आज कैसा रहेगा मौसम?: यूपी के शहरों के लिए रेड अलर्ट, ओडिशा में बारिश-बाढ़ से हड़कंप, छत्तीसगढ़ में स्कूल बंद- IMD Rain alert for across country today Chaos in Odisha due to floods schools closed in Chhattisgarh UP Bihar
ओडिशा: रिश्वतखोरी के मामले में जाजपुर के रेवेन्यू असिस्टेंट गिरफ्तार
भुवनेश्वर, 25 सितंबर . Odisha विजिलेंस के अधिकारियों ने Friday को जाजपुर में एक जूनियर रेवेन्यू असिस्टेंट (जेआरए) को जमीन खरीद की मंजूरी वाली फाइल प्रोसेस करने के लिए एक आवेदक से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया. आरोपी Governmentी कर्मचारी की पहचान प्रसन्ना कुमार साहनी के तौर पर हुई है, जो अभी जाजपुर ... Read more
Odisha School Textbooks में मिलीं 1741 गलतियां, सरकार ने पूर्व निदेशक सहित चार को किया निलंबित
ओडिशा सरकार ने शुक्रवार को बताया कि पहली से आठवीं कक्षा की पाठ्यपुस्तकों में 1,741 गलतियां पाई गई हैं। इन किताबों की छपाई और प्रकाशन पर 175 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस के एक लिखित सवाल के जवाब में राज्य के स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड ने बताया कि विभिन्न स्कूली किताबों में व्याकरण, टाइपिंग और वर्तनी की 1,075 त्रुटियां तथा पांच तथ्यात्मक व अवधारणात्मक गलतियां मिली हैं। इसके अलावा किताबों में सुधार के लिए 661 सुझाव भी प्राप्त हुए हैं। मंत्री द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, आठवीं कक्षा की विज्ञान की किताब में सबसे ज्यादा 294 गलतियां पाई गईं। इसके अलावा सातवीं की उर्दू किताब में 121, आठवीं की संस्कृत में 114, छठी की सामाजिक विज्ञान में 98 और सातवीं की संस्कृत की किताब में 92 गलतियां सामने आई हैं। गोंड ने कहा कि किताबों के संशोधित संस्करणों में इन सभी त्रुटियों को दूर करने के कदम उठाए गए हैं। भविष्य में ऐसी गलतियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विषय और विशेषज्ञों द्वारा तथ्यों की जांच कराने जैसे विशेष उपाय लागू किए गए हैं। अब त्रुटिहीन किताबें छापकर छात्रों को बांटी जा रही हैं। एक अन्य बयान में मंत्री ने बताया कि पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन की जिम्मेदारी शिक्षक शिक्षा निदेशालय और राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (टीई एंड एससीईआरटी) को दी गई थी और किताबें परिषद द्वारा तैयार मसौदे के अनुसार ही छापी गई थीं। उन्होंने कहा कि छपाई और वितरण के बाद जब गलतियां उजागर हुईं, तो सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन निदेशक और तीन सहायक निदेशकों को निलंबित कर दिया, जबकि छह अन्य सहायक निदेशकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है।
ओडिशा: ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर कांग्रेस ने सीईओ कार्यालय का किया घेराव
भुवनेश्वर, 25 सितंबर . Odisha कांग्रेस ने Friday को चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर भुवनेश्वर में प्रदर्शन किया और Odisha के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय का घेराव किया. कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की. Odisha प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भक्त चरण दास के ... Read more
चुनाव आयोग विवाद: नवीन पटनायक ने की सीईसी ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग
भुवनेश्वर, 25 सितंबर . Odisha में विपक्ष के नेता और बीजू जनता दल (बीजेडी) के अध्यक्ष नवीन Patnaयक ने Friday को मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की. यह मांग चुनाव आयोग (ईसीआई) के भीतर मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर), नए मतदाता पंजीकरण और मतदाता आंकड़ों से संबंधित निर्णयों ... Read more
सिक्किम के रिम्बी गांव में भारी बारिश के कारण पहाड़ी का एक हिस्सा ढह गया, जिससे बड़ा भूस्खलन हुआ। इस घटना से भारी नुकसान हुआ है; बताया जा रहा है कि चट्टानें, मिट्टी और मलबा तेजी से गांव की ओर बहकर आने से कई घर नष्ट हो गए। यह भूस्खलन गुरुवार देर रात पश्चिम सिक्किम के युक्सोम-ताशीडिंग इलाके में रिम्बी गांव के कुछ हिस्सों में हुआ। मिली जानकारी के अनुसार, अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। इसे भी पढ़ें: Odisha में भारी बारिश का कहर: 8,000 से अधिक लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए वीडियो में मलबे का भारी बहाव कैद इस घटना का एक वीडियो सामने आया है और सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। फुटेज में भूस्खलन के बाद पहाड़ी से मिट्टी और मलबे का भारी सैलाब गांव की ओर बहता हुआ दिखाई दे रहा है। कीचड़, चट्टानें और अन्य मलबा तेजी से नीचे की ओर बढ़ते हुए देखे जा सकते हैं, जिससे इलाके में रहने वाले लोगों में चिंता बढ़ गई है। भूस्खलन में कई घर नष्ट हो गए, जबकि लगातार बारिश ने आसपास के घरों, संपत्ति और सड़क संपर्क के लिए खतरा बढ़ा दिया है। अधिकारियों ने आसपास के इलाकों के लोगों से मौजूदा मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने का आग्रह किया है। पहले भी प्रभावित हुआ था रिम्बी सड़क संपर्क