उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की वर्ष 2024 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था को देश के लिए एक उदाहरण बताया है। डीजीपी ने कहा कि किसी भी राज्य में अपराध की स्थिति को समझने का एकमात्र वैज्ञानिक आधार 'क्राइम रेट' होता है, और इस मामले में उत्तर प्रदेश की स्थिति राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर है। जहां देश का राष्ट्रीय क्राइम रेट 252.3 है, वहीं उत्तर प्रदेश का क्राइम रेट मात्र 180.2 दर्ज किया गया है। कागजों से निकलकर जमीन पर उतरी 'जीरो टॉलरेंस' नीति डीजीपी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अपराधियों के प्रति अपनाई गई 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अब धरातल पर पूरी तरह प्रभावी है। पिछले 9 वर्षों में पुलिसिंग के ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव किए गए हैं। आधुनिक पुलिस स्टेशन, हर थाने पर महिला हेल्प डेस्क, एंटी-रोमियो स्क्वॉड और संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई ने राज्य में कानून का इकबाल बुलंद किया है। कमजोर वर्गों को न्याय दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट की सक्रियता भी इसमें मददगार साबित हुई है। ज्यादा FIR दर्ज होना पारदर्शिता की निशानी पुलिस महानिदेशक ने एक महत्वपूर्ण बिंदु पर स्पष्टता देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अब कोई भी व्यक्ति बिना किसी डर के थाने जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। उन्होंने कहा, ज्यादा पंजीकरण (FIR) होना असल में एक संवेदनशील और पारदर्शी पुलिस बल की पहचान है। यूपी पुलिस अब डिजिटल माध्यमों पर आने वाली छोटी से छोटी शिकायत का भी संज्ञान लेती है। डीजीपी के अनुसार, पुलिस बल को अधिक सुलभ और पारदर्शी बनाना ही योगी सरकार का मुख्य विजन है। वैज्ञानिक तुलना ही सही आधार राजीव कृष्ण ने जोर देकर कहा कि केवल अपराधों की संख्या के आधार पर राज्यों की तुलना करना गलत है; तुलना हमेशा जनसंख्या के आधार पर 'क्राइम रेट' से होनी चाहिए। एनसीआरबी के आंकड़े साबित करते हैं कि उत्तर प्रदेश के सतत प्रयासों से अपराधों में भारी कमी आई है। राज्य पुलिस अब और अधिक तकनीकी और आधुनिक संसाधनों से लैस होकर जनता की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
राजस्थान पुलिस की सीआईडी सीबी की स्पेशल टीम ने बांसवाड़ा के कोतवाली थाना क्षेत्र में लूट-किडनैपिंग मामले में वांटेड बदमाश को अरेस्ट किया है। 12 साल से फरार चल रहे बदमाश पर 20 हजार रुपए का इनाम था। वह देहरादून के एक स्कूल में सिक्योरिटी गार्ड की जॉब कर फरारी काट रहा था। एडीजी (क्राइम) बिपिन कुमार पांडेय ने बताया- सीआईडी सीबी के हेड कॉन्स्टेबल कुलदीप सिंह को मुखबिर से सूचना मिली। बांसवाड़ा के कोतवाली थाने का पिछले 12 साल से फरार इनामी बदमाश दिवेश मौर्य देहरादून में पहचान छुपाकर रह रहा है। हुलिए के आधार पर सिक्योरिटी गार्ड के रूप में सूचना के पुख्ता होने पर देहरादून की विभिन्न सिक्योरिटी एजेंसियों से कॉन्टैक्ट किया गया। स्कूल में थी गार्ड ड्यूटी जांच के बाद पता चला कि आरोपी दिवेश मौर्य SIS सिक्योरिटी एजेंसी में कार्यरत है। वह वर्तमान में देहरादून के एक स्कूल में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर तैनात था। पुलिस टीम ने स्थानीय गढ़ी कैंट थाना पुलिस के सहयोग से घेराबंदी कर आरोपी को धर-दबोचा गया। पुलिस ने आरोपी दिवेश मौर्य पुत्र नंदलाल मौर्य निवासी न्यू वसंत विहार देहरादून को अरेस्ट किया। ऐसे दिया था वारदात को अंजाम वर्ष 2014 में बांसवाड़ा निवासी LIC एजेंट मनीष संचावत को बीमा कराने के बहाने बाबजी गार्डन के पास बुलाया गया था। वहां दो युवक उसकी कार में बैठे और पिस्तौल दिखाकर उसका किडनैप कर उदयपुर रोड की तरफ ले गए। आरोपियों ने उससे नकदी, पर्स और मोबाइल लूट लिया था। रास्ते में चिड़ियावासा के पास मौका मिलते ही मनीष संचावत कार से कूदकर भाग निकला। जांच के दौरान मौके पर मिले सामान के आधार पर आरोपियों की पहचान चिरायु गुप्ता, मोहित गुप्ता और दिवेश मौर्य के रूप में हुई थी। घटना के बाद से सभी आरोपी फरार चल रहे थे। आरोपी लगातार बदल रहे थे ठिकाने आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे और पहचान छिपाकर अलग-अलग स्थानों पर रह रहे थे। इसी कारण उनकी गिरफ्तारी पर 20-20 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। फिलहाल दिवेश मौर्य को पकड़ लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। टीम ने आरोपी को बांसवाड़ा कोतवाली थाना पुलिस को सुपुर्द कर दिया है। जहां उससे अन्य वारदातों और बदमाशों के बारे में पूछताछ की जाएगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दायर अवमानना याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। जब मामले की सुनवाई हुई, तो एकल न्यायाधीश ने इस केस को सुनने से अपने को अलग करते हुए मुख्य न्यायाधीश से नामांकन प्राप्त करने के बाद मामले को नए सिरे से दूसरी पीठ के समक्ष रखे जाने का अनुरोध किया। कोर्ट अवमानना का आवेदन आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज द्वारा अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग करते हुए दायर किया गया है। शंकराचार्य और मुकुंदानंद जमानत का उल्लंघन कर रहे दोनों धार्मिक नेताओं पर वर्तमान में नाबालिगों के साथ यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगे हैं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि विपक्षी पक्ष जानबूझकर उच्च न्यायालय द्वारा उन पर लगाई गई शर्तों का उल्लंघन कर रहे हैं, जबकि उन्हें पाक्सो मामले में अग्रिम जमानत दी गई थी। ये निर्देश 27 फरवरी (अंतरिम आदेश) और 25 मार्च (अंतिम आदेश) के आदेशों के माध्यम से पारित किए गए थे। आशुतोष महाराज , जो कथित अवमानना करने वालों के खिलाफ एफआईआर में पहले शिकायतकर्ता भी हैं, उनका दावा है कि न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप न करने के अदालत के सख्त निर्देशों के बावजूद, कथित अवमानना करने वालों ने नाबालिग पीड़ितों के गृह जिलों में अनधिकृत सार्वजनिक रैलियां और बैठकें आयोजित करके अपनी जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है। भड़काऊ बयानों से बटुकों और उनके घरवालों को डरा रहे याचिका में आगे आरोप लगाया गया है कि इन सार्वजनिक प्रदर्शनों और भड़काऊ मीडिया बयानों के माध्यम से, विपक्षी पक्ष नाबालिग पीड़ितों और उनके परिवारों को डराने, भय का माहौल बनाने और उनके खिलाफ चल रही न्यायिक कार्यवाही को अवैध रूप से प्रभावित करने का सक्रिय रूप से प्रयास कर रहे हैं। विपक्षी पक्ष सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना विभिन्न जिलों में यात्राएं/जुलूस निकाल रहे हैं और पीड़ित बच्चे के गृह जिले में जाकर जनसभाएं कर रहे हैं, भाषण दे रहे हैं और भड़काऊ बयान दे रहे हैं। इससे नाबालिग पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होने तथा पीड़ितों की सुरक्षा और निजता गंभीर रूप से प्रभावित होने की संभावना है। वे मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार करके समाज में लगातार भ्रम फैला रहे हैं और अदालती कार्यवाही को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं । याचिका में यह भी कहा गया है कि उपर्युक्त कार्यक्रमों के दौरान, धार्मिक हस्तियां विभिन्न समाचार चैनलों, सोशल मीडिया प्लेटफार्मों और सार्वजनिक मंचों पर बार-बार भड़काऊ, भ्रामक और झूठे बयान देती हैं, और आरोप लगाती हैं कि उनके खिलाफ मामले सरकार के इशारे पर दर्ज किए जा रहे हैं। आशुतोष महाराज का तर्क है कि इन बयानों का उद्देश्य समाज में भ्रम पैदा करना, न्यायालय की निष्पक्षता पर संदेह पैदा करना और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करना है, जो न्यायालय की अवमानना अधिनियम, 1971 के तहत दंडनीय अवमानना है। नाक काटने वाले 21 लाख के इनाम को उठाया अवमानना याचिका में आगे दावा किया गया है कि आवेदक (आशुतोष महाराज) की नाक काटने के लिए 21 लाख रुपये के इनाम की सार्वजनिक घोषणा की गई थी , जिसके परिणामस्वरूप 8 मार्च, 2026 को चलती ट्रेन के अंदर उन पर जानलेवा हमला हुआ, जिससे उन्हें चोटें भी आईं। इसके अलावा, आवेदक ने यह भी दावा किया है कि उसे एक पाकिस्तानी मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से जान से मारने की धमकी मिली है। इसमें उसे धमकी दी गई है कि अगर उसने मामले वापस नहीं लिए तो बम विस्फोट में उसे और उसके वकील को मार दिया जाएगा। याचिकाकर्ता का तर्क है कि ये लगातार धमकियां और हिंसा की घटनाएं न्याय प्रशासन में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप करती हैं।
