गौतमबुद्धनगर की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अदालत ने स्क्रैप माफिया रवि काना को बी-वारंट के बावजूद बांदा जिला कारागार से रिहा किए जाने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए बांदा जेल अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि जेल अधीक्षक 6 फरवरी तक अपना स्पष्ट जवाब दाखिल करें। यह मामला वर्ष 2026 में दर्ज एक मुकदमे से जुड़ा है। आरोपी रविंद्र उर्फ रवि नागर उर्फ रवि काना के खिलाफ नोएडा के थाना सेक्टर-63 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की तीन धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। आरोपी पहले से ही एक अन्य मामले में बांदा जिला कारागार में बंद था। पेशी के लिए जारी हुआ था बी-वारंट नोएडा पुलिस ने आरोपी को सेक्टर-63 के मामले में अदालत में पेश कराने के लिए बी-वारंट जारी कराया था। बी-वारंट का मतलब होता है कि आरोपी को हर हाल में अदालत के सामने प्रस्तुत किया जाए। आदेश के अनुसार 29 जनवरी 2026 को आरोपी को बी-वारंट के जरिए अदालत में पेश किया गया। शाम को कर दी गई रिहाई अदालत के रिकॉर्ड के मुताबिक, 29 जनवरी को पेशी के बाद शाम 6 बजकर 39 मिनट पर रवि काना को बांदा जिला कारागार से रिहा कर दिया गया। जबकि नोएडा के मामले में उसके खिलाफ न्यायिक कार्यवाही जारी थी और कोई स्पष्ट रिहाई आदेश मौजूद नहीं था। कोर्ट बोली- यह गंभीर चूक सीजेएम अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जेल प्रशासन को यह जानकारी थी कि आरोपी नोएडा के मामले में बी-वारंट पर तलब किया गया है। इसके बावजूद उसे किन परिस्थितियों में और किस आधार पर रिहा किया गया, यह समझ से परे है। न्यायालय ने कहा कि जब रिमांड की प्रक्रिया चल रही थी और कोर्ट से कोई रिहाई आदेश नहीं मिला था, तब आरोपी को छोड़ना गंभीर प्रशासनिक चूक मानी जाएगी। जेल अधीक्षक ने क्या दिया पक्ष इस मामले में बांदा जेल अधीक्षक अनिल कुमार गौतम ने बताया कि रवि काना के खिलाफ 20 से अधिक मुकदमे थे, जिनमें सभी के रिहाई आदेश प्राप्त हो चुके थे। अंतिम मामले में 28 जनवरी की सुबह करीब 7:15 बजे रिहाई आदेश जारी हुआ था। दूसरे जिले से आए रिहाई आदेश की रेडियोग्राम से पुष्टि न होने के कारण आरोपी को निरुद्ध रखा गया। निर्देश न मिलने पर की गई रूटीन रिहाई जेल अधीक्षक के अनुसार, 29 जनवरी को बी-वारंट के तहत आरोपी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी कराई गई। कोर्ट से शाम 5 बजे तक किसी तरह का कस्टडी वारंट या आगे का निर्देश नहीं मिला। साढ़े 6 बजे तक भी कोई मेल आदेश नहीं आया। ऐसे में वैध निरुद्ध आदेश न होने के कारण रूटीन प्रक्रिया के तहत आरोपी को रिहा कर दिया गया। बाद में मिला कस्टडी वारंट जेल प्रशासन का कहना है कि कस्टडी वारंट शाम करीब पौने 8 बजे जेल की मेल आईडी पर प्राप्त हुआ, तब तक आरोपी को रिहा किया जा चुका था। इसके बाद इस पूरी स्थिति से न्यायालय को अवगत कराया गया। अदालत ने वस्तुस्थिति स्पष्ट करने के लिए जेल अधीक्षक से विस्तृत आख्या मांगी है, जिसे 6 फरवरी तक दाखिल किया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा के सदल्लापुर गांव में एक दंपति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जबकि उनके तीन बच्चे गंभीर रूप से बीमार हो गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पूरे परिवार ने बुधवार रात दाल-चावल खाए थे, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। यह घटना ईकोटेक थर्ड थाना क्षेत्र की है। