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Satya Niketan हादसे में AAP नेता Saurabh Bhardwaj का गंभीर आरोप, बचाव कार्य में Mobile Jammers का हुआ इस्तेमाल

आम आदमी पार्टी (AAP) ने आरोप लगाया है कि सत्य निकेतन में गिरी बिल्डिंग वाली जगह पर मोबाइल फ़ोन जैमर लगाया गया था, ताकि वहाँ फँसे छात्र और स्थानीय लोग घटना की जानकारी बाहर न दे पाएँ और हताहतों की संख्या छिपाई जा सके। मंगलवार को ANI से बात करते हुए दिल्ली AAP के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा, जब मोबाइल सिग्नल ही जैम कर दिए गए हों, तो मलबे के बीच फँसा कोई व्यक्ति मदद के लिए कैसे कॉल करेगा? सत्य निकेतन में PG छात्रों की बिल्डिंग पर मोबाइल जैमर लगाने का आदेश किसने दिया? दिल्ली के बीचों-बीच पहुँचने में NDRF को 2-3 घंटे क्यों लगे? सरकारी एम्बुलेंस दो घंटे देरी से क्यों आईं? क्या दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र इस मामले को उठाएँगे? उन्होंने आरोप लगाया, अक्सर बिल्डिंग गिरने जैसी घटनाओं में देखा जाता है कि मलबे के नीचे फँसे लोग अपने रिश्तेदारों को कॉल करते हैं, अपनी लोकेशन बताते हैं और मदद माँगते हैं। लेकिन सत्य निकेतन हादसे की चौंकाने वाली बात यह है कि प्रशासन का पहला कदम मोबाइल सिग्नल जैम करना था। वहाँ जैमर लगाए गए थे, जिसकी वजह से न तो स्थानीय निवासी एम्बुलेंस बुला पाए या मदद माँग पाए, और न ही मलबे के नीचे फँसा कोई व्यक्ति किसी से संपर्क कर पाया। इसे भी पढ़ें: Satya Niketan PG हादसे पर AAP का बड़ा आरोप: BJP नेता हैं PG माफिया के असली मालिक आप की दिल्ली यूनिट के प्रमुख ने आगे कहा, घटना के दो घंटे बाद प्रशासन की एम्बुलेंस पहुंची, जबकि मौके पर पहुंचने वाली पहली एम्बुलेंस एक प्राइवेट 'ब्लिंकइट' (Blinkit) एम्बुलेंस थी। राहत और बचाव कार्य भी लगभग दो से ढाई घंटे की देरी से शुरू हुए, जबकि NDRF की टीम तीन घंटे की देरी से पहुंची। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। X पर दिल्ली पुलिस के आधिकारिक हैंडल से किए गए एक पोस्ट में कहा गया है, सत्य निकेतन में बचाव कार्य वाली जगह पर मोबाइल जैमर होने की अफवाहें पूरी तरह से झूठी हैं। जब दिल्ली पुलिस के स्पष्टीकरण के बारे में पूछा गया, तो सौरभ भारद्वाज ने कहा, दिल्ली पुलिस झूठ बोल रही है। मैं वहां सैकड़ों लोगों के साथ मौजूद था। दिल्ली पुलिस के अधिकारी आएं, और कमिश्नर व रेखा गुप्ता हमारे साथ सत्य निकेतन चलें। घटना के बाद वहां फोन काम नहीं कर रहे थे। बिना सही प्रक्रिया का पालन किए, आपदा वाली जगह पर कनेक्शन को गैर-कानूनी तरीके से जाम कर दिया गया था। इसे भी पढ़ें: AAP National Council Meeting: अरविंद केजरीवाल की नई टीम का आगाज, PAC में बड़े बदलाव की तैयारी हादसों में, लोग कभी-कभी मलबे के अंदर ज़िंदा बच जाते हैं और मदद या बचाव के लिए फ़ोन कर सकते हैं। लेकिन बीजेपी सरकार ने जैमर लगाकर यह रास्ता भी बंद कर दिया। ऐसा सिर्फ़ इसलिए किया गया ताकि मलबे में फँसे बच्चे अपने जानने वालों को फ़ोन न कर पाएँ और बाहरी दुनिया को यह पता न चले कि असल में कितने लोग फँसे हुए हैं। यह कितनी बेरहम सरकार है। आज लोग दिल्ली पुलिस से नफ़रत करते हैं।

