तरनतारन में ADR सेंटर का शिलान्यास:जस्टिस ग्रेवाल बोले- आपसी विवाद सुलझाने में मील का पत्थर बनेगा
तरनतारन: जिले के नागरिकों को सुलभ और सस्ता न्याय प्रदान करने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया गया। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत, तरनतारन जिला अदालत परिसर में तीन मंजिला एडीआर (Alternative Dispute Resolution) सेंटर का भव्य शिलान्यास किया गया। पंजाब स्टेट फ्री लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी की सचिव नवजोत कौर ने विधिवत रूप से इस केंद्र की नींव रखी। शिलान्यास समारोह के दौरान पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के जस्टिस अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह नया एडीआर सेंटर तरनतारन के लोगों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने बताया कि इस केंद्र के माध्यम से मुफ्त कानूनी सहायता, समझौता सदन, जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड और स्थायी लोक अदालत जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। इससे विवादों को आपसी सहमति से सुलझाने में तेजी आएगी। इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एस. कंवलजीत सिंह बाजवा, उपायुक्त (DC) राहुल (IAS), जिला पुलिस प्रमुख सुरेंद्र लांभा, कई न्यायिक अधिकारी, बार एसोसिएशन के वकील और स्थानीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। वन की संरचना और सुविधाएं मुख्य लाभ:
शहर में क्राइम को कंट्रोल व निगरानी के लिए पुलिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लेना शुरू कर दिया है। इसके लिए यूपी पुलिस के एआई आधारित यक्ष ऐप के लिए अपराध और अपराधियों के लिए हर थाने में डिजिटल कुंडली तैयार की जा रही है। थाने स्तर पर चौकी व बीट इंचार्ज से अपराधियों व अपराध से जुड़े डेटा की फीडिंग करवाई जा रही है। अपराधी, अपराध, अपराध के हॉटस्पॉट व अन्य ब्यौरा फीड होने के बाद एआई के जरिए पुलिस छोटी सी छोटी जानकारी आसानी से मिलनी शुरू हो जाएगी। अभी तक जितने डेटा की फीडिंग हो गई है उससे पुलिस ने ट्रायल के तौर पर मदद लेनी शुरू कर दी है। इसके परिणाम सकारात्मक रहे हैं। नोएडा पुलिस दिल्ली के उन अपराधियों व गैंग का भी ब्यौरा ऐप के लिए डिजिटली तैयार कर रही है जिनकी शहर में सक्रियता रहती है। अपराध के पैटर्न को किया जा रहा फीडपुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऐप को लेकर बीट स्तर तक पर प्रशिक्षण दिया गया है। एआई आधारित इस ऐप पर जितना ज्यादा डेटा फीड किया जाएगा उतना ही मददगार होगा। अपराधियों के साथ उनके क्षेत्र, अपराध के पैटर्न को भी फीड किया जा रहा है। ऐसे में अगर किसी क्षेत्र में कोई अपराध होता है तो उस पैटर्न से जुड़े अपराधियों का ब्यौरा पुलिस के पास होगा। थानों से पकड़े अपराधियों की फोटो अपलोडफिर कौन सा अपराधी जेल में है और कौन बाहर इस हिसाब से पुलिस के लिए छटनी आसान होगी। सभी 26 थानों में जो अपराधी पकड़े जा रहे हैं और जो फरार हैं उनके फोटो की फीडिंग भी की जा रही है। बीट कॉन्स्टेबल अपने क्षेत्र में संदिग्ध लोगों की गतिविधि व उनके फोटो को भी रखेंगे और ऐप के जरिए रिपोर्ट करेंगे। लखनऊ से होगी ऐप की निगरानीजल्द ही हर थाने के हिस्ट्रीशीटर, वांछित अपराधी, सक्रिय अपराधी, गैंग इस ऐप पर दिखने लगेंगे। अगर अपराधी नोएडा से ठिकाना बदल कर गाजियाबाद या प्रदेश के किसी दूसरे जिले में जाकर रहने लगता है। सत्यापन में यह बात सामने आने पर बीट प्रभारी इसे रिपोर्ट करेंगे तो उस जिले की पुलिस उस अपराधी की निगरानी शुरू कर देगी। ऐप की पूरी निगरानी लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय से की जा रही है। ऐप में चेहरे और आवाज से होगी पहचान अगर कोई भी व्यक्ति संदिग्ध व अपराधी है तो इस ऐप पर उसके फोटो के जरिए उसके अपराधी होने का ब्यौरा सामने आ जाएगा। इसके लिए एआई पावर्ड फेसियल रिकग्निशन व एआई पावर्ड वायस सर्च की सुविधा भी है। पुलिस इसके लिए बड़े अपराधियों के वाइस सैंपल भी सुरक्षित कर रही है।
Justice Varma: इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज यशवंत वर्मा को कैश कांड मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका मिला है. कोर्ट ने उनकी महाभियोग कार्यवाही को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है.
पटना जोनल IG जितेंद्र राणा ने शुक्रवार को हाई लेवल मीटिंग की। इसमें पटना पूर्वी इलाके में हो रही आपराधिक घटनाओं और उससे संबंधित इन्वेस्टिगेशन की समीक्षा की। इस दौरान पटना पूर्वी एसपी परिचय कुमार, ASP सदर अभिनव, SDPO और थानेदार मौजूद रहे। IG ने इलाके के टॉप 10 अपराधियों की गिरफ्तारी, भू माफियाओं पर निगरानी, कंकड़बाग और जक्कनपुर में पेंडिंग पड़े मामलों के इन्वेस्टिगेशन में तेजी लाने समेत 14 पॉइंट्स पर अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए हैं। 1. पेंडिंग मामलों के डिस्पोजल में तेजी लाये। 2. दोनों अनुमंडल क्षेत्र के सभी थानेदार अगले 3 महीने में पेंडिंग पड़े मामलों का तेजी से निपटारा करें। 3. गंभीर मामलों के फास्ट डिस्पोजल के लिए दोनों अनुमंडल क्षेत्र के सभी थानेदार, सर्किल इंस्पेक्टर , SDPO द्वारा चिह्नित 5-5 मामलों के निपटारे के निर्देश दिए गए हैं। 4. कंकड़बाग और जक्कनपुर थाना में बहुत मामले पेंडिंग हैं। जिसके डिस्पोजल में तेजी लाने के लिए थानेदारों को निर्देश दिया गया है। 5. गौरीचक थाना में गंभीर मामलों में भी अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। जिसकी समीक्षा करते हुए IG ने भारी असंतोष जाहिर किया। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी और कुर्की में तेजी लाने के निर्देश दिए। 6. अवैध शराब की विनष्टीकरण में तेजी लाते हुए मद्य निषेध से संबंधित मामलों के डिस्पोजल शीघ्र करने के आदेश दिए गए हैं। 7. अवैध ड्रग्स और नशे के कारोबारियों का नेटवर्क का पता लगाते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। 8. कुख्यात अपराधियों के अपराध के जरिए जमा की गई संपत्ति पर बी०एन०एस०एस० की धारा 107 की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। 9. सभी थानेदार कुख्यात / ईनामी टॉप-10 अपराधियों की गिरफ्तारी में तेजी लाएं। 10. कुख्यात अपराधियों को चिह्नित करते हुए उनके ऊपर सीसीए करें और जेल से छूटे कुख्यात अपराधी पर विधिवत निगरानी करें। 11. भूमि-विवाद के निपटारा के लिए संबंधित प्रखंड के अंचलाधिकारी से समन्वय स्थापित करके रेगुलर बैठक करें। सक्रिय भू-माफियाओं पर निगरानी रखें। जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करें। 12. बैंक, ज्वेलरी शॉप और अन्य महत्त्वपूर्ण प्रतिष्ठानों का सुरक्षा ऑडिट करते हुए आगे की कार्रवाई करने के लिए सभी थानाध्यक्षों को निर्देशित किया गया है। 13. आगामी सरस्वती पूजा और विसर्जन जुलूस पर विशेष सतर्कता बरतें और चिह्नित असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिया गया है। 14. अनुसंधान और विधि-व्यवस्था में लापरवाह पदाधिकारी को चिह्नित कर कार्रवाई करें।