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती दंपति की बड़ी बेटी वैष्णवी ने पुलिस को बताया कि खाना खाने के कुछ देर बाद सभी को उल्टियां होने लगीं। सुबह जब उसे होश आया, तो उसने अपने माता-पिता को जमीन पर पड़ा देखा। सबसे छोटी बेटी लाडो ने मोबाइल फोन लेकर पड़ोसी रामशंकर को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। एडिशनल डीसीपी सेंट्रल जोन नोएडा संतोष कुमार ने बताया कि श्रवण कुमार का शव मकान के पीछे बने कमरे में फर्श पर मिला। उनकी गर्भवती पत्नी नीलम का शव बाहर गैलरी में सीढ़ियों के पास पड़ा था। नीलम के पैरों में चप्पल होने से यह आशंका जताई जा रही है कि उन्होंने बाहर निकलने की कोशिश की थी। तीनों बच्चे कमरे के बेड पर बेहोशी की हालत में मिले थे। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण दिल्ली रेफर कर दिया गया। अब उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटनास्थल से किसी जहरीले पदार्थ का रैपर या शीशी नहीं मिली है। उल्टी के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अभी तक यह स्पष्ट नही हुआ है कि दंपति ने किस तरह के जहरीले पदार्थ का सेवन किया था और वह किस प्रकार का जहर था और उनके शरीर में कैसे पहुंचा इस बारे में पीएम रिपोर्ट कोई स्पष्ट कारण नहीं बता सकी है। इसके कारण पुलिस ने दंपति का बिशरा सुरक्षित कर लिया है। इसके साथ ही उल्टी के नमूने भी जांच के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। इन सभी नमूनों को गाजियाबाद लैब भेजा गया है ताकि असली तरीके से मौत की असली वजह सामने आ सके। एडिशनल डीसीपी संतोष कुमार ने यह भी बताया की जांच में एक और हम बात सामने आई है की घटना स्थल से ना तो कोई सुसाइड नोट बरामद हुआ है और ना ही किसी भी तरह की कोई जहर की शीशी रैपर यह जहरीली दवा मिली है इसी कारण से पुलिस इस मामले को संदिग्ध मानकर चल रही है।पुलिस का यह भी कहना है कि आसपास किसी भी तरह का कोई सीसीटीवी नहीं होने के कारण अब यह अंदेशा लगाना बेहद कठिन हो गया है कि पूरे दिन में कौन-कौन उसे घर में आए थे और रात में क्या-क्या हुआ था इन सभी सवालों का जवाब ढूंढने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। उल्टी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं जिनसे असली वजह पता चल पाएगी।
ग्रेटर नोएडा में महिला यूट्यूबर से छेड़छाड़ और पीछा करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि दिल्ली के डीएनडी फ्लाईओवर से लेकर ग्रेटर नोएडा के परी चौक तक करीब 27 किलोमीटर तक कार सवार युवकों ने उसका पीछा किया। इस दौरान अश्लील इशारे किए। महिला ने फोन करके पति को सूचना दी। घर थोड़ी दूर पर होने के चलते पति मौके पर पहुंचा गया। पुलिस को फोन किया। सूचना मिलने पर नॉलेज पार्क थाना पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों पक्षों से बातचीत की। महिला ने शिकायत करने से मना कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों को समझाकर छोड़ दिया। पति ने सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी शेयर किया है। जिसमें घटना की जानकारी दी है। महिला के सोशल मीडिया पर करीब 5 लाख फॉलोवर्स हैं। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला 27 जनवरी को बीएमडब्ल्यू कार से लौट रही थी महिला के पति लखन ने बताया- 27 जनवरी को उनकी पत्नी नीतू बिष्ट दिल्ली से ग्रेटर नोएडा स्थित अपने घर बीएमडब्ल्यू कार से लौट रही थीं। डीएनडी फ्लाईओवर के पास एक अन्य कार में सवार कुछ युवकों ने उनकी गाड़ी का पीछा करना शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि रास्ते में कई बार पत्नी की कार को ओवरटेक करने की कोशिश की गई और अभद्र इशारे भी किए गए। महिला ने डर कर पति को फोन किया यह सिलसिला परी चौक तक जारी रहा, जिससे वह काफी डर गईं। घबराकर उसने मुझे फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। उस समय उनका घर करीब 15 मिनट की दूरी पर था। सूचना मिलते ही वह तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस को सूचित किया। नॉलेज पार्क थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आरोपियों को चेतावनी देकर छोड़ा लखन के मुताबिक पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत की। पुलिस कार्रवाई चाहती थी। वह आरोपियों को जेल भेजना चाहती थी लेकिन लखन और उनकी पत्नी ने मना कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों को चेतावनी देकर छोड़ दिया। ये पढ़ें - अयोध्या जेल की दीवार तोड़कर 2 कैदी भागे:स्पेशल सेल में बंद थे, रातभर में 30 ईंट उखाड़ी; जेलर समेत 7 सस्पेंड अयोध्या जिला जेल से दो कैदी दीवार तोड़कर फरार हो गए। दोनों स्पेशल सेल में बंद थे। दोनों ने रातभर में सेल की पीछे की दीवार की 25-30 ईंटें उखाड़ीं। भागकर जेल की बाउंड्री वॉल तक गए। फिर कंबल और मफलर से रस्सी बनाकर 20 फीट ऊंची दीवार फांद गए। कैदियों के भागने की खबर लगते ही हड़कंप मच गया। आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। फरार कैदियों की पहचान गोलू अग्रहरि उर्फ सूरज और शेर अली उर्फ रफीक अली के रूप में हुई है। गोलू अमेठी और रफीक सुलतानपुर का रहने वाला है। दोनों हत्या और रेप के आरोप में बंद थे। पढ़िए पूरी खबर...
ट्रैफिककर्मी को बोनट पर 500 मीटर तक घसीटा:ग्रेटर नोएडा में घटना, आरोपी ड्राइवर की तलाश में पुलिस
ग्रेटर नोएडा में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक कार चालक ने यातायात पुलिसकर्मी को टक्कर मारकर अपनी गाड़ी के बोनट पर करीब 500 मीटर तक घसीटा। यह घटना बुधवार दोपहर बीटा टू थाना क्षेत्र के पी 3 गोल चक्कर पर हुई। यातायात पुलिसकर्मी गुरमीत अपनी ड्यूटी पर तैनात थे, जहां वाहनों का दबाव अधिक होने के कारण यातायात को नियंत्रित किया जा रहा था। इसी दौरान एक लाल रंग की हुंडई कार तेज रफ्तार से आई। पुलिसकर्मी गुरमीत और अन्य यातायात कर्मियों ने कार को रोकने का इशारा किया, लेकिन ड्राइवर ने गाली-गलौज करते हुए कहा कि वह जल्दी में है और रुकेगा नहीं। जब गुरमीत ने उसे रोकने की कोशिश की, तो उसे टक्कर मार दी। टक्कर लगने से यातायातकर्मी गुरमीत गाड़ी के बोनट पर गिर गए। कार ड्राइवर उन्हें बोनट पर ही 400 से 500 मीटर तक घसीटता रहा, इस दौरान गुरमीत चिल्लाते रहे। लगभग 500 मीटर आगे जाकर चालक रुका, गुरमीत को बोनट से नीचे फेंका और गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गया। इस घटना में पुलिसकर्मी गुरमीत को चोटें आई हैं। उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर गाड़ी नंबर के जरिए अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब कार नंबर के आधार पर आरोपी ड्राइवर की तलाश कर रही है।
ग्रेटर नोएडा में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने 16वीं मंजिल से कूदकर सुसाइड कर लिया। सॉफ्टवेयर इंजीनियर शराब के नशे में था। पहले पत्नी से झगड़ा किया। इसके बाद साली को चाकू मार दी। फिर कूदकर 16वें फ्लोर से नीचे कूद गया। पत्नी का कहना है कि वह 6 महीने से बेरोजगार था। वह दिन-रात शराब पीता था। इसके बाद घर में लड़ाई-झगड़ा करता था। आज भी शराब पीकर लड़ाई कर था। लड़ाई करते-करते उसने बालकनी से नीचे छलांग लगा दी। पूरा घटना पैरामाउंट इमोशंस सोसाइटी के टॉवर नंबर-सी में मंगलवार शाम को हुई। अब जानिए पूरा मामला... बेरोजगार होने के चलते तनाव थे मूलरूप से पटना (बिहार) के रहने वाले शत्रुघ्न सिन्हा (38) एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे। वह अपनी पत्नी के साथ टॉवर नंबर-सी में 16वें फ्लोर पर रहते थे। पत्नी गुलशन राठौर (34) ने बताया कि शत्रुघ्न सिन्हा पिछले 6 महीने से बेरोजगार थे। नौकरी न होने के चलते वह तनाव में थे। पत्नी गुलशन राठौर ने कहा- मैं भी एक आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हूं। मैं अपनी सैलरी से पूरे घर का खर्च चला रही थी। फ्लैट भी किराये पर ले रखा है। इसका किराया भी मैं ही दे रही हूं। फ्लैट का दरवाजा बंद कर बालकनी से छलांग लगाई गुलशन ने कहा- खर्च उठाने के बाद भी शत्रुघ्न आए दिन शराब के नशे में विवाद करता था। आज भी उसने शराब पी रखी थी। पहले मुझसे लड़ाई की। इसके बाद मुझे मारपीट करने की कोशिश की। जब मेरी बहन बीच-बचाव करने लगी तो उसे चाकू मार दिया। गुलशन ने बताया कि मैंने पुलिस को सूचना दी। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही शत्रुघ्न ने फ्लैट का दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद खुद बालकनी में जाकर छलांग लगा दी। मेरे चिल्लाने पर आसपास के लोगों ने दरवाजा खोला। हम शत्रुघ्न को यथार्थ अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बिसरख थाना पुलिस ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शत्रुघ्न सिन्हा ने पैरामाउंट सोसाइटी के टॉवर नंबर-सी में अपने फ्लैट की 16वीं मंजिल की बालकनी से छलांग लगाई थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजन मौके पर मौजूद हैं और आगे की आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।------------- ये खबर भी पढ़ें मंगेतर के 3 टुकड़े करने वाला हंसते हुए जेल गया:रामपुर में पिता समेत 6 दोषियों को उम्रकैद; फार्म हाउस में दफनाया था रामपुर के पायल हत्याकांड में उसके मंगेतर जहांगीर समेत 6 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। सजा सुनाए जाने के बाद भी सभी दोषी हंसते हुए पुलिस की गाड़ी में बैठे। इसका वीडियो भी सामने आया है। इसमें मंगेतर जहांगीर का पिता ताहिर हाथ हिलाते दिख रहा है। पढ़ें पूरी खबर....
राजस्थान के दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर आगे चल रहे ट्रक में तेज रफ्तार कार घुस गई। हादसे में कार सवार नोएडा के चार श्रद्धालुओं की मौत हो गई। ट्रक में कार बुरी तरह फंस गई थी। इसकी वजह से करीब 8 किमी तक ट्रक के साथ कार घिसटती चली गई। हादसा पापड़दा इलाके में एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे हुआ। नांगल राजावतान (दौसा) के DSP दीपक मीणा ने बताया- कार में 5 श्रद्धालु सवार थे। सभी उज्जैन (MP) में महाकाल के दर्शन कर नोएडा लौट रहे थे। मृतकों में नोएडा के रहने वाले राहुल गुप्ता (35), पारस अग्रवाल (35), प्रिंस गुप्ता (23) और विक्रम सिंह (30) शामिल हैं। कार की सबसे पीछे की सीट पर बैठे बृजमोहन गुप्ता को मामूली चोटें आई हैं। पढ़िए पूरी खबर सपा सांसद बोले- संजय निषाद का पूरा खानदान दलाली करता है, राजनीति में आने के लिए मेरे पैरों में पड़कर रोया सुल्तानपुर में सपा के सांसद राम भुआल निषाद ने कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद को लेकर विवादित बयान दिया। गणतंत्र दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान सपा सांसद राम भुआल निषाद ने कहा, संजय निषाद और उनका पूरा खानदान समाज की दलाली करता है। संजय निषाद मेरा पैर पकड़कर, पैरों में रोकर राजनीति में आया था। उसी समय वह स्थापित हुआ और उसकी जान बची। मेरे पांव में आकर पड़ता था। अब वह खुद को नेता समझने लगा है। मुझे बोलता है। मैं नेता नहीं, वह नेता है। वह और उसका पूरा परिवार समाज की दलाली करता है। यह बात अब समाज और लोग अच्छी तरह समझ चुके हैं। पढ़ें पूरी खबर... मेरठ में पुलिस मुठभेड़ में गौकशी के आरोपी के पैर में मारी गोली, 11 से अधिक मुकदमे हैं दर्ज मेरठ में गणतंत्र दिवस की रात सरूरपुर पुलिस ने गौकशी के एक प्रयास को नाकाम कर दिया। खिवाई के जंगल में हिंडन नदी की पटरी के पास पुलिस से मुठभेड़ में एक शातिर गौकश आरोपी गोली लगने से घायल हो