जिला परिषद कार्यालय पठानकोट में वीरवार को जिला परिषद के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के पदभार ग्रहण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक्क मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह के दौरान गुरप्रीत कौर ने जिला परिषद पठानकोट की चेयरमैन और साहिब सिंह साबा ने वाइस चेयरमैन के रूप में आधिकारिक रूप से अपना पदभार संभाला। कैबिनेट मंत्री कटारूचक्क ने दी शुभकामनाएं कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक्क ने नवनियुक्त चेयरमैन गुरप्रीत कौर और वाइस चेयरमैन साहिब सिंह साबा को फूलमालाएं पहनाकर व मिठाई खिलाकर बधाई दी। मीडिया से बातचीत करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने हमेशा आम और साधारण परिवारों से आने वाले निष्ठावान लोगों को आगे बढ़ने और जनसेवा करने का मौका दिया है। गुरप्रीत कौर और साहिब सिंह साबा को मिली यह अहम जिम्मेदारी पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्पण और जनता के अटूट विश्वास का परिणाम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों जनप्रतिनिधि अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और लगन से निभाएंगे और जिला परिषद के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों के विकास कार्यों को नई गति देंगे। जनसेवा ही सर्वोच्च प्राथमिकता: नवनियुक्त चेयरमैन व वाइस चेयरमैन पदभार ग्रहण करने के बाद नवनियुक्त चेयरमैन गुरप्रीत कौर और वाइस चेयरमैन साहिब सिंह साबा ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व, कैबिनेट मंत्री कटारूचक्क और सभी जिला परिषद सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे उन्हें सौंपी गई इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे। उनका मुख्य उद्देश्य जिले के कोने-कोने तक विकास की लहर पहुंचाना और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना रहेगा। समर्थकों और कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह इस ताजपोशी समारोह के दौरान जिले भर से पहुंचे कई जनप्रतिनिधि, जिला परिषद के सदस्य, आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। समर्थकों ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई दी और ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी जताई।
विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाले ट्रैवल एजेंटों पर मोगा पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस ने एक युवती को कनाडा भेजने का झांसा देकर उसके परिवार से 3 लाख 80 हजार रुपये ठगने और उसका मूल पासपोर्ट हड़पने के आरोप में दो फर्जी ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई नानक नगरी (मोगा) निवासी गुरतेज सिंह द्वारा दी गई लिखित शिकायत के आधार पर की गई है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि आरोपी कमलजीत सिंह (निवासी गांव गारेलियां, तहसील बस्सी पठाना, जिला पटियाला) और लवप्रीत सिंह (निवासी मोहाली) ने उनकी बेटी को कनाडा का वीजा लगवाकर विदेश भेजने का पक्का भरोसा दिलाया था। झांसे में आकर पीड़ित परिवार ने आरोपियों को 3.80 लाख रुपये नकद और युवती का ओरिजिनल पासपोर्ट सौंप दिया। रकम और दस्तावेज लेने के बाद आरोपियों ने न तो युवती को विदेश भेजा और न ही पैसे व पासपोर्ट वापस किए। DSP की जांच में सच साबित हुए आरोप वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मोगा के निर्देशों पर इस मामले की गहन पड़ताल उप पुलिस कप्तान (DSP - स्पेशल क्राइम) द्वारा की गई। जांच के दौरान आरोप सही पाए जाने के बाद थाना सिटी मोगा में FIR नंबर 183 (दिनांक 22 जुलाई 2026) दर्ज की गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 318(4) (धोखाधड़ी), 316(2) (विश्वासघात) और 61(2) (आपराधिक साजिश) पंजाब ट्रैवल प्रोफेशनल रेगुलेशन एक्ट की धारा 13 के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस कर रही आरोपियों की तलाश मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। इसके साथ ही इस बात की भी गहनता से जांच की जा रही है कि आरोपियों ने इस फर्जीवाड़े के जरिए और कितने भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाया है। दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बसंतपुर राजा में पिकअप की टक्कर:पैदल जा रहे बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल, जिला अस्पताल में भर्ती
महराजगंज के बसंतपुर राजा में गुरुवार को एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने सड़क पर पैदल चल रहे एक बुजुर्ग को टक्कर मार दी। हादसे में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल बुजुर्ग की पहचान बसंतपुर राजा निवासी राजेंद्र पुत्र रामखेलावन के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुजुर्ग सड़क किनारे पैदल जा रहे थे तभी पीछे से आ रही अनियंत्रित पिकअप ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि बुजुर्ग सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और स्थानीय लोगों ने घायल को अस्पताल पहुंचाया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस वाहन और उसके चालक की तलाश कर रही है। इस हादसे के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। स्थानीय लोगों ने सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश लगाने और नियमित जांच अभियान चलाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
लखीसराय पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। कवैया थाना क्षेत्र के नया बाजार, मकुना वार्ड संख्या-29 में छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक देशी पिस्टल और 70 जिंदा कारतूस बरामद किए। इस मामले में पिता-पुत्र सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस टीम ने घर पर की छापेमारी एसडीपीओ शिवम कुमार ने बताया कि बुधवार शाम एसटीएफ पटना से सूचना मिली थी कि मकुना वार्ड संख्या-29 निवासी एक व्यक्ति अपने घर से अवैध हथियार और कारतूस की खरीद-बिक्री करता है। इस सूचना के सत्यापन के लिए कवैया थाना पुलिस और एसटीएफ की एक संयुक्त टीम ने रामेश्वर महतो के घर पर छापेमारी की। पूछताछ में दोनों ने संलिप्तता कबूली तलाशी के दौरान रामेश्वर महतो और उनके पुत्र सत्येंद्र कुमार के पास से एक देशी पिस्टल, दो मैगजीन और 70 जिंदा कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में दोनों ने अवैध हथियार और कारतूस की खरीद-बिक्री में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और एक अन्य सहयोगी का नाम बताया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने संसार पोखर वार्ड संख्या-17 निवासी दुर्गी मंडल के घर पर छापा मारा। वहां से 33 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। दुर्गी मंडल ने पूछताछ में स्वीकार किया कि यह राशि उसे रामेश्वर महतो को हथियार और कारतूस बेचने के एवज में मिली थी। इसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज इस संबंध में कवैया थाना में कांड संख्या-280/26 दर्ज करते हुए आरोपितों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी)ए एवं 26 के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसडीपीओ ने बताया कि बरामद हथियार और कारतूस के स्रोत, उनके सप्लाई नेटवर्क तथा अन्य संभावित तस्करों की पहचान के लिए गिरफ्तार आरोपितों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूरे गिरोह का खुलासा करने के लिए लगातार छापेमारी जारी है और मामले में आगे भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक हुई। बैठक में परिवार नियोजन, आरसीएच पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों का पंजीकरण, फर्स्ट टाइम गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण, एचआरपी (हाई रिस्क प्रेगनेंसी), टोटल डिलीवरी रिपोर्ट व अन्य योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।जिलाधिकारी ने आरसीएच पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के पंजीकरण और फर्स्ट टाइम गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण को बढ़ाकर गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जाने वाली सेवाओं को अपडेट करने का निर्देश दिया। इसमें खास तौर पर कम प्रगति वाले ब्लॉकों को स्थिति सुधार करने की हिदायत दी गई। जिलाधिकारी ने आयुष्मान भारत-पीएम जन आरोग्य योजना के तहत बनने वाले आयुष्मान कार्ड में सभी एमओआइसी को पात्र लाभार्थियों के तीव्र गति से कार्ड बनवाने के निर्देश दिए। कहा कि 70+ सभी पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनवाना सुनिश्चित कराएं। उन्होंने कहा कि ग्राम के पंचायत सहायक से समन्वय स्थापित कर पात्र लोगों के नाम जोड़े जाएं। गांवों में कैंप लगाकर लोगों से बातचीत कर उन्हें मोबिलाइज किया जाए। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत लाभार्थी भुगतान शत प्रतिशत कराए जाने हेतु निर्देशित किया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी डी लके सिंह, डीपीएम एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे।
कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र में प्लॉट का बैनामा कराने के नाम पर एक कारोबारी से करीब 45 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि 20 वर्षों से न्यायालय संबंधी काम देख रहे एक अधिवक्ता ने पत्नी के नाम बताए गए केडीए के प्लॉट का सौदा कर लाखों रुपये ले लिए। कारोबारी ने प्लॉट पर करीब 15 लाख रुपये खर्च कर मकान भी बनवा लिया, लेकिन बाद में पता चला कि जमीन फ्रीहोल्ड नहीं है और उसका बैनामा कराया ही नहीं जा सकता। विरोध करने पर झूठे दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 20 साल पुराने भरोसे का उठाया फायदा पनकी के इस्पात नगर निवासी अखिलेश कुमार त्रिपाठी बिल्डिंग मैटेरियल के कारोबारी हैं। उन्होंने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि बाकरगंज निवासी अधिवक्ता अशोक कुमार शर्मा पिछले करीब 20 वर्षों से उनके न्यायालय संबंधी कार्य देख रहे थे। पुराने संबंधों और विश्वास का फायदा उठाते हुए वर्ष 2019 में अधिवक्ता ने अपनी पत्नी निर्मला शर्मा के नाम पर केडीए का भूखंड संख्या-72, ब्लॉक-एफ, इस्पात नगर बेचने का प्रस्ताव दिया। अधिवक्ता ने दावा किया कि प्लॉट केडीए से खरीदा गया है और सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उसका बैनामा करा दिया जाएगा। रिपिन कपलिश की मौजूदगी में 100 वर्गमीटर के इस भूखंड का सौदा 32.03 लाख रुपये में तय हुआ। किस्तों में लिए लाखों रुपये, प्लॉट का कब्जा भी दे दिया पीड़ित के मुताबिक, 9 नवंबर 2019 को उन्होंने निर्मला शर्मा के नाम पांच लाख रुपये का चेक दिया। जब उन्होंने बैनामा कराने की बात कही तो आरोपियों ने कहा कि केडीए की प्रक्रिया पूरी होने तक पूरी रकम जमा करनी होगी। भरोसा दिलाने के लिए आरोपियों ने उन्हें प्लॉट का कब्जा भी दे दिया और निर्माण शुरू करने की सलाह दी। इसके बाद अखिलेश ने 16 जून 2020 और 28 दिसंबर 2020 को पांच-पांच लाख रुपये तथा 12 जनवरी 2021 को तीन लाख रुपये चेक के माध्यम से दिए। इसके अलावा केडीए की प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर 17 मार्च 2021 को पांच लाख रुपये और 30 मार्च 2021 को 6.50 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिए निर्मला शर्मा के खाते में भेजे। अन्य भुगतान भी अलग-अलग समय पर किए गए। 15 लाख खर्च कर बनाया मकान, वहीं शुरू किया कारोबार अखिलेश त्रिपाठी का कहना है कि आरोपियों के भरोसे पर उन्होंने प्लॉट पर करीब 15 लाख रुपये खर्च कर भूतल और प्रथम तल का निर्माण कराया। इसके बाद उसी भवन से अपना बिल्डिंग मैटेरियल का कारोबार भी शुरू कर दिया। केडीए से जानकारी लेने पर खुली ठगी की परतें जब लंबे समय तक बैनामा नहीं कराया गया और आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे तो अखिलेश को संदेह हुआ। उन्होंने खुद केडीए से जानकारी जुटाई। जांच में पता चला कि निर्मला शर्मा उक्त भूखंड की मालिक नहीं हैं, बल्कि केवल उसकी पट्टेदार हैं। जमीन फ्रीहोल्ड नहीं है, इसलिए उसका बैनामा कराया ही नहीं जा सकता। यह जानकारी मिलने के बाद उन्हें अपने साथ ठगी का एहसास हुआ। रुपये मांगे तो दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी का आरोप पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने अपने रुपये वापस मांगे और कानूनी कार्रवाई की बात कही तो अधिवक्ता अशोक कुमार शर्मा, उनकी पत्नी निर्मला शर्मा, भतीजे अभय कृष्ण शर्मा तथा अन्य लोगों ने उन्हें झूठे दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी दी। चार नामजद आरोपियों पर दर्ज हुई एफआईआर पीड़ित की शिकायत पर पनकी थाना पुलिस ने गुरुवार दोपहर करीब दो बजे अधिवक्ता अशोक कुमार शर्मा, उनकी पत्नी निर्मला शर्मा, भतीजे अभय कृष्ण शर्मा समेत चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस अब लेनदेन से जुड़े दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। क्या बोले एसीपी पनकी एसीपी पनकी अमित चौरसिया ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
5 वर्षीय बच्ची की हत्या में दोषी को उम्रकैद:शामली में कोर्ट ने 4 साल बाद सुनाया फैसला
शामली के कांधला थाना क्षेत्र के खेड़ा कुरतान गांव में पांच वर्षीय बच्ची की हत्या के मामले में अदालत ने करीब चार साल बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उत्तर प्रदेश शासन के 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत शामली पुलिस और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के बाद यह फैसला आया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे), कैराना की अदालत ने आरोपी उमरदीन पुत्र जबरा उर्फ जबरदीन को हत्या, साक्ष्य छिपाने और शस्त्र अधिनियम के मामले में दोषी ठहराते हुए कुल 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अदालत ने आदेश दिया कि जुर्माना जमा न करने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। 19 जुलाई 2022 को हुई थी वारदात पुलिस के अनुसार, 19 जुलाई 2022 को खेड़ा कुरतान गांव निवासी खुरशेद की पांच वर्षीय बेटी अचानक लापता हो गई थी। तलाश के दौरान पुलिस जांच में बच्ची की हत्या का मामला सामने आया। विवेचना में खुलासा हुआ कि गांव के ही उमरदीन ने बच्ची का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। वारदात के बाद आरोपी ने पहचान छिपाने और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को छिपा दिया था। 3 दिन में गिरफ्तारी, कोर्ट में दाखिल हुआ आरोप पत्र कांधला थाना पुलिस ने हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। घटना के तीन दिन बाद, 22 जुलाई 2022 को आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। अदालत ने इन्हें पर्याप्त मानते हुए आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने हत्या के अपराध में आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड, साक्ष्य छिपाने के मामले में पांच वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना, जबकि शस्त्र अधिनियम के मामले में दो वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड सुनाया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अर्थदंड जमा नहीं करने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
प्रतापगढ़ में एसपी दीपक भूकर ने काम में लापरवाही बरतने पर दिलीपपुर थानाध्यक्ष बलराम सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई गुरुवार रात करीब 9 बजे की गई। जांच में थानाध्यक्ष बलराम सिंह द्वारा अपने दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही, शिथिलता, उदासीनता और स्वेच्छाचारिता बरतने के तथ्य सामने आए थे। इन्हीं गंभीर आरोपों के आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया गया है। प्रतापगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कर्तव्यों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुशासनहीनता या कार्य में शिथिलता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में नियमानुसार निष्पक्ष एवं कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर की इस कार्रवाई को विभाग में अनुशासन और जवाबदेही बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसका उद्देश्य पुलिसकर्मियों में कार्यकुशलता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
पंजाब सरकार की 'मावां धीयां सत्कार योजना' का राज्यस्तरीय कार्यक्रम 1 अगस्त को पठानकोट के मामून स्थित व्हाइट मेडिकल कॉलेज में आयोजित होने जा रहा है। समागम में मुख्यमंत्री भगवंत मान मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। कार्यक्रम को भव्य और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। डिप्टी कमिश्नर डॉ. पल्लवी के दिशा-निर्देशों के तहत एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई गई, जिसकी अध्यक्षता एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (G) अर्शदीप सिंह ने की। उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश इस दौरान एडीसी (जी) एस. अर्शदीप सिंह ने सभी प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों को आपस में बेहतर समन्वय (कोऑर्डिनेशन) बनाकर काम करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि इतने बड़े राज्य स्तरीय कार्यक्रम की तैयारियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभागाध्यक्ष अपनी सौंपी गई जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी लगन और समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करें। अधिकारियों ने व्हाइट मेडिकल कॉलेज पहुंचकर लिया जायजा एडीसी (जी) एस. अर्शदीप सिंह, हलका इंचार्ज सुजानपुर ठाकुर स्वर्ण सिंह सलारिया और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने मामून स्थित व्हाइट मेडिकल कॉलेज का दौरा किया। अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल (वेन्यू), मंच, मीडिया गैलरी, पार्किंग व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को समय रहते सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए ताकि मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान किसी तरह की व्यवस्था न बिगड़े। इस महत्वपूर्ण बैठक और स्थल निरीक्षण के दौरान कई प्रशासनिक अधिकारी व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। जिनमें मंदीप सिंह मान SDM, पठानकोट, शंकर शर्मा SDM, धार कलां, जसवंत सिंह DDPO भी पहुंचे। जिला प्रशासन का कहना है कि पंजाब सरकार के इस महत्वपूर्ण जन-कल्याणकारी कार्यक्रम को ऐतिहासिक और सफल बनाने के लिए सभी पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
प्रयागराज में नई प्राथमिक शिक्षक भर्ती में पद वृद्धि की मांग को लेकर 25 जुलाई को पत्थर गिरजाघर पर प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन से पहले पुलिस ने डीएलएड संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं छात्रनेता विशु यादव को हाउस अरेस्ट कर लिया। वह पिछले दो दिनों से अपने ही घर में कैद हैं। जिसको लेकर उन्होंने एक वीडियो भी जारी किया है। जारी वीडियो में विशु यादव ने कहा कि पिछले लगभग आठ वर्षों से बेसिक शिक्षा विभाग में नई प्राथमिक शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी नहीं किया गया, जिससे डीएलएड, बीटीसी, टीईटी और सीटीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश है। इसी को लेकर 25 जुलाई को प्रयागराज के पत्थर गिरजाघर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन प्रस्तावित था। शिक्षा सेवा चयन आयोग को केवल 11,508 पदों का अधियाचन मिलने की चर्चाएं भी अभ्यर्थियों की नाराजगी का कारण बनी हैं। छात्र नेताओं की मांग है कि केवल सीमित पदों पर भर्ती के बजाय 11,508 नगरीय पदों तथा 68,500 शिक्षक भर्ती के शेष 27,713 पदों को जोड़कर बड़ा भर्ती विज्ञापन जारी किया जाए, ताकि वर्षों से प्रतीक्षा कर रहे प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को अवसर मिल सके। युवा अपनी मांगों को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं, लेकिन आंदोलन से दो दिन पहले हिरासत में लिया जाना युवाओं की आवाज दबाने जैसा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पदों की संख्या नहीं बढ़ाई गई तो आंदोलन जारी रहेगा।
मैहर जिले के नादन देहात थाना क्षेत्र में आने वाले शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जरियारी में बदमाशों ने स्कूल पर पत्थरबाजी की। घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने सुरक्षा पर चिंता जताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। घटना बुधवार (22 जुलाई) शाम की बताई जा रही है। स्कूल की छुट्टी होने के बाद जब प्राचार्य घर चले गए, तब शाम करीब 5:30 से 6 बजे के बीच लोगों ने स्कूल परिसर में पत्थर फेंके। अगले दिन गुरुवार को जब प्राचार्य स्कूल पहुंचे, तो पूरे परिसर में पत्थर बिखरे पड़े थे। पहले भी हो चुकी हैं ऐसी हरकतें विद्यालय के प्राचार्य रामसुचित यादव का कहना है कि स्कूल में इस तरह की घटना पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले भी असामाजिक तत्व स्कूल परिसर में शराब की बोतलें फोड़कर गंदगी फैला चुके हैं। इन हरकतों की वजह से स्कूल की सुरक्षा पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। प्राचार्य रामसूचित यादव ने थाने में दी शिकायत मामले को गंभीर देखते हुए प्राचार्य रामसूचित यादव ने नादन देहात थाने में लिखित शिकायत दर्ज करवाई है। उन्होंने पुलिस से आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की नोएडा यूनिट ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हवाला और शेल कंपनी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए एक चीनी नागरिक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ के अनुसार, यह गिरोह भारत में फर्जी कंपनियां बनाकर हवाला, मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।
अमरोहा के हसनपुर कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार शाम सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। रहरा अड्डे के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से गंभीर रूप से घायल युवक को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घर लौटते समय हुआ हादसा पुलिस के अनुसार, सैदनंगली थाना क्षेत्र के गांव कनैटा निवासी 21 वर्षीय मयंक पुत्र राजू जाटव मकानों की छतों में सीलिंग लगाने का काम करता था। गुरुवार शाम वह हसनपुर से बाइक से अपने गांव लौट रहा था। रहरा अड्डे के पास सामने से आए अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित राहगीरों की मदद से मयंक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हसनपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिवार का था सहारा परिजनों ने बताया कि मयंक दो भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा था तथा परिवार की जिम्मेदारी उसी पर थी। करीब तीन महीने पहले उसके पिता राजू जाटव की बीमारी से मौत हो गई थी। वहीं, छह महीने पहले ही उसकी शादी सविता से हुई थी। तहरीर मिलने पर दर्ज होगा मुकदमा कोतवाल राजेश तिवारी ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों की तहरीर मिलने पर अज्ञात वाहन और उसके चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। दिल्ली और पटना में प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज के विरोध में अब मोतिहारी में भी छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। गुरुवार शाम विभिन्न छात्र संगठनों के बैनर तले शहर में कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। यह कैंडल मार्च शहर के बलुआ चौक से शुरू होकर कचहरी चौक तक पहुंचा। इस दौरान छात्र शांतिपूर्ण ढंग से हाथों में कैंडल लिए आगे बढ़ते रहे और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की। छात्रों ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है। उनका कहना था कि जब सभी मंत्रालय प्रधानमंत्री खुद संचालित कर रहे हैं, तो शिक्षा व्यवस्था की गिरती स्थिति की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर है। मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए देश में शिक्षा महंगीछात्रों ने यह भी कहा कि एक ओर जहां नेताओं और मंत्रियों के बच्चे विदेशों में पढ़ाई कर रहे हैं, वहीं गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए देश में शिक्षा महंगी होती जा रही है। उन्होंने नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा के पेपर लीक होने को भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया। इस शांतिपूर्ण कैंडल मार्च को लेकर प्रशासन ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। सदर एसडीओ अरुण कुमार और सदर डीएसपी वन दिलीप कुमार ने छात्रों के संयमित प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि मोतिहारी के छात्रों ने कानून को अपने हाथ में नहीं लिया, जो उनकी जागरूकता और जिम्मेदारी को दर्शाता है। प्रशासन ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध हर नागरिक का अधिकार है और मोतिहारी के छात्रों ने इसका एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
