ओडिशा में बाढ़ से घिरे गांव तक नौसेना ने हेलीकॉप्टरों से पहुंचाई राहत सामग्री
New Delhi, 1 नवंबर Odisha में चक्रवात अर्नब के बाद बाढ़ से लोग प्रभावित हुए हैं. प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए भारतीय नौसेना का अभियान लगातार…
ओडिशा सरकार ने उन 12 लोगों की तलाश तेज कर दी है, जो एक दिन पहले चक्रवात अर्नब के कारण हुई बारिश से गंजाम और कंधमाल जिलों की सीमा पर स्थित एक गांव में हुए भूस्खलन के बाद लापता हो गए थे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बचाव दल रविवार से मलबे में दबे लोगों का पता लगाने के लिए भारतीय नौसेना के एक अत्याधुनिक उपकरण का इस्तेमाल करेगा। दुर्गम पहाड़ी और वन क्षेत्र में शुक्रवार रात से ही तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इसमें राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ), विशेष अभियान समूह (एसओजी), रेलवे, भारतीय नौसेना और ओडिशा पुलिस के अग्निशमन दल के करीब 170 कर्मी संयुक्त रूप से शामिल हैं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने स्थिति की समीक्षा करने के बाद अधिकारियों को भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में जारी तलाशी अभियान में नौसेना की ‘सीस्मिक लाइफ डिटेक्शन यूनिट’ और रेलवे के ‘चेन पुली सिस्टम’ जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया। विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) राजेश पी. पाटिल के अनुसार, भारतीय नौसेना का एक हेलीकॉप्टर प्रभावित गिड़ीपबाली गांव के निकट जी. उदयगिरि कस्बे में तीन अत्याधुनिक तलाश उपकरण लेकर पहुंचा, जिनमें ‘सीस्मिक लाइफ डिटेक्शन यूनिट’, ‘वाइब्रेशन डिटेक्शन यूनिट’ और ‘विक्टिम लोकेशन कैमरा’ शामिल हैं। एसआरसी ने कहा, हालांकि, खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर नीचे नहीं उतर सका। उपकरण सड़क मार्ग से भेजे जा रहे हैं और रविवार सुबह शुरुआती घंटों में इस्तेमाल के लिए उपलब्ध हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बचाव कार्य में भी कठिनाई आ रही है। तलाश अभियान में तेजी लाने के लिए विशेषज्ञों से परामर्श कर सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लापता लोगों की तलाश को प्राथमिकता देने और लोगों की जान बचाने पर विशेष ध्यान देने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा, ‘‘लोगों की सुरक्षा और उनकी जान बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।’’आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से बातचीत की और बचाव अभियान में रेलवे का सहयोग मांगा। मंत्रालय ने इस संबंध में सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि गंजाम समेत बाढ़ प्रभावित जिलों में बचाव एवं राहत अभियान तेज कर दिए गए हैं और लोगों की सुरक्षा तथा कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। माझी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। प्रशासन और बचाव दल प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।’’वहीं, विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव के कारण ओडिशा के कंधमाल जिले में हुए भूस्खलन की घटना में कई लोगों की जान जाने और अनेक लोगों के लापता होने की खबर से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि लोगों को बचाने के लिए सभी आवश्यक कदम तत्काल उठाए जाएं और जनजीवन सामान्य बनाने की दिशा में प्रयास तेज किए जाये।’’