फिरोजाबाद के थाना बसई मोहम्मदपुर क्षेत्र में सोमवार सुबह 11 बजे मडुआ माता के दर्शन के लिए जा रहे एक परिवार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब रास्ते में एक ई-रिक्शा पलटकर बच्चों के ऊपर जा गिरा। हादसे में 10 साल के बच्चे की मौत हो गई, जबकि 9 साल का दूसरा बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। परिवार के लोग बच्चों की हालत देखकर बिलख पड़े। जानकारी के अनुसार, एक परिवार मडुआ माता के दर्शन के लिए पैदल जा रहा था। परिवार के साथ बच्चे भी पैदल यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान रास्ते से गुजर रहा एक ई-रिक्शा अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। ई-रिक्शा की चपेट में आने से 10 साल के आयुष पुत्र धर्मेंद्र और 9 साल के मयंक पुत्र टिंकू गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने बच्चों को संभाला और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना बसई मोहम्मदपुर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस दोनों बच्चों को उपचार के लिए अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सकों ने आयुष को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल मयंक को सरकारी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत को देखते हुए चिकित्सकों की निगरानी में उपचार किया जा रहा है। पुलिस ने मृत बालक के शव को पोस्टमार्टम के लिए पोस्टमार्टम गृह में रखवा दिया है। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जिस परिवार के लोग माता के दर्शन के लिए निकले थे, उन्हें रास्ते में ही ऐसी दर्दनाक घटना का सामना करना पड़ा। फिलहाल पुलिस ई-रिक्शा पलटने के कारणों की जानकारी जुटा रही है।
मेरठ में पति की हत्या कर उसे सांप से डसवाने के मामले में दोषी ठहराई गई रविता और उसके प्रेमी अमरदीप ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दोनों ने जिला अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की है। हाईकोर्ट ने उनकी याचिका स्वीकार कर ली है। इस मामले में मेरठ की जिला अदालत ने वारदात के 547 दिन बाद शुक्रवार को रविता और अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई थी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुना गया था दोनों का पक्ष सजा सुनाने से पहले अदालत ने रविता और अमरदीप का पक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुना था। जज ने दोनों से कहा था कि उन्हें हत्या का दोषी ठहराया गया है। इसके बाद अदालत ने मामले में दोनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। अब हाईकोर्ट में होगी फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई जिला अदालत के फैसले के खिलाफ दोनों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। हाईकोर्ट द्वारा याचिका स्वीकार किए जाने के बाद अब निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाले पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी।
उत्तर प्रदेश की प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (बी-पैक्स) में कार्यरत कर्मचारियों ने वर्षों से वेतन नहीं मिलने और आर्थिक संकट का हवाला देते हुए राष्ट्रपति से सामूहिक इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी है। एम-पैक्स कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष शैलेन्द्र तिवारी ने इस संबंध में राष्ट्रपति को पत्र भेजा है। कर्मचारी 22 अक्टूबर से लखनऊ के ईको गार्डन में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। उनका आरोप है कि 8 से 10 साल से नियमित वेतन नहीं मिलने के कारण परिवार का भरण-पोषण और बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हो रही है। 75 जिलों में आंदोलन रोकने का प्रयास करने का आरोप कर्मचारियों का आरोप है कि आंदोलन की घोषणा के बाद प्रदेश के 75 जिलों में विभागीय अधिकारियों ने उन्हें प्रदर्शन से रोकने का प्रयास किया। आंदोलन में शामिल कर्मचारियों को नोटिस जारी करने, निलंबन और एफआईआर जैसी कार्रवाई की जा रही है। संघ का कहना है कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। तीन दौर की वार्ता के बाद भी नहीं निकला समाधान संघ के मुताबिक, वर्ष 2018 से कर्मचारी नियमित वेतन की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इस दौरान कई बार विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन दिया गया। 7 सितंबर को मांग-पत्र सौंपने के बाद 21 सितंबर, 5 अक्टूबर और 29 अक्टूबर को विभागीय स्तर पर वार्ता भी हुई, लेकिन वेतन व्यवस्था को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। कर्मचारियों का आरोप है कि हर बार आश्वासन देकर उन्हें वापस भेज दिया गया। अन्य कर्मचारियों से अलग वेतन व्यवस्था पर सवाल कर्मचारियों ने सहकारी विभाग में वेतन व्यवस्था को लेकर भेदभाव का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विभाग के अन्य कर्मचारियों को राजकीय कोष से वेतन दिया जाता है, जबकि बी-पैक्स कर्मचारियों को अधिनियम का हवाला देकर नियमित वेतन व्यवस्था से वंचित रखा जा रहा है। कर्मचारियों ने सवाल उठाया कि वर्षों तक काम लेने के बाद भी उन्हें समय पर वेतन क्यों नहीं दिया जा रहा है। राष्ट्रपति के सामने रखीं सात मांगें कर्मचारियों ने राष्ट्रपति से लंबित वेतन का तत्काल भुगतान, नियमित और समयबद्ध वेतन व्यवस्था लागू करने, एफआईआर और अन्य दंडात्मक कार्रवाई की समीक्षा, नोटिस व निलंबन की निष्पक्ष जांच कराने, मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न रोकने, संबंधित अधिनियम में आवश्यक संशोधन और समस्या के समाधान के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश देने की मांग की है।
इंदौर के विजयनगर में रविवार देर रात खुद को कमरे में बंद कर चाकू लेकर हंगामा कर रहे आरोपी ने पुलिसकर्मी पर हमला कर दिया। आरोपी ने पुलिसकर्मी राजपाल सेंधव की पीठ पर चाकू से वार किया। घायल जवान को मेदांता अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने आरोपी जितेंद्र के खिलाफ पुलिसकर्मी पर हमला करने और शासकीय कार्य में बाधा डालने सहित गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की है। विजयनगर पुलिस के मुताबिक रविवार रात डायल-112 पर श्रीराम मंदिर विजयनगर से सूचना मिली थी। बीट ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी राजपाल सेंधव मौके पर पहुंचे। वहां पता चला कि जितेंद्र (पिता सुरेंद्र रघुवंशी), जो मूल रूप से रायसेन का रहने वाला है और इंदौर में किराए से रहता है, ने खुद को कमरे में बंद कर रखा है। उसके हाथ में चाकू था और वह जोर-जोर से चिल्लाकर लोगों को भागने के लिए कह रहा था। दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची पुलिस पुलिसकर्मियों ने जितेंद्र को समझाने की कोशिश की, लेकिन उसने दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़ दिया। मौके पर मौजूद उसकी बहन पूजा ने भी उसे समझाया, लेकिन वह उसे भी चाकू से डराने लगा। पुलिसकर्मियों ने जितेंद्र को घेरकर पकड़ने की कोशिश की। इसी दौरान उसने पुलिसकर्मी राजपाल सेंधव की पीठ पर चाकू से वार कर दिया। अन्य पुलिसकर्मियों ने आरोपी को पकड़ लिया और घायल राजपाल को मेदांता अस्पताल पहुंचाया।
कानपुर देहात में सोमवार को बुजुर्ग पेंशनरों का गुस्सा कलेक्ट्रेट परिसर में देखने को मिला। चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिल जमा करने की ऑनलाइन व्यवस्था से परेशान सैकड़ों सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने माती कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया। ये प्रदर्शन 11 बजे शुरू हुआ जो दोपहर 2 बजे तक चलेगा पेंशनरों ने ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन माध्यम से भी मेडिकल बिल स्वीकार किए जाने की मांग उठाई। इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया। दरअसल, सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश की जनपद इकाई के नेतृत्व में सोमवार को सैकड़ों पेंशनर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। यहां सभी ने अपनी मांगों को लेकर धरना दिया। प्रदर्शन में शामिल बुजुर्गों ने कहा कि वर्षों तक सरकारी सेवा करने के बाद अब बुढ़ापे में इलाज के खर्च का भुगतान पाने के लिए भी उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। पेंशनरों ने किसी ने भाषण तो किसी ने गीतों के माध्यम से अपनी समस्याएं उठाईं। पेंशनरों का कहना है कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिल जमा करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था लागू कर दी गई है, लेकिन अधिकांश बुजुर्ग कंप्यूटर और इंटरनेट की प्रक्रिया से परिचित नहीं हैं। वहीं कई पेंशनरों के ईएचआरएमएस कोड भी पोर्टल पर उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में ऑनलाइन माध्यम से बिल जमा करना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों के मुताबिक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने एक अक्टूबर से ऑफलाइन बिल स्वीकार करना बंद कर दिया है। इससे कई पेंशनरों के मेडिकल बिल लंबित हैं और कुछ दावे कालातीत होने की स्थिति में पहुंच रहे हैं। इलाज में खर्च की गई रकम का भुगतान नहीं होने से बुजुर्ग आर्थिक परेशानी झेल रहे हैं। प्रदर्शन के बाद पेंशनरों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा। इसमें ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन माध्यम से भी चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिल स्वीकार करने की मांग की गई। एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो प्रांतीय संगठन विधानसभा के सामने बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन करेगा। फिलहाल पेंशनरों को शासन से राहत मिलने का इंतजार है।
कानपुर उद्योग व्यापार मंडल की बैठक:सुनील बजाज बोले - आंदोलन और बंदी से व्यापारियों को होता है नुकसान
कानपुर उद्योग व्यापार मंडल (उत्तर) की बैठक सोमवार को जीटी रोड स्थित सिटी क्लब में जिलाध्यक्ष सुनील बजाज की अध्यक्षता में हुई। इसमें मुख्य अतिथि भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय वरिष्ठ महामंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष मुकुन्द मिश्रा रहे। जिलाध्यक्ष सुनील बजाज, महामंत्री कृपाशंकर त्रिवेदी समेत पदाधिकारियों ने माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया। बैठक में दीपावली और वैवाहिक सीजन के दौरान बाजारों में करोड़ों रुपये के कारोबार की संभावना पर चर्चा हुई। व्यापारियों ने दिल्ली में हालिया धरना-प्रदर्शन और बाजार बंदी को लेकर चिंता जताई। मुकुन्द मिश्रा ने बताया कि राष्ट्रीय सर्वे के अनुसार वर्ष 2026 के त्योहारी सीजन में सात लाख करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार का अनुमान है। सुनील बजाज ने कहा कि विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन त्योहार और सहालग के समय आंदोलन व बाजार बंदी से व्यापार प्रभावित होता है। कृपाशंकर त्रिवेदी ने त्योहारी सीजन में जांच के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न रोकने की मांग की। बैठक में मणिकांत जैन, प्रदीप गुप्ता, महेंद्र गुप्ता, राजेंद्र शुक्ला सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
रेवाड़ी जिले के धारूहेड़ा के सेक्टर-6 निवासी सेवानिवृत्त कर्मचारी और उसकी पत्नी को डिजिटल अरेस्ट कर 1 करोड़ 89 लाख 28 हजार रुपए की ठगी करने के मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें उत्तराखंड के नैनीताल निवासी देवेंद्र सिंह बिष्ट उर्फ दीपक और राजस्थान के जयपुर निवासी खुशीराम धाकड़ उर्फ राहुल शामिल हैं। खुशीराम ने साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी, जबकि देवेंद्र के खाते में ठगी की रकम में से 9 लाख रुपए ट्रांसफर हुए थे। पुलिस इस मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और 4.73 लाख रुपए बरामद किए हैं। धारूहेड़ा सेक्टर-6 निवासी सेवानिवृत्त कर्मचारी राजपाल सिंह ने 22 अप्रैल को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 27 और 28 फरवरी को उनके मोबाइल पर अनजान नंबरों से फोन आए। फोन करने वालों ने खुद को ट्राई का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनकी सिम बंद होने वाली है और उनकी आईडी पर गलत तरीके से सिम खरीदी गई है। उनके खिलाफ मुंबई में एफआईआर दर्ज होने और मोबाइल नंबर से अश्लील फोटो व वीडियो भेजे जाने की बात कहकर डराया गया। इसके बाद एक अन्य व्यक्ति ने खुद को सीबीआई इंस्पेक्टर बताते हुए डिजिटल अरेस्ट करने की बात कही। गिरफ्तारी और मनी लॉन्ड्रिंग के केस में फंसाने की धमकी देकर बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने को कहा गया। आरोपियों ने राजपाल और उनकी पत्नी को घर से बाहर नही निकलने तथा किसी से संपर्क नहीं करने की हिदायत दी। इस तरह 3 मार्च से 20 अप्रैल तक अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 89 लाख 28 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए। फर्जी पुलिसकर्मी और जज दिखाकर बनाया दबाव आरोपियों ने राजपाल के मोबाइल में एक एप डाउनलोड करवाया, जिसके जरिए उन पर निगरानी रखी गई। एप के माध्यम से उन्हें ऑनलाइन पुलिसकर्मी, हथियार, कोर्ट और जज के दृश्य दिखाए गए। फर्जी जज ने प्रॉपर्टी का वेरिफिकेशन करने के नाम पर उसे बेचने और 70 प्रतिशत राशि सरकारी खजाने में जमा कराने के निर्देश दिए। पहले 11 आरोपी हो चुके गिरफ्तार पुलिस इस मामले में पहले राजस्थान के करौली निवासी रौनक जाटव और पंकज सैनी, उत्तर प्रदेश की सुषमा, उत्तराखंड के दिवांशु, मध्यप्रदेश के मानवेंद्र कौरव और मनविंद्र, दिल्ली के रोहित, जींद के मनोज श्योकंद, पंकज और हरप्रीत तथा गुरुग्राम के अमर शर्मा को गिरफ्तार कर चुकी है। अब दो और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद संख्या 13 हो गई है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। खुशीराम धाकड़ को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि देवेंद्र सिंह बिष्ट को पूछताछ के लिए दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि मैं तो सोशल मीडिया का भुगतभोगी हूं, आप में से कई लोग भी भुगतभोगी रहे होंगे। दरअसल, मदन राठौड़ आज एक निजी होटल में बीजेपी सोशल मीडिया विभाग की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। संबोधन में मदन राठौड़ ने कहा कि आज सोशल मीडिया के जमाने में हमारे सामने बड़ा चैलेंज हैं। हालांकि सोशल मीडिया का उपयोग करके हमने बहुत सफलता प्राप्त की हैं। लेकिन आज सोशल मीडिया का लोग दुरुपयोग कर रहे है। हमें सावधान रहना है और नेगेटिव नेरेटिव को पकड़कर ऐसे लोगों को बेनकाब करना हैं। तब जाकर हमारी जीत मानी जाएगी। उन्होने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि आपको कार्यशाला में यह अच्छे से समझना है कि हम समाज के सामने सही जानकारी कैसे ला सकते हैं। क्योंकि आज हमारे सामने यह सबसे बड़ी चुनौती हैं। आप और हम सब सब जानते हैं और मैं सोचता हूं कि मैं तो इसका भुगतभोगी ही हूं। आप में से भी कई लोग इसके भुगत भोगी रहे होंगे। इसलिए आज जो दिनभर की कार्यशाला हैं। इसका आप लोग सदुपयोग करें। लालच में घटिया रील्स बना रहेमदन राठौड़ ने कहा कि आज लोग सोशल मीडिया पर रील्स ज्यादा देखते हैं। एक घटिया रील समाज को गलत दिशा में ले जा सकती हैं। इसका राजनीति पर तो प्रभाव पड़ ही रहा हैं, लेकिन समाज पर दुष्प्रभाव पड़ रहा हैं। पैसे के लालच में लोग ऐसी घटिया रील बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर देते हैं, जिसका स्थान हमारी संस्कृति में नहीं हैं। जिसे बच्चे देखते है और उनकी गलत सोच बनती हैं। हमें इस चुनौती को स्वीकार करना है और ऐसे लोगों को निस्तेनाबूत करना हैं। ऐसी घटिया मानसिकता को परास्त करना है। जिससे वो इस तरह की चीजों को नहीं फैला सके। राठौड़ कई बार हो चुके सोशल मीडिया पर ट्रोलदरअसल, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ सोशल मीडिया पर कई बार ट्रोल हो चुके हैं। पिछले महीने ही उनके पाकिस्तान पर दिए गए बयान के चलते उन्हें सोशल मीडिया में जमकर ट्रोल किया गया था। जिसकी कई बार राठौड़ को सफाई देनी पड़ी थी। राठौड़ ने बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के कार्यक्रम में कहा था कि भारत-पाकिस्तान के बीच अगर मैच हो और भारत की हार पर जो पटाखे फोड़े, वो देशभक्त नहीं हैं। हां, अगर अमेरिका-पाकिस्तान के बीच मैच हो तो हम पाकिस्तान के साथ हैं। इससे पहले भी राठौड़ बीजेपी नेता सुमन शर्मा को एक्सपोर्ट क्वालिटी बताकर विवादों में आ गए थे। वहीं अमर जवान ज्योति पर बीजेपी की महिला कार्यकर्ताओं पर उनका चिल्लाना भी सोशल मीडिया में काफी ट्रोल हुआ था।