गया, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने मौके से एक जिंदा गाय, तमंचा, कारतूस, स्कूटी और गौकशी के उपकरण बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान आवेश पुत्र अनीश उर्फ गोला के रूप में हुई है, जो ग्राम रुहासा, थाना दौराला, जनपद मेरठ का निवासी है (वर्तमान में श्यामनगर, थाना लिसाड़ी गेट)। उसकी उम्र लगभग 25 वर्ष बताई गई है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ गौवध अधिनियम, आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास सहित 11 से अधिक संगीन मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज हैं। पढ़िए पूरी खबर फिरोजाबाद में कपड़ा व्यवसायी के घर 4 लाख की नकदी समेत 20 लाख के जेवरात चोरी फिरोजाबाद के शिकोहाबाद थाना क्षेत्र में एक बंद मकान में लाखों की चोरी हो गई। मकान मालिक कृष्ण कांत पुत्र सुभाष चंद्र 22 जनवरी को अपने परिवार के साथ माता वैष्णो देवी (जम्मू-कश्मीर) के दर्शन के लिए गए थे। घर पर ताला लगा था। मकान कई दिनों तक बंद रहा। सोमवार को वापसी पर जब कृष्ण कांत अपने घर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि मेन गेट का ताला टूटा हुआ था। अंदर जाकर देखने पर घर का सारा सामान बिखरा पड़ा था और अलमारियां खुली हुई थीं। पीड़ित ने बताया कि चोर घर से 4 लाख रुपए से अधिक की नकदी और लगभग 20 लाख रुपए के सोने-चांदी के आभूषण लेकर फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पढ़िए पूरी खबर अलीगढ़ में स्पा सेंटर में 7 लड़कियां पकड़ी गईं, बक्से खोलकर पुलिस ने ढूंढा अलीगढ़ में स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे सेक्स रैकेट को पुलिस ने पकड़ा है। रविवार शाम को समद रोड स्थित मंगलम कॉम्प्लेक्स में ‘क्लासिक’ और ‘क्लाउड-7’ नाम के दो स्पा सेंटरों पर छापा मारकर 7 युवतियों समेत कुल 14 लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस ने स्पा सेंटर के बेड बॉक्स को भी खोलकर देखा, उन्हें शक था कि छापेमारी के दौरान इसमें लड़कियां छिपी हो सकती हैं। सीओ सर्वम सिंह के मुताबिक, पुलिसकर्मी को ग्राहक बनाकर भेजा गया। इसके बाद पूरा मामला सामने आया। पढ़ें पूरी खबर... मेरठ में कपसाड़, ज्वालागढ़ में हटी फोर्स, 8 दिन बाद दोनों गांवों में माहौल सामान्य मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के ज्वालागढ़ और कपसाड़ गांवों में आठ दिन बाद हालात सामान्य होने पर पुलिस फोर्स हटा ली गई है। दोनों गांवों में बीते कई दिनों से तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल और आरएएफ की तैनाती की गई थी, साथ ही आवागमन के रास्ते भी सील कर दिए गए थे। अब स्थिति काबू में होने के बाद फोर्स हटा दी गई है, हालांकि एहतियात के तौर पर कुछ पुलिसकर्मी अभी गांवों के आसपास तैनात हैं, जिन्हें एक-दो दिन में हटा लिया जाएगा। फोर्स हटने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि प्रतिबंधों के चलते उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ज्वालागढ़ में 5 जनवरी को मुजफ्फरनगर निवासी सोनू कश्यप की हत्या के बाद मामला तूल पकड़ गया था, जबकि कपसाड़ गांव में 8 जनवरी को दलित युवती की मां की हत्या और अपहरण की घटना से तनाव फैल गया था। दोनों ही मामलों में जातीय तनाव की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने धारा 144 लागू कर गांवों को छावनी में तब्दील कर दिया था। पुलिस ने ज्वालागढ़ हत्याकांड का खुलासा कर नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। वहीं कपसाड़ मामले में आरोपी युवक पारस सोम न्यायिक हिरासत में जेल में है। प्रशासन का कहना है कि दोनों गांवों में अब शांति है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। पढ़ें पूरी खबर...
