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Odisha Cyclone: ओडिशा में चक्रवात का खतरा, 26 अक्टूबर से ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में बन रहा कम दबाव का क्षेत्र 25 अक्टूबर तक गहरे दबाव में बदल सकता है और चक्रवात का रूप ले सकता है।

जागरण 23 Oct 2026 9:49 am

ओडिशा: 23 अक्टूबर को कोटिया पंचायत का दौरा करेगा बीजेडी का प्रतिनिधिमंडल

भुवनेश्वर, 22 अक्टूबर . Odisha में बीजू जनता दल (बीजेडी) का एक प्रतिनिधिमंडल 23 अक्टूबर को कोटिया पंचायत का दौरा करेगा. यह दौरा Odisha के कोरापुट जिले के…

डेली किरण 22 Oct 2026 10:58 pm

सीएम माझी ने ‘इंडिया केम 2026’ में ओडिशा को उभरते हुए केमिकल हब के रूप में पेश किया

भुवनेश्वर, 22 अक्टूबर . Odisha के Chief Minister मोहन चरण माझी ने Thursday को उद्योगपतियों और निवेशकों को राज्य में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया. उन्होंने उन्हें…

डेली किरण 22 Oct 2026 9:03 pm

BCGCL ने Odisha में 25000 करोड़ रुपये के Coal Gasification प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया

भारत कोल गैसीकरण एंड केमिकल्स लि. (बीसीजीसीएल) के प्रबंध निदेशक पीयूष कुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि ओडिशा में 25,000 करोड़ रुपये की कोयला से गैस बनाने की परियोजना के लिए निर्माण का काम शुरू हो गया है। बीसीजीसीएल, कोल इंडिया लि. और भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लि. (बीएचईएल) की संयुक्त उद्यम कंपनी है। यह राष्ट्रीय कोयला गैसीकरण मिशन के तहत 2030 तक 10 करोड़ टन कोयला गैसीकरण क्षमता विकसित करने के देश के प्रयासों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इस मिशन का उद्देश्य कोयले को रसायनों में बदलना और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी), यूरिया, अमोनिया तथा मेथनॉल जैसे उत्पादों के आयात पर निर्भरता कम करना है। कुमार ने मिशन एनर्जी फाउंडेशन के 17वें गैसीफिकेशन इंडिया 2026 कार्यक्रम में कहा, ‘‘हम भेल और कोल इंडिया के संयुक्त उद्यम बीसीजीसीएल के तहत आगे बढ़ रहे हैं। हमने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। ज्यादातर ठेके दिए जा चुके हैं और निर्माण शुरू हो गया है।’’बीसीजीसीएल को अत्याधुनिक कोयला-से-अमोनियम नाइट्रेट परियोजना विकसित करने के लिए स्थापित किया गया है। इसमें कोल इंडिया की 51 प्रतिशत बहुलांश हिस्सेदारी है, जबकि शेष 49 प्रतिशत हिस्सेदारी बीएचईएल के पास है। कुमार ने बताया कि करीब 15,000 करोड़ रुपये के काम के ठेके दिए जा चुके हैं, जबकि शेष कार्यों के लिए अनुबंध दिए जाने बाकी हैं। परियोजना की शेष लागत में ब्याज, मूल्यह्रास और जमीन से जुड़े खर्च जैसे अन्य व्यय शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कुल 25,000 करोड़ रुपये की परियोजना में से 15,000 करोड़ रुपये के काम के ठेके पहले ही दिए जा चुके हैं। इसमें से 10,000 करोड़ रुपये का काम भेल को और 5,000 करोड़ रुपये का काम लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) को दिया गया है।’’इस परियोजना का उद्देश्य कोयला गैसीकरण के जरिये सालाना करीब 6.6 लाख टन तकनीकी श्रेणी के अमोनियम नाइट्रेट का उत्पादन करना है। ओडिशा में लगायी जा रही इस परियोजना को राज्य सरकार के उच्चस्तरीय मंजूरी प्राधिकरण से एकल अनुमति व्यवस्था के तहत मंजूरी मिल चुकी है।

