MCC : NEET छात्रों के लिए खुशखबरी, MBBS समेत 659 नई सीटें एड, AIIMS समेत हजारों सीटें खाली
MCC NEET Round 2 Seat Matrix 2026: एमसीसी सीट मैट्रिक्स के मुताबिक राउंड 2 के लिए एमबीबीएस, बीडीएस और बीएससी नर्सिंग की कुल 659 नई सीटें जोड़ी गई हैं। इसके अलावा 11302 क्लियर वैकेंसी है ।
लाइब्रेरियन भर्ती में पात्रता परीक्षा पास को आयु में मिलेगी 10 साल की छूट
बिहार में लाइब्रेरियन की नियुक्ति में पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण को अधिकतम आयु सीमा में 10 साल की छूट मिलेगी। नियुक्ति के प्रथम संव्यवहार में भी अधिकतम आयु में दस साल की छूट मिलेगी।
बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा 2027 के लिए दो तरह के फॉर्म
बिहार बोर्ड 12वीं परीक्षा 2027 के लिए दो तरह के फॉर्म पोर्टल पर जारी किये गए हैं। सत्र 2025-27 के नियमित, स्वतंत्र कोटि के छात्रों के लिए अलग फॉर्म है और इससे पहले के छात्रों के लिए फॉर्म का फॉर्मेट अलग है।
यूपी में एफिलिएटेड प्राइमरी शिक्षक भर्ती में DElEd TET अनिवार्य, जानें नए योग्यता नियम
उत्तर प्रदेश में एडेड माध्यमिक स्कूलों के संबद्ध प्राइमरी अनुभाग में कक्षा एक से कक्षा पांच तक के शिक्षकों की भर्ती के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य कर दिया गया है।
RRB NTPC Vacancy 2026: रेलवे में एनटीपीसी के 5165 पदों पर नई भर्ती, देखें पोस्ट वाइज वैकेंसी
RRB NTPC New Vacancy 2026: रेलवे में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। रेलवे बोर्ड ने वर्ष 2026 में गैर-तकनीकी लोकप्रिय श्रेणी (एनटीपीसी) के 5165 पदों पर भर्ती को मंजूरी दे दी है। इनमें स्नातक स्तर के 3477 और स्नातक से नीचे के 1688 पद शामिल हैं।
यूपी में स्पेशल टीईटी के आवेदन 5 सितंबर से, 56 हजार शिक्षकों को पास करनी होगी परीक्षा
यूपी के कार्यरत उन शिक्षकों के लिए राहत की खबर है, जिन्हें TET पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने विशेष अध्यापक पात्रता परीक्षा (Special TET) 2026 का विज्ञापन जारी कर दिया है।
Bank of Baroda Education Loan 2026: देश-विदेश में पढ़ाई का सपना होगा पूरा, बिना गारंटी 7.5 लाख तक लोन
भारत के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में शुमार बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda - BOB) ने देश और विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च शिक्षा हासिल करने की चाह रखने वाले होनहार छात्रों के लिए अपने एजुकेशन लोन पोर्टफोलियो को बेहद आकर्षक और सुलभ बना दिया है। अक्सर आर्थिक तंगी या उच्च ट्यूशन फीस के चलते मेधावी विद्यार्थी अपने मनपसंद कॉलेज या यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने से चूक जाते हैं, लेकिन बीओबी एजुकेशन लोन योजना ऐसे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए एक बड़ा संबल बनकर उभरी है। इस योजना के तहत बैंक घरेलू पाठ्यक्रमों से लेकर ग्लोबल डिग्री प्रोग्राम्स के लिए 1.5 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रहा है, जिसमें न्यूनतम कागजी कार्रवाई और तेज अप्रूवल की सुविधा शामिल है।प्रमुख योजनाएं: बड़ौदा ज्ञान, बड़ौदा स्कॉलर और प्रीमियर संस्थान लोनबैंक ऑफ बड़ौदा ने छात्रों की विभिन्न शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अपने एजुकेशन लोन को कई विशेष श्रेणियों में विभाजित किया है। भारत में ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, इंजीनियरिंग, मेडिकल और मैनेजमेंट जैसे प्रोफेशनल कोर्सेज के लिए 'बड़ौदा ज्ञान' (Baroda Gyan) योजना संचालित की जाती है। वहीं, विदेश के टॉप विश्वविद्यालयों में मास्टर्स, स्टेम (STEM), एमबीए या वोकेशनल कोर्स करने के इच्छुक छात्रों के लिए 'बड़ौदा स्कॉलर' (Baroda Scholar) स्कीम बेहद लोकप्रिय है। इसके अलावा, भारत के शीर्ष संस्थानों जैसे आईआईटी, आईआईएम, एम्स और एनआईटी में प्रवेश पाने वाले छात्रों के लिए 'Baroda Education Loan for Premier Institutions' के तहत विशेष रियायती दरों और आसान नियमों पर उच्च लोन राशि की पेशकश की जाती है।लोन राशि, ब्याज दरें और ब्याज में विशेष छूटबैंक ऑफ बड़ौदा एजुकेशन लोन के तहत ऋण राशि पाठ्यक्रम और संस्थान की श्रेणी पर निर्भर करती है। प्रीमियर संस्थानों और विदेशी पढ़ाई के लिए बैंक 80 लाख से लेकर 1.5 करोड़ रुपये तक का लोन स्वीकृत करता है, जबकि गैर-प्रीमियर संस्थानों के लिए सामान्यतः 60 लाख रुपये तक की सीमा तय की गई है। ब्याज दरें रेपो-लिंक्ड लेंडिंग रेट (BRLLR) से जुड़ी होती हैं, जो सामान्यतः 8.55% से 10.50% के दायरे में शुरू होती हैं। देश के टॉप-रैंक्ड संस्थानों के लिए स्प्रेड मार्जिन कम रखा जाता है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बैंक महिला छात्राओं को लागू ब्याज दर में 0.50% तक की विशेष ब्याज छूट (Concession) भी प्रदान करता है।बिना किसी गारंटी (कोलैटरल-फ्री) लोन की सुविधाअभिभावकों की सबसे बड़ी चिंता गारंटी या संपत्ति बंधक रखने को लेकर होती है, जिसका समाधान बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपने नियमों में किया है। 4 लाख रुपये तक के एजुकेशन लोन के लिए किसी भी प्रकार की सुरक्षा या मार्जिन मनी की जरूरत नहीं होती। 4 लाख रुपये से 7.50 लाख रुपये तक के लोन के लिए केवल माता-पिता या अभिभावक का सह-आवेदक होना और थर्ड-पार्टी गारंटी पर्याप्त मानी जाती है। 7.50 लाख रुपये से अधिक के लोन के लिए बैंक 100% टेंजिबल कोलैटरल सिक्योरिटी (जैसे जमीन, मकान, फिक्स्ड डिपॉजिट आदि) की मांग करता है। हालांकि, देश के चिन्हित प्रीमियर संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को 20 लाख से 40 लाख रुपये तक का लोन बिना किसी संपत्ति गारंटी के भी दिया जाता है।कौन से खर्चे कवर होते हैं? पूरा वित्तीय बोझ उठाएगा बैंकबीओबी का एजुकेशन लोन केवल कॉलेज की ट्यूशन फीस तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि यह छात्र के संपूर्ण शैक्षणिक जीवन-यापन के खर्च को कवर करता है। इसमें कॉलेज व हॉस्टल फीस, परीक्षा, लाइब्रेरी और लैब शुल्क, किताबें, यूनिफॉर्म, स्टडी मटेरियल, जरूरी कंप्यूटर या लैपटॉप की खरीद, विदेश यात्रा के लिए एयर टिकट (इकोनॉमी क्लास), छात्र स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम और प्रोजेक्ट वर्क से जुड़े अन्य वाजिब खर्चे शामिल हैं। इसका मतलब यह है कि छात्र को एडमिशन के बाद अतिरिक्त खर्चों के लिए किसी अन्य वित्तीय स्रोत पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ती।पात्रता मानदंड: किन्हें मिलेगा इस लोन का लाभ?बैंक ऑफ बड़ौदा एजुकेशन लोन प्राप्त करने के लिए आवेदक का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है। छात्र ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय से पूर्ववर्ती परीक्षा अच्छे अंकों के साथ उत्तीर्ण की हो। भारत या विदेश के किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज अथवा विश्वविद्यालय में किसी प्रोफेशनल या टेक्निकल डिग्री/डिप्लोमा कोर्स में मेरिट या प्रवेश परीक्षा (जैसे JEE, NEET, CAT, GRE, GMAT आदि) के माध्यम से पक्का एडमिशन होना जरूरी है। लोन आवेदन में माता-पिता, पति/पत्नी या अभिभावक का सह-आवेदक (Co-applicant) के रूप में शामिल होना अनिवार्य होता है।पुनर्भुगतान की अवधि और मोरैटोरियम पीरियड (EMI हॉलिडे)लोन की वापसी को लेकर छात्रों पर पढ़ाई के दौरान कोई दबाव नहीं रहता। बैंक मोरैटोरियम पीरियड यानी रीपेमेंट हॉलिडे प्रदान करता है। इसका अर्थ यह है कि छात्र को कोर्स की पूरी अवधि और उसके बाद 1 वर्ष (या नौकरी मिलने के 6 महीने बाद, जो भी पहले हो) तक कोई ईएमआई नहीं देनी होती। मोरैटोरियम खत्म होने के बाद लोन चुकाने के लिए 10 से 15 साल तक का लंबा समय दिया जाता है, जिससे मासिक किस्त बेहद किफायती हो जाती है। इसके अलावा, इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80E के तहत एजुकेशन लोन के ब्याज पर टैक्स छूट का दोहरा लाभ भी मिलता है।आवश्यक दस्तावेज: आवेदन से पहले रखें तैयारलोन की प्रक्रिया को तेज करने के लिए छात्रों को कुछ जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखने चाहिए। इनमें छात्र और सह-आवेदक के केवाईसी दस्तावेज (आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट), निवास प्रमाण पत्र, छात्र की 10वीं, 12वीं और ग्रेजुएशन की मार्कशीट, प्रवेश परीक्षा का स्कोरकार्ड, विश्वविद्यालय का औपचारिक एडमिशन या ऑफर लेटर, फीस स्ट्रक्चर का विस्तृत विवरण, सह-आवेदक की पिछले 6 महीने की बैंक स्टेटमेंट और सैलरी स्लिप या 2 साल का आईटीआर (ITR), तथा 7.50 लाख से अधिक के लोन के मामले में संपत्ति के मूल कानूनी दस्तावेज शामिल हैं।बैंक ऑफ बड़ौदा एजुकेशन लोन के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन कैसे करें?शिक्षा ऋण के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल है।विद्या लक्ष्मी पोर्टल के माध्यम से: छात्र भारत सरकार के आधिकारिक विद्या लक्ष्मी पोर्टल (Vidya Lakshmi Portal) पर जाएं और रजिस्ट्रेशन करें। वहां कॉमन एजुकेशन लोन एप्लीकेशन फॉर्म (CELAF) भरें, अपनी पसंद के बैंक के रूप में 'Bank of Baroda' और निकटतम शाखा का चयन करें तथा जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।बीओबी की आधिकारिक वेबसाइट द्वारा: बैंक ऑफ बड़ौदा की आधिकारिक वेबसाइट (bankofbaroda.in) पर जाएं, 'Loans' सेक्शन के तहत 'Education Loan' पर क्लिक करें और 'Apply Online' का विकल्प चुनें।निकटतम शाखा में जाकर: यदि आप ऑफलाइन आवेदन करना पसंद करते हैं, तो अपने सभी शैक्षणिक और वित्तीय दस्तावेजों के साथ निकटतम बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में विजिट करके एजुकेशन लोन डेस्क से सीधे संपर्क कर सकते हैं।बैंक द्वारा दस्तावेजों की जांच और क्रेडिट मूल्यांकन के बाद स्वीकृति पत्र (Sanction Letter) जारी कर दिया जाता है, जिसके बाद स्वीकृत राशि सीधे संबंधित शैक्षणिक संस्थान के खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।
एयर मार्शल के बेटे और वीर चक्र विजेता ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने 22 साल की सेवा के बाद वायुसेना से रिटायरमेंट लेकर फ्लाई91 एयरलाइन जॉइन की है। जानिए उनकी पढ़ाई और ट्रेनिंग की पूरी कहानी।
CBSE की तीन-भाषा नीति को लेकर सुप्रीम कोर्ट में थी सुनवाई, केंद्र ने क्या रखा पक्ष
सुप्रीम कोर्ट ने CBSE की तीन-भाषा नीति पर सुनवाई टाल गई है। केंद्र ने कार्यान्वयन के सुझावों के लिए और समय मांगा है जिसके लिए अगले हफ्ते अगली सुनवाई होगी।
संस्कृत नहीं आती? कोई बात नहीं… जन्माष्टमी पर कृष्ण की गीता सीखने का मौका बिल्कुल मुफ्त
आप भी मुफ्त में सही उच्चारण और अर्थ सहित गीता सीखना चाहते हैं तो LearnGeeta का 50वां गोल्डन बैच जन्माष्टमी पर शुरू होने जा रहा है।
यूजीसी नेट 2026 री-एग्जाम का एडमिट कार्ड ऐसे करें डाउनलोड, देखें 9 और 10 सितंबर का पूरा शेड्यूल
एनटीए जल्द ही यूजीसी नेट री-एग्जाम 2026 का एडमिट कार्ड जारी करने वाला है। अंग्रेजी, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषय की परीक्षा 9 और 10 सितंबर को होगी। अभ्यर्थी इसे आधिकारिक पोर्टल से डाउनलोड कर सकेंगे।
शिक्षक दिवस पर दें ये शानदार स्पीच, तालियों से गूंज उठेगा मैदान
शिक्षक दिवस पर स्कूल में देने के लिए एक शानदार, दिल को छू लेने वाला भाषण यहां पढ़ें जिसे बोलकर आप सबकी तालियां बटोर सकते हैं।
युगों से जीवंत है कृष्ण का विराट व्यक्तित्व और जीवन-दर्शन
