ग्रेटर नोएडा के जीरो पॉइंट पर 22 दिसंबर 2025 को होने वाली भारतीय किसान यूनियन की महापंचायत की तैयारियों को लेकर एक बैठक हुई। यह पंचायत परी चौक के पास झंडे वाले मंदिर पर आयोजित की गई, जिसमें महापंचायत की रणनीति तैयार की गई। बैठक की अध्यक्षता बेगराज प्रधान ने की, जबकि रॉबिन नागर और सुनील प्रधान ने इसका संचालन किया। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने किसानों की समस्याओं के समाधान न होने पर 22 दिसंबर को महापंचायत का ऐलान किया था। पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पवन खटाना ने बताया कि लंबे समय से किसानों की आबादी निस्तारण, बैकलीज, किसान कोटे के प्लॉट और युवाओं को रोजगार जैसी समस्याएं लंबित हैं। इसके अतिरिक्त, जेवर एयरपोर्ट विस्थापन नीति में बदलाव की मांग भी की जा रही है। टिकैत ने आगरा, मथुरा, अलीगढ़ और गौतम बुद्ध नगर के किसानों के साथ बैठक के बाद यह निर्णय लिया। मेरठ मंडल महासचिव अनित कसाना ने कहा कि महापंचायत के ऐलान के बाद अब गांव-गांव जाकर किसानों को जीरो पॉइंट पर इकट्ठा करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि उनकी समस्याओं का समाधान हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि तुगलपुर के झंडे वाले मंदिर के फ्लाईओवर की समस्या पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने कार्य शुरू कर दिया है, जिसके लिए प्राधिकरण के अधिकारियों का धन्यवाद किया गया। प्रकाश फौजी ने कहा कि 22 दिसंबर की महापंचायत ऐतिहासिक होगी और तीनों प्राधिकरणों को किसानों की समस्याओं का तुरंत समाधान करना चाहिए। सुनील प्रधान ने गौतम बुद्ध नगर में युवाओं को रोजगार न मिलने, आबादी के निस्तारण न होने, बैक लीज न मिलने और किसानों को 64.7%मुआवजा न मिलने जैसी प्रमुख समस्याओं को उठाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्राधिकरणों ने समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो धरना प्रदर्शन और भी बड़ा रूप ले सकता है, जिसके गंभीर परिणाम अधिकारियों को भुगतने होंगे।
ग्रेटर नोएडा की दनकौर थाना पुलिस ने अवैध हथियारों की आपूर्ति करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के पांच शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से तीन पिस्टल, तीन तमंचे और 166 कारतूस बरामद किए गए हैं। बरामद हथियारों में तीन .32 बोर की पिस्टल, तीन .315 बोर के तमंचे, .32 बोर के 160 कारतूस और .315 बोर के 6 कारतूस शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने 50 हजार रुपये नकद, एक बिना नंबर की स्कॉर्पियो और एक बलेनो गाड़ी भी जब्त की है। यह गिरोह नोएडा, ग्रेटर नोएडा और हरियाणा में अवैध हथियारों की आपूर्ति करता था। दनकौर पुलिस को सूचना मिली थी कि हथियार तस्कर गिरोह के सदस्य थाना क्षेत्र में असलाह और कारतूसों की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने जेपी प्रोजेक्ट के पास एक सुनसान जगह पर छापेमारी की। वहां से पुलिस ने एक बिना नंबर की स्कॉर्पियो और एक बलेनो कार से पांच लोगों को गिरफ्तार किया। बंटू से असलाह और कारतूस खरीदते थे गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान दादरी निवासी गजेंद्र, कासना निवासी सुमित, नॉलेज पार्क निवासी सागर, दनकौर निवासी हर्ष सिंगल और थाना कासना निवासी निखिल भाटी के रूप में हुई है। डीसीपी साद मिया खान ने बताया कि ये लोग मथुरा में जय गुरुदेव मंदिर के पीछे रहने वाले बंटू से असलाह और कारतूस खरीदते थे। बंटू