लुधियाना के थाना टिब्बा क्षेत्र के अंतर्गत आते एक इलाके में आज गुरुवार सुबह चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। चोरों ने एक सूने घर को निशाना बनाते हुए ताले तोड़े और वहां से हजारों की नकदी समेत सोने-चांदी के कीमती गहने समेट कर फरार हो गए। घटना का खुलासा उस समय हुआ जब पीड़ित परिवार एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद वापस अपने घर लौटा। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तफ्तीश शुरू कर दी है। शादी से खुश होकर लौटे थे, घर की हालत देख रह गए दंग पीड़ित मकान मालिक शाम भंडारी ने बताया कि वे अपने पूरे परिवार के साथ एक रिश्तेदार के यहां शादी समारोह में गए हुए थे। वीरवार सुबह जब वे वापस घर लौटे, तो मुख्य गेट का ताला टूटा देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जब वे घर के भीतर दाखिल हुए तो अंदर के कमरों के ताले भी टूटे हुए थे और अलमारियों का सारा सामान फर्श पर बिखरा पड़ा था। शाम भंडारी के अनुसार, चोरों ने अलमारी में रखी करीब 50 से 60 हजार रुपये की नकदी और लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरातों पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ित ने तुरंत इस घटना की जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम को दी। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है पुलिस चोरी की सूचना मिलते ही पीसीआर (PCR) टीम और संबंधित थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। मामले की जांच कर रहीं एएसआई (ASI) सुमन ने बताया कि पुलिस टीम ने घटना स्थल का बारीकी से मुआयना किया है। चोरों का सुराग लगाने के लिए घर के आसपास और गली में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है। इसके साथ ही पुलिस आसपास के दुकानदारों और पड़ोसियों से भी पूछताछ कर रही है ताकि संदिग्धों के बारे में कोई ठोस जानकारी मिल सके। लोगों ने की नाइट पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग थाना पुलिस ने इस संबंध में पीड़ित के बयानों के आधार पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि तकनीकी साक्ष्यों (Technical Evidences) और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों को जल्द ही ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उधर, इस वारदात के बाद से स्थानीय निवासियों में सुरक्षा को लेकर भारी डर और दहशत का माहौल है। मोहल्ला वासियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इलाके में चोरियों पर अंकुश लगाने के लिए रात के समय पुलिस गश्त (नाइट पेट्रोलिंग) को और मजबूत किया जाए।
सूरजपुर दादरी मार्ग पर जलभराव, चौकी में भी घुसा पानी:1 साल से सड़क निर्माण के चलते लोगों को परेशानी
दिल्ली-एनसीआर में लगातार हो रही बारिश के बाद ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सूरजपुर-दादरी मार्ग पर भारी जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार को कोई बारिश के बाद यहां स्थिति और खतरनाक हो गई। इस मार्ग पर इतना पानी भर गया है कि गाड़ियों और ऑटो का चलना मुश्किल हो गया है, जिससे कई वाहन खराब हो रहे हैं। सूरजपुर कस्बे में करीब एक किलोमीटर तक सड़क पर इसी तरह का जलभराव देखा गया। हालात तब और बिगड़ गए जब सूरजपुर चौकी में भी पानी घुस गया। जहां फरियादी अपनी शिकायतें लेकर आते हैं, वहां पानी भरने के कारण न तो पुलिसकर्मी मौजूद थे और न ही कोई फरियादी।तीन तस्वीरें देखिए स्थानीय लोग इस स्थिति के लिए यहां के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति द्वारा सूरजपुर पर ध्यान नहीं दिया जाता, जिसके कारण आज कस्बे में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। सूरजपुर निवासी कपिल सैफी ने बताया कि यहां पिछले एक साल से सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है, लेकिन यह अभी तक पूरा नहीं हुआ है। कस्बे में जल निकासी का कोई स्थायी समाधान नहीं है, जिसके चलते सड़कों पर तीन-तीन फीट तक पानी भर गया है और यह पानी चौकी के अंदर तक चला गया है। वहीं, हरेंद्र भाटी ने कहा कि जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी समय रहते किसी भी समस्या पर ध्यान नहीं देते। यदि समय पर जल निकासी का समाधान किया गया होता, तो आज इस तरह का जलभराव नहीं होता। सूरजपुर-दादरी मार्ग पर अत्यधिक जलभराव के कारण 10 से 15 ऑटो और गाड़ियां खराब हो गईं। लोगों को अपने वाहनों को धक्का मारकर ले जाते हुए देखा गया।
देवरिया में 8 हजार ई-रिक्शा पर लगेंगे QR कोड:पुलिस की नई पहल, यात्री-महिला सुरक्षा होगी मजबूत
देवरिया में यात्री और महिला सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए पुलिस ने ई-रिक्शों पर क्यूआर कोड लगाने की पहल की है। इस नई व्यवस्था के तहत शहर में संचालित सभी ई-रिक्शों को क्यूआर कोड से जोड़ा जाएगा। इससे वाहन, चालक और मालिक की संपूर्ण जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध हो सकेगी। पुलिस लाइन स्थित प्रेक्षागृह में आयोजित एक जागरूकता कार्यक्रम में ई-रिक्शा चालकों को इस पहल की जानकारी दी गई। देवरिया जिले में लगभग आठ हजार ई-रिक्शा संचालित होते हैं। शहर में बड़ी संख्या में इन वाहनों के चलने के बावजूद, पुलिस के पास अब तक उनके चालकों और वाहनों का कोई एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड नहीं था। इस कमी के कारण किसी घटना, दुर्घटना या शिकायत की स्थिति में संबंधित ई-रिक्शा और उसके चालक की पहचान करना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण होता था। इसी समस्या के समाधान हेतु यह क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था लागू की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक ई-रिक्शा पर एक विशिष्ट क्यूआर कोड लगाया जाएगा। इस कोड को स्कैन करते ही वाहन का पंजीकरण विवरण, चालक का नाम-पता, मालिक की जानकारी और अन्य आवश्यक डेटा तुरंत प्राप्त हो जाएगा। यह प्रणाली शिकायतों के त्वरित निस्तारण में सहायक होगी और महिला यात्रियों की सुरक्षा को भी अधिक प्रभावी बनाएगी। जागरूकता कार्यक्रम के दौरान, अधिकारियों ने सभी ई-रिक्शा चालकों से अपने वाहनों पर निर्धारित क्यूआर कोड अनिवार्य रूप से लगवाने का आग्रह किया। उन्हें यातायात नियमों का पालन करने, यात्रियों के साथ शालीन व्यवहार करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने के लिए भी प्रेरित किया गया। टीएसआई गुलाब सिंह ने बताया कि क्यूआर कोड व्यवस्था से सार्वजनिक परिवहन में पारदर्शिता बढ़ेगी और आवश्यकता पड़ने पर वाहन तथा चालक की पहचान तुरंत संभव हो सकेगी। उन्होंने जोर दिया कि यह पहल अपराध नियंत्रण, शिकायतों के निस्तारण और समग्र यात्री सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करेगी। कार्यक्रम में उपस्थित ई-रिक्शा चालकों ने इस नई व्यवस्था में पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
बुरहानपुर के अमरावती रोड स्थित गुड हॉस्पिटल मल्टी स्पेशियलिटी सेंटर को गुरुवार दोपहर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सील कर दिया। अस्पताल में गंभीर अनियमितताएं और इलाज में लापरवाही मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। अस्पताल को पहले भी नोटिस दिए गए थे, लेकिन व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होने पर स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, शिकायतें मिली थीं कि अस्पताल खंडवा सहित कई क्षेत्रों से लोगों को मुफ्त इलाज का कहकर लाता था। मरीजों के आधार कार्ड और अंगूठे के निशान भी लिए जाते थे। कार्रवाई के दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों को 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया। जो मरीज चलने-फिरने की स्थिति में थे, उन्हें छुट्टी देकर घर भेज दिया गया। सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि सीएमएचओ डॉ. आर.के. वर्मा के निर्देश पर आठ सदस्यीय टीम पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंची थी। जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद अस्पताल को सील कर दिया गया। आयुष्मान योजना के नाम पर पैसे वसूलने के आरोप स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अस्पताल में आयुष्मान योजना के नाम पर पैसे वसूलने और उचित इलाज नहीं देने की शिकायतें मिली थीं। अस्पताल में साफ-सफाई की स्थिति खराब थी। प्रशिक्षित स्टाफ भी नहीं मिला। अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल को 20 से 30 बेड की अनुमति थी, लेकिन वहां करीब 150 बेड संचालित किए जा रहे थे। कई बेड पर दो से तीन मरीज भर्ती मिले। जांच के दौरान बेसमेंट के एक हॉल में अंधेरे में मरीजों का इलाज किया जाता मिला। अधिकारियों ने इसे गंभीर सुरक्षा खतरा बताया। उनका कहना है कि किसी हादसे की स्थिति में मरीजों को बाहर निकालना मुश्किल हो सकता था। मामले की जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, जांच के आधार पर अस्पताल संचालक के खिलाफ आपराधिक मामला भी दर्ज किया जा सकता है। अस्पताल में भर्ती मरीज सुनीताबाई ने बताया कि उन्हें मुफ्त इलाज का कहकर यहां लाया गया था। उन्होंने कहा कि अस्पताल में उनके आधार कार्ड और अंगूठे के निशान लिए गए थे और वह चार दिन से भर्ती थीं। संचालक बोले- प्रेस कॉन्फ्रेंस में रखूंगा पक्ष गुड हॉस्पिटल मल्टी स्पेशियलिटी सेंटर के संचालक विजय सुगंधी ने कहा कि उन्होंने अभी नोटिस नहीं देखा है। फिलहाल वह कुछ नहीं कहना चाहते। उन्होंने कहा कि जल्द प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले में अपना पक्ष रखेंगे।
गाजियाबाद MMG अस्पताल में फिर गिरा छत का प्लास्टर:एक्स-रे गैलरी में हादसा टला, सुरक्षा पर उठे सवाल
गाजियाबाद के जिला एमएमजी अस्पताल में छत का प्लास्टर गिरने की एक और घटना सामने आई है। गुरुवार सुबह तेज बारिश के बीच अस्पताल की एक्स-रे गैलरी की छत से प्लास्टर का एक बड़ा हिस्सा अचानक नीचे गिर गया। गनीमत रही कि घटना के समय गैलरी में कोई मरीज या कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। प्लास्टर गिरने के बाद मलबा फर्श पर फैल गया। सूचना मिलने पर अस्पताल कर्मचारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर प्रभावित क्षेत्र को खाली कराया और मलबा हटवाया। अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों ने बताया कि यह ऐसी पहली घटना नहीं है। उनके अनुसार, लगभग पांच दिन पहले भी सर्जिकल वार्ड के सामने स्थित गैलरी की छत से प्लास्टर गिरा था, तब भी मरीज बाल-बाल बचे थे। इन लगातार हो रही घटनाओं से अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों और उनके परिजनों में चिंता का माहौल है। उनका आरोप है कि अस्पताल प्रशासन को जर्जर भवन की स्थिति के बारे में कई बार सूचित किया गया है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह अस्पताल भवन लगभग 65 वर्ष पुराना है। इसकी समय-समय पर मरम्मत की जाती है, लेकिन आरोप है कि यह कार्य केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। बारिश के मौसम में भवन के कई हिस्सों की स्थिति और बिगड़ जाती है, जिससे मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मरीजों और स्थानीय निवासियों ने अस्पताल प्रशासन से जल्द से जल्द भवन के जर्जर हिस्सों की जांच कर आवश्यक मरम्मत कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
दमोह देहात थाना क्षेत्र के बालाकोट जंगल में गुरुवार दोपहर तीन भालुओं ने एक युवक पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल युवक को प्राथमिक उपचार के बाद जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। यह घटना गुरुवार दोपहर करीब 3:30 बजे हुई, जब तारादेही थाना क्षेत्र के बमनोदा गांव निवासी 35 वर्षीय माधव पिता मोहन सिंह गोंड पैदल अपनी ससुराल बोमा गांव जा रहे थे। बोमा गांव एक वन ग्राम है और यह इलाका जंगली है। माधव सिंह पर अचानक तीन भालुओं ने हमला कर दिया, जिससे उनके सिर में गहरे घाव हो गए और काफी खून बह गया। हमले के बाद माधव सिंह की चीख-पुकार सुनकर बालाकोट निवासी संजय गौड़ मौके पर पहुंचे, तो भालू वहां से भाग गए। संजय गौड़ और अन्य ग्रामीणों ने घायल माधव को तुरंत दमोह जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के अधिकारी भी जिला अस्पताल पहुंचे। बालाकोट के परिक्षेत्र सहायक संजय रैकवार ने बताया कि विभाग की ओर से घायल को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है और आगे भी सहायता राशि दी जाएगी। इस मामले में वन विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान में वाराणसी मंडल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश स्तर पर अग्रणी स्थान हासिल किया है। 24 मार्च से 5 जुलाई 2026 तक संचालित अभियान के दौरान मंडल ने विभिन्न प्रमुख सूचकांकों पर शत-प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की। गांव से लेकर शहरी क्षेत्रों तक टीबी की स्क्रीनिंग, जांच और उपचार सेवाओं का व्यापक संचालन किया गया। हाई-रिस्क गांवों का हुआ शत-प्रतिशत कवरेजअपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. एनडी शर्मा ने बताया कि अभियान के तहत हाई-रिस्क गांवों को पूरी तरह कवर किया गया। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर संभावित टीबी मरीजों की पहचान की गई और चिन्हित मरीजों को समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराया गया। चारों जिलों ने निभाई सक्रिय भूमिकाअभियान में वाराणसी मंडल के सभी चार जनपद- वाराणसी, चंदौली, जौनपुर और गाजीपुर- ने सक्रिय भागीदारी की। टीबी नियंत्रण कार्यक्रम के तहत एक्स-रे जांच, सीबी-नॉट मशीन से माइक्रोबायोलॉजी परीक्षण, डिफरेंशिएटेड टीबी केयर, रोगियों के परिजनों की संपर्क जांच और पोषण पोटली वितरण जैसे सभी प्रमुख कार्य प्रभावी ढंग से संचालित किए गए। प्रदेश में मिला शीर्ष स्थानअभियान के दौरान बेहतर प्रदर्शन के आधार पर वाराणसी मंडल को प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। वहीं, आगरा और सहारनपुर मंडल को संयुक्त रूप से प्रथम स्थान पर सम्मानित किया गया। स्वास्थ्यकर्मियों के प्रयासों को सराहाडॉ. एनडी शर्मा ने इस उपलब्धि का श्रेय सभी जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों और सहयोगी संस्थाओं को दिया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों और जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्यान्वयन के कारण यह सफलता संभव हो सकी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसी तरह के समन्वित प्रयासों से प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में और तेजी से प्रगति होगी।
दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के पूर्व जिला अध्यक्ष मुकेश मुड़ोतिया ने इस सीट से भाजपा टिकट के लिए अपनी दावेदारी पेश की है। उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को पत्र लिखकर सीधे तौर पर टिकट की मांग की है। यह उपचुनाव 30 जुलाई 2026 को होना है। भाजपा के भीतर प्रत्याशी चयन को लेकर गहन मंथन चल रहा है। राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से यह चर्चा थी कि पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम इस सीट के लिए लगभग तय माना जा रहा है। मुड़ोतिया ने अपनी दावेदारी केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं उठाई, बल्कि उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय और प्रादेशिक संगठन के शीर्ष नेतृत्व को पत्र भेजे हैं। इन पत्रों ने दतिया से लेकर भोपाल और दिल्ली तक के सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी है और पार्टी के भीतर आंतरिक हलचल तेज कर दी है। डिप्टी सीएम और मंत्री कर चुके पैरवीमुकेश मुड़ोतिया की दावेदारी को प्रादेशिक स्तर पर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय और विश्वास सारंग का समर्थन मिला है। इसके अतिरिक्त, संगठन के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने भी राष्ट्रीय स्तर पर उनके नाम की पैरवी की है। 13 साल बाद पूर्व गृहमंत्री को सीधी चुनौतीदतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले भाजपा के भीतर टिकट को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। पिछले 13 वर्षों (2008 से) में पहली बार ऐसा हुआ है कि पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के प्रभाव वाले दतिया में किसी भाजपा नेता ने खुलकर टिकट की दावेदारी पेश की है। पूर्व भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) जिला अध्यक्ष मुकेश मुड़ोतिया ने न केवल अपनी दावेदारी सार्वजनिक की है, बल्कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को पत्र लिखकर टिकट की मांग भी की है। उनके इस कदम ने दतिया से लेकर भोपाल और दिल्ली तक राजनीतिक चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है। 30 जुलाई 2026 को होने वाले दतिया उपचुनाव के लिए भाजपा में प्रत्याशी चयन को लेकर मंथन जारी है। राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से यह चर्चा थी कि पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम लगभग तय माना जा रहा है, लेकिन मुड़ोतिया की सक्रिय दावेदारी ने पार्टी के भीतर नए समीकरण खड़े कर दिए हैं। वे अभी दिल्ली में ही मौजूद हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष, गृह-रक्षा मंत्री को भेजे पत्रजानकारी अनुसार- मुकेश मुड़ोतिया ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा, केन्द्रीय संसदीय बोर्ड के सदस्य और मंत्री भूपेन्द्र यादव, सत्यनारायण जटिया, राष्ट्रीय संगठन महासचिव बीएल संतोष, मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र भेजा है। पत्र के माध्यम से उन्होंने पार्टी के प्रति अपने चार दशकों के लंबे समर्पण और सेवाओं का हवाला दिया है। मुड़ोतिया ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा है कि वे दल के एक ऐसे समर्पित सिपाही हैं, जिन्होंने जीवन के उतार-चढ़ाव में हमेशा संगठन के हितों को सर्वोपरि रखा है। हरियाणा में निर्वाचन सह-प्रभारी रहेउन्होंने अपने पत्र में विशेष रूप से उल्लेख किया है, आवेदक चार दशक पुराना पार्टी का कार्यकर्ता है जो भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष पद का कार्यकाल लगातार दो बार (वर्ष 2000 से 2005) पांच वर्षों तक सफलतापूर्वक निर्वहन कर चुका है। कार्यकर्ता को उत्तर प्रदेश और हरियाणा में विधानसभा निर्वाचन में प्रवासी सह प्रभारी के रूप में दायित्व सौंपा गया था, जहां उसने पार्टी को विजय दिलाने का संकल्प पूरा किया। स्थानीय बनाम बाहरी प्रत्याशी का मुद्दा उठायाअपने पत्र में मुड़ोतिया ने दतिया में स्थानीय बनाम बाहरी प्रत्याशी का मुद्दा भी उठाया है। उन्होंने संकेतों में कहा कि जिस चेहरे को टिकट देने की चर्चा है, वह दतिया का स्थायी निवासी नहीं है। उन्होंने साल 2023 के विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए लिखा कि प्रदेश में भाजपा की प्रचंड जीत के बावजूद दतिया सीट पार्टी हार गई थी, इसलिए पिछली गलतियों की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने शीर्ष नेतृत्व से आग्रह किया कि इस बार किसी स्थानीय, सक्रिय और जमीनी कार्यकर्ता को अवसर दिया जाए, ताकि संगठन के समर्पित कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़े और जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाए। सामाजिक एवं सांस्कृतिक सक्रियता का रिपोर्ट कार्ड भी भेजाअपनी दावेदारी को केवल राजनीतिक आधार तक सीमित न रखते हुए मुड़ोतिया ने अपने सामाजिक कार्यों का ब्योरा भी शीर्ष नेतृत्व के सामने रखा है। उन्होंने लिखा… बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष रणवीर सिंह रावत ने कहा कि हर कार्यकर्ता को अपने दल में टिकट मांगने का अधिकार है। पार्टी हाई कमान गुण-दोष के आधार पर, पार्टी के किस प्रत्याशी पर जीत की संभावना ज़्यादा है, इस पैमाने पर टिकट फाइनल करती है। हर दल वही प्रत्याशी उतारता है, जिसके जीतने की संभावना ज्यादा हो। डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा एक मजबूत दावेदार हैं, उनके जीतने की भी पूरी संभावना है। नरोत्तम 1998 से 2018 तक लगातार जीते
झालावाड़ में शहरी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को स्वास्थ्य भवन में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. साजिद खान ने बैठक की अध्यक्षता की। इसमें शहरी स्वास्थ्य केंद्रों और जनता क्लीनिक के चिकित्सकों व कर्मचारियों ने भाग लिया। बैठक में आयुष्मान आरोग्य मंदिर शहरी स्वास्थ्य केंद्र खंडिया, धनवाड़ा और जनता क्लीनिक में स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक माह की 9, 18 और 27 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त, गैर-संचारी रोग (एनसीडी) कार्यक्रम के तहत मरीजों की पहचान, जांच और उपचार पर जोर दिया गया। आयुष्मान भारत योजना के पात्र लाभार्थियों की ई-केवाईसी कर आयुष्मान कार्ड वितरित करने तथा मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए घर-घर सर्वेक्षण और जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए। जिला मुख्यालय के स्कूलों से समन्वय स्थापित कर पात्र बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण कराने पर भी विशेष बल दिया गया। परिवार कल्याण साधनों के वितरण, पात्र दंपत्तियों की काउंसलिंग और नसबंदी के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए। सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों के निवासियों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ प्रत्येक जरूरतमंद तक प्रभावी ढंग से पहुंचे। बैठक में डॉ. रवि वर्मा, डॉ. अरिंद कुमार नागर, शैलेश शर्मा, फिरदौस मंसूरी सहित यूपीएचसी और जनता क्लीनिक के कई चिकित्सक व कर्मचारी मौजूद थे।
जोधपुर के रहने वाले टी.एस. चौहान ने इसरो की नौकरी छोड़कर राजस्थान यूनिवर्सिटी में पढ़ाना शुरू किया। उन्होंने अब तक 35 किताबें लिखीं। जो राजस्थान सहित देश की कई यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स को पढ़ाई जा रही हैं। हाल ही टी.एस. चौहान ने करीब साढ़े 3 साल की मेहनत के बाद राजस्थान के भूगोल पर एक बुक तैयार की। इस बुक में साल 2025 तक के अपडेटेड आंकड़े शामिल किए गए हैं। बता दें कि राजस्थान यूनिवर्सिटी (RU) में भूगोल विभाग से प्रोफेसर पद से टी.एस. चौहान रिटायर हुए हैं। उन्होंने कहा- स्टूडेंट्स और रिसर्चर्स को अक्सर राजस्थान के बदलते भूगोल और राजनीतिक परिदृश्य की पूरी जानकारी एक जगह नहीं मिल पाती। इसी कमी को दूर करने के लिए प्रो. चौहान ने यह कदम उठाया। इसरो में 2 साल की नौकरी, जॉब छोड़कर पिता के पास लौटे प्रो. चौहान ने बताया- मैंने साल 1976 में जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी (JNVU) से भूगोल में एमए (MA) किया था। इसके बाद मैंने काजरी (CAZRI) में रिसर्च एसोसिएट के तौर पर 3 साल तक काम किया। साल 1982 में मेरा चयन हैदराबाद में इसरो (ISRO) में हो गया। वहां मैंने 2 साल तक काम किया, लेकिन मजबूरी यह थी कि मुझे हैदराबाद में सेटल होना पड़ता। ऐसे में पिता की सेवा और उनके पास रहने के लिए प्रो. चौहान ने इसरो जैसी बड़ी नौकरी छोड़ दी और वापस राजस्थान आ गए। इसके बाद साल 1986 में मैंने राजस्थान यूनिवर्सिटी के भूगोल विभाग में बतौर फैकल्टी जॉइन किया। यहां मैंने करीब 30 साल तक सेवाएं दीं और साल 2013 में मैं रिटायर हुआ। चौहान की लिखी किताबें देश-प्रदेश की यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई जाती प्रो. चौहान अकादमिक करियर में अब तक 12 अलग-अलग विषयों पर 60 स्टूडेंट्स को पीएचडी करवा चुके हैं। इसके अलावा वे हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में भारत का भूगोल और राजस्थान का भूगोल विषय पर कई टेक्स्ट बुक लिख चुके हैं। उनके द्वारा अंग्रेजी में लिखी 35 संदर्भ किताबें आज भी देश की कई यूनिवर्सिटीज के सिलेबस का हिस्सा हैं। उनकी इस नई किताब का साइंटिफिक पब्लिशर्स ने प्रकाशित किया है। इसमें राजस्थान के इतिहास से लेकर वर्तमान तक के सभी भौगोलिक और राजनीतिक बदलावों को बहुत ही बारीकी से दर्शाया गया है। इस किताब को समझने में आसानी हो। इसके लिए इसमें करीब 100 नक्शे और कई स्पॉट फोटोग्राफ्स भी जोड़े गए हैं।
अनूपपुर में शाम को झमाझम बारिश:मौसम बदला, खरीफ बुवाई में किसानों को राहत
