इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध बिक्री और डायवर्जन से जुड़े मामले में बलरामपुर के थोक दवा विक्रेता वरुण लाठ की जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायालय ने कहा कि दवा व्यापार का वैध लाइसेंस होना किसी व्यक्ति को एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई से स्वतः संरक्षण प्रदान नहीं करता। न्यायमूर्ति राजीव भारती की एकल पीठ ने यह आदेश बलरामपुर के तुलसीपुर थाने में दर्ज मुकदमे से संबंधित जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए पारित किया। रिकार्ड में गड़बड़ियां मिली थीं मामले के अनुसार, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) द्वारा कराए गए निरीक्षण में अशोक मेडिकल स्टोर पर कोडीन आधारित 'कोडीवा' कफ सिरप की खरीद और बिक्री के रिकॉर्ड में गंभीर गड़बड़ियां पाई गई थीं। जांच एजेंसियों का आरोप है कि बड़ी मात्रा में कफ सिरप का कारोबार किया गया, लेकिन उसके समर्थन में आवश्यक अभिलेख और बिक्री संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। सरकारी अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि जांच के दौरान आवेदक वरुण लाठ की भूमिका कोडीन युक्त कफ सिरप के कथित अवैध नेटवर्क से जुड़ी पाई गई है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में संबंधित मात्रा व्यावसायिक श्रेणी की है, इसलिए एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37 के तहत जमानत पर कड़े प्रतिबंध लागू होते हैं। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि वरुण लाठ लाइसेंस प्राप्त थोक दवा विक्रेता हैं और कोडीन युक्त दवाओं का कारोबार कानूनन कर सकते हैं। साथ ही उनके पास से कोई आपत्तिजनक बरामदगी नहीं हुई है और उन्हें गलत तरीके से आरोपी बनाया गया है। हालांकि, न्यायालय ने उपलब्ध सामग्री और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए बचाव पक्ष की दलीलों को इस स्तर पर स्वीकार नहीं किया। न्यायालय ने माना कि मामले की परिस्थितियों में एनडीपीएस अधिनियम के तहत जमानत के लिए आवश्यक मानदंड पूरे नहीं होते हैं, जिसके बाद जमानत याचिका निरस्त कर दी गई।
कटिहार में GNM छात्राओं ने सड़क जाम की:शिक्षकों की कमी और भेदभाव के आरोप पर प्रोटेस्ट
कटिहार में जीएनएम (GNM) नर्सिंग की छात्राओं ने बुनियादी सुविधाओं की कमी और शिक्षण व्यवस्था में अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए कटिहार-पूर्णिया मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। छात्राओं के इस प्रदर्शन के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारी छात्राओं ने जीएनएम स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी का आरोप लगाया। उनका कहना था कि कई विषयों की कक्षाएं महीनों से नहीं लगी हैं, जिससे उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। छात्राओं ने प्रयोगशाला में खराब उपकरणों और प्रैक्टिकल की उचित व्यवस्था न होने की भी शिकायत की। उन्होंने संस्थान में पानी, बिजली और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव का भी जिक्र किया। इंटरनल मार्क्स में भी भेदभाव किए जाने का आरोप छात्राओं ने एक शिक्षिका पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने और अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया। उनके अनुसार, इससे पढ़ाई का माहौल खराब हो रहा है। कुछ छात्राओं ने आंतरिक अंकों (इंटरनल मार्क्स) में भी भेदभाव किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। छात्राओं ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर उनकी मांगों को पूरा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि फीस देने के बावजूद पढ़ाई नहीं हो रही है, जिससे उनका भविष्य अनिश्चित दिख रहा है। छात्राओं ने स्पष्ट किया कि जब तक प्राचार्य और सिविल सर्जन द्वारा लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, वे सड़क जाम समाप्त नहीं करेंगी। लगभग दो घंटे तक सड़क जाम रही प्रदर्शन की सूचना मिलने पर सदर एसडीपीओ, सहायक थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्राओं को समझाने का प्रयास किया। लगभग दो घंटे तक सड़क जाम रही। अधिकारियों द्वारा तीन दिनों के भीतर जांच कमेटी गठित कर कार्रवाई करने के आश्वासन के बाद छात्राओं ने जाम समाप्त कर दिया। सिविल सर्जन ने भी मामले की जांच के आदेश दिए हैं। सिविल सर्जन कटिहार ने कहा कि GNM स्कूल की व्यवस्था की जांच के लिए टीम गठित की जा रही है। शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा जाएगा। शिक्षिका पर लगे आरोपों की भी निष्पक्ष जांच होगी। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शन के कारण मरीजों को ले जा रही एम्बुलेंस भी जाम में फंसी रही। छात्राओं ने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
गुरुग्राम पुलिस ने पालम विहार में परिवार को बंधक बनाकर हुई लूट का खुलासा किया है। इस मामले में 4 और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई एक कार भी बरामद की है। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी मूल रूप से बांग्लादेश के निवासी हैं यह घटना 4 जून की रात पालम विहार के सेक्टर-23 में हुई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, 4 अज्ञात बदमाश उनके मकान की पीछे की खिड़की की लोहे की ग्रिल काटकर घर में घुस आए थे। बदमाशों ने शिकायतकर्ता की पत्नी और बेटी को बंधक बना लिया था। आभूषण, नकदी और अन्य कीमती सामान लूटा आरोपियों ने परिवार से सोने-हीरे के आभूषण, नकदी और अन्य कीमती सामान लूट लिया। वारदात को अंजाम देने से पहले उन्होंने परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी थी। इस संबंध में पालम विहार थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को बजघेड़ा अंडरपास के पास द्वारका रोड से गिरफ्तार किया। इनकी पहचान हिलाल, मामो खान, मोहम्मद खैरुल अरमान और मोहम्मद मामन के रूप में हुई है। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी अंडरपास में कूद गए थे, जिससे वे घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। सभी आरोपी बांग्लादेश के निवासी पुलिस जांच में सामने आया है कि ये आरोपी पहले बड़े मकानों की रेकी करते थे और फिर चोरी, लूट और डकैती की वारदातों को अंजाम देते थे। ये सभी आरोपी मूल रूप से बांग्लादेश के निवासी हैं और वारदात के बाद वापस भागने की योजना बना रहे थे, लेकिन गुरुग्राम पुलिस ने उन्हें समय रहते पकड़ लिया। इन पर चोरी, डकैती, हत्या और गैंगस्टर एक्ट सहित कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। कोर्ट ने 3 दिन के रिमांड पर भेजे अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद पुलिस ने मोहम्मद खैरुल शेख उर्फ अरमान और मोहम्मद मामुन को दोबारा गिरफ्तार किया। इसके बाद 14 जून को 4 अन्य आरोपियों कलीम उर्फ असलम, जावेद उर्फ राजा, मोहम्मद रज्जा उर्फ सानु और मोहम्मद आलमगीर को भी गिरफ्तार किया गया। जावेद की कार का इस्तेमाल वारदात में किया गया था, जबकि कुछ आरोपी बाहर रेकी कर रहे थे और अन्य घर के अंदर घुसे थे। पुलिस ने सभी 6 आरोपियों को अदालत में पेश कर 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस अब आरोपियों से अन्य वारदातों और उनके नेटवर्क के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर कटिहार में 'विकसित भारत संकल्प सम्मेलन' आयोजित किया गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जिला इकाई ने सिरसा स्थित अपने जिला कार्यालय में इस कार्यक्रम का आयोजन किया। भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज राय ने सम्मेलन की अध्यक्षता की। सम्मेलन का शुभारंभ पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर तथा वंदे मातरम् गायन के साथ हुआ। जिलाध्यक्ष मनोज राय ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। शासन व्यवस्था को नागरिक केंद्रित बनाया गया सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाहनवाज हुसैन ने कहा कि मोदी सरकार के पिछले 12 वर्ष 'नागरिक देवो भवः' के मंत्र को समर्पित रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले नागरिकों को सरकारी सेवाओं के लिए लंबी प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ता था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शासन व्यवस्था को नागरिक केंद्रित बनाया गया है। हुसैन ने दावा किया कि इन 12 वर्षों में सरकार की हर योजना और पहल का केंद्र आम नागरिक रहा है। हुसैन ने बताया कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिए अब तक 51 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी गई है। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना, आयकर में राहत और डिजिटल सेवाओं के विस्तार को नागरिकों के जीवन को सरल, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने में सहायक बताया। 12 सालों में कई ऐतिहासिक निर्णय और विकास कार्य देखे जिलाध्यक्ष मनोज राय ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले 12 सालों में कई ऐतिहासिक निर्णय और विकास कार्य देखे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा कार्यकर्ता संगठन को मजबूत बनाने के लिए लगातार समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप कटिहार में भाजपा एक मजबूत संगठन के रूप में उभरी है। इस अवसर पर पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, प्राणपुर विधायक निशा सिंह, कोढ़ा विधायक कविता पासवान, भाजपा प्रदेश मंत्री सीमा झा, पूर्व विधायक विभाष चंद्र चौधरी और जिला परिषद अध्यक्ष रश्मि सिंह सहित कई अन्य नेताओं ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। वक्ताओं ने मोदी सरकार की पहचान नागरिकों के जीवन को आसान बनाने, तकनीक के माध्यम से सशक्तिकरण और जनकेंद्रित सुशासन को बढ़ावा देने के रूप में बताई।
इंदौर के जवाहर मार्ग पर सोमवार देर शाम एक फर्नीचर की दुकान में आग लग गई। तीन मंजिला दुकान में आग की लपटें ऊपर तक पहुंच गईं। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। फायर ब्रिगेड अधिकारियों के मुताबिक, घटना शाम करीब साढ़े सात बजे की है। नंदलालपुरा के पास स्थित प्रिंस फर्नीचर की दुकान में आग लगने की सूचना मिली थी। इसके बाद दमकल की दो गाड़ियां मौके पर रवाना की गईं। आग पर काबू पाने के लिए तीन पानी के टैंकर भी बुलाए गए। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद निचले हिस्से की आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया, लेकिन ऊपरी मंजिलों में आग बुझाने का काम देर रात तक जारी रहा। दोनों ओर का ट्रैफिक रोका आग की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। स्थानीय पार्षद और अन्य जनप्रतिनिधि भी घटनास्थल पर पहुंचे। शुरुआत में लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से ऊपरी हिस्सों में फैल गई। आगजनी में लाखों रुपए का फर्नीचर जलकर खाक हो गया। क्षेत्र में फर्नीचर और फोम से जुड़े कई प्रतिष्ठान हैं। हालांकि, दमकल की टीम ने समय रहते आग को आसपास की दुकानों तक फैलने से रोक लिया।
पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत 17.50 लाख स्वीकृत:12 प्रार्थना पत्रों पर हुआ फैसला
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर महानगर प्रथम ने पीड़ित प्रतिकर आवेदन पत्रों के जल्द निस्तारण के लिए सोमवार को बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) जयपुर महानगर प्रथम के अध्यक्ष ब्रजेन्द्र कुमार जैन की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर महानगर प्रथम के सचिव किशोर कुमार तालेपा ने बताया- राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) के मासिक एक्शन प्लान के तहत मीटिंग का आयोजन किया गया। बैठक में राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम 2011 (यथा संशोधित 2015 एवं 2023) के अंतर्गत कुल 12 प्रार्थना पत्र विचारार्थ रखे गए। इन सभी मामलों पर विचार करने के बाद कुल 17 लाख 50 हजार रुपए की पीड़ित प्रतिकर राशि स्वीकृत की गई। बैठक में यह अधिकारी रहे उपस्थित इस महत्वपूर्ण बैठक में प्राधिकरण के कई सम्मानित सदस्य और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इनमें आरती भारद्वाज (न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय क्रम-1), नुसरत बानो (न्यायाधीश, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण), पुलकित शर्मा (मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट), राजेन्द्र सिंह (अतिरिक्त जिला कलेक्टर, जयपुर शहर उत्तर), जिज्ञासा चौधरी (अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, जयपुर दक्षिण), राजेश शर्मा (अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, जयपुर पूर्व), नरेश कुमार सैन (उपाध्यक्ष, दी बार एसोसिएशन), उमेश चौधरी (महासचिव, दी बार एसोसिएशन) शामिल रहे। बैठक से पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया।
मुजफ्फरपुर में आज एक आभूषण व्यवसायी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सदर थाना क्षेत्र (कच्ची पक्की ओपी अंतर्गत) के माधोपुर चौक के पास बाइक सवार दो अज्ञात अपराधियों ने इस वारदात को अंजाम दिया। हत्या के बाद अपराधी व्यवसायी के पास से गहनों से भरा एक थैला लूटकर फरार हो गए। कारोबारी को सीने और कमर में गोली लगी है। मृतक की पहचान कच्ची पक्की थाना क्षेत्र के माधोपुर चौक पर आभूषण की दुकान चलाने वाले दीपक कुमार गुप्ता के रूप में हुई है। वे देर शाम अपनी दुकान बंद कर मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। उनके पास दुकान के कीमती जेवरातों से भरा एक झोला था। लूटपाट का विरोध करने पर दागी बुलेट माधोपुर चौक से कुछ ही दूरी पर एक सुनसान जगह पर अपराधी पहले से घात लगाए बैठे थे। जैसे ही दीपक कुमार गुप्ता वहां पहुंचे, मोटरसाइकिल सवार दो बदमाशों ने उन्हें रोका। लूटपाट का विरोध करने पर अपराधियों ने उन पर गोलीबारी की। दीपक को शरीर में दो गोलियां लगीं, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। इसके बाद अपराधी गहनों से भरा झोला लेकर मौके से फरार हो गए। घटना की जानकारी मृतक व्यवसायी के साथ मौजूद उनके स्टाफ ने दी। वारदात के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। घायल व्यवसायी को तुरंत बैरिया स्थित हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मां जानकी अस्पताल के संचालक डॉ. अमितांशु ने बताया कि मरीज को अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत अवस्था में लाया गया था। पुलिस के आला अधिकारी मौके पर, जांच शुरू घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंचे। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि एक आभूषण कारोबारी की गोली मारकर हत्या की गई है। पुलिस को लूटपाट के दौरान हत्या की आशंका है। एसएसपी ने कहा कि पुलिस की विशेष टीम का गठन कर दिया गया है। घटनास्थल के आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी गई है। पुलिस सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है और जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।
इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में सोमवार को मास्टर ऑफ जर्नलिज्म (एमजे) के मीडिया रिसर्च विषय की परीक्षा में हिंदी माध्यम के छात्रों को सिर्फ अंग्रेजी में प्रश्नपत्र बांट दिया गया। इससे परीक्षा केंद्रों पर हड़कंप मच गया और छात्रों ने तत्काल आपत्ति दर्ज कराई। परीक्षा केंद्रों पर मचा हड़कंप, अधिकारियों ने कराया हिंदी अनुवाद विश्वविद्यालय ने एमजे एक वर्षीय पाठ्यक्रम की परीक्षा पहले 2 जून से रखी थी, लेकिन बाद में टाइम टेबल में बदलाव किया गया। 9 जून से एमजे की परीक्षा शुरू हुई। सोमवार को मीडिया रिसर्च का चौथा पेपर दोपहर 2 से शाम 5 बजे वाले सत्र में हुआ। अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय कला व वाणिज्य महाविद्यालय को केंद्र बनाया गया, जहां परीक्षा देने आए विद्यार्थियों को प्रश्न पत्र दिए गए। उसमें सिर्फ अंग्रेजी भाषा में प्रश्न पूछे गए। 100 अंक के इस पत्र में पांच प्रश्नों के जवाब विद्यार्थियों को देना था। प्रत्येक प्रश्न का विकल्प रखा गया, लेकिन हिन्दी माध्यम में प्रश्न नहीं पूछे गए। छात्रों ने दर्ज कराई आपत्ति इसे लेकर विद्यार्थियों ने केंद्राध्यक्ष को आपत्ति दर्ज कराई। तत्काल बाकी केंद्रों से भी विश्वविद्यालय कंट्रोल रूम में पेपर अंग्रेजी में आने के बारे में बताया गया। अधिकारियों ने प्रश्नों का हिन्दी अनुवाद करके विद्यार्थियों को बताने के निर्देश दिए। यहां तक कि विद्यार्थियों को अपने माध्यम से प्रश्नों के जवाब लिखने को कहा गया। विद्यार्थियों का कहना था कि जब पाठ्यक्रम हिंदी माध्यम से पढ़ाया जा रहा है और बड़ी संख्या में विद्यार्थी हिंदी में अध्ययन कर रहे हैं, तो परीक्षा का प्रश्न पत्र भी हिंदी में उपलब्ध न होना बड़ी चूक को दर्शाता है। जिम्मेदार अधिकारियों के बयानों में विरोधाभास, जांच की बात कही सहायक कुलसचिव डॉ. विष्णु मिश्रा का कहना है कि केंद्रों से मौखिक शिकायत मिली है। इस संबंध में विद्यार्थियों से आवेदन नहीं मिला है। हालांकि, पूरे मामले को परीक्षा समिति के सामने रखा जाएगा। इस घटना में प्रश्न पत्र की छपाई को लेकर बड़ी लापरवाही मानी जा रही है, क्योंकि हिन्दी में प्रश्न नहीं पूछे गए। प्रिंटिंग के दौरान भी जिम्मेदारों ने प्रश्न पत्र पर ध्यान नहीं दिया है। पूरे मामले में अब विश्वविद्यालय की प्रिंटिंग प्रेस पर सवाल खड़े हो रहे हैं और पेपर सेटर की पूरी गलती बताई जा रही है। मामले में प्रेस कंट्रोलर डॉ. अजय तिवारी का कहना है कि हिन्दी में प्रश्न पत्र नहीं आने की शिकायत सामने नहीं आई है। वैसे, पूरे प्रकरण में जांच करने के बाद कार्रवाई की जाएगी। पहले भी सामने आ चुकी है विश्वविद्यालय की गड़बड़ी यह पहली बार नहीं है जब विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। इससे पहले भी इसी विषय के प्रश्न पत्र को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई थी। उस समय 100 अंकों के प्रश्न पत्र की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शिक्षकों ने 50 अंकों के आधार पर किया था। उस दौरान भी विद्यार्थी काफी परेशान हुए थे। मामले के तूल पकड़ने के बाद विश्वविद्यालय ने दोबारा विद्यार्थियों का मूल्यांकन किया था।
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत स्वीकृत राशि का चेक जारी करने के बदले 2 लाख रुपए की रिश्वत मांगने के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) बिलासपुर ने कार्रवाई की है। एसीबी ने जनपद पंचायत सक्ती के सीईओ निखिल कश्यप, सहायक ग्रेड-3 अविनाश ठाकुर और चपरासी लच्छन भानु को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। एसीबी ने रिश्वत की रकम जब्त कर ली है और तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अब जानिए पूरा मामला एसीबी के अनुसार, ग्राम लिमतरा के रहने वाले अरुण कुमार भारद्वाज ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी मां ग्राम पंचायत लिमतरा की सरपंच हैं। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत पंचायत में निर्मला घाट, नाली निर्माण समेत अन्य विकास कार्यों के लिए 20 लाख रुपए मंजूर किए गए थे। इनमें से 8 लाख रुपए का चेक पहले ही जारी हो चुका था, जबकि बाकी 12 लाख रुपए का चेक अभी जारी होना बाकी था। अरुण कुमार भारद्वाज की मां ने आगे की प्रक्रिया के लिए उन्हें अधिकृत किया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने बाकी 12 लाख रुपए का चेक जारी कराने के लिए जनपद पंचायत सक्ती के सीईओ निखिल कश्यप और बाबू अविनाश ठाकुर से संपर्क किया, तो दोनों ने इसके बदले 2 लाख रुपए रिश्वत की मांग की। एसीबी बिलासपुर से शिकायत की उन्होंने बताया कि जब उन्होंने रिश्वत देने से इनकार किया और कार्रवाई की मांग की, तो उन्होंने एसीबी बिलासपुर से शिकायत की। शिकायत की जांच के दौरान एसीबी को पता चला कि आरोपी अविनाश ठाकुर ने अपने कार्यालय के चपरासी लच्छन भानु के जरिए पहले ही 1 लाख रुपए की पहली किस्त ले ली थी। इसके बाद बाकी 1 लाख रुपए की मांग की जा रही थी। इसी आधार पर एसीबी ने कार्रवाई करते हुए तीनों को गिरफ्तार कर लिया। एसीबी की टीम ने रिश्वत लेते तीनों को रंगे हाथ पकड़ा योजना के तहत 15 जून 2026 को एसीबी की टीम ने शिकायतकर्ता को जनपद पंचायत कार्यालय सक्ती भेजा। सीईओ निखिल कश्यप ने रिश्वत की रकम लेने के लिए बाबू अविनाश ठाकुर को कहा, और अविनाश ठाकुर ने आगे चपरासी लच्छन भानु को पैसे लेने के लिए निर्देश दिया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने 1 लाख रुपए की रिश्वत चपरासी को दिए, एसीबी बिलासपुर की टीम ने मौके पर पहुंचकर तीनों को पकड़ लिया और पूरी रकम बरामद कर ली। एसीबी ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित) की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यह भी बताया गया है कि पिछले दो वर्षों में एसीबी बिलासपुर की यह 51वीं सफल ट्रैप कार्रवाई है, जिसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
राजगढ़ के प्रधानमंत्री शासकीय महाविद्यालय में एलएलबी छठवें सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान एक बड़ी लापरवाही सामने आई। सोमवार को छात्रों को एलएलबी के बजाय एलएलएम का प्रश्नपत्र वितरित कर दिया गया। जब विद्यार्थियों ने इस त्रुटि पर आपत्ति जताई, तो उन्हें बताया गया कि दोनों पाठ्यक्रमों का पाठ्यक्रम (सिलेबस) समान है। इसके बाद, संशय की स्थिति के बावजूद 42 छात्रों ने उसी प्रश्नपत्र के साथ परीक्षा दी। सेमेस्टर परीक्षा के दौरान की घटनायह घटना बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित एलएलबी छठवें सेमेस्टर की परीक्षाओं के दौरान हुई। सोमवार सुबह 9 से 12 बजे के बीच इंफॉर्मेशन ऑफ टेक्नोलॉजी विषय की परीक्षा आयोजित की जा रही थी। परीक्षा शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद, छात्रों ने प्रश्नपत्र के शीर्ष पर 'एलएलएम' लिखा देखा, जिससे उनमें हड़कंप मच गया। कई विद्यार्थियों ने तुरंत कक्ष में मौजूद प्राध्यापकों और पर्यवेक्षकों का ध्यान इस ओर आकर्षित किया। छात्रों को बताया गया कि प्रश्नपत्र में पूछे गए प्रश्न उनके एलएलबी पाठ्यक्रम से मेल खाते हैं, इसलिए उन्हें उसी प्रश्नपत्र को हल करना होगा। सभी छात्रों ने फिर भी हल किए प्रश्नपत्रछात्र मनोज शर्मा ने बताया कि एलएलबी के छात्रों को एलएलएम का प्रश्नपत्र दिए जाने से परीक्षा कक्ष में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। विद्यार्थियों ने आशंका व्यक्त की कि यदि भविष्य में परिणाम या मूल्यांकन में कोई तकनीकी समस्या आती है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। हालांकि, परीक्षा बाधित न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए सभी छात्रों ने दिए गए प्रश्नपत्र को हल किया।
इस्कॉन मंदिर में पुरुषोत्तम मास का समापन:गौरांग प्रभु ने भक्तों को श्रीमद्भगवद्गीता की शिक्षाएं दीं
लखनऊ के श्री श्री राधा रमण बिहारी मंदिर (इस्कॉन) में पुरुषोत्तम मास का समापन भक्ति और आध्यात्मिकता के संगम के साथ हुआ। इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय मोटिवेशनल स्पीकर गौरांग प्रभु ने भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, श्रीमद्भगवद्गीता और कृष्ण भावनामृत की शिक्षाएं दीं। अपने प्रवचन में गौरांग प्रभु ने पुरुषोत्तम मास को आत्मशुद्धि, भक्ति और आध्यात्मिक उन्नति का विशेष अवसर बताया। उन्होंने कहा कि इस पवित्र माह में किए गए सत्कर्म और भगवान की भक्ति का विशेष फल मिलता है। उन्होंने भक्तों से प्रतिदिन श्रीमद्भगवद्गीता के कम से कम एक श्लोक का अध्ययन करने और हरे कृष्ण महामंत्र का नियमित जप करने का आग्रह किया। भगवान के प्रति समर्पण के महत्व के बारे में बताया गौरांग प्रभु ने जीवन में सकारात्मक सोच, आत्मिक शांति और भगवान के प्रति समर्पण के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उनके विचारों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रभावित किया। मंदिर परिसर भक्तिमय रहा और श्रद्धालु संदेश सुनते रहे। कार्यक्रम के अंत में मंदिर अध्यक्ष अपरिमेय श्याम प्रभु ने गौरांग प्रभु का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके विचारों से भक्तों को आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने की नई ऊर्जा मिली है। अपरिमेय श्याम प्रभु ने उनसे भविष्य में भी लखनऊ आकर भक्तों को मार्गदर्शन देने का अनुरोध किया। इस आयोजन में लखनऊ सहित आसपास के कई जनपदों से सैकड़ों भक्त शामिल हुए। भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के भजन, कीर्तन और नृत्य में भाग लिया। कार्यक्रम का समापन स्वादिष्ट प्रसादम वितरण के साथ हुआ।
कांग्रेस ने बदली प्रशिक्षण शिविर की तारीख:पहले 21 जून से था कार्यक्रम, अब 20 से शुरू होगा प्रशिक्षण
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नवनियुक्त जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर की तारीख में बदलाव किया गया है। पहले यह आवासीय प्रशिक्षण शिविर 21 से 30 जून तक प्रस्तावित था, लेकिन अब अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने नई तारीख जारी कर दी है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार प्रशिक्षण शिविर 20 से 29 जून 2026 तक आयोजित होगा। कांग्रेस संगठन की ओर से जारी नई सूचना में सभी जिला एवं शहर कांग्रेस अध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे 20 जून की शाम 6 बजे तक रायपुर जिले के अभनपुर स्थित श्री आशुतोष-अलका अग्रवाल मंगल भवन, चांदी मोड़ पहुंचना सुनिश्चित करें। संगठन सृजन अभियान के तहत होगा प्रशिक्षण यह प्रशिक्षण शिविर कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत नियुक्त किए गए जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्षों के लिए आयोजित किया जा रहा है। शिविर में संगठन विस्तार, बूथ प्रबंधन, जनसंपर्क, राजनीतिक रणनीति और कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। पहले AICC ने 21-30 जून की तारीख तय की थी गौरतलब है कि कुछ दिन पहले कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल द्वारा जारी पत्र में प्रशिक्षण शिविर 21 से 30 जून तक आयोजित करने की जानकारी दी गई थी। अब प्रदेश कांग्रेस संगठन की ओर से नई सूचना जारी कर कार्यक्रम को एक दिन पहले शुरू करने का फैसला लिया गया है। एक दिन के लिए आएंगे राहुल गांधी कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक प्रशिक्षण शिविर में वरिष्ठ राष्ट्रीय नेताओं के शामिल होने की संभावना है। पहले जारी पत्र में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के किसी एक दिन शिविर में पहुंचकर जिला अध्यक्षों को मार्गदर्शन देने का भी उल्लेख किया गया था। प्रदेश कांग्रेस संगठन इस प्रशिक्षण को आगामी चुनावी तैयारियों और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मान रहा है।
नवादा में खान सर के खिलाफ प्रोटेस्ट:छात्र नेता बोले- भाई की मौत के बाद जमानत, पुलिस चुप क्यों?
