाद उसकी पहचान बरनावद निवासी मोहन पिता फूल सिंह चौहान के रूप में हुई। पुलिस वाहन से भेजा जिला अस्पताल घटना की जानकारी मोहन बड़ोदिया थाना प्रभारी मनीषा शर्मा को मिली। उन्होंने तुरंत डायल-112 के जरिए घायल को जिला अस्पताल पहुंचाने का इंतजाम किया। इसके बाद 112 के पायलट मनोहर सिंह और पुलिसकर्मी सोनू यादव ने घायल मोहन को मोहन बड़ोदिया से गुरुवार रात करीब 8 बजे शाजापुर जिला अस्पताल पहुंचाया। घायल के लिए गोल्डन अवर में समय पर जिला अस्पताल पहुंचना बहुत जरूरी रहा। फिलहाल जिला अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा घायल का इलाज किया जा रहा है। कई गंभीर मामलों में 108 एंबुलेंस नहीं मिली यह पहली बार नहीं है कि मोहन बड़ोदिया थाना क्षेत्र में गंभीर मामलों में 108 एंबुलेंस नहीं मिली है। पहले भी घायलों को समय पर 108 एंबुलेंस नहीं मिली है। जब से 112 शुरू हुई है, 108 बीएलएस का काम 112 ही कर रही है। मोहन बड़ोदिया थाना क्षेत्र एक बड़ा इलाका है, ऐसे में एक एंबुलेंस का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहन बड़ोदिया पर स्थायी रूप से खड़ा रहना जरूरी है।
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की TRE-4 भर्ती के लिए शुक्रवार से 32,388 शिक्षक पदों पर ऑनलाइन आवेदन शुरू हो रहे हैं। अभ्यर्थी 25 अक्टूबर तक आवेदन कर सकेंगे और शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 26 अक्टूबर है।
एटा के पिलुआ थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। गुलाबपुर गांव के पास तेज रफ्तार कैंटर ने बाइक सवार पति-पत्नी को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि पति को भी गंभीर चोटें आईं। दोनों को तत्काल मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार, हाथरस जिले के सिकंदराऊ थाना क्षेत्र के गांव अग्रना निवासी राजकुमार (35) अपनी पत्नी राजकुमारी (33) के साथ एटा आए थे। दोनों कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव सिराव में रिश्तेदार के यहां आयोजित एक देहांत कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। शाम करीब 5 बजे कार्यक्रम समाप्त होने के बाद दोनों बाइक से अपने गांव वापस लौट रहे थे। सड़क पर गिरे दंपति, चीख-पुकार सुनकर जुटी भीड़ जैसे ही दंपति की बाइक पिलुआ क्षेत्र के गुलाबपुर गांव के पास पहुंची, पीछे से आ रहे तेज रफ्तार कैंटर ने बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। अस्पताल पहुंचने पर महिला को मृत घोषित किया सूचना मिलते ही एंबुलेंस मौके पर पहुंची और दोनों को वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज एटा पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद राजकुमारी को मृत घोषित कर दिया। वहीं, राजकुमार के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं, जिनका इलाज जारी है। घायल राजकुमार के भतीजे यादराम सिंह ने बताया कि राजकुमारी उनकी बुआ थीं और दोनों देहांत कार्यक्रम से लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। पिलुआ थाना प्रभारी संदीप राणा ने बताया कि महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और कैंटर चालक के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
जल सेवाएं मंडल हिसार में जिलेदार राजेश कुमार को एसीबी की उपकेंद्र हांसी टीम ने ₹3 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी राजगढ़-चंडीगढ़ हाईवे के पास स्थित कृषि भूमि की कॉलोनी के लिए नहर के पानी की सिंचाई व्यवस्था से संबंधित COO तैयार करने की एवज में शिकायतकर्ता से रिश्वत मांग रहा था। शिकायतकर्ता ने एसीबी को बताया कि कृषि भूमि की कॉलोनी के लिए जरूरी प्रक्रिया के तहत नहर के पानी की सिंचाई व्यवस्था से संबंधित COO तैयार करवाना था। इसके लिए जल सेवाएं मंडल में जिलेदार राजेश कुमार ने उससे ₹3 हजार की रिश्वत मांगी। आरोपी से रिश्वत की रकम भी बरामद शिकायत मिलने के बाद एसीबी टीम ने पहले आरोपों का सत्यापन किया। रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए ट्रैप लगाया। स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में एसीबी टीम ने शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम देकर आरोपी के पास भेजा। जैसे ही राजेश कुमार ने शिकायतकर्ता से ₹3 हजार लिए, टीम ने मौके पर दबिश देकर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी से रिश्वत की रकम भी बरामद की गई। आरोपी के खिलाफ केस दर्ज एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हिसार में केस दर्ज किया है। मामले में आरोपी से पूछताछ और आगे की जांच की जा रही है।
फर्रुखाबाद में गणेश महोत्सव पूरे जिले में मनाया जाता है, लेकिन कमालगंज में इसका बड़ा आयोजन होता है। शुक्रवार को कमालगंज से गणेश विसर्जन यात्रा शहर के पांचाल घाट के लिए निकलेगी। इस यात्रा में 20 हजार से ज्यादा श्रद्धालु शामिल होंगे। इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। कमालगंज में गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई थी। शुक्रवार को उनका विसर्जन होगा। यात्रा सुबह 9 बजे शुरू होगी और शहर के पांचाल घाट के लिए रवाना होगी। यह शाम तक पांचाल घाट पहुंचेगी। श्रद्धालु 10 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करेंगे। यात्रा के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि शोभा यात्रा के लिए पुलिस ने पूरी तैयारी कर ली है। 10 से ज्यादा निरीक्षक और 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पीएसी और दमकल की टीम भी लगाई गई है। ड्रोन से भी निगरानी की जाएगी। आयोजकों ने भी अपने वॉलंटियर लगाए हैं। यात्रा के दौरान रूट भी डायवर्ट किया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि फर्रुखाबाद के आसपास के जिलों के पुलिस अधिकारियों से भी बात हो चुकी है। यह डायवर्जन शुक्रवार सुबह 5 बजे से रात 12 बजे तक लागू रहेगा। कन्नौज से गुरसहायगंज होते हुए फर्रुखाबाद आने वाले वाहनों को गुरसहायगंज से छिबरामऊ की तरफ मोड़ा जाएगा। छिबरामऊ से जहानगंज होकर फतेहगढ़ आने वाले मालवाहक वाहनों को मैनपुरी के बेवर की तरफ डायवर्ट किया गया है। बेवर (मैनपुरी) की ओर से फतेहगढ़ आने वाले वाहनों को बेवर में ही रोका जाएगा। एटा से फर्रुखाबाद आने वाले वाहनों को एटा जिले की अलीगंज कोतवाली क्षेत्र के बॉर्डर पर रोका जाएगा। शाहजहांपुर से फर्रुखाबाद आने वाले मालवाहक वाहनों को अल्लाहगंज और हुल्लापुर में रोका जाएगा। शमशाबाद आने वाले मालवाहक वाहनों को जरियनपुर में रोका जाएगा। हरदोई जनपद से फर्रुखाबाद आने वाले वाहनोंको सवायजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत रूपापुर में रोका जाएगा।
बलरामपुर में गणपति विसर्जन शोभायात्रा के दौरान डिवाइन पब्लिक स्कूल की सात वर्षीय छात्रा वैष्णवी तिवारी की मौत का मामला अब कई पहलुओं से जांच के दायरे में आ गया है। घटना के बाद तेज आवाज में बज रहे डीजे को छात्रा की मौत से जोड़कर चर्चा हुई थी। हालांकि, मेडिकल जांच में अभी तक तेज आवाज को मौत का सीधा कारण साबित नहीं किया गया है। ऐसे में प्रशासन ने किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले घटना से जुड़ी हर कड़ी की जांच कराने का फैसला किया है। डीएम विपिन कुमार जैन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ डॉ. मुकेश रस्तोगी की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की है। कमेटी घटना के समय स्कूल के हालात, छात्रा की तबीयत बिगड़ने की स्थिति, उसे दी गई तत्काल मेडिकल मदद और मौत तक की पूरी परिस्थितियों की जांच करेगी। डीजे की तेज आवाज से जोड़ा गया था मामला बीते सोमवार को गणपति प्रतिमा विसर्जन के लिए शोभायात्रा निकाली जा रही थी। इसी दौरान स्कूल के बाहर तेज आवाज में डीजे बज रहा था। बताया गया कि इसी दौरान सात वर्षीय वैष्णवी की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। शुरुआत में घटना को डीजे की तेज आवाज से जोड़ा गया, लेकिन अभी तक की मेडिकल जांच में दोनों के बीच सीधा संबंध सामने नहीं आया है। प्रशासन अब यह भी जांच करेगा कि घटना के समय स्कूल में क्या स्थिति थी और छात्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे किस तरह की तत्काल मदद दी गई। स्कूल की व्यवस्थाओं की भी जांच इस मामले में बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूल की व्यवस्थाओं की अलग से जांच शुरू कर दी है। बीएसए विकास चंद्र श्रीवास्तव स्कूल भवन के स्वीकृत नक्शे और मौके पर बनी इमारत का मिलान करा रहे हैं। इसके साथ ही खेल मैदान, मान्यता से जुड़े दस्तावेज और कक्षाओं के संचालन से संबंधित निर्धारित नियमों की भी जांच की जा रही है। इससे छात्रा की मौत की जांच अब सिर्फ डीजे की आवाज तक सीमित नहीं रह गई है। स्कूल की व्यवस्थाओं और घटना के दौरान मौजूद परिस्थितियों को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है। दो आरोपी गिरफ्तार, सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित मामले में पुलिस नामजद डीजे संचालक चंद्र प्रकाश वर्मा और ऑपरेटर रामपाल सैनी को गिरफ्तार कर चुकी है। घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज भी सुरक्षित करा लिए गए हैं। पुलिस की ओर से डीजे म्यूजिक सिस्टम संचालकों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई भी की जा रही है। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि वैष्णवी की तबीयत अचानक क्यों बिगड़ी, उस समय स्कूल और आसपास का माहौल कैसा था और किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Bhagalpur Sandys Compound BCCI Domestic Matches:भागलपुर के सैंडिस कंपाउंड स्टेडियम में अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के घरेलू मुकाबले खेले जाएंगे। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन ने मैदान का निरीक्षण कर इसे मंजूरी दी है, जिससे स्थानीय क्रिकेट को बढ़ावा मिलेगा।
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस-2026) के चौथे संस्करण के लिए बिजनौर की 10 प्रमुख औद्योगिक इकाइयों का चयन किया गया है। यह आयोजन बिजनौर के कुटीर उद्योगों को वैश्विक बाज़ार से सीधे जुड़ने का ऐतिहासिक अवसर प्रदान करेगा।
भोपाल में खजूरी कलां पिपलानी निवासी धीरज कुमार श्रीवास्तव (37) को एसआईटी ने गिरफ्तार किया है, जो भोपाल में कंसल्टेंसी आड़ में फर्जीवाड़े का बड़ा नेटवर्क चला रहा था।
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में 2615 प्रवक्ता (पीजीटी) पदों पर भर्ती के लिए बीएड की अनिवार्यता और परास्नातक में 50% अंक की शर्त से छूट देने हेतु एनसीटीई को पत्र भेजा है।
गुरुग्राम के न्यू कॉलोनी में शराब के नशे में स्कॉर्पियो सवार चार लोगों ने सड़क विवाद के बाद एक वॉशिंग सेंटर संचालक की कार का शीशा तोड़ दिया। बाद में थाने के बाहर पीड़ित के दोस्तों पर भी धारदार हथियार से हमला किया, जिसके बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
