नेहरू प्रतिमा (मधुमिलन चौराहा) से छावनी पुल तक प्रस्तावित मास्टर प्लान सड़क के मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने नगर निगम की कार्रवाई को अनुचित ठहराते हुए जारी नोटिस को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने निगम को निर्देश दिया है कि वह मामले में पुनः सुनवाई कर विधिसम्मत आदेश पारित करे। मामला इंदौर नगर निगम के जोन-11 के भवन अधिकारी द्वारा जारी उस नोटिस से जुड़ा है, जिसमें उक्त मार्ग को बाधक बताते हुए याचिकाकर्ता बसंत रावत के मकान को सात दिन के भीतर हटाने का निर्देश दिया गया था। नोटिस के बाद छावनी क्षेत्र के व्यापारियों और निगम प्रशासन के बीच विवाद की स्थिति बन गई थी। याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट जयेश गुरनानी के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर निगम की कार्रवाई को चुनौती दी गई। याचिका में कहा गया कि संबंधित मकान नगर निगम की अनुमति एवं स्वीकृत नक्शे के अनुसार निर्मित है, ऐसे में उसे हटाने की कार्रवाई विधिसम्मत नहीं है। सुनवाई के दौरान गुरनानी ने तर्क दिया कि 27 मई 2014 को नगर निगम ने स्वयं आदेश जारी कर उक्त सड़क की चौड़ाई 60 फीट (18 मीटर) निर्धारित की थी, जबकि वर्तमान नोटिस में सड़क की चौड़ाई 24 मीटर (80 फीट) बताई गई है, जो पूर्व आदेश के विपरीत है। साथ ही यह भी दलील दी गई कि इंदौर विकास योजना 2021 की वैधता को हाई कोर्ट पहले ही समाप्त घोषित कर चुका है, इसलिए उसके आधार पर कार्रवाई नहीं की जा सकती। याचिकाकर्ता की उपस्थिति में सड़क की सेंट्रल अलाइनमेंट भी निर्धारित नहीं की गई थी। इन तर्कों से सहमत होते हुए कोर्ट ने नगर निगम द्वारा जारी नोटिस को शून्य घोषित कर दिया तथा निगम को पुनः सुनवाई कर वैधानिक प्रक्रिया के तहत निर्णय लेने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट के इस फैसले से छावनी क्षेत्र के व्यापारियों और प्रभावित पक्षों को राहत मिली है।
करनाल के सेक्टर-33 में मंगलवार देर रात उस समय माहौल गरमा गया जब नगर निगम की टीम एवेन्यु सोसाइटी की दीवार को तोड़ने के लिए पहुंची। स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करते हुए जमकर हंगामा किया और काम रुकवा दिया। लोगों का आरोप है कि यह दीवार पूरी तरह वैध है, इसके बावजूद एक बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए इसे गिराने की कोशिश की जा रही है। जिसके चलते नगर निगम के अधिकारी देर रात को दिवार को तोड़ने के लिए अपने अमले के साथ मौके पर पहुंचे। जिसके बाद रात को ही स्थानिय लोगों ने जमकर हंगामा शुरू कर दिया। कॉलोनी निवासियों का कहना है कि अगर दीवार को तोड़ने की हिमाकत की गई तो हम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। बिल्डर पर दबाव बनाने का आरोपस्थानीय मनोज राणा ने बताया कि एक बिल्डर ने करीब 5 एकड़ जमीन में कालोनी विकसित की हुई है। इस कालोनी का लाइसेंस बुढाखेड़ा-फुसगढ़ रोड के लिए मंजूर किया गया है। अब बिल्डर को अपनी जगह का उचित दाम नहीं मिल रहा, इसलिए वह विभागों पर दबाव बना रहा है कि दीवार को तोड़ा जाए, ताकि उसकी कालोनी की एंट्री सेक्टर-32-33 से हो सके। 2014 से नक्शे में वैध बताई जा रही दीवारकालोनिवासियों का कहना है कि नगर निगम के नक्शे में यह दीवार 2014 से पास है और पूरी तरह वैध है। उन्होंने बताया कि उन्हें सूचना का अधिकार के तहत मिली जानकारी में भी साफ लिखा है कि यह दीवार वैध है और इसे नहीं तोड़ा जा सकता। ऐसे में अब नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी का आरोपलोगों ने कहा कि कालोनी में पानी की सप्लाई, स्ट्रीट लाइट और अन्य सुविधाओं की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। इन समस्याओं को लेकर कई बार नगर निगम को पत्र लिखे गए, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इसके उलट अब एक बिल्डर के दबाव में आकर दीवार तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है। बिल्डर पर दबंगई दिखाने का आरोपकालोनिवासियों का आरोप है कि बिल्डर खुलेआम कह रहा है कि सरकार और प्रशासन उसकी जेब में है और वह दीवार को तुड़वाकर ही रहेगा। लोगों का कहना है कि एक छोटा डीलर प्रशासन पर दबाव बनाकर वैध दीवार को अवैध बताने की कोशिश कर रहा है। लोगों के एकजुट होने से टली कार्रवाईस्थानीय निवासियों के अनुसार अगर समय रहते लोग एकत्रित न होते तो दीवार तोड़ी जा चुकी होती। लोगों ने कहा कि इस दीवार के टूटने से असामाजिक तत्वों का आना-जाना बढ़ जाएगा और कालोनी में सुरक्षा की समस्या खड़ी हो जाएगी। कोर्ट जाने की चेतावनीकालोनिवासियों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर दीवार को तोड़ा गया तो वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। उनका कहना है कि इस मामले में प्रशासन को जवाब देना मुश्किल हो जाएगा। फिलहाल लोगों के विरोध के चलते नगर निगम की कार्रवाई रोक दी गई है।
ग्वालियर जिले के डबरा में मंगलवार शाम पिछोर तिराहा और न्यायालय के सामने चार न्यायाधीशों ने मोबाइल कोर्ट लगाकर सख्ती से ट्रैफिक नियमों की जांच की। चेकिंग के दौरान कांग्रेस विधायक सुरेश राजे की स्कॉर्पियो में अवैध हूटर पाया गया, जिसे न्यायाधीशों के निर्देश पर तुरंत निकालवाया गया। दिलचस्प बात यह रही कि मौके पर विधायक के पास जुर्माने की राशि नहीं थी। उन्होंने फोन कर अपने बेटे को पैसे लेकर बुलाया और करीब आधा घंटे तक मौके पर खड़े रहने के बाद ही जुर्माना भरकर आगे बढ़े। देखिए तस्वीरें नाबालिगों पर भी दिखाई सख्ती अभियान में ई-रिक्शा चालकों और नाबालिगों पर भी सख्ती दिखाई गई। कई चालकों के पास न ड्राइविंग लाइसेंस था और न ही वाहन के कागजात। कई नाबालिग ई-रिक्शा चला रहे पाए गए, जिनके वाहन जब्त कर थाने भेजे गए और माता-पिता को बुलाकर चेतावनी दी गई। स्कूटी चला रही दो नाबालिग लड़कियों को भी रोककर हिदायत दी गई। बसों में भी नियमों की अनदेखी यात्री बसों और अन्य वाहनों की जांच में भी नियमों की अनदेखी मिली। कई बसें क्षमता से अधिक सवारियों के साथ चल रही थीं और प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) नहीं था। 60 हजार से अधिक जुर्माना वसूला लगभग चार घंटे चले इस अभियान में न्यायाधीश देवांश अग्रवाल, सृष्टि शाह, राजेश्वरी जर्मन और आयुषी अग्रवाल की मौजूदगी में कुल 40 वाहनों के चालान काटे गए। नियमों का उल्लंघन करने वालों से 60 हजार रुपए से अधिक का जुर्माना वसूला गया। यह खबर भी पढ़ें भोपाल में VIP हूटर का काला कारोबार, 8,500 में लगवाओ:एम्बुलेंस का सायरन भी सस्ता कल्पना कीजिए, आपकी कार की छत पर चमकता VIP सायरन बजा, ट्रैफिक साफ हो गया, लेकिन ये गैरकानूनी है। केंद्र सरकार के सख्त बैन के 7 साल बाद भी भोपाल के एमपी नगर में दुकानदार खुलेआम 4,000 से 8,500 रुपए में हूटर बेच रहे हैं। वे पुलिस चालान से बचने के 'बोनट इनसाइड' ट्रिक्स सिखा रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर
भास्कर अपडेट्स:सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ी, दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की मंगलवार देर शाम तबीयत बिगड़ गई। उन्हें दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। सूत्रों के मुताबिक, मौसम बदलने से उनकी तबीयत बिगड़ी। हॉस्पिटल में उनके साथ राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी पहुंचे। डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। उन्हें एहतियातन ऑब्जर्वेशन में रखा गया है।
गैंगस्टर्स की बिजनेसमैन को रंगदारी के लिए धमकी:बोला- 5 मिनट का मौका मिलते ही आपको मार देंगे
जयपुर के पुलिस स्टेशन में बिजनेसमैन से रंगदारी मांगने के मामले में धमकी का मामला सामने आया है। गैंगस्टर्स ने धमकाया- 5 मिनट का मौका मिलते ही आपको मार देंगे। बनीपार्क थाने में पीड़ित बिजनेसमैन की ओर से गैंगस्टर्स के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया है। पुलिस ने बताया- कुचामन सिटी के बिजनेसमैन को गैंगस्टर्स लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे है। डेढ़ माह पहले मिली धमकी के बाद पीड़ित बिजनेसमैन ने कुचामन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद गैंगस्टर्स की ओर से दोबारा धमकी देना शुरू हो गया। वापस कॉल कर जान से मारने की धमकी देकर रंगदारी की मांग की जा रही है। धमकाया गया- पुलिस गार्ड आपको बचा नही पाएगी। हमने आपकी गतिविधियों की पूरी रैकी कर रखी है। पांच मिनट का मौका मिलते ही आपको मार देंगे। 22 मार्च को आई थ्रेट कॉल के बाद पीड़ित बिजनेसमैन ने सोमवार को बनीपार्क थाने में गैंगस्टर रोहित गोदारा, वीरेंद्र चारण और राहुल फतेहपुरिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पूर्व में इन्हीं बदमाशों ने व्यापारी को लगातार कॉल करके धमकाया था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक निर्णय में कहा कि किसी व्यक्ति को उसकी पत्नी या बच्चों को भरण-पोषण न देने के कारण सिविल जेल भेजने से उसकी आगे का मासिक भरण-पोषण का बकाया चुकाने की कानूनी ज़िम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती। जस्टिस प्रवीण कुमार गिरि की बेंच ने साफ किया कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 300 के तहत 'डबल जिओपार्डी' (दोहरी सज़ा) का सिद्धांत, 'घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005' के तहत भरण-पोषण के आदेशों को लागू करने के मामले में बिल्कुल भी लागू नहीं होता। न दोषी न ही न बरी कोर्ट ने आगे कहा कि भरण-पोषण से जुड़ी कार्यवाही में न तो किसी को दोषी ठहराया जाता है और न ही बरी किया जाता है। इसलिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 300 के तहत किसी दलील का हवाला देकर भरण-पोषण की तय रकम को लागू करने से मना करना कानून के खिलाफ होगा। बेंच ने यह आदेश हसीना खातून की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। हसीना खातून ने मुरादाबाद में सिविल जज (जूनियर डिवीजन )/ फास्ट ट्रैक कोर्ट (महिलाओं के खिलाफ अपराध) द्वारा जनवरी 2023 में दिए गए एक आदेश को चुनौती दी थी। असल में जुलाई, 2019 में एक मजिस्ट्रेट ने याचिकाकर्ता के पति को आदेश दिया कि वह अपनी पत्नी को 4,000 रुपये और अपने दिव्यांग बेटे को 4,000 रुपये का अंतरिम भरण-पोषण दे। हालांकि, पति 2,64,000 रुपये का बकाया चुकाने में नाकाम रहा, जिसके बाद याचिकाकर्ता-पत्नी ने बकाया वसूली के लिए एक अर्जी दायर की। उसकी अर्जी पर बकाया वसूली का वारंट जारी किया गया और पति को 30 अक्टूबर, 2022 को गिरफ्तार किया गया। चूंकि उसने ट्रायल कोर्ट द्वारा तय की गई भरण-पोषण की रकम जमा करने से मना किया, इसलिए न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उसे 30 दिनों के लिए सिविल जेल भेज दिया। भरण-पोषण में नाकाम रहा जेल से रिहा होने के बाद भी वह याचिकाकर्ता को भरण-पोषण की रकम चुकाने में नाकाम रहा। नतीजतन, याचिकाकर्ता ने एक और अर्जी दायर करके बकाया वसूली का नया वारंट जारी करने की मांग की। हालांकि, इस बार 2,64,000 रुपये की वसूली के लिए दायर उसकी अर्जी को इस आधार पर खारिज किया गया कि उसके पति ने पहले ही उस बकाया रकम के बदले 30 दिनों की जेल की सज़ा काट ली थी। सिविल जज (जूनियर डिवीजन )/फास्ट ट्रैक कोर्ट (महिलाओं के खिलाफ अपराध) ने अपने फैसले में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 300 का हवाला दिया। दूसरी ओर, पति ने उस आदेश का बचाव करते हुए जिसे चुनौती दी गई, यह तर्क दिया कि चूंकि उसने सज़ा के तौर पर तीस दिन की जेल काट ली है, इसलिए अब कोई बकाया नहीं बचा। पति ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 482 के तहत इस अर्जी की स्वीकार्यता को भी इस आधार पर चुनौती दी कि जिस आदेश को चुनौती दी गई, उसके खिलाफ घरेलू हिंसा एक्ट की धारा 29 के तहत अपील की जा सकती है। अपने 42- पृष्ठों के आदेश में पत्नी की अर्जी पर सुनवाई कर रही बेंच ने यह टिप्पणी की कि की धारा 300, घरेलू हिंसा एक्ट के तहत होने वाली कार्यवाही पर लागू नहीं होती, क्योंकि इस कार्यवाही का नतीजा न तो दोषसिद्धि होता है और न ही दोषमुक्ति । कोर्ट ने आगे कहा कि किसी दोषी को केवल सिविल जेल भेजने भर से पीड़ित पत्नी को मासिक भरण-पोषण की राशि देने की उसकी ज़िम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती। परिणामस्वरूप, हाईकोर्ट ने आदेश रद्द कर दिया, जिसे चुनौती दी गई और संबंधित निचली अदालत को निर्देश दिया कि वह बकाया राशि की वसूली के लिए एक नया आदेश जारी करे; इस बकाया राशि में 6% की साधारण बैंक ब्याज दर भी शामिल होगी। बेंच ने अपने आदेश में आगे कहा, “इससे मिलने वाली रकम को प्रिंसिपल जज, फैमिली कोर्ट, मुरादाबाद, या ज़िला जज, मुरादाबाद, या ज़िला मुरादाबाद के किसी अन्य संबंधित सिविल जज/मजिस्ट्रेट के कोर्ट के खाते में रखा जाएगा, जिसका इस्तेमाल बकाया रकम के भुगतान के लिए किया जाएगा। इस बकाया रकम पर देरी से भुगतान के लिए 6% की दर से साधारण बैंक ब्याज भी लगेगा। पति आवेदक पत्नी और उसके दिव्यांग बेटे को मौजूदा मासिक भरण-पोषण की रकम नियमित रूप से देता रहेगा। उसके बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि भारत के संविधान का अनुच्छेद 25 प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म को मानने, उसका अभ्यास करने और प्रचार करने का समान अधिकार देता है। कोर्ट ने कहा कि किसी निजी परिसर या निजी संपत्ति में पूजा या धार्मिक आयोजन करने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता, बशर्ते उससे सार्वजनिक व्यवस्था या शांति भंग न हो। यूपी सरकार की दलील खारिज की यह आदेश न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन एवं न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने संभल में नमाजियों की संख्या सीमित करने को लेकर दाखिल याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार की उस दलील को खारिज कर दिया, जिसमें नमाजियों की संख्या को केवल 20 तक सीमित करने की बात कही गई थी। कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पूजा करने वालों की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता। कानून-व्यवस्था का हवाला देकर किसी के धार्मिक अधिकार को सीमित करना उचित नहीं है। कोर्ट ने अपने आदेश में अनुच्छेद 25 की विस्तृत व्याख्या करते हुए कहा कि यह अधिकार किसी विशेष धर्म के लिए नहीं, बल्कि सभी धर्मों (हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध आदि) के लिए समान है। भारत की सुंदरता इसकी विविधता में है। सदियों से यहां विभिन्न धर्म और भाषाएं शांति के साथ सह-अस्तित्व में रही हैं। कोर्ट ने आदेश में चेतावनी भी दी कि अनुच्छेद 25 के तहत मिली स्वतंत्रता किसी को भी दूसरे धर्म के खिलाफ उकसाने या नफरत फैलाने की अनुमति नहीं देती। यदि प्रार्थना की आड़ में सार्वजनिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया जाता है तो अपराधी को कानून की पूरी कठोरता का सामना करना होगा। निजी स्थान पर प्रार्थना में बाहरी व्यक्ति न बोले कोर्ट ने टिप्पणी कि कि अनुच्छेद 25 धर्म-निरपेक्ष है। यह न केवल आस्तिकों को ही नहीं बल्कि एक नास्तिक को भी यह अधिकार देता है कि वह तर्क और विज्ञान के आधार पर अपनी बात रखे कि ईश्वर नहीं है। कोर्ट ने राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि किसी भी व्यक्ति के निजी स्थान पर होने वाली प्रार्थना में कोई बाहरी व्यक्ति या समूह हस्तक्षेप न करे। यदि ऐसी कोई आपत्ति आती है तो प्रशासन को पूजा स्थल और श्रद्धालुओं को सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए। कोर्ट ने इस आदेश की प्रति पुलिस महानिदेशक और अपर मुख्य सचिव गृह को भेजने का निर्देश दिया, ताकि इसे राज्य के निचले स्तर के पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाया जा सके और इसका अनुपालन सुनिश्चित हो।
एम्स भोपाल की गवर्निंग बॉडी बैठक में 500 बेड के विश्राम सदन को मंजूरी मिलने के साथ-साथ इफ्तार पार्टी के आयोजन को लेक विवाद तक हुआ। बैठक में दवाओं के रेट कॉन्ट्रैक्ट, अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और लंबित परियोजनाओं जैसे गंभीर मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सांसद आलोक शर्मा ने इफ्तार कार्यक्रम पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की। करीब 9 घंटे चली बैठक में साफ संकेत मिले कि नए प्रोजेक्ट्स से पहले पुराने काम पूरे करने होंगे। गामा नाइफ और क्रिटिकल केयर यूनिट जैसी परियोजनाएं अभी भी लंबित हैं। गामा नाइफ तकनीक, जो ब्रेन ट्यूमर के इलाज में अहम है, 2019 से अटकी हुई है। हालांकि, प्रबंधन की तरफ से इसे जल्द शुरू करने की बात कही जा रही है। विश्राम सदन को मंजूरी, 500 बेड की सुविधा एम्स भोपाल में रोजाना 7 से 8 हजार मरीज पहुंचते हैं, जिनमें बड़ी संख्या बाहर से आने वालों की होती है। ऐसे में मरीजों के परिजनों को ठहरने में परेशानी होती है। इसे देखते हुए 500 बेड के विश्राम सदन को मंजूरी दी गई है। यहां डॉरमेट्री के साथ 1 से 4 बेड वाले कमरे होंगे। योजना है कि इसे 1 से 1.5 साल में तैयार किया जाए। प्रोजेक्ट का प्रस्ताव सेवासदन आरोग्य फाउंडेशन तैयार करेगी। इफ्तार आयोजन पर सियासी विवाद एम्स के अकादमिक ब्लॉक में आयोजित इफ्तार कार्यक्रम ने बैठक की गंभीरता के बीच विवाद खड़ा कर दिया। सांसद आलोक शर्मा ने इसे अनुचित बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों में धार्मिक आयोजन नहीं होने चाहिए। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदारी तय करने और कार्रवाई की मांग की। ये मुद्दे भी बैठक में उठे दवा और सुरक्षा पर भी उठे सवाल बैठक में दवाओं के रेट कॉन्ट्रैक्ट को लेकर भी चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, दवाओं की उपलब्धता और कीमतों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। साथ ही अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई गई। बड़े संस्थान होने के बावजूद सुरक्षा प्रबंधन को और मजबूत करने की जरूरत बताई गई।
भोपाल के राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) की मुख्य कैफेटेरिया की सब्जी में छिपकली निकलने के मामले में कैंटीन संचालन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। छात्रों की शिकायतों, विरोध प्रदर्शन और जांच समिति की रिपोर्ट में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। रिपोर्ट में भोजन की गुणवत्ता खराब होने, संदिग्ध वस्तु मिलने और स्वच्छता नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ किया है कि अब कैंटीन संचालन पूरी तरह बंद रहेगा और भविष्य में नई व्यवस्था सख्त मानकों के साथ लागू की जाएगी। छिपकली मिलने के दावे से शुरू हुआ विवाद आरजीपीवी की मुख्य कैंटीन उस समय विवादों में आई जब छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें परोसी गई शिमला मिर्च की सब्जी में मरी हुई छिपकली मिली। यह घटना डिनर के दौरान हुई, जब एक छात्र को सब्जी का स्वाद संदिग्ध लगा और जांच करने पर उसमें छिपकली जैसी वस्तु दिखाई दी। इसके बाद कैंटीन में हड़कंप मच गया और अन्य छात्र भी मौके पर जुट गए। जांच रिपोर्ट में मिली अनियमितताओं की पुष्टि मामले को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच समिति गठित की। समिति की रिपोर्ट में भोजन में संदिग्ध वस्तु मिलने की पुष्टि के साथ ही साफ-सफाई और स्वास्थ्य मानकों के उल्लंघन की बात सामने आई। इससे यह स्पष्ट हो गया कि कैंटीन संचालन में गंभीर लापरवाही बरती जा रही थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आरजीपीवी प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए कैंटीन संचालक का अनुबंध तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश भंडार क्रय एवं सेवा उपार्जन नियमों के तहत की गई है। उप कुलसचिव (प्रशासन) द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि आगामी आदेश तक कैंटीन संचालन पूरी तरह बंद रहेगा। कर्मचारी ने किया इनकार, वीडियो हुआ वायरल छात्रों ने जब इसकी शिकायत कैंटीन कर्मचारियों से की तो कथित तौर पर इसे छिपकली मानने से इनकार कर दिया गया और शिमला मिर्च का टुकड़ा बताया गया। हालांकि, मौके पर मौजूद छात्रों ने पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद कैंटीन की व्यवस्था और भोजन की गुणवत्ता को लेकर सवाल तेज हो गए। पहले से उठते रहे हैं गुणवत्ता पर सवाल छात्रों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार कैंटीन के खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर शिकायतें की जा चुकी हैं। बावजूद इसके, प्रबंधन स्तर पर कोई ठोस सुधार नहीं किया गया। इस घटना के बाद छात्रों ने इसे स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की। विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन के बाद हरकत में आया प्रशासन घटना के बाद छात्रों ने वाइस चांसलर कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया और ज्ञापन सौंपा। एबीवीपी समेत अन्य छात्र संगठनों ने भी मामले को उठाया। बताया गया कि यह कैंटीन विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी और मुख्य कैंटीन है, जहां रोजाना करीब 500 छात्र भोजन करते हैं। ऐसे में इस तरह की लापरवाही को गंभीर माना गया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में तैयार हुआ फीडिंग रूम:क्रैच फैसिलिटी के निर्माण के लिए सरकार ने जारी किया फंड
इलाहाबाद हाईकोर्ट में फीडिंग रूम चालू हो गया है और राज्य सरकार ने भी बताया कि क्रैच फैसिलिटी के निर्माण के लिए फंड रिलीज कर दिया गया है और शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू होगा। अधिवक्ता जान्हवी सिंह ने जनहित याचिका दायर कर हाईकोर्ट मुख्य भवन में कार्यरत महिलाओं के लिए दोनों सुविधाएं मुहैय्या कराने की मांग की थी। कोर्ट ने दोनों मागो पर कार्यवाही शुरू होने के कारण याचिका को अर्थहीन मानते हुए निस्तारित कर दी। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरूण भंसाली तथा न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने जान्हवी सिंह की जनहित याचिका पर दिया। याचिका पर अधिवक्ता वर्तिका श्रीवास्तव व हाईकोर्ट की तरफ से अधिवक्ता आशीष मिश्रा ने पक्ष रखा। कोर्ट ने हाईकोर्ट से उम्मीद जताई है कि क्रैच सुविधा के लिए यथाशीघ्र निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
