छिंदवाड़ा जिले में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश के ऊपर बने ऊपरी हवा के चक्रवातीय परिसंचरण, ट्रफ लाइन और बंगाल की खाड़ी से मिल रही नमी के कारण जिलेभर में घने बादल छाए हुए हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान हर्रई और अमरवाड़ा में झमाझम बारिश हुई, जबकि जिले के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुककर बारिश का दौर चलता रहा। मौसम विभाग ने बुधवार को भी जिले के कई इलाकों में तेज बारिश की संभावना जताई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। अब तक 345.7 मिमी औसत बारिश, पिछले साल से करीब 119 मिमी कम जिले की सामान्य औसत वर्षा 1059 मिमी मानी जाती है। इसके मुकाबले इस मानसून सीजन में अब तक 345.7 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि तक 464.5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई थी। यानी इस बार अब तक औसत बारिश करीब 119 मिमी कम है। वहीं बीते 24 घंटे में जिले में 21.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई। हर्रई में सबसे ज्यादा बरसे बादल भू-अभिलेख विभाग के अनुसार सोमवार सुबह से मंगलवार सुबह तक हर्रई में सबसे अधिक 94.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा अमरवाड़ा में 40.2 मिमी, उमरेठ में 32.4 मिमी, चौरई में 24.2 मिमी, चांद में 16.4 मिमी, परासिया में 11.4 मिमी, जुन्नारदेव में 8.6 मिमी, बिछुआ में 8.4 मिमी, छिंदवाड़ा में 3.8 मिमी और मोहखेड़ में 0.5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। बारिश में सबसे पीछे छिंदवाड़ा ब्लॉक इस मानसून सीजन में सबसे कम बारिश छिंदवाड़ा तहसील में दर्ज की गई है। यहां अब तक केवल 217.4 मिमी वर्षा हुई है। वहीं सबसे अधिक 493.9 मिमी बारिश चांद विकासखंड में रिकॉर्ड की गई। अब तक विकासखंडवार औसत वर्षा (मिमी में) मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे तक जिले में मानसूनी गतिविधियां बनी रहेंगी। कुछ स्थानों पर तेज बारिश और गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से नदी-नालों के आसपास नहीं जाने की सलाह दी है।
अमरोहा न्यायालय ने घर में घुसकर तमंचे के बल पर किशोरी से दुष्कर्म के दोषी बाल अपचारी को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। फैसला सुनाए जाने के समय दोषी जमानत पर बाहर था, जिसे तत्काल हिरासत में लेकर बाल सुधार गृह भेज दिया गया। यह पूरा मामला सैदनगली थानाक्षेत्र के एक गांव का है। 30 जून 2023 की रात किसान और उनकी पत्नी खेत पर फसल की सिंचाई करने गए थे। इस दौरान उनकी 16 वर्षीय नाबालिग बेटी घर पर अकेली थी। इसी का फायदा उठाकर गांव का ही रहने वाला बाल अपचारी चुपके से घर में घुस आया। उसने नाबालिग किशोरी को तमंचा दिखाकर डराया-धमकाया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। देर रात जब किशोरी के माता-पिता खेत से वापस लौटे, तो पीड़िता ने रोते हुए अपने साथ हुई पूरी घटना बताई। इसके बाद किसान ने तुरंत सैदनगली थाने पहुंचकर तहरीर दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बाल अपचारी के खिलाफ घर में घुसकर दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस ने आरोपी बाल अपचारी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जहां से उसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूतों के साथ न्यायालय में आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट प्रथम की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक रतनलाल लोधी ने प्रभावी ढंग से पैरवी की और अदालत के समक्ष मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए। मंगलवार को मामले की अंतिम सुनवाई पूरी करते हुए न्यायालय ने प्रस्तुत गवाहों और सबूतों के आधार पर बाल अपचारी को दोषी माना। अदालत ने उसे 20 साल के कारावास की सजा सुनाई और 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी के विरोध में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने रात में ही विभिन्न जिला मुख्यालय और तहसील पर विरोध प्रदर्शन किया। औरैया शहर में सदर तहसील में सपा जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ। इसमें लालजी शुक्ला, प्रभाकर पांडे, रश्मि यादव सहित दर्जनों सपा नेता शामिल हुए। इसके अतिरिक्त, खानपुर चौराहे पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मोहम्मद इरशाद के नेतृत्व में भी प्रदर्शन किया गया। इस दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजवीर यादव, पल्लवी पाल और शोभित यादव सहित कई सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। सपा जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जिस तरह से छात्रों पर अत्याचार कर रही है, वह चिंताजनक है। उन्होंने इसे छात्र हितों को दबाने का प्रयास बताया।
दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं और उन्हें समर्थन देने पहुंचे विभिन्न दलों के नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में एटा में समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। सपा मुखिया अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में दर्जनों सपा पदाधिकारी माया पैलेस चौराहे पर हाथ में तख्तियां और पार्टी का झंडा लेकर सड़क पर उतरे। सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। इस दौरान सपाइयों ने समाजवादी पार्टी जिंदाबाद, जो हमसे टकराएगा वह चूर-चूर हो जाएगा और हर जोर जुल्म की टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन के बाद सपा नेता वापस अपने घरों को चले गए। मंगलवार देर रात करीब 11:30 बजे, विधानसभा सदर अध्यक्ष विनोद यादव के नेतृत्व में दर्जनों सपा कार्यकर्ता फिर से एकत्रित हुए। उन्होंने जंतर मंतर पर हुए लाठीचार्ज और सपा मुखिया की गिरफ्तारी का विरोध जताया। इस दौरान महासचिव भूपेंद्र प्रजापति और अन्य कार्यकर्ताओं के साथ जिला पंचायत गेट के सामने से लेकर पंडित दीन दयाल उपाध्याय चौक तक पैदल मार्च निकाला गया। कार्यकर्ताओं ने हाथ में तख्तियां ले रखी थीं, जिन पर नीट परीक्षार्थियों की पीड़ा और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग लिखी थी। इन तख्तियों के माध्यम से सपाइयों ने अपना विरोध प्रदर्शन किया। विधानसभा अध्यक्ष विनोद यादव ने इस दौरान कहा कि वे पार्टी मुखिया अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की गिरफ्तारी तथा छात्र-छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज का विरोध करते हैं। उन्होंने सरकार द्वारा की गई इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने यह भी बताया कि डिंपल भाभी को भी चोट आई है। पार्टी पदाधिकारी भूपेंद्र प्रजापति ने कहा कि दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों द्वारा किया जा रहा विरोध प्रदर्शन और संसद के बाहर किया गया लाठीचार्ज बेहद निंदनीय है। उन्होंने मांग की कि उनके नेता को रिहा किया जाए, छात्रों की मांगों को माना जाए और शिक्षा मंत्री को हटाया जाए। यह प्रदर्शन करीब 12:30 बजे समाप्त हुआ।
सवाई माधोपुर में विकास के दावों की पोल खोलने वाला मामला सामने आया है। श्मशान घाट में टीनशैड नहीं होने से एक युवक का अंतिम संस्कार तिरपाल की लगाकर किया गया। मामला सवाई माधोपुर के बंधा गांव का है। जानकारी के अनुसार एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई थी, जब अंतिम संस्कार किया जा रहा था। उस समय बारिश आ गई। टीनशेड नहीं होने से तिरपाल लगाकर मृतक का अंतिम संस्कार किया गया। तिरपाल लगाकर अंतिम संस्कार किया दरअसल, बंधा गांव निवासी हनुमान मीणा की बिजली का करंट लगने से मौत हो गई। परिजनों और ग्रामीणों ने नम आंखों से उनका अंतिम संस्कार करने की तैयारी की, लेकिन बरसात ने मुश्किलें बढ़ा दीं। गांव के श्मशान घाट पर टीन शेड नहीं होने के कारण बारिश के बीच अंतिम संस्कार करना ग्रामीणों के लिए बेहद कठिन हो गया। बारिश से चिता भीगने लगी तो ग्रामीणों ने तिरपाल पकड़कर किसी तरह चिता को बचाया और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की। ग्रामीणों ने की टीन शेड लगाने की मांग ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट पर टीन शेड और अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग ग्राम पंचायत से कई बार की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। हर बरसात में अंतिम संस्कार के दौरान ऐसी ही परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब ग्रामीणों ने श्मशान घाट पर शीघ्र टीन शेड और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी परिवार को ऐसी पीड़ा का सामना न करना पड़े।
यमुनानगर के सिविल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में एडमिट घायल बहन और जीजा का हालचाल जानने पहुंचे दो भाइयों पर हमले का मामला सामने आया है। पीड़ितों का आरोप है कि आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से हमला किया, अस्पताल में मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर उन्हें बचाया। इतना ही नहीं आरोपी जाते समय जान से मारने की धमकी देकर एक मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गए। पीड़ितों का कहना है कि आरोपी पहले से ही अस्पताल में मौजूद थे। सिटी थाना पुलिस ने मामले में चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बहन व जीजा को घर में घुसकर पीटा शिकायतकर्ता नदीम निवासी गांव ताजेवाला हेड ने बताया कि शनिवार की रात करीब 11:30 बजे उसकी बहन आशीफा निवासी जैधर का फोन आया। बहन ने बताया कि किसी बात को लेकर कहासुनी में परवेज, सद्दाम, समीर और आबिद उनके घर में जबरन घुस आए और उसके साथ-साथ उसके पति (नदीम के जीजा) के साथ बुरी तरह मारपीट की है। बहन के फोन के बाद वह अपने भाई मनसूर अली के साथ तुरंत बहन के ससुराल गांव जैधर पहुंचा। वहां पहुंचने पर पता चला कि घायल बहन और उसके जीजा को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल, यमुनानगर ले जाया गया है। इसके बाद दोनों भाई भी तुरंत अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में 20-25 युवकों ने किया हमला नदीम ने कहा कि रात करीब 12:30 बजे जब वह सरकारी अस्पताल पहुंचा तो उसने देखा कि उसके जीजा के सिर पर गंभीर चोटें थीं, जबकि उसकी बहन के होंठ और बाजू पर भी चोट के निशान थे। इसी दौरान अस्पताल में पहले से मौजूद परवेज, सद्दाम, समीर, आबिद तथा उनके साथ आए 20-25 अन्य लोगों ने उस पर और उसके भाई मनसूर अली पर जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। दोनों भाइयों के साथ अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मारपीट की गई। शोर-शराबा होने पर अस्पताल में मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर उन्हें छुड़वाया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि हमलावर जाते समय उसे और उसके भाई को जान से मारने की धमकी देकर गए तथा उसके जीजा के भाई का मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गए। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सीहोर जिले में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। पिछले 24 घंटे के दौरान जिलेभर में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली। भू-अभिलेख विभाग की 22 जुलाई को जारी दैनिक वर्षा रिपोर्ट के अनुसार जिले में औसतन 2.24 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। सबसे अधिक वर्षा बुधनी तहसील में हुई, जहां 4.49 इंच (करीब 4.5 इंच) पानी दर्ज किया गया। लगातार हो रही बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंची है, जिससे खरीफ फसलों को संजीवनी मिली है। वहीं नदी-नालों, तालाबों और अन्य जलस्रोतों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। किसानों ने बारिश को खेती के लिए लाभदायक बताया है और धान सहित अन्य खरीफ फसलों के कार्यों में तेजी आ गई है। बुधनी, रेहटी और भैरूंदा में हुई अच्छी बारिश भू-अभिलेख विभाग के अनुसार जिले के विभिन्न वर्षामापी केंद्रों पर अलग-अलग मात्रा में वर्षा दर्ज की गई। बुधनी में सबसे अधिक 4.49 इंच, रेहटी में 3.31 इंच, भैरूंदा में 2.68 इंच, इछावर में 2.56 इंच, श्यामपुर में 2.07 इंच, सीहोर शहर में 1.38 इंच, आष्टा में 0.79 इंच तथा जावर में 0.63 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। इस सीजन में अब तक 16.98 इंच वर्षा जिले में 1 जून से 22 जुलाई तक कुल 16.98 इंच औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। पिछले वर्ष इसी अवधि तक 17.76 इंच बारिश हुई थी। इस प्रकार इस वर्ष का वर्षा आंकड़ा भी पिछले साल के लगभग बराबर पहुंच गया है। यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो जिले में सामान्य वर्षा का स्तर जल्द ही पार होने की संभावना है। अगले 48 घंटे के लिए भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और मध्य भारत में सक्रिय मानसूनी प्रणाली तथा कम दबाव का क्षेत्र प्रदेश में बारिश को बढ़ावा दे रहा है। इसके प्रभाव से सीहोर सहित आसपास के जिलों में अगले 2 से 3 दिनों तक रुक-रुककर बारिश होती रहेगी। विभाग ने जिले के लिए अगले 48 घंटों का मध्यम से भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक, तेज बौछारें और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी लगातार बारिश के कारण नदी-नालों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ने लगा है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से नदी-नालों को पार नहीं करने, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने और खराब मौसम में सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। किसानों को भी मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है।
वाराणसी जनपद के बड़ागांव थाना क्षेत्र के भरतपुर इलाके में ऑनलाइन सोना और नोटों की गड्डियां दिखाकर लोगों को झांसे में लेने वाले साइबर ठगों के गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य को मंगलवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया है। जबकि उसके दो साथी मौके से फरार हो गए। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। मामले का खुलासा नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज शिकायत की जांच के दौरान हुआ। दरअसल, बड़ागांव थाने के भरतपुर स्थित एक साइबर कैफे संचालक रिकी रोशन ने शिकायत की थी कि 17 जुलाई को उनके बैंक खाते में 15,300 रुपए का संदिग्ध ट्रांजैक्शन हुआ था। इसके बाद बैंक ने उनका खाता होल्ड कर फ्रीज कर दिया था। जांच में सामने आया कि 17 जुलाई को एक युवक क्यूआर कोड के जरिए ऑनलाइन भुगतान दिखाकर कैफे संचालक से नकद रुपए ले गया था। उसके बाद ही रिकी के खाते पर यह कार्रवाई की गई थी। इसी बीच मंगलवार शाम करीब 6 बजे वही युवक दोबारा साइबर कैफे पहुंचा और ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने के बाद नकदी मांगने लगा। युवक को देखकर कैफे संचालक उसे पहचान गया और शोर मचा दिया। शोर सुनकर आसपास के लोगों ने उसे पकड़ लिया जबकि उसके साथ आए दो अन्य युवक मौके से भाग गए। सूचना पर पहुंची बड़ागांव थाने की उपनिरीक्षक खुशबू सिंह ने पुलिस टीम के साथ आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसकी पहचान जौनपुर जिले के रामपुर थाना क्षेत्र के गोपालापुर निवासी 40 वर्षीय आलोक सिंह के रूप में हुई। आरोपी ने बताया कि वह अपने साथी हेमंत सिंह और सतीश सिंह के साथ मिलकर लोगों को ऑनलाइन सोना और नोटों की गड्डियां दिखाकर ठगी करता था। बताया जा रहा है कि 17 जुलाई को भी आरोपियों ने एक व्यक्ति को ऑनलाइन सोना दिखा कर 85 हजार रुपए की ठगी की थी। ठगी से 85 हजार रुपए को ही वे साइबर कैफे के माध्यम से नकद कराने के लिए साइबर कैफे पर पहुंचे थे। पुलिस ने आलोक सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहि की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं, फरार आरोपियों हेमंत और सतीश की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। जल्द ही उनको गिरफ्तार करने की बात कही जा रही है।
पंजाब-चंडीगढ़ अपडेट्स:फिल्लौर में चलती रोडवेज का टायर फटा, सवारी की टांग टूटी, कई चोटिल
जालंधर के फिल्लौर में सरकारी प्राइमरी स्कूल गांव भटियां के पास मंगलवार रात करीब 8 बजे पंजाब रोडवेज की बस का टायर फटने से कई यात्री घायल हो गए। यात्री रणजीत सिंह की टांग टूट गई। सड़क सुरक्षा फोर्स के प्रभारी सरबजीत सिंह ने बताया कि राहगीर से सूचना मिलने के बाद उनकी टीम तुरंत मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि पंजाब रोडवेज की बस लुधियाना से जालंधर जा रही थी। गांव भटियां के पास पहुंचते ही बस का टायर अचानक फट गया, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो गया। पूरी खबर पढ़िए…
रोहतक के गांव रिठाल में गवर्नमेंट स्कूल के स्टूडेंट क्लास छोड़कर सड़क पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया। स्कूली स्टूडेंटों ने कहा कि हड़ताल करना उनका शौक नहीं, बल्कि मजबूरी है। क्योंकि जंतर मंतर पर अपनी आवाज उठा रहे युवाओं के साथ पुलिस ने आतंकवादियों जैसा व्यवहार किया है। स्कूल के स्टूडेंटों ने कहा कि जंतर मंतर पर युवा अपनी समस्याओं को लेकर गए थे, जिनका जवाब सरकार को देना चाहिए। आए दिन हो रहे पेपर लीक व बढ़ती बेरोजगारी के कारण युवाओं का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। प्रजातंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार सबको है, लेकिन उनके साथ दिल्ली पुलिस ने बर्बरता की, जिसका पूरे देश में विरोध हो रहा है। सुबह क्लास की बजाय सड़क पर बैठ गए छात्रगांव रिठाल के सरकारी स्कूल के स्टूडेंट सुबह क्लास में जाने की बजाय वर्दी में ही स्कूल के बाहर सड़क पर बैठे नजर आए। छात्रों को सपोर्ट करने के लिए ग्रामीण भी पहुंच गए। स्टूडेंट सड़क पर बैठकर लगातार नारेबाजी करते रहे और शिक्षक भी केवल उन्हें देखते रहे। सरकार अपनी हठधर्मिता पर कायमगांव रिठाल के पूर्व सरपंच व किसान मजदूर संगठन हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष उमेद सिंह ने कहा कि सरकार अपनी हठधर्मिता पर कायम है। जंतर मंतर पर युवाओं का हुजुम था, जो सरकार ने पेपर लीक व बेरोजगारी के मुद्दे पर जवाब मांग रहा है, लेकिन सरकार जवाब देने की बजाय उन पर लाठियां व आंसू गैस के गोले चलवा रही है, जैसे वह आतंकवादी हो। किसानों को कल बनाए रखा बंधक उमेद सिंह ने कहा कि दिल्ली के किसान घाट पर कल महापंचायत बुलाई गई थी, लेकिन पुलिस ने सुबह से ही किसान नेताओं को उनके घर पर ही बंधक बना लिया। हाउस अरेस्ट करके उन्हें दिल्ली जाने से रोका गया। वह भारत देश के नागरिक है और प्रजातंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन सरकार डरी हुई है और उनके आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है। जंतर मंतर पर युवाओं के साथ हुआ गलत व्यवहार उमेद सिंह ने कहा कि जंतर मंतर पर युवा अपनी बात रखने के लिए एकत्रित हुए थे और केंद्र सरकार में मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे थे। लेकिन सरकार के आदेश पर दिल्ली पुलिस ने युवाओं के साथ अमानवीय व्यवहार किया। काफी युवा गंभीर रूप से जख्मी हुए है।
मैहर सिविल अस्पताल में अव्यवस्थाओं और साफ-सफाई की कमी को लेकर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी बिदिशा मुखर्जी ने सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज शुक्ला और सिविल सर्जन डॉ. एस.बी. अवधिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस मंगलवार शाम को जारी किया गया। नोटिस के मुताबिक, 8 जुलाई को डिप्टी कलेक्टर द्वारा अस्पताल का निरीक्षण किया गया था। इस निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था असंतोषजनक पाई गई। साथ ही, अस्पताल संचालन से संबंधित कई अन्य गंभीर अनियमितताएं भी सामने आईं। कलेक्टर ने नोटिस जारी कर मांगा जबाब कलेक्टर ने दोनों अधिकारियों को तीन दिन के भीतर सभी कमियों को दूर करने और सुधारों के साथ अपना दिया है। नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब और सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर की इस पहल को जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही सुनिश्चित करने और सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सतना जिला अस्पताल के पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीकू) में अव्यवस्थाएं गंभीर रूप लेती नजर आ रही हैं। वार्ड में लगे चार कैसेट एयर कंडीशनर (एसी) में से दो लंबे समय से खराब पड़े हैं, जिसके चलते गंभीर रूप से भर्ती बच्चों को उमस और गर्मी के बीच इलाज कराना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि बच्चों को राहत पहुंचाने के लिए उनके परिजन हाथ के पंखों से हवा करने को मजबूर हैं। पीडियाट्रिक आईसीयू में भर्ती अधिकांश बच्चे गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं, जिन्हें नियंत्रित तापमान और संक्रमण मुक्त वातावरण की आवश्यकता होती है। लेकिन एसी बंद होने से वार्ड का तापमान बढ़ गया है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। 12 बेड की क्षमता, भर्ती हैं 18 बच्चे अस्पताल के पीडियाट्रिक आईसीयू की क्षमता केवल 12 बेड की है, जबकि वर्तमान में यहां 18 बच्चों का उपचार चल रहा है। क्षमता से अधिक मरीज भर्ती होने के कारण पहले से ही वार्ड पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में दो एसी बंद होने से हालात और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। अधिक मरीजों की मौजूदगी के कारण वार्ड में उमस बढ़ गई है, जिससे बच्चों के साथ-साथ उनके परिजनों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हाथ के पंखों से बच्चों को राहत देने की कोशिश वार्ड में मौजूद परिजनों का कहना है कि एसी बंद होने के कारण बच्चों को गर्मी और बेचैनी हो रही है। कई परिजन अपने बच्चों को राहत देने के लिए हाथ के पंखों से लगातार हवा कर रहे हैं। डॉक्टरों के राउंड के दौरान भी परिजन लगातार एसी की खराबी की शिकायत कर रहे हैं और जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग कर रहे हैं। कोरोना काल में बना था पीकू वार्ड पीडियाट्रिक आईसीयू का निर्माण कोरोना महामारी के दौरान बच्चों के गंभीर उपचार के लिए किया गया था। उसी समय वार्ड में चार आधुनिक कैसेट एसी लगाए गए थे, ताकि गंभीर मरीजों को नियंत्रित तापमान में इलाज मिल सके। सूत्रों के अनुसार, कुछ दिन पहले भी एसी में तकनीकी खराबी आई थी, जिसे ठीक कराया गया था। हालांकि अब एक बार फिर दो एसी बंद हो गए हैं, जिससे वार्ड की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन ने मरम्मत का दिया भरोसा अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि पीकू में लगे चार कैसेट एसी में से दो फिलहाल खराब हैं। उनकी मरम्मत के लिए संबंधित एजेंसी को शिकायत भेज दी गई है और जल्द ही दोनों एसी ठीक कराने का प्रयास किया जा रहा है। प्रबंधन का दावा है कि वार्ड में अन्य पंखे चल रहे हैं और मौसम में पहले की तुलना में कुछ ठंडक होने के कारण स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। हालांकि परिजनों का कहना है कि गंभीर रूप से बीमार बच्चों के लिए केवल पंखे पर्याप्त नहीं हैं और एसी जल्द चालू किए जाने चाहिए, ताकि उन्हें बेहतर इलाज का वातावरण मिल सके।
छात्रवृत्ति घोटाले में स्कूल प्रबंधक गिरफ्तार:इटावा में 18 साल पुराने मामले में EOW ने लिया एक्शन
वर्ष 2008 के चर्चित छात्रवृत्ति घोटाले का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) ने मामले में कार्रवाई करते हुए मंगलवार को एक निजी विद्यालय के प्रबंधक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद करीब 18 साल पुराने इस प्रकरण की जांच फिर चर्चा में है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2008 में कक्षा 1 से 10 तक के छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति नकद वितरित की जाती थी। आरोप है कि इसी व्यवस्था का लाभ उठाकर जिले के 27 विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों ने छात्रवृत्ति वितरण में अनियमितताएं कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया। मामला सामने आने के बाद संबंधित विद्यालयों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। जांच के दौरान सामने आया कि जिन 27 विद्यालयों के नाम जांच में शामिल थे, उनमें से अधिकांश अब अस्तित्व में नहीं हैं। करीब 10 महीने पहले आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन ने जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को पत्र भेजकर इन विद्यालयों के तत्कालीन प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों के नाम, पते और मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने को कहा था। इसके बाद शिक्षा विभाग ने जिला स्तर पर जांच कराई, लेकिन न तो संबंधित विद्यालय धरातल पर मिले और न ही उनके तत्कालीन प्रबंधकों व प्रधानाचार्यों का कोई पता चल सका। मोबाइल नंबर और अन्य संपर्क संबंधी जानकारी भी उपलब्ध नहीं हो सकी। विभाग ने यही रिपोर्ट आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन को भेज दी। इसी जांच के क्रम में मंगलवार को आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन ने संत बीडीएस पब्लिक स्कूल, मानिकपुर मोड़ के प्रबंधक लाल सिंह, निवासी बेसरमऊ रोड, को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। जिला विद्यालय निरीक्षक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि संगठन ने सितंबर में संबंधित विद्यालयों और उनके प्रबंधकों व प्रधानाचार्यों की जानकारी मांगी थी। विभागीय जांच में कोई भी विद्यालय संचालित नहीं मिला और न ही संबंधित लोगों का पता चल सका। उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पूरी रिपोर्ट आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन को भेज दी गई थी। अब संगठन अपनी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रहा है।