गिड़ीपबाली गांव में भूस्खलन से बचकर निकले 13 लोगों ने कंधमाल जिले के जी. उदयगिरि के निकट एक राहत केंद्र में शरण ली है। कंधमाल के जिलाधिकारी वेदभूषण ने बताया कि इन लोगों में दो बच्चे भी शामिल हैं। राहत केंद्र में मौजूद रीनीमा मलिक ने कहा, पहाड़ी से भारी मात्रा में कीचड़ और मलबा तेजी से नीचे आया, जिसने घरों को अपनी चपेट में लेकर पूरे गांव को तबाह कर दिया। मलिक ने कहा, हममें से कुछ लोग किसी तरह वहां से भागने में सफल रहे और बाकी लोग भी हमारे पीछे आ रहे थे, लेकिन वे यहां तक नहीं पहुंच सके। एक अन्य जीवित बची महिला सौदामिनी मलिक ने बताया कि उनके कुछ रिश्तेदार अब भी लापता हैं। उन्होंने प्रशासन से उनकी जान बचाने की अपील की। उन्होंने दावा किया, जो लोग बचकर निकले हैं, उन सभी को पत्थरों की चोट लगने से चोटें आई हैं। जी. उदयगिरि के प्रखंड विकास अधिकारी सत्यनारायण मिश्रा ने बताया कि घायल महिलाओं समिता मलिक और मनीमा प्रधान को स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। गंजाम के जिलाधिकारी वी. कीर्ति वासन ने कहा कि आस्का और जिले के अन्य हिस्सों में राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा, स्थिति सामान्य करने के लिए समन्वित प्रयासों के चलते आस्का में हालात में सुधार हो रहा है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार शाम तक पेयजल के 10 टैंकर और लगभग 30,000 बोतलें वितरित की गई थीं।
cyclone arnab odisha andhra pradesh flood damage relief operations- चक्रवात अर्नब: ओडिशा के गंजम-गजपति में बाढ़ के हालात सुधरे, आंध्र प्रदेश में 4,764 करोड़ के नुकसान का अनुमान
Cyclone Arnab के बाद आ रहा एक और तूफान, Odisha से Delhi तक मचाएगा तबाही ! | IMD Alert
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Odisha के गिड़ीपबाली में Landslide के बाद 12 लोग लापता, 170 बचावकर्मी खोज में जुटे
ओडिशा सरकार ने गंजाम और कंधमाल जिलों की सीमा पर स्थित एक गांव में बारिश के कारण हुए भूस्खलन के बाद लापता हुए 12 लोगों की तलाश के लिए एक अभियान शुरू किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। विशेष राहत आयुक्त राजेश पी. पाटिल ने बताया कि लापता लोगों का पता लगाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) और विशेष अभियान समूह (एसओजी) के कुल 170 कर्मियों को तैनात किया गया है। पाटिल ने शनिवार को यहां संवाददाताओं से कहा, पहाड़ी पर स्थित इस गांव में 26 लोग रहते थे। इनमें से 13 लोग भूस्खलन से बचकर निकलने में सफल रहे, जबकि 13 लापता हो गए। लापता लोगों में से एक का पता लगा लिया गया है, जबकि अन्य का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। शुक्रवार रात से ही तलाशी अभियान जारी है। गंजाम जिले के भंजनगर ब्लॉक के बैबली पंचायत अंतर्गत गिड़ीपबाली गांव में हुआ भूस्खलन चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण लगातार हुई बारिश के दौरान हुई ऐसी 10 घटनाओं में से एक था। भारी बारिश के कारण राज्य के दक्षिणी हिस्से के सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए। विशेष राहत आयुक्त ने बताया कि शुक्रवार को कंधमाल जिले में भूस्खलन की एक घटना में नौ महीने के बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि गजपति जिले में भी एक व्यक्ति का शव बरामद किया गया। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि गंजाम समेत बाढ़ प्रभावित जिलों में बचाव एवं राहत अभियान तेज कर दिए गए हैं और लोगों की सुरक्षा तथा कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। माझी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। प्रशासन और बचाव दल प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।’’वहीं, विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव के कारण ओडिशा के कंधमाल जिले में हुए भूस्खलन की घटना में कई लोगों की जान जाने और अनेक लोगों के लापता होने की खबर से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि लोगों को बचाने के लिए सभी आवश्यक कदम तत्काल उठाए जाएं और जनजीवन सामान्य बनाने की दिशा में प्रयास तेज किए जाये।’’