प्रभासाक्षी 22 Oct 2026 3:13 pm

राहुल गांधी के विदेश दौरे पर भाजपा का निशाना, संबित पात्रा बोले- ‘रिजीम चेंज’ की हो रही साजिश

भुवनेश्वर, 21 अक्टूबर . भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं Lok Sabha सांसद डॉ. संबित पात्रा ने Wednesday को भुवनेश्वर, Odisha में प्रेसवार्ता को संबोधित किया और…

डेली किरण 21 Oct 2026 9:08 pm

Ranji Trophy: Jalaj Saxena के पांच विकेट से Kerala ने Odisha को पारी से हराया

अनुभवी ऑलराउंडर जलज सक्सेना ने दूसरी पारी में पांच विकेट लेकर फॉलोऑन खेल रहे ओडिशा को 143 रन पर समेट दिया जिससे केरल ने बुधवार को यहां रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप सी मुकाबले में पारी और 36 रन से जीत दर्ज की। इस जीत से केरल अंक तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गया। बंगाल लगातार दूसरी जीत के साथ शीर्ष पर है और उसके खाते में 12 अंक हैं। बंगाल ने बृहस्पतिवार को सेना को 60 रन से हराया था। पहले दौर के बाद शीर्ष पर काबिज गुजरात अंक तालिका में तीसरे स्थान पर खिसक गया। केरल और गुजरात दोनों के आठ-आठ अंक हैं। अपने घरेलू मैदान पर झारखंड के खिलाफ पहली पारी में बढ़त के आधार पर तीन अंक हासिल करने वाला महाराष्ट्र चौथे स्थान पर है। फॉलोऑन खेलते हुए दूसरी पारी में बुधवार को चार विकेट पर 102 रन से आगे खेलने उतरी ओडिशा की टीम ने अपने बाकी छह विकेट महज 41 रन के भीतर गंवा दिए। उसकी पूरी टीम 58.3 ओवर में 143 रन पर आउट हो गई। इसके साथ ही केरल ने चौथे और अंतिम दिन दूसरे सत्र में ही जीत हासिल कर ली। सक्सेना ने 34 रन देकर पांच विकेट लिए। ओडिशा की ओर से सलामी बल्लेबाज गौरव चौधरी ने सर्वाधिक 53 रन बनाए जबकि कप्तान सुभ्रांशु सेनापति ने 30 रन का योगदान दिया। ओडिशा की टीम पहली पारी में 225 रन पर आउट हुई थी और उसे केरल के 404 रन के जवाब में 179 रन की बढ़त गंवानी पड़ी थी। पालम बी मैदान पर मेजबान दिल्ली ने गुजरात के खिलाफ मुकाबला ड्रॉ कराया और तीन अंक हासिल किए। दिल्ली ने आयुष बडोनी के 217 और प्रियांश आर्य के 199 रन की मदद से पहली पारी छह विकेट पर 648 रन बनाकर घोषित की थी। इसके जवाब में गुजरात की टीम पहली पारी में 479 रन पर आउट हो गई। फॉलोऑन खेलने के बाद गुजरात ने दूसरी पारी में आठ ओवर में एक विकेट पर 15 रन बनाए। आर्य को मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। अंतिम दिन पहली पारी में पांच विकेट पर 363 रन से आगे खेलने उतरी गुजरात की टीम ने 116 रन और जोड़कर बाकी बचे पांच विकेट गंवा दिए। मनन हिंगराजिया ने 303 गेंद में 123 रन बनाए। कप्तान चिंतन गाजा ने 82 रन की पारी खेली लेकिन गुजरात को पहली पारी में पिछड़ने से नहीं बचा सके। दिल्ली के लिए ऋतिक शौकीन सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 143 रन देकर पांच विकेट लिए,जबकि सुमित माथुर ने दो विकेट हासिल किए। आठ टीम की अंक तालिका में दिल्ली छठे स्थान पर है। पुणे में महाराष्ट्र ने झारखंड के खिलाफ ड्रॉ मैच से पहली पारी की बढ़त के आधार पर तीन अंक हासिल किए। झारखंड के पहली पारी के 169 रन के जवाब में महाराष्ट्र ने पांच विकेट पर 527 रन बनाकर पहली पारी घाषित की थी। पहली पारी में 358 रन से पिछड़ने के बाद झारखंड ने दूसरी पारी में शिखर मोहन (127) के शतक और उत्कर्ष सिंह (58) और आदित्य सिंह (51) के अर्धशतकों से जब आठ विकेट पर 344 रन बनाए थे जब मैच ड्रॉ घोषित कर दिया गया।

