हरदोई में सांडी-हरपालपुर मार्ग पर एक सड़क हादसे में साइकिल सवार किसान वेदराम (48) की मौत हो गई। अज्ञात वाहन की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हुए किसान ने मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सांडी थाना क्षेत्र के ग्राम बखरिया निवासी वेदराम पुत्र दीनदयाल पेशे से किसान थे। बुधवार को वह किसी काम से लमकन गांव गए थे। घर लौटते समय उन्नाव-कटरा मार्ग पर नयागांव के पास एक अज्ञात वाहन ने उनकी साइकिल में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वेदराम सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए और लहूलुहान हो गए। राहगीरों की सूचना पर पहुंचे परिजनों ने उन्हें तुरंत एम्बुलेंस से हरदोई के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने वेदराम को बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी निर्मला, दो पुत्र और तीन पुत्रियों का परिवार छोड़ गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रभारी निरीक्षक बसंत राम ने बताया कि पंचनामा भर दिया गया है। परिजनों की तहरीर मिलने पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पेशाब के लिए रुके व्यक्ति की बाइक चोरी:कोरबा में पीछा कर पकड़ा, चाकू और 14 चाबियां जब्त
कोरबा के बांकीमोंगरा क्षेत्र में पेशाब के लिए रुके एक व्यक्ति की बाइक चोरी हो गई। ग्रामीणों और पीड़ित के चाचा की मदद से चोर को पीछा कर पकड़ा गया। आरोपी के पास से चोरी की बाइक, धारदार चाकू और अलग-अलग वाहनों की 14 चाबियां जब्त की गई हैं। यह घटना पश्चिम बांकीमोंगरा क्षेत्र के शुक्लाखार में हुई। पीड़ित गेवरा खदान से काम कर दोपहर करीब 3:30 बजे अपने दोपहिया वाहन से घर लौट रहा था। तेंदुकोना मोहल्ला पुल के पास देवरी रोड पर वह पेशाब के लिए रुका। उसने अपनी बाइक खड़ी की और चाबी निकालना भूल गया। इसी दौरान एक बाइक पर सवार तीन लोग उसके पास आए और बांकीमोंगरा का रास्ता पूछने लगे। पीड़ित जब पेसाब के लिए थोड़ा आगे बढ़ा, तो उनमें से एक व्यक्ति ने उसकी बाइक चालू की और लेकर भाग गया। चांदनी चौक में चोर को रोकने की कोशिश पीड़ित ने तुरंत अपने चांदनी चौक में रहने वाले चाचा को फोन कर घटना की जानकारी दी और चोर को रोकने के लिए कहा। चोर जब चांदनी चौक पहुंचा, तो पीड़ित के चाचा ने उसे रोकने का प्रयास किया। इस दौरान चोर ने एक युवती को टक्कर मार दी और भागने की कोशिश की। पीछा कर शुक्लाखार के पास पकड़ा गया आरोपी इसके बाद ग्रामीणों और पीड़ित के चाचा ने उसका पीछा किया और शुक्लाखार के पास उसे पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की बाइक, धारदार चाकू और 14 अलग-अलग गाड़ियों की चाबियां बरामद की हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी के दो अन्य साथी घटना स्थल से ही भाग निकले, जिनकी तलाश जारी है।
सोशल मीडिया पर ब्राह्मण समाज की महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक और जातिसूचक कंटेंट प्रसारित किए जाने को लेकर विप्र सेना ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। संगठन के पदाधिकारियों ने इस मामले में सतना के सिटी कोतवाली थाने पहुंचकर थाना प्रभारी रावेंद्र द्विवेदी को एक लिखित ज्ञापन सौंपा और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। फेसबुक-इंस्टाग्राम पर डाले जाने का आरोप ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि रीवा निवासी मनीष पटेल फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार ऐसे वीडियो और रील्स पोस्ट कर रहा है। इन पोस्ट्स में “ब्राह्मण लड़की से डेट” जैसे जातिसूचक और भड़काऊ शीर्षकों का इस्तेमाल किया गया है। महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप विप्र सेना का कहना है कि इस तरह का कंटेंट ब्राह्मण समाज की महिलाओं की गरिमा और सम्मान को ठेस पहुंचाता है। संगठन के अनुसार संबंधित व्यक्ति जानबूझकर जाति का नाम इस्तेमाल कर वीडियो बना रहा है, जिससे समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच तनाव और आक्रोश पैदा हो रहा है। विप्र सेना ने मामले को गंभीर बताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
गोंडा जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र में 32 वर्षीय शिव शंकर दुबे उर्फ लल्ला दुबे की हत्या का 24 घंटे बाद भी खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने मामले की जांच के लिए एसओजी और सर्विलांस सहित चार टीमें गठित की हैं। खुलासा न होने से परिजनों में काफी नाराजगी है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। आज कड़ी सुरक्षा के बीच परिजनों द्वारा शिव शंकर दुबे का अंतिम संस्कार किया जाएगा। यह घटना कल रात दुल्हिन पुरवा गांव में शिव शंकर दुबे के घर से करीब 200 मीटर दूर खेत में सिंचाई के दौरान हुई थी। पुराने जमीन विवाद की रंजिश पुराने जमीनी विवाद के चलते उन पर चाकू से 10 से अधिक बार वार किया गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। करनैलगंज कोतवाली पुलिस ने इस मामले में नामजद पांच आरोपियों में से तीन को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ कर रही है। मेडिकल कॉलेज में भाई का इलाज सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लिए गए आरोपी पुलिस का सहयोग नहीं कर रहे हैं। मृतक शिव शंकर दुबे के भाई अमरनाथ दुबे भी इस घटना में घायल हुए हैं, जिनका गोंडा मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। पुलिस ने उनका मेडिकल परीक्षण भी कराया है। गांव में पुलिस बल तैनात करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी संभावित बिंदुओं पर काम कर रही है जल्द ही इस पूरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए जो भी इस घटना में शामिल आरोपी हैं उन्हें जेल भेजा जाएगा। परिजनों से भी इस पूरे घटना को लेकर के पूछताछ की जा रही है उनसे भी कई जानकारी एकत्रित की जा रही है।
भिंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। बीते दो दिनों तक बारिश और कोहरे के बाद बुधवार सुबह की शुरुआत धूप के साथ हुई। धूप निकलते ही लोगों ने ठंड से कुछ राहत महसूस की, हालांकि ठंडी हवाओं के कारण पूरी तरह राहत नहीं मिल सकी। सुबह धूप खिलते ही बदला माहौल बुधवार सुबह जैसे ही धूप निकली, शहर और ग्रामीण इलाकों में मौसम का मिजाज कुछ बदला हुआ दिखा। लंबे समय से कोहरे और बादलों के बीच रह रहे लोगों को धूप देखकर राहत महसूस हुई। सुबह से ही पार्कों, घरों की छतों और खुले स्थानों पर लोग धूप में बैठकर हाथ-पैर सेंकते नजर आए। कई लोगों ने रोजमर्रा के काम भी धूप में बैठकर किए। ग्रामीण इलाकों में भी दिखा असर शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग धूप का आनंद लेते दिखे। खेतों और खुले आंगनों में ग्रामीण धूप सेंकते नजर आए। हालांकि धूप निकलने के बावजूद सर्द हवाओं ने ठिठुरन बनाए रखी। हवाएं रुक-रुक कर चलने से ठंड का असर और ज्यादा महसूस हुआ। 10 से 11 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं मौसम विभाग के अनुसार भिंड जिले में ठंडी हवाएं 10 से 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं, जिससे लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। बुधवार को जिले का न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं दिन का अधिकतम तापमान करीब 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया गया है। उत्तर-पश्चिम से आ रहीं ठंडी हवाएं मौसम विभाग ने बताया कि ठंडी हवाएं उत्तर-पश्चिम दिशा से पहाड़ी इलाकों की ओर से आ रही हैं। इसी वजह से मैदानी इलाकों में ठंड का असर बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम का असर चंबल संभाग सहित भिंड जिले में देखने को मिल रहा है। कभी धूप, कभी बादल, कभी कोहरा इसी मौसमी सिस्टम के कारण जिले में कभी धूप, कभी बादल और कभी कोहरा जैसी स्थिति बन रही है। मौसम लगातार बदलता नजर आ रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि आगामी दो से तीन दिनों तक जिले में हल्का कोहरा छाने और तापमान में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं को सही ढंग से संपन्न कराने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। परिषद के सचिव भगवती सिंह ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि परीक्षा केंद्रों पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कोई भी केंद्र व्यवस्थापक, वाह्य केंद्र व्यवस्थापक या कक्ष निरीक्षक की तैनाती नहीं की जाएगी। जिनके बच्चे उसी केंद्र पर परीक्षा दे रहे हों। गत वर्ष वाह्य केंद्र व्यवस्थापक के रूप में तैनात अधिकारियों की पुनः तैनाती पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा को अचूक बनाने के लिए प्रत्येक केंद्र पर सशस्त्र पुलिस बल की व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई है। सचिव ने निर्देश दिए हैं कि स्ट्रॉन्ग रूम में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को मोबाइल फोन लेकर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर कम से कम 50 प्रतिशत स्टाफ की तैनाती वाह्य विद्यालयों से की जाएगी। जिसमें राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के योग्य, वरिष्ठ और अच्छी छवि वाले अध्यापकों को प्राथमिकता दी जाएगी।परीक्षा केंद्रों पर चार डबल लॉक युक्त अलमारियों की व्यवस्था अनिवार्य होगी। प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय अलमारी के पहले लॉक की एक चाबी वाह्य केंद्र व्यवस्थापक के पास और दूसरी चाबी स्टेटिक मजिस्ट्रेट के पास सुरक्षित रहेगी। डबल लॉक केवल स्टेटिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में ही खोला जाएगा। आपात स्थिति में केंद्र व्यवस्थापक की अनुपस्थिति पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट चाबी का उपयोग कर सकेंगे। निरीक्षण के दौरान यदि किसी केंद्र पर अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित केंद्र व्यवस्थापक एवं वाह्य केंद्र व्यवस्थापक को तत्काल हटा दिया जाएगा। उनकी जगह राजकीय या अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य को केंद्र व्यवस्थापक या वाह्य केंद्र व्यवस्थापक तथा उक्त केंद्र के वरिष्ठतम अध्यापक को सह-केंद्र व्यवस्थापक नियुक्त किया जाएगा। शेष परीक्षाएं इसी व्यवस्था से संपन्न कराई जाएंगी और जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में आयोजित एशियन डांस समिट में राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर विशेष पहचान बनाई। इस अंतरराष्ट्रीय नृत्य चैम्पियनशिप एवं महोत्सव में भारत सहित एशिया के कई देशों के कलाकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रख्यात कथक एवं कोरियोग्राफर कुमार शर्मा रहे। इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर कोटा की कलाकार रेनू शर्मा ने भी अपनी परफॉर्मेंस दी। रेनू शर्मा ने बताया कि 28 से 31 जनवरी तक आयोजित शास्त्रीय कथक नृत्य की प्रभावशाली प्रस्तुति देकर दर्शकों और निर्णायक मंडल का दिल जीत लिया। उन्होंने बताया की सधी हुई भाव-भंगिमाएं, सटीक तालबद्ध पदचालन और भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा को जीवंत कर दिया। समापन समारोह में रेनू शर्मा को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। आयोजकों और अतिथियों ने उनकी कला, निरंतर साधना और अनुशासन की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुमार शर्मा, जो ‘कथक रॉकर्स’ समूह के संस्थापक हैं, ने भी भारतीय शास्त्रीय नृत्य को नए प्रयोगों और वैश्विक मंचों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कथक और आधुनिक संगीत के संयोजन से उन्होंने युवाओं में शास्त्रीय नृत्य के प्रति नई रुचि पैदा की है। रेनू शर्मा की यह उपलब्धि न केवल कोटा और राजस्थान के लिए गर्व का विषय है, बल्कि देश के युवा कलाकारों के लिए प्रेरणास्रोत भी है।
बालाघाट के लांजी थाना क्षेत्र के घोटी-नंदोरा गांव में मुस्लिम परिवारों के बहिष्कार के मामले में प्रशासन और पुलिस ने हस्तक्षेप किया है। 27 जनवरी को हुए एक हिंदू सम्मेलन में धर्म विशेष को लेकर दिए गए बयान के बाद यह विवाद उत्पन्न हुआ था, जिसके बाद 10 मुस्लिम परिवारों के बहिष्कार की बात सामने आई थी। मुस्लिम परिवारों के साथ व्यवहार को लेकर सामने आए वीडियो ने मामले को गंभीर बना दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, बुधवार देर शाम लांजी पुलिस थाने में दोनों पक्षों को बुलाकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने बातचीत की। बैठक में आपसी सौहार्द, बनाए रखने पर सहमति दी बैठक में एसडीओपी ओमप्रकाश, एसडीएम कमलसिंह सिंहसार और तहसीलदार संजय बारस्कर मौजूद थे। इनके साथ दोनों समुदायों के नागरिक, जनप्रतिनिधि और सामाजिक व्यक्ति भी उपस्थित रहे। उपस्थित दोनों पक्षों ने गांव में आपसी सौहार्द, भाईचारा और सामाजिक समरसता बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की। पुलिस ने दोनों पक्षों की स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया। पुलिस और प्रशासन ने दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया। भविष्य में किसी भी प्रकार की अफवाह या तनाव की स्थिति से बचने के लिए सभी से सहयोग की अपील की गई है। प्रशासन ने क्षेत्र में निरंतर समन्वय बनाए रखने का आश्वासन दिया। पुलिस ने बताया कि वर्तमान में क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था सामान्य है और सतत निगरानी रखी जा रही है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे शांति बनाए रखें, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी समस्या की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
जालोर जिले में घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर बिजली उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूरजघर मुफ्त बिजली योजना और राज्य सरकार की 150 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिल रही है। जालोर में बड़ी संख्या में परिवार इस योजना से जुड़कर अपनी बिजली जरूरतें पूरी कर रहे हैं और अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर लाभ भी ले रहे हैं। जालोर में 1345 घरों पर सोलर, 5.17 मेगावाट क्षमता स्थापित। सोलर योजना से घरेलू उपभोक्ताओं को सीधा लाभजोधपुर डिस्कॉम जालोर के अधीक्षण इंजीनियर निमेन्द्रराज सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री सूरजघर मुफ्त बिजली योजना के तहत 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के सोलर संयंत्र पर सरकार की ओर से अधिकतम 78 हजार रूपए तक का अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना से उपभोक्ता अपने घर की बिजली जरूरत पूरी कर रहे हैं। ग्रिड में बिजली भेजकर अतिरिक्त आय का अवसरसोलर संयंत्र लगाने वाले उपभोक्ता जरूरत से ज्यादा बिजली ग्रिड में भेज सकते हैं। इससे उन्हें बिजली बिल में बचत के साथ आर्थिक लाभ भी मिल रहा है। योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक उपभोक्ता pmsuryaghar.gov.in पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। राज्य सरकार की अतिरिक्त सहायता से बिल हुआ न्यूनतमराज्य सरकार की ओर से प्रति सोलर संयंत्र 17 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जा रही है। इस सहयोग से मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों का बिजली बिल शून्य या बहुत कम हो गया है। ग्रामीण इलाकों में यह योजना किसानों, मजदूरों और सामान्य परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो रही है। जालोर में 5.17 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट लगेजिले में अब तक 1345 घरेलू उपभोक्ताओं ने कुल 5.17 मेगावाट क्षमता के रूफ टॉप सोलर प्लांट लगाए हैं। इसके तहत करीब 8.46 करोड़ रुपये की सब्सिडी राशि जारी की जा चुकी है। किलोवाट के हिसाब से तय है अनुदान राशिजानकारी के अनुसार 1 किलोवाट क्षमता के सोलर संयंत्र पर 33 हजार, 2 किलोवाट पर 60 हजार और 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर 78 हजार रुपये का केंद्रीय अनुदान दिया जा रहा है। इसके साथ राज्य सरकार की 17 हजार रुपये की सहायता जोड़ने पर कुल सहायता 1 किलोवाट पर 50 हजार, 2 किलोवाट पर 77 हजार और 3 किलोवाट या उससे अधिक पर 95 हजार रुपये तक पहुंच जाती है।
एमजीएम मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र अंतरिक्ष अग्रवाल की संदिग्ध मौत के बाद रैगिंग को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। छात्र के परिवार ने सीनियर छात्रों की प्रताड़ना को मौत की वजह बताया है, जबकि कॉलेज प्रशासन ने रैगिंग के ठोस सबूत नहीं मिलने की बात कही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हॉस्टल में फांसी लगाकर दी जान ग्वालियर निवासी अंतरिक्ष अग्रवाल ने दो दिन पहले अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पिता पंकज अग्रवाल का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के बाद से ही बेटा मानसिक रूप से परेशान रहने लगा था और पिछले तीन महीनों से रैगिंग व बुलिंग का सामना कर रहा था। परिवार के मुताबिक अंतरिक्ष ने बताया था कि सीनियर छात्र उसे परेशान करते थे और मजाक उड़ाते थे। डर के कारण उसने किसी का नाम नहीं बताया। परिवार के गंभीर आरोप परिजनों का कहना है कि हॉस्टल में सीनियर छात्रों का रवैया अपमानजनक था। मेस में सीनियर छात्रों की मौजूदगी पर फर्स्ट ईयर के छात्रों को खाना खड़े होकर खाना पड़ता था। कुर्सी-टेबल पर बैठने की अनुमति नहीं दी जाती थी। दिन में यूनिफॉर्म बदलने और रात में कमरे का दरवाजा बंद कर सोने की अनुमति नहीं थी। परिवार का कहना है कि अंतरिक्ष दो बार घर आया और दोनों बार रो पड़ा। एक बार उसने हॉस्टल से फोन कर प्रताड़ना की शिकायत भी की थी। घटना से पहले सामान्य था व्यवहार परिवार के अनुसार 31 जनवरी को अंतरिक्ष ने नया मोबाइल खरीदा था और 1 फरवरी को दोस्तों को पार्टी दी थी। 2 फरवरी की सुबह उसने मेस फीस के लिए पिता से दो हजार रुपए ऑनलाइन भेजने को कहा था और उसकी आवाज सामान्य थी। इसके बाद अचानक यह घटना हो गई। कॉलेज प्रशासन ने बनाई जांच समितियां एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि मामले की जांच के लिए दो समितियां गठित की गई हैं, जिनमें एंटी-रैगिंग कमेटी भी शामिल है। उन्होंने कहा कि कॉलेज रिकॉर्ड में रैगिंग की कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं है, लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस जांच जारी एसीपी तुषार सिंह ने बताया कि पुलिस और एफएसएल टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। छात्र के दो मोबाइल जब्त कर कॉल रिकॉर्ड, मैसेज और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच की जा रही है। फिलहाल कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और पोस्टमार्टम व फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है। पहले भी सामने आ चुकी हैं रैगिंग की शिकायत एमजीएम मेडिकल कॉलेज में इससे पहले भी रैगिंग को लेकर शिकायतें सामने आ चुकी हैं। दिसंबर 2024 में सोशल मीडिया अकाउंट ‘Please Help Me’ के जरिए हॉस्टल में रैगिंग का मुद्दा उठाया गया था, वहीं यूजीसी को भेजी गई शिकायत में देर रात रैगिंग के आरोप लगाए गए थे।
सीएम योगी ने चाइनीज मांझे से हो रहीं मौतें पर भड़क गए। उन्होंने अफसरों से पूछा कि बैन के बाद भी मांझा कैसे बिक रहा है। इस पर तत्काल रोक लगाई जाए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा- अब चाइनीज मांझे से मौत होने को हत्या माना जाएगा। सीएम ने पुलिस प्रमुखों यानी कमिश्नर को पुलिस जिलेवार छापेमारी करने के निर्देश दिए। मांझे से मौत की बात करें तो बुधवार को लखनऊ में MR का गला कट गया था। इनकी तड़प-तड़कर मौत हो गई थी। पिछले 6 महीने में ऐसे सात मामले सामने आ चुके हैं। चाइनीज मांझे से हुई घटनाएं… लखनऊ (4 फरवरी 2025): लखनऊ में चाइनीज मांझे से गर्दन कटने की वजह से एमआर मोहम्मद शोएब (33) की मौत हो गई। वह बाइक से जा रहे थे। लखनऊ (11 दिसंबर 2025): बाइक से अपने घर जा रहे युवक की गर्दन कट गई थी। डॉक्टरों ने गले में सात टांके लगाकर युवक की जान बचाई थी। जौनपुर (10 दिसंबर 2025): बेटे को स्कूल छोड़कर बाइक से लौट रहे कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर संदीप तिवारी की मौत हो गई थी। उनका गला कट गया था। शाहजहांपुर (23 अक्टूबर 2025): थाना कांट क्षेत्र के नगला जाजू निवासी 26 वर्षीय रवि शर्मा पत्नी के साथ ससुराल जा रहे थे। रोजा के हांडा पुल के पास चाइनीज मांझा गर्दन में लगा। मौके पर गंभीर चोट, अस्पताल में मौत हुई। अलीगढ़ (30 सितंबर 2025): 28 साल के सलमान स्कूटर से दुकान जा रहे थे। जमालपुर पुल पर चाइनीज मांझा गर्दन में उलझा, गहरा कट लगा। अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। गोरखपुर (29 जुलाई 2025): अमित गुप्ता मां के साथ बाइक से धर्मशाला जा रहे थे। सूरजकुंड पुल पर मांझा गर्दन में फंसा, 4 नसें कट गईं। हेलमेट होने के बावजूद गंभीर चोटें आईं। लंबा ऑपरेशन हुआ, जान बच गई। शाहजहांपुर (11 जनवरी 2025): ड्यूटी पर जा रहे कांस्टेबल शाहरुख हसन चाइनीज मांझे की चपेट में आए। गर्दन पर तेज कट लगा, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। यूपी में बैन है चाइनीज मांझा यूपी में चाइनीज मांझे की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध है। इसके बाद भी इसकी बिक्री हो रही है। भारत में सामान्य धागे से पतंग की डोर तैयार होती है, लेकिन चीन में नायलॉन के साथ मेटलिक पाउडर का उपयोग होता है। इसमें कांच और लोहे के चूरे को भी मिलाया जाता है ताकि धार और तेज हो। नायलॉन के धागे के कारण पेच लड़ने पर खिंचाव बढ़ता है और चाइनीज मांझा कटता नहीं है। कांच और लोहे का चूर्ण मिला यह मांझा गला रेतने के लिए पर्याप्त होता है। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
बरेली आदर्श फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (FPO) द्वारा किया जा रहा विरोध प्रदर्शन अब जांच के घेरे में है। जांच में खुलासा हुआ है कि यह आंदोलन किसानों के हित के लिए नहीं, बल्कि संगठन के खिलाफ चल रही वित्तीय अनियमितताओं और कानूनी मामलों से ध्यान भटकाने की एक सोची-समझी कोशिश है। संगठन के नेतृत्व पर आरोप है कि उन्होंने किसानों का बकाया दबा रखा है और अब खुद को पीड़ित दिखाने का नाटक कर रहे हैं। धोखाधड़ी में CEO के खिलाफ FIR, 50 लाख का भुगतान फंसारिकॉर्ड के अनुसार, बरेली आदर्श FPO के डायरेक्टर्स और सीईओ खुद जांच के दायरे में हैं। पीवाईके फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने 50 लाख रुपए का भुगतान न करने पर FPO और उसके सीईओ हरीश गंगवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। केवल यही नहीं, बदायूं के कई किसानों ने भी पुलिस में शिकायत दी है कि माल की आपूर्ति के बावजूद उन्हें महीनों तक भुगतान नहीं किया गया और संपर्क करने पर उन्हें टरका दिया गया। पीड़ित किसानों ने बयां किया दर्द, बोले- भरोसे का मिला कत्लबसई गांव के किसान अंकित शर्मा और इटौआ के राम नरेश ने बताया कि FPO ने किसानों की संस्था होने का झांसा देकर उनसे माल लिया, लेकिन पैसे देने के वक्त हाथ खड़े कर लिए। राम नरेश के मुताबिक, FPO ने हमें धोखा दिया। जब हालात बिगड़ गए तब आर्या.एजी ने हस्तक्षेप कर हमारा भुगतान सुनिश्चित कराया। अगर वे मदद न करते तो हमारा परिवार सड़क पर आ जाता। कमिश्नर और प्रशासन के पास पहुंची फाइल, मंडी टैक्स की भी चोरीमामले की गंभीरता को देखते हुए रिपोर्ट कमिश्नर (मंडलायुक्त) कार्यालय तक पहुंच सकती है। दस्तावेजों से पता चला है कि FPO ने न केवल किसानों को ठगा, बल्कि मंडी टैक्स का भी भुगतान नहीं किया। बीज निगम के गोदाम का किराया भी लंबे समय तक बकाया रहा, जिसे बाद में एक थर्ड पार्टी ने भरा। अधिकारियों ने पुष्टि की कि गोदाम को 20 दिनों तक अवैध रूप से बंद रखा गया, जिससे स्टॉक की गुणवत्ता खराब हुई। कंपनी ने कहा- कानूनी दायरे में हुई कार्रवाई, किसानों के हित सुरक्षितआर्या.एजी के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि FPO के विरोध की कहानी झूठी है। कंपनी ने अपनी कार्रवाई कानूनी प्रोटोकॉल के तहत की है। प्रवक्ता के अनुसार, किसानों का पूरा भुगतान किया जा चुका है और उनके हितों की रक्षा के लिए कंपनी ने खुद वित्तीय नुकसान सहा है। फिलहाल यह मामला कानूनी समीक्षा के अधीन है और जांच एजेंसियां FPO के कर्ताधर्ताओं की भूमिका खंगाल रही हैं।