उन्नाव में एक भीषण सड़क हादसे में तीन व्यक्तियों की मौत हो गई। ये तीनों दाह संस्कार से लौट रहे थे, उसी समय तेज रफ्तार बोलेरो सामने से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइकसवार तीनों व्यक्ति उछलकर 10 फीट दूर जा गिरे। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा होते ही घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग तुरंत इन तीनों के पास पहुंचे। टक्कर मारने के बाद चालक बोलेरो लेकर फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस की सहायता से तीनों के शवों को सीएचसी में पहुंचाया। खबर से जुड़ी देखिए तीन तस्वीरें… अब पढ़िए पूरी घटना… यह घटना मंगलवार रात करीब साढ़े 10 बजे बेहटा मुजावर थाना क्षेत्र में गंगा एक्सप्रेसवे के पास रानीखेड़ा गांव के सामने हुई। मृतको की शिनाख्त हो गई है। ये तीनों हरदोई जिले के कासिमपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले है। तीनों की पहचान रामबालक पुत्र शिवराज निवासी सिद्दकपुर, पवन कुमार पुत्र श्री राम निवासी गढ़ी व राजू राठौर पुत्र रामभजन निवासी अतिया के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार मृतक राजू के चाचा रामजीवन का मंगलवार को निधन हो गया था। ये तीनों अंतिम संस्कार में कराने के लिए बांगरमऊ के नानामऊ गंगा तट पर आए थे। ये तीनों युवक शाम को दाह संस्कार कराकर वापस लौट रहे थे। तीनों एक ही बाइक पर सवार थे। रानीखेड़ा गांव के पास पहुंचने पर सामने से आ रही तेज रफ्तार बोलेरो ने इनकी बाइक टक्कर मार दी। बोलेरो की टक्कर से उछलकर 10 फीट दूर जा गिरे टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइकसवार तीनों लोग उछलकर 10 फीट दूर जा गिरे। इस हादसे में तीनों व्यक्तियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना से अफरा-तफरी की कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। घटना होते ही तेजी से आवाज सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंच गए। टक्कर मारने के बाद चालक बोलेरो लेकर फरार हो गया। हादसे में बाइक के परखच्चे उड़ गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों के शवों को बांगरमऊ सीएचसी पहुंचाया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से पूछताछ कर बोलेरो व चालक की तलाश शुरू कर दी है। चाचा का दाह संस्कार कराकर लौट रहे थे तीनों मृतक आपस में दोस्त थे। रामबालक और पवन, राजू के चाचा के निधन पर आए हुए थे। इन तीनों के परिजनों को पुलिस ने सूचना दे दी। सूचना मिलते ही तीनों के परिजन सीएचसी पहुंच गए। शवों को देखते ही परिजनों में चीख पुकार मच गई। मृतक रामबालक के पत्नी का नाम राजेश्वरी है। रामबालक के दो बेटे अखिलेश और विमलेश है। सूचना मिलते ही वे तीनों अस्पताल पहुंचे। राजेश्वरी पति रामबालक का शव देखकर चीखने-चिल्लाने लगी। मां को दोनों बेटे बार बार संभाल रहे है। पवन की पत्नी शांति को जानकारी मिलते ही वह तुरंत अस्पताल पहुंची। उसका भी रो-रोकर बुरा हाल है। शांति और पवन के कोई बच्चे नहीं है। शांति का एकमात्र सहारा पवन था। पूर्व प्रधान के भतीजे रामरतन ने बताया कि हम लोग दाह संस्कार करने के बाद निकल लिए थे। लेकिन लेकिन हादसे के वक्त हम दूसरी बाइक पर सवार थे। हम इन तीनों से कुछ पीछे थे। जानकारी मिलने पर हम सभी तुरंत सीएचसी पहुंचे। पोस्टमॉर्टम के लिए तीनों के शवों को भेजा सीएचसी में मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि बोलेरो और बाइक की टक्कर से तेज आवाज हुई, जिसे सुनकर हम लोग घटनास्थल पर पहुंचे। हमने तत्काल पुलिस को सूचना दी। हादसा इतना भीषण था कि मोटरसाइकिल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। ये तीनों मोटरसाइकिल से काफी दूर जा गिरे थे। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने स्थानीय लोगों से पूछताछ कर घटना की बारे में पूरी जानकारी जुटाने में लग गई है। तीनों के परिजन घटना की जानकारी होते ही सीएचसी पहुंच गए। इस घटना से तीनों के परिवार में मातम पसर गया है।
जवाहर कला केंद्र में मंगलवार से कलाकार शिवानी सिंह की एकल कला प्रदर्शनी ‘शेप ऑफ थॉट्स’ का शुभारंभ हुआ। यह प्रदर्शनी 24 मार्च से 26 मार्च 2026 तक सुकृति गैलरी में आयोजित की जा रही है, जिसमें कलाकार के विचारों और समकालीन जीवन की संवेदनाओं को कलात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है। प्रदर्शनी का उद्घाटन वरिष्ठ चित्रकार विद्यासागर उपाध्याय द्वारा किया गया। इस अवसर पर राजस्थान ललित कला अकादमी के सचिव रजनीश हर्ष विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कला जगत से जुड़े कई कलाकारों, कला प्रेमियों और विद्यार्थियों ने भाग लेकर प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में कलाकार शिवानी सिंह ने अपने विचारों और अनुभवों को अनूठे इंस्टॉलेशन और कलाकृतियों के माध्यम से अभिव्यक्त किया है। उनकी कला में आधुनिक जीवन की जटिलताओं, मानवीय संबंधों और सामाजिक परिस्थितियों को प्रतीकात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है। कलाकार शिवानी सिंह ने बताया कि उनकी कला यात्रा जयपुर की समृद्ध सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से प्रेरित है। वह अपने कार्यों में कपड़े के टुकड़े, कढ़ाई, मोती, प्लास्टिक तथा अन्य मिश्रित माध्यमों का उपयोग करती हैं। इन सामग्रियों के माध्यम से वे दैनिक जीवन के सामान्य क्षणों, सामाजिक परिस्थितियों और मनुष्य के आपसी संबंधों को त्रिआयामी इंस्टॉलेशन के रूप में रूपांतरित करती हैं। उनकी कलाकृतियां आधुनिक अस्तित्व को एक नए दृष्टिकोण से देखने का अवसर प्रदान करती हैं। प्रदर्शनी में प्रस्तुत कलाकृतियां दर्शकों को केवल देखने के लिए ही नहीं, बल्कि सोचने और महसूस करने के लिए भी प्रेरित करती हैं। यही कारण है कि उद्घाटन के पहले ही दिन बड़ी संख्या में कला प्रेमियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और कलाकार की रचनात्मकता की सराहना की। यह प्रदर्शनी प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक दर्शकों के लिए खुली रहेगी, जबकि उद्घाटन समारोह शाम 4 बजे से 7 बजे के बीच आयोजित किया गया।
अयोध्या में आस्था का ज्वार उमड़ने लगा है। जिधर देखो श्रद्धालु ही श्रद्धालु। अवसर है प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव का। भक्तों के पग बिना रुके अपने आराध्य रामलला की चौखट पर पहुंचने के लिए तेजी से बढ़ने के लिए आतुर हैं। जन्मोत्सव में शामिल होने की भक्तों की बेसब्री बढ़ती रही थी। आस्था के आगे प्रचंड धूप व तमाम दुश्वारियां बौनी साबित हो रही है। श्रीराम जन्मोत्सव के प्रतिनिधि गीत जनम लियो रघुरईया अवध मा बाजे बधइया... भी गूंजने लगा है। 27 मार्च को जैसे ही घड़ी की तीनों सुईयां दोपहर ठीक 12 बजे एक होगी।अयोध्या इस धरा धाम पर रामलला को पाकर निहाल हो उठेगा। श्री राम जन्मभूमि परिसर स्थित रामलला के दरबार सहित पूरी अयोध्या में भए प्रगट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी... के गान से गुंजायमान हो उठेगा। पूरी अयोध्या में घंट घड़ियाल की आवाज गूंजने उठेगी। इस पावन वेला के करीब आने के साथ हीं स्वर्गद्वार मोहल्ले में स्थित श्री सद्गुरु बधाई भवन में उल्लास दिखने लगाा है। भगवान के जन्म उत्सव पर उल्लास इस मंदिर में कैसा होगा। जहां सैकड़ों सालों से प्रभु श्री राम लला के जन्मोत्सव पर बधाई गाई जाती है, इसीलिए मंदिर का नाम बधाई भवन के नाम से जाना जाता है। बधाई का आनंद अगर अयोध्या में कहीं है तो वह बधाई भवन में ही। मंदिर के महंत राजीव लोचन शरण ने बताया कि ठाकुर जी के जन्मोत्सव की तैयारी मंदिर में महिनों से चलती है। चैत शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से इस उत्सव का रंग और चटख हो उठता है। नवमी तिथि मधुमास पुनीता, यानि चैत शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को इसका उत्साह अनंत शिखर पर होता है। गुरुदेव भगवान के गोद में विराजमान ठाकुर जी का पंचामृत से अभिषेक किया जाता है नवीन वस्त्र धारण कराया जाता है उत्तम भोग लगाया जाता है और ठीक 12 बजे जन्मोत्सव होता है। उसके बाद बधाई प्रारंभ होता है, जिसमें देश के कोने-कोने से भक्त संत महंत भाव विभोर होकर ठाकुर जी के समक्ष नृत्य करने लगते हैं। 27 मार्च को भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
गैस चूल्हा खुला रह गया, जलाते ही भड़की आग:मैनपुरी में सूझबूझ से टला बड़ा हादसा, 1 घंटे बाद बुझी
मंगलवार की रात कुरावली कस्बे के मोहल्ला कौवा टोला में एक मकान की दूसरी मंजिल पर स्थित किचन में आग लग गई। गैस चूल्हा खुला रह जाने के कारण यह घटना हुई। हालांकि, पुलिस और स्थानीय लोगों की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। वीरेंद्र नारायण शर्मा के मकान में हुई इस घटना के बारे में बताया गया कि किचन में गैस का चूल्हा खुला रह गया था। जब घर की महिला खाना बनाने के लिए चूल्हा जलाने पहुंची, तो अचानक आग भड़क उठी। आग की लपटें देखकर महिला घबराकर बाहर भागी, जिससे आसपास के लोगों को घटना की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक ललित भाटी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। कुरावली गैस एजेंसी से नीरज गुप्ता भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस, गैस एजेंसी के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर आग बुझाने का काम शुरू किया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। इस घटना में किसी की जान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन घर में रखा घरेलू सामान जलकर राख हो गया। थाना प्रभारी निरीक्षक ललित भाटी ने बताया कि उन्हें घर में गैस सिलेंडर में आग लगने की सूचना मिली थी। तत्काल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। उन्होंने पुष्टि की कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है और सभी सुरक्षित हैं।
हरदोई में 9 साल पुराने मामले में नाबालिग से अश्लील हरकतें करने के आरोपी पुत्तन को दोषी पाया गया है। मंगलवार को विशेष न्यायाधीश पॉस्को एक्ट मनमोहन सिंह ने पुत्तन को 5 साल की सजा सुनाई है। पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने की स्थिति तीन माह की अतिरिक्त सजा का आदेश जारी किया। विशेष न्यायधीश ने जुर्माने की रकम बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता को देने का आदेश भी दिया है। शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी शख्स ने मुकदमा दर्ज कराया था। बताया कि 22 दिसंबर 2016 को उसकी 10 वर्षीय पुत्री गांव के बाहर खेत में बथुआ काट रही थी। इस दौरान शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के ग्राम लोनी निवासी पुत्तन आ गया था। आरोपी उसे पड़ोस के गन्ने के खेत में ले गया। वहां उसके साथ अश्लील हरकतें कीं। पुत्री के शोर मचाने पर वह मौके पर पहुंच गए थे। आरोपी ने तमंचा निकाल लिया। फिर तमंचा दिखाते हुए आरोपी भाग गया था। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट की धारा में मुकदमा दर्ज किया था। अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाहों को पेश किया गया। साथ ही 10 अभिलेखीय साक्ष्य भी दिए गए। विशेष न्यायाधीश पॉस्को एक्ट ने दोनों पक्षों को सुनकर और मौजूद सबूतों के आधार पर सजा सुनाई है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राज्य सरकार पर तीसरी बार हर्जाना लगाया है। एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान पंचायती राज विभाग द्वारा शपथ पत्र दाखिल न करने पर न्यायालय ने 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति एके राय की खंडपीठ ने यह आदेश दिया। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 6 अप्रैल की तिथि निर्धारित की है। यह जनहित याचिका अंजनी कुमार द्विवेदी द्वारा दायर की गई थी, जिसमें भूगर्भ जल के दूषित होने का मुद्दा उठाया गया है। याचिका वर्ष 2019 से विचाराधीन है। न्यायालय ने पाया कि इससे पहले भी संबंधित विभाग की ओर से जवाबी शपथ पत्र दाखिल न करने पर 5 जनवरी को पांच हजार रुपये और 19 जनवरी को पच्चीस हजार रुपये का हर्जाना लगाया जा चुका है। पिछली बार लघु सिंचाई व भूगर्भ जल विभाग ने शपथ पत्र दाखिल कर दिया था। हालांकि, 22 जनवरी को दिए गए आदेश के बावजूद पंचायती राज विभाग की ओर से शपथ पत्र दाखिल नहीं किया गया। न्यायालय ने हर्जाना लगाने के साथ-साथ यह चेतावनी भी दी है कि वह भविष्य में अन्य कार्रवाई किए जाने पर भी विचार कर सकती है।
अनूपपुर जिले के नेशनल हाईवे 43 पर मंगलवार रात 8 बजे एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में 52 साल के रघुवीर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना फुनगा चौकी के पास दैखल गांव में हुई। पुष्पराजगढ़ के लमसराई निवासी रघुवीर सिंह अपनी बाइक से करपा से कोतमा जा रहे थे। उनकी बेटी कोतमा में रहकर कॉलेज की पढ़ाई करती है, जिससे मिलने के लिए वे घर से निकले थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रघुवीर सिंह अपनी बाइक समेत सड़क पर काफी दूर जाकर गिरे। लहूलुहान हालत में अस्पताल पहुंचाया हादसे के बाद आस-पास के लोगों ने तुरंत पुलिस को खबर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल रघुवीर को फुनगा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। उनके सिर में गहरी चोट आई थी और काफी खून बह रहा था। साथ ही, सड़क पर घिसटने की वजह से उनके शरीर का एक हिस्सा बुरी तरह छिल गया था। पुलिस ने दर्ज किया केस फुनगा चौकी प्रभारी सोने सिंह परस्ते ने बताया कि सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे और घायल को इलाज दिलवाया। प्राथमिक इलाज के बाद थोड़ा ठीक महसूस होने पर रघुवीर अपने किसी परिचित के घर चले गए। पुलिस ने अब कार ड्राइवर के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने का केस दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है।
रसोई गैस की किल्लत और पेट्रोलियम पदार्थों की अनियमित आपूर्ति को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने मंगलवार को राज्यव्यापी प्रदर्शन किया। इसी कड़ी में सीवान के अम्बेडकर चौक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “रसोई गैस की किल्लत दूर करो”, “कालाबाजारी बंद करो”, “पर्याप्त मात्रा में एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराओ” जैसे नारों के साथ केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही “नरेंद्र भी गायब और सिलेंडर भी गायब” जैसे तीखे नारों से माहौल गूंजता रहा। आम जनता एलपीजी गैस की कमी से त्रस्तपुतला दहन के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने कहा कि आम जनता एलपीजी गैस की कमी से त्रस्त है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रशासन का दावा है कि पर्याप्त गैस उपलब्ध है, तो गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें क्यों लग रही हैं और लोगों को घंटों इंतजार क्यों करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री के हालिया बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि सरकार को स्थिति स्पष्ट कर जनता का भरोसा जीतना चाहिए। किसान कांग्रेस के राज्य महासचिव अशोक कुमार सिंह ने केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गलत निर्णय लिए हैं, जिससे पेट्रोलियम आपूर्ति प्रभावित हुई है। हाल के दिनों में कालाबाजारी भी बढ़ीउन्होंने कहा कि पहले कम समय में आपूर्ति हो जाती थी, लेकिन अब लंबा समय लग रहा है, जिससे संकट गहरा सकता है। वहीं कांग्रेस नेता विश्वनाथ यादव ने गैस की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताते हुए कहा कि पहले जहां सिलेंडर सस्ता था, वहीं अब आम लोगों को ऊंचे दाम पर खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के दिनों में कालाबाजारी भी बढ़ी है, जिससे आम उपभोक्ता और अधिक परेशान हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि रसोई गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की नियमित और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
सीवान के ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने बताया कि अब गांवों में भी घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी के बाद दोबारा नंबर लगने में पहले की तरह 45 दिनों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत यह अवधि घटाकर लगभग 25 दिन कर दी गई है। प्रशासन के इस फैसले से उन लाखों ग्रामीण उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा, जो अब तक गैस सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार करने को मजबूर थे। कई गांवों में स्थिति यह थी कि एक बार सिलेंडर मिलने के बाद लोगों को डेढ़ महीने तक दोबारा बुकिंग का इंतजार करना पड़ता था, जिससे रोजमर्रा की रसोई व्यवस्था प्रभावित होती थी। गैस कंपनियों और वितरकों को सख्त निर्देश दिया गडीएम ने बताया कि गैस आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। गैस कंपनियों और वितरकों को सख्त निर्देश दिया गया है कि बुकिंग के बाद समय पर होम डिलीवरी सुनिश्चित करें और किसी भी स्तर पर देरी न हो। उन्होंने कहा कि जिले में पर्याप्त मात्रा में एलपीजी गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं और प्रतिदिन कंपनियों द्वारा आपूर्ति की जा रही है। इसी के चलते अब वितरण प्रणाली में सुधार हुआ है और उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिलने लगी है। प्रशासन संयुक्त रूप से गैस एजेंसियों पर नजर रख रहेग्रामीण क्षेत्रों में गैस वितरण को लेकर विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। अनुमंडल पदाधिकारी, आपूर्ति पदाधिकारी और पुलिस प्रशासन संयुक्त रूप से गैस एजेंसियों पर नजर रख रहे हैं। औचक निरीक्षण और छापेमारी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कहीं भी कालाबाजारी या जमाखोरी न हो। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस का उपयोग केवल घरेलू कार्यों के लिए ही किया जाए। किसी भी प्रकार के व्यावसायिक उपयोग या अधिक कीमत वसूली की शिकायत मिलने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। नई व्यवस्था से गावों में रसोई गैस की उपलब्धता सुगम होगीउपभोक्ताओं की सुविधा के लिए जिला नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय है। किसी भी प्रकार की समस्या, देरी या अनियमितता की शिकायत टोल फ्री नंबर 1906 या जिला कंट्रोल रूम के नंबरों पर की जा सकती है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और निर्धारित प्रक्रिया के तहत गैस बुकिंग कर समय पर लाभ उठाएं। नई व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस की उपलब्धता और भी सुगम होने की उम्मीद है।
अररिया के सदर अस्पताल में एक बार फिर लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। टीबी विभाग में मरीज को एक्सपायरी दवा देने के आरोप के बाद मंगलवार को परिजनों ने अस्पताल पहुंचकर जमकर हंगामा किया। इस दौरान अस्पताल कर्मियों पर पैसे लेकर दवा देने का भी आरोप लगाया गया। दवा खाने के बाद बिगड़ी मरीज की हालत पीड़ित परिवार के अनुसार, 5 मार्च को उन्होंने अपने मरीज का इलाज सदर अस्पताल के टीबी विभाग में कराया था। वहां से दवा लेकर घर लौटने के बाद मरीज को दवा दी गई, लेकिन कुछ ही देर में उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिवार के सदस्य शुरुआत में स्थिति को समझ नहीं पाए, लेकिन जब आसपास के लोगों को दवा दिखाई गई, तो उन्होंने बताया कि दवा एक्सपायरी है। इसके बाद परिजन आक्रोशित हो गए और मंगलवार को अस्पताल पहुंचकर विरोध जताया। पैसे लेकर दवा देने का आरोप परिजनों ने टीबी विभाग के एक कर्मी पर 1600 रुपये लेकर दवा देने का गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना है कि सरकारी अस्पताल में दवाइयां मुफ्त मिलनी चाहिए, इसके बावजूद पैसे लिए गए और वह भी खराब दवा दी गई, जिससे मरीज की हालत और बिगड़ गई। अधिकारी ने आरोपों से किया इनकार वहीं टीबी विभाग के अधिकारी डॉ. मोईज ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि परिजन जो दवा लेकर आए थे, वह सरकारी नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल में टीबी की सभी दवाइयां मुफ्त दी जाती हैं और किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता। उन्होंने यह भी कहा कि यदि लिखित शिकायत मिलती है, तो मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले यह घटना एक बार फिर सदर अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। इससे पहले भी यहां एक्सपायरी दवाइयों और अन्य अनियमितताओं के मामले सामने आ चुके हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। जांच के संकेत, शिकायत की तैयारी स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में इस तरह की लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जा सकती। जिला स्वास्थ्य विभाग ने भी मामले की जांच के संकेत दिए हैं। पीड़ित परिवार ने कहा है कि वे इस मामले में लिखित शिकायत देंगे, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके।
मोतिहारी में एलपीजी गैस की कथित किल्लत और लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आक्रोश मंगलवार को सड़कों पर फूट पड़ा। जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले शहर के जानपुल चौक पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया, जिसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। जानपुल चौक पर जुटे सैकड़ों कार्यकर्ता प्रदर्शन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष गप्पू राय ने किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विरोध के प्रतीक के रूप में नरेंद्र मोदी और हरदीप सिंह पुरी का पुतला दहन किया गया। बढ़ती कीमतों से बिगड़ रहा घरेलू बजट प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि गैस सिलेंडर की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों का घरेलू बजट पूरी तरह से बिगाड़ दिया है। उनका कहना था कि महंगाई पहले से ही चरम पर है, ऐसे में रसोई गैस के दामों में वृद्धि ने गरीब और मध्यम वर्ग की परेशानी और बढ़ा दी है। गैस आपूर्ति में कमी से बढ़ी परेशानी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कई इलाकों में गैस की आपूर्ति नियमित नहीं हो रही है। समय पर सिलेंडर नहीं मिलने से उपभोक्ताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं के अनुसार, आपूर्ति में कथित कमी और बढ़ती कीमतों के कारण आम लोगों की रसोई पर सीधा असर पड़ रहा है। सरकार की नीतियों पर साधा निशाना जिला अध्यक्ष गप्पू राय ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की नीतियां आम जनता के हित में नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई पर नियंत्रण करने में विफल रही है और आम लोगों की समस्याओं से दूर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही गैस की कीमतों पर नियंत्रण नहीं किया गया और आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो कांग्रेस पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी। राहत की मांग, आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में सरकार से गैस की कीमतों में राहत देने और आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आगे और बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर कई स्थानीय कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने महंगाई और गैस संकट के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
रायबरेली के फिरोज गांधी कॉलेज मैदान में चल रही नव दिवसीय संगीतमय श्री राम कथा के छठे दिन पूज्य राजन जी महाराज ने भगवान श्री राम और केवट के प्रेम प्रसंग का वर्णन किया। इस दौरान हजारों श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए उपस्थित रहे। महाराज जी ने केवट की निस्वार्थ भक्ति और प्रभु की कृपा का मार्मिक चित्रण प्रस्तुत किया, जिसने उपस्थित भक्तों को भावुक कर दिया। कथा के बीच जब प्रसिद्ध भजन तेरा शुक्रिया है की प्रस्तुति दी गई, तो पूरा पंडाल भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर झूमते नजर आए। कथा का शुभारंभ शाम 6:30 बजे मुख्य यजमानों द्वारा आरती के साथ हुआ। यह आयोजन रात्रि 10:10 बजे आरती के साथ संपन्न हुआ। इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित लोग शामिल हुए। इनमें पूर्व विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह, IIIT लखनऊ के निदेशक डॉ. अरुण मोहन शेरी और केंद्रीय संस्कृत यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर सर्वा नारायण झा प्रमुख थे। बड़ी संख्या में भक्तों की उपस्थिति के कारण पंडाल में जगह कम पड़ गई। कथा स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। जैसे-जैसे कथा आगे बढ़ी, भक्तों का उत्साह बढ़ता गया। समापन के समय पूरा क्षेत्र जय श्री राम के नारों से गूंज उठा।