शाहजहांपुर जिले की सिंधौली ब्लॉक स्थित मुड़िया पमार ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने सोमवार दोपहर 12 बजे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर डीएम से मुलाकात की। ग्रामीणों ने मुड़िया पमार के गाटा संख्या 459 में स्थित अंबेडकर पार्क की बाउंड्रीवॉल का निर्माण और सुदृढ़ीकरण कार्य जल्द से जल्द शुरू कराने की पुरजोर मांग उठाई। गांव के ही कुछ लोगों पर काम रोकने का आरोप ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि संबंधित पार्क में पिछले 40 सालों से प्रतिमाएं स्थापित हैं और यह गांव के लोगों की आस्था तथा सार्वजनिक गतिविधियों का केंद्र है। पार्क की सुरक्षा और सुदृढ़ीकरण के लिए बाउंड्रीवॉल बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जिस पर खुद मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेते हुए आवश्यक धनराशि की स्वीकृति दी थी। हालांकि, गांव के ही कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा विरोध जताए जाने के कारण यह निर्माण कार्य अधर में लटक गया है। डीएम ने दिया कार्रवाई का आश्वासन डीएम से मिलने पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि वे इस समस्या के समाधान के लिए स्थानीय तिलहर विधायक से भी मिले थे। विधायक ने ही उन्हें अधिक से अधिक संख्या में एकजुट होकर जिलाधिकारी के समक्ष अपनी बात रखने का सुझाव दिया था। ग्रामीणों का कहना है कि वे इससे पहले भी कई प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन अब तक समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका। मामले को गंभीरता से सुनते हुए जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को जांच कराकर शीघ्र कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया है।
कानपुर में शिक्षक समाज की लंबित मांगों पर शासन की ओर से उचित कार्रवाई नहीं किए जाने के विरोध में सोमवार को एएनडीएनएनएम महाविद्यालय के शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। फुपुक्टा एवं कूटा के आह्वान पर आयोजित इस विरोध कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी शिक्षक शामिल हुए। उन्होंने एकजुटता के साथ शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया। शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर शासन का ध्यान अपनी लंबित मांगों की ओर आकर्षित किया। साथ ही मांगों का शीघ्र और न्यायोचित समाधान करने की अपेक्षा जताई। महाविद्यालय की अध्यक्ष प्रो. अंजिता सिंह और मंत्री प्रो. राजकिशोरी सिंह ने कहा कि शिक्षक समाज की जायज मांगों पर शासन को गंभीरता से विचार कर सकारात्मक कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने मांगों के समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।
कानपुर में यातायात व्यवस्था सुधारने और सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने नवंबर में विशेष अभियान शुरू किया है। सोमवार को ट्रैफिक पुलिस लाइन में यातायात माह का शुभारंभ पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद उन्होंने यातायात जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अभियान के दौरान एक ओर लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी। खास तौर पर बिना हेलमेट बाइक चलाने और दोपहिया वाहन पर तीन सवारी बैठाने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा। कार्यक्रम में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर, नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय और अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) डॉ. विपिन ताडा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। चौराहों पर तैनात होंगे बेहतर रिकॉर्ड वाले पुलिसकर्मी यातायात माह के दौरान शहर के प्रमुख चौराहों को दो श्रेणियों A और B में बांटने की तैयारी है। जिन चौराहों पर यातायात का दबाव अधिक रहता है और व्यवस्था संभालना चुनौतीपूर्ण होता है, उन्हें A श्रेणी में रखा जाएगा। सामान्य यातायात वाले चौराहे B श्रेणी में शामिल होंगे। इसी आधार पर यातायात पुलिसकर्मियों की भी A और B श्रेणी तय की जाएगी। बेहतर रिकॉर्ड, मेहनत और अच्छे काम के आधार पर पुलिसकर्मियों को A श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसे पुलिसकर्मियों की तैनाती अधिक चुनौतीपूर्ण और महत्वपूर्ण चौराहों पर की जाएगी, जबकि सामान्य यातायात वाले स्थानों पर अन्य पुलिसकर्मियों को जिम्मेदारी दी जाएगी। पुलिस का मानना है कि इस व्यवस्था से चौराहों पर यातायात प्रबंधन बेहतर किया जा सकेगा। हादसों में मौतें एक तिहाई से ज्यादा घटीं: विपिन ताडा अपर पुलिस आयुक्त डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि कमिश्नरेट पुलिस की कार्रवाई और यातायात प्रबंधन के प्रयासों से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में एक तिहाई से अधिक की कमी आई है। सड़कों पर यातायात जाम की स्थिति में भी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि शहर में जाम की समस्या दूर करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। यातायात माह के दौरान जागरूकता के साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विशेष कार्रवाई की जाएगी। एंबुलेंस को रास्ता देने के लिए ग्रीन कॉरिडोर शहर में गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर व्यवस्था भी शुरू की है। डॉ. ताडा के मुताबिक, इस योजना के तहत एंबुलेंस को प्राथमिकता देते हुए रास्ता उपलब्ध कराया जाता है। इसके लिए अलग कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस की आवाजाही को सुगम बनाया जा सके। निर्माण कार्य से बंद कैमरे दोबारा होंगे चालू शहर के कुछ चौराहों पर निर्माण कार्य के चलते वहां लगे कैमरे अस्थायी रूप से प्रभावित हुए हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अन्य स्थानों पर कैमरे काम कर रहे हैं। जिन जगहों पर निर्माण कार्य चल रहा है, वहां काम पूरा होने के बाद कैमरों को दोबारा चालू कराया जाएगा। पुलिस के साथ जनता का सहयोग भी जरूरी पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने कहा कि शहर की यातायात व्यवस्था सुधारना केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें आम जनता और मीडिया समेत सभी की भागीदारी जरूरी है। हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना, निर्धारित गति सीमा का पालन करना, नशे में वाहन नहीं चलाना और पैदल यात्रियों की सुरक्षा का ध्यान रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने और व्यवस्था को सुगम बनाने में पुलिस का सहयोग करने की अपील की।
हरदोई के बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र में उन्नाव-कटरा मार्ग पर दुर्गागंज के पास रविवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में बोलेरो में गोली चलने से BSc प्रथम वर्ष के 18 साल के छात्र सोनू की मौत हो गई, जबकि उनका साथी रोहित (32) गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस को बोलेरो से तमंचा और कारतूस भी मिले हैं। हालांकि, गोली चलने की बात पर घायल के बयान और पुलिस के कथन में अंतर सामने आया है। मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस जांच कर रही है। मृतक सोनू हरपालपुर क्षेत्र के गुलौली गांव के रहने वाले थे। उनके पिता अनिल कुमार अरवल थाने में होमगार्ड हैं। घटना रविवार रात करीब 10:30 बजे की है। सोमवार दोपहर करीब 12:30 बजे पुलिस घायल रोहित को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। साथी ने बताया- तमंचा जांचने के दौरान चली गोली घायल रोहित के मुताबिक, रविवार देर शाम वह सोनू, उर्वेश (33) और एक अन्य साथी के साथ बोलेरो से सांडी गए थे। वहां उर्वेश ने फोन करके किसी व्यक्ति से तमंचा लिया। इसके बाद तमंचे को जांचने के लिए सभी बिलग्राम की ओर चल दिए। बोलेरो सोनू चला रहे थे और रोहित आगे की सीट पर उनके पास बैठे थे। रोहित का दावा है कि दुर्गागंज के पास उर्वेश तमंचा जांच रहे थे, तभी अचानक गोली चल गई। गोली लगने से सोनू की मौत हो गई और बोलेरो अनियंत्रित हो गई। इसके बाद गाड़ी आगे एक अज्ञात वाहन से टकरा गई। हादसे के तुरंत बाद उर्वेश और चौथा साथी मौके से भाग गए। बोलेरो में बैठे रोहित भी घायल हो गए। पुलिस ने बताया- ट्रक से टकराई थी बोलेरो दूसरी ओर, बिलग्राम कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार ने गोली चलने के दावे को खारिज करते हुए बताया कि बोलेरो अनियंत्रित होकर पीछे से एक ट्रक में जा घुसी थी, जिससे हादसा हुआ। हालांकि, बोलेरो से तमंचा और कारतूस मिलने के बाद मामले की जांच की जा रही है। गाड़ी में चालक की सीट पर भी एक निशान मिला है। पुलिस की टीमें घटनाक्रम की जांच कर रही हैं। मेडिकल कॉलेज में भर्ती घायल रोहित से पूछताछ की जा रही है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि परिजनों की तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रभारी मंत्री और पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के मंत्री जयवीर सिंह सोमवार सुबह 11 बजे फर्रुखाबाद पहुंचे। वह पहले जेएनवी रोड पर एक व्यक्ति के घर गए। वहां से लौटकर निरीक्षण भवन पहुंचे, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। निरीक्षण भवन में डीएम डॉ. अंकुर लाठर ने उनका स्वागत किया। भाजपा जिला अध्यक्ष फतेहचंद वर्मा समेत पार्टी पदाधिकारियों ने पटका पहनाकर और पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया। मंत्री ने विचार परिवार, भाजपा, सहयोगी दलों के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस दौरान एक पार्टी के पदाधिकारी ने खुद को जिलाध्यक्ष बताया। उनकी पार्टी के एक अन्य पदाधिकारी कोर कमेटी की बैठक में जाने लगे, लेकिन उन्हें रोक दिया गया। निरीक्षण भवन में भाजपा पदाधिकारी और पूर्व विधायक भी मौजूद रहे। बजरंग दल के पदाधिकारी ने मंत्री को ज्ञापन दिया। इसमें बताया गया कि बजरंग दल के जिला सह-संयोजक योगेंद्र प्रताप सिंह 25 अक्टूबर को किसी काम से चौक की ओर गए थे। वहां पहले से मौजूद 5-6 अज्ञात लोगों ने उन पर हमला किया और 10 हजार रुपए व सोने की अंगूठी छीन ली। ज्ञापन में घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई। इस दौरान प्रवीण अवस्थी, साहिल मिश्रा समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। दीपावली पर आतिशबाजी की दुकान लगाने वाले दुकानदार भी मंत्री से मिलने निरीक्षण भवन पहुंचे। वे मंत्री से नहीं मिल सके। उन्हें बताया गया कि मंत्री पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं। इसके बाद दुकानदार निरीक्षण भवन के बाहर आ गए।
बुलंदशहर के सिकंदराबाद में दीपावली के अवसर पर ठाकुर अर्जुन सिंह ने रविवार को नगर भ्रमण कर व्यापारियों और क्षेत्रवासियों को पर्व की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने बाजार में दुकानदारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। नगर भ्रमण में बड़ी संख्या में युवा उनके साथ मौजूद रहे। कई स्थानों पर उनका स्वागत भी किया गया। व्यापारियों की सुरक्षा और पारदर्शी व्यवस्था पर जोर देते हुए अर्जुन सिंह ने कहा कि व्यापारी समृद्ध होंगे, तभी सिकंदराबाद का विकास होगा। उन्होंने अपने 'समृद्ध सिकंदराबाद' के संकल्प को दोहराते हुए भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था को प्राथमिकता बताया। उन्होंने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ उगाही और अनावश्यक उत्पीड़न के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अर्जुन सिंह ने कहा कि सिकंदराबाद में बेहतर सड़क, सुचारु यातायात और स्वच्छ बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना उनका लक्ष्य है।
हरियाणा में गेस्ट टीचर्स उनको पक्का करने की मांग को लेकर हरियाणा सरकार के साथ आमने सामने है। जहां 10 हजार से ज्यादा गेस्ट टीचर्स निरंतर हाईकोर्ट के मामले को लेकर दिए गए फैसले को लागू करते हुए सरकार से उनको पक्का करने की मांग कर रहे हैं तो वहींं सरकार ने इसको लेकर उनको पक्का नहीं करने करने की कहते हुए स्पीकिंग ऑर्डर जारी कर चुकी है। इसको लेकर गेस्ट टीचर्स ने 2 नवंबर को मुख्यमंत्री के चीफ प्रिंसिपल सेक्रटेरी राजेश खुल्लर के साथ चंडीगढ़ में मुलाकत की लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाई । करीब आधा घंटा चली बैठक में किसी भी निर्णय पर नहीं पहुंचने के बाद गेस्ट टीचर्स आगे की रणनीति बनान जुट गए हैं। टीचर्स बोले कॉलेज लेक्चरर को पक्का किया तो हमें क्यों नहीं 2014 की पॉलिसी के अनुसार हारट्रोन के थ्रू लगे 58 कर्मचारियों को पक्का कर दिया है। इसके अलावा कॉलेज में लेक्चरर और स्कूलों में एडवर्टिसमेंट के द्वारा अप्वाइंट की गई है लेकिन लेक्चर्र्स को पक्का कर दिया है लेकिन वहीं गेस्ट टीचर्स को पक्का नहीं किया गया है। उपरोक्त के अलावा गेस्ट टीचर्स का कहना है कि गेस्ट टीचर्स और लेक्चर्रस को लेकर कमेटी बनाई गई। कॉलेज कमेटी ने गेस्ट लेकचरर्स को पक्का कर दिया लेकिन हमारे मामले में ऐसा नहीं हुआ। पदाधिकारी बोले केस जीते, फिर नहीं पक्के कर रही सरकार गेस्ट टीचर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा के मीडिया प्रभारी अजय लोहान ने कहा कि वो कोर्ट से केस जीतकर आए हैं लेकिन इसके बावजूद भी सरकार उनको पक्का नहीं कर रही है। सरकार को चाहिए था कि वो स्पीकिंग ऑर्डर न जारी करती बल्कि कोर्ट के फैसले को इंप्लीमेंट करते हुए गेस्ट टीचर्स को पक्का करती। सरकार को चाहिए कि वो 3 साल की पॉलिसी के तहत हमें पक्का करे। 10857 गेस्ट टीचर्स, 400 से ज्यादा अब नहीं रहेगेस्ट टीचर्स यूनियन का दावा है कि डीएसई से प्राप्त जानकारी अनुसार पक्का करने की मांग कर रहे गेस्ट टीचर्स की संख्या 10757 है। इसके अलावा 400 से ज्यादा टीचर्स की मृत्यु हो चुकी है। इसके अलावा 2029 तक 50 फीसद से ज्यादा गेस्ट टीचर्स रिटायर हो जाएंगे। इनके अलावा 2031 तक करीब 90 फीसद गेस्ट टीचर्स रिटायर हो जाएंगे।
