UDH राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसला आने के बाद चुनाव करवाने का फैसला अब निर्वाचन आयोग का होगा। 3 महीने पहले भी प्रदेश सरकार चुनाव के लिए तैयार थी और आज भी तैयार है। अड़चन यही थी कि सरकार की मंशा थी कि OBC को उचित आरक्षण दिया जाए। कांग्रेस के राज में OBC की गणना नहीं हुई थी, इसलिए प्रदेश सरकार बनने के बाद OBC आयोग का गठन किया गया था। राज्यमंत्री खर्रा आज सुबह सीकर के स्मृति वन में वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान का शुभारंभ करने पहुंचे थे। झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि प्रदेश सरकार अभी हाईकोर्ट के आदेशों को स्टडी कर रही है। फिलहाल सरकार की दोबारा कोर्ट में जाने की कोई तैयारी नहीं है। निकाय-पंचायती राज में पुनर्गठन, सीमांकन और सीमा विस्तार के काम में आ रहे सरकार के सभी कानूनी बैरियर खत्म हो चुके हैं। प्रदेश सरकार 3 महीने पहले चुनाव के लिए तैयार है। हाईकोर्ट के आदेश की पालना अब चुनाव आयोग को करनी है। खर्रा ने कहा कि चुनाव आयोग जब भी प्रदेश सरकार से जो भी सहयोग चाहेगा, उसके लिए प्रदेश सरकार उपलब्ध है। प्रशासन पहले S.I.R. और अब जनगना में बिजी है। ऐसे में बिना OBC आयोग की रिपार्ट के चुनाव करवाना उचित नहीं है। चुनाव करवाना निर्वाचन आयोग का काम है, आयोग कानूनी राय लेकर काम करेगा। राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने सीकर में वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान के शुभारंभ के मौके पर स्मृति वन में पौधारोपण किया और सरोवर का पूजन किया। राजीविका की महिलाओं ने मंगल गीत गाए और कलश धारण किए। कार्यक्रम में प्रभारी सचिव सुबीर कुमार, पूर्व सांसद स्वामी सुमेधानंद, कलेक्टर आशीष मोदी, पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत, पूर्व विधायक रतन जलधारी और भाजपा िजलाध्यक्ष मनोज बाटड़ मंचस्थ थे। राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि 53 डिग्री से ज्यादा तापमान होते ही दिमाग मेल्ट होना शुरु हो जाता है, इसलिए अब हमें सावधान होने की जरुरत है। जितने ज्यादा पेड़ लगेंगे और उनका संरक्षण होगा उतना ही पर्यावरण हरा-भरा होगा। अगली पीढ़ी को बचाने के लिए जल संरक्षण व पर्यावरण संरक्षण करने की जरूरत है। प्रभरी सचिव सुबीर कुमार ने कहा कि वाटर लेवल बढ़ाने के लिए 50*50 के सोक पिट्स बनाएंगे तो फायदा होगा। फरवरी सचिव शब्बीर कुमार ने कहा कि जिला कलेक्टर को जिला मुख्यालय पर फूड पार्क बनाने के लिए जमीन चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही जमीन चिन्हित होने के बाद कोचिंग एरिया और सीकर में आने वाले पर्यटकों को देखते हुए एक अच्छा फूड कोर्ट तैयार किया जाएगा। प्रभारी सचिव सुबीर कुमार ने कहा कि इस बार सीकर जिले में 31 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से एक लाख मोरिंगा(सहजन) के पेड़ लगाए जाएंगे, इसकी जल्दी ग्रोथ होती है और लोगों की हैल्थ के लिए फायदेमंद होगा। प्रगतिशील किसानों को कम फसली एरिया में विजिट करवाई जाए। बच्चों के जरिए पर्यावरण संरक्षण का मैसेज तेजी से जाएगा। इस तरह टेंपरेचर बढ़ा तो एक टाइम 55 से ज्यादा हो जाएगा फिर मौतें होने लगेंगी, इसलिए टेंपरेचर कम करने के पेड़ लगाना ही एकमात्र उपाय है। पूर्व सांसद स्वामी सुमेधानंद ने कहा कि एक AC यूज करने वाले इंसान को कम से कम 50 पेड़ लगाने चाहिए। स्काउट्स-गाइड्स ने स्मृति वन के सरोवर में श्रमदान किया। कार्यक्रम के बाद पौधारोपण करते समय राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने पीपल, प्रभारी सचिव सुबीर कुमार ने अशोक, कलेक्टर मोदी ने गुलर और SP नूनावत ने मौलश्री को पौधा लगाया। राज्यमंत्री खर्रा ने कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों को जल संरक्षण व पर्यावरण की शपथ दिलाई।
आईआईटी-रुड़की की ओर से आयोजित की गई जेईई-एडवांस परीक्षा की प्रोविजनल आंसर की तय कार्यक्रम के अनुसार सोमवार, 25 मई को जारी कर दी गई है। अब स्टूडेंटस के पास इन आंसर की पर आपत्तियां दर्ज करने के लिए 26 मई, मंगलवार शाम 5 बजे तक का समय है। एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया कि इस साल जेईई-एडवांस की प्रोविजनल आंसर की के अनुसार किसी भी प्रश्न को 'बोनस' घोषित नहीं किया गया है। हालांकि, फिजिक्स विषय के पेपर-1 में रे-ऑप्टिक्स से जुड़े एक प्रश्न के एक से अधिक विकल्प सही माने गए हैं। यह सवाल 'डबल-कॉन्वेक्स लेंस' की शक्ति में होने वाले परिवर्तन से संबंधित ग्राफ पर आधारित था। एक्सपर्ट के अनुसार, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स के दोनों प्रश्नपत्र पूरी तरह एरर फ्री रहे है। पिछले साल की प्रोविजनल आंसर-की में पेपर-2 के दौरान फिजिक्स का एक प्रश्न बोनस घोषित किया गया था, जबकि केमिस्ट्री और मैथ्स के दोनों पेपर एरर लेस रहे थे। एक्सपर्ट देव शर्मा के अनुसार अब आपत्ति दर्ज करवाने का समय मंगलवार शाम तक का ही है। इसके बाद फाइनल आंसर की और रैंक एक जून को सुबह दस बजे जारी की जाएगी। वहीं काउंसलिंग प्रक्रिया 2 जून से शुरू हो सकती है। बी-टेक-डुएल डिग्री कोर्सेस में एडमिशनकैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी-केल्टेक, जेट प्रोपल्शन लैबोरेट्री-जेपीएल तथा ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी-एएनयू जैसे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थानों के संयुक्त तत्वाधान में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी-आईआईएसटी, तिरुवनंतपुरम की ओर संचालित अंडरग्रैजुएट तथा ड्यूल-डिग्री पाठ्यक्रमों में एडमिशन के लिए ऑनलाइन-आवेदन की प्रक्रिया 26-मई, मंगलवार से शुरू की जा रही है जो दस जून तक चलेगी। आईआईएसटी-तिरुवनंतपुरम में एडमिशन जेईई-एडवांस की मेरिट सूची के आधार पर ही होगा लेकिन ईआईएसटी-तिरुवनंतपुरम की क्वालीफाइंग-कटऑफ जेईई-एडवांस से अलग होगी।
बहराइच जिले के कतर्निया घाट वन्य जीव प्रभाग में बाघ के हमले से एक महिला की मौत हो गई। यह घटना मुर्तिहा रेंज के अमृतपुर गांव के पास आज सुबह हुई, जब महिला घास काटने के लिए खेतों की ओर जा रही थी। ग्रामीणों के मौके पर पहुंचने तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतका की पहचान अमृतपुर गांव निवासी सुभाष की पत्नी रीता (40) के रूप में हुई है। सुबह करीब आठ बजे रीता घर से घास काटने के लिए खेतों की ओर जा रही थीं। तभी अचानक जंगल से निकले एक बाघ ने उन पर हमला कर दिया। हमले के बाद रीता की चीख सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के शोर मचाने पर बाघ घायल महिला को छोड़कर जंगल में भाग गया। हमले में रीता के गले और सिर पर गंभीर घाव हो गए थे। परिवार के लोग जब तक उन्हें इलाज के लिए ले जाते, उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर मुर्तिहा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। प्रभागीय वनाधिकारी अपूर्व दीक्षित ने बताया कि जंगली जानवर के हमले में महिला की मौत की जानकारी मिली है और वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया है।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में 'नो एंट्री' नियमों का उल्लंघन करते हुए भारी वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिससे चौक-चौराहों पर लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। हाल ही में एक घंटे के भीतर 18 हाईवा वाहनों के गुजरने का मामला सामने आया है, जो रेत और गिट्टी लेकर जा रहे थे। जिला प्रशासन ने पहले शहर में सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया था। हाल की घटनाओं को देखते हुए इस अवधि को बढ़ाकर सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक कर दिया गया है। इसके बावजूद दिन हो या शाम, शहर की सड़कों पर ट्रक और ट्रेलर बेरोकटोक चल रहे हैं। कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यातायात विभाग केवल बोर्ड लगाकर खानापूर्ति कर रहा है। चौक-चौराहों पर न तो पर्याप्त ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौजूद रहते हैं और न ही नियम तोड़ने वाले वाहनों पर कोई कार्रवाई की जाती है। इस लापरवाही से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नो एंट्री’ समय बढ़ाने की मांग पर प्रशासन करेगा समीक्षा इस मामले में प्रभारी पुलिस अधीक्षक अविनाश मिश्रा ने बताया कि ‘नो एंट्री’ का समय सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक निर्धारित है। उन्होंने कहा कि समय बढ़ाने की मांग को लेकर संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर मामले की समीक्षा कराई जाएगी।
इंदौर के छत्रीपुरा इलाके में होमगार्ड के नगर सैनिक को लोगों ने पकड़ लिया था। यहां उसकी वर्दी भी कीचड़ में खराब हो गई थी। रहवासियों ने उस पर घर में चोरी का आरोप लगाया था। वहीं, नगर सैनिक ने मंगेतर के विवाद में एक युवक को ढूंढते हुए वहां आने की बात कही थी। इस मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों पर एफआईआर दर्ज कर ली है। वहीं, दूसरे दिन नगर सैनिक का एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें वह घर में घुसकर मारपीट करता दिख रहा है। छत्रीपुरा पुलिस ने यशोदा पथरोड निवासी 12 खोली राजमोहल्ला की शिकायत पर प्रशांत श्रीवास निवासी हवा बंगला, कुंदन नगर और उसकी मंगेतर साक्षी के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया है। यशोदा ने शिकायत में पुलिस को बताया कि वह घर पर थी। तभी उसके देवर राजेश की दोस्त ममता की बेटी साक्षी एक युवक के साथ उनके घर आई। दोनों ने पुराने विवाद को लेकर राजेश के साथ अपशब्द कहे। जब पति हीरालाल पथरोड बाहर आए और देवर राजेश ने दोनों को अपशब्द कहने से रोका, तब साक्षी ने अपने साथ आए युवक प्रशांत से मारपीट करने के लिए कहा। इसके बाद प्रशांत ने राजेश को सड़क पर गिरा दिया। साक्षी ने पत्थर मारा, जो राजेश के सिर पर लगा। वहीं, प्रशांत ने डंडे से मारपीट की। वहीं, दूसरी ओर प्रशांत श्रीवास की शिकायत पर पुलिस ने यशोदा और उसके देवर राजेश उर्फ सेठी के खिलाफ भी मारपीट का मामला दर्ज किया है। प्रशांत ने बताया कि उसकी मंगेतर साक्षी के घर द्वारकापुरी में राजेश उर्फ सेठी ने विवाद किया था। इसी वजह से वह मंगेतर साक्षी बागड़ी को लेकर राजेश को समझाने उसके घर 12 खोली राजमोहल्ला गया था। जैसे ही वह राजमोहल्ला पहुंचा, राजेश पथरोड और उसकी भाभी यशोदा ने उसकी मंगेतर को अपशब्द कहे। जब उसने दोनों को रोकने की कोशिश की तो उन्होंने साक्षी और उसके साथ हाथापाई कर थप्पड़-मुक्कों से मारपीट की। हालांकि, इस मामले में सोशल मीडिया पर एक और वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें नगर सैनिक प्रशांत और उसकी मंगेतर साक्षी घर में घुसते दिख रहे हैं। इसके बाद दोनों राजेश को घसीटते हुए बाहर लाते हैं। वीडियो में प्रशांत डंडे से मारपीट करता भी दिखाई दे रहा है। पुलिस के मुताबिक, पूरे मामले की जांच की जा रही है। यह खबर भी पढ़ें… इंदौर में युवती से मिलने पहुंचे नगर सैनिक की पिटाई इंदौर के राजमोहल्ला क्षेत्र में एक युवती से मिलने पहुंचे होमगार्ड के नगर सैनिक की लोगों ने जमकर पिटाई कर दी। इस दौरान उस पर चोरी का आरोप भी लगाया गया। सूचना मिलने पर मल्हारगंज थाने की एफआरवी मौके पर पहुंची और नगर सैनिक को छत्रीपुरा थाने लाया गया। पूरी खबर यहां पढ़ें...
रायपुर में आरक्षक गिरफ्तार:शादी का झांसा देकर युवती से किया था रेप, पुलिस ने किया अरेस्ट
रायपुर में शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म करने के आरोप में कोतवाली थाना पुलिस ने एक आरक्षक को गिरफ्तार किया है। पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपी का नाम पुलिस द्वारा मुकेश साहू बताया जा रहा है। आरोपी आरक्षक पर आगे की कार्रवाई पुलिस कर रही है। आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि कोतवाली पुलिस के अधिकारियों ने की है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसकी पहचान आरोपी आरक्षक से साल 2008 में हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और आरोपी ने शादी का वादा कर उससे संबंध बनाए। महिला का आरोप है कि आरोपी उसे रायपुर स्थित पुलिस लाइन के सरकारी आवास में ले गया था, जहां पहली बार उसके साथ दुष्कर्म किया गया। महिला ने शिकायत में बताया कि बाद में आरोपी की पोस्टिंग गरियाबंद में हो गई, लेकिन दोनों के बीच संपर्क बना रहा। इस दौरान आरोपी शादी का भरोसा देकर लगातार उसके साथ संबंध बनाता रहा। पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपी ने उसे रायपुर के एक किराए के मकान में भी रखा था। जब महिला ने शादी करने का दबाव बनाया, तब आरोपी उससे विवाद करने लगा और दूरी बनाने लगा। आरोपी के व्यवहार में बदलाव आने के बाद महिला को खुद के साथ धोखा होने का एहसास हुआ। इसके बाद उसने कोतवाली थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। शुरुआती जांच और महिला के बयान के आधार पर आरोपी आरक्षक मुकेश साहू को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
मऊ पुलिस सदर विधायक अब्बास अंसारी को कानूनी नोटिस जारी करने की तैयारी कर रही है। उन पर आरोप है कि उन्होंने गाजीपुर में अपने प्रवास और मऊ जिले में प्रवेश से संबंधित अदालत के आदेशों का उल्लंघन किया है। इससे पहले, गाजीपुर पुलिस भी उन्हें इसी संबंध में नोटिस दे चुकी है। अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि उनकी जानकारी के अनुसार, गाजीपुर पुलिस ने अब्बास अंसारी को एक नोटिस दिया है। इस नोटिस में कहा गया है कि जमानत की शर्तों के तहत उन्हें गाजीपुर में तीन दिन तक निवास करने की अनुमति है। पुलिस कर रही मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक ने आगे बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि जब भी अब्बास अंसारी मऊ जनपद में प्रवेश करेंगे, उन्हें पुलिस और प्रशासन को पहले से सूचित करना होगा। मऊ पुलिस अब इस आदेश के पालन की जांच कर रही है। अनूप कुमार के अनुसार, अब्बास अंसारी अब तक तीन बार मऊ जनपद में आए हैं, लेकिन उन्होंने नियमानुसार पूर्व सूचना नहीं दी। पुलिस ने इस मामले का संज्ञान लिया है और इस उल्लंघन के लिए उन्हें विधिक नोटिस जारी किया जाएगा। अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आदेश के उल्लंघन के मामले में जो भी कानूनी कार्रवाई होगी, उसके तहत उन्हें नोटिस दिया जाएगा और उस पर अमल किया जाएगा।
जैन संतों की सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन:प्रतापगढ़ में वाहन रैली निकाल, मिनी सचिवालय पर ज्ञापन सौंपा
प्रतापगढ़ में सकल जैन समाज ने जैन संतों की सुरक्षा सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। समाजजनों ने वाहन रैली निकालकर मिनी सचिवालय पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जैन संतों और साध्वियों के विहार के दौरान हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि ये घटनाएं सामान्य दुर्घटनाएं नहीं, बल्कि सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा हो सकती हैं। सकल जैन समाज के गजेंद्र चंडालिया ने बताया- हाल ही में मध्य प्रदेश के रीवा में विहार कर रही दो जैन साध्वियों को एक वाहन ने टक्कर मार दी थी। इस घटना में एक साध्वी का उपचार के दौरान निधन हो गया। चंडालिया के अनुसार, मौके पर मिले साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज घटना को संदिग्ध बनाते हैं। समाजजनों ने कहा कि जैन संत निहत्थे और तपस्वी जीवन जीते हुए बिना किसी भौतिक संसाधन के विहार करते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। ज्ञापन में इन घटनाओं की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जैन संतों के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा नीति बनाने की मांग की गई है। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो आगे अहिंसक आंदोलन किया जाएगा।
बदायूं जिले के फैजगंज बेहटा क्षेत्र में रविवार देर शाम एक तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार दो भाइयों को टक्कर मार दी। इस हादसे में 35 वर्षीय टिल्लू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके बड़े भाई कल्लू गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना फैजगंज बेहटा गांव स्थित मुन्नू नगर चौराहे पर हुई। रजाबारी सिकरी गांव निवासी कल्लू (42) और टिल्लू (35) पुत्र जमुना प्रसाद एक बाइक पर सवार होकर कछला में एक अंतिम संस्कार में शामिल होने गए थे। वे देर शाम अपने गांव लौट रहे थे तभी यह हादसा हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों भाई सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग जमा हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने टिल्लू को मृत घोषित कर दिया। कल्लू की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने मृतक टिल्लू के शव को कब्जे में लेकर सोमवार को पोस्टमार्टम कराया। टिल्लू अपने पीछे तीन छोटे-छोटे बच्चे छोड़ गए हैं, जिनमें एक बेटी और दो बेटे शामिल हैं। परिवार में घटना के बाद कोहराम मचा हुआ है। परिजनों के अनुसार, मृतक टिल्लू कलाबाजी और करतब दिखाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और गांव में भी शोक का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और अज्ञात डंपर चालक की तलाश कर रही है।
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में रविवार देर शाम करीब 6 बजे दर्शन व्यवस्था को लेकर बड़ा विवाद हो गया। नए झूला पुल क्षेत्र स्थित प्रतिबंधित मार्ग से प्रवेश करने को लेकर नोएडा से आए 20-25 श्रद्धालुओं और मंदिर कर्मचारियों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की में बदल गई। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर अभद्रता के आरोप लगाए हैं, हालांकि मामले में अभी तक कोई पुलिस शिकायत दर्ज नहीं हुई है। जानकारी के मुताबिक, नोएडा से आए श्रद्धालु नए झूला पुल मार्ग से मंदिर में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे। दरअसल, सुखदेव मुनि द्वार के चौड़ीकरण कार्य के चलते यह मार्ग आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रखा गया है और यहां से केवल वीआईपी (VIP) मूवमेंट कराया जा रहा है। बाहर से आने वाले इन श्रद्धालुओं को मार्ग में हुए इस बदलाव की जानकारी नहीं थी, जिसके कारण यह स्थिति निर्मित हुई। कर्मचारी काउंटर पर गिरा, मौके पर मची अफरा-तफरीप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर कर्मचारियों ने जब श्रद्धालुओं को रोकने का प्रयास किया, तो दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर श्रद्धालुओं ने एक कर्मचारी को धक्का दे दिया, जिससे वह काउंटर पर गिर गया। इसके बाद वहां 10-12 अन्य कर्मचारी भी पहुंच गए और मारपीट जैसी स्थिति बन गई। कुछ देर तक वहां अफरा-तफरी का माहौल रहा। बाद में अन्य कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। श्रद्धालुओं का आरोप- डराने-धमकाने वाली भाषा बोलते हैं कर्मचारीघटना के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर कर्मचारियों के व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जताई है। यात्रियों का कहना है कि व्यवस्था समझाने के बजाय कर्मचारी डराने-धमकाने वाली भाषा का इस्तेमाल करते हैं, जिससे दर्शनार्थी असहज महसूस करते हैं। वहीं, कर्मचारियों का आरोप है कि श्रद्धालु जबरन प्रतिबंधित मार्ग से घुसने की कोशिश कर रहे थे और उन्होंने स्टाफ के साथ बदसलूकी की। स्थानीय लोगों का मानना है कि सूचना बोर्ड और मार्गदर्शन की कमी के कारण यह भ्रम और विवाद पैदा हो रहा है। ट्रस्ट बोला- भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए व्यवस्था जरूरीमामले में मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक ट्रस्टी राव पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि गर्भगृह छोटा होने के कारण प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग मार्ग तय किए गए हैं, ताकि भीड़ नियंत्रण बेहतर तरीके से हो सके। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं द्वारा कर्मचारियों के साथ अभद्रता और मारपीट की जा रही थी, जिसके बाद अन्य कर्मचारी बचाव के लिए पहुंचे। स्टाफ को दिए जाएंगे अतिरिक्त दिशा-निर्देशट्रस्ट प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों को पहले से ही श्रद्धालुओं के साथ संयम और नरमी से पेश आने के निर्देश दिए गए हैं। प्रबंधन का कहना है कि भविष्य में ऐसी अप्रिय स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए कर्मचारियों को अतिरिक्त दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे।
गुना जिले के म्याना थाना क्षेत्र में दहेज में 5 लाख रुपए की बाइक की मांग से परेशान होकर एक 24 वर्षीय नवविवाहिता ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में म्याना पुलिस ने सुसाइड के लिए उकसाने के आरोप में मृतका के पति गिर्राज यादव को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मामले में आरोपी बनाए गए सास, ससुर और देवर फिलहाल फरार हैं, जिनकी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है। मूल रूप से अशोकनगर जिले के कदवाया निवासी भावना यादव (24) की शादी ढाई साल पहले म्याना के ग्राम नसीरा निवासी गिर्राज यादव से हुई थी। मृतका के भाई अभिषेक ने बताया कि ससुराल वाले दहेज के लिए भावना को लंबे समय से परेशान कर रहे थे। 13 मई को उनका छोटा भाई भावना को मायके लाने के लिए नसीरा पहुंचा था। वहां ससुराल वालों ने भाई के सामने ही भावना के साथ मारपीट की। इसी प्रताड़ना से तंग आकर दोपहर करीब 3 बजे भावना ने जहरीला पदार्थ खा लिया। भाई पर किया हमला, अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उताराअभिषेक के मुताबिक, मारपीट के बाद जब भावना बैग लेकर भाई के साथ मायके आने के लिए बाहर निकली, तो पति और ससुर ने भाई पर भी हमला कर दिया। ग्रामीणों के बीच-बचाव के बाद ससुराल वाले भावना को वापस घर के अंदर ले गए और 20 मिनट बाद बताया कि उसने कुछ खा लिया है। शुरुआत में ससुराल वालों ने इलाज के लिए ले जाने से इनकार कर दिया। बाद में जब वे उसे जीप से अस्पताल ले जा रहे थे, तो रास्ते में भाई को जबरन उतार दिया। परिजन जब अस्पताल पहुंचे, तो भावना मृत अवस्था में मिली। ऑडियो में हुई पुष्टि- पति ने की थी 5 लाख की मांगइस घटना से जुड़ा एक ऑडियो भी सामने आया है, जिसमें पति गिर्राज अपनी पत्नी भावना से कह रहा है कि तीन दिन में मुझे 5 लाख की मोटरसाइकिल चाहिए, नहीं दे पाए तो मुझे भूल जाना। इस पर भावना पूछती है कि फिर तुमने मुझसे शादी क्यों की थी? तभी पीछे से एक महिला की आवाज आती है जो कहती है कि, “तेरी वजह से शादी की थी कि बहू अच्छी मिलेगी, लेकिन तूने दादी की न सेवा की, न खाना दिया।” एसडीओपी की जांच के बाद चारों पर दर्ज हुई एफआईआरनवविवाहिता की आत्महत्या का मामला होने के कारण इस प्रकरण की जांच अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओपी) द्वारा की गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि ससुर मेहरबान यादव, सास सुगनबाई, पति गिर्राज और देवर राहुल दहेज के लिए भावना को लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। इसके बाद म्याना पुलिस ने चारों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने 26 वर्षीय पति गिर्राज को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
