अमेरिका को चुभता BRICS, भारत के लिए कितना फायदेमंद?
12 तारीख से दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन शुरू होने जा रहा है। जिसमें शामिल होने के लिए रूस, चीन समेत दुनिया के कई देशों के राष्ट्र प्रमुख यहां पर आ रहे हैं। लेकिन समिट शुरू होने से पहले ब्रिक्स समिट को लेकर पी चिदंबरम ने कहा कि हालिया बैठकों से कोई बड़ा नतीजा नहीं निकला। बीजेपी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि जरा 1947 से लेकर के 2014 तक का हिसाब भी देख लीजिए। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने के लिए भारत आ रहे हैं और 7 साल के बाद यह शी जिनपिंग का भारत दौरा होगा। इसे भी पढ़ें: BRICS Summit में दिखेगी India Story की झलक, Bihar के सत्तू से Odisha की कॉफी तक MEA की खास पहल 7 साल बाद जिनपिंग का भारत आना क्या पुराने विवादों को खत्म कर देगा, सुलझा देगा? शी जिनपिंग का यह दौरा भारत और चीन के रिश्तों में आई तल्खी के बाद काफी अहम माना जा रहा है। 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था। इसके बाद सीमा पर सैन्य तैनाती के साथ-साथ दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों में भी खिंचाव देखने को मिला। अगर 12 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक होती है, तो गलवान की घटना के बाद दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने द्विपक्षीय बातचीत होगी। इसके अलावा शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत आएंगे। 2020 के सीमा विवाद के बाद यह उनका पहला भारत दौरा होगा। डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए ब्रिक्स समिट में क्या कोई बड़ा फैसला लिया जाएगा? भारत इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में सम्मेलन की मेजबानी भारत की जिम्मेदारी है। यही वजह है कि वाशिंगटन की नजर भी दिल्ली पर टिकी हुई है। इसमें डर की बात है कि दिल्ली में ईरान की एंट्री और क्या यही अमेरिका की बेचैनी बढ़ा रही है। दरअसल दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाली जो ब्रिक्स समिट है पूरी दुनिया की नजर जरूर है। लेकिन सबसे ज्यादा नजर अगर किसी की है तो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की। वजह साफ है ब्रिक्स का बढ़ता दायरा, डॉलर से दूरी की कोशिश और भारत की मेजबानी में रूस, चीन और ईरान जैसे देशों का एक मंच पर आना। इसे भी पढ़ें: BRICS Summit के लिए छावनी बनी New Delhi, 15000 जवानों और Multi-layer Security के साथ अभेद्य सुरक्षा घेरा ईरान की मौजूदगी क्या अमेरिका की टेंशन को बढ़ा रही है? हालांकि उसमें करीब 11 देश हैं। लेकिन ये जो तीन चार नाम है भारत को छोड़कर रूस, चीन, ईरान यहीं पर तो फंसी है ट्रंप की जान। ट्रंप पहले ही ब्रिक्स को लेकर कई बार नाराजगी जता चुके हैं। 100% तक टेरिफ की धमकी दे चुके हैं। दिल्ली में इस बार मंच पर ग्लोबल साउथ की बड़ी उभरती इकॉनमीज़ एक साथ होंगी। भारत इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। 12 13 सितंबर को नई दिल्ली में सम्मेलन की मेजबानी भी वो करेगा और यही वजह है कि वाशिंगटन की नजर भी दिल्ली पर टिकी हुई है। ब्रिक्स अब सिर्फ ब्राजील, रशिया, इंडिया, चाइना और साउथ अफ्रीका तक सीमित नहीं है। ईरान समेत कई देश इसका एक हिस्सा बन चुके हैं। यानी एक ऐसा मंच जिसकी आर्थिक और राजनीतिक पहुंच लगातार बढ़ती जा रही है, स्प्रेड हो रही है। विस्तार उसका हो रहा है। यही विस्तार अमेरिका के लिए चिंता का कारण है। खासकर इसलिए भी क्योंकि ब्रिक्स के भीतर कुछ देश दुनिया को मौजूदा आर्थिक व्यवस्था जो है तो कुछ देश ऐसे हैं जो उसमें व्यवस्था में बदलाव की बात करते हैं।
