जयपुर में लोक अभियोजकों का प्रथम सेमिनार साइबर क्राइम और नए कानूनों पर हुआ मंथन
भास्कर न्यूज | जयपुर/हनुमानगढ़ विधि एवं विधिक कार्य विभाग राजस्थान सरकार द्वारा लोक अभियोजक एवं अपर लोक अभियोजकों का प्रथम सेमिनार शनिवार को जयपुर स्थित बिरला ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। सेमिनार में हनुमानगढ़ जिले से समस्त लोक अभियोजक, अपर लोक अभियोजक एवं विशिष्ट लोक अभियोजक शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य अभियोजन अधिकारियों को नए कानूनों, साइबर अपराधों की जांच तथा प्रभावी पैरवी के संबंध में प्रशिक्षित करना रहा। सेमिनार में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, भारत सरकार के विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, राजस्थान सरकार के विधि मंत्री जोगाराम पटेल, शासन सचिव बी. श्रीनिवासन, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा, डीजीपी राजीव शर्मा, महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद तथा प्रमुख लॉ सेक्रेट्री काछवाल ने अपने विचार व्यक्त किए और अभियोजन अधिकारियों का मार्गदर्शन किया।
पुलिस थाना करणी विहार और डीएसटी टीम जयपुर वेस्ट ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आईपीएल टी-20 क्रिकेट मैच पर चल रहे ऑनलाइन सट्टे का भंडाफोड़ कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 4 लैपटॉप, 21 मोबाइल फोन सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एवं सट्टे से संबंधित सामग्री बरामद की है। डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि आईपीएल-2026 के दौरान क्रिकेट मैचों पर सट्टेबाजी की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच पुलिस को सूचना मिली थी कि धावास स्थित श्री बालाजी हाईट्स मल्टी स्टोरी बिल्डिंग के फ्लैट नंबर 105 में अवैध रूप से ऑनलाइन सट्टेबाजी संचालित की जा रही है। सूचना पर पुलिस टीम ने सर्च वारंट प्राप्त कर दबिश दी। मौके पर आरोपी राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस के बीच चल रहे आईपीएल टी-20 मैच पर ऑनलाइन सट्टा खिलवाते पाए गए। पुलिस के अनुसार आरोपी मोबाइल फोन और जूम एप्लीकेशन के माध्यम से ग्राहकों से संपर्क कर अंकों के जरिए रुपए दांव पर लगवा रहे थे। मौके से लाखों रुपए के हिसाब-किताब से संबंधित 7 नोटबुक भी बरामद की गईं। गिरफ्तार आरोपियों में हेमन्त आचार्य (40), नवीन आचार्य (41), पवन आसवानी (35), सन्नी खटवानी (32), हीरासिंह(32) और संजय शेरा(33) शामिल हैं। सभी आरोपी जोधपुर के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से पुलिस रिमांड प्राप्त कर आगे की जांच की जा रही है।
मध्य प्रदेश सरकार ने जबलपुर क्रूज हादसे की न्यायिक जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके लिए हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग बनाया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा रविवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, यह आयोग राज्य शासन जांच आयोग अधिनियम, 1952 की धारा 3 के तहत काम करेगा। आयोग को 3 महीने के भीतर 5 बिंदुओं पर जांच करके अपनी रिपोर्ट देनी होगी। बता दें कि जबलपुर के बरगी डैम में 30 अप्रैल को क्रूज डूबने से 13 लोगों की जान चली गई थी। इनमें 8 महिलाएं, 4 बच्चे और एक पुरुष शामिल हैं। करीब 60 घंटे के रेस्क्यू के बाद पानी से सभी शव निकाले जा सके थे। इन पांच बिंदुओं पर करनी होगी जांच 3 बर्खास्त, एक निलंबित, एक कर्मचारी को अटैच किया हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर पहुंचकर दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया था। मृतकों के परिवार से भी मुलाकात की थी। सीएम के दौरे के बाद सरकार ने मामले में एक्शन लिया था। जिसमें क्रूज पायलट महेश पटेल, क्रूज हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी (FOA) बृजेंद्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की गई थीं। वहीं, होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को लापरवाही बरतने के कारण निलंबित किया गया था। रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर विभागीय जांच शुरू की गई है। एक कमेटी भी बनाई गई है, जो हादसे की मुख्य वजह की जांच कर रही है। जबलपुर की कोर्ट दे चुकी FIR करने के निर्देश 6 मई को जबलपुर की कोर्ट ने बरगी डैम हादसे में क्रूज के पायलट और स्टाफ पर FIR के निर्देश दिए थे। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी डीपी सूत्रकार की कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर कहा था- पायलट ने लापरवाही से क्रूज चलाया, जिससे हादसा हुआ और कई लोगों की मौत हो गई। अदालत ने कहा था कि पायलट क्रूज की गतिविधियों से परिचित था, लेकिन वह उसमें सवार लोगों को डूबता छोड़कर सुरक्षित बाहर निकल गया। यह भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 106 और 110 के तहत अपराध है। यदि FIR और जांच नहीं हुई, तो भविष्य में भी क्रूज या नाव चलाने वाले लोग अनहोनी में यात्रियों को डूबता छोड़ सकते हैं। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… जिम्मेदार आंधी नहीं, अंधा-बहरा सिस्टम है लाइफ जैकेट…जिसमें जिंदगी ही नहीं बची थी। उसमें था मां के साथ लिपटे एक मासूम का शव। जबलपुर के बरगी डैम हादसे के बाद किसी चमत्कार की आस लगाए बैठे बचाव दल और परिवार के लिए वो पल झकझोर देने वाला था…जब मां-बेटे का शव बाहर निकाला गया। बेटे को बचा लेने की चिंता और जिद दिखाती वो तस्वीर रुला देने वाली थी, कितना दर्द समेटे थी। पढ़ें पूरी खबर…
अशोकनगर में सोशल मीडिया पर दोस्ती कर युवती को प्रेमजाल में फंसाने, अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और फर्जी क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपए की ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पुलिस ने रविवार को पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में आदित्य सिंह तोमर, आयुषी चौहान, आकाश चौहान और आर्यन सोनी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ठगी की रकम से खरीदे गए सोने-चांदी के जेवर, थार रॉक्स कार, स्कूटी, मोबाइल, लैपटॉप और नकदी बरामद की गई है। रविवार को एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर बताया कि पीड़िता ने परिजनों और समाज के प्रतिष्ठित लोगों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचकर दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और ठगी की शिकायत की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक रवि प्रताप सिंह चौहान के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की गई। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि करीब पांच साल पहले, जब पीड़िता नाबालिग थी और कक्षा 12वीं में पढ़ रही थी, तब उसकी पहचान इंस्टाग्राम पर आरोपी आदित्य सिंह तोमर नाम युवक से हुई। आरोपी ने प्रेम संबंध बनाकर शादी और सुनहरे भविष्य का सपना दिखाया। इसके बाद वह युवती को अपने साथी आर्यन सोनी के स्टूडियो बुलाने लगा। आरोपी ने पांच साल ब्लैकमेल कियाआर्यन सोनी इंद्रा पार्क क्षेत्र में “आर्यन टैटू स्टूडियो” संचालित करता है। यहीं पर आरोपियों ने चोरी-छिपे युवती के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लिए। बाद में इन्हीं फोटो-वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी गई। आरोपी आदित्य सिंह तोमर ने युवती की इच्छा के विरुद्ध कई बार शारीरिक संबंध बनाए। पिता की मौत के बाद आरोपी ने 5 लाख रुपए की मांग की, जिस पर डर और बदनामी के चलते पीड़िता ने करीब 2 लाख रुपए नकद दे दिए। जब ब्लैकमेलिंग लगातार बढ़ने लगी तो पीड़िता ने अपनी परिचित आयुषी चौहान से मदद मांगी। आयुषी खुद को एस्ट्रोलॉजर बताती थी और ग्रह-नक्षत्र व भविष्यवाणी के नाम पर लोगों को प्रभावित करती थी। उसने पीड़िता को डराया कि उसके जीवन में बड़ी अनहोनी होने वाली है और वह अपने पति आकाश चौहान के साथ उसकी मदद कर सकती है। आयुषी चौहान ने पीड़िता को भरोसा दिलाया कि वह पुलिस अधिकारियों को जानती है और फोटो-वीडियो डिलीट करवा देगी। इसके एवज में पहले डेढ़ लाख रुपए लिए गए। इसके बाद जनवरी 2025 में पीड़िता को अलग-अलग नंबरों से फोन आने लगे। कॉल करने वाले खुद को पुलिस इंस्पेक्टर और क्राइम ब्रांच अधिकारी बताते थे। आरोपी गालियां देकर जेल भेजने, झूठे केस में फंसाने और वीडियो वायरल करने की धमकी देते थे। डर के माहौल में पीड़िता से 10 लाख, फिर 25-25 लाख रुपए की कई किश्तों में उगाही की गई। दीपावली से पहले एक आरोपी ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का वरिष्ठ अधिकारी बताकर 60 लाख रुपए की मांग की। धमकी दी- जिंदगी बर्बाद हो जाएगीआयुषी चौहान ने पीड़िता को यह कहकर डराया कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो उसकी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। इसके बाद 15 अक्टूबर 2025 को पीड़िता को गोल्ड फाइनेंस कंपनी ले जाया गया, जहां करीब 450 ग्राम सोने के आभूषण गिरवी रखकर लगभग 35 लाख रुपए का गोल्ड लोन लिया गया। यह रकम आयुषी चौहान के खाते में जमा कराई गई। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ठगी की रकम से ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहे थे। महंगी गाड़ियां, ब्रांडेड कपड़े और लग्जरी लाइफस्टाइल उनके शौक में शामिल थी। आयुषी चौहान खुद को तांत्रिक और एस्ट्रोलॉजर बताकर लोगों में प्रभाव जमाती थी और ठगी की रकम का कुछ हिस्सा दान-पुण्य में खर्च करती थी, ताकि किसी को उस पर शक न हो। कोतवाली थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, बैंक खातों और पूछताछ के आधार पर कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब अन्य सहयोगियों और वित्तीय लेनदेन की जांच में जुटी है। कार्रवाई में थाना प्रभारी रवि प्रताप सिंह चौहान, उप निरीक्षक मसीह खान, सहायक उप निरीक्षक विनोद तिवारी, प्रधान आरक्षक नवल किशोर शर्मा, आरक्षक रविंद्र और आरक्षक हरिमोहन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