सकल जैन समाज ने जैन साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर जिला मुख्यालय पर मौन प्रदर्शन किया। समाज के लोगों ने राष्ट्रपति के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर मध्यप्रदेश के रीवा में आर्यिका के साथ हुई घटना की निष्पक्ष एसआईटी (SIT) जांच कराने और देश में तत्काल 'संत सुरक्षा प्रोटोकॉल' लागू करने की मांग उठाई है। बड़ी संख्या में एकत्रित हुए प्रदर्शनकारियों का कहना है कि साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है। रीवा की घटना से पूरे समाज में गहरा रोष है, इसलिए इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि संतों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
उन्नाव के गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के गांधी नगर इलाके में पारिवारिक विवाद के बाद एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना का पता सोमवार सुबह चला जब उसके कमरे का दरवाजा काफी देर तक नहीं खुला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जानकारी के अनुसार, गांधी नगर निवासी मनुज सिंह (40) पुत्र स्वर्गीय सुरेंद्र सिंह रविवार रात अपने घर पर थे। बताया जा रहा है कि रात में किसी बात को लेकर उनकी पत्नी शिवानी से कहासुनी हो गई थी। विवाद के बाद मनुज नीचे बने कमरे में चले गए और अंदर से कुंडी बंद कर ली। परिजनों ने सोचा कि वह नाराज होकर सो गए हैं। सोमवार सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला और अंदर से कोई आवाज नहीं आई, तो परिजनों को चिंता हुई। उन्होंने खिड़की से अंदर झांककर देखा। मनुज का शव पंखे के कुंडे से दुपट्टे के सहारे लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही बिंदा नगर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। चौकी इंचार्ज लक्ष्मी नारायण द्विवेदी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, मृतक कानपुर में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था। वह शराब पीने का आदी था और अक्सर उसके घर में घरेलू विवाद होते रहते थे। मोहल्ले के लोगों ने यह भी बताया कि मनुज ने इससे पहले भी दो बार आत्महत्या का प्रयास किया था, लेकिन तब परिवार वालों ने उसे बचा लिया था। मृतक अपने पीछे पत्नी शिवानी और आठ वर्षीय बेटे अयान को छोड़ गया है। आठ साल के बेटे के सिर से उठा पिता का सायामनुज सिंह की मौत के बाद आठ वर्षीय बेटे अयान के सिर से पिता का साया उठ गया। घटना के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार मृतक इससे पहले भी दो बार आत्महत्या का प्रयास कर चुका था, लेकिन परिवार वालों ने समय रहते उसे बचा लिया था। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि मनुज शराब का आदी था। इसी वजह से घर में अक्सर विवाद की स्थिति बनी रहती थी।
पलामू जिले के लेस्लीगंज प्रखंड अंतर्गत लोहार गांव में एक पिता ने अपनी 22 वर्षीय बेटी की टांगी से काटकर हत्या कर दी। मृतका की पहचान अंजली कुमारी के रूप में हुई है। आरोपी पिता का नाम अगस्त कुमार महतो है। घटना को अंजाम देने के बाद से फरार है। बताया जा रहा है कि रात करीब 9 बजे अंजली अपने कमरे में मोबाइल फोन से किसी युवक से बात कर रही थी, तभी उसके पिता वहां पहुंचे। वे इसी बात से नाराज हो गए। टांगी से बेटी की गर्दन पर किए वार गुस्से में आकर पिता ने घर में रखी तेज धारदार टांगी से अंजली की गर्दन पर वार कर दिया। हमला इतना गंभीर था कि अंजली की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। शोर-शराबे को सुन आसपास के लोग मौके पर जुटे। जब तक गांव के लोग कुछ समझ पाते तब तक आरोपी पिता फरार हो चुका था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच शुरू की। आज शव को मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। छापेमारी जारी, प्रेम प्रसंग की आशंका थाना प्रभारी उत्तम कुमार राय ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित कर लगातार छापेमारी की जा रही है। शुरुआती जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है।
रायसेन में सोमवार को नौतपा के पहले दिन ही भीषण गर्मी का प्रकोप देखने को मिला। दोपहर 12 बजे दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, रात का पारा भी इस सीजन में पहली बार 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे लोगों को दिन के साथ रात में भी भीषण गर्मी से कोई राहत नहीं मिल पा रही है। दिनभर तेज धूप और गर्म हवाओं (लू) के कारण बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही बेहद कम रही। जो लोग जरूरी काम से बाहर निकले, वे भी धूप से बचने के लिए अपने चेहरे को कपड़े या दुपट्टे से पूरी तरह ढंके हुए नजर आए। रात का तापमान सामान्य से अधिक होने के कारण घरों में चल रहे कूलर और पंखे भी गर्म हवा फेंक रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, उमस और गर्मी के कारण उनकी नींद भी प्रभावित हो रही है। तापमान और बढ़ने की संभावना, प्रशासन ने दी सलाहमौसम विशेषज्ञों के अनुसार, नौतपा के शुरुआती दिनों में तापमान में और अधिक बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों के लिए बचाव की एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहने की सलाह दी है। पिछले एक सप्ताह में ऐसा रहा रायसेन का तापमानजिले में पिछले एक सप्ताह से लगातार भीषण गर्मी का दौर जारी है और पारा 42 डिग्री के पार ही बना हुआ है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 18 मई को तापमान 44 डिग्री और 19 मई को 45 डिग्री दर्ज किया गया था। इसके बाद 20 मई को 44.2 डिग्री, 21 मई को 42.6 डिग्री, 22 मई को 43.6 डिग्री, 23 मई को 43 डिग्री और 24 मई को अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
खरगोन में सकल दिगंबर जैन समाज ने रीवा में आर्यिका माताजी से जुड़ी घटना के विरोध में सोमवार को मौन जुलूस निकाला। समाज ने संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। मौन जुलूस सुबह 8:30 बजे समाज अध्यक्ष जितेंद्र कुमार जैन के नेतृत्व में टैगोर पार्क स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर से शुरू हुआ। समाजजन विभिन्न मार्गों से होते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे। एसडीएम कार्यालय में समाजजनों ने तहसीलदार दिनेश सोनारतिया को राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान “जियो और जीने दो” के नारे लगाए गए। मांग पत्र में विहाररत जैन मुनि और आर्यिका संघ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ संत समाज के लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था बनाने की मांग की गई। समाजजनों ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। देखिए दो तस्वीरें… प्रधानमंत्री और अल्पसंख्यक आयोग को भी भेजे पत्र समाज सचिव आशीर्वाद जैन ने बताया कि इस संबंध में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री, अल्पसंख्यक आयोग और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को भी पत्र भेजे गए हैं। मीडिया प्रभारी शैलेश जैन ने मांग पत्र का वाचन किया और रीवा की घटना पर समाज की ओर से संवेदना व्यक्त की। मौन जुलूस में नरेंद्र जैन, तेजपाल जैन, दिनेश जैन, अजीत जैन, विजय जैन, विकास जैन, ऋतुराज जैन, विजय छाबड़ा और अजय जैन सहित बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। महिलाओं ने भी अनुशासन और एकता के साथ जुलूस में भाग लिया। इनमें विद्या जैन, सोनिया जैन, ललिता जैन, रश्मि छाबड़ा, अर्चना जैन, रीना जैन, ललिता गोधा और सीमा जैन प्रमुख रहीं।
मुजफ्फरनगर में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। सोमवार को तेल कंपनियों ने एक बार फिर ईंधन के दामों में बढ़ोतरी कर दी, जिसके बाद जनपद में पेट्रोल की कीमत 101.97 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.44 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब आम आदमी से लेकर किसानों और व्यापारियों तक पर दिखाई देने लगा है। देशभर में सोमवार को पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई। पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है, जब पेट्रोल-डीजल महंगे हुए हैं। इससे पहले शनिवार को भी तेल कंपनियों ने ईंधन के दाम में 87 से 91 पैसे तक की बढ़ोतरी की थी। राजधानी दिल्ली में अब पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पहुंच चुका है। मुजफ्फरनगर में बढ़ती कीमतों को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का सीधा असर महंगाई पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सिर्फ पेट्रोलियम पदार्थ ही महंगे नहीं होंगे, बल्कि ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने से रोजमर्रा की जरूरत की हर चीज की कीमत बढ़ेगी। हरेंद्र मलिक ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव तक सरकार दावा करती रही कि किसी चीज की कमी नहीं है और दाम नहीं बढ़ेंगे, लेकिन अब लगातार तीसरी-चौथी बार कीमतें बढ़ाई जा रही हैं। उन्होंने देश की विदेश नीति को भी असफल बताते हुए कहा कि उसकी कीमत अब आम जनता चुका रही है। सपा सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि जनता महंगाई जैसे मुद्दों पर सवाल पूछने के बजाय हिंदू-मुस्लिम की राजनीति में उलझी हुई है। वहीं सपा विधायक पंकज मलिक ने भी बढ़ते दामों को बीजेपी सरकार की खराब नीतियों का नतीजा बताया। किसान एवं समाजसेवी सुमित मलिक ने कहा कि डीजल के दाम बढ़ने से किसानों की लागत और बढ़ जाएगी। खेती, सिंचाई और ट्रांसपोर्ट पर इसका सीधा असर पड़ेगा, जिससे किसानों की मुश्किलें और बढ़ेंगी। लगातार बढ़ती गर्मी और महंगाई के बीच ईंधन की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी ने अब आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।
राज्य सरकार के निर्देशानुसार चलाए जा रहे 'वंदे गंगा' जल संरक्षण जन अभियान-2026 का डीडवाना में जिला स्तरीय शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर पंडित बच्छराज व्यास स्कूल से कचौलिया तालाब तक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आमजन ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कलश यात्रा के पश्चात कचौलिया तालाब परिसर में जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण को समर्पित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हुए। इस दौरान किसान आयोग के अध्यक्ष सी.आर. चौधरी, ऊर्जा विकास निगम के एमडी नकाते शिवप्रकाश, जिला कलेक्टर अवधेश मीना, पुलिस अधीक्षक ज्ञानचन्द्र यादव और जितेंद्र सिंह जोधा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने सरोवर पूजन, दीप प्रज्वलन, पीपल पूजन और पौधारोपण किया। कार्यक्रम में जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं पर्यावरण संवर्धन का संदेश देते हुए आमजन से जल बचाने और प्रकृति संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया। अभियान के तहत जिलेभर में विभिन्न जल संरक्षण गतिविधियां, श्रमदान, पौधारोपण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शुभारंभ कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, महिलाएं एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
अबोहर के हनुमानगढ़ रोड स्थित मलूकपुरा नहर से सोमवार सुबह एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ। युवक की आयु लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है। उसके एक हाथ पर राखी बंधी हुई है, जिससे उसकी पहचान में दिक्कत आ रही है। पुलिस ने शव को पहचान और पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया है। जानकारी के अनुसार, नर सेवा नारायण सेवा समिति के सदस्य बिट्टू नरूला को सोमवार सुबह नहर में एक शव बहने की सूचना मिली। इसके बाद नरूला अपनी टीम के सदस्यों सोनू ग्रोवर, शेरा और राधा के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत थाना नंबर दो अबोहर की पुलिस को सूचित किया। पुलिस कर्मचारियों के मौके पर पहुंचने के बाद समिति सदस्यों की मदद से शव को नहर से बाहर निकाला गया। मृतक ने काले रंग की टी-शर्ट और बारीक चेकदार पजामा पहन रखा था। शव करीब दो दिन पुराना लग रहा है। पहचान न हो पाने के कारण पुलिस ने शव को 72 घंटों के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। थाना नंबर दो अबोहर की पुलिस मामले की जांच कर रही है। समिति सदस्यों ने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि यदि किसी को भी मृतक के बारे में कोई जानकारी हो तो वे समिति सदस्यों या सिटी टू पुलिस से संपर्क करें।
नौतपा की शुरुआत आज सोमवार को 25 मई से हो गई है। पहले ही दिन नौतपा का असर देखने को मिल रहा है। सुबह से तेज और तीखी धूप पड़ी। दोपहर 12 बजे से भीषण गर्मी और झुलसाने वाली धूप पड़ रही है। दिन का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। दोपहर के वक्त शहर की कई सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आया। लोग धूप में बचने की कोशिश कर रहे। गर्मी से बचने के लिए गन्ना चकरी, शरबत, जूस, आइसक्रीम सेंटरों पर भीड़ लग रही है। मौसम केंद्र भोपाल की माने तो 25 से 28 मई तक पूरा प्रदेश हीटवेव की चपेट में रहेगा। नौतपा के चार दिन भीषण गर्मी और लू चलेगी। मौसम के मुताबिक जिले में अगले तीन से चार दिनों तक मौसम में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। मौसम वैज्ञानिक प्रमेंद्र कुमार ने बताया कि पिछले चार से पांच दिनों से नर्मदापुरम में दिन का तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना है। सोमवार को भी तापमान ऊंचा रह सकता है। गर्म हवा चलेगी। नौतपा से पहले रात में बढ़ी गर्मी, 2 डिग्री तापमान बढ़ा नौतपा शुरू होने के पहले सोमवार को रात 2 डिग्री अधिक गर्म हो गई। न्यूनतम तापमान 28.2 डिग्री दर्ज हुआ। एक दिन पहले 26.2 डिग्री तापमान था। नौतपा की वजह से तापमान में वृद्धि हुई है। पचमढ़ी और बैतूल में भी गर्मी तेज हिल स्टेशन और पहाड़ों की रानी पचमढ़ी में इन दिनों गर्मी पड़ रही है। तापमान 35,36 डिग्री दर्ज हो रहा। रविवार को दिन का तापमान 35.8 डिग्री दर्ज हुआ। रात का न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री दर्ज हुआ। संभाग में बैतूल में भी भीषण गर्मी का असर देखने को मिल रहा। नर्मदापुरम और बैतूल दोनों जगह 40,42 डिग्री के आसपास तापमान बना हुआ है। रात में 26, 28डिग्री के आसपास। जबकि हिल स्टेशन पचमढ़ी में बैतूल, नर्मदापुरम की अपेक्षा करीब 5,6 डिग्री का अंतर है। जिससे वहां कम गर्मी पड़ रही।
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की अहम बैठक होगी। यह मीटिंग शाम 6 बजे मंत्रालय में होगी, जिसमें सरकार कई महत्वपूर्ण फैसले ले सकती है। राज्य में चल रहे सुशासन तिहार के बीच होने वाली यह कैबिनेट बैठक काफी अहम मानी जा रही है। इस बैठक में प्रशासनिक, विकास और जनहित से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। आज शाम दिल्ली से लौटेंगे मुख्यमंत्री जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज शाम नई दिल्ली से रायपुर लौटेंगे। इसके बाद कल मंत्रालय में कैबिनेट बैठक होगी। सरकार की ओर से फिलहाल बैठक का विस्तृत एजेंडा जारी नहीं किया गया है, लेकिन कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है।
अवैध रेत परिवहन पर प्रशासन की सख्त चेतावनी:चंबल तटवर्ती गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर दी समझाइश
धौलपुर में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए चंबल नदी के तटवर्ती गांवों में जागरूकता अभियान चलाया गया। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के निर्देश पर जिला कलेक्टर निधि बीटी और पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया गया। इसमें ग्रामीणों और रेत खनन से जुड़े लोगों को अवैध परिवहन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। जिला परिवहन अधिकारी गौरव यादव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने सुमोटो रिट याचिका (सिविल) संख्या 2/2026 में 17 अप्रैल 2026 को आदेश पारित किया था। इसके तहत राष्ट्रीय चंबल सेंचुरी क्षेत्र में अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं। इन निर्देशों के अनुसार, खनन कार्य में उपयोग होने वाले सभी पंजीकृत वाहनों, मशीनरी, ट्रैक्टर, एक्सकेवेटर, लोडर और ड्रेजर जैसे उपकरणों में एआईएस-140 मानक के व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) लगाना अनिवार्य है। गौरव यादव ने आगे बताया कि 15 जून 2026 के बाद ऐसे वाहनों के नवीन पंजीकरण, पंजीकरण नवीनीकरण, परमिट और फिटनेस नवीनीकरण जैसी सेवाएं तभी मिलेंगी जब उनमें वीएलटीडी डिवाइस लगी हो और वह सक्रिय हो। 15 जुलाई 2026 के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ जब्ती सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी। जब्त किए गए वाहनों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बिना नहीं छोड़ा जाएगा। परिवहन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि एआईएस-140 मानक की डिवाइस किसी भी निर्माता की लगाई जा सकती है, लेकिन उसका स्टेट बैकएंड से इंटीग्रेशन अनिवार्य है। जिन वाहनों में पहले से खान एवं भू-विज्ञान विभाग के निर्देश पर डिवाइस लगी हुई है, उनका भी स्टेट बैकएंड से समन्वय सुनिश्चित करना आवश्यक है। अभियान के दौरान ग्रामीणों को अवैध रेत परिवहन न करने, नंबर प्लेट से छेड़छाड़ न करने और ओवरलोड वाहनों का संचालन न करने की हिदायत दी गई। विभाग ने चेतावनी दी कि बिना पंजीयन, बिना नंबर प्लेट या ओवरलोड वाहन चलाने पर मोटर वाहन अधिनियम 1988 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें पंजीयन प्रमाण पत्र और परमिट निलंबित या निरस्त किए जा सकते हैं। जिला परिवहन अधिकारी ने उन वाहन स्वामियों से भी अपील की है जो कृषि कार्य के लिए पंजीकृत ट्रैक्टर-ट्रॉली का व्यावसायिक उपयोग कर रहे हैं। उन्हें अपने वाहनों को व्यावसायिक श्रेणी में पंजीकृत कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कौशांबी मॉडल डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन का चुनाव सोमवार को हो रहा है। मतदान मॉडल डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के पुस्तकालय में चल रहा है। इस चुनाव में कुल 1026 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। यह चुनाव अध्यक्ष, महामंत्री, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सहित लगभग 11 पदों के लिए हो रहा है। इनमें से दो पदों पर प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए हैं। निर्विरोध चुने गए पदों में एक प्रकाशन मंत्री और एक कनिष्ठ उपाध्यक्ष शामिल हैं। मतदान प्रक्रिया शाम 5:00 बजे तक जारी रहेगी। प्रत्याशियों ने मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए पूरे न्यायालय परिसर को बैनर, पोस्टर और होर्डिंग से सजाया है। वे आने-जाने वाले मतदाताओं को विजिटिंग कार्ड और हैंडबिल भी वितरित कर रहे हैं। चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। न्यायालय परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार और मंझनपुर कोतवाली प्रभारी सुनील कुमार सिंह ने पूरे न्यायालय परिसर का निरीक्षण किया। अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात रहा।
कोटा में आर्यिका माताजी सड़क हादसे को लेकर जैन समाज में भारी आक्रोश देखने को मिला। समाज के लोगों ने मौन प्रदर्शन कर संतों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाने और मामले की एसआईटी जांच कराने की मांग उठाई। हाथों में बैनर लेकर सड़कों पर उतरे समाजजन ने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। समाज के लोगों ने घटना को दुखद बताते हुए जिला प्रशासन को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि संत समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। वीडियो और तथ्यों के आधार पर खड़े हो रहे कई गंभीर सवाल जैन समाज के अध्यक्ष प्रकाश जैन ने बताया कि 22 मई को विहाररत आर्यिकाओं के साथ हुई घटना केवल एक सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं लगती। समाज ने दावा किया कि उपलब्ध वीडियो और तथ्यों के आधार पर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि मामले की SIT या न्यायिक जांच करवाई जाए और सभी CCTV फुटेज व डिजिटल सबूत सुरक्षित रखे जाए। “संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” लागू करने की मांग ज्ञापन में कहा गया कि जैन साधु-संत पूरी तरह अहिंसक और निहत्थे होते हैं और पैदल विहार करते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। समाज ने “संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” लागू करने की मांग करते हुए विहार मार्गों पर ट्रैफिक कंट्रोल, चेतावनी संकेतक और पुलिस समन्वय की व्यवस्था करने की बात कही। इसके साथ ही भारत सरकार से “राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” बनाने की भी मांग उठाई गई, ताकि विहाररत संतों के लिए सुरक्षा SOP और विशेष दिशा-निर्देश तय किए जा सके। घटना के बाद असली ड्राइवर हुआ फरार प्रदर्शन के दौरान समाज के पदाधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद असली ड्राइवर फरार हो गया और किसी अन्य व्यक्ति को ड्राइवर बताकर गिरफ्तार किया गया है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई। जैन समाज ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का तनाव पैदा करना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना और संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
कोटा में जैन समाज ने आर्यिका माताजी सड़क हादसे को लेकर मौन जुलूस प्रदर्शन किया। समाज के लोगों ने जिला प्रशासन को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग मौजूद रहे और उन्होंने घटना को बेहद दुखद बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। अध्यक्ष प्रकाश जैन ने बताया कि 22 मई को विहाररत आर्यिकाओं के साथ हुई घटना केवल एक सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं लगती। समाज ने दावा किया कि उपलब्ध वीडियो और तथ्यों के आधार पर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मामले की SIT या न्यायिक जांच करवाई जाए और सभी CCTV फुटेज व डिजिटल सबूत सुरक्षित रखे जाएं। ज्ञापन में कहा गया कि जैन साधु-संत पूरी तरह अहिंसक और निहत्थे होते हैं तथा पैदल विहार करते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। समाज ने “संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” लागू करने की मांग करते हुए विहार मार्गों पर ट्रैफिक कंट्रोल, चेतावनी संकेतक और पुलिस समन्वय की व्यवस्था करने की बात कही। इसके साथ ही भारत सरकार से “राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” बनाने की भी मांग उठाई गई, ताकि विहाररत संतों के लिए सुरक्षा SOP और विशेष दिशा-निर्देश तय किए जा सकें। प्रदर्शन के दौरान समाज के पदाधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद असली ड्राइवर फरार हो गया और किसी अन्य व्यक्ति को ड्राइवर बताकर गिरफ्तार किया गया है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई। जैन समाज ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का तनाव पैदा करना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना और संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