BRICS Summit में दिखेगी India Story की झलक, Bihar के सत्तू से Odisha की कॉफी तक MEA की खास पहल
इस वीकेंड राजधानी में होने वाले 18वें ब्रिक्स समिट में भारत की विविध सांस्कृतिक और खान-पान की परंपराओं की कुछ झलकियाँ भी देखने को मिलेंगी। इनमें बिहार का पारंपरिक सत्तू, ओडिशा के कोरापुट की पहाड़ियों में उगाई जाने वाली कॉफी और गुजरात की बेहतरीन हस्तकलाएँ शामिल हैं। 12-13 सितंबर को होने वाले इस समिट के लिए भारत और दुनिया भर से पत्रकार राजधानी में जुट रहे हैं। उन्हें दी गई ब्रिक्स मीडिया किट में सिर्फ़ जानकारी ही नहीं, बल्कि देश की अलग-अलग परंपराओं, स्थानीय उत्पादों और कारीगरों के हुनर की झलक भी दिखाई गई है। यह विदेश मंत्रालय (MEA) की एक पहल है, जिसका मकसद अलग-अलग राज्यों के उत्पादों के ज़रिए अंतरराष्ट्रीय मीडिया के सामने भारत की एक झलक पेश करना है। इसे भी पढ़ें: BRICS Summit के लिए Delhi Police ने कसी कमर, सुरक्षा में तैनात होंगे 15000 जवान मीडिया किट और समिट की तैयारियों के पीछे के विचार के बारे में ANI से बात करते हुए, MEA में PR के OSD वासुदेव रवि ने कहा कि इस पहल का मकसद भारत की विविधता को दिखाना और जिसे उन्होंने इंडिया स्टोरी कहा, उसे बताना था। रवि ने कहा, यह हमारे लिए 'इंडिया स्टोरी' को दिखाने और मीडिया में अपने साथियों के साथ-साथ इंटरनेशनल प्रेस से जुड़ने वाले लोगों के सामने भारत के अलग-अलग पहलुओं को उजागर करने का एक मौका है। इसलिए, हमने तीन राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम किया है और हमारी कोशिश पारंपरिक खाने-पीने की चीज़ों को दिखाने की रही है। बहुत सोच-समझकर चुने गए इन प्रोडक्ट्स में देश के अलग-अलग हिस्सों की चीज़ें शामिल हैं - जैसे बिहार का सत्तू और मखाना, ओडिशा की कोरापुट कॉफ़ी और गुजरात की हैंडीक्राफ्ट्स (हाथ से बनी चीज़ें)। इन चीज़ों ने मीडिया किट को भारत की क्षेत्रीय पहचान दिखाने वाले एक छोटे से शोकेस में बदल दिया है। बिहार सरकार के हमारे साथियों ने पारंपरिक ड्रिंक 'सत्तू' और बिहार की बहुत मशहूर उपज 'मखाना' उपलब्ध कराया है। हमने कोरापुट की कॉफ़ी दिखाने के लिए ओडिशा सरकार के साथ साझेदारी की है और गुजरात सरकार के साथ भी मिलकर काम किया है, जिसने राज्य में मौजूद हुनर और हैंडीक्राफ्ट्स को दिखाने के लिए कई तरह की हाथ से बनी चीज़ें उपलब्ध कराई हैं। हमारी कोशिश भारत को दिखाने और 'इंडिया स्टोरी' को बताने की है।
Odisha Police ने मंत्रियों का PA बनकर नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले को Digha से पकड़ा
ओडिशा पुलिस ने, खुद को राज्य के कुछ मंत्रियों का निजी सहायक बताकर सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर कई लोगों से धोखाधड़ी करने के आरोप में पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले से 42 साल के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ओडिशा के भद्रक जिले के चुडाकुटी के जगन्नाथ बहालिया ने कथित तौर पर वरिष्ठ राजनेताओं के साथ अपनी तस्वीरों का इस्तेमाल करके युवाओं को यह यकीन दिलाया कि उसकी मजबूत राजनीतिक पहुंच है। उन्होंने बताया कि बहालिया दावा करता था कि उसकी मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और यहां तक कि प्रधानमंत्री के निजी सचिव तक पहुंच है। कथित धोखाधड़ी का मामला