ओडिशा: बलियंता मॉब लिंचिंग मामले की क्राइम ब्रांच जांच के आदेश, सीएम माझी ने जताई कड़ी नाराजगी
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरम माझी ने भुवनेश्वर के बाहरी इलाके बलियंता में हुई मॉब लिंचिंग की घटना पर कड़ी नाराजगी जताई और मामले की विस्तृत जांच के लिए क्राइम ब्रांच को निर्देश दिए।
पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने शनिवार को पुलिस कमिश्नरेट में कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत करने को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों में भय का वातावरण स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस कमिश्नर ने महिला अत्याचार, बाल अपराध और एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलों में पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए। थानों में आवश्यक प्रशिक्षण को प्राथमिकता देने पर भी जोर बैठक में चोरी, नकबजनी और संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाने और अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही नए आपराधिक कानूनों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने और थानों में आवश्यक प्रशिक्षण को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया। कमजोर प्रदर्शन वाले थाना क्षेत्रों की समीक्षा पुलिस कमिश्नर ने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण, वांछित एवं हार्डकोर अपराधियों की धरपकड़ और विभागीय जांचों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कमजोर प्रदर्शन वाले थाना क्षेत्रों की समीक्षा करते हुए कार्यप्रणाली में सुधार के लिए रणनीति बनाने को कहा गया। साइबर क्राइम और ऑनलाइन फ्रॉड मामलों में सख्ती बरतने के निर्देश बैठक में संगठित अपराध, गैंगस्टर गतिविधियों, साइबर क्राइम और ऑनलाइन फ्रॉड मामलों में सख्ती बरतने के निर्देश भी दिए गए। साइबर हेल्पलाइन 1930 पर प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारण कर पीड़ितों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराने पर बल दिया गया। बीट पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश इसके अलावा थाना स्तर पर महिला बीट और यूथ सीएलजी गठन कर महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और बीट पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश भी पुलिस आयुक्त द्वारा दिए गए। बैठक में ये रहे मौजूद बैठक में स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओम प्रकाश, एडिशनल पुलिस कमिश्नर सिटी अजय सिंह राठौड़, एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस लॉ एंड ऑडर राजीव पचार, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त यातायात एवं प्रशासन योगेश दाधीच सहित सभी पुलिस डीसीपी मौजूद रहे।
हांसी के एक निजी स्कूल में खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर पहुंचे एक व्यक्ति ने सनसनी फैला दी। उसने स्कूल प्रिंसिपल पर एक ड्राइवर के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव बनाया और फर्जी पहचान पत्र दिखाया। बाद में सीसीटीवी फुटेज और ड्राइवर की पहचान से पूरे मामले का खुलासा हुआ। जानकारी के अनुसार, आरोपी कुछ दिन पहले स्कूल पहुंचा और प्रिंसिपल से कहा कि ड्राइवर के खिलाफ कई शिकायतें मिल रही हैं, उस पर तुरंत कार्रवाई की जाए। उसने अपना कथित आईडी कार्ड भी दिखाया, जिससे स्कूल प्रबंधन शुरुआती तौर पर उसकी बातों में आ गया। स्कूल प्रिंसिपल ने आरोपी को कार्रवाई का आश्वासन दिया। दो दिन बाद, उसी व्यक्ति ने स्कूल के रिसेप्शन पर फिर फोन कर ड्राइवर के खिलाफ हुई कार्रवाई के बारे में पूछा। स्कूल ड्राइवर ने आरोपी युवक को पहचाना इसके बाद प्रिंसिपल ने ड्राइवर को अपने कार्यालय में बुलाया और उसे पूरी घटना की जानकारी दी। साथ ही स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी दिखाई गई। फुटेज में आरोपी को देखते ही ड्राइवर ने उसे तुरंत पहचान लिया। ड्राइवर ने बताया कि वह पहले जिस स्कूल में काम करता था, आरोपी के बच्चे वहीं पढ़ते थे और उसकी बस में सफर करते थे। आरोपी हांसी में डीजे की दुकान चलाता है। पुराने विवाद के चलते ही उसने फर्जी अधिकारी बनकर ड्राइवर को फंसाने की कोशिश की थी। आरोपी ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी पहचान पत्र बनाकर खुद को अधिकारी बता रहा था। मामला बाद में सीआईए टीम तक पहुंचा, जहां आरोपी और उसके पिता को बुलाया गया। पिता ने माफी मांगी और दोनों पक्षों के बीच समझौते के बाद आरोपी को छोड़ दिया गया। आरोपी के पिता ने मांगी माफी बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान आरोपी के पिता ने माफी मांगते हुए कहा कि उसके बेटे की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने भविष्य में ऐसी हरकत दोबारा न होने का आश्वासन भी दिया। इसके बाद आपसी सहमति के आधार पर आरोपी को छोड़ दिया गया। वहीं, इस मामले में जब सदर थाना प्रभारी से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि मामला थाने तक औपचारिक कार्रवाई के लिए पहुंचने से पहले ही आपसी समझौते से सुलझा लिया गया था। हालांकि स्कूल प्रबंधन और संबंधित ड्राइवर की ओर से लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन समझौता होने के बाद आगे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।
इंदौर में लारेंस गैंग द्वारा बिल्डिरों को धमकियां देने के मामले में क्राइम ब्रांच ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने बिल्डिरों के घर, ऑफिस, प्रॉपर्टी के साथ ही उनके आने-जाने की लोकेशन की रैकी की थी और ये जानकारी आगे उपलब्ध कराई थी। बता दे कि इन बिल्डरों को वाट्सएप और कॉल करके धमकी दी गई थी और उनसे रुपयों की मांग की गई थी। पैसा नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज किया था। डीसीपी क्राइम ब्रांच इंदौर राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि क्राइम ब्रांच की एसआईटी टीम ने इस मामले में पूर्व में गिरफ्तार किए गए आरोपी राजपाल निवासी नागदा को इंदौर के बिजनेसमैन विवेक दम्मानी, चेतन सिंह पवांर और कुवंर सिंह भूरिया के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने वाले आरोपी सचिन उर्फ वेद प्रकाश शर्मा निवासी उज्जैन को गिरफ्तार किया गया है। टीम को जानकारी मिली थी कि आरोपी राजपाल कसरावद जेल में बंद है और उसके हैरी बॉक्सर से संबंध है। इसके बाद राजपाल से पूछताछ की तो उसने सोनू उर्फ रितेश के बारे में बताया था। जिसने रैकी की कोशिश की थी, जिसे क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद सचिन उर्फ वेद प्रकाश शर्मा की जानकारी मिली थी। तीन दिन चली आरोपी से पूछताछ उन्होंने बताया कि आरोपी सचिन की जानकारी राजपाल की निशानदेही पर मिली, जिससे आरोपी सचिन को सायबर तकनीकि और मुखबीर तंत्र की सूचना के आधार पर ट्रेस कर गिरफ्तार किया गया। सचिन को महिदपुर से बुलवाया गया और उससे तीन दिन तक गहन पूछताछ की गई। इसमें वह कई बातें छिपाने की कोशिश कर रहा था। पूछताछ में बताया कि उसने अवैध लाभ अर्जित करने की मंशा से आरोपी राजपाल चंद्रावत को बिल्डर विवेक दम्मानी, चेतन सिंह पवांर और कुवंर सिंह भूरिया के घर, ऑफिस और प्रॉपर्टी की और उनके आने-जाने की लोकेशन की रैकी कर जानकारी खुद आरोपी सचिन व कुलदीप ने राजपाल को दी थी, जो आगे सिग्नल एप का माध्यम से हैरी बॉक्सर को भेजी गई थी। सचिन का पुलिस रिमांड लेकर उससे आगे की पूछताछ की जा रही है। क्राइम ब्रांच ने इस मामले में सचिन उर्फ वेद प्रकाश शर्मा निवासी महीदपुर जिला उज्जैन, राजपाल चंद्रावत निवासी नागदा और सोनू उर्फ रितेश खंगार निवासी इंदौर को गिरफ्तार किया जा चुका है। वाट्सएप पर करते थे बात पूछताछ में ये सामने आया है कि आरोपी आपस में वाट्सएप के जरिए बात करते थे और हैरी बॉक्सर से एप के माध्यम से बात करते थे। सचिन के मोबाइल में कई ग्रुप मिले है जो लारेंस गैंग से संबंधित है। बहुत सारे कोर्ड नेम 007 के नाम से मिले है। एलबी यानी लारेंस विश्नोई। डीसीपी ने बताया कि इस मामले में कुछ देवास और इंदौर के लोगों के शामिल होने की आशंका है। इनमें छानबिन जारी है। इंदौर में क्या प्लानिंग थी, इसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