बदायूं के कादरचौक थाना क्षेत्र के बखतपुर गांव में हुए दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने खुलासा किया है। मुठभेड़ में गिरफ्तार 25 हजार रुपए के इनामी आरोपी वीर सिंह ने बताया कि जमीन की बिक्री से मिलने वाली रकम में आधी हिस्सेदारी मांगने पर उसने अपनी बहन और भांजे की हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, वीर सिंह ने करीब साढ़े तीन साल पहले अलापुर थाना क्षेत्र के खिरियारहलू गांव में एक जमीन खरीदी थी। इस जमीन के बैनामे में उसकी बहन संतोष देवी और भांजा आकाश केवल गवाह थे, उनका जमीन पर कोई कानूनी स्वामित्व नहीं था। जांच में सामने आया कि लगभग एक महीने पहले वीर सिंह ने यह जमीन बेचने की प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान संतोष देवी और आकाश ने कथित तौर पर बिक्री की रकम में आधी हिस्सेदारी की मांग की। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने इसका विरोध किया, क्योंकि जमीन उसकी निजी संपत्ति थी। इसके बाद से परिवार में विवाद लगातार बढ़ता गया। पुलिस का कहना है कि 15 जुलाई की रात इसी विवाद को लेकर कहासुनी हुई। आरोप है कि गुस्से में वीर सिंह ने पहले भांजे आकाश को गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बीच-बचाव करने आईं बहन संतोष देवी को भी उसने गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल संतोष देवी ने 17 जुलाई को सैफई मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद से फरार वीर सिंह पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। मंगलवार को भदरौल तिराहे के पास पुलिस मुठभेड़ में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने जमीन के लेन-देन और हिस्सेदारी के विवाद को ही वारदात की मुख्य वजह बताया है। पुलिस मामले के अन्य पहलुओं पर भी जांच कर रही है।
रायसेन जिले में मानसून ने लगातार दूसरे दिन भी रफ्तार बनाए रखी। आधी रात से शुरू हुई बारिश बुधवार सुबह तक रुक-रुककर जारी रही। लगातार हो रही वर्षा से जिले के खेत पानी से लबालब भर गए हैं और किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। मौसम विभाग ने बुधवार दोपहर के बाद जिले में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। लगातार बारिश के चलते जिले के खेतों में पर्याप्त पानी भर गया है। करीब 500 फीट की ऊंचाई से देखने पर धान के खेत पानी से भरे नजर आए, जिससे चारों ओर हरियाली की मनमोहक तस्वीर दिखाई दी। सदलपुर और आसपास की पहाड़ियों से झरने भी बहने लगे हैं, जिससे क्षेत्र का प्राकृतिक सौंदर्य और निखर गया है। धान की रोपाई में जुटे किसान बारिश के बाद किसानों ने कृषि कार्यों में तेजी ला दी है। बुधवार सुबह से ही किसान ट्रैक्टर और कृषि उपकरण लेकर खेतों में पहुंच गए। कई स्थानों पर धान की रोपाई का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। खेतों में कीचड़ तैयार होने के बाद मजदूर और किसान पौध रोपने में जुटे हुए हैं। किसानों का कहना है कि समय पर हुई बारिश से धान की फसल को बड़ा फायदा मिलेगा और इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद बढ़ गई है। नदी-नाले और तालाबों का जलस्तर बढ़ा लगातार बारिश का असर जिले के नदी-नालों और तालाबों पर भी दिखाई देने लगा है। कई छोटे जलस्रोतों में पानी की आवक बढ़ गई है, जिससे जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय बाद अच्छी बारिश होने से पेयजल और सिंचाई की स्थिति में भी सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। भारी बारिश का अलर्ट जारी मौसम विभाग के अनुसार, जिले में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। दोपहर के बाद कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। बिजली गिरने और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए लोगों को अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर नहीं जाने की सलाह दी गई है। अब तक 12.14 इंच औसत वर्षा जिला भू-अभिलेख विभाग के अनुसार, 1 जून से 21 जुलाई तक रायसेन जिले में 308.37 मिलीमीटर (12.14 इंच) औसत वर्षा दर्ज की गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 588.8 मिलीमीटर (23.18 इंच) बारिश हुई थी। यानी इस वर्ष अब तक जिले में पिछले साल की तुलना में काफी कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। हालिया बारिश में गैरतगंज में सर्वाधिक 4.65 इंच और उदयपुरा में 4.29 इंच वर्षा दर्ज की गई। तहसीलवार वर्षा का आंकड़ा भू-संसाधन प्रबंधन विभाग के अनुसार 1 जून से 21 जुलाई तक विभिन्न वर्षामापी केंद्रों पर दर्ज वर्षा इस प्रकार रही— लगातार हो रही बारिश से किसानों को खरीफ सीजन में बेहतर उत्पादन की उम्मीद है। वहीं मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटे तक मानसून के सक्रिय बने रहने की संभावना जताई है, जिससे जिले में वर्षा का सिलसिला जारी रह सकता है।
लखनऊ में भाजपा ब्लॉक प्रमुख के भतीजे की चोरी हुई भैंस को पुलिस ने 48 घंटे में खोज निकाला। 150 सीसीटीवी कैमरे खंगालकर पुलिस आरोपी तक पहुंची। आरोपी को गिरफ्तार करके ब्लॉक प्रमुख के भतीजे की भैंस समेत चोरी की 2 भैंस बरामद की। ब्लॉक प्रमुख ने पुलिस टीम की सराहना की। पूरी टीम को सम्मानित किया। घटना निगोहां थाना क्षेत्र के पश्चिम गांव की है। 19 जुलाई को चोरों ने गांव निवासी ब्लॉक प्रमुख ओम प्रकाश शुक्ला के भतीजे अभिषेक शुक्ला और उनके पड़ोसी वंश दीपक अवस्थी की 1-1 भैंस चोरी की थी। सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपी तक पहुंची पुलिस घटना की पुलिस ने FIR दर्ज करके छानबीन शुरू की थी। 5 पुलिसकर्मियों ने घटना स्थल से लेकर आसपास के इलाकों के 150 सीसीटीवी कैमरे खंगाले। इसके जरिए पुलिस चोरों तक पहुंची। 21 जुलाई को 1 आरोपी को जंगल-मंगल चौराहे के पास से गिरफ्तार किया। उसकी पहचान बाराबंकी निवासी राजन के रूप में हुई। उसकी निशानदेही पर चोरी हुईं भैंसें बरामद हुईं। पूछताछ में उसने बताया कि साथियों दिलीप उर्फ छोटू और देवराज के साथ मिलकर भैंसें चोरी की थी। पुलिस उसके दोनों साथियों की तलाश कर रही है। शातिर अपराधी है गिरफ्तार आरोपी पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी राजन शातिर अपराधी है। वह अपने साथियों के साथ चोरी और लूट करता है। गांजा की तस्करी करता है। उसके खिलाफ चोरी, लूट और एनडीपीएस एक्ट सहित 5 मुकदमे दर्ज हैं। मामले के सफल खुलासे और भैंसों की बरामदगी पर ब्लॉक प्रमुख ओम प्रकाश शुक्ला ने निगोहां पुलिस टीम की सराहना की। उन्होंने थानाध्यक्ष निगोहां रवींद्र कुमार और मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को अंगवस्त्र और मां विंध्यवासिनी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया। पुलिस टीम में एसआई कुलदीप कुमार व चंदन यादव और कांस्टेबल रोहित, जावेंद्र व रजकरन शामिल रहे। इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर पीड़ित परिवार को बड़ी राहत दिलाई है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश दिया है। इस दौरान मोनू शुक्ला, करन शुक्ला, आशीष त्रिपाठी, देवांश शुक्ला, अभय दीक्षित, अर्जुन शुक्ला, जावेद तिवारी सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
बस्ती में सरयू नदी का जलस्तर लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। मंगलवार को नदी का जलस्तर स्थिर दर्ज किया गया, लेकिन नेपाल से पानी छोड़े जाने के कारण इसमें किसी भी समय फिर से बढ़ोतरी होने की आशंका है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार, मंगलवार शाम पांच बजे सरयू नदी का जलस्तर 91.88 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु से 25 सेंटीमीटर ऊपर है।नदी के बढ़ते जलस्तर से माझा क्षेत्र के विक्रमजोत, दुबौलिया और कुदरहा ब्लॉक के लगभग 10 से 15 गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। कई स्थानों पर नदी आबादी के करीब पहुंच गई है, जिससे कटान की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीण रातभर जागकर नदी की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। प्रशासन ने भी तटबंधों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए निगरानी तेज कर दी है।दुबौलिया क्षेत्र के निचले इलाकों में नदी का पानी तेजी से फैल रहा है। सुबिका बाबू, अशोकपुर और देवरारगंगबरार सहित कई गांवों के खेत जलमग्न हो चुके हैं। पशुपालकों को मवेशियों के लिए चारा नाव के सहारे लाना पड़ रहा है। हालांकि, अभी तक इस क्षेत्र से कटान की कोई सूचना नहीं मिली है। वहीं, कटरिया-चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर से खलवा गांव तक करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में नदी का दबाव बना हुआ है, जहां बाढ़ खंड की टीम लगातार निगरानी कर रही है।उधर, कुदरहा क्षेत्र में कलवारी-रामपुर तटबंध की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि तटबंध पर बने रेनकट समय रहते नहीं भरे गए, जिसके परिणामस्वरूप बारिश के बाद कई नए गहरे गड्ढे बन गए हैं। मईपुर, मदरहवा पुरवा, महुआपार कला व खुर्द और टेंगरिया राज जैसे तटबंध विहीन गांवों पर बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तटबंध की तत्काल मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
दौसा में बीते कई दिनों से रूक-रूक कर बारिश का दौर जारी है। वहीं जिले के कई इलाकों में बुधवार सुबह से रिमझिम बारिश से मौसम पूरी तरह सुहावना बना हुआ है। साथ ही लोगों को गर्मी और उमस से भी राहत मिली है। हवाओं में ठंडक घुल गई है। हालांकि अभी तक हुई छितराई बारिश होने से बांधों में पानी की आवक नहीं हुई है। ऐसे में लोगों को जिलेभर में समानांतर बारिश होने की उम्मीद है। खरीफ फसलों के लिए संजीवनी बारिश की बूंदें अन्नदाताओं के लिए भी राहत लेकर आई हैं। दो सप्ताह इंतजार के बाद शुरू हुई बारिश खरीफ फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी। जिससे किसानों को अच्छी पैदावार की उम्मीद है। जलभराव की समस्या से लोग परेशान बारिश के चलते गांवों के रास्तों में जलभराव की स्थिति बन गई। शहरों में भी खाली पड़े प्लॉटों में भी बारिश का पानी जमा हो गया। जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर पानी भरने और फिसलन के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा है। 18 जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग की ओर से बारिश का अलर्ट जारी किया हुआ है। दौसा समेत अजमेर, नागौर, जयपुर, टोंक, सवाई माधोपुर, भरतपुर, खैरथल-तिजारा, बूंदी, कोटा, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, पाली, बारां, झालावाड़, उदयपुर एवं सिरोही जिलों तथा आस-पास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्के से मध्यम मेघगर्जन के साथ अचानक तेज हवाएँ 30-40 किमी/घंटा तथा हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से 20 सितंबर 2026 को प्रस्तावित एसआई भर्ती-2021 के री-एग्जाम में आवेदन करने वाले सभी कैंडिडेट्स शामिल हो सकेंगे। एग्जाम में शामिल होने के इच्छुक सभी कैंडिडेट्स के आवेदन फार्म अपडेट करने की आज (22 जुलाई-रात 12 बजे तक) लास्ट डेट है। पूर्व में अपडेट कर चुके कैंडिडेट्स को दोबारा संशोधन की जरूरत नहीं होगी। बता दें कि इस भर्ती परीक्षा के लिए 7 लाख 97 हजार कैंडिडेट्स ने आवेदन किया था। 3 लाख 83 हजार 97 कैंडिडेट्स पिछले एग्जाम में शामिल हुए थे। एग्जाम रद्द होने के बाद फिर से एग्जाम कराने का निर्णय हुआ तो केवल पहले एग्जाम में शामिल होने वाले लोगों को ही मौका दिया। री-एग्जाम के लिए इन 3.83 लाख कैंडिडेट्स को पहले भरे गए आवेदन पत्रों में सुधार और अपडेट करने का अवसर दिया गया था। इसमें 1 लाख 53 हजार ने ही रुचि दिखाई। दो लाख 30 हजार कैंडिडेट्स ने किनारा कर लिया। इसके बाद आयोग की ओर से सभी को आवेदन फार्म में सुधार व अपडेट करने का मौका दिया। कैंडिडेट्स को आवेदन में ये अपडेट करने होंगे आयोग के अनुसार- आवेदन अपडेट करने से पहले कैंडिडेट्स को अपने वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) में केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसमें लाइव फोटो, अंगूठे का निशान और हस्ताक्षर अपलोड करना अनिवार्य रहेगा। इसके बाद आवेदन में संशोधन कर स्वघोषणा पत्र स्वीकार करते हुए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी से सत्यापन करना होगा। यह प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। कैंडिडेट्स एसएसओ आईडी से लॉगिन कर माय रिक्रूटमेंट सेक्शन में जाकर आवेदन अपडेट कर सकते हैं। जिनका ओटीआर नई एसएसओ आईडी में माइग्रेट हो चुका है, वे फेच एप्लीकेशन फॉर्म विकल्प का उपयोग कर सकेंगे। यदि आवेदन ट्रांसफर में तकनीकी समस्या आती है तो कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। परीक्षा का सिलेबस भी 22 मई 2026 को जारी प्रेस नोट के अनुसार रहेगा। आवेदन में केवल मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, पत्राचार का पता, लाइव फोटो, अंगूठे का निशान और हस्ताक्षर ही बदले जा सकेंगे। आयु, शैक्षणिक योग्यता और आरक्षण जैसी मूल जानकारी में कोई बदलाव नहीं होगा। यह निर्णय राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ के 2 जुलाई 2026 के अंतरिम आदेश के बाद लिया गया है। आयोग ने कहा है कि 2021 भर्ती के सभी कैंडिडेट्स को फिलहाल अनंतिम रूप से री-एग्जाम में शामिल होने की अनुमति दी गई है। हालांकि, ओटीआर में उपयोग किए गए फोटो, हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान के उपयोग की सहमति देकर ओटीपी सत्यापन के साथ आवेदन फाइनल सब्मिट करना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने वाले कैंडिडेट्स का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। एसआई भर्ती-2021 में बड़ी गिरफ्तारियां… 1. पूर्व RPSC मेंबर और बेटे-बेटी अरेस्ट- सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती-2021 पेपर लीक मामले में RPSC के पूर्व सदस्य रामूराम राईका, उसके बेटे देवेश राईका और शोभा राईका की भी गिरफ्तारी हुई थी। देवेश राईका और शोभा राईका को जमानत मिल चुकी है। रामूराम राईका को 4 जुलाई 2018 को तत्कालीन बीजेपी सरकार (वसुंधरा राजे सरकार) के दौरान RPSC का मेंबर बनाया गया था। राईका 4 जुलाई 2022 तक मेंबर रहा था। रामूराम राईका अब भी जेल में है। 2. बाबूलाल कटारा से रामूराम राईका ने लिया था पेपर: सीनियर टीचर पेपर लीक मामले में गिरफ्तार निलंबित RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा भी SI भर्ती पेपर लीक में शामिल था। रामूराम राईका ने एसओजी को बताया था कि वह अपने बेटे-बेटी के लिए बाबूलाल कटारा से पेपर लेकर आया था। 3. पूर्व सीएम गहलोत के PSO भी अरेस्ट: पूर्व सीएम अशोक गहलोत के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) राजकुमार यादव और उसके बेटे भरत यादव को भी एसओजी ने गिरफ्तार किया था। राजकुमार यादव ने बेटे के लिए पेपर खरीदा था। इसके बाद अपने दूधवाले को भी पेपर बेचा था। आरोपी राजकुमार 8 अगस्त 2025 को पकड़ा गया था।
फिरोजाबाद में अखिलेश यादव की गिरफ्तारी का विरोध:सपा कार्यकर्ताओं ने रात 1 बजे तक दिया धरना
फिरोजाबाद में समाजवादी पार्टी ने मंगलवार को जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत सपा सांसदों की दिल्ली में हुई गिरफ्तारी के विरोध में था। देर शाम शुरू हुआ यह प्रदर्शन रात करीब एक बजे तक जारी रहा। धरने के दौरान सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र व भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला बताया। जसराना विधायक इंजीनियर सचिन यादव और शिकोहाबाद विधायक डॉ. मुकेश वर्मा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता इस प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। उनका कहना था कि शांतिपूर्ण विरोध कर रहे जनप्रतिनिधियों के साथ किया गया व्यवहार निंदनीय है और लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है। सपा नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की। सपा नेताओं ने कहा कि सरकार शिक्षा और युवाओं के मुद्दों पर जवाब देने के बजाय विपक्ष का दमन कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की कार्रवाई जारी रही तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।धरना-प्रदर्शन को देखते हुए जिला मुख्यालय पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात रहे। देर रात तक चले प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे, हालांकि पूरे कार्यक्रम के दौरान स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही।
झारखंड लोक सेवा आयोग एक बार फिर अपने इतिहास के सबसे बड़े भरोसे के संकट से गुजर रहा है। एक ओर पहली और दूसरी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा समेत कुल 11 नियुक्ति परीक्षाओं की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है। वहीं यह जांच अभी पूरी भी नहीं हुई थी कि हाल ही में आयोजित आधा दर्जन नई नियुक्ति परीक्षाएं भी सवालों के घेरे में आ गई हैं। लगातार सामने आ रहे मामलों ने आयोग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिससे अभ्यर्थियों के बीच असंतोष बढ़ता जा रहा है। मेरिट से लेकर मूल्यांकन तक में विवाद पिछले करीब दो दशकों में आयोग की 11 नियुक्ति परीक्षाएं अलग-अलग तरह की अनियमितताओं के आरोपों के कारण जांच एजेंसियों और अदालतों के दायरे में आ चुकी हैं। कभी मेरिट सूची में हेरफेर के आरोप लगे, तो कभी उत्तर पुस्तिकाओं में छेड़छाड़ की बात सामने आई। कई बार ओएमआर शीट और मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठे। वहीं आयोग के पदाधिकारियों और प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों के चयन को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ। अब जब पुरानी सीबीआई जांच और नई परीक्षा से जुड़े विवाद एक साथ सामने आ रहे हैं, तो आयोग की विश्वसनीयता पर फिर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। निगरानी ब्यूरो ने खोली भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियों की परत जेपीएससी की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आने के बाद शुरुआती जांच तत्कालीन राज्य निगरानी ब्यूरो ने शुरू की थी। जांच के दौरान मेरिट सूची में बदलाव, उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़छाड़, प्राप्तांक बढ़ाने और चयन प्रक्रिया में हस्तक्षेप जैसे आरोप सामने आए। बुद्धदेव उरांव सहित अन्य जनहित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान झारखंड हाईकोर्ट ने आरोपों को गंभीर माना और पहली-दूसरी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा सहित कई मामलों की जांच सीबीआई को सौंप दी। इस तरह की गड़बड़ियों आई है सामने इन भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई कर रही जांच इन परीक्षाओं पर उठे सवाल यूपी का विवाद भी चर्चा में आया शिकायतकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश की प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मामलों का हवाला देते हुए एजेंसी के पुराने रिकॉर्ड की जांच के घेरे में रहा है। जिस एजेंसी को झारखंड में संवेदनशील जिम्मेदारियां मिली हैं, उसका नाम पहले भी यूपी भर्ती परीक्षा विवादों में आ चुका है। इसी आधार पर एजेंसी चयन प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच तथा तकनीकी ऑडिट की मांग की गई है। एग्जाम पर उठे ये सवाल वन टाइम रजिस्ट्रेशन, ऑनलाइन आवेदन, एडमिट कार्ड, प्रश्नपत्र प्रिंटिंग, ओएमआर एवं उत्तर पुस्तिका प्रिंटिंग, ओएमआर स्कैनिंग, ऑनलाइन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम), रिजल्ट प्रोसेसिंग यानी पूरी परीक्षा श्रृंखला एक ही एजेंसी के नियंत्रण में होने की शिकायत मिली है। इसके अलावा कट-ऑफ सार्वजनिक नहीं करना, सदस्यों द्वारा परिणाम पर हस्ताक्षर नहीं करना विवाद शामिल है। अफसरों के परिजनों के चयन की चर्चाओं के बीच जांच की मांग विवाद के बीच अब अभ्यर्थियों के बीच एक नई चर्चा जोर पकड़ रही है। विभिन्न प्रतियोगी समूहों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह दावा किया जा रहा है कि कई वरिष्ठ अधिकारियों के बेटे-बेटियों और करीबी रिश्तेदारों का भी चयन हुआ है। इसे लेकर अभ्यर्थी खुलकर सवाल उठा रहे हैं और पूरी चयन प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। पहली-दूसरी सिविल सेवा परीक्षा में 107 आरोपी सीबीआई ने वर्ष 2012 में जांच शुरू की। जांच शुरू होने के करीब 12 वर्ष बाद एजेंसी ने दोनों मामलों में अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की गई। पहली सिविल सेवा परीक्षा में तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. दिलीप प्रसाद, आयोग के सदस्य, परीक्षा नियंत्रक समेत 37 लोगों को आरोपी बनाया गया। वहीं दूसरी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में 70 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
अयोध्या जिले में मानसून सक्रिय रहने से मौसम सुहाना बना हुआ है। जिले में 24 घंटों में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.8 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.5 डिग्री नीचे है। मौसम में नमी बढ़ने से अधिकतम सापेक्षिक आर्द्रता 92 प्रतिशत और न्यूनतम 72 प्रतिशत दर्ज की गई। वहीं सरयू नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर के 27 सेमी ऊपर पहुंच गया है, हालांकि खतरे के निशान से 73 सेमी नीचे है। कर्तनिया घाट बैराज और गिरिजा बैराज से घाघरा (अयोध्या में सरयू) नदी में पानी छोड़े जाने के बाद सरयू नदी के जलस्तर में तेजी के साथ बढ़ोत्तरी हो रही है। इससे अयोध्या, गोंडा, बस्ती समेत अनेक जनपदों के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पिछले 24 घंटों में नदी के जलस्तर में 10 सेमी का इजाफा हुआ है। जलस्तर समुद्र तल से 92 मीटर पर पहुंच गया है। जो चेतावनी स्तर 91.73 मीटर से 27 सेमी अधिक है। वहीं खतरे के निशान से महज 73 सेमी नीचे है। पहाड़ों पर हो रही मुसलाधार बारिश के चलते आने वाले दिनों में नदी के जलस्तर में और इजाफा होने की पूरी संभवना है। ऐसे में जिला प्रशासन बाढ़ से राहत की तैयारियों में जुट गया है। 24.8 मिमी बारिश ने बढ़ाई ठंड आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज के मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में 24.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। दक्षिण-पूर्वी दिशा से 3.8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के कारण मौसम अपेक्षाकृत ठंडा बना रहा और लोगों को उमस से राहत मिली। अगले 24 घंटे का पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार आगामी 24 घंटों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में मध्यम बादल छाए रहने के साथ हल्की वर्षा होने की संभावना है। किसानों और आम लोगों को मौसम में बदलाव को देखते हुए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