गुरुवार को उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल में रेलवे प्रशासन और उत्तर मध्य रेलवे मेंस यूनियन (एनसीआरएमयू) के बीच दो दिवसीय स्थायी वार्ता तंत्र (पीएनएम) बैठक शुरू हुई। मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) रजनीश अग्रवाल की अध्यक्षता में यह बैठक मंडल कार्यालय के संकल्प सभागार में आयोजित की गई। इसमें रेल कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। एनसीआरएमयू के महामंत्री आर. डी. यादव, रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और यूनियन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। डीआरएम रजनीश अग्रवाल ने बैठक में बताया कि रेलवे प्रशासन और यूनियन के बीच बेहतर तालमेल से कर्मचारियों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि 1 अप्रैल 2025 से 30 जून 2026 की अवधि में प्रयागराज मंडल में 3,183 कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई। इसके अतिरिक्त, 840 कर्मचारियों को एमएसीपी (Modified Assured Career Progression) का लाभ मिला और 114 आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी प्रदान की गई। डीआरएम ने यह भी बताया कि कर्मचारियों की शिकायतों के निवारण हेतु स्थापित सिंगल विंडो सेल में इसी अवधि में 11,823 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 11,512 का समाधान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि मंडल में ई-ऑफिस व्यवस्था पूर्ण रूप से लागू कर दी गई है और सभी कर्मचारियों का रिकॉर्ड अब एचआरएमएस पोर्टल पर उपलब्ध है। कर्मचारी हित में किए गए अन्य कार्यों का उल्लेख करते हुए डीआरएम ने बताया कि कर्मचारी हित निधि से 439 कर्मचारियों के बच्चों को लगभग 79 लाख रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। इसके साथ ही, 33 दिव्यांग रेल कर्मचारियों को ट्राई-व्हील होंडा एक्टिवा स्कूटी उपलब्ध कराई गई। महिला कर्मचारियों और अन्य रेलकर्मियों के लिए अंडमान-निकोबार भ्रमण जैसी कल्याणकारी योजनाएं भी संचालित की गईं। कर्मचारियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए नियमित योगाभ्यास की व्यवस्था भी की गई है। बैठक में एनसीआरएमयू के महामंत्री आर. डी. यादव ने कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने स्थानांतरण, पदोन्नति, रेलवे आवास, यात्रा भत्ता, रेलवे कॉलोनियों की मरम्मत, सेंट्रल अस्पताल की सुविधाओं में सुधार, स्टेशन पर साइकिल स्टैंड, आरओ (रिवर्स ऑस्मोसिस) जल व्यवस्था और मंडल कार्यालय में शिशु सदन जैसी मांगें प्रस्तुत कीं। महामंत्री यादव ने प्रतिवर्ष चार पीएनएम बैठकों का कैलेंडर जारी करने का सुझाव भी दिया।
जमशेदपुर के बागबेड़ा में गुरुवार सुबह हुए सड़क हादसे के बाद शाम को इलाज को लेकर हंगामा हुआ। हादसे में गंभीर रूप से घायल शिक्षक प्रेम महतो के परिजनों और स्थानीय लोगों ने बागबेड़ा स्थित डीबी रोड को करीब दो घंटे तक जाम कर दिया। वे घायल के इलाज की व्यवस्था और दुर्घटना करने वाली कार के मालिक की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब मौके पर पहुंचे डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर सुमित कुमार पर एक युवक को थप्पड़ मारने का आरोप लगा। डीएसपी पर थप्पड़ मारने का आरोप प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घायल के इलाज में मदद की गुहार लगाने के लिए एक युवक डीएसपी के पैर पकड़ने लगा। आरोप है कि इससे नाराज होकर डीएसपी ने उसे थप्पड़ मार दिया। इस घटना के बाद वहां मौजूद लोग आक्रोशित हो गए और उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। घायल शिक्षक प्रेम महतो के परिजनों का आरोप है कि उन्हें इलाज के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में इलाज के लिए करीब 8 लाख रुपए की व्यवस्था करने को कहा गया है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिजन मदद की गुहार लेकर बागबेड़ा थाना पहुंचे थे। परिजनों ने पुलिस से दुर्घटना करने वाली कार के मालिक का पता लगाने और इलाज में सहायता की मांग की। उल्लेखनीय है कि गुरुवार सुबह बागबेड़ा में एक तेज रफ्तार बेकाबू कार ने चार लोगों को अपनी चपेट में ले लिया था। इस हादसे में शिक्षक प्रेम महतो गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि तीन अन्य लोग भी चोटिल हुए हैं। घटना की सूचना मिलने पर भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पूरे मामले की जांच की जा रही है। जो भी दोषी होंगे, उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एक लड़के ने पैर पकड़ लिया था जिसे हटाया गया था। -सुमित कुमार, डीएसपी, लॉ इन ऑर्डर
प्रयागराज में मानसून की शुरुआत के साथ ही जलभराव की आशंका को देखते हुए प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह ने गुरुवार को शहर के प्रमुख पंपिंग स्टेशनों और स्लुज गेटों का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी पंपिंग स्टेशनों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए ताकि संभावित जलभराव से निपटा जा सके। अपर जिलाधिकारी विनीता सिंह ने बाढ़ और जलभराव के प्रति संवेदनशील माने जाने वाले कई महत्वपूर्ण स्थलों का जायजा लिया। उन्होंने गंगा के बढ़ते जलस्तर और आंतरिक जल निकासी के संतुलन को जांचने के लिए बक्शी बांध स्लुज गेट का निरीक्षण किया। इसके बाद, उन्होंने अल्लापुर पंपिंग स्टेशन और मोरीगेट पंपिंग स्टेशन की कार्यप्रणाली की समीक्षा की, जो घनी आबादी वाले क्षेत्रों में बारिश के पानी की निकासी के मुख्य केंद्र हैं। यमुना किनारे के इलाकों में जल प्रवाह को नियंत्रित करने वाले यमुना बैंक रोड बांध नम्बर 2 और 9 गेटों तथा पंपिंग स्टेशनों की क्रियाशीलता की भी जांच की गई। निरीक्षण के दौरान, एडीएम ने संबंधित विभागों के अभियंताओं और कर्मचारियों से पंपों की तकनीकी क्षमता और उनकी कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी से बचने के लिए सभी आवश्यक एहतियाती कदम तुरंत उठाए जाएं। विशेष तौर पर, पंपों और गेटों की ग्रिसिंग, ऑयलिंग और पेंटिंग जैसे महत्वपूर्ण रखरखाव कार्यों को तत्काल पूरा करने का आदेश दिया गया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने पर त्वरित राहत प्रदान की जा सके। उल्लेखनीय है कि प्रयागराज के अल्लापुर, बक्शी बांध, सलोरी, बघाड़ा, गोविंदपुरी और नवादा जैसे निचले इलाकों में हर साल मानसून के दौरान जलभराव एक बड़ी समस्या बन जाता है। मामूली बारिश में भी इन क्षेत्रों की सड़कों पर पानी भर जाता है और गलियां जलमग्न हो जाती हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होता है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि केवल पंपिंग स्टेशनों के निरीक्षण से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, बल्कि इसके लिए मुख्य नालों की समय पर सिल्ट सफाई और जल प्रवाह के रास्तों को दुरुस्त रखना बेहद आवश्यक है।
कोटपूतली जिले के पावटा कस्बे में बारिश के मौसम को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार शाम उपखंड अधिकारी (एसडीएम) बृजेश चौधरी ने साफ-सफाई, अवैध अतिक्रमण हटाने और नालों की सफाई को लेकर संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने सभी विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए, ताकि बारिश के दौरान जलभराव, ट्रैफिक जाम और लोगों की आवाजाही में आने वाली दिक्कतों से बचा जा सके। एसडीएम ने नगरपालिका अधिकारियों को पूरे कस्बे में विशेष सफाई अभियान चलाने, नालों की जल्द सफाई कराने और सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अवैध अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में छोटी लापरवाही भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है, इसलिए सभी काम प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं। पुलिया के पास जाम से राहत दिलाने की बनाई रणनीति बैठक में कस्बे की मुख्य पुलिया के दोनों ओर लगने वाले ट्रैफिक जाम पर भी विस्तार से चर्चा हुई। एसडीएम ने ट्रैफिक इंस्पेक्टर कोटपूतली और पावटा थाना प्रभारी को संयुक्त अभियान चलाकर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम लोगों को जाम से राहत दिलाने के लिए नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। एनएच अधिकारियों को सर्विस लेन खाली कराने के निर्देश बैठक में नेशनल हाईवे प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों को भी कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। एसडीएम ने हाईवे किनारे बने नालों की तत्काल सफाई कराने, खुले नालों को प्राथमिकता के आधार पर ढकने और डिवाइडर पार कर लोगों की आवाजाही रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय करने को कहा। इसके अलावा हाईवे की सर्विस लेन पर अवैध रूप से खड़े होने वाले ठेलों को निर्धारित सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कराने और भविष्य में दोबारा अतिक्रमण नहीं होने देने के लिए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बारिश के पानी की निकासी पर विशेष जोर एसडीएम ने छोटी पुलिया क्षेत्र में बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जल निकासी बाधित होने से जलभराव और यातायात प्रभावित होता है, इसलिए संबंधित विभाग समय रहते सभी जरूरी इंतजाम पूरे करें। सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश बैठक के अंत में एसडीएम बृजेश चौधरी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य लोगों को स्वच्छ वातावरण, बेहतर यातायात व्यवस्था और बारिश के दौरान परेशानी मुक्त सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सभी विभाग अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से पालन करें, ताकि आमजन को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मुरादनगर में जीडीए का बुलडोजर चला:दो अवैध कॉलोनियां ध्वस्त, सड़कें और बाउंड्री वॉल तोड़ी गईं
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने गुरुवार को मुरादनगर क्षेत्र में दो अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाया। प्रवर्तन जोन-2 की टीम ने यह कार्रवाई की। जीडीए के अनुसार, इन कॉलोनियों में बिना स्वीकृत मानचित्र के अवैध प्लॉटिंग और निर्माण कार्य चल रहा था। पहली कार्रवाई ग्राम जलालपुर स्थित रघुनाथपुर पाइपलाइन रोड पर की गई। यहां लगभग पांच बीघा क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। दूसरी कार्रवाई ग्राम नवीपुर की बंबा वाली रोड पर बीएलएएम पब्लिक स्कूल के पास हुई। इस स्थान पर करीब 8500 वर्गमीटर क्षेत्र में मिट्टी भरकर सड़कें बनाई गई थीं और प्लॉट काटे जा रहे थे। जांच के दौरान, निर्माणकर्ताओं द्वारा कोई स्वीकृत नक्शा या आवश्यक अनुमति प्रस्तुत नहीं की जा सकी। इसके बाद, जीडीए की टीम ने मौके पर बनी सड़कें, बाउंड्री वॉल, साइट ऑफिस और अन्य सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान, कॉलोनाइजर और कुछ लोगों ने विरोध करने का प्रयास किया। हालांकि, प्राधिकरण की पुलिस और प्रवर्तन टीम ने स्थिति को नियंत्रित रखा और ध्वस्तीकरण अभियान जारी रखा। मौके पर सहायक अभियंता, अवर अभियंता, प्रवर्तन जोन-2 का स्टाफ, प्राधिकरण पुलिस और प्रवर्तन दस्ता मौजूद था। जीडीए अधिकारियों ने बताया कि शहर में अवैध कॉलोनियों और बिना अनुमति के निर्माण के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। आने वाले समय में भी ऐसे निर्माणों को चिन्हित कर ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्लॉट या संपत्ति की खरीद से पहले उसकी वैधता और जीडीए से मिली स्वीकृति की पूरी जानकारी अवश्य जांच लें, ताकि भविष्य में किसी भी परेशानी से बचा जा सके।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही कांग्रेस पार्टी को लेकर राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि कांग्रेस सदन में चर्चा से भाग रही है, जबकि केंद्र सरकार पेपर लीक के मुद्दे पर सदन में चर्चा करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का कहना है कि पिछले 10 सालों में 152 पेपर लीक हुए हैं। लेकिन वह इस पर सदन में चर्चा नहीं करना चाहती है, क्योंकि कांग्रेस के नेता जानते हैं कि अगर इस मुद्दे पर वे चर्चा करेंगे तो सबका चेहरा सामने आ जाएगा। चर्चा होगी तो यह भी सामने आएगा कि कौन सा पेपर, किस राज्य में और किसके शासनकाल में लीक हुआ। इसलिए कांग्रेस बहस से बचना चाहती है। अरुण चतुर्वेदी आज प्रदेश बीजेपी कार्यालय में मीडिया को संबोधित कर रहे थे। गहलोत सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस के शासनकाल में 19 पेपर लीक हुए थे। उस समय के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने पेपर लीक पर ठोस कार्रवाई को लेकर अजमेर से पदयात्रा निकाली थी। लेकिन उसके बाद भी तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोई कार्रवाई नहीं की। लेकिन जैसे ही प्रदेश में हमारी सरकार बनी, हमने पेपर लीक पर कार्रवाई के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया और पेपर लीक में शामिल लोगों को पकड़ने का काम किया। वहीं केंद्र सरकार ने नीट (NEET) पेपर लीक मामला सामने आते ही तुरंत उसे रद्द करते हुए फिर से परीक्षा करवाई और दोषी लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की। कांग्रेस अराजकता फैलाने वालों के साथ खड़ी उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह देश के युवाओं के साथ खड़ी है या उन तत्वों के साथ जो देश में अराजकता फैलाने का प्रयास करते हैं। प्रदर्शन में ऐसे लोग भी शामिल थे, जिनका अतीत विवादित नारों और आंदोलनों से जुड़ा रहा है। कांग्रेस को यह तय करना होगा कि उसकी राजनीति लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ है या अराजकता फैलाने वाले समूहों के साथ है। चतुर्वेदी ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और ऐसे मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसी व्यवस्थाओं पर भी काम हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर है और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ------------- केन्द्रीय शिक्षामंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही कांग्रेस पार्टी को लेकर राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी ने कहा कि कांग्रेस सदन में चर्चा से भाग रही हैं। जबकि केन्द्र सरकार पेपरलीक के मुद्दे पर सदन में चर्चा करने को तैयार हैं। उन्होने कहा कि कांग्रेस का कहना है कि पिछले 10 सालों में 152 पेपरलीक हुए हैं। लेकिन वो इस पर सदन मे चर्चा नहीं करना चाहती हैं, क्योंकि कांग्रेस के नेता जानते है कि अगर इस मुद्दे पर वह चर्चा करेंगे तो सबका चेहरा सामने आ जाएगा। चर्चा होगी तो यह भी सामने आएगा कि कौनसा पेपर, किस राज्य में और किसके शासनकाल में लीक हुआ। इसलिए कांग्रेस बहस से बचना चाहती हैं। अरूण चतुर्वेदी आज प्रदेश बीजेपी कार्यालय में मीडिया को संबोधित कर रहे थे। गहलोत सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं कीअरूण चतुर्वेदी ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस के शासनकाल में 19 पेपरलीक हुए थे। उस समय के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने पेपरलीक पर ठोस कार्रवाई को लेकर अजमेर से पदयात्रा निकाली थी। लेकिन उसके बाद भी तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोई कार्रवाई नहीं की। लेकिन जैसे ही प्रदेश में हमारी सरकार बनी, हमने पेपरलीक पर कार्रवाई के लिए एसआईटी का गठन किया। पेपरलीक में शामिल लोगों को पकड़ने का काम किया। वहीं केन्द्र सरकार ने नीट पेपरलीक होते ही तुरंत उसे रद्द करते हुए फिर से परीक्षा करवाई और दोषी लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की। कांग्रेस अराजकता फैलाने वालों के साथ खड़ीउन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह देश के युवाओं के साथ खड़ी है या उन तत्वों के साथ जो देश में अराजकता फैलाने का प्रयास करते हैं। प्रदर्शन में ऐसे लोग भी शामिल थे, जिनका अतीत विवादित नारों और आंदोलनों से जुड़ा रहा है। कांग्रेस को यह तय करना होगा कि उसकी राजनीति लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ है या अराजकता फैलाने वाले समूहों के साथ हैं। चतुर्वेदी ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और ऐसे मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसी व्यवस्थाओं पर भी काम हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर है और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
पठानकोट के शाहपुरकंडी में 'एम्प्लॉइज फेडरेशन पंजाब राज्य बिजली बोर्ड' के बैनर तले पावरकॉम कर्मचारियों ने लंबित मांगों को लेकर पंजाब सरकार और पावरकॉम प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मांगों की अनदेखी से नाराज कर्मचारियों ने वर्कशॉप से लेकर सर्कल कार्यालय और आरआई कार्यालय तक जोरदार रोष मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे फेडरेशन के प्रदेश सचिव कपिल देव ने सरकार और पावरकॉम प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। प्रदेश सचिव कपिल देव ने कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों को लेकर सरकार और प्रबंधन के साथ कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं, जिनमें सहमति भी बन गई थी। हालांकि लंबे समय बाद भी इन फैसलों को धरातल पर लागू नहीं किया गया। सरकार केवल खोखले आश्वासन देकर कर्मचारियों को टाल रही है, जिसके कारण आज हमें मजबूरी में आंदोलन की राह चुननी पड़ी है। उग्र आंदोलन की दी चेतावनी सर्कल सचिव निशांत शर्मा ने बताया कि इससे पहले भी कर्मचारी 2 दिन की सामूहिक छुट्टी लेकर शांतिपूर्ण धरना दे चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया। इसी उपेक्षा के विरोध में अब दोबारा 2 दिन की सामूहिक हड़ताल शुरू की गई है। कर्मचारी नेताओं ने दोटूक चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस बार भी पंजाब सरकार और पावरकॉम प्रबंधन ने उनकी जायज मांगों का स्थायी समाधान नहीं निकाला, तो स्टेट बॉडी (प्रांतीय कमेटी) के अगले निर्देशों के तहत आंदोलन को और उग्र व तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
दमोह जिले में 108 एंबुलेंस सेवा में देरी के कारण एक गर्भवती महिला को बस स्टैंड के यात्री प्रतीक्षालय में बच्चे को जन्म देना पड़ा था। इस गंभीर लापरवाही पर शासन ने कार्रवाई करते हुए एंबुलेंस चलाने वाली कंपनी पर 2 लाख 35 हजार 931 रुपए का जुर्माना लगाया है। दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने गुरुवार शाम को यह जानकारी दी। घटना 8 जुलाई की जबेरा ब्लॉक के ग्राम बम्होरी की है। बम्होरी निवासी 30 साल की कविता बाई को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस को फोन किया था। परिजन को बताया गया कि गाड़ी आने में एक घंटा लगेगा। महिला की हालत बिगड़ती देख परिजन उसे ई-रिक्शा से अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ई-रिक्शा की बैटरी खत्म हो गई। साड़ियों का पर्दा बनाकर कराना पड़ा प्रसव ई-रिक्शा रुकने के बाद महिला को बम्होरी बस स्टैंड के यात्री प्रतीक्षालय में बैठाकर एंबुलेंस का इंतजार किया गया। जब घंटे भर बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची और दर्द बढ़ गया, तो गांव की महिलाओं ने साड़ियों का पर्दा बनाकर प्रतीक्षालय में ही महिला का सुरक्षित प्रसव कराया। बाद में बम्होरी सरपंच ने अपने निजी वाहन से मां और बच्चे को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जांच के बाद कंपनी पर ठुका जुर्माना मामले की शिकायत मिलने पर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जांच के निर्देश दिए थे। सीएमएचओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने एंबुलेंस सेवा देने वाली कंपनी 'जेएईएस प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड' के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव शासन को भेजा। शासन के नोटिस पर कंपनी ने अपनी लापरवाही स्वीकार की, जिसके बाद उस पर 2,35,931 रुपए का जुर्माना लगाया गया। कलेक्टर की चेतावनी कलेक्टर ने साफ कहा कि गर्भवती महिलाओं को समय पर एंबुलेंस सेवा देना सबसे पहली प्राथमिकता है। अगर भविष्य में एंबुलेंस कंपनी की तरफ से ऐसी कोई भी लापरवाही सामने आती है, तो इससे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उदयपुर में फूड सेफ्टी टीम ने नकली घी पकड़ा:30 किलो घी मौके पर कराया नष्ट, दूध डेयरी पर छापेमारी
उदयपुर के हिरणमगरी सेक्टर-14 स्थित दूध डेयरी पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने नकली घी बनाने का भंडाफोड़ करते हुए छापा मारा। टीम ने डेयरी संचालक को एसेंस और वनस्पति तेल से घी बनाते हुए पकड़ा। कार्रवाई के दौरान 30 किलो संदिग्ध घी जब्त किया गया, जिसे मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। टीम ने जांच के लिए नमूने भी लिए हैं और रिपोर्ट के आधार पर संबंधित संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी नरेंद्र सिंह चौहान अपनी टीम के साथ सविना क्षेत्र में रोशनजी की बाड़ी स्थित मातेश्वरी दूध डेयरी एवं जनरल स्टोर पर संदिग्ध घी बनाकर बेचने की सूचना मिलने पर पहुंचे। डेयरी पर बनाया जा रहा था मिलावटी घी उन्होंने बताया कि डेयरी मालिक खेमराज डांगी के पास से 4 केन वेजिटेबल तेल और 3 केन एसेंस के पाए गए और इससे पीछे की तरफ मिलावटी घी बनाया जा रहा था। वहां पर 2 टीन (30 किलो) संदिग्ध घी भी पाया गया, जिसको सैंपल लेकर हाथों-हाथ नष्ट किया गया। सभी केन जब्त कर लिए गए और उपलब्ध घी का नमूना लिया, जिसकी जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला में जांच करवाई जाएगी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी चौहान ने बताया कि डेयरी संचालक एसेंस और वनस्पति तेल की मदद से नकली घी तैयार कर रहा था। टीम ने करीब 30 किलो नकली घी के दो टीन से नमूने लिए और पूरे घी को मौके पर ही नष्ट कर दिया। उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग की आयुक्त टी. शुभ मंगला के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। जांच रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होने पर संबंधित फर्म के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य ने कहा कि आमजन को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मिलावट के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले कारोबारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सीएमएचओ ने बताया कि सैंपल मिसब्रांड पाए जाने पर 3 लाख रुपए तक, सब स्टैण्डर्ड पाए जाने पर 5 लाख रुपए तक जुर्माने एवं अनसेफ पाए जाने पर 6 माह से लेकर आजीवन कारावास और 1 लाख से लेकर 10 लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है।
जोधपुर से पाली में ओम बन्ना के दर्शन के लिए गए पांच युवकों की कार का एक्सीडेंट हो गया। इसमें से तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि दो घायल हो गए। सभी घायल एक ही मोहल्ले के रहने वाले हैं। हादसे में घायल एक युवक परिवार को अपने दोस्त के पास जाने की बात कहकर घर से निकला था। एक्सीडेंट की सूचना जब घरवालों को मिली, तब उसके पाली जाने का पता चला। दरअसल, जोधपुर के पांच युवक गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे ओम बन्ना दर्शन के लिए निकले थे। पाली में गुरुवार दोपहर करीब एक बजे कार का रोडवेज से एक्सीडेंट हो गया। कार रोडवेज के पीछे चल रही थी। आशंका है कि घुमाव पर बस ड्राइवर ने अचानक ब्रेक लगाए और कार की स्पीड ज्यादा होने के कारण वह उसमें घुस गई। इससे कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। हादसा ओम बन्ना मंदिर से चार-पांच किलोमीटर पहले बांडाई मोड़ पर हुआ। एक्सीडेंट होने पर बेटे के पाली जाने का पता लगा एक्सीडेंट में हेमराज उर्फ हेमू (20) पुत्र तुलसीराम, तुशाल (21) पुत्र दिलीप, प्रवीण (18) पुत्र बाबूलाल की मौत हो गई। वहीं रौनक (21) पुत्र देवाराम और हनीश (18) पुत्र मनोज कुमार को घायलवस्था में को रोहट के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां से मथुरादास माथुर हॉस्पिटल (एमडीएम) भेज दिया गया। घायलों की हालत खतरे से बाहर है। हनीश को छुट्टी दे दी गई है, जबकि रौनक का इलाज जारी है। रौनक के पिता देवाराम ने बताया- मुझे बेटे के पाली जाने की जानकारी नहीं थी। वह घर से दोस्त के पास जाने की बात कहकर निकला था। उनको जब एक्सीडेंट की सूचना मिली, तब उसके बारे में पता चला। देखिए हादसे की तस्वीरें… मामा से मांगकर लाया कार, सभी युवक एक ही कॉलोनी के रहने वाले मृतक और घायल सभी युवक पांच बत्ती स्थित सांसी कॉलोनी के रहने वाले हैं। सभी कॉलोनी की एक ही गली में रहते थे। ऐसे में दर्शन जाने का प्लान बनाया। इसके लिए प्रवीण अपने मामा से स्विफ्ट कार लेकर आया। इसके बाद पाली के लिए रवाना हुए। एक्सीडेंट के वक्त कार हेमराज चला रहा था। सभी का सामान्य परिवार एक्सीडेंट में मरने वाले और घायल युवक सामान्य परिवार से हैं। मृतक हेमराज की कॉलोनी में किराने की दुकान है। उनके पिता ऑटो चलाते हैं। प्रवीण के पिता पेंट का काम करते हैं और प्रवीण उसमें हाथ बंटाता था। तुशाल के पिता घूमकर टायर-ट्यूब खरीदते हैं और तुशाल भी उनके काम में हाथ बंटाता था। घायल हनीश के पिता लाइट-फीटिंग का काम करते हैं और हनीश भी उनके साथ काम करता है। वहीं रौनक के पिता ऑटो चलाते हैं।
