Bhubaneswar में चालकों के प्रदर्शन में उपद्रव पर Odisha Police का एक्शन, 113 गिरफ्तार
ओडिशा पुलिस ने भुवनेश्वर में ऐप आधारित कैब एवं ऑटो-रिक्शा चालकों तथा मोटरसाइकिल सवारों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में अब तक 113 लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। भुवनेश्वर-कटक पुलिस आयुक्तालय के एक अधिकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए 113 लोगों को अदालत में पेश किया गया है, जबकि हिरासत में लिए गए 60 अन्य लोगों को अच्छे आचरण के मुचलके पर रिहा कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने पर 354 वाहनों को भी जब्त किया गया है। अधिकारी ने कहा कि हिंसा के सिलसिले में अब तक खारवेल नगर थाने में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सात प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। वाहन बुक करने से जुड़े विभिन्न ऑनलाइन मंचों पर पंजीकृत कैब चालकों और मोटरसाइकिल सवारों ने किराया बढ़ाने, एप्लिकेशन शुल्क में कटौती, सामाजिक सुरक्षा और अन्य लाभों सहित अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर 17 अगस्त से काम बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। इन कैब चालकों और मोटरसाइकिल सवारों में से सैकड़ों लोगों ने बुधवार को राजमहल चौक से एक रैली निकाली और महात्मा गांधी मार्ग पर अपने वाहन खड़े कर दिए। इससे सड़क पर जाम लग गया और मास्टर कैंटीन तथा रेलवे स्टेशन इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों से सड़क खाली करने की अपील की तो उन्होंने कथित तौर पर हिंसक रुख अपना लिया और अचानक पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन के दौरान तीन पुलिस वाहनों और कई बसों में भी कथित तौर पर तोड़फोड़ की। भुवनेश्वर-कटक के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त नरसिंह भोल ने बताया कि झड़प में कैपिटल थाने के प्रभारी निरीक्षक समेत कम से कम 13 पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस बीच, राज्य परिवहन प्राधिकरण ने मुख्य सड़क को बाधित करने के लिए इस्तेमाल किए गए ऑटो-रिक्शा के परमिट निलंबित करने और रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में भुवनेश्वर-1 के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) ने संबंधित सभी पंजीकृत वाहन के मालिकों और परमिट धारकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में वाहन मालिकों से यह जानकारी देने को कहा गया है कि घटना के समय वाहन कौन चला रहा था और क्या उसका इस्तेमाल मालिक की अनुमति, निर्देश या जानकारी में किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि नोटिस पाने वाले वाहन मालिकों को जरूरी दस्तावेजों के साथ लिखित जवाब दाखिल करने और निर्धारित तारीख एवं समय पर व्यक्तिगत सुनवाई के लिए आरटीओ कार्यालय में उपस्थित होने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय के भीतर जवाब नहीं मिलने या संबंधित व्यक्ति के सुनवाई में उपस्थित नहीं होने पर परिवहन अधिकारी उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर उसका परमिट रद्द करने या निलंबित करने के संबंध में एकतरफा निर्णय ले सकते हैं। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि उसकी यह कार्रवाई घटना के संबंध में चल रही किसी अन्य आपराधिक या कानूनी कार्यवाही को प्रभावित नहीं करेगी।
ओडिशा सरकार ने हिंसक विरोध प्रदर्शन में इस्तेमाल किए गए ऑटो-रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई शुरू की
भुवनेश्वर, 20 अगस्त . Odisha परिवहन विभाग ने भुवनेश्वर के मास्टर कैंटीन स्क्वायर में ऐप-आधारित कैब चालकों और बाइक सवारों द्वारा चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान सड़कों को अवरुद्ध करने के लिए इस्तेमाल किए गए लगभग 400 ऑटो-रिक्शा के परमिट रद्द करने या निलंबित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है. मुख्य कैंटीन चौक ... Read more
Scholarship: SC-ST छात्रों की मौज ही मौज, विदेश में पढ़ाई करने के लिए मिल रही है 25 लाख की स्कॉलरशिप
Odisha's Videsh Siksha Bruti Scheme: विदेश में पढ़ाई का सपना अब सच होगा। ओडिशा सरकार SC-ST छात्रों को देशी यूनिवर्सिटीज में PG और PhD के लिए प्रतिवर्ष 25 लाख रुपये तक की स्कॉलरशिप देगी।
Odisha Flood: पीने के पानी को तरसे बाढ़ पीड़ित, 19 पंचायतों के 1.75 लाख लोग जलबंदी