तब सामने आया जब पड़ोसी बालासोर जिले के सिमुलिया निवासी सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी किशोर मोहापात्रा ने सोमवार को बहालिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। मोहापात्रा ने आरोप लगाया कि बहालिया ने उसके बेटे को रेलवे में नौकरी दिलाने का वादा कर उससे 10 लाख रुपये लिए और बाद में उसे फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया। भद्रक टाउन थाने के प्रभारी प्रभांशु मिश्रा ने बताया, शिकायत मिलने के बाद हमने आरोपी की तलाश शुरू की। उसने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया और पश्चिम बंगाल के दीघा भाग गया, जहां उसे मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि भद्रक शहर के जगन्नाथपुर स्थित उसके किराए के मकान से कथित तौर पर एक डायरी बरामद की गई है, जिसमें बड़ी रकम के लेनदेन का ब्योरा दर्ज है। उसने बताया कि मंत्रियों और उनके पीए की तस्वीरों समेत कई दस्तावेज और कथित फर्जी पहचान पत्र भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, बहालिया ने नौकरी के इच्छुक कई लोगों से सरकारी नौकरी दिलाने का वादा कर कथित तौर पर एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम जुटाई थी। उन्होंने बताया कि उसकी गिरफ्तारी के बाद, बालासोर, कटक और अन्य इलाकों के कथित पीड़ितों ने शिकायतें लेकर पुलिस से संपर्क करना शुरू कर दिया है। पुलिस ने बताया कि बहालिया के खिलाफ कटक में भी इसी तरह का एक मामला लंबित है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाने के लिए फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया, उनसे पैसे लिए और फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किए। आरोपी को अदालत में पेश किया गया जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बहालिया के ओडिशा के बाहर भी संपर्क थे, जिनमें दीघा और झारखंड का धनबाद शामिल हैं।
Odisha CM Mohan Charan Majhi ने UAE में की बैठक, उद्योगपतियों को दिया निवेश का न्योता
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बृहस्पतिवार को दुबई में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री से मुलाकात की और राज्य में औद्योगिक परियोजनाएं स्थापित करने के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया। अधिकारीयों ने बताया कि पांच दिवसीय यूएई यात्रा पर गए माझी ने यात्रा के तीसरे दिन निवेशकों से संपर्क कार्यक्रमों और रोड शो में हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि बैठक में ओडिशा और यूएई के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने तथा राज्य में निवेश के नए अवसर तलाशने पर चर्चा की गई। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, माझी ने ओडिशा के अनुकूल कारोबारी माहौल, मजबूत औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र और प्रमुख क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को रेखांकित किया तथा यूएई के निवेशकों को राज्य में अवसर तलाशने का न्योता दिया। बयान में कहा गया कि माझी एल्युमीनियम क्षेत्र के उद्योग प्रतिनिधियों के साथ एक गोलमेज बैठक में भी शामिल होंगे, जिसमें ओडिशा के एल्युमीनियम क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी। बयान के अनुसार, इंडियन बिजनेस एंड प्रोफेशनल काउंसिल (आईबीपीसी) के साथ भी एक बैठक प्रस्तावित है। ओडिशा सरकार ने बुधवार को यूएई में निवेश संपर्क अभियान के पहले दिन 14 नई परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया। इन परियोजनाओं में करीब 2.10 लाख करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है।