प्रयागराज में ठंड ने एक बार फिर लोगों को कंपकंपाने पर मजबूर कर दिया है। बीते दो दिनों से मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। दिन में धूप तो सुबह शाम कोहरा देखने को मिल रहा वहीँ बुधवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और ठण्ड हवाएं चल रही थी, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। गुरूवार की सुबह शहर के कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा। सुबह के समय दृश्यता कम रही और ठंडी हवाओं के कारण ठंड का असर ज्यादा महसूस किया गया। हालांकि कोहरे के छंटने के बाद दिन में धूप निकल आई, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली। पिछले एक सप्ताह से लगातार धूप निकलने के कारण लोगों को गर्म मौसम का अहसास होने लगा था, लेकिन अचानक बदले मौसम और चल रही ठंडी हवाओं ने एक बार फिर ठंड की वापसी करा दी है। मौसम विभाग के अनुसार आज का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस जबकि अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीते एक सप्ताह की तुलना में तापमान में करीब 8 से 9 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है। साथ ही करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही ठंडी हवाओं ने ठंड का असर और बढ़ा दिया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले कुछ दिनों तक सुबह और शाम के समय ठंड बनी रहेगी, जबकि दिन में धूप निकलने से लोगों को आंशिक राहत मिल सकती है।
मुरादाबाद के छजलैट थाना इलाके के गांव सराय खजूर में तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से छह वर्षीय मासूम की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।बताया गया कि गांव निवासी गुफरान का छह वर्षीय बेटा ईशान दवा लेने के लिए घर से निकला था। इसी दौरान तेज गति से गुजर रही ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। ग्रामीणों ने पीछा करने की कोशिश की, लेकिन वह पकड़ में नहीं आ सका।घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे तो परिवार में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस इलाके में लंबे समय से अवैध खनन से जुड़े वाहन बेखौफ आबादी के बीच से गुजरते हैं, जिससे लोगों की जान पर खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने चालक और वाहन मालिकों की गिरफ्तारी तथा अवैध खनन पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की।सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर शांत कराया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। मासूम की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अवैध खनन पर रोक नहीं लगी तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
बीकानेर में चल रहे खेजड़ी बचाओ आंदोलन को लेकर राज्य सरकार अब गंभीर होती नजर आ रही है। सरकार ने दो मंत्रियों को बीकानेर भेजा है, जो किसी भी समय अनशन स्थल पर पहुंच सकते हैं। वहीं, अनशनकारियों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला जारी है और देर रात तक अस्थायी अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया। आंदोलन से जुड़े रामगोपाल बिश्नोई ने बताया कि सरकार ने बातचीत के लिए मंत्री के.के. बिश्नोई, जसवंत बिश्नोई और भाजपा उपाध्यक्ष बिहारीलाल बिश्नोई को जिम्मेदारी दी है। तीनों नेता बीकानेर पहुंच चुके हैं और सुबह 10 बजे के बाद अनशन स्थल पर आने की संभावना है। के.के. बिश्नोई अपनी बहन के घर और जसवंत बिश्नोई सर्किट हाउस में ठहरे हैं। दरअसल, सरकार को पहले यह संदेश मिला था कि आंदोलन कांग्रेस के नेता लीड कर रहे हैं, जिससे बातचीत नहीं हो पा रही थी। बाद में आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कांग्रेस का नहीं, बल्कि सर्वसमाज का आंदोलन है, जिसकी अगुवाई बिश्नोई समाज कर रहा है। बुधवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भंवर सिंह भाटी और गोविंदराम मेघवाल भी अनशन स्थल पर नजर नहीं आए। वहीं, आरएलपी नेताओं के आने पर मंच पर केवल वरिष्ठ नेताओं को ही अनुमति दी गई और स्पष्ट किया गया कि यह किसी पार्टी विशेष का कार्यक्रम नहीं है। लिखित आदेश का इंतजार, सीएम आज कर सकते है घोषणा आंदोलन का नेतृत्व कर रहे परसराम बिश्नोई ने कहा कि मंत्री बीकानेर आए हैं, लेकिन जब तक सरकार की ओर से लिखित आदेश नहीं दिए जाते, तब तक अनशन समाप्त नहीं होगा। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शाम तक कोई घोषणा कर सकते हैं। फिलहाल दिनभर बीकानेर आए मंत्रियों से फीडबैक लिया जाएगा, जिसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।
चूरू रोड पर एक अनियंत्रित कार बिजली के पोल से जा टकराई, जिससे पोल टूटकर सड़क पर गिर गया। इस दौरान पोल से टूटे बिजली के तार वहां से गुजर रही एक राजस्थान रोडवेज की बस पर जा गिरे। गनीमत यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और एक बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार गांव अलीपुर निवासी विजय सिंह भांबू अपनी कार में चार सवारियों के साथ बिसाऊ की ओर जा रहे थे। चूरू रोड स्थित पुलिया के पास अचानक सड़क पर एक कुत्ता सामने आ गया। विजय सिंह ने कुत्ते को बचाने की कोशिश की, लेकिन उसी समय पास से दूसरी गाड़ियां गुजर रही थीं। जगह कम होने के कारण कार का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे सड़क किनारे लगे बिजली के पोल से जा टकराई।टक्कर इतनी जोरदार थी कि बिजली का खंभा जड़ से उखड़कर सड़क पर आ गिरा। जिस वक्त पोल टूटा, उसी समय वहां से एक रोडवेज बस चूरू की ओर से आ रही थी। पोल टूटते ही बिजली के हाई-वोल्टेज तार बस के ऊपर गिर गए। बस चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को तुरंत सड़क से नीचे उतारने की कोशिश की, लेकिन तारों का जाल बस के ऊपर ही आ गिरा। राहगीरों ने दिखाई समझदारी हादसे के तुरंत बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तुरंत तत्परता दिखाई और बिजली विभाग को सूचना देकर लाइन बंद करवाई। यदि समय रहते बिजली नहीं कटती, तो करंट फैलने से बड़ा नुकसान हो सकता था।
कन्नौज के तालग्राम थाना क्षेत्र के सलेमपुर आसफपुर पट्टी में गुरुवार की सुबह एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक नोएडा से रात में गांव लौटा था और उसने गांव के बाहर एक सूखे शीशम के पेड़ पर फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। मृतक की पहचान सलेमपुर आसफपुर पट्टी निवासी 25 वर्षीय अंकित पाल पुत्र स्व. घनश्याम पाल के रूप में हुई है। अंकित नोएडा में एक निजी कंपनी में डिलीवरी बॉय के तौर पर कार्यरत था। बताया जा रहा है कि अंकित गुरुवार रात को नोएडा से अपने गांव लौटा था। उसने फोन पर अपने परिजनों को इसकी सूचना भी दी थी। इसके बाद, उसने गांव के किनारे स्थित सूखे शीशम के पेड़ पर फांसी लगा ली। घटनास्थल के पास से युवक की बाइक, बैग और हेलमेट भी बरामद हुए हैं। सूचना मिलने पर तालग्राम पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस अचानक हुई घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है। थाना प्रभारी विनय शर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी मिल पाएगी।
कटनी जिले की विजयराघवगढ़ तहसील के ग्राम पंचायत जमुआनी कला में अवैध पत्थर उत्खनन धड़ल्ले से जारी है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना किसी वैधानिक अनुमति के यह खनन हो रहा है। शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, रामनगर क्षेत्र का एक व्यक्ति यहां अवैध खदान चला रहा है। उत्खनन के लिए की जाने वाली भारी ब्लास्टिंग से आसपास के घरों की दीवारों में गहरी दरारें आ गई हैं। इससे भविष्य में किसी बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। बिना रॉयल्टी और अनुमति किया जा रहा खनन यह अवैध उत्खनन न केवल पर्यावरण और स्थानीय जनजीवन के लिए खतरा है, बल्कि इससे शासन को भी लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है। पत्थरों का परिवहन बिना रॉयल्टी और आवश्यक अनुमति के किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि रात के समय मशीनों से खनन और पत्थरों की लोडिंग का काम और तेज हो जाता है। एसडीएम को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने बुधवार को विजयराघवगढ़ एसडीएम को लिखित आवेदन सौंपकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि, शिकायत के कई दिन बीत जाने के बाद भी मौके पर कोई जांच टीम नहीं पहुंची है। जमुआनी कला के एक ग्रामीण ने बताया, हम डरे हुए हैं। भारी ब्लास्टिंग से घर कभी भी गिर सकते हैं। हमने एसडीएम साहब को आवेदन दिया है, लेकिन अभी तक कोई भी अधिकारी मौके पर मुआयना करने नहीं आया। ऐसा लगता है जैसे माफिया को संरक्षण प्राप्त है।
सहारनपुर में गांव-गांव घूमकर भीख मांगने आए कश्मीर के रहने वाले एक बुजुर्ग के साथ बदसलूकी करने का एक वीडियो सामने आया है। एक युवक ने दूसरी वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी की। पुरानी घटनाओं का हवाला देते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहा है। दोनों ही वीडियो सामने आने के बाद पुलिस भी एक्शन में आ गई है। मामल की जांच कराई जा रहाी है। वायरल हो रहे पहले वीडियो में देखा जा सकता है कि एक कश्मीरी बुजुर्ग व्यक्ति गांव में भीख मांगने आता है। इसी दौरान दो युवक उसे रोक लेते हैं और उससे सख्त लहजे में पूछताछ शुरू कर देते हैं। युवक उससे पूछते हैं कि वह कहां से आया है और किस राज्य का रहने वाला है। इसके बाद वे उसका आधार कार्ड चेक करते हैं। बुजुर्ग व्यक्ति अपना आधार कार्ड दिखाता है, जिसमें उसका पता कश्मीर का बताया जा रहा है। साथ ही वह कश्मीर के एक डॉक्टर का पर्चा भी दिखाता है और बताता है कि वह इलाज और दवाइयों के लिए पैसे मांग रहा है। आधार कार्ड और डॉक्टर का पर्चा दिखाने के बावजूद वीडियो में दोनों युवक बुजुर्ग से कड़े और अपमानजनक अंदाज में बात करते नजर आते हैं। युवक यह कहते हुए दिखाई देते हैं कि ऐसे लोग रोज यहां आते हैं और पहले भी कई लोगों को पकड़ा जा चुका है। इस दौरान बुजुर्ग व्यक्ति युवकों के सामने गिड़गिड़ाता हुआ दिखाई देता है, बार-बार माफी मांगता है और कहता है कि उसे छोड़ दिया जाए, वह दोबारा यहां नहीं आएगा। वीडियो में बुजुर्ग की बेबसी और डर साफ तौर पर देखा जा सकता है। इसी मामले से जुड़ा एक और वीडियो भी ओर वायरल हुआ है, जिसमें एक युवक द्वारा धमकी भरे और आपत्तिजनक बयान दिए जा रहे हैं। वीडियो में युवक कहता है कि सोशल मीडिया पर उन्हें खूब गालियां दी जा रही है, वो इससे डरने वाला नहीं है। वो कहता है कि अब कुछ लोग कमेंट्स और निजी नंबर पर धमकियां दे रहे हैं। युवक वीडियो में कहता है कि वो छत्रपति शिवाजी महाराज और भगत सिंह की विचारधारा पर चलने वाला है। उसने आगे कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचारों का हवाला देते हुए विवादित बयान दिया और कहा कि जो अत्याचार कश्मीरी पंडितों पर हुआ, वही आगे कश्मीरी मुसलमानों पर होगा। वीडियो में वो हिंदुओं से अपील करता दिखता है कि अगर उनके घर कोई भीख मांगने आए तो पहले उसका आधार कार्ड चेक करें, नहीं तो दान खतरा बन सकता है। एसपी देहात सागर जैन ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। वीडियो देवबंद की बताई जा रही है। जांच सीओ देवबंद को सौपी है।
गाजियाबाद में बिल्डिंग से कूदकर साइड करने वाली तीन बहनों का बुधवार रात अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आ गई है। जिसमें मौत की वजह अधिक खून बहना(ब्रेन हैमरेज) बताया गया है। उनका सुसाइड नोट भी सामने आया है। जिसमें शादी को लेकर तमाम बातें लिखी हैं। डायरी में लिखा है कि 'वह पसंद और प्यार करते थे कोरियन से और शादी इंडिया के आदमी से। ऐसा कभी नहीं हो सकता।' नोट में यह भी लिखा है कि तुम्हारी मार से बेहतर हमें मौत लगती है। इसीलिए हमने खुदकुशी कर ली.. सॉरी पापा। बता दें कि 3 फरवरी की रात 2 बजे तीन बहनों ने बालकनी से कूदकर सुसाइड कर लिया था। पहले सामने आया कि उन्होंने कोरियन गेम खेलने के दौरान टास्क पूरा करते हुए मौत को गले लगाया। मगर 10 घंटे की छानबीन के बाद पता चला कि पिता चेतन ने बच्चों को डांटा था। मोबाइल भी छीन लिया था। निशिका 16 साल, प्राची 14 साल जबकि पाखी 12 साल की थी। कमरे से मिली डायरी, परिवार ने बेटियों की जिंदगी के बारे में बताया, उससे सामने आया कि बच्चियां खुद को भारतीय नहीं, कोरियन मान रही थीं। उन्हें लड़के भी कोरियन पसंद आते थे। वे अपना नाम बदल चुकी थीं। यूट्यूब चैनल बनाकर उस पर कोरियन कंटेंट जनरेट करती थीं। यूट्यूब की मदद से कोरियाई भाषा भी सीख ली थी। घर में बातचीत भी कोरियाई भाषा में करतीं थी। कैसे ये बच्चियां खुद को कोरियन समझने लगीं, ये इस रिपोर्ट में पढ़िए… कोविड में स्कूल छूटा, फिर बच्चियां कोरियन मूवी देखने लगींशुरुआत छानबीन में जो फैक्ट सामने आए, वे बेहद चौंकाने वाले थे। 6 साल में बच्चियां कोरियन कल्चर में ढल चुकी थीं। कोविड काल (2020) में बहनों के स्कूल छूटे, तो मोबाइल पर कोरियन मूवी और फिर वेब-सीरीज देखने लगीं। निशिका कोरियन कल्चर में सबसे पहले ढली, बाद में प्राची और पाखी भी अपनी बड़ी बहन को फॉलो करने लगीं। परिवार के लोगों ने पुलिस को बताया- कोविड के दौरान तीनों लड़कियां कई-कई घंटे कोरियन म्यूजिक सुनती थीं। साथ ही, फिल्में, वेब सीरीज और वीडियो देखती रहती थीं। उन पर कोरियन कल्चर का इतना असर हुआ कि वो खुद को भारतीय की जगह कोरियन मानने लगी थीं। कोरियन लोगों की तरह पहनावा, खाना, बात करने का तरीका अपनाने लगीं। वीडियो और इंटरनेट की मदद से कोरियन भाषा सीखने लगीं। आपस में कोरियन भाषा में बात भी करती थीं। स्थिति यह हो गई कि पिता को भारतीय और खुद को कोरियन बताने लगीं। तीनों ने मिलकर यूट्यूब चैनल बनाया, कोरियर कंटेंट बनाती थींनिशिका 2022 में धीरे-धीरे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर कोरियर रील्स देखने लगी। उसका कोरियन रील की ओर रुझान बढ़ता गया। तीनों ने मिलकर एक यूट्यूब चैनल बनाया। उस पर कोरियन कल्चर आधारित कंटेंट अपलोड करती थीं। यही वजह रही कि पिता ने उनसे मोबाइल फोन छीन लिए थे। इस चैनल को तीनों बहनों ने एक महीने पहले खुद ही डिलीट भी कर दिया था। निशिका क्लास चार, प्राची क्लास तीन और पाखी दूसरी कक्षा तक पढ़ी थी। पढ़ाई-लिखाई में रुचि कम होने से तीनों बहनें फेल होने लगीं तो स्कूल जाना बंद कर दिया। आर्थिक तंगी के चलते पिता चेतन ने भी पढ़ाई पर ज्यादा जोर नहीं दिया, क्योंकि उन्हें लग रहा था कि एक खर्च कम हो रहा, वे प्लान कर रहे थे कि जब आर्थिक स्थिति सुधरेगी, तब दोबारा एडमिशन करवा देंगे। छोटी बहन से बातचीत की बंद निशिका, प्राची और पाखी ने चार साल की छोटी बहन को भी साथ रखना शुरू कर दिया था। उसे भी कोरियन वीडियो दिखाना और भाषा सिखाने की कोशिश की। पिता ने यह देखा तो तीनों बहनों को डांटकर छोटी बेटी को इन सब से दूर रखने को कहा। सूत्रों के अनुसार, उस दिन से तीनों ने छोटी बहन से दूरी बना ली। उससे बातचीत बंद कर दी। 3 फरवरी की रात तीनों बेटियां चेतन की पहली पत्नी के साथ कमरे में सो रही थीं। रात करीब डेढ़ बजे तीनों ने मां के गालों को चूमकर आई लव यू कहा और कमरे से निकल गईं। इसके बाद वह पूजा वाले कमरे में गईं। बालकनी पर 2 स्टेप वाले स्टूल लगाए। फिर एक-एक करके छलांग लगा दी। इससे पहले उन्होंने कमरे का लॉक लगा दिया। जिसे घटना के बाद परिवार ने तोड़ दिया। साली से रिलेशन बढ़ाए, तो पत्नी घर छोड़ गई पुलिस की जांच में आया कि चेतन अपने कारोबार में 2 करोड़ रुपए का घाटा झेल चुका है, जिससे परिवार में क्लेश होता था। पहली पत्नी और फिर उसकी छोटी बहन हिना से दूसरी शादी कर ली थी। एक साल से चेतन ने उनकी तीसरी और सबसे छोटी बहन को भी घर में रखा हुआ था। मई, 2025 में जब चेतन का पहली पत्नी से झगड़ा हुआ था। तब उसने कहा कि मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी, मेरी बहन से भी शादी कर ली। मैं उसे भी सहन कर चुकी, अब मेरी तीसरी बहन को घर में रख लिया। कम से कम उसकी तो जिंदगी बर्बाद मत करो। इसी बात पर पहली पत्नी नाराज होकर चली गई, जिसके बाद चेतन ने पत्नी के गुम होने की रिपोर्ट टीलामोड थाने में दर्ज कराई थी। बाद में पत्नी को दिल्ली से ले आया। इस सुसाइड की कहानी में पुलिस 5 सवालों के जवाब ढूंढ रही- सवाल 1. बालकनी पर जहां से तीनों बहनों ने कूदकर सुसाइड किया, वहां बॉलकनी में रेलिंग पर और बाहर की तरफ खड़े होने की जगह नहीं थी। जबकि सामने फ्लैट में रहने वाले ने कहा कि बच्ची रेलिंग पर बैठी हुई थी। सवाल 2. जहां से तीनों ने छलांग लगाई, वहां नौवीं मंजिल की ऊंचाई करीब 85 फीट है। तीनों बच्चियों के शव जहां गिरे, वहां दीवार से एक शव करीब 1 फीट दूर, दूसरी बहन का शव 8 फीट दूर और तीसरी बच्ची का शव 9 फीट दूर मिला। इतनी ऊंचाई से आखिर दीवार से सटकर शव का गिरना संदेह पैदा कर रहा है। सवाल 3. अगर तीनों बच्चियां बैठकर कूदी तो फिर तीनों के शव एक ही दिशा में गिरने थे। सवाल 4. पड़ोसियों के मुताबिक, चेतन की दोनों पत्नियां बहनें हैं। घटना से पहले परिवार में झगड़ा हुआ था। पत्नियां अभद्र गालियां दे रही थीं? वे पति की तरफ इशारा कर रही थीं। सवाल 5. नाम न छापने की शर्त पर एक पुलिसकर्मी ने बताया- पुलिश कमिश्नर के सामने दोनों पत्नी नहीं आईं, अंदर से दरवाजा बंद कर लिया, पति एक ऑफिसर के पैर पकड़ने के लिए हाथ बढ़ाता दिखा, फिर जोर-जोर से रोता रहा। क्राइम स्पॉट की 3 तस्वीरें अब पूरा मामला जान लीजिए बिल्डिंग की नौवीं मंजिल से कूद गईं 3 बहनेंगाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों ने नौवीं मंजिल की बालकनी से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार रात 2 बजे तीनों ने कमरे को अंदर से बंद किया, फिर स्टूल रखकर एक-एक करके बालकनी से छलांग लगा दी। उनकी उम्र करीब 12, 14 और 16 साल है। पिता के मुताबिक, तीनों बेटियों को टास्क-बेस्ड कोरियन लव गेम की लत थी। वे हर वक्त एकसाथ रहती थीं। एक साथ नहाती थीं और टॉयलेट जाती थीं। इस कदर गेम की लत थी कि स्कूल भी छोड़ दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा है कि पिता ने उन्हें गेम खेलने से मना किया और फटकार लगाई। इसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया। तीनों बहनें जिस कमरे में सोती थीं, वहां पुलिस को एक डायरी मिली है। इसके 18 पन्नों में सुसाइड नोट लिखा मिला। पुलिस का दावा है कि नोट में लिखा है- “मम्मी-पापा सॉरी… गेम नहीं छोड़ पा रही हूं। अब आपको एहसास होगा कि हम गेम से कितना प्यार करते थे, जिसको आप छुड़वाना चाहते थे।” घटना भारत सिटी बी-1 टॉवर के फ्लैट नंबर 907 की है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर आलोक प्रियदर्शी ने बताया- अभी तक की जांच में सामने आया है कि तीनों ने आत्महत्या की है। तीनों मोबाइल से गेम खेलती थीं। किन परिस्थितियों में आत्महत्या की गई, इसकी जांच की जा रही है। पिता ने 2 शादियां कीं, 12 हजार फ्लैट का किराया पिता चेतन गुर्जर ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग का काम करते हैं। वह मूल रूप से दिल्ली के खजूरी के रहने वाले हैं। चेतन की 2 पत्नी, 7 साल का बेटा और 4 बेटियां थीं। दरअसल, चेतन ने दो शादियां की। पहली पत्नी से बच्चे नहीं होने पर पत्नी की बहन यानी साली से दूसरी शादी की। दोनों पत्नियों की छोटी बहन भी उनके साथ रहती है। दूसरी पत्नी से दो बेटी निशिका और प्राची का जन्म हुआ। इसके बाद पहली पत्नी से भी एक बेटी पाखी हुई। इसके अलावा, दूसरी पत्नी से एक बेटी और एक बेटा भी हैं। घटना के वक्त चेतन दोनों पत्नियों के साथ एक कमरे में सो रहे थे। साली, 3 साल की बेटी और 7 साल का बेटा भी उसी कमरे में थे। जबकि तीनों बेटियां दूसरे कमरे में सोई थीं। तीसरा कमरा खाली था। उसमें केवल राधा-कृष्ण की एक तस्वीर लगी है। इसी कमरे की बालकनी से तीनों ने छलांग लगाई। पुलिस जांच में पता चला कि चेतन की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं है। फ्लैट का 12 हजार रुपए किराया था। पुलिस बोली- मोबाइल फोन में कोरियन कल्चर में ढलने के सबूत मिलेएडिशनल पुलिस कमिश्नर आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि तीनों बहनों ने कथित रूप से सुसाइड किया है। जिसमें उनके पिता से पुलिस ने बयान दर्ज किए हैं। पता चला कि पिता कारोबार में घाटा भी आ चुका हैं, जिसमें मोबाइल फोन में कोरियन के साक्ष्य मिले हैं, जहां तीनों ने अपने अलग नाम रख रहे थें। इसमें पुलिस पूरे साक्ष्य के आधार पर आगे की जांच कर रही है। बुधवार रात में शव का हुआ अंतिम संस्कार शव को गाजियाबाद के पोस्टमार्टम हाउस में तकरीबन 9:30 घंटे रखा गया जिसके बाद परिजन बॉडी लेकर अपने मूल निवास दिल्ली के लिए रवाना हुए दिल्ली के निगम बोर्ड घाट में परिजनों ने रात करीब 12:00 बजे बच्चियों का अंतिम संस्कार किया इस दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था परिवार की महिलाएं और पुरुष अंतिम संस्कार में शामिल हुए कैसे पेरेंट्स बच्चों को इंटरनेट सेफ्टी सिखाएं- कैसे जानें कि बच्चा मोबाइल फोन का एडिक्ट है- ---------------- इस घटना से जुड़ी हुई ये खबरें भी पढ़ें - सुसाइड करने वाली 3 बहनों का रहस्यमयी कमरा: दीवारों पर स्केच, क्रॉस के निशान, लिखा- मैं बहुत अकेली हूं सुसाइड करने वाली बहनों के पिता ने 2 शादी कीं:साली से अफेयर, बेटियों से कहता था- मोबाइल छोड़ दो गाजियाबाद में 3 बहनों ने मंगलवार की रात सुसाइड कर लिया। पिता चेतन ने पुलिस को कोरियन गेम की लत की कहानी सुनाई। पुलिस ने 1 घंटे पिता के साथ बंद कमरे में बात की। तब सामने आया कि चेतन कुमार शेयर ट्रेडिंग में 2 करोड़ का घाटा झेल चुके हैं। हालात ऐसे हो गए थे कि 3 साल पहले बेटियों की पढ़ाई छुड़वानी पड़ी। पढ़िए पूरी खबर…
खरगोन जिले में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मावठे की बारिश की आशंका बढ़ गई है। मौसम विभाग ने 10 फरवरी से जिले में मावठे की संभावना जताई है। इससे जिले में करीब 3.10 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में लगी रबी की फसल पर संकट मंडराने लगा है। मौसम की इस चेतावनी के बाद किसानों की चिंता बढ़ गई है। सुबह छाई रही हल्की धुंध गुरुवार सुबह जिले में हल्की धुंध देखने को मिली। इसका असर सुबह करीब 8:30 बजे तक बना रहा। धुंध के कारण सुबह के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई, जिससे तेज ठंड से लोगों को कुछ राहत मिली। पिछले पांच दिनों से जिले का न्यूनतम तापमान करीब 12 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है, जबकि अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है। मौसम में उतार-चढ़ाव जरूर है, लेकिन फिलहाल कड़ाके की ठंड नहीं पड़ रही है। इस समय खेतों में गेहूं की फसल बालियां निकाल चुकी है और दाना भरने की अवस्था में है। वहीं चना की फसल भी लगभग तैयार हो चुकी है। ऐसे समय में मौसम का बदलाव किसानों के लिए चिंता का कारण बन गया है। धुंध से फसलों को ज्यादा नुकसान नहीं कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, हल्की धुंध का फसलों पर कोई खास नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। हालांकि यदि मावठे की बारिश होती है तो गेहूं और चना जैसी तैयार फसलें खराब हो सकती हैं। किसान भाव सिंह ने बताया कि उन्होंने पांच एकड़ भूमि में बंटाई पर गेहूं की फसल बोई है। यदि मावठे की बारिश हुई तो फसल को भारी नुकसान होगा और लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा। पिछले सप्ताह ओलावृष्टि से पहले ही नुकसान जिले के कसरावद क्षेत्र में पिछले सप्ताह ओलावृष्टि और बारिश से फसलों को पहले ही भारी नुकसान हो चुका है। इससे किसान अभी तक उबर भी नहीं पाए हैं। मोगांवा, दोगावां, टिगरियाव, गवला, नावडाटोड़ी, बलगांव, अहिल्यापुरा, माकड़खेड़ा सहित 16 गांवों में सैकड़ों एकड़ क्षेत्र में गेहूं, चना, मक्का, केला और सब्जी की फसलें प्रभावित हुई थीं। तापमान का पांच दिन का रिकॉर्ड पिछले पांच दिनों में जिले का अधिकतम तापमान 30 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है, जबकि न्यूनतम तापमान 11 से 12.6 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। किसान अब मौसम की अगली चाल पर नजर लगाए हुए हैं। यदि मावठे की बारिश नहीं होती है तो फसलों को राहत मिलेगी, लेकिन बारिश हुई तो नुकसान और बढ़ सकता है।
