गुरुग्राम में BSF DIG के बेटे का सुसाइड:11वीं मंजिल से छलांग लगाई; पिता उड़ीसा में तैनात
गुरुग्राम में बॉर्डर सिक्योरिटी फॉर्स (BSF) के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) सत्यवान खांची के बेटे ने 11वीं मंजिल से कूदकर सुसाइड कर लिया। मृतक की पहचान असीम खांची (28) के रूप में हुई। सूचना मिलते ही खेड़की दौला थाना पुलिस ने मौके पर पुहंचकर पूरे एरिया सील कर दिया। शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवा दिया है। बताया जा रहा है कि सत्यवान उड़ीसा के कोरापुट में तैनात है। हादसे की सूचना मिलते ही वे भी गुरुग्राम के लिए रवाना हो गए। गुरुग्राम पुलिस का कहना है कि अभी सुसाइड के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस ने उनके फ्लैट को भी सील कर दिया है। अभी पूरे मामले की जांच की जा रही है। बालकनी से कूदकर जान दी असीम सेक्टर-85 की द लीफ सासाइटी में रहते थे। बुधवार दोपहर करीब 2 बजे उन्होंने टावर नंबर-8 के फ्लैट-10 B की बालकनी से कूदकर जान दे दी। सूचना पर पुहंची पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर आसिम को आरवी हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। -------------- यह खबर भी पढ़ें…. गुरुग्राम- कर्नल की बेटी का 11वीं मंजिल से कूदकर सुसाइड:पति संग न्यूजीलैंड गई, वीजा प्रॉब्लम आने पर अकेले लौटना पड़ा, तब से ही परेशान थी गुरुग्राम की महेंद्रा औरा सोसाइटी में रिटायर्ड कर्नल की बेटी ने 11वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। मृतका की पहचान नेहा तिवारी के रूप में हुई है। (पूरी खबर पढ़ें)
Odisha के गिडिपाबली में भूस्खलन के बाद रोका गया बचाव अभियान, 10 लोग अब भी लापता
(फाइल फोटो के साथ)भुवनेश्वर/फुलबनी, चार नवंबर दक्षिण ओडिशा के भूस्खलन प्रभावित गिडिपाबली गांव में तलाश एवं बचाव अभियान बुधवार को खराब मौसम के कारण रोक दिया गया। इस बीच, लापता 10 लोगों के परिजनों ने अंतिम संस्कार की रस्में पूरी करने की तैयारी शुरू कर दी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। कंधमाल के जिलाधिकारी वेदभूषण ने बताया कि विशेषज्ञों के अनुसार, मलबे में करीब 30 फुट नीचे शव दबे हो सकते हैं। लगातार तीन बार भूस्खलन होने के कारण मलबा हटाना मुश्किल है। आगे विस्फोट करने से फिर भूस्खलन होने और बचावकर्मियों की जान खतरे में पड़ने की आशंका है। इसलिए परिवारों की सहमति से अभियान रोक दिया गया। उन्होंने बताया कि परिवारों ने हालात को समझते हुए प्रशासन से अंतिम संस्कार की रस्में पूरी करने में मदद मांगी है। हालांकि, मौसम दो-तीन दिन तक साफ रहने पर अभियान बंद करने से पहले एक बार फिर तलाश की जाएगी। राज्य सरकार ने पिछले सप्ताह चक्रवात अर्नब के कारण हुई भारी बारिश के बाद भूस्खलन की घटना के मद्देनजर शुक्रवार को अभियान शुरू किया था। इसमें एनडीआरएफ, रेलवे की टीमों, आईआईटी के विशेषज्ञों, श्वान दस्तों और जीवन का पता लगाने वाले उपकरणों की मदद ली गई, लेकिन कोई बड़ी सफलता नहीं मिली। कंधमाल और गंजाम जिलों की सीमा पर स्थित इस गांव के 26 निवासियों में से 13 लोग 29 अक्टूबर की रात भूस्खलन से बच निकले थे। शेष 13 लोगों की तलाश