UCC लागू करने पूर्व जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता में समिति बनी
छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य सरकार ने यूसीसी के अध्ययन, सुझाव और प्रारूप तैयार करने के लिए पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने गुरुवार को इस संबंध में आदेश जारी किया। समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। समिति में शत्रुघ्न सिंह, एमके राउत, मोहन पवार और ज्योति रानी सिंह को शामिल किया गया है। समिति राज्य में यूसीसी लागू करने की संभावनाओं का अध्ययन करेगी। इसके तहत विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण और अन्य नागरिक मामलों से जुड़े मौजूदा कानूनों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही विभिन्न समुदायों, सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों और अन्य से सुझाव लेकर व्यापक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उन राज्यों की व्यवस्थाओं का भी अध्ययन किया जाएगा, जहां यूसीसी लागू है या इस दिशा में पहल की गई है। शेष|पेज 10
दाहिना हाथ कंधे पर रखा। बाएं हाथ से सीना ठोकने लगा। बोला- बहुत अच्छा..तुम पढ़े लिखे हो, इसलिए मुझे विश्वास था ऐसा ही करोगे। चलो हमारे साथ..। 10 कदम ऐसे ही आगे बढ़ा, अचानक अपनी कमर से तेज धक्का मारकर गिरा दिया। जमीन पर गिरते ही 30 सेकेंड में 3 गोलियां मार दीं। पहली गोली लगते ही भरत बोला- धोखा देकर गोली मार दी..। इसके बाद पुलिस की गाड़ियां भरत को लेकर चली गईं। फिर हमारा भरत लौटकर नहीं आया..। पुलिस वालों ने उसका मर्डर कर दिया..। यह खुलासा भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में हुआ है। हमारी पड़ताल के दौरान भरत के करीबी दोस्त राजू ने एनकाउंटर की पूरी कहानी बताई। हमारी टीम भरत के दोस्त राजू और भाई पप्पू को मुठभेड़ वाली जगह पर लेकर पहुंची। हमने दोनों के साथ उस दिन हुए एनकाउंटर का पूरा सीन रिएक्रिएट किया। 17 जून को सुबह 9.32 बजे जब पुलिस ने भरत को गोली मारी थी तो ये दोनों वहां से 20 मीटर दूर खड़े थे। एनकाउंटर वाले दिन क्या-क्या हुआ? भरत ने पिस्टल किसके कहने पर फेंकी? उस पर किसने गोलियां चलाईं? भास्कर इन्वेस्टिगेशन में पढ़िए और देखिए सभी सवालों के जवाब… भरत के भाई के साथ रिपोर्टर ने सीन रिक्रिएट किया भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम पटना से 120 किलोमीटर दूर भोजपुर (आरा) के बेलौटी गांव पहुंची। सुबह के करीब 10 बजे थे। हमें जानकारी मिली थी की एनकाउंटर वाले दिन भरत के दोस्त राजू और भाई पप्पू ने सबसे नजदीक से पूरी घटना को देखा था। हम उन दोनों से मिले। उस दिन क्या हुआ था इसे लेकर हमारी उनसे बात हुई। इसके बाद हम दोनों को लेकर एनकाउंटर वाली जगह पर पहुंचे। हमने दोनों के साथ 17 जून को हुई मुठभेड़ का पूरा सीन रिएक्रिएट किया। हम भरत तिवारी के घर से लगभग 2 किलोमीटर दूर एनकाउंटर वाले स्पॉट पर खड़े थे। आसपास खेत थे। पास ही ईंटें पड़ी थीं। जिस कच्ची सड़क पर हम खड़े थे वो उबड़-खाबड़ थी। भरत के भाई पप्पू के साथ हम एनकाउंटर वाली जगह पर खड़े थे। पप्पू ठीक उस जगह खड़ा था, जहां 17 जून को भरत खड़ा था। हम उसके ठीक सामने थे। पप्पू ने बताया कि 17 जून को वो यहां से करीब 20 मीटर दूर खेत में बनी झोपड़ी के पास खड़ा था। यहां से थोड़ी दूर पर चंदन और उसका भाई था। पुलिस ने आसपास का इलाका पहले ही खाली करवा दिया था, ताकी कोई घटना का वीडियो ना बना पाए। पुलिस पूरी प्लानिंग के साथ तैयार थी। उसने स्पॉट दिखाते हुए कहा कि भरत ने इसी जगह पिस्टल फेंकी थी। जिसे एक पुलिस वाले ने उठाया लिया। इसके बाद पुलिस की गाड़ी के पास खड़ी STF ने उसपर गोलियां चला दीं। पुलिस ने 3 गोली मारी तो लगा सब खत्म हो गया पप्पू ने बताया कि सुबह जब भरत घर से निकला तो मैं भी खेत की तरफ गया था। कुछ देर बाद मैं ईंट के पास आकर खड़े हो गया। घटना के समय उस दिन मैं यहीं खड़ा था, जो लाल रंग का घर आपको दिख रहा है, उसके पास ही नीले वाले घर के सामने और लोग खड़े थे। मेरे साथ चंदन और उनके भाई भी थे। चंदन मुझसे आगे चला गया। उसने इशारा करते हुए बताया कि उसी दौरान भरत की मां और बहन इस रास्ते से दौड़ते हुए इधर आ रही थीं। पहले से यहां महिला पुलिस भी खड़ी थीं। वो भरत की मां और बहन को यहां से मारकर भगाने लगीं। दोनों को मारपीट कर वहां से भगा दिया गया। जिनके लिए भरत लड़ाई लड़ रहे थे, उन्हें जबरन घर से भगा दिया गया। पुलिस ने ऐसा धमकाया कि लोग घर छोड़कर भाग गए। हम लोगों को भी यहां से भगाने की कोशिश की गई थी, लेकिन थोड़ा पीछे जाकर हम वापस आ गए। हम लोग उधर नहीं जा पाए और यहीं रुक गए। इसके बाद पुलिस उन्हें पकड़कर आगे ले गई। तभी हमने लगातार तीन गोलियों की आवाज सुनीं। पप्पू ने आगे बताया कि गोली की आवाज सुनते ही लगा अब सब खत्म हो गया। हमको लग गया कि भरत को मार डाला गया। उस समय सभी अलग-अलग बातें कह रहे थे। कोई कह रहा था कि उन्हें अस्पताल ले जाया गया है, तो कोई कह रहा था कि मार दिया गया। गोली की आवाज आई तो सभी पुलिस वाले भरत को घेरकर खड़े हुए थे। फिर एक गाड़ी आगे आई, उसमें उठाकर लादा जाने लगा। और देखते ही देखते भरत को लेकर पुलिस वाले लेकर चले गए। सबसे नजदीकी रास्ते से अस्पताल जल्दी पहुंचा जा सकता था, लेकिन उन्होंने लंबे रूट को चुना। उन लोगों ने इसलिए ऐसा किए ताकि उनका इलाज समय से नहीं हो पाए। 10 मिनट के रास्ते में 20 से 25 मिनट का समय लगाया गया। घटना के बाद पूरा माहौल शांत हो गया, किसी को भी विश्वास नहीं हो रहा था कि भरत अब लौटकर नहीं आएगा। हम लोगों की आंखों के सामने ही पुलिस वालों ने धोखे से भरत की जान ले ली। पप्पू से बातचीत के बाद हम भरत के करीबी दोस्त राजू से मिले। वो एनकाउंटर वाली जगह से थोड़ी दूर पर हमारे साथ खड़ा था। आसपास के घरों की ओर इशारा करते हुए बताया कि यहां सब जगह STF के जवान घुसे हुए थे। भरत जब पुलिस के कहने पर वहां गया तो उसके बहकावे में लेकर पिस्टल फिंकवाई गई। झूठा वादा किया गया कि हम तुम्हारी मांग मान लेंगे। मैं वहां से करीब 20 मीटर दूर खड़ा था। उसने इशारों से बताया कि भरत ने जैसे ही पिस्टल फेंकी। थानेदार आया उसके कंधे पर हाथ रखकर कहा, बहुत अच्छा। तुम अच्छे लड़के हो। करीब 10 मीटर आगे जाने के बाद थानेदार ने कमर से धक्का देकर उसे गिरा दिया। इसके बाद 30 सेकेंड में भरत के 3 गोलियां मारी गईं। रिपोर्टर - आप भरत के काफी करीबी रहे हैं, हर समय साथ रहते थे?राजू - जी शुरू से लेकर गोली लगने तक मैंने साथ नहीं छोड़ा, बागेश्वर धाम तक साथ गया था। रिपोर्टर - एनकाउंटर की स्थिति बनी कैसे?राजू - एनकाउंटर नहीं, उन लोगों का प्लान ही था मार देने का। रिपोर्टर - क्या हुआ था बताइए?राजू - एक दिन पहले STF के जवानों ने इलाकों को घेर लिया था। रिपोर्टर - एक दिन पहले क्यों घेर लिया?राजू - प्लान था, इसलिए यहां हर एक घर में वह छिपे हुए थे। रिपोर्टर - इसके पीछे भरत को मार देने की पूरी प्लानिंग थी?राजू - घटना के दिन सबने घेर रखा था, माइक से ऐलान किया जाने लगा। रिपोर्टर - माइक पर क्या बोल रहे थे, आप लोगों ने सुना?राजू - भगा रहे थे, लेकिन मैं 20 मीटर की दूरी से सब देख सुन रहा था। रिपोर्टर - क्या बोल रहे थे, भरत के लिए संदेश था क्या?राजू - हां, बोल रहे थे, आत्मसमर्पण कर दो, कुछ नहीं होगा। रिपोर्टर - अचानक फायरिंग कैसे होने लगी?राजू - पुलिस वाले फायरिंग करने लगे तो भरत ने भी एक हवाई फायरिंग की। भरत को मारने में SDPO ने की थी बड़ी साजिश राजू ने बताया पूरी प्लानिंग SDPO की थी। वह मौके पर पहुंचा और भरत को अपने जाल में फंसा लिया। उसने पहले से प्लानिंग कर रखी थी। उसने पहले कॉल किया फिर भरत को अपनी बातों में फंसाया। रिपोर्टर - उसने भरत को कैसे फंसा लिया?राजू - SDPO पहुंचा और आश्वासन दिया कि मांगें पूरी की जाएंगी। ऐसे और कई दावे करने लगा। रिपोर्टर - किस आधार पर दावा कर रहा था?राजू - झूठे दावाें पर भरत बोला - मांग पूरा करने का आश्वासन है, इसलिए मैं सरेंडर कर रहा हूं। रिपोर्टर - फिर क्या हुआ?