भूमि पेडनेकर स्टारर क्राइम थ्रिलर सीरीज ‘दलदल’ का टीजर रिलीज हो गया है। एक मिनट सात सेकंड के टीजर की शुरुआत वर्निंग से होती है। पूरा टीजर खौफनाक सीन्स से भरा हुआ है। मुंबई की पृष्ठभूमि पर आधारित, यह सीरीज मुंबई क्राइम ब्रांच की नवनियुक्त डीसीपी रीता फरेरा की कहानी है, जिसका किरदार भूमि सतीश पेडनेकर ने निभाया है। दलदल की कहानी डीसीपी रीटा फरेरा के इर्द-गिर्द घूमती है। रीटा एक ऐसी पुलिस अधिकारी हैं जो न्याय के लिए समर्पित हैं, लेकिन अपने अतीत की गलती और अंदर के डर से परेशान भी हैं और वह एक बेरहम कातिल का पीछा करने के एक खौफनाक मिशन में फंस जाती है। टीजर दर्शकों को एक ऐसे दुनिया में ले जाता है जहां हिंसा और मानसिक डर सिर्फ चौंकाने वाला नहीं है, बल्कि लंबे समय तक असर डालता है। टीजर की बर्बरता के चित्रण से साफ है कि यह सीरीज कमजोर दिल वालों के लिए नहीं है। मूल रूप से, दलदल सिर्फ एक क्राइम-सस्पेंस कहानी नहीं है, बल्कि यह आघात और नैतिकता की गहन पड़ताल भी है। यह कहानी केवल यह नहीं पूछती कि अपराध किसने किया, बल्कि उससे कहीं अधिक भयावह सवाल उठाती है कि ऐसा क्यों किया गया। भूमि पेडनेकर के साथ, सीरीज में समारा तिजोरी और आदित्य रावल भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। बता दें कि 'दलदल' विष धमिजा की बेस्टसेलिंग किताब ‘भिंडी बाजार’ पर आधारित है, जिसे विक्रम मल्होत्रा तथा सुरेश त्रिवेणी ने इसे प्रोड्यूस किया है। इसका निर्देशन अमृत राज गुप्ता ने किया है और कहानी त्रिवेणी के साथ श्रीकांत अग्निस्वरन, रोहन डिसूजा, प्रिया सग्गी और हुसैन हैदरी ने लिखी है। 'दलदल' का प्रीमियर 30 जनवरी को भारत समेत दुनिया भर के 240 से अधिक देशों में ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम पर होगा।
अधजले नोटों का मामला, सुप्रीम कोर्ट का जस्टिस यशवंत वर्मा को झटका, याचिका खारिज
Justice Yashwant Verma News : इलाहाबाद उच्च न्यायालय के जज जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ चल रहा कैश कांड अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। दिल्ली कैश कांड में फंसे जस्टिस यशवंत वर्मा को उच्चतम न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। उच्चतम न्यायालय ने ...
Cash Case: जस्टिस यशवंत वर्मा को लगा बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका
Justice Varma: जस्टिस यशवंत वर्मा को बड़ा झटका लगा है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस वर्मा ने याचिका दायर कर लोकसभा स्पीकर की ओर से गठित कमेटी के गठन को चुनौती दी थी. उनकी याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है.
इंदौर क्राइम ब्रांच ने 513 ग्राम एमडी ड्रग जब्त की है। इंदौर में इसकी कीमत करीब 3 हजार रुपए प्रति ग्राम बताई जा रही है। क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपियों को सौदा करने के लिए बुलाया, इसके बाद उन्हें मौके से पकड़ लिया। डीसीपी राजेश त्रिपाठी के मुताबिक, क्राइम ब्रांच की टीम ने निखिल वदानिया, निवासी मंदसौर, मुकेश धनगर उर्फ बबलू, निवासी मंदसौर, और कमलेश गायरी, निवासी राजस्थान को गिरफ्तार किया है। आरोपी ड्रग सप्लाई करने का काम करते थे। जब वे बाइक से माल लेकर पहुंचे और क्राइम ब्रांच की टीम को देखा तो भागने लगे। इस बीच गिरने के दौरान तीनों घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, निखिल पर पहले से तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें मंदसौर पुलिस कार्रवाई कर चुकी है। आरोपियों के पास से क्राइम ब्रांच की टीम ने एक बाइक, एमडी ड्रग और तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त माल की कीमत भारतीय मुद्रा में 15 लाख रुपए से अधिक आंकी गई है। रईस बनने के लालच में करने लगे तस्करी शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि तीनों आरोपी ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं और दिहाड़ी मजदूरी का काम करते थे। ज्यादा पैसे कमाने के लालच में उन्होंने यह अवैध कारोबार शुरू किया। हालांकि, जांच में यह भी सामने आया है कि वे केवल ड्रग की डिलीवरी करते थे, जबकि इसके पीछे सक्रिय तस्कर कोई और हैं। क्राइम ब्रांच अब उन आरोपियों की जानकारी जुटा रही है।
हापुड़ की बाबूगढ़ पुलिस ने रात्रि चेकिंग के दौरान दो शातिर वाहन लुटेरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से अवैध हथियार, जिंदा कारतूस, लूटी गई स्कूटी और चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। कोतवाली प्रभारी मुनीष प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस चैकिंग कर रही थी। तभी बाइक सवार 2 युवकों को रोका गया।। जिनकी पहचान उचित निवासी रसूलपुर, बाबूगढ़, हापुड़ और रौनक त्यागी निवासी बनखण्डा, बाबूगढ़, हापुड़) के रूप में हुई। तलाशी के दौरान, दोनों अभियुक्तों के पास से 315 बोर के दो तमंचे और दो जिंदा कारतूस मिले। इसके अतिरिक्त, 12 जनवरी 2026 को लूटी गई एक स्कूटी भी बरामद हुई। पूछताछ में अभियुक्तों ने 1 जनवरी 2026 को थाना बीबीनगर क्षेत्र से एक मोटरसाइकिल चोरी करने की बात भी स्वीकार की। इस संबंध में थाना बीबीनगर, बुलंदशहर में मुकदमा पंजीकृत है। पुलिस पकड़े गए बदमाश से पूछताछ कर रही है और उनकी अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
मुरैना जिला स्वास्थ्य विभाग को अब गंभीर मरीजों को ग्वालियर या दिल्ली रेफर करने में परेशानी नहीं होगी। मंशापूर्ण मनकामेश्वर महादेव मंदिर परमार्थ लोक न्यास जौरा ने विभाग को एक अत्याधुनिक सर्वसुविधायुक्त एंबुलेंस भेंट की है। न्यास के मुख्य संरक्षक और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जितेंद्र माहेश्वरी ने विधिवत पूजन कर यह एंबुलेंस विभाग को सौंपी। इस दौरान कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। अभी तक जिले में उपलब्ध एंबुलेंस में आधुनिक तकनीकों का अभाव था। इस नई एंबुलेंस में वेंटिलेटर से लेकर सभी जीवन रक्षक (Life Support) सुविधाएं मौजूद हैं। न्यास द्वारा भेंट की गई इस एंबुलेंस से क्रिटिकल मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाने में बड़ी राहत मिलेगी। रास्ते में नहीं टूटेंगी सांसें मुरैना जिले से आपातकालीन स्थिति में जब गंभीर मरीजों को ग्वालियर या दिल्ली रेफर किया जाता था, तो एंबुलेंस में अत्याधुनिक सुविधाएं न होने के कारण कई मरीजों की रास्ते में ही मौत हो जाती थी। अब इस वेंटिलेटर सपोर्ट वाली एंबुलेंस के आने से मरीजों को सुरक्षित बड़े अस्पतालों तक पहुंचाया जा सकेगा और उनकी जान बचाई जा सकेगी। कलेक्टर और व्यापारी रहे मौजूद कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जितेंद्र माहेश्वरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। एंबुलेंस की चाबी सौंपने से पहले विधिवत पूजन किया गया। इस अवसर पर मुरैना कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़, शहर के मुख्य व्यापारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और एसबीआई बैंक के अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद रहे।