ब्यावर के जवाजा थाना क्षेत्र के कोटड़ा गांव में मंगलवार रात फायरिंग की घटना से सनसनी फैल गई। अज्ञात हमलावरों की गोली से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए राजकीय अमृतकौर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, कोटड़ा निवासी जय सिंह मंगलवार को अपनी दुकान की ओर जा रहे थे। इसी दौरान 2 बाइकों पर सवार 5 युवक वहां पहुंचे। आरोप है कि इनमें से एक युवक ने जय सिंह पर गोली चला दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। घायल को अजमेर किया रेफरघटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण घायल जय सिंह को तत्काल ब्यावर स्थित राजकीय अमृतकौर अस्पताल ले गए। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार शुरू किया गया। हालांकि, गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें अजमेर रेफर कर दिया गया है। सूचना मिलने पर जवाजा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। आरोपियों की तलाश के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। प्रारंभिक जांच में पुलिस फायरिंग के पीछे के कारणों का पता लगाने में जुटी है। कोटड़ा गांव में माहौल तनावपूर्णघटना के बाद कोटड़ा गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। पुलिस क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बरत रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के बीच जन सुराज पार्टी के नेताओं ने पटना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के प्रदेश सचिव रवि नारायण सिंह ने दावा किया कि पुलिस ने उनके होटलों और पार्टी कार्यकर्ताओं के ठिकानों पर लगातार छापेमारी की। इस दौरान पुराने गेस्ट रजिस्टर की मांग की गई। होटल सील करने और जेल भेजने की धमकी भी दी। दैनिक भास्कर से बातचीत में रवि नारायण सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी संस्थापक प्रशांत किशोर के ठहरने वाले होटल तक में पुलिस पहुंची और कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने होटल का डिटेल मांगा प्रदेश सचिव रवि नारायण सिंह के मुताबिक, सुबह 10 से 11 के बीच सबसे पहले स्पेशल सेल से फोन आया कि डिटेल चाहिए। हमने बताया कि पार्टी डिटेल देगी। इसके बाद पुलिस की ओर से जवाब आया कि हमें आपके होटल का डिटेल चाहिए। इसके बाद हमने डिटेल देने से मना किया। फिर पुलिस 19 जुलाई को हमारे होटल पहुंची और पुराने गेस्ट का डिटेल मांगी, लेकिन हमारे पास वह डिटेल उस वक्त उपलब्ध नहीं था। मैंने कहा कि हम 10 दिनों के बाद होटल की डिटेल उपलब्ध कराएंगे, क्योंकि रजिस्टर दूसरे ऑफिस में है और बहुत पहले का मामला है। इसीलिए इसका डिटेल मिलना मुश्किल है। मैंने उन्हें आश्वासन भी दिया कि हम आपको डिटेल निकालकर जरूर भेज देंगे। रजिस्टर देने से मना किया तो सील करने की दी धमकी- रवि नारायण सिंह रवि नारायण सिंह के मुताबिक, जब रजिस्टर का डिटेल देने से मना किया, तब पुलिस वालों ने धमकी दी कि आपके होटल को हम पीयू में डालेंगे और घटनास्थल बनाएंगे। मुझे उस वक्त समझ में नहीं आया कि आखिर मामला क्या है? पुलिस वालों ने होटल सील करने की धमकी दी। रवि नारायण सिंह ने आगे बताया, ‘मैंने उनसे साफ-साफ कहा कि हमारे होटल में कुछ गलत काम नहीं होता है। मुझे बस थोड़ा समय दीजिए। मैं आपको 10 दिनों के भीतर सारे रजिस्टर उपलब्ध करा दूंगा।’ सभी होटल पर की गई छापेमारी रवि नारायण सिंह ने बताया, ‘पुलिस वालों ने मेरे पूरे होटल की तालाशी ली, लेकिन उन्हें कुछ भी हाथ नहीं लगा। उसके बाद पुलिस की दूसरी यूनिट हमारे घर पहुंची। पुलिस वालों ने कहा कि आपके होटल में जो गेस्ट रुके हुए हैं, हमें उनकी तालाशी लेनी है। मेरे दो होटल हैं, दोनों ही होटल में पुलिस ने छापेमारी की।’ रवि नारायण सिंह का आरोप है कि छापेमारी के दौरान बुद्धा कॉलोनी थाना के इंचार्ज दिनेश सिंह का फोन उनके पास आया और उन्होंने कहा कि आपके पार्टी के पैदा हुए चार दिन भी नहीं हुए हैं। उनकी ओर से अपशब्दों का भी प्रयोग किया गया।' लगा जैसे किसी गुंडा से बात कर रहा हूं, थाना इंचार्ज से नहीं- रवि नारायण सिंह रवि नारायण सिंह ने आगे बताया, 'मैंने उनसे यह भी कहा कि आप हमें परेशान क्यों कर रहे हैं, साफ-साफ कहिए आप क्या कहना चाह रहे हैं। इसके बाद थाना इंचार्ज प्रशांत किशोर के खिलाफ उल्टी सीधी बातें कहने लगा। मुझे जेल में डालने तक की धमकी दी गई। काफी देर तक बहस भी हुई। मुझे ऐसा लगा कि मैं किसी गुंडा से बात कर रहा हूं, थाना इंचार्ज से नहीं। हमारे व्यापार को ठप करने की कोशिश की जा रही है। मुझे डर है कि पुलिस मुझे किसी बहाने से जेल भेज देगी।' जान से मारने की भी मिल रही धमकी रवि नारायण सिंह के मुताबिक, मुझे फोन पर भी लगातार धमकी भरे कॉल्स आ रहे हैं, जिसमें गोली से मारने की भी बात कही जा रही है। मैं बाहर निकलता हूं तो मेरी गाड़ी कभी पीछा किया जाता है, जिसकी वजह से मैंने अपने गाड़ी को भी बदल दिया है। उन्होंने कहा, ‘पुलिस लोगों के सुरक्षा के लिए होती है, लेकिन यहां सिर्फ गुंडागर्दी कर रही है। पुलिस हमें सुरक्षा नहीं दे रही, जिसकी वजह से हमें अपने गार्ड्स बढ़ाने पड़ रहे हैं।’ प्रशांत किशोर के होटल में भी पहुंची पुलिस की रेड होटल कैरोलिना पर 19 जुलाई रात में रेड डालने पुलिस पहुंची थी, जहां पर खुद प्रशांत किशोर रहते हैं, वहां पर तलाशी लेने की बात कही गई। तब उनकी ओर से तलाशी लेने से मना किया गया। प्रशांत किशोर उस वक्त सो रहे थे। पुलिस वाले काफी देर तक रुके, बहस भी हुई, उसके बाद पुलिस वहां से चली गई। जन सुराज कार्यकर्ताओं के ठिकानों पर छापेमारी रवि नारायण सिंह के मुताबिक, पुलिस लगातार जन सुराज के कार्यकर्ताओं के ठिकाने पर छापेमारी करने के लिए पहुंच रही है। जहां वार्ड नंबर 20 के जन सुराज के प्रभारी गब्बर सिंह के ऑफिस पर पुलिस पहुंची। वहां पर तालाशी लेने पर कुछ नहीं मिला, जिसके बाद पुलिस वहां से चली गई। इसके आलावा सारे होटल्स की चेकिंग की जा रही है। कल एक लड़के को डिटेन किया गया था। कल पुलिस सुजीत कुमार चंद्रवंशी के घर भी तालाशी लेने के लिए पहुंची थी, लेकिन वहां से कुछ भी हाथ नहीं लगने के बाद पुलिस चली गई।
सहरसा जिले के बनमा ईटहरी प्रखंड में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। वर्षों से पुराने भवन में संचालित बनमा ईटहरी थाना अब जल्द ही अपने नए और आधुनिक भवन में स्थानांतरित होगा। नए थाना भवन का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, जबकि परिसर की सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल का निर्माण अंतिम चरण में है। इसके पूर्ण होते ही नए भवन में थाना संचालन शुरू कर दिया जाएगा। यह नया थाना भवन आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया गया है। इसमें थाना प्रभारी कक्ष, कार्यालय, रिकॉर्ड रूम, हाजत, पूछताछ कक्ष और बैठक कक्ष सहित पुलिस कार्यों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इन सुविधाओं से पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा, वहीं फरियादियों को भी अपनी शिकायत दर्ज कराने और समाधान पाने में अधिक सुविधा होगी। पुराने भवन में सीमित जगह और संसाधनों के कारण पुलिस कार्यों के संचालन में कई व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। नए भवन में शिफ्ट होने के बाद कार्यों का निष्पादन अधिक व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से हो सकेगा। साथ ही, अभिलेखों के सुरक्षित रख-रखाव और प्रशासनिक कार्यों में भी सुधार आएगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि आधुनिक थाना भवन के शुरू होने से क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था और मजबूत होगी। इससे पुलिस और आम जनता के बीच समन्वय बेहतर होगा, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों का भरोसा बढ़ेगा तथा विभिन्न मामलों के निष्पादन में भी तेजी आने की उम्मीद है। थाना प्रभारी कुंदन कुमार सहनी ने बताया कि नए थाना भवन का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है तथा बाउंड्री वॉल का कार्य अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि जैसे ही शेष कार्य पूरा होगा, आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी
लखनऊ में अखिलेश के समर्थन में सपा का पोस्टर:अखिलेश की हिरासत के विरोध में तेज हुई सियासत
दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर विपक्षी दलों के प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के बाद बुधवार को राजधानी लखनऊ में सियासी हलचल तेज हो गई। समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं और नेताओं ने अखिलेश यादव एवं सांसद डिंपल यादव के समर्थन में बड़े-बड़े पोस्टर और होर्डिंग लगाए। पार्टी कार्यालय के बाहर सुबह से ही समर्थकों की आवाजाही बढ़ी रही और पूरे परिसर में समर्थन के संदेश वाले बैनर लगाए गए। दिल्ली की कार्रवाई के विरोध में पोस्टर अभियान सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कार्यालय के बाहर लगाए गए पोस्टरों के जरिए अखिलेश यादव के प्रति एकजुटता दिखाई। पोस्टरों में पार्टी नेतृत्व के समर्थन और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का संदेश दिया गया। नेताओं का कहना है कि दिल्ली में हुई कार्रवाई लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है और पार्टी इसका राजनीतिक व लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखेगी। विपक्ष के प्रदर्शन में शामिल थे अखिलेश यादव मंगलवार को अखिलेश यादव कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और विपक्ष के अन्य नेताओं के साथ प्रधानमंत्री आवास, 7 लोक कल्याण मार्ग के बाहर प्रदर्शन में शामिल हुए थे। यह प्रदर्शन संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और NEET-UG 2026 के कथित पेपर लीक मामले को लेकर आयोजित किया गया था। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेकर वहां से हटा दिया। NEET पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग विपक्षी दलों ने प्रदर्शन के दौरान NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कराने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। विपक्ष का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में हुई गंभीर चूक से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और सरकार इस मुद्दे पर जवाब देने से बच रही है। लखनऊ में बढ़ी राजनीतिक गतिविधियां दिल्ली की घटना के बाद लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी मुख्यालय पर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता लगातार कार्यालय पहुंचते रहे। समर्थकों ने अखिलेश यादव और डिंपल यादव के समर्थन में नारे लगाए और पोस्टर अभियान चलाकर पार्टी नेतृत्व के साथ एकजुटता का संदेश दिया। प्रदेश की राजनीति में बढ़ी हलचल सपा नेताओं ने कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए इस तरह की कार्रवाई की जा रही है, जबकि शांतिपूर्ण विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। वहीं, राजधानी लखनऊ में पार्टी कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर और होर्डिंग को सपा के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। दिल्ली की घटना के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर सियासी बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।
अलवर शहर के हनुमान सर्किल स्थित जेएस फोर व्हीलर कंपनी के गेट के पास मंगलवार शाम को दर्दनाक हादसा हो गया। पिकअप पर बॉडी चढ़ाते समय संतुलन बिगड़ने से ड्राइवर उसके नीचे दब गया। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाने पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, रामगढ़ निवासी मोनू नायक (35) ने करीब 15 दिन पहले अपनी पिकअप मरम्मत के लिए जेएस फोर व्हीलर कंपनी में दी थी। मंगलवार को कंपनी से काम पूरा होने की सूचना मिलने पर वह 4-5 साथियों के साथ पिकअप लेने पहुंचा था। इसी दौरान कंपनी परिसर के बाहर पिकअप पर बॉडी लगाने की तैयारी चल रही थी। अचानक तेज बारिश शुरू होने के कारण सामान संभालने की हड़बड़ी में भारी-भरकम बॉडी का संतुलन बिगड़ गया और वह मोनू के ऊपर जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। साथियों ने तुरंत मोनू को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दरभंगा में मंगलवार रात युवक की चाकू गोदकर हत्या हुई है। मर्डर के बाद 2.50 लाख रुपए से भरा बैग भी लेकर अपराधी फरार हो गए। मृतक मो. रेहान (21) है। जो 5 साल से छतवन चौक पर पप्पू हार्डवेयर में काम करता था। दुकान का सारा हिसाब और नगदी जमा करने की जिम्मेदारी उसी की थी। रात में दुकान बंद होने के बाद दुकान के मालिक अपनी बुलेट बाइक से घर जा रहे थे। पीछे से रेहान भी अपनी बाइक से जा रहा था। दोनों के बीच कुछ ही दूरी होगी। रेहान के पास पूरे दिन के बिक्री के रुपए थे। जिसे वो मालिक के घर पहुंचाने जा रहा था। रेहान मालिक के घर के पास पहुंचा, पहले से घात लगाए बैठे अपराधियों ने उसकी बाइक रोक ली। मालिक घर में जा चुके थे। इसके बाद बदमाशों ने उस पर चाकू से हमला कर दिया। घटना केवटी थाना क्षेत्र के छतवन गांव की है। वारदात के वक्त लाइन कटी थी स्थानीय ग्रामीण मक्की ने बताया कि चाकू का वार इतना गहरा था कि रेहान की नस कट गई। उसे तुरंत इलाज के लिए केवटी ले जाया जा रहा था, लेकिन घटना के करीब 10 मिनट के अंदर उसकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि रेहान कुछ बोलने की कोशिश कर रहा था, मानो वह हमलावरों को पहचानता हो, लेकिन कुछ बता पाने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।मक्की ने बताया कि घटना गांधी चौक से धनुषी जाने वाली सड़क पर, गांधी चौक से लगभग 100 मीटर की दूरी पर हुई। उस समय बिजली कटी हुई थी और पूरे इलाके में अंधेरा था, जिसका फायदा उठाकर अपराधियों ने वारदात को अंजाम दिया। अस्पताल ले जाया गया, पर जान नहीं बची घटना की सूचना मिलते ही केवटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से गंभीर रूप से घायल रेहान को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, केवटी पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। केवटी थाना पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और संभावित मार्गों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। घर कि जिम्मेदारी रेहान पर थी मृतक रेहान के पिता मो. अशरक अली ने कहा कि मेरा बेटा परिवार का सहारा था। वो ही घर चताला था। अब हम किसके सहारे जिएंगे, उसी की कमाई से परिवार चलता था। बहनें अपने भाई से बहुत प्यार करती है। उसके बिना हमारा सब कुछ उजड़ गया है। रेहान चार भाइयों और तीन बहनों में सबसे बड़ा था और घर की आर्थिक जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। ग्रामीणों ने दरभंगा के वरीय पुलिस अधीक्षक और स्थानीय थाना पुलिस से मांग की है कि रेहान हत्याकांड और हाल की डकैती की घटनाओं में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। चार दिन पहले भी हुई थी बड़ी डकैती स्थानीय लोगों ने बताया कि महज चार दिन पहले ही छतवन बाजार में कपड़ा व्यवसायी अशोक कुमार साहू के घर में भी डकैती हुई थी। घटना में अपराधी करीब 1.72 लाख रुपए नगद और लगभग 12 लाख रुपए के सोने के जेवरात लूटकर फरार हो गए थे।लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं से लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में अपराधियों का मनोबल बढ़ गया है। सीसीटीवी खंगाले जा रहेएसडीपीओ शुभेन्द्र कुमार सुमन ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही केवटी पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया गया है। पुलिस घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। अपराधियों की पहचान की जा रही है। परिजनों से आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बालाघाट में लगातार हो रही बारिश के बीच बुधवार सुबह बस स्टैंड से लगे चर्च के पास करीब 60 साल पुराना पीपल का पेड़ धराशायी हो गया। घटना सुबह के समय हुई, जब सड़क पर आवाजाही अपेक्षाकृत कम थी। राहत की बात रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। पेड़ गिरने के करीब तीन घंटे बाद भी नगर पालिका की टीम मौके पर नहीं पहुंची। इसके चलते बुढ़ी मार्ग पर आवागमन बाधित रहा और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्कूली बच्चों और राहगीरों ने उठाया जोखिम गिरे हुए पेड़ के कारण लोगों को उसके नीचे से दोपहिया वाहन निकालने पड़े। वहीं स्कूली बच्चों और अन्य राहगीरों ने भी जोखिम उठाकर रास्ता पार किया। यह स्थान नगर पालिका कार्यालय से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित है। प्रत्यक्षदर्शी बोले- लगा जैसे भूकंप आ गया प्रत्यक्षदर्शी नितिन ने बताया कि वह राजेश सिंह के साथ खड़े थे, तभी पेड़ धीरे-धीरे गिरने लगा। उन्हें कुछ पल के लिए लगा कि भूकंप आ गया है। समय रहते हट जाने से वे बाल-बाल बच गए। पूर्व पार्षद अनिल सोनी ने बताया कि घंटों बाद भी पेड़ हटाने के लिए नगर पालिका का अमला नहीं पहुंचा। घटना के बाद विद्युत विभाग की टीम मौके पर पहुंची और एहतियात के तौर पर क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कर दी।
उदयपुर में बुधवार सुबह मानसून ने आखिरकार रफ्तार पकड़ ली। सुबह करीब साढ़े पांच बजे शुरू हुई तेज बारिश का दौर करीब साढ़े छह बजे तक चला। करीब एक घंटे तक हुई झमाझम बारिश इस मानसून सीजन में शहर की पहली तेज बारिश रही। लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे शहरवासियों को इससे राहत मिली। बारिश शहर के अधिकांश इलाकों में हुई। तेज बारिश से सड़कों पर पानी बहने लगा और वातावरण में ठंडक घुल गई। पिछले कई दिनों से उमस और गर्मी से परेशान लोगों को सुबह की बारिश ने राहत पहुंचाई। बारिश के बाद मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया और आसमान में बादल छाए रहे। तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा डबोक स्थित मौसम केंद्र के अनुसार मंगलवार को उदयपुर का अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे एक दिन पहले सोमवार को अधिकतम तापमान 29.7 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में भी बादल छाए रहने के साथ कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इससे तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा और मौसम सुहावना रहने के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञ डॉ. आर.एस. देवड़ा ने बताया कि मेवाड़ और दक्षिणी राजस्थान में अगले कुछ दिनों तक बादलों की आवाजाही बनी रहेगी तथा बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। ऐसे में क्षेत्र में मानसून के और सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। उदयपुर में जलाशयों का जलस्तर (आंकड़े मीटर में) पिछले सात दिनों का उदयपुर का तापमान (डिग्री से.)
मध्यप्रदेश में बस किराया बढ़ाने की मांग अब निर्णायक दौर में पहुंचती दिखाई दे रही है। लगातार आश्वासनों के बावजूद किराया संशोधित नहीं होने से नाराज मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन ने 26 जुलाई को सागर में प्रदेश स्तरीय बैठक बुलाई है। बैठक में प्रदेश के सभी 55 जिलों से कम से कम पांच-पांच प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसमें किराया वृद्धि, 7 जुलाई को प्रकाशित राजपत्र में राष्ट्रीयकरण की स्कीम सहित बस संचालकों से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। एसोसिएशन के महामंत्री जय कुमार जैन ने बताया कि बैठक सागर के भोपाल रोड स्थित आदर्श गार्डन (मोतीनगर थाना के पास) में दोपहर एक बजे आयोजित होगी। प्रदेशभर के बस संचालकों की मौजूदगी में सरकार के रुख की समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन और प्रदेशव्यापी हड़ताल की रूपरेखा भी तय की जा सकती है। बस संचालकों का कहना है कि परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से कई दौर की चर्चा के दौरान किराया बढ़ाने का आश्वासन मिला था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई निर्णय नहीं हुआ। इस बीच डीजल, स्पेयर पार्ट्स, बीमा, फिटनेस, टायर और अन्य परिचालन खर्च लगातार बढ़ते गए हैं, जिससे बस संचालन आर्थिक रूप से कठिन होता जा रहा है। एसोसिएशन का कहना है कि पड़ोसी राज्यों में भी किराए का पुनरीक्षण किया जा चुका है। हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने भी बस किराए में वृद्धि करते हुए इसे करीब दो रुपये प्रति यात्री प्रति किलोमीटर तक कर दिया है। ऐसे में मध्यप्रदेश में वर्षों से किराया नहीं बढ़ने से बस संचालकों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। सागर की बैठक में बस संचालक यह भी तय करेंगे कि यदि सरकार जल्द किराया वृद्धि पर निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को किस स्वरूप में आगे बढ़ाया जाए। प्रदेशभर के ऑपरेटरों की नजर अब इस बैठक पर टिकी हुई है, क्योंकि यहीं से आगामी संघर्ष की दिशा तय होने की संभावना है। ये खबर भी पढ़ें… MP में सरकारी बसों के संचालन के 40 रूट तय मध्य सरकार ने सरकारी बसों का संचालन करने के लिए 40 लंबे बस रूट तय कर दिए हैं। राज्य सड़क परिवहन स्कीम को लेकर राज्य सरकार ने बस रूटों और सरकार द्वारा दी जाने वाली बस सेवा सुविधा को लेकर तीस दिन में आपत्तियां और सुझाव बुलाए हैं। इसके बाद इन बसों के संचालन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।पूरी खबर पढ़ें
दुर्ग जिले के नंदिनी नगर थाना क्षेत्र में दहेज प्रताड़ना से तंग आकर नवविवाहिता ने आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में पुलिस ने पति और ससुर को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी पिछले कई महीनों से पुलिस से बचते हुए फरार चल रहे थे। सूचना के आधार पर पुलिस ने सिमगा क्षेत्र में घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। वहीं, इस मामले में फरार बाकी आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है। जानिए क्या है पूरा मामला दरअसल मामला नंदिनी नगर थाना क्षेत्र के ग्राम सहगांव का है। 7 अप्रैल 2026 को गांव की एक नवविवाहिता ने आत्महत्या कर ली थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग उससे लगातार दहेज की मांग कर रहे थे। दहेज नहीं मिलने पर उसे मानसिक रूप से परेशान किया जाता था। इसी प्रताड़ना से तंग आकर उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। मामले की जांच के बाद नंदिनी नगर पुलिस ने केस दर्ज किया। केस दर्ज होते ही हो गए थे फरार केस दर्ज होने की जानकारी मिलते ही आरोपी अपने घर छोड़कर फरार हो गए थे। जांच के दौरान पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही थी। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी पति युवराज पटेल (29) और ससुर ओम प्रकाश पटेल (58) सिमगा क्षेत्र में छिपे हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी की और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। लगातार दहेज के लिए कर रहे थे परेशान पुलिस का कहना है कि, जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि नवविवाहिता को लगातार दहेज की मांग को लेकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। इसी वजह से उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और इस केस में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
दतिया विधानसभा उपचुनाव में चुनाव प्रचार का तरीका भी चर्चा का विषय बन गया है। नेताओं के भाषणों से ज्यादा उनके अलग-अलग अंदाज वाले वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। मंगलवार को भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के बेटे नितिन तिवारी का एक वीडियो सामने आया। इसमें वह ग्राम लमायचा में किसान निर्मल यादव के साथ ट्रैक्टर चलाते, धान की रोपाई करते और खेत में हाथ बंटाते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी तुलना एक दिन पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के वीडियो से होने लगी। उस वीडियो में जीतू पटवारी ग्राम सोनार में किसान कालीचरण पटेल के खेत पर ट्रैक्टर चलाते दिखाई दिए थे। ट्रैक्टर पॉलिटिक्स की हो रही चर्चादोनों वीडियो वायरल होने के बाद चुनावी गलियारों में 'ट्रैक्टर पॉलिटिक्स' की चर्चा तेज हो गई है। लोग इसे चुनावी रणनीति का हिस्सा मानते हुए अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि अब नेता किसानों के बीच पहुंचकर अलग-अलग अंदाज में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह के समर्थन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी लगातार गांव-गांव जनसंपर्क कर रहे हैं। वहीं भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी भी अपने समर्थकों और परिवार के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार अभियान चला रहे हैं। ऐसे में खेतों में पहुंचकर किसानों के साथ जुड़ने की तस्वीरें चुनावी चर्चा का हिस्सा बन गई हैं।
दमोह कलेक्ट्रेट के बाहर मंगलवार रात कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया। जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन कर नारेबाजी की और राहुल गांधी की तत्काल रिहाई की मांग उठाई। जंतर-मंतर की कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन कांग्रेस नेताओं ने बताया कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के विरोध में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। इसी क्रम में मध्य प्रदेश में प्रदेश से लेकर ब्लॉक स्तर तक विरोध कार्यक्रम किए जा रहे हैं। पेपर लीक का मुद्दा भी उठाया जिला कांग्रेस अध्यक्ष मानक पटेल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों को उठाती है तो उसके नेताओं पर कार्रवाई की जाती है। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और राहुल गांधी की रिहाई की मांग भी की गई। प्रशासन और पुलिस रही तैनात प्रदर्शन की सूचना मिलते ही एसडीएम सौरव गंधर्व, तहसीलदार रॉबिन जैन और कोतवाली टीआई मनीष कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने कुछ देर सांकेतिक प्रदर्शन किया, जिसके बाद कार्यक्रम समाप्त हो गया। हटा नगर के मंदिर-मस्जिद चौराहे पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और शहर कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। पथरिया और जबेरा में भी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया।
कैमूर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र के भतौनी गांव के समीप मंगलवार देर रात एक सड़क हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई। इस दुर्घटना में एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका इलाज वाराणसी में चल रहा है। मृतक की पहचान भभुआ थाना क्षेत्र के सैदरा गांव निवासी विनोद कुमार बिंद के 29 वर्षीय पुत्र विपीन कुमार के रूप में हुई है। घायल युवक उसी गांव के चतुरी बिंद के पुत्र उदय कुमार हैं। यह जानकारी बुधवार सुबह सदर अस्पताल में तैनात चिकित्सक डॉ. कमलेश कुमार ने दी। मृतक के चाचा रामजी बिंद ने बताया कि दोनों युवक मंगलवार रात रिश्तेदारी में कल्याणपुर गए थे। वहां से अपने गांव लौटते समय भतौनी गांव के पास सामने से आ रहे एक ट्रैक्टर इंजन से उनकी बाइक टकरा गई। इस भीषण टक्कर में विपीन कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। उदय कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। इस घटना के बाद सैदरा गांव में शोक का माहौल है। परिजनों ने जिला प्रशासन से मृतक के लिए मुआवजे की मांग की है।