जोधपुर में राईकाबाग रेलवे स्टेशन टैक्सी स्टैंड के पास गुरुवार को एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेकर शव को कब्जे में लिया। पुलिस के अनुसार- मृतक की पहचान लोहावट निवासी पन्ने सिंह (65) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पन्ने सिंह ने स्टेशन परिसर में दीवार पर लगी जाली से कपड़े का फंदा लगाकर आत्महत्या की। घटना की सूचना मिलने के बाद जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। मौत के कारणों का नहीं लग पाया पता स्टेशन परिसर में शव मिलने की सूचना से कुछ समय के लिए मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। जीआरपी ने शव को अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। पुलिस अब मृतक के परिजनों से संपर्क करने में जुटी है। जीआरपी की ओर से घटना के संबंध में आवश्यक जांच की जा रही है। परिजनों के पहुंचने और आगे की कार्रवाई के बाद ही घटना से जुड़ी अन्य जानकारी सामने आ सकेगी। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
बालाघाट जिले में गणेशोत्सव प्रतिमा विसर्जन और आगामी नवरात्रि पर्व को देखते हुए पुलिस ने गुरुवार शाम शहर में फ्लैग मार्च निकाला। इसका मुख्य मकसद जनता को सुरक्षा का अहसास कराना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। थाना प्रभारी अजय गुर्जर और अन्य थानों के प्रभारियों की अगुआई में निकले इस फ्लैग मार्च में 500 से ज्यादा पुलिस जवान शामिल हुए। फ्लैग मार्च पुलिस लाइन से शुरू होकर बूढ़ी हॉस्पिटल रोड, बैहर रोड, मरारी मोहल्ला, देवी तालाब, सराफा बाजार, हनुमान चौक, सर्किट हाउस रोड, अंबेडकर चौक और जयस्तंभ चौक होते हुए वापस पुलिस लाइन पर खत्म हुआ। असामाजिक तत्वों पर रखी जा रही कड़ी नजर मार्च के दौरान पुलिस अधिकारियों ने शहर के प्रमुख और संवेदनशील इलाकों में गश्त की। सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों, शराब दुकानों और भीड़भाड़ वाले पॉइंट्स पर पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने असामाजिक तत्वों को चेतावनी देने के साथ ही सभी नागरिकों से त्यौहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाने की अपील की है।
सोनीपत जिले के गोहाना में खुद को भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) का निरीक्षक बताकर सस्ते दाम पर गैस सिलेंडर दिलाने का झांसा देकर पुजारी और महिला से 21 हजार रुपए ठगने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में पानीपत के विराट नगर निवासी राजू को गिरफ्तार किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। मेन बाजार निवासी दीपक ने शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह बाबा नागा शिव मंदिर में पुजारी है। 21 सितंबर को एक व्यक्ति उसके पास आया और खुद को एफसीआई का निरीक्षक बताया। उसने सस्ते दाम पर गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाने की बात कही। उसकी बातों में आकर दीपक ने आरोपी को 17 हजार रुपए दे दिए। इसी दौरान गीता रानी नाम की महिला ने भी उसे 4 हजार रुपए दे दिए। सिलेंडर दिलाने के बहाने सेक्टर-7 मोड़ पर ले गया आरोपी दोनों को गैस सिलेंडर दिलाने के नाम पर सेक्टर-7 के मोड़ पर ले गया। वहां पहुंचने के बाद आरोपी ने दोनों को वहीं रुकने के लिए कहा और सिलेंडर लेने जाने की बात कहकर चला गया। काफी देर तक उसके वापस नहीं आने पर दोनों को ठगी का पता चला। इसके बाद दीपक ने शहर थाना पुलिस को शिकायत दी। पुलिस जांच में पानीपत का निकला आरोपी शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी की पहचान पानीपत के विराट नगर निवासी राजू के रूप में हुई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से 2 दिन का रिमांड मिला है। करनाल समेत अन्य जगह भी अधिकारी बनकर ठगी का आरोप पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी पहले भी करनाल समेत अन्य स्थानों पर खुद को अधिकारी बताकर लोगों से ठगी कर चुका है। अब पुलिस रिमांड के दौरान उससे पूर्व की वारदातों के बारे में पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उसने इसी तरीके से और कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। शहर थाना प्रभारी सुभाष चंद्र ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है।
सुल्तानपुर में भारी बारिश, आंधी और वज्रपात का अलर्ट:डीएम ने 25 और 26 सितंबर के लिए जारी की एडवाइजरी
सुल्तानपुर के डीएम इंद्रजीत सिंह ने गुरुवार शाम 8 बजे मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। यह अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग, लखनऊ के पूर्वानुमान पर आधारित है। यह मौसम अलर्ट 25 सितंबर 2026 की सुबह 08:30 बजे से 26 सितंबर 2026 की सुबह 08:30 बजे तक लागू रहेगा। मौसम विभाग ने 25 और 26 सितंबर को कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इनमें बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर और अयोध्या शामिल हैं। इसके अलावा, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, अंबेडकर नगर, हमीरपुर और महोबा में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। इन हवाओं की रफ्तार 40-50 किमी/घंटा हो सकती है, जो बढ़कर 60 किमी/घंटा तक भी पहुंच सकती है। वज्रपात और तेज हवाओं से प्रभावित होने वाले जिलों में बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, मैनपुरी, इटावा, औरैया, पीलीभीत, शाहजहांपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर शामिल हैं। विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे सतर्क रहें। वज्रपात के समय खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे न रुकें। बहुत जरूरी होने पर ही यात्रा करें और इस दौरान खास सावधानी बरतें।
जयपुर नगर निगम में नए मेयर के चुनाव को लेकर गुरुवार शाम तैयारियां तेज हो गई। मेयर के शुक्रवार को होने वाले चुनाव से पहले नगर निगम मुख्यालय और मेयर कक्ष की सफाई का काम शुरू किया गया। मेयर कक्ष को नए महापौर के पदभार ग्रहण करने के लिए तैयार किया जा रहा है। बता दें कि शुक्रवार सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मेयर पद के लिए मतदान होगा। मतदान खत्म होने के तुरंत बाद मतगणना शुरू होगी। इसके बाद परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। मेयर पद के लिए भाजपा के सुनील कोठारी और कांग्रेस की सुनीता मावर आमने-सामने हैं। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब दोनों ही प्रत्याशी मैदान में हैं। इसे लेकर भाजपा पार्षदों को पुष्कर से जयपुर के बगरू के रिसोर्ट में शिफ्ट कर दिया गया है। मेयर कक्ष की सफाई, नए मेयर कल लेंगे पदभार चुनाव परिणाम आने के बाद शुक्रवार को नए मेयर का नाम साफ हो जाएगा। इसके बाद मेयर के पदभार ग्रहण की तैयारी शुरू होगी। ऐसे में लंबे समय से खाली पड़े मेयर कक्ष में अब नए महापौर के आने का इंतजार है। 150 पार्षद करेंगे मतदान, बहुमत का आंकड़ा 76 जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में भाजपा के 78, कांग्रेस के 57 और निर्दलीय 15 पार्षद हैं। मेयर चुनाव में बहुमत का आंकड़ा 76 है। संख्या बल के लिहाज से भाजपा के पास बहुमत से दो सीट ज्यादा हैं, जबकि कांग्रेस के पास 57 पार्षद हैं। वहीं 15 निर्दलीय पार्षद दोनों प्रमुख दलों के लिए अहम माने जा रहे हैं। हालांकि मेयर का चुनाव पार्षदों के मतदान से होगा। ऐसे में सिर्फ संख्या बल ही पूरी तस्वीर तय नहीं करता। दोनों दलों ने अपने-अपने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए बाड़ेबंदी की। अब शुक्रवार को सभी पार्षद नगर निगम मुख्यालय पहुंचकर मतदान करेंगे। मतदान के बाद मतगणना में साफ होगा कि किस प्रत्याशी को कितने वोट मिले। कोठारी बनाम मावर अब सीधा मुकाबला मेयर पद के लिए भाजपा ने वार्ड 112 से पार्षद सुनील कोठारी को मैदान में उतारा है। वहीं कांग्रेस ने वार्ड 118 से पार्षद सुनीता मावर को प्रत्याशी बनाया है। नाम वापसी के अंतिम दिन दो अन्य प्रत्याशियों के नाम वापस लेने के बाद मुकाबला अब पूरी तरह भाजपा और कांग्रेस के बीच रह गया है। सुनील कोठारी भाजपा के पूर्व जयपुर शहर अध्यक्ष रह चुके हैं। संगठन में कई जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। वार्ड 112 के चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी आशीष शर्मा को 905 वोटों से हराया था। अब पार्टी ने संगठन के पुराने चेहरे को शहर की सबसे बड़ी स्थानीय राजनीतिक कुर्सी के लिए मैदान में उतारा है। वहीं कांग्रेस ने वार्ड 118 की पार्षद सुनीता मावर को प्रत्याशी बनाया है। वे लंबे समय से जयपुर की स्थानीय राजनीति में सक्रिय हैं। कांग्रेस ने उनके जरिए भाजपा के सामने सीधी चुनौती पेश की है। कल मेयर, शनिवार को डिप्टी मेयर के लिए चुनाव जयपुर नगर निगम में शुक्रवार को मेयर का चुनाव होने के बाद 26 सितंबर को डिप्टी मेयर का चुनाव होगा। ऐसे में अगले दो दिन नगर निगम की नई सत्ता का समीकरण साफ हो जाएगा। मेयर की कुर्सी के मुकाबला के बाद भाजपा और कांग्रेस की नजर डिप्टी मेयर के पद पर रहेगी।
सोनभद्र में पुलिस ने हेरोइन तस्करी के मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, उसके कब्जे से 49.20 ग्राम अवैध हेरोइन और एक स्क्रीनटच मोबाइल फोन बरामद हुआ है। बरामद हेरोइन की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपए बताई गई है। एसपी अभिषेक वर्मा के निर्देश पर वांछित आरोपियों की तलाश की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि चोपन थाने में दर्ज मुकदमे में वांछित अफजाल ट्रेन से हेरोइन लेकर सोनभद्र पहुंचा है। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसकी तलाश शुरू की। 24 सितंबर की सुबह करीब 5:50 बजे डाला चढ़ाई स्थित अल्ट्राटेक पार्किंग के पास पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक व्यक्ति पुलिस को देखकर झाड़ियों की ओर भागने लगा। पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। तलाशी में मिली 49.20 ग्राम हेरोइन पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मो. अफजाल पुत्र मो. इकबाल निवासी टिकरा उस्मान, थाना जैदपुर, बाराबंकी बताया। पुलिस ने उसकी तलाशी ली तो 49.20 ग्राम हेरोइन और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने मादक पदार्थों की सप्लाई करने की बात स्वीकार की है। पुलिस का दावा है कि उसने बताया कि वह मणिपुर से कच्चा माल लाकर हेरोइन तैयार करता था और जरूरत के अनुसार स्थानीय स्तर से भी मादक पदार्थ लेकर उसकी सप्लाई करता था। कई जिलों में मुकदमे दर्ज होने का दावा पुलिस अब आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर मादक पदार्थों की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ चोपन थाने में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई है। पुलिस के मुताबिक, अफजाल के खिलाफ बाराबंकी और अयोध्या समेत विभिन्न थानों में एनडीपीएस एक्ट, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के कई मुकदमे दर्ज हैं।
बरेली के भुता थाना क्षेत्र के फरीदापुर गांव में गुरुवार दोपहर दर्दनाक हादसा हो गया। धान के खेत की सिंचाई के दौरान निजी ट्यूबवेल में करंट उतरने से खेत मालिक और उन्हें बचाने पहुंचे एक युवक की मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है। जानकारी के मुताबिक, फरीदापुर निवासी किसान सरदार रतन सिंह (60) अपने निजी ट्यूबवेल से धान की फसल में पानी लगा रहे थे। इसी दौरान वह अचानक करंट की चपेट में आ गए। रतन सिंह को तड़पता देख पास में ही काम कर रहा मजदूर जाहिद खान (23) पुत्र सज्जन खान उन्हें बचाने के लिए आगे बढ़ा, लेकिन वह भी तेज करंट की चपेट में आ गया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही टूटीं सांसें घटना के बाद मौके पर पहुंचे परिजन और ग्रामीण दोनों को गंभीर हालत में तुरंत बरेली के एक निजी अस्पताल ले गए। हालांकि, जांच के बाद डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। दोनों परिवारों में मचा कोहराम मृतक रतन सिंह के दो बेटे हैं, जो बाहर रहकर नौकरी करते हैं। वहीं जाहिद तीन भाइयों में सबसे छोटा था और मजदूरी करके परिवार का हाथ बटाता था। हादसे की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची भुता थाना पुलिस ने मौके पर मुआयना कर घटना की जानकारी ली। थाना प्रभारी रविन्द्र कुमार ने बताया कि दोनों मृतकों के परिजनों ने पंचनामा और पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। फिलहाल करंट लगने के सही कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