जैसलमेर के भणियाणा कस्बे में पुराने क्राइम पैटर्न को दोहराकर पुलिस को खुली चुनौती भी दे रहे हैं। यहां स्थित ‘नयन मोबाइल एवं जनरल स्टोर’ में चोरों ने एक बार फिर फिल्मी अंदाज में छत के रास्ते घुसकर करीब एक लाख रुपए की नकदी ले गए। चोरी का पूरा तरीका साल 2020 में हुई उसी दुकान की सेंधमारी से हूबहू मेल खाता है। घटना के बाद भणियाणा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। दुकान बंद कर गया था परिवार, पीछे छोड़ गया था करीब 1 लाख कैश दुकानदार नयन (गोरधन राम) ने बताया कि 4 मई की शाम लगभग 7:30 बजे वे अपने सहयोगी हनीफ खां के साथ दुकान बंद कर एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने ससुराल चले गए थे। उस समय दुकान के मुख्य काउंटर और गल्ले में लगभग 95 हजार से 1 लाख रुपये नकद रखे हुए थे। पूरी दुकान सुरक्षित हालत में बंद की गई थी, लेकिन अगले दिन सामने आई घटना ने सबको हैरान कर दिया। गल्ला खोलते ही खुला चोरी का राज, टीन शेड बना एंट्री प्वाइंट नयन ने बताया कि अगले दिन सुबह दुकान खोलने पर सब कुछ सामान्य लगा, लेकिन दोपहर करीब 3 बजे जब एक सप्लायर को भुगतान के लिए गल्ला खोला गया तो नकदी गायब मिली। इसके बाद जांच करने पर पता चला कि चोरों ने दुकान की छत पर लगे टीन शेड के बोल्ट बेहद सफाई से खोलकर अंदर प्रवेश किया था। वारदात के बाद उन्होंने चद्दरों को वापस उसी तरह फिट कर दिया, जिससे बाहर से किसी को कोई शक न हो सके। 6 साल पुराना पैटर्न फिर दोहराया, 2020 वाली चोरी से मिलता है पूरा तरीका दुकानदार के अनुसार उनकी इसी दुकान में 21 अगस्त 2020 को भी बड़ी चोरी हुई थी, जिसकी एफआईआर नंबर 58/2020 दर्ज है। उस समय भी चोरों ने छत के रास्ते ही दुकान में सेंध लगाई थी और नकदी के साथ सैमसंग, वीवो और रियलमी जैसे ब्रांड के मोबाइल फोन चुरा ले गए थे। अब छह साल बाद एक बार फिर ठीक उसी तकनीक से वारदात होने पर शक गहराया है कि किसी पेशेवर गिरोह को दुकान की पूरी संरचना की जानकारी है। पुलिस जांच में जुटी, वैज्ञानिक टीम बुलाने की मांग घटना की सूचना पर भणियाणा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। 6 मई को इस संबंध में लिखित शिकायत देकर बीएनएस की धारा 331(4) और 305 के तहत मामला दर्ज करने की मांग की गई है। भणियाणा एएसआई रुगपुरी गोस्वामी ने बताया कि दुकान का मौका मुआयना किया गया है और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही दुकानदार द्वारा बताए गए शक के आधार पर भी लोगों से पूछताछ की जा रही है। पीड़ित ने पुलिस से मांग की है कि घटनास्थल पर फिंगरप्रिंट और वैज्ञानिक जांच टीम को बुलाया जाए, ताकि महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए जा सकें। साथ ही 2020 की वारदात में शामिल आरोपियों के रिकॉर्ड खंगालकर वर्तमान मामले से उनका मिलान करने की भी अपील की गई है।
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने साल 2024 में देश में हुए क्राइम की रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक राजधानी दिल्ली में महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। रिपोर्ट बताती है कि 2024 में मेट्रो शहरों में दिल्ली महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के मामले में शीर्ष पर रही है। 2024 में महिलाओं के खिलाफ 13,396 मामले दर्ज किए गए, जो 2023 में 13,366 थे। तमिलनाडु में महिलाओं के खिलाफ अपराध घटे हैं। 2024 में महिलाओं के खिलाफ 4,41,534 मामले दर्ज हुए, जो 2023 से 1.5% कम थे। सबसे अधिक 27.2% मामले पति के क्रूरता और अपहरण से संबंधित थे। दिल्ली में बुजुर्गों के खिलाफ अपराध बढ़ा दिल्ली में बुजुर्गों के खिलाफ 1,267 अपराध दर्ज किए गए। दिल्ली में बुजुर्गों के खिलाफ अपराधों की दर प्रति लाख आबादी पर 110 मामले रही, जो केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे ज्यादा दरों में से एक रही। मध्य प्रदेश सबसे ऊपर रहा, जहां 2024 में 5,875 मामले दर्ज किए गए, यह संख्या 2023 के 5,738 मामलों से ज्यादा है। दूसरी तरफ, देश में बुजुर्गों के खिलाफ अपराधों में चिंताजनक वृद्धि हुई है। 2024 में कुल 32,602 मामले दर्ज किए गए, जो 2023 के मुकाबले 16.9% ज्यादा हैं। देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध में 1.5% की गिरावट देश भर में कुल अपराध 6% घटे एनसीआरबी के मुताबिक, देश में कुल अपराध 6% घट गए हैं। 2024 में 58.85 लाख अपराध दर्ज किए गए, जबकि 2023 में 62.41 लाख मामले दर्ज किए गए थे। अपराध दर (प्रति लाख आबादी पर दर्ज मामले) भी एक साल में 448.3 से घटकर 418.9 रह गई। अपराध सुलझाने के केस में पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल सबसे आगे रहे। साइबर क्राइम: मेट्रो शहरों में बेंगलुरु सबसे आगे ……………………….. NCRB की यह रिपोर्ट भी पढ़ें… NCRB रिपोर्ट 2023- देश में 7% क्राइम बढ़ा: हत्या में यूपी, दुष्कर्म में राजस्थान आगे; महिलाओं के खिलाफ अपराध ने 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ा नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) ने अक्टूबर 2025 में साल 2023 के दौरान हुए अपराधों की रिपोर्ट सार्वजनिक की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 में देश में कुल 62 लाख 41 हजार 569 अपराध दर्ज हुए। ये 2022 की तुलना में 7.2% ज्यादा हैं।देशभर में महिलाओं पर 4.48 लाख अपराध दर्ज हुए, जो 10 साल में सबसे ज्यादा हैं। पूरी खबर पढ़ें
एनसीआरबी:इंदौर में 3 साल में अपराध 36% घटे, पर क्राइम रेट राष्ट्रीय औसत से दोगुना
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की 2024 की रिपोर्ट ने इंदौर को एक साथ राहत और चेतावनी दोनों दी है। राहत इसलिए कि पिछले तीन साल में शहर में कुल अपराधों का ग्राफ तेजी से गिरा है। 2022 में जहां 27,127 केस दर्ज हुए थे, वह 2024 में घटकर 17,360 रह गए हैं। लेकिन चेतावनी इसलिए क्योंकि इंदौर का क्राइम रेट (प्रति एक लाख की आबादी पर अपराध) 801.1 है, जो 418.9 के राष्ट्रीय औसत से लगभग दोगुना है। दुष्कर्म के मामले में इंदौर 6ठे नंबर: पुलिस कमिश्नरी लागू होने के 4.5 साल बाद भी दुष्कर्म के मामले में इंदौर 6ठे स्थान पर है। जबकि कानपुर, अहमदाबाद, कोलकाता, पटना, नागपुर, सूरत और गाजियाबाद जैसे शहर हमसे नीचे हैं। शेल्टर होम में महिलाओं और बच्चों से छेड़छाड़ के 25 केस दर्ज थे, जो सभी महानगरों में सबसे ज्यादा है। महिला अपराध में मप्र टॉप-5 में, बुजुर्ग-एसटी पर अत्याचार में नं. 1 19 प्रमुख महानगरों में दिल्ली महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के मामले में शीर्ष पर है। वहीं मप्र महिला अपराध में लगातार चौथे साल पांचवें स्थान पर रहा। यहां महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 32,832 मामले दर्ज हुए। साल 2022 में 32,765 केस थे, जो 2023 में घटकर 32,342 हुए। साल 2024 में राज्य में हर दिन औसतन 90 से ज्यादा महिला अपराध दर्ज हुए। दुष्कर्म के 3061 मामलों के साथ मप्र देश में चौथे नंबर पर रहा। हिंसक अपराध 47% बढ़ेइंदौर में हिंसक अपराध 1,641 से बढ़कर 2,405 हो गए। हत्या के मामले 51 से बढ़कर 62 हुए। अपहरण/किडनैपिंग की दर में भी इंदौर तीसरे नंबर पर है। दोषसिद्धि दर 54.3 फीसदीआईपीसी/बीएनएस मामलों में इंदौर में 14,922 मामलों की जांच थी। पुलिस ने 12,665 मामलों का निपटारा किया, 8,025 में चार्जशीट लगी। दोषसिद्धि दर 54.3% रही। केस घटने की यह वजह...2024 में नए कानूनों (बीएनएस) के लागू होने का असर थानों के आंकड़ों पर पड़ा है। पिछले साल के 24 हजार केस के मुकाबले इस साल लगभग 7 हजार केस कम दर्ज हुए।