महाकाली आर्म्स एंड एमूलेशन की दुकान, जो मंडी चौराहा मथुरा में है, वहां से कारतूस उपलब्ध कराता था। आरोपी कम दामों में हथियार खरीदकर अधिक दामों में बेचकर मुनाफा कमाते थे और अपनी मौज-मस्ती व शौक पूरे करते थे। सदस्यों को भी हथियार मुहैया कराता था पुलिस के अनुसार, यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर के बदमाशों और अन्य गिरोह के सदस्यों को भी हथियार मुहैया कराता था, जिसके बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है। फिलहाल, इस गिरोह के कई सदस्य फरार चल रहे हैं, जिनकी तलाश जारी है।
बसपा अपने सबसे बुरे सियासी दौर से निकलने को बेताब है। 9 अक्टूबर को लखनऊ के कार्यक्रम में उमड़ी लाखों की भीड़ से कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर है। अब बारी देश की राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा की है। 14 साल बाद बसपा नोएडा में शक्ति प्रदर्शन करने जा रही। दरअसल, साल-2007 के बाद से मायावती की राजनीतिक सक्रियता लगातार घटती गई। इसका असर सीट के नंबर और वोट शेयर पर भी दिखा। 2007 में 206 सीट और 30.4% वोट शेयर हासिल करने वाली बसपा 2012 में 80 सीट और 25.9% वोट शेयर पर आ गई। 2017 में 19 सीट के साथ ये वोट शेयर 22% और 2022 में 1 सीट के साथ 12.88% पर आ गया। दैनिक भास्कर ने बसपा में अपने सोर्सेज, पार्टी लीडर्स और पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स से समझने की कोशिश की कि मायावती ने लखनऊ के बाद आखिर नोएडा को क्यों चुना? पश्चिमी यूपी में इस शक्ति प्रदर्शन के बहाने बसपा क्या सियासी संदेश देना चाहती है? पश्चिम में मायावती दलित-मुस्लिम गठजोड़ तैयार करने में जुटींमायावती गौतमबुद्धनगर जिले की बादलपुर गांव की रहने वाली हैं। प्रदेश में 22 फीसदी दलितों में 12 फीसदी जाटव हैं। पश्चिमी यूपी में जाटव की आबादी अधिक है। कुछ जिलों में ये 30 फीसदी तक हैं। इस बार बसपा पश्चिमी यूपी में दलित-मुस्लिम गठजोड़ का नया समीकरण तैयार करने में जुटी है। बसपा ने पश्चिमी यूपी की कमान पार्टी के मुस्लिम चेहरे नौशाद अली को दे रखी है। मतलब बसपा यहां इस बार दलित-मुस्लिम समीकरण के बलबूते अपने खोए जनाधार को वापस लाना चाहती है। यही वजह है कि बसपा ने लखनऊ के बाद इस बार नोएडा को अपने शक्ति प्रदर्शन के लिए चुना। मायावती आखिरी बार नोएडा में सीएम रहते हुए 2011 में गई थीं। मतलब, 14 साल बाद वह नोएडा में किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होंगी। वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री कहते हैं- मायावती की निष्क्रियता के चलते ही बसपा के प्रदर्शन में भी गिरावट आई। मायावती यह बात समझ चुकी हैं। 9 अक्टूबर के लखनऊ कार्यक्रम में उन्होंने मंच से कहा था- मैं आप सबको आश्वस्त करती हूं कि अब आपके बीच में ज्यादा रहूंगी। यूपी विधानसभा- 2027 में बसपा एक मजबूत विकल्प के तौर पर खुद को दिखाना चाहती है। इसकी तैयारी उसने एक साल पहले से शुरू कर दी है। पश्चिम के 6 मंडलों के कार्यकर्ताओं को नोएडा बुलाया गयापार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल के मुताबिक, 6 दिसंबर को नोएडा में पश्चिमी यूपी के 6 मंडल आगरा, मेरठ, अलीगढ़, सहारनपुर, मुरादाबाद व बरेली और लखनऊ में प्रदेश के बाकी 12 मंडल के कार्यकर्ता डॉ. अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर जुटेंगे। इसके अलावा और कोई कार्यक्रम नहीं है। हालांकि, पार्टी के सोर्स साफ दावा करते हैं कि मायावती खुद 6 दिसंबर