रोहतक में सीटू नेता के घर मानसेर क्राइम ब्रांच टीम द्वारा देर रात को रेड मारने के विरोध में सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने शहर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। जनसंगठनों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शहर में जुलूस निकाला और डीसी के माध्यम से सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान किसान सभा के नेता प्रीत सिंह व सुमित दलाल ने बताया कि सरकार मजदूरों के आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है। मजदूरों की आवाज उठाने पर सीटू नेताओं के घर रेड मारी जा रही है। साथ ही सीटू नेताओं को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। उनके परिवारों को डराने के साथ धमकाया जा रहा है। देर रात को घर में घुसी थी टीम सीटू के जिला सचिव विनोद देशवाल ने बताया कि 4 मई की देर रात करीब डेढ़ बजे कुछ लोग उनके घर में घुसे। उनके रिश्तेदारों को भी घरों से उठाया गया। घर पर पत्नी व 6 साल की बच्ची थी, जिन्हें डराया गया। काफी पूछने के बाद उन्हें बताया कि मानेसर क्राइम ब्रांच से आए है, जबकि उनके पास कोई आईकार्ड नहीं था। सिविल ड्रेस व बिना नंबर की गाड़ी थी। विनोद ने बताया कि क्राइम ब्रांच की टीम अपराधियों की तरह घर में घुसी थी। घर में पत्नी व छोटी बच्ची को एक प्रकार से बंधक बनाया गया। उसी दिन एसपी को एक लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन आज तक उनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की गई। आंदोलन को दबाने की साजिश विनोद ने बताया कि सरकार मजूदरों के आंदोलनों को दबाने का प्रयास कर रही है। पुलिस के माध्यम से मजदूर संगठनों के नेताओं को डराने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का दुरुपयोग किया जा रहा है। लेकिन मजदूरों का आंदोलन रूकने वाला नहीं है। 12 मई को पूरे प्रदेश में होगा बड़ा आंदोलन विनोद ने बताया कि 12 मई को पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के सभी सामाजिक संगठन, कर्मचारी संगठन, मजदूर व किसान संगठन शामिल होंगे। प्रदेशभर में आंदोलन करके सरकार के खिलाफ नारेबाजी की जाएगी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।
एडीजी क्राइम विपिन कुमार पाण्डेय ने आज कोतवाली थाने में जनसुनवाई की। इस दौरान यहां कुण्डेरा, मानटाउन, कोतवाली थाना क्षेत्र के लोगों ने एडीजी को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। कुण्डेरा थाना क्षेत्र के पुलिस मित्रों ने थाने में उचित मान- सम्मान नहीं मिलने का मुद्दा उठाया, जिसपर अधिकारियों ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। इस पर एडीजी क्राइम विपिन कुमार पाण्डेय ने एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी सहित सम्बंधित थानाधिकारियों को समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। इससे पहले एडीजी के कोतवाली थाने पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। आलनपुर में पुलिस चौकी खुलवाने की मांग जनसुनवाई के दौरान हाउसिंग बोर्ड के पार्षद चंदन सिंह नरूका ने बताया कि पिछले सात-आठ साल से अभय कमांड के कैमरों के पोल लगे हुए हैं, लेकिन उन पर कैमरे नहीं लग सके है। जवाब में एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी ने बताया कि सवाई माधोपुर में अभय कमांड योजना के तहत 181 कैमरे लगे हुए हैं। इनमें से 165 कैमरे चालू है। यह 10-15 कैमरे फाइबर की लाइन की खुदाई के कारण चालू-बंद होते रहते हैं। कैमरे लगवाने के पुलिस के केवल जगह चिन्हित करने का ही काम होता है। वहीं आलनपुर इलाके के लोगों ने बताया कि आलनपुर की आबादी करीब दस से पन्द्रह हजार है। नशाखोरी पर रोक लगाने के लिए आलनपुर में पुलिस चौकी खुलवाई जाए। जिस एडीजी ने पुलिस मुख्यालय से इस बारे में बातचीत करने का आश्वासन दिया। दौड़ रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली से बना हुआ हादसों का डर हाउसिंग बोर्ड निवासी गिर्राज अग्रवाल ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में बजरी के वाहन तेज गति से गुजरते हैं। इससे यहां हादसों का अंदेशा बना रहता है। इन ट्रैक्टर ट्रॉलियों में तेज आवाज में गाने बजते रहते हैं, जिससे लोगों की शांति बाधित होती है। मामले में एसपी ने कोतवाली थानाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के दिशा-निर्देश भी दिए। इस दौरान गिर्राज अग्रवाल ने हाल ही में चैन स्नैचिंग और मैरिज गार्डन में हुई चोरी की वारदात का खुलासा करने पर पुलिस का आभार व्यक्त किया।
रणदीप हुड्डा के शो ‘इंस्पेक्टर अविनाश’ के दूसरे सीजन का ट्रेलर रिलीज हो चुका है। नीरज पाठक निर्देशित इस शो में 1990 के दशक के उत्तर प्रदेश की वो झलक है जिसमें पुलिस, प्रशासन और गुंडाराज के साथ-साथ खून-खराबा है। इस नए सीजन में इंस्पेक्टर अविनाश मिश्रा के जीवन में जबरदस्त तूफान खड़ा हो जाता है। अविनाश को इस बार एक ऐसी लड़ाई लड़नी पड़ती है जो पुलिस की खाकी वर्दी से कहीं आगे तक जाती है। इस ट्रेलर में अपराध, राजनीति और भ्रष्टाचार के साथ-साथ कहानी का रोमांच भी जबरदस्त है। अपराध सरगना शेख और उसकी साथी रहस्यमयी देवी का एक घातक हथियार गिरोह है। यहां सिस्टम के अंदर धोखा खाकर निलंबित और गिरफ्तार होकर, इंस्पेक्टर अविनाश एक बहुत बड़े साजिश का शिकार हो जाता है। अविनाश के इर्द-गिर्द एक ऐसा खेल रचा गया है जो उसके सिद्धांतों को तबाह करने को तैयार है। इस बार इंस्पेक्टर केवल अपराध से नहीं लड़ रहा, बल्कि अपने परिवार, अपनी सच्चाई और अपने अस्तित्व के लिए लड़ाई लड़ता दिख रहा है। इस ट्रेलर में जबरदस्त एक्शन हैं और दुश्मन कहीं अधिक घातक हैं। यह सीरीज उत्तर प्रदेश के पुलिस अधिकारी अविनाश मिश्रा की सच्ची घटनाओं और जीवन पर बेस्ड है, जिन्हें राज्य में अपराधों को रोकने का अधिकार दिया गया था। इस शो में उर्वशी रौतेला, अमित सियाल, अभिमन्यु सिंह, रजनीश दुग्गल, शालिन भनोट और फ्रेडी दारूवाला भी अहम भूमिकाओं में हैं।
सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने कहा है क धार्मिक स्वतंत्रता सार्वजनिक स्वास्थ्य और मानवीय गरिमा के अधीन है। कोर्ट ने यह टिप्पणी दाऊदी बोहरा समुदाय में प्रचलित FGM प्रथा की वैधता पर सुनवाई के दौरान की।
गृह राज्यमंत्री और धौलपुर जिला प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने गुरुवार को कंचनपुर थाने का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों की जानकारी ली।इस दौरान बेढ़म ने पुलिस अधिकारियों को अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, फरियादियों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने और थाना परिसर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। बेढ़म ने जोर दिया कि आमजन को न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि पुलिस की सक्रिय मौजूदगी से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।उन्होंने पुराने और लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारित करने पर भी जोर दिया। थाने के रिकॉर्ड्स को व्यवस्थित रखने के निर्देशनिरीक्षण के समय मंत्री ने थाने में अपराध पंजीका, आगंतुक रजिस्टर सहित अन्य सभी रिकॉर्ड्स को व्यवस्थित और अद्यतन रखने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी मामले की जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सके।प्रभारी मंत्री ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को फरियादियों के साथ संवेदनशील और विनम्र व्यवहार रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आमजन की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाए और आवश्यकतानुसार तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने क्षेत्र में जुआ, सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं।निरीक्षण के दौरान थाना परिसर में साफ-सफाई, अन्य व्यवस्थाओं और पुलिस कार्यप्रणाली को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
चंडीगढ़ में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) की 2024 रिपोर्ट के मुताबिक दुष्कर्म के मामलों में चंडीगढ़ का क्राइम रेट पूरे देश में सबसे अधिक दर्ज किया गया है। यहां हर एक लाख आबादी पर 16.6 महिलाएं और बच्चियां दुष्कर्म का शिकार हुईं। 2024 में दुष्कर्म के 96 मामले दर्ज रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 में चंडीगढ़ में दुष्कर्म के कुल 96 मामले दर्ज किए गए। इनमें 73 केस आईपीसी और 23 मामले भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज हुए। NCRB ने नेशनल कमीशन ऑन पॉपुलेशन के आधार पर चंडीगढ़ की आबादी करीब 12.5 लाख मानी है। गोवा इस सूची में दूसरे स्थान पर रहा, जहां दुष्कर्म का क्राइम रेट 13.3 दर्ज हुआ, जबकि राजस्थान 12.2 के क्राइम रेट के साथ तीसरे स्थान पर रहा। हालांकि, मामलों की कुल संख्या अन्य राज्यों की तुलना में कम है, लेकिन आबादी के हिसाब से चंडीगढ़ का आंकड़ा सबसे ऊपर पहुंच गया। 18 से 30 साल की महिलाएं सबसे ज्यादा शिकार रिपोर्ट के मुताबिक चंडीगढ़ में सबसे ज्यादा दुष्कर्म के मामले 18 से 30 साल की महिलाओं और युवतियों के साथ सामने आए। वहीं बच्चियों से जुड़े आंकड़ों ने भी चिंता बढ़ा दी है। 12 से 16 साल की बच्चियों के साथ दुष्कर्म के 30 मामले दर्ज हुए, जबकि 16 से 18 साल की किशोरियों के साथ 13 मामले सामने आए। इसके अलावा 6 से 12 साल की चार मासूम बच्चियां भी दुष्कर्म का शिकार हुईं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 30 से 45 वर्ष की महिलाओं के साथ दुष्कर्म के 14 मामले दर्ज किए गए। आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध हर आयु वर्ग में बढ़ रहे हैं, जिसे लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़े चंडीगढ़ में महिलाओं से जुड़े अपराध पिछले दो वर्षों में लगातार बढ़े हैं। 