राजू - पहले बोले, हथियार ले लीजिए, पुलिस बोली - नहीं, फेंक दो। उसने हथियार फेंक दिया। तुरंत एक पुलिस वाले ने पिस्टल उठा ली। थानेदार ने बड़ी चालाकी से भरत को गोली मरवाई राजू बोला- हम लोगों को लगा कि भरत ने पिस्टल फेंक दी है, अब पुलिस गिरफ्तार कर लेगी, लेकिन अचानक पूरी कहानी बदल गई। थानेदार राजेश मालाकर भरत के पास पहुंचा। दाहिना हाथ भरत के कंधे पर रखा और बाएं हाथ से सीने को ठोकते हुए बोला - बहुत अच्छा किए, तुम पढ़े-लिखे हो। मुझे पहले से पता था तुम ऐसा ही करोगे। चलो हमारे साथ, तुमको अपने साथ ले चलूंगा। वह कंधे पर हाथ रखकर महज 10 कदम आगे बढ़ा ही था, अचानक अपनी कमर से भरत की कमर में तेज धक्का मारकर पीछे हट गया। जैसे ही भरत गिरा, STF के जवान ने गोली चला दी। भरत ने कहा, धोखे से गोली मार दी। फिर ताबड़तोड़ 2 गोली और मारी गई। थोड़ी देर पुलिस वाले घेर कर खड़े हो गए, फिर गाड़ी में लाद दिया। गाड़ी में लेकर इधर-उधर घूमते रहे, गांव से बाहर निकलने का लंबा रूट पकड़ा। जब रिपोर्टर ने सवाल किया आपने ऐसा होते अपनी आंखों से देखा? राजू ने बताया हां, सबसे करीब से मैंने ही देखा था मैं, मेरा एक दोस्त और भरत का भाई चंदन सब साथ में खड़े पर थे। हम लोगों ने तीनों गोलियां चलते हुए देखीं इसकी आवाज भी सुनी। राजू ने बताया कि सबसे करीब घटना को देखने वालाें में उसके साथ भरत का छोटा भाई चंदन भी था। चंदन को ढूंढते हुए भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम भरत के घर पहुंची। चंदन ने दावा किया कि भरत को मारने की कहानी पहले से ही लिखी गई थी। पुलिस वालों ने धोखा देकर भइया को मार डाला, मैं 20 मीटर की दूरी से सब देख रहा था। रिपोर्टर - कितने दिनों से भारत तिवारी ने हथियार रखा था?चंदन - हम लोगों को पता नहीं था, लेकिन जब वीडियो सामने आया तब पता चला। रिपोर्टर - आप लोगों को पता नहीं था इसके बारे में क्या?चंदन - वह घर में कुछ नहीं बताते थे, बहुत पूछते थे वो कुछ नहीं बताते थे। रिपोर्टर - ऐसा क्यो होता था?चंदन - वह गांव वालों के लिए लड़ते थे, उनके फोन में कुछ न कुछ बड़ा राज है। रिपोर्टर - फोन कहां है?चंदन - फोन तो प्रशासन के पास है। रिपोर्टर - कभी बताया नहीं, वीडियो के बारे में?चंदन - एक लाइव में यह बोला था कि अगर मेरे साथ कुछ होता है तो मेरा फोन मेरे परिवार वालों को सौंपा जाए। रिपोर्टर - वह ऐसा क्यों बोल रहे थे?चंदन - उन्हें पहले ही जानकारी हो गई थी कि ये लोग उन्हें मार देंगे। रिपोर्टर - उनको कैसे पता था कि उनका एनकाउंटर किया जाएगा? वीडियो में पहले से बोल रहे थे?चंदन - अब यह उन्हें ही पता था। मोबाइल में था बड़ा राज, इसलिए जान ले ली भरत के भाई चंदन का कहना है कि मोबाइल में कोई बहुत बड़ा राज था जिससे पुलिस काफी बेचैन हो गई थी। इसी राज के लिए प्लानिंग के तहत उनही हत्या कर दी गई होगी। रिपोर्टर - प्रशासन से क्या दुश्मनी थी?चंदन - कुछ न कुछ तो थी, तभी हथियार उठाया। वह बार-बार वीडियो में बोलते थे, मार दिया जाएगा। रिपोर्टर - उनका वीडियो किसने बनाया था?चंदन - वह खुद अपना वीडियो बनाते थे। किसी को साथ नहीं रखते थे। रिपोर्टर - ऐसा क्यों, कोई खतरा था क्या?चंदन - हां, वह जानते थे कि आज नहीं तो कल कुछ गड़बड़ होने वाली है। रिपोर्टर - वह गांव की लड़ाई लड़ रहे थे, तो क्या सिर्फ लड़ाई लड़ने की वजह से उनके साथ ऐसा हुआ, या इससे पहले भी कुछ हुआ था?चंदन - नहीं, सिर्फ यह लड़ाई नहीं है, उनके हाथ कुछ ऐसे सबूत लगे थे, जिसके लिए प्रशासन बेचैन था। रिपोर्टर - कौन सा ऐसा सबूत था जो प्रशासन के खिलाफ था?चंदन - कुछ न कुछ सिस्टम के खिलाफ रहा होगा। सारा राज उनके मोबाइल से खुलेगा। हथियार फेंक दिया, फिर क्यों गोली मारी गई। रिपोर्टर - उस दिन क्या हुआ था?चंदन - मैं बिल्कुल पास था, प्रशासन के लोग चारों तरफ से घेर चुके थे। रिपोर्टर - पुलिस ने कितनी देर तक घेरा था?चंदन - एक से डेढ़ घंटे तक ड्रामा कर रही थी। पुलिस चाहती तो आसानी से उन्हें पकड़ लेती। कहानी पहले से तैयार थी, घर से धोखे से ले गए भास्कर की इन्वेंस्टिगेशन में यह भी सामने आया कि पुलिस के कुछ अधिकारी बिना वर्दी के भरत के घर प्लानिंग के साथ पहुंचे थे। चंदन ने बताया कि प्रशासन चाहता तो आराम से उन्हें पकड़ सकता था, लेकिन प्लान तो कुछ और ही थी। चंदन ने बताया- उस दिन सुबह करीब 8 बजे पुलिस के कुछ लोग आए और बोले, चलिए उस जगह को दिखाइए, क्या मामला है, क्या मांग है? भाई ने घर से बाइक निकाली। लगभग 10 मिनट में बाइक से वह घटनास्थल पर पहुंच गए। तब तक पुलिस उन्हें चारों तरफ से घेर चुकी थी। हम लोग भी पहुंच गए। पुलिस सबको भगा रही थी, लेकिन हम लोग 20 मीटर की दूरी पर खड़े हो गए। रिपोर्टर - जो लोग बुलाने गए थे, वह कौन थे?चंदन - एक पुलिस वाला आया था, उसके कंधे पर सिंगल स्टार था, लेकिन बैच नहीं लगा था। रिपोर्टर - क्या वह पुलिस वालों के साथ गए थे?चंदन - नहीं, पुलिस वाले एक साइड से गए, वह दूसरी साइड से गए। तब तक पुलिस ने चारों तरफ से घेर लिया। रिपोर्टर - हथियार फेंकने के बाद एनकाउंटर किया गया या कुछ देर रोककर?चंदन - नहीं, हथियार फेंकने के बाद SHO राजेश मालाकार ने उनके कंधे पर हाथ रखा। थोड़ी दूर आगे ले जाते हुए बोले, भरत, तुमसे यही उम्मीद थी। हथ रखे हुए करीब 10 मीटर आगे ले गए, अचानक धक्का दिया और फिर पीछे हो गए। फिर उन्हें भून दिया गया। गोली लगने के 10 मिनट बाद तक पुलिस उन्हें घेरकर खड़ी रही। रिपोर्टर - सबसे पहले किस अस्पताल में ले गए?चंदन - पहले शाहपुर ले गए? रिपोर्टर - आखिर ऐसा क्यों?चंदन - उन्हें मारना था, वे चाहते थे कि ब्लड लॉस हो। उस समय तीन फायर की आवाज आई थी। रिपोर्टर - आप लोग पास नहीं गए?चंदन - पुलिस वाले पास नहीं जाने दे रहे थे। रिपोर्टर - इलाज में देरी तो नहीं हुई?चंदन - समय पर इलाज मिलता, तो शायद वह बच जाते। रिपोर्टर - मोबाइल मिला कि नहीं?चंदन - मोबाइल में बहुत राज है, लेकिन पुलिस कह रही कि गायब हो गया है। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम उस परिवार को ढूंढने का प्रयास की जिसका घर गोली कांड से महज 20 मीटर की दूरी पर है। काफी तलाश के बाद मंटूचंद्र से हमारी मुलाकात हुई। मंटूचंद्र ने बताया कि पुलिस का पूरा प्लान भरत को गोली मारने का था, इसलिए घटना का अंजाम देने से पहले हम लोगों को परिवार सहित बंदूक दिखाकर भगा दिया। मंटूचंद्र की बीमार बूढ़ी मां चल नहीं सकती है उसे गोद में उठाकर परिवार वाले भागे। रिपोर्टर - उस दिन क्या हुआ था? आपका घर तो जहां गोली लगी वहां से एकदम सटा हुआ है? मंटूचंद्र - पास में ही थे, लेकिन हम लोगों को यहां से बंदूक दिखाकर खेत में भगा दिया गया। रिपोर्टर - गांव को खाली कराने में कितना समय लगा?मंटूचंद्र - बातचीत चल रही थी, उसके बाद पुलिस वालों ने सबको यहां से दूर भगा दिया। ज्यादा समय नहीं लगा, घरों को खाली कराने में। पूरा गांव कुछ ही समय में खाली हो गया। गांव में यहां बहुत लोग नहीं थे। रिपोर्टर – अच्छा, कितने पुलिस वाले आए थे?मंटूचंद्र - बहुत पुलिस वाले थे, लगभग 100 के आसपास। रिपोर्टर - बातचीत में कितना समय लगा?मंटूचंद्र - लगभग आधा घंटा लगा होगा, किसी को जानकारी नहीं थी कि यह सब होगा। रिपोर्टर - फिर बंदूक फेंक दी थी या अपने हाथ में पकड़े हुए थे?मंटूचंद्र - जब एनकाउंटर हुआ तो बंदूक फेंक दी थी, बंदूक फेंकने के बाद ही एनकाउंटर हुआ है। रिपोर्टर - आप देखे थे बंदूक फेकते हुए?मंटूचंद्र - हां, अगर बंदूक हाथ में लिए रहते और मार दिया होता, तो कोई कुछ नहीं बोलता। रिपोर्टर - हवाई फायर तो किया था ना?मंटूचंद्र - हां, हवाई फायर किया उसी समय मार देते तो कोई बात नहीं थी। पिस्टल फेकने के बाद क्यों मारा। रिपोर्टर - आप लोगों को तो दिखाई दे रहा होगा कि क्या-क्या हो रहा है?मंटूचंद्र - हम लोग इधर थे, वहां पर वो पकड़ा गया था। यहां प्रशासन लगी थी, सबने घेरा बना लिया था। उधर से इधर आने नहीं दे रहे थे। रिपोर्टर - भरत ने जब बंदूक फेंक दी, तो कितनी देर बाद एनकाउंटर की आवाज सुनाई दी?मंटूचंद्र - 30 सेकंड के अंदर 3 फायर हुए और उसके बाद पूरा माहौल शांत हो गया, भरत को लेकर चले गए। रिपोर्टर - गोली लगने के कितनी देर बाद पुलिस उन्हें ले गई? मंटूचंद्र - पुलिस चारों ओर से घेर रखी थी। फायर के बाद एक गाड़ी तेजी से आई और फिर उठाकर लेकर चली गई। हम लोगों को लग गया कि जान से मार दिया। सब लोगों ने देखा है, पहले उन्हें धक्का मारकर गिराया गया, फिर मारा गया है।
