मप्र सरकार की ‘सुगम बस सेवा’ का सुगम किराया लगभग तय हो गया है। 1 अगस्त से शुरू हो रहे पहले चरण में इंदौर को मुख्य केंद्र बनाया गया है। यहां से प्रदेश के बड़े शहरों व जिलों के लिए कुल 250 बसें रवाना की जाएंगी। सरकार ने इसका बेसिक फेयर ₹1.25 प्रति किमी तय किया है (यानी हर 100 किमी पर ₹125)। इस फॉर्मूले के आधार पर प्रमुख शहरों की दूरी के हिसाब से एक ‘प्रस्तावित किराया सूची’ तैयार की गई है। पहले चरण में इंदौर से चलने वाली 250 बसों में से 50 बसें अंतर्राज्यीय होंगी, यानी कम खर्च में दूसरे राज्यों का सफर कर सकेंगे। परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि यह बस सेवा अहम प्रोजेक्ट है। इसमें किराया भी सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर तय किया जा रहा है। निजी ऑपरेटर्स की मनमानी पर लगाममप्र में अब तक बस किराया तय करने के लिए कोई वैज्ञानिक फॉर्मूला नहीं था, जिससे त्योहारों या शादियों के सीजन में निजी बस संचालक मनमाना किराया वसूलते थे। सुगम बस का यह तय फॉर्मूला अब उन्हें कड़ी टक्कर देगा। सरकार का असली मास्टर प्लान अगले 3 साल में 5,206 सुगम बसें सड़कों पर उतारने का है, जिसे तीन अलग-अलग चरणों में पूरा किया जाएगा। नए किराए से आम आदमी को 2 बड़े फायदे 1.पड़ोसी राज्यों से सस्ता किराए की नई व्यवस्था के लागू होने से मध्य प्रदेश में बसों का सफर उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों की तुलना में सस्ता हो जाएगा। 2. लंबी दूरी में राहत... इंदौर से ग्वालियर या जबलपुर जैसे लंबे रूट पर आम यात्रियों को एक तरफ के टिकट पर सीधे ₹200 से ₹400 तक की बड़ी बचत होने जा रही है।
ट्विशा शर्मा मौत मामले में न्यायिक हिरासत में भोपाल सेंट्रल जेल में बंद रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह से बुधवार को मध्यप्रदेश महिला आयोग की टीम ने मुलाकात की। आयोग की टीम महिला कैदियों और बंदियों की स्थिति जानने जेल पहुंची थी। बातचीत के दौरान गिरिबाला सिंह ने जेल की व्यवस्थाओं को लेकर किसी तरह की शिकायत नहीं की और कहा- कोई परेशानी नहीं है, सब ठीक है। जानकारी के अनुसार, जब आयोग की टीम उनके पास पहुंची तब वे लेखक देवदत्त पटनायक का उपन्यास ‘द प्रेगनेंट किंग’ पढ़ रही थीं। टीम को देखते ही उन्होंने किताब बंद कर दी। आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव ने उनसे भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। पूछे गए सवालों के जवाब में उन्होंने व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया। रेखा यादव ने बताया कि बातचीत के दौरान गिरिबाला सिंह काफी शांत रहीं। निरीक्षण के दौरान आयोग को यह भी नहीं मिला कि उन्हें जेल में किसी प्रकार की विशेष सुविधा दी जा रही है। आयोग को किसी विशेष सुविधा के संकेत नहीं मिले उत्तराधिकारी पर है उपन्यासपौराणिक कथाओं के अनुसार राजा युवनाश्व की कोई संतान नहीं थी। उत्तराधिकारी की इच्छा में उन्होंने यज्ञ कराया। इसके बाद रानियों के लिए तैयार मंत्रयुक्त पेय उन्होंने अनजाने में स्वयं पी लिया और गर्भवती हो गए। समय आने पर उनके शरीर से पुत्र मांधाता का जन्म हुआ। यह कथा देवदत्त पटनायक की पुस्तक ‘द प्रेगनेंट किंग’ की प्रमुख प्रेरणाओं में से एक मानी जाती है। महिला बंदियों ने भजन गाएटीम ने महिला वार्ड, अस्पताल, रसोईघर, पुस्तकालय, आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर तथा ब्यूटी पार्लर का जायजा लिया। इस दौरान बंदियों से उनकी समस्याओं व जरूरतों के बारे में जानकारी ली। सांस्कृतिक कक्ष में बंदियों के ऑर्केस्ट्रा दल ने भजन गाए। निरीक्षण के दौरान आयोग के सेक्रेटरी सुरेश तोमर, जेल अधीक्षक राकेश भांगरे सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। लीगल एड के वकीलों की पैरवी पर कोर्ट ने मांगी अनुमतिट्विशा मामले में गिरिबाला की ओर से चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल रीना वर्मा और श्रेयस सक्सेना ने जिला अदालत में वकालतनामा पेश किया है। दोनों वकील विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े होने के कारण अदालत ने स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी से पूछा है कि उन्हें मामले में पैरवी की अनुमति दी जा सकती है या नहीं। कोर्ट ने आवश्यक दिशा-निर्देश और अनुमति मांगी है। सीबीआई को मिली दूसरी पीएम रिपोर्ट, सबूतों की कड़ियां जोड़ने में जुटीट्विशा की दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सीबीआई को मिल गई है। एजेंसी अब मेडिकल, डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों का मिलान कर रही है। जांच का फोकस गर्भावस्था, गर्भपात, शरीर पर मिले चोटों के निशान और फांसी के फंदे से जुड़े तथ्यों पर है। साथ ही मोबाइल और लैपटॉप से रिकवर किए गए चैट, कॉल रिकॉर्ड, फोटो, वीडियो तथा अन्य डिलीट डेटा का भी विश्लेषण किया जा रहा है।
खोह नागोरियान के करीम नगर में अवैध पटाखा फैक्ट्री में अग्निकांड में 8 लोगों की मौत के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे की नींद टूटी है। बुधवार को एसएचओ समेत 9 पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया। साथ ही मामले की जांच के लिए एसआईटी बना दी गई है। पूरे इलाके में बारूद के अवैध कारोबार को रोकने के लिए ऑपरेशन चलाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि इलाके में बारूद का अवैध कारोबार चल रहा था, स्थानीय पुलिस इसे रोकने में नाकाम रही। इसके बाद एसएचओ ओमप्रकाश मातवा, एएसआई अमर सिंह, हेड कांस्टेबल अशोक व पप्पू राम और कांस्टेबल रामावतार, दिनेश, आसिफ, हरेंद्र व अशोक को निलंबित कर दिया गया। गौरतलब है कि मंगलवार को भीषण अग्निकांड में 8 लोग जिंदा जल गए थे। साथ ही, शहर में ऐसे अवैध कारोबार को तुरंत रोकने के निर्देश दिए गए हैं। बीट अधिकारियों को डोर-टू-डोर (घर-घर) सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं। बुधवार को कार्रवाई के दौरान दोनों फैक्ट्रियों से करीब एक दर्जन अतिरिक्त मशीनें बरामद की गईं। पुलिस का कहना है कि अबी तक 16000 पटाखों की गिनती हुई है। बाकी की गिनती की जा रही है। करीब 70-80 कट्टे पटाखे बरामद किए गए हैं। कय्यूम के खिलाफ सरकारी संपत्ति का केस पहले से ही चल रहा है डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा ने बताया कि दो एफआईआर दर्ज की गई है। पहली एफआईआर आगजनी और जनहानि से जुड़ी है। दूसरी एफआईआर अवैध फैक्ट्री संचालन, विस्फोटक सामग्री के भंडारण और अन्य अपराधों को लेकर है। मकान मालिक कयूम के खिलाफ कई सरकारी संपत्तियों पर कब्जा कर उन्हें बेच भी चुका है। पुलिस ने मामले में सलमान, नदीम और इरफान को डिटेन (हिरासत में) किया है। पूछताछ में आया कि हादसे के बाद सलमान ने मुख्य आरोपी कयूम को फरार होने में मदद की थी। जांच में आया कि करीम नगर में दो स्थानों पर पटाखों की पैकेजिंग और विस्फोटक सामग्री से संबंधित गतिविधियां संचालित हो रही थीं। दोनों परिसरों से तैयार और कच्चे माल सहित बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है।
खोह नागोरियान के करीम नगर तलाई स्थित पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड में मृत 8 लोगों में से बचे दो शवों की पहचान बुधवार को हो गई। नासिर (22) निवासी शाहदरा और रिहान (18) निवासी सुंदर नगरी दिल्ली के रहने वाले थे। दोनों के परिजन दिल्ली से जयपुर पहुंचे और एसएमएस अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव ले गए। नासिर के बड़े भाई साबिर अली ने बताया कि एक माह पहले ही उसका रिश्ता तय किया था और नवंबर में शादी थी। परिवार शादी की तैयारियों में जुटता, उससे पहले ही घर का जवान बेटा हमेशा के लिए चला गया। सोमवार शाम गत्ते लेकर दिल्ली से आए थे, मंगलवार शाम पटाखे लेकर जाना था परिजनों के अनुसार नासिर लोडिंग वाहन चलाता था। वह दिल्ली से फैक्ट्री में माल लाने ले जाने का काम करता था। वह रिहान के साथ सोमवार शाम गत्ते सप्लाई करने जयपुर आया था। फैक्ट्री संचालक से बकाया भुगतान लेने और तैयार पटाखे ले जाने के लिए वह मंगलवार शाम तक रुका था, लेकिन मंगलवार सुबह 11 बजे ही हादसे का शिकार हो गया। वह रिहान के साथ गत्ते लेकर आया था, अब उसका शव लेकर जाना पड़ रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट... श्वास नलियां और फेफड़े कार्बन पार्टिकल्स से सूज गए थेफैक्ट्री अग्निकांड में मृत सभी 8 लोगों के पोस्टमार्टम में श्वास नली व फेफड़ों में भारी मात्रा में कार्बन पार्टिकल्स मिले हैं। सभी की श्वास नलियां और फेफड़े सूजे हुए थे। रिहान को हादसों के डर से लोडिंग वाहन चलाने से रोका, अग्निकांड ने ले ली जान रिहान की मां ने बिलखते हुए बताया कि सोमवार सुबह घर से कहकर गया था कि रात को आ जाऊंगा। जब नहीं लौटा तो मंगलवार सुबह 10 बजे मोबाइल लगाया। उसने कहा था कि शाम तक सामान और भुगतान लेकर लौट आऊंगा। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। दिनभर और देर शाम तक फोन मिलाते रहे, लेकिन दोनों के ही मोबाइल बंद आ रहे थे। देर शाम नासिर के परिजनों को हादसे की सूचना मिली, तब उन्होंने रिहान के घर पर हादसे की सूचना दी। रिहान ने 8वीं तक पढ़ाई की थी और नासिर के साथ लोडिंग पर काम करता था। मां ने कहा, मैं उसे हमेशा कहती थी कि लोडिंग का काम ठीक नहीं है, सड़क हादसे होते रहते हैं। इसी डर से कई बार मना भी किया था, लेकिन यह कभी नहीं सोचा था कि सड़क नहीं, आग का हादसा उसे हमसे छीन लेगा।
वीआईपी कोटे की सौदेबाजी:महाकाल:- 2-3 हजार रुपए में बिक रहे भस्मारती के VIP प्रोटोकॉल
उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर की भस्मारती के एंट्री पास 2500 से 3000 रुपए तक में बेचे जा रहे हैं। ये पास वीआईपी प्रोटोकॉल कोटे के नाम पर बनाए जा रहे हैं। दैनिक भास्कर की पड़ताल में भाजपा और कांग्रेस के जिलाध्यक्ष, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के आराधना भवन तथा कोर्ट रेफरेंस के जरिए पास बनवाने का नेटवर्क सामने आया है। एजेंटों ने खुद रिपोर्टर से सौदेबाजी की। तय रकम पर पास देने की पेशकश की। जिनके रेफरेंस पर पास बनाए जा रहे हैं, ज्यादातर मामलों में उन्होंने जानकारी होने से इनकार किया। सबसे गंभीर बात यह है कि जिन व्यक्तियों या संस्थाओं के नाम पर प्रोटोकॉल पास बनाए जा रहे हैं, उनकी जानकारी या स्वीकृति के बिना यह प्रक्रिया संभव नहीं दिखती। दूसरी ओर, मंदिर समिति के पास भी यह जांचने की प्रभावी व्यवस्था नहीं है कि प्रोटोकॉल के नाम पर दर्शन करने पहुंचने वाले लोग वास्तव में पात्र हैं या नहीं। पूरे नेटवर्क की पड़ताल के लिए भास्कर रिपोर्टर ने सामान्य श्रद्धालु बनकर 16 दिन तक कई लोगों से संपर्क किया। भस्मारती में प्रवेश दिलाने के दावे करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स के अलावा स्थानीय एजेंटों से बातचीत की। मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भस्मारती के लिए सामान्य श्रद्धालुओं को ऑनलाइन स्लॉट खुलने का इंतजार करना पड़ता है। स्लॉट खुलते ही कुछ सेकंड में भर जाते हैं। इसके उलट वीआईपी व प्रोटोकॉल रेफरेंस वाले पास आसानी से मिल रहे हैं। भास्कर की 16 दिन तक पड़ताल, एजेंट करते हैं डील... जिम्मेदारों का दावा- हमें पता नहीं 1. भाजपा जिलाध्यक्ष के रेफरेंस पर 2100 में एंट्री पास 17 मई को रिपोर्टर ने अभिषेक गुरु को फोन कर 19 मई की भस्मआरती के पास के बारे में पूछा। अभिषेक ने आधार कार्ड भेजने को कहा और पहले 2200-2300 रुपए, फिर 2100 रुपए प्रति व्यक्ति में पास उपलब्ध कराने की बात कही। उसने दावा किया कि दूसरे लोग 3100 से 3500 रुपए तक लेते हैं और पास राजनेताओं व कलेक्टर ऑफिस के रेफरेंस से बनते हैं। रिपोर्टर के आधार कार्ड भेजने के बाद 19 मई की रात एंट्री पास उपलब्ध करा दिया गया।उज्जैन भाजपा जिलाध्यक्ष संजय अग्रवाल बोले- आप जो नाम हमें बता रहे हैं वह हमने प्रोटोकॉल के लिए मंदिर को भेजे ही नहीं हैं। 2. कांग्रेस जिलाध्यक्ष के रेफरेंस पर 2500 रुपए दिए 17 मई की शाम रिपोर्टर ने विकास पंड्या से भस्मआरती पास के लिए संपर्क किया। विकास ने 2500 रुपए प्रति व्यक्ति में पास बनवाने की बात कही और आधार कार्ड मांगा। उसने कहा कि परमिशन मिलने के बाद बाकी भुगतान लेंगे। बातचीत के दौरान एक अन्य नंबर से फोन कर रुपए देने की जानकारी भी ली गई। बाद में विकास ने पैसों की चर्चा किसी से नहीं करने की सलाह दी। अगले दिन दोपहर रिपोर्टर को कांग्रेस जिलाध्यक्ष के रेफरेंस पर पास मिला। उज्जैन नगर अध्यक्ष मुकेश भाटी बोले- देशभर से पार्टी के लोग संपर्क करते हैं। किसी ने पार्टी के लोगों के जरिये विश्वासघात किया तो नहीं पता। आराधना भवन ऑफिस और कोर्ट के रेफरेंस पर बने पास यदि कोई रुपए लेकर भस्मारती करवा रहा है तो यह बिल्कुल गलत है। ऐसे मामलों पर हम कार्रवाई करते आ रहे हैं, इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। -प्रथम कौशिक, प्रशासक, मंदिर समिति
मप्र में जल्द 6 पुराने श्रम कानून खत्म होने जा रहे हैं। सरकार इनकी जगह ‘सिंगल एक्ट’ लाने की तैयारी में है। अभी रेस्टोरेंट (रेलवे स्टेशन पर) को रात 1:30 बजे और थिएटर को रात एक बजे तक खोल सकते हैं। नए एक्ट में पाबंदी हटेगी और ये रातभर खुल सकेंगे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल की अध्यक्षता में मनीष रस्तोगी व श्रम सचिव रघुराज एमआर, विधि सचिव मुकेश कुमार व भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा की उच्च स्तरीय कमेटी बनी है। तीन बैठकें हो गई हैं। प्रारूप करीब तैयार है। अफसरों के मुताबिक, पहले के एक्ट प्रतिष्ठान को ध्यान रखकर बने थे। जैसे, व्यापारी दुकान रविवार को बंद रखेंगे। इसमें कर्मचारी को ध्यान में रखकर छुट्टी तय नहीं होती थी। अब दोनों को बराबर का दर्जा मिलेगा। कोई दुकान या प्रतिष्ठान 24 घंटे खुलती है तो कर्मचारी को तीन पहर में काम करने का मौका मिलेगा। नए रोजगार बनेंगे। श्रम सचिव के अनुसार, नए एक्ट से रोजगार बढ़ेंगे। जब अधिनियम तैयार होगा तो इसमें ईज ऑफ वैल्यू क्रिएशन दिखाई देगा। केंद्र की पहल के बाद मप्र में लाया जा रहा एक एक्ट... केंद्र सरकार ने नवंबर 2025 में 29 श्रम कानूनों को समाहित कर चार लेबर कोड लागू किए थे। इन्हीं के अनुरूप मध्य प्रदेश सरकार भी एक समग्र श्रम कानून (कोड/एक्ट) लाने की तैयारी में है। इसमें वेतन, सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक संबंध, कार्यस्थल सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े प्रावधान शामिल होंगे। इसके लागू होने पर केंद्र और राज्य के अलग-अलग श्रम कानून एक ही ढांचे में आ जाएंगे। ये एक्ट खत्म होंगे : मप्र इन्सॉल्वेंसी एक्ट-1946 दुकान वेरिफिकेशन के लिए नहीं आएगा इंस्पेक्टर उद्योगों या प्रतिष्ठान या दुकानों पर अनावश्यक बंदिश खत्म।सप्ताह में एक छुट्टी होगी, जिसे कर्मचारी खुद तय कर सकेंगे। काम के घंटे तय होंगे। यदि किसी को नई दुकान या व्यावसायिक प्रतिष्ठान खोलना है तो कोई सरकारी इंस्पेक्टर वेरिफिकेशन के लिए नहीं आएगा। व्यापारी सिर्फ एक आवेदन देकर अपनी दुकान या संस्थान खोल सकेगा।
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स… आधार अपडेशन- नया/ नि:शुल्क/ बायो मैट्रिक अपडेट- 100 रुपए, डेमोग्राफिक अपडेट- 50 रुपए, इन सेंटरों में आधार अपडेशन/ जेनरेशन की सुविधा। सेंटर्स की पूरी लिस्ट के लिए क्लिक करें। हेल्थ सर्विसेज : एम्स/जेपी, खुशीलाल ऑटो गैस/ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी स्टेशन पुलिस थाने और कॉन्टैक्ट नंबर इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर सीएनजी पंप स्टेशन
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दो बटुकों से यौन शोषण का केस दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने बुधवार को बड़ा दावा किया। उन्होंने फेसबुक पर एक वीडियो जारी कर कहा कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य के उत्तराधिकारी रामचंद्र दास ने दबाव बनाकर उनसे अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराया था। आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया कि उन्हें गुमराह कर इस मामले में शामिल किया गया। साजिश में कुछ अधिकारी भी शामिल थे। उनके पास इससे जुड़े सबूत और वॉट्सएप चैट मौजूद हैं। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करेंगे और बताएंगे कि उन्हें इस विवाद में क्यों और कैसे शामिल किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके गुरु जगद्गुरु रामभद्राचार्य को कोई नुकसान पहुंचता है, तो इसके लिए रामचंद्र दास जिम्मेदार होंगे। VIDEO में देखिए पूरा प्रकरण…
अपने बच्चे को अच्छे कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ाना चाहते हैं, लेकिन आसमान छूती फीस देखकर पैर पीछे खींच लेते हैं, तो अब चिंता छोड़ दीजिए। यूपी सरकार आपके इस सपने को सच करने जा रही है। प्रदेश में अब बेहद कम फीस पर कॉन्वेंट जैसी वर्ल्ड क्लास एजुकेशन देने के लिए 'CM कंपोजिट स्कूल' खोले जा रहे हैं। यहां हाईटेक स्मार्ट क्लासेस से लेकर साइंस, रोबोटिक्स लैब, डिजिटल लाइब्रेरी होगी। प्राइवेट स्कूलों को टक्कर देने वाले प्रोफेशनल टीचर्स होंगे। आपके बच्चे को बिल्कुल वैसा ही माहौल मिलेगा, जैसा कॉन्वेंट स्कूलों में मिलता है। सीएम कंपोजिट स्कूल सरकारी स्कूलों की छवि कैसे कैसे बदल देंगे, पढ़िए इस रिपोर्ट में… पहले फेज में बन रहे 39 सीएम कंपोजिट स्कूल अभी यूपी में प्राइमरी, अपर प्राइमरी, सेकेंडरी लेवल के अलग-अलग स्कूल होते हैं। लेकिन, कंपोजिट मॉडल स्कूल में प्री-प्राइमरी (नर्सरी) से 12वीं तक की क्लासेज होंगी। मतलब, एक ही कैंपस में प्राथमिक, जूनियर, हाईस्कूल और इंटर की पढ़ाई होगी। अभी प्रदेश के हर जिले में 2 सीएम कंपोजिट स्कूल खोलने का प्लान है। इसके बाद ब्लॉक और फिर न्याय पंचायत स्तर पर इसी तरह के स्कूल खोले जाएंगे। सरकार ने इसके लिए 4500 करोड़ रुपए का बजट जारी किया है। पहले चरण में सीतापुर, कानपुर देहात, हरदोई, रायबरेली, बदायूं, गोंडा, अयोध्या, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, बलिया, श्रावस्ती जैसे 39 जिलों में एक-एक स्कूल बनाने का काम चल रहा है। इन स्कूलों में मार्च- 2027 से एडमिशन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। रट्टामार की बजाय व्यवहारिक ज्ञान पर होगा जोर इन स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), 2020 के तहत इंग्लिश मीडियम में पढ़ाई होगी। हालांकि, स्कूल यूपी बोर्ड से ही संचालित होंगे। योजना है कि इन स्कूलों में रट्टामार पढ़ाई की बजाय व्यवहारिक ज्ञान पर जोर दिया जाए। इन स्कूलों में छात्रों को स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स की भी ट्रेनिंग दी जाएगी। स्कूल में क्लास 1 से 12 तक के स्टूडेंट्स के लिए अलग-अलग लेवल की लैब्स भी बनाई जाएंगी। प्राइमरी क्लासेज के लिए मॉड्यूलर मैथ और साइंस लैब होगी। क्लास- 9 से 12 तक के लिए फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी की अलग-अलग आधुनिक लैब स्थापित की जाएंगी। लैंग्वेज सेंटर: यहां छात्र अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत के अलावा अवधी, ब्रज, बुंदेलखंडी और भोजपुरी जैसी क्षेत्रीय भाषाएं भी सीख सकेंगे। ऑडियो-विजुअल तकनीक के जरिए उच्चारण, शब्दावली और कम्युनिकेशन स्किल को बेहतर बनाया जाएगा। AI और रोबोटिक्स ट्रेनिंग: स्कूलों में रोबोटिक लर्निंग सेंटर बनेंगे, जहां विद्यार्थी को रोबोटिक्स, AI और ऑटोमेशन से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके अलावा कोडिंग और स्किल डेवलपमेंट पर भी ध्यान दिया जाएगा। मिड-डे मील: प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा- 8 तक के करीब 1300 बच्चों के लिए मॉड्यूलर किचन होगा। यहां मिड-डे मील स्कीम के तहत भोजन मिलेगा। इससे लगे डाइनिंग हॉल में बच्चे भोजन कर सकेंगे। सेफ्टी और हेल्थ: कैंपस में ही CCTV कंट्रोल सेंटर स्थापित होगा, जिससे स्कूल में पढ़ने वाले करीब 1500 विद्यार्थियों की निगरानी की जा सकेगी। जबकि, मेडिकल रूम में 2 बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर, स्ट्रेचर और प्राथमिक उपचार की सुविधा होगी। बच्चों को इसकी भी ट्रेनिंग दी जाएगी। अब जानिए कैसे मिलेगा एडमिशन सीएम कंपोजिल स्कूल का शैक्षणिक सत्र हर साल 1 अप्रैल से शुरू होगा, लेकिन एडमिशन प्रॉसेस मार्च से शुरू हो जाएगा। इन स्कूलों में एडमिशन मुख्य रूप से लॉटरी या मेरिट के आधार पर होगा। ग्रामीण, आर्थिक रूप से कमजोर और स्थानीय बच्चों को प्राथमिकता मिलेगी। इसके लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय या स्कूल में संपर्क करना होगा। ऑनलाइन पोर्टल के जरिए भी प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। यूनिफॉर्म: DBT के जरिए यूनिफॉर्म, बैग, जूते आदि के लिए सीधे बैंक खाते में पैसा मिलेगा। पेरेंट्स बाजार से खरीद सकेंगे। फीस: केंद्रीय विद्यालयों की तरह फीस स्ट्रक्चर होगा या नाममात्र की फीस होगी। कितने अलग होंगे सीएम कंपोजिट स्कूल के टीचर इन स्कूलों में पढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग में पहले से पढ़ा रहे सबसे योग्य और अनुभवी शिक्षकों की स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके अलावा नई नियुक्तियों की जिम्मेदारी नवगठित यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग को सौंपी गई है। परिषदीय विद्यालयों के नियमों के अनुसार, प्राथमिक स्तर (1 से 5) के लिए डीएलएड (BTC)/ बीएलएड और उच्च प्राथमिक व माध्यमिक स्तर (6 से 12) के लिए B.Ed के साथ TET/ CTET पास होना जरूरी होगा। टीचर्स को डिजिटल टूल्स और स्मार्ट क्लास ऑपरेट करने का व्यावहारिक ज्ञान होना जरूरी है। इसके लिए उन्हें स्पेशल ट्रेनिंग भी दी जाएगी। केंद्र सरकार की ‘पीएम श्री’ योजना के तहत केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और अन्य सरकारी स्कूलों को अपग्रेड किया जा रहा है। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… यूपी विधानसभा चुनाव 3 महीने पहले हो सकते हैं, जनगणना-बोर्ड परीक्षाएं वजह; भाजपा या सपा, किसे मिलेगा फायदा यूपी में विधानसभा चुनाव तय समय से पहले हो सकते हैं। लखनऊ की ब्यूरोक्रेसी से जुड़े सोर्स राष्ट्रीय जनगणना को इसकी बड़ी वजह बता रहे हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि चुनाव दिसंबर महीने के अंत या जनवरी के शुरुआती हफ्तों में हो सकता है। यानी 3 महीने पहले चुनाव हो सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
एनसीसी की पर्वतारोहण टीम ने दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में फंसे ब्रिटिश नागरिक की जान बचाई
राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की माउंट देव टिब्बा पर्वतारोहण अभियान टीम ने हिमाचल प्रदेश के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र में साहस, तत्परता और मानवता का परिचय देते हुए एक घायल ब्रिटिश नागरिक की जान बचाई
यूपी विधानसभा चुनाव 2027 जल्द कराए जाने की सुगबुगाहट के बीच सपा ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सपा ने उम्मीदवारों की एक लिस्ट तैयार कर ली है। दूसरी पर काम चल रहा है। पहली लिस्ट मौजूदा विधायकों की है, जिनमें ज्यादातर के टिकट रिपीट किए हैं। दूसरी लिस्ट पर मंथन चल रहा है। इसमें सामान्य सीटों पर दलित उम्मीदवार उतारे जाने की चर्चा है। सुरक्षित सीटों को लेकर भी सपा इस बार ज्यादा अलर्ट है। सपा आखिर कैसी रणनीति बना रही है? इस रिपोर्ट में पढ़िए… अपनाया जाएगा लोकसभा चुनाव का फॉर्मूला सपा की निगाह PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वोटों पर है। इसमें भी दलित वोटबैंक पर खास फोकस है। 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा इसी वोटबैंक के बूते 5 से बढ़कर 37 सीटों पर पहुंंची थी। सपा को 2024 में मिले वोटों को अगर विधानसभा सीट वाइज देखें, तो 184 सीटों पर बढ़त हासिल की थी। लोकसभा चुनाव में सपा ने नया प्रयोग करते हुए 2 सामान्य सीटों पर अनुसूचित जाति (SC) के कैंडिडेट उतारे थे। इसमें फैजाबाद से अवधेश प्रसाद और मेरठ से सुनीता वर्मा को टिकट मिला था। नतीजा यह हुआ कि अयोध्या में राममंदिर बनने के बावजूद भाजपा फैजाबाद सीट हार गई। अवधेश प्रसाद ने 50 हजार से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की। इसी तरह मेरठ में भी काफी करीबी मुकाबला रहा। पर्दे के राम अरुण गोविल मात्र 10 हजार वोट से चुनाव जीत पाए थे। मेरठ की 5 विधानसभा सीटों में से 4 पर भाजपा पीछे रही थी। अगर सपा 2027 में भी इस वोटबैंक में वो सेंध लगाने में कामयाब रहती है, तो उसकी सत्ता में वापसी की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। बसपा के वोटबैंक पर सपा की निगाह वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र कुमार कहते हैं- 2024 के लोकसभा चुनाव में अयोध्या सीट पर मिली कामयाबी के फॉर्मूले को सपा विधानसभा चुनाव में भी आजमाएगी। पार्टी 40 से 50 सामान्य सीटों पर दलित उम्मीदवार उतार सकती है। इनमें ज्यादातर सीटें पश्चिमी यूपी की होंगी। यहां सपा, बसपा और चंद्रशेखर की आजाद समाज पार्टी के दलित वोटबैंक को अपने पक्ष में लेना चाहती है। यह वोटबैंक पहले बसपा का था, लेकिन 2012 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद से बंट गया। सुरक्षित सीटों पर जीत बनाती है सरकार यूपी में विधानसभा की 86 सुरक्षित सीटें हैं। इनमें SC के लिए 84 और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 2 सीटें रिजर्व हैं। लोकसभा चुनाव में प्रदेश में 17 सीटें SC के लिए सुरक्षित हैं। 2024 लोकसभा चुनाव में सपा ने इनमें से 7 सीटें जीती थीं। एक सीट कांग्रेस के खाते में गई थी। यूपी का इतिहास कुछ ऐसा रहा है कि जो भी आधी से ज्यादा सुरक्षित सीटें जीतता है, वही यूपी में सरकार बनाता है। एक दर्जन नेता परिवार के लिए मांग रहे टिकट पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि सपा अपने मौजूदा विधायकों के टिकट नहीं काटेगी। बशर्ते वो पार्टी में मौजूद हों और अपने विधानसभा क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखते हों। सपा के पास मौजूदा समय में 102 विधायक हैं। कई विधायक और नेता ऐसे हैं, जो अपने परिवार के लोगों को टिकट दिलाना चाहते हैं। इनमें पूरब से लेकर पश्चिमी यूपी तक के नेता शामिल हैं। चुनाव परिवार के लोग लड़ेंगे या मौजूदा विधायक, यह अभी तय नहीं हुआ है। ऐसी सीटों की संख्या करीब 12 बताई जा रही है। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें… अखिलेश सिफारिश नहीं, सर्वे से चुनेंगे जिताऊ कैंडिडेट, रिटायर्ड IAS को जिम्मेदारी; कांग्रेस को 70-75 सीटें दे सकते हैं यूपी में समाजवादी पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संभावित कैंडिडेट्स का सर्वे करवा रही है। टिकट के दावेदार जमीन पर कितने मजबूत हैं, इसको 2 तरह से जांचा जा रहा है। पहला- प्राइवेट एजेंसी से सर्वे करवाकर। दूसरा- लोकल लीडर के फीडबैक के आधार पर। सर्वे की मॉनिटरिंग खुद अखिलेश यादव कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़िए…
मैडम पाठक ने लगाया दरबार:DM-SP को चकमा दे गया गैंगस्टर पप्पू, SDM की खोपड़ी फोड़ने वालों से डरे अफसर