IPS विवेकानंद ने पूर्णिया रेंज के IG के रूप में अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। जॉइन करने के बाद से ही एक्शन मोड में दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्णिया रेंज में क्राइम कंट्रोल, इन्वेस्टिगेशन और लॉ एंड ऑर्डर पर उनका फोकस होगा। स्मैक के बढ़ते ट्रेंड को रोकना, क्राइम पैटर्न को समझ अपराध और अपराधियों पर लगाम कसना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। दो दशक बाद दोबारा से यहां आकर उनकी यादें ताजा हो गई है। हर हाल में क्राइम पर लगाम कसेंगे। पूर्णिया पहुंचते ही महिला सिपाहियों की एक टुकड़ी ने IG विवेकानंद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद SP स्वीटी सहरावत ने बुके देकर IG का स्वागत किया। इसके बाद वे अपने दफ्तर पहुंचे। अपना पदभार ग्रहण किया। इसके बाद उन्होंने SP के साथ क्राइम कंट्रोल को लेकर चर्चा की। साल 2008 के सीनियर आईपीएस विवेकानंद एसटीएफ पटना में डीआईजी रहे हैं। इनसे पहले सीनियर आईपीएस विनोद कुमार, रत्न संजय, सुरेश चौधरी, शिवदीप वामन राव लांडे एवं राकेश राठी पूर्णिया के आईजी रह चुके हैं। आईपीएस राकेश राठी के तबादला के बाद आईपीएस प्रमोद कुमार मंडल को पूर्णिया का डीआईजी बनाया गया था। क्राइम कंट्रोल पर फोकस रहेगा पदभार ग्रहण करने के बाद पूर्णिया रेंज के IG विवेकानंद ने कहा कि करीब 2 दशक बाद दोबारा से यहां आकर उनकी यादें ताजा हो गई है। इससे पहले 2002 में धमदाहा और 2003 में पूर्णिया SDPO का चार्ज संभाल चुके हैं। अब एक बार फिर से इस क्षेत्र में काम करने का मौका मिला है। हर हाल में वे क्राइम पर लगाम कसेंगे। क्राइम सिनेरियो को समझकर जिलावार एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। पूर्णिया और आसपास के जिलों में अपराध और अपराधियों के पैटर्न पर रिसर्च किया जाएगा। अपराधियों की क्रिमिनल हिस्ट्री और आपराधिक गैंग की कार्यशैली को समझकर विशेष प्लान तैयार किया जाएगा। पूर्णिया रेंज में क्राइम कंट्रोल पर फोकस होगा। ब्रूटल क्राइम और जघन्य हत्याओं पर संगठित अपराध पर नकेल कसने के लिए भी प्लान तैयार किया जाएगा। वहीं, स्मैक के बढ़ते ट्रेंड को रोकना उनकी अहम प्राथमिकता होगी, क्योंकि हाल में हो रहे तमाम तरह के अपराध स्मैक जैसे नशे के सेवन के बाद दी जा रही है।
रामकृष्ण आश्रम:क्राइम ब्रांच की जांच पर सवाल आरोपी तुषार ने 2.5 करोड़ निकाले, रिकवरी जीरो
रामकृष्ण मिशन आश्रम के साथ हुई 2.53 करोड़ की ठगी के मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की भूमिका सवालों के घेरे में है। इस केस के प्रमुख आरोपियों में से एक, तुषार गोमे ने 10 जनवरी से 28 मार्च 2025 के बीच चेक से ढाई करोड़ रुपए निकाले। ये राशि अलग-अलग लोगों के खाते में ट्रांसफर हुई थी। इससे ये स्पष्ट है कि तुषार व उसके साथियों ने रामकृष्ण मिशन आश्रम के साथ हुई 2.53 करोड़ की ठगी के अलावा देशभर में अन्य जगह भी डिजीटल अरेस्ट की वारदात को अंजाम दिया और उससे प्राप्त राशि तुषार गोमे ने चेक के माध्यम से निकाली। हालांकि, क्राइम ब्रांच अभी तक उससे एक रुपया भी बरामद नहीं किया जा सका है। बता दें कि तुषार गोमे 19 अप्रैल 2025 से जेल में बंद है। इन कारणों से क्राइम ब्रांच की जांच पर उठे सवाल पूरा मामला एक नजर में ... 11 अप्रैल 2024 को रामकृष्ण मिशन आश्रम के तत्कालीन सचिव स्वामी सुप्रदिप्तानंद के साथ 2,52,99,000 रुपए की डिजीटल ठगी हुई। डिजीटल अरेस्ट कर उनके साथ घटना को अंजाम दिया गया। इसकी रिपोर्ट क्राइम ब्रांच में 15 अप्रैल को दर्ज की गई। एटीएम से 30.49 लाख, चेक से 95.51 लाख निकाले क्राइम ब्रांच ने कोर्ट में जो जवाब पेश किया, उसमें बेहद चौकाने वाली जानकारी सामने आई। इसमें खुलासा हुआ कि शुरुआत में ठगी की राशि 2.53 करोड़, को 10 बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया। उसके बाद इसी राशि को 538 अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया। इसके बाद एटीएम से 30.49 लाख (61 बैंक खातों से), 15 बैंक खातों से चेक के माध्यम से 95.51 लाख रुपए निकाले गए। इसके अलावा अन्य माध्यम से 42 बैंक खातों में 96.53 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए। जवाब में ये भी बताया गया कि इस केस में कार्रवाई करते हुए कुल 178 बैंक खातों को होल्ड किया गया है। इसमें होल्ड की गई राशि 9.70 लाख रुपए है।
मेरठ के सरधना विधानसभा क्षेत्र के गांव लखीमपुर जलालपुर में हुई रोहित और सोनू की हत्या के मामले में फिर से तूल पकड़ने के बाद जांच को स्थानांतरित कर दिया है। हत्याकांड के खुलासे के बाद केस में अपराधी को जेल भेजने के बाद फिर से अब इसकी जांच सरधना थाने से स्थानांतरित कर क्राइम ब्रांच को दे दी गई है। मेरठ SSP द्वारा यह फैसला लिया गया है। सबसे पहले जाने क्या है पूरा मामला ....... मेरठ में 5 जनवरी को एक युवक जल्दी लाश मिली थी हालांकि पुलिस इस मामले का खुलासा भी कर चुकी है। पुलिस के अनुसार युवक की पहले ईट मार कर हत्या की गई इसके बाद साक्ष्य मिटाने के लिए उसकी लाश को जला दिया गया, लेकिन लोगों का कहना है की मृतक को जिंदा जलाकर मारा गया है। आरोपी ठाकुर समाज से इसलिए इस मामले में भी अब कपसाड़ गांव की तर्ज पर ही राजनीति सक्रिय हो गई है लगातार विपक्षी डालोगे नेता ट्वीट कर और पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए इसका विरोध कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन द्वारा पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है आसपास के जिलों की पुलिस से लेकर RAF तक पूरा प्रशासन दोनों गांवों में तैनात है। बताया गया कि रोहित उर्फ सोनू की हत्या के संबंध में धारा 103(1)/238 बीएनएस के तहत दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस ने एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसकी विवेचना थाना सरधना पुलिस द्वारा की जा रही थी लेकिन 14 जनवरी को पीड़ित परिवार ने प्रकरण की विवेचना किसी राजपत्रित अधिकारी से कराए जाने का अनुरोध किया। इसको देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से जांच अपराध शाखा को सौंपने का निर्णय लिया।