रीवा हादसे के विरोध में जैन समाज सड़कों पर:भरी दोपहरी में मौन जुलूस निकाला, सख्त कानून बनाने की मांग
मध्यप्रदेश के रीवा में जैन साध्वियों की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के बाद देशभर में आक्रोश है। इसी कड़ी में सोमवार को नरसिंहपुर जिले में जैन समाज ने 'संत सुरक्षा कानून' लागू करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। यह घटना 20 मई को रीवा के कलेक्ट्रेट रोड पर हुई थी। इस हादसे में जैन साध्वी श्रुत मति माता जी और उपशम मति माता जी का निधन हो गया था। बताया जा रहा है कि यह दुर्घटना एक कार चालक की लापरवाही के कारण हुई, जिससे जैन समाज में गहरा रोष है। तस्वीरें देखिए… इस घटना के विरोध में नरसिंहपुर जिले के करेली में सकल दिगम्बर जैन समाज ने मौन जुलूस निकाला। जुलूस के माध्यम से समाज के लोगों ने संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देशभर में साधु-संतों की सुरक्षा के लिए गंभीर कदम उठाना आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द 'संत सुरक्षा कानून' लागू करने की अपील की। इस मौन जुलूस में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाया।
अधिकतम 50 किमी प्रति घंटे होगी स्पीड:गोरखपुर का पहला सिक्सलेन फ्लाईओवर बनकर तैयार
गोरखपुर का पहला सिक्सलेन फ्लाईओवर बनकर तैयार हो गया है। जल्द ही मुख्यमंत्री के हाथों इसका उद्घाटन भी किया जाएगा। इसपर स्पीड की सीमा भी निर्धारित कर दी गई है। 2.2 किलोमीटर लंबे इस फ्लाईओवर पर जहां तक सड़क सीधी है, वहां अधिकतम 50 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से गाड़ी चला सकेंगे। जहां कर्व होगा, वहां अधिकतम स्पीड 30 किलोमीटर प्रति घंटे होगी। सेतु निगम की आर से इसकी जानकारी देने के लिए जगह-जगह गति सीमा बोर्ड लगाया जा रहा है। सिक्सलेन फ्लाईओवर पूरी तरह बनकर तैयार है। देवरिया बाईपास फोरलेन फ्लाईओवर की एक लेन सिक्सलेन फ्लाईओवर से जोड़ी जा चुकी है। दूसरी लेन का काम तेजी से चल रहा है। इसी महीने इसके जोड़ लिए जाने की संभावना है। लेन जुड़ने के 21 दिन बाद कंक्रीट मजबूत होते ही सड़क यातायात के लिए खोल दी जाएगी। फ्लाईओवर के डिवाडर को केसरिया रंग से रंगने का काम भी तेजी से पूरा कराया जा रहा है। तेजी से कराई जा रही है पेंटिंग सिक्सलेन फ्लाईओवर के पिलर के दोनों तरफ पेंटिंग का काम तेजी से पूरा कराया जा रहा है। हर पिलर पर पेंटिंग के लिए विशेष थीम बनाई गई है। उद्देश्य है कि फ्लाईओवर के नीचे से गुजरने वाले यात्रियों को हर पिलर की पेंटिंग से कुछ सीखने का अवसर मिले। वह गोरखपुर की सांस्कृतिक व ऐतिहासिक विरासत को जानें और दूसरों को इसके बारे में बताकर उन्हें गोरखपुर से जोड़ें। कैमरे से करेंगे स्पीड की निगरानी सिक्सलेन फ्लाईओवर पर वाहनों की गति पर नियंत्रण के लिए कैमरे लगाने की भी योजना बनाई जा रही है। दरअसल, सिक्सलेन फ्लाईओवर को देवरिया बाईपास फ्लाईओवर से जोड़ने के बाद वाहनों की गति नियंत्रित न होने पर हादसे की आशंका बनी रहेगी। इसे देखते हुए फ्लाईओवर के ऊपर पुलिस की तैनाती की भी योजना है। गति नियंत्रित रहेगी तो जाम नहीं लगेगा और हादसे की आशंका नहीं रहेगी।
नूंह जिले में पुलिस ने चोरी के विभिन्न मामलों में वांछित एक आरोपी को गिरफ्तार कर तेलंगाना पुलिस के हवाले कर दिया है। आरोपी के खिलाफ हरियाणा और तेलंगाना सहित कई राज्यों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गांव पैमाखेड़ा निवासी नफीस पुत्र जडमल के रूप में हुई है। तेलंगाना पुलिस ने नफीस की गिरफ्तारी के संबंध में नूंह पुलिस से सहयोग मांगा था, जिसके बाद उसकी तलाश तेज कर दी गई थी। चोरी के कई मामलों में वाछिंत था सूत्रों के अनुसार, नूंह पुलिस ने गांव पैमाखेड़ा में संयुक्त कार्रवाई के दौरान आरोपी नफीस को हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की गई और उसके खिलाफ दर्ज मामलों से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी हरियाणा के सोनीपत जिले के थाना कुंडली क्षेत्र में दर्ज एक मामले के अलावा तेलंगाना राज्य के आदिलाबाद जिले में भी कई मामलों में वांछित था। उसका आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। आरोपी को तेलंगाना पुलिस के हवाले किया गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया और अन्य आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके उपरांत उसे सुरक्षित रूप से तेलंगाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। अब तेलंगाना पुलिस आरोपी को अपने साथ ले जाकर वहां दर्ज मामलों में विस्तृत पूछताछ और आगे की जांच करेगी। संबंधित अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के आपराधिक नेटवर्क और अन्य संभावित गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
रीवा हादसे में दो जैन साध्वियों की मौत:टूंडला और राजा का ताल में मौन जुलूस, सुरक्षा की मांग
फिरोजाबाद के रीवा में हुए सड़क हादसे में दो जैन साध्वियों के निधन के विरोध में सोमवार को टूंडला और राजा का ताल क्षेत्र में दिगंबर जैन समाज ने मौन जुलूस निकाला। समाज के लोगों ने जैन मुनियों और साध्वियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा घटना की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। टूंडला में दिगंबर जैन समाज के संरक्षक पाण्डेय जयंत कुमार जैन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष तहसील पहुंचे। उन्होंने तहसीलदार टूंडला को ज्ञापन सौंपकर रीवा हादसे की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। इस प्रदर्शन में अरविंद जैन बंधु, बसंत जैन साहू, सर्वेश जैन, विशाल जैन, अनिल जैन राजू, डॉ. शैलेन्द्र जैन, प्रदीप जैन, दीपक जैन, मुकेश जैन बॉबी, चंद्रगुप्त जैन, सोनू जैन, हर्ष जैन सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन पाण्डेय जयंत कुमार जैन ने किया। वहीं, राजा का ताल क्षेत्र में श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर के तत्वावधान में अध्यक्ष सुविधि जैन के नेतृत्व में मौन जुलूस निकाला गया। यह जुलूस पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर से शुरू होकर मुख्य बाजार और पूजा ग्लास तक पहुंचा, जिसके बाद वापस मंदिर परिसर में आकर संपन्न हुआ। जुलूस के समापन के बाद नायब तहसीलदार सदर को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें जैन मुनियों और साध्वियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई। इस दौरान रजत जैन, सुधीर कुमार जैन, अरविंद जैन, पंकज जैन, सुमित जैन, मोहित जैन और सतेन्द्र जैन सहित अन्य सदस्य मौजूद थे। जैन समाज के सदस्यों ने कहा कि साधु-संतों की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने ऐसी घटनाओं को अत्यंत दुखद और चिंताजनक बताते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की।
हाथरस में आज सोमवार को गंगा दशहरा का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर देवालयों में विशेष आयोजन हुए और भक्ति का माहौल रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए गंगा घाटों को गए हैं। श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाने के बाद दान-पुण्य किया। मंदिरों में मां गंगा का भव्य शृंगार कर पूजा-अर्चना की गई। शहर में जगह-जगह शरबत और मीठे दूध की प्याऊ लगाई गईं, जहां प्रसाद भी वितरित किया गया। हाथरस को ब्रज की देहरी द्वार कहा जाता है, और यहां गंगा दशहरा पर्व का विशेष महत्व है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक यह पर्व उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान शुरू हो गए थे। अलीगढ़ रोड नहर पर मेले जैसा माहौल.... शहर के अलीगढ़ रोड स्थित नहर पर मेले जैसा दृश्य देखने को मिला। जो श्रद्धालु गंगा घाटों पर नहीं जा सके, उन्होंने यहां नहर में स्नान किया। स्थानीय लोगों ने गंगा घाटों पर जाकर भी स्नान किया और पूजा-अर्चना की। मंदिरों में भजन-कीर्तन का दौर भी चलता रहा।
राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से पीएम मोदी की तारीफ पर बोले रामकृपाल- कई देशों ने पीएम को किया है सम्मानित
पटना, 25 मई (आईएएनएस)। बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने डोनाल्ड ट्रंप की ओर से पीएम मोदी की तारीफ पर आईएएनएस से कहा कि पीएम मोदी की तारीफ करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने पीएम मोदी की कार्यक्षमता की प्रशंसा की है।
रीवा में सड़क हादसे में जैन साध्वियों की मौत और देशभर में जैन संतों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच दतिया में सोमवार को जैन समाज ने विरोध दर्ज कराया। श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर प्रबंध समिति और समस्त जैन समाज के लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर घटना की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग की। समाजजन एसपी कार्यालय पहुंचे, जहां एएसपी सुनील कुमार शिवहरे को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान समाज ने विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई। जैन समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि आर्यिका माताजी की मृत्यु को सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं माना जा सकता। घटना से जुड़े वीडियो और अन्य तथ्यों के आधार पर समाज में कई आशंकाएं पैदा हुई हैं। समाज ने मामले की SIT अथवा न्यायिक जांच कराने, सभी CCTV फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। विहार मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था की मांग ज्ञापन में कहा गया कि जैन साधु-संत पूर्णतः अहिंसक, निहत्थे और पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं। वे किसी प्रकार की सुरक्षा या सुविधाओं का उपयोग नहीं करते। ऐसे में लगातार सामने आ रही घटनाएं समाज के लिए चिंता का विषय हैं। समाज ने विहार मार्गों पर ट्रैफिक नियंत्रण, संवेदनशील क्षेत्रों में चेतावनी संकेतक, पुलिस समन्वय और हाईवे पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की। “राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” बनाने की मांग जैन समाज ने भारत सरकार से “राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” लागू करने और पैदल विहार करने वाले संतों के लिए सुरक्षा SOP तय करने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया कि संतों के खिलाफ होने वाले अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखा जाना चाहिए, क्योंकि साधु-संत आत्मरक्षा नहीं करते और पूर्णतः अहिंसक जीवन जीते हैं। समाज ने स्थानीय स्तर पर “संत सिक्योरिटी कोऑर्डिनेशन सेल” और आपातकालीन संपर्क व्यवस्था बनाने की मांग भी उठाई। पदाधिकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का तनाव पैदा करना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना और तपस्वी संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
झांसी में भीषण गर्मी का असर लगातार खतरनाक होता जा रहा है। सोमवार को शहर का अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि मौसम विभाग ने सोमवार को तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई है। हालात को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने झांसी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। दोपहर होते-होते शहर की सड़कें लगभग सूनी नजर आने लगीं। जरूरी काम होने पर ही लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों तक गंभीर हीटवेव जैसे हालात बने रह सकते हैं। जिला अस्पताल में बढ़ रहे गर्मी से बीमार मरीज भीषण गर्मी का असर लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। जिला अस्पताल में हर दिन करीब 12 ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें डी-हाइड्रेशन, चक्कर, उल्टी, कमजोरी और लू जैसे लक्षण मिल रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि दोपहर में लंबे समय तक धूप में रहने से लोगों की हालत बिगड़ रही है। बच्चों पर भी गर्मी का असर तेजी से पड़ रहा है। जिला अस्पताल के पीडियाट्रिक्स विभाग में बड़ी संख्या में बच्चों को इलाज के लिए लाया जा रहा है। छोटे बच्चों को जूस पिलाना पड़ सकता है भारी सीनियर फिजिशियन डॉ. प्रताप सिंह ने बताया कि कई माता-पिता गर्मी से राहत देने के लिए छह महीने से कम उम्र के बच्चों को जूस और दूसरे लिक्विड पिला रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस उम्र के बच्चों को केवल मां का दूध ही देना चाहिए। दूसरे लिक्विड देने से बच्चों में निमोनिया और कंजेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गर्मी से मशीनें भी हो रहीं परेशान भीषण तापमान का असर अब मशीनों पर भी दिखाई देने लगा है। हाल ही में पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में आयोजित रेलवे रोजगार मेले के दौरान बिजली सप्लाई देने वाला जनरेटर ओवरहीट हो गया था। स्थिति संभालने के लिए जनरेटर के पास दो जम्बो साइज़ के कूलर लगाए गए, तब जाकर वह सुचारु रूप से चल सका। वहीं शहर की बिजली व्यवस्था बनाए रखने के लिए बीकेडी चौराहा स्थित मुन्नालाल पावर हाउस पर लगे छह ट्रांसफार्मरों पर भी कूलर लगाए गए हैं, ताकि ओवरहीटिंग से ट्रांसफार्मर ट्रिप न करें। शाम तक आंधी की संभावना मौसम विभाग ने शाम तक तेज आंधी चलने की संभावना भी जताई है। कुछ इलाकों में धूलभरी हवाएं चल सकती हैं। प्रशासन ने लोगों को दोपहर में घरों से बाहर न निकलने, लगातार पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है।
देवरिया में भगवती मानव कल्याण संगठन द्वारा आयोजित जिलास्तरीय अखंड श्री दुर्गा चालीसा पाठ कार्यक्रम सोमवार सुबह 10 बजे तक संपन्न हुआ। देवरिया स्थित दिव्य शक्ति मैरेज हॉल में हुए इस 24 घंटे के पाठ में प्रदेशभर से लगभग तीन हजार श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में संगठन की केंद्रीय अध्यक्ष पूजा शुक्ला और केंद्रीय महासचिव अजय अवस्थी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समापन के अवसर पर शहर में एक विशाल मानव श्रृंखला बनाई गई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने सड़क पर उतरकर अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान छोटी बच्चियों ने शक्ति स्वरूप धारण कर रथ पर सवार होकर शोभायात्रा का नेतृत्व किया। उनके पीछे मुख्य अतिथियों का काफिला और हजारों श्रद्धालु पैदल चल रहे थे। शहर में पहली बार इतने बड़े धार्मिक जनसमूह को अनुशासित तरीके से सड़कों पर देखा गया। इसके बाद श्रद्धालु दिव्य शक्ति मैरेज हॉल पहुंचे, जहां अखंड श्री दुर्गा चालीसा पाठ और सामूहिक आरती का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूजा शुक्ला ने कहा कि मां की साधना और ऋषि परंपरा को आगे बढ़ाने में शक्तिपुत्र महाराज का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण है। उन्होंने राष्ट्र रक्षा, धर्म रक्षा और मानवता की रक्षा को प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य बताया। शुक्ला ने नशाखोरी, मांसाहार और चरित्रहीनता को समाज के लिए गंभीर खतरा बताया। उन्होंने लोगों से मां की साधना और नशामुक्ति अभियान से जुड़ने का आग्रह किया। वहीं, अजय अवस्थी ने समाज में बढ़ते अहंकार और धर्म के नाम पर दिखावे पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सच्चा सनातनी वही है जो नशामुक्त, मांसाहार मुक्त और चरित्रवान हो। संगठन ने प्रेस वार्ता में दावा किया कि अब तक 30 लाख से अधिक लोग संगठन से जुड़कर नशा छोड़ चुके हैं। कार्यक्रम का संचालन केंद्रीय प्रवक्ता रमेश चंद्र मिश्रा ने किया। अंत में, जिला संगठन अध्यक्ष ने सभी श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के पाठ्यक्रम में पहली से आठवीं कक्षा तक मैथिली भाषा को मातृभाषा विषय के रूप में मान्यता प्रदान करने का बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वागत किया है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्र सरकार के इस पहल को गौरव का विषय बताया है।
पठानकोट के एक युवक के साथ लूट करना लुटेरों को भारी पड़ गया। देर रात 10 बजे पैदल जा रहे युवक से स्कूटी सवार 2 युवकों ने दातर दिखाकर आईफोन और 5 हजार की नकदी छीन ली। लेकिन, वापिस उसी रास्ते गुजरते दोनों लुटेरों को युवक ने पहचान लिया और दूर से ईंट मार कर दोनों को स्कूटी से गिरा दिया। फिर युवक दोनों लुटेरों के भिड़ गया। दातर दिखाकर दोबारा लुटेरे भागने लगे तो युवक ने फिर से ईंट मारकर उन्हें घायल कर दिया। लेकिन, आरोपी दातर का डर दिखाकर भागने में सफल रहे। ये पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई। फिल्हाल शाहपुरकंडी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चलती बाइक की निकाल ली चाबीगांव घो-मंगनी के रहने वाले लोकेश कुमार उर्फ लक्की ने बताया कि वो मलिकपुर डाउन टाउन में सैलून पर काम करता है। बीती रात वो जुगियाल रोड से रात साढ़े 10 बजे के आसपास बाइक पर घर आ रहा था। इसी दौरान अचानक बाइक पर सवार दो युवक उसके साथ-साथ चलने लगे। लक्की को लगा कि शायद उसके ही गांव के कुछ दोस्त मज़ाक कर रहे हैं। इसी बीच बदमाशों ने चलती बाइक की चाबी बंद कर दी, जिससे लक्की की मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर साइड में रुक गई। बाइक सवार ने दातर से किया हमलालक्की ने बताया कि अंधेरा अधिक होने के कारण वह उनके चेहरे नहीं देख पाया। बाइक रुकते ही एक बदमाश ने उसकी बाहें पकड़ लीं और दूसरे ने दातर निकालकर उस पर सीधा हमला करने की कोशिश की। लक्की ने हिम्मत दिखाते हुए खुद को छुड़ाने के लिए झटका मारा, जिससे वह वार उसके कंधे पर लगा। इस बीच बदमाशों की पकड़ ढीली हुई और उन्होंने लक्की की जेब से सामान निकालने की कोशिश की। इस खींचतान में उसका फोन व अन्य सामान नीचे गिर गया। दोनों तरफ से तीखी झड़प और मारपीट हुई और वो अपनी जान बचाकर भाग निकला।मौसी के घर में घुसकर बचाई जानबदमाशों के चंगुल से छूटकर लक्की पास में ही स्थित अपनी मौसी के घर की तरफ भागा, जिसका गेट किस्मत से खुला हुआ था। लक्की तुरंत अंदर घुस गया। इसके बाद बदमाशों ने लक्की की मोटरसाइकिल ले जाने की कोशिश की,लेकिन चाबी न मिलने के कारण वे नाकाम रहे और वहां से भाग गए।जब लक्की अपना गिरा हुआ फोन और बाइक देखने बाहर आया, तो बदमाश दोबारा अपनी बाइक पर वापस आ गए और दूर से ही जानलेवा अंदाज में लक्की पर हमला करने के लिए आगे बढ़े। बदमाश के सिर पर लगी ईंटलक्की ने बताया कि उस वक्त मौके पर उसकी मदद के लिए कोई नहीं था। उसे जमीन पर ईंटें पड़ी दिखाई दीं। उसने तुरंत ईंट उठाई और उन पर सीधा वार किया। एक वार सटीक लगा, जबकि दूसरा मिस हो गया। लक्की ने कहा कि अपनी आत्मरक्षा के लिए उसे यह कदम उठाना पड़ा। इस दौरान बदमाश बुरी तरह घायल हो गए। लेकिन, वो उसका मोबाइल और 5 हजार की नकदी लेकर भाग निकले। सामने आए तो पहचान लूंगापीड़ित लक्की ने पुलिस प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि प्रशासन से सिर्फ एक ही मांग है कि उसे उन हमलावरों के चेहरे थोड़े-बहुत याद हैं। अगर वे एक बार मेरे सामने आ जाएं, तो मैं उन्हें पहचान लूंगा। पुलिस जल्द से जल्द आरोपियों को ढूंढे और सख्त कार्रवाई करे। वहीं, पुलिस ने अज्ञात बदमाशों पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
निवाड़ी जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत एक अनोखी पहल देखने को मिली। यहां प्रभारी मंत्री सहित कलेक्टर और एसपी बिना सरकारी काफिले के बस से निवाड़ी जिले के घुघसी गांव पहुंचे और तालाब में श्रमदान किया। इस कदम को जल संरक्षण के साथ-साथ पेट्रोल-डीजल बचाने के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अभियान में जिले के प्रभारी मंत्री नारायण कुशवाहा, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश पटेरिया, निवाड़ी कलेक्टर जमुना भिड़े, एसपी डॉ. राय सिंह नरवरिया और जिला पंचायत सीईओ रोहन सक्सेना सहित पूरा प्रशासनिक अमला शामिल हुआ। आमतौर पर मंत्रियों और अधिकारियों के दौरे पर लंबा-चौड़ा काफिला होता है, लेकिन इस बार पूरा दल अलग-अलग सरकारी गाड़ियों की बजाय केवल दो बसों के जरिए गांव पहुंचा। सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से बस में यात्रा की। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल और डीजल बचाने की अपील के बाद जिला प्रशासन ने यह पहल की। इस कदम से न केवल ईंधन बचाने का संदेश दिया गया, बल्कि वीआईपी संस्कृति से हटकर सादगी का एक उदाहरण भी पेश किया गया। तालाब में उतरकर किया श्रमदानघुघसी तालाब पहुंचने के बाद मंत्री, अधिकारी और कर्मचारियों ने खुद तालाब में उतरकर सफाई की और श्रमदान किया। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने भी उत्साह के साथ अभियान में भाग लिया। मंत्री नारायण कुशवाहा ने कहा कि तालाब, बावड़ी और जल स्रोत केवल पानी का साधन नहीं, बल्कि भविष्य की सुरक्षा हैं। यदि आज इन्हें नहीं बचाया गया तो आने वाले समय में जल संकट और गहराएगा। उन्होंने कहा कि आज घुघसी तालाब की सफाई कर श्रमदान किया गया है और इसका उद्देश्य केवल सफाई करना नहीं, बल्कि समाज में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। कलेक्टर जमुना भिड़े और एसपी डॉ. राय सिंह नरवरिया ने भी अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई।
बुलंदशहर के चोला थाना क्षेत्र के ताजपुर बिरौड़ी निवासी 50 हजार का इनामी बदमाश मोमिन अलीगढ़ में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस ने उसके साथी राजा मोहम्मद निवासी हापुड़ को भी ढेर कर दिया था। ये दोनों बदमाश महिलाओं से कुंडल लूट सहित अन्य मामलों में वांछित थे। यह मुठभेड़ रविवार को हुई। मोमिन पिछले 17 साल से अपराध की दुनिया में सक्रिय था। वर्ष 2009 में उसे हापुड़ से आर्म्स एक्ट में पहली बार गिरफ्तार किया गया था। उस पर बुलंदशहर के गुलावटी, अनूपशहर, शिकारपुर, डिबाई और खुर्जा नगर थानों में लूट, चोरी, जानलेवा हमले और आर्म्स एक्ट सहित कुल 27 मुकदमे दर्ज थे। हाल ही में मोमिन ने अलीगढ़ जनपद को अपना नया निशाना बनाया था। उसने अपने साथी के साथ मिलकर अलीगढ़ के गोधा, अतरौली, मड़राक और छर्रा थाना क्षेत्रों में सुनसान रास्तों पर खेतों में काम करने वाली महिलाओं को बंधक बनाकर ताबड़तोड़ लूट की कई घटनाओं को अंजाम दिया था। इन सिलसिलेवार वारदातों के बाद उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने मोटर साइकिल बरामद की मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से बदमाशों के कब्जे से लूटा गया एक कुंडल, एक अवैध पिस्टल (छह खोखे और जिंदा कारतूस के साथ), एक अवैध तमंचा और वारदातों में इस्तेमाल की गई एक काले रंग की अपाची मोटरसाइकिल बरामद की है। सोमवार को मोमिन का शव उसके पैतृक गांव ताजपुर बिरौड़ी, चोला थाना क्षेत्र में सुबह 11 बजे एम्बुलेंस से पहुंचा। सिकंदराबाद क्षेत्राधिकारी की मौजूदगी में सिकंदराबाद, ककोड़ और चोला थानों से भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस की कड़ी निगरानी में मोमिन का उसके गांव में अंतिम संस्कार किया गया।