अररिया में कृषि समन्वयक निलंबित:फार्मर रजिस्ट्री और ई-केवाईसी में लापरवाही का आरोप
अररिया में एग्री स्टैक परियोजना के तहत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री और शत-प्रतिशत ई-केवाईसी कार्य में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में एक कृषि समन्वयक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिला कृषि पदाधिकारी, अररिया के आदेश पर की गई है। निलंबित कृषि समन्वयक धर्मपाल सिंह प्रखंड जोकीहाट अंतर्गत पंचायत प्रसादपुर एवं भसिया में तैनात थे। विभागीय निर्देशों के बावजूद, फार्मर रजिस्ट्री और ई-केवाईसी में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर जनवरी और फरवरी में विशेष अभियान चलाए गए थे। इन अभियानों के दौरान भी धर्मपाल सिंह द्वारा आवंटित लक्ष्य के मुकाबले प्रगति नगण्य रही। स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला प्रखंड कृषि पदाधिकारी, जोकीहाट ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अंचल अधिकारी के ज्ञापांक 102 से यह भी सामने आया कि धर्मपाल सिंह अपने कार्यालय और कार्यक्षेत्र से लगातार अनुपस्थित पाए गए। फोन पर संपर्क करने के प्रयास भी विफल रहे। आदेश में कहा गया है कि धर्मपाल सिंह ने अपने कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता और उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना की है। इससे एग्री स्टैक जैसी महत्वपूर्ण सरकारी योजना प्रभावित हुई, जो बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976 के प्रावधानों के विपरीत है। परियोजना को समयबद्ध तरीके से लागू करने की दिशा में सख्त केंद्र और राज्य बिहार सरकारी सेवक नियमावली, 2005 के नियम 1(क) के तहत उन्हें तत्काल निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कुर्साकाटा के अधीन निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियम 10 के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा, जिसका भुगतान जिला कृषि कार्यालय, अररिया द्वारा किया जाएगा। प्रखंड कृषि पदाधिकारी, जोकीहाट को निर्देश दिए गए हैं कि वे तुरंत धर्मपाल सिंह से प्रभार किसी अन्य कर्मचारी को सौंपें और एक सप्ताह के अंदर उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही के लिए प्रपत्र ‘क’ में आरोप-पत्र तैयार कर सक्षम प्राधिकारी के पास भेजें। यह कार्रवाई केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी एग्री स्टैक परियोजना को समयबद्ध तरीके से लागू करने की दिशा में सख्त रवैया अपनाने का संकेत देती है।
कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने बड़े स्तर पर पुलिसकर्मियों का तबादला किया है। इस फेरबदल में दो टीआई, चार एसआई, तीन एएसआई, दो हेड कांस्टेबल और तीन कांस्टेबल शामिल हैं। तबादले में दर्री थाना प्रभारी की जिम्मेदारी आशीष सिंह को दी गई है। वहीं नागेश तिवारी को पाली थाना प्रभारी बनाया गया है। उप निरीक्षक जितेंद्र यादव को करतला थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पसान थाना प्रभारी बदले, रक्षित केंद्र भेजे गए पसान थाना प्रभारी उप निरीक्षक श्रवण विश्वकर्मा को हटाकर रक्षित केंद्र भेजा गया है। पसान के नए थाना प्रभारी के रूप में जटगा चौकी से एक एएसआई की नियुक्ति की गई है। लेमरू और सिविल लाइन थाना में भी बदलाव सिविल लाइन थाना से उप निरीक्षक सुमन पोया को लेमरू थाना प्रभारी बनाया गया है। उप निरीक्षक पुरुषोत्तम उईके को पाली से सिविल लाइन थाना भेजा गया है। एएसआई स्तर पर भी तबादले लेमरू से एएसआई कुंवर साय पैकरा को जटगा चौकी भेजा गया है। एएसआई लक्ष्मी प्रसाद कुर्रे को रक्षित केंद्र से पाली थाना भेजा गया है। हेड कांस्टेबल का तबादला हेड कांस्टेबल दीपक खांडेकर को पाली से बालको भेजा गया है। हेड कांस्टेबल नरेंद्र लहरे को बालको से पाली भेजा गया है। कांस्टेबलों के स्थानांतरण कांस्टेबल शैलेंद्र तंवर को पाली से कटघोरा भेजा गया है। कांस्टेबल अश्विनी ओगरे को कटघोरा से पाली भेजा गया है। कांस्टेबल दिलहरण कंवर को दर्री से ओएम शाखा स्थानांतरित किया गया है। सभी स्थानांतरित पुलिसकर्मियों को तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। शहरी थाना प्रभारियों में बदलाव नहीं शहरी क्षेत्र के थाना प्रभारियों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कोतवाली थाना प्रभारी एमबी पटेल, सीएसईबी चौकी प्रभारी भीमसेन यादव और सिविल लाइन थाना प्रभारी नवीन पटेल अपने पदों पर बने रहेंगे। मानिकपुर चौकी प्रभारी भी यथावत हैं। अन्य थाना प्रभारी भी यथावत डालवा उरगा थाना प्रभारी राजेश तिवारी, हरदीबाजार थाना प्रभारी प्रमोद डनसेना, दीपका थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू, कुसमुंडा थाना प्रभारी मृत्युंजय पांडे, बालको थाना प्रभारी युवराज सिंह तिवारी, बांकी मोंगरा थाना प्रभारी चमन सिन्हा और कटघोरा थाना प्रभारी धर्म नारायण तिवारी भी अपने पदों पर बने रहेंगे। एसपी ने अवैध गतिविधियों पर सख्ती के निर्देश दिए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को जिले में चल रही अवैध गतिविधियों पर लगातार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पेट्रोलियम, कबाड़, डीजल, कोयला, महुआ शराब के अवैध कारोबार सहित अन्य सभी गैरकानूनी गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण लगाने का आदेश दिया है।
पंजाब के लुधियाना शिव सेना पंजाब के नेता भानू प्रताप पर थाना डिवीजन नंबर 3 की पुलिस ने मामला दर्ज किया है। सोशल मीडिया पर हथियार के साथ एक वीडियो सामने आने के बाद वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस आरोपी भानू के खिलाफ धारा BNS 196 (B) के तहत पर्चा दर्ज किया है। सूचना के आधार पर थाना डिवीजन नंबर-3 की पुलिस टीम मंगलवार को गश्त के दौरान सब्जी मंडी ख्वाजा कोठी चौक पहुंची, जहां वीडियो की जांच के बाद आरोपी की पहचान हो सकी। इस मामले में आरोपी भानू प्रताप ने कहा कि वह हिन्दू होने की सजा भुगत रहा है। वह अपने धर्म की बात करता है इसलिए उन्हें दबाने की कोशिश की जा रही है। भानू कहा कि महाशिवरात्री पर्व को राज्य स्तर पर मनाने के लिए शिव सेना पंजाब व अन्य धार्मिक संगठन सरकार से मांग कर रहे थे। इसी कारण सरकार के दबाव तले पुलिस ने उस पर FIR दर्ज की है। अवैध हथियार दिखाकर लोगों को उकसाया पुलिस के मुताबिक वायरल वीडियो में युवक अवैध हथियार दिखाकर लोगों को उकसाने की कोशिश कर रहा था, जिससे आम जनता की सुरक्षा और जान-माल को खतरा पैदा हो सकता था। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया पर इस तरह के वीडियो डालकर कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस के सीनियर अधिकारी मामले की गहराई से जांच करने में जुटे है।
सहरसा शहर की ट्रैफिक पुलिस अब बॉडी-वॉर्न कैमरों से लैस हो गई है। इसका उद्देश्य ट्रैफिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही लाना है। ट्रैफिक डीएसपी ओमप्रकाश ने बताया कि इन कैमरों से सड़क पर होने वाली हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी, जिससे ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित होगा और पुलिसकर्मियों व आम लोगों के बीच आरोप-प्रत्यारोप की घटनाओं में कमी आएगी। डीएसपी ओमप्रकाश के अनुसार, शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर तैनात ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों और जवानों को ये कैमरे दिए गए हैं। ये कैमरे ड्यूटी के दौरान लगातार रिकॉर्डिंग करेंगे। किसी भी बहस, विवाद या नियम उल्लंघन की स्थिति में रिकॉर्ड किया गया फुटेज साक्ष्य के रूप में काम करेगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी। पुलिस और गाड़ी चालकों के बीच होते हैं विवाद अक्सर ट्रैफिक जांच के दौरान चालान या नियम उल्लंघन को लेकर पुलिस और गाड़ी चालकों के बीच विवाद होते हैं। पुलिस पर मनमानी के आरोप लगते हैं, जबकि पुलिस का कहना होता है कि लोग नियम तोड़ने के बाद दबाव बनाते हैं। बॉडी-वॉर्न कैमरे ऐसी स्थितियों में दोनों पक्षों के लिए एक सुरक्षा कवच का काम करेंगे। पुलिसकर्मियों के व्यवहार में अनुशासन और शालीनता आएगी ट्रैफिक पुलिस का मानना है कि इस पहल से पुलिसकर्मियों के व्यवहार में अनुशासन और शालीनता आएगी, क्योंकि उनकी हर गतिविधि रिकॉर्ड होगी। वहीं, आम नागरिक भी नियमों का पालन करने में अधिक सतर्क रहेंगे, क्योंकि उनके पास बहाने बनाने की गुंजाइश कम होगी। शहरवासियों ने इस कदम का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार होगा और सड़क पर अनावश्यक विवाद कम होंगे। यह पहल सहरसा में सुरक्षित, सुगम और भरोसेमंद यातायात व्यवस्था स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
बांका के बाराहाट थाना क्षेत्र में बुधवार शाम एक सड़क हादसे में बाइक सवार कबाड़ व्यवसायी की मौके पर ही मौत हो गई। भागलपुर-दुमका मुख्य मार्ग पर ओरिया के समीप एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक ट्रक के नीचे जा घुसी। घटना के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है। तेज रफ्तार ट्रक के रौंदने से यह भीषण हादसा हुआ। मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ उमड़ गई। मृतक कबाड़ व्यवसायी किसी गांव से कबाड़ खरीदकर अपनी बाइक से बाराहाट बाजार लौट रहे थे। इसी दौरान बौसी की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने सामने से उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बाइक और चालक ट्रक के नीचे आ गए। ट्रक चालक वाहन सहित बाइक और चालक को कुछ दूरी तक घसीटता चला गया, जिससे युवक की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। घायल को बाराहाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने बाराहाट थाना पुलिस और एंबुलेंस सेवा को सूचित किया। मौके पर पहुंची एंबुलेंस से घायल को बाराहाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. अंकित ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। मृतक की पहचान खुर्शीद शेख (पिता शोएब शेख), ग्राम गोपालपुर, थाना रेजी नगर, जिला मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल) के रूप में हुई है। वह पिछले कई वर्षों से बाराहाट क्षेत्र में रहकर कबाड़ खरीद-बिक्री का व्यवसाय करते थे। पोस्टमार्टम के लिए बांका सदर अस्पताल भेज दिया पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बांका सदर अस्पताल भेज दिया है। दुर्घटनाग्रस्त ट्रक और उसके चालक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ट्रक आंध्र प्रदेश का है और दुमका से सामान लोड कर आंध्र प्रदेश जा रहा था। बाराहाट थानाध्यक्ष महेश कुमार ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मुजफ्फरपुर में पुलिस ने पान दुकानदार मनोज राज हत्याकांड का खुलासा कर दिया। आरोपी पत्नी निशु कुमारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तीन मोबाइल बरामद किए हैं। आरोपी प्रेमी और साला अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। घटना नगर थाना क्षेत्र के केपी पथ स्थित माखन साह चौक के पास की है। पुलिस जांच में सामने आया है कि निशु कुमारी का पड़ोस के युवक मिंटू कुमार से प्रेम संबंध था। जो इंस्टाग्राम के जरिए शुरू हुआ था। घटना वाले दिन निशु ने इंस्टाग्राम पर प्रेमी के साथ एक स्टोरी पोस्ट की थी, जिसे लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ। विवाद के बाद पत्नी घर छोड़कर चली गई और देर रात फोन कर मनोज को बाहर बुलाया, जिसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। मृतक की मां और मामी ने पहले ही निशु कुमारी पर हत्या की आशंका जताई थी, जिसके आधार पर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने मामले की जांच के लिए एफएसएल टीम की भी मदद ली है। सवाल पूछने पर गाली देने लगी मां मुन्नी देवी ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2025 में दीपावली के दिन मनोज ने पत्नी निशु कुमारी को अंबेडकर नगर इलाके में मिंटू कुमार के साथ स्कूटी पर घूमते हुए देखा था। जब मनोज ने पत्नी से सवाल किया तो वह गाली-गलौज करने लगी और जान से मारने की धमकी देने लगी। इसके बाद निशु ने प्रेमी मिंटू कुमार के साथ अपनी फोटो इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दी। एक मित्र ने यह फोटो मनोज को दिखाई, जिसके बाद घर आकर अपनी पत्नी से मोबाइल मांगा। हालांकि, निशु ने यह कहकर मोबाइल देने से इनकार कर दिया कि उसमें सिम नहीं है। जब मनोज ने फोटो दिखाया तो निशु ने उसका गला दबाने का प्रयास किया। शोर सुनकर मां ने बीच-बचाव कर अपने बेटे की जान बचाई। मंगलवार की सुबह मनोज ने फोटो अपने साला छोटू कुमार और ससुर को भेजा था। इसी दौरान निशु घर छोड़कर भाग गई। आरोपी मिंटू ने उसी दिन मनोज को फोन कर धमकाया और रात करीब आठ बजे फोटो दिखाने के बहाने उसे बुलाया। कुछ समय बाद स्थानीय लोगों ने सूचना दी कि मनोज को गली में मारकर फेंक दिया गया है। मृतक के सिर, पीठ और गर्दन पर गंभीर जख्म पाए गए। तीन साल पहले भी जान से मारने की कोशिश की थी मां का आरोप है कि निशु अक्सर मनोज के साथ लड़ाई-झगड़ा करती रहती थी और कई बार उसे जान से मारने का प्रयास भी कर चुकी थी। करीब सात वर्ष पहले निशु ने मनोज के गले में पहनी सोने की हनुमानी पकड़ कर उसका गला दबाने का प्रयास किया था। वहीं, तीन वर्ष पूर्व जब मनोज सो रहा था, तब निशु ने फहसुल से उसकी गर्दन काटने का प्रयास किया था। नींद खुल जाने के कारण गर्दन पर हल्का कट लग गया था। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार ने वकील के माध्यम से कोर्ट में एक सनहा भी दर्ज कराया था। प्रेमी और साला की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी टाउन डीएसपी सुरेश कुमार ने बताया कि जांच में यह बात सामने आई है कि मृतक की पत्नी का एक युवक से प्रेम संबंध था। इंस्टाग्राम पर फोटो पोस्ट करने को लेकर हुए विवाद के बाद पत्नी ने पति को बाहर बुलाया था, जिसके बाद उनकी हत्या कर दी गई। आरोपी पत्नी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। प्रेमी और मृतक के साले की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
टीकमगढ़ में गुरुवार सुबह से मौसम साफ है और तेज धूप निकली है। बुधवार को दोपहर बाद धूप निकलने के बाद अधिकतम तापमान में 1 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि रात का तापमान 1 डिग्री सेल्सियस घट गया। भू अभिलेख कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार को अधिकतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस था, जो बुधवार को बढ़कर 22.8 डिग्री हो गया। इसी तरह, मंगलवार रात का तापमान 13 डिग्री था, जो बुधवार रात घटकर 12 डिग्री दर्ज किया गया। अगले 4 से 5 दिनों तक मौसम साफ रहने का अनुमान मौसम विभाग ने अगले 4 से 5 दिनों तक मौसम साफ रहने का अनुमान जताया है। इस अवधि में अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस से बढ़कर 28 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है, जबकि रात का तापमान 13 से 14 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। आसमान साफ होने के कारण रात में ओस गिरनी शुरू हो गई है। किसान बोले- यह मौसम फसलों के लिए फायदेमंद किसान किशन शंकर सिंह यादव ने बताया कि दिन में धूप और रात में ठंड का यह मौसम फसलों के लिए फायदेमंद है। हालांकि, तेज धूप निकलने से गेहूं की फसल को अधिक पानी की आवश्यकता होगी। जिन किसानों ने पहले बुवाई की थी, उनकी फसलें पकने के लिए तैयार हैं, जबकि देरी से बुवाई करने वाले किसानों को अपनी फसलों को ज्यादा पानी देना पड़ सकता है। वर्तमान में फसलों के लिए मौसम अनुकूल बताया जा रहा है।
मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी (MPPGCL) जबलपुर के नयागांव में स्थित अपने प्रशिक्षण संस्थान में लगभग 14 करोड़ रुपए की लागत से देश का सबसे बड़ा थर्मल और हाइड्रो पावर ऑपरेटर ट्रेनिंग सिम्युलेटर लगाने जा रही है। इस आधुनिक सिम्युलेटर से बिजली उत्पादन से जुड़े इंजीनियरों और कर्मचारियों को पावर प्लांट चलाने, कंट्रोल करने और आपात स्थिति से निपटने का वास्तविक अनुभव मिलेगा। इससे बिजली संयंत्रों में होने वाली तकनीकी खराबियों और प्लांट ट्रिपिंग की घटनाओं में कमी आएगी। इस सिम्युलेटर में रिमोट ऑपरेशन की सुविधा भी होगी। इस सिम्युलेटर के शुरू होने के बाद नयागांव स्थित पावर जनरेटिंग प्रशिक्षण संस्थान न केवल मध्यप्रदेश बल्कि देश के अन्य राज्यों की बिजली कंपनियों के इंजीनियरों और तकनीकी छात्रों के लिए भी एक प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र बन जाएगा। स्मार्ट क्लास रूम तैयार किए जा रहे मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी अपने कर्मचारियों को तकनीकी, वित्तीय और प्रबंधन से जुड़ी आधुनिक जानकारी देने के लिए इस प्रशिक्षण संस्थान को लगातार विकसित कर रही है। कंपनी के मुख्य अभियंता (मानव संसाधन एवं प्रशासन) दीपक कुमार कश्यप ने बताया कि प्रशिक्षण संस्थान में स्मार्ट क्लास रूम तैयार किए जा रहे हैं, जहां सभी स्तर के कर्मचारियों को तकनीकी, वित्तीय और प्रबंधन विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह संस्थान नए नियुक्त कर्मचारियों के लिए इंडक्शन ट्रेनिंग का मुख्य केंद्र होगा। इसके साथ ही पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने पर सहायक अभियंता से लेकर अतिरिक्त मुख्य अभियंता स्तर तक के अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। आईटी प्रशिक्षण केंद्र भी बन रहा प्रशिक्षण संस्थान परिसर में 150 सीटों वाला आधुनिक ‘मंत्रा’ ऑडिटोरियम बनाया जा रहा है, जहां सेमिनार, कार्यशालाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा 21 कंप्यूटरों से लैस एक आईटी प्रशिक्षण केंद्र भी बनाया जा रहा है, जहां ईआरपी, ऑटोकैड, प्राइमावेरा जैसे तकनीकी और वित्तीय सॉफ्टवेयर का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। संस्थान में एक आधुनिक मॉडल रूम और डिजिटल लाइब्रेरी भी तैयार की जा रही है, जहां थर्मल और हाइड्रो पावर प्लांट से जुड़ी मशीनों जैसे टरबाइन, जनरेटर, बॉयलर, कूलिंग टावर और कोल हैंडलिंग प्लांट के मॉडल लगाए जाएंगे, जिससे प्रशिक्षण और भी आसान होगा। प्रशिक्षण के लिए आने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के ठहरने के लिए लगभग 3.8 करोड़ रुपये की लागत से 16 कमरों वाला छात्रावास बनाया जा रहा है, जिसमें भोजनालय, रसोई, मनोरंजन कक्ष और मिनी जिम जैसी सुविधाएं होंगी। साथ ही, संस्थान में एक हाई-टेक स्टूडियो भी विकसित किया जाएगा, जहां प्रशिक्षण वीडियो तैयार किए जाएंगे, जिन्हें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध कराया जाएगा।
झांसी में रेल इंजन से कर्मी को लगा करंट:कपड़ों में लग गई आग, बिरोध में कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
झांसी रेलवे के इलेक्ट्रिक लोको शेड में मंगलवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब इंजन की टेस्टिंग के दौरान करंट लगने से सीनियर टेक्नीशियन मानसिंह मीना बुरी तरह झुलस गए। हादसे के बाद उन्हें तत्काल झांसी रेलवे अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।बताया जा रहा है कि मानसिंह मीना रात की शिफ्ट में ड्यूटी पर थे। उन्हें लोको शेड में लाए गए एक इंजन की जांच करनी थी। इसी दौरान अचानक इंजन में करंट आ गया और मानसिंह उसकी चपेट में आ गए। करंट लगते ही उनके कपड़ों में आग लग गई। साथियों ने तुरंत बिजली सप्लाई बंद कर किसी तरह उन्हें बचाया और अधिकारियों को सूचना देते हुए अस्पताल पहुंचाया।चार घंटे तक ठप रहा कामहादसे की जानकारी मिलते ही नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मजदूर यूनियन (एनसीआरएमयू) के पदाधिकारी और सदस्य इलेक्ट्रिक वर्कशॉप पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। मौके पर किसी जिम्मेदार अधिकारी के न पहुंचने से आक्रोशित कर्मचारियों ने करीब चार घंटे तक काम ठप कर दिया और जमकर नारेबाजी की।बिना ट्रेनिंग काम कराने का आरोपएनसीआरएमयू के नेता निर्मल सिंह ने रेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संबंधित कर्मी को उस लोको पर काम करने की पूरी ट्रेनिंग नहीं थी, फिर भी उसे अकेले ड्यूटी पर लगाया गया। यूनियन और अधिकारियों के बीच हुई वार्ता के बाद इस बात पर सहमति बनी कि आगे से कोई भी कर्मी अकेले काम नहीं करेगा और हर कर्मचारी को एक हेल्पर उपलब्ध कराया जाएगा।हादसे के बाद रेलवे प्रशासन की ओर से जांच के आदेश दिए जाने की बात भी सामने आई है।
ग्वालियर में कोहरे और ओलावृष्टि के बाद गुरुवार को धूप खिलने से लोगों को राहत मिली, लेकिन रात का तापमान गिरने से ठंड बढ़ गई है। गुरुवार को न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो बुधवार के 13.2 डिग्री से करीब 4 डिग्री कम है। वहीं अधिकतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह धूप निकलने के बावजूद ठंड का असर बना रहा। कई दिनों बाद निकली धूप का लोगों ने आनंद लिया और बड़ी संख्या में लोग मॉर्निंग वॉक के लिए घरों से बाहर निकले। नमी बढ़ने से बढ़ेगी रात की ठंड मौसम विभाग के अनुसार हाल की ओलावृष्टि से वातावरण में नमी बढ़ गई है। इसके कारण आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट की संभावना है, जिससे रातें ज्यादा ठंडी हो सकती हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में यह बदलाव देखा जा रहा है, वहीं सुबह चल रही शीत लहर ने ठंडक बढ़ा दी है। धुंध से यातायात प्रभावित शहर में हल्की धुंध अब भी बनी हुई है, जिससे यातायात पर असर पड़ रहा है। दिल्ली की ओर से आने वाली अधिकांश ट्रेनें 2 से 3 घंटे की देरी से पहुंच रही हैं। सड़क यातायात भी प्रभावित होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मोनाड यूनिवर्सिटी छात्रवृत्ति घोटाले में ब्लैकलिस्ट:53 करोड़ की रिकवरी, धौलाना में FIR के आदेश