बॉलीवुड एक्टर अली फजल हाल ही में क्राइम थ्रिलर सीरीज 'राख' में नजर आए थे। यह 8 एपिसोड की सीरीज 12 जून को प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई। यह दिल्ली में हुए 1978 के रंगा-बिल्ला केस से प्रेरित है। अली ने इसमें सब-इंस्पेक्टर जयप्रकाश जाटव का किरदार निभाया। उन्होंने अपने रोल और इस सीरीज के बारे में दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। सवाल: इस सीरीज को हां करने की वजह क्या रही?जवाब: यह कहानी आज के समय में बेहद प्रासंगिक है। हालांकि इसकी प्रेरणा एक कुख्यात केस से ली गई है, जो आज भी लोगों के जेहन में ताजा है। दिल्ली उस दौर की तुलना में काफी बदल चुकी है, लेकिन उस समय के कई लोग आज भी मिलते हैं और बताते हैं कि तब क्या-क्या हुआ था। हाल ही में किसी ने मुझे बताया कि उस केस के दोनों आरोपी मुंबई के जेवीपीडी इलाके में भी देखे गए थे। यही बात इस मामले को और चौंकाने वाली बनाती है। साथ ही यह सवाल भी उठता है कि आज ऐसे कितने मामले हो रहे हैं। मेरे हिसाब से सिनेमा की जरूरत तब पड़ती है, जब लोगों को जागरूक करना हो कि एक परिवार के साथ जो हुआ, वह किसी और के साथ न हो। वहीं, जयप्रकाश का किरदार मुझे बहुत दिलचस्प लगा। सवाल: जयप्रकाश के किरदार में ढलने के लिए आपने क्या-क्या किया?जवाब: इस किरदार को गढ़ने में मेरी पूरी टीम का बड़ा योगदान रहा। हम सभी ने इस पर बैठकर काफी रिसर्च की और बहुत पढ़ाई की। शुरुआत में हमने सिर्फ सीन पढ़े, फिर धीरे-धीरे किरदार की दुनिया में उतरते गए। हमने समझने की कोशिश की कि अगर यह उस दौर का व्यक्ति है, तो उसकी फितरत कैसी होगी, उसकी आदतें क्या होंगी। कहानी इमरजेंसी के बाद के समय की है, इसलिए उस दौर में पुलिस कैसे काम करती थी, इस पर भी काफी चर्चा हुई। उदाहरण के तौर पर, उस समय दिल्ली में कॉन्स्टेबल्स को शॉर्ट्स पहनने से मना कर दिया गया था। लोगों की भाषा भी काफी पुख्ता थी और वे ज्यादातर हिंदी में बात करते थे। मेरे हिसाब से इन सभी पहलुओं को गहराई से समझना इस किरदार की तह तक पहुंचने के लिए बेहद जरूरी था। सवाल: दर्शकों पर इस सीरीज का क्या प्रभाव पड़ा?जवाब: मुझे लोगों से बहुत अलग-अलग और दिलचस्प प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। आमतौर पर ऐसी कहानियों में या तो सिर्फ अपराधी का दृष्टिकोण दिखाया जाता है या फिर पुलिस का, लेकिन इस सीरीज में दोनों के बीच बैलेंस रखा गया है। मेरे लिए इसकी सबसे अहम बात 'वर्दी की बंदिश' है। जब आप वर्दी पहनते हैं, तो आपके काम करने की एक सीमा तय हो जाती है और आपको उसी दायरे में रहकर काम करना पड़ता है। लोगों को लगता है कि पुलिस के पास बहुत आजादी होती है, लेकिन हकीकत हमेशा वैसी नहीं होती। इस सीरीज में मेरा किरदार भी एक आम इंसान की तरह नजर आता है, जो इस केस को पूरी शिद्दत और ईमानदारी से सुलझाने की कोशिश करता है। यही बात शायद दर्शकों को उससे जोड़ रही है। सवाल: आपकी वेब सीरीज 'राख' की शूटिंग का अनुभव कैसा रहा?जवाब: मेरे अनुसार शूटिंग करीब डेढ़ से दो महीने तक चली। हमारे डायरेक्टर्स की यह इच्छा थी कि हम रियल लोकेशनों पर ही शूटिंग करें और सेट न बनाए जाएं। इसलिए ज्यादातर शूट असली जगहों पर हुआ। हमने काफी शूटिंग आगरा और उसके आसपास के इलाकों में की। इसके बाद मुंबई में काम किया और फिर मुख्य शूटिंग दिल्ली में हुई। दिलचस्प बात यह रही कि दिल्ली का शेड्यूल मार्च में रखा गया था, जब वहां काफी गर्मी रहती है। सवाल: क्या आज के समय में स्टार कास्ट से ज्यादा फिल्म की कहानी केंद्र में आ रही है?जवाब: जी, मैं इससे पूरी तरह सहमत हूं। जिस दिन कहानी किसी फिल्म की असली हीरो बन जाएगी, उस दिन पूरा खेल बदल जाएगा। उसके बाद अगर उस कहानी के साथ अच्छे कलाकार जुड़ जाएं, तो बात और बेहतर हो जाती है। मेरा मानना है कि अगर कहानी मजबूत नहीं है, तो सिर्फ किसी बड़े नाम के भरोसे पूरी फिल्म को नहीं बेचा जा सकता। सवाल: आप कोई भी प्रोजेक्ट चुनने से पहले उसमें क्या देखते हैं?जवाब: मैं किसी भी स्क्रिप्ट का चयन काफी सोच-समझकर करता हूं। 'मिर्जापुर' के बाद यह पहला शो है, जिसे मैंने चुना है। मेरे लिए किसी सीरीज का हिस्सा बनना अपने आप में एक बड़ा कदम था, क्योंकि फिल्मों की तुलना में सीरीज में कहानी को अधिक विस्तार और गहराई से प्रेजेंट किया जाता है। किरदारों की कई परतें खुलती हैं और उस पर काफी मेहनत करनी पड़ती है। इसीलिए किसी भी प्रोजेक्ट को चुनते समय मैं सबसे पहले यह देखता हूं कि उसका मेकर कौन है। इसके साथ ही प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और कहानी, इन तीनों चीजों पर मेरा विशेष ध्यान रहता है। जब ये तीनों मजबूत हों, तो आधा काम अपने आप आसान हो जाता है।
बिहार सरकार की कैबिनेट ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। पटना हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में गठित न्यायिक जांच आयोग इस मामले की जांच करेगा। बुधवार को सम्राट कैबिनेट में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर पिछले कई दिनों से सवाल उठ रहे थे। परिजनों और अलग-अलग संगठनों की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही थी। वहीं, भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में बिलौटी गांव में महापंचायत हुई। महापंचायत में शामिल लोगों का कहना है कि भरत तिवारी की जो मांग थी, उसे पूरा किया जाए, नहीं तो श्राद्धकर्म के बाद वे विधानसभा का घेराव करेंगे। भरत तिवारी के एनकाउंटर के सवाल पर सांसद शांभवी चौधरी ने कहा कि जो भी पुलिसकर्मी दोषी हैं, उनपर कार्रवाई होनी चाहिए। NDA सरकार में उनके परिवार को न्याय जरूर मिलेगा। पवन सिंह आज भरत तिवारी के परिवार से मिलने जाएंगे। प्रशांत किशोर बोले- बिहार संविधान से चलेगा, सम्राट चौधरी से नहीं भोजपुर के बिलौटी गांव में हुए महापंचायत में जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी शामिल हुए। इससे पहले प्रशांत किशोर ने भरत के परिवार से मुलाकात की और न्याय दिलाने का भरोसा दिया। पीके ने कहा कि जांच में गृह मंत्री की भूमिका की जांच होगी। STF के अधिकारी की जांच होगी, जिसने पटना से मारने का आदेश दिया है। क्या मजिस्ट्रेट पर जांच होगी जिसने गोली चलाने के आदेश पर साइन किया है। ये बिहार के लोगों का राज है। लोगों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए बिलौटी गांव से लेकर हाई-वे तक भरत तिवारी के पोस्टर लगाए गए हैं। इसमें उसे शहीद बताते हुए इंसाफ की मांग की गई है। कुछ लोग भरत तिवारी के घर तिरंगा लेकर पहुंचे। यहां सम्राट चौधरी के खिलाफ नारेबाजी की गई। भरत तिवारी अमर रहे के नारे लगे। बिलौटी गांव में करीब 1000 गाड़ियां पहुंच चुकी हैं। 5000 से ज्यादा लोग मौजूद हैं। 17 जून को भरत तिवारी का पुलिस ने एनकाउंटर किया था। बेटे की मौत के बाद परिवार ने मुठभेड़ पर सवाल खड़े किए थे। मां ने पुलिस वालों के खिलाफ थाने में FIR भी दर्ज करवाई है। मामले में SDPO, SHO और अन्य पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। बुधवार की सुबह सरकार ने जगदीशपुर SDPO राजेश कुमार शर्मा को लाइन हाजिर कर दिया है। CM ने एनकाउंटर की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। हालांकि ये जांच किस जज को दी जाएगी अभी ये साफ नहीं हुआ है। महापंचायत से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए… महापंचायत में मांग- पुलिस पर एक्शन, गांव वालों को सुविधाएं मिलें भरत के भाई चंदन ने कहा, वो यहां की जनता के लिए लड़ रहे थे। उन लोगों की जो समस्याएं थीं उन्हें पूरा किया जाए। हम चाहते हैं जो काम भइया कर रहे थे उन सभी को जल्द से जल्द निपटाया जाए। एनकाउंटर में शामिल पुलिस वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। नालंदा से पहुंचे मन्नु यादव ने कहा कि भरत का बलिदान युवाओं के हित में हुआ है। युवा जाग चुके हैँ। भ्रष्ट नेताओं को टिकने नहीं देंगे। पूरे देश में आंदोलन करेंगे। भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले की हत्या हुई है। ये फर्जी एनकाउंटर है। जांच होनी चाहिए। आर्थिक सहयोग देना चाहिए। दिल्ली से पहुंचे सोशल वर्कर रवीश भारद्वाज ने कहा, हमें सीधा एक्शन चाहिए। जिस गांव लिए भरत आवाज उठा रहे थे। उस गांव में सुविधाएं दी जाएं। भरत तिवारी की 12वीं के बाद दिल्ली के लिए कूच करने वाले हैं। बिहार में गुंडाराज को लेकर कंफ्यूज था। पुलिस का है या बदमाशों का है। अब देख लिया है यहां पुलिस का गुंडाराज है। कितने लोगों को बदमाश बनने को मजबूर किया गया होगा। दिल्ली से इस आंदोलन को बढ़ाएंगे। भरत भाई न्याय दिलाएंगे। सहनी बोले- जाति देखकर फर्जी एनकाउंटर करवा रही सरकार बेगूसराय में VIP प्रमुख मुकेश सहनी ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, भरत तिवारी का जो एनकाउंटर हुआ, उसमें भी सरकार के लोग अलग-अलग बयान देकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। बिहार में फर्जी एनकाउंटर हो रहे हैं। तीन महीने पहले मुजफ्फरपुर में पप्पू सहनी का भी फर्जी एनकाउंटर किया गया था। उन्होंने कहा, उस मामले में हम लोग सड़क पर उतरे थे। अगर कमेटी बनाकर सही तरीके से कार्रवाई की गई होती, तो आज भरत तिवारी की मौत नहीं होती। सामान्य वर्ग के लोग बधाई के पात्र हैं कि वे अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर आवाज उठा रहे हैं और बिहार में बड़ा आंदोलन खड़ा कर दिया है। मुकेश सहनी ने आरोप लगाया कि राज्य में जाति देखकर गोली चलाई जा रही है और फर्जी एनकाउंटर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, सरकार और विपक्ष सब कुछ देख रहे हैं। एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समाज को निशाना बनाया जा रहा है। सभी लोगों को जागने की आवश्यकता है। भरत तिवारी एनकाउंटर केस में अबतक क्या-क्या हुआ