रिम्बी इलाके में भूस्खलन से जुड़ी यह पहली रुकावट नहीं है। इससे पहले, भूस्खलन के कारण रिम्बी को खेचियोपलरी से जोड़ने वाली सड़क का एक हिस्सा बह गया था। सिक्किम सरकार के एक बयान के अनुसार, सोमवार को मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों का राज्यव्यापी निरीक्षण शुरू किया गया। अधिकारियों को संपर्क बहाल करने के प्रयासों में तेजी लाने और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा जोखिमों का आकलन करने का निर्देश दिया गया। सड़क और पुल मंत्री एनबी दहाल ने युक्सोम-ताशीडिंग निर्वाचन क्षेत्र में रिम्बी और उसके आसपास की सड़कों सहित कई क्षतिग्रस्त हिस्सों का निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य नुकसान के स्तर का आकलन करना और संभावित सुरक्षा जोखिमों की पहचान करना था। इसे भी पढ़ें: Odisha में भारी बारिश का कहर, नबरंगपुर में Red Alert और दो मंत्री ग्राउंड पर तैनात सरकार ने अधिकारियों को मरम्मत कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया भूस्खलन के कारण रिम्बी को खेचियोपलरी से जोड़ने वाली सड़क का एक बड़ा हिस्सा बह गया था। सरकारी बयान के अनुसार, मंत्री ने अधिकारियों को मंगलवार से रिम्बी में मरम्मत कार्य शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने नेशनल हाईवेज़ एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) के अधिकारियों और ठेकेदारों को बहाली के काम में तेजी लाने और यात्रियों को होने वाली असुविधा को कम करने का भी निर्देश दिया। इलाके में लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए अधिकारियों ने कहा है कि वे संवेदनशील इलाकों पर कड़ी नज़र रख रहे हैं और लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं। #WATCH | Sikkim | A major landslide in the Rimbi area has left more than 30 houses affected. The incident was triggered by heavy mudslides and debris coming down from the upper slopes, sending large quantities of mud, rocks and other debris towards the lower areas (Video source:… pic.twitter.com/5rhBlSoiTB — ANI (@ANI) September 25, 2026
Mining Law में संशोधन के खिलाफ 28 सितंबर को Odisha Assembly घेरेगी BJD
ओडिशा के मुख्य विपक्षी ‘बीजू जनता दल’ (बीजद) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी पार्टी संशोधित खनन कानून के विरोध में 28 सितंबर को राज्य विधानसभा के बाहर एक ‘‘विशाल रैली’’ आयोजित करेगी, जिसमें नवीन पटनायक भी हिस्सा लेंगे। पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष देवी प्रसाद मिश्रा और अन्य बीजद नेताओं ने संवाददाता सम्मेलन में रैली आयोजित किए जाने का ऐलान करते हुए खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम को ‘‘काला कानून’’ करार दिया। मिश्रा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस अधिनियम के जरिये केंद्र सरकार ने खदानों और खनिजयुक्त भूमि पर राज्यों के अधिकार छीन लिये हैं, जो देश के संघीय ढांचे पर हमला है। चूंकि देश के कुल उपलब्ध खनिज संसाधनों का 44 प्रतिशत हिस्सा ओडिशा में है, इसलिए इस संशोधित कानून से राज्य को सबसे अधिक नुकसान होगा।’’मिश्रा ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य के भाजपा नेता यह तर्क दे रहे हैं कि इससे ओडिशा को नुकसान के बजाय फायदा होगा। उन्होंने कहा कि इस कानून को वापस लेने की मांग को लेकर बीजद 28 सितंबर को व्यापक स्तर पर विरोध सभा आयोजित करेगा। बीजद उपाध्यक्ष प्रताप जेना ने कहा, ‘‘पच्चीस जुलाई 2024 को उच्चतम न्यायालय की नौ-सदस्यीय संविधान पीठ ने फैसला सुनाया था कि राज्य सरकारें खदानों और खनिजों पर कर और उपकर लगा सकती हैं। इससे ओडिशा को बकाया राशि के रूप में एक लाख करोड़ रुपये और सालाना 12,000 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त करने का अवसर मिला था। हालांकि, इस (संशोधन) अधिनियम के लागू होने से अब यह अवसर हाथ से निकल गया है।’’इस अवसर पर विधायक अरुण कुमार साहू ने कहा कि संशोधित खनन कानून के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन और आर्थिक नाकेबंदी की जाएगी। प्रमुख आदिवासी नेता एवं पूर्व मंत्री सुदाम मरांडी ने कहा कि अधिकांश खनन क्षेत्र आदिवासी आबादी वाले इलाकों में हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जिस तरह से केंद्र ने एकतरफा तरीके से इस कानून में संशोधन किया है, उससे निश्चित रूप से आदिवासी लोगों की जीवनशैली पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
ओडिशा में भारी बारिश, 8,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया
भुवनेश्वर, 24 सितंबर . Odisha के कई हिस्सों में Thursday को भारी बारिश हुई. पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई दक्षिणी और पश्चिमी जिलों में 100 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई. गहरे दबाव की वजह से राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की वजह से बाढ़ जैसे हालात बने. मुख्य ... Read more
Odisha में भारी बारिश का कहर: 8,000 से अधिक लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए
ओडिशा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के चलते राज्य सरकार ने निचले और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। भारी बारिश के कारण दक्षिणी जिलों में बाढ़ और भूस्खलन की आशंका के बीच राज्य सरकार ने पंचायत राज मंत्री रबी नारायण नाइक और मत्स्य मंत्री गोकुलानंद मल्लिक को क्रमश: कोरापुट और गजपति भेजा है ताकि वे स्थिति से निपटने की तैयारियों की निगरानी कर सकें। दक्षिणी जिलों से और बारिश तथा जलभराव की खबरों के बीच परिवहन मंत्री बिभूति भूषण जेना और स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड को क्रमश: गंजाम और नबरंगपुर जाने को कहा गया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि जेना बृहस्पतिवार शाम गंजाम पहुंचेंगे जबकि गोंड विधानसभा में प्रश्नकाल में हिस्सा लेने के बाद शुक्रवार को नबरंगपुर के लिए रवाना होंगे। उन्होंने बताया कि राहत कार्यों की निगरानी और नुकसान का आकलन करने के लिए चार वरिष्ठ अधिकारियों को भी प्रभावित जिलों में भेजा गया है। पुजारी ने कहा कि बारिश से गंजाम, गजपति, मलकानगिरी, कोरापुट, रायगढ़ और नबरंगपुर प्रभावित हुए हैं। पुजारी ने बताया कि सत्तारूढ़ भाजपा ने प्रभावित क्षेत्रों के विधायकों को अपने-अपने इलाकों का दौरा कर स्थानीय प्रशासन की मदद करने को कहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निर्देश पर प्रशासन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई जनहानि नहीं हो। पुजारी ने कहा, ‘‘बृहस्पतिवार दोपहर तक 8,082 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है और यह प्रक्रिया जारी है। जिला कलेक्टरों को जलभराव वाले संवेदनशील इलाकों से लोगों को निकालने के निर्देश दिए गए हैं।’’पुजारी ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। प्रभावित जिलों से पेड़ उखड़ने, भूस्खलन, जलभराव, सड़कें अवरुद्ध होने और सड़कों पर बारिश का पानी बहने की खबरें मिली हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि अभी तक किसी के घायल होने या जनहानि की खबर नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी दी है कि बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। विभाग ने अगले दो दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। आईएमडी के सूत्रों के अनुसार राज्य में बृहस्पतिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे में औसतन 70 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कोरापुट जिले के सेमिलीगुड़ा में सबसे अधिक 193.9 मिलीमीटर बारिश हुई। राज्य में कम से कम 17 स्थानों पर 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई। मौसम विभाग ने नबरंगपुर के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी करते हुए 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश का अनुमान जताया है। बरगढ़, नुआपाड़ा, बलांगीर, कालाहांडी, कोरापुट और मलकानगिरी के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है जहां अगले 24 घंटे में 12 से 20 सेंटीमीटर बारिश की संभावना है। बालासोर, संबलपुर, झारसुगुड़ा, क्योंझर, मयूरभंज, सुबर्णपुर, बौध, कंधमाल और रायगढ़ा में सात से 11 सेंटीमीटर बारिश के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। जल संसाधन विभाग ने बताया कि भारी बारिश के मद्देनजर राज्यभर में रणनीतिक स्थानों पर रात में गश्त और जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। आईएमडी ने तटीय इलाकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है और मछुआरों को शुक्रवार सुबह तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है। अधिकारियों ने बताया कि मलकानगिरी-छत्तीसगढ़ मार्ग पर स्थित पुल भी पानी में डूब गया है। बालीमेला, सतीगुड़ा और जालापुट जलाशयों का जलस्तर भी बढ़ा है। बाढ़ और भूस्खलन के खतरे के कारण बालीमेला-चित्रकोंडा घाट मार्ग बंद कर दिया गया है। कोरापुट में भी पिछले 24 घंटे में भारी बारिश हुई लेकिन अधिकारियों के अनुसार अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और यातायात पर भी कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। कोरापुट के जिलाधिकारी मनोज सत्यवान महाजन ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अधिकारियों को सतर्क रखा गया है। परिवहन प्रभावित नहीं हुआ है। मंत्री रबी नारायण नाइक ने जिला अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति का जायजा लिया।
एमएमडीआर संशोधन एक्ट को लेकर ओडिशा विधानसभा में लगातार तीसरे दिन हंगामा
भुवनेश्वर, 24 सितंबर . Odisha विधानसभा के मानसून सत्र में Thursday को लगातार तीसरे दिन कामकाज में बाधा आई. विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (बीजेडी) और कांग्रेस के विधायकों ने एमएमडीआर संशोधन एक्ट को लेकर सदन में विरोध प्रदर्शन किया. बीजेडी और कांग्रेस के सदस्य पिछले दो दिनों से अलग-अलग मुद्दों पर सदन में विरोध ... Read more
Odisha में भारी बारिश का कहर, नबरंगपुर में Red Alert और दो मंत्री ग्राउंड पर तैनात