प्रदेश में मेडिकल सर्विस और स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स के रिक्त पदों को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है। दरअसल, हाल ही प्रदेश में प्रसूताओं की मौतें सामने आ रहे हैं। ऐसे में कोर्ट की यह सख्ती महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दरअसल, निरामया ट्रस्ट की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने विशेषज्ञ चिकित्सकों के स्वीकृत, कार्यरत और रिक्त पदों से जुड़े आंकड़ों का अवलोकन किया। कोर्ट ने कहा- यदि प्रस्तुत आंकड़े सही हैं तो विशेषज्ञ चिकित्सकों के इतने बड़े स्तर पर पद रिक्त होना सीधे तौर पर आमजन के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। कोर्ट ने आंकड़ों का वेरिफिकेशन के लिए कहा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को इन आंकड़ों का वेरिफिकेशन करने को कहा। साथ ही यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि लंबे समय से स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के पद खाली क्यों है? याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि स्त्री एवं प्रसूति रोग, एनेस्थीसिया, मेडिसिन, शिशु रोग, रेडियोलॉजी, अस्थि रोग, नेत्र रोग और ईएनटी सहित कई महत्वपूर्ण विभागों में विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त हैं। इसका सीधा असर विशेष रूप से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, उप जिला अस्पतालों और जिला अस्पतालों की सेवाओं पर पड़ रहा है। विशेषज्ञ इलाज के अभाव में गंभीर मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता, जिससे उन्हें हायर सेंटर पर रेफर करना पड़ रहा है। ट्रस्ट ने रिक्त जूनियर विशेषज्ञ चिकित्सकों के पदों पर जल्द सीधी भर्ती शुरू करने के निर्देश देने की मांग की। मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई को होगी।
नीट आंदोलन को विपक्ष ने राजनीतिक रंग दिया:छात्र हित नहीं सत्ता की चिंता : हर्ष मल्होत्रा
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा और दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने गुरुवार को संयुक्त प्रेस वार्ता में विपक्ष पर 'नीट' परीक्षा के मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया। दोनों नेताओं ने कहा अब जबकि दोबारा नीट परीक्षा हो चुकी है और उसका परिणाम भी जारी हो गया है, फिर भी आंदोलन जारी रखना छात्र हित नहीं बल्कि राजनीतिक एजेंडा है। मल्होत्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था का स्वागत करते हुए कहा केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष छात्र आंदोलनों को हाईजैक कर हिंसा को बढ़ावा दे रहा है। प्रेस वार्ता में भाजपा नेताओं ने 2004 से 2014 के बीच कांग्रेस सरकार के दौरान हुए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा पेपर लीक मामलों और हाल ही में पंजाब में फार्मासिस्ट भर्ती परीक्षा के पेपर लीक का भी उल्लेख किया। मल्होत्रा ने राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल से इन मामलों पर जवाब देने की मांग करते हुए कहा संसद में 'नीट' पर चर्चा से विपक्ष बच रहा है। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार शिक्षा क्षेत्र में लगातार सुधार कर रही है। उनके अनुसार, 2014-15 से 2023-24 के बीच देश में उच्च शिक्षण संस्थानों की संख्या में 25 प्रतिशत और विश्वविद्यालयों की संख्या में 69.7 प्रतिशत वृद्धि हुई है। इसी अवधि में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले दलित छात्रों की संख्या में 51.4 प्रतिशत तथा ओबीसी छात्रों की संख्या में 60.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि भाजपा की नीति पेपर लीक के मामलों में 'जीरो टॉलरेंस' की है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल अस्थायी समाधान नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली की कमियों को दूर करने के लिए दीर्घकालिक सुधारों पर काम कर रही है।
नैनीताल से लौट रहे लखनऊ के छह पर्यटकों की टवेरा कार गुरुवार सुबह नैनीताल-हल्द्वानी मार्ग पर ज्योलीकोट के पास अनियंत्रित होकर करीब 40 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के बाद कार में सवार लोगों की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस और एसडीआरएफ ने करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी घायलों को बाहर निकाला। हादसे में चालक समेत दो लोगों की हालत गंभीर है। गोमतीनगर लखनऊ निवासी सिद्धार्थ प्रताप सिंह (24), निखिल त्रिपाठी (20), आदित्य त्रिपाठी (24), सिद्धांत सिंह (23), आदर्श मिश्रा (23) और निखिलेंद्र सिंघल (23) मंगलवार शाम नैनीताल घूमने पहुंचे थे। गुरुवार सुबह सभी हल्द्वानी निवासी चालक संग्राम सिंह के साथ टवेरा से काठगोदाम लौट रहे थे। ज्योलीकोट नंबर-1 के पास पहुंचते ही कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरी। सूचना मिलते ही तल्लीताल कोतवाली के एएसआई सुनील, ज्योलीकोट चौकी प्रभारी श्याम बोरा और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू टीम ने खाई में उतरकर सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। एसपी ट्रैफिक एवं अपराध डॉ. जगदीश चंद ने बताया कि हादसे में चालक संग्राम सिंह और लखनऊ निवासी निखिलेंद्र सिंघल गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दोनों को 108 एंबुलेंस से सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी भेजा गया है। अन्य चार पर्यटकों को मामूली चोटें आई हैं। पास देने के दौरान अनियंत्रित हुई कार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सामने से आ रहे वाहन को पास देने के दौरान चालक ने कार सड़क के किनारे कर दी। उस स्थान पर सड़क किनारे दीवार निर्माण का काम चल रहा था। इसी दौरान कार का अगला पहिया किनारे रखे पत्थरों पर चढ़ गया। चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और टवेरा सीधे खाई में जा गिरी। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
शिवहर साइबर थाना पुलिस ने एक युवक को साइबर ठगी का शिकार होने के बाद उसके 50 हजार रुपये वापस दिलाए हैं। पुलिस उपाधीक्षक (साइबर) के मार्गदर्शन में त्वरित कार्रवाई करते हुए यह राशि पीड़ित के बैंक खाते में लौटाई गई। जानकारी के अनुसार, शिवहर निवासी राजेश कुमार (पिता स्वर्गीय नारायण साह) साइबर ठगी के शिकार हुए थे। इस मामले की सूचना मिलते ही पुलिस उपाधीक्षक (साइबर) के निर्देशन में साइबर थाना की टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। टीम ने तकनीकी अनुसंधान किया और संबंधित बैंक अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया। इसके परिणामस्वरूप, ठगी गई राशि को समय रहते होल्ड करा लिया गया और फिर पीड़ित के बैंक खाते में 50 हजार रुपये की पूरी रकम वापस करा दी गई। साइबर अपराध के प्रति सतर्क रहने की अपील कीराशि वापस मिलने के बाद पीड़ित राजेश कुमार और उनके परिजनों ने शिवहर पुलिस तथा साइबर थाना की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। शिवहर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराएं नहीं। ऐसे मामलों में बिना देर किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या National Cyber Crime Reporting Portal (https://reference-url-citation.invalid/0) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। पुलिस ने बताया कि ठगी के तुरंत बाद शिकायत मिलने से राशि को समय रहते होल्ड कराने और पीड़ित को वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है। शिवहर पुलिस ने लोगों से साइबर अपराध के प्रति सतर्क रहने की अपील की है और कहा है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। इसके साथ ही, आम लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
बालाघाट के एक होटल में कचरे के नए नियमों को लेकर बैठक हुई। इसमें बताया गया कि जो भी होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन या अस्पताल रोज 100 किलो या उससे अधिक कचरा निकालते तो इन पर कार्रवाई होगी। बैठक में कहा गया कि होटल, अस्पताल और मैरिज गार्डन जैसी जगहों को गीला और सूखा कचरा खुद ही अलग-अलग करना होगा। कचरे को सही तरीके से ठिकाने लगाने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की होगी। कचरे के नियमों को मानना सबके लिए जरूरी है। उन्होंने नगर पालिका की टीम को निर्देश दिए कि इन नियमों को सख्ती से लागू करवाएं और लोगों को सफाई के प्रति जागरूक करते रहें। परियोजना अधिकारी क्या बोले? शहर के ऐसे सभी बड़े संस्थानों का सर्वे करके उनका रजिस्ट्रेशन कराया जाए और कचरे को शुरू से ही अलग-अलग रखने का इंतजाम कराया जाए। मुख्य नगर पालिका अधिकारी ये बताया? नगर पालिका ऐसे बड़े संस्थानों की पहचान करने और उन पर नजर रखने का प्लान बना रही है। घर-घर कचरा उठाने, गीला-सूखा कचरा अलग करने और सफाई अभियानों को और बेहतर बनाया जाएगा, ताकि 'स्वच्छ सर्वेक्षण-2026' में शहर का प्रदर्शन अच्छा रहे।
कोटा के शादी समारोह से एक युवक को बहाने से बाइक पर अपने साथ ले जाकर चाकू से हत्या करने वाले दो नाबालिग आरोपियों को कोर्ट का अहम फैसला आया है। 20 महीने बाद डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन कोर्ट ने दोनों नाबालिगों को हत्या का दोषी मानते हुए 10-10 साल के कारावास और 5 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। इनमें से एक किशोर को आर्म्स एक्ट के तहत एक वर्ष कारावास और 500 रुपए के जुर्माने की सजा भी सुनाई गई है। अभियोजन के अनुसार, आरोपियों ने समारोह से युवक को साथ ले जाने के बाद उस पर चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। खाली प्लॉट के पास खून से लथपथ हालत में छोड़ गए थे आरोपी यह मामला 14 नवंबर 2024 का है। आरकेपुरम थाना क्षेत्र के आंवली रोड़ नयागांव निवासी 21 वर्षीय अरुण मेहरा पड़ोस में आयोजित एक शादी समारोह में खाना खाने जाने की बात कहकर घर से निकला था। शाम करीब साढ़े छह बजे उसके परिजनों को सूचना मिली कि अरुण पर चाकू से हमला कर उसे गंभीर हालत में खाली प्लॉट के पास छोड़ दिया गया है। मौके पर पहुंचने पर वह खून से लथपथ मिला। उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान रात में उसकी मौत हो गई। मृतक के पिता अशोक मेहरा ने आरकेपुरम थाने में हत्या का मामला दर्ज कराया था। शिकायत में बताया गया कि दो किशोर अरुण को शादी समारोह से मोटरसाइकिल पर अपने साथ ले गए और उसके सीने, हाथ तथा पैरों पर चाकू से कई वार किए। एडवोकेट मनोज पुरी ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक और एक आरोपी किशोर साथ में मजदूरी का काम करते थे। दशहरे के दिन दोनों के बीच हुए विवाद के बाद आरोपी ने रंजिश पाल ली थी। उसने अपने दो साथियों को यह कहकर उकसाया कि अरुण उनकी जान लेना चाहता है। वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी उसी ने उपलब्ध कराया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में 25 गवाहों के बयान दर्ज कराए और 40 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए। गंभीर अपराध को देखते हुए किशोर न्याय अधिनियम के तहत दोनों दोषियों का वयस्क के रूप में ट्रायल किया गया। अदालत ने आदेश दिया है कि दोषी किशोरों को 21 वर्ष की आयु तक सुरक्षित स्थान पर रखा जाएगा। इसके बाद नियमानुसार उन्हें जेल भेजा जाएगा।
अमृतसर जिले में अजनाला के सीमावर्ती गांव कोटली अंब में भारी बारिश के कारण एक मकान ढह गया। इस हादसे में मकान के मलबे में एक महिला और उसकी 3 साल की बेटी दब गईं। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मकान गिरने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह किए बिना मलबा हटाना शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद मां-बेटी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दोनों घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। महिला ने सरकार से लगाई मदद की गुहार पीड़ित महिला सरबजीत कौर ने बताया कि उनका परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी का सामना कर रहा है। अब घर ढह जाने के बाद उनके पास रहने के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है। उन्होंने पंजाब सरकार, जिला प्रशासन और समाजसेवी संस्थाओं से मदद की गुहार लगाते हुए परिवार के लिए एक नया और सुरक्षित मकान बनवाने की मांग की है। ग्रामीणों ने मकान बनवाने की मांग की गांववासियों ने भी सरकार से अपील की है कि प्रभावित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना या राज्य सरकार की किसी अन्य आवास योजना के तहत परिवार को पक्का घर उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें। 'गरीब लोगों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराए' लगातार हो रही बारिश के बीच यह घटना एक बार फिर उन गरीब परिवारों की दुर्दशा को उजागर करती है, जो आज भी कच्चे और जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे परिवारों की पहचान कर उन्हें समय रहते सुरक्षित आवास उपलब्ध कराए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
बेतिया में गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, छात्र नेताओं और छात्रों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाएं प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है और हाल के घटनाक्रमों ने छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। मामलों की जांच हो,दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा से जुड़े गंभीर मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने केंद्र सरकार पर छात्रों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया, जिससे युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने तख्तियां और बैनर लेकर अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। वक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस हमेशा छात्रों और युवाओं के हितों की आवाज उठाती रही है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने, छात्रों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने और जवाबदेही तय करने की मांग की। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न,आंदोलन की तैयारी प्रदर्शन के दौरान प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। हालांकि, पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, सुचारु और व्यवस्थित बनाने के लिए गुरुवार को जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में कविनगर स्थित जानकी भवन सभागार में समन्वय बैठक हुई। बैठक में कांवड़ शिविर संचालकों, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। प्रशासन ने पहली बार शिविर संचालकों के साथ सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने। जिलाधिकारी ने कहा- कांवड़ यात्रा जनपद का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है, जिसमें लाखों शिवभक्त विभिन्न मार्गों से गुजरते हैं। प्रशासन की प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम यातायात और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए। शिविर संचालकों ने रखीं अपनी मांगें बैठक में शिविर संचालकों ने शिविर स्थलों के पास मोबाइल शौचालय, गड्ढामुक्त सड़कें और आवश्यक सामग्री लेकर आने वाले वाहनों को अनुमति देने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि पहली बार प्रशासन ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना है और जिलाधिकारी की कार्यशैली की सराहना की। प्रशासन ने बताया कि जनपद में कांवड़ यात्रा के लिए 78.5 किलोमीटर लंबे दो मुख्य मार्ग और 81 किलोमीटर लंबे दो सहायक मार्ग चिन्हित किए गए हैं। मुरादनगर गंग नहर (छोटा हरिद्वार) समेत प्रमुख मंदिरों और घाटों पर बैरिकेडिंग, सुरक्षा जाल, रस्सियां, चेतावनी बोर्ड और अन्य सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे। 250 अस्पताल अलर्ट, कंट्रोल रूम रहेंगे 24 घंटे सक्रिय स्वास्थ्य विभाग ने यात्रा को देखते हुए करीब 250 सरकारी और निजी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है। कांवड़ मार्गों पर मेडिकल कैंप, एंबुलेंस और मोबाइल मेडिकल टीमें तैनात रहेंगी। सुरक्षा के लिए पुलिस, महिला पुलिस, पीएसी, आरएफ, एनडीआरएफ और सिविल डिफेंस के जवान तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा एक मुख्य और पांच सेक्टर कंट्रोल रूम 24 घंटे संचालित होंगे। प्रशासन ने 11 जोनल, 24 सेक्टर और 108 सब-सेक्टर मजिस्ट्रेट भी तैनात किए हैं। मांस-मदिरा की दुकानें रहेंगी बंद, QR कोड से होगी शिकायत यात्रा मार्गों पर 6,970 स्ट्रीट लाइटें लगाई जा रही हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में 40 जनरेटर बैकअप के रूप में उपलब्ध रहेंगे। निर्धारित अवधि तक कांवड़ मार्गों पर मांस और मदिरा की दुकानें बंद रहेंगी। खाद्य प्रतिष्ठानों पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, जिनके जरिए श्रद्धालु प्रतिष्ठान की जानकारी लेने के साथ शिकायत भी दर्ज करा सकेंगे। वहीं, 25 से 30 जुलाई तक पुलिस लाइन में स्थापित सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से कांवड़ शिविर लगाने की अनुमति दी जाएगी, ताकि पूरी प्रक्रिया आसान और त्वरित हो सके।
राजनांदगांव जिले के बागनदी थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर युवती का शारीरिक शोषण करने वाले आरोपी को पुलिस ने शिकायत दर्ज होने के महज तीन घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने शादी का वादा कर लंबे समय तक दुष्कर्म किया, जिससे पीड़िता आठ माह की गर्भवती हो गई। पुलिस के अनुसार, 23 जुलाई को पीड़िता अपने परिजनों के साथ बागनदी थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि ग्राम सड़क चिरचारी निवासी खुमेंद्र कुमार श्याम उर्फ कुणाल श्याम (21) ने शादी का प्रलोभन देकर उसका लंबे समय तक शारीरिक शोषण किया। गर्भवती होने के बाद जब उसने शादी की बात की तो आरोपी ने साफ इनकार कर दिया। बीएनएस की धारा 69 के तहत मामला दर्ज पीड़िता की शिकायत पर बागनदी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 21/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत मामला कायम कर जांच शुरू की। तीन घंटे में दबोचा आरोपी महिला संबंधी अपराध की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और एसडीओपी डोंगरगढ़ केशरीनंदन नायक के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने शिकायत दर्ज होने के महज तीन घंटे के भीतर आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में कबूला जुर्म पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
सलूंबर जिले में मानसून की वापसी से पूरे क्षेत्र में भारी बारिश दर्ज की गई। बुधवार देर रात तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हुई, जो गुरुवार सुबह तक रुक-रुककर जारी रही। इस बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव हुआ और लंबे समय से सूखे पड़े नदी-नाले फिर से बहने लगे। इस बारिश से एशिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित मीठे पानी की झील जयसमंद में जलस्तर बढ़ा। गोमती और खरका नदियों में तेज जलप्रवाह के कारण झील में 1 सेंटीमीटर पानी की आवक दर्ज की गई। गोमती और खरका नदी उफान पर मेवल-छप्पन क्षेत्र में हुई अच्छी बारिश से गोमती और खरका नदियां उफान पर रहीं। इन नदियों का पानी सीधे जयसमंद झील में पहुंचता है, जिससे झील के कैचमेंट क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने की संभावना है। खेतों में नमी बढ़ने से खरीफ फसलों की बुवाई और वृद्धि को लाभ मिला है। गुरुवार को दिनभर मौसम का मिजाज बदला रहा। हल्की फुहारों और घने बादलों की आवाजाही के बीच रुक-रुककर बारिश होती रही, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार शाम तक जिले में विभिन्न स्थानों पर दर्ज वर्षा इस प्रकार रही: झल्लारा में 62 मिमी, सलूम्बर में 61 मिमी, लसाड़िया में 58 मिमी, सराड़ा में 18 मिमी और सेमारी में 15 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश का दौर जारी रहने की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में भी जिले में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। यदि गोमती और खरका नदियों में जलप्रवाह बना रहता है, तो जयसमंद झील के जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है, जिससे पेयजल, सिंचाई और पर्यावरण के लिए क्षेत्र को लाभ मिलेगा।
बहराइच में वारिस पंजाब दे संगठन का सदस्य गिरफ्तार:भारत-नेपाल सीमा पर अमेरिकी नागरिक समेत 5 पकड़े गए
बहराइच में गुरुवार शाम भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रूपईडीहा चेकपोस्ट पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) और स्थानीय पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी एक इनोवा वाहन में सवार होकर जा रहे थे। जांच के दौरान उनके पास वैध दस्तावेज नहीं मिले। सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों में 'वारिस पंजाब दे' संगठन से जुड़ा विक्रमजीत सिंह भी शामिल है। हालांकि इस मामले पर जिले के किसी भी अधिकारी ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। अब जानिए पूरा मामला… पंजाब के रूपनगर का निवासी विक्रमजीत सिंह वर्ष 2023 में अजनाला थाने पर हुए हमले के मामले में लंबे समय से वांछित था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह नेपाल में फर्जी पहचान और दस्तावेजों का उपयोग कर छिपा हुआ था। गिरफ्तार किए गए लोगों में अमेरिकी नागरिक मनवीर सिंह ढिल्लों भी शामिल है, जो मोगा, पंजाब का मूल निवासी है। वह बिना वैध वीजा के नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारतीय सीमा में प्रवेश करने का प्रयास कर रहा था। मनवीर की अमेरिकी नागरिक पत्नी और बच्ची भी उनके साथ थीं। चूंकि उनके पास वैध दस्तावेज थे, इसलिए उन्हें आव्रजन नियमों के तहत भारत में प्रवेश की अनुमति दी गई और वे लखनऊ के लिए रवाना हो गए। इनोवा वाहन में सवार दो अन्य लोग रूपईडीहा थाना क्षेत्र के निवासी थे और वे मनवीर सिंह ढिल्लों को भारत में प्रवेश कराने में मदद कर रहे थे। वाहन चालक को भी हिरासत में लिया गया है। इन तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। हालांकि मामले को लेकर दैनिक भास्कर ने जब एसपी विश्वजीत श्रीवास्तव के सीयूजी नंबर पर शाम 7:37 मिनट पर फोन किया तो पीआरओ ने कॉल रिसीव की। उन्होंने कहा- एसपी ही मामले की जानकारी दे पाएंगे। ------------------------ ये खबर भी पढ़ेंः- बॉयफ्रेंड को बंधक बनाकर NEET छात्रा से गैंगरेप, चित्रकूट घूमने आए थे; पहाड़ी पर तीन युवकों ने वनकर्मी बताकर धमकाया यूपी के चित्रकूट में बॉयफ्रेंड को बंधक बनाकर NEET छात्रा के साथ तीन युवकों ने गैंगरेप किया। पुलिस के मुताबिक, 20 साल की छात्रा बॉयफ्रेंड के साथ पहाड़ी पर बैठी थी, तभी आरोपी पहुंचे। खुद को वनकर्मी बताकर उन्हें धमकाया। बॉयफ्रेंड को बेल्ट से पीटा और उसके हाथ-पैर गमछे से बांध दिए। तीनों छात्रा को घसीटते हुए झाड़ियों में ले गए। दरिंदगी की। पढ़ें पूरी खबर…