गोरखपुर के सहजनवा ब्लॉक अंतर्गत भरसाड़ ग्राम सभा में सोमवार सुबह आमी नदी से एक अज्ञात युवक का शव बोरे में बरामद हुआ। सेमरहवा बाबा स्थित आमी नदी के पुल के पास ग्रामीणों ने नदी में तैरते बोरे को संदिग्ध अवस्था में देखा, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही गीडा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से बोरे को नदी से बाहर निकाला गया। पुलिस ने जब बोरा खोला तो अंदर का नजारा देख हर कोई दंग रह गया। बोरे के भीतर एक अज्ञात युवक की लाश थी, जिसके हाथ और पैर बेरहमी से बंधे हुए थे। युवक की हत्या कर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को बोरे में भरकर नदी में फेंका गया था। इस खौफनाक वारदात के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। हत्या कर नदी में फेंका गया शव, शिनाख्त मिटाने की कोशिश शव की हालत और घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने साफ तौर पर हत्या की आशंका जताई है। ग्रामीणों का भी मानना है कि बदमाशों ने युवक की किसी अन्य जगह पर हत्या की और पहचान छिपाने के लिए शव को बांधकर नदी में बहा दिया। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की उम्र और पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है, जिसके लिए गीडा पुलिस आसपास के थानों और जिलों से संपर्क कर लापता लोगों का रिकॉर्ड खंगाल रही है। गीडा थाना प्रभारी अश्वनी पांडेय ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए बारीकी से जांच शुरू कर दी है। युवक की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और युवक की शिनाख्त होने के बाद ही हत्या के सही कारणों का पता चल सकेगा, जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
10 दिन में पेट्रोल की कीमत में चौथी बार बढ़ोत्तरी हुई है। पेट्रोल के रेट 2.82 रूपये बढ़कर 112.82 रुपये हो चुकी है। वहीं डीजल के रेट 2.73 रुपये बढ़कर 97.29 रुपये हो चुका है। पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ने के बाद ग्राहक पेट्रोल और डीजल लेने कम पहुंच रहे हैं। पेट्रोल और डीजल के रेट देख ग्राहक चौंके काली की बगीची स्थिति पेट्रोल पंप के मैनेजर शिवराम सिंह ने बताया कि पेट्रोल पर 2.82 और डीजल पर 2.73 रुपये बढ़े हैं। सुबह के समय ग्राहक पेट्रोल लेने के लिए पहुंचे तो, बढ़े हुए दामों को देख वह भी चौंक गए। सुबह के समय 3 से 4 घंटे ग्राहकों की संख्या में 20 से 30 प्रतिशत की कमी आई है। 10 दिन में चौथी बार बढ़े रेट ग्राहक पेट्रोल पंप के कर्मचारियों से पेट्रोल और डीजल के बढ़े दामों के बारे में पूछ रहे हैं। पिछले 10 दिन के अंदर चौथी बार पेट्रोल और डीजल के रेट में बढ़ोत्तरी हुई है। सबसे पहले 15 मई को डीजल और पेट्रोल पर रेट बढे थे। उसके बाद 18 मई, 21 मई और आज पेट्रोल और डीजल के रेट बढ़े हैं।
किशनगंज जिला बार एसोसिएशन के चुनाव के लिए सोमवार को मतदान जारी है। अध्यक्ष, सचिव सहित विभिन्न पदों के लिए अधिवक्ता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। मतदान के तुरंत बाद आज ही मतगणना भी की जाएगी। चुनाव को लेकर बार परिसर में पिछले कई दिनों से सरगर्मी तेज थी। विभिन्न पदों के प्रत्याशी मतदाताओं से व्यक्तिगत संपर्क कर समर्थन जुटाने में लगे थे। समर्थकों के साथ बैठकें और प्रचार अभियान लगातार जारी रहा। युवा से लेकर वरिष्ठ अधिवक्ताओं तक में चुनाव को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। अधिवक्ताओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम मतदान सोमवार सुबह निर्धारित समय पर शुरू हो गया था। मतदान समाप्त होते ही मतगणना की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी जाएगी। चुनाव समिति ने शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली थीं। मतदान केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ अधिवक्ताओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। इस बार का चुनाव कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अध्यक्ष पद के लिए निवर्तमान पदाधिकारी सहित दो उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे मुकाबला रोचक हो गया है। वहीं, सचिव पद के लिए निवर्तमान सचिव समेत चार उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अतिरिक्त, ज्वाइंट सेक्रेटरी के तीन पदों के लिए सात उम्मीदवार, असिस्टेंट ज्वाइंट सेक्रेटरी के तीन पदों के लिए छह प्रत्याशी, उपाध्यक्ष के तीन पदों के लिए दस उम्मीदवार तथा कार्यकारिणी सदस्य पद पर भी दस उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। संगठन को मजबूत बनाने का मुद्दा उठा चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशी अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा, बार भवन के विकास, सुविधाओं में वृद्धि और संगठन को मजबूत बनाने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठा रहे थे। उनके समर्थक भी अपने उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाने में सक्रियता दिखा रहे थे। जिला बार एसोसिएशन का चुनाव हमेशा से अधिवक्ताओं के बीच प्रतिष्ठा और सम्मान का विषय रहा है। ऐसे में इस बार भी चुनाव परिणाम को लेकर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। मतदान और मतगणना एक ही दिन होने के कारण सोमवार को बार परिसर में दिनभर गहमागहमी बने रहने की संभावना है।
सिरसा में 4 स्थानों पर लगी आग:खेतों में खड़े पेड़ जले, तूड़ी का कूप भी चपेट में आया
सिरसा जिले में सोमवार को 4 अलग-अलग स्थानों पर आग लगने की घटनाएं सामने आईं। ये घटनाएं सिरसा-नटार रोड, सिरसा के पास चौंबुर्जा, मेडिकल कॉलेज और रानियां के बालासर रोड पर हुईं। दमकल विभाग और वन विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि इन घटनाओं में किसी प्रकार के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। इन आगजनी की घटनाओं का मुख्य कारण किसानों द्वारा गेहूं के अवशेषों को जलाने में बरती गई लापरवाही बताया जा रहा है। किसान अक्सर खेतों में आग लगाकर उसे बुझाने का प्रयास नहीं करते, जिससे आग सड़क किनारे लगे पेड़ों तक फैल जाती है। चौंबुर्जा के पास तूड़ी के कूप में भी आग लगी थी, जिस पर सिरसा दमकल विभाग ने नियंत्रण पाया। आग ने कई पेड़ों को चपेट में लिया आग की चपेट में आने से सड़क किनारे लगे पेड़ों के तने नीचे से पूरी तरह जल गए हैं। ऐसे पेड़ कमजोर होकर कभी भी राहगीरों पर गिर सकते हैं, जिससे उनकी जान को खतरा हो सकता है। सिरसा के नटार रोड और रानियां के बालासर रोड पर खेतों से फैली आग ने कई पेड़ों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वे जड़ से जल गए। नटार रोड पर लगी आग को बुझाने के लिए दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, जबकि रानियां में सड़क किनारे लगे पेड़ों में लगी आग को बुझाने के लिए वन विभाग की टीमें सक्रिय रहीं। 10 दिन पहले भी लगी थी आग ऐसी ही एक घटना 10 दिन पहले रानियां के अभोली गांव में भी हुई थी, जहां एक किसान द्वारा खेत में आग लगाने के बाद सड़क किनारे खड़ा पेड़ रात भर जलता रहा, जिससे राहगीरों को परेशानी हुई। राहगीर उस पेड़ के नीचे से गुजर ही रहा था तो उसके ऊपर पेड़ गिर गया, जिसके कारण उस व्यक्ति को गंभीर चोटें भी आई हैं और उसका इलाज सिरसा के एक निजी अस्पताल में चल रहा है
रीवा में पूज्य आर्यिका माताजी को कथित रूप से वाहन से कुचलने की घटना के विरोध में सोमवार को अशोकनगर में जैन समाज ने मौन जुलूस निकालकर विरोध दर्ज कराया। समाजजन काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण तरीके से न्याय की मांग करते नजर आए। सुभाषगंज स्थित जैन मंदिर से शुरू हुआ मौन जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचा। यहां मुख्यमंत्री और कलेक्टर के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन में जैन समाज के साथ अन्य समाजों के लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। बोले- यह केवल दुर्घटना नहीं, आस्था और अहिंसा पर हमला ज्ञापन में 20 मई को रीवा में हुई घटना को सुनियोजित साजिश बताया गया। समाज ने कहा कि परम पूज्य आचार्य विद्यासागर जी महाराज की शिष्या पूज्य आर्यिका श्रुतमती माताजी और पूज्य आर्यिका उपशममती माताजी को जिस तरह वाहन से टक्कर मारी गई, वह सामान्य हादसा नहीं लगता। समाजजनों का आरोप है कि पैदल विहार कर रही माताजी को जानबूझकर टक्कर मारने के बाद चालक का फरार होना गंभीर षड्यंत्र की ओर संकेत करता है। सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने की अपील जैन समाज ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI या SIT जांच कराने की मांग की। साथ ही घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की अपील की गई। ज्ञापन में विहाररत साधु-संतों की सुरक्षा के लिए “राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” लागू करने, संवेदनशील मार्गों पर पुलिस सहायता उपलब्ध कराने और संतों के खिलाफ होने वाले अपराधों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की भी मांग उठाई गई। कार्रवाई नहीं हुई तो देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी समाजजनों ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ जल्द कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो देशभर में उग्र आंदोलन, चक्का जाम और प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि संतों की सुरक्षा केवल एक समाज का मुद्दा नहीं, बल्कि देश की आध्यात्मिक विरासत और अहिंसा की परंपरा की रक्षा का विषय है।
महोबा में NEET छात्रा को बंधक बनाकर गैंगरेप किए जाने की घटना के विरोध में मुरादाबाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष विनोद गुम्बर और महानगर अध्यक्ष जुनैद इकराम कुरैशी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पर पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्तओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।प्रदर्शन करने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष जुनैद इकराम कुरैशी ने मीडिया से बातचीत में कहा-महोबा जिले में NEET की एक छात्रा को 16 दिन तक बंधक बनाकर उसके साथ गैंगरेप किया गया है। बहशीपन की हदों को पार करते हुए आरोपियों ने छात्रा के शरीर को सिगरेट से दागा है। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष जुनैद ने कहा कि ये घटना साबित करती है कि प्रदेश में जंगलराज और वहशीराज है। हम देश की राष्ट्रपति से मांग करेंगे कि ऐसी सरकार को बर्खास्त करके यूपी में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए।
बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने से जनता पर भार बढ़ता है। जहां ट्रेन की उपलब्धता है, वहां ट्रेन से ही यात्रा करनी चाहिए। गृहमंत्री अमित शाह बीकानेर आ रहे हैं। जयपुर से बीकानेर के लिए ट्रेन की उपलब्धता थी तो, मैं भी पदाधिकारियों के साथ ट्रेन से बीकानेर जा रहा हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लगातार पेट्रोल और डीजल बचाने के लिए अपील कर रहे हैं। आमजन को भी ज्यादा से ज्यादा पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन का उपयोग लेना चाहिए। मदन राठौड़ का जयपुर से बीकानेर जाते समय सीकर रेलवे स्टेशन पर पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती, गजानंद कुमावत, रतनलाल जलधारी,जिलाध्यक्ष मनोज बाटड़,वीरेंद्र दीपपुरा,ओमेंद्र सिंह सहित कई नेताओं ने स्वागत किया। पेट्रोल-डीजल के दामों पर बोले-पूरी दुनिया में बढ़ रहे देश में लगातार 11 दिन के भीतर चौथी बार पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी होने की बात पर मदन राठौड़ ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों के बढ़ने पर जनता पर भार तो बढ़ता ही है। आज पूरी दुनिया में ही पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी हो रही है। पूरी दुनिया में दुष्प्रभाव है। अमेरिका में दामों में 56% की बढ़ोतरी हुई है। कहीं 48% तो कहीं 40 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। हमारे देश में अभी 4.5 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। उसके बावजूद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संभाला हुआ है। चीन में 34% की बढ़ोतरी हुई है। अन्य देशों की तुलना में भारत संभला हुआ है। मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस ने तो 36% वेट पेट्रोल और डीजल पर बढ़ा दिया था जो ठीक नहीं था। इसलिए उनके समय की बात करना उचित नहीं। लेकिन भारत में सरकार की उचित व्यवस्था है। देरी से सीकर पहुंची ट्रेन मदन राठौड़ आज गाड़ी संख्या 07053 गंगानगर स्पेशल ट्रेन से जयपुर से रवाना हुए थे। ट्रेन जयपुर से करीब 1 घंटे 20 मिनट की देरी से रवाना हुई। ट्रेन को सीकर स्टेशन पर 9:20 पर पहुंचना था लेकिन ट्रेन 11:15 बजे सीकर स्टेशन पर पहुंची जो 5 मिनट के ठहराव के बाद 11:20 पर आगे के लिए रवाना हुई।
बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने से जनता पर भार बढ़ता है। जहां ट्रेन की उपलब्धता है, वहां ट्रेन से ही यात्रा करनी चाहिए। गृहमंत्री अमित शाह बीकानेर आ रहे हैं। जयपुर से बीकानेर के लिए ट्रेन की उपलब्धता थी तो, मैं भी पदाधिकारियों के साथ ट्रेन से बीकानेर जा रहा हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लगातार पेट्रोल और डीजल बचाने के लिए अपील कर रहे हैं। आमजन को भी ज्यादा से ज्यादा पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन का उपयोग लेना चाहिए। मदन राठौड़ का जयपुर से बीकानेर जाते समय सीकर रेलवे स्टेशन पर पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती, गजानंद कुमावत, रतनलाल जलधारी,जिलाध्यक्ष मनोज बाटड़,वीरेंद्र दीपपुरा,ओमेंद्र सिंह सहित कई नेताओं ने स्वागत किया। पेट्रोल-डीजल के दामों पर बोले-पूरी दुनिया में बढ़ रहे देश में लगातार 11 दिन के भीतर चौथी बार पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी होने की बात पर मदन राठौड़ ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों के बढ़ने पर जनता पर भार तो बढ़ता ही है। आज पूरी दुनिया में ही पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी हो रही है। पूरी दुनिया में दुष्प्रभाव है। अमेरिका में दामों में 56% की बढ़ोतरी हुई है। कहीं 48% तो कहीं 40 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। हमारे देश में अभी 4.5 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। उसके बावजूद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संभाला हुआ है। चीन में 34% की बढ़ोतरी हुई है। अन्य देशों की तुलना में भारत संभला हुआ है। मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस ने तो 36% वेट पेट्रोल और डीजल पर बढ़ा दिया था जो ठीक नहीं था। इसलिए उनके समय की बात करना उचित नहीं। लेकिन भारत में सरकार की उचित व्यवस्था है। देरी से सीकर पहुंची ट्रेन मदन राठौड़ आज गाड़ी संख्या 07053 गंगानगर स्पेशल ट्रेन से जयपुर से रवाना हुए थे। ट्रेन जयपुर से करीब 1 घंटे 20 मिनट की देरी से रवाना हुई। ट्रेन को सीकर स्टेशन पर 9:20 पर पहुंचना था लेकिन ट्रेन 11:15 बजे सीकर स्टेशन पर पहुंची जो 5 मिनट के ठहराव के बाद 11:20 पर आगे के लिए रवाना हुई।
एक सप्ताह में पेट्रोल-डीजल 5 रुपए महंगा:बढ़ती कीमतों से आमजन का बजट प्रभावित, महंगाई बढ़ने की आशंका
धौलपुर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार चौथी बार वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले एक सप्ताह में ईंधन के दाम करीब 5 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ गए हैं। धौलपुर पेट्रोल 113.13 रुपए और डीजल 98.18 रुपए प्रति लीटर हो गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल को इस वृद्धि का मुख्य कारण बताया जा रहा है। इसका सीधा असर आम आदमी के परिवहन खर्च और रोजमर्रा की वस्तुओं पर पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार ईंधन की बढ़ती कीमतों ने घरेलू बजट को प्रभावित किया है। उनका कहना है कि आय में विशेष वृद्धि नहीं हुई है, जबकि खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। इससे मध्यम वर्ग, किसान, मजदूर और छोटे व्यापारियों के लिए परिवार का गुजारा करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। नागरिकों ने यह भी बताया कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से बाजार पर सीधा असर पड़ता है। माल ढुलाई की लागत बढ़ने के कारण सब्जियां, फल, दालें, खाद्य तेल और मसालों सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ रहे हैं। इस मूल्य वृद्धि का भार अंततः उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है, जिससे उनकी बचत प्रभावित हो रही है। स्थानीय नागरिकों ने केंद्र सरकार से महंगाई को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। उनका मानना है कि ईंधन की कीमतों में कमी से परिवहन लागत घटेगी और आवश्यक वस्तुओं के दामों पर नियंत्रण संभव हो सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि महंगाई का सर्वाधिक असर गरीब, किसान और मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है, जिनकी आय सीमित है। आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा प्रभाव भारतीय बाजार पर पड़ता है। आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों की दिशा वैश्विक परिस्थितियों और सरकारी नीतियों पर निर्भर करेगी। वर्तमान में, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें आम आदमी के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सिम्प्लेक्स कास्टिंग लिमिटेड की डायरेक्टर संगीता केतन शाह और उनके पति केतन मूलचंद शाह को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने दोनों के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्रवाई पर अगली सुनवाई तक अंतरिम रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई 15 जून से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी। हाईकोर्ट ने दोनों को अग्रिम जमानत भी दे दी है। हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड पर मौजूद दस्तावेजों और बैंक स्टेटमेंट को देखने के बाद माना कि शिकायतकर्ता के खाते में 10 लाख रुपए वापस भेजे जा चुके थे। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस तथ्य का जिक्र शिकायत और सिविल सूट में नहीं किया गया था। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने दुर्ग कोर्ट में चल रही आगे की कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगा दी है। मामला सुनील कुमार सोमेन से जुड़े जमीन सौदे का है। शिकायत के मुताबिक 13 मार्च 2023 को संगीता शाह ने ग्राम कोहका की जमीन बेचने के लिए सुनील कुमार से 50 लाख रुपए में सौदा किया था। इसके एवज में 10 लाख रुपए एडवांस लिए गए थे। बाद में जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई गई। आरोप है कि उसी जमीन पर बाद में 4.50 करोड़ रुपए का लोन भी लिया गया। सुनील कुमार ने इस मामले में नवंबर 2025 में पुलिस में शिकायत की थी। इसके बाद दिसंबर 2025 में सिविल कोर्ट में केस दायर किया गया। फिर मार्च 2026 में दुर्ग कोर्ट में परिवाद दायर किया था। सुपेला थाना में पुलिस ने दर्ज किया है अपराधकोर्ट के आदेश के बाद 8 मई 2026 को पुलिस ने सुपेला थाना में अपराध दर्ज किया था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता की ओर से कोर्ट में कहा गया था कि आरोपियों ने विवादित जमीन को विवादमुक्त बताकर सौदा किया और बाद में रजिस्ट्री से इनकार कर दिया। वहीं संगीता शाह और केतन शाह की ओर से कोर्ट में कहा गया कि शिकायतकर्ता को 10 लाख रुपए पहले ही वापस कर दिए गए थे। बचाव पक्ष ने बैंक स्टेटमेंट भी पेश किया, जिसमें 10 अक्टूबर 2024 को रकम ट्रांसफर होने का रिकॉर्ड बताया गया। कोर्ट में कहा- लौटा दी थी राशि, तथ्यों को छिपाकर पेश कियासिम्प्लेक्स कॉस्टिंग की डायरेक्टर संगीता केतन शाह ने कोर्ट में अपने बचाव में कहा कि घटना के करीब 3 साल बाद 8 मई 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई और देरी का स्पष्ट कारण नहीं बताया गया।उन्होंने दावा किया कि शिकायतकर्ता को 10 लाख रुपए वापस कर दिए गए थे। यह रकम 10 अक्टूबर 2024 को खाते में ट्रांसफर की गई थी, लेकिन इस तथ्य को छिपाकर कोर्ट में परिवाद पेश किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि, लोन के लिए आवेदन 27 सितंबर 2024 को किया गया था और रकम अक्टूबर 2024 में मिली थी। जबकि शिकायतकर्ता को अग्रिम राशि उससे पहले 30 सितंबर 2024 को लौटा दी गई थी, इन तथ्यों को जानबूझकर छिपाया गया। दुर्ग जिला कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कहा था कि, उपलब्ध तथ्यों और अपराध की गंभीरता को देखते हुए यह अग्रिम जमानत देने योग्य मामला नहीं है। इसी आधार पर अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश पी एस मरकाम की कोर्ट ने संगीता शाह और केतन शाह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद संगीता केतन शाह ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। पुराने मामले में भी कोर्ट से जमानत मिली थीबता दें कि संगीता केतन शाह के उपर पहले भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। कोर्ट के सामने यह तथ्य भी रखे गए कि, आरोपियों के खिलाफ पहले भी पुलगांव थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हो चुका है। उस मामले में हाई कोर्ट ने उन्हें इस शर्त पर जमानत दी थी कि वे भविष्य में किसी भी तरह के अपराध में शामिल नहीं होंगे। वहीं इसके बाद फिर दूसरा मामला भी इसी तरह का कोर्ट के आदेश के बाद सुपेला थाना में पंजीबद्ध हुआ है। इस मामले में भी हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत देते हुए कार्यवाही पर रोक लगाई है।
भागलपुर के कहलगांव अनुमंडल अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. पवन कुमार गुप्ता का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में डॉ एक व्यक्ति के साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं, जबकि दूसरा रिकॉर्ड कर रहा है। ग्लास में कुछ पी रहे हैं। यह दावा किया जा रहा है कि वह शराब का सेवन कर रहे हैं। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है, ग्लास में शराब है या कुछ और। प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. पवन कुमार गुप्ता ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से संचालित एक क्लीनिक के खिलाफ कार्रवाई के बाद उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। साजिश का लगाया आरोप डॉ. पवन कुमार गुप्ता ने कहा कि ये वीडियो कब की है, इसकी जानकारी उन्हें भी नहीं है। हम जूस पी रहे थे। अब अगर खाना-पीना भी जुर्म हो गया है तो यह अलग बात है। कुछ लोग लगातार वीडियो के आधार पर उनसे पैसों की मांग कर रहे हैं। अवैध क्लीनिक के खिलाफ कार्रवाई करने के कारण उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। यह वास्तव में शराब पीने का वीडियो होता तो, उसी समय वायरल हो सकता था। अब अचानक इस तरह का मामला सामने आ रहा है, जिससे स्पष्ट है कि इसके पीछे किसी की साजिश है। फरार संचालक की तलाश जारी अनुमंडल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 20 दिन पहले कहलगांव स्थित गंगा सेवा सदन में छापेमारी की थी। जांच में पाया गया कि बिना रजिस्ट्रेशन कराए अस्पताल का संचालन किया जा रहा था। प्रशासन ने अस्पताल को सील कर दिया है। संचालक मनोज कुमार और उसकी पत्नी रीना देव पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने रीना देवी को गिरफ्तार कर लिया है। संचालक मनोज कुमार फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। इस कार्रवाई में प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. पवन कुमार गुप्ता की भी प्रमुख भूमिका थी। अस्पताल पर कार्रवाई के बाद से ही इसे वायरल किया गया है।