गिड़ीपबाली गांव में भूस्खलन से बचकर निकले 13 लोगों ने कंधमाल जिले के जी. उदयगिरि के निकट एक राहत केंद्र में शरण ली है। कंधमाल के जिलाधिकारी वेदभूषण ने बताया कि इन लोगों में दो बच्चे भी शामिल हैं। राहत केंद्र में मौजूद रीनीमा मलिक ने कहा, पहाड़ी से भारी मात्रा में कीचड़ और मलबा तेजी से नीचे आया, जिसने घरों को अपनी चपेट में लेकर पूरे गांव को तबाह कर दिया। मलिक ने कहा, हममें से कुछ लोग किसी तरह वहां से भागने में सफल रहे और बाकी लोग भी हमारे पीछे आ रहे थे, लेकिन वे यहां तक नहीं पहुंच सके। एक अन्य जीवित बची महिला सौदामिनी मलिक ने बताया कि उनके कुछ रिश्तेदार अब भी लापता हैं। उन्होंने प्रशासन से उनकी जान बचाने की अपील की। उन्होंने दावा किया, जो लोग बचकर निकले हैं, उन सभी को पत्थरों की चोट लगने से चोटें आई हैं। जी. उदयगिरि के प्रखंड विकास अधिकारी सत्यनारायण मिश्रा ने बताया कि घायल महिलाओं समिता मलिक और मनीमा प्रधान को स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। गंजाम के जिलाधिकारी वी. कीर्ति वासन ने कहा कि आस्का और जिले के अन्य हिस्सों में राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा, स्थिति सामान्य करने के लिए समन्वित प्रयासों के चलते आस्का में हालात में सुधार हो रहा है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार शाम तक पेयजल के 10 टैंकर और लगभग 30,000 बोतलें वितरित की गई थीं।
बाढ़ के बीच Odisha Civil Service मुख्य परीक्षा तय समय पर, परीक्षार्थियों को मुफ्त परिवहन देगी सरकार
ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण हुई भारी बारिश से आई बाढ़ के बावजूद ओडिशा सिविल सेवा (ओसीएस) की मुख्य परीक्षा स्थगित नहीं की जाएगी और राज्य सरकार प्रभावित इलाकों के अभ्यर्थियों के लिए परिवहन की व्यवस्था करेगी। कांग्रेस ने चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए दक्षिणी जिलों में 31 अक्टूबर से सात नवंबर तक निर्धारित इस परीक्षा को स्थगित करने की मांग की थी। इस मांग को खारिज करते हुए पुजारी ने शुक्रवार को कहा, ‘‘यदि ओडिशा लोक सेवा आयोग (ओपीएससी) की ओर से आयोजित ओसीएस परीक्षा स्थगित की जाती है, तो इसे दोबारा आयोजित करने में कम से कम छह महीने का समय लगेगा। जो अभ्यर्थी पहले ही परीक्षा की तैयारी कर चुके हैं, उन्हें इससे निराशा होगी।”मंत्री ने कहा, ‘‘हमने पाया है कि गंजाम जिले के 325 और गजपति जिले के करीब 100 अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने की उम्मीद है इसलिए हमने बाढ़ या बारिश से प्रभावित जिलों के सभी प्रखंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को निर्देश दिया है कि वे अभ्यर्थियों के घर से परीक्षा केंद्र तक आने-जाने के लिए निर्बाध और निशुल्क परिवहन सुनिश्चित करें।”इस बीच, विपक्षी दल बीजू जनता दल (बीजद) ने सरकार के इस फैसले को “अन्यायपूर्ण” और “अमानवीय” करार दिया। बीजू छात्र जनता दल की अध्यक्ष इप्सिता साहू ने कहा कि बाढ़ के कारण सैकड़ों अभ्यर्थियों के फंसे होने के बावजूद ओसीएस की मुख्य परीक्षा आयोजित करने का राज्य सरकार का फैसला “अस्वीकार्य” है। उन्होंने कहा कि गंजाम जिले में ऋषिकुल्या नदी में बाढ़ आने के कारण गंजाम और गजपति जिलों के बड़े इलाके जलमग्न हो गए हैं। इससे लाखों अन्य लोगों के साथ-साथ सैकड़ों अभ्यर्थी भी फंसे हुए हैं। उन्होंने राज्य सरकार से स्थिति से निपटने के लिए उचित कदम उठाने का आग्रह किया। इससे पहले, कांग्रेस सांसद सप्तगिरि शंकर उलाका ने चक्रवात के कारण उत्पन्न बाधाओं को देखते हुए कोरापुट जिले के जयपुर परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा की तारीखें फिर से निर्धारित करने का ओपीएससी से आग्रह किया था।
ओडिशा बाढ़ संकट: विपक्ष का सरकार पर निशाना, चक्रवात की चेतावनी के बावजूद तैयारी नहीं होने का आरोप
भुवनेश्वर, 30 अक्टूबर . Odisha के गंजाम और गजपति जिलों में आई भीषण बाढ़ के बीच विपक्षी दल बीजू जनता दल (बीजेडी) और कांग्रेस ने Friday को राज्य…
ओडिशा : सीएम माझी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया हवाई सर्वेक्षण, राहत कार्य तेज करने के दिए निर्देश