अम्बेडकरनगर में धान खरीद के पहले ही दिन सरकारी व्यवस्था की तैयारियों की पोल खुल गई। सोमवार को अपनी उपज बेचने क्रय केंद्रों पर पहुंचे किसानों को घंटों इंतजार के बाद भी निराशा हाथ लगी। दोपहर करीब 12 बजे तक जिले में कहीं भी धान खरीद शुरू नहीं हो सकी थी। वजह मजदूरों का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण नहीं हो पाना रहा। तकनीकी प्रक्रिया में आई बाधा के चलते केंद्रों पर खरीद ठप रही और किसान अपनी उपज लेकर इंतजार करते रहे। शासन के निर्देश पर जिले में धान खरीद के लिए कुल 115 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें अकबरपुर नवीन सब्जी मंडी में विभिन्न खरीद एजेंसियों के 18 केंद्र बनाए गए हैं। खरीद शुरू होने से पहले केंद्रों पर जरूरी तैयारियां पूरी करने का दावा किया गया था, लेकिन पहले ही दिन बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की प्रक्रिया अटकने से पूरी व्यवस्था प्रभावित हो गई। किसान धान लेकर केंद्रों पर पहुंचे, मगर खरीद शुरू नहीं होने से उन्हें मायूस होना पड़ा। सोमवार सुबह करीब 11 बजे डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ पांडेय अकबरपुर नवीन सब्जी मंडी पहुंचे। उन्होंने विभिन्न एजेंसियों के क्रय केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। केंद्र प्रभारियों से खरीद की तैयारियों और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की स्थिति की जानकारी ली। धान खरीद के पहले दिन ही तकनीकी अड़चन ने किसानों की मुश्किल बढ़ा दी। सरकारी केंद्रों पर उपज बेचने की उम्मीद लेकर पहुंचे किसानों को इंतजार करना पड़ा। ऐसे में सवाल उठता है कि जब खरीद की तारीख पहले से निर्धारित थी तो मजदूरों के बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की व्यवस्था समय रहते दुरुस्त क्यों नहीं की गई।
अमानगंज थाना क्षेत्र के गढ़ोखर गांव में 20 वर्षीय चाहना बाल्मीकि ने छोटी बहन से विवाद के बाद चूहामार दवा निगल ली। उसे जिला अस्पताल पन्ना में भर्ती कराया गया है, जहां इलाज जारी है। चाहना के चाचा पिट्टू बाल्मीकि ने बताया कि दोनों बहनों के बीच खेलने और हंसी-मजाक को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद चाहना ने दवा निगल ली। कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमानगंज ले गए। वहां प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल पन्ना रेफर कर दिया। पुलिस और प्रशासन मामले की जानकारी जुटा रहे हैं। युवती की हालत पर नजर रखी जा रही है।
वाराणसी में 90 वर्ष की उम्र में भी वर्मा जी स्वच्छता अभियान के जरिए समाज और पर्यावरण को स्वच्छ रखने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनका यह जज्बा साबित करता है कि समाज के लिए काम करने की इच्छाशक्ति उम्र की मोहताज नहीं होती। जहां इस उम्र में अधिकांश लोग आराम करना पसंद करते हैं, वहीं वर्मा जी का स्वच्छता के लिए आगे आना लोगों के लिए प्रेरणादायक है। उनका प्रयास संदेश देता है कि आसपास के परिवेश को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। खासकर युवा पीढ़ी के लिए उनका समर्पण प्रेरणा है। 90 वर्ष की उम्र में हाथों में झाड़ू थामकर स्वच्छता के लिए काम करते देख युवाओं की झिझक दूर होती है और वे भी इस मुहिम से जुड़ने के लिए प्रेरित होते हैं। ऐसे निस्वार्थ प्रयासों से ही स्वच्छता जनभागीदारी का अभियान बनती है। वर्मा जी का जज्बा समाज के हर वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश देता है।
शाहजहांपुर के खुटार थाना क्षेत्र के तुलापुर गांव में चचेरी भाभी पर आपत्तिजनक टिप्पणी का विरोध करने पर विपिन दीक्षित के साथ मारपीट और उसे जहरीला पदार्थ खिलाने का आरोप है। पीलीभीत के एक निजी अस्पताल में रविवार रात करीब 11 बजे उसकी मौत हो गई। पिता रामकिशोर ने गांव के लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। रामकिशोर के मुताबिक, गांव के कुछ लोगों ने उनके चचेरे भाई वालेश की पत्नी पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। विपिन ने इसका विरोध किया तो उसका उनसे विवाद हो गया। आरोप है कि वे विपिन को अपने घर ले गए, वहां मारपीट की और जबरन जहरीला पदार्थ खिला दिया। आरोप है कि हालत बिगड़ने पर विपिन किसी तरह घर पहुंचा और परिजनों से मदद मांगी। परिवार के लोग उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां से गंभीर हालत में उसे रेफर कर दिया गया। इसके बाद परिजन उसे पीलीभीत शहर के एक निजी अस्पताल ले गए। वहां इलाज के दौरान रविवार रात करीब 11 बजे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रमेंद्र कुमार ने बताया कि युवक की मौत जहरीला पदार्थ खाने से हुई है। उन्होंने कहा कि मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है और पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
मथुरा शहर कोतवाली क्षेत्र की कृष्णा नगर चौकी पुलिस ने संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए देर रात सड़कों पर भटक रहे आठ वर्षीय मासूम बालक को सकुशल उसके परिजनों से मिला दिया। परिवार से मिलने के बाद बच्चा बेहद खुश नजर आया, वहीं अपने खोए हुए बच्चे को सुरक्षित पाकर परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली और मानवीय व्यवहार की जमकर सराहना की। कृष्णा नगर चौकी प्रभारी संजीव कुमार सिंह ने बताया कि देर रात एक आठ वर्षीय बालक क्षेत्र की सड़कों पर अकेला भटक रहा था। वह रो रहा था और काफी डरा-सहमा हुआ था। इसी दौरान पुलिस को बालक के अकेले घूमने की जानकारी मिली। पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बच्चे को अपने संरक्षण में लिया और सुरक्षित कृष्णा नगर चौकी लेकर पहुंची। चौकी पर पुलिसकर्मियों ने सबसे पहले बच्चे को सहज करने का प्रयास किया। उसे चॉकलेट और बिस्किट दिए गए। प्यार से बातचीत कर उसे शांत कराया गया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने बच्चे से उसके माता-पिता और घर के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया। बच्चा घबराहट के कारण ठीक से कुछ बता नहीं पा रहा था। ऐसे में पुलिस ने धैर्य के साथ उसकी पहचान और परिजनों तक पहुंचने के प्रयास जारी रखे। पुलिस टीम ने कई घंटे तक मशक्कत की। आसपास के क्षेत्रों में जानकारी जुटाने के साथ अन्य माध्यमों से भी बच्चे के परिवार का पता लगाने का प्रयास किया। आखिरकार पुलिस को सफलता मिली और बच्चे के परिजनों की जानकारी हो गई। इसके बाद उन्हें चौकी बुलाकर बच्चे को सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया गया। काफी देर से अपने बच्चे को तलाश रहे परिजनों ने उसे सुरक्षित देखकर राहत की सांस ली। बच्चे के चेहरे पर भी परिवार को देखकर खुशी दिखाई दी। परिजनों ने कृष्णा नगर चौकी पुलिस का आभार जताते हुए उसकी तत्परता और संवेदनशीलता की प्रशंसा की
आस्था के साथ आर्थिकी को नई ऊर्जा दे रहा दीपोत्सव: सीएम योगी
*लखनऊ, 2 नवंबर।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रभु श्रीराम की नगरी में आगमन से पहले सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर दीपोत्सव की महत्ता पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने लिखा कि श्री अयोध्या धाम का भव्य दीपोत्सव आस्था के साथ आर्थिकी को भी नई ऊर्जा दे रहा है। यहां प्रज्ज्वलित हर दीप किसी कुम्हार […]
शिवपुरी में सोमवार को ट्रैक्टर से गिरकर 26 वर्षीय संतोष केवट की मौत हो गई। सुबह सड़क किनारे ट्रैक्टर और शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। संतोष के भाई ने दो लोगों पर हत्या का संदेह जताया है। घटना भौती थाना क्षेत्र में खोड़ और नेगुवा गांव के बीच गौरा टीला रोड की है। आसपुर निवासी संतोष, हरभजन उर्फ पप्पू केवट का बेटा था। वह अपना स्वराज ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर लुकवासा इलाके में सड़क बनाने का काम करने गया था। काम पूरा करने के बाद वह आसपुर लौट रहा था। इसी दौरान ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गया। संतोष ट्रैक्टर से गिरा और सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया सुबह सूचना मिलने पर खोड़ चौकी प्रभारी संजय सिंह लोधी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। परिजनों को खबर दी। पुलिस की शुरुआती जांच में ट्रैक्टर का अगला टायर फटने से वाहन अनियंत्रित होने की आशंका जताई गई है। पुलिस ने परिजनों की सहमति से शव पोस्टमार्टम के लिए पिछोर अस्पताल भेजा। मौके पर संतोष के भाई रिंकू केवट ने दो लोगों पर हत्या का संदेह जताया। पुलिस ने इस आरोप को भी जांच में शामिल किया है। पुलिस हादसे के कारणों और हत्या के संदेह समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत की वजह साफ होगी।
पाली के बांगड़ हॉस्पिटल में इलाज के दौरान रविवार को 23 साल की प्रसूता ललिता की मौत हो गई। उसने कल (1 नवंबर) को बेटी को जन्म दिया था। मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रसव के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टरों और नर्सिंगकर्मियों ने ध्यान नहीं दिया। मृतका के पिता ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के नाम शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। प्रसव के बाद बिगड़ी तबीयत, रात में हुई मौत मृतका के पिता राजू पुत्र उम्मेदराम निवासी चेलावास (सोजत) ने शिकायत में बताया कि 27 अक्टूबर 2026 की सुबह उनकी 23 साल की बेटी ललिता को प्रसव पीड़ा होने पर पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लाया गया था। 1 नवंबर की दोपहर करीब 2 बजे ललिता ने बेटी को जन्म दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रसव के बाद ललिता की तबीयत बिगड़ने लगी, लेकिन डॉक्टरों और नर्सिंगकर्मियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। रात में उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार डॉक्टरों और नर्सिंगकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पिता ने CMHO के नाम दी शिकायत घटना को लेकर मृतका के पिता ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के नाम शिकायत दी। सोमवार सुबह कोतवाली पुलिस के ASI ओमप्रकाश परिहार मौके पर पहुंचे। मृतका के परिजनों ने उन्हें भी रिपोर्ट दी। इस दौरान बांगड़ हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी के बाहर बड़ी संख्या में परिजन और समाज के लोग मौजूद रहे। एक साल पहले हुई थी शादी, पहली डिलीवरी थी ललिता की शादी 8 नवंबर 2025 को चेलावास गांव निवासी परिवार में सामाजिक रीति-रिवाज से पोकरण निवासी पवन के साथ हुई थी। शादी के बाद यह उसकी पहली डिलीवरी थी। प्रसव के लिए वह अपने पीहर चेलावास आई हुई थी। प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। परिजनों ने रखीं ये मांगें मृतका के परिजनों ने मामले की जांच और जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखने सहित कई मांगें रखी हैं।
महिला ने खाया जहर, अस्पताल में तोड़ा दम:परिजनों ने लगाया 13 लाख की साइबर ठगी से आहत होने का आरोप
साइबर ठगी में करीब 13 लाख रुपए गंवाने के बाद परेशान चल रही झालावाड़ की 56 वर्षीय महिला की जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो गई। सुभाष कॉलोनी निवासी मधुबाला ठाकुर ने बीती रात अज्ञात जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। परिजन उन्हें झालावाड़ के एसआरजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अज्ञात व्यक्ति ने फोन-पे, व्हाट्सएप और ई-मित्र के जरिए उनसे करीब 13 लाख रुपए ठग लिए थे। हालांकि, पुलिस ने अभी साइबर ठगी और महिला की मौत के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं की है। बेटी ने कोतवाली थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट कोतवाली पुलिस के अनुसार, मृतका मधुबाला ठाकुर (56), पत्नी रविन्द्र ठाकुर की बेटी कल्पना ठाकुर ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि बीती रात करीब 7 से 8 बजे उनकी मां ने किसी अज्ञात जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। इसकी जानकारी मिलने पर उनके भाई कुलदीप और भाभी ज्योति मधुबाला को झालावाड़ अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मोबाइल की हिस्ट्री खंगाली तो सामने आए 13 लाख रुपए के लेनदेन कल्पना ठाकुर के अनुसार, उनकी मां पिछले कुछ दिनों से गुमसुम और परेशान थीं। घटना के बाद मोबाइल फोन की व्हाट्सएप हिस्ट्री और अन्य जानकारियां देखने पर फोन-पे, व्हाट्सएप और ई-मित्र के जरिए अज्ञात व्यक्ति के नंबर पर करीब 13 लाख रुपए भेजे जाने की जानकारी मिली। परिजनों का कहना है कि मोबाइल में इस मामले से जुड़ी चैट भी मौजूद है। बेटी ने आरोप लगाया कि उनकी मां को साइबर ठगी में फंसाकर रकम ली गई थी और इसी वजह से वह पिछले कुछ दिनों से परेशान थीं। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव अस्पताल चौकी पुलिस ने महिला का शव मोर्चरी में रखवाकर कोतवाली पुलिस को सूचना दी। सोमवार सुबह पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस मामले की रिपोर्ट के आधार पर जांच कर रही है। कोतवाली थाना प्रभारी मुकेश मीणा ने बताया कि परिजनों की रिपोर्ट पर संदिग्ध अवस्था में मौत का मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। पुलिस जांच के बाद ही कथित साइबर ठगी और महिला की मौत से जुड़े तथ्य सामने आएंगे।
लखनऊ के फिनएक्स इंस्टीट्यूट (पूर्व में बीएसई इंस्टीट्यूट) ने सोमवार को रतन स्क्वायर, विधान सभा मार्ग स्थित अपने नए एकेडमिक कैंपस का शुभारंभ किया। इसका उद्घाटन एसबीआई म्यूचुअल फंड के प्रेसिडेंट एवं सीबीओ मनीष मेहता और छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के प्रो-वाइस चांसलर डॉ. सुधांशु पांड्या ने संयुक्त रूप से किया। कैंपस डायरेक्टर विराग जैन ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य लखनऊ और आसपास के युवाओं को बैंकिंग एवं फाइनेंशियल सर्विसेज (बीएफएसआई) क्षेत्र की गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराना है। संस्थान उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से इंटर्नशिप, प्लेसमेंट और वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देगा। फिनएक्स के सीईओ हिमांशु व्यपक ने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवाओं को बैंकिंग, कैपिटल मार्केट और फिनटेक में करियर बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर शिक्षा और इंडस्ट्री एक्सपोजर उपलब्ध कराना लक्ष्य है। कार्यक्रम में कोटक बैंक के स्टेट हेड सुनील गुरनानी, आईसीआईसीआई बैंक के रीजनल हेड अभय शुक्ला, बंधन बैंक के स्टेट हेड अनुराग श्रीवास्तव, फ्रैंकलिन टेम्पलटन के स्टेट हेड गौरव नागर, एचडीएफसी लाइफ के वैभव त्रिपाठी और लखनऊ मैनेजमेंट एसोसिएशन के वाइस चेयरमैन प्रवीण कुमार समेत विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। संस्थान बैंकिंग, फाइनेंस, कैपिटल मार्केट, डेटा साइंस और फिनटेक से जुड़े डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेशन कोर्स संचालित करता है। इसके अनुसार, 300 से अधिक इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के सहयोग से प्रतिवर्ष करीब 10 हजार प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जाता है। संस्थान की देशभर के 350 से अधिक कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी है।
