राहुल गांधी पर रोहन गुप्ता का तंज, पूछा- 'कब तक 'विक्टिम कार्ड' खेलते रहेंगे?'
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता रोहन गुप्ता ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि वे कब तक 'विक्टिम कार्ड' खेलते रहेंगे।
बठिंडा में 2 निहंगों ने युवक की पिटाई कर दी। उन्होंने 7 सेकेंड में युवक को 6 थप्पड़ मारे। इसका वीडियो सामने आया है, जिसमें युवक निहंगो के बारे में गलत बातें कहने की बात स्वीकार करते हुए माफी मांगता दिखाई दे रहा। वहीं, निहंग राजू ने दावा किया कि कार्रवाई एक विवाहित महिला की शिकायत और युवक द्वारा निहंगों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद की गई। युवक महिला के साथ रिलेशन में था। वह उससे शादी करने के लिए मना कर रहा था। ये मामला तलवंडी साबो का है, जो 3 दिन पुराना है, लेकिन इसका वीडियो अब सामने आया है। निहंग ने खुद इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर किया है। पहले पढ़िए वीडियो में क्या दिख रहा… अब सिलसिलेवार पढ़िए पूरा मामला... ----------- यह खबरें भी पढ़ें… निहंग ने सिख दंपती को मस्जिद जाने से रोका, अमृतसर में मौलवी को फोन कर धमकाया, बोला- एक हफ्ते में गांव खाली कर दे पंजाब के अमृतसर में निहंग ने मौलवी के पास जाते सिख को रोक लिया। निहंग भूपिंदर सिंह बग्गा ने कहा- सिख होते हुए कई लोग मुसलमानों की मस्जिदों में जा रहे हैं। ऐसे लोग सिख नहीं हैं और न ही सिर पर पगड़ी बांधने के हकदार। निहंग के रोकने के बावजूद सिख छिपकर मस्जिद पर चला गया। पूरी खबर पढ़ें… पंजाब में अश्लील फोटो वाले निहंग का नया VIDEO:कुर्सी से उठाकर जमीन पर बैठाया, कहा- पैरों के बल बैठकर बर्तन धो पंजाब में अश्लील तस्वीरें वायरल होने और विवादित बयानों के बाद धार्मिक सजा का सामना कर रहे निहंग जसदीप सिंह का एक और वीडियो सामने आया है। वीडियो में जसदीप सिंह कुर्सी पर बैठकर बर्तन धोते हुए दिखाई दे रहे हैं। पूरी खबर पढ़िए…
मैं प्रदर्शन के दौरान वाटर कैनन वाहन चला रहा था। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक रखा था। अचानक बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़ते हुए सीधे मेरी गाड़ी तक पहुंच गए। उनके हाथों में हथियार थे। उन्होंने जबरन खिड़की खोल दी और मुझे मुक्के और लातें मारते रहे। इससे बाजू फ्रैक्चर हो गई। ये बातें चंडीगढ़ पुलिस के असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ASI) गुरजीत सिंह ने कहीं, जो 28 जुलाई को पंजाब के खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह और बंदी सिखों की रिहाई को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान वाटर कैनन वाहन चला रहे थे। ASI के मुताबकि इस घटना में वह अकेले नहीं, बल्कि 9 अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। घायल लेडी कॉन्स्टेबल ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के धक्का देकर उन्हें गिराया। इससे उनकी पीठ पर चोट आई है। चंडीगढ़ पुलिस ने लुधियाना के दाखा से विधायक मनप्रीत सिंह अयाली समेत 15 नामजद के अलावा 2500 से 3000 प्रदर्शनकारियों पर FIR दर्ज की है। इन पर BNS की धारा 121(1), 132 और 223 लगाई गई है। सेक्टर-49 थाना के सब इंस्पेक्टर भूपिंदर सिंह की शिकायत पर FIR दर्ज की गई है। टकराव के दौरान क्या-क्या हुआ, पढ़िए घायल जवानों की जुबानी… घटना के दिन क्या हुआ, वाटर कैनन वाहन चला रहे ASI की जुबानी... घायल पुलिसकर्मियों ने क्या बताया, 6 पॉइंट में पढ़िए ------------- ये खबरें भी पढ़ें… MP अमृतपाल समर्थक बैरिकेडिंग तोड़ चंडीगढ़ में घुसे:वाटर कैनन का मुंह मोड़ा, CM कोठी के 1Km करीब पहुंचे; पिता बोले- उपद्रवी हमारे नहीं पंजाब के खडूर साहिब से खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल की रिहाई के लिए चंडीगढ़ में अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के वर्करों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी पुलिस को चकमा देते हुए CM भगवंत मान की चंडीगढ़ के सेक्टर 2 स्थित सरकारी कोठी के 1Km नजदीक तक पहुंच गए। इससे सीएम सिक्योरिटी भी हाई अलर्ट हो गई। (पढ़ें पूरी खबर) चंडीगढ़ में सांसद के 3000 समर्थकों पर FIR, पंजाब पुलिस बॉर्डर तक छोड़ गई, सिर्फ एक बैरिकेडिंग; रिटायर्ड DGP ने बताई 2 बड़ी वजहें पंजाब के खडूर साहिब से खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल सिंह और बंदी सिखों की रिहाई को लेकर निकले अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के समर्थक मुख्यमंत्री भगवंत मान की चंडीगढ़ के सेक्टर 2 स्थित सरकारी कोठी के 1Km नजदीक तक पहुंच गए। उन्होंने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ी। यहां तक कि वाटर कैनन पर भी कब्जा कर लिया। (पढ़ें पूरी खबर)
कनाडा में पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) के आवेदन खारिज होने के बाद करीब 500 पंजाबी छात्रों पर डिपोर्टेशन का खतरा मंडरा रहा है। इसके विरोध में करीब 1,000 भारतीय छात्र पिछले तीन हफ्तों से प्रदर्शन कर रहे हैं। बारिश, तेज धूप और खराब मौसम के बावजूद छात्र अल्बर्टा के कैलगरी में सड़कों पर डटे हुए हैं। कनाडाई इमिग्रेशन अधिकारियों से जवाब मांगने के लिए कुछ छात्रों ने 29 जुलाई से भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है। छात्रों का कहना है कि जिन नियमों और भरोसे के आधार पर उन्होंने कॉलेज में दाखिला लिया, लाखों रुपए खर्च कर पढ़ाई पूरी की, अब उसी पढ़ाई को नॉन-क्रेडिटेबल बताकर वर्क परमिट से इनकार किया जा रहा है। इससे कई लड़कियां डिप्रेशन में हैं, सिर पर परिवार का कर्ज है। उन्होंने कनाडा में पढ़ाई की है, इसलिए उन्हें वहां काम करने का मौका मिलना चाहिए। वे चाहते हैं कि कनाडाई अधिकारी उनके मामलों की दोबारा समीक्षा करें। इधर, कनाडा सरकार और अल्बर्टा की प्रीमियर डेनियल स्मिथ ने कहा कि वह पोर्टेज कॉलेज को सीधे तौर पर फर्जी डिग्री देने वाला संस्थान नहीं कहेंगी, लेकिन उनका मानना है कि संस्थान ने स्थायी निवास (PR) को लेकर बढ़ा-चढ़ाकर जानकारी दी हो सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन अंतरराष्ट्रीय छात्रों का वीजा खत्म हो जाएगा और जिनके पास स्थायी निवास (PR) नहीं होगा, उन्हें अपने देश वापस लौटना होगा। छात्र प्रदर्शन क्यों कर रहे, 4 पॉइंट में जानिए… गुरुद्वारा कमेटी आई आगे, कहा- लंगर की फिक्र न करें, हिम्मत रखेंकैलगरी के लोकल गुरुद्वारा साहिब ने छात्रों के लिए दरवाजे खोले हैं। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह समय बहुत कठिन है, लेकिन कोई भी बच्चा पैनिक होकर गलत कदम न उठाए। परिवार से कोई बात न छुपाएं। गुरु घर के दरवाजे सबके लिए खुले हैं। किसी को राशन, लंगर या रहने की दिक्कत हो तो निसंकोच आएं, पूरी मदद की जाएगी। लीगल एक्सपर्ट्स बोले- री-अप्लाई न करें, कोर्ट जाएंबैठक में पहुंचे कानूनी सलाहकार रमन चहल और हरवीर सिद्धू ने छात्रों को कानूनी रास्ते समझाए। वकीलों ने बताया कि इमिग्रेशन विभाग को तुरंत वेब-फॉर्म के जरिए री-कंसीडरेशन की रिक्वेस्ट भेजी जाए। CS इमिग्रेशन ने ऐलान किया है कि वे सभी छात्रों के लिए यह काम मुफ्त करेंगे। रिफ्यूजल मिलने के 15 दिनों के अंदर छात्रों को फेडरल कोर्ट में मामले को चुनौती देनी होगी। एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी कि छात्र दोबारा वर्क परमिट के लिए री-अप्लाई न करें। अगर फाइल दोबारा रिजेक्ट हुई, तो तुरंत देश छोड़ने का नोटिस आ सकता है। 90 दिनों में नए कॉलेज में एडमिशन से बचा सकते स्टेटस कानूनी सलाहकार रमन चहल और हरवीर सिद्धू ने कहा कि छात्रों को सलाह दी गई है कि कानूनी लड़ाई के साथ-साथ 90 दिनों के भीतर किसी मान्यता प्राप्त पब्लिक कॉलेज में नया कोर्स लेकर अपना स्टूडेंट स्टेटस रीस्टोर करें, ताकि वे कनाडा में लीगल रह सकें। **************** ये खबर भी पढ़ें: कनाडा में 9 हजार पंजाबियों पर डिपोर्टेशन की तलवार लटकी: नए इमिग्रेशन कानून से शरणार्थी की मान्यता खत्म, 30 हजार स्टूडेंट्स को मिला नोटिस कनाडा में नया इमिग्रेशन बिल पास होने के बाद 9 हजार पंजाबियों पर डिपोर्टेशन की तलवार लटक गई है। इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने C-12 बिल पास होने के बाद 30 हजार शरणार्थियों को नोटिस जारी किए हैं। नए बिल में शरणार्थियों की मान्यता खत्म कर दी गई है। (पढ़ें पूरी खबर)
भरोसेमंद रेगुलेटरी सिस्टम जरूरी, भारत 'दुनिया की फार्मेसी' बनकर करेगा वैश्विक सहयोग: जेपी नड्डा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 'फर्स्ट ग्लोबल ड्रग रेगुलेटरी कॉन्क्लेव 2026' के उद्घाटन सत्र में भारत के रेगुलेटरी विजन को दुनिया के सामने रखा। इस दो दिवसीय कॉन्क्लेव में दवा और मेडिकल उपकरणों की सुरक्षा, गुणवत्ता और नवाचार को लेकर वैश्विक सहयोग पर जोर दिया गया।
'किसी भी हाल में तमिलनाडु को कावेरी का पानी न दें', पूर्व सीएम बोम्मई ने कर्नाटक सरकार से किया आग्रह
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद बसवराज बोम्मई ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह किसी भी हाल में तमिलनाडु को कावेरी का पानी न छोड़े, क्योंकि कर्नाटक के पास अभी इतना ही पानी बचा है जो सिर्फ पीने के काम आ सकता है।
ओडिशा में बाढ़ का संकट: प्रभावित जिलों में कई विभागों ने मिलकर काम तेज किया
ओडिशा के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति के बीच, राज्य सरकार के कई विभागों ने बाढ़ के असर से निपटने के लिए अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। इन कोशिशों में बचाव और राहत कार्य, सड़क संपर्क और बिजली आपूर्ति बहाल करना, और प्रभावित लोगों की मदद करना शामिल है।
मेघालय : सरकारी कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री और मंत्रियों का सम्मान समारोह नहीं होगा
मेघालय सरकार ने सरकारी कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों और राज्य के अन्य गणमान्य व्यक्तियों के सम्मान समारोह पर रोक लगा दी है। सरकार ने विभागों को आम नागरिकों को सम्मानित करने का निर्देश दिया है, ताकि ऐसे कार्यक्रमों को अधिक नागरिक-केंद्रित बनाया जा सके।
कुष्ठ रोग से प्रभावित दिव्यांगजन के लिए सहारा बनी योगी सरकार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए लगातार कार्य कर रही है
वाराणसी की पॉक्सो अदालत ने बच्चे के यौन शोषण के एक आरोपी को आजीवन कारावास और 2 लाख 75 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी का नाम रवि कुमार पटेल है।
महानदी विवाद नहीं, छत्तीसगढ़-ओडिशा की साझा समृद्धि का आधार बने: सीएम विष्णुदेव साय
नई दिल्ली स्थित श्रमशक्ति भवन में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में महानदी जल विवाद के समाधान को लेकर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री के तौर पर कृषि महोत्सव, सूक्ष्म सिंचाई, नर्मदा कैनाल नेटवर्क का विस्तार, संरक्षित खेती और आधुनिक नर्सरी आदि पहलों के जरिए राज्य में बागवानी क्षेत्र में मजबूत नींव रखी थी
मध्य प्रदेश: दतिया में शांतिपूर्ण रहा मतदान, 71 प्रतिशत पड़े वोट
मध्य प्रदेश के दतिया में हुए उपचुनाव में मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। मतदान में मतदाताओं ने बढ़- चढ़कर हिस्सा लिया और 71.44 फीसदी लोगों ने वोट डाले
मोगा जिले में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मोगा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से कुल 320 नशीली गोलियां बरामद की हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामले दर्ज कर आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पहली कार्रवाई: 205 नशीली गोलियां बरामद थाना महिणा के सहायक थाना प्रभारी नाहर सिंह ने बताया कि एसएसपी मोगा के निर्देशानुसार पुलिस टीम इलाके में गश्त पर थी। ड्रेन पुल चोगावां के पास पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए कुलविंदर सिंह उर्फ करमा (निवासी गांव कच्चर भन्न) और जगरूप सिंह उर्फ भूपी (निवासी गांव कोकरी फूला सिंह) को गिरफ्तार किया गया। तलाशी लेने पर उनके पास से 205 नशीली गोलियां बरामद हुईं। दूसरी कार्रवाई: 115 गोलियों के साथ दो काबू एक अन्य मामले में, हवलदार करमजीत कौर की पुलिस टीम ने गश्त के दौरान तलवंडी भंगेरी त्रिकोणी (गांव रौली) के पास गुप्त सूचना के आधार पर दो अन्य युवकों को काबू किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजदीप सिंह उर्फ राजा और राजविंदर सिंह उर्फ नोना (दोनों निवासी गांव धल्लेके) के रूप में हुई है। इनके कब्जे से 115 नशीली गोलियां जब्त की गई हैं। पुलिस की सख्त चेतावनी पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिए गए हैं। आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे यह नशीली गोलियां कहां से लाए थे और किसे सप्लाई करने वाले थे। पूछताछ के बाद सभी को अदालत में पेश किया जाएगा। मोगा पुलिस ने साफ कर दिया है कि जिले में नशा तस्करों के खिलाफ अभियान इसी तरह सख्ती से जारी रहेगा और कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
पठानकोट-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाई-पॉइंट पुराना झाकोलाहड़ी रोड (कटारूचक गेट) के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे में मलिकपुर के खस्सर मोहल्ला निवासी केवल कृष्ण की मौत हो गई। 40 वर्षीय केवल कृष्ण डिबकू धलोरिया निवासी अपनी बहन से मिलने पत्नी और बच्चों से साथ बाइक पर आया था। वापसी पर पत्नी को साइड पर खड़ा कर सामान लेने चला गया और रास्ते में ही उसे सफेद रंग के कैंपर ने टक्कर मार दी। पत्नी की आंखों के सामने हुए इस भीषण हादसे में केवल कृष्ण के सिर में गहरी चोटें आईं। घायलावस्था में केवल को सड़क सुरक्षा फोर्स ने हरसेवक अस्पताल पहुंचाया। लेकिन, इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। थाना सदर पठानकोट पुलिस ने मृतक की पत्नी सपना देवी के बयानों के आधार पर अज्ञात कैंटर चालक के खिलाफ BNS की धारा 106(1) व 281 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। केवल कृष्ण लेबर का काम करता था और दिहाड़ी लगाकर परिवार का पेट पालता था। घर से लौट रहे थे पति-पत्नी, सामान लेने गया था केवल कृष्ण पुलिस में दर्ज करवाए बयान में केवल कृष्ण की पत्नी सपना देवी (33) ने बताया कि उसकी शादी केवल कृष्ण के साथ करीब 15 साल पहले हुई थी। उनके दो बच्चे हैं। 12 वर्ष की बड़ी बेटी और 6 वर्ष का छोटा बेटा। सपना ने बताया कि वो अपने पति पति केवल कृष्ण के साथ डिबकू धलोरिया में अपनी ननद सोमा देवी से मिलने गए थे। वापसी के दौरान केवल कृष्ण ने अपनी पत्नी को कटारूचक गेट पर रुककर इंतजार करने को कहा और खुद कुछ सामान लेने के लिए झाकोलाहड़ी की तरफ चले गए। पत्नी के सामने आया काल: सफ़ेद रंग की कैंपर ने मारी टक्कर सपना ने पुलिस को बताया कि आज दोपहर लगभग 3:45 बजे जब केवल कृष्ण सामान लेकर वापस सड़क पर अपनी पत्नी की ओर आ रहे थे, तभी पठानकोट दिशा से एक सफ़ेद रंग की कैंपर टाइप गाड़ी बेहद तेज रफ्तार और लापरवाही से आई। कैंपर चालक ने केवल कृष्ण को सीधी जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं और वे लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। हादसा इतना भयानक था कि मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। SSF टीम ने अस्पताल पहुंचाया, इलाज के दौरान मौत घटनास्थल पर मौजूद राहगीरों की सूचना पर सड़क सुरक्षा बल (SSF) के कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे। SSF टीम ने गाड़ी का प्रबंध कर गंभीर रूप से घायल केवल कृष्ण को इलाज के लिए हरसेवक अस्पताल, कोटली में दाखिल करवाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। दर्ज हुए बयान, पुलिस जांच शुरू 30 जुलाई को मृतक की पत्नी सपना देवी ने अपने मोहल्ले के एमसी हरप्रीत सिंह के साथ थाना सदर पठानकोट पहुंचकर अपने बयान दर्ज करवाए। हेड कांस्टेबल मंदीप कुमार ने बयानों की तस्दीक करने के बाद अज्ञात कैंपर चालक के खिलाफ बीएनएस की धारा 106(1) (लापरवाही से मौत) और 281 (सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही से वाहन चलाना) के तहत FIR दर्ज कर ली है। पुलिस की टीम घटनास्थल का मुआयना कर आसपास के CCTV कैमरों और चश्मदीदों के आधार पर अज्ञात वाहन चालक की तलाश में जुट गई है।
कपूरथला पुलिस ने गैंगस्टर जगदीप सिंह उर्फ जग्गा फूकीवाल के नेटवर्क का पर्दाफाश कर सुल्तानपुर लोधी गोलीकांड के मुख्य शूटर को अरेस्ट किया है। आरोपी से एक अत्याधुनिक ऑस्ट्रियाई ग्लॉक पिस्टल और 8 कारतूस बरामद हुए हैं। इस मामले में अब तक 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एसएसपी ने बताया कि यह घटना 1 नवंबर, 2025 को सुल्तानपुर लोधी के गांव शाहजहांपुर में हुई थी। 2 मोटरसाइकिल सवार युवकों ने हरजिंदर सिंह पर फायरिंग की थी। इस संबंध में थाना सुल्तानपुर लोधी में मामला दर्ज किया गया था। जांच में कुल कई आरोपियों को नामजद किया गया, जिसकी मुख्य साजिश विदेश में बैठे जग्गा फूकीवाल ने रची थी। विशेष टीम का किया था गठन एसपी-डी हरिंदर सिंह और एएसपी धीरेंद्र वर्मा की देखरेख में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में सीआईए कपूरथला इंचार्ज एसआई रमन कुमार और थाना मुख्य अफसर एएसआई दविंदरपाल शामिल थे। टीम ने 29 जुलाई, 2026 को वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य शूटर हरविंदपाल मट्टू उर्फ इंदू को तलवंडी माधो, शाहकोट जालंधर से गिरफ्तार किया। आरोपी हरविंदपाल पर पहले भी खन्ना और होशियारपुर में आर्म्स एक्ट के तहत दो मामले दर्ज हैं। पुलिस टीम ने मानवीय और तकनीकी स्रोतों का उपयोग करते हुए वारदात की रेकी करने वाले मुख्य आरोपी बिक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की को 24 घंटे के भीतर ही गिरफ्तार कर लिया था। ये आरोपी हो चुके गिरफ्तार इस वारदात में शामिल अन्य गिरफ्तार आरोपियों में शूटर अजय कुमार उर्फ बिल्ली (शाहजहांपुर), हरविंदर सिंह उर्फ बबला (तलवंडी मेहमा, जालंधर), तीर्थ सिंह उर्फ डॉन (तलवंडी मेहमा, जालंधर), करन कुमार उर्फ गोल्डी (जब्बोवाल, सुल्तानपुर लोधी), बलजीत सिंह उर्फ बॉबी (भाणोलंगा, कपूरथला), जशनदीप सिंह उर्फ बल्लू (भाणोलंगा, कपूरथला), गुलशन कुमार (शाहजहांपुर, सुल्तानपुर लोधी), प्रिंस (नवां पिंड दोनेवाल, लोहियां) और अर्शप्रीत (काहलवां, कपूरथला) शामिल हैं। बाकी आरोपियों की जल्द होगी गिरफ्तारी: एसएसपी एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने आस्ट्रिया मेड एक अत्याधुनिक ग्लॉक पिस्टल, 8 जिंदा कारतूस, 1 देसी पिस्तौल (30 बोर) और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद किया है। उन्होंने कहा कि गैंग के बाकी बचे सदस्यों को भी जल्द ही काबू करके सलाखों पीछे धकेला जाएगा। इस मौके पर थाना सुल्तानपुर लोधी के एसएचओ एसआई दविंदरपाल, सीआईए इंचार्ज एसआई रमन कुमार व अन्यू मौजूद थे।
पंजाब और राजस्थान के वन विभागों ने आपसी तालमेल का शानदार उदाहरण पेश करते हुए इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) से 12 फीट लंबे एक विशालकाय वयस्क घड़ियाल का सफलता पूर्वक रेस्क्यू किया है। लगभग पांच महीनों से लगातार निगरानी में रखे गए इस घड़ियाल को राजस्थान के जैसलमेर जिले के मोहानगढ़ क्षेत्र से सुरक्षित पकड़ा गया। वर्तमान में इसे पंजाब के छतबीड़ चिड़ियाघर (Chhatbir Zoo) लाया गया है, जहां स्वास्थ्य परीक्षण के बाद इसे ब्यास नदी संरक्षण रिजर्व में छोड़ा जाएगा। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस घड़ियाल को सबसे पहले 13 मार्च 2026 को श्रीगंगानगर जिले के पास इंदिरा गांधी नहर में तैरते हुए देखा गया था। अगले ही दिन राजस्थान के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पंजाब वन विभाग से विशेषज्ञ सहायता मांगी। हालांकि, नहर में पानी की अत्यधिक गति और घड़ियाल के बार-बार स्थान बदलने की वजह से शुरुआती दौर में चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन सफल नहीं हो सके। मई और जून के महीनों में भी इसे कई जगह देखा गया, लेकिन पानी का स्तर अधिक होने से अभियान को रोकना पड़ा था। 27 जुलाई को मोहानगढ़ माइनर में मिला मौका लंबी प्रतीक्षा के बाद 27 जुलाई को जब जैसलमेर के मोहानगढ़ माइनर में पानी का स्तर अनुकूल हुआ, तो दोनों राज्यों के विशेषज्ञ वन्यजीव अधिकारियों की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घड़ियाल को सुरक्षित जाल में ट्रैप कर लिया। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (Wildlife Protection Act, 1972) और अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल का पालन करते हुए इसे प्राथमिक चिकित्सा जांच के बाद सुरक्षित तरीके से विशेष वाहन द्वारा छतबीड़ चिड़ियाघर पहुंचाया गया। ब्यास नदी में घड़ियालों के कुनबे को मिलेगी मजबूती पंजाब वन विभाग के अनुसार, ब्यास नदी संरक्षण रिजर्व में पहले भी 94 किशोर (Juvenile) घड़ियालों को सफलतापूर्वक पुनर्स्थापित किया जा चुका है, जिनके सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रजनन आयु (Adult) वाले इस नर घड़ियाल को ब्यास नदी में छोड़े जाने से वहां घड़ियालों की घटती-बढ़ती आबादी को जैविक रूप से और मजबूती मिलेगी। अंतरराज्यीय सहयोग की मिसाल दोनों राज्यों के वरिष्ठ वन अधिकारियों ने इस सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि यह रेस्क्यू ऑपरेशन पंजाब और राजस्थान के बीच अंतरराज्यीय समन्वय और साझा प्रयासों का एक अनूठा उदाहरण है। भविष्य में भी इस तरह का तालमेल संकटग्रस्त (Critically Endangered) प्रजातियों के संरक्षण में मील का पत्थर साबित होगा।