नवादा में प्रसिद्ध ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के डायरेक्टर रोशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर नवादा जिले में तनावपूर्ण माहौल है। परिजनों और छात्रों ने इस घटना में खान सर पर हत्या की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। आरोपों के बाद नवादा की सड़कों पर प्रदर्शन और कैंडल मार्च का सिलसिला शुरू हो गया है। भगत सिंह चौक पर आयोजित कैंडल मार्च में सैकड़ों छात्र, युवा और स्थानीय लोग शामिल हुए। हाथों में मोमबत्तियां लेकर प्रदर्शनकारियों ने खान सर के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। प्रिंस यादव की मौत रहस्यमयी परिस्थितियों में हुई छात्र नेता सुमित कुमार ने कहा, “यह कैसा कानून है कि भाई की मौत हो जाने के बाद भी आरोपी को जमानत मिल जाती है? खान सर ने पुलिस को गुमराह किया, फिर भी उनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हो रही? फैजल खान जैसे लोग धर्म विशेष को ठेस पहुंचाने का काम करते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं होती?” प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रिंस यादव की मौत रहस्यमयी परिस्थितियों में हुई है। परिजनों ने इसे हत्या की साजिश बताया है। घटना के बाद से नवादा में छात्रों और युवाओं में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। कई छात्र संगठनों ने एकजुट होकर न्याय की मांग की है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल की तैनाती स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी है। फिलहाल खान सर या फैजल खान पर कोई आधिकारिक कार्रवाई की खबर नहीं है, जिससे लोगों में और नाराजगी बढ़ रही है। परिजनों और छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर जल्दी उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। नवादा के विभिन्न इलाकों में रोड जाम और विरोध प्रदर्शन जारी हैं। मामले की जांच की मांग तेज होती जा रही है।
सतना जिले के रामपुर बघेलान बायपास स्थित एक शराब दुकान में जिला पंचायत सदस्य एकता सिंह के पति अनूप सिंह उर्फ अन्नू सिंह (मतहा) द्वारा कथित तौर पर हंगामा करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सोमवार शाम करीब 6:30 बजे अन्नू सिंह अपने बेटे श्रेयस के साथ दुकान पहुंचे और मुफ्त शराब की मांग की। सेल्समैन द्वारा इनकार करने पर दोनों ने गाली-गलौज और मारपीट की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। देखें घटनाक्रम की तीन तस्वीरें विवाद के बाद कार से कुचलने की कोशिश कीप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान अन्नू सिंह ने गुस्से में सेल्समैन को अपनी कार से कुचलने का प्रयास किया। उन्होंने कथित तौर पर वाहन को कई बार आगे-पीछे कर कर्मचारी की ओर दौड़ाया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, कर्मचारी किसी तरह बच निकलने में सफल रहा। ठेकेदार ने दर्ज कराई शिकायत शराब ठेकेदार की ओर से इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई है। घटना का सीसीटीवी फुटेज और वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हंगामा साफ दिखाई दे रहा है। हालांकि, पुलिस की ओर से इस मामले में अब तक किसी ठोस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी का क्षेत्र में राजनीतिक प्रभाव है। हाल ही में उसके बेटे श्रेयस पर भी एक युवक पर चाकू से हमला करने का मामला दर्ज हुआ था, जिसमें पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। फिलहाल, वायरल वीडियो और शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
उदयपुर के कोटड़ा क्षेत्र में बन रहे सेई बांध टनल से अब बड़ा फायदा होने वाला है। अब वहां बहकर पानी गुजरात नहीं जाएगा। इससे पश्चिमी राजस्थान के 3 जिलों को भरपूर पानी मिलेगा। इस टनल के कार्य को लेकर पशुपालन, गोपालन, डेयरी और देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने निरीक्षण किया। उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ बहुप्रतीक्षित सेई बांध की टनल (सुरंग) की चौड़ाई बढ़ाने के चल रहे निर्माण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। मंत्री कुमावत ने खुद टनल के भीतर जाकर निर्माण कार्य की प्रगति को देखा और अधिकारियों से अब तक हुए कार्य, बची हुई खुदाई और कंक्रीट लाइनिंग के तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी ली। मंत्री कुमावत ने बताया कि सेई बांध से अतिरिक्त पानी को जवाई बांध तक पहुंचाने के लिए बनी 6.7 किलोमीटर लंबी सुरंग को चौड़ा करने के लिए सरकार ने बजट में कुल 100 करोड़ का प्रावधान किया है। पिछले तीन साल से चल रहे इस कार्य का करीब 95 फीसदी हिस्सा पूरा हो चुका है। अब केवल 90 मीटर टनल का कार्य बाकी है, जिसे आगामी 15 जुलाई तक हर हाल में पूरा करने का टारगेट दिया गया है। श्रमिकों और इंजीनियरों की सुरक्षा को लेकर दी हिदायत उन्होंने साफ किया कि पश्चिमी राजस्थान के जल संकट को दूर करने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किया जा रहा है और निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं होगा। साथ ही, उन्होंने टनल के अंदर काम कर रहे श्रमिकों और इंजीनियरों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखने की हिदायत दी। जल निकासी क्षमता होगी 4 गुना, 22 दिन में भरेगा जवाई बांध कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इस टनल का विस्तार होने से पानी की निकासी क्षमता 328 क्यूसेक से बढ़कर 1376 क्यूसेक हो जाएगी। क्षमता 4 गुना बढ़ने से मानसून के दौरान अतिरिक्त पानी व्यर्थ बहकर गुजरात नहीं जाएगा। इससे पाली, सिरोही और जालोर जिलों को भरपूर पानी मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में टनल की चौड़ाई कम होने के कारण सेई बांध से जवाई बांध तक पानी पहुंचने में 45 से 50 दिन का समय लगता है। लेकिन यह कार्य पूरा होने के बाद मात्र 22 दिन में ही जवाई बांध को 74 MCFT पानी मिलने लगेगा, जो इस क्षेत्र के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा। मारवाड़ के लिए संजीवनी है यह परियोजना सेई बांध और इसकी टनल मारवाड़ क्षेत्र, विशेषकर पाली जिले के लिए जीवनदायिनी मानी जाती है। कोटड़ा के सेई बांध से पानी को इस टनल के जरिए जवाई बांध में डाइवर्ट किया जाता है। जवाई बांध पाली और जोधपुर के कई इलाकों की प्यास बुझाता है। इंजीनियरों के अनुसार, वर्तमान में टनल की क्षमता कम होने के कारण मानसून के दौरान सेई बांध का अतिरिक्त पानी बहकर गुजरात चला जाता है। टनल की चौड़ाई बढ़ने से पानी का प्रवाह (डिस्चार्ज क्षमता) तेजी से बढ़ेगा। मानसून का अतिरिक्त पानी व्यर्थ बहने से बचेगा। जवाई बांध कम समय में और अधिक मात्रा में भरा जा सकेगा। पाली सहित पूरे मारवाड़ क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई संकट का स्थाई समाधान होगा। इको-टूरिज्म और सौंदर्यीकरण योजना कैबिनेट मंत्री कुमावत ने कहा कि अब इस बांध क्षेत्र को इको-टूरिज्म और स्थानीय पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इसके तहत बांध की प्राकृतिक सुंदरता का उपयोग कर पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इस दौरान किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष जयेंद्र सिंह गलथनी, अनोप सिंह राठौड़, पूनम सिंह परमार, निम्बेश्वर महादेव ट्रस्ट के अध्यक्ष जगत सिंह, शिवराज सिंह बिठिया, सुमेरपुर नगर मंडल अध्यक्ष रविकांत रावल सहित कई लोग मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी के सहयोग से सोमवार को अशोक मार्ग स्थित इंदिरा भवन के अकादमी कार्यालय परिसर में एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी पंजाबी भाषा और उसकी समृद्ध लिपि पर केंद्रित थी, जिसमें ‘पंजाबी लिपि की उत्पत्ति’ विषय पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में विद्वानों ने गुरुमुखी लिपि के ऐतिहासिक विकास, सांस्कृतिक महत्व और आधुनिक समय में उसकी उपयोगिता पर अपने विचार प्रस्तुत किए। संगोष्ठी में वरिष्ठ पंजाबी चिंतक सत्येंद्र पाल सिंह ने बताया कि पंजाबी भाषा के विकास के साथ उसकी लिपि का भी क्रमिक विकास हुआ। उन्होंने उल्लेख किया कि प्राचीन भारत की ब्राह्मी लिपि से कई क्षेत्रीय लिपियां विकसित हुईं, जिनमें से एक धारा से गुरुमुखी लिपि का विकास माना जाता है। पंजाब क्षेत्र में शारदा, टाकरी और लांडा जैसी लिपियां भी प्रचलित थीं, जिन्होंने पंजाबी लेखन परंपरा को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गुरुमुखी आज पंजाबी भाषा की सबसे अधिक प्रचलित वरिष्ठ लेखक एवं चिंतक नरेंद्र सिंह ने गुरुमुखी लिपि के विकास की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि गुरु अंगद देव जी ने पूर्व प्रचलित लिपियों को एक व्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया। उस समय धार्मिक ग्रंथों के लेखन में सिद्धमात्रिका लिपि का व्यापक उपयोग होता था, लेकिन गुरु अंगद देव ने गुरुमुखी वर्णमाला को वैज्ञानिक ढंग से व्यवस्थित कर उसे एक नई पहचान दी। यही कारण है कि गुरुमुखी आज पंजाबी भाषा की सबसे अधिक प्रचलित और मान्य लिपि है। साहित्यिक कृतियों का संरक्षण गुरुमुखी लिपि का माध्यम नवयुग कन्या महाविद्यालय की दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष मेजर डॉ. मनमीत कौर सोढ़ी ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी भाषा की लिपि केवल लेखन का माध्यम नहीं होती, बल्कि वह समाज की संस्कृति, इतिहास और परंपराओं की संरक्षिका भी होती है। उन्होंने बताया कि गुरु ग्रंथ साहिब सहित अनेक धार्मिक और साहित्यिक कृतियों का संरक्षण गुरुमुखी लिपि के माध्यम से ही संभव हो पाया है।
हांसी में आंधी से दीवार गिरी, युवक की मौत:बेटा घायल, सब्जी की रेहड़ी लगाता था; 2 बच्चों का पिता
हरियाणा के हांसी में सोमवार को आए तेज आंधी-तूफान के दौरान एक दीवार गिरने से एक युव की मौत हो गई, जबकि उनका 12 वर्षीय बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान भाटिया कॉलोनी निवासी करीब 40 वर्षीय सोनू जांगड़ा और घायल की अभय के रूप में हुई। जानकारी के अनुसार, सोनू जांगड़ा त्रिकोणा पार्क के पास सब्जी-रोटी की रेहड़ी लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। सोमवार दोपहर तेज तूफान के समय, जिस पुरानी दीवार के सहारे उन्होंने अपनी रेहड़ी लगाई हुई थी, वह अचानक ढह गई। दीवार की चपेट में आने से सोनू और उनके बेटे अभय को गंभीर चोटें आईं। आसपास के लोगों ने तुरंत दोनों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। सोनू की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हिसार के एक निजी अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घायल अभय का उपचार जारी है। 2 बच्चों का पिता था सोनू मृतक सोनू का शव सोमवार शाम को हांसी के सामान्य अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया। मृतक के भाई ने बताया कि सोनू अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं, जिनमें घायल अभय बड़ा बेटा है, जबकि छोटा बेटा अभी पढ़ाई कर रहा है। परिवार को उचित आर्थिक सहायता की मांग घटना की सूचना मिलने पर वार्ड-27 के पार्षद देवेंद्र मुवाल अस्पताल पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की। भाजपा नेता रमेश ने भी परिवार को मुआवजा और हरसंभव सरकारी मदद उपलब्ध कराने की मांग उठाई है। अस्पताल में जलभराव से गुजरना पड़ा इस दौरान सामान्य अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं की तस्वीर भी सामने आई। जब परिजन सोनू जांगड़ा के शव को अस्पताल के शवगृह तक लेकर पहुंचे तो रास्ते में जलभराव होने के कारण उन्हें पानी से होकर गुजरना पड़ा। बारिश के बाद अस्पताल परिसर और शवगृह के आसपास पानी जमा होने से परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं अस्पताल परिसर के बाहर फैले अंधेरे ने भी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए।
सीवान में 11 हजार वोल्ट का तार टूटा:सड़क पर गुजर रहे 6 लोग झुलसे, 2 की हालत गंभीर
सीवान के नगर थाना क्षेत्र के बबुनिया मोड़ के समीप सोमवार की शाम बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण बड़ा हादसा हो गया। अचानक 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन तार टूटकर सड़क पर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से छह लोग गंभीर रूप से झुलस गए। सभी घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल सीवान सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दो की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। घायलों में अतरसुआ निवासी अब्दुल्ला, नया बाजार निवासी रिंकू मियां, कुतुब छपरा निवासी साजिद राजा, राजा, खालिद अहमद तथा झारखंड निवासी नसरूल अंसारी शामिल हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और काफी देर तक सड़क पर लोगों की भीड़ जुटी रही। लोगों ने एक-दूसरे को बचाने का किया प्रयास घायल खालिद अहमद ने बताया कि वह बाजार से घर लौट रहा था। इसी दौरान अस्पताल मोड़ और बबुनिया मोड़ के बीच शाम करीब आठ बजे अचानक 11 हजार वोल्ट का तार टूटकर सड़क पर गिर गया। सड़क पर भारी जाम और लोगों की आवाजाही होने के कारण कई लोग इसकी चपेट में आ गए। लोगों ने एक-दूसरे को बचाने का प्रयास किया, जिससे हादसे का दायरा और बढ़ गया। स्थानीय लोगों ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। लोगों का आरोप है कि शहर के मुख्य मार्गों से गुजरने वाले हाईटेंशन तारों को सुरक्षित ढंग से कवर नहीं किया गया है। कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिसके कारण यह गंभीर हादसा हुआ। नागरिकों का कहना है कि विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा था और उसकी लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ा। जरूरत पड़ने पर बेहतर इलाज के लिए रेफर किया जाएगा सदर अस्पताल में भर्ती घायलों का इलाज जारी है। सिविल सर्जन श्रीनिवास प्रसाद ने बताया कि बिजली करंट से झुलसे छह लोगों का उपचार किया जा रहा है। इनमें दो मरीजों की हालत गंभीर है। उन्हें प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर बेहतर इलाज के लिए रेफर किया जाएगा। घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की सहायता से घायलों को अस्पताल भिजवाया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अन्य थानों की पुलिस को भी एहतियातन सदर अस्पताल बुलाया गया।
गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। डीएम रविंद्र मांदड़ के निर्देश पर टीम ने यह छापेमारी की। जहां भैंसो के तबेले में संचालित की जा रही 2 अचार फैक्ट्रियों पर छापेमारी कर करीब 3400 किलो अचार नष्ट कराया है। यह अचार वेस्ट यूपी के अलावा एनसीआर और दिल्ली में सप्लाई होता था। यह अचार 200 रुपये से लेकर 400 रुपये किलो तक बेचा जाता जाता था। सैंपल लेकर लैब भेजे खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सबसे पहले शनि बाजार स्थित पवन सिंह की अचार फैक्ट्री पर पहुंची। जांच के दौरान 20 ड्रमों में रखा करीब 1000 किलो आम और नींबू का अचार सड़ा-गला और खाने योग्य नहीं पाया गया। मौके पर ही पूरे अचार को नष्ट कराया गया। इसके अलावा 180 किलो मिक्स अचार और करीब 8800 किलो नमक को भी जब्त किया गया। विभागीय अधिकारियों ने मिक्स अचार, मसाले लगे आम के अचार और नमक के नमूने जांच के लिए संग्रहित किए हैं। इसके बाद टीम ने मास्टर पार्क स्थित राहुल अचार वाले की इकाई पर कार्रवाई की। यहां 10 ड्रमों में रखा करीब 2000 किलो नींबू का अचार और 400 किलो मिक्स अचार खराब हालत में मिला। सभी अचार के 6-6 नमूने लिए गए हैं। दिल्ली पुलिस का रिटायर्ड दरोगा की फैक्ट्री अधिकारियों के बताया कि अचार से तेज बदबू आ रही थी और उसे साफ-सफाई के मानकों के विपरीत रखा गया था। विभाग ने पूरा स्टॉक जब्त कर मौके पर ही नष्ट करा दिया। यहां से नींबू अचार, मिक्स अचार और सिरके के नमूने भी जांच के लिए लिए गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिन परिसरों में अचार तैयार किया जा रहा था, वहां भैंसों का तबेला चल रहा था, इनमें दिल्ली पुलिस के एक रिटायर्ड दरोगा का नाम भी सामने आया। खाद्य सामग्री तैयार और भंडारित किए जाने पर विभाग ने गंभीर आपत्ति जताई है। बताया जा रहा है कि जिस परिसर में यह गतिविधियां संचालित हो रही थीं, इसे दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड दरोगा ही देखरेख कर रहे थे। सैंपल लिए पूरी जांच की जा रही खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशुतोष राय का कहना है कि आम जनता तक सुरक्षित खाद्य पदार्थ पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। किसी भी कारोबारी को नियमों की अनदेखी कर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जो लोग इनसे जुड़े हैं उनकी भी जांच की जा रही है। डीएम के आदेश पर छापा डीएम रविंद्र मांदड़ के निर्देश पर यह छापा मारा गया। डीएम ने गोपनीय सूचना मिली थी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अधिकारी आशुतोष राया का कहना है कि इस अचार को नष्ट किया जाएगा। इसे अभी सील नहीं किया जाएगा। यह कब से चल रही थी इसकी जांच की जा रही है। अभी तक लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किए गए हैं।
गोरखपुर के हरिओम नगर के वैष्णवी लॉन में प्रजापति स्वाभिमान एसोसिएशन की ओर से एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस प्रोग्राम में साल 2026 की हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और टेक्निकल पढ़ाई की परीक्षाओं में 70% से अधिक नंबर लाने वाले प्रजापति समाज के लगभग 200 होनहार छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथियों के हाथों मेडल, सर्टिफिकेट, स्कूल बैग और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। महापुरुषों को याद कर हुई शुरुआत प्रोग्राम की शुरुआत दीप जलाकर और डॉक्टर बी.आर. अंबेडकर, डॉक्टर रत्नाप्पा कुम्हार और संतराम बी.ए. की तस्वीरों पर फूल चढ़ाकर की गई। इसके बाद संस्था के पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथियों—ए.डी.जे. कमलापति प्रजापति, महंत बालक दास (अयोध्या), वीरेंद्र प्रजापति, छितेश्वर प्रजापति, डॉक्टर बरदानी प्रजापति, बालकिशुन प्रजापति और डॉक्टर उमाशंकर प्रजापति का माला पहनाकर स्वागत किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर डॉक्टर रामकोमल प्रजापति और चौधरी श्रीराम प्रजापति ने की, जबकि मंच का संचालन प्रभात और विनय प्रजापति ने संभाला। 'शिक्षा वो शेरनी का दूध है जो पियेगा वही दहाड़ेगा' मंच से बोलते हुए प्रोफेसर डॉक्टर रामकोमल प्रजापति ने बच्चों से कहा कि वे एक मजबूत इरादे के साथ अपने बड़े लक्ष्यों को हासिल करने के लिए जी-जान से जुट जाएं। वहीं महंत बालक दास ने शिक्षा की अहमियत बताते हुए कहा कि पढ़ाई के दम पर ही कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है, शिक्षा वो शेरनी का दूध है जो पियेगा वही दहाड़ेगा। एग्जीक्यूटिव इंजीनियर राजेश प्रजापति ने कहा कि आजादी के इतने साल बाद भी हमारा समाज मुख्य धारा से पीछे है। इसलिए बच्चों को पूरी लगन के साथ पढ़ाई करनी चाहिए ताकि सफलता जरूर मिले। इनके अलावा ए.डी.जे. कमलापति प्रजापति, इंजीनियर वीरेंद्र कुमार, डॉक्टर विकास चक्रधारी और कुंदन प्रजापति जैसे कई बड़े अधिकारियों और डॉक्टरों ने भी बच्चों का हौसला बढ़ाया। इन होनहार बच्चों को मिला सम्मान सम्मान पाने वाले बच्चों में मुख्य रूप से हाईस्कूल में खुशी प्रजापति, रोशनी, सुनैना, अभय, सृष्टि और रोहन प्रजापति। इंटरमीडिएट में अनुराग प्रजापति, संध्या, विद्या, स्तुति, अंशु और शिवम प्रजापति। हायर एजुकेशन में पल्लवी प्रजापति और मिताली प्रजापति शामिल हैं। पूरी टीम की मेहनत से सफल रहा प्रोग्राम इस पूरे आयोजन को कामयाब बनाने में प्रजापति स्वाभिमान एसोसिएशन के मुख्य संरक्षक ओम प्रकाश प्रजापति के साथ उनकी पूरी टीम—विनय प्रजापति, राधेश्याम प्रजापति (टीचर), अजय प्रजापति, अंबिके प्रजापति, चंद्रभान प्रजापति (पार्षद), राधेश्याम प्रजापति (पत्रकार), इंजीनियर सुभाष प्रजापति, धर्मेंद्र प्रजापति, दुर्गा प्रसाद प्रजापति (बी.डी.ओ.), रामलखन प्रजापति, विवेश, संजय, अविनाश और असरफी लाल प्रजापति समेत सैकड़ों लोगों का अहम योगदान रहा।
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने संघ के रजिस्ट्रेशन की मांग को खारिज करते हुए कहा कि संगठन न तो गुप्त है और न ही जनता की नजर से दूर काम करता है। भागवत ने कहा- बहुत सी ऐसी चीजें चल रही हैं जिनका रजिस्ट्रेशन नहीं है। संगठन के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। हम खुले मैदानों में काम करते हैं। लोगों को बुलाते हैं और उन्हें बताते हैं कि हम क्या करते हैं। उन्होंने संघ के रजिस्ट्रेशन के सवाल पर बताया कि जो लोग सरकार से फंड चाहते हैं, उन्हें रजिस्ट्रेशन की जरूरत होती है। वह होना ही चाहिए। लेकिन सरकार जानती है कि संघ का अस्तित्व है। दरअसल कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने RSS के 100 साल पूरे होने पर मोहन भागवत को लेटर लिखा था। खड़गे ने पूछा था- 100 साल का हिसाब बताएं। कानूनी दर्जा, फंडिंग और खर्च का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करें। भागवत ने और क्या कहा, 5 पॉइंट… खड़गे ने पूछा था- RSS 100 साल का हिसाब बताए कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने सोमवार को RSS के 100 साल पूरे होने पर बधाई देते हुए, मोहन भागवत को लेटर लिखकर संघ की कानूनी स्थिति पर स्पष्टीकरण मांगा है। खड़गे ने RSS से कहा कि वह अपना रजिस्ट्रेशन कराए। अपनी कानूनी स्थिति स्पष्ट करे और फंडिंग, आय, खर्च और संपत्ति के स्रोतों की जानकारी सार्वजनिक करे। उन्होंने तर्क दिया कि संगठन को पारदर्शिता और संवैधानिक जवाबदेही बनाए रखनी चाहिए। 13 जून को लिखे लेटर में प्रियांक ने सवाल किया कि जब नागरिकों, मजदूर संगठनों, NGO, ट्रस्ट, मंदिरों और कंपनियों से कानून का पालन करने, रजिस्ट्रेशन कराने और जानकारी देने की उम्मीद की जाती है, तो RSS को इससे छूट क्यों मिलनी चाहिए।
बलरामपुर। सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने रविवार को जिले में विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान नशे की हालत में वाहन चलाने वाले पांच चालकों को पकड़ा गया। कुल 54 वाहनों के चालान किए गए और ₹1.51 लाख की शास्ति अधिरोपित की गई।अभियान के तहत जांच टीम ने ऐसे पांच वाहन चालकों को पकड़ा, जो शराब या अन्य नशीले पदार्थों के प्रभाव में वाहन चला रहे थे। सभी के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की गई। इस अभियान में विभिन्न यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 54 वाहनों के चालान किए गए। नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों पर कुल ₹1,51,000 (एक लाख इक्यावन हजार रुपये) का जुर्माना लगाया गया।सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) बृजेश ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए यह विशेष अभियान चलाया गया था। चेकिंग के दौरान नशे में वाहन चलाने वालों के साथ-साथ अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी कार्रवाई की गई।परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सड़क पर लापरवाही और नशे की हालत में वाहन चलाना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने बताया कि ऐसे अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे ताकि सड़कों को सुरक्षित बनाया जा सके और दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