भाद्रपक्ष कृष्ण अष्टमी का पावन पर्व सम्पूर्ण भारतवर्ष में भारतीय जनमानस के नायक, योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और भक्ति के साथ मनाया जाता है। जन्माष्टमी केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और जीवन-दर्शन में श्रीकृष्ण के विराट व्यक्तित्व और उनके लोककल्याणकारी संदेशों का स्मरण कराने वाला पर्व है। श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार, भाद्रपक्ष कृष्ण अष्टमी की अर्धरात्रि में रोहिणी नक्षत्र और वृष राशि के संयोग में मथुरा के कारागार में वसुदेव की पत्नी देवकी के गर्भ से भगवान श्रीकृष्ण का अवतरण हुआ था। अत्याचारी कंस के आतंक से त्रस्त मथुरा में श्रीकृष्ण का जन्म अन्याय और अधर्म के विरुद्ध धर्म, सत्य और न्याय की विजय की आशा का प्रतीक बना। पौराणिक मान्यता के अनुसार, श्रीकृष्ण भगवान विष्णु के पूर्णावतार माने जाते हैं और उनके व्यक्तित्व में बाल-सुलभ चंचलता, अद्भुत करुणा, अनुपम प्रेम, असाधारण पराक्रम, दूरदर्शी कूटनीति तथा गहन आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। उन्होंने भगवद्गीता के माध्यम से कर्म, धर्म और कर्तव्य का ऐसा कालजयी संदेश दिया, जो आज भी मानवता का मार्गदर्शन करता है। इस वर्ष 4 सितंबर को भगवान श्रीकृष्ण की 5253वीं जन्माष्टमी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जा रही है। मंदिरों में विशेष सजावट, झांकियों, भजन-कीर्तन और मध्यरात्रि में भगवान के जन्मोत्सव के साथ यह पर्व भारतीय सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। जन्माष्टमी के दिन देशभर में मंदिरों को सजाया जाता है, लोग रात्रि के 12 बजे तक व्रत रखते हैं और रात्रि 12 बजे शंख और घंटों की ध्वनि के जरिये भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खबर चारों दिशाओं में गूंज उठती है। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने बाल्याकाल में अनेकों लीलाएं की, जन्माष्टमी के अवसर पर ऐसी ही अनेक लीलाओं का मंचन किया जाता है। सही मायनों में श्रीकृष्ण हमारे इतिहास के अभिन्न अंग हैं, जिनका सम्पूर्ण व्यक्तित्व जितना मोहक था, उतना ही रहस्यमयी भी और उतनी ही अनोखी थी उनकी लीलाएं। बाल्यावस्था से लेकर जीवनपर्यन्त लीलाएं करते रहे श्रीकृष्ण में कभी भगवान के दर्शन होते हैं तो कभी वे एक साधारण मानव सरीखे प्रतीत होते हैं। दिलचस्प तथ्य यह है कि मानव के रूप में भी श्रीकृष्ण उतना ही आकर्षित करते हैं, जितना कि भगवान के रूप में। उनका एक-एक कार्य मन में गहरा स्थान बना जाता है। उनके आदर्श, उनके जीवन की विद्वत्ता, वीरता, कूटनीति, योगी सदृश उज्जवल, निर्मल एवं प्रेरणादायक पक्ष, सब हमारे लिए अनुकरणीय हैं। श्रीकृष्ण को प्रेम एवं मित्रता के अनुपम प्रतीक के रूप में भी जाना जाता है। बचपन के निर्धन मित्र सुदामा को उन्होंने अपने राज्य में जो मान-सम्मान दिया, वह मित्रता का अनुकरणीय उदाकरण बना। इसे भी पढ़ें: Krishna Janmashtami 2026: ऐश्वर्य एवं वैराग्य का अद्भुत संगम है श्रीकृष्ण श्रीकृष्ण की लीलाओं को समझना जहां पहुंचे हुए ऋषि-मुनियों और बड़े-बड़े विद्वानों के बूते से भी बाहर था, वहीं अनपढ़, गंवार माने जाते रहे निरक्षर और भोले-भाले ग्वाले और गोपियां उनका सानिध्य पाते हुए उनकी दिव्यता का सुख पाते रहे। उन्हें कन्हैया कहें या कृष्ण, पीताम्बर कहें या वासुदेव या फिर देवकीनंदन अथवा यशोदानंदन, वास्तव में श्रीकृष्ण का भारतीय संस्कृति में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। वे महाभारत काल के ऐसे आध्यात्मिक एवं राजनीतिक दृष्टा रहे, जिन्होंने धर्म, सत्य और न्याय की रक्षा के लिए दुर्जनों का संहार किया। वे शांति, प्रेम एवं करूणा के साकार रूप थे। महाभारत युद्ध के समय शांति के सभी प्रयास असफल होने पर उन्होंने संशयग्रस्त धनुर्धारी अर्जुन को ज्ञान का उपदेश देकर कर्त्तव्य मार्ग पर अग्रसर किया और अन्याय की सत्ता को उखाड़ने के लिए अपने ही कौरव भाईयों के साथ युद्ध करते हुए उन्हें अपने कर्मों का पालन करने के लिए गीता का उपदेश दिया। युद्ध के समय वे हर पल धर्म की रक्षा करने के लिए अधर्म करने वालों के खिलाफ खड़े नजर आए, इसीलिए उन्हें अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक के रूप में भी जाना जाता है। गीता में उपदेश देते हुए श्रीकृष्ण ने कहा थाः- यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत। अभ्युत्थानम धर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम।। अर्थात् हे भारत! जब-जब धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि होती है, तब-तब ही मैं अपने रूप को रचता हूं अर्थात् साकार रूप से लोगों के सम्मुख प्रकट होता हूं। बाल्याकाल से लेकर बड़े होने तक श्रीकृष्ण की अनेक लीलाएं विख्यात हैं। श्रीकृष्ण ने अपने बड़े भाई बलराम का घमंड तोड़ने के लिए हनुमान जी का आव्हान किया था, जिसके बाद हनुमान ने बलराम की वाटिका में जाकर बलराम से युद्ध किया और उनका घमंड चूर-चूर कर दिया था। श्रीकृष्ण ने नररकासुर नामक असुर के बंदीगृह से 16100 बंदी महिलाओं को मुक्त कराया था, जिन्हें समाज द्वारा बहिष्कृत कर दिए जाने पर उन महिलाओं ने श्रीकृष्ण से अपनी रक्षा की गुहार लगाई और तब श्रीकृष्ण ने उन सभी महिलाओं को अपनी रानी होने का दर्जा देकर उन्हें सम्मान दिया था। अपने एक उपदेश में योगेश्वर श्रीकृष्ण ने कहा था:- परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम। धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे।। अर्थात् साधु पुरुषों का उद्धार करने के लिए, पाप कर्म करने वालों का विनाश करने के लिए और धर्म की अच्छी तरह से स्थापना करने के लिए मैं युग-युग में प्रकट हुआ करता हूं। श्रीकृष्ण का स्वरूप कितना दिव्य था, इसकी अनुभूति इसी से हो जाती है कि एक ओर जहां अपने स्तनों पर विष लेप कर मां का रूप धारण कर दूध पिलाने आई राक्षसी पूतना का दूध पीकर श्रीकृष्ण उसे मां का सम्मान देते हैं तो दूसरी ओर उसकी दुष्टता के लिए उसका वध भी करते हैं। श्रीकृष्ण ने लंबे समय तक द्वारका पर शासन किया, इसीलिए उन्हें द्वारकाधीश नाम से भी जाना जाता है। 36 वर्षों तक द्वारका पर शासन करने के बाद वे परम धाम को प्राप्त हुए थे। पाप-पुण्य, नैतिक-अनैतिक, सत्य-असत्य से परे पूर्ण पुरूष की अवधारणा को साकार करते श्रीकृष्ण भारतीय परम्परा के ऐसे प्रतीक हैं, जो जीवन का प्रतिबिम्ब हैं और सम्पूर्ण जीवन का चित्र प्रस्तुत करते हैं। उनका चित्र जनमानस के हृदय पटल पर एक कुशल नेतृत्वकर्ता, योद्धा, गृहस्थी, सारथी, योगीराज, देवता इत्यादि विविध रूपों में अंकित है। श्रीकृष्ण बंधन भी हैं और मुक्ति भी, एक ओर जहां वे अपने भक्तों को अपने आकर्षण में बांधते हैं तो उन्हीं भक्तों को मोह-माया के बंधन से मुक्त भी करते हैं। - योगेश कुमार गोयल (लेखक 36 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय वरिष्ठ पत्रकार और ‘सागर से अंतरिक्ष तक: भारत की रक्षा क्रांति’ सहित कई पुस्तकों के लेखक हैं)
अक्सर कहा जाता है कि सपने देखना तो आसान है, लेकिन उन्हें हकीकत में बदलना उतना ही मुश्किल
बिहार की टीचर का बच्चों को पढ़ाने का गजब अंदाज, अब शिक्षक दिवस पर मिलेगा अवॉर्ड
नवादा की शिक्षिका निकिता भारती का चयन राजकीय शिक्षक सम्मान 2026 के लिए हुआ है। प्राथमिक विद्यालय शाहपुर नहर की प्रधान शिक्षिका निकिता भारती को 5 सितंबर को पटना में आयोजित शिक्षक दिवस समारोह में सम्मानित किया जाएगा।
NEET में 160 नहीं 680 अंक बन रहे, लड़की के झूठे दावे पर कोर्ट ने सुनाई सजा, पर एक राहत भी दी
NTA के खिलाफ नीट छात्रा के आरोपों में कोई ठोस आधार नहीं था। कोर्ट ने उसकी 160 की बजाय 680 अंक होने की याचिका खारिज करते हुए 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया।
भावी संकट की पूर्व चेतावनी है नेपाल त्रासदी
एक बात साफ हो जानी चाहिए कि दुनिया के देशों के लिए नेपाल त्रासदी को हल्के में लेना बड़ी भूल होगी। 2020 की कनाड़ा की रॉक स्लाइड और 2023 की सिक्किम में साउथ ल्होनक झील की ग्लेशियल फटने की घटना हमारे सामने हैं। यह कोई पहली या अंतिम घटनाएं नहीं हैं अपितु देखा जाएं तो यह समय रहते प्रयास नहीं किये गये तो ऐसी घटनाओं की आवृति जल्दी जल्दी और अतिविनाशकारी होगी, इससे नकारा नहीं जा सकता। जलवायु परिवर्तन के कारण पिछले सालों में जिस तरह से प्रकृति का विकराल रुप देखने को मिल रहा है वह चाहे तूफानों के रुप में हो, चाहे जंगलों में लगती आग के कारण हो, ग्लेशियरों के पिघलने की हो, ग्लेशियलों के फटने की हो, भूकंपों की हो, बैमौसम आंधी बरसात की हो, अतिवृष्टि या अनावृष्टि की हो, मौसम चक्र में भले ही आंशिक परिवर्तन की हो या समुद्र्री तूफानों की बढती फ्रिक्वेंसी की हो बेहद गंभीर हो जाती है। वैज्ञानिकों व विशेषज्ञों की लगातार चेतावनी को नजरअंदाज करने का ही परिणाम है कि नेपाल जैसी त्रासदियां आम होती जा रही है। यह केवल नेपाल या इससे जुड़े क्षेत्र के लिए ही गंभीर हालात नहीं हैं अपितु अमेरिका, चीन, भारत सहित दुनिया के दस देश नेपाल जैसी त्रासदी के मुहाने पर खड़े हैं। ग्लेशियल के फटने या यों कहें किग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी कि ग्लोफ जैसे हालात कभी भी इनके दायरें में आने वाले देशों में हो सकते हैं। यह भी सही है कि अभी तक भारत-नेपाल ही नहीं दुनिया के इस दायरें में आने वाला कोई भी देश इन आपदाओं से निपटने में पूरी तरह सक्षम नहीं हो सके हैं। जानकारों की मानें तो भारत, चीन, पाकिस्तान, पेरु के एक करोड़ 50 लाख लोग इनके दायरें में सीधे सीधे आ रहे हैं। यह वह लोग है जो इन ग्लेशियलों के एक किलोमीटर से 10 किलोमीटर के दायरें में रह रहे हैं। आज ग्लोफ खतरें के दायरें में भारत, पाकिस्तान, कनाड़ा, पेरु, अमेरिका, चिली, इटली, नेपाल और कोलंबिया आए हुए हैं। उत्तराखंड त्रासदी हमारे सामने हैं और उस त्रासदी के परिणाम सामने होने के बावजूद लगभग साल दर साल भूस्खलन के मामले हर सीजन में सामने आ रहे हैं। यह साफ हो जाना चाहिए कि प्रकृति से एक सीमा से अधिक खिलवाड़ किया जाता है तो विकृति का सामना हमें करना ही पड़ेगा। जीवनदायी यही प्रकृति अपने विकराल रुप में पलटवार करती है। ऐसे में समय के साथ सबक लेना जरुरी हो जाता है। आज सारी दुनिया में पर्यावरण संरक्षण की बात तो की जाती है पर उस पर अमल पूरी तरह से हो नहीं पा रहा है। विशेषज्ञों की माने तो हालात यही रहे तो सदी के अंत तक समुद्र का जलस्तर दो मीटर तक बढ़ सकता है। तो दूसरी और अभी से समुद्र तटीय कई शहर डूबने की जद में आने की चेतावनियां दी जा रही है। इसे भी पढ़ें: 6,000 लीटर यूरिन प्रतिदिन, इंसानी पेशाब अब हिमालय पिघला रहा है, महाप्रलय का अल्टीमेटम नेपाल की हालिया त्रासदी का कारण ग्लेशियल का फटना माना जा रहा है। दरअसल ग्लेशियर और ग्लेशियल में हमें भेद करके चलना होगा। ग्लेशियर भौगोलिक संरचना होती है। यह पहाड़ों और ध्रुवों पर लंबे समय से जमा बर्फ खण्ड होते हैं। यह अपने गुरुत्वाकर्षण के कारण जमे रहते हैं पर जलवायु परिवर्तन और तापमान के बढने के कारण आज बड़ी मात्रा में ग्लेशियर के पिघलने की गति तेज होती जा रही है। दरअसल ग्लेशियरों के बड़े खण्डों के पिघल कर गिरने से ग्लेशियल झील बनती हैं। ग्लेशियल झील बन जाती है इसे हिमनदी झील भी कह सकते हैं। नेपाल की हालिया त्रासदी ग्लेशियल झील के फटने के कारण ही हुई है। वैज्ञानिकों की माने तो ग्लेशियलों के निर्माण की गति में काफी तेजी आई है। यदि हम हिमालय क्षेत्र की ही बात करें तो सतलुज बेसिन में 2019 में 560 ग्लेशियल झीलें थी जो चार साल यानी की 2023 तक 1048 हो गई हैं। नेपाल त्रासदी ग्लेशियल लेक आदटबर्स्ट फ्लड यानी की ग्लोफ का परिणाम है। साधारण शब्दों में कहा जाएं तो यह ग्लेशियल झील के फटने का परिणाम है। ऐसा नहीं है कि वैज्ञानिक इन हालातों पर नजर नहीं रख रहे हो बल्कि देखा जाएं तो लीड्स विश्वविद्यालय के ग्लेशियल फ्लडिंग के विशेषज्ञ डॉ. जानाथन कारीविक पहले ही चेता चुके हैं। हमारे देश के ही राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एनडीएमए के विशेषज्ञों ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल एनजीटी को रिपोर्ट प्रस्तुत कर हालात से रुबरु कराने के साथ ही ठोस सुझाव भी दिए हैं। दरअसल एक सीमा से अधिक प्रकृति से छेड़छाड़ का ही परिणाम इस तरह की त्रासदियां होती हैं। आज लाख चेतानें के बावजूद सतलुज बेसिन में बांधों के साथ साथ विद्युत परियोजनाओं सहित विकास परियोजनाओं का दखल बढ़ा है। एक सीमा से अधिक मानवीय दखल बढ़ी है। इससे तापमान में स्वाभाविक रुप से बढ़ोतरी होने के साथ ही अपशिष्ट भी फैल रहा है। दरअसल प्रकृति से प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रुप से छेडछाड़ बढ़ रही है। एनडीएमए ने साफ साफ कहा है कि सतलुज बेसिन में नए निर्माण कार्यां या नई परियोजनाओं की स्वीकृति से पहले उनके परिणामों का भली प्रकार से अध्ययन और विश्लेषण किया जाएं। परिणामों का आंकलन कर गुणावगुण के आधार पर निर्णय लिए जाए। पर्यावरणीय परिणामों को देखकर ही कोई निर्णय लिया जाएं। यह भी देखा जाएं कि ऐसे स्थानों में मानवीय दखल को एक सीमित दायरें तक ही रखा जाएं। इसके साथ ही जलवायु व पर्यावरण विशेषज्ञों का दायित्व अधिक हो जाता है और आवश्यकता होने पर प्रकृति को बचाने के लिए इस क्षेत्र में कार्य कर रहे गैरसरकारी संगठनों को भी आगे आना होगा। आपदा प्रबंधन को भी ऐसा सिस्टम विकसित करना होगा जिससे इस तरह की घटनाओं की समय रहते चेतावनी मिल सके ताकि कम से कम जन हानि को तो बचाया जा सके। - डॉ. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा
देश के लाखों युवा आज भी प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों के मुकाबले सरकारी नौकरियों को प्राथमिकता देते हैं।
शशि थरूर की अंग्रेजी को छोड़िए, स्मृति ईरानी के इन शब्दों की खूब चर्चा; आपका भी ज्ञान हो जाएगा दमदार
स्मृति ईरानी की अंग्रेजी के चंद शब्दों की खूब चर्चा हो रही है। आप भी इन शब्दों के बारे में जानकर अपने शब्दकोष में शब्दों के भंडार को बढ़ा सकते हैं।
इंडियन ओवरसीज बैंक में 291 पदों पर भर्ती, 15 सितंबर तक करें आवेदन; 1 लाख से ज्यादा सैलरी
सरकारी बैंक में नौकरी के लिए तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। इंडियन ओवरसीज बैंक में जेनरलिस्ट और स्पेशलिस्ट ऑफिसर के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया...
UPSC की तैयारी कैसे करते हैं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के प्रश्न पर IAS अफसरों ने क्या दिया जवाब
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि जब मैं उत्सुकतावश अधिकारियों से और UPSC अभ्यर्थियों से पूछता हूं कि यूपीएससी की तैयारी कैसे करते हैं, तो ये लोग बोलते हैं कि एनसीईआरटी बुक से होती है।
4 सितंबर को बंद रहेंगे स्कूल? मूसलाधार बारिश के बीच क्या कल रहेगा अवकाश, जानिए IMD का ताजा अपडेट
4 सितंबर को स्कूल बंद रहेंगे या नहीं? IMD ने उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। जानिए स्कूल छुट्टी और मौसम की स्थिति को लेकर अपडेट।
John Ternus Salary: Apple के नए CEO जॉन टर्नस को सालाना 58 मिलियन डॉलर करीब 551 करोड़ रुपये का पैकेज मिलेगा। टिम कुक की जगह लेने वाले 51 वर्षीय टर्नस मैकेनिकल इंजीनियर हैं और साल 2001 से Apple से जुड़े हैं।
देश की राजधानी दिल्ली के शैक्षणिक गलियारों और विशेष तौर पर दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के परिसरों में इन दिनों एक बेहद खास और उत्साहजनक चर्चा तेजी से फैल रही है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बार फिर से डीयू के सबसे प्रतिष्ठित और नामी शिक्षण संस्थानों में शुमार श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स यानी एसआरसीसी (SRCC) के दौरे पर जाने की प्रबल संभावनाएं जताई जा रही हैं। यदि यह दौरा तय होता है, तो यह केवल एक साधारण कॉलेज विजिट नहीं होगी, बल्कि इसके जरिए प्रधानमंत्री का उस संस्थान से जुड़ाव एक बार फिर जीवंत हो उठेगा जिसके साथ उनका एक पुराना और गहरा नाता रहा है। शिक्षक दिवस (Teachers Day) के पावन अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में पीएम मोदी की संभावित उपस्थिति को लेकर कॉलेज प्रशासन, छात्र-छात्राओं और अध्यापकों में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। आज के इस विस्तृत और गहराई से विश्लेषण वाले लेख में हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एसआरसीसी कॉलेज के बीच के इस पुराने ऐतिहासिक रिश्ते, उनके संभावित दौरे के महत्व और दिल्ली विश्वविद्यालय के इस प्रतिष्ठित कॉलेज के गौरवशाली इतिहास पर विस्तार से चर्चा करेंगे ताकि आप इस बड़ी शैक्षणिक और राजनीतिक खबर के सभी पहलुओं से पूरी तरह वाकिफ हो सकें।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एसआरसीसी कॉलेज का पुराना और गहरा नाताप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से संबंध कोई नया नहीं है, बल्कि इसके तार अतीत के कई महत्वपूर्ण आयोजनों और यादों से जुड़े हुए हैं। इससे पहले भी प्रधानमंत्री अपने कार्यकाल के दौरान एसआरसीसी के विशाल मंच से देश के युवाओं, अर्थशास्त्र के विद्यार्थियों और शिक्षाविदों को संबोधित कर चुके हैं, जहां उनके ओजस्वी भाषण ने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया था। इस कॉलेज के एलुमनी और छात्र देश-विदेश के शीर्ष कॉरपोरेट घरानों, वित्तीय संस्थाओं और प्रशासनिक पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं, और प्रधानमंत्री का इस संस्थान के प्रति एक विशेष लगाव हमेशा से देखा गया है। जब भी देश की आर्थिक नीतियों, स्टार्टअप्स, आत्मनिर्भर भारत या युवाओं की भूमिका की बात आती है, तो पीएम मोदी हमेशा से अकादमिक संस्थानों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने को प्राथमिकता देते हैं। यही कारण है कि टीचर्स डे के खास मौके पर उनके इस कॉलेज में फिर से आने की सुगबुगाहट मात्र से ही पूरा कैंपस उत्सव के माहौल में तब्दील हो गया है और हर कोई अपने देश के प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए पलकें बिछाए बैठा है।टीचर्स डे के अवसर पर आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रमों की तैयारियांभारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो देश के पहले उपराष्ट्रपति और महान दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती को समर्पित होता है। इस दिन देश भर के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के सम्मान में विशेष सांस्कृतिक और संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। चूंकि एसआरसीसी देश का प्रीमियम इकोनॉमिक्स और कॉमर्स कॉलेज है, इसलिए यहां टीचर्स डे का यह आयोजन हमेशा से बेहद भव्य और वैचारिक रूप से समृद्ध होता रहा है। इस बार इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्य अतिथि या वक्ता के रूप में शामिल होने की संभावनाओं को देखते हुए कॉलेज के ऑडिटोरियम और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप यानी एसपीजी (SPG) और दिल्ली पुलिस के अधिकारी पहले ही कॉलेज परिसर का सुरक्षा जायजा ले चुके हैं ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। छात्रों के बीच इस बात को लेकर भारी उत्सुकता है कि यदि प्रधानमंत्री उनके बीच आते हैं, तो उन्हें देश के शीर्ष नेता से सीधे संवाद करने और शिक्षा तथा करियर से जुड़े अमूल्य टिप्स प्राप्त करने का सुनहरा अवसर मिलेगा।दिल्ली विश्वविद्यालय के एसआरसीसी कॉलेज की वैश्विक प्रतिष्ठा और उसका इतिहासश्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) केवल दिल्ली विश्वविद्यालय का ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया महाद्वीप में कॉमर्स और इकोनॉमिक्स की पढ़ाई के लिए सबसे बेहतरीन और शीर्ष रैंकिंग वाला कॉलेज माना जाता है। इसकी स्थापना ब्रिटिश काल में हुई थी और तब से लेकर आज तक इस संस्थान ने देश को एक से बढ़कर एक उद्योगपति, अर्थशास्त्री, राजनेता, नौकरशाह और कॉर्पोरेट लीडर दिए हैं। इस कॉलेज में एडमिशन पाने के लिए बारहवीं कक्षा में देश भर के छात्रों को नब्बे प्रतिशत से भी ऊपर अंक लाने होते हैं, जो यह साबित करता है कि यहां केवल देश की सबसे कुशाग्र और प्रतिभाशाली बुद्धिमत्ता ही पहुंच पाती है। ऐसे प्रतिष्ठित कॉलेज में जब देश के प्रधानमंत्री का आगमन होता है, तो यह न केवल उस संस्थान के लिए बल्कि पूरे दिल्ली विश्वविद्यालय के लिए एक ऐतिहासिक गौरव का क्षण बन जाता है। कॉलेज की फैकल्टी और प्रशासनिक अधिकारी इस बात को लेकर बेहद उत्साहित हैं कि प्रधानमंत्री के दौरे से छात्रों को राष्ट्र निर्माण और वित्तीय अनुशासन जैसे विषयों पर प्रत्यक्ष मार्गदर्शन प्राप्त होगा।युवा पीढ़ी, राष्ट्र निर्माण और शिक्षा नीति पर प्रधानमंत्री का विशेष फोकसप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हमेशा से यह विजन रहा है कि देश की युवा शक्ति ही भारत के भविष्य की असली रीढ़ है, और उन्हें सही समय पर सही मार्गदर्शन मिलना सबसे ज्यादा जरूरी है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के लागू होने के बाद से देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में वैचारिक और प्रायोगिक शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि छात्र केवल डिग्रीधारक न बनें बल्कि रोजगार पैदा करने वाले उद्यमी (Entrepreneurs) भी बन सकें। एसआरसीसी जैसे कॉलेज जहां देश की वित्तीय और आर्थिक नीतियों के भविष्य को गढ़ा जाता है, वहां प्रधानमंत्री का संबोधन युवाओं को सीधे तौर पर 'विकसित भारत 2047' के सपने के साथ जोड़ने का काम करेगा। इस संभावित दौरे को लेकर राजनीतिक और शैक्षणिक दोनों ही हलकों में यह माना जा रहा है कि यह कार्यक्रम युवाओं के बीच एक नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार करेगा। आने वाले दिनों में जैसे ही प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा इस कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी, एसआरसीसी कैंपस का यह उत्साह अपने चरम पर पहुंच जाएगा और देश भर की निगाहें दिल्ली के इस ऐतिहासिक कॉलेज पर टिकी होंगी।
Om Chouksey NEET Success Story: फुटपाथ पर बैग बेचने वाले के बेटे ओम चौके ने आर्थिक तंगी को मात देकर एक साथ NEET, JEE और CUET जैसी तीन बड़ी परीक्षाएं पास कर मिसाल कायम की। सीएम मोहन यादव ने भी उनकी सराहना की।
डूसू चुनाव में पोस्टर पर नाम से छेड़छाड़ करने पर कार्रवाई हो सकती है। नाम में अतिरिक्त अक्षर जोड़ने पर उम्मीदवार की उम्मीदवारी भी रद्द हो सकती है।
उत्तराखंड में आयुष और होम्योपैथी कॉलेजों में दाखिलों के लिए काउंसिलिंग 9 सितंबर से शुरू होगी। आयुर्वेद विश्वविद्यालय की ओर से बुधवार को सीटों के विवरण के साथ शेड्यूल जारी किया है।
अमर उजाला नेशनल ओलंपियाड के लिए पैनआईआईटी एल्युमनी एसोसिएशन को मेंटरिंग पार्टनर बनाया गया है। इसके तहत कक्षा 5 से 10 तक के टॉपर्स को IIT दिल्ली की विशेष अनुभव यात्रा का मौका मिलेगा।
IIT : आईआईटी के छात्रों के लिए जापान में बरसेंगी नौकरियां, प्लेसमेंट और इंटर्नशिप को लेकर बड़ा कदम
आईआईटी बीएचयू ने जापान और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में पहल की है। अंतरराष्ट्रीय कंपनी टैलेंडी होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ आईआईटी ने बुधवार को एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
IIT की प्रवेश परीक्षा में बड़े बदलाव की तैयारी: अब रटने से नहीं, समझ से मिलेगा दाखिला
IIT में दाखिले के लिए JEE एडवांस परीक्षा में बड़ा बदलाव हो सकता है। कोचिंग पर निर्भरता कम करने के लिए 'कंप्यूटर एडैप्टिव टेस्टिंग' (CAT) सिस्टम अपनाने पर विचार किया जा रहा है।
बिहार के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में बीपीएससी टीआरई 2 व 3 की भर्ती में दिव्यांग आरक्षण पर बिहार से बाहर के अभ्यर्थियों की नियुक्ति में गड़बड़ी सामने आई है। सूबे के बाहर के निवासी दिव्यांग अभ्यर्थी 82 अंक में ही विद्यालय अध्यापक बन गए।
IIM Recruitment 2026: आईआईएम में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का मौका, बिना NET वाले करें अप्लाई
आईआईएम कोझिकोड ने असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर के पदों पर भर्ती निकाली है। पीएचडी धारक बिना NET परीक्षा के भी iimk.ac.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
UP NEET UG Rank List : यूपी नीट यूजी 2026 मेरिट लिस्ट में कुल 31653 उम्मीदवारों को जगह दी गई है। लिस्ट में नीट में ऑल इंडिया 7वीं रैंक पाने वाले आर्यन दुबे 710 अंकों के साथ राज्य में पहले स्थान पर हैं।