गुरुवार शाम को अनूपपुर जिला मुख्यालय सहित कोतमा, जैतहरी, भालूमाड़ा और राजेंद्रग्राम जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में मानसून की सक्रियता के कारण झमाझम बारिश हुई। लगभग आधे घंटे तक हुई इस वर्षा के बाद भी बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहा, जिससे किसानों को राहत मिली। इस बारिश से अमरकंटक अछूता रहा, जहां सुबह से शाम तक वर्षा दर्ज नहीं की गई। हालांकि, पिछले चार दिनों से हो रही तेज बारिश के कारण यह छोटा नगरीय क्षेत्र जलमग्न हो गया था, जिससे अब लोगों को थोड़ी राहत मिली है। जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में हल्की हवाओं के साथ आसमान में अभी भी काले बादल छाए हुए हैं, जिससे और बारिश की संभावना बनी हुई है। अधीक्षक भू-अभिलेख विभाग के अधिकारी प्रदीप मोगरे ने बताया कि 1 जुलाई से जिला मुख्यालय में लगातार बारिश हो रही है, जो काफी समय बाद देखने को मिला है। इस वर्षा के कारण जैतहरी, कोतमा, फुनगा, राजेंद्रग्राम और अमरकंटक जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में खरीफ की बुवाई में तेजी आई है। यह बारिश खेतों में नमी बनाए रखने और बुवाई के लिए सहायक सिद्ध हो रही है। हालांकि, कुछ ऐसे क्षेत्र भी हैं जहां पानी की कमी के कारण अभी भी सिंचाई पर निर्भरता बनी हुई है। जिले के लगभग हर क्षेत्र में कम या ज्यादा वर्षा दर्ज की गई है। विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में जिले में औसतन 10.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। अनूपपुर में 1.5 मिमी, कोतमा में 4 मिमी, बिजुरी में 18.3 मिमी, राजेंद्रग्राम में 1.2 मिमी, जैतहरी में 8 मिमी और अमरकंटक में सर्वाधिक 46.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। 1 जून से अब तक जिले में कुल 229.1 मिमी वर्षा दर्ज हुई है। जबकि इस अवधि तक जिले की मानक औसत वर्षा 279 मिमी होनी चाहिए थी। पिछले वर्ष इसी अवधि तक 347.6 मिमी वर्षा हुई थी। फिलहाल, जिले में हुई वर्षा मानक औसत और पिछले वर्ष की तुलना में काफी पीछे है। कृषि विभाग की जानकारी के अनुसार, जिले में 1 लाख 85 हजार हेक्टेयर के लक्ष्य के मुकाबले अब तक मात्र 26 प्रतिशत खरीफ फसल की बोवनी हो पाई है।
कोटा में दोस्तों के साथ नहाने गए एक नाबालिग का शव संदिग्ध परिस्थितियों में आलनिया डैम के पास मिला है। नाबालिग के सिर और शरीर पर चोट के निशान मिलने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। 15 साल का प्रिंस रोझड़ी इलाके का रहने वाला था। 2 दिन पहले ही प्रिंस ने अपना जन्मदिन मनाया था। जानकारी के अनुसार, प्रिंस बुधवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे अपने दोस्तों के साथ घर से निकला था। जब वह देर शाम तक वापस नहीं लौटा, तो परिजन उसकी तलाश में जुट गए। लापता होने के करीब 20 घंटे बाद गुरुवार सुबह उसका शव बरामद हुआ। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है। दोस्तों के साथ जाने के बाद से बंद था फोन मामा राहुल ने बताया कि प्रिंस अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसने नौवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और उसके पिता ओमेश नगर निगम में सफाईकर्मी हैं। प्रिंस बुधवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे कॉलोनी के ही 4-5 दोस्तों के साथ नहाने के लिए निकला था। दिनभर उसका फोन बंद रहा और जब वह शाम तक घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसके दोस्तों के घर जाकर पूछताछ की। हैरान करने वाली बात यह थी कि जिन दोस्तों के साथ प्रिंस गया था, वे भी अपने घरों से गायब थे। थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंचे थे परिजन गुरुवार सुबह जब परिजन आरकेपुरम थाने में प्रिंस की गुमशुदगी दर्ज करवाने पहुंचे, उसी दौरान पुलिस को आलनिया डैम के पास एक शव पड़े होने की सूचना मिली। परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे, तो वहां पानी में प्रिंस का शव तैरता मिला। प्रिंस के बदन पर कपड़े नहीं थे और उसके सिर, गर्दन व पैर पर चोट के गहरे निशान थे। मौके से उसके कपड़े और मोबाइल फोन भी गायब थे। 2 दिन पहले ही मनाया था जन्मदिन मामा ने आरोप लगाया कि प्रिंस की हत्या की गई है। प्रिंस के साथ गए सभी दोस्त बुधवार से ही गायब हैं और उनके मोबाइल फोन भी लगातार बंद आ रहे हैं। दो दिन पहले ही प्रिंस ने अपना जन्मदिन मनाया था।
दतिया विधानसभा उपचुनाव के बीच पूर्व विधायक राजेंद्र भारती से जुड़े बैंक एफडी घोटाला मामले में गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई। सरकार और अन्य पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। अब शुक्रवार को दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट से भी फैसले की उम्मीद है। इस फैसले पर राजेंद्र भारती के राजनीतिक भविष्य के साथ दतिया उपचुनाव के समीकरण भी काफी हद तक निर्भर माने जा रहे हैं। राजेंद्र भारती को बैंक एफडी घोटाला मामले में दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट ने 2 अप्रैल को तीन साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता समाप्त कर दी थी। इसी फैसले को चुनौती देते हुए उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। मामले में हाईकोर्ट पहले ही चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर चुका है। पी. चिदंबरम ने रखा राजेंद्र भारती का पक्ष सुनवाई के दौरान सीनियर वकील पी. चिदंबरम ने राजेंद्र भारती की ओर से पक्ष रखा। उन्होंने अदालत में कहा कि यह मामला आपराधिक नहीं, बल्कि सिविल प्रकृति का है। उन्होंने बताया कि बैंक पहले भी इस विवाद को सिविल मामला मानते हुए सुप्रीम कोर्ट गया था, जहां दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ था। उनके अनुसार समझौते की राशि अब तक नहीं मिली है और संबंधित एफडी बैंक में सुरक्षित है। उन्होंने यह भी कहा कि घटना के करीब आठ साल बाद रघुवीरशरण प्रजापति को सह-आरोपी बनाया गया। इधर दतिया उपचुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया जारी है, लेकिन भाजपा और कांग्रेस ने अभी तक अपने अधिकृत प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि दोनों दल अदालत के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। नामांकन के लिए समय कम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 11 जुलाई को कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन कराने की घोषणा की थी। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि माह के दूसरे शनिवार को रिटर्निंग ऑफिसर नामांकन स्वीकार नहीं करेंगे। इस संबंध में पत्र भी जारी किया गया है। ऐसे में अब कांग्रेस नई तारीख पर विचार कर रही है। नामांकन के लिए शुक्रवार और अगले सप्ताह सोमवार प्रमुख कार्य दिवस बचे हैं। भाजपा की तैयारी भी जारी भाजपा ने अभी अधिकृत प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है। हालांकि पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा नामांकन पत्र खरीद चुके हैं। उनके शुक्रवार को नामांकन दाखिल करने की संभावना है। अब सभी की नजर अदालत के फैसले पर टिकी है, जिसके बाद राजनीतिक तस्वीर और साफ हो सकती है।क्या है राजेंद्र भारती से जुड़ा एफडी घोटाला यह मामला बैंक में जमा फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) से जुड़ा है। आरोप है कि बैंक की एफडी से संबंधित लेनदेन में अनियमितता और धोखाधड़ी की गई। इसी मामले में दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट ने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को दोषी मानते हुए 2 अप्रैल 2026 को तीन साल की सजा सुनाई थी। अदालत के फैसले के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई। फिलहाल इसी सजा और फैसले को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई है।
मुरादाबाद में एक ग्रामीण ने अपनी पत्नी और 14 साल के बेटे की नृशंस हत्या कर दी। दोनों की डेडबॉडी 24 घंटे के अंतराल पर जंगल में पड़ी मिली हैं। बुधवार को महिला का शव मिला था, जिसकी गला रेतकर नृशंस हत्या की गई थी। बच्चे की लाश करीब 24 घंटे बाद गुरुवार को ईख के खेत में मिली। बच्चे को गला दबाकर मारा गया है। पुलिस को शक है कि दोनों घटनाओं को महिला के पति ने ही अंजाम दिया है, उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की जा रही है।मुरादाबाद में पाकबड़ा थाना क्षेत्र के गांव मौढ़ा तैय्या में बुधवार को एक महिला की डेडबॉडी मिली थी। महिला की उम्र करीब 34 साल थी। उसकी हत्या किसी धारदार हथियार से गला रेतकर की गई थी। कातिल ने मृतका की पहचान छुपाने के मकसद से उसका चेहरा जला दिया था। ताकि कोई उसे पहचान न सके। पुलिस ने बुधवार को महिला का पोस्टमार्टम कराया था। इसके बाद से पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई थी। पुलिस अभी महिला की डेडबॉडी की शिनाख्त कराने और मामले की तहकीकात में जुटी ही थी कि गुरुवार को इसी गांव के जंगल में एक बच्चे की डेडबॉडी पड़ी मिली। करीब 14 साल के बच्चे की लाश ईख के खेत में मिली। जहां महिला की लाश बुधवार को मिली थी, उस स्थान से यह खेत करीब 500 मीटर की दूरी पर है। ईख के खेत में अंदर जाकर बच्चे की लाश डाली गई थी। एक ही गांव में 24 घंटे में 2 लाशें मिलने से सनसनी फैल गई।सूचना मिलते ही तमाम पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुला लिया गया। पुलिस ने मामले की पड़ताल की तो पता चला कि मरने वाले बच्चे का गांव के ही विश्राम सैनी का बेटा है। इसी के आधार पर पहचान हुई कि बीते दिन यानी बुधवार को जिस महिला की लाश मिली थी वो विश्राम सिंह सैनी की पत्नी सीमा थी।SP सिटी रण विजय सिंह ने बताया कि महिला और बच्चे की शिनाख्त कर ली गई है। दोनों मां-बेटे मौढ़ा तैय्या गांव के ही रहने वाले हैं। पुलिस को प्रारंभिक पूछताछ में महिला के पति विश्राम सिंह से अहम जानकारियां मिली हैं। अगले कुछ घंटों में इस डबल मर्डर का खुलासा कर दिया जाएगा।
लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व में एक सींग वाले भारतीय गैंडों की गणना पूरी हो गई है। ताजा आंकड़ों के अनुसार बच्चों सहित कुल 53 गैंडे दर्ज किए गए हैं। यह उत्तर प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि असम और पश्चिम बंगाल के अलावा दुधवा टाइगर रिजर्व ही देश का एकमात्र स्थान है, जहां एक सींग वाले भारतीय गैंडे पाए जाते हैं। दुधवा में गैंडा पुनर्वास कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 1984 में हुई थी, जब असम और नेपाल से सात गैंडे लाकर बसाए गए थे। इसके बाद दक्षिण सोनारीपुर रेंज के ककरहा क्षेत्र में पहला और वर्ष 2018 में बेलरायां रेंज के भादी क्षेत्र में दूसरा गैंडा पुनर्वास केंद्र स्थापित किया गया। हाल के वर्षों में कई गैंडों को खुले जंगल में छोड़ा गया है, जिससे अब पर्यटकों को भी पर्यटन क्षेत्रों में उनके सहज दर्शन हो रहे हैं। दुधवा में यह चौथी बार गैंडों की गणना की गई। पिछले वर्ष यहां 51 गैंडे दर्ज किए गए थे। 25 से 27 जून के बीच हुई गणना में पांच नए शावकों को शामिल किया गया, जिससे कुल संख्या बढ़कर 53 हो गई। हालांकि, इसी अवधि में आपसी संघर्ष और हिंसक वन्यजीवों के हमलों में तीन गैंडों की मौत भी हुई। ताजा आंकड़ों के अनुसार दुधवा में 17 नर, 25 मादा तथा 11 अवयस्क और शावक सहित कुल 53 गैंडे हैं। इनमें से आठ गैंडे खुले जंगल में स्वतंत्र रूप से विचरण कर रहे हैं, जिसे दुधवा के संरक्षण प्रयासों की बड़ी सफलता माना जा रहा है। दुधवा टाइगर रिजर्व के उप निदेशक जगदीश आर. ने बताया कि गैंडों की लगातार बढ़ती संख्या वन्यजीव संरक्षण के प्रभावी प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताया।
बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र के ग्राम नंबी में वृद्ध ग्रामीण की हत्या के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि पारिवारिक और संपत्ति विवाद के चलते मृतक के बड़े बेटे ने ही अपने पिता की कुल्हाड़ी मारकर हत्या की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना बुधवार (8 जुलाई) देर रात ग्राम नंबी के बंगालपारा की है। मुचाकी हूंगा (50) की सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी गई थी। शुरुआती जांच में अज्ञात हमलावरों द्वारा हत्या की आशंका जताई जा रही थी। जांच में बेटे पर गया शक सूचना मिलने पर उसूर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, गवाहों के बयान तथा तकनीकी और परिस्थितिजन्य जांच के आधार पर पुलिस को मृतक के बड़े बेटे मुचाकी देवा (27) पर संदेह हुआ। पूछताछ में कबूला जुर्म हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर मुचाकी देवा ने अपने पिता की हत्या करना स्वीकार कर लिया। आरोपी ने बताया कि लंबे समय से चल रहे पारिवारिक और संपत्ति विवाद के कारण उसने इस वारदात को अंजाम दिया। आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने आरोपी मुचाकी देवा को गिरफ्तार कर लिया है। उसे न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
अलीगढ़ के सिविल लाइंस क्षेत्र के श्यामनगर में बुधवार को जलभराव में ट्रांसफॉर्मर का करंट फैलने से रजनी (53) की मौत हो गई थी। इस मामले में विभागीय जांच कराई गई, जिसमें प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आई है। इसके बाद विभाग के आलाधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवर अभियंता (JE) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है, जबकि दो संविदा कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी है। इसके अलावा, एसडीओ और अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ये था पूरा मामला घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले श्यामनगर इलाके की है। 8 जुलाई को भारी बारिश के बाद इलाके में जलभराव हो गया था। इसी दौरान घंटाघर उपकेंद्र से संचालित 11 केवीए रेलवे रोड फीडर के श्यामनगर के पास लगे 400 केवीए क्षमता के एक वितरण ट्रांसफार्मर के पास से गुजर रही एक महिला करंट की चपेट में आ गई। इससे महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया, जिसके बाद विद्युत विभाग हरकत में आया और आनन-फानन में मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए। इन अधिकारियों और कर्मचारियों पर गिरी गाज अधीक्षण अभियंता अंशुमान यादव ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच कराई गई। जांच में बिजली विभाग के स्थानीय स्टाफ की लापरवाही सामने आई। इसके बाद मुख्य अभियंता ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने के दोषी पाए जाने पर जेई फैज तैमूरी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलावा सब-स्टेशन पर तैनात दो संविदा कर्मचारियों अनिल कुमार और श्यामसुंदर शर्मा की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। इस मामले में सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारियों पर ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार उच्चाधिकारियों पर भी शिकंजा कसा गया है। एसडीओ अहमद हुसैन और एक्सईएन प्रणव गुप्ता के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करते हुए दोनों को आरोप पत्र जारी कर दिया गया है। मानसून को लेकर विभाग अलर्ट अधीक्षण अभियंता अंशुमान यादव ने बताया कि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय और जानलेवा घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए जिलेभर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। जिले के सभी ट्रांसफार्मरों का वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए मानकों के अनुरूप विशेष निरीक्षण कराया जा रहा है। रामघाट रोड, केला नगर, मैरिस रोड समेत कई संवेदनशील इलाकों में ट्रांसफार्मरों की फेंसिंग को पहले ही मजबूत किया जा चुका है। बाकी बचे स्थानों पर भी तेजी से काम चल रहा है। सुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ग्वालियर में डिस्क व्यवसायी के अपहरण और उस पर गोली चलाने के मामले में पुलिस ने गुरुवार को दो इनामी आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित था। इनकी गिरफ्तारी के साथ ही इस बहुचर्चित मामले के सभी आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। पुलिस के अनुसार, कोटेश्वर कॉलोनी निवासी विक्की यादव 31 मई की रात अपने एक मित्र का जन्मदिन मनाने के लिए विनय नगर सेक्टर-4 स्थित पुलिस चौकी के पास पहुंचा था। इसी दौरान मुख्य आरोपी छोटू उर्फ सत्येन्द्र कमरिया अपने साथियों के साथ वहां आया और बातचीत के बहाने विक्की को अलग ले गया। आरोप है कि उसने डिस्क के कारोबार में साझेदारी करने का दबाव बनाया। जब विक्की ने प्रस्ताव ठुकरा दिया तो आरोपियों ने उसका अपहरण कर कार में बैठाया और विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में ले जाकर उस पर गोली चला दी। घटना के बाद पुलिस ने अपहरण और हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। सभी आरोपी गिरफ्तार बहोड़ापुर थाना प्रभारी आलोक परिहार ने बताया कि इस मामले में पहले ही मुख्य आरोपी छोटू उर्फ सत्येंद्र कमरिया, रिंकू कमरिया, चेतन पांडे और प्रियांशु दुबे को गिरफ्तार किया जा चुका था। जबकि सोनू यादव और राहुल यादव लगातार फरार चल रहे थे। दोनों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस ने उनकी तलाश कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों आरोपियों को पैदल घटनास्थल पर लेकर पहुंची, जहां वारदात का सीन रीक्रिएशन कराया गया। इस दौरान आरोपियों से पूरी घटना की क्रमवार जानकारी ली गई। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपी अपने किए पर पछतावा जताते हुए माफी मांगते नजर आए। सीएसपी कृष्णपाल सिंह ने बताया कि फरार दोनों इनामी आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले के सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बड़ी बैठक 18 और 19 जुलाई को भगवान श्रीराम की नगरी ओरछा में होने जा रही है। इस वीआईपी आयोजन को सफल बनाने के लिए जिला भाजपा ने एक विशेष तैयारी बैठक की, जिसमें नेताओं और कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां बांटी गईं। ओरछा में जुटने वाले वीआईपी मेहमानों के स्वागत और व्यवस्था के लिए पार्टी ने अलग-अलग कमेटियां बनाई हैं। रहने की व्यवस्था (आवास): आनंद मिश्रा, अनुराग चतुर्वेदी और विवेक तोमर 'सोनू कड़ा'। सुरक्षा व्यवस्था: अनिल पांडे। भोजन व्यवस्था: आकाश अग्रवाल, गणेशी नायक और मनी जैन। अतिथियों का स्वागत (रिसीव करना): मंगेश रमपुरया। यातायात (ट्रैफिक) व्यवस्था: रब्बी यादव। कंट्रोल रूम: कमलेश जैन। जिले के लिए गौरव की बात, जुटेंगे सीएम और दिग्गज बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश पटैरिया ने कहा कि ओरछा में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक होना पूरे निवाड़ी जिले के कार्यकर्ताओं के लिए बड़े गर्व की बात है। वहीं, जिला प्रभारी दीपक सिंह भदौरिया ने कहा कि ओरछा को हाल ही में दो बड़ी उपलब्धियां मिली हैं-पहला, महेश केवट का राज्यसभा सदस्य बनना और दूसरा, इस बड़ी बैठक का आयोजन होना। प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेंद्र बरुआ और कार्यालय मंत्री श्याम महाजन ने कार्यकर्ताओं को अनुशासन, विनम्रता और आपसी तालमेल के साथ काम करने की सलाह दी। कार्यक्रम के अंत में विधायक अनिल जैन ने सभी का आभार जताया। इस दो दिवसीय बैठक में मुख्यमंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य (मंत्री), संभाग व जिला प्रभारी और प्रदेश कार्यसमिति के तमाम बड़े पदाधिकारी शामिल होंगे। तैयारी बैठक में पूर्व विधायक शिशुपाल यादव, केशव सिंह भदौरिया और मंडल अध्यक्षों सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
मेरठ में बीए छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड के बाद बुधवार को डीएम कार्यालय के सामने हुए बवाल को लेकर पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। इस मामले में करीब 70 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है, जबकि पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों में ऋतिक जाटव भी शामिल है, जिसकी बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो ने जांच को नई दिशा दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ऋतिक के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उसका किसी संगठित आपराधिक गिरोह या हिस्ट्रीशीटरों से कोई संबंध रहा है या नहीं। इसी कड़ी में सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो की तकनीकी जांच कराई जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल एक तस्वीर में ऋतिक के पिस्टल के साथ दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। वहीं दूसरी तस्वीर में उसे हिस्ट्रीशीटर अमित मोरिंडा के साथ बताया जा रहा है। इसके अलावा कुछ वीडियो और अन्य तस्वीरें भी तेजी से वायरल हो रही हैं, जिनमें आरोपी के विभिन्न लोगों के साथ होने के दावे किए जा रहे हैं। हालांकि, इन सभी तस्वीरों और वीडियो की अभी तक पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि वायरल सामग्री की फोरेंसिक और तकनीकी स्तर पर जांच कराई जा रही है। यदि जांच में तस्वीरें और वीडियो सही पाए जाते हैं तथा किसी संगठित अपराध, अवैध हथियार या आपराधिक नेटवर्क से संबंध के साक्ष्य मिलते हैं तो उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि बवाल में शामिल प्रत्येक आरोपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
सलूंबर नगर परिषद में गुरुवार को शहरी सेवा शिविर-2026 का आयोजन किया गया। इस दौरान जिला प्रभारी सचिव खजान सिंह ने शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए काउंटरों का अवलोकन कर आमजन को दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता और त्वरित निस्तारण की जानकारी ली। प्रभारी सचिव ने शिविर में मौजूद लाभार्थियों और आवेदकों से सीधा संवाद किया। उन्होंने उनकी समस्याएं सुनीं और सेवाओं को लेकर प्रतिक्रिया प्राप्त की। उन्होंने बताया- शहरी सेवा शिविरों का उद्देश्य सालों से लंबित मामलों का सरल, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान उपलब्ध कराना है, ताकि नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़े। उन्होंने आमजन से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील भी की। निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आवेदन का संवेदनशीलता, गुणवत्ता और तय समय सीमा में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी नागरिक को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। शिविर में विभिन्न योजनाओं के तहत पात्र नागरिकों को राहत प्रदान की गई। इसमें 69-ए के तहत 1आवासीय पट्टा, स्टेट ग्रांट एक्ट के 4 पट्टे, 6 नामांतरण, 2 लीज मुक्ति प्रमाण पत्र, 1 पट्टा नवीनीकरण और 1 भवन निर्माण स्वीकृति शामिल है। इसके अलावा, 20 जन्म-मृत्यु पंजीयन के साथ नागरिकों को जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र भी मौके पर वितरित किए गए। कुल 35 लाभार्थियों को विभिन्न दस्तावेज सौंपे गए। शहरवासियों ने इस शिविर में सक्रिय रूप से भाग लिया और विभिन्न विभागों की सेवाओं का लाभ उठाया। निस्तारण और एक ही स्थान पर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की आमजन ने सराहना की। इस अवसर पर नगर परिषद आयुक्त गणपत लाल खटीक, तहसीलदार मयूर शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और शहर के नागरिक उपस्थित रहे।
4 महीने पहले मारपीट में घायल युवक की मौत:साले और साढ़ू पर मारपीट का आरोप, पुलिस जांच में जुटी
डूंगरपुर के कुंआ थाना क्षेत्र के ढूंढरिया गांव में चार महीने पहले हुई मारपीट में घायल एक युवक की अब मौत हो गई है। युवक का उदयपुर और गुजरात के मोडासा के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा था। पुलिस ने शव को डूंगरपुर अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। कुंआ थाना एएसआई मंजुला ने बताया कि ढूंढरिया गांव निवासी दिलीप डामोर चार महीने पहले हुई मारपीट की घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। लंबे समय से उसका उदयपुर और गुजरात के मोडासा स्थित अस्पतालों में इलाज चल रहा था। बुधवार को दिलीप की तबीयत बिगड़ने के बाद उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मृतक के बड़े भाई राजेश डामोर ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उसके भाई दिलीप डामोर 1 मार्च को अहमदाबाद से अपने ससुराल अंबाड़ा आया था। उसी शाम किसी बात को लेकर उसका अपने साले बाबू और साढ़ू प्रकाश से विवाद हो गया। राजेश ने आरोप लगाया कि बाबू और प्रकाश ने पहले रास्ते में रोककर दिलीप के साथ लात-घूंसों से मारपीट की। आरोप है कि इसके बाद ससुराल में भी दिलीप के साथ मारपीट की गई, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आईं और वह बेहोशी की हालत में पहुंच गया। परिजनों ने पहले निजी अस्पताल में उसका इलाज कराया, लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें गुजरात के मोडासा और बाद में उदयपुर के महाराणा भूपाल राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान कुछ दिन पहले दिलीप को होश आया था, तब उसने अपने भाई और परिवार को पूरी घटना बताई। इसके बाद परिजनों ने बाबू और प्रकाश के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को रिपोर्ट दी थी।