आगरा में डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय में कर्मचारी संघ चुनाव की पत्रावली गायब होने का मामला विरोध में बदल गया। मंगलवार को धरने के बीच कर्मचारी नेता सुमित चौधरी ने मुंडन कराकर और भगवा वस्त्र धारण कर प्रशासन के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया। नंगे पैर विश्वविद्यालय आने का ऐलान करते हुए उन्होंने साफ कहा- जब तक चुनाव की तारीख घोषित नहीं होगी, यह विरोध और तेज होगा। विश्वविद्यालय में लंबे समय से कर्मचारी संघ चुनाव लंबित है। कर्मचारी नेता अनिल श्रीवास्तव और सुमित चौधरी लगातार ज्ञापन देकर चुनाव कराने की मांग कर रहे थे। सूत्रों के अनुसार चुनाव प्रक्रिया शुरू करने के लिए पत्रावली भी तैयार हुई, लेकिन अचानक अधिकारियों के कार्यालय से गायब हो गई। धरने पर बैठे कर्मचारियों का सीधा आरोप है कि यह कोई सामान्य लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश है ताकि चुनाव टल सके और मौजूदा पदाधिकारी अपनी कुर्सी बचाए रख सकें। कर्मचारियों ने लगाया आरोपकर्मचारी नेताओं का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन और वर्तमान कर्मचारी संघ पदाधिकारी एकजुट होकर चुनाव टालने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। सुमित चौधरी ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की कई समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन मौजूदा पदाधिकारी कोई समाधान नहीं करा सके। अब उन्हें हार का डर सता रहा है, इसलिए चुनाव से बचने के लिए फाइल तक गायब करा दी गई। वहीं अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि कई दिनों से चल रहे धरने के बावजूद प्रशासन पूरी तरह मौन है, जिससे उनकी मंशा पर और सवाल खड़े हो रहे हैं। धरने में कर्मचारियों की भारी भीड़ जुट रही है, जिससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि इस बार चुनाव होने पर कई नए चेहरे सामने आ सकते हैं। कर्मचारियों के बीच असंतोष गहराता जा रहा है और यह मुद्दा अब विश्वविद्यालय की साख से भी जुड़ता जा रहा है। अगर जल्द चुनाव की तारीख घोषित नहीं हुई, तो यह विरोध और उग्र रूप ले सकता है। प्रशासन की चुप्पी और कर्मचारियों का आक्रोश, दोनों मिलकर आने वाले दिनों में बड़े टकराव की जमीन तैयार कर रहे हैं।
झाबुआ जिले में मंगलवार को ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव की अफवाहों ने पेट्रोल पंपों पर भारी हंगामा खड़ा कर दिया। ईंधन खत्म होने की आशंका के चलते लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के लिए उमड़ पड़े, जिससे कई पंपों पर स्टॉक ही खत्म हो गया। स्थिति इतनी बेकाबू हुई कि व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस बल तक तैनात करना पड़ा। जिले भर के पेट्रोल पंपों पर दोपहर से ही अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। झाबुआ शहर के पुलिस वेलफेयर पंप पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस तैनात की गई, जबकि मेघनगर नाका चौराहे पर स्थित पंपों पर देर रात तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। भीड़ को देखते हुए कुछ पंप संचालकों ने राशनिंग शुरू कर दी और प्रति वाहन केवल 100 से 200 रुपए तक का ही पेट्रोल सीमित मात्रा में दिया। ग्रामीण इलाकों में गहराया संकट ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात चिंताजनक रहे। रानापुर नगर के पांच में से तीन पेट्रोल पंपों पर दोपहर बाद ईंधन खत्म हो गया। कुछ स्थानों पर बिजली गुल होने से वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। झाबुआ और कुंदनपुर रोड के प्रमुख पंपों पर स्टॉक खत्म होने के बाद सारा दबाव आंबा कुआं नगर के बायपास स्थित पंप पर आ गया, जिससे वहां जबरदस्त जाम लग गया। वहीं, पेटलावद के थांदला रोड स्थित पंप पर पिछले दो-तीन दिनों से आपूर्ति ठप्प होने की खबर मिली है। प्रशासन की कार्रवाई और अपील अफवाहों के कारण पैदा हुए इस संकट की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हुआ। झाबुआ एसडीएम महेश मंडलोई ने बताया कि पंपों पर भीड़ और ईंधन की कमी की सूचना मिलने के बाद अधिकारियों की एक टीम को मौके पर हकीकत जानने और व्यवस्था बनाने के लिए भेजा गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे युद्ध की इन अफवाहों पर ध्यान न दें, हालांकि देर रात तक पेट्रोल पंपों पर बेचैनी और भीड़ का माहौल बना रहा।
विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में एक समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने टीबी मुक्त भारत ऐप (खुशी-e-नि:क्षय मित्र) और टीबी फ्री अर्बन वार्ड इनिशिएटिव का भी उद्घाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री नड्डा ने नि:क्षय वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन टीबी मरीजों तक घर-घर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक भी उपस्थित रहे। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने अपने संबोधन में कहा कि भारत सरकार 2026 तक टीबी उन्मूलन के लक्ष्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि यह 100-दिवसीय अभियान जनभागीदारी, तकनीकी नवाचार और सामुदायिक सहयोग के माध्यम से इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने सभी नागरिकों से इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। नड्डा ने टीबी पोषण अभियान पर भी चर्चा की, जिसका उद्देश्य टीबी रोगियों के स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार लाना है। उन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में जनभागीदारी की महत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज के हर व्यक्ति, संस्थान और समुदाय का सहयोग इस अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने में निर्णायक भूमिका निभाता है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने प्रदेश की उपलब्धियों और प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन को जन-आंदोलन बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार निरंतर कार्य कर रही है। पाठक ने बताया कि 7 दिसंबर 2024 से 9 मार्च 2026 तक प्रदेश में 3 करोड़ 28 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है।
जस्टिस अतुल श्रीधरन का रोस्टर बदला:अब सिविल मामलों की करेंगे सुनवाई, बरेली नमाज प्रकरण से जुड़े थे
इलाहाबाद हाईकोर्ट में हाल ही में रोस्टर में बदलाव किया गया है। इसके तहत जस्टिस अतुल श्रीधरन अब सिविल मामलों की सुनवाई करेंगे। यह बदलाव उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक और कानूनी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। जस्टिस श्रीधरन हाल ही में बरेली जिले के आंवला क्षेत्र के मोहम्मदगंज में नमाज प्रकरण को लेकर सुर्खियों में थे। इस मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्कालीन एसएसपी बरेली अनुराग आर्य और डीएम बरेली अविनाश सिंह को तलब किया था। कोर्ट की इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही और कानूनी प्रक्रिया को लेकर गंभीर संदेश गया था। अब रोस्टर में बदलाव के बाद जस्टिस श्रीधरन को सिविल मामलों की जिम्मेदारी मिली है।आपराधिक और प्रशासनिक मामलों की सुनवाई अब किसी अन्य पीठ द्वारा की जाएगी। इस बदलाव को लेकर उत्तर प्रदेश की नौकरशाही में विभिन्न तरह की चर्चाएं हैं। फिलहाल, नमाज प्रकरण से जुड़े मामले की आगे की सुनवाई अब नई पीठ के समक्ष होगी। प्रशासन और पुलिस विभाग की नजरें आगामी कार्यवाही पर टिकी हैं।
लोक आस्था और सूर्य उपासना का महापर्व चैती छठ जिले में पूरे श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। मंगलवार की संध्या जिले के विभिन्न छठ घाटों पर हजारों की संख्या में व्रतियों और श्रद्धालुओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को प्रथम अर्घ्य अर्पित किया। घाटों पर उमड़ी भीड़ और भक्ति से सराबोर माहौल ने पूरे शहर को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। घाटों पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब शहर के ब्लॉक मोड़ स्थित वीएम फील्ड, गंडक नदी के तट सहित अन्य प्रमुख घाटों पर व्रतियों की भारी भीड़ देखी गई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसी तरह का उत्साह नजर आया। व्रतधारी महिलाएं और पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित होकर घाटों पर पहुंचे और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। हाथों में बाँस से बने सूप में फल, फूल, ठेकुआ और अन्य प्रसाद लेकर श्रद्धालुओं ने सूर्य देव को दूध और जल अर्पित किया। पूरे वातावरण में “कांच ही बांस के बहंगिया…” जैसे पारंपरिक छठ गीत गूंजते रहे, जिससे माहौल और भी भक्तिमय हो गया। प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम छठ पर्व को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। प्रमुख घाटों पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी, ताकि भीड़ नियंत्रण में रहे। इसके साथ ही गोताखोरों की तैनाती भी की गई थी, जिससे किसी भी अनहोनी की स्थिति से निपटा जा सके। नगर परिषद और स्थानीय पूजा समितियों द्वारा घाटों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया। घाटों को आकर्षक रोशनी और सजावट से सजाया गया, जिससे शाम के समय दृश्य बेहद मनमोहक हो गया। कठिन व्रत के बावजूद उत्साह चरम पर चैती छठ को कार्तिक छठ की तुलना में अधिक कठिन माना जाता है, क्योंकि इस समय गर्मी का असर शुरू हो जाता है। इसके बावजूद व्रतियों के उत्साह में कोई कमी नहीं देखी गई। 36 घंटे का निर्जला व्रत रखकर श्रद्धालु पूरी निष्ठा के साथ भगवान सूर्य और छठी मैया की उपासना कर रहे हैं। व्रतियों ने बताया कि यह पर्व केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि आत्मसंयम, शुद्धता और प्रकृति के प्रति सम्मान का भी संदेश देता है। सामाजिक समरसता का दिखा अनूठा उदाहरण गोपालगंज के विभिन्न घाटों पर सामाजिक एकता और समरसता का भी अद्भुत दृश्य देखने को मिला। हर वर्ग, जाति और समुदाय के लोग एक साथ मिलकर इस पर्व को मनाते नजर आए। स्थानीय युवाओं और स्वयंसेवी संगठनों ने भी व्रतियों की सेवा के लिए शिविर लगाए। कहीं पानी की व्यवस्था की गई, तो कहीं प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इससे व्रतियों को काफी सहूलियत मिली। उषा अर्घ्य के साथ होगा समापन चार दिवसीय इस महापर्व का समापन बुधवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ होगा। इसके बाद व्रती पारण कर अपना व्रत पूर्ण करेंगे। जिले भर में इस पर्व को लेकर श्रद्धा, अनुशासन और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिल रहा है। हर ओर छठी मैया के जयकारे और भक्ति गीतों की गूंज से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक बना हुआ है।
बालाघाट जिले के लालबर्रा थाना क्षेत्र के अमोली में पति ने मामूली विवाद के बाद अपनी ही पत्नी की लोहे के पाइप से पीट-पीटकर हत्या कर दी। मृतका की पहचान 30 वर्षीय अंजू यादव के रूप में हुई है। मंगलवार शाम को आरोपी पति रितेन्द्र यादव ने आवेश में आकर अंजू के सिर पर जोरदार हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतका की सास गायत्री यादव ने बताया कि सुबह ही पति-पत्नी अपने बच्चों को टीका लगवाने अस्पताल गए थे। घर लौटने के बाद अंजू ने बड़े प्रेम से पति रितेन्द्र को पपीता काटकर खिलाया था। इसके बाद अचानक किस बात को लेकर विवाद बढ़ा, यह किसी की समझ में नहीं आया। घर की बड़ी बहू ने जब आंगन में अंजू को लहूलुहान हालत में पड़ा देखा, तब जाकर इस खूनी खेल का पता चला। दो मासूम बच्चे हुए अनाथ इस घटना ने दो मासूम बच्चों के सिर से मां का साया छीन लिया है। मृतका का एक 4 महीने का बेटा और एक 3 साल की नन्हीं बेटी है, जो इस वारदात के बाद अनाथ हो गए हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी रितेन्द्र मौके से फरार हो गया था। पुलिस की कार्रवाई सूचना मिलते ही एसडीओपी अभिषेक चौधरी और लालबर्रा पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने आरोपी रितेन्द्र यादव को हिरासत में ले लिया है और उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है। एफएसएल (FSL) टीम ने भी घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया गया है, जो बुधवार को होगा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कैसरबाग स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय (पुराना हाईकोर्ट परिसर) के आसपास हो रहे अवैध अतिक्रमण पर कड़ा रुख अपनाते हुए लखनऊ नगर निगम को तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने नगर निगम से कहा है कि इस बीच की गई कार्यवाही की रिपेार्ट अगली तारीख 7 अप्रैल को न्यायालय में दाखिल करें। यह आदेश न्यायमूर्ति राजेश सिंह चैहान और न्यायमूर्ति राजीव भारती की पीठ ने अधिवक्ता अनुराधा सिंह, अधिवक्ता देवांषी श्रीवास्तव तथा देंवाषी की माता अरूणिमा श्रीवास्तव की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई के बाद पारित किया। शराब पीकर हुड़दंग करने का आरोप है याचिका के माध्यम से याचियों ने अपने खिलाफ अधिवक्ता सुजीत कुमार बाल्मीकि की ओर से एससी/एस टी एक्ट के तहत दर्ज करायी गयी प्राथमिकी को चुनौती दी है। याचियों की ओर से न्यायालय को बताया गया कि उनके घर के पास अधिवक्ता सुजीत कुमार बाल्मीकि के सीनियर श्रवण कुमार ने उनके घर के पास अवैध रूप से अपना चैम्बर बना रखा है। शाम को कोर्ट बंद होने के बाद वहां पर शराब पीकर हुड़दंग किया जाता है। मना करने पर कई बार गंभीर कहासुनी हो जाती है। कहा गया कि इसी के चलते उनके खिलाफ फर्जी रिपोर्ट लिखायी गयी है जबकि जिस दिन की घटना बतायी जा रही है उसी दिन उनकी अेार से पहले ही रिपेार्ट दर्ज करायी गयी है। मामले में गंभीर रूख अपनाते हुए न्यायालय ने याचियों के खिलाफ उक्त प्रथम सूचना रिपेार्ट के आधार पर किसी प्रकार की कार्यवाही करने से रोक दिया है और पुलिस को निर्देश दिया है कि इस मामले में निष्पक्ष जंच कर रिपेार्ट दी जाये। कानून का सख्ती से पालन होना चाहिए इसी मामले की सुनवायी के दौरान न्यायालय के सामने आया कि पुराने हाईकोर्ट परिसर जहां अब जिला एवं सत्र न्यायालय की अदालतें चलती हैं के चारों ओर बेतरतीब अवैध अतिक्रमण हो गया है। इस अतिक्रमण में न केवल अधिवक्ताओं के चैम्बर हैं बल्कि वहां पर पक्का निर्माण कर फोटोकापी व टाइपिंग आदि की दुकानें हैं और यहां तक कि खाने पीने की दुकानें भी खुलीं हैं। जिस पर न्यायालय ने पिछली सुनवाया के दौरान नगर निगम से रिपेार्ट मांगी थी। नगर निगम की तरफ से रिपोर्ट दाखिल करते हुए न्यायालय को बताया गया कि संबंधित क्षेत्र में करीब 72 अतिक्रमण पाए गए हैं, जिनमें अधिकांश अधिवक्ताओं के चैंम्बर हैं और कुछ दुकानों का अवैध निर्माण शामिल है। नगर निगम की न्यायालय को बताया गया कि अतिक्रमण हटाने के लिए पहले नोटिस देना आवश्यक होगा और इसके बाद पुलिस व जिला प्रशासन की मदद से कार्रवाई की जाएगी। जिस पर न्यायालय ने कहा कि सामान्यतः अधिकृत निर्माणों के मामले में नोटिस जरूरी होता है, लेकिन अवैध अतिक्रमण के मामलों में तत्काल कार्रवाई की जा सकती है। कानून का सख्ती से पालन होना चाहिए। कोर्ट ने निर्देश दिया कि यदि अतिक्रमणकारी नोटिस प्राप्त नहीं करते हैं तो उसे संबंधित स्थल पर चस्पा किया जाए और व्यापक प्रसार वाले हिंदी व अंग्रेजी समाचार पत्रों में प्रकाशित कराया जाए। साथ ही, नगर निगम को अगली सुनवाई तक उठाए गए कदमों की विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया गया है।
आगर मालवा जिले में मंगलवार रात पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने की अफवाह ने भारी हलचल मचा दी। जैसे ही यह खबर फैली, लोग अपने वाहनों में ईंधन भरवाने के लिए बड़ी संख्या में पेट्रोल पंपों की ओर दौड़ पड़े, जिससे कई जगह लंबी कतारें और अव्यवस्था देखने को मिली। अफवाह के चलते अचानक बढ़ी भीड़ के कारण कुछ पेट्रोल पंपों पर अस्थायी रूप से काम रुक गया। नायरा पेट्रोल पंप पर ईंधन का स्टॉक खत्म हो गया, जबकि मार्केटिंग सोसायटी पंप पर बिजली गुल होने और तकनीकी खराबी की वजह से वितरण नहीं हो सका। इन दिक्कतों ने लोगों के बीच घबराहट को और बढ़ा दिया। अंतरराष्ट्रीय तनाव बना अफवाह का आधार माना जा रहा है कि दुनिया के कुछ हिस्सों में चल रहे युद्ध और तनावपूर्ण हालातों की खबरों के कारण लोगों को लगा कि आने वाले दिनों में कीमतें आसमान छू सकती हैं। इसी आशंका ने धीरे-धीरे बड़ी अफवाह का रूप ले लिया और लोग स्टॉक जमा करने की कोशिश करने लगे। कलेक्टर की अपील: पैनिक न हों जिलेवासी स्थिति को देखते हुए कलेक्टर प्रीति यादव ने साफ किया है कि जिले में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। ईंधन की सप्लाई में कोई कमी नहीं है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। लोग किसी भी तरह की झूठी अफवाहों पर भरोसा न करें और अनावश्यक भीड़ न लगाएं। पंप संचालकों ने भी पुष्टि की है कि जिले में ईंधन की उपलब्धता सामान्य है और घबराहट में खरीदारी करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
मधुबनी में नमाज पढ़ने गए मैकेनिक की बाइक गायब:मस्जिद गेट से मोटर साइकिल चोरी, FIR दर्ज
मधुबनी जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के भट्ठी चौक स्थित मस्जिद के गेट से एक मोटर साइकिल चोरी हो गई। नमाज पढ़ने गए एक मैकेनिक ने अपनी मरम्मत की हुई बाइक को मस्जिद के बाहर खड़ा किया था, जो वहां से गायब मिली। इस संबंध में मैकेनिक ने राजनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। जानकारी के अनुसार, खजौली थाना क्षेत्र के कजियाही निवासी मोटर साइकिल मिस्त्री परवेज सुप्रीम का राजनगर के महाराणा प्रताप चौक पर एक गैरेज है। उन्होंने मानसिंहपट्टी, बासोपट्टी निवासी वीणा दास की मोटर साइकिल (BR 32 AF 4205) की मरम्मत की थी। मरम्मत के बाद मिस्त्री परवेज मोटर साइकिल की जांच के लिए भट्ठी चौक की ओर निकले। इसी दौरान उन्होंने मरम्मत की हुई मोटर साइकिल को भट्ठी चौक स्थित मस्जिद के गेट पर लगाकर नमाज अदा करने चले गए। नमाज के बाद जब वह मस्जिद से बाहर निकले, तो मोटरसाइकिल वहां से गायब थी। काफी खोजबीन के बाद भी बाइक नहीं मिली। इसके बाद मिस्त्री परवेज ने मंगलवार को राजनगर थाने में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई। राजनगर थाने में प्राथमिकी संख्या 149/2026 दर्ज कर ली गई है। पुलिस चोरी हुई मोटर साइकिल की तलाश कर रही है।
संभल के 53 किसान नेताओं को जमानत मिली:5 दिन बाद जेल से रिहा, भाजपा-सपा नेताओं ने किया स्वागत
संभल की एसडीएम कोर्ट से शांतिभंग के आरोप में जेल भेजे गए 53 किसान नेताओं को आज जमानत मिल गई है। रिहाई के बाद इन सभी नेताओं का मुरादाबाद से संभल तक भव्य स्वागत किया गया, जिसमें कुंदरकी, बिलारी और चंदौसी जैसे स्थानों पर भी अभिनंदन किया गया। किसान नेता मंगलवार को जनपद संभल की तहसील गुन्नौर के थाना जुनावई क्षेत्र में खनन के विरोध में प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए थे। भाकियू (असली) से जुड़े इन नेताओं को बीती 19 मार्च को उपजिला मजिस्ट्रेट गुन्नौर अवधेश कुमार सिंह के आदेश पर जेल भेजा गया था। मुरादाबाद जेल से रिहाई के बाद जेल गेट पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान समर्थकों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।भाजपा नेता संजीव यादव ने किसान नेताओं को फूल-मालाएं पहनाकर स्वागत किया। उन्हें चाय, नाश्ता और फल भी वितरित किए गए। वहीं, गुन्नौर से समाजवादी पार्टी के विधायक रामखिलाड़ी यादव के पुत्र अखिलेश यादव भी जेल गेट पर पहुंचे और किसान नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उनके प्रति समर्थन जताया। हालांकि, पांच अन्य किसान नेता अभी भी जेल में हैं, जिनकी रिहाई के आसार फिलहाल नहीं दिख रहे हैं। इन पर गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज हैं। इनमें केदारी सिंह पुत्र बाबूराम, सुभाष पुत्र होशियार (दोनों निवासी अहरौला नौआबाद, थाना जुनावई), राजपाल सिंह यादव पुत्र रामेश्वर (निवासी अजहरा, थाना कैलादेवी), ऋषिपाल पुत्र जोरावर (निवासी भागनगर उर्फ मनिहार नंगला, थाना धनारी) और दिलीप उर्फ टीटू पुत्र कालीचरन (निवासी ईशमपुर टांडा, थाना गुनौर, जनपद संभल) शामिल हैं। भाकियू (असली) के राष्ट्रीय महासचिव ऋषिपाल सिंह और जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह यादव सहित इन पांचों नेताओं को रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
बड़वानी शहर में मंगलवार को पेट्रोल खत्म होने की अफवाह ने जबरदस्त हंगामा खड़ा कर दिया। जैसे ही यह खबर फैली कि पेट्रोल की किल्लत होने वाली है, शहर के पेट्रोल पंपों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और देखते ही देखते अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पेट्रोल भरवाने पहुंचे यूनुस खान ने बताया कि उन्हें किसी परिचित से पता चला था कि पेट्रोल मिलना बंद हो जाएगा। जब वे पंप पर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए; पहले से ही सैकड़ों लोग लाइन में खड़े थे। इस असमंजस की स्थिति में लोग घंटों अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। कालाबाजारी की आशंका और नाराजगी खदान मोहल्ला निवासी अनिल शर्मा ने अपनी नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि कुछ पंपों पर अचानक पेट्रोल देने से मना कर दिया गया, जिससे लोगों में कालाबाजारी का डर बैठ गया। उन्होंने बताया कि डाया भाई पेट्रोल पंप पर मना किए जाने के बाद वे पुलिस पेट्रोल पंप पहुंचे, लेकिन वहां भी भारी भीड़ के कारण बुरा हाल था। प्रशासन का स्पष्टीकरण स्थिति को बिगड़ता देख प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला और साफ किया कि:शहर में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है।किल्लत की खबरें महज एक अफवाह हैं। लोगों से अपील है कि वे घबराकर अनावश्यक भीड़ न लगाएं और अफवाहों पर बिल्कुल भरोसा न करें। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और पैनिक होने की कोई जरूरत नहीं है।