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नमस्कार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने अपनी नाकामी का कलंक हिंदुओं पर लगाया। उधर, होर्मुज के पास ऑयल टैंकर पर मिसाइल अटैक हुआ। इसमें 24 भारतीय मौजूद थे। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे राजस्थान में रेतीला तूफान आने की खबर भी बताएंगे... ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. ईरान का बहरीन, कुवैत, जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमला, अमेरिकी एयरस्ट्राइक के जवाब में कार्रवाई अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास 'सेत्तेबेल्लो' नाम के ऑयल टैंकर पर मिसाइल हमला किया, जिससे जहाज के इंजन रूम में आग लग गई। इस टैंकर पर 28 क्रू मेंबर थे, जिनमें 24 भारतीय शामिल थे। हादसे के बाद 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि 3 भारतीय अब भी लापता हैं। भारत सरकार ने घटना पर नाराजगी जताई और दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के प्रभारी को तलब किया। ईरान की अमेरिकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक: ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि ये हमले अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में किए गए। इससे पहले अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और निगरानी रडार ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा;- ईरान ने समझौते पर बातचीत नहीं की। अब उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। पूरी खबर पढ़ें... 2. PM मोदी ने नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा, कैबिनेट मीटिंग में तालियां बजाकर स्वागत PM मोदी सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। उन्होंने 4,399 दिनों का कार्यकाल पूरा कर जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा। भारत मंडपम में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में सभी ने तालियां बजाकर मोदी को बधाई दी। मोदी बोले- कांग्रेस ने विफलता का कलंक हिंदुओं पर लगाया: PM मोदी ने NDA की बैठक को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा, '12 साल में देश कांग्रेस के कूचक्र से आजाद हुआ। कांग्रेस ने देश को लाचार बना दिया था। देश को एहसास कराया था कि विकास धीरे-धीरे होता है और इसे हिंदू ग्रोथ रेट का नाम दिया था। विफलता कांग्रेस की थी लेकिन कलंक हिंदू आबादी पर लगाया गया।' PM मोदी के संबोधन की अहम बातें... पूरी खबर पढ़ें... 3. पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट में 29 लाख मतदाता बढ़े, 2 करोड़ नाम काटे गए यूपी में पंचायत चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची बुधवार को जारी कर दी गई। तमाम दावों, आपत्तियों के निस्तारण और गहन सत्यापन के बाद इस फाइनल लिस्ट को तैयार किया गया। हर वोटर को मिला यूनिक ID नंबर: राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार एक बड़ा बदलाव करते हुए हर पंचायत मतदाता को 9 अंकों का एक यूनिक पहचान नंबर जारी किया है। हालांकि, सूची जारी होते ही कई जिलों में वोटर्स को इसे डाउनलोड करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा। हालांकि, इसके पीछे तकनीकी दिक्कत बताई जा रही। पंचायत में 29 लाख वोटर बढ़े: राज्य निर्वाचन आयोग की जारी मतदाता सूची के मुताबिक, प्रदेश में अब पंचायत चुनाव के लिए 12 करोड़ 58 लाख 51 हजार 570 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेंगे। मतदाता सूची के पुनरीक्षण से पहले 12 करोड़ 29 लाख 50 हजार 52 मतदाता थे। इस तरह से मतदाताओं की संख्या में 29 लाख 1 हजार 518 की बढ़ोतरी हुई है। पूरी खबर पढ़ें… 4. शंकराचार्य पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाले आशुतोष पलटे, बोले- रामभद्राचार्य के शिष्यों के दबाव में फर्जी FIR करवाई शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण का केस दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी अपने आरोपों से पीछे हट गए हैं। उन्होंने वीडियो जारी कर दावा किया कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य के उत्तराधिकारी रामचंद्र दास के दबाव में उनसे फर्जी FIR करवाई गई। आशुतोष ने कहा कि इस साजिश में कुछ अधिकारी भी शामिल थे और उनके पास इसके सबूत व वॉट्सऐप चैट हैं, जिनका वे जल्द खुलासा करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके गुरु जगद्गुरु रामभद्राचार्य को कोई नुकसान पहुंचता है, तो इसके लिए उनके शिष्य रामचंद्र दास जिम्मेदार होंगे। पढ़िए पूरा मामला: आशुतोष ब्रह्मचारी ने जनवरी 2026 में आरोप लगाया था कि माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके सहयोगियों ने कुछ बटुकों का यौन शोषण किया। उन्होंने कोर्ट का रुख किया। कोर्ट के आदेश पर फरवरी में FIR दर्ज हुई, जिसमें शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद और अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था। पूरी खबर पढ़ें... 5. TMC के 19 बागी लोकसभा सांसदों में शत्रुघ्न सिन्हा-यूसुफ पठान, ममता की करीबी सायोनी भी ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में टूट जारी है। न्यूज एजेंसी IANS ने सूत्रों के हवाले से काकोली घोष के नेतृत्व वाले TMC बागी गुट के 19 लोकसभा सांसदों के नाम की लिस्ट जारी की है। इसमें ममता की करीबी मानी जाने वाली सायोनी घोष, यूसुफ पठान और शत्रुघ्न सिन्हा का नाम शामिल है। 8 जून को काकोली घोष ने दावा किया था कि उन्होंने 20 लोकसभा सांसदों के समर्थन वाला पत्र स्पीकर ओम बिरला को भेजा है। ममता से कितने सांसद-विधायक अलग हुए: राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने भी पार्टी छोड़ दी है। अब तक TMC के लोकसभा में 28 में से 20 और राज्यसभा में 13 में से 2 सांसद यानी कुल 22 सांसद टूट चुके हैं। वहीं 3 जून को बंगाल के 80 में से 58 TMC विधायक अलग गुट बना चुके हैं। पूरी खबर पढ़ें... 6. राजस्थान में रेतीला तूफान, यूपी में आंधी-बारिश का अलर्ट, कई जगह पेड़ उखड़े मानसून ने पूर्वोत्तर के सभी राज्यों को कवर कर लिया है। यह मिजोरम, मेघालय, सिक्किम और पश्चिम बंगाल पहुंचा। अब तक 16 राज्यों में मानसून की एंट्री हो चुकी है। बाकी राज्यों में प्री-मानसून असर देखने को मिला। राजस्थान के अलवर में रेतीला तूफान आया। यूपी के इटावा में तेज तूफान के साथ बारिश हुई। आंधी से 100 से ज्यादा पेड़ उखड़ गए। दिल्ली से जयपुर डायवर्ट हुईं 2 फ्लाइट्स: दिल्ली में खराब मौसम के चलते दिल्ली आ रही दो फ्लाइट्स को जयपुर डायवर्ट कर दिया गया। महाराष्ट्र के नवी मुंबई में भारी बारिश के बाद लैंडस्लाइड होने से 5 कारें मलबे में दब गईं। पवने MIDC इलाके में पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा ढहा था। पूरी खबर पढ़ें... 7. MP के राज्यसभा प्रत्याशियों की फाइनल लिस्ट में 3 नाम, राष्ट्रपति से मिलेंगे कांग्रेस विधायक मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज हो गया। उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट में बीजेपी के तरुण चुग, महेश केवट और रजनीश अग्रवाल का नाम है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत कर फैसले को गलत बताया। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि मीनाक्षी का नामांकन नियमों के खिलाफ खारिज हुआ है। कांग्रेस विधायक दिल्ली जाकर राष्ट्रपति से मिलेंगे। अब पूरा मामला जानिए: भाजपा ने आरोप लगाया था कि मीनाक्षी नटराजन ने हैदराबाद कोर्ट में लंबित एक मामले की जानकारी नामांकन पत्र में छिपाई। हालांकि, कांग्रेस का कहना है कि मीनाक्षी के खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है, उन्हें केवल कोर्ट का एक नोटिस मिला था। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... 44 सेकेंड में हाथों के बल 100 सीढ़ियां उतरा नेपाल के एथलीट हरी चंद्र गिरी ने हाथों के बल 100 सीढ़ियां उतरकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने यह कारनामा सिर्फ 44.71 सेकेंड में पूरा किया। उन्होंने इसके लिए 6 महीने तक कड़ी ट्रेनिंग की। वे रोज हैंडस्टैंड और हाथों के बल चलने की प्रैक्टिस करते थे। हरी 2014 से नेपाल सेना में हैं। उनके नाम पहले से हाथों के बल 50 और 75 सीढ़ियां उतरने समेत कई अनोखे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज हैं। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज मिथुन राशि वालों को अटका हुआ पैसा मिलने की संभावना है। कुंभ राशि वालों की कामकाज से जुड़ी योजनाएं आर्थिक रूप से लाभदायक रहेंगी। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
हरियाणा में नारनौल के जिला नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए लाए गए दो बंदियों के बीच बुधवार को आपसी विवाद हो गया। हालांकि पुलिस गार्ड और जेल प्रशासन की तत्परता से स्थिति को तुरंत नियंत्रित कर लिया गया तथा किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई। बाद में दोनों बंदियों को उपचार दिलाने के बाद वापस जिला जेल नसीबपुर भेज दिया गया। जिला जेल नसीबपुर में बंद बंदी प्रदीप कुमार निवासी गांव गहली, जो मुकदमा नंबर 79/2023 में बंद है, तथा निर्देश निवासी गांव हमीदपुर, जो मुकदमा नंबर 548/2024 में बंद है, की तबीयत खराब होने पर पुलिस गार्ड उन्हें उपचार के लिए सामान्य अस्पताल नारनौल लेकर आई थी। आपस में हो गई कहासुनी अस्पताल में चिकित्सकीय जांच और उपचार की प्रक्रिया के दौरान किसी बात को लेकर दोनों बंदियों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों के बीच झगड़ा हो गया। मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए दोनों को अलग किया और स्थिति को नियंत्रण में ले लिया। नहीं बढ़ा अधिक मामला घटना के बाद अस्पताल में मौजूद अन्य मरीजों और उनके परिजनों में कुछ समय के लिए हलचल रही, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के कारण मामला अधिक नहीं बढ़ सका। चिकित्सकों द्वारा दोनों बंदियों का आवश्यक उपचार किया गया तथा उन्हें दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। वापस किया गया बंद उपचार पूरा होने के बाद पुलिस गार्ड दोनों कैदियों को सुरक्षा के बीच वापस जिला जेल नसीबपुर लेकर गई, जहां उन्हें पुनः बंद कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है और किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था संबंधी समस्या नहीं है। मामले पर जेल प्रशासन और पुलिस की नजर बनी हुई है।
छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में सराफा व्यापारी प्रदीप सोनी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपियों ने सोने-चांदी के जेवर लूट लिए थे। इस वारदात में शामिल मुख्य शूटर मनीष मंडल सहित 3 और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें बिहार का मनीष मंडल उर्फ राहुल और सुजीत उर्फ राजू दास शामिल है। इसके अलावा झारखंड के संतोष दास को भी अरेस्ट किया गया है। इससे पहले मास्टरमाइंड समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि कोटमीकला के साप्ताहिक हाट बाजार में बदमाशों ने सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी का सोना-चांदी से भरा बैग लूटने की कोशिश की थी। लेकिन प्रदीप सोनी ने विरोध किया। इसी दौरान मुख्य शूटर मनीष मंडल उर्फ राहुल ने कट्टा निकालकर उन पर गोली चला दी। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल किए गए देसी कट्टे, चार जिंदा कारतूस, लूटा गया 40 ग्राम सोना, करीब साढ़े चार किलो चांदी, 7 मोबाइल फोन, दो बाइक और घटना में इस्तेमाल की गई एक स्विफ्ट कार बरामद की है। पहले देखिए ये तस्वीरें- मास्टरमाइंड सहित 3 आरोपी पकड़े गए थे पुलिस के मुताबिक, इस वारदात का मास्टरमाइंड बिलासपुर जिले के बिटकुला गांव का रहने वाला खुशीराम साहू है। उसने बाजार में सोना-चांदी व्यापारियों की रेकी कर पूरी साजिश रची थी। इस काम में उसके भतीजे राजाराम साहू और दामाद श्रेयांस शुक्ला ने भी मदद की। खुशीराम ने बिहार और झारखंड में अपने परिचित राहुल के जरिए शूटर बुलाए थे। राहुल अपने साथी सुजीत उर्फ राजू दास और संतोष दास के साथ बिहार से आया और सभी ने मिलकर लूट और हत्या की वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपी देवरीखुर्द स्थित गया प्रसाद रजक के घर पहुंचे, जहां लूटे गए सोने-चांदी के आभूषणों का बंटवारा किया गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर खुशीराम साहू, राजाराम साहू और गया प्रसाद रजक को गिरफ्तार कर लिया। जानिए क्या है पूरा मामला जानकारी के अनुसार, मंगलवार (26 मई) शाम करीब 7 बजे 3 आरोपी एक पल्सर पर सवार होकर आए थे। बदमाशों ने सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी को बेहद करीब से गोली मारी थी। दाहिने तरफ सीने में गोली लगी थी। सूचना मिलते ही कोटमी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल प्रदीप सोनी को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटना स्थल को सील कर दिया था। मौके से खून के धब्बे और खाली कारतूस बरामद किए गए थे। बिलासपुर का खुशीराम निकला मास्टरमाइंड पुलिस जांच में सामने आया है कि बिलासपुर जिले के बिटकुला निवासी खुशीराम सही पूरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड था। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर कोटमी बाजार स्थित ज्वेलरी कारोबारी की पहले रेकी की और फिर लूट की योजना बनाई। बिहार- झारखंड से बुलाए गए थे शूटर जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि खुशीराम ने वारदात को अंजाम देने के लिए बिहार से तीन शूटर मनीष मंडल उर्फ राहुल, सुजीत उर्फ राजू दास और संतोष दास बुलाए थे। इन्हीं शूटरों ने सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी की गोली मारकर हत्या की और लूट की घटना को अंजाम दिया। घटना के बाद सभी आरोपी अलग-अलग दिशाओं में फरार हो गए थे। भागते समय राहुल उर्फ मनीष मंडल और संतोष कुमार दास रास्ता भटक गए, जिसके चलते दोनों ने बोदरापारा तिलोरा की पहाड़ी (टेकरी) पर रात बिताई। वहीं, आरोपी राजू उर्फ सरगुन उर्फ सुजीत, खुशीराम साहू और गया राम रजक के साथ मोटरसाइकिल पर बैठकर गया राम रजक के घर पहुंच गया, जहां उन्होंने रात गुजारी। रात बीतने के बाद 27 मई 2026 की सुबह राहुल उर्फ मनीष मंडल ने फोन करके खुशीराम साहू से संपर्क किया। बातचीत होने के बाद खुशीराम साहू, राजू और गया राम रजक तीनों बोदरापारा तिलोरा की टेकरी पहुंचे, जहां राहुल और संतोष रात से छिपे हुए थे। इसके बाद वे दोनों को अपने साथ लेकर वहां से निकल गए। सोना-चांदी को निकाला, डिब्बे को जलाया बोदरापारा तिलोरा की टेकरी में आरोपियों ने लूटे गए सोना-चांदी को अलग निकाल लिया था। इसके बाद उन्होंने सामान रखने वाले डिब्बे, झिल्ली और अन्य पैकिंग सामग्री को जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की। वहीं, बाकी कुछ सामान को अलग-अलग जगहों पर छिपा दिया था, ताकि पुलिस को उनकी भनक न लगे। लूट के सामान का किया गया बंटवारा पुलिस जांच में पता चला कि आरोपियों ने देवरीखुर्द में गया प्रसाद रजक के घर बैठकर लूटे गए सोने-चांदी के आभूषणों का आपस में बंटवारा किया था। हिस्सा बांटने के बाद 27 मई को सभी आरोपी अपने-अपने हिस्से का सामान लेकर दो मोटरसाइकिलों से बस्तीबगरा की ओर निकल गए। वहीं, राहुल उर्फ मनीष मंडल, राजू और संतोष बस और ट्रेन के जरिए वापस झारखंड भाग गए। दूसरी ओर, मास्टरमाइंड खुशीराम साहू ने अपने दामाद श्रेयांश शुक्ला को बस्तीबगरा बुलाया और उसे भी लूट का कुछ हिस्सा देकर रवाना कर दिया। इसके बाद वह खुद मोटरसाइकिल से बिटकुला (सीपत) चला गया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि खुशीराम साहू और गया प्रसाद रजक ने वारदात में इस्तेमाल देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस और लूट के कुछ आभूषण टेकरी में छिपाकर रखे थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर इन्हें बरामद कर लिया। इसके अलावा, राजाराम साहू और खुशीराम साहू की निशानदेही पर लूटे गए आभूषणों का कुछ हिस्सा बिटकुला गांव के पास रेलवे ट्रैक किनारे एक नाले से भी बरामद किया गया। पुलिस ने मुख्य शूटर राहुल को बिहार के बांका जिले से, राजू को बिहार के रजौन क्षेत्र से और संतोष दास को झारखंड के गोड्डा जिले से गिरफ्तार किया। राहुल के पास से लूट के कुछ आभूषण, संतोष के पास से एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस, जबकि राजू के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया कीपैड मोबाइल बरामद किया गया है। पुलिस ने इस मामले में शामिल सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। …………………….. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… पेंड्रा सर्राफा व्यापारी हत्याकांड, मास्टरमाइंड समेत 3 गिरफ्तार:गोली मारने वाले बिहार-झारखंड के 3 शूटर फरार, कट्टा-कारतूस और लूटे गए जेवरात बरामद छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मास्टरमाइंड सहित 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस वारदात का मास्टरमाइंड बिलासपुर जिले के बिटकुला गांव का रहने वाला खुशीराम साहू है। उसने बाजार में सोना-चांदी व्यापारियों की रेकी कर पूरी साजिश रची थी। पढ़ें पूरी खबर…
मध्य प्रदेश में प्री-मानसून जमकर बरस रहा है। टर्फ और साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) के असर से आंधी की रफ्तार भी 60Km प्रतिघंटा से ज्यादा है। बुधवार को 20 से ज्यादा जिलों में मौसम बदला रहा, जबकि गुरुवार को ग्वालियर-जबलपुर समेत 34 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है। प्रदेश में 1 जून से हर रोज बारिश हो रही है। IMD (मौसम केंद्र) की माने तो आंधी-बारिश का यह दौर लगातार जारी रहेगा। अगले सप्ताह मानसून के एक्टिव होने तक प्री-मानसून की सक्रियता बनी रहेगी। बुधवार को छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी, कटनी, सतना, मैहर, पन्ना, उमरिया, बैतूल, मंडला, अनूपपुर, शहडोल, जबलपुर, छतरपुर, दमोह, उज्जैन, रतलाम, नरसिंहपुर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिलों में कहीं आंधी चली तो बारिश हुई। खजुराहो में पारा 45 डिग्री, लगातार दूसरे दिन सबसे गर्मआंधी-बारिश के दौर के बीच प्रदेश में तेज गर्मी भी पड़ रही है। बुधवार को खजुराहो लगातार दूसरे दिन भी सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों में ग्वालियर में 43.1 डिग्री, जबलपुर में 40.5 डिग्री, भोपाल में 40.4 डिग्री, उज्जैन में 39.5 डिग्री और इंदौर में 38.9 डिग्री रहा। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को नौगांव में तापमान 44.6 डिग्री, दतिया में 43.6 डिग्री, सतना में 42.9 डिग्री, दमोह में 42.5 डिग्री, रीवा में 42.4 डिग्री, राजगढ़ में 42 डिग्री, उमरिया-टीकमगढ़ में 41.8 डिग्री, गुना में 41.7 डिग्री, सागर-रायसेन में 41.6 डिग्री, खंडवा में 41.1 डिग्री, मलाजखंड, खरगोन-शाजापुर में 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आज इन जिलों में अलर्टमौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में आंधी-बारिश होने का अनुमान है। यहां पर आंधी की रफ्तार 40 से 60 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है। वहीं, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भोपाल, विदिशा, सीहोर और राजगढ़ में गर्मी का असर देखने को मिल सकता है। कल ओले गिरने का अलर्टमौसम विभाग ने गुरुवार को मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में ओले गिरने का अलर्ट जारी किया है। यहां तेज रफ्तार से आंधी भी चल सकती है। 13 जून को ग्वालियर, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर और दमोह में तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट है। इसलिए ऐसा मौसममौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश में प्री-मानसून की एक्टिविटी है। वहीं, पूर्वी हिस्से में एक ट्रफ गुजर रही है। ऊपरी हिस्से में साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) और एक अन्य ट्रफ भी सक्रिय है। इस वजह से मौसम बदला हुआ है। पिछले 10 साल में मानसून की एंट्री और विदाई… भोपाल में हर साल नौतपा में बारिशभोपाल में 14 साल में 7 बार नौतपा के दौरान बारिश दर्ज हुई, जबकि 2 बार बूंदाबांदी हुई। इस बार शुरुआत में ही बूंदाबांदी हो गई। 2018 और 2019 में सबसे ज्यादा तपिश रही, जब औसत तापमान 43 से ऊपर पहुंचा था। यहां भी लगातार 9 दिन तक मौसम बदला रहा। हालांकि, इसके बाद भी बारिश और आंधी का दौर जारी है। मैप से समझें, 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम जून में MP के 5 बड़े शहरों में ऐसा ट्रेंड भोपाल में 15 जून तक तेज गर्मीराजधानी में जून महीने में तेज गर्मी और बारिश दोनों का ही ट्रेंड है। पिछले 10 साल में 15 जून से पहले तेज गर्मी का असर दिखा है। 3 साल तो तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। वहीं, रात का टेम्प्रेचर 17.4 डिग्री तक आ गया। साल 2020 में सबसे ज्यादा 16 इंच बारिश हुई थी। वहीं, पिछले साल 2024 में पूरे महीने 10.9 इंच पानी गिरा था। 10 साल में दूसरी बार इतनी बारिश हुई थी। 24 घंटे में करीब 5 इंच पानी बरसा था। इंदौर में पिछले साल हुई थी 4 इंच बारिशजून में इंदौर में दिन के टेम्प्रेचर में खासी गिरावट होती है। पिछले 7 साल यानी- 2020, 2021, 2022, 2023, 2024 और 2025 में जून में कम गर्मी पड़ी। पारा 39.6 से 41.6 डिग्री के बीच रहा है। पिछले साल तापमान 41.6 डिग्री तक पहुंचा था। इस महीने कोटे की 20 प्रतिशत तक बारिश हो जाती है। पिछले साल साढ़े 5 इंच पानी गिरा था। बारिश के ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें तो साल 1980 में यहां जून महीने में 17 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक 5 इंच बारिश का रिकॉर्ड 23 जून 2003 को बना था। 3 जून 1991 में इंदौर में दिन का पारा 45.8 डिग्री तक पहुंच चुका है। वहीं, 12 जून 1958 को न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। ग्वालियर में 47 डिग्री पार हो चुका टेम्परेचरग्वालियर में मई के बाद जून में भी तेज गर्मी रहती है। 10 साल के आंकड़ों की बात करें तो साल 2019 में अधिकतम तापमान 47.8 डिग्री तक पहुंच चुका है। वहीं, 2024 में पारा 45.7 डिग्री और 2025 में 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस महीने अमूमन तापमान 45 से 46 डिग्री ही रहता है। मौसम विभाग के अनुसार, 11 जून 2019 को पारा 47.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। वहीं, 1952 में पूरे महीने साढ़े 28 इंच बारिश हो गई थी। एक दिन में सर्वाधिक साढ़े 7 इंच बारिश का रिकॉर्ड 27 जून 1952 को बना था। साल 2025 में यहां पूरे महीने 10 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। जबलपुर में 10 साल अच्छी बारिशमानसून की एंट्री के साथ ही जबलपुर में अच्छी बारिश होती है। यहीं से मानसून की एंट्री होती है, इसलिए अन्य जिलों की तुलना में जबलपुर में अच्छा पानी गिरता है। साल 2016 से 2025 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो कोटे की 30% तक बारिश जून में ही हुई। पिछले साल साढ़े 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। इस बार भी जबलपुर संभाग के दक्षिण हिस्से से ही मानसून एंटर हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, जबलपुर में 1998 में एक महीने में करीब 30 इंच बारिश दर्ज की गई थी। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 16 जून 1882 को 24 घंटे में साढ़े 7 इंच बारिश हुई थी। उज्जैन में भी अच्छी बारिश का ट्रेंडजून महीने में उज्जैन में भी अच्छी बारिश होने का ट्रेंड है। 2016 से 2025 के बीच उज्जैन में 2.5 से 8 इंच तक बारिश हो चुकी है। उज्जैन में बारिश के ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें तो साल 1970 में पूरे महीने साढ़े 13 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 15 जून 2001 को बना था। इस दिन करीब साढ़े 6 इंच बारिश हुई थी। साल 2025 में पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी।
मानसून ने केरलम में दस्तक देने के 7 दिन में पूर्वोत्तर के सभी राज्यों समेत 16 राज्यों में मानसून की एंट्री हो चुकी है। वहीं, गुजरात को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में प्री-मानसून का असर है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, दिल्ली, पश्चिम बंगाल में बारिश हुई। यूपी के चित्रकूट में 4.5 करोड़ रुपए के ऑडिटोरियम की छत उड़ गई। इटावा, सीतापुर और फिरोजाबाद में हादसों में 3 लोगों की मौत हुई। तेज हवाओं से पेड़, टीनशेड और गेट गिरने से कई जगह नुकसान हुआ। वहीं पंजाब के मानसा में तेज आंधी में लोहे का गेट गिरने से 9 साल के बच्चे की मौत हो गई। राजस्थान के कई इलाकों में आंधी चली और मध्यम बारिश हुई। दिल्ली में खराब मौसम के चलते दिल्ली से 2 फ्लाइट भी जयपुर डायवर्ट हुईं। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में धारीवारी नाले के पास थाथरी-किलोथ्रान हाईवे पर भारी लैंडस्लाइड हुआ, जिससे ट्रैफिक जाम हो गया। अधिकारी मलबा हटाने और कनेक्टिविटी ठीक करने के लिए काम कर रहे हैं। 22 राज्यों में तेज बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने आज 22 राज्यों में आज तेज बारिश का अलर्ट है। इनमें राजस्थान, एमपी, यूपी, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और गोवा शामिल हैं। वहीं गुजरात को छोड़कर अन्य सभी राज्यों में बारिश का यलो अलर्ट है। 8 राज्यों में पारा 40C से ज्यादा रहा बारिश के बावजूद यूपी, दिल्ली, राजस्थान, एमपी, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब और हरियाणा के कई शहरों में पारा 40C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा पंजाब के भटिंडा में दर्ज किया गया। यहां पारा 46.2C रहा। वहीं राजस्थान के श्रीगंगानगर में पारा 45.9C, यूपी के बांदा में 45.4C, महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी में 45.5C और एमपी के खजुराहो में 45C दर्ज किया गया। राज्यों से मौसम की तस्वीरें… अगले दो दिन के मौसम का हाल 12 जून: 13 जून:
राज्य प्रशासनिक सेवा के 13 और राज्य पुलिस सेवा के 9 अधिकारी इस साल आईएएस और आईपीएस कैडर पाएंगे। इन अफसरों की सीआर और परफार्मेंस के आधार पर संघ लोक सेवा आयोग तथा एमपी के सीएस-डीजीपी की कमेटी वाली टीम इन पदों के लिए चयनित करेगी। इसके लिए जल्दी ही तारीख तय होगी और डीपीसी में नाम फाइनल किए जाएंगे। आईएएस के लिए 39 और आईपीएस अवार्ड के लिए 27 नामों पर विचार किया जाएगा। वर्ष 2025 में रिटायर हुए प्रमोटी आईएएस और आईपीएस के रिक्त स्थानों पर पदोन्नति से इसी कैटेगरी के अधिकारियों की भर्ती की जाएगी। इसके लिए प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य प्रशासनिक सेवा से आईएएस और गृह विभाग ने आईपीएस अवार्ड के लिए भेजे जाने वाले नामों का चयन कर लिया है। इन अधिकारियों की डीपीसी के पहले उनकी सीआर और अन्य जानकारी भरने के लिए फार्मेट उन्हें उपलब्ध कराए गए हैं। इसकी जानकारी आने के बाद राज्य प्रशासनिक सेवा के 13 अफसरों को आईएएस पद पर प्रमोट करने के लिए 39 नामों की सूची भेजी जाएगी। साथ ही यूपीएससी को डीपीसी की तारीख भी प्रस्तावित की जाएगी जिसके बाद बैठक की तिथि तय होते ही अच्छी सीआर वाले नामों को हरी झंडी मिलेगी। आईएएस के लिए 2007 और 2008 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों के नामों पर विचार होगा। इसी तरह की प्रक्रिया आईपीएस अवार्ड के लिए भी होती है। 2007 और 2008 बैच के इन राप्रसे अफसरों के नाम पर होगी चर्चा आईएएस में चयन के लिए होने वाली डीपीसी में राज्य प्रशासनिक सेवा के 2007 और 2008 बैच के 39 नाम चुने गए हैं। इसमें 1999 बैच के जयेंद्र विजयवत, मनोज मालवीय आयु सीमा के चलते फिटनेस से बाहर हो चुके हैं। इसके अलावा 2002 बैच के कमल नागर का मामला कोर्ट में है। इसलिए उनका भी केस पिछली बार की तरह टल सकता है। 2007 बैच के मिनिषा पांडे, इला तिवारी, नीता राठौर, शैलेंद्र सिंह सोलंकी, रानी पासी, रंजना देवड़ा, माधवी नागेंद्र, वर्षा सोलंकी, प्रियंका गोयल, अभिषेक दुबे, नरोत्तम प्रसाद भार्गव, निधि सिंह राजपूत, निमिषा जायसवाल, संदीप सोनी समेत 39 नामों पर डीपीसी की बैठक में पदोन्नति के लिए विचार किया जाएगा। पदक्रम सूची में इला तिवारी के बाद शामिल 2007 बैच की सपना एम लोवंशी जांच के चलते डीपीसी से बाहर हो सकती हैं। 1997 और 1998 बैच के एसपीएस बनेंगे आईपीएस आईपीएस अवार्ड के लिए गृह विभाग की प्रक्रिया सामान्य प्रशासन विभाग से आगे चल रही है। नौ अफसरों को प्रमोट करने डीपीसी की तारीख तय करने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। राज्य पुलिस सेवा के अफसरों की डीपीसी में इस बार 1997 और 1998 बैच के अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाएगा। आईपीएस के लिए इनके नाम पर होगा विचार राज्य पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा के लिए जिन अफसरों के नाम पर विचार किया जाएगा उनमें 1997 बैच के सीताराम, अमृत मीणा, वर्ष 1998 बैच के निमिषा पांडेय, राजेश मिश्रा, मलय जैन, अमित सक्सेना, मनीषा सोनी, सुमन गुर्जर, संदीप मिश्रा, सब्यसाची सर्राफ, समर वर्मा, सत्येन्द्र सिंह तोमर समेत कुल 27 नाम हैं। इसमें से अमृत मीणा की जाति प्रमाण पत्र और राजेश मिश्रा की विभागीय जांच के चलते डीपीसी अटक सकती है और इनका लिफाफा बंद हो सकता है।
इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने बुधवार सुबह महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक (जॉइंट डायरेक्टर) लक्ष्मी नारायण कंडवाल के ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में छापामार कार्रवाई की। जांच में कंडवाल के पास करीब 10 करोड़ रुपए की संपत्ति मिलने की जानकारी सामने आई है, जबकि 30 साल की नौकरी में उनकी वैध आय करीब ढाई करोड़ रुपए आंकी गई है। ये उनकी कमाई से 300 गुना अधिक है। कार्रवाई के दौरान कंडवाल ने अपनी आय के स्रोत के रूप में पत्नी की सिलाई-बुनाई, बेटों के डिपार्टमेंटल स्टोर और जिम से मिलने वाले किराए की जानकारी दी। वहीं लोकायुक्त टीम ने तड़के 3 बजे से ही कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी थी और सुबह 6 बजे एक साथ तीन ठिकानों पर छापा मारा गया। सुबह 3 बजे से शुरू हुई कार्रवाई की तैयारी सूत्रों के मुताबिक लोकायुक्त को कंडवाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिली थी। सत्यापन के बाद मंगलवार रात से ही कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई। बुधवार तड़के 3 बजे से टीम को अलर्ट मोड पर रखा गया। सुबह करीब 5 बजे लोकायुक्त कार्यालय से अधिकारी रवाना हुए और सुबह 6 बजे चोइथराम मंडी स्थित स्कीम नंबर-103 में कंडवाल के ठिकाने पर छापा मारा गया। इसके बाद विशेष न्यायालय से तलाशी वारंट लेकर अलग-अलग टीमों ने तीन स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की। पत्नी की सिलाई-बुनाई और बेटों के स्टोर को बताया आय का स्रोत पूछताछ के दौरान कंडवाल ने अपनी आय के स्रोत के रूप में वेतन के अलावा दोनों बेटों द्वारा संचालित डिपार्टमेंटल स्टोर की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्टोर का मासिक टर्नओवर करीब एक लाख रुपए है। इसके अलावा पत्नी द्वारा सिलाई-बुनाई से आय अर्जित करने की बात कही। कंडवाल ने यह भी बताया कि उनकी बिल्डिंग में संचालित दो मंजिला जिम से करीब सवा लाख रुपए प्रतिमाह किराया मिलता है। बैंक लॉकर में मिला 25 लाख से अधिक का सोना, खाते किए सीज लोकायुक्त निरीक्षक आशुतोष मिठास ने बताया कि बैंक ऑफ इंडिया की सांठा बाजार, सराफा शाखा में कंडवाल के नाम से एक लॉकर मिला है। लॉकर की तलाशी में 25 लाख रुपए से अधिक मूल्य का सोना मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा एसबीआई और इंडियन ओवरसीज बैंक के खातों को भी जांच के लिए सीज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि लॉकर और बैंक खातों की जांच पूरी होने के बाद संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है। चार मंजिला भवन में स्टोर, जिम और निवास लोकायुक्त जांच में सामने आया है कि चोइथराम मंडी क्षेत्र में कंडवाल का एक व्यवसायिक भवन है। भवन के बेसमेंट और पहले फ्लोर पर डिपार्टमेंटल स्टोर संचालित होता है, जबकि दूसरे और तीसरे फ्लोर पर जिम किराए से संचालित की जा रही है। सबसे ऊपरी मंजिल पर कंडवाल अपने परिवार के साथ रहते हैं। यह भवन वर्ष 2022 में बनकर तैयार हुआ था। इसके अलावा स्कीम नंबर-140 में दो प्लॉट और कई ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि भी उनके नाम पर पाई गई है। शहर में दो प्लॉट और व्यवसायिक संपत्ति मिली जांच में इंदौर स्थित एक व्यवसायिक भूखंड और भवन के अलावा स्कीम नंबर-140 में दो प्लॉट की जानकारी सामने आई है। जिनकी कीमत करीब 60 लाख से अधिक है। बताया जा रहा है कि ये प्लॉट आईडीए द्वारा आवंटित किए गए थे। इसके अलावा महू क्षेत्र के आसपास तारपुर, बेकला और सोनवा सहित ग्रामीण इलाकों में कृषि भूमि होने की जानकारी भी मिली है। 30 साल की नौकरी में आठ जिलों में रहे पदस्थ लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार लक्ष्मी नारायण कंडवाल अपने 30 वर्ष के सेवाकाल में झाबुआ, रतलाम, नीमच, रीवा, शहडोल, उज्जैन, देवास और इंदौर में पदस्थ रहे हैं। जांच में उनकी कुल वैध आय करीब ढाई करोड़ रुपए आंकी गई है। ये खबर भी पढ़ें… जॉइंट डायरेक्टर के पास आलीशान जिम, सुपर मार्केट इंदौर में लोकायुक्त टीम ने बुधवार सुबह महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक (जॉइंट डायरेक्टर) लक्ष्मी नारायण कंडवाल के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। शुरुआती जांच में अधिकारी की वैध आय की तुलना में 241 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिलने के प्रमाण सामने आए हैं।पूरी खबर पढ़ें
मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां अपने चरम पर पहुंच गई हैं। कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन फॉर्म खारिज होने के मामले में पार्टी को भारत निर्वाचन आयोग (ECI) से भी अभी तक न राहत मिली है न ही कोई जवाब मिला है। कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात कर रिटर्निंग ऑफिसर (RO) के फैसले को पलटने की मांग की थी, जिस पर आयोग ने अभी तक कोई फैसला नहीं किया। अब कांग्रेस इस मामले को लेकर देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रही है। उधर, आज राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम वापसी का अंतिम दिन है। यदि सुप्रीम कोर्ट से तुरंत कोई हस्तक्षेप या फैसला नहीं आता है, तो मध्य प्रदेश की तीनों सीटों पर मुकाबला समाप्त हो जाएगा और भाजपा के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए जाएंगे। क्या है मीनाक्षी नटराजन का मामला कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन (जो कि राहुल गांधी की कोर टीम की अहम सदस्य मानी जाती हैं) का नामांकन पत्र मंगलवार को स्क्रूटनी के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा द्वारा खारिज कर दिया गया था। भाजपा की आपत्ति और आरोप भाजपा उम्मीदवार महेश केवट और पार्टी नेताओं ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई थी। भाजपा का आरोप था कि मीनाक्षी ने अपने चुनावी हलफनामे (फॉर्म 26) में तेलंगाना की एक अदालत में लंबित एक कानूनी मामले/शिकायत की जानकारी छिपाई है। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार, हलफनामे में सभी आपराधिक या लंबित मामलों की जानकारी देना अनिवार्य है, लेकिन नटराजन का शपथ पत्र अपूर्ण पाया गया। कांग्रेस की दलील: यह केस नहीं, सिर्फ एक नोटिस है कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता और नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने चुनाव आयोग के सामने पक्ष रखते हुए कहा कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज ही नहीं है। प्राइवेट कंप्लेंट का मामला: सिंघवी के मुताबिक, तेलंगाना में एक निजी शिकायत (Private Complaint) के आधार पर अदालत ने केवल एक कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा था कि 'संज्ञान क्यों न लिया जाए?' तकनीकी पहलू: कांग्रेस का कहना है कि जब तक अदालत किसी मामले में संज्ञान लेकर आरोप (Charges) तय नहीं करती, तब तक उसे लंबित आपराधिक मामला नहीं माना जा सकता। इसलिए इसे हलफनामे में लिखना अनिवार्य नहीं था। कांग्रेस ने रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को गैर-कानूनी और सीटों की चोरी करार दिया है। भाजपा के तीनों उम्मीदवारों का निर्विरोध जीतना तय! यदि अदालत से तत्काल कोई राहत नहीं मिलती है, तो आज शाम इन तीनों नेताओं को निर्विरोध राज्यसभा सांसद निर्वाचित घोषित कर दिया जाएगा। दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय में बुलाई गई बड़ी बैठक इस बड़े राजनीतिक झटके और मौजूदा सियासी परिस्थितियों पर चर्चा करने के लिए दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय में आज एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा बुलाई गई इस बैठक में सभी राज्यों के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों (PCC Chiefs) और प्रदेश प्रभारियों को आमंत्रित किया गया है। इस बैठक में मुख्य रूप से दो मुद्दों पर रणनीति बनेगी: ये खबर भी पढ़ें… मीनाक्षी का नामांकन रद्द करने का फैसला टिक पाएगा? मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र (पर्चा) खारिज कर दिया गया है। इस फैसले के बाद जहां कांग्रेस ने इसे 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया है, वहीं बीजेपी इसे पूरी तरह न्यायसंगत बता रही है। बता दें, राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव होना है। दो सीटें बीजेपी के खाते में जाना तय है। पूरी खबर पढ़ें
इंदौर में शनिवार-रविवार की दरमीयान हुए संघ और बीजेपी के कार्यकर्ताओं के बीच हुआ विवाद बड़ा ही रोचक है। कुत्तों को खाना खिलाने के नाम पर शुरू हुआ विवाद इंदौर विधानसभा क्षेत्र-4 में भाजपा और संघ से जुड़े पदाधिकारियों के बीच बड़े टकराव में बदल गया। पहले भाजपा के दो गुटों में मारपीट हुई, फिर समझाइश देने पहुंचे संघ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से भी हाथापाई कर दी गई। इसके बाद मामला थाने से सड़कों तक पहुंच गया और दिनभर तोड़फोड़, पथराव तथा शक्ति प्रदर्शन का दौर चलता रहा। घटनाक्रम के बाद पुलिस ने भाजपा नेता वीरेंद्र शेडगे के खिलाफ प्राणघातक हमले का प्रकरण दर्ज किया है, भाजपा ने उन्हें विधानसभा क्षेत्र-4 के प्रभारी पद से हटा दिया है। अब पहले जानिए कैसे शुरू हुआ संघ-बीजेपी विवाद… शनिवार को उषा नगर में रोजाना की तरह मितेश कुत्तों को खाना खिलाने के लिए घर से निकले थे। रात में मितेश ने शेडगे के घर के बाहर कुत्तों को पेडिग्री खिलाई, इसी दौरान शेडगे और उसके साथी घर से बाहर निकले और मितेश से बात करने लगे की यहां पर कुत्तों को खाना क्यों खिला रहे हो, यहां पर गंदगी होगी। शेडगे की इस बात पर मितेश ने कहा कि मैं बर्तन साथ में लाया हुं, बर्तनों में खाना खिलाकर सफाई करके जाऊंग।मितेश की यह बात सुनते ही शेडगे और उसके साथियों ने मितेश को गाली बकने के साथ ही मारना शुरू कर दिया। मितेश ने इस दौरान उसके पिता को बुला लिया शेडगे और उसके साथियों ने पिता के साथ भी मारपीट की, तभी वहां से सुयश अपनी पत्नी के साथ जा रहे थे उन्होंने विवाद देखा तो कहा की क्यों विवाद कर रहे हो, इसी दौरान शेडगे ने सुयश और उसकी पत्नी के साथ भी हाथापाई शुरू कर दी। सुयश और उसकी पत्नी के साथ हाथापाई होने पर सुयश ने चेतन पाटील को घटनास्थल पर बुलाया। चेतन पाटील शारिरिक विभाग से जुढ़े हुए है इसके साथ ही युवा विद्यार्थी का काम देखते हैं। चेतन जब पहुंचा तो उसने भी शेडगे और उसके साथियों से कहा कि हमें पहचानते नहीं हो क्या हम भी संघ से है। सूत्रों ने बताया कि शेडगे ने यह सुनते ही चेतन पाटील को बूरी तरह से पीटना शुरू कर दिया। ऐसे स्वंयसेवक को हुई विवाद में एंट्री चेतन को जब बूरी तरह पीटा गया तो चेतन और उसक साथियों ने व्हाट्स ऐप पर मैसेज चलाया कि संघ पर हमला हुआ। सूत्रों ने बताया कि इसी दौरान आलाकमान तक खबर पहुंचाई गई की 4 नंबर क्षेत्र में बीजेपी के लोग स्वंयसेवकों के साथ ही गंडागर्दी कर रही है। संघ पर हमले की खबर सुनकर और चेतन की पीटाई देखकर रविवार को सुबह 200 से ज्यादा स्वंयसेवक ने शेडगे और उनके साथियों के यहां पर पथराव और हमला कर दिया। ऐसे हुई एफआईआर एक तरफ रविवार को शेडगे और उसके साथियों के घर पर 200 से ज्यादा लोगों की भीड़ तोडफोड कर रही थी तो वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग एफआईआर दर्ज कर करवा रहे थे। रविवार शाम 4.30 बजे जिन सात लोगों पर जानलेवा हमले सहित अन्य गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई, उसके मुख्य आरोपी शेंडगे व शानू दिघे तो शाम 7 बजे तक अन्नपूर्णा थाने पर ही मौजूद थे, लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं की गई। सोमवार को भी पुलिस न तो किसी के घर पहुंची न कोई एक्शन लिया। घटनाक्रम की रात मालिनी गौड़ के पुत्र एकलव्य ने दोनों गुटों में समझौते के प्रयास किए थे, लेकिन अगले दिन वे भी नजर नहीं आए। यह लिखवाया एफआईआर में पहले मारपीट फिर महिलाओं पर चाकू व पिस्टल अड़ाए एफआईआर के अनुसार, फरियादी जयानी आगार ने बताया, शनिवार रात हमारे साथ हुई मारपीट के बाद शेंडगे व अन्य मेरे घर पहुंचे थे। उन्होंने घर में घुसकर जानलेवा हमले का प्रयास किया। शेंडगे व शानू ने चाकू व पिस्टल अड़ाकर जान से मारने की धमकी दी। घर का सामान अस्त-व्यस्त कर दिया। चाकू अड़ाकर मुझसे कहा कि यहां से हट जा नहीं तो चेहरा बिगाड़ दूंगा। मेरे पति, सास-ससुर, दोस्त पूनम व उनके पति परमवीर राठौर को भी पीटा। प्रणय के हाथ में टॉमी थी, उसने धमकाया कि पिस्टल निकालकर इन्हें मार दो। इसी दौरान आरोपी मनीष ने मेरे पति सुयश पर पिस्टल चलाने की कोशिश की। यह था पूरा मामला शेंडगे के घर के बाहर ओटले पर कुत्तों को खाना खिलाने की बात से विवाद शुरू हुआ था। मीतेश कुत्तों को खाना देने पहुंचा था। इससे नाराज शेंडगे व साथियों ने उससे मारपीट की। बीच बचाव में आए स्वयंसेवक सुयश व संघ के पदाधिकारी पाटिल के साथ भी जमकर मारपीट की गई। उसी के खिलाफ संघ कार्यकर्ताओं ने रविवार को थाना घेरा। उधर, उनके समर्थकों ने शेंडगे व दिघे के घर तोड़फोड़ की थी। यह खबर भी पढ़ें… इंदौर में बीजेपी नेता की बिल्डिंग पर फिर पथराव इंदौर के उषा नगर इलाके में रविवार सुबह बीजेपी नेता वीरेंद्र शेडगे की बिल्डिंग पर कुछ अज्ञात युवकों ने पथराव कर दिया। इस दौरान उनके ऑफिस का कांच टूट गया। वहीं, शाम को भी एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वीरेंद्र शेडगे के घर फिर पथराव किया जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर...
रोहतक के मॉडल टाउन स्थित दुकानों में लगी भीषण आग के बाद सरकार व प्रशासन काफी तेजी से कार्य कर रहे है। लोगों के नुकसान का आंकलन लगाने के लिए सीएम ने डीसी को निर्देश दिए थे। इसी के चलते डीसी की तरफ से 4 अधिकारियों की एक टीम गठित की गई है, जो नुकसान का आंकलन कर रही है। मॉडल टाउन स्थित जूतों की दुकान में 9 जून को दोपहर करीब 2 बजे आग लग गई थी, जिसने आसपास की दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया था। आग लगने के कारण करीब 12 दुकान जलकर राख हो गई, जबकि तीन लोगों की झुलसने के कारण मौत हो गई। आग लगने के से लेकर बुधवार शाम तक करीब 80 फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने पहुंचकर आग पर काबू पाया। इन अधिकारियों की टीम ने किया निरीक्षण जिला प्रशासन की तरफ से दुकानों में हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए 4 अधिकारियों की कमेटी बनाई है, जिसमें ADC व नगर निगम कमिश्नर नरेंद्र कुमार, ज्वाइंट कमिश्नर भूपेंद्र सिंह, SDM आशीष कुमार, CTM शुभम शामिल है। चारों अधिकारियों ने बारीकी से घटनास्थल का निरीक्षण किया। फायर ब्रिगेड को काटनी पड़ी थी पड़ोसी की दीवारआग लगने के दौरान दुकानों की आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड को बराबर की दीवार काटनी पड़ी थी। दीवार को काटकर पानी अंदर डाला गया। साथ ही फायर कर्मी व रेस्क्यू टीम भी दुकानों के अंदर दाखिल हुई थी। टीम ने बारीकी से हर जगह का निरीक्षण करते हुए रिपोर्ट तैयार की। वीडियोग्राफी करवाकर लगाएंगे नुकसान का आंकलनप्रशासन द्वारा गठित कमेटी की तरफ से सभी दुकानों में जले हुए सामान व दुकान के अंदर की वीडियोग्राफी करवाई गई, ताकि नुकसान का आंकलन किया जा सके। साथ ही दुकानदारों को भी साथ लिया गया, ताकि पता चल सके कि दुकान में कितना सामान भरा हुआ था। दुकानदारों की लिखित में ली शिकायत कमेटी ने जिन दुकानदारों की दुकान जली है, उन सभी से एक शिकायत लिखित में ली है, जिसमें दुकानदारों ने अपने नुकसान के बारे में बताया है। साथ ही दुकानदारों ने मॉडल टाउन चौकी में भी लिखित शिकायत दी है, जिसमें नुकसान को लेकर भी जानकारी दी गई है। पानी की टंकी पर चढ़कर देखा नजाराकमेटी में शामिल निगम कमिश्नर, ज्वाइंट कमिश्नर, एसडीएम व सीटीएम ने बराबर में मकान की छत पर लगी पानी की टंकी पर चढ़कर सभी जली हुई दुकानों का नजारा देखा। दुकानों के ऊपर भी जला हुआ सामान दिखाई दे रहा था। साथ ही दीवारें भी काफी कमजोर हो गई थी। दुकानों में लगी आग में 3 लोग झुलसे दुकानों में आग लगने के कारण तीन लोग उसमें झुलस गए थे, जिनकी मौत हो गई। इनमें नेहरु कॉलोनी के कपिल, बाबा मोहल्ला के अमन यादव व गुरुनानकपुरा के सौरभ उर्फ रोहित शामिल है। तीनों का पोस्टमॉर्टम के बाद गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। नुकसान के आंकलन के लिए बनाई गई कमेटी डीसी सचिन गुप्ता ने बताया कि जली हुई दुकानों को लेकर सरकार के निर्देशानुसार कमेटी बना दी है। दुकानदारों से भी उनके नुकसान के बारे में जानकारी ली जा रही है। कमेटी भी निरीक्षण करके अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी, जो सरकार को भेजी जाएगी। सरकार के निर्देशानुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
'बिग बॉस' फेम और मशहूर हरियाणवी डांसर-सिंगर सपना चौधरी और उनके पति वीर साहू के बीच चल रहे मतभेद अब कोर्ट तक पहुंच गए हैं। इसी के साथ दोनों की दोस्ती, प्यार और शादी का यह दस साल लंबा सफर अब अलगाव के मोड़ पर आ पहुंचा है। हालांकि, दोनों के बीच दूरियां काफी लंबे समय से सोशलमीडिया पर दिखाई दे रहीं है। साल 2023 के बाद दोनों ने एकदूसरे के साथ कोई वीडियो या फोटो एकसाथ शेयर नहीं किया है। इंस्टाग्राम पर पर भी दोनों एक-दूसरे को फॉलो नहीं करते हैं। मगर, बुधवार को दिल्ली की द्वारिका महिला कोर्ट में पति के खिलाफ केस पर सुनवाई के बाद सपना चौधरी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया। पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने लिखा, कुछ तो लोग कहेंगे, वरना बेचारे जिंदा कैसे रहेंगे। उनका काम है कहना, यू जस्ट बिकम बहरा एंड मेंटेन ऑन योर चेहरा। इसके साथ उन्होंने मोर और स्टार की इमोजी भी लगाई। वहीं, सपना चौधरी की पोस्ट के करीब एक घंटे बाद वीर साहू ने भी एक रील शेयर की। इस रील में लिखा था, अच्छी सूरत को संवरने की जरूरत क्या है, सादगी में भी कयामत की अदा होती है। दोनों की इन पोस्ट पर लोग कई तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे है। लोग जानना चाह है कि हरियाणवी म्यूजिक इंड्रस्ट्री के इस फेमस कपल के बीच ऐसा क्या हुआ, जो ये नौबत आई। दैनिक भास्कर एप की टीम ने इस कपल के पारिवारिक और करीबी सूत्रों से इसकी जानकारी जुटाई तो कई बातें सामने आईं। पहली मुलाकात से लेकर कोर्ट तक पहुंचने की पूरी कहानी… जानिए कैसे शुरू हुई थी सपना चौधरी और वीर साहू की लव स्टोरी.… हिसार की गोशाला में हुई थी पहली मुलाकात हरियाणवी मनोरंजन जगत की चर्चित जोड़ी सपना चौधरी और वीर साहू की प्रेम कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। वीर साहू को हरियाणा का 'बब्बू मान' भी कहा जाता है। राइटर, सिंगर और एक्टर वीर साहू पशु प्रेमी भी है। डांसिंग क्वीन के नाम से मशहूर सपना चौधरी से उनकी पहली मुलाकात साल 2016 में हिसार जिले की लाडवा गोशाला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुई थी। उस समय किसी ने भी नहीं सोचा था कि यह मुलाकात आगे चलकर शादी के रिश्ते में बदल जाएगी। पहली बार पसंद नहीं आए, दूसरी मुलाकात में बदली सोच सपना चौधरी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि पहली मुलाकात के दौरान उन्हें वीर साहू बिल्कुल पसंद नहीं आए थे। उन्हें लगा कि वीर बेहद खड़ूस स्वभाव के इंसान हैं, जिन्हें न किसी से बातचीत करना पसंद है और न ही मजाक करना। सपना के मुताबिक वीर का शांत और गंभीर व्यवहार उन्हें काफी अजीब लगा था। पहली मुलाकात के बाद दोनों की दूसरी मुलाकात एक अवॉर्ड शो में हुई। वहां भी वीर साहू ने सपना को ज्यादा महत्व नहीं दिया। हालांकि, जब सपना ने खुद उनसे बातचीत शुरू की तो वीर साहू थोड़ा झिझक गए। यहीं से दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ और धीरे-धीरे एक-दूसरे को समझने लगे। वीर साहू ने भी खुलकर किया था प्यार का इजहार लगातार मुलाकातों और बातचीत के दौरान सपना को महसूस हुआ कि वीर साहू बाहर से जितने सख्त दिखाई देते हैं, असल में उतने ही सच्चे और सरल इंसान हैं। सपना ने कहा था कि जो व्यक्ति वीर को सही मायनों में समझ ले, वह उनसे दूर नहीं रह सकता। यही दोस्ती समय के साथ प्यार में बदल गई। जनवरी 2020 में दिए गए एक इंटरव्यू में वीर साहू ने बताया था कि दुनिया सपना चौधरी को एक स्टार के रूप में देखती है, लेकिन उनके लिए सपना एक दोस्त और जीवनसाथी हैं। जब उन्होंने सपना को करीब से जाना तो उनकी असली शख्सियत समझ में आई। वीर ने यह भी कहा था कि वह सपना को उनकी लोकप्रियता की वजह से नहीं बल्कि उनके व्यक्तित्व की वजह से पसंद करते हैं। 2020 में कोर्ट मैरिज, बेटे के जन्म पर दी शादी की खबर करीब चार साल तक एक-दूसरे को जानने और समझने के बाद दोनों ने जनवरी 2020 में शादी कर ली। परिवार में एक रिश्तेदार के निधन के कारण धूमधाम से शादी नहीं हो सकी। इसके बाद दोनों ने चंडीगढ़ में कोर्ट मैरिज कर ली। उस समय दोनों ने अपनी शादी की जानकारी सार्वजनिक नहीं की थी। साल 2020 में जब सपना चौधरी ने बेटे को जन्म दिया तो उनकी शादी की खबर पहली बार सार्वजनिक हुई। परिवार ने पूरी प्रक्रिया को बेहद गोपनीय रखा था। बेटे के जन्म की जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। इससे नाराज वीर साहू ने फेसबुक पर लाइव आकर कहा था कि किसी की निजी जिंदगी में अनावश्यक दखल न दें और अफवाहें फैलाने से बचें। नजदीकी सूत्रों ने बताईं दोनों के बीच मतभेद की चार वजह… --------------------------- सपना चौधरी से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… हरियाणवी डांसर सपना चौधरी ने मारपीट के बाद ससुराल छोड़ा:कोर्ट ने पति वीर साहू के मिलने पर रोक लगाई; 2020 में लव मैरिज की थी हरियाणवी डांसर-सिंगर सपना चौधरी की निजी जिंदगी एक बार फिर सुर्खियों में है। सपना ने अपने पति वीर साहू के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कराते हुए दिल्ली की द्वारका महिला कोर्ट में याचिका दाखिल की है। मंगलवार को कोर्ट ने वीर साहू को अगली सुनवाई तक उनके संपर्क में आने, घर या कार्यस्थल पर जाने और किसी भी तरह से परेशान करने से रोक दिया है। (पूरी खबर पढ़ें)
दिल्ली के IVF सेंटर पर बच्चे बदलने का आरोप लगाने वाले गुरुग्राम के कपल ने एक कई बड़े खुलासे किए हैं। पीड़ित कपल मीनू राठौर और राहुल का आरोप है कि अस्पताल प्रसाशन चाइल्ड ट्रैफिकिंग कर रहा है। हमारा बच्चा मोटी रकम लेकर किसी दूसरे कपल को बेचा गया। जब उन्होंने सोशल मीडिया पर इसके खिलाफ आवाज उठाई तो उन्हें करोड़ों रुपए का लालच दिया गया। जब इसके लिए इनकार किया तो आरोपियों ने जान से मारने तक की धमकी दी। मीनू का कहना है कि पुलिस ने भी मामले में अस्पताल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके बाद कोर्ट का सहारा लेना पड़ा। डिप्लोमैटिक ग्रीन्स सोसाइटी के रहने वाले इस कपल के यहां जनवरी में 2 जुड़वा बच्चियों का जन्म हुआ था। दावा है कि जब परिवार के किसी मेंबर की शक्ल बच्चियों से नहीं मिली तो उन्होंने DNA टेस्ट कराया। लैब रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि दोनों बच्चियों का बायोलॉजिकल मैच न तो अपनी मां से हुआ और न ही पिता से। पहले जानिए कपल ने क्या आरोप लगाए…. अस्पताल ने बच्चों की सौदेबाजी की पीड़ित राहुल राठौर और उनकी पत्नी मीनू एक रियल एस्टेट कंपनी के फाउंडर है। उनका कहना है कि IVF प्रक्रिया में डबल-विटनेसिंग और बारकोडिंग होती है। दो डॉक्टरों और एक एक्सपर्ट की मौजूदगी में ही भ्रूण ट्रांसफर होता है। ऐसी स्थिति में डीएनए टेस्ट फेल हो कोई ह्यूमन एरर नहीं है। इन्होंने हमारे DNA से बने बच्चे का सौदा किया है। मीनू राठौर का कहना है कि उन्होंने जिस बच्चे को जन्म दिया, वह उनका नहीं है। उनका अपना बच्चा दिल्ली के अस्पताल ने बेच दिया। अगर हमारा बच्चा अस्पताल लौटा देगा तो वे इन दोनों बच्चियों को भी पालने को तैयार है। चुप रहने को करोड़ों का ऑफर पीड़ित कपल का आरोप है कि जब उन्होंने डीएनए रिपोर्ट आने के बाद अस्पताल प्रशासन से लिखित जवाब मांगा, इसके बाद उन्होंने डराया-धमकाना शुरू कर दिया। मामले को निपटाने के लिए करोड़ों रुपयों का ऑफर भी दिया गया। जब राहुल राठौर का कहना है कि जब रुपए जब समझौता करने से इनकार किया तो उन्हें धमकी मिलनी शुरू हो गई। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की राहुल राठौर का कहना है कि ये मामला चाइल्ड ट्रैफिकिंग और आपराधिक साजिश से जुड़ा है। पुलिस में शिकायत देने के बाद भी अब तक अस्पताल प्रशासन को गिरफ्तार नहीं किया गया। जब अस्पताल की शिकायत करने पर उन्हें धमकी मिलने लगी तो भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब पढ़िए IVF ट्रीटमेंट से लेकर बच्चियों के जन्म तक की कहानी… ------------------ यह खबर भी पढ़ें… IVF से हुई जुड़वां बेटियों को अपना मानने से इनकार:गुरुग्राम में कपल बोला-शक्ल नहीं मिलती, DNA टेस्ट में 0% मैच; दिल्ली सेंटर पर FIR कराई हरियाणा के गुरुग्राम के रहने वाले कपल ने राजधानी दिल्ली के द्वारका इलाके में स्थित आईवीएफ (IVF) सेंटर पर बच्चों की अदला-बदली का आरोप लगाया है। पीड़ित कपल राहुल और मीनू राठौर द्वारका एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-111 स्थित लग्जरियस पुरी डिप्लोमेटिक ग्रीन्स सोसाइटी में रहते हैं। (पूरी खबर पढ़ें)