हनुमानगढ़ में सोमवार को जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन को जनभागीदारी से जोड़ने के उद्देश्य से 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' का जिला स्तरीय शुभारंभ लखूवाली हैड से किया गया। गंगा दशमी से विश्व पर्यावरण दिवस तक चलने वाले इस अभियान के तहत जिलेभर में जल संरक्षण, पौधारोपण, स्वच्छता और जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में श्रीयादे माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद टाक ने जल संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकारी नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व भी है। टाक ने आमजन, स्वयंसेवी संस्थाओं और विभिन्न विभागों से अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने नहरों के जीर्णोद्धार के लिए जारी बजट का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल को 'आधुनिक भागीरथी' बताया। जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने नहरों, जोहड़ों और अन्य जल संरचनाओं के संरक्षण को भविष्य की आवश्यकता बताया। उन्होंने किसानों से आवश्यकतानुसार पानी का उपयोग करने और सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों को अपनाने की अपील की। डॉ. यादव ने यह भी कहा कि गांवों और शहरों में वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के साथ-साथ जल स्रोतों की साफ-सफाई और संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पूर्व विधायक धर्मेंद्र मोची ने जल संरक्षण को एक सामाजिक अभियान बताते हुए लोगों से पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने का आह्वान किया। सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता प्रदीप रस्तोगी, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बलवीर बिश्नोई और भाजपा नेता अमित सहू ने भी अभियान की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि जल संकट से बचने के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। इस कार्यक्रम के दौरान जल संरक्षण का संदेश दिया गया और लोगों को पौधारोपण तथा स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। अभियान के तहत 25 मई से 5 जून तक जिलेभर में प्रभात फेरी, कलश यात्रा, जल चौपाल, किसान चौपाल, साइकिल रैली, श्रमदान, पौधारोपण, प्लास्टिक मुक्त अभियान, नुक्कड़ नाटक और जल संरक्षण से जुड़ी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। विश्व पर्यावरण दिवस पर उत्कृष्ट कार्य करने वालों को 'जल गौरव सम्मान' से सम्मानित भी किया जाएगा।
बुलंदशहर के नरसेना थाना क्षेत्र के ऊंचागांव कस्बे में सोमवार को करीब 12 बजे एक सड़क हादसे में दो साधुओं की मौत हो गई। यह दुर्घटना शनिदेव मंदिर के पास उस समय हुई जब एक बाइक और रोड़ी-बदरपुर से भरे ट्रैक्टर की आमने-सामने टक्कर हो गई। शनिदेव मंदिर के पास हुआ हादसा मृतकों की पहचान शिकारपुर स्थित आश्रम के साधु ओम भारती (पुत्र गिर्राज भारती) और रघुनंदन गिरी (पुत्र राधेश्याम गिरी) के रूप में हुई है। वे दोनों बाइक से मांडव आश्रम में चल रहे भंडारे में शामिल होने जा रहे थे। पुलिस के अनुसार, जैसे ही दोनों साधु ऊंचागांव में शनिदेव मंदिर के पास पहुंचे, सामने से आ रहे रोड़ी-बदरपुर से भरे एक ट्रैक्टर से उनकी बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के कारण दोनों साधु गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने शवों को कब्जे में लिया स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचकर घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ऊंचागांव पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों साधुओं को मृत घोषित कर दिया। नरसेना थानाप्रभारी राम किशोर गौतम ने बताया कि दोनों शवों का पंचनामा भरकर परिजनों को सौंप दिया गया है। इस घटना से परिजनों और आश्रम से जुड़े लोगों में शोक व्याप्त है।
कपूरथला के बेगोवाल में आयोजित एक मेले में रविवार देर रात उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब एक विशाल पेंडुलम राइड झूला अचानक तकनीकी खराबी के कारण हवा में ही रुक गया। झूले के रुकते ही उसमें बैठे लोगों की जान आफत में पड़ गई और पूरे मेला परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मिली जानकारी के अनुसार, यह मेला संत बाबा प्रेम सिंह जी की सालाना बरसी के उपलक्ष्य में 1, 2 और 3 जून को बेगोवाल में आयोजित किया जा रहा है। हर साल की तरह इस बार भी लोगों और बच्चों के मनोरंजन के लिए मेले में तरह-तरह के आधुनिक झूले लगाए गए हैं। परिजनों में मची चीख-पुकार, भारी भीड़ जमा प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शनिवार की रात जब मेला पूरे शबाब पर था, तभी अचानक मुख्य हिंडोला झूला ऊंचाई पर जाकर जाम हो गया। झूले में फंसे लोग और बच्चे डर के मारे चिल्लाने लगे, जिससे नीचे खड़े उनके परिजनों में भी घबराहट फैल गई और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। लोग अपनों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित नजर आए। एक घंटे की मशक्कत के बाद सभी सुरक्षित घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए झूला संचालकों ने तुरंत मोर्चा संभाला। लगभग एक घंटे की कड़ी तकनीकी मशक्कत के बाद झूले की खराबी को दूर किया गया। इसके बाद झूले में फंसे सभी श्रद्धालुओं और बच्चों को एक-एक कर सुरक्षित नीचे उतारा गया। राहत की बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी भी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ और सभी ने राहत की सांस ली। प्रशासन से सुरक्षा जांच की मांग इस डरावने अनुभव के बाद मेले में आए अन्य लोगों और स्थानीय निवासियों में डर का माहौल है। लोगों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि मेले में चल रहे सभी झूलों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तुरंत पूरी फिटनेस जांच (Safety Audit) करवाई जाए। बिना पुख्ता सुरक्षा प्रमाणपत्र के किसी भी झूले को चलाने की अनुमति न दी जाए, ताकि भविष्य में होने वाले किसी बड़े और जानलेवा हादसे को समय रहते टाला जा सके।
बड़वानी में नौतपा के पहले दिन पारा 43 के पार:भीषण गर्मी से जनजीवन बेहाल, नर्मदा बैकवॉटर बना सहारा
बड़वानी में नौतपा की शुरुआत के साथ ही भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। सोमवार को नौतपा के पहले दिन अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जिससे दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। जिला मुख्यालय बड़वानी के साथ-साथ सेंधवा, राजपुर, अंजड़ और पानसेमल जैसे क्षेत्रों में भी भीषण गर्मी का असर देखा जा रहा है। दिन का तापमान लगातार 42 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जबकि रात में भी पारा सामान्य से अधिक रहने के कारण उमस से लोग परेशान हैं। गर्म हवाओं के थपेड़ों ने लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर दिया है। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग शीतल पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं। गन्ने का रस, नींबू पानी, छाछ और कोल्ड ड्रिंक्स की मांग बढ़ गई है। शहर के चौराहों और बाजारों में गन्ने के रस की दुकानों पर भीड़ देखी जा रही है। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि वे धूप में निकलने से बचें, सिर ढककर रखें, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। भीषण गर्मी से निजात पाने के लिए सुबह और शाम के समय बड़ी संख्या में स्थानीय लोग नर्मदा नदी के बैकवॉटर का रुख कर रहे हैं। घाट पर लोग परिवार सहित स्नान कर गर्मी से राहत महसूस कर रहे हैं। बच्चे और युवा नर्मदा के ठंडे पानी में खेलते हुए देखे जा रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने नौतपा के दौरान भीषण गर्मी और लू चलने की चेतावनी जारी की है। विभाग ने बताया है कि अगले कुछ दिनों तक तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर लोगों से दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक घरों से बाहर न निकलने की अपील की है। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। जिला अस्पताल में भी लू-तापघात के मरीजों के लिए अलग से वार्ड तैयार किया गया है। CMHO ने बताया कि गर्मी से संबंधित बीमारियों से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।नौतपा के इन नौ दिनों में सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं, जिससे गर्मी का चरम देखने को मिलता है। इस दौरान स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है:हाइड्रेशन: पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ और ORS का सेवन करें।धूप से बचाव: घर से बाहर निकलते समय सिर को सूती कपड़े से ढकें, सनस्क्रीन लगाएं और आंखों पर धूप का चश्मा (सनग्लासेस) पहनें।खान-पान: हल्का खाना खाएं और मौसमी फलों (जैसे तरबूज, खरबूजा) का उपयोग करें।
चंडीगढ़ नगर निगम में शहर की सफाई व्यवस्था संभाल रही लायंस कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो गया है। कॉन्ट्रैक्ट समाप्त होने के बाद शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे थे कि अब सफाई का काम कौन संभालेगा। इसी बीच सोमवार सुबह चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी ने सफाई कर्मचारियों के प्रधानों और संबंधित प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक की। काफी देर चली बैठक के बाद फैसला लिया गया कि लायंस कंपनी के तहत काम कर रहे सफाई कर्मचारी अब स्टिक कंपनी के अंतर्गत काम करेंगे। मेयर ने इस संबंध में आधिकारिक पत्र भी जारी कर दिया है। हाउस मीटिंग में हुआ था विवाद लायंस कंपनी को दोबारा टेंडर देने के मुद्दे पर नगर निगम की हाउस मीटिंग में भी काफी विवाद हुआ था। विपक्षी पार्षद लगातार इसका विरोध कर रहे थे और कंपनी को फिर से टेंडर देने के पक्ष में नहीं थे। काफी बहस और विरोध के बाद नगर निगम ने कंपनी का टेंडर रिन्यू नहीं किया। रविवार को कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया। इसके बाद शहर में यह चर्चा शुरू हो गई कि सफाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो, इसलिए लिया फैसला मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था किसी भी हालत में प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। इसी को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है कि लायंस कंपनी के अंतर्गत कार्यरत सफाई कर्मचारी अब स्टिक कंपनी के तहत काम करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय केवल सफाई कर्मचारियों के लिए लिया गया है। लायंस कंपनी के अंतर्गत काम कर रहे अधिकारियों या अन्य स्टाफ को इसमें शामिल नहीं किया गया है। वेतन और सुविधाएं पहले जैसी रहेंगी मेयर ने कहा कि सफाई कर्मचारियों का वेतन और उनकी कार्य शर्तें पहले जैसी ही रहेंगी। कर्मचारियों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्टिक कंपनी एक सरकारी कंपनी है और कर्मचारियों को पहले की तरह नियमित रूप से काम दिया जाएगा। सफाई कर्मचारी शहर में पहले की तरह सफाई कार्य जारी रखेंगे। कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद सफाई कर्मचारियों में नौकरी और वेतन को लेकर चिंता बनी हुई थी। कर्मचारियों को डर था कि नई व्यवस्था में उनका रोजगार प्रभावित हो सकता है। हालांकि मेयर की बैठक और नए फैसले के बाद कर्मचारियों को राहत मिली है। नगर निगम का कहना है कि शहर की सफाई व्यवस्था सुचारु रूप से जारी रहेगी और किसी भी सेक्टर में सफाई कार्य बाधित नहीं होने दिया जाएगा।
नौतपा की हुई शुरुआत:भीषण गर्मी से हाल बेहाल,मथुरा में भगवान को खस की टाटिया में किया विराजमान
सोमवार से शुरू हुए नौतपा की शुरुआत भीषण गर्मी से हुई। सूर्यदेव की तपन से सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग गर्मी से बचने के लिए तरह तरह के यत्न कर रहे हैं। सोमवार से रंगनाथ मंदिर में भगवान को शीतलता प्रदान करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। सूरज ने दिखाए तेवर भीषण गर्मी में सूरज सख्त तेवर अपनाए हुए है। पिछले 15 दिन से तापमान में बढ़ोतरी देखी जा रही है। यहां तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। हालांकि सोमवार को इसमें 4 डिग्री की गिरावट देखने को मिली। लेकिन गर्म हवाओं ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया। सूरज के ताप से धरती गर्म है। टंकियों का पानी हुआ गर्म,शरीर झुलस रहा आसमान से बरस रही आग से मकान तप रहे हैं। टंकियों का पानी गर्म हो गया है। बाहर निकलने वाले लोगों का शरीर झुलस रहा है। भीषण गर्मी में कूलर भी राहत नहीं दे रहे। छुट्टियां होने के बाद भी बच्चे घरों में रहने को मजबूर हैं। बाजारों में भी लोगों की आवाजाही कम देखने को मिल रही। भीषण गर्मी में इंसान ही नहीं जीव जंतु भी परेशान हैं। रंगनाथ भगवान का किया विशेष अभिषेक भीषण गर्मी के बीच भक्त भगवान को राहत देने के लिए अलग अलग तरह से यत्न कर रहे हैं। भगवान बांके बिहारी जी जहां फूल बंगला में विराजमान हो रहे हैं वहीं सोमवार से रंगनाथ मंदिर में भगवान को खस की टटिया में विराजमान किया गया। यहां भगवान का शीतलता प्रदान करने वाली जड़ी बूटियों से मिश्रित जल से अभिषेक किया गया। इसके बाद उनको चंदन लगाया गया। बिजली संकट से परेशान हुए लोग भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट गहराने से लोग परेशान हैं। कई कई घंटे बिजली की आपूर्ति ठप हो रही है। शहरी क्षेत्र में जहां 24 घंटे और देहात इलाकों में 18:30 घंटे बिजली आपूर्ति देने के आदेश हैं वहीं ट्रिपिंग और ओवर लोडिंग के कारण आपूर्ति शहर में 20 घंटे तो देहात में महज 15 घंटे आपूर्ति मिल पा रही है। बिजली समस्या से अजीज आ रहे लोग बिजली घरों पर प्रदर्शन करने को मजबूर हैं। प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी मौसम विभाग ने 24 घंटे के लिए मथुरा सहित प्रदेश के अन्य जिलों में भीषण गर्मी का अलर्ट जारी किया है। बचाव के लिए लोगों से दोपहर में घरों के अंदर रहने की एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने पशुओं को भी छाया में रखने के लिए कहा है। मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए हीट वेव के ऑरेंज अलर्ट के दौरान प्रशासन ने बचाव के लिए सलाह दी है कि प्यास न लगने पर भी थोड़ी थोड़ी देर में पानी पीते रहें। ORS का घोल,छाछ,आदि शीतल पेय पदार्थ का सेवन करते रहें।
कानपुर के परेड बाजार को हटाए जाने के आदेश मामले पर शहर काजी हाफिज अब्दुल कुद्दूस हादी ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने रजबी ग्राउंड परेड के इतिहास और उसकी कानूनी स्थिति से प्रशासन को जानकारी दी।जमीयत उलेमा उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष और शहर काजी हाफिज अब्दुल कुद्दूस हादी की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को बताया कि रजबी ग्राउंड का इतिहास वर्ष 1814 से जुड़ा हुआ है। ज्ञापन में कहा गया कि सूबेदार कोतवाल मोहम्मद अहमद बख्श सालार ने 1859 में इस जमीन के वास्ते अलल औलाद वक्फ कर दिया था। प्रतिनिधिमंडल ने दावा किया कि इस संबंध में जानकारी कानपुर के मुहाफिज खाना, जब्ती रजिस्टर, रिलीज रजिस्टर और वक्फ बोर्ड के रिकॉर्ड से प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसे में इस जमीन पर नगर निगम का हस्तक्षेप नहीं है। शहर काजी ने डीएम से मांग की कि रजबी ग्राउंड को उसी स्वरूप में बनाए रखा जाए, क्योंकि यहां हजारों परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। साथ ही यह स्थान गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द की मिसाल भी है। बातचीत के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि उन्हें इस मामले में नई जानकारियां मिली हैं। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि मामले में न्यायपूर्ण फैसला किया जाएगा।
सीतामढ़ी में फरार अभियुक्तों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। न्यायालय के आदेश पर विभिन्न थाना क्षेत्रों में कुर्की-जब्ती की प्रक्रिया पूरी की गई। यौन उत्पीड़न सहित कई अन्य मामलों में वांछित अभियुक्तों के घरों पर यह कार्रवाई की गई। इस दौरान संबंधित थाना पुलिस, दंडाधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे। जानकारी के अनुसार, बाजपट्टी थाना कांड संख्या 188/25, दिनांक 09 अगस्त 2025 में दर्ज यौन उत्पीड़न मामले के प्राथमिकी अभियुक्त मो. जिलानी, पिता मो. सुहैब शेख, निवासी बेलहिया वार्ड संख्या 03 के विरुद्ध कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की गई। लंबे समय से फरार चल रहा अभियुक्त पुलिस टीम ने अभियुक्त के घर पहुंचकर संपत्ति का विधिवत विवरण तैयार किया और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए कार्रवाई पूरी की। अभियुक्त लंबे समय से फरार चल रहा था, जिसके बाद न्यायालय ने कुर्की-जब्ती का आदेश जारी किया था। इसके अतिरिक्त, बेला थाना क्षेत्र के ग्राम खैरबा निवासी हसमत अंसारी, पिता अयूब अंसारी के घर पर भी न्यायालय के निर्देशानुसार कुर्की की कार्रवाई की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संबंधित अभियुक्त लगातार फरार था और गिरफ्तारी से बचने का प्रयास कर रहा था। ढोल-नगाड़े के साथ की संपत्ति जब्त वहीं, भिट्ठा थाना क्षेत्र के ग्राम श्रीखंडी भिट्ठा निवासी संगीता देवी, पति रविंद्र मंडल तथा राजा मंडल, पिता रविंद्र मंडल के घर पर भी कुर्की-जब्ती अभियान चलाया गया। पुलिस टीम ने गांव पहुंचकर ढोल-नगाड़े के साथ न्यायालय के आदेश की उद्घोषणा की और संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया पूरी की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। जो अभियुक्त कानून से बचने का प्रयास करेंगे, उनके खिलाफ न्यायालय के आदेशानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सहारनपुर के अंबाला रोड स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी, आर्थिक नीतियों, विदेश नीति और सांप्रदायिक मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा। साथ ही बकरीद, गाय, मुसलमानों की सुरक्षा और 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भी खुलकर अपनी बात रखी। इमरान मसूद ने आरोप लगाया कि देश आर्थिक संकट की तरफ बढ़ रहा है, लेकिन सरकार गंभीर आर्थिक मुद्दों के बजाय लोगों का ध्यान धार्मिक और भावनात्मक विषयों की तरफ मोड़ने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि तेल कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा और महंगाई और तेज होगी। उन्होंने कहा कि कई मुस्लिम संगठनों ने अपील की है कि गाय की कुर्बानी नहीं की जाएगी और दूसरे धर्मों की आस्था का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि अगर गाय करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है तो सरकार उसे राष्ट्रीय पशु घोषित करे। इमरान मसूद ने विदेश नीति को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत ने अपने पुराने सहयोगियों से दूरी बनाई और अमेरिका के प्रभाव में फैसले किए, जिसका आर्थिक असर जनता भुगत रही है। उन्होंने दावा किया कि सस्ते तेल के विकल्प होने के बावजूद देश उसका लाभ नहीं उठा पा रहा। राहुल गांधी का जिक्र करते हुए मसूद ने कहा कि कांग्रेस लगातार सरकार को अर्थव्यवस्था और रोजगार के मुद्दों पर चेतावनी देती रही है। उन्होंने बेरोजगारी, पेपर लीक और ठेका भर्ती व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि नौजवान पढ़-लिखकर बेरोजगार घूम रहे हैं और महिलाओं के लिए घर का बजट संभालना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने मुसलमानों की सुरक्षा, मॉब लिंचिंग और राजनीतिक ध्रुवीकरण पर भी सवाल-जवाब हुए। मसूद ने कहा कि कांग्रेस किसी एक वर्ग की नहीं बल्कि हर समाज और हर धर्म के साथ खड़ी रहने वाली पार्टी है। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी वर्ग के साथ अत्याचार होगा तो कांग्रेस उसके साथ खड़ी होगी। इमरान मसूद ने कहा–हम अपने भाइयों की आस्था का सम्मान करेंगे, लेकिन गाय के नाम पर मुसलमानों को सड़क पर रोककर पीटा जाता है। इसी नाम पर लोगों की लिंचिंग हो रही है और मुकदमे लिखे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी एक वर्ग की नहीं, बल्कि हर जाति और हर धर्म की पार्टी है। उनके अनुसार, अगर किसी भी समाज या वर्ग के साथ उत्पीड़न होगा तो कांग्रेस उसके साथ मजबूती से खड़ी होगी। 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर इमरान मसूद ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि उनके परिवार का कोई सदस्य चुनाव नहीं लड़ेगा। उन्होंने कहा कि 2024 लोकसभा चुनाव में कार्यकर्ताओं ने उन्हें जिताने के लिए मेहनत की थी और अब कार्यकर्ताओं का कर्ज उतारने का समय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मुकाबला “नफरत बनाम मोहब्बत” की लड़ाई के रूप में है और पार्टी राहुल गांधी के नेतृत्व में आगे बढ़ रही है। इमरान मसूद की प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ तौर पर तीन राजनीतिक संदेश दिखाई दिए। पहला, कांग्रेस आर्थिक मुद्दों महंगाई, बेरोजगारी और तेल कीमतों को 2027 के चुनावी नैरेटिव का केंद्र बनाना चाहती है। दूसरा, गाय और मुस्लिम समुदाय जैसे संवेदनशील मुद्दों पर उन्होंने एक संतुलन बनाने की कोशिश की, जहां धार्मिक आस्था के सम्मान और मुस्लिम समुदाय की सुरक्षा दोनों की बात रखी गई। तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण संदेश संगठनात्मक राजनीति से जुड़ा दिखा, जहां परिवार को चुनावी दौड़ से बाहर रखने की घोषणा कर उन्होंने कार्यकर्ताओं को सीधा संदेश देने की कोशिश की।