के दौरान एक व्यक्ति को जीवित बचाया गया और दो शव बरामद हुए। उनकी पहचान 29 वर्षीय सलमान प्रधान और 52 वर्षीय रबी मलिक के रूप में हुई। अभी 10 लोग लापता हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि घटनास्थल तक भारी मशीनें पहुंचाने के लिए सड़क नहीं है। करीब 30 फुट मलबा जमा होने के कारण नियंत्रित विस्फोट और जमीन के भीतर की स्थिति का पता लगाने के लिए रडार का इस्तेमाल भी कारगर नहीं रहा। आगे के प्रयासों पर विशेषज्ञों, राज्य सरकार और प्रभावित परिवारों से चर्चा के बाद फैसला लिया जाएगा।
Travel Tips: Odisha Tourism और Rajasthan के ये 4 बड़े Festivals सर्दियों के सफर को बनाएंगे खास
घूमने-फिरने का असली मजा सर्दियों के मौसम में आता है। भारत में नवंबर से फरवरी के बीच हर ओर तरफ अलग-अलग रौनक देखने को मिलती है। कहीं रेगिस्तान में ऊंटों का मेला लगता है, तो कहीं पर आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर जाता है। अगर आप भी इस बार सर्दियों की छुट्टियों में सिर्फ पुरानी इमारतें देखने की जगह कुछ अलग और खास एक्सपीरियंस करना चाहती हैं। तो आपको एक नया ट्रैवल प्लान बनाना चाहिए। दरअसल, सर्दियों में भारत के अलग-अलग राज्यों में कई बड़े फेस्टिवल्स होते हैं। जहां पर आप स्थानीय लोगों का रहन-सहन, खाना-पीना, संस्कृति और परंपराओं को देख और समझ सकती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको 4 ऐसे शानदार फेस्टिवल डेस्टिनेशंस के बारे में बताने जा रहे हैं। जहां पर कम से कम एक बार आपको जरूर जाना चाहिए। इसे भी पढ़ें: Travel Tips: Jaisalmer के रेगिस्तान और Varanasi की देव दीपावली से नवंबर की Vacation बनाएं यादगार पुष्कर कैमल फेयर, राजस्थान हर साल राजस्थान के पुष्कर में अक्टूबर-नवंबर के दौरान 5 दिनों का पुष्कर मेला लगता है। यह दुनिया के सबसे बड़े मवेशी मेलों में से एक है। यहां पर आरको लोक संगीत, रंग-बिरंगे बाजार और राजस्थानी संस्कृति का खूबसूरत रूप देखने को मिलेगा। इस मेले में सिर्फ जानवर खरीदे या बेचे नहीं जाते हैं, बल्कि सबसे लंबी मूंछें दिखाने, मटका फोड़ने और दुल्हन की तरह सजने जैसे कई मजेदार कॉम्पिटिशन होते हैं। यहां तक कि लोकल पुष्कर क्लब और विदेश से आए विदेशी पर्यटकों के बीच फुटबॉल मैच खेला जाता है। ऐसे में अगर आप भी यहां पर घूमने जा रही हैं, तो ब्रह्मा मंदिर और पुष्कर झील जरूर देखने जाएं। जानिए कब जाएं पुष्कर मेला 17 से 24 नवंबर 2026 के बीच होने जा रहा है। इस मेले की जगह के पास रुकें और सुबह-सुबह के समय घूमने निकलें और उस समय फोटो भी अच्छी आती है और रौनक भी देखने लायक होती है। कोणार्क डांस फेस्टिवल, ओडिशा साल 1986 में गुरु गंगाधर प्रधान ने कोणार्क डांस फेस्टिवल की शुरुआत की थी। जोकि भारत के सबसे बड़े क्लासिकल डांस फेस्टिवल्स में से एक होता है। ओडिशा टूरिज्म की ओर से होने वाले इस 5 दिनों के इवेंट में देशभर में बेस्ट डांसर्स हिस्सा लेते हैं। यहां पर आपको कोणार्क सूर्य मंदिर के सामने स्टेज पर ओडिसी, कत्थक, कुचिपुड़ी, भरतनाट्यम, मोहिनीअट्टम और मणिपुरी जैसे शानदार डांस शो देखने का मौका मिलेगा। इसके अलावा शाम को डांस परफॉर्मेंस देखने के अलावा दिन में सूर्य मंदिर देख सकती हैं। इसके साथ ही चंद्रभागा बीच पर इंटरनेशनल सैंज आर्ट फेस्टिवल भी लगता है और आप भी वहां पर जा सकती हैं। जानिए कब जाएं बता दें कि 01 से 05 दिसंबर 2026 तक यह फेस्टिवल चलेगा। साल 2027 की डेट्स के लिए ओडिशा टूरिज्म की वेबसाइट चेक कर सकती हैं। कोणार्क के पास भुवनेश्वर एयरपोर्ट है, जोकि करीब 65 किमी दूर है। आप कोणार्क के अलावा पुरी और भुवनेश्वरी घूमने का प्लान कर सकती हैं। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल, राजस्थान अगर आपको भी नई-नई किताबों को पढ़ने और नई-नई बातों को जानना पसंद है। तो आपको जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में जाना चाहिए। जयपुर का यह फेमस फेस्टिवल के दौरान इस शहर को दुनिया भर के कवियों, लेखकों, पत्रकारों और इतिहासकारों का ठिकाना बना देता है। यहां पर इतिहास, साइंस, राजनीति और समाज से जुड़े ढेरों टॉपिक्स पर बातचीत होती है। आप सुबह के समय किसी राइटर की बातों को सुन सकती हैं और दोपहर में किसी टेक्नोलॉजी की डिबेट में शामिल हो सकती हैं। इसके अलावा आप यहां पर किताबों की दुकानों पर घूमने के साथ-साथ नए-नए लोगों से बातचीत कर सकती हैं। इसके साथ ही जयपुर के मार्केट एक्सप्लोर कर सकती हैं। वहीं जयपुर के जायके का स्वाद लेना न भूलें। जानिए कब जाएं जयपुर में 14 स 18 जनवरी 2027 के बीच यह फेस्टिवल होगा। यहां पर जाने से पहले पूरा प्रोग्राम चेक करने के साथ अपना रजिस्ट्रेशन जरूर कराएं। अधिक भीड़ से बचने के लिए दो सेशंस के बीच थोड़ा गैप रखें। जिससे कि आप आराम से घूम सकें। अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव और मकर संक्रांति, गुजरात मकर संक्रांति को गुजरात में उत्तरायण कहा जाता है। इस दौरान पूरा गुजरात अपनी-अपनी छतों पर होता है और चारों ओर पतंगबाजी की धूम रहती है। अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट पर इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल भी मनाया जाता है। जिसमें दुनियाभर से लोग अपनी-अपनी खूबसूरत पतंगों के साथ पहुंचते हैं। यहां पर आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगों के अलावा खाना भी जबरदस्त होता है। गुड़-तिल की मिठाइयां, उंधियू, चिक्की और गरमा-गरम जलेबी इस त्योहार के उत्साह को दोगुना कर देती हैं। जानिए कब जाएं साबरमती रिवरफ्रंट पर 10 से 14 जनवरी 2027 के बीच यह फेस्टिवल चलेगा। इस फेस्टिवल में शामिल होने के लिए और अहमदाबाद में रुकने के लिए पहले से बुकिंग करके रखें। धूप से बचने के लिए टोपी पहनें। इसके अलावा कांच वाले मांझे से दूर रहें, जिससे के चोट न लगे। इन बातों का रखें खास ध्यान फेस्टिव सीजन के दौरान शहरों में होटल और टिकट काफी महंगे हो जाते हैं। इसलिए बुकिंग पहले से करवा लेनी चाहिए। हर एक जगह का अपना स्वाद होता है, जैसे गुजरात का उंधियू, जयपुर की कचौड़ी आदि, इसलिए लोकल फूड चखना न भूलें। आप जहां भी घूमने जा रहे हैं, वहां के लोकल लोगों से बातचीत करें और त्योहारों की दिलचस्प कहानियों को सुनें और समझें।
Sant Kabir Nagar News: ओडिशा से गांजा मंगवाकर यूपी में आपूर्ति करता है मनोज
Manoj supplies marijuana from Odisha to Uttar Pradesh.