मेरठ में मंगलवार को एक भाजपा नेता अपने बयान के कारण चर्चाओं में आ गए। पूरा मामला इंचोली के भगवानपुर गांव में असामाजिक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त की गई डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा से जुड़ा है। भाजपा नेता ने प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने वाले के हाथ कलम कर लाने वाले को 11 लाख रुपए के ईनाम का ऐलान किया है। पहले एक नजर पूरे मामले परइंचोली थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव में डॉ भीमराव अंबेडकर की एक प्रतिमा स्थापित की गई है। 30 मार्च को इसका अनावरण होना था, लेकिन उससे पहले ही असामाजिक तत्वों ने प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया। सुबह ग्रामीणों को जैसे ही इसका पता चला, वह एकत्र हो गए। राजनीतिक दलों के लोगों का जमावड़ा लग गया। अफसरों ने कार्यवाही का दिया आश्वासन प्रतिमा क्षतिग्रस्त किए जाने की सूचना पर सरधना विधायक अतुल प्रधान की पत्नी सीमा प्रधान, पूर्व विधायक संगीत सोम के अलावा भीम आर्मी के मंडल प्रभारी विजेंद्र सूद भी समर्थकों के साथ पहुंच गए। एसपी देहात अभिजीत कुमार भी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। जल्द प्रतिमान लगवाने और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद मामला शांत हो पाया। भाजपा नेता का विवादित बयान आया सामनेप्रतिमा क्षतिग्रस्त होने के बाद पूरे दिन मामला चर्चा में बना रहा। शाम को भाजपा नेता हसीन यासीन के बयान ने मामले को फिर हवा दे दी। हसीन यासीन ने ऐलान किया की जो भी डॉक्टर अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने वाले के हाथ कलम कर लाकर देगा, उसे वह 11 लाख रुपए का इनाम देंगे। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। हसीन बोले- ऐसे लोग समाज के दुश्मनभाजपा नेता हसीन यासीन ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर हर समाज के लिए पूजनीय हैं। लेकिन कुछ लोगों की मानसिकता बदलने का नाम नहीं ले रही है। ऐसे लोग समाज के दुश्मन हैं और इनको सबक सिखाना जरूरी है। इस पर रोक लगानी होगी नहीं तो हिंदू, मुस्लिम और जातिवाद की खाई गहरी होती जाएगी। पहले भी एक बयान से चर्चा में आ चुके यह पहला मामला नहीं है, जब भाजपा नेता हसीन यासीन ने विवादित बयान दिया है। इससे पहले उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां को लेकर अपशब्द बोलने वाले व्यक्ति की जीभ काटकर लाने वाले को 11 लाख रुपए का इनाम देने का ऐलान किया था। अब डॉक्टर अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने वाले के हाथ काटकर लाकर देने वाले को उन्होंने इनाम का ऐलान किया है।
इंदौर के कई पेट्रोल पंपों पर मंगलवार रात को अचानक लोगों की भीड़ लग गई। लोगों का कहना है कि पेट्रोल की तकलीफ आने की बात सुनी तो वे पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने पहुंच गए। इधर, प्रशासन का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, इन दिनों पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता को लेकर कई चचाएं चल रही है। ऐसे में लोग भी पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता को लेकर असमंजस में है। मंगलवार रात को शहर के कई पेट्रोल पंपों पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। कोई अपनी गाड़ी की टंकी फूल कराने पहुंच गया तो कोई अपनी सुविधा के हिसाब से पेट्रोल भरवाने। अपनी बाइक में पेट्रोल भरवाने पहुंचे नवीन साहू ने बताया कि सुना है कि पेट्रोल की तकलीफ आने वाली है, इसलिए पेट्रोल भरवाने पहुंचे हैं। पेट्रोल पंप पर लोगों की लाइन लगी है। ऐसा लग नहीं रहा है कि पेट्रोल-डीजल की तकलीफ आएंगी, लेकिन माहौल बना रखा है, लोग घबरा जाते हैं और पेट्रोल भरवाने पहुंच जाते हैं। टंकी भरी है, लेकिन जितने का पेट्रोल आ जाए भरा लेंगे। मोहम्मद अनवर ने बताया कि पेट्रोल पंप पर लाइन लगी है। बहुत देर से खड़े हैं। बड़ी गाड़ियों में पहले भर रहे हैं, जो चर्चाएं चल रही हैं, ऐसे में पेट्रोल भराने पहुंचे हैं। वहीं आकाश प्रजापत ने बताया कि युद्ध के चक्कर में पेट्रोल पंप पर लाइन लगी है। स्थिति को देखते हुए पेट्रोल भरवाने पहुंचे। समस्या सभी जगह है, केवल भारत में नहीं है। अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई इंदौर जिले में पेट्रोल, डीजल एवं रसोई गैस की किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को नियमित रूप से पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति की जा रही है।जिला आपूर्ति नियंत्रक एम.एल.मारू ने बताया कि जिले के डिपो में भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, जहां से लगातार डीलर्स को सप्लाई की जा रही है। ईंधन आपूर्ति की व्यवस्था पूरी तरह सुचारू है और कहीं भी किसी प्रकार की समस्या नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर फैल रही किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से घबराहट में ईंधन का संग्रह न करें। जिले में पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है और आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी है। अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
शाजापुर शहर में मंगलवार रात 9 बजे से पेट्रोल और डीजल को लेकर अफरा-तफरी का माहौल देखा जा रहा है। शहर के कुल पांच पेट्रोल पंपों में से तीन पर स्टॉक खत्म होने की खबर मिलते ही बाकी दो पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालात ऐसे हैं कि लोग घंटों लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। जिला सहायक आपूर्ति अधिकारी देवेंद्र शर्मा ने बताया कि राधा पेट्रोल पंप, बस स्टैंड पंप और बेरछा रोड स्थित एचपी पंप ने कंपनी को एडवांस पेमेंट नहीं भेजा था। इस वजह से कंपनी ने इन तीन पंपों की सप्लाई रोक दी है। कंपनी अब केवल कैश क्रेडिट पर ही माल भेज रही है। हालांकि, अधिकारी का कहना है कि शहर के बाकी दो पंपों पर ईंधन का पर्याप्त स्टॉक है। अफवाहों ने बढ़ाई भीड़ पेट्रोल भरवाने आए संजय ठाकुर ने बताया कि इंदौर और उज्जैन में पेट्रोल खत्म होने की खबर फैलने के बाद यहां भी घबराहट फैल गई। वहीं माकड़ोन (तराना) से आए देवकरण ने बताया कि उनके इलाके में डीजल नहीं मिल रहा, इसलिए वे शाजापुर से 120 लीटर डीजल लेने आए हैं। स्थानीय निवासी निर्मल का कहना है कि उन्हें आधे घंटे से ज्यादा समय लाइन में बीत चुका है। कलेक्टर की अपील अफवाहों पर न दें ध्यान कलेक्टर ऋजु बाफना ने जिले के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि:जिले में डीजल, पेट्रोल और घरेलू गैस की पर्याप्त उपलब्धता है। किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और घबराहट में आकर अनावश्यक स्टॉक न करें।मांग के अनुसार ईंधन और गैस की सप्लाई लगातार जारी है।सभी पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय रहते फ्यूल का ऑर्डर दें ताकि कमी न हो। प्रशासन ने जनता से अनुरोध किया है कि वे केवल अपनी जरूरत के हिसाब से ही ईंधन खरीदें ताकि व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के छात्रों के लिए बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर में करियर बनाने का शानदार मौका आने वाला है। यूनिवर्सिटी के 'स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट' और देश की जानी-मानी संस्था 'फिनएक्स' (FinX) के बीच एक समझौता (MoU) हुआ है। इसके तहत अब कैंपस में 'MBA इन फाइनेंशियल सर्विसेज' का खास प्रोग्राम शुरू किया जाएगा, जो पूरी तरह से इंडस्ट्री की जरूरतों पर आधारित होगा। सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, अब लाइव प्रोजेक्ट्स पर होगा फोकस अक्सर देखा जाता है कि डिग्री लेने के बाद भी छात्रों को मार्केट की समझ नहीं होती। इसी समस्या को दूर करने के लिए इस कोर्स को तैयार किया गया है। नए पाठ्यक्रम में छात्रों को बैंकिंग, फाइनेंशियल मार्केट्स, निवेश, वेल्थ मैनेजमेंट, फिनटेक और रिस्क मैनेजमेंट जैसे विषयों की प्रैक्टिकल जानकारी दी जाएगी। खास बात यह है कि छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही लाइव प्रोजेक्ट्स, इंटर्नशिप और इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स के साथ काम करने का मौका मिलेगा। बैंकिंग सेक्टर की जरूरतों के हिसाब से तैयार होंगे छात्र यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि इस तरह के समझौतों से छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी मिलेगा, जिससे उनके लिए नौकरी पाना आसान हो जाएगा। वहीं फिनएक्स के सीईओ हिमांशु व्यापक ने कहा कि यह पहल इंडस्ट्री और एकेडमिक्स के बीच की दूरी को कम करने के लिए की गई है। इस कोर्स को करने वाले छात्रों के पास फाइनेंस की दुनिया में बेहतर करियर बनाने के बेहतरीन अवसर होंगे। इन क्षेत्रों में मिलेगी एक्सपर्ट ट्रेनिंग इस समझौते के बाद अब छात्रों को न केवल डिग्री मिलेगी बल्कि उन्हें इंडस्ट्री के बड़े सर्टिफिकेट्स भी हासिल करने का मौका मिलेगा। प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को आज के दौर की नई तकनीकों जैसे फिनटेक और एडवांस रिस्क मैनेजमेंट में माहिर बनाना है। इससे कानपुर के छात्रों को बड़ी कंपनियों और बैंकों में सीधे एंट्री मिल सकेगी। समझौते के दौरान यूनिवर्सिटी के कुलसचिव राकेश शर्मा और स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट के निदेशक प्रो. सुधांशु पांडिया मौजूद रहे। इसके अलावा प्रो. अंशु यादव, प्रो. नीरज कुमार सिंह, डॉ. चारु खान, डॉ. सुरेन्द्र कुमार, डॉ. विवेक सिंह सचान, डॉ. प्रशांत द्विवेदी, मनीष श्रीवास्तव और वंश शाही सहित कई अन्य सदस्यों ने इस नई पहल का हिस्सा बनकर इसे छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए जरूरी बताया।
मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र के गांव कांशी में मंगलवार रात मोबाइल रिपेयरिंग के पैसे मांगने को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद हो गया। इस दौरान हुई मारपीट में दलित समाज के आधा दर्जन लोग घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल लोगों को सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और आरोपियों की तलाश जारी है। गांव निवासी सुनील पुत्र संतराम की मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान है। मंगलवार देर शाम गांव का ही जावेद अपना मोबाइल ठीक कराने सुनील की दुकान पर आया था। मोबाइल ठीक होने के बाद सुनील ने जब जावेद से पैसे मांगे, तो जावेद ने बाद में देने की बात कहकर टाल दिया। रात करीब 9:30 बजे तक पैसे न मिलने पर सुनील ने अपने बेटे विवेक और विक्की को जावेद के घर भेजा। आरोप है कि पैसे मांगने से नाराज जावेद ने अपने कई साथियों को बुला लिया। उन्होंने विवेक और विक्की पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। शोर सुनकर जब सुनील, नितिन और कपिल मौके पर पहुंचे, तो हमलावरों ने उन पर भी हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को परतापुर सीएचसी में भर्ती कराया गया। सुनील और कपिल की हालत गंभीर होने पर उन्हें सुभारती अस्पताल रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि इस झड़प में दूसरे पक्ष का भी एक युवक घायल हुआ है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। वहीं इसके बाद हिन्दू संगठन के लोगों ने परतापुर थाने पर धरना दे दिया है। इस दौरान हिन्दू संगठन के लोगों ने जमकर नारे बाजी की।
बक्सर में मंगलवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने बढ़ती महंगाई और रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी का पुतला दहन किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडेय ने की। सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और बैनर लिए शहर के विभिन्न हिस्सों में मार्च करते हुए सिंडिकेट चौक पहुंचे। यहां उन्होंने महंगाई और गैस संकट को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। पुतला दहन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताया। केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखा हमला बोलाप्रदर्शन के उपरांत कांग्रेस कार्यालय में एक आमसभा आयोजित की गई। सभा को संबोधित करते हुए डॉ. मनोज पांडेय ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है और रसोई गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी तथा आपूर्ति की समस्या से गरीब व मध्यमवर्गीय परिवार सर्वाधिक प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार पर जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी मृणाल अनामय ने भी केंद्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश की जनता महंगाई की मार झेल रही है। अनामय ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत करने की अपील की, ताकि जनता की आवाज सरकार तक पहुंच सके। प्रदर्शन में सैकड़ों कार्यकर्ता रहे मौजूद इस विरोध प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, एआईसीसी एवं प्रदेश डेलीगेट्स, महिला कांग्रेस की सदस्य और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रमुख रूप से संजय कुमार पांडेय, मुन्ना पांडे, विनोद मौर्य, निर्मला देवी, राजू वर्मा, अजय ओझा, राजा रमण पांडेय, डॉ. सत्येंद्र ओझा, डॉ. चंद्रशेखर पाठक, जलील अहमद, त्रिजोगी नारायण मिश्रा, अजय यादव, कुमकुम देवी, चंद्र भूषण प्रसाद और दिनेश राय सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य महंगाई और गैस संकट के खिलाफ जनजागरण करना था, जिसे व्यापक जनसमर्थन मिला। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक आम जनता को राहत नहीं मिलती, तब तक यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।
हापुड़ में दबंगों ने युवक से पीटा, VIDEO:ससुराल पक्ष पर मारपीट का आरोप, पुलिस जांच में जुटी
हापुड़ सिटी कोतवाली क्षेत्र की आवास विकास कॉलोनी में एक युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पीड़ित ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार, मेरठ के मुंडाली निवासी सलमान की शादी भमैड़ा क्षेत्र में हुई थी और उसका पत्नी से कुछ समय से विवाद चल रहा है। वह एक मामले की तारीख पर हापुड़ आया था और इसके बाद बझेड़ा कला जा रहा था। आरोप है कि रास्ते में ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे रोक लिया और उसके साथ जमकर मारपीट की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के दौरान कुछ लोगों ने वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक को घेरकर पीटते हुए लोग दिखाई दे रहे हैं। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सिटी कोतवाली प्रभारी विनोद पांडेय ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फतेहपुर में युवक ने मंगलवार शाम एक शादीशुदा महिला की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। उस वक्त महिला की तीनों बेटियां उसके साथ थीं। वे चीख-चीखकर मां को बचाने के लिए मदद की गुहार लगा रही थीं, लेकिन कोई नहीं आया। आरोपी, महिला के पेट में ही चाकू फंसाकर भाग गया। जब पुलिस पहुंची तो एक बेटी मां की लाश के बगल बैठी रो रही थी। वह मम्मी…मम्मी चिल्ला रही थी। आरोपी की तलाश में पुलिस टीमें लगा दी गई हैं। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, युवक ने महिला का चुपके से अश्लील वीडियो बनाकर वायरल कर दिया था। महिला ने युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इसी बात से वह नाराज था। अब जानिए पूरा मामला… कोंडरवा गांव में जय सिंह यादव परिवार के साथ रहते हैं। परिवार में पत्नी मिथलेश के अलावा तीन बेटियां हैं। मंगलवार शाम को मिथलेश खेत में काम कर रही थीं। तभी वहां पड़ोसी सोनू यादव (40) पहुंचा। उसने चाकू से मिथलेश पर हमला कर दिया। इससे उनकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर एसपी अभिनव मांगलिक, एएसपी महेंद्र पाल सिंह, सीओ प्रमोद कुमार शुक्ला सहित कई थानों की पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने जांच-पड़ताल के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मिथलेश की जेठानी निर्मला देवी ने बताया- उनकी देवरानी भागते हुए आई थीं। बताया, सोनू हमला करने आ रहा है। इसी बीच सोनू वहां पहुंच गया और पेट, गले और पीठ पर चाकू से कई वार कर दिए। रोकने की कोशिश के बावजूद आरोपी नहीं रुका। हत्या कर वहां से फरार हो गया। तीन बेटियों पर टूटा दुखों का पहाड़मिथलेश की तीन बेटियां है। इनमें अंजली कक्षा 3, श्रेया कक्षा 2 और आकांक्षा केजी में पढ़ती हैं। उनके पिता जय सिंह मुंबई में काम करते थे। हाल ही में होली पर घर आए थे। बेटी अंजली के अनुसार, सोनू का उनके घर आना-जाना था। उसने उनकी मां का अश्लील वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया था और जांच में सामने आया कि आरोपी ने फर्जी आईडी से वीडियो पोस्ट किया था। इसी रंजिश में उसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया। परिजनों का आरोप है कि आरोपी महिला के जेवर भी ले गया था। बताया गया कि सोनू कोई स्थायी काम नहीं करता था और ट्रैक्टर से स्टंट कर रील बनाने का शौक रखता था। एसपी अभिनव मांगलिक ने बताया- आरोपी और महिला के घर पास-पास हैं। अश्लील वीडियो वायरल करने के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी ने इस घटना को अंजाम दिया। फिलहाल आरोपी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें… प्रयागराज में पूर्व मंत्री का कोल्ड स्टोरेज ढहा,4 की मौत, मलबे से 17 लोगों को बाहर निकाला गया उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे तेज धमाके के बाद कोल्ड स्टोरेज की एक बिल्डिंग ढह गई। मलबे में करीब 20 से अधिक मजदूर दब गए। हादसे में 4 मजदूरों की मौत हुई है। मरने वालों में पिलत चौधरी, मशींदर, ज्योतिष और जगदीश शामिल हैं। जगदीश प्रयागराज और बाकी तीनों बिहार के रहने वाले थे। अब तक 17 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है। पढ़ें पूरी खबर
लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में देर रात एक युवक ने ट्रेन के आगे छलांग लगाकर सुसाइड कर लिया। युवक साड़ी के शोरूम में काम करता था। पुलिस में शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है। रानीगंज नाका हिंडोला निवासी अजीत तिवारी उर्फ अज्जू (32) पुत्र राजेंद्र कृष्ण तिवारी पारा के बुद्धेश्वर में रहते थे। अजीत व उनकी पत्नी सौम्या तिवारी नमस्कार शोरूम में काम करते थे। अजीत मंगलवार रात करीब 10 बजे ठाकुरगंज में खंबा नंबर 1080/32 के पास ट्रेन के सामने कूद गए। पान मसाला खाकर ट्रेन के आगे छलांग लगाई परिवार में भाई आशीष तिवारी, पत्नी सौम्या तिवारी, बेटी श्री तिवारी (6) और मां नीता तिवारी हैं। इंस्पेक्टर ठाकुरगंज का कहना है कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिवार से पूछताछ की जा रही है, आत्महत्या के वजह भी स्पष्ट नहीं हो सकी है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया युवक टहलता हुए ट्रेन की पटरी के पास पहुंचा। पास की दुकान से पान मसाला खरीदा, जिसे फाड़ कर खाया। इस बीच दूर से ट्रेन आता देखकर करीब पहुंचा और अचानक ट्रेन के आगे कूद गया। कटकर उसकी मौत हो गई। ट्रेन हरदोई की तरफ से आ रही थी।
रोटरी क्लब मेरठ संभाग द्वारा 24 मार्च को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में भव्य नवसंवत्सर उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रसिद्ध लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं, जबकि रोटरी इंटरनेशनल निदेशक रो. बासुदेव गोलियान भी विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के सम्मान के साथ की गई। कार्यक्रम संयोजक रो. प्रणय गुप्ता ने बताया कि प्रतियोगिता दो चरणों में आयोजित की गई थी, जिसके अंतिम चरण में मेरठ के 15 चयनित विद्यालयों ने भाग लिया। सभी स्कूलों ने लोक एवं शास्त्रीय नृत्य के माध्यम से भारत की समृद्ध संस्कृति और गौरवशाली इतिहास की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। निर्णायक मंडल में शिवांगी संगीत महाविद्यालय की संस्थापक व सदस्य शामिल रहीं। इस दौरान शिवांगी संगीत महाविद्यालय की ओर से विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी गई, जिसने दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। प्रतियोगिता में विजेताओं के लिए आकर्षक नकद पुरस्कार और ट्रॉफी निर्धारित की गई—प्रथम पुरस्कार ₹51,000, द्वितीय ₹31,000, तृतीय ₹21,000 तथा दो सांत्वना पुरस्कार ₹5,100-₹5,100 दिए गए। सभी प्रतिभागी छात्रों को सहभागिता प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। प्रतियोगिता में शामिल प्रत्येक स्कूल को भारत के अलग-अलग राज्यों की संस्कृति और इतिहास प्रस्तुत करने का दायित्व दिया गया था, जिससे दर्शकों को देश की विविधता का एक ही मंच पर अनुभव हुआ। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हिंदू नववर्ष के प्रति जागरूकता बढ़ाना और नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, जहां सभी धर्मों का सम्मान है, लेकिन भारतीय नववर्ष को भी उत्सव के रूप में मनाना जरूरी है। कार्यक्रम पूरी तरह नि:शुल्क रखा गया। करीब 35 स्कूलों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 28 ने प्रथम चरण में भाग लिया और 15 स्कूल फाइनल तक पहुंचे। यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का मंच बना, बल्कि युवाओं को भारतीय विरासत से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक पहल भी साबित हुआ।
बहुत कम ऐसा होता है, जब गर्मी में किसी बांध के गेट खोले जाए। पर जरूरत पड़ने पर ऐसा किया जाता है। जबलपुर के बरगी बांध के गेट को मार्च के माह में खोला गया। वजह यह कि रेलवे को पानी की अधिक जरूरत है, लिहाजा राज्य सरकार की सहमति के बाद मंगलवार को बरगी बांध के तीन गेट खोले गए हैं। हालांकि पानी छोड़ने से बांध के निचले स्तर पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। बरगी बांध प्रबंधन के मुताबिक रेलवे की जरूरतों को देखते हुए मंगलवार की रात 9 बजे रानी अवंति बाई लोधी सागर परियोजना बरगी बांध के इक्कीस में से तीन गेट औसतन 0.33 मीटर तक खोल दिए गए हैं। इन गेटों में गेट नंबर 11 को 50 सेंटीमीटर तथा गेट नंबर10 और 12 को 25-25 सेंटीमीटर की ऊंचाई तक खोला गया है। बरगी बांध के कार्यपालन यंत्री राजेश सिंह ने बताया कि बरगी बांध स्थित जल विद्युत उत्पादन इकाइयों को मेंटेनेंस के लिये बंद किए जाने की वजह से नर्मदा नदी में पानी का प्रवाह कम हो गया था, जिसके चलते रेलवे की जलापूर्ति बाधित हो गई थी। कार्यापालन यंत्री के मुताबिक बरगी बांध के खोले गये तीनों गेटों से 112 क्यूमेक पानी की निकासी की जाएगी, ताकि रेलवे के दारोगाघाट स्थित पंप हाउस तक पर्याप्त पानी पहुँच सके। गेटों से पानी छोड़ने से बांध के निचले क्षेत्र में स्थित घाटों के जल स्तर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इससे पहले जून 2025 में भी बरगी बांध के तीन गेट खोले गए थे। प्रबंधन का कहना था कि जबलपुर जिला प्रशासन की ओर से एक रिक्वेस्ट आई थी, जिसके बाद नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने बांध के गेट खोलने का फैसला किया। बरगी बांध के फिलहाल 3 गेट खोले गए हैं, इन्हें लगभग 1 मीटर तक खोला गया है।