मोनाड यूनिवर्सिटी सरकारी छात्रवृत्ति घोटाले में फंस गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यूनिवर्सिटी ने सामान्य वर्ग के छात्रों को अनुसूचित जाति (SC) दिखाकर करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति हड़प ली। जिला प्रशासन की जांच में करीब 53 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई है। इसके बाद यूनिवर्सिटी को छात्रवृत्ति योजना से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। साथ ही, यूनिवर्सिटी से रकम की वसूली और FIR दर्ज कराने का निर्णय लिया गया है। जिला समाज कल्याण अधिकारी शिवकुमार ने बताया कि पिछले वर्ष छात्रवृत्ति वितरण की रूटीन जांच के दौरान मोनाड यूनिवर्सिटी में बड़ी अनियमितताएं मिलीं। जांच के लिए 2013 से 2025 के बीच के मामलों को रैंडम आधार पर चुना गया। इसमें 90 प्रतिशत छात्रवृत्ति और प्रतिपूर्ति के मामले फर्जी पाए गए। कुल 53 करोड़ रुपये का घोटाला उजागर हुआ, जिसमें 50 करोड़ रुपये अनुसूचित जाति वर्ग की और 3 करोड़ रुपये सामान्य वर्ग की छात्रवृत्ति शामिल है। घोटाले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने चार सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) गठित की थी। टीम ने अपनी जांच में पाया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मनमाने तरीके से पात्रता मानकों को दरकिनार करते हुए छात्रवृत्ति का दुरुपयोग किया। टीम की रिपोर्ट शासन को भेजे जाने के बाद, जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय ने सख्त कार्रवाई की। उन्होंने मोनाड यूनिवर्सिटी को छात्रवृत्ति योजना से ब्लैकलिस्ट कर दिया है। अब मोनाड में पढ़ने वाला कोई भी छात्र सरकारी छात्रवृत्ति का लाभ नहीं ले पाएगा। इसके साथ ही, 53 करोड़ रुपये की रिकवरी प्रक्रिया शुरू की जाएगी और यूनिवर्सिटी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा। समाज कल्याण विभाग का अनुमान है कि यह घोटाला अभी शुरुआती स्तर पर है। विभाग का मानना है कि जैसे-जैसे पिछले 10 वर्षों की छात्रवृत्ति की गहन जांच होगी, यह राशि 150 करोड़ रुपये से भी अधिक तक पहुंच सकती है। इस संबंध में, यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. मोहम्मद जावेद ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वविद्यालय को ब्लैकलिस्ट किए जाने की कोई जानकारी नहीं है और समाज कल्याण विभाग या जिला प्रशासन की ओर से कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। डॉ. जावेद के अनुसार, यूनिवर्सिटी में सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं। पहले भी विवादों में रही है मोनाड यूनिवर्सिटीमोनाड यूनिवर्सिटी पहले से ही फर्जी डिग्री और मार्कशीट बिक्री शिक्षा माफिया नेटवर्क,यूनिवर्सिटी मालिक सहित 12 लोगों की जेल यात्रा, जैसे गंभीर मामलों में जांच का सामना कर रही है। छात्रवृत्ति घोटाले ने यूनिवर्सिटी की साख पर एक और बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
भरतपुर की स्वच्छता सर्वेक्षण में रैंकिंग बढ़ाने के लिए नगर निगम ने सफाई अभियान शुरू किया है। नगर निगम की टीम शहर के मुख्य बाजारों में बुल्डोजर, ट्रेक्टर ट्रॉली के साथ निकली। बाजारों में जहां-जहां बैनर पोस्टर लगे हुए थे उन्हें हटाया गया। साथ ही बाजारों से कचरा साफ़ किया गया। 10 मार्च तक चलेगा अभियान नगर निगम RO तेजराम मीणा ने बताया कि नगर निगम ने आज से विशेष सफाई अभियान शुरू किया है। कुछ दिनों में सफाई सर्वेक्षण का अभियान शुरू होना है। जिसके लिए 10 मार्च 2026 तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। शहर में जितने भी पुराने कचरे के ढेर और पॉइंट हैं। उन्हें हटाया जाएगा साथ ही अवैध होर्डिंग बैनर को हटाने का काम किया जाएगा। 25 जगह नगर निगम करेगा कार्रवाई यह कार्रवाई 10 मार्च 2026 तक चलेगी। नगर निगम ने 25 जगह चिन्हित की हैं जहां यह अभियान चलाया जाएगा। शहर में टीमें लगातार सफाई का काम करेंगी। इस कार्रवाई से पहले बाजारों में मुनादी करवा दी गई है। साथ ही प्रचार प्रसार भी करवाया गया है।
बांका में पति की पिटाई से पत्नी की मौत:ससुराल वालों पर मायके पक्ष का हत्या का आरोप, पति गिरफ्तार
बांका में पति की पिटाई से महिला की मौत हो गई है। मामला कटोरिया थाना क्षेत्र के भोलाडीह गांव की है। बुधवार देर रात झारखंड के देवघर में इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। मृतका की पहचान भोलाडीह निवासी शंभू यादव की पत्नी बबीता देवी (24) के रूप में हुई है। मृतका के मायके वालों ने पति सहित ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया है। झुनझुनियां गांव के निवासी मृतका के पिता पप्पू यादव ने बताया कि उनकी बेटी बबीता देवी का पति शंभू यादव दूसरे बच्चे के जन्म के बाद से ही उसके साथ हिंसक तरीके से बर्ताव कर रहा था। शंभू यादव अक्सर बबीता पर गैर पुरुष से बातचीत करने का आरोप लगाकर मारपीट करता था। परिजनों ने कई बार पारिवारिक स्तर पर समझौता कराने का प्रयास किया, लेकिन मारपीट जारी रही। पिटाई के कारण बबीता बेहोश हो गई परिजनों के अनुसार, हाल ही में शंभू यादव ने इसी आरोप को लेकर बबीता देवी के साथ मारपीट की। पिटाई के कारण बबीता बेहोश हो गई, जिसके बाद उसे कटोरिया के एक प्राइवेट डॉक्टर के पास ले जाया गया। डॉक्टर ने उसे बेहतर इलाज के लिए झारखंड के देवघर रेफर कर दिया था। हालांकि, मंगलवार सुबह आरोपी पति उसे जबरन घर वापस ले आया। देर शाम बबीता की हालत फिर गंभीर होने पर परिजन उसे दोबारा प्राइवेट डॉक्टर के पास ले गए। वहां से उसे फिर झारखंड देवघर रेफर किया गया, जहां बुधवार रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। आरोपी पति को पुलिस ने गिरफ्तार किया बबीता की मौत की सूचना मिलते ही पिता पप्पू यादव अन्य परिजनों के साथ शव लेकर कटोरिया थाना पहुंचे। उन्होंने पति शंभू यादव और ससुराल पक्ष के अन्य पर हत्या का आरोप लगाया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद मायके वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार ने बताया कि यह पति-पत्नी के बीच विवाद का मामला है। आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की आगे की जांच की जा रही है।
बलिया के बैरिया थाना क्षेत्र में डिलीवरी ब्वॉय की बाइक चोरी हो गई। वह ऑफिस के बाहर अपनी बाइक खड़ी करके डिलीवरी के लिए सामान लेने गया था। इतने देर में चोर ने उसकी बाइक उसकी चोरी हो गई। चोरी की यह वारदात में सीसीटीवी कैद हो गई। डिलीवरी ब्वॉय से मिले तहरीर के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। इसके साथ ही सीसीटीवी में बाइक का लॉक खोलते दिख रहे संदिग्ध की तलाश शुरू कर दी है। देखें 2 तस्वीरें… ग्राहकों के डिलीवर करने का सामान लेने आया था यह घटना थाना से 500 मीटर की दूरी पर स्थित बीबी टोला बाजार की है। दोकती थाना क्षेत्र के वाजीपुर निवासी विवेक कुमार सिंह डिलीवरी ब्वॉय का काम करते हैं। वह बीबी टोला बाजार स्थित कंपनी के ऑफिस में मंगलवार की सुबह में ग्राहकों के डिलीवर करने का सामान लेने गए थे। इस दौरान उन्होंने अपनी बाइक (UP60BE4635) ऑफिस के बाहर खड़ी कर दी। जब वह 30 मिनट बाद ऑफिस से सामान लेकर लौटे तो उनकी बाइक गायब थी। यह देखकर उनके पैरो तले जमीन खिसक गई। आसपास के लोगों से पूछताछ की। इस दौरान आसपास के मौजूद लोगों ने अपने सीसीटीवी कैमरे को चेक किया, तो एक संदिग्ध विवेक की बाइक का चाभी बदल बदलकर लॉक खोलने की कोशिश करते दिखा। कुछ मिनट के प्रयास के बाद वह लॉक खोलने में कामयाब हो गया और बाइक लेकर फरार हो गया। पुलिस ने एक दिन बाद दर्ज की FIR डिलीवरी ब्वॉय विवेक ने बाइक चोरी की घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी। पुलिस ने बुधवार को बाइक चोरी की प्राथमिकी दर्ज करके सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे संदिग्ध की तलाश शुरू कर दी है। वहीं, बैरिया थाना एसएचओ विपिन सिंह ने कहा- बाइक चोरी की प्राथमिकी दर्ज लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे संदिग्ध को चिन्हित भी किया गया है। जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।
उज्जैन-देवास हाईवे पर गुरुवार को दंपती ने अपने घर का सामान सड़क पर रखकर रास्ता रोक दिया। जाम के कारण सैकड़ों वाहन दोनों ओर फंस गए। आखिर कलेक्टर की समझाइश के बाद जाम खुल सका। जाम करीब 45 मिनट लगा रहा। खातेगांव निवासी रामदयाल प्रजापत की किडनी खराब है और वह देवास स्थित अमलतास अस्पताल में इलाज करा रहा है। रामदयाल अस्पताल परिसर में ही झोंपड़ी बनाकर दो साल से रह रहा था। अस्पताल प्रबंधन कई बार उसे झोंपड़ी हटाने का बोल चुका था। बुधवार को इसी बात को लेकर अस्पताल के कर्मचारी से रामदयाल की कहासुनी हुई और प्रबंधन ने बुधवार रात में परिवार को सामान सड़क पर फेंकते हुए उन्हें परिसर से निकाल दिया। इससे नाराज रामदयाल ने अपनी पत्नी द्वारिका और बच्चों के साथ सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। पत्नी के साथ मारपीट का आरोप नाराज दंपति बच्चों के साथ गुरुवार सुबह उज्जैन जिले के सिंगावदा गांव के पास उज्जैन-देवास रोड पर पहुंच गया और अपना सामान सड़क पर रखकर बैठ गया। इससे हाईवे पर लंबा जाम लग गया। रामदयाल का आरोप है कि पत्नी के साथ मारपीट की गई है। रामदयाल का कहना है कि पहले भी अस्पताल प्रबंधन ने उसे हटाने की कोशिश की थी। मामले की शिकायत पुलिस से की गई, पर अस्पताल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसकी बात तक नहीं सुनी और अब उन्हें निकाल दिया गया। कलेक्टर के आश्वासन पर खत्म हुआ जाम सड़क जाम होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलने पर कलेक्टर रौशन कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और दंपति की समस्या सुनकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद दंपति ने जाम समाप्त कर दिया और यातायात सामान्य हो सका।
कोंडागांव के केशकाल विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची से 274 मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आपत्तियों को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। कांग्रेस ने इस मामले में भाजपा पर लोकतंत्र को कमजोर करने और मताधिकार छीनने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष अमीन मेमन और प्रदेश सचिव सगीर अहमद क़ुरैशी के नेतृत्व में कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को अनुविभागीय अधिकारी (निर्वाचन अधिकारी-82) केशकाल से मिला। इस प्रतिनिधिमंडल में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजेश नेताम, निर्वाचित पार्षदगण, कांग्रेस कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में प्रभावित नागरिक शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के प्रयास के विरोध में ज्ञापन सौंपा। प्रारूप-7 के तहत 274 नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि प्रारूप-7 के तहत लगभग 274 मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे क्षेत्र में असंतोष और भ्रम का माहौल है। नेताओं ने आरोप लगाया कि यह कवायद राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है और इसका उद्देश्य एक खास वर्ग को मतदान के अधिकार से वंचित करना है। अमीन मेमन बोले- लोकतंत्र पर सीधा हमला अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष अमीन मेमन ने कहा कि यदि प्रारूप-7 में झूठी जानकारी देकर मतदाता सूची से नाम हटाने की कोशिश की जा रही है, तो यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग कर रही है। सगीर कुरैशी ने बताया संविधान के खिलाफ प्रदेश सचिव सगीर अहमद क़ुरैशी ने इसे संविधान के मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि मताधिकार नागरिक का संवैधानिक हक है और इसे छीनने की किसी भी कोशिश को कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी। निर्वाचन अधिकारी ने दिया आश्वासन वहीं, निर्वाचन अधिकारी-82 केशकाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि प्रारूप-7 के तहत दाखिल सभी मामलों में संबंधित मतदाताओं को विधिवत नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक प्रकरण में पक्ष सुनने के बाद ही कानून के अनुसार निर्णय लिया जाएगा। राजेश नेताम बोले- आंदोलन करेंगे ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजेश नेताम ने कहा कि यदि किसी भी पात्र मतदाता का नाम हटाया गया, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह लड़ाई आख़िरी मतदाता तक लड़ी जाएगी।
रायबरेली के पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने देर रात पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर फेरबदल किया है। इस दौरान 6 उप निरीक्षक, 3 मुख्य आरक्षी और 1 आरक्षी समेत कुल 10 पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण किया गया है। यह कदम रायबरेली में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ और मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह लगातार पुलिसकर्मियों की कार्यशैली का मूल्यांकन कर रहे हैं और कार्य के प्रति सजग रहने वाले कर्मियों को नई जिम्मेदारियां सौंप रहे हैं। स्थानांतरित किए गए उप निरीक्षकों में बृजेश मिश्रा को थाना सरेनी से थाना एएचटीयू, शिशुपाल सिंह को थाना एएचटीयू से न्यायालय सुरक्षा, और सूरत राम सरोज को पुलिस लाइन से यातायात विभाग भेजा गया है। इसके अतिरिक्त, अजीत सिंह को पुलिस लाइन से मिल एरिया, गौरव कुमार को थाना भदोखर से थाना लालगंज, और कृष्णराम यादव को थाना डलमऊ से थाना लालगंज में नई तैनाती दी गई है। मुख्य आरक्षियों में मुकेश सिंह को यातायात से पुलिस लाइन और मुन्ना खान को भी यातायात से पुलिस लाइन स्थानांतरित किया गया है। मुख्य आरक्षी विनोद कुमार को क्षेत्राधिकारी कार्यालय डलमऊ से नसीराबाद थाना कार्यालय भेजा गया है। वहीं, आरक्षी रवि चौधरी को थाना ऊंचाहार से क्षेत्राधिकारी कार्यालय सलोन स्थानांतरित किया गया है।
गुरुवार सुबह सादाबाद-राया मार्ग पर घने कोहरे के कारण एक सड़क हादसा हुआ। इस दौरान एक स्विफ्ट डिजायर कार सड़क पर खड़े डंपर से टकरा गई। गनीमत रही कि कार में सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए। जानकारी के अनुसार, घना कोहरा होने के कारण स्विफ्ट डिजायर के चालक को सड़क के बीच खड़ा डंपर समय पर दिखाई नहीं दिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के समय कार की गति कम थी, जिसके चलते कार में सवार लोगों को गंभीर चोटें नहीं आईं और वे बाल-बाल बच गए। यदि कार तेज रफ्तार में होती, तो दुर्घटना का परिणाम अधिक गंभीर हो सकता था। स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह के समय कोहरा इतना घना था कि कुछ मीटर से आगे देखना मुश्किल था। दुर्घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मदद की। हादसे के कारण कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। बाद में कार सवारों के परिजन मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त कार को वहां से हटवाया।
बाड़मेर जिले की ग्रामीण थाना पुलिस ने ऑपरेशन खुलासा के तहत लाइट तारों की चोरी का खुलासा करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से चुराया माल बरामद किया है। वहीं चोरी में उपयोग में ली गई गाडी को जब्त किया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से चोरी की वारदात को लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस के अनुसार बाड़मेर चूली निवासी जेठुसिंह ने ग्रामीण थाने में में रिपोर्ट दी थी। जिसमेकं बताया कि सुजलॉन एनर्जी लिमिटेड कंपनी से हमारी कंपनी ने 33 केवी लाइटलाइन का काम लिया हुआ था। हमारी कंपनी का लाइट लाइन को काम गांव नांद व दूदाबेरी में चल रहा है। 7 जनवरी को सुबह 10 बजे सोखरू लाइट लाईन को देखा तो वहां पर 7 पॉल की लाइट लाइनें नहीं थी। चोर वहां से चुरा कर ले गए। एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने बताया- एएसपी नितेश आर्य और डीएसपी रमेश कुमार शर्मा के सुपरविजन में बाड़मेर ग्रामीण थाना इंचार्ज विक्रमदान चारण के नेतृत्व में टीम बनाई गई। एएसआई रामाराम की टीम ने मौका स्थल का मुआयना किया गया। टीम ने तकनीक और सूचना के आधार पर आरोपियों को नामजद कर आरोपी कालूराम उर्फ कैलाश पुत्र रामाराम निवासी राणाथली भोजारिया, बिजराड़, प्रेम कुमार पुत्र हीराराम, किशनाराम पुत्र रामाराम दोनों निवासी शिव भाखरी नांद, गिरधारीराम पुत्र नारणाराम निवासी आदर्श उण्डखा, बाड़मेर, को डिटेन किया गया। पूछताछ करने पर आरोपियों ने चोरी की वारदात करना कबूल किया। गिरफ्तार कर पीसी रिमांड पर लिया गया है। इनकी निशानदेही पर चुराया माल बरामद कर लिया है। वहीं चोरी में उपयोग में ली गई वाहन बोलेरो कैंपर को जब्त किया है। आरोपियों से अन्य चोरी की वारदात में शामिल होने से संबंधित गहन पूछताछ की जा रही है।
शहर में धोखाधड़ी और विश्वासघात का एक ऐसा मामला सामने आया है जहां एक किराएदार ने अपने ही मकान मालिकों को करोड़ों का चूना लगा दिया। आरोपी ने कथित तौर पर जर्मनी से मिले जाली परचेज ऑर्डर दिखाकर बैंक से डेढ करोड़ की लिमिट ली और जब चुकाने की बारी आई, तो खुद को असमर्थ बताकर पल्ला झाड़ लिया। जिसके बाद मालिक ने मामले की शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने जुलाई 2025 में धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया। अब शिकायतकर्ता के बाद विदेशी नंबर से व्हाएसएप पर वॉयस नोट भेजकर मुकदमा वापस लेने की धमकी दी है। आरोपियों ने केस वापस न लेने पर अंजाम भुगतने की धमकी देते हुए जान से मारने की बात कही है। जिसकी भी शिकायत पीड़ित ने पुलिस को दी। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। ये है पूरा मामला एल्डिको एस्टेट निवासी सतेंद्र सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी और आजाद सिंह की बरसत रोड पर एक सांझा फैक्ट्री है। इस फैक्ट्री को उन्होंने अप्रैल 2015 से शिमला गुजरान निवासी सुनील (रियल कारपेट का प्रोपराइटर) को किराए पर दे रखा था। भरोसे का फायदा उठाकर बनाया गारंटर दिसंबर 2022 में सुनील ने सतेंद्र और आजाद को झांसा दिया कि उसे जर्मनी से बहुत बड़े ऑर्डर मिले हैं, लेकिन काम पूरा करने के लिए पैसों की कमी है। उसने आग्रह किया कि यदि वे बैंक में उसकी गारंटी दे दें, तो वह 2 साल में सारा कर्ज चुका देगा। सुनील के परचेज ऑर्डर को सही मानकर सतेंद्र और आजाद ने अपनी फैक्ट्री बैंक में गारंटी के तौर पर रख दी, जिसके आधार पर यूको बैंक ने 1.5 करोड़ की लिमिट जारी कर दी। ठगी का खुलासा: ईमेल कर कहा- 'पैसे नहीं दे सकता' आरोपी सुनील ने फरवरी 2023 से मार्च 2024 तक केवल 28.50 लाख रुपए जमा किए और फिर भुगतान बंद कर दिया। जब बैंक ने नोटिस भेजा, तो सुनील ने 20 अगस्त 2024 को ईमेल के जरिए बैंक को जवाब दिया कि वह ऋण चुकाने में असमर्थ है और बैंक वसूली की कार्रवाई शुरू करे। चूंकि फैक्ट्री गारंटी पर थी, इसलिए सतेंद्र सिंह को मजबूरन ब्याज समेत बैंक की पूरी राशि चुकानी पड़ी। जाली दस्तावेजों का खेल और धमकी सतेंद्र सिंह का आरोप है कि सुनील ने जो परचेज ऑर्डर बैंक में दिखाए थे, वे पूरी तरह से जाली थे। उसने स्वयं फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक और गारंटरों के साथ सोची-समझी साजिश रची। मामले में नया मोड़ तब आया जब शिकायतकर्ता को विदेशी नंबर से धमकी दी गई। कॉल करने वाले ने साफ शब्दों में कहा कि यदि उसने केस वापस नहीं लिया, तो उसे जान से मार दिया जाएगा। पुलिस कार्रवाई की मांग पीड़ित सतेंद्र सिंह ने एसपी पानीपत से गुहार लगाई है कि आरोपी सुनील के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश का मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही, बैंक में जमा कराए गए सभी दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच कराई जाए ताकि इस बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश हो सके।
रोहतक में मगन सुहाग सुसाइड केस:कोर्ट में आज तय होंगे आरोप, आरोपी दिव्या व दीपक सोनवने रहेंगे मौजूद
रोहतक में मगन सुहाग सुसाइड केस में आज कोर्ट में सुनवाई होगी। सुनवाई के दौरान आरोपी पत्नी दिव्या व उसके कथित प्रेमी दीपक सोनवने भी मौजूद रहेंगे। पुलिस ने दिव्या के साथ आरोपी दीपक की चार्जशीट भी कोर्ट में जमा करवा दी है। ज कोर्ट में दोनों के आरोप तय किए जाएंगे। गांव डोभ निवासी मगन सुहाग ने 18 जून को फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मरने से पहले मगन ने वीडियो बनाकर अपनी मौत के लिए पत्नी दिव्या व महाराष्ट्र पुलिस के सिपाही दीपक को जिम्मेदार ठहराया था। मगन की वीडियो के आधार पर ही पुलिस ने केस दर्ज करके दिव्या को काबू किया था, जबकि मामले में आरोपी दीपक को हाईकोर्ट से राहत मिल गई और उसे गिरफ्तार नहीं किया गया। मगन सुसाइड केस में कोर्ट ने जांच अधिकारी ASI संजय कुमार को दीपक की चार्जशीट पेश करने के लिए कहा था। जांच अधिकारी ने कोर्ट के आदेश पर दीपक की चार्जशीट को कोर्ट में जमा करवा दिया, जिसके आधार पर कोर्ट में आज सुनवाई होगी। क्योंकि आरोपी दिव्या की चार्जशीट पहले ही कोर्ट में जमा हो चुकी है। दिव्या के पहले पति को पैसे देकर की थी सेटलमेंटमगन से शादी करने से पहले दिव्या का पहले पति विक्की से एक बेटा है, जो अपने पिता के पास रहता है। विक्की भी मुंबई में रहता है। मगन ने मरने से पहले जो वीडियो बनाई, उसमें साफ कहा कि उसे शादी के डेढ साल बाद दिव्या की पहली शादी के बारे में पता चला। पता चलने के बाद दिव्या के पहले पति को पैसे देकर सेटलमेंट की गई। दिव्या ने अपने पहले पति से बिना तलाक लिए मगन से दूसरी शादी की थी। 21 दिन के बेटे को लेकर ससुराल आई दिव्यामगन के परिवार का कहना है कि 3 जुलाई 2019 को दिव्या व मगन ने प्रेम विवाह किया। परिवार के लोगों ने शादी को स्वीकार नहीं किया तो मगन के साथ रोहतक में किराए पर रहने लगी। 2021 में लड़के को जन्म दिया। जब लड़का 21 दिन का था तो दिव्या अपने ससुराल में रहने लगी। मां बाप को जान से मारने की दी थी धमकीमगन के पिता रणबीर सिंह ने आरोप लगाया कि दिव्या व उसके प्रेमी दीपक ने फोन पर मगन को धमकी दी थी कि अपने माता पिता को मार दे और जमीन बेचकर मुंबई में जमीन खरीदेंगे। ऐसा मगन ने अपनी वीडियो में भी बताया है। पैसों के लिए मगन को बार बार परेशान किया जा रहा था। इसी के चलते मगन ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
पटना नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक बजट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसको लेकर नगर निगम की ओर से आम नागरिकों से सुझाव मांगे गए थे, ताकि शहर के विकास से जुड़े मुद्दों को बजट में शामिल किया जा सके। पटना के नागरिक अपने सुझाव लिखित रूप में पटना नगर निगम कार्यालय में जमा करा जा सकते हैं। इसके अलावा ई-मेल या डाक से भी भेज सकते हैं। नागरिक pmclerkhasaction@gmail.com पर मेल कर सकते हैं। 7 फरवरी को निगम बोर्ड की बैठक दूसरी ओर 7 फरवरी को निगम बोर्ड की बैठक है। नगर निगम अपनी आय बढ़ाने के लिए अब म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करेगा। म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने वाला पटना नगर निगम राज्य का पहला नगर निकाय होगा। निगम ने एके कैपिटल को अपना मर्चेंट बैंकर नियुक्त किया है। यह एजेंसी बॉन्ड की संरचना, नियामक अनुपालन, वित्तीय परामर्श, निवेशकों के साथ समन्वय और निर्गम से जुड़ी सभी तकनीकी और प्रक्रियागत आवश्यकताओं में निगम को सहयोग देगी। निगम के आय-व्यय का आकलन होगा म्युनिसिपल बांड जारी करने से पहले संबंधित नगर निकायों की वित्तीय स्थिति और आय-व्यय की स्थिति का अध्ययन किया जाता है। राजस्व संरचना और ऋण चुकाने की क्षमता का भी स्वतंत्र मूल्यांकन होगा। सबकुछ बेहतर रहा तो इस दिशा में नगर निगम आगे बढ़ेगा। इससे पहले निगम बोर्ड की बैठक में इसको लेकर चर्चा होगी। बॉन्ड जारी करने के कई फायदे होंगे। नगर निगम को केंद्र या राज्य सरकार के अनुदान पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। कामकाज में वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही बढ़ेगी। बोर्ड बैठक कई एजेंडों पर चर्चा होगी बोर्ड बैठक कई एजेंडों पर चर्चा होगी। इसमें डोर-टू-डोर कचरा उठाव के लिए वाहन और उपकरणों की खरीद, प्रत्येक वार्ड में 1-1 करोड़ रुपए की योजना, 14 उच्च क्षमता वाले बोरिंग लगाना, विज्ञापन संशोधन विनिमय 2025 का प्रारूप, बिहार नगरपालिका संपत्ति कर प्रोत्साहन के लिए ब्याज और जुर्माना में छूट, पिछली कार्यवाही की संपुष्टि भी शामिल है।
