Gold Rate Today : धनतेरस और दिवाली से पहले सोने की खरीदारी करने वालों के लिए बड़ी खबर है। त्योहार से ठीक पहले सोने की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है। बुधवार, 4 नवंबर 2026 को Gold Rate में जोरदार उछाल दर्ज किया गया। 24 कैरेट सोने की कीमत 10 […]
Anshul Kamboj : भारतीय क्रिकेट टीम (India) ने न्यूजीलैंड (New Zealand) के खिलाफ पहले वनडे मुकाबले में पांच विकेट से शानदार जीत दर्ज की। इस जीत में विराट कोहली (Virat Kohli) की 74 रनों की पारी के साथ भारतीय गेंदबाजों का भी अहम योगदान रहा। खास तौर पर तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज (Anshul Kamboj) ने […]
डेयरी प्लस योजना के तहत मऊगंज जिले के 6 हितग्राहियों ने हरियाणा के करनाल पहुंचकर अपनी पसंद की दुधारू भैंसें चुनीं। 3 दिन तक वहां रुककर उन्होंने भैंसों के दूध उत्पादन की जांच की। चयन के बाद सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए और भैंसों को मऊगंज लाया गया। पशुपालन विभाग के उप संचालक जेएल साकेत ने इस मामले पर ध्यान देते हुए 15 दिन में भैंसें उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। इसके बाद विभाग ने टीम गठित कर हितग्राहियों को करनाल भेजा। दूध उत्पादन देखकर किया भैंसों का चयन उप संचालक जेएल साकेत के अनुसार, योजना के तहत चयनित भैंसों का दूध उत्पादन कम से कम 10 लीटर प्रतिदिन है। एससी-एसटी वर्ग के हितग्राहियों को 75 प्रतिशत और सामान्य वर्ग के हितग्राहियों को 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। विभाग के अनुसार, एससी-एसटी वर्ग के लिए 73 हजार 500 रुपए और सामान्य वर्ग के लिए 1 लाख 47 हजार 500 रुपए की भैंसें दी गई हैं। हितग्राहियों के हरियाणा आने-जाने, टिकट और भोजन का खर्च भी शासन ने उठाया। 10 महीने इंतजार के बाद अंगिरा पांडे को मिलीं भैंसें इस योजना के तहत महौता गांव के अंगिरा पांडे ने दो भैंसों के लिए 1 लाख 47 हजार रुपए की डीडी बनवाई थी। करीब 10 महीने तक भैंसें नहीं मिलने से उनका परिवार परेशान था। अंगिरा प्रसाद के अनुसार, उन्होंने शासन की योजना के तहत आवेदन किया था। करीब 10 महीने बाद योजना स्वीकृत हुई और वे हरियाणा जाकर भैंसें ले आए। पशुपालन विभाग के उप संचालक के अनुसार, योजना का उद्देश्य दुग्ध उत्पादन बढ़ाना, किसानों की आय में वृद्धि करना और परिवारों को स्वरोजगार से जोड़ना है।
महराजगंज। आगामी दीपावली एवं छठ पर्व को देखते हुए सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर सदर तहसील के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी (एसडीएम) शिवम कुमार (आईएएस) तथा क्षेत्राधिकारी सदर अंकुर गौतम ने महराजगंज स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय का संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से विद्यालय की मौजूदा व्यवस्था के संबंध में जानकारी प्राप्त की। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शिवम कुमार ने संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएं। विद्यालय परिसर में सुरक्षा और सतर्कता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। वहीं, क्षेत्राधिकारी अंकुर गौतम ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों से समन्वय बनाकर कार्य करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस एवं प्रशासन को देने की बात कही। अधिकारियों ने विद्यालय प्रशासन को छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
कानपुर में बुलेट ट्रेन का स्टेशन कहां बनेगा?:अटल घाट या शहर के अंदर, दो विकल्प पर मंथन
कानपुर को बुलेट ट्रेन परियोजना की डीपीआर में शामिल करने के बाद अब शहर में स्टेशन के स्थान को लेकर मंथन शुरू हो गया है। कानपुर संसाद ने जानकारी दी कि रेल मंत्रालय की बैठक में स्टेशन के लिए दो विकल्पों पर चर्चा की गई। पहला विकल्प आगरा से आने वाली बुलेट ट्रेन के रूट पर अटल घाट के आसपास स्टेशन बनाने का है। वहीं, दूसरा विकल्प टनल के जरिए शहर के भीतर स्टेशन विकसित करने का है। बैठक में सांसद रमेश अवस्थी ने साफ कहा कि कानपुर में बुलेट ट्रेन का स्टेशन ऐसी जगह बनाया जाना चाहिए, जहां आम लोगों को पहुंचने और वहां से आने-जाने में परेशानी न हो। उन्होंने स्टेशन के चयन में जनसुविधा को प्राथमिकता देने की बात रखी। रेलवे और डीपीआर से जुड़े अधिकारियों ने दोनों प्रस्तावों पर विचार करने और उनकी व्यवहारिकता जांचने की बात कही है। फिजिबिलिटी रिपोर्ट के आधार पर किसी एक विकल्प को अंतिम रूप दिया जाएगा। सांसद की मौजूदगी में रेल मंत्रालय में हुई चर्चासांसद रमेश अवस्थी ने बताया कि कानपुर को बुलेट ट्रेन के मानचित्र में शामिल कराने के साथ ही स्टेशन के स्थान को लेकर भी उन्होंने अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि शहर में स्टेशन ऐसी जगह होना चाहिए, जहां अधिक से अधिक लोग आसानी से बुलेट ट्रेन की सुविधा का लाभ उठा सकें। इसके लिए अटल घाट के पास स्टेशन बनाने और टनल के जरिए शहर के अंदर स्टेशन विकसित करने के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। पहले इटावा था शामिल, अब कानपुर को मिला स्थानसांसद रमेश अवस्थी के मुताबिक, बुलेट ट्रेन की पहले तैयार डीपीआर में इटावा को शामिल किया गया था। उस समय प्रस्तावित रूट कन्नौज की सीमा से सीधे लखनऊ की ओर जा रहा था। उन्होंने संसद में इस मुद्दे को उठाया और कानपुर को परियोजना में शामिल करने की मांग की। इसके बाद प्रस्तावित रूट में बदलाव करते हुए आगरा से सीधे कानपुर और फिर लखनऊ तक बुलेट ट्रेन ले जाने की योजना पर काम शुरू हुआ। पीएम और रेल मंत्री का जताया आभारकानपुर को बुलेट ट्रेन परियोजना में शामिल किए जाने पर सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया। उन्होंने कहा कि शहर के लोगों को बुलेट ट्रेन की सुविधा मिले, इसके लिए स्टेशन का स्थान तय करते समय आम नागरिकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। अब सबकी नजर स्टेशन की लोकेशन पर है। अटल घाट के पास स्टेशन बनेगा या टनल के जरिए शहर के अंदर बुलेट ट्रेन पहुंचेगी, इसका फैसला तकनीकी और व्यवहारिक जांच के बाद होगा। फिलहाल दोनों विकल्पों पर मंथन जारी है।
गौर चौक अंडरपास तीन दिन के ट्रायल पर खुलेगा:करीब 92 करोड़ रुपए की लागत से बना 6 लेन का अंडरपास
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौर चौक यानी चार मूर्ति पर जाम कम करने के लिए अंडरपास तीन दिन के ट्रायल पर खोला जाएगा। इसका मुख्य निर्माण पूरा हो चुका है। ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण पहले ट्रायल के दौरान इसकी जांच करेगा। करीब 92 करोड़ रुपए की लागत से बना यह अंडरपास लगभग 700 मीटर लंबा और 6 लेन का है। सड़क पर मार्किंग, स्ट्रीट लाइट, दीवारों की पेंटिंग और फिनिशिंग का काम पूरा किया जा रहा है। अंडरपास की दीवारों पर इंडिया गेट, कुतुब मीनार, भगवान बुद्ध और चंद्रयान की तस्वीरें बनाई गई हैं। जलभराव से बचाने के लिए भी इसका निर्माण इस तरह किया गया है कि आगे पानी जमा न हो। ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के जीएम एके सिंह ने बताया कि अंडरपास को तीन दिन के ट्रायल पर शुरू करने की प्राथमिकता है। ट्रायल के दौरान कोई कमी मिली तो उसे ठीक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे ग्रेटर नोएडा एक्सटेंशन के लोगों को जाम से राहत मिलेगी। गौर चौक अंडरपास परियोजना की शुरुआत करीब 60 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से हुई थी। निर्माण और अन्य जरूरी कामों के चलते इसकी लागत बढ़कर करीब 92 करोड़ रुपए हो गई। परियोजना में यूटिलिटी सेवाओं को दूसरी जगह शिफ्ट करना भी शामिल था। अंडरपास के मुख्य हिस्से की लंबाई करीब 160 मीटर है, जबकि पूरी परियोजना लगभग 730 मीटर क्षेत्र में फैली है। इसका मकसद गौर चौक पर यातायात का दबाव कम करना और वाहनों की आवाजाही आसान बनाना है। निर्माण जुलाई 2024 में शुरू हुआ था। इससे गौर सिटी, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और आसपास की सोसायटियों के साथ ही ग्रेटर नोएडा से गाजियाबाद जाने वाले लोगों को फायदा होगा। शुरुआती योजना के मुताबिक इसे लगभग 18 महीने में पूरा किया जाना था, लेकिन निर्माण के दौरान कई चुनौतियों के चलते काम प्रभावित हुआ। वायु प्रदूषण के कारण लागू ग्रेप प्रतिबंध, बारिश, यूटिलिटी सेवाओं की शिफ्टिंग और रैंप से जुड़े कार्यों में समय लगने से परियोजना निर्धारित समयसीमा से आगे बढ़ गई।
करौली पुलिस ने आगामी त्योहारों के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापार मंडल और सीएलजी सदस्यों के साथ बैठक की। कोतवाली थाने में हुई बैठक की अध्यक्षता एसपी लोकेश सोनवाल ने की। बैठक में शहर की यातायात व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, अपराध रोकने और साइबर फ्रॉड जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। एसपी ने व्यापारियों और शहरवासियों से आपसी तालमेल बनाए रखने की अपील की। उन्होंने किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने को कहा। व्यापार मंडल के सदस्यों और शहरवासियों ने बाजारों में यातायात व्यवस्था सुधारने और कानून-व्यवस्था बेहतर करने के सुझाव दिए। पुलिस अधिकारियों ने सुझावों के आधार पर जरूरी कार्रवाई का भरोसा दिया। पुलिस ने त्योहारों के दौरान बाजारों में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम करने की बात कही। आमजन से शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखने में सहयोग की अपील भी की। बैठक में एएसपी रामकुमार कस्वां, डीएसपी किशोर सिंह भदौरिया, कोतवाली थाना प्रभारी विनोद सांवरिया, साइबर थाना प्रभारी कुसुम और यातायात प्रभारी देवेश जाटव मौजूद रहे। व्यापार मंडल और सीएलजी के सदस्य भी बैठक में शामिल हुए।
बलरामपुर पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा 25 हजार रुपये का इनामी अपराधी आखिरकार दिल्ली में पकड़ा गया। तुलसीपुर पुलिस ने कई जनपदों में दर्ज मुकदमों में वांछित रामू उर्फ राजेश कश्यप उर्फ राजेश राजभर को दिल्ली की साकेत कोर्ट के दक्षिणी गेट के बाहर से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर अलग-अलग थानों में कुल 10 मुकदमे दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने बुधवार शाम 5:27 बजे गिरफ्तारी की जानकारी दी। गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से सिद्धार्थनगर जिले के कोतवाली क्षेत्र स्थित काशीराम कॉलोनी, ब्लॉक नंबर 28 का निवासी है। तुलसीपुर थाना क्षेत्र में चोरी की कई घटनाओं में उसका नाम सामने आया था। 18 नवंबर 2024 को नचौरा स्थित प्राथमिक विद्यालय से सोलर पैनल की दो बैटरियां चोरी हुई थीं। इस मामले में प्रधानाध्यापक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद 28 जून 2025 को ग्राम बिलोहा में माधुरी पत्नी तिलकराम के घर से मोबाइल, सोने के टॉप्स और लॉकेट चोरी होने का मामला सामने आया। वहीं, 3 जुलाई 2025 को शीतलापुर में हबीबुल्ला की दुकान से मोबाइल फोन चोरी होने की शिकायत पर भी तुलसीपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। 5 जुलाई 2025 को पुलिस ने आठ मोबाइल फोन, बदली हुई नंबर प्लेट लगी दो चोरी की मोटरसाइकिलें और पीली धातु के दो लॉकेट बरामद किए थे। इस संबंध में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे। इनमें भी आरोपी वांछित चल रहा था। लगातार फरार रहने के चलते न्यायालय से उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ था और गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। साकेत कोर्ट के बाहर से हुई गिरफ्तारी तुलसीपुर पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज की। एसएचओ सुधीर कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दिल्ली में दबिश दी और उसे साकेत कोर्ट के दक्षिणी गेट के बाहर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को साकेत न्यायालय के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के समक्ष पेश किया गया। वहां से दो दिन का ट्रांजिट रिमांड मिला। इसके बाद 4 नवंबर 2026 को तुलसीपुर थाने में आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ तुलसीपुर थाने में चोरी, चोरी की संपत्ति रखने, धोखाधड़ी और कूटरचना से संबंधित पांच मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा कोतवाली नगर बलरामपुर में चोरी का एक मुकदमा दर्ज है। सिद्धार्थनगर में मारपीट और अन्य धाराओं के तीन मुकदमे तथा जीआरपी आनंदनगर, गोरखपुर में एक मुकदमा दर्ज है। इनमें पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज एक मामला भी शामिल है।
हाईकोर्ट के जस्टिस पार्थ प्रतीम साहू और जस्टिस सुषमा सावंत ने बच्चे की कस्टडी को लेकर अहम फैसला सुनाया है। डिवीजन बेंच ने पिता अपील खारिज करते हुए कहा कि केवल शिक्षक होना और बेहतर शिक्षा देने की क्षमता रखना बच्चे की कस्टडी का आधार नहीं हो सकता। मां के साथ रह रहे बच्चे की देखभाल और पढ़ाई में कोई लापरवाही साबित नहीं होने पर उसे मौजूदा माहौल से हटाना उचित नहीं होगा। मामला बलौदाबाजार जिले का है। बलौदाबाजार निवासी टीचर पति ने पत्नी से विवाद के बाद तलाक ले लिया। फिर उसने ने दूसरी रचा ली। इधर, बचपन से पिता के प्यार से अनजान बेटे की उसने कस्टडी मांगी। फैमिली कोर्ट में सात साल के बेटे ने पिता की तरफ देखा तक नहीं। उसने पिता के साथ जाने की इच्छा भी नहीं जताई तो कोर्ट ने बेटे की कस्टडी देने से इंकार कर दिया। कस्टडी के लिए हाईकोर्ट में की थी अपील इस दंपती की शादी 28 अप्रैल 2015 को हुई थी। उनका एक बेटा है। इस दौरान पति-पत्नी में झगड़ा शुरू हुआ तो पति ने तलाक ले लिया। इसके बाद से बेटा मां के साथ रहने लगा। जिसके बाद पिता ने फैमिली कोर्ट में आवेदन देकर बेटे की कस्टडी मांगी थी। भरण-पोषण देने से बचने के लिए मांगी कस्टडी उन्होंने कहा कि वे शिक्षक हैं और संयुक्त परिवार में रहते हैं। परिवार के अन्य सदस्य भी बच्चे की देखभाल कर सकते हैं। वे बेटे को अंग्रेजी माध्यम स्कूल में बेहतर शिक्षा देना चाहते हैं। दूसरी तरफ मां ने बताया कि वह बेटे की पढ़ाई और परवरिश ठीक तरह से कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिता बेटे के जन्म के बाद से उसे देखने या अपने साथ ले जाने नहीं आए और भरण-पोषण की राशि भी नहीं दे रहे हैं। भरण पोषण की राशि देने से बचने के लिए बेटे की कस्टडी मांगी जा रही है। मां ने स्कूल फीस की रसीदें पेश कीं हाईकोर्ट ने पाया कि मां ने कक्षा दूसरी में पढ़ रहे बेटे की पढ़ाई से संबंधित फीस की रसीदें पेश की थीं। इससे स्पष्ट हुआ कि बच्चा अच्छे स्कूल में पढ़ रहा है। पिता ने अपनी दूसरी शादी की बात भी क्रॉस एग्जामिनेशन में स्वीकार की थी। हाईकोर्ट ने फैसले में कहा कि बच्चे की कस्टडी तय करने में माता-पिता के अधिकारों से ज्यादा बच्चे का कल्याण महत्वपूर्ण है। जब बच्चे की शिक्षा और देखभाल ठीक से हो रही है, तो केवल पिता की आर्थिक या शैक्षणिक क्षमता के आधार पर कस्टडी नहीं बदली जा सकती। त्योहार और जन्मदिन पर मिल सकेंगे पिता हाईकोर्ट ने पिता को बेटे से मिलने का अधिकार दिया है। वे त्योहारों, बेटे के जन्मदिन और स्कूल की लंबी छुट्टियों के दौरान मिल सकेंगे। इसके लिए पिता को पहले मां को सूचना देनी होगी और मुलाकात के समय व स्थान पर सहमति लेनी होगी। मुलाकात सार्वजनिक स्थान पर होगी। हाईकोर्ट ने मां से भी कहा है कि वे बच्चे के हित को ध्यान में रखते हुए मुलाकात के अनुरोध पर सकारात्मक रूप से विचार करें। कोई निश्चित दिन या समय तय नहीं किया। माता- पिता का अधिकार नहीं, बच्चे का हित अहम बच्चे की कस्टडी का फैसला करते समय अदालतें माता-पिता के अधिकार से ज्यादा बच्चे के हित को महत्व देती है। गार्डियंस एंड वार्ड्स एक्ट, 1890 की धारा 17 के अनुसार बच्चे की उम्र, शिक्षा, देखभाल और भलाई को ध्यान में रखकर कस्टडी तय की जाती है। वहीं हिंदू माइनॉरिटी एंड गार्जियनशिप एक्ट, 1956 की धारा 13 में भी बच्चे का कल्याण सर्वोपरि माना गया है। सुप्रीम कोर्ट ने नील रतन कुंडू विरुद्ध अभिजीत कुंडू के मामले में कहा था कि बच्चे का हित माता-पिता के कानूनी अधिकारों से ऊपर है। केवल पिता के पास अधिक पैसा होना या बेहतर शिक्षा देने की क्षमता होना कस्टडी पाने का आधार नहीं बन सकता।
छतरपुर जिले में बुधवार को ग्रामीण घायल बकरी को गोद में लेकर एसपी कार्यालय पहुंचा। उसने पड़ोसी पर लाठी मारकर बकरी का पैर तोड़ने का आरोप लगाया। ग्रामीण का कहना है कि थाने में सुनवाई नहीं हुई, इसलिए उसने एसपी से शिकायत की। लवकुशनगर थाना क्षेत्र के कर्री गांव के भईया लाल पटेल, ग्यादीन पटेल के बेटे हैं। उनका आरोप है कि उनकी बकरी पड़ोसी के बाड़े के बाहर घास चर रही थी। इसी बात पर देवकीनंदन पटेल से विवाद हुआ। भईया लाल का आरोप है कि देवकीनंदन ने लाठी से बकरी को मारा, जिससे उसका एक पैर टूट गया। विरोध करने पर आरोपी ने गाली-गलौज की और धमकी दी। भईया लाल के मुताबिक, घटना के बाद वह शिकायत लेकर लवकुशनगर थाने गए, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद वह घायल बकरी को लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की। एसपी कार्यालय में उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित थाना प्रभारी को निर्देश दिए गए हैं। बकरी का मेडिकल परीक्षण होगा और डॉक्टर की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। भईया लाल ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
