...

Odisha Flood: ओडिशा के उत्तरी जिलों में बाढ़ का खतरा, जलका और बुढ़ाबलंग नदियां उफान पर; 50 से अधिक गांवों पर खतरा

बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव के कारण ओडिशा के उत्तरी जिलों में भारी बारिश से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बालेश्वर में जलका और मयूरभंज में बुढ़ाबलंग नदियां खतरे के निशान पर हैं, जिससे 50 से अधिक गांव प्रभावित हो सकते हैं।

जागरण 1 Sep 2026 9:50 am

ओडिशा केंद्रीय विश्वविद्यालय में गेस्ट फैकल्टी के कई पदों पर भर्ती का अवसर, 1 सितंबर को वॉक-इन इंटरव्यू

भुवनेश्वर , 31 अगस्त . शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े जो लोग देश के किसी प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय में नौकरी करने की इच्छा रखते हैं, उनके लिए एक बेहतरीन मौका सामने आया है. दरअसल, Odisha केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूओ) ने रसद एवं आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन विषय/विभाग में गेस्ट फैकल्टी के कुल 4 पदों पर योग्य और इच्छुक ... Read more

डेली किरण 31 Aug 2026 7:13 pm

ओडिशा क्राइम ब्रांच के आईजी शेफीन अहमद के निधन पर सीएम और डिप्टी सीएम ने जताया दुख

भुवनेश्वर, 31 अगस्त . Odisha कैडर के 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी शेफीन अहमद के. का तिरुवनंतपुरम के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया. केरल के रहने वाले शेफीन कैंसर से पीड़ित थे. वे जुलाई 2023 से Odisha में क्राइम ब्रांच में इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) के तौर पर काम कर रहे ... Read more

डेली किरण 31 Aug 2026 12:43 pm

रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया एएसआई, ओडिशा विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई

भुवनेश्वर, 30 अगस्त . Odisha सतर्कता (विजिलेंस) विभाग ने Sunday को सुंदरगढ़ जिले में एक ढाबा संचालक से रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में एक सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार एएसआई की पहचान मदन मोहन प्रधान के रूप में हुई है, जो वर्तमान में सुंदरगढ़ जिले के लहुणीपाड़ा ... Read more

डेली किरण 30 Aug 2026 10:43 pm

सीबीआई ने ओडिशा के 17 करोड़ रुपए के चिट फंड घोटाले में फरार आरोपी को गिरफ्तार किया

भुवनेश्वर, 30 अगस्त . Odisha के चिट फंड घोटाले में कार्रवाई करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने Sunday को एक अधिकारी के हवाले से बताया कि जमाकर्ताओं के 17 करोड़ रुपए से अधिक की रकम हड़पने वाले फरार आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. सीबीआई ने बताया कि डीएनबी फूड प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड के ... Read more

डेली किरण 30 Aug 2026 8:23 pm

ओडिशा: ‘मन की बात’ में संबलपुर की मैथिली भुए के जिक्र से देबरीगढ़ समुदाय में खुशी, वन संरक्षण के लिए बढ़ा लोगों का उत

बरगढ़, 30 अगस्‍त . Prime Minister Narendra Modi के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में अपने इलाके का जिक्र होने पर स्थानीय समुदाय के लोगों और देबरीगढ़ वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी के कर्मचारियों ने खुशी जाहिर की. दरअसल, Prime Minister Narendra Modi ने Sunday को मन की बात के 137वें एपिसोड में Odisha की मैथिली ‘भुए’ का जिक्र ... Read more

डेली किरण 30 Aug 2026 6:23 pm

ओडिशा सरकार का बड़ा फैसला, पत्नी को गुजारा भत्ता न देने वाले सरकारी कर्मचारियों की सैलरी से कटेगा पैसा

भुवनेश्वर, 30 अगस्त . Odisha Government ने उन Governmentी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का फैसला किया है जो कोर्ट के आदेश के बाद भी अपनी पत्नी या बच्चों को गुजारा भत्ता नहीं देते. अब ऐसे कर्मचारियों की सैलरी से सीधे पैसे काटकर उनकी पत्नी और बच्चों के खाते में भेजे जाएंगे. Chief Minister ... Read more

डेली किरण 30 Aug 2026 1:28 pm

नागालैंड की वेसालु फूलों की खेती से बनाई अपनी पहचान, ओडिशा की मैथिली जंगल संरक्षण में दे रहीं अहम योगदानः पीएम मोदी