NEET परीक्षा पेपर लीक और देश में लगातार सामने आ रहे परीक्षा घोटालों के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने केंद्र और पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिला अध्यक्ष एवं विधायक बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा के दिशा-निर्देशों पर बटाला के ऐतिहासिक गांधी चौक में केंद्र और पंजाब सरकार का पुतला फूंका गया और उग्र प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन सिटी कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष संजीव शर्मा और जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष गौतम सेठ गुड्डू के संयुक्त नेतृत्व में आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सिटी कांग्रेस अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा कि NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर के प्रतिभावान छात्र दिल्ली में अपने अधिकारों और न्याय के लिए सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं। केंद्र सरकार छात्रों की वाजिब मांगों को सुनने और समस्या का समाधान करने के बजाय उन पर अत्याचार कर रही है। सपने टूट रहे युवाओं के दिन-रात मेहनत करके NEET और UPSC जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं का सपना पेपर लीक जैसी धांधलियों से चकनाचूर हो जाता है। केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और पेपर लीक रोधी कड़े कानून लागू करने में पूरी तरह नाकाम रही है। “केंद्र के नक्शेकदम पर चल रही पंजाब सरकार” जिला उपाध्यक्ष गौतम सेठ गुड्डू ने राज्य और केंद्र सरकार दोनों पर हमला करते हुए कहा कि युवा देश का भविष्य हैं, लेकिन सरकारों की गलत और छात्र-विरोधी नीतियों के कारण आज युवाओं को पढ़ाई छोड़कर सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। केंद्र सरकार ने जिस तरह पहले देश के किसानों और मजदूरों की आवाज़ दबाने का काम किया, ठीक उसी तरह अब विद्यार्थियों की आवाज को कुचला जा रहा है। पंजाब में भी कई परीक्षाओं के पर्चे लीक हुए हैं, जिससे यह साफ है कि आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार भी केंद्र सरकार के ही नक्शेकदम पर चल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी देश के छात्रों और युवाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और किसी भी सूरत में विद्यार्थियों के साथ अन्याय व धक्केशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीतामढ़ी में प्रस्तावित सैटेलाइट सीतापुरम प्रोजेक्ट के विरोध में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। भूमि बचाओ संघर्ष समिति और सैटेलाइट सीतापुरम प्रोजेक्ट संघर्ष समिति के बैनर तले पुनौरा बाजार चौक पर बड़ी संख्या में लोग जमा हुए। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर परियोजना के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सैटेलाइट सीतापुरम प्रोजेक्ट के लिए किसानों और स्थानीय लोगों की उपजाऊ जमीन अधिग्रहित की जा रही है। इससे हजारों परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा। भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग कीउनका कहना था कि सरकार स्थानीय लोगों की सहमति और उनकी भावनाओं की अनदेखी कर परियोजना को लागू करना चाहती है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। संघर्ष समिति के नेताओं ने कहा कि भूमि केवल किसानों की संपत्ति नहीं, बल्कि उनके जीवन और भविष्य का आधार है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जबरन भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। समिति ने बताया कि वे गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेंगे और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे। प्रदर्शन के दौरान पुनौरा बाजार चौक पर कुछ देर तक विरोध-प्रदर्शन और नारेबाजी जारी रही। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से परियोजना पर तत्काल पुनर्विचार करने और किसानों की सहमति के बिना किसी भी प्रकार की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की। समिति ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो आने वाले दिनों में जिला मुख्यालय पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
एटा के अलीगंज थाना क्षेत्र के अमरोली रोड पर गुरुवार शाम पुरानी रंजिश को लेकर बाइक सवार दो युवकों के साथ मारपीट की गई। घटना का वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ लोग लाठी-डंडों से दोनों युवकों की पिटाई करते दिखाई दे रहे हैं। मारपीट की इस घटना में ग्राम कुढ़ा निवासी अमित यादव पुत्र राकेश सिंह और विक्रांत सिंह पुत्र ध्रुवजीत घायल हुए हैं। पीड़ितों ने ग्राम प्रधान उपेंद्र और उनके साथियों पर हमला करने का आरोप लगाया है। घटना के बाद दोनों घायल अलीगंज कोतवाली पहुंचे। पुलिस ने एक घायल युवक का मेडिकल परीक्षण कराया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। एक माह पहले भी हुआ था विवाद पुलिस के अनुसार, कुढ़ा गांव में करीब एक माह पहले भागवत कथा के दौरान भी फायरिंग और मारपीट की घटना हुई थी। उस घटना में एक युवक को गोली लगने की बात सामने आई थी। पुलिस उस मामले की भी जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर दोनों घटनाओं के पीछे पुरानी रंजिश की आशंका जताई जा रही है। तहरीर मिलने के बाद होगी कार्रवाई थाना प्रभारी रूपेश कुमार वर्मा ने बताया कि घटना गुरुवार शाम करीब चार बजे की है। एक घायल का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। मामले की जांच की जा रही है और लिखित शिकायत मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मथुरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर चार वाहन भिड़े:एक महिला की मौत, आधा दर्जन से अधिक घायल
मथुरा के थाना हाईवे क्षेत्र में आगरा-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुरुवार सुबह करीब 11 बजे एक सड़क हादसा हुआ। नरहोली पुल के पास चार वाहन आपस में टकरा गए, जिसमें एक महिला की मौत हो गई और आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। हादसे के बाद हाईवे पर यातायात बाधित हो गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थानीय लोगों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। सूचना मिलने पर थाना हाईवे पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। मृतका के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रशांत कपिल ने घटना की जानकारी दी थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत कपिल ने घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक खराब ट्रक खड़ा था। पीछे से आ रही एक यात्री बस उससे टकरा गई। इसके बाद बस के पीछे चल रहे एक अन्य ट्रक और एक कार भी आपस में भिड़ गए, जिससे चार वाहनों की श्रृंखलाबद्ध टक्कर हुई। पुलिस हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कर रही है। घायल यात्रियों में से एक विश्रा पुत्र डगरू, जो खंडवा जिले (मध्य प्रदेश) के निवासी हैं, ने घटना के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि बस में सवार सभी यात्री खंडवा जिले के ही रहने वाले हैं। वे रोहतक स्थित रामपाल बाबा के आश्रम से दर्शन कर अपने घर लौट रहे थे। गुरुवार सुबह नरहोली पुल के पास अचानक बस ट्रक से टकरा गई, जिससे कई यात्री घायल हो गए। महिला की पहचान बक्सर बाई के रूप में हुई हादसे में जान गंवाने वाली महिला की पहचान बक्सर बाई के रूप में हुई है। उनकी पुत्री शीला ने बताया कि उनका पूरा परिवार आश्रम से लौटकर अपने गांव खंडवा जा रहा था। इसी दौरान हुए सड़क हादसे में उनकी मां की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, सभी घायलों का जिला अस्पताल में उपचार जारी है। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से हटाकर यातायात सुचारु कर दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
NEET पेपर लीक मामले को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच शिवहर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। इसी क्रम में अनुमंडल पदाधिकारी डॉ. अनंत कुमार, एसडीपीओ अनुशील कुमार और टाउन थाना अध्यक्ष सुनील कुमार झा ने शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों का दौरा किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं से संवाद कर उन्हें प्रदर्शन के लाभ-हानि और कानून-व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की जानकारी दी। कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी अधिकारियों ने छात्रों को समझाया कि अपनी मांग रखना और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराना लोकतांत्रिक अधिकार है। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी सभी की जिम्मेदारी है। छात्रों से अपील की गई कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और किसी के बहकावे में आकर कोई गलत कदम न उठाएं। एसडीपीओ अनुशील कुमार ने विशेष बातचीत में बताया कि शिवहर एक शांतिप्रिय जिला है और यहां आमतौर पर कोई अप्रिय घटना नहीं होती है। उन्होंने कहा कि जिला पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारी की जा रही है। अफवाह और भ्रामक सूचना से बचने की सलाह दीउन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी संगठन या समूह द्वारा जुलूस या प्रदर्शन निकाला जाता है, तो उसके लिए निर्धारित अनुमति और लाइसेंस के साथ लागू नियमों का पूरी तरह पालन करना होगा। एसडीपीओ ने स्पष्ट किया कि जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से निकाला जाए और प्रदर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसात्मक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने या हिंसा फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कोचिंग संस्थानों में छात्रों से संवाद करते हुए उन्हें किसी भी प्रकार के उकसावे, अफवाह और भ्रामक सूचना से बचने की सलाह दी। साथ ही, छात्रों से अपील की गई कि वे अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें और अपनी मांगों को लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के इस जागरूकता अभियान को जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बहादुरगढ़ में गुरुग्राम को नहरी पानी की सप्लाई करने वाली NCR नहर पर अवैध पानी चोरी रोकने पहुंची सिंचाई विभाग की टीम पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। आरोप है कि नहर से मोटर लगाकर पानी चोरी कर रहे लोगों ने सरकारी ड्यूटी पर तैनात SDO यशपाल समेत कर्मचारियों पर कस्सी और डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में SDO समेत टीम के अन्य सदस्य घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। पुलिस को दी शिकायत के अनुसार, सिंचाई विभाग के SDO यशपाल अपने साथ एक JE, ड्राइवर और दो बेलदारों को लेकर NCR नहर के RD नंबर-37 के पास नियमित गश्त पर थे। इसी दौरान टीम ने देखा कि कुछ लोग लाल रंग के स्वराज और नीले रंग के सोनालिका ट्रैक्टर पर मोटर लगाकर कथित तौर पर नहरी पानी की अवैध चोरी कर रहे थे। टीम के रोकने पर कस्सी-डंडों से हमला किया टीम ने जब पानी चोरी करने से रोका तो आरोप है कि आरोपी गाली-गलौज पर उतर आए। देखते ही देखते उन्होंने कस्सी और डंडों से सिंचाई विभाग की टीम पर हमला कर दिया। इस मारपीट में उन्हें कई चोटें आईं। इस दौरान कुछ कर्मचारियों ने घटना का वीडियो बनाने का प्रयास किया तो आरोपियों ने उनके मोबाइल फोन छीनकर नहर में फेंक दिए। अस्पताल पहुंचे यूनियन पदाधिकारी, आंदोलन की चेतावनी घटना के बाद घायल SDO और कर्मचारियों को उपचार के लिए ट्रामा सेंटर ले जाया गया। सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग की यूनियन के पदाधिकारी और कर्मचारी भी अस्पताल पहुंच गए। यूनियन प्रधान मुकेश ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की, तो सिंचाई विभाग के कर्मचारी उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की घटना के संबंध में मांडौठी पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दी गई है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं, आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
वाराणसी में आगामी श्रावण मास, कांवड़ यात्रा एवं शिवरात्रि पर्व को सकुशल एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए वाराणसी प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। गुरुवार को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल एवं जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने गोदौलिया से दशाश्वमेध घाट तक पैदल भ्रमण कर सुरक्षा, यातायात, भीड़ प्रबंधन तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं निर्बाध आवागमन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। 5 जोन 15 सेक्टर में लगेंगे पुलिसकर्मीपुलिस आयुक्त ने बताया कि श्रावण मास में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं एवं कांवड़ यात्रियों के आगमन की संभावना को देखते हुए पूरे शहर को पांच जोन एवं 15 सेक्टर में विभाजित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था की कमान पांच आईपीएस अधिकारियों के हाथों में रहेगी, जबकि 50 राजपत्रित अधिकारियों सहित लगभग पांच हजार पुलिसकर्मी विभिन्न स्थानों पर तैनात किए जाएंगे। सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। श्रावण सोमवार और शिवरात्रि पर रहेगा विशेष फोकस श्रावण सोमवार तथा महाशिवरात्रि के अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर सहित प्रमुख मंदिरों और मार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी। श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराने के लिए प्रभावी भीड़ नियंत्रण योजना तैयार की गई है। प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग, डायवर्जन एवं पैदल मार्गों का सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया जाएगा ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो। बैरिकेडिंग, खोया-पाया केंद्र और सादे वस्त्रों में पुलिस श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग के साथ खोया-पाया केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से बिछड़े हुए श्रद्धालुओं को शीघ्र उनके परिजनों से मिलाने की व्यवस्था की जाएगी। वहीं, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, मंदिर मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर सादे वस्त्रों में पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, जो संदिग्ध गतिविधियों एवं असामाजिक तत्वों पर लगातार नजर रखेंगे। सीसीटीवी और त्रिनेत्र प्रणाली से होगी हाईटेक निगरानी पुलिस आयुक्त ने बताया कि शहर का लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र पहले से ही सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में है। श्रावण मास के दौरान त्रिनेत्र प्रणाली के माध्यम से प्रमुख मार्गों, संवेदनशील स्थलों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों पर चौबीसों घंटे नजर रखी जाएगी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर के कंट्रोल रूम से सतत मॉनिटरिंग होगी, जबकि रेलवे स्टेशन पर भी सीसीटीवी कंट्रोल रूम के जरिए यात्रियों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी। गंगा घाटों पर जल सुरक्षा के विशेष इंतजाम श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रमुख गंगा घाटों पर जल पुलिस, पीएसी, बाढ़ राहत पुलिस तथा प्रशिक्षित निजी गोताखोरों की तैनाती की जाएगी। गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए घाटों पर 'डीप वाटर बैरिकेडिंग' लगाई जाएगी। जल पुलिस लगातार घाटों पर निगरानी रखेगी ताकि स्नान के दौरान किसी प्रकारकांवड़ यात्रा को सुरक्षित एवं सुचार की दुर्घटना न हो। कांवड़ यात्रियों के लिए आरक्षित लेन और चिकित्सा सुविधा कांवड़ यात्रा को सुरक्षित एवं सुचारु बनाने के लिए प्रयागराज से मोहनसराय तक एक लेन कांवड़ यात्रियों के लिए आरक्षित रहेगी। यात्रा मार्ग पर आवश्यक स्थानों पर अस्थायी पुलिस बूथ स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल, पेयजल एवं चिकित्सा सहायता की समुचित व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी, जिससे यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। हर चार किलोमीटर पर रहेगी पुलिस की त्वरित सहायता प्रशासन ने कांवड़ मार्ग पर प्रत्येक चार किलोमीटर की दूरी पर पीआरवी अथवा फैंटम टीम की तैनाती का निर्णय लिया है। किसी भी आपात स्थिति या सूचना पर तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे दुर्घटनाओं अथवा अन्य घटनाओं की स्थिति में त्वरित रिस्पॉन्स सुनिश्चित किया जा सकेगा। न्यायालय के मानकों के अनुरूप ही बजेंगे डीजे श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे संचालन को लेकर भी प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। डीजे केवल न्यायालय द्वारा निर्धारित ध्वनि मानकों के अनुरूप ही संचालित होंगे। साथ ही उनकी ऊंचाई एवं स्वरूप ऐसा नहीं होगा जिससे दुर्घटना या सुरक्षा संबंधी कोई खतरा उत्पन्न हो। आरटीसी योजना के तहत यातायात रहेगा सुगम निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने Reducing Traffic Congestion (RTC) Scheme के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष जोर दिया। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम करने के लिए वैकल्पिक मार्गों, डायवर्जन एवं पार्किंग व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए, जिससे श्रद्धालुओं के साथ-साथ आम नागरिकों को भी
दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की जेल:संभल कोर्ट ने 33 हजार जुर्माना लगाया, 30 हजार पीड़िता को मिलेंगे
संभल की पॉक्सो कोर्ट ने गुरुवार को लड़की के अपहरण-रेप के दोषी को 20 साल कैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 33,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला घटना के पांच साल चार महीने बाद आया है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अवधेश कुमार सिंह की अदालत ने गुरुवार को यह फैसला सुनाया। उक्त मामला संभल जनपद की गुन्नौर तहसील के थाना रजपुरा क्षेत्र के एक गांव से संबंधित है। पीड़िता के पिता ने 19 फरवरी 2021 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 18 फरवरी की रात करीब 1:30 बजे मुनीश शर्मा ने दो साथियों के साथ उनकी बेटी को घर से उठाया। बेटी खाट पर मां के साथ सो रही थी। बेटी अमरोहा जनपद के गांव मार्चपुर में मिली थी। पीड़िता ने बताया कि उसके सीने पर तमंचा रखकर रेपर किया गया था और घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी गई थी। जिला शासकीय अधिवक्ता आदित्य कुमार सिंह ने बताया कि न्यायालय ने आरोपी मुनीश शर्मा को 20 साल की कैद और 33,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया है कि जुर्माने की राशि में से 30,000 रुपये पीड़िता को दिए जाएं। न्यायालय ने धारा 363 (अपहरण) के तहत तीन साल की कैद और 3,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अतिरिक्त, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) की धारा 4(2) के तहत 20 साल की कैद और 30,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
कोरबा प्रेस क्लब के शपथ ग्रहण समारोह का मंच गुरुवार को उस समय राजनीतिक रंग में रंग गया, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने प्रदेश सरकार के ढाई साल के कार्यकाल पर सवाल उठाए। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव और उद्योग मंत्री तथा स्थानीय विधायक लखनलाल देवांगन भी मौजूद थे। अपने संबोधन में जयसिंह अग्रवाल ने कहा, सरकार अपनी ढाई साल की सिर्फ ढाई उपलब्धियां ही बता दे। उन्होंने कहा कि यदि विकास के दावे किए जा रहे हैं तो उन पर खुले मंच से सार्वजनिक बहस होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने सरकार के किसी भी मंत्री को कोरबा के विकास कार्यों पर चर्चा की चुनौती दी। कोरबा का दौरा करने की दी सलाह जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि उप मुख्यमंत्री अरुण साव लंबे समय बाद कोरबा आए हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित रहने के बजाय कोरबा, कुसमुंडा, गेवरा, दीपका, कटघोरा और बालको का दौरा करें, ताकि जिले की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। महापौर पर नरमी, सरकार पर सवाल पूर्व मंत्री ने कहा कि कोरबा महापौर संजू देवी राजपूत का कार्यकाल अभी केवल 16 महीने का है, इसलिए उनके कामकाज पर सवाल उठाना उचित नहीं होगा। वहीं उन्होंने राज्य सरकार के ढाई साल के कार्यकाल को लेकर सवाल खड़े करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के समय भी अधिकारियों की गड़बड़ी का खुले मंच से विरोध किया जाता था। अरुण साव का पलटवार जयसिंह अग्रवाल के बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया। समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पलटवार करते हुए कहा, पहले जयसिंह अग्रवाल अपने कार्यकाल का आत्ममंथन करें। पांच साल कांग्रेस की सरकार रही, महापौर भी उनके घर से थी, लेकिन जनता ने चुनाव में जवाब दे दिया। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान भाजपा सरकार ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ कोरबा सहित पूरे छत्तीसगढ़ के विकास के लिए काम कर रही है।
फाजिल्का जिले के जलालाबाद विधानसभा क्षेत्र के गांव नुकेरिया में विधायक जगदीप कंबोज गोल्डी ने करीब 9 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि गांव के लोग लंबे समय से सेम (जलभराव) की समस्या से परेशान थे। अब इस परियोजना के जरिए इस समस्या का समाधान किया जाएगा। विधायक ने गांव में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने बताया कि 54 एकड़ क्षेत्र में 67 लाख रुपए की लागत से नहरी खाल का निर्माण किया जा रहा है। वहीं, सेम परियोजना के तहत ड्रेन और अन्य विकास कार्यों पर 6.91 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। क्षेत्र में कराए जाएं ये विकास कार्य इसके अलावा 17 लाख रुपए की लागत से पुल, 13.50 लाख रुपए से पेयजल सुविधा, 4.50 लाख रुपए से पंचायत घर में शेड, 6.40 लाख रुपए से श्मशान घाट का विकास, 4.80 लाख रुपए से गंदे पानी की निकासी और मनरेगा के तहत 4.67 लाख रुपए की लागत से किचन शेड बनाया जा रहा है। नहरी खाल के विकास पर भी 24.50 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। युवाओं को खेल सुविधाएं देने के लिए 5.22 लाख रुपए की लागत से वॉलीबॉल ग्राउंड तैयार किया जा रहा है। साथ ही गांव सहीवाला और चक्क सड़ियां में आधुनिक लाइब्रेरी भी बनाई जाएंगी, ताकि युवाओं को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर माहौल मिल सके। 'गांव में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही' विधायक जगदीप कंबोज गोल्डी ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार गांवों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है और बिना किसी भेदभाव के हर गांव में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। विधायक गोल्डी कंबोज ने यह भी घोषणा की कि युवाओं को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने हेतु गांव सहीवाला और गांव चक्क सड़ियां में आधुनिक पुस्तकालयों का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि ये पुस्तकालय ग्रामीण युवाओं के लिए ज्ञान और शिक्षा के महत्वपूर्ण केंद्र बनेंगे। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक गांव का विकास बिना किसी भेदभाव के किया जा रहा है ।
पठानकोट जिले के विधानसभा क्षेत्र भोआ में हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई कार्रवाई के बाद पंजाब सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लालचंद कटारूचक्क ने भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार की एजेंसियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता केंद्रीय एजेंसियों के किसी भी प्रकार के दबाव, कार्रवाई या डर से पीछे हटने वाले नहीं हैं। मीडिया से बातचीत करते हुए कैबिनेट मंत्री कटारूचक्क ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी का इतिहास और नीयत साफ है। हम पहले भी नहीं डरे थे, आज भी नहीं डरे हैं और भविष्य में भी कभी नहीं डरेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की आजादी की लड़ाई के दौरान जिन लोगों ने अंग्रेजों से माफी मांगी थी, उनसे आम आदमी पार्टी के सिपाही डरने वाले नहीं हैं। आज ED और CBI जैसी स्वायत्त एजेंसियों का इस्तेमाल केवल राजनीतिक बदले और दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है, लेकिन इससे हमारी पार्टी का मनोबल रत्ती भर भी कम नहीं होगा। सवा 4 साल ईमानदारी से किया काम कटारूचक्क ने कहा कि वे आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के सच्चे सिपाही हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले सवा चार वर्षों के शासनकाल में पंजाब सरकार और उन्होंने अपने भोआ हलके में पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ ऐतिहासिक विकास कार्य करवाए हैं। जनता की भलाई और क्षेत्र का विकास ही उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है और आगे भी रहेगी। BJP को चेतावनी: पंजाब की जनता सही समय पर देगी करारा जवाब कैबिनेट मंत्री ने भाजपा को किसी भी प्रकार के भ्रम में न रहने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पंजाब की समझदार जनता सब कुछ देख और समझ रही है। आने वाले समय में जनता लोकतांत्रिक तरीके से वोट की चोट से इसका माकूल जवाब देगी। पंजाब में नफरत, डर और तानाशाही की राजनीति कभी सफल नहीं होगी, यहां हमेशा पंजाबियत और लोकतंत्र की ही जीत होगी। उन्होंने दोहराया कि विपक्ष भले ही केंद्रीय एजेंसियों को आगे करके आम आदमी पार्टी के नेताओं को डराने की कोशिश कर ले, लेकिन 'आप' का हर एक कार्यकर्ता हर चुनौती का डटकर सामना करेगा और जनसेवा का यह मिशन बिना रुके लगातार जारी रहेगा।