झुंझुनूं के छापोली गांव में सोमवार को सड़क बना रहे आठ मजदूरों की करंट लगने से मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि सड़क निर्माण में उदयपुरवाटी के पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी का दबाव था। वहीं भास्कर से बातचीत में पूर्व विधायक ने आरोप नकारे थे। अब एक वीडियो सामने आया है जिससे आशंका खड़ी हो गई है कि क्या वन विभाग की संरक्षित जमीन पर आचार संहिता के बीच नियम विरुद्ध बन रही ये सड़क उदयपुरवाटी के पूर्व बीजेपी विधायक शुभकरण चौधरी की शह पर बनवाई जा रही थी? पढ़िए पूरी रिपोर्ट… दैनिक भास्कर को एक वीडियो मिला है। वीडियो 1 नवंबर 2026 का उदयपुरवाटी के बागौरा गांव में चुनाव प्रचार का है। इस वीडियो में पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी कह रहे हैं– कल-परसों में छापौली गया था। ग्रामीण कदंब कुंड धाम जाने वाले जंगल के रास्ते पर सड़क बनवाना चाहते थे। मुझे बोला तो मैंने उन्हें कहा कुछ करो। पंचायत समिति सदस्य चुनाव में बीजेपी का टिकिट लेने को कोई तैयार नहीं था। उन्होंने हां की तो मैंने उनका काम करने की कोशिश की है। चाहे कितनी ही लड़ाइयां लड़नी पड़ी पर उनका काम किया। अब लोगों को 3 तारीख को और 5 तारीख को हमारा भी काम करना पड़ेगा। कहीं बाद में ये मत बोल देना कि हम तो वोट देकर आ गए और बाद में कांटा निकाल दो तो ये तो नहीं चलेगा। आशीर्वाद तो पूरा देना पडे़गा। इसके साथ ही उन्होंने इस भाषण में बागौरा की कचरा निस्तारण की समस्या पर भी कहा- चाहे कुछ भी करना पड़े वो करेंगे और समस्या को दूर करेंगे पर इसके लिए लोगों को भी चुनावों में अपने मत का आशीर्वाद देना पडे़गा। ग्रामीणों ने हामी भरी तो सड़क निर्माण शुरू कराया आरोप ये भी है कि पूर्व विधायक ने ग्रामीणों से पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में बीजेपी का टिकट लेने और पंचायत समिति सदस्य व जिला परिषद सदस्यों के चुनावों में बीजेपी के पक्ष में मतदान करने की डिमांड भी रखी थी। ग्रामीणों ने इसके लिए पूर्व विधायक चौधरी को हामी भरी तो इसके बाद ही सड़क का निर्माण स्टार्ट करवाया गया था। इस सड़क का निर्माण स्थानीय ग्रामीण चंदा राशि जुटाकर करवा रहे थे। ग्रामीणों में इस बात का डर था कि अगर चुनाव में कुछ इधर-उधर हुआ तो पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी की नाराजगी से इस सड़क का निर्माण फिर से रुक सकता था। यही वजह थी कि हादसे में मारे गए ठेकेदार पर इस सड़क को चुनाव से पहले-पहले पूरा करने का दबाव था। यही जल्दबाजी और डर सड़क निर्माण में लगे 8 मजदूरों की जिंदगियां लील गया। 14 दिन पहले पूर्व विधायक से की थी दोबारा निर्माण शुरू कराने की मांग इससे पहले भास्कर पड़ताल में सामने आया था कि करीब 14 दिन पहले गांव वालों ने शुभकरण चौधरी से मीटिंग में इस सड़क का निर्माण दाेबारा स्टार्ट कराने की मांग की थी। इसके बाद में ही यहां काम शुरू हुआ था। मृतक ठेकेदार विष्णु के भाई बीरबल सिंह ने बताया था कि राजनीति के चलते ही उन पर इस एक महीने में पूरे होने वाले काम को 3 नवंबर की वोटिंग से पहले पूरा करने का दबाव था। वहीं दूसरे मृतक सुरेंद्र के रिश्ते में चाचा लगने वाले सुभाष मेहता ने बताया था कि इस काम में पॉलिटिक्स इन्वॉल्व थी। पहले इस सड़क निर्माण को रुकवाया गया फिर स्टार्ट करवाया गया। पंचायत समिति सदस्य करवाने के लिए इस काम को दबाव में करवाया गया था। वहीं सुरेंद्र के दूसरे चाचा सुशील कुमार सैनी ने भी हमें बताया कि इस सड़क निर्माण कार्य को पहले भी पूर्व बीजेपी विधायक शुभकरण चौधरी ने ही रुकवाया था। बाद में उन्होंने गांव वालों से स्पष्ट कह दिया था कि अगर हमारी पंचायत समिति सदस्य की सीट यहां से जीत जाएगी तो ये सड़क बन जाएगी और नहीं तो नहीं बन पाएगी। एक दिन पहले पूर्व विधायक ने ये कहा था- इस पूरे मामले को लेकर भास्कर ने एक दिन पहले पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी से बात की तो उन्होंने कहा था कि- उन्हें तो कोई जानकारी ही नहीं थी कि वहां कोई सड़क भी बन रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद भास्कर ने पूर्व विधायक से दाेबारा बात करने की कोशिश की, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ। इस तरह करंट की चपेट में आए मजदूर सड़क निर्माण के दौरान अचानक मिक्श्चर मशीन ढलान से लुढ़कने लगी। उसे पकड़ने के लिए सभी मजदूर और ठेकेदार दौड़े। उन्हें पता ही नहीं चला कि मशीन का हाइड्रोलिक जैक ऊपर से गुजर रही हाईवोल्टेज लाइन को टच हो गया और वो सभी करंट की चपेट में आ गए। हादसे में हालेड़ा मंडावरा निवासी हरिराम गुर्जर (30), मंगलचंद गुर्जर (22), कालूराम गुर्जर (29) और पवन गुर्जर (23), छापोली निवासी विष्णु सैनी (38), सुरेंद्र उर्फ सुरेश सैनी (30), मुकेश सैनी (27) और उदयपुरवाटी निवासी नितेश सैनी (32) की मौत हो गई। वहीं पांच अन्य मजदूर घायल हो गए, जिनका उदयपुरवाटी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है।
सराय अकिल थाना क्षेत्र के फकीराबाद गांव में निर्माण कार्य को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। फकीराबाद पावर हाउस के पास स्थित एक जमीन पर निर्माण कार्य को लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी समय से विवाद चला आ रहा था। SDM की रोक और पुलिस की एहतियाती कार्रवाई को भी दिखाया ठेंगा घटना से महज दो दिन पहले चायल के उपजिलाधिकारी (SDM) ने विवादित स्थल का संज्ञान लेते हुए दोनों पक्षों को निर्माण कार्य पूरी तरह रोकने और शांति बनाए रखने की हिदायत दी थी। साथ ही दोनों पक्षों को अपने-अपने जमीन से जुड़े दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए गए थे। इससे पहले 27 अक्टूबर 2026 को भी पुलिस ने एहतियातन कार्रवाई की थी। इसके बावजूद दोनों पक्ष बाज नहीं आए और 3 नवंबर की दोपहर आपस में भिड़ गए। सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस, मामले में केस दर्ज कर 8 को किया गिरफ्तार मारपीट की सूचना मिलते ही सराय अकिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने मामले की पड़ताल के बाद केस दर्ज किया और 4 नवंबर 2026 को दोनों पक्षों के 8 आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बसुहार निवासी विजय दत्त मिश्रा, फकीराबाद निवासी दीपक जायसवाल, रवि साहू, बबलू, पिंटू, नीरज दिवाकर, राजू और नत्थू शामिल हैं। कानून हाथ में लेने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई: सीओ चायल मामले में जानकारी देते हुए सीओ चायल शिवांक सिंह ने बताया कि शांति व्यवस्था भंग करने और कानून हाथ में लेने वाले दोनों पक्षों के सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है।
देवरिया की सदर कोतवाली पुलिस ने मोबाइल और मंगलसूत्र छीनने की दो घटनाओं में दो आरोपियों को बुधवार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से दो मोबाइल, 5 हजार रुपए और वारदात में इस्तेमाल पल्सर NS160 बाइक बरामद की। दो आरोपी फरार हैं। पुलिस ने बुधवार शाम 5 बजे मामले का खुलासा किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुरौली थाना क्षेत्र के नगउर निवासी मुलायम निषाद (20) और निलेश निषाद (22) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों को नगउर गांव में उनके घर से गिरफ्तार किया गया। बरामद मोबाइल वीवो Y400 और सैमसंग गैलेक्सी F13 हैं। 5 हजार रुपए मंगलसूत्र बेचने के बाद बची रकम है। 30 सितंबर को मालवीय रोड निवासी अमन पुत्र अशोक ने शिकायत दी थी कि मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति उनका आईफोन छीनकर फरार हो गया। इस मामले में सदर कोतवाली में केस दर्ज किया गया था। 27 अक्टूबर को गौरीबाजार थाना क्षेत्र के सेखई गांव निवासी अजय कुमार निषाद ने शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि गौरीबाजार से रुद्रपुर जाने वाले मार्ग पर मोटरसाइकिल सवार दो लोगों ने उनकी बहन संगीता देवी का मंगलसूत्र छीन लिया। इस मामले में गौरीबाजार थाने में केस दर्ज किया गया था। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के दो सदस्य सतेन्द्र उर्फ जर्सी और लालबाबू उर्फ लालू फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए तलाश कर रही है। बरामदगी के आधार पर सदर कोतवाली में बीएनएस की धारा 317(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
कानपुर देहात में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए खनिज विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार को चलाए गए अभियान के दौरान विभाग की टीम ने 18 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पांच लाख 29 हजार 380 रुपये का जुर्माना वसूल किया। वहीं, जुर्माना जमा नहीं करने वाले चार वाहनों को थाना भोगनीपुर की अभिरक्षा में सुपुर्द कर दिया गया। इन वाहनों को अग्रिम आदेश मिलने तक थाने में खड़ा रखा जाएगा। दरअसल, जिले में अवैध खनन, खनिजों के परिवहन और ओवरलोडिंग की शिकायतों पर अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देशन में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में चार नवंबर को खान अधिकारी के नेतृत्व में खनिज विभाग की टीम ने अभियान चलाकर वाहनों की जांच की। जांच के दौरान कुल 18 वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इन वाहनों से नियमानुसार पांच लाख 29 हजार 380 रुपये का जुर्माना वसूला गया। कार्रवाई के दौरान चार वाहन ऐसे भी मिले, जिनके संचालकों ने निर्धारित जुर्माना जमा नहीं किया। इसके बाद विभाग ने इन चारों वाहनों को थाना भोगनीपुर की अभिरक्षा में सुपुर्द कर दिया। खनिज विभाग की इस कार्रवाई से अवैध खनन और ओवरलोडिंग कर खनिजों का परिवहन करने वाले वाहन संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों के मुताबिक, नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जुर्माना जमा नहीं करने वाले वाहनों को भी नियमानुसार कार्रवाई पूरी होने तक अभिरक्षा में रखा जाएगा। अब देखना होगा कि खनिज विभाग का यह अभियान जिले में अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर कितना प्रभावी अंकुश लगा पाता है।
राज्य शिक्षा संस्थान प्रयागराज में राष्ट्रीय जनसंख्या शिक्षा कार्यक्रम के तहत राज्य स्तरीय लोकनृत्य, निबंध और पोस्टर/पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन बुधवार को किया गया, जिसमें प्रदेश के 17 जनपदों के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता के लोकनृत्य और पोस्टर/पेंटिंग वर्ग में नोएडा के विद्यार्थियों ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि निबंध प्रतियोगिता में प्रतापगढ़ के मेधावी अव्वल रहे। शिक्षा मंत्रालय और एनसीईआरटी नई दिल्ली के निर्देशन में हुई इस प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने बालिकाओं को समान अवसर, स्वस्थ जीवन, मादक पदार्थों की रोकथाम तथा इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग जैसे विषयों पर अपनी प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार वर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि लोकनृत्य हमारी सभ्यता और सांस्कृतिक पहचान को जीवंत करने का सशक्त माध्यम है। विशिष्ट अतिथि एसएस खन्ना गर्ल्स डिग्री कॉलेज की प्रो. रेखा रानी और बीएसए अनिल कुमार ने भी बच्चों के सर्वांगीण विकास में ऐसी गतिविधियों को महत्वपूर्ण बताया। संस्थान के प्राचार्य राजेन्द्र प्रताप ने विद्यार्थियों में तर्कसंगत दृष्टिकोण विकसित करने पर बल दिया। लोकनृत्य प्रतियोगिता के विजेताइसमें राजकीय इण्टर कॉलेज नोएडा, गौतमबुद्धनगर ने प्रथम, श्री मल्हू सिंह आर्य कन्या इण्टर कॉलेज मटौर दौराला, मेरठ ने द्वितीय और राजकीय कन्या इण्टर कॉलेज बस्ती ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निबंध प्रतियोगिता के विजेताइसमें रामनारायण इण्टर कॉलेज पट्टी प्रतापगढ़ की पलक गुप्ता प्रथम, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बुलन्दशहर की मोमिना द्वितीय और आर्यकन्या पाठशाला इंटर कॉलेज हापुड़ की टीना तृतीय स्थान पर रहीं। पोस्टर व पेंटिंग प्रतियोगिता के विजेताइसमें राजकीय इंटर कालेज नोएडा गौतमबुद्धनगर की सादिया खान ने प्रथम, मदन मोहन कनोडिया बालिका इंटर कॉलेज फर्रुखाबाद की जेशिका सक्सेना ने द्वितीय और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सिविल लाइन्स, प्रयागराज की मिस्टी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. शीलू कश्यप, डॉ. अशीत कुमार मौर्य और उर्मिला शर्मा ने निष्पक्ष भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन योगिराज मिश्र ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन सहायक उप शिक्षा निदेशक डॉ. निहारिका कुमार ने दिया।
जोधपुर हाईकोर्ट की वेबसाइट पर फर्जी जमानत आदेश अपलोड करने के मामले में कुड़ी भगतासनी थाना पुलिस ने धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। थाने के SI सहदेव भाटी ने बताया कि NDPS मामले के आरोपी कलविंदर सिंह पनेसर पर अपने तीन फर्जी जमानत आदेश वेबसाइट पर अपलोड करने का आरोप है। इनमें 26 अक्टूबर का आदेश हाईकोर्ट प्रशासन ने फर्जी माना है। आदेश की नंबरिंग और उसमें लोक अभियोजक के रूप में दर्ज नाम पर भी सवाल उठे हैं। मामला सामने आने के बाद हाईकोर्ट प्रशासन ने फर्जी आदेश हटाने की प्रक्रिया शुरू कर कानूनी कार्रवाई की तैयारी की है। आरोपी के खिलाफ श्रीगंगानगर के राजियासर थाने में अफीम तस्करी का मामला दर्ज है, जिसमें 8 किलो 61 ग्राम अफीम बरामद हुई थी। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
उदयपुर जिले में पंचायतीराज और जिला परिषद चुनाव में कहीं मतदान का प्रतिशत 80 के पार पहुंचा। दूसरी तरफ 60 प्रतिशत से भी नीचे रहा। तीनों चरणों के कुल मतदान प्रतिशत में दूसरा चरण सबसे आगे रहा, जबकि अंतिम चरण में मतदान का प्रतिशत सबसे कम दर्ज किया गया। पंचायत समिति वार आंकड़ों में पहले चरण की नाई पंचायत समिति ने सबसे ज्यादा मतदान का रिकॉर्ड बना। यहां 81.05 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले। वहीं, तीनों चरणों में सबसे कम मतदान दूसरे चरण की सायरा पंचायत समिति में 58.44 प्रतिशत रहा। जिले में तीनों चरणों के मतदान प्रतिशत की तुलना करें तो दूसरे चरण में 69.47 प्रतिशत मतदान हुआ। पहले चरण में यह आंकड़ा 66.91 प्रतिशत रहा, जबकि तीसरे और अंतिम चरण में 64.94 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इस तरह दूसरे चरण के मुकाबले पहले चरण में 2.56 प्रतिशत अंक और तीसरे चरण में 4.53 प्रतिशत अंक कम मतदान हुआ। वहीं, पहले और तीसरे चरण के मतदान प्रतिशत में 1.97 प्रतिशत अंक का अंतर रहा। पहले चरण में नाई में 81% तो कुराबड़ में 58% पहले चरण की 10 पंचायत समितियों में नाई में सर्वाधिक 81.05 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके बाद झाड़ोल में 75.64, ओगणा में 74.78 और फलासिया में 73.46 प्रतिशत वोटिंग हुई। गिर्वा में 69.40 और घासा में 65.51 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मावली में 62.30, वल्लभनगर में 61.29 और भींडर में 60.18 प्रतिशत मतदान हुआ। इस चरण में सबसे कम मतदान कुराबड़ पंचायत समिति में 58.97 प्रतिशत रहा। दूसरे चरण में कोटड़ा में 78% तो सायरा में 58% दूसरे चरण की छह पंचायत समितियों में कोटड़ा में सबसे ज्यादा 78.15 प्रतिशत मतदान हुआ। देवला में 72.94 और बड़गांव में 71.16 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले। गोगुंदा में 69.41 और सुलाव में 68.38 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं, सायरा पंचायत समिति में सबसे कम 58.44 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। तीसरे चरण में कल्याणपुर आगे, खेरवाड़ा में सबसे कम मतदान तीसरे और अंतिम चरण की चार पंचायत समितियों में कल्याणपुर में सर्वाधिक 67.06 प्रतिशत मतदान हुआ। ऋषभदेव में 66.75 और नयागांव में 64.87 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया। खेरवाड़ा पंचायत समिति में सबसे कम 62.68 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
रामपुर रबी फसलों की बुवाई के सीजन में किसानों को खाद की किल्लत न हो, इसके लिए सहकारिता विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। जिले की सभी 64 सहकारी समितियों पर खाद वितरण बहाल कर दिया गया है और किसानों को लगातार खाद दी जा रही है। विभाग के अनुसार रबी अभियान के तहत अब तक सहकारी समितियों के माध्यम से 2857 मीट्रिक टन डीएपी और 3273 मीट्रिक टन एनपीके समेत कुल 6130 मीट्रिक टन खाद का वितरण किया जा चुका है। एआर कोऑपरेटिव शिवम मलिक ने बुधवार की शाम पांच बजे बताया कि पैक्स सचिवों की मांगों को लेकर की गई हड़ताल के कारण पिछले एक-दो दिनों तक खाद वितरण में आंशिक व्यवधान आया था। इससे कई समितियों पर किसान परेशान हुए थे। हालांकि 30 अक्टूबर से सभी समितियों पर वितरण व्यवस्था दोबारा सुचारू रूप से शुरू करा दी गई है। वितरण कार्य में लापरवाही और व्यवधान उत्पन्न करने पर विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए 13 पैक्स सचिवों और 45 धान क्रय केंद्र प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। किसानों को खाद की कमी न होने पाए, इसके लिए बफर गोदाम में पर्याप्त भंडार रखा गया है। वर्तमान में बफर गोदाम में 7181 मीट्रिक टन यूरिया, 2000 मीट्रिक टन डीएपी और 1707 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है। किसानों को समय पर उर्वरक मिल सके इस तरह कुल 10888 मीट्रिक टन खाद का स्टॉक मौजूद है। यहां से रोजाना जरूरत के अनुसार सहकारी समितियों को खाद भेजी जा रही है, ताकि किसानों को समय पर उर्वरक मिल सके। ऐप के माध्यम से बुकिंग कराकर खाद प्राप्त विभाग द्वारा सभी सहकारी समितियों पर खाद वितरण की नियमित निगरानी की जा रही है। एआर कोऑपरेटिव ने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक वितरण ऐप के माध्यम से बुकिंग कराकर खाद प्राप्त करें और फसलों में उर्वरकों का संतुलित उपयोग करें।
बीकानेर में पहली बार होगी मैराथन:एक साथ 21 किलोमीटर तक दौड़ेंगे युवा, 27 दिसम्बर को आयोजन
बीकानेर रन क्लब की ओर से बीकानेर की पहली मैराथन का आयोजन 27 दिसंबर 2026 को किया जाएगा। जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, नगर निगम, बीकानेर विकास प्राधिकरण एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त सहयोग से होने वाला यह आयोजन शहर में फिटनेस, स्वास्थ्य और खेल संस्कृति को बढ़ावा देगा। आयोजकों के अनुसार, इस मैराथन का उद्देश्य केवल दौड़ का आयोजन करना नहीं, बल्कि बीकानेर की समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत, पर्यटन और खान-पान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना और आमजन को स्वास्थ्य, फिटनेस और नियमित व्यायाम के प्रति जागरूक करना है। चार श्रेणियों में होगी दौड़ रन क्लब के संयोजक इशान शर्मा ने बताया कि मैराथन में प्रतिभागियों के लिए 2 किलोमीटर, 5 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 21 किलोमीटर की चार श्रेणियां रखी गई हैं। 2 किलोमीटर फन रन में प्रतिभागियों को टी-शर्ट प्रदान की जाएगी, जबकि 5K, 10K और 21K के प्रतिभागियों को टी-शर्ट, मेडल, टाइमिंग बिब और रिफ्रेशमेंट की सुविधा मिलेगी। दौड़ की शुरुआत सुबह 5 बजे होटल लक्ष्मी निवास पैलेस से होगी। निर्धारित रूट के अनुसार धावक म्यूजियम चौराहा, हल्दीराम प्याऊ, सागर और नापासर सर्कल सहित विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए फिर से होटल लक्ष्मी निवास पैलेस पहुंचेंगे। धावकों को मिलेगा सम्मान मैराथन की विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले धावकों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। आयोजन के माध्यम से बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों सहित समाज के प्रत्येक वर्ग को फिटनेस गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। मैराथन के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस संबंध में पुलिस विभाग के वृत्ताधिकारी (शहर) श्री अनुज डाल, विकास सिंह एवं बीकानेर रन क्लब के संस्थापक ईशान शर्मा का कहना है कि बीकानेर रन क्लब फिटनेस, खेल और पर्यटन के मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में प्रयास कर रहा है।