New Delhi, 30 अगस्त . Prime Minister Narendra Modi ने Sunday को मन की बात के 137वें एपिसोड में नागालैंड की वेसालु पुरो और Odisha की मैथिली भुए का जिक्र किया. वेसालु ने फूलों की खेती के जरिए अपनी पहचान बनाई है, वहीं, मैथिली भुए जंगल के संरक्षण में अहम योगदान दे रही हैं. Prime ... Read more

डेली किरण 30 Aug 2026 12:28 pm

CM Mohan Charan Majhi ने Odisha Police को 75 फीसदी दोषसिद्धि का लक्ष्य दिया

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को आपराधिक मामलों में राज्य की दोषसिद्धि दर बढ़ाकर कम से कम 75 फीसदी किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने प्रदेश पुलिस को संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और जबरन वसूली से जुड़े मामलों को “कतई बर्दाश्त न करने” की नीति अपनाने का निर्देश दिया। भुवनेश्वर में राज्य स्तरीय डीजीपी और आईजीपी सम्मेलन में माझी ने ओडिशा में कानून-व्यवस्था की स्थिति, आंतरिक एवं तटीय सुरक्षा, साइबर अपराध और भविष्य की पुलिसिंग जरूरतों का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस के लिए 10-सूत्री परामर्श जारी किया, जिसमें दोषियों की दोषसिद्धि दर बढ़ाने, ओडिशा को नशा-मुक्त बनाने, तटीय एवं समुद्री सुरक्षा मजबूत करने, साइबर अपराध तथा ‘डार्क वेब’ से निपटने, खुफिया जानकारी जुटाने के तौर-तरीके बेहतर करने, पुलिस थानों को आधुनिक बनाने और भ्रष्टाचार-मुक्त पुलिसिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। आधिकारिक बयान के मुताबिक, माझी ने इस बात पर भी जोर दिया कि पुलिसकर्मियों को जनता, खासकर शिकायत लेकर पुलिस थाने आने वाले लोगों के साथ विनम्र, संवेदनशील और भरोसेमंद व्यवहार करना चाहिए। बयान के अनुसार, माझी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सम्मेलन में शामिल पुलिसकर्मियों से कहा कि वे परेशान लोगों के साथ सहानुभूति से पेश आएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनसीआरबी (राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में दोषसिद्धि दर अब सुधरकर 40 प्रतिशत से अधिक हो गई है, लेकिन इसे कम से कम 75 फीसदी तक बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया कि वे जांच को ज्यादा पेशेवर और प्रौद्योगिकी आधारित बनाएं, खासकर महिलाओं के खिलाफ हिंसा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में। माझी ने कहा कि उनकी सरकार ओडिशा को साल 2029 तक पूरी तरह से “नशा-मुक्त” बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पुलिस को सिर्फ जब्ती और गिरफ्तारियों पर ध्यान देने के बजाय मादक पदार्थ की तस्करी के पीछे की पूरी आपूर्ति शृंखला और वित्तीय नेटवर्क को निशाना बनाना चाहिए।

प्रभासाक्षी 29 Aug 2026 10:42 pm

PM Modi Uzbekistan Visit: ताशकंद के छात्रों का हिंदी प्रेम देख गदगद हुए प्रधानमंत्री, बताया सांस्कृतिक गहराई का सबूत