जालौन के कुठौंद थाने में तैनात रहे इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की मौत के मामले में गुरुवार को एक अहम कानूनी प्रक्रिया होने जा रही है। इस प्रकरण में पिछले दो माह से उरई जिला कारागार में बंद महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अभिषेक खरे की अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया जाएगा। यह मीनाक्षी शर्मा की इस मामले में पांचवीं पेशी होगी। इससे पहले मीनाक्षी शर्मा की पेशी 19 दिसंबर, 1 जनवरी, 13 जनवरी और 23 जनवरी को भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हो चुकी है। वह 7 दिसंबर 2023 से न्यायिक हिरासत में है और यह पूरा मामला न्यायालय की निगरानी में आगे बढ़ रहा है। इसी बीच, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत ने मीनाक्षी की ओर से अधिवक्ता राजेश चतुर्वेदी द्वारा दायर जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद, जिला एवं सत्र न्यायालय में एक नई जमानत याचिका दायर की गई है, जिस पर 3 फरवरी को सुनवाई होनी थी, लेकिन अब इस पर अगले हफ्ते 9 फरवरी को सुनवाई होगी। यह उल्लेखनीय है कि 5 दिसंबर की रात कुठौंद थाने के सरकारी आवास में इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की अपनी सर्विस पिस्टल से गोली लगने से मौत हो गई थी। इंस्पेक्टर की पत्नी माया राय ने इस घटना को हत्या मानते हुए महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 7 दिसंबर को मीनाक्षी शर्मा को गिरफ्तार कर लिया और उसी दिन उसे न्यायालय में पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में उरई जिला कारागार भेज दिया गया था। पुलिस जांच के अनुसार, घटना वाली रात इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय अपने सरकारी आवास में मौजूद थे और महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा भी उनके कमरे में थी। अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई देने के बाद मीनाक्षी शर्मा चीखते हुए कमरे से बाहर निकली थी। उसकी ये गतिविधियां थाने परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई हैं, जिन्हें जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच विशेष जांच टीम (एसआईटी) कर रही है। विवेचक व कुठौंद थाने के प्रभारी निरीक्षक अजय पाठक के अनुसार, फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर विवेचना आगे बढ़ाई जा रही है। हालांकि गन पाउडर की रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट आने के बाद विवेचना को अंतिम रूप देकर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि अभी तक इस मामले में चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है, जिससे सुनवाई को लेकर निगाहें टिकी हुई हैं।
उदयपुर में इस बार भीषण गर्मी के दौरान लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना नहीं पड़ेगा। जलदाय विभाग (PHED) ने गर्मी का पारा चढ़ने से पहले ही जिले के लिए 12.24 करोड़ रूपए का आकस्मिक समर प्लान तैयार कर लिया है। विभाग का मुख्य फोकस इस बार टैंकर सप्लाई को सुव्यवस्थित करने, लीकेज कंट्रोल करने और पुराने पंपसेटों को बदलने पर है। जलदाय विभाग ने पूरे जिले में छोटे-बड़े कुल 44 कार्यों को चिन्हित किया है। हालांकि, अधिकारियों का मानना है कि इस साल जल स्रोतों में पानी की उपलब्धता पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर है, लेकिन तकनीकी खामियों और बढ़ती मांग के कारण एडवांस प्लानिंग जरूरी है। समर प्लान के तहत जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा ताकि गर्मी के पीक सीजन में ब्रेकडाउन की स्थिति पैदा न हो। पुराना नेटवर्क बना चुनौती विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती शहर और कस्बों का पुराना पाइपलाइन नेटवर्क है। पाइपलाइन पुरानी होने के कारण बार-बार लीकेज की समस्या आती है, जिससे प्रेशर कम हो जाता है। अंतिम छोर तक पानी पहुंचाना मुश्किल होता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे पानी का दुरुपयोग न करें और लीकेज दिखने पर तुरंत सूचित करें। समर प्लान के बजट को दो मुख्य हिस्सों में बांटा गया है। 888 क्षेत्रों में टैंकरों से होगी सप्लाईदूर-दराज के इलाकों और ऊँचाई पर स्थित बस्तियों के लिए विभाग ने टैंकरों का सहारा लिया है। 14 पंचायत समितियों के 888 आबादी क्षेत्रों की पहचान की गई है जहाँ पानी की किल्लत हो सकती है। विशेष रूप से भिंडर, कानोड़, फतहनगर-सनवाड़ और खैरवाड़ा जैसे कस्बों में टैंकरों के माध्यम से नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
आज से दौड़ेगी ‘भारत टैक्सी’, ड्राइवर बनेंगे मालिक
भारत के पहले सहकारिता-आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म 'भारत टैक्सी' का गुरुवार को शुभारंभ होगा। इस कार्यक्रम के उद्घाटन से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि चालक बहन-भाई 'भारत टैक्सी' से न सिर्फ अधिक मुनाफा कमा पाएंगे
शाजापुर जिले के बेरछा थाना क्षेत्र में एक 22 वर्षीय युवती से रेप का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद से आरोपी फरार है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि यह घटना बुधवार रात की है। उनके पति खेत पर पानी देने गए थे और वह अपने दो वर्षीय बेटे के साथ घर पर अकेली थीं। रात करीब 12:30 बजे दरवाजे पर दस्तक हुई। पति समझकर जैसे ही उन्होंने दरवाजा खोला, जगदीश गुर्जर नामक व्यक्ति घर में घुस आया। आरोपी ने जबरन घर में घुसकर युवती के साथ मारपीट की और दुष्कर्म किया। आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी विरोध करने पर आरोपी ने जान से मारने की धमकी भी दी। सुबह पति के लौटने पर पीड़िता ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने बेरछा थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। बेरछा थाना प्रभारी भारत किरार ने बताया कि आरोपी जगदीश गुर्जर पिता गोकुल गुर्जर के खिलाफ पीड़िता की शिकायत पर धारा 64, 331(4), 115(2), 351(3) भारतीय न्याय संहिता (BNS) और धारा 3(1)(w)(ii), 3(2)(v) अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी फिलहाल फरार है और उसकी तलाश की जा रही है।
बरेली में बचत के नाम पर मेहनतकश लोगों को झांसे में लेकर ठगी करने का एक और मामला सामने आया है। एक फर्जी बैंक एजेंट ने एक दर्जी से डेढ़ लाख रुपये की धोखाधड़ी की। पीड़ित की शिकायत पर एसएसपी के आदेश के बाद सुभाषनगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सुभाषनगर थाना क्षेत्र के वंशीनगला निवासी निर्मल मौर्य सिलाई का काम कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। अगस्त 2023 में देवरनियां थाना क्षेत्र के गांव गुनाहट्टू निवासी अरुण रस्तोगी उनके घर आया। उसने खुद को बैंक की आरडी एजेंसी का प्रतिनिधि बताया और अच्छी बचत का लाभ दिलाने का दावा किया। आरोपी की बातों में आकर निर्मल मौर्य ने 10 हजार रुपये प्रतिमाह की 15 महीने की आरडी शुरू की। नवंबर 2023 से आरोपी के मोबाइल नंबर पर ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए किस्तें भेजी जाती रहीं। जनवरी 2025 तक कुल करीब डेढ़ लाख रुपये आरोपी को दिए जा चुके थे। जब पीड़ित ने आरडी की राशि वापस मांगी तो आरोपी ने टालमटोल शुरू कर दी। बाद में निर्मल मौर्य को जानकारी मिली कि आरोपी के पास किसी भी बैंक की कोई एजेंसी नहीं थी और वह शुरुआत से ही धोखाधड़ी कर रहा था। थाना पुलिस के समक्ष आरोपी ने एक-दो महीने में रुपये लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन अब तक कोई रकम वापस नहीं की गई है। इस मामले से निराश होकर पीड़ित ने एसएसपी से शिकायत की। उनके आदेश पर सुभाषनगर पुलिस ने आरोपी अरुण रस्तोगी के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस अब आरोपी की भूमिका और ठगी के नेटवर्क की जांच कर रही है।
फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को दिल्ली पुलिस ने अरेस्ट किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। रिमांड के दौरान जवाद अहमद सिद्दीकी से यूनिवर्सिटी के प्रशासन, वित्तीय लेन-देन और अन्य गतिविधियों से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ की जाएगी। क्राइम ब्रांच ने निजी विश्वविद्यालय के संचालन से जुड़े कथित अनियमितताओं और फर्जीवाड़े के आरोपों में मामले दर्ज किए थे। आतंकी गतिविधियों में अल फलाह के डॉक्टरों की गिरफ्तारी के बाद यह यूनिवर्सिटी निशाने पर आ गई थी। इसके बाद ईडी ने अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट और अल-फलाह यूनिवर्सिटी और संबंधित संस्थानों के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत सक्षम पीएमएलए कोर्ट में जवाद अहमद सिद्दीकी और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। ईडी ने इस मामले में लगभग 54 एकड़ जमीन और उस पर बने निर्माण के रूप में 139.97 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति कुर्क भी की थी। अल फलाह ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी पर पूरा कंट्रोल सिद्दीकी का अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट, अल-फलाह यूनिवर्सिटी (जिसमें अल-फलाह स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर शामिल है) और संबंधित संस्थाओं पर पूरा नियंत्रण है और वह गैरकानूनी कमाई का मुख्य लाभार्थी है। मैनेजिंग ट्रस्टी और चांसलर के तौर पर वह अन्य पदाधिकारियों के प्रॉक्सी व्यक्तियों के रूप में काम करने के साथ, पूरा प्रशासनिक, वित्तीय और परिचालन नियंत्रण रखता था। वह मेडिकल कॉलेज के कामकाज के लिए भी जिम्मेदार थे, जिसमें एनएमसीई के नियमों का उल्लंघन और गलत जानकारी देकर और जरूरी तथ्यों को छिपाकर सर्टिफिकेशन हासिल करना शामिल था।
सतना में थैलेसीमिया पीड़ित चार बच्चों में एचआईवी संक्रमण पाए जाने के मामले को लेकर केन्द्रीय औषधधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की टीम ने दो महीने बाद एक बार फिर जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक के दस्तावेजों की गहन जांच की। यह जांच सुबह 9 बजे से शाम करीब 6 बजे तक, लगभग 9 घंटे चली। दो सदस्यीय टीम ने रिकॉर्ड खंगाले जांच के लिए आई दो सदस्यीय टीम में सहायक औषधि नियंत्रक पुष्पराज कुमार सिंह और औषधि निरीक्षक सचिन कुमार बी. कपसे शामिल थे। बंद कमरे में हुई इस जांच में 14 बिंदुओं पर ध्यान दिया गया। टीम ने यह देखा कि पिछली जांच के बाद दिए गए सुधार निर्देशों का कितना पालन किया गया है और क्या अभी भी कोई खामियां मौजूद हैं। इस दौरान ब्लड बैंक के सभी रिकॉर्ड बारीकी से जांचे गए। रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद टीम अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। फिलहाल जांच के नतीजों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद ही जांच के निष्कर्ष सामने आने की उम्मीद है। जांच के दौरान बंद रहा ब्लड बैंक गेट जैसे ही सीडीएससीओ की टीम ब्लड बैंक पहुंची, मुख्य गेट आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया और एक सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिया गया। इससे ब्लड लेने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी हुई और दिनभर लंबी कतारें लगी रहीं। टीम के शाम करीब 7 बजे रवाना होने के बाद कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। पहले भी हो चुकी है जांच गौरतलब है कि इसी मामले में 3 फरवरी को सीडीएससीओ टीम ने बिरला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक की भी जांच की थी। जांच के दौरान ब्लड बैंक में एक युवक को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मैहर के चकेरा निवासी वीरेन्द्र कुमार की पत्नी रन्नू मैहर सिविल अस्पताल में भर्ती हैं। अधिक रक्तस्राव के कारण उनका हीमोग्लोबिन 3.9 ग्राम तक पहुंच गया है। डॉक्टरों ने 3 यूनिट ब्लड चढ़ाने की सलाह दी थी। वीरेन्द्र ने बताया कि वह सुबह करीब 11 बजे ब्लड बैंक पहुंचे और प्रक्रिया के तहत ए पॉजिटिव ब्लड डोनेट कराया। इसके बावजूद टेस्ट और सेपरेशन का हवाला देकर उन्हें शाम 5 बजे तक ब्लड नहीं दिया गया। अंततः शाम साढ़े 5 बजे ब्लड मिल पाया। जबकि नियमानुसार अधिकतम 2 घंटे में ब्लड उपलब्ध कराया जाना चाहिए। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, क्लिया मशीन के बार-बार खराब होने से देरी हुई। इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 4 बच्चों को चढ़ाया 'एड्स' वाला खून…हो गए HIV पॉजिटिव सतना जिला अस्पताल के ब्लड बैंक की लापरवाही से थैलेसीमिया से पीड़ित 4 बच्चों को एचआईवी पॉजिटिव ब्लड चढ़ा दिया गया। मामला चार महीने पुराना बताया जा रहा है, जिसका खुलासा अब हुआ है। चारों बच्चों की उम्र 8 से 11 साल के बीच है। थैलेसीमिया से पीड़ित इन बच्चों को नियमित रूप से ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत पड़ती है। पूरी खबर पढ़ें…
फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जावद अहमद सिद्दीकी को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। यूजीसी की ओर से दिल्ली ब्लास्ट के बाद 2 एफआईआर दर्ज करवाई गई थी। उसी में दिल्ली पुलिस के द्वारा यह कार्रवाई की गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी कार्रवाई शुरू की थी। क्राइम ब्रांच ने निजी विश्वविद्यालय के संचालन से जुड़े कथित अनियमितताओं और फर्जीवाड़े के आरोपों में मामले दर्ज किए थे। सिद्दीकी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जिसने आगे की पूछताछ के लिए चार दिन की पुलिस कस्टडी मंजूर की। दिल्ली ब्लास्ट के बाद शुरू हुई जांचदिल्ली ब्लास्ट के बाद चर्चा में आई फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी व अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी और अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दाखिल मनी लॉन्ड्रिंग की चार्जशीट पर संज्ञान लेने के लिए दिल्ली की साकेत कोर्ट में 31 जनवरी को सुनवाई की जाएगी। कोर्ट ने ये फैसला ईडी की दलीलें सुनने के बाद दिया है। 4 पाइंट मे समझिए अब तक कार्रवाई और ED की जांच…
महाशिवरात्रि के अवसर पर कान्हा की नगरी से दिव्य परंपरा का निर्वहन शुरू किया जाएगा। इस बार महाशिवरात्रि पर्व पर श्री कृष्ण जन्मस्थान मंदिर से काशी स्थित बाबा विश्वनाथ के लिए प्रसाद भेजा जाएगा। यह प्रसाद महाशिवरात्रि पर्व पर बाबा विश्वनाथ और माता पार्वती को भेंट स्वरूप अर्पित किया जाएगा। 8 फरवरी को भेजा जाएगा प्रसाद श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के तत्वावधान में यह दिव्य प्रसाद दिनांक 8 फरवरी रविवार को प्रातः 10 बजे श्रीकृष्ण जन्मभूमि से काशी विश्वनाथ धाम के लिए रवाना किया जाएगा। इस संबंध में जानकारी देते हुए श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि हरिहर भाव को धारण करते हुए, काशी विश्वनाथ धाम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्रा के परामर्श से यह पावन नवाचार किया जा रहा है। यह होगा बाबा विश्वनाथ को अर्पित महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ धाम के बीच यह धार्मिक समन्वय करोड़ों भगवान श्रीकृष्ण और भगवान शिव के भक्तों को आनंदित करेगा। प्रसाद सामग्री में फलाहारी लड्डू, फल, पंचमेवा, बाबा विश्वनाथ और भगवती अन्नपूर्णा के वस्त्र एवं श्रृंगार सामग्री सहित अन्य शुद्ध और सुगंधित द्रव्य शामिल होंगे .यह समस्त सामग्री शास्त्रीय मान्यताओं, परंपराओं और विधि-विधान के अनुसार तैयार कर, मंदिर के पुजारियों द्वारा सुसज्जित वाहन से काशी विश्वनाथ धाम, वाराणसी भेजी जाएगी।कपिल शर्मा ने बताया यह प्रसाद फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी महाशिवरात्रि के पावन दिन बाबा विश्वनाथ जी को अर्पित किया जाएगा। शास्त्रों और पुराणों में महाशिवरात्रि को विशेष महत्व दिया गया है। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का भी प्रतीक माना जाता है। साथ ही इसी पावन रात्रि में शिवलिंग के प्रादुर्भाव की मान्यता भी जुड़ी हुई है। काशी,मथुरा और अयोध्या की एकता को करेगी पहल सशक्त संस्थान की प्रबंध समिति के सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि महाशिवरात्रि का पर्व देश-विदेश के साथ-साथ ब्रजभूमि में भी अत्यंत धूमधाम से मनाया जाता है।श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान द्वारा की जा रही यह पहल काशी, मथुरा और अयोध्या के बीच धार्मिक एकता, सांस्कृतिक समन्वय और सनातन परंपरा को और अधिक सशक्त करने का कार्य करेगी।
चंडीगढ़ में चोरों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब पुलिस थाने के बिल्कुल पास भी वारदात करने से नहीं डर रहे। थाना सेक्टर-34 से चंद कदमों की दूरी पर स्थित बूथ मार्केट में तड़के चोरों ने चार दुकानों के ताले तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। हैरानी की बात यह रही कि एक दुकान में चोरों ने चोरी से पहले बैठकर खाना खाया, नमकीन खाई और कोल्ड ड्रिंक पी, इसके बाद आराम से फरार हो गए। यह पूरी घटना थाना सेक्टर-34 के पास स्थित बूथ मार्केट की है, जिसने पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुबह पहुंचे तो ताले टूटे मिलेबूथ मार्केट में स्थित आनंद इलेक्ट्रॉनिक्स के दुकानदार ने बताया कि जब वह सुबह दुकान पर पहुंचे तो ताले टूटे हुए थे। जांच करने पर दुकान से टॉर्च, ब्लूटूथ डिवाइस और तारों के बंडल गायब मिले। चोरी गए सामान की कीमत करीब 13 से 14 हजार रुपए बताई जा रही है। इसके अलावा चोरों ने पास ही स्थित शिवा स्टेशनरी के भी दोनों ताले तोड़ दिए, लेकिन अंदर लगे सेंटर लॉक के कारण वहां से कोई सामान चोरी नहीं हो सका। वहीं शू-कैफे-34 से करीब 10 हजार रुपए नकद चोरी होने की सूचना है। पहले पार्टी, फिर चोरीसबसे चौंकाने वाला मामला एक फास्ट फूड की दुकान से सामने आया है। यहां चोरों ने ताले तोड़कर नकदी और सामान चुराने के साथ-साथ दुकान में रखे खाद्य पदार्थ भी खाए। चोरों ने नमकीन खाई, कोल्ड ड्रिंक पी और मौके पर ही पार्टी करने के बाद फरार हो गए। इस दुकान से करीब 10 हजार रुपए नकद, तीन चाकू, एक टैब और एक मोबाइल फोन चोरी होने की बात सामने आई है। सुबह 4 बजे मार्किट में पहुंचे चोरसेक्टर-34 के दुकानदार संजय ने बताया कि एक दुकान रात करीब एक बजे बंद होती है, दूसरी सुबह 4 बजे बंद होती है। उसके बाद चोर दुकान बंद होती है मार्किट में पहुंच गए, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि चोरों को पहले से पता था कि कौन-सी दुकान कितने बजे तक बंद होती है। सीसीटीवी में पूरी वारदात कैदसेक्टर-34 की दुकानों में की गई पूरी वारदात वहां पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसमें देखा जा सकता है कि कुल 7 युवक हैं, जिनमें से एक के हाथ में लोहे का हथियार है। चोर एक एक्टिवा पर 4 सवार होकर और दूसरी पर 3 सवार होकर आए थे। इनमें से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना हुआ था। इसके अलावा लगता है कि उन्हें किसी का भी डर नहीं था, इसलिए उनमें से किसी एक ने भी अपना चेहरा छुपाने की कोशिश तक नहीं की। पहले युवक आते हैं, दुकान के बाहर पड़ा सामान चेक करते हैं और उनके हाथों में बोरा था, जिसमें वे सामान डाल रहे थे। इसके बाद दुकानों के ताले तोड़कर अंदर से सामान चोरी किया और एक्टिवा पर बैठकर वहां से चले गए।
अमृतसर से विधायक कुंवर विजय प्रताप ने फेसबुक पर लाइव होकर आम आदमी पार्टी सरकार पर कड़ा तंज कसा। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि हाल ही में विजिलेंस द्वारा दर्ज किया गया आय से अधिक संपत्ति का मामला, जो करीब सात महीने पहले दर्ज हुआ, जो ड्रग्स केस से अलग है। ड्रग्स का केस दिसंबर 2021 में कांग्रेस सरकार के समय दर्ज हुआ था, जब पंजाब में चरणजीत सिंह चन्नी मुख्यमंत्री थे। एफआईआर दिसंबर 2021 को पंजाब स्टेट क्राइम सेल में दर्ज हुई थी, यानी आम आदमी पार्टी की सरकार बनने से पहले। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद राजनीतिक बदले की भावना से आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया, जो अदालत में टिकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि बरगाड़ी बेअदबी मामला हो या ड्रग्स केस, हर बार समझौते के बाद नया केस सामने लाया गया। कांग्रेस सरकार के समय ड्रग्स केस पर AAP ने आंदोलन क्यों नहीं किया उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस सरकार के समय यह ड्रग्स केस दर्ज हुआ, तब आम आदमी पार्टी ने कोई बड़ा आंदोलन या दबाव क्यों नहीं बनाया। मार्च 2022 में जब भगवंत मान मुख्यमंत्री बने, उस समय बिक्रम मजीठिया जेल में थे, लेकिन इसके बावजूद ड्रग्स केस में न तो प्रभावी पूछताछ हुई, न रिमांड लिया गया और न ही समय पर चालान पेश किया गया। कुंवर विजय प्रताप ने कहा कि 10 अगस्त 2022 को मजीठिया को ड्रग्स केस में जमानत मिल गई और हाईकोर्ट में सरकार के वकील यह तक नहीं बता सके कि उन्हें रिमांड चाहिए या चालान पेश करना है। इससे साफ जाहिर होता है कि यह जमानत सरकारी तंत्र की लापरवाही या सहमति से हुई। मजीठिया की जमानत बना संवेदनशील मुद्दा, सुप्रीम कोर्ट का आदेश सामने उन्होंने कहा कि बिक्रम सिंह मजीठिया को मिली जमानत एक बेहद संवेदनशील और लगातार विवादित होता जा रहा मुद्दा है। यह जमानत माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई है और इसका आदेश दो तारीख को आया। कुंवर विजय प्रताप ने स्पष्ट किया कि उन्होंने जानबूझकर इतने दिन तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, क्योंकि जब तक तथ्य और अदालत का आदेश न देख लिया जाए, तब तक टिप्पणी करना उचित नहीं होता। उन्होंने कहा कि जब करीब सात महीने पहले बिक्रम सिंह मजीठिया की गिरफ्तारी हुई थी, तब भी उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में साफ लिखा था कि मजीठिया से उनके वैचारिक मतभेद पहले भी थे और आगे भी रहेंगे। उन्होंने यह बात एक नहीं, बल्कि तीन बार सार्वजनिक रूप से कही थी। वैचारिक मतभेद पहले भी थे, आगे भी रहेंगे: विधायक का स्पष्ट बयान कुंवर विजय प्रताप ने यह भी कहा कि मजीठिया की पत्नी के साथ जिस तरह की बदसलूकी हुई, उस पर उन्होंने उसी दिन आपत्ति दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा कि वे खुद पुलिस सेवा में रहे हैं, बड़े-बड़े अपराधी और गैंगस्टर पकड़े गए, लेकिन कभी भी किसी आरोपी के परिवार को परेशान नहीं किया गया। अपराधी को कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए, लेकिन परिवार के साथ दुर्व्यवहार नहीं होना चाहिए। कुंवर विजय प्रताप ने कहा कि बिक्रम मजीठिया को पंजाब में कोई सहानुभूति नहीं मिल सकती, क्योंकि उनके कार्यकाल में बहुत अन्याय हुआ। लेकिन यह भी सच है कि उस समय जो लोग यह सब कर रहे थे, आज वे मौजूदा सरकार के काफी करीब हैं। उन्होंने कहा कि आज पंजाब में पुलिस को असली अपराध, ड्रग्स और गैंगस्टरवाद से हटाकर राजनीतिक मामलों में उलझाया जा रहा है।अंत में कुंवर विजय प्रताप ने कहा कि वे किसी व्यक्ति का समर्थन नहीं कर रहे, बल्कि सच्चाई सामने रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि अदालत की प्रक्रिया पर वे टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट का आदेश सार्वजनिक दस्तावेज है और उस पर सवाल पूछना जनता का अधिकार है।
बिजली की लाइनों के मेंटेनेंस कार्य के चलते श्रीगंगानगर में आज बिजली सप्लाई बंद रहेगी। इस दौरान उद्योग विहार (रीको) स्थित 220 केवी जीएसएस में मेंटेनेंस का काम होगा। साथ ही 132 केवी लाइन का मेंटेनेंस किया जाएगा। एक्सईएन नरेश लालगढ़िया ने बताया कि सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक यह काम चलेगा। इस दौरान 3 घंटे का पावर कट लगेगा। इस वजह से 33 केवी फीडरों पर बिजली बंद रहेगी। प्रभावित इलाकों में रीको प्रथम और द्वितीय, रिद्धि-सिद्धि, जवाहरनगर, नेतेवाला, मनफूलसिंहवाला और लालगढ़ छावनी शामिल हैं। करीब तीन घंटे तक इन क्षेत्रों में बिजली नहीं आएगी। काम पूरा होने के बाद बिजली आपूर्ति सामान्य हो जाएगी।
कैथल में कार की टक्कर से किशोर की मौत:बहन को कॉलेज से लेने गया, भागल में हुआ हादसा
कैथल के गांव भागल में एक कार ड्राइवर ने मोटरसाइकिल पर जा रहे भाई-बहन को टक्कर मार दी। इस हादसे में 17 वर्षीय भाई की मौत हो गई, जबकि बहन गंभीर रूप से घायल हो गई। इस संबंध में मृतक के बड़े भाई ने चीका थाना पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी कार ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। 11वीं कक्षा में पढ़ता था रमन गांव ककराला गुजरान निवासी गौरव ने चीका थाना में दी शिकायत में बताया कि वह ITI ईस्माइलाबाद में पढाई करता है। उसका छोटा भाई करीब 17 वर्षीय रमन 11वीं कक्षा में पढ़ता था। चार फरवरी को रमन उसके चाचा अजमेर की लड़की राखी को घर लाने के लिए गर्ल्स कालेज चीका गया था। दोनों गंभीर रूप से घायल हुए जब वे शाम को मोटरसाइकिल पर सवार होकर घर आ रहे थे और गांव भागल में सरकारी स्कूल के पास पहुंचे तो अज्ञात कार के ड्राइवर ने तेजगति व लापरवाही से वाहन चलाते हुए उनको टक्कर मार दी। इससे उसके भाई रमन और बहन राखी को काफी चोटें लगी। उनको राहगीरों ने सरकारी अस्पताल गुहला भेज दिया, जहां पर जांच के बाद डॉक्टरों ने रमन को मृत घोषित कर दिया। राखी का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। शिकायतकर्ता ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। चीका थाना के जांच अधिकारी लखविंद्र ने बताया कि इस संबंध में पुलिस के पास शिकायत आई है। पुलिस ने आरोपी गाड़ी ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