करनाल जिला में घरौंडा थाना के गांव रायपुर जाटान रोड पर ट्रैक्टर की टक्कर से 19 वर्षीय देव श्योराण की मौत के मामले में पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट परिजन सैकड़ों ग्रामीणों के साथ घरौंडा थाने पहुंचे। ग्रामीणों ने थाना प्रभारी और जांच अधिकारी से अब तक की गई कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा। उनका आरोप था कि घटना के दस दिन बाद भी पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इस दौरान ग्रामीणों को पुलिस की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। नाराज ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे अगला कदम उठाएंगे। बहन को लेने जा रहा था देव, रास्ते में हुआ हादसामुनक ब्लॉक समिति चेयरमैन जितेंद्र संधू, ग्रामीण जगदीप सिंह औलख, गुरनाम सिंह व अन्य ने बताया कि 24 अक्तूबर को रायपुर जाटान निवासी 19 वर्षीय देव श्योराण बाइक पर अपनी बहन को लेने के लिए घरौंडा आ रहा था। इसी दौरान घरौंडा में रायपुर जाटान रोड पर एक ट्रैक्टर ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल देव को घरौंडा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।घटना के अगले दिन पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया था। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। सीसीटीवी फुटेज भी ग्रामीणों ने ही पुलिस को दीग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मामले में कार्रवाई करने में ढिलाई बरती है। हादसे से संबंधित सीसीटीवी फुटेज भी उन्होंने खुद पुलिस को उपलब्ध करवाई। इसके बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें पुलिस की ओर से गुमराह करने का प्रयास भी किया गया। इसी नाराजगी के चलते सभी लोग एकत्रित होकर थाने पहुंचे और एसएचओ दीपक कुमार तथा जांच अधिकारी राजेश से मुलाकात कर जवाब मांगा। ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस अब दो दिन का समय मांग रही है। यदि इस दौरान आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो उनका अगला कदम सख्त होगा। घर का इकलौता बेटा था देव, पिता पैरालाइजग्रामीणों ने बताया कि देव अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी एक बड़ी बहन है, जिसे लेने के लिए वह घरौंडा आ रहा था। देव के पिता पैरालाइज हैं और परिवार की पूरी जिम्मेदारी उसी पर थी। बेटे की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे गंभीर मामले में भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने पुलिस से जल्द आरोपियों को पकड़कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की। सीसीटीवी फुटेज की जांच जारी : थाना प्रभारीथाना प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि रायपुर जाटान के ग्रामीण उनसे मिले हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए गहनता से जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली जा रही है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। ग्रामीणों को दो दिन का समय दिया गया है।
इंदौर में जिन उपभोक्ताओं को अब जल कनेक्शन की आवश्यकता नहीं है, उन्हें इसे स्थायी रूप से बंद कराने के लिए अब निर्धारित प्रक्रिया से गुजरना होगा। नगर निगम ने जल कनेक्शन हटाने और उपभोक्ता का खाता बंद करने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार की है। इसके तहत कनेक्शन बंद कराने के बाद भी बिल जारी होने जैसी समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। साथ ही पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और समय-सीमा तय की गई है। नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल के निर्देश पर तैयार SOP के अनुसार उपभोक्ता को संबंधित क्षेत्र के सहायक यंत्री के पास लिखित आवेदन देना होगा। इसमें कंज्यूमर आईडी, नाम, जल कनेक्शन का पता, मोबाइल नंबर और कनेक्शन बंद कराने का कारण दर्ज करना होगा। आवेदन मिलने के बाद सहायक यंत्री बकाया जलकर और अन्य भुगतान की जांच करेंगे। इसके बाद कनेक्शन हटाने में आने वाले खर्च का एस्टीमेट तैयार कर उपभोक्ता को उपलब्ध कराया जाएगा। 10 दिन में मिलेगा एस्टीमेट, भुगतान के बाद हटेगा कनेक्शन नगर निगम ने आवेदन मिलने के 10 दिन के भीतर बकाया राशि और कनेक्शन हटाने के शुल्क का एस्टीमेट देने की समय-सीमा तय की है। उपभोक्ता को बकाया बिल और निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। भुगतान के बाद संबंधित अधिकारी जल कनेक्शन को फिजिकली हटाएंगे। प्रक्रिया पूरी होने पर सहायक यंत्री कनेक्शन हटाने का प्रतिवेदन तैयार कर ARO को भेजेंगे। 150 रुपए की रसीद के बाद मुख्यालय से बंद होगा खाता ARO 150 रुपए की रसीद जारी कर पूरा मामला निगम मुख्यालय भेजेंगे। इसके बाद मुख्यालय स्तर पर उपभोक्ता का खाता बंद करने की कार्रवाई की जाएगी। निगम के अनुसार, निर्धारित शुल्क जमा होने के बाद अधिकतम 30 दिन में कनेक्शन हटाने और खाता बंद करने की प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य होगा। आवेदन देने से नहीं रुकेगी बिलिंग SOP में स्पष्ट किया गया है कि केवल कनेक्शन बंद करने का आवेदन देने से बिलिंग बंद नहीं होगी। जल कनेक्शन वास्तव में हटाए जाने तक की देय राशि उपभोक्ता को जमा करनी होगी। फिजिकली कनेक्शन हटाने और निर्धारित औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही खाता बंद किया जाएगा। अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण के निर्देश नगर निगम ने अधिकारियों को सभी आवेदनों का तय समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। इससे कनेक्शन बंद कराने वाले उपभोक्ताओं को अनावश्यक बिलिंग और बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की समस्या से राहत मिलेगी।
कांग्रेस नेता ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि रैली से पहले बाजार बंद होने और व्यापारियों को नुकसान पहुंचने का जो माहौल बनाया गया, उसका उद्देश्य असली राजनीतिक मुद्दों से जनता का ध्यान हटाना था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा वोट चोरी और चुनाव आयोग की जवाबदेही जैसे सवालों पर चर्चा नहीं होने देना चाहती थी।
मुजफ्फरपुर के गोबरसही में नाला निर्माण के दौरान रसोई गैस पाइपलाइन में भीषण विस्फोट हुआ जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और सात गंभीर रूप से जख्मी हो गए। जेसीबी के परखच्चे उड़ गए।
सलूंबर जिले की चारों पंचायत समितियों में 3 और 5 नवंबर को होने वाले पंचायत राज आम चुनाव के लिए मतदान दलों की रवानगी शुरू हो गई। रविवार को आईटीआई खोलड़ी से कर्मचारियों को अंतिम प्रशिक्षण देकर चुनाव सामग्री सौंपी गई और उन्हें मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया गया। चुनाव में जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत वार्डों के लिए वोट डाले जाएंगे। आईटीआई खोलड़ी से रवानगी शुरू जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के साथ ग्राम पंचायत वार्डों के चुनाव को लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी की हैं। जिले की चार पंचायत समितियों सलूंबर, सेमारी, लसाड़िया और गींगला में 3 और 5 नवंबर को मतदान होगा। इसके लिए रविवार को आईटीआई खोलड़ी से मतदान दलों की रवानगी की प्रक्रिया शुरू हुई। मतदान से पहले अंतिम प्रशिक्षण देकर कर्मचारियों को चुनाव सामग्री सौंपी गई। इसके बाद उन्हें तय मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया गया। जिला परिषद के 12, पंचायत समिति के 60 वार्डों में वोटिंग इस चुनाव में जिला परिषद के 12 वार्ड, चारों पंचायत समितियों के 60 वार्ड और ग्राम पंचायतों के 878 वार्डों में मतदान होगा। जिले की 111 ग्राम पंचायतों के मतदाता अपने प्रतिनिधि चुनेंगे। चारों पंचायत समितियों में कुल 2 लाख 58 हजार 831 मतदाता वोट डालेंगे। इनमें 1 लाख 31 हजार 410 पुरुष और 1 लाख 27 हजार 421 महिला मतदाता हैं। वहीं 1,856 दिव्यांग मतदाता भी वोट डालेंगे। 288 बूथों पर होगा मतदान प्रशासन ने जिले में कुल 288 मतदान केंद्र बनाए हैं। इनमें सलूंबर में 77, सेमारी में 76, लसाड़िया में 74 और गींगला में 61 बूथ हैं। सेमारी में 69 मुख्य और 7 सहायक मतदान केंद्र हैं। लसाड़िया में 73 मुख्य और 1 सहायक मतदान केंद्र बनाया गया है। मतदान कराने के लिए रिजर्व सहित कुल 2,023 मतदान कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें सलूंबर के 539, सेमारी के 532, लसाड़िया के 525 और गींगला के 427 कर्मचारी हैं। मतदान दलों को अंतिम प्रशिक्षण में निर्वाचन प्रक्रिया, मतपत्रों के उपयोग, मतदान सामग्री के रखरखाव और नियमों की पालना के बारे में विस्तार से बताया गया। 28 अतिसंवेदनशील बूथों पर 444 पुलिस जवान तैनात कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। जिले में कुल 444 पुलिस जवान तैनात रहेंगे। सलूंबर में 124, सेमारी में 120, लसाड़िया में 116 और गींगला में 84 जवान सुरक्षा संभालेंगे। जिले में 28 अतिसंवेदनशील मतदान केंद्र चिह्नित किए गए हैं। इनमें सेमारी और लसाड़िया में 8-8, सलूंबर में 7 और गींगला में 5 बूथ हैं। इन केंद्रों पर विशेष निगरानी रहेगी और अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था भी की जाएगी। 30 सेक्टर और 8 एरिया मजिस्ट्रेट रखेंगे नजर मतदान प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए कुल 30 सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। सलूंबर, सेमारी और लसाड़िया में 8-8 और गींगला में 6 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे। वहीं चारों पंचायत समिति क्षेत्रों में कुल 8 एरिया मजिस्ट्रेट भी जिम्मेदारी संभालेंगे। अंतिम प्रशिक्षण के बाद बूथों पर संभालेंगे मोर्चा आईटीआई खोलड़ी में मतदान दलों को अंतिम प्रशिक्षण देने के बाद चुनाव सामग्री बांटी गई। अधिकारियों ने कर्मचारियों को निर्देश दिए कि मतदान प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से कराएं। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और नियमों की पालना सुनिश्चित करें। किसी भी परिस्थिति में धैर्य बनाए रखें। प्रशासन की ओर से बूथों पर बिजली, पेयजल, सुरक्षा, मतदाताओं की कतार और दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा सहित जरूरी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अब मतदान दल बूथों पर पहुंचकर मोर्चा संभालेंगे। 3 और 5 नवंबर को मतदान के साथ गांवों की सरकार चुनने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। सलूंबर में चुनावी तैयारी एक नजर में -
भााजपा नेता संगीत सोम ने सपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा- वह समय नहीं देखा, जब अतीक का कुत्ता मुलायम सिंह यादव से हाथ मिलाता था। संगीत सोम ने रालोद को डेढ़ जिले की पार्टी वाले बयान पर कहा- मैंने हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर कहा था। बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। सोमवार को राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला ने नानू गंगनहर पुल स्थित चौधरी दलेल सिंह कॉलेज में दिवाली मिलन समारोह आयोजित किया। समारोह को संबोधित करते हुए सोम ने कहा कि योगी सरकार को कोई नहीं हटा सकता। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में सरकार की कानून-व्यवस्था की सराहना हो रही है। सोम ने कहा कि जो अपराधी अभी बचे हैं, उनका सफाया विधानसभा चुनाव के बाद होना तय है। उन्होंने सपा के एक जिलाध्यक्ष के उस बयान की निंदा की, जिसमें शादी में पढ़े जाने वाले मंत्रों को गाली के समान बताया गया था। सोम ने इसे धार्मिक परंपराओं का अपमान बताते हुए सपा पर निशाना साधा। समारोह में जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन विमल शर्मा, प्रीतिश ठाकुर, मनोज चौहान, सतेंद्र भराला, मोहन किनोनी, भारत भूषण और आदेश कसाना मौजूद रहे। सिवालखास विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी समारोह में शामिल हुए।
सतना में डेंगू संक्रमित 29 वर्षीय युवक की मौत हो गई। सिद्धार्थ नगर वार्ड क्रमांक 8 के राजेश बुनकर को परिजन बेहतर इलाज के लिए रीवा ले जा रहे थे, तभी रास्ते में उनकी मौत हो गई। उनकी सात माह की गर्भवती पत्नी प्रियंका भी डेंगू पॉजिटिव हैं। परिजनों के मुताबिक, राजेश अपनी 26 वर्षीय पत्नी प्रियंका और 20 वर्षीय भाई अजय के साथ पुणे में मजदूरी करते थे। बुखार और उल्टी की शिकायत के बाद तीनों 29 अक्टूबर को सतना लौटे थे। इसके बाद उन्होंने डॉ. केएल नामदेव से सलाह ली। उनकी सलाह पर सिंधी कैंप स्थित डे केयर पैथोलॉजी सेंटर में राजेश और प्रियंका की जांच हुई। दोनों के डेंगू संक्रमित होने की पुष्टि हुई। प्रियंका को सिंधी कैंप के हंसराज अस्पताल में भर्ती कराया गया। राजेश जिला अस्पताल के वार्ड क्रमांक 6 में भर्ती थे। प्लेटलेट्स घटकर 27 हजार पहुंच गई थीराजेश की हालत में सुधार नहीं होने पर परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर 31 अक्टूबर को पुष्पांजलि अस्पताल में भर्ती कराया। वहां भी उनकी स्थिति गंभीर बनी रही। परिजनों के अनुसार, उनकी प्लेटलेट्स घटकर 27 हजार तक पहुंच गई थीं। एक नवंबर को राजेश को प्लेटलेट्स चढ़ाई गईं, लेकिन उनकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ। डॉक्टरों ने उन्हें रीवा ले जाने की सलाह दी। परिजन उन्हें लेकर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। एक दिन पहले अस्पताल से डिस्चार्ज हुएडेंगू पॉजिटिव पाए जाने के बाद प्रियंका को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घटना की जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने राजेश के घर और आसपास जांच शुरू की। इलाके में दवा का छिड़काव भी किया गया। जानकारी के मुताबिक, एक नवंबर को उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। पति की असमय मौत से परिवार सदमे में है। गर्भावस्था के चलते प्रियंका को विशेष चिकित्सकीय देखभाल की जरूरत है। मलेरिया विभाग ने शुरू किया सर्वेयुवक की मौत की जानकारी सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ। मलेरिया विभाग की टीम ने मृतक के घर और आसपास के क्षेत्र में दवा का छिड़काव किया। साथ ही परिवार की केस हिस्ट्री और इलाके में संक्रमण की स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि, युवक की मौत का आधिकारिक चिकित्सकीय कारण स्वास्थ्य विभाग की पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