ओडिशा के कुछ हिस्सों में बृहस्पतिवार को भारी बारिश हुई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। भारी बारिश की वजह से दक्षिण ओडिशा में बाढ़ और भूस्खलन की आशंका के मद्देजर राज्य सरकार ने हालात से निपटने के लिए किये गये प्रबंधों का जायजा लेने के लिए दो वरिष्ठ मंत्रियों को क्षेत्र में भेजा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी दी है कि बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। विभाग ने अगले दो दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। आईएमडी के सूत्रों के अनुसार राज्य में बृहस्पतिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे में औसतन 70 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कोरापुट जिले के सेमिलीगुड़ा में सबसे अधिक 193.9 मिलीमीटर बारिश हुई। मौसम विभाग ने नबरंगपुर जिले के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है और वहां 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश होने का अनुमान जताया है। विभाग ने छह अन्य जिलों बरगढ़, नुआपाड़ा, बलांगीर, कालाहांडी, कोरापुट और मलकानगिरि में अगले 24 घंटे के दौरान 12 से 20 सेंटीमीटर भारी बारिश होने की आशंका के मद्देनजर ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। विभाग ने बालासोर, संबलपुर, झारसुगुड़ा, क्योंझर, मयूरभंज, सुबर्णपुर, बौध, कंधमाल और रायगढ़ जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। इन जिलों में सात से 11 सेंटीमीटर बारिश होने का अनुमान है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि स्थिति के मद्देनजर पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री रवींद्र नारायण नाइक को कोरापुट और मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास मंत्री गोकुलानंद मल्लिक को गजपति जिले में निगरानी के लिए भेजा गया हैं। पुजारी ने बताया कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संवेदनशील क्षेत्रों के विधायकों से भी अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करने को कहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और विभिन्न स्थानों पर कर्मियों तथा मशीनों को तैनात किया गया है।’’ उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निर्देश पर प्रशासन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई जनहानि नहीं हो। मौसम विभाग ने कहा कि तटीय इलाकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है और मछुआरों से शुक्रवार सुबह तक समुद्र में न जाने की अपील की गई है।
नई दिल्ली। मॉनसून के विदाई चरण के बीच मौसम का मिजाज एक बार फिर बेहद आक्रामक रूप धारण कर चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक आपातकालीन वेदर बुलेटिन जारी करते हुए देश के चार प्रमुख राज्यों में भीषण जलभराव, आकाशीय बिजली और 'अत्यंत भारी बारिश' (Extremely Heavy Rainfall) को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय गहरा चक्रवाती दबाव (Deep Depression) अब तेजी से तटीय इलाकों की ओर बढ़ रहा है।इस मौसमी तंत्र के प्रभाव से तटीय और निकटवर्ती मैदानी इलाकों में 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी, जो झोंकों के रूप में 75 किलोमीटर प्रति घंटे (75 kmph Gusting Wind) तक पहुंच सकती हैं। मौसम विभाग ने स्थानीय प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और तटीय मछुआरों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया है।बंगाल की खाड़ी में बना गहरा वेदर सिस्टम: किन 4 राज्यों पर टूटेगा आफत का पानी?मौसम विभाग के सैटेलाइट इमेजरी और रडार डेटा के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र ने अपनी तीव्रता बढ़ा ली है। इसके साथ ही मॉनसून की ट्रफ रेखा भी सामान्य से दक्षिण की ओर खिसक गई है, जिससे भारी मात्रा में नमी इन राज्यों में पहुंच रही है।विशेष रूप से प्रभावित होने वाले चार राज्यों की स्थिति:ओडिशा (Odisha - रेड अलर्ट): तटीय जिलों—पुरी, गंजम, जगतसिंहपुर, केंद्रपड़ा और भद्रक में 200 मिमी से अधिक बारिश होने की आशंका है। समुद्र में 3 से 4 मीटर ऊंची तूफानी लहरें उठ सकती हैं।आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh - उत्तरी तटीय क्षेत्र): विशाखापट्टनम, श्रीकाकुलम और विजयनगरम में बादलों के गरजने के साथ अत्यधिक तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है। तेज हवाओं के चलते कच्चे मकानों और होर्डिंग्स को नुकसान पहुंच सकता है।पश्चिम बंगाल (Gangetic West Bengal): दक्षिण 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर और सुंदरबन के तटीय इलाकों में भारी वर्षा के साथ 60-70 किमी/घंटा की तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश (Central India): डिप्रेशन के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के कारण बस्तर, रायपुर, बालाघाट और जबलपुर संभाग के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश (Orange/Red Alert) का खतरा मंडरा रहा है।IMD की एडवाइजरी: मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायतमौसम के विकराल रूप को देखते हुए तटीय सुरक्षा एजेंसियों और आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों ने कड़े निर्देश लागू किए हैं:मछुआरों पर पूर्ण प्रतिबंध: समुद्र में 75 किमी/घंटा की तूफानी हवाओं और ऊंची लहरों के कारण मछुआरों को बंगाल की खाड़ी और उत्तरी आंध्र-ओडिशा तट के आसपास गहरे समुद्र में जाने से पूरी तरह रोक दिया गया है। जो नावें पहले से समुद्र में हैं, उन्हें तुरंत निकटतम तट पर लौटने का संदेश भेजा गया है।