अपनी राजकीय यात्रा के लिए उज़्बेकिस्तान जाते समय, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को उज़्बेकिस्तान के युवा नागरिकों द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो पर खुशी जताई। उन्होंने हिंदी में उनके उत्साहपूर्ण सम्मान और बेहतरीन अंदाज़ की तारीफ़ की। एक्स पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने इस स्नेहपूर्ण व्यवहार को दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक जुड़ाव का सबूत बताया। इसे भी पढ़ें: मंत्री पद से हटाने की तैयारी पर भड़के Jual Oram, Union Tribal Affairs Minister के आरोप से Odisha BJP में मचा हड़कंप! पीएम मोदी ने लिखा, जब मैं उज़्बेकिस्तान की अपनी यात्रा शुरू करने जा रहा हूँ, तो उज़्बेकिस्तान के अपने युवा दोस्तों का उत्साह देखकर मुझे बहुत खुशी हो रही है, जिसे इस वीडियो में बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। इसे और भी खास बात यह बनाती है कि उन्होंने ऐसा हिंदी में किया और बहुत ही शानदार ढंग से किया!I उज़्बेकिस्तान के कई छात्रों ने बारी-बारी से प्रधानमंत्री का अपनी राजधानी में स्वागत किया और भारतीय संस्कृति तथा दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों के प्रति अपना लगाव ज़ाहिर किया। पहले छात्र ने कहा आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, ताशकंद में आपका स्वागत है। मेरा नाम समंदर है। हम ताशकंद के छात्र हैं। हम ताशकंद में आपके आने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। श्री नरेंद्र मोदी जी, ताशकंद आपका इंतज़ार कर रहा है। वहीं दूसरे छात्र ने कहा, नमस्कार, आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी। ताशकंद की धरती आपको बुला रही है। हम उस शानदार मुलाक़ात का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। मोदी जी, ताशकंद आपका इंतज़ार कर रहा है। इसे भी पढ़ें: Mallikarjun Kharge ने PM Modi को लिखा पत्र, Nepal बाढ़ में फंसे भारतीयों की वापसी की मांग एक और छात्र ने प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए कहा, आदरणीय मोदी जी, आपको नमस्कार। ताशकंद से आपको प्यार भरा नमस्ते। हम हिंदी भाषा सीख रहे हैं और भारत की संस्कृति से बहुत प्रभावित हैं। हमारी बहुत इच्छा है कि हम ताशकंद में आपका स्वागत करें। नरेंद्र मोदी जी, ताशकंद आपका इंतज़ार कर रहा है।भारत-उज़्बेकिस्तान संबंधों का ज़िक्र करते हुए एक छात्र ने कहा आदरणीय प्रधानमंत्री जी, आपको सादर नमस्कार। भारत और उज़्बेकिस्तान की दोस्ती हमारे लिए बहुत खास है। हमें उम्मीद है कि आप जल्द ही ताशकंद आएंगे। हम आपका इंतज़ार कर रहे हैं।

प्रभासाक्षी 29 Aug 2026 5:30 pm

Nitin Nabin का सख्त रुख: Sajjan Kumar को श्रद्धांजलि देने वाले 3 BJP MPs को लगाई फटकार

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को दिल्ली के तीन सांसदों को फटकार लगाई। इन सांसदों ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों के मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार की मौत के बाद उनके परिवार से मिलकर शोक व्यक्त किया था। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नितिन नवीन ने कमलजीत सहरावत, रामवीर सिंह बिधूड़ी और योगेंद्र चंदोलिया को तलब किया और उनके इस दौरे पर अपनी नाराजगी जताई। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi की मांग: Haldwani शुद्धिकरण मामले में PM Modi दर्ज कराएं SC ST Act के तहत FIR गौरतलब है कि 1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुई हिंसा में सिखों की हत्या के मामले में दोहरी उम्रकैद की सज़ा काट रहे सज्जन कुमार का 20 अगस्त को निधन हो गया। शनिवार को नई दिल्ली में उनकी शोक सभा आयोजित की गई। बीजेपी के इन तीन सांसदों के दौरे की आलोचना बीजेपी नेता एचएस फूलका ने की, जो इस साल अप्रैल में ही पार्टी में शामिल हुए थे। 1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ितों के लिए प्रमुख वकील रहे फूलका ने कुमार के घर जाकर शोक व्यक्त करने वाले इन तीन सांसदों पर आपत्ति जताई। उन्होंने तीन सांसदों द्वारा सामूहिक हत्यारे सज्जन कुमार के घर जाकर उनकी मौत पर शोक व्यक्त करने की कड़ी निंदा की। यह ध्यान देने वाली बात है कि ये तीनों सांसद उन निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं जो पहले की 'आउटर दिल्ली' संसदीय सीट से अलग करके बनाए गए थे; कुमार ने कांग्रेस नेता के तौर पर लोकसभा में इसी सीट का प्रतिनिधित्व किया था। बिधूड़ी दक्षिण दिल्ली से सांसद हैं, सहरावत पश्चिम दिल्ली का प्रतिनिधित्व करते हैं, और चंदोलिया उत्तर-पश्चिम दिल्ली का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसे भी पढ़ें: मंत्री पद से हटाने की तैयारी पर भड़के Jual Oram, Union Tribal Affairs Minister के आरोप से Odisha BJP में मचा हड़कंप! बीजेपी नेतृत्व की यह फटकार राष्ट्रीय राजधानी में कुमार की प्रार्थना सभा से ठीक पहले आई है, क्योंकि 1984 के सिख-विरोधी दंगों और हिंसा में शामिल कांग्रेस नेताओं के मामलों पर पार्टी के रुख की ओर फिर से ध्यान गया है। 1984 के सिख-विरोधी दंगों के मामले में दो बार उम्रकैद की सज़ा काट रहे सज्जन कुमार का 80 साल की उम्र में निधन हो गया। लोकसभा वेबसाइट पर मौजूद उनकी प्रोफ़ाइल के अनुसार, उनके परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 29 Aug 2026 5:12 pm