प्रतापगढ़ के जहाजपुर क्षेत्र में 35 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक के परिजनों ने पुरानी रंजिश के चलते छह लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाया है और जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान जहाजपुर निवासी बद्रीलाल मीणा (35) पुत्र कचरूलाल मीणा के रूप में हुई है। बद्रीलाल मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी, तीन बेटियां और एक बेटा है। मृतक की पत्नी शांतिबाई ने एसपी को दी अपनी रिपोर्ट में बताया कि उनका संबंधित आरोपियों से पुराना विवाद चल रहा था और उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। शिकायत के अनुसार, 14 जून की रात करीब 11 बजे बद्रीलाल जब घर लौट रहे थे, तभी आरोपियों ने उनका रास्ता रोककर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी शव को घर के बरामदे में छोड़कर फरार हो गए। उन्होंने परिवार को धमकाने का आरोप भी लगाया है। शांतिबाई ने नन्दुड़ी पत्नी बाबूलाल, बाबूलाल पुत्र देवा, मांगुड़ी पत्नी देवीलाल, तेजा पुत्र बाबूलाल, आशाराम पुत्र भुवान और मन्नालाल पुत्र देवा, सभी निवासी जहाजपुर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कोतवाली थानाधिकारी शंभूसिंह झाला ने बताया- सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। मृतक की पत्नी की शिकायत पर छह नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जहानाबाद के निसरपुरा दोहरा हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में सोमवार को तीन और आरोपियों ने आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद गिरफ्तार और आत्मसमर्पण करने वाले अभियुक्तों की कुल संख्या 11 हो गई है। पुलिस अधीक्षक ने मामले की प्रगति की जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस हत्याकांड में कुल 17 लोगों को नामजद किया गया है। इनमें से अब तक 8 अभियुक्तों को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका था। सोमवार सुबह दो फरार अभियुक्तों ने माननीय न्यायालय में आत्मसमर्पण किया, जबकि पुलिस के लगातार दबाव के कारण एक अन्य अभियुक्त नीतीश ने भी पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया। विधिवत कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की गई फरार अभियुक्तों पर दबाव बनाने के लिए पुलिस ने कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। न्यायालय के आदेश पर अभियुक्त अंकित यादव के घर पर विधिवत कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की गई। इससे पहले भी इस कांड के पांच अन्य फरार अभियुक्तों के घरों की कुर्की की जा चुकी है। पुलिस का मानना है कि इन कार्रवाइयों से फरार अभियुक्तों पर आत्मसमर्पण करने का दबाव बढ़ रहा है। एसपी ने बताया कि शेष पांच फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी अभियान चला रही है। विभिन्न संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और उनकी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस ने जल्द ही सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। स्टैटिक फोर्स तैनात किया गया पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनके घर पर स्थायी पुलिस बल (स्टैटिक फोर्स) तैनात किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि अनुसंधान कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है और जल्द ही मामले में चार्जशीट दाखिल कर इसे स्पीडी ट्रायल के लिए भेजा जाएगा, ताकि दोषियों को शीघ्र और कड़ी सजा मिल सके। जहानाबाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई जारी रहेगी।
देवपुरी में अवैध प्लाटिंग पर निगम की कार्रवाई:बुलडोजर चलाकर सड़क काटी, निर्माण सामग्री भी जब्त
रायपुर में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। निगम के जोन-10 की टीम ने देवपुरी स्थित वर्धमान नगर के पीछे करीब एक एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई करते हुए वहां बनाई गई मुरुम सड़क को काट दिया। साथ ही मौके से निर्माण सामग्री भी जब्त की गई। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक बिना अनुमति प्लाटिंग कर जमीन को बेचने की तैयारी की जा रही थी। इसकी सूचना मिलने पर जोन-10 नगर निवेश विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की। थ्री-डी मशीन से काटी गई अवैध सड़क निगम की टीम ने अवैध प्लाटिंग को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई मुरुम सड़क को थ्री-डी मशीन की मदद से काट दिया, ताकि जमीन की खरीदी-बिक्री और आगे के विकास कार्यों पर तत्काल रोक लगाई जा सके। अधिकारियों का कहना है कि अवैध कॉलोनियों को विकसित होने से पहले रोकने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। निर्माण सामग्री भी जब्त कार्रवाई के दौरान मौके पर रखी भवन निर्माण सामग्री को भी जब्त किया गया। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि बिना वैधानिक अनुमति के की जा रही प्लाटिंग और निर्माण गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई जोन कमिश्नर मोनेश्वर शर्मा के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई के दौरान कार्यपालन अभियंता गजाराम कंवर, सहायक अभियंता सुशील अहीर, उप अभियंता नवीन वर्मा और मनोज साहू सहित नगर निवेश विभाग की टीम मौजूद रही। नगर निगम ने नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी प्लॉट की खरीदारी से पहले उसकी वैधानिक स्वीकृतियों की जांच अवश्य करें, ताकि अवैध कॉलोनियों में निवेश से होने वाले नुकसान से बचा जा सके।
बालोतरा, बिठूजा और जसोल क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों में हुई अस्थायी कामबंदी के बाद प्रभावित मजदूरों के हितों की सुरक्षा को लेकर मजदूर संगठनों ने आवाज बुलंद की है। सोमवार को विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन और श्रम विभाग को ज्ञापन सौंपकर प्रभावित कामगारों के लिए मुआवजा, पुनर्वास और वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। जिलाधीश और श्रम विभाग को सौंपा संयुक्त ज्ञापन अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन फेडरेशन (एटक) से संबद्ध कपड़ा मजदूर यूनियन, लोडिंग एवं हमाल मजदूर यूनियन तथा मशराइज मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से जिलाधीश बालोतरा और श्रम विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के चलते बालोतरा, बिठूजा और जसोल क्षेत्र की कई औद्योगिक इकाइयों में अस्थायी रूप से कामकाज बंद हो गया है, जिससे हजारों श्रमिकों की आजीविका प्रभावित हुई है। 50 हजार मजदूरों और उनके परिवारों पर संकट मजदूर संगठनों का कहना है कि उद्योगों में कामबंदी के कारण करीब 50 हजार मजदूरों और उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। दैनिक आय पर निर्भर रहने वाले श्रमिकों के लिए रोजगार बंद होने से परिवारों का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित सभी कामगारों को श्रम कानूनों के तहत ले-ऑफ मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि वे इस कठिन समय में आर्थिक राहत प्राप्त कर सकें। पुनर्वास और वैकल्पिक रोजगार की भी उठाई मांग ज्ञापन में केवल मुआवजे ही नहीं, बल्कि प्रभावित मजदूरों के पुनर्वास और वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। मजदूर नेताओं का कहना है कि जब तक उद्योगों में नियमित कामकाज शुरू नहीं होता, तब तक श्रमिकों के लिए अन्य रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए। इसके साथ ही प्रशासन से प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज जारी करने की मांग भी की गई है। सीईटीपी और प्रशासन की लापरवाही का लगाया आरोप एटक जिला महासचिव एडवोकेट हनुमान प्रजापत, लोडिंग एवं हमाल मजदूर यूनियन के अध्यक्ष गणपत जानी और मशराइज मजदूर यूनियन के सचिव सम्में खान ने वर्तमान स्थिति के लिए सीईटीपी, लघु उद्योग मंडल के पदाधिकारियों और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं और सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, जिसके परिणामस्वरूप उद्योगों में कामबंदी की स्थिति बनी और इसका सीधा असर हजारों मजदूरों पर पड़ा। राहत नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी मजदूर संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रभावित कामगारों को जल्द राहत, मुआवजा और रोजगार उपलब्ध नहीं कराया गया तो सभी श्रमिक संगठन संयुक्त रूप से चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने प्रशासन से मजदूरों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और स्थिति को देखते हुए तत्काल प्रभाव से आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। ज्ञापन के माध्यम से श्रमिक संगठनों ने स्पष्ट किया कि मजदूरों की समस्याओं के समाधान तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
खैरथल तहसील की ग्राम पंचायत इस्माईलपुर में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सालों से अवरुद्ध पड़े एक सार्वजनिक रास्ते को खुलवाया। यह रास्ता लंबे समय से बंद था, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही थी। शिविर में इस्माईलपुर निवासी मुंशरीफ पुत्र आसीन मेव ने एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने खसरा संख्या 715 में दर्ज गैर-मुमकिन रास्ते पर अतिक्रमण कर उसे अवरुद्ध किए जाने की शिकायत की थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि रास्ता बंद होने के कारण उनके परिवार को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। एसडीएम सत्यवीर सिंह और तहसीलदार अभिषेक यादव ने शिकायत को गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल राजस्व टीम को मौके पर भेजकर रिकॉर्ड और स्थिति की जांच के निर्देश दिए। जांच में शिकायत सही पाई गई। इसके बाद तहसीलदार अभिषेक यादव के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम, पटवारी सरजीत यादव, आईएलआर रूपसिंह बरेठ और ग्राम सरपंच मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने जेसीबी की सहायता से अवरुद्ध रास्ते को तुरंत खुलवाकर आमजन के लिए सुचारु आवागमन सुनिश्चित किया। रास्ता खुलने के बाद ग्रामीणों ने राज्य सरकार और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। महिलाओं ने इस कार्रवाई को जनहित में महत्वपूर्ण बताया। शिविर में भूमि विवादों के समाधान के लिए भी कार्रवाई की गई। एसडीएम सत्यवीर सिंह और तहसीलदार अभिषेक यादव ने आपसी समझाइश से तीन प्रकरणों का निस्तारण किया। संबंधित पक्षों को मौके पर ही खाता विभाजन के आदेश दिए गए। राजस्व रिकॉर्ड शुद्धिकरण के 22 प्रकरण निपटाएइसके अतिरिक्त, राजस्व रिकॉर्ड शुद्धिकरण के 22 प्रकरणों का निपटारा किया गया। इससे किसानों और खातेदारों को राहत मिली। ग्रामीण सेवा शिविर में बिजली, कृषि, पशुपालन, सहकारिता और चिकित्सा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के प्रयास किए। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
सम्भल के सिरसी स्थित करबला मोहल्ला शर्की सादात में दरगाह हजरत जैनब पर तीन दिवसीय वार्षिक मजलिसों का आयोजन संपन्न हुआ। इन धार्मिक मजलिसों में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लिया और उलेमाओं के संबोधनों को सुना। तीन दिवसीय मजलिसों के दौरान विभिन्न उलेमाओं ने कर्बला की घटना और अहलेबैत के बलिदानों पर प्रकाश डाला। आखिरी दिन की मजलिस के बाद अलम मुबारक का जुलूस निकाला गया। इस दौरान अंजुमन जुल्फकारे हैदरी के नौहाख्वानों ने नौहे पेश किए, जिस पर अकीदतमंदों ने मातम किया। मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना शादाब मेहंदी जाफरी ने कहा कि इंसान को हमेशा सच्चाई और हक के रास्ते पर चलना चाहिए। उन्होंने कलम की ताकत को पहचानने और सच कहने से न डरने का आह्वान किया। मौलाना जाफरी ने यह भी बताया कि मासूमीन की शिक्षा है कि कितनी भी मुश्किलें आएं, इंसान को हमेशा सच्चाई का साथ देना चाहिए। उन्होंने आगामी मोहर्रम का जिक्र करते हुए कहा कि अज़ादारी पूरी मर्यादा, सम्मान और निष्ठा के साथ की जाए, ताकि किसी व्यक्ति या समुदाय को कोई परेशानी न हो। मजलिस के अंत में हज़रत इमाम हुसैन के भाई हज़रत अब्बास अलमदार के मसाइब बयान किए गए। मजलिस के समापन के बाद अलम मुबारक का जुलूस निकाला गया, जिसमें अकीदतमंदों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर शहर में धार्मिक माहौल बना रहा। इस श्रृंखला की अन्य मजलिसों को मौलाना मोहम्मद अब्बास, मौलाना असगर अब्बास, मौलाना हुसैन अब्बास और मौलाना मीसम अब्बास ने भी संबोधित किया। उन्होंने कर्बला के संदेश को विस्तार से समझाया।
नालंदा के सिलाव थाना क्षेत्र के करियन्ना गांव में ग्रामीणों की तत्परता से एक वारदात टल गई। पुलिस ने एक शातिर बदमाश को हथियार और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है, जो एक ग्रामीण की हत्या करने की नीयत से आया था। गिरफ्तार बदमाश की पहचान गोकुलपुर थाना क्षेत्र के बोधनगर निवासी अविनाश कुमार के रूप में हुई है, जिसका पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है। सिलाव थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि रविवार की सुबह करीब साढ़े दस बजे सूचना मिली कि करियन्ना गांव के लोगों ने एक युवक को अवैध कट्टे के साथ दबोच रखा है। सूचना मिलते ही कार्रवाई करते हुए पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देकर मौके पर भेजा गया। पुलिस सब-इंस्पेक्टर सलाउद्दीन अंसारी, प्रशिक्षु सब-इंस्पेक्टर घनश्याम कुमार और सशस्त्र बल की टीम ने तुरंत गांव पहुंचकर ग्रामीणों के कब्जे से आरोपी को अपने नियंत्रण में ले लिया। जब पुलिस ने पकड़े गए युवक की विधिवत तलाशी ली, तो उसके पास से एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। नाम पूछ कर सिर पर सटाया कट्टा इस मामले को लेकर करियन्ना गांव के निवासी पारस सिंह ने पुलिस को लिखित आवेदन देकर आपबीती बताई। उन्होंने बताया कि वे सुबह अपने दरवाजे पर बैठे थे, तभी आरोपी अविनाश कुमार उनके पास आया और पूछा कि पारस सिंह किसका नाम है। जैसे ही उन्होंने खुद को पारस सिंह बताया, आरोपी ने तुरंत देसी कट्टा निकालकर उनकी कनपटी पर सटा दिया और कहा कि उसे पारस सिंह को मारने के लिए ही भेजा गया है। यह देखकर पारस सिंह ने शोर मचाना शुरू कर दिया, जिसके बाद आसपास के ग्रामीणों ने एकजुट होकर आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया और इसकी सूचना सिलाव थाना को दी। थाना अध्यक्ष ने बताया कि पीड़ित पारस सिंह के आवेदन के आधार पर सिलाव थाना में कांड दर्ज कर लिया गया है। गिरफ्तार अविनाश कुमार एक पेशेवर अपराधी है और इस साल की शुरुआत में 28 जनवरी को भी वह हरनौत थाना में आर्म्स एक्ट के मामले में नामजद रह चुका है। पारस सिंह को मारने की सुपारी गांव के ही नीतीश ने दी थी। जिससे उनकी पुरानी दुश्मनी है फिलहाल नीतीश भी जेल में बंद है। नीतीश भी अपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है।
जहानाबाद जिले के भेलावर थाना क्षेत्र के निसरपुरा गांव में हुए दोहरे हत्याकांड के फरार आरोपियों पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। सोमवार को न्यायालय के आदेश पर पुलिस जब दो आरोपियों के घर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई करने पहुंची, तो एक आरोपी ने आत्मसमर्पण कर दिया। वहीं, दूसरे आरोपी की संपत्ति कुर्क कर ली गई। पुलिस के अनुसार, हत्याकांड के आरोपी नीतीश कुमार और अंकित कुमार लंबे समय से फरार थे। न्यायालय से कुर्की-जब्ती का आदेश मिलने के बाद पुलिस बल निसरपुरा गांव पहुंचा। कुर्की की प्रक्रिया शुरू होते ही आरोपी नीतीश कुमार ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद उसके घर की कुर्की की कार्रवाई रोक दी गई और उसे विधिसम्मत तरीके से गिरफ्तार कर लिया गया। दूसरे आरोपी अंकित कुमार के फरार रहने के कारण उसके घर में न्यायालय के आदेशानुसार कुर्की-जब्ती की कार्रवाई पूरी की गई। इस दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। भेलावर दोहरे हत्याकांड में पुलिस का शिकंजा, 8 आरोपी गिरफ्तार/आत्मसमर्पित, छापेमारी जारी पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान ने बताया कि निसरपुरा दोहरे हत्याकांड में कुल 17 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। इनमें से अब तक आठ आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं या आत्मसमर्पण कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त, पांच अन्य आरोपियों के घरों में पहले ही कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की जा चुकी है। शेष फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। 20 दिनों में एक ही परिवार के दो सदस्यों की हत्या यह उल्लेखनीय है कि 15 मई को शिवम कुमार पर लाठी-डंडों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था, जिनकी इलाज के दौरान 17 मई को मौत हो गई थी। इसके बाद, मामले में पैरवी कर रहे उनके चाचा मुन्ना कुमार सिंह की 7 जून को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 20 दिनों के भीतर एक ही परिवार के दो लोगों की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई थी, जिसके बाद पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।
फर्रुखाबाद में सोमवती अमावस्या के अवसर पर गंगा स्नान के दौरान दो किशोर गहरे पानी में डूब गए। इनमें से एक को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि दूसरे की तलाश देर शाम तक जारी रही। यह घटना पांचाल घाट स्थित पैंटून पुल के पास हुई। लापता किशोर की पहचान 16 वर्षीय अंकित के रूप में हुई है। वह दिल्ली निवासी अमरचंद का बेटा है। अंकित अपनी ननिहाल मऊ दरवाजा थाना क्षेत्र के गांव तुर्कीपुर आया हुआ था। सोमवार को अंकित अपने मामा वीरेंद्र, नाना सुरेश, नानी महारानी देवी, छोटे भाई रोहन और बड़ी बहन साक्षी के साथ पांचाल घाट पर गंगा स्नान के लिए पहुंचा था। सभी लोग स्नान और पूजा-अर्चना कर रहे थे। दोपहर करीब 1 बजे अंकित अपने छोटे भाई रोहन के साथ दोबारा गंगा में नहाने गया। नहाते समय दोनों किशोर गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। मौके पर मौजूद गोताखोरों और स्थानीय लोगों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रोहन को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, अंकित तेज धारा में बह गया और लापता हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से लापता किशोर की तलाश शुरू की। कादरीगेट थानाध्यक्ष कपिल चौधरी ने बताया कि दो लड़के गंगा में डूबे थे, एक को बचा लिया गया है और दूसरे की तलाश लगातार जारी है। देर शाम तक अंकित का पता नहीं चल सका था।
इंदौर के राजेंद्र नगर इलाके में सोमवार शाम एक निजी टैंकर ने साइकिल सवार चौकीदार को पीछे से टक्कर मार दी। चौकीदार घर से किराने का सामान लेने निकला था। इसी दौरान वह हादसे का शिकार हो गया। राजेंद्र नगर पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, घटना सोमवार शाम करीब साढ़े छह बजे की है। शिव सिटी के गेट के पास एक निजी टैंकर ने बी सिलिकॉन सिटी निवासी शंकर (35) पिता संघजी राठौर को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में शंकर की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और टैंकर को जब्त कर लिया। जानकारी के मुताबिक, शंकर चौकीदारी के साथ मजदूरी भी करता था। अमावस्या होने के कारण सोमवार को उसकी छुट्टी थी। पत्नी ललिता ने उसे किराने का सामान लाने के लिए 500 रुपए दिए थे। इसके बाद वह साइकिल लेकर घर से निकला था। शंकर के परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और एक बेटी हैं। परिवार मूल रूप से महाराष्ट्र के नंदूरबार का रहने वाला है। काम के सिलसिले में वे तीन साल पहले इंदौर आए थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
करनाल के सेक्टर-6 में साई मंदिर वाली सड़क पर सोमवार शाम दर्दनाक हादसा हो गया। एक ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से स्कूटी सवार 8 साल के बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उसकी मां गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी हाउस पहुंचाया और घायल महिला को अस्पताल में भर्ती करवाया है। पुलिस द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है। स्कूटी का बैलेंस बिगड़ने से हुआ हादसा जानकारी के अनुसार सोमवार शाम एक महिला अपने बच्चे के साथ स्कूटी पर साई मंदिर की ओर जा रही थी। इसी दौरान एक ट्रैक्टर-ट्रॉली स्कूटी के पास से गुजर रही थी और उसके पीछे एक डंपर भी चल रहा था। अचानक ट्रैक्टर की साइड स्कूटी को लग गई, जिससे स्कूटी का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिर गई। बच्चा ट्रॉली के नीचे आया, मौके पर मौत स्कूटी गिरते ही बच्चा ट्रॉली की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं महिला सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसा होते ही आसपास के लोग मौके पर जुट गए, लेकिन लोगों की भीड़ देखकर ट्रैक्टर चालक फरार हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाला हालात घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। घायल महिला को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी हाउस भेज दिया गया। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली और क्षतिग्रस्त स्कूटी को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। खस्ताहाल सड़क बनी हादसे की वजह प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार साई मंदिर रोड पर लंबे समय से निर्माण कार्य चल रहा है। एक तरफ सड़क बंद होने के कारण दोनों दिशाओं का ट्रैफिक एक ही लेन से गुजर रहा है, जिससे रोजाना जाम और हादसों का खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि अव्यवस्थित और खस्ताहाल सड़क के कारण ही यह हादसा हुआ है, जिसने एक मासूम की जान ले ली। जिम्मेदारों पर कार्रवाई की उठी मांग स्थानीय लोगों ने बिना सुरक्षा इंतजाम के चल रहे निर्माण कार्य पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि लापरवाह ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके। पहचान नहीं हो पाई, जांच जारी सेक्टर-32-33 थाना प्रभारी जगदीश ने बताया कि हादसे में 8 साल के बच्चे की मौत हुई है और उसकी मां घायल है। अभी तक दोनों की पहचान नहीं हो पाई है। शिकायत मिलने के बाद आरोपी चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दरभंगा में अतिक्रमण हटाने का निर्देश:डीएम बोले- कर्पूरी चौक से दोनार चौक तक लागू होगी वन-वे व्यवस्था
दरभंगा शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और आसान बनाने के उद्देश्य से सोमवार को जिला पदाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर क्षेत्र में बढ़ते यातायात दबाव, सड़क अतिक्रमण और आपातकालीन सेवाओं के निर्बाध संचालन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कर्पूरी चौक से दोनार चौक तक वन-वे यातायात व्यवस्था लागू करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से शहर में लगने वाले जाम की समस्या कम होगी। आम लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि एम्बुलेंस सेवा पूर्ववत संचालित रहेगी और किसी भी परिस्थिति में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में बाधा नहीं आने दी जाएगी। अस्थायी अतिक्रमण को हटाने के लिए दिए आदेश जिलाधिकारी ने लहेरियासराय टावर से लोहिया चौक तक सड़क के दोनों किनारों पर लगे ठेला, फल और सब्जी विक्रेताओं सहित अन्य अस्थायी अतिक्रमण को हटाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि चयनित क्षेत्रों को नो ट्रैफिक जोन के रूप में विकसित किया जाए और वहां प्रभावी यातायात नियंत्रण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों पर ट्रकों के अनधिकृत ठहराव और पार्किंग पर भी चिंता व्यक्त की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित थानाध्यक्षों को नियमित निगरानी कर ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध कार्रवाई करें। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि शहर में बेहतर यातायात व्यवस्था स्थापित करना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जाएंगे, ताकि लोगों को जाम की समस्या से राहत मिल सके। बैठक में नगर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार, प्रभारी अनुमंडल पदाधिकारी सदर संजीत कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, संबंधित थानाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी उपस्थित
लखीसराय में पुलिस टीम पर हमला, सब इंस्पेक्टर घायल:सरकारी काम में बाधा डालने पर 4 लोग हिरासत में
लखीसराय जिले के कबैया थाना क्षेत्र में सरकारी कार्य के दौरान पुलिस टीम पर हमला किया गया है। एसडीएम कोर्ट का नोटिस तामील कराने पहुंचे सब इंस्पेक्टर अरुण कुमार ठाकुर इस हमले में घायल हो गए। पुलिस ने इस मामले में एक ही परिवार के चार सदस्यों को हिरासत में लिया है। यह घटना तब हुई जब सब इंस्पेक्टर अरुण कुमार ठाकुर पुलिस बल के साथ वार्ड संख्या-17 निवासी नंदू राम के घर एसडीएम कोर्ट द्वारा जारी भूमि विवाद संबंधी नोटिस देने पहुंचे थे। नोटिस तामील कराने की प्रक्रिया के दौरान विवाद शुरू हो गया। कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही आरोप है कि नंदू राम के परिजनों ने पुलिस द्वारा नोटिस सौंपे जाने का विरोध किया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और धक्का-मुक्की तथा मारपीट में बदल गया। इसी दौरान सब इंस्पेक्टर अरुण कुमार ठाकुर को चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया। घायल सब इंस्पेक्टर को तत्काल लखीसराय सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, जिसे पुलिस ने जल्द ही सामान्य कर लिया। मारपीट करने के आरोप में चार लोगों को हिरासत में लिया एसडीपीओ शिवम कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने के आरोप में चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि आरोपितों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, पुलिस पर हमला और कानून-व्यवस्था भंग करने सहित विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और अधिकारियों ने बताया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