को नोएडा वाले कार्यक्रम में शामिल होंगी। मायावती अभी दिल्ली में हैं। पश्चिम के सभी मंडल कोआर्डिनेटरों को बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को लेकर नोएडा पहुंचने के लिए बोला जा रहा है। इसकी पूरी मॉनिटरिंग भी हो रही है। खुद पार्टी महासचिव सतीश मिश्रा तैयारियों की समीक्षा कर चुके हैं। पश्चिमी यूपी के प्रभारी नौशाद अली पार्टी पदाधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल पर तैयारियों का जायजा ले चुके हैं। इसकी तस्वीर सोशल मीडिया में पोस्ट करते हुए नौशाद ने लिखा- बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के आदेश पर 6 दिसंबर, 2025 को अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर 'राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल' नोएडा (गौतमबुद्ध नगर) में श्रद्धांजलि अर्पित करने का कार्यक्रम होगा। इसकी तैयारियों के लिए वह पार्टी पदाधिकारियों के साथ 23 नवंबर को राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल पहुंचे थे। इससे साफ है, मायावती इस कार्यक्रम में खुद शामिल होंगी। हालांकि इसका प्रचार-प्रसार नहीं किया जा रहा। वहां कोई मंच भी नहीं बनाया जा सकता। मतलब मायावती जाएंगी भी, तो श्रद्धांजलि अर्पित कर लौट आएंगी। सिर्फ वहां 6 मंडलों के कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटाकर बसपा की ताकत का प्रदर्शन होगा। लखनऊ में होने वाले 12 मंडलों के कार्यक्रम में खुद प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल मौजूद रहेंगे। नोएडा में दिल्ली और हरियाणा के कार्यकर्ता भी पहुंचेंगेसियासी जानकार मानते हैं कि मायावती नोएडा में शक्ति प्रदर्शन करके राष्ट्रीय स्तर पर अपने कमबैक का ऐलान करेंगी। नोएडा देश की राजधानी दिल्ली के करीब है। इस कार्यक्रम पर राष्ट्रीय मीडिया की भी नजर होगी। वहीं, नोएडा में आयोजन होने से दिल्ली और हरियाणा के बसपा कार्यकर्ताओं के भी पहुंचने में आसानी होगी। अभी वहां भीड़ का कोई लक्ष्य तो तय नहीं किया गया। लेकिन, पार्टी सोर्स बताते हैं कि एक से दो लाख लोग इस कार्यक्रम में पहुंच सकते हैं। इतनी भीड़ को लेकर प्रेरणा स्थल पर व्यवस्था की जा रही है। आखिर नोएडा में ही शक्ति प्रदर्शन क्यों?वरिष्ठ पत्रकार सैय्यद कासिम कहते हैं- पश्चिमी यूपी से ही बसपा को चंद्रशेखर के रूप में एक चुनौती मिल रही। आज जब लोकसभा में बसपा का एक भी सदस्य नहीं पहुंचा, तो चंद्रशेखर खुद अपनी पार्टी के सांसद हैं। चंद्रशेखर ने पश्चिमी यूपी में दलित-मुस्लिम समीकरण पर ही पार्टी का जनाधार बढ़ाने में जुटे हैं। हालांकि हाल के दिनों में चंद्रशेखर से जुड़े विवाद सामने आने के बाद से दलितों का उनसे तेजी से मोहभंग देखा जा रहा। चंद्रशेखर ने मुजफ्फरनगर में एक महीने की तैयारी कर जो सभा की, उसमें भी मुश्किल से 10 से 15 हजार ही लोग जुटे। ऐसे में बसपा नोएडा में शक्ति प्रदर्शन करके ये संदेश देना चाहेगी कि उसकी पकड़ पश्चिम में भी काफी मजबूत है। दलितों में बसपा प्रमुख मायावती का कोई दूसरा विकल्प नहीं बन सकता। मायावती मुस्लिमों को पार्टी से जोड़ने के लिए पिछले दिनों मुस्लिम भाईचारा कमेटी की बैठक ले चुकी हैं। उन्होंने मुसलमानों को खुला ऑफर दिया है कि भाजपा को हराना है तो वे उनका साथ दें। पश्चिमी यूपी में शक्ति प्रदर्शन के बहाने बसपा का सियासी संदेशपश्चिमी यूपी में जाटव वोटर सबसे ज्यादा हैं। बावजूद इसके 2022 में बसपा को सबसे बड़ा झटका पश्चिमी यूपी में ही मिला था। उसका वोट फीसदी 