बैतरणी नदी की बाढ़ से दशरथपुर ब्लॉक में 1.75 लाख लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं, जहां सरकारी जल स्रोत डूबे हुए हैं और प्रशासन द्वारा उपलब्ध पानी अपर्याप्त है।
Supreme Court ने Dara Singh की सजा छूट अर्जी पर Odisha सरकार से फैसला मांगा
उच्चतम न्यायालय ने ग्राहम स्टेंस हत्याकांड में सजायाफ्ता रवींद्र पाल उर्फ दारा सिंह की सजा में छूट संबंधी अर्जी पर फैसला लेने में देरी के लिए ओडिशा सरकार पर बुधवार को नाराजगी जाहिर की। न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई की पीठ ने ओडिशा सरकार की ओर से पेश वकील से कहा, “आप जो भी फैसला लेना चाहते हैं, लीजिए। अगर आप फैसला नहीं लेते हैं, तो हम फैसला सुनाएंगे।”पीठ ने कहा, “हम फैसला लेने से बचने की इस तरह की कोशिश को बर्दाश्त नहीं कर सकते।”उसने कहा कि सिंह 26 साल से अधिक समय से सलाखों के पीछे है और मामले की सुनवाई बार-बार इसलिए स्थगित की गई, ताकि संबंधित प्राधिकरण को सजा में छूट के अनुरोध वाली उसकी अर्जी पर फैसला लेने का अवसर मिल सके। सिंह 1999 में ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी स्टेंस और उसके दो नाबालिग बेटों की हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सजा काट रहा है। पीठ ने कहा कि 14 जुलाई को जब मामले की सुनवाई स्थगित की गई थी, तब राज्य सजा समीक्षा बोर्ड सिंह की याचिका पर फैसला लेने की प्रक्रिया में था। उसने कहा कि अब राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने जेल एवं सुधार सेवा निदेशालय की ओर से उन्हें लिखा एक पत्र अदालत के सामने रखा है, जिसमें कहा गया है कि क्योंझर जिला जेल से रिपोर्ट मिलना अभी बाकी है। पीठ ने कहा, “हमें सजा समीक्षा बोर्ड के फैसले के बारे में जानकारी नहीं दी गई है।”पीठ ने मामले की अगली सुनवाई दो सितंबर के लिए निर्धारित करते हुए कहा कि बोर्ड को इस मामले में फैसला लेना चाहिए और न्यायालय को इसकी जानकारी देनी चाहिए। पीठ ने कहा, “हमें इस बात से कोई मतलब नहीं है कि आप कैसे या किस प्राधिकारी से बात कर रहे हैं। आप बस, कोई फैसला लें।”उसने कहा, “लेकिन हमें पत्र दिखाकर मामले को टालने की कोशिश न करें... इसका क्या मतलब है? फैसला तो बोर्ड को ही लेना है।”सिंह (63) ने समय से पहले रिहाई के अनुरोध को लेकर 2024 में शीर्ष अदालत का रुख किया था। उसने दलील दी थी कि वह 24 साल से ज्यादा समय जेल में बिता चुका हैं और “जवानी के जोश में” किए गए कृत्य पर उसे “पछतावा” है। जुलाई 2026 में मामले की सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने ओडिशा सरकार को सिंह की सजा में छूट संबंधी अर्जी पर फैसला लेने के लिए एक महीने का समय दिया था। ओडिशा के क्योंझर जिले के मनोहरपुर गांव में 22-23 जनवरी 1999 की रात को सिंह की अगुवाई वाली भीड़ ने स्टेंस और उसके दो नाबालिग बेटों-फिलिप (11) तथा टिमोथी (8) पर उस समय हमला कर दिया था, जब वे अपनी गाड़ी में सो रहे थे। भीड़ ने गाड़ी में आग लगा दी थी। विशेष सीबीआई अदालत ने मामले के मुख्य आरोपी सिंह को 2003 में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी। हालांकि, 2005 में ओडिशा उच्च न्यायालय ने उसकी मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया और 2011 में शीर्ष अदालत ने इस फैसले को बरकरार रखा।
Update: उड़ीसा हाईकोर्ट में जज बनेंगे चार अधिवक्ता, कॉलेजियम से मंजूरी; कर्नाटक में KPSC प्रमुख का निलंबन रद्द
Maoist leader Azad को Odisha Court ने स्वामी लक्ष्मणानंद हत्याकांड में किया बरी
ओडिशा की एक विशेष अदालत ने 2008 में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेता स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती और उनके चार शिष्यों की हत्या के मुख्य आरोपी माओवादी नेता डुन्ना केशव राव, उर्फ़ आजाद को मंगलवार को बरी कर दिया। सरस्वती की हत्या के बाद कंधमाल और राज्य की अन्य जगहों पर बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई थी। अदालत ने आजाद को सबूतों के अभाव में हत्या के आरोपों से बरी किया। इस घटनाक्रम के साथ ही, माओवादी नेता को राज्य में उसके खिलाफ दर्ज सभी 47 मामलों से बरी कर दिया गया है। आजाद (53) को मंगलवार शाम यहां के विशेष कारागार से रिहा कर दिया गया। वह 2011 में आंध्र प्रदेश पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने के बाद से जेल में था और उसे रिमांड पर ओडिशा लाया गया था। आज़ाद ने शहर की झारपाड़ा जेल के बाहर संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं जेल से रिहाई पर बहुत खुश हूं। मेरी रिहाई में सहयोग के लिए मैं सभी का धन्यवाद करता हूं।’’