Congress के पास नहीं कोई मुद्दा! CM Dhami का राहुल गांधी पर वार: शुद्धिकरण को लेकर सियासत बंद करो

शुद्धिकरण विवाद पर राहुल गांधी के बयान पर उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी ने पलटवार किया है। धामी ने कहा है कि शुद्धिकरण करने वालों में कोई भी BJP कार्यकर्ता शामिल नहीं था, लेकिन क्या उत्तराखंड में किसी को पता है कि मल्लिकार्जुन खड़गे की जाति क्या है? वहां धार्मिक उन्माद वाले नारे लगाए गए और एक खास धर्म के लोगों ने ऐसा किया। इसके जवाब में कुछ धार्मिक संगठनों ने वहां शुद्धिकरण कार्यक्रम किया। मुझे लगता है कि कांग्रेस पार्टी के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे बेकार के मुद्दों को आगे बढ़ा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi की मांग: Haldwani शुद्धिकरण मामले में PM Modi दर्ज कराएं SC ST Act के तहत FIR धामी ने आगे कहा कि उत्तराखंड में कौन मानेगा कि यहां जाति के आधार पर भेदभाव होता है? प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 'सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास' के मंत्र के साथ काम किया जा रहा है। इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के सभा स्थल के ‘शुद्धिकरण’ को लेकर शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोला और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इस मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देना चाहिए। गांधी ने संवाददाताओं से कहा कि यह घटना एक अपराध है तथा कांग्रेस यह सुनिश्चित करेगी कि ‘शुद्धिकरण’ में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में दलित मुद्दे पर आयोजित इस संवाददाता सम्मेलन के दौरान स्क्रीन पर मनुस्मृति की तस्वीर लगाई गई थी। राहुल गांधी ने कहा कि देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई चल रही है, एक संविधान की विचारधारा और दूसरी भाजपा-आरएसएस की विचारधारा। कांग्रेस नेता ने कहा कि संविधान लागू होने के बावजूद देश में दलितों के खिलाफ भेदभाव और हिंसा जारी है तथा इस तरह के कृत्य कानूनन अपराध हैं। उन्होंने दावा किया कि देश में दलित समुदाय के साथ विभिन्न स्तरों पर भेदभाव किया जाता है। इसे भी पढ़ें: मंत्री पद से हटाने की तैयारी पर भड़के Jual Oram, Union Tribal Affairs Minister के आरोप से Odisha BJP में मचा हड़कंप! गांधी ने आरोप लगाया कि ऐसे कृत्यों में भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोग शामिल हैं और ये संविधान तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि खरगे के सभास्थल के शुद्धिकरण को 20 दिन हो गए हैं और अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हमारी मांग है कि उत्तराखंड में शुद्धिकरण करने वाले लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 29 Aug 2026 5:06 pm

MMDR Act Amendments पर छिड़ा घमासान, Odisha के खनिज अधिकारों के लिए Supreme Court जा सकती है BJD