शिवपुरी में बंद मिला सरकारी स्कूल:2 टीचर भी एब्सेंट, DPC ने किया निरीक्षण; दोनों को नोटिस जारी होगा
शिवपुरी में बुधवार को जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) दफेदार सिंह सिकरवार ने ग्रामीण इलाकों के आधा दर्जन स्कूलों का निरीक्षण किया। दोपहर 2.20 बजे प्राथमिक विद्यालय रौदा बंद मिला। स्कूल के गेट पर ताला लगा था। स्कूल में पदस्थ दोनों शिक्षिकाएं वंदना शर्मा और रामा शर्मा अनुपस्थित थीं। डीपीसी ने बताया कि दोनों को नोटिस जारी कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। निरीक्षण के दौरान जनशिक्षक अरविंद सरैया भी मौजूद रहे। मोहम्मदपुर प्राथमिक स्कूल में दोपहर 2.40 बजे डीपीसी ने कक्षा 1 के छात्र दिलजीत सिंह रावत से पहाड़े पूछे। छात्र ने 20 तक पहाड़े सुनाए। डीपीसी ने उसे शैक्षणिक सामग्री के लिए नकद राशि देकर पुरस्कृत किया। मॉडनखेड़ी प्राथमिक स्कूल में 29 में से 22 विद्यार्थी उपस्थित मिले। बच्चों का दक्षता स्तर संतोषजनक पाया गया। डीपीसी ने स्कूल परिसर साफ रखने के निर्देश दिए। खजूरी प्राथमिक स्कूल भी खुला मिला। दोपहर 1.40 बजे मुढैरी एकीकृत माध्यमिक स्कूल पहुंचे डीपीसी को सभी शिक्षक उपस्थित मिले, लेकिन विद्यार्थियों की संख्या कम थी। उन्होंने शिक्षकों से अभिभावकों के संपर्क में रहने और हर कक्षा का वाट्सएप ग्रुप बनाने को कहा। एब्सेंट टीचर्स को नोटिस जारी डीपीसी ने निर्देश दिए कि अनुपस्थित बच्चों की जानकारी ग्रुप में साझा की जाए, ताकि अभिभावक उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कर सकें। दफेदार सिंह सिकरवार, डीपीसी शिवपुरी ने कहा, “रौदा स्कूल दोपहर 2.20 बजे बंद मिला। दोनों शिक्षिकाओं को नोटिस जारी कर रहे हैं। उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।”
अरुणाचल प्रदेश की दिबांग घाटी में 14 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के दौरान आजमगढ़ के रहने वाले सेना के हवलदार लापता हो गए थे। लापता हुए सेना के हवलदार उपेंद्र यादव का पार्थिव शरीर बुधवार को उनके पैतृक गांव मोहम्मदल्ला पहुंचा। करीब दो महीने तक बेटे के सुरक्षित लौटने की आस लगाए बैठे परिवार को जब उनके निधन की खबर मिली तो घर में चीख-पुकार मच गई। जवान का पार्थिव शरीर अस्थि अवशेष गांव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों और क्षेत्र के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इसके साथ ही बड़ी संख्या में अंतिम यात्रा में शामिल लोगों ने नम आँखों से वीर जवान को श्रद्धांजलि दी। डीएनए से हुई पहचान सिधारी थाना क्षेत्र के मोहम्मदल्ला गांव निवासी उपेंद्र यादव सेना की पांचवीं ग्रेनेडियर रेजिमेंट में हवलदार के पद पर तैनात थे। बीते 14 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली जिले में आई भीषण बाढ़ के दौरान वह लापता हो गए थे। इस आपदा में सेना के पांच जवान लापता हुए थे, जबकि दो जवानों को सुरक्षित बचा लिया गया था। घटना के बाद से ही सेना की ओर से लापता जवानों की तलाश की जा रही थी।उधर, उपेंद्र यादव के परिजन लगातार उनके सकुशल होने की उम्मीद लगाए बैठे थे। परिवार को भरोसा था कि वह एक दिन घर जरूर लौटेंगे। इसी बीच बाढ़ के बाद बरामद हुए एक शव की पहचान के लिए डीएनए परीक्षण कराया गया। उपेंद्र यादव के भाई सत्येंद्र यादव के मुताबिक, शव के आधे हिस्से का डीएनए परीक्षण कराया गया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर उसकी पहचान हवलदार उपेंद्र यादव के रूप में हुई। इसके बाद सेना की ओर से परिवार को उनके निधन की सूचना दी गई। बुधवार को जवान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो परिजनों का धैर्य जवाब दे गया। माता-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। दो महीने से जिस घर में उनके लौटने की उम्मीद बनी हुई थी। वहां मातम पसर गया। अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे ग्रामीणों ने नम आंखों से जवान को श्रद्धांजलि दी। हवलदार उपेंद्र यादव के निधन से मोहम्मदल्ला गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
एटा में सड़क सुरक्षा और गड्ढामुक्ति अभियान की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने अवैध कट बंद कराने और दुर्घटना की आशंका वाले ब्लैक स्पॉट सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि काम में लापरवाही पर अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। बुधवार शाम 4:30 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति और गड्ढामुक्ति अभियान की बैठक हुई। डीएम ने अधिकारियों से फील्ड में जाकर काम की निगरानी करने को कहा। डीएम ने कहा कि अवैध कट दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। इन्हें अभियान चलाकर तुरंत बंद कराया जाए। स्थायी कट बंद करने की टेंडर प्रक्रिया में देरी हो तो अस्थायी इंतजाम करके भी कट पूरी तरह बंद किए जाएं। उन्होंने परिवहन विभाग की बसों को तय जगहों पर खड़ा कराने और नियम तोड़ने पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। रोडवेज बसों की व्यवस्था ठीक न रखने और काम में रुचि न लेने पर एटा के रोडवेज एआरएम से जवाब मांगने को कहा। डीएम ने एआरटीओ को ई-रिक्शा की शत-प्रतिशत पहचान करने और उनके तय रूट जल्द लागू करने के निर्देश दिए। प्रमुख सड़कों और घुमावदार जगहों पर संकेतक बोर्ड लगाने को भी कहा, ताकि वाहन चालकों को रास्ते की जानकारी पहले से मिल सके। गड्ढामुक्ति अभियान की समीक्षा में डीएम ने लोक निर्माण विभाग, आरईडी, जिला पंचायत, खंड विकास अधिकारियों और नगरीय निकायों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान में सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं चलेगी।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक भर्ती के अभ्यर्थियों को अनुभव प्रमाणपत्र जमा करने में राहत दी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि अभ्यर्थियों को विज्ञापन के परिशिष्ट-2 के निर्धारित प्रारूप के अनुसार सक्षम अधिकारी से अनुमोदित या प्रतिहस्ताक्षरित अनुभव प्रमाणपत्र समय से प्राप्त नहीं हो पा रही है तो वे फिलहाल संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य से हस्ताक्षर कराकर आवेदन सबमिट कर सकते हैं। आयोग के उपसचिव संजय कुमार सिंह की ओर से 4 नवंबर को जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि अभ्यर्थी निर्धारित प्रारूप में अनुभव प्रमाणपत्र से संबंधित सभी जरूरी जानकारियां भरकर आवेदन के साथ संलग्न कर सकते हैं। हालांकि, यह केवल आवेदन के समय दी गई छूट है। साक्षात्कार के समय प्रमाणपत्र देना अनिवार्य आयोग ने साफ किया है कि साक्षात्कार और अभिलेख सत्यापन के समय सक्षम अधिकारी द्वारा अनुमोदित और प्रतिहस्ताक्षरित अनुभव प्रमाणपत्र अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा। ऐसा नहीं करने पर अभ्यर्थी का अभ्यर्थन निरस्त कर दिया जाएगा। इसके बाद उसे प्रमाणपत्र जमा करने के लिए कोई दूसरा अवसर नहीं मिलेगा। यह आदेश आयोग के विज्ञापन संख्या 08/2026 और 09/2026 के तहत प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक पदों पर आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए जारी किया गया है। 2011 से पहले एडमिशन वाले अभ्यर्थी भी बन सकेंगे सहायक अध्यापक उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने सहायक अध्यापक (स्नातक वेतनक्रम) की भर्ती में भी बड़ी राहत दी है। अब वे अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकेंगे, जिन्होंने 29 जुलाई 2011 से पहले बी.एड., प्रारंभिक शिक्षा में स्नातक या समकक्ष कोर्स में दाखिला लिया था। इनके लिए स्नातक स्तर पर न्यूनतम अंक प्रतिशत की शर्त लागू नहीं होगी। आयोग ने कहा कि उत्तर प्रदेश शासन के शासनादेश संख्या-1528/15-05-2026-1600(42)/2026 दिनांक 04.11.2026 के आधार पर यह फैसला लिया गया है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की अधिसूचना और माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश की विज्ञप्ति के अनुरूप परिषद नियमों में बदलाव किया गया है।आयोग के विज्ञापन संख्या-07/2026 के तहत प्रदेश के मान्यता प्राप्त एवं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक पदों के लिए यह छूट लागू होगी। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित अंतिम तिथि तक आवेदन कर सकते हैं। प्रधानाचार्य के 1475 पदों पर हो रही भर्ती अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्य के 1,475 पदों पर भर्ती निकली है (बालक विद्यालयों के लिए 1,318 पद और बालिका विद्यालयों के लिए 157 पद)। इसके अलावा प्रधानाध्यापक के 1,172 पद भी शामिल हैं।वहीं, अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक (TGT) के कुल 17,735 पदों पर भर्ती निकली है (बालक विद्यालयों के लिए 16,193 पद और बालिका विद्यालयों के लिए 1,542 पद)। इन पदों पर आवेदन करने की अंतिम तारीख 22 नवंबर है। जबकि 7 जनवरी 2027 को इसकी लिखित परीक्षा होगी। परीक्षा में 120 सवाल पूछे जाएंगे। सही जवाब पर 3 अंक मिलेंगे। वहीं गलत जवाब पर 1 अंक की कटौती होगी।
सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को आरक्षित सीटों के रोटेशन की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई। CJI सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह कोर्ट के बजाय प्रदर्शन क्यों नहीं कर रहा। उन्होंने हल्के अंदाज में कहा, “आप गलत नंबर डायल कर रहे हैं। यह प्रदर्शन और आंदोलन का दौर है। शायद आपको भी ऐसा ही करना चाहिए।” याचिका में संसद और राज्य विधानसभाओं की अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित सीटों का अनिवार्य रोटेशन लागू करने की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दखल देने से इनकार कर दिया। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि उनका प्रदर्शन करने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि उनका गला खराब है। जगदीश सिंह उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले की 191-कादीपुर विधानसभा सीट के मतदाता हैं। उन्होंने इस सीट के 1952 के पहले चुनाव से लगातार SC के लिए आरक्षित रहने को चुनौती दी थी। उन्होंने कहा कि इससे सिर्फ चार या पांच परिवारों को फायदा हुआ है। उन्होंने कम से कम अधिकारियों को विधानसभा सीटों के आरक्षण में रोटेशन लागू करने पर विचार करने का निर्देश देने की मांग की। पंचायत और नगर निकाय चुनावों में आरक्षित सीटों के लिए रोटेशन की व्यवस्था पहले से लागू है। याचिकाकर्ता ने विधानसभा सीटों के लिए भी ऐसी व्यवस्था लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि रोटेशन की व्यवस्था नहीं होने से संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 19 का उल्लंघन होता है। इससे मतदाताओं के चुनाव विकल्प सीमित होते हैं। याचिकाकर्ता के मुताबिक, मतदाता केवल SC समुदाय के उम्मीदवारों में से ही चुनाव कर सकते हैं। इसी आधार पर उन्होंने आरक्षित सीटों के मौजूदा प्रावधान को चुनौती दी। जाति के आधार पर वोटिंग मानने से इनकार CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा कि मतदान को जाति के आधार पर होने वाला मान लेना सही नहीं है। जस्टिस बागची ने कहा, “यह तर्क इस धारणा पर आधारित है कि बहुसंख्यक समुदाय जाति या समुदाय के आधार पर वोट करेगा। यह जरूरी नहीं है।” उन्होंने कहा कि कोर्ट लोकतांत्रिक फैसलों पर न्यायिक घोषणा नहीं कर सकता। यह फैसला मतदाताओं को करना है। जस्टिस बागची ने कहा कि किसी सीट के आरक्षित होने से किसी व्यक्ति का वोट देने का अधिकार प्रभावित नहीं होता। उन्होंने कहा, “आपका वोट देने का अधिकार बना रहता है। आप किसी भी समुदाय के उम्मीदवार को वोट देने के लिए स्वतंत्र हैं।” उन्होंने आगे कहा, “यह कहना कि आप अपने समुदाय के उम्मीदवार को वोट नहीं दे सकते, वैध तर्क नहीं माना जा सकता।” जस्टिस बागची ने यह भी कहा कि चुनाव लड़ने का अधिकार केवल एक सीट तक सीमित नहीं है। कोई व्यक्ति दूसरी गैर-आरक्षित सीटों से चुनाव लड़ सकता है। धर्म और जाति के आधार पर वोट नहीं जस्टिस बागची ने कहा कि बहुदलीय लोकतंत्र में मतदाताओं से राजनीतिक दलों और उनकी विचारधारा के आधार पर वोट देने की उम्मीद की जाती है। उन्होंने कहा, “मतदाताओं से पार्टी और उसकी विचारधारा के लिए वोट करने की उम्मीद होती है, धर्म के आधार पर नहीं।” उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति किसी विचारधारा का समर्थन या विरोध कर सकता है। उस विचारधारा का प्रतिनिधित्व करने वाले व्यक्ति की पहचान अहम नहीं रह जाती। सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षित सीटों के लिए रोटेशन सिस्टम लागू करने की मांग वाली याचिका में दखल देने से इनकार कर दिया। बेंच ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 332 SC और ST के लिए सीटों के आरक्षण का प्रावधान करता है। किन सीटों को आरक्षित किया जाएगा, यह अलग विषय है। कोर्ट ने कहा कि किसी सीट को आरक्षित करने के लिए अपनाए गए मानदंड से असहमति होने भर से पूरी प्रक्रिया असंवैधानिक नहीं हो जाती। कोर्ट की भूमिका यह देखना है कि प्रक्रिया में कोई साफ या स्पष्ट मनमानी हुई है या नहीं। जस्टिस बागची ने कहा कि लंबे समय तक आरक्षण से समाज में जाति आधारित विभाजन की भावना बढ़ती है या नहीं, इसका आकलन विधायिका को करना है। उन्होंने कहा कि केवल इस आधार पर किसी मौजूदा कानून को असंवैधानिक घोषित नहीं किया जा सकता। कोर्ट बोला- संविधान को दोबारा नहीं लिख सकते याचिकाकर्ता के वकील ने संविधान के अनुच्छेद 243D और 243T का हवाला दिया। इन अनुच्छेदों में पंचायतों और नगर निकायों में आरक्षण और रोटेशन का प्रावधान है। जस्टिस बागची ने कहा कि संविधान में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए अलग व्यवस्था है। कोर्ट संवैधानिक प्रावधानों को दोबारा नहीं लिख सकता। जब वकील ने विधानसभा सीटों पर भी रोटेशन व्यवस्था लागू करने के लिए कानून की अलग व्याख्या करने की मांग की, तो जस्टिस बागची ने कहा, “हम संसद के तीसरे सदन की भूमिका नहीं निभा सकते।” इसके बाद CJI सूर्यकांत ने फिर कहा, “आप गलत नंबर डायल कर रहे हैं। यह प्रदर्शन और आंदोलन का दौर है। शायद आपको भी ऐसा ही करना चाहिए।” वकील ने माफी मांगते हुए कहा कि उनका प्रदर्शन करने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका गला खराब है। इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा, “आप निश्चित तौर पर आवाज उठा सकते हैं और कह सकते हैं कि संसद के लिए इस मुद्दे पर फिर से विचार करने का समय आ गया है। लेकिन यह फैसला केवल विधायिका ही कर सकती है।”
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से देवा शरीफ स्थित सूफी संत हजरत हाजी वारिस अली शाह की दरगाह पर लगने वाले वार्षिक मेले के लिए चादर भेंट की गई। दरगाह पर चादरपोशी कर प्रदेश में अमन-चैन, खुशहाली, आपसी भाईचारे और तरक्की के लिए दुआ की जाएगी। चादर पेश करने के लिए सपा का प्रतिनिधिमंडल बाराबंकी के विधायक धर्मराज सिंह उर्फ सुरेश यादव और पार्टी के जिलाध्यक्ष हाफिज अयाज अहमद के नेतृत्व में पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में मोहम्मद कय्यूम, हजरत अकबरशाह, हजरत पंछी शाह, हजरत निराले शाह, हजरत नियाज शाह वारसी और हजरत बाबुल शाह वारसी भी शामिल रहे। वहीं, चादर ग्रहण करने वालों में हजरत मकबूल शाह, कलीम शाह, मौलाना इस्राइल, राजकुमार यादव और एहराम पोश जी शामिल थे। देवा शरीफ की दरगाह हजरत हाजी वारिस अली शाह की सूफी परंपरा और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए प्रसिद्ध है। वार्षिक मेले के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचते हैं और अमन, मोहब्बत व भाईचारे का संदेश देते हैं।
राजगढ़ जिले के जीरापुर में पटाखों की दुकानें लगाने के लिए नगर पालिका ने रहवासी कॉलोनी के स्कूल ग्राउंड में जगह दी है। लेकिन बुधवार को यहां लगी दुकानों में सुरक्षा के जरूरी इंतजाम नजर नहीं आए। सभी दुकानें आमने-सामने थीं और उनके बीच पर्याप्त दूरी भी नहीं थी। दुकानों पर आग बुझाने के लिए न रेत-पानी की बाल्टियां रखी गई थीं और न फायर सिलेंडर। हालांकि, मौके पर एक फायर ब्रिगेड खड़ी थी। ग्राउंड के बाहर साप्ताहिक हाट बाजार लगा था। परिसर में मवेशियों के लिए छड़ी-बिड़ा बेचने वाले भी मौजूद थे। आसपास रहवासी मकान और दूसरी दुकानें होने से पटाखा बाजार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे में आग लगने की स्थिति में बड़ा हादसा होने की आशंका है। सभी दुकानें आमने-सामने, आग बुझाने के साधन भी नहीं स्कूल ग्राउंड में पटाखों की दुकानें खुले आसमान के नीचे लगाई गई हैं। बुधवार को सभी दुकानें खुली थीं और एक-दूसरे के आमने-सामने थीं। उनके बीच बिल्कुल दूरी नहीं थी। दुकानों पर पटाखों का स्टॉक रखा था, लेकिन आग से बचाव के लिए रेत-पानी की बाल्टियां और फायर सिलेंडर नहीं रखे गए थे। मौके पर एक फायर ब्रिगेड जरूर खड़ी थी। वहीं, ग्राउंड के बाहर साप्ताहिक हाट बाजार लगा था और परिसर में मवेशियों के लिए छड़ी-बिड़ा बेचने वाले भी मौजूद थे। आसपास रहवासी मकान और दूसरी दुकानें भी हैं। ऐसे में पटाखों में आग लगने की स्थिति में आसपास के लोगों और दुकानों तक खतरा पहुंच सकता है। तहसीलदार बोले- दुकानों के बीच 10 फीट की दूरी करवाएंगे तहसीलदार सोनू गुप्ता ने कहा, “पटाखों की दुकानों के बीच कम से कम 10 फीट की दूरी अनिवार्य की है। ऐसा मेरे संज्ञान में आया है कि वे लोग पास में बैठ गए, तो अभी मैंने थाना प्रभारी और मुख्य नगरपालिका अधिकारी को सूचित किया है। वो लोग पहुंचकर उनके बीच में 10 फीट की दूरी करवाएंगे और उसको व्यवस्थित करवा दिया जाएगा।” रहवासी इलाके से 50 से 60 फीट दूरी रखने का दावा रहवासी क्षेत्र में पटाखा बाजार लगाने के सवाल पर तहसीलदार ने कहा, “दरअसल रहवासी इलाका तो है, लेकिन वहां काफी स्पेस है अपनी दुकानों के हिसाब से। कम से कम 50 से 60 फीट की दूरी रखी जाएगी रहवासी इलाके से... और बाकी एक तरफ रहवासी इलाका है, दूसरी तरफ खाली स्थान पड़ा हुआ है उसमें और काफी जगह है, तो आसानी से दुकानें आ जाएंगी और फायर के पूरे इंतजाम रहेंगे फायर सुरक्षा हेतु।” दुकानें लगने के बाद दूरी करवाने के निर्देश तहसीलदार के बयान से स्पष्ट है कि दुकानों के बीच दूरी नहीं होने की जानकारी मिलने के बाद थाना प्रभारी और सीएमओ को व्यवस्था सुधारने के लिए कहा गया। सवाल यह है कि नगर पालिका ने पटाखों की दुकानें लगवाने से पहले सुरक्षा इंतजामों की जांच क्यों नहीं की? जब दुकानों के बीच 10 फीट की दूरी जरूरी है, तो सभी दुकानें आमने-सामने कैसे लग गईं? आग बुझाने के जरूरी इंतजाम भी पहले से क्यों नहीं किए गए?