जयपुर रोड स्थित आरटीओ कार्यालय को गुरुवार को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। आरटीओ की आधिकारिक ईमेल आईडी पर भेजे गए धमकी भरे मेल में दावा किया गया था कि कार्यालय परिसर में 7 आरडीएक्स (RDX) बम और जहरीली सायनाइड गैस प्लांट की गई है। सूचना मिलते ही पुलिस, सीआईडी, डॉग स्क्वायड और डिजास्टर मैनेजमेंट की टीम मौके पर पहुंची। सर्च ऑपरेशन में पूरे परिसर की बारीकी से जांच की गई, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा व्यवस्था पर खड़ा हुआ है। धमकी भरा ईमेल सुबह 5 बजे आरटीओ की ऑफिशियल मेल आईडी पर पहुंच गया था, लेकिन अधिकारियों ने इसे करीब 9 घंटे बाद दोपहर 2 बजे देखा। जबकि मेल में कार्यालय को दोपहर 1:10 बजे उड़ाने का अल्टीमेटम दिया गया था। यानी जब तक मेल पढ़ा गया, धमकी में दिया गया समय निकल चुका था। बिजली और नेटवर्क का हवाला, देर से खुला मेल एडिशनल आरटीओ प्रकाश टहल्यानी ने बताया कि ईमेल सुबह करीब 5 बजे आया था। कार्यालय में बिजली और नेटवर्क की समस्या के कारण समय पर मेल एक्सेस नहीं हो सका। दोपहर करीब 2 बजे जब मेल चेक किया गया तो धमकी की जानकारी मिली। इसके बाद तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस को सूचना दी गई। धमकी मिलने के बाद डीटीओ राजीव शर्मा ने तुरंत एसपी कार्यालय को सूचना दी। आरटीओ में रोजाना बड़ी संख्या में लोग अपने वाहन संबंधी कार्यों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेते हुए पूरे परिसर को तत्काल खाली कराया गया। कर्मचारियों को बाहर निकालकर चलाया सर्च ऑपरेशन सिविल लाइंस थाना प्रभारी शंभू सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही डीएसपी (जोन प्रथम), सिविल लाइंस थाना पुलिस, सीआईडी, डॉग स्क्वायड और डिजास्टर मैनेजमेंट की टीमें मौके पर पहुंचीं। सुरक्षा के मद्देनजर कर्मचारियों और आम लोगों को कार्यालय से बाहर निकाला गया। इसके बाद डेढ़ से दो घंटे तक भवन और परिसर के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई। जांच के दौरान कोई विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली। मेल में धार्मिक अपमान का जिक्र प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि धमकी भरे मेल में खुद को एक कथित इस्लामिक संगठन से जुड़ा बताया गया है। मेल में पैगंबर मोहम्मद साहब के कथित अपमान का बदला लेने की बात लिखी गई है। फिलहाल पुलिस इस दावे की सत्यता की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियां ई-मेल की तकनीकी पड़ताल कर रही हैं और यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि मेल किस आईपी एड्रेस और किस सर्वर से भेजा गया। पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां अजमेर में इससे पहले भी दरगाह, कलेक्ट्रेट और डाक विभाग को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी है। अधिकांश मामलों में जांच के बाद धमकियां फर्जी साबित हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां हर बार किसी भी सूचना को गंभीरता से लेते हुए पूरी जांच करती है।
डिंडौरी जिले में भारतीय किसान संघ ने किसानों और ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं को लेकर गुरुवार को मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन दिया। इसमें मुख्य रूप से शहपुरा में 132 केवी विद्युत सबस्टेशन का निर्माण जल्द शुरू कराने, बिलगांव जलाशय परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षा देने और किसानों को समय पर बीज उपलब्ध कराने की मांग की गई है। साल भर बाद भी शुरू नहीं हुआ सबस्टेशन का काम किसान संघ के जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक साल पहले डिंडोरी प्रवास के दौरान शहपुरा में 132 केवी सबस्टेशन बनाने की घोषणा की थी। हालांकि, अब तक इसका निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। इसके चलते शहपुरा और मेंहदवानी विकासखंड के 316 गांवों में अघोषित बिजली कटौती की गंभीर समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों को घंटों बिजली का इंतजार करना पड़ता है, जिससे खेती, पीने के पानी की सप्लाई और घरों के काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। ब्लास्टिंग से बांध और मकानों में आई दरारें ज्ञापन में बिलगांव जलाशय मध्यम परियोजना के तहत बिलवाड़ा बांध में इंटेकवेल निर्माण के दौरान की गई ब्लास्टिंग का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संघ का आरोप है कि इस हैवी ब्लास्टिंग के कारण बांध के गेट, वेस्टवेयर और ग्राम ढोंढ़ा बैगा टोला के कई कच्चे-पक्के मकानों में दरारें आ गई हैं। संगठन ने किसी भी बड़ी जनहानि की आशंका को देखते हुए इसकी तकनीकी जांच कराकर तुरंत जरूरी कदम उठाने की मांग की है। बोनी के समय नहीं मिला बीज, दी आंदोलन की चेतावनी किसान संघ ने कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई है। संघ का कहना है कि किसानों को बोनी के ऐन वक्त पर पर्याप्त मात्रा में बीज उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके साथ ही उद्यानिकी विभाग के विकासखंड स्तर पर परमानेंट दफ्तर खोलने की मांग भी रखी गई है। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला कोषाध्यक्ष विवेकानंद साहू, तहसील मीडिया प्रभारी कृष्ण कुमार और कौशल प्रसाद समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
चंदौली जिले में आशा और आशा संगिनी कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि आशा वर्कर्स स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को लागू करने में पूरी ईमानदारी से काम करती हैं, लेकिन इसके बावजूद शासन-प्रशासन द्वारा उनके साथ 'छलावा' किया जा रहा है। इस दौरान, संगठन के सदस्यों ने अपर जिलाधिकारी (ADM) राजेश कुमार को 17 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा और अपनी मांगों से अवगत कराया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आशा वर्कर्स आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगी। आशा वर्कर्स संगठन की महामंत्री बीनू देवी ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में न्यूनतम 18,000 से 36,000 रुपये का मासिक वेतन शामिल है, जिसके लिए वे कई बार ज्ञापन दे चुकी हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने आशा कर्मचारियों के लिए पदोन्नति और 'समान कार्य का समान वेतन' लागू करने की मांग की। बीनू देवी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत तैनात आशा वर्कर्स को संविदा पर नियुक्त करने की भी मांग की। उन्होंने ठेका प्रथा और निजी गैर-सरकारी संगठनों (NGO) को आशा वर्कर्स सौंपने के विचार का विरोध किया और इस पर सरकार से ध्यान देने का आग्रह किया। संगठन ने यह भी मांग की कि सेवानिवृत्ति के समय आशा वर्कर्स को एकमुश्त 10 लाख रुपये का भुगतान किया जाए, क्योंकि वे अपने पूरे कार्यकाल के दौरान सरकारी योजनाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने हर साल दो यूनिफॉर्म, टीकाकरण के लिए अलग से भुगतान, और यात्रा भत्ता (TA) व महंगाई भत्ता (DA) देने की भी मांग की। आशा वर्कर्स ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी इन न्यायोचित मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करने के लिए विवश होंगी।
लखनऊ के पॉश इलाके डालीबाग में माफिया मुख्तार अंसारी के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर बने एलडीए के ईडब्ल्यूएस फ्लैटों के दोबारा आवंटन के लिए लोगों में अच्छी दिलचस्पी देखने को मिली है। पहले आवंटित दो फ्लैटों का आवंटन निरस्त होने के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने इन दोनों फ्लैटों के लिए फिर से पंजीकरण खोला, जिसके लिए 369 आवेदन प्राप्त हुए हैं। हैदर कैनाल बांध के पास करीब 20 मीटर चौड़ी सड़क से सटे इस आवासीय परिसर में कुल 72 ईडब्ल्यूएस फ्लैट बनाए गए हैं। कम कीमत और बेहतर लोकेशन के कारण इस योजना को पहले भी जबरदस्त प्रतिसाद मिला था। पिछले वर्ष 72 फ्लैटों के लिए करीब 8,100 लोगों ने आवेदन किया था, लेकिन सीमित फ्लैट होने के कारण अधिकांश आवेदकों को निराश होना पड़ा था। एलडीए अधिकारियों के अनुसार, पहले आवंटित दो लाभार्थियों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर फ्लैट की धनराशि जमा नहीं की। इसके चलते उनका आवंटन निरस्त कर दिया गया और इन्हीं दो फ्लैटों के लिए दोबारा पंजीकरण कराया गया है। केवल ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए योजना इस योजना में केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के पात्र लोग ही आवेदन कर सकते हैं। आवेदक की वार्षिक आय तीन लाख रुपये तक होनी चाहिए। साथ ही आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य के नाम लखनऊ में कोई आवासीय मकान नहीं होना चाहिए। इसके लिए आवेदन के साथ शपथ पत्र देना अनिवार्य है। 10 लाख रुपये में दो कमरों का फ्लैट योजना के प्रत्येक फ्लैट का क्षेत्रफल करीब 35 वर्गमीटर है और इसकी कीमत लगभग 10 लाख रुपये तय की गई है। फ्लैट में दो कमरे, अलग शौचालय, स्नानघर और बालकनी की सुविधा उपलब्ध है। कम कीमत, बेहतर सुविधाओं और प्रमुख लोकेशन के कारण इस बार भी योजना को अच्छा प्रतिसाद मिलने की उम्मीद है।
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के पेण्ड्रा स्थित ग्राम तेंदुपारा (वार्ड क्रमांक-02) में मजदूरी के बकाया पैसे मांगना एक मजदूर को भारी पड़ गया। टाइल्स ठेकेदार ने कथित तौर पर पत्थर से हमला कर मजदूर का सिर फोड़ दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, पीड़ित मजदूर ने करीब एक माह पहले स्थानीय टाइल्स ठेकेदार विजय रजक के साथ तीन दिनों तक काम किया था। काम पूरा होने के बाद भी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया। पीड़ित कई बार पैसे मांगने पहुंचा, लेकिन हर बार उसे टाल दिया गया। पैसे मांगने पर सड़क पर हुआ विवाद घटना सुबह करीब 10 बजे की है। पीड़ित ने जीवन पनिका के घर के पास विजय रजक को देखकर अपनी मजदूरी मांगी। इस बात पर ठेकेदार नाराज हो गया और कथित तौर पर गाली-गलौज करने लगा। पत्थर से किया हमला, सिर फटा विवाद बढ़ने पर आरोपी ने पास पड़ा भारी पत्थर उठाकर मजदूर के सिर पर मार दिया। हमले में मजदूर का सिर फट गया और वह लहूलुहान हो गया। आरोप है कि इस दौरान ठेकेदार ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी। बीच-बचाव कर बचाई जान मौके पर मौजूद भागीरथ रजक ने बीच-बचाव कर किसी तरह पीड़ित को आरोपी के चंगुल से छुड़ाया। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज पीड़ित की शिकायत पर पेण्ड्रा पुलिस ने आरोपी विजय रजक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 296 और 351(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
भीलवाड़ा के मांडल में नियमों के खिलाफ पट्टे जारी करने के आरोप में तत्कालीन सरपंच एवं प्रशासक, ग्राम विकास अधिकारी और संबंधित वार्ड पंचों के खिलाफ साजिश रचने और पद का गलत इस्तेमाल करने का मामला दर्ज किया गया है। जिला परिषद की जांच में सामने आया कि नियमों अनदेखी कर 183 पट्टे बिना नीलामी के रियायती या मुफ्त में बांट दिए गए। जांच में यह भी पता चला कि बिना मंजूर नक्शों और जरूरी सूचना के ही कागजों में पट्टे जारी कर दिए गए। मौके पर पत्थरगढ़ी भी नहीं मिली और पात्र लोगों से जुड़े जरूरी दस्तावेज रिकॉर्ड में नहीं पाए गए। विकास अधिकारी की रिपोर्ट पर कार्रवाईमांडल थाना प्रभारी रोहिताश्व यादव ने बताया - विकास अधिकारी गुलाबसिंह गुर्जर की रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन सरपंच एवं प्रशासक संजय भंडिया, तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी कजोड़मल गुर्जर और संबंधित वार्ड पंचों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र व पद के दुरुपयोग का मामला दर्ज किया गया है। शिकायत के बाद खुला पट्टों का खेलग्रामवासियों की शिकायत पर जिला परिषद के सीईओ ने जांच कराई। जांच दल ने कॉलोनियों और अवैध पट्टों से जुड़े मामले की पड़ताल की, जिसमें नियमों के विपरीत पट्टे जारी किए जाने की बात सामने आई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में दोषी पाए जाने पर ग्राम विकास अधिकारी कजोड़मल गुर्जर को हटा दिया गया है। 183 पट्टे बिना नीलामी जारी करने का आरोपजांच में सामने आया कि तत्कालीन प्रशासक और ग्राम विकास अधिकारी ने राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 की अवहेलना करते हुए मेजा रोड और गंगापुर रोड पर 19, खसरा नंबर 8008 में 26, धोवनी नाड़ी की आराजी नंबर 8795 और 8796 में 116 तथा रूपी देवी कॉलेज रोड व मुकेश खटीक के मकान के पास 22 पट्टे जारी किए। इस प्रकार कुल 183 पट्टे बिना नीलामी के रियायती अथवा निःशुल्क दे दिए गए।
जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में क्लास 4 की छात्रा अमायरा की मौत के 7 महीने बाद एक और वीडियो सामने आया है। परिजनों का कहना है कि इस 8 मिनट के वीडियो में दिख रहा है कि कुछ बच्चे डिजिटल स्लेट पर कुछ लिखकर अमायरा को दिखाते हैं, जिसके वो परेशान हो जाती है। परेशान अमायरा कई बार अपनी सीट छोड़कर क्लास टीचर के पास जाती है। अपनी सीट से खड़े होकर कई बार टीचर के पास जाकर बातचीत करती है। बातचीत के दौरान ही वह अचानक क्लास से बाहर निकल जाती है। कॉरिडोर से तेजी से सीढ़ियों की तरफ जाती हुई दिखाई देती है। ग्राउंड फ्लोर से तेजी से चौथी मंजिल तक पहुंचती नजर आती है। इसके बाद वही दर्दनाक घटना होती है। वीडियो सामने आने के बाद परिवार ने पुलिस की चार्जशीट पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि जांच अधूरी है, मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने जैसी गंभीर धाराएं नहीं जोड़ी गईं। परिवार का कहना है कि बच्ची कई बार मदद मांगती रही, लेकिन उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। पहले देखिए वीडियो में क्या दिखा… अमायरा क्लास में आकर पहले डांस क्लास के लिए जाती है अमायरा के पिता विजय मीणा ने बताया- 8 मिनट के सीसीटीवी फुटेज में सबसे पहले अमायरा क्लास में आती हुई दिख रही है। इसके बाद अन्य बच्चे भी क्लास में पहुंचते हैं। शुरुआती फुटेज में अमायरा सामान्य दिखाई देती है। थोड़ी देर बाद वह अपनी सहेली के साथ डांस क्लास जाती है। डांस क्लास में हिस्सा लेती है। क्लास के बच्चे अमायरा को डिजिटल स्लेट पर कुछ दिखाते हैं डांस क्लास से लौटने के बाद क्लासरूम में कुछ बच्चे टेप से खेलते नजर आ रहे हैं। इसी दौरान अमायरा के आगे बैठे कुछ बच्चे डिजिटल स्लेट निकालते हैं, जबकि ऐसी स्लेट क्लास में लाने की अनुमति नहीं थी। वीडियो में बच्चे स्लेट पर कुछ लिखकर अमायरा को दिखाते हैं। आपस में भी साझा करते हैं। इसके बाद अमायरा असहज और परेशान दिखाई देने लगती है। करीब एक घंटे तक चलता रहा घटनाक्रम वीडियो में दिख रहा है कि अमायरा कई बार अपनी सीट छोड़कर क्लास टीचर के पास जाती है। उनसे बातचीत करती है। इसी दौरान एक अन्य छात्र भी टीचर के पास जाकर अमायरा की ओर इशारा करते हुए कुछ कहता नजर आता है। बातचीत के बाद दोनों बच्चे अपनी सीट पर लौट जाते हैं। कुछ देर बाद फिर अमायरा टीचर के पास पहुंचती है। इस बीच एक अन्य छात्र भी टीचर के पास जाता है। कुछ बच्चे खड़े दिखाई देते हैं। एक अन्य टीचर भी क्लास में नजर आती है। टीचर अमायरा को वापस सीट पर भेज देती है। दूसरे छात्र को अपने पास बुला लेती हैं। बदलते हावभाव और फिर अचानक क्लास से बाहर वीडियो में क्लास टीचर बच्चों के बीच जाकर बात करती भी दिख रही है। इसी दौरान अमायरा अपना हाथ पहले मुंह पर और फिर सिर पर रखती है। इसके बाद वह एक छात्रा के पास जाती है, कुछ देर रुकती है। वापस अपनी सीट पर लौट आती है। कुछ देर बाद अमायरा आखिरी बार टीचर के पास जाती है। बातचीत के दौरान वह अचानक क्लास से बाहर निकल जाती है। वीडियो में वह कॉरिडोर से तेजी से सीढ़ियों की ओर जाती हुई दिखाई देती है। वह ग्राउंड फ्लोर से तेजी से चौथी मंजिल तक पहुंचती है। इसके बाद वही दर्दनाक घटना हो जाती है। परिजनों ने पुलिस जांच पर उठाए सवाल वहीं, अमायरा के पिता विजय मीणा और मां शिवानी ने पुलिस की चार्जशीट पर गंभीर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि पुलिस ने मामले में चालान तो पेश किया, लेकिन कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज कर दिया। पिता विजय मीणा का आरोप है कि स्कूल मालिक सौरभ मोदी और प्रिंसिपल इंदु दुबे को आत्महत्या के लिए उकसाने जैसे आरोपों में शामिल नहीं किया गया। केवल लापरवाही और सबूत छिपाने के आरोपों तक सीमित रखा गया है। पूरी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए थी। 'पुलिस हमें ही प्रताड़ित करती रही' मां शिवानी ने आरोप लगाया कि जांच के दौरान पुलिस ने हमसे ऐसे सवाल पूछे, मानो हमारी बच्ची मानसिक रूप से अस्वस्थ थी। मैं रोज बेटी से स्कूल के बारे में पूछती थी, लेकिन महज डेढ़ घंटे के भीतर ऐसा क्या हुआ कि बच्ची ने इतना बड़ा कदम उठा लिया। बच्ची कई बार मदद मांगती रही, लेकिन उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। परिजनों का कहना है कि अमायरा को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया था और पुलिस की चार्जशीट इस पहलू को पर्याप्त महत्व नहीं देती। हाईकोर्ट जाने की तैयारी परिवार ने कहा- हम चार्जशीट का अदालत में विरोध करेंगे और आत्महत्या के लिए उकसाने सहित अन्य गंभीर धाराएं जोड़ने की मांग करेंगे। जरूरत पड़ने पर राजस्थान हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा। इस मामले में राजस्थान अभिभावक संघ भी परिवार के समर्थन में सामने आया है। संघ ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यदि निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो दोबारा आंदोलन किया जाएगा। 1 नवंबर 2025 को हुई थी दर्दनाक घटना गौरतलब है कि 1 नवंबर 2025 को जयपुर के मानसरोवर स्थित नीरजा मोदी स्कूल की चौथी कक्षा की 9 वर्षीय छात्रा अमायरा ने स्कूल की चौथी मंजिल से छलांग लगा दी थी। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पूरे देश में गहरा आक्रोश देखने को मिला था। परिवार का आरोप है कि अमायरा को स्कूल के कुछ बच्चे लगातार बुली (प्रताड़ित) करते थे। इस संबंध में कई बार क्लास टीचर और स्कूल प्रशासन को शिकायत भी दी गई थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। परिजनों ने यह आरोप भी लगाया कि घटना के बाद जहां बच्ची गिरी थी, वहां से खून के धब्बे साफ करवा दिए गए, जिससे महत्वपूर्ण सबूत प्रभावित हुए थे। चार्जशीट में ये हैं आरोपी पुलिस द्वारा पेश चालान में स्कूल मालिक सौरभ मोदी, प्रिंसिपल इंदु दुबे, शिक्षिका पुनीता शर्मा और सफाईकर्मी राम को आरोपी बनाया गया है। हालांकि परिवार का कहना है कि आरोपों की गंभीरता के अनुरूप धाराएं नहीं लगाई गईं और कई जिम्मेदार लोगों को राहत दी गई है। डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने कहा- जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और सबूतों के आधार पर ही चार्जशीट अदालत में पेश की गई है। जांच में जो तथ्य स्थापित हुए, उन्हीं के आधार पर आरोप तय किए गए हैं। अब मामले में अंतिम निर्णय चार्जशीट, सबूतों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर कोर्ट में किया जाएगा। ये भी पढ़ें… अमायरा मौत मामला,परिवार बोला-बच्ची को आत्महत्या के लिए मजबूर किया:पुलिस ने हमें ही मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, चार्जशीट पर परिजनों ने उठाए सवाल जयपुर में कक्षा 4 की छात्रा अमायरा की मौत के मामले में पुलिस ने अदालत में जो चार्जशीट पेश की है, उस पर परिजनों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अमायरा के माता-पिता ने पुलिस जांच को अधूरा और पक्षपातपूर्ण बताया है। परिवार का आरोप है कि मामले के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने चार्जशीट में आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा नहीं जोड़ने पर भी कड़ी आपत्ति जताई है। (पूरी खबर पढ़ें)
कन्नौज में सदर विधायक और समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण गुरुवार दोपहर 3 बजे अपना दल (एस) के जिला कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और उनकी शिकायतों को सुना। मंत्री असीम अरुण ने अपना दल के पदाधिकारियों के साथ मिलकर क्षेत्र से आए आम जनमानस की समस्याओं व शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना। इस दौरान सबसे अधिक शिकायतें बिजली, पानी, सड़क और राजस्व विभाग की आईं। मंत्री असीम अरुण ने विभागों के उच्चाधिकारियों को फोन कर समस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समय पर समाधान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अपना दल के कार्यालय में मौजूद दिनेश कटियार, लाला भाई पटेल व अन्य पदाधिकारियों ने मंत्री असीम अरुण का माला पहना कर स्वागत किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से परिचय भी कराया। मंत्री असीम अरुण ने कहाकि कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर पार्टी हित मे काम करना चाहिये। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लोगों के बीच ले जाएं, ताकि जरूरतमंद लोगों की मदद हो सके और वह अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें। इस अवसर पर अपना दल (एस) के स्थानीय नेता, कार्यकर्ता और क्षेत्र वासी मौजूद रहे।
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (PRSU) में गुरुवार से नए नियुक्त शिक्षकों के लिए एक महीने का 'गुरु-दक्षता' फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम शुरू हो गया। मालवीय मिशन टीचर्स ट्रेनिंग सेंटर (MMTTC) की ओर से आयोजित इस ट्रेनिंग में देशभर से 120 से ज्यादा शिक्षकों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। यह कार्यक्रम 9 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक चलेगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला ने कहा कि आज के समय में शिक्षकों के लिए टेक्नोलॉजी के साथ खुद को लगातार अपडेट रखना जरूरी है। नई पीढ़ी डिजिटल माध्यमों का ज्यादा इस्तेमाल कर रही है, इसलिए शिक्षक भी नई तकनीक सीखें और पढ़ाई में उसका इस्तेमाल करें। उन्होंने अलग-अलग विषयों को जोड़कर रिसर्च करने और पढ़ाने पर भी जोर दिया। मालवीय मिशन टीचर्स ट्रेनिंग सेंटर की डायरेक्टर प्रो. प्रीति के. सुरेश ने कहा कि नए शिक्षकों को नियुक्ति के तुरंत बाद इस तरह की ट्रेनिंग मिलना अच्छी पहल है। इससे उन्हें अपने करियर की शुरुआत में ही बेहतर तैयारी का मौका मिलेगा। कार्यक्रम के को-ऑर्डिनेटर डॉ. बृजेन्द्र पाण्डेय ने बताया कि यह शैक्षणिक सत्र 2026-27 का पहला फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम है। एक महीने तक देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले विशेषज्ञ और अनुभवी शिक्षक विभिन्न विषयों पर सेशन लेंगे और प्रतिभागियों से अपने अनुभव साझा करेंगे। कार्यक्रम के अंत में डॉ. बृजेन्द्र पाण्डेय ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों और प्रतिभागियों का धन्यवाद किया।
नईगढ़ी में सड़कों पर मवेशी छोड़ने पर रोक:किसानों की फसलें बचाने नगर परिषद करा रही मुनादी
मऊगंज जिले की नईगढ़ी नगर परिषद ने बेसहारा मवेशियों के कारण होने वाले सड़क हादसों और किसानों की फसलों के नुकसान को रोकने के लिए मुनादी कराई जा रही है। गुरुवार से नगरपालिका ने अब नगर क्षेत्र की सड़कों और सार्वजनिक जगहों पर मवेशियों को खुला छोड़ने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इस अभियान का असल मकसद सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं को टालना और किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाना है। दरअसल, खुले में घूमने वाले ये मवेशी अक्सर किसानों के खेतों में घुसकर खड़ी फसलों को चर जाते हैं और उन्हें बर्बाद कर देते हैं। इसके अलावा, सड़कों के बीचोबीच बैठे मवेशियों की वजह से आए दिन गंभीर सड़क हादसे होते रहते हैं और यातायात भी प्रभावित होता है। नगर में कराई जा रही मुनादी, दी गई सख्त चेतावनी नगर परिषद की टीम इस नए नियम को लेकर पूरे शहर में मुनादी (लाउडस्पीकर से घोषणा) करवाकर लोगों को जागरूक कर रही है। सीएमओ सुरेश कुमार सोनवानी ने नगरवासियों से अपील की है कि वे अपने पालतू मवेशियों को सड़कों पर आवारा न छोड़ें, बल्कि उन्हें अपने घरों या बाड़ों में ही बांधकर रखें। नगर को सुरक्षित और सुंदर बनाने के लिए उन्होंने जनता से सहयोग मांगा है। नगर परिषद ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि इस समझाइश और अपील के बाद भी अगर कोई मकान मालिक या पशुपालक अपने मवेशियों को सड़क पर खुला छोड़ता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन को उम्मीद है कि इस कड़े कदम से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