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी 2027 की विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी में जुट गई है। इसके तहत इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक समेत अन्य परीक्षाओं के लिए संभावित टेस्टिंग सेंटरों में आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और नेटवर्क सुविधाओं का ऑडिट शुरू किया गया है।
बलिया के डीएम IAS मंगला प्रसाद सिंह ने दिव्यांग छात्रा रागिनी को ट्राइसाइकिल भेंट कर एक मिसाल पेश की है। अब रागिनी बिना किसी बाधा के स्कूल जाकर अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेगी।
भारतीय रेलवे में सरकारी नौकरी और तकनीकी प्रशिक्षण की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक शानदार अवसर सामने आया है। रेलवे भर्ती सेल (RRC), दक्षिण रेलवे (Southern Railway) ने अप्रेंटिस एक्ट 1961 के तहत 4,471 पदों पर बंपर भर्ती की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवारों को कोई लिखित परीक्षा (No Written Exam) या इंटरव्यू नहीं देना होगा। अभ्यर्थियों का चयन सीधे शैक्षणिक योग्यता और तकनीकी अंकों की मेरिट लिस्ट के आधार पर किया जाएगा।इस भर्ती अभियान के तहत कैरिज एंड वैगन वर्क्स पेरम्बूर, सेंट्रल वर्कशॉप पोनमलई, सिग्नल एवं टेलीकम्युनिकेशन वर्कशॉप और चेन्नई, मदुरै, तिरुचिरापल्ली, पालक्काड, तिरुवनंतपुरम और सेलम डिवीजनों में युवाओं को विभिन्न ट्रेड्स में काम सीखने और प्रशिक्षण लेने का मौका मिलेगा। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार 27 सितंबर 2026 (शाम 5:00 बजे) तक अपना फॉर्म सबमिट कर सकते हैं।पदों का विवरण और रिक्तियां: फ्रेशर और एक्स-आईटीआई दोनों के लिए मौकादक्षिण रेलवे ने कुल 4,471 रिक्तियों को दो प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया है:एक्स-आईटीआई (Ex-ITI) कैटेगरी: 4,308 पद (फिटर, वेल्डर, टर्नर, मशीनिस्ट, कारपेंटर, पेंटर, इलेक्ट्रीशियन, वायरमैन, इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक, डीजल मैकेनिक, आरएंडएसी, ड्राफ्ट्समैन और कोपा आदि ट्रेड्स के लिए)।फ्रेशर (Fresher) कैटेगरी: 163 पद (बिना आईटीआई वाले 10वीं/12वीं पास अभ्यर्थियों और मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नीशियन-MLT के लिए)।शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification)अलग-अलग पदों और श्रेणियों के लिए योग्यता मानदंड इस प्रकार निर्धारित किए गए हैं:एक्स-आईटीआई पदों के लिए: उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम 50% अंकों के साथ 10वीं (मैट्रिक) उत्तीर्ण होना चाहिए। इसके साथ ही संबंधित ट्रेड में NCVT या SCVT से मान्यता प्राप्त आईटीआई (ITI/NTC) सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है।फ्रेशर पदों के लिए: मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम 50% अंकों के साथ 10वीं कक्षा पास (साइंस और गणित विषयों के साथ)।मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नीशियन (MLT): न्यूनतम 50% अंकों के साथ 12वीं (10+2) कक्षा फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (PCB) विषयों के साथ उत्तीर्ण।(नोट: एससी, एसटी और दिव्यांग (PwBD) वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 10वीं में न्यूनतम 50% अंकों की बाध्यता लागू नहीं होगी।)आयु सीमा और छूट के नियम (Age Limit & Relaxation)न्यूनतम आयु: सभी वर्गों के लिए कम से कम 15 वर्ष होनी चाहिए।अधिकतम आयु:फ्रेशर्स के लिए: 22 वर्षएक्स-आईटीआई और एमएलटी (MLT) पदों के लिए: 24 वर्षआरक्षित वर्गों को छूट: केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में ओबीसी (नॉन-क्रीमी लेयर) को 3 वर्ष, एससी/एसटी को 5 वर्ष और दिव्यांग (PwBD) अभ्यर्थियों को 10 वर्ष की अतिरिक्त छूट दी जाएगी।चयन प्रक्रिया: बिना परीक्षा के कैसे बनेगी मेरिट लिस्ट?इस भर्ती में चयन पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट आधारित होगा:फ्रेशर श्रेणी: उम्मीदवारों के 10वीं कक्षा के अंकों को 200 अंकों के स्केल में बदलकर मेरिट सूची तैयार की जाएगी।एक्स-आईटीआई श्रेणी: 10वीं के अंकों (100 अंक वेटेज) और आईटीआई के अंकों (100 अंक वेटेज) को मिलाकर कुल 200 अंकों के आधार पर कंबाइंड मेरिट लिस्ट बनाई जाएगी।दस्तावेज सत्यापन (DV): शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों की सूची संभावित रूप से 15 अक्टूबर 2026 को जारी की जाएगी, जिसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल फिटनेस टेस्ट होगा।ट्रेनिंग के दौरान मिलेगा मासिक स्टाइपेंडप्रशिक्षुओं को ट्रेनिंग के दौरान भारत सरकार के नियमानुसार प्रतिमाह वित्तीय भत्ता (Stipend) दिया जाएगा:10वीं पास फ्रेशर्स: लगभग ₹8,200 प्रति माह12वीं पास फ्रेशर्स और एक्स-आईटीआई: लगभग ₹9,600 प्रति माहइसके अलावा, रेलवे से अप्रेंटिसशिप पूरी करने वाले उम्मीदवारों को भविष्य में निकलने वाली रेलवे लेवल-1 (ग्रुप डी) की नियमित भर्तियों में 20% तक आरक्षण और शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) में विशेष छूट का लाभ मिलता है।आवेदन शुल्क और अप्लाई करने का तरीकाआवेदन शुल्क: सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के पुरुष उम्मीदवारों के लिए प्रोसेसिंग फीस मात्र ₹100 रखी गई है।निशुल्क आवेदन: एससी, एसटी, दिव्यांग और सभी वर्ग की महिला उम्मीदवारों के लिए आवेदन पूरी तरह निशुल्क है।आवेदन कैसे करें: इच्छुक अभ्यर्थी दक्षिण रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट (sr.indianrailways.gov.in) या अधिकृत पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। फॉर्म भरते समय 10वीं की मार्कशीट, आईटीआई सर्टिफिकेट, जाति प्रमाण पत्र और स्कैन की गई फोटो-हस्ताक्षर अपलोड करना अनिवार्य होगा।
UP Special TET Exam 2026: यूपी के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के करीब 56 हजार शिक्षकों के लिए जल्द विशेष टीईटी होगी। 150 अंकों के इस पेपर में नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी। कार्य योजना जारी कर दी गई है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय एडमिशन अपडेट, BCA, BCA-MCA और BSc गणित का कटऑफ जारी
इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने BCA, BCA-MCA और BSc गणित का नया कटऑफ जारी कर दिया है। इसके अलावा इविवि में सत्र 2026-27 के लिए पीएचडी आवेदन शुरू हो गए हैं और ADC में भी प्रवेश कार्यक्रम जारी हुआ है।
NEET PG re-exam 2026: नीट-पीजी दोबारा कराने के खिलाफ याचिका दाखिल, जानें पूरा मामला
सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को याचिका दाखिल कर NBEMS द्वारा करीब ढाई हजार उन छात्रों के लिए दोबारा से नीट-पीजी-2026 आयोजित करने को चुनौती दी गई जो परीक्षा नहीं दे पाए थे।
NEET UG Exam: अगले साल से कंप्यूटर आधारित होगी नीट-यूजी, NTA तैयार करेगी नए हाई-टेक परीक्षा केंद्र
सरकार ने अगले साल से NEET-UG को कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) बनाने का फैसला किया है। NTA नए केंद्र बनाने के लिए AICTE मान्यता प्राप्त सरकारी संस्थानों से 15 सितंबर तक तकनीकी ब्योरा जुटा रही है।
क्या हिमाचल में पुलिस कांस्टेबल भर्ती के आवेदन की डेट और बढ़ेगी? CM ने किया साफ
हिमाचल प्रदेश में पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 5 सितंबर 2026 है। क्या यह तारीख और आगे बढ़ेगी? मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस बारे में क्या कहा? इस रिपोर्ट में जानें…
बिहार में सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) और शिक्षा विभाग की ओर से बड़ी अपडेट सामने आई है। चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा यानी BPSC TRE 4.0 (विज्ञापन संख्या 14/2026) के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया अब 21 सितंबर 2026 से शुरू होने की प्रबल संभावना है। इससे पहले आयोग द्वारा आवेदन प्रक्रिया को 1 सितंबर से शुरू करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन तकनीकी व प्रक्रियात्मक संशोधनों और अभ्यर्थियों की आपत्तियों के समाधान के चलते इसे स्थगित कर दिया गया था। इसके साथ ही, राज्य सरकार ने अभ्यर्थियों की मांग पर कक्षा 9-10 के लिए म्यूजिक टीचर (संगीत शिक्षक) के पदों में भी बढ़ोतरी कर दी है।1 सितंबर की जगह 21 सितंबर से क्यों शुरू होंगे आवेदन?बीपीएससी के आधिकारिक सूत्रों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी स्पष्टीकरण के अनुसार, भर्ती विज्ञापन और ऑनलाइन आवेदन प्रणाली में कुछ आवश्यक सुधार किए जा रहे हैं।संशोधित विज्ञापन जारी करने की तैयारी: आयोग ऑनलाइन पोर्टल पर पदों के आरक्षण रोस्टर, विषयवार पात्रता और नए नियमों को इंटीग्रेट कर रहा है।एकल चरण परीक्षा (Single-Phase Exam): अभ्यर्थियों की मांग और आंदोलन के बाद सरकार ने यह निर्णय लिया है कि परीक्षा को कई चरणों में उलझाने के बजाय सिंगल फेज में सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित किया जाएगा।आयोग 21 सितंबर को संशोधित अधिसूचना (Revised Notification) के साथ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का सीधा लिंक एक्टिव करेगा।म्यूजिक टीचर के पद बढ़े: अब कुल पदों की संख्या 33 हजार के पारमूल रूप से BPSC TRE 4.0 के तहत प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कुल 32,388 शिक्षकों के पदों पर भर्ती का ऐलान किया गया था। हालांकि, संगीत शिक्षक अभ्यर्थियों द्वारा पटना के गर्दनीबाग में किए गए विरोध प्रदर्शन और रिक्तियों की मांग के बाद सरकार ने पदों में इजाफा किया है:कक्षा 9 और 10 (माध्यमिक स्तर) के लिए विशेष रूप से 111 अतिरिक्त म्यूजिक टीचर पदों को मंजूरी दी गई है।इसके साथ ही चौथे चरण में कुल विज्ञापित रिक्तियों की संख्या संशोधित होकर 33,385 के आसपास पहुंचने की रिपोर्ट है।अंतिम पद-वार और कोटिवार विवरण संशोधित विज्ञापन के साथ आधिकारिक रूप से अपलोड किया जाएगा।वर्गवार रिक्तियों का वर्तमान प्रारूप (32,388 पद)आयोग द्वारा जारी प्रारंभिक विवरण के अनुसार विभिन्न स्तरों पर शिक्षकों के पदों का बंटवारा इस प्रकार है:शिक्षक वर्ग (Teacher Level)विज्ञापित कुल पद (Vacancies)प्राथमिक शिक्षक (कक्षा 1 से 5)3,847मध्य विद्यालय शिक्षक (कक्षा 6 से 8)8,563माध्यमिक शिक्षक (कक्षा 9 और 10)3,877 (म्यूजिक पद जुड़ने से बढ़ेंगे)उच्च माध्यमिक शिक्षक (कक्षा 11 और 12)16,101कुल मूल पद32,388(नोट: बिहार की मूल निवासी महिला अभ्यर्थियों के लिए सभी श्रेणियों में नियमानुसार 35% क्षैतिज आरक्षण लागू रहेगा।)आवेदन प्रक्रिया: 21 सितंबर से ऐसे भर सकेंगे ऑनलाइन फॉर्मआयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर पोर्टल खुलते ही उम्मीदवार इन आसान चरणों का पालन करके अपना फॉर्म भर सकते हैं:बीपीएससी के आधिकारिक पोर्टल bpsc.bihar.gov.in पर जाएं।होमपेज पर 'Apply Online' टैब पर क्लिक करके पहले One-Time Registration (OTR) पूरा करें।जनरेट हुए क्रेडेंशियल्स के साथ लॉगिन करें और 'BPSC TRE 4.0 Recruitment' लिंक चुनें।अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता (CTET/STET, B.Ed/D.El.Ed) और पसंदीदा पद का चयन करें।जरूरी प्रमाणपत्र, स्कैन की गई फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें।निर्धारित आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें और सबमिट कर कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड कर सुरक्षित रख लें।संशोधित तिथियों के अनुसार परीक्षा के विस्तृत शेड्यूल की घोषणा भी नए विज्ञापन के साथ ही की जाएगी।आवेदन प्रक्रिया की नई तारीखों और फॉर्म भरने के महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों को विस्तार से समझने के लिए BPSC TRE 4.0 Application New Date Update देखें। यह वीडियो बिहार टीआरई 4.0 के 21 सितंबर से शुरू होने वाले आवेदन और नियमों की पूरी जानकारी स्पष्ट करता है।
GATE 2027: गेट 2027 के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, जानिए योग्यता, परीक्षा पैटर्न और आवेदन प्रक्रिया
GATE 2027: आईआईटी मद्रास द्वारा आयोजित की जा रही गेट 2027 परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन आज 2 सितंबर से शुरू हो चुके हैं। छात्र आधिकारिक वेबसाइट gate2027.iitm.ac.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