झालावाड़ जिले में एसडीएम पर पिस्टल तानने के 20 साल पुराने मामले में सजा काट रहे पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा ने स्थायी पैरोल मांगी है। पैरोल आवेदन पर समयबद्ध फैसला नहीं होने पर कंवरलाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए जस्टिस गणेश राम मीणा और जस्टिस प्रमिल कुमार माथुर की खंडपीठ ने सोमवार को स्टेट पैरोल कमेटी को 7 दिन में पैरोल प्रार्थना पत्र पर फैसला लेने के लिए कहा। कंवरलाल मीणा की ओर से कहा गया कि करीब दो महीने से ज्यादा समय हो जाने के बाद भी स्टेट कमेटी ने पैरोल प्रार्थना पत्र पर निर्णय नहीं लिया है। याचिका में पैरोल नियमों को चुनौती देते हुए कहा था कि इसमें निर्णय लेने के लिए कोई समय सीमा तय नहीं है। ऐसे में अधिकारियों को असीमित समय मिल जाता है, जो कैदी की व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हनन है। कंवरलाल को तीन साल की सजा सुनाई गई थी। पिछले साल 21 मई को किया था सरेंडर दरअसल, करीब 20 साल पुराने मामले में एक मई 2025 को हाईकोर्ट ने विधायक की अपील को खारिज करते हुए अपीलेंट कोर्ट (एडीजे, अकलेरा, झालावाड़) के फैसले को बरकरार रखा था। अपीलेंट कोर्ट ने विधायक को राजकार्य में बाधा डालने, सरकारी अधिकारियों को डराने-धमकाने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में दोषी करार देते हुए 3 साल की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ कंवरलाल मीणा ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद कंवरलाल मीणा ने 21 मई 2025 को झालावाड़ कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। वहीं विधानसभा स्पीकर ने उनकी सदस्यता भी समाप्त कर दी थी। 20 साल पहले SDM पर तान दी थी पिस्टल 3 फरवरी 2005 को झालावाड़ के मनोहर थाने से दो किलोमीटर दूर दांगीपुरा-राजगढ़ मोड़ पर गांव के लोगों ने खाताखेड़ी के उपसरपंच के चुनाव के संबंध में फिर से मतदान करवाने के लिए रास्ता रोक रखा था। सूचना पर तत्कालीन एसडीएम रामनिवास मेहता, प्रोबेशनर आईएएस डॉक्टर प्रीतम बी यशवंत और तहसीलदार रामकुमार के साथ मौके पर पहुंचे। वे लोगों को समझा रहे थे। करीब आधे घंटे बाद कंवरलाल मीणा अपने कुछ साथियों के साथ मौके पर आया। उसने एसडीएम मेहता की कनपटी पर पिस्टल तानकर कहा कि दो मिनट में वोटों की गिनती फिर से कराने की घोषणा नहीं की तो जान से मार दूंगा। मेहता ने उससे कहा- इस तरह से जान जा सकती है, लेकिन दोबारा वोटों की गिनती की घोषणा नहीं हो सकती है। गांव के लोगों ने कंवरलाल को समझाया। इसके बाद उसने विभाग के फोटोग्राफर के कैमरे से कैसेट निकालकर तोड़ दिया और फिर जला दिया। कंवरलाल ने डॉक्टर प्रीतम का डिजिटल कैमरा भी छीन लिया। करीब 20 मिनट बाद कैमरा लौटाया। इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने कंवरलाल मीणा को 2 अप्रैल 2018 को दोषमुक्त किया था। अपील कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का फैसला पलटते हुए उसे दोषी करार दिया था।
छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल (CGSOS) ने अगस्त-सितंबर 2026 की हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षाओं का टाइम टेबल जारी कर दिया है। दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं 10 अगस्त 2026 से शुरू होंगी। हाईस्कूल की परीक्षाएं 10 अगस्त से 25 अगस्त 2026 तक आयोजित की जाएंगी, जबकि हायर सेकेंडरी की परीक्षाएं 10 अगस्त से 29 अगस्त 2026 तक चलेंगी। छात्रों के लिए जरूरी निर्देश छात्रों के लिए सलाह परीक्षार्थी परीक्षा तिथि, विषय और समय का मिलान पहले से कर लें तथा प्रवेश पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज समय पर तैयार रखें, ताकि परीक्षा के दिन किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बिजनौर डीएम जसजीत कौर की अध्यक्षता में शाम 5 बजे कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान कार्ड बनाने की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर तैनात आशा, एएनएम और जीएनएम को निर्धारित लक्ष्य आवंटित किए जाएं, ताकि शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बन सकें। जिलाधिकारी ने अभियान चलाकर पात्र परिवारों की पहचान करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने आयुष्मान कार्ड निर्माण की नियमित समीक्षा और दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि जनसामान्य को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग का मुख्य कार्य है। उन्होंने सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को पूर्ण मानक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने जिला चिकित्सालय सहित जनपद के सभी सीएचसी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में आधारभूत सुविधाओं की कमी को तत्काल दूर करने के लिए कार्यवाही करने को भी कहा। बैठक में बच्चों और गर्भवती महिलाओं के नियमित टीकाकरण तथा बच्चों में कुपोषण की स्थिति की जांच की विभागीय स्तर पर नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने अस्पतालों में जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता, एंटी-स्नेक इंजेक्शन की उपलब्धता, आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान, आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान कार्ड निर्माण और प्रधानमंत्री जननी सुरक्षा योजना में लाभार्थियों के भुगतान की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को पूर्ण मानक के अनुसार क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान, जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं और विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कौशलेंद्र सिंह, सभी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी और एमओआईसी (चिकित्सा अधिकारी प्रभारी) उपस्थित थे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 15 दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का समापन समारोह बेगूसराय जिला मुख्यालय के गांधी स्टेडियम में आयोजित हुआ। उत्तर बिहार का यह 15 दिवसीय प्रशिक्षण मोहनपुर के एक निजी विद्यालय में चल रहा था। जिसका समापन समारोह गांधी स्टेडियम में आयोजित हुआ। समारोह को प्रगतिशील किसान एवं कृषि नवाचारक सुधांशु कुमार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह आलोक कुमार ने संबोधित किया। कार्यक्रम संघ प्रार्थना और ध्वज वंदन से शुरू हुआ। 15 दिनों तक चले इस वर्ग में पूरे प्रांत भर से आए स्वयंसेवकों ने शारीरिक, बौद्धिक और संगठनात्मक प्रशिक्षण हासिल किया। खेती केवल आजीविका नहीं, राष्ट्रनिर्माण का आधार कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रगतिशील किसान सुधांशु कुमार ने कहा कि खेती केवल आजीविका नहीं, राष्ट्रनिर्माण का आधार है। आज के युवा यदि खेती को व्यवसाय और सेवा भाव से अपनाएं, तो गांव समृद्ध होंगे और देश आत्मनिर्भर बनेगा। जैविक खेती, जल संरक्षण और स्थानीय बीजों के संरक्षण से ही हम किसान की आय दोगुनी करने का संकल्प पूरा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवक गांव-गांव जाकर किसानों को नई तकनीक और बाजार से जोड़ने में सहयोग करें। क्योंकि समाज और राष्ट्र जागरण का कार्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने बहुत अच्छे तरीके से किया है और समाज संघ को एक प्रभावशाली राष्ट्र के लिए समर्पित संगठन मानकर इनकी बातों पर विश्वास करता है l राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह आलोक कुमार जी ने कहा कि संघ का प्रशिक्षण वर्ग व्यक्ति निर्माण का यज्ञ है। यहां स्वयंसेवक अनुशासन, समर्पण और समाज के प्रति दायित्व बोध सीखते हैं। आने वाले समय में देश के सामने जो चुनौतियां हैं, उनका उत्तर हमारे प्रशिक्षित स्वयंसेवक ही देंगे। प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत की उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने दैनिक जीवन में संघ के संस्कारों को उतारकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाएं। भारत आज कृषि, विज्ञान और तकनीक और डिफेंस सेक्टर सहित कई क्षेत्रों में निर्यातक राष्ट्र की भूमिका में है l ऑपरेशन सिंदूर सहित अन्य अभियान हमारी शक्तिशाली मानव हितकारी गतिविधियों का परिचायक है l समारोह में वर्गाधिकारी ने प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत की। जबकि धन्यवाद ज्ञापन सह विभाग कार्यवाह राजेश कुमार राजू ने किया। मंच पर जिला संघ चालक मनोरंजन कुमार वर्मा सहित अन्य उपस्थित थे। अंत में सामूहिक घोष और राष्ट्रगीत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम में आरएसएस के प्रांत प्रचारक रविशंकर, सह प्रांत प्रचारक प्रवीर, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, बीजेपी के प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया, ABVP के प्रदेश मंत्री पुरुषोत्तम कुमार और राकेश मौर्य, बेगूसराय के सभी बीजेपी विधायक, जिलाध्यक्ष राजीव वर्मा, BJYM के शशांक शेखर व बड़ी संख्या में स्वयंसेवक सहित अन्य उपस्थित थे।
झाबुआ जिले की पेटलावद तहसील के ग्राम सारंगी में प्रशासन ने सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। यह पूरा मामला सर्वे नंबर 1784/2 की जमीन का है, जो सरकारी कामों के लिए सुरक्षित रखी गई है। दरअसल, हाल ही में प्रस्तावित बदनावर-टिमरवानी फोरलेन का कट पॉइंट इस जमीन के पास तय हुआ है, जिसके बाद से यहां की जमीनों के दाम आसमान छूने लगे हैं। फोरलेन की वजह से बढ़े दामों का फायदा उठाने के लिए भू-माफियाओं और कब्जाधारियों ने एक ही रात में लोहे के एंगल और शेड लगाकर 20 से ज्यादा दुकानें खड़ी कर दी थीं। आरोप तो यह भी है कि ग्राम पंचायत के साथ सांठगांठ करके इस कीमती जमीन के फर्जी पट्टे भी बांट दिए गए थे। जब इस मामले की शिकायत कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के पास जनसुनवाई में पहुंची, तो उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए एसडीएम तनुश्री मीणा को तुरंत एक्शन लेने के निर्देश दिए। महिलाओं ने दी खुदकुशी की धमकी, पर नहीं रुका बुलडोजर सोमवार को पेटलावाद तहसीलदार अनिल बघेल भारी पुलिस बल और राजस्व टीम के साथ जब अतिक्रमण हटाने पहुंचे, तो उन्हें कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। कुछ महिलाओं ने तो हाथ में पत्थर उठा लिए और खुद को नुकसान पहुंचाने (आत्मदाह जैसी) धमकी देकर टीम को रोकने की कोशिश की। इसके बावजूद तहसीलदार ने बिना किसी दबाव के अपनी कार्रवाई जारी रखी और बुलडोजर चलाकर सारे अवैध कब्जों को मलबे में मिला दिया। बांटे गए फर्जी पट्टों की जांच शुरू प्रशासन के मुताबिक, इस जमीन में से दो हेक्टेयर भूमि पहले से ही पेटलावद की विपणन सहकारी संस्था को वेयरहाउस और टमाटर केचप प्लांट के लिए दी जा चुकी है। इसके अलावा, 10 आरा जमीन पर सोसाइटी का भवन और करीब डेढ़ हेक्टेयर जमीन पर गाडोलिया समाज का कब्जा है। प्रशासन अब इस बात की बारीकी से जांच कर रहा है कि जिस जमीन का मालिकाना हक ग्राम पंचायत के पास था ही नहीं, उसके पट्टे आखिर कैसे और किसने बांट दिए। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान पेटलावद थाना प्रभारी निर्भयसिंह भूरिया, चौकी प्रभारी दीपक देवरे समेत पुलिस और राजस्व विभाग का अमला मुस्तैद रहा।
हरियाणा के पानीपत जिले के अंतर्गत आने वाले गांव बुआना लाखू में सोमवार को एक हादसा हो गया। यहां गांव के ही जोहड़ (तालाब) में भैंसों को नहलाने गए 44 वर्षीय एक व्यक्ति की पानी में डूबने के कारण मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुआना लाखू गांव का रहने वाला राकेश (44 वर्ष) दोपहर के समय अपनी भैंसों को पानी पिलाने और नहलाने के लिए गांव के जोहड़ पर लेकर गया था। भीषण गर्मी के कारण भैंसें तैरते हुए जोहड़ के काफी अंदर यानी गहरे पानी में चली गईं। जब राकेश ने भैंसों को जोहड़ से बाहर निकालने का प्रयास किया, तो वह खुद को संभाल नहीं पाया। भैंसों को खदेड़ने के चक्कर में राकेश का पैर फिसल गया या वह गहरे पानी के वीएच में चला गया, जिससे वह तालाब में डूब गया। चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीण, अस्पताल ले जाने से पहले तोड़ा दम जब राकेश पानी में डूबने लगा और जोहड़ के पास हलचल हुई, तो आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत शोर मचाया। चीख-पुकार सुनकर खेतों और गांव से भारी संख्या में ग्रामीण जोहड़ की तरफ दौड़े। ग्रामीणों ने तुरंत पानी में छलांग लगाई और काफी मशक्कत के बाद राकेश को पानी से बाहर निकाला। लेकिन तब तक राकेश के फेफड़ों में काफी पानी भर चुका था और उसकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। परिजन और ग्रामीण उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। स्थानीय पुलिस जांच और आगामी कार्रवाई में जुटी हादसे की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने मृतक राकेश के शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए पानीपत के सामान्य अस्पताल भिजवा दिया है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों के बयानों के आधार पर इत्तेफाकिया दुर्घटना की धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
किशनगंज सदर अस्पताल में हेपेटाइटिस वैक्सीन खत्म:नवजातों को बिना टीका लगवाए लौट रहे पैरेंट्स
किशनगंज सदर अस्पताल में नवजात शिशुओं को जन्म के 24 घंटे के भीतर लगने वाली हेपेटाइटिस वैक्सीन की कमी हो गई है। पिछले चार दिनों से अस्पताल में वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, जिससे कई नवजात टीकाकरण से वंचित रह गए हैं। अभिभावकों में इसे लेकर चिंता है। हेपेटाइटिस का पहला टीका जन्म के तुरंत बाद नवजात को लगाना राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह टीका बच्चों को हेपेटाइटिस-बी संक्रमण से बचाता है। वैक्सीन की अनुपलब्धता के कारण सदर अस्पताल में जन्मे बच्चों के परिजन बिना टीकाकरण के ही उन्हें घर ले जाने को मजबूर हैं। जल्द से जल्द वैक्सीन उपलब्ध कराने की मांग की अस्पताल पहुंचे कई अभिभावकों ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि बच्चे को सभी आवश्यक टीके अस्पताल में ही लग जाएंगे। हालांकि, वैक्सीन न होने की जानकारी मिलने पर उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। अभिभावकों ने नवजात के स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त की और जल्द से जल्द वैक्सीन उपलब्ध कराने की मांग की है। अस्पताल में बच्चों एवं किशोरियों को अन्य सभी टीके लगाए जा रहे हैं। राज्य स्तर पर हेपेटाइटिस वैक्सीन की आपूर्ति नहीं हुई जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार ने इस संबंध में बताया कि मई माह से राज्य स्तर पर हेपेटाइटिस वैक्सीन की आपूर्ति नहीं हुई है, जिसके कारण जिले का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन की मांग राज्य मुख्यालय को भेजी जा चुकी है और नई खेप मिलते ही अस्पतालों में इसकी आपूर्ति कर दी जाएगी।
दिल्ली सरकार द्वारा यमुना को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाने के संकल्प को जनभागीदारी का स्वरूप देते हुए राजधानी के 28 प्रमुख यमुना घाटों पर एक साथ “मां यमुना तट स्वच्छता अभियान” का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अभियान में 15,000 से अधिक नागरिकों, स्वयंसेवकों, सामाजिक संगठनों, आरडब्ल्यूए, विभिन्न सरकारी विभागों और एजेंसियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया अभियान के दौरान यमुना घाटों, नदी तटों, पहुंच मार्गों और आसपास के सार्वजनिक क्षेत्रों की व्यापक सफाई की गई। इस दौरान 116.6 मीट्रिक टन कचरे को एकत्र कर वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित किया गया। इस मौके पर उन्होंने कहा यमुना केवल एक नदी नहीं है, यह दिल्ली की आस्था, संस्कृति और जीवन का आधार है। इस अभियान में सरकार के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण, लोक निर्माण विभाग, दिल्ली जल बोर्ड, नगर निगम, राजस्व विभाग सहित कई विभागों ने संयुक्त रूप से इस अभियान को सफल बनाया। दिल्ली पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और डूसिब ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए 8 ट्रैश स्किमर एवं वीड हार्वेस्टर, 28 नावें, 28 जेसीबी मशीनें, 84 पीडब्ल्यूडी मेंटेनेंस वैन, 28 हॉर्टिकल्चर वाहन, कचरा परिवहन वाहन तथा प्रत्येक स्थल पर आपात चिकित्सा सहायता के लिए एम्बुलेंस तैनात की गईं। 116.6 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया अभियान के दौरान एकत्र कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप निस्तारित किया गया। सामान्य कचरे एवं निर्माण एवं विध्वंस (सीडी) अपशिष्ट का निर्धारित नियमों के तहत निपटान किया गया। पूजा सामग्री एवं खंडित मूर्तियों का पर्यावरण अनुकूल तरीके से विसर्जन सुनिश्चित किया गया। जलकुंभी एवं अन्य हरित अपशिष्ट को वैज्ञानिक प्रसंस्करण के लिए निर्धारित ग्रीन वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट्स तक पहुंचाया गया। 'यमुना की सफाई कोई एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि सतत संकल्प है' जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने आगे कहा दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता और जनभागीदारी के विजन से प्रेरित होकर यमुना पुनर्जीवन के लिए लगातार कार्य कर रही है। यमुना की सफाई कोई एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि सतत संकल्प है। यदि हम सभी यह निश्चय करें कि यमुना में कचरा नहीं जाएगा, तो यमुना को स्वच्छ बनने से कोई नहीं रोक सकता।
कटिहार नगर निगम ने शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने और नागरिकों के सुगम आवागमन के लिए एक विशेष अभियान चलाया। इस दौरान नगर निगम के अधिकारियों और कर्मियों की टीम ने प्रमुख सड़कों तथा सार्वजनिक स्थलों से अवैध कब्जों को हटाया। अभियान के तहत सड़क किनारे से अस्थायी ढांचे, अवैध दुकानें, ठेले, गुमटी और अन्य अवरोध हटाए गए। नगर आयुक्त के निर्देश पर शहीद चौक, एमजी रोड, बिनोदपुर, मिर्चाईबाड़ी, स्टेशन चौक और हॉस्पिटल रोड पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। जेसीबी और ट्रैक्टर का उपयोग कर वर्षों पुराने अतिक्रमणों को ध्वस्त किया गया। भविष्य में दोबारा कब्जा न करने की सख्त चेतावनी दी नगर निगम की टीम ने अतिक्रमण करने वालों को भविष्य में दोबारा कब्जा न करने की सख्त चेतावनी दी है। अधिकारियों के अनुसार, अतिक्रमण के कारण यातायात व्यवस्था बाधित हो रही थी, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं को भी जाम में फंसना पड़ता था। नोटिस के बावजूद कब्जा न हटाने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए अतिक्रमण विरोधी अभियान जारी रहेगा। नगर आयुक्त ने बताया कि यह एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि हर सप्ताह अलग-अलग वार्डों में अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नाले और सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सामान दुकान की सीमा के भीतर रखने की सलाह दी नगर निगम ने जनहित में ऐसी कार्रवाई को आवश्यक बताया है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे सार्वजनिक सड़कों, नालों और सरकारी भूमि पर किसी प्रकार का अतिक्रमण न करें तथा निगम के प्रयासों में सहयोग दें। दुकानदारों को भी अपना सामान दुकान की सीमा के भीतर रखने की सलाह दी गई है। इस अभियान के बाद सड़कों के चौड़ी होने से स्थानीय लोगों ने राहत महसूस की। कई नागरिकों ने इस पहल का स्वागत किया है। अतिक्रमण से पैदल चलना भी मुश्किल था। हालांकि कुछ दुकानदारों ने पुनर्वास की मांग की है। नगर निगम ने कहा कि वैध वेंडिंग जोन चिन्हित कर जल्द व्यवस्था की जाएगी। अभियान में सिटी मैनेजर, अतिक्रमण प्रभारी, पुलिस बल और सफाई कर्मी शामिल रहे।
बरेली के सेंथल पट्टी में सोमवार सुबह करीब 11 बजे ब्रह्मदेव स्थल के पास एक तेज रफ्तार बाइक और साइकिल की आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में साइकिल सवार एक युवक व एक किशोर और बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई। दिनदहाड़े हुए इस घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया और शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अब विस्तार से जानिए पूरा मामला... 'दर्शन कर घर लौट रहे थे सुरेंद्र और भानु' ग्राम मुड़िया बिसन सहाए के रहने वाले 18 वर्षीय सुरेंद्र और 13 वर्षीय किशोर भानु सोमवार सुबह साइकिल से सेंथल पट्टी स्थित ब्रह्मदेव स्थल पर दर्शन करने गए थे। सुबह करीब 11 बजे दर्शन करने के बाद दोनों साइकिल से वापस अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक काल बनकर आई और उनकी साइकिल में सीधे जोरदार टक्कर मार दी। 'खंती में गिरी बाइक, एक ने मौके पर तोड़ा दम' यह टक्कर इतनी भीषण थी कि साइकिल सवार सुरेंद्र और भानु छिटककर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, टक्कर के बाद बाइक भी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी खंती (गहरी खाई) में जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में बाइक सवार 21 वर्षीय पुष्पेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। खून से लथपथ घायलों की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें तुरंत पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भिजवाया, लेकिन इलाज के दौरान सुरेंद्र और भानु ने भी दम तोड़ दिया। 'रुद्रपुर में करता था सिलाई का काम, बहन से मिलने जा रहा था पुष्पेंद्र' जान गंवाने वाला बाइक सवार पुष्पेंद्र मूल रूप से थाना भोजीपुरा क्षेत्र के गांव टांडा इनयतुल्ला का रहने वाला था। उसके जीजा उमाशंकर ने बताया कि पुष्पेंद्र उत्तराखंड के रुद्रपुर में सिलाई का काम करता था और रविवार शाम को ही काम से छुट्टी लेकर घर वापस आया था। सोमवार सुबह वह पस्तौर गांव में अपनी एक बहन पुष्पा के घर से निकलकर दूसरी बहन कान्तिदेवी के घर (परेवा कुर्मियान) जा रहा था, तभी रास्ते में यह मनहूस हादसा हो गया। तीन मौतों के बाद से दोनों परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
