ग्रेटर नोएडा के चाई-5 क्षेत्र स्थित पूर्वांचल रॉयल सिटी सोसायटी में एक घरेलू सहायिका (मेड) के साथ कथित मारपीट की घटना के बाद शुक्रवार को भारी हंगामा देखने को मिला। इतना ही नहीं घटना से नाराज महिलाओं ने सोसायटी के बाहर प्रदर्शन करते हुए जमकर हंगामा किया।
तेज आंधी और बारिश से नोएडा में व्यापक नुकसान, करीब 400 पेड़ गिरे, युद्धस्तर पर राहत कार्य
गुरुवार को नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में आई तेज़ आंधी, तूफान और बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। अचानक बदले मौसम के कारण शहर के विभिन्न सेक्टरों में बड़े पैमाने पर पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं
कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है
मुरादाबाद को मिलीं ई-बसें सड़कों पर नहीं दौड़ीं:24 एसी बसें अब नोएडा भेजने का फैसला
परिवहन निगम ने मुरादाबाद परिक्षेत्र को आवंटित 34 एसी ई-बसों में से 24 बसों को नोएडा स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है। लंबे समय से इन बसों का संचालन शुरू नहीं हो पाने और पंजीकरण प्रक्रिया लंबित रहने के कारण यह फैसला लिया गया है। मुरादाबाद परिक्षेत्र को कुल 34 एसी ई-बसें मिली थीं, जिनमें चार डबल डेकर एसी ई-बसें भी शामिल हैं। हालांकि, अब तक केवल चार एसी ई-बसों का ही दिल्ली रूट पर संचालन शुरू हो सका है। शेष बसें क्षेत्रीय वर्कशॉप में खड़ी हैं क्योंकि अधिकारियों को उनके संचालन के लिए उपयुक्त रूट नहीं मिल सके। परिवहन निगम ने इन बसों को ऐसे क्षेत्र में भेजने का फैसला किया है, जहां से उनका तत्काल संचालन संभव हो सके। इसी योजना के तहत, 24 एसी ई-बसों को नोएडा भेजा जाएगा। वहां इन बसों का संचालन विभिन्न स्थानों से जेवर एयरपोर्ट तक किया जाएगा, जिससे यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिल सकेगी। परिवहन निगम के अधिकारियों का कहना है कि शेष बसों के संचालन की प्रक्रिया भी तेज की जा रही है। सीनियर फोरमैन गजेंद्र चौधरी ने बताया कि छह एसी ई-बसों के पंजीकरण के लिए फाइल परिवहन विभाग को भेज दी गई है। पंजीकरण पूरा होते ही इन बसों का संचालन भी शुरू कर दिया जाएगा। लंबे समय से वर्कशॉप में खड़ी बसों को दूसरे क्षेत्र में भेजने के इस निर्णय से निगम को संसाधनों के बेहतर उपयोग की उम्मीद है। वहीं, मुरादाबाद में ई-बसों के सीमित संचालन को लेकर यात्रियों में भी चर्चा बनी हुई है।
ग्रेटर नोएडा के शहीद विजय सिंह पथिक स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में बुधवार को बिग क्रिकेट लीग (बीसीएल) का आगाज हो गया। उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के मंत्री ठाकुर रघुराज सिंह ने इसका शुभारंभ किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का वास होता है और ऐसी प्रतियोगिताओं से खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। मंत्री ने आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी का जिक्र करते हुए कहा कि खेल के माध्यम से व्यक्ति को विश्व स्तर पर पहचान मिलती है। उन्होंने आधुनिक दौर में हर व्यक्ति के लिए खेल के महत्व पर जोर दिया और बताया कि इस प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। यूपी ब्रिज स्टार्स को 172 रनों का लक्ष्य मिला लीग का उद्घाटन मैच बुधवार को यूपी ब्रिज स्टार्स (यूपीबीएस) और मुंबई मरीन (एमएम) के बीच खेला गया। मुंबई मरीन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। निर्धारित 20 ओवरों में मुंबई ने नौ विकेट खोकर 171 रन बनाए, जिससे यूपी ब्रिज स्टार्स को 172 रनों का लक्ष्य मिला। मुंबई की ओर से एन ओझा ने 23 गेंदों में 40 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें 4 चौके और 3 छक्के शामिल थे। ए पठान ने भी 21 गेंदों में 34 रनों का तेज योगदान दिया, जबकि रॉस टेलर 11 गेंदों पर 9 रन बना सके। यूपी ब्रिज स्टार्स के गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर मुंबई को बड़ा स्कोर बनाने से रोका। एस ठाकुर और जे मेंडिस ने दो-दो विकेट हासिल किए। 