मुरादाबाद नगर निगम में पिछले करीब पौने तीन साल से नगर आयुक्त की जिम्मेदारी संभाल रहे 2017 बैच के तेजतर्रार आईएएस अधिकारी दिव्यांशु पटेल का बागपत जिलाधिकारी (DM) के पद पर स्थानांतरण हो गया है। शासन के इस फैसले के बाद गुरुवार को मुरादाबाद नगर निगम परिसर में उनके सम्मान में एक भव्य और बेहद भावुक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। विदाई समारोह के दौरान नगर निगम के कर्मचारियों, पार्षदों और शहर के गणमान्य नागरिकों के हुजूम ने नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल को विदाई देते समय सम्मानपूर्वक अपने कंधे पर बैठा लिया। कर्मचारी इसी तरह उन्हें कार तक लेकर गए। फूलों की वर्षा और ढोल-नगाड़ों के बीच उन्हें विदा करते हुए नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की आँखें नम हो गईं। मुरादाबाद के प्रशासनिक इतिहास में किसी अधिकारी के लिए जनता और सहकर्मियों का ऐसा अप्रत्याशित स्नेह व सम्मान लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहेगा। मेयर विनोद अग्रवाल की मौजूदगी में पार्षदों व कर्मियों ने साझा किए अनुभव विदाई कार्यक्रम में मुरादाबाद के महापौर (मेयर) विनोद अग्रवाल, अपर नगर आयुक्त अजीत सिंह समेत नगर निगम के तमाम विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, सभी वार्डों के पार्षद और शहर के प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। महापौर और पार्षदों ने माला पहनाकर व स्मृति चिह्न भेंट कर उनके शानदार कार्यकाल की सराहना की। कार्यक्रम में उपस्थित सहयोगियों ने बताया कि दिव्यांशु पटेल के नेतृत्व में नगर निगम ने सिर्फ एक प्रशासनिक संस्था के रूप में नहीं, बल्कि जन-सहभागिता के एक नए मॉडल के रूप में काम किया. '5 बजे वाले आईएएस': स्वच्छता रैंकिंग में लगाई 120+ स्थानों की छलांग मुरादाबाद में ढाई साल के कार्यकाल (29 जनवरी 2024 से 22 सितंबर 2026) के दौरान दिव्यांशु पटेल '5 बजे वाले आईएएस' के नाम से बेहद चर्चित रहे। दिव्यांशु अक्सर सुबह 5:15 बजे खुद सड़कों पर निकलकर सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण करते थे। वे ग्राउंड जीरो से तस्वीरें म्युनिसिपल व्हाट्सएप ग्रुप्स में डालते थे, जिससे पूरे महकमे में जवाबदेही तय हुई। दिव्यांशु के प्रयासों से स्वच्छता में ऐतिहासिक सुधारदिव्यांशु पटेल के अनूठे प्रयास का नतीजा रहा कि मुरादाबाद देश के स्वच्छता सर्वेक्षण में 131वें स्थान से लंबी छलांग लगाकर सीधे टॉप-10 शहरों में शामिल हो गया। नगर निग के राजस्व में रिकॉर्ड बढ़ोतरीदिव्यांशु पटेल के कुशल वित्तीय प्रबंधन के चलते नगर निगम का टैक्स कलेक्शन 38 करोड़ रुपये से बढ़कर रिकॉर्ड 165 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। यह पहला मौका था जब मुरादाबाद नगर निगम इतना बड़ा रेवेन्यू कलैक्ट किया हो। कार्यकाल के प्रमुख विकास कार्य और ऐतिहासिक सौगातें नगर आयुक्त के रूप में दिव्यांशु पटेल ने मुरादाबाद को पर्यटन और आधुनिक शहरी बुनियादी ढांचे का एक बेहतरीन मॉडल बनाया। उनके कार्यकाल के मुख्य कार्य- देश का पहला अत्याधुनिक युद्ध संग्रहालय दिव्यांशु ने भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के गौरवशाली इतिहास को दर्शाने वाले एक बेहद आधुनिक वॉर म्यूजियम का निर्माण कराया, जिसमें रक्षा मंत्रालय के सहयोग से असली टैंक व सैन्य उपकरण स्थापित किए गए। संविधान पार्क: शहर के मध्य में भारतीय संविधान के निर्माण, उसके मूल तत्वों और अधिकारों को रेखांकित करता हुआ बेहद खूबसूरत 'संविधान पार्क' विकसित किया गया। पर्यावरण व सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट्सशहर की ऐतिहासिक कंपनी बाग का मुकम्मल कायाकल्प करने के साथ-साथ 'खेलो इंडिया पार्क', 'श्रीराम वाटिका' और 'हनुमान वाटिका' जैसे हरित क्षेत्रों का निर्माण कराया। वेस्ट अवेयरनेस सेंटर देश का पहला अनूठा कचरा जागरूकता केंद्र स्थापित किया, जिसने कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण और रीसाइक्लिंग मॉड्यूल में शहरवासियों को जागरूक किया। भावुक होकर बोले दिव्यांशु पटेल– मुरादाबाद हमेशा दिल में रहेगा अपनी विदाई के अवसर पर संबोधित करते हुए नव-नियुक्त डीएम बागपत दिव्यांशु पटेल बेहद भावुक नजर आए. उन्होंने महापौर, पार्षदों और पूरी म्युनिसिपल टीम का धन्यवाद करते हुए कहा, मुरादाबाद में काम करने का अनुभव मेरे जीवन की सबसे बेहतरीन पूंजी है। यहां की जनता से जो अगाध प्रेम और टीम से जो सहयोग मिला, उसके बिना स्वच्छता और विकास की यह लंबी छलांग संभव नहीं थी। पीतल नगरी की यादें हमेशा मेरे दिल में जिंदा रहेंगी। समारोह के अंत में सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य और बतौर जिलाधिकारी उनकी नई पारी के लिए ढेरों मंगलकामनाएं प्रेषित कीं।
आजमगढ़ जिले के अहिरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर में अरविंद कुमार सिंह द्वारा अपनी पत्नी बेटे और दो पुजारी की गोली मारकर हत्या की जाने के बाद पुलिस मुठभेड़ में आरोपी की मौत हो गई। आरोपी ने अपने तीन बच्चों को बंधक बना लिया था और जब पुलिस की एसओजी टीम और एटीएस ने आंसू गैस का प्रयोग किया तो आरोपी ने गोली चला दी जिससे बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया था और इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।ऐसे में इस परिवार में मात्र एक बूढी मां और दो मासूम बच्चियां बची हुई हैं। जिसमें एक 10 वर्ष की बेटी परी है। जबकि एक नौ महीने की बच्ची शांभवी है। ऐसे में आजमगढ़ के एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार इन दोनों अनाथ बच्चियों के सहारा बने हैं। जिले के एसपी डॉक्टर अनिल कुमार ने अपना एक महीने का वेतन दोनों बच्चियों को देने का निर्णय किया है। इसके साथ ही आजमगढ़ जिले के सभी पुलिसकर्मी इन दोनों मासूम बच्चियों को अपना एक-एक दिन का वेतन देंगे। इस बात की पुष्टि जिले के एसपी डॉक्टर अनिल कुमार ने की है। इसके साथ ही इस घटना में मृतक पुजारी अखिलेश कुमार मिश्रा और महेंद्र पाठक के परिजनों के संबंध में भी जिले के डीएम और शासन से बात कर ली गई है इन दोनों परिवार के लोगों को भी आर्थिक मदद दिलाई जाएगी। पुलिस और परिजन करीब सात घंटे तक उसे समझाते रहे तथा बच्चों को सुरक्षित बाहर भेजने की अपील करते रहे, लेकिन उसने बच्चों को बाहर नहीं आने दिया। इसी दौरान वह लगातार बच्चों को गोली मारने की धमकी भी दे रहा था। देर रात कमरे के भीतर से गोली चलने की आवाज आने पर बच्चों की जान पर तत्काल खतरा देखते हुए एसएसपी आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार ने जान जोखिम में डालकर दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया। कमरे में नौ वर्षीय शौर्य गोली लगने से गंभीर रूप से घायल मिला। पुलिस टीम उसे तत्काल अस्पताल ले गई, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इस अवसर पर जिले के एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार और एसपी ग्रामीण चिराग जैन मासूम बच्चियों को प्यार करते और दुलारते नजर आए। गोली लगने की दूरी से संबंधित तथ्यपोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार बच्चे के एंट्री वुंड पर ब्लैकनिंग, टैटूइंग एवं स्कॉर्चिंग के चिह्न पाए गए हैं। ये चिह्न सामान्यतः बहुत नजदीकी दूरी से गोली चलने की स्थिति में पाए जाते हैं। घटनास्थल पर पुलिस टीम और बच्चे के बीच की दूरी लगभग 8-10 फीट थी। इस दूरी से गोली लगने पर एंट्री वुंड पर इस प्रकार के चिह्नों की संभावना नहीं होती। साथ ही, आरोपी को न्यूट्रलाइज करने से पहले पुलिस टीम का बच्चों के इतने नजदीक पहुंचना संभव नहीं था, क्योंकि पुलिस टीम कमरे के एक छोर पर तथा आरोपी बच्चों के साथ दूसरे छोर पर था। पुलिस टीम बच्चों तक आरोपी को न्यूट्रलाइज किए जाने के बाद ही पहुंच सकी। गोली की ट्रैजेक्टरी से संबंधित तथ्यपोस्टमार्टम में बच्चे के शरीर में गोली की ट्रैजेक्टरी तिरछी एवं ऊपर की दिशा में पाई गई है। बच्चे की कम ऊंचाई को देखते हुए इस प्रकार की ट्रैजेक्टरी तभी संभव है जब गोली अपेक्षाकृत नीचे से ऊपर की ओर बैरल करके बहुत नजदीक से चलाई गई हो। उपलब्ध परिस्थितियां इस तथ्य की ओर संकेत करती हैं कि गोली बच्चे को आरोपी द्वारा अत्यंत नजदीक से मारे जाने की स्थिति में लगी। एंट्री वुंड के आकार से संबंधित तथ्यमृतक शौर्य के शरीर में गोली का प्रवेश बच्चे के गाल से तथा निकासी उसके सिर से हुआ है। पोस्टमार्टम में दर्ज एंट्री वुंड का आकार आरोपी के कब्जे में रहे .32 बोर रिवाल्वर से संबंधित गोली के अनुरूप पाया गया है। इसके विपरीत 9 एमएम पिस्टल से लगी गोली के एंट्री वुंड का आकार अपेक्षाकृत बड़ा होने की संभावना रहती है। घटनास्थल से बरामद आरोपी के .32 बोर रिवाल्वर एवं अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। आरोपी द्वारा बच्चों को गोली मारने की धमकीपुलिस एवं परिजनों द्वारा आरोपी को समझाने के दौरान भी वह अपनी मां, चाचा, भतीजियों एवं बहनों को बच्चों को गोली मारने की धमकी दे रहा था। इससे स्पष्ट था कि कमरे के अंदर मौजूद बच्चों पर तत्काल खतरा बना हुआ था। रेस्क्यू की गई बच्ची का प्रत्यक्ष कथनपुलिस टीम द्वारा सकुशल रेस्क्यू की गई 11 वर्षीय परी ने पुलिस को बताया कि उसके पिता अरविंद ने ही उसके भाई शौर्य को गोली मारी थी। परी घटनाक्रम के दौरान आरोपी के साथ कमरे में मौजूद थी और उसने स्वयं पूरी घटना देखी। उसने यह भी बताया कि अरविंद बच्चों को जान से मारने की धमकी दे रहा था। उसका यह कथन घटनास्थल की परिस्थितियों एवं उपलब्ध अन्य साक्ष्यों से भी महत्वपूर्ण रूप से संबंधित है।
तेज रफ्तार कार ने खेत से पैदल घर लौट रही तीन महिलाओं को टक्कर मार दी। हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक लड़की गंभीर घायल हो गई। घायल को सादुलशहर के सरकारी हॉस्पिटल में प्राथमिक उपचार के बाद श्रीगंगानगर रेफर किया गया। टक्कर के बाद कार ड्राइवर गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गया, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। हादसा गुरुवार शाम सादुलशहर थाना क्षेत्र में अबोहर-हनुमानगढ़ स्टेट हाईवे पर 9 केआरडब्ल्यू के पास हुआ। खेत से काम पूरा कर पैदल घर लौट रही थींश्रीगंगानगर जिले के सादुलशहर में वार्ड नंबर 12 निवासी सलो (55) पत्नी साहबराम ओड़, कलो (55) पत्नी दुलीचंद ओड़ और सलो की करीब 30 साल की बेटी गुरुवार शाम खेतों में नरमा चुगाई का काम पूरा करने के बाद पैदल घर लौट रही थीं। तीनों महिलाएं सड़क किनारे चल रही थीं। दिनभर खेत में काम करने के बाद वे घर जा रही थीं। हनुमानगढ़ की ओर से आई कार ने तीनों को टक्कर मारीइसी दौरान अबोहर-हनुमानगढ़ स्टेट हाईवे पर 9 केआरडब्ल्यू के पास हनुमानगढ़ की ओर से सामने से तेज रफ्तार कार आई। कार ने सड़क किनारे पैदल चल रही तीनों महिलाओं को टक्कर मार दी। हादसे में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना सादुलशहर थाना क्षेत्र की है। हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और तीनों घायलों को इलाज के लिए सादुलशहर के सरकारी हॉस्पिटल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने सलो और कलो को मृत घोषित कर दिया। वहीं सलो की बेटी की हालत गंभीर होने पर उसे प्राथमिक उपचार के बाद श्रीगंगानगर रेफर कर दिया गया। टक्कर के बाद कार ड्राइवर गाड़ी लेकर फरारटक्कर के बाद कार ड्राइवर मौके पर नहीं रुका और कार लेकर फरार हो गया। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। फिलहाल पुलिस ने कार ड्राइवर और कार की तलाश शुरू कर दी है। तीनों महिलाएं खेतों में नरमा चुगाई का काम करती थीं। दिनभर खेत में काम करने के बाद घर लौटते समय हुए हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि सलो की बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। घटना के बाद वार्ड नंबर 12 में शोक का माहौल है।
