Weather in UP: यूपी में मानसून का असर बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को अवध के कई जिलों सहित यहां भारी बारिश की संभावना है।
Kanpur: 1.52 करोड़ के स्क्रैप घोटाले में जेई निलंबित, भेजा गया जेल, एक्सईएन की भी बढ़ेंगी मुश्किलें
केस्को में बिजली उपकरण के 1.52 करोड रुपये के स्क्रैप घोटाले के आरोपी अवर अभियंता (जेई) मुन्ना यादव को मंगलवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद विभाग ने उसे निलंबित भी कर दिया।
Muzaffarnagar News: फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने 129 दिन में 22 दोषियों को फांसी की सजा दी है। अब उनके पास पेंडिंग हत्या के मामलों की फाइलों को जज ने रिकॉल (वापस मंगाना) करा लिया है।
पंच केदार में शामिलकल्पेश्वर मंदिर के पीछे सोमवार रात को भारी भूस्खलन हो गया। मलबे से मंदिर परिसर, पुजारी कक्ष और स्टोर भी दब गया।
उत्तराखंड के अधिकतर जिलों में बुधवार को भी तेज दौर की बारिश होने की संभावना है।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन उत्तराखंड के दो दिन के दौरे पर बुधवार को देहरादून पहुंचेंगे। वह इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी देहरादून व लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) मसूरी में होने वाले कार्यक्रम में शामिल होंगे।
World Photography Day 2026: शब्दों पर भारी एक क्लिक, तस्वीरों में दर्ज हुआ जनजीवन, इतिहास और जज्बात
19 अगस्त को विश्व फोटोग्राफी दिवस दुनियाभर में मनाया जाता है।
Jharkhand: रांची के कोकर पेट्रोल पंप पर जोरदार धमाका, दुकान के शीशे टूटे; बाल-बाल बचे लोग, कैसे हुआ विस्फोट?
CG News: 2.65 करोड़ युवा जुड़े माय भारत से, सीएम साय बोले- युवाओं की ऊर्जा से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने माय भारत की समीक्षा बैठक में युवाओं को राष्ट्र निर्माण और सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया। देश में 2.65 करोड़ से अधिक और छत्तीसगढ़ में 6.60 लाख से ज्यादा युवा माय भारत से जुड़े हैं।
नालंदा के मध्य विद्यालय परासी में मिड-डे मील खाने के बाद करीब 15 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों ने गले में जलन और पेट दर्द की शिकायत की।
उत्तराखंड का गुप्तकाशी हादसा - मोटरसाइकिल खाई में गिरी, तीन युवक घायल
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से उत्तराखंड के केदारनाथ जा रहे एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक गहरी खाई में गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गए
UP News Today Live: उत्तर प्रदेश ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 19 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार
UP Breaking News Today Live - Read Uttar Pradesh latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, उत्तर प्रदेश की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन.
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 19 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
वाराणसी कोर्ट ने IIT BHU के सुरक्षाकर्मी पर हमला करने के मामले में बीएचयू छात्र नेता समेत दो आरोपितों को राहत दे दी है। घातक हथियार से हमला कर कान काटने और बुरी तरह पीटने के आरोप कोर्ट में सिद्ध नहीं हो पाए। चार्जशीट लगाने वाली पुलिस भी मजबूत साक्ष्य और गवाह पेश नहीं कर पाई। लगभग एक वर्ष चली सुनवाई के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (नवम) अमित कुमार यादव ने मुकदमे के विचारण के दौरान आरोप सिद्ध न होने पर जंसा निवासी आरोपित छात्र नेता प्रशांत गिरी और लोहता निवासी नित्यानंद गिरी को दोषमुक्त कर दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, बृजपाल सिंह यादव 'गुड्डू' व नरेश यादव ने पक्ष रखा। अभियोजन पक्ष के अनुसार जंगीपुर, गाजीपुर निवासी धीरेन्द्र राय ने लंका थाने में छात्र नेता प्रशांत गिरी और लोहता निवासी नित्यानंद गिरी के खिलाफ घातक हथियार से हमला करने का केस दर्ज कराया था। उसने आरोप लगाया था कि वारदात के समय वह आईआईटी (बीएचयू) में सुरक्षाकर्मी की सेवा दे रहा है। 21 नवंबर 2025 को रात्रि लगभग 09:15 बजे आईआईटी (बीएचयू) की एम्बुलेंस ड्राईवर डयूटी करने के दौरान जब वह एम्बुलेंस लेकर सर सुंदरलाल अस्पताल बीएचयू के इमरजेन्सी में भर्ती मरीज के लिए वहां आया और वहीं रोड पर एम्बुलेंस लगाकर खड़ा हुआ। इसी दौरान प्रशांत गिरी और नित्यानंद गिरी नामक दो छात्रों से गाड़ी खड़ी करने को लेकर उसकी बहसबाजी हो गई। बहसबाजी के दौरान दोनों लड़के उस पर आक्रामक होकर लात-मुक्कों से मारने-पीटने लगे। साथ ही किसी धारदार हथियार से उसका दाई ओर का कान काटकर अलग कर दिया। शोर सुनकर आसपास के लोगों संग उसके सहयोगी तत्काल मौके पर पहुंचे। जिसके बाद उसके सहयोगियों द्वारा तत्काल चिकित्सा के लिए उसे ट्रामा सेन्टर बीएचयू में भर्ती कराया गया। इस मामले में दोनों आरोपितों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। अदालत में विचारण के दौरान आरोप सिद्ध न होने पर अदालत ने दोनों आरोपितों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर लगातार सड़क धंसने और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बाद आईआईटी खड़गपुर की तकनीकी जांच रिपोर्ट तैयार हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में एक्सप्रेसवे के ड्रेनेज सिस्टम, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और मिट्टी की पटाई में लापरवाही जैसी खामियां सामने आई हैं। रिपोर्ट एनएचएआई के केंद्रीय मुख्यालय को सौंपे जाने की बात कही जा रही है। ऐसे में अब जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। चार हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार इस एक्सप्रेसवे का निर्माण एनएचएआई ने पीएनसी इंफ्राटेक से कराया है। 13 जुलाई को इसके शुरू होने के कुछ ही दिनों बाद सड़क धंसने और निर्माण में खामियों की शिकायतें सामने आने लगीं। लगातार शिकायतों के बाद एनएचएआई ने तत्कालीन परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा को पद से हटा दिया और निर्माण एजेंसी के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की। टोल वसूली रोकी, मरम्मत का काम जारी सड़क धंसने की घटनाओं के बाद एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली भी रोक दी गई। प्रभावित हिस्सों की मरम्मत कराई जा रही है। इसके साथ ही एनएचएआई ने एक्सप्रेसवे की तकनीकी स्थिति की जांच के लिए आईआईटी खड़गपुर की टीम बुलाई। टीम ने करीब तीन दिनों तक अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण किया और इसके बाद वापस लौट गई। विभागीय सूत्रों के अनुसार, जांच में सड़क के नीचे मिट्टी की पटाई, ड्रेनेज व्यवस्था और निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए हैं। सीमेंट और अन्य सामग्री के इस्तेमाल के अनुपात में भी गड़बड़ी की बात सामने आने की जानकारी है। हालांकि, एनएचएआई के अधिकारी अभी जांच रिपोर्ट पर आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। कोरारी पुल पर 150 मीटर सीमेंट की परत उखड़ी एक्सप्रेसवे पर कोरारी रेलवे पुल के पास भी निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हुए हैं। किमी संख्या 64.4 और 64.5 के बीच पुल के जोड़ के पास करीब 150 मीटर लंबाई में सीमेंट की परत उखड़ गई है। मंगलवार दोपहर तक यहां मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ था। इसके अलावा किमी संख्या 62.8 पर तीसरी लेन में करीब 50 मीटर हिस्से में सड़क हल्की धंस गई है। इससे सड़क पर पानी भरने की समस्या भी सामने आई है। इन खामियों ने एक्सप्रेसवे की निर्माण गुणवत्ता और एनएचएआई की पेट्रोलिंग व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आईआईटी की रिपोर्ट में सामने आई खामियों पर एनएचएआई कब तक कार्रवाई करता है और जिम्मेदारी तय होने के बाद किन अधिकारियों और एजेंसी पर गाज गिरती है।
जानलेवा हमला करने के आरोप में एक व्यक्ति गिरफ्तार
हरियाणा में गुरुग्राम पुलिस ने बेटे और बहू से मिलने को लेकर हुए विवाद में समधिन पर चाकू से जानलेवा हमला करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है
गुरुग्राम में अवैध पार्किंग करने वाले वाहन चालकों पर 23.08 लाख रुपये का जुर्माना
हरियाणा में गुरुग्राम यातायात पुलिस ने शहर में गलत और अवैध पार्किंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए एक से 17 अगस्त के बीच 2,595 चालान जारी किए और 23 लाख आठ हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया
दिल्ली में कोंडली के एसटीपी पर NGT सख्त, दुर्गंध और प्रदूषण रोकने को नियमित निगरानी के निर्देश
एनजीटी ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति को कोंडली सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स की नियमित निगरानी करने और 10 लाख रुपये की पर्यावरण क्षतिपूर्ति वसूलने का निर्देश दिया है। यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि एसटीपी पर्यावरणीय मानकों का पालन करें और उनसे दुर्गंध न फैले, साथ ही भविष्य में उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई हो।
लखनऊ के सिविल अस्पताल की इमरजेंसी से रेफर हुई बुजुर्ग महिला के ट्रॉमा पहुंचने से पहले तीमारदार के नंबर पर फोन पहुंच गया। निजी अस्पताल के दलाल ने सरकारी में इलाज न मिलने की बात कहते हुए पति को डराया। मरीज को बेहतर इलाज का झांसा देकर ट्रॉमा के पास स्थित यूनाइटेड हॉस्पिटल ले गए। वहां पर इलाज के नाम पर उगाही हुई। आखिर में मरीज की जान चली गई। पति ने मरीज के पैरों से पायल और बिछिया भी गायब होने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से शिकायत दर्ज कराई। मामले की जांच सीएमओ को सौंपी गई। पीड़ित की शिकायत को कचरे के डिब्बे में डालकर दबा दिया गया। बुजुर्ग न्याय के लिए भटक रहा है मगर उसकी सुनवाई नहीं हो रही। ये था पूरा मामला चारबाग निवासी विश्वनाथ पांडेय 21 जून को दोपहर ढाई बजे अपनी पत्नी पार्वती देवी को सिविल अस्पताल की इमरजेंसी ले गए थे। ईएमओ ने विशेषज्ञ न होने की बात कहकर ट्रॉमा रेफर किया। ट्रॉमा पहुंचने से पहले ही सिविल की इमरजेंसी से तीमारदार का नंबर दलाल के पास पहुंच गया। दलाल ने विश्वनाथ पांडेय को फोन करके सरकारी में इलाज न मिलने की बात कही। मरीज को सस्ता व बेहतर इलाज का झांसा देकर उसे यूनाइटेड हॉस्पिटल ले गए। वहां भर्ती, दवा और जांच के नाम पर करीब 60 हजार रुपये वसूले गए। पति विश्वनाथ का आरोप है भर्ती के समय पत्नी के पैरों में पहनी दो पायल और बिछिया गायब मिले। विश्वनाथ का आरोप है कि शिकायत करने की बात कहने पर दलाल ने जान से मारने की धमकी दी। इससे उनका परिवार डरा है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है। मामले की जांच सीएमओ को सौंपी गई थी। करीब दो माह बीतने के बाद भी अभी तक सीएमओ के स्तर से कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित का आरोप है जांच के नाम पर सिर्फ नाटक चल रहा है। पीड़ित ने सीएमओ को कठघरे में खड़ा करते हुए सांठगांठ का आरोप लगाया है। मांगा जाएगा जवाब लखनऊ सीएमओ डॉ.एनबी सिंह ने बताया कि इस प्रकरण में अभी मामले की जानकारी नहीं है। पीड़ित संग ऐसी घटना हुई तो संबंधित अस्पताल से जवाब तलब करके कार्रवाई होगी। जांच के आधार पर होगी कार्रवाई सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता ने बताया कि अस्पताल की इमरजेंसी से मरीज के निकलते ही तीमारदार का नंबर दलाल के पास पहुंच गया। यह गंभीर मसला है। इस दलाली में जो भी डॉक्टर व कर्मचारी शामिल होंगे उनकी जांच करके कार्रवाई होगी।
काशी के कोतवाल बाबा श्रीकालभैरव का भव्य हरियाली शृंगार किया गया। इस विशेष अवसर पर बाबा कालभैरव के मंदिर को फूलों, फलों और हरी सब्जियों से आकर्षक ढंग से सजाया गया। बाबा के नयनाभिराम स्वरूप के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना शुरू हो गया। शाम होते-होते मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ बढ़ती गई और देर रात तक दर्शन के लिए कतार लगी रही। हरियाली शृंगार के लिए मंदिर परिसर को गेंदा, गुलाब और चमेली के फूलों से सजाया गया। इसके साथ ही विभिन्न प्रकार के फल और हरी सब्जियां भी सजावट में शामिल की गईं। फूलों और हरियाली से सजे मंदिर परिसर का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। बाबा कालभैरव को उनकी पारंपरिक मुंड माला के साथ फलों की माला भी धारण कराई गई। विशेष शृंगार के बाद बाबा का स्वरूप बेहद मनोहारी नजर आया। ब्रह्म मुहूर्त में पंचामृत और 108 लीटर दूध से अभिषेक मंदिर के महंत घनश्याम दुबे ने बताया कि हरियाली शृंगार की धार्मिक परंपरा के तहत ब्रह्म मुहूर्त में बाबा कालभैरव का विधि-विधान से पूजन और अभिषेक किया गया। बाबा को पंचामृत के साथ 108 लीटर दूध से स्नान कराया गया। इसके बाद विशेष पूजा-अर्चना की गई। बाबा के विग्रह पर सिंदूर का विशेष लेप लगाया गया और नूतन वस्त्र धारण कराए गए। अभिषेक और शृंगार के बाद बाबा को विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। धार्मिक अनुष्ठान और भोग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए गए। कपाट खुलते ही भक्तों ने बाबा के दरबार में पहुंचकर दर्शन-पूजन किया और आशीर्वाद लिया। देर रात तक लगी रही श्रद्धालुओं की कतार बाबा कालभैरव के विशेष हरियाली शृंगार की जानकारी होने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। भक्तों में बाबा के विशेष स्वरूप के दर्शन को लेकर उत्साह देखने को मिला। सुबह से शुरू हुआ श्रद्धालुओं का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। मंदिर के बाहर और परिसर में दर्शन के लिए भक्तों की कतार लगी रही। श्रद्धालुओं ने बाबा कालभैरव के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। कई भक्तों ने बाबा को पुष्प अर्पित किए और परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य एवं मंगलकामना की। हरियाली और फूलों से सजे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। सवा लाख बत्तियों से हुई बाबा की महाआरती हरियाली शृंगार के अवसर पर आधी रात में बाबा कालभैरव की विशेष महाआरती का आयोजन किया गया। सवा लाख बत्तियों से बाबा की महाआरती उतारी गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस विशेष आरती के साक्षी बने। आरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर बाबा के जयकारों और घंट-घड़ियाल की ध्वनि से गूंज उठा। महाआरती के बाद श्रद्धालुओं ने बाबा के विशेष स्वरूप का दर्शन किया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के चिल्ड्रन विंग के निर्माण कार्य में देरी को लेकर उत्तर प्रदेश स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के रवैये पर गहरी नाराज़गी जताई। कोर्ट ने चेतावनी के लहजे में कहा कि सख्त कार्रवाई होगी। न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की अदालत ने कहा कि निगम इस काम को गंभीरता से नहीं ले रहा और केवल मामले को लटका रहा है। याचिका पर हलफनामा डॉ. अरविंद गुप्ता की याचिका की सुनवाई के दौरान निगम के प्रबंध निदेशक की ओर से हलफनामा दाखिल किया गया, जिसमें दावा किया गया कि काम प्रगति पर है। लेकिन कोर्ट ने पाया कि हलफनामे में प्रबंध निदेशक अपने पिछली सुनवाई के बयान से पलट गए हैं। बताया गया कि 15 अगस्त 2026 तक जो दो लिफ्ट लगाई जानी थीं, वे अब तक नहीं लगीं। मौके पर मौजूद कार्यकारी अभियंता ने कहा कि यह काम ओटिस कंपनी को करना है और इसमें करीब 15 दिन और लगेंगे। न्याय मित्र अधिवक्ता ईशान देव गिरि ने भूतल, प्रथम व द्वितीय तल पर चल रहे निर्माण कार्य की रंगीन तस्वीरें कोर्ट के सामने पेश कीं, जिनसे यह स्पष्ट हुआ कि आज दाखिल हलफनामा ज़मीनी हकीकत से मेल नहीं खाता। अधिशासी अभियंता ने कोर्ट से बातचीत में स्वीकार किया कि छत का काम एक-दो दिन में पूरा हो जाएगा और अभी तक केवल इन्वेंट्री मेडिकल कॉलेज को सौंपी गई है। हलफनामा झूठा तो कार्रवाइ तय कोर्ट ने अगली तारीख पर इन तस्वीरों के साथ हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि हलफनामे में झूठा बयान पाया गया तो प्रबंध निदेशक व मौजूद अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अतिरिक्त मुख्य स्थायी अधिवक्ता सुरेश सिंह ने पुलिस आयुक्त, प्रयागराज का पत्र और पूल्ड हाउसिंग आवंटन से जुड़े दस्तावेज़ पेश किए। बताया गया कि डीसीपी यमुना पार को नया आवास आवंटित हो चुका है और वे जल्द शिफ्ट होंगे, जबकि डीसीपी गंगा पार के आवंटित आवास में मरम्मत का काम चल रहा है। बाकी आवासों पर जिला प्रशासन से कोई निर्देश न मिलने की बात कही गई। कोर्ट ने पाया कि स्वास्थ्य विभाग को आवंटित भूमि पर सरकारी अधिकारियों द्वारा किए गए अवैध कब्जे को खाली कराने का पूर्व आदेश अब तक लागू नहीं हुआ है। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को अपने ही आदेश की अवमानना का ज़िम्मेदार बताया। अगली सुनवाई 20 अगस्त 2026 को दोपहर 2 बजे होगी। कोर्ट ने कहा डीएम मौजूद रहे कोर्ट ने पुलिस आयुक्त व जिलाधिकारी, प्रयागराज को स्वयं उपस्थित रहने और व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी को अगली तारीख तक कब्जाधारी सरकारी आवासों को गाली कराकर मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को सौंपने का आदेश दिया। नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव को परियोजना की डीपीआर की निगरानी कर अगली तारीख तक प्रगति रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया। जानिये क्या है पूरा मामला स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) चिकित्सालय के विस्तार की दिशा में प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। अस्पताल के लिए लीज पर दी गई जमीन पर बने 22 से अधिक सरकारी आवासों को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इनमें से 19 आवासों में रह रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है। प्रशासनिक, पुलिस, शिक्षा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आवंटित इन बंगलों को खाली कराकर अस्पताल विस्तार के लिए भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन उन अधिकारियों और कर्मचारियों की भी सूची तैयार कर रहा है, जिनका तबादला प्रयागराज से बाहर हो चुका है लेकिन उन्होंने अभी तक सरकारी आवास खाली नहीं किए हैं। 15 अगस्त तक खाली किए जाने थे आवाससिटी मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह ने बताया कि न्यायालय द्वारा निर्देशित किया गया जा चुका है कि सभी सरकारी आवंटी 15 अगस्त तक उक्त परिसर खाली कर निजी आवासों में चले जाएंगे। जिलाधिकारी, प्रयागराज द्वारा रिक्ति होने पर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सरकारी आवास आवंटित किए जाएंगे। दो चरणों की नापजोख में 31 हजार वर्गमीटर से अधिक जमीन चिन्हितएसआरएन अस्पताल की जमीन पर बने बंगलों की दो चरणों में नापजोख कराई गई। पहले चरण में 18,700 वर्गमीटर और दूसरे चरण में 31,314 वर्गमीटर जमीन चिन्हित की गई। इस क्षेत्र में कुल 22 बंगले शामिल हैं, जिन्हें अस्पताल विस्तार योजना के लिए खाली कराया जाना है। हाईकोर्ट की निगरानी में चल रहा अस्पताल विस्तारएसआरएन अस्पताल को एम्स की तर्ज पर विकसित करने की योजना पर हाईकोर्ट लगातार निगरानी कर रहा है। इसी क्रम में कोर्ट ने अस्पताल परिसर की लीज भूमि पर बने सरकारी आवासों को खाली कराने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की अदालत ने डॉ. अरविंद गुप्ता व अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए जिला प्रशासन को अधिकारियों को वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराने और अस्पताल विस्तार कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया था। पांच अधिकारियों को आवास आवंटित, 48 घंटे में कब्जा देने का आदेशपिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को छह सप्ताह का समय दिया था। हालांकि विस्तृत हलफनामा दाखिल न होने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई। सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने बताया कि पांच अधिकारियों को नए आवास आवंटित किए जा चुके हैं। कोर्ट ने निर्देश दिया कि इन अधिकारियों को 48 घंटे के भीतर नए आवासों का कब्जा दिया जाए, ताकि अस्पताल विस्तार का कार्य तत्काल शुरू हो सके। साथ ही डीएम प्रयागराज को प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। चिल्ड्रेन विंग में लिफ्ट का काम नहीं रुकेगासुनवाई के दौरान यूपी स्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (UPSIDC) की ओर से लिफ्ट स्थापना के लिए धनराशि जारी न होने की बात कही गई। इस पर हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि चिल्ड्रेन विंग में लिफ्ट लगाने का कार्य किसी भी स्थिति में नहीं रुकना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि भुगतान राज्य सरकार करेगी। इसके साथ ही निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर असंतोष जताते हुए कोर्ट ने संबंधित निगम के प्रबंध निदेशक को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