उदयपुर विकास प्राधिकरण (UDA) सीमा में शामिल गांवों को अपेक्षित लाभ नहीं मिलने पर विधायक ने नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था का फायदा ग्रामीणों के बजाय भूमाफियाओं को अधिक मिल रहा है। विधायक कलेक्टर को एक आदिवासी परिवार के घर ले गए और उन्हें जमीनी हालात से रूबरू कराया। उन्होंने कहा कि सरकारी नियमों और प्रशासनिक पेचीदगियों के कारण पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे ग्रामीणों में असंतोष बढ़ रहा है। दरअसल, UDA की सीमा में शामिल किए गए ग्रामीण एवं आदिवासी अंचल के गांवों अलसीगढ़, पोपल्टी, फांदा, उंदरी खुर्द, चोकड़िया और नयागुड़ा को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। उदयपुर ग्रामीण से भाजपा विधायक फूलसिंह मीणा ने सोमवार को जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल के साथ इन गांवों का दौरा कर मौके की स्थिति का जायजा लिया और यूडीए में शामिल किए जाने पर गंभीर आपत्ति जताई। इन गांवों में आबादी दूर-दूर ढाणियों में बसा दौरे के दौरान विधायक मीणा ने जिला कलेक्टर को बताया कि संबंधित गांव आदिवासी और पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है, जहां आबादी दूर-दूर ढाणियों में बसी हुई है। उनका कहना था कि इन क्षेत्रों को बिना पर्याप्त अध्ययन के यूडीए सीमा में शामिल कर लिया गया, जबकि वर्तमान परिस्थितियों में इसका कोई औचित्य नहीं बनता। कलेक्टर ने इन गांवों को यूडीए सीमा से बाहर रखने की कही बात निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने विधायक से कहा कि मौके की स्थिति को देखते हुए ये क्षेत्र फिलहाल यूडीए में नहीं हो, इसके लिए आपकी बात पर विचार करते हुए बात पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि गांव पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में स्थित हैं और यहां शहरी विकास की संभावनाएं निकट भविष्य में नजर नहीं आतीं। ऐसे में इन क्षेत्रों को यूडीए सीमा से बाहर रखने पर विचार करने पर बात रखी जाएगी। इन गांवों को नहीं भूमाफियाओं को मिलेगा फायदा विधायक फूलसिंह मीणा ने कहा कि आदिवासी समुदाय आज भी प्राकृतिक संसाधनों और पारंपरिक जीवनशैली के साथ जीवन यापन कर रहा है। अगर इन क्षेत्रों को यूडीए में रखा गया तो इससे ग्रामीणों को अपेक्षित विकास का लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि भूमाफियाओं को जमीनों की खरीद-फरोख्त का अवसर मिल जाएगा। शहरी सीमा विस्तार से ग्रामीणों की समस्याओं का नहीं होगा समाधान विधायक मीणा ने आशंका जताई कि इससे पहाड़ों और हरित क्षेत्रों को नुकसान पहुंचेगा और स्थानीय आदिवासी परिवार अपनी भूमि से बेदखल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी अंचल के विकास के लिए सबसे पहले रोजगार, शिक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाना चाहिए। केवल शहरी सीमा विस्तार से ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। आदिवासी परिवार की स्थिति देख भावुक हुए अधिकारी दौरे के दौरान विधायक और जिला कलेक्टर ने एक आदिवासी परिवार के घर का भी दौरा किया। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय पाई गई। परिवार के पास उपयोग के लिए केवल कुछ बुनियादी बर्तन और रहने के लिए एक जर्जर झोपड़ी थी, जिसमें परिवार और उनकी बकरियां साथ रहती हैं। जानकारी दी गई कि वन विभाग से एनओसी और पट्टा नहीं मिलने के कारण परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहा है। पक्के आवास के अभाव में उन्हें जंगली जानवरों, विशेषकर लेपर्ड के हमले का भी लगातार खतरा बना रहता है। इस पर जिला कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक राहत और कार्रवाई के निर्देश दिए। दौरे में गिर्वा के पूर्व प्रधान तख्तसिंह शक्तावत, मंडल अध्यक्ष सुनील चौधरी, पूर्व मंडल अध्यक्ष दिनेश धायभाई, महामंत्री भगवती तेली, पोपल्टी सरपंच धर्मचंद मीणा, वरिष्ठ नेता कैलाश मीणा, मांगीलाल खराड़ी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
शेखपुरा जिले के शेखोपुरसराय थाना क्षेत्र में बरबीघा-वारिसलीगंज मुख्य सड़क मार्ग पर रविवार शाम ओनमा पावर ग्रिड स्टेशन के पास हुई स्कॉर्पियो और बाइक की भीषण भिड़ंत में घायल दूसरे युवक ने भी दम तोड़ दिया है। 21 साल के युवक ने पावापुरी में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। मृतक की पहचान शेखोपुरसराय थाना क्षेत्र के चरूआमा गांव निवासी लालू रविदास के पुत्र अधिक यादव के रूप में हुई है। इस हादसे में रविवार को ही अधिक के मामा सोनू कुमार की मौके पर मौत हो गई थी। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने तीनों को टक्कर मार दी जानकारी के अनुसार, रविवार शाम अधिक अपने मामा सोनू कुमार और अमरजीत कुमार के साथ एक ही बाइक पर सवार होकर अपने गांव से बरबीघा थाना क्षेत्र के रमजानपुर स्थित ननिहाल लौट रहा था। ओनमा बिजली पावर ग्रिड स्टेशन के पास बरबीघा की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने तीनों को टक्कर मार दी। घटना के तुरंत बाद अधिक के मामा सोनू कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी। अधिक और अमरजीत को गंभीर हालत में हायर सेंटर पावापुरी रेफर किया गया था। पावापुरी में इलाज के दौरान अधिक की मौत हो गई। वहीं, रमजानपुर गांव निवासी उपेंद्र रविदास के पुत्र अमरजीत का इलाज अभी भी पावापुरी में चल रहा है। अधिक के शव का बिहारशरीफ में पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने परिजनों को सौंप दिया। पिता पूरे परिवार के साथ दिल्ली में करते हैं मजदूरी रमजानपुर के वार्ड सचिव संदीप रविदास ने बताया कि मृतक अधिक रविदास तीन भाई थे। उनके पिता पूरे परिवार के साथ दिल्ली में मजदूरी करते हैं। अधिक लगभग दस दिन पहले अपने परिवार के साथ चरूआमा गांव में नया मकान बनाने के लिए आए थे और निर्माण कार्य चल रहा था। वह अपने मामा और ननिहाल के एक युवक के साथ अपने गांव से रमजानपुर स्थित ननिहाल लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। इस दुखद घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
युवती के अपहरण-दुष्कर्म दोषी को 10 साल की सजा:बिजनौर कोर्ट ने 22 साल पुराने मामले में सुनाया फैसला
बिजनौर कोर्ट ने 22 साल पुराने एक मामले में युवती के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी सुरेश कुमार उर्फ सुरेंद्र को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला जज कमलदीप (एफटीसी संख्या 2) ने दोषी पर 85 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला हीमपुर क्षेत्र से जुड़ा है। एडीजीसी मुकुल राठौर ने बताया कि हीमपुर दीपा निवासी सुरेश कुमार उर्फ सुरेंद्र पुत्र नथवा ने एक गरीब मजदूर की बेटी को सतत शिक्षा केंद्र में सिलाई-कढ़ाई के काम पर रखने का झांसा दिया था। आरोपी ने युवती को नौकरी दिलाने का वादा किया, जबकि उसके पिता ने बताया था कि उनकी बेटी केवल पांचवीं पास है। आरोपी ने पांचवीं पास युवती के लिए आठवीं पास के फर्जी दस्तावेज भी तैयार किए थे। घटना 16 अगस्त 2004 की है, जब आरोपी सुरेश कुमार युवती के घर आया। उसने युवती के काम के पैसे भुगतान कराने का बहाना बनाकर उसे बहला-फुसलाया। युवती के पिता ने अपनी बेटी और छोटे बेटे अनिल को आरोपी के साथ भेज दिया। शाम को जब अनिल घर लौटा, तो उसने बताया कि आरोपी उसकी बहन को कहीं और ले गया है। पिता ने अपनी बेटी की काफी तलाश की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। पीड़ित पिता ने इसकी सूचना थाने में दी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने अदालत के माध्यम से मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने जांच-पड़ताल करते हुए युवती को बरामद किया और मजिस्ट्रेट के समक्ष उसके बयान दर्ज कराए, जिसमें पीड़िता ने अपनी आपबीती बताई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता ने अपने बयानों में पुष्टि की कि आरोपी उसे बहला-फुसलाकर ले गया था और उसके साथ दुष्कर्म किया था। अदालत ने पेश किए गए सबूतों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया और उसे यह सजा सुनाई।
मंडला में राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त किए जाने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को भाजपा और चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस कार्यालय में प्रेसवार्ता करने के बाद कार्यकर्ता रैली के रूप में भाजपा दफ्तर का घेराव करने निकले, लेकिन पुलिस ने उन्हें पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पास बैरिकेड्स लगाकर बीच में ही रोक दिया। इस दौरान गुस्साए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयुक्त का प्रतीकात्मक पुतला फूंका। साथ ही उन्होंने अनोखा विरोध प्रदर्शन करते हुए अगरबत्ती जलाई और सरकार को सद्बुद्धि देने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और नामांकन निरस्त करने के इस फैसले को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के पूरी तरह खिलाफ बताया। संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप प्रेसवार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अशोक मर्सकोले ने कहा कि कांग्रेस बेहद शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रही है। उन्होंने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि वह संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाकर काम करवा रही है, जिसकी वजह से चुनाव आयोग अपनी निष्पक्ष भूमिका निभाने में नाकाम साबित हुआ है। अदालत की अनदेखी और जनता के बीच जाने का एलान डॉ. मर्सकोले ने आगे कहा कि मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को निरस्त करने का कोई कानूनी या वैधानिक आधार नहीं था। यह कार्रवाई सिर्फ भाजपा की आपत्ति को ध्यान में रखकर की गई है, जबकि हैदराबाद की सत्र अदालत भी इस तरह की आपत्ति को पहले ही खारिज कर चुकी है। उन्होंने कहा कि कोर्ट के रुख के बावजूद नामांकन रद्द करना लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए हर हथकंडा अपना रही है। कांग्रेस नेताओं ने साफ एलान किया कि वे इस नाइंसाफी के मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएंगे और लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता को बचाने के लिए बड़ा जनजागरण अभियान चलाएंगे। पुलिस की भारी मौजूदगी के बीच यह पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से खत्म हुआ।
सोमवती अमावस्या के अवसर पर सोमवार को राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सोमेन्द्र तोमर ने बागपत स्थित ऐतिहासिक पुरा महादेव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और शांति की कामना करते हुए भगवान भोलेनाथ से जनकल्याण का आशीर्वाद मांगा। मंदिर परिसर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सोमेन्द्र तोमर ने श्रद्धालुओं के साथ पूजा-अर्चना में भाग लिया और कहा कि सनातन परंपराओं से जुड़े ऐसे पर्व समाज को आध्यात्मिक ऊर्जा देने के साथ सामाजिक समरसता का संदेश भी देते हैं। इस अवसर पर मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। सोमेन्द्र तोमर ने स्वयं श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर प्रसाद वितरित किया। भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे मंदिर परिसर में हर-हर महादेव के जयघोष और शिवभक्ति का माहौल बना रहा। कार्यक्रम में भोपाल प्रधान, सौरभ चौधरी, आयुष चपराना, मोहन गुर्जर, नरेश विश्वकर्मा, नवीन नेहरा, हरिओम अग्रवाल, वरुण राजपूत, आदित्य शर्मा, दीपक राणा, गुड्डू गगोल, मनुपाल बंसल, मनीष प्रजापति, रजनीश पंवार, नवीश कसाना, डॉ. विनोद, विकास भड़ाना, अंकित विकल, कमल जाटव, रविंद्र कुमार, सुनील वर्मा, नितिन कसाना, सुमित भड़ाना और राहुल कसाना सहित कई लोग मौजूद रहे।
प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों के बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ सामाजिक एवं पर्यावरण कार्यकर्ता दीपक शर्मा ने सोमवार को नगर निगम के बाहर प्रतीकात्मक 'कॉकरोच प्रोटेस्ट' किया। उन्होंने नदियों में बिना शोधन के सीवर जल छोड़े जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की। शर्मा ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय), प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अन्य संबंधित प्रशासनिक विभाग नदियों को प्रदूषणमुक्त रखने की अपनी जिम्मेदारियों का ठीक से पालन नहीं कर रहे हैं। उनके अनुसार, वृंदावन से प्रयागराज के त्रिवेणी संगम तक कई बड़े नालों का गंदा और जहरीला पानी सीधे यमुना और गंगा में मिल रहा है, जिससे नदियों का पारिस्थितिक तंत्र प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि नदियों में बढ़ता प्रदूषण न केवल जलीय जीव-जंतुओं के अस्तित्व के लिए खतरा है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था को भी ठेस पहुंचा रहा है। संगम क्षेत्र में पवित्र स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को प्रदूषित जल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि नदियों की स्वच्छता के संबंध में उच्चतम न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा जारी निर्देशों का भी पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संबंधित विभागों ने समय पर प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो पर्यावरण और जनस्वास्थ्य दोनों पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। उन्होंने प्रशासन को 15 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए मांग की है कि सभी नालों की शत-प्रतिशत बायो-टैपिंग सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, प्रदूषण फैलाने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय-सीमा में उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और इस मामले को उच्च न्यायालय तक ले जाया जाएगा। हालांकि, इस संबंध में संबंधित विभागों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है।
जोधपुर में गर्मी में पानी के स्टोरेज और फिल्टर प्लांट, पंप हाउस और पाइप लाइनों के मेंटेनेंस और सफाई के कारण पानी की सप्लाई बाधित रहेगी। जोधपुर शहर के सभी फिल्टर हाउस से सभी क्षेत्रों में पानी की सप्लाई 17 जून को बंद रहेगी। पीएचईडी विभाग के एसई राजेंद्र मेहता ने बताया- जोधपुर शहर के कायलाना, चौपासनी और सुरपुरा फिल्टर हाउस से संबंधित सभी क्षेत्रों में 17 जून को होने वाली जलापूर्ति 18 जून को की जाएगी। वहीं 18 जून को होने वाली जलापूर्ति 19 जून को की जाएगी। झालामंड और तख्त सागर फिल्टर हाउसे से जुड़े क्षेत्र सरस्वती नगर और कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड के विभिन्न सेक्टरों एवं पाल बाइपास, शिल्पग्राम के आस-पास क्षेत्रों में 17 जून को सुबह 10 बजे तक की जाने वाली सप्लाई सामान्य रूप होगी। इन क्षेत्रों में 18 जून को होने वाली सप्लाई 19 जून को और 19 जून को की जाने वाली जलापूर्ति 20 जून को होगी।
भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने एक बांग्लादेशी नागरिक को अवैध रूप से भारत में प्रवेश करते हुए गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 41वीं वाहिनी एसएसबी की सीमा खुफिया टीम (बीआईटी) ने पानीटंकी स्थित पुराने मेची पुल पर नियमित जांच के दौरान की। एसएसबी जवान सीमा क्षेत्र में आवाजाही करने वाले लोगों की सघन जांच कर रहे थे। इसी दौरान नेपाल से भारत की ओर आ रहे एक व्यक्ति की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पूछताछ और दस्तावेजों की जांच में उसकी पहचान बांग्लादेश के मदारीपुर जिले के उमेदपुर गांव निवासी 38 वर्षीय नंदन दास के रूप में हुई। उसके पास भारत में प्रवेश के लिए कोई वैध दस्तावेज नहीं था। सर्बिया में रोजगार दिलाने का झांसा दिया था तलाशी के दौरान नंदन दास के पास से एक बांग्लादेशी पासपोर्ट, बांग्लादेश से नेपाल की फ्लाइट टिकट, दो बांग्लादेशी और एक नेपाली सिम कार्ड लगा मोबाइल फोन तथा 2,580 रुपये भारतीय मुद्रा बरामद की गई। पूछताछ में नंदन दास ने बताया कि फरवरी 2026 में एक एजेंट ने उसे सर्बिया में रोजगार दिलाने का झांसा दिया था। इस उम्मीद में उसने एजेंट को तीन से पांच लाख रुपये तक का भुगतान किया और नेपाल पहुंच गया। हालांकि, नेपाल पहुंचने के बाद एजेंट ने उससे संपर्क तोड़ दिया और फरार हो गया। पोखरा शहर में मजदूरी कर जीवनयापन करने लगा ठगी का शिकार होने के बाद नंदन दास नेपाल के पोखरा शहर में मजदूरी कर जीवनयापन करने लगा। लगभग दो महीने तक वहां काम करने के बाद उसने भारत के रास्ते बांग्लादेश लौटने का फैसला किया। इसी दौरान भारत में प्रवेश करने की कोशिश करते समय उसे एसएसबी ने पकड़ लिया। एसएसबी अधिकारियों ने बताया कि मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। संदिग्ध विदेशी नागरिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और उसे संबंधित एजेंसियों को सौंपने की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों का मानना है कि यह मामला केवल अवैध प्रवेश का नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय मानव तस्करी और फर्जी रोजगार नेटवर्क से भी जुड़ा हो सकता है। सीमा सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क के संभावित पहलुओं की जांच में जुट गई हैं। एसएसबी की इस कार्रवाई को भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
मुरादाबाद में 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत एक बड़ी कार्रवाई हुई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (ADJ-11) ने 2018 के ड्रग्स तस्करी के एक मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए 12 साल के कठोर कारावास और 1 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) के निर्देश पर राज्य भर में गंभीर अपराधियों को जल्द सजा दिलाने के लिए 'ऑपरेशन कन्विक्शन' चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मुरादाबाद जनपद के थाना भोजपुर से जुड़े इस पुराने मामले में अदालत का यह फैसला आया है।यह मामला वर्ष 2018 का है, जब भोजपुर पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। अभियुक्त की पहचान शरीफ पुत्र भोला के रूप में हुई है, जो मुरादाबाद के थाना भोजपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम लखनपुरी का निवासी है। उसके खिलाफ पुलिस ने मुकदमा संख्या 267/2018 के तहत एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज किया था।मामले की विवेचना पूरी होने के बाद, मुरादाबाद पुलिस की पैरवी सेल ने कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखा। सरकारी गवाहों और सबूतों को समय पर पेश किया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, माननीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या 11 (ADJ-11) ने आरोपी शरीफ को दोषी पाया और उसे 12 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 1 लाख रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया।
गुरुकुल में दाखिले के कुछ घंटे बाद छात्रा लापता:लखनऊ में रात में मोबाइल पर बात करने के बाद हुई गायब
लखनऊ के तालकटोरा क्षेत्र में संस्कृत गुरुकुल के उद्घाटन के पहले ही दिन एक 16 साल की छात्रा संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। गुरुकुल संचालक और उनकी पत्नी ने पूरी रात छात्रा की तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका। इसके बाद मामले की सूचना छात्रा के पिता को दी गई। रविवार को पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। सुल्तानपुर के जयसिंहपुर कटरा निवासी सुधीर कुमार तिवारी अपनी पत्नी संगीता के साथ राजाजीपुरम एफ-ब्लॉक स्थित पाल तिराहा के पास रहते हैं। वे अपने घर पर ही संस्कृत गुरुकुल संचालित करते हैं। शनिवार को गुरुकुल के उद्घाटन के दौरान दक्षिण दिल्ली के गौतमपुर फेज-2, बदरपुर निवासी रिक्की अपनी 16 वर्षीय बेटी पलक का दाखिला कराने आए थे। दाखिले के बाद वह वापस दिल्ली लौट गए। नानी से बात करने के लिए मोबाइल लिया था सुधीर तिवारी के अनुसार, शनिवार रात करीब आठ बजे पलक ने अपनी नानी से बात करने के लिए संगीता का मोबाइल फोन लिया था। उसने करीब 45 मिनट तक बातचीत की। रात करीब 10 बजे सभी लोग सो गए। देर रात करीब 11:30 बजे जब पलक अपने बिस्तर पर नहीं मिली तो संचालक दंपती ने उसकी तलाश शुरू की। परिजनों को दी सूचना, बस-रेलवे स्टेशन पर भी खोजबीन छात्रा का कहीं पता नहीं चलने पर संचालक ने उसके पिता रिक्की को फोन कर जानकारी दी। इसके बाद दंपती ने रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर भी उसकी तलाश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। रविवार को तालकटोरा थाने में छात्रा की गुमशुदगी दर्ज कराई गई। हरियाणा के युवक से बातचीत की बात सामने आई तालकटोरा थाना प्रभारी कुलदीप दुबे ने बताया कि जांच के दौरान जानकारी मिली है कि छात्रा की बातचीत हरियाणा के गुरुग्राम में रहने वाले एक युवक से होती थी। पुलिस छात्रा की तलाश कर रही है और विभिन्न पहलुओं पर जांच की जा रही है। फिलहाल छात्रा के पिता की तरफ से कोई अलग तहरीर नहीं दी गई है।
मंडी गोबिंदगढ़ में नेशनल हाईवे पर रविवार रात एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। फ्लाईओवर (पुल) पर खराब हुई गाड़ी को ठीक कर रहे दो सगे भाइयों को एक तेज रफ्तार वाहन ने कुचल दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों भाई पुल से करीब 20-22 फीट नीचे जा गिरे और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद आरोपी चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। मृतकों की पहचान गांव रामपुर (दोराहा) के रहने वाले जगदेव सिंह और उनके छोटे भाई हरजीत सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों भाइयों के शवों को सिविल अस्पताल मंडी गोबिंदगढ़ के शवगृह (मर्च्युरी) में रखवा दिया है। परिवार अब हरजीत की पत्नी के कनाडा से भारत लौटने का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद शवों का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश कर रही है। भाई की मदद करने पहुंचा था बड़ा भाई जानकारी के मुताबिक, दोनों भाई मेहनत-मजदूरी करके पानी की टंकियां बनाने का काम करते थे। रविवार रात छोटा भाई हरजीत सिंह 'टाटा एस' (छोटा हाथी) गाड़ी के पीछे पानी की टंकी जोड़कर दोराहा की तरफ लौट रहा था। यह टंकी गांव बगली खुर्द की पंचायत के लिए थी। रात करीब 10 बजे मंडी गोबिंदगढ़ के पास नेशनल हाईवे के पुल पर उसकी गाड़ी अचानक खराब हो गई। हरजीत ने मदद के लिए अपने बड़े भाई जगदेव सिंह को फोन किया। भाई की परेशानी सुनकर जगदेव तुरंत दूसरी बैटरी लेकर मौके पर पहुंच गया ताकि गाड़ी को दोबारा चालू किया जा सके। पुल से 22 फीट नीचे गिरे, मौके पर ही थमी सांसें दोनों भाई पुल की स्लैब पर बैठकर गाड़ी को ठीक करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के प्रभाव से दोनों भाई उछलकर पुल से करीब 22 फीट नीचे सड़क पर जा गिरे। सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आने के कारण दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। 26 जून को कनाडा जाना था, बिखर गए परिवार के सपने इस हादसे ने पूरे हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है। मृतक हरजीत सिंह की पत्नी इन दिनों कनाडा में हैं और हरजीत खुद भी आने वाली 26 जून को कनाडा जाने की तैयारी में था। परिवार विदेश जाने के सपने देख रहा था, जो इस हादसे के साथ ही टूट गए।
लुधियाना के ढिल्लों नगर इलाके में सोमवार को मोबाइल फोन को लेकर हुआ मामूली विवाद एक खूनी खेल में बदल गया। बहस के दौरान एक युवक की चाकू मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। वारदात के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उस पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। मृतक की पहचान बसंत नगर (लोहारा) के रहने वाले 31 वर्षीय करनजीत सिंह के रूप में हुई है। बातचीत के दौरान बढ़ी कहासुनी, फिर हाथापाई पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार दोपहर को करनजीत सिंह अपने चचेरे भाई गुरिंदर सिंह के साथ कहीं जा रहा था। जब वे ढिल्लों नगर पहुंचे, तो वहां उनकी मुलाकात अर्जुन नाम के युवक से हुई। किसी मोबाइल फोन की बात को लेकर करनजीत और अर्जुन के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों के बीच बात इतनी बढ़ गई कि दोनों में हाथापाई होने लगी। पहले ईंट से हमला, फिर सीने में घोंपा चाकू करनजीत के भाई गुरिंदर सिंह ने दोनों का बीच-बचाव करने और उन्हें अलग करने की कोशिश की। आरोप है कि इसी बीच गुस्से में आकर अर्जुन ने पहले करनजीत पर ईंट से हमला करने की कोशिश की, लेकिन गुरिंदर ने करनजीत को बचा लिया। इसके तुरंत बाद आरोपी अर्जुन ने जेब से चाकू निकाला और सीधे करनजीत के सीने में घोंप दिया। मौके पर ही तोड़ा दम, आरोपी पहले से है चोर चाकू लगते ही करनजीत लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा और गंभीर चोट के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही थाना डाबा की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल के शवगृह (मोर्चरी) भिजवाया। थाना डाबा के एसएचओ परमदीप सिंह का कहना है कि शुरुआती जांच में हत्या की वजह मोबाइल का विवाद ही सामने आई है। वारदात के बाद आरोपी अर्जुन मौके से भाग गया था, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी करके उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी अर्जुन का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है और उस पर पहले भी चोरी का एक केस दर्ज है। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