54 रन के कुल योग पर उसके दो विकेट गिर गए लक्ष्य का पीछा करने उतरी यूपीबीएस टीम की शुरुआत भी खराब रही और 54 रन के कुल योग पर उसके दो विकेट गिर गए। सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने एक छोर संभाले रखा और 53 गेंदों पर 80 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें सात चौके और चार छक्के शामिल थे। वह 136 रन के कुल योग पर आउट हुए। यूपीबीएस की टीम ने यह लक्ष्य 18.4 ओवरों में 4 विकेट खोकर प्राप्त कर लिया। शानदार पारी के शिखर धवन को प्लेयर और द मैच दिया गया।
ग्रेटर नोएडा के बीटा टू थाना क्षेत्र के अल्फा 2 सेक्टर में एक सड़क हादसे में दो लोग घायल हो गए। तेज रफ्तार दो गाड़ियों की टक्कर के बाद एक अनियंत्रित एंडेवर कार ने सड़क किनारे बैठे लोगों को टक्कर मार दी। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। यह घटना शाम के समय हुई, जब एक तेज रफ्तार एंडेवर गाड़ी सेक्टर की ओर से आ रही थी। मोड़ पर सामने से आ रही एक अन्य गाड़ी से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि एंडेवर गाड़ी अनियंत्रित हो गई। अनियंत्रित एंडेवर कार सड़क किनारे कुर्सियों पर बैठे दो लोगों से जा टकराई। ये लोग गाड़ियों की खरीद-बिक्री का काम करते थे और एक पेड़ के नीचे बैठे हुए थे। हादसे में घायल हुए दोनों व्यक्तियों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, उन्हें गंभीर चोटें नहीं आई हैं। लोगों को टक्कर मारने के बाद एंडेवर कार कुछ दूरी पर खड़ी एक बलेनो गाड़ी से भी टकराई और वहीं रुक गई। सीसीटीवी फुटेज में टक्कर और उसके बाद के दृश्य स्पष्ट रूप से कैद हुए हैं, जिससे घटना की भयावहता का पता चलता है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए दुर्घटनाग्रस्त गाड़ियों को कब्जे में ले लिया है। शिकायत मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की बात कही जा रही है।
जिले की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (एएचटी) यूनिट ने मिशन मुक्ति फाउंडेशन और पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए दिनाजपुर जिले से अगवा की गई एक 15 साल की किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया। मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर पश्चिम बंगाल पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। एसीपी महिला सुरक्षा दीक्षा सिंह ने बताया कि सोमवार को थाना एएचटी और मिशन मुक्ति फाउंडेशन को सूचना मिली कि दक्षिण दिनाजपुर जिले के हरिरामपुर थाना क्षेत्र से अपहृत एक नाबालिग लड़की को नोएडा में रखा गया है। इस संबंध में पश्चिम बंगाल के हरिरामपुर थाने में मुकदमा दर्ज है। सूचना मिलने के बाद थाना एएचटी, मिशन मुक्ति फाउंडेशन और पश्चिम बंगाल पुलिस की संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। सोसाइटी में साफ-सफाई का काम जांच के दौरान टीम बिसरख थानाक्षेत्र के गांव इटैडा स्थित झुग्गी-झोपड़ियों में पहुंची। वहां स्थानीय लोगों को किशोरी की तस्वीर दिखाकर जानकारी जुटाई गई। लोगों ने बताया कि लड़की एक व्यक्ति के साथ इलाके में रह रही है और एक सोसाइटी में सफाई का काम करती है। इसके बाद पुलिस टीम ने संबंधित सोसाइटी में पहुंचकर किशोरी और आरोपी को तलाश लिया। दोनों वहां काम करते हुए मिले। किशोरी का रेस्क्यू किया टीम ने महिला आयोग के दिशा-निर्देशों और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए किशोरी को सुरक्षित रेस्क्यू किया और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने किशोरी का मेडिकल कराया और उसे चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) गौतमबुद्धनगर के समक्ष पेश किया। बाद में उसे पश्चिम बंगाल पुलिस के संरक्षण में सौंप दिया गया। वहीं गिरफ्तार आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर पश्चिम बंगाल पुलिस अपने साथ ले गई है।