10-12 तक गिर गया। जबकि 5 साल पहले 18 से 20 फीसदी वोट बसपा को वहां मिला था। इसकी बड़ी वजह ये रही कि मायावती ने भले ही सबसे अधिक 98 मुस्लिमों को टिकट दिया था, लेकिन उनका वोट सपा गठबंधन की ओर गया। दूसरे सपा ने 2022 में रालोद के साथ जो गठबंधन किया, उसका भी उसे फायदा मिला था। बसपा अपने दलित मतदाताओं को साधकर एक बार फिर पश्चिम में दलित-मुस्लिम वोटबैंक के बलबूते 2027 के विधानसभा में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने को बेताब है। यही कारण है कि मायावती ने पश्चिमी यूपी की कमान भी मुस्लिम चेहरे नौशाद अली को सौंप रखी है। --------------------- ये खबर भी पढ़ें- यूपी में भाजपा क्या महिला अध्यक्ष देकर चौंकाएगी?, 14 दिसंबर तक ऐलान, वर्ना 15 जनवरी के बाद फैसला भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर अब इंतजार तेज हो गया है। बीजेपी के 14 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि आगामी कुछ दिनों में पार्टी को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल जाएगा। पार्टी के उच्चपदस्थ सूत्रों का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर दिल्ली में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने मंथन शुरू कर दिया है। भाजपा ने यूपी में 14 संगठनात्मक जिलों में जिलाध्यक्ष नियुक्ति की दूसरी सूची बुधवार देर रात जारी की है। अब तक 98 में से 84 जिलों में जिलाध्यक्ष नियुक्त कर दिए हैं। जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के बाद अब प्रदेश अध्यक्ष चुनाव की बारी है। भाजपा चौंकाने वाले निर्णय के लिए जानी जाती है। पढ़ें पूरी खबर
ग्रेटर नोएडा में पुलिस-गौकश मुठभेड़:एक बदमाश को गोली लगी, दर्जनभर से ज्यादा मुकदमे दर्ज
ग्रेटर नोएडा के जारचा थाना क्षेत्र में पुलिस और गौकशों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान एक गौकश के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया, जबकि उसका दूसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से हथियार और अन्य सामान बरामद किए हैं। ग्रेटर नोएडा के एडीसीपी सुधीर कुमार ने बताया कि शुक्रवार देर शाम जारचा रोड पर पुलिस चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की एक संदिग्ध बाइक पर सवार लोगों को रोकने का प्रयास किया गया। बदमाशों ने भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिससे बदमाश साजिद के पैर में गोली लग गई। उसका साथी शाहनवाज अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। घायल बदमाश साजिद को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। साजिद मेरठ के सिवालखास कस्बे का निवासी है और गौकशी करने वाले गिरोह से जुड़ा है। उस पर पहले से ही एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने बदमाशों के पास से एक देसी तमंचा, कारतूस, गंडासा, चाकू, रस्सी, प्लास्टिक का कट्टा और दो इंजेक्शन सहित कई अन्य सामान बरामद किए हैं। यह गिरोह जंगलों में घूमने वाले गोवंशों को निशाना बनाता था। उन्हें एकांत जगह पर ले जाकर रस्सी से बांधने के बाद हथियारों से काट दिया जाता था और फिर उनके मांस को बाजारों में बेचा जाता था। जारचा पुलिस ने साजिद के खिलाफ गोवंश संरक्षण अधिनियम और आर्म्स एक्ट सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मुठभेड़ में बरामद बिना नंबर प्लेट की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल का उपयोग कई आपराधिक मामलों में किया गया है। फरार आरोपी शाहनवाज की तलाश में कॉम्बिंग अभियान चलाया जा रहा है।