किशनगंज पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 698.5 ग्राम हेरोइन के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 40 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक स्कॉर्पियो वाहन, तीन मोबाइल फोन और 22,400 रुपए नकद भी जब्त किए हैं। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि बंगाल से हेरोइन की एक बड़ी खेप किशनगंज में सप्लाई की जाने वाली है। इस सूचना के सत्यापन और कार्रवाई के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया। तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर टीम ने सोमवार अहले सुबह किशनगंज थाना क्षेत्र के रामपुर चेक पोस्ट के पास वाहन जांच अभियान चलाया। टीम ने घेराबंदी कर वाहन को रोक लियाइसी दौरान एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो तेज गति से आती दिखाई दी। पुलिस द्वारा रुकने का संकेत देने पर चालक ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में वाहन और उसमें सवार लोगों की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान पुलिस ने 698.5 ग्राम हेरोइन, 22,400 रुपए नकद, एक स्कॉर्पियो और तीन मोबाइल फोन बरामद किए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान श्याम लाल हरिजन (25), हुसैन आरजू (31) और मो. आलम उर्फ भोला सिंह (45) के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने मादक पदार्थ की खरीद-बिक्री में संलिप्त होने की बात स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार, गिरोह से जुड़े अन्य तस्करों की पहचान करने तथा बरामद हेरोइन के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक की जांच की जा रही है। साथ ही तस्करी से अर्जित अवैध संपत्ति का पता लगाकर उसे जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगाइस मामले में किशनगंज थाना कांड संख्या 634/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 112 तथा एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जिले में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
UP बोर्ड की 10वीं और 12वीं की कापियों की स्क्रूटनी का सोमवार को अंतिम दिन था। सोमवार देर शाम को अपर सचिव की ओर से चार दिन के लिए स्क्रूटनी की डेट बढ़ा दी गई है। अभी तक 15 जून ही अंतिम तिथि तय की गई थी लेकिन स्क्रूटनी का काम पूरा न होने के चलते अब यह डेट 19 जून कर दी गई है। दरअसल, वाराणसी के क्षेत्रीय कार्यालय में CCTV की निगरानी में यह काम चल रहा है। इसकी निगरानी चार सदस्यीय टीम लगातार कर रही है। स्क्रूटनी का काम पूरा होने के बाद जुलाई के अंत तक मार्कशीट उपलब्ध कराने की बात कही जा रही है। माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय अपर सचिव भास्कर मिश्रा ने बताया कि इसमें ऐसे छात्र-छात्राओं की कापियों की स्क्रूटनी कराई जा रही है जो अपने नंबर से असंतुष्ट थे। दरअसल, UP बोर्ड के सचिव भगवती सिंह की ओर से स्क्रूटनी के आवेदन के लिए छात्रों को 23 अप्रैल से शुरू 17 मई तक का समय दिया गया था। 10वीं में 1600 व 12वीं में आए थे 9 हजार आवेदनअपर सचिव भास्कर मिश्रा ने बताया कि क्षेत्रीय बोर्ड कार्यालय के अधीन 15 जिलों से हाईस्कूल में स्क्रूटनी के लिए 1600 और इंटरमीडिएट में 8890 छात्रों ने आवेदन किया था। बता दें कि इस बार यूपी बोर्ड की परीक्षा में इस बार कुल 92,234 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। इनमें इंटरमीडिएट के 45,919 और हाईस्कूल के 46315 छात्र-छात्राएं थे। इनमें इंटरमीडिएट के 44186 और हाईस्कूल में 44177 ने परीक्षा दी। जबकि परीक्षा में इंटरमीडिएट में 35090 छात्र और हाईस्कूल के 40417 छात्र सफल रहे।
धार कृषि उपज मंडी में रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को कारोबार फिर से रफ्तार में लौट आया। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से किसान बड़ी संख्या में अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचे। दिनभर खरीदी-बिक्री का दौर चलता रहा, जिसमें गेहूं और सोयाबीन की सबसे अधिक आवक दर्ज की गई। मंडी में गेहूं की 3099 बोरियां पहुंचीं। गेहूं का न्यूनतम भाव 2000 रुपए प्रति क्विंटल और अधिकतम भाव 2786 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। बड़ी मात्रा में आवक से मंडी में दिनभर किसानों और व्यापारियों की आवाजाही बनी रही। सोयाबीन के भाव 7550 रुपए तक पहुंचे सोयाबीन की 1808 बोरियों की आवक हुई। इसका न्यूनतम भाव 4358 रुपए प्रति क्विंटल रहा, जबकि अच्छी गुणवत्ता वाली उपज को अधिकतम 7550 रुपए प्रति क्विंटल तक भाव मिला। मंडी में देसी चने की 38 बोरियां पहुंचीं। इसके भाव 5100 से 5550 रुपए प्रति क्विंटल के बीच रहे। वहीं डालर चने की 61 बोरियों की आवक दर्ज की गई, जिसका भाव 3400 से 7100 रुपए प्रति क्विंटल तक रहा। मक्का की आवक रही कम मक्का की केवल 21 बोरियां मंडी में पहुंचीं। मक्का का न्यूनतम भाव 1925 रुपए और अधिकतम भाव 1984 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। मंडी व्यापारियों के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम और बाजार की स्थिति के अनुसार आवक और भाव में बदलाव हो सकता है। किसान भी बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद के साथ लगातार अपनी उपज मंडी ला रहे हैं।
सोमवार शाम अरवल सदर थाना क्षेत्र के कैनाल नहर स्थित प्रसादी इंग्लिश बाजार के समीप गोलीबारी हुई। इस घटना में पटना के बिक्रम निवासी 18 वर्षीय रवि शंकर कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें गोली लगने के बाद तुरंत अस्पताल ले जाया गया। चार दोस्तों के साथ अरवल आया था, 5-6 हथियारबंद बदमाशों ने की फायरिंग रवि शंकर अपने चार दोस्तों, आयुष कुमार, लालू कुमार, स्वराज कुमार और विकास कुमार के साथ दो बाइकों पर अरवल आए थे। वे अविनाश कबाड़ी दुकान से एक ऑल्टो कार खरीदने के उद्देश्य से अरवल पहुंचे थे। वापस लौटते समय रास्ते में 5-6 हथियारबंद बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। रवि शंकर के बाकी चार साथी सुरक्षित बच गए। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में पटना एम्स रेफर गोली लगने के बाद घायल रवि शंकर को तत्काल अरवल सदर अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें पटना एम्स रेफर कर दिया गया। पुलिस ने साथियों का बयान दर्ज किया घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना प्रभारी दरबारी चौधरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घायल युवक और उसके साथियों से गहन पूछताछ शुरू कर दी है। टाउन थाने की पुलिस भी एम्स पहुंचकर सभी के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया में है। गोली की बारी के स्पष्ट कारणों का पता नहीं थाना प्रभारी दरबारी चौधरी ने बताया कि तीन साथी नौबतपुर और दो बिक्रम के रहने वाले हैं। पुलिस अभी तक गोलीबारी की घटना का स्पष्ट कारण पता नहीं लगा पाई है कि आखिर किसने और क्यों गोली चलाई। उन्होंने यह भी बताया कि घायल रवि कुमार के पैर में गोली लगी है और उनकी हालत स्थिर है। उनके परिजन भी एम्स अस्पताल पहुंच चुके हैं। पुलिस इस मामले में सभी पहलुओं से जांच कर रही है। एफएसएल टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया है और वहां से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह लूटपाट का प्रयास था या फिर युवक खुद अवैध हथियार के साथ अरवल आए थे और अचानक गोली चल गई। पुलिस सभी के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।
सिवनी जिले के कुरई घाट में NH-44 पर सोमवार शाम कबाड़ से भरे एक ट्रक की बॉडी अचानक उसके चेसिस (निचले हिस्से) से टूटकर अलग हो गई और सामने से आ रहे एक बड़े कंटेनर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों भारी वाहन बेकाबू होकर बीच सड़क पर ही पलट गए। इस हादसे में ट्रक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया और नेशनल हाईवे पर दोनों तरफ का यातायात पूरी तरह ठप हो गया। बीच घाट में हादसा, बेकाबू होकर पलटे वाहन कुरई पुलिस के मुताबिक, यह हादसा सोमवार शाम करीब 4 बजे हुआ। जबलपुर से कबाड़ लादकर नागपुर की तरफ जा रहा ट्रक (MP19HA 4897) जैसे ही कुरई घाट से गुजर रहा था, तभी अचानक तकनीकी खराबी के कारण उसकी बॉडी चेसिस से अलग हो गई। रफ्तार तेज होने की वजह से ट्रक का यह हिस्सा विपरीत दिशा (नागपुर से जबलपुर) से आ रहे कंटेनर (HR38Z9286) से सीधे जा भिड़ा। अचानक हुए इस हादसे में दोनों वाहनों के ड्राइवर नियंत्रण खो बैठे और गाड़ियां पलट गईं। ड्राइवर के पैर में आई चोट हादसे की खबर मिलते ही कुरई थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। कुरई थाने के एसआई शैलेंद्र डोंगरे ने बताया कि इस दुर्घटना में ट्रक चालक सुनील यादव (36 वर्ष) के पैर में गंभीर चोट आई है। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल चालक को तुरंत वाहन से बाहर निकाला और इलाज के लिए कुरई उप स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया, जहां डॉक्टरों की टीम उसका उपचार कर रही है। क्रेन से हटाए गए वाहन, घंटों बाद बहाल हुआ यातायात बीच सड़क पर दो बड़े वाहनों के पलटने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर दोनों ओर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया और सैकड़ों गाड़ियां फंस गईं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। हाईवे अथॉरिटी की बड़ी क्रेन को मौके पर बुलाया गया और काफी मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से किनारे किया गया, जिसके बाद हाईवे पर यातायात को दोबारा सामान्य किया जा सका। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
हरियाणा सिविल सेवा (HCS) भर्ती-2026 की प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) को बड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट ने आयोग को निर्देश दिए हैं कि वह भर्ती विज्ञापन की शर्तों के अनुसार प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम दोबारा तैयार कर जारी करे। हाईकोर्ट ने माना कि आयोग ने भूतपूर्व सैनिक (ESM), दिव्यांग भूतपूर्व सैनिक (DESM) और उनके आश्रितों को दी जाने वाली प्राथमिकता का लाभ प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में ही लागू कर दिया, जबकि यह व्यवस्था केवल अंतिम चयन प्रक्रिया के लिए निर्धारित थी। अदालत ने इसे भर्ती विज्ञापन की शर्तों का उल्लंघन बताया। अभ्यर्थी की याचिका पर सुनवाई जस्टिस संदीप मौदगिल ने यह आदेश एक अभ्यर्थी की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। याचिकाकर्ता ने 26 अप्रैल 2026 को हुई HCS प्रारंभिक परीक्षा में भाग लिया था और 4 मई को घोषित परिणाम को चुनौती दी थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि आयोग ने उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग के दौरान विज्ञापन में तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया। साथ ही उत्तर कुंजी पर अभ्यर्थियों की आपत्तियों पर भी उचित विचार नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने HPSC की दलील ठुकराई सुनवाई के दौरान HPSC ने दावा किया कि परिणाम राज्य सरकार की आरक्षण नीति और भर्ती विज्ञापन के अनुरूप घोषित किया गया है। आयोग का तर्क था कि आरक्षित वर्गों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने के लिए प्राथमिकता मानदंड लागू किए गए। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि प्राथमिकता संबंधी प्रावधान केवल अंतिम चयन सूची और नियुक्ति के समय लागू किए जाने के लिए बनाए गए हैं। प्रारंभिक परीक्षा में इनका उपयोग करना नियमों के विपरीत है। विज्ञापन की शर्तों में बदलाव नहीं कर सकता आयोग कोर्ट ने कहा कि आयोग ने स्वयं स्वीकार किया है कि उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग के दौरान ESM और DESM श्रेणी के लिए निर्धारित प्राथमिकता नियम लागू किए गए थे।अदालत ने अपने आदेश में कहा कि भर्ती विज्ञापन की धारा 17(15)(H) स्पष्ट रूप से प्रारंभिक चरण में ऐसी प्राथमिकता लागू करने की अनुमति नहीं देती। किसी नीति के उद्देश्य का हवाला देकर उसकी स्पष्ट भाषा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने कहा कि HPSC जैसी संवैधानिक संस्था की जिम्मेदारी है कि वह विज्ञापन की सभी शर्तों का पालन करे। भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद आयोग अपने स्तर पर नियमों में बदलाव या नई प्रक्रिया लागू नहीं कर सकता। उत्तर कुंजी को चुनौती देने वाली दलील खारिज हालांकि अदालत ने अंतिम उत्तर कुंजी को चुनौती देने संबंधी याचिकाकर्ता की मांग को खारिज कर दिया। कोर्ट ने माना कि अभ्यर्थियों की आपत्तियां विषय विशेषज्ञों के पास भेजी गई थीं और विवादित प्रश्नों की दोबारा समीक्षा भी कराई गई थी। समीक्षा के बाद किसी अतिरिक्त संशोधन की आवश्यकता नहीं पाई गई। जानें…हाईकोर्ट ने क्या आदेश दिया हाईकोर्ट ने याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए HPSC को निर्देश दिया कि वह भर्ती विज्ञापन की शर्तों के अनुरूप HCS-2026 प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम दोबारा तैयार कर घोषित करे। साथ ही स्पष्ट किया कि ESM और DESM उम्मीदवारों से जुड़े प्राथमिकता नियम केवल अंतिम चयन प्रक्रिया में ही लागू किए जा सकते हैं।
टोहाना में करंट लगने से व्यक्ति की मौत:खेत में काम करते वक्त हुआ हादसा; 4 बेटियों का पिता था
फतेहाबाद जिले में टोहाना के गांव लोहाखेड़ा में सोमवार को खेत में काम करते समय एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान 50 वर्षीय रामनिवास के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने बताया कि रामनिवास सुबह खेत में काम करने गए थे। खेत में लगे ट्यूबवेल की मोटर के पास वे बिजली के तार की चपेट में आ गए, जिससे उन्हें करंट लगा। उनकी चीख सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत बिजली आपूर्ति बंद करवाई और रामनिवास को नागरिक अस्पताल पहुंचाया। 4 बेटियों का पिता था मृतक रामनिवास रामनिवास मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी और 4 बेटियां हैं, जिनमें से 3 विवाहित हैं और सबसे छोटी बेटी अविवाहित है। इस घटना से परिवार पर गहरा दुख आया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
भोपाल के इस्टर्न पब्लिक स्कूल ने सोमवार को 8 बच्चों को ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) थमा दी। स्कूल खुलने के बाद बच्चों के अभिभावक उन्हें लेकर पहुंचे, लेकिन स्कूल प्रशासन ने गेट पर ही उन्हें टीसी देकर वापस घर भेज दिया। इसके बाद अभिभावक आनन-फानन में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। अभिभावकों का कहना है कि कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के लिखित आदेश के बावजूद बच्चों को टीसी दे दी गई। मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि जांच के लिए एक टीम का गठन कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भी स्कूल के सामने प्रदर्शन किया। विवाद की शुरुआत अप्रैल 2026 में हुई थी। भीषण गर्मी के चलते जिला प्रशासन ने स्कूलों के संचालन समय में बदलाव और छोटे बच्चों के लिए छुट्टियां घोषित करने के निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन विभिन्न एक्टिविटी के नाम पर बच्चों को स्कूल बुला रहा था। इसका अभिभावकों ने विरोध किया था। आरोप है कि इसी से नाराज होकर स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों को ईमेल भेजकर बच्चों को टीसी देने की बात कही थी। कलेक्टर के आदेश के बावजूद दी टीसी अभिभावकों का आरोप है कि कलेक्टर के आदेश के बाद भी बच्चों को टीसी दी गई है। एडीएम और शिक्षा अधिकारी ने लिखकर दिया था कि बच्चों को स्कूल से नहीं निकाला जाएगा, लेकिन इसके बावजूद बच्चों को स्कूल से निकाल दिया गया। एबीवीपी ने किया प्रदर्शन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने स्कूल में जिला संयोजक लोकेश तिवारी के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान परिषद के कार्यकर्ता विद्यालय प्रबंधन से चर्चा करने पहुंचे, लेकिन विद्यालय के प्राचार्य परिसर में मौजूद नहीं थे। लगभग दो घंटे तक कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी और धरना-प्रदर्शन किया, जिसके बाद प्राचार्य विद्यालय पहुंचे। पूर्व में भी मिल चुकी हैं कई शिकायतें प्रदर्शन में जिला शिक्षा अधिकारी के प्रतिनिधि और जांच अधिकारी दिनेश शर्मा भी मौजूद रहें। उन्होंने बताया कि विद्यालय के संबंध में पूर्व में भी कई शिकायतें मिल चुकी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल द्वारा कई बार नियमों की अवहेलना की गई है। इस मामले की भी जांच की जा रही है उसके आधार पर कार्रवाई होगी। विद्यार्थी परिषद ने कलेक्टर और बैरागढ़ के तहसीलदार को ज्ञापन दिया और दोषी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। जानिए, क्या है पूरा मामला? विवाद की शुरुआत अप्रैल 2026 में हुई, जब भोपाल में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया था। जिला प्रशासन ने स्कूलों के संचालन समय में बदलाव और छोटे बच्चों के लिए छुट्टियों के निर्देश जारी किए थे। अभिभावकों का आरोप है कि इसके बावजूद ईस्टर्न पब्लिक स्कूल ने आईबी असेसमेंट और अन्य गतिविधियों के लिए बच्चों को बुलाना जारी रखा। इसी दौरान कुछ अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चर्चा के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया। स्कूल प्रबंधन का आरोप है कि इस ग्रुप के माध्यम से संस्थान के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा था। बाद में कई अभिभावकों को स्पष्टीकरण के लिए बुलाया गया और कुछ दिनों बाद 8 बच्चों का प्रवेश समाप्त कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों ने कलेक्टर जनसुनवाई, जिला शिक्षा अधिकारी, सीएम हेल्पलाइन और अन्य मंचों पर शिकायत दर्ज कराई। मामला सार्वजनिक होने के बाद स्कूल और अभिभावकों के बीच विवाद लगातार बढ़ता गया। जानिए, पूरे विवाद की टाइम लाइन
कोटपूतली में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के मंत्रालयिक कर्मचारियों ने चौथे दिन भी पेन डाउन हड़ताल जारी रखी। इस दौरान कर्मचारियों ने ग्रामीण सेवा शिविर-2026 का पूर्णतया बहिष्कार किया। ये राज्यव्यापी आंदोलन अपनी विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा है। कैडर रिव्यू, नोशनल बेनिफिट की मांगब्लॉक अध्यक्ष फूलाराम यादव ने बताया- पंचायती राज विभाग के मंत्रालयिक कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में स्वतंत्र कार्य विभाजन, कैडर रिव्यू, नोशनल बेनिफिट, अंतर जिला स्थानांतरण, हार्ड ड्यूटी एलाउंस और अतिरिक्त पंचायत भत्ता शामिल हैं। आधे दिन का पेन डाउनआंदोलन के तीसरे चरण के तहत, 16 जून 2026 तक ग्राम पंचायत, ब्लॉक स्तर और जिला परिषद के सभी कार्यालयों में आधे कार्य दिवस के लिए पेन डाउन हड़ताल रखी गई है। इसी प्रदेश स्तरीय आह्वान पर ग्रामीण सेवा शिविर-2026 का पूर्णतया बहिष्कार किया जा रहा है। कोटपूतली-बहरोड़ जिले की पंचायत समिति पावटा की उप शाखा में पेन डाउन हड़ताल पर रहे कर्मचारियों में सुनील भारद्वाज (अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी), सोहन सिंह चौहान (सहायक प्रशासनिक अधिकारी), साधूराम जाट, गिरीराज मौर्य, ममता कुमारी यादव (वरिष्ठ सहायक), संजीव आर्य, दीपक कुमार जांगिड़, हरिराम आर्य, मुकेश कुम्हार, महेंद्र कुमार, रामस्वरूप बंदरवाल, हरि सिंह चेलरवाल, अमित गौतम, अमिता मीणा, राजकविता वर्मा, पार्वती नेत्रीवाल, विद्या वर्मा, मो. इरशाद अली, कमलेश अकरानिया, खेमचंद कुमावत, रामरूप मीणा और शंकरलाल मीणा (कनिष्ठ सहायक) शामिल थे।
शाजापुर में नालों-पुलियाओं की सफाई शुरू:मानसून से पहले जलभराव रोकने चलाया विशेष अभियान
शाजापुर में आगामी मानसून के आगमन से पहले नगर पालिका परिषद ने विशेष स्वच्छता एवं सफाई अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य शहर के प्रमुख नालों और पुलियाओं की सफाई कर संभावित जलभराव की समस्या को रोकना है। यह अभियान नगर पालिका अध्यक्ष प्रेम जैन, उपाध्यक्ष संतोष जोशी, स्वास्थ्य सभापति दुष्यंत सोनी और मुख्य नगर पालिका अधिकारी भूपेंद्र कुमार दीक्षित के निर्देशन में चलाया जा रहा है। स्वच्छता पर्यवेक्षक संजय पार्छे ने जानकारी दी कि बारिश में जिन क्षेत्रों में जलभराव की समस्या अधिक रहती है, वहां जेसीबी मशीनों की मदद से नालों और पुलियाओं की गहन सफाई की जा रही है। इन क्षेत्रों में हुई सफाई अभियान के तहत बेरछा रोड स्थित नाला, डासी रोड की पुलिया, कृषि उपज मंडी क्षेत्र, बादशाह पुल, कच्चीवाड़ा नाला, बड़े पुल के नीचे का क्षेत्र, विजय नगर का नाला, वार्ड क्रमांक 24 और वार्ड क्रमांक 28 स्थित काशी नगर के नालों की सफाई की गई है। इसके अतिरिक्त, अन्य संवेदनशील स्थानों को भी चिन्हित कर वहां सफाई कार्य जारी है। नगर पालिका अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान नागरिकों को जलभराव और गंदे पानी की समस्या से निजात दिलाना है। आने वाले दिनों में भी शहर के कई वार्डों में यह सफाई अभियान जारी रहेगा।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने बुलडोजर चलाया। कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व, पुलिस विभाग और ग्राम पंचायत की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। इस अभियान के तहत लगभग डेढ़ एकड़ शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। यह कार्रवाई धमतरी जिले के गंगरेल बांध रोड के पास स्थित ग्राम बेंद्रा नवागांव में की गई। डेढ़ एकड़ में फैले अतिक्रमण को बुलडोजर की सहायता से ध्वस्त किया गया। इसमें टीना शेड से बनी झोपड़ियां और बाउंड्रीवॉल जैसे अस्थायी ढांचे और अन्य अवैध निर्माण शामिल थे। अभियान को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में यह कार्रवाई बिना किसी बाधा के पूरी हुई। कार्रवाई के दौरान राजस्व अधिकारी, पुलिस बल और ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासन ने संबंधित व्यक्तियों को पूर्व में ही आवश्यक सूचना और निर्देश जारी कर दिए थे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिले में शासकीय भूमि की सुरक्षा और संरक्षण के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन ने आम नागरिकों से शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा न करने और किसी भी अतिक्रमण की जानकारी संबंधित विभाग को देने की अपील की है।