मेरठ के चर्चित कपसाड़ कांड में नया मोड आ गया है। आरोपी पारस सोम के परिवारजन उसके बचाव में उतर आए हैं। उन्होंने न्यायालय की शरण ली है। तीन अधिवक्ताओं का पैनल उन्होंने किया है। अधिवक्ताओं के अनुसार पारस नाबालिग है। नाबालिग से जुड़े मामलों की सुनवाई जुवेनाइल बोर्ड करता है। उनकी कोशिश है कि यह केस जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में ट्रांसफर हो। पारस की गिरफ्तारी के बाद ही उसकी उम्र को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। दावा किया जा रहा था कि पारस नाबालिग है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही थी। इस मामले में पारस की उम्र से जुड़े दस्तावेजों की तलाश शुरू की गई। कुछ दस्तावेज सामने भी आए हैं, जिसके अनुसार पारस की उम्र 18 साल से कम है। हाई स्कूल के प्रमाण पत्र में उसकी जन्म तिथि 11 मई 2008 है। पहले जानिए क्या है पूरा मामला... मेरठ के सरधना स्थित गांव कपसाड़ का रहने वाला पारस सोम इसी गांव की दलित समाज की युवती रूबी को अगवा करके फरार हो गया। फरार होने से पहले उसने रूबी की मां सुनीता पर बलकटी से हमला किया, जिसमें सुनीता की मौत हो गई। पारस पर अपहरण और हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस उसकी तलाश में जुट गई। सहारनपुर से गिरफ्तार हुआ पारस तीन दिन तक पुलिस की 10 टीम पारस और उसके द्वारा अपहरण की गई रूबी की तलाश में जुटी रही। 10 जनवरी की रात एक टीम ने पारस को सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से रूबी को भी मुक्त करा लिया गया। कोर्ट ने पारस को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा है। फिलहाल जेल के अंदर पारस बैरक नंबर 19 यानि मुलाहिजा बैरक में है। तीन अधिवक्ताओं के पैनल ने की पुष्टि बुधवार को इस मामले में तीन अधिवक्ताओं का पैनल भी सामने आ गया। पैनल में एडवोकेट बलराम सोम, एडवोकेट संजीव राणा और एडवोकेट विजय शर्मा शामिल हैं। दैनिक भास्कर की टीम के सामने इस पैनल ने पारस सोम से जुड़े साक्ष्य रखें और अपनी आगे की रणनीति को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम को पुलिस ने बदल दिया है। फिलहाल उनका फोकस केस को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में ट्रांसफर कराना है। अधिवक्ता बोले- अपहरण का आरोप गलत पारस सोम का केस लड़ने के लिए सामने आए बलराम सोम, संजीव राणा और विजय शर्मा का कहना है कि पुलिस की कहानी ही स्पष्ट करती है कि यह अपहरण नहीं है। रेलवे स्टेशन जैसी जगह से क्या किसी लड़की का अपहरण किया जा सकता है? सबसे बड़ी बात जिस युवती की मां घायल पड़ी हो, वह सब कुछ छोड़कर पहले मां को संभालेगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ क्योंकि युवती की रजामंदी थी। पारस की जन्म तिथि 11 मई, 2008 एडवोकेट बलराम सोम की मानें तो उनके पास आरोपी पारस सोम का वर्ष 2024 में जारी हुआ हाई स्कूल परीक्षा का अंक पत्र है। इस अंक पत्र में पारस की उम्र 11 मई, 2008 है। इसके अनुसार उम्र 17 वर्ष 7 माह 28 दिन बैठ रही है। इसके अलावा वर्ष 2022 का जनता आदर्श इंटर कॉलेज कपसाड़ के द्वारा जारी किया गया एक प्रवेश पत्र भी है। इस प्रवेश पत्र पर लगे फोटो को कॉलेज की तरफ से प्रमाणित भी किया गया है। दोनों ही प्रमाण पत्र फिलहाल पारस को नाबालिग साबित करते हैं। एससी/एसटी कोर्ट में दाखिल की गई याचिका बुधवार को तीनों अधिवक्ताओं का पैनल अपनी याचिका और इससे जुड़े सभी साक्ष्य लेकर एससी-एसटी कोर्ट पहुंचा और अपना पक्ष रखा। दावा किया जा रहा है कि कोर्ट ने उनकी इस याचिका को स्वीकार कर लिया है। किस तिथि में इस पर सुनवाई की जाएगी वह जल्द जारी होगी। अधिवक्ताओं के पैनल का यह भी कहना है कि वह जल्द ही जेल में जाकर पारस से मुलाकात करेंगे।
सड़क हादसों को कम करने के लिए अब पूरे प्रदेश में जीरो फटलिटी डिस्ट्रिक्ट के तहत अभियान चलाया जाएगा। पहले चरण में 20 जिलों में चलाए गए इस अभियान की सफलता के बाद ये निर्णय डीजीपी ने लिया है। मंगलवार को डीजीपी मुख्यालय पर समीक्षा बैठक के दौरान डीजीपी ने इसकी जानकारी दी। डीजीपी कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, महिला सशक्तिकरण तथा सड़क सुरक्षा की समीक्षा कर रहे थे। इस मौके पर डीजीपी ने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सम्मेलन-2025 पुलिस मंथन के दौरान रखे गए विचारों और प्रस्तावों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सहमति दे दी है। अब इन प्रस्तावों के समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यक्षमता में और अधिक सुधार हो सके। बैठक में मुख्यमंत्री की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के अनुरूप अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने पर विशेष जोर दिया गया। डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में चिन्हित अपराधियों के विरुद्ध निरंतर, प्रभावी और वैधानिक कार्रवाई की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह नीति प्रदेश में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। मिशन शक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली की समीक्षा के दौरान पुलिस महानिदेशक ने संतोष व्यक्त किया कि पूरे प्रदेश से अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। इन केंद्रों द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों से पुलिस की छवि में सुधार हो रहा है और जनता के साथ सकारात्मक संबंध मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि पूर्व समीक्षाओं में प्राप्त लाभप्रद योजनाओं को सभी जनपदों और कमिश्नरेट में लागू किया जाए। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सहायता तथा सशक्तिकरण के लिए मिशन शक्ति केंद्रों को और अधिक प्रभावी, संवेदनशील और जनोपयोगी बनाने पर बल दिया गया। हाल ही में पुलिस मंथन-2025 के दौरान लॉन्च किए गए यक्ष एप को लेकर डीजीपी ने बताया कि यह ऐप अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। इसमें पहले से चलाए जा रहे ऑपरेशन पहचान, ऑपरेशन त्रिनेत्र, बीट प्रहरी जैसे अभियानों को समाहित किया गया है। ऐप के संचालन के लिए तैयार एसओपी सभी को भेजी जा चुकी है और इसका अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रथम चरण में फीड किए गए डाटा की जांच सिपाही से लेकर उच्च स्तर तक कराने का आदेश दिया गया ताकि किसी भी गलती या कमी को सुधारा जा सके। यक्ष ऐप में AI पावर्ड फेशियल रिकग्निशन और वाॅयस सर्च जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो घटनाओं के अनावरण और अपराध रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। पुलिस महानिदेशक ने ऐप के प्रभावी उपयोग, प्रशिक्षण और फील्ड स्तर पर अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को भ्रष्टाचार के मामलों में सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ जांच से पहले परमिशन लेने की अनिवार्यता पर सुनवाई हुई। जस्टिस नागरत्ना और जस्टिस विश्वनाथन की बेंच ने इस पर स्प्लिट वर्डिक्ट (बंटा हुआ फैसला) सुनाया। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) की धारा 17A की संवैधानिक वैधता से जुड़ा है। इसमें किसी भी सरकारी कर्मचारी के खिलाफ जांच करने से पहले सरकार की परमिशन लेना जरूरी है। इसी को लेकर विवाद है। सुनवाई में जस्टिस नागरत्ना ने कहा- धारा 17A असंवैधानिक है। किसी भी जांच के लिए पहले परमिशन लेना जरूरी नहीं। वहीं, जस्टिस विश्वानाथन ने कहा- धारा 17A संवैधानिक रूप से वैध है। इस प्रावधान को खत्म करने मतलब ‘नहाने के पानी के साथ बच्चे को फेंकने’ जैसा होगा। जस्टिस विश्वनाथन ने यह भी कहा कि उन्होंने कहा कि इस प्रावधान को खत्म करनाऔर इसका इलाज बीमारी से भी ज्यादा नुकसानदेह साबित होगा। बशर्ते जांच की मंजूरी लोकपाल या राज्य लोकायुक्त के जरिए तय की जाए। CJI सूर्यकांत के पास भेजा गया मामला जस्टिस नागरत्ना और जस्टिस विश्वनाथन की अलग-अलग राय के चलते अब मामला CJI सूर्यकांत के पास भेजा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि चीफ जस्टिस इस मुद्दे पर सुनवाई के लिए बड़ी बेंच गठित करेंगे, जो अंतिम फैसला देगी। NGO की याचिका पर सुनवाई दरअसल NGO सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (CPIL) एनजीओ ने जनहित याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता की ओर से प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट ने दलील दी कि यह प्रावधान भ्रष्टाचार विरोधी कानून को कमजोर करता है, क्योंकि सरकार से अक्सर जांच की मंजूरी नहीं मिलती। वहीं केंद्र सरकार की ओर से तुषार मेहता ने पक्ष रखा था।
इंदौर में प्रशासनिक जज रहे पॉल बनेंगे कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस
सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम ने कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायाधीश सुजॉय पॉल को कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की है। जस्टिस पॉल इंदौर बेंच में प्रशासनिक जज रह चुके हैं। अधिवक्ता आनंद अग्रवाल के मुताबिक न्यायमूर्ति पॉल को 27 मई, 2011 को मप्र हाई कोर्ट में न्यायाधीश बनाया गया था। पूर्व में इंदौर बेंच में कार्यरत रहे न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव भी कोलकाता के सीजे रह चुके हैं।
पुलिस थाना वैशाली नगर, जयपुर पश्चिम ने दिनदहाड़े मकानों में चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाते हुए एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बापर्दा कार्रवाई करते हुए आरोपी विजेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है, जो पहले भी जयपुर शहर के विभिन्न थानों में चोरी के मामलों में नामजद रहा है। 05 जनवरी को पीड़ित जशोदा कंवर (35 साल) पत्नी स्व. पृथ्वी सिंह, निवासी ग्राम सामी थाना लोसल जिला सीकर (वर्तमान किरायेदार मकान नं. 03, रणजीत नगर, थाना वैशाली नगर, जयपुर) ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोपी ने बच्चे को बहला-फुसलाकर दूध लेने भेजा पीड़ित ने बताया था कि 23 दिसंबर को दोपहर करीब 3 बजे वह काम से बाहर गई हुई थीं। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति उनके घर आया और बच्चे को बहला-फुसलाकर दूध लेने भेज दिया। इसके बाद आरोपी ने अलमारी का ताला तोड़कर 2 कानों के सोने के टोप्स, गले का सोने का लॉकेट, 3 सोने की अंगूठियां और ₹90,000 नकद चुराकर फरार हो गया। इस संबंध में पुलिस थाना वैशाली नगर जयपुर पश्चिम में मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया। पुलिस टीम ने 550 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मुखबिर से मिली सूचना की सहायता से वारदात में शामिल आरोपी विजेंद्र सिंह, निवासी मोती नगर, मीणा वाला, शेखावत कॉलोनी, थाना करणी विहार, जयपुर है। संदिग्ध को डिटेन कर पूछताछ की गई, जिसमें उसने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली। इसके बाद आरोपी को बापर्दा गिरफ्तार किया गया। आरोपी विजेंद्र सिंह नशे का आदी पुलिस के अनुसार आरोपी विजेंद्र सिंह नशे का आदी है और दिन और रात के समय मकानों की रेकी कर मौका देखकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता है। आरोपी के खिलाफ जयपुर शहर के विभिन्न थानों में पूर्व से चोरी के मामले दर्ज हैं। हिस्ट्रीशीटर सहित 3 आरोपी गिरफ्तार, 41 ग्राम स्मैक और ₹9.04 लाख नकद जब्त जयसिंहपुरा खोर थाना पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार पर करारा प्रहार करते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए एक हिस्ट्रीशीटर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 41 ग्राम स्मैक और स्मैक के क्रय-विक्रय से प्राप्त ₹9,04,500 नकद जब्त किए हैं। डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा ने बताया कि राज्य स्तर पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत 12 जनवरी को यह कार्रवाई की गई। थानाधिकारी रेखा के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों के तार राजस्थान के विभिन्न जिलों सहित अन्य राज्यों से भी जुड़े हुए हैं। इस संबंध में पुलिस की ओर से अनुसंधान और पूछताछ की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अब्बास खान, मुजाहिद उर्फ आशु और कासिम उर्फ पाव के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि नशे के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने के लिए जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। फ्लैट में छापा मारकर 70 लाख रुपए के नशीले पदार्थ जब्त, एक आरोपी अरेस्ट नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ थाना श्याम नगर पुलिस और जिला स्पेशल टीम जयपुर साउथ की संयुक्त कार्रवाई में एक किराए के फ्लैट से भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। जब्त किए गए मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 70 लाख रुपए बताई जा रही है। डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि शहर में अवैध हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थानाधिकारी श्याम नगर दलवीर सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई। 12 ग्राम MDMA, 1.207 किलोग्राम चरस, 1.171 किलोग्राम अफीम बरामद रविवार को कॉन्स्टेबल संदीप से मिली सूचना पर पुलिस ने नव निर्माण नगर क्षेत्र में स्थित एक किराए के फ्लैट में कार्रवाई की। जांच के दौरान आरोपी सुखदेव (26 साल) पुत्र तुलसाराम, निवासी बायतु जिला-बाड़मेर के कब्जे से 12 ग्राम MDMA, 1.207 किलोग्राम चरस, 1.171 किलोग्राम अफीम और 3 इलेक्ट्रॉनिक कांटे बरामद किए गए। आरोपी हाल में किरायेदार फ्लैट नं. 202, प्लॉट नं. 54, स्प्रिंग स्टे पीजी के पीछे, नव निर्माण नगर, थाना श्याम नगर में किराये से रहता था। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी फ्लैट किराए पर लेकर वहीं से अवैध मादक पदार्थों की सप्लाई कर रहा था। एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज बरामदगी के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस आरोपी से जुड़े नेटवर्क और सप्लाई चैन के संबंध में पूछताछ कर रही है।
