लोगों के बीच पहुंचीं एसएसपी, पूछा- कैसे रोकें क्राइम
भास्कर न्यूज | बठिंडा पुलिस और जनता के बीच रविवार सुबह एक अलग अंदाज में संवाद देखने को मिला। शहर में बीते दिनों गुंडागर्दी की घटनाओं व लोगों में भय को देखते हुए एसएसपी डॉ. ज्योति यादव मॉर्निंग वॉक करते हुए तिकोनी चौक पहुंचीं और वहां चाय पी रहे शहरवासियों के बीच बैठकर सीधे बातचीत की। उन्होंने आम लोगों से शहर में क्राइम और नशे की समस्या को जड़ से खत्म करने के सुझाव भी मांगे। इस दौरान स्थानीय लोगों ने खुलकर अपने विचार रखे। कुछ नागरिकों ने नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि छोटे स्तर पर कार्रवाई तो हो रही है, लेकिन बड़े नेटवर्क पर लगातार सख्त कदम उठाने की जरूरत है। एसएसपी ने लोगों की बात ध्यान से सुनी और भरोसा दिलाया कि पुलिस हर इनपुट पर गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा चुनौती है। इसे खत्म करने के लिए पुलिस और जनता के बीच भरोसा और सहयोग जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि या नशे से जुड़े मामलों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। बैठक जैसे इस अनौपचारिक संवाद में मौजूद लोगों ने भी नशा विरोधी अभियान में सक्रिय सहयोग का भरोसा दिया। एसएसपी ने युवाओं को नशे से दूर रहकर खेल से जुड़ने की प्रेरणा दी और कहा कि सामूहिक जागरूकता से ही नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई जीती जा सकती है। तिकोनी चौक पर शहरवासियों से बातचीत करते एसएसपी डॉ. ज्योति।
राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस पुष्पेन्द्र भाटी ने कहा कि आमजन हमसे उम्मीद करता है कि जब उसका जीवन खतरे में होगा, जब उसे आर्थिक नुकसान हो रहा होगा, जब उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बात होगी, तब न्यायपालिका और लीगल सिस्टम उसकी आवाज को उठाएगा। संकटमोचक की तरह उसकी रक्षा करेगा। जस्टिस भाटी साइबर सेफ्टी सेमिनार के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने टेक्नोलॉजी के बढ़ते प्रभाव को लेकर कहा कि किसी भी टेक्नोलॉजी को रोका नहीं जा सकता, ये सुविधा के साथ आशंकाएं भी लाती हैं। जस्टिस भाटी ने सभागार में मौजूद न्यायिक अधिकारियों से कहा कि आप उस राजस्थान का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो क्षेत्रफल के लिहाज से 126 देशों से बड़ा हैं। जिसमें हमारे न्यायिक अधिकारी (जजेज) न्याय देने के लिए एक हजार किलोमीटर की यात्रा करते हैं। दिल्ली में ट्रांसफर बहुत छोटी बात जस्टिस पुष्पेन्द्र भाटी ने कहा कि एक बार हमें दिल्ली के जज कह रहे थे कि ट्रांसफर बहुत छोटी बात हैं। क्योंकि दिल्ली न्याय क्षेत्र में ट्रांसफर का मतलब है, दस-बीस-तीस किलोमीटर। लेकिन हमने उन्हें गर्व से कहा कि हमारे यहां एक जगह से दूसरी जगह जाने में सैकड़ों किलोमीटर और कभी-कभी हजारों किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता हैं। लेकिन उसके बाद भी प्रदेश के न्यायिक अधिकारी पूरी ताकत से आमजन को न्याय देने के लिए काम कर रहे हैं। न्यायाधीशों को आउट ऑफ द बॉक्स सोचने की जरूरत समापन सत्र को संबोधित करते हुए हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश(एक्टिंग सीजे) एसपी शर्मा ने कहा कि आज आंखों से दिखने वाली चीज भी सत्य हो, यह जरूरी नहीं। डीपफेक और एआई के युग में न्यायाधीशों को भी 'आउट ऑफ द बॉक्स' सोचने की जरूरत है। उन्होने कहा कि प्रदेश में कॉन्स्टेबल स्तर के पुलिसकर्मियों को साइबर सिक्योरिटी की ट्रेनिंग दी जा रही हैं। लेकिन हमारा मानना है कि पुलिस के उच्चाधिकारियों को भी इस तरह की ट्रेनिंग दी जानी चाहिए। क्योंकि अब साइबर क्राइम के सिर्फ आंकड़े गिनने से काम नहीं चलेगा। इसके लिए न्यायिक प्रशिक्षण, तकनीकी दक्षता और त्वरित जांच ही असली समाधान हैं। उन्होंने न्यायिक अकादमियों से विशेष साइबर अपराध प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू करने का आग्रह भी किया। कभी कम्प्यूटर का भी देश में हुआ था विरोध समापन सत्र को संबोधित करते हुए केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि किसी भी टेक्नोलॉजी को रोका नहीं जा सकता हैं। टेक्नोलॉजी सुविधा के साथ आशंकाएं भी लाती हैं। देश में जब कंप्यूटर आया था तो उसका भी विरोध हुआ था। अभी इंडस्ट्री 4.0 चल रहा हैं। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स, 3D प्रिंटिंग, ब्लॉकचेन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स का दौर चल रहा हैं। वहीं साइबर अपराध भी इसी की देन हैं। लेकिन हमें इससे डरने की जरूरत नहीं हैं। उन्होने कहा कि 21वीं सदी एशिया की होगी और भारत उसका नेतृत्व करेगा। ऐसे में भारत ही साइबर अपराध का हल भी खोजेगा।
भारतीय प्रेस परिषद के पूर्व अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस रहे मार्कण्डेय काटजू सवाई माधोपुर आए हुए हैं। वह यहां अपने एक पारिवारिक मित्र के शादी समारोह में शिरकत करने सवाई माधोपुर आए हैं। इस दौरान वह यहां पांच सितारा होटल नाहरगढ़ में ठहरे हुए हैं। सोशल मीडिया अकाउंट पर दी जानकारी इसकी जानकारी मार्कण्डेय काटजू ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी शेयर की है। उन्होंने एक पोस्ट करते हुए लिखा है कि मैं आज, 21 फरवरी को राजस्थान के सवाई माधोपुर में अपने तमिल मित्र स्वामिनाथन के बेटे मुथु प्रकाश और शुभाश्री (इस तस्वीर में) की शादी में शामिल होने आया हूँ। इस शादी की खास बात यह है कि यह तमिलनाडु में नहीं बल्कि राजस्थान में हो रही है। बड़ी संख्या में तमिल लोग (पुरुष, महिलाएं और बच्चे) तमिलनाडु से चार्टर्ड फ्लाइट से यहाँ आए हैं, और उनमें से कई राजस्थानी पोशाक पहने हुए हैं (दूल्हा और दुल्हन सहित), और सभी बहुत खुश हैं। कई फोटोज वीडियो किए शेयर मार्कण्डेय काटजू ने शादी समारोह से संबंधित कई फोटो और वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किए हैं। जिसे शेयर करते हुए वह खासे उत्साहित नजर आए। आपको बता दें कि मार्कंडेय काटजू एक भारतीय न्यायविद और भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश हैं। वे 2011 से 2014 तक भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष भी रहे । वे राजनीतिज्ञ शिव नाथ काटजू के पुत्र और कैलाश नाथ काटजू के पोते हैं।