सुप्रीम कोर्ट में चल रहे खनन कारोबारी महेंद्र गोयनका के चर्चित मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। इस केस की सुनवाई कर रहे जस्टिस जेबी पारदीवाला ने खुद को मामले से अलग कर लिया है। अब नई बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी। यह पूरा विवाद कंपनी के पैसों की हेराफेरी, चेक बाउंस और दिवालिया प्रक्रिया (IBC) से जुड़ा है। कानूनी जानकारों के मुताबिक, इस केस में मुख्य सवाल यह है कि अगर कोई कंपनी दिवालिया हो जाती है, तो क्या उसके डायरेक्टरों पर चेक बाउंस का आपराधिक केस चलाया जा सकता है? महेंद्र गोयनका की ओर से दायर याचिका में इसी तरह की कानूनी राहत की मांग की गई थी। संजय पाठक के परिवार की कंपनी के मैनेजमेंट में थे रायपुर के रहने वाले महेंद्र गोयनका रियल एस्टेट्र माइनिंग कारोबारी हैं। एमपी के विजयराघवगढ़ से बीजेपी विधायक संजय पाठक के परिवार की कंपनी यूरो प्रतीक इस्पात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजमेंट में अहम पोस्ट पर थे। गोयनका पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी साइन और जाली डॉक्यूमेंट्स के जरिए पाठक परिवार की कंपनी पर कब्जा जमाने की कोशिश की। अब चीफ जस्टिस तय करेंगे नए जज जस्टिस पारदीवाला के हटने के बाद अब यह फाइल चीफ जस्टिस (CJI) के पास जाएगी। अब चीफ जस्टिस तय करेंगे कि कौन से नए जज इस मामले की सुनवाई करेंगे। तब तक के लिए इस मामले की कार्यवाही टल गई है। जब कोई जज किसी मामले की सुनवाई से खुद को मना कर देता है, तो उसे कानूनी भाषा में 'रेक्यूजल' कहते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि फैसले पर कोई सवाल न उठा सके और न्याय पूरी तरह निष्पक्ष दिखे। यह खबर भी पढ़ें… जस्टिस को फोन मामले में संजय पाठक हाईकोर्ट में पेश हाईकोर्ट जस्टिस को फोन करने के मामले पर भाजपा विधायक संजय पाठक मंगलवार को हाईकोर्ट में पेश हुए। इस दौरान मीडिया ने उनसे बातचीत की कोशिश की, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए इस पर कुछ कहना उचित नहीं होगा। पूरी खबर यहां पढ़ें...
पंचकूला पुलिस ने घर में घुसकर चोरी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी किए गए लाखों रुपए के जेवर और 10 हजार की नकदी भी बरामद की है। यह मामला 25 अप्रैल को गांव अलीपुर निवासी रणजीत सिंह ने पुलिस चौकी रामगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि देर रात करीब 1:30 बजे एक अज्ञात व्यक्ति उनके घर में घुस गया और अलमारी से सोने का मंगल सूत्र, झुमके, अंगूठी, चांदी के कंगन, पायल तथा लगभग 20 हजार रुपए नकद चोरी कर फरार हो गया। इस शिकायत के आधार पर थाना चंडी मंदिर में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने आरोपी को दो दिन की रिमांड पर लिया एसीपी क्राइम अरविंद कंबोज के अनुसार, क्राइम ब्रांच सेक्टर-19 की टीम ने इंचार्ज मुकेश सैनी के नेतृत्व में गहन जांच और तकनीकी विश्लेषण किया। इसके परिणामस्वरूप, आरोपी रामशरण उर्फ सन्नी, निवासी अलीपुर इंडस्ट्रियल एरिया, पंचकूला को गिरफ्तार कर लिया गया। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 2 दिन का पुलिस रिमांड मिला। आरोपी की निशानदेही पर चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवरात और 10 हजार रुपए नकद बरामद किए गए। आरोपी को अब न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। डीसीपी अमरिंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि पंचकूला जिले में अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रतिबद्ध है।
हरियाणा पुलिस की स्टेट क्राइम ब्रांच (SCB) में कामकाज को और अधिक सुचारू और प्रभावी बनाने के लिए बड़े स्तर पर कार्य वितरण किया गया है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) संजय कुमार ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। इस आदेश के तहत आईपीएस (IPS) और एचपीएस (HPS) स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव करते हुए उन्हें विशेष यूनिट्स और नोडल जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यहां देखिए ऑर्डर की कॉपी... यहां पढ़िए किस अधिकारी को क्या मिली नई जिम्मेदारी आर्य रोहतक-गुरुग्राम ACB यूनिट्स देखेंगे आईजीपी राकेश कुमार आर्य को गुरुग्राम और रोहतक की एससीबी यूनिट्स के साथ-साथ स्थापना और कल्याण मामलों की देखरेख का जिम्मा सौंपा गया है। डीआईजी हामिद अख्तर को को पंचकूला हेडक्वार्टर के साथ हिसार, मधुबन और अंबाला यूनिट्स की कमान दी गई है। साथ ही, वे इंटरपोल संपर्क अधिकारी, मानव तस्करी (AHTU) के नोडल ऑफिसर और ड्रग्स सचिवालय से जुड़े मामलों को देखेंगे। डीआईजी वीरेंद्र विज फरीदाबाद, पलवल और नूंह जैसी महत्वपूर्ण यूनिट्स की निगरानी का काम मिला है। सुनील को मुधबन, हिसार, जींद, सिरसा, फतेहाबाद यूनिट मिली एसपी सुनील कुमार को मधुबन, हिसार, जींद, सिरसा और फतेहाबाद यूनिट्स का सुपरविजन सौंपा गया है। एसपी राजेश कुमार, गुरुग्राम यूनिट के साथ-साथ वे फेक करेंसी (FICN) और सीबीआई-इंटरपोल जैसी केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगे। एसपी पूजा डाबला, पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर यूनिट्स के साथ-साथ आंतरिक महिला शिकायत समिति का पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है। नोडल अधिकारी और विशेष नियुक्तियां आदेश के अनुसार, अमित दहिया (HPS) को रोहतक, झज्जर और दादरी का जिम्मा दिया गया है। इसके अलावा, सेवामुक्त अनुभवी अधिकारियों जैसे राजिंदर सिंह गंजियाल, ब्रिगेडियर संदीप सिंह कश्यप और रवि गंभीर को सलाहकार के तौर पर विभिन्न यूनिट्स में गाइडेंस और डॉग स्क्वायड की जिम्मेदारी दी गई है। सिस्टम को पारदर्शी बनाने पर जोर इस फेरबदल में 'लिंक ऑफिसर' (Link Officer) की व्यवस्था भी स्पष्ट की गई है, ताकि यदि कोई अधिकारी अवकाश या किसी अन्य ड्यूटी पर हो, तो दूसरा अधिकारी तुरंत उस कार्यभार को संभाल सके और जांच या प्रशासनिक कार्यों में कोई रुकावट न आए। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और इसकी प्रतियां राज्य के सभी संबंधित आईजी, डीआईजी और एसपी को कार्रवाई के लिए भेज दी गई हैं।