एपल ने भारत में अपना पांचवां रिटेल स्टोर 11 दिसंबर को नोएडा के DLF मॉल ऑफ इंडिया में खोलने का ऐलान किया है। यह दिल्ली NCR का दूसरा स्टोर होगा, पहला अप्रैल 2023 में दिल्ली में खुला था। बेंगलुरु (2 सितंबर) और पुणे (4 सितंबर) के बाद 2025 में एपल का यह तीसरा स्टोर ओपन होगा। CEO टिम कुक ने कहा था कि भारत में मुंबई-दिल्ली के अलावा चार और स्टोर खोले जाएंगे। नोएडा स्टोर में आईफोन 17 सीरीज, M5-पावर्ड मैकबुक प्रो और 14 मैकबुक प्रो जैसे लेटेस्ट प्रोडक्ट्स मिलेंगे। कस्टमर्स नए फीचर्स ट्राई कर सकेंगे। स्पेशलिस्ट, क्रिएटिव्स, जीनियस और बिजनेस टीम्स एक्सपर्ट सपोर्ट देंगे। भारत में तेजी से बढ़ रही एपल की ग्रोथ एपल के लिए भारत लगातार महत्वपूर्ण बाजार के रूप में उभरा है। मार्केट ट्रैकर IDC के अनुसार, 2025 में कंपनी देश में 15 करोड़ आईफोन बेच सकती है। इससे एपल का मार्केट शेयर पहली बार 10% से ऊपर जा सकता है। सितंबर तिमाही में एपल भारत का चौथा सबसे बड़ा स्मार्टफोन विक्रेता बना, जहां कंपनी ने लगभग 5 मिलियन यूनिट की बिक्री के साथ 25% सालाना वृद्धि दर्ज की। कुक ने हाल के कई एनालिस्ट कॉल में भारत को स्टैंडआउट मार्केट बताया है जहां कंपनी ने लगातार 15 तिमाहियों से रिकॉर्ड राजस्व हासिल किया है। स्टोर में 'टुडे एट एपल' सेशन्स भी होंगे नोएडा स्टोर में 'टुडे एट एपल' सेशन्स का आयोजन होंगे, जो पूरी तरह फ्री होंगे। इन सेशन्स में एपल के क्रिएटिव्स ग्राहकों को डिजिटल आर्ट, स्टोरीटेलिंग, प्रोडक्टिविटी और कोडिंग जैसे विषयों पर वर्कशॉप्स देंगे। ये सेशन्स उन लोगों के लिए खास होंगे जो अपने एपल डिवाइसेज का बेहतर इस्तेमाल सीखना चाहते हैं या कुछ नया और रचनात्मक करना चाहते हैं। गैजेट्स खरीद सकेंगे और सर्विस भी मिलेगी
ग्रेटर नोएडा के डाबरा गांव में मंगलवार को शहीद सुरेश सिंह भाटी की बेटी की शादी हुई। पंजाब से सेना के 50 जवान इस समारोह में शामिल होने के लिए नोएडा आये थे। उन्होंने शहीद की बेटी का कन्यादान किया। फंक्शन की पूरी जिम्मेदारी संभाली। यह दृश्य देखकर शादी में आए लोग भावुक हो गए। सबसे पहले ये दो तस्वीरें देखिए अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला मंगलवार को शहीद सुरेश भाटी की बेटी मुस्कान की शादी ग्रेटर नोएडा के कासना गांव निवासी पवन चपराना से हुई। शादी में शामिल होने के लिए सेना के जवानों को भी निमंत्रण भेजा गया था। जिसके बाद वह शादी में शामिल होने के लिए घर पहुंचे थे। उन्होंने शादी के दौरान पिता की सभी रस्में निभाई। जवानों ने शहीद सुरेश भाटी की बहादुरी के किस्से सुनाए और उनके बेटे हर्ष भाटी को भी अपने पिता के नक्शे कदम पर चलने के लिए प्रेरित किया। यह शादी आसपास के गांवों में चर्चा का विषय बनी हुई है। शहीद सुरेश सिंह भाटी के भाई पवन भाटी ने बताया कि सुरेश सिंह भाटी 2006 में कश्मीर के बारामूला में एक आतंकी हमले में शहीद हो गए थे। उनका बेटा हर्ष भाटी भी सेना में है और वर्तमान में बारामूला में ही तैनात होकर देश सेवा कर रहा है।