लड़की के साथ रेप की घटना 29 मई को हुई थी। 10 दिन बाद रेणु भाटिया संज्ञान लेकर अस्पताल में आईं। उस दिन रविवार था। उन्होंने आते ही स्टाफ पर आक्रमण कर दिया। उन्होंने हमें बोलने तक नहीं दिया। उन्होंने मुझे कहा आपकी बेटी कमरे में किसी के साथ छोड़ दूं। वो भी एक महिला हैं और मैं भी एक महिला हूं। वो इतनी बड़े पद पर हैं, उनकी महिलाओं के प्रति ऐसी सोच है। कुरुक्षेत्र स्थित लोकनायक जयप्रकाश (LNJP) सिविल अस्पताल की सीनियर नर्सिंग ऑफिसर अनिता, रेणु भाटिया के महिला आयोग की चेयरपर्सन पद से दिए गए इस्तीफे से संतुष्ट नहीं हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा, मैं 2 जून से 10 जून तक लीव पर थी। मुझे रेप के मामले की ज्यादा जानकारी भी नहीं थी। रेणु भाटिया अस्पताल आईं और आते ही मुझे सुनाने लगीं। यह कहते हुए अनिता भावुक हो गईं। वहीं, नर्सिंग एसोसिएशन की ओर से बुधवार को रेणु भाटिया के खिलाफ कुरुक्षेत्र के केयूके थाने में शिकायत दी जा चुकी है। एसोसिएशन का आरोप है कि भाटिया ने नर्सिंग स्टाफ के लिए अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। अब जानिए सीनियर नर्सिंग ऑफिसर ने क्या कहा…. भाटिया ने कुछ कहने का मौका नहीं दिया अनिता ने कहा- जिस बेटी के साथ गलत हुआ है वो भी तो हमारी बेटी जैसी है। हम उसे अटैंड कर रहे हैं। सारा इलाज हम कर रहे हैं। भाटिया ने मुझे कुछ कहने तक का मौका नहीं दिया। वो बस एक ही बात बोलती रहीं कि तीन नर्सें थी तीन नर्सें थी। डॉक्टर को नर्सों को बुलाना होता है। पति कह रहे मैं भी धरने पर बैठूंगा उन्होंने कहा- मेरी फैमिली पूरा सपोर्ट कर रही है। वो कह रहे हैं कि तुम इसका डटकर विरोध करो। मेरे पति खुद गवर्नमेंट एम्प्लॉय हैं। उनकी चंडीगढ़ पोस्टिंग हैं। वो कह रहे हैं कि मैं तुम्हारे साथ धरने पर बैठने को तैयार हूं। मेरी बेटी नहीं है। मेरे पास एक 15 साल का बेटा है। जिसके साथ ये घिनौनी हरकत हुई है वो भी हमारी बेटी जैसी है। हमारे मान-सम्मान की वैल्यू नहीं भाटिया के इस्तीफे पर अनिता ने कहा- उन्होंने हमारे आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई है। इस्तीफे से हम संतुष्ट नहीं हैं। क्या हमारे मान-सम्मान की कोई वैल्यू नहीं है? रेणु भाटिया की तरफ से ऐसे दिखाया गया जैसे हमारी उस मामले में इन्वॉल्वमेंट है। हम अपनी ड्यूटी पूरी डेडिकेशन से करते हैं। ओपीडी में नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी नहीं होती उन्होंने कहा- अस्पताल में रोजाना 1700 मरीज आते हैं। 20 से 25 ओपीडी चलती हैं। ओपीडी के अंदर नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी नहीं होती। इतना स्टाफ नहीं होता। अगर कोई डॉक्टर फीमेल मरीज का एग्जामिन कर रहे हैं तो वे नर्सों को बुलाएं कोई भी मना नहीं करता। डॉक्टर शैलेंद्र कुमार शैली को सजा मिलनी चाहिए। हमारी नर्सिंग यूनियन, फॉर्मेसी यूनियन और दूसरे कर्मचारियों ने हमारा बहुत सपोर्ट किया। इस्तीफे के बाद रेणु भाटिया ने जारी किया था वीडियो बुधवार को रेणु भाटिया ने वीडियो जारी कर कहा- मैं अपने इन साढ़े 4 वर्षों में प्रयास करती रही कि बेहतर कार्य करके दिखाऊं। अगर इस दौरान यदि कभी कहीं कार्य में त्रुटि रही हो तो, यदि कहीं मेरी वजह से किसी को आघात पहुंचा हो तो, यदि मेरी वजह से कोई कार्य डिले हुआ हो तो मैं उसकी क्षमायाची हूं, क्योंकि गलतियों से ही इंसान सीखता है। और वहीं मैंने अपनाया है। मैं सभी बेटियों को दुआ देकर जाती हूं कि जो बेटी इस टेबल तक आए, कमरे तक आए, उसकी हर प्रॉब्लम सॉल्व हो। मेरे बाद जो इस कुर्सी पर बैठे, वो अपनी बेटी की तरह से, सभी बेटियों को देखे। क्योंकि प्रॉब्लम को अपने परिवार की प्रॉब्लम समझकर सॉल्व करे। मैंने अपने साढ़े 4 वर्ष इस गीता के उपदेशों की तरह से जिया है। (हाथ में गीता लेकर) मैं गीता की कसम खाकर कहती हूं कि मैंने कभी किसी के साथ अन्याय नहीं किया। प्रयास किया कि मैं सबको सुख दे सकूं, सबके लिए मैं वो कार्य क्रर्र सकूं, जो वो मेरे पास आस लेकर आए हैं। मैं इन्हीं शब्दों के साथ आज इस कुर्सी से विदा लेती हूं। जय भारत, जय हिंद। ----------------------------------- ये खबर भी पढ़ें :- इस्तीफे के बाद रेणु भाटिया ने गलतियों पर माफी मांगी,VIDEO:बेटी वाले बयान का जिक्र नहीं; नर्सिंग एसोसिएशन FIR कराने थाने पहुंची, अरेस्ट करो के नारे लगाए बेटी वाले बयान पर महिला आयोग चेयरपर्सन का इस्तीफा:सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ के स्ट्राइक के बाद फैसला, लिखा-महिला अधिकारों के लिए लड़ती रहूंगी ‘आपकी बेटी किसी के साथ छोड़ूं’ बयान पर विवाद:कुरुक्षेत्र में नर्सें बोलीं- डॉक्टर हमारे साथ गलत करता तो कौन बचाता; भाटिया ने कहा- माफी नहीं मांगूंगी महिला आयोग चेयरपर्सन ने PMO-नर्स को फटकारा:लड़की से रेप के बाद कुरुक्षेत्र सरकारी अस्पताल पहुंचीं, बोलीं- आपकी बेटी होती तो 15 मिनट अकेली छोड़ देते? सरकारी अस्पताल में लड़की से डॉक्टर ने रेप किया:कुरुक्षेत्र में पेट दर्द के बाद एडमिट हुई, ब्लीडिंग होने पर खुलासा; स्वास्थ्य विभाग ने आरोपी टर्मिनेट किया सरकारी अस्पताल में लड़की से रेप करने वाला डॉक्टर अरेस्ट:कुरुक्षेत्र में कान पकड़कर बोला- गलती हो गई, कपड़े हटाकर प्राइवेट पार्ट छुए; ब्लीडिंग से खुलासा
हरियाणा के पंचकूला में भाजपा BJP नेता नरेंद्र लुबाना के भाई रतन लुबाना पर 4 जून को गोलियां बरसाने वाले पंजाब के शूटर का ऑपरेशन होगा। शूटर जसविंद्र के पैर में गोली लगने के कारण इंफेक्शन हो गया है। जिसके चलते उसकी स्थित में 7 दिन होने के बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ है। पंजाब के शूटर जसविंद्र के साथ हरप्रीत के भी दोनों पैरों में गोलियां लगने के कारण फ्रैक्चर आए हैं। जिसको लेकर भी हड्डी रोग विशेषज्ञ जल्द ऑपरेशन का फैसला ले सकते हैं। पहले उम्मीद की जा रही थी कि एक शूटर डिस्चार्ज हो जाएगा। लेकिन अब स्थिति बिगड़ने के कारण अब लग रहा है कि पुलिस को इनकी गिरफ्ताीर के लिए लंबा इंतजार करना होगा। दोनों शूटर की गिरफ्तारी नहीं होने के कारण पुलिस अभी तक रैकी करने वाले बदमाशों तक भी नहीं पहुंच पाई है। हालांकि पुलिस बीच-बीच में इन शूटरों से जरूर बातचीत करती रहती है। वहीं इनकी सुरक्षा के लिए भी अस्पताल में गॉर्द लगाई गई है। क्लब संचालक रतन पर कैसे हुई फायरिंग की घटना…… अब जानिए कैसे हुआ एनकाउंटर और कौन हैं शूटर…
धार्मिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक नगरी राजगीर इन दिनों पुरुषोत्तम मास के कारण विशेष रूप से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनी हुई है। इसी कड़ी में आज पुरुषोत्तम मास मेले का तीसरा और अंतिम शाही स्नान होने जा रहा है। इसमें बंगाल, झारखंड से लेकर नेपाल तक से भक्त पहुंचेंगे। आज 2 लाख लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। 14 अखाड़ों के साधु-संत सहित नागा संन्यासी शाही स्नान करने वाले है। सनातन परंपरा में इस अंतिम शाही स्नान को आत्मशुद्धि, पाप-क्षालन और भगवान विष्णु की विशेष कृपा हासिल करने के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। चूंकि आज आखिरी शाही स्नान है, इसलिए प्रशासन और पंडा समिति की ओर से राजगीर में भारी भीड़ उमड़ने की आशंका जताई गई है, जिसके मद्देनजर सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। विदेश से पहुंचेंगे संत इस अंतिम शाही स्नान में कुल 14 अखाड़ों के साधु-संत और नागा संन्यासी हिस्सा ले रहे हैं। परंपरा के अनुसार पहला शाही स्नान खाट अखाड़ा की ओर से किया जाएगा। जिसकी शुरुआत सुबह साढ़े 6 बजे से होगी। पिछले रिकॉर्ड को देखें तो पहले शाही स्नान की तुलना में दूसरे शाही स्नान में भारी भीड़ उमड़ी थी। इसी को देखते हुए प्रशासन यह उम्मीद जता रहा है कि तीसरे और आखिरी शाही स्नान को लेकर भी देश-विदेश से भारी संख्या में आम श्रद्धालु और साधु-संत राजगीर पहुंच रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मलमास के दौरान राजगीर की पांचों पहाड़ियों पर 33 कोटि देवी-देवता और ऋषि-मुनि निवास करते हैं। राजगीर कुण्ड के तीर्थ पुरोहित पं. प्रमेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि राजगीर में स्थित 22 पवित्र कुंडों और 52 धाराओं में इस मास के दौरान स्नान करने से मोक्ष और विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। यह विशेष पुरुषोत्तम मास आगामी 15 जून तक चलेगा, जिसके कारण ब्रह्मकुंड और सप्तधारा सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर लगातार भक्तों का तांता लगा हुआ है। पंडा समिती ने की मंत्र जाप करने की अपील तीसरे शाही स्नान के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा और मेले की पवित्रता बनाए रखने के लिए अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा और पंडा समिति की ओर से विशेष निर्देश भी जारी किए गए हैं। समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे ब्रह्ममुहूर्त में उठकर पवित्र कुंडों में स्नान करें और भगवान विष्णु और लक्ष्मी की पूजा करते हुए महामंत्रों का जाप करें। इस दिन अन्नदान, वस्त्रदान और गौसेवा का विशेष महत्व है, साथ ही पूर्वजों के निमित्त तर्पण करना भी कल्याणकारी माना गया है। इसके साथ ही पंडा समिति ने मेले की मर्यादा बनाए रखने के लिए कुछ सख्त हिदायतें भी दी हैं। पवित्र कुंडों में कचरा नहीं फेंकने की अपील श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे पवित्र कुंडों के जल को स्वच्छ रखें और उसमें प्लास्टिक या कूड़ा-कचरा न फेंकें। मेले के दौरान किसी भी प्रकार के क्रोध, विवाद, असत्य भाषण और अहंकार से बचने की सलाह दी गई है। इसके अलावा सभी तीर्थयात्रियों को मांस, मदिरा जैसे तामसिक भोजन से दूर रहने और मेले में आए साधु-संतों का पूर्ण सम्मान करने को कहा गया है। राजगीर का यह मलमास मेला इस समय आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा का अद्भुत संगम बना हुआ है, जहां लाखों श्रद्धालु जीवन में सुख-शांति की कामना लेकर पहुंच रहे हैं।
124 किलोमीटर लंबी मुंगेर-मिर्जाचौकी ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क का 70% निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। जुलाई तक इसे पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। संभावना है कि अगस्त में इस सड़क को आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। मुंगेर से भागलपुर की करीब 70 किलोमीटर की दूरी तय करने में दो से 3 घंटे लगते हैं। इस सड़क के बन जाने के बाद यह सफर महज एक घंटे में पूरा हो सकेगा। NHAI के प्रोजेक्ट इंचार्ज नीतीश कुमार ने बताया कि इस परियोजना की लागत 5,788 करोड़ रुपए है। यह ग्रीनफील्ड फोरलेन बिहार के मुंगेर, भागलपुर और बांका जिलों से होकर झारखंड के मिर्जाचौकी तक जाएगी। सड़क के चालू होने के बाद पूर्वी बिहार से झारखंड और पश्चिम बंगाल की ओर आवागमन पहले की तुलना में काफी आसान और तेज हो जाएगा। 70KM का सफर अब एक घंटे में होगा पूरा मुंगेर से भागलपुर के बीच 70 किलोमीटर की दूरी तय करने में लोगों को 2 से 3 घंटे लगते हैं। कभी कभी जाम की समस्या से 4 से 5 घंटे लग जाते हैं। नई फोरलेन सड़क शुरू होने के बाद यही दूरी करीब एक घंटे में पूरी होगी। इससे रोजाना यात्रा करने वाले लोगों, व्यापारियों, मरीजों और छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। परियोजना के पूरा होने के साथ गाड़ी ड्राइवरों को इस नए रास्ते पर दो जगहों पर टोल टैक्स देना होगा। मुंगेर जिले के कल्याणपुर और भागलपुर जिले के पीरपैंती क्षेत्र में मॉर्डन टोल प्लाजा बनाए जा रहे हैं। दोनों जगह यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फुट ओवरब्रिज भी तैयार किए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में यातायात बढ़ने पर दुर्घटनाओं की आशंका कम हो सके। पटना की दूरी होगी कम, समय की होगी बचत 124.41 किलोमीटर लंबे इस ग्रीनफील्ड फोरलेन के चालू होने से राजधानी पटना तक पहुंचना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। खासकर पश्चिम बंगाल और झारखंड से भागलपुर होते हुए पटना जाने वाले यात्रियों को बड़ा लाभ मिलेगा। नई सड़क से न केवल दूरी कम होगी, बल्कि यात्रा का समय भी काफी घट जाएगा। मुंगेर के 22.5KM हिस्से में अंतिम चरण का काम मुंगेर में फोरलेन सड़क का करीब 22.5 किलोमीटर हिस्सा पड़ता है। हेरूदियारा से लेकर घोरघट तक सड़क निर्माण का अधिकतर काम काम पूरा हो चुका है। कई जगहों पर फिनिशिंग, मिट्टी भराई और छोटे टेक्निकल वर्क पूरे किए जा रहे हैं। निर्माण एजेंसी ने मुंगेर और भागलपुर क्षेत्र को अलग-अलग जोन में बांटकर काम की जिम्मेदारी दी थी। मुंगेर क्षेत्र में पाटम रेलवे हॉल्ट, रामनगर पेट्रोल पंप और तेलिया तालाब के पास कुछ हिस्सों में टेक्निकल कारणों से काम रुका हुआ था, लेकिन अब इन जगहों को भी मुख्य सड़क से जोड़ दिया गया है। अब इन हिस्सों में मिट्टी भराई और लेवलिंग का काम चल रहा है। इसके बाद अंतिम ढलाई पूरी कर सड़क को यातायात के लिए तैयार किया जाएगा। मुंगेर के बरियारपुर शहर में NH-80 बायपास के पास सड़क किनारे बिजली के खंभे लगाए जा रहे हैं। जहां बिजली टावर सड़क निर्माण में बाधा बन रहे थे, वहां उनकी ऊंचाई बढ़ाने और जगह बदलने का काम भी पूरा किया जा चुका है। नई सड़क से खुलेंगे विकास के रास्ते, इंडस्ट्री-ट्रेड को मिलेगा बढ़ावा इस सड़क के बनने से मुंगेर, सुल्तानगंज, भागलपुर, घोघा, कहलगांव, पीरपैंती और मिर्जाचौकी क्षेत्र के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। व्यापारियों को माल ढुलाई में आसानी होगी। परिवहन लागत घटेगी और नए उद्योगों के आने की संभावना बढ़ेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, बेहतर सड़क संपर्क वाले क्षेत्रों में निवेश तेजी से बढ़ता है। ऐसे में इस इलाके में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं। फोरलेन बनने से इन इलाकों में बढ़ रही जमीन की कीमतें मुंगेर-मिर्जाचौकी ग्रीनफील्ड फोरलेन का असर जमीन कारोबार पर दिखने लगा है। जिन इलाकों से होकर फोरलेन गुजर रही है, वहां जमीन की कीतम तेजी से बढ़ रही है। मुंगेर, जमालपुर, भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों में सड़क किनारे की जमीनों की कीमतों में बड़ा उछाल हुआ है। स्थानीय जमीन कारोबारियों के अनुसार, कई जगहों पर फोरलेन परियोजना की घोषणा के बाद से जमीन की कीमतों में दोगुनी से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। व्यवसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी तो जमीन की कीमतों में और वृद्धि होगी। चार हिस्सों में पूरा किया गया काम, खर्च हुए करीब 5788 करोड़ NHAI ने साल 2022 में इस ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया। इस सड़क को चार हिस्सों में बांटकर काम पूरा किया गया। इस सड़क पर करीब 5788 करोड़ रुपए खर्च किए गए। मुंगेर DM निखिल धनराज निप्पणीकर ने बताया कि जिले की सीमा में चल रहे फोरलेन निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। प्रशासन और निर्माण एजेंसी के बीच लगातार समन्वय बनाया जा रहा है, ताकि परियोजना समय पर पूरी हो सके। 80 से 90 की स्पीड में दौड़ेगी गाड़ी फोरलेन हाईवे पर तेज रफ्तार में गाड़ी चलाने वालों के लिए ट्रैफिक पुलिस ने गति सीमा को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्धारित नियमों के अनुसार अलग-अलग श्रेणी के गाड़ियों के लिए अधिकतम स्पीड तय की गई है। ट्रैफिक डीएसपी प्रभात रंजन ने बताया कि फोरलेन पर छोटी गाड़ियां यानी कार और अन्य हल्के वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटे निर्धारित है। वहीं यात्री वाहनों (कमर्शियल पैसेंजर व्हीकल) के लिए अधिकतम गति 90 किलोमीटर प्रति घंटे है। मालवाहक वाहनों के लिए स्पीड लिमिट 80 किलोमीटर प्रति घंटे तय की गई है, जबकि मोटरसाइकिल और अन्य दोपहिया गाड़ियों को भी अधिकतम 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने की अनुमति है। पहाड़ी और घुमावदार रास्तों पर घट जाती है स्पीड लिमिट उन्होंने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों और घुमावदार सड़कों पर सुरक्षा को देखते हुए गति सीमा कम रखी जाती है। ऐसे मार्गों पर छोटे वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 80 किलोमीटर प्रति घंटे और भारी वाहनों के लिए 60 किलोमीटर प्रति घंटे निर्धारित की गई है।
रायपुर में बॉयफ्रेंड ने शादीशुदा गर्लफ्रेंड के 4 साल के बेटे की हत्या कर दी। अफेयर में बाधा बनने पर बच्चे का गला घोंट दिया। अब 7 महीने बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि, बच्चे की मां अपने पति से अलग रहती थी। घटना के समय मां भी मौजूद थी। बच्चे की किसी बात से गुस्सा होकर आरोपी ट्रक ड्राइवर ने मां के सामने ही तकिए से उसका गला दबा दिया। उसके बाद से वह लगातार कई राज्यों में ट्रक लेकर घूम रहा था। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। आखिरकार तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपी को पकड़ लिया गया। मामला आमानाका थाना क्षेत्र का है। जानिए क्या है पूरा मामला पुलिस के मुताबिक, 1 नवंबर 2025 को 4 साल के मयंक मिश्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना मिली थी। बच्चे को अचेत अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआत में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मामला हत्या का निकला। डॉक्टरों ने रिपोर्ट में बच्चे की मौत गला दबाने से होने की पुष्टि की थी। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि, आरोपी जयदीप सिंह का बच्चे की मां से अवैध संबंध था। महिला पति से अलग रह रही थी। वह अक्सर उनके घर आता-जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि, आरोपी बच्चे को अपने संबंधों में रुकावट मानता था। पुलिस के अनुसार, इसी वजह से उसने बच्चे की हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया। 7 महीने तक पुलिस को चकमा देता रहा हत्या के बाद आरोपी फरार हो गया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीम बनाई गई थी। पुलिस लगातार तकनीकी साक्ष्यों और संभावित ठिकानों पर नजर रख रही थी। 10 जून 2026 को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की। पूछताछ में उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया। आरोपी को भेजा गया जेल पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद टाटीबंध के रहने वाले आरोपी जयदीप सिंह (27) गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। ………………… क्राइम से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… बियर-बार में गर्लफ्रेंड के मर्डर का LIVE VIDEO: रायपुर में बॉयफ्रेंड ने बोतल से फोड़ा सिर, सीने पर मुक्का मारा; गले लगाकर रोया, फिर भागा रायपुर के मेट्रो बार में बॉयफ्रेंड ने शराब की बोतल से वारकर अपनी गर्लफ्रेंड का सिर फोड़ दिया। युवती चीखती रही, लेकिन युवक ने बाल खींचकर जमीन पर पटककर भी पीटा। पिटाई के युवक ने युवती को गले लगाकर रोया, फिर भाग गया। मामला आजाद चौक थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर
हैदराबाद: भाडे़े के गिरोह से पत्नी की हत्या करवाने वाला बिहार निवासी शख्स गिरफ्तार
साइबराबाद पुलिस ने एक महिला की हत्या के मामले को सुलझाते हुए उसके पति को गिरफ्तार किया है, जिसने बिहार के गिरोह को उसकी हत्या के लिए किराए पर लिया था।
बिहार: समस्तीपुर में 1.2 लाख रुपए रिश्वत लेने के आरोप में ग्राम प्रधान गिरफ्तार
बिहार में भ्रष्टाचार विरोधी एक बड़े अभियान में सतर्कता जांच ब्यूरो (सीआईए) ने बुधवार को समस्तीपुर जिले के एक ग्राम प्रधान को 1.2 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
दिल्ली हाईकोर्ट ने ‘न्यूजक्लिक’ और उसके संस्थापक-संपादक प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ विदेशी फंडिंग केस में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की एफआईआर और ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच रद्द कर दी। जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा- यह कार्रवाई स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता पर शक्तियों का मनमाना हमला और दुरुपयोग थी। जांच एजेंसियां ठोस साक्ष्य के बिना व्यापक जांच करती रहीं। एफआईआर में लगाए आरोपों को सही मान लेने पर भी धोखाधड़ी और भरोसा तोड़ने का आपराधिक केस नहीं बनता है। इसलिए एफआईआर जारी रखना कानून का घोर दुरुपयोग था। कोर्ट ने कहा- धोखाधड़ी के मामले में कोई ऐसा पक्ष होना चाहिए, जिससे धोखा हुआ, पर इस मामले में कोई शिकायत ही नहीं थी। पहले FIR और फिर ED की छापेमारी से शुरू हुई कहानी दिल्ली पुलिस ने अगस्त 2020 में न्यूजक्लिक के खिलाफ FIR दर्ज की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि वेबसाइट को वर्ल्डवाइड मीडिया होल्डिंग्स LLC नाम की अमेरिकी कंपनी से 9.59 करोड़ रुपए का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) मिला। कहा गया कि जिस शेयर की कीमत 10 रुपए थी, उसे 11,510 रुपए प्रति शेयर की प्रीमियम कीमत पर खरीदा गया। वो भी उस वक्त, जब न्यूजक्लिक कोई मुनाफा नहीं कमा रही थी। माना जाता है कि ऐसा इसलिए किया गया, ताकि भारतीय मीडिया संस्थानों में 26% FDI की ऊपरी सीमा से बचा जा सके। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने न्यूजक्लिक के दफ्तर, इससे जुड़े निदेशकों और शेयरधारकों के ठिकानों की तलाशी ली। ये कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी PMLA के तहत की गई थी। सर्च के दौरान विदेशी करेंसी, कुछ डॉक्यूमेंट्स और डिजिटल साक्ष्य सीज किए गए। ED की इन्वेस्टिगेशन में न्यूजक्लिक को 3 साल में 38.05 करोड़ रुपए के विदेशी फंड मिलने की बात सामने आई। न्यूजक्लिक को 9.59 करोड़ रुपए FDI के जरिए और 28.46 करोड़ रुपए सर्विसेज के एक्सपोर्ट के तौर पर मिले थे। अगस्त 2023 में दर्ज हुआ था केस 7 अगस्त 2023 को बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में NYT की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कई पत्रकारों पर चीनी प्रोगेगैंडा फैलाने के आरोप लगाए थे। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी कहा था कि नेविल रॉय सिंघम का सीधा संपर्क कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना की एक प्रोपेगैंडा विंग के साथ है। सरकार लंबे वक्त से कह रही है कि न्यूजक्लिक प्रोपेगैंडा की एक खतरनाक वैश्विक चाल है। इसके बाद 17 अगस्त 2023 को न्यूजक्लिक के खिलाफ अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट यानी UAPA और IPC की धारा 153ए (दो समुदायों के बीच शत्रुता बढ़ाना) और 120बी (क्रिमिनल कॉन्सिपिरेसी) के तहत केस दर्ज किया गया था। 3 अक्टूबर 2024 को इसी के आधार पर कार्रवाई हुई और पुरकायस्थ को अरेस्ट किया गया था। दिल्ली पुलिस ने इस मामले से जुड़े कुल 46 लोगों से पूछताछ की थी। इनमें 37 पुरुष और 9 महिलाएं शामिल थीं। न्यूजक्लिक और इससे जुड़े पत्रकारों के 31 ठिकानों पर स्पेशल सेल ने तलाशी ली थी। ED समेत 5 एजेंसियां मामले की जांच कर रही थीं न्यूजक्लिक ऑनलाइन न्यूज पोर्टल है, जिसमें देश-दुनिया की खबरें प्रकाशित होती हैं। इसे PPK न्यूजक्लिक स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी चलाती है। प्रबीर पुरकायस्थ ने 2009 में इसकी शुरुआत की थी। वही इसके एडिटर-इन-चीफ भी हैं। न्यूजक्लिक के खिलाफ ED सहित पांच एजेंसियां जांच कर रही थीं। सबसे पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने FIR दर्ज की थी। उससे पहले दिल्ली पुलिस इकोनॉमिक ऑफेंस विंग और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट इस केस से जुड़े अलग-अलग मामलों में जांच कर रही थे। इसके बाद CBI ने भी इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू की। ------------------ये खबर भी पढ़ें... कॉकरोच जनता पार्टी का X अकाउंट अभी बंद ही रहेगा:दिल्ली हाईकोर्ट का बैन हटाने से इनकार दिल्ली हाईकोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके की याचिका पर केंद्र सरकार और X को नोटिस जारी किया है। दिपके ने CJP का X अकाउंट ब्लॉक किए जाने को चुनौती दी है। कोर्ट ने फिलहाल अकाउंट दोबारा चालू करने का अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया। पूरी खबर पढ़ें…
पंजाब: पटियाला को राज्य का अपनी तरह का पहला हाइब्रिड सफाई मॉडल मिला
पंजाब में शहरी साफ-सफाई की मुहिम में एक बड़ा बदलाव लाते हुए राज्य के स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बुधवार को अपनी तरह के पहले 'हाइब्रिड सफाई मॉडल' की घोषणा की
भास्कर अपडेट्स:बांग्लादेशी महिला की मौत, दिल्ली होटल अग्निकांड में मौतों का आंकड़ा 23 पर पहुंचा
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल फ्लोरिश स्टे में लगी भीषण आग में मृतकों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। बुधवार को इलाज के दौरान एक बांग्लादेशी महिला की मौत हो गई। इससे पहले मंगलवार को नाइजीरियाई नागरिक की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मृतक बांग्लादेश की महिला नागरिक थी, जो इलाज करवाने भारत आई थी। लेकिन, 3 जून को होटल में लगी आग में झुलस गई थी। हादसे में घायल अन्य लोगों का इलाज अभी भी जारी है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां आग लगने के कारणों की जांच कर रही हैं। आज की अन्य बड़ी खबरें… तमिलनाडु में पर्यटकों की गाड़ी पलटी, एक ही परिवार के 14 लोग गंभीर तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में ऊटी के पास बुधवार को एक पर्यटक वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में आंध्र प्रदेश के एक ही परिवार के 14 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, विशाखापट्टनम के अक्कय्यापालेम इलाके के 22 सदस्यीय परिवार के लोग मैसूरु और ऊटी समेत विभिन्न पर्यटन स्थलों की यात्रा के बाद अपने घर लौट रहे थे। जब उनका वाहन नीलगिरि जिले के कुन्नूर घाट रोड पर नंदगोपाल ब्रिज के पास पहुंचा, तभी गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हाईकोर्ट ने दिल्ली दंगा मामले में आरोपी ताहिर की जमानत पर पुलिस से मांगा जबाव दिल्ली हाईकोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में आरोपी और आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस से 4 हफ्ते में जवाब मांगा है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई तय की है। कोर्ट ने पुलिस को अपील दाखिल करने में हुई 87 दिनों की देरी को माफ करने वाली अर्जी पर भी जवाब देने का समय दिया है। ताहिर हुसैन ने कड़कड़डूमा कोर्ट के 29 जनवरी के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। 650 करोड़ के घोटाला मामले में दिल्ली CM ने दो डॉक्टरों को निलंबित करने का आदेश दिया दिल्ली सरकार की सेंट्रल प्रिक्योरमेंट एजेंसी (सीपीए) में दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में 650 करोड़ रुपए के महाघोटाले के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सख्त रुख अपनाया है। विजिलेंस की छापेमारी में यह बात सामने आई कि सरकारी अस्पतालों के लिए दवाएं, ओआरएस और मेडिकल उपकरण बाजार मूल्य से 10 से 15 गुना अधिक कीमतों पर खरीदे गए थे। मुख्यमंत्री गुप्ता ने एक्स पोस्ट में कहा कि उन्होंने इस मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। इस मामले में एफआईआर दर्ज करने और 2 डॉक्टरों को निलंबित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
गोरखपुर के तारामंडल क्षेत्र के बुद्धनगर में स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे देह व्यापार के नेटवर्क का रामगढ़ताल पुलिस ने पर्दाफाश किया है। छापेमारी के दौरान पांच युवतियों को मुक्त कराया गया, जबकि महिला समेत तीन आरोपियो को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब फरार स्पा संचालक की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। एक सप्ताह पहले मिली सूचना पुलिस को करीब एक सप्ताह पहले सूचना मिली थी कि बुद्धनगर स्थित एक स्पा सेंटर में मसाज और वेलनेस सेवाओं की आड़ में देह व्यापार संचालित किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में ठोस साक्ष्य नहीं मिलने पर पुलिस ने निगरानी जारी रखी। इसके बाद ग्राहक बनकर पहुंची पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारकर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया। कार्रवाई के दौरान धर्मशाला बाजार निवासी विक्की वर्मा, मूल रूप से चंडीगढ़ निवासी और वर्तमान में पैडलेगंज में रहने वाले मंदीप सिंह तथा पादरी बाजार निवासी रिंकी लता को गिरफ्तार किया। सीओ कैंट अरुण कुमार एस की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच में पता चला कि स्पा सेंटर में मौजूद पांच युवतियां दिल्ली, गाजीपुर, मिर्जापुर और गोरखपुर की रहने वाली हैं। सभी शहर में किराये के मकानों में रह रही थीं। पूछताछ में सामने आया कि उन्हें अच्छी नौकरी, अधिक आय और स्पा में काम दिलाने का झांसा देकर बुलाया गया था। कुछ युवतियों ने बताया कि उन्होंने आनलाइन स्पा सेंटर में नौकरी का विज्ञापन देखा था, जिसके बाद संपर्क किया गया। पुलिस ने उनके बयान दर्ज करने के बाद उन्हें मुक्त कर दिया। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि पूरे नेटवर्क की जांच कराई जा रही है। स्पा सेंटर मालिक के पकड़े जाने पर स्थिति साफ होगी।