आगरा में पिछले 24 घंटे से रुक-रुककर हो रही बारिश के बाद गुरुवार को कमला नगर क्षेत्र में बड़ा हादसा टल गया। कर्मयोगी एन्क्लेव के पास अचानक सड़क धंस गई। राहत की बात यह रही कि सड़क स्कूलों की छुट्टी से कुछ मिनट पहले धंसी, जिससे स्कूल बसें, वैन और बच्चे इसकी चपेट में आने से बच गए। अगर यह घटना 1 घंटे बाद होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। लगातार हो रही बारिश के बाद शहर में जगह-जगह सड़कें धंसने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में गुरुवार दोपहर करीब 12:30 बजे थाना कमला नगर क्षेत्र के कर्मयोगी एन्क्लेव (कर्मयोगी फव्वारा) के पास अचानक सड़क धंस गई। सड़क का बड़ा हिस्सा बैठने से वहां गहरा गड्ढा बन गया। गनीमत रही कि घटना स्कूलों की छुट्टी से कुछ मिनट पहले हुई, जिससे बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि सड़क कुछ देर बाद धंसती तो स्कूल बसें, वैन और बच्चों को लेकर आने वाले वाहन इसकी चपेट में आ सकते थे। सड़क धंसते ही आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत दोनों ओर का रास्ता बंद कर दिया और वाहन चालकों को दूसरे रास्ते से निकालना शुरू कर दिया। लोगों की सतर्कता के चलते कोई जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सड़क धंसने से बना गड्ढा इतना गहरा है कि उसमें एक छोटा चार पहिया वाहन भी समा सकता है। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। पिछले 24 घंटे की बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में सड़क धंसने, जलभराव और पेड़ गिरने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। कर्मयोगी एन्क्लेव की यह घटना एक बार फिर शहर की सड़कों की गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गड्ढे की तत्काल मरम्मत, बैरिकेडिंग और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना किसी बड़े हादसे का कारण न बने।
मुरैना जिले के अंबाह थाना पुलिस ने अवैध रेत खनन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चंबल नदी के नयावास बरसला घाट से रेत से भरी तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जब्त की हैं। गुरुवार को पुलिस की दबिश की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद आरोपी वाहन छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, सूचना मिली थी कि नयावास बरसला घाट पर अवैध रूप से रेत का खनन और परिवहन किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। पुलिस को देखते ही रेत भर रहे आरोपी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां छोड़कर भाग निकले। मौके से पुलिस ने अवैध रेत से भरी तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जब्त कर लीं। फरार आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। अवैध खनन परिवहन के मामले में केस दर्जएसडीओपी रवि प्रताप भदौरिया ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अवैध खनन और परिवहन से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जब्त वाहनों को कब्जे में लेकर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही वाहनों के राजसात (जब्ती) की कार्रवाई के लिए वन विभाग को भी सूचना भेज दी गई है।
करनाल जिले में सीआईए-3 टीम ने भैंस चोरी करने वाले गिरोह के 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 6 भैंस बरामद की हैं। यह कार्रवाई मुख्य सिपाही जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में की गई। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कई वारदातों को अंजाम दिया था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नासिर पुत्र मुस्तकिम और शाकिब पुत्र मुस्तकिम निवासी गांव नागल राजपूत, जिला सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। जांच अधिकारी ने बताया कि थाना कुंजपुरा में एक महिला की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। महिला ने बताया कि बीती 27 जून की रात उसके घर के बाड़े से अज्ञात चोर भैंस चोरी कर ले गए थे। सीसीटीवी और गुप्त सूचना से मिली सफलता मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआईए-3 टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और विश्वसनीय सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की। 4 जुलाई को गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी नासिर को गांव नेवल क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। उसे कोर्ट में पेश कर 4 दिन का पुलिस रिमांड लिया गया। पूछताछ में खुलासा: 6 वारदातों में शामिल गिरोह पुलिस रिमांड के दौरान गहन पूछताछ में नासिर ने खुलासा किया कि गिरोह में अन्य सदस्य भी शामिल हैं। उसने जिला करनाल में भैंस चोरी की कुल 6 वारदातों को अंजाम देना कबूल किया। इनमें थाना इंद्री क्षेत्र की 2, थाना मधुबन की एक, थाना कुंजपुरा की 2 और थाना सदर की एक वारदात शामिल है। 6 भैंस बरामद, दूसरे आरोपी को भी लिया रिमांड पर आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 6 चोरीशुदा भैंस बरामद कर ली हैं। नासिर की रिमांड अवधि पूरी होने पर उसे दोबारा कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं आरोपी शाकिब को अदालत में पेश कर 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी जिला पुलिस के अनुसार रिमांड अवधि के दौरान आरोपी से और पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पशु चोरी की घटनाओं पर सख्ती से अंकुश लगाया जाएगा।
दिव्यांग शिविर में 35 प्रमाण पत्र बने:महराजगंज जिला अस्पताल में विशेष शिविर का आयोजन
महराजगंज जिला अस्पताल में गुरुवार को दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए एक विशेष प्रमाण पत्र शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 30 से 35 दिव्यांगजनों के प्रमाण पत्र बनाए गए। शिविर का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं और अन्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में सहायता प्रदान करना था। चिकित्सकों और कर्मचारियों ने प्रत्येक आवेदक की निर्धारित मानकों के अनुसार चिकित्सकीय जांच की और आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया। इस दौरान दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया के साथ-साथ शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी गई। यह पहल उन्हें अपने अधिकारों और उपलब्ध सुविधाओं के प्रति जागरूक करने के लिए की गई। शिविर में डॉ. विकास कुमार, डॉ. जियाउल्लाह, बाबू रामचंद्र और दिव्यांग सहायक प्रमोद सहित जिला अस्पताल का समस्त स्टाफ मौजूद रहा। सभी ने आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए शिविर को सफलतापूर्वक संपन्न कराया। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि ऐसे शिविरों के माध्यम से दिव्यांगजनों को एक ही स्थान पर आवश्यक चिकित्सा परीक्षण और प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे उन्हें अनावश्यक दौड़-भाग से राहत मिल सके। शिविर में आए लाभार्थियों ने भी इस पहल की सराहना की और अस्पताल प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
बहराइच में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत गुरुवार को सीएमओ कार्यालय सभागार में मेडिकल अधिकारियों के लिए बाल टीबी प्रबंधन पर प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इस दौरान विशेषज्ञों ने बच्चों में दो सप्ताह से अधिक समय तक बुखार, खांसी या लगातार वजन कम होने पर तत्काल टीबी की जांच कराने की सलाह दी। कार्यशाला वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर्स (डब्ल्यूएचपी) के पीडियाट्रिक प्रोग्राम के तहत आयोजित की गई। इसका उद्देश्य जिले के मेडिकल अधिकारियों की बाल टीबी के निदान और उपचार संबंधी क्षमता को मजबूत करना था। प्रशिक्षण सत्र में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एम.एल. वर्मा, मास्टर ट्रेनर डॉ. परितोष तिवारी और डब्ल्यूएचओ कंसलटेंट डॉ. दीपक चतुर्वेदी ने चिकित्सकों को बाल टीबी की स्क्रीनिंग, निदान और उपचार प्रबंधन की नवीनतम तकनीकों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि बच्चों में टीबी की पुष्टि के लिए उम्र के अनुसार सही सैंपल कलेक्शन और आधुनिक जांच तकनीकों का उपयोग बेहद महत्वपूर्ण है, जिससे बीमारी की जल्द पहचान कर समय पर उपचार शुरू किया जा सके। डॉ. एम.एल. वर्मा ने अभिभावकों से बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसी बच्चे को दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार बुखार रहे, दवा के बावजूद खांसी ठीक न हो या पिछले तीन महीनों में लगातार वजन कम हो रहा हो, तो तत्काल नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर टीबी की जांच करानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि परिवार का कोई सदस्य फेफड़ों की टीबी से पीड़ित है और बच्चा उसके संपर्क में आया है, तो उसकी जांच कराना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि बच्चों में टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है। सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में टीबी की जांच, दवाएं और पूरा उपचार निःशुल्क उपलब्ध है। इसलिए अभिभावक बिना किसी संकोच के समय पर जांच और इलाज कराएं। कार्यशाला में वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर्स के प्रतिनिधियों के साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।
अवैध कॉलोनियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच भोपाल कलेक्ट्रेट में गुरुवार को विशेष जनसुनवाई आयोजित की गई। सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई जनसुनवाई दोपहर 2:30 बजे तक चली, जिसमें 287 लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। जनसुनवाई में सबसे ज्यादा शिकायतें सड़क, पेयजल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव से संबंधित रहीं। नगर निगम, सहकारी विभाग और सभी एसडीएम ने नागरिकों की समस्याएं सुनीं। कई लोगों ने बताया कि उनकी कॉलोनियों में अब तक सड़क, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। तस्वीरें देखें… केस-1: मूलभूत सुविधाओं का अभाव, सड़कें टूटी भोपाल की श्याम हाईलाइट सोसाइटी के कई रहवासी जनसुनवाई में पहुंचे। उनका आरोप है कि कॉलोनी बसाते समय बिल्डर ने सड़क, बिजली, पानी और सीवेज जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का वादा किया था। लेकिन अब तक इनमें से कोई भी सुविधा पूरी तरह विकसित नहीं की गई। रहवासियों के मुताबिक, सोसाइटी में 50 से अधिक मकान हैं, फिर भी स्थायी बिजली कनेक्शन, सीवेज व्यवस्था और बेहतर सड़कें उपलब्ध नहीं हैं। केस-2: 18 साल बाद भी नहीं मिलीं मूलभूत सुविधाएं भोपाल की गार्डन वैली कॉलोनी निवासी साधना मिश्रा ने जनसुनवाई में शिकायत की। उन्होंने 2008 में कॉलोनी में प्लॉट खरीदा था। उस समय बिल्डर ने बिजली, पानी समेत सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का वादा किया था। लेकिन 18 साल बाद भी कॉलोनी में बुनियादी सुविधाएं विकसित नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलोनी में मंदिर के लिए आरक्षित जमीन को भी बिल्डर ने बेच दिया है। 10-15% मामलों का ही निराकरण हो पाया एडीएम सुमित कुमार पांडे ने बताया कि कई मामलों का अभी निराकरण नहीं हो सका है। कुछ मामलों में संबंधित बिल्डरों से चर्चा की गई। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि कई कॉलोनियां अब भी अधूरी हैं और वहां विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। कुछ शिकायतें ऐसी भी मिलीं, जिनमें लोगों ने आरोप लगाया कि बिल्डर पैसे लेने के बावजूद मकान का कब्जा नहीं दे रहे हैं।सभी शिकायतों की जांच किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों से सबसे अधिक शिकायतें मिल रही हैं, वहां भविष्य में क्षेत्रवार जनसुनवाई करने पर भी विचार किया जा रहा है। ये खबर भी पढ़ें… MP में सरकारी बसों के संचालन के 40 रूट तय मध्य सरकार ने सरकारी बसों का संचालन करने के लिए 40 लंबे बस रूट तय कर दिए हैं। राज्य सड़क परिवहन स्कीम को लेकर राज्य सरकार ने बस रूटों और सरकार द्वारा दी जाने वाली बस सेवा सुविधा को लेकर तीस दिन में आपत्तियां और सुझाव बुलाए हैं। इसके बाद इन बसों के संचालन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पूरी खबर पढ़ें…
नोएडा में ब्लैक स्कार्पियों की कहर:लोडर में मारी टक्कर, 2 की मौत, 4 घायल, बाइक भी चपेट में आई
नोएडा के थाना फेस-2 क्षेत्र में गुरुवार दोपहर तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने सब्जी से भरे लोडर में टक्कर मार दी। बाइस सवार भी इसकी चपेट में आ गया। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल है। जिनका जिला अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। पुलिस ने स्कार्पियों को कब्जे में लिया है। चालक मौके से फरार है। जल्द गिरपतारी की जाएगी। पुलिस के मुताबिक, हादसे के समय लोडर पर कई लोग सवार थे। टक्कर लगते ही लोडर पर बैठे 16 साल के दीपक की मौके पर ही मौत हो गई। दीपक बदायूं जिले के लोथर गांव का रहने वाला था। सूचना मिलते ही थाना फेस-2 पुलिस मौके पर पहुंची। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। उपचार के दौरान लोडर पर सवार राजवीर (50) को भी डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस हादसे में लोडर चालक अशोक कुमार (56), आकाश (31), शंकर (24) और मोटरसाइकिल सवार अभिषेक राय (29) घायल हुए हैं। सभी का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। वहीं स्कार्पियों चालक फरार है। पुलिस गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को गुरुवार को इंदौर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस ने अब तक आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया है कि नाना पटवारी को किस मामले में गिरफ्तार किया गया है। हालांकि पता चला है कि खुशी कूलवाल खुदकुशी मामले में नाना पटवारी को हिरासत में लिया है। यह सुसाइड 8 साल पहले हुई थी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जीतू पटवारी ने हाल ही में प्रदेश में कथित भ्रष्टाचार और उज्जैन भूमि प्रकरण को लेकर सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने की घोषणा की थी। उनका आरोप है कि सरकार ने इसी का दबाव बनाने के लिए उनके भाई के खिलाफ कार्रवाई कराई है। विवेक तन्खा ने उठाए कार्रवाई पर सवाल मामले को लेकर राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि इंदौर पुलिस ने नाना पटवारी को बिना किसी पूर्व सूचना के हिरासत में लिया। इतना ही नहीं, परिवार को यह भी नहीं बताया गया कि उन्हें किस स्थान पर ले जाया गया है। तन्खा ने पुलिस से कानून सम्मत प्रक्रिया अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई भविष्य में गंभीर परिस्थितियां पैदा कर सकती है और ऐसी परंपरा से बचा जाना चाहिए। पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी नाना पटवारी का नाम पहले भी कई मामलों में सामने आ चुका है। उनके खिलाफ हत्या के प्रयास सहित कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इसके अलावा जमीन विवाद से जुड़े एक अन्य मामले में भी उनका नाम सामने आया था। हालांकि इस बार की गिरफ्तारी किस प्रकरण में हुई है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने कानूनी सलाहकारों से चर्चा की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। विधानसभा चुनाव के दौरान भी हुई थी कार्रवाई यह पहला अवसर नहीं है जब नाना पटवारी को पुलिस ने गिरफ्तार किया हो। विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्हें एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया था। उस समय उन पर करीब सात वर्ष पुराने हत्या के प्रयास के मामले में फरार रहने का आरोप लगाया गया था। जमीन विवाद का मामला भी दर्ज पिछले वर्ष इंदौर के तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में भी नाना पटवारी और उनके दो सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने का मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता नरेंद्र मेहता ने आरोप लगाया था कि उनकी जमीन पर धोखे से कब्जा करने का प्रयास किया गया और विरोध करने पर धमकी दी गई। पुलिस की चुप्पी, कांग्रेस का हमला फिलहाल पुलिस की ओर से गिरफ्तारी के संबंध में विस्तृत जानकारी जारी नहीं की गई है। वहीं कांग्रेस लगातार इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताते हुए सरकार पर निशाना साध रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। अब सभी की नजर पुलिस के आधिकारिक बयान पर है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि नाना पटवारी की गिरफ्तारी आखिर किस प्रकरण में की गई है। 10 केस दर्ज है नाना पर गौरतलब है कि पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज हैं। उन पर अभी तक नौ केस थे, लेकिन तेजाजी नगर के हाल के जमीन धोखाधड़ी को जोड़कर 10 केस हो गए हैं। नवंबर 2018 में एक केस उन पर महिला संबंधी अपराध में धारा 354 (क) में भी हुआ है। महिला ने नाना पर आरोप लगाए हैं कि नाना के साथ क्रुणाल पटवारी, चेतन, सुदील चौधरी, चेतन पटवारी, गब्बू पटवारी व अन्य 40-50 कार, बाइक से मेरे घर के अंदर घुस आए। नाना के हाथ में पिस्टल थी, बाकी के हाथ में चाकू और तलवार थी। नाना पटवारी ने मेरा हाथ बुरी नीयत से पकड़ा था।
मंदिर बुलाकर मंगेतर से किया रेप:23 नवंबर को थी शादी, आरोपी ने रिश्ता तोड़ा, जान से मारने की धमकी दी
बस्ती में बहाने से शिव मंदिर बुलाकर युवक ने मंगेतर से रेप किया। परिवार के लोगों के बाहर जाने पर युवती घर में अकेली थी। युवक ने उसे मिलने के बहाने मंदिर बुलाया। यहां उसके साथ रेप किया। इसके बाद शादी से भी इंकार कर दिया। विरोध करने पर लड़की के परिवार को जान से मारने की धमकी दी। 8 जुलाई को शाम 5 बजे पीड़िता के पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी राम प्रकाश चौहान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। अब जानिए पूरा मामला… घटना 5 मई की रात करीब 8 बजे की है। सुरुवार कला स्थित शिव मंदिर परिसर में हुई बताई जा रही है। शिकायत के अनुसार, सिद्धार्थनगर जिले के पथरा बाजार थाना क्षेत्र के अजगरा निवासी 22 साल के राम प्रकाश चौहान की शादी पीड़िता से तय हुई थी। उनका विवाह 23 नवंबर 2026 को होना प्रस्तावित था। आरोप है कि शादी तय होने के बाद युवक ने युवती को एक मोबाइल फोन दिया था, जिसके जरिए दोनों के बीच बातचीत होती थी। पीड़िता के पिता ने बताया कि 5 मई को उनका परिवार एक रिश्तेदार के यहां शादी में गया था। राम प्रकाश चौहान ने युवती को फोन कर सुरुवार कला स्थित शिव मंदिर पर बुलाया। शिकायत में कहा गया है कि मंदिर के बरामदे में आरोपी ने युवती के साथ रेप किया। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद आरोपी ने शादी का भरोसा दिया, लेकिन बाद में विवाह करने से साफ इनकार कर दिया। विरोध करने और जवाब मांगने पर आरोपी ने जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़िता के पिता की तहरीर के आधार पर रुधौली थाना में पुलिस ने 8 जुलाई 2026 को आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
औरैया में आगामी 12 जुलाई को होने वाले वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में जिलाधिकारी बृजेश कुमार की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय वृक्षारोपण समिति की यह बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे निर्धारित लक्ष्य के अनुसार पौधों का उठान समय पर सुनिश्चित करें। इन पौधों को वृक्षारोपण के लिए चयनित स्थानों पर उपलब्ध कराया जाए और रोपण के बाद उनकी जियो टैगिंग भी अनिवार्य रूप से की जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि चयनित भूमि की मिट्टी के प्रकार के अनुसार ही वृक्षारोपण किया जाए। रोपित पौधों की सुरक्षा और उनकी उचित देखभाल के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी को निर्देश दिए कि उनकी पौधशालाओं में मांग के अनुरूप पौधों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, विभागवार चयनित भूमि के निकटवर्ती पौधशालाओं से पौधों का उठान सुनिश्चित कर संबंधित विभागों को इसकी सूचना पहले ही दी जाए। सभी विभागाध्यक्षों को यह भी निर्देश दिए गए कि वृक्षारोपण कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों को आमंत्रित किया जाए। आमजन को 'एक पेड़ माँ के नाम' लगाने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि यह कार्यक्रम एक जन आंदोलन का रूप ले सके और पर्यावरण संतुलन में योगदान दे सके। बैठक में प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी सी.पी. सिंह, मुख्य विकास अधिकारी राम कृपाल चौधरी, मुख्य चिकित्साधिकारी सुरेंद्र कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप मौर्या सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
अशोकनगर में एनएसयूआई ने शासकीय विधि महाविद्यालय की प्राचार्य गरिमा राठौर के खिलाफ गुरुवार को विरोध प्रदर्शन किया। संगठन ने आरोप लगाया कि प्राचार्य ने विद्यार्थियों पर एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होने का दबाव बनाया। साथ ही कार्यक्रम में नहीं आने पर प्रायोगिक परीक्षा में शामिल न करने और अंक प्रभावित करने की चेतावनी दी गई। एनएसयूआई पदाधिकारियों के अनुसार, महाविद्यालय के एक सोशल मीडिया ग्रुप में प्राचार्य की ओर से संदेश भेजा गया था। इसमें कहा गया था कि 8 जुलाई को आयोजित संगोष्ठी में अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों को आगामी प्रैक्टिकल परीक्षा में शामिल नहीं किया जाएगा और उनके अंक भी प्रभावित हो सकते हैं। प्रिंसिपल ने संगोष्ठी बताकर बीजेपी के कार्यक्रम में बैठायासंगठन का आरोप है कि विद्यार्थियों को यह कहकर बुलाया गया था कि यह शैक्षणिक संगोष्ठी है। लेकिन मौके पर उन्हें विद्यार्थी परिषद और भाजपा से जुड़े कार्यक्रम में बैठाया गया। एनएसयूआई ने इसे विद्यार्थियों को गुमराह करने और शासकीय पद की गरिमा के विपरीत बताया। विरोध के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने सद्बुद्धि यज्ञ किया और प्राचार्य गरिमा राठौर को तत्काल निलंबित करने की मांग की। संगठन के पदाधिकारियों ने दावा किया कि प्राचार्य से जुड़े कई विवाद पहले भी सामने आ चुके हैं। एनएसयूआई ने कहा कि सद्बुद्धि यज्ञ का उद्देश्य प्राचार्य को राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहकर शिक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देने का संदेश देना है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो जिला कांग्रेस कमेटी के साथ मिलकर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कोडरमा जिले के झुमरी तिलैया निवासी किशन संघाई गिर गायों के पालन के लिए इन दिनों काफी चर्चा में हैं। वे गुजरात की प्रसिद्ध गिर नस्ल की लगभग 20 गायों का पालन करते हैं और जिले के इकलौते A2 दूध उत्पादक हैं। 63 वर्षीय किशन संघाई एक सफल व्यवसायी होने के बावजूद गौ सेवा में सक्रिय रहते हैं। उन्होंने वर्ष 2023 में दो गिर गायों के साथ दूध का व्यवसाय शुरू किया था। आज उनके गौशाला में इस उत्तम नस्ल की करीब 20 गायें हैं। संघाई तापस के क्षेत्रों में लोहे के एक कुशल और प्रसिद्ध व्यापारी के रूप में जाने जाते हैं। वे लोहे के एंगल, सरिया और अन्य प्रकार के लोहे के सामान का उत्पादन और बिक्री करते हैं। 63 वर्ष की आयु में भी वे अपने लोहे के कारोबार के साथ-साथ गौ-पालन को भी बड़े उत्साह के साथ संभालते हैं। गोदाम स्थापित करते समय गौ-पालन की शुरुआत कीकिशन संघाई ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2021 में झुमरीतिलैया के बिशुनपुर रोड पर एक नया गोदाम स्थापित करते समय गौ-पालन की शुरुआत की। वास्तु विशेषज्ञों ने उन्हें उस स्थान पर गौ-पालन की सलाह दी थी। शुरुआत में उनके मन में जर्सी गाय पालने का विचार आया, लेकिन बाद में उन्होंने गिर गायों को पालने का निर्णय लिया। इस निर्णय के बाद उन्होंने गिर गाय पालन से संबंधित विस्तृत जानकारी जुटाई। इसके बाद वे गुजरात गए और वहां से गिर नस्ल की दो गायें लेकर कोडरमा आए, जिससे उनके गौ-पालन की यात्रा शुरू हुई। वातावरण अनुकूल नहीं रहने के कारण शुरुआत में काफी कठिनाई हुई किशन संघाई ने बताया चूंकि गुजरात और कोडरमा के वातावरण अलग होने के कारण शुरुआत में गिर गाय को यहां पालने में काफी कठिनाई हुई। इस दौरान गुजरात से लाए गए दो गायों में से एक गाय की तबीयत कुछ ज्यादा ही बिगड़ने लगी। इसके बाद उन्होंने गाय को वापस गुजरात भेज दिया। जबकि एक अन्य गाय के प्रति समर्पण की भावना से उसकी सेवा करनी शुरू की। धीरे-धीरे वह गाय यहां के वातावरण के अनुकूल स्थिर हुई और इनमें गाय की संख्या बढ़ाने की हिम्मत जागी।अब 20 गायों आए गौशाला की बढ़ रही शोभा किशन संघाई ने बताया कि सन।2023 में ये अन्य गिर नश्ल की गायों को लेकर यहां आए और उसका पालन शुरू किया। अब इनके गौशाले में गिर नश्ल की 20 गाएं हैं, जो पूरी तरह से स्वस्थ हैं। सालाना लाखों की होती है कमाई किशन संघाई ने बताया कि उनके गौशाले में मौजूद 20 गायों में मात्र 8 गाएं ऐसी हैं जो फिलहाल दूध दे रही हैं। इनसे कुल 70-80 लीटर प्रतिदिन दूध उत्पादन हो पा रहा है। उन्होंने बताया चूंकि इस नश्ल की गाएं बच्चा देने के बाद केवल 3 माह तक ही दूध देती हैं। इसलिए 20 गाएं होते हुए भी दूध का उत्पादन कम हो पाता है। उन्होंने बताया कि अगर सभी गाएं नियमित दूध दें तो इन्हें सालाना 6 से 7 लाख रुपए का बचत आसानी से हो जाता है। A2 दूध उत्पादन और बिक्री करने वाला एकमात्र गौशालाबताते चलें कि गिर नश्ल की गाएं एक मात्र ऐसी गाएं होती हैं, जो A2 दूध का उत्पादन करती हैं। A2 दूध बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए काफी लाभकारी होता है। साथ ही साथ यह डायबिटीज और हाई ब्लड शुगर के रोगों को ठीक करने में काफी मददगार साबित होता है। यही कारण है कि A2 दूध का डिमांड स्थानीय स्तर पर काफी बढ़ता जा रहा है। किशन संघाई ने बताया कि इस दूध की बाजार मूल्य 130 से 140 रुपए प्रति किलो की है लेकिन ये इस दूध को मात्र 100 रुपए प्रति किलो की दर से ही बेच रहे हैं। इसके दूध से तैयार घी की है काफी कीमतदरअसल, गिर गाय का दूध आसानी से उपलब्ध नहीं है। इसके दूध से तैयार शुद्ध घी की कीमत 4800 रुपए प्रति किलो है। बताते चलें कि 1 किलो घी बनाने में 30 किलो दूध की दरकार होती है।