बिहार में एके-47 से प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की घटना पर सियासी घमासान
बिहार की राजधानी पटना में नीट-परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रही भीड़ पर एके-47 से फायरिंग को लेकर गंभीर बहस छिड़ गई है
मोहाली की ढकोली स्थित रेलवे फाटक पर गुरुवार को एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल टल गया। ट्रेन आने के वक्त तकनीकी खराबी आ जाने के कारण रेलवे फाटक पूरी तरह से बंद नहीं हो पा रहा था। हालांकि, मौके पर तैनात रेलवे कर्मचारियों की त्वरित तत्परता और सूझबूझ से एक गंभीर दुर्घटना होने से बच गई। जानकारी के अनुसार, ट्रेन आने की सूचना मिलते ही जब कर्मचारियों ने फाटक बंद करने की कोशिश की, तो उसमें आई तकनीकी खराबी के कारण गेट अधूरा ही बंद हो पाया। अचानक पैदा हुई इस स्थिति से मौके पर कुछ समय के लिए हड़कंप मच गया। स्थिति की संवेदनशीलता को समझते हुए रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और लाउड आवाज में लोगों को ट्रैक से पीछे हटने की चेतावनी देनी शुरू कर दी। चेतावनी के बावजूद जोखिम उठाते दिखे वाहन चालक कर्मचारियों की लगातार सख्त चेतावनियों के बावजूद, कई जल्दबाज दोपहिया वाहन चालक और पैदल राहगीर खुले रह गए हिस्से से ट्रैक पार करने का जानलेवा जोखिम उठाते नजर आए। कर्मचारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए लोगों को जबरन रोक कर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखा। ट्रेन सुरक्षित गुजरी, मरम्मत कार्य शुरू कर्मचारियों की इस मुस्तैदी के चलते ट्रेन ट्रैक से सुरक्षित रूप से गुजर गई और एक बड़ा हादसा होने से टल गया। ट्रेन जाने के बाद रेलवे की तकनीकी टीम ने तुरंत फाटक की खराबी को दूर करने का मरम्मत कार्य शुरू कर दिया। सुरक्षा नियमों के पालन की अपील इस घटना ने एक बार फिर रेलवे फाटकों पर जल्दबाजी में सुरक्षा नियमों को ताक पर रखने की खतरनाक आदत को उजागर किया है। रेलवे प्रशासन और कर्मचारियों ने आम जनता से पुरजोर अपील की है कि फाटक बंद होने या कोई चेतावनी मिलने की स्थिति में कभी भी ट्रैक पार करने का प्रयास न करें, क्योंकि कुछ मिनटों का धैर्य आपकी जान बचा सकता है।
ऐतिहासिक शहर बटाला की सुंदरता और पहचान को नया रूप देने के लिए शहर के पांच मुख्य मार्गों पर आकर्षक प्रवेश द्वार (स्वागत द्वार) बनाए जा रहे हैं। बटाला के विधायक अमन शेर सिंह 'शेरी कलसी' ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इन पांचों द्वारों में से एक का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, जबकि बाकी चार द्वारों का निर्माण भी जल्द संपन्न कर लिया जाएगा। इन 5 मुख्य मार्गों पर बनेंगे स्वागत द्वार: जालंधर रोड वाला गेट उद्घाटन के लिए तैयार विधायक शेरी कलसी ने बताया कि जालंधर रोड पर बन रहा स्वागत द्वार लगभग पूरी तरह बनकर तैयार हो गया है और बहुत जल्द इसे जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। विधायक कलसी ने कहा कि बटाला श्री गुरु नानक देव जी की पावन विवाह स्थली है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये भव्य स्वागत द्वार न केवल बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और आगंतुकों का शानदार स्वागत करेंगे, बल्कि शहर को एक नई विशिष्ट पहचान देंगे जिससे समस्त बटाला निवासियों को गर्व महसूस होगा।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत आज जिला चुनाव अधिकारी-सह-उपायुक्त सागर सेतिया ने राजनीतिक दलों के अध्यक्षों, प्रतिनिधियों और बूथ लेवल एजेंटों (BLA) के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले की मतदाता सूचियों को पूरी तरह शुद्ध, अद्यतन और पारदर्शी बनाना है। बैठक के दौरान जिला चुनाव अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ अनुपस्थित, मृत, डुप्लीकेट और स्थानांतरित, मतदाताओं से संबंधित तैयार की गई ASDD सूचियां साझा कीं। श्री सेतिया ने बताया कि इन सूचियों का प्राथमिक लक्ष्य मतदाता सूची से हर प्रकार की त्रुटि या दोहराव को दूर कर इसे सटीक बनाना है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे। गलती मिलने पर BLA तुरंत दें BLO या ERO को सूचना उपायुक्त ने राजनीतिक दलों से अपील की कि यदि उनकी नजर में या उनके बूथ लेवल एजेंट (BLA) को ASDD सूची में कोई गलती या विसंगति नजर आती है, तो उसकी सूचना बिना किसी देरी के संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (BLO) या निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि समय पर सूचना मिलने से तय सीमा के भीतर जांच करवाकर जरूरी संशोधन किए जा सकेंगे। BLA-1 की भूमिका अहम, बैठकों में उपस्थिति अनिवार्य सेतिया ने राजनीतिक दलों से अपने BLA-1 को धरातल पर अधिक सक्रिय करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया में BLA की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट हिदायत दी कि प्रशासन द्वारा आयोजित की जाने वाली पुनरीक्षण बैठकों में राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्ष या उनके अधिकृत प्रतिनिधि अनिवार्य रूप से शामिल हों। मोगा जिले में 7.58 लाख मतदाता, 100% डिजिटलाइजेशन पूरा जिला चुनाव अधिकारी ने मोगा जिले के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि जिले में कुल 7,58,410 मतदाता पंजीकृत हैं। प्रशासन द्वारा सभी मतदाताओं के घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण किया जा चुका है और 100 प्रतिशत से अधिक प्रपत्रों का डिजिटलीकरण (Digitalization) भी सफलता के साथ पूरा कर लिया गया है। संशोधित पुनरीक्षण-2026 की महत्वपूर्ण तिथियां: घर-घर गणना व मतदान केंद्रों का युक्तिकरण: 3 अगस्त 2026 तक। ड्राफ्ट (प्रारूप) मतदाता सूची का प्रकाशन: 13 अगस्त 2026। दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि: 13 अगस्त से 12 सितंबर 2026। दावे व आपत्तियों का निपटारा: 13 अगस्त से 8 अक्टूबर 2026 तक। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन: 12 अक्टूबर 2026।
लुधियाना के जगराओं और आसपास के ग्रामीण इलाकों में कृषि मोटरों से महंगी तांबे की बिजली की तारें चुराने वाला गिरोह एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बीती रात चोरों ने गांव अखाड़ा के खेतों में धावा बोलकर कई किसानों की सिंचाई मोटरों से तांबे की तारें उखाड़ लीं और मौके से फरार हो गए। इस घटना से किसानों को लाखों रुपये का वित्तीय नुकसान पहुंचा है, वहीं धान के इस सीजन में फसलों की सिंचाई व्यवस्था भी पूरी तरह ठप हो गई है। किसान नेता गुरतेज सिंह सरां और कुलवंत सिंह ने बताया कि गुरुवार सुबह जब किसान अपने-अपने खेतों में पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर स्तब्ध रह गए। मोटरों से जुड़ी तांबे की मुख्य केबल गायब थी। किसानों ने बताया कि एक मोटर पर दोबारा नई तांबे की तारें लगवाने में हजारों रुपये का भारी खर्च आता है। कई मोटरों से एक साथ तारें चोरी होने के कारण किसानों का सामूहिक नुकसान लाखों में पहुंच गया है। किसानों को डर है कि यदि समय पर सिंचाई नहीं हुई तो धान की फसलें सूख सकती हैं, जिससे पैदावार पर सीधा असर पड़ेगा। पुलिस गश्त बढ़ाने और कार्रवाई की मांग घटना से भड़के गांववासियों और किसानों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि चोर गिरोह को तुरंत गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने मांग उठाई कि रात के समय खेतों वाले रास्तों में पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए ताकि आगे ऐसी वारदातें न हों। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि चोरों पर लगाम न कसी गई, तो वे पुलिस प्रशासन के खिलाफ संघर्ष और आंदोलन का रास्ता चुनने पर मजबूर होंगे। इस संबंध में थाना हठूर के तहत आती पुलिस चौकी काउंके कलां में औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई गई है। रात की गश्त बढ़ाई गई, जल्द गिरफ्तार होंगे चोर मामले की जानकारी देते हुए थाना हठूर के प्रभारी (SHO) सब इंस्पेक्टर गुरसेवक सिंह ने बताया कि किसानों की शिकायत प्राप्त हो गई है। उन्होंने बताया कि इलाके में रात के समय पुलिस पेट्रोलग और गश्त बढ़ा दी गई है। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि तांबे की तारें चुराने वाले इस गिरोह का जल्द सुराग लगाकर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। शिकायत दर्ज करवाने वालों में किसान कुलवंत सिंह, जगदेव सिंह, हरविंदर सिंह, करमजीत सिंह, परमजीत सिंह, हरपाल सिंह, भूपिंदर सिंह, वरिंदर सिंह, गुरदीप सिंह, गुरमीत सिंह, स्वर्ण सिंह, संदीप सिंह, जगजीत सिंह, गोरा सिंह, गुरपाल सिंह और गुरतेज सिंह सहित भारी संख्या में स्थानीय किसान मौजूद रहे।
पठानपुर से गोसाईपुर की तरफ जाने वाले मुख्य रास्ते पर स्थित एक खड्ड (बरसाती नाले) में उस समय हड़कंप मच गया, जब बिना किसी बारिश के अचानक पानी का तेज बहाव आ गया। इलाके में मौसम पूरी तरह साफ होने के बावजूद अचानक खड्ड में उफान आने से स्थानीय निवासियों में भारी चिंता और दहशत का माहौल बन गया है। बिना बारिश पानी आने से हैरान हैं लोग स्थानीय लोग इस घटना से बेहद हैरान हैं क्योंकि आसपास या मैदानी इलाके में दूर-दूर तक बारिश की एक बूंद नहीं गिरी थी। अचानक आए इस पानी के रहस्यमयी स्रोत को लेकर ग्रामीण तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं और इस बात को लेकर चिंतित हैं कि पानी का यह अचानक बढ़ा स्तर कहां से आ रहा है। हालिया आपदा के जख्म अभी भी हैं हरे ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दिनों हुई भारी मूसलाधार बारिश और ऊपरी पहाड़ी इलाकों से आए बाढ़ के पानी ने इस पूरे क्षेत्र में भीषण तबाही मचाई थी। उस आपदा के दौरान कई लोगों के आशियाने (मकान) ढह गए थे और बड़ी संख्या में मवेशी (पशु) पानी के तेज तेज बहाव में बह गए थे। अभी लोग उस तबाही के खौफ से पूरी तरह उबर भी नहीं पाए थे कि बिना बारिश खड्ड में आए इस पानी ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। पुख्ता सुरक्षा इंतजाम और जांच की मांग आसपास रहने वाले लोगों को डर है कि यदि बिना पूर्व सूचना के पानी का बहाव इसी तरह अचानक बढ़ता रहा, तो एक बार फिर जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है। स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि प्रशासनिक अधिकारी और विशेषज्ञ टीम तुरंत मौके का निरीक्षण करें। खड्ड में अचानक आ रहे पानी के मुख्य स्रोत का पता लगाया जाए। खड्ड के किनारे बसे रिहाइशी इलाकों की सुरक्षा के लिए तटबंध या अन्य पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।
मोगा जिले के थाना बाघापुराना के अंतर्गत आते गांव थराज के पास एक बड़ा सड़क हादसा होने से टल गया। यहां एक तेज़ रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे पेड़ से जा टकराई और गहरी जगह में जा गिरी। हादसा इतना भयावह था कि कार का अगला पहिया तक उखड़कर अलग हो गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि कार चालक पूरी तरह सुरक्षित बच गया। जानकारी के अनुसार, बाघापुराना निवासी एक व्यक्ति अपनी कार में सवार होकर जा रहा था। जब वह गांव थराज के समीप पहुंचा, तो अचानक कार से उसका नियंत्रण छूट गया। बेकाबू कार सड़क किनारे पेड़ से टकराती हुई सड़क के नीचे गहरी जगह में जा गिरी। स्थानीय लोगों ने चालक को सुरक्षित निकाला बाहर टक्कर की जोरदार आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था और उसका एक पहिया निकल गया था। ग्रामीणों ने बिना देर किए मुस्तैदी दिखाते हुए चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई है। लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। प्राथमिक जांच में हादसे की मुख्य वजह गाड़ी का अचानक अनियंत्रित होना माना जा रहा है। वहीं, हादसे के तुरंत बाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। वीडियो में एक स्थानीय व्यक्ति दुर्घटनास्थल से लाइव आकर पूरी घटना की जानकारी दे रहा है, जिसमें क्षतिग्रस्त कार और इकट्ठा हुई लोगों की भीड़ साफ दिखाई दे रही है।
मोगा जिले के थाना धर्मकोट के अंतर्गत आते गांव बाजेके के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जहां एक तेज़ रफ्तार होंडा सिटी कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। इस भीषण दुर्घटना में कार चला रहे 34 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कार में सवार उनकी पत्नी और एक रिश्तेदार गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, गुरजंट सिंह (34) अपनी पत्नी स्वर्णजीत कौर और रिश्तेदार रवि के साथ होंडा सिटी कार में सवार होकर जा रहे थे। जब उनकी कार गांव बाजेके के समीप पहुंची, तो अचानक चालक संतुलन खो बैठा और कार सीधे सड़क किनारे लगे एक पेड़ से टकरा गई। हादसा इतना भयावह था कि कार के परखच्चे उड़ गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने चालक को घोषित किया मृत दुर्घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद राहगीरों और स्थानीय लोगों ने मशक्कत के बाद तीनों घायलों को कार से बाहर निकाला और इलाज के लिए मोगा के एक निजी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद गुरजंट सिंह को मृत घोषित कर दिया। वहीं उनकी पत्नी स्वर्णजीत कौर और रिश्तेदार रवि का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जहां उनकी हालत पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस ने धारा 194 के तहत की कार्रवाई मामले की तफ्तीश कर रहे पुलिस अधिकारी कुलजीत सिंह सहोता ने बताया कि मृतक के बेटे हरपाल सिंह के बयानों के आधार पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई है। पुलिस ने सिविल अस्पताल मोगा में शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद उसे वारिसों को सौंप दिया है। पुलिस हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने में जुटी है।
पंजाब के संगरूर जिले में पातरां-मूनक मुख्य मार्ग पर गांव खानेवाल के समीप एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा एक तेज़ रफ्तार निजी स्कूल बस और मोटरसाइकिल के बीच हुई भीषण भिड़ंत के कारण हुआ। मृतकों की पहचान गांव हरियाऊ कलां निवासी मोहित कुमार और प्रिंस कुमार के रूप में हुई है। 50 फीट तक घसीटता ले गया बस चालक प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के मुताबिक, निजी स्कूल की बस बेहद तेज़ गति से आ रही थी। गांव खानेवाल के पास बस ने सामने से आ रही मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि मोटरसाइकिल बस के अगले टायर के नीचे फंस गई। इसके बावजूद बेकाबू बस चालक ने गाड़ी नहीं रोकी और बाइक सवार दोनों युवकों को लगभग 50 फीट तक घसीटता हुआ ले गया। दुर्घटना को अंजाम देने के बाद चालक बस को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। आक्रोशित ग्रामीणों व परिजनों ने लगाया धरना हादसे की खबर फैलते ही घटनास्थल पर भारी संख्या में ग्रामीण और मृतकों के परिजन इकट्ठा हो गए। गुस्साए लोगों ने मुख्य मार्ग पर धरना देकर यातायात पूरी तरह ठप कर दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में निजी स्कूल बसों की अनियंत्रित और तेज़ रफ्तार के कारण आए दिन निर्दोष लोगों की जान जा रही है, लेकिन प्रशासन इस ओर कोई ठोस ध्यान नहीं दे रहा है। सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी प्रदर्शनकारियों ने मांग रखी है कि आरोपी बस चालक और लापरवाही बरतने वाले स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी धारा-मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी है कि जब तक पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलता और आरोपियों पर मामला दर्ज नहीं होता, तब तक उनका शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। उधर, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
नोएडा इंडोर स्टेडियम बिना फायर एनओसी के संचालित, 100 करोड़ की परियोजना पर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल
नोएडा के सेक्टर-21ए स्थित करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नोएडा इंडोर स्टेडियम एक बार फिर विवादों में आ गया है। इस बार मामला खिलाड़ियों और आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, स्टेडियम बिना वैध फायर एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) के संचालित किया जा रहा है।
मोगा जिले में इस सीजन में पहली बार एक ही दिन में डेंगू के 4 नए मरीज सामने आने से हड़कंप मच गया है। नए मामलों की पुष्टि होते ही स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है और पूरे जिले में एंटी-डेंगू (Anti-Dengue) अभियान को और तेज कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार को सिविल सर्जन डॉ. अशोक सिंगला ने खुद फील्ड में उतरकर विभिन्न इलाकों का दौरा किया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा चलाए जा रहे लार्वा सर्वे (Larva Survey) और जागरूकता अभियानों की समीक्षा की। सिविल सर्जन ने प्लांट्स नर्सरी, इंडस्ट्रियल एरिया और आसपास के संवेदनशील इलाकों में कर्मचारियों के साथ मिलकर मच्छरों के लार्वा की गहनता से जांच की। डेंगू रोकथाम के लिए आम जनता का सहयोग जरूरी दौरे के दौरान लोगों को जागरूक करते हुए डॉ. अशोक सिंगला ने कहा कि डेंगू और मलेरिया जैसी खतरनाक बीमारियों की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग के भरोसे संभव नहीं है, बल्कि इसमें आम लोगों का सहयोग सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि अगर लोग अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, तो डेंगू फैलाने वाले 'एडीज' (Aedes) मच्छर के पनपने की गुंजाइश को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग के मुख्य निर्देश और सावधानियां:
लुधियाना के थाना सिटी जगराओं पुलिस ने एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में हरमनजोत सिंह नाम के एक युवक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। आरोपी वारदात के बाद से ही लगातार फरार चल रहा है। पुलिस की विशेष टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। बस स्टैंड पुलिस चौकी के प्रभारी आत्मा सिंह ने बताया कि पीड़ित नाबालिग लड़की पड़ोसी जिले मोगा के एक गांव की रहने वाली है। घटना के संबंध में गुरुवार को पीड़िता का सिविल अस्पताल जगराओं में मेडिकल परीक्षण कराया गया। पुलिस अब मेडिकल रिपोर्ट और अन्य तकनीकी व परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को ध्यान में रखकर मामले की विस्तृत जांच कर रही है। जून महीने की है घटना, रेस्ट हाउस पहुंची पुलिस पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह वारदात जून माह में हुई थी, जिसके बाद पीड़िता के बयानों पर 22 जून को थाना सिटी जगराओं में औपचारिक मुकदमा दर्ज किया गया था। तफ्तीश को आगे बढ़ाते हुए पुलिस टीम जगराओं में शेरपुर चौक के समीप स्थित एक निजी रेस्ट हाउस में पहुंची। वहां पुलिस ने रेस्ट हाउस के एंट्री रजिस्टर, विजिटर रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की गहनता से जांच की और मौके पर मौजूद स्टाफ से लंबी पूछताछ की। घटनास्थल का नक्शा तैयार, जल्द होगी गिरफ्तारी चौकी प्रभारी आत्मा सिंह ने स्पष्ट किया कि पुलिस टीम घटनास्थल का नजरी नक्शा तैयार करने और मामले से जुड़े मुख्य तथ्यों की वैज्ञानिक पुष्टि के लिए रेस्ट हाउस पहुंची थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस पूरी निष्पक्षता और तेजी से मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि फरार आरोपी हरमनजोत सिंह को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजकर अदालत में पेश किया जाएगा।
