Suvendu Adhikari ने CJP पर साधा निशाना, लोगों से PM Modi के साथ खड़े होने की अपील की
पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साथ देने की अपील की। इस दौरान उन्होंने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) पर एक और तंज कसा, और जिन्हें वे 'दिमागी नक्सल' और 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' कहते हैं, उन पर निशाना साधा। अधिकारी ने CJP पर अपना हमला और तेज करते हुए कहा कि PM मोदी के साथ खड़े हों, 'दिमागी नक्सल', 'टुकड़े-टुकड़े' गैंग और कॉकरोचों को पनपने न दें। एक दिन पहले ही उन्होंने CJP के कथित प्रभाव की तुलना कीड़ों और कोरोनावायरस के फैलने से की थी। इसे भी पढ़ें: चक्रवात की आहट: Odisha के 6 जिलों में पर्यटन स्थलों पर लगा प्रतिबंध पश्चिम बंगाल में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल की पिछली सरकार को राष्ट्रवाद की कोई समझ नहीं थी, वह तुष्टीकरण की राजनीति करती थी और राज्य को 'ग्रेटर बांग्लादेश' में बदलने की योजना बना रही थी। उन्होंने आगे कहा कि यही वजह है कि उन्होंने राज्य के लिए एक अलग गीत बनाया, एक झंडा तैयार किया और बांग्लादेश के 'जय बांग्ला' नारे को अपना लिया। रविवार को रामनगर में बोलते हुए अधिकारी ने छात्रों के बीच राष्ट्रवाद की भावना जगाने के लिए शैक्षणिक संस्थानों में हर साल भाषण, क्विज़ और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कॉकरोच, खटमल और 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' जैसी बुराइयां - जो कोरोनावायरस की तरह फैलने की कोशिश कर रही हैं - उन पर 'हिट' (कीड़े-मकोड़े मारने वाला स्प्रे) छिड़कने की ज़रूरत ही नहीं पड़ती अगर वे फैलने की कोशिश न करतीं। अधिकारी ने वामपंथी दलों और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 15 साल के शासन पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दोनों बंगाल की विरासत और संस्कृति को कमज़ोर करने की कोशिश कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: कन्नड़ लोगों को नौकरी से दूर रखा तो एक्शन होगा, Bengaluru IT Sector को DK Shivakumar की दो टूक उन्होंने कहा कि नास्तिक कम्युनिस्टों के 34 साल लंबे शासन और (TMC के) 15 साल के कार्यकाल ने लोगों की विरासत और संस्कृति को मिटाने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली TMC सरकार ने शिक्षण संस्थानों में नेशनल कैडेट कोर (NCC) में नामांकन रोकने की कोशिश की और उसकी जगह 'जय हिंद वाहिनी' शुरू कर दी।
चक्रवात की आहट: Odisha के 6 जिलों में पर्यटन स्थलों पर लगा प्रतिबंध
ओडिशा सरकार ने चक्रवाती तूफान के मद्देनजर समुद्र में मछली पकड़ने पर रोक लगा दी है और छह जिलों में पहाड़ियों, झरनों तथा बांधों पर पर्यटकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान के अगले 48 घंटों में पड़ोसी आंध्र प्रदेश के तट पर पहुंचने की आशंका है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने दक्षिणी क्षेत्र के संवेदनशील जिलों गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, मलकानगिरि, कोरापुट और नबरंगपुर में संसाधनों को सक्रिय कर दिया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने चक्रवात से पहले की तैयारियों की निगरानी के लिए आठ मंत्रियों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ), अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं तथा पुलिस के बचाव दलों को संवेदनशील इलाकों में पहले से तैनात किया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार सुबह जारी बुलेटिन में बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव पिछले छह घंटों में 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लगभग पश्चिम की ओर बढ़ा और चक्रवाती तूफान में बदल गया। इसके 26 अक्टूबर की मध्यरात्रि तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर गंभीर चक्रवाती तूफान और 27 अक्टूबर को अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है। विभाग के अनुसार, तूफान के बुधवार को आंध्र प्रदेश के तट पर आने की संभावना है। ओडिशा के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि भले ही तूफान के आंध्र प्रदेश के तट पर पहुंचने का अनुमान है, लेकिन ओडिशा सरकार किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती और हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि तट से टकराने के बाद मौसम प्रणाली के ओडिशा के कुछ इलाकों की ओर बढ़ने का अनुमान है। मंत्री ने बताया कि खराब मौसम की आशंका के कारण छह संवेदनशील जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। इन जिलों में सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और राहत एवं बचाव कार्यों के समन्वय के लिए नियंत्रण कक्ष खोले गए हैं। कृषि विभाग ने किसानों को 80 से 85 प्रतिशत तक पक चुकी फसलों की कटाई कर उन्हें सुरक्षित रखने की सलाह दी है। किसानों की सहायता के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर भी शुरू किए गए हैं।