रोहतक में CITU नेता के घर देर रात को मानसेर क्राइम ब्रांच की टीम द्वारा बिना नंबर प्लेट की गाड़ी से आकर परिवार के लोगों को धमकाने के विरोध में प्रतिनिधिमंडल एसपी से मिला। सीटू नेताओं ने कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच करवाते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। पीड़ित सीटू नेता विनोद ने बताया कि रात को लगभग 1:30 बजे क्राइम ब्रांच का नाम लेकर चार -पांच लोग सादे कपड़ों और बिना नंबर प्लेट की सफेद रंग की बोलेरो गाड़ी में घर पहुंचे और जोर-जोर से गेट खटखटाने लगे। गेट न खोलने पर उनके परिवार के अन्य सदस्यों के घर भी पहुंचे और जबरन गेट खुलवाने की कोशिश की। विनोद ने बताया कि क्राइम ब्रांच के लोगों ने फोन का दुरुपयोग करते हुए फोन को चेक करने लगे। सारी रात उनके द्वारा घर के बाहर बैठे रहे, जिससे परिवार में काफी भय का वातावरण बन रहा । उसकी पत्नी पर अनावश्यक दबाव डाला। वह घर पर नहीं था, जिसके कारण परिवार काफी डर गया। झूठे मुकदमें बनाकर जेल में डालने का प्रयास विनोद ने बताया कि पूरे एनसीआर के जिलों में मजदूरों को न्यूनतम वेतन और बुनियादी सुविधाओं के न मिलने से काफी आक्रोश है। सरकार भी मजदूर आंदोलन की मांगों का समाधान करने की बजाय मजदूरों के आंदोलन को कुचलने व झूठे मुकदमें बना कर जेल में डाल रही है। रात के समय क्राइम ब्रांच पुलिस और स्थानीय पुलिस द्वारा ऐसा व्यवहार घोर आपत्तिजनक व गैरकानूनी है। घर पर पत्नी व 6 साल की बेटी थी अकेलीविनोद ने बताया कि घर पर रात के समय, उनकी पत्नी और 6 साल की बेटी थी। इस प्रकार से सादे कपड़े व बिना नंबर प्लेट की गाड़ी में आकर दरवाजा पीटना, डराना, धमकाना तथा उसके रिश्तेदार को जबरन घर से लाकर अकेली महिला को गेट खोलने के लिए मजबूर करना असहनीय है। पुलिस द्वारा ऐसा व्यवहार सभ्य समाज में किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। एएसपी को दिया दो दिन का अल्टीमेटम किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने कहा कि एएसपी आयुष यादव से मिलकर ज्ञापन दिया और घटनाक्रम की जांच करवाने व दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही एएसपी को दो दिन में जांच कार्यवाही का अल्टीमेटम दिया है। अगर दो दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो जनसंगठन प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
पंचकूला में नगर निगम चुनाव के दौरान चल रही निगरानी के चलते पुलिस ने उत्तर प्रदेश से आए एक हथियार सप्लायर को पकड़ा है। हथियार सप्लायर को रिमांड पर लेकर फिलहाल पुलिस पूछताछ में जुटी हुई हैं। पंचकूला क्राइम डीसीपी अमरिंद्र सिंह ने बताया कि उनकी टीमें रायपुररानी थाना के एरिया में इंटरस्टेट नाके पर जांच कर रही थी। इसी दौरान क्राइम ब्रांच की टीम को सूचना मिली कि एक युवक हथियार के साथ पंचकूला आ रहा है, जो पंचकूला में हथियार सप्लाई कर जाएगा। सहारनपुर का रहने वाला आरोपी क्राइम ब्रांच-26 की टीम ने तुरंत मौके पर दबिश देकर एक युवक को काबू किया। जिसने खुद को उत्तरप्रदेश के सहारनपुर जिले में देवबंद निवासी अजय के तौर पर हुई। आरोपी के पास से 365 बोर के 3 हथियार व 6 कारतूस मिले हैं। टीम ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर 4 दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपी यूपी से हथियार लेकर आए थे। जिनकी मार्केट में एक हथियार की कीमत करीब 15 हजार रुपए है। रिमांड पर चल रही पूछताछ पंचकूला क्राइम डीसीपी अमरिंद्र सिंह के अनुसार आरोपी से रिमांड में पता लगाया जा रहा है कि आखिर वो किसे ये हथियार देने वाला था। उन लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा, जिन्हें यह हथियार सप्लाई करने वाला था। अभी आरोपी की कोई पुरानी क्राइम हिस्ट्री नहीं मिली है।
मालपुरा गेट थाना पुलिस ने नकली सोना-चांदी बनाकर लोगों से ठगी करने वाली गैंग का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी की गई राशि में से 4.50 लाख रुपये नकद और नकली सोना-चांदी बनाने के उपकरण और सील मोहर बरामद की है। डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा ने बताया कि 3 मई को पीड़ित हरीश कुमार मीणा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसे संजय उदयवाल ने महबुब शेख निवासी अहमदाबाद गुजरात से मुलाकात करवाई। उसने मुझे बोला कि मैं चांदी बनाता हूं और चांदी को सस्ती बेचता हूं और इसके बाद महबुब शेख ने बार बार फोन कर फैक्ट्री पर बुलाया और मुझे चांदी बनाकर दिखाई। सस्ती चांदी देने का झांसा देकर 5 लाख रुपये ठग लिए गए। आरोपी उसे फैक्ट्री पर ले गए और नकली चांदी बनाकर दिखाते हुए अपने जाल में फंसा लिया। मामला दर्ज होने के बाद आरोपियों के किराये के मकान में पुलिस ने दबीश दी तो आरोपी सारा समान समेटकर फरार हो चुके थे। हालांकि इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल लोकेशन ट्रैक कर और आरोपियों का पीछा कर उन्हें अहमदाबाद से डिटेन कर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मेहबूब शेख (39) और इब्राहिम छीपा के रूप में हुई है, जो मूल रूप से अहमदाबाद के निवासी हैं और जयपुर में किराये पर रहकर वारदात को अंजाम दे रहे थे। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी नकली सोना-चांदी बनाकर उसे असली बताकर बेचने का झांसा देते थे और लोगों से मोटी रकम ऐंठ लेते थे। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस को आशंका है कि पूछताछ में अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।
पंजाब के युवक की उसके दोस्तों ने ही प्राइवेट प्राइवेट पर लात मारकर हत्या की थी। दोनों युवकों को पंचकूला की क्राइम ब्रांच-26 की टीम ने हिरासत में लिया है। जिन्हें आज कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर भी ले सकती है। पंचकूला में पंजाब के तिड़ा गांव के निवासी हरिंद्र सिंह का शव मिला था। वारदात के दिन चंडीगढ़ में अपनी कार में घूमते हुए देखा गया है। युवक नशे का आदी थी, जिसे परिवार के लोगों ने नशा मुक्ति केंद्र में भी रखा था। लत छोड़ने के बाद वह घर का काम संभालने लगा था। परिवार से पैर दर्द के इलाज का बहाना बनाकर घर से निकला था। नया गांव चंडीगढ़ में वह दोस्तों के पास पहुंचा। जहां पर उसने नशा किया। नशे में दोस्तों के साथ कहासुनी हुई तो यमुनानगर निवासी व एक पंजाब के युवक ने प्राइवेट पार्ट पर लात मारकर उसकी हत्या कर दी। हत्या करने वाले दोनों युवक नशा मुक्ति में उससे मिले थे। जहां मुलाकात के बाद वे दोस्त बन गए थे। हरिंद्र की 4 साल पहले शादी हुई थी, उसकी एक डेढ साल की बेटी है। शव को फैंककर अप्रोच रास्तों से निकले हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। दोनों आरोपी हरिंद्र की स्विफ्ट कार से ही पंचकूला के रायपुर रानी एरिया में पहुंचे। जहां पर पुल से शव को फैंक दिया। जिसके बाद दोनों आरोपी कार को रात के समय अप्रोच रास्तों से लेकर गए। जिसके कारण गाड़ी शव फैंकने वाले पुल से 3 किलोमीटर एरिया के बाद CCTV में नहीं आई। पेट-छाती पर घसीटने के निशान शव पर सिर व लेफ्ट साइड के कंधे पर चोट के गहरे निशान हैं। वहीं चेहरे पर भी 2 चोट के निशान मिले थे। कमर व छाती-पेट पर रगड़-घिसट के निशान बने हुए थे। जिससे पहले ही लग रहा था कि हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए इस जगह को चुना गया है।
साइबर क्राइम से निपटने नई तैयारी:अब थ्योरी नहीं, सीधे प्रैक्टिकल कर जांच के तरीके सीखेंगे पुलिस अफसर