डीजीसी दिलीप अवस्थी को तत्काल प्रभाव से हटाने के बाद डीएम जितेन्द्र प्रताप सिंह ने अपर जिला शासकीय अधिवक्ता ओमकार नाथ वर्मा को जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी का अतिरिक्त कार्यभार दिया है। जिलाधिकारी ने जिला जज को भेजे पत्र में कहा है कि न्याय विभाग के विशेष सचिव के पत्र के संदर्भ में बीते शनिवार को जिला शासकीय अधिवक्ता दिलीप अवस्थी को कार्यमुक्त किया जा चुका है। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी के पद पर किसी अन्य की नियुक्ति किए जाने तक तत्काल आवश्यकता को पूरा किए जाने के लिए अपर जिला शासकीय अधिवक्ता ओमकार नाथ वर्मा को जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी का अतिरिक्त कार्यभार दिया जाता है। वह 14 दिन तक अपने काम के साथ जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी का कार्य भी देखेंगे। इसके लिए अलग से कोई वेतन भत्ता देय नहीं होगा।
मेरठ के सरधना क्षेत्र में दलित महिला सुनीता की हत्या और उनकी बेटी रूबी के अपहरण के मामले में आरोपी पारस सोम की उम्र को लेकर विवाद लगातार बना हुआ है। घटना के बाद पुलिस ने पारस और रूबी को बरामद कर कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने रूबी के बयान के आधार पर उसे परिजनों के साथ भेज दिया, जबकि पारस सोम को जेल भेज दिया गया। इसके बाद पारस के परिवार ने उसे नाबालिग बताते हुए याचिका दायर की। मामला पहले कोर्ट और फिर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजे बोर्ड) पहुंचा। कुछ दिन पहले जेजे बोर्ड ने ओसिफिकेशन टेस्ट के आधार पर पारस सोम को बालिग घोषित कर दिया। अब आरोपी पारस सोम की उम्र से जुड़े जेजे बोर्ड के फैसले को कोर्ट में चुनौती दी गई है। प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता बलराम सोम का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार किसी भी आरोपी की उम्र तय करने का सबसे महत्वपूर्ण आधार उसका मैट्रिकुलेशन प्रमाणपत्र होता है, जो पारस के पास उपलब्ध है। उनका आरोप है कि ओसिफिकेशन टेस्ट की प्रक्रिया में त्रुटियां हुई हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर जेजे बोर्ड के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती दी जाएगी। अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला समझिए… बोर्ड के निर्णय को चुनौती, अपील दायर जेजे बोर्ड का निर्णय आने के बाद प्रतिवादी पक्ष में खलबली मच गई। उन्होंने जेजे बोर्ड के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग के विरूद्ध बताया। अधिवक्ता बलराम सोम ने जेजे बोर्ड के आदेश को चुनौती देते हुए जिला जल के यहां क्रिमिनल अपील दायर की, जिसे स्वीकार कर लिया गया। जेजे बोर्ड का निर्णय आने के बाद मामला जिला जज की कोर्ट में पहुंचा। जिला जज ने केस को स्पेशल पोक्सो कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया। अब प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता बलराम सोम की तरफ से क्रिमिनल अपील दायर की गई है, जिसकी 29 जून को स्पेशल पोक्सो कोर्ट सुनवाई करेगी। अब जानिए क्या है क्रिमिनल अपील अगर किसी निचली अदालत ने आपराधिक मामले में किसी व्यक्ति को दोषी ठहराया अथवा बरी किया है तो क्रिमिनल अपील के जरिए उस निर्णय को चुनौती दी जाती है। उस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय में अपील की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि निचली अदालत के फैसले में कोई कानूनी या तथ्यात्मक गलती तो नहीं रही। प्रतिवादी बोले- सुप्रीम कोर्ट तक देंगे चुनौती प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता बलराम सोम का कहना है कि जेजे बोर्ड ने ओसिफिकेशन टेस्ट के आधार पर पारस सोम को बालिग करार दिया है। इसके खिलाफ याचिका दायर हो चुकी है और उसे स्वीकार करते हुए 29 जून की तारीख सुनवाई के लिए नीयत की गई है। सेक्शन 94 में साफ तौर पर बताया गया है कि अगर आरोपी का मैट्रिकुलेशन सर्टिफिकेट मौजूद है तो उसके मेडिकल टेस्ट की कोई आवश्यकता नहीं है। फिर भी यह टेस्ट कराया गया। सेशन में सुनवाई है। जरूरत पड़ी तो हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट तक भी इस निर्णय को चुनौती दी जाएगी।
जोधपुर में पिछले 24 घंटों के अंदर ठगी, जानलेवा हमले और पोक्सो एक्ट से जुड़े कई गंभीर मामले सामने आए हैं। पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जहां नौकरियों का झांसा देकर ठगी करने वाले और पोक्सो एक्ट के वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वहीं शहर में सोना खरीदने के नाम पर 30 लाख रुपए की धोखाधड़ी और दिनदहाड़े बुजुर्ग महिला के गले से कण्ठी तोड़ने की वारदातें भी दर्ज हुई हैं। इसके अलावा, पुलिस ने अवैध शराब तस्करी को लेकर कार्रवाई की है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से युवतियों व अधेड़ के लापता होने के मामले भी सामने आए हैं। सोना खरीदने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी जोधपुर में सोना खरीदने के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है। पीड़ित विजय सोनी ने चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाने में मामला दर्ज करवाया है। उन्होंने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि आरोपियों ने सोना दिलाने के बहाने उससे 30 लाख ऐंठ लिए, लेकिन न तो सोना दिया और न ही रकम लौटाई। पुलिस ने सादाब पटेल, पारस और शोएब के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बुजुर्ग के गले से कण्ठी तोड़कर ले गए चोर जोधपुर के माता का थान थाना इलाके के भदवासिया लिंक रोड पर एक 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला पेपादेवी प्रजापत के साथ झपट्टा मारने की वारदात हुई है। महिला जब चार मंदिर के पास थी, तब अज्ञात चोर ने उनके गले पर झपट्टा मारकर पहनी हुई कण्ठी तोड़ ली और फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर हुलिए के आधार पर चोर की तलाश शुरू की है। युवती को तेजाब फेंकने की दी धमकी माता का थान इलाके में रहने वाली एक युवती को फोन कॉल पर लगातार परेशान करने और उस पर तेजाब फेंकने की धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता के पिता की रिपोर्ट पर माता का थान थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। सिगरेट-गुटखा बेचने पर 3 गिरफ्तार राजस्थान धूम्रपान प्रतिषेध अधिनियम के तहत पुलिस ने अस्पतालों के पास तंबाकू उत्पाद बेचने वालों पर कार्रवाई की है। बनाड पुलिस ने गट्टानी हॉस्पिटल के पास से आरोपी प्रवीण वैष्णव निवासी संतो का बास शिकारपुरा को और खाण्डाफलसा पुलिस ने उम्मेद अस्पताल के गेट नंबर 3 के पास से विनोद सैन निवासी चाली को अवैध रूप से धूम्रपान सामग्री बेचने व भंडारण करने के आरोप में दबोचा है। वहीं बासनी थाना पुलिस ने मेडिकल हॉस्पिटल के पास तंबाकू उत्पाद बेचने पर महेंद्र सिंह राजपूत निवासी रेलवे बस्ती के पीछे पुलिस थाना लूणी को गिरफ्तार किया। कार को मारी टक्कर, क्रॉस केस दर्ज लूणी थाने में मोती सिंह पुत्र प्रभु सिंह राजपुरोहित शुभदंड की ओर से भी मोहन राम, पदमाराम, पप्पू राम पुत्र मगाराम जाट, सतीश उर्फ सतपाल पुत्र पदमाराम, प्रकाश पुत्र मोहन राम जाट निवासी शुभदंड के खिलाफ रिपोर्ट दी गई। रिपोर्ट के अनुसार ट्रैक्टर ड्राइवर ने तेज स्पीड में लापरवाही से चलाते हुए उनकी इनोवा कार को टक्कर मारी। यही नहीं आरोपियों ने उसे रोककर उसके साथ मारपीट भी की। वहीं कार ड्राइवर मोतसिंह, प्रभुसिंह के खिलाफ बाबूलाल भील ने रिपोर्ट दी है। बताया कि आरोपी ने उनके ट्रैक्टर को लापरवाही से कट मारा जिससे ट्रैक्टर पलट गया। इस दौरान मदद के लिए आए युवक मोहनलाल के साथ भी आरोपी ने मारपीट की। पोक्सो मामले का आरोपी अरेस्ट जोधपुर की प्रतापनगर थाना पुलिस ने सहायक पुलिस आयुक्त नतीशा जाखड़ की टीम ने पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट के गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने धारा 64(2)(M), 65(1) BNS और पोक्सो एक्ट के तहत वांछित आरोपी को उदयपुर से पकड़ा है। नौकरी का झांसा देने वाला गिरफ्तार शहर की कुड़ी भगतासनी थाना पुलिस ने युवाओं को नौकरी का झांसा देकर धोखाधड़ी करने के मामले में आरोपी सुवेन्द्र कुमार सिंह को अरेस्ट किया है। वह इन्द्रा नगर बासनी प्रथम फेज का निवासी है। आरोपी के खिलाफ धारा 316(2) और 318(4) BNS के तहत मामला दर्ज था। अवैध शराब को लेकर कार्रवाई अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दो कार्रवाइयां की गई है। पहली कार्रवाई बोरानाडा थाना क्षेत्र के रीको पाल रोड पर की गई। जहां अवैध रूप से देशी शराब बेचते हुए आरोपी रूपाराम भील को गिरफ्तार किया गया। दूसरी कार्रवाई झंवर थाना क्षेत्र के जोलियाली गांव में की गई। जहां अवैध शराब का बेचने के मामले में आरोपी श्रवणराम मेघवाल को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर पकड़ा। बाइक चोर गिरफ्तार बासनी थाना पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी मुकेश नाथ जोगी (26) को पकड़ा है। आरोपी मुकेश जालोर का रहने वाला है। पुलिस ने उसे प्रोडक्शन वारंट के जरिए गिरफ्तार किया है। आरोपी से चोरी की अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। मजदूर ने फांसी लगाकर किया सुसाइड मथानिया रीको एरिया स्थित राम ट्रेडिंग कंपनी के मजदूर रूम में 25 वर्षीय मुकेश जाट ने फांसी का फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। मथानिया पुलिस ने मर्ग दर्ज किया है। बाइक चोरी के 3 मामले शहर में वाहन चोरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 24 घंटों में तीन मोटरसाइकिल चोरी के मामले दर्ज किए गए हैं। कचहरी परिसर से चोरी: एडवोकेट राजेन्द्र कच्छवाहा की मोटरसाइकिल अज्ञात चोर कचहरी परिसर से चुरा ले गए। इस पर उदयमन्दिर थाने में मामला दर्ज किया गया है। पावटा से बाइक पार- पुखराज राजपुरोहित की मोटरसाइकिल लाइफ लाइन अस्पताल (पावटा ब्रिज) के पास से चोरी हो गई। इसको लेकर महामंदिर थाने में रिपोर्ट दी गई है। बोरानाडा थाना क्षेत्र में ओमाराम पटेल की बाइक रीको 9 नंबर एरिया से अज्ञात चोर चुरा कर ले गया, इसको लेकर उन्होंने पुलिस थाना में रिपोर्ट दी है। गुमशुदगी के तीन मामले युवती को बहला-फुसलाकर ले गया जोधपुर के एक थाना क्षेत्र से एक युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। परिजनों ने पुलिस को दी शिकायत के अनुसार एक युवक उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। युवती घर से लापता प्रतापनगर थाना क्षेत्र से एक युवती (25) के लापता होने का मामला भी सामने आया है। पिता ने पुलिस में दी रिपोर्ट में बताया कि 21 जून को शाम करीब 4 बजे उनकी बेटी बिना बताए घर से कहीं चली गई और वापस नहीं लौटी। पुलिस हुलिए के आधार पर तलाश कर रही है। पत्नी से झगड़े के बाद चाचा गायब झंवर थाना क्षेत्र के लूणावास कल्ला में पारिवारिक कलह के बाद एक अधेड़ लापता हो गया। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि 20 जून की शाम को उनके चाचा (50) का अपनी पत्नी के साथ झगड़ा हुआ था। इसके बाद वे गुस्से में बिना बताए घर से निकल गए और उनका कोई सुराग नहीं लग पाया है।
बांका के नए पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमितेश कुमार ने मंगलवार को पदभार ग्रहण किया। इसके बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने जिले में अपराध नियंत्रण, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और आम जनता को बेहतर पुलिस सेवा उपलब्ध कराने को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। एसपी कार्यालय के पास उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। एसपी अमितेश कुमार ने कहा कि अपराधों के अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा, जिससे मामलों का त्वरित और प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि सभी प्रकार के अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस को अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनाया जाएगा। उन्होंने जिलेवासियों को बेहतर पुलिसिंग का अनुभव देने का आश्वासन दिया। विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जा रही मुहर्रम पर्व की तैयारियों पर एसपी ने जानकारी दी कि जिला पुलिस पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद है। संवेदनशील क्षेत्रों और जुलूस मार्गों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तथा दंडाधिकारियों की तैनाती की जाएगी। उन्होंने कहा कि पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। देवघर में एक बैठक आयोजित की जाएगी आगामी श्रावणी मेला की तैयारियों के संबंध में एसपी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रशासन पहले से ही तैयारी में जुटा है। इस संबंध में 3 जुलाई को झारखंड सीमा के समीप देवघर में एक बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में मेला व्यवस्था की समीक्षा और आवश्यक तैयारियों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो, इसके लिए सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य किया जाएगा। मौजूदा प्रणाली का अध्ययन किया जाएगा यातायात व्यवस्था पर एसपी ने कहा कि पहले मौजूदा प्रणाली का अध्ययन किया जाएगा। कमियों की पहचान कर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। शहर में बड़े वाहनों के प्रवेश से होने वाली यातायात समस्याओं को नियंत्रित करने के लिए टाइमिंग और नो-एंट्री नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। उन्होंने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रभावी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सहरसा SP विक्रम सिहाग ने संभाला पदभार:क्राइम कंट्रोल, पब्लिक-पुलिस कोआर्डिनेशन टॉप प्रायोरिटी
सहरसा जिले के नए पुलिस अधीक्षक (एसपी) विक्रम सिहाग ने मंगलवार को अपना पदभार ग्रहण किया। पुलिस कार्यालय पहुंचने पर उन्हें पुलिस बल द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। पदभार संभालने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने और आम जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने को अपनी प्रमुख प्राथमिकताएं बताया। नवनियुक्त एसपी सिहाग ने कहा कि किसी भी जिले में पुलिस की पहली जिम्मेदारी अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था बनाए रखना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सहरसा में भी उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता कानून का राज स्थापित करना और अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना होगा। अपराध संबंधी सूचनाएं समय पर मिलेंगी इसके अतिरिक्त, विभिन्न थानों में लंबित मामलों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके। विक्रम सिहाग ने पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उनका मानना है कि अपराध नियंत्रण में जनता की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। पुलिस और नागरिकों के बीच विश्वास एवं संवाद मजबूत होने से अपराध संबंधी सूचनाएं समय पर मिलेंगी, जिससे अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। प्रक्रियाओं के समयबद्ध निष्पादन का भी आश्वासन उन्होंने आम लोगों से जुड़े कार्यों, जैसे पासपोर्ट सत्यापन, चरित्र प्रमाण पत्र और अन्य पुलिस सत्यापन संबंधी प्रक्रियाओं के समयबद्ध निष्पादन का भी आश्वासन दिया। एसपी ने कहा कि राज्य सरकार के निर्देशों के अनुरूप भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी और पुलिस कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। एसपी ने यह भी बताया कि जनता से नियमित फीडबैक प्राप्त करने की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, ताकि पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी बनाया जा सके। इस अवसर पर मुख्यालय डीएसपी कमलेश्वर प्रसाद सिंह, डीएसपी धीरेंद्र कुमार पांडेय सहित पुलिस लाइन और जिला पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। नए एसपी के आगमन से जिले की पुलिस व्यवस्था में नई ऊर्जा और बेहतर कार्यसंस्कृति की अपेक्षा है।