एक वक्त था जब पटना विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मटुकनाथ चौधरी का नाम सुर्खियों में रहता था। साल 2006 में उनकी और जूली की लव स्टोरी काफी चर्चा में रही थी। जूली उनकी स्टूडेंट थीं। इस रिश्ते के सार्वजनिक होने के बाद मटुकनाथ को ‘लव गुरु’ कहा जाने लगा। हालांकि, जूली की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्होंने अचानक मीडिया से दूरी बना ली थी। अब एक बार फिर मटुकनाथ सोशल मीडिया पर सक्रिय हो गए हैं। वे लगातार पोस्ट साझा कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने ‘लव, सेक्स और क्राइम’ विषय पर अपनी राय रखी। उन्होंने लिखा, “लव-सेक्स और क्राइम। सेक्स सहज है, प्राकृतिक है और सुंदर है, लेकिन इसका गलत ढंग से इस्तेमाल हो तो क्राइम बन जाता है। गलत ढंग से इस्तेमाल तब होता है, जब इसके सही इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है।” मटुकनाथ का पूरा पोस्ट पढ़िए… एक लड़का और एक लड़की सेक्स संबंधी बातें करना चाहते हैं। वे सेक्स करना चाहते हैं। यहां परिवार, शिक्षालय और समाज का इतना ही कर्तव्य है कि इसके संबंध में पर्याप्त जानकारी और सावधानियां उन दोनों तक पहुंचाकर उन्हें स्वतंत्र छोड़ दें, लेकिन ऐसा नहीं होता। इसे गलत, खतरनाक और अनैतिक बताकर उन्हें इस दिशा में बढ़ने से रोक दिया जाता है। वे इस रोक के पीछे का कारण नहीं जानते। रोकना कितना गलत, अनैतिक और अप्राकृतिक है, यह भी नहीं जानते। वे तो बस इतना जानते हैं कि समाज इसे गलत कहता है। समाज इसे गलत क्यों कहता है, यह किसी को मालूम नहीं। वे आगे लिखते हैं- अगर सेक्स के सुख को बढ़ाना है तो उसे प्रेम में बदलने का वातावरण बनाइए। और आगे का आनंद चाहते हैं तो प्रेम को भक्ति में बदलने की परिस्थिति बनने दीजिए। काम ‘राम’ तक की यात्रा बन सकता है, लेकिन हो इसका उलटा रहा है। काम दुष्काम बन रहा है, नीचता की पराकाष्ठा को छू रहा है। इसका कारण सिर्फ एक है- काम के प्रति अज्ञान। अब जानिए मटुकनाथ कौन हैं और उनकी और जूली की लव स्टोरी क्या है मटुकनाथ-जूली की प्रेम कहानी 2004 में चर्चा में आई थी। मटुकनाथ पटना यूनिवर्सिटी में हिन्दी के प्रोफेसर थे और जूली उनकी स्टूडेंट थी। दोनों की उम्र में 30 साल का अंतर था। मटुकनाथ के मुताबिक, जूली ने ही उन्हें प्रपोज किया था, फिर दोनों लिव इन में रहने लगे थे। जूली के साथ प्रेम-प्रसंग की वजह से 15 जुलाई, 2006 को पटना यूनिवर्सिटी ने मटुकनाथ को बीएन कॉलेज के हिंदी डिपार्टमेंट के रीडर पद से सस्पेंड कर दिया था। बाद में 20 जुलाई, 2009 को उन्हें नौकरी से ही बर्खास्त कर दिया गया। वहीं, जूली से अफेयर के बाद मटुकनाथ की पत्नी आभा से तलाक हो गया था। फिलहाल, 72 साल के मटुकनाथ बिहार के भागलपुर नवगछिया में एक स्कूल चलाते हैं। अध्यात्म की तलाश में बढ़ी मटुकनाथ से जूली की दूरी जूली इस वक्त पोर्ट ऑफ स्पेन में हैं। वह वहां एक बुजुर्ग के साथ रहती हैं। अध्यात्म और व्यवसाय से जुड़े वृद्ध ही जूली का खर्च उठाते हैं। मटुकनाथ बताते हैं कि प्रेम में आने के बाद भी शुरू से जूली अध्यात्म और साधना के प्रति आकर्षित होती रहीं। साल 2013 तक तो सबकुछ ठीक ठाक रहा, लेकिन साधना के लिए गुरु की तलाश में वह भटक गईं। मटुकनाथ और जूली के बीच दूरी 2014 से बढ़ने लगी। अपनी आधी उम्र की लड़की से प्यार करने वाले मटुकनाथ को जूली की साधना पसंद नहीं आई जिससे दूरियां खाई बनती गईं। इसके बाद जूली सात समंदर पार पोर्ट ऑफ स्पेन पहुंच गईं। ‘ अब जूली की यादों से मुझे छुटकारा मिल चुका है’ मुटकनाथ बताते हैं कि मुझे जूली की यादों से छुटकारा मिल चुका है, मैं किसी को याद नहीं करता हूं। अगर याद भी करता हूं तो आनंद से ही करता हूं, पीड़ा में रहकर याद नहीं करता हूं। समय-समय पर कभी कोई बात छिड़ता है तो उनकी बात होती है। उनके साथ कई बेहतरीन पल रहे हैं, दिल छूने वाली कई यादें हैं। जब तक साथ रहे, हम लोग चमकते ही रहे। हां, हमारे बीच बहस भी होती थी। एक दूसरे से नाराज भी होते थे, एक दूसरे पर गुस्सा भी करते थे, लेकिन प्यार में ये सब जरूरी होता है। मीडिया में जूली की जो बीमार होने वाली तस्वीर वायरल होती है, वो पुरानी है, यूजर्स उसे बार-बार दोहराते हैं, ये 2020 की बातें है। जब मैं ये खबरें देखता हूं तो परेशानी होती है, क्योंकि मुझे अभी भी सोशल मीडिया पर लोग गालियां देते हैं, श्राप देते हैं। स्वाभाविक है कि बुरा लगता है, क्योंकि इन सभी बातों के लिए मैं जिम्मेदार नहीं था, उनका मन था, वो चली गईं। ‘स्टूडेंट्स जब प्यार में फंसते हैं, तो मुझसे टिप्स लेते हैं’ मटुकनाथ कहते हैं कि मेरी प्रेम कहानी जब शुरू हुई, सबके सामने आई। जब खत्म हुई, तब भी लोगों को पता चला, लेकिन कभी किसी ने मुझसे सवाल नहीं पूछा। मैं शुरु में बीए, एमए के छात्रों को पढ़ाता था, अब बच्चों को पढ़ाता हूं। कई बच्चे ऐसे हैं, जिनका उस वक्त जन्म भी नहीं हुआ था, लेकिन बच्चों ने कभी मुझसे मेरी प्रेम कहानी नहीं पूछी। इन बच्चों से प्रेम कहानी शेयर करने का कोई मतलब भी नहीं है। हां, पटना यूनिवर्सिटी में कभी कोई छात्र प्यार में मामले में फंस जाता था, तो मेरे पास आता था, तब मैं उसके हिसाब से उसे टिप्स भी देता था। जूली से पहली मुलाकात के सवाल पर मटुकनाथ कहते हैं कि ये सभी को पता है। साल 2004 में पहली मुलाकात हुई, एक-दूसरे से परिचय हुआ, दोस्ती हुई, एक-दूसरे की पसंदगी हुई और धीरे-धीरे हम लोग एक-दूसरे के विचारों से प्रभावित हुए और एक-दूसरे के पास आते गए और अंत में वही कहानी प्रेम में बदल गई।
जींद शहर पुलिस ने दो युवकों को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से दो पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, एसआई अशोक कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि सोमबीर और दीपक नामक दो युवक भिवानी रोड पर अवैध हथियारों के साथ खड़े हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान सोमबीर के पास से एक देसी पिस्तौल .315 बोर और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ, जबकि दीपक के पास से एक देसी पिस्तौल .32 बोर और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने दोनों युवकों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि दोनों युवक किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उन्होंने ये हथियार कहां से खरीदे थे।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने कहा है कि आज के दौर में डिजिटल टेक्नोलॉजी के बिना आगे नहीं बढ़ा जा सकता। इससे आमजन को भी काफी सुविधा हुई है। लेकिन एआई हो या अन्य कोई तकनीक, यह हमारी सुविधा के लिए होनी चाहिए। हम उसके इतने आदी या बंधक न बन जाएं कि निजी कामों में भी उससे पूछने लगें कि अब क्या करना है। ऐसा होना भयानक होगा।वे राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) की ओर से आयोजित ‘साइबर सुरक्षा व जागरूकता और न्याय तक पहुंच’ विषयक राष्ट्रीय सेमीनार के दूसरे दिन तकनीकी सत्र को संबोधित कर रहे थे। सेमीनार के तीनों तकनीकी सत्रों में साइबर अपराधों के मूल स्वरूप, डिजिटल वित्तीय लेनदेन और उनके प्रभावों पर विस्तार से चर्चा हुई। तीन दिवसीय सेमीनार का समापन रविवार को होगा। कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पी.बी. वराले ने देश में बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी चुनौती नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है। साइबर अपराध हमारे समय की बड़ी चुनौतियों में से एक है, लेकिन यही चुनौती न्यायिक और सामाजिक तंत्र को नए रूप में ढालने का अवसर भी देती है। उन्होंने कहा कि हमें प्रतिक्रियात्मक नहीं, बल्कि पूरी तरह निवारक दृष्टिकोण अपनाना होगा। मेरे साथ भी साइबर फ्रॉड हुआ 0.17 प्रतिशत मामलों में ही वित्तीय धोखाधड़ी दर्ज जस्टिस आनंद पाठक ने ‘शोले’ से समझाया साक्ष्य संकलन
CJI Surya Kant: साइबर क्राइम से निपटने के लिए लगातार काम किए जा रहे हैं. इसके बावजूद भी इससे निजात नहीं मिल पाई है. इसपर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने भी चिंता जताई है. साथ ही कहा है मेरे नाम से भी फर्जी साइट्स बनाई गई.