लुधियाना के माछीवाड़ा साहिब के गुरु नानक मोहल्ला में स्थित एक घर से करीब 15 लाख रुपये की नकदी और सोने के कीमती गहने चोरी होने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। हालांकि यह वारदात 15 जुलाई 2026 की बताई जा रही है, लेकिन पीड़ित परिवार को चोरी का पता 24 जुलाई को चला, जब उन्होंने लॉकर खोलकर देखा। शिकायतकर्ता अभय कुमार जैन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 24 जुलाई को जब वे किसी काम से लॉकर से पैसे निकालने गए, तो उनके होश उड़ गए। लॉकर में रखी सोने की चेन, दो अंगूठियां, एक सोने की सुई और लगभग 15 लाख रुपये की नकद राशि गायब थी। दरवाजा खुला रहने का चोरों ने उठाया फायदा पीड़ित ने बताया कि घटना वाले दिन (15 जुलाई) सुबह 9:30 से 10:15 बजे के बीच पूरा परिवार पास ही गौशाला गया हुआ था। घर पर उनका बेटा जुवेश जैन मौजूद था। जाते समय जुवेश को मुख्य दरवाजा बंद करने के लिए कहा गया था, लेकिन वह गलती से दरवाजा लगाना भूल गया। इसी का फायदा उठाकर दो अज्ञात शातिर चोर घर के अंदर दाखिल हो गए। बच्चे को हथियार दिखाकर दी जान से मारने की धमकी जब चोरी का पता चलने के बाद परिवार ने जुवेश से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने खौफनाक सच बताया। बच्चे ने खुलासा किया कि घर में घुसे एक बदमाश ने उसे तेजधार हथियार दिखाकर धमकाया था और चेतावनी दी थी कि अगर उसने अपने माता-पिता या किसी और को इस बारे में बताया तो पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा। इसी खौफ के कारण बच्चे ने इतने दिनों तक किसी से कोई बात साझा नहीं की थी। CCTV में कैद हुआ संदिग्ध आरोपी घटना की भनक लगते ही परिवार ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन वहां से कुछ खास हाथ नहीं लगा। इसके बाद जब पड़ोसियों के सीसीटीवी कैमरे जांचे गए, तो उसमें एक संदिग्ध व्यक्ति आता-जाता दिखाई दिया, जबकि उसके दूसरे साथी की पहचान अभी नहीं हो पाई है। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि मामले की त्वरित जांच कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए और उनका चोरी हुआ सामान व नकदी बरामद की जाए। जल्द सुलझा लिया जाएगा मामला इस संबंध में जब थाना माछीवाड़ा के प्रभारी (SHO) चरणजीत सिंह से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि पुलिस के पास चोरी की लिखित शिकायत प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आज माछीवाड़ा बंद के आह्वान के कारण पुलिस बल की ड्यूटी व्यवस्था बनाने में लगी हुई थी। एसएचओ ने आश्वासन दिया कि पुलिस टीमों को सक्रिय कर दिया गया है और बहुत जल्द इस चोरी की गुत्थी को सुलझाकर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
फरीदकोट में जिला परिषद के चेयरमैन व वाइस चेयरमैन के पदों का चुनाव वीरवार को करवाया गया। एसडीएम पुनीत शर्मा की उपस्थिति में करवाए गए इस चुनाव में जिला परिषद की कुल 10 सीटों में 4 सीटें जीतने वाली आम आदमी पार्टी ने दोनों पदों पर सफलता अर्जित की है। चुनाव में आम आदमी पार्टी की सदस्य वीरपाल कौर को चेयरपर्सन तथा गुरभेज सिंह बराड़ को वाइस चेयरमैन नियुक्त किया गया है। हालांकि चुनाव को लेकर 5 सीटों वाली शिरोमणी अकाली दल ने सत्ता पक्ष पर धक्केशाही का आरोप लगाया है। चुनाव के बाद जैतो के विधायक अमोलक सिंह ने पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह पार्टी के लिए गौरव का विषय है। विपक्ष के आरोप पर विधायक अमोलक सिंह ने कहा कि उनके पास बहुमत नहीं था और वह सिर्फ आरोप ही लगा सकते है। सारा चुनाव निष्पक्ष हुआ है और बकायदा वीडियोग्राफी हुई है। शिअद द्वारा हाई कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी: बंटी रोमाणा उधर शिरोमणी अकाली दल के उपाध्यक्ष परमबंस सिंह रोमाणा ने इस चुनाव को धक्केशाही करार दिया। उन्होंने कहा कि जिला परिषद के कुल दस सदस्यों में से 5 सदस्य शिअद के थे। जबकि चार आम आदमी पार्टी के व 1 कांग्रेस का था। हाईकोर्ट का रुख करेगा अकाली दल हालांकि सत्ताधारी पक्ष ने धक्केशाही करते हुए शिअद के चुने गए सदस्यों को एक कमरे में बंद करके स्वयं ही चुनाव कर लिया और आम आदमी पार्टी के चेयरमैन व वाइस चेयरमैन चुन लिए गए। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी पक्ष पंचायती चुनावों, नगर काउंसिल चुनावों व जिला परिषद चुनावों में धक्केशाही करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे इसके खिलाफ हाईकोर्ट का रुख करेंगे।
बरनाला के सरकारी अस्पताल परिसर में पर्ची (पार्किंग रसीद) कटवाने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। अस्पताल परिसर में दोनों पक्षों के बीच जमकर लात-घूंसे चले, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत एक मरीज के परिजन और अस्पताल के पार्किंग ठेके के कर्मचारी के बीच रसीद के पैसों को लेकर हुई थी। बात बढ़ने पर मौके पर मजदूर संगठन के प्रतिनिधि भी पहुंच गए। मजदूर नेता दर्शन सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्किंग कर्मचारी ने उनके साथी के साथ बदसलूकी की और उसे थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद भड़के लोगों और पर्ची काउंटर के कर्मियों के बीच सीधी हाथापाई शुरू हो गई। दूसरे पक्ष ने भी लगाए गाली-गलौज के आरोप वहीं, दूसरी ओर पर्ची काउंटर पर तैनात कर्मचारी ने मजदूर संगठन के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि दूसरे पक्ष ने पहले उनके साथ बदतमीजी, गाली-गलौज और हाथापाई की थी। कर्मचारी ने पुलिस प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है। मारपीट के दौरान वहां मौजूद राहगीरों और मरीजों के तीमारदारों ने पूरी घटना को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया, जो अब इंटरनेट पर वायरल है। CCTV और वायरल वीडियो के आधार पर होगी कार्रवाई घटना का संज्ञान लेते हुए सरकारी अस्पताल की एसएमओ (SMO) डॉ. इंदु ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल परिसर जैसी संवेदनशील जगह पर इस तरह की गुंडागर्दी और अशांति को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डॉ. इंदु ने बताया कि दोनों पक्षों को तलब किया गया है। अस्पताल में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की गहनता से जांच करवाकर नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
लुधियाना के एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (ग्लाडा) दफ्तर के बाहर पार्किंग में खड़ी एक लग्जरी कार को निशाना बनाते हुए अज्ञात चोरों ने वारदात को अंजाम दिया है। चोर कार का शीशा तोड़कर उसमें रखे 3 लाख रुपए नकदी और एक लाइसेंसी पिस्तौल लेकर फरार हो गए। घटना दोपहर के वक्त की है,जब पीड़ित अपने प्रॉपर्टी से जुड़े काम के सिलसिले में गलाडा दफ्तर आए हुए थे। जानकारी के अनुसार पीड़ित विजय कुमार पेशे से प्रॉपर्टी डीलर दोपहर के समय अपनी एमजी (MG) कार में ग्लाडा दफ्तर किसी काम से पहुंचे थे। उन्होंने अपनी गाड़ी बाहर पार्किंग एरिया में खड़ी की और दफ्तर के अंदर चले गए। जब वे अपना काम निपटाकर वापस लौटे,तो गाड़ी की हालत देखकर हैरान रह गए। विजय कुमार ने देखा कि कार की ड्राइवर सीट के पीछे वाली खिड़की का शीशा टूटा हुआ था। अंदर जांच करने पर गाड़ी में रखी 3 लाख रुपये की नकदी और उनकी लाइसेंसी पिस्तौल गायब थी। पीड़ित ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। मामला ध्यान में है, CCTV खंगाल रही पुलिस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मामले की पुष्टि करते हुए एसएचओ सराभा नगर, वीपीएस उप्पल (VPS Uppal) ने बताया कि दोपहर के वक्त इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। एसएचओ ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए आसपास और ग्लाडा दफ्तर के बाहर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके। जल्द ही आरोपियों को ट्रेस कर कार्रवाई की जाएगी।
बरनाला में सफाई कर्मचारियों और महिलाओं पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में 30 जुलाई को बुलाए गए 'पंजाब बंद' का होशियारपुर में भी व्यापक और अभूतपूर्व असर देखने को मिला। बंद के समर्थन में शहर के सभी सरकारी व निजी स्कूल, कॉलेज, व्यावसायिक संस्थान और मुख्य बाजार पूरी तरह बंद रहे। उल्लेखनीय है कि बरनाला घटना में पुलिस लाठीचार्ज के दौरान कई सफाई कर्मचारियों के सिर फट गए थे तथा हाथों-पैरों में गंभीर चोटें आई थीं। इस बर्बरता के विरोध में सफाई सेवक यूनियनों, श्री गुरु रविदास सभाओं, डॉ. बी.आर. आंबेडकर सभाओं और भगवान वाल्मीकि जी सभाओं सहित विभिन्न भ्रातृ संगठनों ने एकजुट होकर पूरे पंजाब में बंद का आह्वान किया था। बेगमपुरा टाइगर फोर्स का विशाल मार्च, DSP व SHO पर FIR की मांग होशियारपुर में बेगमपुरा टाइगर फोर्स के पंजाब अध्यक्ष वीरपाल थरोली और जिला अध्यक्ष हैप्पी फतेहगढ़ की अगुवाई में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने शहर में रोष मार्च निकाला। फोर्स के सदस्यों ने दुकानदारों से शांतिपूर्ण ढंग से सहयोग की अपील कर दुकानें बंद करवाईं। प्रदर्शनकारी नेताओं ने मांग उठाई कि लाठीचार्ज के दोषी डीएसपी सतबीर सिंह बैंस और इंस्पेक्टर एसएचओ लखविंदर सिंह को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त किया जाए और उनके खिलाफ धारा 307 (हत्या के प्रयास) के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। नेताओं ने कहा कि उनकी संस्था 2009 से जनसेवा में जुटी है और इस मुश्किल घड़ी में पीड़ितों के साथ मजबूती से खड़ी है। शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ प्रदर्शन राहत की बात यह रही कि शहर में बंद के दौरान माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण बना रहा और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। प्रदर्शन में अन्य संगठनों के नेताओं के साथ रोहित नारा, रवि सुंदर नागर, विक्की पुरहीरा, विपन बस्सी कला, बीरा रहीमपुर, सुखविंदर फतेहगढ़, सोनू शहरी, संदीप, चरणजीत दादा और जस्सा सिंह नंदन सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
पंजाब के बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में राज्यव्यापी 'पंजाब बंद' के आह्वान का नकोदर शहर में व्यापक और पूर्ण असर देखने को मिला। मेडिकल, स्वास्थ्य और अन्य अति-आवश्यक आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर शहर के सभी मुख्य बाजार व व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे। स्थानीय दुकानदारों ने सफाई कर्मचारियों के आंदोलन के प्रति एकजुटता दिखाते हुए स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखीं। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे नगर काउंसिल कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी एकत्र हुए। कर्मचारियों ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया और जमकर नारेबाजी की। इस रोष प्रदर्शन को नकोदर के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनसेवकों और समाजसेवियों का भी पुरजोर समर्थन मिला। दिग्गज नेता पहुंचे समर्थन में, कर्मचारियों ने दिया धन्यवाद प्रदर्शन स्थल पर उजाला सौंधी, पुरुषोत्तम बिट्टू, राणा रंधावा, पवन गिल और रजिंदर काकू सहित कई प्रमुख शख्सियतें कर्मचारियों के समर्थन में पहुंचीं। हड़ताल में नगर काउंसिल नकोदर के स्थायी कर्मचारियों के साथ-साथ आउटसोर्सिंग पर तैनात कर्मचारियों ने भी अपना कामकाज पूरी तरह ठप रखा। धरने पर बैठे सफाई सेवकों ने शहरवासियों और व्यापारियों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने दुकानें बंद रखकर उनके हक की लड़ाई में साथ दिया। हड़ताल खत्म होने की खबरों को बताया 'झूठ', कचरा उठाव रहेगा बंद प्रदर्शन के दौरान यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी सभी जायज मांगें पूरी नहीं की जातीं और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी और शहर में कूड़े का उठाव पूरी तरह बंद रहेगा। नेताओं ने सरकार के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें हड़ताल खत्म होने की बात कही जा रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कुछ अप्रासंगिक लोगों के साथ बैठक कर हड़ताल खत्म करने की झूठी और भ्रामक घोषणा की है, जबकि संघर्षरत मुख्य प्रतिनिधियों से कोई सार्थक बात नहीं हुई है। नेताओं ने दोहराया कि न्याय मिलने तक संघर्ष इसी तरह जारी रहेगा।
पंजाब को पूरी तरह से सुरक्षित, नशा मुक्त और अपराध मुक्त बनाने के उद्देश्य से तरनतारन पुलिस ने जिले में 'ऑपरेशन प्रहार 4.0' के तहत एक व्यापक और आक्रामक तलाशी अभियान चलाया। इस विशेष अभियान के तहत पुलिस टीमों ने जिले भर में 150 से अधिक संदिग्ध व संवेदनशील घरों की गहनता से तलाशी ली। यह ऑपरेशन माननीय डीजीपी (DGP) पंजाब और स्पेशल डीजीपी (कानून एवं व्यवस्था) के दिशा-निर्देशों पर आयोजित किया गया था। फिरोजपुर रेंज के डीआईजी (DIG) श्री स्नेहदीप शर्मा और तरनतारन के एसएसपी (SSP) के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में सीमावर्ती (बॉर्डर) क्षेत्रों में यह विशेष सुरक्षा कार्यक्रम शुरू किया गया। ड्रोन गतिविधि और नशा तस्करी वाले इलाके निशाने पर पुलिस की ओर से इस अभियान में विशेष रूप से उन गांवों और अति-संवेदनशील इलाकों को निशाना बनाया गया, जहां अतीत में पाकिस्तान की ओर से ड्रोन गतिविधियों, नशीले पदार्थों (ड्रग्स) की तस्करी और राष्ट्रविरोधी/असामाजिक तत्वों की सक्रियता की आशंका जताई जाती रही है। इन चिह्नित क्षेत्रों में पूरे दिन समन्वित (कोऑर्डिनेटेड) सर्च ऑपरेशन चलाया गया। 1200 पुलिसकर्मी और 26 गजटेड अधिकारी रहे तैनात इस विशाल ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए विभिन्न जिलों और पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों से 1,200 से अधिक पुलिसकर्मियों तथा 26 से ज्यादा गजटेड रैंक के अधिकारियों (DSP/SP) की विशेष ड्यूटी लगाई गई थी। गैंगस्टरों और नशा तस्करों पर नकेल कसना मुख्य मकसद पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य पंजाब की आंतरिक सुरक्षा को अभेद्य बनाना है। इसके तहत गैंगस्टरों, उनके सहयोगियों, नशीले पदार्थों के तस्करों, सप्लाई चेन का हिस्सा बनने वाले अपराधियों और देश विरोधी ताकतों के खिलाफ सख्त से सख्त और निर्णायक कार्रवाई सुनिश्चित करना है। तरनतारन पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराध और नशे के खात्मे के लिए यह अभियान आगे भी इसी दृढ़ संकल्प के साथ जारी रहेगा।
सुजानपुर नगर कौंसिल कार्यालय में गुरुवार को उस समय हंगामा हो गया जब नवनिर्वाचित पार्षद शपथ ग्रहण के लिए पहुंचे, लेकिन उन्हें शपथ नहीं दिलाई गई। इस दौरान पार्षदों ने नगर कौंसिल प्रशासन और आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।पार्षदों ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने नगर कौंसिल पर 'धक्केशाही' से कब्जा कर लिया है। उनका कहना है कि 4 पार्षदों को शपथ दिलाए बिना ही नगर कौंसिल की कमेटी का गठन कर दिया गया, जो कानूनी रूप से गलत है। गुरुवार को 10 से 11 पार्षद इस उम्मीद के साथ नगर कौंसिल कार्यालय पहुंचे थे कि उन्हें शपथ दिलाई जाएगी, ताकि वे अदालत में अपना पक्ष रख सकें। पार्षदों के अनुसार, नगर कौंसिल के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) ने उन्हें सहयोग नहीं दिया। उन्हें लगभग डेढ़ घंटे तक मीटिंग हॉल में बैठाए रखा गया, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। पार्षदों ने अब इस मामले को लेकर एसडीएम कार्यालय जाने और प्रशासन से शिकायत दर्ज कराने की बात कही है। हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन इस बीच, नगर कौंसिल की पूर्व प्रधान अनुराधा बाली ने बताया कि नगर कौंसिल के गठन से संबंधित मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में एक कैविएट दायर की गई है और आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों तथा कानूनी प्रक्रिया के अनुसार ही की जाएगी। सोमवार दोपहर दिलाई जाएगी शपथ वहीं, नगर कौंसिल के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) ने स्पष्ट किया कि संबंधित चारों पार्षदों को शपथ ग्रहण के लिए पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार दोपहर 12:30 बजे नगर कौंसिल कार्यालय में इन पार्षदों को शपथ दिलाई जाएगी, जिसके लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
फाजिल्का में पति ने अपनी तलाकशुदा पत्नी की हत्या कर दी। उसने दोबारा साथ रहने के लिए समझौते की बात कहकर पत्नी को बुलाया। जब वह बस स्टैंड पहुंची, तो वह वहां से बाइक पर पत्नी को अपने साथ ले गया। रास्ते में खेत पर रुक गया, जहां पर कापा से हमला कर हत्या कर दी। फिर उसने सबूत मिटाने के लिए लाश को गड्ढे में दफना दिया। हालांकि महिला को जब मारा गया, तो वहां पर बकरियां चरा रहे एक व्यक्ति ने महिला की चीखें सुन लीं और वह पहुंचा गया, तो आरोपी वहां से भाग निकला। इसके बाद बकरियां चरा रहा वह व्यक्ति गांव पहुंचा और पूरी बात ग्रामीणों को बताई। जिसके बाद पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने आरोपी पति को गांव से ही गिरफ्तार कर लिया। फिर महिला की लाश को भी गड्ढे से बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतका की दो बेटियां और एक बेटा था। दोनों बेटियों ने कहा कि जैसे पिता ने मां को मारा, उसी तरह पिता को मार डालो या फिर उसे उम्रकैद दो। जिससे मां को न्याय मिल सके। फिलहाल पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। दोनों का एक वीडियो भी सामने आया है, जो पत्नी की हत्या करने से पहले बनाया गया था। इस वीडिसो को पत्नी की इंस्टाग्राम आईडी से पोस्ट किया गया था, जिसमें गाना लगाया- याद तेरी बण गई सजणा वे साडे सीने च नासूर….। वीडियो में पति ने विक्ट्री साइन भी बनाया। दो साल पहले तलाक हुआ था परिजनों के अनुसार, मृतका सरोज (42) की शादी करीब 22 साल पहले गांव जंडवाला मीरा सांगला के रहने वाले गुरमीत सिंह से हुई थी। दोनों के तीन बच्चे हैं, जिनमें दो बेटियां और एक बेटा है। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। करीब दो साल पहले पति-पत्नी के बीच लगातार झगड़ों के चलते उनका तलाक हो गया था। तलाक के बाद सरोज अपने मायके में रहने लगी, लेकिन दोनों का आपस में मिलना-जुलना जारी था। मृतका के पिता भलवान सिंह ने बताया कि गुरमीत सिंह ने इस बार दोबारा साथ रहने के लिए राजीनामा (समझौता) करने के बहाने उनकी बेटी को अपने पास बुलाया। आरोप है कि वह उसे खेत में ले गया, जहां धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी। पत्नी पर अवैध संबंधों का शक करता था डीएसपी बीएस रंधावा के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी अपनी पत्नी पर अवैध संबंधों का शक करता था। इसी वजह से दोनों का तलाक हुआ था। पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन आरोपी महिला को बस स्टैंड से बाइक पर अपने साथ लेकर गया। इसका वीडियो भी उसने बनाया था। बाद में झाड़ियों के पास धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी। महिला की चीखें सुनीं सुन व्यक्ति पहुंचा वारदात का खुलासा तब हुआ, जब पास में बकरियां चरा रहे एक व्यक्ति ने महिला की चीखें सुनीं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मिट्टी में दबे शव को बाहर निकलवाया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए फाजिल्का के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। पुलिस ने आरोपी गुरमीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल धारदार हथियार और बाइक भी बरामद कर ली गई है। मामले में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। ************* ये खबर भी पढ़ें: मोहाली में NRI दूल्हा दुल्हन छोड़ कनाडा भागा: बोला- फाइव स्टार होटल में शादी क्यों नहीं की, लग्जरी गाड़ी और कैश मांगा मोहाली में NRI दूल्हा अपनी दुल्हन को छोड़कर कनाडा भाग गया। दुल्हन के मुताबिक कनाडा में बसाने का सपना दिखाकर शादी की गई। शादी के बाद पति और उसके परिवार ने कैश, लग्जरी कार और महंगे सामान की मांग शुरू कर दी। (पढ़ें पूरी खबर)