प्रभासाक्षी 21 Oct 2026 7:13 pm

Jan Sangh से जन-जन की यात्रा: Nitin Nabin ने PM Modi के विकास Vision पर दिया जोर

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बुधवार को 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के विजन को आगे बढ़ाने में भारतीय जनसंघ के सदस्यों की भूमिका को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने भारत में गोवा के विलय और पश्चिम बंगाल में हुए घटनाक्रमों के संबंध में उनके प्रयासों को भी याद किया। यहाँ एक सभा को संबोधित करते हुए, नबिन ने कहा कि जनसंघ ने अपने संस्थापक और नेता श्यामा प्रसाद मुखर्जी के निधन के बाद भी, उनके द्वारा बताए गए 'अखंड भारत' के विजन को बनाए रखा। इसे भी पढ़ें: कॉजपा नेताओं के समर्थन पर Naveen Patnaik पर भड़की Odisha BJP, लगाए गंभीर आरोप उन्होंने कहा कि आज, जब मुझे विभिन्न विषयों पर चर्चा सुनने और इतिहास के कई महत्वपूर्ण पड़ावों पर विचार करने का मौका मिला, तो मुझे एहसास हुआ कि इस पूरे दौर में - चाहे वह गोवा का मामला हो या पश्चिम बंगाल का - जनसंघ ने ही 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के विजन को आगे बढ़ाने का काम किया। यह एक ऐसा विजन था जिसे हमारे विचारक और नेता श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने रखा था। उनके निधन के बाद भी, जनसंघ ने उनके संकल्प को आगे बढ़ाना जारी रखा। 1961 में गोवा को भारत में शामिल करने की बात हो, या पश्चिम बंगाल की वह स्थिति जहाँ हिंदू-बहुल इलाकों को तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान (जो अब बांग्लादेश है) में मिलाने की योजनाएँ चल रही थीं - ऐसे मौकों पर भारतीय जनसंघ के सदस्य ही विरोध में खड़े हुए। आज, मैं उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। नितिन नबिन ने भारतीय जनसंघ के शुरुआती इतिहास को याद करते हुए इस बात पर जोर दिया कि पार्टी के आज के कार्यकर्ताओं में भी वही दृढ़ संकल्प होना चाहिए, जिसने उनके पूर्ववर्तियों को भारत को 'विश्व गुरु' बनाने की दिशा में प्रेरित किया था। नितिन नबिन ने कहा कि आज़ादी के समय लाखों लोगों ने बलिदान दिए, और उन सभी का एक ही लक्ष्य था: भारत को आज़ाद और स्वतंत्र देखना। केवल आज़ादी पाना ही काफी नहीं था, बल्कि एक ऐसा लोकतंत्र स्थापित करना था जो सबका ख्याल रखे, यह सुनिश्चित करे कि विकास की पहल आखिरी व्यक्ति तक पहुँचे, हमारी सांस्कृतिक विरासत की जड़ों को मज़बूत करे, और देश को एक गौरवशाली और आत्म-सम्मान वाले राष्ट्र के रूप में उभरने में मदद करे। इसे भी पढ़ें: K Annamalai ने Delhi Police की कार्रवाई को बताया गलत, कॉजपा के सवाल उठाने के अधिकार का किया समर्थन पार्टी की दिल्ली इकाई की एक पहल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि आज जब मैं जनसंघ के इतिहास के बारे में सोच रहा था, तो दिल्ली राज्य इकाई द्वारा इस्तेमाल किए गए एक वाक्यांश ने मेरा ध्यान खींचा: 'जनसंघ से जन-जन की यात्रा'। मैं वास्तव में इसकी तारीफ करता हूँ। हमारे दिग्गजों ने जो सपना देखा था, उसे साकार करने के लिए हमें पूरी कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'समावेशी राष्ट्रीय विकास' के विज़न के साथ जुड़ने का आग्रह किया। उन्होंने आगे कहा कि इस विज़न को हकीकत में बदलने के लिए, हमें प्रधानमंत्री मोदी के उस संकल्प को अपनाना होगा, जिसका उद्देश्य हर एक व्यक्ति को देश की विकास यात्रा से जोड़ना है। हम सभी में इस यात्रा को आगे बढ़ाने का संकल्प और प्रतिबद्धता होनी चाहिए। पार्टी की बहुत साधारण शुरुआत को याद करते हुए, नबिन ने संगठन के शुरुआती वर्षों और आज के दौर के बीच के बड़े अंतर को रेखांकित किया।