पाली शरह सहित जिले में मंगलवार रात को बारिश का दौर शुरू हुआ। कही तेज तो कही रिमझिम बारिश बुधवार सुबह तक जारी रहा। जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। जिले सर्वाधिक बरसात देसूरी में 46 एमएम दर्ज की गई। वहीं सुमेरपुर एरिया में बरसात नहीं हुई। मौसम विशेषज्ञों की माने तो जिले में अगले तीन दिन तक बरसात होने की संभावना है। रात 1 बजे से बारिश का दौर हुआ शुरू पाली शहर में मंगलवार रात करीब 1 बजे बरसात का दौर शुरू हुआ, जो रिमझिम–रिमझिम बुधवार सुबह तक जारी रहा। सुबह के स्कूल जाने वाले बच्चे ने बरसात से बचने के लिए छाता लेकर निकलते नजर आए। शहर के बांगड़ हॉस्पिटल के ट्रॉमा वार्ड के आगे सड़क पर हल्की से बरसात से पानी भर गया जो हॉस्पिटल के ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोल रहा है। लाइट गुल होने से परेशानी हुए लोग मंगलवार रात से शुरू ही बरसात के दौरान तेज हवा नहीं चली। उसके बाद में रात में शहर के कई मोहल्लों में बिजली गुल हो गई। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के इंद्रा कॉलोनी एरिया में तो सुबह नो नजर तक लाइट गुल रही। जिले में कहां कितने बारिश पाली में 08 एमएम, देसूरी में 46 एमएम, बाली में 10 एमएम, रोहट 02 एमएम, सोजत 31एमएम, रानी 18 एमएम, मारवाड़ जक्शन 29 एमएम बरसात पिछले 24 घंटों की दर्ज की गई।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर हुए लाठीचार्ज और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ पुलिस के कथित दुर्व्यवहार के विरोध में मंगलवार रात नर्मदापुरम में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। नगर कांग्रेस के कार्यकर्ता रात करीब 9 बजे तेज बारिश के बीच आंबेडकर प्रतिमा स्थल पर जुटे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस्तीफे की मांग कीयुवा नेता सिराज खान ने कहा कि जिन युवाओं के दम पर भाजपा सत्ता में आई थी, वही युवा अब 2029 में सरकार को जवाब देंगे। उन्होंने नीट पेपर लीक मामले के दोषियों पर कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोज जनता पार्टी (CJP) का दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 33 दिनों से प्रदर्शन जारी है। उनका कहना है कि 28 जून से सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर हैं और उनका इलाज मेदांता अस्पताल, दिल्ली में चल रहा है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को संसद भवन की ओर मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसी के विरोध में देशभर में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। नर्मदापुरम में भी कांग्रेस ने बारिश के बीच विरोध प्रदर्शन किया। यह लोग रहे प्रदर्शन में मौजूदप्रदर्शन में नगर कांग्रेस अध्यक्ष कमलेश बाथरे, अनोखी राजोरिया, धर्मेंद्र तिवारी, फैजान उल हक, गुलाम मुस्तफा, अमित खत्री, सिराज खान, आफरीद, तुकाराम यादव, आजाद भाटिया सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सूने मकान को निशाना बनाकर अज्ञात चोरों ने सरकारी स्कूल के प्रधान पाठक के घर से 1.17 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवर चोरी कर लिए। घटना उस समय हुई, जब पूरा परिवार सक्ती जिले में रिश्तेदारी में घूमने गया हुआ था। लौटने पर घर का ताला टूटा मिला और अलमारी से गहने गायब थे। मामला छाल थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक ग्राम बोजिया निवासी बाबूलाल धीरहे (41) पुसल्दा शासकीय प्राथमिक शाला में प्रधान पाठक हैं। शनिवार दोपहर वह अपने परिवार के साथ सक्ती जिले के टेमर स्थित साढ़ू के घर घूमने गए थे। सोमवार को वापस लौटने पर उन्होंने घर के मुख्य दरवाजे का ताला टूटा देखा। अलमारी से ले गए 1.17 लाख के जेवर घर के अंदर पहुंचने पर सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी खुली हुई थी। जांच करने पर सोने का हार, कान की बाली, लॉकेट समेत करीब 1 लाख 17 हजार रुपए के सोने-चांदी के जेवर गायब मिले। इसके बाद उन्होंने आसपास पता लगाया, लेकिन चोरों का कोई सुराग नहीं मिला। अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज घटना की सूचना मिलने पर बाबूलाल धीरहे ने छाल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305(a) और 331(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ चोरी करने वालों की तलाश में जुटी है।
अमेठी के युवा फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए प्रदेश स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित करने का सुनहरा अवसर आ गया है। वर्ष 2026-27 की प्रदेश स्तरीय समन्वय जूनियर बालक फुटबॉल प्रतियोगिता के लिए जिला एवं मंडल स्तरीय चयन प्रक्रिया का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। पहला पड़ाव 23 जुलाई को अमेठी में होगा, जहां से चयनित खिलाड़ी मंडल स्तर पर अपनी चुनौती पेश करेंगे। इसके बाद सफल खिलाड़ियों को मऊ में आयोजित होने वाली प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। 23 जुलाई को होगा जिला स्तरीय ट्रायल जिला खेल कार्यालय, डॉ. भीमराव अंबेडकर स्टेडियम, अमेठी के उपक्रीड़ाधिकारी अरविंद सिंह कुशवाहा ने बताया कि क्षेत्रीय खेल कार्यालय, अयोध्या के निर्देशानुसार वर्ष 2026-27 की प्रदेश स्तरीय समन्वय जूनियर बालक फुटबॉल प्रतियोगिता के लिए जिला स्तरीय चयन ट्रायल 23 जुलाई 2026 को अपराह्न 3 बजे से आयोजित किया जाएगा। ट्रायल डॉ. भीमराव अंबेडकर स्टेडियम में होगा, जहां जनपद के विभिन्न विद्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपनी फुटबॉल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। चयन प्रक्रिया के दौरान खिलाड़ियों के खेल कौशल, फिटनेस और प्रदर्शन के आधार पर जिला टीम का गठन किया जाएगा। अयोध्या में होगा मंडल ट्रायल जिला स्तर पर चयनित खिलाड़ियों की अगली परीक्षा 25 जुलाई 2026 को अयोध्या में आयोजित मंडल स्तरीय ट्रायल में होगी। यहां बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रदेश स्तरीय टीम में जगह बनाने का अवसर मिलेगा। प्रदेश स्तरीय समन्वय जूनियर बालक फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन 1 अगस्त से 8 अगस्त 2026 तक मऊ जनपद में किया जाएगा। खेल विभाग का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर मंच उपलब्ध कराना और प्रदेश स्तर तक उनकी प्रतिभा को पहुंचाना है। इन दस्तावेजों के बिना ट्रायल में नहीं मिलेगा प्रवेश खेल विभाग ने ट्रायल में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। प्रतिभागियों को नगर निगम अथवा नगर पालिका द्वारा जारी जन्मतिथि प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। केवल वही खिलाड़ी पात्र होंगे जिनकी जन्मतिथि 1 जनवरी 2011 के बाद तथा 31 दिसंबर 2012 के बीच है। इसके अलावा प्रत्येक खिलाड़ी को अपना सीएसआर (CSR) नंबर और दो पासपोर्ट साइज फोटो भी साथ लाने होंगे। निर्धारित दस्तावेजों के अभाव में खिलाड़ियों को चयन प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा। ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों से भागीदारी की अपील उपक्रीड़ाधिकारी अरविंद सिंह कुशवाहा ने जिले के सभी विद्यालयों, खेल प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों से अधिक से अधिक खिलाड़ियों को ट्रायल में भेजने की अपील की है। उनका कहना है कि जिले में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल उन्हें सही मंच देने की है। खेल विभाग का प्रयास है कि अमेठी की सबसे मजबूत जूनियर फुटबॉल टीम तैयार की जाए, ताकि प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में जिले का प्रदर्शन प्रभावशाली रहे और यहां के खिलाड़ी राज्य स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकें।
खगड़िया में मंगलवार देर शाम दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में प्रदर्शन हुआ। खगड़िया जिला युवा कांग्रेस ने शहर में आक्रोश मार्च निकाला और प्रधानमंत्री का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं और छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों की मांगों का समर्थन किया। मार्च में बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और छात्र शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने छात्रों की आवाज को बलपूर्वक दबाने को लोकतंत्र की भावना के विपरीत बताया। 'मांगों को सुनने के बजाय किया गया लाठीचार्ज' युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष नवीन कुमार ने इस दौरान कहा कि देश का युवा अपने भविष्य, रोजगार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को लेकर सड़क पर उतरने को मजबूर है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय उन पर लाठीचार्ज किया गया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। नवीन कुमार ने बताया कि राहुल गांधी घायल छात्रों से अस्पताल में मिलने गए थे। बाद में उन्होंने छात्रों की मांगों के समर्थन में प्रधानमंत्री आवास के बाहर शांतिपूर्ण धरना दिया, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि इस घटना से लोकतांत्रिक मूल्यों और विपक्ष की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। जनता के मुद्दों को उठाना विपक्ष की जिम्मेदारी नवीन कुमार ने आगे कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की जिम्मेदारी जनता के मुद्दों को उठाना और सरकार से जवाब मांगना है। उन्होंने सरकार से दमन की नीति छोड़ने, छात्रों की समस्याओं का समाधान निकालने और शिक्षा व भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों और युवाओं की मांगों की लगातार अनदेखी की गई, तो युवा कांग्रेस लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेगी। इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेता फूलचंद यादव, विक्की कुमार, सौरभ कुमार, इशरत प्रवीण, रोशन चंद्रवंशी, सुमित बाबा, दीपक, छोटू, रतन यादव, रौशन, प्रेम, रंजीत शंकर सहित बड़ी संख्या में छात्र और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।
सीतापुर में पोल से लटका मिला युवक का शव:सीतापुर में घर से 1 किमी दूर हुई घटना, पुलिस जांच में जुटी
सीतापुर के रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र में एक युवक का शव बिजली के पोल से लटका मिला। यह घटना मंगलवार रात करीब 10 बजे मल्लाहनपुरवा मजरा गोंडा देवरिया गांव के बाहर हुई। सूचना मिलने पर रामपुर मथुरा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। मृतक की पहचान मुन्ना पुत्र गुलाब निषाद (लगभग 25 वर्ष) के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि मंगलवार शाम को मुन्ना का अपने घर में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। वह कथित तौर पर शराब पीने का आदी था। विवाद के बाद मुन्ना घर से निकल गया। वह अपने गांव से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित बिजली के पोल पर चढ़ गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उसने अपने साथ लाए गमछे जैसे कपड़े को पोल के ऊपर एलटी लाइन के सहारे बांधकर अपने गले में फंदा लगा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, मुन्ना चार भाइयों में तीसरे नंबर का था और उसकी अभी शादी नहीं हुई थी। पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही चल पाएगा। फिलहाल, मामले की जांच जारी है।
कोटा शहर के दो अलग-अलग इलाकों में ब्लैक कोबरा और अजगर के घर में घुस आने से परिवारों में दहशत फैल गई। राहत की बात यह रही कि दोनों ही मामलों में किसी भी सदस्य को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने समय रहते दोनों सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें जंगल में छोड़ दिया। रसोई में रोटी के चकले के पीछे छिपा कोबरा पहली घटना नयागांव रोजड़ी इलाके की है। यहां फूल सिंह कुशवाहा के घर देर रात करीब साढ़े चार फीट लंबा ब्लैक कोबरा घुस आया। परिवार के सदस्य रात में उठे तो सांप उनके पैरों के पास से निकलकर सीधे रसोई में चला गया। उस समय घर में तीन सदस्य मौजूद थे, जो सांप को देखकर घबरा गए। सूचना मिलने पर स्नेक कैचर गोविंद शर्मा मौके पर पहुंचे और तलाश करने पर ब्लैक कोबरा रसोई में गैस चूल्हे के पास रोटी के चकले के पीछे छिपा मिला। गोविंद शर्मा ने सावधानीपूर्वक उसका रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया और वन विभाग को भी सूचना दी। घर में घूम रहा था 8 फीट लंबा अजगर वहीं दूसरी घटना दादाबाड़ी विस्तार योजना की है। सुबह करीब साढ़े पांच बजे परिवार के सदस्यों ने घर के अंदर आठ फीट लंबा अजगर घूमते हुए देखा। घर में मौजूद पांचों सदस्य डर गए और तुरंत स्नेक कैचर को सूचना दी। मौके पर पहुंचे गोविंद शर्मा ने अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे लाडपुरा के जंगल में छोड़ दिया। इसकी जानकारी वन विभाग के अधिकारी भवानी सिंह को भी दी गई। गोविंद शर्मा ने बताया कि बारिश के मौसम में बिलों में पानी भरने के कारण सांप और अन्य वन्यजीव बाहर निकलकर रिहायशी इलाकों में पहुंच जाते हैं। ऐसे में उन्हें नुकसान पहुंचाने के बजाय वन विभाग या स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना देना चाहिए।
यूपी की बड़ी खबरें:गाजियाबाद में मालगाड़ी के 6 डिब्बे पटरी से उतरे, कई के रूट बदले; 16 ट्रेनें रद्द
गाजियाबाद-नई दिल्ली रूट पर मंगलवार देर रात ढाई बजे एक मालगाड़ी के 6 डिब्बे पटरी से उतर गए। ट्रेनों की आवाजाही ठप हो गई। सूचना मिलते ही दिल्ली मंडल के रेल प्रबंधक (DRM), अपर मंडल रेल प्रबंधक (ADRM) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। रेलवे की टीमें तत्काल बहाली कार्य में जुट गईं। ताकि प्रभावित रेलखंड पर जल्द से जल्द आवागमन शुरू किया जा सके। इस घटना के कारण गाजियाबाद-नई दिल्ली, नई दिल्ली-गाजियाबाद, दिल्ली-शाहिबाबाद और शाहिबाबाद-दिल्ली के बीच चलने वाली 16 ट्रेनें रद्द रद्द करनी पड़ीं। जबकि कुल 53 ट्रेनों प्रभावित हुई। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई ट्रेनों का मार्ग बदला, कुछ ट्रेनों को रद्द किया और कुछ का संचालन निरस्त किया। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है। यहां पढ़ें पूरी खबर प्रयागराज में चलती मालगाड़ी पर पत्थर फेंकने वाले 4 छात्र गिरफ्तार: बोले- मस्ती में किया था पथराव, अब नहीं करेंगे प्रयागराज में चलती मालगाड़ी पर पत्थर फेंकने वाले चार युवकों को आरपीएफ ने गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी छात्र हैं। पूछताछ में उन्होंने बताया कि उन्होंने सिर्फ मस्ती में पत्थर फेंका था। उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि ट्रेन पर पत्थर फेंकना अपराध है। आरपीएफ फिलहाल चारों से पूछताछ कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंकुश यादव (नई बस्ती, सोहबतिया बाग), विशेष यदुवंशी (सोहबतिया बाग), प्रणव केशरी (कुर्की कला, मेजा) और कार्तिकेय (प्रेम मिश्रपुर, नवाबगंज) के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया-18 जुलाई की शाम वे दारागंज के पास रेलवे ट्रैक पर टहलते हुए पहुंच गए थे। उसी दौरान वहां से एक मालगाड़ी गुजरी, जिस पर उन्होंने पत्थर फेंक दिए। उन्हें आज मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। पढ़िए पूरी खबर… वाराणसी में DIOS को गोली मारने की धमकी: शिक्षक ने ऑफिस में घुसकर गालियां दीं, दरवाजे में मारी लात मारी; FIR वाराणसी के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) भोलेन्द्र प्रताप को एक शिक्षक ने जान से मारने की धमकी दी है। आरोप है कि गंगापुर इंटर कॉलेज के सहायक अध्यापक ने डीआईओएस कार्यालय में घुसकर गाली-गलौज की, गोली मारने की धमकी दी और कर्मचारियों के साथ भी मारपीट की। घटना 16 जुलाई की बताई जा रही है। अधिकारियों के निर्देश पर मंगलवार शाम कैंट थाने में आरोपी शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। डीआईओएस भोलेन्द्र प्रताप के मुताबिक, गंगापुर इंटर कॉलेज के सहायक अध्यापक रमाशंकर शास्त्री बिना अनुमति उनके कार्यालय में पहुंचे। उन्होंने अपने सेवा संबंधी लंबित प्रकरण को लेकर नाराजगी जताई और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। उनके सेवा संबंधी देयों का भुगतान नियमानुसार किया जा चुका है और कोई भुगतान लंबित नहीं है। पढ़िए पूरी खबर… अतीक के शूटर तोता को रंगदारी मामले में जमानत: पुलिस आपराधिक साजिश साबित करने से संबंधित साक्ष्य पेश नहीं कर सकी प्रयागराज में रंगदारी और आपराधिक षड्यंत्र के मामले में नामजद माफिया अतीक अहमद के शूटर जुल्फिकार उर्फ तोता को अदालत से जमानत मिल गई है। आरोपी करीब तीन साल से जेल में बंद था। अदालत ने 50 हजार रुपए के निजी मुचलके और समान राशि के दो जमानतदार पेश करने पर रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने जमानत के साथ कई शर्तें भी लगाई हैं। इनमें नियमित रूप से ट्रायल कोर्ट में पेश होना, गवाहों को प्रभावित या धमकाने का प्रयास न करना और अदालत की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ना शामिल है। पढ़िए पूरी खबर… मेरठ सौरभ हत्याकांड में फाइनल बहस जारी, डिफेंस की वकील बोलीं- सीमेंट, रेत का बिल कहां है? आज फिर होगी सुनवाई मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड में जिला जज की अदालत में फाइनल बहस जारी है। मंगलवार को बचाव पक्ष की ओर से पुलिस जांच और गवाहों से जुड़े साक्ष्यों पर सवाल उठाए गए। डिफेंस का कहना है कि पुलिस ने जिन लोगों से रेत, सीमेंट, चाकू और दवा खरीदने की बात कही, उनके खरीद संबंधी कोई दस्तावेज या सीसीटीवी फुटेज कोर्ट में पेश नहीं किए गए। मामले में अब बुधवार को फिर सुनवाई होगी। बचाव पक्ष अपनी दलीलें आगे रखेगा, जबकि वादी पक्ष क्रॉस सवालों की तैयारी कर रहा है। बचाव पक्ष की अधिवक्ता ने PW-7, PW-8, PW-9 और PW-10 की गवाही पर बहस की। इनमें सीमेंट-रेत विक्रेता अक्षय, केमिस्ट अमित जोशी और डॉक्टर अरविंद शामिल हैं। वहीं, सौरभ राजपूत के परिवार की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने कहा कि वारदात के कई महीने बाद मामला सामने आया, इसलिए तब तक अधिकांश सीसीटीवी फुटेज डिलीट हो चुकी थीं। पढ़िए पूरी खबर…
दिल्ली में छात्र आंदोलन के समर्थन के दौरान कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार रात शिवपुरी में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने माधव चौक से कलेक्ट्रेट तक विरोध रैली निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी की हिरासत को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। मंगलवार रात करीब 8 बजे जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में एक सौ से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ता माधव चौक पर एकत्रित हुए। यहां केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने के बाद सभी कार्यकर्ता रैली के रूप में कोर्ट रोड होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट के बाहर प्रदर्शन कर कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी की हिरासत का विरोध जताया और छात्रों के समर्थन में आवाज बुलंद की। प्रदेश नेतृत्व के संदेश पर तत्काल जुटे कार्यकर्ता कांग्रेस नेताओं के अनुसार यह प्रदर्शन पूर्व निर्धारित नहीं था। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का संदेश मिलने के बाद महज कुछ ही मिनटों में कार्यकर्ता माधव चौक पर एकत्रित हो गए और विरोध प्रदर्शन की रणनीति बनाकर रैली निकाली। अचानक हुए इस प्रदर्शन के चलते शहर के प्रमुख मार्गों पर कुछ देर तक राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। 'छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास' जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित अग्रवाल ने कहा कि राहुल गांधी दिल्ली में छात्रों के अधिकारों और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के समर्थन में पहुंचे थे। ऐसे समय में उन्हें हिरासत में लेना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज उठाने वालों पर कार्रवाई कर केंद्र सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन कर रही है। कांग्रेस इस कार्रवाई का पुरजोर विरोध करती है और छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा, छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और विपक्ष की आवाज को दबाने जैसी कार्रवाइयों पर रोक लगाने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि इस तरह की कार्रवाई जारी रही तो पार्टी आगे भी चरणबद्ध आंदोलन करेगी।
फतेहपुर जिले के बिंदकी कोतवाली क्षेत्र से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मंगलवार रात करीब 11 बजे से वायरल हो रहे इस वीडियो में कुछ युवक कथित तौर पर दोस्त की जन्मदिन पार्टी में तमंचा लहराते हुए डांस करते दिख रहे हैं। जानकारी के अनुसार, यह वीडियो बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के बाग बादशाही और बावनी इमली इलाके का बताया जा रहा है। वीडियो में तेज संगीत के बीच कुछ युवक जश्न मना रहे हैं, जिनमें से एक युवक हाथ में तमंचा लहराता हुआ दिखाई दे रहा है। बुधवार के दिन सुबह वायरल वीडियो को लेकर इलाके में अवैध हथियारों की उपलब्धता को लेकर सवाल उठने लगे हैं और लोगों ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। हालांकि दैनिक भास्कर इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता। बिंदकी कोतवाली पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि बिना जांच के वीडियो के संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। पुलिस वीडियो में दिख रहे युवकों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि वीडियो कब और कहां का है। युवक के हाथ में दिख रहा हथियार लाइसेंसी है या अवैध। पुलिस आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यदि जांच में वीडियो सही पाया जाता है और अवैध हथियार का प्रदर्शन या कानून का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जोधपुर के सबसे पुराने महात्मा गांधी हॉस्पिटल में मरीजों की सुविधा के लिए OPD व्यवस्था को डिजिटल बनाया जा रहा है। अब मरीजों को ओपीडी में पर्ची बनवाने के लिए लाइन में नहीं लगना होगा और न ही डॉक्टर चैंबर के बाहर उसे खड़ा होकर अपनी बारी का इंतजार करना होगा। हॉस्पिटल में जल्द ही क्यू मैनेजमेंट सिस्टम लागू हो रहा है। इसके तहत अब मरीजों को OPD पर्ची बनवाने से पहले टोकन दिया जाएगा और अस्पताल में लगी टीवी स्क्रीन पर डॉक्टर से मिलने का नंबर दिखाई देगा। इसके साथ ही जांच रिपोर्ट भी ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे मरीजों को बार-बार अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और भीड़ प्रबंधन में भी आसानी होगी। टोकन से टीवी स्क्रीन पर ही मरीज को पता चल जाएगा कि उसे ओपीडी पर कब जाना है। इतना ही नहीं मरीज को कौनसे डॉक्टर के पास कब जाना है, ये भी स्क्रीन पर दिखाई देगा और उसका अनाउंसमेंट भी होगा। इसके साथ ही हॉस्पिटल में आने वाले मरीजों की रिपोर्ट ऑनलाइन करने की भी तैयारी की जा रही है। पढ़िए, 93 साल पुराने हॉस्पिटल में कैसे बदलेगी व्यवस्था… पहले क्या होता था: अभी तक ओपीडी में पर्ची के लिए मरीज या फिर उनके परिजनों को लाइन में लगना पड़ता है। इसके लिए घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। इसके बाद जब डॉक्टर को दिखाना होता है, तब भी ये ही हालात बनते है। अब क्या होगा: अब मरीज को सीधे ओपीडी काउंटर पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पहले उसे टोकन लेना होगा। इसी टोकन से उसकी ओपीडी पर्ची भी जनरेट होगी और डॉक्टर को दिखाने का नंबर भी इस टोकन से जनरेट होगा। लाइन में खड़े होकर नहीं करना होगा इंतजार महात्मा गांधी हॉस्पिटल के सुपरिडेंटेंड फतेह सिंह भाटी ने बताया- मरीजों को हॉस्पिटल में आते ही पहले टोकन लेना होगा। ओपीडी ब्लॉक पर ही चार स्क्रीन लगाई गई है। यहीं पर टोकन मशीन भी है, जहां से टोकन नंबर जनरेट होगा। इसके बाद उसे लाइन में खड़ा नहीं होना है। वहीं पर बैठने की व्यवस्था की जा रही है। ओपीडी ब्लॉक के साथ हॉल में एक बड़ी स्क्रीन लगाई गई है। टोकन नंबर जैसे ही उस स्क्रीन पर आएगा, तब उसे ओपीडी काउंटर पर जाना है। ये ऑडिबल भी होगा यानी मरीज का टोकन नंबर क्या है, उसका नंबर आने पर अनाउंसमेंट भी होगा। यहां जैसे ही अपने आभा नंबर या दूसरी डिटेल देगा उसकी ओपीडी पर्ची जनरेट हो जाएगी। डॉक्टर चैंबर के बाहर भी खड़े रहने की जरूरत नहीं, स्क्रीन बता देगी कब आएगा नंबर मरीज को कौनसे रूम और कौनसे डॉक्टर के पास जाना है ये ओपीडी पर्ची में होगा। इसके बाद यहां जाकर भी लाइन में खड़े रहने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि हॉस्पिटल में सभी डिपार्टमेंट की ओपीडी के बाहर स्क्रीन लगाई गई है। टोकन नंबर के आधार पर मरीजों की बारी आएगी। जैसे ही मरीज का नंबर आएगा स्क्रीन पर उसका टोकन नंबर और नाम अनाउंसमेंट हो जाएगा। मरीजों का बनेगा आभा कार्ड, ऑनलाइन मिलेगी सुविधा डॉ. फतेह सिंह भाटी ने बताया कि पूरे हॉस्पिटल में ऐसी 22 छोटी स्क्रीन लगाई गई है। इसके अलावा तीन बड़ी स्क्रीन अलग से है। इन स्क्रीन पर मरीजों को लगातार अपडेट मिलती रहेगी। उन्होंने बताया कि आभा नंबर से अब मरीजों की डिटेल्स अपडेट होगी। यदि किसी का आभा कार्ड नहीं बना है तो इसके लिए ओपीडी ब्लॉक में ही एक व्यक्ति को अपॉइंट करेंगे, जो उसी समय मरीज का आभा कार्ड भी बना देगा। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में ये प्रयास किया जा रहा है कि मरीज को उसकी सारी जांच रिपोर्ट ऑनलाइन ही मिल जाएगी। इसके लिए भी काम शुरू कर दिया है। मरीजों को उनकी ऑनलाइन रिपोर्ट हॉस्पिटल की वेबसाइट से मिलेगी।
दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की गिरफ्तारी और नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार रात बुरहानपुर में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। शहर कांग्रेस के नेतृत्व में जयस्तंभ चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए छात्रों पर हुई कार्रवाई की कड़ी निंदा की। प्रदर्शन का नेतृत्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष रिंकू टांक ने किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता जयस्तंभ चौराहे पर एकत्र हुए और हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी की गिरफ्तारी को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए तत्काल रिहाई की मांग भी उठाई गई। NEET पेपर लीक को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना शहर कांग्रेस अध्यक्ष रिंकू टांक ने कहा कि NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और छात्र दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। उनका आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी को हिरासत में लिया और छात्रों पर लाठीचार्ज किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों और विपक्षी नेताओं के साथ इस तरह की कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी और जब तक जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक विरोध जारी रहेगा। 'सड़क से संसद तक छात्रों के साथ कांग्रेस' कांग्रेस मीडिया प्रभारी तफज्जुल हुसैन मुलायमवाला ने कहा कि कांग्रेस छात्रों की मांगों के समर्थन में सड़क से लेकर संसद तक मजबूती से खड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार छात्रों और विपक्ष की आवाज दबाने के लिए गिरफ्तारी और लाठीचार्ज जैसे दमनात्मक कदम उठा रही है। उन्होंने मांग की कि NEET पेपर लीक मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा पूरे प्रकरण में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता रहे मौजूद प्रदर्शन में पूर्व विधायक हमीद काजी, अमर यादव, वाजिद इकबाल, इंद्रसेन देशमुख, फहीम हाशमी, हामिद डायमंड, उजैफा मुलायमवाला, हाफिज मंसूरी, आसिफ खान, जावेद खान, आरिफ खान, अब्दुल्ला अंसारी, देवेश्वर ठाकुर, सौरभ कुरैशी, सरिता भगत, डॉ. इमरान खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान सभी ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों के हितों की रक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा की मांग की।
नरसिंहपुर जिले के करहैया-तिंदनी गांव में मंगलवार शाम खनिज विभाग ने अवैध रेत भंडारण के खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान शासकीय मार्ग पर बिना अनुमति भंडारित करीब 75 ट्रॉली रेत जब्त की गई। जब्त रेत की कुल मात्रा 225 घन मीटर आंकी गई है। जांच में भंडारण अवैध पाए जाने पर विभाग ने मौके पर ही रेत जब्त कर ग्राम कोटवार की सुपुर्दगी में सौंप दी। मामले में अवैध खनिज भंडारण का प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। 34 हजार रुपए आंकी गई रेत की कीमत खनिज विभाग के अनुसार, जब्त की गई रेत की अनुमानित कीमत करीब 34 हजार रुपये है। विभाग ने कहा कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण बोले- कई जगह अब भी पड़ा है अवैध स्टॉक हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों ने विभाग की कार्रवाई को अधूरा बताया है। उनका कहना है कि जब्त किए गए रेत भंडारण स्थल से करीब आधा किलोमीटर दूर अब भी अवैध रेत के कई बड़े ढेर मौजूद हैं, जहां तक खनिज विभाग की टीम नहीं पहुंची। ग्रामीणों ने शेष अवैध भंडारण पर भी कार्रवाई की मांग की है।
छत्तीसगढ़ में पिछले एक साल में सड़क हादसों में 6,967 लोगों की मौत हुई है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल ने लगातार बढ़ रहे हादसों को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि, क्या पुलिसकर्मियों का काम सिर्फ मवेशी हांकना है या व्यवस्था बनाना? हाइकोर्ट की डिवीजन बेंच ने मामले में राज्य सरकार और संबंधित विभागों से एक बार फिर 10 दिन में शपथ पत्र के साथ जवाब मांगा है। दरअसल, प्रदेश में सड़क हादसों को लेकर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका की सुनवाई शुरू की थी। जिसके बाद हाईकोर्ट से नियुक्त कोर्ट कमिश्नर ने प्रदेश के कई जिलों से जुटाए गए अधिकृत आंकड़े पेश किए। जिसमें बताया कि सड़क सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार अफसर गंभीर नहीं हैं। नियमों के मुताबिक हर महीने बुलाई जाने वाली सड़क सुरक्षा समिति की बैठकें तक आयोजित नहीं की जा रही हैं। सड़क हादसों में एक साल में 6,967 लोगों की गई जान कोर्ट कमिश्नर ने हाईकोर्ट को बताया कि, साल 2025 में प्रदेश में कुल 15,484 सड़क हादसे दर्ज किए गए। जिनमें 6,967 लोगों की मौत हुई और 13,156 लोग घायल हुए। वहीं, साल 2026 में 31 मई तक केवल 5 महीनों में 6,891 सड़क दुर्घटनाओं में 3,170 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। 300 से अधिक मौतें फिर भी कलेक्टर उदासीन सरगुजा जिले में एक साल के भीतर सड़क हादसों में 300 से अधिक लोगों की मौत हुई। इसके बावजूद कलेक्टर की अध्यक्षता में पूरे साल यानी 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक सड़क सुरक्षा समिति की केवल 1 बैठक बुलाई गई। कांकेर जिले में भी सालभर में महज 1 बैठक ही आयोजित की गई। बारिश में हाईवे पर बैठे मवेशियों पर नाराजगी सीजे ने कहा कि बारिश के मौसम में आवारा मवेशी नेशनल हाईवे और मुख्य सड़कों पर बैठे रहते हैं। दिन में स्थिति संभल जाती है, लेकिन रात में लोगों की जान जोखिम में रहती है। ऐसे में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, क्या पुलिसकर्मियों का काम सिर्फ मवेशी हांकना है या व्यवस्था बनाना? उन्होंने कहा कि, राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में रोज सैकड़ों वाहन गुजरते हैं, लेकिन व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। रायपुर बना सबसे बड़ा डेथ जोन हाईकोर्ट में प्रदेश के 10 सबसे खतरनाक ब्लैक स्पॉट्स की सूची भी पेश की गई। इनमें 7 अकेले रायपुर जिले में हैं। धरसींवा के सिलतरा से निको गेट के बीच एक साल में 19 लोगों की मौत हुई। कोरबा के पाली से गझरा नाला मार्ग पर 22 हादसों में 17 लोगों की जान गई। रायपुर के तेलीबांधा, नेवरा, आरंग और खरोरा क्षेत्र भी गंभीर दुर्घटना वाले स्थानों में शामिल हैं। चीफ जस्टिस बोले- 10 टन की गाड़ी में 22-25 टन माल चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने कहा कि, औद्योगिक क्षेत्रों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर ट्रकों की अवैध पार्किंग हादसों की बड़ी वजह है। 10 टन क्षमता वाले वाहनों में 22 से 25 टन तक माल लादा जा रहा है, जबकि वजन जांचने वाली वेइंग मशीनें बंद पड़ी हैं। भारी वाहन मुख्य सड़कों पर खड़े रहते हैं, इसलिए दुर्घटनाएं होना तय है। हाईकोर्ट ने इन बिंदुओं पर मांगा जवाब ……………………………… इससे संंबंधित यह खबर भी पढ़िए… प्रार्थना सभा के लिए अनुमति जरूरी नहीं: हाईकोर्ट बोला- घर में प्रेयर, मीटिंग करने वालों को परेशान न करें, पुलिस नोटिस रद्द छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रदेश में धर्मांतरण को लेकर विवाद के बीच अहम फैसला सुनाया है। जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी की सिंगल बेंच ने आदेश में कहा कि किसी व्यक्ति को अपने निजी आवास में शांतिपूर्ण प्रार्थना सभा आयोजित करने का अधिकार है। पढ़ें पूरी खबर…
राहुल-प्रियंका की हिरासत पर मथुरा में कांग्रेस का प्रदर्शन:पुलिस से नोकझोंक, सरकार के खिलाफ नारेबाजी
दिल्ली में छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को हिरासत में लिए जाने के विरोध में मथुरा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। मंगलवार देर रात करीब 10 बजे महानगर अध्यक्ष जितेंद्र मुकद्दम के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता होली गेट स्थित कांग्रेस कार्यालय पर एकत्र हुए। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि छात्रों की आवाज उठाने वाले नेताओं को हिरासत में लेना लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। कार्यकर्ताओं ने सोमवार को छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की भी निंदा की और आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय बल प्रयोग कर रही है। इस दौरान, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल रही है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि विरोध की हर आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे पार्टी स्वीकार नहीं करेगी। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को शांत कराने और प्रदर्शन समाप्त करने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच कुछ देर के लिए नोकझोंक भी हुई। हालांकि, बाद में स्थिति सामान्य हो गई और प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुआ। महानगर अध्यक्ष जितेंद्र मुकद्दम ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में लेने को पूरी तरह अलोकतांत्रिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी। मुकद्दम ने चेतावनी दी कि यदि सरकार का यही रवैया जारी रहा, तो पार्टी आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज करेगी।
भारतीय जनता पार्टी अब विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच बूथ अध्यक्षों को परख रही है। पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी समेत काशी-क्षेत्र की की 71 विधानसभाओं के बूथ अध्यक्षों की असल परीक्षा आज होगी। पूरे काशी क्षेत्र में जगह-जगह बूथ अध्यक्ष सम्मेलन का आयोजन किया गया है। जमीनी स्तर पर पार्टी संगठन को मजबूत करना, बूथ प्रबंधन को धार देना और डिजिटल बूथ प्रशिक्षण अभियान की प्रगति जांची जाएगी। वाराणसी दक्षिणी विस के बूथ अध्यक्ष सम्मेलन में संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह शामिल होंगे। वे खुले मंच से कार्यकर्ताओं से सवाल करेंगे। महानगर और ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न ब्लॉक स्तर पर आयोजन में अलग-अलग पदाधिकारियों और मंत्रियों को जिम्मेदारी दी गई है। विधान सभा चुनाव के रण में उतरने से पहले प्रदेश भाजपा बूथ स्तर तक संगठन को धार देने में जुट गई है। BJP का बूथ अध्यक्ष सम्मेलन पदाधिकारियों की जिम्मेदारी और तैयारियों की परीक्षा है। भाजपा चुनाव की तैयारियों को आगे बढ़ाने से पहले अपनी बूथ इकाइयों को आज कई पहलुओं पर परखेगी। 22 जुलाई को वाराणसी जिले की आठ और काशी क्षेत्र की 71 विधानसभा सीटों पर एक साथ सम्मेलन की योजना बनाई है। वाराणीस में संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह बूथ अध्यक्षों की सक्रियता औरउनकी तैयारियों का जायजा लेंगे। दक्षिणी में से कितने बूथ अध्यक्ष सक्रिय हैं। जहां कहीं भी बूथ अध्यक्ष निष्क्रीय हैं उन्हें बदल दिया जाएगा। इन सम्मेलनों में चुनाव की प्रभावी रणनीति बनाने के पहले मतदान की प्राथमिक इकाई बूथ की तैयारियां परखी जाएंगी। सुनिश्चित किया जाए कि बूथ अध्यक्ष चुनाव की तैयारियों के लिहाज अध्यक्षों की सक्रियता में कमी पाई जाएगी पार्टी उन्हें बदलने या सक्रिय करने की योजना के साथ चुनावी रणनीति पर काम करेगी। नाम बुलाकर पूछेंगे सवाल, बूथ की मांगेंगे जानकारी प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह बूथ सम्मेलन के दौरान रैंडम सत्यापन के लिए मंच से किसी भी बूथ अध्यक्ष का नाम बुलाया जाएगा और बूथ प्रबंधन से संबंधित कुछ सवाल पूछे जाएंगे तो उसे अपने स्थान से ही सारे प्रश्न का जवाब देना होगा। इस क्षेत्र से डा. नीलकंठ तिवारी विधायक हैं। उनके जवाब के आधार पर यह भी पता लग जाएगा कि संबंधित बूथ अध्यक्ष की कितनी तैयारी है और वह चुनाव के लिए कितना सक्षम है। सत्यापन में जो भी बूथ अध्यक्ष गैरहाजिर मिलेगा, उसका स्पष्ट कारण पता करके संबंधित जिलाध्यक्ष प्रदेश नेतृत्व को रिपोर्ट भेजेंगे।
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने लखनऊ से कानपुर के बीच एक्सप्रेसवे पर संचालित रोडवेज बसों के किराये में एक बार फिर संशोधन किया है। सोमवार को जारी सूची में कानपुर तक का किराया 155 रुपये निर्धारित किया गया था, लेकिन मंगलवार को संशोधित दरें जारी करते हुए इसे घटाकर 151 रुपये कर दिया गया। वहीं पुराने हाईवे मार्ग से संचालित बसों का किराया 123 रुपये ही रखा गया है। 45 से 50 मिनट कम होगा सफरपरिवहन निगम के अधिकारियों के अनुसार, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से यात्रा करने पर यात्रियों का लगभग 45 से 50 मिनट का समय बचेगा। तेज और सुविधाजनक यात्रा के इच्छुक यात्री 151 रुपये का टिकट लेकर एक्सप्रेसवे रूट की बसों में सफर कर सकेंगे, जबकि कम किराये में यात्रा करने वालों के लिए पुराने हाईवे मार्ग का विकल्प 123 रुपये में उपलब्ध रहेगा। ई-टिकटिंग मशीनों में अपडेट हुई नई दरेंनिगम ने सभी ई-टिकटिंग मशीनों में संशोधित किराया अपडेट कर दिया है, जिससे यात्रियों से नई दरों के अनुसार ही किराया लिया जाएगा।
देसरी पीएचसी का समिति सदस्य ने निरीक्षण किया:प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अनुपस्थित पाए गए
वैशाली जिले के देसरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) का मंगलवार देर रात निरीक्षण किया गया। स्थानीय विधायक महेंद्र राम के निर्देश पर यह कार्रवाई ग्रामीणों की शिकायत के बाद की गई। निरीक्षण के दौरान, देसरी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अनुपस्थित पाए गए। जदयू प्रखंड अध्यक्ष और रोगी कल्याण समिति के सदस्य विनोद कुमार सिंह ने यह निरीक्षण किया था। उन्होंने बताया कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी मौके पर मौजूद नहीं थे। निरीक्षण के समय, विनोद कुमार सिंह ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया। अधिकारी ने किसी कार्य का हवाला देते हुए फोन काट दिया। इस घटना के बाद विनोद कुमार सिंह ने क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विनोद कुमार सिंह ने इस पूरे मामले की जानकारी स्थानीय विधायक महेंद्र राम, वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह और वैशाली के सिविल सर्जन को फोन पर दी। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि रात में आपातकालीन स्थिति में मरीजों का इलाज कैसे होगा। उन्होंने लापरवाह प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। इस निरीक्षण के दौरान भाजपा प्रखंड अध्यक्ष मुन्ना सिंह, दयानंद झा, जदयू के अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रखंड अध्यक्ष जिलानी अंसारी और जदयू उफरौल पंचायत अध्यक्ष चंदन कुमार सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।
सतना और रीवा संभाग में मौसम एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार मिल रही नमी तथा सक्रिय मानसूनी सिस्टम के प्रभाव से क्षेत्र में अच्छी बारिश होने के आसार हैं। मंगलवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। रात करीब 8 बजे के बाद जिले के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं तेज बारिश हुई। पिछले दो दिनों से रुक-रुककर हो रही वर्षा के कारण लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है। तापमान में गिरावट आने से मौसम सुहावना बना हुआ है। मानसून ट्रफ और ऊपरी चक्रवात का असर मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून ट्रफ लाइन इस समय बंगाल की खाड़ी से पूर्वी मध्य प्रदेश होते हुए राजस्थान तक फैली हुई है। इसके साथ ही मध्य भारत के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) भी सक्रिय है। इन दोनों मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से सतना और पूरे रीवा संभाग में अगले दो दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े नहीं होने तथा गरज-चमक के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। सामान्य से कम हुई है बारिश चालू मानसून सीजन में 1 जून से 20 जुलाई तक सतना जिले में कुल 13 इंच वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य औसत से करीब ढाई इंच कम है। लगातार बने इस वर्षा घाटे के कारण किसान भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे थे। मौसम विभाग का मानना है कि अगले दो दिनों की बारिश से वर्षा की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है। बिरसिंहपुर में सबसे ज्यादा वर्षा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अब तक दर्ज वर्षा के आंकड़ों के अनुसार बिरसिंहपुर में सबसे अधिक 18 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसके अलावा रघुराज नगर में 16.5 इंच, रामपुर बघेलान में 14.5 इंच, मझगवां में 14 इंच, नागौद में 12.5 इंच, सोहावल में 11.5 इंच, उचेहरा में 9.5 इंच तथा जसों में 5 इंच वर्षा दर्ज की गई है। किसानों को अच्छी बारिश की उम्मीद लगातार बारिश नहीं होने से खरीफ फसलों, विशेषकर धान और सोयाबीन की खेती प्रभावित होने की आशंका बढ़ रही थी। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बाद किसानों को उम्मीद है कि अगले 48 घंटों में होने वाली बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचेगी और फसलों की बढ़वार को लाभ मिलेगा। साथ ही जलाशयों, तालाबों और नदी-नालों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।
विवाहिता की संदिग्ध हालात में मौत:प्रतापगढ़ में पति समेत 7 पर दहेज हत्या का केस दर्ज
प्रतापगढ़ के लालगंज कोतवाली क्षेत्र में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने पति समेत सात लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार, बरीबोझ गांव निवासी साहिल चौरसिया की 26 वर्षीय पत्नी प्रियंका सोमवार रात अपने घर में गंभीर रूप से घायल मिली थी। परिजन उसे तुरंत लालगंज ट्रामा सेंटर ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव को घर ले आए और अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे। इसी बीच, मृतका के मायके, रानीगंज थाना क्षेत्र के पूरेगोसाईं गांव से पहुंचे परिजनों ने दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को सूचना दी। मंगलवार शाम चार बजे सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बुधवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। मृतका के पिता सभाजीत चौरसिया की तहरीर पर पुलिस ने पति, सास, ससुर, तीन जेठ और एक देवर के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। लालगंज कोतवाली प्रभारी आलोक कुमार ने बताया कि मामले में दहेज हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
देवास में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार रात नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं की हिरासत के विरोध में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और पोस्टर जलाए। प्रदर्शन रात करीब 9:30 बजे शहर के मंडूक पुष्कर तालाब क्षेत्र से शुरू हुआ। यहां बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जुटे और धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने रैली निकाली, जो सयाजी द्वार पहुंची। सयाजी द्वार पर कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के नेताओं के पोस्टर जलाकर विरोध जताया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने के आरोपप्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी और अन्य नेताओं को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया। प्रदर्शन में शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रयास गौतम सहित कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मंदसौर शहर की चक्रवर्ती कॉलोनी में मंगलवार को आवारा सांडों की लड़ाई के दौरान एक महिला और तीन मासूम बच्चे उनकी चपेट में आ गए। घटना उस समय हुई जब स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चे घर लौट रहे थे। दो सांड आपस में लड़ते-लड़ते अचानक लोगों की ओर दौड़ पड़े और महिला समेत चार लोगों को टक्कर मार दी। हादसे में सभी सड़क पर गिर पड़े। गनीमत रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर चक्रवर्ती कॉलोनी की सड़क पर दो आवारा सांड आपस में भिड़ गए थे। उसी समय स्कूल से छुट्टी के बाद तीन बच्चे अपने घर लौट रहे थे। सड़क पर सांडों की लड़ाई देखकर पास खड़ी एक महिला ने बच्चों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से उन्हें सड़क किनारे रोक लिया और खुद भी उनके साथ खड़ी हो गई। अचानक लोगों की ओर दौड़ा सांड प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही देर में लड़ते-लड़ते एक सांड अचानक नियंत्रण खो बैठा और तेज रफ्तार से महिला और बच्चों की ओर दौड़ पड़ा। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, सांड ने महिला और तीनों बच्चों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि चारों सड़क पर गिर पड़े और आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना होते ही स्थानीय लोग मौके पर दौड़े और घायल महिला व बच्चों को संभाला। प्राथमिक जांच में सभी को मामूली चोटें और खरोंचें आईं। समय रहते लोगों की मदद मिलने से बड़ा हादसा टल गया। CCTV में कैद हुई पूरी घटना यह पूरी घटना कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। वीडियो में दो सांडों की लड़ाई, महिला द्वारा बच्चों को बचाने का प्रयास और अचानक हुए हमले का पूरा घटनाक्रम साफ दिखाई दे रहा है। मंगलवार रात से यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। नगर पालिका पर फूटा लोगों का गुस्सा हादसे के बाद स्थानीय रहवासियों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शहर में लंबे समय से आवारा सांडों और मवेशियों की समस्या बनी हुई है, लेकिन उन्हें पकड़ने या सुरक्षित स्थानों पर भेजने के लिए प्रभावी अभियान नहीं चलाया जा रहा। रहवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे आम लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा लगातार खतरे में बनी रहती है। पहले भी हो चुके हैं कई हादसे स्थानीय लोगों ने बताया कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले संजय हिल्स क्षेत्र में सांड के हमले में एक महिला की मौत हो चुकी है। वहीं सम्राट मार्केट में भी एक बुजुर्ग पर आवारा सांड ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बावजूद जिम्मेदार विभाग की ओर से स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। रहवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से शहर में घूम रहे आवारा मवेशियों को तत्काल पकड़ने और प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
अब्बुपुर में शराब माफिया ने की गोलीबारी, महिला घायल:किसान पर जानलेवा हमला, आरोपी की तलाश जारी
नालंदा जिले के करायपरसुराय थाना क्षेत्र के अब्बुपुर गांव में मंगलवार सुबह कथित शराब माफियाओं ने गोलीबारी की। इस घटना में महिला गोली लगने से घायल हो गई, जबकि बदमाशों ने एक किसान पर जानलेवा हमला किया। घायल महिला की पहचान अब्बुपुर गांव निवासी सरयू बिंद की 40 वर्षीय पत्नी मालती देवी के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों ने उन्हें तुरंत करायपरसुराय के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों ने बताया कि महिला के बाएं हाथ में गोली का छर्रा लगा है। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव का राजकुमार पासवान अपने साथियों के साथ घटना को अंजाम देकर फरार हो गया। वह अवैध शराब के कारोबार से जुड़ा बताया जा रहा है। हिलसा अनुमंडल पुलिस अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी की पहचान कर ली गई है और प्राथमिकी दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। स्थानीय थाना प्रभारी सुशील कुमार पासवान ने पुष्टि की कि शराब कारोबारी राजकुमार पासवान के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज की गई है और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
लखनऊ में 4 दिन बारिश का अलर्ट:बरसात के बादल एक्टिव; 86% नमी ने बढ़ाई उमस, 28°C में 34°C जैसी गर्मी
लखनऊ में बुधवार सुबह से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। सुबह तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन 86% नमी के कारण लोगों को 34 डिग्री जैसी गर्मी महसूस हुई। दिनभर बादल छाए रहने के साथ रुक-रुककर बारिश की संभावना है। चिपचिपी गर्मी से लोग परेशान बुधवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। शहर में 23 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही है। नमी अधिक होने के कारण लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम में हल्की धुंध (मिस्ट) की वजह से विजिबिलिटी घटकर करीब 4.02 किलोमीटर रह गई है। पूरे शहर में बारिश के बादल सक्रिय मौसम विभाग के अनुसार लखनऊ और आसपास के इलाकों में बारिश वाले बादल सक्रिय हैं। ऐसे में दिन में कभी भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। यदि कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश होती है तो निचले इलाकों में जलभराव और प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रभावित हो सकता है। शनिवार तक बारिश के आसार पूर्वानुमान के मुताबिक, गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को भी राजधानी में रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। रविवार को गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसूनी गतिविधियां फिलहाल सक्रिय बनी हुई हैं, इसलिए लोगों को बारिश और उमस दोनों का सामना करना पड़ सकता है।
बरेली में बुधवार (22 जुलाई) की सुबह तेज धूप के साथ हुई। सुबह से आसमान पूरी तरह साफ है और अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। शहर में करीब 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, जिससे सुबह के समय लोगों को हल्की ठंडक का एहसास हुआ। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार दोपहर में उमस बढ़ सकती है और गर्मी लोगों को परेशान करेगी। आज बारिश की भी संभावनामौसम विभाग के अनुसार दिन में कहीं-कहीं मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। सुबह धूप खिलने के बावजूद चल रही ठंडी हवाओं से मौसम फिलहाल सुहावना बना हुआ है। मौसम में बदलाव के चलते शाम तक कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। 22 से 25 जुलाई तक मानसून रहेगा कमजोरमौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र कमजोर पड़ने के बाद प्रदेश में मानसूनी सक्रियता में कमी के संकेत मिले हैं। मानसूनी द्रोणी दक्षिण की ओर खिसकने के कारण 22 से 25 जुलाई के बीच उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश का दौर कमजोर रहेगा। इस अवधि में प्रदेश के कुछ स्थानों पर केवल हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 26 जुलाई से फिर बढ़ेगी बारिशमौसम विभाग का अनुमान है कि 26 जुलाई से प्रदेश में एक बार फिर मानसूनी गतिविधियां तेज हो सकती हैं। हाल के दिनों में हुई अच्छी बारिश के कारण उत्तर प्रदेश में औसत वर्षा विचलन -29 प्रतिशत से घटकर -18 प्रतिशत पर पहुंच गया है, जो अब सामान्य श्रेणी में माना जा रहा है।