दिल्ली सरकार लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया का औपचारिक शुभारंभ 26 अगस्त को करेगी। इसके लिए तालकटोरा स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में पात्र महिलाओं को योजना से संबंधित आधिकारिक पत्र सौंपे जाएंगे। वहीं, 1 सितंबर से सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को सचिवालय में योजना की समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्य सचिव राजीव वर्मा और जिला स्तरीय समितियों के पदाधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना शुरू होने के 18 दिनों में करीब 8 लाख महिलाओं ने पंजीकरण कराया है, जबकि 5 लाख से अधिक आवेदन अंतिम रूप से जमा हो चुके हैं। 1 अगस्त से प्रभावी योजना के तहत दिल्ली के कम आय वाले परिवारों की 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। योजना के लिए आवेदन पूरे वर्ष दिल्ली लक्ष्मी योजना पोर्टल के माध्यम से किए जा सकते हैं। अपात्र मिलने पर बंद होगी सहायता, राशि भी वसूली जाएगीमहिला एवं बाल विकास विभाग ने योजना में पात्रता को लेकर कड़े प्रावधान किए हैं। अधिकारियों के अनुसार लाभार्थियों की पात्रता की लगातार निगरानी की जाएगी। जांच में किसी भी स्तर पर महिला अपात्र पाई जाती है तो उसकी सहायता तत्काल बंद कर दी जाएगी। पहले जारी की गई राशि की वसूली भी की जाएगी। गलत जानकारी या धोखाधड़ी सामने आने पर कानूनी अथवा प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है। मृत्यु पर तुरंत रुक जाएगा भुगतानदिशा-निर्देशों के अनुसार लाभार्थी की मृत्यु होने पर उसके सीबीडीसी वॉलेट में राशि का भुगतान तत्काल रोक दिया जाएगा। आरडी या एफडी खाते में जमा राशि और अर्जित ब्याज कानूनी उत्तराधिकारी को दिया जाएगा। मृत्यु के दो साल के भीतर दावा नहीं करने पर राशि सरकारी खाते में वापस चली जाएगी। योजना से 1500 रुपए आरडी/एफडी में होंगे जमा योजना के तहत डिफॉल्ट रूप से 2,500 रुपये में से 1,500 रुपये आरडी या एफडी खाते में जमा होंगे, जबकि 1,000 रुपये लाभार्थी के बैंक खाते से जुड़े सीबीडीसी वॉलेट में भेजे जाएंगे। आरडी/एफडी राशि पर 31 जुलाई 2029 तक लॉक-इन अवधि लागू रहेगी। लाभार्थी चाहें तो पूरी 2,500 रुपये की राशि आरडी या एफडी में जमा करा सकती हैं।
लखनऊ के इंदिरानगर थाने की तकरोही चौकी प्रभारी दरोगा आनंद कुमार मिश्रा सात दिन बाद सोमवार को प्रयागराज के एक होटल में परिजनों को मिल गए। वह 11 अगस्त को थाने जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। इसके बाद उनकी पत्नी दरोगा अंजली ने सरोजनीनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। सरोजनीनगर की विष्णु लोक कॉलोनी निवासी अंजली डीसीपी सेंट्रल कार्यालय में तैनात हैं। पुलिस के मुताबिक, आनंद कुमार मिश्रा घरवालों से नाराज थे। घर से निकलने के बाद वह वाराणसी चले गए और वहां दो दिन रुके। इसके बाद उन्होंने प्रयागराज जाने के लिए कार बुक की और वहां पहुंचकर एक होटल में ठहर गए। सरोजनीनगर इंस्पेक्टर राजदेव ने बताया कि प्रयागराज में होटल में ठहरे होने की जानकारी मिलने के बाद परिजन वहां पहुंचे और आनंद को सकुशल मिल गए। उन्होंने बताया कि दरोगा पूरी तरह सुरक्षित हैं।
आगामी दिनों में निकाय चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले राजस्थान में तबादलों का दौर तेज हो गया है। लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को बदला जा रहा है। पिछले करीब एक सप्ताह में अलग-अलग विभागों में करीब 500 अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले किए जा चुके हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को जयपुर कमिश्नरेट में 33 पुलिस इंस्पेक्टरों के तबादले किए गए। जयपुर में आगामी नगर निगम चुनाव को देखते हुए निर्वाचन आयोग के निर्देशों की पालना में लंबे समय से एक ही क्षेत्र में पदस्थ अधिकारियों को बदला गया है। ज्यादातर थानाधिकारियों के थाना क्षेत्र बदले गए हैं, जबकि कुछ अधिकारियों को पुलिस लाइन, अपराध शाखा, सीएसटी और आयुक्तालय में नई जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने जारी की 33 इंस्पेक्टरों की सूची पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने मंगलवार को तबादला सूची जारी की। सूची में 33 पुलिस इंस्पेक्टरों के नाम शामिल हैं। सभी अधिकारियों को जल्द से जल्द नए पद पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। दो थानाधिकारी लाइन हाजिर तबादला सूची में खोह नागोरियान थानाधिकारी प्रकाश राम विश्नोई और सदर थानाधिकारी बृजमोहन कविया को रिजर्व पुलिस लाइन भेजा गया है। प्रकाश राम विश्नोई इससे पहले लालकोठी थाने में पदस्थ थे। खोह नागोरियान में पटाखा अग्निकांड के बाद उन्हें वहां थानाधिकारी लगाया गया था। इसके बाद पुलिस ने मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ 150 से अधिक अवैध गोदामों और फैक्ट्रियों पर कार्रवाई की थी। हालांकि कुछ संगठनों के विरोध और प्रदर्शन के बाद उनका तबादला कर दिया गया। वहीं सदर थानाधिकारी बृजमोहन कविया को सेशन कोर्ट के एक वकील के साथ कथित अभद्र भाषा के इस्तेमाल के मामले के बाद लाइन हाजिर किया गया है। जानिए जयपुर कमिश्नरेट में किस थानाधिकारी का कहां हुआ तबादला राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने भी 12 निरीक्षक बदले जयपुर कमिश्नरेट की सूची के अलावा राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने भी प्रशासनिक आधार और स्वयं की प्रार्थना पर 12 पुलिस निरीक्षकों के स्थानांतरण किए हैं। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, कार्मिक बीजू जॉर्ज जोसफ की ओर से 18 अगस्त को आदेश जारी किए गए। आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावी हैं। इनमें सन्तरा मीणा को जयपुर आयुक्तालय से SOG जयपुर, अन्जू कुमारी को कोटा रेंज, प्रेम कुमार शर्मा को उदयपुर रेंज और ओमवीर सिंह को अजमेर रेंज भेजा गया है। वहीं अनिल कुमार टेलर को कोटा रेंज से जयपुर आयुक्तालय में लगाया गया है। अन्य तबादले देवेन्द्र कुमार — SOG जयपुर से जयपुर आयुक्तालय राजेन्द्र सिंह — अजमेर रेंज से जयपुर रेंज माधोसिंह — ANTF जयपुर से जयपुर रेंज भीमसैन कौशिक — उदयपुर रेंज से SOG जयपुर मानवेन्द्र सिंह — अजमेर रेंज से CID-CB विनोद सामरिया — कोटा रेंज से भरतपुर रेंज सुनिता चौधरी — ATS/SOG से ADGP कम्यूनिटी पुलिसिंग कार्यालय पुराने तबादला आदेश भी निरस्त पुलिस मुख्यालय ने जून और जुलाई 2026 में जारी कुछ पुराने तबादला आदेशों में शामिल पुलिस निरीक्षकों के स्थानांतरण भी निरस्त किए हैं। ACB या 16 CCA कार्रवाई वाले निरीक्षकों को फील्ड पोस्टिंग नहीं आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिन पुलिस निरीक्षकों के खिलाफ ACB प्रकरण या 16 CCA के तहत कार्रवाई विचाराधीन अथवा प्रस्तावित है, उन्हें फील्ड में पदस्थापित नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों की सूचना पुलिस मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को स्थानांतरित निरीक्षकों को तत्काल कार्यमुक्त कर नए पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली के रघुबीर नगर में ई-रिक्शा बैटरी चार्जिंग के दौरान हुए विस्फोट से आग लगने से मामा-भांजे की मौत हो गई। यह घटना रिहायशी इलाकों में असुरक्षित और अवैध बैटरी चार्जिंग के जानलेवा खतरे को उजागर करती है, जिस पर पुलिस और बिजली विभाग की अनदेखी के सवाल उठ रहे हैं।
आयकर विभाग ने हवाला कनेक्शन की जांच के लिए मंगलवार को सीए रेहान खान के घर और माल का बाजार स्थित दफ्तर पर छापा मारा। टीम ने कई घंटे तक दस्तावेज खंगाले और पूछताछ के बाद सीए को अपने साथ ले गई। कार्रवाई में हवाला लेन-देन और विदेश भेजी गई रकम से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई। आयकर विभाग की जांच शाखा की टीम मंगलवार सुबह काला महल/माल का बाजार क्षेत्र में पहुंची थी। अधिकारियों ने क्षेत्रीय लोगों से सीए रेहान खान के बारे में पूछताछ की। इसके बाद टीम ने सीए के घर और माल का बाजार स्थित दफ्तर पर कई घंटे तक दस्तावेजों की जांच की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टीम शाम करीब चार बजे तक क्षेत्र में रही और सीए को अपने साथ ले गई। कार्रवाई की चर्चा पूरे शहर में रही। हवाला से जुड़े दस्तावेज मिले, 36 प्रोफेशनल और 394 संस्थाएं जांच के दायरे में विभागीय टीम को हवाला से संबंधित दस्तावेज मिले हैं। विभाग की ओर से जारी सूचना के अनुसार, देशभर में 36 प्रोफेशनल और 394 संस्थाओं की जांच की जा रही है। ऐसे ट्रस्टों का इतिहास भी खंगाला जा रहा है, जिनके माध्यम से रकम का लेन-देन किया गया। विभाग को आशंका है कि इस तरह के लेन-देन कुछ कंपनियों के माध्यम से किए गए हो सकते हैं। फॉर्म 15 सीबी प्रमाणित करने वाले लोग भी विभाग की जांच सूची में हैं। तीन वर्षों में विदेश भेजी गई रकम और जमीन की सूचनाएं खंगालीं आयकर विभाग की जांच टीम ने पिछले तीन वर्षों में विदेश भेजी गई धनराशि और जमीन से जुड़ी सूचनाओं की जांच की। इस दौरान बड़ी रकम विदेश भेजने वाली कुछ संस्थाओं के नाम सामने आए। जांच में पाया गया कि इन संस्थाओं का अपना कारोबार और घोषित आय काफी कम थी। कुछ संस्थाओं ने आयकर रिटर्न में टर्नओवर बहुत कम दिखाया था। कुछ संस्थाएं आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर रही थीं, जबकि कुछ अपने बताए गए पते पर भी नहीं मिलीं। जांच में संस्थाओं ने विदेश रकम भेजने की वजह भाड़े का भुगतान, सॉफ्टवेयर आयात और सलाहकार की सेवाओं का भुगतान बताया। हालांकि विभागीय जांच में कुछ संस्थाओं का काम उस स्तर का भी नहीं पाया गया, जिससे इतनी बड़ी धनराशि विदेश भेजना उचित साबित हो सके। विभाग अब संबंधित दस्तावेजों और लेन-देन के स्रोत की जांच कर रहा है।
बीएचयू के मेडिसिन विभाग के सीनियर डॉक्टर डॉ. धीरज किशोर ने छात्रों के एक समूह पर बदसलूकी और मेडिकल कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया है। डॉक्टर ने मंगलवार को चीफ प्राक्टर को प्रार्थना पत्र देकर सुरक्षा की मांग की। शिकायत के मुताबिक, छात्रों का समूह उनके साथ आए मरीज को तत्काल देखने का दबाव बना रहा था। डॉ. धीरज किशोर ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि एक मरीज को दिखाने के लिए कुछ लोग उनके पास पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि छात्रों और कर्मचारियों को निर्धारित समय दोपहर 12 से 1 बजे तक हेल्थ डायरी के आधार पर देखा जाता है। इसके बावजूद मरीज को पहले देखने के लिए उन पर दबाव बनाया गया। तबीयत खराब थी, सुरक्षा के लिए दूसरे कमरे में गए डॉक्टर के मुताबिक, उस समय उनकी तबीयत भी खराब थी। भीड़ के दबाव को देखते हुए वह अपनी सुरक्षा के लिए कमरा नंबर 203 में चले गए। आरोप है कि उनके पीछे करीब 12 अज्ञात लोगों का समूह भी कमरे में पहुंच गया। सभी ने उन्हें घेर लिया और आक्रामक व्यवहार करने लगे। डॉक्टर का कहना है कि इस दौरान उन्हें करीब आधे घंटे तक घेरकर रखा गया। प्रोक्टोरियल गार्ड्स पर भी कार्रवाई नहीं करने का आरोप डॉ. धीरज किशोर ने शिकायत में कहा कि मेडिकल कार्य में बाधा डालने और उनकी सुरक्षा को लेकर उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की है। डॉक्टर का आरोप है कि मौके पर पहुंचे प्रोक्टोरियल गार्ड्स ने भी तत्काल कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। डॉक्टर ने लंका थाना पुलिस से भी अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है। लंका थाना प्रभारी राजकुमार ने कहा- सूचना पर पुलिस मौके पर गई थी लेकिन अभी विश्वविद्यालय से प्रार्थना पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर मध्य प्रदेश में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने परियोजना और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। जल शक्ति मंत्रालय से जारी पीआईबी के प्रेस नोट में कहा है कि प्रभावित परिवारों को मुआवजा और पुनर्वास लाभ नहीं मिलने के आरोप गलत और भ्रामक हैं। सरकार के मुताबिक अधिकांश पात्र परिवारों को मुआवजा और पुनर्वास का लाभ मिल चुका है, जबकि कुछ मामलों में केवल कागजी औपचारिकताएं बाकी हैं। आंदोलन को लेकर सरकार का जवाब प्रेसनोट में कहा है कि केन-बेतवा परियोजना के खिलाफ मध्यप्रदेश के कुछ इलाकों में जनजातीय परिवारों के बिना मुआवजे विस्थापन के आरोप लगाए जा रहे हैं। इसके विरोध में 'चिता आंदोलन', 'फांसी प्रदर्शन' और 'जल सत्याग्रह' जैसे प्रतीकात्मक प्रदर्शन किए जाने की खबरें सामने आई हैं। सरकार का कहना है कि इन प्रदर्शनों में उठाए जा रहे मुआवजा और पुनर्वास से जुड़े आरोप वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाते। 5039 प्रभावित परिवारों के लिए ₹590.74 करोड़ का भुगतान सरकार के अनुसार पुनर्वास के लिए कुल 5,039 प्रभावित परिवारों की पहचान की गई है। इनके लिए ₹629.87 करोड़ का मुआवजा तय किया गया है, जिसमें से ₹590.74 करोड़ यानी 93.78 प्रतिशत राशि का भुगतान किया जा चुका है। शेष भुगतान कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद किया जाएगा। सरकार का कहना है कि पात्र परिवारों को लाभ से वंचित न रहना पड़े, इसके लिए भूमि रिकॉर्ड का लगातार सत्यापन किया जा रहा है। कृषि भूमि के मुआवजे में 88.85% राशि बांटी पीआईबी के मुताबिक जुलाई 2026 तक 10,913 प्रभावित लोगों के कृषि भूमि मुआवजे के लिए ₹360.66 करोड़ तय किए गए। इसमें से ₹320.45 करोड़ यानी 88.85 प्रतिशत राशि वितरित की जा चुकी है। वहीं मकान और अन्य आवासीय परिसंपत्तियों के लिए ₹149.63 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें से 93.97 प्रतिशत राशि का भुगतान हो चुका है। जमीन के लिए ₹12.50 लाख प्रति हेक्टेयर तक मुआवजा सरकार ने कहा है कि भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास की प्रक्रिया 2013 के कानून तथा मध्यप्रदेश सरकार के 13 सितंबर 2023 को स्वीकृत विशेष पुनर्वास पैकेज के अनुसार की जा रही है। अधिगृहीत जमीन के लिए कानून के अनुसार निर्धारित मुआवजा अथवा ₹12.50 लाख प्रति हेक्टेयर, जो भी अधिक हो, दिया जा रहा है। मकान, पेड़, कुएं, ट्यूबवेल और दूसरी अचल परिसंपत्तियों का मुआवजा भी नियमानुसार निर्धारित किया जा रहा है। प्लॉट नहीं लेने पर ₹12.50 लाख की सहायता पुनर्वास पैकेज के तहत पात्र परिवारों को ग्रामीण क्षेत्र में प्लॉट के लिए ₹7 लाख और शहरी क्षेत्र में प्लॉट के लिए ₹6.50 लाख दिए जा रहे हैं। जो परिवार प्लॉट का विकल्प नहीं लेते, उन्हें एकमुश्त ₹12.50 लाख की सहायता देने का प्रावधान बताया गया है। अनुसूचित क्षेत्रों में पात्र एससी-एसटी परिवारों के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता का भी प्रावधान है। करौंदिया में लगाया गया विशेष शिविर सरकार ने प्रभावित परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए करौंदिया में विशेष शिविर लगाए जाने की जानकारी भी दी है। इसमें पशुपालन, सामाजिक सुरक्षा, गरीबी रेखा, लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजनाओं से जुड़े आवेदनों को मंजूरी दी गई। शिविर में 178 लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं दी गईं, आयुष दवाओं का वितरण हुआ, हैंडपंपों की मरम्मत कराई गई और विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति मैपिंग तथा पुस्तकों के वितरण का काम किया गया। सरकार के मुताबिक पिछले दस दिनों में ही 86 प्रभावित लोगों के लिए ₹10.42 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। सरकार बोली- प्रदर्शनों में बाहरी तत्व शामिल पीआईबी के प्रेस नोट में सरकार ने विरोध प्रदर्शनों को लेकर एक और गंभीर दावा किया है। सरकार का कहना है कि हाल के प्रदर्शनों में शामिल लोगों के नाम परियोजना से प्रभावित परिवारों, भू-अभिलेखों या मुआवजा रजिस्टर में नहीं हैं। सरकार ने इन गतिविधियों को मुख्य रूप से बाहरी तत्वों द्वारा परियोजना को लेकर भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से गलत सूचनाएं फैलाने की कोशिश बताया है। परियोजना से 10.62 लाख हेक्टेयर सिंचाई का दावा सरकार ने परियोजना के फायदे भी गिनाए हैं। केन-बेतवा लिंक परियोजना को नेशनल पर्सपेक्टिव प्लान के तहत देश की पहली प्रमुख नदी जोड़ो परियोजना बताया गया है। इसके जरिए मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में केन नदी के अतिरिक्त पानी को बेतवा नदी में पहुंचाने की योजना है। सरकार के मुताबिक इससे 10.62 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई, करीब 62 लाख लोगों को पेयजल और 103 मेगावाट जलविद्युत उत्पादन का लाभ मिलेगा। परियोजना की अनुमानित लागत ₹44,604.99 करोड़ है और जुलाई 2026 तक ₹12,445.85 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं।