कोटा में 50 सवारियों से भरी प्राइवेट बस खड़े ट्रक से जा टकराई। हादसे के बाद बस में चीख-पुकार मच गई। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। बस में सवार यात्रियों को हल्की चोट लगी, जिन्हें एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। घटना सुबह 8 बजे के आसपास झालीपुरा व जगन्नाथपुरा के बीच की है। प्राइवेट बस सुल्तानपुर से कोटा की तरफ आ रही थी। कैथून थाना ASI हीरालाल ने बताया कि सड़क किनारे ट्रक खड़ा हुआ था, उसी समय तेज रफ्तार प्राइवेट बस खड़े ट्रक में घुस गई। हादसे में कुछ यात्रियों के मामूली चोट आई थी, जिन्हें 108 एम्बुलेंस की मदद से हॉस्पिटल पहुंचाया गया। अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से शिकायत नहीं दी गई है। ट्रक के अचानक ब्रेक लगाने से हादसा जानकारी के अनुसार, प्राइवेट बस में 50 से ज्यादा यात्री सवार थे, जो रोज सुल्तानपुर से कोटा अप-डाउन करते हैं। यात्रियों का कहना है कि बस तेज स्पीड से चल रही थी। बस ड्राइवर आगे चल रही कार को ओवरटेक करने का प्रयास कर रहा था। इसको लेकर केबिन में बैठी सवारियों ने मना भी किया, लेकिन ड्राइवर नहीं माना। ओवरटेक करते समय अचानक से बस अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई। कई यात्रियों के चोट लगी है। बस मालिक अबरार हुसैन ने बताया- आगे चल रहे ट्रक के अचानक ब्रेक लगाने से हादसा हुआ है। यात्रियों को मामूली चोट लगी है, खलासी के हाथ में चोट लगी है।
पटना वीमेंस कॉलेज में नए शैक्षणिक सत्र में एडमिशन को लेकर आज से एंट्रेंस एग्जाम शुरू हो चुका है। आज पहले दिन बीएससी ऑनर्स और बीए ऑनर्स कोर्स के लिए एग्जाम आयोजित की गई है। कॉलेज प्रशासन के अनुसार बीएससी ऑनर्स की प्रवेश परीक्षा सुबह 10 बजे से 11 बजे तक, जबकि बीए ऑनर्स की परीक्षा दोपहर 12:30 बजे से 1:30 बजे तक होनी है। परीक्षा के दौरान सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। एंट्रेंस एग्जाम और इंटरव्यू के आधार पर तैयार होगी मेरिट लिस्ट बीएससी ऑनर्स के अंतर्गत फिजिक्स, केमिस्ट्री, बॉटनी, मैथेमेटिक्स, जूलॉजी और स्टैटिस्टिक्स विषयों की परीक्षा ली जा रही है। वहीं बीए ऑनर्स में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू, दर्शनशास्त्र, इतिहास, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, भूगोल, मनोविज्ञान और होम साइंस विषयों के लिए छात्राएं परीक्षा देंगी। कॉलेज प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने का निर्देश दिया है। छात्राओं का एडमिशन एंट्रेंस एग्जाम और इंटरव्यू के आधार पर तैयार की जाने वाली मेरिट सूची के जरिए किया जाएगा। 22 से 29 जून तक फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम पटना वीमेंस कॉलेज में 22 जून से 29 जून तक फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम चलेगा। विषय शिक्षकों का रूपांतरण रखा गया है। कॉलेज प्रशासन के अनुसार कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली, नई शिक्षण तकनीकों और बदलते शैक्षणिक माहौल से जोड़ना है, ताकि वे छात्रों को अधिक प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर सकें। एफडीपी के दौरान शिक्षण विधियों, एक पेशे के रूप में शिक्षण, एआई, जीवन कौशल, छात्र-शिक्षक संवाद और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे।
जालंधर में तहसील कार्यालय में ई-रजिस्ट्री प्रक्रिया के दौरान नियमों को ताक पर रखकर जबरन फोटो खींचने का विरोध करने पर एडवोकेट रविंदर मनूजा के साथ बदसलूकी, गाली-गलौज और मारपीट की कोशिश का गंभीर मामला सामने आया है। वकील रविंदर मनूजा का आरोप है कि सब-रजिस्ट्रार कार्यालय के अंदर एक तथाकथित ठेकेदार और उसके 11-12 गुर्गों ने मिलकर उन्हें घेर लिया और उन पर हमला करने का प्रयास किया। जब इस अवैध काम का विरोध किया गया, तो खुद को फंसता देख उक्त आरोपियों ने मामले को भटकाने के लिए अब 'जातिसूचक शब्द' कहने की झूठी कहानी गढ़नी शुरू कर दी है। यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी में कैद हो गई। पीड़ित एडवोकेट रविंदर मनूजा ने बताया कि वे तहसील कार्यालय में बैंक की एमओडीटी रजिस्टर करवाने के लिए गए थे। वहां उन्होंने देखा कि कुछ अज्ञात लोग सब-रजिस्ट्रार के केबिन के अंदर खड़े होकर जबरन लोगों की ग्रुप फोटो खींच रहे थे। वकील मनूजा ने जब इस बात का विरोध किया और कहा कि जब से सरकार द्वारा ई-रजिस्ट्री की व्यवस्था शुरू की गई है, तब से पोर्टल या नियमों में ऐसी किसी भी ग्रुप फोटोग्राफी का कोई प्रावधान ही नहीं है। अगर ऐसा कोई नियम होता तो पोर्टल खुद फोटो की मांग करता। तहसीलदार ने भी नियमों की जानकारी से किया इनकार मामले की गंभीरता को देखते हुए एडवोकेट रविंदर मनूजा ने तुरंत अंदर जाकर तहसीलदार से इस संबंध में सीधे पूछताछ की। उन्होंने तहसीलदार से पूछा कि क्या विभाग की तरफ से ऐसी किसी फोटो की कोई आवश्यकता या गाइडलाइन है? इस पर तहसीलदार ने साफ तौर पर इनकार करते हुए कहा कि हमारी तरफ से ऐसी कोई भी रिक्वायरमेंट नहीं है। तहसीलदार ने आगे कहा कि यह व्यक्ति खुद को डीसी ऑफिस से मिला ठेकेदार बताता है, लेकिन विभाग को इस तरह की किसी भी फोटो की कोई जरूरत नहीं है। कार्यालय के बाहर वकीलों को घेरा, दी गालियां और धमकियां तहसीलदार से जवाब मिलने के बाद जब एडवोकेट मनूजा ने फोटो खिंचवाने से साफ मना कर दिया और दफ्तर से बाहर आए, तो वहां पहले से घात लगाए बैठे कथित ठेकेदार और उसकी टीम के करीब 11 से 12 लोगों ने उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने सरेआम गाली-गलौज शुरू कर दी और उन्हें 'चोर' कहते हुए धमकी दी कि तुम हमारा काम रोक रहे हो, तुम्हें बाहर देख लेंगे। पीड़ित का आरोप है कि इन लोगों ने सब-रजिस्ट्रार कार्यालय को पूरी तरह से घेरा हुआ है और वहां एक संगठित गैंग की तरह काम कर रहे हैं। बचाव में आए चश्मदीद, मारपीट की कोशिश नाकाम वकील रविंदर मनूजा ने बताया कि आरोपियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन सभी ने मिलकर उन पर हमला कर दिया। वे उन्हें बुरी तरह पीटने और कपड़े फाड़ने पर आमादा थे। इसी बीच तहसील कार्यालय के बाहर तैनात एक कर्मचारी/व्यक्ति ने बीच-बीच बचाव किया और आरोपियों को हाथ पकड़कर रोका, जिसके कारण उनकी जान बची। इस पूरी घटना के दौरान बैंक के वे अधिकारी और कर्मचारी भी वहां मौजूद थे जो काम करवाने आए थे, और वे इस पूरी गुंडागर्दी के प्रत्यक्षदर्शी हैं। आरोपियों ने बचने के लिए अब रची झूठी कहानी एडवोकेट मनूजा ने साफ किया कि अब जब इन आरोपियों को लग रहा है कि उनका अवैध धंधा और वसूली का काम बंद होने वाला है, तो वे कानून के शिकंजे से बचने के लिए एक नई मनगढ़ंत कहानी बना रहे हैं। आरोपी अब पीड़ित वकील पर जातिसूचक शब्द इस्तेमाल करने का झूठा आरोप लगा रहे हैं। वकील का कहना है कि मौके की वीडियो और वहां मौजूद चश्मदीद गवाहों से सब कुछ साफ हो जाएगा कि उनके साथ कितनी बड़ी ज्यादती हुई है। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
हिसार में रोडवेज कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर सांझा संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहा धरना सोमवार को 11वें दिन उग्र हो गया। कर्मचारियों ने हिसार बस स्टैंड के मुख्य गेट पर बस खड़ी कर चक्का जाम कर दिया और ऐलान किया कि यह प्रदर्शन दोपहर 2 बजे तक जारी रहेगा। गेट बंद होने से बसों की आवाजाही प्रभावित हो गई, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोगों को मजबूरी में प्राइवेट बसों का सहारा लेना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी धरने पर बैठकर सरकार और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे। बस स्टैंड परिसर में भारी पुलिस बल तैनात हालात को देखते हुए बस स्टैंड परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। रोडवेज अधिकारियों और पुलिस प्रशासन ने कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। कर्मचारी नेता राजबीर ने कहा कि कर्मचारियों की 15 सूत्रीय मांगों में से एक भी मांग पूरी नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग की ओर से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा। उन्होंने बताया कि मई 2023 से लंबित रात्रि भत्ता, एसपीएल चालकों की एलटीसी, वेतन वृद्धि, एरियर, एसीपी और मेडिकल बिल सहित कई मांगें अब भी अधूरी हैं। बड़े आंदोलन की चेतावनी दी कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आगामी दिनों में आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। फिलहाल कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि दोपहर 2 बजे तक चक्का जाम जारी रहेगा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है।
बदायूं में पारा 42 डिग्री पार:भीषण गर्मी में लोग छांव तलाश रहे, सुबह से ही तेज धूप और उमस
बदायूं में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। जिले में तापमान लगातार 42 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है, जिससे सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सुबह से ही तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर रही है। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। दोपहर के समय शहर की प्रमुख सड़कें सुनसान दिखाई देती हैं। राहगीर और बाइक सवार धूप से बचने के लिए सिर और चेहरे को ढककर यात्रा कर रहे हैं। कई लोग पेड़ों की छांव, पार्कों और ठंडे स्थानों पर राहत तलाश रहे हैं। सार्वजनिक स्थानों पर लगे हैंडपंपों और पानी की टंकियों के पास लोगों की भीड़ देखी जा रही है। गर्मी बढ़ने के साथ ही ठंडे पेय पदार्थ, शिकंजी, जूस और आइसक्रीम की दुकानों पर ग्राहकों की संख्या में वृद्धि हुई है। दोपहर में बाजारों में व्यापार भी प्रभावित हो रहा है, क्योंकि लोग धूप कम होने के बाद ही खरीदारी के लिए निकल रहे हैं। इस भीषण गर्मी का सबसे अधिक असर दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों और खुले में काम करने वाले लोगों पर पड़ रहा है। तेज धूप में काम करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। सिरदर्द, थकान और डिहाइड्रेशन जैसी स्वास्थ्य समस्याओं के साथ कई लोग अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों का रुख कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और हल्के कपड़े पहनें।मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि हो सकती है, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है।
हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी ऑथोरिटी (हरेरा), पंचकूला ने रियल एस्टेट कंपनी TDI इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड द्वारा ऑथोरिटी के आदेशों की निरंतर अवहेलना और उल्लंघन करने पर कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) कमल तनेजा सहित कुल 5 निदेशकों को 3 महीने की दीवानी कैद की सजा सुनाई है। ऑथोरिटी के सदस्य चंदर शेखर की पीठ ने शिकायतकर्ता नरेंद्र कुमार द्वारा दायर निष्पादन याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया। यह मामला शिकायत साल 2019 से जुड़ी है। जिसमें ऑथोरिटी ने 31 अक्टूबर 2025 और 24 अप्रैल 2026 को TDI इन्फ्रास्ट्रक्चर को शिकायतकर्ता के पक्ष में भुगतान करने के आदेश दिए थे। हालांकि, पर्याप्त वित्तीय संसाधन होने के बावजूद कंपनी और उसके निदेशकों ने इस आदेश का पालन नहीं किया। ऑथोरिटी द्वारा पूर्व में जारी कारण बताओ नोटिस का व्यक्तिगत रूप से जवाब देने और पेश होने के आदेश के बावजूद, निदेशकों ने न तो संतोषजनक जवाब दाखिल किया और न ही राहत राशि का भुगतान किया। इसके अलावा ऑथोरिटी द्वारा कंपनी पर लगाया गया ₹10 हजार और शिकायतकर्ता को देय ₹5 हजार का जुर्माना भी जमा नहीं कराया गया। इन 5 शीर्ष अधिकारियों को जेल की सजा हरेरा पंचकूला ने कंपनी के बचाव को पूरी तरह से खारिज करते हुए वर्किंग डायरेक्टर्स कमल तनेजा (मैनेजिंग डायरेक्टर), देवकी नंदन तनेजा (निदेशक), रविंद्र कुमार तनेजा (निदेशक), रेनू तनेजा (निदेशक), वेद प्रकाश (निदेशक) को दोषी माना और उनके खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी करने का आदेश दिया। प्रतिदिन ₹100 के भत्ते पर अरेस्ट वारंट जारी हरियाणा जेल नियम, 2022 के नियम 332 के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए ऑथोरिटी ने निर्देश दिया है कि शिकायतकर्ता को 10 जुलाई से पहले इन कामकाजी निदेशकों के लिए ₹100 प्रति दिन प्रति निदेशक के हिसाब से गुजारा भत्ता जमा कराना होगा। यह राशि जमा होने की सूचना मिलते ही पुलिस को इन सभी निदेशकों को गिरफ्तार करने का वारंट जारी कर दिया जाएगा। अरेस्ट होने की तारीख से इन सभी को 3 महीने की जेल काटनी होगी। बशर्ते कि इस अवधि के दौरान टीडीआई कंपनी और उसके निदेशक शिकायतकर्ता की बकाया राशि को पूरी तरह संतुष्ट (भुगतान) न कर दें।
राजस्व अधिवक्ताओं की हड़ताल 15वें दिन भी जारी:सपा जिलाध्यक्ष ने दिया समर्थन, आमरण अनशन की चेतावनी
औरैया में राजस्व अधिवक्ताओं की हड़ताल शनिवार को 15वें दिन भी जारी रही। इस दौरान तहसील परिसर में न्यायिक, प्रशासनिक और बैनामा संबंधी सभी कार्य पूरी तरह ठप रहे। अधिवक्ता अपनी मांगों को लेकर क्रमिक अनशन पर भी बैठे हैं। राजस्व अधिवक्ता एसोसिएशन ने शासन-प्रशासन के रवैये पर नाराजगी व्यक्त की। एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील पांडेय ने बताया कि पिछले 15 दिनों से अधिवक्ता शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें उठा रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। इससे अधिवक्ताओं में रोष बढ़ रहा है। एसोसिएशन के महामंत्री हरिभानु अवस्थी ने चेतावनी दी कि यदि क्रमिक अनशन के दौरान किसी भी अधिवक्ता की तबीयत बिगड़ती है या कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर अधिवक्ता आमरण अनशन पर बैठने के लिए भी तैयार हैं। इस हड़ताल को समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम का भी समर्थन मिला। उन्होंने कहा कि वह वकीलों के हितों की लड़ाई में उनके साथ हैं। सोमवार को शुरू हुए क्रमिक अनशन में शिवकुमार शुक्ला, ऋषि पाठक, शिशुपाल सिंह पाल, सुधीर पांडे और विनय सक्सेना शामिल रहे। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उपजिलाधिकारी सदर का स्थानांतरण नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करने के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के खिलाफ भाजपा का आक्रोश अब सड़कों पर उतर गया है। सोमवार को भाजयुमो ने कलेक्ट्रेट पर अजय राय का पुतला फूंका। भाजयुमो नेताओं ने अजय राय और राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी का भी किया घेराव और कलेक्ट्रेट गेट पर उनकी कार रोक ली। भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने डीएम से अजय राय की हिस्ट्रीशीट फिर से खोलने की मांग करते हुए गिरफ्तारी की बात कही। भाजपा के प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रही और भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। भाजपा नेताओं ने कहा कि अजय राय संगठित आपराधिक गिरोह चलाते हैं। उनके खिलाफ सिगरा, चेतगंज, चौबेपुर, फूलपुर, दशाश्वमेध, शिवपुर, मुगलसराय थानों सहित आसपास के जिलों में भी आपराधिक केस दर्ज हैं। गैंगस्टर सहित कई गंभीर धाराओं में जेल भी जा चुके हैं। उन्होंने जिस पार्टी की अंगुली पकड़कर राजनीति में कदम रखा, उसी दल के सबसे बड़े नेता के खिलाफ घटिया बयान देकर काशी को अपमानित किया है। प्रदीप अग्रहरि ने कहा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजनीति में आने के पहले अपराधी प्रवृत्ति के थे और आज भी हैं।
फिरोजाबाद में जिला कांग्रेस कमेटी ने महोबा की एक नीट छात्रा के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म मामले में सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष रामनिवास यादव के नेतृत्व में डीएम के माध्यम से राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। बताया गया कि महोबा जिले की दलित छात्रा को कोचिंग से लौटते समय अगवा कर प्रयागराज ले जाया गया था। वहां उसे 16 दिनों तक बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। आरोपियों ने छात्रा को यातनाएं दीं और उसके शरीर को जलाने का भी प्रयास किया। कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को कानून व्यवस्था की विफलता बताते हुए प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांग की कि इस मामले में शामिल सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त, पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा तथा आर्थिक सहायता प्रदान करने की भी मांग की गई, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। इस अवसर पर पार्टी नेताओं ने कहा कि महिलाओं और दलित समाज के खिलाफ बढ़ते अपराध चिंता का विषय हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपराधों को रोकने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। संदीप कुमार, प्रदीप झा, सत्यप्रकाश, शालिमार हाशमी, खालिक, शुरुल हुदा, लाला राइन, सौरव कुमार, जगदीश बाल्मीकि सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
फतेहाबाद जिले के टोहाना शहर के रेलवे रोड पर सोमवार को 20 वर्षीय आईटीआई छात्र शिंपू पर 15-20 युवकों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में शिंपू गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे प्राथमिक उपचार के लिए टोहाना के नागरिक अस्पताल लाया गया। जहां से डॉक्टर ने अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। शिंपू तिलक नगर का निवासी है और आईटीआई में मशीनिस्ट ट्रेड के दूसरे वर्ष का छात्र है। उसने बताया कि वह रोजाना की तरह सुबह आईटीआई जा रहा था। रेलवे रोड स्थित गुरुद्वारा के पास पहुंचते ही पीछे से आए 15-20 युवकों ने उसे घेर लिया और लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। हमले में उसके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आई हैं। राहगीरों ने बीचबचाव कर उसे छुड़वाया। इसके बाद हमलावर फरार हो गए। बाद में उसे राहगीरों ने ही सिविल अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलने के बाद परिजन, उसके दोस्त और टोहाना पुलिस भी सिविल अस्पताल पहुंचे। पुरानी रंजिश के चलते किया हमला शिंपू ने हमले के पीछे पुरानी रंजिश का आरोप लगाया है। उसके अनुसार, कुछ दिन पहले कुछ युवक आईटीआई में एक छात्र को उठाने आए थे। उस समय शिंपू ने बीच-बचाव कर उस छात्र को बचाया था। इसी बात को लेकर आरोपी युवक उससे रंजिश रखे हुए थे और सोमवार को मौका पाकर उस पर हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही चंडीगढ़ रोड चौकी प्रभारी ओमप्रकाश जांगड़ा पुलिस टीम के साथ नागरिक अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल छात्र शिंपू के बयान दर्ज किए। मामले की जांच की जा रही-चौकी प्रभारी चंडीगढ़ रोड चौकी प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि छात्र ने कुछ युवकों पर मारपीट का आरोप लगाया है। पुलिस बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई करेगी। फिलहाल, मामले की जांच की जा रही है।
हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं पंचकूला विस से विधायक चंद्रमोहन बिश्नोई हरियाणा के सबसे बुजुर्ग विधायक एवं अपने नाना ससुर सहीराम धारणिया के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए अपनी पत्नी सीमा के संग डबवाली के सकताखेड़ा गांव में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने नाना ससुर सहीराम बिश्नोई के निधन पर दु:ख जताया और उनको प्रेरणादायक बताया। पूर्व विधायक सहीराम बिश्नोई पूर्व सीएम चौ. भजनलाल के करीबियों में शामिल थे। अक्सर चौ. भजनलाल इनकी तारीफ करते थे। चंद्रमोहन अपनी पत्नी सीमा के साथ कुछ दिनों पहले ही नाना ससुर से मिलने के लिए आए थे। उनकी तस्वीरें भी सामने आई है। उनके निधन पर शोक जताने के लिए हरियाणा व राजस्थान से नेता व विधायक पहुंच रहे हैं। इसे लेकर विधायक व नेताओं ने अपने-अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली है, जिसके जरिए श्रद्धांजलि अर्पित की है। वहीं, जजपा सुप्रीमो अजय चौटाला ने भी पोस्ट शेयर कर शोक व्यक्त किया है। ये नेता भी शोक जताने पहुंचे इस दौरान भाजपा राजस्थान के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं नोखा के विधायक रहे बिहारी लाल बिश्नोई, जोधपुर फलोदी विधानसभा से बीजेपी विधायक पब्बराम बिश्नोई, हनुमानगढ़ के एडिशनल एसपी अरविंद कड़वासरा, सेवानिवृत एडीएम अशोक कुमार गोदारा माधाणी, बिश्नोई सेवक दल मुकाम के अध्यक्ष विनोद धारणिया, आरके ढाका, सुखराम लोल उर्फ डिप्टी एवं बाबूराम ढाका सहित अनेक सामाजिक व राजनीतिक क्षेत्र के अन्य लोग उपस्थित रहे। इनके अलावा जिला संगठन प्रभारी बीकानेर देहात बलवीर बिश्नोई व जिला परिषद सदस्य रावल जाणी भोजाकोर मौजूद रहे। चंद्रमेाहन व अन्य नेताओं ने डाली पोस्ट विधायक चंद्रमोहन की ओर से डाली गई पोस्ट में लिखा- आज मेरी धर्मपत्नी सीमा बिश्नोई के साथ उनके नाना जी सहीराम धारणीया (आयु 104 वर्ष) के दुःखद निधन पर उनके गांव सक्ता खेड़ा (मंडी डबवाली) पहुंच कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने पूरे जीवन बड़ी सादगी के साथ जीते हुए समाज उत्थान के लिए अनेकों कार्य किए। उनका संपूर्ण जीवन प्रेरणादायक है और युगों-युगों तक याद रखा जाने वाला है। पूर्व विधायक सहीराम धारणिया के दोहते सोम प्रकाश बिश्नोई ने बताया, विधायक चंद्रमोहन की पत्नी सीमा पूर्व विधायक सहीराम धारणिया की दोहती की बेटी है। उनकी बेटी तारावती राजस्थान के जोधपुरा में शादी-शुदा है और तारावती की बेटी एवं उनकी दोहती लक्ष्मी गंगानगर में शादी-शुदा है। तारावती की सीमा के जन्म के दौरान मौत हो गई थी। सीमा अक्सर अपने नाना ससुर से मिलने के लिए डबवाली के सकताखेड़ा स्थित घर पर मिलने के लिए आती थी। समाज के प्रथम विधायक बने थे सहीराम धारणिया राजस्थान के जोधपुर फलोदी विधानसभा से बीजेपी विधायक पब्बराम बिश्नोई बोले, एकीकृत पंजाब-हरियाणा में वर्ष 1957 में जनसंघ के चुनाव चिन्ह “दीपक” से विजय प्राप्त कर वे बिश्नोई समाज के प्रथम विधायक बनने का गौरव हासिल करने वाले है। लगभग दो दशकों तक अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के राष्ट्रीय महासचिव एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में समाज को नई दिशा दी। जनवरी 1922 को पाकिस्तान में हुआ था जन्म परिजनों के अनुसार, सहीराम धारणिया वर्ष 1957 में अबोहर विधानसभा से जनसंघ से विधायक बने थे। वे बिश्नोई समाज से विधायक बनने वाले पहले व्यक्ति थे। इसके अलावा, वे लगातार 40 साल तक अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के अध्यक्ष रहे, उन्हें अखबार पढ़ने का बहुत शौक था। उन्होंने लंबे समय तक वकालत भी की और लाहौर पंजाब यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री की थी। उनका जन्म 12 जनवरी 1922 को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बहावलपुर रियासत के प्रसिद्ध गांव तालिया (कुम्भाणा) में जमीदार चौधरी रामलाल धारणिया के घर हुआ था। देश बंटवारे के बाद भारत आ गए। उनकी हवेली की निशानियां अभी भी मौजूद है। उन्हें और उनके परिवार को सिरसा जिले के सकताखेड़ा में जमीन अलॉट हुई, तब से गांव में उनका घर है और वे यहीं रहते थे। उनके दो बेटे हैं और तीन पोते हैं।