नोएडा। दिल्ली को सीधे यमुना एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए डीएनडी से घरबरा तक 31.437 किलोमीटर लंबे नए रोड कॉरिडोर की योजना पर काम तेज हो गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 4300 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। हाल ही में इस संबंध में नोएडा प्राधिकरण में समीक्षा बैठक हुई, जिसमें परियोजना की प्रगति और संभावित चुनौतियों पर चर्चा की गई। प्रस्तावित रोड का एक हिस्सा ओखला बर्ड सेंचुरी क्षेत्र से होकर गुजरना है। इसी वजह से वहां दोबारा फिजिबिलिटी स्टडी कराई जा रही है। यदि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) या वन विभाग से एनओसी नहीं मिलती है, तो वैकल्पिक एलाइनमेंट पर भी विचार किया जा रहा है। दिल्ली से आगरा-मथुरा जाने वालों को मिलेगा सीधा रास्ता इस परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली से आगरा, मथुरा और लखनऊ की ओर जाने वाले वाहनों को नोएडा शहर के अंदर प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। रोड को सेक्टर-94 पुश्ता से जोड़ते हुए सेक्टर-151 के पास यमुना एक्सप्रेस-वे तक पहुंचाया जाएगा, जिससे यात्रा अधिक सुगम और तेज हो सकेगी। तीन हिस्सों में तैयार होगा पूरा प्रोजेक्ट प्रस्तावित कॉरिडोर को तीन चरणों में विकसित किया जाएगा। एलिवेटेड-1: डीएनडी टोल प्लाजा से सेक्टर-94 तक लगभग 5 किलोमीटर लंबा। बंधा रोड एलाइनमेंट: करीब 28 किलोमीटर लंबा मुख्य मार्ग। एलिवेटेड-2: सेक्टर-151 से घरबरा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) के पास तक 9.2 किलोमीटर लंबा। हालांकि प्राधिकरण का कहना है कि यह प्रारंभिक लेआउट है और अंतिम डिजाइन में बदलाव संभव हैं। 14.2 किमी एलिवेटेड रोड, बड़ा फ्लाईओवर और इंटरचेंज बनेंगे नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सतीश पाल के अनुसार, परियोजना को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को सौंपने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए सिंचाई विभाग से एनओसी आवश्यक होगी। उन्होंने बताया कि 31.437 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में करीब 14.2 किलोमीटर एलिवेटेड रोड बनाई जाएगी। इसके अलावा एक बड़ा फ्लाईओवर, विभिन्न प्रकार के इंटरचेंज, एक फुल कल्वर्ट और तीन ट्रंपेट इंटरचेंज भी प्रस्तावित हैं। 1400 करोड़ होगी भूमि लागत परियोजना की कुल अनुमानित लागत 4300 करोड़ रुपए है, जिसमें लगभग 1400 करोड़ रुपए भूमि अधिग्रहण पर खर्च होंगे। अभी तक इस योजना पर यूपीडा काम कर रही थी, लेकिन भविष्य में इसके निर्माण की जिम्मेदारी एनएचएआई को दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
गोंडा में कोडीनयुक्त कफ सिरप की बड़ी खेप पहुंचने के मामले में औषधि विभाग और पुलिस ने जांच तेज कर दी है। जांच का दायरा अब गोंडा से लेकर नोएडा तक बढ़ा दिया गया है। दोनों जिलों की टीमें खरीद-बिक्री, भंडारण और आपूर्ति से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही हैं। गोंडा औषधि प्रशासन विभाग ने गायत्री फार्मा को नोटिस जारी कर पिछले छह महीने के खरीद और बिक्री का पूरा ब्योरा मांगा है। विभाग ने यह जानकारी भी तलब की है कि फर्म ने कितनी बार कोडीनयुक्त सिरप खरीदा और बेचा, साथ ही किन चिकित्सकों के पर्चों पर इसकी बिक्री की गई। विभाग ने जांच पूरी होने तक फर्म की