आगरा में वायरल वीडियो की सच्चाई आई सामने:झोपड़ी गिरने पर डंडे से संभालने का वीडियो मारपीट बताया गया
आगरा के टेडी बगिया क्षेत्र में मंगलवार शाम एक 15 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस वीडियो को मारपीट का बताया जा रहा था, जिससे सनसनी फैल गई। हालांकि, पुलिस जांच में सामने आया कि वीडियो में दिख रही घटना मारपीट की नहीं थी, बल्कि एक झोपड़ी के अचानक गिरने के बाद उसे संभालने की कोशिश थी। यह घटना सेटेलाइट बस स्टेशन से कुछ दूरी पर हुई। पुलिस की पड़ताल में पता चला कि घुमंत जाति के कुछ लोग झोपड़ियों में रहते हैं। मंगलवार शाम उनके यहां लड़की का रिश्ता लेकर कुछ लोग आए हुए थे। दोनों परिवारों के बुजुर्गों, महिलाओं और पुरुषों के बीच बातचीत चल रही थी। बातचीत के दौरान अचानक एक झोपड़ी का डंडा निकल गया और झोपड़ी का एक हिस्सा गिर पड़ा। इस अप्रत्याशित घटना से मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। झोपड़ी को दोबारा खड़ा करने के लिए वहां मौजूद परिजनों और रिश्ता देखने आए लोगों ने डंडे उठाकर उसे सहारा देना शुरू कर दिया। इसी दौरान किसी राहगीर ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर मारपीट का बताकर वायरल कर दिया गया। वीडियो में लोगों के हाथों में डंडे दिखाई देने के कारण इसे देखकर कई लोगों ने भी घटना को मारपीट समझ लिया था। मामला पुलिस के संज्ञान में आने के बाद टेडी बगिया चौकी प्रभारी अमित कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने वहां मौजूद लोगों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। पूछताछ में सामने आया कि झोपड़ी गिरने के बाद उसे संभालने के दौरान लोगों के हाथों में डंडे थे। मौके पर किसी तरह का विवाद या मारपीट नहीं हुई थी। थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार ने बताया कि मारपीट की कोई घटना सामने नहीं आई है। चौकी प्रभारी ने जांच की, जिसमें मामला अलग निकला। किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस को कोई शिकायत भी नहीं दी गई है। वीडियो में दिख रहे लोगों ने भी पुलिस को किसी तरह के विवाद या मारपीट से इनकार किया है।
खुद को IPS अफसर बताकर साइबर ठगों ने रिटायर्ड सीपीडब्लूडी कर्मचारी से 1.83 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। आरोपी ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने का डर दिखाकर पीड़ित को 14 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा, जब पीड़ित ने रकम रिफंड करने के लिए बोला तो आरोपियों ने मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया, जिसके बाद पीड़ित को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। जिसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस से की। मनी लाड्रिंग में उम्रकैद व फांसी की सजा की बात कही कल्याणपुर के सत्यम विहार निवासी सुभाष चंद्र सीपीडब्लूडी से रिटायर्ड कर्मचारी है। उन्होंने बताया कि 13 जुलाई को उनके पास एक कॉल आई, जिसने खुद को बैंक कर्मचारी बताते हुए कहा कि आपके नाम से क्रेडिट कार्ड लेकर एक लाख रुपये की खरीददारी की गई है, जिस पर उन्होंने क्रेडिट कार्ड नहीं लेने का बात की। दूसरे दिन उनके पास कॉल करने वाले युवक ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताया। आरोपी ने अपना नाम सुनील कुमार गौतम मुंबई ऑफिस से होने की जानकारी दी। आरोपियों ने कहा कि आपका नाम मनी लॉन्ड्रिंग केस में आया है, आपके खातों की जांच करनी होगी। अगर आप सहयोग नहीं करेंगे तो आजीवन कारावास या फांसी भी हो सकती है, जिससे वह भयभीत हो गए। अलग-अलग अकाउंट में रकम ट्रांसफर कराई आरोपी ने केस में फंसाने का डर दिखाकर उन्हें 14 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। आरोपी ने अलग-अलग बैंक खातों में 1.83 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुछ समय बाद उन्होंने अपनी रकम रिफंड करने के लिए बोला तो आरोपियों ने फोन बंद कर लिया, तब उन्हें अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। जिसके बाद उन्होंने साइबर हेल्पलाइन और कल्याणपुर पुलिस से मामले की शिकायत की। साइबर सेल थाना प्रभारी अभय सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर रिपोर्ट दर्जकर कार्रवाई की जा रही है।
जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा आतंकी जफर मेरठ के कोतवाली क्षेत्र के इस्माइल नगर में स्थित मदरसा दारुल उलूम अरबिक कॉलेज में तीन साल रहा। इस बात के साक्ष्य मदरसे से मिले हैं, जिनको एटीएस ने भी जुटा लिया है। फिलहाल एटीएस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि जफर उस दौरान यहां किस तरह आया और किन किन लोगों के संपर्क में रहा। उसकी किस तरह की मेजोरिटी थी और आज तक कौन उसकी फ्रेंड लिस्ट में मौजूद है। यूपी एटीएस ने सोमवार को मोहम्मद जफर नाम के आतंकी को गिरफ्तार कर पाकिस्तानी फंडिंग का भंडाफोड़ किया था। वह आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के लिए यहां काम कर रहा था। उसका काम मस्जिदों के नाम पर चंदा उगाना और उसे पाकिस्तान भेजना था ताकि जेहाद में उस पैसे का उपयोग किया जा सके। वह लंबे समय से एटीएस के रडार पर थी। एटीएस गोपनीय तरीके से उसका नेटवर्क खंगाल रही थी। सोमवार को पुष्टि होने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। मोहम्मद जफर की गिरफ्तारी के साथ ही कई चौकाने वाले खुलासे भी हुए हैं। सोशल मीडिया पर एक्टिव था जफर एटीएस ने खुलासा किया कि जफर सोशल मीडिया के जरिए जेहाद को बढ़ावा दे रहा था। वह मसूद अजहर को अपना रोल मॉडल मानता था और उसके साहित्य के जरिए लोगों को जिहाद के लिए तैयार करता था। उसने अपनी सोशल मीडिया आईडी से मौलाना मसूद अजहर के कई भड़काऊ भाषण भी समय समय पर अपलोड किए थे। पुलिस को उसके मोबाइल फोन में पाकिस्तानी कनेक्शन भी मिले हैं। वहां के कई व्हाट्सअप ग्रुपों पर वह एक्टिव था। तीन साल मेरठ के मदरसे में रहा जफर एटीएस ने छानबीन की तो पता चला कि मोहम्मद जफर ने लंबा समय मेरठ के कोतवाली स्थित मदरसे में भी गुजारा है। वह यहां की एक मस्जिद के नाम पर चंदा एकत्र कर रहा था। इस पैसे को वह सीधे पाकिस्तान पहुंचाता था। मदरसा दारुल उलूम अरबिक कॉलेज में वह तीन साल रहा। हालांकि मदरसे के संचालक ने उसकी संदिग्ध गतिविधि को लेकर अनभिज्ञता जताई है। मदरसे में जफर का रिकार्ड मौजूद मदरसा दारुल उलूम अरबिक कॉलेज में मोहम्मद जफर की मौजूदगी के प्रमाण मिले हैं। यहां के प्रिंसिपल मोहम्मद रिजवान ने बताया कि जफर ने वर्ष 2018-19 के सेशन में उनके मदरसे में एडमिशन लिया था। वर्ष 2019-20 के सेशन में वह दसवीं में आया। उसने बोर्ड परीक्षा दी लेकिन वह बुरी तरह फेल हो गया। दसवीं में मिले 600 में से 124 अंकप्रिंसिपल मोहम्मद रिजवान ने बताया कि जफर पढ़ाई में बहुत कमजोर था। वर्ष 2019-20 में दी दसवीं की परीक्षा में वह 600 में से केवल 124 अंक ही अर्जित कर पाया। इसके बाद उसने वर्ष 2020-21 का पूरा सेशन ड्राप कर दिया। वर्ष 2021-22 के सेशन में वह दोबारा आया और एडमिशन लिया। तब भी वह बोर्ड के एग्जाम में अपीयर नहीं हुआ। व्यवहार में नहीं दिखी कोई संदिग्धतामोहम्मद रिजवान बताते हैं कि उनके पास जफर का तीन सेशन का रिकार्ड उपलब्ध है जो उसकी शैक्षिक क्षमता को दर्शा रहा है। उसके व्यवहार की बात करें तो उस वक्त उसका जरा भी संदिग्ध व्यवहार नहीं प्रतीत हुआ। उसकी किसी भी गतिविधि पर कोई शक नहीं हुआ।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने राजकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती-2025 की मुख्य परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रारंभिक परीक्षा में सफल हुए 28 विषयों के अभ्यर्थी अब मुख्य परीक्षा के लिए ऑनलाइन विवरण भर सकते हैं। आयोग ने 18 अगस्त से आवेदन प्रक्रिया शुरू की है। अभ्यर्थियों को 31 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन की सभी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। आयोग के सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने बताया कि राजकीय महाविद्यालयों में सहायक आचार्य के 28 विषयों की प्रारंभिक परीक्षा 31 मई 2026 को आयोजित की गई थी, जिसके परिणाम जारी किए जा चुके हैं। मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों को आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध Assistant Professor, Government Degree College (Mains) Exam-2025 लिंक पर जाकर ऑनलाइन विवरण भरना होगा। ऑनलाइन आवेदन के बाद शुल्क जमा करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके साथ ही आवश्यक दस्तावेजों की पीडीएफ फाइल अपलोड करना अनिवार्य है। सभी विवरण और दस्तावेज पूरे करने के बाद अभ्यर्थियों को 31 अगस्त 2026 तक आवेदन सबमिट करना होगा। ऑनलाइन आवेदन सबमिट करने के बाद उसका प्रिंट निकालना होगा। इसके साथ सभी संलग्नकों, प्रत्येक वर्ष की अंकतालिकाओं, उपाधियों और अन्य संबंधित प्रमाणपत्रों की स्वप्रमाणित प्रतियां तैयार कर यूपीपीएससी कार्यालय, प्रयागराज में 7 सितंबर 2026 को शाम पांच बजे तक जमा करना अनिवार्य है। आयोग ने चेतावनी दी है कि प्रारंभिक परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन में श्रेणी, उपश्रेणी अथवा अर्हता से संबंधित किए गए दावों के समर्थन में आवश्यक अभिलेख मुख्य परीक्षा के आवेदन पत्र के साथ संलग्न न होने की स्थिति में विज्ञापन की शर्तों के अनुसार अभ्यर्थन निरस्त किया जा सकता है।
हाथरस में सदर कोतवाली क्षेत्र के जलेसर रोड पर मंगलवार रात 10:30 के लगभग एक लाइनमैन की विद्युत पोल से गिरकर मौत हो गई। यह घटना काशीराम कॉलोनी के पास उस समय हुई जब लाइनमैन बिजली की लाइन ठीक कर रहा था। मंगलवार रात करीब 10:30 बजे जयवीर पुत्र रघुवीर जलेसर रोड स्थित एक विद्युत पोल पर लाइन ठीक करने के लिए चढ़ा था। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह ऊंचाई से नीचे गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हाथरस जंक्शन कोतवाली क्षेत्र के गांव भोपतपुर निवासी जयवीर विद्युत विभाग में लाइनमैन के पद पर तैनात था। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों और विभागीय कर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। घायल जयवीर को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। जयवीर की मृत्यु की खबर मिलते ही उसके परिवार में शोक छा गया। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। विभागीय कर्मचारियों ने सुरक्षा उपकरणों की कमी और लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। अधिकारियों ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और परिजनों से तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशांत किशोर ने शपथ लेने के बाद बांकीपुर का पहला मुद्दा पकड़ा, बिहार के डीजीपी से मिले
जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बांकीपुर से विधायक पद की शपथ लेने के अगले दिन बिहार के डीजीपी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बांकीपुर और पटना शहर से जुड़े मुद्दों को उठाया और उनके समाधान पर बात की।
दिल्ली की साइबर ठगी के तार भोपाल से जुड़े:कमला नगर में दबिश, एक संदिग्ध हिरासत में
दिल्ली के कनाट प्लेस इलाके में हुई साइबर ठगी की जांच के तार भोपाल तक पहुंचने के बाद दिल्ली साइबर क्राइम पुलिस ने मंगलवार रात कमला नगर के सबरी नगर में दबिश दी। टीम ने कार्रवाई के दौरान एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है। उससे साइबर ठगी की रकम और उससे जुड़े लोगों के बारे में पूछताछ की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में हुई साइबर ठगी की रकम की ट्रेसिंग के दौरान कुछ लेन-देन भोपाल के बैंक खातों से जुड़े मिले। जांच में सामने आया कि ठगी से हासिल रकम कमला नगर क्षेत्र में रहने वाले दो लोगों के बैंक खातों में पहुंची थी। इसके बाद दिल्ली पुलिस की टीम भोपाल पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से संदिग्धों की जानकारी जुटाई। सोमवार रात टीम ने सबरी नगर में एक ठिकाने पर दबिश देकर एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के लिए उसे अपने साथ ले जाया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसके खाते में रकम किस माध्यम से पहुंची और साइबर ठगी करने वाले गिरोह से उसका किस तरह का संबंध है। दूसरे संदिग्ध की तलाश जारीजांच के दायरे में आए दूसरे व्यक्ति की तलाश भी की जा रही है। पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। अधिकारियों की जांच मुख्य रूप से बैंक खातों में हुए लेन-देन और रकम के ट्रांजेक्शन के आधार पर आगे बढ़ रही है। दिल्ली पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि भोपाल के खातों का इस्तेमाल सीधे ठगी में हुआ था या रकम को आगे ट्रांसफर करने के लिए किया गया।
यूपी में भारी बारिश का अलर्ट, वाराणसी समेत इन 7 जिलों में कल बंद रहेंगे स्कूल
यूपी में बारिश का सिलसिला जारी है। बारिश कहर बनके बरप रही है। भारी बारिश के अलर्ट के बीच वाराणसी, भदोही, जौनपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, गाजीपुर और चित्रकूट में स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
आगरा में लुटेरी दुल्हन का पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी ताज नगरी में लुटेरी दुल्हन लोगों को अपना शिकार बना चुकी हैं। पुराने मामले में भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हुए थे। पीड़ित ही लुटेरी दुल्हन को तलाश कर लाया था। इस मामले में भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। पीड़ित को कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। हालांकि अब पुलिस दुल्हन की तलाश में प्रयागराज जाने की तैयारी कर रही है। बिचौलियों की भी तलाश की जा रही है। आगरा के आवास विकास कॉलोनी सेक्टर 14 निवासी गुड्डी देवी ने बताया कि उनके तीन बेटे हैं। बडा बेटा विष्णु फ्लावर डेकोरेशन का काम करता है। उसकी शादी के लिए वो लड़की तलाश रही थीं। शमसाबाद के रहने वाले जवाहर सिंह से उनकी मुलाकात हुई। उन्होंने बताया कि प्रयागराज की रहने वाली एक गरीब लड़की है। उसके पिता नहीं है। उसके भाई धारा सिंह को जानता है। उसकी बातों में आकर वो शादी के लिए तैयार हो गई। जवाहर ने उसने कहा कि लड़की पक्ष बेहद गरीब है, ऐसे में दोनों तरफ का खर्चा उन्हें ही उठाना पडे़गा। उसने लड़की पक्ष के लिए डेढ़ लाख रुपए ले लिए। 27 जून 2026 को आगरा में ही शादी की रस्में पूरी हुई। 5 दिन बाद दुल्हन फरारशादी के 5 दिन बाद 3 जुलाई को सुबह गुड्डी देवी उठीं। उन्होंने बहू प्रीति को चाय के लिए आवाज दी। मगर, प्रीति घर पर नहीं थी। इसके बाद उन्होंने उसकी बहुत तलाश की। मगर, उसका पता नहीं चला। जब घर में देखा तो प्रीति करीब 4 लाख रुपए के जेवर, शादी के लिए खरीदे गए कपडे़, मुंह दिखाई में मिले 16 हजार रुपए ले गई थी। बिचौलिए ने दी धमकीपीड़िता ने बताया कि जब उन्होंने बिचौलिए जवाहर को फोन किया। उसने कहाकि वो पुलिस में शिकायत न करे। वो लड़की को वापस ले आएगा। मगर, कई दिनों तक उसका कोई जवाब नहीं आया। वो धमकी देने लगा कि लड़की को गुम करने के केस में फंसा देगा। इसके बाद पीड़िता ने थाना सिकंदरा में शिकायत की, लेकिन पुलिस ने सुनवाई नहीं की। इसके बाद कोर्ट के माध्यम से एफआईआर दर्ज हुई है। एक साल पहले भी हुई थी घटनाआगरा में पिछले साल जून में भी लुटेरी दुल्हन का मामला सामने आया था। एत्माद्दौला सीतानगर थाना क्षेत्र की कुसुमा देवी के बेटे रिंकू की शादी अंतिमा नाम की लड़की से हुई थी. बिचौलिया अधिवक्ता जयप्रकाश ने शादी कराने के लिए 1 लाख 30 हजार रुपये भी लिए थे। विवाह में अंतिमा के बुआ, फूफा और मामा भी शामिल हुए थे। अंतिमा और रिंकू की शादी न्यू आगरा क्षेत्र के नगला पदी के एक मंदिर में हुई थी। रस्म के बाद सुहागरात में दुल्हन पति के साथ-साथ सभी के लिए दूध लेकर आई, जिसमें उसने नशीला पदार्थ मिलाया हुआ था। दूध पीते ही पूरा परिवार बेहोश हो गया और फिर अंतिमा सारी गहने और नकदी लेकर फरार हो गए। इस मामले में पीड़ित ही लुटेरी दुल्हन और उसके कथित रिश्तेदारों को तलाशकर लाया था।
बदायूं के बिसौली कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार शाम अरिल नदी में नहाने गए पांच युवक अचानक गहरे पानी में डूबने लगे। मौके पर मौजूद एक बाइक सवार ने चार युवकों को सकुशल बाहर निकाल लिया, जबकि 17 वर्षीय मोहित की डूबने से मौत हो गई। करीब तीन घंटे की तलाश के बाद गांव के गोताखोरों की मदद से उसका शव नदी से बरामद किया गया। घटना बिसौली कोतवाली क्षेत्र के ललुआनगला गांव की है, जो बरेली के सिरौली थाना क्षेत्र की सीमा से लगा हुआ है। मंगलवार शाम करीब चार बजे सोनू, अमरजीत, राकेश, मोहित और नितिन नदी में नहाने पहुंचे थे। दो दिन पहले हुई बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ था और बहाव भी तेज था। बताया जा रहा है कि तीन युवक पुलिया से गहरे पानी में कूद गए, जबकि दो साथी कुछ देर बाद नदी में उतरे। गहरे पानी और तेज बहाव के कारण पांचों युवक डूबने लगे। उन्होंने मदद के लिए शोर मचाया। बाइक सवार ने चार युवकों को बचाया इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक बाइक सवार ने नदी में छलांग लगा दी और किसी तरह चार युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, 17 वर्षीय मोहित का कोई पता नहीं चल सका। सूचना मिलते ही सिरौली पुलिस मौके पर पहुंची और उसकी तलाश शुरू कराई। डायल-112 पुलिस के साथ कार्यवाहक कोतवाल और दबतोरी चौकी प्रभारी विक्रांत आर्य पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। तहसीलदार बिसौली सुरेंद्र कुमार भी राजस्व टीम के साथ करीब साढ़े पांच बजे मौके पर पहुंचे। तीन घंटे बाद मिला शव पुलिस और ग्रामीणों ने नदी में मोहित की तलाश शुरू की। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद शाम सात बजे गांव के गोताखोरों की मदद से मोहित का शव नदी से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। परिजनों के अनुसार, मोहित कक्षा 11 का छात्र था और दो भाइयों में से एक था। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
यूपी के प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों-कर्मचारियों को एरियर मिलेगा, वापस होंगे इस कटौती के रुपए
UP Schools News : उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों को जल्द एरियर मिलेगा। अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। शिक्षकों-कर्मचारिों को उनके सामूहिक बीमा योजना की प्रीमियम कटौती की धनराशि वापस किए जाने का निर्णय लिया गया है।