राम नवमी पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने के उद्देश्य से मंगलवार शाम को मधुबनी पुलिस लाइन में एंटी-रायट मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाना और दंगा नियंत्रण की विभिन्न तकनीकों का अभ्यास करना था। मॉक ड्रिल का शुभारंभ एसपी योगेन्द्र कुमार ने किया। उन्होंने बताया कि राम नवमी के दौरान संभावित उपद्रवों को रोकने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है। ड्रिल में लाठीचार्ज, आंसू गैस, वाटर कैनन और रबर बुलेट्स का इस्तेमाल कर दंगा प्रभावित स्थिति का यथार्थवादी अनुकरण किया गया। जिला मजिस्ट्रेट के प्रतिनिधि भी इस दौरान मौजूद रहेइस अभ्यास में लगभग दो सौ से अधिक पुलिसकर्मियों ने भाग लिया, जिनमें एसआई, एएसआई और कांस्टेबल शामिल थे। जिला मजिस्ट्रेट के प्रतिनिधि भी इस दौरान मौजूद रहे। एसपी ने कहा कि राम नवमी पर जिले के कई स्थानों पर हजारों श्रद्धालु शोभा यात्राओं और मठ-मंदिरों में उमड़ेंगे। हमारी तैयारी ऐसी है कि किसी भी असामाजिक तत्व को उपद्रव करने का मौका नहीं मिलेगा। ड्रिल में भीड़ नियंत्रण, घेराबंदी और बचाव अभ्यास पर विशेष जोर दिया गया। पुलिसकर्मियों को हेलमेट, ढाल और अन्य आवश्यक उपकरणों से लैस कर तैनात किया गया था। एक नकली दंगा परिदृश्य बनाकर उपद्रवी भीड़ को तितर-बितर करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। बासोपट्टी जैसे कई क्षेत्रों से शोभायात्राएं निकलती हैंमधुबनी जिले में राम नवमी का उत्सव भव्य रूप से मनाया जाता है। मधुबनी शहर के लहेरियागंज, स्टेशन रोड, बड़ा बाजार सहित जयनगर, राजनगर, बिस्फी, बासोपट्टी जैसे कई क्षेत्रों से शोभायात्राएं निकलती हैं। पुलिस ने जिले के सभी थानों को हाई-अलर्ट जारी कर दिया है। राम नवमी के दौरान एसएसबी और होमगार्ड की अतिरिक्त टुकड़ियां भी तैनात की जाएंगी। ड्रिल के अंत में एक फीडबैक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें कमियों को दूर करने और भविष्य की तैयारियों पर चर्चा हुई। जिला प्रशासन ने नागरिकों से शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्वक पर्व मनाने की अपील की है। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में अन्य पर्व और त्योहारों के लिए भी ऐसे ही अभ्यास आयोजित किए जाएंगे।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स के छात्रों के लिए अब करियर की नई राहें खुलने वाली हैं। यूनिवर्सिटी के फाइन आर्ट्स विभाग और महाराष्ट्र के 'नमस्ते इंडिया अंतर्राष्ट्रीय कलाकार संघ' के बीच एक बड़ा समझौता (MoU) हुआ है। इस समझौते के तहत अब कानपुर के उभरते कलाकार मुंबई, पुणे और गुजरात जैसे बड़े कला केंद्रों में जाकर इंटर्नशिप कर सकेंगे। देश के बड़े शहरों में सीखेंगे बारीकियां इस समझौते का सबसे बड़ा फायदा छात्रों के प्रैक्टिकल नॉलेज को मिलेगा। अब तक छात्र जो हुनर क्लासरूम में सीख रहे थे, उसे अब बड़े प्लेटफॉर्म पर आजमाने का मौका मिलेगा। MoU के मुताबिक, चयनित छात्रों को कानपुर से बाहर भेजकर वहां की क्षेत्रीय कलाओं और आधुनिक आर्ट फॉर्म्स को करीब से देखने और सीखने का अवसर दिया जाएगा। इससे छात्रों के क्रिएटिव स्किल्स और प्रोफेशनल नेटवर्क में काफी सुधार होने की उम्मीद है। तीन दिनों तक सजी रही कला की महफिल यूनिवर्सिटी में 23 से 25 मार्च तक तीन दिवसीय चित्रकला कार्यशाला और प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस दौरान कैंपस का माहौल पूरी तरह कलात्मक नजर आया। इस वर्कशॉप में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए दिग्गज कलाकारों ने शिरकत की। केरल की स्वतंत्र कलाकार मिनी सुबोध, इंद्रा चंद्रशेखर, वैशाली मोरे और स्मिता भामरे जैसे कलाकारों ने छात्रों के साथ अपने अनुभव साझा किए और पेंटिंग की नई तकनीकें सिखाईं। रोजगार और अनुभव के खुलेंगे द्वार इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स के निदेशक डॉ. मिठाई लाल ने बताया कि इस तरह के समझौतों से संस्थान और छात्र दोनों को नई पहचान मिलती है। दिग्गज कलाकारों की मौजूदगी से छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ता है। वहीं कार्यक्रम आयोजक सुधीर एस. सोलंकी ने कहा कि उनकी संस्था लगातार देश के विभिन्न संस्थानों में इस तरह के रचनात्मक और शैक्षिक आयोजन करती रहती है ताकि छात्रों को इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जा सके। इस खास मौके पर संस्थान के वरिष्ठ शिक्षक और फैकल्टी मेंबर्स मौजूद रहे। इनमें प्रो. शुभम शिवा, सहायक प्रोफेसर जे. बी. यादव, डॉ. राज कुमार सिंह, तनीषा वधावन, डॉ. बप्पा माजी, विनय सिंह, डॉ. रणधीर सिंह, डॉ. मंतोष यादव और कीर्ति वर्मा सहित अन्य लोग शामिल थे। सभी ने इस पहल को छात्रों के भविष्य के लिए एक मील का पत्थर बताया।
सुपौल जिले में करीब नौ वर्ष पुराने गैर इरादतन हत्या के एक मामले में मंगलवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनंत सिंह की अदालत ने अहम फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी गंगा प्रसाद साह को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि आरोपी अर्थदंड की राशि जमा नहीं करता है, तो उसे अतिरिक्त 6 माह की सजा भुगतनी होगी। पति के साथ आंगन में बैठी थी मृतकायह मामला मरौना थाना कांड संख्या 56/17 और सत्रवाद संख्या 252/17 से संबंधित है। पीड़िता तारा देवी, जो मृतक जयनारायण साह की पत्नी हैं, ने बताया कि 9 मई 2017 की शाम करीब पांच बजे वह अपने पति के साथ आंगन में बैठी थीं। इसी दौरान गांव के ही गंगा प्रसाद साह अपने परिजनों के साथ वहां पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। विवाद बढ़ने पर गंगा प्रसाद साह ने लकड़ी के डंडे से जयनारायण साह के सिर पर हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गईघटना के बाद घायल जयनारायण साह को इलाज के लिए पटना ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस मामले में लंबी सुनवाई के दौरान अदालत में कुल 10 गवाहों की गवाही हुई, जिनमें 7 अभियोजन पक्ष और 3 बचाव पक्ष के गवाह शामिल थे। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश कुमार सिंह ने पक्ष रखा, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विनोद कांत झा ने बहस की। अदालत ने 18 मार्च को आरोपी गंगा प्रसाद साह को दोषी ठहराया था और मंगलवार को सजा के बिंदु पर निर्णय सुनाया। इस फैसले के साथ ही पीड़ित परिवार को न्याय मिला, वहीं अदालत का यह निर्णय ऐसे मामलों में एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
नीट छात्रा के संदिग्ध मौत मामले में CBI की जांच जारी है। इस केस में पूछताछ के लिए जांच एजेंसी ने मंगलवार को पीड़िता के एक रिश्तेदार को अपने ऑफिस बुलाया था। परिवार और वकील के अनुसार सुबह 10:30 बजे वो ऑफिस पहुंचे। शाम को सवा 7 बजे के करीब पूछताछ के बाद छोड़ा गया। करीब 9 घंटे तक उसे CBI टीम ने अपने सामने रखा। कई सवाल पूछे। परिवार-वकील एसके पांडेय का आरोप है कि CBI ने रिश्तेदार के उपर काफी दबाव बनाया। कहा गया कि मान लो कि लड़की ने सुसाइड किया है। जबरन DNA टेस्ट के लिए सैंपल देने का दबाव बनाया गया है। हालांकि, उसका सैंपल लिया नहीं गया। अपनी गाड़ी में बैठाकर टीम उसे प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल भी ले गई थी। कोर्ट का आदेश जरूरी पीड़ित परिवार के वकील एसके पांडेय बताते हैं कि DNA टेस्ट जांच एजेंसी अपनी मर्जी से किसी का भी नहीं करा सकती है। टेस्ट के लिए उसे सबसे पहले कोर्ट का परिमशन लेना होगा। इसके बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सैंपल लिया जाता है। अब तक मां-बाप का बयान दर्ज नहीं कराया इस केस में 2 फरवरी को पटना हाईकोर्ट ने एक आदेश दिया था। उस आदेश के तहत एक प्रोटेस्ट पिटिशन पोक्सो कोर्ट में दाखिल की गई थी। इसके तहत ही आज सुनवाई हुई। कोर्ट ने CBI से केस की स्टेट्स रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद ही नई तारीख पर जल्द ही सुनवाई होगी। एसके पांडेय के अनुसार CBI ने अब तक लड़की की मां और पिता का बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज नहीं कराया है। जो पोक्सो से जुड़े एक केस में सुप्रीम कोर्ट के दिए गए आदेश का सीधा उल्लंघन है। इस मामले में 6 मार्च को ही एक क्रिमिनल कंटेम्प्ट कोर्ट में दाखिल की गई है।
ललितपुर में मंगलवार को महिला सशक्तिकरण के तहत चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के अंतर्गत एक सराहनीय पहल की गई। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में कक्षा 12 की छात्रा रोहिणी को जिलाधिकारी सत्य प्रकाश द्वारा एक दिन के लिए जिलाधिकारी बनाया गया। इस दौरान छात्रा रोहिणी ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने इन समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। एक दिन की जिलाधिकारी के रूप में रोहिणी ने प्रशासनिक जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया और आमजन की समस्याओं के समाधान के प्रति सजगता दिखाई। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने इस अवसर पर कहा कि मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत बालिकाओं का एक दिन का अधिकारी बनना उनके आत्मविश्वास, जागरुकता और नेतृत्व कौशल को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने यह भी बताया कि यह पहल समाज में महिलाओं व बालिकाओं की भूमिका को और सशक्त बनाएगी। जिले में जिलाधिकारी सत्य प्रकाश द्वारा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत छात्राओं को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, ताकि वे भविष्य में समाज में सशक्त भूमिका निभा सकें। इस पहल की लोगों द्वारा सराहना की जा रही है। जिला प्रोबेशन अधिकारी नंदलाल सिंह ने जानकारी दी कि जनपद में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन हेतु नवरात्रि पर्व पर मिशन शक्ति के विशेष अभियान फेज-0.5 के द्वितीय चरण का शुभारंभ हो गया है। इसके अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर जन जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। साथ ही, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर, 181 हेल्पलाइन, निराश्रित महिला पेंशन योजना, शक्ति सदन जैसी महिला केंद्रित योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।
शाजापुर में दो बाइकों की टक्कर, चार लोग घायल:कॉलेज के सामने पैदल चल रही महिला पटवारी भी चपेट में आईं
शाजापुर के लालघाटी थाना क्षेत्र में मंगलवार रात करीब 8 बजे पंडित बालकृष्ण शर्मा नवीन कॉलेज के सामने दो तेज रफ्तार बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई, जिसकी चपेट में वहां से गुजर रही महिलाएं भी आ गईं। इस हादसे में चार लोग घायल हुए हैं। जानकारी के मुताबिक, विजयनगर की रहने वाली पांच महिलाएं मेला देखने के लिए घर से निकली थीं। जब वे कॉलेज के सामने सड़क पार कर रही थीं, तभी दो बाइकों की जोरदार टक्कर हुई। टक्कर इतनी भयानक थी कि एक बाइक अनियंत्रित होकर सीधे महिलाओं की ओर जा घुसी। पटवारी समेत चार लोग घायल हादसे में घायल प्रियांशी और मोहन बड़ोदिया में पदस्थ पटवारी सारिका को हल्की चोटें आई हैं। वहीं, बाइक सवार संजय और ईश्वर भी इस टक्कर में घायल हुए हैं। गनीमत रही कि साथ चल रही प्रियंका श्रीवास्तव, शकुंतला और दीपिका बाल-बाल बच गईं। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत मदद की और सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। पुलिस की कार्रवाई लालघाटी थाना प्रभारी अर्जुन सिंह मुजाल्दे ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। फिलहाल सभी घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। पुलिस अब घायलों के बयान दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
दतिया में ठेलेवाले ने तिरंगे से फल पोंछे:वीडियो वायरल होने के बाद FIR, जांच में जुटी पुलिस
दतिया की इंदरगढ़ तहसील में राष्ट्रीय ध्वज के कथित अपमान का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। शीतला बाजार में एक फल विक्रेता द्वारा तिरंगे से फल पोंछने का वीडियो मंगलवार सुबह वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस ने देर शाम आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। जानकारी के अनुसार, इंदरगढ़ के शीतला बाजार में फल विक्रेता मोहम्मद जमील (50), निवासी अंदर बस्ती कथित तौर पर राष्ट्रीय ध्वज से फल साफ करते हुए दिखाई दिया। मौके पर मौजूद एक नागरिक ने उसे फटकार लगाई, जिसके बाद उसने तिरंगा अलग रख दिया। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि वीडियो कितनी तारीख का है। करणी सेना की आपत्ति के बाद एफआईआर दर्जवीडियो वायरल होने के बाद नगर में आक्रोश फैल गया। करणी सेना के पदाधिकारियों ने थाने पहुंचकर मामले में शिकायत दर्ज कराई। जिला अध्यक्ष सिरोमणि सिंह सोलंकी और फरियादी शीशुपाल सिंह ने पुलिस को दिए आवेदन में कहा कि सार्वजनिक स्थान पर तिरंगे का इस तरह उपयोग करना राष्ट्रध्वज का अपमान है और इससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। इंदरगढ़ पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। सेवढ़ा एसडीओपी अजय चानना ने बताया कि मामले में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
मोतिहारी के टीबी अस्पताल में विश्व यक्ष्मा दिवस के अवसर पर “टीबी मुक्त भारत अभियान” के तहत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी, डॉक्टर और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार ने बताया कि टीबी एक गंभीर लेकिन पूरी तरह से इलाज योग्य बीमारी है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग इसके खिलाफ लगातार सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि टीबी मरीजों के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें मुफ्त जांच और पूर्ण उपचार की सुविधा उपलब्ध है। नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित डॉ. कुमार ने आगे कहा कि “टीबी मुक्त भारत अभियान” के तहत जिले में नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य लोगों में इस बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें समय पर जांच व इलाज कराने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी को लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना या कमजोरी जैसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत नजदीकी टीबी अस्पताल जाकर जांच कराएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टीबी अस्पताल में सभी आवश्यक जांच और दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध हैं, ताकि मरीजों को किसी भी प्रकार की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। डॉ. कुमार ने जोर देकर कहा कि समय पर इलाज से टीबी को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने उपस्थित लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि टीबी से डरने की नहीं, बल्कि समय पर इलाज कराने की आवश्यकता है। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने “टीबी मुक्त भारत” के संकल्प को साकार करने के लिए सामूहिक रूप से प्रतिबद्धता व्यक्त की।
बिहार बॉर्डर पर पेट्रोल-डीजल का संकट:3 दिन से 6 पेट्रोल पंपों पर तेल खत्म, सप्लाई भी नहीं आ रही
देवरिया में यूपी-बिहार सीमा से सटे इलाकों में पेट्रोल और डीजल का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। पिछले तीन दिनों से लगभग आधा दर्जन पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म होने के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर देवरिया से बरियारपुर और सरोड़ा होते हुए बिहार जाने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। देवरिया जिला मुख्यालय से बरियारपुर, सरौरा होते हुए बिहार जाने वाले मार्ग पर कई पेट्रोल पंप स्थित हैं। इनमें इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप लाहिलपार और बीपीसीएल पेट्रोल पंप लाहिलपार पर पेट्रोल-डीजल पूरी तरह समाप्त हो गया है। इसके अतिरिक्त, करौदी बाजार स्थित बाबा अमरनाथ पेट्रोलियम और धुसवा बाजार के अननया पेट्रोलियम सहित अन्य पंपों पर भी यही स्थिति बनी हुई है। इन पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कमी से दैनिक यात्रियों, ट्रांसपोर्टरों और बाइक सवारों को काफी असुविधा हो रही है। कई वाहन चालकों को लंबी दूरी तय कर अन्य क्षेत्रों से ईंधन भरवाना पड़ रहा है, जिससे उनके समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, अचानक ईंधन आपूर्ति बाधित होने से स्थिति गंभीर हो गई है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यहां से बिहार आने-जाने वाले वाहनों की संख्या अधिक रहती है, जिससे ईंधन की मांग भी अधिक है और संकट गहरा गया है। जिला पूर्ति अधिकारी संजय कुमार पांडे ने बताया कि कुछ पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल खत्म होने की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि मामले की रिपोर्ट मांगी गई है और रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन द्वारा जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, जब तक आपूर्ति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक लोगों को इसी तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जंग का असर भारत में भी दिखने को मिल रहा है। एलपीजी गैस के बाद अब तेल का स्टॉक भी कम होने लगा है। मंगलवार को बाड़मेर शहर के पेट्रोल पंप पर सुबह से राशनिंग सिस्टम से तेल भरा गया। तेल खत्म होने की अफवाहों के बीच सुभाष चौक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल खत्म हो गया। रात को करीब 8 बजे पेट्रोल पंप बंद करना पड़ा। इससे उपभोक्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले में पेट्रोल पंप संचालक का कहना है- बीते दो दिन से तेल डिपो से पेट्रोल की डिमांड की जा रही थी। लेकिन उनकी ओर से सप्लाई नहीं की गई है। उनकी ओर से कहा जा रहा है कि आपके पास पर्याप्त स्टॉक है। जिला रसद अधिकारी कंवराराम का कहना है कि बाड़मेर जिले में पेट्रोल-डीजल एवं गैस की पर्याप्त उपलब्धता है। आमजन को घबराने की आवश्यकता नहीं है। सुभाष चौक के पंप को छोड़कर बाकी सभी पंप पर पेट्रोल व डीजल उपलब्ध है। दरअसल, खाड़ी देशों के बीच में 25 दिन से युद्ध जारी है। इससे तेल व एलपीजी की सप्लाई डिमांड के अनुरूप नहीं हो रही है। बाड़मेर शहर में पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल की सप्लाई डिमांड के अनुसार नहीं हो रही है। शनिवार को पेट्रोल पंप के संचालकों के तेल की सप्लाई हुई थी। इसके बाद डिमांड के बावजूद नहीं हो रही है। रविवार को पेट्रोप डिपो बंद रहे। सोमवार और मंगलवार को कंपनियों ने कई संचालकों को स्टॉक उपलब्ध होने की बात कहते हुए सप्लाई नहीं की। पेट्रोल खत्म होने पर बंद किया पंपमंगलवार को शहर के सुभाष चौक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल खत्म हो गया। इससे रात 12 बजे बंद होने वाला पेट्रोल पंप 7:30 बजे बंद करना पड़ा। संचालक पारसमल जैन का कहना है कि मंगलवार को आम दिनों की अपेक्षा पेट्रोल की सेल ज्यादा हुई है। दीपावली के दिन जितनी सेल आज हो गई। इससे पहले हमने सुबह राशनिंग सिस्टम शुरू किया। उपभोक्ता मांगते थे, उतना पेट्रोल नहीं भरवाया। कंज्यूमर को जवाब देना मुश्किल हो रहा था, इस वजह से बंद करना पड़ा। डीएसओ बोले- तेल व गैस की उपलब्धता में कोई कमी नहीं है जिला रसद अधिकारी कंवराराम ने बताया कि एलपीजी संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए 181, 112 और 14435 हेल्पलाइन नंबर चौबीस घंटे संचालित हैं। जिले में कहीं भी कृत्रिम संकट, कालाबाजारी या जमाखोरी जैसी स्थिति नहीं पैदा हो। इसके लिए प्रभावी कदम उठाए गए है। इसके लिए जिला प्रशासन,पुलिस और रसद विभाग सतर्क है। जमाखोरों, अफवाह फैलाने वालों पर सख्त मॉनिटरिंग करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिससे आमजन को किसी प्रकार की समस्या नहीं हो और उनकी समस्या का त्वरित समाधान हो। उन्होंने अपील की कि आमजन पैनिक होकर खरीददारी नहीं करें l
खंडवा ग्रामीण कांग्रेस की जिला कार्यकारिणी मंगलवार शाम घोषित हो गई है। 50 पदाधिकारियों वाली इस कमेटी की घोषणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने की है। इनमें कोषाध्यक्ष, महामंत्री और उपाध्यक्ष सहित सोशल मीडिया प्रभारी और प्रवक्ता शामिल हैं। खास बात यह है कि जो नेता आगामी 2028 के विधानसभा चुनाव के लिए तैयारी में जुटे हैं, उन्हें कमेटी में शामिल किया गया है। जिला ग्रामीण कांग्रेस की कमेटी में खंडवा जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि रामपालसिंह सोलंकी, पूर्व जनपद अध्यक्ष कैलाश पटेल, जनपद सदस्य धर्मेंद्र साकल्ले और पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष संजय पाटीदार जैसे नाम शामिल हैं। बता दें कि धर्मेंद्र साकल्ले ने खंडवा ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष और संजय पाटीदार ने किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष के लिए दावेदारी की थी। दो दिन पहले जारी हुई ब्लॉक अध्यक्ष और जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष की लिस्ट में इन दोनों नेताओं का नाम नहीं था। ऐसे में अब इन नेताओं को जिला कार्यकारिणी में एडजस्ट किया गया है। पूर्व प्रवक्ता प्रेमांशु जैन को दोबारा प्रवक्ता नियुक्त किया गया है।
प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNNIT) में मंगलवार को तीन दिवसीय 'संकल्प 2026' राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। उत्तर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर इसका उद्घाटन किया। उन्होंने इस दौरान छात्रों द्वारा किए गए आविष्कारों का भी निरीक्षण किया। अपने संबोधन में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने युवाओं से कौशल आधारित शिक्षा अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। मंत्री ने जोर दिया कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कौशल ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने देश के समग्र विकास के लिए सरकार, शिक्षण संस्थानों और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय को आवश्यक बताया। मंत्री अग्रवाल ने युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन तकनीक और थ्री-डी प्रिंटिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में दक्षता हासिल करने की सलाह दी। उन्होंने छात्रों को नवाचार अपनाने के लिए भी प्रेरित किया। इस अवसर पर एमएनएनआईटी के निदेशक आर एस वर्मा ने 'संकल्प 2026' के विषय के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सम्मेलन का विषय आत्मनिर्भर नेतृत्व और समृद्धि के लिए कौशल और ज्ञान का पोषण है। उन्होंने यह भी बताया कि इस सम्मेलन में देशभर से 50 से अधिक विशेषज्ञ वक्ता, 700 से अधिक प्रतिभागी और 40 चयनित टीमें अपने नवाचार प्रस्तुत करेंगी। इस आयोजन को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) प्रयागराज और इलाहाबाद विश्वविद्यालय सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों का सहयोग प्राप्त है। तीन दिवसीय इस सम्मेलन को पांच प्रमुख खंडों में विभाजित किया गया है: संकल्प नई सोच, संकल्प वार्ता, संकल्प संवाद, संकल्प नवाचार और संकल्प सृजन। इन खंडों के तहत, नवउद्यम निवेशक अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। साथ ही, कार्यशालाओं, गोलमेज चर्चाओं और विज्ञान प्रदर्शनी के माध्यम से युवाओं को नवाचार और कौशल विकास के नए अवसर प्रदान किए जाएंगे। कार्यक्रम में कई शिक्षाविद्, विशेषज्ञ और उद्योग जगत के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। इस आयोजन को युवाओं को नई दिशा देने और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