गजपति जिले के परलाखेमुंडी स्थित विशेष अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सत्यनारायण पात्रा ने आजाद को बरी करते हुए कहा, ‘‘इन हालात से एक वाजिब और ठोस आशंका पैदा होती है कि क्या डी. केशव राव उन लोगों में से एक थे जिन्होंने इस घटना में हिस्सा लिया था।’’न्यायाधीश ने 40 पन्नों के फैसले में कहा, ‘‘यह आशंका कोई मनगढ़ंत या दूर की कौड़ी नहीं है। यह सीधे अभियोजन पक्ष के सबूतों से ही पैदा होती है। यह एक स्थापित सिद्धांत है कि जब सबूतों के आधार पर दो रायें संभव हों, तो आरोपी के पक्ष वाली राय को ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए। अदालत केवल इसलिए शक को सबूत में नहीं बदल सकती कि अपराध बहुत गंभीर है।’’विशेष लोक अभियोजक पी. प्रसाद राव ने बताया कि अदालत ने पुलिस और चश्मदीदों समेत 22 गवाहों के बयान दर्ज किए। तुमुदिबंधा पुलिस थाना इलाके के जलेस्पेटा में स्थित आश्रम में, सरस्वती और उनके चार सहयोगियों (जिनमें एक महिला भी शामिल थी) की 23 अगस्त 2008 को 20 नकाबपोश लोगों के एक समूह ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने बताया कि अपराध करने के बाद, आरोपी आश्रम से भाग गए और उड़िया में लिखा एक पत्र छोड़ गए, जिसमें कहा गया था कि यह हत्या बंसधारा डिवीज़न के माओवादियों ने की है। पत्र पर अंग्रेज़ी में ‘आजाद’ नाम से हस्ताक्षर थे।
Varanasi News: काशी में तीन दिन दिखेगी ओडिशा की संस्कृति, शिल्प और खानपान की झलक
Glimpses of Odisha's culture, crafts, and cuisine will be on display in Kashi for three days
Odisha Flood: पांच दिन तक पेड़ से चिपका रहा शख्स, नदी में बहने के बावजूद बचाव दल ने कैसे सुनंदा की जान बाचाई?
CM Mohan Charan Majhi ने Odisha flood राहत के लिए 1000 करोड़ रुपये के सहायता पैकेज की घोषणा की
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बाढ़ से प्रभावित इलाकों के लिए मंगलवार को 1,000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज तथा स्थिति सुधरने तक जलमग्न क्षेत्रों से बाहर निकाले गये लोगों के लिए मुफ्त रसोईघर चलाने की घोषणा की। राज्य में एक माह के भीतर दो बार बाढ़ आई है। मुख्यमंत्री ने इसका कारण ‘जून से अब तक हुई 1,100 मिमी बारिश’ को बताया, जबकि अल नीनो मौसम पैटर्न के कारण कम बारिश का अनुमान लगाया गया था। माझी ने कहा, ‘‘ओडिशा में पिछले 25 वर्षों में बारिश की यह मात्रा सबसे अधिक है।’’उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थिति से सफलतापूर्वक निपट रही है। माझी ने प्रेसवार्ता में कहा, ‘‘भारत मौसम विज्ञान विभाग की अल नीनो चेतावनी के आधार पर, हम सभी को राज्य में कम बारिश की उम्मीद थी। इसलिए, जलाशयों में पानी जमा करके रखने का निर्देश दिया गया था, ताकि मॉनसून के दौरान कम बारिश होने पर पानी की कमी न हो।’’उन्होंने कहा कि लेकिन मॉनसून की शुरुआत के बाद से राज्य में लगभग 1100 मिमी बारिश हुई है जो राज्य में सामान्य से 34 प्रतिशत ज़्यादा वर्षा है। उन्होंने बालासोर, भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज, क्योंझर और केंद्रपाड़ा जिलों में बाढ़ की वर्तमान स्थिति की समीक्षा भी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बाढ़ के दूसरे दौर से छह जिलों में अब तक लगभग 9.40 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता है कि ऐसे में भी कोई हताहत न हो। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हालांकि बाढ़ प्रभावित इलाकों में करीब 100 लोगों को सांप ने काटा, लेकिन एंटी-वेनम इंजेक्शन आसानी से उपलब्ध होने के कारण वे सभी बच गए।’’जहां बाढ़ के पहले दौर में कम से कम छह लोगों की मौत हुई थी, वहीं सरकार ने इस बार मरने वालों की संख्या की पुष्टि नहीं की थी। माझी ने कहा, ‘‘शुरुआती अनुमान के आधार पर 1,000 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की गई है। बाढ़ प्रभावित जिलों से नुकसान का विस्तृत आकलन मिलने के बाद जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध करायी जाएगी।’’मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पैकेज में फसल के नुकसान को लेकर किसानों को खेती से जुड़ी सब्सिडी, बीज की आपूर्ति, ‘लिफ्ट’ सिंचाई परियोजनाओं की मरम्मत और अपनी आजीविका गंवाने वालों को मदद देना शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी बारिश के कारण राज्य में बाढ़ का यह दूसरा दौर आया है।