लखनऊ में मंगलवार को दो अलग-अलग घटनाओं में हाईस्कूल की छात्रा और 17 साल के किशोर की मौत हो गई। गोमती नगर विस्तार के खरगापुर में रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की चपेट में आने से 16 साल की छात्रा की मौत हो गई। वहीं, जानकीपुरम के मड़ियांव गांव में 17 साल के किशोर ने घर के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। दोनों मामलों में पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मां के इलाज के लिए लखनऊ आई थी छात्रा आजमगढ़ के फूलपुर निवासी मुस्कान (16) हाईस्कूल की छात्रा थी। उसकी बड़ी बहन मोनिका खरगापुर में रहकर नौकरी करती है। मोनिका के मुताबिक, उनकी मां मंजू का लखनऊ में इलाज चल रहा है। रविवार को मुस्कान मां के साथ लखनऊ आई थी। सोमवार को अस्पताल में मां को दिखाने के बाद मुस्कान दोपहर करीब 2 बजे टहलने की बात कहकर बाहर निकली थी। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान सूचना मिली कि खरगापुर के पास रेलवे ट्रैक के किनारे एक युवती का शव पड़ा है। मौके पर पहुंचकर परिजनों ने शव की पहचान मुस्कान के रूप में की। परिवार ने फिलहाल किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। कमरे में फंदे से लटका मिला किशोर दूसरी घटना जानकीपुरम के मड़ियांव गांव की है। यहां राकेश वंसल के बड़े बेटे कृष्णा (17) ने सोमवार देर रात घर के कमरे में फांसी लगा ली। काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं आने पर परिजनों ने उसे तलाशा। कमरे में कृष्णा फंदे से लटका मिला। परिजन उसे तत्काल पास के अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची जानकीपुरम पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के मुताबिक, किशोर के आत्महत्या करने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। मामले की जांच की जा रही है।
कानपुर में मंगलवार की रात करीब 10 बजे एक प्राइवेट अस्पताल में डिलीवरी के बाद महिला की हालत बिगड़ गई। इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे भड़के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मामला कल्याणपुर थाना क्षेत्र के डिवाइन मेडिकल सेंटर का है। अब विस्तार से पूरा मामला जानिए…कानपुर देहात के रसूलाबाद के लाल गांव निवासी विपिन किसान हैं। उनकी शादी करीब पांच वर्ष पहले गुड़िया (23) से हुई थी। विपिन के मुताबिक, बीते रविवार देर रात उनकी पत्नी को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। वह उसे गांव के ही एक डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टर ने महिला की हालत गंभीर बताते हुए उसे कल्याणपुर स्थित डिवाइन मेडिकल सेंटर में भर्ती कराने की सलाह दी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद स्टाफ ने ऑपरेशन से प्रसव कराने की बात कही और उनसे पहले करीब 60 हजार रुपये जमा करा लिए। इसके बाद ऑपरेशन के जरिए गुड़िया ने पहले बच्चे को जन्म दिया। उसे बेटी हुई। बेटी के जन्म के बाद गुड़िया की हालत बिगड़ने लगी। आरोप है कि अस्पताल संचालक ने पेट में संक्रमण होने की बात कहते हुए परिजनों से करीब डेढ़ लाख रुपए और जमा करा लिए। परिजनों के मुताबिक, इसके बावजूद महिला की हालत में सुधार नहीं हुआ। कुछ देर बाद उसकी स्थिति और गंभीर हो गई। हालत बिगड़ने पर अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजन महिला को लेकर दूसरे अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोपमहिला की मौत की जानकारी मिलते ही परिजन शव लेकर वापस डिवाइन मेडिकल सेंटर पहुंच गए। परिजनों ने अस्पताल में डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ता देख अस्पताल का स्टाफ मौके से निकल गया। इसके बाद परिजनों ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कल्याणपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और हंगामा कर रहे परिजनों को समझाकर शांत कराया। पुलिस ने परिजनों से घटना की जानकारी लेने के साथ ही अस्पताल के संबंध में भी जानकारी जुटाई। परिजनों ने पुलिस को लिखित तहरीर देकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बेटी के जन्म की खुशी कुछ ही घंटों में मातम में बदलीपरिजनों के मुताबिक, गुड़िया ने अस्पताल में बेटी को जन्म दिया था। परिवार में नवजात के आने से खुशी का माहौल था, लेकिन कुछ ही समय बाद महिला की हालत बिगड़ गई। दूसरे अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया तो परिवार में मातम छा गया। परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर बेहतर इलाज मिलता तो महिला की जान बचाई जा सकती थी। पति बोला- पल भर की खुशी के बाद जीवन भर साथ छोड़ गई गुड़ियापत्नी की मौत के बाद पति विपिन ने बताया कि पत्नी ने पहले पल भर की खुशी दी उसके बाद जीवन पर का साथ छोड़ दिया। ऑपरेशन के दौरान पत्नी ने बेटी को जन्म दिया। बेटी का चेहरा तक नहीं देख पाई। कुछ घंटों बाद ही डॉक्टरों की लापरवाही के चलते उसकी मौत हो गई। जिसके बाद गुस्साए परिजनों ने हॉस्पिटल मे हंगामा काटना शुरू कर दिया। एसीएमओ बोले- रजिस्ट्रेशन की जांच कर कार्रवाई की जाएगीएसीएमओ डॉ. रमित रस्तोगी ने बताया की घटना की जानकारी मिली हुई है। हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन है या नहीं इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जायेगी। अगर रजिस्ट्रेशन हुआ है तो मानक पूरे किए गए है या नहीं। जांच में अगर मानक पूरे नहीं मिले तो हॉस्पिटल को सीज कर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस बोली- जांच के बाद होगी कार्रवाई कल्याणपुर थाना प्रभारी केशव कुमार तिवारी ने बताया कि महिला के परिजनों की ओर से लिखित तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हंगामा कर रहे परिजनों को समझाकर शांत करा दिया गया है।
दिल्ली: MCD के जर्जर आवासों में जान जोखिम में डाल रहे कर्मचारी, 20 साल से लटका है पुनर्विकास
दिल्ली में एमसीडी कर्मचारी जर्जर सरकारी आवासों में जान जोखिम में डालकर रह रहे हैं, जिनकी पुनर्विकास योजना 20 साल से लंबित है। महापौर के आश्वासन के बावजूद, कर्मचारियों को अपने ही विभाग से कोई मदद नहीं मिल रही है और वे खराब स्थिति में रहने को मजबूर हैं।
इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर की दानपेटियों से निकली राशि की काउंटिंग मंगलवार को पूरी हो गई। मार्च 2026 के बाद अगस्त में दानपेटियां खोली गई थीं। इस दौरान 40 दानपेटियों से कुल 1 करोड़ 81 लाख 12 हजार 50 रुपए निकले। इस तरह अगस्त में खजराना गणेश मंदिर की 40 दानपेटियों से कुल 1 करोड़ 81 लाख 12 हजार 50 रुपए की राशि प्राप्त हुई। मंदिर के पुजारी पंडित अशोक भट्ट के मुताबिक, पिछले कई दिनों से मंदिर परिसर में ही दानपेटियां खोली जा रही थीं। इनमें निकले नोटों और सिक्कों की काउंटिंग भी वहीं की गई। 4 CCTV कैमरे और वीडियोग्राफी से रखी गई नजर काउंटिंग वाले स्थान पर चार CCTV कैमरे लगाए गए थे। इसके अलावा एक वीडियोग्राफर भी मौजूद रहा, जो पूरी प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग कर रहा था। दानपेटियां जहां से लाई जाती थीं, वहां भी वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई थी। मार्च में निकले थे 1.35 करोड़ रुपए पंडित अशोक भट्ट ने बताया कि इससे पहले मार्च में दानपेटियां खोली गई थीं। उस दौरान इनमें से 1 करोड़ 35 लाख रुपए निकले थे। अगस्त में प्राप्त राशि भी मंदिर के बैंक खाते में जमा करा दी गई है। बुधवार को होगी गणेश उत्सव की तैयारियों पर बैठक खजराना गणेश मंदिर में गणेश उत्सव की तैयारियों को लेकर बुधवार को मंदिर परिसर में बैठक होगी। कलेक्टर शिवम वर्मा सुबह 11 बजे मंदिर पहुंचकर गणेश उत्सव की तैयारियों, निर्माण कार्यों और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। बैठक में 10 दिवसीय गणेश उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, ट्रैफिक, स्वच्छता और पार्किंग सहित अन्य व्यवस्थाओं पर चर्चा होगी। आयोजन की विस्तृत रूपरेखा को अंतिम रूप देने के साथ भगवान गणेश के स्वर्ण मुकुट को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। कलेक्टर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी देंगे।
दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा कि सीजेपी का विरोध प्रदर्शन हिस्ट्रीशीटरों और असामाजिक तत्वों के कब्जे में आ गया था। पुलिस ने बताया कि 240 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा।
संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने राष्ट्रगान का पूरी तरह समर्थन किया है। हालांकि, राष्ट्रगीत को लेकर उन्होंने आपत्ति जताई। मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे नखासा थाना क्षेत्र के दीपा सराय स्थित बर्क मंजिल पर उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज की समझ के अनुसार राष्ट्रगीत के कुछ शब्द संविधान से मिली धार्मिक स्वतंत्रता से टकराते हैं। इसी वजह से वे राष्ट्रगीत गाने में असमर्थ हैं। सांसद ने कहा कि पूरा देश और मुस्लिम समाज राष्ट्रगान का सम्मान करता है। राष्ट्रगीत न गा पाना उनकी मजबूरी है। क्रिकेटर मोहम्मद शमी के वंदे मातरम् के समर्थन पर उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति के समर्थन करने से पूरी कौम का समर्थन नहीं माना जा सकता। उलमा और मुस्लिम संगठनों के रुख का किया जिक्रबर्क ने कहा कि उलमा-ए-किराम, मुस्लिम संगठन और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड जैसे प्रमुख मुस्लिम निकाय भी इस मुद्दे पर इसी पक्ष में हैं। उनका कहना है कि धार्मिक कारणों से मुस्लिम समाज राष्ट्रगीत का समर्थन नहीं कर सकता। भाजपा पर मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोपसपा सांसद ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे विधेयक लाकर सरकार देश की 140 करोड़ जनता का ध्यान मूल मुद्दों से भटकाना चाहती है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे बिल पास होने से क्या सरकार रोजगार की गारंटी दे सकती है, महंगाई कम कर सकती है या भ्रष्टाचार और अपराध खत्म कर सकती है? बोले-धार्मिक आजादी मौलिक अधिकारबर्क ने कहा कि उनकी पार्टी ऐसे किसी भी विधेयक का समर्थन नहीं करेगी, जो देश को बांटने या भ्रम फैलाने का काम करे। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता संविधान के अनुच्छेद 25 से 30 तक सुनिश्चित मौलिक अधिकारों का हिस्सा है। उनके मुताबिक, ऐसा कोई विधेयक जो धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करता हो, स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने समाज में विभाजन पैदा करने वाले ऐसे विधेयकों का विरोध करने की बात कही।
प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के करीबी जय प्रकाश दुबे उर्फ जेपी दुबे की करीब 25 करोड़ रुपये कीमत की अचल संपत्ति मंगलवार को कुर्क कर ली गई। गैंगस्टर एक्ट के तहत हुई इस कार्रवाई में पांच अलग-अलग मौजा में स्थित कुल 10 गाटों की 7482.66 वर्गमीटर जमीन को प्रशासन ने कब्जे में ले लिया। पुलिस आयुक्त न्यायालय ने 17 अगस्त को संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया था। पुलिस के अनुसार, जय प्रकाश दुबे पुत्र हरि प्रसाद दुबे एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के शाहा उर्फ पीपलगांव का निवासी है। उसका स्थायी पता जौनपुर जिले के पवारा थाना क्षेत्र के सोंगरा मनी पट्टी गांव में है। पुलिस का दावा है कि वह अतीक अहमद गैंग का सक्रिय सदस्य रहा है और उसने अपराध से अर्जित धन के जरिए इन संपत्तियों को खरीदा था। 2025 में दर्ज हुआ था गैंगस्टर का मुकदमाजय प्रकाश दुबे के खिलाफ कुल आठ मुकदमे दर्ज हैं। इनमें गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा भी शामिल है, जो वर्ष 2025 में एयरपोर्ट थाने में दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने उन संपत्तियों को चिह्नित किया, जिन्हें कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन से खरीदा गया था। इसके बाद कुर्की की रिपोर्ट पुलिस आयुक्त न्यायालय में प्रस्तुत की गई। चार मौजा में फैली है करोड़ों की जमीनकुर्क की गई संपत्तियां सदर तहसील के शाहा उर्फ पीपलगांव, रहीमाबाद, कटहुला गौसपुर और चन्द्रभानपुर मौजा में स्थित हैं। शाहा उर्फ पीपलगांव में तीन गाटों में 530.26 वर्गमीटर, रहीमाबाद में दो गाटों में 1960 वर्गमीटर, कटहुला गौसपुर में दो गाटों में 1985 वर्गमीटर और चन्द्रभानपुर में तीन गाटों में 3007.40 वर्गमीटर जमीन शामिल है। कुल 10 गाटों में फैली 7482.66 वर्गमीटर जमीन की बाजार कीमत करीब 25 करोड़ रुपये आंकी गई है। अवैध कब्जा रोकने के लिए थाना प्रभारी नियुक्तन्यायालय ने सुनवाई के दौरान उपलब्ध कराए गए अभिलेखों और साक्ष्यों के आधार पर संपत्तियों को अपराध से अर्जित धन से खरीदा जाना प्रथम दृष्टया माना। इसके बाद एयरपोर्ट थाना प्रभारी को इन संपत्तियों का प्रशासक नियुक्त किया गया है, ताकि जमीन पर किसी प्रकार का अवैध कब्जा या अतिक्रमण न हो सके। अपराध से अर्जित संपत्तियों पर जारी रहेगी कार्रवाईडीसीपी सिटी मनीष कुमार शांडिल्य ने कहा कि संगठित अपराध और अपराध से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। ऐसे मामलों में संपत्तियों को चिह्नित कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है और आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।
छात्र आंदोलन के दौरान एके-47 से फायरिंग के खिलाफ तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजद का लोकभवन मार्च बुधवार को पटना में होगा। नेता प्रतिपक्ष ने बेरोजगार युवाओं और आंदोलनकारी छात्रों को भी इसमें आने का न्योता दिया है। सीवान एसपी के हटाए जाने पर तेजस्वी ने कहा कि अदला-बदली से कुछ नहीं होगा।
महराजगंज में भीषण सड़क हादसा, 4 युवकों की मौत; दोस्त के बर्थडे पार्टी में जा रहे थे चारों
यूपी के महराजगंज में भीषण सड़क हादसा हो गया। हादसे में चार युवकों की मौत हो गई। गांव में एक साथ चार युवकों की मौत से हर कोई स्तब्ध हो गया। सीएचसी पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
दिल्ली पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 43 आईपीएस और दानिप्स अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
दिल्ली पुलिस में बड़े स्तर पर फेरबदल करते हुए 43 आईपीएस और दानिप्स अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। पुलिस की कई अहम यूनिटों, रेंज और जिला पुलिस में नई तैनाती की गई है।
पैचवर्क के बाद गंगा Expy फिर धंसा, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर पुलिया का प्रोटेक्शन वर्क भी बैठा
अब गंगा एक्सप्रेसवे के धंसने का सिलसिला शुरू हो गया है। वहीं, कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने और तारकोल उखड़ने से शुरू हुआ सिलसिला पुल के जोड़ में दरार और क्रैश बैरियर टूटने से होते हुए अब प्रोटेक्शन वर्क तक जा पहुंचा है। चिरैया नाले के ऊपर बनी पुलिया के प्रोटेक्शन वर्क का एक हिस्सा धंस गया।
शाहजहांपुर के खुटार क्षेत्र में मंगलवार रात करीब आठ बजे अटकोना मोड़ के पास तेज रफ्तार पिकअप ने सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में दो कांवड़िये घायल हो गए, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। टक्कर के बाद पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में पलट गई। हादसे के बाद आक्रोशित कांवड़ियों ने कांवड़ मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर जाम लगा दिया। सूचना पर एसपी ग्रामीण और सीओ पुवायां पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारी कांवड़ियों से बातचीत कर जाम खुलवाने का प्रयास कर रहे हैं। फर्रुखाबाद से जल लेने जा रहा था जत्था बताया जा रहा है कि धनसिंहपुर गांव के कांवड़ियों का जत्था फर्रुखाबाद से जल लेने जा रहा था। अटकोना मोड़ के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली को सड़क किनारे खड़ा किया गया था और कांवड़िये वहीं मौजूद थे। इसी दौरान तेज रफ्तार पिकअप ने ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर की चपेट में आने से धनसिंहपुर गांव निवासी राजेश और मुकेश घायल हो गए। दोनों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। राजेश की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें बरेली रेफर कर दिया। घायलों को पीलीभीत भेजा है। घायल को देखने की मांग पर लगाया जाम हादसे के बाद पिकअप सड़क किनारे खंती में पलट गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति संभाली। इस बीच आक्रोशित कांवड़ियों ने घायल राजेश को देखने की मांग करते हुए कांवड़ मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर एसपी ग्रामीण और सीओ पुवायां भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। करीब दो घंटे से अधिकारी कांवड़ियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने और जाम खुलवाने का प्रयास कर रहे हैं। कांवड़ियों का कहना है कि घायल राजेश को देखने के बाद ही वे जाम हटाएंगे। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
महोबा के चरखारी कोतवाली क्षेत्र के अकटौंहा गांव स्थित अर्जुन बांध की नहर में डूबने से 30 वर्षीय युवक की मौत हो गई। काजीपुरा निवासी फैजल अपने दोस्त दानिश के साथ बांध पर पिकनिक मनाने और नहाने पहुंचा था। शाम करीब 5:30 बजे तेज बहाव की चपेट में आने से वह बह गया। फैजल, मोहम्मद रशीद का बेटा था। दोनों दोस्त काफी देर तक पानी में नहाने के बाद बाहर आ गए थे। शाम को फैजल दोबारा पानी में उतरा और बांध की पक्की पट्टी पकड़कर नहाने लगा। इसी दौरान नहर में पानी का बहाव अचानक तेज हो गया। तैरना जानने के बावजूद वह तेज धार का सामना नहीं कर सका और उसका हाथ पट्टी से छूट गया। देखते ही देखते वह उफनती लहरों में बह गया। दोस्त ने शोर मचाकर लोगों को बुलायाफैजल को बहते देख किनारे खड़े दोस्त दानिश ने शोर मचाना शुरू कर दिया। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। हादसे की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। चरखारी पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से युवक की तलाश शुरू कर दी। 4 घंटे तक चला सर्च ऑपरेशनपानी का बहाव तेज होने के कारण शुरुआती खोजबीन में सफलता नहीं मिली। पुलिस और गोताखोरों ने नहर के किनारे-किनारे ग्रामीणों और चरवाहों से जानकारी लेते हुए तलाश जारी रखी। करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद घटनास्थल से लगभग 4 किलोमीटर दूर लुहारी गांव के पास झाड़ियों में फैजल का शव फंसा मिला। तीन बहनों का इकलौता भाई था फैजलगोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को झाड़ियों से बाहर निकाला। फैजल अपने परिवार में तीन बहनों का इकलौता भाई था। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। घटना ऐसे समय हुई है जब क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने के साथ नदियों और बांधों में पानी का बहाव तेज है।