झारखंड लोकसेवा आयोग की नियुक्ति परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई। झारखंड लोक सेवा आयोग के कार्यालय सहित कुल आठ स्थानों पर सीआईडी और रांची पुलिस ने छापेमारी की। जांच के दौरान परीक्षा संचालित करने वाली एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्रा. लि. (टीडीपीएल) के ठिकानों को भी खंगाला गया। इस कार्रवाई में जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता के साथ डेटा एंट्री, प्रोग्रामिंग और परीक्षा प्रबंधन से जुड़े आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है। साथ ही टीडीपीएल के कार्यालय को सील कर दिया गया। इसी बीच देर शाम जेपीएससी के चेयरमैन एल ख्यांगते ने इस्तीफा दे दिया, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। डिजिटल फॉरेंसिक जांच शुरू, सीएम कर रहे मॉनिटरिंग सिटी एसपी पारस राणा के नेतृत्व में मंगलवार को शुरू हुई छापेमारी देर रात तक जारी रही। टीम ने जेपीएससी कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों और कंप्यूटरों की गहन जांच की और महत्वपूर्ण सामग्री जब्त कर ली। टीडीपीएल से जुड़े रिकॉर्ड्स को भी खंगालते हुए कई अहम डिजिटल साक्ष्य जुटाए गए हैं। राज्य सरकार ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस और सीआईडी की टीम ने जब्त दस्तावेजों और कंप्यूटरों की जांच के लिए डिजिटल फॉरेंसिक टीम को लगाया है। वहीं, छापेमारी की कार्रवाई आज भी जारी रहने की बात कही गई है, जबकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पहले श्वेता के घर की तलाशी, फिर हिरासत में लिया सीआईडी की टीम ने सबसे पहले जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता से पूछताछ की। फिर उन्हें लेकर वर्धमान कंपाउंड स्थित उनके घर पर गई। वहां तलाशी लेने के बाद टीम फिर श्वेता को लेकर जेपीएससी ऑफिस पहुंची। दस्तावेजों की जांच की। इसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। इस छापेमारी के दौरान पूरे जेपीएससी कार्यालय की पुलिस ने घेराबंदी कर रखी थी। किसी को बाहर जाने नहीं दिया गया। इनके खिलाफ चल रही जांच इन बिंदुओं पर जांच कर रही है सीआईडी जानिए... कैसे बढ़ता गया विवाद बड़े सवाल... जो गड़बड़ियों का इशारा कर रहे
नर्मदापुरम लंबे इंतजार के बाद नर्मदापुरम जिले में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। पिछले 24 घंटे से जिलेभर में लगातार बारिश का दौर जारी है। कहीं तेज तो कहीं रिमझिम बारिश ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया है। मंगलवार रात करीब 7:45 बजे शुरू हुई तेज बारिश आधी रात तक जारी रही, जिससे शहर में 2 इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई। लगातार बारिश से तापमान में 1 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आई है और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली है। जिले के नर्मदापुरम शहर के अलावा इटारसी, पिपरिया, सोहागपुर, सिवनी मालवा, बनखेड़ी और पचमढ़ी में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक वर्षा नर्मदापुरम और सोहागपुर में हुई। पिछले 24 घंटे में नर्मदापुरम में 4 इंच, सोहागपुर में करीब 3 इंच पानी रिकॉर्ड किया गया। चार दिन तक सक्रिय रहेगा मानसून मौसम वैज्ञानिक वी.एस. यादव के अनुसार, ऊपरी हवाओं में बने चक्रवाती परिसंचरण और प्रदेश से गुजर रही मानसून ट्रफ के प्रभाव से जिले में 22 से 25 जुलाई तक मानसून सक्रिय रहेगा। इस दौरान अधिकांश क्षेत्रों में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान जारी किया है। बारिश से बदला मौसम, बढ़ी ठंडक लगातार बारिश के कारण जिले में मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया है। दिनभर आसमान बादलों से घिरा रहा और बीच-बीच में तेज बारिश होती रही। तापमान में गिरावट आने से लोगों को कई दिनों बाद गर्मी और उमस से राहत मिली। शहर के कई निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति भी बनी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पर्याप्त नमी पहुंची है। किसानों के चेहरों पर लौटी मुस्कान लगातार बारिश नहीं होने से किसान खरीफ फसलों को लेकर चिंतित थे। विशेष रूप से सोयाबीन और धान की फसल पर सूखे का असर दिखाई देने लगा था। अब बारिश शुरू होने के बाद किसानों ने राहत की सांस ली है। जिले के कई गांवों में किसान धान की रोपाई में जुट गए हैं, जबकि सोयाबीन की फसल की देखरेख और खेतों में जल निकासी का काम भी शुरू हो गया है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बारिश जारी रही तो खरीफ फसलों को पर्याप्त नमी मिलेगी और उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ेगा। अगले कुछ दिन बरतें सावधानी मौसम विभाग ने आगामी चार दिनों तक बारिश और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों और किसानों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश से जिले के जलाशयों और नदियों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।
डबोक पुलिस ने कार से 53.40 ग्राम MD जब्त की:नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने युवक को गिरफ्तार किया
उदयपुर जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत डबोक थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने 53.40 ग्राम एमडी के साथ युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कार भी जब्त की है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रजत विश्नोई और सर्किलअधिकारी गोपाललाल के सुपरविजन में की गई। 18 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर डबोक थाना पुलिस और डीएसटी की टीम ने नाकाबंदी की। इस दौरान संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली गई। कार से 53.40 ग्राम एमडी बरामद तलाशी के दौरान कार चालक के पास प्लास्टिक की एक छोटी पारदर्शी थैली में 53.40 ग्राम एमडी बरामद हुई। पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान कैलाश,निवासी गुडली, ब्राह्मणों की बावड़ी, थाना डबोक के रूप में बताई। पुलिस द्वारा आरोपी से मादक पदार्थ रखने का वैध लाइसेंस या अनुमति पत्र मांगा गया, लेकिन वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया और घटना में प्रयुक्त कार को भी जब्त कर लिया। मामले की जांच थानाधिकारी फतहनगर महेन्द्रलाल द्वारा की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी के पास बरामद एमडी कहां से लाई गई थी और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। साथ ही, इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई में थानाधिकारी गोपाललाल, डीएसटी प्रभारी विक्रमसिंह, डीएसटी के अधिकारी अक्षयेश्वर कुमार और हेड कांस्टेबल अर्जुन सिंह सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
राम मंदिर ट्रस्ट की आज अहम बैठक:चढ़ावा चोरी जांच, सीईओ नियुक्ति और ट्रस्टी चयन पर सबकी नजर
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुधवार को होने वाली महत्वपूर्ण बैठक पर देशभर की निगाहें टिकी हैं। चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद यह पहली बड़ी बैठक है, जिसमें मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था, पारदर्शिता और भविष्य की कार्ययोजना पर मंथन होने की संभावना है। बैठक से पहले मंगलवार को वैदेही भवन में विश्व हिंदू परिषद और ट्रस्ट के कई शीर्ष पदाधिकारियों की मौजूदगी ने चर्चाओं को और तेज कर दिया। सूत्रों के अनुसार ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) के चयन पर तत्काल फैसला होना मुश्किल दिख रहा है। तीन सदस्यीय चयन समिति को सैकड़ों आवेदन प्राप्त हुए हैं और उनकी स्क्रीनिंग अभी पूरी नहीं हो सकी है। ऐसे में समिति तीन नाम ट्रस्ट के समक्ष पेश नहीं कर पाएगी, जिसके कारण बैठक में इस विषय पर अंतिम निर्णय टल सकता है। चढ़ावा चोरी की एसआईटी जांच अंतिम दौर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी ने 70 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए हैं। दान संग्रह, गणना, बैंक तक परिवहन, सुरक्षा व्यवस्था और संबंधित दस्तावेजों का मिलान अंतिम चरण में है। सीसीटीवी फुटेज, अभिलेख और गवाहों के बयानों का विश्लेषण कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। एसआईटी को 30 जुलाई तक अपनी अंतिम रिपोर्ट शासन को सौंपनी है। हालांकि अंतिम रिपोर्ट बैठक तक उपलब्ध होती है या नहीं, इस पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। ट्रस्टियों के रिक्त पदों पर भी मंथन बैठक में ट्रस्ट के रिक्त पदों को भरने को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार विभिन्न धार्मिक और सामाजिक क्षेत्रों से कई नामों पर विचार चल रहा है। विश्व हिंदू परिषद की ओर से भी कुछ नाम प्रस्तावित किए गए हैं। अंतिम निर्णय ट्रस्ट की सहमति के बाद ही होगा। बैठक से पहले बढ़ी राजनीतिक और धार्मिक हलचल मंगलवार को वैदेही भवन में ट्रस्ट महासचिव कृष्ण मोहन, कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरि सहित विश्व हिंदू परिषद के कई वरिष्ठ पदाधिकारी पहुंचे। बंद कमरे में हुई बैठक को बुधवार की प्रस्तावित बैठक की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि किसी भी पदाधिकारी ने आधिकारिक तौर पर चर्चा का विषय सार्वजनिक नहीं किया। पारदर्शिता और जवाबदेही पर रहेगा फोकस चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में कदम उठा रहा है। माना जा रहा है कि भविष्य में दान प्रबंधन, वित्तीय निगरानी, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। बुधवार की बैठक में लिए जाने वाले निर्णय मंदिर प्रबंधन की आगामी कार्यप्रणाली की दिशा तय कर सकते हैं।
नालंदा जिले के रहुई प्रखंड परिसर स्थित कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय की एक छात्रा से नाली साफ कराने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक छात्रा नाली की सफाई करती दिख रही है, जबकि विद्यालय की वॉर्डन मौके पर खड़ी नजर आ रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है और विद्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित माहौल प्रदान करना है, न कि उनसे सफाई जैसे कार्य कराना। लोगों ने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि विद्यालय के पास ही प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) सहित कई सरकारी कार्यालय स्थित हैं, इसके बावजूद ऐसी घटना का सामने आना गंभीर है। प्रखंड प्रमुख बाबूलाल राम ने आरोप लगाया कि उन्होंने स्वयं छात्रा को नाली साफ करते देखा था। उनके अनुसार, उन्होंने कई बार वॉर्डन को छात्राओं से इस प्रकार का कार्य न कराने की सलाह दी थी, लेकिन उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने बताया कि मंगलवार को भी छात्रा से सफाई कराई गई थी, जिसका वीडियो अब वायरल हो गया है। इस संबंध में बीडीओ धर्मराज कुमार ने कहा कि वायरल वीडियो की जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ का कदम रसूल वार्ड सीतापुर रोड से सटा हुआ है। 100 साल से अधिक पुराने शिया पीजी कॉलेज इसी वार्ड में आता है। यह इलाका आज भी सीवर, जलभराव, गंदगी और टूटी सड़कों जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई जगह सीवर का कनेक्शन सीधे नालियों में कर दिया गया है, जिससे नालियां ओवरफ्लो हो रही हैं। वहीं, शिया पीजी कॉलेज के पास मुख्य सड़क पर कूड़ा डंप होने से ट्रैफिक जाम और संक्रमण का खतरा बना रहता है। जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा है। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में लापरवाही के आरोप भी लग रहे हैं। शिया पीजी कॉलेज के पास मेन रोड पर कूड़ा डंप हो रहा है। जिस कारण अक्सर ट्रैफिक जाम लगा रहता है। कॉलेज के छात्रों को इसी कूड़े के ढेर से होकर गुजरना पड़ता है। इसके आसपास रहने वाले लोग भी बीमारी का शिकार हो रहे हैं। दैनिक भास्कर एप 'वार्ड परिक्रमा' मुहिम चला रहा है। इसके तहत नगर निकाय के वार्डों की वास्तविक स्थिति जानने की कोशिश की जा रही है। इसी क्रम में हमारी टीम लखनऊ नगर निगम के वार्ड-84, कदम रसूल वार्ड वार्ड पहुंची। यहां के प्रमुख कॉलोनियों, मोहल्लों, इलाकों का हाल जाना। निवासियों से बात कर उनकी समस्या समझने की कोशिश की। पहले वार्ड की ग्राउंड रियलिटी की तस्वीरें- वार्ड की बड़ी समस्याएं… जलभराव से लोग परेशान. शाहदोशी शाह इलाके में हर बारिश के साथ जलभराव की समस्या गंभीर हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसका मुख्य कारण नालों और नालियों की नियमित सफाई न होना है। आरोप है कि हल्की बारिश में ही सड़कें तालाब बन जाती हैं और सीवर का गंदा पानी घरों तक पहुंच जाता है। दुर्गंध और गंदगी के बीच लोगों को रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है। मानसून शुरू होते ही बच्चों का घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। अधिक बारिश होने पर कई बार स्कूल भी नहीं जा पाते और अभिभावकों को छुट्टी करानी पड़ती है। गंदगी का अंबार. क्षेत्र की कई नालियां गंदगी से बजबजा रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रह करने वाली कार्यदायी संस्था एलएसए (LSA) पर भी अपनी जिम्मेदारी सही ढंग से नहीं निभाने का आरोप है। लोगों का कहना है कि कूड़ा उठाने वाली गाड़ी कभी-कभार ही आती है। खाली पड़े प्लॉट कूड़ा घर में तब्दील हो गए हैं। शिया कॉलेज से करीब 20 मीटर पहले एक स्थान पर अनौपचारिक कूड़ा डंपिंग प्वाइंट बन गया है, जहां स्थानीय लोगों के साथ सफाईकर्मी भी कूड़ा डाल देते हैं। इससे आसपास गंदगी फैलने के साथ ट्रैफिक जाम और अन्य समस्याएं भी पैदा हो रही हैं। टूटी सड़क से बढ़ रहा हादसों का खतरा. इसी वार्ड में मोहन मेकिंग से डालीगंज छत्ते की ओर जाने वाली डामर सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। बारिश के दौरान सड़क पर बने गड्ढे पानी से भर जाते हैं, जिससे उनका अंदाजा नहीं लग पाता और अक्सर हादसे होते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को होती है, जो आने-जाने के लिए ई-रिक्शा का सहारा लेते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार ई-रिक्शा गड्ढों में फंसकर पलटने की स्थिति में पहुंच जाते हैं। वहीं, पास की खन्ना कॉलोनी में आज तक पक्की सड़क नहीं बनी। लोगों का आरोप है कि कॉलोनी बसने के बाद से आज तक सड़क निर्माण नहीं कराया गया। पढ़िए स्थानीय लोगों ने क्या कहा… 30 सालों से नहीं बनी गली खन्ना वाली गली के निवासी है गुफरान ने सड़क की समस्या बताई। उन्होंने बताया कि पिछले 30 सालों से अपनी गली को कच्ची देख रहे हैं। आज तक कभी सुना ही नहीं कि यहां पत्थर लगा हो या पक्की बनी हो। बगल में बंधा है जब बारिश होती है तो उसका पानी भी हमारी गली में ही आ जाता है। इस वजह से जल भराव दोगुना हो जाता है। क्षेत्र में रहने वाले सभी लोग इससे परेशान रहते हैं। अगर कोई बीमार हो जाए तो अस्पताल ले जाने में दिक्कत, बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी। कई जगह शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। हम लोगों ने भी अब उम्मीद छोड़ दिया जब कभी निर्माण होना होगा तो हो जाएगा। रेलवे और नगर निगम बीच फंसा नाला निर्माण बिस्ती मोहल्ले के निवासी मुकेश ने बताया कि उनकी दुकान के पास खुला नाला है। ये नाला नगर निगम और रेलवे के बीच में विवादित है। जिस वजह से इसका निर्माण नहीं हो रहा है। दोनों के बीच में आम आदमी पिस रहा है परेशान हो रहा है। लगभग 40 साल हो गया है हम लोग इसे खुला हुआ देख रहे हैं। मानसून शुरू हो चुका है जब बारिश होती है तो नाला ओवरफ्लो हो जाता है पूरी गंदगी और मलबा बाहर आने लगता है जो लोगों के घरों में जाता है। क्षेत्र में गंदगी बढ़ती है तो बीमारी फैलती है और आम आदमी जो कमाता है वह दवा इलाज में लगा देता है। रेलवे का दावा है कि यह जगह उसकी है मगर काम नहीं कर रहा। सीवर की सफाई न होने से परेशान पुरानी बास मंडी, खदरा निवासी शमीम बानो ने बताया कि इलाके में सीवर और नालों की नियमित सफाई नहीं होने से जलभराव की समस्या लगातार बनी रहती है। नालियां पूरी तरह चोक हो चुकी हैं। हल्की बारिश होते ही नालियों और सीवर का गंदा पानी घरों में घुस जाता है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि जब स्थिति ज्यादा खराब हो जाती है तो स्थानीय लोग अपने खर्च पर निजी कर्मचारियों से नालों की सफाई कराते हैं। इसके अलावा क्षेत्र में सफाईकर्मी नियमित रूप से नहीं आते, जिसके कारण जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। घर के सामने बना दिया डंपिंग प्वाइंट सीतापुर रोड पर कूड़ा डंप किए जाने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। वहीं रहने वाली बिसारिया परिवार की एक महिला ने बताया कि कूड़ा डंपिंग के कारण सांस लेना तक मुश्किल हो गया है। इस समस्या को लेकर मेयर, नगर आयुक्त, जोनल अधिकारी समेत सभी जिम्मेदार अधिकारियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। डंप किए गए कूड़े को उठाने का कोई निश्चित समय नहीं है। कई-कई दिनों तक कूड़ा वहीं पड़ा रहता है, जिससे तेज दुर्गंध फैलती है और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। परिवार में वरिष्ठ नागरिक रहते हैं, जो अक्सर इससे प्रभावित होते हैं। गंदगी और बदबू के कारण घर आने वाले मेहमानों को भी काफी परेशानी होती है। महिला ने कहा कि किसी के घर के सामने कूड़ा डंपिंग प्वाइंट बना देना पूरी तरह गलत है। इससे आसपास रहने वाले लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है और प्रशासन को जल्द से जल्द इसका स्थायी समाधान करना चाहिए। नाला ढकने से मिली राहत मशालची टोला के रहने वाले शिराज ने बताया कि खुले नाले पर निर्माण से राहत मिली है। मोहल्ले में नाला जो काफी लंबा और चौड़ा है खुला हुआ था। इसमें कई तरह के हादसे हुए बच्चों का गिर जाना बारिश के मौसम में जल भराव की वजह से लोगों का घरों में कैद हो जाना आम बात थी। इसके अलावा डेड बॉडी भी नाले में गिर चुकी है। मगर यह पहला सीजन है कि किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा नाला निर्माण से परेशानियों से राहत मिल गई है। नाले का निर्माण हुआ , सबमर्सिबल लगवाया कदम रसूल वार्ड के पार्षद नदीम खान ने बताया कि 3 साल का पार्षदी का कार्यकाल पूरा हुआ। इस दौरान क्षेत्र में विकास के काफी काम किया। वार्ड में सबसे बड़ी परेशानी मशालची टोला में खुला हुआ नाला था उसके ऊपर सिलेप पड़ी , कई दशक से यह नाला खुला था। इसके अलावा क्षेत्र में एक बड़ा और तीन मिनी ट्यूबवेल लगवाए गए हैं। पानी की किल्लत को दूर करने के लिए 70 सबमर्सिबल अलग-अलग इलाकों में लगवाए गए। पुरानी सीवर लाइन क्षेत्र की बड़ी समस्या क्षेत्र की बड़ी परेशानी जल निकासी की है मुख्य रूप से मशालची टोला, पुरानी बासमंडी और भांडू टोला में यह समस्या रहती है। सीवर लाइन पुरानी होने की वजह से लोग इससे परेशान हैं। क्षेत्र में जो बजट के अनुरूप काम है उसे किया जा रहा है। कई ऐसे बड़े काम है जो पार्षद की बजट के बाहर है उसे विधायक निधि या विशेष बजट के द्वारा पूरा किया जा सकता है तब जाकर क्षेत्र चमकेगा।
नालंदा में शनिवार के सड़क हादसे में घायल 14 साल की किशोरी की इलाज के दौरान बुधवार की सुबह मौत हो गई। मृतका गंगा बिगहा गांव निवासी रमेश प्रसाद की बेटी रत्नशीला कुमारी है। मृतका के भाई रोहित कुमार ने बताया कि रत्नशीला कुमारी तीन बहनों और दो भाइयों में सबसे छोटी थी और गांव के ही एक निजी स्कूल में छठी कक्षा में पढ़ाई करती थी। शनिवार की सुबह वह साइकिल से बहन के यहां दीपनगर बाजार जा रही थी। इसी दौरान, रास्ते में एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने उसकी साइकिल को टक्कर मार दी। आरोप है कि ट्रैक्टर करीब 100 मीटर तक उसे अपने साथ घसीटते हुए चला गया, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गई। घटना दीपनगर थाना क्षेत्र के दीपनगर गांव की है। हायर सेंटर रेफर किया गया था घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से इलाज के लिए बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया था।परिजन उसे एक निजी क्लीनिक में इलाज करवा रहे थे। बुधवार की सुबह अचानक उसकी तबीयत अधिक बिगड़ गई, जिसके बाद परिजन उसे लेकर दोबारा बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल पहुंचे, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। टक्कर मारने वाले की हुई पहचान दीपनगर थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष ने यह भी बताया कि टक्कर मारने वाले ट्रैक्टर की पहचान कर ली गई है। परिजनों की ओर से लिखित आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मिर्जापुर में श्रावण मास और कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण व सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से मंगलवार को डीआईजी पूनम और एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने नगर के विभिन्न गंगा घाटों और कांवड़ यात्रा मार्गों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने बरियाघाट समेत प्रमुख घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को श्रावण मास शुरू होने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। डीआईजी और एसपी ने कांवड़ यात्रा के निर्धारित मार्गों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने, संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि श्रावण मास के दौरान गंगा घाटों और शिवालयों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसलिए, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था से संबंधित सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
फायरिंग करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार:मुरैना में मेड़ के विवाद में की थी फायरिंग, दो बंदूक बरामद
मुरैना शहर के अंबाह बायपास स्थित खेत की मेड़ तोड़ने के विवाद में फायरिंग करने वाले दो आरोपियों को सिविल लाइन थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई 12 बोर बंदूक और 315 बोर कंपनी मेड राइफल जब्त की है। मामले में आर्म्स एक्ट की धाराएं भी बढ़ाई गई हैं। खेत की मेड़ तोड़ने को लेकर हुआ था विवाद सिविल लाइन थाना पुलिस के अनुसार, फरियादी हरीसिंह राठौर ने 16 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 15 जुलाई की सुबह करीब 9 बजे वह अंबाह बायपास स्थित सीवर प्लांट के पास अपने खेत पर पहुंचे थे। वहां गिर्राज डंडौतिया, टिंक डंडौतिया और हरीओम डंडौतिया ट्रैक्टर से खेत की मेड़ तोड़कर उसे अपने खेत में मिला रहे थे। विरोध करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज की। शिकायत के अनुसार, शैलेन्द्र उर्फ शैल डंडौतिया और टिंक डंडौतिया ने फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घनश्याम पैलेस के पास से गिरफ्तारी सिविल लाइन थाना प्रभारी टीआई उदयभान यादव ने बताया कि पुलिस ने अंबाह बायपास स्थित घनश्याम पैलेस के पास दबिश देकर फरार चल रहे दो आरोपियों टिंक उर्फ जितेंद्र डंडौतिया और शैलू उर्फ शैलेन्द्र डंडौतिया को गिरफ्तार किया। हथियार जब्त, आर्म्स एक्ट की धाराएं बढ़ीं पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई 12 बोर बंदूक और 315 बोर कंपनी मेड राइफल बरामद की है। मामले में आर्म्स एक्ट की धाराएं भी बढ़ा दी गई हैं। साथ ही आरोपियों के शस्त्र लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई भी प्रस्तावित की गई है।
बक्सर के पुराना भोजपुर गांव निवासी पूर्व असम राइफल्स जवान अतुल कुमार सैनी की झारखंड के चतरा में गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना मंगलवार दोपहर को हुई। चौंकाने वाली बात यह है कि उनकी हत्या किसी अपराधी ने नहीं, बल्कि उनके ही सहकर्मी निजी सुरक्षा गार्ड ने की। दोनों के बीच खैनी को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद आरोपी ने अतुल पर गोली चला दी। अतुल कुमार सैनी कुछ वर्ष पहले असम राइफल्स की नौकरी छोड़ चुके थे। इसके बाद वह गया जिले के बेलागंज विधानसभा क्षेत्र की विधायिका मनोरमा देवी के बेटे रॉकी यादव उर्फ विनीत यादव के निजी सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत थे। पुलिस अधीक्षक से सरकारी आवास गए थे मिलने मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे रॉकी यादव किसी कार्य से चतरा के पुलिस अधीक्षक अनिमेष नाथवानी से मिलने उनके सरकारी आवास पहुंचे थे। इस दौरान उनके दोनों निजी सुरक्षा गार्ड अतुल कुमार सैनी और बलविंदर सिंह आवास के बाहर वाहन के पास मौजूद थे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान दोनों सुरक्षा गार्डों के बीच खैनी को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि बलविंदर सिंह ने अपना हथियार निकालकर अतुल कुमार सैनी पर गोली चला दी। गोली लगने से अतुल मौके पर गिर पड़े और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। गोली चलने की आवाज सुनते ही एसपी आवास पर तैनात पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए आरोपी बलविंदर सिंह को हथियार सहित गिरफ्तार कर लिया। खैनी को लेकर हुए विवाद में हत्या पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में खैनी को लेकर हुए विवाद के बाद हत्या की बात सामने आई है, हालांकि पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। इधर, अतुल कुमार सैनी की मौत की खबर उनके पैतृक गांव पुराना भोजपुर पहुंचते ही पूरे गांव में मातम छा गया। परिजनों के घर पर लोगों की भीड़ जुट गई और वे परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। 3 साल पहले की थी शादी अतुल कुमार सैनी एक शिक्षित और सम्मानित परिवार से थे। उनके पिता लक्ष्मण प्रसाद सैनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता स्वर्गीय उषा देवी वर्ष 2006 से 2011 तक पुराना भोजपुर पंचायत की सरपंच रह चुकी थीं। चार भाई-बहनों में अतुल दूसरे स्थान पर थे। करीब तीन साल पहले उनकी शादी उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के सहतवार निवासी निक्की कुमारी से हुई थी। उनकी डेढ़ वर्ष की एक बेटी माही कुमारी है। अतुल अपनी पत्नी और बेटी के साथ गया के एपी कॉलोनी में किराये के मकान में रहते थे। घटना की सूचना मिलते ही पिता लक्ष्मण प्रसाद सैनी सहित अन्य परिजन गया के लिए रवाना हो गए। पूरे बक्सर जिले में इस घटना को लेकर शोक का माहौल है। वहीं पुलिस आरोपी से पूछताछ कर हत्या के पीछे की पूरी वजह और घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है।