सीवान मंडल कारा में बंद रईस खान की तबीयत बिगड़ने पर गुरुवार को उसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया। बताया जाता है कि वह पिछले करीब पांच दिनों से लगातार बुखार से पीड़ित था। जेल में प्राथमिक उपचार के बावजूद स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर चिकित्सकों की सलाह के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर किया गया। गुरुवार को पुलिस निगरानी में एंबुलेंस के जरिए रईस खान को मंडल कारा से सदर अस्पताल लाया गया। अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों की टीम ने उसकी स्वास्थ्य जांच की। आवश्यक जांच के दौरान उसे टाइफाइड की शिकायत पाई गई, जिसके बाद डॉक्टरों ने आवश्यक दवाएं दीं और कुछ समय तक चिकित्सकीय निगरानी में रखा। स्वास्थ्य स्थिति सामान्य मिलने पर इलाज पूरा होने के बाद उसे पुनः कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मंडल कारा भेज दिया गया। पूरे परिसर को अपने नियंत्रण में रखा इधर, जैसे ही शहर में रईस खान के इलाज के लिए सदर अस्पताल लाए जाने की सूचना फैली, उसके समर्थकों की भीड़ अस्पताल परिसर के बाहर जुटने लगी। बड़ी संख्या में लोग अस्पताल के मुख्य गेट और आसपास पहुंच गए। हालांकि सुरक्षा कारणों से पुलिस ने किसी भी समर्थक को इलाज वाले हिस्से तक जाने की अनुमति नहीं दी और पूरे परिसर को अपने नियंत्रण में रखा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए जिला पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। नगर थाना पुलिस, दंगा नियंत्रण बल तथा पुलिस लाइन से बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी और जवानों की तैनाती की गई थी। महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा बल लगातार मुस्तैद रहेअस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार, इमरजेंसी वार्ड तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा बल लगातार मुस्तैद रहे। इलाज के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने भी सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए रखी। जेल अधीक्षक देवाशीष कुमार सिन्हा ने बताया कि रईस खान पिछले कुछ दिनों से बुखार से पीड़ित था। जेल में प्राथमिक उपचार कराया गया, लेकिन तबीयत में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर चिकित्सकों की सलाह के अनुसार उसे सदर अस्पताल भेजा गया। वहां डॉक्टरों ने स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक उपचार और दवाएं उपलब्ध कराईं।इलाज के बाद उसकी स्थिति सामान्य होने पर उसे दोबारा मंडल कारा भेज दिया गया।
मुख्यमंत्री 24 जुलाई को पन्ना में:204 करोड़ के 22 विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण-भूमिपूजन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 24 जुलाई को पन्ना जिले के दौरे पर रहेंगे। इस एक दिवसीय प्रवास के दौरान वे जिले को 204.26 करोड़ रुपए से अधिक के 22 विकास कार्यों की सौगात देंगे। इनमें 94.63 करोड़ रुपए लागत के 6 विकास कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा, जबकि 109.63 करोड़ रुपए के 16 नए कार्यों का भूमिपूजन (शिलान्यास) होगा। मुख्य कार्यक्रम होमगार्ड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। जारी कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दोपहर 01:50 बजे भोपाल से वायुयान द्वारा खजुराहो पहुंचेंगे। वहां से वे हेलीकॉप्टर द्वारा अपराह्न 03:00 बजे पन्ना हेलीपैड पहुंचेंगे। जिला मुख्यालय पर कई शासकीय कार्यक्रमों और हितलाभ वितरण में शामिल होने के बाद, मुख्यमंत्री शाम 05:05 बजे पन्ना से खजुराहो के लिए रवाना होंगे और शाम 05:30 बजे भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे। लोकार्पण किए जाने वाले प्रमुख कार्यों में शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (गुनौर एवं पवई) तथा शासकीय महाविद्यालय पवई के नवीन भवन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बृहस्पति कुंड का सौंदर्यीकरण, ग्लास फ्लोर और व्यू प्वाइंट का भी उद्घाटन किया जाएगा। बृजपुर एवं सुहावा बैराज योजना का भी लोकार्पण होगा। अधिकारियों ने किया निरीक्षण मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गुरुवार को संभागायुक्त अनिल सुचारी और पुलिस महानिरीक्षक मिथलेश शुक्ला ने पन्ना पहुंचकर कार्यक्रम स्थल होमगार्ड ग्राउंड और हेलीपैड का निरीक्षण किया। कमिश्नर ने बैठक व्यवस्था, विभागीय प्रदर्शनी, पार्किंग तथा वीआईपी एवं आम जनता की आवाजाही के रास्तों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक जिम्मेदारियां भी सौंपीं। वही आईजी मिथलेश शुक्ला ने सुरक्षा व्यवस्था, रूट चार्ट और यातायात प्रबंधन को लेकर पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इससे पूर्व कलेक्टर ऊषा परमार ने भी प्रशासनिक टीम के साथ स्थल का जायजा लेकर सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए थे।
मेरठ में जीएसटी विभाग ने गुरुवार को खैरनगर के दवा व्यापारियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित कर उनकी समस्याएं सुनीं। कार्यक्रम में जॉइंट कमिश्नर राज्यकर संजय कुमार सिंह ने कहा कि शासन के निर्देश पर विभाग के अधिकारी विभिन्न व्यापारिक संगठनों के बीच जाकर संवाद कर रहे हैं, ताकि व्यापारियों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया जा सके। जॉइंट कमिश्नर संजय कुमार सिंह ने बताया कि इससे पहले भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं और अब फिर से अलग-अलग व्यापारिक वर्गों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं जानी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि दवा व्यापारियों की ओर से कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं। व्यापारियों ने मांग रखी कि शहर के बीच स्थित छोटी दुकानों के कारण उनके गोदाम अलग स्थानों पर हैं। ऐसे में गोदामों को जीएसटी पंजीकरण में स्पष्ट रूप से दर्ज करने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। इसके अलावा जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों के लिए लागू दुर्घटना बीमा योजना में अधिकृत (कॉम्पिटेंट) प्रतिनिधि को भी शामिल करने की मांग की गई। अधिकारियों ने बताया कि व्यापारियों के सुझाव लिखित रूप में प्राप्त होने के बाद शासन को भेजे जाएंगे। वहीं, होलसेल एवं रिटेल कैमिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री घनश्याम मित्तल ने कहा कि संवाद कार्यक्रम का उद्देश्य व्यापारियों और विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। उन्होंने दो प्रमुख मांगें विभाग के समक्ष रखीं। पहली, दुर्घटना बीमा योजना का लाभ अधिकृत प्रतिनिधि को भी मिले। दूसरी, जीएसटी मामलों में चार-पांच साल बाद नोटिस भेजने की बजाय समय पर कार्रवाई की जाए, ताकि छोटी त्रुटियों पर वर्षों बाद ब्याज और पेनाल्टी का बोझ व्यापारियों पर न पड़े। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों और दवा व्यापारियों ने नियमित संवाद बनाए रखने तथा समस्याओं के त्वरित समाधान पर भी जोर दिया।
मेरठ के फलावदा थाना क्षेत्र के बड़ागांव रोड स्थित एक सरकारी ट्यूबवेल से गुरुवार को तीन दिन से लापता मजदूर का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। ट्यूबवेल के अंदर शव देखने के बाद बच्चों ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के ग्रामीणों और पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अमरूद तोड़ने गए बच्चों ने देखा सिर स्थानीय लोगों के अनुसार, गुरुवार को कुछ बच्चे पास के बाग में अमरूद तोड़ने गए थे। लौटते समय जब वे बड़ागांव रोड स्थित सरकारी ट्यूबवेल के पास से गुजरे, तो उन्हें ट्यूबवेल के अंदर एक व्यक्ति का सिर दिखाई दिया। बच्चों ने घबराकर शोर मचा दिया, जिससे आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए। 20 जुलाई को शादी में जाने की बात कहकर निकला था मृतक की पहचान बड़ा गांव निवासी नरेश उर्फ पृथ्वी प्रजापति (40 वर्ष) पुत्र रामपाल के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि नरेश मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। वह 20 जुलाई को रतनपुरी क्षेत्र में एक शादी समारोह में जाने की बात कहकर घर से निकला था। इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटा और लगातार लापता चल रहा था। परिवार में मचा कोहराम नरेश की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मृतक अपने पीछे पत्नी ममता और तीन बेटों-प्रवेश (24 वर्ष), आकाश (20 वर्ष) और सौरव (18 वर्ष) को छोड़ गया है। घटना के बाद से गांव में शोक का माहौल है। फलावदा के थाना प्रभारी पूनम जादौन ने बताया कि प्रथम दृष्टया मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असल वजह का पता चलेगा। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की गहन जांच कर रही है।
अगर युवा पीढ़ी नशे से दूर रहेगी तो परिवार, समाज और राष्ट्र का भविष्य सुरक्षित और समृद्ध होगा। बच्चों को शिक्षा, खेल, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को अपनाना चाहिए। वे खुद भी नशे से दूर रहें और दोस्तों-परिवार को भी दूर रहने की प्रेरणा दें। यह बात गुरुवार को राजसमंद जिला कलेक्ट्रेट में पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल ने नशा मुक्ति अभियान के बारे में जानकारी देते हुए कही। इस दौरान कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा भी मौजूद थे। उन्होंने कहा- आमजन भी नशा मुक्त राजस्थान और नशा मुक्त भारत के संकल्प को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग करे। अभियान से लोगों को जोड़ा अधिकारियों ने बताया- राजस्थान सरकार के नशा मुक्त राजस्थान अभियान एवं भारत सरकार के एन-कोर्ड (Drug Free India Initiative) के तहत जिलेभर में प्रभावी अभियान चलाया। बडी संख्या में स्टूडेंट्स व आमजन को अभियान से जोड़ा। जिला प्रशासन व जिला पुलिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिले में व्यापक जन-जागरूकता एवं क्षमता निर्माण अभियान सफलतापूर्वक संचालित किया गया। अभियान का उद्देश्य युवाओं एवं विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए उन्हें स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करना रहा। सभी आठों ब्लॉकों में शत-प्रतिशत कवरेज उन्होंने बताया- अभियान का संचालन जिले के सभी आठों ब्लॉकों में शत-प्रतिशत कवरेज के साथ किया गया। जिले के 409 सरकारी एवं निजी विद्यालयों में विशेष जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित की गईं। प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 350 मास्टर रिसोर्स पर्सन तैयार किए गए, जिनमें 227 सरकारी पीईईओ एवं यूसीईईओ तथा 123 निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्य शामिल रहे। सभी मास्टर ट्रेनर्स को ब्लॉक स्तर पर विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया। अभियान के दौरान 65,857 स्टूडेंट्स, 4,708 शिक्षकों तथा अभिभावकों सहित कुल 76,716 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। विद्यालयों में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों के साथ संवाद, नशामुक्ति की शपथ, पोस्टर, निबंध, स्लोगन लेखन और क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। साथ ही प्रेरणादायक लघु फिल्में शिकंजा, एवं चलो तोड़ दें ये बंधन प्रदर्शित कर नशे के सामाजिक, पारिवारिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई।
बुरहानपुर में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कलेक्टर हर्ष सिंह ने गुरुवार शाम रेहटा खड़कोद स्थित औद्योगिक क्लस्टर और सुखपुरी क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान विकास कार्यों और भविष्य की संभावनाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर सिंह ने उद्योग विभाग के अधिकारियों से औद्योगिक क्षेत्रों की प्रगति, भूमि की उपलब्धता और आवश्यक अधोसंरचना के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि औद्योगिक विकास से संबंधित सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं। जिले में उद्योगों के विस्तार के प्रयासों के तहत सुखपुरी को एक बड़े इंडस्ट्रियल बेल्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है। लगभग 63.06 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होने के बाद यह बुरहानपुर जिले का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र बन जाएगा। रेहटा खड़कोद औद्योगिक क्षेत्र मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) के अंतर्गत आता है। यह लगभग 31.58 हेक्टेयर में फैला हुआ है और इसमें 155 प्लॉट शामिल हैं। इस क्षेत्र के विकास पर लगभग 25.89 करोड़ रुपये की लागत आई है। कलेक्टर सिंह ने अपने निरीक्षण के दौरान टिटगांव का भी दौरा किया। यहां उन्होंने पंकज महाजन द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत स्थापित ग्रेडिंग यूनिट का अवलोकन किया। कलेक्टर ने यूनिट में चल रहे कार्यों, मशीनों से की जा रही ग्रेडिंग प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने अनाज की गुणवत्ता, आकार और रंग का अवलोकन करते हुए ग्रेडिंग कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसी इकाइयां किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य दिलाने में सहायक होती हैं। हितग्राही पंकज महाजन ने बताया कि पीएमएफएमई योजना के तहत लगभग 5.80 लाख रुपये से अधिक के अनुदान से इस ग्रेडिंग यूनिट की स्थापना की गई है। यूनिट में गेहूं, तुअर, चना, सोयाबीन सहित विभिन्न प्रकार के अनाजों की ग्रेडिंग और पैकेजिंग की जाती है। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एवं अपर कलेक्टर सृजन वर्मा, एसडीएम पल्लवी पुराणिक, जीएमडीआईसी आत्माराम सोनी सहित उद्योग, राजस्व और पंचायत विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
चित्रकूट में तेंदुए का आबादी क्षेत्र में हमला:बाड़े में घुसकर 8 बकरियां मारीं, एक माह में तीसरी घटना
सतना जिले के चित्रकूट वन परिक्षेत्र के ग्राम सांडा में बुधवार देर रात एक तेंदुआ आबादी क्षेत्र में घुस आया। तेंदुए ने एक मवेशी बाड़े में बंधी आठ बकरियों को मार डाला। यह घटना जिले में एक माह के भीतर जंगली जानवरों के हमले की तीसरी वारदात है। ग्राम सांडा निवासी दद्दू उर्फ जवाहर लाल यादव के बाड़े में बकरियां बंधी थीं। देर रात तेंदुआ बाड़े में घुसकर सभी बकरियों का शिकार कर गया। सुबह घटना की जानकारी मिलने पर गांव में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर रेंजर अभिषेक मिश्रा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। निरीक्षण के दौरान सभी आठ बकरियां मृत पाई गईं। घटनास्थल पर मिले पंजों के निशान और शिकार के तरीके के आधार पर वन अमले ने प्रारंभिक तौर पर तेंदुए के हमले की पुष्टि की है। वन विभाग ने पशुओं के पोस्टमार्टम के लिए पशु चिकित्सा विभाग को सूचित किया है। रेंजर अभिषेक मिश्रा ने बताया कि शासन के प्रावधानों के अनुसार, प्रभावित पशुपालक को निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। जिले में पिछले एक माह के भीतर आबादी क्षेत्र में जंगली जानवरों के हमले की यह तीसरी घटना है। इससे पहले 9 जुलाई की रात कोठी वन क्षेत्र के शिवसागर गांव और उसके बाद मौहार गांव में भी तेंदुए ने बाड़ों में घुसकर भेड़-बकरियों का शिकार किया था। लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है और वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों ने वन विभाग से रात में गश्त बढ़ाने और आबादी क्षेत्र में तेंदुए की निगरानी की मांग की है। उनका कहना है कि तेंदुए की बढ़ती आवाजाही से ग्रामीणों और मवेशियों की सुरक्षा खतरे में है।
कटिहार में कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए जिला पदाधिकारी (DM) आशुतोष द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक (SP) परिचय कुमार के नेतृत्व में शहरी क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला गया। इस फ्लैग मार्च का मुख्य उद्देश्य जिले में विधि-व्यवस्था, सुरक्षा और शांति व्यवस्था को सुदृढ़ करना था। इसमें पुलिस बल के जवान भी शामिल थे। देखें, मौके से आई तस्वीरें… अधिकारियों ने आम नागरिकों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। यह फ्लैग मार्च NEET पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन और लाठीचार्ज के बाद जिले में शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निकाला गया। प्रशासन ने शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के लिए आमजन से सहयोग की अपेक्षा की है।
कान्हा टाइगर रिजर्व का 'बाघ संवाद' कार्यक्रम:3 हजार से अधिक छात्रों को वन्यजीव संरक्षण का संदेश दिया
अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस (29 जुलाई) से पहले कान्हा टाइगर रिजर्व द्वारा वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 'बाघ संवाद' कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 23 जुलाई को मंडला जिले के पदमी स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में एक विशेष 'बाघ संवाद' कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम में कान्हा टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से सरल भाषा में संवाद किया और बाघ संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। अधिकारियों ने बताया कि बाघ एक अम्ब्रेला स्पीसीज है, जिसके प्राकृतिक आवास के संरक्षण से अन्य वन्यजीवों और पूरे पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण सुनिश्चित होता है। संवाद के दौरान विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। उन्हें प्रकृति एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा दी गई और संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई। 14 जुलाई से शुरू हुआ पखवाड़ा कान्हा प्रबंधन के अनुसार, 14 जुलाई से शुरू हुए 15 दिवसीय जागरूकता पखवाड़े के तहत बफर क्षेत्र के साथ-साथ मंडला नगर के विद्यालयों में भी 'बाघ संवाद' कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 23 जुलाई तक 25 से अधिक ऐसे कार्यक्रम हो चुके हैं, जिनमें 3 हजार से अधिक विद्यार्थियों से संवाद स्थापित किया गया है। वहीं, स्कूलों के साथ-साथ ईको विकास समितियों के माध्यम से 'बघवा संगत' कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में वनांचल के ग्रामीणों से संवाद कर मानव–वन्यजीव सह-अस्तित्व, जंगलों के संरक्षण और बाघों की सुरक्षा में जनभागीदारी का संदेश दिया जा रहा है। कार्यक्रम में कान्हा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर रवींद्र मणि त्रिपाठी, डिप्टी डायरेक्टर (कोर) पी.के. वर्मा, सहायक संचालक सिझोरा बफर आशीष पांडे और विद्यालय के प्राचार्य सुशील कुमार राय सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
जांजगीर-चांपा जिले में शेयर मार्केट में निवेश कर रकम दोगुनी करने का लालच देकर एक व्यापारी से 2 करोड़ 4 लाख 97 हजार 502 रुपये की ठगी करने वाले फरार पति-पत्नी को चांपा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी लंबे समय से फरार थे। पुलिस ने नया रायपुर से उन्हें पकड़कर लैपटॉप, टैबलेट, मोबाइल फोन और चेकबुक जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार, चांपा निवासी बैटरी व्यापारी हेमदत्त केशरवानी ने 24 मई को थाना चांपा में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी पहचान मारुति विहार कॉलोनी निवासी हरिशंकर गुप्ता और उनकी पत्नी रेखा गुप्ता से थी। हरिशंकर ने खुद को यूनियन बैंक चांपा का कर्मचारी बताया और शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने पर रकम दोगुनी होने का भरोसा दिलाया। 2 करोड़ से ज्यादा निवेश कराया आरोपियों के झांसे में आकर व्यापारी ने बैंक से लोन लेकर तथा अन्य लोगों के माध्यम से चेक और आरटीजीएस के जरिए 2.04 करोड़ रुपये से अधिक उनके खातों में जमा करा दिए। बाद में आरोपियों ने केवल 39 लाख 99 हजार 400 रुपये लौटाए और बाकी रकम देने में टालमटोल करते हुए फरार हो गए। तकनीकी जांच से नया रायपुर में मिले मामला दर्ज होने के बाद चांपा पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों की लोकेशन नया रायपुर में ट्रेस की। पुलिस टीम ने दबिश देकर हरिशंकर गुप्ता (43) और रेखा गुप्ता (42) को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने ठगी की बात स्वीकार कर ली। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और चेकबुक जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, टैबलेट, मोबाइल फोन और चेकबुक जब्त किए हैं। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) एवं 3(5) के तहत कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
NEET परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छिड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना दे रहे विद्यार्थियों के समर्थन में पटियाला के विभिन्न प्रमुख कॉलेजों और यूनिवर्सिटी के छात्रों ने लामबंद होकर शांतिपूर्ण 'कैंडल मार्च' निकाला। यह विशाल प्रदर्शन महिंद्रा कॉलेज के पास स्थित ग्राउंड में आयोजित किया गया। इस कैंडल मार्च में शहर के नामी शिक्षण संस्थानों—सरकारी महिंद्रा कॉलेज, बिक्रम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, खालसा कॉलेज, मुल्तानी मल मोदी कॉलेज और पंजाबी यूनिवर्सिटी—के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने एकजुट होकर भाग लिया। हाथों में मोमबत्तियां और विरोध दर्ज कराती तख्तियां लेकर छात्रों ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग प्रदर्शन में शामिल छात्रों का गुस्सा केंद्र सरकार और शिक्षा व्यवस्था के प्रति साफ दिखाई दिया। छात्रों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देश के लाखों होनहार युवाओं के भविष्य और वर्षों की कड़ी मेहनत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जब छात्र अपने अधिकारों और पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था के लिए आवाज उठाते हैं, तो उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जाता है, जो किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। छात्रों ने सरकार से सवाल किया कि इतने संवेदनशील मुद्दे पर प्रशासन और सरकार ठोस व गंभीर कदम क्यों नहीं उठा रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत पद से इस्तीफे की मांग की और पेपर लीक के मुख्य आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने का आह्वान किया। फव्वारा चौक पर जारी रहेगा आंदोलन विद्यार्थियों ने स्पष्ट किया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे राष्ट्रव्यापी आंदोलन को पूरे देश से अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है। पटियाला के छात्र भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने ऐलान किया कि उनका यह शांतिपूर्ण आंदोलन शहर के प्रमुख स्थानों—विशेषकर फव्वारा चौक—पर आगामी दिनों में भी लगातार जारी रहेगा।
अबोहर में लगातार हो रही बारिश के कारण प्रेम नगर की गली नंबर-4 में एक गरीब परिवार के कमरे की छत अचानक ढह गई। गनीमत रही कि परिवार के सभी सदस्य कुछ सेकंड पहले ही कमरे से बाहर निकल गए थे। यह घटना वीरवार दोपहर को हुई। छत गिरने से घर का हजारों रुपए का सामान मलबे में दब गया, जिससे परिवार को भारी नुकसान हुआ है। शहर में जर्जर मकानों की छतें गिरने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। मलबे में दबा घर का सामान पीड़ित राकेश कुमार ने बताया कि वह पेंट का काम करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि उनका बेटा फास्ट फूड की रेहड़ी लगाकर मदद करता है। वीरवार दोपहर पूरा परिवार कमरे में बैठा था, तभी कमरे के बाहर बने छज्जे का एक हिस्सा अचानक नीचे गिर गया। छज्जा गिरते ही उन्हें किसी अनहोनी की आशंका हुई और वे तुरंत परिवार के सभी सदस्यों को लेकर कमरे से बाहर निकल आए। इसके कुछ ही क्षण बाद पूरी छत भरभराकर गिर गई। राकेश कुमार के अनुसार, यदि परिवार कुछ सेकंड और अंदर रहता तो बड़ा हादसा हो सकता था। छत गिरने से एलईडी टीवी, डबल बेड, फ्रिज और संदूक सहित अन्य घरेलू सामान क्षतिग्रस्त हो गया। प्रशासन से की मुआवजा देने की मांग घटना के बाद यह परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। परिवार ने अपनी आर्थिक स्थिति कमजोर बताते हुए कहा कि वे अपने स्तर पर दोबारा छत बनवाने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने प्रशासन से बारिश से हुए नुकसान का सर्वे करवाकर जल्द मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही, समाजसेवी संस्थाओं और दानदाताओं से भी मदद की अपील की है ताकि उन्हें फिर से सुरक्षित आश्रय मिल सके।