2022 में महिलाओं के खिलाफ 325 मामले दर्ज हुए 2023 में यह संख्या बढ़कर 371 हो गई 2024 में आंकड़ा 452 तक पहुंच गया पति और रिश्तेदारों द्वारा प्रताड़ना, अपहरण, यौन शोषण एनसीआरबी रिपोर्ट के मुताबिक चंडीगढ़ में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं। वर्ष 2024 में पति और रिश्तेदारों द्वारा प्रताड़ना के सबसे ज्यादा 162 मामले दर्ज किए गए। इनमें घरेलू हिंसा, मारपीट, मानसिक उत्पीड़न और दहेज को लेकर प्रताड़ना जैसी शिकायतें शामिल हैं। महिलाओं के अपहरण के 138 मामले भी सामने आए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इनमें कई मामलों में शादी का झांसा देकर ले जाने, जबरन संबंध बनाने और परिवारिक विवादों से जुड़े मामले शामिल रहे। इसके अलावा यौन शोषण के 11 मामले दर्ज किए गए, जिनमें महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और जबरदस्ती करने की शिकायतें शामिल हैं। वहीं दहेज प्रताड़ना के कारण तीन महिलाओं की मौत के मामले दर्ज किए गए, जिसने समाज में बढ़ती घरेलू हिंसा की गंभीर तस्वीर सामने रखी है। रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं पर हमले के सात मामले भी दर्ज हुए हैं। इनमें मारपीट, धमकी देने और सार्वजनिक स्थानों पर हमला करने जैसी घटनाएं शामिल हैं। चंडीगढ़ में अपराध के प्रमुख आंकड़े एनसीआरबी रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 में Chandigarh में कुल 3621 आपराधिक मामले दर्ज किए गए। इनमें चोरी के सबसे ज्यादा 1387 मामले सामने आए, जबकि वाहन चोरी के 189 केस दर्ज हुए। इसके अलावा शहर में दुष्कर्म के 96, अपहरण के 176 और हत्या के 21 मामले दर्ज किए गए। स्नैचिंग के 58 और धोखाधड़ी के 259 मामलों ने भी कानून व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ाई है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध के क्राइम रेट में चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेशों में दूसरे स्थान पर रहा। लगातार बढ़ते अपराध के आंकड़ों ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस थाना माणकचौक ने जलेबी चौक से चोरी हुई स्कॉर्पियो कार की वारदात का मात्र चार घंटे में खुलासा कर दिया। पुलिस ने गुरुवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी गई स्कॉर्पियो कार बरामद कर ली है। डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा ने बताया कि 5 मई को एक परिवादी ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि वह जयपुर घूमने आया था और अपनी स्कॉर्पियो कार जलेबी चौक में पार्क कर गया था। कुछ देर बाद लौटने पर कार वहां से गायब मिली। इस पर थाना माणकचौक में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नीरज पाठक, सहायक पुलिस आयुक्त पीयूष कविया और थानाधिकारी राकेश ख्यालिया के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटना स्थल और आसपास के करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तथा तकनीकी आधार पर आरोपियों की लोकेशन ट्रैक की। जांच में सामने आया कि आरोपी चोरी की स्कॉर्पियो लेकर सीकर की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत रवाना हुई और रानोली टोल नाके पर दोनों आरोपियों को चोरी की स्कॉर्पियो सहित पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीप नारायण मिश्रा निवासी साबरमती, अहमदाबाद और रितेश मिश्रा निवासी रोहतास, बिहार हाल निवासी अहमदाबाद के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से स्कॉर्पियो कार नंबर GJ 01 ZA 4412 बरामद कर ली है।
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की वर्ष 2024 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था को देश के लिए एक उदाहरण बताया है। डीजीपी ने कहा कि किसी भी राज्य में अपराध की स्थिति को समझने का एकमात्र वैज्ञानिक आधार 'क्राइम रेट' होता है, और इस मामले में उत्तर प्रदेश की स्थिति राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर है। जहां देश का राष्ट्रीय क्राइम रेट 252.3 है, वहीं उत्तर प्रदेश का क्राइम रेट मात्र 180.2 दर्ज किया गया है। कागजों से निकलकर जमीन पर उतरी 'जीरो टॉलरेंस' नीति डीजीपी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अपराधियों के प्रति अपनाई गई 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अब धरातल पर पूरी तरह प्रभावी है। पिछले 9 वर्षों में पुलिसिंग के ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव किए गए हैं। आधुनिक पुलिस स्टेशन, हर थाने पर महिला हेल्प डेस्क, एंटी-रोमियो स्क्वॉड और संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई ने राज्य में कानून का इकबाल बुलंद किया है। कमजोर वर्गों को न्याय दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट की सक्रियता भी इसमें मददगार साबित हुई है। ज्यादा FIR दर्ज होना पारदर्शिता की निशानी पुलिस महानिदेशक ने एक महत्वपूर्ण बिंदु पर स्पष्टता देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अब कोई भी व्यक्ति बिना किसी डर के थाने जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। उन्होंने कहा, ज्यादा पंजीकरण (FIR) होना असल में एक संवेदनशील और पारदर्शी पुलिस बल की पहचान है। यूपी पुलिस अब डिजिटल माध्यमों पर आने वाली छोटी से छोटी शिकायत का भी संज्ञान लेती है। डीजीपी के अनुसार, पुलिस बल को अधिक सुलभ और पारदर्शी बनाना ही योगी सरकार का मुख्य विजन है। वैज्ञानिक तुलना ही सही आधार राजीव कृष्ण ने जोर देकर कहा कि केवल अपराधों की संख्या के आधार पर राज्यों की तुलना करना गलत है; तुलना हमेशा जनसंख्या के आधार पर 'क्राइम रेट' से होनी चाहिए। एनसीआरबी के आंकड़े साबित करते हैं कि उत्तर प्रदेश के सतत प्रयासों से अपराधों में भारी कमी आई है। राज्य पुलिस अब और अधिक तकनीकी और आधुनिक संसाधनों से लैस होकर जनता की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
राजस्थान पुलिस की सीआईडी सीबी की स्पेशल टीम ने बांसवाड़ा के कोतवाली थाना क्षेत्र में लूट-किडनैपिंग मामले में वांटेड बदमाश को अरेस्ट किया है। 12 साल से फरार चल रहे बदमाश पर 20 हजार रुपए का इनाम था। वह देहरादून के एक स्कूल में सिक्योरिटी गार्ड की जॉब कर फरारी काट रहा था। एडीजी (क्राइम) बिपिन कुमार पांडेय ने बताया- सीआईडी सीबी के हेड कॉन्स्टेबल कुलदीप सिंह को मुखबिर से सूचना मिली। बांसवाड़ा के कोतवाली थाने का पिछले 12 साल से फरार इनामी बदमाश दिवेश मौर्य देहरादून में पहचान छुपाकर रह रहा है। हुलिए के आधार पर सिक्योरिटी गार्ड के रूप में सूचना के पुख्ता होने पर देहरादून की विभिन्न सिक्योरिटी एजेंसियों से कॉन्टैक्ट किया गया। स्कूल में थी गार्ड ड्यूटी जांच के बाद पता चला कि आरोपी दिवेश मौर्य SIS सिक्योरिटी एजेंसी में कार्यरत है। वह वर्तमान में देहरादून के एक स्कूल में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर तैनात था। पुलिस टीम ने स्थानीय गढ़ी कैंट थाना पुलिस के सहयोग से घेराबंदी कर आरोपी को धर-दबोचा गया। पुलिस ने आरोपी दिवेश मौर्य पुत्र नंदलाल मौर्य निवासी न्यू वसंत विहार देहरादून को अरेस्ट किया। ऐसे दिया था वारदात को अंजाम वर्ष 2014 में बांसवाड़ा निवासी LIC एजेंट मनीष संचावत को बीमा कराने के बहाने बाबजी गार्डन के पास बुलाया गया था। वहां दो युवक उसकी कार में बैठे और पिस्तौल दिखाकर उसका किडनैप कर उदयपुर रोड की तरफ ले गए। आरोपियों ने उससे नकदी, पर्स और मोबाइल लूट लिया था। रास्ते में चिड़ियावासा के पास मौका मिलते ही मनीष संचावत कार से कूदकर भाग निकला। जांच के दौरान मौके पर मिले सामान के आधार पर आरोपियों की पहचान चिरायु गुप्ता, मोहित गुप्ता और दिवेश मौर्य के रूप में हुई थी। घटना के बाद से सभी आरोपी फरार चल रहे थे। आरोपी लगातार बदल रहे थे ठिकाने आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे और पहचान छिपाकर अलग-अलग स्थानों पर रह रहे थे। इसी कारण उनकी गिरफ्तारी पर 20-20 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। फिलहाल दिवेश मौर्य को पकड़ लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। टीम ने आरोपी को बांसवाड़ा कोतवाली थाना पुलिस को सुपुर्द कर दिया है। जहां उससे अन्य वारदातों और बदमाशों के बारे में पूछताछ की जाएगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दायर अवमानना याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। जब मामले की सुनवाई हुई, तो एकल न्यायाधीश ने इस केस को सुनने से अपने को अलग करते हुए मुख्य न्यायाधीश से नामांकन प्राप्त करने के बाद मामले को नए सिरे से दूसरी पीठ के समक्ष रखे जाने का अनुरोध किया। कोर्ट अवमानना का आवेदन आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज द्वारा अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग करते हुए दायर किया गया है। शंकराचार्य और मुकुंदानंद जमानत का उल्लंघन कर रहे दोनों धार्मिक नेताओं पर वर्तमान में नाबालिगों के साथ यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगे हैं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि विपक्षी पक्ष जानबूझकर उच्च न्यायालय द्वारा उन पर लगाई गई शर्तों का उल्लंघन कर रहे हैं, जबकि उन्हें पाक्सो मामले में अग्रिम जमानत दी गई थी। ये निर्देश 27 फरवरी (अंतरिम आदेश) और 25 मार्च (अंतिम आदेश) के आदेशों के माध्यम से पारित किए गए थे। आशुतोष महाराज , जो कथित अवमानना करने वालों के खिलाफ एफआईआर में पहले शिकायतकर्ता भी हैं, उनका दावा है कि न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप न करने के अदालत के सख्त निर्देशों के बावजूद, कथित अवमानना करने वालों ने नाबालिग पीड़ितों के गृह जिलों में अनधिकृत सार्वजनिक रैलियां और बैठकें आयोजित करके अपनी जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है। भड़काऊ बयानों से बटुकों और उनके घरवालों को डरा रहे याचिका में आगे आरोप लगाया गया है कि इन सार्वजनिक प्रदर्शनों और भड़काऊ मीडिया बयानों के माध्यम से, विपक्षी पक्ष नाबालिग पीड़ितों और उनके परिवारों को डराने, भय का माहौल बनाने और उनके खिलाफ चल रही न्यायिक कार्यवाही को अवैध रूप से प्रभावित करने का सक्रिय रूप से प्रयास कर रहे हैं। विपक्षी पक्ष सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना विभिन्न जिलों में यात्राएं/जुलूस निकाल रहे हैं और पीड़ित बच्चे के गृह जिले में जाकर जनसभाएं कर रहे हैं, भाषण दे रहे हैं और भड़काऊ बयान दे रहे हैं। इससे नाबालिग पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होने तथा पीड़ितों की सुरक्षा और निजता गंभीर रूप से प्रभावित होने की संभावना है। वे मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार करके समाज में लगातार भ्रम फैला रहे हैं और अदालती कार्यवाही को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं । याचिका में यह भी कहा गया है कि उपर्युक्त कार्यक्रमों के दौरान, धार्मिक हस्तियां विभिन्न समाचार चैनलों, सोशल मीडिया प्लेटफार्मों और सार्वजनिक मंचों पर बार-बार भड़काऊ, भ्रामक और झूठे बयान देती हैं, और आरोप लगाती हैं कि उनके खिलाफ मामले सरकार के इशारे पर दर्ज किए जा रहे हैं। आशुतोष महाराज का तर्क है कि इन बयानों का उद्देश्य समाज में भ्रम पैदा करना, न्यायालय की निष्पक्षता पर संदेह पैदा करना और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करना है, जो न्यायालय की अवमानना अधिनियम, 1971 के तहत दंडनीय अवमानना है। नाक काटने वाले 21 लाख के इनाम को उठाया अवमानना याचिका में आगे दावा किया गया है कि आवेदक (आशुतोष महाराज) की नाक काटने के लिए 21 लाख रुपये के इनाम की सार्वजनिक घोषणा की गई थी , जिसके परिणामस्वरूप 8 मार्च, 2026 को चलती ट्रेन के अंदर उन पर जानलेवा हमला हुआ, जिससे उन्हें चोटें भी आईं। इसके अलावा, आवेदक ने यह भी दावा किया है कि उसे एक पाकिस्तानी मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से जान से मारने की धमकी मिली है। इसमें उसे धमकी दी गई है कि अगर उसने मामले वापस नहीं लिए तो बम विस्फोट में उसे और उसके वकील को मार दिया जाएगा। याचिकाकर्ता का तर्क है कि ये लगातार धमकियां और हिंसा की घटनाएं न्याय प्रशासन में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप करती हैं।
जैसलमेर के भणियाणा कस्बे में पुराने क्राइम पैटर्न को दोहराकर पुलिस को खुली चुनौती भी दे रहे हैं। यहां स्थित ‘नयन मोबाइल एवं जनरल स्टोर’ में चोरों ने एक बार फिर फिल्मी अंदाज में छत के रास्ते घुसकर करीब एक लाख रुपए की नकदी ले गए। चोरी का पूरा तरीका साल 2020 में हुई उसी दुकान की सेंधमारी से हूबहू मेल खाता है। घटना के बाद भणियाणा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। दुकान बंद कर गया था परिवार, पीछे छोड़ गया था करीब 1 लाख कैश दुकानदार नयन (गोरधन राम) ने बताया कि 4 मई की शाम लगभग 7:30 बजे वे अपने सहयोगी हनीफ खां के साथ दुकान बंद कर एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने ससुराल चले गए थे। उस समय दुकान के मुख्य काउंटर और गल्ले में लगभग 95 हजार से 1 लाख रुपये नकद रखे हुए थे। पूरी दुकान सुरक्षित हालत में बंद की गई थी, लेकिन अगले दिन सामने आई घटना ने सबको हैरान कर दिया। गल्ला खोलते ही खुला चोरी का राज, टीन शेड बना एंट्री प्वाइंट नयन ने बताया कि अगले दिन सुबह दुकान खोलने पर सब कुछ सामान्य लगा, लेकिन दोपहर करीब 3 बजे जब एक सप्लायर को भुगतान के लिए गल्ला खोला गया तो नकदी गायब मिली। इसके बाद जांच करने पर पता चला कि चोरों ने दुकान की छत पर लगे टीन शेड के बोल्ट बेहद सफाई से खोलकर अंदर प्रवेश किया था। वारदात के बाद उन्होंने चद्दरों को वापस उसी तरह फिट कर दिया, जिससे बाहर से किसी को कोई शक न हो सके। 6 साल पुराना पैटर्न फिर दोहराया, 2020 वाली चोरी से मिलता है पूरा तरीका दुकानदार के अनुसार उनकी इसी दुकान में 21 अगस्त 2020 को भी बड़ी चोरी हुई थी, जिसकी एफआईआर नंबर 58/2020 दर्ज है। उस समय भी चोरों ने छत के रास्ते ही दुकान में सेंध लगाई थी और नकदी के साथ सैमसंग, वीवो और रियलमी जैसे ब्रांड के मोबाइल फोन चुरा ले गए थे। अब छह साल बाद एक बार फिर ठीक उसी तकनीक से वारदात होने पर शक गहराया है कि किसी पेशेवर गिरोह को दुकान की पूरी संरचना की जानकारी है। पुलिस जांच में जुटी, वैज्ञानिक टीम बुलाने की मांग घटना की सूचना पर भणियाणा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। 6 मई को इस संबंध में लिखित शिकायत देकर बीएनएस की धारा 331(4) और 305 के तहत मामला दर्ज करने की मांग की गई है। भणियाणा एएसआई रुगपुरी गोस्वामी ने बताया कि दुकान का मौका मुआयना किया गया है और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही दुकानदार द्वारा बताए गए शक के आधार पर भी लोगों से पूछताछ की जा रही है। पीड़ित ने पुलिस से मांग की है कि घटनास्थल पर फिंगरप्रिंट और वैज्ञानिक जांच टीम को बुलाया जाए, ताकि महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए जा सकें। साथ ही 2020 की वारदात में शामिल आरोपियों के रिकॉर्ड खंगालकर वर्तमान मामले से उनका मिलान करने की भी अपील की गई है।
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने साल 2024 में देश में हुए क्राइम की रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक राजधानी दिल्ली में महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। रिपोर्ट बताती है कि 2024 में मेट्रो शहरों में दिल्ली महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के मामले में शीर्ष पर रही है। 2024 में महिलाओं के खिलाफ 13,396 मामले दर्ज किए गए, जो 2023 में 13,366 थे। तमिलनाडु में महिलाओं के खिलाफ अपराध घटे हैं। 2024 में महिलाओं के खिलाफ 4,41,534 मामले दर्ज हुए, जो 2023 से 1.5% कम थे। सबसे अधिक 27.2% मामले पति के क्रूरता और अपहरण से संबंधित थे। दिल्ली में बुजुर्गों के खिलाफ अपराध बढ़ा दिल्ली में बुजुर्गों के खिलाफ 1,267 अपराध दर्ज किए गए। दिल्ली में बुजुर्गों के खिलाफ अपराधों की दर प्रति लाख आबादी पर 110 मामले रही, जो केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे ज्यादा दरों में से एक रही। मध्य प्रदेश सबसे ऊपर रहा, जहां 2024 में 5,875 मामले दर्ज किए गए, यह संख्या 2023 के 5,738 मामलों से ज्यादा है। दूसरी तरफ, देश में बुजुर्गों के खिलाफ अपराधों में चिंताजनक वृद्धि हुई है। 2024 में कुल 32,602 मामले दर्ज किए गए, जो 2023 के मुकाबले 16.9% ज्यादा हैं। देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध में 1.5% की गिरावट देश भर में कुल अपराध 6% घटे एनसीआरबी के मुताबिक, देश में कुल अपराध 6% घट गए हैं। 2024 में 58.85 लाख अपराध दर्ज किए गए, जबकि 2023 में 62.41 लाख मामले दर्ज किए गए थे। अपराध दर (प्रति लाख आबादी पर दर्ज मामले) भी एक साल में 448.3 से घटकर 418.9 रह गई। अपराध सुलझाने के केस में पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल सबसे आगे रहे। साइबर क्राइम: मेट्रो शहरों में बेंगलुरु सबसे आगे ……………………….. NCRB की यह रिपोर्ट भी पढ़ें… NCRB रिपोर्ट 2023- देश में 7% क्राइम बढ़ा: हत्या में यूपी, दुष्कर्म में राजस्थान आगे; महिलाओं के खिलाफ अपराध ने 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ा नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) ने अक्टूबर 2025 में साल 2023 के दौरान हुए अपराधों की रिपोर्ट सार्वजनिक की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 में देश में कुल 62 लाख 41 हजार 569 अपराध दर्ज हुए। ये 2022 की तुलना में 7.2% ज्यादा हैं।देशभर में महिलाओं पर 4.48 लाख अपराध दर्ज हुए, जो 10 साल में सबसे ज्यादा हैं। पूरी खबर पढ़ें
एनसीआरबी:इंदौर में 3 साल में अपराध 36% घटे, पर क्राइम रेट राष्ट्रीय औसत से दोगुना
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की 2024 की रिपोर्ट ने इंदौर को एक साथ राहत और चेतावनी दोनों दी है। राहत इसलिए कि पिछले तीन साल में शहर में कुल अपराधों का ग्राफ तेजी से गिरा है। 2022 में जहां 27,127 केस दर्ज हुए थे, वह 2024 में घटकर 17,360 रह गए हैं। लेकिन चेतावनी इसलिए क्योंकि इंदौर का क्राइम रेट (प्रति एक लाख की आबादी पर अपराध) 801.1 है, जो 418.9 के राष्ट्रीय औसत से लगभग दोगुना है। दुष्कर्म के मामले में इंदौर 6ठे नंबर: पुलिस कमिश्नरी लागू होने के 4.5 साल बाद भी दुष्कर्म के मामले में इंदौर 6ठे स्थान पर है। जबकि कानपुर, अहमदाबाद, कोलकाता, पटना, नागपुर, सूरत और गाजियाबाद जैसे शहर हमसे नीचे हैं। शेल्टर होम में महिलाओं और बच्चों से छेड़छाड़ के 25 केस दर्ज थे, जो सभी महानगरों में सबसे ज्यादा है। महिला अपराध में मप्र टॉप-5 में, बुजुर्ग-एसटी पर अत्याचार में नं. 1 19 प्रमुख महानगरों में दिल्ली महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के मामले में शीर्ष पर है। वहीं मप्र महिला अपराध में लगातार चौथे साल पांचवें स्थान पर रहा। यहां महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 32,832 मामले दर्ज हुए। साल 2022 में 32,765 केस थे, जो 2023 में घटकर 32,342 हुए। साल 2024 में राज्य में हर दिन औसतन 90 से ज्यादा महिला अपराध दर्ज हुए। दुष्कर्म के 3061 मामलों के साथ मप्र देश में चौथे नंबर पर रहा। हिंसक अपराध 47% बढ़ेइंदौर में हिंसक अपराध 1,641 से बढ़कर 2,405 हो गए। हत्या के मामले 51 से बढ़कर 62 हुए। अपहरण/किडनैपिंग की दर में भी इंदौर तीसरे नंबर पर है। दोषसिद्धि दर 54.3 फीसदीआईपीसी/बीएनएस मामलों में इंदौर में 14,922 मामलों की जांच थी। पुलिस ने 12,665 मामलों का निपटारा किया, 8,025 में चार्जशीट लगी। दोषसिद्धि दर 54.3% रही। केस घटने की यह वजह...2024 में नए कानूनों (बीएनएस) के लागू होने का असर थानों के आंकड़ों पर पड़ा है। पिछले साल के 24 हजार केस के मुकाबले इस साल लगभग 7 हजार केस कम दर्ज हुए।
अब नए सिरे से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई:संजय पाठक-गोयनका केस से खुद हटे जस्टिस पारदीवाला