आलीराजपुर जिले के जोबट में गंगा दशहरा के अवसर पर जल गंगा संवर्धन अभियान 2.0 के तहत जल स्रोत पूजन और भव्य गंगा कलश यात्रा का आयोजन किया गया। यह अभियान 19 मार्च से 30 जून तक संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जल संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देना है। सोमवार को आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, महिलाओं, युवाओं, स्कूली छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। पूरे नगर में धार्मिक आस्था के साथ जल संरक्षण का संदेश गूंजता रहा। जल स्रोतों का विधि-विधान से पूजन किया अभियान के अंतर्गत तालाबों, कुओं और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों का विधि-विधान से पूजन किया गया। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश रखकर नगर के प्रमुख मार्गों से भव्य यात्रा निकाली। इस दौरान जल है तो कल है और पानी बचाओ-जीवन बचाओ जैसे नारे लगाए गए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और जल स्रोतों के संवर्धन के प्रति जागरूक करना था। अधिकारियों ने बढ़ते जल संकट को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति को जल बचाने की जिम्मेदारी निभाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जल स्रोतों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। गंगा दशहरा पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं था, बल्कि समाज को जल बचाने का बड़ा संदेश देने वाला जनआंदोलन बनकर उभरा। जोबट में निकली गंगा कलश यात्रा ने लोगों को जल और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया।
फतेहपुर जिले के जहानाबाद थाना क्षेत्र में हाईवे किनारे एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। सुबह करीब 9 बजे राहगीरों ने शव देखा, जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और जांच शुरू की। थाना प्रभारी मनीष कुमार सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने आसपास के लोगों से पूछताछ कर शव की पहचान कराने का प्रयास किया। काफी देर बाद मृतक की पहचान अंबेडकर नगर मोहल्ला निवासी रामबरन पुत्र दुलारे के रूप में हुई। उसका घर घटनास्थल से लगभग 200 मीटर दूर बताया जा रहा है। रामबरन की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन बदहवास हालत में मौके पर पहुंचे, उनका रो-रोकर बुरा हाल था। युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों के बीच हत्या और हादसे दोनों पहलुओं को लेकर आशंकाएं जताई जा रही हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि युवक के शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया है और मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
महोबा जिले में एक दलित छात्रा के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना के विरोध में सोमवार को कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हापुड़ में धरना प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम साक्षी शर्मा को सौंपा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी ने ज्ञापन में बताया कि महोबा में नीट कोचिंग से लौट रही एक दलित छात्रा का बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। आरोप है कि उसे 15 दिनों तक प्रयागराज में रखकर नशीला पदार्थ दिया गया और सामूहिक दुष्कर्म किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे, तो प्रशासन ने उन्हें अनुमति नहीं दी। भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में महिलाओं और युवतियों के खिलाफ दुष्कर्म के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने सरकार पर इस मुद्दे पर निष्क्रियता का आरोप लगाया। शहर अध्यक्ष इरफान अहमद ने मांग की कि पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए और दोषियों के खिलाफ जल्द से जल्द दंडात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित परिवार से मिलने जाना कोई अपराध नहीं है। इस दौरान पूर्व विधायक गजराज सिंह, पीसीसी सदस्य व पूर्व धौलाना विधानसभा प्रत्याशी पंडित अरविंद शर्मा, वरिष्ठ कांग्रेसी डॉक्टर वीसी शर्मा, पूर्व सभासद ऐजाज अहमद, एससी-एसटी के पूर्व जिलाध्यक्ष नरेश भाटी, शहर अध्यक्ष पिलखुआ रजनीश त्यागी, जिला उपाध्यक्ष रवींद्र गुर्जर, जिला उपाध्यक्ष मुरसलीन चौधरी, जिला उपाध्यक्ष लाल बहादुर, विचार विभाग की जिलाध्यक्ष सीमा शर्मा, विधि और मानवाधिकार विभाग के जिलाध्यक्ष एडवोकेट रघुवीर सिंह, आउटरीच कमेटी के प्रदेश उपाध्यक्ष कुलदीप आत्रेय, एससी-एसटी प्रदेश सचिव विनोद जाटव, एससी-एसटी प्रदेश सचिव रश्मि चौधरी, जिला महासचिव गौरव गर्ग, जिला महासचिव यशपाल ढिलोर, जिला महासचिव कपिल शर्मा, ओबीसी प्रकोष्ठ के शहर अध्यक्ष अफजाल आढ़ती, गढ़ ब्लॉक अध्यक्ष बिजेंद्र त्यागी, सिंभावली ब्लॉक अध्यक्ष नफीस खान, सचिन गोयल, रामलाल आर्य सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
डीग जिले की कैथवाड़ा थाना पुलिस ने 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी के फरार आरोपी हमीद को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी मैरिज ब्यूरो चलाकर लोगों से ठगी करता था। डीग एसपी शरण कांबले ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी हमीद पुत्र जूहरू, नीमला निवासी है। हमीद ने नीमला में एक फर्जी मैरिज ब्यूरो खोल रखा था। वह शादी कराने के नाम पर भोले-भाले लोगों से लाखों रुपए ऐंठता था। आरोपी हमीद के खिलाफ धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं। करोड़ों की ठगी करने के बाद से वह फरार चल रहा था और पुलिस को उसकी लंबे समय से तलाश थी। मुखबिर की सूचना पर एएसआई जसवंत सिंह के नेतृत्व में एक टीम ने दबिश देकर आरोपी को उसके गांव से ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। इस धोखाधड़ी के शिकार हुए अन्य पीड़ितों की भी पहचान की जा रही है। एसएचओ ने बताया कि 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत फरार अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
आगरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर खंदौली के पास भीषण सड़क हादसा हो गया है। हादसे में 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इसमें से एक की मौत हो गई है। दो लोगों को अस्पताल भेजा गया है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई है। जानकारी के अनुसार यमुना एक्सप्रेस-वे के नादऊ कट प बैंक की कैश वैन खडे़ ट्रक से जा टकराई। वैन में बैठे 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने उन्हें गाड़ी से बाहर निकाला। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने बताया कि हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, 3 लोग गंभीर रूप से घायल है। उन्हें इलाज के लिए एनएन मेडिकल कॉलेज भेजा है। घटना सुबह करीब साढे़ 11 बजे हुई।खबर अपडेट की जा रही है…
लातेहार जिले के नेतरहाट की तराई में बसे सुदूरवर्ती नैना गांव में 18 मई को हुए एक हादसे ने पूरे गांव की जिंदगी को संकट में डाल दिया है। गांव का एकमात्र सरकारी कुआं अचानक जोरदार आवाज के साथ जमींदोज हो गया। जिससे नल-जल योजना के तहत हो रही पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। इसी कुएं में मोटर लगाकर करीब 50 परिवारों और लगभग 300 की आबादी वाले गांव में पानी पहुंचाया जाता था। कुआं धंसने के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। इसके बाद गांव के सामने पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। नदी से ढोना पड़ रहा पीने का पानी कुआं ध्वस्त होने के बाद नैना गांव के ग्रामीणों को अब नदी और अन्य अस्थायी स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है। चिलचिलाती गर्मी के बीच रोजाना लंबी दूरी तय कर पानी लाना ग्रामीणों के लिए बेहद मुश्किल हो गया है। खासकर महिलाएं और बच्चे इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। ग्रामीण महिलाओं शकुंतला देवी, विमला देवी और मनीता देवी ने बताया कि पहले घर तक पानी मिल जाता था, लेकिन अब हर दिन कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ रहा है। पानी की कमी के कारण दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गर्मी ने हालात और भी भयावह बना दिए हैं। वैकल्पिक व्यवस्था की उठी मांग ग्रामीणों का कहना है कि प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर इस गांव में बुनियादी सुविधाओं की हमेशा से कमी रही है, लेकिन अब पानी जैसी मूलभूत जरूरत भी पूरी नहीं हो पा रही है। उमेश महतो समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि यही एकमात्र जलस्रोत था। जिसके ध्वस्त होने के बाद गांव पूरी तरह संकट में है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक जलस्रोत उपलब्ध कराने, कुएं की मरम्मत कराने या नए कुएं/बोरिंग की व्यवस्था करने की मांग की है। ग्रामीणों में इस समस्या को लेकर आक्रोश भी देखा जा रहा है। विभाग ने दिया त्वरित कार्रवाई का भरोसा मामले को लेकर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता दीपक कुमार महतो ने कहा कि स्थिति की जानकारी मिलने पर विभाग तुरंत कार्रवाई करेगा। उन्होंने बताया कि संबंधित कनीय अभियंता को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी। जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल नैना गांव के लोग भीषण गर्मी में पानी के लिए जूझ रहे हैं। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
उन्नाव के कोतवाली सदर क्षेत्र स्थित बलवंत खेड़ा गांव में रविवार देर रात एक युवक की घर के जीने से गिरकर मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जानकारी के अनुसार, बलवंत खेड़ा निवासी 28 वर्षीय राम खिलावन पुत्र गंगा प्रसाद रविवार रात अपने घर पर थे। परिजनों ने बताया कि वह कथित तौर पर शराब के नशे में थे। इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वह जीने से नीचे गिर पड़े। इस हादसे में उनके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। परिजन आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद रात करीब एक बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर सुनते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। पत्नी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, और पूरे गांव में शोक का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि मृतक राम खिलावन मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके दो छोटे बेटे हैं, जिनके सिर से पिता का साया असमय उठ गया है। ग्रामीणों ने उन्हें मिलनसार स्वभाव का व्यक्ति बताया, जो परिवार की जिम्मेदारियां निभाने में लगे रहते थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला एक दुर्घटना का प्रतीत होता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
टीकमगढ़ में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार जारी है, जिसके चलते मौसम विभाग ने जिले में लू का रेड अलर्ट जारी किया है। रविवार को अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री दर्ज किया गया था। आज अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री रहने की संभावना है। नागरिकों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और बुजुर्गों को गर्मी से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। सोमवार सुबह 11 बजे तक अधिकतम तापमान 41 डिग्री तक पहुंच गया था। सुबह 9 बजे से ही गर्म हवाएं चलनी शुरु वर्तमान में मौसम में 24% आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) है और हवाएं 17 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं। सुबह 9 बजे से ही गर्म हवाएं चलनी शुरू हो गई हैं और सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक तेज धूप बनी हुई है। पिछले सात दिनों के तापमान पर गौर करें तो मंगलवार को अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री दर्ज किया गया था, जो इस अवधि का सर्वाधिक तापमान था। बुधवार को 44.8 डिग्री, गुरुवार को 44 डिग्री, शुक्रवार को 44.5 डिग्री और शनिवार को 44 डिग्री तापमान रहा। न्यूनतम तापमान शुक्रवार को 30 डिग्री, शनिवार को 29 डिग्री और रविवार को 30.2 डिग्री दर्ज किया गया। शुक्रवार से मौसम में बदलाव की संभावना मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, गुरुवार तक अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री के बीच बना रहेगा। हालांकि, शुक्रवार से मौसम में बदलाव की संभावना है, जिससे दिन और रात के तापमान में गिरावट आ सकती है और गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध की तपिश अब भारत के बाजारों तक पहुंच गई है। कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में लगातार उछाल का सीधा असर घरेलू पेट्रोल-डीजल के दामों पर दिख रहा है। इस महीने चौथी बार तेल कंपनियों ने कीमतें बढ़ा दी हैं। लगातार बढ़ते दामों ने आम आदमी का बजट बिगाड़ दिया है। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ने का खतरा भी मंडराने लगा है। पेट्रोल के साथ ही डीजल की कीमत भी बढ़ी शहर में पेट्रोल के दाम 101.54 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गए हैं। सिर्फ एक दिन पहले तक यह 99 रुपये के आसपास बिक रहा था। वहीं डीजल भी करीब दो रुपये महंगा होकर 98.94 रुपये प्रति लीटर हो गया है। पेट्रोल अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर है, जबकि डीजल भी सेंचुरी लगाने से महज 1.06 रुपये दूर है। रोज सुबह दफ्तर और काम पर जाने से पहले पेट्रोल पंप पहुंचने वाले लोगों को हर दिन बढ़ी हुई कीमतों का झटका लग रहा है। भगवान टॉकीज स्थित पेट्रोल पंप पर बाइक में तेल डलवा रहे अमित ने बताया-हफ्ते भर पहले 500 का पेट्रोल हफ्ता निकाल देता था, अब तीन दिन भी नहीं चलता। लोगों ने सरकार से पूछे सवालबढ़ती कीमतों को लेकर लोगों में गुस्सा है। पेट्रोल भरवा रहे संजय सक्सेना ने कहा-जब रूस और ईरान जैसे मित्र देश भारत को सस्ता कच्चा तेल देने को तैयार हैं तो सरकार को उनसे खरीद बढ़ानी चाहिए। इससे कीमतें काबू में आएंगी। उन्होंने आगे कहा-पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाना चाहिए। एक देश-एक टैक्स से दाम कम होंगे। आए दिन दाम बढ़ रहे हैं। सबसे ज्यादा मार मिडिल क्लास पर पड़ रही है। बच्चों की फीस, घर का राशन और अब पेट्रोल... सब एक साथ मैनेज करना मुश्किल हो रहा है। महंगाई बढ़ने की आशंकापेट्रोल-डीजल महंगा होने का सीधा असर ट्रांसपोर्ट पर पड़ता है। ट्रक भाड़ा बढ़ने से सब्जी, फल, दूध और राशन जैसी रोजमर्रा की चीजें महंगी हो सकती हैं। थोक बाजार के व्यापारी राकेश अग्रवाल का कहना है, डीजल बढ़ने से माल भाड़ा 8-10% तक बढ़ गया है। अगर यही हाल रहा तो अगले हफ्ते से रिटेल में भी असर दिखेगा। तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 95 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है। खाड़ी में तनाव के चलते सप्लाई घटने की आशंका से दाम बढ़ रहे हैं। फिलहाल लोगों को राहत की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।
सलूंबर में वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान शुरू:सरणी नदी तट पर की सफाई, पौधारोपण किया; कलश यात्रा निकाली
राजस्थान सरकार के वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान का जिला स्तरीय शुभारंभ सोमवार को गंगा दशमी के अवसर पर सलूंबर में हुआ। यह अभियान 25 मई से 5 जून 2026 तक चलेगा। इसकी शुरुआत सरणी नदी तट पर जनभागीदारी के साथ हुई, जहां जल संरक्षण का संदेश देने के लिए कलश यात्रा, श्रमदान, नदी सफाई और पौधारोपण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। कलश यात्रा निकाली अभियान के तहत सुबह शीतला माता मंदिर से कंगश माता मंदिर तक महिलाओं और युवाओं की सहभागिता से कलश यात्रा निकाली गई। इसके साथ ही 'हरियालो राजस्थान' अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी दिलाया गया। सरणी नदी तट पर प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आमजन ने श्रमदान कर जल स्रोतों की सफाई की। नदी किनारे फैले प्लास्टिक और कचरे को हटाकर स्वच्छता का संदेश दिया गया। आमजन की भागीदारी के बिना सफलता संभव नहीं कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला प्रभारी मंत्री खजान सिंह ने जल संरक्षण में जनभागीदारी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रकृति ने मानव जीवन के लिए पर्याप्त संसाधन दिए हैं, लेकिन उनका संरक्षण करना हमारी जिम्मेदारी है। मंत्री ने बताया कि सरकार समय-समय पर जल संरक्षण और हरियाली से जुड़े अभियान चलाती रही है, लेकिन किसी भी अभियान की सफलता आमजन की भागीदारी के बिना संभव नहीं है। उन्होंने कहा किया कि 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' का उद्देश्य केवल 10 दिनों तक कार्यक्रम चलाना नहीं, बल्कि लोगों के व्यवहार में जल संरक्षण को शामिल करना है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों से इस अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने और इसे जनआंदोलन बनाने की अपील की। कलेक्टर ने जताई चिंता जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनेद पी.पी. ने सरणी नदी की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नदी में जगह-जगह प्लास्टिक और कचरा डाला जा रहा है, जो एक गंभीर विषय है। कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि जैसे इंसान का जीवन होता है, वैसे ही नदी का भी अपना जीवन होता है, इसलिए इसमें कचरा डालना बंद किया जाना चाहिए। कलेक्टर ने कहा-अगर कोई हमारे ऊपर कचरा डाले तो हमें कैसा लगेगा, यह सोचिए। सरणी नदी भी जीवित है और इसे साफ रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा नदी को स्वच्छ बनाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। शहर का गंदा पानी बिना उपचार के नदी में नहीं जाए, इसके लिए एसटीपी और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं पर काम किया जा रहा है। पुलिया से नदी में कचरा फेंकने वालों को रोकने के लिए फेंसिंग की जाएगी। कलेक्टर ने जलाशयों और नदी किनारे हुए अतिक्रमण हटाने की भी चेतावनी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि सभी जल स्रोत अतिक्रमण मुक्त होने चाहिए। कार्यक्रम में विधायक शांता देवी मीणा ने भी जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी बचाना आज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। 10 दिनों तक तालाबों-नदियों, जल स्त्रोतों की होगी सफाई अभियान के तहत अगले 10 दिनों तक जिलेभर में तालाबों, नदियों और अन्य जल स्रोतों की सफाई, पौधारोपण और जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जिला प्रभारी सचिव खजान सिंह,जिला कलक्टर मुहम्मद जुनेद पी पी, सलूंबर विधानसभा विधायक शांता अमृत लाल मीणा,एसडीएम जगदीश चन्द्र बामणिया, सलूंबर पुलिस उप अधीक्षक हेरम्भ जोशी,डब्ल्यूआरडी रतन सिंह भाटी,एसीएफ महेंद्र सिंह चुंडावत, पीआरओ पुष्पक मीणा, नगर परिषद आयुक्त गणपत खटीक, एसीईओ दिनेश चंद पाटीदार, भाजपा नेता कैलाश गाँधी, प्रभु लाल जैन, संजय चस्टा, दुष्यन्त भट्ट एवं समस्त सरकारी विभाग कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि एवं आमजन मौजूद रहे
रामपुर के दिल्ली-लखनऊ हाईवे-9 पर सोमवार तड़के एक सड़क हादसे में अमरोहा निवासी 28 वर्षीय बुटीक कारोबारी अभिनव दुआ की जान चली गई। हादसा थाना सिविल लाइन क्षेत्र में हुआ। जानकारी के अनुसार, अभिनव दुआ अपने लगभग दस दोस्तों के साथ अमरोहा से नैनीताल घूमने जा रहे थे। रामपुर के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में दिल्ली-लखनऊ हाईवे-9 पर उनकी बुलेट बाइक अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक डिवाइडर से करीब बीस फीट दूर जा गिरी और उसके परखच्चे उड़ गए। हादसे में अभिनव गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके हाथ-पैर की हड्डियां टूट गईं और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। अभिनव अपने पिता जगदीश दुआ के साथ बुटीक कारोबार से जुड़े हुए थे। घटना की सूचना मिलने पर थाना सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया और मृतक के परिजनों को हादसे की जानकारी दी। मोर्चरी पहुंचे मृतक के पिता जगदीश दुआ ने पुलिस को लिखित पत्र देकर पोस्टमार्टम और किसी भी कानूनी कार्रवाई से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव बिना पोस्टमार्टम कराए परिजनों को सौंप दिया। थाना प्रभारी ओंकार सिंह ने इस बात की पुष्टि की कि परिवार के लोग कोई कार्रवाई नहीं चाहते थे। अभिनव अविवाहित थे। उनके परिवार में माता-पिता और एक बड़े भाई वैभव दुआ हैं, जो दिल्ली में सरकारी नौकरी करते हैं। हादसे के समय अभिनव के दो दोस्त मौके पर मौजूद थे, जबकि अन्य साथी वहां से चले गए थे।
भागलपुर में गंगा दशहरा पर आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही श्रद्धालुओं का गंगा घाटों पर जुटना शुरू हो गया था। बरारी, बूढ़ानाथ, आदमपुर समेत शहर के अलग-अलग घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में पवित्र स्नान कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान 'हर-हर गंगे' और 'जय मां गंगे' के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। महिलाओं, पुरुषों, बुजुर्गों और युवाओं के साथ-साथ बच्चों में भी पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद दीप, फूल, फल अर्पित कर मां गंगा से परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की। दूर-दूर से गंगा तट पर पहुंचते हैं भक्त धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मां गंगा का स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। पौराणिक कथाओं के अनुसार राजा भगीरथ ने अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए कठोर तपस्या की थी, जिसके फलस्वरूप मां गंगा धरती पर अवतरित हुईं। इसी घटना की स्मृति में गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य और मां गंगा की आराधना करने से दस प्रकार के पापों का नाश होता है। व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि गंगा दशहरा के दिन श्रद्धालु दूर-दूर से गंगा तट पर पहुंचकर स्नान और पूजा-अर्चना करते हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम पर्व को लेकर घाटों पर विशेष साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में आवश्यक इंतजाम किए गए थे। घाटों पर गोताखोरों की तैनाती की गई थी। पुलिसकर्मी भी लगातार निगरानी करते नजर आए। भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। मां गंगा से परिवार की खुशहाली की कामना श्रद्धालु संजीव मंडल ने बताया कि गंगा दशहरा का पर्व सनातन संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। गंगा में स्नान करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मां गंगा से परिवार की खुशहाली, समाज में शांति और देश की उन्नति की प्रार्थना करते हैं।