बंदर मूवी प्रिव्यू: सच्ची घटना से प्रेरित बॉबी देओल और अनुराग कश्यप की क्राइम थ्रिलर
अनुराग कश्यप निर्देशित फिल्म ‘बंदर: मंकी इन अ केज’ एक सच्ची घटना से प्रेरित क्राइम-थ्रिलर है। बॉबी देओल मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म का प्रीमियर 2025 टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ और यह 22 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
लगातार बढ़ रहे साइबर क्राइम पर देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम की कोई सीमा नहीं है। मैं भी साइबर क्राइम से नहीं बच सका। हर दूसरे दिन उनके नाम से फर्जी साइट्स बन जाती हैं और उनके फोटो उनमें डाल दिए जाते हैं। उनके एक-दो शुभचिंतक हैं, जो मोबाइल पर मैसेज भेज देते हैं और कहते हैं कि आपके नाम पर नई साइट बनी है। ऐसी ही फर्जी साइट्स से उनकी बेटी व बहन को भी मैसेज भेजा गया। पुलिस को बताया तो पता चला कि ये साइट्स नाइजीरिया में बन रही हैं। साइबर क्राइम केवल भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए ही गंभीर मुद्दा है। उनके पास एक बुजुर्ग दंपत्ति की डिजिटल अरेस्ट की शिकायत आई थी। जिनकी पूरी जमा पूंजी चली गई। उन्होंने स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लिया और अभी भी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सीजेआई सूर्यकांत ने शुक्रवार को रालसा की ओर से आयोजित तीन दिवसीय ‘साइबर सुरक्षा व जागरूकता और न्याय तक’ पहुंच सेमीनार के शुभांरभ के मौके पर कही। उन्होंने कहा कि साइबर फ्राड पर गृह मंत्रालय भी चेता रहा है। देशभर में साइबर फ्राड के 66 लाख शिकायत लंबित हैं। इसके अलावा लोगों के 55 हजार करोड़ रुपए को साइबर फ्रॉड के जरिए ठगा जा चुका है। फेक इमेज से किसी भी व्यक्ति की रेपुटेशन को गिरा दिया जाता है। हम सभी जब तक मिलकर साइबर क्राइम को रोकने का प्रयास नहीं करेंगे तब तक समाधान मुश्किल है। उन्होंने कहा कि एआई का उपयोग भी कोर्ट की कार्यप्रणाली को सुलभ बनाने के लिए करना चाहिए। अपराध जमीन पर हो या स्क्रीन पर न्याय जरूर मिलेगाकार्यक्रम में सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि साइबर क्राइम रोकने के लिए साइबर कोर्ट खुलेगी। कोई क्राइम जमीन पर करे या स्क्रीन के पीछे करे, सजा उसे जरूर मिलेगी। न्याय भी सुलभ हो और सुरक्षा भी सुलभ हो। अब साइबर क्राइम के नए रूप भी सामने आ रहे हैं, एक सेकेंड में ही लोगों के रुपए लूट लिए जाते हैं, बुजुर्ग को कोई फोन आता है तो वह जमा पूंजी गवां देता है। महिला व युवा भी इसमें फंस जाते हैं। साइबर सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार गंभीरता से काम कर रही है। लेकिन साइबर क्राइम को रोकने के लिए आमजन में इसको लेकर जागरूकता भी जरूरी है। इस मौके पर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और डिप्टी सीएम दिया कुमारी भी मौजूद थीं।
सीतापुर में शुक्रवार देर शाम उस समय पुलिस महकमे में हलचल बढ़ गई, जब एडीजी लखनऊ जोन प्रवीण कुमार ने लखीमपुर से लखनऊ लौटते समय थाना सिधौली का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान थाना स्तर पर कानून-व्यवस्था, अभिलेखों के संधारण और आधुनिक पुलिसिंग की तैयारियों की गहन समीक्षा की गई। एडीजी ने थाना कार्यालय में रखे अपराध रजिस्टर, त्योहार रजिस्टर, मालखाना रजिस्टर, विवेचना रजिस्टर, फ्लाई शीट सहित अन्य अभिलेखों की जांच की। साथ ही उनके रख-रखाव, साफ-सफाई और दर्ज की जाने वाली प्रविष्टियों की गुणवत्ता को परखा। इसके अतिरिक्त एडीजी ने थाना परिसर स्थित साइबर सेल, कंप्यूटर कक्ष, कार्यालय, महिला हेल्प डेस्क, बैरक, भोजनालय और मालखाना का निरीक्षण कर विभिन्न पोर्टलों पर की जा रही फीडिंग तथा साइबर सेल की कार्यप्रणाली का भी अवलोकन किया गया। निरीक्षण के दौरान विवेचनाओं में ई-साक्ष्य को सम्मिलित किए जाने की स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए। एडीजी ने इस दौरान थाने पर नियुक्त पुलिस कर्मियों के साथ बैठक करते हुए एडीजी ने समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण विवेचना, जनसुनवाई में संवेदनशीलता और तकनीकी दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया। एडीजी ने मिशन शक्ति केंद्र का निरीक्षण कर वहां तैनात स्टाफ से वार्ता की और पीड़िताओं से मृदुल व्यवहार, सकारात्मक आश्वासन, सम्यक कार्रवाई के बाद फीडबैक लेने के निर्देश दिए। साइबर हेल्प डेस्क कर्मियों को पीड़ितों तक त्वरित सहायता पहुंचाने और कार्यकुशलता बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। इस अवसर पर एसपी अंकुर अग्रवाल, एएसपी दक्षिणीदुर्गेश कुमार सिंह, सीओ सिधौली कपूर सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
नमस्कार लखनऊ, मुस्कुराइए, आज 20 फरवरी, दिन शुक्रवार है... हम आपके लिए आज के इवेंट और आपसे जुड़ी काम की बातों को लेकर आए हैं। इसमें बता रहे हैं कि शहर में कहां और क्या-क्या हो रहा है। बिजली किन इलाकों में कटेगी, पानी किन इलाकों में नहीं आएगा। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट्स कहां हो रहे हैं। शहर का मौसम, सिटी का ट्रैफिक, सिनेमा, स्कूल-कॉलेज से जुड़ी जानकारियां भी हैं। पढ़िए क्या कुछ हैं, आपके काम की बातें... शहर में आपसे जुड़ी सुविधाएं और इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर- दैनिक भास्कर लखनऊ रिपोर्टिंग टीम से संपर्क करें- यदि आपके पास लखनऊ में किसी इवेंट, कार्यक्रम, आयोजन या किसी समस्या से जुड़ी कोई जानकारी है, जो आप दैनिक भास्कर ऐप पर प्रकाशित करवाना चाहते हैं, तो आप हमारे फोन नंबर- 9454292638 पर वॉट्सऐप मैसेज कर सकते हैं। लखनऊ टुडे को और बेहतर बनाने के लिए आप हमें अपना कीमती फीडबैक भी दे सकते हैं। इसके अलावा कहीं कोई घटना/दुर्घटना होती है, तो उसकी जानकारी भी आप हमें ऊपर दिए वॉट्सऐप नंबर पर मैसेज के जरिए दे सकते हैं।
शहर के प्रतिष्ठित सर्राफा कारोबारी के शोरूम पर हुई एक करोड़ रुपये की ठगी के मामले में पुलिस ने गुरुवार देर शाम छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। मामले में क्राइम ब्रांच एक्टिव हो गई है जो कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। दावा किया जा रहा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। पहले एक नजर वारदात पर सदर बाजार थाना क्षेत्र में आबूलेन से सटे आबू प्लाजा में साकेत निवासी तन्मय अग्रवाल का रघुनंदन ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड नाम का शोरूम है। बुधवार दोपहर रूड़की रोड निवासी कारोबारी प्रवीण शर्मा शोरूम पर एक करोड़ रुपया लेकर पहुंचे। उन्होंने फोन पर किसी से बातचीत के बाद वह रकम तन्मय अग्रवाल को दे दी। तन्मय अग्रवाल ने उतनी रकम की लगभग 650 ग्राम वजनी सोने की ज्वैलरी पैक कराकर वहां मौजूद एक शख्स को सौंप दी। वह शख्स उस ज्वैलरी को लेकर वहां से चलता बना। बाद में पता चला कि वह शख्स प्रवीण शर्मा के साथ नहीं था। इसको लेकर हंगामा हो गया। कारोबारी ने सर्राफा कारोबारी पर आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। पुलिस पहुंची और स्थिति को संभाला। सीसीटीवी कैमरे देख रही पुलिस सदर बाजार थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरु की। मौके से दो संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद शोरूम के अंदर से लेकर बाहर मुख्य मार्ग तक लगे सीसीटीवी कैमरों की लिस्ट तैयार की गई। पुलिस इन कैमरों की मदद से उस व्यक्ति की लोकेशन ढूंढने का प्रयास कर रही है जो ज्वैलरी लेकर वहां से गया है। वह शख्स किसके साथ मिला है और किसके कहने पर उसने यह काम किया, इसका खुलासा उसकी गिरफ्तारी के बाद ही होगा। गुरुवार को दिनभर मचा रहा हड़कंप इस पूरे मामले ने सर्राफा बाजार में खलबली मचा दी है। गुरुवार सुबह मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी रघुनंदन ज्वैलर्स के समर्थन में सीओ नवीना शुक्ला से मिले। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच होनी चाहिए लेकिन उससे पहले यह जरूरी है कि जिस प्रतिष्ठान में यह वारदात हुई है, उसको सुरक्षा प्रदान की जाए। विजय आनंद अग्रवाल ने कहा कि जिस तरह हंगामा किया गया, उससे यह दर्शाने का प्रयास हुआ है कि यह वारदात शोरूम संचालक से जुड़ी है। उधर, कारोबारी प्रवीण शर्मा भी सीओ से मिले और मुकदमे की मांग की। क्राइम ब्रांच दफ्तर में पूछताछ गुरुवार को क्राइम ब्रांच को भी यह केस हेंडओवर कर दिया गया। क्राइम ब्रांच ने हिरासत में लिए दोनों युवकों से पूछताछ की। इसके बाद तन्मय अग्रवाल व दूसरे पक्ष के प्रवीण शर्मा को पूछताछ के लिए क्राइम ब्रांच दफ्तर बुलवा लिया। बताया जाता है कि दोनों से कई घंटे पूछताछ की गई। सख्ती भी बरती। इसके बाद शाम चार बजे दोनों को छोड़ दिया गया। पुलिस सूत्रों की मानें तो कुछ महत्वपूर्ण तथ्य पुलिस ने जुटाए हैं, जिसके आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि जल्द मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। छह लोगों पर दर्ज हुई एफआईआर गुरुवार देर शाम छह लोगों के विरूद्ध सदर बाजार थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई। यह एफआईआर शोरूम संचालक तन्मय अग्रवाल की तहरीर पर लिखी गई है, जिसमें कृष्णा व उसके भतीजे के अलावा कुल छह लोगों के नाम शामिल हैं। सीओ नवीना शुक्ला ने बताया कि सर्राफा एसोसिएशन ने मुकदमे की मांग की थी। जांच उपरांत मुकदमा दर्ज किया गया है। टीमें काम कर रही हैं। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
टोंक में बुजुर्ग महिला की गला काट कर हत्या और पैर काटकर चांदी के कड़े ले जाने वाले 2 आरोपियों को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। उनके एक साथी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। 10 साल पुराने मामले में गुरुवार को अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश महावीर महावर फैसला सुनाया। उन्होंने फैसले में लिखा- न्याय होना नहीं दिखना भी चाहिए। सबसे सुरक्षित जगह घर में बुजुर्ग महिला की हत्या हुई। उन्होंने दोनों हत्यारों पर 25-25 हजार रुपए जुर्माना लगाया है। वहीं इस मामले में एक आरोपी अभी फरार चल रहा है। फैसले के बाद बुजुर्ग महिला का इकलौता बेटा बोला- आज अम्मी को न्याय मिल गया। एक आरोपी अब भी फरार मामला 26 जून 2016 का था। भूरी बेगम की हत्या के आरोप में मालपुरा थाना क्षेत्र की घाटी रेबारियों की बाड़ी निवासी सीताराम और रामनिवास उर्फ काल्यो को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने तीसरे आरोपी अम्बालाल को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। वहीं भीलवाड़ा जिले के हनुमान नगर थाना क्षेत्र के टिगड़गढ़ निवासी प्रभुलाल पुत्र रामस्वरूप फरार है। बेटा बोला- अन्य किसी की हत्या न कर पाएं भूरी बेगम के इकलौते बेटे ईद मोहम्मद कायमखानी ने बताया- कोर्ट पर उन्हें शुरू से विश्वास था कि एक दिन उनकी अम्मी (मां) के हत्यारों को आजीवन कारावास की सजा मिलेगी। अब पुलिस से मांग करता हूं कि फरार आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार कर उसे भी आजीवन कारावास की सजा दिलाए। ताकि ये हत्यारे बाहर रहकर किसी अन्य की हत्या न कर पाए। गला काटा, टखनों से पैर काट ले गए थे कड़े सरकारी वकील प्रदीप कुमार साहू ने बताया कि दूनी थाने में साकिर हुसैन ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 26 जून 2016 को उसके चाचा रोशन खां के पुत्र ईद मोहम्मद का उसके पास फोन आया कि उसकी मां भूरी बेगम आज कुएं पर नहीं आई। तो वह घर जाकर उसे देखे। ऐसे में जब साकिर अपने चाचा के घर गया और चाची को आवाज दी तो अंदर से कोई आवाज नहीं आई। बाद में साकिर घर की दीवार फांदकर अंदर गया तो भूरी बेगम का शव लहूलुहान हालत में पड़ा था। उनका गला काटा गया था। वहीं भूरी बेगम के दोनों पैरों को टखने के पास से काटा हुआ था। उनके पैरों में पहने चांदी के कड़े गायब थे। 20 गवाह और 42 दस्तावेज पेश किए सरकारी वकील प्रदीप कुमार साहू ने बताया कि कुछ दिनों बाद 3 आरोपियों को दूनी पुलिस ने पकड़ लिया। फिर उनके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। बुधवार को इस मामले में आखिरी सुनवाई पूरी की। अभियोजना पक्ष की ओर से न्यायालय में 20 गवाह और 42 दस्तावेज पेश किए। कोर्ट ने निर्णय सुरक्षित रखा गया। गुरुवार को इसका फैसला सुनाया गया। विधि का काम अपराधियों में भय पैदा करना फैसले पर न्यायाधीश महावीर महावर ने टिप्पणी की। उन्होंने इस हत्या के निर्णय के आदेश में लिखा कि आहत (पीड़ित) को न केवल न्याय मिलना चाहिए, बल्कि न्याय होते हुए दिखना भी होना चाहिए। विधि का उद्देश्य समाज को सुरक्षित करना एवं अपराधियों को अपराध करने से रोकना एवं उनमें भय व्याप्त करना है। यह सही है कि मामले में सुरक्षित जगह घर के अंदर हत्या का अपराध हुआ है।
इंदौर में अवैध मादक पदार्थों की खरीदी-बिक्री करने वालों के खिलाफ इंदौर क्राइम ब्रांच की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में टीम ने बुधवार को एक और फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि 12 फरवरी को एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार आरोपी कासिम खान से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारी मिली थी। इसी के आधार पर पहले साउथ टोड़ा निवासी रिजवान अंसारी को गिरफ्तार किया गया था। रिजवान से पूछताछ में एक और फरार आरोपी हसन अली निवासी दौलतगंज का नाम सामने आया। इसके बाद टीम ने मुखबिर और टेक्निकल इनपुट के आधार पर उसे ट्रेस कर बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। ड्रग्स नेटवर्क की जानकारी मिलने की उम्मीद पुलिस के अनुसार इस मामले में पहले पकड़े गए आरोपी से 14 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1 लाख 40 हजार रुपए बताई गई है। प्रारंभिक पूछताछ में हसन अली ने बताया कि वह रिपेयरिंग का काम करता है और पांचवीं तक पढ़ा है। क्राइम ब्रांच को उम्मीद है कि पूछताछ में ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की जानकारी भी सामने आ सकती है। मामले में आगे की जांच जारी है।