डीडवाना में ठगों ने दुकानों के असली QR कोड पर फर्जी QR स्टीकर चिपकाकर ग्राहकों का पेमेंट अपने खातों में भेजा। शुरुआती जानकारी के मुताबिक शहर की 6 से 7 दुकानों को निशाना बनाया। दुकानदारों के खातों में रकम नहीं पहुंचने पर ठगी का पता चला। दुकानदारों ने ग्राहकों की सुविधा के लिए दुकानों और काउंटरों पर डिजिटल पेमेंट के QR कोड लगाए थे। ठगों ने असली कोड के ऊपर उससे मिलता-जुलता फर्जी स्टीकर चिपका दिया। ग्राहक कोड स्कैन कर पेमेंट करते, तो रकम दुकानदार के बजाय ठगों के खातों में पहुंच जाती थी। शुरुआत में दुकानदारों को लगा कि नेटवर्क या सर्वर की तकनीकी दिक्कत के कारण पेमेंट नहीं आ रहा। लगातार ग्राहकों के पेमेंट करने के बाद भी रकम खाते में जमा नहीं हुई, तो दुकानदारों ने QR कोड जांचे। तब पता चला कि असली कोड के ऊपर दूसरा स्टीकर चिपकाया गया था। स्थानीय पुलिस सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची और दुकानदारों से जानकारी ली। पुलिस आसपास की दुकानों के CCTV फुटेज देख रही है, ताकि स्टीकर चिपकाने वालों की पहचान हो सके। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अनूपपुर जिले के थानगांव उप स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के बाद गर्भवती महिला रोशनी केवट की मौत के मामले में सीएमएचओ डॉ. अलका तिवारी ने बुधवार को सीएचओ शोभा जायसवाल को नोटिस जारी किया। उनसे 3 दिन में लिखित जवाब और जांच से जुड़े दस्तावेज मांगे गए हैं। सीएमएचओ ने बताया कि कलेक्टर ने मामले की जांच के निर्देश दिए थे। शुरुआती पूछताछ में पता चला कि महिला का इलाज संबंधित सीएचओ से नहीं चल रहा था। सीएचओ के मुताबिक, महिला की जांच मनेंद्रगढ़ में हो रही थी। उनसे अपना पक्ष लिखित में देने को कहा गया है। जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पति ने इलाज के लिए 800 रुपए मांगने का लगाया आरोप थानगांव निवासी खेमराज केवट ने मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर से शिकायत की थी। उनका आरोप है कि पेट में दर्द होने पर पत्नी रोशनी को थानगांव उप स्वास्थ्य केंद्र ले गए थे। वहां तैनात सीएचओ शोभा जायसवाल ने इलाज के लिए 800 रुपए मांगे। खेमराज के मुताबिक, रुपए देने के बाद सीएचओ ने कुछ सरकारी और कथित तौर पर दूसरी गोलियां दीं। दवाइयां लेने के बाद रोशनी की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। परिजन दोबारा सीएचओ के पास पहुंचे तो उन्होंने कथित तौर पर कहा, “कुछ नहीं होगा, घर जाओ, ठीक हो जाएगी और 8-10 दिन रेस्ट करो।” शहडोल मेडिकल कॉलेज में हुआ बच्चे का जन्म तबीयत में सुधार नहीं होने पर परिजन रोशनी को जिला अस्पताल अनूपपुर ले गए। वहां एक दिन इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर कर दिया। शिकायत के मुताबिक, डॉक्टरों ने गलत दवाइयों के सेवन से तबीयत बिगड़ने की बात कही। शहडोल मेडिकल कॉलेज में रोशनी को वेंटिलेटर पर रखा गया। इसी दौरान बच्चे का जन्म हुआ। बाद में उन्हें जबलपुर रेफर किया गया, जहां 21 मार्च 2026 को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। शिकायत में परिजनों ने बताया कि दुखद परिस्थितियों और सदमे के कारण वे तत्काल शिकायत दर्ज नहीं करा सके।
हनुमानगढ़ में दीपावली के लिए अस्थाई पटाखा दुकानों के लाइसेंस आवंटित करने को बुधवार को लॉटरी निकाली गई। टाउन स्थित नगर परिषद कार्यालय के सभागार में हुई लॉटरी में 816 आवेदनों में से 473 दुकानों का आवंटन किया गया। चयनित आवेदकों को तुरंत लाइसेंस जारी किए गए। नगर परिषद के कनिष्ठ अभियंता मेघराज ने बताया कि उपखंड अधिकारी के निर्देश पर लॉटरी निकाली गई। जंक्शन में 349 आवेदनों में से 180 दुकानों का आवंटन हुआ। टाउन में 411 आवेदनों में से 235 दुकानें आवंटित की गईं। डबलीराठान में 19 आवेदन आए और सभी आवेदकों को दुकानें मिलीं। रोड़ांवाली में पांच और धोलीपाल में चार आवेदन आए। दोनों जगह सभी आवेदकों को दुकानें आवंटित की गईं। पक्कासारणा में 31 आवेदनों में से 30 दुकानों का आवंटन हुआ। अस्थाई पटाखा बाजार 5 से 8 नवंबर तक चलेंगे। जंक्शन में गांधीनगर अंडरपास के पास डीईओ कार्यालय परिसर में दुकानें लगेंगी। टाउन में नेहरू पार्क के पास और अल्फा सिटी के पास दुकानें लगाई जाएंगी। नगर परिषद बाजारों में अग्निशमन वाहन तैनात करेगी। यातायात व्यवस्था के साथ पुलिसकर्मी भी तैनात रहेंगे।
गुरुग्राम में पुलिस की इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल (ERV) टीम ने सड़क किनारे लेबर पेन से कराह रही गर्भवती महिला की सुरक्षित डिलीवरी करवाई। पुलिसकर्मियों की सूझबूझ से महिला और नवजात शिशु की जान बचा गई। सेक्टर-68 स्थित M3M मरीना के पास उर्मिला नामक महिला अपना चाय का ठेला चलाती हैं। अचानक उनकी नजर पास ही खड़ी एक गर्भवती महिला पर पड़ी, जो प्रसव पीड़ा से बुरी तरह तड़प रही थी। महिला की हालत इतनी गंभीर थी कि उसका एक-एक पल भारी हो रहा था। स्थिति को भांपते हुए उर्मिला ने बिना समय गंवाए तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर आपातकालीन सहायता मांगी। 5 मिनट में पहुंची खाकी उर्मिला की कॉल सीधे ERV-235 को ट्रांसफर की गई। गाड़ी में तैनात ईएचसी संदीप और ड्राइवर कॉन्स्टेबल संदीप ने जैसे ही केस की गंभीरता को सुना, उन्होंने गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी। दिल्ली-एनसीआर के ट्रैफिक और चुनौतीपूर्ण रास्तों को पार करते हुए यह टीम मात्र 5 से 7 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंच गई। सड़क ही बन गई ‘लेबर रूम’ मौके पर पहुंचने पर पुलिसकर्मियों ने देखा कि महिला की स्थिति बेहद नाजुक हो चुकी थी और उसे तुरंत अस्पताल ले जाना मुमकिन नहीं था। डिलीवरी किसी भी वक्त हो सकती थी। ऐसे में अस्पताल ले जाने का जोखिम उठाने के बजाय ईएचसी संदीप और कॉन्स्टेबल संदीप ने मौके पर ही मोर्चा संभाला। उन्होंने तुरंत अपनी सूझबूझ का परिचय दिया और चाय का ठेला लगाने वाली उर्मिला व आसपास मौजूद अन्य महिलाओं को इकट्ठा किया। सूझबूझ से कराई डिलीवरी पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा घेरा बनाया और स्थानीय महिलाओं के सहयोग से सड़क किनारे ही महिला की सुरक्षित डिलीवरी करवाई। कुछ ही देर में वहां एक नन्हे बच्चे की किलकारी गूंज उठी। महिला ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया था। अस्पताल पहुंचाया और बचाई दो जिंदगियां बच्चे के जन्म लेते ही पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी और बढ़ गई थी। नवजात और मां को संक्रमण से बचाने और तत्काल पोस्ट-डिलीवरी केयर की जरूरत थी। दोनों पुलिसकर्मियों ने बिना वक्त गंवाए मां और नवजात शिशु को अपनी पुलिस की गाड़ी में बैठाया और तुरंत डिस्पेंसरी बादशाहपुर के लिए रवाना हो गए। अस्पताल पहुंचकर उन्होंने डॉक्टरों को पूरी स्थिति बताई और दोनों को भर्ती करवाया। समय पर सही इलाज मिलने से अब मां और बेटा दोनों पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं।
अमेठी के अलीपुर गांव में एक महिला ने पड़ोसी पर घर में घुसकर गहने और नकदी चोरी करने का आरोप लगाया। पुलिस की जांच में चोरी की शिकायत झूठी निकली। गहने और पैसे घर से ही मिले। महिला ने यूपी-112 पर सूचना दी और जामो थाने में लिखित शिकायत दी। उन्होंने आरोप लगाया कि पड़ोसी घर के पास लगे पेड़ पर चढ़कर घर में घुसा और गहने व नकदी ले गया। सूचना पर जामो थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल देखा। गहने और पैसे घर में दूसरी जगह छिपाए थे पुलिस ने महिला और उनके परिजनों से पूछताछ की। जांच में पता चला कि महिला के बेटे अजय कुमार ने गहने और पैसे घर में दूसरी जगह छिपाए थे। वह काफी दिनों से बीमार चल रहा है। बाद में इस घटना को चोरी का रूप दिया गया। महिला ने पड़ोसी पर चोरी का आरोप लगाया पुलिस के मुताबिक, घर के पास लगे पेड़ को लेकर महिला और पड़ोसी के बीच लंबे समय से विवाद था। पेड़ कटवाने का दबाव बनाने के लिए महिला ने पड़ोसी पर चोरी का आरोप लगाया था। पुलिस ने घर से मिले गहने और पैसे महिला को सौंप दिए। पुलिस ने लोगों से झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह न करने की अपील की। ऐसा करने पर कार्रवाई की जा सकती है।
पंचकूला में दो शोरूम के ताले टूटे, VIDEO:₹ 2.08 लाख कैश-मोबाइल ले गया, टेबल पर छोड़ गया लैपटॉप-टैबलेट
पंचकूला के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 स्थित दो अलग-अलग कंपनियों के शोरूम चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। चोरों ने सेंधमारी कर लाखों रुपए की नकदी और सामान पर हाथ साफ कर दिया। घटना से जुड़ा एक सीसीटीवी वीडियो सामने आया है, जिसमें एक युवक टोपी पहने हुए दिखाई दे रहा है। जूपिटर इलेक्ट्रो के ऑफिस का पिछला ताला तोड़कर 2.08 लाख रुपए कैश उड़ाया। वहीं पास के ही DNR हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड के ऑफिस से मोबाइल फोन और सिम कार्ड चोरी कर लिए। थाना सेक्टर-20 पुलिस ने शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। टूटा मिला पिछला ताला पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-12A निवासी कंवल वर्मा ने बताया कि फेज-2 स्थित प्लॉट नंबर 152 में उनकी 'जूपिटर इलेक्ट्रो' नाम से इलेक्ट्रिक स्कूटर की एजेंसी है। बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे जब वे ऑफिस पहुंचे, तो देखा कि पिछले दरवाजे का ताला टूटा पड़ा था और अंदर सारा सामान बिखरा हुआ था। गल्ले की जांच करने पर पता चला कि रूटीन खर्चे के लिए रखे 2,08,780 रुपए गायब थे।खास बात यह रही कि चाेर टेबल पर ही रखा लैपटॉप व टैबलेट व 5 फोन छोड़ गया। वर्मा के अनुसार वे इसी ऑफिस से अपने 4 अलग तरह के बिजनेस ऑपरेट करते हैं। पड़ोसी के ऑफिस को भी बनाया निशाना चोरों ने सिर्फ कंवल वर्मा के ऑफिस में ही चोरी नहीं की, बल्कि साथ लगते प्लॉट नंबर 150/151 स्थित डीएनआर हेल्थ केयर को भी अपना शिकार बनाया। पड़ोसी व्यापारी दीपक सिंगला (निवासी सेक्टर-9) के ऑफिस से चोर एक मोबाइल फोन और एक अन्य सिम कार्ड चोरी कर लिया। चल रही है जांच : ASI सतीशपंचकूला सेक्टर-20 के जांच अधिकारी ASI सतीश के अनुसार धारा 305 और 331(4) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। सीन ऑफ क्राइम टीम ने मौके का मुआयना कर फिंगरप्रिंट्स और अहम साक्ष्य जुटाए हैं। आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, जल्द ही आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा।
बाड़मेर में लेपर्ड की सूचना से गांव में हड़कंप:वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, रेंजर कर रहे निगरानी
बाड़मेर में लेपर्ड की सूचना से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पहाड़ी इलाके का जायजा लिया। फिलहाल एक अजनबी जानवर खनन किए हुए पत्थरों के बीच छिपा हुआ है। वन विभाग की टीम उसकी निगरानी कर रही है। हालांकि, अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि वह लेपर्ड है या कोई दूसरा वन्यजीव। पत्थरों से बाहर आने के बाद ही उसकी पहचान हो सकेगी। दरअसल, बाड़मेर जिला मुख्यालय से करीब 6 किलोमीटर दूर लंगेरा गांव में दोपहर के समय पहाड़ी इलाके में ग्रामीणों ने एक अजनबी जानवर देखा। इसकी सूचना आसपास के लोगों को दी गई। इसके बाद वन विभाग को भी सूचना दी गई। बताया जा रहा है कि जानवर पहाड़ी पर खनन के बाद पड़े पत्थरों के बीच जाकर छिप गया। इसके बाद से गांव के लोगों में डर का माहौल है। वन विभाग की टीम ने शुरुआती जांच में लेपर्ड होने की पुष्टि नहीं की है। आटी गांव निवासी हुकमाराम ने बताया - लेपर्ड को देखने के बाद इसकी सूचना लोगों को दी थी। रेंजर विकास चौधरी ने बताया - लंगेरा गांव के पहाड़ी इलाके में अजनबी जानवर होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर जायजा लिया और सबसे पहले जानवर देखने वाले व्यक्ति से पूछताछ की। अभी यह कंफर्म नहीं हो पाया है कि वह कौनसा वन्यजीव है। पत्थरों को हटाने से जानवर को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इसलिए टीम इंतजार कर रही है कि वह खुद बाहर आए। इसके बाद ही उसकी पहचान हो सकेगी।
गांव जोहल ढाए में पराली जलाने के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए किसान भूपिंदर सिंह पुत्र हरबंस सिंह का चालान किया है। पराली में लगी आग की सूचना मिलने पर प्रशासन और कृषि विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाई। किसान को नियमानुसार जुर्माना भरना होगा। यह कार्रवाई डिप्टी कमिश्नर राहुल कुमार के निर्देशों पर की गई। इसी अभियान के तहत एसडीएम खडूर साहिब संजीव कुमार शर्मा और डॉ. यादविंदर सिंह ने क्षेत्र के नौ गांवों का दौरा कर पराली प्रबंधन का जायजा लिया। पराली जलाने से मिट्टी की उपजाऊ शक्ति हो जाती है प्रभावित : सडीएम टीम ने खडूर साहिब, फतेहाबाद, खेड़ा, भैल, भोइयां, भैल ढाए वाला, जोहल ढाए वाला, गुज्जरपुर और लुहार गांवों में किसानों से बातचीत की। एसडीएम ने किसानों से अपील की कि वे पराली को आग लगाने के बजाय कृषि मशीनरी की मदद से उसका प्रबंधन करें। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है, मिट्टी की उपजाऊ शक्ति प्रभावित होती है और उसमें मौजूद मित्र कीट नष्ट होते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि पराली जलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी और आर्थिक कार्रवाई की जाएगी।
रायसेन कलेक्टर रोहित सिसोनिया बुधवार को किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने जमीन पर बैठकर किसानों से खेती-किसानी पर चर्चा की। खेती की तकनीक, खाद के उपयोग, फसल उत्पादन और आमदनी बढ़ाने के उपायों के बारे में जानकारी ली। किसानों ने भी अपनी समस्याएं और सुझाव साझा किए। कृषि विज्ञान केंद्र में देखी फसलों की नर्सरी कलेक्टर ने ग्राम नकतरा स्थित कृषि विज्ञान केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां तैयार की जा रही अलग-अलग फसलों की नर्सरी देखी और कृषि वैज्ञानिकों से उन्नत बीज, फसलों की किस्मों और नर्सरी तैयार करने की तकनीक के बारे में जानकारी ली। उन्होंने वैज्ञानिकों से कहा कि किसानों को आधुनिक खेती की तकनीक और फसल विविधीकरण के जरिए उत्पादन और आमदनी बढ़ाने के लिए मार्गदर्शन दें। मंडी में धान खरीदी और सुविधाओं का लिया जायजा इसके बाद कलेक्टर रायसेन कृषि उपज मंडी पहुंचे। यहां उन्होंने धान खरीदी की प्रक्रिया और किसानों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। उपज बेचने आए किसानों से बातचीत कर मंडी की व्यवस्थाओं के बारे में उनकी राय जानी। कलेक्टर ने कैंटीन में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और पेयजल व्यवस्था के बारे में भी किसानों से पूछा। उन्होंने मंडी सचिव और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को उपज बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो। मंडी में साफ पेयजल और अच्छी गुणवत्ता का भोजन उपलब्ध कराया जाए। निरीक्षण के दौरान उप संचालक कृषि, मंडी सचिव और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
दीपावली के मौके पर बदायूं शहर की तस्वीर बदलने के लिए बड़े विकास कार्यों को मंजूरी मिली है। शहर के पांच अलग-अलग वार्डों में बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए करीब एक करोड़ रुपये (99.69 लाख) के काम कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री नगरीय अल्पविकसित व मलिन बस्ती विकास योजना के तहत शासन ने इसके लिए 50 लाख रुपये की पहली किस्त भी जारी कर दी है। क्षेत्रीय विधायक महेश चंद्र गुप्ता की सिफारिश पर प्रदेश सरकार ने इन 5 परियोजनाओं को स्वीकृत किया है। वार्ड 7 में 28.40 लाख से बनेगी सड़क योजना के तहत वार्ड नंबर 7 में गांधी ग्राउंड चौराहे से सुभाष चौक तक 28.40 लाख रुपये की लागत से सीसी सड़क और नाली का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही इस क्षेत्र को रोशन करने के लिए नए बिजली के पोल, केबल और 90 एलईडी स्ट्रीट लाइटें भी लगाई जाएंगी। वहीं, वार्ड 11 में बड़ी नारायण के मकान से वेद प्रकाश और शिवकुमार मास्टर के मकान तक तथा राजीव पटवा से रामनारायण के मकान तक की गलियों में 13.31 लाख रुपये से सड़क व नाली का निर्माण होगा। वार्ड 3, 18 और 19 में भी बिछेगा सड़कों का जाल शहर के अन्य वार्डों में भी पक्की सड़कों और नालियों का निर्माण किया जाएगा। वार्ड 3 के नेकपुर स्थित हैंडिल कॉलोनी के सामने नवनीत गुप्ता से रक्षपाल फौजी के मकान के दोनों ओर आगे तक 26.14 लाख रुपये से निर्माण कार्य होगा। वार्ड 19 की मधुवन कॉलोनी में सीमा राठौर के मकान से रामपाल सिंह फौजी होते हुए केसी पटेल के घर तक 15.04 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा वार्ड 18 के कल्याण नगर में खादी भंडार से रामनिवास के मकान तक सड़क और नाली के लिए 16.80 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। प्रदेश सरकार का आभार, गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा प्रदेश सरकार ने बदायूं समेत विभिन्न जिलों की 72 विकास परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई है। सौगात मिलने पर विधायक महेश चंद्र गुप्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शहर से लेकर गांव तक सड़क, नाली, बिजली और अन्य बुनियादी ढांचा मजबूत करना उनकी प्राथमिकता है। सभी निर्माण कार्य तय समय में पूरी गुणवत्ता के साथ कराए जाएंगे ताकि जनता को इनका सीधा लाभ मिल सके।
धौलपुर में पंचायत चुनाव से पहले पुलिस का फ्लैग मार्च:संवेदनशील इलाकों और मतदान केंद्रों पर निगरानी
धौलपुर, बाड़ी और सैंपऊ पंचायत समितियों में 5 नवंबर को सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव होंगे। चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष कराने के लिए धौलपुर पुलिस ने ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई है। पुलिस टीमों ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों के गांवों में पैदल फ्लैग मार्च और गश्त की। पुलिसकर्मियों ने मतदाताओं से बिना डर, दबाव या लालच के मतदान करने की अपील की और सुरक्षा का भरोसा दिलाया। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन में यह अभियान चल रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एडीएफ बाड़ी श्रवण कुमार झोरड़ इसकी निगरानी कर रहे हैं। पुलिस अधिकारी और जवान ग्रामीण इलाकों में लोगों से बातचीत कर रहे हैं। संवेदनशील इलाकों और मतदान केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
नकली सीमेंट फैक्ट्री संचालित करने 15–15 हजार के इनामी गुप्ता भाइयों की अग्रिम जमानत अर्जी एडीजे–04 निशा श्रीवास्तव की कोर्ट ने खारिज कर दी है। अभियोजन की ओर से तर्क दिया गया कि आरोपी बड़े–बड़े भवन, एयरपोर्ट, पुलों के निर्माण में नकली सीमेंट खपाने का काम करते थे, जिससे दुर्घटना हो सकती थी। वहीं इससे पहले फैक्ट्री के मुंशी राहुल कुमार की जमानत अर्जी कोर्ट खारिज कर चुकी है। 14 अक्टूबर को पुलिस ने की थी छापेमारी अडानी ग्रुप के कानपुर शाखा के सीनियर सेल्स मैनेजर मुमताजुल हक की शिकायत पर पुलिस ने 14 अक्टूबर को पनकी के इस्पात नगर स्थित फैक्ट्री में छापा मारा था। जहां अडानी ग्रुप की एसीसी व अंबुजा कंपनी के नाम की नकली सीमेंट बनाई जा रही थी। फैक्ट्री से 1000 से अधिक सीमेंट की भरी व 3000 हजार से अधिक खाली बोरियां व काफी मात्रा में खुली नकली सीमेंट बरामद हुई थी। पुलिस ने मुंशी राहुल को भी गिरफ्तार किया था। उसके मुताबिक फैक्ट्री के संचालक नीरज गुप्ता और उसके भाई धीरज गुप्ता हैं। यह दोनों पिछले तीन साल से अंबुजा और एसीसी सीमेंट के डिस्ट्रीब्यूटर भी हैं। फैक्ट्री में मेरठ के सुनील मित्तल व निशांत मित्तल साझेदार हैं। डिस्ट्रीब्यूटर की आड़ में फैक्ट्री में नकली सीमेंट बनाकर कई शहरों में सप्लाई होती थी, इसमें सीएम ग्रिड, लखनऊ एयरपोर्ट भी शामिल हैं। एडीजे-04 की कोर्ट में हुई सुनवाई आरोपी नीरज और धीरज की तलाश में पुलिस की टीमें लगी हुई है, उनकी आखिरी लोकेशन बहराइच में मिली है। जिससे उनके नेपाल भागने की संभावना बतायी जा रही है। आरोपी भाइयों ने एडीजे–4 की कोर्ट में अग्रित जमानत अर्जी दाखिल की थी। एडीजीसी विनोद त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी भाइयों की याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है।
बरेली जिला अस्पताल में सफाई का काम कर रहे संविदा कर्मचारियों ने दो महीने से वेतन नहीं मिलने पर बुधवार को काम बंद कर दिया। कर्मचारियों ने नए एडीएसआईसी डॉ. संजीव गुप्ता का घेराव किया। कर्मचारियों ने बताया कि वे ठेका व्यवस्था के तहत अस्पताल में सफाई का काम करते हैं, लेकिन पिछले दो महीने से उन्हें वेतन नहीं मिला है। उनका कहना था कि इससे उन्हें आर्थिक परेशानी हो रही है। अस्पताल प्रबंधक पूजा चौहान ने वेतन दिलाने का भरोसा दिया था, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। बुधवार दोपहर 2 बजे तक वेतन मिलने की बात कही गई थी। कर्मचारी केवल मौखिक भरोसा मानने को तैयार नहीं हुए और वेतन देने की तारीख लिखित में देने की मांग की। एडीएसआईसी डॉ. संजीव गुप्ता ने लखनऊ में सेवा प्रदाता कंपनी के अधिकारियों से फोन पर बात की। इसके बाद कंपनी ने एक महीने का वेतन दिलाने का भरोसा दिया। कर्मचारियों ने दोनों महीने का बकाया वेतन देने की मांग की।
GOPALGANJ NEWS: गोपालगंज में दो दिवसीय कृषि मेले का हुआ आगाज
4 बुधवार, नवंबर: गोपालगंज में दो दिवसीय किसान मेले का उद्घाटन हुआ, डीएम ने किसानों को वैज्ञानिक खेती के लिए प्रेरित किया और चार करोड़ के यंत्रों के परमिट बांटे।
प्रयागराज में 94 दरोगा इधर से उधर:विस चुनाव से पहले सिटी जोन में ट्रांसफर, एक से दूसरे थाने भेजे गए