ग्रेटर नोएडा के आम्रपाली गोल्फ होम्स सोसायटी की लिफ्ट रविवार रात में चौथी मंजिल पर अटक गई। इसमें एक 12 साल का बच्चा फंस गया। उसने डोर खोलने के लिए इमरजेंसी बटन दबाया लेकिन डोर नहीं खुला। वह जोर-जोर से चीखने लगा। हाथ पैर पटकने लगा। कई बार बेल बजाया लेकिन मदद के लिए कोई नहीं आया। एक घंटे बाद पड़ोसी ने आवाज सुनी तो बच्चे के परिजन को जानकारी दी। परिजन लिफ्ट के पास पहुंचे। आरोप है कि वहां पर गार्ड मौजूद नहीं था। वह दूसरी जगह सो रहा था। परिजन ने मेंटेनेंस ऑफिस में जाकर घटना की जानकारी दी। जिसके बाद कर्मचारी दौड़कर लिफ्ट के पास पहुंचा। उसने लिफ्ट खोली तब जाकर बच्चा बाहर आ पाया। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला रात में बेटे को दूसरे टॉवर में भेजा था सोसाइटी के जे-1 में हरप्रीत अपने बेटे तनीव के साथ 19वें फ्लोर के फ्लैट में रहती हैं। उन्होंने बताया- परिवार के सदस्य सोसाइटी में बने दूसरे टावर में रहते हैं। रविवार शाम को वह बेटे के साथ परिजन के यहां थीं। रात करीब 9 बजे उन्होंने अपने बेटे को जे-1 टावर स्थित घर भेज दिया था। बच्चा जैसे ही लिफ्ट में घुसा दरवाजा बंद हो गया। लिफ्ट जैसे ही चौथे मंजिल पर पहुंची। तेज आवाज आई और लिफ्ट अटक गई। बेटे ने डोर खोलने के लिए बटन दबाया लेकिन दरवाजा नहीं खुला। वह काफी देर तक शोर मचाता रहा लेकिन कोई सुरक्षाकर्मी नहीं पहुंचा। रोने की आवाज सुनकर पड़ोसी ने फोन पर मां को दी सूचना पड़ोसी ने बच्चे की रोने की आवाजें सुनी। जिसके बाद फोन पर बच्चे के फंसे होने की जानकारी दी। रात 10 बजे के करीब वह लिफ्ट के पास पहुंची। वहां पर कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। वह भागकर मेंटेनेंस ऑफिस पहुंची। वहां के कर्मचारियों को बेटे के लिफ्ट में फंसे होने की जानकारी दी। जिसके बाद एक कर्मचारी भागता हुआ लिफ्ट के पास पहुंचा। उसने 10 मिनट में लिफ्ट का डोर खोला। लिफ्ट से निकलने के बाद से डरा हुआ है बच्चा हरप्रीत के अनुसार- बेटा जैसे ही लिफ्ट के बाहर आया। सीने से लिपटकर रोने लगा। वह काफी डरा हुआ था। वह जोर-जोर से सांस ले रहा था। उसे गोदकर में उठाकर कमरे में ले गया। उसे पानी पिलाया। थोड़ी देर बच्चे ने पूरी घटना की पूरी जानकारी दी। उसने बताया कि वह लिफ्ट से चौथी मंजिल पर आ रहा था। जैसे ही लिफ्ट चौथी मंजिल पर पहुंची। जोर से आवाज आई। बटन दबाया डोर नहीं खुला। उसके बाद इमरजेंसी बटन दबाया। काफी देर तक बेल बजता रहा लेकिन आवाज सुनकर कोई नहीं आया। सोसायटी के लोग बोले- कई महीनों से नहीं हुई है लिफ्ट की रिपेयरिंग सोसायटी के रेजिडेंट राजेश कुमार ने बताया कि बिल्डिंग में थिसेनक्रुप कंपनी की लिफ्ट लगी हुई है। इसकी रिपेयरिंग कई महीनों से नहीं हुई है। इस बारे में लोगों ने कई बार बिल्डिंग मैनेजमेंट से शिकायत भी की लेकिन किसी ने उस पर ध्यान नहीं दिया। जिसके चलते ये हादसा हुआ है। -------------------------------- यह खबर भी पढ़िए... मेरठ जेल में नीले ड्रम वाली मुस्कान मोटी हुई, बॉयफ्रेंड साहिल ने बदला लुक मेरठ जेल में बंद नीले ड्रम वाली मुस्कान का वजन बढ़ गया है। पति सौरभ हत्याकांड में गिरफ्तारी के वक्त वह दुबली-पतली थी। लेकिन अब मोटी दिखने लगी है। मुस्कान के बॉयफ्रेंड साहिल ने भी अपना लुक बदल लिया है। पहले उसके बाल बड़े थे। मगर छोटे हो गए हैं। वह पहले से तंदरुस्त हो गया है। पढ़िए पूरी खबर
यूपी में SIR पर संग्राम शुरू हो गया है। नोएडा में एक महिला टीचर ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया। लखनऊ में एक BLO की मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि BLO के काम का प्रेशर था। इस वजह से उनकी जान चली गई। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधाया। उधर, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश के सभी 1.62 लाख BLO को एक खुला लेटर लिखा है। VIDEO में देखिए क्या SIR की डेडलाइन बन रही डेथलाइन?