अररिया के रानीगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने बेगवाही गांव निवासी 20 वर्षीय जय कुमार को अवैध हथियार और नशीले पदार्थों के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। छापेमारी के दौरान पुलिस ने जय कुमार के घर से 40.17 ग्राम स्मैक, एक देशी लोडेड कट्टा, चार जिंदा कारतूस और सात फायर किए हुए खोखे बरामद किए। इसके अतिरिक्त, 17 मोबाइल फोन, 4,500 रुपये नकद और एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू भी जब्त किया गया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए थाने ले गई पुलिस मौके पर मौजूद जय कुमार को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस उसे आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए थाने ले गई है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। बरामद मोबाइल फोन और नकदी की जांच से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है या नहीं। साथ ही, इतनी बड़ी संख्या में मोबाइल फोन के इस्तेमाल की भी जांच की जा रही है। नशा तस्करी और अवैध हथियारों के खिलाफ सख्ती बरतने का संकेत इस ऑपरेशन में रानीगंज थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, अपर थानाध्यक्ष राजू कुमार, अजयनंद पासवान, अभिषेक कुमार, कंदन कुमार, रब्बानी और सौम्या कुमारी शामिल थे। एसडीपीओ सुशील कुमार ने इस सफल कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार और अवैध हथियारों पर लगाम कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस ने क्षेत्र में नशा तस्करी और अवैध हथियारों के खिलाफ सख्ती बरतने का संकेत दिया है। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे इलाके में अपराध पर अंकुश लगेगा।
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है। मुठभेड़ के दौरान नक्सली कमांडर उधम सिंह के मारे जाने की खबर सामने आई है। मौके से एक ऑटोमेटिक AK-47 राइफल भी बरामद की गई है। घटना तरेम थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, यह मुठभेड़ छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा क्षेत्र में चल रही है। DVCM उधम सिंह लाटून नंबर 30 का कमांडर था और वह जागूरगुंडा एरिया कमेटी का कमांडर भी बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि साउथ बस्तर के पेद्दागेलूर जंगल क्षेत्र में डीआरजी और सीआरपीएफ कोबरा के जवान मोर्चा संभाले हुए हैं। फिलहाल, इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है।
हरियाणा में अंबाला का रहने वाला एक परिवार 3 महीने के अंदर खत्म हो गया। पहले दिवाली पर व्यक्ति ने फांसी लगा ली। फिर पति के जाने के बाद पत्नी भी मानसिक रूप से परेशान रहने लगी। 23 जनवरी को महिला अपने बेटा-बेटी को लेकर घर से निकल गई, जिसने नहर में छलांग लगा दी। महिला और बेटे का शव कुरुक्षेत्र की नरवाना ब्रांच नहर से बरामद हो चुका है, जबकि बेटी की तलाश जारी है। 16 दिन बाद भी बेटी का कोई सुराग नहीं लग पाया है। अंबाला पुलिस का कहना है कि अभी तक घटना के पीछे की वजह सामने नहीं आई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। दिवाली के दिन पति ने फांसी लगाई कांवला गांव (अंबाला) निवासी रोहित सिंह ने बताया कि उसके भाई रवि कुमार की शादी करीब 10 साल पहले लाडवा की रहने वाली मीना देवी के साथ हुई थी। रवि इलेक्ट्रीशियन था और उसकी अंबाला में दुकान थी। रवि ने दिवाली के दिन घर पर फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया था। शायद रवि घरेलू कलह से परेशान था। 21 जनवरी को पिता मिलने आए घर से लापता होने के दो दिन पहले यानी 21 जनवरी को मीना के पिता राजकुमार कांवला गांव आए थे। मीना को कहा था कि तू कुछ दिन के लिए मायके चल पड़। उस समय मीना ने मना करते हुए कहा कि कुछ दिन बाद मैं बच्चों के साथ आ जाऊंगी। मीना की एक बहन और 2 भाई बलविंद्र और मलकीत हैं। सभी शादीशुदा हैं। 23 जनवरी को बच्चों के साथ निकली रोहित ने बताया कि 23 जनवरी की सुबह करीब 10:30 बजे मीना (35) अपनी 8 साल की बेटी दिव्या और 6 साल के बेटे एकम के साथ घर से चली गई। पहले तो परिवार को लगा कि वे लोग बाजार गए हैं, लेकिन शाम तक तीनों वापस नहीं आए। परिवार ने मीना के मोबाइल पर फोन भी किया, लेकिन उसका मोबाइल बंद आने लगा। 29 जनवरी को बेटे का शव बरामद रोहित ने बताया कि उन्होंने अपनी रिश्तेदारी और भाभी के मायके में भी उनके बारे पता किया, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल पाया। बाद में उनको सूचना मिली कि तीनों को नहर की तरफ जाते देखा गया है। 29 जनवरी को एकम का शव नरवाना ब्रांच नहर ज्योतिसर के पास बरामद हुआ। इसके अगले दिन मीना शव डल्ला माजरा से मिल गया।
जबलपुर कलेक्टर कार्यालय को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि घरेलू गैस सिलेंडर तय दर से अधिक कीमत पर बेचे जा रहे हैं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर जांच कराई गई, जिसमें सामने आया कि शहर की कई रसोई गैस एजेंसियां ग्राहकों से प्रति सिलेंडर 150 से 200 रुपए तक अधिक वसूली कर रही हैं। शुरुआती जांच में शिकायतें सही पाए जाने के बाद बुधवार को कलेक्टर ने अधिकारियों को ग्राहक बनाकर गैस एजेंसियों में भेजा। जांच अधिकारी खाली सिलेंडर लेकर एजेंसियों पर पहुंचे और भरे हुए सिलेंडर की मांग की। इस दौरान न केवल अधिक राशि वसूल की गई, बल्कि पूरे मामले के वीडियो भी बनाए गए, जिन्हें बाद में कलेक्टर को सौंपा गया। जांच में यह पाया गया कि शहर की 12 गैस एजेंसियों द्वारा निर्धारित दर 860 रुपए के स्थान पर 1,000 से 1,100 रुपए तक लेकर घरेलू गैस सिलेंडर बेचे गए। इतना ही नहीं, गैर-पंजीकृत उपभोक्ताओं को भी सिलेंडर उपलब्ध कराए गए। भुगतान यूपीआई के माध्यम से किया गया, जिसका रिकॉर्ड भी जांच दल के पास है। कलेक्टर ने दोषी पाए गए सभी 12 रसोई गैस वितरकों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि तय समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में एकतरफा कार्रवाई की जाएगी। दरअसल जिन लोगो के पास गैस की बुक है, उनके पास समय पर सिलेंडर नहीं पहुंच रहा था, पता किया तो जानकारी लगी कि सिलेंडर के अधिक रुपए लेकर ब्लेक किया जा रहा है। शिकायत की कलेक्टर ने जांच करवाई तो सहीं पाया, जिसके बाद एक अभियान के तहत एक साथ 12 स्थान पर अधिकारियों को ग्राहक बनाकर भेजा, जहां देखा गया कि बिना बुक के सिलेंडर की कालाबाजारी की जा रही है। दोषी पाए गए गैस वितरक अथर्व गैस एजेंसी, बलदेवबाग – अमित अग्रवाल दीप गैस एजेंसी, संजीवनी नगर – आकाश नेचलानी मदनमहल गैस कंपनी, मदनमहल – सुलभ नाईक विश्वनाथ गैस एजेंसी, गोहलपुर – सौरभ अग्रवाल आकांक्षा गैस एजेंसी, आधारताल – सौरभ सिंह जाट गुजराल गैस एजेंसी, सदर – श्रीमती तविन्दर कौर गुजराल उदयन गैस एजेंसी, रांझी – श्रीमती नुपुर ठाकुर दुबे गैस एजेंसी, विजय नगर – गुलाब दुबे ओम इंडेन गैस एजेंसी, रांझी – अनिल रावतेल साईं विश्वा गैस एजेंसी, कांचघर – विनीत कुमार वाजपेयी मित्तल गैस एजेंसी, कटंगा – शरद मित्तल शंकर गैस एजेंसी, भेड़ाघाट – विनय शंकर श्रीवास्तव कारण बताओ नोटिस में उल्लेख किया गया है कि गैस एजेंसी संचालकों एवं उनके कर्मचारियों द्वारा घरेलू गैस सिलेंडर की कालाबाजारी कर अधिक लाभ कमाने का प्रयास किया गया, जो कि द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश 2000 की कंडिका 3(3), 4(2), 9(घ) तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 सहपठित धारा 7 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि घरेलू रसोई गैस के दुरुपयोग और व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगाने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
मुजफ्फरनगर को जल्द ही एक अत्याधुनिक बहुआयामी ऑडिटोरियम की सौगात मिलेगी। लगभग 27 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इस परियोजना के शिलान्यास से पूर्व, उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं नगर विधायक कपिल देव अग्रवाल ने आज महावीर चौक स्थित राजकीय इंटर कॉलेज (जी.आई.सी.) परिसर में परियोजना स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों, तकनीकी विशेषज्ञों और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों के साथ गहन चर्चा की। उन्होंने परियोजना की समग्र रूपरेखा, भवन संरचना, आधुनिक तकनीकी सुविधाओं, ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था, अग्नि एवं सुरक्षा मानकों तथा निर्माण की समयसीमा पर विचार-विमर्श किया। पहले 2 तस्वीरें देखिए… मंत्री अग्रवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता मानकों, पूर्ण पारदर्शिता और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए। इस अवसर पर मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हर जिले को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए संतुलित विकास की दिशा में कार्य कर रही है। मुजफ्फरनगर में प्रस्तावित यह बहुआयामी ऑडिटोरियम शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि यह परियोजना विद्यार्थियों, युवाओं, कलाकारों और सामाजिक संगठनों को एक आधुनिक मंच उपलब्ध कराएगी। योगी सरकार का संकल्प है कि विकास केवल राजधानी तक सीमित न रहे, बल्कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद तक पहुंचे। प्रस्तावित बहुआयामी ऑडिटोरियम में अत्याधुनिक ऑडियो-विजुअल सिस्टम, उच्च स्तरीय ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षित एवं सुविधाजनक बैठने की क्षमता तथा बहुउपयोगी मंच जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह परियोजना शैक्षणिक, सांस्कृतिक, सामाजिक एवं बौद्धिक गतिविधियों को नया आयाम देने के साथ-साथ मुज़फ्फरनगर की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करेगी। निरीक्षण के दौरान जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी, भाजपा नेता जितेन्द्र कुच्छल, नवनीत कुच्छल, विपुल भटनागर, कैप्टन प्रवीण, डॉ. जीत सिंह तोमर, वी.सी. एम.डी.ए. कविता मीणा, सी.डी.ओ. कमल किशोर, सचिव कुंवर बहादुर सिंह, एक्सईएन विनीत अग्रवाल, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी अनिल कुमार राणा, एई ड़ी.के. तोमर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
किशनगंज में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त माहौल में जारी है। गुरुवार को परीक्षा के तीसरे दिन प्रथम पाली में भौतिकी तथा द्वितीय पाली में भूगोल/योग एवं शारीरिक शिक्षा की परीक्षा आयोजित की जा रही है। यह परीक्षा किशनगंज शहर के कुल 20 केंद्रों पर हो रही है। परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। 20 स्टैटिक दंडाधिकारी और पुलिस अधिकारियों को प्रतिनियुक्त किया गया है। सभी वीक्षकों की तैनाती कंप्यूटरीकृत रेंडमाइजेशन पद्धति से की गई है। आगे और पीछे के परिसर की वीडियोग्राफी कराई जा रही परीक्षा केंद्रों के आगे और पीछे के परिसर की वीडियोग्राफी कराई जा रही है, साथ ही सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी रखी जा रही है। परीक्षार्थियों के लिए मोबाइल फोन सहित सभी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर पूर्ण प्रतिबंध है। प्रवेश से पहले परीक्षार्थियों की बॉडी फ्रिस्किंग की जा रही है। केवल समय पर पहुंचने वाले परीक्षार्थियों को ही प्रवेश दिया जा रहा है, जबकि देर से आने वालों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं है। इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 20 परीक्षा केंद्र बनाए गए इस वर्ष इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 20 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सबसे अधिक परीक्षार्थी कला संकाय (आर्ट्स) में हैं, जिनकी संख्या 9,866 है। वाणिज्य (कॉमर्स) में 172 और विज्ञान (साइंस) में 2,883 परीक्षार्थी शामिल हैं। परीक्षार्थियों की बड़ी संख्या को देखते हुए शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने यातायात, भीड़ नियंत्रण और आपात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया है। परीक्षा अवधि के दौरान परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा लागू रहेगी। इस दायरे में फोटोस्टेट, चाय-पान और किताबों की दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी। भ्रामक सूचना फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जिला साइबर सेल सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी रख रही है, ताकि अफवाह या भ्रामक सूचना फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। परीक्षार्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय से पहले केंद्र पहुंचें और आवश्यक दस्तावेज साथ रखें। प्रशासन ने अभिभावकों से भी सहयोग की अपील की है, ताकि परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ न बढ़े और बच्चों का ध्यान भंग न हो। जिलाधिकारी विशाल राज ने बताया कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा, हमारी कोशिश है कि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण, सुरक्षित और नकल मुक्त माहौल में हो। बच्चे बिना किसी दबाव और व्यवधान के परीक्षा दें, यही हमारी प्राथमिकता है।
गुरुग्राम जिला नगर निगम के सफाई कर्मचारियों के साथ बदसलूकी, धक्के देने और जातिसूचक टिप्पणी करने का मामला गर्मा गया है। नगर पालिका कर्मचारी संघ के सचिव धर्मेंद्र जिंगाला की शिकायत पर सेक्टर-9ए थाने में वार्ड-33 से पार्षद सारिका भारद्वाज के पति प्रशांत भारद्वाज और उनके साथी कैलाश कुमार कोली के खिलाफ एससी एसटी एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। कर्मचारी संघ पार्षद पति की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ा है, वहीं पार्षद पक्ष ने इसे स्थानीय विधायक के इशारे पर की गई साजिश करार दिया है। प्रशांत भारद्वाज ने खुद ही कर्मचारियों को सही से काम करने के लिए डांटने और एक कर्मचारी को धक्के मारने का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। जिसको लेकर सफाई कर्मचारियों में रोष बन गया और कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारी संघ के आरोप ठेकेदार के काम करने का अनावश्यक दबाव: 2 फरवरी को सफाई कर्मचारी लक्ष्मण विहार फेज-II में अपना काम कर रहे थे। प्रशांत भारद्वाज ने उन पर एक टूटी हुई सीवर लाइन को ठीक करने के लिए जबरन दबाव बनाया, जबकि वह कार्य नगर निगम के ठेकेदार के अधीन था। जातिसूचक बोला, धक्के मारे: जब यह बताया कि यह काम ठेकेदार का है, तो प्रशांत भारद्वाज उग्र हो गए। आरोपी ने उनके साथ गाली-गलौज की और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। वीडियो वायरल किया, धमकी दी: आरोपी ने सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर अपमानित किया और धमकी देते हुए कहा कि उस पर पहले से ही 20 मामले चल रहे हैं और उसे किसी का डर नहीं है। मेरे साथ 18 पार्षद है और मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। पार्षद पति प्रशांत भारद्वाज ने दी सफाई जनता के काम करवा रहा हूं: मैं अपने वार्ड के लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए गया था। कर्मचारियों द्वारा काम में लापरवाही बरती जा रही थी और जब उन्होंने सवाल किया, तो इसे मुद्दा बना दिया गया। पुलिस ने बिना जांच किए केस दर्ज कर लिया। विधायक के दबाव में एफआईआर: पुलिस ने बिना निष्पक्ष जांच के केवल स्थानीय विधायक के राजनीतिक दबाव में आकर आनन-फानन में FIR दर्ज की है। वार्ड में विकास कार्यों को लेकर चल रही खींचतान के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है ताकि उनकी सामाजिक छवि को धूमिल किया जा सके। बार एसोसिएशन का समर्थन: उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन ने मीटिंग कर मुझे समर्थन दिया है। मामले में पुलिस से मुलाकात कर अपना पक्ष रखूंगा। यह सीधे तौर पर राजनीति से प्रेरित मामला है। मेरी बढ़ती लोकप्रियता कुछ लोगों से बर्दाश्त नहीं हो रही। गिरफ्तारी के मांग पर अड़े कर्मचारी इस बारे में संघ के सचिव धर्मेंद्र ने कहा कि नगरपालिका कर्मचारी संघ ने मांग की है कि आरोपी प्रशांत भारद्वाज की तुरंत गिरफ्तारी की जाए। यदि गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे अपना आंदोलन तेज करेंगे। कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें कार्यस्थल पर सम्मान और सुरक्षा प्रदान की जाए।
मुंगेर में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने घोषणा की है कि पंचायती राज विभाग के कार्यों में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उनका कहना है कि इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। मंत्री जमालपुर प्रखंड के इन्द्ररूख पूर्वी पंचायत में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंत्री दीपक प्रकाश ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम करने का अवसर मिला है। उन्होंने पंचायती राज विभाग की जिम्मेदारी पूरी निष्ठा के साथ निभाने का संकल्प लिया। उनका लक्ष्य है कि विभाग में संचालित योजनाओं का सही ढंग से क्रियान्वयन हो और भविष्य में नई योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की जा सकें। विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा विकास कार्यों की बेहतर निगरानी के लिए पंचायत स्तर पर एक समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। यह समिति पंचायतों में चल रही योजनाओं की नियमित समीक्षा करेगी। लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी मंत्री ने जोर दिया कि इस पहल से न केवल कार्यों की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि जवाबदेही भी तय होगी और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता से पंचायतों में विकास की गति तेज होगी और आम लोगों को योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा। कार्यक्रम से पहले, जदयू प्रखंड अध्यक्ष मुनीलाल मंडल के नेतृत्व में रेणू चेतना मंच के कार्यकर्ताओं ने मंत्री दीपक प्रकाश का स्वागत किया। इस अवसर पर जदयू जिला प्रवक्ता वीमलेंदु राय, वीपीन कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित थे।
भदोही में अवैध अभिलेखों के आधार पर सहायक अध्यापक की नियुक्ति लेने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। कम्पोजिट विद्यालय कालिक मवैया में नियुक्त इस सहायक अध्यापक की सेवा नियुक्ति तिथि से ही समाप्त कर दी गई थी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, भदोही ने कम्पोजिट विद्यालय कालिक मवैया, थाना क्षेत्र कोइरौना में नियुक्त सहायक अध्यापक शैलेंद्र कुमार (पुत्र रामचंदर, निवासी भटौली, हरहुआ, वाराणसी) की सेवा नियुक्ति तिथि से समाप्त कर दी थी। शैलेंद्र कुमार के खिलाफ अवैध दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति प्राप्त करने के संबंध में थाना कोइरौना में एक मामला भी दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक भदोही, अभिमन्यु मांगलिक के निर्देश पर और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में, थाना कोइरौना पुलिस टीम ने कार्रवाई की। मुखबिर की सूचना पर कटरा बाजार में जय सेठ की दुकान के सामने एक चाय की दुकान से वांछित अभियुक्त शैलेंद्र कुमार (उम्र 45 वर्ष, निवासी भटौली, थाना बड़ागाँव, जनपद वाराणसी) को गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक काशीनाथ यादव और हेड कांस्टेबल विनय कुमार यादव, थाना कोइरौना, जनपद भदोही शामिल थे।
कोटा जिले के सांगोद क्षेत्र के अडूसा गांव में दिनदहाड़े मकान में चोरी हो गई। बदमाश मकान का ताला तोड़कर घुसा और अलमारी में रखे सोने चांदी के जेवर चोरी करके फरार हो गया। घटना के वक्त परिवार के लोग 200 मीटर दूर कथा सुन रहे थे। ट्यूशन जाने के लिए बच्चा घर पहुंचा तो सारा सामान बिखरा मिला। तब जाकर चोरी का पता लगा। पीड़ित परिवार ने चोरी की शिकायत सांगोद थाने में दी है। कथा सुनने गया था परिवार पीड़ित अशोक पोटर ने बताया कि गांव में नरसी जी का मायरा की कथा चल रही है। बुधवार दोपहर 2 बजे करीब घर के सभी सदस्य 200 मीटर दूर कथा सुनने गए थे। बेटा भी स्कूल से आने के बाद कथा सुनने पहुंचा। सोना-चांदी के गहने ले गया बदमाश बुधवार करीब पौने 3 बजे पीड़ित के बेटे को ट्यूशन जाना था। वह कथा से निकलकर घर पहुंचा। देखा तो गेट का ताला टुटा हुआ था। उसने कथा में आकर सूचना दी। जिसके बाद घर जाकर देखा। अलमारी का ताला टुटा हुआ था। घर में सामान उधर उधर बिखरा हुआ था। अलमारी में रखे पायजेब, मंगलसूत्र, चेन, बिछिया सहित सोने चांदी के अन्य जेवर गायब थे। इसकी की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मौका मुआयना किया।
बदायूं में युवक को गोली लगी:खेत की रखवाली करने गया था, रंजिश में हमले का आरोप, पुलिस मान रही संदिग्ध
बदायूं के मोहम्मदपुर मई गांव में बुधवार रात खेत की रखवाली कर रहे 22 वर्षीय देवेंद्र को गोली लग गई। युवक ने आधा दर्जन लोगों पर रंजिश के चलते फायरिंग का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस घटना को संदिग्ध मानकर जांच कर रही है। घायल देवेंद्र ने बताया कि वह रात में अपने खेत की रखवाली कर रहा था। इसी दौरान पहले से मुकदमेबाजी में शामिल कुछ लोगों ने पुरानी रंजिश के चलते उस पर गोली चला दी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर बिसौली कोतवाली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन मौके से सीधे फायरिंग की पुष्टि करने वाले कोई ठोस सबूत नहीं मिले। इसी कारण पुलिस पूरे मामले को संदिग्ध मानकर जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना में पेशबंदी के चलते झूठे आरोप लगाए जाने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच को आगे बढ़ा रही है। घायल देवेंद्र को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिसौली में भर्ती कराया गया था। वहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बिसौली के एसएचओ राजेंद्र सिंह पुंडीर ने बताया कि चिकित्सकीय रिपोर्ट, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य और बयानों के सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस फिलहाल फायरिंग की सच्चाई और घटना के पीछे की असली वजह जानने में जुटी हुई है।