प्रभासाक्षी 21 Oct 2026 2:30 pm

CJP Leaders की Judicial Custody पर Delhi HC के कड़े सवाल, पूछा- जब जगह Denotify थी तो क्यों गए?

दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका की न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान उनकी उम्र को लेकर एक टिप्पणी की। इन नेताओं पर जंतर-मंतर पर निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए राष्ट्रीय ध्वज फहराने की कोशिश करने का आरोप है। जब दोनों याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील अभिक चिमनी ने कोर्ट को बताया कि दास 27 साल के हैं और रंका 32 साल के, तो कोर्ट ने टिप्पणी की, फिर तो आप 'जेन Z' (Gen Z) नहीं हैं। 'जेन Z' क्या है? इसे भी पढ़ें: कॉजपा नेताओं के समर्थन पर Naveen Patnaik पर भड़की Odisha BJP, लगाए गंभीर आरोप कोर्ट ने सुनवाई के दौरान, फ्रांस में छात्रों के नेतृत्व में चल रहे उन विरोध प्रदर्शनों का जिक्र किया, जो बाद में आगजनी और लूटपाट में बदल गए थे। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि विरोध प्रदर्शनों के लिए पुलिस की अनुमति लेने का मकसद सिर्फ प्रदर्शनकारियों पर पाबंदी लगाना ही नहीं है, बल्कि अन्य लोगों को इसमें शामिल होने और व्यवधान पैदा करने से रोकना भी है। ये टिप्पणियां तब आईं जब हाई कोर्ट, CJP नेताओं की उस याचिका पर तुरंत सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया, जिसमें उन्होंने अपनी न्यायिक हिरासत बढ़ाने वाले आदेश को चुनौती दी थी। यह हिरासत आज खत्म हो रही है। सुनवाई के दौरान, हाई कोर्ट ने जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन स्थल के रूप में 'डीनोटिफाई' (अधिसूचना से बाहर) किए जाने के बावजूद वहां जाने के फैसले पर सवाल उठाया और कहा कि बैरिकेड्स किसी मकसद से लगाए जाते हैं। जब आप जाकर बैरिकेड तोड़ते हैं, तो वहां और लोगों के आने की संभावना बन जाती है — ऐसे लोग जो शायद आपके नियंत्रण में न हों। फ्रांस में छात्रों के नेतृत्व में हो रहे विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए, हाई कोर्ट ने कहा, “हम अपने देश के बाहर भी ऐसा ही कुछ देख रहे हैं। जो एक छात्र विरोध के रूप में शुरू हुआ था, वह अब आगजनी और लूटपाट में बदल गया है... इसीलिए आपको पुलिस की अनुमति की जरूरत होती है। इसका मकसद सिर्फ आपको रोकना नहीं है, बल्कि दूसरों को आपके साथ जुड़ने और आपका नाम खराब करने से रोकना भी है।” इसे भी पढ़ें: विजयादशमी पर PM Modi ने की अपील, देशहित में राजनीतिक दल और संस्थाएं हों एकजुट अदालत ने यह सवाल उठाया कि क्या उस जगह पर विरोध प्रदर्शन करना, जहाँ से अनुमति वापस ले ली गई थी, इतना गंभीर मामला था कि इसके लिए कानूनी कार्रवाई की जाए। अदालत ने कहा कि इस कार्रवाई की वैधता एक अलग मुद्दा है, जिस पर वह विचार करेगी। अदालत ने कहा, आप वहाँ गए और बैरिकेड तोड़ दिया। इस मुद्दे को हम देखेंगे। सुनवाई के दौरान, हाई कोर्ट ने CJP नेताओं से उनकी उम्र भी पूछी। दास 26 साल के हैं और रंका 31 साल के। अदालत ने चुटकी लेते हुए कहा, तो फिर आप 'जेन Z' (Gen Z) नहीं हैं। 'मिलेनियल्स' (millennials) किस उम्र के लोगों को कहा जाता है? अदालत ने यह भी गौर किया कि हालाँकि यह विरोध प्रदर्शन शुरुआत में एक छात्र आंदोलन था, लेकिन बाद में इसका मकसद बदल गया।