एजुकेशन सिटी सीकर की रीढ़ कहे जाने वाले स्टूडेंट्स अब नशे के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होने लगे हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) की सचिव एवं न्यायाधीश शालिनी गोयल के निर्देशन में 6,566 स्टूडेंट्स ने नशा न करने की शपथ ली। अभियान के तहत सीकर जिले में स्कूली विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों, कर्तव्यों और समसामयिक सामाजिक-कानूनी मुद्दों के बारे में विस्तार से समझाया गया। नई पीढ़ी को अपराध और नशे से बचाना मुख्य लक्ष्य जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष रूपा गुप्ता ने बताया कि इस जागरूकता अभियान का मुख्य लक्ष्य नई पीढ़ी, विशेषकर विद्यार्थियों को अपराध और नशे के दलदल से बचाकर उन्हें सही राह दिखाना और उनका मार्गदर्शन करना है। न्यायिक अधिकारियों और विधिक जागरूकता टीम के सदस्यों ने विभिन्न स्कूलों में जाकर स्टूडेंट्स को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। डीएलएसए (DLSA) सचिव शालिनी गोयल ने बताया कि SAY NO TO DRUGS, SAY YES TO YOUR DREAMS (नशे को कहें ना, अपने सपनों को कहें हां) थीम पर केंद्रित इस विशेष जागरूकता सत्र में कोचिंग स्टूडेंट्स ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सीकर के कुल 49 स्कूलों में इन जागरूकता सत्रों का आयोजन किया गया। साइबर सुरक्षा और कानूनी अधिकारों की दी जानकारी इन जागरूकता सत्रों के दौरान विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक व मानसिक नुकसान, नशे के कारण बढ़ते अपराध, साइबर सुरक्षा (Cyber Security), बाल विवाह, घरेलू हिंसा और निःशुल्क विधिक सहायता (फ्री लीगल एड) के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
सीतापुर के इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे एक अनियंत्रित एलपीजी टैंकर ने बाइक सवार मां-बेटे को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। वहीं दुर्घटना के बाद टैंकर चालक वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गया, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। महोली-हरगांव मार्ग पर बंजरिया भट्ठे के पास बाइक सवार जगदीश पुत्र ओमप्रकाश अपनी मां के साथ जा रहा था। इसी दौरान तेज गति से आ रहे एलपीजी टैंकर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मां-बेटा सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। पुलिस ने दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए अस्पताल भेजा, जहां उनका इलाज चल रहा है। घायलों की पहचान जगदीश पुत्र ओमप्रकाश एवं उसकी मां निवासी ग्राम बरुआ, थाना इमलिया सुल्तानपुर के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना के तुरंत बाद टैंकर चालक वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने टैंकर को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर फरार चालक की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। हादसे के बाद कुछ समय के लिए महोली-हरगांव मार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने सामान्य कराया।
सीवान नगर थाना क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों से लगातार बढ़ रही मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं पर अब पुलिस ने प्रभावी अंकुश लगा दिया है। पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा के निर्देश पर नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार की अगुवाई में तैयार की गई विशेष कार्ययोजना का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। मार्च माह में जहां बाइक चोरी की 72 घटनाएं दर्ज हुई थीं, वहीं जून तक यह संख्या घटकर महज 17 रह गई। 9 जुलाई तक केवल 4 मामले सामने आए हैं। यानी चार माह के भीतर बाइक चोरी की घटनाओं में लगभग 76 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। वर्दीधारी पुलिसकर्मियों की नियमित तैनाती की गईपुलिस ने इस सफलता के लिए रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, सदर अस्पताल, राजेंद्र स्टेडियम, न्यायालय परिसर सहित शहर के भीड़भाड़ और संवेदनशील इलाकों को चिन्हित कर विशेष निगरानी शुरू की। इन स्थानों पर सादे लिबास और वर्दीधारी पुलिसकर्मियों की नियमित तैनाती की गई। इसके साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की लगातार जांच, रात्रि गश्ती को और अधिक मजबूत बनाने तथा तकनीकी और मानवीय सूचना तंत्र को सक्रिय किया गया। बाइक चोरी के मामलों में गिरावट आ गईपुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने बताया कि नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार के कार्यभार संभालने के बाद अपराध नियंत्रण को लेकर योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की गई। पहले जहां प्रत्येक माह बाइक चोरी के 70 से 75 मामले सामने आते थे, वहीं अब इन घटनाओं में उल्लेखनीय गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि यह बेहतर पुलिसिंग, लगातार निगरानी और त्वरित कार्रवाई का परिणाम है। एसपी ने हाल ही में शहर के प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर से मां दुर्गा की प्रतिमा से हार चोरी की घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि नगर थाना पुलिस ने महज चार घंटे के भीतर न केवल चोरी गया हार बरामद कर लिया, बल्कि आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। सक्रिय रणनीति अब अपराधियों पर भारी पड़ रहीइस उत्कृष्ट कार्य के लिए नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार सहित पूरी टीम को पुरस्कृत किए जाने हेतु पुलिस मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है। लगातार घटती बाइक चोरी की घटनाएं और चर्चित मामलों का त्वरित उद्भेदन यह संकेत दे रहा है कि सीवान नगर थाना की सक्रिय रणनीति अब अपराधियों पर भारी पड़ रही है। इससे आम लोगों में सुरक्षा का विश्वास भी पहले की तुलना में काफी मजबूत हुआ है।
सहरसा के पतरघट थाना क्षेत्र की जम्हरा पंचायत के भद्दी कला वार्ड-14 में एक 20 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में बुधवार के रात मौत हो गई। महिला ढाई माह की गर्भवती थी। ससुराल पक्ष द्वारा परिजनों को सूचना दिए बिना आनन-फानन में बुधवार की रात करीब 10:00 बजे अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही थी, तभी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को चिता से जब्त कर लिया। हालांकि पुलिस के पहुंचने के बाद सभी लोग वहां से फरार हो गए। देखें, मौके से आई तस्वीरें… दोपहर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा मृतका की पहचान भद्दी कला वार्ड-14 निवासी माधव कुमार की पत्नी 21 वर्षीय रागनी कुमारी के रूप में हुई है। पुलिस को सूचना मिलने के बाद पतरघट थाना पुलिस बसबिट्टा के पास पहुंची, जहां चिता तैयार थी। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर थाने ले आई। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गुरुवार दोपहर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने घटना की जानकारी मृतका के मायके वालों को भी दी। इसके बाद भागलपुर जिले के खरिक थाना क्षेत्र के पात्रटोला गांव से मृतका की मां गुंजन देवी और अन्य परिजन गुरुवार को पतरघट थाना पहुंचे। मां बोली-दहेज के लिए मेरी बेटी की हत्या की मृतका की मां गुंजन देवी ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी रागनी कुमारी ने करीब ढाई महीने पहले प्रेम विवाह किया था। उन्होंने बताया कि माधव कुमार रिश्ते में रागनी का मौसेरा मामा लगता था। गुंजन देवी के अनुसार, उन्हें बेटी की मौत की सूचना नहीं दी गई और ससुराल पक्ष ने बिना जानकारी दिए शव का अंतिम संस्कार करने का प्रयास किया। गुंजन देवी का आरोप है कि दहेज के खातिर ही मेरी बेटी की हत्या की गई है। मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग गुंजन देवी ने आशंका जताई है कि रागनी की हत्या कर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। रागनी पांच बहनों और एक भाई में दूसरे स्थान पर थी। थानाध्यक्ष बोले-मामले की जांच की जा रही पतरघट थानाध्यक्ष शशि कुमार ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस ने समय रहते शव को चिता से बरामद कर लिया। पुलिस को प्रथम दृष्टया मे रागिनी की मौत फंदे से लटका कर की गई है। घटनास्थल पर एफएसएल की टीम मामले के साक्ष्य जताने में जुटी है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के आवेदन के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच में जुटी है। सहरसा सदर एसडीपीओ ने कहा कि मामले में सभी पहलुओं पर अनुसंधान किया जा रहा है
कौशांबी के कोखराज थाना क्षेत्र के शहजादपुर गांव में गुरुवार को एक मजार पर बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की। कार्यकर्ताओं ने मजार पर कथित धर्मांतरण और लव जिहाद का आरोप लगाया। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और चार मौलानाओं को हिरासत में लिया है। बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ता गुरुवार को शहजादपुर गांव स्थित मजार पर पहुंचे थे। उन्होंने कथित लव जिहाद और धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए मजार में तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस दौरान मजार में मौजूद लोग वहां से भाग गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभाला। पुलिस ने मजार पर मौजूद चार मौलानाओं को हिरासत में लेकर कोखराज थाने में पूछताछ शुरू कर दी है। मामले की जानकारी मिलने पर अपर पुलिस के आलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी सिराथू सत्येंद्र तिवारी और राजस्व विभाग की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच शुरू की। तोड़फोड़ की घटना के बाद बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ता कोखराज थाने पहुंचे। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क है और क्षतिग्रस्त मजार की मरम्मत का कार्य भी शुरू किया गया है। बजरंग दल के जिला संयोजक धीरेन्द्र सिंह ने एक वीडियो जारी कर दावा किया। उन्होंने कहा कि उनकी टीम पिछले छह माह से गुरुवार के दिन मजार पर कथित लव जिहाद और धर्मांतरण जैसी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। हालांकि, बजरंग दल द्वारा लगाए गए इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस या प्रशासन की ओर से अभी तक नहीं की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में वन्यजीवों के कथित शिकार का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करना पांच युवकों को महंगा पड़ गया। वन विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। मामला बिरगुड़ी वन परिक्षेत्र के जंगल का है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में धामन सांप और गोय (मॉनिटर लिजर्ड) के कथित शिकार और उनके साथ क्रूरतापूर्ण व्यवहार का दावा किया गया था। वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग ने तत्काल जांच शुरू की। संयुक्त टीम ने पांच आरोपियों को पकड़ा यूएसटीआर की एंटी पोचिंग टीम, बिरगुड़ी वन परिक्षेत्र और नरहरपुर वन परिक्षेत्र की संयुक्त टीम ने जांच के दौरान पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने कथित रूप से शिकार करने की बात स्वीकार कर ली। मांस पकाकर खाने की भी बात कबूली वन विभाग के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने यह भी बताया कि उन्होंने कथित रूप से शिकार किए गए धामन सांप और गोय का मांस पकाकर खाया था। इसके बाद वन विभाग ने सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। पांचों आरोपी न्यायिक रिमांड पर गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विनोद, घसिया, प्रदीप, शैलेंद्र और शिवानंद के रूप में हुई है। सभी नरहरपुर क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। न्यायालय में पेश करने के बाद पांचों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
फर्रुखाबाद डीएम ने नाला-एसटीपी प्लांट देखा:बोले- नियमित सफाई और पर्यावरण मानकों का पालन हो
फर्रुखाबाद में डीएम डॉ. अंकुर लाठर ने जनपद में विकास और जनहित से जुड़े विभिन्न स्थलों का गुरुवार को दोपहर एक बजे स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने सिविल लाइन नाला, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और विकासखंड मोहम्मदाबाद के ग्राम भरता मऊ स्थित गौवंश आश्रय स्थल का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सिविल लाइन नाले के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सफाई व्यवस्था, जल निकासी और बरसात में जलभराव की संभावनाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को नाले की नियमित सफाई कराने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि सफाई के बाद एकत्र कूड़े को जेसीबी से उठाकर निर्धारित स्थान पर पहुंचाया जाए और जियो टैगिंग के साथ फोटो उपलब्ध कराई जाए। इसके बाद जिलाधिकारी ने एसटीपी प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने प्लांट की कार्यप्रणाली, क्षमता और सीवेज शोधन प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्लांट का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप हो और पर्यावरण संरक्षण के सभी मानदंडों का पूर्ण अनुपालन किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि एसटीपी प्लांट में गिरने वाले नालों की सिल्ट सफाई कराकर पानी को प्लांट तक लाया जाए, ताकि शोधित पानी को गंगा नदी में प्रवाहित किया जा सके। तत्पश्चात, डीएम ग्राम भरता मऊ स्थित गौवंश आश्रय स्थल पहुंचीं। यहां उन्होंने संरक्षित गोवंश की संख्या, उनके चारा, पेयजल, उपचार और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि गोवंश के रखरखाव में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। आश्रय स्थल पर स्वच्छता, पर्याप्त हरा चारा, स्वच्छ पेयजल और पशुओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने वृक्षारोपण अभियान के तहत गौशाला में छायादार और सहजन के अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा हरे चारे को गौशाला में ही उगाने और सोलर पैनल लगवाने के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान नगर पालिका अधिकारी विनोद कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. धीरज कुमार शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
डीग पुलिस ने साइबर अपराधियों को फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ के. के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन एंटीवायरस के तहत की गई। थाना जालूकी, साइबर सेल और डीएसटी टीम की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 175 फर्जी सिम कार्ड और एक वीवो कंपनी का एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किया है। बरामद सिम कार्डों में 164 एयरटेल और 11 वी-आई कंपनी के सिम शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सहबाज (28) पुत्र जाहुल, निवासी रायपुर, थाना सीकरी, जिला डीग के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि सहबाज गुजरात के सूरत से फर्जी पहचान पत्रों के आधार पर 600 रुपए प्रति सिम की दर से सिम कार्ड खरीदता था। वह इन सिम कार्डों को डीग, भरतपुर और आसपास के मेवात क्षेत्र में सक्रिय साइबर ठगों को 2,000 से 2,500 रुपए प्रति सिम में बेचकर अवैध मुनाफा कमाता था। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने अब तक कितने साइबर अपराधियों को फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराए हैं और इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोग कौन-कौन हैं। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से साइबर अपराधियों के नेटवर्क पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
बहराइच। समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा गुरुवार को जनपद बहराइच पहुंचे। यहां उन्होंने पीडीए संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया और बातचीत की। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सरकार बड़े लोगों को बचा रही है और केवल छोटे कर्मचारियों को फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार छोटे-मोटे सफाई कर्मचारियों और ड्राइवरों को गिरफ्तार कर इस मामले को दबाना चाहती है। उन्होंने मौजूदा सरकार में महंगाई और बेरोजगारी को चरम पर बताया। पूर्व मंत्री ने कहा कि किसान और नौजवान सभी परेशान हैं। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनावों में जनता भाजपा को नकार कर समाजवादी पार्टी की सरकार बनाएगी। राम आसरे विश्वकर्मा ने कहा कि वर्तमान में हो रही हत्याओं में 60 से 80 प्रतिशत पीडीए वर्ग के लोग शिकार हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन हत्याओं को अंजाम देने वाले भारतीय जनता पार्टी के समर्थित लोग हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि योगीराज में हुए 70 प्रतिशत फर्जी एनकाउंटर पीडीए वर्ग से संबंधित थे। बुलडोजर की कार्रवाई पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार में लोगों को डराने और धमकाने के लिए जितनी भी कार्रवाई हुई है, उनमें से 24 में से 22 कार्रवाईयां केवल पीडीए वर्ग के लोगों, जैसे पिछड़े, दलित, मुसलमान, यादव और गुर्जरों के खिलाफ की गई हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग समाजवादी पार्टी और विपक्ष से संबंधित हैं। इस कार्यक्रम में पूर्व मंत्री यासर शाह, जिलाध्यक्ष रामहर्ष यादव, नंदेश्वर यादव, जफर उल्ला बंटी और अब्दुल मन्नान सहित कई अन्य पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
महराजगंज में महाव तटबंध फिर टूटा:50 एकड़ फसल जलमग्न, करोड़ों खर्च के बावजूद समस्या बरकरार
महराजगंज के नौतनवा विकास खंड के बरगदवा क्षेत्र में महाव नाले का पूर्वी तटबंध एक बार फिर टूट गया। यह घटना बृहस्पतिवार दोपहर करीब 2:10 बजे बरगदवा गांव निवासी शंकर के खेत के सामने हुई, जहां तटबंध लगभग 10 मीटर टूट गया। इसके कारण लगभग 50 एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई और क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। बुधवार शाम को पहाड़ी नाले में जलस्तर में भारी वृद्धि देखी गई थी। बृहस्पतिवार सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण महाव नाले का तटबंध टूट गया। तटबंध टूटने से महाव नाले का बाढ़ का पानी छोटाई गुप्ता, कमलेश यादव, रविंद्र यादव, सुदामा यादव, समसुल हुदा, रामचंद्र यादव, पृथ्वी यादव, चीनक सहित दर्जनों किसानों की धान की रोपी गई फसल में घुस गया। पिछले वर्ष अगस्त माह में भी देवघट्टी गांव के हरखपुरा टोला के सामने महाव का पूर्वी तटबंध टूट गया था। जानकारी के अनुसार, पिछले 15 वर्षों में महाव नाले का तटबंध पचास से अधिक स्थानों पर टूट चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि तटबंध की मरम्मत पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन इसके टूटने का सिलसिला जारी है। तटबंध टूटने के करीब डेढ़ घंटे बाद भी कोई जनप्रतिनिधि या अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था। महराजगंज जनपद में महाव नाले पर सरकार द्वारा हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद तटबंध हर साल टूट रहा है, जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। प्रशासन के दावे हर साल विफल होते दिख रहे हैं। अधिकारियों की चुप्पी इस मामले में कई सवाल खड़े करती है।
सोनीपत जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच गुरुवार दोपहर एक बड़ा हादसा टल गया। खरखौदा ब्लॉक के गांव रोहट स्थित सरकारी प्राइमरी हेल्थ सेंटर (PHC) की बिल्डिंग का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। राहत की बात यह रही कि जिस समय बिल्डिंग गिरी, उस समय मरीज और स्टाफ बाहर थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। इस दौरान बायोमेट्रिक मशीन निकाली गई है। बिजली की मुख्य लाइन को कटवाने के लिए भी बिजली कर्मियों को बोला गया है। वहीं पीएचसी में रखे हुए सामान बाहर निकालने के कड़ी मशक्कत होगी। क्योंकि प्रत्येक कमरे के सामने छज्जा टूट कर लटका हुआ है और गैलरी का पूरा हिस्सा टूटा है। हालांकि, सरकारी स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग का इस तरह अचानक ढह जाना निर्माण की गुणवत्ता और भवन की जर्जर स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा और पूरे परिसर की जांच शुरू कर दी गई। बताया जा रहा है कि 2024 में बिल्डिंग का एस्टीमेट बनवाकर भी भिजवाया गया था। दोपहर करीब 3:20 बजे गिरी बिल्डिंग जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 3:20 बजे रोहट स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग का एक बड़ा हिस्सा अचानक गिर गया। देखते ही देखते गैलरी की छत और दीवारें भरभराकर नीचे आ गईं, जिससे पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर सोनीपत सीएमओ पहुंची है और संबंधित अधिकारियों को भी सूचना दी गई है। 2013 में बनी थी बिल्डिंग अस्पताल की यह बिल्डिंग 2013 में बनाई गई थी और ज्यादा समय भी नहीं हुआ है और उसके बाद इस प्रकार से बिल्डिंग का गिरना प्रश्न चिन्ह खड़े कर रहा है। बिल्डिंग का तत्कालीन सांसद जितेंद्र मलिक द्वारा और तत्कालीन विधायक जयवीर द्वारा किया गया था। हादसे के समय मौजूद थे डॉक्टर और कर्मचारी बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य केंद्र में उस समय करीब 7 से 8 कर्मचारी ड्यूटी पर मौजूद थे। यहां एक होम्योपैथिक डॉक्टर, एक एलोपैथिक डॉक्टर और एक डेंटल सर्जन भी सेवाएं देते हैं। गनीमत रही कि बिल्डिंग गिरने के समय कोई भी कर्मचारी या मरीज मलबे की चपेट में नहीं आया। 25 कमरों वाला भवन, गैलरी टूटकर कमरों में गिरी पीएचसी भवन में करीब 24 से 25 कमरे बने हुए हैं। इन कमरों के सामने बनी गैलरी का बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया और उसका मलबा कई कमरों के अंदर जा पहुंचा। हादसे के बाद पूरे भवन को असुरक्षित मानते हुए उसकी जांच शुरू कर दी गई है। रोजाना पहुंचते हैं 70 से 80 मरीज रोहट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन करीब 70 से 80 मरीजों की ओपीडी होती है। यह स्वास्थ्य केंद्र रोहट के अलावा आनंदपुर झरोठ, कंवाली, झरोठी, फतेहपुर, हरसाना, बैयांपुर और लहराड़ा सहित आसपास के कई गांवों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराता है। प्रशासन ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सबसे पहले यह सुनिश्चित किया गया कि मलबे के नीचे कोई कर्मचारी या अन्य व्यक्ति तो नहीं फंसा है। इसके बाद भवन की स्थिति का आकलन करने और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। जर्जर सरकारी भवनों पर उठे सवाल सरकारी स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग का इस तरह अचानक गिर जाना भवन की देखरेख और समय पर मरम्मत को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह हादसा मरीजों की भीड़ के समय होता तो बड़ा नुकसान हो सकता था। अब लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