प्रयागराज में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों का असर अब पुलिस विभाग में भी दिखने लगा है। चुनाव आयोग के निर्देशों के बाद कमिश्नरेट पुलिस में उन पुलिसकर्मियों की तैनाती बदलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो पिछले विधानसभा चुनाव या उपचुनाव में चुनावी ड्यूटी कर चुके हैं अथवा निर्धारित अवधि तक एक ही जोन में तैनात रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को कमिश्नरेट के नगर जोन में 94 उप निरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बड़ा फेरबदल किया गया। इन्हें एक थाने से हटाकर दूसरे थाने में भेजा गया है। शहर के लगभग सभी प्रमुख थानों में बदली गई तैनातीइस फेरबदल में कोतवाली, खुल्दाबाद, शाहगंज, सिविल लाइंस, शिवकुटी, कैंट, धूमनगंज, एयरपोर्ट, पूरामुफ्ती, अतरसुइया, करेली, मुट्ठीगंज, कर्नलगंज, कीडगंज, जार्जटाउन और झूंसी थाने शामिल हैं। यानी नगर जोन के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में तैनात दरोगाओं को नई जिम्मेदारी दी गई है। चुनाव आयोग ने तय की है 3 साल की अवधिदरअसल, चुनाव आयोग ने 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत चुनाव से सीधे जुड़े उन अधिकारियों को जिले से बाहर स्थानांतरित किया जाना है, जिन्होंने पिछले चार वर्षों के दौरान किसी जिले में तीन साल की अवधि पूरी कर ली है या 31 मई 2027 तक पूरी कर लेंगे। इसके अलावा अधिकारियों को उनके गृह जिले में तैनात नहीं रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। चुनाव से सीधे जुड़े अफसरों-कर्मचारियों पर लागू होगा आदेशपुलिस विभाग में यह व्यवस्था उपनिरीक्षक से लेकर उच्च पदों तक के उन अधिकारियों पर लागू होती है, जो चुनाव संबंधी जिम्मेदारियों से सीधे जुड़े हैं। निर्देशों में यह भी कहा गया है कि पुलिस निरीक्षक और उपनिरीक्षक समेत संबंधित अधिकारी पिछले विधानसभा चुनाव या उसके बाद हुए उपचुनाव में जिस विधानसभा क्षेत्र या जिले में तैनात रहे हों, वहां उन्हें दोबारा तैनात नहीं किया जाना चाहिए। 31 मई 2027 की तिथि की गई है निर्धारितचुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के लिए तीन साल की सेवा अवधि की गणना की अंतिम तारीख 31 मई 2027 निर्धारित की है। मुख्य सचिव और डीजीपी को निर्देशों के अनुपालन की रिपोर्ट 30 नवंबर तक आयोग को भेजनी है। अब अन्य जोन में भी हो सकता है फेरबदलनगर जोन में दरोगाओं के कार्यक्षेत्र में बदलाव को विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत पुलिस और प्रशासनिक विभागों में तैनाती की समीक्षा की जा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में कमिश्नरेट के दूसरे जोन और अन्य विभागों में भी तबादले की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
ग्रेटर नोएडा में आयोजित 12वीं उत्तर प्रदेश राज्य स्तरीय रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप में बरेका की रोलर स्पीड स्केटिंग अकादमी के खिलाड़ियों ने 18 पदक जीते। 22 से 26 अक्टूबर तक आयोजित प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने 10 स्वर्ण, 5 रजत और 3 कांस्य पदक हासिल किए। इस प्रदर्शन के आधार पर बरेका के पांच खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप के लिए किया गया है। प्रतियोगिता में वाराणसी की ओर से बरेका अकादमी के नौ खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। पदक जीतने वाले खिलाड़ियों में रुद्रांश विश्वकर्मा और निहिरा त्रिपाठी ने दो-दो स्वर्ण पदक जीते। इशिका उपाध्याय ने एक स्वर्ण और दो रजत, अक्षय दीप उपाध्याय ने एक स्वर्ण और दो रजत, फर्जाम हुसैन ने तीन स्वर्ण तथा अर्चना उपाध्याय ने एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक हासिल किया। आकर्ष श्रेष्ठ ने एक कांस्य पदक जीता। राष्ट्रीय प्रतियोगिता 5 से 15 दिसंबर तक कर्नाटक के बेंगलुरु में आयोजित होगी। इसके लिए निहिरा त्रिपाठी, अक्षय दीप उपाध्याय, इशिका उपाध्याय, फर्जाम हुसैन और अर्चना उपाध्याय का चयन हुआ है। ये खिलाड़ी प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। बरेका टीम के कोच फर्जाम हुसैन रहे। सीमा और अभिषेक उपाध्याय ने टीम मैनेजर की जिम्मेदारी निभाई। खिलाड़ियों की उपलब्धि पर संस्थान सचिव आलोक सिंह ने प्रसन्नता जताई। जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने पदक विजेताओं को पुरस्कृत किया और राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।
सतना शहर में हत्या के मामले में 14 महीने जेल काटने के बाद मंगलवार को जमानत पर छूटे आरोपी का अंदाज देखकर लोग भौचक्के रह गए। जेल से बाहर आते ही 23 वर्षीय मान सिंह उर्फ बेटू सिंगरौल ने अपने साथियों के साथ गैंगस्टर स्टाइल में शक्ति प्रदर्शन किया। समर्थकों ने जेल के गेट पर ही फूल-मालाएं पहनाकर उसका जोरदार स्वागत किया। इसके बाद आरोपी बोलेरो गाड़ी के बोनट पर बैठकर सिगरेट का धुआं उड़ाते हुए गाड़ियों के काफिले के साथ शहर की सड़कों पर निकला। जेल से सिद्धार्थ कॉलोनी स्थित घर तक निकाली गई, इस बाइक रैली का वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर जमकर शेयर हो रहा है। मंगलवार देर शाम जेल से छूटने के बाद आरोपी और उसके साथियों का गाड़ियों का हुजूम बिड़ला रोड होते हुए सिद्धार्थ कॉलोनी पहुंचा। सरेआम गाड़ी के बोनट पर बैठकर सिगरेट पीने और गाड़ियों के काफिले के साथ हुड़दंग मचाने के इस अंदाज की शहरभर में चर्चा हो रही है। हत्या जैसे संगीन जुर्म के आरोपी की इस तरह खुलेआम दबंगई से लोग सहमे हुए हैं और पुलिस के ढुलमुल रवैये पर भी सवाल उठ रहे हैं। नाबालिग की गोली मारकर हत्या की थी मान सिंह उर्फ बेटू सिंगरौल 16 साल के नाबालिग सत्यम शुक्ला की हत्या के केस में जेल में बंद था। यह वारदात 4 सितंबर 2025 को कोलगवां थाना इलाके में एफसीआई गोदाम के पास हुई थी। तब पुराने विवाद को लेकर वेद मिश्रा, आयुष द्विवेदी, सचिन पाल और बेटू सिंगरौल का सूर्यप्रताप नाम के युवक से झगड़ा हो रहा था। इस दौरान जब 16 साल के सत्यम शुक्ला ने बीच-बचाव करते हुए साथियों को कट्टा अलग रखने को कहा, तो आरोपियों ने गुस्सा होकर उसी के सीने में गोली दाग दी थी। नाबालिग को अस्पताल के बाहर फेंककर भागे थे गोली लगते ही सत्यम खून से लथपथ होकर गिर पड़ा था। आरोपी उसे इलाज कराने के बजाय बिड़ला अस्पताल के गेट पर फेंककर रफूचक्कर हो गए थे। बाद में रीवा ले जाते वक्त रास्ते में ही सत्यम की मौत हो गई थी। इस केस में बेटू सिंगरौल अपने साथियों के साथ 14 महीने से सलाखों के पीछे था। अब जमानत पर छूटते ही इस तरह सड़कों पर गाजे-बाजे के साथ रैली निकालने पर पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
दीपावली की खरीदारी के लिए बाजारों में उमड़ रही भीड़ के बीच शहर को जाम से बचाने के लिए मैनपुरी पुलिस ने ट्रैफिक का नया प्लान लागू किया है। सदर बाजार में अब चार पहिया और तीन पहिया वाहनों की मनमानी आवाजाही नहीं चलेगी। घंटाघर से देवी रोड की तरफ जाने वाले रास्ते पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। इस रास्ते से केवल दोपहिया वाहन ही गुजर सकेंगे, जबकि तीन और चार पहिया वाहनों को दूसरे रास्तों से डायवर्ट किया जा रहा है। खास बात यह है कि पुलिस ने इस बार केवल बड़े चौराहों पर ही व्यवस्था नहीं संभाली, बल्कि बाजार में जाम का कारण बनने वाली छोटी गलियों और कट-प्वाइंट पर भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की है। पुलिस का मकसद है कि त्योहार की खरीदारी के लिए बाजार पहुंचने वाले लोगों को जाम में न फंसना पड़े। सीओ ट्रैफिक दीपशिखा ने बताया कि लगातार त्योहारों के चलते शहर में भीड़ बढ़ रही है। ऐसे में यातायात सुचारू रखने के लिए सदर बाजार क्षेत्र में रूट डायवर्जन किया गया है। क्रिश्चियन तिराहे, बड़े चौराहे और घंटाघर की तरफ से आने वाले वाहनों को नियंत्रित किया जा रहा है। घंटाघर से देवी रोड की ओर आने वाले ट्रैफिक को वहीं से डायवर्ट कर दिया गया है। इस मार्ग पर बैरिकेडिंग के जरिए रास्ते को अलग-अलग किया गया है और केवल दोपहिया वाहनों को ही प्रवेश दिया जा रहा है। तीन और चार पहिया वाहनों को बाजार के बाहर से ही दूसरे रास्तों पर निकाला जा रहा है। चौराहों के साथ गलियों पर भी पहरा बाजार में जाम की बड़ी वजह छोटी गलियों से अचानक वाहनों का मुख्य रास्ते पर आना भी है। इसे देखते हुए पुलिस ने संता-वसंता और ओमन डर वाली गली समेत कई ऐसे स्थानों को चिह्नित किया है, जहां से वाहनों की आवाजाही के कारण जाम लगता है। इन प्वाइंटों पर अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है, ताकि कोई वाहन प्रतिबंधित रास्ते से बाजार में प्रवेश न कर सके और जाम की स्थिति बनने पर तत्काल यातायात को नियंत्रित किया जा सके।
बैतूल जिले के भीमपुर विकासखंड के प्रभु धाना गांव स्थित सरकारी स्कूल की साइंस लैब से चोर 9 मॉनिटर चोरी कर ले गए। घटना शनिवार या रविवार रात की बताई जा रही है। सोमवार रात स्कूल खुलने पर लैब का गेट खुला मिला और अंदर का कुंदा टूटा हुआ था। इसके बाद चोरी का पता चला। स्मार्ट कक्ष के लिए मिले थे 20 कंप्यूटर एकीकृत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य बीडी डोंगरे के मुताबिक, स्मार्ट कक्ष के लिए विभाग की ओर से स्कूल को 20 कंप्यूटर उपलब्ध कराए गए थे। इनमें से 9 मॉनिटर चोरी हुए हैं। प्राचार्य ने बताया कि स्कूल के नीचे और अन्य प्रवेश द्वारों पर ताले लगे हुए थे। साइंस लैब ऊपर स्थित है। वहां लगे दो गेट में से एक पर ताला लगा था, जबकि दूसरे गेट का कुंदा टूटा मिला। आशंका है कि चोर पेड़ पर चढ़कर ऊपर पहुंचे और गेट का कुंदा तोड़कर लैब में दाखिल हुए। सहायक आयुक्त कार्यालय को भी दी सूचना प्राचार्य बीडी डोंगरे ने बुधवार को चोरी की जानकारी दी। मामले में बुधवार को एफआईआर दर्ज कराई गई है। साथ ही सहायक आयुक्त कार्यालय को भी घटना की सूचना दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
उत्तर प्रदेश में त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। डीजीपी ने दीपोत्सव, दीपावली, छठ और देव दीपावली के मद्देनजर शासन से लेकर थानों तक तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अराजक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। उधर, मुख्यमंत्री ने कहा है कि त्योहारों के उल्लास और उमंग के बीच किसी भी तरह की अप्रिय घटना नहीं होनी चाहिए। प्रदेश में सौहार्द और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्सव के माहौल को उपद्रव में बदलने की किसी भी साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम योगी ने अराजक तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई करने की बात कही। त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन को सतर्कता बरतने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
नमस्कार आज की सबसे बड़ी खबर पटना से है। अनंत सिंह ने कहा कि दुलारचंद हत्याकांड में मेरा कोई हाथ नहीं है। पत्रकार अंजना ओम कश्यप और खान ग्लोबल स्टडी के डायरेक्टर फैसल खान उर्फ खान सर के बीच चल रहा मानहानि का केस आपसी सहमति से खत्म हो गया है। नालंदा के हरनौत में मंगलवार की देर रात एक सड़क हादसे में बाइक सवार दो भाइयों समेत तीन लड़कों की मौत हो गई। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, बिहार दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. 'मैं खाने गया था, दुलारचंद ने शुरू की थी लड़ाई' विधानसभा चुनाव के दौरान दुलारचंद हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने अनंत सिंह को 1 दिसंबर को सरेंडर करने का आदेश दिया है। दुलारचंद हत्याकांड पर अनंत सिंह ने कई नई बातें कहीं हैं। इसके साथ ही अनंत सिंह ने जदयू एमएलसी नीरज कुमार, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और बिहार STF के डीजी कुंदन कृष्णन के बारे में कई बातें कही हैं। मोकामा विधानसभा क्षेत्र के तारतड़ गांव में दुलारचंद यादव का घर है। वहां से खाना खाने के बाद वह अपने समर्थकों और काफिले के साथ निकले थे। उस समय कई लोग और गाड़ियां साथ थीं। कुछ गाड़ियां आगे निकल गई थीं, जबकि कुछ पीछे रह गई थीं। पूरी खबर पढ़ें 2. आपसी सहमति से खत्म हुआ मानहानि केस पत्रकार अंजना ओम कश्यप और खान ग्लोबल स्टडी के डायरेक्टर फैसल खान उर्फ खान सर के बीच चल रहा मानहानि का केस आपसी सहमति से खत्म हो गया है। दोनों पक्षों ने बातचीत के जरिए विवाद सुलझा लिया है। बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान इसकी जानकारी दी गई। इधर, खान सर के विरोधी रौशन आनंद ने मोकामा विधायक अनंत सिंह के अंदाज में फैसल खान पर हमला बोला है। रौशन आनंद ने एक चैनल को दिए इंटरव्यू में खान सर से जान का खतरा बताया है। पूरी खबर पढ़ें 3. राहुल गांधी को बांग्लादेश भेज देंगे: हिमंत बिस्वा सरमा बीजेपी इन दिनों 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा कर रही है। बिहार के पूर्णिया में बुधवार को पदयात्रा निकाली गई, जिसमें असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा शामिल हुए। हिमंत ने राहुल गांधी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि आप वोट चोरी का आरोप लगाते रहिए, भाजपा देश की जनता का दिल चुराती रहेगी। मैं तो चुनाव आयोग से कहूंगा कि दोबारा SIR कीजिए और वोटर लिस्ट से चुन-चुनकर बाबर-औरंगजेब का नाम काटिए। पूरी खबर पढ़ें 4. सड़क हादसे में 2 भाई समेत 3 की मौत नालंदा के हरनौत में मंगलवार की देर रात एक सड़क हादसे में बाइक सवार दो भाइयों समेत तीन लड़कों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की हालत भी नाजुक बताई जा रही है। दोनों को सदर अस्पताल में एडमिट कराया गया है। बताया जा रहा है कि पांचों लड़के आपस में दोस्त थे। देर रात पांचों एक ही बाइक से बाजार में घूमने निकले थे। कुत्ते के सामने आने पर बाइक का बैलेंस बिगड़ा, जिसके बाद गाड़ी डिवाइडर से टकरा गई। मृतकों में शामिल दोनों भाई नाबालिग थे। पूरी खबर पढ़ें 5. पथ निर्माण के इंजीनियर के घर 10 लाख कैश मिले आय से अधिक संपत्ति के मामले में पथ निर्माण विभाग के सुपरिटेंडिंग इंजीनियर विजय कुमार 4 ठिकानों पर विशेष निगरानी इकाई(एसवीयू) ने दबिश दी । बुधवार को सहरसा, औरंगाबाद, पटना के ठिकानों पर टीम छापेमारी की। विजय कुमार सहरसा में पोस्टेड हैं। इनके सहरसा स्थित कार्यालय और आवास के अलावा पटना के दानापुर स्थित गोला रोड और महेश नगर में भी एसवीयू की टीम तलाशी ली। पटना में रेड के दौरान 10 लाख कैश मिला है। पूरी खबर पढ़ें 6. मां-बेटे की हत्या, हिरासत में बड़ा बेटा-बहू भोजपुर में डबल मर्डर हुआ है। जिले के जगदीशपुर में मंगलवार देर रात मां-बेटे की धारदार हथियार से हत्या की गई है। पुलिस को संपत्ति विवाद में वारदात को अंजाम देने का शक है। मृतका के बड़े बेटे और बहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटनास्थल पर मिली महिला की लाश की गर्दन कटी है, जबकि उसके बेटे की बॉडी पर चाकुओं से वार के 10 से ज्यादा गहरे निशान मिले हैं। हत्या में यूज धारदार हथियार और खून लगी दो हथौड़ी बरामद की गई है। घटना की सूचना के बाद जगदीशपुर डीएसपी रवि कुमार और थानाध्यक्ष आशीष कुमार साह मौके पर पहुंचे और मां-बेटे की लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच पड़ताल शुरू कर दी। पूरी खबर पढ़ें 7. बिना काम पूरे हुए प्रोजेक्ट का उद्घाटन बेगूसराय में सीवर लाइन और एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) के निर्माण के नाम पर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। 230 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट पर 250 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया गया। इसके अलावा, बिना सीवर योजना के धरातल पर उतरे ही, दो-दो बार समय विस्तार के बाद 2025 में इसका उद्घाटन भी प्रधानमंत्री से करवा दिया गया। ये जानकारी बेगूसराय के भाजपा नेता और वकील अमरेन्द्र कुमार अमर की ओर से बुडको (Building Construction Corporation Ltd.) से आरटीआई (सूचना का अधिकार) के तहत मांगे गए जवाबों के जरिए सामने आई है। पूरी खबर पढ़ें 8. पति से प्रताड़ित होकर पत्नी ने की आत्महत्या पटना के बाढ़ में विवाहिता की लाश मिली। मायके वाले कहते हैं उसने जहर खाकर आत्महत्या कर ली है। पति राकेश उसको प्रताड़ित किया करता था। उसके साथ मारपीट करता था। मृतका पूनम देवी (35) की मौत के बाद पति और अन्य ससुराल वाले फरार हो गए। बेटी गुड़िया ने अपने नाना-नानी को फोन कर मां की मौत की जानकारी दी। इसके बाद मायके वाले नालंदा से बाढ़ पहुंचे। मायके पक्ष से मृतका की मां, भाई और पिता आए थे। घटना बाढ़ थाना क्षेत्र के दलिसमन चक गांव में मंगलवार को हुई थी। पूरी खबर पढ़ें 9. डेटिंग वेबसाइट पर इंजीनियर को प्यार, डेढ़ करोड़ गवाएं डेटिंग वेबसाइट पर बातचीत, दोस्ती, फिर प्यार और शादी का झांसा देकर एक इंजीनियर से एक महीने में डेढ़ करोड़ रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। साइबर ठग लड़की और पीड़ित इंजीनियर के बीच करीब तीन महीने पहले बातचीत शुरू हुई थी। आरोप है कि पिछले एक महीने में लड़की ने 30 अलग-अलग बैंक अकाउंट में 60 से 65 बार में डेढ़ करोड़ रुपए मंगवाए। बहेड़ा थाना क्षेत्र के नवादा गांव के रहने वाले इंजीनियर दीपक झा को ठगी का एहसास उस वक्त हुआ, जब उसे पैसों की जरूरत हुई और उसने लड़की से कुछ पैसे वापस मांगे। लड़की ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तब इंजीनियर को ठगी की जानकारी हुई। पूरी खबर पढ़ें 10. मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, फिलहाल प्रदेश में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। गुरुवार को दिन में गर्मी महसूस होगी, लेकिन सुबह और शाम हल्की ठंड का एहसास होगा। अगले एक हफ्ते तक ठंड बढ़ने की संभावना नहीं है।
खगड़िया। जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर बुधवार को खेल भवन में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। जिलाधिकारी-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी विक्रम विरकर ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। प्रशिक्षण में जिले के सभी चार्ज अधिकारी, सहायक चार्ज अधिकारी, जनगणना सहायक और तकनीकी सहायकों को जनगणना की प्रक्रिया, कार्यप्रणाली और तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जा रही है। जनगणना का काम सावधानी और सटीकता से करने का निर्देश डीएम विक्रम विरकर ने कहा कि जनगणना का कार्य पूरी सावधानी से करना जरूरी है। इसमें गलती की गुंजाइश बहुत कम होती है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से प्रशिक्षण में बताई जा रही बातों को गंभीरता से समझने और सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा। उन्होंने जनगणना से संबंधित दिशा-निर्देशों और पत्रों को बार-बार पढ़ने की सलाह दी। साथ ही प्रशिक्षण में मिली जानकारी को कार्यस्थल पर लागू करने और निर्धारित समय सीमा में जनगणना पूरी करने के लिए अभी से तैयारी शुरू करने को कहा। चार मास्टर ट्रेनर दे रहे प्रशिक्षण जनगणना निदेशालय, बिहार (पटना) की ओर से खगड़िया के लिए नियुक्त मास्टर ट्रेनर पंकज कुमार, जनार्दन प्रसाद राय, सागर कुमार और राजीव सिंह प्रशिक्षण दे रहे हैं। उन्होंने जनगणना की प्रक्रिया, निर्धारित कार्यप्रणाली, दिशा-निर्देशों और तकनीकी व्यवस्थाओं की जानकारी दी। मास्टर ट्रेनरों ने जनगणना के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार काम करने के तरीकों के बारे में भी बताया। अधिकारियों और कर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ाने पर जोर कार्यक्रम में अपर समाहर्ता-सह-जिला जनगणना पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी-सह-अपर जिला जनगणना पदाधिकारी, सहायक सांख्यिकी अधिकारी प्रमोद कुमार और शिवशंकर सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। दो दिवसीय प्रशिक्षण के माध्यम से जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों और कर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ उन्हें आगामी जिम्मेदारियों के लिए तैयार किया जा रहा है। जिला प्रशासन का लक्ष्य जनगणना 2027 की प्रक्रिया को पूरी सटीकता, पारदर्शिता और निर्धारित समय सीमा के भीतर संपन्न कराना है।
डीग में अक्टूबर का राशन 10 नवंबर तक मिलेगा:वंचित लाभार्थी उचित मूल्य दुकानों से खाद्यान्न ले सकेंगे
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अक्टूबर 2026 का आवंटित खाद्यान्न लेने से वंचित रह गए पात्र लाभार्थियों को राहत दी गई है। अब ऐसे लाभार्थी 10 नवंबर 2026 तक अपनी संबंधित उचित मूल्य दुकान से अक्टूबर माह का राशन प्राप्त कर सकेंगे। खाद्यान्न उठाव निर्धारित समयावधि में नहीं होने के कारण भारत सरकार की ओर से पहले 30 अक्टूबर 2026 तक उठाव की अनुमति दी गई थी। इसके बाद पात्र लाभार्थियों को राहत देने के उद्देश्य से खाद्यान्न वितरण की अवधि बढ़ाकर 10 नवंबर कर दी गई है। जिला रसद अधिकारी डीग राहुल राज जादौन ने जिले के सभी उचित मूल्य दुकानदारों को निर्देश दिए हैं कि बढ़ी हुई अवधि में पात्र लाभार्थियों को अक्टूबर माह का आवंटित खाद्यान्न वितरित करना सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति राशन प्राप्त करने से वंचित नहीं रहे। जिला रसद अधिकारी ने राशन प्राप्त नहीं कर पाए लाभार्थियों से भी अपील की है कि वे 10 नवंबर 2026 तक अपनी संबंधित उचित मूल्य दुकान पर पहुंचकर अक्टूबर माह का खाद्यान्न प्राप्त कर लें।