मप्र-छत्तीसगढ़ के दो बड़े खनन कारोबारियों के बीच चल रहे कानूनी विवाद में बुधवार को नया मोड़ आया। सुप्रीम कोर्ट में चल रहे इस केस की सुनवाई के दौरान जस्टिस जेबी पारदीवाला ने खुद को इस मामले की सुनवाई से अलग कर लिया। अब मामला नई पीठ में जाएगा। यह निर्णय तब आया, जब सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि याचिकाकर्ता का संबंध गोयनका समूह से है। न्यायिक निष्पक्षता को सर्वोपरि रखते हुए जस्टिस पारदीवाला ने तुरंत केस की फाइलें बंद कर दीं। उन्होंने कहा कि यह मामला अब उनके सामने नहीं सुना जाएगा। इस हाई-प्रोफाइल माइनिंग डिस्प्यूट में जस्टिस जेबी पारदीवाला के हटने के कारण सुनवाई नए सिरे से शुरू होगी। इसलिए यह केस और लंबा चल सकता है। खनन से जुड़ा है मामला दरअसल, सुनवाई के बीच कोर्ट ने पूछा, हू इज मि. गोयनका (गोयनका कौन हैं)। गोयनका के वकीलों ने बताया, यह वह बड़ा गोयनका ग्रुप नहीं है, जो आप समझ रहे हैं। ये दूसरे गोयनका हैं। कोर्ट ने कहा, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। तभी जस्टिस पारदीवाला बोले, मैं अब इस केस को नहीं सुनूंगा। यह कानूनी विवाद मप्र के खनन कारोबारी और विधायक संजय पाठक और रायपुर के खनन कारोबारी महेंद्र गोयनका के बीच 'निर्मला मिनरल्स' कंपनी और बहुमूल्य लौह-अयस्क खदानों के मालिकाना हक से जुड़ा है। सितंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने मप्र हाई कोर्ट के उस अंतरिम आदेश पर रोक लगा दी थी, जो गोयनका के पक्ष में था। तब से सुप्रीम कोर्ट इस मामले में स्टे ऑर्डर समेत अन्य अंतरिम अर्जियों पर सुनवाई कर रहा है। कई महीनों से दोनों पक्षों के वकीलों में बहस चल रही है।
पंचकूला पुलिस ने घर में घुसकर चोरी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी किए गए लाखों रुपए के जेवर और 10 हजार की नकदी भी बरामद की है। यह मामला 25 अप्रैल को गांव अलीपुर निवासी रणजीत सिंह ने पुलिस चौकी रामगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि देर रात करीब 1:30 बजे एक अज्ञात व्यक्ति उनके घर में घुस गया और अलमारी से सोने का मंगल सूत्र, झुमके, अंगूठी, चांदी के कंगन, पायल तथा लगभग 20 हजार रुपए नकद चोरी कर फरार हो गया। इस शिकायत के आधार पर थाना चंडी मंदिर में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने आरोपी को दो दिन की रिमांड पर लिया एसीपी क्राइम अरविंद कंबोज के अनुसार, क्राइम ब्रांच सेक्टर-19 की टीम ने इंचार्ज मुकेश सैनी के नेतृत्व में गहन जांच और तकनीकी विश्लेषण किया। इसके परिणामस्वरूप, आरोपी रामशरण उर्फ सन्नी, निवासी अलीपुर इंडस्ट्रियल एरिया, पंचकूला को गिरफ्तार कर लिया गया। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 2 दिन का पुलिस रिमांड मिला। आरोपी की निशानदेही पर चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवरात और 10 हजार रुपए नकद बरामद किए गए। आरोपी को अब न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। डीसीपी अमरिंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि पंचकूला जिले में अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रतिबद्ध है।
हरियाणा पुलिस की स्टेट क्राइम ब्रांच (SCB) में कामकाज को और अधिक सुचारू और प्रभावी बनाने के लिए बड़े स्तर पर कार्य वितरण किया गया है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) संजय कुमार ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। इस आदेश के तहत आईपीएस (IPS) और एचपीएस (HPS) स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव करते हुए उन्हें विशेष यूनिट्स और नोडल जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यहां देखिए ऑर्डर की कॉपी... यहां पढ़िए किस अधिकारी को क्या मिली नई जिम्मेदारी आर्य रोहतक-गुरुग्राम ACB यूनिट्स देखेंगे आईजीपी राकेश कुमार आर्य को गुरुग्राम और रोहतक की एससीबी यूनिट्स के साथ-साथ स्थापना और कल्याण मामलों की देखरेख का जिम्मा सौंपा गया है। डीआईजी हामिद अख्तर को को पंचकूला हेडक्वार्टर के साथ हिसार, मधुबन और अंबाला यूनिट्स की कमान दी गई है। साथ ही, वे इंटरपोल संपर्क अधिकारी, मानव तस्करी (AHTU) के नोडल ऑफिसर और ड्रग्स सचिवालय से जुड़े मामलों को देखेंगे। डीआईजी वीरेंद्र विज फरीदाबाद, पलवल और नूंह जैसी महत्वपूर्ण यूनिट्स की निगरानी का काम मिला है। सुनील को मुधबन, हिसार, जींद, सिरसा, फतेहाबाद यूनिट मिली एसपी सुनील कुमार को मधुबन, हिसार, जींद, सिरसा और फतेहाबाद यूनिट्स का सुपरविजन सौंपा गया है। एसपी राजेश कुमार, गुरुग्राम यूनिट के साथ-साथ वे फेक करेंसी (FICN) और सीबीआई-इंटरपोल जैसी केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगे। एसपी पूजा डाबला, पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर यूनिट्स के साथ-साथ आंतरिक महिला शिकायत समिति का पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है। नोडल अधिकारी और विशेष नियुक्तियां आदेश के अनुसार, अमित दहिया (HPS) को रोहतक, झज्जर और दादरी का जिम्मा दिया गया है। इसके अलावा, सेवामुक्त अनुभवी अधिकारियों जैसे राजिंदर सिंह गंजियाल, ब्रिगेडियर संदीप सिंह कश्यप और रवि गंभीर को सलाहकार के तौर पर विभिन्न यूनिट्स में गाइडेंस और डॉग स्क्वायड की जिम्मेदारी दी गई है। सिस्टम को पारदर्शी बनाने पर जोर इस फेरबदल में 'लिंक ऑफिसर' (Link Officer) की व्यवस्था भी स्पष्ट की गई है, ताकि यदि कोई अधिकारी अवकाश या किसी अन्य ड्यूटी पर हो, तो दूसरा अधिकारी तुरंत उस कार्यभार को संभाल सके और जांच या प्रशासनिक कार्यों में कोई रुकावट न आए। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और इसकी प्रतियां राज्य के सभी संबंधित आईजी, डीआईजी और एसपी को कार्रवाई के लिए भेज दी गई हैं।
रोहतक में CITU नेता के घर देर रात को मानसेर क्राइम ब्रांच की टीम द्वारा बिना नंबर प्लेट की गाड़ी से आकर परिवार के लोगों को धमकाने के विरोध में प्रतिनिधिमंडल एसपी से मिला। सीटू नेताओं ने कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच करवाते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। पीड़ित सीटू नेता विनोद ने बताया कि रात को लगभग 1:30 बजे क्राइम ब्रांच का नाम लेकर चार -पांच लोग सादे कपड़ों और बिना नंबर प्लेट की सफेद रंग की बोलेरो गाड़ी में घर पहुंचे और जोर-जोर से गेट खटखटाने लगे। गेट न खोलने पर उनके परिवार के अन्य सदस्यों के घर भी पहुंचे और जबरन गेट खुलवाने की कोशिश की। विनोद ने बताया कि क्राइम ब्रांच के लोगों ने फोन का दुरुपयोग करते हुए फोन को चेक करने लगे। सारी रात उनके द्वारा घर के बाहर बैठे रहे, जिससे परिवार में काफी भय का वातावरण बन रहा । उसकी पत्नी पर अनावश्यक दबाव डाला। वह घर पर नहीं था, जिसके कारण परिवार काफी डर गया। झूठे मुकदमें बनाकर जेल में डालने का प्रयास विनोद ने बताया कि पूरे एनसीआर के जिलों में मजदूरों को न्यूनतम वेतन और बुनियादी सुविधाओं के न मिलने से काफी आक्रोश है। सरकार भी मजदूर आंदोलन की मांगों का समाधान करने की बजाय मजदूरों के आंदोलन को कुचलने व झूठे मुकदमें बना कर जेल में डाल रही है। रात के समय क्राइम ब्रांच पुलिस और स्थानीय पुलिस द्वारा ऐसा व्यवहार घोर आपत्तिजनक व गैरकानूनी है। घर पर पत्नी व 6 साल की बेटी थी अकेलीविनोद ने बताया कि घर पर रात के समय, उनकी पत्नी और 6 साल की बेटी थी। इस प्रकार से सादे कपड़े व बिना नंबर प्लेट की गाड़ी में आकर दरवाजा पीटना, डराना, धमकाना तथा उसके रिश्तेदार को जबरन घर से लाकर अकेली महिला को गेट खोलने के लिए मजबूर करना असहनीय है। पुलिस द्वारा ऐसा व्यवहार सभ्य समाज में किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। एएसपी को दिया दो दिन का अल्टीमेटम किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने कहा कि एएसपी आयुष यादव से मिलकर ज्ञापन दिया और घटनाक्रम की जांच करवाने व दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही एएसपी को दो दिन में जांच कार्यवाही का अल्टीमेटम दिया है। अगर दो दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो जनसंगठन प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
पंचकूला में नगर निगम चुनाव के दौरान चल रही निगरानी के चलते पुलिस ने उत्तर प्रदेश से आए एक हथियार सप्लायर को पकड़ा है। हथियार सप्लायर को रिमांड पर लेकर फिलहाल पुलिस पूछताछ में जुटी हुई हैं। पंचकूला क्राइम डीसीपी अमरिंद्र सिंह ने बताया कि उनकी टीमें रायपुररानी थाना के एरिया में इंटरस्टेट नाके पर जांच कर रही थी। इसी दौरान क्राइम ब्रांच की टीम को सूचना मिली कि एक युवक हथियार के साथ पंचकूला आ रहा है, जो पंचकूला में हथियार सप्लाई कर जाएगा। सहारनपुर का रहने वाला आरोपी क्राइम ब्रांच-26 की टीम ने तुरंत मौके पर दबिश देकर एक युवक को काबू किया। जिसने खुद को उत्तरप्रदेश के सहारनपुर जिले में देवबंद निवासी अजय के तौर पर हुई। आरोपी के पास से 365 बोर के 3 हथियार व 6 कारतूस मिले हैं। टीम ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर 4 दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपी यूपी से हथियार लेकर आए थे। जिनकी मार्केट में एक हथियार की कीमत करीब 15 हजार रुपए है। रिमांड पर चल रही पूछताछ पंचकूला क्राइम डीसीपी अमरिंद्र सिंह के अनुसार आरोपी से रिमांड में पता लगाया जा रहा है कि आखिर वो किसे ये हथियार देने वाला था। उन लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा, जिन्हें यह हथियार सप्लाई करने वाला था। अभी आरोपी की कोई पुरानी क्राइम हिस्ट्री नहीं मिली है।
RSS के कार्यक्रम में जाने से प्रमोशन होने की बात जस्टिस स्वर्णकांता ने नहीं कही
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो साल 2024 में काशी विद्यापीठ में आयोजित एक कार्यक्रम का है, जहां भाषण में स्वर्णकांता शर्मा ने अपने आगे बढ़ने का श्रेय भगवान शिव और विश्वविद्यालय को दिया था.