अंबेडकरनगर में लाखों की चोरी:सूने घर को बनाया निशाना, नकदी और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान गायब
अंबेडकरनगर के राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के असनारा गांव में गुरुवार को लाखों रुपये की चोरी की घटना सामने आई है। अज्ञात चोरों ने एक सूने घर का ताला तोड़कर लाखों रुपये के जेवरात, लैपटॉप, मोबाइल फोन और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार, असनारा गांव निवासी चंद्रभान यादव का परिवार गुरुवार दोपहर घर से बाहर गया हुआ था। इसी दौरान, मौका पाकर चोर उनके घर में घुस गए। चोरों ने बड़ी चालाकी से कमरों के ताले तोड़े और घर के अंदर रखे लाखों रुपये के आभूषण, एक लैपटॉप, एक मोबाइल फोन और कुछ नकदी लेकर फरार हो गए। चोरी हुए आभूषण चंद्रभान यादव की बहू रीना यादव के बताए जा रहे हैं। परिवार के सदस्य जब शाम को घर लौटे, तो उन्होंने देखा कि घर का सारा सामान बिखरा पड़ा था और कमरों के ताले टूटे हुए थे। यह देखकर उन्हें चोरी का अहसास हुआ। तत्काल इसकी सूचना राजेसुल्तानपुर पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही राजेसुल्तानपुर थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में राजेसुल्तानपुर के थानाध्यक्ष तनुज पाल ने बताया कि पुलिस इस चोरी की घटना को गंभीरता से ले रही है। थानाध्यक्ष पाल ने आगे बताया कि घटना स्थल के आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि चोरों की पहचान की जा सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और चोरी हुए सामान की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।
पीलीभीत के न्यूरिया थाना क्षेत्र में गुरुवार दोपहर नहर पटरी मार्ग पर ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल की आमने-सामने की टक्कर में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को अस्पताल भेजकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस ने ट्रैक्टर को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसा गुरुवार दोपहर करीब 3:30 बजे कल्लियाँ और हरकिसनापुर गांव के बीच नहर पटरी मार्ग पर हुआ। मृतक की पहचान महेंद्र (38) पुत्र राम भरोसे, निवासी ग्राम पंडरी, के रूप में हुई है। वह अपने साथी लवीस पुत्र सुखवीर के साथ मोटरसाइकिल से जा रहे थे। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, सामने से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि महेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि लवीस गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे तथा पुलिस को सूचना दी। न्यूरिया थाना प्रभारी दिगंबर सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घायल लवीस को एंबुलेंस से नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जहां उसका उपचार जारी है। वहीं, महेंद्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया। महेंद्र की मौत की सूचना जैसे ही उनके घर पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। थाना प्रभारी दिगंबर सिंह ने बताया कि ट्रैक्टर और बाइक की टक्कर की सूचना पर तत्काल पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। हादसे में एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है, जबकि दूसरा घायल है। दुर्घटना में शामिल ट्रैक्टर को कब्जे में लेकर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि नहर किनारे की इस सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। उन्होंने सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावी यातायात नियंत्रण की मांग की है।
सीतापुर के विकासखंड महोली क्षेत्र के 56 गांवों में लंबे समय से बनी हुई बिजली समस्याओं को लेकर गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे संयुक्त किसान मोर्चा ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी महोली को सौंपा है। संगठन ने क्षेत्र में बेहतर विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने, बड़ागांव विद्युत उपकेंद्र की स्थापना और पूर्व में तैनात अवर अभियंता अमित यादव सहित संबंधित लाइनमैन की दोबारा तैनाती की मांग उठाई। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसानों और ग्रामीणों के हित में लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू किया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक पिंडर सिंह सिद्धू ने बताया कि महोली क्षेत्र के 56 गांवों में लगातार बिजली कटौती, कम वोल्टेज और अनियमित विद्युत आपूर्ति से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक परेशानी किसानों को हो रही है, क्योंकि समय पर सिंचाई नहीं होने से फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इसके अलावा छात्रों की पढ़ाई, छोटे व्यापारियों का कारोबार और घरेलू उपभोक्ताओं की दैनिक दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। मोर्चा ने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायतें किए जाने के बावजूद संबंधित अधिकारी समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं हैं। ज्ञापन में अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाने, रोस्टर के अनुसार नियमित एवं पर्याप्त वोल्टेज के साथ विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, बड़ागांव में शीघ्र नए विद्युत उपकेंद्र की स्थापना कराने, पूर्व जेई अमित यादव एवं संबंधित लाइनमैन की पुनः तैनाती तथा लापरवाह अधिकारियों की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने की मांग की गई है। मोर्चा ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन और विद्युत विभाग ने जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाए तो संगठन किसानों और ग्रामीणों के साथ चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस प्रदर्शन के दौरान पिंडर सिंह सिद्धू, राहुल सिंह भदौरिया, अमित मिश्रा, सुमित मिश्रा, जसवंत सिंह, धर्मगत सिंह, राकेश मौर्य, धर्मेंद्र सिंह और राहुल मौर्य सहित कई किसान नेता मौजूद रहे।
सुपौल के राघोपुर प्रखंड अंतर्गत बसावनपट्टी वार्ड-04 में 3.32 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे निर्माणाधीन पुल और बारिश में बह गए डायवर्सन की समस्या को दैनिक भास्कर द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के महज 8 घंटे के भीतर प्रशासन हरकत में आ गया। देर रात अधिकारियों की मौजूदगी में डायवर्सन की मरम्मत का काम शुरू करा दिया गया, जिससे हजारों ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली। मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत बन रहे आरसीसी पुल का निर्माण अधूरा है। हाल की बारिश में अस्थायी डायवर्सन बह जाने से कई दिनों से आसपास के गांवों का सड़क संपर्क प्रभावित था। स्कूली बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही थी, मरीजों और आम लोगों को लंबा चक्कर लगाकर आवागमन करना पड़ रहा था। कुछ परिवारों को अस्थायी रूप से दूसरे स्थानों पर रहने तक की नौबत आ गई थी। आवागमन बहाल करने का कार्य शुरू किया बुधवार शाम करीब 3 बजे खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया। रात करीब 11 बजे एसडीओ अंजन कुमार की मौजूदगी में डायवर्सन पर बालू और अन्य निर्माण सामग्री डालकर आवागमन बहाल करने का कार्य शुरू किया गया। राहत कार्य के दौरान अधिकारियों ने मौके पर रहकर कार्य की निगरानी की और संबंधित एजेंसी को आवश्यक निर्देश दिए। डायवर्सन की मरम्मत शुरू होने के बाद धीरे-धीरे लोगों का आवागमन सामान्य होने लगा है। ग्रामीण अपने घर लौटने लगे हैं और बच्चों की पढ़ाई भी फिर से पटरी पर लौटती दिख रही है। निर्माणाधीन पुल का कार्य भी जल्द पूरा कराया जाएगास्थानीय लोगों ने प्रशासन की त्वरित कार्रवाई का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि निर्माणाधीन पुल का कार्य भी जल्द पूरा कराया जाएगा। वीरपुर एसडीओ अंजन कुमार ने बताया कि प्रशासन पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि डायवर्सन का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है और जल्द ही इसे पूरी तरह तैयार कर दिया जाएगा। साथ ही निर्माणाधीन पुल का कार्य भी समयबद्ध ढंग से पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि ग्रामीणों को स्थायी रूप से बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सके।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और पंजाब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के तहत, नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 (जैसे चेक बाउंस आदि) से संबंधित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए आगामी 18 जुलाई 2026 को मोगा जिले में एक विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने मोगा जिले और आसपास के आम नागरिकों से पुरजोर अपील की है कि वे अदालतों के चक्कर काटने के बजाय आगे आएं और अपने समझौतायोग्य मामलों को इस विशेष लोक अदालत में रखकर इस कल्याणकारी कानूनी व्यवस्था का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। यह विशेष लोक अदालत जिला मुख्यालय मोगा के साथ-साथ उप-मंडल स्तर पर निहाल सिंह वाला और बाघापुराना की अदालतों में भी एक साथ आयोजित की जाएगी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मोगा, नीलम अरोड़ा ने इस संबंध में आधिकारिक जानकारी साझा की है।आपसी समझौते से विवादों को सुलझाने पर रहेगा ध्यान न्यायाधीश नीलम अरोड़ा ने बताया कि इस विशेष लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य अदालतों में लंबित नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 से संबंधित समझौतायोग्य (Compounded) मामलों की सुनवाई करना और दोनों पक्षों की आपसी सहमति व समझौते के माध्यम से विवादों का हमेशा के लिए समाधान कराना है। समय और पैसे की बचत, खत्म होगी आपसी कटुता इस संबंध में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (मोगा) सिमरन सिंह ने लोक अदालत के फायदों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि लोक अदालतों के माध्यम से आम जनता को बहुत कम समय में और बिना किसी मानसिक परेशानी के त्वरित न्याय मिलता है। इससे न केवल उनके कीमती समय की बचत होती है, बल्कि कानूनी प्रक्रियाओं में होने वाले भारी-भरकम धन के खर्च से भी राहत मिलती है। सिमरन सिंह ने आगे बताया कि लोक अदालत में जब किसी मामले का निपटारा होता है, तो दोनों पक्षों के बीच चल रही पुरानी कड़वाहट और दुश्मनी हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है और उनके बीच सौहार्द बढ़ता है। लोक अदालत के फैसले के बड़े फायदे: पूरी कोर्ट फीस वापसी: यदि कोई मामला लोक अदालत के माध्यम से सुलझा लिया जाता है, तो कानूनन उस मामले में संबंधित पक्ष द्वारा जमा की गई पूरी कोर्ट फीस (Court Fees) वापस कर दी जाती है। अंतिम फैसला (कोई अपील नहीं): लोक अदालत के फैसले को दीवानी न्यायालय (Civil Court) की डिक्री के समान कानूनी मान्यता प्राप्त होती है। सबसे बड़ी बात यह है कि इसके फैसले के खिलाफ किसी भी उच्च न्यायालय (High Court) में अपील दर्ज नहीं की जा सकती, जिससे मामला हमेशा के लिए बंद हो जाता है।
बैतूल जिले के चिचोली में गुरुवार को कांग्रेस ने किसानों की समस्याओं, क्षेत्र में बढ़ते नशे के कारोबार और नगर परिषद में कथित भ्रष्टाचार समेत 9 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तहसील कार्यालय का घेराव करने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। बाद में राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया। प्रदर्शन की शुरुआत बाजार चौक पर सभा से हुई। सभा में कांग्रेस नेताओं ने किसानों की समस्याओं, खाद-बीज वितरण व्यवस्था, नगर परिषद में कथित भ्रष्टाचार, बढ़ते नशे के कारोबार, बिजली कटौती, वन भूमि के पट्टों और पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण जैसे मुद्दों को उठाया। इसके बाद बस स्टैंड पर नुक्कड़ सभा हुई और फिर बाजार चौक से जय स्तंभ चौक तक रैली निकाली गई। बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकारैली जब तहसील कार्यालय पहुंची तो पुलिस ने बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का उपयोग किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और नारेबाजी भी हुई। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय डागा, विधानसभा प्रभारी हर्षवर्धन बघेल, ब्लॉक कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष सुभाष यादव, शहर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल पटेल, राजेंद्र जायसवाल, बटनू पटेल, अनिल भुसारी, पूर्व विधायक ब्रह्मा भलावी, रमेश ककौड़िया, राहुल उइके, एनएसयूआई प्रदेश सचिव हर्ष भुसारी और रूपेश आर्य सहित कई कांग्रेस नेताओं ने किया। इन मुद्दों को लेकर प्रदर्शनकांग्रेस नेताओं ने एसडीएम के माध्यम से राज्यपाल के नाम 9 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों को ई-टोकन प्रणाली से खाद-बीज वितरण में हो रही परेशानी दूर करने, एमडी ड्रग्स और अवैध शराब के कारोबार पर कार्रवाई, अयोध्या स्थित श्रीराम लला मंदिर के दान पात्र चोरी मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई, नगर परिषद चिचोली में कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच, नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में कार्रवाई, मुख्यमंत्री और उनके परिवार की कथित भूमि खरीद की न्यायिक जांच, वन ग्रामों के हितग्राहियों को पट्टे देने, पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण की नीति पर पुनर्विचार तथा बिजली कटौती रोकने और बढ़े हुए बिजली बिलों में राहत देने की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं प्रशासन ने ज्ञापन लेकर मांगों को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
जहानाबाद में 350 महिलाओं की आंखों की जांच:अमैन पंचायत में निशुल्क चश्मा वितरण शिविर आयोजित
जहानाबाद के सदर प्रखंड स्थित अमैन पंचायत में गुरुवार को निशुल्क नेत्र जांच एवं चश्मा वितरण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर 'ग्लासेस फॉर लाइवलीहुड प्रोजेक्ट' के तहत डीबीएस और पीसीआई के सहयोग से प्रयत्न नारी शक्ति महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड द्वारा आयोजित किया गया था। इसमें 350 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया, जिनकी आंखों की जांच की गई और पात्र महिलाओं को निशुल्क चश्मे वितरित किए गए। शिविर का शुभारंभ पीसीआई के प्रोग्राम मैनेजर एजाज अहमद, सहकारी समिति की अध्यक्ष नीतू कुमारी, डीबीएस के देवांजन शर्मा, जिला परिषद अध्यक्ष अभिषेक रंजन उर्फ सोनू राधे, पंचायत के मुखिया और मुख्य अतिथि अरेना कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। समिति के एफडीई संतोष कुमार ने बताया कि शिविर में 35 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं की आंखों की जांच विशेषज्ञों द्वारा की गई। जिन महिलाओं को दृष्टि संबंधी समस्या पाई गई, उन्हें मौके पर ही निशुल्क चश्मा उपलब्ध कराया गया। पीसीआई की टीम से इरिना मैडम, विकास कुमार, एजाज अहमद और प्रोजेक्ट एसोसिएट संदीप कुमार ने महिलाओं को नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। उन्होंने नियमित नेत्र जांच कराने की सलाह भी दी। इस अवसर पर सहकारी समिति के सीईओ भोला प्रसाद, एफएक्स दीपक कुमार, एमआईएस चंद्रकांत, संतोष कुमार, रुक्मिणी देवी (एमबीके), रिया, विद्यमति, निक्की, गायत्री देवी, नीलू देवी सहित समिति एवं पीसीआई के कई प्रतिनिधि और स्थानीय महिलाएं उपस्थित थीं। आयोजकों ने 'ग्लासेस फॉर लाइवलीहुड प्रोजेक्ट' का उद्देश्य बताया। इसका लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं की आंखों की रोशनी की सुरक्षा करना, समय पर नेत्र जांच उपलब्ध कराना और उन्हें बेहतर आजीविका तथा दैनिक कार्यों में सक्षम बनाना है। शिविर के सफल आयोजन पर लाभार्थी महिलाओं ने आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
पानीपत जिले में समालखा के डिकाडला गांव में स्कॉर्पियो से कुचलकर तीन दोस्तों की हत्या के मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी को गिरफ्तार किया है। सीआईए वन पुलिस ने डिकाडला निवासी संदीप को बुधवार शाम सिवाह के पास रोहतक बाइपास से काबू किया। सीआईए वन प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी संदीप ने वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की है। उसने बताया कि उसने अपने छोटे भाई मनीष, गांव निवासी तेजबीर उर्फ तेजा और अन्य फरार साथियों के साथ मिलकर पुरानी रंजिश के चलते इस घटना को अंजाम दिया था। रिमांड के दौरान होगी पूछताछ पुलिस ने गुरुवार को आरोपी संदीप को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से गहनता से पूछताछ करेगी और फरार अन्य आरोपियों के ठिकानों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास करेगी। इंस्पेक्टर फूल कुमार ने बताया कि इस मामले में पहले ही दो आरोपी तेजबीर उर्फ तेजा और मनीष को गिरफ्तार किया जा चुका है। उनके पास से वारदात में इस्तेमाल की गई एक स्कॉर्पियो गाड़ी भी बरामद की गई थी। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा जा चुका है। आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ था कि आरोपी मनीष माइनिंग का काम करता है। कुछ समय पहले खनन विभाग ने मनीष का डंपर और ट्राली जब्त कर ली थी। मनीष को शक था कि गांव के नरेंद्र, अनीप और विनोद ने खनन विभाग में शिकायत की थी। इसी रंजिश के चलते मनीष और उसके साथियों ने मिलकर साजिश रची और इस वारदात को अंजाम दिया। क्या है पूरा मामला थाना समालखा में डिकाडला निवासी विरेंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वे पांच भाई है। 10 जून को रात करीब 9 बजे वह अपने छोटे भाई जितेंद्र के साथ समालखा में अपने हॉस्पिटल में था। तभी उनके पड़ोसी ने फोन कर सूचना दी कि उसके भाई नरेंद्र व उसके दोस्त विनोद व अनीप पर जानलेवा हमला कर दिया है। तीनों को काफी चोटे आई है और उनकी हालत गंभीर है। वह भाई जितेंद्र व दोस्त परवीन के साथ तभी गांव के लिए निकल लिया। वे तीनों गाड़ी से जीटी रोड पर पहुचें तो गांव निवासी कुछ युवक गांड़ी से नरेंद्र को लेकर आए। उसको देखकर गाड़ी रोक ली और वह उसी गाड़ी में बैठ गया। नरेंद्र को माथे पर चोट लगी थी। नरेंद्र, विनोद व अनीप को इलाज के लिए पहले ऑर्टियोस हॉस्पिटल लेकर गए। वहां से बाद में सिविल अस्पताल लेकर गए जहा डॉक्टर ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। विरेंद्र ने शिकायत में बताया कि रास्ते में उसके भाई नरेंद्र ने दर्द से कहराते हुए बताया था गांव निवासी मनीष, संदीप, रविंद्र, नवीन, तुषार, सचिन, नीरज, राजबीर व आटा निवासी सूरज ने मिलकर पुरानी रंजिश रखते हुए गाड़ी से कुचलकर टक्कर मारी। नरेंद्र ने उसको बताया था कि वह शाम को हरिद्वार से वापिस आने के बाद देर शाम करीब 8 बजे दोस्त विनोद व अनीप के साथ खेतों में सैर करने गया था। स्कूटी को मारी टक्कर, डंडों से पिटाई वे तीनों सैर कर इलेक्ट्रिक स्कूटी पर घर लोट रहे थे। तभी आटा गांव की और से मनीष स्कार्पियों में अपने उक्त दोस्तों के साथ आया और पास से गुजर गए। कुछ देर बाद वही गाड़ी पीछे से आई और जान से मारने की नीयत से स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर मारकर आरोपी गाड़ी से नीचे उतरे और डंडे व लात घूस्सों से मारपीट की। आरोपी उन्हें मरा हुआ समझकर गाड़ी में बैठकर फरार हो गए। मनीष माइनिंग का काम करता है। कुछ महीने पहले उसका ट्रैक्टर ट्राली माइनिंग में जब्त हुआ था। मनीष इसका शक नरेंद्र पर करता था। इसी की रंजिश रखते हुए मनीष ने अपने उक्त साथी आरोपियों के साथ मिलकर हत्या की उक्त वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने विरेंद्र की शिकायत पर नामजद आरोपियों के खिलाफ थाना समालखा में अभियोग दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी थी।
बहराइच में बाबा उमाकांत का सत्संग:बोले- नामध्वनि शिविर में जप से पापों का नाश संभव
बहराइच के फखरपुर इलाके में आयोजित सत्संग में संत बाबा उमाकांत महाराज शामिल हुए। उन्होंने अपने प्रवचन में कहा कि सतगुरु की शरण में आने और उनकी दया प्राप्त करने से मनुष्य के कर्म कटते हैं। अन्यथा, व्यक्ति को अपने कर्मों का फल अवश्य भोगना पड़ता है। बाबा उमाकांत ने संतवाणी का उल्लेख करते हुए कहा, कर्म फांस छूटे नहीं कैतिक करो उपाय, सतगुरु मिले तो ऊबरे, नहीं तो भटका खाय। उन्होंने बताया कि पूर्व में लोगों के कर्म कम होते थे, जिससे गुरु कृपा से उनका जीवन सुखी और शांत रहता था। महाराज ने वर्तमान में बढ़ती बीमारियों, मानसिक तनाव, पारिवारिक कलह, अपराध और सामाजिक अव्यवस्था का मुख्य कारण मनुष्य के गलत खान-पान, आचरण और गुरु के आदेशों से दूर होना बताया। उन्होंने जोर दिया कि जब मनुष्य गुरु के बताए मार्ग पर चलता है, तभी उसके जीवन में वास्तविक परिवर्तन आता है। बाबा उमाकांत ने कहा कि संत सदैव मानव कल्याण के लिए धरती पर रहते हैं। वे समय-समय पर लोगों को सदाचार, संयम, प्रभु-स्मरण और आध्यात्मिक जीवन का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि मानव जीवन क्षणभंगुर है, इसलिए लोक के साथ-साथ परलोक का भी ध्यान रखना चाहिए। इस सत्संग में बाबा उमाकांत महाराज को सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
भोपाल के घोड़ा नक्कास स्थित कमाली मंदिर परिसर में प्राचीन मूर्तियां हटाए जाने को लेकर गुरुवार को विवाद खड़ा हो गया। मंदिर परिसर में प्रस्तावित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के निर्माण की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय रहवासियों और श्रद्धालुओं ने विरोध जताया। विवाद बढ़ने पर हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी मौके पर पहुंचे। उनके हस्तक्षेप के बाद हटाई गई मूर्तियों को दोबारा उनके मूल स्थान पर रखा गया। मौके पर मौजूद लोगों का आरोप था कि मंदिर परिसर में व्यापारिक निर्माण के लिए वर्षों पुरानी देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को उनके स्थान से हटाकर दूसरी जगह रख दिया गया था। इसे लेकर क्षेत्र के लोगों ने नाराजगी जताते हुए धार्मिक आस्था से खिलवाड़ का आरोप लगाया। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि कमाली मंदिर का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है। उनके अनुसार, यह भूमि तत्कालीन नवाब की बेगम द्वारा कमाली बाबा को दान में दी गई थी। उन्होंने दावा किया कि जिस सीमा तक शंखनाद की आवाज पहुंची थी, उतना क्षेत्र मंदिर को समर्पित किया गया था। तिवारी ने आरोप लगाया कि मंदिर परिसर में पहले से चेतन मार्केट संचालित है, जिससे लाखों रुपए का किराया प्राप्त होता है। इसके बावजूद अब एक और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सालों पुरानी प्रतिमाओं को उनके मूल स्थान से हटाकर दूसरी जगह स्थापित कर दिया गया, जबकि मंदिर के भव्य पुनर्निर्माण का वादा किया गया था। लाल पत्थरों से मंदिर निर्माण की घोषणा के बावजूद छह वर्ष बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि हिंदू उत्सव समिति और समाज के लोगों ने इसका विरोध दर्ज कराया है। हटाई गई प्रतिमाओं को वापस लाकर पुनः मूल स्थान पर स्थापित कराया गया है। उनका कहना है कि धार्मिक परंपराओं के अनुरूप प्रतिमाओं का विधिवत चरणोद्धार कर इसी स्थान पर स्थायी रूप से स्थापित कराया जाएगा। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। मंदिर प्रबंधन की ओर से इस विवाद पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं स्थानीय लोग मंदिर की मूल संरचना और धार्मिक स्वरूप को बनाए रखने की मांग कर रहे हैं।