NMMSS Scholarship 2026: नेशनल मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप (NMMSS) 2026 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़कर 30 सितंबर 2026 कर दी गई है। पात्र छात्र नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) पर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।
UPSC Success Story: पश्चिम बंगाल की श्वेता अग्रवाल ने सामाजिक तानों और बंदिशों को मात देकर 3 बार UPSC परीक्षा क्रैक की और 2016 में ऑल इंडिया 19वीं रैंक हासिल कर IAS बनने का अपना सपना पूरा किया।
SSC JE Vacancy 2026: एसएससी जेई के 1748 पदों पर निकली भर्ती, BTech और डिप्लोमा वाले करें अप्लाई
SSC JE Vacancy 2026: एसएससी ने जूनियर इंजीनियर (सिविल, मेकैनिकल, इलेक्ट्रिकल) भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। एसएससी बसाइट ssc.gov.in पर आवेदन की प्रक्रिया भी आज से शुरू हो गई है।
Raul John Aju Success Story: 16 साल के 12वीं के छात्र राउल जॉन अजू ने AI स्टार्टअप शुरू कर मिसाल कायम की है। वे अपनी कंपनी में 15 लोगों को रोजगार दे रहे हैं और अपने पिता को 2 लाख रुपये महीना सैलरी देते हैं।
3 सितंबर को बंद रहेंगे स्कूल? मूसलाधार बारिश के बीच क्या कल रहेगा अवकाश, जानें IMD का ताजा अपडेट
भारी बारिश के बीच क्या 3 सितंबर को स्कूलों में छुट्टी रहेगी? IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। जानें आपके इलाके का ताजा मौसम अपडेट।
SSC GD Constable Result: ssc.gov.in पर आएगा जीडी कांस्टेबल रिजल्ट, जानें PST और दौड़ के नियम
SSC GD Constable Result 2026: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) जल्द ही ssc.gov.in पर जीडी कांस्टेबल रिजल्ट 2026 और कट-ऑफ जारी करने वाला है। इस परीक्षा के जरिए कुल 25,487 पदों पर उम्मीदवारों की भर्ती की जाएगी।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में ड्राइवर समेत 56 पदों पर भर्ती का अवसर, 18 सितंबर तक करें आवेदन
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में नौकरी करने के इच्छुक लोगों के लिए एक खास मौका सामने आया है।
Teacher's Day Essay, Speech: शिक्षक दिवस पर 10 आसान और असरदार लाइनें, भाषण और निबंध में आएंगी काम
Teacher's Day Essay, Speech: 5 सितंबर को मनाए जाने वाले शिक्षक दिवस के अवसर पर स्कूलों में भाषण और निबंध प्रतियोगिता के लिए आसान 10 लाइनें साझा की गई हैं। जिनकी मदद से आप अच्छा भाषण व निबंध तैयार कर सकते हैं।
NEET UG Rank List: DMER हरियाणा ने हरियाणा नीट यूजी 2026 राउंड 1 सीट अलॉटमेंट रिजल्ट 2 सितंबर को जारी कर दिया है। AIR 690 हासिल करने वाली वान्या मित्तल राज्य में टॉप पर रहीं हैं।
NEET PG 2026: नीट पीजी एग्जाम को लेकर NBEMS की चेतावनी, सवालों को शेयर करने पर होगी कार्रवाई
30 अगस्त को देश के 1111 परीक्षा केंद्रों पर नीट पीजी परीक्षा आयोजित हुई। इसमें की 2.6 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए। इसी बीच NBEMS एग्जाम को लेकर चेतावनी दी है।
AI ने 8 महीने में खाई 1.65 लाख नौकरियां, HCL के Ex. CEO ने कहा, 'इंसान पहले...'
AI Layoffs: 55 से ज्यादा CEO AI को छंटनी का कारण बता चुके हैं। AI के नाम पर कर्मचारियों की Jobs छीनने वाली कंपनियों में केवल टेक कंपनियां ही नहीं हैं। बैंकिंग, कंसल्टिंग, लॉ, लॉजिस्टिक्स, रिटेल, मैन्युफैक्चरिंग और मीडिया जैसे क्षेत्रों में भी इसका असर दिख रहा है।
इच्छुक उम्मीदवार अब 21 अक्टूबर तक ऑफलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन स्पीड पोस्ट या रजिस्टर्ड डाक से भेजना होगा।
पंजाब: MBBS के 25 उम्मीदवारों का रोका गया एडमिशन, डबल डोमिसाइल को लेकर हुआ एक्शन; जानें क्या है नियम
पंजाब के फरीदकोट स्थित बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज ने एमबीबीएस के 25 अभ्यर्थियों को 85 फीसदी पंजाब राज्य कोटा सीटों की दाखिला प्रक्रिया से बाहर कर दिया है। यूनिवर्सिटी की ओर से यह कार्रवाई डॉक्यूमेंट्स की वैरिफिकेशन के बाद की गई है।
भारतीय रेलवे में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बेहद शानदार और सुनहरा अवसर सामने आया है। रेलवे भर्ती सेल (Railway Recruitment Cell - RRC) ने देश भर के विभिन्न मंडलों और वर्कशॉप्स के लिए बंपर रिक्तियों का ऐलान कर दिया है। रेलवे द्वारा जारी इस ताजा आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, विभिन्न ट्रेडों में अप्रेंटिसशिप के कुल 4300 से अधिक पदों पर सुयोग्य उम्मीदवारों की भर्ती की जाएगी। इस भर्ती की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि इसमें चयन प्रक्रिया के लिए किसी भी प्रकार की लिखित परीक्षा (Written Exam) का आयोजन नहीं किया जाएगा, बल्कि उम्मीदवारों का चयन पूरी तरह से उनकी शैक्षणिक योग्यता यानी 10वीं और आईटीआई (ITI) के प्राप्तांकों के आधार पर तैयार की जाने वाली मेरिट लिस्ट से किया जाएगा। जिन युवाओं का सरकारी नौकरी पाने का सपना है और जो बिना किसी झंझट के सीधे अंकों के आधार पर चयन चाहते हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन मौका है। इस बंपर रेलवे भर्ती से जुड़ी शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया और आवेदन करने के तरीके की पूरी जानकारी आइए विस्तार से और गहराई के साथ समझते हैं।रेलवे अप्रेंटिसशिप भर्ती 2026 के लिए पदों का विवरण और पात्रता के जरूरी नियमरेलवे की इस नवीनतम भर्ती प्रक्रिया के तहत देश के प्रतिष्ठित रेलवे जोन और वर्कशॉप्स में फिटर, वेल्डर, इलेक्ट्रीशियन, मशीनिस्ट, कारपेंटर, पेंटर, डीजल मैकेनिक और टर्नर जैसे विभिन्न तकनीकी ट्रेडों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। इस प्रतिष्ठित भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को रेलवे द्वारा निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक और तकनीकी पात्रता मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य होगा। आवेदक किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम 50% अंकों के साथ 10वीं कक्षा या समकक्ष परीक्षा पास होना चाहिए। इसके साथ ही संबंधित ट्रेड में एनसीवीटी (NCVT) या एससीवीटी (SCVT) से मान्यता प्राप्त संस्थान से आईटीआई (ITI) का सर्टिफिकेट होना आवश्यक है। आयु सीमा की बात करें तो आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की न्यूनतम आयु 15 वर्ष और अधिकतम आयु 24 वर्ष के बीच होनी चाहिए। हालांकि, सरकार के आरक्षित वर्ग के नियमों के अनुसार अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और दिव्यांग उम्मीदवारों को ऊपरी आयु सीमा में नियमानुसार विशेष छूट प्रदान की जाएगी, जिससे अधिक से अधिक योग्य युवा इस सुनहरे अवसर का लाभ उठा सकें।बिना परीक्षा के कैसे तैयार होगी मेरिट लिस्ट और क्या है पूरी चयन प्रक्रियासरकारी नौकरियों में आमतौर पर उम्मीदवारों को कठिन लिखित परीक्षाओं, टियर-1 और टियर-2 एग्जाम से गुजरना पड़ता है, लेकिन रेलवे की इस अप्रेंटिसशिप भर्ती प्रक्रिया की पूरी कार्यप्रणाली बिल्कुल अलग और बेहद सरल है। इस भर्ती में चयन के लिए कोई लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं लिया जाएगा। रेलवे प्रशासन द्वारा एक पारदर्शी मेरिट सूची तैयार की जाएगी, जो पूरी तरह से आवेदक के 10वीं कक्षा के प्राप्तांकों और आईटीआई परीक्षा में प्राप्त अंकों के औसत (Percentage) पर आधारित होगी। उदाहरण के लिए, यदि किसी उम्मीदवार के 10वीं और आईटीआई दोनों में अच्छे अंक हैं, तो मेरिट में उसका नाम आने की संभावना उतनी ही अधिक प्रबल हो जाती है। मेरिट लिस्ट तैयार होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) के लिए बुलाया जाएगा। इस प्रक्रिया के माध्यम से योग्य युवाओं को सीधे रेलवे के विभिन्न कारखानों और प्रशिक्षण केंद्रों में काम सीखने और रेलवे के स्थाई ढांचे का हिस्सा बनने का बेहतरीन अनुभव प्राप्त होता है।आवेदन करने का तरीका, जरूरी दस्तावेज और ऑनलाइन फॉर्म भरने की अंतिम तिथिइच्छुक और योग्य उम्मीदवार जो इस भर्ती के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उन्हें रेलवे भर्ती सेल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन मोड में अपना आवेदन सबमिट करना होगा। आवेदन पत्र भरने से पहले उम्मीदवारों के पास अपने सभी जरूरी दस्तावेज जैसे कि 10वीं की मार्कशीट, आईटीआई का सर्टिफिकेट, पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ, हस्ताक्षर, और जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) तैयार रखने चाहिए। सामान्य और ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए मामूली आवेदन शुल्क निर्धारित किया गया है, जबकि एससी, एसटी और महिला वर्ग के सभी उम्मीदवारों के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से निःशुल्क रखी गई है। ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि नजदीक आ रही है, इसलिए किसी भी प्रकार की अंतिम समय की सर्वर या तकनीकी समस्या से बचने के लिए समय रहते अपना फॉर्म अवश्य भर लें। रेलवे में अप्रेंटिसशिप करने वाले युवाओं को भविष्य में आने वाली रेलवे की ग्रुप डी और अन्य नियमित भर्तियों में प्राथमिकता और विशेष कोटा भी दिया जाता है, जिससे उनके लिए सरकारी नौकरी पाने के रास्ते और अधिक आसान हो जाते हैं।
मध्य प्रदेश के सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं और पुलिस विभाग में खाकी पहनने का सपना देखने वाले लाखों उम्मीदवारों के लिए एक बेहद बड़ी और उत्साहजनक खबर सामने आ रही है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने राज्य के गृह (पुलिस) विभाग के अंतर्गत विभिन्न संवर्गों में सूबेदार और उप-निरीक्षक (SI) के कुल 507 पदों पर सीधी भर्ती के लिए आधिकारिक विज्ञापन जारी कर दिया है। लंबे समय से इस भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए यह एक सुनहरा मौका है। इस भर्ती के तहत तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों श्रेणियों के पदों को भरा जाएगा। परीक्षा के आयोजन से लेकर चयन प्रक्रिया और आवेदन करने की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इस बहुप्रतीक्षित भर्ती अभियान से जुड़े हर एक महत्वपूर्ण पहलू, शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, वेतनमान और चयन प्रक्रिया को आइए विस्तार से और गहराई के साथ समझते हैं।किस पद के लिए कितने पद हैं आरक्षित और क्या है पूरा पद विवरणकर्मचारी चयन मंडल द्वारा जारी किए गए आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, इस बार कुल 507 रिक्तियों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इन पदों को अलग-अलग संवर्गों में विभाजित किया गया है ताकि विभिन्न योग्यताओं वाले युवाओं को मौका मिल सके:सूबेदार (Subedar): कुल 81 पदउप निरीक्षक - जिला पुलिस बल (SI DEF): कुल 312 पदउप निरीक्षक - विशेष सशस्त्र बल (SI SAF): कुल 69 पद (यह पद केवल पुरुष अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित है)उप निरीक्षक - आयुध (Arms): कुल 10 पदउप निरीक्षक - फोटो (Photo): कुल 9 पदउप निरीक्षक - क्यू.डी. (Q.D.): कुल 4 पदउप निरीक्षक - अंगुल चिन्ह (Finger Print): कुल 22 पदइन तमाम पदों के लिए विभाग ने श्रेणीवार वर्गीकरण तय किया है, जिसके आधार पर योग्य और मेधावी युवाओं को मौका दिया जाएगा।शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और आकर्षक वेतनमान की पूरी जानकारीइस भर्ती प्रक्रिया में आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को बोर्ड द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा:शैक्षणिक योग्यता: सूबेदार और उप-निरीक्षक (गैर-तकनीकी) पदों के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) की डिग्री होना अनिवार्य है। वहीं, एसआई आयुध के लिए मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा तथा फोटो, क्यूडी व फिंगरप्रिंट पदों के लिए फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ विषय के साथ ग्रेजुएशन की डिग्री मांगी गई है।