गणतंत्र दिवस पर नोएडा पुलिस का सघन चेकिंग अभियान:बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड के साथ की गई जांच
गणतंत्र दिवस के मद्देनजर नोएडा पुलिस अलर्ट मोड पर है। इसी क्रम में पुलिस कमिश्नरेट के तीनों जोन में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर यह अभियान बीडीडीएस टीम, डॉग स्क्वॉड और पर्याप्त पुलिस बल के साथ चलाया गया। अभियान के दौरान मॉल परिसर, सार्वजनिक स्थलों, पार्किंग एरिया, प्रवेश एवं निकास मार्गों सहित आसपास के क्षेत्रों में गहन जांच की गई। पुलिस ने संदिग्ध प्रतीत हो रहे लोगों और सामान की भी चेकिंग की। वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों को यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के निर्देश दिए। उन्हें यह भी निर्देशित किया गया कि प्रत्येक संदिग्ध व्यक्ति और वाहन की विधिवत जांच की जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध तत्काल वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त, सभी पीसीआर और पीआरवी वाहनों को लगातार गश्त पर रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच सके। वरिष्ठ अधिकारियों ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आमजन को आश्वस्त किया कि शांति, कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा कमिश्नरेट पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
ग्रेटर नोएडा में चलती कार में लगी आग:चालक ने कूदकर बचाई जान, कुछ ही देर में राख हुई गाड़ी
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में एक मूर्ति गोल चक्कर के पास एक चलती टाटा टैगोर कार में अचानक आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते पूरी गाड़ी आग का गोला बन गई। कार चालक ने कूदकर अपनी जान बचाई। सूचना पर पहुंची दमकल की एक गाड़ी ने आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। गैलेक्सी वेगा सोसायटी के निवासी रवि रंजन पांडे अपनी टाटा टैगोर कार से चार मूर्ति गोल चक्कर की ओर जा रहे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी एक मूर्ति गोल चक्कर से थोड़ी आगे निकली, इंजन से आग की लपटें दिखाई देने लगीं। गाड़ी ने तुरंत आग पकड़ ली, जिसके बाद रवि रंजन ने तत्काल बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। कुछ ही देर में पूरी कार धू-धू कर जलने लगी और राख में बदल गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर दमकल विभाग को बुलाया। दमकल की एक गाड़ी ने मौके पर पहुंचकर आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग लगने का कारण कार में शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। बिसरख थाना पुलिस ने बताया कि यह घटना उनके क्षेत्र में हुई। एक व्यक्ति अपनी कार से चार मूर्ति की ओर जा रहा था, तभी शॉर्ट सर्किट के कारण कार में आग लग गई। फायर ब्रिगेड और स्थानीय पुलिस की मदद से आग बुझा दी गई है। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और यातायात को सुचारु रूप से संचालित करा दिया गया है।