रायपुर में कथावाचक इंद्रेश महाराज ने गुरुवार को Gen-Z से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने युवाओं से रिलेशनशिप, पढ़ाई, सफलता, भक्ति और जीवन के उद्देश्य पर खुलकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि आज इंसानों को जाति, वर्ग और अलग-अलग पहचान के नाम पर बांटा जा रहा है। आने वाले समय में यही लड़ाई Gen-Z और Gen-Alpha के नाम पर भी हो सकती है। उन्होंने युवाओं से कहा कि इन पहचान से पहले मानव बनना और इंसानियत को समझना जरूरी है। इंद्रेश महाराज ने कहा कि पहले लोगों का विनाश बम और हथियारों से किया जाता था, लेकिन आज सोशल मीडिया के जरिए लोगों के मन और बुद्धि को प्रभावित किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर राग-द्वेष, ईर्ष्या और नकारात्मकता बढ़ रही है। इसका असर सीधे लोगों की सोच और रिश्तों पर पड़ रहा है। रिलेशनशिप में निष्ठा और स्पष्टता जरूरी इंद्रेश महाराज ने रिलेशनशिप पर बात करते हुए युवाओं से कहा कि रिश्तों में निष्ठा और स्पष्टता जरूरी है। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी का एक किस्सा सुनाते हुए रिलेशनशिप की अलग-अलग स्थितियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक स्थिति ऐसी है, जब दो लोग साथ रहते हैं, लेकिन शादी नहीं करते। दूसरी स्थिति में कोई व्यक्ति एक रिश्ते में रहते हुए दूसरे व्यक्ति से भी उसी तरह बात करता है और दोनों को बराबर प्राथमिकता देता है। उन्होंने तीसरी स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि कई बार कोई व्यक्ति किसी रिश्ते में रहता है और दूसरा उसके रिश्ता टूटने का इंतजार करता रहता है कि वह उसके पास आ जाए। ऐसी स्थिति को रिश्ता कहना ही ठीक नहीं है। उन्होंने युवाओं से कहा कि रिश्तों को खेल या विकल्प की तरह नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और भावनाओं के साथ समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज कॉलेजों में भी युवाओं का ध्यान पढ़ाई से ज्यादा रिलेशनशिप पर जा रहा है। ऐसे में युवाओं को अपने भविष्य और जीवन के उद्देश्य को लेकर भी गंभीर होना चाहिए। भारत में सोमवार, मंगलवार, एकादशी और प्रदोष जैसे कई व्रत रखे जाते हैं। लेकिन सबसे बड़ा व्रत पति-पत्नी की एक-दूसरे के प्रति निष्ठा का है। पति अपनी पत्नी के प्रति ईमानदार रहे और पत्नी भी अपने पति का साथ निभाए। जीवनभर एक-दूसरे के प्रति प्रेम, विश्वास और समर्पण बनाए रखना ही सच्चे रिश्ते की पहचान है। जाति के बाद अब Gen-Z की लड़ाई न शुरू हो जाए इंद्रेश महाराज ने कहा कि इंसानों को पहले ही जाति और दूसरी पहचानों में बांटा जा चुका है। आज ब्राह्मणवाद, बनियावाद, क्षत्रिय, दलित जैसे नामों पर बहस होती है। आने वाले समय में यह लड़ाई भी हो सकती है कि कौन Gen-Z है, कौन मिलेनियल है और कौन Gen-Alpha है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग पीढ़ियों के पास अपने समय के हिसाब से सुविधाएं और परिस्थितियां रही हैं। उसी के अनुसार उनकी सोच बनी है। इसका मतलब यह नहीं कि कोई बड़ा या छोटा है। पहले मानव बनिए, इंसान बनिए । सवाल- क्या मॉडर्न सक्सेस और भक्ति साथ-साथ चल सकते हैं? जवाब- क्यों नहीं चल सकते? लेकिन पहले यह समझना होगा कि आप स्वतंत्रता को किस रूप में देखते हैं। फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस का मतलब सिर्फ यह नहीं है कि आपके पास पैसा आने लगे तो आप अपनी मर्जी से खा-पहन सकें और माता-पिता पर निर्भर न रहें। आज कई युवा क्लब जाना नहीं चाहते, वहां का माहौल भी उन्हें पसंद नहीं आता, लेकिन सिर्फ इस डर से जाते हैं कि कहीं उनका फ्रेंड सर्कल उन्हें अपने से दूर न कर दे या उन्हें पुराने विचारों वाला न समझे। यह कैसी स्वतंत्रता है? आप उन चार दोस्तों की गुलामी कर रहे हैं। इंडिपेंडेंट होने का मतलब है कि आपकी बुद्धि और विचार संकीर्ण न रहें, बल्कि विकसित हों। जिस सुख और आनंद को आप क्लब में ढूंढने जाते हैं, उससे कहीं अधिक आनंद आपको संकीर्तन और कथा में मिल सकता है। मेरे पास एक लड़की आई थी। वह 21-22 साल की थी और उसने कहा कि वह झांसी में मेरी कथा कराना चाहती है, लेकिन पहले आईएएस अधिकारी बनना चाहती है। उसका उद्देश्य था कि अपनी जगह का उत्थान कर सके और अपनी पहली सैलरी से कथा कराए। बाद में उसने आईएएस अधिकारी बनने के बाद अपने माता-पिता को दोस्त की तरह बुलाकर कथा कराई। इसलिए अपनी जिंदगी में ऐसे दोस्तों को चुनिए, जो आपको कथा, सत्संग और वृंदावन लेकर जाएं। सिर्फ इसलिए किसी काम को मत कीजिए कि दोस्त आपसे दूर न हो जाएं। सवाल: हम अपनी जिंदगी की तुलना दूसरों से करने लगते हैं। इसे कैसे रोकें? जवाब- यह मानव स्वभाव है। इंसान को अक्सर अपने से ज्यादा खुश दूसरा व्यक्ति दिखाई देता है। हमें लगता है कि सामने वाला हमसे ज्यादा सुखी है। इसका एक उदाहरण मैं खुद हूं। आपको लगता है कि मैं कितना आनंद में हूं, लेकिन मेरे ऊपर 10 हजार लोगों के सामने कथा करने का दबाव है। लाइव टेलीकास्ट होता है, आलोचनाएं सहनी पड़ती हैं। परिवार के लोग फोन करते हैं और कई बार मैं फोन तक नहीं उठा पाता। फिर भी हमें लगता है कि सामने वाला हमसे ज्यादा खुश है। इसे पूरी तरह बदलना मुश्किल है। इसका रास्ता भक्ति है। भक्ति के बाद भावना बदलने लगती है। फिर यह नहीं लगता कि सामने वाला मुझसे ज्यादा खुश क्यों है, बल्कि मन में आता है—“हे ठाकुर जी, इसे और प्रसन्न कर दो, इसे और आनंद दो।” सबके सुखी होने की भावना ही साधु स्वभाव है। सवाल: जब पता है कि एक दिन चले जाना है तो फिर संसार में इतना क्यों लगे रहते हैं? जवाब क्योंकि यह कर्म का बंधन है। हम कुछ कर्म करके आए हैं और उनका परिणाम भी हमें भुगतना है। संसार भी तभी आगे बढ़ेगा, जब हर व्यक्ति अपना कर्म करेगा। अगर हम यह सोचकर बैठ जाएं कि एक दिन मरना ही है, इसलिए कुछ करने की जरूरत नहीं, तो यह भी सही नहीं है। हमें इस संसार में कुछ करके, कुछ विकास करके और दूसरों को प्रेरणा देकर जाना है।इसलिए जीवन को सफल बनाने के लिए हम यहां आए हैं। सिर्फ मरने के लिए नहीं, बल्कि अपने हिस्से का काम करके जाने के लिए। सवाल- अगर सब कुछ पहले से लिखा है तो फिर मेहनत क्यों करें? और मनचाहा परिणाम न मिले तो क्या करें? जवाब- हमें यह पता नहीं है कि क्या लिखा हुआ है। इसलिए हमें प्रयास करना ही होगा।मान लीजिए मुझे कोई विश्वविद्यालय जाना है। मुझे मंजिल पता है, लेकिन रास्ते में कितने गड्ढे हैं, कहां मोड़ आएगा, बारिश होगी या तूफान आएगा, यह मुझे नहीं पता। अगर मैं रास्ते की सारी परेशानियों के बारे में सोचता रहूंगा तो मंजिल तक कभी नहीं पहुंच पाऊंगा। इसलिए मंजिल को ध्यान में रखकर चलते रहिए। रास्ते में जो आएगा, उसका सामना करते हुए आगे बढ़िए। यह भी जरूरी नहीं कि जिस मंजिल की आपने कल्पना की है, वहां बिल्कुल वही परिणाम मिले। जिंदगी में थोड़ी अनिश्चितता रहेगी ही। इसलिए पूरी मेहनत कीजिए, लेकिन अपनी इच्छाओं का बोझ बहुत ज्यादा मत रखिए। खुश रहने की इच्छा जरूर रखिए। चाहे जिंदगी में कोई दिल तोड़कर चला जाए या कोई मुश्किल आ जाए, फिर भी हंसते-मुस्कुराते रहिए और अपने उद्देश्य पर काम करते रहिए। सवाल- दिनभर कॉन्फिडेंट रहता हूं, लेकिन अकेले में डर लगता है कि अगर मैं सफल नहीं हुआ तो क्या होगा? जवाब- आपने खुद बताया कि जो काम उठाते हैं, उसे कर भी लेते हैं। फिर भी मन में डर रहता है कि अगर यह काम नहीं हुआ तो क्या होगा।यहां सबसे पहले आपको यह समझना होगा कि आप अपने लिए जी रहे हैं या किसी दूसरे की इच्छा पूरी करने के लिए। अगर आपके पिता चाहते हैं कि आप डॉक्टर बनें और आप केवल उनकी इच्छा के लिए यह कर रहे हैं, तो कहीं न कहीं आपने खुद को पीछे कर दिया है। मेरे पिता कभी नहीं चाहते थे कि मैं कथावाचक बनूं। मैं सिंगर बनना चाहता था। मैंने उनसे कहा तो उन्होंने कहा कि अगर गायक बनना चाहते हो तो वृंदावन में क्या कर रहे हो? मुंबई जाओ। मैं वहां गया, म्यूजिक डायरेक्टर से मिला और ऑडिशन दिए। बाद में मेरे नाना जी ने सिर्फ एक बात कही “सिंगर बनकर संसार के लोगों को रिझाओगे, लेकिन संसार आज रिझेगा और कल नहीं। अगर परमात्मा को रिझा लिया तो वह हमेशा प्रसन्न रहेंगे। इसलिए पहले यह तय कीजिए कि आप जिंदगी में करना क्या चाहते हैं। सिर्फ फाइनेंशियली फ्री होना कोई उद्देश्य नहीं है। उद्देश्य तय कीजिए और उस दिशा में आगे बढ़िए। डर लगे तो थोड़ा एकांत में बैठकर भगवान का स्मरण कीजिए। “हरे कृष्ण, हरे कृष्ण...” का जाप कीजिए और फिर आगे बढ़ जाइए। अगर कोई काम नहीं हुआ तो भी यह मानिए कि शायद उसमें आपकी भलाई रही होगी। सवाल-हमें पता होता है कि कोई काम गलत है, फिर भी हम उसे छोड़ नहीं पाते। इससे कैसे बचें? जवाब- महाभारत में धृतराष्ट्र ने भी यही बात कही थी—वह जानते थे कि धर्म क्या है, लेकिन फिर भी धर्म के रास्ते पर चल नहीं पा रहे थे।हमारे आसपास का वातावरण हमारे व्यवहार को प्रभावित करता है। अगर आसपास के लोग लगातार गलत काम कर रहे हैं और हमें यह भरोसा दिलाते रहते हैं कि “एक बार करके देख लो, कुछ नहीं होगा”, तो धीरे-धीरे हमें भी वही सही लगने लगता है। गलत काम का असर तुरंत दिखाई नहीं देता। वह धीरे-धीरे दीमक की तरह मन और विचारों को कमजोर करता है। बाद में व्यक्ति सोचता है कि पहले मैं इतना दयालु था, अब मेरे अंदर इतनी कठोरता और कपट क्यों आ गया?इसलिए अपने आसपास के वातावरण को थोड़ा ठीक कीजिए। ऐसे लोगों के साथ कम बैठिए, कम बात कीजिए और कम समय बिताइए, जो लगातार गलत कामों में लगे रहते हैं। अगर उनसे पूरी तरह दूर रहना संभव नहीं है तो अकेले में ध्यान और भगवान का स्मरण कीजिए। जिस नाम में आपकी श्रद्धा हो, उसका जाप कर सकते हैं। इससे मन को स्थिर रखने में मदद मिलती है। सवाल-भक्त व्यक्ति को भी जीवन में दुख क्यों सहना पड़ता है? जवाब- अगर भगवान श्रीराम स्वयं परमात्मा होते हुए 14 वर्ष के लिए वन गए, तो हमारे जीवन में दुख आने पर सवाल क्यों होना चाहिए? भगवान श्रीकृष्ण के जीवन में भी ऐसी परिस्थितियां आईं, जब उन्हें ब्रजवासियों से दूर जाना पड़ा और रणभूमि छोड़नी पड़ी। संसार का असली स्वरूप ही “दुःखालयम् शाश्वतम्” बताया गया है। यहां हम केवल सुख भोगने नहीं आए हैं। हमें अपने कर्मों के परिणाम भी भुगतने पड़ते हैं। कई बार हम पूछते हैं कि पिछले जन्म में हमने क्या किया, हमें तो याद भी नहीं। लेकिन यही कर्म का चक्र है। इसीलिए जीवन में आने वाले हर दुख का कारण हमें पता हो, यह जरूरी नहीं। भक्ति दुख को जीवन से पूरी तरह खत्म नहीं करती, लेकिन व्यक्ति को इतना सक्षम बना सकती है कि दुख उसे तोड़ न पाए, बिखेर न पाए।इसे ऐसे समझिए भक्ति एनेस्थीसिया की तरह है। ऑपरेशन तो होगा, लेकिन दर्द कम महसूस होगा।