थाना सदर फरीदकोट पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए किसी बड़ी वारदात या लूटपाट की योजना बना रहे एक गिरोह के 5 सदस्यों को तेजधार हथियारों के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। उनके पास कई हथियार बरामद हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करके आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है। आरोपियों की पहचान लखबीर सिंह उर्फ गग्गू, रणजीत सिंह उर्फ गोखी, जसवीर सिंह उर्फ जस्सा (तीनों निवासी गांव भागथला कलां), आकाशदीप सिंह उर्फ दीप (निवासी गांव भागथला खुर्द) तथा चरणदास उर्फ मोनू (निवासी गांव मचाकी कलां) के रूप में हुई है। पुलिस के आरोपियों के खिलाफ पहले भी कई केस दर्ज हैं। आरोपी किसी वारदात के फिराक में थे। वारादत की योजना बनास रहे थे, सूचना पर पुलिस मारा छापा मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि एसएसपी गुरबंस सिंह बैंस के निर्देशों पर असामाजिक तत्वों और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना सदर के सहायक उप-निरीक्षक (ASI) राज सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम इलाके में गश्त व चेकिंग पर थी। इसी दौरान जब पुलिस टीम गांव राजोवाल के पास मौजूद थी, तो उन्हें गुप्त सूचना मिली कि उक्त आरोपी फिरोजपुर रोड से गांव हरदयालेआना की तरफ जाने वाले लिंक रोड पर एक सुनसान स्थान पर इकट्ठा होकर राहगीरों से लूटपाट करने की योजना बना रहे हैं। घातक हथियार आरोपियों के पास बरामद सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत बताए गए ठिकाने पर छापेमारी कर पांचों आरोपियों को धर दबोचा। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से घातक और तेजधार हथियार बरामद किए गए। इसमें एक कापा, एक खंडा, एक गंडासियां, एक गरारी लगी लोहे की पाइप शामिल है। पहले भी रहा है आपराधिक रिकॉर्ड इस संबंध में डीएसपी तरलोचन सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में से रणजीत सिंह उर्फ गोखी का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसके खिलाफ पहले भी 3 आपराधिक मामले दर्ज हैं। डीएसपी ने कहा कि सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि कड़ाई से पूछताछ करके क्षेत्र में हाल ही में हुई अन्य वारदातों और चोरी-लूट की घटनाओं के बारे में अहम खुलासे करवाए जा सकें।
पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) प्रताप सिंह बाजवा ने गुरदासपुर जिले के गांव निमाणा में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं पर हुए हमले को लेकर राज्य सरकार और विरोधियों पर करारा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समय पंजाब में पूरी तरह से जंगलराज और गुंडागर्दी का माहौल है, जिसके चलते कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को सरेआम निशाना बनाया जा रहा है। प्रताप सिंह बाजवा ने हाल ही में कादियां विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आते गांव निमाणा में हुई अंधाधुंध फायरिंग और तेजधार हथियारों से हुए हमले में घायल हुए कांग्रेस नेता राजपाल मसीह और जितेंद्र मसीह से मिलने गुरदासपुर के सरकारी अस्पताल का दौरा किया। बाजवा ने डॉक्टरों से घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और पीड़ित परिवारों को हर संभव कानूनी व नैतिक सहयोग का आश्वासन दिया। 'पगड़ी उतारने वालों को नहीं बख्शा जाएगा' इसके बाद बाजवा कादियां नगर परिषद चुनाव के दौरान मारपीट का शिकार हुए कांग्रेस नेता सरपंच जसपाल सिंह का हालचाल जानने उनके गांव भैणी पसवाल भी पहुंचे। वहां जसपाल सिंह के साथ उनके दर्जनों समर्थक मौजूद थे। घटना पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए बाजवा ने दो टूक कहा कि सरपंच जसपाल सिंह के साथ धक्का-मुक्की करने और उनकी पगड़ी उछालने वाले असामाजिक तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अवैध माइनिंग को राजनीतिक संरक्षण का आरोप पत्रकारों से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष ने राज्य की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि गुरदासपुर-पठानकोट बेल्ट में बड़े पैमाने पर हो रही अवैध माइनिंग को सत्ताधारी नेताओं का सीधा राजनीतिक संरक्षण हासिल है, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंच रहा है। बाजवा ने चेतावनी दी कि भविष्य में कांग्रेस सरकार बनने पर भ्रष्टाचार, अवैध खनन और गुंडागर्दी में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर उनके साथ सरपंच गगनदीप सिंह निमाणा, जिला परिषद सदस्य भूपिंदर सिंह, मंदीप सिंह मन्ना, लखविंदर सिंह छिछरा, बनियान मसीह, रविंदर मसीह, लखविंदर सिंह लाखा, कुलदीप सिंह पंच, बिक्रमजीत सिंह, ओंकार सिंह और सुरजीत सिंह समेत बड़ी संख्या में स्थानीय कांग्रेसी नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे।
नवजोत सिद्धू ने सुरकंडा देवी मंदिर में की पूजा:तीन दिन तक ध्यान साधना, दूसरी बार पहुंचे सिद्धपीठ
पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने टिहरी जनपद के प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां सुरकंडा देवी मंदिर में तीन दिवसीय पूजा-अर्चना की। यह उनका इस मंदिर का दूसरा दौरा था, जहां उन्होंने घंटों ध्यान-साधना भी की। सिद्धू 26 जुलाई को पर्यटक स्थल काणाताल स्थित एक निजी होटल पहुंचे थे। इसके बाद, उन्होंने 27, 28 और 29 जुलाई को दोपहर बाद प्रतिदिन मां सुरकंडा मंदिर का दौरा किया। खराब मौसम के कारण रोप-वे सेवा बाधित होने के बावजूद, वे पैदल ही मंदिर पहुंचे और रोजाना करीब तीन घंटे ध्यान साधना की। उन्होंने सुरकंडा सिद्धपीठ को आध्यात्मिक शक्ति का केंद्र बताया, जहां मन को असीम शांति और सुकून मिलता है तथा शक्ति का संचार होता है। सिद्धू ने कहा कि यही कारण है कि उनका मन बार-बार यहां आने को करता है। उनका यह दौरा पूरी तरह निजी था और वे बिना किसी प्रोटोकॉल के एक आम भक्त की तरह मंदिर आए। रास्ते में यात्रियों के साथ उन्होंने तस्वीरें भी खिंचवाईं। तीन दिवसीय पूजा-अर्चना के बाद, सिद्धू 30 जुलाई को अपने घर के लिए रवाना हो गए। मंदिर से वापसी के समय, पुजारी रमेश प्रसाद लेखवार और मैती रणजीत सिंह जड़धारी ने उन्हें माता की चुनरी और प्रसाद भेंट किया। सिद्धू ने कहा कि पूरा उत्तराखंड देवभूमि है, लेकिन यह स्थान विशेष है। इससे पहले, नवजोत सिंह सिद्धू जून माह के पहले सप्ताह में भी यहां आए थे और तब भी उन्होंने तीन दिन तक मंदिर में पूजा की थी। तब उन्होंने कहा था कि वह जल्दी ही दोबारा मंदिर में आएंगे। मंदिर समिति के प्रबंधक रघुभाई जड़धारी ने बताया कि मां सुरकंडा मंदिर प्रमुख सिद्धपीठों में से एक है, इसकी मान्यता व महात्मय का वर्णन केदारखंड में भी उल्लेखित है, इसलिए बड़े-बड़े सेलिब्रिटी भी यहां मां के दर्शनों को आते रहते हैं।
शिरोमणि अकाली दल ने 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी ने मालेरकोटला विधानसभा क्षेत्र में अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए कदम उठाए हैं। इसी कड़ी में एक 63 सदस्यीय कोर कमेटी का गठन किया गया है। पार्टी महासचिव बीबा जाहिदा सुलेमान और जिलाध्यक्ष जत्थेदार तरलोचन सिंह ने इस कोर कमेटी की घोषणा की। उन्होंने बताया कि कमेटी में समाज के सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। जिलाध्यक्ष जत्थेदार तरलोचन सिंह ने जानकारी दी कि वरिष्ठ अकाली नेता जत्थेदार गुरमेल सिंह कुठला को मालेरकोटला हलके का संरक्षक (सरपरस्त) नियुक्त किया गया है। यह 63 सदस्यीय कोर कमेटी पार्टी की चुनावी रणनीति और जमीनी स्तर पर काम को संभालेगी। जिलाध्यक्ष द्वारा जारी सूची के अनुसार, कोर कमेटी में निम्नलिखित सदस्यों को शामिल किया गया है।
जिले के गांव बालियांवाली में कर्ज़ के बोझ और लगातार दो सालों से हो रही फसल बर्बादी से तंग आकर एक 45 वर्षीय किसान ने ज़हरीली दवा खाकर आत्महत्या कर ली। इस दुखद घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। थाना बालियांवाली के एसएचओ (SHO) इंस्पेक्टर सुखविंदर सिंह बराड़ ने बताया कि मृतकमहेंद्र राम पुत्र रूप चंद पंडित, निवासी बालियांवाली कर्ज से परेशान था। मृतक की पत्नी छिंदर कौर ने पुलिस को दिए बयानों में बताया कि उनके पति अपनी खुद की ज़मीन के साथ-साथ ठेके (लीज) पर ज़मीन लेकर खेती करते थे। उन्होंने ज़मीन पर और बैंक से कर्ज़ लिया हुआ था। छिंदर कौर ने बताया कि पिछले साल भी फसल खराब होने से परिवार की आर्थिक स्थिति डगमगा गई थी, जबकि इस बार हाल ही में हुई भारी ओलावृष्टि के कारण उनकी गेहूं की पूरी फसल पूरी तरह तबाह हो गई। मानसिक तनाव में उठाया खौफनाक कदम लगातार दो साल फसल बर्बादी और सिर पर चढ़े कर्ज़ के कारण महेंद्र राम ट्रैक्टर की किस्त और बैंक का बकाया नहीं चुका पा रहे थे। इसी भारी आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव के चलते उन्होंने 29 और 30 जुलाई की दरमियानी रात घर में रखी कीटनाशक ज़हरीली दवा पी ली, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस ने की कार्रवाई, किसान यूनियन ने की कर्ज़ माफी की मांग थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुखविंदर सिंह बराड़ ने बताया कि मृतक की पत्नी के बयानों के आधार पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत 174 की कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है। उधर, घटना के बाद भारतीय किसान यूनियन (एकता डकौंदा) के ब्लॉक नेता हेमराज शर्मा और गांव के गणमान्य लोगों ने पंजाब सरकार और प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि पीड़ित गरीब परिवार का पूरा कर्ज़ तुरंत माफ किया जाए और पीड़ित परिवार को अधिकतम आर्थिक मुआवजा दिया जाए ताकि वे इस भीषण संकट से उभर सकें।
नमस्कार, पंजाब में आज की सबसे बड़ी खबर पंजाब बंद से जुड़ी रही। बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में वाल्मीकि समाज ने प्रदर्शन किया, जिसके चलते 12 जिलों में बाजार बंद रहे। इस दौरान अमृतसर में पुलिसकर्मी की मौत हो गई। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें… इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. प्रदर्शन में पुलिसकर्मी की मौत, 12 जिलों में बाजार बंद बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में वाल्मीकि समाज ने प्रदर्शन किया। इसके समर्थन में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक लुधियाना, बठिंडा, होशियारपुर, फाजिल्का, कपूरथला, अमृतसर, पटियाला, पठानकोट, मोगा, रूपनगर, फरीदकोट और गुरदासपुर में बाजार बंद रहे। बंद के दौरान अमृतसर में भंडारी पुल पर तैनात एंटी राइट पुलिस (ARP) के जवान रणबीर सिंह की मौत हो गई। वह इमरजेंसी कॉल पर घर जा रहे थे। इसी दौरान भंडारी पुल पर लगाई रस्सी में उनका गला फंस गया और वह स्कूटी से गिर गए। रस्सी से गला घुटने से उनकी मौत हो गई। भंडारी पुल को प्रदर्शनकारियों ने जाम कर दिया गया है। पठानकोट में सफाईकर्मियों ने निगम दफ्तर पर ताला लगाकर प्रदर्शन किया। यहां रैली निकालकर दुकानों को जबरन बंद करवाया गया। वहीं होशियारपुर में मिनी सचिवालय को बंद करवाया गया। प्रदर्शनकारियों ने बरनाला के DSP के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। (पढ़ें पूरी खबर) 2. दो दिन भारी बारिश का अलर्ट, सड़क धंसने से कार पलटी पंजाब-चंडीगढ़ में अगले 2 दिन भारी बारिश का अलर्ट है। 4 अगस्त तक इससे राहत मिलने की उम्मीद नहीं हैं। गुरुवार को लुधियाना में जबरदस्त बारिश हुई। इस दौरान कोट मंगल सिंह नगर इलाके में ड्यूटी पर जा रहा बुजुर्ग साइकिल समेत खुले सीवरेज में जा गिरा। बुजुर्ग के मुताबिक गटर में लोहे के सरिए लगे थे, जिस वक्त वह गिरा तो कुछ समझ नहीं आया, लेकिन उसने अपने पैर सरिए में फंसा लिए। जिसके बाद उन्हीं पर पैर रखकर वह बाहर की तरफ निकला और मदद मांगी। जिसके बाद लोगों ने बाहर निकाला। उसे हल्की चोटें लगी हैं। वहीं तेज बारिश के बीच गुरदेव नगर में अचानक सड़क धंस गई। इससे कार पलट गई। यह कार फैक्ट्री मालिक शिवम गुप्ता की थी, जिसे ड्राइवर चला रहा था। ड्राइवर ने बताया कि वह कार लेकर गुरदेव नगर में हीरो बेकरी की बैकसाइड वाली गली से जा रहा था। इसी दौरान कार एक साइड से दब रही थी। इस बारे में बाहर से गुजर रहे व्यक्ति ने उसे बताया। जब वह देखने के लिए बाहर निकला तो अचानक कार धंसी सड़क में पलट गई। (पढ़ें पूरी खबर) 3. सांसद अमृतपाल के 3000 समर्थकों पर FIR दर्ज पंजाब के खडूर साहिब से खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल सिंह के समर्थक विधायक मनप्रीत सिंह अयाली समेत 15 नामजद के अलावा 2500 से 3000 प्रदर्शनकारियों पर FIR दर्ज की गई। इन पर BNS की धारा 121(1), 132 और 223 लगाई गई है। शिकायत सेक्टर-49 थाना के सब इंस्पेक्टर भूपिंदर सिंह ने दर्ज कराई है। कल (29 जुलाई) सांसद अमृतपाल सिंह और बंदी सिखों की रिहाई को लेकर निकले अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के समर्थक मुख्यमंत्री भगवंत मान की चंडीगढ़ के सेक्टर 2 स्थित सरकारी कोठी के 1Km नजदीक तक पहुंच गए थे। उन्होंने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ी। यहां तक कि वाटर कैनन पर भी कब्जा कर लिया। इस दौरान पुलिसवाले भी पिटे। यह प्रदर्शन पहले से घोषित था, ऐसे में सवाल उठ रहा है कि चंडीगढ़ पुलिस इस पूरे मामले में कैसे चूक गई। वह न तो प्रदर्शनकारियों को बॉर्डर पर रोक पाई और न ही सीएम के घर के करीब पहुंचने तक रोक सकी। इस बारे में पंजाब के पूर्व डीजीपी एपी पांडे ने कहा- यह चंडीगढ़ और मोहाली पुलिस के बीच तालमेल और ग्राउंड इंटेलिजेंस की कमी है। बड़े प्रदर्शन को संभालने की सबसे मजबूत तैयारी होनी चाहिए थी। (पढ़ें पूरी खबर) 4. CM भगवंत मान को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस पंजाब के सीएम भगवंत मान को सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। यह मामला साल 2020 में बिजली दरों में बढ़ोतरी के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन हिंसक हो गया था, जिसमें पुलिसकर्मी घायल हुए थे। जिसके बाद दंगा, गैरकानूनी जमावड़ा और अन्य धाराओं में FIR दर्ज की गई थी। हालांकि बाद में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने FIR रद्द कर दी थी। हाईकोर्ट के इस फैसले को चुनौती देते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई। जिस पर CJI सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की बेंच ने सुनवाई करते हुए प्रतिवादियों से जवाब मांगा। चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) एसवी राजू ने दलील दी कि हाईकोर्ट ने FIR रद्द कर आपराधिक कार्यवाही खत्म करने में गलती की, जबकि मामले में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया अपराध का संकेत देते हैं। (पढ़ें पूरी खबर) 5. सांसद घुबाया बोले- प्रधान वड़िंग इस्तीफा दें पंजाब में करीब 7 महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में गुटबाजी थम नहीं रही है। फिरोजपुर से सांसद शेर सिंह घुबाया ने कहा कि राजा वड़िंग सही काम नहीं कर रहे हैं। उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। पंजाब के लोग वड़िंग से नाराज हैं। उनका कहना है कि राजा वड़िंग ने कहा कि नए लोगों को टिकट देना है। जिसकी वजह से लोगों में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि पार्टी से ऊपर कोई नहीं है। वड़िंग ने आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ नहीं कहा। वहीं कांग्रेस नेता कुलदीप सिंह वैद का कहना है कि घुबाया अपने पद से इस्तीफा दे दें। प्रधान का इस्तीफा मांगना अनुशासनहीनता है। वहीं, कांग्रेस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक इसको लेकर कल दिल्ली में एक सीक्रेट मीटिंग हुई। जिसमें प्रधान राजा वड़िंग, पूर्व सीएम चरणजीत चन्नी और सांसद सुखजिंदर रंधावा मौजूद थे। यह मीटिंग कांग्रेस हाईकमान के कलह खत्म करने के लिए नियुक्त किए डिजाइनबॉक्स्ड कंपनी के नरेश अरोड़ा ने कराई थी। (पढ़ें पूरी खबर) 6. निहंग ने सिख दंपती को मस्जिद जाने से रोका पंजाब के अमृतसर में निहंग ने मौलवी के पास जाते सिख को रोक लिया। निहंग भूपिंदर सिंह बग्गा ने कहा- सिख होते हुए कई लोग मुसलमानों की मस्जिदों में जा रहे हैं। ऐसे लोग सिख नहीं हैं और न ही सिर पर पगड़ी बांधने के हकदार। निहंग के रोकने के बावजूद सिख छिपकर मस्जिद पर चला गया। निहंग ने उस पर नजर रखी और लौटते हुए उसे फिर रोक लिया। निहंग ने वीडियो बनाते हुए उससे पूछा तो उसने बताया कि उसकी भैंस के गर्भाश्य में गांठ पड़ गई थी जिससे मौलवी के पास गया था। निहंग भूपिंदर सिंह ने मौलवी को कॉल लगा ली और धमकी दी कि एक हफ्ते के अंदर गांव को खाली कर यहां से चला जाए। निहंग ने कहा कि वह इस मस्जिद में जाने वाले व्यक्ति, उसके गांव के यहां जाने वाले लोगों और मौलवी के खिलाफ अब प्रदर्शन भी करेगा और पंचायत बुलवाएगा। (पढ़ें पूरी खबर) 7. बेअदबी कानून पर जत्थेदार बोले- सहमति के मुताबिक नहीं बदला ड्राफ्ट श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने बेअदबी कानून को लेकर पंजाब सरकार की ओर से भेजे गए संशोधित ड्राफ्ट पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि पंथ गुरु साहिब के हुक्म के अनुसार चलता है और गुरु पंथ की सहमति के बिना कोई भी कानून स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में पंजाब सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई। गड़गज ने कहा कि दुनिया भर में गुरबाणी को मानने वाले सिख हैं, इसलिए ऐसा कानून मंजूर नहीं होगा, जिसे गुरु पंथ की मंजूरी न मिली हो। जत्थेदार गड़गज ने कहा कि सरकार को 28 जुलाई तक संशोधित मसौदा भेजने का समय दिया गया था, लेकिन तय तारीख तक कोई पत्र नहीं मिला। बाद में 29 जुलाई को सरकार ने संशोधित ड्राफ्ट भेजा। उन्होंने कहा कि मसौदे का अध्ययन करने पर पता चला कि जिन प्रमुख आपत्तियों को दूर करने और जरूरी बदलाव करने पर सहमति बनी थी, उनमें अपेक्षित संशोधन नहीं किए गए हैं।(पढ़ें पूरी खबर) 8. जिम ट्रेनर ने युवती से की अश्लील हरकतें चंडीगढ़ में युवती से जिम ट्रेनर ने छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें की। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसने करीब दो महीने पहले अपनी बड़ी बहन के साथ जिम जाना शुरू किया था। दोनों रोजाना की तरह बुधवार शाम भी जिम करने के लिए जिम पहुंची थीं। शिकायत के अनुसार, उस समय जिम ट्रेनर दीपक ने पहले बड़ी बहन को ऊपर वाले फ्लोर पर साइकिल एक्सरसाइज करने के लिए भेज दिया। इसके बाद उसने छोटी बहन से कहा कि वह नीचे स्ट्रेचिंग करेगी। आरोप है कि स्ट्रेचिंग कराने के बहाने ट्रेनर युवती को जिम के उस हिस्से में ले गया, जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे। वहां उसने बिना युवती की सहमति के उसके साथ अश्लील हरकत की। आरोपी ने पहले उसके शरीर को गलत तरीके से छुआ और फिर उसके सीने पर भी हाथ लगाया। (पढ़ें पूरी खबर) 9. फाइव स्टार होटल में निकाह न होने से NRI दूल्हा नाराज कनाडा में बसाने का भरोसा देकर की गई शादी के बाद एक युवती ने अपने NIR पति पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। पीड़िता की शिकायत पर कनाडा में रहने वाले आमिर के खिलाफ मोहाली में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, नगमा का निकाह फरवरी 2024 में मोहाली में मुस्लिम रीति-रिवाजों से हुआ था। निकाह के अगले दिन शादी का रजिस्ट्रेशन भी कराया गया। शादी से पहले आमिर और उसके परिवार ने भरोसा दिलाया था कि वह कनाडा में सेटल है और निकाह के कुछ ही हफ्तों में नगमा को भी कनाडा बुला लेगा। आरोप है कि शादी के बाद आमिर और उसके परिवार का व्यवहार बदल गया। उन्होंने फाइव स्टार होटल में शादी न करने, लग्जरी कार न देने और शादी पर एक करोड़ रुपये खर्च न करने को लेकर ताने देने शुरू कर दिए। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि बाद में मामला मारपीट तक पहुंच गया और नगमा के साथ नौकरानी जैसा व्यवहार किया जाने लगा। (पढ़ें पूरी खबर) खबर हटके… 10. पत्नी के बर्थडे पर सड़क बनी सेलिब्रेशन स्पॉट लुधियाना में पत्नी का जन्मदिन मनाने के लिए कुछ युवकों ने ऐसा जश्न मनाया कि सड़क ही सेलिब्रेशन स्पॉट बन गई। पहले साउथ सिटी रोड पर खुलेआम पटाखे फोड़े गए। वीडियो में युवक यह कहते हुए सुनाई देता है कि पुलिस ने उन्हें सड़क पर पटाखे चलाने से मना किया था। पुलिस के जाने के बाद वह अपने साथियों से कहता है, आगे जाकर पटाखे चला लेते हैं। इसके बावजूद युवकों पर पुलिस की चेतावनी का कोई असर नजर नहीं आया। इसके बाद युवक फिरोजपुर रोड फ्लाईओवर पर पहुंचे, जहां ट्रैफिक के बीच 60 शॉट वाले पटाखे चलाए गए। व्यस्त फ्लाईओवर पर इस तरह आतिशबाजी से बड़ा हादसा हो सकता था, लेकिन जश्न मना रहे युवकों ने इसकी परवाह नहीं की। जानकारी के अनुसार, पूरा घटनाक्रम पत्नी का जन्मदिन मनाने के दौरान हुआ। मामला तब सामने आया, जब गुरलाल सिंह नाम की सोशल मीडिया आईडी से इस हुड़दंग का वीडियो पोस्ट किया गया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि किस तरह बीच सड़क और फ्लाईओवर पर ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते हुए आतिशबाजी की गई। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। (पढ़ें पूरी खबर) (कल शाम 6 बजे फिर होगी मुलाकात)