ग्रेटर नोएडा में सिक्योरिटी गार्ड और डिलीवरी बॉय के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। यह घटना बीटा 2 थाना क्षेत्र की निम्बस एक्सप्रेस पार्कव्यू सोसाइटी के गेट पर हुई। शनिवार रात को हुए इस विवाद में लात-घूंसे और लाठी-डंडे चले। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, शनिवार रात एक डिलीवरी बॉय सोसाइटी में डिलीवरी देने गया था। उसने गलती से किसी और फ्लैट की घंटी बजा दी, जिस पर एक निवासी से उसका विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर निवासी ने सोसाइटी के सिक्योरिटी गार्ड्स को इसकी सूचना दी। सिक्योरिटी गार्ड्स मौके पर पहुंचे, तो उनकी डिलीवरी बॉय से बहस हो गई। विवाद बढ़ने पर डिलीवरी बॉय ने अपने अन्य साथियों को बुला लिया। कुछ ही देर में एक दर्जन से अधिक डिलीवरी बॉय बाइकों पर सवार होकर सोसाइटी के गेट पर पहुंच गए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच पहले गाली-गलौज हुई, फिर लात-घूंसे चले। देखते ही देखते यह झगड़ा लाठी-डंडों तक पहुंच गया। सोसाइटी के गेट पर काफी देर तक हंगामा चलता रहा, जिसमें एक-दूसरे को गिरा-गिराकर पीटा गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही सभी डिलीवरी बॉय अपनी मोटरसाइकिलें छोड़कर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने कुछ मोटरसाइकिलें जब्त की हैं। सोसाइटी में मौजूद लोगों ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया था। पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज और सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की पहचान की जा रही है। जब्त की गई मोटरसाइकिलों के आधार पर भी आरोपियों का पता लगाया जा रहा है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा में बीटेक छात्र को हॉस्टल संचालक व वार्डन ने पीटा, आहत होकर छात्र ने दी जान
उदित सोनी बीटेक का छात्र था और ईजेड हॉस्टल के कमरा नंबर 404 में रहता था। उसके पिता विजय सोनी मूल रूप से टोड़ी फतेहपुर के निवासी हैं और वर्तमान में झांसी के मऊरानीपुर में व्यवसाय करते हैं। परिवार के मुताबिक उदित पढ़ाई में गंभीर था और भविष्य को लेकर योजनाएं बना रहा था।
सांप के जहर मामले में नवीनतम विकास में, नोएडा पुलिस ने बिग बॉस ओटीटी 2 विजेता और यूट्यूबर एल्विश यादव और सात अन्य के खिलाफ सूरजपुर अदालत में 1,200 पेज का आरोप पत्र दायर किया है। आरोप पत्र में 24 गवाहों के बयान भी दर्ज किये गये। नोएडा पुलिस नोएडा और गुरुग्राम समेत देशभर में दर्ज मामलों की जानकारी जुटा रही है। जयपुर लैब से सांप के जहर की पुष्टि करने वाली रिपोर्ट भी चार्जशीट में शामिल की गई है। सांप के जहर मामले से जुड़े वीडियो, कॉल डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को आधार बनाया गया। आरोप पत्र में एल्विश यादव पर लगाई गई एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के संबंध में साक्ष्य लगाए गए हैं। इसे भी पढ़ें: Telugu अभिनेता Jagapathi Babu बोले, सलमान खान के साथ हमेशा काम करना चाहता था, वह बहुत अच्छे हैं पिछले साल नवंबर में एल्विश यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी और इस मामले में 5 सपेरों समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। हाल ही में एल्विश यादव समेत तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था। पिछले साल पीपल फॉर एनिमल्स (पीएफए) संगठन की शिकायत के आधार पर नोएडा पुलिस ने सेक्टर 51 स्थित एक बैंक्वेट हॉल पर छापा मारा था और पांच लोगों को गिरफ्तार किया था. पीएफए ने अपनी एफआईआर में एल्विश का नाम लिया और उन पर रेव पार्टियों का आयोजन करने का आरोप लगाया, जिसमें वे विदेशियों को आमंत्रित करते हैं और जहरीले सांपों की व्यवस्था करते हैं। इसे भी पढ़ें: Manoj Bajpayee ने जाहिर की ख्वाहिश, कहा- असाधारण कहानियों के जरिए दर्शकों से जुड़ना चाहता हूं बता दें कि छापेमारी के दौरान नौ जहरीले सांप बरामद किए गए। पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत सांप की विष ग्रंथियां निकालना दंडनीय अपराध है और दोषी को सात साल की जेल हो सकती है। सिद्धार्थ यादव उर्फ एल्विश यादव गुरुग्राम के एक लोकप्रिय यूट्यूबर हैं। बिग बॉस ओटीटी 2 जीतने के अलावा वह अपने म्यूजिक वीडियो के लिए भी जाने जाते हैं और युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं।