भुवनेश्वर, 30 अक्टूबर . Odisha के Chief Minister मोहन चरण माझी ने Friday को राज्य के गंजाम और गजपति जिलों के प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया, ताकि…
चक्रवात अर्नब के बाद ओडिशा की स्थिति पर राष्ट्रपति ने की सीएम मोहन चरण माझी से बात
भुवनेश्वर, 30 अक्टूबर . President द्रौपदी मुर्मु ने चक्रवात अर्नब और उसके बाद आई बाढ़ की स्थिति को लेकर Odisha के Chief Minister मोहन चरण माझी से टेलीफोन…
चक्रवात ‘अर्नब’: ओडिशा के गंजाम और गजपति में भीषण बाढ़ से हजारों लोग फंसे
भुवनेश्वर, 30 अक्टूबर . चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के कारण हुई लगातार बारिश से Odisha के गंजाम और गजपति जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. असाधारण…
Kotia सीमा पर Andhra Pradesh के पंचायत चुनाव का Odisha के सभी दल करेंगे विरोध
ओडिशा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सभी विपक्षी दलों ने विवादित कोटिया क्षेत्र में पंचायत चुनाव कराने के आंध्र प्रदेश सरकार के कदम का सामूहिक विरोध करने का फैसला किया है। नेताओं ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। आंध्र प्रदेश और ओडिशा की सीमा पर पूर्वी घाट की खूबसूरत पहाड़ियों में बसे कोटिया क्षेत्र के गांवों को लेकर दशकों पुराना क्षेत्रीय विवाद अक्सर चुनावों के दौरान सामने आता है। दोनों राज्य इस क्षेत्र पर अपना अधिकार जताते हैं और यह मामला फिलहाल उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है। इन गांवों के लोगों को दोहरी मतदान की सुविधा प्राप्त है, जिसके तहत वे दोनों राज्यों में मतदान कर सकते हैं। यह विवादित क्षेत्र ओडिशा के कोरापुट जिले के अंतर्गत आता है। जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जो लोग निषेधाज्ञा का उल्लंघन करेंगे या ग्रामीणों को मतदान में भाग लेने के लिए उकसाएंगे, उनके खिलाफ गिरफ्तारी सहित सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आंध्र प्रदेश के इस कदम का संयुक्त रूप से विरोध करने का फैसला बृहस्पतिवार को हुई सर्वदलीय बैठक में लिया गया। इस बैठक में सभी प्रमुख दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। इसकी अध्यक्षता कोरापुट के जिलाधिकारी मनोज सत्यवान महाजन ने की। बैठक में सभी ने ओडिशा के क्षेत्रीय हितों की रक्षा करने पर सर्वसम्मति से सहमति जताई। जयपुर से कांग्रेस विधायक तारा प्रसाद बहिनीपति ने कहा कि कोटिया की क्षेत्रीय स्थिति को लेकर ‘‘कोई समझौता नहीं’’ किया जाएगा। कोरापुट से बीजू जनता दल (बीजद) के पूर्व सांसद झीना हिकाका ने कहा कि विभिन्न दलों के नेता संयुक्त रूप से विवादित गांवों का दौरा करेंगे और जरूरत पड़ने पर वहां डेरा डालेंगे, ताकि आंध्र प्रदेश को चुनाव कराने से रोका जा सके। भाजपा विधायक रघुराम माछा ने कहा कि राज्य सरकार ओडिशा के हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है और उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से सहयोग मांगा। जिलाधिकारी ने कहा, ‘‘क्षेत्र में अनधिकृत गतिविधियों को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा एक नवंबर से लागू होगी।’’चुनाव से पहले लोगों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए संवेदनशील सीमावर्ती गांवों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और रणनीतिक स्थानों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन लोगों का विश्वास मजबूत करने के लिए विकास संबंधी पहलों पर भी ध्यान दे रहा है और ग्रामीणों की शिकायतों का समाधान कर रहा है।
चक्रवात ‘अर्नब’ से तबाही पर खड़गे और प्रियंका गांधी ने जताई चिंता, कार्यकर्ताओं से मदद की अपील
New Delhi, 30 अक्टूबर . कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने Friday को आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्नब से हुई तबाही और Odisha…