पूर्व मंत्री और बीजू जनता दल (BJD) के सीनियर नेता प्रताप जेना ने शुक्रवार को कहा कि अगर विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 'माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट' में किए गए हालिया बदलावों के खिलाफ मनाने की कोशिशें नाकाम रहती हैं, तो उनकी पार्टी सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकती है। जेना ने कहा कि उनकी पार्टी ओडिशा विधानसभा में इस मामले पर तुरंत चर्चा और MMDR संशोधन के खिलाफ एक प्रस्ताव पास कराने की कोशिश कर रही है। जेना ने कहा अगर ओडिशा विधानसभा इस बारे में कोई प्रस्ताव पास नहीं कर पाती है, तो हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। यह सिर्फ़ BJP या BJD के फ़ायदे की बात नहीं है। यह ओडिशा के फ़ायदे की बात है। हम राज्य के फ़ायदे के लिए लड़ेंगे। इसे भी पढ़ें: Odisha CM Mohan Majhi बोले: स्वामी लक्ष्मणानंद हत्याकांड में हर हाल में मिलेगा न्याय उन्होंने कहा हम विधानसभा के अंदर लड़ेंगे। हम अपनी पूरी ताक़त से संसद में भी लड़ेंगे। हम दबाव बनाएंगे। ज़रूरत पड़ने पर हम झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे मिनरल से भरपूर दूसरे राज्यों से भी बात करेंगे। अगर कुछ नहीं हुआ, तो हम जो भी ज़रूरी होगा, वह करेंगे, भले ही इसके लिए सुप्रीम कोर्ट जाना पड़े। सुप्रीम कोर्ट का 2024 का फ़ैसला नौ जजों की कॉन्स्टिट्यूशन बेंच ने दिया था, जिसमें कहा गया था कि राज्यों को मिनरल अधिकारों पर टैक्स लगाने का अधिकार है। अगर हम सुप्रीम कोर्ट जाते हैं, तो हमें (पॉज़िटिव फ़ैसले की) उम्मीद है। 13 अगस्त को संसद में पारित 'माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) अमेंडमेंट एक्ट, 2026' में राज्यों की उन शक्तियों पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है, जिनके तहत वे मिनरल राइट्स (खनिज अधिकारों) और खनिजों वाली ज़मीनों पर टैक्स लगा सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Odisha CM Mohan Charan Majhi के जाजपुर दौरे पर विवाद: BJD विधायकों ने दर्ज कराई FIR बिल के 'उद्देश्यों और कारणों के बयान' में कहा गया है कि उचित सीमाओं के बिना राज्यों द्वारा टैक्स और अन्य लेवी (शुल्क) असमान रूप से लगाने से कई समस्याएं पैदा हुई हैं। यह एक्ट केंद्र सरकार को खदानों के रेगुलेशन और खनिजों के विकास को नियंत्रित करने का अधिकार देता है। बिल में यह भी जोड़ा गया है कि केंद्र सरकार को खनिज वाली ज़मीनों को रेगुलेट करने का अधिकार भी होगा। खनिज वाली ज़मीन की परिभाषा ऐसी ज़मीन के तौर पर की गई है जिसमें केंद्र सरकार द्वारा तय किए गए पैमानों के अनुसार खनिज मौजूद हों। हालांकि ज़मीन 'स्टेट लिस्ट' की एंट्री 18 के तहत राज्य का विषय है और यह राज्य की विधानसभाओं को ज़मीन पर टैक्स लगाने का अधिकार देती है ('स्टेट लिस्ट' की एंट्री 49), लेकिन संशोधित एक्ट में यह जोड़ा गया है कि खनिज वाली ज़मीनें भी केंद्र सरकार के नियंत्रण में होंगी।

प्रभासाक्षी 29 Aug 2026 5:05 pm

मंत्री पद से हटाने की तैयारी पर भड़के Jual Oram, Union Tribal Affairs Minister के आरोप से Odisha BJP में मचा हड़कंप!