तमिलनाडु: सुलूर में लड़की की हत्या के मामले में चार्जशीट दाखिल, पॉक्सो कोर्ट में सुनवाई होगी शुरू
कोयंबटूर जिला पुलिस ने बुधवार को एक विशेष अदालत में उस मामले में चार्जशीट दाखिल की, जो पिछले महीने सुलूर के पास 10 साल की बच्ची के अपहरण, यौन उत्पीड़न और हत्या से जुड़ा है
मेघालय सरकार ने मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों के विदेश दौरों पर छह महीने के लिए रोक लगाई
मेघालय सरकार ने खर्च को तर्कसंगत बनाने और मितव्ययिता (किफायत) की पहल के तहत मंत्रियों, विधायकों और सरकारी अधिकारियों की सरकारी खर्च पर होने वाली सभी विदेश यात्राओं को छह महीने के लिए रोकने का फैसला किया है
कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा में नीमवाला की राइस मिल में धान के स्टॉक में गड़बड़ी मिलने के मामले में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के दो अधिकारियों पर गाज गिरी है। विभाग ने पिहोवा में तैनात AFSO और इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया है। खास बात यह है कि जिस इंस्पेक्टर पर कार्रवाई हुई, उसी ने राइस मिल के खिलाफ केस दर्ज कराया था। विभाग के मुताबिक, चौधरी राइस मिल फिजिकल वेरिफिकेशन (PV) के दौरान धान स्टॉक में भारी कमी मिलने से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि मिल में 24,318.75 क्विंटल धान कम मिला, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 5.81 आंकी गई है। यह कीमत MSP के मुताबिक थी। 39 हजार क्विंटल से ज्यादा धान बांटा पिछले सीजन में विभाग ने चौधरी राइस मिल को कस्टम मिलिंग के लिए करीब 39 हजार क्विंटल धान दिया था। इस धान से तैयार चावल (सीएमआर) की आपूर्ति मिलर को भारतीय खाद्य निगम (FCI) को करनी थी। 25 नवंबर को मुख्यालय की गठित टीम ने AFSO करनाल की अध्यक्षता में मिल की PV की थी। उस समय रिकॉर्ड और स्टॉक में कोई कमी नहीं पाई गई थी। दूसरी जांच में कम मिला धान इस साल 17 मार्च को डीएफएससी कार्यालय के निर्देश पर ASFO शाहाबाद राजीव सैनी और आईएफएस गौरव अरोड़ा की टीम ने दोबारा फिजिकल वेरिफिकेशन की। जांच के दौरान मिल में करीब 24 हजार क्विंटल धान कम मिला। स्टॉक में इतनी बड़ी कमी सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। इंस्पेक्टर रिंकू जांगड़ा ने दर्ज करवाई FIR स्टॉक में कमी मिलने के बाद डीएफएससी कार्यालय के आदेश पर पिहोवा इंचार्ज इंस्पेक्टर रिंकू जांगड़ा ने 17 मार्च को चौधरी राइस मिल के खिलाफ केस दर्ज कराया था। हालांकि बाद में विभागीय जांच में सवाल उठे कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में धान गायब होने की जानकारी समय रहते विभाग को क्यों नहीं मिली और निगरानी व्यवस्था कैसे फेल हुई। हर 15 दिन में देनी होती है रिपोर्ट नियमों के अनुसार कस्टम मिलिंग के लिए दिए गए धान स्टॉक की निगरानी संबंधित इंचार्ज अधिकारी की जिम्मेदारी होती है। इसके तहत हर 15 दिन में स्टॉक की फिजिकल वेरिफिकेशन कर रिपोर्ट विभाग को भेजनी होती है। चौधरी राइस मिल के मामले में यह पाक्षिक रिपोर्ट नियमित रूप से जमा नहीं कराई गई। नवंबर में धान आवंटित होने के बाद से लेकर मार्च तक स्टॉक की निगरानी संबंधी रिपोर्टों को लेकर सवाल खड़े हुए। मार्च में नोटिस दिया गया स्टॉक में कमी सामने आने के बाद डीएफएससी नरेश कुमार ने 20 मार्च को इंस्पेक्टर रिंकू जांगड़ा और एएफएसओ जसबीर सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नोटिस में पूछा गया कि निर्धारित समय पर फिजिकल वेरिफिकेशन रिपोर्ट क्यों जमा नहीं कराई गई। इसके बाद 2 अप्रैल को डीएफएससी ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभाग के डायरेक्टर को शिकायत भेजी गई। दोनों को किया सस्पेंड शिकायत में फिजिकल वेरिफिकेशन और निगरानी में लापरवाही के आरोप लगाए गए थे। विभागीय स्तर पर मामले की समीक्षा के बाद इंस्पेक्टर रिंकू जांगड़ा और एएफएसओ जसबीर सिंह को सस्पेंड कर दिया। उधर, इंस्पेक्टर रिंकू जांगड़ा ने कहा कि उनकी ओर से नियमित रूप से फिजिकल वेरिफिकेशन रिपोर्ट विभाग को भेजी गई है। कल राज्यमंत्री से मिले थे किसान भाकियू पिहोवा के प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच ने कहा कि इस मामले को लेकर राज्यमंत्री राजेश नागर से मिलकर ज्ञापन दिया। राज्यमंत्री के आदेश के बाद ASFO और इंस्पेक्टर पर कार्रवाई की गई। विभाग से दोनों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग रखी है।
ससुर के उत्पीड़न से पीड़ित विधवा को राहत:हाईकोर्ट ने कहा- अलग से मिलेगा बिजली कनेक्शन, निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज की एक विधवा को तत्काल बिजली कनेक्शन दिलाने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय तथा न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने यह आदेश दिया है। प्रयागराज के अहियापुर स्थित मकान नंबर 96-ए में रहने वाली याची महिला अपने पति की मृत्यु के बाद से ससुराल के उत्पीड़न का शिकार थी। महिला ने घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 के तहत मजिस्ट्रेट की अदालत में शिकायत की थी, जिस पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट प्रयागराज ने 22 सितंबर 2025 को आदेश दिया था कि ससुर महिला को उसके हिस्से से बेदखल नहीं कर सकते। इस आदेश को विफल करने के लिए ससुर ने 12 मई 2026 को महिला के हिस्से की बिजली काट दी। बिजली विभाग के अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद महिला को नया कनेक्शन नहीं मिला, जिसके बाद उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने बिजली काटने को घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत पारित संरक्षण आदेश का उल्लंघन मानते हुए आदेश दिया और कहा महिला 10 जून 2026 को सुबह 11 बजे तक 3,000 रूपये मीटर शुल्क जमा करे। अधिशासी अभियंता, नगरीय विद्युत वितरण खंड महिला को ऑनलाइन आवेदन में पूरी सहायता प्रदान करें 10 जून 2026 को शाम 4 बजे तक महिला के हिस्से में बिजली बहाल की जाए। कोर्ट ने कहा पुराने बकाये का बोझ महिला पर नहीं डाला जाएगा। वह देनदारी ससुर के खाते में है। कोर्ट के आदेश की प्रति उसी दिन रात 10 बजे तक यूपी पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन और संबंधित अधिकारियों को ई-मेल व अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजी जाए। मामले की अगली सुनवाई 11 जून 2026 को होगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुजफ्फरनगर जिले के एक पत्रकार अर्जुन पवार की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी। कोर्ट ने राज्य सरकार से याचिका पर जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति लक्ष्मी कांत शुक्ल की खंडपीठ ने यह आदेश दिया है। याची ने अपनी पेशेवर जिम्मेदारी निभाते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले कई लेख प्रकाशित किए थे। इन लेखों से प्रभावित होकर प्रतिवादी शिकायतकर्ता ने 2 मई 2026 को थाना बुढ़ाना, जिला मुजफ्फरनगर में धारा 308(6) बी एन एस के तहत एफआईआर दर्ज कराया। याची अधिवक्ता ने तर्क दिया कि दर्ज एफआईआर पूरी तरह दुर्भावनापूर्ण है और इसका मकसद सरकारी संस्थाओं की रचनात्मक आलोचना को दबाना है। अधिवक्ता ने सर्वोच्च न्यायालय के सालिब @ शालू @ सलीम बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के फैसले का हवाला देते हुए कोर्ट को याद दिलाया कि जब किसी एफआईआर के पीछे व्यक्तिगत दुर्भावना या बदले की भावना हो, तो अदालत का यह कर्तव्य है कि वह केवल एफआईआर की इबारत तक सीमित न रहे, बल्कि समस्त परिस्थितियों की गहराई से जांच करे। कोर्ट ने कहा शिकायतकर्ता प्रतिवादी और सरकारी अधिवक्ता चार सप्ताह के भीतर प्रति-शपथपत्र दाखिल करे। अगली सुनवाई की तारीख तक अथवा पुलिस रिपोर्ट दाखिल होने तक जो भी पहले हो याची को गिरफ्तार न किया जाय। यह मामला पत्रकारिता की स्वतंत्रता और सरकारी तंत्र की जवाबदेही के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इंदौर में चल रहे BRICS कृषि सम्मेलन के तहत बुधवार को चीन, रूस, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका समेत करीब 20 देशों के प्रतिनिधियों ने ऐतिहासिक राजवाड़ा का दौरा किया। कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने यहां होलकरकालीन इतिहास, संस्कृति और खेती-किसानी से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इतिहासकार जफर अंसारी ने दैनिक भास्कर से बताया कि प्रतिनिधियों को होलकर रियासत के दौर में कृषि क्षेत्र में हुए विकास की जानकारी दी गई। इसके लिए उनके निजी संग्रह में मौजूद कई दुर्लभ दस्तावेज, रिकॉर्ड और ऐतिहासिक सामग्री भी दिखाई गई। इनमें होलकर स्टेट के कृषि विभाग से जुड़े दस्तावेज, गांवों की सूची और किसानों के लिए की गई व्यवस्थाओं का रिकॉर्ड शामिल था। खेती-किसानी से जुड़े दस्तावेजों में दिखाई दिलचस्पी विदेशी प्रतिनिधियों ने खास तौर पर यह जानने में रुचि दिखाई कि होलकर शासनकाल में खेती कैसे की जाती थी और किसानों के लिए क्या व्यवस्थाएं थीं। उन्होंने कृषि से जुड़े पुराने दस्तावेजों को ध्यान से देखा और कई सवाल भी पूछे। राजवाड़ा की खूबसूरती और इतिहास ने किया प्रभावित प्रतिनिधियों ने राजवाड़ा की नक्काशी, वास्तुकला और देवी अहिल्याबाई होलकर से जुड़े इतिहास में खास दिलचस्पी दिखाई। उन्हें राजवाड़ा के निर्माण, उसकी ऐतिहासिक भूमिका और होलकर रियासत में उसके महत्व के बारे में जानकारी दी गई। इंदौर की कपास और व्यापार व्यवस्था को समझा दौरे के दौरान विदेशी मेहमानों ने इंदौर के पुराने व्यापार और कपास उत्पादन के बारे में भी जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि काली मिट्टी और अनुकूल मौसम की वजह से यहां उच्च गुणवत्ता वाली कपास पैदा होती थी। एक समय इंदौर में छह बड़ी कपास मिलें थीं, जिनका शहर के विकास में बड़ा योगदान रहा। ऑर्गेनिक कम्पोस्ट मॉडल की सराहना प्रतिनिधियों को इंदौर में विकसित ऑर्गेनिक कम्पोस्ट मॉडल के बारे में भी बताया गया। उन्हें जानकारी दी गई कि इसके उपयोग से बेहतर गुणवत्ता वाली कपास की फसल होती थी। इस मॉडल को लेकर विदेशी मेहमानों ने काफी रुचि दिखाई और विस्तार से जानकारी ली। दुर्लभ ऐतिहासिक वस्तुएं भी देखीं राजवाड़ा में प्रतिनिधियों को स्वर्ण और रजत से बनी कई ऐतिहासिक वस्तुएं भी दिखाई गईं। इन दुर्लभ धरोहरों को देखकर वे काफी प्रभावित हुए और उनके बारे में कई सवाल पूछे। इसलिए राजवाड़ा लाए गए विदेशी मेहमान जफर अंसारी के मुताबिक 1747 में बना राजवाड़ा होलकर रियासत का प्रमुख महल और प्रशासनिक केंद्र रहा है। इंदौर की संस्कृति, इतिहास और विरासत को करीब से दिखाने के लिए BRICS सम्मेलन में शामिल विदेशी प्रतिनिधियों को यहां लाया गया। राजवाड़ा आज भी इंदौर की पहचान का सबसे प्रमुख प्रतीक माना जाता है।
ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं मुख्यवादी आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने कुछ कथित व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों का हवाला देते हुए दावा किया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के प्रयास किए गए थे। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए प्रशासन को शिकायत भेजी है। साथ ही उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराकर वास्तविक तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य महाराज से जुड़े कथित वीडियो, ऑडियो एवं डिजिटल साक्ष्यों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को विस्तृत शिकायत भेजी है। आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज का कहना है कि उनके पास स्वामी रामभद्राचार्य जी से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री उपलब्ध है, जिसे वे किसी भी सक्षम जांच एजेंसी को सौंपने के लिए तैयार हैं। उन्होंने मांग की है कि हाल ही में प्रसारित वीडियो सामग्री, उसके निर्माण की परिस्थितियों तथा उसमें शामिल व्यक्तियों, विशेष रूप से रामचंद्र दास उर्फ जय मिश्रा की भूमिका की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। आवश्यकता पड़ने पर वीडियो एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का तकनीकी और फॉरेंसिक परीक्षण भी कराया जाए। उन्होंने यह भी मांग की है कि स्वामी रामभद्राचार्य का बयान किसी भी प्रकार के बाहरी प्रभाव से मुक्त वातावरण में किसी वरिष्ठ अधिकारी द्वारा दर्ज कराया जाए। साथ ही वर्षों से उनके साथ जुड़े शिष्यों, सेवकों एवं सहयोगियों के बयान भी लिए जाएं ताकि पूरे मामले की वस्तुस्थिति सामने आ सके। व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड का भी किया जिक्र आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने अपनी शिकायत में कुछ कथित व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का भी उल्लेख किया है। उनके अनुसार इन चैट में रामचंद्र दास उर्फ जय मिश्रा और अन्य व्यक्तियों के बीच हुई बातचीत दिखाई गई है, जिसमें कथित रूप से कुछ धार्मिक व्यक्तियों एवं संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई कराने, शिकायत दर्ज कराने और प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क कराने जैसी बातें दर्ज हैं। शिकायत के अनुसार उपलब्ध चैट में अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती एवं उनके शिष्य मुकुंदानंद के विरुद्ध पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने की चर्चा दिखाई गई है। साथ ही शिकायतकर्ता को थाना स्तर पर तहरीर देने और आगे अधिकारियों से संपर्क कराने का आश्वासन दिए जाने का भी दावा किया गया है। कथित चैट में आप केवल तहरीर दे दो, मैं फोन कराऊंगा, अवनीश अवस्थी जी से बात करता हूं और रुको जैसे संदेश होने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इन संदेशों की सत्यता और परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। धार्मिक संस्थाओं में हस्तक्षेप के आरोप शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि उपलब्ध चैट में विभिन्न आश्रमों एवं धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन, कब्जे संबंधी विवादों तथा वहां रहने वाले संतों एवं सेवकों को हटाने को लेकर भी बातचीत दर्ज है। आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज का कहना है कि यदि ये डिजिटल साक्ष्य जांच में सही पाए जाते हैं तो यह धार्मिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर विषय हो सकता है। निष्पक्ष जांच की मांग आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना नहीं है, बल्कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कराना है। उन्होंने मांग की है कि व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड, संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और कथित प्रशासनिक संपर्कों की स्वतंत्र जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार का षड्यंत्र, दबाव, झूठा मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास अथवा धार्मिक संस्थाओं में अवैध हस्तक्षेप हुआ है तो उसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए। साथ ही उन्होंने स्वामी रामभद्राचार्य की सुरक्षा, स्वतंत्रता और सम्मान सुनिश्चित किए जाने की भी मांग की है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक इस संबंध में आरोपित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की पुष्टि और आरोपों की सत्यता जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
विश्व हिंदू परिषद द्वारा मेरठ क्षेत्र का दस दिवसीय परिषद शिक्षा वर्ग मथुरा में आयोजित किया है। इस शिक्षा वर्ग में मेरठ, बृज और उत्तराखंड प्रांत के 200 से ज्यादा पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए हैं। इस दस दिवसीय शिक्षा वर्ग का शुभारंभ विहिप के अंतर्राष्ट्रीय संरक्षक दिनेश जी द्वारा किया गया। उदघाटन सत्र से पहले अतिथियों ने गौ माता का पूजन किया। दीप प्रज्वलन कर हुआ शुभारंभ उद्घाटन सत्र से पूर्व मुख्य अतिथि दिनेश चंद्र जी अंतरराष्ट्रीय संरक्षक विश्व हिन्दू परिषद, महंत प्रहलाद दास महाराज, जगतगुरु भैया जी महाराज, स्वामी देवस्वरूपानंद महाराज, क्षेत्र संगठन मंत्री मुकेश खांडेकर,प्रांत अध्यक्ष कन्हैया लाल अग्रवाल, वर्ग प्रमुख यशपाल, वर्ग पालक रविन्द्र लांबा द्वारा संयुक्त रूप से गौ पूजन एवं भारत माता का पूजन किया गया। तत्पश्चात उद्घाटन सत्र का प्रारंभ अतिथियों द्वारा राम दरबार, चक्र धारी कृष्ण एवं भारत माता के चित्रों पर माल्यार्पण करके व दीप प्रज्ज्वलित करके किया। उद्घाटन सत्र में उपस्थित संतो ने अपना आशीर्वचन दिये। यह रहे मौजूद उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक दिनेश जी ने कहा कि वर्ग से कार्यकर्ताओं का निर्माण होता है और संगठन को मजबूती मिलती है। कार्यक्रम के दौरान मुकेश खांडेकर क्षेत्र संगठन मंत्री, मुकेश शुक्ला क्षेत्र सेवा प्रमुख, प्रांत अध्यक्ष कन्हैया लाल अग्रवाल प्रांत संगठन मंत्री, राजेश कुमार, प्रांत सह मंत्री, राकेश त्यागी, अभय प्रताप सिंह, महानगर अध्यक्ष गोकुलेश गौतम एडवोकेट,वत्सल भाटिया ,नितिन चौधरी, पवन शर्मा, आशीष शर्मा आदि उपस्थित रहे।
एसएमएस हॉस्पिटल थाना पुलिस ने संगठित मोबाइल चोरी गिरोह का खुलासा करते हुए दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 1.5 लाख रुपये से अधिक कीमत के 8 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपी चोरी किए गए मोबाइल अपराधियों तक पहुंचाने का काम भी करते थे। डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा ने बताया कि 9 जून को सुतान योगी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पत्नी एसएमएस अस्पताल में भर्ती थी और वह रात में अस्पताल में ही सो गया था। इसी दौरान किसी ने उसकी जेब से मोबाइल फोन चोरी कर लिया। शिकायत के आधार पर थाना एसएमएस अस्पताल में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने अस्पताल परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपियों सलीम खान उर्फ छमिया और मुन्ना उर्फ ईद्दू की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी किया गया मोबाइल और अन्य 7 मोबाइल फोन बरामद किए। अस्पतालों और बस स्टैंड पर सो रहे लोगों को बनाते थे निशाना पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे एसएमएस अस्पताल, महिला चिकित्सालय सांगानेरी गेट, जनाना अस्पताल चांदपोल और विभिन्न बस स्टैंडों पर रात के समय सो रहे लोगों की रेकी करते थे। मौका मिलते ही उनकी जेबों से मोबाइल फोन चोरी कर फरार हो जाते थे। चोरी के मोबाइल अपराधियों तक पहुंचाते थे जांच में सामने आया कि आरोपी संगठित तरीके से मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। चोरी किए गए मोबाइलों को आगे अपराधियों और संदिग्ध व्यक्तियों तक पहुंचाने का काम भी करते थे। पुलिस अब इनके नेटवर्क और चोरी के मोबाइलों की खरीद-फरोख्त से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुन्ना उर्फ ईद्दू (32) पुत्र इकरामुद्दीन, निवासी न्यू संजय नगर, हाल बजरंग नगर कच्ची बस्ती, भट्टा बस्ती और सलीम खान उर्फ छमिया (28) निवासी बिहारीयों का टीबा, भट्टा बस्ती के रूप में हई। आरोपी मुन्ना उर्फ ईद्दू के खिलाफ लूट, चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य मामलों सहित 10 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं सलीम खान उर्फ छमिया के खिलाफ चोरी, नकबजनी, आर्म्स एक्ट और अन्य अपराधों के एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। बरामद किए गए मोबाइल पुलिस ने आरोपियों से विभिन्न कंपनियों के 8 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें वीवो, रेडमी, ओप्पो और टेक्नो कंपनियों के स्मार्टफोन शामिल हैं। कई मोबाइल लॉक अवस्था में मिले हैं, जिनके वास्तविक मालिकों का पता लगाया जा रहा है।
सोडाला थाना पुलिस ने नंदपुरी क्षेत्र में हुई लूट और छीनाझपटी की वारदात का खुलासा करते हुए शातिर अपराधी शिवा थनवाल उर्फ अंशु को गिरफ्तार किया है। पुलिस अन्य आरोपियों तथा लूटी गई रकम की बरामदगी के प्रयास कर रही है। डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि पीड़ित लक्ष्मण सिंह (35) ने सोडाला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि वह बेलदारी का काम करता है और 7 जूनकी शाम करीब 5:30 बजे काम से घर लौट रहा था। नंदपुरी की गली नंबर-7 स्थित शनि मंदिर के पास शिवा थनवाल, उसके भाई अंशु थनवाल और उनके साथी रोहित ने उसका रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और 3 हजार रुपये छीनकर फरार हो गए। मामले में थाना सोडाला में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने लगातार सूचना संकलन, तकनीकी संसाधनों का उपयोग और क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की जांच की। वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों का बारीकी से विश्लेषण कर आरोपी की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने शिवा थनवाल उर्फ अंशु को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने वारदात करना स्वीकार कर लिया। पहले भी कई मामलों में शामिल रहा है आरोपी गिरफ्तार आरोपी शिवा थनवाल उर्फ अंशु (24) पुत्र छोटू, निवासी गली नंबर-7, नंदपुरी, सोडाला का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ विभिन्न थानों में करीब एक दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह पूर्व में भी पुलिस गिरफ्तारी से बचकर फरार हो चुका है और उसके खिलाफ पुलिस हिरासत से भागने का मामला भी दर्ज है। नशे की लत पूरी करने के लिए करते थे लूटपाट पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह और उसके साथी स्मैक के नशे के आदी हैं। नशे की जरूरत पूरी करने के लिए वे सुनसान रास्तों और अंधेरे स्थानों पर गरीब, मजदूर और अकेले लोगों को निशाना बनाते थे। मारपीट कर उनसे नकदी छीन लेते थे और उसी रकम से नशा खरीदते थे। अन्य वारदातों के खुलासे की संभावना पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर लूट की रकम और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पूछताछ में आरोपी से और भी वारदातों का खुलासा होने की संभावना है।
बुलंदशहर सीएमओ मेडिकल बोर्ड गठित करें:यौन शोषण पीड़ित नाबालिग के मामले में हाईकोर्ट का आदेश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुलंदशहर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) और जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि वे यौन शोषण की शिकार एक नाबालिग लड़की की चिकित्सीय जांच के लिए तत्काल मेडिकल बोर्ड का गठन करें। न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ यह आदेश दिया। याचिका में बताया गया कि पीड़िता यौन शोषण के कारण गर्भवती हो गई है और वह गर्भ का चिकित्सीय समापन चाहती है। आरोपी के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज है। इसके बावजूद सीएमओ और जिलाधिकारी उसके आवेदन पर ध्यान नहीं दे रहे थे। कोर्ट ने कहा10 जून 2026 तक मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाए। उसी दिन पीड़िता की संपूर्ण चिकित्सीय जांच पूरी की जाए। पीड़िता 10 जून को सुबह 10 बजे सीएमओ कार्यालय में उपस्थित हो। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में 11 जून को दोपहर 2 बजे न्यायालय में पेश की जाए। रजिस्ट्रार (अनुपालन) उसी दिन आदेश की प्रति ईमेल व अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से रात 10 बजे तक संबंधित अधिकारियों को भेजें।पीड़िता की पहचान किसी भी सरकारी दस्तावेज में उजागर न हो। अदालत ने स्पष्ट कहा कि जब कोई यौन शोषण पीड़िता गर्भ समापन के लिए आवेदन करे, तो अधिकारियों को बिना देरी के त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए। मामले की अगली सुनवाई 11 जून 2026 को दोपहर 2 बजे होगी।
जम्मू-कश्मीर घूमकर लौट रहे लखनऊ के एक परिवार की स्कॉर्पियो गंगा एक्सप्रेसवे पर डिवाइडर से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में चमड़ा कारोबारी अबू वकर (40), उनकी भाभी हिना (28) और 15 वर्षीय भांजी जुनैरा की मौत हो गई, जबकि परिवार के आठ अन्य सदस्य घायल हो गए। इनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह चालक को आई झपकी मानी जा रही है। दुर्घटना के समय स्कॉर्पियो अबू वकर स्वयं चला रहे थे। पीछे चल रही कार के चालक ने देखा हादसा हादसा बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे अमरोहा जिले के सैदनगली क्षेत्र में हुआ। स्कॉर्पियो के पीछे कार से आ रहे प्रत्यक्षदर्शी तौकीर ने बताया कि वाहन अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराया। टक्कर इतनी तेज थी कि गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घायलों में शामिल अबू वकर के भाई मोहम्मद उमर ने बताया कि परिवार लखनऊ के चौक स्थित नक्खास इलाके की शीरमाल वाली गली का रहने वाला है। बच्चों की गर्मी की छुट्टियों में पूरा परिवार 1 जून को जम्मू-कश्मीर घूमने गया था। मंगलवार रात वापसी के लिए रवाना हुआ था, लेकिन बुधवार सुबह रास्ते में हादसा हो गया। 8 लोग घायल, कई की हालत गंभीर हादसे में अबू वकर की पत्नी कुलसुम (38), भाई मोहम्मद उमर (32), भांजी सिदरा (14), भांजी हनिया (2), हिना का बेटा मोहम्मद (4), अफ्फान, अफीफा (7) और हामना (10) घायल हुए हैं। सभी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गंभीर घायलों पर चिकित्सकों की विशेष निगरानी रखी जा रही है। संभल पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल अमरोहा जिले में हादसा होने के बावजूद घटनास्थल संभल जिले की सीमा के अधिक करीब था। सूचना मिलते ही कैलादेवी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अस्पताल भिजवाया। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि प्रारंभिक जांच में चालक को नींद की झपकी आने की बात सामने आई है। दुर्घटना के अन्य कारणों की भी जांच की जा रही है। हादसे की खबर मिलते ही घर में मचा कोहराम लखनऊ में जैसे ही परिवार को हादसे की सूचना मिली, घर में कोहराम मच गया। परिजन और पड़ोसी बड़ी संख्या में घर पहुंच गए। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। आसपास के लोग उन्हें सांत्वना देते रहे, लेकिन परिवार के सदस्यों के आंसू नहीं थम रहे थे। पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है।
नगर निगम इंदौर सीमा क्षेत्र में संचालित सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों, दुकानों और संस्थानों के लिए नगर निगम द्वारा जारी ट्रेड लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य है। निगम प्रशासन द्वारा व्यापारियों और संस्थान संचालकों से अपील की गई है कि जिनके पास ट्रेड लाइसेंस नहीं है या जिनका लाइसेंस खत्म हो गया है, वे निर्धारित समय सीमा में नया लाइसेंस बनवाने या उसका रिन्यूअल जरूर कराएं। नगर निगम द्वारा स्पष्ट किया गया है कि बिना वैध ट्रेड लाइसेंस के व्यवसाय संचालन करना नियमों के खिलाफ है। ऐसे व्यापारिक प्रतिष्ठान, दुकानें और संस्थान जो ट्रेड लाइसेंस नहीं बनवाते है या समय पर रिन्यूअल नहीं कराते हैं, उनके खिलाफ निगम द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। संबंधित दुकान या संस्थान को सील करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है। निगम प्रशासन ने सभी व्यापारियों को सूचित किया है कि आगामी 7 दिन अपना ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य रूप से बनवा लें या उसका नवीनीकरण करा लें। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद नगर निगम द्वारा विशेष अभियान चलाकर जांच एवं कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यवसायी एवं संस्थान संचालक की होगी। ऑनलाइन भी कर सकेंगे आवेदन व्यवसायी ट्रेड लाइसेंस के लिए नगर निगम की वेबसाइट www.mpenagarpalika.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या नगर पालिक निगम इंदौर के लाइसेंस विभाग में कार्यालयीन समय के दौरान संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। लाइसेंस के रिन्यूअल के लिए ये है जरूरी डॉक्यूमेंट्स ट्रेड लाइसेंस के रिन्यूअल के लिए केवल पिछले साल का ट्रेड लाइसेंस या उसकी रसीद पेश करना जरूरी होगा। नवीन ट्रेड लाइसेंस बनवाने के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स