ओडिशा के मंत्री ने भूस्खलन प्रभावित भंजनगर में बचे लोगों के लिए आशा जताई
भुवनेश्वर, 3 नवंबर . Odisha के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने Tuesday को कहा कि गंजाम के भंजनगर में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में बचाव अभियान…
चक्रवात Cyclone Murasu के असर से Odisha में बारिश, 1.60 लाख लोग सुरक्षित निकाले गए
भुवनेश्वर, तीन नवंबर आंध्र प्रदेश के तट पर गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के टकराने के बाद ओडिशा के दक्षिणी जिलों में हल्की बारिश हुई और राज्य सरकार ने क्षेत्र के सभी जिलाधिकारियों को किसी भी प्रतिकूल मौसम स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। ओडिशा के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कोरापुट, मलकानगिरि, कंधमाल, कालाहांडी और कई अन्य जिलों के जिलाधिकारियों ने हल्की बारिश की सूचना दी है। उन्होंने कहा, ‘‘हम आशा करते हैं स्थिति प्रतिकूल नहीं होगी।’’मंत्री ने कहा कि राज्य लगातार हाई अलर्ट पर है क्योंकि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन ओडिशा के लिए एक बड़ी चुनौती बन रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम हाई अलर्ट पर हैं और मौसम की स्थिति को देखते हुए पहाड़ी इलाकों के लोग कुछ समय तक आश्रय स्थलों में ही रहेंगे।’’भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा भारी बारिश और तेज हवाओं के पूर्वानुमान को देखते हुए राज्य सरकार ने दक्षिण क्षेत्र के पांच जिलों में 1.60 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है और आपदा प्रतिक्रिया टीम को तैनात किया है। चक्रवात ‘अर्नब’ के बाद, गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के कारण मंगलवार को आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में काफी नुकसान हुआ है, जहां हजारों पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए और मछुआरों की नौकाओं को नुकसान पहुंचा।
‘उन्हें देश की प्रगति और आत्मगौरव रास नहीं…’, राहुल गांधी पर सुधांशु त्रिवेदी का तीखा तंज
भुवनेश्वर, 2 नवंबर . BJP MP सुधांशु त्रिवेदी ने Odisha की राजधानी भुवनेश्वर में प्रेस वार्ता की. इस दौरान उन्होंने कहा, “पूरी दुनिया इस समय उथल-पुथल और अनिश्चितता…
चक्रवात ‘मुरासु’ को लेकर ओडिशा के गजपति में प्रशासन सतर्क, जिला कलेक्टर ने दी जानकारी
गजपति, 2 नवंबर . बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवात ‘मुरासु’ को लेकर Odisha के गजपति जिले में जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है. मौसम…
Cyclone Murasu के भीषण तूफान में बदलने पर Odisha सरकार ने तटीय इलाकों से निकासी तेज की
भुवनेश्वर, दो नवंबर बंगाल की खाड़ी में चक्रवात ‘मुरासु’ के भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील होने के बाद ओडिशा सरकार ने सोमवार को संवेदनशील इलाकों से लोगों को निकालने का काम तेज कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। चक्रवात के प्रभाव से दक्षिणी ओडिशा में भारी बारिश होने का अनुमान है। चक्रवात के पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के तट पर आने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अपने ताजा बुलेटिन में बताया कि भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। यह तमिलनाडु के चेन्नई से लगभग 200 किलोमीटर पूर्व-उत्तरपूर्व, आंध्र प्रदेश के नेल्लोर से 210 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व, मछलीपट्टनम से 270 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व, कवाली से 220 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व और ओंगोल से 260 किलोमीटर दक्षिणपूर्व में केंद्रित था। इसमें कहा गया है कि इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और सोमवार रात 11:30 बजे से मंगलवार सुबह चार बजे के बीच ओंगोल के पास, नेल्लोर और नरसापुर के बीच एक भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट को पार करने का प्रबल अनुमान है। इस दौरान हवा की गति 