Odisha ने UAE में 2.10 लाख करोड़ के 14 MoU पर किए हस्ताक्षर
भुवनेश्वर, नौ सितंबर ओडिशा सरकार ने बुधवार को यूएई में निवेश आकर्षित करने के अपने अभियान के पहले दिन करीब 2.10 लाख करोड़ रुपये के निवेश वाली 14 नई परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। एक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की मौजूदगी में अबू धाबी में इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (आईएचसी) और अदाणी समूह की साझेदारी से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए गए, इससे करीब 8.68 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। प्रस्तावित निवेश धातु डाउनस्ट्रीम उद्योग, स्लरी पाइपलाइन, महत्वपूर्ण खनिज और दुर्लभ मृदा तत्व, रसायन एवं पेट्रोकेमिकल, नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण, स्वास्थ्य सेवा, औद्योगिक ढांचे, पर्यटन और खेल जैसे क्षेत्रों में होगा। सरकार ने कहा कि निवेश और रोजगार के आंकड़े अनुमानित हैं तथा व्यवहार्यता अध्ययन, जांच-पड़ताल, जरूरी मंजूरियों और अंतिम समझौतों पर निर्भर हैं। माझी ने इंडियन बिजनेस एंड प्रोफेशनल ग्रुप (आईबीपीजी) के साथ भी बैठक की। ओडिशा सरकार और आईबीपीजी के बीच व्यापार बढ़ाने तथा निवेश के अवसर तलाशने के लिए सहयोग ज्ञापन (एमओसी) पर हस्ताक्षर किए गए। उन्होंने बोरोउज से ओडिशा में बड़े रसायन डाउनस्ट्रीम परिसर की स्थापना की संभावनाएं तलाशने का आग्रह किया। इसके अलावा यूएई की निवेश संस्थाओं के साथ बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में दीर्घकालिक निवेश और सार्वजनिक-निजी भागीदारी पर चर्चा की।
ओडिशा: विपक्ष के उपनेता प्रसन्ना आचार्य ने एमएमडीआर अमेंडमेंट एक्ट 2026 का विरोध किया
भुवनेश्वर, 9 सितंबर . बीजू जनता दल (बीजेडी) के विपक्ष के उपनेता प्रसन्ना आचार्य ने एमएमडीआर अमेंडमेंट एक्ट 2026 का विरोध किया. साथ ही, उन्होंने Odisha को बड़े रेवेन्यू नुकसान की चेतावनी दी और इसे रद्द करने की मांग की. प्रसन्ना आचार्य ने इस संबंध में Wednesday को समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए कहा ... Read more
ओडिशा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बालासोर के एक जंगल में मिले पांच बेबी ओरंगुटान की संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय तस्करी की जांच शुरू कर दी है। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (IGP) हिमांशु लाल ने ANI से बात करते हुए कहा कि जांच का फोकस इस संदिग्ध तस्करी में शामिल पूरे नेटवर्क का पता लगाने और ओरंगुटान के सोर्स का पता लगाने पर होगा। उन्होंने कहा, STF इसकी जांच कर रही है। मामला दर्ज कर लिया गया है और हम सभी नेटवर्क को खत्म कर देंगे; इसमें शामिल सभी गैंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसकी निगरानी DIG कर रहे हैं। हम जल्द से जल्द कानून के मुताबिक कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। हम पूरे नेटवर्क की जांच करेंगे कि वे ओरंगुटान को कहां से लाए थे और उन्हें कहां ले जाया जा रहा था। हम वैज्ञानिक और तकनीकी पहलुओं से जांच करेंगे। हम पूरे नेटवर्क को खत्म कर देंगे। इसे भी पढ़ें: Odisha में 15 दिन में जांची जाएंगी जर्जर इमारतें, खतरनाक ढांचे होंगे ध्वस्त मंगलवार सुबह ओडिशा के बालासोर डिवीज़न