बाड़मेर पुलिस के लिए बीता साल 2025 बेहतर रहा है। 2024 की अपेक्षा इस साल क्राइम में 14.5 प्रतिशत की गिरावट आई है। वहीं एससी-एसटी क्राइम में करीब 20 प्रतिशत की कमी आई है। मामलों को समय पर समाधान करने में बाड़मेर जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। इसमें क्रिमिनल मर्ज, नए कानून के मामले, पॉक्सो, रेप मामलों का निपटारा शामिल है। वहीं सड़क दुर्घटना में मौत दर भी 2.5 प्रतिशत घटी है। बाड़मेर पुलिस ने मर्डर और लूट की सभी घटनाओं का पर्दाफाश करने में सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने दो एमडी की फैक्ट्री को पकड़ने में भी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत 7 मादक पदार्थ तस्करों की 6 करोड़ रुपए की संपति को भी फ्रिज किया है। 2024 से कम हुआ 2025 में क्राइम एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने बताया कि 2024 में आईपीसी और बीएनएस में 2701 मामले दर्ज हुए थे। जो साल 2025 में 392 केस घटकर 2309 मामले दर्ज हुए है। क्राइम में 14.51 प्रतिशत गिरावट हुई है। एसपी ने कहा कि सड़क हादसे में साल 2023 में 236, साल 2024 में 238 और 2025 में 232 लोगों की मौत हुई थी। वहीं घायलों की संख्या 364 से घटकर 352 पहुंच गई है। एनडीपीएस और अवैध शराब पर बड़ी कार्रवाई बाड़मेर एसपी ने प्रेसवार्ता कर बताया कि साल 2025 में एनडीपीएस एक्ट के तहत 153 कार्रवाई की गई जिसमें 304 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कुल 43 वाहनों को जब्त किया। मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 97.63 करोड़ रुपए आंकी गई है। वहीं आबकारी अधिनियिम के तहत जिले भर में कुल 466 कार्रवाई की गई। जिसमें 473 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 6 वाहनों को जब्त किया। अवैध शराब की अनुमानित कीमत 2.26 करोड़ रुपए आंकी गई है। आर्म्स एक्ट के तहत 38 कार्रवाई की गई जिसमें 46 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। 21 पिस्तौल, 3 बंदूक, 133 कारतूस और 20 चाकू और तलवार जब्त किए है। जिसकी अनुमानित कीमत 13.06 लाख रुपए है। साल 2024 और साल 2025 के आंकड़े पुलिस की कार्रवाई साल 2024 और 2025 महिला अत्याचार के दर्ज मामले
ग्वालियर साइबर क्राइम विंग ने म्यूल बैंक खातों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के दो और सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में गुजरात निवासी शैलेंद्र पटेल और राजस्थान निवासी मुकेश कुमार चौधरी शामिल हैं। पुलिस ने उन्हें तब हिरासत में लिया जब वे ग्वालियर सेंट्रल जेल में अपने पहले से गिरफ्तार साथियों से मिलने आ रहे थे। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि शैलेंद्र पटेल और मुकेश चौधरी सीधे तौर पर विदेशी साइबर ठगों के संपर्क में थे। वे व्हाट्सएप के जरिए नाइजीरिया, कैमरून और चीन के साइबर अपराधियों से जुड़े हुए थे। ये आरोपी भारत में लोगों के बैंक खाते खरीदते थे, जिन्हें 'म्यूल अकाउंट' कहा जाता है। इन म्यूल खातों को बाद में विदेशी साइबर ठगों को मोटी रकम लेकर बेचा जाता था। विदेशी ठग इन खातों का उपयोग भारत में ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, लिंक और ओटीपी फ्रॉड के माध्यम से लोगों से ठगी गई रकम को अपने देशों में ट्रांसफर करने के लिए करते थे। इस नेटवर्क के जरिए लाखों-करोड़ों रुपए की साइबर ठगी को अंजाम दिया गया है। गौरतलब है कि ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने 23 दिसंबर को इसी गिरोह के सात सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। शैलेंद्र पटेल और मुकेश चौधरी की गिरफ्तारी के साथ, इस मामले में अब तक कुल नौ आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। पुलिस का मानना है कि इन आरोपियों से पूछताछ के दौरान गिरोह से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
मध्यप्रदेश में दिव्यांग बच्चों की पहचान के लिए हर जिले में जिला स्तर पर स्कीनिंग कैम्प लगाए जाएंगे। इन शिविरों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले बच्चों को चिह्नित कर प्रमाण-पत्र देने का काम किया जाएगा। राज्य सरकार ने यह कार्रवाई जुवेनाइल जस्टिस कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर करने का फैसला किया है। प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण सोनाली वायंगणकर ने बताया कि जुवेनाइल जस्टिस कमेटी के निर्देशानुसार कोई भी दिव्यांग बच्चा चिह्नांकन एवं लाभ से वंचित न रहे, इसके लिए हर दिव्यांग बच्चे की पहचान, स्क्रीनिंग एवं प्रमाणन किया जाना आवश्यक है। सभी जिलों में स्क्रीनिंग कैम्प आयोजित करने के निर्देश कलेक्टर्स को दिए गए हैं। यह कैम्प अगले एक माह में किया जाना है। शिविरों के आयोजन में विधिक सेवा प्राधिकरण, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं स्कूल शिक्षा समन्वित प्रयास करेंगे। प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए हैं कि शिविर आयोजन की तिथियों को प्रचार-प्रसार किया जाए, इससे अधिकाधिक बच्चों की सहभागिता हो सके। हर जिला अपनी माइक्रो प्लानिंग की जानकारी सामाजिक न्याय विभाग के साथ-साथ रजिस्टार, सचिव जुवेनाइल जस्टिस कमेटी उच्च न्यायालय जबलपुर को भी भेजें।
प्राइम वीडियो की तेलुगु क्राइम थ्रिलर फिल्म 'चीकाटीलो' का रोमांचक ट्रेलर रिलीज
प्राइम वीडियो ने अपनी इमोशनल तेलुगु क्राइम सस्पेंस ड्रामा 'चीकाटीलो' का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज कर दिया है। तेजी से विकसित हो रहे हैदराबाद की पृष्ठभूमि पर आधारित इस कहानी में संध्या की यात्रा दिखाई गई है, जो एक ट्रू-क्राइम पॉडकास्टर है। शोभिता धुलिपाला ...