फरीदाबाद में जिला बार एसोसिएशन और पुलिस के बीच विवाद ने तूल पकड़ लिया है। एसोसिएशन के महासचिव टीका डागर ने क्राइम ब्रांच की टीम पर उनके बेटे के साथ कथित दुर्व्यवहार और कार का शीशा तोड़ने का आरोप लगाया है। घटना के विरोध में बुधवार को वकीलों ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। क्राइम ब्रांच ने चैकिंग के दौरान रोकी गाड़ी बताया जा रहा है कि मंगलवार देर रात सेक्टर-37 से लौटते समय मुंबई एक्सप्रेसवे के सर्विस रोड पर सेक्टर-3 के पास क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 की टीम द्वारा नाका जांच की जा रही थी। आरोप है कि जांच के दौरान पुलिसकर्मियों ने अनावश्यक सख्ती दिखाई और डंडा मारकर कार का शीशा क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस को दी गई शिकायत मामले में थाना सेक्टर-8 में लिखित शिकायत दी गई है। बार एसोसिएशन ने स्पष्ट कहा है कि यदि संबंधित पुलिसकर्मियों पर निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई नहीं की गई तो उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि क्राइम ब्रांच की टीम रूटीन चेकिंग कर रही थी। ऐसे में पुलिस के द्वारा किसी के साथ कोई गलत व्यवहार नही किया जाता है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इंदौर के छोटा बागड़दा इलाके के चार युवक तीन दिन से लापता हैं। परिजनों का आरोप है कि खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताने वाले चार लोग उन्हें कार में बैठाकर साथ ले गए थे। परिवार पहले एरोड्रम थाना पहुंचा, लेकिन वहां से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इसके बाद वे क्राइम ब्रांच कार्यालय पहुंचे, जहां भी फुटेज दिखाने के बावजूद अधिकारियों ने संबंधित लोगों की पहचान से इनकार कर दिया। तीन दिनों से परेशान परिजन अब न्याय की उम्मीद में अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक एरोड्रम थाना क्षेत्र स्थित छोटा बागड़दा के रहने वाले तरुण वर्मा, अमन पाल, राज और अजय 14 फरवरी से लापता हैं। परिजनों के मुताबिक एक कार से आए कुछ लोग खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए चारों युवकों को अपने साथ ले गए थे। परिजनों ने पुलिस को दिखाए सीसीटीवी फुटेज इस मामले में परिजन रात तक चारों युवकों का पता न चलने पर एरोड्रम थाना पहुंचे, लेकिन थाने ने उन्हें लाने से इंकार कर दिया। इसके बाद जब परिवार ने क्राइम ब्रांच में पूछताछ की, तो वहां भी चारों युवकों के होने की बात से इनकार कर दिया गया। परिवार ने पुलिस को फुटेज दिखाई और एरोड्रम के साथ क्राइम ब्रांच के ऑफिस में यह वीडियो भी दिखाया, लेकिन किसी की पहचान नहीं हो सकी। एडीशनल डीसीपी बोले- युवकों की कोई जानकारी नहीं इस मामले में क्राइम ब्रांच के एडीशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने भी कहा कि फुटेज में दिख रहे लोगों की कोई जानकारी उनके पास नहीं है। उनका कहना है कि इन नाम के युवक क्राइम ब्रांच में मौजूद नहीं हैं और उन्हें मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली है। वह भी इस मामले में स्पष्ट जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं। दो युवक पर है पूर्व के अपराध जानकारी के अनुसार लापता चार युवकों में से तरुण वर्मा के खिलाफ पहले लगभग 5 मामले दर्ज हैं, जिनमें चोरी और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। अमन पाल पर भी 3 मामले दर्ज हैं। अजय एक होटल में काम करता है, जबकि राज केटरिंग के व्यवसाय से जुड़ा है।
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत शुक्रवार को जयपुर आएंगे। वे यहां तीन दिवसीय साइबर सिक्योरिटी सेमिनार का उद्घाटन करेंगे। सीजेआई के साथ सुप्रीम कोर्ट के 7 न्यायाधीश भी सेमिनार में हिस्सा लेंगे। सीजेआई ऐसे समय में जयपुर आ रहे है, जब प्रदेश में शनिवार-वर्किंग डे को लेकर बार और बैंच में गतिरोध बना हुआ है। बता दे कि पिछले साल दिसंबर में जैसलमेर में सीजेआई की उपस्थिति में हाईकोर्ट की पूर्णपीठ की बैठक में साल 2026 से प्रत्येक माह के दो शनिवार (पहला-तीसरा) को वर्किंग का फैसला हुआ था। जिसके विरोध में वकीलों ने स्वैच्छिक कार्य बहिष्कार करके विरोध जताया था। जनवरी महीने के तीसरे और फरवरी के पहले शनिवार को जजेज सुनवाई के लिए कोर्ट रूम में बैठे थे, लेकिन वकील विरोध स्वरूप कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। इस साल 17 शनिवार को कार्यदिवस घोषितपूर्णपीठ की बैठक के बाद हाईकोर्ट प्रशासन ने साल 2026 में 17 शनिवार को कार्यदिवस घोषित किया था। जिसके तहत 24 जनवरी, 7 फरवरी, 21 फरवरी, 7 मार्च, 25 अप्रेल, 2 मई, 16 मई, 4 जुलाई, 18 जुलाई, 1अगस्त, 22 अगस्त, 5 सितंबर, 26 सितंबर, 31 अक्टूबर, 21 नवंबर, 5 दिसंबर और 19 दिसंबर को सुनवाई होगी। वैकल्पिक रास्ता निकालने के बाद भी नहीं टूटा गतिरोधवकीलों के विरोध को देखते हुए हाईकोर्ट प्रशासन ने 23 जनवरी को आदेश जारी करते हुए वैकल्पिक रास्ता निकालने की कोशिश की। प्रशासन ने कहा कि सभी वर्किंग-सर्टेडे को केवल पुराने मामलों की ही सुनवाई होगी। पुराने कैसेज भी पक्षकारों की मर्जी से ही लिस्ट किए जाएंगे। वहीं वकीलों के लिए शनिवार को उपस्थिति अनिवार्य नहीं है। लेकिन बार ने इस प्रस्ताव को भी नहीं माना। बार का साफ कहना है कि वर्किंग सर्टेडे का फैसला उन्हें मंजूर नहीं है। 21 फरवरी को हाईकोर्ट में अवकाश घोषितसाइबर सिक्योरिटी सम्मेलन के आयोजन को देखते हुए हाईकोर्ट प्रशासन ने 21 फरवरी (शनिवार) को जोधपुर मुख्यपीठ और जयपुर पीठ दोनों में अवकाश घोषित किया है। इस संबंध में रजिस्ट्रार (प्रशासन) द्वारा 13 फरवरी को आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है। हालांकि प्रदेश के न्यायिक जगत में इसे केवल सम्मेलन से जुड़ा निर्णय नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे बार-बेंच के बीच चल रहे गतिरोध और प्रस्तावित न्यायिक कार्य बहिष्कार से भी जोड़कर भी देखा जा रहा है। साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ानाराजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) की ओर से आयोजित होने वाले इस सम्मेलन का विषय 'साइबर सेफ्टी: अवेयरनेस, प्रोटेक्शन एंड इन्क्लूसिव एक्सेस टू जस्टिस' रखा गया हैं। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य न्यायिक संस्थानों, सरकारी विभागों और आम नागरिकों के लिए साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना और डिजिटल अपराधों से निपटने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करना है। तीन दिवसीय सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट न्यायाधीश, जिला जज, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव, साइबर लॉ एक्सपर्ट सहित पुलिस और प्रशासन से जुड़े अधिकारी मौजूद रहेंगे। ---- अपने क्षेत्र से जुड़ी समस्या को दैनिक भास्कर एप के सिविक इश्यू में पोस्ट करना के लिए क्लिक करें। ---
एमपी के धार स्थित भोजशाला परिसर विवाद मामले को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ से जबलपुर प्रिंसिपल बेंच में ट्रांसफर कर दिया गया है। पूजा के अधिकार बनाम नमाज की अनुमति से जुड़े इस संवैधानिक प्रकरण पर आज बुधवार को चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच सुनवाई करेगी। संभावना है कि मामले की सुनवाई लंच के बाद होगी। याचिका में परिसर को सनातन परंपराओं गुरुकुल बताया दरअसल मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में हिन्दू फ्रंट फॉर जस्टिस समेत अन्य पक्षों ने याचिका दायर की है। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि 1010 से 1055 ईस्वी के बीच राजा भोज द्वारा निर्मित भोजशाला मूलतः देवी वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर और संस्कृत शिक्षा का प्रमुख केंद्र था, जहां वेद, शास्त्र, ज्योतिष और खगोल जैसे विषय पढ़ाए जाते थे। याचिका में यह भी कहा गया है कि यह स्थल सनातन परंपराओं के संरक्षण वाला आदर्श गुरुकुल था। बाद के मुस्लिम शासकों द्वारा परिसर को क्षति पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि इसकी धार्मिक पहचान नहीं बदली और हिंदू श्रद्धालु पूजा करते रहे। वहीं ब्रिटिश काल में इसे कमाल मौला मस्जिद के रूप में प्रचारित करने की कोशिश की गई, जिसे याचिका में तथ्यों के विपरीत बताया गया है। ASI के आदेश पर विवाद सबसे बड़ा विवाद वर्ष 2003 के उस आदेश को लेकर है, जिसमें पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) द्वारा शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय को नमाज की अनुमति दी गई थी, जबकि हिंदुओं के पूजा अधिकारों पर सीमाएं तय कर दी गईं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह आदेश संविधान के अनुच्छेद 25 में दिए गए धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है। याचिका में अनुच्छेद 29 के तहत सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और अनुच्छेद 49 के तहत ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा की राज्य की जिम्मेदारी का भी हवाला दिया गया है। अब यह मामला धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक पहचान और संवैधानिक अधिकारों की सीधी टक्कर के रूप में देखा जा रहा है, जिस पर अदालत का फैसला बेहद अहम माना जा रहा है। 2006 से लंबित है अपील हिन्दू फ्रंट फॉर जस्टिस व अन्य की ओर से दाखिल कुल 4 याचिकाएं बीते सोमवार को हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की डिवीज़न बेंच में सूचीबद्ध थीं। सोमवार को वकीलों द्वारा मनाए गए प्रतिवाद दिवस के चलते याचिकाकर्ताओं के वकील हाजिर नहीं हुए। इस विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा 22 जनवरी को दिए गए आदेश पर गौर करते हुए जस्टिस शुक्ला की अध्यक्षता वाली डिवीजन ने पाया कि इस मामले से सम्बंधित एक अपील वर्ष 2006 से लंबित है। इसके मद्देनजर जस्टिस शुक्ला की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले को प्रिंसिपल सीट में ट्रांसफर करने कहा, ताकि प्रशासनिक स्तर पर चीफ जस्टिस उचित आदेश पारित कर सकें। इसके बाद भोजशाला विवाद से जुड़े सभी 5 मामले चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच के सामने सूचीबद्ध किए गए हैं।
वकीलों की कोर्ट से दखल की गुहार, जस्टिस बोले-याचिका दायर करें
वकील की मां के इलाज में लापरवाही का मामला जयपुर | एक निजी अस्पताल में वकील की मां के इलाज में लापरवाही से जुड़े मामले में 5 महीने बाद भी कार्रवाई नहीं होने के विरोध में हाईकोर्ट के बाहर वकीलों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। मंगलवार को वकीलों के धरने के चलते पुलिस ने हाईकोर्ट के बाहर से जाने वाले वाहनों को दूसरे मार्गों पर डायवर्ट किया। कुछ अधिवक्ताओं ने जस्टिस इंद्रजीत सिंह से मामले में दखल करने का आग्रह किया, जिस पर अदालत ने अधिवक्ताओं को कानूनी प्रक्रिया के तहत याचिका या प्रार्थना पत्र दायर करने के लिए कहा। अदालत ने कहा कि वह इसके बाद ही स्पष्ट आदेश जारी कर पाएंगे। दरअसल, वकील सोमवार को सुबह 11:45 बजे वकील की मां के इलाज में लापरवाही बरतने वाले डॉ. सोनदेव बंसल की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हाथों में तख्तियां लेकर सड़क पर उतर गए।
सिविल लाइंस–सोडाला क्षेत्र में USDT क्रिप्टो निवेश के नाम पर 41 लाख रुपये की डकैती करने वाले दो वांछित ईनामी अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी पिछले करीब एक वर्ष से फरार चल रहे थे और लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचते रहे। निवेश का झांसा देकर लूटे थे 41 लाख रुपये डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि साल 2025 की 17 फरवरी को पीड़ित गजेन्द्र राठौर ने थाना में उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।शिकायत में बताया गया था कि साहिल व अन्य आरोपियों ने USDT क्रिप्टो में निवेश का झांसा देकर उनसे 41 लाख रुपये लूट लिए। इस पर थाना सोडाला में मामला दर्ज किया गया। पहले ही हो चुकी थी 40 लाख से अधिक की बरामदगी मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने प्रारंभिक जांच में दो आरोपियों आबिद खान (32 वर्ष) और नौशाद खान (32 वर्ष) को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर ₹40 लाख दो हजार की राशि बरामद कर ली थी।हालांकि, दो अन्य आरोपी फरार हो गए थे, जिनकी लगातार तलाश की जा रही थी। सुराग नहीं मिलने पर दोनों पर ₹5,000-₹5,000 का इनाम घोषित किया गया था। विशेष टीम का गठन, मुखबिर तंत्र से मिली सफलता वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए थानाधिकारी बलबीर सिंह के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी निगरानी, मुखबिर तंत्र और पारंपरिक तरीकों से आरोपियों के ठिकानों, रिश्तेदारों व संपर्कों की जानकारी जुटाई। दिन-रात मेहनत के बाद पुलिस ने दोनों फरार आरोपियों को दबोचने में सफलता हासिल की। वाहन और शेष रकम की तलाश जारी पुलिस के अनुसार वारदात में प्रयुक्त बोलेरो वाहन संख्या RJ18UB2799 और लूटी गई शेष राशि की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।साथ ही, मामले में शामिल अन्य वांछित आरोपियों के संबंध में भी पूछताछ और अनुसंधान किया जा रहा है। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस कस्टड़ी में हैं और उनसे गहन पूछताछ जारी है।
लोकायुक्त जस्टिस हरिपाल वर्मा मंगलवार को रेवाड़ी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जिला जेल का निरीक्षण करते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जेल में बंद कैदियों को स्वच्छ भोजन और पानी देना सुनिश्चित करें। उनके स्वास्थ्य के साथ जेल में सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बंदियों और कैदियों से बातचीत भी की। जस्टिस हरिपाल वर्मा ने कहा कहा कि कैदियों के लिए भोजन तैयार करते समय निर्धारित मेन्यू का पालन किया जाए। उन्होंने आवश्यक सुधारों को लेकर दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बंदियों और कैदियों को मानवीय दृष्टिकोण के साथ सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना जेल प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। रेसाईघर और वार्डों का किया निरीक्षण जस्टिस वर्मा ने निरीक्षण के दौरान जेल के विभिन्न वार्डों और रसोईघर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान जेल में भोजन बनाए जाने की प्रक्रिया को भी समझा। जेल परिसर में पहुंचने पर जेल अधीक्षक सुरेंद्र दलाल ने उनका स्वागत किया। इस मौके पर डीएसपी पवन कुमार, उप-अधीक्षक जेल राकेश लोचब मौजूद रहे।
राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने 8 जजों को एपीओ कर दिया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने अधीनस्थ न्यायालयों का औचक निरीक्षण किया। इसके कुछ देर बाद हाईकोर्ट रजिस्ट्रार की ओर से प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए एपीओ करने का आदेश जारी कर दिया गया। बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ जज कोर्ट टाइम होते हुए भी चैंबर में फैसले लिखवा रहे थे। जबकि सभी जजों के लिए चैंबर टाइम और कोर्ट टाइम निर्धारित होता है। हालांकि, एपीओ आदेश में कारणों का उल्लेख नहीं किया गया है। दरअसल, मंगलवार सुबह जोधपुर के झालामंड स्थित हाईकोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। हाईकोर्ट प्रशासन को ईमेल मिला था, जिसमें परिसर में बम होने की धमकी दी गई थी। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे परिसर को खाली कराया गया। इस कारण सुबह कामकाज प्रभावित रहा और डिस्प्ले बोर्ड पर सूचना जारी की गई कि अदालत की कार्यवाही 11:30 बजे से शुरू होगी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश का औचक निरीक्षणसुरक्षा जांच के बीच कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा सुबह ही हाईकोर्ट हेरिटेज बिल्डिंग परिसर में पहुंच गए। उन्होंने वहां स्थित विभिन्न जिला, महानगर और अन्य अधीनस्थ न्यायालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई कोर्ट रूम खाली पाए गए और कई न्यायिक अधिकारी सीट पर नहीं मिले। अनुशासन और समयबद्धता को लेकर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने इस लापरवाही को गंभीरता से लिया। सीट पर नहीं मिले 8 जज, एपीओ निरीक्षण के तुरंत बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश हाईकोर्ट पहुंचे। कुछ देर बाद ही हाईकोर्ट रजिस्ट्रार जनरल चंचल मिश्रा की ओर से आदेश जारी कर 8 न्यायिक अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से 'पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा' में रख दिया गया। एपीओ किए गए इन अधिकारियों में से अजय शर्मा को राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर में अपनी उपस्थिति देने को कहा गया है। वहीं शेष 7 अधिकारियों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश जोधपुर जिला के मुख्यालय पर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। ……….. यह खबर भी पढ़ें... राजस्थान हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी:जोधपुर मुख्यपीठ और जयपुर बेंच को करवाया खाली; धमकी भरा मेल मिला राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर और जयपुर बेंच को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली। हाईकोर्ट प्रशासन को आज सुबह एक धमकी भरा ईमेल मिला, जिसमें परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। सूचना पर पुलिस और डॉग स्क्वायड की टीमें मौके पर पहुंची। कोर्ट रूम सहित पूरी बिल्डिंग को खाली करवाया गया। (पूरी खबर पढ़ें)
रायपुर में पहली एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, इसकी निगरानी करेंगे डीसीपी क्राइम राजनाला
राजधानी में 23 जनवरी से लागू पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के बाद अब नशे के खिलाफ सख्ती की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राजधानी में नशे के खिलाफ और रोकथाम को प्रभावी बनाने के लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) का गठन किया गया है। नवगठित टीम नशे से जुड़े मामलों में कार्रवाई और सतत निगरानी करेगी। एएनटीएफ के लिए एसीपी अनुज कुमार (क्राइम एवं साइबर) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं इसकी कार्यप्रणाली की मॉनिटरिंग डीसीपी क्राइम स्मृतिक राजनाला करेंगे। सोमवार को इस संबंध में पुलिस कमिश्नर ने लिखित आदेश जारी किया है। शेष|पेज 6 बीते साल 445 तस्करों को भेजा गया जेल पुलिस ने 2025 में नशे का कारोबार करने वाले 445 तस्करों को जेल भेजा है। इनमें सबसे ज्यादा 287 आरोपी गांजा तस्करी के हैं, जबकि 116 ड्रग्स तस्कर हैं। रायपुर के अलावा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के तस्कर भी शामिल हैं। तस्करों से 2.81 करोड़ रुपए की ड्रग्स जब्त की गई है, जिसमें हेरोइन, अफीम, एमडीएमए समेत अन्य शामिल हैं। नशीली टेबलेट बेचने वाले 29 और सिरप बेचने वाले 19 तस्करों को गिरफ्तार किया गया। तस्करी में लिप्त 13 बड़े ड्रग कार्टेल को ध्वस्त किया गया, जिनमें सुबित श्रीवास्तव, पिंडर उर्फ रूपिंदर सिंह, मनमोहन सिंह संधु, नाव्या मलिक, कमलेश अरोड़ा, बगोल सिंह, आयुष दुबे, गगनदीप सिंह, पराग बरठा, अब्दुल करीम, मनीष रोचलानी, कैलाश बिश्नोई और दिलबाग सिंह के नेटवर्क शामिल हैं।
साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर 'दलदल' में सबसे खौफनाक विलेन बन सकती हैं भूमि पेडनेकर
भूमि पेडनेकर ने अब तक ऐसे किरदार निभाए हैं जो बेहद वास्तविक और भरोसेमंद लगे हैं। लेकिन उनकी साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर ‘दलदल’ शायद वह सरप्राइज़ है, जिसका इंतज़ार दर्शक कर रहे थे। ट्रेलर में भूमि को डीसीपी रीटा फरेरा के रूप में पेश किया गया है, जो एक ...
भूमि पेडनेकर की क्राइम थ्रिलर सीरीज 'दलदल' का रोमांचक ट्रेलर रिलीज
प्राइम वीडियो ने अपनी नई हिंदी क्राइम थ्रिलर सीरीज ‘दलदल’ का दमदार ट्रेलर रिलीज कर दिया है। यह ट्रेलर कुछ दिन पहले आए असरदार और बेचैन कर देने वाले टीज़र के बाद रिलीज हुआ है, जिसे अपनी अलग और डरावनी झलक के लिए खूब सराहना मिली थी।
भूमि पेडनेकर की क्राइम थ्रिलर 'दलदल' का टीजर रिलीज, इस दिन प्राइम वीडियो पर होगा प्रीमियर
प्राइम वीडियो ने अपनी हिंदी क्राइम थ्रिलर सीरीज 'दलदल' की दुनिया भर में प्रीमियर की डेट रिलीज कर दी है। यह सीरीज 30 जनवरी को रिलीज हो रही है। इसके साथ ही 'दलदल' का जबरदस्त, खौफनाक टीज़र भी जारी किया गया है। विष धमिजा की बेस्टसेलिंग किताब भेंडी ...
प्राइम वीडियो की तेलुगु क्राइम थ्रिलर फिल्म 'चीकाटीलो' का रोमांचक ट्रेलर रिलीज
प्राइम वीडियो ने अपनी इमोशनल तेलुगु क्राइम सस्पेंस ड्रामा 'चीकाटीलो' का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज कर दिया है। तेजी से विकसित हो रहे हैदराबाद की पृष्ठभूमि पर आधारित इस कहानी में संध्या की यात्रा दिखाई गई है, जो एक ट्रू-क्राइम पॉडकास्टर है। शोभिता धुलिपाला ...
एमेजन एमजीएम स्टूडियोज इंडिया ने अपनी आगामी थियेट्रिकल रिलीज फिल्म 'निशांची' का धमाकेदार फर्स्ट लुक पोस्टर रिलीज कर दिया है। अजय राय और रंजन सिंह द्वारा जार पिक्चर्स के बैनर तले, फ्लिप फिल्म्स के साथ मिलकर प्रोड्यूस की गई ये फिल्म एक रोमांचकारी ...
क्रिमिनल जस्टिस 4 में एक अलग अवतार में दिखीं बरखा सिंह, बोलीं- मैं खुद को साबित करना चाहती थी
बरखा सिंह भारतीय सिनेमा के सबसे होनहार चेहरों में से एक हैं। उन्होंने विभिन्न मंचों पर काम करते हुए, बाधाओं को पार किया है और अपने लिए एक रास्ता बनाया है। दर्शकों और आलोचकों को उनके किरदारों और अभिनय के तरीके से बेहद प्यार है। एक इंटरव्यू में बरखा ...
राणा नायडू सीजन 2: नए किरदारों के साथ क्राइम, एक्शन और इमोशन का जबरदस्त तड़का
राणा नायडू सीजन 2' में गालियों में कमी और ड्रामा में बढ़ोतरी हुई है। अर्जुन रामपाल का 'रॉफ' और कृति खरबंदा जैसे नए किरदार कहानी को नया मोड़ देते हैं। राणा और नागा के किरदार पहले की तरह दमदार हैं, जो परिवार को मुश्किलों से निकालते हैं। सीरीज की ...
प्राइम वीडियो ने अपनी आगामी रोमांचक इन्वेस्टीगेटिव क्राइम थ्रिलर 'स्टोलन' का दमदार ट्रेलर लॉन्च कर दिया है। अनुराग कश्यप, किरण राव, निखिल आडवाणी और विक्रमादित्य मोटवानी जैसे दिग्गज फिल्ममेकर्स की एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर टीम के साथ 'स्टोलन' करण ...
सोनू सूद की फतेह इस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हुई स्ट्रीम, साइबर क्राइम की काली दुनिया को दिखाती है फिल्म
बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद की फिल्म 'फतेह' को सिनेमाघरों में मिलाजुला रिस्पॉन्स मिला था। इस फिल्म से सोनू सूद ने निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रखा है। साइबर क्राइम पर आधारित इस फिल्म में सोनू सूद के साथ जैकलीन फर्नांडिस मुख्य भूमिका में नजर आईं। वहीं ...
क्राइम फ्री धड़कपुर से चोरी हुई बाइक, प्राइम वीडियो की सीरीज दुपहिया का मजेदार ट्रेलर हुआ रिलीज
web series dupahiya trailer: प्राइम वीडियो ने अपनी आगामी ओरिजिनल सीरीज 'दुपहिया' का दिलचस्प ट्रेलर जारी कर दिया है। सलोना बैंस जोशी और शुभ शिवदासानी द्वारा उनके बैनर बॉम्बे फिल्म कार्टेल के तहत रचित और कार्यकारी निर्मित है। यह सीरीज़ एक काल्पनिक ...