Odisha Police SI Exam: आयोग ने बढ़ाई आवेदन विवरण सत्यापन की तारीख, अब 8 नवंबर तक मौका
‘ओडिशा यूनिफॉर्म्ड सर्विसेज स्टाफ सिलेक्शन कमीशन’ ने पुलिस उप निरीक्षक (एसआई) के पदों पर भर्ती के लिए आयोजित होने वाली परीक्षा के आवेदन संबंधी विवरण को अद्यतन करने और सत्यापित करने की अंतिम तारीख 10 दिन बढ़ा दी है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। राज्य सरकार के मुताबिक, ऑनलाइन आवेदन अद्यतन और सत्यापन की सुविधा आयोग की वेबसाइट पर आठ नवंबर को रात 11 बजे तक उपलब्ध रहेगी। आयोग ने संयुक्त पुलिस सेवा परीक्षा-2024 के एसआई स्तर के लिए आवेदन करने वाले सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे बढ़ाई गई समय-सीमा के भीतर अपनी व्यक्तिगत जानकारी और आवेदन संबंधी विवरण अद्यतन कर उनका सत्यापन कर लें। इससे पहले अंतिम तारीख 29 अक्टूबर निर्धारित की गई थी। बयान में कहा गया है कि अभ्यर्थियों की ओर से अद्यतन और सत्यापित किए गए विवरण को परीक्षा के आगे के सभी चरणों और संबंधित प्रक्रियाओं के लिए अंतिम माना जाएगा। आयोग ने सभी अभ्यर्थियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी है। साथ ही स्पष्ट किया है कि अंतिम तारीख आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। दरअसल पुलिस उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा पिछले साल अक्टूबर में आयोजित होनी थी लेकिन चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का पता चलने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इस कथित घोटाले में 120 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार आरोपियों में 110 से अधिक नौकरी के अभ्यर्थी, कई बिचौलिए आदि शामिल थे।
चक्रवात ‘अर्नब’ के बीच तटरक्षक बल का हेलीकॉप्टर से बचाव अभियान
New Delhi, 29 अक्टूबर . Odisha में चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव के बीच भारतीय तटरक्षक बल ने मुश्किल हालात में हवाई बचाव अभियान चलाया है. इस राहत व…
Cyclone Arnab: Odisha के गंजाम में बाढ़ पीड़ितों को निकालने में जुटा Coast Guard
भारतीय तटरक्षक बल ने ओडिशा के गंजाम जिले में चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण हुई भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ में फंसे लोगों को हवाई मार्ग से निकालने का अभियान बृहस्पतिवार को शुरू किया। वहीं, ओडिशा सरकार ने चक्रवात से सर्वाधिक प्रभावित दो जिलों-गंजाम और गजपति में बचाव कार्यों के लिए विभिन्न आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों की 79 टीम तैनात की हैं। मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बताया कि गंजाम जिले के लगभग 300 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 70 गांव जलमग्न हो गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ मिलकर हवाई मार्ग से लोगों को सुरक्षित निकालने की व्यवस्था कर रही है। विशेष राहत आयुक्त राजेश पी पाटिल ने बताया राष्ट्रीय राजमार्ग का एक हिस्सा बह जाने और ट्रेन सेवाएं बाधित होने के बीच भारतीय तटरक्षक बल के एक हेलीकॉप्टर ने बृहस्पतिवार दोपहर अपनी पहली उड़ान पूरी की और इसके बाद बचाव कार्य जारी रखा। गर्ग ने चक्रवात से हुई तबाही के बारे में बताया कि बाढ़ ने गंजाम जिले के 299 गांवों को प्रभावित किया है और सरकार ने राज्य के बाकी हिस्सों से कटे 70 गांवों से 2,328 लोगों को वायु मार्ग से सुरक्षित सथान पर पहुंचाने का काम शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की तीन टीम, ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएफ) की 27 टीम और अग्निशमन सेवा की 24 टीम ने जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों से 11,882 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। गर्ग के मुताबिक, गजपति जिले में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ से 711 गांव प्रभावित हुए हैं तथा वहां तैनात 25 बचाव दलों ने 17,441 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। सरकार ने घोषणा की है कि इन दो जिलों में आंगनवाड़ी केंद्र और शिक्षण संस्थान 31 अक्टूबर तक बंद रहेंगे। अधिकारियों ने बताया कि गंजाम जिले का सोरड़ा सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में शामिल है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिनों से मूसलाधार बारिश के कारण रुशिकुल्या नदी उफान पर है, जिससे आसपास के कस्बों और गांवों में बाढ़ का पानी दाखिल हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, आस्का में नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, जबकि दिगपहांडी और चिकिटी प्रखंडों में भी लगातार बारिश से बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। गर्ग ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में गंजाम और गजपति में इतनी बारिश हुई है, जितनी कभी-कभी इस क्षेत्र में पूरे साल में होती है। राज्य राहत आयुक्त के कार्यालय के मुताबिक, बृहस्पतिवार सुबह तक गंजाम जिले के पात्रपुर में 546 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि कंधमाल जिले के जी उदयगिरि में 462.4 मिलीमीटर, सनाखेमुंडी में 388 मिलीमीटर, रायिकिया में 384.8 मिलीमीटर और सोरड़ा में 375 मिलीमीटर वर्षा हुई। कार्यालय के अनुसार, गंजाम के चिकिटी में 309.2 मिलीमीटर और गजपति के मोहना में 307.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। गर्ग ने कहा, ‘‘नदियां उफान पर हैं, जिससे नौकाओं का संचालन मुश्किल हो रहा है। गंजाम में करीब 42,500 और गजपति में लगभग 20,000 लोग प्रभावित हुए हैं।’’ओडिशा के परिवहन मंत्री बिभूति भूषण जेना ने कहा कि जलमग्न इलाकों में फंसे अधिकतर लोग सनाखेमुंडी और आस्का प्रखंडों के गांवों के हैं। राज्य के मुख्य अभियंता दिलीप कुमार राउत ने बताया कि पुरुषोत्तमपुर में रुशिकुल्या नदी का जलस्तर 19 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 16.8 मीटर है। उन्होंने जलस्तर में और वृद्धि होने की आशंका जताई। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण गंजाम, गजपति और कंधमाल जिलों में भूस्खलन की घटनाए भी सामने आई हैं। मुख्य सचिव ने बताया कि पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में भारी बारिश के कारण एक रेलवे पुल पानी में डूब गया, जिससे दोनों ओर ट्रेन की आवाजाही रुक गई। उन्होंने बताया कि अधिकारी वहां फंसे यात्रियों को सड़क मार्ग से निकालने की योजना बना रहे हैं और ऐसा संभव नहीं होने पर यात्रियों को आसपास के रेलवे स्टेशन पर ठहराकर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। गजपति जिले के मोहना प्रखंड में राष्ट्रीय राजमार्ग-326 का करीब 300 मीटर हिस्सा बह गया, जिससे गंजाम जिले से संपर्क टूट गया है। एक अधिकारी ने बताया कि बारिश और जलभराव को देखते हुए गजपति जिला प्रशासन ने स्कूलों में अवकाश 31 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चक्रवात के प्रभाव, प्रभावित जिलों की स्थिति और राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी है। माझी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि शाह ने ओडिशा को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का सहयोग प्रभावित परिवारों की मदद करने और राहत, पुनर्वास एवं बहाली कार्यों में तेजी लाने के प्रयासों को मजबूत करेगा।
दक्षिण ओडिशा में साइक्लोन अर्नब का कहर, बचाव अभियान तेज किए गए
भुवनेश्वर, 29 अक्टूबर . Odisha Government ने भीषण चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण हुई अत्यधिक भारी बारिश और उसके बाद आई भीषण बाढ़ के मद्देनजर गंजाम और गजपति जिलों…
चक्रवात ‘अर्नब’ के मद्देनजर ओडिशा को सहायता के आश्वासन पर सीएम माझी ने अमित शाह का जताया आभार