बिहार में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के संगठन को त्रिस्तरीय और मजबूत बनाने के लिए पार्टी ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी कड़ी में गया जिला मुख्यालय में जदयू व्यवसायिक प्रकोष्ठ की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे जदयू व्यवसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष नरकटिया विधायक विशाल कुमार ने की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पार्टी का मुख्य उद्देश्य गया जिले में व्यवसायिक प्रकोष्ठ को सशक्त और मजबूत करना है। इस बैठक में प्रदेश महासचिव चंदन सिंह और गया जिला जदयू अध्यक्ष अजय कुशवाहा समेत जिलेभर के कई प्रमुख पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। नए सिरे से होगा प्रदेश और जिला संगठन का गठन बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष सह विधायक विशाल शाह ने कहा कि पार्टी संगठन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करने के लिए वह गया आए हैं। उन्होंने कहा कि गया जिला जनता दल यूनाइटेड का संगठन ऐसा है जो किसी से छिपा नहीं है। यह जिला 24 प्रखंडों और सभी पंचायतों में एक बेहद सशक्त संगठन के रूप में स्थापित है। पार्टी के कुल 13 प्रकोष्ठों में व्यवसायिक प्रकोष्ठ भी एक अहम हिस्सा है, जिसे और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। विशाल शाह ने घोषणा की कि संगठन के संचरण और विस्तार के तहत आने वाले समय में नए सिरे से गया जिला जदयू व्यवसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष और अन्य सांगठनिक पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी तथा पूरे प्रदेश संगठन का नए रूप में पुनर्गठन किया जाएगा। जदयू की जड़ें मजबूत, विपक्ष फैला रहा भ्रम विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे विभिन्न मुद्दों और हालिया सियासी बयानों पर भी कड़ा रुख अख्तियार किया। प्रदेश अध्यक्ष विशाल शाह ने कहा कि जो लोग छह साल के भीतर वापसी जैसे सवाल उठा रहे हैं। उनका जवाब जनता और पार्टी नेतृत्व समय आने पर तय करेगा। विपक्ष के प्रदर्शन और विरोध के तौर-तरीकों पर कहा कि विपक्षी दलों के भीतर भारी छटपटाहट है। वे लोकतांत्रिक तरीके से सरकार को हटा पाने में असमर्थ हैं, जिसके चलते वे माहौल को खराब करने और आम जनता को बरगलाने का असफल प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी दल लगातार कई चुनावों से पराजित हो रहे हैं। 2014 से लेकर 2026 तक के विभिन्न चुनावों में उनकी लगातार हार हुई है और बिहार की जनता उनकी कार्यशैली को अच्छी तरह समझ चुकी है। वोटर लिस्ट के आरोपों पर दिया करारा जवाब विपक्ष की ओर से वोटर लिस्ट से नाम गायब होने और धांधली के लगाए जा रहे गंभीर आरोपों पर पलटवार करते हुए जदयू नेताओं ने इसे निराधार करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक और जिम्मेदार संस्था है जो निष्पक्ष रूप से अपना कार्य कर रही है। वोटर लिस्ट से जिनका नाम हटा है या जो विलुप्त हुए हैं, उनमें से अधिकांश वे लोग हैं जिन्होंने अपना पता बदल लिया था और समय पर फॉर्म-6 नहीं भरा था। सूची में मृत व्यक्तियों के नाम भी नियमानुसार हटाए जाते हैं। विपक्ष के पास मुद्दों का अभाव है, इसलिए वे ऐसे बेबुनियाद आरोप लगाकर जनता के बीच भ्रम फैलाने की राजनीति कर रहे हैं। वहीं जदयू के प्रदेश महासचिव चन्दन सिंह ने कहा कि समीक्षा बैठक में हर बिंदु पर विचार विमर्श किया जाएगा। ताकि सन्गठन की मजबूती बूथ स्तर तक पहुंच सका। वहीं पार्टी के जिला अध्यक्ष अजय कुशवाहा ने कहा कि सन्गठन की मजबूती के लिए यह बैठक महत्वपूर्ण है। समीक्षा के बाद तय निर्णयों को सख्ती से अनुपालन कराया जाएगा।
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग सोमवार को धर्म नगरी काशी पहुंचे। यहां उन्होंने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। सहवाग ने काशी यात्रा की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा, “जहां महादेव का बुलावा आ जाए, वहां जाना अपने आप में सौभाग्य है।” आम श्रद्धालु के तरह मंदिर परिसर में घूमे सहवाग टोपी और मास्क लगाकर आम श्रद्धालु की तरह बनारस की गलियों में घूमते रहे। इस दौरान उन्हें कोई पहचान नहीं सका। उन्होंने वाराणसी के विभिन्न मंदिरों में भी दर्शन-पूजन किया। काशी विश्वनाथ मंदिर में सहवाग ने करीब आधे घंटे तक बैठकर भगवान शिव की आराधना की और 'ॐ नमः शिवाय' का जाप किया। चौक थाने से मंदिर के गेट नंबर-4 तक वह पैदल पहुंचे। अब जानिए सहवाग का क्रिकेट में क्या रहा योगदान वीरेंद्र सहवाग अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास के सबसे आक्रामक बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। ‘नजफगढ़ के नवाब’ और ‘मुल्तान के सुल्तान’ के नाम से मशहूर सहवाग ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट की दुनिया में अलग पहचान बनाई। उनकी ‘देख गेंद, मार गेंद’ शैली ने टेस्ट क्रिकेट में सलामी बल्लेबाजी के पारंपरिक अंदाज को बदल दिया। सहवाग ने 1999 में वनडे और 2001 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया। टेस्ट करियर की शुरुआत उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शतक लगाकर की। मार्च 2004 में पाकिस्तान के मुल्तान में 309 रन बनाकर वह टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने। इसी पारी के बाद उन्हें ‘मुल्तान का सुल्तान’ कहा जाने लगा। 2008 में चेन्नई टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सहवाग ने 278 गेंदों पर 319 रन बनाए। यह टेस्ट क्रिकेट इतिहास का सबसे तेज तिहरा शतक है। वह टेस्ट क्रिकेट में दो तिहरे शतक लगाने वाले दुनिया के चुनिंदा बल्लेबाजों में शामिल हैं। वनडे क्रिकेट में भी सहवाग का प्रदर्शन शानदार रहा। दिसंबर 2011 में इंदौर में वेस्टइंडीज के खिलाफ 219 रन बनाकर वह वनडे में दोहरा शतक लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज बने। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने भारतीय टीम को कई यादगार जीत दिलाईं। कई बड़े सम्मान भी मिले सहवाग को 2008 और 2009 में लगातार दो बार विजडन लीडिंग क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुना गया। 2010 में उन्हें आईसीसी टेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर का सम्मान मिला। भारत सरकार ने उन्हें 2002 में अर्जुन पुरस्कार और 2010 में पद्म श्री से सम्मानित किया। 2023 में उन्हें आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया। अक्टूबर 2015 में सहवाग ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और प्रतिस्पर्धी क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा की।
जमुई के लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र में बालू लदे हाइवा की टक्कर से घायल बाइक सवार आनंद मोहन सिंह की मौत हो गई। पटना ले जाते समय रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर कोहबरवा चौक पर करीब चार घंटे जाम लगाया। इलाज के लिए जमुई ले जाया गया मृतक की पहचान कोहबरवा गांव के ओमप्रकाश सिंह के 40 वर्षीय बेटे आनंद मोहन सिंह उर्फ चिंटू सिंह के रूप में हुई है। हादसा कोहबरवा इलाके के पास हुआ। परिजनों ने बताया कि शनिवार शाम आनंद मोहन सिंह लक्ष्मीपुर बाजार से बाइक पर घर लौट रहे थे। घर के पास बालू लदे हाइवा ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। वह गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें इलाज के लिए जमुई ले जाया गया। परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग जमुई में डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया। पटना ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। सोमवार को शव गांव पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणों ने शव के साथ कोहबरवा चौक पर जमुई-खड़गपुर एनएच-333 जाम कर दिया। दोनों ओर छोटे-बड़े वाहनों की कतार लग गई। लोग मौके पर वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाने और परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा सूचना मिलने पर प्रभारी थानाध्यक्ष रेशम कुमारी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने परिजनों को नियमानुसार सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया, लेकिन लोग मांग पर अड़े रहे। करीब चार घंटे बाद बीडीओ प्रेम प्रकाश और सीओ रविकांत कुमार जाम स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों के समझाने और आश्वासन के बाद परिजनों ने शव पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
फतेहाबाद के रतिया में ओलावृष्टि से धान की फसल को हुए नुकसान का मुआवजा देने सहित अन्य मांगों को लेकर एसडीएम कार्यालय के सामने किसानों का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता शहरी प्रधान क्रमा सिंह ने की। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के राज्य सचिव अजय सिधानी ने मुख्य वक्ता के रूप में किसानों को संबोधित किया। प्रभावित किसानों को राहत देने की मांग अजय सिधानी ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से फसलें बर्बाद होने के बाद भी किसानों को मुआवजे के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने ओलावृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत विशेष गिरदावरी कराने और नुकसान के आकलन के आधार पर किसानों को मुआवजा देने की मांग की। जिला प्रधान निर्भय सिंह ने कहा कि रतिया क्षेत्र में ओलावृष्टि से धान की फसल को नुकसान हुआ है, लेकिन किसानों को अपेक्षित राहत नहीं मिल रही। उन्होंने मांगें स्वीकार कर उनका समाधान होने तक धरना जारी रखने की बात कही। किसानों की पांच प्रमुख मांगें किसान संगठनों ने सरकार के सामने पांच मांगें रखी हैं। इनमें ओलावृष्टि प्रभावित खेतों की तत्काल गिरदावरी, पांच एकड़ तक मुआवजे की शर्त समाप्त करना और वास्तविक नुकसान के आधार पर भुगतान करना शामिल है। इसके अलावा धान खरीद की सीमा 28 क्विंटल प्रति एकड़ से बढ़ाकर 40 क्विंटल प्रति एकड़ करने की मांग की गई है। किसानों ने रद्द किए गए पंजीकरण बहाल करने और मुआवजे की राशि 15 हजार रुपए प्रति एकड़ से बढ़ाकर एक लाख रुपए प्रति एकड़ करने की मांग भी उठाई। मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन अजय सिधानी ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों और मजदूरों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। किसान नेताओं ने सरकार से जल्द फैसला लेकर प्रभावित किसानों को राहत देने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगों का समाधान होने तक एसडीएम कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
राजधानी में 23 से 26 नवंबर तक राष्ट्रीय जनजातीय भागीदारी उत्सव का आयोजन होगा। गोमतीनगर स्थित यूपी दर्शन पार्क में होने वाले चार दिवसीय महोत्सव में देशभर की जनजातीय कला, संस्कृति और लोक परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। लोकनायक भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर आयोजित इस उत्सव में 16 राज्यों के 500 से अधिक कलाकार हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही 150 से अधिक शिल्पकार अपने उत्पादों और पारंपरिक हुनर का प्रदर्शन करेंगे। नई पीढ़ी को जनजातीय संस्कृति से जोड़ने की पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में होने वाले इस आयोजन का उद्देश्य जनजातीय संस्कृति और पारंपरिक कलाओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाना है। साथ ही नई पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं और विरासत से जोड़ना भी है। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्सव का आयोजन उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान, समाज कल्याण विभाग, जनजाति विकास विभाग और पर्यटन निदेशालय के संयुक्त तत्वावधान में किया जाएगा। 16 राज्यों के कलाकार बिखेरेंगे सांस्कृतिक रंग महोत्सव में उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, त्रिपुरा, असम, छत्तीसगढ़ और हरियाणा के कलाकार शामिल होंगे। ये कलाकार लोकनृत्य, संगीत और पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने-अपने राज्यों की जनजातीय विरासत को प्रदर्शित करेंगे। इस बार मध्य प्रदेश को थीम स्टेट बनाया गया है। इसके साथ ही विदेशी कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। बहुरूपिया, कठपुतली और नट-नटी की प्रस्तुतियां होंगी खास उत्सव में जनजातीय कलाकारों के साथ घुमंतू समुदायों की पारंपरिक लोक विधाओं को भी मंच दिया जाएगा। बीन वादन, जादू, कठपुतली, बहुरूपिया और नट-नटी की प्रस्तुतियां दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। लोकनायक भगवान बिरसा मुंडा के जीवन और योगदान पर आधारित नाटक तथा रंगोली भी प्रस्तुत की जाएगी। विलुप्त होती लोक कलाओं को विशेष महत्व दिया जाएगा, जिससे इन परंपराओं को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिल सके। 150 शिल्पकार लगाएंगे स्टॉल, जनजातीय व्यंजनों का मिलेगा स्वाद महोत्सव में शिल्प मेले का भी आयोजन होगा। इसमें 150 से अधिक शिल्पकार अपने हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। जनजातीय व्यंजनों, पारंपरिक आभूषणों, हस्तशिल्प और वाद्ययंत्रों के स्टॉल लगाए जाएंगे। जनजातीय चित्रकला और हस्तशिल्प की प्रदर्शनी के साथ विभिन्न कार्यशालाएं भी होंगी। मूंज और गेहूं के डंठल से उपयोगी एवं सजावटी वस्तुएं बनाने का प्रदर्शन किया जाएगा। आयोजन स्थल पर ग्रामीण परिवेश तैयार करने के साथ जनजातीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी पुस्तकों की बिक्री की व्यवस्था भी रहेगी। विद्यार्थियों को भी जोड़ा जाएगा आयोजन से जनजातीय संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान को युवाओं तक पहुंचाने के लिए स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों को भी उत्सव में शामिल किया जाएगा। इसके लिए संगोष्ठी, चित्रकला प्रदर्शनी और हस्तशिल्प कार्यशालाएं आयोजित होंगी। जयवीर सिंह ने कहा कि यह उत्सव जनजातीय कला, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करने के साथ युवा पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। चार दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में देश की सांस्कृतिक विविधता एक ही मंच पर देखने को मिलेगी।
धौलपुर में श्याम कॉम्प्लेक्स में अग्रवाल महिला मंडल की नई कार्यकारिणी चुनी गई। अग्रवाल समाज शहर धौलपुर के तत्वावधान में हुए चुनाव में डॉ. सीमा गर्ग को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया। चुनाव अधिकारी मास्टर नेमीचंद अग्रवाल ने चुनाव की निगरानी की। नई कार्यकारिणी में पुष्पा गोयल वरिष्ठ उपाध्यक्ष, संध्या गोयल और डॉली गोयल उपाध्यक्ष, पूनम गोयल मंत्री, सपना गर्ग सहमंत्री और सुधा अग्रवाल कोषाध्यक्ष बनीं। बबिता अग्रवाल को संगठन मंत्री, सरिता बंसल को प्रचार मंत्री, पूनम सिंघल को निरीक्षक, भूमिका गोयल को सलाहकार मंत्री और सपना गोयल को सांस्कृतिक मंत्री बनाया गया।शिल्पी अग्रवाल, प्रतिभा अग्रवाल, संध्या अग्रवाल, नीतू अग्रवाल, गुंजन सिंघल और पूनम गोयल को कार्यकारिणी सदस्य मनोनीत किया गया। नई कार्यकारिणी का स्वागतसमारोह में सरोज गर्ग, मीरा देवी, अनुराधा गोयल, संगीता गोयल, मधु, ज्योति गोयल, रेनू गोयल, शिल्पी अग्रवाल, राधा गोयल, साधना गर्ग, वीना अग्रवाल, कोमल गोयल, प्रतिभा अग्रवाल, खुशबू गोयल, संयोगिता मोदी, मेघा अग्रवाल, गुंजन सिंघल, संध्या बंसल, अंजू गोयल, वंदना गोयल, रीना मित्तल और मंजू गोयल मौजूद रहीं। समाज के पुरुष और युवा इकाई के पदाधिकारी भी शामिल हुए।मौजूद लोगों ने नई कार्यकारिणी का स्वागत किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि टीम समाज की एकता, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी।
सपा जब आई, हमेशा तबाही मचाई; CM योगी ने गोंडा को 520 करोड़ की सौगात दी
गोंडा के छपिया में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेटी और व्यापारियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए जेल या जहन्नुम के अलावा कोई जगह नहीं है। उन्होंने सपा पर निशाना साधते हुए उसे प्रदेश का सबसे बड़ा श्राप बताया कार्यक्रम में 520 करोड़ की 69 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
बिजनौर में NCC कैडेट्स ने निकाली रैली:हेलमेट-सीट बेल्ट लगाने की अपील, नियमों के पालन की शपथ दिलाई