सड़क हादसों में गंभीर रूप से घायल लोगों को समय पर इलाज दिलाकर उनकी जान बचाने वाले मददगार नागरिकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 'राहवीर योजना' (Good Samaritan Scheme) चलाई जा रही है। इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को 'गोल्डन ऑवर' के दौरान अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में मदद करने वाले नागरिक को ₹25,000 की नकद प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाता है। इसके अलावा, पीएम राहत योजना के तहत घायल व्यक्ति को अस्पताल में ₹1.5 लाख तक के मुफ्त (कैशलेस) इलाज की सुविधा भी दी जाती है। 'गोल्डन ऑवर' में मदद करने वाले को 25 हजार रुपये का ईनाम जिला प्रशासनिक परिसर में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त सागर सेतिया ने इस योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उपायुक्त ने बताया कि सड़क दुर्घटना के तुरंत बाद का पहला 1 घंटा बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण होता है, जिसे चिकित्सा क्षेत्र में 'गोल्डन ऑवर' कहा जाता है यदि इस अवधि के भीतर कोई नागरिक तत्परता दिखाते हुए पीड़ित को निकटतम अस्पताल पहुंचाता है, तो सरकार उसे प्रोत्साहन स्वरूप 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति एक वर्ष में अधिकतम 5 बार इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकता है। मददगार की पहचान रहेगी गुप्त, पुलिस या अस्पताल नहीं करेंगे परेशान ॉउपायुक्त सागर सेतिया ने आम जनता का डर दूर करते हुए स्पष्ट किया कि दुर्घटना पीड़ित की मदद करने वाले 'राहवीर' (गुड सेमारिटन) को पुलिस या अस्पताल प्रशासन द्वारा किसी भी तरह से प्रताड़ित या परेशान नहीं किया जाएगा। मददगार अपनी पहचान पूरी तरह गुप्त रख सकता है।उस पर अस्पताल के बिल/उपचार का खर्च उठाने या अदालत में गवाही देने का कोई दबाव नहीं बनाया जाएगा। पुरस्कार पाने की क्या है पूरी प्रक्रिया योजना की पारदर्शी प्रक्रिया के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि जब कोई नागरिक घायल को अस्पताल पहुंचाता है, तो संबंधित अस्पताल का डॉक्टर इसकी सूचना पुलिस को देता है। इसके बाद पुलिस और अस्पताल की पुष्टि के आधार पर मददगार की भूमिका का सत्यापन किया जाता है। रिपोर्ट ओके होने के बाद 'जिला सड़क सुरक्षा समिति' द्वारा स्वीकृति देकर पुरस्कार राशि सीधे मददगार नागरिक के बैंक खाते (DBT) में ट्रांसफर कर दी जाती है।
पंजाब सरकार ने 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) 2026 के जिला और राज्यस्तरीय समारोहों के लिए मुख्य अतिथियों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। इस बार स्वतंत्रता दिवस का राज्य स्तरीय समागम फिरोजपुर में आयोजित किया जाएगा, जहां पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। वहीं, पंजाब के औद्योगिक हब लुधियाना (PAU ग्राउंड) में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा तिरंगा फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, सभी जिलों के लिए मंत्रियों और विधानसभा अध्यक्षों की ड्यूटी लगा दी गई है। मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष: फिरोजपुर (राज्य स्तरीय समारोह): भगवंत मान (मुख्यमंत्री, पंजाब) रूपनगर: कुलतार सिंह संधवां (स्पीकर, पंजाब विधानसभा) तरनतारन: जय कृष्ण रौड़ी (डिप्टी स्पीकर, पंजाब विधानसभा) पंजाब के कैबिनेट मंत्री: लुधियाना: हरपाल सिंह चीमा (वित्त एवं आबकारी मंत्री) अमृतसर: अमन अरोड़ा (नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री) गुरदासपुर: डॉ. बलजीत कौर (सामाजिक न्याय एवं महिला बाल विकास मंत्री) मालेरकोटला: डॉ. बलबीर सिंह (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री) फाजिल्का: लाल चंद (खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री) शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर): हरजोत सिंह बैंस (शिक्षा एवं सूचना जनसंपर्क मंत्री) एस.ए.एस. नगर (मोहाली): हरभजन सिंह (लोक निर्माण मंत्री) पटियाला: गुरमीत सिंह खुड्डियां (कृषि एवं पशुपालन मंत्री) होशियारपुर: डॉ. रवजोत सिंह (संसदीय कार्य एवं स्थानीय सरकार मंत्री) बरनाला: बरिंदर कुमार गोयल (खनन एवं जल संसाधन मंत्री) बठिंडा: हरदीप सिंह मुंडियां (राजस्व एवं आवास निर्माण मंत्री) संगरूर: तरुनप्रीत सिंह सोंद (पर्यटन एवं श्रम मंत्री) जालंधर: मोहिंदर भगत (रक्षा सेवाएं कल्याण एवं बागवानी मंत्री) अन्य जिलों के लिए निर्देश सरकार की तरफ से जारी पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन जिलों के नाम इस सूची में शामिल नहीं हैं, वहां के स्थानीय समागमों में डिवीजनल कमिश्नर या संबंधित जिले के डिप्टी कमिश्नर (DC) द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने की रस्म अदा की जाएगी।
जालंधर जिले के गोराया के पास तेज रफ्तार ट्रक ने एक्टिवा स्कूटी को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में एक्टिवा सवार बच्ची की मौत हो गई, जबकि उसकी मां गंभीर रूप से घायल हो गई। सूचना मिलते ही रोड सेफ्टी फोर्स (SSF) की टीम पहुंची और पीड़ित परिवार की मदद की। पुलिस ने आरोपी ट्रक चालक और वाहन को हिरासत में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। रोड सेफ्टी फोर्स (SSF) के इंचार्ज सरबजीत सिंह ने बताया कि उन्हें एमडीटी (MDT) डिवाइस के जरिए दुर्घटना की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही SSF की टीम बिना कोई समय गंवाए तुरंत मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर एक ट्रक और एक्टिवा स्कूटी के बीच जोरदार टक्कर हुई थी। जालंधर से लुधियाना जा रही थी महिला जानकारी के अनुसार, पीड़िता वंदना पत्नी राजीव अपने बेटे आरुष और बेटी निताशा के साथ एक्टिवा पर गांव पतारा रामा मंडी) से लुधियाना की ओर जा रही थीं। जैसे ही वे गोराया के पास पहुंची तो एक ट्रक ड्राइवर ने एक्टिवा को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक्टिवा का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर जा गिरी। गंभीर चोटें आने के कारण गई जान हादसे के वक्त निताशा सड़क पर गिर गई और गंभीर चोटें आने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, वंदना इस हादसे में घायल हो गईं। SSF की टीम ने आरोपी ट्रक और उसके चालक को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस की मौजूदगी में शव को एंबुलेंस की मदद से पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल फिल्लौर भेजा गया है। पुलिस ने आरोपी ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
फतेहाबाद जिले के टोहाना क्षेत्र में शराब ठेके पर हथियारों के बल पर लूट की वारदात के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले भी पुलिस दो आरोपियों को काबू कर चुकी है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर वारदात में शामिल अन्य लोगों की तलाश और लूटी गई नकदी व शराब की बरामदगी में जुटी है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पंजाब के मानसा जिले के गांव कुलड़िया निवासी रवि शर्मा और रत्ताथेह निवासी सिकंदर सिंह के रूप में हुई है। थाना प्रभारी साधुराम ने बताया कि धारसूल कलां निवासी रघुबीर सिंह ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसने गांव रूपावाली में शराब का ठेका लिया हुआ है। 2 जुलाई की रात को हुई थी वारदात शिकायत के अनुसार 2 जुलाई की रात करीब 9 बजे ठेके पर उसका सेल्समैन मौजूद था। इसी दौरान तीन युवक बाइक पर सवार होकर पहुंचे। तीनों ने अपने चेहरे कपड़े से ढके हुए थे ताकि उनकी पहचान न हो सके। आरोप है कि एक युवक ने पिस्तौल, दूसरे ने तलवार और तीसरे ने गंडासा लेकर सेल्समैन को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद बदमाश ठेके से करीब 14-15 हजार रुपये की नकदी और देशी शराब की पेटी लूट ले गए। 3 जुलाई को दर्ज किया गया था केस घटना के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर थाना सदर टोहाना में 3 जुलाई को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 309(4), 311 तथा शस्त्र अधिनियम की धाराओं 25, 54 और 59 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि अब दो अन्य सह आरोपियों को भी दबोच लिया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। वारदात में शामिल अन्य साथियों की पहचान, लूटी गई नकदी और शराब की बरामदगी के लिए छापेमारी जारी है।
मानसा के पास गांव बीरेवाला जट्टां में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के मामले को दबाने और चुप रहने के कथित दबाव से तंग आकर 60 वर्षीय एक व्यक्ति ने जहरीला पदार्थ निगल लिया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मृतक के बेटे की शिकायत पर गुरुद्वारा कमेटी के खजांची के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना सदर मानसा पुलिस ने मृतक बलविंदर सिंह (निवासी खोखर कलां) के बेटे सुगनदीप सिंह के बयानों के आधार पर गांव बीरेवाला जट्टां की गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के खजांची मेवा सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मुकदमा नंबर 255 दर्ज किया है। पावन अंग पर आपत्तिजनक शब्द लिखने का मामला शिकायतकर्ता सुगनदीप सिंह ने पुलिस को बताया कि उनके पिता बलविंदर सिंह (60) ने करीब दो साल पहले गांव के मुख्य गुरुद्वारा साहिब में सेवा निभाई थी। उस समय उनके पास गांव के दो बच्चे, जसकरण सिंह और जसनदीप सिंह, धार्मिक शिक्षा (संथिया) सीखने आते थे। बच्चों ने बलविंदर सिंह को बताया था कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन अंग 70 पर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा आपत्तिजनक शब्द लिखे गए हैं। इसे गंभीर मामला मानते हुए बलविंदर सिंह ने तुरंत इसकी जानकारी गुरुद्वारा कमेटी के खजांची मेवा सिंह को दी। मामला दबाने और मानसिक प्रताड़ना का आरोप आरोप है कि मेवा सिंह ने मामले को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के संज्ञान में लाने का झांसा देकर बलविंदर सिंह को चुप रहने को कहा। लेकिन बाद में SGPC को सूचित करने के बजाय मेवा सिंह खुद को बचाने के लिए बलविंदर सिंह और दोनों बच्चों पर लगातार इस घटना को छिपाने और चुप रहने का भारी दबाव बनाने लगा। तनाव के चलते उठाया खौफनाक कदम परिजनों के मुताबिक, इस लगातार मानसिक तनाव और प्रताड़ना के चलते बलविंदर सिंह पिछले काफी समय से बेहद परेशान चल रहे थे। इसी मानसिक दबाव से तंग आकर उन्होंने 28 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 2:00 बजे अपने घर में जहरीली वस्तु निगल ली। इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
अबोहर में गांव जंडवाला हनुवंता में खेत में फसल पर कीटनाशक (पेस्टिसाइड) स्प्रे करते समय जहरीले प्रभाव की चपेट में आने से एक किसान मजदूर की दुखद मौत हो गई। 3 दिन तक एम्स (AIIMS) बठिंडा में जिंदगी और मौत से जंग लड़ने के बाद गुरुवार को उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चों को छोड़ गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल अबोहर की मोर्चरी में रखवा दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा और मामले में नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, करीब 50 वर्षीय कालू (पुत्र कृष्ण लाल, निवासी जंडवाला हनुवंता) गत 27 जुलाई को गांव के ही एक किसान के खेत में फसल पर कीटनाशक का छिड़काव कर रहा था। इसी दौरान जहरीली गैस या स्प्रे के प्रभाव से उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। स्थिति बिगड़ती देख परिजन उसे तुरंत इलाज के लिए सिविल अस्पताल अबोहर ले गए। एम्स बठिंडा में इलाज के दौरान तोड़ा दम अबोहर में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने कालू की नाजुक हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए एम्स बठिंडा रेफर कर दिया था। एम्स में पिछले 3 दिनों से उसका गहन इलाज चल रहा था, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद गुरुवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। दोपहर बाद पुलिस की देखरेख में शव को पोस्टमार्टम के लिए वापस सिविल अस्पताल अबोहर लाया गया। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, मुआवजे की मांग बताया जा रहा है कि कालू मजदूरी करके ही अपने पूरे परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके परिवार में उसकी पत्नी के अलावा एक बेटी और दो बेटे हैं। उसकी अचानक मौत से परिवार पर आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। दुखी परिजनों ने जिला प्रशासन और पंजाब सरकार से गुहार लगाई है कि पीड़ित परिवार को तुरंत आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा दिया जाए।
लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) नीति के विरोध में जिला बार एसोसिएशन फरीदकोट के नेतृत्व में वकीलों का आंदोलन और तेज हो गया है। वीरवार को वकीलों ने शहर में विशाल रोष मार्च निकाला और केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वकीलों ने दो टूक चेतावनी दी कि जब तक इस जनविरोधी व वकील-विरोधी नीति को तत्काल प्रभाव से वापस नहीं लिया जाता, उनका संघर्ष अनवरत जारी रहेगा। देशभर के कई हिस्सों में एलएडीसी नीति के खिलाफ वकीलों का विरोध चल रहा है। इसी कड़ी में फरीदकोट जिला अदालत में भी गत 7 जुलाई से वकीलों ने अदालती कामकाज का पूर्ण रूप से बहिष्कार किया हुआ है। अदालत परिसर में वकीलों द्वारा पक्का धरना दिया जा रहा है और क्रमिक (क्रमवार) भूख हड़ताल के जरिए रोजाना अपना विरोध दर्ज कराया जा रहा है। वीरवार को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गुरजगपाल सिंह की अगुवाई में दर्जनों वकीलों ने सड़कों पर उतरकर शक्ति प्रदर्शन किया। वकीलों ने मांग की है कि न्याय व्यवस्था की साख बनाए रखने और अधिवक्ता समुदाय के हितों की रक्षा के लिए केंद्र व पंजाब सरकार तुरंत LADC नीति को वापस ले। नीति के लिए केंद्र और पंजाब सरकार दोनों जिम्मेदार प्रदर्शन के दौरान बार एसोसिएशन के प्रमुख सदस्य कर्णदीप सिंह ने कहा कि इस विवादित नीति को लागू करने के लिए केंद्र की भाजपा सरकार और पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार दोनों ही बराबर की कसूरवार हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब में यह नीति सितंबर 2023 से लागू की गई थी। निजी वकीलों के काम पर पड़ा बुरा असर एडवोकेट कर्णदीप सिंह ने नीति की खामियां उजागर करते हुए बताया कि पुरानी व्यवस्था के तहत केवल आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद व्यक्तियों को ही मुफ्त कानूनी सहायता दी जाती थी। लेकिन नई LADC नीति के तहत हर आरोपी को बार-बार सरकारी खर्च पर मुफ्त वकील मुहैया कराया जा रहा है। इससे एक तरफ जहां निजी वकीलों का व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ अपराधियों के मन से कानून का खौफ भी खत्म हो रहा है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के केस में पंजाब के कैबिनेट मंत्री और लुधियाना पश्चिमी से विधायक संजीव अरोड़ा की बेल सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी। सुप्रीम कोर्ट ने संजीव अरोड़ा को जमानत देने से इनकार कर दिया। संजीव अरोड़ा ने मेडिकल ग्राउंड पर सुप्रीम कोर्ट से जमानत मांगी थी। संजीव अरोड़ा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने एम्स दिल्ली से उनकी मेडिकल रिपोर्ट मांगी थी। मेडिकल रिपोर्ट पेश होने के बाद कोर्ट ने अरोड़ा को जमानत देने से मना कर दिया और उनकी जमानत याचिका को डिसमिस कर दिया। सुप्रीम कोर्ट से जमानत याचिका रिजेक्ट होने के बाद आप सरकार के मंत्री को फिलहाल जेल में ही रहना होगा और उन्हें अलग से कोई सुविधाएं नहीं मिलेंगी। संजीव अरोड़ा ने गुरुग्राम की अदालत में अलग-अलग याचिकाएं दायर कर घर का खाना और वाटर कूलर की डिमांड की थी। गुरुग्राम की अदालत ने उनकी इन याचिकों को भी डिसमिस कर दिया था। संजीव अरोड़ा ने 18 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। पहली सुनवाई 20 जुलाई को हुई और उसमें सुप्रीम कोर्ट ने अलग-अलग पक्षों को नोटिस जारी करके जवाब मांग था। उसके बाद सुनवाई 24 जुलाई को हुई और उसमें एम्स से संजीव अरोड़ा की मेडिकल रिपोर्ट मांगी गई। एम्स की तरफ से मेडिकल रिपोर्ट सब्मिट होने के बाद 28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में उनकी याचिका पर फिर से सुनवाई हुई। कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। हाईकोर्ट में 3 सितंबर को होनी है रेगुलर बेल पर सुनवाईमंत्री संजीव अरोड़ा ने गुरुग्राम की सेशन कोर्ट में 18 मई को जमानत याचिका दायर की थी। जमानत पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने संजीव अरोड़ा की याचिका को खारिज किया। उसके बाद संजीव अरोड़ा ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की। अदालत ने जमानत अर्जी पर फैसला सुनाने से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। संजीव अरोड़ा की जमानत याचिका पर 3 सितंबर को सुनवाई होगी। अब मामले की अगली तारीख पर ईडी अपनी विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट को सौंपेगी, जिसके बाद ही इस बात पर चर्चा होगी कि संजीव अरोड़ा को जमानत मिलेगी या उन्हें जेल में ही रहना होगा। अरोड़ा फिलहाल गुरुग्राम की जेल में बंद हैं। मेडिकल ग्राउंड पर सुप्रीम कोर्ट से मांगी थी बेल पंजाब एवं हरियाण हाईकोर्ट में रेगुलर जमानत की डेट तीन सितंबर है ऐसे में उन्हें हाईकोर्ट से तीन सितंबर तक राहत नहीं मिल सकती थी। उसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से मेडिकल ग्राउंड पर बेल मांगी थी। संजी अवरोड़ा ने याचिका में कहा था कि उन्हें शुगर की प्रॉब्लम है और उन्हें इंसूलिन की जरूरत होगी है। इसके अलावा अन्य बीमारियों का भी जिक्र किया गया था। अरोड़ा पर क्या हैं मुख्य आरोप, सिलसिलेवार जानिए.. चार्जशीट में ED के ये बड़े दावे किए मनी लॉन्ड्रिंग मामले में किया था गिरफ्तार संजीव अरोड़ा को ईडी ने इसी साल 9 मई को चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास पर दिनभर चली छापेमारी के बाद भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया था। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद पंजाब सरकार ने उनके सभी मंत्रालय अन्य मंत्रियों को सौंप दिए थे। गुरुग्राम की अदालत से रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।
पंजाब के बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में डेराबस्सी नगर काउंसिल के सफाई कर्मचारियों का धरना-प्रदर्शन लगातार जारी है। हड़ताल के कारण शहर भर में कूड़ा उठाने का काम पूरी तरह प्रभावित हो गया है, जिससे कई इलाकों में गंदगी के ढेर लग गए हैं और स्थानीय निवासियों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। आंदोलन की स्थिति का जायजा लेने के लिए पुलिस अधीक्षक (एसपी) विक्रम बराड़, थाना डेराबस्सी के एसएचओ और अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ नगर काउंसिल कार्यालय पहुंचे। उन्होंने धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों और यूनियन प्रतिनिधियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं व मांगों को विस्तार से सुना। 126 कच्चे और 300 आउटसोर्स कर्मचारियों को पक्का करने की मांग यूनियन प्रतिनिधियों ने एसपी को बताया कि बरनाला में निहत्थे कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में पूरे पंजाब के सफाई सेवक एकजुट हैं। कर्मचारियों ने मांग की कि बरनाला घटना के दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही डेराबस्सी नगर काउंसिल में कार्यरत 126 कच्चे, 32 पक्के और लगभग 300 आउटसोर्स कर्मचारियों को तुरंत पक्का (नियमित) किया जाए और उनकी लंबित मांगों का स्थायी समाधान निकाला जाए। प्रशासन तक मांगें पहुंचाने का आश्वासन, शरारती तत्वों को चेतावनी एसपी विक्रम बराड़ ने कर्मचारियों से लोकतांत्रिक व शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन चलाने की अपील की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी जायज़ मांगों और समस्याओं को संबंधित उच्च प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही एसपी ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी शरारती तत्व ने आंदोलन की आड़ में शांति व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास किया, तो पुलिस उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। मांगें पूरी होने तक संघर्ष रहेगा जारी कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका यह संघर्ष इसी तरह जारी रहेगा। धरने के चलते शहर में चरमराती सफाई व्यवस्था से नागरिक परेशान हैं, वहीं पुलिस-प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