प्रभासाक्षी 21 Oct 2026 1:39 pm

ओडिशा : मां की हत्या कर स्लैब में छिपाया शव, पुलिस ने 2 महीने से फरार बेटे को किया गिरफ्तार

पुरी, 22 अक्टूबर . Odisha के कुमारपाड़ा में 24 अगस्त को दर्ज हुए एक सनसनीखेज हत्या के मामले में Police को बड़ी सफलता मिली है. इस मामले में…

डेली किरण 21 Oct 2026 12:53 pm

कॉजपा नेताओं के समर्थन पर Naveen Patnaik पर भड़की Odisha BJP, लगाए गंभीर आरोप

ओडिशा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के दो नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग करने को लेकर बीजू जनता दल (बीजद) प्रमुख नवीन पटनायक पर राजनीतिक लाभ के लिए देश में ‘‘बांग्लादेश जैसी स्थिति’’ पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। भाजपा ने मंगलवार को अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि पटनायक ‘‘सत्ता परिवर्तन’’ की कोशिशों का समर्थन कर रहे हैं। पटनायक ने कॉजपा नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई की मांग की थी। दोनों को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर की ओर मार्च निकालने के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद से न्यायिक हिरासत में रखा गया है। नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद के बाद कॉजपा के विरोध प्रदर्शन का समर्थन करने वाले पटनायक ने कहा था कि प्रतिबंधित क्षेत्र में भी राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए इतनी लंबी अवधि तक हिरासत में रखना उचित नहीं है। इस पर भाजपा ने कहा, ‘‘पटनायक अपनी राजनीति चमकाने के लिए देश में बांग्लादेश जैसी स्थिति पैदा करना चाहते हैं।’’ पार्टी ने पटनायक पर उन गतिविधियों का समर्थन करने का भी आरोप लगाया, जिन्हें उसने ‘‘सत्ता परिवर्तन’’ की कोशिश बताया। भाजपा ने कहा, ‘‘आप (पटनायक) 24 साल तक ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे और सत्ता से बाहर हुए अभी बमुश्किल 24 महीने हुए हैं, लेकिन आपने सत्ता परिवर्तन जैसी गतिविधियां शुरू कर दी हैं? अराजक तत्वों और भारत-विरोधी गतिविधियों में शामिल विदेशी धन से पोषित ताकतों का समर्थन करना, जो बांग्लादेश जैसी हिंसक सत्ता परिवर्तन की कोशिश कर रही हैं, आपके इतिहास को देखते हुए हैरान करने वाला नहीं है। आपने राज्य में हजारों अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को बसने दिया। आपने न केवल उन्हें मतदाता बनने दिया, बल्कि अब आप एसआईआर प्रक्रिया का भी विरोध कर रहे हैं।’’भाजपा ने कहा कि ओडिशा के लोग हमेशा से शांतिप्रिय रहे हैं और भारत की संप्रभुता का सम्मान करते आए हैं। पार्टी ने कहा, ‘‘हमारे देश की संप्रभुता अस्थायी राजनीतिक प्रचार से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। दूसरों के इशारे पर चलना बंद करें।’’भाजपा प्रवक्ता अनिल बिस्वाल ने पटनायक की आलोचना करते हुए कहा कि बीजद प्रमुख को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तरह प्रचार पाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। बिस्वाल ने कहा, ‘‘भारत एक लोकतंत्र है, भीड़तंत्र नहीं! कॉजपा नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को शांति भंग होने और सार्वजनिक शांति व्यवस्था बाधित होने की आशंका के आधार पर एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने 21 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा था।’’