आयु सीमा: आवेदकों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। पुरुषों के लिए अधिकतम आयु 33 वर्ष तथा महिलाओं एवं आरक्षित वर्गों (SC/ST/OBC) के लिए अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष तक तय की गई है। आयु की गणना 1 सितंबर 2026 के आधार पर की जाएगी।वेतनमान: चयनित अभ्यर्थियों को मध्य प्रदेश शासन के नियमानुसार लेवल-9 के तहत ₹36,200 से ₹1,14,800 तक प्रति माह का शानदार मूल वेतन और अन्य शासकीय भत्ते दिए जाएंगे।महत्वपूर्ण तिथियां, चयन प्रक्रिया और आवेदन करने का पूरा तरीकाइस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 9 सितंबर 2026 से शुरू होगी और फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 23 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। यदि आवेदन में कोई त्रुटि हो जाती है, तो उम्मीदवार 28 सितंबर 2026 तक शुल्क भुगतान के साथ संशोधन कर सकते हैं। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा इस परीक्षा का आयोजन 28 अक्टूबर 2026 से शुरू किया जाएगा। चयन प्रक्रिया कई चरणों में होगी जिसमें सबसे पहले प्रारंभिक लिखित परीक्षा, मुख्य लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षण (PET/PST), दस्तावेज सत्यापन और अंत में साक्षात्कार व मेडिकल परीक्षण शामिल है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट esb.mp.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं और देश के लिए अपनी सेवाएं दे चुके पूर्व सैनिकों के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) ने एक बेहद सुनहरा मौका प्रदान किया है। नवरत्न रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (Bharat Electronics Limited) ने सुरक्षा विभाग में हवलदार के पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस भर्ती के तहत योग्य उम्मीदवारों को स्थायी सरकारी नौकरी पाने का शानदार अवसर मिल रहा है। जो उम्मीदवार रक्षा क्षेत्र में अपना दूसरा करियर बनाने की इच्छा रखते हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन मौका है। इस भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी शैक्षणिक योग्यता, चयन प्रक्रिया, वेतनमान और आवेदन करने के तरीके की पूरी जानकारी नीचे विस्तार से दी गई है।आकर्षक वेतनमान और मिलने वाले अन्य भत्तेभारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) द्वारा निकाली गई इस भर्ती में चयनित होने वाले उम्मीदवारों को बहुत ही आकर्षक वेतन पैकेज दिया जाएगा। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सफल उम्मीदवारों को वेतन मैट्रिक्स के तहत ₹20,500 से लेकर ₹79,000 तक प्रति माह की सैलरी मिलेगी। इसके अलावा कर्मचारियों को मूल वेतन के साथ-साथ महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), चिकित्सा सुविधा, भविष्य निधि (PF), ग्रेच्युटी और अन्य कॉर्पोरेट पर्कस व भत्ते नियमानुसार प्रदान किए जाएंगे। यह एक स्थायी पद (Permanent Job) है, जिससे भविष्य की वित्तीय सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित रहती है।शैक्षणिक योग्यता और पात्रता के जरूरी नियमइस प्रतिष्ठित पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास निर्धारित पात्रता का होना अनिवार्य है:शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कम से कम 10वीं (SSLC/Matriculation) कक्षा पास होना चाहिए।सैन्य अनुभव: यह भर्ती मुख्य रूप से भारतीय सशस्त्र बलों (Indian Armed Forces) के पूर्व सैनिकों के लिए है, जिन्होंने सेना में न्यूनतम 15 वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो।आयु सीमा: आवेदक की उम्र 18 से 43 वर्ष के बीच होनी चाहिए। हालांकि, सरकार के नियमों के अनुसार आरक्षित श्रेणियों (OBC/SC) के उम्मीदवारों को ऊपरी आयु सीमा में विशेष छूट दी जाएगी।चयन प्रक्रिया और आवेदन करने की पूरी प्रक्रियाउम्मीदवारों का चयन निष्पक्ष और पारदर्शी चरणों के आधार पर किया जाएगा:फिजिकल फिटनेस टेस्ट: सबसे पहले योग्य शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों के लिए शारीरिक सहनशक्ति परीक्षा (Physical Endurance Test) आयोजित की जाएगी।लिखित परीक्षा: शारीरिक परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा।दस्तावेज सत्यापन: अंत में सफल उम्मीदवारों के मूल दस्तावेजों की जांच की जाएगी।इच्छुक और योग्य उम्मीदवार BEL की आधिकारिक वेबसाइट bel-india.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती के लिए किसी भी प्रकार का आवेदन शुल्क (Application Fee) नहीं लिया जा रहा है, यानी आवेदन पूरी तरह निशुल्क है। ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 14 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है, इसलिए अंतिम समय की तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए समय रहते अपना फॉर्म अवश्य जमा कर दें।
तन्वी ने सोशल मीडिया पर शेयर किए वीडियो में बताया कि नीट पीजी की परीक्षा उन्होंने ऐसे समय में दी, जब उनके माता-पिता नेपाल में आई भयानक बाढ़ के बीच लापता हो गए। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान उनकी आंखों में सिर्फ आंसू थे।
MBBS : कटऑफ बढ़ी, नीट में 384 अंक तक मिली एमबीबीएस सीट, ओपन में 29 मार्क्स का उछाल
MBBS NEET UG cut off : महाराष्ट्र में एमबीबीएस एडमिशन के लिए नीट यूजी कटऑफ में इस साल इजाफा हुआ है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों के लिए ओपन कैटेगरी कटऑफ पहली मेरिट लिस्ट में 538 मार्क्स तक पहुंच गया है, जो पिछले साल 509 था।
एक करोड़ से अधिक बच्चों की परीक्षाएं कराने को लेकर एनटीए के सामने कंप्यूटर और परीक्षा ढांचे की बड़ी चुनौती है। एजेंसी ने इसे लेकर मंत्रालय और नीलेकणि समिति से अवसंरचना और बजट पर स्पष्ट नीति मांगी है।
पानी को सुरक्षित और कीटाणु मुक्त बनाने के लिए एक छात्रा ने सेमीकंडक्टर आधारित तकनीक विकसित की है। यह तकनीक संग्रहित पानी में बैक्टीरिया की वृद्धि को रोकने में मदद करती है और लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध करा रही है।
बस्ती के लोग वर्षों से टैंकर के पानी पर निर्भर थे, जिससे दूषित पानी और बीमारियों का खतरा बना रहता था। अब एक स्कूली छात्रा की पहल ने हालात बदल दिए हैं और हजारों लोगों को सुरक्षित व स्वच्छ पानी मिल रहा है।
नई दिल्ली: स्कूली छात्रा की पहल से बदली बस्ती की तस्वीर, 10 हजार से अधिक लोगों तक पहुंचा स्वच्छ पानी
नई दिल्ली की एक बस्ती में पानी की समस्या दूर करने की दिशा में एक स्कूली छात्रा की पहल ने बड़ा बदलाव किया है। उसकी कोशिशों से 10 हजार से अधिक लोगों तक स्वच्छ पानी पहुंच रहा है।
जो भी योग्य उम्मीदवार इस भर्ती का इंतजार बेसब्री से कर रहे हैं, वो अब 9 सितंबर 2026 से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। बता दें कि आवेदन करने की अंतिम तारीख 23 सितंबर 2026 है। वहीं, आवेदन फॉर्म में सुधार की सुविधा 28 सितंबर 2026 तक उपलब्ध रहेगी। भर्ती परीक्षा 28 अक्टूबर 2026 को आयोजित की जाएगी।
बैंकिंग सेक्टर में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए सुनहरा अवसर सामने आया है। इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल सिलेक्शन (IBPS) ने देश के विभिन्न क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (Regional Rural Banks - RRBs) में ग्रुप ए अधिकारी (स्केल-I, II और III) तथा ग्रुप बी ऑफिस असिस्टेंट (मल्टीपर्पज/क्लर्क) के पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक विज्ञापन (CRP RRBs-XV) जारी कर दिया है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 13,706 रिक्त पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। योग्य और इच्छुक अभ्यर्थी आईबीपीएस के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना ऑनलाइन आवेदन भर सकते हैं।13,706 पदों का पदवार विवरण (Post-Wise Vacancies)आईबीपीएस द्वारा जारी विस्तृत अधिसूचना के अनुसार, पदों का वर्गीकरण इस प्रकार है:ऑफिस असिस्टेंट (मल्टीपर्पज / क्लर्क): 8,183 पदऑफिसर स्केल-I (असिस्टेंट मैनेजर / PO): 4,256 पदऑफिसर स्केल-II (जनरल बैंकिंग ऑफिसर - GBO): 666 पदऑफिसर स्केल-II (स्पेशलिस्ट ऑफिसर - IT, CA, लॉ, एग्रीकल्चर आदि): 381 पदऑफिसर स्केल-III (सीनियर मैनेजर): 220 पदयह भर्ती देशभर के 28 से अधिक क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में रिक्तियों को भरने के लिए आयोजित की जा रही है।महत्वपूर्ण तिथियां: आवेदन और परीक्षा का पूरा शेड्यूलऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू होने की तिथि: 01 सितंबर 2026ऑनलाइन आवेदन और फीस जमा करने की अंतिम तिथि: 21 सितंबर 2026प्री-एग्जाम ट्रेनिंग (PET): नवंबर 2026प्रारंभिक परीक्षा (Prelims Exam - PO व क्लर्क): नवंबर / दिसंबर 2026मुख्य परीक्षा (Mains Exam): दिसंबर 2026 / जनवरी 2027शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमाऑफिस असिस्टेंट एवं ऑफिसर स्केल-I: किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी संकाय में स्नातक (Graduation) की डिग्री। इसके साथ ही उम्मीदवार को संबंधित राज्य की स्थानीय भाषा (Local Language) का ज्ञान और बुनियादी कंप्यूटर संचालन आना चाहिए।ऑफिसर स्केल-II और III: संबंधित क्षेत्र (जैसे आईटी, लॉ, बैंकिंग, सीए आदि) में विशिष्ट डिग्री और निर्धारित कार्यानुभव (Experience) होना अनिवार्य है।आयु सीमा (01 सितंबर 2026 के अनुसार):ऑफिस असिस्टेंट (क्लर्क): 18 से 28 वर्षऑफिसर स्केल-I (PO): 18 से 30 वर्षऑफिसर स्केल-II: 21 से 32 वर्षऑफिसर स्केल-III: 21 से 40 वर्ष(आरक्षित श्रेणियों—एससी, एसटी, ओबीसी, दिव्यांग व भूतपूर्व सैनिकों—को नियमानुसार ऊपरी आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी।)चयन प्रक्रिया: कैसे होगा अंतिम चयन?ऑफिस असिस्टेंट (क्लर्क): चयन दो चरणों में होगा—प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) और मुख्य परीक्षा (Mains)। क्लर्क पद के लिए कोई साक्षात्कार (Interview) नहीं होगा; मुख्य परीक्षा के अंकों के आधार पर अंतिम मेरिट बनेगी।ऑफिसर स्केल-I (PO): तीन चरणों में चयन होगा—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार।ऑफिसर स्केल-II व III: केवल एक स्तरीय ऑनलाइन परीक्षा (Single-level Exam) और उसके बाद साक्षात्कार आयोजित किया जाएगा।आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन करने का तरीकासबसे पहले IBPS की आधिकारिक वेबसाइट www.ibps.in पर जाएं।होमपेज पर दिए गए CRP RRBs-XV लिंक पर क्लिक करें।जिस पद (Office Assistant या Officer Scale) के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उसके रजिस्ट्रेशन लिंक को चुनें।'Click here for New Registration' पर जाकर अपनी बुनियादी जानकारी, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करें।सिस्टम द्वारा जनरेट रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड से लॉगिन कर शैक्षणिक विवरण भरें।निर्धारित प्रारूप में फोटो, हस्ताक्षर, बाएं हाथ के अंगूठे का निशान और हस्तलिखित घोषणा पत्र (Handwritten Declaration) अपलोड करें।अंत में ऑनलाइन माध्यम से आवेदन शुल्क का भुगतान कर सबमिट करें और भरे हुए फॉर्म का प्रिंटआउट अपने पास सुरक्षित रख लें।
SBI PO Prelims Scorecard 2026: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने PO प्रीलिम्स परीक्षा 2026 का स्कोरकार्ड और कट-ऑफ अंक जारी कर दिए हैं। छात्र आधिकारिक पोर्टल sbi.co.in पर जाकर अपने प्राप्त स्कोर चेक कर सकते हैं।
UGC NET June 2026 Re-exam City: NTA ने UGC NET जून 2026 की 9 और 10 सितंबर को होने वाली री-एग्जाम के लिए एडवांस सिटी इंटीमेशन स्लिप जारी कर दी है। छात्र ugcnet.nta.nic.in पर जाकर इसे डाउनलोड कर सकते हैं।
पीजीआईएमईआर में सीनियर रेजिडेंट बनने का अवसर, 8 सितंबर को वॉक-इन इंटरव्यू
देश के किसी प्रतिष्ठित संस्थान में नौकरी करना हजारों-लाखों युवाओं का सपना होता है। अगर आप भी उन्हीं में से एक हैं तो आपके लिए यह एक अच्छा मौका है...