बंदर मूवी प्रिव्यू: सच्ची घटना से प्रेरित बॉबी देओल और अनुराग कश्यप की क्राइम थ्रिलर
अनुराग कश्यप निर्देशित फिल्म ‘बंदर: मंकी इन अ केज’ एक सच्ची घटना से प्रेरित क्राइम-थ्रिलर है। बॉबी देओल मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म का प्रीमियर 2025 टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ और यह 22 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर 'दलदल' में सबसे खौफनाक विलेन बन सकती हैं भूमि पेडनेकर
भूमि पेडनेकर ने अब तक ऐसे किरदार निभाए हैं जो बेहद वास्तविक और भरोसेमंद लगे हैं। लेकिन उनकी साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर ‘दलदल’ शायद वह सरप्राइज़ है, जिसका इंतज़ार दर्शक कर रहे थे। ट्रेलर में भूमि को डीसीपी रीटा फरेरा के रूप में पेश किया गया है, जो एक ...
भूमि पेडनेकर की क्राइम थ्रिलर सीरीज 'दलदल' का रोमांचक ट्रेलर रिलीज
प्राइम वीडियो ने अपनी नई हिंदी क्राइम थ्रिलर सीरीज ‘दलदल’ का दमदार ट्रेलर रिलीज कर दिया है। यह ट्रेलर कुछ दिन पहले आए असरदार और बेचैन कर देने वाले टीज़र के बाद रिलीज हुआ है, जिसे अपनी अलग और डरावनी झलक के लिए खूब सराहना मिली थी।
प्राइम वीडियो की तेलुगु क्राइम थ्रिलर फिल्म 'चीकाटीलो' का रोमांचक ट्रेलर रिलीज
प्राइम वीडियो ने अपनी इमोशनल तेलुगु क्राइम सस्पेंस ड्रामा 'चीकाटीलो' का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज कर दिया है। तेजी से विकसित हो रहे हैदराबाद की पृष्ठभूमि पर आधारित इस कहानी में संध्या की यात्रा दिखाई गई है, जो एक ट्रू-क्राइम पॉडकास्टर है। शोभिता धुलिपाला ...
एमेजन एमजीएम स्टूडियोज इंडिया ने अपनी आगामी थियेट्रिकल रिलीज फिल्म 'निशांची' का धमाकेदार फर्स्ट लुक पोस्टर रिलीज कर दिया है। अजय राय और रंजन सिंह द्वारा जार पिक्चर्स के बैनर तले, फ्लिप फिल्म्स के साथ मिलकर प्रोड्यूस की गई ये फिल्म एक रोमांचकारी ...
क्रिमिनल जस्टिस 4 में एक अलग अवतार में दिखीं बरखा सिंह, बोलीं- मैं खुद को साबित करना चाहती थी
बरखा सिंह भारतीय सिनेमा के सबसे होनहार चेहरों में से एक हैं। उन्होंने विभिन्न मंचों पर काम करते हुए, बाधाओं को पार किया है और अपने लिए एक रास्ता बनाया है। दर्शकों और आलोचकों को उनके किरदारों और अभिनय के तरीके से बेहद प्यार है। एक इंटरव्यू में बरखा ...
राणा नायडू सीजन 2: नए किरदारों के साथ क्राइम, एक्शन और इमोशन का जबरदस्त तड़का
राणा नायडू सीजन 2' में गालियों में कमी और ड्रामा में बढ़ोतरी हुई है। अर्जुन रामपाल का 'रॉफ' और कृति खरबंदा जैसे नए किरदार कहानी को नया मोड़ देते हैं। राणा और नागा के किरदार पहले की तरह दमदार हैं, जो परिवार को मुश्किलों से निकालते हैं। सीरीज की ...
अनुराग कश्यप लेकर आए क्राइम ड्रामा फिल्म निशांची, इस दिन सिनेमाघरों में होगी रिलीज
अनुराग कश्यप एक नई गहन क्रामइ ड्रामा फिल्म 'निशांची' लेकर आ रहे हैं। अमेजन एमजीएम स्टूडियो ने इस फिल्म का टीजर शेयर करते हुए इसकी थिएट्रिकल रिलीज डेट का ऐलान कर दिया है। अनुराग कश्यप द्वारा निर्देशित ये फिल्म हालात को हूबहू पर्दे पर उतारने वाली और ...
प्राइम वीडियो ने अपनी आगामी रोमांचक इन्वेस्टीगेटिव क्राइम थ्रिलर 'स्टोलन' का दमदार ट्रेलर लॉन्च कर दिया है। अनुराग कश्यप, किरण राव, निखिल आडवाणी और विक्रमादित्य मोटवानी जैसे दिग्गज फिल्ममेकर्स की एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर टीम के साथ 'स्टोलन' करण ...
सोनू सूद की फतेह इस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हुई स्ट्रीम, साइबर क्राइम की काली दुनिया को दिखाती है फिल्म
बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद की फिल्म 'फतेह' को सिनेमाघरों में मिलाजुला रिस्पॉन्स मिला था। इस फिल्म से सोनू सूद ने निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रखा है। साइबर क्राइम पर आधारित इस फिल्म में सोनू सूद के साथ जैकलीन फर्नांडिस मुख्य भूमिका में नजर आईं। वहीं ...
क्राइम फ्री धड़कपुर से चोरी हुई बाइक, प्राइम वीडियो की सीरीज दुपहिया का मजेदार ट्रेलर हुआ रिलीज
web series dupahiya trailer: प्राइम वीडियो ने अपनी आगामी ओरिजिनल सीरीज 'दुपहिया' का दिलचस्प ट्रेलर जारी कर दिया है। सलोना बैंस जोशी और शुभ शिवदासानी द्वारा उनके बैनर बॉम्बे फिल्म कार्टेल के तहत रचित और कार्यकारी निर्मित है। यह सीरीज़ एक काल्पनिक ...