प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों से निपटने के लिए मप्र पुलिस ने ट्रेनिंग सिस्टम में बड़ा बदलाव किया है। अब तक रिक्रूट्स को साइबर क्राइम का सैद्धांतिक ज्ञान दिया जाता था, लेकिन नई व्यवस्था में उन्हें सीधे उपकरण और सॉफ्टवेयर पर काम करवाकर जांच सिखाई जाएगी। इसके लिए मप्र पुलिस अकादमी भौंरी, पीटीसी इंदौर और पीटीएस तिघरा में साइबर फॉरेंसिक प्रशिक्षण लैब्स बनाई गई हैं। इन पर करीब 3.65 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। इन लैब्स में प्रशिक्षुओं को जब्त डिजिटल डिवाइस से डेटा निकालना, उसकी इमेजिंग करना, डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखना और बदलती साइबर तकनीकों पर काम करना सिखाया जाएगा। अभी इसकी शुरुआत ट्रेनी डीएसपी के दो बैच से की गई है, जिनमें 49 प्रशिक्षु शामिल हैं। यहां असली केस जैसी स्थिति बनाकर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जा रही है। डिजिटल डेटा निकालने, उसकी इमेजिंग करने और साक्ष्य सुरक्षित रखने की बारीकियां सिखाएंगे नई व्यवस्था में रिक्रूट्स को बेसिक ट्रेनिंग से ही डिजिटल एविडेंस हैंडलिंग, डेटा एक्सट्रैक्शन, साइबर हाइजीन और जांच के दौरान तकनीकी सावधानियां सिखाई जाएंगी। इससे जांच के दौरान होने वाली तकनीकी गलतियों को कम किया जा सकेगा और कोर्ट में डिजिटल साक्ष्य की स्वीकार्यता मजबूत होगी। आसपास के जिलों को भी मिलेगा फायदाये लैब सिर्फ ट्रेनिंग संस्थानों तक सीमित नहीं रहेंगी। आसपास के जिलों की पुलिस भी यहां आकर तकनीकी ट्रेनिंग ले सकेगी। इससे जिला स्तर पर साइबर अपराधों की जांच की क्षमता बढ़ेगी और मामलों का तेजी से निपटारा हो सकेगा। पुलिस ने 1086 ‘साइबर योद्धा’ चिन्हित किएमध्य प्रदेश पुलिस ने अपने प्रशिक्षण संस्थानों से 1086 पुलिस जवानों को ‘साइबर योद्धा’ के रूप में चिन्हित किया है। लिखित परीक्षा के जरिए चुने गए ये सभी जवान भविष्य में साइबर अपराधों की जांच में अहम भूमिका निभाएंगे। फैक्ट फाइल: मप्र में साइबर ठगी का बढ़ता दायरा कुल ठगी: 6 अरब 15 करोड़ 43 लाख रुपए से ज्यादा कुल केस: 64,764अवधि: वर्ष 2025भोपाल शहरी क्षेत्र कुल केस: 7,311ठगी गई राशि: 58.30 करोड़ रुपए औसत ठगी: करीब 80,000 रुपए प्रति व्यक्ति
क्राइम ब्रांच की टीम ने दो लोगों को पकड़ा। पकड़ाए दोनों मां-बेटे है, जो एमडी ड्रग्स और डोडोचूरा की तस्करी करने इंदौर आए थे। शनिवार को इसका खुलासा किया। आरोपियों के पास से 159 ग्राम एमडी ड्रग्स और 990 ग्राम डोडाचूरा जब्त किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 16 लाख रुपए हैं। दोनों से पूछताछ जारी है। डीसीपी राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि टीम को मुखबिर से रतलाम के लोगों के आने की सूचना मिली थी। सूचना पर टीम ने पत्थर गोदाम रोड पर घेराबंदी की और यहां पर बाइक पर सवार एक महिला-पुरुष को एक बैग के साथ पकड़ा। पुलिस को देख दोनों घबरा गए। पूछताछ की तो उन्होंने अपना नाम नावेद खान निवासी पिपलौदा रतलाम और मुमताज निवासी पिपलौदा होना बताया। दोनों मां-बेटे है। जब उनकी तलाशी ली तो टीम को 159 ग्राम एमडी ड्रग्स और 990 ग्राम डोडाचूरा मिला। जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 16 लाख रुपए है। वहीं बाइक सहित टीम ने 16 लाख 80 हजार रुपए का माल जब्त किया है। टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पूछताछ जारी है। युवक गैरज पर काम करता है, जबकि महिला दिहाड़ी वेतन पर मजदूरी करते हैं।
गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पंजाब पुलिस की साइबर क्राइम शाखा में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। यह शिकायत सोशल मीडिया पर प्रसारित उस फर्जी पोस्ट के खिलाफ है, जिसमें दुर्घटना में उनकी मौत का झूठा दावा किया गया था। मोहाली स्थित स्टेट साइबर क्राइम सेल के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) को भेजी गई अपनी शिकायत में रंधावा ने कहा कि इस भ्रामक पोस्ट को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर व्यापक रूप से साझा किया गया, जिससे जनता, उनके परिवार और समर्थकों के बीच दहशत और मानसिक परेशानी पैदा हुई। फर्जी पहचान का किया इस्तेमालसांसद रंधावा ने आरोप लगाया कि इस पोस्ट को विश्वसनीय बनाने के लिए इसमें मीडिया हाउस के नाम और पहचान का इस्तेमाल भी किया गया था। सत्यापन के बाद यह पाया गया कि उक्त मीडिया संस्थान द्वारा ऐसी कोई खबर प्रकाशित नहीं की गई थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सामग्री जनता को गुमराह करने के इरादे से रची गई थी। दोषियों पर कार्रवाई की रखी मांगरंधावा ने साइबर सेल से इस पोस्ट के स्रोत और इसे पहली बार साझा करने वाले व्यक्ति का पता लगाने और दोषियों की पहचान करने का आग्रह किया है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने और सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को इस भ्रामक सामग्री को हटाने या ब्लॉक करने के निर्देश देने की मांग की है। शिकायत में भविष्य में इस तरह की झूठी और भ्रामक जानकारी के प्रसार को रोकने के लिए निवारक उपाय करने की भी मांग की गई है। हालांकि, जब सासंद से उनके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनका फोन बंद पाया गया। बीते कल सोशल मीडिया पर वायरल किया था पोस्टरबता दें, बीते कल सोशल मीडिया पर एक पोस्टर वायरल हुआ। जिस पर गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर रंधावा की मौत होने की झूठी खबर फैलाई गई। एक मीडिया हाउस का लोगो किया गया वायरल पोस्टर तेजी से सर्कुलेट हुआ और सुखजिंदर रंधावा तक भी इसकी जानकारी पहुंची। जिसके बाद रंधावा ने अपने एक्स हैंडल पर अपने स्वस्थ होने की जानकारी साझा की। मैं चढ़दी कला विच हां - सुखजिंदर रंधावासुखजिंदर रंधावा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अफवाहों पर ध्यान ना दें। गुरु साहिब की कृपा से वे चढ़दी कला में हैं। जिसके बाद उनकी पोस्ट वाले पोस्टर को लोगों की ओर से विभिन्न सोशल मिडिया प्लेटफार्मों पर शेयर किया जाने लगा।
अलीगढ़ में विवेचना के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप में क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर महेश कुमार गौतम को निलंबित कर दिया गया है। एसएसपी नीरज जादौन ने देर रात यह कार्रवाई की। उनके खिलाफ थाना सिविल लाइन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद की गई, जिसमें इंस्पेक्टर गौतम पर रिश्वत लेने का आरोप है। आरोप है कि उन्होंने इगलास क्षेत्र की आनंद विहार कॉलोनी निवासी रामकुमार शर्मा से उनके भाई के मारपीट मामले की विवेचना के लिए अलग-अलग किस्तों में एक लाख रुपये वसूले।पीड़ित रामकुमार शर्मा के अनुसार, मार्च 2025 में हुए मारपीट प्रकरण की जांच इंस्पेक्टर के पास थी। आरोप है कि न्याय दिलाने के बजाय इंस्पेक्टर ने मामले को लंबा खींचा और कभी 50 हजार, कभी 25 हजार रुपये लिए। यहां तक कि एक मिठाई की दुकान पर 'विधिक राय' देने के नाम पर भी पांच हजार रुपये वसूल किए गए।रामकुमार शर्मा का आरोप है कि इंस्पेक्टर 'ऊपर तक पैसे पहुंचाने' की बात कहकर लगातार रकम मांगते रहे। सात महीने बीत जाने के बाद भी विवेचना पूरी नहीं हुई। हाल ही में इंस्पेक्टर ने 40 हजार रुपये और मांगे, जिसके बाद पीड़ित ने परेशान होकर उनका वीडियो बना लिया।पीड़ित ने रिश्वत लेने का यह वीडियो एसएसपी के सरकारी सीयूजी नंबर पर भेज दिया। वीडियो सामने आते ही एसएसपी नीरज जादौन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कराई। प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया।फिलहाल, थाना सिविल लाइन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED) का डायरेक्टर बताकर भोजपुर के DM तनय सुल्तानिया से ठगी की कोशिश करने वाले अभिषेक अग्रवाल का मॉडस ऑपरेंडी सामने आया है। वो अधिकारियों को अपने झांसे में लेने के लिए खुद को सीनियर IAS का साला बताता था। लग्जरी गाड़ियों में बैठकर अफसरों से मिलने जाता था और उन्हें महंगे गिफ्ट भी देता था। भोजपुर के डीएम से ठगी की कोशिश से पहले अभिषेक ने खुद को पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय करोल बताकर 2022 में तत्कालीन डीजीपी एसके सिंघल को झांसे में लिया था। अभिषेक अग्रवाल तत्कालीन DGP एसके सिंघल को वाट्सऐप कॉल करता था। डीजीपी फोन उठाते ही उसे सर-सर बोलते थे। अभिषेक इतना शातिर था कि उसने डीजीपी को 40 से 50 बार कॉल किया, लेकिन सिंघल को पता तक नहीं चला। अभिषेक पटना के बुद्धा कॉलोनी के रहने वाला है। उसने एमबीए की पढ़ाई की है। अभिषेक से करीब 2.61 लाख रुपए कैश और मोबाइल बरामद हुआ है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। अभिषेक अग्रवाल कैसे अफसरों से दोस्ती करता था? ठगी के अलावा अभिषेक क्या करता था? भोजपुर के डीएम को कैसे और कब अभिषेक ने कॉल किया था? आखिर अभिषेक का काला चिट्ठा कैसे सामने आया? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले जानिए कैसे अफसरों से दोस्ती करता था अभिषेक अभिषेक अग्रवाल ठगी के अलावा पेशे से टाइल्स कारोबारी था। जब पहली बार किसी अधिकारी को कॉल करता था तो उनकी खूब प्रशंसा करता था, अधिकारियों को ईमानदार बताता था। फिर धीरे-धीरे उनके करीब आ जाता था। जब अधिकारी अभिषेक से कंफर्टेबल हो जाता था तो वो महंगे टाइल्स, इटालियन मार्बल लेकर अफसरों घर पहुंच जाता था और अपने खर्च से उनके घरों में टाइल्स मार्बल लगवा देता था। इसके अलावा अभिषेक अग्रवाल IAS, IPS, जज और नेताओं के पास पहुंचने के लिए अपनी बड़ी गाड़ी और महंगे गिफ्ट देता था। गृह मंत्री का पीएस बनकर भी अफसरों को फोन करता था एक अधिकारी के मुताबिक, अभिषेक कई बार गृह मंत्री का पर्सनल सेक्रेटरी बनकर भी अफसरों को कॉल करता था। इसके अलावा, अफसरों को झांसे में लेने के लिए सोशल मीडिया का भी यूज करता था। बड़े-बड़े अधिकारियों, नेताओं के साथ फोटो क्लिक कराकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करता था, ताकि कोई उसे सोशल मीडिया पर सर्च करे तो लगे कि उसकी पहुंचे बड़े लोगों तक है। अभिषेक साल 2022 में जब तत्कालीन डीजीपी एसके सिंघल को कॉल करता था, तो उसने खुद को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय करोल साबित करने के लिए वाट्सएप डीपी और ट्रू कॉलर पर उनकी तस्वीर लगाई थी, ताकि DGP को लगे कि वो मुख्य न्यायाधीश संजय करोल है। डीजीपी पर नाराज होकर धौंस दिखाता था अभिषेक पूछताछ में अभिषेक ने बताया था कि कई बार उसने डीजीपी पर नाराज होकर धौंस दिखाया था। उसके बाद अवैध शराब के मामले में डीजीपी ने आईपीएस अफसर आदित्य कुमार क्लीनचिट दिया गया था। अभिषेक ने ठगी के लिए तत्कालीन DGP संजीव कुमार सिंघल की तस्वीर और नाम का यूज किया था। उसने अपने एक वॉट्सऐप अकाउंट की डीपी पर DGP की तस्वीर लगाई थी। इसके बाद इस नंबर से उसने कई पुलिस अफसरों को मैसेज भी किया था। डीजीपी की तस्वीर देखकर अफसरों को भी लगता था कि ये नंबर एसके सिंघल का ही है। अभिषेक अपनी पहुंच तत्कालीन बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद तक भी बताता था और कहता था कि वे उनके पड़ोसी हैं। 17 साल के लड़के से खुली थी अभिषेक की पूरी कहानी पटना के दीवान मोहल्ला झाऊगंज के रहने वाले 17 साल के राहुल कुमार के घर की स्थिति ठीक नहीं थी। उसके पिता शत्रुघ्न ठाकुर को साल 2015 में लकवा मार गया था, जिसके बाद से राहुल की मां मोहल्ले में ही लोगों के घर चौका बर्तन करती थी। लेकिन इतनी कमाई नहीं होती थी कि घर ठीक से चल पाए। इसलिए राहुल ने घर की आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा के सीएसपी में काम करने लगा। साथ ही पार्ट टाइम में मुर्गन कम्युनिकेशन मोबाइल की दुकान पर भी बैठने लगा। एक दिन अचानक राहुल के मोबाइल पर बिहार के आर्थिक अपराध इकाई की ओर से कॉल आया। राहुल ने अपना नाम और पता बताया। जब EOU के अफसरों ने राहुल से पूछताछ कि तो उसने बताया कि मेरे नाम से दो सिमकार्ड अलॉट हैं, लेकिन दोनों सिमकार्ड मेरे पास नहीं है। इसके बाद EOU के अफसरों ने उसे बताया कि तुम्हारे नंबर से किसी ने खुद को पटना हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस बताते हुए डीजीपी को फोन किया था। राहुल ने EOU के अफसरों को बताया कि मैं गौरव राज की मोबाइल दुकान पर पार्ट टाइम जॉब करता हूं। गौरव ने मेरे आधार कार्ड को लिंक करके अंगूठा का निशान लिया था, लेकिन सिमकार्ड नहीं दिया था। गौरव ने राहुल को बताया कि सिम एक्टिवेट नहीं हो सका है। राहुल ने EOU अधिकारियों से कहा कि ऐसा गौरव दो से तीन बार कर चुका है। राहुल को लेकर गौरव के पास पहुंचे EOU के अफसर राहुल से मिली जानकारी के बाद EOU की टीम उसे साथ लेकर गौरव के पास पहुंची। गौरव ने एक दूसरे लड़के शुभम का नाम बताया। गौरव ने बताया कि मैंने 5000 के एवज में शुभम को दो सिमकार्ड दिए थे। इसके बाद EOU के अफसर राहुल और गौरव को लेकर शुभम के पास पहुंचे। शुभम ने बताया कि मैं बोरिंग रोड स्थित रमेश जायसवाल की मोबाइल शॉप में काम करता हूं। रमेश ने ही मुझसे दो सिमकार्ड की मांग की थी। तब मैंने 5000 रुपए देकर गौरव राज से सिम मांगा था। गौरव, राहुल के आधार कार्ड का यूज कर सिमकार्ड निकाला था। तीनों लड़कों से पूछताछ के बाद EOU के अफसर रंजन जायसवाल तक पहुंची। यहां रंजन जायसवाल ने बताया कि अभिषेक अग्रवाल मेरे रेग्यूलर कस्टमर हैं। अभिषेक ने ही दो सिम के साथ दो मोबाइल देने को बोला था। उन्होंने कहा था कि सिम किसी और के नाम से निकलवा कर देना। किसी सीनियर पुलिस अधिकारी को देना है। राहुल, गौरव, शुभम, रंजन को लेकर EOU के अफसर पटना के बोरिंग रोड नागेश्वर कॉलोनी के निलय अपार्टमेंट में रहने वाले अभिषेक अग्रवाल के पास पहुंची। पहले तो अभिषेक अग्रवाल ने आनाकानी की। लेकिन जब EOU की टीम ने सख्ती दिखाई तो अभिषेक टूट गया। उसने बताया कि आईपीएस अधिकारी आदित्य कुमार से उसकी पुरानी दोस्ती है, उसे केस से बचाने के लिए ही पूरी कहानी रची थी।
बिहार के युवक पांडव कुमार की दिल्ली में हुई हत्या के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को पूरे राज्य में जोरदार प्रदर्शन किया। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के आह्वान पर जिला स्तर पर विरोध-प्रदर्शन आयोजित किए गए। सीवान जिला कांग्रेस कमिटी के नेतृत्व में शहर के जेपी चौक पर आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया गया, जहाँ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पुतला दहन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने “पांडव कुमार को न्याय दो”, “बिहारियों को निशाना बनाना बंद करो”, “पटना रेप पीड़िता को न्याय दो” और “फर्जी मुकदमे वापस लो” जैसे नारों के साथ बढ़ते अपराध पर कड़ी नाराजगी जताई। कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए और दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा देने की मांग की। 'दिल्ली, केंद्र सरकार और बिहार—तीनों जगह भाजपा की सरकार' पुतला दहन के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली, केंद्र सरकार और बिहार—तीनों जगह भाजपा की सरकार है, इसके बावजूद एक बिहारी युवक की पहचान के आधार पर हत्या हो जाना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखेगी। किसान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अशोक कुमार सिंह ने पटना रेप पीड़िता के मामले को उठाते हुए कहा कि न्याय की मांग करने वाले कांग्रेस नेताओं पर ही मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, जबकि अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने इन मुकदमों को वापस लेने की मांग की। राज्य में अपराधियों का मनोबल बढ़ चुका - कांग्रेस नेता विश्वनाथ यादव वहीं कांग्रेस नेता विश्वनाथ यादव ने कहा कि राज्य में अपराधियों का मनोबल बढ़ चुका है। दिनदहाड़े हत्याएं और गोलीबारी की घटनाएं आम हो गई हैं, जिससे आम जनता में भय का माहौल है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी आम जनता की आवाज बनकर इन मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह पांडव कुमार को न्याय दिलाने और राज्य में कानून-व्यवस्था बहाल कराने के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।
RSS के कार्यक्रम में जाने से प्रमोशन होने की बात जस्टिस स्वर्णकांता ने नहीं कही
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो साल 2024 में काशी विद्यापीठ में आयोजित एक कार्यक्रम का है, जहां भाषण में स्वर्णकांता शर्मा ने अपने आगे बढ़ने का श्रेय भगवान शिव और विश्वविद्यालय को दिया था.