BGSSL में निकली 2,049 पदों पर बंपर भर्ती, 30 सितंबर तक करें ऑनलाइन अप्लाई; पढ़ें डिटेल्स
बैंक ऑफ बड़ौदा की सहायक कंपनी BGSSL ने 2,049 विभिन्न पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इच्छुक उम्मीदवार 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
BPSC TRE 4 Vacancy: चौथी बिहार शिक्षक भर्ती के लिए नया अपडेट, 21 सितंबर से शुरू हो सकता है आवेदन
BPSC TRE 4 Vacancy: BPSC द्वारा चौथी चरण शिक्षक भर्ती (TRE-4.0) के तहत संशोधित नोटिफिकेशन और आवश्यक संशोधनों के बाद आवेदन प्रक्रिया 21 सितंबर 2026 से शुरू होने की संभावना जताई गई है।
IIM Ahmedabad Campus Placement: आईआईएम अहमदाबाद (IIM-A) के प्लेसमेंट 2026 में इतिहास रचते हुए PGP कोर्स के छात्र को दुबई की आईटी कंपनी में 2.31 करोड़ रुपये का हाईएस्ट इंटरनेशनल पैकेज मिला है।
IIT Delhi Admission without JEE: IIT दिल्ली ने बिना JEE स्कोर के एडवांस सर्टिफिकेट इन AI प्रोडक्ट मैनेजमेंट एंड लीडरशिप कोर्स लॉन्च किया है। इसमें ग्रेजुएट्स ऑनलाइन आवेदन कर देश के प्रतिष्ठित संस्थान से पढ़ाई कर सकते हैं।
2 सितंबर को बंद रहेंगे स्कूल? मूसलाधार बारिश के बीच क्या कल रहेगा अवकाश, IMD का ताजा अपडेट
2 सितंबर को स्कूल बंद रहेंगे या नहीं? IMD ने भारी से अत्यंत भारी बारिश को लेकर कई राज्यों में अलर्ट जारी किया है। अपने राज्य का हाल जानें।
भारतीय रेलवे के दक्षिणी रेलवे जोन ने 10वीं और ITI पास अभ्यर्थियों के लिए 4,471 अप्रेंटिस पदों पर बंपर भर्ती निकाली है। इच्छुक उम्मीदवार 27 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
ऑनलाइन पढ़ाई कराने वाले संस्थानों के लिए UGC का नोटिस, DEB पोर्टल पर 15 सितंबर तक ऐसे करें अप्लाई
ऑनलाइन पढ़ाई कराने वाले संस्थानों के लिए UGC का नोटिस, DEB पोर्टल पर 15 सितंबर तक ऐसे करें अप्लाई
Who is Subrat Shandilya: बिहार के युवा इंजीनियर सुब्रत शांडिल्य 2 किलो न्यूटन क्षमता का स्वदेशी व किफायती कॉम्पैक्ट जेट इंजन बना रहे हैं। चयन होने पर बिहार में देश का पहला जेट इंजन निर्माण कारखाना बनेगा।
IBPS RRB 2026: 13441 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन शुरू, 21 सितंबर तक करें अप्लाई; पढ़ें पूरी डिटेल्स
इस भर्ती के जरिए ऑफिस असिस्टेंट, ऑफिसर स्केल-I, ऑफिसर स्केल-II और ऑफिसर स्केल-III के कुल 13,441 पदों को भरा जाएगा। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 1 सितंबर 2026 से 21 सितंबर 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट ibps.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय के एनसीवेब में बीकॉम में दाखिले का मौका अभी बाकी है। 35 से 45 फीसदी अंकों वाले छात्र 1 और 2 सितंबर को आवेदन कर सकते हैं।
कब जारी होगा नीट पीजी का आंसर की, जानें कहां से करें डाउनलोड और क्या है मार्किंग सिस्टम
करीब सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा तय कार्यक्रम के अनुसार ही समाप्त हुआ, लेकिन राजस्थान के सीतापुरा परीक्षा केंद्र पर बिजली गुल होने के कारण परीक्षा आयोजित नहीं हो सकी। अब इस केंद्र के 2445 उम्मीदवारों के लिए 5 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी।
ओडिशा सरकार ने एसटी और एससी छात्रों को बड़ी राहत दी है। अब सरकारी मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला लेने वाले इन छात्रों से कोई फीस नहीं ली जाएगी।
ट्रंप प्रशासन फिर से एच-4 ईएडी वर्क परमिट खत्म करने की योजना पर कर रहा है विचार
विदेश में रहकर नौकरी करने वाले और विशेष रूप से अमेरिका में बसने का सपना देखने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए एक बेहद चिंताजनक और बड़ी खबर सामने आ रही है। अमरीका में ट्रंप प्रशासन के दोबारा सत्ता में आने के बाद से अप्रवासन नीतियों को लेकर लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं, जिसका सीधा असर अब एच-1बी (H-1B) वीजा धारकों के जीवनसाथी यानी स्पाउज पर पड़ने वाला है। अमेरिका के गृह मंत्रालय यानी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने अपनी नई रेगुलेटरी एजेंडा सूची में एक ऐसा प्रस्ताव फिर से शामिल किया है, जिससे हजारों भारतीय परिवारों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस नए संभावित प्रस्ताव के तहत ट्रंप प्रशासन एच-4 वीजा धारकों को मिलने वाले ईएडी (H-4 EAD) यानी वर्क परमिट को पूरी तरह से समाप्त करने की योजना पर विचार कर रहा है। यदि यह प्रस्ताव आने वाले समय में कानूनी रूप से लागू हो जाता है, तो अमेरिका में रह रहे उन हजारों कुशल पेशेवर प्रवासियों के जीवनसाथी कानूनी रूप से काम करने के अधिकार से वंचित हो जाएंगे, जो लंबे समय से ग्रीन कार्ड के इंतजार में अमेरिकी अर्थव्यवस्था में अपना योगदान दे रहे हैं। आइए इस पूरे मसले की गहराई से समीक्षा करते हैं और जानते हैं कि इसका भारतीय परिवारों पर क्या असर होगा।क्या है एच-4 ईएडी वर्क परमिट और क्यों शुरू हुआ था यह नियमपूरे विवाद को बेहतर ढंग से समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि आखिर एच-4 ईएडी क्या है और इसे कब लागू किया गया था। साल 2015 में तत्कालीन अमेरिकी प्रशासन ने एक बड़ा और राहत भरा कदम उठाते हुए उन एच-4 वीजा धारकों को काम करने की अनुमति दी थी, जिनके पति या पत्नी के पास वैध एच-1बी वीजा है और जिनका आई-140 (I-140) अप्रूव हो चुका है। इस नियम के आने से मुख्य रूप से उन हजारों भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स और उच्च शिक्षित परिवारों को बहुत बड़ी राहत मिली थी, जिन्हें अमेरिका में परमानेंट रेजिडेंसी यानी ग्रीन कार्ड मिलने में दशकों की लंबी प्रतीक्षा सूची का सामना करना पड़ता है। इस वर्क परमिट के सहारे एच-1बी धारकों के स्पाउज अमेरिका में रहकर स्वतंत्र रूप से नौकरी कर सकते थे, अपना बिजनेस शुरू कर सकते थे और अपने परिवार की आजीविका में बराबरी का आर्थिक सहयोग दे सकते थे। लेकिन अब ट्रंप प्रशासन के इस नए कदम ने उस व्यवस्था पर संकट के बादल मंडरा दिए हैं, जिससे प्रवासी समुदाय में भारी असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।ट्रंप प्रशासन के नए प्रस्ताव और भारतीय परिवारों पर संभावित असरअमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की तरफ से जारी ताजा रेगुलेटरी एजेंडा में इस बात के संकेत दिए गए हैं कि सरकार एच-4 वीजा श्रेणी के उन लोगों को रोजगार अधिकार देने वाले नियमों से बाहर करने पर विचार कर रही है। हालांकि, राहत की बात यह है कि यह अभी केवल एक नीतिगत प्रस्ताव या 'लॉन्ग-टर्म एक्शन' के रूप में सूचीबद्घ किया गया है और रातों-रात मौजूदा वर्क परमिट को रद्द नहीं किया गया है। इसके बावजूद, इस खबर के सामने आते ही अमेरिका में रह रहे भारतीय प्रवासियों और उन परिवारों के बीच डर का माहौल बन गया है जो अपनी दोहरी आय के भरोसे वहां अपने कर्ज, बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्चों को मैनेज कर रहे हैं। यदि यह प्रस्ताव आगे चलकर अंतिम नियमों में बदल जाता है, तो सबसे ज्यादा असर उन भारतीय महिलाओं पर पड़ेगा जो अपनी उच्च शिक्षा के दम पर अमेरिका में शानदार करियर बना चुकी हैं और स्वतंत्र रूप से काम कर रही हैं। एक ही वेतन पर निर्भर होने से परिवारों की आर्थिक स्थिति पर भारी दबाव पड़ सकता है।कानूनी प्रक्रिया, मौजूदा स्थिति और आगे की क्या है राहविशेषज्ञों और इमिग्रेशन वकीलों का यह मानना है कि किसी भी नियम को बदलने या समाप्त करने के लिए एक लंबी संघीय विधायी प्रक्रिया से गुजरना होता है। इसमें फेडरल रजिस्टर में प्रस्ताव प्रकाशित होने के बाद आम जनता और संबंधित पक्षों से टिप्पणियां आमंत्रित की जाती हैं, और उसके बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाता है। इसके अलावा, इस तरह के विवादास्पद फैसलों को अमेरिकी अदालतों में कानूनी चुनौतियों का सामना भी करना पड़ सकता है, जैसा कि पहले भी देखने को मिला है। वर्तमान में जिन लोगों के पास वैध एच-4 ईएडी कार्ड मौजूद हैं, वे बिना किसी बाधा के काम करना जारी रख सकते हैं और उनकी मौजूदा नौकरी पर तत्काल कोई संकट नहीं आया है। फिर भी, प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे अपने वीजा रिन्यूअल और कागजी कार्रवाई को समय पर पूरा रखें तथा अमेरिकी प्रशासन की तरफ से आने वाले हर एक आधिकारिक अपडेट पर पैनी नजर बनाए रखें ताकि किसी भी अनिश्चितता से सही समय पर निपटा जा सके।
एक टीचर की बेटी ने रचा इतिहास, नीट परीक्षा पास कर एक साथ पूरा किया, अफसर बनने का बड़ा सपना
मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर इंसान अगर कुछ ठान ले तो वह अपनी किस्मत की लकीरों को खुद बदल सकता है। इस बात को सच साबित कर दिखाया है एक साधारण शिक्षक की बेटी ने, जिसने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर सफलता का एक ऐसा मुकाम हासिल किया है जो आज के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गया है। हम बात कर रहे हैं उस होनहार बेटी की जिसने देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली मेडिकल प्रवेश परीक्षा यानी नीट (NEET) को न केवल सफलतापूर्वक पास किया, बल्कि अपने दो बड़े सपनों को एक साथ पूरा कर दिखाया। बचपन से ही डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करने और साथ ही देश की वर्दी पहनकर भारतीय सेना (Indian Army) में अपनी सेवाएं देने का जो सपना उसने देखा था, उसे आज अपनी काबिलियत के दम पर हकीकत में बदल दिया है। इस सफलता की कहानी केवल एक छात्र की जीत नहीं है, बल्कि उस माता-पिता के संघर्ष और अटूट विश्वास का भी परिणाम है जिन्होंने तमाम आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद अपनी बेटी के हौसलों को टूटने नहीं दिया। आइए इस प्रेरणादायक सफलता की पूरी कहानी को विस्तार से जानते हैं कि कैसे एक साधारण परिवार की बेटी ने अपनी मेहनत से आसमान छूने की उड़ान भरी।