यूट्यूबर और बिग बॉस ओटीटी 2 विजेता एल्विश यादव को पांच दिन की गिरफ्तारी के बाद सांप के जहर सप्लाई मामले में जमानत दे दी गई है। गिरफ्तारी के दिन एल्विश को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। उन्हें वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत हिरासत में ले लिया गया। गुरुवार को उनकी जमानत पर सुनवाई के लिए उन्हें नोएडा की एक स्थानीय अदालत में लाया गया, लेकिन सुनवाई टल गई। इस खबर की पुष्टि करते हुए, बिग बॉस 17 के प्रतियोगी अनुराग डोभाल (द यूके07 राइडर) ने ट्विटर पर लिखा, ऊपर वाला कभी गलत नहीं करेगा जमानत मिल जाएगी। इसे भी पढ़ें: Deepika Padukone और अपने बच्चे के साथ रहने के लिए काम से लंबा ब्रेक लेंगे Ranveer Singh? यहां पढ़े पूरी सच्चाई गुरुवार को नोएडा पुलिस ने एल्विश यादव पर लगा एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985) एक्ट हटा दिया। पुलिस ने कहा कि यह उनकी ओर से गलती थी। उन्होंने कहा, ''हमने गलती से एनडीपीएस एक्ट लगा दिया था, ये एक लिपिकीय गलती थी।'' मालूम हो कि एनडीपीएस एक्ट के तहत जमानत मिलना बहुत मुश्किल है। इसे भी पढ़ें: Fighter OTT Release | ऋतिक रोशन और दीपिका पादुकोण-स्टारर फाइटर इस तारीख को ओटीटी पर होगी रिलीज एल्विश यादव को गुरुग्राम में रेव पार्टियों में सांप के जहर की आपूर्ति करने के आरोप में पुलिस ने न्यायिक हिरासत में रखा था। उसके दोस्त विनय को भी हिरासत में ले लिया गया। अब एल्विश यादव को जमानत मिल गई है. कोर्ट के बाहर उनके प्रशंसक जमा हो गए थे। उन्होंने संकट के इस समय में उनका समर्थन करने वाले सभी लोगों का हाथ हिलाया। जमानत की खबर से एल्विश यादव के प्रशंसक खुशी से झूम उठे एल्विश यादव के प्रशंसक सोशल मीडिया पर इस खबर की सराहना कर रहे हैं। बिग बॉस ओटीटी 2 विजेता का समर्थन करने के लिए कई लोग आगे आए थे। विजेता के समर्थन में ईशा मालवीय और अभिषेक कुमार आगे आये थे। हमें देखना होगा कि पुलिस इस मामले को कैसे आगे बढ़ाती है। मैक्सटर्न उर्फ सागर ठाकुर के साथ मारपीट का मामला अभी भी कायम है। सात दिन के लिए भी नहीं गये जेल। सत्य है सत्य की जीत हुई बधाई हो एल्विश यादव #ElvishArmy #सुस्वागतम्_एल्विश_यादव #ElvishYadav pic.twitter.com/CCX25HrLAn — YesMan (@YesMan786) March 22, 2024 #ElvishYadav_निर्दोष_है #सुस्वागतम्_एल्विश_यादव #ElvishaYadav Got bail : pic.twitter.com/qVgff8xsxC — Narendra Choudhary (@jatnarendra_) March 22, 2024 Bail Granted to #ElvishYadav #ElvishYadav_निर्दोष_है #ElvishArmy #ElvisHistory #Bail #NoidaPolice #ElvishaYadav #ElvishAmry pic.twitter.com/D7HgbrgL3P — ELVISH ARMY XD (@mr_priyanshu77) March 22, 2024
Elvish Yadav केस में नोएडा पुलिस से क्या हो गई गलती?
एल्विश यादव को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया था. नोएडा पुलिस ने कोर्ट को बताया कि गलती से पुलिस ने NDPS एक्ट का गलत सेक्शन जोड़ दिया है. उसे कागजों में ठीक करने की अनुमति दें. पुलिस ने बताया कि उन्हें एल्विश यादव पर NDPS एक्ट का सेक्शन 22 लगाना था लेकिन गलती से सेक्शन 20 लगा दिया गया.