ग्रेटर नोएडा में एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर हाइवे से नीचे गिर गई। उसके बाद पलटते हुए 15 से 20 फीट दूर जाकर मंदिर से टकरा गई। हादसे में कार चला रहे डॉक्टर की मौत हो गई। धमाके की आवाज सुनकर राहगीर मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। थोड़ी देर बाद बादलपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तुरंत कार के अंदर फंसे डॉक्टर को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उसके बाद परिजनों को हादसे की जानकारी दी। घटना सोमवार सुबह NH-91 की है। सबसे पहले ये दो तस्वीरें देखिए अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला बादलपुर थाना प्रभारी अमित भड़ाना के अनुसार- अमित प्रसाद (42) दिल्ली के करावल नगर के रहने वाले थे। वह बुलंदशहर के खुर्जा स्थित PLRD अस्पताल में डॉक्टर के पद पर कार्यरत थे। हर शनिवार को ड्यूटी खत्म करने के बाद शाम को खुर्जा से दिल्ली अपने घर आते थे। सोमवार को सुबह में वह अपनी ब्रेजा कार से खुर्जा जा रहे थे। करीब 7:30 बजे जैसे ही उनकी कार बादलपुर थाना क्षेत्र के धूम मानिकपुर बाईपास पहुंची। अचानक कार का संतुलन बिगड़ गया। कार पलटते हुए हाईवे से गिरकर मंदिर की दीवार से जा टकराई। शीशा तोड़कर डॉक्टर को बाहर निकाला धमाके की आवाज सुनकर लोग मौके पर पहुंचे। देखा तो डॉक्टर कार के अंदर फंसा हुआ था। फौरन पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। कार का शीशा तोड़कर डॉक्टर को बाहर निकाला। उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रही थी। तब तक मौके पर उनकी मौत हो गई। कार की रफ्तार काफी तेज थी। आशंका है कि कार चालक को नींद की झपकी आई होगी। जिसके कारण कार अनियंत्रित होकर पलट गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। --------------- ये खबर भी पढ़िए... यूपी में SIR ड्यूटी से तंग महिला टीचर का इस्तीफा:कहा- 215 फॉर्म भर दिए, अब ये काम नहीं हो पाएगा यूपी के नोएडा में SIR ड्यूटी से तंग महिला टीचर ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे में लिखा- मैंने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के 215 फॉर्म फीड कर दिए हैं। अब मुझसे BLO का काम नहीं होगा, न ही पढ़ा पाऊंगी। मामला नोएडा सेक्टर-34 स्थित गेझा के उच्च प्राथमिक स्कूल का है। पढ़िए पूरी खबर...
सांप के जहर मामले में नवीनतम विकास में, नोएडा पुलिस ने बिग बॉस ओटीटी 2 विजेता और यूट्यूबर एल्विश यादव और सात अन्य के खिलाफ सूरजपुर अदालत में 1,200 पेज का आरोप पत्र दायर किया है। आरोप पत्र में 24 गवाहों के बयान भी दर्ज किये गये। नोएडा पुलिस नोएडा और गुरुग्राम समेत देशभर में दर्ज मामलों की जानकारी जुटा रही है। जयपुर लैब से सांप के जहर की पुष्टि करने वाली रिपोर्ट भी चार्जशीट में शामिल की गई है। सांप के जहर मामले से जुड़े वीडियो, कॉल डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को आधार बनाया गया। आरोप पत्र में एल्विश यादव पर लगाई गई एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के संबंध में साक्ष्य लगाए गए हैं। इसे भी पढ़ें: Telugu अभिनेता Jagapathi Babu बोले, सलमान खान के साथ हमेशा काम करना चाहता था, वह बहुत अच्छे हैं पिछले साल नवंबर में एल्विश यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी और इस मामले में 5 सपेरों समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। हाल ही में एल्विश यादव समेत तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था। पिछले साल पीपल फॉर एनिमल्स (पीएफए) संगठन की शिकायत के आधार पर नोएडा पुलिस ने सेक्टर 51 स्थित एक बैंक्वेट हॉल पर छापा मारा था और पांच लोगों को गिरफ्तार किया था. पीएफए ने अपनी एफआईआर में एल्विश का नाम लिया और उन पर रेव पार्टियों का आयोजन करने का आरोप लगाया, जिसमें