साधारण परिवार की पृष्ठभूमि और संघर्षों से भरा शुरुआती दौरहर बड़ी सफलता के पीछे संघर्षों की एक लंबी दास्तान छिपी होती है, और इस होनहार बेटी की कहानी भी इससे अलग नहीं है। एक साधारण शिक्षक के घर जन्मी और पली-बढ़ी इस बिटिया ने बचपन से ही अभावों को बहुत करीब से देखा था। घर की आर्थिक स्थिति बहुत ज्यादा मजबूत नहीं थी, लेकिन इसके बावजूद उसके पिता ने कभी भी उसकी पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आने दी। पिता खुद एक शिक्षक होने के नाते शिक्षा के महत्व को बहुत अच्छी तरह समझते थे, इसलिए उन्होंने अपनी बेटी को हमेशा उच्च शिक्षा प्राप्त करने और जीवन में कुछ बड़ा करने के लिए प्रेरित किया। संसाधनों की कमी होने के बावजूद इस होनहार छात्रा ने कभी हार नहीं मानी और अपनी पूरी ऊर्जा केवल अपनी पढ़ाई पर केंद्रित रखी। स्कूल के दिनों से ही वह पढ़ाई में बेहद मेधावी थी और विज्ञान के विषयों में उसकी गहरी रुचि थी। उसके मन में हमेशा से यह इच्छा रहती थी कि वह बड़ी होकर न केवल अपने परिवार और समाज का नाम रोशन करे, बल्कि देश के किसी ऐसे मुकाम पर पहुंचे जहां वह जरूरतमंदों की मदद कर सके।नीट परीक्षा की कठिन तैयारी और सेना में जाने का अनोखा जुनूनडॉक्टर बनने का सपना हर मेडिकल छात्र का होता है, लेकिन फौज की वर्दी पहनकर देश सेवा करने का जज्बा हर किसी में नहीं होता। इस बेटी ने इन दोनों ही अनूठे लक्ष्यों को एक साथ साधने का बीड़ा उठाया। नीट परीक्षा की तैयारी करना अपने आप में एक बहुत बड़ी चुनौती होती है, जिसमें दिन-रात लगातार घंटों पढ़ाई करनी पड़ती है। कोचिंग और महंगी किताबों के अभाव के बावजूद उसने अपनी लगन और सेल्फ स्टडी के दम पर इस कठिन परीक्षा की तैयारी की। उसने रोजाना अपनी पढ़ाई का एक कड़ा शेड्यूल बनाया और हर विषय पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई। जब कभी उसका हौसला डगमगाता, तो उसके पिता और उसका मजबूत आत्मबल उसे फिर से खड़े होने की ताकत देता था। पढ़ाई के दौरान उसने कभी यह नहीं सोचा कि वह एक छोटे शहर या साधारण पृष्ठभूमि से आती है, बल्कि उसने हमेशा यही लक्ष्य रखा कि उसकी मेहनत ही उसकी पहचान बनेगी। अंततः उसकी यह निष्ठा रंग लाई और उसने नीट परीक्षा में शानदार अंकों के साथ सफलता हासिल कर ली।डॉक्टर बनने के साथ भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनने का गौरवनीट परीक्षा पास करने के बाद जब उसके सामने मेडिकल कॉलेज चुनने और अपने करियर को आगे बढ़ाने का अवसर आया, तो उसने सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (Armed Forces Medical Services) का रास्ता चुना। भारतीय सेना में डॉक्टर के रूप में सेवा देने का यह अवसर हर किसी को नहीं मिलता, इसके लिए बेहद कड़ी चयन प्रक्रिया और शारीरिक तथा मानसिक परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है। अपनी बुद्धिमत्ता और प्रतिभा के बल पर उसने इन सभी चरणों को सफलतापूर्वक पार किया और सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर अपनी नियुक्ति सुनिश्चित की। एक ही झटके में डॉक्टर बनने का सपना पूरा होने के साथ-साथ देश की रक्षा करने वाली सेना की वर्दी पहनना उसके और उसके पूरे परिवार के लिए बेहद गर्व का पल था। जब उसने सेना की वर्दी पहनकर अपने माता-पिता को सैल्यूट किया, तो वह नजारा देखने वालों की आंखें नम कर देने वाला था। उसकी इस ऐतिहासिक सफलता ने साबित कर दिया कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और अवसर मिलने पर वे देश का नाम सबसे ऊपर रोशन कर सकती हैं।युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत और समाज का बदलता परिदृश्यइस बेटी की यह सफलता आज के दौर के तमाम युवाओं, विशेषकर छोटे शहरों और गांवों से ताल्लुक रखने वाली बेटियों के लिए एक जीता-जागता उदाहरण है। यह कहानी हमें यह सिखाती है कि सपने चाहे कितने भी बड़े क्यों न हों, अगर आपके इरादे मजबूत हैं और आप लगातार मेहनत करने से पीछे नहीं हटते, तो सफलता आपके कदम जरूर चूमती है। आज यह बेटी उन तमाम छात्र-छात्राओं के लिए एक आदर्श बन चुकी है जो विपरीत परिस्थितियों के आगे घुटने टेक देते हैं। समाज में जब इस तरह की बेटियां आगे आती हैं, तो न केवल उनकी अपनी पीढ़ियों की तकदीर बदलती है, बल्कि पूरे समाज की सोच में एक सकारात्मक बदलाव आता है। इस प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सच्ची लगन और देशभक्ति का जज्बा हो, तो इंसान हर मुमकिन और नामुमकिन चीज को हासिल कर सकता है।
विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करने का सपना देखने वाले भारतीय छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। उत्तर अमेरिकी देश कनाडा में पढ़ाई करना अब और अधिक खर्चीला हो गया है, क्योंकि वहां की सरकार ने अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के लिए वित्तीय नियमों को और ज्यादा सख्त कर दिया है। कनाडा के आव्रजन विभाग यानी आईआरसीसी (IRCC) द्वारा अध्ययन वीज़ा के नियमों में किए गए बदलाव के तहत अब छात्रों को अपने बैंक खाते में जीवनयापन खर्च (Living Expenses) के रूप में पहले से ज्यादा राशि दिखानी होगी। भारतीय करेंसी के हिसाब से गणना करें तो अब स्टडी परमिट प्राप्त करने के लिए छात्रों को लगभग 22.76 लाख रुपये (23,448 कनाडाई डॉलर) बतौर बैंक बैलेंस या फंड साबित करना होगा। इस नए बदलाव के बाद उन मध्यमवर्गीय परिवारों की चिंता बढ़ गई है जो अपने बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए कनाडा भेजने की योजना बना रहे थे। आइए इस पूरी रिपोर्ट को विस्तार से समझते हैं कि आखिर कनाडाई सरकार ने यह बड़ा कदम क्यों उठाया है और इसका भारतीय छात्रों पर क्या असर पड़ेगा।कनाडा सरकार का नया वित्तीय नियम और बढ़ी हुई फंड लिमिटकनाडा के आव्रजन, शरणार्थी और नागरिकता विभाग (IRCC) के नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, देश के अलग-अलग शिक्षण संस्थानों में दाखिला लेने वाले विदेशी छात्रों को अब अपने वित्तीय प्रमाण के रूप में कम से कम 23,448 कनाडाई डॉलर का फंड दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह राशि केवल उनके पहले साल के रहने और खाने-पीने के खर्च यानी कॉस्ट ऑफ लिविंग के लिए है, जिसमें ट्यूशन फीस और यात्रा का खर्च पूरी तरह से अलग शामिल है। पिछले कुछ वर्षों में कनाडा के भीतर आवास की भारी किल्लत और महंगाई में बेतहाशा बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। जानकारों का कहना है कि पूर्व के वर्षों में यह सीमा काफी कम हुआ करती थी, लेकिन पिछले तीन सालों में इसमें भारी इजाफा किया गया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि जो छात्र कनाडा आ रहे हैं, वे अपनी आर्थिक जरूरतों को खुद पूरा करने में सक्षम हैं और उन्हें किसी प्रकार की वित्तीय तंगी का सामना न करना पड़े।भारतीय छात्रों और उनके अभिभावकों पर पड़ेगा सीधा आर्थिक बोझकनाडा हमेशा से भारतीय छात्रों के बीच उच्च शिक्षा के लिए सबसे पसंदीदा देशों में शुमार रहा है, जहां हर साल हजारों युवा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात और दक्षिण भारत सहित पूरे देश से पढ़ाई करने जाते हैं। हालांकि, इस तरह बार-बार वित्तीय मानदंडों को कड़ा किए जाने से छात्रों के अभिभावकों पर भारी आर्थिक दबाव बन रहा है। ट्यूशन फीस के अलावा अब रहने के लिए इतनी बड़ी रकम (लगभग 22.76 लाख रुपये या उससे अधिक) पहले से बैंक खाते में या गारंटीड इन्वेस्टमेंट सर्टिफिकेट (GIC) के रूप में दिखाना हर परिवार के लिए आसान नहीं रह गया है। कई छात्र बैंकों से भारी-भरकम एजुकेशन लोन लेकर अपनी पढ़ाई का सपना पूरा करते हैं, लेकिन नई शर्तों के लागू होने के बाद अब लोन की प्रक्रिया और वित्तीय दस्तावेजों की जांच भी और अधिक जटिल हो जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नियम के सख्त होने से उन छात्रों की संख्या में कुछ कमी आ सकती है जो सीमित बजट के साथ विदेश जाने का विचार कर रहे थे।वीज़ा आवेदन के दौरान किन बातों का रखना होगा विशेष ध्यानयदि आप भी आने वाले सत्र में कनाडा में पढ़ाई करने के लिए स्टडी परमिट का आवेदन करने जा रहे हैं, तो आपको कनाडाई दूतावास के इन नए नियमों को बहुत बारीकी से समझना होगा। आवेदन प्रक्रिया के दौरान केवल न्यूनतम राशि का बैंक खाता दिखा देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि वीजा अधिकारियों द्वारा फंड के स्रोत (Source of Funds) की भी बेहद कड़ाई से जांच की जाती है। छात्रों को यह साबित करना होता है कि उनके पास पहले साल की ट्यूशन फीस के साथ-साथ जीवनयापन के लिए पर्याप्त वैध धन मौजूद है। इसके अलावा, यदि पाठ्यक्रम एक साल से अधिक लंबा है, तो आगे के वर्षों के वित्तपोषण का पूरा प्लान भी स्पष्ट करना होता है। इस पूरी स्थिति को देखते हुए शिक्षा सलाहकारों ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अपने कागजात और वित्तीय प्लानिंग को पूरी तरह दुरुस्त रखें ताकि किसी भी तकनीकी खामी के कारण उनके वीजा आवेदन को खारिज न किया जाए।
राउंड 1 में पश्चिम बंगाल के सरकारी और निजी मेडिकल व डेंटल कॉलेजों की स्टेट कोटा सीटों पर उम्मीदवारों को सीट आवंटित की गई है। जिन उम्मीदवारों को सीट मिली है, उन्हें अब तय समयसीमा के अंदर एडमिशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
आईआईटी कानपुर: छात्रों की भलाई के लिए इस्कॉन से साझेदारी पर विवाद, संस्थान ने डिलीट किया पोस्ट
आईआईटी कानपुर और इस्कॉन के बीच छात्रों की भलाई से जुड़े एक समझौते को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस MoU की जानकारी देने वाला संस्थान का सोशल मीडिया पोस्ट बाद में डिलीट कर दिया गया।
NDA किया क्रैक, राष्ट्रपति के बनें ADC, अब 12 साल सेना में सेवा के बाद दिया इस्तीफा; जानें वजह
करीब 12 साल तक सेना में सेवा देने के बाद, उन्होंने समय से पहले रिटायरमेंट लिया है। ऐसे में लोग ये जानना चाहते हैं कि आखिर वो ऋषभ सिंह कहां से पढ़ाई की है और आखिर उन्होंने समय से पहले भारतीय सेना से रिटायरमेंट क्यों लिया।
महाराष्ट्र: कभी माओवादी दल का हिस्सा थे पिता, अब बेटी अरविंदा बनी ट्रेनी इंजीनियर; पढ़ें पूरी कहानी
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली की 20 वर्षीय अरविंदा बरसागाडे ने मुश्किल हालात के बावजूद सिविल इंजीनियर के रूप में अपनी नई पहचान बनाई है। उनके पिता कभी नक्सली दल का हिस्सा थे, लेकिन अरविंदा ने मेहनत और शिक्षा के दम पर अपना भविष्य बदला।
आईओई (इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस) परियोजना के अंतर्गत 2023 से शुरू किए गए इंटरनेशनल विजिटिंग स्टुडेंट प्रोग्राम (आईवीएसपी) के नियमों में बीएचयू ने कुछ अहम बदलाव किए हैं। इसके अंतर्गत विदेश जाने वाले विद्यार्थियों को अंडरटेकिंग और इंडेम्निटी बॉन्ड देना अनिवार्य होगा।