के भोगराई ब्लॉक में बड़ापली गाँव के पास पाँच ओरंगुटान मिले। इसके बाद वन विभाग ने इस बात की जाँच शुरू कर दी कि ये जानवर वहाँ कैसे पहुँचे। बालासोर के DFO इन्दलकर प्रतीक प्रकाश के अनुसार, वन अधिकारियों को सुबह करीब 6 बजे VSS के एक सदस्य से जानकारी मिली कि बंदर प्रजाति के पाँच जानवर देखे गए हैं। DFO ने कहा, जब हमारे कर्मचारी भोगराई ब्लॉक में बारपाई गाँव के पास उस जगह पर पहुँचे और जाँच की, तो उन्हें पता चला कि वे जानवर असल में ओरंगुटान थे। अधिकारियों ने पाया कि सभी पाँचों जानवर कम उम्र के थे और ज़्यादा घूम-फिर नहीं रहे थे, हालाँकि वे सतर्क और सक्रिय थे। शुरुआत में उन जानवरों को वहीं खाना दिया गया। जब उस जगह पर भीड़ जमा होने लगी, तो वन अधिकारियों ने ओरंगुटान को बचाया और सही जाँच-पड़ताल के लिए उन्हें उदयपुर सेक्शन ऑफिस भेज दिया। DFO ने कहा कि जानवरों की कम उम्र और कम हलचल से पता चलता है कि वे खुद इतनी दूर तक नहीं आ सकते थे। उन्होंने यह भी कहा कि सियार, लोमड़ी, कुत्ते और लंगूर जैसे जानवरों की मौजूदगी के कारण उस इलाके में रात भर ज़िंदा रहना मुश्किल होता। प्रकाश ने कहा, स्मगलिंग की संभावना हो सकती है, लेकिन अभी हम पक्के तौर पर कुछ नहीं कह सकते क्योंकि हमें इससे जुड़ा कोई सबूत नहीं मिला है।
भुवनेश्वर, 9 सितंबर . Odisha के Chief Minister मोहन चरण माझी ने Wednesday को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में राज्य के निवेश आकर्षण अभियान की शुरुआत करते हुए अबू धाबी स्थित प्रमुख निवेश कंपनी इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (आईएचसी) और अदाणी समूह के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की. इस बैठक में Odisha में विभिन्न ... Read more
Indian Railways Cabinet Decisions: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय रेलवे के विस्तार को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने देश के 5 राज्यों में कनेक्टिविटी सुधारने और ट्रेनों की भीड़कम करने के लिए ₹10,783 करोड़ की 3 बड़ी रेल परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है।प्रधानमंत्री गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत मंजूर की गई इन परियोजनाओं से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को सीधा फायदा मिलेगा। इसके तहत कुल 656 किलोमीटर लंबी नई रेल पटरियां बिछाई जाएंगी, जिन्हें साल 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जानिए इस मेगा प्लान की 5 सबसे बड़ी बातें। #WATCH | Union Cabinet briefing | Delhi: Union Cabinet approves 3 multitracking projects covering 14 districts across the states of West Bengal, Jharkhand, Odisha, Madhya Pradesh and Chhattisgarh.The Projects will increase the existing network of Indian Railways by about 656… pic.twitter.com/cBlAXhyr1F— ANI (@ANI) September 9, 2026 किन 3 बड़ी रेल परियोजनाओं को मिली मंजूरी?आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने जिन तीन रेल लाइनों के विस्तार को मंजूरी दी है, वे निम्नलिखित हैं: खड़गपुर से झारसुगुड़ा (बागडीही): चौथी नई रेल लाइन। कटनी से पेंड्रा रोड: चौथी नई रेल लाइन। बिलासपुर (उसलापुर) से पेंड्रा रोड: तीसरी नई रेल लाइन। 2. 14 जिलों के 4,790 गांवों को सीधा फायदायह रेल विस्तार 5 राज्यों के 14 जिलों में फैले लगभग 4,790 गांवों को भारतीय रेल नेटवर्क से बेहतर तरीके से जोड़ेगा। इससे क्षेत्र की लगभग 56 लाख आबादी को आवागमन में सीधी राहत मिलेगी और यात्रा का समय घटेगा।