सोनभद्र में पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 6 क्विंटल 25 किलोग्राम यानी 625 किलो अवैध गांजा बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, बरामद गांजे की कीमत करीब 3 करोड़ 10 लाख रुपए है। तस्करी में इस्तेमाल टाटा छह पहिया कंटेनर, दो मोबाइल फोन और 10 हजार रुपए नकद भी बरामद किए गए हैं। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 3 करोड़ 30 लाख रुपए बताई गई है। चेकिंग के दौरान कंटेनर लेकर भागे एसपी अभिषेक वर्मा के मुताबिक, 23/24 सितंबर की रात शाहगंज पुलिस क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एसओजी प्रभारी निरीक्षक राम स्वरूप वर्मा को सूचना मिली कि जैत गांव के पास एक संदिग्ध कंटेनर को रोकने की कोशिश की गई है, लेकिन चालक गाड़ी लेकर शाहगंज की ओर भाग गया। सूचना के बाद पुलिस टीम ने रॉबर्ट्सगंज-घोरावल मार्ग पर गौरीशंकर मंदिर के आगे पुलिया के पास चेकिंग शुरू कर दी। पुलिस को देखकर चालक ने पुलिया से पहले कंटेनर रोक दिया और गाड़ी से उतरकर भागने लगा। एसओजी टीम ने पीछा किया और करीब 3:05 बजे नहर के भीटे के पास से दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। आगे से खाली, पीछे बनाया था गुप्त केबिन पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम दिलीप कुमार देहुरी और संतोष कुमार साहू बताए। दोनों ओडिशा के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक, कंटेनर की तलाशी लेने पर उसका पिछला हिस्सा सामान्य तौर पर खाली मिला। इसके बाद पुलिस को कंटेनर के आगे के हिस्से में लोहे की चादरों से वेल्डिंग कर बनाया गया विशेष केबिन मिला। दिलीप की निशानदेही पर केबिन खुलवाया गया तो उसके अंदर छिपाकर रखा 625 किलो गांजा बरामद हुआ। कटक से मिर्जापुर पहुंचाना था गांजा पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि वे ओडिशा के कटक निवासी एक व्यक्ति के लिए गांजा ले जाते थे। इस खेप को मिर्जापुर निवासी एक व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था। पुलिस अब पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। मामले में शाहगंज थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने कंटेनर को एनडीपीएस एक्ट और एमवी एक्ट की धारा 207 के तहत जब्त किया है। पुलिस का कहना है कि बरामदगी और पूछताछ के आधार पर अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मेरठ और वाराणसी का प्रस्तावित दौरा स्थगित हो गया है। यह स्थगन भारत निर्वाचन आयोग के भीतर कथित मतभेद और विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर उठे सवालों के बीच हुआ है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक पुलिसकर्मी को बिना उचित विभागीय जांच और कानूनी प्रक्रिया के नौकरी से निकालने को गलत माना है। कोर्ट ने उसे वापस सेवा में लेने का आदेश दिया है। जस्टिस कुलदीप माथुर की एकलपीठ ने हैड कॉन्स्टेबल रमनलाल को बर्खास्तगी की अवधि का 50 प्रतिशत वेतन देने के भी निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता के वकील वरदाराम चौधरी ने कोर्ट को बताया कि रमनलाल राजस्थान पुलिस में हैड कॉन्स्टेबल था। वह कुछ समय के लिए ड्यूटी से गैरहाजिर रहा था। विभाग ने उसकी करीब 31 साल की सेवा में कुल 1400 दिन की गैरहाजिरी मानी। इसके बाद बिना उचित विभागीय कार्यवाही के उसे नौकरी से निकाल दिया। याचिका में कहा गया कि विभाग को बर्खास्तगी से पहले नियमानुसार जांच करनी चाहिए थी। कर्मचारी को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका देना चाहिए था। विभाग ने जांच न कराने के पीछे यह तर्क दिया कि जांच कराना संभव नहीं था। हाईकोर्ट ने विभाग के इस तर्क को नहीं माना। कोर्ट ने बर्खास्तगी की कार्रवाई को सही प्रक्रिया के मुताबिक नहीं पाया। अदालत ने रमनलाल को तुरंत सेवा में बहाल करने का आदेश दिया। साथ ही बर्खास्तगी से बहाली तक की अवधि के लिए 50 प्रतिशत वेतन और अन्य लाभ देने को भी कहा।
टोंक जिला मुख्यालय स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन नसिया अमीरगंज में भूगर्भ से प्राप्त 26 जिन-प्रतिमाओं का 73वां प्रकट उत्सव गुरुवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान आदिनाथ की विशेष पूजा-अर्चना कर विश्वशांति एवं जगत कल्याण की मंगल कामना की। समाज के प्रवक्ता पवन कंटान, मंत्री धर्मेंद्र जैन पासरोटिया एवं कमल सर्राफ ने बताया कि प्रात:काल जैन नसिया के मूलनायक बड़े बाबा आदिनाथ भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा की गई। इसके बाद दूध, दही, घी, केसर, फलों के रस एवं सर्वौषधि आदि से स्वर्ण एवं रजत झारियों द्वारा महापंचामृत अभिषेक किया गया। दुग्ध शांतिधारा का सौभाग्य त्रिलोकचंद, ज्ञानचंद, राजेश कुमार, अशोक कुमार, पुनीत कुमार, मोहित कुमार एवं अंशुल कुमार बोरदा परिवार को प्राप्त हुआ। चरण छत्री पर दुग्ध अभिषेक विवेक काला ने किया। चंदन लेपन का सौभाग्य टोनी कुमार एवं जम्मू कुमार आडरा तथा हल्दी लेपन का सौभाग्य महावीर प्रसाद, धर्मेंद्र कुमार पासरोटिया एवं वीरेंद्र कुमार अंकुर पाटनी परिवार को मिला। इसके बाद भगवान आदिनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने विभिन्न प्रकार के नैवेद्य अर्पित कर भक्तिभाव से आराधना की। दशलक्षण महापर्व के नौवें दिन उत्तम आकिंचन्य धर्म की आराधना की गई। इस दौरान बताया गया कि बहिरंग एवं अंतरंग परिग्रह से मुक्त होकर अपनी शुद्ध आत्मा का चिंतन करना ही आकिंचन्य धर्म है। अभिषेक एवं शांतिधारा के बाद तीनलोक महामंडल विधान की विधिवत पूजा की गई। प्रतिष्ठाचार्य पंडित बृजेश शास्त्री, महुआ के सानिध्य में श्रद्धालु प्रतिदिन विधान में शामिल होकर धर्मलाभ ले रहे हैं।
Bhagalpur Khushi Kumari Won Gold 37th East Zone Athletics:भागलपुर की खुशी कुमारी ने 37वीं ईस्ट जोन जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 1000 मीटर दौड़ में बिहार के लिए स्वर्ण पदक जीता। उनकी यह सफलता ग्रामीण परिवेश से आने वाली प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा है और खेल जगत में खुशी की लहर है।
जवाई क्षेत्र के सैकड़ों किसान और रहवासी गुरुवार को अपनी मांगों को लेकर पाली पहुंचे। यहां कलेक्ट्रेट के सामने सांकेतिक धरना दिया और इसके बाद जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने कहा कि जवाई बांध क्षेत्र में तेंदुए की गुफाओं से एक किलोमीटर के दायरे को प्रतिबंधित करना व्यावहारिक नहीं है। इस फैसले को लेकर स्थानीय ग्रामीणों, किसानों और पशुपालकों में आक्रोश है। उच्च न्यायालय के आदेश और वन विभाग की नई एसओपी (SOP) के विरोध में ग्राम पंचायत सेणा, बीसलपुर और दूदनी सहित जवाई क्षेत्र के निवासियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया तो वे अनिश्चितकालीन अनशन और उग्र प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे। 1 किमी की सीमा अव्यावहारिक, 80 मीटर करने की मांग किसान नेता जयेन्द्रसिंह गलथनी ने कहा कि गुफा से 1 किलोमीटर (1000 मीटर) की पाबंदी पूरी तरह अव्यावहारिक है। इससे किसानों के खेत, कुएं और रिहायशी मकान प्रतिबंधित क्षेत्र में आ गए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस सीमा को घटाकर 80 मीटर किया जाए। किसानों को अपनी निजी भूमि पर आधुनिक खेती, कुएं खोदने, पॉलीहाउस, डेयरी फार्म, गोट फार्मिंग और केटल शेड बनाने की पूर्ण छूट मिलनी चाहिए। स्थानीय लोगों पर रोक, बाहरी होटलों को लेकर सवाल ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाया। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों पर कड़े प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं, जबकि कोठार में लिलोड़ा पहाड़ी के पास बहुमंजिला होटल का निर्माण तेंदुए की गुफा से शून्य मीटर की दूरी पर चल रहा है। ग्रामीणों ने इस अवैध निर्माण को तुरंत ध्वस्त करने और बाहरी पूंजीपतियों के बड़े होटलों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इसके विपरीत स्थानीय निवासियों को होम-स्टे और रूरल टूरिज्म की विशेष छूट देने की वकालत की गई है। 80% जमीन जवाई डूब क्षेत्र में जाने का दावा प्रभावित ग्राम पंचायतों सेणा, बीसलपुर और दूदनी की स्थिति का हवाला देते हुए ग्रामीणों ने कहा कि इन गांवों की 80% भूमि पहले ही जवाई डूब क्षेत्र में जा चुकी है। बची हुई भूमि में से अधिकांश पहाड़ियां हैं। ग्रामीणों के अनुसार मात्र 5 वर्ग किलोमीटर के सीमित क्षेत्र में रहने वाली आबादी पर 1 किलोमीटर का प्रतिबंध लगाना उनके अस्तित्व को मिटाने जैसा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि वन विभाग ने बिना किसी ग्राम सभा या स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहमति के एकतरफा एसओपी तैयार की है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन है। 2013 के समझौते को लागू करने की मांग ग्रामीणों ने मांग की है कि वर्ष 2013 में हुए कम्युनिटी रिजर्व समझौते के अनुरूप ही कार्य किया जाए। साथ ही बाहरी होटल व्यवसायियों द्वारा सरकारी और गोचर भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को तुरंत हटाकर जमीन मवेशियों के लिए मुक्त कराने की मांग की गई। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने समय रहते उनकी आजीविका और अधिकारों की रक्षा नहीं की तो पूरा जवाई क्षेत्र सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा। ये रहे मौजूद इस दौरान किसान संघर्ष समिति अध्यक्ष जयेन्द्रसिंह गलथनी, रघुवीरसिंह बिसलपुर, मनमोहन सिंह बिलसपुर, संग्राम सिंह वेलार, विक्रमसिंह बीजापुर, विक्रमसिंह जीवंदा, लालाराम देवासी, राजेंद्रसिंह राणावत सेणा, विकासपाल सिंह सेणा, भूपेन्द्रसिंह सेणा, डूंगरसिंह सेणा, हनवत सिंह जीवदा, अजयपालसिंह हेमावास, महावीरसिंह टेवाली सहित कई जने मौजूद रहे।
लखनऊ में गणेश उत्सव मनाया गया:कुटिया वाली गली में विशेष पूजा, भंडारे संग बप्पा को भावपूर्ण विदाई
लखनऊ के नटखेड़ा रोड, आलमबाग की कुटिया वाली गली में गणेश उत्सव मनाया गया। स्थानीय निवासी कंचन गंभीर पिछले 10 वर्षों से अपने घर पर गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना कर रही हैं। इस वर्ष 10 वर्ष पूरे होने पर विशेष पूजा का आयोजन किया गया। इसके बाद गली में भंडारे और प्रसाद वितरण हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और क्षेत्रवासी शामिल हुए। इस दौरान गणपति बप्पा के जयकारों से क्षेत्र गूंज उठा। पूजा-अर्चना के बाद गणपति प्रतिमा को भावपूर्ण विदाई दी गई। कार्यक्रम में आलमबाग नटखेड़ा रोड युवा व्यापार मंडल के मनीष अरोड़ा, सोनी, कंचन, पवन, संजय, मोनी, विकास, राजू, छोटू, रजत, चीकू और काका समेत कई लोग मौजूद रहे।