लखनऊ के लालबाग स्थित भोपाल हाउस परिसर में बनी महर्षि सुपंच सुदर्शन वाटिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं। करीब 15 वर्ष पहले करोड़ों रुपए की लागत से विकसित किए गए इस पार्क को एलडीए ने पुनर्विकास के लिए तोड़ दिया है। अब इसे नए स्वरूप में तैयार करने पर लगभग 50 लाख रुपए खर्च किए जाने की तैयारी है। हजरतगंज क्षेत्र के सौंदर्यीकरण अभियान के तहत वर्ष 2010 के आसपास इस वाटिका को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया गया था। पार्क में आकर्षक फव्वारे, लोहे की सजावटी बेंचें, मुक्ताकाशी मंच और हरित क्षेत्र तैयार किया गया था। लंबे समय तक यह क्षेत्र स्थानीय लोगों और सांस्कृतिक आयोजनों का केंद्र बना रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित रखरखाव की कमी से पार्क की चमक जरूर फीकी पड़ी थी, लेकिन यहां लगे अधिकांश निर्माण, टाइल्स और मंच अच्छी स्थिति में थे। इसके बावजूद एलडीए ने पूरे परिसर को जेसीबी से तोड़ना शुरू कर दिया। कई मजबूत संरचनाएं आसानी से नहीं टूटीं तो उन्हें मशीनों की मदद से ध्वस्त किया गया। पार्क को पूरी तरह खोद दिए जाने के बाद अब यहां नए सिरे से सौंदर्यीकरण की योजना बनाई जा रही है। इसे लेकर लोगों के बीच यह चर्चा है कि जब मौजूदा संरचनाएं उपयोग योग्य थीं, तो उन्हें हटाकर दोबारा निर्माण पर सरकारी धन खर्च करने की जरूरत क्यों पड़ी। एलडीए के सहायक अभियंता प्रवीन कुमार के मुताबिक, पार्क में लगा फव्वारा लंबे समय से बंद था और कई बेंचें भी क्षतिग्रस्त हो चुकी थीं। इसी वजह से पार्क का पुनर्विकास कर इसे पहले से बेहतर स्वरूप देने की योजना बनाई गई है। पार्क के पुनर्विकास को लेकर अब एलडीए की कार्यप्रणाली और सार्वजनिक धन के उपयोग पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नए निर्माण के साथ-साथ पुराने खर्च और रखरखाव की जिम्मेदारी की भी समीक्षा होनी चाहिए।
लखनऊ में होटल और रेस्टोरेंट की अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बुधवार को एलडीए और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने निराला नगर क्षेत्र में कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कुछ होटलों में स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण कार्य मिलने पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर गठित टीम ने दिल्ली में हाल ही में हुए होटल अग्निकांड के बाद शहर की बहुमंजिला इमारतों में सुरक्षा मानकों की पड़ताल शुरू की है। इसी क्रम में अपर सचिव सीपी त्रिपाठी के पर्यवेक्षण में प्रवर्तन जोन-4 के जोनल अधिकारी माधवेश कुमार और अग्निशमन अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया। टीम ने होटल सैंडस्टोन, होटल रेग्नेंट, होटल गोल्डन ऑर्किड, होटल नेक्टर इन, रघुवीर पैलेस, कपूर्स डॉट इन और रेनबो गोल्ड इन की जांच की। निरीक्षण के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में स्वीकृत भवन मानचित्र के मुकाबले आंशिक विचलन पाया गया। ऐसे मामलों में होटल संचालकों और प्रबंधकों को नोटिस जारी किए जाएंगे। जांच के दौरान तीन होटल प्रबंधन मौके पर स्वीकृत भवन मानचित्र प्रस्तुत नहीं कर सके। टीम ने उन्हें तीन दिनों के भीतर स्वीकृत नक्शा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। एलडीए अधिकारियों के अनुसार निर्धारित समय में दस्तावेज प्रस्तुत न करने या नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बरेली में तूफान के साथ जोरदार बारिश:90 की स्पीड से चली हवा, पूरे शहर की बिजली कटी
बरेली में बुधवार देर रात अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। शहर और आसपास के इलाकों में 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आए भीषण आंधी-तूफान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया। आंधी इतनी तेज थी कि कई जगहों पर पेड़ और होर्डिंग्स गिर गए, जिससे जगह-जगह अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तेज गर्जना और तूफानी हवाओं को देख लोग दहशत में आ गए। मौसम विभाग ने बरेली की स्थिति को देखते हुए गंभीर चेतावनी जारी की है। विभाग ने अगले 3 घंटे के लिए बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और हरदोई जिलों के लिए हाई अलर्ट घोषित किया है। लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। 3 तस्वीरें देखिए- 7 से 8 घंटे तक गुल रही बिजली आपूर्ति तेज आंधी-तूफान के कारण शहर की विद्युत व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। मुख्य अभियंता, बरेली जोन-1 ने सभी उपभोक्ताओं को सूचित किया है कि भीषण हवाओं के चलते सुरक्षा की दृष्टि से विद्युत आपूर्ति को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। क्षेत्र में पेड़ों की अधिकता के कारण विद्युत लाइनों और पोलों पर उनके गिरने का भारी खतरा बना हुआ है, जिससे बड़ी क्षति हो सकती है। बिजली विभाग की टीमें सक्रिय हैं, लेकिन आपूर्ति सामान्य होने में अभी 7 से 8 घंटे का समय लग सकता है। विभाग ने उपभोक्ताओं से इस संकट की घड़ी में धैर्य रखने और सहयोग करने की अपील की है।
KGMU में रेजिडेंट डॉक्टर और SGPGI में कर्मचारी की बेटी से जुड़े कथित धर्मांतरण प्रकरण को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने गंभीरता से लिया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रदेश के सभी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में धर्मांतरण रोकथाम सेल बनाने के निर्देश दिए गए हैं। लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेई चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी संबद्ध कॉलेजों को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। कुलाधिपति के विशेष कार्याधिकारी डॉ. सुधीर एम बोबड़े की ओर से विश्वविद्यालय को पत्र भेजकर जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए। इसके बाद अटल बिहारी वाजपेई चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अमित देवगन के निर्देश पर कुलसचिव ने सभी संबद्ध मेडिकल और डेंटल कॉलेजों को पत्र जारी किया है। जिसमें कॉलेजों को अपने संस्थानों में धर्मांतरण से जुड़े मामलों की रोकथाम के लिए एक विशेष सेल गठित करने को कहा गया है। यह सेल विद्यार्थियों, डॉक्टरों और कर्मचारियों के बीच जागरूकता बढ़ाने के साथ किसी भी संदिग्ध गतिविधि की निगरानी करेगा। इसके अलावा कॉलेज प्रशासन को जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसमें छात्रों और कर्मचारियों को नियमों, अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का उद्देश्य है कि शैक्षणिक संस्थानों में स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण बना रहे। धर्मांतरण की घटनाएं को रोकने के लिए पहल KGMU और SGPGI से जुड़े कथित धर्मांतरण मामलों ने चिकित्सा संस्थानों में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे। इसके बाद शासन स्तर पर इस दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी कॉलेजों से जल्द सेल गठित कर उसकी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। साथ ही किसी भी तरह की शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्यपाल के निर्देश के बाद प्रदेश के मेडिकल संस्थानों में धर्मांतरण से जुड़े मामलों को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। कॉलेज प्रशासन अब विद्यार्थियों और कर्मचारियों के बीच संवाद बढ़ाने पर भी जोर देगा, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
बिहार में मुखिया 1.20 लाख रुपए रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार
बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो भ्रष्टाचार के मामले को लेकर लगातार छापेमारी कर रही है। इसी क्रम में ब्यूरो की एक विशेष टीम ने बुधवार को समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के एक पंचायत के मुखिया को 1.20 लाख रुपए रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया
बस्ती में युवक ने मां की हत्या की झूठी सूचना:पुलिस को गुमराह करने पर आरोपी गिरफ्तार, भेजा न्यायालय
बस्ती में एक युवक को अपनी मां की हत्या की झूठी सूचना देना महंगा पड़ गया। युवक ने डायल 112 और कोतवाली पुलिस को यह जानकारी दी थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची, लेकिन जांच में यह असत्य पाई गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया। पुलिस के अनुसार, यह घटना बुधवार तड़के करीब 1.35 बजे की है। मालवीय रोड, बभनगांवा गांधीनगर निवासी चंद्रकांत पांडेय ने डायल 112 पर सूचना दी थी कि उसके भाई सनिकांत ने उनकी मां की हत्या कर दी है। हत्या जैसी गंभीर सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और डायल 112 की टीम तुरंत सक्रिय हो गई। पुलिस टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं और जांच शुरू की। मौके पर तथ्यों की पड़ताल करने पर सूचना पूरी तरह झूठी निकली। जांच में न तो किसी हत्या की पुष्टि हुई और न ही किसी प्रकार की आपराधिक घटना सामने आई। पुलिस ने सूचना देने वाले चंद्रकांत पांडेय से पूछताछ की, जिसमें उसके द्वारा दी गई जानकारी भ्रामक और असत्य पाई गई। आवश्यक जांच और पूछताछ के बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपी चंद्रकांत पांडेय को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय रवाना कर दिया। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली मोतीचंद, गांधीनगर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक सभा शंकर यादव, कांस्टेबल धीरज यादव तथा आरक्षी आदर्श वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
जांच कौन करेगा, सब बेईमान हैं:राम मंदिर चढ़ावा मामले में महंत कमलनयन दास बोले- कोई दूध का धुला नहीं
अयोध्या के श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान व्यवस्था को लेकर उठे विवाद पर अयोध्या के प्रमुख महंत ने बड़ा बयान दिया है। श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने पूरे प्रकरण पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं कोई गड़बड़ी हुई है, तो उसकी जांच अवश्य होनी चाहिए, लेकिन आज जांच करने वालों की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े हैं। महंत बोले- भगवान ही न्याय करेंगे महंत कमल नयन दास ने कहा- आज स्थिति ऐसी है कि सब एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. जो जांच कर रहे हैं, उनकी ईमानदारी पर भी सवाल हैं। ऐसे में निष्पक्ष जांच कैसे होगी? अंततः भगवान ही सब देख रहे हैं और वही न्याय करेंगे। आज जो लोग राम मंदिर और ट्रस्ट पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें भी अपने आचरण का आत्ममंथन करना चाहिए। जो लोग आज दूसरों पर उंगली उठा रहे हैं, क्या उन्होंने अपने जीवन में कभी कोई गलती नहीं की? जो कभी साइकिल पर चलते थे, वे आज बड़ी-बड़ी गाड़ियों में घूम रहे हैं और आलीशान भवनों में रह रहे हैं. आखिर यह सब कैसे हुआ, इसका जवाब भी समाज को मिलना चाहिए। हमारा लक्ष्य सेवा और समाज का कल्याण राम जन्मभूमि आंदोलन को याद करते हुए महंत कमल नयन दास ने कहा- उनके लिए हमेशा राष्ट्र और राम जन्मभूमि सर्वोपरि रहे हैं। कहा- हमने राम जन्मभूमि के लिए अपना जीवन समर्पित किया, जो करना था, वह हमने कर दिया। आज भी हमारा लक्ष्य सेवा और समाज का कल्याण है। किसी व्यक्ति विशेष या राजनीतिक विवाद से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। दान और चढ़ावे के संबंध में उन्होंने कहा कि वर्षों तक मंदिरों में आने वाले सोने-चांदी और अन्य दान का हिसाब-किताब रखा जाता रहा है। कई बार श्रद्धालुओं द्वारा बिना नाम बताए भी बड़ी मात्रा में दान दिया जाता था, जिसकी जानकारी संबंधित व्यवस्थाओं में दर्ज होती रही है। संदेह है, तो जांच होनी चाहिए हालांकि महंत कमल नयन दास ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि राम जन्मभूमि से जुड़े किसी भी मामले में संदेह है, तो उसकी जांच होनी चाहिए, लेकिन जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। अंततः हर व्यक्ति को अपने कर्मों का फल अवश्य मिलता है और भगवान के न्याय से कोई नहीं बच सकता। राम मंदिर के दान और चढ़ावे को लेकर चल रही बहस के बीच संत समाज के इस वरिष्ठ चेहरे का बयान चर्चा का विषय बन गया है। उनके वक्तव्य ने एक ओर जांच की मांग का समर्थन किया है, तो दूसरी ओर जांच एजेंसियों और व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े किए है।
सोनभद्र में किशोरी ने सुसाइड किया:बहन से हुआ था झगड़ा, कमरे में जाकर फांसी लगाई
सोनभद्र के चोपन थाना क्षेत्र में एक 16 वर्षीय किशोरी ने अपनी बहन से हुए मामूली विवाद के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। चोपन बैरियर स्थित कांशीराम आवास बस्ती निवासी तरबेज आलम की 16 वर्षीय पुत्री खुशी, का अपनी बहन से किसी बात पर विवाद हो गया था। विवाद के बाद खुशी अपने कमरे में चली गई और वहां फांसी लगा ली। काफी देर तक खुशी के दिखाई न देने पर परिजनों ने उसकी तलाश की। जब वे कमरे में पहुंचे, तो खुशी को फंदे से लटका पाया। परिजन उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) चोपन ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर चोपन पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आवश्यक जांच-पड़ताल के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। सीएचसी चोपन के डॉ. नवनीत श्रीवास्तव ने बताया कि किशोरी को अस्पताल मृत अवस्था में लाया गया था। प्राथमिक परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि प्रारंभिक जानकारी में पारिवारिक विवाद की बात सामने आई है।
दहेज हत्या के आरोप में पिता-पुत्र गिरफ्तार:बभनी पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जेल भेजा गया
बभनी थाना पुलिस ने बुधवार को दहेज हत्या के आरोप में फरार चल रहे पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। बता दे कि मगरमाड़ गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में पति, सास और ससुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। उसके बाद से ही पति और ससुर फरार चल रहे थे। बभनी थाने के प्रभारी निरीक्षक डीपी यादव ने बताया कि बीते शुक्रवार की रात मगरमाड़ गांव में अर्चना देवी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला था। मृतका के मायके पक्ष ने दहेज उत्पीड़न और दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए पति समेत सास-ससुर के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बुधवार सुबह मृतका के ससुर कन्हैयालाल और पति रामसजीवन को कारीडांड आश्रम मोड़ से गिरफ्तार कर लिया। प्रभारी निरीक्षक डीपी यादव ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ में युवक फंदे से झूला:कमरे में शव लटकता मिला, पुलिस जांच में जुटी
मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के किदवई नगर में बुधवार सुबह एक युवक का शव उसके घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। इस घटना से परिवार और मोहल्ले में मातम छा गया। मृतक की पहचान 23 वर्षीय सुबान पुत्र इकरामुद्दीन के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि सुबान कबाड़ के कारोबार से जुड़ा था। परिजनों के अनुसार, सुबान लंबे समय से नशे का आदी था। इस कारण उसका व्यवहार बदल गया था और वह अक्सर परेशान रहता था। सुबान को पंखे से लटका देखा बुधवार सुबह परिवार के सदस्य जब घर की ऊपरी मंजिल पर पहुंचे, तो उन्होंने सुबान को पंखे से लटका देखा। उसे तुरंत नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। सूचना मिलने पर लिसाड़ी गेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद औपचारिक कार्रवाई पूरी कर शव परिवार को सौंप दिया गया। शव परिवार को सौंप दिया पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से कोई शिकायत या तहरीर नहीं दी गई है। पुलिस मामले की विस्तृत जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
ललितपुर में आंधी-बारिश से घरों के टीन उड़े:चार लोग घायल, ग्रामीणों ने मुआवजे और राहत कार्य की मांग की
ललितपुर के ग्राम खोंखरा में 9 जून को आई बेमौसम आंधी, तेज बारिश और ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। इस दौरान कई घरों के टीन उड़ गए और चार लोग घायल हो गए। बुधवार को ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आर्थिक मदद और राहत कार्य की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि 9 जून की शाम करीब 3:30 बजे अचानक तेज आंधी-तूफान और ओलावृष्टि शुरू हो गई। तेज हवाओं के कारण कई मकानों की छतें उड़ गईं, पेड़ धराशायी हो गए और लोगों की घरेलू संपत्ति को भी भारी क्षति पहुंची। आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली की चपेट में आने से चार लोग घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी गई थी, लेकिन अब तक मौके पर कोई प्रभावी सर्वेक्षण या राहत कार्य शुरू नहीं किया गया है। इससे प्रभावित परिवारों में नाराजगी है। ज्ञापन में जिलाधिकारी से मांग की गई है कि राजस्व एवं संबंधित विभागों की टीम भेजकर नुकसान का आकलन कराया जाए। साथ ही, जिन परिवारों के मकान, पशु या अन्य संपत्ति को क्षति पहुंची है, उन्हें शासन की ओर से निर्धारित मुआवजा दिलाया जाए। ग्रामीणों ने घायलों के समुचित उपचार और आपदा राहत मद से आर्थिक सहायता प्रदान करने की भी मांग की है।
संभल से समाजवादी पार्टी के विधायक नवाब इकबाल महमूद ने भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर के देवबंद को बंद करने संबंधी बयान को पूरी तरह राजनीतिक बताया। मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के मुद्दे पर बोलते हुए, विधायक महमूद ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, चुनाव आयोग अब भाजपा का एक ऑफिस बन गया है और वहां होने वाली अधिकांश गतिविधियां भाजपा की निगरानी में संचालित होती दिखाई देती हैं। विधायक इकबाल महमूद ने बुधवार शाम 7 बजे संभल स्थित अपने आवास पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि नंद किशोर गुर्जर का बयान अपने क्षेत्र में हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण कर राजनीतिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से दिया गया है। उन्होंने देवबंद संस्थान के गौरवशाली इतिहास का जिक्र करते हुए बताया कि यह देश की आजादी से पहले का है और इसने स्वतंत्रता आंदोलन में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। महमूद ने आगे कहा कि इस संस्थान से पढ़कर कई लोग देश-दुनिया में उच्च पदों पर पहुंचे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देवबंद को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जबकि वहां किसी भी राष्ट्रविरोधी गतिविधि का कोई प्रमाण नहीं मिला है। महमूद ने दावा किया कि विपक्षी दलों को आयोग से निष्पक्ष न्याय की उम्मीद कम है। उन्होंने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने को आवश्यक जानकारी के अभाव के कारण हुई कार्रवाई बताया, लेकिन साथ ही आयोग की भूमिका पर संदेह व्यक्त किया। इंडिया गठबंधन को लेकर उठ रहे सवालों पर नवाब इकबाल महमूद ने स्पष्ट किया कि गठबंधन पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने बताया कि इसकी बैठकों की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कर रहे हैं और कांग्रेस के नेतृत्व में गठबंधन आगे बढ़ रहा है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेताओं के पार्टी छोड़ने के सवाल पर उन्होंने संक्षिप्त टिप्पणी करते हुए कहा, बुरे वक्त में बहुत कम लोग रुकते हैं। उनके इस बयान को बंगाल की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
लखनऊ से पिछले छह महीनों में लापता हुई 261 नाबालिग लड़कियों में से 34 का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। इस गंभीर स्थिति पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने चिंता व्यक्त की है। न्यायालय ने पुलिस आयुक्त को सभी लंबित मामलों की विस्तृत यथास्थिति रिपोर्ट व्यक्तिगत शपथपत्र के साथ प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार गिरी की अवकाशकालीन पीठ ने यह आदेश 12 वर्षीय एक नाबालिग बच्ची की बरामदगी से संबंधित बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद याचिकाकर्ता की बेटी को पुलिस ने बरामद कर लिया है। पुलिस आयुक्त द्वारा दाखिल शपथपत्र में बताया गया कि पिछले छह महीनों में राजधानी में 261 नाबालिग लड़कियों के गायब होने या अपहरण के मामले दर्ज किए गए। इनमें से 227 लड़कियों को बरामद कर लिया गया है, लेकिन 34 मामलों में पुलिस को अभी तक सफलता नहीं मिली है। न्यायालय को आश्वस्त किया गया कि शेष लड़कियों की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। शपथपत्र के अनुसार, इन अनसुलझे मामलों में पश्चिमी जोन के छह, पूर्वी जोन के दस, उत्तरी जोन के छह, दक्षिणी जोन के सात और मध्य जोन के पांच मामले शामिल हैं। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि लापता बच्चों से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया गया है कि जांच में उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई को निर्धारित की गई है। इसके साथ ही, न्यायालय ने संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेटों को इन मामलों की विवेचना की निगरानी करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने चेतावनी दी है कि यदि संबंधित डीसीपी जांच की प्रगति से न्यायिक अधिकारियों को नियमित रूप से लिखित रूप में अवगत नहीं कराते हैं, तो इसे न्यायालय के आदेश की अवमानना माना जाएगा।
ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी 'गविष्टि यात्रा' के तहत बुधवार रात करीब 9 बजे सिकंदराराऊ पहुंचे। उनकी 81 दिवसीय राष्ट्रव्यापी यात्रा का उद्देश्य गौ माता को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा दिलाना और देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को जन-जन तक पहुंचाना है। नगर स्थित ममता फार्म हाउस में समर्थकों और श्रद्धालुओं ने शंकराचार्य का भव्य स्वागत किया। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने जयघोष के साथ उनका अभिनंदन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। मौन व्रत के बीच श्रद्धालुओं को बांटे केले सिकंदराराऊ पहुंचने के बाद शंकराचार्य ने अपने मौन व्रत का पालन करते हुए वैनिटी वैन के द्वार पर खड़े होकर श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप केले वितरित किए। इसके बाद वे अपने विश्राम स्थल के लिए रवाना हो गए। श्रद्धालुओं ने दूर-दूर से पहुंचकर उनके दर्शन किए और यात्रा के उद्देश्य के प्रति समर्थन जताया। सपा नेताओं ने संभाली व्यवस्थाएं यात्रा और कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में समाजवादी पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता सक्रिय रहे। इस दौरान ठाकुर महेंद्र सिंह सोलंकी, बबलू यादव, गीनेश यादव एडवोकेट और हरवीर तोमर समेत कई लोग मौजूद रहे। ममता फार्म हाउस में शंकराचार्य की वैनिटी वैन और उनके साथ चल रहे अन्य वाहनों के ठहरने की व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। आयोजकों ने शंकराचार्य, उनके अनुयायियों और समर्थकों के भोजन एवं विश्राम की समुचित व्यवस्था की। जानकारी के अनुसार, शंकराचार्य गुरुवार सुबह 7 बजे अपना मौन व्रत समाप्त करेंगे। इसके बाद सुबह 9 बजे तक प्रस्तावित धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने के उपरांत उनका काफिला हाथरस शहर के लिए रवाना होगा।
नर्मदापुरम पुलिस विभाग में बुधवार देर रात को बड़ा फेरबदल हो गया। पुलिस अधीक्षक साईं कृष्णा थोटा ने 11 निरीक्षक, 2 उप निरीक्षक के साथ 27 पुलिस कर्मियों के तबादले हुए। एसपी ने 11 निरीक्षकों को इधर से उधर किया। जिसमें प्रमुख रूप से कोतवाली थाना टीआई कंचन सिंह ठाकुर को माखननगर थाने की जिम्मेदारी दी। इटारसी थाना प्रभारी गौरव बुंदेला को कोतवाली थाने की कमान सौंपी गई। इसी प्रकार एसआई आकाशदीप पचाया को साइबर सेल प्रभारी बनाया गया।
यूपी पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। लखनऊ के कैसरबाग स्थित बाबा ठाकुरदास इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर तकनीकी जांच के दौरान एक ऐसे फर्जी परीक्षार्थी को पकड़ा गया, जिसने 8 जून को दोस्त यानी दूसरे अभ्यर्थी के नाम पर परीक्षा दी थी और 10 जून को अपने नाम से दोबारा परीक्षा देने पहुंच गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज कर लिया है।तकनीकी जांच में खुला फर्जीवाड़ा कैसरबाग स्थित परीक्षा केंद्र संख्या-59006 पर प्रथम पाली की परीक्षा के दौरान तकनीकी टीम प्रभारी प्रदीप कुमार ने जांच में पाया कि राम अवतार पुत्र रामपाल निवासी नंगला शिशराम, मथुरा परीक्षा दे रहा है। सत्यापन के दौरान पता चला कि यही युवक 8 जून को नाका हिंडोला क्षेत्र के खालसा इंटर कॉलेज में दूसरी पाली में वीरू पुत्र राजवीर सिंह के नाम से भी परीक्षा दे चुका है। दूसरे के नाम पर दी थी परीक्षा जांच में सामने आया कि आरोपी ने कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल कर दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दी थी। इसके बाद वह 10 जून को अपने नाम से परीक्षा देने पहुंचा, जहां तकनीकी जांच में उसकी पहचान हो गई।बाबा ठाकुरदास इंटर कॉलेज से पकड़ा गया आरोपी केंद्र प्रभारी अरुण कुमार की सूचना और तकनीकी टीम की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद थाना कैसरबाग पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने आरोपी राम अवतार (25) निवासी थाना मगोर्रा, जिला मथुरा के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अध्यादेश-2024 की धारा 8 और 13(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