जिले के पवई थाना क्षेत्र के ग्राम नारायनपुरा में रास्ते के विवाद को लेकर एक ही परिवार लोगों में मारपीट हो गई। विवाद इस कदर बढ़ा कि मंझले भाई और उसके दो बेटों ने अपने ही बड़े और छोटे भाई पर लाठी और कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार, नारायनपुरा निवासी बद्री सिंगरौली (60 वर्ष) और उनके बड़े भाई कृपाल सिंगरौली (70 वर्ष) का अपने मंझले भाई रामलाल से रास्ते को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। सोमवार, 15 जून को इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गई। रामलाल और उसके बेटों शिवदयाल और देवीदीन ने बद्री और कृपाल पर डंडे और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीण हमले के दौरान मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीणों ने दोनों भाइयों को लहूलुहान हालत में देखकर तुरंत बीच-बचाव किया और मामला शांत कराया। ग्रामीणों की मदद से ही दोनों घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पवई ले जाया गया। दोनों घायलों की हालत गंभीर, पन्ना रेफर इस हमले में बड़े भाई कृपाल के सिर पर डंडे से गंभीर चोटें आई हैं, जिससे उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। वहीं, छोटे भाई बद्री ने जब हमले को रोकने का प्रयास किया, तो उनके दोनों हाथों में गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है, जिसके बाद पुलिस कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम में 17 जून को होने वाले वनडे मैच के लिए दोनों टीमें सोमवार को पहुंची। मैच डे नाइट होगा। दोपहर 1 बजे टॉस और डेढ़ बजे मैच शुरू होगा। भारतीय टीम के खिलाड़ी चार्टर्ड विमान से लखनऊ एयरपोर्ट पर शाम करीब 4 बजे पहुंचे। टीम में कप्तान शुभमन गिल, श्रेयस अय्यर, रोहित शर्मा और अर्शदीप सिंह सहित कई खिलाड़ी एयरपोर्ट पर नजर आए। इस बीच शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर एक साथ बात करते हुए दिखाई दिए। खिलाड़ियों को देखने के लिए एयरपोर्ट पर प्रशंसक भी मौजूद थे, लेकिन सुरक्षा कारणों से खिलाड़ियों को सीधे टीम बस के जरिए होटल पहुंचाया गया। इसके बाद अफगानिस्तान की टीम भी लखनऊ पहुंची। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) के अनुसार मंगलवार को अफगानिस्तान की टीम दोपहर एक बजे से इकाना स्टेडियम में अभ्यास करेगी। वहीं, भारतीय टीम शाम चार बजे से सात बजे तक मैदान पर अभ्यास कर अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देगी। दोनों टीमों ने इकाना में जीते एक एक मैच भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाले वनडे मुकाबले से पहले एक दिलचस्प आंकड़ा सामने आया है। भले ही क्रिकेट विशेषज्ञ और प्रशंसक कागजों पर भारतीय टीम को मजबूत मान रहे हों, लेकिन इकाना के मैदान पर खेलने के अनुभव के मामले में अफगानिस्तान की टीम भारत से आगे है। अफगानिस्तान ने इकाना स्टेडियम में अब तक चार वनडे मुकाबले खेले हैं। इनमें टीम को एक मैच में जीत मिली, जबकि तीन मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर भारतीय टीम ने इस मैदान पर केवल दो वनडे मुकाबले खेले हैं, जिसमें उसे एक जीत और एक हार मिली है। वर्ल्ड कप 2023 में दोनों टीमों को मिली थी जीत इकाना स्टेडियम में भारत और अफगानिस्तान दोनों के लिए आखिरी यादें जीत की रही हैं। दोनों टीमों ने यहां 2023 वनडे विश्व कप के दौरान मुकाबले खेले थे। भारतीय टीम ने इकाना में इंग्लैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए 100 रनों से जीत दर्ज की थी। उस मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों ने इंग्लैंड की मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप को रोक दिया था। वहीं, अफगानिस्तान की टीम ने भी इसी मैदान पर नीदरलैंड को सात विकेट से हराया था। इस जीत ने अफगान टीम के आत्मविश्वास को बढ़ाया था और टीम ने टूर्नामेंट में कई बड़ी टीमों को चुनौती दी थी। इकाना में अभ्यास करते थे अफगानिस्तान के खिलाड़ी अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के लिए इकाना स्टेडियम का रिश्ता पुराना है। जब अफगानिस्तान क्रिकेट टीम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही थी, उस समय अपने देश में क्रिकेट के लिए जरूरी सुविधाओं की कमी के कारण टीम को अभ्यास के लिए दूसरे विकल्पों की जरूरत थी। साल 2019 में अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अनुरोध पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इकाना स्टेडियम को अफगान टीम के अभ्यास स्थल के रूप में उपलब्ध कराया था। अफगानिस्तान की टीम ने करीब चार से पांच महीने तक यहां अभ्यास किया। इसी दौरान अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज के बीच टेस्ट, वनडे और टी-20 मुकाबले भी इकाना में खेले गए थे। इस वजह से अफगानिस्तान के कई खिलाड़ी इस मैदान की परिस्थितियों से परिचित हैं। इसके अलावा आईपीएल मुकाबलों में भी कई अफगान खिलाड़ी इकाना में खेल चुके हैं। इकाना की पिच का फायदा उठाना चाहेंगी दोनों टीमें इकाना की पिच को लेकर हमेशा चर्चा रहती है। यहां शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को मदद मिल सकती है, जबकि जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ता है बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान हो सकता है। भारतीय टीम के पास अनुभवी बल्लेबाजों और मजबूत गेंदबाजी आक्रमण का फायदा है। अफगानिस्तान की टीम अपनी स्पिन गेंदबाजी के लिए जानी जाती है। इकाना की परिस्थितियां उसके स्पिनरों को अतिरिक्त मदद दे सकती हैं। मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों के सामने अफगानिस्तान के स्पिन आक्रमण की चुनौती होगी।
सुपौल जिले के वीरपुर स्थित भीमनगर सीमा चौकी पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की सतर्कता से सात नेपाली नाबालिग बच्चों को संभावित मानव तस्करी और बाल श्रम के उद्देश्य से ले जाए जाने से बचाया गया। यह कार्रवाई सोमवार को 45वीं वाहिनी एसएसबी, बीरपुर के जवानों द्वारा नियमित जांच के दौरान की गई। भीमनगर चेक पोस्ट पर तैनात जवानों ने सात नाबालिग बच्चों को सीमा चौकी की ओर आते देखा। जांच के दौरान बच्चे अपनी नागरिकता से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। उनके साथ कोई अभिभावक भी मौजूद नहीं था। पूछताछ के दौरान बच्चों के बयानों में बार-बार विरोधाभास सामने आने पर जवानों को संदेह हुआ। मानव तस्करी विरोधी इकाई ने बच्चों से पूछताछ कीमामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर मौजूद मानव तस्करी विरोधी इकाई (एएचटीयू) ने बच्चों से विस्तृत पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई गई कि बच्चों को बाल श्रम कराने के उद्देश्य से भारत लाया जा रहा था। इसके बाद एसएसबी और एएचटीयू ने संयुक्त रूप से आवश्यक कार्रवाई शुरू की। बचाए गए बच्चों की पहचान सूरज कुमार सदा (16 वर्ष), राहुल कुमार सदा (15 वर्ष), भोगिंदर सदा (14 वर्ष), रोशन कुमार (13 वर्ष), किशन कुमार सदा (10 वर्ष), प्रवीण सदा (10 वर्ष) तथा अरविंद सदा (8 वर्ष) के रूप में हुई है। सभी बच्चे नेपाल के सप्तरी जिले के विभिन्न गांवों के रहनेवाले हैं। सहायक उपनिरीक्षक भारत भूषण समेत अन्य जवान शामिल रहेआवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सातों बच्चों को सुरक्षित रूप से नेपाल प्रहरी, भांटाबारी के हवाले कर दिया गया। इस अभियान में एसएसबी के सहायक उपनिरीक्षक चंदन सिंह, मानव तस्करी विरोधी इकाई के सहायक उपनिरीक्षक भारत भूषण समेत अन्य जवान शामिल रहे। इस संबंध में 45वीं वाहिनी एसएसबी, बीरपुर के द्वितीय कमान अधिकारी एवं कार्यवाहक कमांडेंट जगदीश कुमार शर्मा ने कहा कि एसएसबी मानव तस्करी, बाल शोषण और सीमा पार अपराधों की रोकथाम के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में नियमित निगरानी, जांच और जागरूकता अभियान चलाकर ऐसी अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।
सहरसा सदर अस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस रोड से अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक तैयारी के बीच सोमवार को दर्जनों महादलित परिवार सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचे। उन्होंने प्रशासन से कार्रवाई रोकने और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की। इन परिवारों का कहना है कि वे लगभग 100 परिवार वर्षों से सड़क किनारे रह रहे हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि यदि उन्हें बारिश के मौसम में हटाया गया, तो उनके सामने रहने का संकट खड़ा हो जाएगा। परिवारों ने प्रशासन से पुनर्वास के बिना कार्रवाई न करने की अपील की। दूसरी ओर, प्रशासन अपने फैसले पर कायम है। अधिकारियों का तर्क है कि सदर अस्पताल मुख्य मार्ग और पोस्टमार्टम हाउस रोड पर अतिक्रमण के कारण एंबुलेंस, मरीजों और आम लोगों को प्रतिदिन परेशानी होती है। सड़क संकरी होने से अक्सर जाम लगता है और अस्पताल परिसर के आसपास असामाजिक गतिविधियों की शिकायतें भी मिलती रही हैं। नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा ने बताया कि अतिक्रमणकारियों को 17 जून तक स्वयं अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद 18 जून को प्रशासनिक अभियान चलाकर सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि कार्रवाई के दौरान होने वाले खर्च की वसूली संबंधित अतिक्रमणकारियों से की जाएगी। अब देखना यह है कि प्रशासन पहले पुनर्वास की व्यवस्था करता है या सीधे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करता है। सहरसा में विकास और मानवीय आवश्यकताओं के बीच संतुलन बनाना प्रशासन के लिए एक चुनौती बनी हुई है।
खरगोन जिले के दगड़खेड़ी में भूमि रिकॉर्ड सुधार की मांग को लेकर 250 आदिवासी किसानों का धरना सोमवार को आठवें दिन भी जारी रहा। इस बीच धूलकोट ग्राम पंचायत में आयोजित ग्रामसभा में पेसा नियमों के तहत भूमि अभिलेखों की विसंगतियां दूर कराने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया। ग्रामसभा में तय किया गया कि प्रस्ताव को मंगलवार को कलेक्टर के पास कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा। ग्रामसभा में जुटे 1000 से अधिक आदिवासी ग्रामसभा में क्षेत्र के 1000 से अधिक आदिवासी शामिल हुए। बड़ी संख्या में महिला किसानों ने भी भागीदारी की। बैठक में भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी समस्याओं और उनके समाधान को लेकर चर्चा की गई। भूमि के उपयोग पर रोक की अनुशंसा ग्रामसभा में पारित प्रस्ताव में कहा गया है कि जब तक भूमि अभिलेखों की विसंगतियों का निराकरण नहीं हो जाता, तब तक संबंधित भूमि का हस्तांतरण, आवंटन, अधिग्रहण, औद्योगिक उपयोग या किसी कंपनी तथा अन्य परियोजना के लिए उपयोग नहीं किया जाए। आठ दिन से जारी है धरना दगड़खेड़ी के आदिवासी किसान भूमि रिकॉर्ड में सुधार की मांग को लेकर पिछले आठ दिनों से धरने पर बैठे हैं। किसानों का कहना है कि रिकॉर्ड में मौजूद विसंगतियों के कारण उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले रविवार को एसडीएम सत्येंद्र धरनास्थल पहुंचे थे। उन्होंने किसानों को बताया था कि दगड़खेड़ी की संबंधित जमीन शासकीय है और उससे जुड़ा औद्योगिक प्रस्ताव निरस्त किया जा चुका है। साथ ही भूमि का सर्वे और सीमांकन कराने की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन भी दिया था।
दुर्ग जिले के अंडा थाना क्षेत्र में रविवार शाम एक सड़क हादसे में सिविल ठेकेदार रोशन लाल साहू (38) की मौत हो गई। उन्हें तेज रफ्तार 407 वाहन ने टक्कर मार दी, जिसके बाद ड्राइवर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, रिसामा गांव निवासी रोशन लाल साहू सिविल ठेकेदार थे और गांव व आसपास के क्षेत्रों में निर्माण कार्य का ठेका लेते थे। रविवार को वे अपने निजी काम से अंडा गांव गए थे। शाम करीब 5 बजे वे अपनी मोटरसाइकिल (क्रमांक CG 07 LY 9538) से रिसामा लौट रहे थे। अंडा शराब भट्टी से आगे एक मोड़ पर विपरीत दिशा से आ रही लकड़ियों से लदी 407 वाहन (क्रमांक CG 07 CA 9645) ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वाहन काफी तेज गति में था। टक्कर इतनी भीषण थी कि रोशन लाल सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के तुरंत बाद ड्राइवर वाहन सहित मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही घरवाले मौके पर पहुंचे और लोगों की मदद से वाहन की तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान पता चला कि दुर्घटना करने वाला वाहन अंडा क्षेत्र की एक आरा मिल का है। बताया गया कि ड्राइवर हादसे के बाद सीधे आरा मिल पहुंचा और वाहन में लदी लकड़ियां खाली कर दीं। घरवालों ने जब वाहन की जांच की, तो उसमें खून के छींटे और टक्कर के स्पष्ट निशान दिखाई दिए। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और आगे की कार्रवाई कर रही है। हादसा इतना गंभीर था कि मृतक के शरीर का ऊपरी हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। पुलिस ने घायल अवस्था में उन्हें जिला अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पीछे छूट गया पूरा परिवार रोशन लाल साहू अपने परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी और तीन बेटियां हैं। उनकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में भी शोक का माहौल है और लोगों ने आरोपी चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। बीमारी से परेशान महिला ने लगाया फांसी का फंदा दूसरी घटना अंडा थाना क्षेत्र के अछोटी गांव की है। यहां रहने वाली माहेश्वरी दिल्लीवार (48 वर्ष), पति अनिरुद्ध दिल्लीवार, ने घर के पास बने एक कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के अनुसार घटना के समय घर में उनकी बेटी निशा और सास मौजूद थीं। उनके पति अनिरुद्ध दिल्लीबार समीपस्थ ग्राम तीरगा में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। पति ने कमरे में देखा तो उड़ गए होश शाम करीब 5:30 बजे जब अनिरुद्ध घर लौटे तो उन्होंने अपनी पत्नी के बारे में पूछा। इस पर उनकी मां ने बताया कि माहेश्वरी सड़क पार स्थित कोठार की ओर गई हैं। पति उन्हें बुलाने वहां पहुंचे तो कमरे के भीतर पत्नी को रस्सी के फंदे पर लटका देखा। उन्होंने तत्काल उपसरपंच और ग्रामीणों को सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को जिला अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बाद में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। बीमारी से थीं परेशान, नहीं मिला सुसाइड नोट परिवार के लोगों ने पुलिस को बताया कि माहेश्वरी लंबे समय से बीमारी से पीड़ित थी। बीमारी के कारण वे मानसिक रूप से परेशान रहती थी। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिजनों ने भी किसी प्रकार के विवाद या संदेह से इनकार किया है। फिलहाल पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है।
छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने गौरेला विकासखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) डॉ. संजीव शुक्ला को उनके पद से हटा दिया गया है। उनके स्थान पर उपेन्द्र सिंह ठाकुर को गौरेला का प्रभारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। विभाग की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि, यह नियुक्ति प्रशासनिक कार्यों के सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए की गई है। नए प्रभारी बीईओ उपेन्द्र सिंह ठाकुर अब विकासखंड की शैक्षणिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालेंगे। कार्यकाल लंबे समय से विवादों में रहा डॉ. संजीव शुक्ला का कार्यकाल लंबे समय से विवादों और शिकायतों से घिरा रहा था। उनके खिलाफ शिक्षा विभाग से जुड़े एरियर्स भुगतान, पेंशन प्रक्रिया और लंबित फाइलों के निपटारे में देरी जैसी शिकायतें सामने आती रही थीं। कथित अनियमितताओं, उनकी कार्यशैली को लेकर विभागीय कर्मचारियों और शिक्षकों में असंतोष भी था। हाल ही में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही दौरे के दौरान भी इस मामले को लेकर सवाल उठे थे। इसके बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई की अटकलें तेज हो गई थीं। शासन के इस आदेश को गौरेला शिक्षा विभाग में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासनिक हलकों में इस निर्णय को महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है। नए प्रभारी बीईओ के पदभार संभालने के बाद विकासखंड की शिक्षा व्यवस्था में संभावित परिवर्तनों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
कोटा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने बूंदी जिले में ट्रैप कार्रवाई की। टीम ने तीन फॉरेस्ट गार्डों को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। वहीं एक अन्य फॉरेस्ट गार्ड को पूछताछ के लिए डिटेन किया गया है। आरोपी जेसीबी चलाने देने की एवज में परिवादी से 1 लाख रुपए महीना देने की डिमांड कर रहे थे। टीम ने आरोपी रूपाराम, रामावतार और विजेंद्र (फॉरेस्ट गार्ड) को बरदा डेम स्थित वन विभाग की चौकी पर रिश्वत लेते हुए पकड़ा। वहीं साबूलाल नामक फॉरेस्ट गार्ड को लक्ष्मीपुरा चौकी से हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। रुपए नहीं देने पर मशीन जब्त की दी धमकी एसीबी एडिशनल कोटा एसपी विजय स्वर्णकार ने बताया- परिवादी ने एसीबी को शिकायत दी थी। वह ग्राम लक्ष्मीपुरा (बूंदी) में जेसीबी मशीन से खेत सुधार और खाद डालने का काम कर रहा था। 10 जून को वन विभाग के कर्मचारियों ने जेसीबी संचालित करने देने के बदले एक लाख रुपए प्रति महीने रिश्वत की मांग की और रकम नहीं देने पर मशीन जब्त करने की धमकी दी। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया। जांच के दौरान आरोपियों द्वारा 50 हजार रुपए प्रतिमाह रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। सत्यापन के दौरान आरोपियों ने परिवादी से 5 हजार रुपए जबरन वसूल लिए। इसके बाद सोमवार को पुलिस निरीक्षक चंद्रकंवर की अगुवाई में टीम बरदा डेम स्थित वन विभाग चौकी पहुंची। जहां परिवादी से तीनों आरोपियों को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
बालाघाट में ट्रेडिंग के नाम पर सवा सौ करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। वारासिवनी पुलिस की शिकायत पर सुनवाई न किए जाने से नाराज होकर निवेशकों ने सीधे पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। सोमवार को निवेशकों ने वारासिवनी के वारा सरपंच राजा अली, मुद्दसर अली, फरहान और उनके साथियों पर केस दर्ज करने और अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की है। लगभग आधा दर्जन से अधिक पीड़ित निवेशक एसपी दफ्तर पहुंचे थे। पीड़ित नगेंद्र रंगारे ने बताया कि उन्होंने ट्रेडिंग के नाम पर सात लाख रुपए का निवेश किया था, जबकि उनके साथ आए अन्य निवेशकों की कुल राशि लगभग 60 लाख रुपए है। उनका दावा है कि वारासिवनी और आसपास के इलाकों में कुल मिलाकर करीब सवा सौ करोड़ रुपए का फ्रॉड किया गया है। महीने में 6% मुनाफे का लालच निवेशकों ने बताया कि उन्हें ट्रेडिंग कंपनी में पैसा लगाने पर हर महीने 6 प्रतिशत मुनाफा (रिटर्न) दिलाने का भरोसा दिया गया था। आरोपियों ने खुद गारंटी लेते हुए निवेशकों से मोटी रकम जमा करवाई, लेकिन अब जब निवेशक अपना पैसा वापस मांग रहे हैं, तो उन्हें धमकियां दी जा रही हैं। पुलिस की ढिलाई से निवेशकों में नाराजगी एक अन्य पीड़ित सुनील पिपरेवार ने कहा कि ट्रेडिंग के नाम पर चूना लगाने वालों के खिलाफ स्थानीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। पुलिस की इस ढिलाई से सभी निवेशक परेशान और गुस्से में हैं। उन्होंने मांग की है कि पुलिस इस करोड़ों के घोटाले पर तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई करे और निवेशकों की डूबी हुई राशि वापस करवाए।
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में प्रदेश के गन्ना मंत्री संजय गंगवार ने कहा- मामले की जांच जारी है और इसके लिए एसआईटी गठित की गई है। जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। बरेली पहुंचे मंत्री से जब राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा- पूरी जांच होने दीजिए। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, वे सार्वजनिक होंगे। बिना रिपोर्ट के कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। सपा का पीडीए मतलब 'परिवार डेवलपमेंट एसोसिएशन' समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए संजय गंगवार ने कहा कि सपा का पीडीए वास्तव में परिवार डेवलपमेंट एसोसिएशन है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की पहचान गुंडागर्दी और परिवारवाद से जुड़ी रही है। उन्होंने कहा- जहां सपाई दिखाई देते थे, वहां लोगों में भय का माहौल बन जाता था। यही वजह है कि समाजवादी पार्टी को अपना राजनीतिक एजेंडा बदलना पड़ा। सूर्या हत्याकांड पर विपक्ष को घेरा सूर्या हत्याकांड का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि गाजियाबाद में हुई घटना पर विपक्षी दलों की चुप्पी सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि जब यह घटना हुई, तब अखिलेश यादव और असदुद्दीन ओवैसी जैसे नेताओं ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। गंगवार ने कहा-यदि किसी अपराधी के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई होती है तो विपक्ष को आपत्ति होती है, लेकिन निर्दोष लोगों की हत्या पर ये लोग मौन साध लेते हैं। प्रदेश संविधान से चलेगा, किसी बोर्ड के नियम से नहीं मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान के अनुसार चल रहा है और आगे भी उसी के अनुसार चलेगा। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था के मामलों में सरकार किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करती। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कानून का राज स्थापित हुआ है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। मुस्लिम समाज से भी की अपील संजय गंगवार ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने बिना भेदभाव सभी वर्गों को योजनाओं का लाभ पहुंचाया है। उन्होंने मुस्लिम समाज से भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा- हम सबको साथ लेकर चलने में विश्वास करते हैं। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास हमारी सरकार का मूल मंत्र है। 'हिंसक प्रवृत्ति छोड़नी होगी' देहरादून में युवक विनोद की हत्या का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि समाज में हिंसक प्रवृत्तियों के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी और कानून का पालन सभी को करना होगा। फिर दोहराया- पीडीए नहीं, परिवार डेवलपमेंट एसोसिएशन मुरादाबाद में हुए पीडीए सम्मेलन पर टिप्पणी करते हुए मंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी आज भी परिवारवाद से बाहर नहीं निकल पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर ही लगातार खींचतान और गुटबाजी देखने को मिलती है। उन्होंने कहा- समाजवादी पार्टी ने भले ही पीडीए का नया नारा दिया हो, लेकिन जनता जानती है कि इसका असली मतलब परिवार डेवलपमेंट एसोसिएशन ही है।
लुधियाना के जगराओं के तहत आते हठूर इलाके में एक 34 साल के युवक की रहस्यमयी और संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान हरजिंदर सिंह उर्फ हिंदा के रूप में हुई है। हरजिंदर हिमाचल प्रदेश में नौकरी करता था और कुछ दिन पहले ही छुट्टियां मनाने अपने पैतृक गांव आया था। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। दोस्त के साथ गया था बाहर, सुबह मिला शव परिजनों के अनुसार, हरजिंदर सिंह रविवार शाम को अपने एक दोस्त के साथ घर से बाहर गया था। जब वह देर रात तक वापस नहीं लौटा, तो परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। पूरी रात ढूंढने के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चला। सोमवार सुबह हरजिंदर का शव मिलने की खबर आई, जिससे परिवार में चीख-पुकार मच गई। करीब डेढ़ साल पहले ही हरजिंदर की शादी हुई थी। वह अपने पीछे पत्नी, माता-पिता और तीन भाइयों को छोड़ गया है। हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस घटना की जानकारी मिलते ही थाना हठूर के एसएचओ गुरसेवक सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। एएसआई सुल्खन सिंह का कहना है कि पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयान दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। युवक की मौत किन हालातों में हुई, इसके असली कारणों का पता लगाने के लिए हर एंगल से जांच की जा रही है। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी।