उन्होंने कहा, ‘‘नवीन बाबू उच्चतम न्यायालय की ओर राहुल गांधी के मार्च के तरीके को अपनाते हुए न्यायिक व्यवस्था पर दबाव बनाने की कोशिश करते दिख रहे हैं। किसी पूर्व मुख्यमंत्री से इस तरह के आचरण की उम्मीद नहीं की जाती। हम भारत में फ्रांस, स्पेन, बेल्जियम और इटली जैसी भीड़तंत्र की स्थिति और सड़कों पर अशांति फैलने का इंतजार नहीं कर सकते।’’भाजपा की ये टिप्पणियां पटनायक की उस पोस्ट के बाद आईं, जिसमें उन्होंने दास और रांका की तत्काल रिहाई की मांग की थी। पटनायक ने ‘एक्स’ पर लिखा था, ‘‘जय हिंद। #आशुतोष रांका और #सौरव दास की न्यायिक हिरासत की तत्काल समीक्षा की जानी चाहिए और उन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए। प्रतिबंधित क्षेत्र में भी राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए, इतनी लंबी अवधि तक हिरासत में रखना उचित नहीं है। न्यायपालिका और कार्यपालिका को यह सुनिश्चित करने के लिए आगे आना चाहिए कि देश के युवाओं का कानून के शासन और संवैधानिक अधिकारों से विश्वास न उठे।’’कॉजपा प्रमुख अभिजीत दीपके ने दास और रांका को समर्थन देने के लिए बीजद प्रमुख का आभार जताया। इस बीच, दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा कॉजपा नेताओं के खिलाफ दर्ज दो मामलों की जांच करेगी। दूसरा मामला, जो कथित तौर पर दास और रांका के जंतर-मंतर क्षेत्र में प्रवेश करने से जुड़ा है, सोमवार को अपराध शाखा को सौंप दिया गया था। पुलिस के अनुसार, 13 अक्टूबर को दास, रांका, अजिंक्य शिंदे और कॉजपा के 11 अन्य सदस्य कथित तौर पर निजी परिसर से होकर अनधिकृत रूप से प्रवेश करने के बाद जंतर-मंतर पहुंचे थे। इससे पहले जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल की अधिसूचित सूची से हटाया जा चुका है। वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप किया और उन्हें रोकने की कोशिश की। सभी 14 लोगों को हिरासत में लिया गया और दो प्राथमिकी दर्ज की गईं। शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बंधपत्रों का कथित तौर पर उल्लंघन करने के मामले में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने 14 अक्टूबर को दास और रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। सोमवार को उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी गई।

प्रभासाक्षी 21 Oct 2026 12:53 pm

Odisha: सुदर्शन पटनायक संस्थान के छात्रों ने 15 मिनट की सैंड एनिमेशन से नाना पाटेकर को दी श्रद्धांजलि

8 अक्टूबर, गुरुवार: पुरी में सैंड आर्ट छात्रों ने 15 मिनट की सैंड एनिमेशन बनाकर दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी।

लाइव हिन्दुस्तान 8 Oct 2026 12:40 pm

Odisha 10th Result 2024: सुबह 10 बजे जारी होगा 10वीं का रिजल्ट, यहां मिलेगा डायरेक्ट लिंक

Odisha 10th Result 2024: बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन, ओडिशा बीएसई ओडिशा मैट्रिक यानी कक्षा 10वीं का रिजल्ट सुबह 10 बजे जारी होगा। छात्र अपने स्कोरकार्ड सुबह 11.30 बजे से देख सकेंगे। जानें- कैसे चेक करना

लाइव हिन्दुस्तान 25 May 2024 10:51 pm