क्राइम पेट्रोल एक्टर नितिन चौहान का निधन, 35 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। टीवी के जाने-माने एक्टर नितिन चौहान का निधन हो गया है। वह महज 35 साल के थे। एक्टर की मौत की वजह की कोई आधिकारिक जानकरी सामने नहीं आई है। नितिन रियलिटी शो 'दादागिरी 3 के विनर रह चुके हैं।
Mirzapur 3 के बाद Prime Video ने किया एक और क्राइम-थ्रिलर सीरीज का एलान, 'मटका किंग' बनकर धूम मचाएगा ये एक्टर
गशमीर महाजनी और Surbhi Jyoti की नई क्राइम-थ्रिलरसीरीज Gunaah का टीजर हुआ लॉन्च, जाने कब और कहां होगी स्ट्रीम
डिज़्नी प्लस हॉटस्टार ने आखिरकार शुक्रवार को क्राइम ड्रामा सीरीज़ क्रिमिनल जस्टिस के बहुप्रतीक्षित चौथे अध्याय की घोषणा कर दी, जिसमें पंकज त्रिपाठी मुख्य भूमिका में हैं। नई किस्त में अभिनेता पंकज त्रिपाठी अलौकिक वकील माधव मिश्रा के रूप में वापसी करेंगे। एक बयान में, अभिनेता ने कहा कि नया अध्याय मिश्रा के जीवन और जटिल मामलों को इतनी आसानी और स्थायित्व के साथ सामने लाने की उनकी क्षमता के बारे में विस्तार से बताएगा। पंकज त्रिपाठी के हवाले से बताया गया कि ऑन-स्क्रीन वकीलों की प्रसिद्धि के हॉल में, मुझे लगता है कि माधव मिश्रा ने क्रिमिनल जस्टिस के साथ अपनी जगह बना ली है। मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि सीरीज़ में माधव का किरदार मुझसे कितना मिलता-जुलता है। हर जीत मुझे अपनी जैसी लगती है और हर हार ऐसी लगती है एक व्यक्तिगत क्षति। मैं डिज़्नी+हॉटस्टार पर नए सीज़न की घोषणा करने के लिए उत्साहित हूं और मुझे उम्मीद है कि दर्शक इस सीज़न को पहले की तरह ही प्यार देना जारी रखेंगे। डिज़्नी प्लस हॉटस्टार ने पोस्ट को कैप्शन दिया ''कोर्ट जारी है, और नए सीज़न की तैयारी भी। आ रहे हैं माधव मिश्रा, #HotstarSpecials #CriminalJustice के नए सीज़न के साथ!'' इसे भी पढ़ें: Rakhi Sawant Condition is Critical | क्रिटिकल है एक्ट्रेस राखी सावंत की हालत, पूर्व पति रितेश ने शेयर किया है हेल्थ अपडेट फ्रेंचाइजी के बारे में जानकारी क्रिमिनल जस्टिस की शुरुआत 2018 में अपने पहले सीज़न के साथ हुई थी जिसे 2008 में इसी नाम की ब्रिटिश टेलीविजन श्रृंखला से रूपांतरित किया गया था। क्रिमिनल जस्टिस: बिहाइंड क्लोज्ड डोर्स नामक दूसरा सीज़न 2020 में आया, इसके बाद तीसरा अध्याय, क्रिमिनल जस्टिस: अधूरा सच, 2022 में आया। क्रिमिनल जस्टिस का निर्माण अप्लॉज़ एंटरटेनमेंट द्वारा किया गया है। इसे भी पढ़ें: Scam 2010 The Subrata Roy Saga: हंसल मेहता ने किया 'स्कैम' के तीसरे सीजन का ऐलान, सहारा की कहानी पर केंद्रित होगा नया शो बता दें कि पंकज त्रिपाठी आखिरी बार मर्डर मुबारक में नजर आए थे। फिल्म में सारा अली खान, विजय वर्मा, आदित्य रॉय कपूर और करिश्मा कपूर समेत कई स्टार कलाकार शामिल हैं। होमी अदजानिया द्वारा निर्देशित यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है। वह अगली बार मिर्ज़ापुर 3 में नज़र आएंगे। रिलीज़ डेट की अभी घोषणा नहीं की गई है। View this post on Instagram A post shared by Disney+ Hotstar (@disneyplushotstar)
सस्पेंस, क्राइम और थ्रिलर का रखते है शौक तो OTT पर फौरन निपटा डाले ये जबरदस्तसाउथ फिल्में,हॉलीवुड भी लगने लगेगा फीका
Nikkhil Advani BirthdaySpecial :रोमांस-क्राइम और थ्रिलर के बेताज बादशाह है निखिल अडवानी, पढ़िए उनका पूरा फिल्मी सफरनामा
Salman Khan फायरिंग मामले में पुलिस को मिली अबतक की सबसे बड़ी कामयाबी, क्राइम ब्रांच के हाथ लगे दो और अपराधी
सलमान खान के घर फायरिंग मामले में अहम घटनाक्रम में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने का अनुरोध किया है। अनमोल बिश्नोई ने घटना के कुछ घंटों बाद अपने फेसबुक प्रोफाइल के जरिए सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी. इस सप्ताह की शुरुआत में, मुंबई क्राइम ब्रांच ने गोलीबारी की घटना में इस्तेमाल की गई दूसरी बंदूक बरामद की। सूरत की तापी नदी से तीन मैगजीन के साथ बंदूक बरामद की गई। इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया 16 अप्रैल को कच्छ पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दिया। बाद में, शहर की एक अदालत ने गोलीबारी की घटना के सिलसिले में दोनों आरोपियों को 25 अप्रैल तक मुंबई अपराध शाखा की हिरासत में भेज दिया। आरोपियों की पहचान बिहार के विक्की गुप्ता (24) और सागर पाल (21) के रूप में हुई, जिन्हें मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेश किया गया। इसे भी पढ़ें: काला जादू- टोना-टोटका करने का Kangana Ranaut पर आरोप लगाने के बाद अब एक्ट्रेस के बारे Adhyayan Suman क्या सोचते है? मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच अभी भी जारी है मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, कथित तौर पर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग करने वाले शूटरों के पास दो बंदूकें थीं और उन्हें 10 राउंड गोलियां चलाने का आदेश दिया गया था. 14 अप्रैल की सुबह, दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आए और अभिनेता के आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर चार गोलियां चलाईं। घटना के बाद हमलावर तेजी से मौके से भाग गए। निगरानी फुटेज से पता चला कि दोनों संदिग्धों ने टोपी पहन रखी थी और बैकपैक ले रखा था। अनजान लोगों के लिए, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार की धमकियों के बाद 2022 में सलमान की सुरक्षा का स्तर वाई-प्लस तक बढ़ा दिया गया था। अभिनेता को व्यक्तिगत बन्दूक ले जाने के लिए भी अधिकृत किया गया था और अतिरिक्त सुरक्षा के लिए उन्होंने एक नया बख्तरबंद वाहन भी खरीदा है।
Salman Khan फायरिंग केस में आया बिलकुल तड़कता-भड़कता अपडेट,मुंबई क्राइम ब्रांच के हाथ लगा एक और पुख्तासबूत
Salman Khan फायरिंग केस मेंक्राइम ब्रांच को गुजरात से मिला बड़ा कनेक्शन, मामले में हुआ अबतक का सबसे सनसनीखेज खुलासा
रोंगटे खड़े कर देंगी सीरियल किलर्स पर बनी ये क्राइम-थ्रिलर, खून ख्राबार देखकर उड़ जाएगी रातों की नींद
रोंगटे खड़े कर देंगी सीरियल किलर्स पर बनी येक्राइम-थ्रिलर, खून ख्राबार देखकर उड़ जाएगी रातों की नींद
Salman Khan फायरिंग केस में आया नया मोड़! भाईजान कोमारना नहीं था शूटर्स का मकसद,क्राइम ब्रांच ने किया चौकाने वाला खुलासा
Salman Khan के घर हुई फायरिंग के मामले में आया नया मोड़,क्राइम ब्रांच कोपुर्तगाल से मिला बड़ा कनेक्शन, जाने क्या है मामला
धमाकेदार बीतने वाला है अप्रैल का ये हफ्ता, क्राइम-थ्रिलर के साथ देशभक्ति का तड़का लगाने आ रही है ये धांसूफिल्में और सीरीज
मुंबई क्राइम ब्रांच का एक्शन, सलमान के घर फायरिंग करने वाले दोनों शूटर दबोचे
Salman Khan House Firing: एक्टर सलमान खान के घर पर फायरिंग करने वाले दोनों आरोपियों को भुज से गिरफ्तार कर लिया गया. मुंबई क्राइम ब्रांच को ये कामयाबी मिली. आरोपी बिहार के पश्चिमी चंपारण के रहने वाले बताए जा रहे हैं. रविवार को गैलेक्सी अपार्टमेंट पर फायरिंग कर भुज फरार हो गए थे. देखें ये वीडियो.
Salman Khan के घर हुई फायरिंग मेंक्राइम ब्रांच के हाथ लगी बड़ी सफलता,नवी मुंबई में पकड़े गए 2 संदिग्ध
सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जांच करेगी मुंबई क्राइम ब्रांच, इन धाराओं में दर्ज किया केस
Salman Khan firing case: बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर रविवार तड़के दो अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी कर दी। इस हमले के बाद हर कोई सलमान खान की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर कर रहा है। बांद्रा पुलिस ने दो अज्ञात शख्स के ...
April में OTT पर तहलका मचाने आ रही है ये धमाकेदार फिल्में और सीरीज, मिलेगा एक्शन से लेकर क्राइम-थ्रिलर तक का मजा
क्राइम-थ्रिलर कंटेंट देखने के है शौकीन! तो फौरन देख डाले UP के माफियाओं पर बनी येवेब सीरीज,खौफनाक कहानियां खड़े कर देंगी रोंगटे