भुवनेश्वर, 29 अक्टूबर . Odisha के Chief Minister मोहन चरण माझी ने ‘अर्नब’ चक्रवात से हुए नुकसान की भरपाई के लिए हर संभव मदद का आश्वासन देने पर…
चक्रवात ‘अर्नब’ को लेकर अमित शाह ने 4 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से की बात, हरसंभव मदद का दिया भरोसा
New Delhi, 29 अक्टूबर . केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चक्रवात अर्नब के मद्देनजर आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, Odisha और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से बात की और आपदा…
Odisha News: चक्रवात अर्नब के खतरे के बीच चिलिका झील में फेरी और नाव सेवाएं निलंबित
27 अक्टूबर, मंगलवार: ओडिशा की चिलिका झील में चक्रवात अर्नब के खतरे के बीच फेरी और नाव सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से ओडिशा के कई इलाकों में तेज हवाओं और भारी बारिश की आशंका है।
Odisha Cyclone: चक्रवात 'अर्नव' को लेकर ओडिशा में हाई अलर्ट, बचाव कार्य के लिए 294 टीमें तैनात
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान अर्नव अति भीषण चक्रवाती तूफान में बदल गया है, जिसके चलते ओडिशा सरकार ने आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं।
OUSSSC recruitment 2026: 7,268 पदों पर निकली भर्ती, इस तरह करें आवेदन
PC: KALINGATV ओडिशा यूनिफ़ॉर्म्ड सर्विसेज़ स्टाफ़ सिलेक्शन कमीशन (OUSSSC) ने कंबाइंड यूनिफ़ॉर्म्ड सर्विसेज़ (ग्रेजुएट लेवल से नीचे) परीक्षा के लिए एक नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती में कांस्टेबल (सिविल), कांस्टेबल (कम्युनिकेशन), कांस्टेबल OISF, फायरफाइटर, फायरफाइटिंग ड्राइवर, ड्राइवर PMT और ट्रैफिक कांस्टेबल पदों के लिए 7,268 वैकेंसी हैं। एप्लीकेशन प्रोसेस 23 अक्टूबर को शुरू हुआ था और भर्ती के लिए अप्लाई करने की आखिरी तारीख 12 नवंबर रात 10 बजे तक है। कैंडिडेट्स को अपने एप्लीकेशन जमा करने से पहले एलिजिबिलिटी की शर्तें और डिटेल्ड नोटिफिकेशन देख लेना चाहिए। ज़रूरी तारीखें: नोटिफिकेशन की तारीख: 23 अक्टूबर एप्लीकेशन शुरू होने की तारीख: 23 अक्टूबर रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख: 12 नवंबर फीस पेमेंट की आखिरी तारीख: 13 नवंबर एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: कॉन्स्टेबल (सिविल): कैंडिडेट्स ने हायर सेकेंडरी (क्लास 12) परीक्षा या इसके बराबर की क्वालिफिकेशन पास की हो। कॉन्स्टेबल (कम्युनिकेशन): एप्लीकेंट्स के पास बताई गई साइंस क्वालिफिकेशन होनी चाहिए या उनके पास एलिजिबल इंजीनियरिंग डिप्लोमा होना चाहिए। कॉन्स्टेबल OISF: कैंडिडेट्स का क्लास 10 पास होना ज़रूरी है। फायरफाइटर और ट्रैफिक कांस्टेबल: एप्लिकेंट्स का क्लास 12 या इसके बराबर का एग्जाम पास होना ज़रूरी है। एज लिमिट भी पोस्ट के हिसाब से अलग-अलग होती है। कैंडिडेट्स को लागू एज क्राइटेरिया, छूट और दूसरी शर्तों के लिए डिटेल्ड एडवर्टाइजमेंट देखना चाहिए। अप्लाई कैसे करें: ऑफिशियल वेबसाइट ousssc.odisha.gov.in पर जाएं। कंबाइंड यूनिफॉर्म्ड सर्विसेज (बेलो ग्रेजुएट लेवल) एग्जामिनेशन 2026 के लिए रिक्रूटमेंट सेक्शन या लेटेस्ट नोटिफिकेशन खोलें। डिटेल्ड एडवर्टाइजमेंट पढ़ें और पसंदीदा पोस्ट के लिए एलिजिबिलिटी की ज़रूरतें चेक करें। ज़रूरी डिटेल्स का इस्तेमाल करके ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरा करें। लॉग इन करें और पर्सनल और एजुकेशनल जानकारी के साथ एप्लीकेशन फॉर्म भरें। बताए गए फॉर्मेट में ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। लागू एग्जामिनेशन फीस पे करें और फॉर्म में भरी गई सभी डिटेल्स चेक करें। एप्लीकेशन सबमिट करें और भविष्य के रेफरेंस के लिए कन्फर्मेशन पेज की एक कॉपी सेव कर लें।
8 अक्टूबर, गुरुवार: पुरी में सैंड आर्ट छात्रों ने 15 मिनट की सैंड एनिमेशन बनाकर दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी।