बंदरगाहों पर चेतावनी सिग्नल: पारादीप, गोपालपुर और विशाखापट्टनम बंदरगाहों पर स्थानीय चेतावनी संकेत (Local Cautionary Signals) जारी कर दिए गए हैं। जहाजों को सुरक्षित लंगर डालने के निर्देश दिए गए हैं।निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा: अत्यधिक वर्षा के चलते स्वर्णरेखा, वैतरणी और वंशधारा जैसी स्थानीय नदियों के जलस्तर में अचानक उछाल आ सकता है, जिससे फ्लैश फ्लड (Flash Floods) और शहरों में गंभीर जलजमाव की स्थिति पैदा हो सकती है।आम जनता और यात्रियों के लिए जरूरी सावधानियांमौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि जब तक अत्यंत आवश्यक न हो, वे इस दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। जलभराव वाले क्षेत्रों, अंडरपास और कमजोर पुलों को पार करने की कोशिश न करें।आंधी-तूफान के समय बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मर और पुराने पेड़ों के नीचे शरण न लें, क्योंकि तेज हवाओं के कारण शाखाएं टूटने और शॉर्ट सर्किट से जान-माल का खतरा रहता है। किसान भाइयों को सलाह दी गई है कि वे अपनी पकी हुई खरीफ फसलों और कटी हुई उपज को सुरक्षित शेड्स में रखें तथा खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी के उचित प्रबंध करें।
गहरे दबाव के असर से ओडिशा में भारी बारिश जारी, कई जिलों के लिए रेड अलर्ट
भुवनेश्वर, 23 सितंबर . बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे दबाव (डीप डिप्रेशन) के कारण Odisha के कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है. राज्य Government इसके असर से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारियां कर रही है. डीप डिप्रेशन 7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा की ओर बढ़ ... Read more
Odisha Assembly में पाठ्यपुस्तक त्रुटियों और खनन कानून पर भारी हंगामा, 11 मिनट में कार्यवाही स्थगित
ओडिशा विधानसभा में बुधवार को विपक्षी सदस्यों ने स्कूली बच्चों की नयी पाठ्यपुस्तकों में त्रुटियों को लेकर विद्यालय एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे और संशोधित खनन कानून को वापस लेने की मांग करते हुए जोरदार हंगामा किया। इसके चलते सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी और कुल मिलाकर महज 11 मिनट ही कामकाज हो सका। विपक्षी विधायकों की इन्हीं मांगों के कारण मंगलवार को भी सदन की कार्यवाही केवल 13 मिनट ही चल पाई थी। विपक्षी विधायकों के आसन के निकट आकर हंगामा किए जाने के बीच बुधवार को विधानसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी और पूर्वाह्न सत्र में पांच मिनट एवं अपराह्न सत्र में छह मिनट यानी कुल 11 मिनट ही सदन का कामकाज हो सका। शोर-शराबे के कारण न तो प्रश्नकाल और न ही शून्यकाल हो सका। कार्यस्थगन प्रस्ताव पर भी चर्चा नहीं हो पाई। हालांकि, अपराह्न सत्र में सरकार कुछ दस्तावेज सदन के पटल पर रखने में सफल रही। सुबह साढ़े 10 बजे प्रश्नकाल के लिए जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस के सदस्य हाथों में तख्तियां लेकर मंत्री के इस्तीफे और नए खनन कानून को रद्द करने की मांग करते हुए आसन के निकट आ गए और हंगामा करने लगे। बीजद सदस्यों ने पाठ्यपुस्तकों में हुई त्रुटियों का मुद्दा उठाया, जबकि कांग्रेस विधायकों ने खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन अधिनियम (एमएमडीआर अधिनियम) को निरस्त करने की मांग की। हंगामा कर रहे सदस्यों के एक समूह ने मेज पर चढ़कर विरोध किया, जबकि दूसरे समूह के सदस्यों ने अध्यक्ष के आसन पर चढ़ने का प्रयास किया। पाठ्यपुस्तकों में हुई त्रुटियों में महान वैज्ञानिक आइजक न्यूटन को ‘‘महानतम पायलट’’ बताया जाना, ओडिशा की नियमगिरि पहाड़ियों को झारखंड में दर्शाया जाना और कर्नाटक विधानसभा की तस्वीर छापकर उसके नीचे ओडिशा विधानसभा लिखा जाना शामिल हैं। खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 राज्य सरकारों को खनिज अधिकारों और खनिज-युक्त भूमि पर अतिरिक्त कर या उपकर लगाने से रोकता है। विपक्षी सदस्यों द्वारा सरकार के खिलाफ नारेबाजी के बावजूद सत्ता पक्ष के सदस्य अपनी सीट पर शांत बैठे रहे। हालांकि, हंगामा उस समय और बढ़ गया जब कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे विधानसभा के उपाध्यक्ष भवानी शंकर भोई ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री के.