100-110 किमी प्रति घंटा होगी, जो झोंकों के साथ 120 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। आईएमडी के सूत्रों ने बताया कि चक्रवात के प्रभाव से ओडिशा के कई इलाकों में हल्की बारिश शुरू हो गई है और धीरे-धीरे बारिश की तीव्रता बढ़ने का अनुमान है। अधिकारियों ने बताया कि मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य सरकार ने संवेदनशील इलाकों से लोगों को निकालने को प्राथमिकता दी है और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत किया है। ओडिशा के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि हालांकि चक्रवात के आंध्र प्रदेश के तट पर आने का अनुमान है, लेकिन इसका असर ओडिशा के कई हिस्सों, विशेषकर दक्षिणी जिलों गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट और मलकानगिरि में पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों के जिलाधिकारियों को सतर्क कर दिया गया है और दक्षिणी जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मंत्री ने बताया कि चक्रवात ‘अर्नब’ के दौरान तैनात की गई आपदा प्रतिक्रिया टीम ‘मुरासु’ के खतरे को देखते हुए अब भी उन्हीं स्थानों पर तैनात हैं। आईएमडी ने सोमवार को गजपति और गंजाम जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इसके साथ ही गरज, आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी अनुमान है। इसके अलावा रायगढ़ा, कोरापुट, मलकानगिरि, पुरी और खुर्दा जिलों में भी बारिश होने का अनुमान है।
चक्रवात 'मुरासु' का बढ़ा खतरा: 110 KM से चलेंगी हवाएं, समुद्र में उठेंगी ऊंची लहरें, आंध्र से ओडिशा तक अलर्ट cyclone murasu andhra pradesh odisha telangana tamil nadu weather alert preparations
बंगाल की खाड़ी में उठा मौसमी हलचल का दौर एक बड़े प्राकृतिक संकट में बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवाती तूफान 'मुरासु' (Cyclone Murasu) अब एक अति गंभीर चक्रवाती तूफान (Severe Cyclonic Storm) में तब्दील हो चुका है। यह तूफान बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम हिस्से में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इसके 2 नवंबर की आधी रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की प्रबल संभावना है। IMD ने अपने ताजा बुलेटिन में बताया कि पिछले छह घंटों में यह तूफान लगभग 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है। 2 नवंबर को तड़के 2:30 बजे (IST) यह इसी क्षेत्र में केंद्रित था। चक्रवात 'मुरासु' से ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह प्रभावित हो सकते हैं। 3 नवंबर की सुबह तक तट से टकराने की संभावना यह गंभीर चक्रवाती तूफान 13.6 उत्तरी अक्षांश और 82.5 पूर्वी देशांतर के पास स्थित है। यह चेन्नई से लगभग 260 किमी पूर्व-उत्तर-पूर्व, नेल्लोर से 290 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व, मछलीपट्टनम से 320 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व, कावली से 310 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व, ओंगोल से 330 किमी दक्षिण-पूर्व और विशाखापत्तनम से 470 किमी दक्षिण में है। इसे भी पढ़ें: Cyclone Arnab: ओडिशा में भूस्खलन और बाढ़ से 6 की मौत, CM माझी ने घोषित किया राहत पैकेज मौसम विभाग का कहना है कि 'मुरासु' के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और एक गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की प्रबल संभावना है। इस दौरान हवा की गति 100-110 किमी प्रति घंटा रह सकती है, और हवा के झोंके 120 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। IMD के अनुसार, इसके 2 नवंबर की रात 11:30 बजे से 3 नवंबर की सुबह 4 बजे के बीच, ओंगोल के पास नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट से टकराने की संभावना है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने दिल्ली दौरा रद्द किया, अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया आंध्र प्रदेश पर एक और चक्रवात का खतरा मंडरा रहा है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को