ओडिशा की राजनीति में जुएल ओराम का नाम कोई नया नहीं है। छह बार के सांसद, लंबे समय से भाजपा के आदिवासी चेहरे और केंद्र में जनजातीय कार्य मंत्री के तौर पर उनकी राजनीतिक हैसियत को नजरअंदाज करना आसान नहीं है। लेकिन पिछले कुछ दिनों में उनके बयानों ने भाजपा के भीतर चल रही उस खींचतान को सतह पर ला दिया है, जिसे अब तक पर्दे के पीछे की राजनीति माना जा रहा था। दरअसल, जुएल ओराम ने सीधा आरोप लगाया है कि भाजपा के भीतर ही कुछ लोग पैसे खर्च कर उनकी छवि खराब करने की मुहिम चला रहे हैं, ताकि उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाया जा सके और उनकी जगह किसी दूसरे नेता के लिए रास्ता बनाया जा सके। ओराम ने साफ कहा कि कुछ ऐसे लोग, जो दूसरी पार्टियों से भाजपा में आए हैं, उनकी राजनीतिक स्थिति कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक मकसद सिर्फ बदनाम करना नहीं है, बल्कि उन्हें केंद्र की सत्ता से हटाकर खुद मंत्री बनने का मौका हासिल करना है। यह आरोप इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह किसी विपक्षी नेता का आरोप नहीं, बल्कि मोदी सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री और भाजपा के पुराने चेहरे की तरफ से आया है। इसे भी पढ़ें: Cabinet से हटाने की BJP साजिश पर Jual Oram का पलटवार, कहा- अब 2029 चुनाव लड़ूंगा और यहीं से कहानी का दूसरा सिरा जुड़ता है। यानि राउरकेला का सर्किट हाउस विवाद। हम आपको बता दें कि जुएल ओराम के प्रतिनिधि प्रकाश पासवान की गिरफ्तारी के बाद मामला राजनीतिक रूप से गरम हुआ। आरोप है कि पासवान ने सर्किट हाउस में उन सात लोगों के लिए कमरे बुक कराए थे, जिन्हें बाद में पुलिस ने हथियार और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार किया। पासवान ने आरोपों से इनकार किया है। ओराम ने पहले ही कहा था कि अगर उनके सहयोगी के खिलाफ आरोप साबित होते हैं तो कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की बात भी कही थी। लेकिन अब घटनाक्रम ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। पासवान की गिरफ्तारी के ठीक बाद ओराम का यह कहना कि उन्हें हटाने के लिए भीतर से साजिश हो रही है, कई सवाल खड़े करता है। सवाल उठता है कि क्या सर्किट हाउस विवाद को लेकर उठे सवालों का राजनीतिक इस्तेमाल हो रहा है? क्या वाकई भाजपा के भीतर कोई धड़ा जुएल ओराम को कमजोर करना चाहता है? या फिर ओराम को लग रहा है कि उनके लंबे राजनीतिक प्रभाव को चुनौती देने की तैयारी हो चुकी है? इन सवालों के जवाब फिलहाल उनके आरोपों के पीछे ही छिपे हैं, क्योंकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया है। सबसे दिलचस्प बदलाव तो ओराम के राजनीतिक रुख में आया है। कुछ समय पहले उन्होंने घोषणा की थी कि वह अब चुनाव नहीं लड़ेंगे। लेकिन अब उन्होंने पलटकर कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों में वह 2029 का लोकसभा चुनाव जरूर लड़ेंगे। यानी जिस नेता ने चुनावी राजनीति से पीछे हटने का संकेत दिया था, वही नेता अब अपने राजनीतिक विरोधियों को चुनौती देते हुए मैदान में उतरने की बात कर रहा है। देखा जाये तो यह सिर्फ चुनाव लड़ने का ऐलान नहीं है; यह उस राजनीतिक लड़ाई को स्वीकार करने का संकेत भी है, जिसकी ओराम खुद चर्चा कर रहे हैं। हम आपको यह भी बता दें कि ओराम की नाराजगी की तीव्रता उनके शब्दों से भी साफ दिखाई देती है। उन्होंने अपने खिलाफ अभियान चलाने वालों को चेतावनी देते हुए बेहद आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया और कहा कि वह ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ा जवाब देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो वह मामला भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व तक ले जाएंगे। यानी मामला अब सिर्फ व्यक्तिगत शिकायत तक सीमित नहीं रह गया है; ओराम इसे पार्टी के भीतर अपने राजनीतिक अस्तित्व की लड़ाई के रूप में पेश कर रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम में एक और बात बेहद महत्वपूर्ण है कि ओराम बार-बार अपने लंबे राजनीतिक योगदान का हवाला दे रहे हैं। 1998 से लोकसभा चुनाव लड़ रहे ओराम ने 2009 को छोड़कर हर चुनाव में सुंदरगढ़ से जीत दर्ज की है। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में भी वह मंत्री रह चुके हैं और नरेंद्र मोदी सरकार में 2014 तथा 2024 में उन्हें फिर केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिली। इसलिए उनका मौजूदा बयान किसी ऐसे नेता का बयान नहीं है, जिसकी राजनीतिक जमीन कमजोर हो चुकी हो। यही वजह है कि जुएल ओराम का गुस्सा महज एक नेता की नाराजगी मानकर खारिज करना जल्दबाजी होगी। उनके बयान में भाजपा के भीतर चल रही सत्ता की उस स्वाभाविक प्रतिस्पर्धा की झलक दिखाई देती है, जहां हर मजबूत पद अपने साथ कई दावेदार पैदा करता है। मंत्री पद जितना बड़ा होता है, उसे लेकर राजनीति भी उतनी ही तीखी होती है। बहरहाल, ओराम ने किसी का नाम नहीं लिया है, लेकिन उन्होंने इतना जरूर बता दिया है कि लड़ाई अब बंद कमरों में नहीं रहने वाली। सर्किट हाउस विवाद, उनके सहयोगी की गिरफ्तारी, छवि खराब करने के आरोप और 2029 में फिर चुनाव लड़ने का ऐलान, इन सभी घटनाओं को जोड़कर देखें तो ओडिशा भाजपा के भीतर एक बड़ा राजनीतिक मुकाबला आकार लेता दिखाई देता है। और इस मुकाबले में जुएल ओराम ने साफ कर दिया है कि वह पीछे हटने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं।

प्रभासाक्षी 29 Aug 2026 4:44 pm

Sajjan Kumar के घर BJP सांसदों का दौरा, HS Phoolka बोले - 1984 Riots पीड़ितों से धोखा