सी. पात्रा को विपक्षी सदस्यों के सवालों का जवाब देने की अनुमति दी। भोई के बार-बार आग्रह के बावजूद हंगामा कर रहे विधायक अपनी सीट पर नहीं लौटे। इसके बाद विधानसभा उपाध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही शुरू होने के महज पांच मिनट के भीतर शाम चार बजे तक के लिए स्थगित कर दी। सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला। हंगामा जारी रहने के कारण विधानसभा उपाध्यक्ष को सदन की कार्यवाही बृहस्पतिवार सुबह साढ़े 10 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद बीजद विधायक महात्मा गांधी मार्ग की ओर बढ़ गए, जहां पार्टी की युवा और छात्र इकाइयां गोंड के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रही है। बीजद विधायक शारदा प्रसन्न जेना ने कहा कि राज्य सरकार जनता की आवाज नहीं सुन रही है और इसलिए उनके पास विधानसभा में हंगामा करने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। हालांकि, भाजपा विधायक इराशीष आचार्य ने विधानसभा की कार्यवाही बाधित करने के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने छात्रों को संशोधित पुस्तकें उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है और इन अनियमितताओं के सिलसिले में कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। विपक्ष अप्रासंगिक मांगें कर रहा है।
ओडिशा सीएम ने बारिश की समीक्षा की, ‘जीरो कैजुअल्टी’ का निर्देश दिया
भुवनेश्वर, 23 सितंबर . Odisha के Chief Minister मोहन चरण माझी ने Wednesday को बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के कारण हो रही लगातार बारिश और दक्षिणी जिलों पर इसके असर से निपटने के लिए राज्य की तैयारियों की समीक्षा की. Chief Minister कार्यालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि स्पेशल रिलीफ ... Read more
ओडिशा विधानसभा में दूसरे दिन भी हंगामा, पाठ्यपुस्तकों में गलती और एमएमडीआर कानून पर विपक्ष का विरोध
भुवनेश्वर, 23 सितंबर . Odisha विधानसभा में मानसून सत्र के दूसरे दिन Wednesday को भी विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस के सदस्यों ने स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में गलतियों और एमएमडीआर संशोधन अधिनियम 2026 को लेकर जमकर हंगामा किया. जैसे ही प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू हुई, कांग्रेस और बीजद के विधायक बैनर और तख्तियां ... Read more
Odisha Heavy Rain: गहरे दबाव से भारी बारिश, 3500 लोग सुरक्षित निकाले गए
ओडिशा के दक्षिणी और तटीय हिस्से में बुधवार को गहरे दबाव के तट के करीब पहुंचने के कारण भारी बारिश हुई, जिसके चलते अधिकारियों ने कम से कम 3,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि ओडिशा में मंगलवार से हो रही बारिश की तीव्रता बढ़ गई है। पिछले 24 घंटे में सुबह 8.30 बजे तक कोरापुट जिले के सेमिलीगुडा में सबसे अधिक 230 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि इसी जिले के जयपुर में 161 मिलीमीटर बारिश हुई। उन्होंने बताया कि राज्य में 16 से अधिक स्थानों पर 10 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सुबह जारी बुलेटिन में बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव पिछले छह घंटे से पांच किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंध्र प्रदेश-ओडिशा तट की ओर बढ़ रहा था। सुबह 8.30 बजे यह आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम से 60 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, विशाखापत्तनम से 140 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व, ओडिशा के गोपालपुर से 150 किलोमीटर दक्षिण और पुरी से 240 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में केंद्रित था। दक्षिण ओडिशा के भूस्खलन संभावित गजपति जिले के जिलाधिकारी अक्षय सुनील अग्रवाल ने बताया कि एहतियाती कदम के तौर पर गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों समेत 3,500 लोगों को चक्रवात केंद्रों और अस्थायी राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। उन्हें पका हुआ भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने भूस्खलन की आशंका वाले 140 इलाकों की पहचान की है और इन पर कड़ी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि गंजाम, गजपति, मलकानगिरी, कोरापुट, रायगढ़ा और नबरंगपुर जिलों में घरों में बारिश का पानी घुसने, पेड़ों के उखड़ने, मकानों के ढहने और पहाड़ियों से कीचड़युक्त पानी नीचे आने की खबरें हैं। आईएमडी ने बुधवार एवं बृहस्पतिवार को दक्षिणी ओडिशा के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और छिटपुट स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी है। शुक्रवार और शनिवार को भी राज्य में छिटपुट स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। बुधवार को मौसम विभाग ने कालाहांडी, कोरापुट, मलकानगिरी और नबरंगपुर जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ (कार्रवाई करें) जारी किया। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश होने की संभावना है। नबरंगपुर जिले के लिए बृहस्पतिवार को भी इसी तरह का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है। दक्षिणी और तटीय क्षेत्रों के कई जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ (तैयार रहें) जारी किया गया है, जहां 12 से 20 सेंटीमीटर बारिश होने का अनुमान है। इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से बृहस्पतिवार शाम तक तेज हवाओं के साथ खराब मौसम की स्थिति बनी रहेगी और हवा की रफ्तार 55-65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने मछुआरों को बृहस्पतिवार शाम तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। मौसम तंत्र को देखते हुए राज्य सरकार ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएफ) की 33 टीमों को भी तैनात किया है। इस बीच, राज्य सरकार ने 10 जिलों में शैक्षणिक संस्थानों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश दिया है। आगामी स्थिति को देखते हुए सरकारी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और उन्हें मुख्यालय में मौजूद रहने को कहा गया है। संवेदनशील इलाकों के अस्पतालों को पर्याप्त मात्रा में आपातकालीन दवाएं रखने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित अधिकारियों से निचले इलाकों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को उनकी सुरक्षा के लिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) या मां गृहों में स्थानांतरित करने को कहा गया है।
ओडिशा के ढेंकनाल से एक परेशान करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक युवक और युवती को मुख्य सड़क पर रोककर ग्रामीणों के एक समूह ने उनके साथ बदसलूकी और मारपीट की। यह घटना 18 सितंबर को ढेंकनाल और कपिलाश को जोड़ने वाली सड़क पर हुई और इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह घटना बिहार के जमुई में हुई ऐसी ही एक घटना के कुछ दिनों बाद सामने आई है, जहाँ एक छात्रा के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई थी, जिससे काफी आक्रोश फैल गया था। इसे भी पढ़ें: Delhi Jahangirpuri में कर्मचारी से 90 लाख की 35 किलो चांदी की लूट जानकारी के अनुसार, युवक और युवती मोटरसाइकिल पर जा रहे थे, तभी कुछ लोगों ने उन्हें सड़क पर रोक लिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में लोगों का एक समूह जोड़े को घेरे हुए और उनके साथ मारपीट व बदसलूकी करता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो में महिला को उन लोगों से बार-बार विनती करते हुए सुना जा सकता है कि वे उसे छोड़ दें और जाने दें। हालाँकि, उसे घेरे हुए लोगों ने अपना आक्रामक व्यवहार जारी रखा। इन परेशान करने वाले दृश्यों ने सोशल मीडिया पर गुस्सा पैदा कर दिया है; कई यूज़र्स ने इस मारपीट की निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसे भी पढ़ें: दिल्ली में आस्था कुंज दरिंदगी से दहशत! 17 साल की किशोरी से हैवानियत के बाद Lady Shri Ram College सहमा, ऑनलाइन हुईं क्लासेज़ तीन लोग हिरासत में पुलिस ने इस घटना के संबंध में मामला दर्ज किया है और अब तक तीन लोगों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों ने कहा कि आगे की कानूनी कार्रवाई से पहले शिकायतकर्ता का बयान दर्ज किया जाएगा और अतिरिक्त सबूत जुटाए जाएंगे। ढेंकनाल के एसपी अभिनव सोनकर ने बताया कि सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद गंडिया पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। सोनकर ने कहा, कल सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा था जिसमें कुछ ग्रामीण एक लड़के और लड़की को रोकते और उनके साथ बदसलूकी करते हुए दिखे। इस घटना के संबंध में गंडिया पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। केस नंबर 480/2026 है। इसमें BNS और IT एक्ट की कई धाराएं लगाई गई हैं। उन्होंने बताया कि यह घटना गंडिया पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत भंडारीगढ़ में हुई और अर्पिता मोहंती को शिकायतकर्ता के रूप में पहचाना गया। एसपी ने कहा, यह वही लड़की है जिसके साथ ग्रामीणों ने कथित तौर पर बदसलूकी की थी। हमारी जांच पहले ही शुरू हो चुकी है। हमने इस मामले में तीन लोगों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए तीनों लोगों की पहचान बनिया गांव के सरोज नायक, बनिया गांव के समीर नायक और रायपुर मंदार गांव के संग्राम रथ के तौर पर हुई है - ये सभी गांडिया पुलिस स्टेशन इलाके के रहने वाले हैं। पुलिस ने पीड़ितों को कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया एसपी ने कहा कि शिकायत करने वाले का बयान दर्ज किया जाएगा और बाकी सभी सबूत इकट्ठा किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान सामने आए अपराधों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सोनकर ने कहा, शिकायत करने वाले का बयान दर्ज किया जाएगा और हम बाकी सभी सबूत इकट्ठा करेंगे। जांच के दौरान सामने आए अपराध की गंभीरता के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने महिला और उसके दोस्त को भरोसा दिलाया है कि सभी ज़रूरी कानूनी कदम उठाए जाएंगे। एसपी ने आगे कहा, हमने शिकायत करने वाले और उसके दोस्त को भी भरोसा दिलाया है और उनसे कहा है कि सभी ज़रूरी कानूनी कदम उठाए जाएंगे। हम इस प्रक्रिया में कोई ढिलाई नहीं बरतेंगे। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें सज़ा दिलाने की कोशिश की जाएगी। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi Odisha: Couple Intercepted On Road, 03 Arrested After the horrific Jamui incident in Bihar, a similar case has emerged from Dhenkanal, Odisha. On September 18, a young couple returning by motorcycle from Kapilash Temple was reportedly intercepted by a group of men. A viral… pic.twitter.com/yqr7EUvhTs — GarudEyeIntel | OSINT (@GarudEyeIntel) September 23, 2026