खरीद-बिक्री पर भी रोक लगा दी है। नोटिस जारी होने के बाद फर्म में हलचल बढ़ गई है। नोएडा की आपूर्तिकर्ता फर्म भी जांच के घेरे में गोंडा में सिरप भेजने वाली नोएडा स्थित लीलाबको रेमेडीज प्राइवेट लिमिटेड पर भी जांच शुरू कर दी गई है। नोएडा के ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह ने फर्म पहुंचकर खरीद और बिक्री संबंधी अभिलेखों का सत्यापन किया। उन्होंने फर्म प्रबंधन से गोंडा को भेजी गई खेप, उसके प्राप्तकर्ताओं और स्टॉक संबंधी विस्तृत जानकारी मांगी है। साथ ही सिरप के भंडारण और बिक्री को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। नियमों के तहत सीमित है स्टॉक और बिक्री औषधि विभाग के अनुसार, थोक विक्रेता अधिकतम 1000 यूनिट तक ही स्टॉक रख सकते हैं और एक बार में 100 यूनिट से अधिक की आपूर्ति नहीं कर सकते। वहीं खुदरा विक्रेताओं को अधिकतम 100 यूनिट स्टॉक रखने की अनुमति है। नियमों के मुताबिक किसी ग्राहक को बिना चिकित्सकीय पर्चे के यह दवा नहीं दी जा सकती। एक व्यक्ति को केवल एक यूनिट ही बेची जा सकती है। दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यह दवा देना या बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित है। कई बिंदुओं पर चल रही जांच गोंडा के ड्रग इंस्पेक्टर सुमित वर्मा ने बताया कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है। नोएडा में जहां से सिरप की आपूर्ति हुई थी, वहां भी विभागीय टीम ने पहुंचकर दस्तावेजों की जांच की है और संबंधित लोगों से पूछताछ की है। उन्होंने बताया कि गायत्री फार्मा से पिछले छह महीने के खरीद-बिक्री रिकॉर्ड के साथ-साथ इससे पहले मंगाई गई कोडीन सिरप की पूरी जानकारी भी मांगी गई है। यह भी जांच की जा रही है कि सिरप किन-किन लोगों को बेची गई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई औषधि विभाग का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच जारी है। रिकॉर्ड और पूछताछ से जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित फर्मों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हिंडन नदी पर बनने वाला छह लेन का पुल तैयार:200 मीटर लंबा है, नोएडा से ग्रेटर नोएडा जाना होगा आसान
नोएडा के सेक्टर-146 से ग्रेटर नोएडा के एलजी गोलचक्कर को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी परियोजना में बड़ा अपडेट सामने आया है। हिंडन नदी पर बनने वाला छह लेन का पुल पूरी तरह तैयार हो चुका है। अब नोएडा प्राधिकरण पुल से जुड़ने वाली एप्रोच रोड का काम 15 जून तक पूरा करने की तैयारी में है। यह परियोजना पूरी होने के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच आवागमन काफी आसान हो जाएगा। वर्तमान में जहां लोगों को एक घंटे तक का समय लगता है, वहीं नया मार्ग शुरू होने पर यह दूरी करीब 12 मिनट में तय की जा सकेगी। 2019 में शुरू हुआ था पुल निर्माण सेक्टर-146 के सामने हिंडन नदी पर पुल का निर्माण वर्ष 2019 में शुरू हुआ था। बीच में विभिन्न कारणों से काम रुक गया था, लेकिन करीब डेढ़ साल पहले दोबारा निर्माण शुरू किया गया। यूपी सेतु निगम की ओर से बनाए गए इस पुल की लंबाई करीब 200 मीटर है और इसे छह लेन का बनाया गया है। अब पुल के साथ रिटेनिंग वॉल का निर्माण भी सेतु निगम द्वारा किया जाएगा। नोएडा की ओर 90% काम पूरा हिंडन पुल से सेक्टर-145 की 45 मीटर चौड़ी सड़क तक 810 मीटर लंबी एप्रोच रोड का निर्माण नोएडा प्राधिकरण करा रहा है। यह काम 10 फरवरी 2024 को शुरू हुआ था। अधिकारियों के मुताबिक सड़क निर्माण का लगभग 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है और शेष कार्य अगले 15 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। इस हिस्से पर करीब 32 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। ग्रेटर