जोधपुर एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर राजनरेश यादव की मौत के बाद अस्पताल परिसर में चल रहा धरना गुरुवार को भी जारी रहा। गुरुवार सुबह सभी रेजिडेंट डॉक्टर्स ओपीडी पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। प्रबंधन के साथ बातचीत में अभी सहमति नहीं बन पाई। इसी दौरान एम्स डायरेक्टर डॉ. गोवर्धन पुरी धरनास्थल पर पहुंचे और डॉक्टरों के सामने हाथ जोड़कर उन्हें समझाने की कोशिश की। लेकिन, रेजिडेंट डॉक्टर्स इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे। इस पर वे हाथ जोड़कर वहां से निकल गए। एक दिन पहले निकाला था कैंडल मार्च इससे पूर्व बुधवार को भी डॉक्टर्स की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर धरना दिया गया था। उनकी मांग थी कि इस मामले में एडमिनिस्ट्रेशन सार्वजनिक रूप से माफी मांगे। इसके साथ ही परिवार को मुआवजा दिया जाए। उन्होंने इस्तीफे की भी मांग की थी। इसके बाद एम्स परिसर में ही कैंडल मार्च निकाला गया था। यहां सभी परिसर में बने खेल मैदान में पहुंचे थे। इस बीच मैनेजमेंट कमेटी के भी पदाधिकारी बातचीत के लिए वहां पहुंचे लेकिन सहमति नहीं बनने पर गुरुवार को दोबारा ओपीडी में शामिल होने का एलान किया। डॉक्टर्स ने किया था दावा-36-36 घंटे काम करवाया जा रहा है बुधवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान डॉक्टर्स का कहना था- हमारी मांग है कि डॉक्टर की मौत पर मैनेजमेंट माफी मांगे। जो भी जिम्मेदारा है, वो माफी मांगे। मृतक के परिवार को आर्थिक मदद मिलनी चाहिए। एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर का इस्तीफा होना चाहिए। उनकी वजह से ये हालात हुई है कि डॉक्टर की मौत हुई है। इसके साथ आरडीए बनना चाहिए। आरडीए की मांग मान ली गई है। बाकी दो मांग पर बात चल रही है। जब तक पूरी नहीं होंगी, हम बैठे रहेंगे। डॉक्टर 36-36 घंटे की ड्यूटी कर रहे हैं। उनकी कोई परवाह नहीं है। ------------- मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… रेस्ट रूम के बाथरूम में अचेत मिला एम्स का रेजीडेंट,मौत:इंजेक्शन के ओवरडोज की आशंका, एनस्थीसिया विभाग में ड्यूटी करने आया था जोधपुर एम्स में ड्यूटी करने पहुंचे रेजीडेंट की रेस्ट रूम के बाथरूम में अचेत मिलने के बाद मौत हो गई। वह एनस्थीसिया विभाग में ड्यूटी के लिए आया था। शुरुआती जानकारी में इंजेक्शन के ओवरडोज की आशंका जताई जा रही है, हालांकि, मौत की वास्तविक वजह जांच के बाद ही साफ होगी। (पूरी खबर पढ़ें…) डॉक्टर की मौत के बाद एम्स के रेजिडेंट का प्रदर्शन:कैंडल मार्च निकाला; बोले- एडमिनिस्ट्रेशन इस मामले में माफी मांगे जोधपुर एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर राजनरेश यादव की मौत के बाद एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर बैठ गए। मुआवजा और अन्य मांगों को लेकर ओपीडी के बाहर धरना शुरू किया। इस दौरान एम्स परिसर में ही कैंडल मार्च निकाला। (पूरी खबर पढ़ें…) जोधपुर एम्स के बाथरूम में मिला डॉक्टर का शव:चाचा का आरोप- 30 घंटे तक लगातार ड्यूटी से तनाव में थे, पैतृक गांव में अंतिम संस्कार
सेवा संकल्प अभियान के तहत वडनगर से वाराणसी के लिए निकली ‘जल जन सेवा यात्रा’ गुरुवार को बैतूल पहुंची। जिले में राइडर्स का ग्रामीणों ने स्वागत किया। यात्रा दल ने केंद्रीय योजनाओं के लाभार्थियों से बातचीत कर योजनाओं से उनके जीवन में आए बदलावों की जानकारी ली। भीमपुर के देसली गांव में करीब 30 जनजातीय कलाकारों ने पारंपरिक कोरकू लोकनृत्य ‘गदली सुसुन’ की प्रस्तुति देकर राइडर्स का स्वागत किया। कलाकार पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे थे। ग्रामीणों ने फूल बरसाकर यात्रा दल का स्वागत किया। नांदा स्कूल में छात्रों से की बातचीत यात्रा दल पीएम श्री विद्यालय नांदा पहुंचा। यहां राइडर्स ने छात्रों और स्कूल प्रबंधन से बातचीत की। उन्होंने शिक्षा, पढ़ाई से जुड़ी गतिविधियों और बच्चों के विकास के लिए किए जा रहे कामों की जानकारी ली। राइडर्स ने ग्रामीणों के साथ पौधे भी लगाए। चिरापाटला में पारंपरिक नृत्य से स्वागत चिरापाटला में ग्रामीणों और बच्चों ने जनजातीय वेशभूषा में पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया। ढोल की थाप और फूल बरसाकर यात्रा का स्वागत किया गया। यहां अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य मंगल सिंह धुर्वे समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। चिचोली में निकाली रैली, लाभार्थियों से संवाद चिचोली के जय स्तंभ चौक पर नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने फूल बरसाकर राइडर्स का स्वागत किया। इसके बाद चौक से पीएम श्री सरकारी माध्यमिक शाला तक रैली निकाली गई। मंगल भवन में हुए लाभार्थी संवाद में पीएम आवास और लाड़ली बहना योजना की लाभार्थी महिलाओं से बातचीत की गई। महिलाओं ने बताया कि योजनाओं से उन्हें आर्थिक मदद मिली और उनके परिवार की स्थिति में सुधार हुआ। राइडर्स को स्थानीय उत्पाद भेंट किए विधायक हेमंत खंडेलवाल ने राइडर्स का स्वागत किया। उन्होंने बैतूल की जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यात्रा दल को बैतूल में जनजातीय जीवन, प्रकृति और विकास को करीब से देखने का मौका मिलेगा। इस दौरान राइडर्स को नांदा का शहद, कूकरू कॉफी और महुआ कॉफी जैसे स्थानीय उत्पाद भेंट किए गए। यात्रा के राष्ट्रीय प्रभारी जयदेव सोलंकी, यात्रा दल के सदस्य, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, ग्रामीण और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
खेतों की बिगड़ती सेहत और बढ़ती खेती लागत के बीच किसान अब प्राकृतिक खेती की ओर लौट रहे हैं। इसी बदलाव के लिए जयपुर में देशभर से आए प्रतिभागियों ने प्राकृतिक खेती के गुर सीखे। करीब 50 मास्टर ट्रेनर तैयार हुए। ये प्रशिक्षक अब अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीक सिखाएंगे। जयपुर जिले के अजमेर रोड पर भैराना-बिचून स्थित रुद्र शिवम डेयरी और नेचुरल रिसर्च सेंटर में तीन दिवसीय प्राकृतिक खेती और डेयरी फार्मिंग मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और गुजरात सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। मिट्टी की उर्वरता बढ़ती, पानी बचाया जा सकता प्रशिक्षण का मुख्य संदेश रहा कि जल, जंगल, जमीन, जन और जानवर बचेंगे, तभी गांव बचेगा। विशेषज्ञों ने कहा- प्राकृतिक खेती केवल रासायनिक खाद और कीटनाशकों से दूरी बनाने की पद्धति नहीं है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने, पानी बचाने, पशुधन को खेती से जोड़ने और किसान की आय को टिकाऊ बनाने की समग्र व्यवस्था है। प्रशिक्षण के दौरान प्राकृतिक खेती, मिट्टी के स्वास्थ्य, डेयरी प्रबंधन, पशुपालन और ग्रामीण आजीविका से जुड़े विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग, जल संरक्षण, मिट्टी को जीवंत बनाए रखने और देसी पशुधन को खेती का हिस्सा बनाने पर विशेष जोर दिया। प्राकृतिक खेती की तकनीक की दी जानकारी इंजीनियर रत्नेश शर्मा, तानाजी निकम, मनवीर रेढू, कान सिंह निर्वाण, सुरेंद्र अवाना और डॉ. विनोद चौधरी ने विभिन्न विषयों पर प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। प्रशिक्षण के बाद तैयार हुए 50 मास्टर ट्रेनर अब अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों से सीधे जुड़कर प्राकृतिक खेती की तकनीक और इसके व्यावहारिक लाभों की जानकारी देंगे। आयोजकों के अनुसार- प्राकृतिक खेती का उद्देश्य केवल खेती की पद्धति में बदलाव करना नहीं, बल्कि किसान, पशुधन, मिट्टी और गांव की अर्थव्यवस्था को प्रकृति के साथ फिर से जोड़ना है। जयपुर में तैयार किए गए ये मास्टर ट्रेनर इस अभियान को खेत-खेत तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम के आयोजन एवं समन्वय में सुरेंद्र अवाना, भिकम चंद चौहान, सुनील दत्त खरगल और दीपक एस. राघव की प्रमुख भूमिका रही।
सुप्रीम कोर्ट की वकील और यूपी की मुस्लिम एक्टिविस्ट नाजिया इलाही खान को फिर धमकी दी गई है। इस बार उन्हें व्हाट्सएप कॉल पर धमकी दी गई है। नाजिया ने पूरा मामला गाजियाबाद और लखनऊ में सीनियर अधिकारियों को कॉल करके बताया है। नाजिया की सुरक्षा में यूपी पुलिस के 2 गनर हैं, वह गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में रह रही हैं, जिनसे बाहर का कोई भी व्यक्ति नहीं मिल सकता। साथ ही उनके आवास पर भी जेमर लगा हुआ है, जिससे वहां मोबाइल की नॉर्मल कॉल न आ सकती है न ही जा सकती है। इससे पहले 25 अगस्त को नाजिया इलाही ने इंदिरापुरम थाने में एफआईआर कराई थी, जहां शाहिल अहमद नाम के व्यक्ति ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर उन्हें गालियां दीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शाहिल ने उनके पोस्टर पर बच्चों से यूरिन कराई। साथ ही सर काटने की धमकी दी गई। जानिए धमकी में क्या कहा नाजिया अपने कान के सुराख के साथ साथ अपने जिस्म के सुराख को भी साफ साफ खोल ले। अच्छे तरह से खोलकर सुन ले। मैं राणा.. उफ राणा भाई.. तू अच्छे तरह से मुझे जानती भी है, हमें तेरी लोकेशन का भी पता चला गया है। तू कहां रहती है यह भी हमें पता चला गया है। जल्द ही तुझे जहन्नुम वासी करेंगे। नाजिया इलाही ने कहा कि मेरे साथ धमकी की ऑडियो भी सुरक्षित है, मेरी जान को खतरा है। सरकार की तरफ से गाजियाबाद में मेरे आवास पर 2 पुलिस के सिपाही सुरक्षा में हैं। जब भी वेस्ट बंगाल जाती हूं तो वहां भी मेरी सुरक्षा साथ में रहती है। शहजाद भट्टी का आदमी राणा बोल रहा हूं नाजिया इलाही ने बताया कि कॉल करने वाले ने कहा कि नाजिया मैं शहजाद भट्टी का आदमी राणा बोल रहा हूं। जिसने कई बार अपना नाम दोहराते हुए कहा कि सुन ले, शहजाद भट्टी को तो जानती होगी। नाजिया इलाही ने बताया कि करीब 30 सेकेंड कॉल पर मुझे धमकी मिली है। इसके बाद एक सिर कटा हुआ फोटो भेजा है। एक माह पहले भी धमकी मिली नाजिया इलाही ने 25 अगस्त 2025 को यूपी के गृह सचिव को शिकायत भेजी, शिकायत के मुताबिक, शाहिल अहमद नाम की इंस्टाग्राम आईडी से उनकी तस्वीर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। उन्हें गर्दन काटने की धमकी भी दी गई। आरोपी ने नाबालिग बच्चों के जरिए उन्हें परेशान करने और हिंसा के लिए उकसाने जैसी बातें कहीं। आरोपी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर उनकी तस्वीर वाले पोस्टर के साथ एक आपत्तिजनक वीडियो भी शेयर किया। नाजिया ने शिकायत में अपनी जान को खतरा बताया और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने धमकी और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर इंस्टाग्राम अकाउंट की जांच शुरू कर दी है। नाजिया ने 3 महीने पहले पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी की थी नाजिया खान ने जून, 2026 में एक पॉडकास्ट के दौरान मुस्लिम समाज, मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों, पैगंबर हजरत मोहम्मद और हजरत आयशा से जुड़े विषयों पर टिप्पणी की थी। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद कई मुस्लिम संगठनों और लोगों ने नाराजगी जताई थी। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि नाजिया ने जानबूझकर मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणियां कीं। इस मामले में 25 अगस्त को नाजिया के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई थी। कौन हैं नाजिया इलाही खान? वकील से राजनीति तक का सफर, ट्रिपल तलाक मामले से मिली पहचान नाजिया इलाही खान सुप्रीम कोर्ट में वकालत और महिला अधिकारों से जुड़े मामलों को लेकर चर्चा में रही हैं। उन्होंने राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाई। वह पहले तृणमूल कांग्रेस की प्रवक्ता रहीं और बाद में भाजपा में शामिल हो गईं। कोलकाता में जन्म, कानून की पढ़ाई नाजिया का जन्म 11 फरवरी 1989 को कोलकाता में हुआ बताया जाता है। उन्होंने कोलकाता विश्वविद्यालय से बीए और एलएलबी की पढ़ाई की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने वकालत शुरू की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता के तौर पर काम करती हैं। नाजिया इलाही खान का नाम इशरत जहां से जुड़े ट्रिपल तलाक मामले में भी सामने आया। उन्होंने इस मामले में महिलाओं के अधिकार और लैंगिक समानता से जुड़े मुद्दे उठाए। इसके बाद वह महिला अधिकारों से जुड़े मामलों पर मुखर रहने लगीं। TMC से BJP तक राजनीतिक सफर नाजिया ने राजनीतिक करियर की शुरुआत तृणमूल कांग्रेस की प्रवक्ता के तौर पर की। बाद में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। भाजपा में शामिल होने के बाद वह पश्चिम बंगाल में पार्टी के पक्ष को विभिन्न मंचों पर रखती रहीं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, नाजिया के पति का निधन तब हो गया था, जब वह करीब 20 साल की थीं। इसके बाद उन्होंने अपने बेटे यामिन खान की परवरिश की। यामिन भी वकालत के पेशे से जुड़े बताए जाते हैं। निजी जिंदगी को रखा सीमित नाजिया के माता-पिता और परिवार के दूसरे सदस्यों के बारे में सार्वजनिक जानकारी काफी सीमित है। वह अपनी निजी जिंदगी को सार्वजनिक चर्चा से दूर रखती हैं।