ओडिशा में रिश्वतखोरी पर विजिलेंस का शिकंजा, अलग-अलग मामलों में दो सरकारी अधिकारी गिरफ्तार
भुवनेश्वर, 18 अगस्त . Odisha विजिलेंस विभाग ने Tuesday को दो अलग-अलग रिश्वतखोरी के मामलों में दो Governmentी अधिकारियों को रंगेहाथों गिरफ्तार किया. इनमें बालेश्वर की एक महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) और मलकानगिरि जिले के एक राजस्व निरीक्षक (आरआई) शामिल हैं. बालेश्वर जिले में विजिलेंस ने मधुस्मिता मोहंती को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार ... Read more
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार को कहा कि राज्य के छह ज़िले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। लगातार हो रही बारिश और नदियों का जलस्तर बढ़ने के बीच अधिकारी लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने, बचाव और राहत कार्यों में तेज़ी ला रहे हैं। माझी ने बताया कि उन्होंने सोमवार को जाजपुर और भद्रक ज़िलों का सड़क मार्ग से दौरा किया ताकि ज़मीनी स्तर पर बाढ़ की स्थिति का जायज़ा ले सकें और राहत कार्यों की समीक्षा कर सकें। इसे भी पढ़ें: Odisha के Nayagarh में डिवाइडर से टकराकर खेत में गिरी बस, 30 यात्री घायल माझी ने मीडिया से कहा, कल मैंने जाजपुर और भद्रक ज़िलों में बाढ़ की स्थिति का जायज़ा लेने के लिए सड़क मार्ग से यात्रा की। उन्होंने बताया कि जाजपुर में 10 ब्लॉक, 270 गांव और एक शहरी इलाका प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने 2,00,000 से ज़्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया और 291 राहत कैंप बनाए। मुख्यमंत्री ने कहा, भद्रक ज़िले में चार ब्लॉक (जिनमें 134 गांव और एक शहरी इलाका शामिल है) प्रभावित हुए हैं, और 1,96,240 लोग बाढ़ से पूरी तरह या आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं। माझी ने कहा कि बालासोर, मयूरभंज, क्योंझर और केंद्रपाड़ा में भी बाढ़ का असर देखा गया है, जिससे प्रभावित ज़िलों की संख्या छह हो गई है। उन्होंने कहा बालेश्वर और भद्रक पर कई बार असर पड़ा है। उन्होंने बताया कि बचाव कार्यों के लिए NDRF की 39 टीमें और फायर सर्विस की 51 यूनिट पूरी तरह तैनात की गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने दो-तीन किस्तों में 136 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी है और संकेत दिया कि हालात का जायज़ा लेने के बाद कुछ पाबंदियों में ढील दी जा सकती है। इसे भी पढ़ें: BJP का दावा: Odisha Mining Bill से बढ़ेगा ओडिशा का राजस्व, बीजेडी का आरोप खारिज इस बीच, केंद्रपाड़ा ज़िले के पट्टामुंडई कुल्साही आश्रम स्कूल में बाढ़ का पानी घुसने से 300 से ज़्यादा छात्र प्रभावित हुए। उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने कहा कि अधिकारी पिछली बाढ़ के दौरान अपनाई गई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का ही पालन कर रहे हैं, जिसमें सूखा राशन बांटना और मुफ़्त कम्युनिटी किचन की सुविधा देना शामिल है। धामनगर, भंडारीपोखरी, चांदबली और तिहिदि ब्लॉक अभी प्रभावित हैं; अकेले धामनगर में ही 20-22 पंचायतें पानी में डूबी हुई हैं। IMD की 15 अगस्त की रिपोर्ट के मुताबिक, 52 ब्लॉकों के 429 गांव बाढ़ के पानी से प्रभावित हुए थे और 79 बचाव टीमें तैनात की गई थीं। सेंट्रल वॉटर कमीशन ने ओडिशा के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ (फ़्लैश-फ़्लड) का खतरा बताया है, जबकि IMD ने और भारी बारिश का अनुमान जताया है और 11 ज़िलों के लिए अलर्ट जारी किया है।
BJP की 2027 चुनाव की बिसात बिछी: Vinod Tawde, Satish Poonia को सौंपी अहम जिम्मेदारी