खंडवा में रामनगर क्षेत्र की शिवराज मल्टी में वेश्यावृत्ति का मामला सामने आया हैं। पुलिस ने दबिश दी तो मौके पर 3 महिलाएं पैसे के लेन-देन को लेकर झगड़ रही थी, वहीं 6 पुरूष मौजूद थे। पुरूषों ने पूछताछ के दौरान खुद को ग्राहक बताया। इसी आधार पर पुलिस ने सभी को धारा 151 के तहत सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया हैं। बता दें कि, प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत जसवाड़ी रोड़ पर बनी चीराखदान मल्टी को शिवराज मल्टी का नाम दिया गया था। इस मल्टी में अनैतिक गतिविधियों की स्थिति लंबे समय से थी। यही कारण था कि शहर की झुग्गी-बस्तियों से निकाले गए सैकड़ों परिवार इस मल्टी में रहने से कतरा रहे थे। जिसके बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने योजना बनाई और इस तरह की अनैतिक गतिविधियों में लिप्त महिलाओं को चिन्हित किया गया। ऐसी सभी महिलाओं पर सख्त कार्रवाई करने की बात कहीं। पुलिसकर्मी को ग्राहक बनाकर भेजा, प्लान लीकमामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई की हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वेश्यावृत्ति के मामले की सूचना मिलने पर एक पुलिसकर्मी को मौके पर ग्राहक बनाकर भेजा था। लेकिन प्लान लीक हो गया और महिलाओं को भनक लग गई। उनके बीच पैसे के लेन-देन का विवाद हो गया। इतनी देर में पीछे जा रही पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई। जहां 6 पुरूष भी मिले, उन्होंने कबूला कि वे लोग यहां बतौर ग्राहक आए थे। हालांकि, पुलिस ने देह व्यापार का मामला दर्ज नहीं किया हैं। टीआई प्रवीण आर्य का कहना हैं कि, देह व्यापार करते हुए महिलाओं को पकड़ा नहीं जा सका। तीनों महिलाओं के बीच में विवाद की स्थिति को देखते हुए शांतिभंग की धारा में सभी को जेल भेजा गया हैं।
यूपी के 36 पीसीएस अफसरों का प्रमोशन होगा। उन्हें नई जिम्मेदारियां भी सौंपी जाएगी। प्रमोट होने वाले अफसरों में रेजिडेंट कमिश्नर, विशेष सचिव, अपर आयुक्त, एडीएम, सचिव और कई विकास प्राधिकरणों के अधिकारी शामिल हैं। 1997 बैच के हरिश चन्द्र, 1999 बैच के प्रभूनाथ, 2002 बैच की अंजू कटियार और 2004 बैच के अमर पाल सिंह का प्रमोशन पक्का हो गया है। इसके अलावा 2010, 2011, 2012 बैच के कई अधिकारियों को भी पदोन्नति का लाभ मिलेगा। प्रमोट होने वाले अधिकारियों में आलोक वर्मा, डॉ. विश्राम, पुष्पराज सिंह, विवेक श्रीवास्तव, योगानंद पांडेय, अमित कुमार, डॉ. सुनील कुमार वर्मा, गरिमा स्वरूप और संदीप कुमार समेत कई नाम शामिल हैं। इस फैसले से कई जिलों, मंडलों और विभागों में प्रशासनिक स्तर पर बदलाव होगा। प्रमोट हुए अफसरों को उनके पदों पर जल्द नई जिम्मेदारियां सौंपी जाएगी। पूरी लिस्ट देखें अंजू कटियार पेपर लीक मामले में जेल जा चुकीं साल 2002 बैच की पीसीएस अधिकारी अंजू कटियार (अंजूलता कटियार) कन्नौज की रहने वाली हैं। यूपीपीसीएस परीक्षा की टॉपर भी रह चुकी हैं। साल 2018 में वह यूपी लोक सेवा आयोग (UPPSC) में परीक्षा नियंत्रक थीं। इसी दौरान एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला सामने आया था। मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में यूपी STF ने मई 2019 में उन्हें गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद राज्य सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया था। वह कई महीनों तक जेल में रहीं। करीब 8 महीने बाद साल 2020 में इलाहाबाद हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिली। बाद में उन्हें सेवा में बहाल कर दिया गया था। PCS राकेश कुमार पटेल का भी हुआ प्रमोशन राकेश कुमार पटेल साल 2010 बैच के पीसीएस अधिकारी हैं। पदोन्नति के बाद उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में शामिल किया जाएगा। हाल ही में हुए प्रमोशन में उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपी जाएंगी। महाराजगंज के रहने वाले राकेश कुमार पटेल वर्तमान में लखनऊ मंडल में अपर आयुक्त (न्यायिक)-चतुर्थ के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वह प्रतापगढ़ में मुख्य राजस्व अधिकारी (CRO) के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। जुलाई 2024 से जुलाई 2025 तक वह कासगंज में अपर जिलाधिकारी (ADM) के पद पर तैनात रहे। प्रशासनिक क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें पदोन्नति दी गई है। ………………………………. ये खबर भी पढ़ें… पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट में 29 लाख मतदाता बढ़े:2 करोड़ नाम काटे गए; यूपी में हर वोटर को मिला 9 अंकों का खास नंबर यूपी में पंचायत चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची बुधवार को जारी कर दी गई। तमाम दावों, आपत्तियों के निस्तारण और गहन सत्यापन के बाद इस फाइनल लिस्ट को तैयार किया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार एक बड़ा बदलाव करते हुए हर पंचायत मतदाता को 9 अंकों का एक यूनिक पहचान नंबर जारी किया है। हालांकि, सूची जारी होते ही कई जिलों में वोटर्स को इसे डाउनलोड करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, ऐसा तकनीकी दिक्कतों के चलते हो रहा है। पूरी खबर पढ़िए…
लखनऊ के हजरतगंज स्थित विद्या मंदिर गर्ल्स हाईस्कूल में आखिरकार बुधवार को वह पल आ ही गया। जिसका छात्राओं और शिक्षिकाओं को बेसब्री से इंतजार था। छह दिन की लंबी जद्दोजहद के बाद बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे पुलिस ने स्कूल का ताला खोला गया। दो दिन से गेट खोलने के एवज में पुलिस फोर्स का शुल्क जमाने कराने वाली हजरतगंज पुलिस बुधवार को बिना शुल्क के गेट खोल दिया। भीषण गर्मी में करीब तीन बजे से स्कूल के बाहर खड़े बच्चे और शिक्षिकाओं में स्कूल का ताला खुलते ही खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बच्चों ने मैनेजर और प्रिंसपल मैंम से कहा कि अब हमारी पढ़ाई बाधित नहीं होगी। पहली जुलाई से स्कूल खुलने पर यहीं पर पढ़ाई कर सकेंगे। स्कूल के भीतर पहुंचे बच्चों और शिक्षिकाओं ने खुले में बिखरा पड़े बच्चों व शिक्षकों के जरूरी दस्तावेज, फर्नीचर व अन्य सामान धूल से सने देख भावुक हो गए। पुलिस ने स्कूल प्रबंधन को दोबारा विद्यालय का कब्जा सौंपा। स्कूल में पढ़ने वाले 243 बच्चों को स्कूल भी मिल गया। तीन घंटे गेट पर खड़े रहे बच्चे और शिक्षिकाएं स्कूल खुलने के उत्साह में स्कूल की मैनेजर संतोष रस्तोगी, प्रधानाचार्या रश्मि यादव, शिक्षिकाएं, बच्चे और कुछ शिक्षक नेता बुधवार सुबह 10:30 बजे मुख्य द्वार पर पहुंच गए थे, लेकिन पुलिस करीब तीन घंटे बाद पहुंची। तेज धूप और गर्मी के बावजूद बच्चे और शिक्षिकाएं तीन घंटे तक गेट के बाहर डटे रहीं। डीआईओएस देवेन्द्र कुमार पाण्डेय की ओर से भेजे गए एडीआईओएस श्रीराम सुजान मिश्रा की मौजूदगी में पुलिस ने जैसे ही ताला खोला। बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई। बच्चों एवं शिक्षकों के समर्थन में उप्र.माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट के प्रदेश अध्यक्ष सोहनलाल वर्मा, और दूसरे शिक्षक संगठन के प्रादेशिक उपाध्यक्ष एवं उपभोक्ता डॉ.आरपी मिश्र एवं जिलाध्यक्ष अनिल शर्मा आदि मौजूद रहे। मैदान में कबाड़ की तरह पड़ा मिला सामान स्कूल के अंदर दाखिल होते स्कूल का कीमती फर्नीचर, क्लासरूम का सामान, फर्नीचर और बेहद जरूरी सरकारी व शैक्षणिक दस्तावेज खुले मैदान में खुले में पड़े थे। एक हफ्ते से बंद रहने के कारण पूरा परिसर और सामान धूल की मोटी परत से पटा हुआ था। जिसे दोबारा व्यवस्थित करना स्कूल प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती होगा। फिर भी छात्राओं और शिक्षिकाओं का कहना है कि सामान की बदहाली को वे सब मिलकर ठीक कर लेंगी। सबसे बड़ी खुशी की बच्चों की पढ़ाई और शिक्षिकोओं की सेवा सुरक्षा का रास्ता साफ हो गया है। फर्नीचर टूटा और बोर्ड उखाड़ा गेट खुलने के बाद अंदर पहुंचे स्कूल प्रबंध समिति ने सामान देखा तो होश उड़ गए। बच्चों व शिक्षिकाओं के बैठने का फर्नीचर टूटा हुआ था। कक्षाओं में लगे बोर्ड बाहर क्षतिग्रस्त हालात में पड़े थे। स्कूल की मैनेजर ने पुलिस से समान के साथ छेड़छाड़ की शिकायत की। हालांकि पुलिस ने बिना कुछ बोले चली गई। चार जून को स्कूल के जबरन खाली कराए जाने दौरान सारा सामान गैर जिम्मेदारी से मैदान में फेंक दिया था। ये है मामला वर्ष 1936 से संचालित हजरतगंज के नरही स्थित इस विद्यालय को एडीएम पूर्वी की कोर्ट ने किराएदारी के विवाद में बिना विद्यालय पक्ष को सुने 21 अप्रैल को विद्यालय परिसर खाली करने का अदेश दे दिया था। बीते 4 जून को पुलिस की मौजूदगी में स्कूल को खाली करा लिया गया। स्कूल व विद्यार्थियों के अभिलेख, फर्नीचर, पंखे, कम्प्यूटर और शैक्षिक सामग्री खुले में बाहर निकालकर फेंक दी गयी थी। इस कार्रवाई पर स्कूल की छात्राओं ने प्रदर्शन किया था और मुख्यमंत्री से स्कूल के गेट पर लगे ताले को खुलवाने की गुहार लगायी थी। सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा, माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट के प्रदेश अध्यक्ष सोहन लाल वर्मा आदि ने भी स्कूल बचाने का समर्थन किया था। एडीएम कोर्ट ने सोमवार को डीआईओएस की ओर से उपलब्ध कराए गए पत्रावलियों का निरीक्षण किया व प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए अपने पूर्व के आदेश को वापस ले लिया था। उन्होंने पूर्व की भांति विद्यालय प्रबन्धन को तत्काल कब्जा दिलाने का आदेश जारी किया था।
गोंडा में सड़क हादसा, 4 की मौत:पहले 2 बाइक भिड़ीं, फिर SUV ने घायलों और बचाने वालों को रौंदा
गोंडा में बुधवार देर रात हुए सड़क हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई, 5 गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के गोंडा-लखनऊ हाईवे पर हुआ। संतोष ढाबा के पास पहले 2 बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। इसके बाद आसपास के लोग घायलों को सड़क से हटाने में जुटे। लेकिन, तभी गोंडा की तरफ से लखनऊ जा रही एक तेज रफ्तार एसयूवी ने बाइक सवारों और बचाव में लगे लोगों को रौंद दिया। घायलों को गोंडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर भाजपा विधायक अजय सिंह और डीएम प्रियंका निरंजन अस्पताल पहुंची हैं। सूचना मिलने पर करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। मृतकों की पहचान गुलशन (25), हसन मोहम्मद (40), इम्तियाज अली (27), संजय कुमार तिवारी के रूप में हुई है। हसन मोहम्मद और इम्तियाज अली दोनों सगे भाई हैं। दोनों का सैलून है। वहीं, घायलों में विनय प्रताप सिंह (26) पुत्र सनी सिंह, परवेज (25) पुत्र हसन अली और अंशुमान (10) पुत्र शत्रुघ्न शामिल हैं। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मौके पर मौजूद ममता ने कहा- एक एक्सीडेंट हुआ था, वही हम लोग देख रहे थे। तभी दूसरी गाड़ी ने सभी को टक्कर मार दी। कई लोगों की जान चली गई। कई लोग घायल है। मेरा बेटा अंशुमान भी घायल है। मेरे देवर गुलशन की मौत हो गई है। डीएम ने प्रियंका निरंजन ने कहा- आज गोंडा रात करीब 10:15 बजे लखनऊ-कर्नलगंज मार्ग पर एक बेकाबू SUV ने दो बाइक सवारों को टक्कर मार दी। इसमें 4 लोगों की मौत हो गई है। 5 लोग घायल हैं। 2 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। बाकी 3 घायलों का सीएचसी CHC में इलाज चल रहा है और वो स्टेबल हैं। ड्राइवर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी। गाड़ी का रजिस्ट्रेशन और ड्राइवर का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। --------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- नौकरी जॉइन करने से 2 दिन पहले पति की हत्या:5 साल का अफेयर, 4 महीने पहले शादी; पत्नी बोली- भाई मुझे भी मारना चाहता था 'शादी के बाद हम दोनों काफी खुश थे, लेकिन घर वाले नाराज थे। भाई और मामा हमें जान से मारने की धमकी दे रहे थे। इसलिए हमने घर छोड़ दिया। मुजफ्फरनगर में एक रिश्तेदार के घर रहने लगे। पति कहते थे- सब सही हो जाएगा। उसकी SSF में नौकरी लग गई थी। आज (11 जून) ज्वाइनिंग थी, लेकिन उन लोगों ने पहले ही उसकी जिंदगी छीन ली।' ये बातें पुलिस भर्ती परीक्षा देने सहारनपुर आई आकांक्षा ने रोते हुए कहीं। जिनके पति शिवकुमार की मंगलवार को परीक्षा केंद्र से 500 मीटर दूर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आकांक्षा ने अपने भाई, पिता, मामा और रिश्तेदारों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। पढ़ें पूरी खबर…
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा देने के लिए विभिन्न जिलों से आगरा पहुंचे अभ्यर्थियों में ताजमहल देखने का उत्साह भी देखने को मिला। परीक्षा समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी ताजमहल के दीदार के लिए पहुंच गए। इस दौरान कई अभ्यर्थियों ने अपने बैग ताजमहल के पश्चिमी गेट के बाहर लगी रेलिंग पर ही टांग दिए और स्मारक देखने चले गए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में ताजमहल के पश्चिमी गेट के बाहर रेलिंग पर बड़ी संख्या में बैग टंगे दिखाई दे रहे हैं। इसदौरान एक युवक वहां से बैठ ले जाता हुआ भी अपना दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे अभ्यर्थियों का उत्साह बता रहे हैं, जबकि कुछ लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि काफी देर तक बाग यहां पर टंगे रखे लेकिन किसी भी सुरक्षाकर्मी ने यहां से इन बैगों को नहीं हटवाया और ना ही जांच की। बताया जा रहा है कि भर्ती परीक्षा के लिए विभिन्न जिलों से आए कई अभ्यर्थी परीक्षा समाप्त होने के बाद सीधे ताजमहल घूमने पहुंच गए। ताजमहल परिसर में मौजूद लॉकरों में जगह नहीं मिलने के कारण कई अभ्यर्थियों ने अपने बैग बाहर रेलिंग पर टांग दिए और स्मारक का दीदार करने चले गए। हालांकि ताजमहल जैसे संवेदनशील और उच्च सुरक्षा वाले स्मारक के आसपास बिना निगरानी के छोड़े गए बैग सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन सकते हैं। ऐसे स्थानों पर किसी भी संदिग्ध या लावारिस वस्तु की सूचना मिलने पर सुरक्षा व्यवस्था को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ती है।
आगरा में पत्नी-बच्चों की बीमारी में 6 लाख रुपये का कर्ज लेना सेंट जॉन्स कॉलेज के बाबू को भारी पड़ गया। सूदखोर ने 10% ब्याज पर पैसे देकर ATM कार्ड और पिन गारंटी के तौर पर ले लिया। 2022 से अब तक 25 लाख रुपये वसूल चुका है, लेकिन 2024 में 6 लाख चुकाने के बाद भी दबंग पैसे निकाल रहा है। 3 जून को मना करने पर 3-4 लोगों के साथ घर में घुसकर मारपीट की, पत्नी से बदसलूकी की और धमकी दी- कल तक पैसा नहीं मिला तो परिवार को जान से मार दूंगा। पीड़ित डेनिस लाल बैनिट की शिकायत पर पुलिस ने संजीव पारस के खिलाफ केस दर्ज किया है। इलाज के लिए मजबूरी में लिया था कर्ज पीड़ित डेनिस लाल बैनिट पुत्र मुन्ना लाल बैनिट, निवासी लयर्ड बंगला नं.-1, सेंट जॉन्स कॉलेज आगरा में बाबू के पद पर कार्यरत हैं। FIR के मुताबिक 2022 में पत्नी व बच्चों की गंभीर बीमारी के चलते संजीव पारस बाल्मीकी निवासी टीला नगला महादेव, पीर कल्याणी से 10% ब्याज पर 6 लाख रुपये लिए थे। संजीव ने गारंटी के तौर पर ATM कार्ड व पिन ले लिया था। 6 लाख के बदले वसूले 25 लाख, फिर भी नहीं छोड़ा पीछा डेनिस ने बताया कि संजीव 2022 से अब तक करीब 25 लाख रुपये वसूल चुका है। साल 2024 में पूरा 6 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया, लेकिन संजीव अब भी जबरदस्ती पैसे वसूल रहा है। सैलरी आते ही हर महीने 1 से 5 तारीख के बीच ATM से खुद पैसे निकाल लेता है। विरोध करने पर घर में घुसकर मारपीट करता है। 3 जून को घर में घुसकर की मारपीट, पत्नी से बदतमीजी 3 जून 2026 को डेनिस ने ATM वापस मांगा और पैसे निकालने से मना किया। आरोप है कि इसके बाद संजीव ने ATM से 20,500 रुपये निकाल लिए और 3-4 अज्ञात लोगों के साथ घर में घुस आया। गाली-गलौज करते हुए डेनिस के घर में घुसकर मारपीट की। बचाने आई पत्नी को पकड़ लिया और बदतमीजी की। धमकी दी- अगर कल तक पैसे नहीं मिले तो पूरे परिवार को जान से मार दूंगा। पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच शुरू पीड़ित ने 4 जून 2026 को सहायक पुलिस आयुक्त सर्किल हरीपर्वत को प्रार्थना पत्र दिया। मामले में संजीव पारस बाल्मीकी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पीड़ित का कहना है कि वह अकेला रहता है और आरोपी कभी भी गंभीर घटना कर सकता है।
थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक स्थित भारतीय दूतावास में भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल ने नवनियुक्त राजदूत पुनीत अग्रवाल से शिष्टाचार मुलाकात की। इस बैठक के दौरान थाईलैंड से जुड़े विभिन्न सामाजिक, व्यावसायिक एवं भारतीय समुदाय के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। राजदूत अग्रवाल ने थाईलैंड में रहने और व्यापार करने वाले भारतीय समुदाय, विशेषकर राजस्थानी प्रवासियों को हरसंभव सहयोग और समर्थन देने का आश्वासन दिया। जयपुर-बैंकॉक सीधी उड़ान और वीजा नियमों का मुद्दा उठा बैठक में प्रतिनिधिमंडल के सदस्य संजय गौड़ (राजस्थान) ने जयपुर से बैंकॉक के लिए सीधी हवाई सेवा (डायरेक्ट फ्लाइट) न होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने राजदूत को अवगत कराया कि सीधी उड़ान न होने के कारण राजस्थान के पर्यटकों और व्यापारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही, उन्होंने आगामी दिनों में वीजा प्रक्रिया में होने वाले संभावित बदलावों और उससे पर्यटन व्यवसाय (टूरिज्म बिजनेस) पर पड़ने वाले असर से भी राजदूत को अवगत कराया। व्यापार और निवेश बढ़ाने पर बनी सहमति बैठक के दौरान भारत और थाईलैंड के बीच व्यापार, निवेश तथा आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ। दोनों पक्षों ने भारत-थाईलैंड के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, आर्थिक एवं जनसंपर्क संबंधों को आगे बढ़ाते हुए सतत एवं साझा विकास के लिए ठोस सहयोग पर सहमति व्यक्त की। व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल में संजय गौड़ ( राजस्थान) , रंजीत सिंह (बिहार) के.बी. महंताजी(उड़ीसा) सुरेश राठी (हरियाणा) विकास अरोड़ा (दिल्ली), धर्मेंद्र शर्मा (हरियाणा), शांतनु जी ( उत्तर प्रदेश) एवं हिमांशु भगत (महाराष्ट्र 9) बैंकॉक स्थित थाईलैंड के भारतीय दूतावास में शामिल हुए l
मोदी सरकार के 12 साल पूरे:भाजपा मंडल चारामा ने की पूजा-अर्चना, प्रगति की कामना
कांकेर जिले के चारामा में भाजपा मंडल चारामा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने पर विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया। यह कार्यक्रम स्थानीय हनुमान मंदिर में हुआ, जहां देश की तरक्की, खुशहाली और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अच्छे स्वास्थ्य व लंबी उम्र की कामना की गई। मंडल अध्यक्ष ओमप्रकाश साहू ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन, आत्मनिर्भरता, बुनियादी सुविधाओं, डिजिटल तकनीक, गरीब कल्याण और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत अभियान, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी योजनाओं से करोड़ों लोगों को लाभ मिला है और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। कार्यक्रम में महिला मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य उमादेवी शर्मा, जिला पंचायत सदस्य तेजेश्वरी सिन्हा, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष प्यारेलाल देवांगन, संतोष नहर, जिला सोशल मीडिया प्रमुख अंकित जैन, जयश्री सिन्हा, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष रजनी यादव, पार्षद संतोष ओझा, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष भोजराज सोनी, दीपक सोनकर, अशोक देवांगन, मुरली सिन्हा, अमृतराज सिन्हा, सजल सिन्हा, टीकम तारम, ललित सिन्हा, वासुदेव साहू, मंडल मंत्री परमेश्वर यादव, गब्बर सिन्हा, करण निर्मलकर, धर्मेंद्र कुंजाम और अमजद खान सहित भाजपा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सीईओ अनुपमा चौहान बिना सूचना गायब:कलेक्टर ने जिला पंचायत और अपर कलेक्टर के प्रभार सौंपे
शाजापुर में प्रशासनिक कामकाज बिना किसी रुकावट के चलता रहे, इसके लिए कलेक्टर ऋजु बाफना ने बुधवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए नया आदेश जारी किया है। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) अनुपमा चौहान के अचानक ड्यूटी से गायब होने की वजह से जिले के दो बड़े पदों की जिम्मेदारी दूसरे अधिकारियों को सौंपी गई है। कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ और अपर कलेक्टर (एडीएम) के पदों का प्रभार नए सिरे से बांट दिया है। इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी कलेक्टर के नए आदेश के मुताबिक, अब अगले आदेश तक जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का पूरा जिम्मा संयुक्त कलेक्टर मनीषा वास्कले संभालेंगी। वहीं दूसरी तरफ, अपर कलेक्टर पद की पूरी जिम्मेदारी डिप्टी कलेक्टर राजकुमार हलदर को दे दी गई है। ये दोनों ही अधिकारी अपने अभी के कामकाज को देखने के साथ-साथ इन बड़े पदों की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी संभालेंगे। इस आदेश को तुरंत लागू कर दिया गया है। बिना बताए गायब हैं जिला पंचायत सीईओ प्रशासन के गलियारों से छनकर आ रही खबरों की मानें तो जिला पंचायत सीईओ अनुपमा चौहान बीते 8 जून 2026 से दफ्तर नहीं आ रही हैं। खास बात यह है कि वे बिना किसी पूर्व सूचना या छुट्टी की मंजूरी के अपने काम से गायब हैं। उनके इस तरह अचानक अनुपस्थित होने के चलते ही कलेक्टर को प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह इमरजेंसी कदम उठाना पड़ा है। खाली चल रहा था अपर कलेक्टर का पद जिले में अपर कलेक्टर का पद पहले से ही 9 मार्च 2026 से खाली पड़ा हुआ था। उस समय इस पद का अतिरिक्त काम भी अनुपमा चौहान को ही थमाया गया था। अब जब वे खुद ही बिना बताए गायब हो गईं, तो कलेक्टर ने तुरंत एक्शन लिया ताकि सरकारी और जनता से जुड़े काम प्रभावित न हों। अचानक हुए इस बदलाव और सीईओ के गायब होने को लेकर अब कलेक्ट्रेट में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
जशपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय नशीले पदार्थ तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने झारखंड से छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर ले जाए जा रहे 12,850 एमएल नशीले इंजेक्शन जब्त किए और इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त की गई संपत्ति का कुल मूल्य लगभग 3.98 लाख रुपए है, जिसमें इंजेक्शन, एक कार, एक मोटरसाइकिल, चार मोबाइल फोन और नकदी शामिल है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से तीन को हाथीसार (किनकेल) के जंगल से पकड़ा गया। एक फरार आरोपी को अंबिकापुर से गिरफ्तार किया गया, जबकि नशीले इंजेक्शन उपलब्ध कराने वाले मुख्य सप्लायर को झारखंड के गुमला जिले से दबोचा गया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई 9 जून 2026 की दरमियानी रात को शुरू हुई। सिटी कोतवाली जशपुर की टीम सारूडीह मार्ग पर नियमित गश्त कर रही थी, तभी एक संदिग्ध कार पुलिस को देखकर तेजी से जंगल की ओर भागने लगी। वाहन की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए पुलिस ने उसका पीछा किया। पीछा करने पर कार सवार आरोपी वाहन को जंगल किनारे छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल क्षेत्र में मौजूद पुलिस मितान टीम को बुलाया। हाथीसार जंगल क्षेत्र को चारों ओर से घेर लिया गया और सघन तलाशी अभियान चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद जंगल में छिपे तीन आरोपियों दीपक लकड़ा (32 वर्ष, निवासी सिंगीटाना, थाना लखनपुर, जिला सरगुजा), अमन सिंह (30 वर्ष, निवासी विशुनपुर, अंबिकापुर) और आलोक साय (29 वर्ष, निवासी भगवानपुर चौक, गांधीनगर, अंबिकापुर) को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस द्वारा संदिग्ध कार की तलाशी लेने पर भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन बरामद हुए। वाहन से रेक्सोजेसिक (ब्यूप्रेनोर्फिन इंजेक्शन) और एविल (फेनिरामाइन मैलेट इंजेक्शन) की बड़ी खेप मिली। इसके अतिरिक्त, दो मोबाइल फोन और तस्करी में प्रयुक्त मारुति सेलेरियो कार क्रमांक CG-15-CS-4605 भी जब्त की गई। नशीले इंजेक्शन सप्लाई करने वाला मुख्य आरोपी भी गिरफ्तार पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे नशीले इंजेक्शन झारखंड के गुमला जिले के तिगरा गांव निवासी मो. शमशेर खान से खरीदकर छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर ले जा रहे थे। आरोपियों की जानकारी के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मो. शमशेर खान को भी गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से Avill इंजेक्शन की 750 अतिरिक्त शीशियां, इंजेक्शन बेचकर मिले 5 हजार रुप, नकद और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक मोटरसाइकिल बरामद की गई। नशीले इंजेक्शन तस्करी गिरोह के सभी 5 आरोपी गिरफ्तार जांच के दौरान पता चला कि इस मामले में शामिल अंबिकापुर के सुभाष नगर निवासी अरुण राम (29 वर्ष) घटना के बाद से फरार था। पुलिस ने उसकी तलाश कर उसे भी गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही इस अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह से जुड़े सभी पांच आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए। पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में नशीले इंजेक्शन बरामद किए हैं। इनमें Rexogesic इंजेक्शन 865 एमएल और Avill इंजेक्शन की 1200 शीशियां शामिल हैं। इसके अलावा एक कार, एक मोटरसाइकिल, चार मोबाइल फोन और 6500 रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं। जब्त नशीले पदार्थों की कीमत करीब 81 हजार रुपए है, जबकि जब्त किए गए पूरे सामान की कुल कीमत लगभग 3.98 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है और उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि पुलिस मितान की मदद से अंतरराज्यीय नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि जशपुर पुलिस जिले में नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की ओर धकेलने वाले तस्करों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे लोगों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
पाली में फैक्ट्रियों से निकलने वाले रासायनिक पानी से दूषित हो रही बांडी नदी और बर्बाद हो रहे नेहड़ा बांध की स्थिति जांचने बुधवार को जयपुर से सिविल राइट्स आईजी लवली कटियार पाली पहुंची। इस दौरान उन्होंने ट्रीटमेंट प्लांट संख्या एक-दो, चार और छह का निरीक्षण किया। और फेक्ट्रियों से निकलने वाले प्रदूषित पानी के ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया समझी। इस दौरान उनके साथ एसपी मोनिका सैन, एएसपी (सिकाऊ) सुनील के पंवार, सीओ ग्रामीण अमरसिंह रत्नू, कोतवाल रविन्द्रसिंह खिंची और प्रदूषण नियंत्रण मंडल के आरओ अमित सोनी भी मौजूद रहे।बता दे कि प्रदूषण से दूषित हो रही बांडी नदी ओर नेहड़ा बांध की स्थिति साल दर साल बद से बदहाल हो रही है। नेहड़ा बांध के आस-पास के किसानों के खेत बर्बाद हो चुके है। लेकिन प्रदूषण नियंत्रण के जिम्मेदार अधिकारी प्रदूषण को रोकने के लिए कुछ खास नहीं कर पाए। इस पर राज्य सरकार ने रिटायर्ड जज की रिपोर्ट के बाद एसआईटी का गठन किया। इसी के तहत जयपुर से सिविल राइट्स आईजी लवली कटियार पाली के औद्योगिक क्षेत्र और ट्रीटमेंट प्लांटों का निरीक्षण के लिए पहुंची।
नरवाना में दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर:4 युवक गंभीर रूप से घायल, स्थानीय लोगों ने पहुंचाए अस्पताल
जींद जिले नरवाना-बडनपुर मार्ग पर बडनपुर गांव के पास 2 बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में 4 युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसे में घायल हुए चारों युवक बडनपुर गांव के ही रहने वाले बताए जा रहे हैं। बताया गया है कि एक बाइक बडनपुर गांव से नरवाना की ओर आ रही थी, जबकि दूसरी बाइक नरवाना से बडनपुर की तरफ जा रही थी। रास्ते में रजबाहे के पास दोनों बाइकों की अचानक टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार युवक सड़क पर दूर जा गिरे। स्थानीय लोगों ने घायलों को पहुंचाया अस्पताल हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायलों की मदद की। सूचना मिलने पर पुलिस टीम भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस और स्थानीय लोगों की सहायता से सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दुर्घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए हैं। साथ ही हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती तौर पर यह हादसा तेज रफ्तार या लापरवाही के कारण होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और घायलों के परिजनों को भी हादसे की सूचना दे दी गई है।