शामली में गुरुवार शाम करीब 7 बजे कैराना कस्बे के मोहल्ला आलदरम्यान में गैस सिलिंडर लीकेज होने से घर में अचानक आग लग गई। आग बुझाने पहुंचे तीन युवक झुलस गए। आग की चपेट में आने से फ्रिज, पंखा और अन्य घरेलू सामान जलकर नष्ट हो गया। घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। खाना बनाते समय लगी आग मोहल्ला आलदरम्यान निवासी कासिम की पुत्रवधू गैस चूल्हे पर खाना बना रही थी। इसी दौरान गैस सिलिंडर में लीकेज होने से अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें घर में रखे सामान तक पहुंच गईं। पुत्रवधू ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया। आग बुझाने पहुंचे तीन युवक झुलसे शोर सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और मिट्टी, रेत और पानी की मदद से आग बुझाने लगे। इसी दौरान अबरार, शाबान और शान इलाही आग की चपेट में आकर झुलस गए। काफी प्रयास के बाद लोगों ने आग पर काबू पाया। दो अस्पतालों में कराया इलाज घायल शान इलाही को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया। वहीं अबरार और शाबान को निजी अस्पताल ले जाकर उपचार कराया गया। फ्रिज-पंखा समेत घरेलू सामान जला आग से घर में रखा फ्रिज, पंखा और अन्य घरेलू सामान जलकर खराब हो गया। घटना के बाद मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। सिलिंडर नहीं फटा, टला बड़ा हादसा कासिम ने बताया कि गैस सिलिंडर में लीकेज के कारण आग लगी थी। गनीमत रही कि सिलिंडर में विस्फोट नहीं हुआ, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। कैराना के एसआई राजकुमार ने भी शुरुआती जांच में गैस लीकेज को ही आग लगने का कारण बताया है।
SGPGI लखनऊ के पेन क्लिनिक में 2 महिलाओं के चेहरे के दर्द की असली वजह पहचानकर उसे दूर किया गया। दोनों महिलाओं को सालों से हो रहे दर्द से राहत मिल गई है। महिलाओं की उम्र 45 और 51 साल है। उन दोनों को पहले ट्राइजेमिनल न्यूरालजिया मानकर इलाज दिया गया था। रायबरेली की 45 वर्षीय कमला देवी लंबे समय से चेहरे के तेज दर्द से परेशान थीं। दर्द इतना अधिक था कि उनके रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगे थे। कई जगह इलाज कराने के बाद उन्हें ट्राइजेमिनल न्यूरालजिया बताया गया और सर्जरी भी हुई, लेकिन कुछ समय बाद दर्द दोबारा लौट आया। एसजीपीजीआई के पेन क्लिनिक में जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि दर्द की वजह गर्दन में दब रही एक नस से जुड़ी थी। इसके बाद स्टर्नोक्लाइडोमास्टॉइड हाइड्रोडिसेक्शन के जरिए नस को दबाव से मुक्त किया गया। इसके साथ संबंधित नस पर स्फेनोपैलेटाइन गैंग्लियन रेडियोफ्रीक्वेंसी प्रक्रिया की गई। उपचार के बाद कमला देवी को दर्द में काफी राहत मिली। कान-जबड़े के दर्द को भी समझा गया था ट्राइजेमिनल न्यूरालजिया अयोध्या की 51 वर्षीय गीता पांडेय के मामले में भी लंबे समय से एक तरफ कान, जबड़े और कनपटी के आसपास दर्द था। ठंड लगने, हल्का स्पर्श होने या कुछ चबाने पर दर्द बढ़ जाता था। पहले इसे भी ट्राइजेमिनल न्यूरालजिया मानकर उपचार किया गया, लेकिन अपेक्षित राहत नहीं मिली। एसजीपीजीआई में दोबारा जांच के बाद डॉक्टरों ने इसे ऑरिक्युलोटेम्पोरल न्यूरालजिया से जुड़ा पाया। डॉक्टरों के अनुसार, इसकी जड़ भी गर्दन की नस पर दबाव से जुड़ी थी। इसी दिशा में उपचार करते हुए संबंधित नस पर रेडियोफ्रीक्वेंसी प्रक्रिया की गई। इसके बाद मरीज को लंबे समय तक राहत मिली और वह सामान्य गतिविधियों की ओर लौट सकीं। इलाज के बाद भी दर्द रहे तो दोबारा जांच जरूरी पेन क्लिनिक के प्रोफेसर डॉ. सुजीत गौतम के मुताबिक, चेहरे से जुड़े अलग-अलग प्रकार के न्यूरोपैथिक दर्द के लक्षण कई बार एक जैसे दिखाई देते हैं, जबकि उनकी वजह अलग-अलग नसों में हो सकती है। ऐसे में सही पहचान बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि किसी मरीज का दर्द उपचार के बावजूद बना रहता है, तो उसी उपचार को लगातार दोहराने के बजाय बीमारी के निदान पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए। दांतों के इलाज, पुरानी चोट या गर्दन की नस पर दबाव जैसी वजहें भी चेहरे के दर्द के पीछे हो सकती हैं। 26 सितंबर को दर्द जागरूकता कार्यक्रम एसजीपीजीआई का पेन क्लिनिक 26 सितंबर को क्रॉनिक पेन अवेयरनेस कार्यक्रम आयोजित करेगा। यह कार्यक्रम नवीन ओपीडी के कमरा नंबर 31 और 32 में होगा। आने वाले मरीजों को उनकी समस्या के अनुसार व्यक्तिगत सलाह देने की व्यवस्था भी की गई है। पेन क्लिनिक ओपीडी सोमवार से शुक्रवार सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक और शनिवार सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक डी ब्लॉक, नवीन ओपीडी के कमरा नंबर 31 और 32 में संचालित होती है।
नाबालिग से रेप के दोषी को 20 साल की सजा:70 हजार रुपए जुर्माना लगा, 3 साल बाद आया कोर्ट का फैसला
बिजनौर में विशेष पॉक्सो अदालत ने किशोरी से दुष्कर्म के मामले में आरोपी दाऊद को दोषी करार देते हुए 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कल्पना पांडेय ने आरोपी पर 70 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। मां ने धामपुर थाने में दर्ज कराई थी रिपोर्ट विशेष लोक अभियोजक योगेंद्र कुमार के मुताबिक, एक महिला ने धामपुर थाने में शिकायत देकर बताया था कि उसकी 16 वर्षीय बेटी कक्षा आठ में पढ़ती थी। आरोप था कि दाऊद उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। बेटी से मोबाइल पर बातचीत का था शक महिला ने पुलिस को बताया था कि उसे शक था कि दाऊद और उसकी बेटी मोबाइल पर आपस में बात करते थे। बेटी का पता लगाने के लिए जब वह दाऊद के पिता के पास पहुंची तो आरोप है कि उन्होंने उसे डांटकर वहां से भगा दिया। इसके बाद महिला ने दाऊद के भाई से भी बात की। भाई ने पता लगाकर जानकारी देने की बात कही थी। 7 दिसंबर 2023 को दर्ज हुआ मुकदमा महिला की शिकायत के आधार पर 7 दिसंबर 2023 को धामपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी दाऊद को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने किशोरी को भी बरामद कर उसके बयान न्यायालय में दर्ज कराए। पुलिस ने कोर्ट में दाखिल की चार्जशीट जांच के दौरान पुलिस ने किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के आरोपों में चार्जशीट दाखिल की। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों को अदालत के सामने रखा। कोर्ट ने दोषी मानकर सुनाई सजा साक्ष्यों के आधार पर विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कल्पना पांडेय ने दाऊद को दोषी माना। अदालत ने उसे 20 साल के कारावास और 70 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
अक्टूबर महीने में बिठूर नगर पंचायत में चेयरमैन पद के लिए होने वाले उपचुनाव में नामांकन के अंतिम दिन गुरुवार को प्रत्याशियों ने दमखम दिखाया। बिठूर से भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा के भाई राणा समरेंद्र सिंह को भाजपा ने अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं कांग्रेस ने अपने सिंबल से प्रदीप द्विवेदी को चुनावी मैदान में उतारा है। सपा व बसपा की ओर से किसी भी प्रत्याशी को नहीं उतारा गया है। उपचुनाव में सात प्रत्याशियों ने नामांकन कराया है, जिसमें दो महिलाएं व पांच पुरुष हैं। राजनीतिक पार्टियों में केवल भाजपा व कांग्रेस के प्रत्याशी उतरे हैं। राणा के साथ भाजपा तो प्रदीप के साथ कांग्रेस ग्रामीण भाजपा के प्रत्याशी व पूर्व चेयरमैन के बेटे राणा समरेंद्र सिंह अपनी मां की सल्तनत को बचाने के लिए चुनावी मैदान में डटकर खड़े हैं। वहीं, कांग्रेस से प्रदीप द्विवेदी चेयरमैन पद के लिए पूरी दमखम के साथ मैदान में उतरे हैं। राणा के साथ जहां उनके विधायक और भाजपा पूरी टीम लगी है। वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी के साथ भी कांग्रेस नगर ग्रामीण के कार्यकर्ता चुनाव में विजयी बनाने के लिए लगे हैं। 29 सितंबर को दिया जाएगा चुनावी चिन्ह नामांकन पत्रों की संवीक्षा 25 सितम्बर को होगी। नाम वापस लेने की कार्यवाही 28 सितम्बर तक की जाएगी। अभ्यर्थियों को 29 सितंबर तक चुनाव चिन्ह दिया जाएगा। इसके बाद उपचुनाव के लिए मतदान 13 अक्टूबर को व मतगणना 15 अक्टूबर को होगी। 22 जून को चेयरमैन का हुआ था निधन 22 जून को नगर पंचायत बिठूर की लगातार पांच बार की चेयरमैन व अध्यक्ष डॉ. निर्मला सिंह के निधन के बाद से यह पद खाली है। यह बिठूर विधानसभा से भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा की मां थी। अब इनके बड़े बेटे राणा समरेंद्र सिंह चुनावी मैदान में हैं।
शिवपुरी जिले के बदरवास में सरकारी चावल के कथित अवैध भंडारण और परिवहन के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई की है। टीम ने रियांशी ट्रेडिंग कंपनी के गोदाम से करीब 300 क्विंटल सरकारी चावल जब्त किया। प्रशासन के मुताबिक, चावल को ट्रक में भरकर ले जाने की तैयारी थी। गोदाम को सील कर दिया गया। चावल से भरे ट्रक को भी जब्त कर बदरवास थाना पुलिस की निगरानी में रखवाया गया है। तहसीलदार सचिन भार्गव, जिला आपूर्ति अधिकारी तुलेश्वर कुर्रे, सहायक आपूर्ति अधिकारी जसराम जाटव और जयदीप सिंह लोधी तथा कृषि उपज मंडी सचिव नरेंद्र जाटव की टीम ने रियांशी ट्रेडिंग कंपनी के गोदाम पर जांच की। जांच के दौरान गोदाम में सरकारी चावल मिला। प्रशासन ने कंपनी के संचालक सचिन मंगल पिता ब्रजेश मंगल के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। ट्रक चालक समेत दो पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कार्रवाई के दौरान शांति भंग की आशंका के चलते ट्रक चालक हेमराज गुर्जर और मुकेश गुर्जर के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। दोनों को जेल भेजा गया। आटा मिल में भी मिला 8 क्विंटल चावल प्रशासनिक टीम ने स्टेशन रोड स्थित जय गुरुदेव आटा मिल का भी निरीक्षण किया। यहां करीब 8 क्विंटल सरकारी चावल मिला। टीम ने खाद्यान्न जब्त कर उसके सैंपल लिए हैं। संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। कलेक्टर बोले- सरकारी राशन की हेराफेरी बर्दाश्त नहीं कलेक्टर अर्पित वर्मा ने कहा कि सरकारी राशन जरूरतमंद लोगों के लिए होता है। इसके अवैध भंडारण, हेराफेरी या परिवहन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी राशन की कालाबाजारी में वाहन का इस्तेमाल पाए जाने पर वाहन जब्त करने के साथ संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