अगले साल उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए, BJP ने मंगलवार को पार्टी में बड़े फेरबदल के तहत नए राज्य चुनाव प्रभारी नियुक्त किए। BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पार्टी में संगठनात्मक बदलावों के हिस्से के तौर पर उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात के लिए नई नियुक्तियों की घोषणा की। उत्तर प्रदेश के लिए विनोद तावड़े को BJP का राज्य प्रभारी नियुक्त किया गया है, जबकि जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी बनाया गया है। पंजाब में सतीश पूनिया को पार्टी का राज्य प्रभारी नियुक्त किया गया है। तरुण चुघ को गुजरात के लिए BJP का राज्य प्रभारी नियुक्त किया गया है। इसे भी पढ़ें: Odisha CM Mohan Charan Majhi के जाजपुर दौरे पर विवाद: BJD विधायकों ने दर्ज कराई FIR ये नियुक्तियां BJP की ओर से अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और तीनों राज्यों में पार्टी की गतिविधियों में तालमेल बिठाने की कोशिशों का हिस्सा हैं। 2027 में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए राज्य-स्तर की राजनीति के लिए यह साल बहुत अहम होगा। उत्तर प्रदेश, पंजाब, गुजरात, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर और हिमाचल प्रदेश में चुनाव होने की उम्मीद है। 403 विधानसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश में होने वाला मुकाबला सबसे ज़्यादा चर्चा में रहेगा। पंजाब में 117 और गुजरात में 182 विधानसभा सीटें हैं। उत्तराखंड (70 सीटें), गोवा (40 सीटें), मणिपुर (60 सीटें) और हिमाचल प्रदेश (68 सीटें) में भी चुनाव होने हैं। ये चुनाव पूरे साल अलग-अलग समय पर होंगे; उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर जैसे राज्यों में 2027 की शुरुआत में चुनाव होने की उम्मीद है, जबकि गुजरात और हिमाचल प्रदेश में साल के बाद के समय में वोटिंग हो सकती है। यह सब चुनाव आयोग के तय किए गए शेड्यूल पर निर्भर करेगा। बड़े बदलावों के तहत, BJP ने सोमवार को पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व में अपने राष्ट्रीय संगठन में बड़े फेरबदल की घोषणा की, जिसमें कई नए चेहरे और जाने-माने नेता शामिल किए गए हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया गया है, जबकि RSS के पूर्व पदाधिकारी राम माधव को उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसे भी पढ़ें: BJP का दावा: Odisha Mining Bill से बढ़ेगा ओडिशा का राजस्व, बीजेडी का आरोप खारिज पार्टी ने कहा कि नई टीम में युवाओं और अनुभवी लोगों के बीच संतुलन बनाया गया है। अनुभवी नेताओं में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया भी शामिल हैं, जिन्हें पार्टी के 13 उपाध्यक्षों में से एक नियुक्त किया गया है। विस्तारित टीम में घोषित 65 पदाधिकारियों में से 51 नए चेहरे हैं, जिनमें 12 महिलाएं और अल्पसंख्यक समुदायों के छह नेता शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है; वे मई 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली कैबिनेट में शामिल होने से पहले भी इस पद पर रह चुके हैं। BJP ने BL संतोष को राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) के पद पर बनाए रखा है, जो पार्टी के अहम संगठनात्मक पदों में से एक है।
Odisha के Nayagarh में डिवाइडर से टकराकर खेत में गिरी बस, 30 यात्री घायल
ओडिशा के नयागढ़ जिले में मंगलवार को एक बस डिवाइडर से टकराने के बाद सड़क से फिसलकर धान के खेत में जा गिरी, जिससे उसमें सवार कम से कम 30 लोग घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह हादसा नयागढ़ बाईपास पर रात करीब दो बजे हुआ, जब चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया। उन्होंने कहा, “40 यात्रियों को लेकर भुवनेश्वर जा रही बस सड़क के डिवाइडर से टकराने के बाद बाईपास से करीब 20 फुट नीचे जा गिरी।”अधिकारी ने बताया कि हादसे के समय बस कंधमाल के दारिंगबाड़ी से आ रही थी और हादसे के बाद यात्रियों ने आगे का शीशा तोड़कर वाहन से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। उन्होंने कहा कि सभी घायल यात्रियों को पास के नयागढ़ जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया, जिनमें से दो यात्रियों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें भुवनेश्वर रेफर कर दिया गया। अस्पताल के एक चिकित्सक ने कहा, “अधिकतर घायल यात्रियों की हालत स्थिर है।
ओडिशा के गांव में बिगड़ी अमेरिकी टूरिस्ट की तबीयत, इलाज के बाद बिल देखकर रह गए दंग, देखें VIDEO
American tourist Odisha hospital: ओडिशा के एक ग्रामीण सरकारी अस्पताल में फ्री इलाज मिलने के बाद अमेरिकी टूरिस्ट माइक ने भारत के हेल्थकेयर सिस्टम की जमकर तारीफ की है. सोशल मीडिया पर अब उनका वीडियो खूब वायरल हो रहा है.