बागपत के दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर गौरीपुर रोड के पास एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने एक गोवंश को टक्कर मार दी। इस हादसे में गोवंश की मौत हो गई, जबकि वाहन चालक मौके से फरार हो गया। हादसे की सूचना व्यापार संघ बागपत के महामंत्री विक्की चौधरी ने भारतीय गौ रक्षा सेना के पदाधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही भारतीय गौ रक्षा सेना के क्षेत्रीय संयोजक उत्तर प्रदेश साजिद मलिक, जिला अध्यक्ष शराफत सिद्दीकी, जिला मंत्री प्रवीण गुर्जर, महामंत्री सौरभ चौहान, आकाश कठा सहित अन्य पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल गोवंश को बचाने के लिए तत्काल पशु चिकित्सक को बुलाया, लेकिन उपचार शुरू होने से पहले ही गोवंश ने दम तोड़ दिया। घटनास्थल पर स्थानीय ग्रामीण और आसपास के युवा भी सहयोग के लिए पहुंचे। यूपी-112 पुलिस की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की। इसके बाद भारतीय गौ रक्षा सेना, ग्रामीणों और पुलिस की मौजूदगी में गोवंश का हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार किया गया। भारतीय गौ रक्षा सेना के पदाधिकारियों ने प्रशासन से हाईवे पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि ऐसे हादसों में आए दिन गोवंश और अन्य बेजुबान पशु अपनी जान गंवा रहे हैं। संगठन ने फरार वाहन चालक की पहचान कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की। मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने संगठन के समर्थन में नारे लगाए और लोगों से गोवंश संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की अपील की।
जालोर जिले में मानसून लगातार दूसरे दिन भी सक्रिय रहा। गुरुवार को जालोर शहर समेत कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई। सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक जालोर में 51 मिमी यानी करीब 2 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच हुई तेज बारिश के बाद शहर की कई सड़कें और सरकारी कार्यालय पानी से भर गए। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी जिले में भारी बारिश की संभावना जताई है। दिनभर बादल छाए रहे, शाम को हुई तेज बारिश गुरुवार को पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे और कई क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी होती रही। शाम करीब 5 बजे अचानक तेज बारिश शुरू हुई, जो करीब एक घंटे तक जारी रही। बारिश के बाद लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। जिले के सायला में 5 मिमी, जबकि बागोड़ा और जसवंतपुरा में 2-2 मिमी बारिश दर्ज की गई। कलेक्ट्रेट, बस स्टैंड और पुलिस लाइन में भरा पानी लगातार दो दिनों से हो रही बारिश के कारण जालोर शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया। जिला कलेक्ट्रेट परिसर, पुलिस लाइन, बस स्टैंड, पशु चिकित्सालय और सरकारी स्कूल के मैदान में पानी भर गया। सड़कों पर भी पानी जमा होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। सुंदेलाव तालाब दूसरी बार हुआ ओवरफ्लो लगातार बारिश के बाद जालोर का सुंदेलाव तालाब दूसरी बार भरकर ओवरफ्लो हो गया। तालाब का पानी खेतों से होकर पीछे की कॉलोनियों की ओर बढ़ने लगा है। इससे आसपास रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि अगर बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो जलभराव की समस्या और बढ़ सकती है।
झुंझुनूं की मलसीसर थाना पुलिस ने टमकोर गांव में बंद मकानों के ताले तोड़कर हुई चोरियों के मामले में मुख्य आरोपी को हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर 5 हजार का इनाम भी था। चोरी के मामलों का यह मुख्य आरोपी था, इससे पहले 4 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। जिला पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर ने बताया- मलसीसर थाना क्षेत्र के ग्राम टमकोर में जनवरी महीने में बंद पड़े मकानों में चोरियां हुईं। इसके बाद 7 जनवरी 2026 को पीड़ित ने रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसमें बताया- चोरों ने रात में मेरे पैतृक मकान के ताले तोड़े। घर में घुसकर सोने-चांदी के आभूषण, कंबल, कपड़े और नए नोटों की गड्डियों सहित कई कीमती सामान चोरी कर ले गए। चोरों ने मेरे छोटे भाई के कमरे और गांव के अन्य बंद मकानों के भी ताले तोड़कर चोरियों की वारदातों को अंजाम दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। 300 किलोमीटर का सफर और 550 कैमरे खंगाले पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर ने बताया- थानाधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में करीब 300 किलोमीटर के दायरे में लगे लगभग 550 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। तकनीकी मदद और मुखबिर तंत्र की पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस ने कड़ियों से कड़ियां जोड़ीं और आखिरकार मुख्य आरोपी तक पहुंच गई। हरियाणा से दबोचा गया मुख्य आरोपी पुलिस टीम ने दबिश देकर इस पूरी वारदात के मुख्य आरोपी अमित कुमार उर्फ तूता ( 41) पुत्र बनवारीदास, निवासी वार्ड नंबर 02, राजनगर टोहाना (थाना टोहाना सिटी, जिला फतेहाबाद, हरियाणा) को टोहाना से डिटेन कर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी अमित कुमार एक आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ विभिन्न मामलों में 15 आपराधिक प्रकरण पहले से दर्ज हैं। पुलिस फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि चोरी किए गए माल की बरामदगी की जा सके।
सीएम योगी आदित्यनाथ के मैनपुरी आगमन से पहले नेहरू स्टेडियम स्थित सभा स्थल का निरीक्षण किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी नगर ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यह निरीक्षण मुख्यमंत्री की जनसभा के सफल और सुरक्षित आयोजन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया। निरीक्षण के दौरान रूट डायवर्जन प्लान की समीक्षा की गई और आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। वाहन पार्किंग स्थलों को भी चिन्हित किया गया। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री के आगमन के लिए निर्धारित हेलीपैड का भी निरीक्षण कर सभी तैयारियों की समीक्षा की गई। सिटी एसपी अरुण कुमार ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से स्टेडियम के बाहर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। वीआईपी आगमन को देखते हुए साफ-सफाई और पार्किंग स्थलों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इन स्थानों पर टेंट भी लगाए जाएंगे। स्टेडियम के बाहर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी, जिसकी नापतोल की जा रही है। मुख्यमंत्री के आगमन से लेकर उनके जाने तक पुलिसकर्मी ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। शहर के सभी चौक-चौराहों पर भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी और सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
झांसी में प्रदेश के ऊर्जा एवं शहरी विकास मंत्री ए.के. शर्मा गुरुवार शाम सर्किट हाउस पहुंचे। यहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में छात्र आंदोलन के मुद्दे पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ज्यादा देश और विद्यार्थियों की चिंता किसी को नहीं है। मंत्री ए.के. शर्मा शुक्रवार को गरौठा में कार्यक्रम में शामिल होंगे। गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत लंबे समय से उन्हें क्षेत्र आने का आग्रह कर रहे थे। इसी क्रम में वह शुक्रवार को गरौठा में एक बड़ी पेयजल योजना का लोकार्पण करेंगे। उन्होंने कहा- वह पहले भी कई बार झांसी आ चुके हैं। छात्र आंदोलन पर कही यह बात दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े सवाल पर मंत्री ने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं के भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील हैं। प्रधानमंत्री ने स्वयं सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी चिंता व्यक्त की है और छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। सपा प्रमुख अखिलेश यादव को संसद में नहीं बोलने देने और विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए ए.के. शर्मा ने कहा- कांग्रेस और समाजवादी पार्टी छात्रों के मुद्दे पर केवल राजनीति कर रही हैं। उन्होंने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अधिक विद्यार्थियों और देश की चिंता किसी अन्य नेता को नहीं है। आज अधिकारियों के साथ करेंगे समीक्षा बैठक सर्किट हाउस पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं, नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों ने मंत्री का स्वागत किया। वह रात में सर्किट हाउस में ठहरेंगे। शुक्रवार सुबह गरौठा रवाना होने से पहले मेयर बिहारी लाल आर्य, नगर आयुक्त आकांक्षा राणा, बिजली विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ विकास कार्यों एवं विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक करेंगे।
सुपौल के किशनपुर थाना क्षेत्र के बेला गोठ गांव वार्ड संख्या-06 में पिछले करीब 45 दिनों से लगातार हो रहे कोसी नदी के कटाव ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों के अनुसार अब तक करीब 200 घर नदी में समा चुके हैं, जबकि 15 से 20 अन्य घर भी कटाव की जद में हैं। लगातार हो रहे कटाव के कारण लोगों के सामने आशियाना बचाने के साथ-साथ रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी बड़ी चुनौती बन गई हैं। ग्रामीण लाल देव मंडल ने गुरुवार को बताया कि कटाव प्रभावित इलाके में रहने वाले लोगों की स्थिति बेहद खराब है। गांव में स्वास्थ्य सुविधा पूरी तरह नदारद है। बच्चे बीमार पड़ रहे हैं, लेकिन इलाज के लिए गांव में न तो कोई सरकारी स्वास्थ्य केंद्र है और न ही दवा की दुकान। देखें, मौके से आई तस्वीरें… दवा लेने के लिए 10KM नाव से जाना पड़ता मामूली बीमारी की दवा लेने के लिए भी लोगों को किशनपुर या सुपौल जाना पड़ता है। इसके लिए करीब 10 किलोमीटर तक नाव से सफर करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि सरकारी नाव की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को निजी नाव का सहारा लेना पड़ता है। नदी पार करने के लिए प्रति व्यक्ति 100 रुपए तक किराया देना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह अतिरिक्त बोझ बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार प्रशासन से गुहार लगाने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है। अधिकारियों के निर्देश के बाद कार्रवाई की जाएगी कटाव से प्रभावित ग्रामीणों में डोमी मंडल, नागो मंडल, देव किशुन मंडल, राम बिलास, राम कुमार, नागेश्वर मंडल, राजिंदर मंडल, रमेश मंडल, बमभोली मंडल, बिशन मंडल, देवराज मंडल, मनोज मंडल, ललन कुमार, इंद्र नारायण मंडल, सतीश चंद्र,परमेश्वर, जीवनेश्वर, सत्रहण और रामभजन सहित बड़ी संख्या में परिवार शामिल हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कटाव निरोधी कार्य शुरू कराने और सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास की मांग की है। इस संबंध में प्रभारी अंचलाधिकारी (सीओ) जियाउल कमर ने बताया कि बेला गोठ की स्थिति और कटाव की गंभीरता से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि जैसे ही उच्चाधिकारियों से निर्देश प्राप्त होगा, उसके अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। शाम 6 बजे 1 लाख 83 हजार 525 क्यूसेक पानी छोड़ाइधर, कोसी बराज से गुरुवार शाम 6 बजे 1 लाख 83 हजार 525 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जो बढ़ते क्रम में है। डाउनस्ट्रीम डिस्चार्ज 1 लाख 80 हजार 325 क्यूसेक और डब्ल्यूकेएमसी 3,200 क्यूसेक दर्ज किया गया। वहीं बराह क्षेत्र में जलप्रवाह घटकर 1 लाख 23 हजार 500 क्यूसेक रहा। प्रशासन तटबंधों पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।हालांकि जलप्रवाह में कमी का रुख दिखाई दे रहा है, लेकिन बेला गोठ के लोगों की परेशानी कम नहीं हुई है। लगातार कटाव से लोग अपने घर, जमीन और भविष्य को लेकर भयभीत हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द सुरक्षा और राहत के उपाय नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में कई और परिवार बेघर हो सकते हैं।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कथित लाठीचार्ज, सांसदों की गिरफ्तारी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर समाजवादी युवजन सभा कानपुर महानगर के अध्यक्ष अर्पित त्रिवेदी की 24 घंटे की सांकेतिक भूख हड़ताल गुरुवार शाम 7:30 बजे समाप्त हो गई। नजरबंद होने के कारण अर्पित त्रिवेदी ने अपने आवास पर ही यह हड़ताल की थी। हड़ताल समाप्त होने के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं ने हनुमंत विहार थाने पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। भूख हड़ताल का समापन समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष (कानपुर देहात) वीरसेन यादव ने अर्पित त्रिवेदी को जूस पिलाकर कराया। ज्ञापन के माध्यम से पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दिल्ली की घटना की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इस दौरान अर्पित त्रिवेदी ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक और जनप्रतिनिधि का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों और सांसदों के साथ की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। त्रिवेदी ने आगे कहा कि असहमति की आवाज को बलपूर्वक दबाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है। उन्होंने सरकार से लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करते हुए जनभावनाओं के अनुरूप निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की। इस अवसर पर विनोद यादव, अभिजीत गुप्ता, रामा यादव, सत्यम पांडे, केशव यादव, हिमांशु तिवारी, संजय यादव, संतोष पांडे, प्रवीन मिश्रा, भानु प्रताप, रमेश यादव, केके मिश्रा, शिवम जायसवाल, सूरज चौहान, रोहित दीक्षित, अनिल सोनकर, शिव सिंह, सत्यम त्रिवेदी, अजय प्रजापति, दक्ष यादव और रोहित निगम सहित बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पिता पर बेटी से छेड़छाड़ की एफआईआर:पीड़िता बोली- पिता का चाल-चलन ठीक नहीं, जान से मारने की धमकी दी
गोंडा जिले में एक 19 वर्षीय युवती ने अपने पिता पर छेड़छाड़ और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। युवती की शिकायत पर करनैलगंज कोतवाली में गुरुवार देर शाम आरोपी पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। युवती ने अपनी तहरीर में बताया कि उसके पिता का चाल-चलन ठीक नहीं है और वे आए दिन उसके साथ छेड़छाड़ करते हैं। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देते हैं। उसने यह भी बताया कि घर में उसके छोटे भाई के अलावा कोई और नहीं रहता, जिसका फायदा उठाकर पिता उसे प्रताड़ित करते हैं। पीड़ित युवती की शिकायत पर करनैलगंज कोतवाली पुलिस ने आरोपी पिता नरायन धर द्विवेदी के खिलाफ छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। मामले की जांच उप निरीक्षक सुधीर यादव को सौंपी गई है, जिन्होंने जांच शुरू कर दी है। करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि एक लड़की ने अपने पिता पर घर में अकेले होने का फायदा उठाकर छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है। उन्होंने पुष्टि की कि तत्काल प्रभाव से मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और करनैलगंज कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। कोतवाल ने कहा कि साक्ष्य के आधार पर इस पूरे प्रकरण में कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार का सख्त निर्देश है कि बालिकाओं के साथ ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए और दोषी व्यक्ति को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
बाराबंकी के लोनीकटरा थाना क्षेत्र में लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे पर बुधवार देर रात भीषण सड़क हादसा हो गया। हुसैनाबाद पेट्रोल पंप के पास एक तेज रफ्तार स्कार्पियो अनियंत्रित होकर आगे चल रहे ट्रक में पीछे से जा टकराई। हादसे में लोनीकटरा थाने में तैनात तीन सिपाही घायल हो गए, जिनमें दो की हालत गंभीर है। घायलों की पहचान गौरव यादव (32), ज्ञानेंद्र (35) और जीत सिंह (29) के रूप में हुई है। तीनों पुलिसकर्मी स्कार्पियो से एक मामले में दबिश देकर लौट रहे थे। हादसे में स्कार्पियो का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और तीनों वाहन के अंदर फंस गए। स्थानीय लोगों ने निकाला, अस्पताल पहुंचाया टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों तथा पुलिस टीम की मदद से तीनों घायलों को वाहन से बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र त्रिवेदीगंज पहुंचाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद चिकित्सकों ने सिपाही ज्ञानेंद्र और जीत सिंह की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। वहीं, सिपाही गौरव यादव को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हादसे के कारणों की जांच शुरू घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया। क्षतिग्रस्त स्कार्पियो को हाईवे से हटवाकर यातायात सामान्य कराया गया। लोनीकटरा थानाध्यक्ष अभिमन्यु मल्ल ने बताया कि घायल तीनों पुलिसकर्मी थाने में तैनात हैं और एक मामले में दबिश देकर लौट रहे थे। उन्होंने कहा कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। साथ ही ट्रक चालक और दुर्घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
धमतरी जिले के कुरूद थाना क्षेत्र में हुई डकैती की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। साइबर सेल और कुरूद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अंतरजिला गिरोह के 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और वैज्ञानिक विवेचना के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। उनके कब्जे से लूटी गई एक्टिवा, मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार बरामद की गई है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। रात में सो रहे युवक को बनाया था निशाना पुलिस के अनुसार, ग्राम छाती निवासी विमल देशलहरे ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 11 जुलाई की रात करीब 2 बजे मगरलोड जाते समय वह ग्राम मंदरौद मोड़ स्थित राजू फर्नीचर मार्ट के पास विश्राम कर रहा था। इसी दौरान सफेद रंग की स्विफ्ट कार में पहुंचे अज्ञात बदमाशों ने उसके साथ मारपीट की और 9 हजार रुपए नकद, मोबाइल फोन तथा एक्टिवा लूटकर फरार हो गए। साइबर जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस मामले की जांच के दौरान साइबर टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। पूछताछ में आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से डकैती करना स्वीकार किया। पुलिस ने लूटी गई एक्टिवा, मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार बरामद कर ली। ओडिशा से बरामद हुई लूटी गई एक्टिवा पुलिस ने बताया कि लूटी गई एक्टिवा को ओडिशा के नुआपाड़ा जिले के डरलीमुड़ा गांव में छिपाकर रखा गया था। साइबर टीम ने वहां पहुंचकर वाहन बरामद किया। अकेले व्यक्ति को देखकर बनाई थी लूट की योजना सीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी ने बताया कि आरोपी रात में स्विफ्ट कार से घूम रहे थे। उनकी नजर अकेले सो रहे व्यक्ति पर पड़ी और उन्होंने उसे आसान शिकार समझकर पहले मारपीट की, फिर मोबाइल, नकदी और एक्टिवा लूट ली। सभी आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। गिरफ्तार आरोपी पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें अनुज ध्रुव, भूपेश उर्फ कंज्जे ध्रुवंशी, संजय विश्वकर्मा, राजेन्द्र उर्फ राहुल निषाद, योगेन्द्र उर्फ योगी यादव, तीरथ यादव, अमन लंगोटे उर्फ बिल्डर और पुरन उर्फ राजा रात्रे शामिल हैं। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
लुधियाना जिले के खन्ना में पुलिस ने खुद को सीआईए स्टाफ का कर्मचारी बताकर लोगों से जबरन वसूली करने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गांव राहौण निवासी लखवीर सिंह उर्फ लक्की के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से एक नकली पिस्तौल भी बरामद की है, जिसका इस्तेमाल वह लोगों को डराने और पैसे ऐंठने के लिए करता था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि लखवीर खन्ना और मंडी गोबिंदगढ़ क्षेत्र में कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है। नकली पिस्तौल दिखाकर लोगों से करता था वसूली पुलिस के अनुसार, लखवीर सिंह के पिता पंजाब होमगार्ड में जवान थे और हाल ही में सेवानिवृत्त हुए हैं। आरोपी अपने पिता की नौकरी का फायदा उठाकर खुद को सीआईए स्टाफ का कर्मचारी बताता था। वह नकली पिस्तौल दिखाकर लोगों को धमकाता और उनसे पैसे वसूलता था। कई पीड़ित डर के कारण शिकायत दर्ज कराने से भी बचते रहे। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि लखवीर सिंह लगातार पुलिस अधिकारी बनकर अवैध वसूली कर रहा है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से वह नकली पिस्तौल बरामद हुई, जिसका इस्तेमाल वह वारदातों में करता था। कार पर फायरिंग मामले से जुड़ सकते है तार एसपी (इंवेस्टिगेशन) पवनजीत ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। 21 जनवरी 2026 को उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत एक मामला दर्ज किया गया था। खन्ना में नेशनल हाईवे पर पटियाला के प्रोफेसर सुमेर सीड़ा की कार के आगे हुई फायरिंग की घटना से भी लखवीर सिंह के तार जुड़े हो सकते हैं। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है। भाई को शा करने के आरोप में किया गिरफ्तार इसी बीच, सिटी थाना-2 की पुलिस ने लखवीर सिंह के भाई शमशेर सिंह उर्फ शम्मी को नशा करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। उसका डोप टेस्ट कराया गया, जिसमें नशा करने की पुष्टि हुई। इसके बाद उसके खिलाफ भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
सीकर शहर में एसके कॉलेज के सामने की तरफ गली में बाइक सवार दो युवकों ने पैदल चल रही महिला का मोबाइल छीन लिया। इसके बाद दोनों भागे तो उनकी बाइक स्लिप हो गई। एक आरोपी वहीं गिर गया, जबकि दूसरा फरार हो गया। लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। बाद में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर बाइक जब्त कर ली। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। महिला के चिल्लाने पर लोगों ने आरोपी को पकड़ा एसके हॉस्पिटल चौकी के हैड कॉन्स्टेबल राजेंद्र कुमार ने बताया- एसके कॉलेज के पास मैं शाम को ड्यूटी कर रहा था। इसी दौरान सूचना मिली कि एक युवक मोबाइल छीनने के बाद गिर गया, जिसे लोगों ने पकड़ लिया है। ऐसे में मौके पर पहुंचा। जहां पता चला कि युवक और उसका साथी गली में एक महिला का मोबाइल छीन कर भाग रहे थे। ऐसे में उनकी बाइक स्लिप हो गई और दोनों गिर गए। एक युवक मौके से फरार हो गया। वहीं दूसरे आरोपी को गिरने के बाद वहां मौजूद लोगों ने महिला के चिल्लाने पर पकड़ लिया। ऐसे में आरोपी को पुलिस गाड़ी के जरिए थाने पर भिजवा दिया गया। मामले में महिला रिपोर्ट देगी, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