नोएडा में जमीन अधिग्रहण बना रोड़ा हालांकि पुल और नोएडा की ओर का काम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन ग्रेटर नोएडा की तरफ कुछ जमीन अधिग्रहण संबंधी समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं। नॉलेज पार्क-3 से हिंडन पुल तक करीब एक किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जानी है, जिसका लगभग 75 फीसदी काम पूरा हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार हिंडन पुल और पुस्ता के बीच कुछ खसरा नंबर की जमीन का अधिग्रहण नहीं हो सका है, जिसके कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण दिसंबर तक इस हिस्से का काम पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। अंडरपास से जुड़ेगा एक्सप्रेसवे इस लिंक रोड को नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए सेक्टर-146 में अंडरपास बनाया जा रहा है। अंडरपास के जरिए वाहन सीधे नए लिंक रोड पर पहुंच सकेंगे। परियोजना पूरी होने के बाद दोनों शहरों के बीच यातायात का दबाव कम होगा और लोगों का समय भी बचेगा।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की गौर सिटी वन सोसायटी में शनिवार को एक 75 वर्षीय अस्थमा मरीज को अस्पताल ले जाते समय लिफ्ट अटक गई। आरोप है कि 27वें फ्लोर से ग्राउंड फ्लोर पर जाते समय लिफ्ट का दरवाजा बंद नहीं हुआ, जिससे मरीज को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा और उसकी तबीयत बिगड़ गई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। परिजनों ने बताया कि बुजुर्ग की अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सुबह एंबुलेंस से अस्पताल ले जाने की तैयारी की गई थी। टावर डी में लगी बड़ी लिफ्ट में स्ट्रेचर पर मरीज को लेटाकर जैसे ही परिजन घुसे, लिफ्ट 27वें फ्लोर से नीचे नहीं बढ़ी। लिफ्ट का गेट बंद न होने के कारण काफी देर तक समस्या बनी रही। सोसायटी के निवासी ज्ञानचंद पांडेय ने इस घटना पर प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि परिसर में तीन से चार हजार परिवार रहते हैं और उनसे भारी मेंटिनेंस चार्ज वसूला जाता है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर निवासियों को आए दिन समस्याओं का सामना करना पड़ता है। काफी मशक्कत के बाद मेंटेनेंस टीम के पहुंचने पर लिफ्ट को नीचे लाया जा सका, जिसके बाद बुजुर्ग को अस्पताल भेजा गया। निवासियों का कहना है कि सोसायटी में लिफ्टों की स्थिति बेहद खराब है। वे अक्सर किसी भी फ्लोर पर अचानक रुक जाती हैं और ऊपर या नीचे नहीं जातीं। इस संबंध में कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन मेंटिनेंस विभाग कोई ध्यान नहीं देता।
ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 थाना क्षेत्र में शनिवार रात एक नाइजीरियाई नागरिक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, जीटा-1 निवासी चार्ल्स कैनेडी ने सूचना दी कि करीब 39 वर्षीय नाइजीरियाई नागरिक माइक का शव सिग्मा अपार्टमेंट के पास पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही बीटा-2 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मृतक माइक मानसिक और शारीरिक रूप से अस्वस्थ था। स्थानीय लोगों के अनुसार वह अक्सर क्षेत्र में घूमता रहता था और कई बार खुले स्थानों पर ही सो जाता था। पुलिस को शुरुआती जांच में किसी बीमारी के कारण मौत होने की आशंका है। हालांकि, मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ग्राउंड रिपोर्ट: नोएडा में महिलाओं की पिटाई के वीडियो पर पुलिस के दावे की पड़ताल
बूम ने ग्राउंड रिपोर्टिंग में पाया कि वीडियो नोएडा के सेक्टर 6 स्थित Motherson फैक्ट्री के पास का है, जहां पुलिस ने महिला प्रदर्शनकारियों से बदसलूकी की थी.