बंगाल की खाड़ी में चक्रवात 'अर्नब' (Arnab) तेज हो रहा है। इसे देखते हुए आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) और ओडिशा (Odisha) में अलर्ट जारी किया गया है। PTI की रिपोर्ट के अनुसार, तूफान 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है। इससे कई इलाकों में तेज हवाएं चलने और भारी बारिश होने की आशंका है। दोनों राज्यों की सरकारें लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम कर रही हैं।भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव वाला क्षेत्र 26 अक्टूबर को चक्रवात में बदल गया। आगे बढ़ते समय तूफान की ताकत और दिशा में ये बदलाव हो सकता है: आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश के तट पर बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तूफान के पहुंचने की संभावना जताई गई है। चक्रवात के रास्ते और ताकत को लेकर मौसम विभाग लगातार नजर रख रहा है। आंध्र प्रदेश में लोगों की सुरक्षा के लिए उठाए गए ये कदमराज्य सरकार ने चक्रवात के खतरे को देखते हुए सभी जिलों को सतर्क रहने को कहा है। प्रशासन लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाने और बिजली जैसी जरूरी सुविधाएं चालू रखने की तैयारी कर रहा है। लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाना: प्रशासन ने करीब 5.7 लाख लोगों की पहचान की है, जो चक्रवात से प्रभावित हो सकते हैं। इन्हें सुरक्षित जगह पहुंचाने का काम सोमवार शाम से शुरू किया गया। जिलों में अलर्ट: मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सभी जिलों को सतर्क रहने और लोगों की जान बचाने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है। बिजली की व्यवस्था: मंत्री जी. रवि कुमार ने बिजली कंपनियों को बिजली चालू रखने और तूफान के बाद जल्द आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए हैं। मछुआरों को चेतावनी: समुद्र में मछली पकड़ने गई नावों को वापस लौटने के लिए कहा गया है। अस्पताल और कंट्रोल रूम: खतरे वाले इलाकों की गर्भवती महिलाओं को पहले ही अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। चक्रवात पर नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं। ओडिशा सरकार ने भी किए पुख्ता इंतजामओडिशा सरकार ने भी चक्रवात से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर वहां की तैयारियों के बारे में जानकारी ली और अलग-अलग विभागों को जरूरी काम सौंपे हैं। स्कूल-कॉलेज बंद: पांच जिलों में मंगलवार और बुधवार को स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे। अधिकारियों की जिम्मेदारी: आठ मंत्रियों और पांच वरिष्ठ IAS अधिकारियों को हालात पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है। बाढ़ से बचाव: दक्षिणी ओडिशा में भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन सतर्क है। हीराकुंड जलाशय से पहले ही पानी छोड़ने पर भी विचार किया जा रहा है। लोगों की सुरक्षा: सरकार की कोशिश है कि चक्रवात के कारण किसी की जान न जाए। चक्रवात 'अर्नब' नाम किस देश ने दिया?चक्रवात 'अर्नब' का नाम बांग्लादेश ने सुझाया था। उत्तरी हिंद महासागर में आने वाले चक्रवातों के नाम रखने के लिए लिस्ट बनाई गई है। इसे अप्रैल 2020 में विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और संयुक्त राष्ट्र के एशिया-प्रशांत आर्थिक एवं सामाजिक आयोग (UNESCAP) के चक्रवात पैनल ने अपनाया था।इस सूची में 13 देशों के सुझाए गए कुल 169 नाम हैं। हर देश ने 13 नाम दिए हैं। इनमें भारत, बांग्लादेश, ईरान, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, श्रीलंका, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात और यमन शामिल हैं। चक्रवातों के नाम इस लिस्ट के क्रम के हिसाब से रखे जाते हैं।
विशाखापत्तनम, 26 अक्टूबर . India मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने Monday को आंध्र प्रदेश और Odisha के लिए रेड अलर्ट जारी किया है क्योंकि बंगाल की खाड़ी में…
Cyclone Alert: Odisha में भारी बारिश की चेतावनी, सीएम Mohan Majhi ने 8 मंत्रियों को सौंपी जिम्मेदारी