दिवाली के बाद भी मिठाई दुकानों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर खाद्य विभाग की जांच जारी है। इसी कड़ी में विभाग की टीम ने स्मृति नगर स्थित जायका मिठाई और पुलगांव चौक स्थित बालाजी प्रतिष्ठान में जांच की। इस दौरान दोनों जगह से मिठाइयों के सैंपल लिए गए। वहीं, बालाजी प्रतिष्ठान में करीब 100 किलो पुराना कुंदा मिलने पर उसे मौके पर ही नष्ट कराया गया। वहीं जायका मिठाई में 15 किलो गुलाब जामुन को नष्ट किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई किसी शिकायत के आधार पर नहीं, बल्कि नियमित जांच के तहत की गई। खाद्य विभाग की टीम त्योहार को देखते हुए शहर के अलग-अलग मिठाई प्रतिष्ठानों में लगातार जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि सत्यम, जलाराम और तृप्ति जैसे बड़े मिठाई प्रतिष्ठानों में भी टीम पहुंच रही है। जांच का मकसद मिठाइयों की गुणवत्ता, उन्हें बनाने और रखने के तरीके के साथ दुकानों में साफ-सफाई की स्थिति देखना है।देखिए तस्वीरें… विभाग ने कलेक्ट किए सैंपल - बालाजी स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट से कुंदा और कलाकंद दाना के सैंपल लिए गए।- यहां 100 किलो कुंदा नष्ट कराया गया।- जायका मिठाई से भी जांच के लिए सैंपल लिए गए।- यहां 15 किलो गुलाब जामुन नष्ट कराया गया।- दोनों प्रतिष्ठानों में कुल 115 किलो मिठाई नष्ट कराई गई। पुराना कुंदा मिलने पर नष्ट करायाजांच के दौरान बालाजी प्रतिष्ठान में कुंदा पुराना और खराब होने की आशंका के चलते करीब 100 किलो मिठाई नष्ट कराई गई। अधिकारियों ने बताया कि एहतियात के तौर पर इसे बिक्री से हटवाया गया। प्रतिष्ठान में साफ-सफाई की स्थिति ठीक मिलने के कारण कोई नोटिस जारी नहीं किया गया। वहीं, दोनों प्रतिष्ठानों से मिठाइयों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर स्थिति साफ होगी। कार्रवाई के बाद दुकानों में बढ़ी साफ-सफाईखाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लगातार जांच और कार्रवाई के कारण मिठाई दुकानों में साफ-सफाई को लेकर काफी सुधार देखने को मिला है। पहले के मुकाबले अब दुकानदार अपने प्रतिष्ठानों को साफ रख रहे हैं। हालांकि, कुछ जगहों पर पुराने खाद्य पदार्थ मिलने पर उन्हें मौके पर ही नष्ट कराया जा रहा है, ताकि खराब मिठाइयां लोगों तक न पहुंचें। अधिकारियों के मुताबिक, दिवाली के दौरान भी शहर में जांच अभियान चलाया गया था। उस दौरान करीब 50 सैंपल लिए गए थे। बुधवार को हुई कार्रवाई में लिए गए सैंपल अलग हैं। विभाग आगे भी अलग-अलग प्रतिष्ठानों में जाकर जांच करेगा। बहुत ज्यादा रंग और ज्यादा चांदी वर्क वाली मिठाई से बचें: नेलेखाद्य सुरक्षा अधिकारी जितेंद्र कुमार नेले ने बताया कि त्योहारों के दौरान मिठाई खरीदते समय लोगों से सावधानी बरतनी चाहिए। बहुत ज्यादा रंग वाली और अधिक चांदी का वर्क लगी मिठाइयां खरीदने से बचना चाहिए। मिठाई में अगर किसी तरह की खराब गंध आ रही हो या वह खराब लग रही हो, तो उसे न खरीदें। ऐसी मिठाइयों की बिक्री की जानकारी खाद्य विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
कटनी रोड स्थित पटने नदी के पुल के पास बुधवार शाम बड़ा हादसा हो गया। नदी में ट्यूब के सहारे तैर रहे अर्जुन वर्मन (14) और काजल वर्मन (18) की डूबने से मौत हो गई। दोनों ट्यूब का संतुलन बिगड़ने के बाद गहरे पानी में चले गए थे। घटना के बाद रैपुरा क्षेत्र में शोक का माहौल है। ट्यूब का संतुलन बिगड़ने से हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, अर्जुन वर्मन पिता मुकेश वर्मन और काजल वर्मन पिता संतु वर्मन पटने नदी में ट्यूब के सहारे तैर रहे थे। इसी दौरान अचानक ट्यूब का संतुलन बिगड़ गया और दोनों गहरे पानी में चले गए। उन्हें डूबता देख आसपास मौजूद ग्रामीणों और परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने नदी में उतरकर काफी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला। तस्वीरे देखिए… अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित किया परिजन और ग्रामीण दोनों को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रैपुरा लेकर पहुंचे। यहां मेडिकल ऑफिसर डॉ. एमएल चौधरी ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर के अनुसार, दोनों को अस्पताल लाया गया था, तब उनकी मौत हो चुकी थी। आवश्यक प्रक्रिया के बाद शवों को मर्चुरी भेजा गया।
6 साल की बच्ची से रेप के आरोपी को सजा:20 साल कैद और 58 हजार जुर्माना, अपहरण के बाद किया था रेप
जिले में पुलिस और अभियोजन पक्ष की सशक्त पैरवी के दम पर न्यायपालिका ने बुधवार शाम एक दरिंदे को ऐतिहासिक सजा सुनाई है। 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत बुलंदशहर पुलिस की प्रभावी कार्रवाई के चलते स्पेशल पोक्सो कोर्ट ने 6 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अभियुक्त पर 58 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। 2025 में हुई थी हैवानियत की वारदात यह सनसनीखेज मामला वर्ष 2025 का है। थाना सिकंदराबाद क्षेत्र के सलेमपुर कायस्थ निवासी अभियुक्त ईश्वर पुत्र कालूराम ने एक व्यक्ति की महज 6 साल की मासूम बेटी का अपहरण कर लिया था और उसके साथ दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कदम उठाते हुए 8 फरवरी 2025 को मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। एक महीने के भीतर चार्जशीट दाखिल बुलंदशहर पुलिस ने मामले की विवेचना तेजी से पूरी करते हुए महज एक महीने के भीतर न्यायालय में ठोस साक्ष्यों के साथ चार्जशीट पेश कर दी थी। इस मामले को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) उत्तर प्रदेश के महत्वाकांक्षी अभियान 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत चिन्हित किया गया था। मॉनीटरिंग सेल ने अदालत में लगातार मजबूत पैरवी की, जिससे केस में तेजी से सुनवाई पूरी हो सकी। स्पेशल पोक्सो कोर्ट ने सुनाया फैसला मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद स्पेशल पोक्सो कोर्ट के न्यायाधीश मनोज कुमार मिश्रा ने आरोपी ईश्वर को दोषी ठहराते हुए सजा का ऐलान किया। इस मामले में आरोपी को अंजाम तक पहुंचाने में अभियोजक एडवोकेट वरुण कौशिक, सुनील शर्मा, मॉनीटरिंग सेल प्रभारी निरीक्षक पंकज राय, पैरोकार कांस्टेबल सुनील कुमार और कोर्ट मोहर्रिर हेड कांस्टेबल संजीव कुमार की सराहनीय भूमिका रही।
पलामू के मेदिनीनगर में बुधवार को एक युवक महिला से चार लाख रुपए छीनकर भाग गया। महिला ने पति के कमर के ऑपरेशन के लिए मुख्य बाजार स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक से पैसे निकाले थे। चैनपुर थाना क्षेत्र के सलतुआ गांव की ललिता देवी (32), भोला साव की पत्नी हैं। बैंक से निकलने के बाद उन्होंने बाजार में खरीदारी की और घर जाने के लिए गाड़ी पकड़ने तिनकोनिया गैरेज पहुंचीं। ललिता महिंद्रा आर्केड रोड से पैदल वहां पहुंची थीं और गाड़ी का इंतजार कर रही थीं। इसी दौरान पैदल आए एक युवक ने उनके हाथ से पैसों वाला झोला छीना और दौड़कर भाग गया। एक अन्य युवक रख रहा था आसपास नजर महिला अपने ससुर के साथ बाजार आई थीं। घटना के समय उनके ससुर सब्जी खरीदने गए थे। बताया जा रहा है कि एक अन्य युवक भी वारदात में शामिल था और आसपास नजर रख रहा था। सूचना मिलने पर शहर थाना पुलिस ने बाजार के सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की। थाना प्रभारी ज्योतिलाल रजवार ने पुलिस टीम के साथ घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने बैंक से निकलने के बाद महिला के बाजार में जिन रास्तों से गुजरने और जहां खरीदारी करने की जानकारी दी गई, वहां के सीसीटीवी फुटेज भी देखे। पुलिस संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुंदेली गायक सुनील लोधी से किया वादा निभाया है। हनुमान अंश फिल्म में अपनी आवाज से पहचान बनाने वाले सुनील की आंखों के उपचार की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री ने सितंबर 2026 में मुख्यमंत्री निवास पर सुनील और उनके परिवार से मुलाकात के दौरान उनकी आंखों की रोशनी लौटाने के लिए उपचार कराने का आश्वासन दिया था। अब इलाज शुरू होने से सुनील के जीवन में नई उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री ने मुलाकात के दौरान सुनील की प्रतिभा की सराहना करते हुए उनके बेहतर भविष्य के लिए उपचार, संगीत शिक्षा और एक लाख रुपए की सम्मान निधि देने का भरोसा दिया था। आंखों के उपचार की शुरुआत इसी आश्वासन को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सुनील की आवाज ने बुंदेली संगीत और हनुमान अंश फिल्म के जरिए लाखों लोगों का दिल जीता है। उनकी गायकी ने उन्हें पहचान दिलाई, लेकिन आंखों की रोशनी की समस्या उनके जीवन की बड़ी चुनौती रही है। अब उपचार शुरू होने से उनकी आंखों की रोशनी लौटने की उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री की इस पहल से एक प्रतिभाशाली कलाकार को संबल मिला है। यह जरूरतमंद प्रतिभाओं के संरक्षण और उन्हें आगे बढ़ाने की दिशा में सरकार के प्रयासों का उदाहरण भी है। कौन हैं सुनील लोधी? सुनील लोधी मध्यप्रदेश के सागर जिले के युवा बुंदेली गायक हैं। हनुमान अंश फिल्म में गायन के जरिए उन्हें पहचान मिली। सुनील दृष्टिबाधित हैं और अपनी आवाज के दम पर बुंदेली लोकसंगीत को पहचान दिला रहे हैं। सितंबर 2026 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास पर सुनील और उनके परिवार से मुलाकात की थी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनकी आंखों का उपचार कराने, संगीत शिक्षा दिलाने और एक लाख रुपए की सम्मान निधि देने का भरोसा दिया था।
हाथरस में बुधवार दोपहर करीब 2:30 बजे हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। वह मशीन से आलू की खुदाई कर रहा था। इसी दौरान काफी नीचे से गुजर रही हाईटेंशन लाइन उसके सिर से टकरा गई। करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। मामला सासनी कोतवाली क्षेत्र के नया नगला गांव का है। मृतक की पहचान योगेश(28) पुत्र जमुना प्रसाद निवासी खोरना के रूप में हुई है। हादसे के बाद परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए। वहां से जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बिजली की हाईटेंशन लाइन काफी नीचे से गुजर रही है। इसकी वजह से पहले भी हादसे हो चुके हैं, लेकिन विद्युत विभाग ने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया। गर्भवती पत्नी और दो साल के बच्चे को छोड़ गया योगेश अपने पीछे दो साल का एक बेटा और गर्भवती पत्नी छोड़ गया है। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
4 नवंबर, बुधवार: खगड़िया में गंगा उत्सव के अवसर पर नदी संरक्षण और स्वच्छता को लेकर जागरूकता रैली निकाली गई। कलेक्ट्रेट से राजेंद्र चौक तक निकली रैली में स्कूली बच्चों और एएनएम छात्राओं ने भाग लेकर गंगा सहित अन्य नदियों को स्वच्छ रखने का संदेश दिया।
दतिया की चिरुला थाना पुलिस ने डगरई टोल प्लाजा पर कार्रवाई करते हुए एक कार से 286 किलो चांदी जब्त की है। जब्त चांदी की कीमत 5 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है। चांदी आगरा से नागपुर ले जाई जा रही थी। पुलिस ने चांदी के साथ कार भी जब्त कर चालक को हिरासत में लिया है। उक्त मामले का खुलसा पुलिस ने बुधवार को किया। थाना प्रभारी भार्गव ने बताया कि, मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक कार से बड़ी मात्रा में चांदी ले जाई जा रही है। सूचना पर चिरुला पुलिस ने टोल प्लाजा पर घेराबंदी कर संदिग्ध कार को रोका। उसकी तलाशी ली। कार की जांच करने पर उसमें 286 किलो चांदी मिली। आगरा से नागपुर लेकर जा रहा था पुलिस ने चालक से चांदी के परिवहन और स्वामित्व संबंधी दस्तावेज मांगे, लेकिन वह कोई वैध कागजात नहीं दिखा सका। कार चालक की पहचान राजस्थान के धौलपुर निवासी ब्रज किशोर तोमर के रूप में हुई है। कार राधाकृष्ण कोरियर की बताई जा रही है। चालक चांदी की खेप लेकर आगरा से नागपुर जा रहा था। दस्तावेज नहीं मिलने पर पुलिस ने चांदी और कार जब्त कर ली। मामले की सूचना GST और आयकर विभाग को भी दी गई है, ताकि चांदी के स्रोत और परिवहन से जुड़े पहलुओं की जांच की जा सके।
बालाघाट के ग्राम पौनी के 4 किसानों ने पटवारी गौरव घोंघड़े पर राजस्व रिकॉर्ड में सुधार और कुआं-बोरवेल की प्रविष्टि कराने के बदले रुपए मांगने का आरोप लगाया है। शिकायत के बाद पटवारी को हल्के से हटाकर तहसीलदार कार्यालय किरनापुर की कानूनगो शाखा में अटैच कर दिया गया है। मामले की जांच किरनापुर एसडीएम कमल सिंहसार करेंगे। कलेक्टर आदित्य सिंह ने एसडीएम को जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद पटवारी गौरव घोंघड़े के हल्का नंबर 82 पौनी और अतिरिक्त प्रभार वाले हल्का नंबर 83 पीपलगांवबुजुर्ग का जिम्मा पटवारी उमेश सहारे को सौंपा गया है। शपथ पत्र देकर की शिकायत किसानों ने 2 दिन पहले शपथ पत्र के साथ शिकायत की थी। उनका आरोप है कि पटवारी ने खेतों के राजस्व रिकॉर्ड में नाम सुधारने और कुआं-बोरवेल की प्रविष्टि कराने के बदले रुपए मांगे। किसानों ने फोन-पे से ऑनलाइन भुगतान करने की जानकारी भी दी। किसान ज्ञानदास मातरे ने 4 हजार रुपए और महरलाल नागफांसे ने 2,500 रुपए ऑनलाइन देने का आरोप लगाया। वहीं, सूरज मानकर ने 2,500 रुपए नकद देने की बात कही। 5 हजार देने के बाद भी एक महीने तक नहीं सुधारा नाम किसान महायल नागफांसे ने आरोप लगाया कि नाम सुधारने के लिए उनसे पहले 6 से 7 हजार रुपए मांगे गए। उन्होंने 5 हजार रुपए दिए, लेकिन करीब एक महीने तक काम नहीं हुआ। इसके बाद 500 रुपए और लेकर नाम सुधारा गया।
भारतीय क्रिकेट टीम (India) के दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा (Rohit Sharma) के लिए न्यूजीलैंड (New Zealand) के खिलाफ पहला वनडे मुकाबला बेहद निराशाजनक रहा। ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले जा रहे मुकाबले में रोहित अपना खाता तक नहीं खोल सके। कीवी तेज गेंदबाज काइल जैमीसन (Kyle Jamieson) ने उन्हें पहले ही ओवर में पवेलियन […]
धौलपुर जिले की तीन पंचायत समितियों की तीन ग्राम पंचायतों में सरपंच निर्विरोध चुने गए हैं। खेड़ा से रजनी देवी, नगर से जंडेल सिंह गुर्जर और धौलपुर पंचायत समिति की नैनोखर ग्राम पंचायत से नर्मदा कुशवाहा निर्वाचित हुई हैं। शेष 123 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए गुरुवार को मतदान होगा। नैनोखर ग्राम पंचायत में बुधवार को निर्वाचन आयोग की टीम ने पंचायत मुख्यालय पर नामांकन प्रक्रिया पूरी कराई। रिटर्निंग अधिकारी के सामने ग्रामीणों की सहमति से नर्मदा देवी कल्ला कुशवाहा ने एकमात्र नामांकन पत्र जमा किया। नामांकन पत्रों की तय समय में जांच की गई और उनका नामांकन वैध पाया गया। किसी अन्य प्रत्याशी ने नामांकन नहीं किया, इसलिए रिटर्निंग अधिकारी ने नर्मदा कुशवाहा को नैनोखर का निर्विरोध सरपंच घोषित किया।
धनतेरस, दीपावली और छठ पर बेतिया पुलिस अलर्ट:बेतिया में गाड़ी चेकिंग और नाईट पेट्रोलिंग बढ़ाई
बेतिया। आगामी धनतेरस, दीपावली और छठ महापर्व को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए बेतिया पुलिस अलर्ट मोड में है। पुलिस अधीक्षक कुमार गौतम के निर्देश पर जिलेभर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक पुलिस की सक्रियता बढ़ाई गई है। असामाजिक तत्वों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लगातार सघन वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा है। वहीं, रात्रि गश्ती तेज करने के साथ प्रमुख बाजारों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और बड़े प्रतिष्ठानों की निगरानी की जा रही है। बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में बढ़ाई गई सतर्कता त्योहारी मौसम में बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ और लोगों की आवाजाही को देखते हुए पुलिस विशेष सतर्कता बरत रही है। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोकना और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। 24 घंटे सुरक्षा के लिए तत्पर है जिला पुलिस : एसपी पुलिस अधीक्षक कुमार गौतम ने जिलेवासियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए कहा कि लोग बिना किसी चिंता के अपने परिवार के साथ बाजारों में घूम सकते हैं और त्योहारों की खरीदारी कर सकते हैं। उनकी सुरक्षा और सुविधा के लिए जिला पुलिस 24 घंटे तत्पर है। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को देने की अपील एसपी ने आम लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। साथ ही त्योहारों को आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द के साथ मनाएं। बेतिया पुलिस का उद्देश्य है कि जिलेवासी भयमुक्त वातावरण में त्योहारों का आनंद उठा सकें।
ललितपुर पुलिस ने 125 खोए मोबाइल लौटाए:फोन की कीमत करीब 24 लाख रुपए, दीपावली से पहले मालिकों को सौंपे
ललितपुर पुलिस ने दीपावली से पहले 125 खोए और गिरे मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को लौटा दिए। इन मोबाइलों की कीमत करीब 24 लाख रुपए बताई गई है। फोन देश के अलग-अलग राज्यों और उत्तर प्रदेश के कई जिलों से बरामद किए गए थे। बुधवार दोपहर 2 बजे पुलिस लाइन सभागार में एसपी संजीव कुमार बाजपेई ने मोबाइल उनके मालिकों को सौंपे। पुलिस के मुताबिक, अपना फोन वापस पाकर लोगों ने पुलिस को धन्यवाद दिया। पुलिस ने बताया कि जनसुनवाई में खोए मोबाइल के लिए मिले आवेदनों के बाद सर्विलांस टीम और थानों की टीमों ने अभियान चलाया। इस दौरान अलग-अलग कंपनियों के 125 मल्टीमीडिया फोन बरामद किए गए। एसपी ने मोबाइल बरामद करने वाली टीम को पुरस्कृत भी किया। टीम में उप निरीक्षक अरुण पवार (प्रभारी सर्विलांस), उप निरीक्षक अतुल तिवारी (प्रभारी स्वाट), हेड कांस्टेबल जिनेन्द्र सिंह, हेड कांस्टेबल प्रशान्त कुमार, कांस्टेबल रोहित कुमार, कांस्टेबल गौरव शर्मा, कांस्टेबल संजय अवस्थी और कांस्टेबल मोहित सिंह शामिल थे।
श्रावस्ती पुलिस बाल विवाह, बालश्रम और बाल भिक्षावृत्ति रोकने के लिए गांव-गांव चौपाल लगाएगी। लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणाम बताए जाएंगे। बुधवार शाम 5:00 बजे पुलिस विभाग ने बताया कि ग्राम प्रधानों और स्थानीय लोगों से ऐसे मामलों की जानकारी तुरंत देने के लिए सहयोग मांगा गया है। बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में थाना एएचटी और विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) की मासिक समीक्षा बैठक हुई। पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के निर्देशन में हुई बैठक की अध्यक्षता क्षेत्राधिकारी नगर आलोक कुमार सिंह ने की। बैठक में बालश्रम, बाल विवाह और बाल भिक्षावृत्ति रोकने के साथ पॉक्सो एक्ट के मामलों, गुमशुदा बच्चों की तलाश और बच्चों के संरक्षण व पुनर्वास की समीक्षा की गई। क्षेत्राधिकारी ने थानों में तैनात बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों, जांच अधिकारियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से उनके काम और समस्याओं की जानकारी ली। क्षेत्राधिकारी नगर ने बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों को अपने इलाकों में जाकर लोगों को बालश्रम रोकने के लिए चल रही सरकारी योजनाओं और बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देने को कहा। इसका मकसद पात्र बच्चों और उनके परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। बाल विवाह रोकने के लिए गांवों में नियमित दौरे और चौपाल करने के निर्देश दिए गए। ग्राम प्रधानों और स्थानीय लोगों से कहा गया कि उनके इलाके में बाल विवाह का मामला सामने आए तो पुलिस और बाल कल्याण समिति (CWC) को तुरंत सूचना दें, ताकि विवाह रोका जा सके। बैठक के अंत में क्षेत्राधिकारी नगर आलोक कुमार सिंह ने अधिकारियों, कर्मचारियों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों को बाल विवाह रोकने की शपथ दिलाई।
जमीन के अंदर दबा रखे थे शराब के ड्रम:भोपाल के रतुआ पठार में कार्रवाई; बाद में बहा दी
भोपाल के रतुआ पठार गांव में अवैध शराब को लेकर कार्रवाई करने पहुंची आबकारी विभाग की टीम नजारा देखकर दंग रह गईं। यहां एक व्यक्ति ने शराब से भरे ड्रम जमीन के अंदर दबा रखे थे। इन ड्रमों को ढूंढकर बाहर निकाला और फिर शराब को बहा दिया गया। कार्रवाई बुधवार दोपहर में हुई। सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र कुमार धाकड़ ने बताया कि अवैध शराब के परिवहन, बिक्री को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है कंट्रोलर वर्षा उइके के नेतृत्व में सहायक जिला आबकारी अधिकारी सुरेंद्र देवांगन और उप निरीक्षक चंदर सिंह ने रतुआ पठार और मनीखेड़ी पठार में कार्रवाई की। यहां से 30 लीटर हाथ भट्टी, 550 किलो महुआ लाहन जब्त किया गया। ऐसे ढंका कि कोई देख न सकेजानकारी के अनुसार, गांव में अवैध शराब जमीन के अंदर इस तरह से ढांकी गई कि कोई देख न सके। इसलिए टीम को शराब ढूंढने में मशक्कत करना पड़ी। सागर-देवास मामलों के बाद अलर्ट मोड पर अफसरसागर और देवास में शराब पीने के बाद हुए मामलों से आबकारी विभाग पूरे प्रदेश में अलर्ट मोड में है। भोपाल समेत अन्य जगहों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
4 नवंबर, बुधवार: पटना के फुलवारीशरीफ थाने में कथित तौर पर 11 लाख रुपये लेकर दो आरोपियों को छोड़ने के मामले में 8 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। निलंबित कर्मियों में तीन एसआई समेत जवान और सिपाही शामिल हैं। मामले की जांच जारी है।
जोधपुर शहर के कई इलाकों में गुरुवार सुबह 4 घंटे तक बिजली कटौती होगी। इस दौरान सुबह 8 बजे से कटौती शुरू हो जाएगी। दीपावली पर डिस्कॉम की ओर से शहर के अलग-अलग इलाकों में बिजली लाइनों के रख-रखाव और मेंटेनेंस को लेकर शटडाउन लिया जा रहा है। इसके तहत चार घंटे बिजली कटौती होगी। ये इलाके होंगे प्रभावित सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक: शहर में 11केवी ज्यूडिशल एकेडमी से जुड़े सभी इलाके जैसे ओल्ड पाली रोड, खेता नगर, हेम नगर, बापू नगर, हनुमान नगर, लक्ष्मी नगर और शैलेष नगर में बिजली कटौती होगी।
बाइक लूट के 4 आरोपी दोषी करार:शेखपुरा कोर्ट ने 3-3 साल की सजा और 10-10 हजार रुपए जुर्माना लगाया