एमेजन एमजीएम स्टूडियोज इंडिया ने अपनी आगामी थियेट्रिकल रिलीज फिल्म 'निशांची' का धमाकेदार फर्स्ट लुक पोस्टर रिलीज कर दिया है। अजय राय और रंजन सिंह द्वारा जार पिक्चर्स के बैनर तले, फ्लिप फिल्म्स के साथ मिलकर प्रोड्यूस की गई ये फिल्म एक रोमांचकारी ...
क्रिमिनल जस्टिस 4 में एक अलग अवतार में दिखीं बरखा सिंह, बोलीं- मैं खुद को साबित करना चाहती थी
बरखा सिंह भारतीय सिनेमा के सबसे होनहार चेहरों में से एक हैं। उन्होंने विभिन्न मंचों पर काम करते हुए, बाधाओं को पार किया है और अपने लिए एक रास्ता बनाया है। दर्शकों और आलोचकों को उनके किरदारों और अभिनय के तरीके से बेहद प्यार है। एक इंटरव्यू में बरखा ...
राणा नायडू सीजन 2: नए किरदारों के साथ क्राइम, एक्शन और इमोशन का जबरदस्त तड़का
राणा नायडू सीजन 2' में गालियों में कमी और ड्रामा में बढ़ोतरी हुई है। अर्जुन रामपाल का 'रॉफ' और कृति खरबंदा जैसे नए किरदार कहानी को नया मोड़ देते हैं। राणा और नागा के किरदार पहले की तरह दमदार हैं, जो परिवार को मुश्किलों से निकालते हैं। सीरीज की ...
अनुराग कश्यप लेकर आए क्राइम ड्रामा फिल्म निशांची, इस दिन सिनेमाघरों में होगी रिलीज
अनुराग कश्यप एक नई गहन क्रामइ ड्रामा फिल्म 'निशांची' लेकर आ रहे हैं। अमेजन एमजीएम स्टूडियो ने इस फिल्म का टीजर शेयर करते हुए इसकी थिएट्रिकल रिलीज डेट का ऐलान कर दिया है। अनुराग कश्यप द्वारा निर्देशित ये फिल्म हालात को हूबहू पर्दे पर उतारने वाली और ...
प्राइम वीडियो ने अपनी आगामी रोमांचक इन्वेस्टीगेटिव क्राइम थ्रिलर 'स्टोलन' का दमदार ट्रेलर लॉन्च कर दिया है। अनुराग कश्यप, किरण राव, निखिल आडवाणी और विक्रमादित्य मोटवानी जैसे दिग्गज फिल्ममेकर्स की एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर टीम के साथ 'स्टोलन' करण ...
सोनू सूद की फतेह इस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हुई स्ट्रीम, साइबर क्राइम की काली दुनिया को दिखाती है फिल्म
बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद की फिल्म 'फतेह' को सिनेमाघरों में मिलाजुला रिस्पॉन्स मिला था। इस फिल्म से सोनू सूद ने निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रखा है। साइबर क्राइम पर आधारित इस फिल्म में सोनू सूद के साथ जैकलीन फर्नांडिस मुख्य भूमिका में नजर आईं। वहीं ...
क्राइम फ्री धड़कपुर से चोरी हुई बाइक, प्राइम वीडियो की सीरीज दुपहिया का मजेदार ट्रेलर हुआ रिलीज
web series dupahiya trailer: प्राइम वीडियो ने अपनी आगामी ओरिजिनल सीरीज 'दुपहिया' का दिलचस्प ट्रेलर जारी कर दिया है। सलोना बैंस जोशी और शुभ शिवदासानी द्वारा उनके बैनर बॉम्बे फिल्म कार्टेल के तहत रचित और कार्यकारी निर्मित है। यह सीरीज़ एक काल्पनिक ...