सुपौल के भीमपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक युवक को स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 35.86 ग्राम स्मैक बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 3 लाख 70 हजार रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने मौके से एक होंडा साइन बाइक भी जब्त की है। गुप्त सूचना पर की गई कार्रवाई जानकारी के अनुसार, मंगलवार की सुबह पुलिस को सूचना मिली थी कि भीमपुर थाना क्षेत्र के जीवछपुर इलाके में मादक पदार्थों की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रानीपट्टी नहर के पास घेराबंदी कर दी। घेराबंदी के दौरान एक संदिग्ध युवक को पकड़ लिया गया। तलाशी लेने पर उसके पास से स्मैक बरामद हुई, जिसे छोटे-छोटे पैकेट में रखा गया था। 69 पुड़ियों में पैक थी स्मैक पुलिस जांच में सामने आया कि बरामद स्मैक को कुल 69 पुड़ियों में पैक किया गया था। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि आरोपी इसे छोटे स्तर पर बेचने की तैयारी में था। गिरफ्तार युवक की पहचान जीवछपुर वार्ड-4 निवासी मो. नसीम साफी के रूप में की गई है। संयुक्त नेतृत्व में हुई कार्रवाई इस कार्रवाई को छातापुर बीडीओ डॉ. राकेश गुप्ता और भीमपुर थानाध्यक्ष मिथिलेश पांडेय के संयुक्त नेतृत्व में अंजाम दिया गया। अधिकारियों की मौजूदगी में जब्त मादक पदार्थ का विधिवत आकलन किया गया और जब्ती सूची तैयार की गई। पुलिस कर रही नेटवर्क की जांच भीमपुर थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे भेजा जा रहा है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी अकेले इस कारोबार में शामिल था या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। इसके लिए उससे पूछताछ की जा रही है और अन्य संभावित ठिकानों पर भी नजर रखी जा रही है। इलाके में मचा हड़कंप इस कार्रवाई के बाद इलाके में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। सख्ती जारी रहने के संकेत पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशा कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के दक्षिण संभाग में आज समाधान शिविर का आयोजन किया गया। प्रबंध निदेशक डिस्ट्रीब्यूशन भीमसिंह कंवर ने उपभोक्ताओं से सीधे वार्तालाप कर बकाया बिल की वास्तविक जानकारी ली। आज शिविर में उपभोक्ताओं को 1 लाख 60 हजार 415 रुपए की छूट मिली है। आज के समाधान शिविर में सक्रिय और निष्क्रिय उपभोक्ताओं की पूरी जानकारी लेते हुए कंवर ने अधिकारियों को योजना में ज्यादा से ज्यादा हितग्राहियों को लाभ देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को समाधान योजना को मानवीय सेवा के उद्देश्य से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। गरीब-असमर्थ, जरूरतमंद हितग्राहियों को प्रमाण पत्र दिए आज के समाधान शिविर में हितग्राहियों को प्रमाण पत्र वितरित किया गया जो गरीब, असमर्थ, जरूरतमंद थे। इशरत खान घरेलू उपभोक्ता (रावणभाठा जोन) की जानकारी संभाग ने ली। जिनकी कोविड के समय से 1 लाख 9801 राशि का बकाया था, उनके बेटे की कोविड के दौरान मौत हो गई थी। तब से ये बिल भुगतान करने में असमर्थ थी। फिर भी बीच-बीच में वे कभी एक हजार कभी तीन हजार जमा करती रही। लेकिन बकाया राशि अधिक होने के कारण वे इसे पूर्णतः समाप्त नहीं कर पा रही थी। दक्षिण संभाग ने मैदानी अमलों को भेज कर उन्हें समाधान योजना के बारे में बताया और आज समाधान योजना के तहत उन्हें मिल रहे 97 हजार 981 रुपए की लाभ का प्रमाण पत्र दिया गया। 423 उपभोक्ताओं का 42 लाख बकाया दक्षिण संभाग में रावणभाठा, देवपुरी और पुरैना जोन आते हैं। समाधान शिविर वहीं के पात्र उपभोक्ता को लाभ देने और योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए रिर्पोट तैयार कर बताया गया कि, दक्षिण संभाग में निष्क्रिय उपभोक्ताओं की संख्या 423 है। जिसकी कुल बकाया राशि लगभग 42 लाख है। समाधान शिविर के तहत इन उपभोक्ताओं को लगभग 23 लाख 42 हजार 804 रुपए राशि की छूट दी जाएगी। जिसमें बीपीएल, कृषि और घरेलू उपभोक्ता शामिल हैं। आज के समाधान शिविर में कुल 1 लाख 60 हजार 415 रुपए की छूट उपभोक्ताओं की दी गई। दक्षिण संभाग में सक्रिय उपभोक्ताओं न के बराबर है। जिनसे मैदानी अमलों ने बात करके पैसे जमा करने के लिए समझाईश दी गई और उपभोक्ताओं ने पार्ट पेमेंट भी कर दिया। आज के शिविर में प्रबंध निदेशक से वार्तालाप से प्रभावित होकर उपस्थित कुछ निष्क्रिय उपभोक्ता ने त्वरित भुगतान किया और कंवर ने मैदानी अमलों को पुनः कनेक्शन के आदेश दिए।
कटिहार पुलिस अधीक्षक ने आगामी रामनवमी पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से आज, 24 मार्च 2026 को पुलिस केंद्र, कटिहार में सभी पुलिस कर्मियों को विस्तृत ब्रीफिंग दी। इस दौरान, पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्हें हर परिस्थिति में सतर्क और मुस्तैद रहने का निर्देश दिया गया। साथ ही, सभी कर्मियों को अपने-अपने निर्धारित स्थलों पर तैनात रहकर जिम्मेदारीपूर्वक कर्तव्य का निर्वहन करने और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष रूप से निर्देशित किया गया। ब्रीफिंग में पर्व-त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने, संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने और आमजन के बीच सुरक्षा एवं विश्वास का माहौल बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
शेखपुरा में विश्व क्षय रोग (टीबी) दिवस के अवसर पर मंगलवार को सदर अस्पताल से जागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली को एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार सिंह, संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. सुभाषचंद्र बोस और सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. नौशाद आलम ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जागरूकता रैली सदर अस्पताल परिसर से शुरू होकर बाजार होते हुए पटेल चौक पहुंची। वहां से वापस सदर अस्पताल आकर कार्यक्रम का समापन हुआ। रैली में जीएनएम की छात्राओं और पारा मेडिकल छात्रों ने हिस्सा लिया। भरण-पोषण के लिए हर महीने सहायता राशि दी जातीएसीएमओ डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि टीबी का सही समय पर इलाज होने से व्यक्ति पूरी तरह ठीक हो सकता है। जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों और उप-स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी रोग के इलाज की सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां मुफ्त दवा के साथ-साथ सरकार द्वारा भरण-पोषण के लिए हर महीने सहायता राशि भी दी जाती है। बच्चों को बीसीजी का टीका लगवाना चाहिएडॉ. सिंह ने टीबी से बचाव के उपाय भी बताए। उन्होंने कहा कि बच्चों को बीसीजी का टीका लगवाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, संक्रमित व्यक्तियों से दूरी बनाए रखना, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकना, घरों और कार्यस्थलों पर उचित वायु संचार सुनिश्चित करना, स्वस्थ आहार लेना, नियमित व्यायाम करना और पर्याप्त नींद लेना आवश्यक है ताकि रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहे। उन्होंने जोर दिया कि टीबी के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और जांच कराएं। टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है, बशर्ते डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का नियमित सेवन किया जाए। 1365 से अधिक मरीजों में टीबी रोग की पुष्टि हुईडॉ. अशोक कुमार सिंह ने जानकारी दी कि बीते वर्ष अप्रैल माह से अब तक 1365 से अधिक मरीजों में टीबी रोग की पुष्टि हुई है। वर्तमान में 200 से अधिक सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है। इस अवसर पर सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. नौशाद आलम, डीआईओ डॉ. संजय कुमार, अस्पताल प्रबंधक धीरज कुमार, रौशन कुमार सहित जीएनएम, एएनएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे।
बेगूसराय के वीरपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक युवक की बूढ़ी गंडक नदी में डूबने से मौत हो गई। यह घटना डीह पर पंचायत के सरैया स्थित बूढ़ी गंडक नदी घाट पर स्नान के दौरान हुई। युवक गहरे पानी में चला गया था। मृतक की पहचान समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र के नरहन गांव निवासी 30 वर्षीय हरेराम साह के रूप में हुई है। वह सरैया माली टोला के प्रमोद साह का दामाद था। हरेराम लगभग 20 दिन पहले एक शादी में शामिल होने ससुराल आया था और तभी से वहीं रह रहा था। मंगलवार को हरेराम स्नान के लिए नदी में गया था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह पानी में डूब गया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घाट पर पहुंच गए। स्थानीय गोताखोरों ने काफी देर तक उसकी तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद प्रशासन को घटना की जानकारी दी गई। सूचना मिलने पर वीरपुर थाना प्रभारी रविंद्र कुमार और बीपीआरओ अभिषेक प्रभाकर मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। बाद में एसडीआरएफ (SDRF) टीम को बुलाया गया। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद शाम को युवक का शव नदी से बाहर निकाला। घटना के बाद मृतक के परिजनों का बुरा हाल है। पत्नी और बच्चों का हाल बेहाल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल बेगूसराय भेज दिया है और आगे की कार्रवाई कर रही है।
शाहजहांपुर में शिवलिंग खंडित किए जाने के आरोप को लेकर हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारियों ने हंगामा किया। उनका आरोप है कि दूसरे समुदाय के एक युवक ने शिवलिंग को जानबूझकर खंडित किया है। सूचना मिलने पर कोतवाली प्रभारी अश्वनी कुमार मौके पर पहुंचे और बताया कि सड़क चौड़ीकरण के कार्य के दौरान मजदूरों ने शिवलिंग को हटाया था, जिसे अब नया चबूतरा बनाकर पुनः स्थापित कर दिया गया है। यह घटना चौक कोतवाली क्षेत्र के बरेली मोड़ स्थित खाटू श्याम मंदिर के सामने एक पीपल के पेड़ के पास हुई। हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारियों ने कहा कि, यहां करीब तीस साल से एक शिवलिंग स्थापित था। मंगलवार दोपहर जब लोगों की नजर पड़ी तो शिवलिंग अपने चबूतरे से हटा हुआ था। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य बताते हुए जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में इस घटना को लेकर आक्रोश है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों से पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उस क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा था। निर्माण कार्य में लगे मजदूरों ने ही शिवलिंग को वहां से हटाया था। कोतवाली प्रभारी अश्वनी कुमार ने बताया- शिवलिंग को नया चबूतरा बनवाकर दोबारा स्थापित कर दिया गया है। उन्हें एक शिकायत पत्र मिला है, जिसमें शिवलिंग तोड़ने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आरोपों की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रेवाड़ी में मंगलवार को कार और टैंपों की टक्कर हो गई। टक्कर से टैंपों पलट गया। जिसमें दोनों ड्राइवरों सहित 6 यात्री घायल हो गए। घायलों में मां - बेटी और बेटा भी शामिल है।हादसा दिल्ली जयपुर हाइवे के बनीपुर चौक पर हुआ। हादसे में कार का अगला हिससा भी क्षतिग्रस्त हो गया। घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। सूचना के बाद कसौला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। अनियंत्रित होकर टकराई कार जानकारी के अनुसार बाबल में सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक मैनेजर देवराज कार में सवार होकर जा रहे थे। इसी दौरान बनीपुर चौक के अप्रोच रोड पर पड़े सीमेंट के स्लैब से बचने के प्रयास में कार अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे टैंपों से टकरा गई। कार की टककर से टैंपों पलट गया। जिससे टैंपों में सवार यात्रियों की चीख सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। कार और टैंपों में फंसे यात्रियों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचा। ऑटों में सवार थे चार यात्री जानकारी के अनुसार हादसे के समय ऑटो में ड्राइवर के अलावा चार यात्री सवार थे। जिनमें गांव शहबाजपुर गांव निवासी एक ही परिवार के तीन सदस्य भी शामिल थे। हादसे में शहबाजपुर निवासी संतोष, बेटा अमन और बेटी काजल भी घायल हो गए। यात्रियों के साथ कार और टैंपों ड्राइवर को भी चोटें आई। कसौला थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गयाजी में बिजली चोरी के खिलाफ आज कार्रवाई की गई। विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, गया (ग्रामीण) ने 12 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। यह अभियान कार्यपालक अभियंता ई. बिनोद कुमार के नेतृत्व में चलाया गया। सघन छापेमारी के दौरान अलग-अलग इलाकों में कई उपभोक्ता अवैध रूप से बिजली का उपयोग करते पकड़े गए। जांच में पाया गया कि कुछ उपभोक्ता बिना वैध कनेक्शन के सीधे लाइन से बिजली ले रहे थे, जबकि कुछ ने मीटर में छेड़छाड़ कर चोरी की थी। बढ़ते लाइन लॉस को नियंत्रित करना उद्देश्य इस विशेष अभियान का उद्देश्य बढ़ते लाइन लॉस को नियंत्रित करना और विभाग को हो रही राजस्व क्षति को रोकना है। पकड़े गए लोगों में दो औद्योगिक परिसर भी शामिल हैं, जहां बड़े पैमाने पर बिजली चोरी की जा रही थी। अधिकारियों के अनुसार, औद्योगिक इकाइयों की ओर से ऐसी अनियमितता गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है। छापेमारी के दौरान पकड़े गए सभी 12 उपभोक्ताओं पर विभाग की ओर से कुल 4.72 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इनमें चन्दौती थाना क्षेत्र के एक उपभोक्ता पर 2.32 लाख रुपये, जबकि चाकंद थाना क्षेत्र के अन्य उपभोक्ताओं पर 1.08 लाख और 1.32 लाख रुपये का जुर्माना शामिल है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी के खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सख्त चेतावनी और अपील कार्यपालक अभियंता ई. बिनोद कुमार ने कहा कि बिजली चोरी एक दंडनीय अपराध है, जिसके लिए जुर्माना के साथ-साथ जेल की सजा का भी प्रावधान है। उन्होंने आम उपभोक्ताओं से अपील की कि वे वैध कनेक्शन लेकर ही बिजली का उपयोग करें और किसी भी प्रकार की अनियमितता से बचें। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में बिजली चोरी करने वालों के बीच हड़कंप मच गया है। विभाग अब उन फीडरों पर विशेष नजर रख रहा है, जहां लाइन लॉस अधिक पाया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
जमुई में गैंगरेप मामले में विशेष पोक्सो कोर्ट ने मंगलवार को सख्त और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने तीनों दोषियों को अंतिम सांस तक कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। यह फैसला विशेष पोक्सो न्यायाधीश महेश्वर दुबे की अदालत ने सुनाया है। दोषियों में मोहम्मद इमरान उर्फ चांद, मोहम्मद आफताब अंसारी और मोहम्मद सद्दाम हुसैन शामिल हैं। अदालत ने 37 पृष्ठों के विस्तृत फैसले में गवाहों के बयान, साक्ष्य और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर तीनों को दोषी ठहराया। जघन्य अपराध पर अदालत की सख्ती सरकारी पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक मनोज कुमार शर्मा ने इस मामले को दुर्लभतम श्रेणी का बताते हुए दोषियों के लिए मृत्यु दंड की मांग की थी। वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता संजय कुमार और सत्यजीत कुमार ने अपनी दलीलें पेश कीं। अदालत ने सभी तथ्यों पर विचार करते हुए यह पाया कि आरोप गंभीर और प्रमाणित हैं, जिसके बाद तीनों को कठोरतम सजा दी गई। इस फैसले को न्यायपालिका की सख्ती और पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। 23 दिनों तक बंद कमरे में रखा, किया दुष्कर्म मामले के अनुसार 1 दिसंबर 2025 को जमुई के अलीगंज बाजार से 15 वर्षीय नाबालिग लड़की लापता हो गई थी। करीब 23 दिन बाद, 24 दिसंबर 2025 को पुलिस ने उसे कटिहार के एक बंद कमरे से बरामद किया। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि उसे अगवा कर कटिहार ले जाया गया, जहां लगातार 23 दिनों तक उसके साथ दुष्कर्म किया गया। उसने आरोप लगाया कि मोहम्मद इमरान उसे अलीगंज से ले गया, जहां इमरान और आफताब ने उसके साथ दुष्कर्म किया और बाद में उसे सद्दाम के हवाले कर दिया गया। इस दौरान पीड़िता की मां को धमकी भरा फोन भी किया गया, जिसमें कहा गया कि उसकी बेटी वापस नहीं आएगी। पुलिस की तुरंत कार्रवाई से गिरफ्तारी घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद मामले को तेजी से आगे बढ़ाया गया, ताकि पीड़िता को जल्द न्याय मिल सके। स्पीडी ट्रायल में दो महीने में सजा मामले को प्राथमिकता देते हुए पोक्सो कोर्ट में स्पीडी ट्रायल चलाया गया। 17 जनवरी 2026 को पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की, 22 जनवरी को कोर्ट ने संज्ञान लिया और 27 जनवरी से गवाही शुरू हुई। इस दौरान पीड़िता, उसकी मां, डॉक्टर नम्रता सिन्हा, पुलिस अधिकारी और स्कूल के प्रधानाध्यापक सहित कई अहम गवाहों के बयान दर्ज किए गए। 19 से 28 फरवरी तक बहस चली, जिसके बाद 16 मार्च को अदालत ने तीनों को दोषी करार दिया। लास्ट में 24 मार्च 2026 को सजा सुनाई गई। किन धाराओं में हुई सजा अदालत ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 96 तथा पोक्सो एक्ट की धारा 6 और 17 के तहत सजा सुनाई। इन धाराओं में अधिकतम मृत्युदंड या न्यूनतम 20 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक का प्रावधान है। न्यायपालिका की सख्ती का उदाहरण इस फैसले को न्यायपालिका की तत्परता और सख्ती का प्रतीक माना जा रहा है। मात्र दो महीने के भीतर ट्रायल पूरा कर दोषियों को सजा सुनाना यह दर्शाता है कि गंभीर अपराधों में त्वरित न्याय संभव है। यह निर्णय समाज के लिए एक मजबूत संदेश भी है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
कोंडागांव में रेत धंसने से हादसा:हाथ बोर की खुदाई के दौरान किसान की मौत
कोंडागांव जिले के बनियागांव स्थित बलारी नाला में मंगलवार दोपहर एक युवा किसान की जान चली गई। हाथ बोर की खुदाई के दौरान अचानक रेत धंसने से किसान गड्ढे में दब गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, कोंडागांव थाना क्षेत्र के माझीपारा बनियागांव निवासी सुखराम पोयम (32) अपने खेत में सिंचाई के लिए बलारी नाला में करीब 10 फीट गहरा गड्ढा खोद रहा था। दोपहर लगभग 2 बजे खुदाई के दौरान अचानक ढीली रेत खिसक गई और देखते ही देखते पूरा गड्ढा धंस गया, जिससे सुखराम पूरी तरह रेत में दब गया। 2 घंटे JCB से खुदाई करने पर मिला किसान घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों ने शोर मचाया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने हालात की गंभीरता को देखते हुए जेसीबी मशीन मंगवाई। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद रेत में दबे किसान को बाहर निकाला गया। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। थाना प्रभारी सौरभ उपाध्याय ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि हादसा खुदाई के दौरान रेत धंसने की वजह से हुआ। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बिहुल-बलान नदी पर जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम:जिला गंगा समिति ने नदी स्वच्छता का संदेश दिया
घोघरडीहा प्रखंड की ग्राम पंचायत नौआबाखर के वार्ड संख्या 14 स्थित बिहुल-बलान नदी तट पर जल संरक्षण और नदी स्वच्छता के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जिला गंगा समिति के तत्वावधान में हुआ। इसकी अध्यक्षता समाजसेवी एवं मैथिली आलोचक लालदेव कामत ने की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लालदेव कामत ने लोगों से नदियों को स्वच्छ रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि नदियों में कूड़ा-कचरा न फेंका जाए और जल को स्वच्छ बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है। कामत ने 'जल ही जीवन है' के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जल का भी अपना जीवन है, जिसकी रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री विनोद कुमार कामत ने नदियों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नदियों का संबंध हमारी आस्था और संस्कृति से है, इसलिए इनके संरक्षण और स्वच्छता के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करना चाहिए। आकाश कुमार (अमीन साहब) ने उपस्थित लोगों को जल संरक्षण के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने जल के विवेकपूर्ण उपयोग और नदियों की स्वच्छता बनाए रखने की अपील की। इस जागरूकता कार्यक्रम में 50 से अधिक लोगों ने भाग लिया। उपस्थित ग्रामीणों में नीतीश चौधरी, सिद्धार्थ चौधरी, मो. ऐनुल, साजन साह, राहुल कामत, प्रदीप कुमार, प्रेम चौधरी, मनीष कुमार, लवकुश कुमार, महेश और अखलेश कामत प्रमुख थे। कार्यक्रम के दौरान, उपस्थित लोगों ने 'नमामि गंगे' का जयघोष किया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों से क्षेत्र में छठ घाट, दासीन घाट, फौजी घाट और पूर्व दिशा में धोबी घाट के निर्माण की मांग भी की।
मातोर फायरिंग केस में तीन आरोपी गिरफ्तार:खैरथल-तिजारा पुलिस को मिली सफलता, मुख्य आरोपी फरार
खैरथल-तिजारा जिले के मातोर बस स्टैंड पर 20 मार्च को हुई फायरिंग की घटना में पुलिस को अहम सफलता मिली है। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आसूचना संकलन, तकनीकी जांच और विशेष टीमों की कार्रवाई के आधार पर आरोपियों तक पहुंचा गया। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल मुख्य हमलावरों की तलाश अभी जारी है। पुलिस के अनुसार, घटना के दिन प्रमोद उर्फ काला और हितेश निवासी मातोर अपने एक साथी के साथ बेलेनो कार में मातोर बस स्टैंड पहुंचे थे। यहां उन्होंने सुखमनहेड़ी निवासी वीरेंद्र सिंह को निशाना बनाते हुए फायरिंग कर दी। गोली लगने से वीरेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। पहले खैरथल, फिर अलवर और बाद में जयपुर किया गया रेफर फायरिंग के बाद घायल वीरेंद्र सिंह को तुरंत खैरथल के एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें अलवर रेफर किया गया। बाद में चिकित्सकों ने उन्हें जयपुर के फोर्टिस अस्पताल भेज दिया, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस मामले में घायल के भाई हितेंद्र सिंह ने खैरथल थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। एफएसएल जांच और तकनीकी विश्लेषण से मिली अहम कड़ी घटना के बाद पुलिस ने अलग-अलग टीमों का गठन कर जांच शुरू की। एफएसएल टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने इंटरनेट चलाने के लिए किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर जारी सिम कार्ड का इस्तेमाल किया था। इसी कड़ी से पुलिस को मामले में अहम सुराग मिले। सिम उपलब्ध कराने वाला आरोपी चंदवाजी से गिरफ्तार जांच में सामने आया कि आरोपियों को सिम उपलब्ध कराने में लखन गुर्जर की भूमिका थी। पुलिस ने उसे चंदवाजी से गिरफ्तार किया। पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है। फरार होने में मदद और सूचना देने वाले भी पकड़े गए पुलिस ने जांच के दौरान घटना के बाद आरोपियों को आर्थिक मदद देने और उन्हें फरार होने में सहयोग करने वाले अनुप सिंह को जयपुर से गिरफ्तार किया। इसके अलावा प्रदीप उर्फ कातिया को भी पकड़ा गया है, जिसने घटना के दिन घायल युवक के बस स्टैंड पर आने की सूचना आरोपियों तक पहुंचाई थी। इन तीन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में प्रदीप उर्फ कातिया (निवासी मातोर), लखन गुर्जर (निवासी धर्मपुरा, अलवर) और अनुप सिंह (निवासी जातपुर, एमआईए अलवर) शामिल हैं। तीनों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब घटना में इस्तेमाल की गई बेलेनो कार, सिम कार्ड और हथियार की बरामदगी के प्रयास कर रही है। इस कार्रवाई में खैरथल थाना पुलिस, ततारपुर थाना पुलिस, डीएसटी टीम और साइबर सेल की संयुक्त टीम शामिल रही।