Mirzapur 3 के बाद Prime Video ने किया एक और क्राइम-थ्रिलर सीरीज का एलान, 'मटका किंग' बनकर धूम मचाएगा ये एक्टर
गशमीर महाजनी और Surbhi Jyoti की नई क्राइम-थ्रिलरसीरीज Gunaah का टीजर हुआ लॉन्च, जाने कब और कहां होगी स्ट्रीम
डिज़्नी प्लस हॉटस्टार ने आखिरकार शुक्रवार को क्राइम ड्रामा सीरीज़ क्रिमिनल जस्टिस के बहुप्रतीक्षित चौथे अध्याय की घोषणा कर दी, जिसमें पंकज त्रिपाठी मुख्य भूमिका में हैं। नई किस्त में अभिनेता पंकज त्रिपाठी अलौकिक वकील माधव मिश्रा के रूप में वापसी करेंगे। एक बयान में, अभिनेता ने कहा कि नया अध्याय मिश्रा के जीवन और जटिल मामलों को इतनी आसानी और स्थायित्व के साथ सामने लाने की उनकी क्षमता के बारे में विस्तार से बताएगा। पंकज त्रिपाठी के हवाले से बताया गया कि ऑन-स्क्रीन वकीलों की प्रसिद्धि के हॉल में, मुझे लगता है कि माधव मिश्रा ने क्रिमिनल जस्टिस के साथ अपनी जगह बना ली है। मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि सीरीज़ में माधव का किरदार मुझसे कितना मिलता-जुलता है। हर जीत मुझे अपनी जैसी लगती है और हर हार ऐसी लगती है एक व्यक्तिगत क्षति। मैं डिज़्नी+हॉटस्टार पर नए सीज़न की घोषणा करने के लिए उत्साहित हूं और मुझे उम्मीद है कि दर्शक इस सीज़न को पहले की तरह ही प्यार देना जारी रखेंगे। डिज़्नी प्लस हॉटस्टार ने पोस्ट को कैप्शन दिया ''कोर्ट जारी है, और नए सीज़न की तैयारी भी। आ रहे हैं माधव मिश्रा, #HotstarSpecials #CriminalJustice के नए सीज़न के साथ!'' इसे भी पढ़ें: Rakhi Sawant Condition is Critical | क्रिटिकल है एक्ट्रेस राखी सावंत की हालत, पूर्व पति रितेश ने शेयर किया है हेल्थ अपडेट फ्रेंचाइजी के बारे में जानकारी क्रिमिनल जस्टिस की शुरुआत 2018 में अपने पहले सीज़न के साथ हुई थी जिसे 2008 में इसी नाम की ब्रिटिश टेलीविजन श्रृंखला से रूपांतरित किया गया था। क्रिमिनल जस्टिस: बिहाइंड क्लोज्ड डोर्स नामक दूसरा सीज़न 2020 में आया, इसके बाद तीसरा अध्याय, क्रिमिनल जस्टिस: अधूरा सच, 2022 में आया। क्रिमिनल जस्टिस का निर्माण अप्लॉज़ एंटरटेनमेंट द्वारा किया गया है। इसे भी पढ़ें: Scam 2010 The Subrata Roy Saga: हंसल मेहता ने किया 'स्कैम' के तीसरे सीजन का ऐलान, सहारा की कहानी पर केंद्रित होगा नया शो बता दें कि पंकज त्रिपाठी आखिरी बार मर्डर मुबारक में नजर आए थे। फिल्म में सारा अली खान, विजय वर्मा, आदित्य रॉय कपूर और करिश्मा कपूर समेत कई स्टार कलाकार शामिल हैं। होमी अदजानिया द्वारा निर्देशित यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है। वह अगली बार मिर्ज़ापुर 3 में नज़र आएंगे। रिलीज़ डेट की अभी घोषणा नहीं की गई है। View this post on Instagram A post shared by Disney+ Hotstar (@disneyplushotstar)
सस्पेंस, क्राइम और थ्रिलर का रखते है शौक तो OTT पर फौरन निपटा डाले ये जबरदस्तसाउथ फिल्में,हॉलीवुड भी लगने लगेगा फीका
सलमान खान के घर फायरिंग मामला: मुंबई क्राइम ब्रांच ने पांचवें आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया
सलमान खान के घर फायरिंग मामले में ताजा घटनाक्रम में मुंबई क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को पांचवें आरोपी मोहम्मद चौधरी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। इंडिया टीवी के अतुल सिंह की एक रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद चौधरी ने दो शूटरों, सागर पाल और विक्की गुप्ता को पैसे देकर और रेकी करके भी मदद की। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, चौधरी को आज मुंबई लाया जा रहा है जहां उसे किला कोर्ट में पेश किया जाएगा और पांच दिन की हिरासत की मांग की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Kareena Kapoor Khan ने Saif Ali Khan के बड़े बेटे इब्राहिम की नवीनतम तस्वीरों पर सबसे मनमोहक टिप्पणी की इससे पहले, अनुज थापन नाम के एक आरोपी ने पुलिस हिरासत में चादर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बता दें, अनुज पर शूटरों को हथियार मुहैया कराने का आरोप है। थापन को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले, बांद्रा में अभिनेता के आवास के बाहर गोलीबारी करने वाले दोनों शूटर विक्की गुप्ता और सागर पाल को गुजरात के भुज से हिरासत में लिया गया था। इसे भी पढ़ें: सलमान खान के घर के बाहर गोली चलाने के मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य गिरफ्तार सलमान खान के घर फायरिंग मामले की जानकारी मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, कथित तौर पर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग करने वाले शूटरों के पास दो बंदूकें थीं और उन्हें 10 राउंड गोलियां चलाने का आदेश दिया गया था. 14 अप्रैल की सुबह, दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आए और अभिनेता के आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर चार गोलियां चलाईं। घटना के बाद हमलावर तेजी से मौके से भाग गए। निगरानी फुटेज से पता चला कि दोनों संदिग्धों ने टोपी पहन रखी थी और बैकपैक ले रखा था। इस महीने की शुरुआत में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने का अनुरोध किया था. अनमोल बिश्नोई ने घटना के कुछ घंटों बाद अपने फेसबुक प्रोफाइल के जरिए सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। सलमान खान की नवीनतम सार्वजनिक उपस्थिति सलमान खान हाल ही में लंदन में थे जहां उन्होंने ब्रिटेन के ब्रेंट नॉर्थ निर्वाचन क्षेत्र से सांसद बैरी गार्डिनर से मुलाकात की। इंटरनेट पर कई तस्वीरें वायरल हुईं, जिनमें बैरी और सलमान दोनों वेम्बली स्टेडियम के अंदर नजर आ रहे हैं।
Nikkhil Advani BirthdaySpecial :रोमांस-क्राइम और थ्रिलर के बेताज बादशाह है निखिल अडवानी, पढ़िए उनका पूरा फिल्मी सफरनामा
Salman Khan फायरिंग मामले में पुलिस को मिली अबतक की सबसे बड़ी कामयाबी, क्राइम ब्रांच के हाथ लगे दो और अपराधी
सलमान खान के घर फायरिंग मामले में अहम घटनाक्रम में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने का अनुरोध किया है। अनमोल बिश्नोई ने घटना के कुछ घंटों बाद अपने फेसबुक प्रोफाइल के जरिए सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी. इस सप्ताह की शुरुआत में, मुंबई क्राइम ब्रांच ने गोलीबारी की घटना में इस्तेमाल की गई दूसरी बंदूक बरामद की। सूरत की तापी नदी से तीन मैगजीन के साथ बंदूक बरामद की गई। इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया 16 अप्रैल को कच्छ पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दिया। बाद में, शहर की एक अदालत ने गोलीबारी की घटना के सिलसिले में दोनों आरोपियों को 25 अप्रैल तक मुंबई अपराध शाखा की हिरासत में भेज दिया। आरोपियों की पहचान बिहार के विक्की गुप्ता (24) और सागर पाल (21) के रूप में हुई, जिन्हें मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेश किया गया। इसे भी पढ़ें: काला जादू- टोना-टोटका करने का Kangana Ranaut पर आरोप लगाने के बाद अब एक्ट्रेस के बारे Adhyayan Suman क्या सोचते है? मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच अभी भी जारी है मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, कथित तौर पर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग करने वाले शूटरों के पास दो बंदूकें थीं और उन्हें 10 राउंड गोलियां चलाने का आदेश दिया गया था. 14 अप्रैल की सुबह, दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आए और अभिनेता के आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर चार गोलियां चलाईं। घटना के बाद हमलावर तेजी से मौके से भाग गए। निगरानी फुटेज से पता चला कि दोनों संदिग्धों ने टोपी पहन रखी थी और बैकपैक ले रखा था। अनजान लोगों के लिए, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार की धमकियों के बाद 2022 में सलमान की सुरक्षा का स्तर वाई-प्लस तक बढ़ा दिया गया था। अभिनेता को व्यक्तिगत बन्दूक ले जाने के लिए भी अधिकृत किया गया था और अतिरिक्त सुरक्षा के लिए उन्होंने एक नया बख्तरबंद वाहन भी खरीदा है।
Salman Khan फायरिंग केस मेंक्राइम ब्रांच को गुजरात से मिला बड़ा कनेक्शन, मामले में हुआ अबतक का सबसे सनसनीखेज खुलासा
रोंगटे खड़े कर देंगी सीरियल किलर्स पर बनी ये क्राइम-थ्रिलर, खून ख्राबार देखकर उड़ जाएगी रातों की नींद
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Salman Khan फायरिंग केस में आया नया मोड़! भाईजान कोमारना नहीं था शूटर्स का मकसद,क्राइम ब्रांच ने किया चौकाने वाला खुलासा
Salman Khan के घर हुई फायरिंग के मामले में आया नया मोड़,क्राइम ब्रांच कोपुर्तगाल से मिला बड़ा कनेक्शन, जाने क्या है मामला
Salman Khan के घर हुईफायरिंग के केस में क्राइम ब्रांच को मिली बड़ी सफलता, इस राज्य में पकड़े गए दोनों आरोपी
धमाकेदार बीतने वाला है अप्रैल का ये हफ्ता, क्राइम-थ्रिलर के साथ देशभक्ति का तड़का लगाने आ रही है ये धांसूफिल्में और सीरीज
मुंबई क्राइम ब्रांच का एक्शन, सलमान के घर फायरिंग करने वाले दोनों शूटर दबोचे
Salman Khan House Firing: एक्टर सलमान खान के घर पर फायरिंग करने वाले दोनों आरोपियों को भुज से गिरफ्तार कर लिया गया. मुंबई क्राइम ब्रांच को ये कामयाबी मिली. आरोपी बिहार के पश्चिमी चंपारण के रहने वाले बताए जा रहे हैं. रविवार को गैलेक्सी अपार्टमेंट पर फायरिंग कर भुज फरार हो गए थे. देखें ये वीडियो.
Salman Khan के घर हुई फायरिंग मेंक्राइम ब्रांच के हाथ लगी बड़ी सफलता,नवी मुंबई में पकड़े गए 2 संदिग्ध
April में OTT पर तहलका मचाने आ रही है ये धमाकेदार फिल्में और सीरीज, मिलेगा एक्शन से लेकर क्राइम-थ्रिलर तक का मजा
क्राइम-थ्रिलर कंटेंट देखने के है शौकीन! तो फौरन देख डाले UP के माफियाओं पर बनी येवेब सीरीज,खौफनाक कहानियां खड़े कर देंगी रोंगटे