बंदर मूवी प्रिव्यू: सच्ची घटना से प्रेरित बॉबी देओल और अनुराग कश्यप की क्राइम थ्रिलर
अनुराग कश्यप निर्देशित फिल्म ‘बंदर: मंकी इन अ केज’ एक सच्ची घटना से प्रेरित क्राइम-थ्रिलर है। बॉबी देओल मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म का प्रीमियर 2025 टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ और यह 22 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर 'दलदल' में सबसे खौफनाक विलेन बन सकती हैं भूमि पेडनेकर
भूमि पेडनेकर ने अब तक ऐसे किरदार निभाए हैं जो बेहद वास्तविक और भरोसेमंद लगे हैं। लेकिन उनकी साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर ‘दलदल’ शायद वह सरप्राइज़ है, जिसका इंतज़ार दर्शक कर रहे थे। ट्रेलर में भूमि को डीसीपी रीटा फरेरा के रूप में पेश किया गया है, जो एक ...
भूमि पेडनेकर की क्राइम थ्रिलर 'दलदल' का टीजर रिलीज, इस दिन प्राइम वीडियो पर होगा प्रीमियर
प्राइम वीडियो ने अपनी हिंदी क्राइम थ्रिलर सीरीज 'दलदल' की दुनिया भर में प्रीमियर की डेट रिलीज कर दी है। यह सीरीज 30 जनवरी को रिलीज हो रही है। इसके साथ ही 'दलदल' का जबरदस्त, खौफनाक टीज़र भी जारी किया गया है। विष धमिजा की बेस्टसेलिंग किताब भेंडी ...
प्राइम वीडियो की तेलुगु क्राइम थ्रिलर फिल्म 'चीकाटीलो' का रोमांचक ट्रेलर रिलीज
प्राइम वीडियो ने अपनी इमोशनल तेलुगु क्राइम सस्पेंस ड्रामा 'चीकाटीलो' का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज कर दिया है। तेजी से विकसित हो रहे हैदराबाद की पृष्ठभूमि पर आधारित इस कहानी में संध्या की यात्रा दिखाई गई है, जो एक ट्रू-क्राइम पॉडकास्टर है। शोभिता धुलिपाला ...
एमेजन एमजीएम स्टूडियोज इंडिया ने अपनी आगामी थियेट्रिकल रिलीज फिल्म 'निशांची' का धमाकेदार फर्स्ट लुक पोस्टर रिलीज कर दिया है। अजय राय और रंजन सिंह द्वारा जार पिक्चर्स के बैनर तले, फ्लिप फिल्म्स के साथ मिलकर प्रोड्यूस की गई ये फिल्म एक रोमांचकारी ...
क्रिमिनल जस्टिस 4 में एक अलग अवतार में दिखीं बरखा सिंह, बोलीं- मैं खुद को साबित करना चाहती थी
बरखा सिंह भारतीय सिनेमा के सबसे होनहार चेहरों में से एक हैं। उन्होंने विभिन्न मंचों पर काम करते हुए, बाधाओं को पार किया है और अपने लिए एक रास्ता बनाया है। दर्शकों और आलोचकों को उनके किरदारों और अभिनय के तरीके से बेहद प्यार है। एक इंटरव्यू में बरखा ...
राणा नायडू सीजन 2: नए किरदारों के साथ क्राइम, एक्शन और इमोशन का जबरदस्त तड़का
राणा नायडू सीजन 2' में गालियों में कमी और ड्रामा में बढ़ोतरी हुई है। अर्जुन रामपाल का 'रॉफ' और कृति खरबंदा जैसे नए किरदार कहानी को नया मोड़ देते हैं। राणा और नागा के किरदार पहले की तरह दमदार हैं, जो परिवार को मुश्किलों से निकालते हैं। सीरीज की ...
अनुराग कश्यप लेकर आए क्राइम ड्रामा फिल्म निशांची, इस दिन सिनेमाघरों में होगी रिलीज
अनुराग कश्यप एक नई गहन क्रामइ ड्रामा फिल्म 'निशांची' लेकर आ रहे हैं। अमेजन एमजीएम स्टूडियो ने इस फिल्म का टीजर शेयर करते हुए इसकी थिएट्रिकल रिलीज डेट का ऐलान कर दिया है। अनुराग कश्यप द्वारा निर्देशित ये फिल्म हालात को हूबहू पर्दे पर उतारने वाली और ...
प्राइम वीडियो ने अपनी आगामी रोमांचक इन्वेस्टीगेटिव क्राइम थ्रिलर 'स्टोलन' का दमदार ट्रेलर लॉन्च कर दिया है। अनुराग कश्यप, किरण राव, निखिल आडवाणी और विक्रमादित्य मोटवानी जैसे दिग्गज फिल्ममेकर्स की एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर टीम के साथ 'स्टोलन' करण ...
सोनू सूद की फतेह इस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हुई स्ट्रीम, साइबर क्राइम की काली दुनिया को दिखाती है फिल्म
बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद की फिल्म 'फतेह' को सिनेमाघरों में मिलाजुला रिस्पॉन्स मिला था। इस फिल्म से सोनू सूद ने निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रखा है। साइबर क्राइम पर आधारित इस फिल्म में सोनू सूद के साथ जैकलीन फर्नांडिस मुख्य भूमिका में नजर आईं। वहीं ...