वे विदेशियों को आमंत्रित करते हैं और जहरीले सांपों की व्यवस्था करते हैं। इसे भी पढ़ें: Manoj Bajpayee ने जाहिर की ख्वाहिश, कहा- असाधारण कहानियों के जरिए दर्शकों से जुड़ना चाहता हूं बता दें कि छापेमारी के दौरान नौ जहरीले सांप बरामद किए गए। पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत सांप की विष ग्रंथियां निकालना दंडनीय अपराध है और दोषी को सात साल की जेल हो सकती है। सिद्धार्थ यादव उर्फ एल्विश यादव गुरुग्राम के एक लोकप्रिय यूट्यूबर हैं। बिग बॉस ओटीटी 2 जीतने के अलावा वह अपने म्यूजिक वीडियो के लिए भी जाने जाते हैं और युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं।
यूट्यूबर और बिग बॉस ओटीटी 2 विजेता एल्विश यादव को पांच दिन की गिरफ्तारी के बाद सांप के जहर सप्लाई मामले में जमानत दे दी गई है। गिरफ्तारी के दिन एल्विश को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। उन्हें वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत हिरासत में ले लिया गया। गुरुवार को उनकी जमानत पर सुनवाई के लिए उन्हें नोएडा की एक स्थानीय अदालत में लाया गया, लेकिन सुनवाई टल गई। इस खबर की पुष्टि करते हुए, बिग बॉस 17 के प्रतियोगी अनुराग डोभाल (द यूके07 राइडर) ने ट्विटर पर लिखा, ऊपर वाला कभी गलत नहीं करेगा जमानत मिल जाएगी। इसे भी पढ़ें: Deepika Padukone और अपने बच्चे के साथ रहने के लिए काम से लंबा ब्रेक लेंगे Ranveer Singh? यहां पढ़े पूरी सच्चाई गुरुवार को नोएडा पुलिस ने एल्विश यादव पर लगा एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985) एक्ट हटा दिया। पुलिस ने कहा कि यह उनकी ओर से गलती थी। उन्होंने कहा, ''हमने गलती से एनडीपीएस एक्ट लगा दिया था, ये एक लिपिकीय गलती थी।'' मालूम हो कि एनडीपीएस एक्ट के तहत जमानत मिलना बहुत मुश्किल है। इसे भी पढ़ें: Fighter OTT Release | ऋतिक रोशन और दीपिका पादुकोण-स्टारर फाइटर इस तारीख को ओटीटी पर होगी रिलीज एल्विश यादव को गुरुग्राम में रेव पार्टियों में सांप के जहर की आपूर्ति करने के आरोप में पुलिस ने न्यायिक हिरासत में रखा था। उसके दोस्त विनय को भी हिरासत में ले लिया गया। अब एल्विश यादव को जमानत मिल गई है. कोर्ट के बाहर उनके प्रशंसक जमा हो गए थे। उन्होंने संकट के इस समय में उनका समर्थन करने वाले सभी लोगों का हाथ हिलाया। जमानत की खबर से एल्विश यादव के प्रशंसक खुशी से झूम उठे एल्विश यादव के प्रशंसक सोशल मीडिया पर इस खबर की सराहना कर रहे हैं। बिग बॉस ओटीटी 2 विजेता का समर्थन करने के लिए कई लोग आगे आए थे। विजेता के समर्थन में ईशा मालवीय और अभिषेक कुमार आगे आये थे। हमें देखना होगा कि पुलिस इस मामले को कैसे आगे बढ़ाती है। मैक्सटर्न उर्फ सागर ठाकुर के साथ मारपीट का मामला अभी भी कायम है। सात दिन के लिए भी नहीं गये जेल। सत्य है सत्य की जीत हुई बधाई हो एल्विश यादव #ElvishArmy #सुस्वागतम्_एल्विश_यादव #ElvishYadav pic.twitter.com/CCX25HrLAn — YesMan (@YesMan786) March 22, 2024 #ElvishYadav_निर्दोष_है #सुस्वागतम्_एल्विश_यादव #ElvishaYadav Got bail : pic.twitter.com/qVgff8xsxC — Narendra Choudhary (@jatnarendra_) March 22, 2024 Bail Granted to #ElvishYadav #ElvishYadav_निर्दोष_है #ElvishArmy #ElvisHistory #Bail #NoidaPolice #ElvishaYadav #ElvishAmry pic.twitter.com/D7HgbrgL3P — ELVISH ARMY XD (@mr_priyanshu77) March 22, 2024
Elvish Yadav केस में नोएडा पुलिस से क्या हो गई गलती?
एल्विश यादव को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया था. नोएडा पुलिस ने कोर्ट को बताया कि गलती से पुलिस ने NDPS एक्ट का गलत सेक्शन जोड़ दिया है. उसे कागजों में ठीक करने की अनुमति दें. पुलिस ने बताया कि उन्हें एल्विश यादव पर NDPS एक्ट का सेक्शन 22 लगाना था लेकिन गलती से सेक्शन 20 लगा दिया गया.