संभावित प्रभावों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने राज्य पर चक्रवात के संभावित असर - जैसे बारिश और हवा के पूर्वानुमान - के साथ-साथ जल जलाशयों की स्थिति का भी जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने उन इलाकों में एहतियाती उपायों की समीक्षा की, जिनके प्रभावित होने की आशंका है। मुख्यमंत्री नायडू ने सोमवार को होने वाला अपना दिल्ली का दौरा भी रद्द कर दिया है इस मौसमी प्रणाली के कारण 2 नवंबर को दक्षिणी और मध्य तटीय जिलों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। 3 और 4 नवंबर को कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, और चक्रवात के तट से टकराते समय हवा की गति 110 किमी प्रति घंटे तक पहुँच सकती है। इसे भी पढ़ें: आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ रहा Cyclone Murasu, 3 नवंबर को तट से टकराने की आशंका जिन 20 मंडलों में बहुत भारी बारिश का अनुमान है, उनमें से 9 एलुरु जिले में हैं, 5-5 मंडल कृष्णा और एनटीआर जिलों में हैं, और 1 मंडल बापटला जिले में है। 3 नवंबर को, जिलों में औसत बारिश एलुरु में लगभग 179 मिमी, कृष्णा में 163 मिमी, एनटीआर में 161 मिमी, पश्चिम गोदावरी में 147 मिमी, गुंटूर में 119 मिमी और बापटला में 104 मिमी रहने की उम्मीद है। तमिलनाडु, तेलंगाना और ओडिशा हाई अलर्ट पर हैं ओडिशा को अपने दक्षिणी जिलों में तैयारियों को और मजबूत करना होगा, क्योंकि एक और शक्तिशाली तूफान इस क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। भुवनेश्वर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती ने बताया कि राज्य में 2 नवंबर से बारिश शुरू होने की संभावना है। चक्रवात के प्रभाव के कारण 3 नवंबर को बारिश की तीव्रता बढ़ेगी और 4 नवंबर तक जारी रहेगी। इसे भी पढ़ें: Odisha में चक्रवात ‘अर्नब’ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या बढ़कर 5 हुई, राहत कार्य जारी क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा अगले तीन दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताए जाने के बाद तमिलनाडु हाई अलर्ट पर है। 2 नवंबर को चेन्नई और तिरुवल्लुर में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, रानीपेट, वेल्लोर और नीलगिरी में भारी बारिश हो सकती है। 3 नवंबर को बारिश की तीव्रता कम होने की उम्मीद है, और भारी बारिश मुख्य रूप से नीलगिरी के कुछ इलाकों तक ही सीमित रह सकती है। चक्रवात 'मुरसु' के कारण भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए, चेन्नई और तिरुवल्लुर में 2 नवंबर को स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। इस बीच, IMD ने 2 नवंबर के लिए तेलंगाना के दक्षिणी क्षेत्र के कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। खम्मम, नलगोंडा, सूर्यपेट, महबूबनगर, नागरकुर्नूल और वानपर्थी जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। इसके अलावा, जनगांव, यादद्री भुवनगिरी, रंगारेड्डी, हैदराबाद और मेडचल-मलकाजगिरी जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। ओडिशा से सटे आंध्र प्रदेश के तट से टकराने वाला पिछला चक्रवात 'अरनाब' था। 28 अक्टूबर को जब यह तट से टकराया, तब हवा की गति 150 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई थी।
ओडिशा के गंजाम जिले में भूस्खलन से गांव तबाह, कई लोग लापता, बचाव अभियान जारी
भुवनेश्वर, 1 नवंबर . चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण हुई अप्रत्याशित बारिश के प्रभाव से 28 अक्टूबर को Odisha के गंजाम जिले के गिदिपाबली गांव में हुए भीषण भूस्खलन…
ओडिशा में आईपीएस अधिकारियों का बड़ा फेरबदल, यौन उत्पीड़न आरोप के बाद डीजीपी जेल सुशांत नाथ का तबादला
भुवनेश्वर, 1 नवंबर . Odisha Government ने Sunday को वरिष्ठ भारतीय Police सेवा (आईपीएस) अधिकारियों के बड़े फेरबदल की घोषणा की. एक बड़े घटनाक्रम में, Police महानिदेशक (डीजीपी)…
ओडिशा: मलकानगिरी में भारी बारिश और चक्रवाती तूफान की आशंका, 2 से 4 नवंबर तक स्कूल-कॉलेज बंद