किशनगंज के पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा अपराध नियंत्रण को मजबूत करने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर पुलिस पदाधिकारियों का तबादला किया है। जारी आदेश के अनुसार, कुल 52 पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को विभिन्न थानों, अनुसंधान इकाइयों और शाखाओं में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस तबादला सूची में कई थानों के अपर थानाध्यक्ष, अनुसंधान पदाधिकारी, थाना लेखक और महिला हेल्प डेस्क प्रभारी शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि यह फेरबदल प्रशासनिक आवश्यकताओं, बेहतर पुलिसिंग और अपराध अनुसंधान कार्यों को गति देने के उद्देश्य से किया गया है। अरविंद कुमार शर्मा को कोचाधामन थाना आदेश के अनुसार, पोठिया थाना में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक (पु.अ.नि.) महेश पूर्व को अपर थानाध्यक्ष बनाया गया है। महेश कुमार यादव को किशनगंज थाना का अपर थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। अरविंद कुमार शर्मा को कोचाधामन थाना, रंजीत कुमार भारती को बहादुरगंज थाना और पुष्पांजली भारती को अनुसूचित जाति/जनजाति थाना में अपर थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। इसी क्रम में, रामबाबू चौधरी को जियापोखर थाना, मनोज रविदास को सुखानी थाना, सुधीर कुमार को दिघलबैंक थाना और पवन कुमार को यातायात थाना में अपर थानाध्यक्ष के पद पर तैनात किया गया है। कई पदाधिकारियों को मालखाना प्रभारी, महिला हेल्प डेस्क प्रभारी, सीडब्ल्यूपीओ (CWPO) और थाना लेखक जैसे अतिरिक्त दायित्व भी सौंपे गए हैं। अन्य अधिकारियों का भी स्थानांतरण किया गया महिला पुलिस पदाधिकारियों में रूपम कुमारी, रूपा कुमारी, मनीषा कुमारी, पिंकी कुमारी, रूबी कुमारी, सुमन्ती कुमारी, अर्चना कुमारी और सुधा कुमारी सहित कई अन्य अधिकारियों का भी स्थानांतरण किया गया है। यह व्यापक तबादला जिले में अपराध अनुसंधान की गुणवत्ता बढ़ाने, लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और थानों की कार्यक्षमता में सुधार लाने के उद्देश्य से किया गया है। एसपी कार्यालय ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को तत्काल अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देने का निर्देश दिया है।
इंदौर क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने NEET परीक्षा का पेपर बेचने का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी करने वाले एक लॉ स्टूडेंट को गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया पर फर्जी पोस्ट डालकर छात्रों को पेपर उपलब्ध कराने का दावा करता था और उनसे ऑनलाइन पैसे वसूलता था। शनिवार देर रात उसे गिरफ्तार कर लिया गया। क्राइम ब्रांच के अनुसार आरोपी अक्षय मालवीय निवासी आंगन शक्करखेड़ी, लसूड़िया है। वह इंदौर लॉ कॉलेज में फर्स्ट ईयर का छात्र है। उसके खिलाफ आईटी एक्ट की धाराओं में कार्रवाई की गई है। कोटा पुलिस के मेल के बाद हुई कार्रवाई जानकारी के मुताबिक शनिवार को कोटा पुलिस ने आरोपी के संबंध में इंदौर पुलिस को ई-मेल भेजा था। इसके बाद टीआई नीरज मेढ़ा के नेतृत्व में एसआईटी सक्रिय हुई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। इंस्टाग्राम पर वायरल करता था पोस्ट पुलिस जांच में सामने आया है कि अक्षय NEET परीक्षा से पहले इंस्टाग्राम पर फर्जी पोस्ट वायरल करता था। पोस्ट में परीक्षा का पेपर या विशेष सामग्री उपलब्ध कराने का दावा किया जाता था। पोस्ट देखने के बाद छात्र आरोपी की प्रोफाइल में दिए गए लिंक पर पहुंचते थे। लिंक खोलने के लिए उनसे ऑनलाइन भुगतान कराया जाता था। भुगतान के बाद उन्हें कथित पेपर या सामग्री उपलब्ध कराई जाती थी। 30 से 35 लोगों से वसूले पैसे क्राइम ब्रांच के अनुसार आरोपी ने यूपीआई और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से करीब 30 से 35 लोगों से भुगतान प्राप्त किया था। शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि वह सोशल मीडिया के जरिए छात्रों को गुमराह कर आर्थिक लाभ ले रहा था। पहले भी साइबर पुलिस के रडार पर था पुलिस अधिकारियों के अनुसार NEET परीक्षा रद्द होने के दौरान भी आरोपी ने इसी तरह की भ्रामक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल की थीं। इसी वजह से वह पहले से साइबर पुलिस की निगरानी में था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पुराने प्रश्नपत्रों और उपलब्ध सामग्री को एडिट कर नए पेपर के नाम पर प्रचारित करता था। लिंक पर भुगतान करने के बाद ही सामग्री खुलती थी। पूछताछ जारी क्राइम ब्रांच अब आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं तथा कुल कितने लोगों से रकम वसूली गई है। मामले की जांच जारी है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर आज राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायधीशों ने भी योग किया। 12 वें योग दिवस के मौके पर हाईकोर्ट की जयपुर और जोधपुर बैंच सहित सभी जिला एवं अधीनस्थ अदालतों में योग दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए गए। जयपुर पीठ में जस्टिस महेन्द्र कुमार गोयल, जस्टिस सुदेश बंसल, जस्टिस चंद्रप्रकाश श्रीमाली, जस्टिस शुभा मेहता, जस्टिस संदीप तनेजा, जस्टिस बिपिन गुप्ता, जस्टिस रवि चिरानिया, जस्टिस अनुरूप सिंघी और जस्टिस संगीता शर्मा सहित कई न्यायाधीशों ने योगाभ्यास किया। इस मौके पर जस्टिस सुदेश बंसल ने कहा कि योग की प्रक्रिया इतनी सहज है कि हम इसे रोज फोलो कर सकते हैं। इस योग दिवस पर हम यही अपेक्षा करते हैं कि हमने जो आज सीखा है। इसको हम निरंतर अपने दिन प्रतिदिन में फॉलो करते रहेंगे। उन्होने कहा कि योग में जो अंत में लाफ्टर थैरेपी का पार्ट है, यह करना नहीं पड़ेगा, सहज ही हंसी आएगी। सकारात्मक विचारों के साथ सांस लेहाईकोर्ट जयपुर पीठ में आज सुबह सत्यमेव जयते भवन के कॉरिडोर में सुबह 7 से 8 बजे तक आयोजित कार्यक्रम में प्रशिक्षित योग प्रशिक्षक राजेश शर्मा के मार्गदर्शन में योग करवाया गया। उन्होंने उपस्थित सभी को योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों की जानकारी देते हुए नियमित योगाभ्यास का महत्व बताया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जस्टिस महेंद्र कुमार गोयल ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो व्यक्ति को स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि नियमित योग अभ्यास से तनाव कम होता है और शरीर और मन दोनों निरोग रहते हैं।इस मौके पर रजिस्ट्रार जनरल चंचल मिश्रा ने सभी न्यायधीशों का स्वागत किया। उन्होने कहा कि हमें योग मे प्रत्येक सांस में सकारात्म विचारों को ग्रहण करना चाहिए और नकारात्म विचारों को निकाल देना चाहिए।
बदायूं में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अंकिता शर्मा ने शुक्रवार देर रात पुलिस क्षेत्राधिकारियों (सीओ) की नई पोस्टिंग सूची जारी की। इस सूची के तहत गैर जिले से स्थानांतरित होकर आए अंशुमन श्रीवास्तव को बिसौली का नया सीओ बनाया गया है, जबकि सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय को क्राइम का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। सूची के अनुसार, बिसौली के पूर्व सीओ संजीव कुमार को एक बार फिर सीओ एसएसपी ऑफिस की जिम्मेदारी दी गई है। अंशुमन श्रीवास्तव अब बिसौली सर्किल के कार्यों का संचालन करेंगे। सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय को उनके मौजूदा प्रभार के साथ-साथ सीओ क्राइम का अतिरिक्त दायित्व भी सौंपा गया है। अन्य तबादलों में, उझानी सर्किल की जिम्मेदारी सुनील कुमार सिंह पर पूर्ववत बनी हुई है। सुरेंद्र यादव को सीओ महिला अपराध नियुक्त किया गया है, जबकि सुनील अहलावत को सीओ ट्रैफिक का प्रभार दिया गया है। संजीव कुमार का जिले में यह तीसरा कार्यकाल है, वे पूर्व में दो बार बिल्सी और दो बार बिसौली के सीओ रह चुके हैं। उनके सीओ सिटी रहते हुए एक ई-रिक्शा चालक गुलफाम ने एसएसपी ऑफिस में आत्मदाह किया था, जिसके बाद उनसे यह प्रभार वापस ले लिया गया था। बिल्सी के सीओ रहते हुए भी इस्लामनगर में प्रभात फेरी विवाद में उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। हाल ही में बिसौली से उनके हटाए जाने को फैजगंज बेहटा में गोमांस का वजन करते हुए तस्कर का वीडियो वायरल होने की घटना को दबाने से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
RSS के कार्यक्रम में जाने से प्रमोशन होने की बात जस्टिस स्वर्णकांता ने नहीं कही
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो साल 2024 में काशी विद्यापीठ में आयोजित एक कार्यक्रम का है, जहां भाषण में स्वर्णकांता शर्मा ने अपने आगे बढ़ने का श्रेय भगवान शिव और विश्वविद्यालय को दिया था.
साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर 'दलदल' में सबसे खौफनाक विलेन बन सकती हैं भूमि पेडनेकर
भूमि पेडनेकर ने अब तक ऐसे किरदार निभाए हैं जो बेहद वास्तविक और भरोसेमंद लगे हैं। लेकिन उनकी साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर ‘दलदल’ शायद वह सरप्राइज़ है, जिसका इंतज़ार दर्शक कर रहे थे। ट्रेलर में भूमि को डीसीपी रीटा फरेरा के रूप में पेश किया गया है, जो एक ...
भूमि पेडनेकर की क्राइम थ्रिलर सीरीज 'दलदल' का रोमांचक ट्रेलर रिलीज
प्राइम वीडियो ने अपनी नई हिंदी क्राइम थ्रिलर सीरीज ‘दलदल’ का दमदार ट्रेलर रिलीज कर दिया है। यह ट्रेलर कुछ दिन पहले आए असरदार और बेचैन कर देने वाले टीज़र के बाद रिलीज हुआ है, जिसे अपनी अलग और डरावनी झलक के लिए खूब सराहना मिली थी।
भूमि पेडनेकर की क्राइम थ्रिलर 'दलदल' का टीजर रिलीज, इस दिन प्राइम वीडियो पर होगा प्रीमियर
प्राइम वीडियो ने अपनी हिंदी क्राइम थ्रिलर सीरीज 'दलदल' की दुनिया भर में प्रीमियर की डेट रिलीज कर दी है। यह सीरीज 30 जनवरी को रिलीज हो रही है। इसके साथ ही 'दलदल' का जबरदस्त, खौफनाक टीज़र भी जारी किया गया है। विष धमिजा की बेस्टसेलिंग किताब भेंडी ...
प्राइम वीडियो की तेलुगु क्राइम थ्रिलर फिल्म 'चीकाटीलो' का रोमांचक ट्रेलर रिलीज
प्राइम वीडियो ने अपनी इमोशनल तेलुगु क्राइम सस्पेंस ड्रामा 'चीकाटीलो' का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज कर दिया है। तेजी से विकसित हो रहे हैदराबाद की पृष्ठभूमि पर आधारित इस कहानी में संध्या की यात्रा दिखाई गई है, जो एक ट्रू-क्राइम पॉडकास्टर है। शोभिता धुलिपाला ...
एमेजन एमजीएम स्टूडियोज इंडिया ने अपनी आगामी थियेट्रिकल रिलीज फिल्म 'निशांची' का धमाकेदार फर्स्ट लुक पोस्टर रिलीज कर दिया है। अजय राय और रंजन सिंह द्वारा जार पिक्चर्स के बैनर तले, फ्लिप फिल्म्स के साथ मिलकर प्रोड्यूस की गई ये फिल्म एक रोमांचकारी ...
क्रिमिनल जस्टिस 4 में एक अलग अवतार में दिखीं बरखा सिंह, बोलीं- मैं खुद को साबित करना चाहती थी
बरखा सिंह भारतीय सिनेमा के सबसे होनहार चेहरों में से एक हैं। उन्होंने विभिन्न मंचों पर काम करते हुए, बाधाओं को पार किया है और अपने लिए एक रास्ता बनाया है। दर्शकों और आलोचकों को उनके किरदारों और अभिनय के तरीके से बेहद प्यार है। एक इंटरव्यू में बरखा ...
राणा नायडू सीजन 2: नए किरदारों के साथ क्राइम, एक्शन और इमोशन का जबरदस्त तड़का
राणा नायडू सीजन 2' में गालियों में कमी और ड्रामा में बढ़ोतरी हुई है। अर्जुन रामपाल का 'रॉफ' और कृति खरबंदा जैसे नए किरदार कहानी को नया मोड़ देते हैं। राणा और नागा के किरदार पहले की तरह दमदार हैं, जो परिवार को मुश्किलों से निकालते हैं। सीरीज की ...
अनुराग कश्यप लेकर आए क्राइम ड्रामा फिल्म निशांची, इस दिन सिनेमाघरों में होगी रिलीज
अनुराग कश्यप एक नई गहन क्रामइ ड्रामा फिल्म 'निशांची' लेकर आ रहे हैं। अमेजन एमजीएम स्टूडियो ने इस फिल्म का टीजर शेयर करते हुए इसकी थिएट्रिकल रिलीज डेट का ऐलान कर दिया है। अनुराग कश्यप द्वारा निर्देशित ये फिल्म हालात को हूबहू पर्दे पर उतारने वाली और ...
सोनू सूद की फतेह इस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हुई स्ट्रीम, साइबर क्राइम की काली दुनिया को दिखाती है फिल्म
बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद की फिल्म 'फतेह' को सिनेमाघरों में मिलाजुला रिस्पॉन्स मिला था। इस फिल्म से सोनू सूद ने निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रखा है। साइबर क्राइम पर आधारित इस फिल्म में सोनू सूद के साथ जैकलीन फर्नांडिस मुख्य भूमिका में नजर आईं। वहीं ...
क्राइम फ्री धड़कपुर से चोरी हुई बाइक, प्राइम वीडियो की सीरीज दुपहिया का मजेदार ट्रेलर हुआ रिलीज
web series dupahiya trailer: प्राइम वीडियो ने अपनी आगामी ओरिजिनल सीरीज 'दुपहिया' का दिलचस्प ट्रेलर जारी कर दिया है। सलोना बैंस जोशी और शुभ शिवदासानी द्वारा उनके बैनर बॉम्बे फिल्म कार्टेल के तहत रचित और कार्यकारी निर्मित है। यह सीरीज़ एक काल्पनिक ...