मिर्जापुर में आगामी रामनवमी (27 मार्च) के अवसर पर निकलने वाली श्रीराम जन्मोत्सव शोभायात्रा से पूर्व मंगलवार को एक मोटरसाइकिल जन-जागरण यात्रा निकाली गई। युवाओं का एक दल धर्म ध्वज लहराते हुए शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरा और संगमोहाल मंदिर पर यात्रा का समापन हुआ। यात्रा के दौरान 'जय श्रीराम' के नारों से पूरा शहर भक्तिमय हो गया। युवाओं के माथे पर तिलक और हाथों में भगवा ध्वज थे। जगह-जगह लोगों ने यात्रा का स्वागत किया, जिससे रामभक्तों का उत्साह बढ़ा। श्रीराम नवमी की भव्य शोभायात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। आयोजन समिति के अनुसार, शोभायात्रा का शुभारंभ 27 मार्च को शहर के संगमोहाल से होगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। इसी क्रम में 24 मार्च को बाइक रैली निकाली गई, जबकि 25 मार्च को महिलाओं द्वारा स्कूटी रैली का आयोजन किया जाएगा। यह स्कूटी रैली स्थानीय रेलवे स्टेशन परिसर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरेगी, जिसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को इस आयोजन से जोड़ना है। यह शोभायात्रा प्रदेश की शीर्ष दस रामनवमी यात्राओं में से एक मानी जाती है। इसमें आकर्षक झांकियां, बैंड-बाजे, डीजे और भक्ति संगीत के साथ रामभक्तों का उत्साह देखने लायक होता है। यात्रा का निर्धारित मार्ग कटरा कोतवाली, कच्ची सड़क, रतनगंज, तेलियागंज, डंकीनगंज चौराहा, पक्की सराय, घंटाघर, बसनहीं बाजार, धुंधी कटरा, गुड़हट्टी चौराहा, मुकेरी बाजार, लालडिग्गी और गणेशगंज होते हुए संगमोहाल स्थित हनुमान मंदिर पर समाप्त होगा। प्रांत सत्संग प्रमुख महेश तिवारी ने बताया कि मिर्जापुर की रामनवमी शोभायात्रा को देश की शीर्ष-10 शोभायात्राओं में स्थान मिलना यहां की धार्मिक आस्था और जनसहभागिता का प्रमाण है। उन्होंने नगरवासियों से अपने घरों और मार्गों पर भगवा ध्वज फहराकर इस आयोजन को भव्य बनाने की अपील की।
मधुबनी जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति और वितरण सामान्य है। जिला प्रशासन द्वारा उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। इसी क्रम में, जिलाधिकारी द्वारा गठित टीम ने 24 मार्च को कुल 76 स्थानों पर जांच की। इसमें 39 गैस वितरकों का निरीक्षण किया गया, जबकि 37 अन्य स्थानों पर एलपीजी गैस की कालाबाजारी और अवैध भंडारण की पड़ताल की गई। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने मंगलवार को बताया कि जिले में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) सहित कुल 103 एलपीजी गैस एजेंसियां कार्यरत हैं। 3 लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने गैस बुकिंग कराई थी23 मार्च तक सभी कंपनियों को मिलाकर 3 लाख 27 हजार 756 उपभोक्ताओं ने गैस बुकिंग कराई थी, जिनमें से 2 लाख 92 हजार 079 उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस की डिलीवरी की जा चुकी है। 23 मार्च को कुल 16 हजार 758 एलपीजी गैस के लिए बुकिंग की गई थी, जबकि इसी दिन 17 हजार 525 गैस सिलिंडर की बिक्री हुई। 23 मार्च को 14 हजार 131 गैस सिलिंडर प्राप्त हुए। वर्तमान में 38 हजार 675 उपभोक्ता प्रतीक्षा सूची में हैं और 33 हजार 278 सिलिंडर का स्टॉक उपलब्ध है। जिले की 93 गैस एजेंसियां होम डिलीवरी के माध्यम से एलपीजी गैस की आपूर्ति कर रही हैं। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम और महिलाओं, दिव्यांगों व बुजुर्गों के लिए अलग से विशेष लाइन की व्यवस्था की गई है। 45 दिन के अंतराल पर बुकिंग कर सकते हैंशहरी क्षेत्रों के उपभोक्ता 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता 45 दिन के अंतराल पर बुकिंग कर सकते हैं, साथ ही सभी उपभोक्ता साल में अधिकतम 12 गैस सिलिंडर ही बुक कर सकते हैं। वर्तमान में सर्वर संबंधी कोई समस्या नहीं है। शीघ्र ही जिले की अन्य एजेंसियों द्वारा भी होम डिलीवरी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अपनी आवश्यकतानुसार गैस की मांग करने के लिए जिला द्वारा उपलब्ध कराए गए लिंक का उपयोग करने का निर्देश दिया गया है।
पंजाब पुलिस में विभिन्न पदों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 10 मार्च से शुरू हो गया है और यह 1 अप्रैल, 2026 तक जारी रहेगा। तरनतारन जिले के सी-पाइट कैंप, पट्टी में पंजाब पुलिस भर्ती के लिए लिखित परीक्षा और फिजिकल की तैयारी शुरू हो गई है। यह जानकारी कैंप ट्रेनिंग ऑफिसर कैप्टन गुरदर्शन सिंह ने दी। कैप्टन गुरदर्शन सिंह ने युवाओं से जल्द से जल्द ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सी-पाइट कैंप, पट्टी में रिपोर्ट करने का आग्रह किया है, ताकि वे पंजाब सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं का लाभ उठा सकें। ये दस्तावेज साथ लाने होंगे कैंप में रिपोर्ट करते समय उम्मीदवारों को ऑनलाइन एप्लीकेशन की एक कॉपी, दसवीं का मूल प्रमाण पत्र, 10+2 और उससे अधिक के प्रमाण पत्रों की फोटोकॉपी, पंजाब निवास प्रमाण पत्र की फोटोकॉपी, जाति प्रमाण पत्र की फोटोकॉपी, आधार कार्ड की फोटोकॉपी, बैंक अकाउंट की फोटोकॉपी (खाता चालू हालत में होना चाहिए) और दो पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाने होंगे। ये आवश्यक वस्तुएं भी लानी होंगी इसके अलावा, एक कॉपी, एक पेन, खाने के बर्तन और रहने के लिए बिस्तर जैसी आवश्यक वस्तुएं भी लानी होंगी। कैंप में आने का समय सुबह 9 बजे निर्धारित है। कैंप में रहने के दौरान भोजन और आवास पूरी तरह से निःशुल्क प्रदान किया जाएगा। फिजिकल और लिखित परीक्षा की तैयारी के लिए भी कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
कोंडागांव में भारतीय जनता पार्टी द्वारा चलाए जा रहे पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026 के तहत जिले में संगठन को मजबूत बनाने के प्रयास जारी हैं। इसी कड़ी में, 24 मार्च को फॉरेस्ट ऑक्शन हॉल में कोंडागांव उत्तर मंडल और दक्षिण मंडल के कार्यकर्ताओं के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जन सेवा ही पार्टी का मूलमंत्र कार्यक्रम में मुख्य रूप से विधायक एवं भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लता उसेंडी उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा कि भाजपा की असली ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं। उसेंडी ने जोर देकर कहा कि राष्ट्र सेवा और जन सेवा ही पार्टी का मूलमंत्र है, और यही भावना कार्यकर्ताओं को निरंतर प्रेरित करती है। लता उसेंडी ने बताया कि प्रशिक्षण अभियान का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को संगठन की विचारधारा, सिद्धांतों और जनसेवा के संस्कारों से समृद्ध करना है। उन्होंने कहा कि जब कार्यकर्ता प्रशिक्षित और दक्ष होंगे, तभी वे पार्टी की नीतियों और सरकार की योजनाओं को प्रभावी रूप से जन-जन तक पहुंचा पाएंगे। कार्यक्रम की शुरुआत भाजपा जिला अध्यक्ष सेवकराम नेताम के प्रारंभिक उद्बोधन से हुई। इस दौरान भाजपा के कई नेता उपस्थित रहे और कार्यकताओं से अपने विचार साझा किये।
राजगढ़ जिले के जीरापुर में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी की मंडल स्तरीय दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन हो गया। समापन सत्र में भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष और प्रशिक्षण कार्यशाला के प्रवक्ता बनवारी सोनी ने मंच से अपने ही पार्टी के नेताओं के तौर-तरीकों पर तंज कसा। अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने संगठन के भीतर अनुशासन, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और नेताओं के व्यवहार को लेकर खुलकर टिप्पणी की। सबसे पहले कार्यशाला में अपेक्षाकृत कम कार्यकर्ताओं की मौजूदगी को देखकर बनवारी सोनी ने मंच से ही नाराजगी जाहिर की और कहा कि प्रशिक्षण केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को विचारधारा से जोड़ने का माध्यम है। कहा- मैं जामवंत बनकर आया हूंसोनी ने कहा कि याद रखना यह प्रशिक्षण केवल इस बात का है कि मैं केवल जामवंत बनकर आया हूं, हनुमानों को जगाने के लिए। याद रखना, 2037 में जब दादाजी-नानाजी बनेंगे, तब हमारे बच्चे पूछेंगे कि काकाजी, जब मोदी जी 2047 में विश्व गुरु बनाने का संकल्प लेकर आह्वान कर रहे थे, तब तुम बस स्टैंड पर धरना-प्रदर्शन करने क्यों गए? वो पूछेंगे हमारे बच्चे कि जब हमारी औलादें इस विषय को देखेंगी कि उस समय मोदी जी अपेक्षाकृत होकर हमारे बुजुर्गों को साथ देने की बात कर रहे थे, प्रशिक्षित नेता बाहर घूम रहे थे, कैसे विश्व गुरु बनेगा यह देश? यह विश्व गुरु तभी बनेगा जब हम ईमानदारी से यहां प्रशिक्षण ग्रहण कर हमारे विधायक जी, हमारे सांसद जी और हमारी पार्टी की ताकत बढ़ांगे। ‘हमारे नेता सायरन से जनता को डराते हैं’उन्होंने कहा कि समय बहुत कठिन है, कांग्रेस में नेता नहीं हैं, उसके बाद भी अगर बराबरी से जीते, तो समझ लेना विरोध हो गया। और विरोध पैदा कौन करता है? विधायक जी विरोध पैदा नहीं करते, सांसद जी विरोध पैदा नहीं करते। हमारे नेता 7 लाख की बोलेरो आती है ना, उसमें कांच चढ़ा लेते हैं, और उस पर रखते हैं दो सायरन, और चू-चू, पू-पू करके निकलते हैं, क्षेत्र और जनता को डराते फिरते हैं। बजाओ, बजाओ सायरन, लेकिन जब समय आएगा ना तो जनता तुमको बजा देगी, फिर काहे का सायरन बजाओगे? इसलिए प्रशिक्षण करके भारतीय जनता पार्टी में संस्कार पैदा करो। भाजपा की असली ताकत कार्यकर्ता हैंसोनी ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी की असली ताकत उसके कार्यकर्ता हैं और संगठन को मजबूत बनाने के लिए प्रशिक्षण, अनुशासन और संस्कार जरूरी हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर संगठन के लिए काम करें और विधायक, सांसद तथा पार्टी नेतृत्व को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय राजनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण है। कांग्रेस में मजबूत नेतृत्व नहीं होने के बावजूद यदि मुकाबला कड़ा हो जाता है, तो इसके पीछे संगठन के भीतर पैदा होने वाला विरोध भी एक कारण हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि कार्यकर्ता आपसी मतभेद छोड़कर संगठन को मजबूत करने के लिए काम करें। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कार्यकर्ताओं से प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने और पार्टी की विचारधारा को समाज के बीच पहुंचाने का आह्वान किया, ताकि संगठन की ताकत और जनाधार दोनों मजबूत हो।
सहारनपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मंगलवार को एक बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस ने एक तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 50 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस स्मैक की कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई थाना गंगोह पुलिस ने ऑपरेशन सवेरा अभियान के तहत की। सीओ गंगोह अशोक सिसोदिया ने बताया कि डीआईजी अभिषेक सिंह के निर्देश पर जिलेभर में नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एसएसपी अभिनन्दन के निर्देश पर थाना गंगोह प्रभारी संजीव कुमार अपनी पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। गश्त के दौरान पुलिस टीम को गांव बाढ़ी माजरा के पास निर्माणाधीन पुल के नीचे एक संदिग्ध युवक दिखाई दिया। शक के आधार पर उसे रोका गया और पूछताछ की गई। युवक ने अपनी पहचान मोनिश पुत्र जाहिद, निवासी गांव बाढ़ी माजरा, थाना गंगोह के रूप में बताई। तलाशी लेने पर उसके पास से 50 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी मोनिश को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ थाना गंगोह में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं, जिनके आधार पर पुलिस अब उसके नेटवर्क की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किन-किन लोगों के संपर्क में था, नशीला पदार्थ कहां से लाता था और किन क्षेत्रों में इसकी आपूर्ति करता था। इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में एसआई आजाद सिंह, हेड कांस्टेबल उदित मलिक, मुकेश कुमार, अंकुश गौदारा और कांस्टेबल सूरज शर्मा शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में नशे के खिलाफ यह अभियान आगे भी सख्ती के साथ जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी नशा तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा।
मथुरा के विश्राम घाट पर अनोखी पहल:फिल्टर कर श्रद्धालुओं को यमुना जल का आचमन कराया गया
मथुरा में यमुना जन्मोत्सव के अवसर पर विश्राम घाट पर एक अनोखी पहल की गई। यमुना शुद्धिकरण के लिए कार्यरत संस्था प्रोजेक्ट आत्मनिर्भर ने श्रद्धालुओं को मौके पर ही फिल्टर किया हुआ यमुना जल आचमन के लिए उपलब्ध कराया। इस दौरान लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान प्रोजेक्ट आत्मनिर्भर के सदस्यों ने कोरिया से आए सहयोगियों के साथ मिलकर सैकड़ों श्रद्धालुओं के सामने यमुना जल को तुरंत शुद्ध करने की तकनीक का प्रदर्शन किया। इस अनोखे प्रयोग ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया और इसे विज्ञान व तकनीक के बेहतर उपयोग का उदाहरण बताया गया। संस्था के सदस्यों ने जानकारी दी कि वे पिछले कई वर्षों से यमुना नदी को स्वच्छ बनाने के लिए प्रयासरत हैं। उनका मानना है कि यदि आधुनिक तकनीकों का सही तरीके से उपयोग किया जाए, तो नदी के प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के प्रयोग न केवल समाधान प्रस्तुत करते हैं, बल्कि समाज को जागरूक करने का भी कार्य करते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने इस पहल की सराहना की। उनका कहना था कि जब एक संस्था अपने स्तर पर इस प्रकार का प्रभावी कार्य कर सकती है, तो सरकार भी ठोस कदम उठाकर यमुना को स्वच्छ बना सकती है। लोगों ने सरकार से यमुना शुद्धिकरण के लिए स्थायी और प्रभावी योजनाएं लागू करने की मांग की। यह आयोजन तकनीकी संभावनाओं का एक उत्कृष्ट उदाहरण साबित हुआ। साथ ही, इसने समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी उठाया।
देवली पुलिस ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के आरटीसी देवली में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। इस मामले में उत्तर प्रदेश के आगरा निवासी एक युवक को गिरफ्तार किया गया है, जिसने दूसरे व्यक्ति की जगह फर्जी तरीके से प्रशिक्षण में शामिल होकर नौकरी पाने का प्रयास किया। छुट्टी लेकर गया ट्रेनी वापस नहीं लौटा थानाधिकारी दौलत राम गुर्जर ने बताया कि छत्तीसगढ़ निवासी आरक्षक (जीडी) ट्रेनी सत्यपाल सिंह फरवरी माह में बेसिक प्रशिक्षण के लिए देवली स्थित सीआईएसएफ आरटीसी में आया था। कुछ समय बाद वह अपनी माता के निधन का कारण बताकर अवकाश पर चला गया और उसके बाद वापस प्रशिक्षण केंद्र नहीं लौटा। संदेह होने पर खुला फर्जीवाड़ा गत 22 मार्च को एक युवक खुद को सत्यपाल सिंह बताकर प्रशिक्षण में शामिल होने पहुंचा। कंपनी स्टाफ और प्लाटून कमांडर को उस पर संदेह हुआ। पहचान की पुष्टि और दस्तावेजों के मिलान के दौरान युवक फर्जी पाया गया, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। आगरा निवासी शैलेंद्र निकला आरोपी पुलिस जांच में सामने आया कि पकड़ा गया युवक उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के नगला जयराम का रहने वाला शैलेंद्र पुत्र राजवीर है। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह एक सोची-समझी साजिश के तहत असली ट्रेनी की जगह प्रशिक्षण में शामिल होने आया था। फर्जी दस्तावेज और मोबाइल बरामद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी आधार कार्ड, अन्य पहचान दस्तावेज और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। आरोपी शैलेंद्र को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
राजधानी के भाठागांव इलाके में भू-माफियाओं के खिलाफ नगर निगम ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को 'केसरी बगीचा' क्षेत्र में लगभग 2 एकड़ निजी भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग को निगम के बुलडोजर ने ढहा दिया। विभागीय अधिकारियों का कहना है, कि अवैध प्लाटिंग करने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी। अफसरों ने कार्रवाई का ब्योरा दिया, लेकिन अवैध प्लाटिंग करने वाले भू-माफियाओं को अज्ञात बता रहे है। निगम अधिकारियों की इस कार्रवाई पर स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने सवाल खड़ा किए है। कांग्रेस नेताओं का कहना है, कि पार्षद का भाई अवैध प्लाटिंग कर रहा है। निगम के अधिकारी केवल खानापूर्ति करके लौटे है। निगम के अधिकारी इसीलिए अवैध प्लाटिंग करने वालों की जानकारी देने से बच रहे है। निगम अधिकारी बोले आवागमन रोका रायपुर नगर निगम मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया, कि आयुक्त विश्वदीप के आदेश और जोन-6 कमिश्नर हितेन्द्र यादव के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। निगम की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और अवैध रूप से बनाई गई मुरुम सड़कों को जेसीबी की मदद से काटकर आवागमन अवरुद्ध कर दिया। कार्रवाई के दौरान कार्यपालन अभियंता दिनेश सिन्हा, सहायक अभियंता आशीष श्रीवास्तव और उप अभियंता सागर ठाकुर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अब पढ़े कार्रवाई जिसकी जमीन पर हुई वो किसकी कांग्रेस नेताओं के अनुसार केसरी बगीचा के पास खसरा नंबर 1360/1, 1366/1, 1367/3, सहित आसपास के भूखंडों पर प्लॉटिंग गतिविधियों की शिकायत निगम अधिकारियों से की थी। यह जमीन लखन नाम के व्यक्ति की बताई जा रही है। ये व्यक्ति अपने साथियों के साथ मिलकर लंबे समय से अवैध प्लाटिंग कर रहा है। सोमवार 24 मार्च को टीम पहुंची, लेकिन कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति करके लौटी। शंकरा विहार कार्रवाई पर कांग्रेस नेताओं ने उठाए सवाल भाठागांव क्षेत्र में इससे पहले भी “शंकरा विहार” निगम के अधिकारियों ने कार्रवाई की। इस कार्रवाई पर भी कांग्रेस नेताओं ने सवाल खड़ा किया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है, कि अफसरों ने कार्रवाई की, लेकिन आरोपियों पर अब तक एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। इसके साथ ही आरोपियों ने प्लाटिंग करने के लिए हरे पेड़ों को काट दिया, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने अपनी कार्रवाई में इस बिंदु को शामिल नहीं किया है। कांग्रेस नेताओं ने दोनो मामलों में ठोस कार्रवाई करने की मांग अफसरों से की है। अब पढ़े कांग्रेस नेता ने क्या कहा शहर जिला कांग्रेस कमेटी रायपुर के प्रवक्ता ब्रम्हा सोनकर पूरे मामले में वरिष्ठ अधिकारियों से ठोस कार्रवाई की मांग क है। कांग्रेस नेता का कहना है, कि अवैध तरीके से प्लाटिंग करने वाले आरोपी पार्षद के रिश्तेदार है, इसलिए ठोस कार्रवाई करने के बजाए उनके बचाने का काम विभागीय अधिकारी कर रहे है। अब पढ़े निगम अधिकारियों ने क्या कहा निगम निगम जोन 6 के कमिश्नर हितेंद्र यादव ने बताया, कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बुलडोजर कार्रवाई की गई है। कार्रवाई की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाएगी और उनके निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ नगर निगम ने गृहकर बकायेदारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए मंगलवार को भी शहर में व्यापक अभियान चलाया। इस दौरान निगम की टीम ने शहर के तारापुरी और लिसाड़ी रोड क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 56 दुकानों को सील कर दिया। लंबे समय से गृहकर जमा न करने वाले व्यापारियों पर यह कार्रवाई की गई, जिससे क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति रही। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, बकाया कर की वसूली को लेकर लगातार नोटिस और चेतावनी दी जा रही थी, लेकिन कई व्यापारियों द्वारा इसे नजरअंदाज किया जा रहा था। इसके चलते निगम को सख्त कदम उठाने पड़े। सीलिंग की कार्रवाई के दौरान निगम की टीम के साथ पुलिस बल भी मौजूद रहा, ताकि किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। वहीं, कर वसूली अभियान के तहत नगर निगम को आज कुल 2 लाख 14 हजार रुपये की नकद वसूली भी प्राप्त हुई। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और बकायेदारों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। मुख्य कर निर्धारक एस.के. गौतम ने बताया कि जिन संपत्तियों पर लंबे समय से गृहकर बकाया है, उनके खिलाफ सीलिंग और अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे समय पर अपना गृहकर जमा करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा या कार्रवाई से बचा जा सके।