3. धार्मिक और पर्यटन स्थलों का सफर होगा आसानइन नई रेल पटरियों के बिछने से कई प्रमुख राष्ट्रीय उद्यानों, टाइगर रिजर्व और प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों तक पहुंचना काफी सुगम हो जाएगा। इनमें शामिल हैं: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (मध्य प्रदेश) अमरकंटक मंदिर (मध्य प्रदेश) अचानकमार टाइगर रिजर्व (छत्तीसगढ़) भगवान जगन्नाथ मंदिर (ओडिशा) रतनपुर महामाया मंदिर (छत्तीसगढ़) 4. माल ढुलाई में तेजी और कम होगी लॉजिस्टिक्स लागतयह पूरा रूट औद्योगिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, जहां से कोयला, सीमेंट, लोहा और स्टील जैसी भारी औद्योगिक सामग्रियों की आपूर्ति होती है। इन नई लाइनों के शुरू होने से रेलवे सालाना 2.7 करोड़ टन अतिरिक्त माल ढुलाई करने में सक्षम होगी। पटरियों की क्षमता बढ़ने से मालगाड़ियों और पैसेंजर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, जिससे ट्रकों पर निर्भरता घटेगी और रसद/लॉजिस्टिक्स लागत में भारी कमी आएगी।5. पर्यावरण को बंपर फायदा: 12 करोड़ लीटर तेल की बचतसरकार के अनुमान के मुताबिक, सड़कों के बजाय रेलवे से माल ढुलाई बढ़ने से पर्यावरण को बहुत बड़ा फायदा होगा। हर साल लगभग 12 करोड़ लीटर तेल की खपत कम होगी। पर्यावरण में 62 करोड़ किलोग्राम (CO2) कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन घटेगा। यह लाभ लगभग 2.48 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर होगा।
कैबिनेट ने 10,783 करोड़ रुपए के तीन रेलवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी, 14 जिलों में बढ़ेगी कनेक्टिविटी
New Delhi, 9 सितंबर . Prime Minister Narendra Modi की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीईए) ने Wednesday को 10,783 करोड़ रुपए के बजट की तीन मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी. इन्हें 2029-30 तक पूरा किया जाना है. कैबिनेट के आधिकारिक बयान के अनुसार, तीन मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स पश्चिम बंगाल, Jharkhand, Odisha, Madhya Pradesh ... Read more
अदाणी पोर्ट्स पारादीप में 18 एमएमटी की क्षमता विकसित करेगी, पूर्वी भारत में बढ़ेगा परिचालन
Ahmedabad, 9 सितंबर . अदाणी पोर्ट्स ने Wednesday को कहा कि उसे Odisha के पारादीप पोर्ट पर दो ड्राई बल्क बर्थ्स को विकसित और परिचालन करने के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड (एलओए) मिला है. इससे अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) की क्षमता 18 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) बढ़ जाएगी और कुल पोर्टफोलियो ... Read more
भुवनेश्वर, 8 सितंबर . New Delhi के सत्य निकेतन में हाल ही में छात्रों के 5 मंजिला हॉस्टल के गिरने और उसमें सात लोगों की मौत के बाद, Odisha Government ने पूरे राज्य में जान-माल के लिए खतरा बनी इमारतों की पहचान करने, उनका आकलन करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने का अभियान तेज कर ... Read more
ओडिशा के जंगल से पांच ओरंगुटान बचाए गए, वन्यजीव तस्करी की आशंका
भुवनेश्वर, 8 सितंबर . Odisha के बालेश्वर जिले के भोगराई ब्लॉक के एक जंगल से Tuesday को पांच ओरंगुटान मिलने से उनकी तस्करी और इसमें किसी अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी रैकेट के शामिल होने का शक पैदा हो गया है. पत्रकारों से बात करते हुए, Odisha के वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री गणेश राम सिंह ... Read more