बिजनौर जिले में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और आम जनता को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के मकसद से नवंबर 2026 के 'यातायात माह' का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। सोमवार को दोपहर 12 बजे पुलिस लाइन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान एडीएम प्रशासन और एसपी सिटी ने संयुक्त रूप से जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। डीएम ने दिलाई यातायात नियमों के पालन की शपथ अपर पुलिस अधीक्षक नगर ने क्षेत्राधिकारी नजीबाबाद और अन्य विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में इस यातायात माह की शुरुआत कराई। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों और पुलिसकर्मियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए नियमों का मुस्तैदी से पालन करने की शपथ भी दिलाई गई। हेलमेट, सीट बेल्ट और नियंत्रित गति सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी समारोह को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए नियमों का सख्ती से पालन करना बेहद जरूरी है। वाहन चलाते समय बरती गई थोड़ी सी लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। अधिकारियों ने वाहन चालकों से अपील की कि वे दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें। इसके अलावा, तय गति सीमा में वाहन चलाने, गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने और नशे की हालत में ड्राइविंग से बचने की सख्त हिदायत दी गई। महीने भर पूरे जिले में चलाया जाएगा विशेष जागरूकता अभियान कार्यक्रम के समापन पर एनसीसी कैडेट्स और यातायात पुलिसकर्मियों की एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई, जिसे अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली के माध्यम से कैडेट्स ने आम जनता को सड़क सुरक्षा का महत्व समझाया। अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे महीने जिले भर में अलग-अलग माध्यमों से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके।
चित्तौड़गढ़ में पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में मंगलवार को 4 लाख 60 हजार 231 मतदाता जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के लिए मतदान करेंगे। इसके लिए 532 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। सोमवार को जिला मुख्यालय पर अंतिम प्रशिक्षण और चुनाव सामग्री वितरण के बाद करीब 3100 कर्मचारियों को मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया गया। चुनाव चित्तौड़गढ़, भदेसर, कपासन, भोपालसागर और राशमी पंचायत समिति क्षेत्रों में होगा। 532 मतदान केंद्रों पर होगी वोटिंग तीसरे चरण में 160 ग्राम पंचायतों के 93 पंचायत समिति वार्ड और 17 जिला परिषद वार्डों के लिए मतदान होगा। चित्तौड़गढ़ में 180, भदेसर में 114, राशमी में 91, कपासन में 81 और भोपालसागर में 66 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। 2.31 लाख महिला और 2.28 लाख पुरुष मतदाता कुल 4,60,231 मतदाताओं में 2,28,605 पुरुष, 2,31,620 महिला और 6 अन्य मतदाता हैं। चित्तौड़गढ़ में 1,55,800, भदेसर में 98,127, कपासन में 74,918, राशमी में 72,929 और भोपालसागर में 58,457 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। करीब 3100 कर्मचारियों की लगाई ड्यूटी सोमवार को जिला मुख्यालय पर मतदान दलों को अंतिम प्रशिक्षण देने के साथ ईवीएम, कंट्रोल यूनिट और अन्य चुनाव सामग्री वितरित की गई। सामग्री की जांच के बाद कर्मचारियों को बसों से मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया गया। जिला कलेक्टर डॉ. मंजू ने बताया - मंगलवार को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान होगा। इसके बाद 5 नवंबर को सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव बैलेट पेपर से होंगे। 6 नवंबर को उपसरपंच का चुनाव कराया जाएगा। 30 संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा एसपी धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया - प्रत्येक मतदान केंद्र पर एक पुलिस कॉन्स्टेबल और एक होमगार्ड जवान तैनात रहेगा। पंचायत मुख्यालयों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। जिले में करीब 30 संवेदनशील मतदान केंद्र चिह्नित किए गए हैं, जहां हथियारबंद अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। इसके अलावा पंचायत समिति स्तर पर रिजर्व पुलिस बल रखा गया है। जिला मुख्यालय पर भी रिजर्व फोर्स तैयार रहेगी। मोबाइल पार्टियां लगातार गश्त करेंगी, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
वाराणसी पहुंचे भाजपा के फायर ब्रांड नेता सांसद और प्रवक्ता संबित पात्रा ने दिल्ली में हुई विपक्ष की रैली पर कटाक्ष किया। साथ ही ममता बनर्जी द्वारा गाये गाने का जवाब भी दिया। उन्होंने ममता बनर्जी के SIR और EC पर लिखी कविता का जवाबी दिया तो प्रियंका गांधी के इस दो दिवसीय प्रदर्शन में चुप रहने पर बड़ा सवाल किया और कहा - मुझे ऐसा लगता है कि उनके परिवार के अंदर ही उनका वोट चोरी हो गया है। कहीं ऐसा तो नहीं गांधी परिवार के अंदर प्रियंका वाड्रा का वोट चोरी करने की कोशिश हो? कहीं भाई डर तो नहीं गए? किसी भी कीमत पर घुसपैठिये नहीं घुसने देंगे देश में वाराणसी में SIR पर मीडिया से बात करने पहुंचे संबित पात्रा ने साफ किया कि किसी भी हाल में देश में घुसपैठियों को नहीं रहने देंगे। उन्होंने कहा - जो नेहा बोरा बोल रही है बांग्लादेश से हमने सीख लिया है। सत्ता परिवर्तन करेंगे, सड़क पे अराजकता करेंगे। तो यह गलत है। कल भी रामलीला मैदान में हमने देखा किस प्रकार से फ्लॉप शो रहा। पूरा का पूरा फ्लॉप शो रहा। बोल रहे थे 10 लाख लोग आएंगे, 20 हजार लोग भी पूरी तरह से इकट्ठे नहीं हो पाए। 50% रामलीला मैदान कल खाली था। स्वाभाविक रूप से एसआईआर की गिनती भी इनकी ऐसी ही है। जो संख्या देते हैं वो गलत होती है। जो 13 करोड़ बता रहे वो भी गलत है। ममता बनर्जी पर कसा तंजसंबित पात्रा ने ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए कहा - कल तो मुझको बहुत हंसी आई। जब ममता बनर्जी का भाषण सुना मैंने। ममता दीदी ने गाना गाकर सुनाया जॉनी, जॉनी- यस पापा, जॉनी, जॉनी- यस पापा। SIR- नो पापा। इस्तीफा- यस पापा। तो मैं भी लिख के लाया हूं ममता जी के लिए। दीदी आप भी सुनिए। 'बांग्लादेशी बांग्लादेशी, यस मम्मा यस मम्मा। विल मेक यू एंटर इंडिया, यस मम्मा यस मम्मा। विल गिव यू आधार कार्ड, यस मम्मा यस मम्मा। बांग्लादेशी बांग्लादेशी, वोट फॉर टीएमसी, यस मम्मा यस मम्मा। बांग्लादेशी बांग्लादेशी, वी विल मेक फूल ऑफ इंडिया, हा-हा-हा... हा-हा-हा...' लेकिन अब मोदी जी ने कहा है कि ये हा-हा-हा नहीं चलेगा। 'वी विल मेक फूल ऑफ इंडिया' और घुसपैठिया बोलेगा हा-हा-हा, हा-हा-हा... मोदी जी ने कहा -ना ना ना, ना ना ना, ना ना ना। ये बिलकुल नहीं चलेगा। प्रियंका गांधी चल रहीं नाराज संबित पात्रा ने कल की रैली का जिक्र करते हुए कहा - प्रियंका गांधी नाराज नजर आ रही थीं। और परसों भी नाराज़ थीं। क्योंकि वो मॉक पार्लियामेंट में नहीं बोलीं। नेहा बोरा बोल रही थीं मॉक पार्लियामेंट में। क्यों? क्यों नहीं बोलीं प्रियंका? प्रियंका को बोलने का मौका नहीं मिला मॉक पार्लियामेंट में? बाकी पूरी दुनिया ने बोला, मगर प्रियंका वाड्रा नहीं बोलीं मॉक पार्लियामेंट में। तो क्या वो नाराज हैं। गांधी परिवार के अंदर प्रियंका का वोट चोरी संबित पात्रा ने कहा - कल रामलीला मैदान में ये 'यस पापा हा-हा-हा, यस मम्मी हा-हा-हा' ये सब लोग भाषण दे रहे थे। मगर प्रियंका वाड्रा जी बेचारी मुंह सुखाए पीछे बैठी थीं, काहे? मुझे तो लगता है उनके परिवार के अंदर ही उनका वोट चोरी हो गया है। कहीं ऐसा तो नहीं गांधी परिवार के अंदर प्रियंका वाड्रा का वोट चोरी करने की कोशिश हो? कहीं भाई डर तो नहीं गए? कांग्रेस के इलेक्टोरल रोल से कट गया कहीं माता जी ने निर्णय तो नहीं ले लिया है कि प्रियंका वाड्रा जी को आगे नहीं बढ़ाना है? यह भी जरा चिंता का विषय है, सोचने का विषय है। मुझे लगता है कांग्रेसियों को इस पर थोड़ा ध्यान देना चाहिए कि कहीं गांधी परिवार के इलेक्टोरल रोल से प्रियंका जी का नाम तो नहीं कट गया है? वहां भी बताइए उनके बेले को कि प्रियंका जी से भी फॉर्म सिक्स जरा भरवा लें।
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी इलाके के चापोली गांव में सड़क निर्माण कार्य के दौरान करंट लगने से आठ मजदूरों की मौत हो गई। इस हादसे में कई अन्य लोग भी झुलस गए हैं।
भोपाल के छोला मंदिर थाना क्षेत्र के मालीखेड़ी में सोमवार को एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत का मामला सामने आया है। घर के अंदर एक बुजुर्ग महिला, एक महिला और दो बच्चों के शव मिले हैं। चारों के गले पर धारदार हथियार से काटने के निशान मिले हैं। वहीं, परिवार के एक युवक का शव रेलवे ट्रैक पर मिला है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आशंका है कि युवक ने पहले घर में परिवार के 4 सदस्यों की हत्या की, फिर रेलवे ट्रैक पर जाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि, अभी पुलिस ने इस आशंका की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। घर में मिले मां-बच्चों समेत चार शव सोमवार को मालीखेड़ी में एक घर के अंदर चार लोगों के शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि मृतकों में एक बुजुर्ग महिला, एक महिला और दो बच्चे शामिल हैं। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
झालावाड़ के मिनी सचिवालय में सोमवार को एसडीएम कार्यालय के बाहर ई-मित्र मशीन के पास गोयरा (मॉनिटर लिजर्ड) दिखाई दिया। सिविल डिफेंस जवान लालचंद सुतार ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित पकड़ा और जंगल में छोड़ दिया। लालचंद सुतार मिनी सचिवालय में ड्यूटी पर तैनात थे। एडीएम कंट्रोल रूम में ड्यूटी कर रहे रविंद्र पांडेय की नजर गोयरे पर पड़ी। उन्होंने तुरंत नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलने पर लालचंद सुतार मौके पर पहुंचे और सावधानी से गोयरे को पकड़ने की कोशिश की। करीब आधे घंटे बाद उन्होंने उसे सुरक्षित पकड़ा और उसके प्राकृतिक आवास जंगल में छोड़ दिया।
करनाल में जैनपुर गांव के पास पश्चिमी यमुना नहर में सोमवार सुबह एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान यमुनानगर निवासी 35 वर्षीय अमित कुमार के रूप में हुई है। नहर में शव तैरता देखकर स्थानीय लोगों ने डायल-112 पर सूचना दी। इसके बाद पुलिस और गोताखोर मौके पर पहुंचे। शव मिलने की जानकारी मिलते ही मृतक की बहन भी घटनास्थल पर पहुंच गई। भाई का शव देखकर उसका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों ने मौके पर पहुंचकर शव की शिनाख्त की। पांच दिन से नहर पर नजर रख रहे थे गोताखोरगोताखोर आबिद खान ने बताया कि करीब पांच दिन पहले उन्हें सूचना मिली थी कि एक युवक नहर में डूब गया है। इसके बाद से ही वे नहर पर नजर बनाए हुए थे। सोमवार सुबह नहर में एक शव होने की सूचना मिली तो वे भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने शव को नहर से बाहर निकालकर किनारे पर लगाया और पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा शवपुलिस ने परिजनों को मौके पर बुलाया, जहां उन्होंने मृतक की पहचान अमित कुमार के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर करनाल के मोर्च्युरी हाउस में भिजवा दिया। अब पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। फिलहाल युवक के नहर में डूबने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आत्महत्या की आशंका भी जताई जा रही है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की जांच करेगी।
अंबाला में 5 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शहीदी स्मारक का उद्घाटन करने आ रहे हैं। इसी दिन हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा ने प्रदेशभर में दो दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है। कर्मचारियों ने 5 और 6 नवंबर को चक्का जाम करने की तैयारी शुरू कर दी है। सोमवार को अंबाला डिपो में हुई गेट मीटिंग में कर्मचारियों ने हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया। अगर हड़ताल होती है तो रोडवेज बसों से सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सांझा मोर्चा के नेताओं का कहना है कि 8 सितंबर को परिवहन मंत्री अनिल विज के साथ हुई वार्ता में 15 मांगों पर सहमति बनी थी। मंत्री ने मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन करीब दो महीने बीतने के बाद भी उन्हें लागू नहीं किया गया। इसी के विरोध में कर्मचारियों को हड़ताल का फैसला लेना पड़ा है। सरकार ने आश्वासन दिया, लेकिन मांगें पूरी नहीं हुईं सांझा मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य वीरेंद्र सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर पहले भी दो मंत्रियों के साथ बातचीत हो चुकी है। हर बार आश्वासन मिलता है, लेकिन जमीनी स्तर पर समाधान नहीं हो रहा। कर्मचारियों ने सरकार को मांगें पूरी करने के लिए एक महीने के बजाय दो महीने का समय दिया, इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि रोडवेज कर्मचारी कोरोना काल और दूसरी आपदाओं के दौरान भी अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की सेवा करते रहे हैं। परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों को समय पर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने में भी कर्मचारियों की अहम भूमिका रहती है। इसके बावजूद उनकी जायज मांगें लंबित हैं। बोनस से लेकर पे-ग्रेड तक की मांग वीरेंद्र सिंह ने कहा कि कर्मचारियों का बोनस कई साल से लंबित है। चालक-परिचालकों के पे-ग्रेड में सुधार, छुट्टियों में कटौती रोकने और वॉशिंग अलाउंस से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने की मांग भी उठाई गई है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाएं बढ़ाने के बजाय उनमें कटौती की जा रही है। सांझा मोर्चा की प्रमुख मांगों में रोडवेज के बेड़े में नई सरकारी बसें शामिल करना, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, नियमित भर्ती करना और कर्मचारियों की लंबित आर्थिक मांगों को लागू करना शामिल है। प्राइवेट बसों के परमिट देने का भी विरोध सांझा मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य नीरज वशिष्ठ ने कहा कि सरकार ने एक महीने के अंदर मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन डेढ़ से दो महीने बीतने के बाद भी किसी मांग को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं मिला। न तो मांगों को लागू करने के लिए परिपत्र जारी किया गया और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार प्राइवेट बसों को परमिट देकर रोडवेज को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। कर्मचारियों की मांग है कि सरकारी बसों की संख्या बढ़ाई जाए और हर गांव तक सरकारी बस सेवा पहुंचाई जाए। छात्राओं के लिए अलग सरकारी बस चलाने की मांग मोर्चा के नेताओं ने कहा कि हर गांव में सरकारी बस सेवा उपलब्ध होनी चाहिए। स्कूल-कॉलेज जाने वाली छात्राओं के लिए उनके समय के अनुसार अलग स्पेशल बसें चलाई जाएं, ताकि उन्हें सुरक्षित परिवहन मिल सके। नेताओं का कहना है कि प्राइवेट बसों में बुजुर्गों, महिलाओं और विद्यार्थियों को सरकारी बसों में मिलने वाली सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। ऐसे में सरकारी परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है।