बलरामपुर में मंगलवार शाम को एक तेंदुए ने घर के आंगन से 25 दिन की बच्ची को उठाकर ले जाने की कोशिश की। ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुआ बच्ची को छोड़कर भाग गया। लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। मामला हरैया सतघरवा क्षेत्र के मिनौहनी गांव का है। घटना के अनुसार, गांव निवासी नंदलाल की 25 दिन की बेटी संगीता आंगन में चारपाई पर लेटी थी। उसी दौरान तेंदुआ घर में घुस आया और बच्ची को उठाकर भागने लगा। बच्ची की मां संजू उस समय घर के अंदर खाना बना रही थीं। तेंदुआ जंगल की ओर भागा बच्ची को उठाते देख मां ने शोर मचाया, जिसके बाद परिजन और ग्रामीण तेंदुए के पीछे दौड़े। ग्रामीणों की भीड़ और शोर के चलते तेंदुआ बच्ची को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। हालांकि तेंदुए के जबड़े में दबने से बच्ची के मुंह और गले पर गंभीर चोटें आई थीं। जिससे गंभीर हालत में बच्ची को उसके चाचा इंद्रजीत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुरा ले गए। जहां से उसे जिला मेमोरियल अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वन क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार ने बताया- तेंदुए के हमले से नवजात की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में वन विभाग की टीम तैनात कर दी गई है। इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने व्हाट्सएप पर नोटिस भेजकर आरोपी को गिरफ्तार करने के मामले में आईपीएस अधिकारी और एसीबी के तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़ को अवमानना का दोषी माना हैं। जस्टिस प्रवीर भटनागर की अदालत ने उन्हें 6 अप्रेल को सजा के बिंदू पर सुनवाई के दौरान कोर्ट में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने यह आदेश रवि मीणा की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। इसके साथ ही अदालत ने पुलिस की इस तरह की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए व्हाट्सएप पर नोटिस भेजने के बाद आरोपी को गिरफ्तार करने को अवैध ठहराया है। गिरफ्तार व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हननहाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि केवल व्हाट्सएप के जरिए भेजा नोटिस कानूनी तौर पर सीआरपीसी की धारा 41-ए के तहत वैध नहीं है। वहीं ऐसे नोटिस के आधार पर की गई गिरफ्तारी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन है। अदालत ने कहा कि नोटिस की तामील कानून में निर्धारित प्रक्रिया यानि व्यक्तिगत तामील, चस्पा और स्पीड पोस्ट आदि से ही होनी चाहिए। यदि आरोपी नोटिस का पालन करता है, तो उसे बिना ठोस कारण गिरफ्तार नहीं करना चाहिए। पुलिस की कार्रवाई अदालत की अवमाननायाचिकाकर्ता के अधिवक्ता मोहित खंडेलवाल ने बताया कि आरएसएलडीसी में हुए घूसकांड से जुडे मामले में एसीबी ने याचिकाकर्ता को एक फरवरी, 2023 को गिरफ्तार किया था। इससे पहले एसीबी के जांच अधिकारी ने 25 जनवरी, 2023 को उसे व्हाट्सएप के जरिए नोटिस भेजा और 31 जनवरी को पेश होने के लिए कहा। इस पर उसने एसीबी के नोटिस का जवाब देते हुए अपनी पत्नी की बीमारी के कारण समय मांगा था, लेकिन पुलिस ने बिना विधिक प्रक्रिया अपनाए ही उसे सीधे ही गिरफ्तार कर लिया। इसे चुनौती देते हुए कहा गया कि यह कार्रवाई सीआरपीसी की धारा 41 ए की अवहेलना है और मामले में कानूनी प्रक्रिया का अनुसरण नहीं किया है। ऐसे में एसीबी की कार्रवाई कानून और अदालत की अवमानना हैं। एसीबी ने कहा-दवाब बनाने के लिए याचिकाइसके जवाब में एसीबी की ओर से कहा गया कि उन्होंने आरोपी को नोटिस दिया था, लेकिन उसने जवाब में टालमटोल रवैया रखा। इसके अलावा याचिकाकर्ता एफआईआर को रद्द करवाने के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जा चुके हैं और असफल रहे हैं। इसके बाद ही अनुसंधान एजेंसी पर दबाव बनाने के लिए उसने यह अवमानना याचिका दायर की है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनकर एसीबी की गिरफ्तारी की कार्रवाई को गलत मानते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को तलब किया है।
मुजफ्फरपुर में बाइक सवार बदमाशों ने पूर्व मंत्री रामसूरत राय के करीबी हरि भगत (41) की हत्या कर दी। घटना गरहा थाना क्षेत्र के मुरादपुर गांव की है। बदमाशों ने बेटे के सामने गोली मारकर मर्डर किया है। पेट और सिर में बुलेट दागी है। पूर्व मंत्री ने रोते हुए मीडिया से कहा है कि प्रशासन कार्रवाई करें। 6 महीने पहले भी फायरिंग हुई थी। प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है। हरि भगत अपने बेटे के साथ खेत से गेहूं की दौनी कराकर घर लौट रहे थे। उनके आगे गेहूं से लदा ट्रैक्टर चल रहा था, जबकि वे अपने बेटे के साथ बाइक पर पीछे थे। मुरादपुर स्थित बुझावन भगत स्कूल के पास अचानक एक बाइक पर सवार अज्ञात बदमाशों ने उन्हें ओवरटेक कर रोका। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। सिर-पेट में मारी गोली पहली गोली हरि भगत के पेट में लगी। पिता को लहूलुहान देख बेटा जान बचाने के लिए बाइक से कूदकर पास के खेतों की ओर भागा। इसके बाद, अपराधियों ने हरि भगत के सिर में दूसरी गोली मारी और मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पूर्व मंत्री और विधायक रामसूरत राय अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया कि मृतक हरि भगत उनके पंचायत के थे और उनके बच्चे जैसे थे। मीडिया को बयान देने के दौरान वो पोने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब छह महीने पहले भी बदमाशों ने हरि भगत के घर पर गोली चलाई थी, लेकिन मुजफ्फरपुर प्रशासन ने तब कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। रामसूरत राय ने कहा कि यदि पुलिस तब सजग होती, तो आज यह हत्या नहीं होती। उनकी पत्नी ने भी पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की एसएसपी कांतेस कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। शुरुआती जांच में परिजनों ने पुराने जमीन विवाद की बात कही है। एसएसपी ने कहा, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है। साथ ही, पूर्व में दर्ज मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की, इसकी भी समीक्षा की जाएगी। यदि कोई पुलिसकर्मी लापरवाही का दोषी पाया गया, तो उस पर भी सख्त कार्रवाई होगी। इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है। सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि पहले भी जमीन विवाद में गोलीबारी की घटना हुई थी। जिसमें अहियापुर थाना में मृतक हरि ने अपने गांव के ही पड़ोसी पर जमीन विवाद में गोलीबारी का आरोप लगाया था । आज की घटना मामले में पुलिस ने अबतक दो लोगों को डिटेन किया हैृ। पुलिस की टीम दोनों से गहन पूछताछ कर रही है, दोनों आरोपित से पूछताछ और टेक्निकल साक्ष्य इक्ट्ठा कर जल्द ही पूरे मामले का पुलिस खुलासा करेगी ।
कानपुर में मंगलवार को दो अलग-अलग घटनाओं ने सनसनी फैला दी। सचेंडी थाना क्षेत्र में हाईवे किनारे खड़े ट्रक में कंडक्टर का शव मिलने से हड़कंप मच गया। वहीं, जूही इलाके में काम न मिलने से परेशान युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सचेंडी थाना क्षेत्र में चकरपुर मंडी के पास खड़े ट्रक में 22 वर्षीय साजन सविता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। वह कानपुर देहात के रनियां जैनपुर का निवासी था और गांव के ही चालक मोनू के साथ पिछले डेढ़ महीने से खलासी का काम कर रहा था। घटना के समय चालक मौके से फरार मिला, जिससे मामले ने संदेह और गहरा दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप मृतक के परिजनों ने ट्रक चालक मोनू पर गला घोंटकर हत्या करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि चालक के फरार होने से संदेह और बढ़ गया है। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। मृतक के गले पर मिले निशान को पुरानी चोट बताया जा रहा है। सचेंडी थाना प्रभारी दीनानाथ मिश्रा ने बताया कि विसरा सुरक्षित रखकर जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जूही में युवक ने फांसी लगाई इसी दिन जूही थाना क्षेत्र के रत्तूपुरवा इलाके में 40 वर्षीय राजू ने आत्महत्या कर ली। वह पेंटर का काम करता था और अपनी मां के साथ रहता था। मंगलवार दोपहर उसका शव स्वदेशी मिल कंपाउंड में नीम के पेड़ से लटका मिला। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक की जेब से मिले सुसाइड नोट में उसने अपनी मर्जी से जान देने की बात लिखी है और इसके लिए किसी को जिम्मेदार न ठहराने को कहा है। नोट में काम न मिलने से परेशान होने की बात भी सामने आई है। जूही इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार पटेल ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच की जा रही है।
मोदीनगर में रसोई गैस सिलेंडर न मिलने से नाराज लोगों ने मंगलवार को दिल्ली-मेरठ मार्ग पर जाम लगा दिया। यह घटना मोदी मंदिर के सामने स्थित धीरेंद्र गैस एजेंसी पर हुई। बुकिंग के बावजूद सिलेंडर न मिलने से उपभोक्ता आक्रोशित हो गए। एजेंसी पर पहुंचने के बाद लोगों को बताया गया कि रसोई गैस सिलेंडर खत्म हो गए हैं। इस जानकारी के बाद वहां मौजूद उपभोक्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने एसडीएम और थाना प्रभारी को मौके पर बुलाने की मांग की। अधिकारियों के न पहुंचने पर लोगों ने दिल्ली-मेरठ मार्ग को जाम कर दिया। जाम लगने से दिल्ली-मेरठ मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे लगभग तीन किलोमीटर तक यातायात बाधित रहा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने मामले में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रदर्शनकारी लोगों का आरोप है कि बुकिंग के बावजूद उन्हें रसोई गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जबकि एजेंसी संचालक खुलेआम सिलेंडरों की कालाबाजारी कर रहा है। उपभोक्ताओं ने एजेंसी संचालक की तत्काल गिरफ्तारी की भी मांग की। गौरतलब है कि पिछले दिनों एक अधिवक्ता की शिकायत पर तहसील प्रशासन ने धीरेंद्र गैस एजेंसी पर छापेमारी की थी और संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसीपी भास्कर वर्मा ने बताया कि रसोई गैस सिलेंडर न मिलने से नाराज लोगों ने हंगामा किया था, जिन्हें समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया है।
IIT जोधपुर में देशभर से आए विशेषज्ञ:उन्नत वैज्ञानिक उपकरणों का लिया प्रशिक्षण
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) जोधपुर में 24-25 मार्च को राष्ट्रीय स्तर के I-RISE ऑपरेटर प्रशिक्षण कार्यक्रम (I-OTP) का आयोजन किया जाएगा। दो दिवसीय कार्यक्रम जोधपुर सिटी नॉलेज एंड इनोवेशन फाउंडेशन (JCKIF) द्वारा केंद्रीय अनुसंधान सुविधा (CRF), IIT जोधपुर और I-STEM के संयुक्त सहयोग से आयोजित हो रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देशभर से करीब 100 प्रतिभागी शामिल हुए हैं, जिनमें इंजीनियरिंग छात्र, डिप्लोमा धारक, प्रयोगशाला ऑपरेटर, पीएचडी शोधार्थी, संकाय सदस्य और उद्योग विशेषज्ञ शामिल हैं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन्नत वैज्ञानिक उपकरणों के संचालन में तकनीकी दक्षता बढ़ाना तथा सार्वजनिक रूप से वित्तपोषित अनुसंधान अवसंरचना के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करना है। विकसित भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में IIT जोधपुर के निदेशक प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल ने इसे विकसित भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि मजबूत मानव संसाधन और शिक्षा-उद्योग-सरकार के समन्वय से ही देश का अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होगा। भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय से जुड़े वैज्ञानिक-एफ डॉ. विशाल चौधरी ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्लस्टर्स की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा- इस तरह की पहल संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देती है। वहीं डॉ. श्याम सुंदर धाकर ने I-STEM के माध्यम से राजस्थान में अनुसंधान सुविधाओं की उपलब्धता पर जानकारी दी। I-STEM के मुख्य परिचालन अधिकारी डॉ. हरिलाल भास्कर ने प्रतिभागियों को देशभर में उपलब्ध उन्नत उपकरणों तक पहुंच के बारे में अवगत कराया। इनका दिया जा रहा प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को स्कैनिंग इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी (SEM), एक्स-रे विवर्तन (XRD), ICP-MS, FTIR, HPLC सहित कई अत्याधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन सत्रों का संचालन IIT जोधपुर के विशेषज्ञ संकाय सदस्यों और उद्योग प्रतिनिधियों द्वारा किया जा रहा है। ये संस्थान हो रहे शामिल देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे IITs, NITs, MNIT जयपुर, दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, एमबीएम विश्वविद्यालय जोधपुर और रक्षा प्रयोगशाला जोधपुर सहित कई संस्थानों के प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया है। कार्यक्रम के दूसरे दिन प्रतिभागियों को केंद्रीय अनुसंधान सुविधा (CRF) में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें उपकरणों के संचालन, रखरखाव और कैलिब्रेशन की जानकारी दी जाएगी। यह कार्यक्रम डॉ. आकांक्षा चौधरी के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें CRF टीम का तकनीकी सहयोग डॉ. रवि प्रकाश श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में मिल रहा है।
चित्रकूट के जानकीकुंड में श्री सदगुरु गौ सेवा केंद्र का वार्षिक उत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। परमहंस संत श्री रणछोड़ दास महाराज की प्रेरणा से संचालित यह केंद्र श्री सदगुरु सेवा संघ ट्रस्ट के अंतर्गत आता हैं। इस कार्यक्रम में रामकथा व्यास पूज्य महाराज श्री मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास जी महाराज, ट्रस्टी श्रीमती रूपल बेन, संचालिका ऊषा जैन, ट्रस्टी डॉ. इलेश जैन, मिलोनी बेन, पूज्य दमयंती बेन, पूज्य रमाबेन हरियाणी सहित देशभर से आए गुरुभाई-बहन और गौभक्त शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ संतों के पूजन और गौ माता की आरती के साथ हुआ। इस अवसर पर गौ माताओं को 108 व्यंजनों का भव्य अन्नकूट भोग अर्पित किया गया। केंद्र की संचालिका उषा जैन ने बताया कि श्री सदगुरु गौ सेवा केंद्र विगत 30 वर्षों से गौ माता की सेवा में समर्पित है। यह केंद्र असहाय, बीमार और बेसहारा गायों की सेवा के लिए स्थापित किया गया था। वर्तमान में यहां 1300 से अधिक गौमाताएं निवास कर रही हैं, जिनकी देखभाल, पोषण और चिकित्सा की समुचित व्यवस्था की जाती है। उन्होंने बताया कि इस केंद्र की स्थापना 1998 में स्वर्गीय अरविंद भाई मफतलाल की प्रेरणा से की गई थी। ट्रस्ट द्वारा गौ सेवा को पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता से जोड़ा गया है। यह गौशाला न केवल गायों का आश्रय स्थल है, बल्कि गौ-काष्ठ और गौ-आधारित उत्पादों के माध्यम से आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा दे रही है। पूज्य महाराज मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास ने अपने उद्बोधन में कहा कि गौ सेवा सनातन धर्म का एक महत्वपूर्ण अंग है। भारतीय संस्कृति में गौ माता को विशेष स्थान प्राप्त है, क्योंकि उनमें 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास माना जाता है। उन्होंने कहा कि गौ माता की सेवा करने से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष विशद भाई, ट्रस्टी श्रीमती रूपल बेन, पद्मश्री स्व. डॉ. बी.के. जैन, डॉ. इलेश जैन, डॉ. विष्णु भाई, मनोज भाई और रघु भाई सहित अन्य सभी ट्रस्टियों के योगदान को सराहनीय बताया गया। गौशाला के समर्पित कार्यकर्ताओं एवं गौपालकों की सेवा भावना की भी सराहना की गई, जो हर परिस्थिति में गौ माता की सेवा में तत्पर रहते हैं।अंत में, श्रीमती जैन ने सभी गौभक्तों से आह्वान किया कि वे गौ माता की रक्षा एवं सेवा के लिए आगे आएं और इस पुण्य कार्य को अपनी अगली पीढ़ी तक पहुँचाने का संकल्प लें।
गोंडा बेसिक शिक्षा विभाग के फर्नीचर आपूर्ति सरकारी टेंडर में धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार जिला समन्वयक निर्माण विद्या भूषण मिश्र को जमानत मिल गई है। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम नित्या पांडेय ने मंगलवार को उन्हें एक लाख रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और उसी धनराशि की जमानत प्रस्तुत करने पर जेल से रिहा करने का आदेश दिया। विद्या भूषण मिश्र को 18 मार्च को पुख्ता सबूत मिलने के बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर गोंडा मंडलीय कारागार भेजा था। वह भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के आरोपों में बीते छह दिनों से जेल में बंद थे। बचाव पक्ष के अधिवक्ता उपेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि सुनवाई के दौरान मामले के तथ्यों, साक्ष्यों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए विशेष न्यायाधीश ने आरोपित का जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया। इसी भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी मामले में पूर्व गोंडा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार तिवारी भी निलंबित चल रहे हैं। उनके खिलाफ भी इन्हीं आरोपों में नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज है, हालांकि उन्हें गोरखपुर एंटी करप्शन कोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी है। इस धोखाधड़ी मामले में जिला समन्वयक जेम पोर्टल प्रेम शंकर मिश्रा अभी भी फरार हैं। उन्हें किसी भी कोर्ट से राहत नहीं मिली है। गोंडा नगर कोतवाल ने बताया कि प्रेम शंकर मिश्रा की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगी हुई हैं और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। प्रेम शंकर मिश्रा विभाग से छुट्टी लेकर फरार चल रहे हैं।
गौशाला में घुसे तेंदुए ने बछड़े पर हमला किया:हरदोई के अंबारी गांव में दहशत, नाइट विजन कैमरे लगाए गए
हरदोई के पिहानी ब्लॉक के अंबारी गांव में तेंदुए के घुसने से दहशत फैल गई है। तेंदुए ने एक गौशाला में घुसकर बछड़े पर हमला किया, जिससे गांव में भय का माहौल है। वन विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए अलर्ट मोड पर है और उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही है। वन विभाग के अनुसार, मंगलवार को तेंदुए ने अंबारी गांव की एक गौशाला में गाय के बछड़े पर हमला किया था। इससे दो दिन पहले, तेंदुए ने एक ग्रामीण पर भी हमला किया था, जिससे ग्रामीण घायल हो गया था। घटना की जानकारी मिलते ही उप प्रभागीय वन अधिकारी अर्चना रावत, क्षेत्रीय वन अधिकारी पिहानी नीलम मौर्या, उप क्षेत्रीय वन अधिकारी पिहानी नरेंद्र वर्मा, वन दरोगा आशीष पाल, वन रक्षक राहुल कुमार और विपिन पाल की टीम अंबारी गांव पहुंची। टीम ने तेंदुए के पैरों के निशानों के आधार पर उसकी मूवमेंट की जांच शुरू की है और नाइट विजन कैमरे भी लगाए हैं। वन रक्षक राहुल कुमार ने बताया कि पैरों के निशानों से पता चला है कि तेंदुआ लखीमपुर की ओर से अंबारी पहुंचा था और अब बरबर की दिशा में गया है। वन विभाग की टीम लगातार कॉम्बिंग कर रही है और स्थानीय लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
बागपत के बड़ौत कोतवाली क्षेत्र में दो साल पहले हुए उमर हत्याकांड में न्यायालय ने चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर 48 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह फैसला साक्ष्यों और गवाहों की गवाही के आधार पर सुनाया गया। सजा पाने वाले दोषियों में शफीक उर्फ हड्डी, समीर, कदीम और तौफीक शामिल हैं। पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों को अदालत ने पर्याप्त मानते हुए सभी को दोषी ठहराया। यह घटना 12 अप्रैल को बड़ौत कोतवाली क्षेत्र में हुई थी, जहां मोबाइल को लेकर हुए विवाद में उमर की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। इस संबंध में मृतक के भाई वाजिद ने मुकदमा दर्ज कराया था। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक सैनी ने बताया कि गवाहों के बयानों और ठोस साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
आगरा के बुद्ध पार्क में चल रहे सौंदर्यकरण कार्य ने अब अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करना शुरू कर दिया है। जापान, थाईलैंड और न्यूज़ीलैंड से आए बौद्ध संतों के प्रतिनिधिमंडल ने पार्क का दौरा कर इसकी सराहना की और इसे भविष्य का वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र बताया।कालिंदी विहार रोड स्थित बुद्ध पार्क में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कराए जा रहे वर्ल्ड क्लास सौंदर्यकरण कार्य को देखने अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संतों का दल पहुंचा। यह दौरा अखिल भारतीय जाटव समाज संस्था के ज्ञापन पर सकारात्मक कार्रवाई के बाद संभव हुआ।प्रतिनिधिमंडल में थाईलैंड, जापान और न्यूज़ीलैंड के संत शामिल रहे, जिसका नेतृत्व थाईलैंड के फ्रा आमनत इति तोचे ने किया। उनके साथ फ्रा बुन्चेरे बुद्ध सारो, फ्रा थमानून धम्म टिन्नो और फ्रा सोमजय चोटीटुम्मों मौजूद रहे।संतों ने पार्क में चल रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि भारत भगवान बुद्ध की पवित्र भूमि है, जिसे दुनियाभर में सम्मान की नजर से देखा जाता है। उनका मानना है कि आगरा का यह बुद्ध पार्क आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और आध्यात्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन सकता है।न्यूज़ीलैंड के फ्रा बुन्चेरे बुद्ध सारो ने बताया कि वे पहले वकील थे और कई बार पैदल बोधगया यात्रा कर चुके हैं। बाद में उन्होंने धम्म दीक्षा लेकर शांति का संदेश फैलाना शुरू किया। वहीं, थाईलैंड के फ्रा सोमजय चोटीटुम्मों, जो विपश्यना में पीएचडी धारक हैं, अब लोगों को मानसिक शांति और आत्मिक विकास का प्रशिक्षण दे रहे हैं।जापान के फ्रा थमानून धम्म टिन्नो भी बुद्ध के शांति और अहिंसा के संदेश के प्रचार में सक्रिय हैं और भारत में सेवा कार्यों से जुड़े हैं। सभी संत थाईलैंड के सीरी रतनाथम्मारम बुद्ध विहार से संबद्ध हैं।संतों ने उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों की सराहना करते हुए बुद्ध पार्क को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने के लिए साधुवाद दिया।इस दौरान अखिल भारतीय जाटव समाज संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र सिंह, प्रदेश अध्यक्ष नेत्र पाल सिंह, राष्ट्रीय महासचिव अनिल कुमार, जिलाध्यक्ष भारत सिंह और महानगर अध्यक्ष अर्जुन सिंह समेत कई लोगों ने संतों का स्वागत किया।
विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर सहारनपुर में 90 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित एक सम्मान समारोह में इन पंचायतों के प्रधानों को सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत वर्ष 2025 के आंकड़ों के आधार पर हासिल की गई है। कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में डीएम मनीष बंसल की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में, 7 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। ये पंचायतें वर्ष 2023 से लगातार तीन वर्षों से टीबी मुक्त बनी हुई हैं। उन्हें महात्मा गांधी की स्वर्ण प्रतिमा और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2024 से लगातार दो वर्षों से टीबी मुक्त रहने वाली 13 पंचायतों के प्रधानों को रजत प्रतिमा एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं, वर्ष 2025 में पहली बार टीबी मुक्त घोषित हुई 70 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को कांस्य प्रतिमा और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। डीएम मनीष बंसल ने इस उपलब्धि को जनपद के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि सहारनपुर टीबी मुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिलाधिकारी ने टीबी मरीजों की समय पर पहचान, पूर्ण इलाज और मरीजों व उनके परिजनों को जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि वे दवा का कोर्स समय पर पूरा करें। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में जनपद में टीबी उन्मूलन के लिए सघन अभियान चलाया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी ग्राम प्रधानों के योगदान के लिए आभार व्यक्त किया गया। शाम को कलेक्ट्रेट में एनआईसी के सहयोग से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा द्वारा नोएडा से शुरू किए गए 100 दिवसीय टीबी रोगी खोज अभियान का लाइव प्रसारण भी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने देखा। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।