Odisha में 15 दिन में जांची जाएंगी जर्जर इमारतें, खतरनाक ढांचे होंगे ध्वस्त
भुवनेश्वर, आठ सितंबर ओडिशा सरकार ने दो सप्ताह के भीतर राज्य में असुरक्षित इमारतों की पहचान करने के लिए एक टीम का गठन किया है। आवास एवं शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र ने बताया कि इसके बाद संबंधित इमारतों के मालिकों को नोटिस जारी किया जाएगा और बाद में इन ढांचों को ध्वस्त कर दिया जाएगा। मंत्री ने संवाददाताओं से कहा आवास एवं शहरी विकास विभाग ने स्थिति की नए सिरे से समीक्षा की है और अधिकारियों को असुरक्षित पाई गई इमारतों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिणी परिसर के पास लड़कों के लिए पेइंग गेस्ट आवास वाली पांच मंजिला इमारत के ढहने के कुछ दिन बाद हुई है। इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई थी और पांच अन्य घायल हुए थे। महापात्र ने कहा, ‘‘आकलन के आधार पर असुरक्षित पाई गई सभी सरकारी इमारतों की जांच की जा चुकी है और नोटिस भी जारी किए गए हैं। मैंने कल विभाग के साथ स्थिति की फिर से समीक्षा की। असुरक्षित पाई गई इमारतों को ध्वस्त करने के लिए जल्द ही नोटिस जारी किए जाएंगे।’’मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार असुरक्षित ढांचों के खिलाफ सख्त और समय रहते कार्रवाई करेगी। महापात्र ने कहा कि विभाग के अधीन आने वाली असुरक्षित इमारतों के मामले में वह खुद कार्रवाई करेगा, जबकि अन्य विभागों के अंतर्गत आने वाले संबंधित ढांचों की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी जाएगी, ताकि उचित कार्रवाई की जा सके। सरकार ने असुरक्षित निजी इमारतों को भी जारी सुरक्षा आकलन के दायरे में लाने का फैसला किया है। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘व्यापक और समयबद्ध आकलन सुनिश्चित करने के वास्ते 15 दिन के लिए एक जांच और निरीक्षण टीम गठित की गई है। टीम इमारतों का विस्तृत निरीक्षण करेगी, उनकी संरचनात्मक स्थिति की जांच करेगी और निर्धारित अवधि के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।’’महापात्र ने कहा कि खतरनाक या संरचनात्मक रूप से कमजोर स्थिति में पाई जाने वाली इमारतों के मालिकों को नोटिस जारी किए जाएंगे और इसके बाद ऐसी इमारतों को ध्वस्त कर दिया जाएगा।
Scholarship: SC-ST छात्रों की मौज ही मौज, विदेश में पढ़ाई करने के लिए मिल रही है 25 लाख की स्कॉलरशिप
Odisha's Videsh Siksha Bruti Scheme: विदेश में पढ़ाई का सपना अब सच होगा। ओडिशा सरकार SC-ST छात्रों को देशी यूनिवर्सिटीज में PG और PhD के लिए प्रतिवर्ष 25 लाख रुपये तक की स्कॉलरशिप देगी।
सिविल सेवा परीक्षा में 6 अटैम्प्ट की सीमा खत्म, अधिकतम आयु सीमा बढ़कर हुई 42 साल
Odisha Civil Services Exam: ओडिशा सरकार ने सिविल सेवा परीक्षा में 6 अटैम्प्ट की सीमा समाप्त कर दी है। साथ ही, ओपीएससी व अन्य सरकारी नौकरियों में अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 42 वर्ष कर दी गई है।
Odisha 10th Result 2024: सुबह 10 बजे जारी होगा 10वीं का रिजल्ट, यहां मिलेगा डायरेक्ट लिंक
Odisha 10th Result 2024: बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन, ओडिशा बीएसई ओडिशा मैट्रिक यानी कक्षा 10वीं का रिजल्ट सुबह 10 बजे जारी होगा। छात्र अपने स्कोरकार्ड सुबह 11.30 बजे से देख सकेंगे। जानें- कैसे चेक करना