Mohan Charan Majhi ने जाजपुर में Odisha flood का जायजा लिया, राहत का भरोसा दिया
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को नाव की मदद से जाजपुर जिले के बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है और 7.85 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। माझी ने राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी, खेल मंत्री सूर्यवंशी सूरज और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल के साथ दशरथपुर प्रखंड के सबसे अधिक प्रभावित कसापा और तारापाडा ग्राम पंचायतों का दौरा किया। यह दौरा ऐसे समय में हुआ जब भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी)ने बंगाल की खाड़ी में बनी कम दबाव वाली प्रणाली के ‘अवदाब’ में तब्दील होने और बारिश का पूर्वानुमान जताया था। मुख्यमंत्री लाइफ जैकेट पहनकर मोटर-बोट पर सवार हुए और रामचंद्रपुर, बालदा और धोबाबिल गांवों में प्रभावित लोगों से मुलाकात की। उन्होंने घुटनों तक पानी में खड़े होकर लोगों की परेशानियां सुनीं और उन्हें जल्द राहत और पुनर्वास का भरोसा दिलाया। माझी ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और मदद सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने राहत शिविरों में परोसे जा रहे पके हुए खाने की गुणवत्ता की भी जांच की और कहा कि उत्तरी ओडिशा में बार-बार आने वाली बाढ़ को रोकने के लिए बाढ़-नियंत्रण के स्थायी उपाय किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बाद में भद्रक जिले के बाढ़ प्रभावित कुछ गांवों का भी दौरा किया। हालांकि, मुख्यमंत्री का भद्रक जिले का दौरा राजनीतिक विवादों में घिर गया। विधानसभा में विपक्ष की प्रमुख सचेतक प्रमिला मलिक समेत बीजू जनता दल (बीजद)के विधायकों ने सड़क पर धरना दिया और आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के नाव से प्रभावित इलाकों के सर्वेक्षण के दौरान उन्हें साथ जाने की अनुमति नहीं दी गई। मलिक ने आरोप लगाया कि जहां भाजपा के सांसद, विधायक और मंत्री मुख्यमंत्री के साथ थे, वहीं उन्होंने जान-बूझकर स्थानीय बीजद विधायकों को साथ आने नहीं दिया। इस बीच, जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता दिलीप कुमार राउत ने कहा कि बाढ़ की स्थिति अगले चार-पांच दिनों तक बनी रह सकती है, क्योंकि ‘अवदाब’ के कारण हुई भारी बारिश के बाद ब्रह्मणी और बैतरणी नदियों में जलस्तर ऊंचा बना हुआ है। राउत ने संवाददाताओं को बताया कि जाजपुर और भद्रक ज़िलों में भारी बाढ़ लाने के बाद बैतरणी और ब्राह्मणी नदियों के जलस्तर में कमी आने में चार दिन लग सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जाजपुर जिले में तटबंधों में पड़ी दरार की मरम्मत का काम अभी चल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 2.77 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और उन्हें लगभग 531 राहत शिविरों में रखा गया है, जिनमें नदी के तटबंधों और स्कूलों में बने शिविर भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि बालासोर, भद्रक, जाजपुर, क्योंझर, मयूरभंज और केंद्रपाड़ा जिलों के 126 गांव अब भी जलमग्न हैं। इस बीच, राज्य सरकार ने कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। खराब मौसम के कारण सोमवार को स्कूल और अन्य शिक्षण संस्थान बंद रहे। आईएमडी ने बताया कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तटों पर बना कम दबाव का एक स्पष्ट क्षेत्र अब ‘अवदाब’ में बदल गया है। उसने बताया कि अगले 24 घंटों के दौरान इस अवदाब प्रणाली के उत्तर-पश्चिम की ओर, गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल से होते हुए झारखंड की तरफ बढ़ने की बहुत संभावना है। आईएमडी ने बालासोर, क्योंझर और मयूरभंज ज़िलों में मूसलाधार बारिश की संभावना के मद्देनजर ‘रेड अलर्ट’ (कार्रवाई करने का अलर्ट) जारी किया है। वहीं भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, कटक, सुंदरगढ़, झारसुगुडा, संबलपुर, देवगढ़, अंगुल और ढेंकनाल के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’(कार्रवाई के लिए तैयार रहने का अलर्ट) जारी किया है। मौसम विभाग ने मछुआरों को 18 अगस्त तक उत्तरी बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों के पास समुद्र में न जाने की सलाह दी है। विभाग ने कहा कि अवदाब के असर से समुद्र की स्थिति बहुत खराब होने की आशंका है। मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बताया कि उत्तरी ओडिशा के संवेदनशील इलाकों में लगभग 100 बचाव दल तैनात किए गए हैं और जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अभियंताओं को मौके पर भेजा गया है ताकि तटबंधों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और आपदा के असर को कम किया जा सके। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए तीन वरिष्ठ अधिकारियों को भी भद्रक, जाजपुर और बालासोर जिलों में भेजा गया। इस बीच, कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से पिछले 24 घंटे में राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई। एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार सुबह 5.30 बजे तक बालासोर शहर में 93.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