ओडिशा के पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के तट से 28 अक्टूबर को एक प्रचंड चक्रवाती तूफान के टकराने की आशंका के बीच ओडिशा सरकार ने चक्रवात से निपटने की तैयारियां तेज कर दी है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने संवेदनशील जिलों में आठ मंत्रियों को तैनात किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अपने नवीनतम बुलेटिन में बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना अवदाव पिछले छह घंटों के दौरान दक्षिण-पश्चिम की ओर बढ़ा और गहरे अवदाव में तब्दील हो गया। मौसम विभाग के अनुसार, इसके 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम निरंतर रफ्तार और 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ एक ‘बेहद प्रचंड चक्रवाती तूफान’ के रूप में आंध्र प्रदेश में बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट को पार करने की संभावना है। अधिकारियों ने बताया कि इस मौसमी प्रणाली के 28 अक्टूबर को दोपहर से पहले तट से टकराने की उम्मीद है। इसके टकराने का अनुमानित स्थान ओडिशा के गोपालपुर से लगभग 300 किलोमीटर दूर है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि भले ही चक्रवात के आंध्र प्रदेश में तट से टकराने का पूर्वानुमान है, लेकिन ओडिशा सरकार कोई जोखिम नहीं लेगी और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहेगी। उन्होंने अधिकारियों को आम जनता की सुरक्षा, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आपातकालीन उपायों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया तथा राज्य के ‘शून्य जनहानि’ के लक्ष्य को दोहराया। उप मुख्यमंत्री के. वी. सिंह देव को कोरापुट की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि दूसरी उप मुख्यमंत्री प्रवती परिदा रायगड़ा में व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगी। ग्रामीण विकास, पंचायती राज एवं पेयजल मंत्री रबी नारायण नायक को कंधमाल सौंपा गया है, जबकि वाणिज्य एवं परिवहन मंत्री विभूति जेना गंजाम में तैयारियों पर नजर रखेंगे। खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण मंत्री के. सी. पात्रा नवरंगपुर में, स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड मलकानगिरि में, उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज गजपति में और स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग कालाहांडी में मौजूद रहेंगे। अधिकारियों के अनुसार, सभी मंत्री 27 से 29 अक्टूबर तक अपने-अपने आवंटित जिलों में ही रहेंगे। अधिकारियों के अनुसार, चरम मौसमी घटनाओं से निपटने का अनुभव रखने वाले वरिष्ठ अधिकारियों को भी संवेदनशील जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। माझी ने कहा कि चक्रवात के कारण ओडिशा के दक्षिणी और तटीय जिलों में भारी बारिश हो सकती है और 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। उन्होंने कहा कि गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरि के सबसे ज्यादा प्रभावित होने की संभावना है, जबकि अन्य तटीय क्षेत्रों में भी बारिश की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने 28 और 29 अक्टूबर को इन पांचों जिलों में सभी स्कूलों, कॉलेजों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अन्य जिलों के जिलाधिकारी बदलती स्थिति के आधार पर शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का निर्णय लेंगे। उन्होंने बताया कि ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओड्राफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और अग्निशमन सेवाओं की बचाव टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। माझी ने कहा, ओड्राफ की लगभग 60 टीमें और एनडीआरएफ की 17 टीमें तैनात की गई हैं, जबकि अग्निशमन सेवा की 225 टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इस बीच, आईएमडी ने 27 से 29 अक्टूबर तक तीन दिनों के लिए पूरे ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। मौसम विभाग ने 28 अक्टूबर के लिए रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरि, गजपति और गंजाम जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जिसमें अलग-अलग स्थानों पर 20 सेमी से अधिक अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। आईएमडी ने कहा कि गरज के साथ बारिश और 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है। मछुआरों को 24 अक्टूबर से समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
Varanasi News: रग्बी के क्वार्टर फाइनल में ओडिशा ने यूपी को हराया
Odisha defeated UP in the rugby quarter-finals.
बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवात 'अर्णब' के खतरे को देखते हुए TPSODL ने दक्षिण ओडिशा में बिजली आपूर्ति बहाल रखने और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए व्यापक तैयारियां की हैं।
Kotia विवाद: BJD ने PM Modi से हस्तक्षेप की मांग की, Odisha सरकार को घेरा
आंध्र प्रदेश द्वारा विवादित कोटिया गांव समूह में तीन नवंबर को पंचायत चुनाव कराने की अधिसूचना जारी किए जाने के बाद बीजू जनता दल (बीजद) ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की। बीजद के वरिष्ठ नेताओं प्रदीप माझी और भृगु बक्सीपात्रा ने यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में यह मांग रखी। यह संवाददाता सम्मेलन जटनी में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के ‘डेटा सेंटर’ और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन करने के लिए प्रधानमंत्री के राज्य में आगमन से ठीक कुछ घंटे पहले हुआ। प्रदीप माझी ने कहा, “बीजद का सुझाव है कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी प्रधानमंत्री से कोटिया मुद्दे में हस्तक्षेप करने और इसे सुलझाने का अनुरोध करें।”बीजद नेताओं ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री इस मुद्दे को लेकर वास्तव में चिंतित हैं, तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री मोदी के समक्ष इस मामले को उठाना चाहिए। विपक्षी दल के नेताओं ने राज्य की “डबल-इंजन” सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार “ओडिशा के सीमा क्षेत्र में पंचायत चुनाव कराने के आंध्र प्रदेश के अनुचित प्रवेश को रोकने में पूरी तरह विफल रही है।”बक्सीपात्रा ने कहा, “यदि आंध्र प्रदेश तीन नवंबर को कोटिया के गांवों में पंचायत चुनाव कराता है, तो इसके लिए बीजद मुख्यमंत्री को ही जिम्मेदार ठहराएगी। इन चुनावों का होना राज्य की सीमाओं की सुरक्षा की करने में मुख्यमंत्री माझी की विफलता मानी जाएगी।”
ओडिशा में 2.60 करोड़ के घोटाले में वन विभाग का अधिकारी गिरफ्तार
भुवनेश्वर, 25 अक्टूबर . भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए Odisha विजिलेंस ने Sunday को राज्य वन विभाग के सीनियर क्लर्क को 2.60 करोड़ रुपए से अधिक की…
पुरी जिला प्रशासन ने बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवात 'अर्णब' के मद्देनजर चिलिका झील में 26 से 29 अक्टूबर तक सभी नौका परिचालन और फ्लोटिंग जेटी को बंद कर दिया है।
बंगाल की खाड़ी में चक्रवात का खतरा: 28 अक्तूबर को आंध्र तट पहुंचने का अनुमान, राष्ट्रपति का ओडिशा दौरा टला---Bay of Bengal Cyclone Threat: Andhra Pradesh Coast on Alert, President Murmu Odisha Visit Postponed
चक्रवात की आशंका के चलते राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का ओडिशा दौरा एक सप्ताह टला
भुवनेश्वर, 24 अक्टूबर . संभावित चक्रवात को देखते हुए President द्रौपदी मुर्मु का प्रस्तावित Odisha दौरा एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया गया है. पहले यह दौरा…
PM Modi रविवार को Odisha में RBI के 169 करोड़ रुपये के Data Center का करेंगे उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को ओडिशा का दौरा करेंगे और भुवनेश्वर में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के 169 करोड़ रुपये की लागत से बने डेटा सेंटर तथा साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन करेंगे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। कार्यक्रम के अनुसार, मोदी भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से शाम लगभग 4:10 बजे यहां बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचेंगे। हवाई अड्डे से प्रधानमंत्री हेलीकॉप्टर से खुर्दा हेलीपैड जाएंगे और फिर वहां से सड़क मार्ग से जटनी के ‘इन्फो वैली-2’ स्थित आरबीआई केंद्र पहुंचेंगे, जहां उद्घाटन समारोह आयोजित होगा। कार्यक्रम के मुताबिक, वह आरबीआई के डेटा सेंटर में लगभग एक घंटा बिताएंगे और फिर सड़क मार्ग से भुवनेश्वर लौटेंगे। इसके बाद, शाम लगभग 6:30 बजे वह राज्य से रवाना हो जाएंगे। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ओडिशा की विकास यात्रा में एक नया अध्याय जुड़ेगा। प्रधानमंत्री मोदी का ओडिशा दौरा और आरबीआई के अत्याधुनिक डेटा सेंटर का उद्घाटन न केवल राज्य के डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि देश के वित्तीय डेटा की सुरक्षा और डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास को भी नयी गति देगा।’’