दिल्ली के पूर्व विधायक एचएस फूलका ने बीजेपी सांसदों कमलजीत सहरावत, रामवीर सिंह बिधूड़ी और योगेंद्र चंदोलिया के उस दौरे की निंदा की है, जिसमें वे कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार की मौत के बाद उनके घर शोक व्यक्त करने गए थे। 'X' पर एक पोस्ट में फूलका ने सांसदों के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि सहानुभूति 1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए होनी चाहिए। इसे भी पढ़ें: Naveen Patnaik ने Odisha के BJP MPs से की अपील, माइनिंग कानून संशोधनों को बताया राज्य विरोधी फूलका ने कहा कि मैं बीजेपी के 3 सांसदों - कमलजीत सहरावत, रामवीर सिंह बिधूड़ी और योगेंद्र चंदोलिया - के सामूहिक हत्यारे सज्जन कुमार के घर जाकर उनकी मौत पर शोक व्यक्त करने के दौरे की कड़ी निंदा करता हूं। यह तब हो रहा है जब बीजेपी ने हमेशा इन दोषियों के खिलाफ न्याय की हमारी लड़ाई का समर्थन किया है और यह सुनिश्चित करने में हमारा साथ दिया है कि वह जेल में ही रहे। फूलका ने हिंसा के लंबे समय तक रहने वाले असर पर ज़ोर देते हुए कहा कि हमदर्दी पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए होनी चाहिए - जिनमें से कई लोग आज भी उन दिनों के खौफ़नाक मंज़र को जी रहे हैं। उन्होंने कुमार के घर जाने वाले तीन सांसदों के बहिष्कार की भी मांग की। पूर्व सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन कुमार, 1984 के सिख-विरोधी दंगों में अपनी भूमिका के लिए उम्रकैद की सज़ा काट रहे थे। 20 अगस्त को 80 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। फूलका 1984 की हिंसा से प्रभावित पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए एक प्रमुख वकील रहे हैं। 20 अगस्त को मरने वाले कुमार, तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1984 में हुए सिख-विरोधी दंगों के दौरान सिखों की हत्या के मामले में एक साथ दो उम्रकैद की सज़ा काट रहे थे। शनिवार को नई दिल्ली में उनकी प्रार्थना सभा आयोजित की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi ने हल्द्वानी शुद्धीकरण मामले में PM Modi से FIR दर्ज करने की मांग की ये तीनों सांसद दिल्ली के उन चुनावी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं जिन्हें पहले की 'आउटर दिल्ली' संसदीय सीट से अलग करके बनाया गया था; कुमार ने कांग्रेस नेता के तौर पर लोकसभा में इसी सीट का प्रतिनिधित्व किया था। बिधूड़ी साउथ दिल्ली, सहरावत वेस्ट दिल्ली और चंदोलिया नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली का प्रतिनिधित्व करते हैं। बीजेपी की यह फटकार ऐसे समय में आई है जब राजधानी में कुमार की एक प्रार्थना सभा होने वाली है और साथ ही 1984 के सिख-विरोधी दंगों और हिंसा में शामिल कांग्रेस नेताओं के मामलों पर पार्टी के पुराने रुख पर फिर से चर्चा हो रही है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 29 Aug 2026 2:00 pm

Naveen Patnaik ने Odisha के BJP MPs से की अपील, माइनिंग कानून संशोधनों को बताया राज्य विरोधी