क्राइम पेट्रोल एक्टर नितिन चौहान का निधन, 35 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। टीवी के जाने-माने एक्टर नितिन चौहान का निधन हो गया है। वह महज 35 साल के थे। एक्टर की मौत की वजह की कोई आधिकारिक जानकरी सामने नहीं आई है। नितिन रियलिटी शो 'दादागिरी 3 के विनर रह चुके हैं।
गशमीर महाजनी और Surbhi Jyoti की नई क्राइम-थ्रिलरसीरीज Gunaah का टीजर हुआ लॉन्च, जाने कब और कहां होगी स्ट्रीम
डिज़्नी प्लस हॉटस्टार ने आखिरकार शुक्रवार को क्राइम ड्रामा सीरीज़ क्रिमिनल जस्टिस के बहुप्रतीक्षित चौथे अध्याय की घोषणा कर दी, जिसमें पंकज त्रिपाठी मुख्य भूमिका में हैं। नई किस्त में अभिनेता पंकज त्रिपाठी अलौकिक वकील माधव मिश्रा के रूप में वापसी करेंगे। एक बयान में, अभिनेता ने कहा कि नया अध्याय मिश्रा के जीवन और जटिल मामलों को इतनी आसानी और स्थायित्व के साथ सामने लाने की उनकी क्षमता के बारे में विस्तार से बताएगा। पंकज त्रिपाठी के हवाले से बताया गया कि ऑन-स्क्रीन वकीलों की प्रसिद्धि के हॉल में, मुझे लगता है कि माधव मिश्रा ने क्रिमिनल जस्टिस के साथ अपनी जगह बना ली है। मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि सीरीज़ में माधव का किरदार मुझसे कितना मिलता-जुलता है। हर जीत मुझे अपनी जैसी लगती है और हर हार ऐसी लगती है एक व्यक्तिगत क्षति। मैं डिज़्नी+हॉटस्टार पर नए सीज़न की घोषणा करने के लिए उत्साहित हूं और मुझे उम्मीद है कि दर्शक इस सीज़न को पहले की तरह ही प्यार देना जारी रखेंगे। डिज़्नी प्लस हॉटस्टार ने पोस्ट को कैप्शन दिया ''कोर्ट जारी है, और नए सीज़न की तैयारी भी। आ रहे हैं माधव मिश्रा, #HotstarSpecials #CriminalJustice के नए सीज़न के साथ!'' इसे भी पढ़ें: Rakhi Sawant Condition is Critical | क्रिटिकल है एक्ट्रेस राखी सावंत की हालत, पूर्व पति रितेश ने शेयर किया है हेल्थ अपडेट फ्रेंचाइजी के बारे में जानकारी क्रिमिनल जस्टिस की शुरुआत 2018 में अपने पहले सीज़न के साथ हुई थी जिसे 2008 में इसी नाम की ब्रिटिश टेलीविजन श्रृंखला से रूपांतरित किया गया था। क्रिमिनल जस्टिस: बिहाइंड क्लोज्ड डोर्स नामक दूसरा सीज़न 2020 में आया, इसके बाद तीसरा अध्याय, क्रिमिनल जस्टिस: अधूरा सच, 2022 में आया। क्रिमिनल जस्टिस का निर्माण अप्लॉज़ एंटरटेनमेंट द्वारा किया गया है। इसे भी पढ़ें: Scam 2010 The Subrata Roy Saga: हंसल मेहता ने किया 'स्कैम' के तीसरे सीजन का ऐलान, सहारा की कहानी पर केंद्रित होगा नया शो बता दें कि पंकज त्रिपाठी आखिरी बार मर्डर मुबारक में नजर आए थे। फिल्म में सारा अली खान, विजय वर्मा, आदित्य रॉय कपूर और करिश्मा कपूर समेत कई स्टार कलाकार शामिल हैं। होमी अदजानिया द्वारा निर्देशित यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है। वह अगली बार मिर्ज़ापुर 3 में नज़र आएंगे। रिलीज़ डेट की अभी घोषणा नहीं की गई है। View this post on Instagram A post shared by Disney+ Hotstar (@disneyplushotstar)
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सलमान खान के घर फायरिंग मामला: मुंबई क्राइम ब्रांच ने पांचवें आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया
सलमान खान के घर फायरिंग मामले में ताजा घटनाक्रम में मुंबई क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को पांचवें आरोपी मोहम्मद चौधरी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। इंडिया टीवी के अतुल सिंह की एक रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद चौधरी ने दो शूटरों, सागर पाल और विक्की गुप्ता को पैसे देकर और रेकी करके भी मदद की। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, चौधरी को आज मुंबई लाया जा रहा है जहां उसे किला कोर्ट में पेश किया जाएगा और पांच दिन की हिरासत की मांग की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Kareena Kapoor Khan ने Saif Ali Khan के बड़े बेटे इब्राहिम की नवीनतम तस्वीरों पर सबसे मनमोहक टिप्पणी की इससे पहले, अनुज थापन नाम के एक आरोपी ने पुलिस हिरासत में चादर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बता दें, अनुज पर शूटरों को हथियार मुहैया कराने का आरोप है। थापन को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले, बांद्रा में अभिनेता के आवास के बाहर गोलीबारी करने वाले दोनों शूटर विक्की गुप्ता और सागर पाल को गुजरात के भुज से हिरासत में लिया गया था। इसे भी पढ़ें: सलमान खान के घर के बाहर गोली चलाने के मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य गिरफ्तार सलमान खान के घर फायरिंग मामले की जानकारी मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, कथित तौर पर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग करने वाले शूटरों के पास दो बंदूकें थीं और उन्हें 10 राउंड गोलियां चलाने का आदेश दिया गया था. 14 अप्रैल की सुबह, दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आए और अभिनेता के आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर चार गोलियां चलाईं। घटना के बाद हमलावर तेजी से मौके से भाग गए। निगरानी फुटेज से पता चला कि दोनों संदिग्धों ने टोपी पहन रखी थी और बैकपैक ले रखा था। इस महीने की शुरुआत में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने का अनुरोध किया था. अनमोल बिश्नोई ने घटना के कुछ घंटों बाद अपने फेसबुक प्रोफाइल के जरिए सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। सलमान खान की नवीनतम सार्वजनिक उपस्थिति सलमान खान हाल ही में लंदन में थे जहां उन्होंने ब्रिटेन के ब्रेंट नॉर्थ निर्वाचन क्षेत्र से सांसद बैरी गार्डिनर से मुलाकात की। इंटरनेट पर कई तस्वीरें वायरल हुईं, जिनमें बैरी और सलमान दोनों वेम्बली स्टेडियम के अंदर नजर आ रहे हैं।
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Salman Khan फायरिंग मामले में पुलिस को मिली अबतक की सबसे बड़ी कामयाबी, क्राइम ब्रांच के हाथ लगे दो और अपराधी
सलमान खान के घर फायरिंग मामले में अहम घटनाक्रम में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने का अनुरोध किया है। अनमोल बिश्नोई ने घटना के कुछ घंटों बाद अपने फेसबुक प्रोफाइल के जरिए सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी. इस सप्ताह की शुरुआत में, मुंबई क्राइम ब्रांच ने गोलीबारी की घटना में इस्तेमाल की गई दूसरी बंदूक बरामद की। सूरत की तापी नदी से तीन मैगजीन के साथ बंदूक बरामद की गई। इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया 16 अप्रैल को कच्छ पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दिया। बाद में, शहर की एक अदालत ने गोलीबारी की घटना के सिलसिले में दोनों आरोपियों को 25 अप्रैल तक मुंबई अपराध शाखा की हिरासत में भेज दिया। आरोपियों की पहचान बिहार के विक्की गुप्ता (24) और सागर पाल (21) के रूप में हुई, जिन्हें मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेश किया गया। इसे भी पढ़ें: काला जादू- टोना-टोटका करने का Kangana Ranaut पर आरोप लगाने के बाद अब एक्ट्रेस के बारे Adhyayan Suman क्या सोचते है? मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच अभी भी जारी है मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, कथित तौर पर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग करने वाले शूटरों के पास दो बंदूकें थीं और उन्हें 10 राउंड गोलियां चलाने का आदेश दिया गया था. 14 अप्रैल की सुबह, दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आए और अभिनेता के आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर चार गोलियां चलाईं। घटना के बाद हमलावर तेजी से मौके से भाग गए। निगरानी फुटेज से पता चला कि दोनों संदिग्धों ने टोपी पहन रखी थी और बैकपैक ले रखा था। अनजान लोगों के लिए, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार की धमकियों के बाद 2022 में सलमान की सुरक्षा का स्तर वाई-प्लस तक बढ़ा दिया गया था। अभिनेता को व्यक्तिगत बन्दूक ले जाने के लिए भी अधिकृत किया गया था और अतिरिक्त सुरक्षा के लिए उन्होंने एक नया बख्तरबंद वाहन भी खरीदा है।
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क्राइम-थ्रिलर कंटेंट देखने के है शौकीन! तो फौरन देख डाले UP के माफियाओं पर बनी येवेब सीरीज,खौफनाक कहानियां खड़े कर देंगी रोंगटे