सिरसा जिले में थार और बाइक के साथ हुए एक्सीडेंट में एक युवक की मौत हो गई है। मृतक की पहचान 32 वर्षीय हरदीप कुमार निवासी बालासर के रूप में हुई है और वह प्राइवेट अस्पताल में कंपोडर के तौर पर काम करता था। वहीं, हादसे में एक युवक घायल बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, यह हादसा ओटू के नजदीक चकराइयां गांव के पास हुआ। इसका वीडियो भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, थार चालक और बाइक की आमने-सामने टक्कर हुई और बाइक को घसीटते हुए थार सड़क के नीचे उतर गई। इसके बाद थार का ड्राइवर गाड़ी को छोड़कर मौके से फरार हो गया। वहां से गुजरने वाले राहगीरों ने रात्रि को घायलवस्था में बाइक सवार को सिविल अस्पताल में पहुंचाया। यहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। आज सोमवार को पुलिस ने शव का पोस्टर्माटम करवाया। जानिए पूरा मामला: डयूटी कर रात्रि को वापस घर जा रहा था पुलिस के अनुसार, हरदीप पुत्र सतपाल सिंह प्राइवेट अस्पताल में ड्यूटी के बाद अपने बाइक पर सवार होकर रविवार शाम करीब 8 बजे सिरसा से गांव बालासर जाने के लिए निकला था। रास्ते में चकराइयां के पास पहुंचने पर यह हादसा हो गया। शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया। तीन बच्चों का पिता था हरदीप शादी-शुदा था और तीन बच्चों का पिता था और तीनों ही लड़कियां है। वे तीन भाई-बहन है। वह पिछले 10 सालों से सिरसा के निजी आरके वर्मा बालाजी अस्पताल में कंपोडर के पद पर कार्यरत था। सूचना पर रात्रि को परिजन अस्पताल में पहुंचे। परिजनों में शोक का माहौल है। सोमवार सुबह ग्रामीण भी अस्पताल में पहुंचे। मामले में जांच अधिकारी एसआई लेखराज का कहना है कि मृतक हरदीप के भाई मक्खन सिंह के बयान पर गाड़ी चालक के बयान पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसके बाद घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
जींद की चाबरी कॉलोनी स्थित आंगनबाड़ी में एक्सपायरी डेट का राशन परोसने का विवाद सोमवार को भी जारी रहा। जांच के लिए पहुंची CDPO सुमन ने वार्ड पार्षद प्रतिनिधि और कॉलोनीवासियों की मौजूदगी में आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। दोनों से एक्सपायरी डेट का राशन परोसने और वीडियो सामने आने के बाद पैकेट गायब होने को लेकर सवाल किए गए। इस दौरान वर्कर और हेल्पर ने एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, पार्षद प्रतिनिधि ने CDPO के सामने एक्सपायरी डेट के दूध और खीर के 2 पैकेट पेश किए। पार्षद प्रतिनिधि का कहना था कि उन्होंने पहले पैकेट इसलिए पेश नहीं किए, क्योंकि वे किसी की नौकरी का नुकसान नहीं चाहते थे। उनकी इच्छा थी कि दोनों अपनी गलती स्वीकार कर भविष्य में ऐसा नहीं करने का भरोसा दें। दोनों के इनकार के बाद उन्हें सबूत के तौर पर रखे पैकेट दिखाने पड़े। हेल्पर बोलीं- ऑफिस ले जाने के दौरान गायब किए पैकेट आमने-सामने पूछताछ के दौरान आंगनबाड़ी हेल्पर सुरेश कुमारी ने कहा कि उसे ऑटो में बैठाकर सुपरवाइजर के ऑफिस ले जाया गया था। वहां करीब 3 घंटे तक बैठाकर रखा गया। इसी दौरान आंगनबाड़ी केंद्र में रखा एक्सपायरी डेट का राशन गायब कर दिया गया। उसने आरोप लगाया कि उसके जाने से पहले ही मैडम एक-एक पैकेट उठाकर अलमारी के पास रखने लगी थीं। वर्कर बोलीं- 2 अक्टूबर को ही दी थी सूचना आंगनबाड़ी वर्कर नरेश कुमारी ने कहा कि पिछले 6 महीने से उसकी SIR में ड्यूटी लगी हुई है। उसने 2 अक्टूबर को ही सुरेश को फोन करके एक्सपायरी डेट का राशन केंद्र में नहीं रखने के लिए कहा था। उसने कहा कि मिले हुए एक्सपायरी डेट के पैकेट के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है। पूछताछ के दौरान दोनों पक्षों के लोगों के बीच बहस हुई और एक बार तनाव की स्थिति भी बन गई। न्याय नहीं मिला तो CDPO पर केस करने की बात कही मौके पर पहुंचे एक व्यक्ति ने CDPO से कहा कि वे न्याय चाहते हैं। अगर न्याय नहीं मिला तो उनके खिलाफ भी केस करेंगे। इसके बाद पार्षद प्रतिनिधि ने वर्कर और हेल्पर से अपनी गलती स्वीकार कर माफी मांगने की बात कही, ताकि मामला खत्म हो सके। इस पर वर्कर ने कहा कि जब पैकेट थे ही नहीं तो वह गलती कैसे माने। CDPO बोलीं- दोनों के खिलाफ रिपोर्ट भेजूंगी CDPO सुमन ने बताया कि दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर उनका पक्ष सुन लिया गया है। जांच के दौरान केंद्र में एक्सपायरी डेट का कोई पैकेट नहीं मिला। पार्षद प्रतिनिधि ने अपने पास रखे दूध और खीर के 2 पैकेट दिखाए, जिन पर 5 अक्टूबर की तारीख लिखी थी। उन्होंने बताया कि वीडियो में दिखाए गए पैकेट और पेश किए गए पैकेट का बैच नंबर अलग है। अब वर्कर और हेल्पर दोनों के खिलाफ रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। रिपोर्ट में यह भी बताया जाएगा कि जांच के दौरान केंद्र में पैकेट नहीं मिले, जबकि बाद में एक्सपायरी डेट के पैकेट पेश किए गए। पार्षद प्रतिनिधि बोले- किसी का नुकसान नहीं चाहता था वार्ड-23 के पार्षद प्रतिनिधि दलबीर सिहमार उर्फ काला ने कहा कि उन्होंने 2 पैकेट अपने पास सबूत के तौर पर रखे थे और इसकी जानकारी कॉलोनी के प्रमुख लोगों को दे दी थी। उनका कहना था कि वे चाहते थे कि वर्कर और हेल्पर अपनी गलती स्वीकार कर भविष्य में ऐसा नहीं करने का भरोसा दें, ताकि किसी की नौकरी का नुकसान न हो। लेकिन दोनों ने गलती मानने से इनकार कर दिया, इसलिए उन्हें पैकेट जांच के दौरान पेश करने पड़े।
डंपर और बाइक में टक्कर, 2 युवक गंभीर घायल:कट पर मुड़ते समय हुआ हादसा, ड्राइवर फरार
नागौर शहर में नेशनल हाईवे-62 पर वासुदेव होटल के सामने सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे डंपर और बाइक की भिड़ंत हो गई। हादसे में बाइक सवार दो युवक गंभीर घायल हो गए। दोनों को निजी वाहन से जवाहरलाल नेहरू जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जोधपुर रेफर कर दिया गया। दुर्घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। हादसे के बाद डंपर ड्राइवर वाहन सड़क किनारे खड़ा कर मौके से फरार हो गया। तिराहे पर मुड़ रहा था डंपर, बाइक से हुई टक्कर प्रत्यक्षदर्शी अर्जुन ने बताया कि दोनों युवक बाइक से नागौर की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान रिंग रोड पर बने तिराहे के पास डंपर ड्राइवर बीकानेर की तरफ जाने के लिए वाहन मोड़ने लगा। तभी सामने से आ रहे बाइक सवार अपना संतुलन खो बैठे और डंपर के अगले हिस्से से टकरा गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों युवक गंभीर घायल हो गए। CCTV फुटेज में कैद हुआ हादसा दुर्घटना का CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें डंपर और बाइक के बीच हुई टक्कर का घटनाक्रम कैद हुआ है। सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेकर हादसे के संबंध में जानकारी जुटाई। चुंटीसरा गांव के रहने वाले हैं दोनों घायल घायलों की पहचान चुंटीसरा गांव निवासी पांचाराम मेहरा और दानाराम मेहरा के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, पांचाराम मेहरा LIC का काम करते हैं, जबकि दानाराम मेहरा किसान हैं। दोनों किसी निजी काम से निकले थे और वापस नागौर की तरफ लौट रहे थे। इसी दौरान रिंग रोड पर हादसे का शिकार हो गए। गंभीर हालत में जोधपुर रेफर हादसे के बाद दोनों घायलों को निजी वाहन से नागौर के जवाहरलाल नेहरू जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जोधपुर रेफर कर दिया गया। डंपर चालक वाहन को सड़क किनारे खड़ा कर मौके से फरार हो गया। पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही है।
प्रतापगढ़ जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत 'मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना' की भव्य तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जिला प्रशासन द्वारा इस वर्ष कुल 1155 जोड़ों का विवाह कराने का लक्ष्य तय किया गया है। यह पूरा सामूहिक विवाह कार्यक्रम शहर के राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) मैदान में चार अलग-अलग चरणों में संपन्न कराया जाएगा। चार चरणों में होगा विवाह समारोह, ब्लॉकवार तिथियां तय जिला समाज कल्याण अधिकारी नागेंद्र कुमार मौर्य ने कार्यक्रम का पूरा विवरण साझा करते हुए बताया कि विवाह का आयोजन चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा 3 नवंबर (पहला चरण): कुंडा, कालाकांकर, लक्ष्मणपुर, संडवा चंद्रिका और मंगरौरा विकासखंड के 310 जोड़ों का विवाह संपन्न होगा। 6 नवंबर (दूसरा चरण): बाबागंज, बिहार, रामपुर संग्रामगढ़, मानधाता और सदर विकासखंड के 310 जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे। 16 नवंबर (तीसरा चरण): आसपुर देवसरा, बाबा बेलखरनाथ धाम, लालगंज और शिवगढ़ विकासखंड के 248 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया जाएगा। 19 नवंबर (चौथा चरण): पट्टी, गौरा, सांगीपुर तथा जिले की सभी नगर पंचायतों के 287 जोड़ों का विवाह आयोजित होगा। अधिकारियों को सौंपी गईं जिम्मेदारियां डीएम ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से पूरा कराने के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी हैं। राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल, चिकित्सा सुविधाएं, सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, अग्निशमन और टेंट-पंडाल तथा विशाल मंच की व्यवस्था तेजी से की जा रही है। आधार कार्ड लाना अनिवार्य जिला समाज कल्याण अधिकारी ने सभी लाभार्थी वर-वधू और उनके परिजनों से अपील की है कि वे तय तिथि और समय पर सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ कार्यक्रम स्थल पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी जोड़ों को अपना आधार कार्ड साथ लाना अनिवार्य होगा, क्योंकि वहां बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए ही उपस्थिति दर्ज की जाएगी।
मुरादाबाद में गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षा परिणामों को लेकर छात्रों ने विरोध जताया है। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के फेल होने पर उन्होंने कुलपति, कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक के इस्तीफे की मांग की है। छात्रों ने मूल्यांकन में गड़बड़ी और पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए राज्यपाल को पत्र भेजा है। विद्यार्थियों ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो वे अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेंगे। उनका कहना है कि परीक्षा परिणामों में देरी और कम अंक मिलने से एलएलबी और बीए-एलएलबी की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पुनर्मूल्यांकन के बाद भी नहीं बदला परिणाम छात्रों के मुताबिक, प्रथम सेमेस्टर में करीब 90 प्रतिशत विद्यार्थी फेल हो गए थे। इसके बाद विरोध हुआ और राज्यपाल के हस्तक्षेप पर उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराया गया। हालांकि, छात्रों का दावा है कि दोबारा जांच के बाद भी परिणाम में खास बदलाव नहीं आया। उनका आरोप है कि उत्तर पुस्तिकाएं देखने और रीचेकिंग कराने के लिए 2,800 रुपये शुल्क तय किया गया था। इतनी फीस होने के कारण कई विद्यार्थी अपनी कॉपियों की जांच नहीं करा सके। 4 महीने बाद आया दूसरे सेमेस्टर का रिजल्ट छात्रों का कहना है कि द्वितीय सेमेस्टर का परिणाम करीब चार महीने के इंतजार के बाद जारी किया गया। इसमें भी बड़ी संख्या में विद्यार्थी फेल हुए हैं। उनका दावा है कि परीक्षा अच्छी देने के बावजूद उन्हें उम्मीद से काफी कम अंक मिले। बार-बार परिणाम में देरी होने और फेल होने के कारण विद्यार्थियों का शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो रहा है। स्क्रूटनी और बैक पेपर के लिए भी उन्हें अलग से फीस जमा करनी पड़ रही है। बाहरी विशेषज्ञों से जांच कराने की मांग छात्रों ने राज्यपाल से पूरे मामले की जांच दूसरे विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों से कराने की मांग की है। वे प्रथम सेमेस्टर की सभी संदिग्ध उत्तर पुस्तिकाओं का निष्पक्ष पुनर्मूल्यांकन चाहते हैं। इसके साथ ही पुनर्जांच के बाद जिन विद्यार्थियों के अंक बदले हैं, उनके मामलों की समीक्षा करने और उत्तर पुस्तिकाएं जांचने वाले शिक्षकों की जवाबदेही तय करने की मांग भी की गई है। निशुल्क पुनर्मूल्यांकन और विशेष परीक्षा की मांग विद्यार्थियों ने प्रभावित छात्रों के लिए निशुल्क पुनर्मूल्यांकन और स्क्रूटनी कराने, जांची गई कॉपियों की फोटोकॉपी देने और विशेष सप्लीमेंट्री परीक्षा आयोजित करने की मांग रखी है। एक से दस अंक तक से फेल होने वाले विद्यार्थियों को नियमानुसार ग्रेस मार्क्स देने की मांग भी की गई है। इसके अलावा पाठ्यक्रम की समीक्षा, निशुल्क अतिरिक्त कक्षाएं और ईयर बैक के नियमों में छूट देने की मांग शामिल है। कुलपति से शिकायत के बाद राज्यपाल को पत्र छात्रों का आरोप है कि उन्होंने कई बार कुलपति से मिलकर अपनी समस्याएं बताईं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। अब उन्होंने राज्यपाल से विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। विद्यार्थियों ने कहा है कि मांगें पूरी नहीं होने पर वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगे।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने जेईई-मेन के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए आवेदन नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब अगर ऑनलाइन आवेदन करते समय किसी अभ्यर्थी से गलती हो जाती है, तो उसे परेशान होने की जरूरत नहीं है। एनटीए ने ऐसे स्टूडेंटस को दोबारा नया ऑनलाइन आवेदन करने की अनुमति दे दी है। हालांकि, नया फॉर्म भरने पर पहले जमा कराई गई फीस न तो वापस मिलेगी और न ही उसका नए फॉर्म में कोई इस्तेमाल होगा। एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा के अनुसार जारी अधिसूचना में मल्टीपल एप्लीकेशन से जुड़े इन नए नियमों की जानकारी दी गई है। नया फॉर्म, नया एप्लीकेशन नंबर अगर कोई स्टूडेंट नया आवेदन करता है, तो उसे एक नया एप्लीकेशन नंबर जारी किया जाएगा। इसके तहत केवल पुरानी जानकारी में संशोधन ही नहीं, बल्कि पूरी आवेदन प्रक्रिया नए सिरे से पूरी करनी होगी। अभ्यर्थी को अपनी फोटो, हस्ताक्षर और सभी आवश्यक डॉक्यूमेंट फिर से अपलोड करने होंगे। परीक्षा फीस को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। रिफंड नहीं होगी फीस अगर विद्यार्थी पहले आवेदन का एप्लीकेशन नंबर जनरेट कर फीस जमा करा चुका है और फिर नया फॉर्म भरता है, तो पहले दी गई फीस लौटाई नहीं जाएगी। न ही उस राशि को नए आवेदन शुल्क के साथ एडजस्ट किया जाएगा। नया आवेदन मान्य कराने के लिए अभ्यर्थियों को दोबारा पूरा परीक्षा शुल्क देना होगा। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि केवल नया ऑनलाइन फॉर्म भर देने से वह वैध नहीं माना जाएगा। नए आवेदन के लिए शुल्क का भुगतान होना और कन्फर्मेशन पेज जनरेट होना जरूरी है।
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी तैयारियां तेज होने लगी हैं। अब बिहार की सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने भी यूपी में चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। रविवार को वाराणसी के रोहनिया विधानसभा क्षेत्र के कोरौता बाजार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष […] The post यूपी में 2027 चुनाव लड़ेगी JDU, निशांत कुमार का ऐलान- NDA के साथ उतरेंगे मैदान में, नीतीश मॉडल बनेगा चुनावी मुद्दा appeared first on https://rajsattaexpress.com .