BJD अध्यक्ष नवीन पटनायक ने ओडिशा के BJP सांसदों को पत्र लिखकर MMDR एक्ट में किए गए उन बदलावों को वापस लेने की मांग की है, जिनसे उनके अनुसार राज्य सरकार की मिनरल राइट्स और मिनरल वाली ज़मीन पर टैक्स लगाने की शक्तियां सीमित हो जाएंगी। शनिवार को लिखे अपने पत्र में पटनायक ने सत्ताधारी पार्टी के सांसदों से उन लोगों के हितों की रक्षा करने की भी अपील की, जिन्होंने उन्हें संसद के लिए चुना था। उन्होंने कहा कि इस महीने की शुरुआत में संसद में 'माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026' के तौर पर पास किए गए इन बदलावों का ओडिशा पर दूरगामी असर पड़ेगा। इसे भी पढ़ें: Cabinet से हटाने की BJP साजिश पर Jual Oram का पलटवार, कहा- अब 2029 चुनाव लड़ूंगा पटनायक ने लिखा, मैं आपसे (बीजेपी सांसदों से) पुरज़ोर अपील करता हूँ कि आप अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुनें और ओडिशा की आने वाली पीढ़ियों के बारे में सोचें। मैं आपसे अपील करता हूँ कि आप MMDR एक्ट में किए गए उस संशोधन को चुनौती दें और उसे पलटने की मांग करें, जिससे राज्य सरकार की शक्तियाँ छिन जाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संसद भारतीय लोकतंत्र का सर्वोच्च मंदिर है और सांसद लोकतंत्र के इस सबसे बड़े मंच पर ओडिशा की आवाज़ हैं। इसे भी पढ़ें: केंद्रीय मंत्री Jual Oram ने लगाया छवि खराब करने और मंत्रालय से हटाने की साजिश का आरोप पत्र में उन्होंने कहा ओडिशा की जनता ने अपने हितों की रक्षा के लिए आप पर भरोसा करके आपको चुना था। इसलिए यह बहुत चिंता की बात है कि आपने एक ऐसे मनमाने कानून के पक्ष में वोट दिया, जिसके ओडिशा के उन लोगों पर दूरगामी और बुरे असर पड़ेंगे जिन्होंने आप पर भरोसा किया था। पटनायक ने 13 अगस्त को - जिस दिन ओडिशा के बीजेपी सांसदों के समर्थन से लोकसभा में यह बिल पास हुआ था - राज्य के लिए काला दिन बताया। उन्होंने यह भी कहा ओडिशा के लोगों पर दूरगामी असर डालने वाले प्रावधान होने के बावजूद, लोकसभा में इस बिल को दस मिनट से भी कम समय की चर्चा के बाद पास कर दिया गया। यह कोई मामूली कानून नहीं था। पटनायक ने हाल ही में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखकर MMDR संशोधन अधिनियम, 2026 पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का आग्रह भी किया था। अपने हालिया पत्र में, पटनायक ने संशोधनों के प्रति अपना विरोध दोहराया और ओडिशा के BJP सांसदों से राज्य के हित में काम करने का आग्रह किया।

प्रभासाक्षी 29 Aug 2026 1:53 pm

Odisha Weather Update: ओडिशा में फिर एक्टिव होगा लो-प्रेशर! सितंबर के पहले हफ्ते तक लगातार बारिश का अलर्ट

ओडिशा में 29 अगस्त तक एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है, जिसके बाद सितंबर के पहले सप्ताह में एक और सिस्टम विकसित हो सकता है।

जागरण 28 Aug 2026 12:00 pm

Scholarship: SC-ST छात्रों की मौज ही मौज, विदेश में पढ़ाई करने के लिए मिल रही है 25 लाख की स्कॉलरशिप

Odisha's Videsh Siksha Bruti Scheme: विदेश में पढ़ाई का सपना अब सच होगा। ओडिशा सरकार SC-ST छात्रों को देशी यूनिवर्सिटीज में PG और PhD के लिए प्रतिवर्ष 25 लाख रुपये तक की स्कॉलरशिप देगी।

लाइव हिन्दुस्तान 19 Aug 2026 9:05 pm

सिविल सेवा परीक्षा में 6 अटैम्प्ट की सीमा खत्म, अधिकतम आयु सीमा बढ़कर हुई 42 साल

Odisha Civil Services Exam: ओडिशा सरकार ने सिविल सेवा परीक्षा में 6 अटैम्प्ट की सीमा समाप्त कर दी है। साथ ही, ओपीएससी व अन्य सरकारी नौकरियों में अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 42 वर्ष कर दी गई है।

लाइव हिन्दुस्तान 17 Aug 2026 12:20 pm

Textbook Row: ओडिशा में स्कूली किताबों को लेकर क्यों मचा बवाल? यूथ कांग्रेस ने सरकार को घेरा, निकाली मशाल रैली

Odisha School Textbook Row: ओडिशा में स्कूली किताबों में कथित गलतियों और पेपर लीक के मुद्दे पर यूथ कांग्रेस ने भुवनेश्वर में मशाल रैली निकाली।

अमर उजाला 10 Aug 2026 12:33 pm

Odisha 10th Result 2024: सुबह 10 बजे जारी होगा 10वीं का रिजल्ट, यहां मिलेगा डायरेक्ट लिंक

Odisha 10th Result 2024: बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन, ओडिशा बीएसई ओडिशा मैट्रिक यानी कक्षा 10वीं का रिजल्ट सुबह 10 बजे जारी होगा। छात्र अपने स्कोरकार्ड सुबह 11.30 बजे से देख सकेंगे। जानें- कैसे चेक करना

लाइव हिन्दुस्तान 25 May 2024 10:51 pm