प्रभासाक्षी 8 Sep 2026 5:05 pm

अचानक आई बारिश और पास में नहीं है Umbrella? सुरक्षित रहने और Mobile-Electronic सामान बचाने के 3 Smart Tips

अभी भी दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में बारिश का मौसम है। जब हम घर से निकलते हैं, तो अक्सर आधे रास्ते में बारिश शुरु हो जाती है। तब याद आता है कि छाता हम घर पर ही भूल गए। ऐसे में घर तो छाता लेने जा नहीं सकते। बारिश से बचने के लिए हम कहीं न कहीं एक जगह पर रुक जाते हैं। जब हम ऑफिस,कॉलेज या किसी जरुरी काम से निकले हैं, तो वापस लौटना भी आसान नहीं होता है, लेकिन ऐसा स्थिति में टेंशन न लें। बारिश में बिना छाते के बचने के 3 आसान तरीके यदि आपके पास छाता नहीं है, तो आप इन आसान तरीकों से खुद को और अपने सामान को बारिश से बच सकते हैं। आइए आपको इस लेख में बताते हैं ऐसी 3 आसान ट्रिक्स, जो आपको अचानक आने वाली बारिश में काम आ सकती है। किसी ढकी हुई जगह पर रुकें अचानक से बरसात शुरु हो गई है और आपके पास छाता न हो, तो आप किसी शेड वाली जगह पर खड़ी हो जाएं। वरना बारिश में कपड़े गीले हो जाएंगे। ऐसे में आप किसी दुकान के शेड, बस स्टॉप, मेट्रो स्टेशन के गेट या पेट्रोल पंप पर शेड की नीचे आराम से खड़े हो सकते हैं। यदि आपको अपनी जगह पर पहुंचना होगा कि बाहर निकलर चलने के स्थान पर एक शेड से दूसरे शेड तक धीरे-धीरे आगे बढ़ सकते हैं। कुछ समय में बारिश हल्की हो जाती है। बारिश से बैग को ऐसे बचाएं यदि आपके पास बैग है और बारिश अचानक से होने लगी है, तो आप बैग को कुछ समय के लिए आगे की तरफ करके पकड़ सकती हैं। ऐसा करने से शरीर का सामने वाला हिस्सा नहीं भीगेगा और तब तक बारिश भी कम धीरे हो सकती है, लेकिन यहां सबसे जरुरी है कि बैग के अंदर रखे सामान को बचा सकते हैं। वहीं, मोबाइल, वॉलेट, जरुरी कागज या कोई इलेक्ट्रॉनिक सामान के किसी प्लास्टिक बैग, पॉलीथिन या वाटरप्रूफ पाउच में रखकर ही निकलें। इससे यदि बैग बाहर से गीला हो जाए फिर भी अंदर रखा जरुरी सामान बचा रहेगा। तेज बारिश में भागे नहीं जब अचानक से बारिश शुरु हो जाए, तो लोग तेजी से भागने लगते हैं, लेकिन रास्ते में पानी जमा है, तो इससे आपको परेशानी हो सकती है। इससे आप पर पानी के छींटे पड़ेंगे और आप फिसल भी सकते हैं। भूलकर भी भागें नहीं। रास्ते में जहां पानी जमा हो, वहां से दूरी बनाकर ही चलें। अचानक बारिश आए तो इन छोटी बातों का भी रखें ध्यान - मोबाइल और जरुर कागजों को प्लास्टिक या वाटरप्रूफ पाउच में रख लें। - बैग को बारिश में बचाने की कोशिश जरुर करें। - अगर सड़क में पानी भरा है, तो तेज भागने से बचें। - गाड़ियों के बहुत पास चलने से बचें।

प्रभासाक्षी 29 Aug 2026 11:06 am