दिल्ली रिज क्षेत्र में 34 विकास परियोजनाओं की समीक्षा हो रही है, जिनमें राष्ट्रपति भवन के पास पीबीजी परेड ग्राउंड की 12.6 हेक्टेयर जमीन सेना के प्रशिक्षण के लिए उपयोग करने का प्रस्ताव प्रमुख है।
बागपत के बड़ौत नगर में अग्रवाल महासंघ के चुनाव के दौरान मंगलवार को दो पक्षों के समर्थक आपस में भिड़ गए। दोनों पक्षों के बीच हाथापाई और मारपीट हुई। घटना का वीडियो मंगलवार शाम से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद मामले की चर्चा तेज हो गई है। अग्रवाल महासंघ के चुनाव में संजय गोयल और सुभाष अग्रवाल उम्मीदवार थे। वायरल वीडियो में दोनों पक्षों के समर्थक एक-दूसरे पर थप्पड़ और घूंसे बरसाते नजर आ रहे हैं। मारपीट के दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौखिक टिप्पणी के बाद बिगड़ा माहौलस्थानीय लोगों के अनुसार, चुनाव के दौरान पहले दोनों पक्षों के बीच मौखिक टिप्पणी को लेकर विवाद हुआ। देखते ही देखते कहासुनी ने मारपीट का रूप ले लिया। भीड़भाड़ के बीच हुई घटना का किसी व्यक्ति ने वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। तहरीर मिलने पर होगी कार्रवाईबड़ौत कोतवाली प्रभारी दीक्षित कुमार त्यागी ने बताया कि मामले में अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि तहरीर मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सीतापुर के कोतवाली देहात क्षेत्र में नैपालापुर के पास मंगलवार देर शाम करीब 9 बजे सड़क हादसे में बाइक सवार दो आरक्षी गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों जिला मुख्यालय से जेल में एक मुल्जिम को दाखिल कराने के बाद इमलिया सुल्तानपुर क्षेत्र स्थित तिहार पुलिस चौकी लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आए वाहन से बचने के प्रयास में बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। हादसे में तिहार चौकी पर तैनात आरक्षी अक्षय और विक्रांत गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों आरक्षियों को गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायल आरक्षियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया। दोनों की हालत नाजुक देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। सामने से आए वाहन से बचने में बिगड़ा संतुलनबताया गया कि दोनों आरक्षी जिला मुख्यालय आए थे। यहां जेल में मुल्जिम को दाखिल कराने के बाद बाइक से तिहार चौकी वापस लौट रहे थे। नैपालापुर के पास सामने से अचानक एक वाहन आ गया। वाहन से बचने के प्रयास में बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। अधिकारियों ने ली घायलों की जानकारीहादसे की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग के अधिकारी सक्रिय हो गए। अधिकारियों ने घायल आरक्षियों की स्थिति की जानकारी ली। पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल दोनों आरक्षियों को गंभीर हालत में बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर भेजा गया है।
सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर में लाइफलाइन एक्सप्रेस की व्यवस्थाओं के दौरान एक विवाद सामने आया है। नगर पंचायत के कर्मचारियों ने अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा पर मारपीट करने, धमकाने और मोबाइल तोड़ने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटना के बाद नगर पंचायत कर्मचारियों में गहरा आक्रोश है। कर्मचारियों के अनुसार, लाइफलाइन एक्सप्रेस के आगमन के लिए स्थल तक सड़क तैयार करने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का कार्य नगर पंचायत के कर्मचारी कर रहे थे। इसी दौरान अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा मौके पर पहुंचे। कर्मचारियों का आरोप है कि व्यवस्थाओं को लेकर बातचीत के दौरान विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने बताया कि अपर कलेक्टर ने कथित तौर पर उनके साथ हाथ-पैर से मारपीट की और पत्थर उठाकर मारने का प्रयास भी किया। आरोप है कि कर्मचारियों को गड्ढा खोदकर दफनाने और जेसीबी चलाने तक की धमकी दी गई। एक कर्मचारी का मोबाइल फोन छीनकर तोड़ने का आरोप भी लगाया गया है। घटना के बाद कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की शिकायत करने और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की मांग करने की बात कही है। अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा और आंतरिक पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार देवांगन से इस मामले पर उनकी प्रतिक्रिया जानने के लिए संपर्क किया गया है।
मेरठ के कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार दोपहर करीब 200 वर्ष पुराना जर्जर मकान अचानक भरभराकर सड़क पर आ गिरा। मकान का अगला हिस्सा गिरने से तेज आवाज हुई तो आसपास के लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। गनीमत रही कि हादसे के वक्त मकान के आसपास कोई मौजूद नहीं था। बताया गया कि हादसे से कुछ सेकेंड पहले ही दो बच्चे मकान के सामने से होकर गुजरे थे। उनके निकलते ही मकान का हिस्सा सड़क पर आ गिरा। इससे बड़ा हादसा होने से बच गया। लंबे समय से जर्जर था मकानघटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पास में रहने वाले भाजपा नेता दीपक शर्मा ने भी पुलिस को मामले से अवगत कराया। बाजार चौकी प्रभारी सुभाष पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने आसपास के लोगों से मकान के संबंध में जानकारी जुटाई। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार, यह मकान करीब दो सौ वर्ष पुराना है। कई साल पहले यहां मिर्जो दादी रहती थीं। वर्तमान में सहारनपुर के गंगोह निवासी सुभाष इस संपत्ति को अपनी बताते हैं। मकान में विनय गुप्ता किरायेदार के रूप में रह रहे हैं और यहां स्प्रिंग बनाने का कारखाना चलाते हैं। विनय वर्तमान में शास्त्रीनगर क्षेत्र में रहते हैं, जबकि उनकी चार पीढ़ियां इस मकान में किरायेदार के रूप में रहती आई हैं। मलबा गिरने से रास्ता बाधितपुलिस ने मकान स्वामी सुभाष से संपर्क करने का प्रयास किया। बाद में किरायेदार विनय गुप्ता को भी मौके पर बुलाया गया। सड़क पर मकान का मलबा गिरने के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा था। इसके बाद विनय ने मजदूरों की मदद से सड़क पर पड़े मलबे को हटवाने का काम शुरू कराया। पहले भी गिर चुकी ईंटें, पत्थर की सिल्लीभाजपा नेता दीपक शर्मा ने बताया कि मकान लंबे समय से बेहद जर्जर हालत में था। कई बार इसकी ईंटें निकलकर सड़क पर गिर चुकी हैं। कुछ समय पूर्व मकान की पत्थर की सिल्ली भी सड़क पर आ गिरी थी। उस समय भी लोग बाल-बाल बचे थे। उन्होंने बताया कि मकान की जर्जर स्थिति के संबंध में संपत्ति स्वामी को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन इसकी मरम्मत या जर्जर हिस्से को हटाने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। लखौरी ईंट, मिट्टी और चूने से बना था मकानस्थानीय लोगों के मुताबिक, यह पुरानी शैली की संपत्ति है, जिसमें लखौरी ईंटों के साथ मिट्टी और चूने का इस्तेमाल किया गया है। लगातार बारिश के कारण मकान कमजोर हो गया। मिट्टी और चूने के फूलने के बाद मंगलवार को मकान का अगला हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे आ गया। हादसे को लेकर लोग सहमे हादसे के बाद क्षेत्र में काफी देर तक अफरातफरी का माहौल रहा। लोगों का कहना था कि जिस समय मकान गिरा, अगर सड़क पर राहगीरों की आवाजाही होती तो कई लोगों की जान जा सकती थी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्षेत्र के ऐसे अन्य जर्जर मकानों का भी सर्वे कराकर समय रहते कार्रवाई की मांग की है। चंद सेकेंड ने टाला बड़ा हादसाहादसे की सबसे भयावह बात यह रही कि दो बच्चे मकान के सामने से कुछ सेकेंड पहले ही निकले थे। उनके गुजरने के तुरंत बाद मकान का हिस्सा सड़क पर गिर गया। यदि बच्चे कुछ पल और वहां रुक जाते तो उनकी जान पर बन सकती थी। आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली कि मलबे की चपेट में कोई व्यक्ति नहीं आया। पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर स्थिति की जानकारी ली और सड़क पर पड़े मलबे को हटवाने की कार्रवाई कराई। एसएचओ पंकज सिंह ने बताया कि- मकान जर्जर हालत में था और मकान स्वामी को क्षेत्रीय लोगों ने कई बार सूचना दी थी। इसके बाद भी उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया। फिलहाल मलबा हटा दिया गया है। बुधवार को मकान मालिक को बुलाया गया है।
अयोध्या में बंदर ले भागा 42 हजार रुपए:पुलिस ने केला खिलाकर वापस लिए, राहगीर के हाथ से छीनकर भागा था
अयोध्या में मंगलवार को रुपए चोरी का एक अनोखा मामला सामने आया। कोतवाली नगर के सिविल लाइन चौकी क्षेत्र में अंजू देवी के 42,105 रुपए एक बंदर लेकर भाग गया। काफी कोशिश के बाद भी बंदर रुपए छोड़ने को तैयार नहीं था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और अनोखे तरीके से रुपए वापस हासिल किए। सूचना पर उपनिरीक्षक अशोक कुमार, उपनिरीक्षक पंकज सिंह, मुख्य आरक्षी कुलदीप यादव और आरक्षी अंकित मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने बंदर को पकड़ने या डराने की कोशिश नहीं की। उन्होंने उसे केला खिलाना शुरू किया। केला देखते ही बंदर का ध्यान रुपए से हट गया और वह उसे खाने लगा। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने सावधानी से बंदर के कब्जे से 42,105 रुपए वापस ले लिए। रुपए वापस मिलने के बाद पुलिस ने उनकी पहचान कर अंजू देवी को सौंप दिए। रुपए मिलने पर महिला ने पुलिसकर्मियों का आभार जताया। पुलिस की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने भी सराहना की।
मथुरा के वृंदावन स्थित चामुंडा देवी मंदिर कट के समीप सोमवार रात एक साधु की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई, जबकि बीच-बचाव में आए एक मजदूर पर भी प्राणघातक हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल मजदूर को डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मूल रूप से इटावा के बहादुरपुर निवासी लगभग 45 साल के बटूर उर्फ राघव दास की पवन हंस हेलीपैड के पास बनी एक कोठरी में एक अज्ञात व्यक्ति से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। इसके बाद राघव दास वहां से लौट आया और मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ निवासी मजदूर अर्जुन को साथ लेकर पुनः घटनास्थल पर पहुंच गया। इस दौरान विवाद इतना उग्र हो गया कि आरोपी ने चाकू से ताबड़तोड़ वार कर साधु को मौत के घाट उतार दिया। हमलावर ने अर्जुन पर भी कई वार किए, जिससे वह लहूलुहान हो गया और किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। एक राहगीर की मदद से उसे जिला संयुक्त अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया। जांच में जुटी पुलिस पुलिस की प्रारंभिक जांच में घटना का कारण नशे को लेकर हुआ विवाद सामने आया है। पुलिस के अनुसार, मृतक पिछले पांच वर्षों से वृंदावन में रह रहा था और नशे की लत के कारण उसे अटल्ला चुंगी स्थित एक आश्रम से बाहर निकाल दिया गया था। फिलहाल पुलिस मृतक के परिजनों को सूचित कर अज्ञात हमलावर की तलाश और मामले की विस्तृत जांच में जुटी है।
प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा में आवेदन की अंतिम तिथि तक डिग्री नहीं रखने वाले, लेकिन परीक्षा में उत्तीर्ण उम्मीदवारों से लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने मंगलवार रात जमीन पर बैठकर बातचीत की। पिछले 15 दिनों से ये उम्मीदवार कार्यालय दिवस में लोक शिक्षण आयुक्त कार्यालय के बाहर डेरा डालकर नौकरी की मांग कर रहे हैं। मंगलवार रात करीब 8:30 बजे आयुक्त अभिषेक सिंह लोक शिक्षण संचालनालय से घर जा रहे थे। प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों ने उनसे बात करने की कोशिश की। इस पर आयुक्त कार्यालय के गेट के सामने ही उनके साथ जमीन पर बैठ गए और सभी की बात सुनी। आयुक्त ने उम्मीदवारों को आश्वस्त किया कि वे नियमानुसार ही कार्रवाई कर सकते हैं और फिलहाल कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जाए। कुछ अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। कोर्ट का फैसला उम्मीदवारों के पक्ष में आने पर उन्हें सेवा में लेने की प्रक्रिया की जा सकती है। प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद करीब 1,000 उम्मीदवार परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बावजूद नौकरी से वंचित हैं। दरअसल, आवेदन की अंतिम तिथि तक उनके पास डीएलएड की डिग्री पूरी नहीं थी। इसी वजह से रूलबुक के आधार पर आयुक्त ने उन्हें सेवा में लेने से इनकार किया है। युवाओं को समझाया- रात में यहां न रुकें, लड़कियों को घर जाने को कहा आयुक्त अभिषेक सिंह ने प्रदर्शनकारियों की बातें सुनने के बाद उन्हें घर जाने की समझाइश दी। उन्होंने कहा कि नियमानुसार कोई अवसर मिला तो उन्हें सेवा में लेने में पीछे नहीं हटेंगे। प्रदर्शन में शामिल लड़कियों से उन्होंने विशेष रूप से कहा कि वे यहां न रुकें और घर चली जाएं। बारिश के मौसम में खुले में रुकना ठीक नहीं है। 55 उम्मीदवार पहुंचे हाई कोर्ट प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों में से 55 ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। उनका कहना है कि कर्मचारी चयन मंडल की आवेदन प्रक्रिया में यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि आवेदन की अंतिम तिथि तक डिग्री पूरी होना अनिवार्य है। इसलिए उन्हें अपात्र करना उचित नहीं है और सेवा में लिया जाना चाहिए। उम्मीदवारों के मुताबिक, वर्ष 2025 में कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 के 13,089 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। आवेदन के दौरान रिजल्ट जारी होने तक संपूर्ण शैक्षणिक योग्यता होने की बात कही गई थी। हालांकि, अंतिम परिणाम जारी होने के बाद चयन अधिकारियों ने शैक्षणिक योग्यता की कटऑफ डेट 25 अगस्त 2025 तय कर दी। इस वजह से हजारों उत्तीर्ण उम्मीदवारों को डीएलएड की डिग्री इस तारीख के बाद पूरी होने के कारण अपात्र कर दिया गया। नौकरी से वंचित उम्मीदवारों में परीक्षा में टॉप करने वाली अभ्यर्थी वर्षा भी शामिल हैं।
गोरखपुर में चौरी चौरा के बिलारी खास गांव निवासी 35 वर्षीय धर्मेन्द्र यादव की सोमवार को सूडान स्थित स्टील प्लांट में भट्ठी में हुए ब्लास्ट की चपेट में आने से मौत हो गई। मंगलवार को कंपनी के अधिकारियों ने परिजनों को हादसे की जानकारी दी। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने शव को भारत लाने की मांग की है। कंपनी के जीएम ने दूतावास से अनुमति मिलने के बाद शव भेजने की बात कही है। चौरी चौरा थाना क्षेत्र के बिलारी खास निवासी धर्मेन्द्र यादव सूडान स्थित ओमेगा स्टील कंपनी में मेल्टर के पद पर काम करता था। सोमवार को स्टील प्लांट की भट्ठी में अचानक ब्लास्ट हो गया। हादसे में उसकी मौत हो गई। मंगलवार को कंपनी के अधिकारियों ने फोन कर परिवार को घटना की जानकारी दी। परिजनों के मुताबिक धर्मेन्द्र ने करीब तीन वर्ष पहले कंपनी में नौकरी शुरू की थी। वह कुछ समय पहले छुट्टी पर घर आया था और करीब दो माह पूर्व ही वापस सूडान गया था। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए वह विदेश में नौकरी कर रहा था। धर्मेन्द्र अपने परिवार का इकलौता पुत्र था। उसके पिता की पहले ही मौत हो चुकी थी। धर्मेन्द्र की मौत की सूचना मिलते ही उसकी मां सुभावती देवी, पत्नी अनीता देवी और तीन बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोगों ने सरकार और कंपनी से धर्मेन्द्र का शव जल्द से जल्द भारत लाने की मांग की है। कंपनी के जीएम ने परिजनों को बताया कि दूतावास से आवश्यक अनुमति मिलते ही शव को भारत भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। हादसे की जानकारी मिलने के बाद गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई। गांव के तमाम आस पास लोगों ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर परिजनों को दिलासा दिया। ग्रामीणों ने सरकार से शव को जल्द भारत लाने और परिवार को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने की मांग की है।
छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल - 23 अधिकारियों को नई जिम्मेदारी
छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 23 अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस संबंध में मंगलवार को आदेश जारी किया गया है
टोंक एसपी रोशन मीणा ने उनियारा थाने के तत्कालीन एएसआई रतनलाल मीणा को मंगलवार को निलंबित कर दिया। निलंबन आदेश में उनके विरुद्ध विभागीय जांच प्रस्तावित किए जाने का उल्लेख किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय मालपुरा डीएसपी कार्यालय रहेगा। एसपी रोशन मीणा ने बताया कि एएसआई रतनलाल मीणा के विरुद्ध विभागीय जांच प्रस्तावित होने के चलते उन्हें कुछ दिन पहले लाइन हाजिर किया गया था। विभागीय स्तर पर कार्रवाई के बाद मंगलवार को उन्हें निलंबित कर दिया गया। शिकायतों के बाद कार्रवाई एएसआई के निलंबन की कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। जानकारी के अनुसार, एएसआई रतनलाल मीणा के उनियारा थाने में कार्यकाल को लेकर पिछले कुछ समय से शिकायतें मिल रही थी। इनमें कथित तौर पर अपराधियों को संरक्षण देने, अवैध वसूली और साइबर ठगी से जुड़े संदिग्ध लोगों के संपर्क में रहने जैसे आरोप शामिल थे। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत 24 अगस्त को जारी होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची से 47 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं।
स्वर्गीय सरला झंवर स्मृति संस्थान की ओर से ब्रह्माकुमारी बहनों के सहयोग से नशे के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम और मेधावी छात्राओं के सम्मान समारोह का आयोजन एपेक्स हॉस्पिटल में किया गया। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी बहनों ने नशे को परिवार, समाज और युवा पीढ़ी के लिए घातक बताते हुए लोगों को इससे दूर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा- नशा स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के साथ ही पारिवारिक रिश्तों और युवाओं के भविष्य को भी बर्बाद करता है। इस दौरान उपस्थित लोगों ने नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। 100 मेधावी छात्राओं का सम्मान सरला झंवर की 7वीं स्मृति दिवस के अवसर पर बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में 100 मेधावी छात्राओं को स्कॉलरशिप, उपहार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इन छात्राओं ने बेहतर अंक हासिल कर संस्थान और अपने परिवार का नाम रोशन किया है। राखी प्रतियोगिता में बच्चियों ने लिया हिस्सा कार्यक्रम के दौरान राखी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसमें बच्चियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। प्रतियोगिता की विजेता छात्राओं को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। संस्थान सचिव कुंजू झंवर ने बताया- सरला झंवर को बालिका शिक्षा से विशेष लगाव था। इसी प्रेरणा से हर वर्ष मेधावी छात्राओं को स्कॉलरशिप देकर सम्मानित किया जाता है। कार्यक्रम सचिव शिव शंकर ओझा ने कहा कि महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए संस्थान की ओर से नियमित रूप से ऐसे आयोजन जारी रखे जाएंगे।