भारत में नोएडा से औद्योगिक अशांति, दिल्ली-एनसीआर के कई राज्यों में फैली
नोएडा के फेज़-2 में प्रदर्शन हिंसक हो गया, और एक पुलिस वैन और दूसरी गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई,
सांप के जहर मामले में नवीनतम विकास में, नोएडा पुलिस ने बिग बॉस ओटीटी 2 विजेता और यूट्यूबर एल्विश यादव और सात अन्य के खिलाफ सूरजपुर अदालत में 1,200 पेज का आरोप पत्र दायर किया है। आरोप पत्र में 24 गवाहों के बयान भी दर्ज किये गये। नोएडा पुलिस नोएडा और गुरुग्राम समेत देशभर में दर्ज मामलों की जानकारी जुटा रही है। जयपुर लैब से सांप के जहर की पुष्टि करने वाली रिपोर्ट भी चार्जशीट में शामिल की गई है। सांप के जहर मामले से जुड़े वीडियो, कॉल डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को आधार बनाया गया। आरोप पत्र में एल्विश यादव पर लगाई गई एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के संबंध में साक्ष्य लगाए गए हैं। इसे भी पढ़ें: Telugu अभिनेता Jagapathi Babu बोले, सलमान खान के साथ हमेशा काम करना चाहता था, वह बहुत अच्छे हैं पिछले साल नवंबर में एल्विश यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी और इस मामले में 5 सपेरों समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। हाल ही में एल्विश यादव समेत तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था। पिछले साल पीपल फॉर एनिमल्स (पीएफए) संगठन की शिकायत के आधार पर नोएडा पुलिस ने सेक्टर 51 स्थित एक बैंक्वेट हॉल पर छापा मारा था और पांच लोगों को गिरफ्तार किया था. पीएफए ने अपनी एफआईआर में एल्विश का नाम लिया और उन पर रेव पार्टियों का आयोजन करने का आरोप लगाया, जिसमें वे विदेशियों को आमंत्रित करते हैं और जहरीले सांपों की व्यवस्था करते हैं। इसे भी पढ़ें: Manoj Bajpayee ने जाहिर की ख्वाहिश, कहा- असाधारण कहानियों के जरिए दर्शकों से जुड़ना चाहता हूं बता दें कि छापेमारी के दौरान नौ जहरीले सांप बरामद किए गए। पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत सांप की विष ग्रंथियां निकालना दंडनीय अपराध है और दोषी को सात साल की जेल हो सकती है। सिद्धार्थ यादव उर्फ एल्विश यादव गुरुग्राम के एक लोकप्रिय यूट्यूबर हैं। बिग बॉस ओटीटी 2 जीतने के अलावा वह अपने म्यूजिक वीडियो के लिए भी जाने जाते हैं और युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं।