सिरोही के शिवगंज निवासी मीराबेन शर्मा और मार्तीराम शर्मा ने दीवानी प्रकृति के एक मकान विवाद में थाना शिवगंज पुलिस पर अनुचित हस्तक्षेप और दबाव बनाने का आरोप लगाया है। दंपती ने पुलिस अधीक्षक को परिवाद देकर थानाधिकारी सहित अन्य लोगों के खिलाफ निष्पक्ष जांच, विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि उन्हें मकान खाली करने और समझौता करने के लिए धमकाया गया, जबकि मामला पूरी तरह सिविल प्रकृति का है। थाने बुलाकर दबाव बनाने का आरोप परिवाद के अनुसार, 6 जुलाई 2026 को थाना शिवगंज से फोन कर दोनों को थाने बुलाया गया। वहां कथित तौर पर मकान खाली करने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि बाद में विपक्षी पक्ष के अधिवक्ता कुंदन सोलंकी, पृथ्वीराज सिंह राव और अन्य लोगों की मौजूदगी में भी समझौते के लिए दबाव डाला गया। समझौता नहीं करने पर जेल भेजने की धमकी का दावा परिवादकर्ताओं का कहना है कि समझौता नहीं करने पर उन्हें झूठे आपराधिक मामले में फंसाकर जेल भेजने और मकान का कब्जा दिलाने जैसी धमकियां दी गईं। उनका कहना है कि संबंधित विवाद पूरी तरह दीवानी प्रकृति का है, इसके बावजूद पुलिस ने इसमें हस्तक्षेप किया। पुलिस मुख्यालय के परिपत्र की अनदेखी का आरोप परिवाद में कहा गया है कि पुलिस मुख्यालय, राजस्थान द्वारा 10 जून 2025 को जारी परिपत्र में विशुद्ध दीवानी विवादों में अनावश्यक पुलिस हस्तक्षेप नहीं करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। परिवादकर्ताओं का आरोप है कि संबंधित परिपत्र की प्रति उपलब्ध कराने के बावजूद इन निर्देशों की अनदेखी की गई। एसपी से वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराने की मांग दंपती ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराने, दोषी पुलिस अधिकारी और अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई करने तथा भविष्य में किसी भी प्रकार के अवैध पुलिस दबाव और उत्पीड़न से संरक्षण देने की मांग की है। एडवोकेट बोले— सिविल विवाद में पुलिस का हस्तक्षेप उचित नहीं एडवोकेट महेश अग्रवाल ने कहा कि संबंधित मामला पूर्णतः दीवानी प्रकृति का है। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय भी स्पष्ट कर चुका है कि मूल रूप से सिविल विवादों में पुलिस पक्षकारों पर दबाव बनाने, समझौता कराने या किसी एक पक्ष के पक्ष में हस्तक्षेप नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि पुलिस का दायित्व केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, न कि दीवानी अधिकारों का निर्णय करना। निष्पक्ष कार्रवाई की मांग एडवोकेट महेश अग्रवाल ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसे मामलों में अवैध पुलिस हस्तक्षेप पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मामले में कानून के अनुरूप निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा है।
गिरवा में सवीना फल-सब्जी मंडी के बाहर नगर निगम ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। कार्रवाई की सूचना मिलते ही ठेला व्यापारियों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग अपने ठेले लेकर इधर-उधर भागते दिखे। निगम का कहना है कि यह कार्रवाई आम जनता की सुविधा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए की गई है। सवीना फल-सब्जी मंडी के बाहर सड़क किनारे लंबे समय से लग रहे ठेलों के कारण यातायात जाम की स्थिति बनी हुई थी। विशेषकर शाम के समय यहां वाहनों की लंबी कतारें लग जाती थीं। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद नगर निगम की अतिक्रमण निरोधक टीम मौके पर पहुंची और सड़क किनारे लगे ठेलों को हटाने की कार्रवाई शुरू की। टीम को देखते ही ठेला व्यापारियों में हड़कंप मच गया। कई व्यापारी अपना सामान समेटकर तुरंत वहां से निकल गए। नगर निगम प्रशासन की अधिकारी गीता शर्मा ने बताया कि मंडी के बाहर अतिक्रमण से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की गई है, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह का अभियान लगातार जारी रहेगा और दोबारा अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा। हालांकि, यह सवाल बना हुआ है कि नगर निगम समय-समय पर कार्रवाई तो करता है, लेकिन कुछ ही दिनों में ठेले फिर उसी जगह लग जाते हैं। ऐसे में देखना होगा कि क्या इस बार निगम कोई स्थायी समाधान निकाल पाएगा या यह अभियान भी केवल कुछ दिनों तक ही सीमित रहेगा।
अररिया में नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर गुरुवार को जन जागरण शक्ति संगठन की युवा टीम ने एक दिवसीय धरना और सामूहिक भूख हड़ताल की। यह प्रदर्शन समाहरणालय परिसर स्थित धरना स्थल पर आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। सुबह बस स्टैंड से एक रैली शुरू हुई, जो चांदनी चौक होते हुए समाहरणालय पहुंची। यहां रैली एक सभा में बदल गई, जिसके बाद छात्र धरना स्थल पर बैठकर भूख हड़ताल पर चले गए। प्रदर्शनकारी छात्रों और नौजवानों ने दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे भूख हड़ताल और धरने के प्रति एकजुटता व्यक्त की। पेपर लीक के बाद 22 छात्रों ने आत्महत्या की सभा को संबोधित करते हुए अररिया कॉलेज के छात्र सुनील कुमार पासवान ने कहा कि नौजवान कड़ी मेहनत से परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन सिस्टम में घोटाले हो जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट लीक के बाद अब तक 22 छात्रों ने आत्महत्या की है। पासवान ने सरकार से जवाबदेही तय करने और व्यवस्था सुधारने की मांग की। जन जागरण शक्ति संगठन के सचिव आशीष रंजन ने कहा कि दिल्ली के जंतर मंतर पर सीजेपी के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन की गूंज पूरे देश में है। उन्होंने कहा, 'आज हम अररिया से उनकी आवाज में अपनी आवाज जोड़ रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही होगा, अन्यथा यह आंदोलन पूरे देश में फैल जाएगा।' उन्होंने बताया कि 20 जुलाई को होने वाले संसद मार्च में अररिया से भी एक बड़ा जत्था शामिल होगा। घोटाले में शामिल दोषियों पर कार्रवाई की मांग सभा में रंजीत पासवान, अभिषेक, सब्यसाची, मुनाजिर, मांडवी, कन्हैया, लक्ष्मी, ज्योति, पवन कुमार और नारद मुर्मू सहित कई छात्र-नौजवानों ने अपने विचार रखे। छात्रों का आरोप है कि नीट घोटाले में शामिल दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है और दोषी अधिकारियों-नेताओं को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सुनील कुमार, रंजय पासवान, गोपाल, पवन कुमार राम, लक्ष्मी और ज्योति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक में शामिल सभी लोगों पर तुरंत कार्रवाई हो और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। यह धरना-भूख हड़ताल बिहार सहित पूरे देश में छात्र आंदोलन की बढ़ती लहर का हिस्सा है, जिसमें युवा सरकार से जवाबदेही और न्याय की मांग कर रहे हैं।
सीतामढ़ी नगर निगम क्षेत्र में 104 करोड़ रुपये की स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज परियोजना का निर्माण कार्य करीब छह महीने बाद गुरुवार से फिर शुरू हो गया है। इस परियोजना का उद्देश्य वर्षों से बरसात के दौरान होने वाली जलजमाव की समस्या से शहरवासियों को राहत दिलाना है। यह महत्वाकांक्षी योजना राशि की अनुपलब्धता और परियोजना की डिजाइन ड्रॉइंग के अनुमोदन में देरी के कारण लंबे समय से बंद पड़ी थी। अब डिजाइन को मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य दोबारा शुरू किया गया है, जिससे शहरवासियों में नई उम्मीद जगी है। 157 किलोमीटर सब ड्रेन और स्ट्रीट ड्रेन बनाए जाएंगेइस परियोजना की प्रशासनिक स्वीकृति 104 करोड़ रुपये की है। इसके तहत शहर में आधुनिक जल निकासी व्यवस्था विकसित करने के लिए मेजर ड्रेन, सब ड्रेन और स्ट्रीट ड्रेन का निर्माण किया जाएगा। पूरी योजना को जोन-1, जोन-2 और जोन-3 में विभाजित किया गया है। योजना के अंतर्गत लगभग 10.901 किलोमीटर मेजर ड्रेन का निर्माण होगा, जबकि स्वीकृत डिजाइन के अनुसार करीब 157 किलोमीटर सब ड्रेन और स्ट्रीट ड्रेन बनाए जाएंगे। परियोजना के सभी नालों का अंतिम जल निकास लखंदेई नदी में किया जाएगा। परियोजना के दोबारा शुरू होने पर जानकारी दीइसके लिए नदी किनारे तीन ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन का भी निर्माण होगा। ये स्टेशन वर्षा के पानी को व्यवस्थित रूप से नदी में छोड़ने और जल निकासी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में मदद करेंगे। भाजपा नेता एवं सीतामढ़ी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष दर्शन कुमार ने परियोजना के दोबारा शुरू होने पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 18 जून को उन्होंने इस जनहित से जुड़े मुद्दे को मंत्री नीतीश मिश्रा के समक्ष उठाया था और बंद पड़े निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू कराने का आग्रह किया था। उनके अनुसार, मंत्री के निर्देश के बाद आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी हुईं और अब परियोजना का निर्माण कार्य दोबारा शुरू हो गया है।
बागपत में लगातार हो रही बारिश के बीच काठा गांव में एक किसान का पुराना मकान भरभराकर गिर गया। हादसे में लाखों रुपये का अनाज, पशु चारा और कृषि सामग्री मलबे में दबकर नष्ट हो गई। पीड़ित किसान ने करीब 15 लाख रुपये के नुकसान का दावा करते हुए प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। घटना बागपत के काठा गांव की है। पीड़ित किसान चस्म पल सिंह पुत्र रामकिशन ने बताया कि घटना के समय वह मकान के बरामदे में सो रहे थे। अचानक तेज आवाज के साथ मकान के पांच कमरे भरभराकर गिर गए। आवाज सुनकर वह तुरंत बाहर निकल आए, जिससे उनकी जान बच गई। हादसे के बाद मौके पर आसपास के ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। किसान ने बताया कि मकान काफी पुराना था। मकान के पीछे सरकारी जमीन पर लंबे समय से पानी भरा हुआ था। लगातार बारिश के कारण नींव में पानी का रिसाव होता रहा, जिससे मकान कमजोर हो गया और आखिरकार ढह गया। पीड़ित के भाई रणपाल सिंह ने बताया कि मलबे में गेहूं सहित अन्य अनाज, पशुओं का चारा, खेत में उपयोग होने वाली खाद और लाखों रुपये का घरेलू व कृषि संबंधी सामान दबकर खराब हो गया है। परिवार ने करीब 15 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पीड़ित परिवार की मदद की। ग्रामीणों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि बागपत जिले में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। लगातार बारिश से कच्चे और पुराने मकानों पर खतरा बढ़ गया है, जबकि जलभराव के चलते जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है।
बलरामपुर के नौशहरा मोहल्ले में गुरुवार शाम 'गांधी ई व्हीकल' नामक दुकान में चार्जिंग के दौरान लीथियम बैटरी में शॉर्ट सर्किट हो गया। इसके बाद बैटरी में तेज धमाके होने लगे, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। दुकान संचालक शहजाद खान, जो पुरैनिया तालाब के निवासी अब्दुल सत्तार के पुत्र हैं, गुरुवार शाम करीब चार बजे दुकान पर मौजूद थे। इसी समय चार्ज हो रही लीथियम बैटरी में शॉर्ट सर्किट के कारण लगभग 20 मिनट तक लगातार धमाके होते रहे। धमाकों के साथ उठी आग की लपटों ने दुकान में रखे काउंटर और कुर्सियों को अपनी चपेट में ले लिया। दुकान में कार्यरत कर्मचारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वहां खड़े अन्य ई-रिक्शों और बैटरी चालित स्कूटियों को सुरक्षित स्थान पर हटा दिया। इस सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों ने भी आग बुझाने में सहयोग किया, जिसके परिणामस्वरूप आग और धमाकों की स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। घटना की सूचना पर फायर सेफ्टी विभाग के अधिकारी अंकित कुमार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच में उन्होंने पाया कि दुकान में अग्नि सुरक्षा संबंधी पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। उन्होंने दुकान संचालक और भवन स्वामी को तत्काल आवश्यक फायर सेफ्टी उपकरण और सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन क्षेत्र में देर तक दहशत का माहौल बना रहा। समय रहते आग पर काबू पा लेने से बड़ा नुकसान टल गया।
नीट पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) 20 दिन से जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रही है। फाउंडर अभिजीत दीपके ने गुरुवार को पुलिसवालों के पैर पकड़े और हाथ जोड़े। वे टेंट लगाने की इजाजत मांग रहे थे ताकि भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को बारिश से बचाया जा सके। दीपके ने इस घटना का वीडियो शेयर किया। उन्होंने लिखा- भूख हड़ताल पर बैठे स्टूडेंट्स बारिश में भीग रहे हैं। मैंने पुलिस अधिकारियों से जंतर-मंतर पर टेंट लगाने की परमिशन मांगी है। वांगचुक भी प्रदर्शन में शामिल, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग CJP का 8 शहरों में प्रदर्शन CJI की टिप्पणी के बाद बनी CJP, युवाओं को कॉकरोच कहा था अभिजीत AAP के स्ट्रैटजिस्ट रह चुके 30 साल के अभिजीत महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट हैं। अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल, अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं।
अशोकनगर में बीएनएसएस की धारा 163 लागू:भड़काऊ पोस्ट, पुतला दहन और बिना अनुमति कार्यक्रमों पर रोक
अशोकनगर जिले में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 163 लागू कर दी गई है। यह आदेश कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी साकेत मालवीय के निर्देश पर अपर कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डी.एन. सिंह ने जारी किया है। आदेश 9 जुलाई से अगले आदेश तक जिले की पूरी राजस्व सीमा में प्रभावी रहेगा। आदेश के तहत कोई भी व्यक्ति या संगठन ऐसा कार्यक्रम आयोजित नहीं कर सकेगा, जिससे किसी समुदाय की भावनाएं आहत हों या शांति भंग होने की आशंका हो। धार्मिक भावनाएं भड़काने वाले भाषण, आपत्तिजनक मुद्रण-प्रकाशन और सोशल मीडिया पर अफवाह, भ्रामक जानकारी या भड़काऊ पोस्ट साझा करने पर भी प्रतिबंध रहेगा। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलान पर होगी कार्रवाईसोशल मीडिया ग्रुप एडमिन की जिम्मेदारियां भी तय की गई हैं। यदि किसी ग्रुप में कोई सदस्य भड़काऊ या अफवाह फैलाने वाली पोस्ट साझा करता है, तो एडमिन को उसे तुरंत हटाना होगा। संबंधित सदस्य को ग्रुप से बाहर कर इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को देना भी जरूरी होगा। ऐसा नहीं करने पर ग्रुप एडमिन को भी जिम्मेदार माना जाएगा। आदेश के अनुसार, अनुमति लेकर आयोजित होने वाले आंदोलन, सभा और गोष्ठियों के दौरान काले झंडे, काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन, पुतला दहन और भड़काऊ नारेबाजी पर भी रोक रहेगी। किसी समुदाय के मौलिक अधिकारों में बाधा पहुंचाने वाले दृश्य-श्रव्य माध्यमों के उपयोग पर भी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति, संगठन या संस्था के खिलाफ बीएनएसएस के प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के अनुसार, पिछले कुछ समय से बिना अनुमति ज्ञापन और प्रदर्शन की संख्या लगातार बढ़ रही थी। साथ ही सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट और वीडियो भी सामने आए थे। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए जिले में यह प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किया गया है।
देवरिया के मईल थाना क्षेत्र के करौता गांव में एक युवती से शारीरिक संबंध बनाने से इनकार करने पर उसके घर में पेट्रोल डालकर आग लगाने का आरोप सामने आया है। पीड़ित परिवार ने गुरुवार को थाने में तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस को दी गई तहरीर में पीड़ित परिवार ने बताया कि गांव का ही एक युवक उनकी 20 वर्षीय बेटी पर लंबे समय से गलत नीयत रखता था। आरोप है कि वह युवती पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बना रहा था। जब युवती ने इसका विरोध किया और परिवार को जानकारी देने की बात कही, तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित के अनुसार, 7 जुलाई की रात करीब 12 बजे आरोपी उनके घर पहुंचा। उसने घर में पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। देखते ही देखते पूरा मकान आग की चपेट में आ गया। इस अग्निकांड में घर में रखा गेहूं, चावल, कपड़े, सिलाई मशीन, फर्नीचर, सोने-चांदी के आभूषण, लगभग 10 हजार रुपये नकद और बच्चों की कॉपी-किताबें समेत करीब सात से आठ लाख रुपये का सामान जलकर राख हो गया। परिवार ने किसी तरह अपनी जान बचाई। मईल पुलिस ने तहरीर प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
केंद्र सरकार की E20 (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) नीति के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को श्रीगंगानगर जिला कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के बाहर जमकर नारेबाजी की और ‘केंद्र सरकार मुर्दाबाद’ व ‘E20 नीति वापस लो’ जैसे नारे लगाए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से आम आदमी पर बोझ बढ़ेगा और गाड़ियों के इंजन जल्दी खराब हो जाएंगे। महंगाई और इंजन खराब होने की जताई चिंताप्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस नीति से पुरानी गाड़ियों वाले गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ेगा। उनका आरोप है कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन से वाहनों के इंजन और पार्ट्स जल्दी खराब होंगे, जिससे मरम्मत का खर्च बढ़ेगा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि महंगाई की मार झेल रहे लोगों के लिए यह अतिरिक्त बोझ है और पुरानी गाड़ियों के मालिकों को इंजन खराब होने की चिंता सताने लगी है। तकनीकी अध्ययन और जनमत की उठाई मांगप्रदर्शन में शामिल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि नई गाड़ियों पर E20 के दीर्घकालिक प्रभाव को लेकर विशेषज्ञ भी चिंता जता रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार ने इस नीति को लागू करने से पहले न तो आम जनता से राय ली और न ही पर्याप्त तकनीकी अध्ययन कराया।
महेंद्रगढ़ जिले के कनीना कस्बे में जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) विभाग ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब दो एकड़ में विकसित एक अवैध कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया। विभाग की टीम ने जेसीबी की मदद से कॉलोनी में बनाए गए रोड नेटवर्क को उखाड़ दिया और तीन डीपीसी (नींव) भी तोड़ दीं। यह कार्रवाई कनीना-छितरोली रोड पर चिकारा कैंटीन के पास स्थित राजस्व संपदा मौजा कनीना में की गई। विभाग के अनुसार, अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनी में प्लॉटों की निशानदेही के साथ सड़कें भी बनाई गई थीं, जिन्हें पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। सहायक नगर योजनाकार रहे कार्रवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं सहायक नगर योजनाकार सतेन्द्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल और जिला प्रशासन की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई। लाइसेंस लेना जरूरी जिला नगर योजनाकार मंदीप सिंह सिहाग ने लोगों से अपील की कि नियंत्रित एवं शहरी क्षेत्र में बिना विभागीय अनुमति के किसी भी प्रकार का निर्माण न करें। कृषि भूमि को आवासीय या व्यावसायिक उपयोग में बदलने से पहले नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग से आवश्यक लाइसेंस और अनुमति लेना अनिवार्य है। बहकावे में न आएं उन्होंने कहा कि लोग प्रॉपर्टी डीलरों के बहकावे में आकर अवैध कॉलोनियों में प्लॉट न खरीदें। किसी भी कॉलोनी में निवेश करने से पहले उसकी वैधता की जानकारी जिला नगर योजनाकार कार्यालय, नारनौल से अवश्य प्राप्त करें। इसके अलावा निर्माण कार्य शुरू करने से पहले भी नियमानुसार अनुमति लेना जरूरी है। आगे जारी रहेगी कार्रवाई मंदीप सिंह सिहाग ने बताया कि जिले में विकसित की जा रही अन्य अवैध कॉलोनियों और बिना अनुमति किए जा रहे निर्माण कार्यों के खिलाफ भी भविष्य में इसी तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
कैमूर के कुदरा प्रखंड स्थित नशेज गांव में पिछले कई वर्षों से जलजमाव की गंभीर समस्या बनी हुई है। स्थानीय मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद मोहनिया एसडीएम रत्ना प्रियदर्शनी, कुदरा बीडीओ और पुलिस टीम ने गांव का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से जल निकासी की स्थायी व्यवस्था पर चर्चा की। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पिछले तीन साल से एक नाले का निर्माण कार्य चल रहा है, जो अब तक अधूरा है। उनका आरोप है कि निर्माण स्थल पर सरकारी नियमों के अनुसार सूचना पट्ट भी नहीं लगाया गया है। नाले का निकास सही न होने और काम अधूरा रहने के कारण पूरा गांव जलमग्न हो गया है। इस जलजमाव के कारण स्कूल जाने वाले बच्चे अक्सर पानी में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को भी इलाज के लिए गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुदरा की प्रखंड विकास पदाधिकारी न तो उनके फोन उठाती हैं और न ही पत्रकारों के, जिससे प्रखंड स्तर पर किसी भी कार्य की जानकारी नहीं मिल पाती है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस समस्या से मुक्ति दिलाने और अधूरे नाला निर्माण में कथित भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। मोहनिया एसडीएम रत्ना प्रियदर्शनी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जल्द ही अधूरे नाले को ठीक कर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाएगी और जर्जर सड़क का भी निर्माण कराया जाएगा। इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश में वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 के तहत राज्य वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन पर चर्चा तेज हो गई है। इस नए कानून के तहत गठित होने वाले वक्फ बोर्ड में पिछड़े पसमांदा मुस्लिम समाज, महिलाओं और अन्य वर्गों को प्रतिनिधित्व मिलेगा। इसमें दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को भी नामित करने का प्रावधान है। सरकार का कहना है कि इससे वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगा। भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष दानिश अंसारी ने मध्य प्रदेश में लागू नए वक्फ बोर्ड मॉडल का समर्थन किया है। उन्होंने सुझाव दिया कि उत्तर प्रदेश में भी इसी तर्ज पर बोर्ड का गठन किया जा सकता है। सरकार के इस कदम का ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ ने स्वागत किया है। गुरुवार को महाज़ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसीम राईन ने गुरुवार को कहा कि अब तक वक्फ संपत्तियों पर अशराफ वर्ग का कब्जा रहा है, जबकि इनका लाभ गरीब और वंचित पसमांदा मुसलमानों को मिलना चाहिए था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा बताते हुए कहा कि वे चाहते हैं कि वक्फ संपत्तियों का लाभ उनके वास्तविक हकदारों तक पहुंचे। वसीम राईन ने वक्फ बोर्ड में महिलाओं और दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल किए जाने के प्रावधान का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे समान भागीदारी और पारदर्शिता बढ़ेगी। राईन ने उम्मीद जताई कि नए कानून के लागू होने के बाद पसमांदा समाज को उसका अधिकार मिलेगा और वक्फ बोर्ड अपने मूल उद्देश्य को पूरा कर सकेगा। राईन ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने सालों तक पसमांदा समाज का केवल राजनीतिक इस्तेमाल किया। इसके विपरीत, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना वोट बैंक की राजनीति किए पसमांदा समाज को मुख्यधारा में लाने का काम किया है। उन्होंने यह भी बताया कि मोदी सरकार ने पसमांदा समाज के लोगों को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, एमएलसी, मंत्री और आयोगों के अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां देकर उन्हें सम्मान और प्रतिनिधित्व प्रदान किया है।
महराजगंज पहुंचे भाजपा के नए क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय:बोले- कार्यकर्ता ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत
भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित गोरखपुर क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय का गुरुवार को महराजगंज में प्रथम आगमन हुआ। जनपद की सीमा से लेकर भाजपा जिला कार्यालय तक कार्यकर्ताओं ने पुष्पवर्षा, माल्यार्पण और जयघोष के साथ उनका भव्य स्वागत किया। जिला कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आगामी चुनावों की तैयारियों में पूरी निष्ठा से जुटने का आह्वान किया। गुरुवार को जनपद की सीमा करतारी पर भाजपा जिलाध्यक्ष संजय पांडेय और पनियरा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विनोद राय का स्वागत किया। इसके बाद परतावल में पूर्व ब्लॉक प्रमुख निर्भय सिंह ने उनका अभिनंदन किया। सेमरा टोल प्लाजा पर सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं और पुष्पवर्षा के साथ उनका स्वागत किया। नगर के सक्सेना तिराहे पर नगर अध्यक्ष आकाश श्रीवास्तव के नेतृत्व में भी स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया। भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए विनोद राय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सबसे बड़ी ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी चुनावों और संगठनात्मक कार्यक्रमों में पूरी ऊर्जा, उत्साह और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। साथ ही संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। विनोद राय ने कहा कि महराजगंज केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी का जनपद है, इसलिए यहां के कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से प्रदेश नेतृत्व का सम्मान बनाए रखते हुए संगठन की मजबूती के लिए निष्ठापूर्वक कार्य करने का आग्रह किया। स्वागत भाषण में भाजपा जिलाध्यक्ष संजय पांडेय ने कहा कि संगठन के अनुभवी नेतृत्व के साथ कार्य करने का अवसर कार्यकर्ताओं के लिए गौरव की बात है। उन्होंने विश्वास जताया कि विनोद राय के नेतृत्व में संगठन और अधिक मजबूत होगा तथा भविष्य में जिले की पांचों विधानसभा सीटों पर भाजपा विजय हासिल करेगी।
भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश महामंत्री रामप्रताप सिंह चौहान का आगरा आगमन पर कार्यकर्ताओं ने गुरुवार दोपहर 3 बजे जोरदार स्वागत किया। टूंडला टोला प्लाजा से लेकर आगरा, विजय नगर कॉलोनी तक उनका जुलूस निकला। इस दौरान हाईवे पर काफी लंबा जाम लग गया। महामंत्री के काफिले ने हाईवे पर वाहनों की रफ्तार थाम दी। इस दौरान प्रदेश महामंत्री रामप्रताप सिंह चौहान ने कार्यकर्ताओं से कहा-संगठन की शक्ति देवतुल्य कार्यकर्ताओं से ही है। वे हमेशा पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। भाजपा में कार्यकर्ताओं की कभी उपेक्षा नहीं होती। अब विस्तार से पढ़िए...आगरा, विजय नगर कॉलोनी निवासी रामप्रताप सिंह चौहान को लगातार दूसरी बार प्रदेश में महामंत्री बनाया गया है। इससे पहले वे एत्मादपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उनका टिकट काट दिया था। इसके बाद उन्हें संगठन में जगह देते हुए महामंत्री बनाया गया। हाल ही में प्रदेश टीम के विस्तार में भी उन्हें इसी पद जगह दी गई है। नवनियुक्त प्रदेश महामंत्री रामप्रताप सिंह चौहान गुरुवार को लखनऊ से आगरा आए। इस दौरान भाजपा जिला कमेटी की ओर से टूंडला टोल प्लाजा पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। वहां से विजय नगर तक कई जगह कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान हाईवे पर जाम हो गया। स्वागत जुलूस में आम लोगों के वाहन फंस गए। एत्मादपुर और कुबेरपुर पर कार्यकर्ताओं ने उन पर फूल बरसाए। यहां हाईवे किनारे कार्यकर्ताओं का जमघट लगा हुआ था। गाड़ियों का लंबा काफिला प्रदेश महामंत्री के साथ था, ऐसे में एत्मादपुर और कुबेरपुर चौराहा पर लंबा जमा लग गया। इससे पहले टोल प्लाजा पर भी दोनों तरफ वाहनों क लाइन लग गई।
प्रखंड की पहलागढ़ पंचायत के गांधीनगर गांव में महज एक घंटे की तेज बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण पूरे गांव में पानी भर गया, जिससे लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। घरों से लेकर गलियों तक जलजमाव होने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। घरों और आंगन तक पहुंचा बारिश का पानी ग्रामीणों ने बताया कि बारिश का पानी घरों के आंगन के साथ-साथ कई कमरों तक पहुंच गया है। जलजमाव के कारण लोगों की दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो गई हैं। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को आने-जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बीमारियों के फैलने की बढ़ी आशंका लंबे समय तक पानी जमा रहने से ग्रामीणों में संक्रामक बीमारियों के फैलने का डर बना हुआ है। उनका कहना है कि यदि जल्द जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। हर साल होती है जलजमाव की समस्या स्थानीय समाजसेवी मुर्तजा अली ने बताया कि हर वर्ष बारिश के मौसम में गांव जलजमाव की समस्या से जूझता है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि लगातार बारिश के कारण ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। जनप्रतिनिधियों से स्थायी समाधान की मांग ग्रामीणों ने क्षेत्र के सांसद, विधायक, पंचायत प्रतिनिधियों और प्रशासन से जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है। उनका कहना है कि हर वर्ष एक जैसी समस्या झेलनी पड़ती है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। जिला परिषद सदस्य ने दिया आश्वासन जिला परिषद सदस्य निजाम राही ने कहा कि लगातार बारिश के कारण गांव में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी जाएगी और समस्या के स्थायी समाधान के लिए आवश्यक पहल की जाएगी।
बीजापुर में इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघ के शिकार और खाल बरामदगी मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन वनकर्मियों को निलंबित कर दिया है। शुरुआती जांच में लापरवाही पाए जाने पर पासेवाड़ा रेंज के रेंजर कमल कश्यप, डिप्टी रेंजर नरहरि बघेल और बीट गार्ड विश्वनाथ मांझी के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। कुछ दिन पहले इंद्रावती टाइगर रिजर्व से जुड़े बाघ शिकार और वन्यजीव तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ था। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बाघ की खाल सहित अन्य वन्यजीव अवशेष बरामद किए गए थे। इस मामले में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में सामने आई लापरवाही जांच में क्षेत्रीय स्तर पर वन्यजीव संरक्षण और निगरानी संबंधी जिम्मेदारियों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही सामने आई। इसी आधार पर तीनों अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। जांच जारी, और कार्रवाई के संकेत इंद्रावती टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक संदीप बलगा ने बताया कि यह कार्रवाई शुरुआती जांच के आधार पर सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत की गई है। मामले की विस्तृत जांच जारी है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग का सख्त संदेश वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघ शिकार और वन्यजीव तस्करी जैसे मामलों को लेकर अब सख्त रुख अपनाया जाएगा। वन्यजीव संरक्षण में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री रविन्द्र जायसवाल द्वारा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ कथित विवादित टिप्पणी के विरोध में गुरुवार को वाराणसी में समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिला मुख्यालय के सामने हुए प्रदर्शन में मंत्री को तत्काल बर्खास्त करने की मांग उठाई गई। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता शामिल हुए। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि एक संवैधानिक पद पर बैठे मंत्री द्वारा इस तरह की भाषा का प्रयोग लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मंत्री रविन्द्र जायसवाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कथित बयान बेहद आपत्तिजनकसपा के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) आशुतोष सिन्हा ने कहा कि मंत्री का कथित बयान बेहद आपत्तिजनक है और इससे प्रदेश की राजनीतिक गरिमा को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ऐसे बयानों पर कार्रवाई नहीं करती है तो यह उसकी मंशा को भी दर्शाता है। उन्होंने मांग की कि मंत्री को तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। सपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की तो पार्टी पूरे प्रदेश में आंदोलन को और तेज करेगी। बता दें कि मंत्री रविन्द्र जायसवाल के एक कथित वायरल वीडियो को लेकर पहले ही राजनीतिक विवाद खड़ा हो चुका है। इस मामले में आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर भी राज्यपाल से कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। वहीं, मंत्री की ओर से इस विवाद पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
हरियाणा सरकार ने किशनगढ़ ब्रांच–सिसवाला हेड (बालसमंद ब्रांच) लिंक नहर के संयुक्त सर्वे को मंजूरी दे दी है। यह भाखड़ा कमांड एरिया के किसानों की वर्षों पुरानी मांग थी। मुख्य अभियंता (भाखड़ा वाटर सर्विसेज), पंचकूला के कार्यालय ने इस परियोजना के लिए संयुक्त सर्वे समिति के गठन के आदेश जारी किए हैं। कार्यालय आदेश के अनुसार, समिति को सात दिनों के भीतर प्रस्तावित लिंक नहर का तकनीकी एवं भौतिक सर्वे कर अपनी रिपोर्ट इंजीनियर-इन-चीफ को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इस समिति की अध्यक्षता सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, भाखड़ा वाटर सर्विसेज सर्किल-1, हिसार करेंगे। समिति में कुरड़ा राम नंबरदार (अध्यक्ष, जल संघर्ष समिति, हिसार), कार्यकारी अभियंता, जल सेवाएं मंडल, हिसार, एसडीओ, जल सेवाएं उपमंडल हिसार-1, एसडीओ, जल सेवाएं उपमंडल आदमपुर तथा जल संघर्ष समिति के एक अन्य प्रतिनिधि को सदस्य बनाया गया है। यह समिति प्रस्तावित लिंक नहर के संभावित मार्ग, तकनीकी व्यवहार्यता, जल उपलब्धता, सिंचाई क्षेत्र, भूमि संबंधी पहलुओं एवं अन्य आवश्यक बिंदुओं का संयुक्त सर्वे करेगी। हिसार और भिवानी के किसानो को मिलेगा लाभ इस निर्णय से हिसार, भिवानी तथा पूरे भाखड़ा कमांड एरिया के किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। किसान लंबे समय से इस लिंक नहर की मांग कर रहे थे। उनका मानना है कि परियोजना साकार होने पर टेल क्षेत्र तक पर्याप्त सिंचाई जल पहुंचेगा, पेयजल समस्या का समाधान होगा तथा कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी। उल्लेखनीय है कि 3 जून को भाखड़ा कमांड एरिया के किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने चंडीगढ़ में हरियाणा की मंत्री श्रुति चौधरी से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की जल समस्या और लिंक नहर की आवश्यकता को प्रमुखता से उठाया था। बालसमंद क्षेत्र के कई गांवों में पेयजल संकट प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को बताया था कि बरवाला ब्रांच और बालसमंद ब्रांच के टेल क्षेत्र के हजारों किसान वर्षों से अपने हिस्से के पानी से वंचित हैं। कई गांवों में पेयजल संकट भी बना हुआ है। मंत्री ने किसानों की मांग को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। आज जारी हुए संयुक्त सर्वे के आदेश उसी कार्रवाई का परिणाम माने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से हिसार और भिवानी जिले को विशेष लाभ मिलेगा। वर्तमान में खनौरी हेड से बरवाला ब्रांच के लिए 1725 क्यूसेक पानी स्वीकृत है, लेकिन वर्षों से लगभग 1500 क्यूसेक पानी ही मिल रहा है। यदि किशनगढ़ ब्रांच–बालसमंद ब्रांच लिंक नहर का निर्माण होता है, तो लगभग 200 क्यूसेक अतिरिक्त पानी हिसार-भिवानी क्षेत्र को उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे बरवाला ब्रांच को वर्तमान में मिल रहे पानी में किसी प्रकार की कटौती नहीं होगी, बल्कि अतिरिक्त पानी मिलने से पूरे भाखड़ा कमांड एरिया, विशेषकर टेल क्षेत्र के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। भाखड़ा कमांड एरिया के किसानो के लिए ऐतिहासिक कदम : पारस जल संघर्ष समिति के सदस्य पारस लौरा ने कहा कि यह केवल सर्वे का आदेश नहीं, बल्कि भाखड़ा कमांड एरिया के किसानों की उम्मीदों को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि सर्वे पूरा होने के बाद सरकार को बिना किसी देरी के परियोजना को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति देकर निर्माण कार्य शुरू करना चाहिए, ताकि हजारों किसानों को इसका लाभ मिल सके। पारस लौरा ने कहा कि किशनगढ़ ब्रांच–बालसमंद ब्रांच लिंक नहर का निर्माण स्वर्गीय सुरेंद्र सिंह के सपने को साकार करेगा। स्वर्गीय सुरेंद्र सिंह ने अपने जीवनकाल में भाखड़ा कमांड एरिया के किसानों के हकों के लिए निरंतर संघर्ष किया और इस लिंक नहर की आवश्यकता को प्रमुखता से उठाया। आज संयुक्त सर्वे के आदेश उसी संघर्ष की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं। किसानों के हित की लड़ाई जारी रखेगी जल संघर्ष समिति उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और सिंचाई मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी के नेतृत्व में यह परियोजना शीघ्र धरातल पर उतरेगी। इससे बालसमंद ब्रांच, बरवाला ब्रांच तथा पूरे टेल क्षेत्र के हजारों किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा, पेयजल संकट दूर होगा और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि जल संघर्ष समिति परियोजना के निर्माण तक किसानों के हितों की लड़ाई पूरी मजबूती से जारी रखेगी। इन लोगों ने किया सरकार के फैसले का स्वागत इस फैसले का स्वागत करते हुए जल संघर्ष समिति के कुरड़ाराम नंबरदार, संदीप धीरणवास, भीम सिंह लौरा, अनिल लौरा, रमेश बेनीवाल, राजकुमार लौरा, अनिल गोरछी,मोहन सरसाना,पारस लौरा, रेणु चहल, बबलू गोरछी, बलराज बिजला, छोटू लौरा, सतबीर लौरा, सत्यवान लौरा, रणबीर सरपंच, बबलू पूनिया, सूबेदार हरिसिंह, सुल्तान रावलवास, ओम गढ़वाल, सुरेश बासरा, ऋषिपाल, देवीलाल, कुलदीप (रावलवास), जगदीश जांगड़ा (सिसवाला), वीरेंद्र पूनिया, दलबीर सिंह (भिवानी रोहिल्ला), प्रह्लाद सुंडावास, रमेश डोभी, ओम गढ़वाल (बांडा हेड़ी), अनिल शर्मा, दयानंद (भिवानी), दयानंद ढाका (किरतान), अनिल बेनीवाल, कुलदीप तथा विजय कड़वासरा सहित क्षेत्र के अनेक किसानों एवं ग्रामीणों ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला भाखड़ा कमांड एरिया के किसानों के लंबे संघर्ष की बड़ी जीत है और उम्मीद जताई कि संयुक्त सर्वे के बाद सरकार शीघ्र ही परियोजना को मंजूरी देकर निर्माण कार्य भी शुरू करेगी।
कानपुर नगर निगम में आग लगी:राजस्व विभाग में आग से भरा धुआं, कर्मचारी डिपार्टमेंट छोड़कर बाहर भागे
कानपुर नगर निगम में गुरुवार शाम करीब 4:30 बजे शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। देखते ही देखतें राजस्व डिपार्टमेंट में धुआं भर गया। आग की लपटें और धुआं देखकर कर्मचारी डिपार्टमेंट छोड़कर भाग निकले। मामले की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग बुझाने में लगी हुई हैं। आग के चलते नगर निगम में अफरा-तफरी का माहौल है। खबर अपडेट हो रही है…।
पानी के टांके में गिरने से युवा किसान की मौत:अचानक पैर फिसलने से हादसा, ललासरी गांव में शोक का माहौल
डीडवाना क्षेत्र के ललासरी गांव में गुरुवार को एक युवा किसान की पानी के टांके में गिरने से मौत हो गई। इस घटना से गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार ललासरी निवासी जगदीश (30) पुत्र भगवाना राम का पैर अचानक फिसलने वह पानी से भरे टांके में गिर गया। घटना का पता चलते ही परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने जगदीश को तत्काल टांके से बाहर निकाला और उपचार के लिए डीडवाना के राजकीय बांगड़ जिला अस्पताल ले गए। अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद जगदीश को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर बांगड़ अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद, परिजनों की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया। युवा किसान की असामयिक मौत से ललासरी गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है।
पानीपत पुलिस ने सेक्टर 18 मार्ग पर नाकाबंदी करते हुए अवैध शराब से भरी एक बलेनो कार को पकड़ा है। पुलिस ने मौके से उत्तर प्रदेश निवासी एक शातिर तस्कर को भी काबू किया है, जिसकी कार से 444 बोतल अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई है। आरोपी चंडीगढ़ से यह अवैध खेप लेकर पानीपत में सप्लाई करने आया था। गुप्त सूचना पर एक्साइज विभाग के साथ मिलकर सेक्टर 18 में की नाकाबंदी सीआईए टू प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बुधवार देर शाम को उनकी टीम गश्त पर तैनात थी। इसी दौरान गुप्त सूचना मिली कि नीली UP नंबर की बलेनो कार में एक युवक अवैध शराब लोड कर करनाल की तरफ से पानीपत आ रहा है, जो जीटी रोड से सेक्टर 18 की तरफ जाने वाली सड़क का इस्तेमाल करेगा। सूचना को पुख्ता मानते हुए पुलिस टीम ने तुरंत सेक्टर 18 रोड पर नाकाबंदी कर दी और साथ ही आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर को भी मौके पर बुला लिया। कुछ ही देर बाद जीटी रोड की तरफ से एक नीले रंग की कार आती दिखाई दी, जिसे पुलिस ने नाके पर रुकवा लिया। बुलंदशहर निवासी अभिषेक तेवतिया के रूप में हुई पहचान, डिग्गी और सीट से मिली शराब पुलिस ने कार चालक को काबू कर जब पूछताछ की, तो उसने अपनी पहचान अभिषेक तेवतिया निवासी गांव नया बांस, बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश के रूप में बताई। एक्साइज इंस्पेक्टर की मौजूदगी में जब कार की सघन तलाशी ली गई, तो कार की पिछली सीट और डिग्गी के अंदर से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब की बोतलें बरामद हुईं। जब आरोपी अभिषेक से शराब के परिवहन से जुड़े लाइसेंस या परमिट के दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई भी कागजात पेश नहीं कर सका। पुलिस द्वारा बरामद शराब की गिनती करने पर कुल 444 बोतल अवैध अंग्रेजी शराब पाई गई। शॉर्टकट से पैसे कमाने के लिए दोस्तों संग शुरू की तस्करी प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसके दो दोस्त पहले से ही अवैध शराब तस्करी के धंधे में शामिल हैं। जल्द और शॉर्टकट तरीके से मोटी रकम कमाने के चक्कर में वह भी अपने उन दोस्तों के साथ इस अवैध धंधे में कूद गया। तस्करी को अंजाम देने के लिए उसने एक अन्य दोस्त की ID का इस्तेमाल कर दिल्ली से यह बलेनो कार सेल्फ ड्राइव (किराए) पर ली थी। बुधवार को वह इसी कार में चंडीगढ़ से अवैध शराब लोड करके पानीपत में खपाने के लिए लाया था। यूपी और बिहार में जानलेवा हमले के केस दर्ज, 4 दिन के रिमांड पर आरोपी पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी अभिषेक तेवतिया का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश और बिहार में जानलेवा हमला करने के दो गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। बिहार में दर्ज एक मामले में आरोपी हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आया हुआ था। सीआईए टू प्रभारी ने बताया कि बरामद अवैध शराब और बलेनो कार को कब्जे में लेकर आरोपी अभिषेक के खिलाफ थाना सेक्टर 13/17 में एक्साइज एक्ट और मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी के उन साथियों और ठिकानों का पता लगाएगी जो इस अवैध नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।
पठानकोट में ट्रेन से कटकर युवक की मौत:लाश के हुए 5 टुकड़े, झाखोलाड़ी-सरना रेलवे ट्रैक पर हुआ हादसा
पठानकोट-अमृतसर रेल सेक्शन पर देर रात एक युवक की डीईएमयू की चपेट में आकर मौत हो गई। हादसा बुधवार की देर रात 11 बजे के आसपास झाखोलाड़ी-सरना के बीच रेलवे ट्रैक पर हुआ। मृतक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। जीआरपी की ओर से मामले की जांच की जा रही है। लाश को पहचान के लिए 72 घंटे के लिए सिविल अस्पताल के शव गृह में रखा गया है। इस दौरान पहचान न हो पाने पर लाश का पोस्टमार्टम करवा सरकारी तौर पर अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा। देर रात जीआरपी को मिली थी जानकारीजीआरपी चौकी भरौली जंक्शन प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि बीती रात रेलवे किलोमीटर संख्या 97/2-3 के बीच झाखोलाड़ी-सरना रेलवे ट्रैक पर अमृतसर से पठानकोट आ रही ट्रेन संख्या 74675 डीईएमयू की चपेट में आने से किसी की मौत हो गई। जिसके बाद जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची। शव के पास से कोई भी दस्तावेज और पहचान पत्र नहीं मिला। जिसके बाद आसपास के लोगों से भी शव की पहचान संबंधी पूछताछ की गई। लेकिन, कोई जानकारी नहीं मिली। सिविल अस्पताल भेजा गया शवअनिल कुमार ने बताया कि मृतक की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया गया है तथा पहचान होने की संभावना को देखते हुए उसे 72 घंटे तक सिविल अस्पताल के शव गृह में रखा जाएगा। जीआरपी ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति का कोई परिजन या परिचित लापता है अथवा मृतक के संबंध में कोई जानकारी हो तो तत्काल जीआरपी चौकी भरौली जंक्शन से संपर्क करें, ताकि मृतक की पहचान कर उसके परिजनों को सूचना दी जा सके।
गुरुग्राम में चारधाम यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर की बुकिंग के नाम पर श्रद्धालुओं को ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराने के आरोप में तीन लोगों को अरेस्ट किया है। इनके पास से पुलिस को पांच मोबाइल, पांच पासबुक, 16 चेक बुक व 18 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। आरोपियों की पहचान अजीत कुमार शाह (30 वर्ष) निवासी जिला बलिया (उत्तर प्रदेश), प्रदुम (30 वर्ष) निवासी जिला आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) तथा विनय (उम्र-40 वर्ष) निवासी जिला सुल्तानपुर (उत्तर-प्रदेश) के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में पता चला कि प्रत्येक आरोपी ने अपने आधार कार्ड में पता बदलवाकर विभिन्न बैंकों में 10 से अधिक बैंक खाते खुलवा रखे थे। आरोपियों द्वारा इन बैंक खातों की चेक बुक, पासबुक, एटीएम कार्ड एवं अन्य बैंकिंग दस्तावेज साइबर ठगी करने वाले गिरोह को प्रति बैंक खाता 5,000 रुपये कमीशन लेकर उपलब्ध कराए जाते थे। पहले दर्ज मिली शिकायतें आरोपी विनय ने पूछताछ में बताया कि वह एक अन्य व्यक्ति के कहने पर इस कार्य से जुड़ा था तथा बाद में उसने आरोपी अजीत कुमार शाह एवं प्रदुम को भी इस कार्य में शामिल कर लिया। जांच के दौरान बरामद बैंक खातों एवं मोबाइल नंबरों के विरुद्ध साइबर क्राइम पोर्टल पर तीन शिकायतें दर्ज पाई गई हैं। डूंडाहेड़ा से पकड़े गए आरोपी एसीपी साइबर क्राइम गौरव फोगाट ने बताया कि आरोपियों को गांव डूंडाहेड़ा से पकड़ा गया है। इसके खिलाफ साइबर थाने में केस दर्ज किया गया है। आरोपियों से बरामद डिजिटल उपकरणों एवं बैंकिंग दस्तावेजों का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस टीम द्वारा आरोपियों से अन्य साइबर ठगी के मामलों में संलिप्तता, अन्य सह-आरोपियों, बैंक खातों के माध्यम से हुए लेन-देन तथा साइबर ठगी नेटवर्क के संबंध में गहनता से पूछताछ की जा रही है।
अलवर में गुरुवार को अचानक मकान की कच्ची दीवार भरभराकर ढह गई, जिससे पास में खड़ा एक युवक मलबे में दब गया। हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने आनन-फानन में मालाखेड़ा अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। ट्रॉमा वार्ड में युवक का इलाज जारी है। घटना लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र के बरखड़ा गांव में गुरुवार सुबह करीब 9 बजे की है। घायल जगदीश कुमार एमआईए (MIA) स्थित एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है। चिल्लाने की आवाज सुन दौड़े परिजन परिजन सुनील कुमार ने बताया कि बुधवार को इलाके में अच्छी बारिश हुई थी, जिसके कारण उसके घर की एक कच्ची दीवार काफी कमजोर हो गई थी। गुरुवार को जगदीश उसी दीवार के पास खड़ा था, तभी अचानक पूरी दीवार भरभराकर उसके ऊपर आ गिरी। दीवार गिरते ही जगदीश मलबे में दब गया और चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर दौड़े और कड़ी मशक्कत के बाद मलबे को हटाकर जगदीश को बाहर निकाला। मालाखेड़ा से अलवर किया रेफर परिजन आनन-फानन में गंभीर हालत में जगदीश को मालाखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार दिया और बेहतर इलाज के लिए तुरंत अलवर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, युवक को अंदरूनी चोटें आई हैं।