प्रयागराज में लगातार हो रही बारिश के बीच गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार शाम 8 बजे बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटे में तीनों प्रमुख गेज स्टेशनों पर नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी छतनाग में हुई है, जहां गंगा का पानी 53 सेंटीमीटर बढ़ा है। इसके अलावा नैनी में यमुना का जलस्तर 52 सेंटीमीटर और फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 46 सेंटीमीटर बढ़ा है। छतनाग में 53 सेमी और नैनी में 52 सेमी बढ़ा जलस्तर बाढ़ नियंत्रण कक्ष की मंगलवार शाम 8 बजे की रिपोर्ट के अनुसार 17 अगस्त की शाम 8 बजे छतनाग में गंगा का जलस्तर 78.39 मीटर था। 24 घंटे बाद मंगलवार शाम 8 बजे यह बढ़कर 78.92 मीटर पहुंच गया। यानी एक दिन में 53 सेंटीमीटर पानी बढ़ा। नैनी में यमुना का जलस्तर 78.83 मीटर से बढ़कर 79.35 मीटर पहुंच गया। यहां 52 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। फाफामऊ में गंगा का जलस्तर सोमवार शाम 8 बजे 79.65 मीटर था, जो मंगलवार शाम 8 बजे बढ़कर 80.11 मीटर पहुंच गया। यहां 24 घंटे में 46 सेंटीमीटर पानी बढ़ा है। लगातार बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में हो रही इस तेजी से बढ़ोतरी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। सुबह 8 बजे तक 100 मिमी से ज्यादा बारिश मंगलवार सुबह 8 बजे जारी बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटे में प्रयागराज के नदी तटीय इलाकों में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। छतनाग में 115 मिलीमीटर, नैनी में 98.4 मिलीमीटर और फाफामऊ में 96.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। बारिश का सीधा असर गंगा और यमुना के जलस्तर पर दिखाई दे रहा है। शाम 8 बजे की रिपोर्ट में नैनी में यमुना 79.35 मीटर, फाफामऊ में गंगा 80.11 मीटर और छतनाग में गंगा 78.92 मीटर पर पहुंच गई। यानी तीनों स्थानों पर सुबह के मुकाबले भी पानी बढ़ा है। खतरे के निशान से अभी नीचे, सभी तटबंध सुरक्षित हालांकि गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन फिलहाल तीनों प्रमुख गेज स्टेशनों पर पानी खतरे के निशान 84.734 मीटर से नीचे है। फाफामऊ में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 4.624 मीटर नीचे है। नैनी में यमुना करीब 5.384 मीटर और छतनाग में गंगा करीब 5.814 मीटर नीचे बह रही है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार सभी तटबंध सुरक्षित हैं। प्रशासन की ओर से नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। लगातार बारिश और जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के एसई वीरेंद्र सिंह के सरकारी आवास में चोरी का मामला सामने आया है। मंगलवार को हुई इस घटना में उनके घर से 10 तोला सोना, ढाई लाख रुपए नकद, दो बंदूकें और एक एयरगन चोरी हो गई। इस चोरी के मामले में एसई वीरेंद्र सिंह ने अपने वरिष्ठ अधिकारी, मुख्य अभियंता एच.के. त्रिपाठी और एक अन्य व्यक्ति राम सिंह बघेल पर साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि जब वे अपनी पत्नी के इलाज के लिए बाहर गए हुए थे, तब उन्हें फोन पर घर का ताला टूटने और चोरी होने की सूचना मिली। जिन पर साजिश के आरोप, वे क्या बोले? मुख्य अभियंता एच.के. त्रिपाठी ने इन आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है, लेकिन चूंकि चोरी हुई है और नुकसान हुआ है, तो एसई ने आरोप लगाए होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि एसई का ट्रांसफर हुआ है, संभवतः इसी कारण वे ऐसा मान रहे हैं। पाली थाना प्रभारी गोविंद सिंह ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में कुछ भी कहना संभव होगा।
आईजीआई एयरपोर्ट पर तस्करी कर लाए 45.86 लाख रुपये का सोना बरामद, पुलिस ने दर्ज किया केस
आईजीआई एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने उज्बेकिस्तान की महिला यात्री से 45.86 लाख रुपये का सोना बरामद कर तस्करी का प्रयास विफल किया। महिला ने शरीर में 326 ग्राम सोना छिपा रखा था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया गया है।
अयोध्या में साइबर पुलिस में तैनात दरोगा और तीन सिपाही रिश्वत लेने 800 किमी दूर राजस्थान के सीकर पहुंच गए। लेकिन इसकी भनक एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को लग गई। ACB टीम ने रास्ते में चारों पुलिसकर्मियों को दबोच लिया। उनके पास से 2.80 लाख रुपए बरामद हुए हैं। ACB ने चारों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जानकारी मिलने पर अयोध्या SSP डॉ. गौरव ग्रोवर ने मंगलवार देर शाम आरोपी दरोगा यशवंत सिंह, कॉन्स्टेबल पवन कुमार त्रिपाठी, सोहन लाल और गौरव चारग का सस्पेंड कर दिया। चारों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। आरोपी पुलिसवालों की तस्वीरें देखिए… अब मामला विस्तार से पढ़िए… अयोध्या के साइबर पुलिस थाने में राजस्थान के सीकर के युवक के खिलाफ 2024 में साइबर ठगी का मामला दर्ज था। केस से युवक का नाम हटाने के लिए दरोगा यशवंत सिंह और उनके तीन कॉन्स्टेबल ने 8 लाख रुपए मांगे थे। 4 लाख रुपए वसूल भी लिए थे। बची रकम के लिए युवक ने पुलिसकर्मियों को सीकर बुलाया। इस बीच उसने एंटी करप्शन ब्यूरो से शिकायत कर दी। शिकायत मिलने के बाद ACB ने रिश्वत की मांग का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान कॉन्स्टेबल गौरव चारग ने पीड़ित युवक से 4 लाख रुपए की रिश्वत मांगी। बातचीत के बाद सौदा 2.80 लाख रुपए में तय हुआ। ACB टीम की गाड़ी को टक्कर मारी दरोगा यशवंत सिंह साथी कॉन्स्टेबल गौरव, सोहन और पवन त्रिपाठी के साथ राजस्थान पहुंच गए। मंगलवार दोपहर आरोपियों ने घूस की रकम ली और अयोध्या लौट रहे थे। पीड़ित ने ACB टीम को सूचना दी कि पुलिसवाले रिश्वत लेकर निकल गए हैं। इसके बाद टीम ने सीकर-बीकानेर नेशनल हाईवे पर रसीदपुरा टोल पर आरोपियों को रोक लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपियों ने अपनी कार से ACB टीम की गाड़ी को टक्कर मारकर भागने की भी कोशिश की। हालांकि ACB टीम ने चारों को पकड़ लिया। सीकर ACB के ASP विजय सिंह ने बताया- तीनों आरोपी शिकायतकर्ता युवक से रिश्वत लेने 3 दिन पहले 16 अगस्त सीकर आए थे। सूचना पर सीकर ACB टीम ने पहले से जाल बिछा रखा था। सीकर-बीकानेर नेशनल हाईवे पर रसीदपुरा टोल पर आरोपियों को गाड़ी को रोका। इसके बाद चेकिंग के दौरान उनके पास से रिश्वत के 2.80 लाख रुपए मिले। पूछताछ में तीनों आरोपी रकम के बारे में बता नहीं पाए। ACB की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और पुलिस महानिरीक्षक एस. परिमला के सुपरविजन में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। ACB ने मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू करने की बात कही है। …………………………………… यह खबर भी पढ़ें योगी का ऐलान- PRD जवानों का भत्ता 600 करेंगे: गोरखपुर में कैशलैस योजना शुरू की, 5 लाख तक इलाज फ्री होगा सीएम योगी ने मंगलवार को गोरखपुर में पीआरडी (प्रांतीय रक्षक दल) जवानों के लिए ‘मुख्यमंत्री पीआरडी परिवार कल्याण योजना’ का शुभारंभ किया। यहां पढ़ें पूरी खबर
ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा 2026 में करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ एक अनोखी ‘जुगाड़ तकनीक’ भी चर्चा में रही। गंगा जल लेकर कठिन रास्तों और मानसूनी मौसम से गुजर रहे कांवड़ियों ने जलपात्रों के ढक्कनों और जोड़ों को मजबूत व रिसाव-मुक्त रखने के लिए M-Seal जैसे एपॉक्सी कंपाउंड का इस्तेमाल किया। प्लंबिंग और औद्योगिक रिसाव रोकने में उपयोग होने वाला यह उत्पाद यात्रा के दौरान कई श्रद्धालुओं के लिए एक तरह से गुमनाम सहायक बनकर सामने आया। ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा 2026 रिकॉर्ड तोड़ करीब पांच करोड़ कांवड़ियों के साथ सफलतापूर्वक पूरी हुई है। इसमें राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लोग शामिल हैं। जहां पुलिस, प्रशासन और राज्य सरकारों ने इसे मिलकर सफल बनाया, वहीं कुछ कंपनियां भी इसमें गुमनाम हीरो बनकर सामने आई हैं। कांवड़ की सजावट और बांस के ढांचे की मरम्मत में भी आया काम जयपुर के राजन रस्तोगी और सज्जन शर्मा ने बताया कि कांवड़ यात्रा में कांवड़िये गंगा नदी (आमतौर पर हरिद्वार, गौमुख या सुल्तानगंज में) से पवित्र जल एकत्र करते हैं और इसे अपने स्थानीय मंदिरों में भगवान शिव को अर्पित करते हैं। इस तीर्थयात्रा के नियम बहुत सख्त हैं— पवित्र जल के पात्र (बर्तन) को कभी भी जमीन को नहीं छूना चाहिए और एक बूंद भी पानी नहीं छलकना चाहिए। कांवड़िये अपने दोस्तों के साथ भगवान में अपनी अटूट आस्था के साथ-साथ उबड़-खाबड़ रास्तों और मानसून के कठिन मौसम में रिसाव-मुक्त यात्रा सुनिश्चित करने के लिए एम-सील की सीलिंग शक्ति पर अपना अपार भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान कांवड़ की सजावट, बांस के ढांचे या किसी टूटे हुए बर्तन/पात्र की तात्कालिक मरम्मत (जुगाड़) के दौरान इसका इस्तेमाल किया गया। कई बार भक्त यात्रा मार्ग पर सामान्य उपकरणों या एक्सीडेंसल रिपेयर के रूप में इनका उपयोग करते हैं। आमतौर पर प्लंबिंग की मरम्मत और औद्योगिक रिसाव को रोकने के लिए उपयोग किए जाने वाले एम-सील ने आस्था के एक लचीले माध्यम के रूप में एक अनूठी और अभिनव भूमिका खोजी है। भक्त इस एपॉक्सी कंपाउंड (गोंद/सीलेंट) का उपयोग अपने प्लास्टिक और धातु के कलशों (जल के बर्तनों) के ढक्कनों और जोड़ों को मजबूती से सुरक्षित करने के लिए करते हैं, जिससे ये मजबूत रहे और छलकने से बचें। ये किराना दुकानों (जनरल प्रोविजन स्टोर्स), सड़क किनारे के ढाबों, प्रमुख थोक बाजारों और परिवहन केंद्रों पर मिल रहे थे।
DGCA बदलेगा पायलटों के डोप टेस्ट के नियम, 25% तक बढ़ेगी जांच; Hybrid मॉडल से 15 मिनट में रिजल्ट
डीजीसीए विमानन सुरक्षा बढ़ाने के लिए नशीले पदार्थों की जांच के नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। पायलट फेडरेशन ने रैंडम जांच का दायरा 25% करने और यूरिन के बजाय ओरल-फ्लुइड टेस्ट का हाइब्रिड मॉडल अपनाने का सुझाव दिया है।
मंडे मेगा क्विज में 216 छात्रों ने भाग लिया:बेगूसराय में जिला स्तरीय प्रतियोगिता का समापन
बेगूसराय के सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल), कॉलेजिएट प्लस टू स्कूल में आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय मंडे मेगा क्विज का मंगलवार को समापन हो गया। इस प्रतियोगिता में जिले के सभी 18 प्रखंडों से कक्षा तीन से 12 तक के कुल 216 चयनित छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। प्रतियोगिता की शुरुआत लिखित परीक्षा से हुई, जिसमें प्रत्येक कक्षा से बेहतर प्रदर्शन करने वाले छह छात्र-छात्राओं का चयन मौखिक परीक्षा के लिए किया गया। चयनित प्रतिभागियों के बीच पांच राउंड में मौखिक प्रश्न पूछे गए। यह प्रतियोगिता 17 अगस्त को कक्षा तीन से आठ तथा 18 अगस्त को कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित की गई थी। कक्षा नौ से 12 तक के विजेताओं में कक्षा नौ में उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय बांक, डंडारी के प्रिंस कुमार प्रथम स्थान पर रहे। उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय फुलवरिया-2, तेघड़ा के मो. मारूफ ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय अमरपुर, बरौनी के प्रियांशु कुमार तृतीय स्थान पर रहे। कक्षा 10 में राजकीयकृत उच्च विद्यालय गढ़पुरा के आलोक कुमार प्रथम, उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय नूरजमापुर के देवराज द्वितीय तथा राजकीयकृत हाई स्कूल बनवारीपुर, भगवानपुर के आदर्श कुमार तृतीय स्थान पर रहे।कक्षा 11 में उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय जिनेदपुर, बेगूसराय की आंचल कुमारी प्रथम, उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय भगतपुर, बलिया के राजीव कुमार द्वितीय तथा उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय बिक्रमपुर, चेरिया बरियारपुर के प्रिंस कुमार तृतीय रहे।कक्षा 12 में उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय मल्हीपुर, साहेबपुर कमाल के अमन कुमार प्रथम, उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय प्लस टू सांख, बेगूसराय के मो. इश्तिखार द्वितीय तथा उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय रसीदपुर, बछवाड़ा के अनुराग कुमार तृतीय स्थान पर रहे।कक्षा तीन से आठ तक के विजेताकक्षा आठ में उत्क्रमित मध्य विद्यालय फजिलपुर, वीरपुर के युवराज प्रथम, मध्य विद्यालय तुलसीटोल, बलिया के आयुष कुमार द्वितीय तथा उत्क्रमित मध्य विद्यालय छड़ापट्टी, चेरिया बरियारपुर के आदित्य कुमार तृतीय रहे।कक्षा सात में मध्य विद्यालय नैपुर, मंसूरचक की अनामिका कुमारी प्रथम, मध्य विद्यालय मकसपुर, चेरिया बरियारपुर के प्रणव कुमार द्वितीय तथा मध्य विद्यालय विष्णुपुर, भगवानपुर के आर्णव राज तृतीय रहे।कक्षा छह में मध्य विद्यालय डंडारी के युवराज प्रथम, मध्य विद्यालय मालीपुर, गढ़पुरा के आदित्य कुमार द्वितीय तथा मध्य विद्यालय चमथा बरखूंट, बछवाड़ा के सार्थक चौहान तृतीय रहे।कक्षा पांच में प्राथमिक विद्यालय यादव टोली, मंसूरचक की कृति राज प्रथम, प्राथमिक विद्यालय मालीपुर मुसहरी, गढ़पुरा के इशांत राज द्वितीय तथा प्राथमिक विद्यालय पतला झुग्गी, छौड़ाही के आयुष राज तृतीय रहे।कक्षा चार में प्राथमिक विद्यालय रमौली, नावकोठी के मो. हसन प्रथम, मध्य विद्यालय सनहा नया टोला, साहेबपुर कमाल के हर्ष कुमार द्वितीय तथा प्राथमिक विद्यालय शाम्हो अकबरपुर, शाम्हो-अकहा-कुरहा के कुश कुमार तृतीय रहे।कक्षा तीन में प्राथमिक विद्यालय आलमचक, मंसूरचक के मुहम्मद अदनान प्रथम, प्राथमिक विद्यालय देवस्थान, भगवानपुर के पुरुषोत्तम कुमार द्वितीय तथा मध्य विद्यालय दुलारपुर, तेघड़ा की भाव्या कुमारी तृतीय रहीं।स्वस्थ विद्यालयी संस्कृति विकसित करने में सहायकसमापन समारोह के अवसर पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, माध्यमिक शिक्षा एवं साक्षरता आकाश कुमार ने चयनित छात्र-छात्राओं तथा आयोजन समिति के शिक्षकों के बीच प्रमाणपत्र वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के क्विज आयोजन से छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों के बीच स्वस्थ विद्यालयी संस्कृति का निर्माण होता है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करते हैं और शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में सहायक होते हैं। उन्होंने क्विज से जुड़े सभी पदाधिकारियों एवं शिक्षकों को सफल आयोजन के लिए प्रोत्साहित किया।
झांसी से होकर गुजरने वाली ट्रेनों का संचालन सितंबर और अक्टूबर में प्रभावित रहेगा। बीना स्टेशन यार्ड की रीमॉडलिंग के चलते 18 सितंबर से 16 अक्टूबर तक कई एक्सप्रेस ट्रेनों को बदले रूट से चलाया जाएगा। कुछ ट्रेनों के बीना स्टेशन पर ठहराव का समय भी घटाया गया है। इससे झांसी से इन ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों की यात्रा प्रभावित होगी। आगासौद-बीना के बीच तीसरी रेल लाइन को बीना स्टेशन से जोड़ने के लिए यार्ड रीमॉडलिंग का काम किया जा रहा है। इसके चलते अहमदाबाद-दरभंगा, दरभंगा-अहमदाबाद, अहमदाबाद-बलिया, वाराणसी-अहमदाबाद, गोरखपुर-ओखा और सूरत-मुजफ्फरपुर समेत कई एक्सप्रेस ट्रेनों को वैकल्पिक रूट से चलाया जाएगा। बीना में कई ट्रेनों का ठहराव घटेगा रीमॉडलिंग के दौरान कई ट्रेनों का बीना स्टेशन पर ठहराव भी कम कर दिया गया है। डॉ. अंबेडकरनगर-प्रयागराज एक्सप्रेस (14115) और प्रयागराज-डॉ. अंबेडकरनगर एक्सप्रेस (14116) का 30 सितंबर से 15 अक्टूबर तक ठहराव सिर्फ दो मिनट रहेगा। इसके अलावा गोरखपुर-पुणे एक्सप्रेस, राजेंद्र नगर-इंदौर एक्सप्रेस, पटना-इंदौर एक्सप्रेस, लखनऊ जंक्शन-भोपाल एक्सप्रेस, गांधीनगर कैपिटल-बनारस एक्सप्रेस, कामाख्या-डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस और बरेली-इंदौर एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों का बीना में ठहराव निर्धारित अवधि में कम रहेगा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का रूट और समय रेलवे की आधिकारिक सूचना से जरूर जांच लें।
दैनिक भास्कर न्यूज एप ने धर्म-समाज और संगठनों से जुड़े कार्यक्रमों की खबरों को विस्तार से फोटो और वीडियो के साथ पब्लिश करने की अनूठी पहल का शुभारंभ उत्तर प्रदेश से किया। लखनऊ की एक होटल में आयोजित भव्य समारोह में पूरे शहर के प्रबुद्धजन मौजूद रहे। अखबारों में सीमित जगह के कारण धर्म-समाज और संगठन की खबरों को जगह नहीं मिलती, इसलिए ऐसी तकनीक बनाई है जिसमें समाज के लोग ही दैनिक भास्कर एप पर अपनी खबरें फोटो और वीडियो के साथ हमें भेज सकेंगे। कुछ ही मिनटों में विस्तार से खबरें प्रकाशित हो जाएंगी। कार्यक्रम स्थल से ही आप अपने मोबाइल से ही बहुत आसानी से और कम समय में खबरें भेज सकेंगे। इन समाचारों को हमारी टीम प्रकाशित करेगी। कुछ ही मिनटों में खबर की लिंक आपको मिल जाएगी, ताकि आप इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों को शेयर कर पाएं। यह पूरी प्रक्रिया नि:शुल्क रहेगी। कार्यक्रम में दैनिक भास्कर के मैनेजिंग एडिटर जगदीश शर्मा ने बताया कि हमारे आसपास होने वाली अच्छी गतिविधियों और कार्यक्रमों को समाचार पत्रों अथवा न्यूज चैनलों में पर्याप्त स्थान नहीं मिलता। समाज व संगठन के बहुत अच्छे प्रयास लोगों तक नहीं पहुंच पाते हैं। दैनिक भास्कर न्यूज एप ने हमारे आसपास हो रहे हर अच्छे प्रयास को जन-जन तक पहुंचाने का निर्णय लिया है। इसके लिए नई पहल की शुरुआत लखनऊ से की है। देश में पहली बार ऐसी पहल दैनिक भास्कर न्यूज एप के स्टेट एडिटर मोहन बागवान ने बताया कि दैनिक भास्कर एप देश का पहला संस्थान है जिसने पाठकों को ऐसी सुविधा दी है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें खबर भेजने के लिए कोई अलग एप या माध्यम का उपयोग नहीं करना है। दैनिक भास्कर एप पर खबरें पढ़ने, वीडियो देखने के साथ ही आसानी से अपनी खबरें भेज सकेंगे। आपके हर कार्यक्रम की खबर को फोटो और वीडियो के साथ विस्तार से पब्लिश किया जा सकेगा। इस तरह की खबरें भेज सकेंगे इस सेगमेंट में मीटिंग, सम्मेलन, चल समारोह, पर्व/तीज/त्योहार, सम्मान समारोह, नियुक्ति/चुनाव, उपलब्धि, शपथ ग्रहण, सामूहिक विवाह समारोह, कथा/सुंदरकांड पाठ, प्रवचन/संगत, भजन संध्या/कीर्तन, मंदिर निर्माण/प्राण प्रतिष्ठा, मिलाद/ तकरीर, जुलूस, सांस्कृतिक कार्यक्रम, किटी पार्टी, जागरुकता कार्यक्रम, ज्ञापन, धरना/प्रदर्शन, हड़ताल, रैली, पुतला दहन, स्कूल/कॉलेज व खेल की एक्टिविटी संबंधी खबरें पब्लिश हो सकेंगी। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से किया गया। इस मौके पर डॉ. विवेक तांगड़ी, पादरी रफीक, फादर लॉरेन, परविंदर सिंह सहित व्यापारी संगठन, सामाजिक संगठन, धार्मिक संगठन, महिला संगठन, एनजीओ, संस्था, एसोसिएशन, यूनियन, स्कूल–कॉलेज, स्पोर्ट्स सहित विभिन्न गतिविधियों से जुड़े पदाधिकारी मौजूद थे। आपको भी अपने समाज-संस्था की खबर खबर भेजनी है तो यहां क्लिक करें।