यूट्यूबर और बिग बॉस ओटीटी 2 विजेता एल्विश यादव को पांच दिन की गिरफ्तारी के बाद सांप के जहर सप्लाई मामले में जमानत दे दी गई है। गिरफ्तारी के दिन एल्विश को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। उन्हें वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत हिरासत में ले लिया गया। गुरुवार को उनकी जमानत पर सुनवाई के लिए उन्हें नोएडा की एक स्थानीय अदालत में लाया गया, लेकिन सुनवाई टल गई। इस खबर की पुष्टि करते हुए, बिग बॉस 17 के प्रतियोगी अनुराग डोभाल (द यूके07 राइडर) ने ट्विटर पर लिखा, ऊपर वाला कभी गलत नहीं करेगा जमानत मिल जाएगी। इसे भी पढ़ें: Deepika Padukone और अपने बच्चे के साथ रहने के लिए काम से लंबा ब्रेक लेंगे Ranveer Singh? यहां पढ़े पूरी सच्चाई गुरुवार को नोएडा पुलिस ने एल्विश यादव पर लगा एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985) एक्ट हटा दिया। पुलिस ने कहा कि यह उनकी ओर से गलती थी। उन्होंने कहा, ''हमने गलती से एनडीपीएस एक्ट लगा दिया था, ये एक लिपिकीय गलती थी।'' मालूम हो कि एनडीपीएस एक्ट के तहत जमानत मिलना बहुत मुश्किल है। इसे भी पढ़ें: Fighter OTT Release | ऋतिक रोशन और दीपिका पादुकोण-स्टारर फाइटर इस तारीख को ओटीटी पर होगी रिलीज एल्विश यादव को गुरुग्राम में रेव पार्टियों में सांप के जहर की आपूर्ति करने के आरोप में पुलिस ने न्यायिक हिरासत में रखा था। उसके दोस्त विनय को भी हिरासत में ले लिया गया। अब एल्विश यादव को जमानत मिल गई है. कोर्ट के बाहर उनके प्रशंसक जमा हो गए थे। उन्होंने संकट के इस समय में उनका समर्थन करने वाले सभी लोगों का हाथ हिलाया। जमानत की खबर से एल्विश यादव के प्रशंसक खुशी से झूम उठे एल्विश यादव के प्रशंसक सोशल मीडिया पर इस खबर की सराहना कर रहे हैं। बिग बॉस ओटीटी 2 विजेता का समर्थन करने के लिए कई लोग आगे आए थे। विजेता के समर्थन में ईशा मालवीय और अभिषेक कुमार आगे आये थे। हमें देखना होगा कि पुलिस इस मामले को कैसे आगे बढ़ाती है। मैक्सटर्न उर्फ सागर ठाकुर के साथ मारपीट का मामला अभी भी कायम है। सात दिन के लिए भी नहीं गये जेल। सत्य है सत्य की जीत हुई बधाई हो एल्विश यादव #ElvishArmy #सुस्वागतम्_एल्विश_यादव #ElvishYadav pic.twitter.com/CCX25HrLAn — YesMan (@YesMan786) March 22, 2024 #ElvishYadav_निर्दोष_है #सुस्वागतम्_एल्विश_यादव #ElvishaYadav Got bail : pic.twitter.com/qVgff8xsxC — Narendra Choudhary (@jatnarendra_) March 22, 2024 Bail Granted to #ElvishYadav #ElvishYadav_निर्दोष_है #ElvishArmy #ElvisHistory #Bail #NoidaPolice #ElvishaYadav #ElvishAmry pic.twitter.com/D7HgbrgL3P — ELVISH ARMY XD (@mr_priyanshu77) March 22, 2024
Elvish Yadav केस में नोएडा पुलिस से क्या हो गई गलती?
एल्विश यादव को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया था. नोएडा पुलिस ने कोर्ट को बताया कि गलती से पुलिस ने NDPS एक्ट का गलत सेक्शन जोड़ दिया है. उसे कागजों में ठीक करने की अनुमति दें. पुलिस ने बताया कि उन्हें एल्विश यादव पर NDPS एक्ट का सेक्शन 22 लगाना था लेकिन गलती से सेक्शन 20 लगा दिया गया.