शाजापुर शहर के हाट मैदान के पास बने 'अपना मैरिज गार्डन' में बीती 31 मई को जो झगड़ा हुआ था। इस विवाद में घायल हुए इंदौर के रहने वाले 64 साल के बुजुर्ग मकसूद की इलाज के दौरान मौत हो गई है। बुजुर्ग की मौत के बाद कोतवाली पुलिस ने बुधवार शाम करीब 8 बजे 5 नामजद और 4-5 अन्य अनजान लोगों के खिलाफ सीधे हत्या का केस दर्ज कर लिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। शादी के गार्डन में बढ़ा था झगड़ा दरअसल, 31 मई को इस मैरिज गार्डन में दो पक्षों के बीच एक लड़का और लड़की के मद्दे पर किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि मारपीट शुरू हो गई, जिसमें इंदौर से आए बुजुर्ग मकसूद गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत ज्यादा बिगड़ने पर डॉक्टर्स ने उन्हें इंदौर रेफर कर दिया। वहां अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इंदौर से आई डायरी, शाजापुर में दर्ज हुआ केस चूंकि बुजुर्ग की मौत इंदौर के अस्पताल में हुई थी, इसलिए सबसे पहले इंदौर पुलिस ने इस मामले में शून्य पर मर्ग कायम किया। इसके बाद केस से जुड़ी डायरी शाजापुर कोतवाली पुलिस को भेजी गई। शाजापुर पुलिस ने शुरुआती जांच और मर्ग रिपोर्ट के आधार पर अब इसे हत्या के मामले में तब्दील कर दिया है। बैठक में सुलह की जगह हो गई मारपीट मृतक बुजुर्ग के बेटे ने पुलिस को बताया कि लड़का-लड़की से जुड़े किसी पारिवारिक विवाद को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों ने यह बैठक रखी थी। सब बैठकर बात ही कर रहे थे कि अचानक माहौल गरमा गया और दूसरे पक्ष के लोगों ने मारपीट शुरू कर दी, जिसकी चपेट में आने से बुजुर्ग को गंभीर चोटें आईं और उनकी जान चली गई। पांच नामजद समेत कई लोगों पर केस, आरोपी फरार पुलिस ने इस मामले में शाजापुर के गिरवर रोड के रहने वाले अनस और जुनेद (दोनों के पिता शाहिद), सीहोर के आदिल (पिता खालिद), और शाजापुर की मंसूरी कॉलोनी के माजिद खान और मुनाफ (पिता माजिद खान) को नामजद आरोपी बनाया है। इनके साथ ही 4-5 और लोग भी आरोपी हैं। कोतवाली थाना प्रभारी संतोष वाघेला का कहना है कि हत्या की एफआईआर दर्ज कर ली गई है। फिलहाल सभी आरोपी घर छोड़कर फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
भोपाल से मुंबई जा रही मंगला एक्सप्रेस के जनरल कोच में मोबाइल चोरी का विरोध करने पर दो यात्रियों पर चाकू से हमला कर दिया गया। यह वारदात बुदनी के जंगल क्षेत्र में चलती ट्रेन के अंदर हुई। सात से आठ बदमाशों ने यात्रियों पर हमला किया और चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकने के बाद जंगल में भाग निकले। शाम करीब पौने सात बजे ट्रेन के इटारसी पहुंचने पर जीआरपी ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। 'गप्पा गेम' के नाम पर दिया जुए का लालच घायल यात्री छतरपुर निवासी विपिन राजपूत और मनोज राजपूत ने बताया कि वह अपने रिश्तेदारों के साथ मुंबई जा रहे थे। बदमाशों ने पहले उन्हें 'गप्पा गेम' के नाम पर जुए का लालच दिया। जब यात्रियों ने मना किया, तो बदमाशों ने विपिन का मोबाइल चुरा लिया। इसके बाद जब विपिन और उसके साथियों ने आरोपियों का वीडियो बनाना शुरू किया, तो बदमाश भड़क गए। चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकी और किया हमला घायलों के मुताबिक, जब ट्रेन बुदनी के जंगल क्षेत्र में पहुंची, तो आरोपियों ने चेन पुलिंग कर उसे रोक दिया। इसके बाद मोबाइल लौटाने का झांसा देकर उन्होंने विपिन और मनोज पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में विपिन के हाथ और पसली में गंभीर चोटें आई हैं, जहां कुल नौ टांके लगे हैं, जबकि मनोज के सिर में चोट लगी है। वारदात के बाद सभी आरोपी फरार हो गए। सहयात्रियों ने नहीं किया बीच-बचाव इस घटना का एक पहलू यह भी रहा कि जनरल कोच में बड़ी संख्या में मुसाफिर मौजूद थे। इसके बावजूद हमले के वक्त कोई भी यात्री बीच-बचाव करने के लिए आगे नहीं आया। घायल यात्रियों और उनके साथियों ने ही किसी तरह जूझते हुए अपनी जान बचाई। वीडियो के आधार पर आरोपियों की तलाश जारी जीआरपी थाना प्रभारी संजय चौकसे ने बताया कि चलती ट्रेन में हुई इस वारदात का मामला दर्ज कर लिया गया है। घायलों द्वारा दिए गए संदिग्धों के वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
जयपुर रोड स्थित 220 केवी जीएसएस पर निर्धारित मेंटिनेंस कार्य के कारण 11 जून को बीछवाल जलाशय पर विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। इसके चलते बीछवाल जलाशय से जुड़े स्टेडियम हेड वर्क्स क्षेत्र की जलापूर्ति प्रभावित होगी। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिशासी अभियंता ऋतु मिशन ने बताया कि विद्युत आपूर्ति बाधित रहने के कारण करणी नगर, जय नारायण व्यास कॉलोनी तथा पवन पुरी क्षेत्र में जलापूर्ति आंशिक रूप से बाधित रहेगी। उन्होंने उपभोक्ताओं से आवश्यकतानुसार पानी का संग्रह कर सहयोग करने की अपील की है। विभाग के अनुसार विद्युत आपूर्ति बहाल होने के बाद जलापूर्ति व्यवस्था को शीघ्र सामान्य करने के प्रयास किए जाएंगे। इससे पहले शोभासर एरिया में बिजली आपूर्ति गड़बड़ होने के कारण बीकानेर के नयाशहर टंकी सहित अनेक हिस्सों में पानी की सप्लाई नहीं हो सकती थी, जिसके चलते लोगों ने नयाशहर टंकी पर प्रदर्शन किया था।
मैहर जिले के संदीपनी विद्यालय में बुधवार दोपहर को जब आंधी और झमाझम बारिश हो रही थी, तभी वहां एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया। स्कूल में एक नई बिल्डिंग बन रही थी, जिसके एक कमरे की छत अचानक भरभरा कर गिर गई। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई भी घायल नहीं हुआ और न ही किसी की जान गई, जिससे सबने राहत की सांस ली। बताया जा रहा है कि स्कूल परिसर में निर्माण का काम चल रहा था और एक जेसीबी मशीन वहां से मिट्टी हटाने में लगी हुई थी। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि खुदाई करते समय जेसीबी का एक जोरदार धक्का पास की निर्माणाधीन बिल्डिंग को लग गया। आंधी-बारिश के बीच लगे इस धक्के को दीवार झेल नहीं पाई और कमरे की छत नीचे आ गिरी। इस घटना ने वहां चल रहे काम की सुरक्षा और क्वालिटी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा अधिकारी को नहीं थी खबर जब इस पूरे मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) गिरीश अग्निहोत्री से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि यह मामला अभी तक उनके ध्यान में नहीं आया था। हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया है कि वे इस पूरी घटना की अच्छे से जांच करवाएंगे कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई। कांग्रेस ने उठाए भ्रष्टाचार के सवाल दूसरी तरफ, इस घटना को लेकर राजनीति भी गरमा गई है। नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने सरकार और ठेकेदार पर जमकर निशाना साधा है। उनका कहना है कि इस स्कूल में हजारों बच्चों का भविष्य बनना है, लेकिन यहां काम इतना घटिया हो रहा है कि हल्की सी आंधी-बारिश में ही छत गिर गई। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार का सीधा नमूना बताते हुए सरकार के दावों पर सवाल उठाए हैं। निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग कांग्रेस नेता ने कलेक्टर से मांग की है कि इस पूरे कंस्ट्रक्शन काम की बारीकी से टेक्निकल जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदार के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो। फिलहाल, प्रशासन की टीम मौके के हालात देखकर मामले की पूरी जानकारी जुटाने और जांच करने में जुटी है।
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान सरकार और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर तीखा हमला बोला है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संयोजक बेनीवाल ने जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, मंत्री हीरालाल नागर और के.के. बिश्नोई का नाम लेते हुए कहा- यदि सरकार वास्तव में जवाबदेही की बात करती है, तो इन सभी मंत्रियों के कामकाज की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। आरएलपी सांसद ने साल 2020 के चर्चित मानेसर घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर भी विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया। उस समय कांग्रेस अपनी सरकार बचाने के लिए राजनीतिक जोड़तोड़ में व्यस्त थी। बेनीवाल ने दावा किया कि उस दौर में कांग्रेस विधायकों की बड़े पैमाने पर खरीद-फरोख्त हुई थी और कई विधायकों ने पाला बदला था। बेनीवाल ने आगे कहा-उस समय हमारी पार्टी के तीन विधायक थे और हम खुद एनडीए के साथ थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी सरकार बचाने के लिए हर संभव राजनीतिक जतन किए, जिसके बाद कुछ विधायक पाला बदलकर गहलोत खेमे में चले गए थे। भरतपुर रैली टली, जल्द होगी नई तारीख की घोषणा बेनीवाल ने अपनी प्रस्तावित जनसभा को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। बेनीवाल ने कहा- 21 जून को भरतपुर में प्रस्तावित आरएलपी की रैली फिलहाल स्थगित कर दी गई है। उसी अवधि में आयोजित होने वाली नीट परीक्षा को देखते हुए पार्टी ने रैली नहीं करने का निर्णय लिया है, ताकि विद्यार्थियों और अभिभावकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आरएलपी सांसद ने कहा-पार्टी जल्द ही नई तारीख तय करेगी और आगामी दिनों में भरतपुर रैली की नई तारीख की घोषणा कर दी जाएगी। रैली में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी होगी और पार्टी प्रदेश के अलग-अलग मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी। बेनीवाल के इन बयानों को राजस्थान की सियासत में नए राजनीतिक हमले के रूप में देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब राज्य में मंत्रियों के कामकाज और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर लगातार बयानबाजी तेज होती जा रही है।
किशोरी से 6 लाख ठगने वाला आरोपी गिरफ्तार:स्नैपचैट पर दोस्ती की, प्रेम जाल में फंसाकर किया ब्लैकमेल
धार जिले के राजगढ़ में एक युवक को किशोरी को प्रेम जाल में फंसाकर छह लाख रुपये की ठगी करने और ब्लैकमेल करने के आरोप में बुधवार को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई राजगढ़ थाना पुलिस ने की है। आरोपी ने सोशल मीडिया के माध्यम से किशोरी से दोस्ती कर उसका विश्वास जीता था। राजगढ़ थाना प्रभारी समीर पाटीदार ने बताया कि आरोपी की पहचान कृष्णा शर्मा के रूप में हुई है। उसने स्नैपचैट के जरिए किशोरी से संपर्क किया था। बातचीत बढ़ने पर आरोपी ने प्रेम संबंध का झांसा देकर किशोरी का भरोसा जीत लिया। पुलिस के अनुसार, इसके बाद कृष्णा शर्मा ने दुर्घटना, आर्थिक परेशानी और अन्य बहाने बनाकर किशोरी से लगातार पैसों की मांग की। विश्वास में आकर किशोरी ने उसे अलग-अलग समय पर करीब छह लाख रुपये दे दिए। रुपये वापस मांगने पर शुरू की धमकी और ब्लैकमेलिंग जब पीड़िता ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी ने उसे धमकाना और ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। आरोपी पर किशोरी के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप भी है। पीड़िता की शिकायत पर राजगढ़ थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी की तलाश के लिए एक टीम गठित की गई। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बुधवार को कृष्णा शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने किशोरी से प्राप्त राशि खर्च कर दी है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
छतरपुर खाद्य सुरक्षा विभाग ने उपभोक्ताओं को भ्रामक जानकारी देने के मामले में पतंजलि के एक खाद्य उत्पाद पर कार्रवाई करते हुए संबंधित छह पक्षों पर कुल 3 लाख 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई बुधवार को की गई। विभागीय जांच में पतंजलि दलिया का नमूना निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया था। 2022 में लिया गया था सैंपल जानकारी के अनुसार, 27 नवंबर 2022 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा नियमित निरीक्षण के दौरान सागर रोड स्थित अपना बाजार से पतंजलि दलिया का नमूना संग्रहित किया गया था। नमूने को परीक्षण के लिए अधिकृत प्रयोगशाला भेजा गया, जहां जांच के बाद उत्पाद को मिसब्रांडेड घोषित किया गया। प्रयोगशाला की रिपोर्ट में पाया गया कि उत्पाद के पैकेट पर अंकित पोषण संबंधी जानकारी निर्धारित खाद्य मानकों के अनुरूप नहीं थी। इसी आधार पर इसे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत मिसब्रांडेड श्रेणी में रखा गया। छह पक्षों को ठहराया गया दोषी मामले की सुनवाई के बाद सक्षम प्राधिकारी ने 5 जून 2026 को अपना फैसला सुनाया। आदेश में छतरपुर, झांसी और उत्तराखंड से जुड़े कुल छह पक्षों को दोषी माना गया। इनमें अपना बाजार के संचालक, उत्पाद के निर्माता तथा पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड से जुड़े जिम्मेदार पदाधिकारी शामिल हैं। कुल 3.40 लाख रुपये का लगाया गया जुर्माना निर्णय के तहत सभी आरोपियों पर कुल 3 लाख 40 हजार रुपये का आर्थिक दंड अधिरोपित किया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने कहा कि उपभोक्ताओं को उत्पादों के बारे में सही और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराना प्रत्येक खाद्य निर्माता और विक्रेता की कानूनी जिम्मेदारी है। उत्पादों पर भ्रामक, गलत या अपूर्ण जानकारी देना कानून का उल्लंघन माना जाता है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी संतोष तिवारी ने बताया कि विभाग द्वारा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, शुद्धता और लेबलिंग की नियमित निगरानी की जाती है। उन्होंने कहा कि मिलावट, गुणवत्ता संबंधी अनियमितताओं और भ्रामक ब्रांडिंग के मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उपभोक्ता हितों की सुरक्षा पर जोर विभाग की इस कार्रवाई को खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रभावी क्रियान्वयन और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इंदौर में आवासीय और गैर आवासीय जी+3 या उससे ज्यादा ऊंचाई वाले सभी शासकीय और अशासकीय बिल्डिगों और बहुमंजिला परिसरों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और रेन वाटर हार्वेस्टिंग संबंधी नियमों का पालन हुआ है या नहीं ये देखने के लिए विशेष निरीक्षण व सत्यापन अभियान शुरू किया गया है। नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने नगर निगम के सभी उपयंत्रियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने इलाके में दौरा कर जी+3 और उससे ज्यादा ऊंचाई वाले सभी बिल्डिंग एवं संचालित बिल्डिगों का चिन्हांकन करें और अग्नि सुरक्षा और रेन वाटर हार्वेस्टिंग संबंधी व्यवस्था को चेक करें। निगम कमिश्नर ने कहा कि बढ़ते शहरीकरण और बहुमंजिला बिल्डिगों की संख्या को देखते हुए आग लगने की घटनाओं की रोकथाम और जल संरक्षण दोनों ही विषय काफी महत्वपूर्ण हैं। बिल्डिगों में स्थापित सुरक्षा व्यवस्थाओं का नियमित परीक्षण और रखरखाव लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। निरीक्षण के दौरान निगम के अदिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि संबंधित भवनों में निर्धारित मानकों के अनुरूप फायर सेफ्टी सिस्टम स्थापित एवं क्रियाशील है या नहीं। इसके अंतर्गत अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म सिस्टम, हाइट्रेंड व्यवस्था, आपातकालीन निकाम मार्ग और अन्य आवश्यक सुरक्षा प्रावधानों की उपलब्धता एवं संचालन क्षमता का परीक्षण किया जाएगा। इ डिटेल रिपोर्ट तैयार करने को कहा निगम कमिश्नर ने निर्देश दिए है कि सभी उपयंत्री निर्धारित चेकलिस्ट के अनुसार भवनों का निरीक्षण कर फायर सेफ्टी और रेन वाटर हार्वेस्टिंग का सत्यापन करें और भवनवार विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें। निरीक्षण के दौरान जिन बिल्डिगों में आवश्यक व्यवस्थाएं स्थापित नहीं पाई जाएंगी या उनका रखरखाव संतोषजनक नहीं होगा, उन बिल्डिंग स्वामियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने और निर्धारित समयावधि में व्यवस्थाएं स्थापित करने के लिए सूचित किया जाएगा। बिल्डिंग ऑफिसर करेंगे परीक्षण निरीक्षण के बाद हर बिल्डिंग का विस्तृत प्रतिवेदन संबंधित झोन के बिल्डिंग ऑफिसर को प्रस्तुत किया जाएगा। बिल्डिंग ऑफिसर प्राप्त रिपोर्टों का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करेंगे तथा नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए जरूरी निर्देश जारी करेंगे।
राजधानी के टिकरापारा इलाके में महिला डॉक्टर को शादी का झांसा देकर लंबे समय तक यौन शोषण करने वाले कोचिंग संचालक को विशेष अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा की अदालत ने आरोपी मयंक मिश्रा को दोषी करार देते हुए यह दंड दिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता और आरोपी की पहचान फरवरी 2023 में फेसबुक के माध्यम से हुई थी। बातचीत बढ़ने के बाद आरोपी ने महिला डॉक्टर को अपने देवपुरी स्थित कोचिंग संस्थान बुलाया, जहां उसने शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाए। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने धमकाकर करीब एक वर्ष तक पीड़िता का लगातार यौन शोषण किया। सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि पीड़िता गर्भवती हो गई थी। आरोप है कि आरोपी ने शादी करने से इनकार कर उसे गर्भपात की दवा दी और बाद में उससे संपर्क समाप्त कर लिया। पीड़िता की शिकायत पर टिकरापारा थाना पुलिस ने जून 2024 में अपराध दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पीड़िता के पुनर्वास और सहायता के लिए अधिकतम मुआवजा दिए जाने की अनुशंसा भी की है।
शाजापुर पुलिस ने गांजे की तस्करी के एक पुराने मामले में पिछले 9 साल से भाग रहे एक शातिर आरोपी को बुधवार शाम को पकड़ा है। इस आरोपी पर पुलिस ने 10 हजार रुपए का इनाम भी रखा हुआ था। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक पकड़े गए आरोपी का नाम राजेश शर्मा है, जो मोहनलाल शर्मा का बेटा है। वह मूल रूप से शाजापुर जिले के कालापीपल इलाके के चाकरोद गांव का रहने वाला है। लेकिन पुलिस से बचने के लिए वह लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर उज्जैन की साईबाग कॉलोनी में रह रहा था, जहां पुलिस ने घेराबंदी करके उसे पकड़ लिया। एक क्विंटल गांजे की हेराफेरी का है मामला पुलिस के बही-खातों के अनुसार राजेश शर्मा के खिलाफ सुनेरा थाने में साल 2017 में गांजा तस्करी का केस दर्ज हुआ था। यह पूरा मामला करीब एक क्विंटल यानी 100 किलो गांजे की अवैध खरीद-बिक्री से जुड़ा था। इस कार्रवाई के बाद से ही राजेश गिरफ्तारी के डर से भागा-भागा फिर रहा था, जिसके बाद पुलिस ने उस पर 10 हजार रुपए का इनाम रख दिया था। पूछताछ के लिए कोर्ट ने पुलिस को सौंपी कस्टडी पिछले करीब 9 साल से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे इस इनामी तस्कर को पकड़ने के बाद सुनेरा पुलिस ने उसे शाजापुर कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने इस धंधे से जुड़े बाकी लोगों का पता लगाने और कड़ी पूछताछ के लिए कोर्ट से आरोपी की मांग की थी। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए राजेश शर्मा को पूछताछ के लिए पुलिस की कस्टडी में भेज दिया है। पहले भी भारी मात्रा में गांजा तस्करी में आ चुका है नाम पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि राजेश शर्मा कोई नया आरोपी नहीं है, बल्कि वह गांजे की तस्करी का पुराना आरोपी है। उसके खिलाफ पहले भी अलग-अलग जिलों में नशे की तस्करी के केस दर्ज हैं। इससे पहले शाजापुर के कालापीपल थाने में उससे 15 किलो गांजा और नरसिंहपुर जिले के सुआतला इलाके में 1 क्विंटल 6 किलो गांजा पकड़ा जा चुका है।
नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर बुधवार को सीकर में यूथ कांग्रेस द्वारा मशाल जुलूस निकाला गया। यह जुलूस पिपराली चौराहे से शुरू होकर सीएलसी चौराहे पर पहुंचा, जिसमें यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु भी विशेष रूप से शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान NSUI जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश नागा,विकास मूंड,अंकित पारीक सहित कई लोग मौजूद रहे। यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा-नीट पेपर लीक के कारण देश के लाखों युवाओं का भविष्य अंधकार में लटक गया है। इस मानसिक तनाव से आहत होकर कई युवाओं ने आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम तक उठा लिया। इसके बावजूद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे रहे हैं। उदयभानु ने मांग की कि शिक्षा मंत्री तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें और देश के युवाओं से माफी मांगें। उन्होंने आगे कहा- गरीब परिवार अपनी जमीन बेचकर और कर्ज लेकर बच्चों को महंगी कोचिंगों में पढ़ाते हैं। लेकिन परीक्षा होने के बाद उसे रद्द कर दिया जाता है। सरकार तो परीक्षा रद्द कर अपना पल्ला झाड़ लेती है, लेकिन उन गरीब परिवारों के आर्थिक और मानसिक नुकसान की भरपाई कौन करेगा? जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक कांग्रेस का हर कार्यकर्ता सड़कों पर संघर्ष जारी रखेगा।
पद्मश्री माता राजमोहनी देवी सेवा संस्थान की ओर से बुधवार को अंबिकापुर में नशा मुक्ति रैली निकाली गई। जन जागरण रैली माता राजमोहनी देवी भवन से शुरू होकर अंबिकापुर कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम नशाबंदी की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। रैली में राजमोहनी देवी की उत्तराधिकारी रामबाई और संत गहिरा गुरू आश्रम के अध्यक्ष बबरू वाहन सहित समाज के लोग शामिल हुए। रैली के पूर्व राजमोहनी देवी सभा भवन में आयोजित कार्यकम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि संत गहिरा गुरु सनातन संत आश्रम के अध्यक्ष बबरू वाहन ने कहा कि माता राजमोहिनी देवी और संत गहिरा गुरुजी ने समाज को मांस मदिरा त्यागने का संदेश दिया है। इसलिए हम सभी का दायित्व है कि उनके बताए मार्ग पर चलकर इन बुराईयों का त्याग करें। जनजाति गौरव समाज के प्रदेश महामंत्री राम लखन सिंह पैकरा ने कहा कि हम भाग्यशाली हैं कि माता राजमोहनी देवी और संत गहिरा गुरु जी जैसे महान संतों का आशीर्वाद, मार्गदर्शन व प्रेरणा संदेश हमें मिला है। समाज में परिवर्तन लाने के लिए हमें उनके संदेशों को याद रखना होगा। नशामुक्ति के लिए पहल करने की मांग रैली के बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में प्रदेश में नशामुक्ति के लिए पहल करने की मांग की गई। कार्यक्रम में अमृत सिंह मराबी, त्रिभुवन सिंह, परमेश्वर सिंह मरकाम, अरुणा सिंह, सहदेव भगत, कमला प्रसाद सिंह, धर्म सिंह, संतोष दास, बिहारी लाल उरांव, दिनेश पावेल तथा कमलेश टोप्पो सहित बड़ी संख्या में संत समाज एवं माता राजमोहनी देवी के अनुयायी शामिल हुए।
जहानाबाद के भेलावर थाना क्षेत्र स्थित निसरपुरा गांव में हुए शिवम कुमार और उनके चाचा मुन्ना कुमार सिंह हत्याकांड के फरार आरोपितों के घरों पर पुलिस ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। न्यायालय के आदेश पर हुई इस कार्रवाई में कई घरों से सामान जब्त किए गए और कुछ मकानों को जेसीबी से ध्वस्त भी किया गया। पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान के निर्देश पर दोपहर में पुलिस टीम निसरपुरा गांव पहुंची। हत्या मामले में फरार आरोपितों के घरों पर विधिवत इश्तेहार तामील कराया गया। डुगडुगी बजाकर उन्हें तत्काल आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया था कि न्यायालय के आदेश का पालन न करने पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। शाम तक किसी भी फरार आरोपित के आत्मसमर्पण न करने पर पुलिस दल-बल और जेसीबी मशीन के साथ दोबारा गांव पहुंची। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर फरार आरोपितों की चल-अचल संपत्तियों की कुर्की-जब्ती शुरू की गई। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान ने बताया कि हत्याकांड में नामजद 14 आरोपितों में से दो को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले में दो आरोपित नाबालिग हैं, जबकि शेष फरार आरोपितों के विरुद्ध न्यायालय के आदेश पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि कानून से बचने का प्रयास करने वाले किसी भी आरोपित को बख्शा नहीं जाएगा और सभी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि निसरपुरा गांव में 20 दिनों के भीतर पहले शिवम कुमार और बाद में उनके चाचा मुन्ना कुमार सिंह की हत्या कर दी गई थी। इस दोहरे हत्याकांड के बाद से क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है।
रतलाम के जावरा के भीमाखेड़ी में नकली दूध तैयार करने की शंका में दूध फैक्ट्री पर पुलिस व खाद्य विभाग ने बुधवार शाम छापेमार कार्रवाई की। फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में दूध प्रोटिन पाउडर लेक्टास मिला है। जो दूध में मिलाया जा रहा था। फैक्ट्री में गंदगी भी पाई गई। शाम को जावरा औद्योगिक थाना प्रभारी प्रकाश गडरिया को 10 हजार लीटर नकली दूध से भरे टैंकर की सूचना मिली थी। इस आधार पर भीमाखेड़ी में यश दूध डेयरी पर खाद्य विभाग के साथ छापेमार कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान दूध में मिलाया जाने वाला प्रोटिन पाउडर लेक्टास की 95 बोरी मिली। जो कि प्रत्येक 25 किलो की थी। इसके अलावा कास्टिक सोड़ा भी मिला है। फैक्ट्री में दूध से भरे करीब 10 हजार लीटर दूध के दो टैंकर भी खड़े थे। जो कि गुजरात के मेघनगर में अमूल दूध फैक्ट्री में जाने वाले थे। पाउडर की तय मात्रा से मिलावट की आशंका में खाद्य विभाग ने दोनों टैंकरों के दूध, प्रोटिन पाउडर व कास्टिक सोड़े का सैंपल लिया है। इसके अलावा पाउडर व अन्य सामान को जांच रिपोर्ट आने तक सील कर दिया है। संचालक को पाउडर मिलाने का नियम नहीं मालूमजांच के दौरान सामने आया है कि जो प्रोटिन पाउडर मिला है वह एफएसएसआई द्वारा रजिस्टर्ड है। लेकिन इस पाउडर की एक तय निर्धारित सीमा होती है दूध में मिलाने की। वह जानकारी डेयरी को नहीं थी। यह भी सामने आया है कि पाउडर डालने से एक लीटर दूध की मात्रा 5 लीटर बन जाती है। पाउडर को अधिक मात्रा में मिलाने की शंका के चलते खाद्य विभाग ने सैंपल लिए है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की बात अधिकारियों ने कही है। सैंपल लिए है, जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाईखाद्य सुरक्षा अधिकारी ज्योति बघेल ने बताया पुलिस के द्वारा सूचना मिली थी कि लेक्टास पाउडर मिलाकर दूध के दो टैंकर मेघनगर जा है। दोनों टैंकरों में मिलाए गए मिल्क पाउडर व दूध के साथ कास्टिक सोड़े का सैंपल लिया है। जो भी पाउडर मिला है उसे दूध में मिलाने की एक निश्चित मात्रा होती है। संचालक को इस नियम के बारे में जानकारी नहीं है। दूध पाउडर एफएसएसआई नंबर मिला है। मिलावट की शंका में पाउडर, कास्टिक सोड़ा व दूध का सैंपल लिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा। मौके से पाउडर की 95 बोरी प्रत्येक 25 किलोग्राम मिली है। जांच रिपोर्ट आने तक सील कर दिया है।