बाराबंकी जिले के सुबेहा थाना क्षेत्र के कमेला गांव में पानी निकासी को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। यह विवाद हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें लाठी-डंडों का इस्तेमाल हुआ। घटना में कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें से एक युवक को गंभीर हालत में लखनऊ रेफर किया गया है। पीड़िता कमलेश कुमारी द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, यह घटना शाम करीब पांच बजे हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोगों ने पानी निकासी के विवाद को लेकर मारपीट शुरू कर दी। हमलावरों ने लाठी-डंडों से हमला किया, जिसमें बीच-बचाव करने आए मनोज, अनुज और ऋषि भी घायल हो गए। 4 तस्वीरें देखिए- घायल मनोज को पहले हैदरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे लखनऊ रेफर कर दिया। कमलेश कुमारी ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद विपक्षी पक्ष ने उन्हें गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने सुबेहा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सुबेहा थानाध्यक्ष बेचू यादव ने बताया कि एक पक्ष की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि दूसरे पक्ष की ओर से भी शिकायत प्राप्त हुई है, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार रात श्रावस्ती में प्रदर्शन हुआ। भिनगा के ईदगाह तिराहे पर देर रात करीब 11 बजे तक सपा और कांग्रेस के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और दोनों नेताओं की रिहाई की मांग उठाई। यह प्रदर्शन सपा विधायक इंद्राणी वर्मा और जिलाध्यक्ष सर्वजीत यादव के नेतृत्व में हुआ। इसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष विद्यामणि त्रिपाठी भी प्रदर्शन में कुछ देर बाद शामिल हुए, जहां दोनों दलों के नेताओं ने एक साथ विरोध दर्ज कराया।प्रदर्शन स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन कर रही है। उन्होंने अखिलेश यादव और राहुल गांधी को हिरासत में लेने को अलोकतांत्रिक कदम बताया। नेताओं ने कहा कि उनकी पार्टी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन कर रही है। इस बीच, कांग्रेस जिलाध्यक्ष विद्यामणि त्रिपाठी, अमन पांडेय और चंद्रपाल यादव को पुलिस द्वारा उनके घरों में नजरबंद किए जाने की भी जानकारी मिली है। दिल्ली की कार्रवाई के विरोध में श्रावस्ती के अलावा उत्तर प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी सपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया। इन प्रदर्शनों से दोनों दलों के बीच राजनीतिक एकजुटता भी देखने को मिली।
ग्वालियर हाईकोर्ट की एकलपीठ ने कर्मचारी सेवा नियमों को लेकर अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि केवल अनधिकृत अनुपस्थिति के आधार पर किसी कर्मचारी को नौकरी से हटाना या अनिवार्य सेवानिवृत्त करना उचित नहीं है। विभागीय जांच में यह स्पष्ट रूप से साबित होना चाहिए कि कर्मचारी जानबूझकर ड्यूटी से दूर रहा। इसके बिना इतनी कठोर सजा नहीं दी जा सकती। जस्टिस आनंद सिंह बहरावत की एकलपीठ ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी करन खरे की अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश निरस्त कर दिया। लश्कर निवासी करन खरे वर्ष 1998 से बैंक में कार्यरत हैं। बैंक ने उन पर 586 दिन बिना अनुमति अनुपस्थित रहने का आरोप लगाते हुए 24 जुलाई 2024 को अनिवार्य सेवानिवृत्ति की कार्रवाई की थी। विभागीय अपील और पुनरीक्षण याचिका खारिज होने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 'दंड आदेश में स्पष्ट कारण होना जरूरी' सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अनुशासनात्मक प्राधिकारी अर्ध-न्यायिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए उनके आदेश तथ्यों और स्पष्ट कारणों पर आधारित होने चाहिए। दंड आदेश में यह भी बताया जाना चाहिए कि कर्मचारी के पक्ष को क्यों स्वीकार नहीं किया गया। कोर्ट ने पाया कि बैंक के आदेश में कहीं भी यह नहीं बताया गया कि कर्मचारी की अनुपस्थिति जानबूझकर थी। इसलिए यह आदेश कानूनी कसौटी पर सही नहीं ठहरता। बीमारी के दस्तावेज दिए, फिर भी नहीं माना बैंक याचिका में करन खरे ने कहा कि वर्ष 2019 में उन्होंने तत्कालीन बैंक प्रबंधक के खिलाफ जातिगत प्रताड़ना की शिकायत की थी। इसके बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई। उन्होंने यह भी बताया कि अनुपस्थिति के दौरान वह गंभीर रूप से बीमार थे और इलाज से जुड़े मेडिकल दस्तावेज बैंक को दिए थे। इसके बावजूद बिना किसी चिकित्सकीय जांच के बैंक ने उन्हें संदिग्ध मान लिया। एक ही अवधि के लिए दोबारा सजा नहीं कर्मचारी की ओर से यह भी कहा गया कि वर्ष 2019 से 2021 के बीच की जिस अवधि को आधार बनाकर अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई, उसके एक हिस्से के लिए पहले ही विभागीय जांच के बाद लघु दंड दिया जा चुका था। ऐसे में उसी अवधि के आधार पर दोबारा कठोर कार्रवाई करना उचित नहीं है। हाईकोर्ट ने कहा कि विभागीय कार्रवाई में निष्पक्ष प्रक्रिया, पर्याप्त कारण और नियमों का पालन जरूरी है। केवल आरोपों के आधार पर किसी कर्मचारी के भविष्य पर कठोर फैसला नहीं लिया जा सकता।
सीतापुर। बनबसा और गिरजा बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के चलते सीतापुर के गांजरी इलाके में शारदा और घाघरा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार रात करीब 3.55 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद आगामी 24 घंटों में दोनों नदियों के जलस्तर में और वृद्धि होने की संभावना जताई गई है। हालांकि बुधवार सुबह 7 बजे तक दोनों नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही थीं, लेकिन बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार शारदा नदी खतरे के निशान से 0.39 मीटर नीचे जबकि घाघरा नदी 1.63 मीटर नीचे बह रही है। इसके बावजूद जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ और कटान का खतरा मंडराने लगा है। विकासखंड रामपुर मथुरा के बसंतपुर गांव में नदी धीरे-धीरे कटान कर रही है। कटान रोकने के लिए बनाए गए स्टड और मिट्टी के सुरक्षा कार्य भी नदी की तेज धार में प्रभावित हो रहे हैं। वहीं महमूदाबाद, रेउसा और अन्य तटवर्ती क्षेत्रों के दर्जनों गांवों के किनारे भी नदी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीण अपने घरों और खेती की जमीन को बचाने के प्रयास में जुटे हैं। रामपुर मथुरा क्षेत्र के कमहरिया, शुक्लपुरवा, प्यारेपुरवा समेत घाघरा नदी किनारे बसे कई गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष प्रशासन की ओर से कराए जाने वाले कटानरोधी कार्य नदी की तेज धार के सामने पर्याप्त साबित नहीं होते, जिसके कारण उपजाऊ कृषि भूमि लगातार नदी में समा रही है और अब कटान आबादी की ओर बढ़ने लगा है। उधर प्रशासन ने बाढ़ और कटान की स्थिति पर नजर रखने के लिए लहरपुर, महमूदाबाद और बिसवां तहसीलों के तटवर्ती गांवों में क्लस्टर वार लेखपालों सहित अन्य अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। अधिकारियों को नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
जौनपुर जिले में 109 स्कूली वाहनों का फिटनेस फेल पाया गया है। बार-बार नोटिस के बावजूद फिटनेस न कराने वाले विद्यालयों की मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह कार्रवाई 'मिशन सेफ फ्यूचर' अभियान के तहत हो रही है, जिसका उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। संभागीय निरीक्षक अशोक कुमार यादव ने बताया कि अभियान के दौरान कुल 109 स्कूली वाहन सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे। इन सभी वाहनों का फिटनेस अभी भी फेल है, जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। परिवहन विभाग ने संबंधित स्कूलों को तत्काल सभी वाहनों को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, जिला प्रशासन ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और जिला विद्यालय निरीक्षक (DDI) को पत्र भेजकर नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों की मान्यता रद्द करने की संस्तुति की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में मौसम विभाग ने आज भी कई जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। पूरे प्रदेश में अगले 5 दिनों तक मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है। रायपुर में सोमवार रात से लगातार बारिश हो रही है। पिछले 24 घंटे में बिलासपुर संभाग के कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई। वहीं रायगढ़ में लगातार बारिश से केलो नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिसके चलते केलो डैम के 4 गेट खोल दिए गए। बेलदुला रपटा पुल पर पानी चढ़ने लगा है। इससे पहले शहर में हुई तेज बारिश के कारण पैठू डबरी, चंद्रनगर की नामदेव गली और वार्ड नंबर-18 के कई घरों में घुटनों तक पानी भर गया था। बारिश की ये तस्वीरें देखें… तापमान की स्थिति प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड और राजनांदगांव में रिकॉर्ड किया गया। रायपुर का मौसम रायपुर में आज दिनभर बादल छाए रहने, बीच-बीच में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। अधिकतम तापमान 29C और न्यूनतम तापमान 25C के आसपास रहने का अनुमान है। प्रदेश में अब भी 22% कम बारिश छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार पूरे प्रदेश में एक जैसी नहीं है। 1 जून से अब तक प्रदेश में 348.5 मिमी (13.7 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस दौरान सामान्य तौर पर 444.6 मिमी (17.5 इंच) बारिश होनी चाहिए थी। यानी अब तक 22% कम बारिश हुई है और पूरा प्रदेश अभी भी सामान्य से कम वर्षा (डिफिशिएंट) श्रेणी में बना हुआ है।
रामपुर में कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रमिल कुमार शर्मा 'निक्कू पंडित' को बुधवार को प्रस्तावित किसान एवं जनहित आंदोलन से पहले मंगलवार-बुधवार की मध्यरात्रि 1 बजे उनके आवास पर नजरबंद कर लिया गया। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन और सरकार की दमनकारी नीति बताया है। जिलाध्यक्ष प्रमिल कुमार शर्मा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर 22 जुलाई को किसानों को यूरिया और डीएपी खाद की कथित कमी तथा स्मार्ट मीटर से बढ़े बिजली बिलों के विरोध में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन का कार्यक्रम था। उनका आरोप है कि आंदोलन को रोकने के लिए मंगलवार रात करीब 1 बजे सिविल लाइंस थाना पुलिस उनके आवास पर पहुंची और उन्हें घर से बाहर निकलने से रोक दिया। उन्होंने इसे 'हाउस अरेस्ट' बताते हुए कहा कि सरकार किसानों और आम जनता की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। शर्मा ने यह भी बताया कि स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद आंदोलन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया और दावा किया कि जनता सब कुछ देख रही है तथा समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि वे राहुल गांधी की विचारधारा से प्रेरित होकर किसानों, नौजवानों, मजदूरों और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से जारी रखेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस कार्रवाई या किसी भी दबाव से कांग्रेस कार्यकर्ता पीछे नहीं हटेंगे। हालांकि, कांग्रेस जिलाध्यक्ष के नजरबंद किए जाने के आरोपों पर पुलिस या जिला प्रशासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मुजफ्फरनगर में शहर के महावीर चौक पर मंगलवार देर रात समाजवादी पार्टी के धरना-प्रदर्शन के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब धरना स्थल पर पहुंचे एक युवक ने कथित रूप से प्रदर्शन का विरोध करते हुए अपशब्दों का इस्तेमाल किया कर दिया। इसके बाद मौके पर मौजूद सपा समर्थक भड़क गए और युवक की जमकर पिटाई कर दी। पूरी घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दरअसल, बीती रात करीब 10 बजे समाजवादी पार्टी और कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली में हुईं सपा–कांग्रेस की गिरफ्तारी के विरोध में महावीर चौक पर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति वहां पहुंचा और धरना-प्रदर्शन का विरोध करते हुए कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने लगा। देखते ही देखते माहौल अचानक। गर्म हो गया। मौके पर मौजूद सपा नेत्री मोनिका सिंह ने उस पर हमला बोल दिया। हालांकि उसे पुलिस ने बचाते हुए वहां से निकाल दिया। जैसे ही वो युवक अपनी कार की तरफ आगे बढ़ा तो पीछे से दौड़कर मोनिका के उसे फिर से दबोच लिया और पिटाई शुरू कर दी। इसी बीच एक अन्य कार्यकर्ता भी हाथ में डंडा लेकर पहुंचा और डंडे से दनादन मारना शुरू कर दिया। सपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस के सामने ही उस युवक को घेर लिया और उसकी जमकर मज़ामत कर दी। इस दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मी बीच-बचाव करते नजर आए, पुलिस की मौजूदगी में पिटाई होती रही। घटना के दौरान मौके पर मौजूद मीडिया के कैमरे में पूरा घटनाक्रम रिकॉर्ड हो गया। साथ ही मामले का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। प्रथमद्रष्टया आरोपी युवक नशे की हालत में प्रतीत हो रहा था। घटना के बाद कुछ देर के लिए महावीर चौक पर तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने किसी तरह माहौल को शांत कराया और आरोपी युवक को अपनी कस्टडी में ले लिया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि युवक कौन था और उसने विरोध किस कारण किया। हालांकि धरनारत सपा एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे बीजेपी की साज़िश करार दिया। ASP सिद्धार्थ के. मिश्रा ने बताया कि धरने पर अचानक एक संदिग्ध व्यक्ति पहुंचा और वो कुछ अपशब्द बोलने लगा, जिसके बाद सपा एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच आक्रोश फैल गया। पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग अलग किया और आरोपी को हिरासत में लेकर मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया।
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में दर्ज दुष्कर्म एवं पॉक्सो एक्ट के एक मामले के आरोपी को कथित रूप से नाबालिग साबित करने के लिए फर्जी जन्म प्रमाणपत्र तैयार कराने के आरोप में भिंड में बड़ी कार्रवाई हुई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के आदेश पर सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्कालीन नायब तहसीलदार, ग्राम पंचायत सचिव, पटवारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सरपंच सहित सात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सिटी कोतवाली पुलिस के अनुसार, न्यायालय के निर्देश पर उपनिरीक्षक जे.पी. शर्मा ने प्रकरण दर्ज किया। मामला महाराष्ट्र के ठाणे जिले के खड़वली थाना क्षेत्र में दर्ज दुष्कर्म एवं पॉक्सो एक्ट के एक आरोपी से जुड़ा है। आरोप है कि उसे कानूनी लाभ दिलाने के उद्देश्य से सरकारी अभिलेखों में हेरफेर कर नया जन्म प्रमाणपत्र तैयार कराया गया। जन्मतिथि में अंतर आने पर शुरू हुई कार्रवाई पुलिस में दर्ज प्रकरण के अनुसार, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उमरी के रिकॉर्ड में आरोपी की जन्मतिथि 12 दिसंबर 2006 दर्ज है, जबकि कथित रूप से तैयार कराए गए जन्म प्रमाणपत्र में 25 दिसंबर 2007 जन्मतिथि दर्शाई गई। आरोप है कि इस दस्तावेज का उपयोग आरोपी को नाबालिग साबित करने के उद्देश्य से किया गया। सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज पुलिस ने इस मामले में तत्कालीन नायब तहसीलदार मोहनलाल शर्मा, ग्राम पंचायत बिलाव के तत्कालीन सचिव शेरसिंह यादव, पटवारी संजीव शर्मा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रजनी जादौन, तत्कालीन सरपंच राजकुमार दुबे, कल्लू यादव और आशुतोष सिंह यादव के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। आरोप है कि इन सभी ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उसे प्रमाणित कराने की प्रक्रिया में भूमिका निभाई। बीएनएस की विभिन्न धाराओं में दर्ज हुआ केस सीजेएम के आदेश के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 336(2), 336(3), 340(1) और 340(2) के तहत एफआईआर दर्ज की है। मामले की जांच सिटी कोतवाली पुलिस कर रही है। दस्तावेजों और रिकॉर्ड की होगी विस्तृत जांच पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान स्कूल रिकॉर्ड, जन्म प्रमाणपत्र, पंचायत और राजस्व विभाग के अभिलेखों सहित सभी संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाएगी। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उदयपुर में ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट होने के बाद महीनों पुरानी सड़क के पैचवर्क की समस्या का समाधान हो गया। वहीं सीवरेज चेम्बर का टूटे ढक्कन की जगह नया लगा दिया गया। उदयपुर के अलग–अलग वार्डों से लोगों की भेजी हुईं अन्य समस्याओं के हल विभागीय समाधान की प्रक्रिया में हैं। पहले एक नजर उन समाधानों पर जिसने लोगों को राहत दी… पोस्ट के बाद पैचवर्क से सुधरी रोड उदयपुर के गगनदीप कुमावत ने अम्बा माता रोड से सड़क की खस्ताहाल की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि अम्बागढ़ एरिया में द जूनियर स्टडी स्कूल, एसआर नई मेन रोड पुलिया और होटल ब्रह्म कमल के आसपास जगह–जगह रोड टूटी हुई है। पैचवर्क न होने से बारिश में समस्या और बढ़ गई है। पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग ने पैचवर्क करवा गड्ढे भर दिए जिससे समस्या का हल हो गया। लोकेश गारु बने 'पब्लिक के स्टार' शहर के खेमपुरा स्थित मेवाड़ खनिज गेट टाटा पावर के पास नाली के ऊपर का चैम्बर ढक्कन टूट गया था। इससे वहां से गुजरने वाले लोगों को काफी परेशानियां हो रही थी। भास्कर एप यूजर हरीश कुमार ने ‘भास्कर समाधान’ पर अपनी समस्या पोस्टकर इस मुद्दे को उठाया था। समस्या पोस्ट होने के बाद नगर निगम के जमादार लोकेश गारु ने इस समस्या का समाधान कर दिया है। अब स्थानीय लोगों की परेशानी दूर हो गई है। एप से लोगों को मिल रहा समाधान अपने क्षेत्र की समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों और जिम्मेदारों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर, गांव या गली की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान होना अभी बाकी हैं… 5 महीने से खराब पानी की टंकी उदयपुर के मनवाखेड़ा के श्रीजी चरण विहार कॉलोनी से विष्णु पटेल ने पानी की टंकी से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा है कि उनके क्षेत्र रामेश्वरम सोसायटी, मनवा खेड़ा, आदर्श नगर में पानी की बहुत किल्लत है। बीते पांच महीने से पानी की टंकी खराब है। शिकायत को विभाग एक–दूसरे पर टाल रहे हैं जबकि एरिया शहर मुख्यालय से महज 5 किलामीटर दूर है। कॉलोनी अब यूआईटी में कन्वर्ट हो चुकी है, फिर भी सुनवाई नहीं। डिवाइडर के बीच पड़ा पोल मनोज चौधरी ने सूरजपोल चौराहा से सड़क किनारे पड़े बिजली के पोल की शिकायत पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि फतेह मेमोरियल रोड पर डिवाइडर के बीच में कई दिनों से यह बिजली का पोल अलग कर के रखा हुआ है लेकिन इसे न तो हटाया जा रहा है न ही ठीक कर वापस लगाया जा रहा है। इस समस्या का अगर कोई समाधान निगम या बिजली विभाग कर सकता हो तो अंधेरे से राहत मिल जाएगी। खुले में कचरे से संक्रमण का डर वीरेन्द्र डांगी ने श्रीनाथ कॉलोनी, नवरत्न रोड की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि रोड किनारे खुले में कचरा डाला जा रहा है लेकिन सफाईकर्मी कचरा रोज नहीं उठाते। सफाईकर्मी भी कभी--कभी ही आते हैं। बेसहारा पशु कचरे में मुंह में मारते हैं जिससे पूरा कचरा यहां वहां फैल जाता है। बरसात में इस कचरे के सड़ने से संक्रमण का डर रहता है। पॉश इलाका होने के बावजूद इस एरिया की सफाई पर निगम का कतई ध्यान नहीं है। जलभराव की समस्या से लोग परेशान रेबाड़ियों का गुरहा से सुरभि ने ढाणियों के गंदे पानी के सड़क पर जमा होने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि प्रताप नगर एरिया के पास बसीं ढाणियां और स्थानीय लोगों के घरों का गंदा पानी नालियों की व्यवस्था न होने के कारण बहकर सड़क पर ही जमा ही रहा है। इससे रोड से गुजरने वाले वाहनों खासकर दोपहिया वाहन चालकों और स्कूली बच्चों को बहुत परेशानी होती है। इस समस्या का समाधान करवाएं। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.उदयपुर से सामने आईं 5 बड़ी समस्याएं:मीरा नगर में बिजली के तार बने खतरा, भुवाना रोड पर खुला चैंबर, शिकायत के बाद ठीक हुई स्ट्रीट लाइट 2.उदयपुर के भुवाना और बेड़वास में कार्रवाई:खतरनाक स्पार्किंग और गंदगी की समस्या दूर, पहाड़ा में स्ट्रीट लाइट गुल और रेलवे क्रॉसिंग के पास झुके बिजली के पोल 3.उदयपुर में बंद लाइटें और कीचड़ से फूटा गुस्सा:आदिनाथ और महावीर कॉलोनी की जनता बेहाल, गोवर्धन कल्याण के प्रयासों से ठीक हुआ सीवर का ढक्कन 4.आम जनता की समस्याओं को मिला मंच:उदयपुर में सड़क पर फैला कीचड़ तो कहीं नालियां हुईं बंद, अधिकारियों को पाबंद कर वार्डों में शुरू कराया सफाई अभियान 5.उदयपुर में सड़क और रोड लाइटें हुई ठीक:कई इलाकों में अब भी गंदगी और झूलते तारों की समस्या, कनिष्ठ अभियंता रवि जैन बने ‘स्टार ऑफिसर’ 6.आठ साल पुरानी नाले की समस्या का हुआ समाधान:जनसमस्याओं पर कार्रवाई जारी, समाधान से लोगों को मिली राहत, प्रमोद कुमार बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ 7.उदयपुर में बुनियादी सुविधाओं की खुली पोल:सीवर और गंदगी की शिकायतों पर निगम ने दिखाया एक्शन, अजय घारू बने आज 'पब्लिक के स्टार' 8.उदयपुर में जलभराव और सीवर से मिली राहत:श्रीनाथ नगर और हिरण मगरी में दूर हुआ संकट, जमादार प्रकाश चंद्र बने ‘पब्लिक के स्टार’ 9.उदयपुर में बंद स्ट्रीट लाइटों से बढ़ी लोगों की चिंता:कहीं कचरे का अंबार, कहीं पानी-बिजली की मार, लाइनमैन आशीष मीणा बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ 10.उदयपुर में सड़क पर गड्ढे, नलों में सूखा:कॉलोनियों में बुनियादी विकास की खुली पोल, ऐप पर पोस्ट होते ही दौड़ा प्रशासन
ग्वालियर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने राज्य सरकार की ओर से 951 दिन की देरी से दायर रिट अपील स्वीकार करने से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार के रवैये पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि कानून सभी पर समान रूप से लागू होता है और राज्य सरकार भी इससे अलग नहीं है। सरकार की ओर से दलील दी गई कि तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी की लापरवाही के कारण अपील समय पर दायर नहीं हो सकी। सरकार ने यह भी बताया कि लोक शिक्षण आयुक्त ने 11 मई 2026 को संबंधित अधिकारी को निलंबित कर दिया है, इसलिए देरी को माफ किया जाए। 'अधिकारी की गलती से दूसरे पक्ष का अधिकार खत्म नहीं होगा' हाईकोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि यदि सरकारी अधिकारियों की लापरवाही के कारण किसी पक्ष के कानूनी अधिकार स्थापित हो चुके हैं, तो केवल अधिकारी पर कार्रवाई कर देने से उन अधिकारों को खत्म नहीं किया जा सकता। अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की जरूरत कोर्ट ने कहा कि सरकारी मशीनरी की लापरवाही और देरी से सरकारी राजस्व सहित अन्य नुकसान होते हैं। ऐसे मामलों में दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनसे आर्थिक जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो। 7 महीने मंजूरी में, 5 महीने फाइल पड़ी रही रिकॉर्ड के अनुसार, अपील दायर करने की मंजूरी लेने में करीब साढ़े सात महीने लग गए। दिसंबर 2025 में मंजूरी मिलने के बाद भी फाइल करीब पांच महीने तक आगे नहीं बढ़ाई गई। आखिरकार मई 2026 में हाईकोर्ट में रिट अपील दायर की गई। कुल 951 दिन की देरी होने पर कोर्ट ने अपील स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