'मेरे पापा को 2 साल से सऊदी अरब में बंधक बनाकर रखा गया है। वह भारत नहीं आ पा रहे हैं। उन्हें वापस लाने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, भारतीय एंबेसी का चक्कर काटकर थक गया। आखिरी उम्मीद लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन में पहुंचा, लेकिन वहां भी सुनवाई नहीं हुई। अफसरों ने योगी आदित्यनाथ से मिलने तक नहीं दिया। मात्र 10 सेकेंड में अफसरों ने मामला विदेश मंत्रालय भेजने की बात कहकर वापस कर दिया।' यह दर्द देवरिया के रहने वाले अमन पासवान का है। उनके पिता हीरा प्रसाद सऊदी अरब में लोडर ट्रक चलाने गए थे। वहां एक एक्सीडेंट के बाद उन्हें 22 दिन का जेल हुआ। जेल से रिहाई के दौरान वह जालसाजों के चक्कर में फंस गए।तब से उनका परिवार उन्हें भारत वापस लाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन सफलता नहीं मिल रही है। अमन ने दैनिक भास्कर से अपनी पीड़ा शेयर की। पढ़िए अमन ने जो बताया... अरबी न आने की वजह से पिता को फंसाया अमन ने बताया- मेरे पापा सऊदी अरब में लोडर ट्रक चालक के रूप में काम करते थे। काम के दौरान करीब 2 साल पहले एक मामूली सड़क दुर्घटना हुई। पिता ने ट्रक साइड में खड़ा किया था, तभी एक दूसरी गाड़ी ने हल्की टक्कर मार दी। नुकसान अधिक नहीं था, फिर भी स्थानीय पुलिस ने पापा को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। वह 22 दिन तक जेल में रहे। पापा को अरबी भाषा नहीं आती है। वहां मौजूद लोगों ने उनसे अरबी में कुछ लिखे हुए एक कागज पर अंगूठा लगवा लिया। पापा को बताया कि यह प्रक्रिया जेल से रिहाई के लिए है, लेकिन बाद में उसी कागज के आधार पर 20,000 रियाल का जुर्माना दिखा दिया गया। उस कागज को कोर्ट में पेश कर पापा के भारत लौटने पर भी रोक लगवा दी। तभी से मालिक उन्हें बंधक बनाए हुए है। भारतीय एंबेसी ने कोई मदद नहीं की अमन ने बताया- मेरे पापा के मामले में सऊदी अरब स्थित भारत की एंबेसी ने भी इस मामले में कोई प्रभावी भूमिका नहीं निभाई। पापा फोन पर बस यही कहते हैं कि किसी तरह हमें वापस बुला लो। एंबेसी पूरा मामला जानने के बाद भी शांत बैठी है। कोई कानूनी या मानवीय मदद नहीं दी जा रही है। 3 बार दिल्ली गया, लेकिन मदद नहीं मिली अमन ने कहा- मैं 3 बार दिल्ली गया। पहले प्रधानमंत्री कार्यालय पहुंचा। वहां से विदेश मंत्रालय भेजा गया। विदेश मंत्रालय से पटियाला हाउस के चक्कर कटवाए गए। हर जगह सिर्फ एक ही जवाब मिला कि ई-मेल भेजिए। ई-मेल करने के बाद कुछ समय में फाइल का स्टेटस क्लोज कर दिया जाता है। मुख्यमंत्री से नहीं मिलने दिया गया अमन ने बताया- आखिरी उम्मीद लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन में अपनी बात रखने लखनऊ पहुंचा। पहले अधिकारियों ने पूरा मामला विस्तार से सुना और इंतजार करने को कहा। जब दोबारा अधिकारी आए तो महज 10 सेकंड का समय दिया गया। अधिकारी यह कहकर आगे बढ़ गए कि मामला विदेश मंत्रालय को भेज दिया जाएगा। सिर्फ कागजों में खेल रहे अफसर, खुद सऊदी जाऊंगा अमन ने बताया- हर विभाग में सिर्फ कागजी कार्रवाई का खेल चल रहा है। कभी लेटर लिखो, कभी ई-मेल करो। जमीन पर कोई अधिकारी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। हमारा परिवार पूरी तरह टूट चुका है। पापा को वापस लाने अब खुद सऊदी जाऊंगा अमन ने बताया- हम 3 भाई और एक बहन हैं। मैं सबसे छोटा हूं। बड़े भाई गुजरात में नौकरी करते हैं। पापा के विदेश में फंसे होने से पूरे परिवार की जिम्मेदारी मुझ पर आ गई है। मेरी मां की हालत बहुत खराब है। घर में लगातार तनाव है। अब कोई रास्ता दिखाई नहीं दे रहा। मजबूरन लगता है कि मुझे खुद सऊदी अरब जाना पड़ेगा, ताकि किसी तरह पापा को वापस ला सकूं। -------------------------------------------- जनता दर्शन की ये खबर भी पढ़िए… योगी को अली ने ABCD सुनाई, बोली- एडमिशन करवा दीजिए : हम शेर बच्चे... कविता सुनते ही CM ने कहा- तुरंत दाखिला कराओ लखनऊ में सोमवार को मुख्यमंत्री जनता दरबार में मासूम बच्ची मां के साथ पहुंची। उसने मासूम अंदाज में सीएम योगी ने कहा, ‘मेरा एडमिशन करा दीजिए।’ बच्ची का अंदाज देख योगी मुस्कराने लगे। उन्होंने पूछा, 'किस क्लास में एडमिशन चाहिए? बच्ची ने जवाब में कहा- नर्सरी में सर। फिर सीएम ने कहा- …(पूरी खबर पढ़िए)
अलीगढ़ में चिकिस्तकों ने नोएडा-गाजियाबाद में मोबाइल गेम के चलते तीन सगी बहनों के सुसाइड की झकझोर देने वाली घटना के बाद मोबाइल पर रोक लगाने की मांग की है। इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (IAP) ने बच्चों में बढ़ती मोबाइल की लत को 'मेंटल हेल्थ इमरजेंसी' करार दिया है। संस्था की केंद्रीय इकाई (CIAP) ने केंद्र सरकार को सिफारिश भेजी है कि स्कूलों में मोबाइल के जरिए होमवर्क देने के सिस्टम पर तुरंत लगाम लगाई जाए। 14 साल के कम उम्र के बच्चों को रखें दूर IAP अध्यक्ष डॉ. प्रदीप बंसल ने कहा कि 14 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए मोबाइल मानसिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है। 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को मोबाइल आधारित होमवर्क देने पर प्रतिबंध लगना चाहिए। घरों में भी अभिभावक बच्चों के स्क्रीन टाइम को कड़ाई से मॉनिटर करें। वहीं, बच्चों को डिजिटल दुनिया से निकालकर खेल-कूद और सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर देना जरूरी है। चालाया जाएगा जागरूकता अभियान बैठक में मौजूद चिकित्सकों ने कहा कि मोबाइल से होने वाले नुकसानों के प्रति अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा। इस अभियान में वॉलंटियर को भी शामिल किया जाएगा, जिससे स्कूलों में जाकर भी डिजिटल होमवर्क पर रोक लगाने के प्रति जागरूक करेंगे। उन्होंने कहा कि मोबाइल पर होमवर्क कोरोना जैसी महामारी में एक विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया गया था। इसे नियमित करना बच्चों के लिहाज से कतई सही नहीं है। अलीगढ़ IAP को नेशनल अवार्ड अलीगढ़ शाखा को राष्ट्रीय स्तर पर देश की दूसरी सर्वश्रेष्ठ शाखा का सम्मान मिला है। जनवरी में कोलकाता में हुई सेंट्रल कॉन्फ्रेंस के दौरान डॉ. विकास मेहरोत्रा ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। यह सम्मान पिछले एक साल में किए गए सामाजिक और शैक्षणिक कार्यों के लिए दिया गया है। 22 फरवरी को बच्चों की होगी निशुल्क जांच IAP के सचिव डॉ. अभिषेक शर्मा ने बताया कि 22 फरवरी को पन्ना लाल हॉस्पिटल में निशुल्क बाल चिकित्सा शिविर लगाया जाएगा। कोषाध्यक्ष डॉ. नीलम मंधार ने शहरवासियों से अपील की है कि वे गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों को इस कैंप में लाएं और विशेषज्ञों की राय लें। इस दौरान संरक्षक डॉ. वाईके द्विवेदी समेत कई वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ मौजूद रहे।
सोनीपत जिले के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में एक युवक के साथ मारपीट की गई है। जहां निजी काम से बाजार से घर लौट रहे एक युवक को उसके ही पड़ोसियों ने रास्ता रोककर गाली-गलौज, लाठी-डंडों से मारपीट और जान से मारने की धमकी दी। हमले में युवक को गंभीर चोटें आई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़ित की शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सोनीपत के रहने वाले अनुष मलिक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह शाम करीब 8:30 बजे निजी कार्य से बाजार गया हुआ था। जब वह अपने घर लौट रहा था, तभी उसके पड़ोसी हरीश और सोनू अरोड़ा ने उसका रास्ता रोक लिया और बिना किसी कारण गाली-गलौच शुरू कर दी। युवक के साथ बेरहमी से मारपीट शिकायत के अनुसार गाली-गलौज के बाद हरीश और सोनू अरोड़ा ने बिंडों से उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि हमलावरों ने उसे जान बूझकर चोट पहुंचाने की नीयत से पीटा, जिससे वह जमीन पर गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। महिला व अन्य युवकों ने किया हमला पीड़ित ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान सोनू अरोड़ा की मां, युवराज तथा अन्य तीन-चार युवक भी मौके पर आ गए। सभी ने मिलकर उसे घूंसे, थप्पड़ और लात-मुक्कों से मारा। हमले के दौरान आरोपी लगातार उसे धमकाते रहे। मारपीट के दौरान शोर सुनकर पीड़ित के पिता मौके पर पहुंचे। आरोप है कि इसके बाद भी सभी आरोपियों ने पीड़ित और उसके पिता को जान से मारने की धमकी दी और मौके से फरार हो गए। घटना से इलाके में दहशत का माहौल बन गया। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस मारपीट में घायल हुए अनुष मलिक को उसके पिता तुरंत अस्पताल लेकर गए, जहां उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। डॉक्टरों द्वारा बनाई गई एमएलआर रिपोर्ट में चोटों की पुष्टि की गई, जिसे बाद में पुलिस को सौंप दिया गया। पीड़ित ने थाना सिविल लाइन सोनीपत पहुंचकर लिखित शिकायत दी और अपनी एमएलआर पुलिस के समक्ष प्रस्तुत की। पुलिस ने मामले में धारा 190, 191(3), 115(2), 126(2) और 351(3) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि CCTNS सिस्टम में धारा 115(2) और 126(2) उपलब्ध न होने के कारण मुकदमा धारा 115 और 126 बीएनएस में दर्ज किया गया।
बिहार इंटरमीडिएट परीक्षा का आज तीसरा दिन है। पहली पाली में फिजिक्स की परीक्षा हो रही है। दूसरी पाली में कला संकाय के छात्रों के लिए भूगोल (जियोग्राफी) विषय की परीक्षा है। भागलपुर में कड़ी चेकिंग के बाद परीक्षार्थियों को एंट्री दी गई। 9 बजे सेंटर का गेट बंद कर दिया गया, इसके बाद किसी को एंट्री नहीं दी गई। सेंटर्स पर तीन लेयर में सुरक्षा-व्यवस्था की गई है। सेंटर के बाहर छात्रों की घड़ी, बेल्ट, जूते उतरवाए गए। कुल 59 सेंटर्स पर 40,200 परीक्षार्थी एग्जाम दे रहे हैं। जिले में चार आदर्श परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें टीएनबी कॉलेजिएट इंटर स्कूल, इंटर स्तरीय सरसहाय विद्यालय कहलगांव, श्याम सुंदर विद्या निकेतन और सीसी बालिका उच्च विद्यालय शामिल हैं। हर सेंटर पर वीडियोग्राफी की व्यवस्था परीक्षा को शांतिपूर्ण और नकलमुक्त संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। सभी केंद्रों पर दंडाधिकारी और पुलिस बल तैनात किए गए हैं। एंट्री गेट पर परीक्षार्थियों की सघन तलाशी ली गई, ताकि मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच और ब्लूटूथ जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा केंद्र के अंदर न जा सके। सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जा रही है। हर सेंटर पर वीडियोग्राफी कराई जा रही है। जिला शिक्षा विभाग की ओर से गठित उड़नदस्ता दल लगातार अलग-अलग केंद्रों पर निरीक्षण कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनुचित गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। केंद्राधीक्षकों को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। कड़ी सुरक्षा से नकल पर अंकुश परीक्षार्थियों ने बताया कि कड़ी जांच के कारण प्रवेश में थोड़ी देरी हुई, लेकिन इससे परीक्षा व्यवस्था अधिक बेहतर और पारदर्शी बनी है। कई छात्रों का कहना था कि सख्त सुरक्षा व्यवस्था से नकल पर अंकुश लगेगा और मेहनती छात्रों को उचित परिणाम मिलेगा। अभिभावक भी सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर अपने बच्चों के साथ इंतजार करते दिखे। प्रशासन ने उनसे केंद्र परिसर से दूर रहने की अपील की, ताकि भीड़भाड़ से बचा जा सके और यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे। परीक्षा को पारदर्शी, निष्पक्ष और नकलमुक्त बनाने का प्रयास कुल मिलाकर, भागलपुर में इंटरमीडिएट परीक्षा का तीसरे दिन प्रशासन और शिक्षा विभाग की संयुक्त निगरानी में परीक्षा को पारदर्शी, निष्पक्ष और नकलमुक्त बनाने का प्रयास जारी है। जिससे छात्रों को सुरक्षित और बेहतर माहौल में परीक्षा देने का अवसर मिल सके।
सहरसा में कार के इंजन से शराब जब्त:उत्पाद विभाग ने 26.910 लीटर विदेशी शराब के साथ दो पकड़े
सहरसा में आगामी होली पर्व को देखते हुए उत्पाद विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ सख्त अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में विभाग की टीम ने एक कार से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की है। इस दौरान दो युवकों को मौके से गिरफ्तार किया गया है। उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर सहरसा-बैजनाथपुर मार्ग पर गम्हरिया ढाला के समीप विशेष जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान एक संदिग्ध हुंडई वर्ना कार (रजिस्ट्रेशन नंबर BR-01BP-7752) को रोका गया। इंजन के पास छिपाई गई विदेशी शराब बरामद वाहन की बारीकी से तलाशी लेने पर कार के बोनट के नीचे इंजन के पास बड़ी चालाकी से छिपाई गई विदेशी शराब बरामद हुई। उत्पाद विभाग ने कुल 26.910 लीटर अवैध विदेशी शराब जब्त की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि शराब को इस तरह छुपाया गया था ताकि सामान्य जांच में पकड़ में न आ सके। मौके से गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मो. साबिर (22), वाहन चालक, एवं दीपक कुमार (22) के रूप में हुई है। दोनों आरोपी बैजनाथपुर थाना क्षेत्र, जिला सहरसा के निवासी बताए जा रहे हैं। गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जिलेभर में सघन वाहन जांच और छापेमारी अभियान चलाया जा रहा इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व निरीक्षक मद्यनिषेध सह थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने किया। उनके साथ एएसआई महेश कुमार समेत उत्पाद विभाग की विशेष टीम मौजूद थी। अधिकारियों ने बताया कि होली जैसे त्योहारों के दौरान अवैध शराब की तस्करी बढ़ जाती है, इसी को ध्यान में रखते हुए जिलेभर में सघन वाहन जांच और छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आम लोगों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं अवैध शराब की सूचना मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
जॉब छूटी तो 48 साल की उम्र में बना चोर:दो महीने में चुराई 6 बाइक, बेचने के लिए जंगल में छुपाकर रखी
जॉब छूटने के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रहे 48 साल के का व्यक्ति चोर बन गया। दो महीने में 6 बाइक चुराई और जंगल में छुपा दी। लेकिन बेचने से पहले पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर उसकी पहचान की और उसकी निशानदेही पर जंगल में छुपाकर रखी गई सभी बाइक बरामद कर लीं। आरोपी के खिलाफ इससे पहले चोरी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। फैक्ट्री बंद हुई, काम छूटा, घर चलाने के लिए करने लगा चोरी पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पहले फैक्ट्री में मजदूरी करता था। कुछ महीने पहले फैक्ट्रियां बंद हो गईं, जिससे उसका काम छूट गया। लंबे समय तक रोजगार नहीं मिलने और घर चलाने की मजबूरी के चलते उसने बाइक चोरी करना शुरू कर दिया। हालांकि, चोरी की गई बाइक वह किसी को बेच नहीं पाया था। दो अलग-अलग थानों में दर्ज हुई चोरी की रिपोर्ट SP आदर्श सिंधु ने बताया- कोतवाली थाने में 29 जनवरी को मोहम्मद शरीफ पुत्र उस्मान मोमिनों का मदरसा ने रिपोर्ट दी थी कि 24 जनवरी 2026 की शाम घर के बाहर खड़ी उसकी बाइक चोरी हो गई। इसी तरह 30 जनवरी 2026 को इस्माइल खान पुत्र जहुर मोहम्मद, निवासी नया गांव ने रिपोर्ट दी कि 19 जनवरी को नेहरू पार्क, पुराना बस स्टैंड क्षेत्र से उसकी बाइक चोरी हुई थी। CCTV फुटेज से मिली लीड, आरोपी तक पहुंची पुलिस लगातार बाइक चोरी की घटनाओं को देखते हुए कोतवाली थानाधिकारी रविन्द्र सिंह खिंची के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थलों के आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले, जिससे एक संदिग्ध व्यक्ति की पहचान हुई। कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पुलिस सदर थाना क्षेत्र के निम्बाड़ा गांव निवासी 48 वर्षीय फिरोज पुत्र खिवंर खान तक पहुंची। पूछताछ में आरोपी ने बाइक चोरी की वारदातें करना स्वीकार कर लिया। जंगल में छुपाकर रखी थीं बाइक, छह बरामद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर जंगल में छुपाकर रखी गई चोरी की छह बाइक बरामद कीं। आरोपी ने इनमें से दो बाइक कोतवाली थाना क्षेत्र और चार बाइक औद्योगिक थाना क्षेत्र से चोरी करना कबूल किया।
उन्नाव एक्सप्रेसवे पर वाहनों की टक्कर:घने कोहरे के कारण बस-ट्रक और कारें टकराईं, 2 किमी लंबा जाम लगा
उन्नाव में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर गुरुवार सुबह घने कोहरे के कारण एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। बेहटामुजावर थाना क्षेत्र में किलोमीटर संख्या 245 के पास आधा दर्जन से अधिक वाहन आपस में टकरा गए। इस दुर्घटना में बस, ट्रक और कई कारें शामिल थीं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुबह घना कोहरा छाया हुआ था, जिससे दृश्यता काफी कम थी। इसी दौरान आगे चल रहे एक वाहन के अचानक ब्रेक लगाने से पीछे आ रहे वाहन एक के बाद एक टकराते चले गए। इस हादसे के कारण एक्सप्रेसवे पर करीब दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पहले दो तस्वीरें देखिए… पुलिस ने शुरू किया बचाव कार्य दुर्घटना में कार सवारों सहित लगभग आधा दर्जन लोग घायल हो गए। सूचना मिलते ही बेहटामुजावर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांगरमऊ भेजा गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर है। क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाया गया हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे दोनों ओर का यातायात घंटों बाधित रहा। यात्रियों को इस दौरान काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस और यूपीडा (UPIDA) की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाया और धीरे-धीरे यातायात को सामान्य किया। लो विजिबिलिटी और तेज रफ्तार से हादसे थानाध्यक्ष मुन्ना कुमार ने बताया कि दुर्घटना का मुख्य कारण कम दृश्यता और तेज रफ्तार है। मामले की जांच जारी है। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि कोहरे के मौसम में सावधानी बरतें, निर्धारित गति सीमा का पालन करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखकर वाहन चलाएं।
रायसेन जिले में मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। बुधवार को दिनभर चली बर्फीली हवाओं के बाद रात के तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार सुबह कड़ाके की ठंड के बीच जिले में पेड़-पौधों पर ओस की बूंदें जमी नजर आईं। रात का तापमान 8 डिग्री तक गिरा बीती रात रायसेन जिले में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं दिन का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंडी हवाओं के चलते सुबह और रात के समय ठंड का असर ज्यादा महसूस किया गया। बर्फीली हवाओं से बढ़ी ठिठुरन बुधवार को दिनभर उत्तर दिशा से बर्फीली हवाएं चलती रहीं। इन हवाओं के कारण रात में ठंड अचानक बढ़ गई। सुबह के समय खुले इलाकों और खेतों में ओस की मोटी परत देखने को मिली। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण प्रणाली के कारण मौसम में यह बदलाव आया है। पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी के बाद ठंडी हवाएं मैदानी क्षेत्रों तक पहुंच रही हैं। आने वाले दिनों में कोहरा और बादल मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि आगामी दिनों में जिले में हल्का कोहरा छाने के साथ बादल भी दिखाई दे सकते हैं। तापमान में इसी तरह उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। कृषि विभाग का कहना है कि मौजूदा मौसम रबी सीजन की फसलों के लिए अनुकूल साबित हो रहा है। रात में गिर रही ओस से गेहूं की फसलों को विशेष लाभ मिल रहा है, जिससे पौधों की बढ़वार अच्छी हो रही है। किसानों को अब भी पानी की जरूरत हालांकि किसानों का कहना है कि इस सीजन में जिले के कुछ क्षेत्रों में केवल एक बार ही मावठे की बारिश हुई है। फसलों की बेहतर सिंचाई के लिए उन्हें अभी और पानी की आवश्यकता महसूस हो रही है। किसान मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। यदि आने वाले दिनों में हल्की बारिश या ओस बनी रहती है, तो फसलों को और फायदा मिलने की उम्मीद है।
सासनी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत अलीगढ़ रोड पर गुरुवार सुबह एक सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना वन चेतना केंद्र चौकी क्षेत्र स्थित हनुमान मंदिर के पास हुई। मृतक की पहचान देवेश कुमार पुत्र रामनिवास के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, 5 फरवरी 2026 को सुबह लगभग 8:00 बजे, देवेश कुमार अपनी स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (UP 81 BA 7564) पर सासनी से अलीगढ़ की ओर जा रहे थे। वन चेतना केंद्र के पास किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतक की तलाशी के दौरान उसकी जेब से एक आधार कार्ड मिला, जिससे उसकी पहचान आगरा रोड, समस्तपुर कीरत, अलीगढ़ निवासी देवेश कुमार के रूप में हुई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हाथरस मोर्चरी भेज दिया है। पुलिस मृतक के परिजनों को सूचित करने का प्रयास कर रही है। मौके पर कानून व्यवस्था पूरी तरह सुचारु है और यातायात सामान्य रूप से चल रहा है। पुलिस अब उस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी है जिसने इस दुर्घटना को अंजाम दिया।
अमरोहा के गजरौला में एक निजी स्पोर्ट्स टीचर की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई। यह घटना तीन दिन पहले रेलवे फ्लाईओवर पर हुई थी। पुलिस ने मृतक के चाचा की तहरीर पर अज्ञात वाहन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, गजरौला थाना क्षेत्र के मोहल्ला सैफी नगर निवासी 37 वर्षीय स्पोर्ट्स टीचर मोहित पुत्र स्वर्गीय हरिओम सिंह सोमवार रात करीब साढ़े नौ बजे अपनी बाइक से बाजार से घर लौट रहे थे। जब उनकी बाइक मोहल्ले के सामने रेलवे फ्लाईओवर पर पहुंची, तभी पीछे से आए किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर से बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। इस हादसे में मोहित के सिर में गंभीर चोटें आईं। राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और 108 एंबुलेंस की मदद से मोहित को गजरौला सीएचसी ले जाया गया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए परिजनों ने उन्हें मुरादाबाद रेफर किया। मुरादाबाद में इलाज के दौरान कुछ घंटे बाद ही मोहित की मौत हो गई। मोहित शहर के सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल में स्पोर्ट्स टीचर के पद पर कार्यरत थे। घटना के दो दिन बाद, मृतक के चाचा वीरेंद्र कुमार की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और दुर्घटना करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
इटावा के जसवंतनगर क्षेत्र के जल पोखरा गांव में नीम के एक पेड़ से दूध जैसा सफेद तरल निकलने की घटना सामने आई है। करीब पंद्रह दिनों से लगातार निकल रहे इस तरल को लोग आस्था से जोड़ रहे हैं। दूर दराज से श्रद्धालु पेड़ की पूजा अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। भजन कीर्तन हो रहे हैं और लोग इसे बीमारियों में लाभकारी मानकर सेवन भी कर रहे हैं। वहीं कृषि वैज्ञानिक इसे प्राकृतिक कारणों से जोड़कर देख रहे हैं। इटावा जिले के जसवंतनगर इलाके में जमुना बाग के पास जल पोखरा गांव में उस समय हलचल मच गई, जब एक ढाबे के पीछे स्थित नीम के पेड़ से सफेद तरल निकलता दिखाई दिया। यह नीम का पेड़ अजय कुमार के खेत में बताया गया है। दिन के समय यह तरल साफ तौर पर पेड़ से टपकता देखा गया, जिसके बाद गांव में इसकी चर्चा तेजी से फैल गई। नीम के पेड़ से निकला सफेद तरल खबर फैलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचने लगे। देखते ही देखते यह जगह लोगों की भीड़ से भर गई। कई लोगों ने इस तरल को चमत्कार मानते हुए इसे देवी माता की कृपा बताया। महिलाओं को पेड़ के पास भक्ति गीतों पर झूमते और पूजा करते देखा गया। आस्था से जुड़ा मामला, पूजा पाठ शुरू नीम का यह पेड़ अब पूजा पाठ और प्रसाद वितरण का केंद्र बन गया है। लोग पेड़ पर चढ़ावा चढ़ा रहे हैं। साउंड सिस्टम लगाकर भजन कीर्तन हो रहे हैं। पेड़ से निकलने वाले तरल को लोग प्रसाद के रूप में अपने साथ ले जा रहे हैं और दूसरे स्थानों पर भी इसका सेवन कर रहे हैं। शास्त्री का कहना है कि प्रतिदिन 6, 7 लीटर तरल पेड़ से निकल रहा है, यहां प्रतिदिन 500 से अधिक श्रद्धालु यहां आ रहे है। श्रद्धालु इसको देवी का स्थान मान रहे है। लोगों की आस्था बाकी क्या है हम लोगों को नहीं पता है। प्रसाद के रूप में ले जाया जा रहा तरलतरल पदार्थ का सेवन करने वाले लोगों का कहना है कि इसका स्वाद नारियल पानी जैसा है। कुछ लोगों का दावा है कि इसके सेवन से खुजली और दर्द में राहत मिल रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज भी यहां इस तरल को दवा के रूप में लेने पहुंच रहे हैं।बीमारियों में राहत का दावावहीं कृषि उपनिदेशक का कहना है कि नीम के पेड़ से इस तरह का रस निकलना प्राकृतिक कारणों से भी हो सकता है। उनके अनुसार जड़ों पर अधिक दबाव और धूप की कमी के कारण पेड़ों से ऐसा तरल निकलने की संभावना रहती है। हालांकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बावजूद इलाके में आस्था का माहौल बना हुआ है। धूप निकलने के बाद यह तरल पदार्थ निकलना बंद हो जाएगा।