New Delhi, 1 नवंबर . Odisha में चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण बाढ़ और भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित है. इस बीच, मौसम विभाग की ओर से भारी से…
ओडिशा में बाढ़ से घिरे गांव तक नौसेना ने हेलीकॉप्टरों से पहुंचाई राहत सामग्री
New Delhi, 1 नवंबर Odisha में चक्रवात अर्नब के बाद बाढ़ से लोग प्रभावित हुए हैं. प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए भारतीय नौसेना का अभियान लगातार…
Cyclone Arnab के बाद आ रहा एक और तूफान, Odisha से Delhi तक मचाएगा तबाही ! | IMD Alert
Cyclone Arnab के बाद आ रहा एक और तूफान, Odisha से Delhi तक मचाएगा तबाही ! | IMD Alert
Odisha News: चक्रवात अर्नब के खतरे के बीच चिलिका झील में फेरी और नाव सेवाएं निलंबित
27 अक्टूबर, मंगलवार: ओडिशा की चिलिका झील में चक्रवात अर्नब के खतरे के बीच फेरी और नाव सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से ओडिशा के कई इलाकों में तेज हवाओं और भारी बारिश की आशंका है।
OUSSSC recruitment 2026: 7,268 पदों पर निकली भर्ती, इस तरह करें आवेदन
PC: KALINGATV ओडिशा यूनिफ़ॉर्म्ड सर्विसेज़ स्टाफ़ सिलेक्शन कमीशन (OUSSSC) ने कंबाइंड यूनिफ़ॉर्म्ड सर्विसेज़ (ग्रेजुएट लेवल से नीचे) परीक्षा के लिए एक नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती में कांस्टेबल (सिविल), कांस्टेबल (कम्युनिकेशन), कांस्टेबल OISF, फायरफाइटर, फायरफाइटिंग ड्राइवर, ड्राइवर PMT और ट्रैफिक कांस्टेबल पदों के लिए 7,268 वैकेंसी हैं। एप्लीकेशन प्रोसेस 23 अक्टूबर को शुरू हुआ था और भर्ती के लिए अप्लाई करने की आखिरी तारीख 12 नवंबर रात 10 बजे तक है। कैंडिडेट्स को अपने एप्लीकेशन जमा करने से पहले एलिजिबिलिटी की शर्तें और डिटेल्ड नोटिफिकेशन देख लेना चाहिए। ज़रूरी तारीखें: नोटिफिकेशन की तारीख: 23 अक्टूबर एप्लीकेशन शुरू होने की तारीख: 23 अक्टूबर रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख: 12 नवंबर फीस पेमेंट की आखिरी तारीख: 13 नवंबर एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: कॉन्स्टेबल (सिविल): कैंडिडेट्स ने हायर सेकेंडरी (क्लास 12) परीक्षा या इसके बराबर की क्वालिफिकेशन पास की हो। कॉन्स्टेबल (कम्युनिकेशन): एप्लीकेंट्स के पास बताई गई साइंस क्वालिफिकेशन होनी चाहिए या उनके पास एलिजिबल इंजीनियरिंग डिप्लोमा होना चाहिए। कॉन्स्टेबल OISF: कैंडिडेट्स का क्लास 10 पास होना ज़रूरी है। फायरफाइटर और ट्रैफिक कांस्टेबल: एप्लिकेंट्स का क्लास 12 या इसके बराबर का एग्जाम पास होना ज़रूरी है। एज लिमिट भी पोस्ट के हिसाब से अलग-अलग होती है। कैंडिडेट्स को लागू एज क्राइटेरिया, छूट और दूसरी शर्तों के लिए डिटेल्ड एडवर्टाइजमेंट देखना चाहिए। अप्लाई कैसे करें: ऑफिशियल वेबसाइट ousssc.odisha.gov.in पर जाएं। कंबाइंड यूनिफॉर्म्ड सर्विसेज (बेलो ग्रेजुएट लेवल) एग्जामिनेशन 2026 के लिए रिक्रूटमेंट सेक्शन या लेटेस्ट नोटिफिकेशन खोलें। डिटेल्ड एडवर्टाइजमेंट पढ़ें और पसंदीदा पोस्ट के लिए एलिजिबिलिटी की ज़रूरतें चेक करें। ज़रूरी डिटेल्स का इस्तेमाल करके ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरा करें। लॉग इन करें और पर्सनल और एजुकेशनल जानकारी के साथ एप्लीकेशन फॉर्म भरें। बताए गए फॉर्मेट में ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। लागू एग्जामिनेशन फीस पे करें और फॉर्म में भरी गई सभी डिटेल्स चेक करें। एप्लीकेशन सबमिट करें और भविष्य के रेफरेंस के लिए कन्फर्मेशन पेज की एक कॉपी सेव कर लें।
8 अक्टूबर, गुरुवार: पुरी में सैंड आर्ट छात्रों ने 15 मिनट की सैंड एनिमेशन बनाकर दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी।
Odisha 10th Result 2024: सुबह 10 बजे जारी होगा 10वीं का रिजल्ट, यहां मिलेगा डायरेक्ट लिंक
Odisha 10th Result 2024: बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन, ओडिशा बीएसई ओडिशा मैट्रिक यानी कक्षा 10वीं का रिजल्ट सुबह 10 बजे जारी होगा। छात्र अपने स्कोरकार्ड सुबह 11.30 बजे से देख सकेंगे। जानें- कैसे चेक करना