क्राइम पेट्रोल एक्टर नितिन चौहान का निधन, 35 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। टीवी के जाने-माने एक्टर नितिन चौहान का निधन हो गया है। वह महज 35 साल के थे। एक्टर की मौत की वजह की कोई आधिकारिक जानकरी सामने नहीं आई है। नितिन रियलिटी शो 'दादागिरी 3 के विनर रह चुके हैं।
Mirzapur 3 के बाद Prime Video ने किया एक और क्राइम-थ्रिलर सीरीज का एलान, 'मटका किंग' बनकर धूम मचाएगा ये एक्टर
गशमीर महाजनी और Surbhi Jyoti की नई क्राइम-थ्रिलरसीरीज Gunaah का टीजर हुआ लॉन्च, जाने कब और कहां होगी स्ट्रीम
डिज़्नी प्लस हॉटस्टार ने आखिरकार शुक्रवार को क्राइम ड्रामा सीरीज़ क्रिमिनल जस्टिस के बहुप्रतीक्षित चौथे अध्याय की घोषणा कर दी, जिसमें पंकज त्रिपाठी मुख्य भूमिका में हैं। नई किस्त में अभिनेता पंकज त्रिपाठी अलौकिक वकील माधव मिश्रा के रूप में वापसी करेंगे। एक बयान में, अभिनेता ने कहा कि नया अध्याय मिश्रा के जीवन और जटिल मामलों को इतनी आसानी और स्थायित्व के साथ सामने लाने की उनकी क्षमता के बारे में विस्तार से बताएगा। पंकज त्रिपाठी के हवाले से बताया गया कि ऑन-स्क्रीन वकीलों की प्रसिद्धि के हॉल में, मुझे लगता है कि माधव मिश्रा ने क्रिमिनल जस्टिस के साथ अपनी जगह बना ली है। मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि सीरीज़ में माधव का किरदार मुझसे कितना मिलता-जुलता है। हर जीत मुझे अपनी जैसी लगती है और हर हार ऐसी लगती है एक व्यक्तिगत क्षति। मैं डिज़्नी+हॉटस्टार पर नए सीज़न की घोषणा करने के लिए उत्साहित हूं और मुझे उम्मीद है कि दर्शक इस सीज़न को पहले की तरह ही प्यार देना जारी रखेंगे। डिज़्नी प्लस हॉटस्टार ने पोस्ट को कैप्शन दिया ''कोर्ट जारी है, और नए सीज़न की तैयारी भी। आ रहे हैं माधव मिश्रा, #HotstarSpecials #CriminalJustice के नए सीज़न के साथ!'' इसे भी पढ़ें: Rakhi Sawant Condition is Critical | क्रिटिकल है एक्ट्रेस राखी सावंत की हालत, पूर्व पति रितेश ने शेयर किया है हेल्थ अपडेट फ्रेंचाइजी के बारे में जानकारी क्रिमिनल जस्टिस की शुरुआत 2018 में अपने पहले सीज़न के साथ हुई थी जिसे 2008 में इसी नाम की ब्रिटिश टेलीविजन श्रृंखला से रूपांतरित किया गया था। क्रिमिनल जस्टिस: बिहाइंड क्लोज्ड डोर्स नामक दूसरा सीज़न 2020 में आया, इसके बाद तीसरा अध्याय, क्रिमिनल जस्टिस: अधूरा सच, 2022 में आया। क्रिमिनल जस्टिस का निर्माण अप्लॉज़ एंटरटेनमेंट द्वारा किया गया है। इसे भी पढ़ें: Scam 2010 The Subrata Roy Saga: हंसल मेहता ने किया 'स्कैम' के तीसरे सीजन का ऐलान, सहारा की कहानी पर केंद्रित होगा नया शो बता दें कि पंकज त्रिपाठी आखिरी बार मर्डर मुबारक में नजर आए थे। फिल्म में सारा अली खान, विजय वर्मा, आदित्य रॉय कपूर और करिश्मा कपूर समेत कई स्टार कलाकार शामिल हैं। होमी अदजानिया द्वारा निर्देशित यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है। वह अगली बार मिर्ज़ापुर 3 में नज़र आएंगे। रिलीज़ डेट की अभी घोषणा नहीं की गई है। View this post on Instagram A post shared by Disney+ Hotstar (@disneyplushotstar)
सस्पेंस, क्राइम और थ्रिलर का रखते है शौक तो OTT पर फौरन निपटा डाले ये जबरदस्तसाउथ फिल्में,हॉलीवुड भी लगने लगेगा फीका
सलमान खान के घर फायरिंग मामला: मुंबई क्राइम ब्रांच ने पांचवें आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया
सलमान खान के घर फायरिंग मामले में ताजा घटनाक्रम में मुंबई क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को पांचवें आरोपी मोहम्मद चौधरी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। इंडिया टीवी के अतुल सिंह की एक रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद चौधरी ने दो शूटरों, सागर पाल और विक्की गुप्ता को पैसे देकर और रेकी करके भी मदद की। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, चौधरी को आज मुंबई लाया जा रहा है जहां उसे किला कोर्ट में पेश किया जाएगा और पांच दिन की हिरासत की मांग की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Kareena Kapoor Khan ने Saif Ali Khan के बड़े बेटे इब्राहिम की नवीनतम तस्वीरों पर सबसे मनमोहक टिप्पणी की इससे पहले, अनुज थापन नाम के एक आरोपी ने पुलिस हिरासत में चादर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बता दें, अनुज पर शूटरों को हथियार मुहैया कराने का आरोप है। थापन को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले, बांद्रा में अभिनेता के आवास के बाहर गोलीबारी करने वाले दोनों शूटर विक्की गुप्ता और सागर पाल को गुजरात के भुज से हिरासत में लिया गया था। इसे भी पढ़ें: सलमान खान के घर के बाहर गोली चलाने के मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य गिरफ्तार सलमान खान के घर फायरिंग मामले की जानकारी मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, कथित तौर पर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग करने वाले शूटरों के पास दो बंदूकें थीं और उन्हें 10 राउंड गोलियां चलाने का आदेश दिया गया था. 14 अप्रैल की सुबह, दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आए और अभिनेता के आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर चार गोलियां चलाईं। घटना के बाद हमलावर तेजी से मौके से भाग गए। निगरानी फुटेज से पता चला कि दोनों संदिग्धों ने टोपी पहन रखी थी और बैकपैक ले रखा था। इस महीने की शुरुआत में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने का अनुरोध किया था. अनमोल बिश्नोई ने घटना के कुछ घंटों बाद अपने फेसबुक प्रोफाइल के जरिए सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। सलमान खान की नवीनतम सार्वजनिक उपस्थिति सलमान खान हाल ही में लंदन में थे जहां उन्होंने ब्रिटेन के ब्रेंट नॉर्थ निर्वाचन क्षेत्र से सांसद बैरी गार्डिनर से मुलाकात की। इंटरनेट पर कई तस्वीरें वायरल हुईं, जिनमें बैरी और सलमान दोनों वेम्बली स्टेडियम के अंदर नजर आ रहे हैं।
Nikkhil Advani BirthdaySpecial :रोमांस-क्राइम और थ्रिलर के बेताज बादशाह है निखिल अडवानी, पढ़िए उनका पूरा फिल्मी सफरनामा
Salman Khan फायरिंग मामले में पुलिस को मिली अबतक की सबसे बड़ी कामयाबी, क्राइम ब्रांच के हाथ लगे दो और अपराधी
Salman Khan फायरिंग केस में आया बिलकुल तड़कता-भड़कता अपडेट,मुंबई क्राइम ब्रांच के हाथ लगा एक और पुख्तासबूत
Salman Khan फायरिंग केस मेंक्राइम ब्रांच को गुजरात से मिला बड़ा कनेक्शन, मामले में हुआ अबतक का सबसे सनसनीखेज खुलासा
रोंगटे खड़े कर देंगी सीरियल किलर्स पर बनी ये क्राइम-थ्रिलर, खून ख्राबार देखकर उड़ जाएगी रातों की नींद
रोंगटे खड़े कर देंगी सीरियल किलर्स पर बनी येक्राइम-थ्रिलर, खून ख्राबार देखकर उड़ जाएगी रातों की नींद
Salman Khan फायरिंग केस में आया नया मोड़! भाईजान कोमारना नहीं था शूटर्स का मकसद,क्राइम ब्रांच ने किया चौकाने वाला खुलासा
Salman Khan के घर हुई फायरिंग के मामले में आया नया मोड़,क्राइम ब्रांच कोपुर्तगाल से मिला बड़ा कनेक्शन, जाने क्या है मामला
Salman Khan के घर हुईफायरिंग के केस में क्राइम ब्रांच को मिली बड़ी सफलता, इस राज्य में पकड़े गए दोनों आरोपी
धमाकेदार बीतने वाला है अप्रैल का ये हफ्ता, क्राइम-थ्रिलर के साथ देशभक्ति का तड़का लगाने आ रही है ये धांसूफिल्में और सीरीज
मुंबई क्राइम ब्रांच का एक्शन, सलमान के घर फायरिंग करने वाले दोनों शूटर दबोचे
Salman Khan House Firing: एक्टर सलमान खान के घर पर फायरिंग करने वाले दोनों आरोपियों को भुज से गिरफ्तार कर लिया गया. मुंबई क्राइम ब्रांच को ये कामयाबी मिली. आरोपी बिहार के पश्चिमी चंपारण के रहने वाले बताए जा रहे हैं. रविवार को गैलेक्सी अपार्टमेंट पर फायरिंग कर भुज फरार हो गए थे. देखें ये वीडियो.
सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जांच करेगी मुंबई क्राइम ब्रांच, इन धाराओं में दर्ज किया केस
Salman Khan firing case: बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर रविवार तड़के दो अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी कर दी। इस हमले के बाद हर कोई सलमान खान की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर कर रहा है। बांद्रा पुलिस ने दो अज्ञात शख्स के ...
April में OTT पर तहलका मचाने आ रही है ये धमाकेदार फिल्में और सीरीज, मिलेगा एक्शन से लेकर क्राइम-थ्रिलर तक का मजा
क्राइम-थ्रिलर कंटेंट देखने के है शौकीन! तो फौरन देख डाले UP के माफियाओं पर बनी येवेब सीरीज,खौफनाक कहानियां खड़े कर देंगी रोंगटे