नीतीश कुमार सीएम पद छोड़ने के बाद पहली बार बिहार यात्रा करेंगे, संजय झा को बड़ा जिम्मा
जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार एक बार फिर बिहार यात्रा पर निकलने जा रहे हैं। अक्टूबर 2026 में उनकी राजव्यापी यात्रा प्रस्तावित है। सीएम पद छोड़ने के बाद उनकी यह पहली और कुल 17वीं बिहार यात्रा होगी। इस दौरान नीतीश सभी जिलों का दौरा करेंगे।
बरेली में ऑनर किलिंग का मामला सामने आया है। प्रेम-प्रसंग के शक में परिजनों ने 10वीं कक्षा की छात्रा की हत्या कर दी और सबूत मिटाने की नीयत से शव को खेत में 8 फीट गहरा गड्ढा खोदकर दबा दिया। पुलिस ने वारदात के 22 दिन बाद मंगलवार रात 8 बजे को छात्रा का शव बरामद करते हुए आरोपी चाचा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। घटनाक्रम विस्तार से पढ़िए… हाफिजगंज के रहने वाले प्रेमपाल की 16 साल की बेटी लता 10वीं की छात्रा थी। परिजनों को शक था कि लता का गांव के ही एक युवक के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा है। इस बात को लेकर घर में आए दिन विवाद और कहासुनी होती रहती थी। इसी रंजिश और गुस्से में आकर 28 जुलाई की रात छात्रा के चाचा जय प्रकाश ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद मामले को छिपाने के लिए अपने ही खेत में गहरा गड्ढा खोदकर शव को दफना दिया। प्रेमी की आशंका पर हरकत में आई पुलिस छात्रा के अचानक लापता होने पर उसके प्रेमी को किसी अनहोनी का अंदेशा हुआ। उसने हिम्मत जुटाकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से संपर्क किया और पूरी घटना की जानकारी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर अलीगंज पुलिस तुरंत सक्रिय हुई और आरोपी के खेत की घेराबंदी कर दी। नायब तहसीलदार की मौजूदगी में हुई खुदाई पुलिस ने शक के आधार पर छात्रा के चाचा जय प्रकाश को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद उसने सच उगल दिया। प्रशासनिक अनुमति मिलने के बाद नायब तहसीलदार दीप्ति पाल, फॉरेंसिक फील्ड यूनिट प्रभारी सुमेर सिंह और थाना प्रभारी जगत सिंह की मौजूदगी में खेत की खुदाई कराई गई। लगभग 8 फीट गहराई में जाने के बाद छात्रा का शव बरामद हुआ। फॉरेंसिक टीम ने मौके से फिंगरप्रिंट्स, मिट्टी के सैंपल और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए बरेली भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सीकर की दादिया थाना पुलिस ने 766 ग्राम गांजे के साथ युवक को गिरफ्तार किया। वहीं जिले में एक 16 साल की नाबालिग से रेप का मामला सामने आया है। साथ ही एक महिला से चेन स्नैचिंग की वारदात हो गई। पढ़िए शहर की क्राइम की खबरें… दादिया थाना पुलिस ने 766 ग्राम गांजे के साथ आरोपी नरेंद्र जांगिड़ (30) पुत्र श्रवण कुमार जांगिड़ निवासी झीगर छोटी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से पुलिस को 766 ग्राम गांजा मिला है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट का मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। वहीं जिले में 16 साल की नाबालिग से रेप का सामने आया है। नाबालिग के पिता ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि एक युवक उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया। जिसने उसके साथ रेप किया। आरोपी युवक के 2 साथियों ने भी सहयोग किया। फिलहाल पुलिस ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। महिला से चेन स्नैचिंग सीकर के उद्योग नगर थाना इलाके में महिला की चेन स्नैचिंग का मामला सामने आया है। राधाकिशनपुरा के रहने वाले राजेंद्र प्रसाद ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि उनकी सास पड़ोस में सब्जी लाने के लिए गई थी। इसी दौरान पीछे से बाइक पर आए 2 युवकों ने 20 ग्राम की सोने की चेन तोड़ ली। पुलिस ने अब मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। पड़ोसी पर पानी की पाइप में जहरीला पदार्थ मिलाने का आरोप सीकर के उद्योग नगर थाना इलाके में पड़ोसी द्वारा पानी की पाइप में जहरीला पदार्थ मिलाने का मामला सामने आया है। घटना सीकर के चिड़िया टीबा एरिया की है। एक पक्ष का आरोप है कि पानी पीने से महिला की तबीयत बिगड़ गई। फिलहाल पुलिस ने पानी का सैंपल लिया है। जिसकी जांच करवाई जाएगी। अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है।
योगी जापानी में बोले- अरिगातो गोजैमासु:दिल्ली में डेलिगेशन से मिले, गवर्नर नागासाकी का बर्थडे मनाया
सीएम योगी ने मंगलवार को दिल्ली में जापानी डेलिगेशन से मुलाकात की। उन्होंने जापानी गवर्नर कोटारो नागासाकी का बर्थडे सेलिब्रेट किया। योगी ने उन्हें भगवान गणेश की मूर्ति भी भेंट की। सीएम जापानी भाषा में भी बोले। उन्होंने कहा- मित्रों, जापान में एक अत्यंत सुंदर फिलॉसफी है- 'इचिगो इचिए', यानी हर पल और हर मुलाकात अद्वितीय है। आज की यह संध्या भी हमारे लिए यही भाव रखती है। अपने संबोधन के आखिर में योगी ने जापानी में कहा- अरिगातो गोजैमासु। यानी आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। दरअसल, 18 अगस्त से शुरू हुई ‘यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026’ 23 अगस्त तक चलेगी। यह दिल्ली और लखनऊ में आयोजित हो रही है। इसमें जापान के 200 से अधिक प्रमुख उद्योगपति और कई कंपनियों के सीईओ हिस्सा लेंगे। योगी की 3 बड़ी बातें पढ़िए 1-‘भारत-जापान के प्राचीन संबंध, इनमें बुद्ध की करुणा’ जापान को उगते सूर्य की भूमि कहा जाता है। उत्तर प्रदेश सूर्यवंश की भूमि है। यहां भगवान श्रीराम की अयोध्या है। यूपी के सारनाथ में भगवान बुद्ध ने पहला उपदेश दिया था। यहीं उनकी महापरिनिर्वाण की भूमि कुशीनगर भी है। भारत और जापान के जो प्राचीन संबंध हैं, इनमें बुद्ध की करुणा है, जीवन का अनुशासन है और मध्यम मार्ग भी है। यही हमारे दोनों देशों के साझा मूल्य भी हैं। 2-‘भगवान बुद्ध की शिक्षाएं सदियों पहले यूपी से जापान पहुंचीं’ योगी ने कहा- भगवान बुद्ध की शिक्षाएं सदियों पहले उत्तर प्रदेश की पवित्र भूमि से निकलकर जापान पहुंचीं। 752 ईस्वी में नारा के तोदाई-जी मंदिर में विशाल बुद्ध प्रतिमा के नेत्रोन्मीलन समारोह में भारतीय आचार्य बोधिसेन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह प्राचीन समय में भारत और जापान के गहरे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों का प्रमाण है। 3- भारत-जापान के रिश्ते नई ऊंचाइयों तक पहुंच रहे सीएम ने कहा- भारत और जापान के सदियों पुराने सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और जन-जन के संबंध आज आधुनिक रणनीतिक साझेदारी में बदल चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के नेतृत्व ने दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। सीएम ने क्रांतिकारी रासबिहारी बोस का भी जिक्र करते हुए कहा- उन्होंने ब्रिटिश शासन से बचकर जापान में शरण ली थी। बाद में जापान से भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को मजबूत किया। जापान के साथ संबंधों में उनकी भूमिका के सम्मान में उन्हें 'ऑर्डर ऑफ द राइजिंग सन' से सम्मानित किया गया। यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट में क्या-क्या होगा, पढ़िए 1- 2,025 करोड़ लगाएगी एस्कॉर्ट्स कुबोटा, 3,800 से ज्यादा लोगों को रोजगार यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में जापानी कंपनियों के लिए बड़ा औद्योगिक केंद्र तैयार हो रहा है। YEIDA के सेक्टर-10 में एस्कॉर्ट्स कुबोटा कंपनी ₹2,025 करोड़ का निवेश कर सकती है। यहां ट्रैक्टर, कंस्ट्रक्शन उपकरण और दूसरे सामान बनाए जाएंगे। इससे 3,800 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। 2- मिंडा की दो परियोजनाओं में ₹1,166 करोड़ का निवेश मिंडा कॉरपोरेशन YEIDA सेक्टर-10 और सेक्टर-24 में दो परियोजनाएं लगाने का ऐलान कर सकती है। इनमें कुल ₹1,166 करोड़ का निवेश हो सकता है। इन परियोजनाओं से करीब 6,440 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। यहां इग्निशन स्विच, स्टीयरिंग लॉक, मेकाट्रॉनिक सामान, वायरिंग हार्नेस और कनेक्शन सिस्टम बनाए जाएंगे। एस्कॉर्ट्स कुबोटा और मिंडा की परियोजनाओं से कुल ₹3,191 करोड़ का निवेश होगा। इनसे 10 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। 2- 500 एकड़ में बनेगी जापानी सिटी योगी सरकार YEIDA में 500 एकड़ जमीन पर जापानी सिटी बनाने की योजना पर काम कर रही है। यहां जापानी कंपनियों के साथ उनके सप्लायर और छोटे सहायक उद्योग भी लगाए जाएंगे। इससे कंपनियों को जरूरी सामान आसानी से मिल सकेगा। साथ ही नई तकनीक, सप्लाई चेन और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… बृजभूषण बरी होने के बाद पहली बार शाह-प्रधान से मिले, पहलवान विनेश बोलीं- वो घटिया व्यक्ति, मुझे उसकी बात करना पसंद नहीं महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न केस में बरी होने के बाद भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने पार्टी नेताओं से मिलना शुरू कर दिया है। मंगलवार शाम 4 बजे उन्होंने पहली बार दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह और पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की। बृजभूषण ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया। पढ़ें पूरी खबर
राजगढ़ में सुठालिया सिंचाई परियोजना से प्रभावित किसानों ने मंगलवार को मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट के बाहर धरना दिया। गुना और राजगढ़ जिले के किसान कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे। किसानों की मुख्य मांग है कि परियोजना से प्रभावित सभी परिवारों को चार गुना मुआवजा दिया जाए। साथ ही वर्षों से लंबित पुनर्वास और परिसंपत्तियों के भुगतान का निपटारा किया जाए। धरने के दौरान नेताओं ने सरकार पर दबाव बनाने के लिए आंदोलन को बांध स्थल तक ले जाने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि मांगें नहीं मानी गईं तो परियोजना का काम रोका जा सकता है। जिला पंचायत अध्यक्ष बोले- अब केवल ज्ञापन देने से काम नहीं चलेगा जिला पंचायत अध्यक्ष चंदरसिंह सौंधिया ने किसानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अब केवल ज्ञापन देने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने प्रभावित 65 गांवों के किसानों से एकजुट होकर बांध स्थल पर काम रोकने का अभियान चलाने का आह्वान किया। सौंधिया ने कहा कि जब परियोजना का काम रुकेगा, तभी सरकार और जनप्रतिनिधियों का ध्यान किसानों की मांगों पर जाएगा। उन्होंने कहा कि चार गुना मुआवजे के लिए लंबी प्रक्रिया की जरूरत नहीं है। सरकार कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव पास कर सभी प्रभावित किसानों को चार गुना मुआवजा देने का फैसला कर सकती है। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों के खातों में पूरा मुआवजा नहीं पहुंचता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रियव्रत बोले- किसानों का धरना देना दर्शाता है सरकारी नाकामी पूर्व मंत्री और जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रियव्रत सिंह ने कहा कि किसानों को अपने अधिकार के लिए कलेक्ट्रेट के बाहर बैठना पड़ रहा है। इससे बड़ी प्रशासनिक और सरकारी नाकामी क्या होगी। उन्होंने कहा कि गुना और राजगढ़ के प्रभावित किसान लंबे समय से मुआवजे और पुनर्वास लाभ की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। 80% किसानों को कम दर पर भुगतान का दावा किसानों का कहना है कि परियोजना में करीब 80 प्रतिशत प्रभावित किसानों को पहले कम दर से भुगतान किया जा चुका है। करीब 20 प्रतिशत किसानों का भुगतान अभी बाकी है। किसानों की मांग है कि जिन किसानों को कम दर पर राशि मिल चुकी है, उन्हें संशोधित दर के अनुसार अंतर की राशि दी जाए। वहीं, बाकी किसानों को चार गुना मुआवजा दिया जाए। मकान, कुएं और पेड़ों का मुआवजा भी लंबित किसानों ने बताया कि जमीन के अलावा मकान, कुएं, ट्यूबवेल, फलदार पेड़, सिंचाई पाइपलाइन और अन्य परिसंपत्तियों का मुआवजा भी कई मामलों में लंबित है। टोड़ी, निवारा और गुर्जरखेड़ी के प्रभावित परिवारों के मकान का मुआवजा देने की मांग की गई। किसानों ने टोड़ी के 24 और गुर्जरखेड़ी के तीन मकानों को पूर्ण प्रभावित मानकर दोबारा परीक्षण कराने की मांग भी रखी। पहले धरना, फिर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन किसानों ने पहले कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरना दिया। इसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष चंदरसिंह सौंधिया और पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह ने किसानों को संबोधित किया। नेताओं के संबोधन के बाद किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में परिवार आईडी, विस्थापन लाभ, भूमिहीन और 90 से 100 प्रतिशत प्रभावित परिवारों को पात्रता के अनुसार लाभ देने की मांग की गई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को बांध स्थल तक ले जाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
इंदौर शहर में विकास कार्यों को गति देने के लिए मंगलवार को नगर निगम में मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में हुई बैठक में अवैध कॉलोनियों में निजी भूमि के संपत्तिकर खाते खोलने, नामांतरण प्रक्रिया को सरल करने, कनाड़िया रोड से खजराना मंदिर तक लिंक रोड बनाने और अन्नपूर्णा तालाब के पास स्ट्रीट फूड हब विकसित करने सहित कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को राहत देते हुए एमआईसी ने तय किया कि पूर्ण स्वामित्व संबंधी दस्तावेज उपलब्ध होने पर निजी संपत्तियों और प्लॉट के संपत्तिकर खाते खोले जाएंगे। इसके लिए अधिभोगी अथवा अधिवासी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, शासकीय अतिक्रमण या शासकीय भूमि पर संपत्तिकर जमा नहीं किया जाएगा। इसके अलावा संपत्तियों के नामांतरण की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के लिए एसओपी तैयार करने को मंजूरी दी गई। रणजीत हनुमान रोड स्थित ब्रह्मलीन श्री लक्ष्मणसिंह गौड़ उद्यान परिसर में प्रस्तावित इंटरनेशनल स्वीमिंग पूल के निर्माण के बाद उसके संचालन और संधारण का काम पीपीपी मॉडल पर करने का निर्णय लिया गया। फूटी कोठी फ्लायओवर के नीचे उपलब्ध खाली जमीन पर स्मार्ट हब विकसित करने और उसके संचालन-संधारण को पीपीपी मॉडल पर देने की भी मंजूरी दी गई। देवगुराड़िया में 60 टीपीडी नारियल अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्र की स्थापना, परीक्षण और कमीशनिंग के लिए एजेंसी चयन को भी हरी झंडी दी गई। चौराहों पर दिखेगी ‘अखंड भारत’ थीम पलासिया चौराहे को मेसर्स जयदीप इस्पात एंड एलॉयज प्रा. लि. द्वारा सीएसआर के तहत गोद लिया जाएगा। यहां ‘आई लव इंदौर’ के साथ ‘अखंड भारत’ थीम आधारित स्मारक स्थापित किया जाएगा। राजकुमार ब्रिज के पास प्लेटफॉर्म क्रमांक 5 और 6 के सामने चंद्रयान की प्रतिकृति के शेष निर्माण, सौंदर्यीकरण और संधारण का काम भी एचडी वायर प्रा. लि. द्वारा सीएसआर के तहत किया जाएगा। कनाड़िया रोड से खजराना मंदिर तक बनेगा लिंक रोड शहर के प्रमुख मार्गों को जोड़ने के लिए कनाड़िया रोड से खजराना मंदिर तक लिंक रोड निर्माण को मंजूरी दी गई। इससे क्षेत्र में आवागमन बेहतर होने की उम्मीद है। सुभाष नगर और वल्लभ नगर मार्केट में नए मार्केट के निर्माण की दिशा में भी निगम कार्रवाई करेगा। अन्नपूर्णा तालाब के पास बनेगा स्ट्रीट फूड हब केंद्र सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार पथ विक्रेताओं के लिए सहायता घटक के तहत अन्नपूर्णा रोड स्थित तालाब के पास मौजूदा हॉकर्स जोन की जगह स्ट्रीट फूड हब विकसित किया जाएगा। गणेशोत्सव और झांकी को लेकर भी फैसले अनंत चतुर्दशी पर नगर निगम परंपरानुसार झांकी निकालेगा और गणेशोत्सव मनाएगा। इसके लिए अनुदान मंजूर किया गया। इंदौर की मिलों को झांकी निर्माण के लिए अंशदान देने का भी निर्णय लिया गया। गणेशोत्सव विसर्जन चल समारोह में शामिल अखाड़ों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि 15 हजार से बढ़ाकर 21 हजार रुपए करने को मंजूरी दी गई। 70 नई गेंट्री, विज्ञापन अधिकार ऑनलाइन टेंडर से शहर में 70 नई गेंट्री के निर्माण के साथ इनके 10 साल के विज्ञापन अधिकार देने के लिए ऑनलाइन टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में कैमरा शुल्क, मूवी कैमरा शुल्क और व्यावसायिक फोटोग्राफरों के शुल्क बढ़ाने को भी मंजूरी दी गई। हालांकि, जू का प्रवेश शुल्क नहीं बढ़ाया जाएगा। कर्मचारियों के मेहनताना पर भी फैसला निगम में कार्यरत मस्टर श्रमिकों को कलेक्टर इंदौर द्वारा निर्धारित नई दर के अनुसार मेहनताना देने की मंजूरी दी गई। कर्मचारी यूनियन की मांगों से संबंधित प्रस्ताव शासन को भेजने का भी निर्णय लिया गया। गर्मी के दिनों में लोगों को स्वच्छ और पर्याप्त जल उपलब्ध कराने के लिए संपवेल पर क्लोरीनेटर सहित अन्य आवश्यक सिस्टम लगाने पर भी सहमति बनी। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बैठक के बाद कहा कि शहर के विकास को केवल पारंपरिक तरीके से आगे बढ़ाने के बजाय पीपीपी मॉडल, सीएसआर और जनभागीदारी के माध्यम से नए प्रयोग किए जा रहे हैं। स्वच्छता के साथ शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और लोगों की सुविधाओं को मजबूत करना निगम की प्राथमिकता है।
18 साल पहले मर चुके वैद्य के नाम पर बनती रही बालजीवन घुट्टी, शिकायत से हड़कंप; जांच शुरू
शिकायत के अनुसार कंपनी के फार्म 25-डी में वैद्य वेदराम सिंह का नाम दर्ज है। जबकि उनकी पत्नी धनवंती ने वर्ष 2009 में कंपनी को लिखित रूप से पति के निधन की सूचना दी थी। हालांकि, कंपनी के निदेशक सौरभ बालजीवन का कहना है कि लाइसेंस सरकारी रिकॉर्ड है, इसे हम बदल नहीं सकते।