कन्नौज शहर के कई मोहल्लों में बिजली के खंभे टूटे हुए हैं, लेकिन उनसे आपूर्ति जारी है। ये खंभे महीनों से मकानों की दीवारों के सहारे टिके हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ है। शहर के बुधवारी मोहल्ले में स्टेट बैंक के पास एक लोहे का बिजली पोल नीचे से टूटा हुआ है। यह पोल तारों समेत पड़ोस की दीवार पर टिका है। इस जर्जर पोल के कारण लोडर या बड़े वाहनों का निकलना मुश्किल है। साथ ही, एसडी गर्ल्स इंटर कॉलेज, केके इंटर कॉलेज और रोटरी क्लब स्कूल के छात्र-छात्राएं भी इसी रास्ते से गुजरते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। इसी तरह की स्थिति नखासा मोहल्ले में भी है, जहां चौक के पास दो बिजली के खंभे टूटे हुए हैं। ये खंभे भी महीनों से पास के मकानों की दीवारों के सहारे टिके हैं और इनसे बिजली आपूर्ति की जा रही है। इससे न केवल मकानों को खतरा है, बल्कि राहगीरों की जान भी जोखिम में है। बुधवारी मोहल्ला निवासी आकाश वैश्य और नखासा मोहल्ला निवासी रामजी मिश्रा ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों और लाइनमैन को सूचित किया है। हालांकि, उनकी शिकायतों के बावजूद इन खंभों को न तो बदला गया है और न ही कोई मरम्मत कार्य कराया गया है। यही वजह है कि जरा सी बारिश होने या हवा चलने पर बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है।
मधेपुरा सदर अस्पताल में बुधवार की शाम डिलीवरी के कुछ घंटे बाद एक महिला की मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। मृतका की पहचान भर्राही थाना क्षेत्र के गोढ़ैला निवासी दिनेश साह की बेटी अनुपम कुमारी (23) के रूप में हुई है। उसकी शादी मई 2023 में कुमारखंड प्रखंड के रहटा वार्ड निवासी अमित कुमार साह से हुई थी। पति मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। मृतका की मां बबली देवी ने बताया कि बुधवार सुबह करीब नौ बजे अनुपम कुमारी को प्रसव पीड़ा होने पर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुबह 10 बजे उसने एक बच्ची को जन्म दिया, जो पूरी तरह स्वस्थ है। लेकिन प्रसव के बाद अनुपम की हालत धीरे-धीरे बिगड़ने लगी। परिजनों ने जब इसकी जानकारी स्वास्थ्य कर्मियों को दे तो उन लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अस्पताल गेट से बाहर निकलते ही प्रसूता की मौत शाम करीब 3.30 बजे स्थिति गंभीर होने पर उसे JNKT मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। इस दौरान उन्हें एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं करवाया गया। आनन-फानन में ऑटो रिजर्व करके वे लोग प्रसूता को लेकर निकले। लेकिन अस्पताल गेट से बाहर निकलते ही प्रसूता की मौत हो गई। इससे गुस्साए परिजनों ने सदर अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते सही इलाज मिलता और लापरवाही नहीं बरती जाती, तो अनुपम कुमारी की जान बचाई जा सकती थी। ड्यूटी पर मौजूद महिला डॉ. कुमारी शिखा ने मरीज का ठीक से इलाज नहीं किया। बताया गया कि अस्पताल में पहले से ही कई मरीज महिला डॉक्टर के व्यवहार को लेकर शिकायत कर चुके हैं। रात करीब 9.30 बजे सदर एसडीएम संतोष कुमार सदर अस्पताल पहुंचे इधर, किसी ने डीएम को फोन कर मामले की जानकारी दी। इसके बाद रात करीब 9.30 बजे सदर एसडीएम संतोष कुमार सदर अस्पताल पहुंचे। जब पत्रकारों ने उनसे घटना को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि वे अपना पैर दिखाने आए हैं। लगभग आधा घंटा अस्पताल में रुकने के बाद वे मीडिया के सवालों का जवाब दिए बिना लौट गए। वहीं, अस्पताल का पक्ष जानने के लिए जब डीएस डॉ. सचिन कुमार से संपर्क किया गया तो उन्होंने बयान देने के लिए खुद को अधिकृत नहीं बताते हुए कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। जिस महिला डॉक्टर पर परिजन आरोप लगा रहे हैं, उनसे पक्ष लेने का प्रयास किया गया, लेकिन वह भी प्रसव कक्ष में ड्यूटी स्थल पर मौजूद नहीं थीं। घटना से आक्रोशित परिजनों ने सदर थाना में आवेदन देकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
औरैया: अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम अतीक उद्दीन ने अजीतमल थाना क्षेत्र में गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में फैसला सुनाया है। न्यायाधीश ने जेल में बंद आरोपी जहांगीर को दो वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चन्द्रभूषण तिवारी ने बताया कि थाना अजीतमल पुलिस ने शाहजहांपुर जिले के इस्लामनगर पंखाखेड़ा निवासी जहांगीर पुत्र पप्पू अंसारी को गैंगस्टर एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था। जहांगीर 19 फरवरी 2024 से जेल में बंद है। दोषी जहांगीर ने न्यायालय में जुर्म स्वीकारोक्ति का प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया था। उसने याचिका में खुद को गरीब बताते हुए कहा था कि वह लगभग दो वर्ष से जेल में है और इसलिए उसके जुर्म स्वीकारोक्ति प्रार्थनापत्र को स्वीकार कर मामले का निपटारा किया जाए। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट अतीक उद्दीन ने बुधवार को यह निर्णय सुनाया। न्यायालय ने जहांगीर को दो वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा दी। अर्थदंड जमा न करने पर उसे 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। इस सजा में जेल में बिताई गई अवधि को समायोजित किया जाएगा, जिससे उसकी अगले माह तक रिहाई संभव हो सकेगी।
यमुनानगर जिले में मंत्री श्याम सिंह राणा के पुत्र नेपाल राणा के कार्यक्रम के दौरान गांव ऊंचा चादना में हुई बैठक से जुड़ा विवाद अब पूरी तरह कानूनी लड़ाई में बदल गया है। पहले जहां दौलतपुर (मालियान) की सरपंच पिंकी रानी की शिकायत पर हरियाणा राज्य आजीविका मिशन के खंड कार्यक्रम प्रबंधक देवेंद्र राणा समेत सात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। वहीं करीब दो माह बाद अब देवेंद्र राणा की शिकायत पर पुलिस ने सरपंच पिंकी रानी के खिलाफ भी सरकारी कर्मचारी से मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा डालने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस प्रकार एक ही घटनाक्रम को लेकर दोनों पक्षों के बीच दर्ज मामलों ने विवाद को नया मोड़ दे दिया है। मीटिंग में रास्ता रोका, मारपीट का आरोप गांव नाचरौन के देवेंद्र राणा ने थाना छप्पर में दी लिखित शिकायत में बताया कि वह हरियाणा राज्य आजीविका मिशन, जिला यमुनानगर में खंड कार्यक्रम प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं और उनका विभाग जिला परिषद के अधीन आता है। उन्होंने बताया कि 11 दिसंबर 2025 को गांव ऊंचा चादना में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के पुत्र नेपाल राणा के कार्यक्रम के दौरान नव निर्माण महिला क्लस्टर लेवल भवन निर्माण से संबंधित प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाना था, जिसके लिए जिला कार्यक्रम प्रबंधक से पूर्व अनुमति ली गई थी। शिकायत के अनुसार, सुबह करीब 11:30 बजे मीटिंग के दौरान गांव दौलतपुर की सरपंच पिंकी रानी ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई, उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और सरकारी कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया गया। देवेंद्र राणा ने पुलिस से कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। इन धाराओं में केस दर्ज थाना छप्पर पुलिस ने जांच के बाद भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 115(2), 126(2) और 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया। मामला ASI जुल्फकार अली की मौजूदगी में रजिस्टर हुआ और आगे की जांच शुरू कर दी गई है। गला घोटने की कोशिश, थाने में मारपीट के आरोप इस विवाद की शुरुआत सरपंच पिंकी रानी की शिकायत से हुई थी। उन्होंने बताया था कि 11 दिसंबर की सुबह करीब 10 बजे गांव ऊंचा चादना में महिला मोर्चा की बैठक चल रही थी, जहां देवेंद्र राणा बिना बुलाए पहुंचे और महिलाओं पर समूह के पैसों के दुरुपयोग के आरोप लगाने लगे। विरोध करने पर सरपंच का आरोप था कि देवेंद्र राणा ने गालियां दी, जातिसूचक शब्द बोले, गला पकड़कर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। थाने में भी मारपीट का आरोप पिंकी रानी के अनुसार, वह बचाव के लिए थाना छप्पर पहुंची, लेकिन कुछ समय बाद देवेंद्र राणा अन्य महिलाओं के साथ वहां भी पहुंच गया और कथित रूप से फिर मारपीट की गई। आरोप है कि उनका गला पकड़ा गया, थप्पड़-मुक्के मारे गए और जातिसूचक शब्द बोले गए। मामले में देवेंद्र राणा के साथ हरजीत कौर, रोमा, सुषमा, सुमन, प्रदीन सैनी और ममतेश को भी आरोपी बनाया गया। सरपंच की शिकायत पर पुलिस ने दंगा, मारपीट, धमकी और एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था। एक्ट लागू होने के कारण जांच उच्च अधिकारी स्तर से कराए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। अब आमने-सामने दोनों पक्ष करीब दो महीने बाद देवेंद्र राणा की शिकायत पर सरपंच पिंकी रानी के खिलाफ केस दर्ज होने से मामला पूरी तरह दोतरफा कानूनी संघर्ष बन गया है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर मारपीट, धमकी और अपमानजनक व्यवहार के गंभीर आरोप लगा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों मुकदमों की जांच गवाहों, दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष रूप से की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक घटनाक्रम स्पष्ट हो सकेगा और उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
महिला को गोद ली हुई बताकर हड़पी हड़पी पैतृक संपत्ति:खतौनी से बैनामे तक फर्जीवाड़ा, 4 पर केस दर्ज
बस्ती जिले के मुण्डेरवा थाना क्षेत्र में पैतृक संपत्ति हड़पने का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि माता-पिता की मृत्यु के बाद एक महिला को दत्तक पुत्री बताकर उसकी जमीन-जायदाद अपने नाम दर्ज करा ली गई और बाद में उसका बैनामा भी कर दिया गया। इस मामले में माननीय न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वादी संगीता (पुत्री रामवृक्ष, पत्नी हृदयराम), निवासी बरी, थाना मुण्डेरवा (वर्तमान पता ग्राम देवमी, थाना लालगंज) ने आरोप लगाया है। उनके अनुसार, माता-पिता की मृत्यु के बाद रामआज्ञा उर्फ आज्ञाराम ने उन्हें अपनी पुत्री के रूप में दर्शाया। इसके बाद, रामआज्ञा ने अपनी पत्नी निर्मला को संगीता के पिता रामवृक्ष की पत्नी बताकर पूरी पैतृक संपत्ति खतौनी में निर्मला के नाम दर्ज करा ली। आरोप है कि इस फर्जीवाड़े के बाद 04 अगस्त 2023 को रामआज्ञा ने उक्त संपत्ति का बैनामा अपने पुत्रों रामानंद और रमाकांत के नाम कर दिया। वादी संगीता का कहना है कि यह पूरा कार्य धोखाधड़ी और जालसाजी से किया गया। उन्हें इसकी जानकारी काफी समय बाद हुई, जब उन्होंने दस्तावेजों की पड़ताल कराई तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। वादी संगीता ने पहले थाने में तहरीर दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने न्यायालय का रुख किया। न्यायालय के आदेश पर मुण्डेरवा थाने में केस संख्या 23/2026 के तहत रामआज्ञा उर्फ आज्ञाराम (पुत्र कोदई), उसकी पत्नी निर्मला, तथा पुत्र रामानंद और रमाकांत (सभी निवासी धौरहरा गोचना, थाना मुण्डेरवा) के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
दीनारपुर की करीब 9 बीघा सीलिंग की सरकारी जमीन से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया पर जवाब मांगा है। राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव ने लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) को पत्र भेज दिया है। राज्य की ओर से अधिवक्ता एसएस कुशवाहा ने अदालत को बताया कि जीएडी सचिव से चर्चा हो चुकी है और दोषी प्रभारी अधिकारियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। जीएडी यह भी जांच करेगा कि मामले को लंबे समय तक लंबित रखना केवल लापरवाही थी या निजी व्यक्तियों के साथ मिलीभगत का परिणाम। सरकार ने कोर्ट को बताया कि संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर विभागीय जांच भी शुरू की जाएगी, जिसे शीघ्र पूरा किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के 29 नवंबर 2024 के फैसले राज्य बनाम रामकुमार चौधरी का उल्लेख किया। अदालत ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही के कारण अपील दायर करने में हुई देरी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। समय पर सूचना न मिलने से सरकारी मामलों में देरी होती है और इससे राज्य के खजाने को नुकसान होता है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि देरी माफी केवल उसी अवधि के कारणों पर विचार कर दी जा सकती है, जो सीमा अवधि के भीतर उत्पन्न हुए हों। ये अधिकारी रहे मामले से जुड़े मामले से जुड़े रहे अधिकारियों में उमा करारे 31 अक्टूबर 2021, अनुज कुमार रोहतागी 30 नवंबर 2024, आरसी मिश्रा 31 जुलाई 2017, कृपाराम शर्मा 30 नवंबर 2016, रविनंदन तिवारी 30 जून 2025 आदि अधिकारी सेवा से बाहर या सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वहीं राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय का 29 सितंबर 2020 को निधन हो चुका है। सीबी प्रसाद अपर कलेक्टर, अशोक चौहान उपायुक्त राजस्व और प्रशांत त्रिपाठी राजस्व विभाग वर्तमान में सेवा में हैं। ऐसे समझिए पूरा मामला दीनारपुर में सीलिंग की करीब 9 बीघा सरकारी जमीन को लेकर सिविल कोर्ट में शासन को हार मिली थी। इसके बाद 2008 में प्रथम अपील दायर की गई, लेकिन अदम पैरवी के कारण 2012 में यह अपील खारिज हो गई। अपील को बहाल कराने के लिए 2019 में आवेदन पेश किया गया। फिलहाल यह मामला जस्टिस जीएस अहलूवालिया की एकल पीठ में विचाराधीन है। कोर्ट ने जिम्मेदार अधिकारियों पर की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा मांगा था, लेकिन प्रमुख सचिव द्वारा स्पष्ट जवाब नहीं देने पर अदालत ने नाराजगी जताई और सख्त रुख अपनाया।
25 हजार का इनामी अपराधी गिरफ्तार:चंदौली पुलिस ने गोवध, गैंगस्टर के मामलों के आरोपी को पकड़ा
चंदौली जिले में पुलिस ने 25 हजार के इनामी अपराधी छोटू उर्फ धर्मेंद्र यादव को गिरफ्तार किया है। इलिया थाना पुलिस ने उसे बनरसिया गांव के माइनर के पास से पकड़ा। आरोपी के खिलाफ गोवध और गैंगस्टर सहित आधा दर्जन गंभीर मामले दर्ज हैं। इलिया थानाध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह को सूचना मिली थी कि फरार चल रहा 25 हजार का इनामी अपराधी बनरसिया गांव के पास मौजूद है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी कर संदिग्ध को दबोच लिया। पहचान के दौरान वह प्रयागराज जनपद के हंडिया थानाक्षेत्र के रसार गांव निवासी छोटू उर्फ धर्मेंद्र यादव निकला। पूछताछ में आरोपी धर्मेंद्र यादव ने बताया कि वह गिरोह बनाकर वध के लिए गौवंश की तस्करी करता था। मुकदमे दर्ज होने के बाद से वह फरार चल रहा था। पुलिस ने उसे उस समय पकड़ा जब वह बकाया रकम की वसूली के लिए जा रहा था। थानाध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि 25 हजार के इनामी अपराधी को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है और उससे आगे की पूछताछ जारी है। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह के साथ गिरीश बल्लभ शुक्ल, हरि किशुन प्रजापति, कल्लन यादव, आलोक सिंह और दुर्गविजय वर्मा शामिल रहे।
‘घूसखोर पंडित’ पर रोक की मांग, ब्राह्मण समुदाय की गरिमा को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर
नेटफ्लिक्स की अपकमिंग फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ के टाइटल को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले को लेकर अधिवक्ता विनीत जिंदल ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक रिट याचिका दायर की है, जिसमें फिल्म की रिलीज पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है
बिजनौर में 24 घंटे में तीन सड़क हादसे:छह की मौत, पांच घायल; पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजे
बिजनौर जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान हुए तीन अलग-अलग सड़क हादसों में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया है। लगातार जागरूकता अभियानों और चालान के बावजूद जिले में सड़क दुर्घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पहला हादसा मंगलवार देर शाम चांदपुर क्षेत्र में हुआ। पोपुलर की लकड़ियों से लदी एक अनियंत्रित ट्रैक्टर-ट्रॉली ने तिगरी के पास बाइक सवारों को कुचल दिया। इस दुर्घटना में हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के गांव पुठ्ठा निवासी हारून और उनकी लगभग तीन वर्षीय पुत्री महेनूर की मौके पर ही मौत हो गई। हारून की मां अनीसा गंभीर रूप से घायल हो गईं। दूसरा हादसा बुधवार देर शाम धामपुर क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुआ। एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार परिवार को टक्कर मार दी। शेरकोट के गांव शहजादपुर निवासी विकास कुमार अपनी पत्नी मंजू (30 वर्ष), बेटी सृष्टि (3 वर्ष) और बेटे दिव्यांश (5 वर्ष) के साथ एक शादी समारोह से लौट रहे थे। भारत पेट्रोल पंप के पास पीछे से आ रहे ट्रक की टक्कर से बाइक गिर गई। मंजू और सृष्टि ट्रक के पहियों के नीचे आ गईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे की खबर गांव पहुंचने पर परिवार में मातम छा गया। तीसरा हादसा बुधवार देर शाम बिजनौर के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र में पानीपत-खटीमा हाईवे पर हुआ। यहां दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर हो गई, जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों की पहचान गांव भगैंन निवासी निजामुद्दीन (40 वर्ष) और धर्मवीर सिंह के पुत्र अमित (38 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया है, जबकि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
बिलासपुर में आवागमन बाधित होने और लगातार लग रहे जाम से राहत दिलाने के लिए नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस ने बुधवार को संयुक्त अभियान चलाया। अभियान के दौरान सड़क किनारे दुकानों के सामने किए गए अतिक्रमण को बुलडोजर से हटाया गया। साथ ही अवैध कब्जा करने वाले व्यापारियों पर भी कार्रवाई की गई। शहर के अग्रसेन चौक से पुराना बस स्टैंड, श्रीकांत वर्मा मार्ग और महाराणा प्रताप चौक से नेहरू चौक तक के क्षेत्रों को पहले ही ट्रैफिक वायलेशन फ्री जोन घोषित किया जा चुका है। इन इलाकों में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर बिना किसी रियायत के कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान सड़क सुरक्षा माह 2026 के अंतर्गत चलाया जा रहा है। अभियान के चौथे सेक्टर के रूप में तालापारा स्थित मगरपारा चौक से भारतीय नगर चौक तक की सड़क को शामिल किया गया है। यहां पुलिस, जिला प्रशासन और नगर निगम के समन्वय से अवैध अतिक्रमण, बैनर, पोस्टर, फ्लेक्स और होर्डिंग हटाए जा रहे हैं। सड़क किनारे अतिक्रमण पर चला बुलडोजर यातायात व्यवस्था को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए यातायात पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। नगर निगम के साथ संयुक्त कार्रवाई में बुधवार को मगरपारा चौक से भारतीय नगर चौक तक विशेष अभियान चलाया गया। जिसमें ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों और अतिक्रमणकारियों पर सख्त कार्रवाई की गई। इस दौरान सड़क किनारे किए गए कब्जे को बुलडोजर से ढहा दिया गया। एक माह तक चलेगा पायलट प्रोजेक्ट यह अभियान पायलट प्रोजेक्ट के रूप में एक माह तक चलेगा। इस दौरान मुख्य मार्गों से ठेला, गुमटी और चलित दुकानों को हटाया जाएगा, अव्यवस्थित पार्किंग पर रोक लगेगी और ट्रैफिक बाधित करने वाली सभी संरचनाओं को हटाया जाएगा। यातायात पुलिस ने आम नागरिकों और व्यापारियों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और अपने वाहनों को केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करें, ताकि शहर में आवागमन सुगम और सुरक्षित हो सके। एएसपी बोले- ट्रैफिक वायलेशन फ्री जोन बनाने चल रहा अभियान एडिशनल एसपी ट्रैफिक रामगोपाल करियारे ने बताया कि शहर को ट्रैफिक वायलेशन फ्री जोन के रूप में विकसित करने की दिशा में चरणबद्ध कार्रवाई की जा रही है। शहर को विभिन्न सेक्टरों में विभाजित कर क्रमशः उन्हें पूर्णतः ट्रैफिक वायलेशन फ्री घोषित किया जाएगा। इसी कड़ी में बुधवार को मगरपारा रोड में संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया गया है।
बड़वानी के नवलपुरा क्षेत्र में एक शादी समारोह के दौरान जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। फरियादी बलराम पिता भगवान वर्मा (54) निवासी कांजी हाउस के सामने, नवलपुरा की शिकायत पर थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है। फरियादी ने बताया कि बुधवार रात करीब 10:30 बजे उनकी बेटी आरती वर्मा की शादी चल रही थी। परिवारजन नाच-गाना कर रहे थे, तभी मोहल्ले का बिट्टू उर्फ रईस मंसूरी वहां पहुंचा। उसने नाचने से मना किया और मां-बहन की गालियां देते हुए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। आरोपी शराब की बोतल मारकर फरार हो गया विरोध करने पर आरोपी ने अपने हाथ में रखी शराब की बोतल से रौनक मंडलोई के सिर पर हमला कर दिया, जिससे उन्हें सिर और हाथ में गंभीर चोटें आई। जितेंद्र मंडलोई के पैर में भी चोट लगी। बीच-बचाव करने पर आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी और मौके से फरार हो गया। आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने की मांग घायल रौनक मंडलोई ने बताया, “हम शादी में नाच रहे थे, तभी बिट्टू नामक युवक ने अचानक हमला कर दिया। मेरे सिर में चोट आई है। इसके बाद हम थाने पहुंचे और आवेदन दिया है। हम चाहते हैं कि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।” चेतन रोमेड ने भी घटना की पुष्टि करते हुए कहा, “हमारे साथ यह घटना हुई है, हम सभी आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हैं।” पुलिस ने विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296बी, 115(2), 351(3) और अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST एक्ट) की धाराओं 3(1)(व), 3(1)(घ), 3(2)(v-a) के तहत केस दर्ज किया है। उप निरीक्षक रविंद्र कन्नौज ने जानकारी दी कि आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया गया है। आरोपी का पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह पुलिस की निगरानी सूची में शामिल है। पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और आरोपी के मिलते ही कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एटा की विजयनगर कॉलोनी में अतिक्रमण हटाओ अभियान चला:नालियों पर बने अवैध छज्जे और सीढ़ियां हटाई गईं
एटा शहर की विजयनगर कॉलोनी में नगर पालिका प्रशासन ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। अधिशासी अधिकारी (ईओ) निहाल सिंह के निर्देश पर नालियों के ऊपर बने अवैध छज्जे और सीढ़ियां हटाई गईं। यह कार्रवाई नालियों पर अतिक्रमण के कारण उत्पन्न हो रही साफ-सफाई और जल निकासी की दिक्कतों को दूर करने के लिए की गई। इन अवैध निर्माणों के कारण सफाई कार्य बाधित हो रहा था। इन अतिक्रमणों से गलियों में आवागमन भी प्रभावित हो रहा था। विशेष रूप से लंबी सीढ़ियों के कारण पैदल चलने वालों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। नगर पालिका की टीम ने विजयनगर क्षेत्र में इन अवैध छज्जों और सीढ़ियों को हटाकर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराया। अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी मौजूद रहा। इस अभियान में नगर पालिका के आरआई, एसआई राकेश कुमार, अमित भारद्वाज, अतिक्रमण प्रभारी बालकपूर और यशवीर यादव सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