थाना सदर और हलका बल्लूआना क्षेत्र के अंतर्गत आते एक गांव में 14 साल की नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है तथा नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया है। वीरवार को दोनों का सरकारी अस्पताल में मेडिकल करवाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी करता है। पीड़िता के परिजनों ने 15 जून को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि वहीं काम करने वाला सोनू (पुत्र राधे श्याम, निवासी खुईयां सरवर) उनकी 14 वर्षीय बेटी को शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। आरोपी सोनू शादीशुदा है और एक बच्ची का पिता है। परिजनों की शिकायत पर थाना सदर पुलिस ने सोनू के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी। गांव राजपुरा से हुई गिरफ्तारी, डेढ़ महीने तक किया दुष्कर्म मामले के जांच अधिकारी सहायक उप-निरीक्षक ओम प्रकाश ने बताया कि पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी सोनू और पीड़िता को गांव राजपुरा से काबू किया। बरामदगी के बाद नाबालिग ने पुलिस को दिए बयानों में खुलासा किया कि आरोपी ने पिछले डेढ़ महीने के दौरान उसके साथ कई बार दुष्कर्म (रेप) किया। बाल सुरक्षा विभाग करेगा काउंसलिंग पुलिस अधिकारी ने बताया कि अस्पताल में दोनों का डॉक्टरी परीक्षण (मेडिकल) करवा लिया गया है। पुलिस आरोपी सोनू को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेगी, ताकि मामले में आगे की गहन पूछताछ की जा सके। वहीं, नाबालिग लड़की को बाल सुरक्षा विभाग के सुपुर्द किया जाएगा, जहां उसकी काउंसलिंग करवाई जाएगी। काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
फतेहाबाद पुलिस ने भैंस व्यापारी से 1.90 लाख रुपए की लूट का खुलासा किया है। थाना जाखल पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह वारदात 28 जुलाई को हुई थी। एएसपी दिव्यांशी सिंगला ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रविंद्र सिंह उर्फ रवि उर्फ जुक्ता, यादविंद्र और सुखविंद्र सिंह के रूप में हुई है। ये सभी संगरूर (पंजाब) के गांव लहल कलां के निवासी हैं। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि, टोहाना के राम नगर, वार्ड नंबर-4 निवासी किशोरी लाल ने थाना जाखल में शिकायत दर्ज कराई थी। किशोरी लाल जाखल और टोहाना क्षेत्र में भैंसों की खरीद-फरोख्त का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि 28 जुलाई को वे मोटरसाइकिल पर गांव चांदपुरा से टोहाना लौट रहे थे। तीन युवकों ने रोका कारोबारी का रास्ता जब वे कुदनी हेड के पास पहुंचे, तो पीछे से मोटरसाइकिल पर आए तीन युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया। एएसपी ने बताया कि आरोपियों में से एक ने तेजधार हथियार दिखाकर कारोबारी को डराया और उसकी गर्दन पर हथियार रखकर उसकी पेंट की जेब 1.90 लाख रुपए निकाल लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। शिकायत के आधार पर थाना जाखल में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, गुप्त सूचना और गहन जांच के आधार पर तीनों आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड है और वे पूर्व में भी कई मामलों में संलिप्त रहे हैं। आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड एएसपी दिव्यांशी सिंगला ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच के दौरान सामने आया कि रविंद्र सिंह उर्फ रवि उर्फ जुक्ता तथा सुखविंद्र सिंह पूर्व में भी विभिन्न आपराधिक मामलों में संलिप्त रहे हैं। एएसपी ने बताया कि आरोपी यादविंद्र के संबंध में वर्तमान जांच के दौरान ऐसा कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। एएसपी ने बताया कि पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। पूछताछ के दौरान वारदात में प्रयुक्त हथियार, लूटी गई नकदी की बरामदगी, घटना में प्रयुक्त वाहन तथा अन्य संभावित आपराधिक गतिविधियों के संबंध में जांच जारी है। यदि जांच के दौरान अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर, आईपीएस* के नेतृत्व में फतेहाबाद पुलिस जिले में अपराधियों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। किसी भी व्यक्ति द्वारा कानून व्यवस्था भंग करने अथवा आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर उसके विरुद्ध निष्पक्ष एवं कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बरनाला में निहत्थे सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को पटियाला में सफाई कर्मचारी यूनियनों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। यूनियनों के आह्वान पर सफाई कर्मचारियों ने पूर्ण हड़ताल रखते हुए नगर निगम कार्यालय से एक विशाल रोष मार्च निकाला। इस दौरान सैकड़ों कर्मचारियों ने शहर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। सफाई कर्मचारियों के समर्थन में शहर के आम नागरिकों और दुकानदारों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर आंदोलकारियों के प्रति एकजुटता दिखाई। यूनियन नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण है। उन्होंने किसी भी व्यापारी या दुकानदार पर दबाव नहीं बनाया, बल्कि लोगों ने स्वतः ही सफाई कर्मचारियों के हक में दुकानें बंद रखीं। दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई न होने से भारी रोष प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं ने बरनाला घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी अपने हक के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, जिन पर बेवजह लाठीचार्ज किया गया। नेताओं ने कहा कि हालांकि सरकार ने कर्मचारियों की कई मांगें मान ली हैं, लेकिन लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार दोषी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अब तक कोई प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे पूरे पंजाब के कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। कार्रवाई न होने पर आंदोलन उग्र करने की चेतावनी यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि बरनाला घटना के दोषियों के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में इस राज्यव्यापी संघर्ष को और तेज किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि सफाई कर्मचारी अपने सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह एकजुट हैं और जब तक पीड़ित कर्मचारियों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।
जिले के पास स्थित गांव शेरवानी कोट में देर रात एक दुखद हादसा सामने आया है। गांव निवासी रशीद मोहम्मद पुत्र मेहर दीन के मवेशियों वाले बरामदे में अचानक आग लगने से तीन बड़े और एक छोटे (कुल चार) मवेशी की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में पीड़ित परिवार का करीब 2.5 लाख रुपये का बड़ा आर्थिक नुकसान होने का अनुमान है। पीड़ित रशीद मोहम्मद ने बताया कि बरामदे में बने उपलों (पाथियों) के ढेर के पास से गुजर रही बिजली की तारों में अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया। शॉर्ट सर्किट से उठी चिंगारी से उपलों के ढेर ने तुरंत आग पकड़ ली और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। धुएं और गर्मी से तड़प-तड़पकर हुई मौत सुबह करीब 4 बजे जब घटना की जानकारी मिली, तो तुरंत ग्रामीण मौके पर एकत्र हुए और सभी ने मिलकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और चारों मवेशी दम तोड़ चुके थे। सूचना मिलने के बाद सरकारी पशु अस्पताल से डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची। एसवीओ (SVO) डॉ. विक्रम कपूर ने बताया कि मवेशियों की मौत अत्यधिक घने धुएं से दम घुटने और आग की तेज गर्मी (सेक) के कारण हुई है। सरपंच और ग्रामीणों ने की मुआवजे की मांग गांव के सरपंच सुरिंदरजीत सिंह ने बताया कि तड़के सूचना मिलते ही वे ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे थे और आग बुझाने का प्रयास किया। उन्होंने पंजाब सरकार और प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि पीड़ित गरीब परिवार को तुरंत उचित वित्तीय सहायता प्रदान की जाए, ताकि उनके हुए इस भारी नुकसान की भरपाई हो सके।
17 वर्षीय ईशान बजाज बने बदलाव की मिसाल, LGBTQIA+ युवाओं को रोजगार और कौशल विकास से जोड़ा
17 वर्षीय ईशान बजाज ने 'स्वयं' पहल के जरिए LGBTQIA+ युवाओं को कौशल विकास और रोजगार से जोड़कर नई मिसाल पेश की। उनका अभियान 25 देशों तक पहुंच चुका है और संयुक्त राष्ट्र में भी सराहा गया है।
बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में सफाई सेवक यूनियन द्वारा बुलाए गए पंजाब बंद का फरीदकोट में व्यापक असर देखने को मिला। वीरवार सुबह से ही शहर के अधिकांश बाजार और दुकानें बंद रहीं, जबकि सड़कों पर भी सन्नाटा पसरा रहा। इस दौरान नगर काउंसिल के हड़ताली सफाई कर्मचारियों ने कार्यालय के बाहर धरना देकर राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। धरने में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी शामिल हुए। आंदोलन को पंजाब भर में लोगों का समर्थन मिल रहा प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पंजाब बंद केवल अपनी मांगों को लेकर नहीं, बल्कि बरनाला में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों, खासकर महिला कर्मचारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में किया गया है। उन्होंने दावा किया कि इस आंदोलन को पंजाब भर में लोगों का समर्थन मिल रहा है। डीएसपी-एसएचओ को तत्काल बर्खास्त करने की मांग कर्मचारियों ने मांग की कि बरनाला लाठीचार्ज मामले में संबंधित डीएसपी और एसएचओ को तत्काल बर्खास्त किया जाए तथा उनके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए। आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही सरकार इस मौके पर सफाई कर्मचारी नेता कुलदीप कुमार ने कहा कि राज्य सरकार उनके आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर सफाई कर्मचारी 8 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल के चलते शहर के कई इलाकों में कूड़े के ढेर लग गए हैं और सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है।
उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मॉडल की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना, NDMA ने बताया अन्य राज्यों के लिए मिसाल
उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मॉडल की NDMA ने सराहना की। एनडीएमए-एनडीआरएफ टीम ने राज्य का दौरा कर हाइड्रोमेट नेटवर्क, पूर्व चेतावनी प्रणाली, ग्लेशियर झील निगरानी और आपदा तैयारियों की समीक्षा की।
अपनी जायज़ मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों पर बरनाला में पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में आज बुलाए गए 'पंजाब बंद' का मानसा शहर में व्यापक असर देखने को मिला। सफाई कर्मचारियों के समर्थन में शहर के दुकानदारों, व्यापारियों और विभिन्न सामाजिक व कर्मचारी संगठनों ने अपने प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रखकर एकजुटता जताई। सफाई कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर पिछले काफी समय से पूरे प्रदेश में पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। हाल ही में बरनाला जिले में प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज में कई सफाई कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस हिंसक कार्रवाई के बाद कर्मचारियों का गुस्सा और भड़क गया, जिसके विरोध में आज राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया गया था। लाठीचार्ज कराने वाले DSP को बर्खास्त करने की मांग सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान संजीव कुमार रत्ती, सुनील कुमार और बलदेव सिंह ने बताया कि वे अपनी मांगों को लेकर लगातार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ उठा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज कर कर्मचारियों को घायल किया। यूनियन नेताओं ने मांग की है कि इस लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार डीएसपी को तुरंत प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त किया जाए। व्यापारियों और संगठनों का मिला पूर्ण सहयोग मानसा में बंद के आह्वान को हर वर्ग का समर्थन मिला। शहर के मुख्य बाजारों में व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह ठप रहीं। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि जब तक दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ा संज्ञान नहीं लिया जाता और उनकी मांगे पूरी नहीं होतीं, तब तक सरकार के खिलाफ यह संघर्ष इसी तरह जारी रहेगा।
चंडीगढ़ में युवती से जिम ट्रेनर ने छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें की। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसने करीब दो महीने पहले अपनी बड़ी बहन के साथ जिम जाना शुरू किया था। दोनों रोजाना की तरह बुधवार शाम भी जिम करने के लिए जिम पहुंची थीं। शिकायत के अनुसार, उस समय जिम ट्रेनर ने पहले बड़ी बहन को ऊपर वाले फ्लोर पर साइकिल एक्सरसाइज करने के लिए भेज दिया। इसके बाद उसने छोटी बहन से कहा कि वह नीचे स्ट्रेचिंग करेगी। आरोप है कि स्ट्रेचिंग कराने के बहाने ट्रेनर युवती को जिम के उस हिस्से में ले गया, जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे। वहां उसने बिना युवती की सहमति के उसके साथ अश्लील हरकत की। आरोपी ने पहले उसके शरीर को गलत तरीके से छुआ और फिर उसके सीने पर भी हाथ लगाया। पीड़िता की शिकायत पर सेक्टर-39 थाना पुलिस ने जिम ट्रेनर दीपक के खिलाफ रात करीब 11:15 बजे FIR दर्ज की। पीड़िता के पिता ने कहा कि जब हम जिम पहुंचे, तो कुछ देर बार भाजपा की जिलाध्यक्ष रेखा सूद, भाजपा पार्षद संदीप कुमार के पति जिम में पहुंचे। वहां पहुंचते ही उन्होंने हमें डराना-धमकाना शुरू कर दिया। युवती के पिता ने ये बातें कही…. BJP जिलाध्यक्ष ने आरोपों को बताया गलत ************* ये खबर भी पढ़ें: चंडीगढ़ में सांसद के 3000 समर्थकों पर FIR, लेकिन घुसे कैसे?:पंजाब पुलिस बॉर्डर तक छोड़ गई, सिर्फ एक बैरिकेडिंग; रिटायर्ड DGP ने बताई 2 बड़ी वजहें पंजाब के खडूर साहिब से खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल सिंह और बंदी सिखों की रिहाई को लेकर निकले अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के समर्थक मुख्यमंत्री भगवंत मान की चंडीगढ़ के सेक्टर 2 स्थित सरकारी कोठी के 1Km नजदीक तक पहुंच गए। उन्होंने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ी। यहां तक कि वाटर कैनन पर भी कब्जा कर लिया। इस दौरान पुलिसवाले भी पिटे। (पढ़ें पूरी खबर)
जालंधर के नूरमहल में स्थानीय नकोदर रोड पर राम मंदिर के पास स्थित ऐतिहासिक सूद जठेरे में बीती रात अज्ञात चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया। बेखौफ चोरों ने जठेरे के ताले तोड़कर गल्ले में रखी लगभग ₹20,000 की नकदी पर हाथ साफ कर दिया और मौके से फरार हो गए। घटना के संबंध में जानकारी देते हुए जठेरे के मैनेजर अंकुश सूद ने बताया कि 29 और 30 जुलाई की मध्यरात्रि को अज्ञात चोरों ने सबसे पहले बाहरी मुख्य गेट का ताला तोड़ा। इसके बाद चोरों ने अंदर के दरवाजे का ताला तोड़कर प्रवेश किया और वहां रखी करीब 20 हजार रुपये की नकदी चुराकर रफूचक्कर हो गए। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस घटना का पता चलते ही इसकी सूचना तुरंत नूरमहल पुलिस स्टेशन को दी गई। सूचना मिलते ही सहायक उप-निरीक्षक (ASI) सुभाष चंद्र अपनी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेकर जांच शुरू की। जांच अधिकारी ASI सुभाष चंद्र ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। चोरों की पहचान के लिए जठेरे के अंदर और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही सुराग जुटाकर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
संगरूर में शहर के कॉलेज रोड पर स्थित गर्ग पेट्रोल पंप पर धोखाधड़ी की एक अनोखी घटना सामने आई है। सफेद रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी में आए अज्ञात जालसाज 2,700 रुपये का डीजल भरवाने के बाद पेट्रोल पंप कर्मचारी को नकली नोट थमाकर मौके से फरार हो गए। यह पूरी घटना पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में कैद हो गई है। घटना के संबंध में जानकारी देते हुए पेट्रोल पंप के मालिक राम लाल गर्ग ने बताया कि यह वाकया शाम करीब 5 बजे का है। एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी उनके पंप पर आकर रुकी और चालक ने 2,700 रुपये का डीजल डालने को कहा। तेल भरने के बाद भुगतान करते समय आरोपियों ने कर्मचारी को ₹500 के 5 नकली नोट और ₹100 के 2 असली नोट थमा दिए। कर्मचारी जब तक नोटों को ठीक से परख पाता, तब तक आरोपी तेजी से गाड़ी भगाकर वहां से रफूचक्कर हो चुके थे। पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं पंप मालिक राम लाल गर्ग ने चिंता जताते हुए कहा कि उनके पेट्रोल पंप पर इस तरह की धोखाधड़ी पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले भी कई बार जालसाज इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं, लेकिन शिकायत के बावजूद अब तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई ठोस या प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस इस मामले पर थाना सिटी संगरूर के एसएचओ मनप्रीत सिंह ने बताया कि पुलिस को घटना की सूचना मिल गई है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि गाड़ी के नंबर और आरोपियों की पहचान की जा सके। एसएचओ ने भरोसा जताया कि आरोपियों को जल्द ही कानून के शिकंजे में कस लिया जाएगा।
जांच के दौरान छात्रों ने अधिकारियों को बताया कि उन्होंने दिल्ली प्रवास के दौरान जंतर-मंतर पर विभिन्न संगठनों के प्रदर्शन देखे थे। वहीं से उन्हें अपने विद्यालय में भी संगठित तरीके से आंदोलन करने की प्रेरणा मिली।
फतेहगढ़ साहिब में चंडीगढ़-सरहिंद मार्ग पर बुधवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। गांव पीर जैन के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटी को पीछे से टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में स्कूटी सवार 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान मनदीप सिंह, निवासी गांव कोटला बजवाड़ा, और 25 वर्षीय पूजा, निवासी गांव मानूपुर, के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मनदीप सिंह और पूजा एक-दूसरे के परिचित थे और हादसे के समय एक ही स्कूटी पर जा रहे थे। ट्रक की टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कूटी सवार दोनों लोग कई फीट तक ट्रक के नीचे घिसटते चले गए। टक्कर के बाद स्कूटी ट्रक के नीचे फंस गई, जिससे उसमें आग लग गई। देखते ही देखते आग ट्रक के केबिन तक फैल गई और दोनों वाहन पूरी तरह जल गए। फायर ब्रिगेड की सहायता से आग पर काबू पाया हादसे की सूचना मिलते ही पंजाब पुलिस की सड़क सुरक्षा फोर्स और थाना बडाली आला सिंह की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया, जिसके बाद फायर ब्रिगेड की सहायता से आग पर काबू पाया गया। इस दौरान चंडीगढ़-सरहिंद मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा, जिसे पुलिस ने बाद में सुचारु कराया। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की कर रही जांच थाना बडाली आला सिंह के प्रभारी मनप्रीत सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ट्रक द्वारा स्कूटी को पीछे से टक्कर मारना ही हादसे का कारण सामने आया है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है और फरार ट्रक चालक की तलाश जारी है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों के बयानों के आधार पर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