भागलपुर जिले में मादक पदार्थों की अवैध खरीद-बिक्री रोकने के लिए चलाए जा रहे 'स्वस्थ युवा, स्वस्थ भागलपुर' अभियान के तहत मधुसूदनपुर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मनसर गांव में छापेमारी कर ब्राउन शुगर के साथ पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस को 17 अगस्त को गुप्त सूचना मिली थी कि मनसर गांव के एक बगीचे में बनी झोपड़ी में अवैध रूप से मादक पदार्थों का संग्रह और खरीद-बिक्री हो रही है। इस सूचना के सत्यापन के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में एसडीपीओ के नेतृत्व में डीआईयू के सदस्य, मधुसूदनपुर थानाध्यक्ष संजय कुमार मंडल, पुलिस अवर निरीक्षक सागर, पुलिस अवर निरीक्षक गोपाल पासवान और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। टीम ने बालगोविंद यादव के बगीचे में स्थित झोपड़ी पर छापा मारा। तलाशी में 8.44 ग्राम ब्राउन शुगर, 8,330 रुपए कैश बरामद छापेमारी के दौरान पुलिस ने पांच आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया। तलाशी में लगभग 8.44 ग्राम ब्राउन शुगर, 8,330 रुपये नकद, छह मोबाइल फोन और दो मोटरसाइकिल बरामद की गईं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बालगोविंद यादव (निवासी मनसर), मिथिलेश कुमार (निवासी मधुसूदनपुर), गौतम कुमार (पिता अशोक शाह, निवासी अलीगंज), रिंकू शाह (निवासी अलीगंज) और शंकर कुमार (पिता दशरथ महतो, निवासी जगदीशपुर) के रूप में की गई है। भागलपुर सिटी एसपी अतुलेश झा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ब्राउन शुगर की आपूर्ति उन्हें कहां से होती थी और वे इसे आगे किन लोगों को बेचते थे। पुलिस इस पूरे नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच कर रही है। मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान नशीले पदार्थों के इस अवैध कारोबार से जुड़े कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। उनकी भूमिका की जांच की जा रही है और साक्ष्य मिलने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और अवैध कारोबार में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मोहाली के डेराबस्सी के लक्ष्मी नगर कॉलोनी में मंगलवार को सरेआम गुंडागर्दी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ गली नंबर 9 में देर शाम चार अज्ञात नकाबपोश युवकों ने एक घर को निशाना बनाते हुए भारी तोड़फोड़ की। हमलावर हाथों में धारदार हथियार लिए हुए थे और उन्होंने घर के बाहर खड़ी कार को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इस हमले से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। तलवारें और गंडासियां लहराते दिखे हमलावर इलाके में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में यह पूरी वारदात कैद हो गई है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि चारों नकाबपोश युवक हाथों में तलवारें, गंडासियां और डंडे लेकर बेखौफ होकर गली में घूम रहे हैं। हमलावरों ने सबसे पहले घर के बाहर खड़ी कार पर ताबड़तोड़ वार किए और उसके शीशे तोड़ डाले। इसके बाद उन्होंने घर के मुख्य दरवाजे (गेट) पर भी हथियारों से हमला कर तोड़फोड़ की। पिछले कमरे में छिपकर परिवार ने बचाई जान घटना के समय घर में मौजूद मनजीत कौर ने बताया कि बाहर से अचानक आई जोरदार आवाजों को सुनकर जब उन्होंने गेट खोला, तो सामने हथियारबंद नकाबपोश खड़े थे। गेट खुलते ही हमलावर उनकी तरफ भी हमला करने के लिए झपटे। मनजीत कौर का कहना है कि हमलावरों को अपनी ओर बढ़ता देख हम समझ गए कि जान को खतरा है। बिना एक पल गंवाए, परिवार के सभी सदस्य घर के पिछले हिस्से में बने एक सुरक्षित कमरे की तरफ भागे और खुद को अंदर बंद कर लिया। इसी वजह से हमारी जान बच सकी। जांच में जुटी पुलिस, कारणों की तलाश शोर मचने और वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम ने घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवार के बयान दर्ज किए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में ले लिया गया है और हमलावरों के हुलिए के आधार पर उनकी पहचान की जा रही है। पुलिस इस बात की भी गहनता से तफ्तीश कर रही है कि इस अचानक हुए हमले के पीछे आपसी रंजिश का कोई मामला है या फिर यह किसी अन्य रंजिश का नतीजा है। पुलिस ने दावा किया है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
छतरपुर में गर्भवती महिला ने बस के अंदर ही बच्चे को जन्म दिया। अलीपुरा के पास महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। यात्रियों ने 108 एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंची। बस में सवार महिला यात्रियों ने साड़ी बांधकर प्रसव कराया। इसके बाद बस चालक ने बस को सीधे जिला अस्पताल पहुंचाया। महिला की पहचान पन्ना जिले के सलेहा थाना क्षेत्र के ग्राम करकरिया निवासी रेखा पति देशराज चौधरी (29) के रूप में हुई है। रेखा अपने परिवार के साथ ग्वालियर में मजदूरी करती थीं। गर्भवती होने के कारण वह परिवार के साथ गांव लौट रही थीं। झांसी में बस बदलने के बाद वे छतरपुर के लिए रवाना हुई थीं। अलीपुरा के पास अचानक तेज हुआ दर्द यात्रा के दौरान अलीपुरा के पास रेखा को तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। उनकी हालत देखकर बस में मौजूद यात्रियों ने तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी। यात्रियों के मुताबिक, कई बार कॉल करने के बावजूद एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। सवार महिला यात्रियों ने बस में ही प्रसव कराया। बस चालक अशोक मिश्रा और कंडक्टर मनोज कुमार तिवारी ने बस को रास्ते में नहीं रोकने का फैसला किया। उन्होंने अन्य यात्रियों को उनके गंतव्य पर उतारने के बजाय बस को सीधे जिला अस्पताल की ओर ले जाना जारी रखा। अस्पताल से नर्स बस में पहुंचीयात्रियों ने अस्पताल के प्रसूति वार्ड के स्टाफ को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही नर्स अस्पताल के गेट पर पहुंचीं और बस में चढ़कर महिला और नवजात की स्थिति देखी। अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल परिसर का गेट खोलकर बस को अंदर बुलाया। इसके बाद महिला और नवजात को स्ट्रेचर की मदद से प्रसूति वार्ड में भर्ती कराया गया।
लखनऊ के स्माइलगंज में मंगलवार रात करीब 8 बजे इंदिरानगर सावन महोत्सव में झूला टूटकर गिर गया। झूले का बकेट टूटकर नीचे आया और झूला झूल रहे कई लोगों से टकरा गया। हादसे में तीन भाई-बहन समेत पांच लोग घायल हो गए। सभी को सुषमा अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो घायलों का इलाज चल रहा है, जबकि तीन को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। झूले का बकेट युवती के मुंह पर लगा नया गांव विजयीपुर, विभूतिखंड निवासी अंकिता सिंह (14) अपने भाई सूर्या सिंह और बहन नैंसी के साथ मेले में गई थीं। सूर्या के मुताबिक, करीब 7:30 बजे वे दोस्त आयुष शर्मा, बहन इशिका, अंकिता, नैंसी और अनामिका के साथ मेले में पहुंचे। करीब 15 मिनट बाद सभी झूला झूलने चले गए। झूला चल रहा था, तभी उसका एक बकेट टूटकर नीचे आया और अंकिता के मुंह पर लगा। इसके बाद चीख-पुकार मच गई। सूर्या के मुताबिक, झूला रोकने के लिए ऑपरेटर से कहा गया, लेकिन झूला नहीं रुका। इसी दौरान वह और उसकी बहन नैंसी भी चपेट में आ गए। बकेट एक अन्य लड़की से भी टकराया और उसके साथ बैठी युवती को भी चोट लगी। दो बहनों का अस्पताल में इलाज हादसे के बाद सभी घायलों को सुषमा अस्पताल ले जाया गया। अंकिता और नैंसी का इलाज चल रहा है। सूर्या को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। विमालनगर, वासुदेव डिग्री कॉलेज के पास रहने वाली निशा कुमारी (16) का भी इलाज चल रहा है। एक अन्य युवती को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। अस्पताल के मुताबिक, एक लड़की के शरीर में कई फ्रैक्चर मिले हैं। दूसरे घायल की जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। परिजन बोले- सुरक्षा का इंतजाम नहीं नैंसी का आरोप है कि हादसे के बाद भी झूला तुरंत नहीं रोका गया, जिससे अन्य लोग भी चपेट में आ गए। उन्होंने मेले में सुरक्षा इंतजाम नहीं होने की बात कही। अंकिता की मां पुष्पा सिंह ने मेले की जांच कराने की मांग की। उनका आरोप है कि मेला बिना अनुमति संचालित किया जा रहा था। पुष्पा सिंह के मुताबिक, हादसे के बाद परिजनों ने मेला संचालक को पकड़ लिया था, लेकिन वह बाद में मौका पाकर वहां से भाग गया। एक लड़की के मल्टीपल फ्रैक्चर सुषमा अस्पताल के सीईओ अर्पित सिंघल ने बताया कि झूले का बकेट टूटकर गिरा था, जिससे कई लोग घायल हुए। सूचना मिलते ही अस्पताल की इमरजेंसी टीम को अलर्ट कर दिया गया। पांच घायल अस्पताल पहुंचे थे। इनमें तीन को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि दो का इलाज चल रहा है। एक लड़की के मल्टी फ्रैक्चर पता चला है, जबकि एक की रिपोर्ट आने के बाद कुछ बताया जा सकता है। हादसे के बाद सभी झूले बंद हादसे के बाद इंदिरानगर सावन महोत्सव में लगे सभी झूले बंद करा दिए गए। घटना के बाद मेले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि बिना सुरक्षा मानक के मेले में झूले कैसे चल रहे थे? पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने इस पर ध्यान क्यों नहीं दिया?
बाराबंकी के सिद्धौर क्षेत्र की न्याय पंचायत कोठी की शिक्षक संकुल बैठक उच्च प्राथमिक विद्यालय कन्या कोठी में आयोजित हुई। इसमें क्षेत्र के 25 विद्यालयों से 50 से अधिक शिक्षक शामिल हुए। बैठक में प्रभावी शिक्षण, बालवाटिका संचालन और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार को लेकर चर्चा की गई। दीप प्रज्ज्वलित कर बैठक का शुभारंभ बैठक का शुभारंभ अध्यापक रामेश्वर प्रसाद मिश्र, विनीता मिश्रा, मो. शकीब किदवई और नोडल शिक्षक संकुल शिवम् शर्मा ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पार्चन और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रभावी शिक्षण व्यवहार पर दी जानकारी नोडल शिक्षक संकुल शिवम् शर्मा ने विभागीय प्राथमिकताओं और प्रभावी शिक्षण व्यवहार की जानकारी दी। शिक्षक संकुल महिपाल सिंह ने बालवाटिका के प्रभावी संचालन पर प्रस्तुतीकरण दिया। दीक्षा संसाधनों के उपयोग पर चर्चा शिक्षक संकुल राम इकबाल ने प्रिंट रिच वातावरण, दैनिक दिनचर्या, समय-सारिणी के पालन और दीक्षा संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर चर्चा की। शिक्षकों ने कक्षा-कक्ष के अनुभव साझा करते हुए शिक्षण गतिविधियों और नवाचारों पर विचार-विमर्श किया। विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार पर जोर बैठक का उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को प्रभावी बनाना और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में निरंतर सुधार लाना रहा। इस दौरान रंजीता, शांति साहू, हिमांशी, नेहा कक्कर, रोचन, अमित सोनी, रेशम रानी, कंचन जायसवाल, आरती अग्निहोत्री, अजय गुप्ता, उमाकांत सिंह, राजकुमार सिंह, सतीश कुमार, शलभेंद्र सिंह, अर्चना, रोहित कुमार और आरती सहित शिक्षक, अनुदेशक व शिक्षामित्र मौजूद रहे।
फरीदपुर के मोहल्ला साहूकारा स्थित राधा कृष्ण मंदिर में मंगल कीर्तन मंडल समिति द्वारा प्रत्येक मंगलवार को नियमित भजन-कीर्तन कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। समिति ने यह कार्यक्रम शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक के लिए निर्धारित किया है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। हाल ही में, भाव मंगल दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष भजन-कीर्तन एवं प्रसाद वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान मंदिर को आकर्षक रूप से सजाया गया था और भक्तिमय वातावरण में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रभु का गुणगान किया। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भजन-कीर्तन कर अपनी आस्था प्रकट की। भक्ति गीतों और जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। मंगल कीर्तन मंडल के अध्यक्ष सचिन अग्रवाल ने बताया कि समिति पिछले लगभग तीन वर्षों से प्रत्येक मंगलवार को यह नियमित भजन-कीर्तन कार्यक्रम आयोजित कर रही है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इन धार्मिक आयोजनों में सहभागिता करने की अपील की। अग्रवाल ने बताया कि इन वर्षों में कार्यक्रम के प्रति श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ा है। अब हर मंगलवार मंदिर में भक्तों की भीड़ बढ़ती जा रही है, जिसमें विशेष रूप से महिलाएं और युवा उत्साहपूर्वक शामिल होकर भजन-कीर्तन करते हैं। समिति का उद्देश्य केवल भजन-कीर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से समाज में धार्मिक आस्था, सेवा, आपसी भाईचारे और सकारात्मक वातावरण को मजबूत करना भी है। इन आयोजनों में मंगल कीर्तन मंडल के सचिन अग्रवाल, शुभम अग्रवाल, गोलू, सनी अग्रवाल, प्रदीप अग्रवाल, चिराग अग्रवाल, राहुल अग्रवाल, प्रमोद, देवल, वीरेंद्र कुमार, आयुष अग्रवाल, मयंक अग्रवाल, राजकुमार गुप्ता सहित समिति के सदस्य और सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहते हैं।
खनौरी बॉर्डर पर चल रहे किसानों के धरने के तीसरे दिन किसान आंदोलन से जुड़ी एक बड़ी और हैरान करने वाली खबर सामने आई है। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने मंच से एक बेहद आक्रामक और अनोखे प्रदर्शन का ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि आगामी 20 अगस्त को किसान धरना स्थल से हरियाणा सीमा की ओर लगाए गए बैरिकेड्स तक रोष मार्च करेंगे। कमीजें उतारकर 'नंगे बदन' आगे बढ़ेंगे किसान किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने प्रदर्शन की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इस मार्च के दौरान सभी किसान अपनी कमीजें उतारेंगे और नंगे बदन (अर्धनग्न होकर) हरियाणा की तरफ बढ़ेंगे। डल्लेवाल ने साफ किया कि किसानों का उद्देश्य किसी भी तरह की हिंसा करना नहीं, बल्कि हरियाणा और केंद्र सरकार के तानाशाही रवैये के खिलाफ अपना शांतिपूर्ण लेकिन कड़ा विरोध दर्ज कराना है। किसान उस आखिरी बिंदु तक जाएंगे जहाँ हरियाणा पुलिस और प्रशासन द्वारा भारी बैरिकेडिंग की गई है, और वहीं पर खड़े होकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान किसानों द्वारा उतारे गए कपड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोरियर या पार्सल के जरिए भेजे जाएंगे। यह केंद्र सरकार को जगाने और किसानों की दुर्दशा दिखाने का हमारा तरीका है। केंद्र और हरियाणा सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई डल्लेवाल ने कहा कि देश का अन्नदाता अपनी जायज मांगों को लेकर सड़कों पर बैठने को मजबूर है, लेकिन केंद्र और हरियाणा सरकार लगातार उनके आन्दोलन को दबाने की कोशिश कर रही है। बैरिकेड्स लगाकर किसानों के लोकतांत्रिक अधिकार को रोका गया है, जिसके विरोध में अब यह 'नंगे बदन मार्च' निकाला जाएगा। खनौरी धरने के तीसरे दिन हुए इस बड़े ऐलान के बाद बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन अलर्ट हो गया है। 20 अगस्त को होने वाले इस मार्च को देखते हुए बैरिकेड्स के पास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी किए जाने की संभावना है।
भीकमपुर में नई पिकअप खंधक में पलटी:बारिश में तेज रफ्तार से हुआ हादसा, चालक को मामूली चोटें
फतेहपुर के सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के भीकमपुर गांव में मंगलवार दोपहर एक नई महिंद्रा पिकअप खंधक में पलट गई। इस हादसे में चालक को मामूली चोटें आईं। जानकारी के अनुसार, पिकअप कानपुर से प्रयागराज की ओर जा रही थी। चालक NH2 पर काटोघ्न टोल बचाने के लिए बुदवन मार्ग होते हुए प्रेमनगर से गुजर रहा था। रास्ते में उसने कुछ सवारियां और सामान भी लिया था। वापस लौटते समय समय बचाने के लिए चालक ने गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी। बारिश के कारण सड़क पर फिसलन थी और तेज रफ्तार होने की वजह से वाहन अनियंत्रित होकर खंधक में जा गिरा। हादसे के बाद चालक को मामूली चोटें आईं। स्थानीय नागरिकों की मदद से क्रेन मंगवाई गई और शाम तक पिकअप को खंधक से बाहर निकाला जा सका।
ग्वालियर में ऑनलाइन लोन धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है। श्रीराम नगर, थाटीपुर निवासी एक युवक ने ऑनलाइन लोन लिया था और उसकी पूरी किस्त चुका दी थी। इसके बावजूद उससे किस्त की मांग की जा रही थी। मना करने पर ठगों ने युवक की फोटो एडिट कर अश्लील बनाने और उन्हें रिश्तेदारों व दोस्तों को भेजने की धमकी देकर 1.10 लाख रुपए ऐंठ लिए। घटना 8 जुलाई 2026 से अब तक की है। पीड़ित की शिकायत पर थाटीपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। 32 वर्षीय पारस गुर्जर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि जुलाई माह में उन्होंने फेसबुक पर ऑनलाइन लिमिट लोन का विज्ञापन देखा था। इसके बाद उन्होंने ऐप के जरिए छोटे-छोटे लोन लेना शुरू कर दिया। पहले 5 हजार रुपए का लोन लिया, फिर 10 हजार रुपए का लोन लिया। दोनों लोन की राशि उन्होंने आसानी से चुका दी। इसके बाद भी लोन देने वालों ने किस्त भरने के लिए परेशान करना शुरू कर दिया। जब पारस ने कहा कि वह पूरा पैसा चुका चुका है तो ठगों ने उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। मोबाइल हैक कर डेटा कॉपी कर लिया पैसे नहीं देने पर ठगों ने पीड़ित के मोबाइल का डेटा और कॉन्टैक्ट लिस्ट हैक कर ली। उसके फोटो कॉपी कर उन्हें एडिट कर अश्लील बना दिया। इसके बाद ठगों ने धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए तो ये फोटो उसके रिश्तेदारों और दोस्तों को भेज दिए जाएंगे। कुछ फोटो उन्होंने युवक के मोबाइल पर भेज भी दिए, जिन्हें देखकर वह घबरा गया। बदनामी के डर से किश्तों में चुकाए 1.10 लाख रुपए रिश्तेदारों और परिचितों के बीच सामाजिक बदनामी और इज्जत जाने के डर से पीड़ित पारस गुर्जर घबरा गया। ठग लगातार उस पर पैसे देने के लिए दबाव बनाते रहे। पीड़ित बदनामी के डर से उनके बताए ऑनलाइन खातों में पैसे ट्रांसफर करता रहा। इस तरह अश्लील फोटो वायरल होने के खौफ में पीड़ित ने ठगों को कुल 1.10 लाख रुपए का भुगतान कर दिया। इसके बावजूद जब ठगों की मांग बंद नहीं हुई तो पीड़ित ने मंगलवार को पुलिस की शरण ली और थाटीपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। युवक के साथ फ्रॉड हुआ, जांच जारी थाटीपुर थाना प्रभारी विपेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि एक युवक के साथ सोशल मीडिया पर लोन लेने के बाद फ्रॉड हुआ है। ठगों ने उसका डेटा हैक कर अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी देकर एक लाख रुपए ठगे हैं। मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।