राजगढ़ जिले की खिलचीपुर पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मध्यप्रदेश और राजस्थान में सक्रिय यह गिरोह नशे की लत पूरी करने के लिए बाइक चोरी करता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 12 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं, जिनकी कीमत करीब 6.50 लाख रुपए बताई जा रही है। पूछताछ में वर्ष 2025 के एक लूट के मामले का भी खुलासा हुआ है। अस्पताल, बाजार और मंदिरों के बाहर से चुराते थे बाइक खिलचीपुर नगर और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से लगातार मोटरसाइकिल चोरी की घटनाएं सामने आ रही थीं। अस्पताल, बाजार और मंदिरों के बाहर खड़ी बाइकें चोरी हो रही थीं। बढ़ती वारदातों के बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित कर सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से जांच शुरू की। राजस्थान और राजगढ़ से चार आरोपी गिरफ्तार थाना प्रभारी कमलसिंह गेहलोत ने बताया कि जांच के दौरान राजस्थान के झालावाड़ जिले के कोटड़ी निवासी राधेश्याम तंवर, घाटोली निवासी अनिल उर्फ कालूराम बसोड़, अकलेरा क्षेत्र के नयागांव भंडेरी निवासी तुलसीराम लोधा तथा राजगढ़ जिले के सण्डावता निवासी बबलू उर्फ बलवीरसिंह राजपूत को गिरफ्तार किया गया। नशे की लत पूरी करने के लिए करते थे चोरी पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे नशे के आदी हैं और नशे का खर्च निकालने के लिए सुनसान और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर खड़ी मोटरसाइकिलों को निशाना बनाते थे। चोरी के बाद बाइकें तीन से चार हजार रुपए में बेच देते थे। पांच बाइक खिलचीपुर क्षेत्र की निकलीं आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 12 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। इनमें खिलचीपुर थाना क्षेत्र से चोरी हुई पांच बाइकें भी शामिल हैं। बरामद वाहनों में हीरो स्प्लेंडर, स्प्लेंडर प्लस, एचएफ डीलक्स और सीडी डीलक्स जैसी मोटरसाइकिलें शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और अन्य जिलों में भी वारदातों को अंजाम दे चुका है। पूछताछ में लूट के मामले का भी खुलासा पूछताछ के दौरान आरोपी राधेश्याम तंवर ने वर्ष 2025 में दर्ज एक लूट के प्रयास के मामले में अपनी भूमिका स्वीकार की। उसने अपने साथी मुकेश तंवर के साथ मिलकर एक व्यक्ति का पीछा कर उसका बैग छीनने की कोशिश की थी। विरोध करने पर पीड़ित के साथ मारपीट भी की गई थी। इस मामले में पुलिस ने नई धाराएं जोड़ते हुए फरार आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पहले से दर्ज हैं कई गंभीर मामले पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ चोरी, लूट, हत्या, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट सहित कई गंभीर अपराध पहले से दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में अन्य चोरी की वारदातों का भी खुलासा हो सकता है। थाना प्रभारी कमलसिंह गेहलोत के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में थाना स्टाफ और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं के बीच इसे खिलचीपुर पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि कांग्रेस ने देश में हिन्दू-मुस्लिम राजनीति की शुरुआत बहुत पहले कर दी थी। वहीं अब केरल में कांग्रेस ने उस मुस्लिम लीग से समझौता किया, जिसने भारत का विभाजन करवाया। यह समझौता बताता है कि कांग्रेस मुस्लिम परस्त पार्टी है और मुस्लिम लीग की भाषा बोलती हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके नेताओं को इतिहास से सीख लेनी चाहिए। पंडित जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी ने दो बार प्रतिबंध लगाया, लेकिन दोनों बार मुंह की खानी पड़ी। 1948 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर प्रतिबंध लगाया गया और 1975 में देश पर आपातकाल थोपा गया, लेकिन दोनों ही फैसले कांग्रेस पार्टी को झकमार कर वापस लेने पड़े। बता दें कि शनिवार को अशोक गहलोत ने जयपुर में मौलाना अबुल कलाम आजाद वेलफेयर सोसायटी राजस्थान के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि बीजेपी राजनीतिक पार्टी होकर धर्म की राजनीति करती है, आज इंदिरा गांधी जैसी नेता होती तो बीजेपी पर बैन लगा देती। राहुल गांधी हार का शतक पूरा करें घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि अशोक गहलोत राहुल गांधी को अपना नेता मान रहे है, उनके नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी 99 चुनाव हार चुकी है और हम चाहते हैं कि राहुल गांधी अपना शतक पूरा करें। देश को बांटने का काम करती है कांग्रेस पार्टी सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि कांग्रेस देश को बांटने का काम करती है, जबकि भारतीय जनता पार्टी बिना किसी भेदभाव के राष्ट्र विकास और राष्ट्र प्रथम की नीति पर काम कर रही है। केन्द्र सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं संचालित की हैं। जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना 13.45 लाख, उज्ज्वला योजना 37 प्रतिशत, मुद्रा योजना 36 प्रतिशत, पीएम किसान सम्मान निधि 33 प्रतिशत, स्किल इंडिया 22 प्रतिशत लाभ मुस्लिम वर्ग के लोगों को दिया है। इतना ही नहीं, 3 करोड़ अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजनाओं में से 1.63 करोड़ इस वर्ग के छात्र है। भाजपा सरकार ने 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मंत्र के साथ कार्य किया है। नीट का पेपर लीक नहीं, कॉम्प्रोमाइज हुआ राहुल गांधी के कोटा में स्टूडेंट्स से संवाद कार्यक्रम को लेकर घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि जिस नीट के पेपर को राहुल गांधी लीक बताकर घूम रहे हैं। वो नीट का पेपर लीक नहीं, कॉम्प्रोमाइज हुआ हैं। उन्होने कहा कि लीक का मतलब होता है कि पूरा पेपर आउट हो गया हो। जबकि इस पेपर के कुछ सवाल रटकर कुछ अन्य लोगों को बताए गए थे। ऐसे में पेपर का एक भाग कॉम्प्रोमाइज हुआ था। --------------- गहलोत के बयान से जुड़ी ये खबर पढ़िए… गहलोत बोले-इंदिरा गांधी होती तो बीजेपी पर बैन लगा देती:राजनीतिक पार्टी होकर धर्म की राजनीति करते हैं, राठौड़ ने कहा- गहलोत आकाओं को खुश करने के लिए बोलते जयपुर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी पर धर्म की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ये लोग धार्मिक धुव्रीकरण कर रहे हैं। इनकी सोच है कि हिंदुओं को हिंदुत्व के नाम पर भड़काओ और राज करो। अगर आज इंदिरा गांधी जैसी नेता पीएम होती तो बीजेपी पर बैन लगा देती। (पूरी खबर पढ़ें…)
बीजेपी की नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष डॉ.अर्चना गुप्ता पहली बार फतेहाबाद पहुंची। यहां उनका कई जगह स्वागत हुआ। जिला भाजपा कार्यालय में प्रमुख समारोह हुआ। समारोह में राज्यसभा सांसद सुभाष बराला, जिलाध्यक्ष प्रवीण जोड़ा, पूर्व मंत्री देवेंद्र बबली, पूर्व विधायक दुड़ाराम, पूर्व विधायक स्वतंत्र बाला समेत कई प्रमुख नेता और पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान मीडिया से बातचीत में डॉ.अर्चना गुप्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार और संगठन में बहुत अच्छा तालमेल है। सीएम नायब सैनी उनके भाई हैं। बहन-भाई की जोड़ी और अच्छा काम करने का प्रयास करेंगे। सीएम मुस्कुराते-मुस्कराते कांग्रेसियों का सुपड़ा साफ कर चुके हैं। वे 24 घंटे जनता के लिए उपलब्ध रहते हैं। कार्यकर्ताओं के सम्मान में नहीं आएगी कोई कमी डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता ही संगठन की वास्तविक ताकत हैं। कार्यकर्ताओं का पार्टी के प्रति समर्पण, मेहनत और निष्ठा सबसे बड़ी शक्ति है। प्रदेशाध्यक्ष के रूप में वह कार्यकर्ताओं के सम्मान में कभी कोई कमी नहीं आने देंगी। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं और जनता द्वारा दिया गया प्रेम, स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए नई ऊर्जा और प्रेरणा का स्रोत है। संगठन में प्रत्येक कार्यकर्ता का सम्मान और योगदान सर्वाेपरि है। संगठन को और अधिक सशक्त बनाना प्रत्येक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है। भाजपा केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक व्यापक अभियान है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव और घर-घर जाकर मोदी और नायब सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाएं। मोदी सरकार के 12 वर्ष सेवा व सुशासन को समर्पित डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि मोदी सरकार के ये 12 वर्ष सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और जनविश्वास के स्वर्णिम वर्ष रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग के उत्थान के लिए अनेक ऐतिहासिक योजनाएं लागू की हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से करोड़ों गरीब परिवारों को पक्के मकान मिले हैं। उज्ज्वला योजना ने महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाई है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से गरीब परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की गई है। जल जीवन मिशन के तहत घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। इस मौके पर जिला प्रभारी सुरेंद्र आर्य, पूर्व चेयरमैन वेद फूलां, प्रो.रविंद्र बलियाला, पूर्व विधायक लक्ष्मण नापा, जिला परिषद प्रधान सुमन खीचड़ समेत कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से मिली सूचना के आधार पर ओडिशा पुलिस ने छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर हथियार और विस्फोटकों के एक बड़े डंप का खुलासा किया है। सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हथियार, आईईडी, ग्रेनेड और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की है। मलकानगिरी जिला पुलिस मुख्यालय से जारी प्रेस नोट के अनुसार, डिस्ट्रिक्ट वॉलंटियर फोर्स (DVF) की टीम ने सोमवार तड़के सिलाकोटा, परवासी और केसाकुड़ा के जंगलों में सघन तलाशी अभियान चलाया। यह क्षेत्र ओडिशा के मलकानगिरी जिले और छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के दोरनापाल थाना क्षेत्र की सीमा से लगा हुआ है। जंगल में छिपाकर रखा था नक्सली डंप तलाशी अभियान के दौरान सुबह करीब 5:45 बजे जवानों को जंगल में छिपाकर रखा गया नक्सलियों का डंप मिला। सुरक्षा बलों ने मौके की घेराबंदी कर तलाशी ली, जिसमें बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। तीन स्टेन कार्बाइन समेत कई हथियार जब्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 3 स्टेन कार्बाइन, 1 देसी पिस्तौल, 1 एसबीएमएल गन, 1 बारह बोर बंदूक, 4 आईईडी, 20 यूबीजीएल ग्रेनेड, 53 कारतूस, स्नाइपर टेलीस्कोप, वायर, बैटरी और अन्य तकनीकी उपकरण जब्त किए हैं। विस्फोटक बनाने की सामग्री भी मिली बरामद सामग्री में विस्फोटक तैयार करने और हथियारों की मरम्मत में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह सामग्री माओवादियों द्वारा भविष्य की गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखी गई थी। क्षेत्र में जारी है सर्च ऑपरेशन सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है। आशंका है कि जंगलों में अन्य स्थानों पर भी हथियार और विस्फोटक छिपाकर रखे गए हो सकते हैं। सुरक्षा बल पूरे क्षेत्र में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं।
बड़वानी में युवा कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन फॉर्म निरस्त होने के विरोध में प्रदर्शन किया। सोमवार शाम करीब साढ़े छह बजे कार्यकर्ता श्री राम चौक पर इकट्ठा हुए और उन्होंने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका। युवा कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष सचिन यादव ने इस पूरी कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता की अनदेखी की गई है। यादव ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन एक सोची-समझी साजिश के तहत निरस्त किया गया है, जो लोकतंत्र की मूल भावना के पूरी तरह खिलाफ है। चुनाव प्रक्रिया को कमजोर करने का आरोप कांग्रेस के प्रदेश सचिव गिरीश जायसवाल ने कहा कि इस प्रकार के फैसले जनतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करते हैं। उन्होंने साफ किया कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए कांग्रेस हर संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगी। प्रदर्शन में ये लोग रहे मौजूद इस विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन के दौरान बड़वानी विधायक राजन मंडलोई, प्रदेश सचिव गिरीश जायसवाल, युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष आदित्य (मोनू) गोयल, विधायक प्रतिनिधि विष्णु बनड़े, बड़वानी विधानसभा युवक कांग्रेस अध्यक्ष सचिन (लालू) यादव, अरुण यादव, कांग्रेस जिला सचिव दीपक गेहलोद, रोहित यादव, करण दरबार, मनीष पुरोहित और विशाल यादव सहित कई अन्य कार्यकर्ता मुख्य रूप से मौजूद रहे।
बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में सोमवार को भीषण सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई। इस बीच श्रीडूंगरगढ़ के पंचायत समिति भवन में दोपहर करीब 3 बजे कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने जनसुनवाई की। इस दौरान भाजपा विधायक ताराचंद सारस्वत और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी(RLP) के नेता विवेक माचरा के बीच बहस हो गई, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। दरअसल, माचरा ने कहा- श्रीडूंगरगढ़ में सरकार की ओर से ढाई साल पहले ट्रोमा सेंटर बनाने की घोषणा की गई थी, लेकिन वह अभी तक अधूरी है। जवाब में विधायक सारस्वत ने कहा- यह घोषणा ढाई साल पहले नहीं, जुलाई 2025 में हुई थी। आपने 3 साल डुबोये रखा, तब मर गए थे क्या? इस बात पर माचरा सहित अन्य मौजूद लोग भड़क गए। हालांकि कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। अब देखिए- घटना से जुड़ी 2 PHOTOS जनसुनवाई में पहुंचे थे आरएलपी नेताजानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 3 बजे जनसुनवाई में स्थानीय लोगों का नेतृत्व करते हुए RLP नेता विवेक माचरा भी पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री ने यहां ट्रोमा सेंटर बनाने का आश्वासन दिया था, लेकिन ढाई साल बाद भी वह अभी तक नहीं बना है। विधायक ने जवाब में कहा कि अभी 28 जुलाई 2025 को ही आश्वासन दिया गया था। ऐसे में ढाई साल कहां हो गए? इस पर साथ आए किसान ने कहा कि एक साल तो हो गया ना? विधायक सारस्वत ने कहा कि 3 साल डुबोये रखा था, तब मर गए थे क्या? यह जवाब सुन माचरा सहित अन्य लोग भड़क गए और कहा कि आप ऐसे नहीं बोल सकते कि हम मर गए क्या? विरोध तेज होते देख पुलिस ने माचरा को पीछे हटा दिया। कैबिनेट मंत्री बोले- हादसा दुखद, जल्द शुरू करेंगे मशीनरीकैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने मामला संभाला। उन्होंने माचरा को बातचीत के लिए फिर से आगे बुलाया। उन्होंने कहा कि श्रीडूंगरगढ़ में आज हुआ हादसा दुखद है। ट्रोमा सेंटर के लिए हम प्रयास कर रहे हैं। न सिर्फ श्रीडूंगरगढ़, बल्कि लूणकरनसर सहित सभी क्षेत्रों में इस दिशा में काम चल रहा है। इसके बाद मामला शांत हुआ। चिकित्सा मंत्री भी दे चुके हैं विवादित बयानबता दें कि इससे पहले पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं के किडनी फेल होने के मामले में चिकित्सा मंत्री ने भी विवादित बयान दिया था। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने सवालों के जवाब देने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र वर्मा को आमंत्रित करते हुए कहा था कि बताईये प्रसूताएं नाचते गाते आई थी या फिर बीमार। उनके इस बयान का कांग्रेस लगातार विरोध कर रही है। ये खबर भी पढ़िए… डंपर-कार में भिड़ंत, पति-पत्नी और बेटी सहित 6 की मौत:बच्ची गंभीर घायल, गाड़ी के परखच्चे उड़े; तीर्थ स्थल के दर्शन कर लौट रहे थे हरियाणा बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में डंपर और कार की आमने-सामने की भीषण भिड़ंत हो गई। हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई। एक बच्ची गंभीर रूप से घायल है। हादसा श्रीडूंगरगढ़ थाना क्षेत्र में होटल नजद सिजराल के पास नेशनल हाईवे-11 पर दोपहर करीब 1:35 बजे हुआ। पूरी खबर पढ़िए
आगरा के शाहगंज स्थित राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) परिसर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त इनडोर मिनी स्टेडियम का निर्माण शुरू हो गया है। सोमवार को प्रदेश के कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने विधि-विधान के साथ भूमि पूजन और शिलान्यास किया। करीब 4.92 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह स्टेडियम शहर और आसपास के क्षेत्र के खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। भूमि पूजन के दौरान कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि आगरा में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन उन्हें बेहतर संसाधन और मंच की आवश्यकता थी। यह मिनी स्टेडियम खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा और युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगा। उन्होंने कहा कि यहां से तैयार होने वाले खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे। परियोजना की कुल स्वीकृत लागत 492 लाख रुपये है। निर्माण कार्य के लिए पहली किस्त के रूप में 216 लाख रुपये जारी किए जा चुके हैं। 27 अप्रैल 2026 से शुरू हुए निर्माण कार्य को 15 माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। परियोजना का निर्माण उत्तर प्रदेश स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPSCIDC) द्वारा कराया जा रहा है। स्टेडियम को आधुनिक स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें डबल हाइट मेन हॉल, मल्टीपरपज हॉल, खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग चेंजिंग रूम और टॉयलेट ब्लॉक, प्रशासनिक कक्ष, वर्क स्टेशन, उपकरण स्टोर और फर्स्ट एड रूम की व्यवस्था होगी। इसके अलावा दर्शकों के लिए सिटिंग एरिया, परिसर में इंटरलॉकिंग रोड, सीसी सुविधाएं तथा जलापूर्ति के लिए बोरिंग और सबमर्सिबल पंप की व्यवस्था भी की जाएगी। स्थानीय खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में इस परियोजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि स्टेडियम बनने के बाद बैडमिंटन, टेबल टेनिस और अन्य इनडोर खेलों के खिलाड़ियों को पूरे वर्ष अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा। कार्यक्रम में पूर्व सांसद प्रभु दयाल कठेरिया, पूर्व महापौर इंद्रजीत आर्य, पूर्व महानगर अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता, रामनाथ गौतम सहित भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, कार्यदायी संस्था के अभियंता और बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
सतना में सोमवार शाम भाजपा जिला कार्यालय के घेराव के दौरान पुलिस द्वारा किए गए वाटर कैनन के इस्तेमाल में युवा कांग्रेस अध्यक्ष वरुण गुर्जर का पैर टूट गया। प्रदर्शन के दौरान वे बैरिकेड फांदने की कोशिश कर रहे थे। राज्यसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के विरोध में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया, जिसके दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। देखें तस्वीरें… भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन युवा कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में झंडे और तख्तियां लेकर भाजपा कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन राजनीतिक दबाव में निरस्त किया गया है। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रहे पेपर लीक को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पेपर लीक सरकार होश में आओ, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो और लोकतंत्र की हत्या बंद करो जैसे नारे लगाए। भाजपा कार्यालय पहुंचने से पहले ही पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। मौके पर एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया, सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह सहित भारी पुलिस बल तैनात था। पुलिस ने तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन चलाया जब कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की तो पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और बाद में हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को पीछे धकेला। इसी दौरान युवा कांग्रेस अध्यक्ष का पैर टूट गया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे युवा कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने और युवाओं के मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है और युवाओं के भविष्य के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए भरहुत नगर क्षेत्र में यातायात भी प्रभावित रहा।
श्री अकाल तख्त साहिब ने विवादित वीडियो को सही ठहराते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री को ‘पंथ विरोधी’ और ‘गुरु-दोखी’ घोषित किया गया। श्री अकाल तख्त साहिब के इस फैसले के आते ही विपक्षियों ने सीएम भगवंत मान का इस्तीफा मांगना शुरू कर दिया। कांग्रेस के प्रधान व लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि मुख्यमंत्री को नैतिक आधार पर मान को इस्तीफा देना चाहिए और इन गंभीर आरोपों पर अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए। वहीं, कांग्रेस नेता व सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि मुख्यमंत्री तुरंत इस्तीफा दें। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि मुख्यमंत्री के दो विवादित वीडियो फॉरेंसिक लैब में सही पाए गए। श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ने कहा कि जांच में वीडियो असली पाए गए हैं और ये एआई (AI) द्वारा तैयार (डीपफेक) नहीं हैं। श्री अकाल तख्त का सम्मान करते हुए इस्तीफा दें मान राजा वडिंग ने कहा कि मुख्यमंत्री को यह सजा श्री अकाल तख्त से मिली है जो कि सर्वोच्च धार्मिक तख्त है। उन्होंने कहा कि इसका फैसले सभी काे मानना जरूरी है। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी गरगज सिंह ने मुख्यमंत्री मान से जुड़े दो विवादित वीडियो को दो अलग-अलग फोरेंसिक प्रयोगशालाओं से सत्यापित कराने के बाद असली घोषित कर दिया है, इसलिए श्री अकाल तख्त की सर्वोच्च सत्ता के सम्मान और इससे जुड़ी धार्मिक भावनाओं का आदर करते हुए उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। वड़िंग ने कहा, यह मामला बेहद संवेदनशील है। जब मुख्यमंत्री बेअदबी के खिलाफ एक कड़ा कानून बना सकते हैं, तो उन्हें खुद एक उदाहरण पेश करना चाहिए कि वे जो उपदेश देते हैं, उस पर खुद भी अमल करते हैं। सीज़र की पत्नी को संदेह से परे होना चाहिए यानी सार्वजनिक जीवन में शीर्ष पद पर बैठे व्यक्ति का चरित्र पूरी तरह बेदाग होना चाहिए। सीएम मान इस्तीफा दे - सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा कांग्रेस नेता और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रधावा ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब की तरफ से वायरल वीडियो की फोरेंसिक जांच के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को ‘पंथ विरोधी’ और ‘गुरु-दोखी’ घोषित किया जाना पंजाब के इतिहास की बहुत बड़ी घटना है। सीएम मान को यह धार्मिक सजा पांच सिख साहिबानों की कमेटी की तरफ से सुनाई गई है। कमेटी का यह फैसला न केवल पंजाब, बल्कि देश और दुनिया भर में बसे सिख समुदाय की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। रंधावा ने कहा कि सीएम भगवंत मान को अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता, उसकी मर्यादा और करोड़ों सिखों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए बिना किसी देरी के मुख्यमंत्री पद से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए और तुरंत सिख समाज समुदाय से माफी मांगनी चाहिए। उनके खिलाफ इतना बड़ा फैसला आना बहुत गंभीर मामला है।
खरगोन में मंगलवार को 11केवी गणेश मंदिर फीडर का रखरखाव किया जाएगा। इसके चलते शहर के 20 से अधिक क्षेत्रों में सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। यह कटौती कुंदा नदी से लेकर एमजी रोड तक के इलाकों को प्रभावित करेगी। बिजली कंपनी के शहर सहायक यंत्री देवानंद मालवीय ने बताया कि यह बारिश से पहले किया जाने वाला एक अति आवश्यक रखरखाव कार्य है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिजली कटौती के समय में आवश्यकतानुसार कमी या बढ़ोतरी की जा सकती है। रखरखाव के दौरान नवग्रह मंदिर क्षेत्र, जिला पंचायत, मुल्लानवाड़ी, किला कंपाउंड, रामपेठ मोहल्ला, सिद्ध माता मंदिर, विट्ठल मंदिर क्षेत्र, झंडा चौक, एमजी रोड, सराफा मार्केट, बाकी माता मंदिर एरिया, जमीदार मोहल्ला, भावसार मोहल्ला, खसखस वाड़ी, घोकपुरा, तलाई मार्ग और ब्रह्मणपुरी सहित फीडर से जुड़े सभी क्षेत्रों में बिजली सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी।
कांकेर जिले में मानसून की दस्तक के साथ ही धान बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों को डीजल की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। पर्याप्त ईंधन न मिलने से नाराज किसानों ने नेशनल हाईवे जाम कर सरकार के खिलाफ नारे लगाए और विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया है। आधुनिक खेती में ट्रैक्टर और अन्य उपकरणों के लिए डीजल महत्वपूर्ण है। डीजल की कमी के कारण किसान अपने खेतों की जुताई नहीं कर पा रहे हैं, जिससे बुवाई में देरी हो रही है। किसान एक पेट्रोल पंप से दूसरे पेट्रोल पंप तक भटकने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इसके बाद गुस्साए किसानों ने नेशनल हाईवे-30 पर चक्काजाम कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन किसान पर्याप्त मात्रा में डीजल उपलब्ध कराने की मांग की। एक एकड़ में 20 लीटर डीजल की जरूरत किसान मिलाप राम पटेल ने बताया कि जून माह में खेती की तैयारी शुरू होती है और ऐसे समय में डीजल न मिलने से किसानों को भारी नुकसान होगा। एक एकड़ भूमि की जुताई के लिए कम से कम 20 लीटर डीजल की आवश्यकता होती है, जो अभी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। किसान रोशन नरेटी ने बताया कि वे सुबह से डीजल लेने आए हैं, लेकिन उन्हें अभी तक ईंधन नहीं मिल पाया है। ईंधन की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में हो रही इस संबंध में पेट्रोल पंप संचालक हिमांशु कोठारी ने कहा कि ईंधन की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में हो रही है। अभी खेती-किसानी का काम बढ़ गया है, जिसकी वजह से मांग में वृद्धि हुई है। भीड़ के कारण लोगों को लगता है कि डीजल नहीं मिल रहा है।