शहर के पॉश इलाके बीबी वाला रोड पर स्थित एक होटल में 20 वर्षीय युवक द्वारा पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या करने का दुखद मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलते ही थाना कैंट पुलिस और सहारा जन सेवा की टीम तुरंत मौके पर पहुंची तथा शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के खेड़ा जिले के निवासी 20 वर्षीय रमित के रूप में हुई है। थाना कैंट के एसएचओ दलजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने स्वयं पुलिस टीम के साथ घटनास्थल का मुआयना किया। जांच में सामने आया कि रमित पिछले मई महीने से इसी होटल में काम कर रहा था और वहीं पर रह रहा था। होटल कर्मचारियों ने पुलिस को दी सूचना घटना का पता उस समय चला जब होटल के अन्य कर्मचारियों ने रमित को पंखे से लटका देखा। इसके तुरंत बाद उन्होंने स्थानीय कैंट थाना पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही सहारा जन सेवा की लाइफ सेविंग ब्रिगेड हेल्पलाइन टीम, संदीप गोयल के नेतृत्व में, एम्बुलेंस लेकर मौके पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में सहारा टीम ने शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। खुदकुशी के कारणों की जांच जारी फिलहाल युवक द्वारा इतना खौफनाक कदम उठाने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मृतक के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी है। एसएचओ दलजीत सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की हर पहलू से गहनता से जांच कर रही है और उत्तर प्रदेश से परिजनों के पहुंचने के बाद उनके बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए जाने वाले सिख श्रद्धालुओं के जत्थे की तैयारियां शुरू हो गई हैं। अमृतसर स्थित शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने यात्रा में शामिल होने के इच्छुक श्रद्धालुओं से 10 अगस्त तक पासपोर्ट व आवश्यक दस्तावेज जमा कराने की अपील की है। श्रद्धालुओं का जत्था 22 नवंबर को अमृतसर से रवाना होगा। एसजीपीसी के सचिव बलदेव सिंह काहलवां ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि इस वर्ष भी पंजाब से करीब 1800 श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश स्थान श्री ननकाना साहिब में हर साल बड़ी संख्या में संगत प्रकाश पर्व मनाने और माथा टेकने के लिए पहुंचती है। निर्धारित तिथि के बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं बलदेव सिंह ने बताया कि यात्रा में शामिल होने के इच्छुक श्रद्धालुओं को पासपोर्ट, पासपोर्ट साइज फोटो और पहचान पत्र की फोटोकॉपी 10 अगस्त तक एसजीपीसी कार्यालय में जमा करानी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित तिथि के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। सुरक्षा जांच पूरी करने में समय लगता है काहलवां ने कहा कि भारत और पाकिस्तान की संबंधित एजेंसियों द्वारा वीजा प्रक्रिया और सुरक्षा जांच पूरी करने में समय लगता है। प्रत्येक श्रद्धालु का सत्यापन किया जाता है, ताकि किसी आपराधिक या संदिग्ध पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को यात्रा में शामिल होने से रोका जा सके। 22 नवंबर को अमृतसर से रवाना होगा जत्था श्रद्धालुओं का जत्था 22 नवंबर को अमृतसर से रवाना होगा। 24 नवंबर को श्री ननकाना साहिब में श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाएगा। इसके बाद जत्था पाकिस्तान स्थित अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन करेगा। यह 10 दिवसीय यात्रा 3 दिसंबर को भारत वापसी के साथ संपन्न होगी। अकेली महिलाएं भी यात्रा में शामिल हो सकती हैं एसजीपीसी ने स्पष्ट किया है कि अकेली महिलाएं भी इस यात्रा में शामिल हो सकती हैं। हालांकि, उन्हें अपने परिवार के सदस्य, सरपंच, नंबरदार या किसी अधिकृत व्यक्ति द्वारा जारी घोषणा पत्र जमा कराना अनिवार्य होगा। एसजीपीसी ने गुरु नानक नाम लेवा संगत से अपील की है कि वे समय रहते अपने दस्तावेज जमा कर इस पावन यात्रा में शामिल होने का अवसर प्राप्त करें।
पंजाब के बरनाला में पुलिस द्वारा सफाई कर्मचारियों पर किए गए कथित लाठीचार्ज के विरोध में आज वाल्मीकि समाज और सफाई कर्मचारी यूनियनों द्वारा बुलाए गए 'पंजाब बंद' का कपूरथला में व्यापक असर देखने को मिला। बंद के आह्वान के चलते शहर के अधिकांश प्रमुख बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह ठप रहे। हालांकि, आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मेडिकल स्टोर और अन्य आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहीं। सफाई सेवक कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल थापर द्वारा दिए गए बंद के इस आह्वान का असर शहर के शिक्षण संस्थानों पर भी पड़ा, जिसके चलते कई निजी व सरकारी स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों ने भी सफाई कर्मचारियों के प्रति संवेदना जताते हुए स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखे और इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया। लाठीचार्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग यूनियन नेताओं ने बताया कि सफाई कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले काफी समय से हड़ताल पर चल रहे हैं। बरनाला में निहत्थे कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज के बाद से पूरे प्रदेश के कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है। उनका आरोप है कि घटना को बीत जाने के बाद भी दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्रशासन ने अब तक कोई सख्त कदम नहीं उठाया है। कार्रवाई होने तक जारी रहेगा प्रदर्शन प्रदेश अध्यक्ष गोपाल थापर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक बरनाला लाठीचार्ज के जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक कर्मचारियों की हड़ताल और राज्यव्यापी आंदोलन जारी रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब सरकार से सफाई कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित पड़ी मांगों पर तुरंत ध्यान देकर सकारात्मक समाधान निकालने की अपील की। बंद के कारण कपूरथला के मुख्य बाजारों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा और आम जनजीवन प्रभावित हुआ, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं को छूट मिलने से मरीजों और उनके परिजनों को कुछ राहत जरूर मिली।
लुधियाना में वाहन चोरी की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के जी-8 हॉस्टल के बाहर का है, जहां खड़ी एक इनोवा क्रिस्टा कार के चारों पहिए चोरी कर लिए गए। यह पूरी घटना मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। घटना का पता अगले दिन सुबह चला। थाना पीएयू पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में गुरअर्मानप्रीत सिंह निवासी गांव मिड्डू खेड़ा, जिला श्री मुक्तसर साहिब ने बताया कि वह जी-8 हॉस्टल के पास पीएयू में रहते हैं। 28 जुलाई की रात करीब 9 बजे उन्होंने अपनी इनोवा क्रिस्टा कार जी-8 हॉस्टल के पास गडवासू (GADVASU) और पीएयू हॉस्टल के बाहर खड़ी की थी। देखिए CCTV में कैद PHOTOS:- कार के चारों पहिए और अलॉय व्हील गायब अगली सुबह कार धोने वाले व्यक्ति ने उन्हें फोन कर बताया कि उनकी कार के चारों पहिए और अलॉय व्हील गायब हैं, जबकि वाहन ईंटों के सहारे खड़ा हुआ है। मौके पर पहुंचकर उन्होंने देखा कि अज्ञात चोर कार के चारों टायर और अलॉय व्हील चोरी कर ले गए थे। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया शिकायत के आधार पर थाना पीएयू पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की पहचान के लिए जांच जारी है।
तरनतारन जिला शिक्षा विभाग SIR 2026 के तहत वोटर लिस्ट में बदलाव के काम को अंतिम रूप देने के लिए सक्रिय है। इसी कड़ी में जिले भर के स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने 'ह्यूमन चेन' बनाकर मतदाता जागरूकता का संदेश दिया। डिप्टी डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर सेकेंडरी-कम-नोडल ऑफिसर SVEEP राजिंदर कौर अपनी टीम के साथ इस अभियान की निगरानी कर रही हैं। उनकी प्रेरणा और प्रयासों से जिले में SIR 2026 का कार्य तेजी से आगे बढ़ा है। अब यह लगभग पूरा होने की कगार पर है। स्कूल के मैदान में कतारबद्ध होकर ह्यूमन चेन बनाई आज की गतिविधियों के तहत विद्यार्थियों ने स्कूल के मैदान में कतारबद्ध होकर ह्यूमन चेन बनाई। उन्होंने SIR 2026, ‘अपना नाम चेक करवाएं’ और ‘वोटर लिस्ट को साफ रखें’ जैसे नारों के माध्यम से आम लोगों को मतदाता शिक्षा के लिए प्रेरित किया। यह ह्यूमन चेन एकता और जागरूकता का प्रतीक बनी। गांवों में यह कार्य 100 प्रतिशत की ओर बढ़ रहा इस संबंध में जानकारी देते हुए राजिंदर कौर ने बताया कि स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा लगातार की जा रही इन रचनात्मक गतिविधियों के कारण ही मतदाता शिक्षा के कार्य में इतनी तेजी आई है। आज जिले के अधिकांश गांवों में यह कार्य 100 प्रतिशत की ओर बढ़ रहा है। स्कूलों-कॉलेजों में जागरूकता गतिविधियां जारी रहेंगी उन्होंने कहा कि जब तक जिले में मतदाता शिक्षा का कार्य शत-प्रतिशत पूरा नहीं हो जाता, तब तक स्कूलों और कॉलेजों में ऐसी जागरूकता गतिविधियां जारी रहेंगी। शिक्षा विभाग की इस पहल की गांवों में काफी सराहना हो रही है और बड़ी संख्या में लोग इस अभियान में हिस्सा लेने लगे हैं।
नशे और अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत होशियारपुर की दसूहा पुलिस को एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। गश्त के दौरान पुलिस ने दो ऐसे शातिर और पेशेवर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर हत्या, डकैती और आर्म्स एक्ट जैसे एक दर्जन से भी अधिक संगीन मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से प्रतिबंधित नशीली गोलियां, ₹5,000 की ड्रग मनी और एक कार बरामद की है। थाना प्रमुख दलजीत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि एएसआई राकेश कुमार पुलिस टीम के साथ इलाके में नियमित गश्त पर थे। इसी दौरान एक संदिग्ध कार को रोककर जब उसकी जांच की गई, तो उसमें सवार दो व्यक्तियों की तलाशी ली गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुरदासपुर जिले के निवासी मक्खनप्रीत सिंह (निवासी बुडलाड़ा, थाना भैनी मियां खां) और लभा सिंह (निवासी गांव मौजपुर) के रूप में हुई है। पुलिस द्वारा ली गई तलाशी के दौरान मक्खनप्रीत सिंह के कब्जे से 83 नशीली गोलियां और लभा सिंह के कब्जे से 55 नशीली गोलियां बरामद हुईं। थाना प्रमुख ने बताया कि आरोपियों के पास से कुल 138 नशीली गोलियों के अलावा ₹5,000 की नकदी (ड्रग मनी) और अपराध में इस्तेमाल की जा रही कार को भी जब्त कर लिया गया है। दसूहा पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पंजाब सरकार द्वारा डिपो वापस लिए जाने के फैसले के खिलाफ मानसा में डिपो होल्डरों का गुस्सा फूट पड़ा। डिपो होल्डर यूनियन के बैनर तले एकत्रित हुए दर्जनों डिपो होल्डरों ने जिला फूड एंड सप्लाई कंट्रोलर (DFSC) कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि उनके डिपो बहाल न किए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बिना वजह छीन लिया रोजगार, चहेतों को बांटे डिपो प्रदर्शन को संबोधित करते हुए डिपो होल्डर यूनियन के पंजाब अध्यक्ष सुखविंदर सिंह कांझला, इंदरजीत सिंह, बिक्रमजीत सिंह और विक्की नंगल कलां ने बताया कि वर्ष 2020 और 2021 में राज्य सरकार ने गांवों के बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से डिपो आवंटित किए थे। लेकिन अब सरकार ने बिना किसी पूर्व सूचना, कारण या नोटिस के पूरे पंजाब में लगभग 1700 डिपो होल्डरों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। आरोप है कि सरकार ने अपने चहेते लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए ये डिपो नए लोगों को आवंटित कर दिए हैं, जिससे सैकड़ों युवा एक झटके में बेरोजगार हो गए हैं। किसी भी डिपो होल्डर पर नहीं थी कोई शिकायत यूनियन नेताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिन डिपो होल्डरों से लाइसेंस छीने गए हैं, उनके खिलाफ न तो कोई राशन वितरण में गड़बड़ी की शिकायत थी और न ही किसी प्रकार की विभागीय जांच या मामला लंबित था। इसके बावजूद राजनीतिक लाभ देने की नीयत से उनके अधिकार छीन लिए गए। पूरे पंजाब में बड़े स्तर पर प्रदर्शन की चेतावनी डिपो होल्डरों ने स्पष्ट किया कि मानसा में कार्यालय का घेराव इस अन्यायपूर्ण फैसले के खिलाफ शुरुआती कदम है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया और प्रभावित युवाओं के डिपो बहाल नहीं किए, तो आने वाले दिनों में पूरे पंजाब स्तर पर राज्य सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर उग्र प्रदर्शन किए जाएंगे।
बरनाला पुलिस द्वारा सफाई कर्मचारियों पर किए गए लाठीचार्ज के विरोध में आज सफाई सेवकों ने पंजाब बंद का आह्वान किया था। रूपनगर में इसका व्यापक असर दिखा, जहां मेडिकल सेवाओं को छोड़कर सभी बाजार पूरी तरह बंद रहे। दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखकर कर्मचारियों का समर्थन किया। सफाई सेवकों ने बेला चौक पर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारी नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी और शहर से कचरा नहीं उठाया जाएगा। देखिए बंद की 2 PHOTOS:- मुख्य प्रतिनिधियों से कोई चर्चा नहीं हुई उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार ने अपने स्तर पर कुछ लोगों से बात कर हड़ताल खत्म करने की घोषणा की थी, जबकि उनके मुख्य प्रतिनिधियों से कोई चर्चा नहीं हुई। नेताओं ने कहा कि जब तक उनके पंजाब प्रधान निर्देश नहीं देते, तब तक यह हड़ताल जारी रहेगी। तुरंत सफाई कर्मचारियों की मांगें मा इस संघर्ष को विभिन्न संगठनों का समर्थन मिल रहा है। 'शेरे पंजाब किसान यूनियन' ने भी सफाई सेवकों का समर्थन किया है। यूनियन के नेता गिल ने सरकार से अपील की कि वह तुरंत सफाई कर्मचारियों की मांगें माने, क्योंकि वे शहर को साफ-सुथरा रखने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
बंगाल पुलिस की छापेमारी में 28 करोड़ रुपये और 15 किलो सोना जब्त, तुलु मंडल का रिश्तेदार गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में लगभग 24 घंटे तक चली छापेमारी, तलाशी अभियान और पूछताछ के बाद पुलिस ने गुरुवार को जिले के पत्थर खदान कारोबारी तुलु मंडल के रिश्तेदार मीनार मंडल को गिरफ्तार कर लिया।
अपनी जायज़ मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे सफाई कर्मचारियों द्वारा दिए गए 'मोगा बंद' के आह्वान का आज शहर में व्यापक और अभूतपूर्व असर देखने को मिला। कर्मचारियों के समर्थन में शहर के सभी प्रमुख बाजार, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। स्थानीय व्यापारियों, दुकानदारों और आम जनता ने स्वेच्छा से अपने कारोबार बंद रखकर सफाई कर्मचारियों के प्रति अपनी मजबूत एकजुटता प्रदर्शित की। इसके अलावा, शहर के विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और अन्य सहयोगी संगठनों ने भी मौके पर पहुंचकर इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया। कच्चे कर्मचारियों को पक्का न करने पर सरकार की तीखी आलोचना प्रदर्शन के दौरान प्रेस से बातचीत करते हुए सफाई कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने राज्य सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों की जमकर आलोचना की। नेताओं ने कहा कि सफाई कर्मचारी लंबे समय से कच्चे कर्मचारियों को पक्का (स्थायी) करने की अपनी मुख्य मांग को लेकर आवाज़ उठा रहे हैं, लेकिन सरकार लगातार उनकी जायज़ मांग की अनदेखी कर रही है। रोजगार की सुरक्षा और अधिकारों की लड़ाई कर्मचारी नेताओं ने कहा कि मोगा बंद की यह ऐतिहासिक सफलता साबित करती है कि शहर की जनता सफाई कर्मचारियों की मेहनत और पीड़ा को भली-भांति समझती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष केवल सफाई कर्मचारियों का नहीं, बल्कि उन सभी कच्चे कर्मचारियों के अधिकारों की लड़ाई है जो अपने भविष्य और रोजगार की सुरक्षा चाहते हैं। मांगें पूरी न होने पर आंदोलन और तेज करने की चेतावनी विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने सरकार को चेतावनी दी कि जब तक कच्चे सफाई कर्मचारियों को नियमित करने संबंधी आधिकारिक अधिसूचना (नोटिफिकेशन) जारी नहीं की जाती, तब तक यह संघर्ष ऐसे ही जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर इसे और उग्र किया जाएगा।कार्यक्रम के अंत में कर्मचारी नेताओं ने मोगा बंद को पूर्ण रूप से सफल और शांतिपूर्ण बनाने के लिए शहरवासियों, व्यापारिक संगठनों, दुकानदारों और सभी सहयोगी संस्थाओं का तहे दिल से आभार व्यक्त किया।
बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में आज बठिंडा में पंजाब बंद का आंशिक असर देखने को मिला। वाल्मीकि समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों के आह्वान पर बुलाए गए इस बंद के दौरान कुछ बाजारों में दुकानें बंद रहीं, जबकि कई अन्य खुले रहे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक बाजारों को बंद रखने का आह्वान किया गया था। सफाई कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए कुछ दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठानों के शटर गिरा दिए। प्रदर्शनकारियों ने सफाई कर्मचारियों पर कार्रवाई को लेकर सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा व्यक्त किया और डीएसपी का पुतला फूंका। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले पर जवाब मांगा। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए कर्मचारी वीर भान और विक्की ने बरनाला में हुए लाठीचार्ज को दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी सुबह लगभग पांच बजे से शहर की सफाई करते हैं और कोरोना महामारी जैसे कठिन समय में भी अपनी जान जोखिम में डालकर शहर को स्वच्छ रखते हैं। ऐसे मेहनती कर्मचारियों पर लाठीचार्ज करना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। कर्मचारियों ने राज्य सरकार और विशेष रूप से मुख्यमंत्री भगवंत मान के रवैये को निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब के इतिहास में बड़े आंदोलनों के बावजूद, मुख्यमंत्री की ओर से इस मामले पर अब तक कोई संवेदनशील प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि सफाई कर्मचारियों के सम्मान और अधिकारों के लिए है। सफाई कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार उन्हें स्थायी नहीं करती, आने वाले दिनों में और भी तीखे संघर्ष किए जाएंगे।
मोहाली में NRI दूल्हा अपनी दुल्हन को छोड़कर कनाडा भाग गया। दुल्हन के मुताबिक कनाडा में बसाने का सपना दिखाकर शादी की गई। शादी के बाद पति और उसके परिवार ने कैश, लग्जरी कार और महंगे सामान की मांग शुरू कर दी। दुल्हन ने बताया कि फाइव स्टार होटल में शादी न करने और एक करोड़ रुपए खर्च न करने को लेकर उसे ताने दिए गए। विरोध करने पर मारपीट की, गहने अपने कब्जे में ले लिए। बाद में पति उसे भारत में छोड़कर कनाडा चला गया। शिकायत के आधार पर मोहाली पुलिस ने NRI पति समेत उसके परिजनों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला…
तरनतारन में कच्चे सफाई कर्मचारियों को पक्का करने की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे कर्मचारियों द्वारा दिए गए 'तरनतारन बंद' के आह्वान का आज शहर में व्यापक असर देखने को मिला। कर्मचारियों के समर्थन में शहर के मुख्य बाजार, दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह से बंद रहे। सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को स्थानीय व्यापारियों और आम जनता का भी भरपूर सहयोग मिला। दुकानदारों ने स्वेच्छा से अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखे। इसके अलावा, विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और सामुदायिक संगठनों ने मौके पर पहुँचकर सफाई कर्मचारियों के इस विरोध प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया। कर्मचारियों का आरोप, मांगों को लेकर लगातार अनदेखी कर रही सरकार प्रदर्शन के दौरान प्रेस से बातचीत करते हुए संगठन के मुख्य नेताओं ने सरकार की नीतियों की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी पिछले लंबे समय से कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मुख्य मांग उठा रहे हैं, लेकिन सरकार लगातार उनकी अनदेखी कर रही है। नोटिफिकेशन जारी न होने तक जारी रहेगा संघर्ष यूनियन नेताओं ने सरकार को कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया कि जब तक सफाई कर्मचारियों को नियमित करने का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने इस आंदोलन को आर-पार की लड़ाई करार दिया। साथ ही, बंद को पूर्ण रूप से सफल बनाने के लिए उन्होंने शहर के सभी निवासियों, दुकानदारों और समर्थक संगठनों का धन्यवाद व्यक्त किया। इस मौके पर सफाई प्रधान बलविंदर सिंह, भगवान वाल्मीकि संगठन पंजाब के प्रधान मनजीत सिंह मिंटू, जसपाल सिंह, परमजीत सिंह, बक्शी सिंह, प्रदीप कुमार, रिंकू, बंटी, ललित कुमार लवली, राजकुमार नीतू, मैडम सोनिया और गुरु महिंत मीणा सहित कई प्रमुख नेता और कर्मचारी उपस्थित थे।