क्राइम पेट्रोल एक्टर नितिन चौहान का निधन, 35 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। टीवी के जाने-माने एक्टर नितिन चौहान का निधन हो गया है। वह महज 35 साल के थे। एक्टर की मौत की वजह की कोई आधिकारिक जानकरी सामने नहीं आई है। नितिन रियलिटी शो 'दादागिरी 3 के विनर रह चुके हैं।
Mirzapur 3 के बाद Prime Video ने किया एक और क्राइम-थ्रिलर सीरीज का एलान, 'मटका किंग' बनकर धूम मचाएगा ये एक्टर
गशमीर महाजनी और Surbhi Jyoti की नई क्राइम-थ्रिलरसीरीज Gunaah का टीजर हुआ लॉन्च, जाने कब और कहां होगी स्ट्रीम
डिज़्नी प्लस हॉटस्टार ने आखिरकार शुक्रवार को क्राइम ड्रामा सीरीज़ क्रिमिनल जस्टिस के बहुप्रतीक्षित चौथे अध्याय की घोषणा कर दी, जिसमें पंकज त्रिपाठी मुख्य भूमिका में हैं। नई किस्त में अभिनेता पंकज त्रिपाठी अलौकिक वकील माधव मिश्रा के रूप में वापसी करेंगे। एक बयान में, अभिनेता ने कहा कि नया अध्याय मिश्रा के जीवन और जटिल मामलों को इतनी आसानी और स्थायित्व के साथ सामने लाने की उनकी क्षमता के बारे में विस्तार से बताएगा। पंकज त्रिपाठी के हवाले से बताया गया कि ऑन-स्क्रीन वकीलों की प्रसिद्धि के हॉल में, मुझे लगता है कि माधव मिश्रा ने क्रिमिनल जस्टिस के साथ अपनी जगह बना ली है। मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि सीरीज़ में माधव का किरदार मुझसे कितना मिलता-जुलता है। हर जीत मुझे अपनी जैसी लगती है और हर हार ऐसी लगती है एक व्यक्तिगत क्षति। मैं डिज़्नी+हॉटस्टार पर नए सीज़न की घोषणा करने के लिए उत्साहित हूं और मुझे उम्मीद है कि दर्शक इस सीज़न को पहले की तरह ही प्यार देना जारी रखेंगे। डिज़्नी प्लस हॉटस्टार ने पोस्ट को कैप्शन दिया ''कोर्ट जारी है, और नए सीज़न की तैयारी भी। आ रहे हैं माधव मिश्रा, #HotstarSpecials #CriminalJustice के नए सीज़न के साथ!'' इसे भी पढ़ें: Rakhi Sawant Condition is Critical | क्रिटिकल है एक्ट्रेस राखी सावंत की हालत, पूर्व पति रितेश ने शेयर किया है हेल्थ अपडेट फ्रेंचाइजी के बारे में जानकारी क्रिमिनल जस्टिस की शुरुआत 2018 में अपने पहले सीज़न के साथ हुई थी जिसे 2008 में इसी नाम की ब्रिटिश टेलीविजन श्रृंखला से रूपांतरित किया गया था। क्रिमिनल जस्टिस: बिहाइंड क्लोज्ड डोर्स नामक दूसरा सीज़न 2020 में आया, इसके बाद तीसरा अध्याय, क्रिमिनल जस्टिस: अधूरा सच, 2022 में आया। क्रिमिनल जस्टिस का निर्माण अप्लॉज़ एंटरटेनमेंट द्वारा किया गया है। इसे भी पढ़ें: Scam 2010 The Subrata Roy Saga: हंसल मेहता ने किया 'स्कैम' के तीसरे सीजन का ऐलान, सहारा की कहानी पर केंद्रित होगा नया शो बता दें कि पंकज त्रिपाठी आखिरी बार मर्डर मुबारक में नजर आए थे। फिल्म में सारा अली खान, विजय वर्मा, आदित्य रॉय कपूर और करिश्मा कपूर समेत कई स्टार कलाकार शामिल हैं। होमी अदजानिया द्वारा निर्देशित यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है। वह अगली बार मिर्ज़ापुर 3 में नज़र आएंगे। रिलीज़ डेट की अभी घोषणा नहीं की गई है। View this post on Instagram A post shared by Disney+ Hotstar (@disneyplushotstar)
सस्पेंस, क्राइम और थ्रिलर का रखते है शौक तो OTT पर फौरन निपटा डाले ये जबरदस्तसाउथ फिल्में,हॉलीवुड भी लगने लगेगा फीका
सलमान खान के घर फायरिंग मामला: मुंबई क्राइम ब्रांच ने पांचवें आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया
सलमान खान के घर फायरिंग मामले में ताजा घटनाक्रम में मुंबई क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को पांचवें आरोपी मोहम्मद चौधरी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। इंडिया टीवी के अतुल सिंह की एक रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद चौधरी ने दो शूटरों, सागर पाल और विक्की गुप्ता को पैसे देकर और रेकी करके भी मदद की। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, चौधरी को आज मुंबई लाया जा रहा है जहां उसे किला कोर्ट में पेश किया जाएगा और पांच दिन की हिरासत की मांग की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Kareena Kapoor Khan ने Saif Ali Khan के बड़े बेटे इब्राहिम की नवीनतम तस्वीरों पर सबसे मनमोहक टिप्पणी की इससे पहले, अनुज थापन नाम के एक आरोपी ने पुलिस हिरासत में चादर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बता दें, अनुज पर शूटरों को हथियार मुहैया कराने का आरोप है। थापन को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले, बांद्रा में अभिनेता के आवास के बाहर गोलीबारी करने वाले दोनों शूटर विक्की गुप्ता और सागर पाल को गुजरात के भुज से हिरासत में लिया गया था। इसे भी पढ़ें: सलमान खान के घर के बाहर गोली चलाने के मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य गिरफ्तार सलमान खान के घर फायरिंग मामले की जानकारी मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, कथित तौर पर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग करने वाले शूटरों के पास दो बंदूकें थीं और उन्हें 10 राउंड गोलियां चलाने का आदेश दिया गया था. 14 अप्रैल की सुबह, दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आए और अभिनेता के आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर चार गोलियां चलाईं। घटना के बाद हमलावर तेजी से मौके से भाग गए। निगरानी फुटेज से पता चला कि दोनों संदिग्धों ने टोपी पहन रखी थी और बैकपैक ले रखा था। इस महीने की शुरुआत में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने का अनुरोध किया था. अनमोल बिश्नोई ने घटना के कुछ घंटों बाद अपने फेसबुक प्रोफाइल के जरिए सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। सलमान खान की नवीनतम सार्वजनिक उपस्थिति सलमान खान हाल ही में लंदन में थे जहां उन्होंने ब्रिटेन के ब्रेंट नॉर्थ निर्वाचन क्षेत्र से सांसद बैरी गार्डिनर से मुलाकात की। इंटरनेट पर कई तस्वीरें वायरल हुईं, जिनमें बैरी और सलमान दोनों वेम्बली स्टेडियम के अंदर नजर आ रहे हैं।
Salman Khan फायरिंग मामले में पुलिस को मिली अबतक की सबसे बड़ी कामयाबी, क्राइम ब्रांच के हाथ लगे दो और अपराधी
सलमान खान के घर फायरिंग मामले में अहम घटनाक्रम में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने का अनुरोध किया है। अनमोल बिश्नोई ने घटना के कुछ घंटों बाद अपने फेसबुक प्रोफाइल के जरिए सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी. इस सप्ताह की शुरुआत में, मुंबई क्राइम ब्रांच ने गोलीबारी की घटना में इस्तेमाल की गई दूसरी बंदूक बरामद की। सूरत की तापी नदी से तीन मैगजीन के साथ बंदूक बरामद की गई। इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया 16 अप्रैल को कच्छ पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दिया। बाद में, शहर की एक अदालत ने गोलीबारी की घटना के सिलसिले में दोनों आरोपियों को 25 अप्रैल तक मुंबई अपराध शाखा की हिरासत में भेज दिया। आरोपियों की पहचान बिहार के विक्की गुप्ता (24) और सागर पाल (21) के रूप में हुई, जिन्हें मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेश किया गया। इसे भी पढ़ें: काला जादू- टोना-टोटका करने का Kangana Ranaut पर आरोप लगाने के बाद अब एक्ट्रेस के बारे Adhyayan Suman क्या सोचते है? मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच अभी भी जारी है मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, कथित तौर पर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग करने वाले शूटरों के पास दो बंदूकें थीं और उन्हें 10 राउंड गोलियां चलाने का आदेश दिया गया था. 14 अप्रैल की सुबह, दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आए और अभिनेता के आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर चार गोलियां चलाईं। घटना के बाद हमलावर तेजी से मौके से भाग गए। निगरानी फुटेज से पता चला कि दोनों संदिग्धों ने टोपी पहन रखी थी और बैकपैक ले रखा था। अनजान लोगों के लिए, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार की धमकियों के बाद 2022 में सलमान की सुरक्षा का स्तर वाई-प्लस तक बढ़ा दिया गया था। अभिनेता को व्यक्तिगत बन्दूक ले जाने के लिए भी अधिकृत किया गया था और अतिरिक्त सुरक्षा के लिए उन्होंने एक नया बख्तरबंद वाहन भी खरीदा है।
Salman Khan फायरिंग केस में आया बिलकुल तड़कता-भड़कता अपडेट,मुंबई क्राइम ब्रांच के हाथ लगा एक और पुख्तासबूत
Salman Khan फायरिंग केस मेंक्राइम ब्रांच को गुजरात से मिला बड़ा कनेक्शन, मामले में हुआ अबतक का सबसे सनसनीखेज खुलासा
रोंगटे खड़े कर देंगी सीरियल किलर्स पर बनी ये क्राइम-थ्रिलर, खून ख्राबार देखकर उड़ जाएगी रातों की नींद
रोंगटे खड़े कर देंगी सीरियल किलर्स पर बनी येक्राइम-थ्रिलर, खून ख्राबार देखकर उड़ जाएगी रातों की नींद
Salman Khan फायरिंग केस में आया नया मोड़! भाईजान कोमारना नहीं था शूटर्स का मकसद,क्राइम ब्रांच ने किया चौकाने वाला खुलासा
Salman Khan के घर हुई फायरिंग के मामले में आया नया मोड़,क्राइम ब्रांच कोपुर्तगाल से मिला बड़ा कनेक्शन, जाने क्या है मामला
Salman Khan के घर हुईफायरिंग के केस में क्राइम ब्रांच को मिली बड़ी सफलता, इस राज्य में पकड़े गए दोनों आरोपी
मुंबई क्राइम ब्रांच का एक्शन, सलमान के घर फायरिंग करने वाले दोनों शूटर दबोचे
Salman Khan House Firing: एक्टर सलमान खान के घर पर फायरिंग करने वाले दोनों आरोपियों को भुज से गिरफ्तार कर लिया गया. मुंबई क्राइम ब्रांच को ये कामयाबी मिली. आरोपी बिहार के पश्चिमी चंपारण के रहने वाले बताए जा रहे हैं. रविवार को गैलेक्सी अपार्टमेंट पर फायरिंग कर भुज फरार हो गए थे. देखें ये वीडियो.
Salman Khan के घर हुई फायरिंग मेंक्राइम ब्रांच के हाथ लगी बड़ी सफलता,नवी मुंबई में पकड़े गए 2 संदिग्ध
सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जांच करेगी मुंबई क्राइम ब्रांच, इन धाराओं में दर्ज किया केस
Salman Khan firing case: बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर रविवार तड़के दो अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी कर दी। इस हमले के बाद हर कोई सलमान खान की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर कर रहा है। बांद्रा पुलिस ने दो अज्ञात शख्स के ...
April में OTT पर तहलका मचाने आ रही है ये धमाकेदार फिल्में और सीरीज, मिलेगा एक्शन से लेकर क्राइम-थ्रिलर तक का मजा
क्राइम-थ्रिलर कंटेंट देखने के है शौकीन! तो फौरन देख डाले UP के माफियाओं पर बनी येवेब सीरीज,खौफनाक कहानियां खड़े कर देंगी रोंगटे