खगड़िया में जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने भूमि विवादों के त्वरित और निष्पक्ष निपटारे तथा अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक समीक्षा बैठक की। गुरुवार को समाहरणालय सभाकक्ष में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक मुस्लिम परित्यक्ता एवं तलाकशुदा महिला सहायता योजना की प्रगति पर भी चर्चा की गई। बैठक में अपर समाहर्ता, सभी अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), सभी अंचलाधिकारी (सीओ) और सभी थाना प्रभारी उपस्थित थे। इस दौरान जिले के विभिन्न अंचलों और थानों में लंबित तथा नए भूमि विवाद संबंधी मामलों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को भूमि विवाद से जुड़े मामलों का त्वरित, निष्पक्ष और विधिसम्मत निष्पादन सुनिश्चित करने का स्पष्ट निर्देश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि समय पर कार्रवाई न होने से विवाद बढ़ते हैं और कानून-व्यवस्था प्रभावित होती है। उन्होंने राजस्व और पुलिस विभाग को आपसी समन्वय के साथ प्रत्येक मामले की नियमित समीक्षा करने तथा संवेदनशील मामलों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष निपटारा हो, ताकि आम नागरिकों को शीघ्र न्याय मिल सके और जिले में शांति बनी रहे। भूमि विवादों की समीक्षा के बाद, जिलाधिकारी ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक मुस्लिम परित्यक्ता एवं तलाकशुदा महिला सहायता योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया और निर्देश दिया कि अधिक से अधिक पात्र महिलाओं तक इस योजना का लाभ पहुंचाया जाए। जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी चंदन कुमार ने बताया कि बिहार सरकार की इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर अल्पसंख्यक मुस्लिम परित्यक्ता एवं तलाकशुदा महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है। योजना के तहत पात्र लाभार्थी महिलाओं को ₹25,000 की एकमुश्त अनुदान राशि सीधे उनके आधार से लिंक बैंक खाते में भेजी जाती है।उन्होंने बताया कि योजना का लाभ 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की ऐसी अल्पसंख्यक मुस्लिम महिलाओं को मिलेगा, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय ₹4 लाख से कम हो। परित्यक्ता महिला की श्रेणी में ऐसी महिला शामिल होगी, जिसका विवाह हो चुका हो, लेकिन पति द्वारा उसे दो वर्ष या उससे अधिक समय से छोड़ दिया गया हो तथा उसके भरण-पोषण की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही हो। इसके अलावा यदि पति पूर्ण मानसिक दिव्यांगता के कारण परिवार के पालन-पोषण में असमर्थ है, तो ऐसी महिला भी योजना की पात्र होगी।इसी प्रकार तलाकशुदा महिला की श्रेणी में ऐसी महिला शामिल होगी, जिसे उसके पति द्वारा तलाक दिया गया हो तथा उसके जीवन-यापन की समुचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं हो। ऐसी महिलाएं भी योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकती हैं।ये दस्तावेज होंगे आवश्यकयोजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन के साथ सक्षम प्राधिकार द्वारा निर्गत परित्यक्ता अथवा तलाकशुदा होने का अनुशंसा प्रमाण-पत्र, आयु प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, आधार से लिंक बैंक खाते की पासबुक की स्व-अभिप्रमाणित छायाप्रति तथा स्वघोषणा-पत्र संलग्न करना अनिवार्य है। स्वघोषणा-पत्र पर दो ऐसे गवाहों के हस्ताक्षर एवं मोबाइल नंबर दर्ज होने चाहिए, जो महिला के निकट संबंधी न हों। डीडीसी की अध्यक्षता में होगा लाभुकों का चयनबैठक में बताया गया कि पात्र लाभार्थियों के चयन एवं योजना की निगरानी के लिए उप विकास आयुक्त (डीडीसी) की अध्यक्षता में जिला स्तरीय चयन समिति गठित है। समिति द्वारा चयनित लाभुकों की सूची के आधार पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के निदेशालय द्वारा अनुदान राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाती है।बैठक के अंत में जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने जिले की सभी पात्र अल्पसंख्यक मुस्लिम परित्यक्ता एवं तलाकशुदा महिलाओं से अपील की कि वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ समय पर आवेदन करें और बिहार सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत मिलने वाली ₹25,000 की एकमुश्त आर्थिक सहायता का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाएं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की जनहितैषी योजनाओं के तहत नकोदर स्थित पीएम श्री गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल (गर्ल्स) में एक विशेष वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान स्कूल की 11वीं और 12वीं कक्षा की 300 छात्राओं को मुफ्त स्कूल बैग वितरित किए गए। समारोह में नगर काउंसिल नकोदर के प्रधान प्रदीप शेरपुर और आम आदमी पार्टी युवा विंग नकोदर के प्रधान व कौंसलर मनी महेंद्रू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। छात्राओं को संबोधित करते हुए अतिथियों ने कहा कि मान सरकार राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के बुनियादी ढांचे और स्तर को ऊंचा उठाने के लिए लगातार प्रयासरत है। पंजाब सरकार बेटियों को हर संभव सुविधाएं प्रदान कर उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी छात्राओं को कड़ी मेहनत, लगन और निष्ठा से पढ़ाई कर अपना और राज्य का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। स्कूल प्रशासन ने जताया सरकार और अतिथियों का आभार इस अवसर पर स्कूल की प्रिंसिपल पूनम पुरी ने पंजाब सरकार के इस छात्र-हितैषी कदम की सराहना की और सभी अतिथियों का स्वागत व धन्यवाद किया। समारोह में अरविंद शर्मा, श्रीमती नीतू पासी, श्रीमती पूजा, स्कूल स्टाफ के अन्य सदस्य, आम आदमी पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ता और शहर के कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
नाबालिग लड़की से रेप, युवक को 20 साल की सजा:अपहरण कर नागपुर ले गया था, 6 महीने तक दुष्कर्म किया
बालाघाट के विशेष न्यायालय ने नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने के आरोपी दर्शन मसराम (28) को 20 साल की सजा और 10 हजार रुपए जुर्माना लगाया। आरोपी परसवाड़ा थाना क्षेत्र के बघोली का निवासी है। गुरुवार को विशेष न्यायाधीश गौतमसिंह मरकाम की अदालत ने गुरुवार को यह फैसला सुनाया। विशेष लोक अभियोजक कपिल कुमार डेहरिया के अनुसार, 5 जुलाई 2022 को भरवेली थाने में महिला ने अपनी 16 वर्षीय बेटी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता 'रुक जाना नहीं' योजना का फॉर्म भरने जाने का कहकर घर से निकली थी। करीब सात महीने बाद, 28 जनवरी 2023 को पुलिस ने पीड़िता को नागपुर के विट्ठल नगर स्थित एक झोपड़ी से आरोपी के कब्जे से छुड़ाया। शादी का झांसा देकर ले गया था नागपुर पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि उसकी मां जिस टाइल्स फैक्ट्री में काम करती थी, आरोपी दर्शन भी वहीं काम करता था। 4 जुलाई 2022 को आरोपी उसे बहला-फुसलाकर भरवेली राम मंदिर के पास से जबरदस्ती बस से नागपुर ले गया। वहां झोपड़ी में रखकर आरोपी ने 6 जुलाई को उसके साथ बलात्कार किया और लगातार शारीरिक शोषण व मारपीट करता रहा। मां को फोन कर बताई आपबीती आरोपी के जुल्म से परेशान होकर पीड़िता ने अपनी मां को फोन कर पूरी बात बताई, जिसके बाद पुलिस ने दबिश देकर उसे छुड़ाया। भरवेली पुलिस ने मामले की जांच कर न्यायालय में चालान पेश किया।
कटिहार में महान स्वतंत्रता सेनानी और अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की जयंती गुरुवार को कटिहार में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। 'लोकमंच' के तत्वावधान में सर्व ब्राह्मण समाज कटिहार द्वारा स्थानीय नगर भवन में आयोजित कार्यक्रम में जिले भर से हजारों की संख्या में ब्राह्मण समाज के लोगों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंडित नवीन चंद्र झा ने की। शुरुआत चंद्रशेखर आजाद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने और दीप प्रज्वलित करने के साथ हुई। विद्वान पंडितों द्वारा स्वस्तिवाचन के बाद कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। आजाद के जीवन और आदर्शों को किया याद वक्ताओं ने चंद्रशेखर आजाद के जीवन, संघर्ष, त्याग और मातृभूमि के प्रति उनकी अटूट निष्ठा को याद किया। उन्होंने आजाद के प्रेरणादायी उद्घोष—दुश्मन की गोलियों का हम सामना करेंगे, आजाद ही रहे हैं, आजाद ही रहेंगे—को उद्धृत करते हुए युवाओं से उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। ब्राह्मण समाज की एकजुटता पर दिया जोर इस अवसर पर आशीष झा उर्फ बब्बू ने कहा कि समाज और राष्ट्र के हित में पूर्वजों के निःस्वार्थ योगदान को कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने ब्राह्मण समाज से संगठित होकर सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्वों के निर्वहन का आह्वान किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम और राष्ट्रभक्ति की शपथ आयोजन के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, विचार गोष्ठी और राष्ट्रभक्ति पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए गए। युवाओं को देश की एकता, अखंडता और राष्ट्र सेवा की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी तक चंद्रशेखर आजाद के विचारों और बलिदान की भावना को पहुंचाना तथा सामाजिक-सांस्कृतिक एकता का संदेश देना रहा। सामाजिक एकता का दिया संदेश कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं नवीन चंद्र झा, ध्रुव चंद्र झा, आशीष कुमार झा, बबन झा, डॉ. आशुतोष झा, डॉ. के.के. मिश्रा, रीना झा और डॉ. रंजना झा ने कहा कि यह आयोजन केवल जयंती समारोह नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करने का सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम संगठन को नई ऊर्जा देने के साथ-साथ समाज में आपसी सहयोग और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करते हैं। युवाओं के लिए प्रेरणा हैं चंद्रशेखर आजाद ब्राह्मण संगठन से जुड़े पंडित विकास चंद्र ठाकुर, राजेश रंजन मिश्रा और अमर कुमार झा ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद का जीवन आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके त्याग, साहस और देशभक्ति से नई पीढ़ी को सीख लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। इन लोगों का रहा विशेष योगदान कार्यक्रम का संचालन महेंद्र झा ने किया। आयोजन को सफल बनाने में ध्रुव चंद्र झा, गौरव कश्यप, रितेश झा, रत्नाकर झा, रवि झा, सज्जन राय, संजीव झा, बबन कुमार झा, विकास चंद्र ठाकुर, डबलू झा, आलोक झा, चंद्रभूषण ठाकुर सहित अनेक प्रबुद्ध नागरिकों और समाजसेवियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
जोधपुर में प्रसूताओं में खून की कमी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पिछले 24 घंटे में रेफर होकर आईं दो और प्रसूताओं में खून की कमी और ब्लड प्रेशर ज्यादा होने की वजह से उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। ये दोनों प्रसूताएं मथुरादास माथुर हॉस्पिटल में एडमिट हैं, जबकि उम्मेद हॉस्पिटल में सात दिन से एडमिट एक प्रसूता अब भी वेंटिलेटर पर है। इधर, जिस प्रसूता को उम्मेद हॉस्पिटल में गलत खून चढ़ाया गया था, उसे एम्स रेफर किया गया है। वहीं मामले को लेकर बनी अनुशासन कमेटी ने रेजिडेंट डॉक्टर्स समेत लैब टेक्नीशियन और नर्सिंगकर्मी के बयान लिए हैं। ये कमेटी शुक्रवार तक अपनी रिपोर्ट डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा को सौंप सकती है। प्रसूता में था ढाई ग्राम खून, बाड़मेर से रेफर होकर आई मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने बताया- पिछले 24 घंटे में मथुरादास माथुर हॉस्पिटल में दो प्रसूताएं रेफर हुई हैं, जो वेंटिलेटर पर है। एक प्रसूता रेखा बाड़मेर से रेफर हुई है। उन्होंने बताया- रेखा में महज ढाई ग्राम ही हिमोग्लोबिन था। डिलीवरी से पहले भी उसे खून चढ़ाया गया था, लेकिन इमरजेंसी में उसकी गुरुवार को डिलीवरी करवानी पड़ी। इसके बाद ब्लीडिंग ज्यादा होने की वजह से उसे मथुरादास माथुर में वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। उन्होंने बताया- इस दौरान करीब पांच यूनिट ब्लड चढ़ाया गया था। वहीं बुधवार देर रात बावड़ी से भी गहना नाम की महिला को मथुरादास माथुर रेफर किया गया था। ये हेल्प सिंड्रोम केस था, जिसमें ब्लड प्रेशर ज्यादा होने और प्लेट लेट्स डाउन हो गए थे। इसे भी 6 यूनिट प्लेटलेट्स चढ़ाई गई है और वह भी वेंटिलेटर पर है। इधर, उम्मेद हॉस्पिटल में 7 दिन से एडमिट सरोज भी वेंटिलेटर पर है। वह भी रेफर होकर आई थी। प्रसूता को चढ़ाया था गलत खून, देर रात एम्स रेफर इधर, जिस प्रसूता धापू को गलत खून चढ़ाया था, उसे बुधवार देर रात महात्मा गांधी हॉस्पिटल से एम्स में रेफर किया गया है। डॉ. बीएस जोधा ने बताया- अभी हॉस्पिटल मथुरादास माथुर में दो प्रसूताएं वेंटिलेटर पर है। जबकि उम्मेद हॉस्पिटल में एक प्रसूता वेंटिलेटर पर है। इसके अलावा महात्मा गांधी हॉस्पिटल में दो महिलाएं आईसीयू में है। इनमें से एक महिला को उम्मेद हॉस्पिटल रेफर किया गया था। गलत खून चढ़ाने के मामले में कमेटी ने लिए बयान, कल देंगे रिपोर्ट इधर, गलत खून चढ़ाने मामले को लेकर उम्मेद हॉस्पिटल की ओर से बनी पांच डॉक्टर्स की टीम ने दो दिन पहले मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल को रिपोर्ट सौंप दी थी। डॉ. बीएस जोधा ने बताया- इनमें दो रेजिडेंट डॉक्टर और एक-एक लैब टेक्नीशियन और नर्सिंगकर्मी के नाम थे। ये रिपोर्ट अनुशासन कमेटी को सौंप दी थी। इसके बाद अनुशासन कमेटी की ओर से इनके बयान लिए गए और इनसे रिटर्न में भी लिखवाया गया है। अब कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर इन पर एक्शन होगा। ये कमेटी 24 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है। ये था मामला- कमेटी ने माना था बिना जांच किए चढ़ाया था खून दरअसल, धापू नाम की महिला की 11 जुलाई को बावड़ी में नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। खून की कमी के चलते उसे उम्मेद अस्पताल रेफर किया गया था। यहां 11 जुलाई को उसे O पॉजिटिव ब्लड चढ़ाया गया, लेकिन 12 जुलाई को जब दोबारा ब्लड चढ़ाया तो वह O पॉजिटिव की जगह बी पॉजिटिव चढ़ा दिया था। इसकी वजह से उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और यूरिन बंद हो गया था। इसके बाद किडनी में इन्फेक्शन हो गया। इस पर उसे 13 जुलाई को महात्मा गांधी हॉस्पिटल रेफर किया गया था। हालांकि अभी उसका इलाज एम्स में चल रहा है। मामला सामने आने के बाद उम्मेद हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट डॉ. मोहन मकवाना की ओर से पांच डॉक्टर्स की टीम बनाई गई थी। इस टीम में डॉ. रिजवाना शाहीन, डॉ. नीलम मीणा, डॉ. हरगोविंद मीणा, डॉ. सुरेंद्र सिंह राठौड़ और डॉ. गोविंद पटेल शामिल थे। इसके बाद टीम ने शुक्रवार को ही ये रिपोर्ट डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा को सौंप दी थी। कमेटी ने माना था- बिना जांच किए गलत खून चढ़ाया गया। इसमें माना कि बिना क्रॉस चेक किए खून चढ़ाया गया, लेकिन इस रिपोर्ट में किसी का नाम नहीं होने की वजह से डॉ. बीएस जोधा ने इस लापरवाही में शामिल रेजिडेंट डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन और नर्सिंग स्टाफ के नाम मांगे थे। इस पर दोबारा मंगलवार को इन नाम के साथ ये रिपोर्ट सौंपी गई। अब ये रिपोर्ट मेडिकल कॉलेज की अनुशासन कमेटी को सौंपी गई है। अनुशासन कमेटी तय करेगी कि किस पर क्या एक्शन होगा। एक ही नाम की दो महिला होने की वजह से हुई गफलत प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जिस दिन ये घटनाक्रम हुआ, उस दिन धापू नाम की दो महिलाएं हॉस्पिटल में एडमिट थी। इतना ही नहीं इनके पति के नाम भी एक ही थे। ऐसे में धापू जिसे B पॉजिटिव खून चढ़ाना था। इसके बदले बावड़ी से आई धापू को ये गलत खून चढ़ा दिया और तबीयत बिगड़ गई। ये खबरें भी पढ़ें… प्रसूता को गलत खून चढ़ाने में चार को माना दोषी:दो रेजिडेंट डॉक्टर समेत लैब टैक्निशियन और नर्सिंगकर्मी के नाम; कमेटी तय करेगी क्या होगा एक्शन गलत ब्लड से यूरिन बंद हुआ,प्रसूता की किडनी में इन्फेक्शन:उम्मेद हॉस्पिटल में O+ की जगह B+ ब्लड चढ़ाया; परिजन बोले-खून चढ़ाते ही कंपकपी छूटने लगी दो दिन में पांच प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी,एक वेंटिलेटर पर:3 प्रसूता आईसीयू में; कमेटी ने माना- बिना जांचें गलत खून चढ़ाया था प्रसूता को
एक किलो डोडा-चूरा की सप्लाई पर 200 रुपए कमाई के लाचल में कंटेनर ड्राइवर तस्कर बन गया। डाक-पार्सल के कंटेनर में मादक पदार्थ छिपाकर एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाता था, क्योंकि ऐसे वाहनों पर आमतौर पर कम शक होता है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को सूचना मिली तो नाकाबंदी की गई। पुलिस को देखकर ड्राइवर कंटेनर लेकर भागने लगा, लेकिन पीछा कर सदर थाना क्षेत्र में उसे पकड़ लिया गया। तलाशी में 3 क्विंटल 83 किलो डोडा-चूरा बरामद हुआ और ड्राइवर को कर लिया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि डूंगरपुर का रहने वाला आरोपी तीसरी कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। इसके बाद उसने मजदूरी की, ट्रकों में खलासी का काम किया, ड्राइविंग सीखी और कंटेनर ड्राइवर बन गया। पिछले 7-8 महीनों के दौरान उसकी पहचान तस्करों से हुई और ज्यादा कमाई के लालच में वह इस नेटवर्क का हिस्सा बन गया। पीछा कर कंटेनर पकड़ा; तलाशी में मिला डोडा-चूरा आईजीपी विकास कुमार ने बताया - ANTF को सूचना मिली थी कि उदयपुर से भीलवाड़ा की ओर जा रहे डाक-पार्सल कंटेनर में संदिग्ध सामान है। सूचना मिलते ही टीम ने नाकाबंदी कर निगरानी शुरू कर दी। कंटेनर पहुंचने पर पुलिस ने ड्राइवर को रुकने का इशारा किया, लेकिन उसने गाड़ी नहीं रोकी और भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने पीछा कर सदर थाना क्षेत्र में कंटेनर रुकवाया। पूछताछ के दौरान ड्राइवर घबरा गया। स्थानीय पुलिस को बुलाकर कंटेनर की तलाशी ली गई, जिसमें 3 क्विंटल 83 किलो डोडा-चूरा बरामद हुआ। इसके बाद कंटेनर जब्त कर ड्राइवरलाल शंकर (29) को गिरफ्तार कर लिया गया। मजदूरी से कंटेनर ड्राइवर बना, फिर तस्करों के संपर्क में आया पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी डूंगरपुर जिले के बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र का रहने वाला है। उसने तीसरी कक्षा तक पढ़ाई की और फिर मजदूरी करने लगा। बाद में ट्रकों में खलासी का काम किया, वहीं ड्राइविंग सीखी और धीरे-धीरे कंटेनर ड्राइवर बन गया। दिल्ली के एक कंटेनर मालिक के यहां नौकरी मिलने के बाद वह पिछले 7-8 महीनों से अहमदाबाद, दिल्ली और अन्य राज्यों के बीच कंटेनर चला रहा था। इसी दौरान उसकी पहचान मादक पदार्थ तस्करों से हुई और उसे अवैध माल ढोने का ऑफिर मिला। 200 रुपए प्रति किलो के लालच में करने लगा तस्करी पुलिस जांच में सामने आया कि कुछ समय पहले आरोपी कंटेनर लेकर अपने गांव गया था। अगले दिन उसकी मुलाकात एक तस्कर से हुई। तस्कर ने बताया कि कंटेनर मालिक से बात हो चुकी है और अब कंटेनर में डोडा-चूरा छिपाकर तय जगह तक पहुंचाना है। इसके बदले उसे प्रति किलो 200 रुपए अतिरिक्त देने की बात कही गई। ज्यादा पैसे कमाने के लालच में आरोपी तैयार हो गया। शुरुआत में उसने कम मात्रा में डोडा-चूरा पहुंचाया, लेकिन भरोसा बढ़ने पर बड़ी खेप भी उसी के जरिए भेजी जाने लगी। पुलिस का कहना है कि आरोपी को पता था कि कंटेनर में अवैध मादक पदार्थ रखा गया है, फिर भी वह अतिरिक्त कमाई के लिए यह काम करता रहा। कम शक होने की वजह से चुना डाक-पार्सल कंटेनर आईजीपी ने बताया - तस्करों ने डाक-पार्सल और कूरियर ले जाने वाले कंटेनरों को इसलिए चुना क्योंकि इन पर आमतौर पर कम शक होता है। ऐसे वाहन रोज अलग-अलग शहरों और राज्यों में पार्सल पहुंचाते हैं, इसलिए उनकी आवाजाही सामान्य मानी जाती है। इसी का फायदा उठाकर पार्सलों के बीच डोडा-चूरा छिपाया जाता था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस तरीके से पहले कितनी बार मादक पदार्थ की खेप भेजी गई, इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं, डोडा-चूरा कहां से कंटेनर में रखा गया और इसे कहां पहुंचाया जाना था। कंटेनर मालिक समेत पूरे नेटवर्क की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
NEET परीक्षा के पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में जारी आक्रोश के बीच अमृतसर में कांग्रेस ने छात्रों के साथ मिलकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष सौरव मिट्ठू मदान के नेतृत्व में कंपनी बाग से एक विशाल विरोध मार्च निकाला गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ उग्र नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। प्रदर्शन में पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. राज कुमार, पूर्व विधायक सुनील दत्ती, पूर्व विधायक जुगल किशोर शर्मा और पार्षद राजकंवल प्रीतपाल सिंह लक्की समेत कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग और परीक्षा प्रणाली पर सवाल प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस विफलता की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत पद से इस्तीफा देने की मांग की। नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देश की परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। लगातार हो रहे पेपर लीक के मामलों ने देश के लाखों युवाओं और परीक्षार्थियों के भविष्य को अधर में लटका दिया है और पूरी शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गहरा संकट खड़ा कर दिया है। ‘12-12 घंटे पढ़ने वाले छात्रों के साथ धोखा’ वार्ड नंबर-9 की पार्षद डॉ. शोभित कौर ने प्रदर्शन के दौरान छात्रों का पक्ष रखते हुए कहा कि युवा दिन-रात 12-12 घंटे मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक की खबरों से उनका दिल टूट जाता है और मनोबल पूरी तरह गिर जाता है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी छात्र के खिलाफ नहीं बल्कि भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ है। उन्होंने मांग की कि सरकार को उन पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा (कंपनसेट) देना चाहिए जिन्होंने इस अव्यवस्था और तनाव के कारण अपनों को खोया है। मांगें पूरी न होने पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन की चेतावनी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि केंद्र सरकार ने पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं की और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार नहीं किए, तो कांग्रेस छात्रों के साथ मिलकर इस आंदोलन को पंजाब ही नहीं, बल्कि पूरे देश में और अधिक तीव्र करेगी।
दतिया विधानसभा उपचुनाव के प्रचार ने अब पूरी रफ्तार पकड़ ली है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक रहे हैं। इसी क्रम में भाजपा ने अपने केंद्रीय नेताओं की सभाओं का सिलसिला तेज कर दिया है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शुक्रवार को सड़क मार्ग से ग्वालियर से दतिया पहुंचकर भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में चुनाव प्रचार करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सिंधिया दोपहर करीब 1:30 बजे दतिया पहुंचेंगे। यहां सबसे पहले वे पीतांबरा पीठ में मां पीतांबरा के दर्शन-पूजन करेंगे। इसके बाद राजघाट कॉलोनी एवं होलीक्रॉस स्कूल के पास भाजपा कार्यकर्ताओं के निवास पर पहुंच कर उनसे मुलाकात करेंगे। इसके उपरांत वे दोपहर 2:45 बजे बड़ौनी पहुंचेंगे।जहां भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में आयोजित आमसभा को संबोधित करेंगे और कार्यकर्ताओं व मतदाताओं से भाजपा के पक्ष में मतदान की अपील करेंगे। सभा समाप्त होने के बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सड़क मार्ग से ही बड़ौनी से ग्वालियर के लिए रवाना होंगे। भाजपा नेतृत्व सिंधिया की सभा को चुनावी माहौल में महत्वपूर्ण मान रहा है और इसे लेकर संगठन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
शेखपुरा। जिला पदाधिकारी शेखर आनंद गुरुवार को चेवाड़ा प्रखंड की चकंद्रा पंचायत स्थित रविदास टोला पहुंचे। उनका उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान करना था। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ दोनों टोलों के प्रत्येक घर का दौरा किया और डोर-टू-डोर सर्वे कर मूलभूत समस्याओं की पहचान करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि रविदास टोला के अधिकांश लोग रोजगार के लिए ईंट-भट्ठों पर काम करने बाहर चले जाते हैं। इस पर डीएम ने चिंता व्यक्त की और ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उन्हें ईंट-भट्ठों पर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। जिला प्रशासन स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगा, जिससे बच्चों को यहीं रहकर अच्छी शिक्षा मिल सके। डीएम ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिएस्वरोजगार और स्थानीय आजीविका को बढ़ावा देने के लिए डीएम ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। इनमें ग्रामीणों के लिए कृषि फार्म खुलवाना और नई दुकानें स्थापित कराना शामिल है। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें जीविका समूह से जोड़ने तथा महिलाओं और युवतियों के लिए सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने के आदेश दिए गए। बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए मोबाइल फोन उपलब्ध कराने या बनवाने की उचित व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया गया। डीएम के समक्ष अपनी आकांक्षाएं और मांगें भी रखींगाँव के भौतिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए। इसमें पूरे टोले में पक्की नाली और गली का शीघ्र निर्माण, जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाना, तथा नए राशन कार्ड बनाने और छूटे हुए सदस्यों के नाम जोड़ने के लिए त्वरित कार्रवाई करना शामिल है। डीएम ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ पहुंचाने के लिए गांव में सहयोग शिविर आयोजित किए जाएं और उनका व्यापक प्रचार-प्रसार हो। दौरे के दौरान स्थानीय युवाओं और बच्चियों ने डीएम के समक्ष अपनी आकांक्षाएं और मांगें भी रखीं। इस निरीक्षण और संवाद कार्यक्रम में जिला प्रशासन और प्रखंड स्तर के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