2 दिन पहले पटना के मोकामा में गैंगस्टर सोनू-मोनू के घर रेड करने गई पुलिस टीम की तलाशी ली गई थी। इस मामले में 2 थाना प्रभारियों को सस्पेंड किया गया है। इधर, इसे लेकर मंत्री सुनील कुमार ने कहा है कि, जब कोई भी व्यक्ति किसी की तलाशी लेने जाता है, तो पहले उसे खुद की तलाशी देनी होती है ऐसा नियम है। जिस तरीके से इसे दिखाया जा रहै ये वैसी बात नहीं है। सोनू-मोनू के समर्थकों ने ने कहा- तलाशी देनी होगी मोकामा के पंचमहला थाना के नौरंगा गांव में पुलिस गैंगस्टर सोनू-मोनू के घर छापेमारी करने गई थी। सोनू-मोनू के परिजनों और समर्थकों ने पुलिस को घर में घुसने से रोक दिया। उन्होंने पुलिस से सर्च वारंट मांगा। पुलिस ने कहा कि सर्च वारंट जरूरी नहीं है। इसके बाद समर्थकों ने शर्त रखी कि अंदर जाने से पहले पुलिस को अपनी तलाशी देनी होगी। सोनू-मोनू के समर्थकों ने पंचमहला के थानेदार कुंदन कुमार और हथिदह थानेदार रंजन कुमार समेत 8 पुलिसकर्मियों को लाइन में खड़ा किया। उनके शरीर से लेकर पॉकेट तक की तलाशी ली गई। इसके बाद ही उन्हें घर के अंदर जाने दिया गया। इससे पहले पंचमहला थानेदार रंजन कुमार कुख्यात सोनू से मोबाइल का स्पीकर ऑन कर बात कर रहे थे। यह सब सोनू के लोगों के सामने हुआ। समर्थकों ने पुलिस की तलाशी और थानेदार की बातचीत का वीडियो बना लिया। वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। वीडियो वायरल होने से पुलिस की भारी किरकिरी हुई। पुलिस मुख्यालय और राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई। मामले में एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने कड़ा एक्शन लिया है। उन्होंने दोनों थानेदारों को ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया है। क्या मिला पुलिस को छापेमारी में सोनू नहीं मिला और उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी। हालांकि, मौके से पुराने मामले की दो बाइक बरामद हो गईं। एक महीने पहले नौरंगा दियारा में बालू खनन के दौरान पुलिस ने दो जेसीबी और दो बाइक पकड़ी थीं। लॉक होने के कारण पुलिस ने बाइक वहीं छोड़ दी थीं। सोनू-मोनू के समर्थक इन्हें वहां से उठाकर ले आए थे। क्या था मामला विवाद 22 मई के एक फेसबुक पोस्ट से शुरू हुआ। मुकेश ने पंचायत और थाना प्रभारी की प्रशंसा की थी। पेशे से वकील प्रमोद ने पोस्ट डिलीट करने को कहा। मुकेश ने कहा उसने किसी का नाम नहीं लिखा है। इसी बात पर कहासुनी हुई। मुकेश का आरोप है कि प्रमोद ने अपने कुख्यात बेटों सोनू-मोनू को बुलाकर उस पर फायरिंग करा दी। क्यों गई थी पुलिस मोकामा विधायक अनंत सिंह के करीबी मुकेश कुमार पर शनिवार नौरंगा गांव में चार राउंड फायरिंग हुई। हमले में मुकेश बाल-बाल बचे। इसका आरोप सोनू-मोनू गिरोह पर लगा। इसी कारण पुलिस टीम सोनू-मोनू के घर छापेमारी करने गए थे। मुकेश की पत्नी प्रतिमा नौरंगा जलालपुर की सरपंच हैं। जबकि सोनू-मोनू की मां उर्मिला सिन्हा मुखिया हैं। पुलिस रेड के दौरान क्या है नियम रेड या छापेमारी के दौरान पुलिस के तलाशी लेने के बहुत सख्त और स्पष्ट नियम होते हैं। पुलिस मनमाने तरीके से घर या व्यक्ति की तलाशी नहीं ले सकती है। तलाशी की पूरी प्रक्रिया आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CrPC/BNSS) के तहत तय होती है। बिहार में आब तक कहां पुलिस पर हमला हुआ मोकामा शूटआउट में भी आया था सोनू-मोनू का नाम सोनू-मोनू गैंग पहले भी अनंत सिंह को चुनौती दे चुके हैं। नौरंगा गोलीकांड में अनंत सिंह और दोनों गैंगस्टर भाइयों को जेल भी जाना पड़ा था। 22 जनवरी 2025 की शाम अनंत सिंह के समर्थकों और गैंगस्टर सोनू-मोनू के बीच 100 राउंड फायरिंग हुई थी। ग्रामीणों की माने तो शाम साढ़े 4 बजे अनंत सिंह पहुंचे थे, जिसके बाद गोलियां चलीं। अनंत सिंह का कहना था, ‘सोनू-मोनू से उनके आदमी बात करने गए तो उन्होंने फायरिंग की।’ हालांकि उस गांव वालों ने यह भी कहा था कि अनंत सिंह खुद भी फायरिंग कर रहे थे। आखिर किस विवाद को लेकर हुई थी फायरिंग वो समझिए अनंत सिंह ने बताया, ‘ईंट-भट्ठे पर 14 हजार की सैलरी पर काम करने वाले मुंशी मुकेश कुमार के पास सोनू-मोनू बकाया पैसा मांगने पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों ने मुंशी के साथ मारपीट की और उसे घर से बाहर करके ताला लगा दिया था।’ अनंत सिंह पंचायती कराने गए थे। इस दौरान अनंत सिंह के समर्थकों ने सोनू-मोनू से कहा, 'मुकेश के घर का ताला खोल दो, लेकिन वे नहीं माने।' इसके बाद अनंत सिंह अगले दिन अपने समर्थकों के साथ फिर से नौरंगा गांव में विवाद सुलझाने पहुंचे। तभी फायरिंग हुई। बाद में अनंत गुट ने भी गोलियां चलाईं। इस मामले में अनंत सिंह को सरेंडर कर बेउर जेल जाना पड़ा था। सोनू ने सरेंडर किया तो उसे फुलवारीशरीफ जेल भेजा गया था। अभी अनंत और सोनू दोनों जमानत पर हैं। सोनू-मोनू पर 8 संगीन केस दर्ज हैं। छोटे सरकार कहे जाते हैं जदयू विधायक अनंत सिंह अनंत सिंह मोकामा से 5वीं बार विधायक बने हैं। वो इस बार जदयू की टिकट पर विधानसभा पहुंचे हैं। मोकामा को अनंत सिंह का गढ़ कहा जाता है। फिलहाल अनंत सिंह दुलारचंद हत्याकांड में बेऊर जेल में बंद हैं। बिहार विधानसभा चुनाव के वक्त दुलारचंद की हत्या हुई थी। इस मामले में अनंत सिंह को पुलिस ने अरेस्ट किया था।
बेगूसराय में भीषण गर्मी का असर अब मुर्गा पालन व्यवसाय पर भी पड़ने लगा है। सदर प्रखंड में पिछले कई दिनों से तापमान 41 डिग्री सेल्सियस से अधिक बना हुआ है, जिससे दर्जनों पोल्ट्री फार्म प्रभावित हुए हैं। नुकसान की आशंका के चलते कई संचालकों ने नए चूजे डालना बंद कर दिया है, जिसके कारण कई फार्म खाली पड़े हैं। सदर प्रखंड के रजौरा, चिलमिल, नीमा, चांदपूरा, कुसमौत और परना सहित कई ग्रामीण इलाकों में स्थित पोल्ट्री फार्म इस गर्मी की चपेट में हैं। अत्यधिक तापमान और उमस के कारण कई फार्मों में मुर्गियों की मौत की खबरें भी सामने आ रही हैं, जिससे कारोबारियों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। पोल्ट्री फार्म संचालक तनवीर, पंकज कुमार, सोनू कुमार और अंशु कुमार ने बताया कि तापमान नियंत्रित करने के लिए दिनभर पानी के फुहारे चलाए जा रहे हैं और रातभर पंखे चलाने पड़ रहे हैं। इसके बावजूद मुर्गियों को स्वस्थ रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है। बढ़ती गर्मी के कारण चारा, दवा और बिजली पर खर्च काफी बढ़ गया है, जबकि मुर्गियों की मौत और उत्पादन में कमी से हजारों रुपये का नुकसान हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे स्तर पर पोल्ट्री पालन करने वाले किसानों पर इस गर्मी का सबसे अधिक असर पड़ा है। कई संचालकों ने नुकसान कम करने के लिए फिलहाल नए चूजे डालना बंद कर दिया है। व्यवसायियों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक तापमान में कमी नहीं आई, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है, जिससे लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा। इसके परिणामस्वरूप चिकन की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका भी जताई जा रही है। जानकारों के अनुसार, अत्यधिक गर्मी के दौरान पोल्ट्री फार्म में पर्याप्त वेंटिलेशन, ठंडे पानी की उपलब्धता और नियमित निगरानी बेहद आवश्यक है। लापरवाही से मुर्गियों में बीमारी फैलने और उनकी मौत का खतरा तेजी से बढ़ सकता है।
इस महोत्सव ने मुझे मेरी जड़ों की याद दिला दी। इसने मेरे मन में अपने राज्य, उसके संगीत, भोजन और भक्ति के प्रति गौरव को फिर से जगा दिया है- यह उत्तर प्रदेश नहीं, बल्कि वास्तव में 'उत्तम प्रदेश' है। बेंगलुरु में पिछले 10 वर्षों से कार्यरत यूपी के एक इंजीनियर के ये बोल बयां करने के लिए काफी हैं कि दक्षिण भारत में आयोजित हुआ 'उत्तर प्रदेश महोत्सव' किस कदर लोगों के दिलों में उतर गया। इस सप्ताह, उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के सहयोग से आयोजित इस चार दिवसीय भव्य महोत्सव का आर्ट ऑफ लिविंग (AOL) अंतरराष्ट्रीय केंद्र में अत्यंत उत्साह के साथ समापन हुआ। उत्तर और दक्षिण भारत के बीच बना 'सांस्कृतिक सेतु' यह महोत्सव वैश्विक आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर के उस विजन को समर्पित था, जिसका उद्देश्य संस्कृतियों को एक सूत्र में पिरोना और लोक स्मृति से ओझल हो रही कलाओं, वस्त्रों व लोक संगीत को एक बड़ा मंच देना है। चार दिनों तक पूरा आश्रम उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिकता, कलात्मक धरोहर, स्वादिष्ट व्यंजनों और कालजयी परंपराओं के अनूठे उत्सव में डूबा रहा। खचाखच भरी सांस्कृतिक संध्याओं से लेकर यूपी सरकार की 'एक जिला एक उत्पाद' (ODOP) प्रदर्शनी तक, यह आयोजन विशेष रूप से युवाओं और जिज्ञासु खरीदारों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बना रहा। कथक से 'सीता स्वयंवर' और मथुरा की 'फूलों की होली' ने मोहा मन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत पद्मश्री विजेता श्रीमती उर्मिला श्रीवास्तव की लोक धुनों के साथ हुई, जिन्होंने पूर्वांचल की माटी की सौंधी सुगंध को बेंगलुरु में जीवंत कर दिया। बनारस घराने के विख्यात स्वर, पद्म भूषण पंडित साजन मिश्र की आत्मा को झंकृत कर देने वाली प्रस्तुति ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक और ध्यानमयी आयाम से जोड़ दिया। सुप्रसिद्ध कथक नृत्यांगना आरती नाटू के नेतृत्व में लखनऊ के कलाकारों ने 'सीता स्वयंवर' की भव्य प्रस्तुति दी। वहीं, गीतांजलि और उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत मथुरा की प्रसिद्ध 'फूलों की होली' ने दर्शकों को ब्रज के उत्सवपरक रंग और उत्साह से सराबोर कर दिया। ODOP स्टालों पर उमड़ी युवाओं की भीड़, गुरुदेव ने की तारीफ महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण उत्तर प्रदेश सरकार का ओडॉप (ODOP) प्रदर्शनी क्षेत्र रहा। लखनऊ की बारीक चिकनकारी, वाराणसी की उत्कृष्ट रेशमी बनारसी साड़ियां, भदोही के हस्तनिर्मित कालीन और कन्नौज के विश्वप्रसिद्ध इत्र के स्टालों पर युवाओं की भारी भीड़ देखी गई। युवाओं ने न सिर्फ जमकर खरीदारी की, बल्कि शिल्पकारों से संवाद कर उनके हुनर को सराहा। महोत्सव के दौरान गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर ने स्वयं सभी ओडॉप स्टालों का दौरा किया। उन्होंने कारीगरों से बातचीत कर उनके बेहतरीन काम की भूरि-भूरि प्रशंसा की, जिससे दूर-दराज से आए शिल्पकारों का मनोबल और उत्साह सातवें आसमान पर पहुंच गया। गोरखपुर की सुशीला से लेकर फर्रुखाबाद के वेद विद्यार्थियों तक की सहभागिता इस महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए उत्तर प्रदेश से हजारों किसान, युवा और ग्रामीण महिलाएं बेंगलुरु पहुंची थीं। इनमें से कई लोगों ने पहली बार अपने राज्य से बाहर कदम रखा था। गोरखपुर से आईं स्वयंसेविका सुशीला ने अपना अनुभव साझा करते हुए भावुक होकर कहा, जीवन में पहली बार मैंने अपने खुद के पैसों से ट्रेन का टिकट खरीदा है। यहाँ आकर मुझे जो असीम शांति और अपनापन मिला है, उसे मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकती। इसके अलावा, फर्रुखाबाद गुरुकुल से आए शुक्ल यजुर्वेद की शिक्षा ग्रहण कर रहे 31 वेद विद्यार्थियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की आध्यात्मिक आभा को और गहरा कर दिया। यह आयोजन पारंपरिक भक्ति, आधुनिक कला और युवा जिज्ञासा का एक अनूठा संगम साबित हुआ।
मध्यप्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को तबादले के बाद समय पर रिलीव नहीं किए जाने का मामला सामने आया है। अगस्त 2025 में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा किए गए तबादलों के बावजूद कई अधिकारी नौ-नौ महीने तक पुराने पदस्थापना स्थल पर ही कार्य करते रहे, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। अब सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने सख्त कदम उठाते हुए चार राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों को एकपक्षीय रूप से कार्यमुक्त कर दिया है। विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह कार्रवाई 20 मई से प्रभावी मानी जाएगी। तत्काल कार्यभार संभालने के निर्देश जीएडी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल नई पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा गया है कि कार्यभार संभालने के बाद इसकी सूचना सामान्य प्रशासन विभाग को भेजना अनिवार्य होगा। सूत्रों के मुताबिक जिन अधिकारियों को एकतरफा रिलीव किया गया है, उनमें अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारी शामिल हैं। विभाग ने संबंधित कलेक्टरों को भी निर्देश जारी किए हैं कि यदि आदेश के बाद भी अधिकारी पुराने स्थान पर कार्य करते पाए गए तो उनका वेतन आहरित नहीं किया जाएगा। प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को अनुशासनात्मक सख्ती के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि लंबे समय से लंबित रिलीविंग के कारण जिलों में प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे थे, जिसके चलते विभाग को यह कदम उठाना पड़ा। नौ माह से रिलीव नहीं हुए ये अफसर
चंडीगढ़ के पॉश सेक्टर-9 मार्केट में सरेआम शराब का लंगर लगाने के मामले में सेक्टर-3 थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राजेश सचदेवा के खिलाफ FIR दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने FIR में लिखा है कि शराब ठेके के बाहर खुलेआम लोगों को नई शराब ब्रांड को प्रमोट करने के लिए शराब पिलाई जा रही थी। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई। वीडियो में शराब ठेके के बाहर स्टॉल लगाकर लोगों को बर्फ के गोलों यानी चुस्की में वोदका मिलाकर मुफ्त में बांटते देखा गया। बताया जा रहा है कि यह वीडियो खुद शराब ठेकेदार की ओर से इंस्टाग्राम पर अपलोड किया गया था, जिसे विवाद बढ़ने के बाद डिलीट कर दिया गया। हालांकि, तब तक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका था। कई घंटे चलता रहा शराब का लंगर शराब का यह लंगर कई घंटों तक चलता रहा, लेकिन पुलिस और प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी। हैरानी की बात यह है कि जहां यह पूरा आयोजन चल रहा था, वहां से करीब 300 मीटर की दूरी पर चंडीगढ़ पुलिस मुख्यालय, चंडीगढ़ प्रशासक गुलाबचंद कटारिया का कार्यालय, डीजीपी और एसएसपी कार्यालय मौजूद हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड होने के बाद भी तुरंत कार्रवाई नहीं हुई। जब मामला मीडिया में प्रमुखता से चला और विवाद बढ़ा, तब जाकर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किया। जामुन चुस्की में मिलाई गई वोदका जानकारी के अनुसार, सेक्टर-9 स्थित शराब ठेके के बाहर एक प्रमोशनल स्टॉल लगाया गया था। यहां लोगों को जामुन फ्लेवर वाली बर्फ की चुस्की दी जा रही थी, जिसमें वोदका मिलाई गई थी। वीडियो में बड़ी संख्या में लोग स्टॉल के आसपास खड़े दिखाई दिए और कई लोग हाथों में शराब वाली चुस्की लिए नजर आए। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि मौके पर शराब की बोतलें भी बांटी गईं या सिर्फ चुस्की के जरिए शराब परोसी गई। सोशल मीडिया पर VIDEO डालकर किया प्रमोशन पुलिस ने बताया कि शराब ठेकेदार ने नए शराब ब्रांड के प्रमोशन के लिए यह आयोजन किया था। वीडियो में स्टॉल पर युवाओं की भीड़ दिखाई दे रही थी। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने आबकारी नियमों और सार्वजनिक स्थान पर शराब परोसने को लेकर सवाल उठाए थे।
फतेहाबाद जिले में नाबालिग बालिका के अपहरण और रेप के मामले में एडीजे कोर्ट ने आरोपी को कड़ी सजा सुनाते हुए 20 साल के कठोर कारावास और 2 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने जुर्माने की राशि में से 1 लाख रुपए पीड़िता को मुआवजा देने और 1 लाख रुपए सरकारी खजाने में जमा कराने के आदेश दिए हैं। एडीजे अमित गर्ग की कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए टिप्पणी की, कि आरोपी ने नाबालिग पीड़िता का जीवन तबाह करने से पहले एक पल के लिए भी नहीं सोचा। मामले में पैरवी जिला न्यायवादी देवेंद्र मित्तल और सहायक जिला न्यायवादी नवदीप ने की। जून 2024 में दी थी शिकायत जिला न्यायवादी देवेंद्र मित्तल ने बताया कि 28 जून 2024 को थाना सदर फतेहाबाद में नाबालिग के परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई गई थी। परिजनों ने उनकी नाबालिग बेटी के घर से लापता होने और किसी युवक द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका जताई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने धारा 363 और 366 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान 31 जुलाई 2024 को नाबालिग बालिका को राजस्थान से बरामद किया गया। अनुसंधान में आरोपी विक्रम उर्फ रोकी की संलिप्तता सामने आने पर उसे गिरफ्तार किया गया। मेडिकल रिपोर्ट, पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले में रेप और पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई। मामले की सुनवाई के दौरान गवाहों की ठोस गवाही और भौतिक साक्ष्यों को आधार मानते हुए कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया। जानिए…किस धारा में कितनी सजा कोर्ट ने आरोपी विक्रम उर्फ रोकी को दोषी करार देते हुए आईपीसी की धारा 363 के तहत 7 साल कठोर कारावास व 50 हजार रुपए जुर्माना, धारा 366 के तहत 10 साल कठोर कारावास व 50 हजार रुपए जुर्माना, धारा 4(2) पॉक्सो एक्ट के तहत 20 साल कठोर कारावास व 50 हजार रुपए जुर्माना तथा धारा 6 पॉक्सो एक्ट के तहत 20 साल कठोर कारावास व 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
सोनभद्र के समाजवादी छात्र सभा के जिला उपाध्यक्ष एवं पूर्व छात्र संघ मंत्री दीपू शर्मा ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में अपर जिलाधिकारी (एडीएम) रमेश चंद्र को ज्ञापन सौंपा। इसमें ग्राम पंचायत कोटा के विभिन्न आदिवासी बहुल टोलों और मजरों में पेयजल एवं विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की गई है। शर्मा ने बताया कि शासन द्वारा संचालित “हर घर जल योजना” और विद्युत योजनाओं का लाभ आज भी ग्राम पंचायत कोटा के कई दूरस्थ क्षेत्रों तक नहीं पहुंच पाया है। भीषण गर्मी के इस दौर में ग्रामीण दूषित जल स्रोतों, चूहाड़ और नालों का पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। दीपू शर्मा ने जानकारी दी कि ग्राम पंचायत कोटा के मनीजराडंडी, बसुधा, सरपतवा, हेठुआ, जुड़वानी और बरसौना जैसे टोले आज भी शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था से वंचित हैं। उनके अनुसार, “हर घर जल योजना” केवल कागजों में संचालित दिखाई दे रही है, जबकि जमीनी हकीकत चिंताजनक है। इसी प्रकार, मनीजराडंडी, मझौली, हड़हाखोली, सनातडण्डी, हेठुआ, धवाईडण्डी, खरदलडण्डी, सलइबनवा पूर्वी और बसुधा पश्चिमी जैसे टोले आजादी के दशकों बाद भी बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। दीपू शर्मा ने कहा कि यह विडंबनापूर्ण है कि जिस जनपद सोनभद्र की बिजली आधे भारत को रोशन करती है, वहीं के आदिवासी ग्रामीण आज भी अंधेरे में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। उन्होंने एडीएम रमेश चंद्र से मांग की कि सभी प्रभावित टोलों और मजरों में तत्काल स्थलीय जांच कराकर “हर घर जल योजना” के अंतर्गत शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, विद्युत विभाग को निर्देशित कर शीघ्र विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि आदिवासी ग्रामीणों को भी मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल सके। इस अवसर पर राकेश कुमार, दीपक चौधरी, तुलसीदास, दीपक, सोनू अशोक सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।
रायपुर में सकल जैन संघ छत्तीसगढ़ और अखिल भारतीय खरतरगच्छ श्वेतांबर महासंघ के तत्वावधान में 16 से 18 जून तक बूढ़ा तालाब रोड स्थित इंडोर स्टेडियम में तीन दिवसीय “आचार्य पदारोहण, सहस्त्रावधान-तपस्या महोत्सव” आयोजित किया जाएगा। आयोजन समिति के प्रचार प्रभारी अजय मालू ने बताया कि 31 मई को दादाबाड़ी में पत्रिका लेखन कार्यक्रम और गुरु भगवंतों का चतुर्विध संघ मंगल प्रवेश होगा। महोत्सव का मुख्य आकर्षण प्रवर विनय कुशल मुनिजी म.सा. को “आचार्य पदवी” से विभूषित किया जाना रहेगा। बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में पहली बार किसी जैन मुनि को आचार्य पदवी प्रदान की जाएगी। मोहनलालजी म.सा. संप्रदाय की परंपरा में 71 वर्षों बाद हो रहे इस आयोजन को लेकर जैन समाज में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। तीन दिवसीय महोत्सव में धार्मिक अनुष्ठान, अभिषेक, महापूजन, संवेदना कार्यक्रम और आचार्य पदारोहण विधि आयोजित की जाएगी। 16 जून को वृहद शांतिधारा अभिषेक, 504 जोड़ों द्वारा सूरीमंत्र महापूजन और आदिनाथ पंच कल्याणक पूजा का आयोजन होगा। शाम को परमात्मा भक्ति संध्या आयोजित की जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। मुंबई के प्रसिद्ध कलाकार देंगे जैन भक्ति संगीत की प्रस्तुति 17 जून को 22 आगमों के ज्ञाता 13 साल के बाल ब्रह्मचारी हंसभद्र मुनिजी की ओर से “श्रुत-ज्ञान का चमत्कार सहस्त्रावधान” कार्यक्रम पेश किया जाएगा। वहीं शाम को “महावीर सा मुझको बन जाना है” थीम पर मुंबई के प्रसिद्ध कलाकार ऋषभ-संभव जैन भक्ति संगीत की प्रस्तुति देंगे। 18 जून को सुबह 6 बजे से आचार्य पदारोहण विधि प्रारंभ होगी। तप साधना भी आकर्षण का केंद्र महोत्सव में तप साधना भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। तप चक्रवर्ती विराग मुनिजी म.सा. 141 उपवास की साधना पूर्ण कर चुके हैं। आयोजन समिति के संरक्षक विधायक राजेश मूणत, अध्यक्ष सुनील पारख, महासचिव अशोक कांकरिया, अशोक बराडिया और कोषाध्यक्ष बसंत झाबक सहित कई पदाधिकारी तैयारियों में जुटे हैं। समिति ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
रायसेन किले पर बाघ का मूवमेंट दिखने के बाद वन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फिलहाल किले में लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। वन विभाग के कर्मचारी 44 डिग्री सेल्सियस के भीषण तापमान में सुबह से शाम तक किले के रास्तों पर तैनात रहकर निगरानी कर रहे हैं और लोगों को ऊपर जाने से रोक रहे हैं। वन विभाग ने किले तक जाने वाले तीन प्रमुख मार्गों पर सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी लगाई है। वार्ड क्रमांक-1 नरापुरा सीढ़ी मार्ग पर चार वनकर्मी तैनात किए गए हैं, जबकि चोपड़ा स्थित वाहन मार्ग पर भी एक कर्मचारी लगातार नजर रख रहा है। ये कर्मचारी सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक डटे रहकर पर्यटकों को बाघ के मूवमेंट की जानकारी दे रहे हैं। मदागंज क्षेत्र में पानी पीते कैमरे में कैद हुआ बाघतीन दिन पहले किले पर बाघ का मूवमेंट होने की सूचना मिली थी। इसके बाद एसडीओ सुधीर पटले और रेंजर प्रवेश पाटीदार ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जांच की, जहां उन्हें बाघ के पगमार्क (पैरों के निशान) मिले। इसके बाद वन विभाग ने इलाके में तीन से चार ट्रैप कैमरे लगाए। किले के सामने मदागंज क्षेत्र स्थित जल स्रोत पर लगे कैमरे में बाघ कैद हो गया। बताया जा रहा है कि बाघ सीढ़ियों वाले हिस्से से उतरकर पानी पीने पहुंचा था। अमरावत क्षेत्र में भी बाघ का मूवमेंट जारीट्रैप कैमरे में बाघ की तस्वीर सामने आने के बाद वन विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है। पर्यटकों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाने के साथ ही जवानों की तैनाती बढ़ा दी गई है। इसके अलावा अमरावत क्षेत्र में भी बाघ का मूवमेंट लगातार बना हुआ है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम इलाके की सतत मॉनिटरिंग कर रही है। देखिए तस्वीरें…