BJP का दावा: Odisha Mining Bill से बढ़ेगा ओडिशा का राजस्व, बीजेडी का आरोप खारिज
ओडिशा में सत्तारूढ़ भाजपा ने सोमवार को दावा किया कि हाल में पारित खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 से राज्य को किसी तरह के राजस्व का नुकसान नहीं होगा। पार्टी ने कहा कि इसके बजाय अधिक प्रतिस्पर्धी खनन बाजार से राज्य को लाभ मिलेगा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य इकाई का बयान ऐसे समय आया है जब विपक्षी पार्टियां बीजद और कांग्रेस इस विधेयक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू करने की तैयारी कर रही हैं। उनका आरोप है कि यह विधेयक ओडिशा की वित्तीय स्वायत्तता को कमजोर करेगा और खनिज संपदा से भरपूर क्षेत्रों पर राज्य के अधिकारों को कम करेगा। बीजू जनता दल (बीजद) अध्यक्ष नवीन पटनायक और ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने विधेयक के राज्य की अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभाव पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक और विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। बीजद ने दावा किया है कि यदि यह कानून लागू होता है, तो ओडिशा को सालाना करीब 12,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। भाजपा प्रवक्ता अनिल बिस्वाल ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा, ‘‘नया संशोधन ओडिशा के राजस्व में किसी भी तरह एक रुपये की भी कमी नहीं करेगा, बल्कि प्रतिस्पर्धी बाजार में राज्य को अधिक राजस्व मिलेगा।’’बिस्वाल ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान 2013 में ओडिशा को खनन रॉयल्टी से करीब 5,000 करोड़ रुपये मिले थे, जबकि 2015 में खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) (एमएमडीआर) अधिनियम में संशोधन के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के तहत यह राशि बढ़कर सालाना 48,000 करोड़ रुपये हो गई। उन्होंने कहा, ‘‘राज्य को खनिज संसाधनों की पारदर्शी तरीके से नीलामी से अप्रत्याशित रूप से भारी लाभ मिला, जो पहले केंद्र में कांग्रेस शासन के दौरान संभव नहीं था।’’कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पंचानन कानूनगो ने हालांकि भाजपा के दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस शासन के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में लौह अयस्क की कीमत केवल 200 से 300 रुपये प्रति टन थी। बाद में यह बढ़कर 3,000 से 4,000 रुपये प्रति टन हो गई। इसलिए खनिज रॉयल्टी से होने वाले राजस्व में बढ़ोतरी कोई हैरानी की बात नहीं है।
Odisha Police ने जब्त किए Chhattisgarh से लूटे 50 लाख के गहने, आरोपी फरार
ओडिशा पुलिस ने लगभग 50 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के गहने बरामद किए हैं, जिन्हें पिछले महीने छत्तीसगढ़ में एक जौहरी से लूटा गया था। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि रविवार को गंजाम जिले के सोराडा में एक आरोपी के बंद घर से 300 ग्राम सोना और 1.4 किलोग्राम चांदी के गहने बरामद किये गये तथा आगे की जांच के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस को सौंप दिए गए। पुलिस ने बताया कि आरोपी अब भी फरार हैं। अस्का के उपसंभागीय पुलिस अधिकारी सौरव रंजन प्रधान ने कहा, ‘‘हमने आरोपियों की पहचान कर ली है। उन्हें पकड़ने के लिए अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी तेज कर दी गई है।’’छत्तीसगढ़ में सीतापुर थानाक्षेत्र के अंबिकापुर में 26 जुलाई को मोटरसाइकिलों से आये चार बदमाशों ने एक आभूषण कारोबारी से सोने-चांदी के गहनों से भरा बैग कथित रूप से छीन लिया, जब वह अपनी दुकान खोल रहे थे। प्रधान ने बताया कि इसके बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने आरोपी की पहचान करने के लिए घटना का सीसीटीवी फुटेज देश भर के थानों में भेजा। प्रधान ने कहा, ‘‘सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद हमें सत्यापित हो गया कि आरोपियों में से एक सोराडा का रहने वाला है। हमें शक था कि लूटे गए गहने बेचने के बाद वह पैसे जमा करेगा, इसलिए हमने पिछले कुछ दिनों से उसके और उसकी पत्नी के बैंक लेनदेन पर नज़र रखी।’’जब उनके बैंक खातों में कोई बड़ा लेनदेन नहीं दिखा, तो पुलिस को शक हुआ कि गहने शायद आरोपी के घर पर रखे गए होंगे और फिर उसे वहां छापा मारा। उपसंभागीय पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘जब हम वहां पहुंचे तो घर पर ताला लगा हुआ था। हालांकि, चाबी उनके एक रिश्तेदार के पास थी।’’उन्होंने बताया कि तलाशी के दौरान पुलिस को लूटे गए गहने सूखे आमों से भरे एक डिब्बे में छिपे हुए मिले। जांच के लिए गंजाम आई छत्तीसगढ़ की चार-सदस्यीय पुलिस टीम ने एक महीने से भी कम समय में लूटे गए गहने बरामद करने के लिए सोराडा पुलिस का धन्यवाद किया। छत्तीसगढ़ पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘ हमें आशा है कि दोनों राज्यों की संयुक्त कोशिश से आरोपी शीघ्र पकड़े जायेंगे।