कांग्रेस की जन आक्रोश यात्रा 30 जुलाई से शुरू:दीपनाथ महादेव से निकलेगी, जनसमस्याओं पर आंदोलन का ऐलान
प्रतापगढ़ जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से गुरुवार को आयोजित बैठक में जिले की प्रमुख जनसमस्याओं, संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी पंचायत एवं नगर निकाय चुनावों की तैयारियों पर मंथन किया गया। बैठक के बाद कांग्रेस नेताओं ने प्रेसवार्ता कर जिलेभर में जनआंदोलन चलाने और 30 जुलाई से 'जन आक्रोश यात्रा' निकालने की घोषणा की। बैठक में जंतर-मंतर पर आंदोलनकारियों के साथ हुए व्यवहार, जिले में बिजली व्यवस्था की बदहाली, चिकित्सा सेवाओं की खराब स्थिति, बढ़ती महंगाई, किसानों को खाद की कमी और जर्जर सड़कों जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके अलावा पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं को बंद किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने इन सभी विषयों को लेकर जिलेभर में जनआंदोलन चलाने का निर्णय लिया। 30 जुलाई से शुरू होगी 'जन आक्रोश यात्रा' प्रेसवार्ता में बताया गया कि 30 जुलाई से दीपनाथ महादेव से 'जन आक्रोश यात्रा' की शुरुआत होगी। यात्रा जिले के विभिन्न क्षेत्रों से होकर गुजरेगी और अगस्त माह में देवाक माता पर इसका समापन होगा। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, समापन कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और प्रदेश के अन्य वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है। बैठक में आगामी पंचायत और नगर निकाय चुनावों को लेकर संगठनात्मक रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जिला कांग्रेस पदाधिकारियों को नए प्रभार सौंपने के साथ अपने-अपने क्षेत्रों में संगठनात्मक बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय और मजबूत बनाया जा सके। कई पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता रहे मौजूद बैठक में पूर्व विधायक रामलाल मीणा, जिला कांग्रेस पदाधिकारी, नगर एवं ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष, महिला कांग्रेस, युवक कांग्रेस, सेवादल, एनएसयूआई सहित विभिन्न अग्रिम संगठनों के पदाधिकारी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे। बैठक के अंत में कांग्रेस नेताओं ने कार्यकर्ताओं से जनसमस्याओं को लेकर जनता के बीच सक्रिय रहने और आगामी पंचायत एवं नगर निकाय चुनावों की तैयारियों में जुटने का आह्वान किया।
धार में कल (शुक्रवार) होने वाली जुम्मे की नमाज को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। प्रशासन द्वारा सुझाए गए वैकल्पिक स्थान पर मुस्लिम समुदाय की सहमति नहीं बन पाई है, जिससे नमाज के आयोजन को लेकर संशय गहरा गया है। इससे पहले, 14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद जिला प्रशासन ने मुस्लिम समुदाय को चालीस पीर के पास एक वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया था। हालांकि, मुस्लिम समुदाय ने इस स्थान पर नमाज अदा करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद, मुस्लिम समाज के याचिकाकर्ताओं ने दोबारा सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि नमाज के लिए भोजशाला के पास ही किसी उपयुक्त वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था की जाए। हालांकि, अब तक ऐसा कोई स्थान अंतिम रूप से तय नहीं हो पाया है। चर्चा के लिए मुस्लिम पक्ष नहीं पहुंचाधार कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने बताया कि जुम्मे की नमाज के लिए वैकल्पिक स्थान पर चर्चा के लिए मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों को बैठक के लिए बुलाया गया था। हालांकि, वे इस चर्चा में शामिल होने नहीं पहुंचे। कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है, लेकिन अभी तक किसी स्थान पर सहमति नहीं बन सकी है। इस संबंध में मुस्लिम समाज के सदर अब्दुल समद से भी संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। ऐसे में शुक्रवार को होने वाली जुम्मे की नमाज को लेकर एक बार फिर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। फिलहाल, प्रशासन की ओर से नमाज के लिए किसी नए वैकल्पिक स्थान की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
हरियाणा कृषि प्रबंधन एवं विस्तार प्रशिक्षण संस्थान (हमेटी), जींद और कृषि विभाग अग्रोहा की ओर से गांव जगान में प्रगतिशील किसान और सीआरपी राम सिंह फौजी के खेत पर प्राकृतिक खेती और कपास की फसल पर एक दिवसीय किसान प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। इस शिविर में आसपास के करीब 60 किसानों ने भाग लिया। किसानों को प्राकृतिक खेती के आसान तरीके और कपास की वैज्ञानिक खेती से जुड़ी नई जानकारी दी गई, ताकि वे खेती में बेहतर उत्पादन और कम लागत का लाभ उठा सकें। 'प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत में कमी आती है' कार्यक्रम का आयोजन हमेटी के निदेशक डॉ. सुरेंद्र सिंह यादव के दिशा-निर्देशन में किया गया। इस अवसर पर प्राकृतिक खेती के प्रशिक्षक डॉ. सुभाष चन्द्र ने किसानों को रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत में कमी आती है, मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है, पर्यावरण सुरक्षित रहता है तथा किसानों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित उत्पादन प्राप्त होता है। '4 हजार रुपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जा रही' कृषि विकास अधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने कृषि विभाग द्वारा संचालित प्राकृतिक खेती योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि अग्रोहा ब्लॉक में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 125 किसानों का क्लस्टर बनाया गया है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को देसी गाय की खरीद पर 30 हजार रुपए तक का अनुदान और 4 हजार रुपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। जैविक कीटनाशक तैयार करने का दिया प्रशिक्षण प्रगतिशील किसान एवं सीआरपी राम सिंह फौजी ने किसानों को नीमास्त्र, दशपर्णी अर्क सहित विभिन्न जैविक कीटनाशकों को तैयार करने और उनके प्रभावी उपयोग की विधि का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। साथ ही कपास फसल में लाभदायक एवं हानिकारक कीटों की पहचान, आर्थिक क्षति स्तर (ईटीएल) और गुलाबी सुंडी एवं रस चूसक कीटों के प्राकृतिक नियंत्रण के उपायों की विस्तार से जानकारी दी गई। किसानों को रासायनिक दवाइयों के स्थान पर नीम आधारित जैविक कीटनाशकों के उपयोग की सलाह भी दी गई। ये लोग रहे मौजूद कार्यक्रम में सरपंच शमशेर सिंह, विजय कुमार, अनूप सिंह, राजेश, विजेंद्र ढाका, योगेश, सुरेश सहित बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के अंत में किसानों ने प्राकृतिक खेती अपनाने का संकल्प लिया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के अधिक से अधिक प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की मांग की।
भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की सुनवाई पटना हाईकोर्ट में हुई। कोर्ट ने बिहार सरकार को तीन सप्ताह के भीतर अपना पक्ष दाखिल करने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि सरकार तय समय सीमा के अंदर अपना जवाब प्रस्तुत करें, ताकि मामले की सुनवाई आगे बढ़ाई जा सके। इस आदेश के बाद अब सभी की निगाहें राज्य सरकार के जवाब पर टिकी हैं। अब अगली सुनवाई 28 अगस्त को होगी। सभी अहम रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले में सबूतों के संरक्षण को बेहद महत्वपूर्ण मानते हुए सभी अहम रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि निष्पक्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के लिए जरूरी है कि किसी भी प्रकार का सबूत नष्ट या प्रभावित न हो। कोर्ट ने विशेष रूप से घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), स्टेशन डायरी, वायरलेस लॉग, पुलिसकर्मियों के बॉडी कैमरा फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध दस्तावेज को सुरक्षित रखने को कहा है। सभी इलेक्ट्रॉनिक सबूत को सुरक्षित रखने का आदेश है। 28 अगस्त को होगी अगली सुनवाई हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 28 अगस्त 2026 की तारीख निर्धारित की है। भरत तिवारी की ओर से पैरवी कर रहीं सुप्रीम कोर्ट और पटना हाईकोर्ट की वरिष्ठ वकील वर्षा सिंह ने भी इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि यह मामले की पहली सुनवाई थी, जिसमें अदालत ने सरकार से जवाब मांगने के साथ-साथ सभी महत्वपूर्ण सबूत को संरक्षित रखने का स्पष्ट निर्देश दिया है। वर्षा सिंह ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो करते हुए कहा कि अदालत ने मामले को गंभीरता से लिया है। निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उनके अनुसार, किसी भी संवेदनशील मामले में सबूत का सुरक्षित रहना न्यायिक प्रक्रिया की सबसे अहम कड़ी होती है और हाईकोर्ट का आदेश इसी सिद्धांत को मजबूत करता है।
लुधियाना में युवक ने चलती स्कॉर्पियो में अपने लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया। गोली लगने के बाद कार बेकाबू होकर जीटी रोड पर लगे साइन बोर्ड के पोल से जा टकराई। राहगीरों ने गाड़ी क्षतिग्रस्त देखी तो ड्राइवर सीट पर युवक खून से लथपथ बेसुध हालत में पड़ा था। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। राहगीरों ने युवक को डीएमसी अस्पताल पहुंचाया, जहां डाक्टरों ने उसे मृतक करार दे दिया। मृतक की पहचान गांव दाखा निवासी जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सा के रूप में हुई है। जसप्रीत ने लव मैरिज करवाई थी और पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद रहता था। यह घटना उस समय हुई जब जसप्रीत सिंह अपने गांव दाखा से लुधियाना जा रहा था। 6 साल पहले लव मैरिज की जानकारी के अनुसार, जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सा के पिता पंजाब पुलिस से रिटायर्ड कर्मचारी हैं और वह तीन भाई बहन हैं। जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सा ने करीब 6 साल पहले लव मैरिज की थी। इसके बाद उसी की एक बेटी हुई, जो अभी 4 साल की है। जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सा लुधियाना शहर में रहता था और आज (23 जुलाई को) अपने गांव दाखा आया हुआ था। इसके बाद वह शाम का अपनी स्कॉर्पियो में सवार होकर शहर वापस जा रहा था। इसी बीच जब वह शाम करीब 5 बजे जीटी रोड पर हवेली के पास पहुंचा, यहां पर वह स्कॉर्पियो में फोन पर जो-जोर से बात रहा था। फिर अचानक कार को तेज स्पीड में कर लिया और लाइसेंसी रिवॉल्वर से अपने सिर में गोली मार ली। बेकाबू होकर पोल से भिड़ी कार इसके बाद कार बेकाबू हो गई और वह सड़ किनारे जाकर साइन बोर्ड से टकराकर रुक गई। जिससे कार के दोनों एयर बैग भी खुल गए। साथ ही कार के आगे का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। हादसा के बाद मौके पर राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। इसी बीच किसी ने पुलिस को सूचना, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक के शव को कार से बाहर निकाला गया है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। डीएसपी दाखा करण सिंह संधू ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जांच और परिजनों के बयान दर्ज करने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। ******** ये खबर भी पढ़ें: पंजाब पुलिस का ASI वीडियो बना नहर में कूदा: 7 लोगों का नाम लिया, कहा- महिला से गलत शिकायत करवाई, वापस लेने ₹35 लाख मांगे पंजाब पुलिस के ASI ने फिरोजपुर फीडर नहर में छलांग लगा दी। कूदने से पहले उन्होंने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें महिला समेत सात लोगों के नाम का जिक्र किया। ASI ने कहा मेरी पत्नी ने हाल ही में बटाला नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर-11 से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। (पढ़ें पूरी खबर)
सहरसा पुलिस ने की दंगा नियंत्रण मॉक ड्रिल:वाटर कैनन, आधुनिक सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल का अभ्यास
सहरसा पुलिस ने गुरुवार को पुलिस लाइन परिसर में दंगा नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन को लेकर एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया। यह अभ्यास राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर और पटना में हाल ही में हुए आंदोलनों के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन की सतर्कता को दर्शाता है। इसका उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति, हिंसक प्रदर्शन या कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस बल को प्रशिक्षित करना था। उग्र प्रदर्शन, पथराव और भीड़ को रोकने का अभ्यास कोसी रेंज के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष की निगरानी में आयोजित इस मॉक ड्रिल में पुलिस जवानों ने विभिन्न वास्तविक परिस्थितियों का अभ्यास किया। इसमें उग्र प्रदर्शन, पथराव और भीड़ के हिंसक होने जैसी काल्पनिक स्थितियां शामिल थीं। पुलिसकर्मियों ने इन तनावपूर्ण माहौल में भीड़ को नियंत्रित करने की चरणबद्ध रणनीतियों का प्रदर्शन किया। अभ्यास के दौरान, प्रदर्शनकारियों द्वारा पथराव की स्थिति बनाए जाने पर पुलिस ने वाटर कैनन का प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर करने का अभ्यास किया। बॉडी प्रोटेक्टर, हेलमेट, दंगा-रोधी ढाल का भी प्रदर्शन दंगा नियंत्रण में उपयोग होने वाले आधुनिक सुरक्षा उपकरण जैसे बॉडी प्रोटेक्टर, हेलमेट, दंगा-रोधी ढाल और लाठी का भी प्रदर्शन किया गया। अधिकारियों ने जवानों को संयम बनाए रखते हुए कानून के दायरे में कार्रवाई करने और आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। मॉक ड्रिल में पुलिस बल की त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय, संचार व्यवस्था और आपातकालीन परिस्थितियों में कार्रवाई की क्षमता का परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने जवानों को किसी भी अप्रिय स्थिति में धैर्य, अनुशासन और पेशेवर तरीके से कार्य करने की सीख दी। प्रशासन का लक्ष्य आमजन में सुरक्षा इस अवसर पर सहरसा पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग और सदर एसडीपीओ आलोक कुमार सहित जिले के कई पुलिस पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में पुलिस जवान मौजूद थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऐसे नियमित अभ्यास से बल की कार्यकुशलता बढ़ती है और किसी भी आपात स्थिति में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रभावी सहायता मिलती है। प्रशासन का लक्ष्य आमजन में सुरक्षा का भरोसा कायम रखना और पुलिस बल को हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रखना है।
खगड़िया जिले के चौथम प्रखंड स्थित कन्या मध्य विद्यालय, भूतौली में गुरुवार को मध्याह्न भोजन (एमडीएम) में सांप का बच्चा मिलने की शिकायत सामने आई। इसके बाद स्कूल परिसर में हंगामा हो गया। भोजन करने के बाद लगभग दो दर्जन बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें एहतियातन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) चौथम ले जाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बच्चों को चावल, दाल और सब्जी परोसी गई थी। इसी दौरान एक बच्चे की थाली में सांप के बच्चे जैसा मरा हुआ जीव मिला। इस घटना के बाद विद्यालय में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंच गए। बच्चे की थाली में सांप जैसा दिखने वाला मरा हुआ जीवघटना की सूचना मिलते ही जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेन्द्र कुमार गौड़, प्रखंड विकास पदाधिकारी नितेश कुमार सिंह, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार श्रीवास्तव, चौथम थाना पुलिस और डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों ने विद्यालय पहुंचकर एमडीएम कक्ष, खाद्यान्न की गुणवत्ता और अभिलेखों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रधानाध्यापक, शिक्षकों और रसोइयों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इसके बाद अधिकारियों ने सीएचसी चौथम पहुंचकर भर्ती बच्चों का हालचाल जाना और चिकित्सकों से जानकारी ली। सभी बच्चों का प्राथमिक उपचार किया गया बिहार भाजपा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य अश्वनी सिंह ने बताया कि भोजन के दौरान एक बच्चे की थाली में सांप जैसा दिखने वाला मरा हुआ जीव मिलने के बाद बच्चों और अभिभावकों में आक्रोश फैल गया, जिसके कारण हंगामा हुआ। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विद्यालय में घटिया गुणवत्ता का एमडीएम दिए जाने की शिकायतें पहले भी कई बार की जा चुकी हैं। जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेन्द्र कुमार गौड़ ने पुष्टि की कि एमडीएम को लेकर गंभीर शिकायत मिली है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और जांच में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। चिकित्सकों के अनुसार, सीएचसी चौथम लाए गए सभी बच्चों का प्राथमिक उपचार किया गया। सभी बच्चे सुरक्षित बताए गए हैं और उपचार के बाद उन्हें उनके परिजनों के साथ घर भेज दिया गया। प्रशासन इस पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।
DG-IG कॉन्फ्रेंस के तहत पुलिस अधिकारियों द्वारा थाने गोद लेने की पहल के बाद गुरुवार शाम आईजी परम ज्योति सवाई माधोपुर पहुंचीं। यहां उन्होंने अपने गोद लिए सूरवाल थाने का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मेस, मालखाना, बंदीखाना और रिकॉर्ड रूम का जायजा लिया। साथ ही थानाधिकारी मुंशीलाल को लंबित मुकदमों का जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए। थाना परिसर में लगाया अशोक का पौधा निरीक्षण के दौरान आईजी परम ज्योति ने सूरवाल थाना परिसर में अशोक का पौधा भी लगाया। इसके बाद उन्होंने पुलिसकर्मियों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके समाधान का भरोसा दिलाया। बोलीं- सूरवाल थाने से है भावनात्मक जुड़ाव मीडिया से बातचीत में आईजी परम ज्योति ने कहा कि जब वह सवाई माधोपुर की एसपी थीं, उसी दौरान सूरवाल थाना शुरू हुआ था। इसी वजह से इस थाने से उनका भावनात्मक जुड़ाव है और उन्होंने इसे गोद लेने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि इतने साल बीतने के बाद भी सूरवाल थाने को जमीन आवंटित नहीं हुई है। अब वह इसके लिए प्रयास करेंगी, ताकि थाने को स्थायी जमीन मिल सके। गोद लेने की पहल से लोगों को मिलेगा फायदा आईजी ने कहा कि DG-IG कॉन्फ्रेंस के तहत पुलिस अधिकारियों द्वारा थाने गोद लेने की पहल का सीधा फायदा थाना क्षेत्र के लोगों को मिलेगा। इससे थानों की बेहतर मॉनिटरिंग होगी, सुपरविजन मजबूत होगा और लंबे समय से लंबित मामलों का समय पर निस्तारण हो सकेगा।
कोरबा के करतला थाना क्षेत्र के ग्राम तराईमारडीह में जंगली हाथियों की सूचना देकर ग्रामीणों को सतर्क करने पहुंचे वन अधिकारी के साथ अभद्रता और धमकी का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एक शिक्षक के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने समेत अन्य धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिसर वन अधिकारी हरिनारायण बंजारे ने करतला थाने में दर्ज शिकायत में बताया कि क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग की टीम संवेदनशील गांवों में मुनादी कर ग्रामीणों को सतर्क कर रही थी। इसी दौरान ग्राम तराईमारडीह पहुंचने पर गांव निवासी पतिराम राठिया, जो सरकारी स्कूल में शिक्षक है, ने उन्हें रोक लिया। हस्ताक्षर का दबाव, मना करने पर अभद्रता का आरोप शिकायत के अनुसार आरोपी ने वन अधिकार पत्र के आवेदन पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया। वन अधिकारी के मना करने पर उसने सार्वजनिक रूप से अभद्र व्यवहार किया, जातिसूचक टिप्पणी की और वाहन से नीचे उतरने के लिए कहा। आरोप है कि उसने मारपीट और जान से मारने की धमकी भी दी, जिससे शासकीय कार्य प्रभावित हुआ। कई कर्मचारी थे मौके पर मौजूद घटना के समय वनरक्षक अशोक कुमार यादव, वाहन चालक महत्तम सिंह कंवर, सुरक्षा श्रमिक खगेश्वर प्रसाद और परिसर वन अधिकारी सर्रोराम बंजारे भी मौके पर मौजूद थे। शिकायतकर्ता ने पूरी घटना का मोबाइल वीडियो पुलिस को सौंपा है। आसपास मौजूद ग्रामीण भी घटना के प्रत्यक्षदर्शी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने दर्ज किया मामला वन अधिकारी ने शिकायत में एससी-एसटी एक्ट के तहत भी कार्रवाई की मांग की थी। फिलहाल पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221, 296 और 351(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बोले अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) नीतिश ठाकुर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मोहाली में एक महिला संगीतकार (म्यूजिक आर्टिस्ट) की थार गाड़ी पर तेजाब (Acid) फेंककर उसे बुरी तरह क्षतिग्रस्त करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि पुराने प्रेम संबंधों और शादी के प्रस्ताव को ठुकराने के कारण इस वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर एक नामी कारोबारी, उसके ड्राइवर, कर्मचारी और गनमैन के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर सन्नी एनक्लेव निवासी कोयला कारोबारी सुखपाल सिंह खीपल, उसके ड्राइवर अर्श (निवासी मानसा), कर्मचारी जस्सी (निवासी मटौर) और गनमैन फौजी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 324(4), 351(2) और 3(5) के तहत FIR दर्ज कर ली है। पहले पत्नी से विवाद की बात कह रखा शादी का प्रस्ताव 32 वर्षीय पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2022 में उसकी पहचान प्रॉपर्टी व कोयला कारोबारी सुखपाल सिंह खीपल से हुई थी। धीरे-घीर उनके बीच दोस्ती हो गई। पीडि़ता ने बताया कि उनके बीच दोस्ती बढ़ने के बाद दोनों के बीच घर की बातें भी होने लगीं। इसी दौरान एक दिन सुखपाल ने अपनी पत्नी से रिश्ते खराब होने की बात कही। कुछ दिन बाद रिश्ते बहुत खराब बताकर उसके आगे शादी का प्रस्ताव रखा। पत्नी के रहते रिलेशन से इनकार करने पर हुआ विवाद कुछ दिन सोचने के बाद उसने हां कही। लेकिन इसके कुछ दिन बाद में सुखपाल ने अपनी पत्नी और पीड़िता दोनों को साथ रखने की शर्त रखी। इसपर पीड़िता ने साफ मना कर दिया और उससे दूरी बना ली। इसके बावजूद आरोपी लगातार शादी के लिए दबाव बना रहा था। जिससे वह इनकार कर रही थी और उससे बचने का प्रयास कर रही थी। पार्किंग में खड़ी थार पर फेंका तेजाब, CCTV में कैद हुए आरोपी पीड़िता के अनुसार, 13 जुलाई की रात वह अंबाला स्थित अपने गांव से लौटकर अपनी आई-20 और महिंद्रा थार गाड़ी सोसायटी की पार्किंग में खड़ी कर घर चली गई थी। अगले दिन जब वह जिम जाने के लिए नीचे पहुंची, तो उसने देखा कि उसकी थार गाड़ी का पिछला शीशा टूटा हुआ था। गाड़ी के अंदर तेजाब की दो बोतलें पड़ी थीं। तेजाब छिड़कने के कारण थार गाड़ी अंदर और बाहर से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। जब सोसायटी के CCTV फुटेज खंगाले गए, तो 13 जुलाई की रात 8 से 10 बजे के बीच आरोपी सुखपाल का ड्राइवर अर्श, कर्मचारी जस्सी और गनमैन फौजी सोसायटी के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में घूमते दिखाई दिए। 'पुलिस में शिकायत मत करो, नई गाड़ी दिला दूंगा' पीड़िता ने आरोप लगाया कि वारदात के बाद मुख्य आरोपी सुखपाल सिंह खीपल ने उस पर पुलिस में शिकायत न करने का दबाव बनाया। उसने गाड़ी को कहीं बाहर ठीक कराने या नई गाड़ी दिलाने का लालच भी दिया। पीड़िता का यह भी कहना है कि इस पूरी साजिश में सुखपाल की पत्नी की भूमिका भी संदिग्ध है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश और जांच शुरू कर दी है।