चित्तौड़गढ़ पंचायत समिति में तीन दशक में ग्राम पंचायतों की संख्या 39 से बढ़कर 53 हो गई है। 1994 में जहां 39 ग्राम पंचायतें थीं, वहीं 2019 में संख्या 40 हुई और परिसीमन के बाद 2026 में 13 नई पंचायतें जुड़ने से यह आंकड़ा 53 पहुंच गया। इसी के साथ सरपंच पदों के आरक्षण का स्वरूप भी बदला है। इस बार 26 ग्राम पंचायतों में महिला सरपंच होंगी, जबकि 9 सीटें एससी, 7 एसटी, 10 ओबीसी और 27 अनारक्षित वर्ग के लिए तय हुई हैं। यानी पंचायतों की बढ़ती संख्या के साथ गांवों में नेतृत्व और चुनावी समीकरण भी बदले हैं। नई पंचायतों ने बदल दिया गांवों का राजनीतिक नक्शा परिसीमन के बाद बनी नई ग्राम पंचायतों में आछोड़ा, बल्दरखां, बावड़ीखेड़ा, बोजुन्दा, डगलां का खेड़ा, दौलतपुरा, गणेशपुरा, लालजी का खेड़ा, पुरोहितों का सांवता, सिन्दवड़ी, सिरोड़ी, सोकिया और ठीकरिया शामिल हैं। इन पंचायतों के गठन से कई गांवों की सीमाएं बदली हैं। इसका सबसे बड़ा असर स्थानीय नेताओं पर पड़ेगा। पहले जो नेता एक बड़ी पंचायत में चुनाव लड़ते थे, अब उन्हें नए क्षेत्र और नए मतदाताओं के बीच अपनी पहचान बनानी होगी। कई जगह पुराने समीकरण टूटेंगे तो कई जगह पहली बार नए चेहरे सरपंच बनने का मौका पाएंगे। यही वजह है कि इस बार पंचायत चुनाव में परिसीमन सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा माना जा रहा है। महिला नेतृत्व पहले से कहीं ज्यादा मजबूत पिछले 32 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो पंचायत चुनाव में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ी है। साल 1994, 1999 और 2004 में सिर्फ 13 ग्राम पंचायतों में महिला सरपंच चुनी जाती थीं। साल 2009 में यह संख्या बढ़कर 21 हो गई। साल 2014 में 19 और 2019 में 20 महिला सीटें रहीं। अब 2026 में 53 ग्राम पंचायतों में से 26 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। यानी लगभग आधी पंचायतों का नेतृत्व महिलाओं के हाथ में होगा। यह बदलाव सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है। पिछले कुछ चुनावों में महिला सरपंचों की सक्रिय भूमिका बढ़ी है और अब गांवों की राजनीति में उनका प्रभाव पहले से कहीं ज्यादा दिखाई देने लगा है। आरक्षण का गणित भी समय के साथ बदला सरपंच पदों का आरक्षण भी हर चुनाव के साथ बदलता रहा है। साल 1994, 1999 और 2004 के चुनाव साल 1991 की जनगणना के आधार पर हुए थे। साल 2009 में पहली बार साल 2001 की जनगणना के अनुसार आरक्षण तय किया गया। इसके बाद 2014, 2019 और अब 2026 में साल 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों का आरक्षण किया गया है। इस बार अनुसूचित जाति के लिए 9, अनुसूचित जनजाति के लिए 7, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 10 और 27 पद अनारक्षित रखे गए हैं। महिलाओं के लिए कुल 26 सीटें आरक्षित हैं। जनसंख्या और पंचायतों की संख्या बढ़ने के साथ आरक्षण का स्वरूप भी बदलता गया है। चुनाव की राजनीति अब नए दौर में इस बार का पंचायत चुनाव पिछले चुनावों से कई मायनों में अलग रहेगा। एक तरफ नई ग्राम पंचायतें बनी हैं, दूसरी तरफ कई पंचायतों का आरक्षण बदल गया है। ऐसे में पुराने सरपंचों और दावेदारों को नई रणनीति बनानी होगी। कई पंचायतों में पहली बार नए परिवारों और नए चेहरों को मौका मिलेगा। राजनीतिक दल भले पंचायत चुनाव पार्टी चिन्ह पर नहीं लड़ते, लेकिन गांवों में उनके समर्थित उम्मीदवारों के बीच मुकाबला रहता है। ऐसे में परिसीमन, बढ़ी पंचायतें और बदला आरक्षण इस चुनाव के प्रमुख राजनीतिक फैक्टर बनकर सामने आए हैं। आने वाले दिनों में नामांकन के साथ इन बदलावों का असर गांव-गांव की चुनावी तस्वीर में साफ दिखाई देगा।
शाजापुर में प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के मकसद से राजस्व विभाग, पुलिस और नगर पालिका की एक टीम ने दूसरे दिन गुरुवार को भी कार्रवाई की। यह कार्रवाई शहरी हाईवे और कई मुख्य इलाकों में की गई। शाजापुर शहर को सुगम और अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए प्रशासन का अभियान जारी है। टीम ने शहरी हाईवे पर अवैध गुमटियां, ठेले और दुकानों के बाहर रखा सामान जब्त किया। रास्ते में रुकावट बन रहे अवैध कब्जों को मौके से हटाया गया। प्रशासन ने स्कूल और कॉलेजों के आसपास के माहौल को सुधारने पर भी ध्यान दिया है। शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू और धूम्रपान सामग्री बेचने वालों पर एसडीएम ने मौके पर ही चालानी कार्रवाई की। इस दौरान 4400 रुपए के गुटखा पाउच जब्त किए गए। यह कार्रवाई शाम 7.30 बजे तक चली। इस अभियान में 6 से ज्यादा गुमटियां भी हटाई गईं। मुहिम लगातार जारी रहेगी एसडीएम मनीषा वास्कले ने बताया कि शाजापुर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए यह खास अभियान चलाया जा रहा है। इसमें शहरी हाईवे और शहर के अंदरूनी इलाकों में किए गए अवैध अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मुहिम लगातार जारी रहेगी। इसके साथ ही, स्कूलों और कॉलेजों के पास धूम्रपान सामग्री बेच रहे दुकानदारों पर भी कार्रवाई की गई। इस दौरान 4400 रुपए के गुटखा पाउच बरामद किए गए।
सीतापुर के पिसावां विकासखंड के कचूरा गांव स्थित संविलियन विद्यालय में गुरुवार का दिन बच्चों के लिए खास बन गया। रोज की तरह कक्षाएं चल रही थीं, लेकिन अचानक विद्यालय परिसर में विधायक शशांक त्रिवेदी के पहुंचते ही माहौल में उत्साह आ गया। विधायक बच्चों के बीच पहुंचे तो औपचारिकताओं से दूर सीधे उनसे बातचीत करने लगे। विधायक ने बच्चों को गणित के सवाल समझाए कक्षा में पहुंचे विधायक ने जब हाथ में चॉक उठाकर ब्लैकबोर्ड संभाला, तो बच्चे भी पूरे उत्साह के साथ उनके सामने बैठ गए। उन्होंने बच्चों को गणित के सवाल समझाए और पढ़ाई को लेकर सवाल-जवाब भी किए। इसके बाद बच्चों से कविताएं सुनीं और उनकी प्रतिभा व आत्मविश्वास की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया। विधायक का यह अंदाज विद्यालय में चर्चा का विषय बना रहा। विद्यालय में मीना मंच का जन्मदिन भी उत्साह के साथ मनाया गया। विधायक ने बच्चों के साथ केक काटा। इस मौके पर बच्चों के लिए खीर और दाल-चावल का विशेष भोजन तैयार किया गया। कार्यक्रम में बच्चों की खुशी देखते ही बन रही थी। विद्यालय निर्माण के लिए ₹5 लाख देने की घोषणा कार्यक्रम के दौरान विधायक शशांक त्रिवेदी ने विद्यालय भवन के निर्माण और मरम्मत के लिए अपनी विधायक निधि से ₹5 लाख देने की घोषणा की। इस घोषणा के बाद विद्यालय स्टाफ और मौजूद लोगों ने खुशी जताई। विद्यालय परिवार को उम्मीद है कि इससे स्कूल की बुनियादी सुविधाओं को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। विद्यालय में कुल 381 बच्चे पंजीकृत हैं, जिनमें गुरुवार को 269 बच्चे उपस्थित रहे। बच्चों ने पूरे कार्यक्रम में उत्साह के साथ भाग लिया। विद्यालय में पढ़ाई के साथ उत्सव कार्यक्रम में प्रधानाचार्य अनुराग अवस्थी, शिक्षक गरिमा मिश्रा, मोहम्मद कामरान, रेखा मिश्रा, वंदना, दीपक बाजपेई, नीतू सिंह तोमर, अर्चना मिश्रा, पारुल प्रजापति, अनुदेशक अनुराग, समाजसेवी राजेश सिंह तोमर और कोटेदार ओंमकार सिंह चौहान सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ व स्थानीय लोग मौजूद रहे। कचूरा विद्यालय में गुरुवार को पढ़ाई के साथ उत्सव, संवाद और बच्चों के उत्साह का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने स्कूल के इस दिन को सामान्य कक्षा से एक यादगार आयोजन में बदल दिया।
लखनऊ में हजरतगंज चौराहे पर गुरुवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए काकोरी क्षेत्र में युवती अपहरण के मामले में कार्रवाई की मांग किया । साथ ही विश्वविद्यालय में सक्रिय रहे आलोक मिश्रा, प्रभात सिंह, मार्तण्ड सिंह, आकाश देव पाण्डेय, शक्ति दुबे, विनय सिंह समेत 15-20 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में कार्रवाई की मांग उठाई। निष्पक्ष कार्रवाई कि मांग प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि संबंधित लोगों ने असलहा दिखाकर शिकायतकर्ता और उसके साथियों को धमकाया। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत अन्य गंभीर मामलों में कार्रवाई करने की मांग की। संगठन ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी उठाए सवाल । बजरंग दल के जिला सह संयोजक अनुज शर्मा ने आरोप लगाया कि चाइना बाजार चौकी इंचार्ज ने उनके साथ गाली-गलौज और अभद्रता की। प्रदर्शनकारियों ने चौकी इंचार्ज के खिलाफ भी जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस पर लगे गंभीर आरोप अनुज शर्मा ने कहा कि एक पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए मजबूर होकर उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं से जुड़े मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की बात करती है। लेकिन पुलिस की कार्यप्रणाली इससे अलग नजर आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय शिकायत और विरोध करने वालों के साथ अभद्रता की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की।
मथुरा के छाता थाना क्षेत्र के गांव उमराया में बुधवार की आधी रात को चावल खाने के बाद 3 युवतियों की हालत बिगड़ गई। गंभीर रूप से बीमार हुई युवतियों को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां गुरुवार की देर शाम इलाज के दौरान 2 बहनों की मौत हो गई जबकि एक की हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं परिजनों का आरोप है कि पड़ोसी ने कोल्ड ड्रिंक में जहर देकर लड़कियों की हत्या की है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम हाउस भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी। चावल और कोल्ड ड्रिंक का किया सेवन छाता कोतवाली के उमराया गांव निवासी गुलाब सिंह की बेटियां 17 वर्षीय मुस्कान और 19 वर्षीय अरवाना बुधवार की रात अपने घर की छत पर थीं। युवतियों के पिता गुलाब का आरोप है कि आधी रात के समय पड़ोस में रहने वाले पप्पू की बेटी नगमा (15) चावल और कोल्ड ड्रिंक लेकर उनकी बेटियों के पास छत पर आई। उन्होंने चावल और कोल्ड ड्रिंक का सेवन किया, जिसके कुछ ही देर बाद अचानक तीनों की तबीयत बिगड़ने लगी और वे अचेत होने लगीं। परिजनों ने कराया अस्पताल में भर्ती युवतियों की हालत बिगड़ने पर परिजन आनन-फानन में मुस्कान और अरवाना को पहले कोसीकलां के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें रेफर कर दिया। इसके बाद दोनों बहनों को केडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान गुरुवार शाम को दोनों की मौत हो गई। वहीं, दूसरी ओर नगमा के परिजन उसे पहले एसकेएस अस्पताल ले गए थे, लेकिन बाद उसे भी केडी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। 20 साल से है रंजिश मृतकाओं के पिता गुलाब ने बताया कि पप्पू के साथ उनका पिछले 20 वर्षों से खेती की जमीन को लेकर विवाद था। इस दौरान पप्पू ने पत्नी के साथ मारपीट की जिसकी बजह से अभी तक उसकी 2 हड्डी टूटी थीं। गुलाब ने बताया कि 2017 में पप्पू होमगार्ड था उस दौरान चोरी भी की थी। इसके बाबजूद कुछ नहीं कहा। गुलाब ने बताया कि पप्पू उनके चाचा का बेटा है। गुलाब ने बताया कि उसने षड्यंत्र कर इस घटना की अंजाम दिया है। जांच में जुटी पुलिस मामले की जानकारी मिलते ही छाता पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अब इस मामले में यह पता करने की कोशिश कर रही है कि युवतियों की हत्या की गई है या फिर खाने में कोई विषाक्त पदार्थ मिलने से उनकी मौत हुई है। पुलिस फिलहाल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