शेखपुरा सिविल कोर्ट के अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रोहित कुमार ने बाइक लूट के मामले में चार लोगों को दोषी ठहराया। कोर्ट ने बुधवार को चारों को तीन-तीन साल की सश्रम कैद और 10-10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर 15 दिन की अतिरिक्त कैद होगी। बाइक पर सवार 4 बदमाशों ने घेरा मुख्य अभियोजन पदाधिकारी उपेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि लूट की घटना 29 मार्च 2024 को हुई थी। कसार थाना क्षेत्र के ससबहना गांव के अंजय प्रसाद रात में खेत की सिंचाई के लिए अपने बोरिंग पर मोटर चालू करने गए थे। ससबहना और भौआड़ गांव के बीच एक बाइक पर सवार चार बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। बदमाशों ने पहले वारसलीगंज जाने की दूरी पूछकर उन्हें उलझाया। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने चारों को दोषी ठहराया फिर मारपीट कर बाइक की चाबी छीन ली और उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। अंजय कुछ दूर भागे, तभी बदमाश उनकी बाइक लेकर फरार हो गए। अंजय की प्राथमिकी के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने नवादा जिले के पकड़ीवर्मा थाना क्षेत्र के एक गांव के नीतीश कुमार, धमौल थाना क्षेत्र के एक गांव के कौशल कुमार और प्रदीप कुमार, और कसार थाना क्षेत्र के बरूणी गांव के राहुल कुमार को मामले में शामिल पाया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने चारों के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में गवाही पेश की। मामले की सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने चारों को दोषी ठहराया।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पूरी महाराज के उज्जैन पहुंचने के बाद वे बुधवार को निरंजनी अखाड़े में अपने भक्तों से मिले। इस दौरान उन्होंने यूपी चुनाव से लेकर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री से लेकर हर्षा रिछारिया तक के बारे में मीडिया से बात की। रविंद्र पुरी महाराज ने यूपी चुनाव से पहले समाज वादी पार्टी के अखिलेश यादव को भगवान याद आने पर तंज कसा। पूरी ने कहा कि चुनाव के समय में 'राम-राम जपना, पराया माल अपना' वो नहीं होगा। जिन्होंने पहले से ही काम किया है उन्हीं को जनता चाहेगी। अखिलेश हिंदुओं को भी अलग-अलग करना चाहते हैं, बांटना चाहते हैं, बंटवारे की राजनीति करना चाहते हैं। मैं समझता हूं अच्छी बात नहीं है। योगी जी तीसरी बार CM बनने वाले हैं। उत्तराखंड में भी हमारे धामी जी तीसरी बार आने वाले हैं। इसलिए सभी सनातनी एक हैं। बोले- धीरेंद्र शास्त्री की जुबान फिसल गई, भाव गलत नहीं था भगवान श्री कृष्ण की मुद्रा को लेकर पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के बयान पर को लेकर रविंद्र पुरी महाराज ने धीरेन्द्र शास्त्री को क्लीन चिट देते हुए कहा कि हमारे शास्त्री जी बहुत ही युवा संन्यासी, युवा संत हैं और बहुत अच्छे व्यक्ति हैं। वो भगवान श्री कृष्ण को मानने वाले हैं। जाने-अनजाने में ऐसा हो जाता है। हमसे भी होता है, सबसे, आपसे भी हो जाता है। कहीं टंग स्लिप हो जाता है, कहीं जबान फिसल जाती है, कहीं जाने-अनजाने में आदमी बोल जाता है, कहीं ज्यादा भाव में भी आकर के आदमी बोल जाता है। मैं समझता हूं ज्यादा इसको प्रचार-प्रसार करना उचित नहीं है, ज्यादा सीरियस लेना उचित नहीं है। बोल दिया। बाकी वो भगवान कृष्ण के भगत हैं, जो स्वयं कथा करते होंगे और बहुत बड़ी... इस समय भारत के सबसे बड़े कथाकार हैं। तो उनका भाव कभी भी ऐसा नहीं था, लेकिन जाने-अनजाने में ऐसा हो गया। अब उसको तूल देना उचित नहीं है। ऐसा कुंभ होगा जो पहले कभी नहीं हुआ अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पूरी महाराज ने कहा कि जब हम उज्जैन में आते हैं बहुत अच्छा लगता है। चारों और विकास ही विकास है। पुल बन रहे हैं, रास्ते बन रहे हैं, घाट बन रहे हैं बहुत अच्छा लग रहा है। हमारा मानना है कि इस बार का कुंभ जो है दिव्य और भव्य होगा, न भूतो न भविष्यति। ऐसा कुंभ न पहले हुआ था और मैं समझता हूं आगे होना भी मुश्किल है। क्योंकि हमारी जो मोहन यादव सरकार है, ऐसा कुंभ करने जा रही है कि जिसकी प्रशंसा मैं जितनी करूं उतनी कम है।
खवासा में दीपावली नजदीक आते ही बाजारों में मिठाइयों और खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने लगी है। मिलावट की आशंका को देखते हुए खाद्य सुरक्षा प्रशासन विभाग ने भी जांच अभियान तेज कर दिया है। बुधवार को विभाग की टीम ने खवासा स्थित जयसवाल होटल एंड रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया। यहां से समोसा, कचौड़ी, मिल्क केक और पेड़ा के नमूने जांच के लिए लिए गए। रसोई में गंदगी मिलने पर नोटिस निरीक्षण के दौरान होटल की रसोई और बर्तन धोने वाले स्थान पर गंदगी मिली। खाद्य सामग्री का रखरखाव भी अस्वच्छ परिस्थितियों में पाया गया। इस पर विभाग ने प्रतिष्ठान संचालक को सुधार सूचना पत्र जारी किया और साफ-सफाई सहित जरूरी व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए। त्योहारी सीजन में बढ़ती है मिलावट की आशंका खाद्य सुरक्षा अधिकारी सोनू तिवारी ने बताया कि त्योहार के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ने से मिलावट की आशंका भी रहती है। मावे में मिलावट, नकली घी और कृत्रिम रंगों के इस्तेमाल से लोगों की सेहत पर असर पड़ सकता है। इसी को देखते हुए विभाग लगातार निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों के नमूने ले रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई अधिकारी ने बताया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ दुकानों की साफ-सफाई, सामग्री के सुरक्षित भंडारण और निर्माण स्थल की स्वच्छता भी जांची जा रही है। लिए गए नमूनों को प्रयोगशाला भेजा जाएगा। रिपोर्ट में खाद्य पदार्थ अमानक या मिलावटी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। त्योहार के दौरान अभियान जारी रहेगा। मिठाई खरीदते समय रखें ध्यान विशेषज्ञों के अनुसार, उपभोक्ताओं को मिठाई खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, रंग, गंध और ताजगी पर ध्यान देना चाहिए। खुले में रखी और अस्वच्छ स्थानों पर तैयार की गई खाद्य सामग्री खरीदने से बचना चाहिए।
कासगंज में खाद समितियों का एडीएम ने किया निरीक्षण:किसानों को तय दरों पर उर्वरक बेचने के निर्देश
कासगंज में बुधवार को अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने जिला कृषि अधिकारी के साथ सोरों और गोरहा की सहकारी समितियों का निरीक्षण किया। उन्होंने उर्वरकों के स्टॉक और वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान एडीएम ने यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरकों का स्टॉक देखा। उन्होंने स्टॉक रजिस्टर, वितरण व्यवस्था और स्टॉक व रेट बोर्ड भी जांचे। उन्होंने समिति सचिवों और कर्मचारियों को किसानों को शासन की तय दरों पर ही खाद बेचने के निर्देश दिए। साथ ही, वितरण में पारदर्शिता रखने और किसानों को खाद लेने में परेशानी न होने देने को कहा। एडीएम ने निर्देश दिए कि उर्वरकों के स्टॉक और बिक्री दरों की जानकारी बोर्ड पर साफ लिखी जाए। उपलब्धता और बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड भी नियमित रूप से अपडेट रखे जाएं। उन्होंने किसानों को जरूरत के मुताबिक समय पर खाद देने और उर्वरक के साथ कोई दूसरी सामग्री खरीदने की शर्त न रखने को कहा। गोरहा समिति के सचिव को डीएपी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। एडीएम ने निरीक्षण में मिली कमियों को तुरंत दूर करने और किसानों को बेहतर सुविधा देने को कहा। प्रशासन ने उर्वरक वितरण में लापरवाही या गड़बड़ी पर कार्रवाई की बात कही।
सोनभद्र के दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के झारो खुर्द गांव में बुधवार को टीपर, डीसीएम और बोलेरो की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में डीसीएम चालक राजकुमार रावत (28) की मौके पर मौत हो गई, जबकि टीपर चालक नंदू सिंह (18) गंभीर रूप से घायल हो गया। बोलेरो चालक को भी हल्की चोटें आई हैं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और दोनों ट्रक चालकों केबिन में फंस गए। बालू लदा टीपर और मैदा लदे डीसीएम में टक्कर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कोरगी निवासी नंदू सिंह पुत्र मुन्नालाल सिंह बालू लदा टीपर लेकर झारो गांव की ओर जा रहा था। इसी दौरान सामने से मैदा लदा डीसीएम आ रहा था। बताया जा रहा है कि दोनों वाहन तेज रफ्तार में थे। झारो खुर्द के पास पहुंचते ही दोनों चालकों का वाहनों से नियंत्रण बिगड़ गया और आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। इसी दौरान पीछे से दुद्धी की दुकानों पर दवाइयों की सप्लाई करने आ रही बोलेरो भी दोनों वाहनों से टकरा गई। बोलेरो में दवाइयां पेटियों में रखी थीं। तीन वाहनों की भिड़ंत से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। केबिन में फंसे दोनों चालक, बचाव में जुटे ग्रामीण हादसे के बाद डीसीएम चालक राजकुमार रावत पुत्र सूरजलाल रावत निवासी बैढ़न, सिंगरौली और टीपर चालक नंदू सिंह अपने-अपने वाहन के केबिन में फंस गए। दोनों दर्द से चिल्ला रहे थे। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे और उन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण निकाल नहीं पाए। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक विश्वनाथ प्रताप सिंह और हरिकेश राम आजाद पुलिस बल के साथ पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। काफी मशक्कत के बाद दोनों चालकों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक डीसीएम चालक राजकुमार रावत की मौत हो चुकी थी। गंभीर रूप से घायल नंदू सिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। बोलेरो चालक को हल्की चोटें आई हैं। दुद्धी-म्योरपुर मार्ग पर घंटों लगा रहा जाम तीनों वाहनों के सड़क पर क्षतिग्रस्त हालत में खड़े होने से दुद्धी-म्योरपुर मार्ग पर घंटों आवागमन बाधित रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को परेशानी हुई। पुलिस ने जेसीबी की मदद से काफी मशक्कत के बाद दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया। इसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हुआ। परिजनों को दी गई सूचना पुलिस ने डीसीएम चालक राजकुमार रावत के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी हाउस भेज दिया। परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है। युवक की मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया। प्रभारी निरीक्षक विश्वनाथ प्रताप सिंह ने बताया- तीन वाहनों की टक्कर के बाद मार्ग पर जाम लग गया था। पुलिस ने जेसीबी की मदद से वाहनों को हटवाकर आवागमन सुचारू कराया। मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। मामले की जांच की जा रही है।
आजमगढ़ में कोतवाली पुलिस ने 18 साल से फरार चल रहे 50 हजार रुपए के इनामी अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। आरोपी 2008 में एनडीपीएस एक्ट के मामले में कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। इसके बाद वह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा और मुंबई में किराए के मकान में रहने लगा। बुधवार को दीपावली पर मुंबई से आजमगढ़ लौटने के दौरान पुलिस ने उसे रोडवेज स्थित प्राइवेट बस अड्डे से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राकेश पांडेय उर्फ राजू (45) पुत्र रामानंद पांडेय निवासी खुरशु, थाना देवगांव, आजमगढ़ के रूप में हुई है। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस उपमहानिरीक्षक, आजमगढ़ परिक्षेत्र की ओर से 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था। 2008 में पेशी के दौरान हुआ था फरार पुलिस के मुताबिक, राकेश पांडेय थाना देवगांव में दर्ज मुकदमा संख्या 558/2004 में धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार हुआ था। वह जिला कारागार आजमगढ़ में विचाराधीन बंदी था। 29 अप्रैल 2008 को कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया। इसके बाद उसके खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा संख्या 504/2008, धारा 223/224 भादवि के तहत केस दर्ज किया गया था। मुखबिर की सूचना पर बस अड्डे से पकड़ा बुधवार, 4 नवंबर को प्रभारी निरीक्षक यादवेन्द्र पांडेय और रोडवेज चौकी प्रभारी सौरभ त्रिपाठी पुलिस टीम के साथ फरार आरोपी की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी मुंबई से आजमगढ़ आया है। पुलिस टीम ने रोडवेज स्थित प्राइवेट बस अड्डे पर घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि फरार होने के बाद वह लगातार ठिकाने बदलता रहा। बाद में मुंबई चला गया और वहां किराए के मकान में रहने लगा। दीपावली पर घर आने के दौरान पुलिस ने उसे पकड़ लिया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक यादवेन्द्र पांडेय, उपनिरीक्षक सौरभ त्रिपाठी और सर्विलांस टीम शामिल रही।
दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में विकास और रखरखाव कार्यों के चलते कई मेमू और पैसेंजर ट्रेनें अस्थायी रूप से रद्द रहेंगी। ये काम 4 से 12 नवंबर 2026 तक अलग-अलग तारीखों पर होंगे। रेलवे ट्रैक और बुनियादी ढांचे से जुड़े कामों में ट्रैक रीलेइंग ट्रेन (टीआरटी) ब्लॉक, ट्रैक टैंपिंग, गर्डर लॉन्चिंग, बैलास्ट क्लीनिंग मशीन (बीसीएम) ब्लॉक, लिमिटेड हाइट सबवे (एलएचएस) और पोस्ट-नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) के काम शामिल हैं। रेलवे प्रशासन के अनुसार, पटरियों की मजबूती और संरक्षा बढ़ाने के लिए ये तकनीकी ब्लॉक अनिवार्य हैं। इस ब्लॉक के कारण टाटानगर, चाईबासा, राउरकेला, हटिया, झाड़ग्राम और झारसुगुड़ा मार्ग पर दैनिक यात्रा करने वाले यात्रियों को असुविधा हो सकती है, जिसके लिए चक्रधरपुर मंडल ने खेद व्यक्त किया है। भविष्य में ट्रेनों की निर्बाध गति और सुरक्षित सफर के लिए रेलवे ने यात्रियों से सहयोग की अपील की है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे स्टेशन के लिए निकलने से पहले राष्ट्रीय ट्रेन पूछताछ प्रणाली (NTES) ऐप या हेल्पलाइन नंबर 139 पर अपनी ट्रेन की स्थिति अवश्य जांच लें।
C योगी कल 5 नवंबर को गाजियाबाद में रहेंगे, जहां भाजपा की तरफ से आयोजित लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा में CM शामिल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी के कार्यक्रम को लेकर शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम स्थल तक अलग-अलग स्थान पर 3200 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। जहां 600 से अधिक ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। आज शाम पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गौड ने राजनगर एक्सटेंशन स्थित कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया, इस सुरक्षा व्यवस्था में डीआईजी रैंक के दो अधिकारी एसपी रैंक के पांच ऑफिसर और आठ एसीपी के अलावा भारी संख्या में फोर्स लगाई गई है। भाजपा ने 50000 लोगों का दावा किया गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में 5 नवंबर को भाजपा की ओर से बड़ी पदयात्रा निकाली जाएगी। इसका नारा 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' रखा गया है। भाजपा का दावा है कि इस पदयात्रा में करीब 50 हजार लोग शामिल होंगे।इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधि और पार्टी के पदाधिकारी भी शामिल होंगे। पदयात्रा की तैयारियों को लेकर भाजपा ने अपनी तैयारी की हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर ने कहा -पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। पदयात्रा में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। यह पदयात्रा ऐसे समय में निकाली जा रही है, जब प्रदेश में लोकतंत्र और अराजकता के मुद्दे पर भाजपा और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी चल रही है। विपक्ष लगातार लोकतंत्र को खतरे में बताकर सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहा है। वहीं, भाजपा इस पदयात्रा के जरिए विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की तैयारी में है। नवाब सिंह नागर ने कहा कि प्रदेश में लोकतंत्र पूरी तरह से काम कर रहा है, लेकिन विपक्ष अराजकता फैलाने का काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि इसी नारे के साथ उत्तर प्रदेश के सभी मंडलों में पदयात्राएं आयोजित की जा रही हैं। गाजियाबाद में होने वाले कार्यक्रम में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से भी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के पहुंचने की उम्मीद है।
हरियाणा हरियाणा कैबिनेट की 3 नवंबर की बैठक में इसी महीने एकदिवसीय विशेष विधानसभा सत्र की परमिशन दे दी गई जो संविधान दिवस पर 26 नवंबर को आयोजित किया जाएगा। इसी कड़ी में आधाकारिक तौर पर एक पत्र जारी किया गया है जिसके अनुसार लेजिस्लेटिव बिजनेस यानी कि विधानसभा के समक्ष किसी भी विधायी कार्य की प्रस्तुति की स्वीकृति देने का अधिकार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को दिया गया है। इस संबंध में जानकारी तमाम प्रशासनिक सचिवों को भेज दी गई है शुरुआत में यह कैबिनेट एजेंडा में नहीं था, बाद में ऐड किया गया इसको लेकर जारी आधिकारिक लेटर में लिखा है कि मंत्रिपरिषद की बैठक की विधायी कामकाज के संबंध में मुख्यमंत्री को अधिकृत करने का प्रस्ताव शुरुआत में एजेंडे में नहीं था। मंत्रिपरिषद ने 3 नवंबर को 2026 को हुई अपनी बैठक में इस मामले में निर्णय लिया है कि मुख्यमंत्री की अनुमति के बाद इस पर विचार किया जाए। बाद में यह निर्णय लिया गया कि मुख्यमंत्री को 26 नवंबर, 2026 से प्रारंभ होने वाले हरियाणा विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा के समक्ष किसी भी विधायी कार्य को प्रस्तुत करने की स्वीकृति देने का अधिकार दिया जाए। इसको लेकर प्रशासनिक विभाग को मंत्री परिषद के निर्णय को तुरंत प्रभाव से लागू करने को कहा गया है। जानिए क्या होता है विधायी कार्य विधानसभा में विधायी कार्य का अर्थ उन सभी सरकारी और गैर-सरकारी प्रोसेस, चर्चाओं और विधायी गतिविधियों से है जो सदन के सत्र के दौरान कानून बनाने या नीति निर्धारण के लिए की जाती हैं। विधानसभा के भीतर विधायी कार्य मुख्य रूप है कि पहले है कोई विधायेक विधानसभा में पेश करना और फिर इस पर बहस और संशोधन के बाद इसको मंजूरी दिए जाना शामिल है। इसके अलावा प्रश्न काल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और शून्य काल भी इसी प्रक्रिया हिस्सा है। राज्यपाल द्वारा कोई आपातकालीन अध्यादेश जारी किया जाता है, तो सत्र शुरू होने पर उसे विधानसभा से पास कराना लेजिस्लेटिव बिजनेस का हिस्सा होता है। इसके अलावा राज्य का वार्षिक वित्तीय विवरण (बजट) पेश करना, उस पर सामान्य चर्चा करना, विभागीय खर्च के लिए अनुदान, आवंटन पर चर्चा, फिर मतदान भी इसी प्रक्रिया का शामिल है।
पांच चोरी की बाइक के साथ आरोपी गिरफ्तार:देवरिया में पकड़ा गया सिवान का युवक; सभी चोरी की थी
देवरिया में सदर कोतवाली पुलिस और एंटी थेफ्ट टीम ने बुधवार दिन में 3 बजे एक आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके पास से चोरी की पांच मोटरसाइकिलें बरामद कीं। आरोपी बिहार के सिवान जिले का रहने वाला है। तीन बाइक देवरिया के अलग-अलग थानों में दर्ज चोरी के मामलों से जुड़ी मिलीं। पुलिस के मुताबिक, बरियारपुर थाना क्षेत्र के चकरवा धूस उर्फ पनसरही निवासी विवेकानन्द द्विवेदी ने 19 सितंबर को कोतवाली में शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि वह पिता की दवा लेने तिलक रोड स्थित अजय फार्मा गए थे। शाम करीब 6 बजे उन्होंने अपनी हीरो एचएफ डीलक्स बाइक दुकान के सामने खड़ी की थी। दवा लेकर लौटे तो बाइक गायब थी। खोजने के बाद भी उसका पता नहीं चला। इस मामले में कोतवाली में केस दर्ज किया गया था। जांच के दौरान 3 नवंबर को पुलिस और एंटी थेफ्ट टीम ने चीनी मिल ग्राउंड के किनारे से मुहम्मद अफ्फान उर्फ मासूम (24) को गिरफ्तार किया। वह मोहम्मद हारुल का बेटा और मिसकढ़ी मैरवा, थाना मैरवा, जिला सिवान, बिहार का निवासी है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर पांच मोटरसाइकिलें बरामद कीं। पुलिस के अनुसार, एक बाइक कोतवाली में दर्ज केस नंबर 773/2026, दूसरी सलेमपुर के केस नंबर 414/2024 और तीसरी रामपुर कारखाना के केस नंबर 139/2025 से जुड़ी है। अन्य दो मोटरसाइकिलों के मालिकों का भी पता लगाया गया है। बरामद बाइक में स्प्लेंडर प्लस की दो, हीरो एचएफ डीलक्स की एक और दो अन्य मोटरसाइकिलें शामिल हैं। बरामदगी के बाद कोतवाली में दर्ज केस में बीएनएस की धारा 317(2) और 317(5) जोड़ी गई हैं। पुलिस आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई कर रही है।
पंजाब स्टेट मिनिस्ट्रियल सर्विसेज यूनियन के आह्वान पर जिला कमेटी ने डीएसी कॉम्प्लेक्स के सामने रोष रैली कर पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री और मुख्य सचिव के पुतले फूंके और नारेबाजी की। रैली में दफ्तरों के कर्मचारियों के साथ सांझे मंच के सदस्यों ने भी भाग लिया। जिला प्रधान कुलदीप सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार को बने करीब पौने पांच साल हो चुके हैं, लेकिन कर्मचारियों की मांगें अब तक पूरी नहीं हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार प्रचार पर जोर दे रही है, जबकि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर कर्मचारी धरने और प्रदर्शन करने को मजबूर हैं। यूनियन नेताओं ने घोषणा की कि मांगें पूरी न होने के विरोध में दफ्तरों के कर्मचारी 5 नवंबर 2026 से दो दिन की पेन डाउन और कंप्यूटर बंद हड़ताल करेंगे। उन्होंने कहा कि हड़ताल के दौरान कर्मचारी सरकारी कामकाज नहीं करेंगे। इसके कारण होने वाली परेशानी के लिए उन्होंने पंजाब सरकार को जिम्मेदार ठहराया। रैली को जिला महासचिव संदीप कुमार, डीसी दफ्तर यूनियन के जिला प्रधान दलवीर सिंह, राजिंदर सिंह रियाड़ और यूनियन के जिला महासचिव गुरजीत सिंह औलख ने भी संबोधित किया। ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, डीए की लंबित किस्तें और बकाया जारी करने, पे-कमीशन का बकाया देने, कच्चे और आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने तथा पे-कमीशन की विसंगतियां दूर करने की मांग उठाई। इसके अलावा उन्होंने 15 जनवरी 2015 का पत्र रद्द कर प्रोबेशन अवधि के दौरान पूरा वेतन देने की अधिसूचना जारी करने और 17 जुलाई 2020 का पत्र रद्द कर पंजाब के कर्मचारियों पर पंजाब पे-कमीशन लागू करने की मांग की। कर्मचारियों ने जजिया टैक्स वापस लेने और एसीपी योजना दोबारा शुरू करने की भी मांग की।
सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया की छत्तीसगढ़ इकाई ने रायपुर के पुराना राजेंद्र नगर में बच्चों के लिए दीये, रंगोली और पटाखों का नि:शुल्क वितरण किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बच्चे पहुंचे। त्योहार के लिए दीये, रंगोली और पटाखे मिलने से बच्चों में काफी उत्साह देखने को मिला। बच्चे अपने पसंद के सामान पाकर खुशी से झूम उठे। सिंधी काउंसिल ने बच्चों के साथ मनाई खुशियां सिंधी काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष ललित जैसिंघ ने बताया कि संस्था की ओर से बच्चों के लिए बड़ी संख्या में दीये, रंगोली और पटाखों की व्यवस्था की गई थी। सभी बच्चों को ये सामान निशुल्क बांटे गए, ताकि वे भी त्योहार की खुशियों में शामिल हो सकें। उन्होंने कहा कि त्योहार खुशियां बांटने और एक-दूसरे के साथ मिलकर उत्सव मनाने का मौका होता है। इसी सोच के साथ बच्चों के बीच यह आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डॉ. एनडी गजवानी, सिंधी काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष ललित जैसिंघ, उपाध्यक्ष रितेश वाधवा और धनेश मटलानी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
LAKHISARAI NEWS: मंडल कारा में भ्रष्टाचार का आरोप, युवा राजद ने की जांच की मांग
4 बुधवार, नवंबर: लखीसराय मंडल कारा में भ्रष्टाचार के आरोप को लेकर युवा राजद जिलाध्यक्ष ने डीएम और एसपी को आवेदन सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की।
कूनो नेशनल पार्क के चीते निर्वा के 19 महीने के शावक KNG-22 की गोली मारकर हत्या की घटना के बाद अब चीते की ट्रैकिंग कर रहे वन अमले के साथ मारपीट और उन्हें बंधक बनाने का मामला सामने आया है। मंगलवार की शाम राजस्थान में ग्रामीणों ने कूनो की ट्रैकिंग टीम को घेरकर लाठी-डंडों से मारपीट की और कुछ समय तक बंधक बनाए रखा। बाद में टीम के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया। इस घटना ने एक बार फिर चीता प्रोजेक्ट और ट्रैकिंग टीम की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, कूनो नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर उत्तम शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश के साथ राजस्थान की ओर से भी सुरक्षा मिलती है। फिलहाल कोई दिक्कत नहीं हुई है। चीते ने पाड़े का शिकार किया दरअसल, कूनो नेशनल पार्क से बाहर निकला एक चीता राजस्थान के करौली गांव पहुंच गया था। यहां चीते ने एक ग्रामीण के पाड़े का शिकार कर लिया। पाड़े के मारे जाने की खबर फैलते ही ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई। इसी दौरान कूनो नेशनल पार्क की ट्रैकिंग टीम चीते की लोकेशन का पता लगाते हुए मौके पर पहुंची। टीम जब चीते की लोकेशन ट्रैक कर रही थी, तभी स्थानीय ग्रामीणों ने उसे घेर लिया। ग्रामीणों ने टीम के सदस्यों के साथ अभद्रता की और लाठी-डंडों से मारपीट करते हुए कुछ समय तक बंधक बनाए रखा। बाद में टीम के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया। फील्ड डायरेक्टर बोले- चीता और ट्रैकिंग स्टाफ दोनों सुरक्षित कूनो नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर उत्तम शर्मा ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मंगलवार की शाम को यह घटना हुई थी। कभी-कभार ऐसा हो जाता है। चीता और ट्रैकिंग स्टाफ दोनों सुरक्षित हैं। सुरक्षा के सवाल पर शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश के साथ राजस्थान की ओर से भी सुरक्षा मिलती है। फिलहाल कोई दिक्कत नहीं हुई है। 2023 में भी चीता ट्रैकिंग टीम पर हुआ था हमला कूनो के चीतों की निगरानी में जुटी टीम पर हमले की यह पहली घटना नहीं है। वर्ष 2023 में शिवपुरी के बुराखेड़ा इलाके में चीता आशा को ट्रैक कर रही टीम को ग्रामीणों ने डकैत समझ लिया था। उस समय भी ग्रामीणों ने टीम के साथ मारपीट की थी। इस दौरान हवाई फायरिंग किए जाने की बात भी सामने आई थी। 19 महीने के चीता शावक को मारी थी गोली, दो शिकारी गिरफ्तार यह घटना ऐसे समय हुई है, जब कूनो के 19 महीने के चीता शावक KNG-22 की गोली मारकर हत्या के मामले में जांच जारी है। 25 अक्टूबर को कूनो से बाहर मुरैना के टेरिटोरियल फॉरेस्ट क्षेत्र में शावक को गोली मारी गई थी। उसके शरीर से पांच छर्रे निकाले गए थे। गंभीर हालत में शावक को जबलपुर वेटरनरी यूनिवर्सिटी ले जाया गया था, जहां 27 अक्टूबर को उपचार और सर्जरी के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में अब तक छह वनकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है, जबकि दो शिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट बोले- चीतों की निगरानी कैसे होगी? वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने घटना को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान में चीते द्वारा एक पाड़े का शिकार किए जाने के बाद ग्रामीणों ने कूनो की ट्रैकिंग टीम को बंधक बनाकर मारपीट की। दुबे ने कहा कि केंद्रीय वन मंत्री के ही राज्य में वन विभाग के मैदानी कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था का इस तरह चरमरा जाना बेहद चौंकाने वाला है। इस मामले में तुरंत गिरफ्तारियां होनी चाहिए। उन्होंने मध्यप्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों के साथ राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और अन्य संबंधित एजेंसियों से ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लेने की मांग की है। दुबे ने कहा कि वन्यजीवों की निगरानी और सुरक्षा में जुटी टीम पर हमला गंभीर मामला है। अगर वनकर्मी ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो जंगल से बाहर निकलने वाले वन्यजीवों की निगरानी और संरक्षण कैसे होगा।
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में 1812 संविदा शिक्षकों की भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा की उत्तर कुंजी 5 नवंबर को जारी होगी। अभ्यर्थी 8 नवंबर दोपहर 12 बजे तक उत्तर कुंजी पर ऑनलाइन दावा-आपत्ति कर सकेंगे। इसके लिए प्रति प्रश्न 100 रुपए शुल्क देना होगा। आपत्ति सही पाए जाने पर यह राशि अभ्यर्थी को वापस कर दी जाएगी। लोक शिक्षण संचालनालय के अनुसार, 26 विषयों के संविदा पदों के लिए 31 अक्टूबर से 4 नवंबर तक कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) आयोजित की गई। परीक्षा के लिए कुल 34,604 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इनमें से 28,535 परीक्षा में शामिल हुए। इस तरह कुल उपस्थिति 82.46% रही। 5 नवंबर दोपहर 12 बजे वेबसाइट पर मिलेगी रिस्पॉन्स शीट 4 नवंबर को दोपहर 2.30 बजे परीक्षा समाप्त होने के बाद सभी विषयों की रिस्पॉन्स शीट 5 नवंबर को दोपहर 12 बजे तक स्कूल शिक्षा विभाग की वेबसाइट eduportal.cg.nic.in पर अपलोड कर दी जाएगी। अभ्यर्थी अपनी लॉगिन आईडी से रिस्पॉन्स शीट देखकर अपने दिए गए जवाबों का मिलान जारी उत्तर कुंजी से कर सकेंगे। परीक्षा में प्रत्येक सही उत्तर के लिए एक अंक मिलेगा, जबकि गलत जवाब देने पर 0.25 अंक काटे जाएंगे। जिन सवालों के जवाब नहीं दिए गए हैं, उनके लिए कोई अंक नहीं मिलेगा और न ही कटौती होगी। आपत्ति सही होने पर वापस मिलेगी 100 रुपए फीस अभ्यर्थी 5 नवंबर दोपहर 12 बजे से 8 नवंबर दोपहर 12 बजे तक ऑनलाइन दावा-आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए विभाग की वेबसाइट पर दिए गए विकल्प का इस्तेमाल करना होगा। प्रत्येक प्रश्न पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए 100 रुपए शुल्क देना होगा। जांच में आपत्ति सही मिलने पर संबंधित अभ्यर्थी को शुल्क वापस कर दिया जाएगा। आपत्ति गलत पाए जाने पर राशि वापस नहीं होगी। विभाग की ओर से अभ्यर्थियों को रिस्पॉन्स शीट जारी होने और आपत्ति दर्ज कराने की जानकारी ई-मेल और एसएमएस के जरिए भी दी जाएगी। दावा-आपत्तियों का निराकरण करने के बाद जरूरत के मुताबिक अभ्यर्थियों के प्राप्तांकों में सुधार किया जाएगा। निर्धारित समय सीमा के बाद ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी माध्यम से मिली आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
त्योहारों के मद्देनजर खाद्य पदार्थों में मिलावट खोरी रोकने के लिए जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के निर्देशन में जिलेभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें लगातार छापेमारी कर संदिग्ध खाद्य सामग्री पर पैनी नजर रख रही हैं। इसी कड़ी में बुधवार को खाद्य विभाग की टीम ने शाहबाद इलाके में बड़ी कार्रवाई करते हुए मिलावटी 400 लीटर दूध मौके पर ही नष्ट करवा दिया। नायब तहसीलदार और पुलिस टीम ने की छापेमारी खाद्य विभाग की टीम ने नायब तहसीलदार सचिन कुमार और पुलिस बल के साथ शाहबाद के अंबेडकर पार्क के पास घेराबंदी कर कार्रवाई की। मौके से दो दूधियों—आलिम और अकबर को दूध से भरे कंटेनरों के साथ पकड़ा गया। जांच करने पर कंटेनरों में मौजूद करीब 400 लीटर दूध में मिल्क पाउडर की मिलावट पाई गई। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि दूध से पहले क्रीम निकाली गई थी और फिर उसे गाढ़ा दिखाने के लिए उसमें मिल्क पाउडर मिलाया जा रहा था। आरोपी दूधियों पर लटकी कार्रवाई की तलवार टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मिलावटी दूध के दो नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला (लैब) भेज दिए। इसके बाद बचे हुए 400 लीटर दूध को मौके पर ही पूरी तरह नष्ट करा दिया गया ताकि इसे बाजार में बिक्री के लिए न भेजा जा सके। अभिहित अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि पूरे जिले में खाद्य विभाग की टीमें मुस्तैद हैं। जल्द ही मिठाइयों की दुकानों और दूध से बनने वाले अन्य उत्पादों के भी नमूने लेकर लैब भेजे जाएंगे। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। त्योहार ही नहीं, आगे भी जारी रहेगी सख्ती जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान सिर्फ त्योहारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगे भी लगातार जारी रहेगा ताकि आम जनता को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य वस्तुएं मिल सकें। उन्होंने मिलावटखोरों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि खाने-पीने की चीजों में मिलावट करने वाले अपनी हरकतों से बाज आएं, वरना प्रशासन की कड़ी और कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
शहडोल में कोतवाली पुलिस ने बुधवार दोपहर जुआ खेलने की सूचना पर दो जगह दबिश दी। विंध्या नर्सिंग कॉलेज ग्राउंड और कल्याणपुर के जंगल से पुलिस ने 12 लोगों को पकड़ा। उनके पास से नकदी, जुआ खेलने की सामग्री और मोबाइल फोन जब्त किए गए। दो जगह जुआ खेलते मिले लोग पुलिस के मुताबिक, बुधवार दोपहर कोतवाली थाना क्षेत्र के विंध्या नर्सिंग कॉलेज ग्राउंड और कल्याणपुर के जंगल में जुआ खेलने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने दोनों जगह दबिश देकर 12 लोगों को पकड़ा। जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई पुलिस ने मौके से हजारों रुपए की नकदी, जुआ खेलने की सामग्री और मोबाइल फोन जब्त किए। सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। हालांकि, पुलिस ने पकड़े गए लोगों के नाम और जब्त सामान की संख्या नहीं बताई है। दीपावली से पहले शहर और आसपास के इलाकों में जुए के फड़ चलने की बात सामने आई है।
सुपौल के राजेश्वरी थाना क्षेत्र के ग्वालपाड़ा पंचायत के वार्ड-15 में बुधवार को जमीन विवाद के बाद एक बुजुर्ग की मौत हो गई। मृतक की पहचान अररिया जिले के भरगामा थाना क्षेत्र के सिरसिया कलां वार्ड-2 निवासी करीब 55 वर्षीय बलराम यादव के रूप में हुई है। परिजनों ने चचेरे भाई सहित अन्य लोगों पर मारपीट कर गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों के अनुसार, बलराम यादव का अपने चचेरे भाई के साथ करीब तीन बीघा जमीन को लेकर पिछले 15 वर्षों से विवाद चल रहा था। इस जमीन को लेकर करीब तीन साल पहले भी दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। बुधवार सुबह करीब 10 बजे विवादित जमीन की जोताई को लेकर फिर विवाद शुरू हो गया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… खेत में मारपीट और गला दबाने का आरोप मृतक की बहन सीता देवी और पत्नी सरिता देवी ने आरोप लगाया कि जोताई के दौरान चचेरे भाई सहित अन्य लोगों ने बलराम यादव के साथ मारपीट की और उनका गला दबा दिया। परिजनों का दावा है कि विवादित खेत में ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद शव को रिश्ते के चाचा के घर लाया गया। हालांकि, हत्या के आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। सुपौल और अररिया पुलिस ने शुरू की जांच सूचना मिलने पर राजेश्वरी थाना और अररिया जिले के भरगामा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की और मामले की छानबीन शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। परिवार का इकलौता भाई था बलराम यादव बलराम यादव चार बहनों के इकलौते भाई थे। उनके दो पुत्र हैं। उनकी मौत के बाद पत्नी सरिता देवी और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। राजेश्वरी थानाध्यक्ष युगल किशोर ने बताया कि एक बुजुर्ग की मौत का मामला सामने आया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
धनबाद के बारामुड़ी खटाल मामले में सांसद ढुल्लू महतो के कथित बयान के विरोध में बुधवार को JLKM कार्यकर्ताओं ने गिरिडीह में प्रदर्शन किया। उन्होंने टावर चौक पर सांसद का पुतला जलाया और सार्वजनिक माफी की मांग की।कार्यकर्ताओं ने सांसद के खिलाफ नारे लगाए और उनके बयान की निंदा की। उनका कहना था कि जनप्रतिनिधियों को सार्वजनिक मंचों पर भाषा की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। अभद्र भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं: JLKM कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सांसद ने बारामुड़ी खटाल मामले को लेकर JLKM नेताओं के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी नेता के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है। JLKM के जिलाध्यक्ष अमित महतो ने कहा कि सांसद का बयान निंदनीय है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को संवेदनशील मुद्दों पर जिम्मेदारी से बोलना चाहिए और सभी दलों के नेताओं के खिलाफ लोकतांत्रिक मर्यादा में रहकर बात करनी चाहिए। अमित महतो ने सांसद से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि माफी नहीं मांगने पर JLKM इस मुद्दे पर आंदोलन जारी रखेगा। पुतला दहन कार्यक्रम में संगठन के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ता लौट गए।
रामपुर में रबी की बुवाई को लेकर किसानों ने बीज खरीदना शुरू कर दिया है। कृषि विभाग की ओर से गेहूं, मसूर, मटर, सरसों और लाही का बीज 50 फीसदी अनुदान पर उपलब्ध कराया जा रहा है। खास बात यह है कि इस बार किसानों को बीज खरीदते समय ही सब्सिडी का लाभ मिल रहा है। उन्हें पहले की तरह पूरी कीमत चुकाकर अनुदान की राशि का इंतजार नहीं करना पड़ रहा है। इससे किसानों को काफी राहत मिल रही है। पूरी कीमत जमा करनी पड़ती बुधवार को कृषि भवन परिसर में बड़ी संख्या में किसान बीज लेने पहुंचे। किसानों ने बताया कि पहले सब्सिडी का लाभ लेने के लिए बीज की पूरी कीमत जमा करनी पड़ती थी। इसके बाद अनुदान की राशि उनके बैंक खाते में आती थी। इस बार बीज की कीमत से अनुदान की राशि घटाकर भुगतान लिया जा रहा है। इससे तत्काल आर्थिक राहत मिल रही है। कृषि उपनिदेशक रामकृष्ण सिंह ने बताया कि विभाग के पास गेहूं का पर्याप्त बीज उपलब्ध है। किसानों को पहले बुकिंग और पंजीकरण कराना होगा। गेहूं के बीज का करीब 12 हजार कुंतल स्टॉक इसके बाद उन्हें बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में गेहूं के बीज का करीब 12 हजार कुंतल स्टॉक है। इसके अलावा 123 कुंतल मटर, 97 कुंतल मसूर और करीब 35 कुंतल सरसों का बीज उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि किसान अपने एंड्रॉयड मोबाइल से भी पंजीकरण कर सकते हैं। जिन किसानों को ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी नहीं है, वे जनसेवा केंद्र या साइबर कैफे के माध्यम से पंजीकरण कराकर कृषि भवन से बीज प्राप्त कर रहे हैं। किसानों को प्रमाणित और अच्छी गुणवत्ता का बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। राशि घटाकर ही भुगतान लिया किसान लियाकत अली ने बताया कि पहले बीज की पूरी कीमत देनी पड़ती थी और सब्सिडी बाद में खाते में आती थी। अब अनुदान की राशि घटाकर ही भुगतान लिया जा रहा है। इससे किसानों को तुरंत फायदा मिल रहा है। वहीं किसान रामप्रसाद हरियाल ने भी कहा कि बीज खरीदते समय ही छूट मिलने से उन्हें काफी राहत मिली है।
आगरा में दीपावली से पहले जाम से बेहाल शहर:डायवर्जन फेल; बाजारों में पैदल चलना भी मुश्किल
आगरा में दीपावली से पहले ही शहर की यातायात व्यवस्था लड़खड़ाने लगी है। बाजारों में खरीदारी के लिए उमड़ी भीड़ और वाहनों के दबाव से हर तरफ जाम लगा हुआ है। ट्रैफिक माह चल रहा है, लेकिन जाम के आगे पुलिस की व्यवस्था भी फेल होती नजर आ रही है। ट्रैफिक पुलिस ने 4 से 11 नवंबर तक के लिए डायवर्जन प्लान लागू किया है। इसके तहत शहर के प्रमुख बाजारों में सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक चार पहिया और तीन पहिया वाहनों की एंट्री पर रोक लगाई गई थी। दावा था कि इससे बाजारों में जाम नहीं लगेगा और लोग आसानी से खरीदारी कर सकेंगे। लेकिन हकीकत इसके उल्ट है। बाजार में पैदल चलना भी मुश्किलशाहगंज, एमजी रोड, सुभाष बाजार, फुव्वारा, किनारी बाजार और सुल्तानपुरा में बुधवार को दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। रोक के बावजूद बाजारों में कार, ऑटो और ई-रिक्शा घुस रहे हैं। इससे बाजारों में पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। खरीदारों को एक दुकान से दूसरी दुकान तक जाने में ही आधा घंटा लग रहा है। महिलाएं और बुजुर्ग जाम में फंसकर परेशान हो रहे हैं। पुलिस भी दिखी बेबसबाजारों में यातायात संभालने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। लेकिन भीड़ और वाहनों के दबाव के चलते पुलिसकर्मी भी बेबस नजर आए। कई जगहों पर डायवर्जन पॉइंट पर ही वाहन चालकों से बहस होती रही। लोग डायवर्जन मानने को तैयार नहीं हैं। कई ऑटो चालक गलियों से होकर बाजार में घुस रहे हैं। नो-पार्किंग में खड़े वाहन बने मुसीबतएमजी रोड पर सूरसदन से दीवानी चौराहा तक सड़क किनारे खड़े वाहन जाम की बड़ी वजह बने हुए हैं। पुलिस ने नो-पार्किंग में खड़े वाहनों को क्रेन से उठाने का दावा किया था, लेकिन बुधवार को यह व्यवस्था भी कागजों तक ही सीमित दिखी। दुकानों के बाहर बेतरतीब खड़ी बाइक और कारों ने सड़क को आधा कर दिया है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि हर साल त्योहारों पर यही हाल होता है। डायवर्जन सिर्फ कागजों में रहता है, जमीन पर पालन नहीं होता। लोगों ने मांग की है कि डायवर्जन पॉइंट पर सख्ती बरती जाए और बाजारों में घुसने वाले वाहनों पर चालान की कार्रवाई हो, तभी जाम से राहत मिलेगी।
दिल्ली- क्लासरूम में 9 साल की बच्ची की मौत:CCTV में दिखा- टीचर से कुछ कह रही थी, तभी अचानक गिर गई
दिल्ली के मयूर विहार फेज-2 स्थित एक स्कूल में 9 साल की बच्ची की क्लासरूम में मौत हो गई। तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली बच्ची अचानक क्लासरूम के फर्श पर गिर गई थी। स्कूल का स्टाफ ने उसे तुरंत पास के अस्पताल पहुंचाया। बाद में उसे निर्माण विहार के मलिक हॉस्पिटल में रेफर कर दिया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में डॉक्टर्स ने कार्डिएक अरेस्ट से मौत होने की आशंका जताई है। हालांकि, मौत की असली वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगी। घटना के दो सीसीटीवी फुटेज... गेम्स पीरियड से लौटने के बाद बहुत थकी हुई लग रही थी टीचर्स ने बताया कि बच्ची गेम्स पीरियड के बाद क्लासरूम में लौटी थी। वह बहुत थकी हुई लग रही थी। वह कुछ कहते हुए अचानक फर्श पर गिर गई थी। उसे उठाकर कुर्सी पर बिठाने की कोशिश की तो वह पूरी तरह बेसुध हालत में थी। फर्श पर गिरने से उसके ठोड़ी से खून बहने लगता है। इसीलिए स्टाफ की मदद से उसे तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया था। बच्ची के परिवार ने कहा- तुरंत सीपीआर क्यों नहीं दिया लड़की के परिवार ने आरोप लगाया कि अच्छी-खासी फीस देने के बावजूद, स्कूल के पास इस तरह की इमरजेंसी से निपटने के लिए सही मेडिकल इंतजाम नहीं थे। उन्होंने यह भी पूछा कि बच्ची के गिरने के तुरंत बाद उसे CPR क्यों नहीं दिया गया। परिवार के सवाल पर प्रिंसिपल ने कहा कि स्टाफ को शुरू में लगा कि बच्ची के बेहोश होने का कारण उसकी ठोड़ी पर लगी चोट हो सकती है और वे उसकी हालत का कोई और कारण नहीं सोच सके। इसलिए उसे तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया। ---------------------
लखनऊ में आलमबाग स्थित पोल स्टार अकादमी स्कूल में वार्षिक समारोह का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों को अभिभावकों ने सराहा। इस दौरान विद्यालय के शिक्षकों ने छात्रों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों में भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
हाथरस में आज बुधवार को दोपहर 3:00 बजे के लगभग एसडीएम सदर शुभेंद्र गोपाल, सीओ सिटी हिमांशु माथुर ने मुख्य अग्निशमन अधिकारी के साथ शहर में आतिशबाजी की दुकानों का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देशन में किया गया। अधिकारियों ने दुकानों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और उनके काम करने की स्थिति जांची। आग से बचाव के इंतजाम, पटाखों के सुरक्षित भंडारण, दुकानों के बीच तय दूरी और बिजली सुरक्षा की भी जांच की गई। दुकानदारों से कहा गया कि पटाखों का भंडारण और बिक्री तय नियमों के अनुसार करें। दुकानों में अग्निशमन उपकरण रखें और आपात स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा इंतजाम दुरुस्त रखें। नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई दुकानों के आसपास ज्वलनशील सामान न रखने और धूम्रपान पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने सुरक्षा नियमों का पालन करने को कहा। अधिकारियों ने कहा कि नियमों का उल्लंघन या लापरवाही मिलने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हाथरस पुलिस ने त्योहारों के दौरान सुरक्षा के लिए निरीक्षण और निगरानी जारी रखने की बात कही।