माझी ने कहा कि आरबीआई के डेटा सेंटर की सफलता का आकलन डिजिटल बुनियादी ढांचे, वित्तीय डेटा की सुरक्षा और जनहित पर इसके दीर्घकालिक प्रभाव के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘2024 में राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री का ओडिशा का यह नौवां दौरा होगा।’’माझी ने बताया कि नवी मुंबई के बाद, जटनी में बना आरबीआई का यह इस तरह का दूसरा डेटा सेंटर होगा। प्रधानमंत्री इससे पहले चार महीने पूर्व राज्य के दौरे पर आए थे और माझी सरकार के दो साल पूरे होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए थे। अधिकारियों ने कहा कि डेटा सेंटर और प्रशिक्षण संस्थान भारत की वित्तीय प्रणाली के तकनीकी आधार को मजबूत करेंगे। आधिकारिक बयान में कहा गया कि इसी तरह, साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान क्षमता निर्माण को बढ़ावा देगा और साइबर सुरक्षा एवं उद्यम प्रौद्योगिकी से जुड़े प्रशिक्षण, अनुसंधान तथा पूरे क्षेत्र में क्षमता विकास के लिए एक समर्पित संस्थागत मंच उपलब्ध कराएगा। इस बीच, प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर राज्य पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।
बंगाल की खाड़ी में उठेगा चक्रवाती तूफान: 28 अक्तूबर को तट से टकराने की आशंका, ओडिशा सरकार ने जारी किया अलर्ट- Cyclonic storm to form in Bay of Bengal Expected to make landfall on October 28 Odisha government issues alert
Odisha: आय से अधिक संपत्ति मामले में सरकारी AEE तपन सेठी गिरफ्तार
ओडिशा सरकार के एक अभियंता से जुड़े सात ठिकानों पर की गई छापेमारी के बाद शुक्रवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास तीन बहुमंजिला इमारतें, एक फार्महाउस, तीन कीमती भूखंड और लगभग 750 ग्राम सोना होने का खुलासा हुआ है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जाजपुर जिले के बडाचना उप-मंडल में सड़क एवं मकान निर्माण विभाग में सहायक अधिशासी अभियंता (एईई) तपन सेठी को आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। उन पर अपनी वैध कमाई से कहीं अधिक संपत्ति जमा करने के आरोप लगे थे। उन्होंने बताया कि कटक, भुवनेश्वर, पुरी और बडाचना में छापेमारी के दौरान सतर्कता विभाग के अधिकारियों को भुवनेश्वर, पुरी और कटक में तीन बहुमंजिला मकान, कटक में एक फार्महाउस, भुवनेश्वर और कटक में तीन कीमती भूखंड और 747 ग्राम सोना मिला। अधिकारियों के अनुसार, तलाशी के दौरान बैंकों और डाकघर में लगभग 21 लाख रुपये की जमा पूंजी, दो कारें, दो मोटरसाइकिलें और घर के अन्य कीमती सामान भी मिले हैं। अधिकारियों ने बताया कि कटक सतर्कता प्रकोष्ठ थाने में सेठी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। सेठी 1997 में कनिष्ठ अभियंता (सिविल) के रूप में 5,000 रुपये के शुरुआती मासिक वेतन पर ओडिशा सरकार की सेवा में शामिल हुए थे। उन्हें 2018 में सहायक अभियंता और 2022 में सहायक अधिशासी अभियंता के पद पर पदोन्नत किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि वह अक्टूबर 2023 से बडाचना उप-मंडल में सहायक अधिशासी अभियंता के रूप में कार्यरत थे।
ओडिशा में संभावित चक्रवात को लेकर सरकार अलर्ट, मंत्री सुरेश पुजारी बोले-घबराने की जरूरत नहीं
भुवनेश्वर, 23 अक्टूबर . Odisha के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने Friday को जनता को आश्वासन दिया कि राज्य Government आने वाले चक्रवाती तूफान से…
ओडिशा: नाबालिग लड़की के बलात्कार और हत्या की जांच के लिए कांग्रेस की टीम बालेश्वर पहुंची
भुवनेश्वर, 23 अक्टूबर . Odisha प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) के अध्यक्ष भक्त चरण दास के निर्देश पर पार्टी की एक जांच टीम Friday को बालेश्वर जिले के जलेश्वर…
Odisha Cyclone: ओडिशा में चक्रवात का खतरा, 26 अक्टूबर से ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
बंगाल की खाड़ी में बन रहा कम दबाव का क्षेत्र 25 अक्टूबर तक गहरे दबाव में बदल सकता है और चक्रवात का रूप ले सकता है।
8 अक्टूबर, गुरुवार: पुरी में सैंड आर्ट छात्रों ने 15 मिनट की सैंड एनिमेशन बनाकर दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी।
Odisha 10th Result 2024: सुबह 10 बजे जारी होगा 10वीं का रिजल्ट, यहां मिलेगा डायरेक्ट लिंक
Odisha 10th Result 2024: बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन, ओडिशा बीएसई ओडिशा मैट्रिक यानी कक्षा 10वीं का रिजल्ट सुबह 10 बजे जारी होगा। छात्र अपने स्कोरकार्ड सुबह 11.30 बजे से देख सकेंगे। जानें- कैसे चेक करना