कैमूर जिले के कुदरा में एनएच-19 पर 308 पहियों वाला बड़ा ओवरहाइट ट्रक लोगों का ध्यान खींच रहा था। यह ट्रक उड़ीसा से चीनी मिल की भारी मशीनरी लेकर आ रहा था। राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर चिलबिली के रेलवे ओवरब्रिज के पास पहुंचने पर ज्यादा ऊंचाई के कारण ट्रक के ब्रिज से टकराने का खतरा बढ़ गया। एक फीट मिट्टी काटकर ट्रक को निकाला मामले की गंभीरता को देखते हुए एनएचएआई (NHAI) की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बचाव काम शुरू किया गया। ओवरब्रिज के नीचे से ट्रक को सुरक्षित निकालने के लिए तकनीकी टीम ने साइड रोड की मिट्टी करीब एक फीट तक नीची की। इसके बाद सावधानी से ट्रक को चिलबिली ओवरब्रिज के नीचे से सुरक्षित निकाल लिया गया। एक दिन पहले भभुआ मोड़ पर भी हुई थी मशक्कत इससे एक दिन पहले कुदरा के भभुआ मोड़ पर भी इस बड़े वाहन को निकालने में काफी मेहनत करनी पड़ी थी। वहां ट्रक को मेन रोड से हटाकर साइड रोड से सुरक्षित निकाला गया था। इस काम के कारण एनएच-19 पर करीब 3 घंटे तक ट्रैफिक प्रभावित रहा और गाड़ियों की लंबी लाइनें लग गईं। बिना हादसे के आगे भेजा गया ट्रक एनएचएआई की टीम और स्थानीय प्रशासन की तेजी और समझदारी से बिना किसी हादसे के इस बड़े वाहन को आगे भेज दिया गया। इसके बाद एनएच-19 पर यातायात सामान्य हो गया।
रोहतक में डेढ़ करोड़ रुपए का गांजा जब्त:2 नशा तस्कर गिरफ्तार, स्कॉर्पियो में उड़ीसा से लाई गई थी खेप
रोहतक जिले में पुलिस की CIA-1 की टीम ने सांपला फ्लाईओवर के नीचे से 280 किलो गांजे समेत 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान संदीप और रोहित के तौर पर हुई है। पकड़े गए गांजे की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपए बताई जा रही है। CIA-1 में तैनात ASI विनोद कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि नशे की खेप लेकर कुछ लोग सांपला इलाके में आने वाले हैं। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम ने योजना बनाकर सांपला फ्लाईओवर के नीचे रात करीब 11 बजे से निगरानी शुरू कर दी। उड़ीसा से लाई जा रही थी गांजे की खेप काफी देर बाद एक संदिग्ध स्कॉर्पियो को रोककर तलाशी ली तो उसमें बड़ी मात्रा में गांजा मिला। शुरुआती जांच में पता चला है कि गांजे की यह खेप स्कॉर्पियो से उड़ीसा से लाई गई थी। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि यह खेप किसके लिए थी और इस तस्करी के पीछे कितना बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। पुलिस ने बरामद गांजे और गाड़ी को जब्त कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान नशा तस्करी से जुड़े और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
अनूपपुर में पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी बाइक से 5.60 किलो गांजा लेकर राजेंद्रग्राम की ओर जा रहे थे। पुलिस ने उनके पास से गांजा और तस्करी में इस्तेमाल बाइक समेत 1.30 लाख रुपए से ज्यादा का सामान जब्त किया है। कोयलारी तिराहे पर नाकाबंदी कर पकड़ा पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब के अनुसार 19-20 सितंबर की रात कोतवाली पुलिस को सूचना मिली थी कि दो युवक काले रंग की बाइक MP 65 ZA 9670 से बैग में गांजा लेकर अनूपपुर से राजेंद्रग्राम की ओर जा रहे हैं। सूचना पर पुलिस ने राजेंद्रग्राम-अनूपपुर मार्ग पर कोयलारी तिराहे के पास नाकाबंदी की। संदिग्ध बाइक आते ही पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों युवकों को पकड़ लिया। बैग में 5 पैकेट में मिला गांजा पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम दिनेश कुमार बंजारा (33) निवासी नौगवां, थाना राजेंद्रग्राम और सुनील उर्फ मज्जू यादव (32) निवासी पंचवटी मोहल्ला, थाना बुढ़ार बताए। बाइक पर रखे हरे रंग के पिट्ठू बैग की तलाशी लेने पर पांच पैकेट में 5.60 किलो गांजा मिला। गांजा और बाइक समेत 1.30 लाख का सामान जब्त पुलिस के मुताबिक जब्त गांजे की कीमत करीब 50,600 रुपए और बाइक की कीमत 80 हजार रुपए है। कुल 1,30,600 रुपए का सामान जब्त किया गया। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20बी के तहत केस दर्ज किया गया है। उड़ीसा से गांजा लाकर राजेंद्रग्राम में बेचने की थी तैयारी थाना प्रभारी संजय अशोक एक्का ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने उड़ीसा से गांजा लाकर अनूपपुर आने की जानकारी दी है। दोनों रेलवे स्टेशन की तरफ से बाइक पर गांजा लेकर राजेंद्रग्राम जा रहे थे। पुलिस के अनुसार वहां गांजा बेचने की तैयारी थी, लेकिन कोयलारी तिराहे पर दोनों पकड़ लिए गए।
Odisha 10th Result 2024: सुबह 10 बजे जारी होगा 10वीं का रिजल्ट, यहां मिलेगा डायरेक्ट लिंक
Odisha 10th Result 2024: बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन, ओडिशा बीएसई ओडिशा मैट्रिक यानी कक्षा 10वीं का रिजल्ट सुबह 10 बजे जारी होगा। छात्र अपने स्कोरकार्ड सुबह 11.30 बजे से देख सकेंगे। जानें- कैसे चेक करना