Twisha Death Case: CBI की चार्जशीट में पति-सास पर दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप
ट्विशा शर्मा की मौत के हालात को लेकर बना सस्पेंस खत्म हो गया है, क्योंकि सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने सोमवार को भोपाल की स्पेशल CBI कोर्ट में इस मामले में अपनी चार्जशीट दाखिल कर दी है। CBI ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 80(2), 80(5), 3 और 108 के तहत चार्जशीट दाखिल की है। 636 पन्नों की इस चार्जशीट में दहेज निषेध अधिनियम की धाराएं 3 और 4 भी शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, त्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर दहेज के लिए परेशान करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है। इसे भी पढ़ें: CM Vijay के 100 दिन: Udhayanidhi Stalin बोले - Drugs ने लीं जानें, Law and Order फेल CBI की जांच से पता चलता है कि एजेंसी को ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे यह साबित हो सके कि ट्विशा की हत्या हुई थी। यह उसके पिता एन. शर्मा के आरोपों के उलट है; उन्होंने दावा किया था कि उनकी बेटी के साथ मारपीट की गई और बाद में उसे फांसी पर लटका दिया गया ताकि उसकी मौत को आत्महत्या जैसा दिखाया जा सके। CBI कोर्ट ने एजेंसी को इस मामले में अपनी अंतिम रिपोर्ट जमा करने के लिए 17 अगस्त तक का समय दिया था। जांच करने वालों ने जांच के दौरान इकट्ठा किए गए कई तरह के डिजिटल और फोरेंसिक सबूतों का सहारा लिया है, जिनमें ट्विशा की वॉट्सऐप बातचीत, फ़ोन रिकॉर्ड और मौत से ठीक पहले अपनी माँ के साथ हुई आखिरी बातचीत शामिल है। एजेंसी ने तकनीकी सबूतों की फोरेंसिक जांच के लिए समर्थ और गिरिबाला सिंह के आवाज़ के नमूने भी लिए थे। सूत्रों ने बताया कि CBI की जांच में समर्थ द्वारा ट्विशा को उनके होने वाले बच्चे को लेकर परेशान किए जाने के संकेत मिले हैं। जांचकर्ताओं का मानना है कि इसी वजह से ट्विशा ने यह कठोर कदम उठाया। इसे भी पढ़ें: Odisha DGP YB Khurania ने साइबर अपराध और नशे को बताया पुलिस के लिए बड़ी चुनौती चार्जशीट में दहेज के कारण मौत से जुड़ी धाराओं को शामिल करने से पता चलता है कि एजेंसी ने ट्विशा की मौत की परिस्थितियों की जांच करते समय दहेज से जुड़ी क्रूरता या उत्पीड़न के आरोपों की भी पड़ताल की है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Satvik Solar Odisha के गोपालपुर में स्थापित करेगा 3.6 GW का सौर सेल संयंत्र
सात्विक सोलर इंडस्ट्रीज ने ओडिशा के गोपालपुर में 3.6 गीगावाट क्षमता की सौर सेल विनिर्माण इकाई स्थापित करने के लिए औद्योगिक प्रोत्साहन एवं निवेश निगम ओडिशा लिमिटेड (आईपीआईसीओएल) के साथ प्रारंभिक समझौता किया है। कंपनी ने सोमवार को बयान में कहा कि इस परियोजना से रोजगार के अवसर उत्पन्न होने और क्षेत्र में व्यापक औद्योगिक परिवेश के विकास को समर्थन मिलने की भी उम्मीद है। सात्विक ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) प्रशांत माथुर ने कहा, ‘‘ ओडिशा सात्विक के लिए केवल विनिर्माण क्षेत्र में एक पड़ाव नहीं है, बल्कि यह हमारी महत्वाकांक्षा को दर्शाता है। हमारी 2.4 गीगावाट (एक गीगावाट बराबर 1000 मेगावाट) की सेल एवं चार गीगावाट की मॉड्यूल विनिर्माण लाइनें उत्पादन की ओर बढ़ रही हैं। ऐसे में हम बड़े पैमाने पर उत्पादन क्षमता विकसित करने, एकीकरण मजबूत करने और वृद्धि के अगले चरण के लिए मजबूत आधार तैयार करने की दिशा में निर्णायक कदम उठा रहे हैं।’’नई इकाई गोपालपुर में सात्विक सोलर के व्यापक विनिर्माण विस्तार का हिस्सा होगी। कंपनी वहां पहले से ही प्रथम चरण की एकीकृत विनिर्माण इकाई स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है।
सिविल सेवा परीक्षा में 6 अटैम्प्ट की सीमा खत्म, अधिकतम आयु सीमा बढ़कर हुई 42 साल
Odisha Civil Services Exam: ओडिशा सरकार ने सिविल सेवा परीक्षा में 6 अटैम्प्ट की सीमा समाप्त कर दी है। साथ ही, ओपीएससी व अन्य सरकारी नौकरियों में अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 42 वर्ष कर दी गई है।
Odisha School Textbook Row: ओडिशा में स्कूली किताबों में कथित गलतियों और पेपर लीक के मुद्दे पर यूथ कांग्रेस ने भुवनेश्वर में मशाल रैली निकाली।