सागर जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने स्कूल वाहनों की जांच अभियान शुरू किया है। सोमवार को शहर और आसपास के क्षेत्रों में हुई कार्रवाई के दौरान गैस किट लगी एक स्कूल वैन समेत तीन वाहनों को जब्त किया गया। सभी वाहनों में नियमों का उल्लंघन पाया गया। जांच के दौरान टीम ने स्कूल वैन क्रमांक एमपी 09 बीई 0646 को रोका। यह वाहन स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने में लगा था। चालक से वाहन के दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। वाहन में क्षमता से अधिक बच्चे बैठे मिले। डिक्की की जांच करने पर उसमें एलपीजी गैस किट लगी मिली। एलपीजी से चल रहे वाहनों को जब्त कियाजांच में सामने आया कि वाहन एलपीजी गैस से चल रहा था। साथ ही यह प्राइवेट श्रेणी में पंजीकृत होने के बावजूद अनधिकृत रूप से स्कूली बच्चों का परिवहन कर रहा था। इसके बाद विभाग ने वाहन जब्त कर लिया। इसी अभियान में टाटा मैजिक क्रमांक एमपी 67 टी 0583 भी पकड़ी गई। यह वाहन बिना बीमा के संचालित हो रहा था और प्राइवेट श्रेणी में पंजीकृत होने के बावजूद स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने में इस्तेमाल किया जा रहा था। वहीं स्कूल बस क्रमांक एमपी 09 एफए 3897 बिना फिटनेस के चलती मिली। विभाग ने तीनों वाहनों को जब्त कर आरटीओ कार्यालय परिसर में खड़ा करा दिया। नियमों का पालन करने के निर्देश क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने स्कूल वाहन संचालकों को निर्देश दिए हैं कि सभी वाहन उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार संचालित किए जाएं। वाहन में स्पीड गवर्नर, वैध बीमा, फिटनेस, प्रदूषण प्रमाणपत्र, मोटरयान कर भुगतान प्रमाण, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र और चालक के पास हैवी लाइसेंस होना जरूरी है। चालक निर्धारित गणवेश में रहे और वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को न बैठाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जोधपुर में दैनिक भास्कर के ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट पर लोग लगातार शहर की मूलभूत समस्याएं साझा कर रहे हैं। बिजली, सड़क, स्ट्रीट लाइट और सीवरेज से जुड़ी शिकायतें बड़ी संख्या में सामने आ रही हैं। शिकायतों पर संबंधित विभाग कार्रवाई भी कर रहे हैं। झालामंड क्षेत्र में कम वोल्टेज की समस्या का समाधान होने से लोगों को राहत मिली है, जबकि शहर के कई इलाकों में धंसी सड़क, बंद रोड लाइट, गड्ढों और सीवरेज जैसी समस्याओं के समाधान का इंतजार अब भी बना हुआ है। भास्कर समाधान के माध्यम से इन शिकायतों को संबंधित विभागों तक लगातार पहुंचाया जा रहा है, ताकि आमजन को जल्द राहत मिल सके। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… एक नजर उन समाधानों पर जिससे लोगों को राहत मिली… आज के पब्लिक के स्टार: मांगीलाल बिश्नोई झालामंड स्थित मानपुरा क्षेत्र से दिनेश प्रजापत ने पोस्ट किया था कि लंबे समय से बिजली के कम वोल्टेज की समस्या आ रही है। जिसके बाद डिस्कॉम कॉल सेंटर के एग्जीक्यूटिव मांगीलाल बिश्नोई ने इस समस्या का समाधान करवा दिया है। जिससे बिजली आपुर्ति सुचारु हुई और लोगों को राहत मिली। बिजली वोल्टेज की समस्या का हुआ समाधान झालामंड स्थित गोरा होटल, मानपुरा क्षेत्र में लंबे समय से बिजली के कम लोड की समस्या से परेशान लोगों को राहत मिल गई है। क्षेत्र निवासी दिनेश प्रजापत द्वारा उठाई गई समस्या का बिजली विभाग ने समाधान कर दिया है। अब क्षेत्र में बिजली का लोड सामान्य रूप से मिल रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिली है। शिकायतकर्ता ने विभाग का आभार व्यक्त किया। गौशाला रोड पर फिर जली रोड लाइट केन कॉलेज के सामने गौशाला रोड पर लंबे समय से बंद पड़ी रोड लाइटें दोबारा चालू कर दी गई हैं। यह समस्या कान सिंह ने उठाई थी। बिजली विभाग की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में रोशनी बहाल हो गई है, जिससे रात के समय आवागमन सुरक्षित और सुगम हो गया है। शिकायतकर्ता ने समाधान के लिए विभाग का धन्यवाद और आभार व्यक्त किया। अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान होना अभी बाकी हैं… पुराने नगर निगम के पीछे धंसी सड़क जोधपुर के पुराने नगर निगम के पीछे मुख्य सड़क पर गड्ढा होने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डॉ. आदम ने बताया कि आने-जाने वालो राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोई बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है। लंबे समय से कॉलोनी में बंद रोड लाइट मंगला पूंजला क्षेत्र में लंबे समय से रोड लाइट बंद होने से रात में अंधेरा रहता है। विक्रम सांखला ने बताया कि रात के समय में अंधेरा होने की वजह से बाहर निकलना भी खतरे से खाली नहीं है। इससे असामाजिक तत्वों की आवाजाही बढ़ रही है और उन्होनें जल्द समाधान की मांग की है। बनाड़ रोड पर गड्ढों से लग रहा जाम जोधपुर के बनाड़ रोड पर बड़े गड्ढों के कारण रोजाना जाम की स्थिति बन रही है। शिकायतकर्ता इंदर सिंह ने बताया कि बारिश में गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों ने सड़क को जल्द ठीक करवाने की मांग की है। 15 साल से सीवरेज समस्या से गली में गंदगी ब्रह्मपुरा क्षेत्र की संकरी गली में लंबे समय से सीवरेज व्यवस्था खराब होने से गंदा पानी फैल रहा है। राजेंद्र व्यास ने पोस्ट करते हुए बताया कि कई शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। सीवर के गंदे पानी के जमा होने की वजह से बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। 'भास्कर समाधान' से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1.रेलवे लाइन के पास फैले कचरे की समस्या हुई हल:अधूरी सड़क, क्षतिग्रस्त चैंबर, कचरे के ढेर और जाम सीवरेज लाइन से परेशान लोग, 2.'भास्कर समाधान' पर जोधपुर का भरोसा कायम:जोधपुर में एक ही दिन में सफाई और पॉवर कट की पांच समस्याओं का हुआ समाधान, डिस्कॉम के सौरभ बने 'पब्लिक के स्टार' 3.'भास्कर समाधान': एक पोस्ट में समस्या का हल:जोधपुर में सीवरेज, लो पॉवर और कचरा उठाने की समस्या हुईं हल, डिस्कॉम के महिपाल सिंह बने ‘पब्लिक के स्टार’ 4.भास्कर समाधान: लो वोल्टेज की समस्या का हुआ समाधान:सीवर ओवरफ्लो, झुके ट्रांसफॉर्मर, गंदगी से भरी नहर और जर्जर सड़कों की समस्याएं आई सामने 5.नांदड़ा कलां में तीन साल पुरानी बिजली समस्या का समाधान:जर्जर सड़क, क्षतिग्रस्त सीवरेज लाइन और कचरे के ढेर से लोग परेशान 6.भास्कर समाधान : सीवरेज पाइपलाइन की रुकावट हुई दूर:गंदगी और जलभराव से राहत की उम्मीद, भास्कर समाधान पर उठी जनता की आवाज 7.जोधपुर में बिजली विभाग और डिस्कॉम का एक्शन:दो बड़ी समस्याओं का हुआ स्थाई समाधान, एग्जीक्यूटिव कुंदन बने 'पब्लिक के स्टार 8.जोधपुर के लक्ष्मण नगर में सीवर ब्लॉकेज खुला:जुनावो की ढाणी को मिली बिजली-पानी के संकट से मुक्ति, डिस्कॉम के सूर्यभान बने ‘पब्लिक के स्टार’ 9.भास्कर समाधान: कचरा हटा, रोड लाइट चालू; लोगों को राहत:गंदे पानी, जाम सीवर और खुले चैंबर की समस्या, दिव्या दैया बनी आज की ‘स्टार ऑफिसर’ 10.'भास्कर समाधान' पर एक पोस्ट से हल:3 साल से 500 घर जी रहे अंधेरे में, सरकारी पाइपलाइन पर लगाए अवैध वॉल्व, सप्लाई में आ रहा गंदा पानी
समस्तीपुर के वैनी थाने के कैजिया गांव की 12वीं की छात्रा सुमन कुमारी की गोली मारकर हत्या हुई थी। जिसके विरोध में मंगलवार देर शाम आइसा-आरवाईए के कार्यकर्ताओं ने वैनी पूसा रोड बाजार में कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान लोगों ने खुदीराम बोस स्टैचू के पास सभा का आयोजन किया। सभा की अध्यक्षता आरवाईए प्रखंड सचिव डॉ. मुकेश कुमार और संचालन आरवाईए नेता गणेश यादव ने किया। छात्र-युवाओं ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर छात्रा को श्रद्धांजलि दी। ‘बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करो’, ‘अपराधियों को गिरफ्तार करो’ का नारा लगाया। आरवाईए प्रखंड सचिव डॉ. मुकेश कुमार ने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, परिवार की सुरक्षा तथा विद्यालयों और महाविद्यालयों के मार्गों पर स्थायी पुलिस गश्ती और छात्राओं की सुरक्षा की प्रभावी व्यवस्था की मांग की है। न्याया नहीं मिला तो जनआंदोलन होगा आरवाईए के जिला सचिव रौशन कुमार ने कहा कि बिहार में भाजपा-जदयू सरकार के शासन में अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है। हत्या, लूट, महिलाओं और छात्राओं पर हमले आम बात हो गई है। सरकार कानून-व्यवस्था के नाम पर सिर्फ प्रचार कर रही है। जिस राज्य में छात्राएं स्कूल जाते समय भी सुरक्षित नहीं हों, वहां सरकार के सुशासन के दावे पूरी तरह खोखले साबित हो चुके हैं। न्याय नहीं मिला तो आइसा, आरवाईए संयुक्त रूप से पूरे जिले में व्यापक लोकतांत्रिक जनआंदोलन छेड़ेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी भाजपा-जदयू सरकार और जिला प्रशासन की होगी। ये हुए शामिल कैंडल मार्च में भाकपा-माले प्रखंड कमेटी सदस्य जितेंद्र राय, मो. आले और आइसा-आरवाईए नेता गणेश यादव, राजीव कुमार, मनदीप कुमार, अभिषेक कुमार, रंजन कुमार, राकेश कुमार, राजकुमार, अभिषेक कुमार नयन कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र-युवा, सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक शामिल हुए।
फर्जी रिकवरी एजेंट ने 3.75 लाख रुपए की ठगी की:हरदोई की शहर कोतवाली में 8 आरोपियों पर मुकदमा दर्ज
हरदोई के कछौना कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले व्यक्ति के साथ एचडीएफसी बैंक का फर्जी रिकवरी एजेंट बनकर 3,75,887 रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इस धोखाधड़ी के मामले में पुलिस अधीक्षक के आदेश पर शहर कोतवाली में मंगलवार की रात 8:08 पर मुख्य आरोपी समेत कुल आठ लोगों के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। सभी आरोपी शहर कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले हैं। ग्राम आरखताली कामीपुर निवासी वजाहत अली ने पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि उन्होंने पशुपालन के लिए बैंक से सात लाख रुपये का कर्ज लिया था। समय पर भुगतान न होने के कारण यह कर्ज एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) हो गया था। इसी रिकवरी के सिलसिले में आरोपी शुभम बाजपेयी उनके घर पहुंचा और खुद को एचडीएफसी बैंक का रिकवरी एजेंट बताकर आईडी कार्ड दिखाया। आरोपी ने पीड़ित वजाहत अली और उनके भाई को रेलवेगंज स्थित बैंक के बाहर बुलाया। उसने विभिन्न तारीखों पर उनसे नकद के रूप में कुल 2,71,200 रुपये लिए और फर्जी रसीदें थमा दीं। इसके अतिरिक्त, शेष बची रकम के लिए अन्य आरोपियों के खातों और क्यूआर कोड के माध्यम से ऑनलाइन 1,04,687 रुपये और ट्रांसफर करवाए गए। आरोपी ने पीड़ित को बैंक से कर्ज माफ कराने और अदेयता प्रमाण पत्र (नो ड्यूज सर्टिफिकेट) देने का झांसा दिया था। इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब हाल ही में 9 जुलाई को पीड़ित के भाई ने हरदोई पुलिस का एक प्रेस नोट अपने मोबाइल पर देखा। इस प्रेस नोट से पता चला कि शुभम बाजपेयी और उसके साथियों ने फर्जी रसीदें काटकर और ऑनलाइन लेनदेन के जरिए कुल 3 लाख 75 हजार 887 रुपये की ठगी की है। पुलिस ने इस घटना के संबंध में शुभम बाजपेयी, रोहित सिंह, सैनिक मोबाइल शॉप, आरिफ कुरैशी, अंकित शुक्ला, अनुपम मिश्रा, श्रीराम ट्रेडर्स और समीर पाण्डेय सहित कुल आठ लोगों को आरोपी बनाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
गोरखपुर की पीपीगंज पुलिस ने झाड़-फूंक के नाम पर महिला के 50 हजार के जेवर और 10 हजार रुपये हड़पने वाले सोखा को मंगलवार की देर रात गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से पुलिस पूछताछ कर रही है। झांसा देकर महिला के बेटे का इलाज करने के नाम पर जेवर और नकदी आरोपी ने लिए थे। आरोप है कि सोखा ने बीमार बच्चे को भूत पकड़ने की बात बताई थी। इसलिए महिला डर गई थी। पीपीगंज की सुमन की तहरीर पर मंगलवार को आरोपी महराजगंज जिले के पनियरा थाना क्षेत्र के गागी गांव के विजय गौंड़ के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात और धमकी देने से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। बेटे को झाड़-फूंक से ठीक करने का दावा किया पीपीगंज के जंगल कौड़िया गांव की रहने वाली सुमन 15 दिन पहले अपने बेटे का उपचार कराने भटहट गई थी। यहां पर उसकी मुलाकात महराजगंज जिले के पनियरा थाना क्षेत्र के गागी गांव के विजय गौंड़ से हुई, खुद को तांत्रिक बताते हुए महिला को बताया कि उसके बेटे पर तंत्र किया गया है, जिसे वह झाड़-फूंक करके सही कर देगा। इसके बाद महिला का मोबाइल नंबर लेकर तांत्रिक उसके घर पहुंच गया। महिला ने आरोप लगाया कि झाड़-फूंक करने के पहले तांत्रिक ने उससे कान की बाली और मंगलसूत्र ले लिया। कुछ देर बाद वह बेसुध हो गई। होश आने पर वह थाने प्रार्थना पत्र देने पहुंची। पीपीगंज थाने की पुलिस ने तत्काल एफआईआर कर क्षेत्र से ही आरोपी विजय गौंड़ को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने और भी लोगों को जाल में फंसाकर ठगी की घटना को अंजाम दिया है। पुलिस इसकी जानकारी जुटा रही है। सीओ कैंपियरगंज अनुराग सिंह ने बताया कि महिला की तहरीर प्राप्त हुई है। तहरीर में तांत्रिक द्वारा जेवर लेने का आरोप लगाया गया है। पीपीगंज पुलिस आरोपित विजय को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है। और भी शिकायत आती है, तो उनको भी संज्ञान लेकर कार्रवाई की जाएगी।
रायबरेली में नाबालिग से दुष्कर्म करने वाला गिरफ्तार:ऊंचाहार में 4 महीने तक लगातार दुष्कर्म का आरोप
रायबरेली पुलिस ने एक नाबालिग लड़की से चार महीने तक लगातार दुष्कर्म करने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला ऊंचाहार थाना क्षेत्र के ग्राम खपटिहा (मजरे कोटरा बहादुरगंज) का है। आरोपी की पहचान नीरज पुत्र स्व. श्रीराम के रूप में हुई है। उस पर नाबालिग को बहला-फुसलाकर, डरा-धमकाकर शारीरिक संबंध बनाने और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप था। पीड़िता की तहरीर के आधार पर ऊंचाहार थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस टीम आरोपी की तलाश कर रही थी। 21 जुलाई 2026 को ऊंचाहार पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर जमनियाहार ओवरब्रिज के नीचे से अभियुक्त नीरज को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उप-निरीक्षक विनोद कुमार और आरक्षी संजीव कुमार शामिल थे। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्यवाही करते हुए उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर जेल भेज दिया है। इस पूरे मामले पर क्षेत्राधिकारी ने बताया कि प्राप्त तहरीर के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की थी। जांच के दौरान नाबालिग से लगातार दुष्कर्म करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर जेल भेजा गया है।
सीकर शहर के लोग दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' सेगमेंट पर लगातार अपनी समस्याएं पोस्ट कर रहे हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों से पेयजल, नालियों की सफाई, जल निकासी, बिजली और सड़क सुरक्षा से जुड़ी शिकायतें सामने आ रही हैं। शिकायतों पर संबंधित विभाग कार्रवाई भी कर रहे हैं। कई समस्याओं का समाधान हो चुका है, जबकि कुछ मामलों में लोग अब भी कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… एक नजर उन समाधानों पर जिससे लोगों को राहत मिली… आज की स्टार ऑफिसर : जेईएन पिंकी मीणा गणपति प्लाजा के पास टूटे सीवर चैंबर की समस्या पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जेईएन पिंकी मीणा को आज 'स्टार ऑफिसर' चुना गया। समस्या मिलते ही उन्होंने मौके पर टीम भेजकर क्षतिग्रस्त चैंबर की मरम्मत करवाई। समय पर हुई कार्रवाई से दुर्घटना का खतरा टला और राहगीरों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिली। टूटा चैंबर दुरुस्त कर हादसे का खतरा टला सुभाष चौक निवासी इश्तियाक अहमद ने समस्या पोस्ट की थी कि गणपति प्लाजा के पास पोस्ट ऑफिस रोड पर सीवर चैंबर टूटा हुआ था। टूटे चैंबर के कारण कई हादसे हो चुके थे और लोगों की सुरक्षा खतरे में थी। शिकायत सामने आने के बाद जेईएन पिंकी मीणा ने तत्काल संज्ञान लिया और चैंबर की मरम्मत करवाकर समस्या का समाधान कराया। बंद पड़ी रोड लाइट हुई चालू जगमालपुरा निवासी शाहिद कुरैशी ने समस्या पोस्ट कर बताया था कि उनके क्षेत्र की रोड लाइट कई दिनों से बंद पड़ी थी। शिकायत संबंधित विभाग तक पहुंचने के बाद रोड लाइट को दुरुस्त कर दोबारा चालू कर दिया गया, जिससे क्षेत्र में रात के समय रोशनी बहाल हो गई। अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान होना अभी बाकी हैं… नालियों की सफाई नहीं होने से बढ़ी परेशानी न्यू जनता कॉलोनी निवासी रोहिताश्व कुमार ने बताया कि सूर्य नगर, पिपराली रोड क्षेत्र में लंबे समय से नालियों की सफाई नहीं हो रही है। नालियों में गंदगी जमा होने से पानी की निकासी प्रभावित हो रही है और आसपास बदबू फैल रही है। दूषित पेयजल से बीमारी का खतरा रोशनगंज मोहल्ला निवासी सुरेंद्र सैनी ने समस्या पोस्ट कर बताया कि उनके क्षेत्र में पिछले कई दिनों से पीने का गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। दूषित पानी आने से लोगों में बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने जल्द पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। पेड़ से गुजर रही बिजली लाइन बनी खतरा रोशनगंज मोहल्ला निवासी मोहम्मद इरफान ने समस्या पोस्ट कर बताया कि उनके क्षेत्र में बिजली की लाइन घर के पास लगे पेड़ से होकर गुजर रही है। तेज हवा या बारिश के दौरान तार टूटने का खतरा बना रहता है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने बिजली विभाग से जल्द लाइन को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की मांग की है। जल निकासी नहीं होने से सड़क पर भरता है पानी शिव कॉलोनी निवासी मौसिम खान ने समस्या पोस्ट कर बताया कि उनके क्षेत्र में बारिश के पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। बरसात के दौरान पूरा पानी सड़क पर जमा हो जाता है, जिससे लोगों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ये खबरें भी पढ़िए…. 1.कई दिनों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट का हुआ समाधान:टूटी सड़क, अधूरे निर्माण और बेसहारा पशुओं की समस्या आई सामने, जेइएन हरिराम बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 2.रेल्वे अंडरपास में जलभराव की समस्या का हुआ समाधान:टूटी सीवरेज लाइन, आवारा पशु और सड़क-पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं से परेशान लोग 3. सीकर में पाइपलाइन लीकेज की समस्या का हुआ समाधान:जाम नालियां, टूटी नाली और टूटे सीवर चेंबर की शिकायतें भी सामने आई, जेईएन हरिराम बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 4.चांदपोल में महज 1 घंटे में साफ हुआ कचरा:सीकर के राघव विहार में परिषद ने बनाई पक्की सड़क, AEN विकास बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 5.राघव विहार में सड़क निर्माण की समस्या का हुआ समाधान:शहर में सड़क, नाली, पेयजल, सीवर और बेसहारा पशुओं से जुड़ी कई समस्याएं सामने आई, अमित स्वामी बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 6.भास्कर समाधान: एईएन विकास बने 'स्टार ऑफिसर':कचरे और स्ट्रीट लाइट की समस्य का हुआ समाधान, पानी, टूटी सड़क और नालियों का समाधान अभी बाकी 7.आनंद नगर में बिजली कटौती की समस्या का हुआ समाधान:नाली, सड़क, बिजली, पेयजल और पार्किंग से जुड़ी कई समस्याएं आई सामने, कई समाधानों पर काम जारी 8.भास्कर समाधान : जलभराव की समस्या से मिली राहत:सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट की परेशानी बरकरार, अमित स्वामी बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 9.भास्कर समाधान : बिजली लाइन हुई ठीक, खतरा टला:सड़क, सफाई और स्ट्रीट लाइट की समस्याओं से लोग परेशान, वाजिद अली बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 10.भास्कर समाधान: लगातार बिजली कटौती की समस्या का हुआ समाधान:सड़क, बिजली, पानी और सफाई की समस्याओं से लोग परेशान
अखिलेश हिरासत में, देवरिया में सपा का प्रदर्शन:जिलाध्यक्ष व्यास यादव को हाउस अरेस्ट करने का दावा
समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार की रात में देवरिया में विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दिल्ली में छात्रों के समर्थन में जाते समय पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के विरोध में था। सपा जिलाध्यक्ष व्यास यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सुभाष चौक पर धरना दिया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अखिलेश यादव को हिरासत में लेने की कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया। प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने अखिलेश यादव की तत्काल रिहाई की मांग की। बाद में अखिलेश यादव की रिहाई की सूचना मिलने पर धरना शांतिपूर्वक समाप्त कर दिया गया। धरना समाप्त होने के बाद सपा जिलाध्यक्ष व्यास यादव ने दावा किया कि प्रशासन ने उन्हें उनके आवास पर 'हाउस अरेस्ट' कर लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन समाप्त होने के बावजूद इस तरह की कार्रवाई पूरी तरह अलोकतांत्रिक है। व्यास यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास बताया। समाजवादी पार्टी संविधान, लोकतंत्र और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी।
कोटा में ‘भास्कर समाधान’ पर सिविक इश्यू से जुड़ी लोगों की समस्याओं के समाधान लगातार सामने आ रहे हैं। लोगों की कई महीनों पुरानी समस्या का समाधन मिलने से उन्हें भी गुड गवर्नेंस का अहसास हो रहा है। प्रशासन और आमजन के बीच की दूरी कम होने से दोनों के बीच भरोसा भी मजबूत हुआ है। पहले एक नजर उन समाधानों पर जिससे लोगों को राहत मिली… कचरे की समस्या का हुआ समाधान रावतभाटा रोड से, दुर्गेश ने साफ–सफाई से जुड़ी समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि टैगोर नगर में सफाईकर्मी रोज साफ–सफाई करते हैं लेकिन हमारी गली में सफाई नहीं होती। इससे गली में काफी कचरा जमा हो गया है। समस्या सामने आने के बाद वार्ड के जमादार ने नियमित रूप से पूरी गली की सफाई सुनिश्चित करवा कचरा हटवा दिया है। पूर्व पार्षद विजयलक्ष्मी बनीं 'पब्लिक की स्टार' कोटा शहर के वार्ड 19 के दक्षिण नगर निगम की पूर्व पार्षद विजयलक्ष्मी ने विजय गौतम और मनोरमा की स्ट्रीट लाइट से जुड़ी समस्या का समाधान करवाया है। इसके लिए उन्हें आज ‘पब्लिक की स्टार’ चुना गया है। दरअसल, विजय गौतम और मनोरमा ने लंबे समय से स्ट्रीट लाइट बंद होने की समस्या बताई थी। इस पर एक्शन लेते हुए पूर्व पार्षद विजयलक्ष्मी ने निगम के कर्मचारियों की मदद से खराब लाइट ठीक करवाकर समाधान करवा दिया है। एप से लोगों को मिल रहा समाधान अपने क्षेत्र की समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों और जिम्मेदारों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर, गांव या गली की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान होना अभी बाकी हैं… प्रमुख चौराहों पर अंधेरे से परेशानी ‘भास्कर समाधान’ पर वल्लभनगर, गुमानपुरा से मनोज भट्ट ने शहर के प्रमुख चौराहों पर रोशनी न होने और रोड लाइट्स खराब होने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि शहर के लगभग हर प्रमुख चौराहे पर रात के समय ऐसा ही अंधेरा रहता है। स्मार्ट सिटी परियोजना में शामिल कोटा शहर का यह हाल क्यों है, प्रशासन की क्या कोई जिम्मेदारी नहीं है? उन्होंने जल्द इस समस्या को दूर करने की अपील की है। अतिक्रमण से बढ़ा हादसे का खतरा कोटा के देवाशीष सिटी, बोरखेड़ा से एडवोकेट प्रवीण कमार पनवाड़ ने रोड लाइट की समस्या हमें भेजी है। उन्होंने लिखा कि तेगड़ा भैरू जी से देवाशीष सिटी तक बोरखेड़ा रोड के बांये ओर केडीए (यूआईटी) की दीवार है। लेकिन इस पर अतिक्रमण के कारण मोड़ से गलत दिशा में आ रहा वाहन दिखाई नहीं देता। इससे हादसे का खतरा हर समय बना रहता है। अतिक्रमण के कारण यह 40 फीट रोड घटकर 20 फीट ही चौड़ी रह गई है। मेन रोड पर खुले में डाल रहे कचरा मोहम्मद गुफरान ने शॉपिंग कॉप्लेक्स, थर्मल कॉलोनी से खुले में कचरा डालने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड एरिया में मुख्य रास्ते पर ही खुले में कचरा डालकर इस पूरे क्षेत्र को डंपिंग जोन बना दिया है। इससे आने–जाने वालों को दुर्गंध आती है और स्थानीय लोगों के बारिश में संक्रमण फैलने का डर भी बना हुआ है। उन्होंने प्रशासन से कचरा हटाकर सफाई करवाने की अपील की है। गली में गंदगी, बेसहारा पशुओं से परेशानी सेंट जेम्स स्कूल रोड, पूनम कॅलोनी से चंद्र शेखर ने कचरे और बेसहारा पशुओं की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि सोगारिया के रेलवे स्टेशन एरिया की पूनम कॉलोनी में गलियों में कचरा फैला होने से लोगों को बहुत असुविधा हो रही है। रही–सही कसर बेसहारा पशुओं ने पूरी कर दी है। सफाई कर्मचारी न तो नियमित साफ–सफाई ही करते हैं न ही रोजाना कचरा उठाते हैं। इससे पूरी गली में गंदगी फैली हुई है। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.*'भास्कर समाधान' में सुरेन्द्र बने 'पब्लिक के स्टार':* निगम को मृत गाय उठाने की फुर्सत नहीं, जाम ड्रेनेज सिस्टम से कॉलोनी परेशान 2.*'भास्कर समाधान': आपकी समस्या एक पोस्ट में हल:* कोटा में टूटी सड़क, बिजली और गड्ढे बड़ी समस्या, 15 दिन पुराना गड्ढा भरा, प्लॉट का कचरा उठा 3.*'भास्कर समाधान' पर प्रेमचंद बने 'पब्लिक के स्टार':* जिस नाले में गिरा बछड़ा, उसे अब तक नहीं ढका, पार्किंग में स्टॉल लगाई, गाड़ी भी नहीं खड़ी करने देते 4.*पार्षद तबस्सुम बनीं 'पब्लिक की स्टार':* पार्क में टूटे झूले, ग्राउंड पर कचरा, कहां खेलें नौनिहाल, 15 दिन से नहीं हटाया रास्ते पर गिरा पेड़ 5. *कोटा में रोड लाइट और नाली की समस्या का समाधान:* जर्जर मकान, कचरा और अधूरी नाली से बढ़ी परेशानी, अरुण झावा बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 6. *भास्कर समाधान: बंद स्ट्रीट लाइट का हुआ समाधान:* झूलते बिजली के तार, अधूरी सड़क-नाली जैसी समस्याओं से परेशान लोग, धर्मेंद्र कुमार बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 7. *हैल्थ इंस्पेक्टर मनोज बने 'स्टार ऑफिसर':* नयागांव में लगी रोड लाइट, बोरखेड़ा में साफ हुई नालियां; मगरमच्छ और बंद वॉटर कूलर जैसी समस्या अब भी लंबित