जालंधर में मासूम बच्चे को स्कूल से लेकर लौट रही एक महिला पर आवारा कुत्तों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया। कुत्तों के हमले के कारण स्कूटी असंतुलित होकर गिर गई, जिससे मां और बेटा दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। बच्चे के सिर पर गंभीर चोट आई है। शहर में रोजाना कुत्ते के काटने (डॉग बाइट) के दर्जनों मामले सामने आ रहे हैं। वहीं, नगर निगम की ओर से डॉग पॉन्ड निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही को लेकर ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने का नोटिस जारी किया गया है।यह घटना जालंधर के न्यू कमल विहार इलाके की है। जानकारी के अनुसार, जीटीबी नगर की रहने वाली अकालदीप कौर अपने नर्सरी में पढ़ने वाले मासूम बेटे जसकीरत को इनोसेंट हार्ट स्कूल से छुट्टी के बाद स्कूटी पर घर लेकर आ रही थीं। जैसे ही वे न्यू कमल विहार के पास पहुंचीं, आवारा कुत्तों के एक झुंड ने अचानक उनकी स्कूटी पर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से अकालदीप कौर घबरा गईं और उनकी स्कूटी का संतुलन बिगड़ गया। स्कूटी सड़क पर गिरते ही मां-बेटे दोनों बुरी तरह घायल हो गए। आवारा कुत्तों की वजह से हुए इस हादसे में मासूम जसकीरत के सिर पर गंभीर चोट आई, जिससे वह लहूलुहान हो गया। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से मासूम को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। इलाके में 30 से ज्यादा कुत्तों का आतंक स्थानीय निवासी रॉकी सहदेव ने इस समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि कॉलोनी में करीब 30 से ज्यादा आवारा कुत्ते घूम रहे हैं। ये कुत्ते आए दिन आने-जाने वाले राहगीरों और वाहन चालकों पर झपटते हैं, जिससे लोग खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं।सिविल अस्पताल में रोज पहुंच रहे मरीज जालंधर में कुत्तों का आतंक किस कदर बढ़ चुका है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिविल अस्पताल की एंटी-रेबीज वैक्सीन ओपीडी में रोजाना मरीज पहुंच रहे हैं। इसके अलावा आम आदमी क्लीनिकों में भी रोजाना भारी संख्या में लोगों को एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई जा रही है।
शहर में लगातार बढ़ रही वाहन चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाते हुए मानसा पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से चोरी की 13 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी हरजिंदर सिंह गिल ने बताया कि 28 जुलाई को मानसा शहर के निवासी कुलविंदर सिंह (कोट लल्लू) ने अपने मोटरसाइकिल चोरी होने की शिकायत थाना सिटी-2 में दर्ज कराई थी। मामला दर्ज होते ही पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की और गुप्त सूचना के आधार पर दो आरोपियों को दबोच लिया। मानसा के ही रहने वाले हैं आरोपी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मनदीप सिंह और सतगुरु सिंह के रूप में हुई है, जो दोनों मानसा शहर के ही निवासी हैं। प्राथमिक पूछताछ और जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कुल 13 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। आरोपियों के खिलाफ थाना सिटी-2 में आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है। सरदूलगढ़ के कबाड़ी को बेचते थे चोरी की बाइकें डीएसपी गिल ने बताया कि जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी मोटरसाइकिलें चोरी करने के बाद उन्हें सरदूलगढ़ के एक कबाड़ी को बेच देते थे। पुलिस अब उस कबाड़ी की तलाश में भी जुट गई है। डीएसपी ने चोरों के अलावा चोरी का सामान खरीदने वालों को भी बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ भी कड़ा कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। फिलहाल दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है, जिससे वाहन चोरी के अन्य मामलों का भी खुलासा होने की संभावना है।
कपूरथला नगर निगम के मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के विवादित चुनाव मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में गुरुवार को सुनवाई टल गई। पंजाब और हरियाणा में वकीलों की हड़ताल के कारण अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 26 अगस्त की तारीख तय की है। इस मामले में हाईकोर्ट ने पहले ही प्रतिवादी संख्या 6 से 29 तक के सभी 24 पार्षदों को नोटिस जारी कर अदालत में पेश होने का आदेश दिया था। सुनवाई टलने का मुख्य कारण पंजाब और हरियाणा में वकीलों की चल रही हड़ताल है। वकील एलडीसी/एलएडीसी (LADC) सिस्टम के विरोध में पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। बार एसोसिएशन ने 29 और 30 जुलाई को कार्य बहिष्कार का आह्वान किया था। इसके चलते 30 जुलाई को भी अदालतों में वकीलों की हड़ताल रही। 8 जुलाई को हुए नगर निगम कपूरथला के चुनाव उल्लेखनीय है कि कपूरथला के विधायक राणा गुरजीत सिंह और अन्य कांग्रेसी पार्षदों ने इस साल 8 जुलाई को हुए नगर निगम कपूरथला के मेयर चुनाव को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। मामले की पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने नवनिर्वाचित मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर की शक्तियों पर रोक लगा दी थी। साथ ही कपूरथला के डिप्टी कमिश्नर को नगर निगम का कार्यभार संभालने का निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने फॉरेंसिक रिपोर्ट और ऑडियो स्क्रिप्ट मांगी अदालत ने 8 जुलाई को हुई चुनाव प्रक्रिया और उसकी वीडियोग्राफी में गंभीर खामियां पाए जाने के बाद पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग को सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (CFSL), चंडीगढ़ भेजा है। कोर्ट ने CFSL से फ्रेम-बाय-फ्रेम फॉरेंसिक रिपोर्ट और ऑडियो स्क्रिप्ट मांगी है।
पंजाब के सीएम भगवंत मान को सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस 2020 में बिजली दरों में बढ़ोतरी के विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में दर्ज FIR रद्द करने के पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली चंडीगढ़ प्रशासन की याचिका पर जारी किया गया। CJI सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने मामले की सुनवाई की और सभी प्रतिवादियों से जवाब मांगा। चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) एसवी राजू ने कहा कि हाईकोर्ट ने एफआईआर रद्द करके गलती की। उनका कहना था कि मामले में अपराध के पर्याप्त आरोप हैं और आपराधिक कार्रवाई जारी रहनी चाहिए। उन्होंने कोर्ट में कहा कि यह बात स्वीकार की गई है कि वहां गैरकानूनी जमावड़ा था। आरोपी मौके पर मौजूद था और उसका नाम FIR में भी दर्ज है। प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई, जिसमें पुलिसकर्मी घायल हुए। इसलिए पहली नजर में अपराध बनता है। एसवी राजू ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट का यह तर्क सही नहीं है कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 144 लागू नहीं थी, इसलिए इसे गैरकानूनी जमावड़ा नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति ने खुद कोई हिंसक काम नहीं किया, तब भी गैरकानूनी जमावड़े के किसी सदस्य द्वारा किया गया कृत्य उस पर भी लागू होता है। खबर को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं…..
जालंधर में आज खराब बस को बचाने के चक्कर में पीछे से आ रहे कंटेनर और टिप्पर की टक्कर हो गई। टिप्पर फ्लाईओवर से नीचे गिरकर पलट गया। हादसे में टिप्पर ड्राइवर का हाथ फ्रैक्चर हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और सड़क सुरक्षा फोर्स की टीम मौके पर पहुंची। क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात सुचारू कराया। जानकारी के अनुसार, जेसी रिसॉर्ट के पास फ्लाईओवर पर एक बेकाबू टिप्पर अनियंत्रित होकर नीचे गिर गया और पलट गया। हादसे में राहगीर बाल-बाल बच गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। तेज रफ्तार कंटेनर ने खड़ी बस को टक्कर मार दी टिप्पर ड्राइवर दिलजिंदर सिंह ने बताया कि फ्लाईओवर पर ननकाना साहिब नाम की एक बस काफी समय से खराब हालत में खड़ी थी। बस ड्राइवर ने सुरक्षा के लिहाज से वहां कोई रिफ्लेक्टर या चेतावनी संकेत नहीं लगाए थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार कंटेनर ने खड़ी बस को टक्कर मार दी। टिप्पर भी अनियंत्रित होकर पलट गया कंटेनर की टक्कर के बाद पीछे आ रहा टिप्पर भी अनियंत्रित होकर बस से जा टकराया। संतुलन बिगड़ने से टिप्पर फ्लाईओवर की रेलिंग तोड़ते हुए सीधे नीचे जा गिरा। टिप्पर के नीचे गिरते ही वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में ड्राइवर दिलजिंदर सिंह की बाजू फ्रैक्चर हो गई, जबकि टिप्पर को भी भारी नुकसान पहुंचा है। घटना स्थल पर पहुंची पुलिस की टीम हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF) की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। राहत और बचाव कार्य शुरू करते हुए पुलिस ने क्रेन की मदद से नीचे पलटे टिप्पर और फ्लाईओवर पर खड़ी खराब बस को हटवाया। दोबारा सुचारू कराया यातायात हादसे के कारण बाधित हुए यातायात को पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दोबारा सुचारू कराया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और लापरवाही बरतने वाले बस चालक के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल उधार दिए गए पैसे वापस मांगना, भुगतान के लिए लगातार दबाव बनाना या लेन-देन को लेकर तकाजा करना मात्र से किसी व्यक्ति पर आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध नहीं बनता। हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध तभी माना जाएगा, जब यह स्पष्ट रूप से साबित हो कि उसने प्रत्यक्ष रूप से आत्महत्या के लिए उकसाया या उसकी मंशा पीड़ित को ऐसा कदम उठाने के लिए प्रेरित करने की थी। कुलबीर सिंह और राजवीर कौर की याचिका स्वीकार करते हुए उनके खिलाफ दर्ज FIR और उससे जुड़ी सभी कानूनी कार्यवाहियों को रद्द कर दिया गया। अब पढ़ें क्या है पूरा मामला: - FIR और पूरी कार्रवाई रद्द हाईकोर्ट ने बुधवार को पाया कि याचिकाकर्ताओं के खिलाफ लगाए गए आरोप धारा 306 IPC के आवश्यक कानूनी तत्वों को पूरा नहीं करते। ऐसे में अदालत ने FIR नंबर 115/2016 और उससे जुड़ी सभी कार्यवाहियों को दोनों याचिकाकर्ताओं के खिलाफ रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि प्रत्यक्ष और तत्काल उकसावे के अभाव में केवल कर्ज या भुगतान के विवाद को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला मानकर आपराधिक मुकदमा जारी रखना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा।
फिल्लौर-तेहिंग रोड पर गुरुवार तड़के सड़क हादसा हो गया। ओवरलोड ट्रक की चपेट में आने से मोटरसाइकिल सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बहन गंभीर घायल हो गई। हादसा इतना भीषण था कि ट्रक मोटरसाइकिल समेत सड़क किनारे खेतों में जा पलटा। हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। युवक की दो महीने बाद शादी थी। बसपा हलका फिल्लौर के प्रभारी खुशी राम और मृतक के पिता शंकर ने बताया कि अर्जुन साहनी (21) रोजाना की तरह अपनी बहन प्रिया (23) को मोटरसाइकिल पर फैक्टरी छोड़ने जा रहा था। जैसे ही वे फिल्लौर-तेहिंग रोड पर पहुंचे, तभी एक ओवरलोड ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। ट्रक के नीचे फंसी बाइक, खेतों में पलटा वाहन टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मोटरसाइकिल ट्रक के नीचे ही फंस गई और ट्रक अनियंत्रित होकर खेतों में जा पलटा। हादसा होते ही आस-पास के लोग मौके पर एकत्र हो गए। स्थानीय लोगों और प्रशासन ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों भाई-बहन को बाहर निकाला और तुरंत सिविल अस्पताल फिल्लौर पहुंचाया। डॉक्टरों ने भाई को मृत घोषित किया, बहन जालंधर रेफर सिविल अस्पताल फिल्लौर में डॉक्टरों ने जांच के बाद अर्जुन साहनी को मृत घोषित कर दिया। वहीं, उसकी बहन प्रिया की हालत गंभीर होने के कारण प्राथमिक इलाज के बाद उसे जालंधर के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। 2 महीने बाद होनी थी शादी, परिवार में पसरा मातम मृतक के परिजनों ने बताया कि अर्जुन साहनी गांव तेहिंग में बिल्डिंग निर्माण का काम करता था। परिवार में उसकी शादी की तैयारियां चल रही थीं। दो महीने बाद उसका विवाह होना था। खुशियों से पहले हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। पीड़ित परिवार ने की इंसाफ की मांग पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से न्याय की मांग की है। उन्होंने हादसे के बाद फरार हुए ट्रक ड्राइवर को जल्द गिरफ्तार करने और ओवरलोड वाहन चलाकर लोगों की जान जोखिम में डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
मोगा में नशे के खिलाफ बड़ा एक्शन:11 आरोपी गिरफ्तार, हेरोइन और नशीली गोलियां बरामद; नाके दौरान पकड़ा
मोगा पुलिस ने जिले में चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में हेरोइन और नशीली गोलियां बरामद करने का दावा किया है। डीएसपी (डी) गुरप्रीत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सीआईए स्टाफ मोगा के प्रभारी इंस्पेक्टर दलजीत सिंह के नेतृत्व में सहायक थानेदार हरप्रीत सिंह की टीम गश्त पर थी। इसी दौरान दाना मंडी, कोट ईसे खां के पास पुलिस ने गांव कड़ाहेवाला निवासी लवप्रीत सिंह को 300 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 12 ग्राम हेरोइन बरामद पुलिस के अनुसार पूछताछ के बाद इस मामले में गांव कड़ाहेवाला निवासी गगनदीप सिंह को भी गिरफ्तार किया गया। थाना सिटी मोगा के प्रभारी इंस्पेक्टर गुरविंदर सिंह भुल्लर ने बताया कि हवलदार सुरिंदर पाल सिंह की टीम ने गश्त के दौरान गांव दुन्नेके निवासी जगमीत सिंह को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 12 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है। पुलिस चौकी बलखंडी के इंचार्ज रमणदीप सिंह ने गश्त के दौरान जसविंदर सिंह उर्फ गुल्लो (निवासी मनावां) और जोगा सिंह (निवासी तलवंडी नौ बहार) को पकड़ा। उनके कब्जे से 20 ग्राम हेरोइन और 20 नशीली गोलियां मिलीं। 30 ग्राम हेरोइन और 100 नशीली गोलियां बरामद थाना बधनी कलां के प्रभारी इंस्पेक्टर जसविंदर सिंह ने बताया कि हवलदार सतनाम सिंह ने बुधवार रात गश्त के दौरान दविंदर सिंह उर्फ टिड्डा, दिलशानप्रीत सिंह और प्रदीप सिंह उर्फ अमली (तीनों निवासी बधनी कलां) को गिरफ्तार किया। उनके पास से 30 ग्राम हेरोइन और 100 नशीली गोलियां बरामद की गईं। इसी क्रम में, थाना निहाल सिंह वाला के सहायक थानेदार गुरविंदर सिंह ने गश्त के दौरान प्रदीप सिंह उर्फ मंगल (निवासी मानूके) को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 5 ग्राम हेरोइन और 70 नशीली गोलियां मिलीं। थाना बाघा पुराना के प्रभारी जनक राज ने जानकारी दी कि हवलदार हरजीत सिंह ने गश्त के दौरान जगदीप सिंह उर्फ घाचा और मनदीप सिंह उर्फ मारू (दोनों निवासी घोलिया कलां) को गिरफ्तार किया। उनके पास से 12 ग्राम हेरोइन बरामद हुई।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को गाजीपुर दौरे पर रहेंगे, जहां वे जनपद के समग्र विकास को नईगति देने के उद्देश्य से 692 करोड़ रुपये की लागत वाली 268 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। उनके आगमन को लेकर प्रशासन और पुलिस ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं तथा सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाया गया है।
बीरभूम में छापे से हड़कंप: पूर्व बस चालक के घर से 28 करोड़ नकद और 15 किलो सोना बरामद
पश्चिम बंगाल के बीरभूम में पूर्व बस चालक मीनार मंडल के घर छापेमारी में 28 करोड़ रुपये नकद और 15 किलो सोना बरामद। पुलिस ने आरोपी और उसके बेटे को हिरासत में लेकर जांच तेज कर दी।
कनाडा इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने गैंगस्टर लॉरेंस गैंग के सहयोगी को डिपोर्ट करने का आदेश जारी किया है। 11 जुलाई को जारी आदेश को कनाडा पुलिस ने 29 जुलाई को सार्वजनिक किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान जशनदीप सिंह के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने 19 मई, 2025 को सरे में कपिल शर्मा के कैप्स कैफे फायरिंग मामले में हथियार छिपाए थे। पंजाब मूल का जशनदीप सिंह वर्ष 2022 में स्टूडेंट वीजा पर कनाडा गया था। पुलिस के सामने पूछताछ में जशनदीप ने कथित तौर पर माना कि उसके पिता ने कर्ज लेकर उसे कनाडा भेजा था और उससे गलती हो गई। जशनदीप को इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड ने लॉरेंस गैंग से संबंधों के कारण अयोग्य ठहराते हुए डिपोर्ट करने का आदेश सुनाया। कनाडाई पुलिस ने जशनदीप सिंह को एडमंटन में सक्रिय लॉरेंस गैंग का निचले स्तर का गुर्गा बताया है। जांचकर्ताओं का आरोप है कि जशनदीप सिंह, अर्शदीप सिंह नाम के एक मिडिल लेवल गैंग ऑपरेटिव के तहत काम करता था, जिसे इस साल की शुरुआत में कनाडा से डिपोर्ट किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार, अर्शदीप गोल्डी बराड़ को रिपोर्ट करता था, जिसे उत्तरी अमेरिका में बिश्नोई सिंडिकेट का कथित मुख्य हैंडलर बताया जाता है। मोबाइल के वीडियो से हैंडगन पकड़े मिला सुनवाई के दौरान एडमंटन पुलिस सर्विस के एक अधिकारी ने गवाही दी कि जब्त मोबाइल फोन में मिले वीडियो के आधार पर जशनदीप सिंह की पहचान की गई थी। वीडियो में जशनदीप को एक हैंडगन पकड़े हुए देखा गया था, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर 19 मई 2025 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में रंगदारी से जुड़ी फायरिंग की घटना में हुआ था। वीडियो में जशनदीप एक व्यक्ति के सिर पर पिस्तौल तानता हुआ दिखाई दे रहा था। कुछ घंटों बाद यही हथियार एडमंटन में हुई फायरिंग की घटना में इस्तेमाल किया गया। जांचकर्ताओं के मुताबिक, इसके बाद जशनदीप ने सबूत मिटाने के उद्देश्य से हथियार छिपा दिया था। बाद में उसके रहने वाले स्थान से एक अन्य हथियार बरामद किया गया। जशनदीप ने माना-वीडियो दोस्त की बर्थडे पार्टी का ट्रिब्यूनल के सामने जशनदीप सिंह ने लॉरेंस गैंग का सदस्य होने से इनकार किया और हथियार छिपाने के आरोपों को खारिज कर दिया। उसने दावा किया कि यह वीडियो उसके दोस्त अर्शदीप सिंह की बर्थडे पार्टी का है, जहां उसने भांग की गोलियां खा रखी थीं और वह नशे में था। जशनदीप का कहना था कि उसने केवल मजाक-मजाक में बंदूक उठाई और दूसरे व्यक्ति पर तानी थी। हालांकि, IRB ने उसकी इस दलील को खारिज कर दिया और कहा कि उसके बयानों में कई विरोधाभास हैं, इसलिए वह एक विश्वसनीय गवाह नहीं है। आपरेशन हार्ड बॉल के बाद पुलिस ने बढ़ाई सख्ती जशनदीप सिंह की डिपोर्टेशन की खबर ऐसे समय में सामने आई है, जब अमेरिका, कनाडा और यूरोपीय एजेंसियों की ओर से चलाए गए संयुक्त अभियान ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के तहत लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और अन्य गैंग लीडरों के खिलाफ गंभीर रैकेटियरिंग आरोप लगाए गए हैं। इन पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रंगदारी, सुपारी देकर हत्याएं और राजनीतिक हत्याओं की साजिश रचने जैसे आरोप लगाए गए हैं। मामले में वर्ष 2023 में कनाडाई सिख नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, कनाडाई अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निज्जर हत्याकांड एक अलग जांच का विषय बना हुआ है। फिलहाल गुजरात की साबरमती सेंट्रल जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई और उसके कथित सहयोगी गोल्डी बराड़ पर आरोप है कि वे व्हाट्सएप के जरिए कनाडा में कारोबारियों को धमकाने और छात्रों व वर्कर्स का इस्तेमाल कर गोलीबारी व आगजनी जैसी वारदातों को अंजाम देने के लिए नेटवर्क चलाते हैं। जशनदीप सिंह ने पछतावा जताया सुनवाई के दौरान जशनदीप सिंह ने अपनी गलती पर पछतावा जताया। उसने ट्रिब्यूनल को बताया कि उसके माता-पिता ने कर्ज लेकर उसे बेहतर भविष्य के लिए कनाडा भेजा था। जशनदीप ने कहा कि जब उसने खुद वे वीडियो देखे तो वह सोचने पर मजबूर हो गया कि वह क्या कर रहा था। उसने कहा कि उसके माता-पिता ने उससे कई उम्मीदें लगाई थीं और वह उनके सपनों को तोड़ना नहीं चाहता था। जशनदीप ने अपनी गलती को स्वीकार करते हुए ट्रिब्यूनल से एक और मौका देने की अपील की। हालांकि, उसकी भावुक अपील के बावजूद इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड ने डिपोर्टेशन के आदेश को बरकरार रखा। इसके साथ ही उसके भारत वापस भेजे जाने का रास्ता साफ हो गया है।