कौशाम्बी जिले के कोखराज थाना क्षेत्र में शाहजादपुर चौकी की पुलिस जीप को धक्का लगाते वर्दीधारियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में बाकायदा चौकी इंचार्ज और उनके साथ तैनात सिपाही सरकारी जीप को सड़क पर धक्का मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस की गाड़ी को अचानक बंद पड़ी देखकर स्थानीय ग्रामीण भी मदद के लिए आगे आए और पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर जीप को स्टार्ट कराने के लिए धक्का लगाते नजर आए। पुलिस बेड़े की तैयारियों की खुली पोल यह वीडियो सामने आने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया है और सरकारी वाहनों की खस्ताहाली तथा उनके रखरखाव को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। आम जनता का कहना है कि अगर गश्त और पेट्रोलिंग के लिए तैनात पुलिस की गाड़ियां इस तरह बीच सड़क पर हांफने लगेंगी, तो किसी गंभीर अपराध या आपात स्थिति के समय पुलिसकर्मी घटनास्थल पर समय से कैसे पहुंचेंगे। खराबी की वजह पर पुलिस अधिकारियों साधी चुप्पी पुलिस जीप बीच रास्ते में खराब कैसे हुई और इसके रख-रखाव में लापरवाही का कौन जिम्मेदार है, इस पर फिलहाल उच्च अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। गाड़ियों की मरम्मत और बजट को लेकर भी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है, जिससे पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर चर्चाएं गर्म हैं।
बारां-मांगरोल हाईवे का काम धीमा:40.8KM सड़क और 3 बाईपास की योजना पर करीब 180 करोड़ होंगे खर्च
बारां-मांगरोल स्टेट हाईवे पर सड़क का काम धीमी गति से चल रहा है। करीब 170 से 184 करोड़ रुपए की योजना के बावजूद लोगों को राहत नहीं मिली है। 28 किमी का सफर तय करने में वाहन चालकों को डेढ़ घंटे तक लग रहे हैं। सड़क की कुल लंबाई 40.8 किमी है। बारां, बोहत और मांगरोल में ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए 3 बाईपास बनाने की योजना है। प्रस्तावित बजट में जमीन अधिग्रहण का मुआवजा भी शामिल है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं। बारिश में रास्ते पर पानी भर जाता है। दुपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं और वाहनों के रखरखाव का खर्च बढ़ गया है।लोगों का कहना है कि सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) सिर्फ गड्ढों की मरम्मत कर रहा है। विधायक प्रमोद जैन भाया ने यह मुद्दा विधानसभा में उठाया और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को पत्र लिखकर काम में तेजी लाने की मांग की।अक्टूबर में जिला कलेक्टर बालमुकुंद असावा और PWD सचिव की बैठक हुई थी। इसमें निर्माण कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए।
दतिया जिले के भाण्डेर में पुलिस ने अवैध रूप से पटाखे बेचने के आरोप में एक व्यक्ति को पकड़ा है। पुलिस ने सरसई रोड स्थित भटनागर मैरिज गार्डन के पास दबिश देकर उसके कब्जे से करीब 45 हजार रुपए कीमत के विभिन्न प्रकार के पटाखे और विस्फोटक सामग्री जब्त की है। जांच में आरोपी के पास पटाखों के भंडारण और बिक्री का वैध लाइसेंस नहीं मिला। टीआई सपना शर्मा ने बताया कि 1 नवंबर की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि सरसई रोड पर भटनागर मैरिज गार्डन के पास अवैध रूप से पटाखे बेचे जा रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दबिश दी और एक व्यक्ति को पकड़ा। इंदरगढ़ का रहने वाला है आरोपी पकड़े गए व्यक्ति की पहचान जयराम गुप्ता (40) निवासी महावीर कॉलोनी, इंदरगढ़ के रूप में हुई है। वह फिलहाल भाण्डेर के छिपेटी मोहल्ले में रह रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से पटाखे और विस्फोटक सामग्री जब्त कर आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।
फरीदाबाद के बीके सिविल अस्पताल में महीनों से खड़ी चार एम्बुलेंसों के नाम पर करीब 50 लाख रुपए का डीजल खरीदे जाने का मामला सामने आया है। मामला उजागर होने के बाद सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने 20 अक्टूबर को जांच कमेटी गठित की। कमेटी को 15 दिन के अंदर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए गए हैं। सीएमओ ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। NHM डायरेक्टर वीरेंद्र यादव भी मामले पर नजर बनाए हुए हैं। सोमवार को बीके अस्पताल के दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने सिस्टम पर उठाए सवाल मामला सामने आने के बाद हरियाणा के पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट कर सरकार को घेरा। उन्होंने लिखा कि नायब सरकार में अजब खेल हो रहा है, जहां खड़ी एम्बुलेंस 50 लाख रुपए का डीजल फूंक रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदेश में रोजाना ऐसी कितनी घटनाएं होती होंगी। छोटे-मोटे कर्मचारियों को पकड़कर बड़े अधिकारियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। करीब 50 लाख रुपए का फ्यूल खरीदे जाने का अंदेशा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, हाल में ही पंचकूला स्थित मुख्यालय ने एम्बुलेंस में फ्यूल कार्ड के जरिए होने वाले लेनदेन की जांच की थी। इस दौरान सामने आया कि कुछ एम्बुलेंस बिना चले ही उनके नाम पर पेट्रोल पंप से डीजल खरीदा जा रहा था। यह सिलसिला एक-दो बार नहीं, बल्कि लगातार जारी था। जांच में करीब 50 लाख रुपए का ईंधन खरीदे जाने का अंदेशा जताया गया है। खास बात यह है कि जिस अवधि में इन एम्बुलेंसों के नाम पर डीजल खरीदा गया, उस दौरान वे अपनी निर्धारित जगह से कहीं नहीं गई थीं। चार एम्बुलेंसों के नाम पर डीजल की एंट्रियां विभाग के मुताबिक, HR38GV3491 और HR38GV9863 नंबर की दो एम्बुलेंस तीन से चार महीने से अस्पताल की मोर्चरी के पास खड़ी थीं। इसके बावजूद 11 अक्टूबर तक इनके फ्यूल कार्ड से डीजल भरवाने की एंट्रियां दर्ज मिलीं। वहीं HR38Z0951 और HR38GV1670 नंबर की अन्य दो एम्बुलेंस जनवरी और अगस्त से एजेंसी की वर्कशॉप में खड़ी थीं। इनके फ्यूल कार्ड से भी 16 सितंबर और 11 अक्टूबर तक डीजल भरवाने का रिकॉर्ड मिला। डिप्टी सिविल सर्जन ने फ्लीट मैनेजर को नोटिस दिया डिप्टी सिविल सर्जन (एनएचएम) विनय गुप्ता ने 16 अक्टूबर को आरटीएस फ्लीट मैनेजर को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नोटिस में डीजल भरवाने का पूरा ब्योरा, लेनदेन की जानकारी और जिम्मेदार कर्मचारियों के नाम मांगे गए। प्रत्येक एम्बुलेंस के हिसाब से डीजल भरवाने की तारीख, मात्रा, कीमत, पेट्रोल पंप और संबंधित कर्मचारियों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए। सीएमओ ने 15 दिन में जांच रिपोर्ट मांगी बीके अस्पताल के सीएमओ डॉ. जयंत आहूजा ने 20 अक्टूबर को मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की। कमेटी को 15 दिन के अंदर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ के मुताबिक, रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कदम उठाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब एम्बुलेंस महीनों से एक ही जगह खड़ी थीं, तो उनके नाम पर डीजल किसकी अनुमति से खरीदा गया। फ्यूल कार्ड से हुए लेनदेन का सत्यापन किसने किया। बंद एम्बुलेंसों के नाम पर लगातार डीजल की एंट्रियां कैसे दर्ज होती रहीं। क्या अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं थी या फिर जानबूझकर अनदेखी की गई। अब इन सभी सवालों के जवाब जांच कमेटी की रिपोर्ट से सामने आने की उम्मीद है।
ग्वालियर में बिना अनुमति कॉलोनियां विकसित कर प्लॉट बेचने के मामले में प्रशासन और पुलिस ने कार्रवाई की है। धनेली और करगवां गांव में अवैध प्लॉटिंग के मामले में बिजौली थाना पुलिस ने चार अलग-अलग FIR दर्ज की हैं। इनमें बड़ागांव निवासी प्रदीप यादव, सिकंदरा इन्फ्राटेक के पार्टनर सुरेंद्र प्रजापति और रोशन लाल शिवहरे, प्रमोद शर्मा, प्रफुल्ल शर्मा और अमोल सिंह यादव के नाम शामिल हैं। आरोप है कि इन कॉलोनाइजरों ने जरूरी अनुमति और एनओसी के बिना प्लॉट काटकर लोगों को बेचे। कार्रवाई कलेक्टर न्यायालय के आदेश के बाद राजस्व विभाग की शिकायत पर की गई है। धनेली में बिना रजिस्ट्रेशन काटी जा रही थी कॉलोनी बिजौली थाना प्रभारी सौरभ श्रीवास्तव के मुताबिक, धनेली गांव में प्रदीप यादव अलग-अलग सर्वे नंबरों की जमीन पर बिना अनुमति कॉलोनी काट रहा था। जांच में सामने आया कि न तो कॉलोनाइजर का रजिस्ट्रेशन कराया गया था और न ही नगर व ग्राम निवेश विभाग (TCP) से लेआउट स्वीकृत कराया गया था। धनेली में ही सिकंदरा इन्फ्राटेक के पार्टनर सुरेंद्र प्रजापति और रोशन लाल शिवहरे पर भी बिना वैधानिक प्रक्रिया पूरी किए और अनुमति लिए प्लॉट काटकर बेचने का आरोप है। आरोप है कि उन्होंने लोगों को सभी अनुमतियां होने की बात कहकर कॉलोनी में प्लॉट दिए, जबकि उनके पास एक भी एनओसी नहीं थी। करगवां में भी बिना अनुमति विकसित की कॉलोनी करगवां गांव में अमोल सिंह यादव पर सर्वे नंबर 353/2/1, 353/1/2 और 353/2/2 की जमीन पर बिना अनुमति कॉलोनी विकसित करने का आरोप है। प्रशासन की जांच में अनियमितताएं सही पाए जाने के बाद कार्रवाई की गई। करगवां में ही सर्वे नंबर 216, 197/4, 201/2, 217 और 218/2 में बिना एनओसी और अनुमति के कॉलोनी काटे जाने की शिकायत की गई थी। पटवारी वीरेंद्र सिंह कुशवाह ने कृष्णपुरी मुरार निवासी कॉलोनाइजर प्रमोद शर्मा और प्रफुल्ल शर्मा के खिलाफ शिकायत की थी। पुलिस ने जांच के बाद दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। कलेक्टर कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR चारों मामलों में कलेक्टर न्यायालय ने 24 सितंबर 2026 को कार्रवाई के आदेश दिए थे। इसके बाद एसडीएम (राजस्व एवं दंडाधिकारी), मुरार ने 14 अक्टूबर को बिजौली थाना प्रभारी को आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के निर्देश जारी किए। पटवारी वीरेंद्र सिंह कुशवाह की लिखित शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 61(घ) के तहत मामले दर्ज किए हैं। आरोपियों की तलाश कर रही पुलिस एसडीओपी बेहट मनीष यादव ने बताया, अवैध कॉलोनी काटने वाले कॉलोनाइजरों के खिलाफ प्रशासन के निर्देश पर केस दर्ज कर लिया गया है। नामजद आरोपी कॉलोनाइजरों की तलाश जारी है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लखीमपुर खीरी जिले के पसगवां कोतवाली क्षेत्र स्थित मुजफ्फरपुर गाँव से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ घरेलू विवाद के चलते एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी पति हरिराम को हिरासत में ले लिया है। पुलिस की शुरुआती जाँच के अनुसार, महिला की गला दबाकर और बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या किए जाने की आशंका है। घटना वाले कमरे में रात का बना खाना, कढ़ाई में सब्जी और गूँथा हुआ आटा रखा मिला। अनुमान लगाया जा रहा है कि रात में खाना बनाते समय ही पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ था, जो देखते ही देखते काफी बढ़ गया और पति ने पत्नी पर हमला कर दिया। तस्वीरें देखिए - शराब के नशे में अक्सर होता था झगड़ा ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी हरिराम और उसकी पत्नी अक्सर शराब पीने के बाद आपस में झगड़ते थे। पहले कई बार पड़ोसियों ने बीच-बचाव कराकर उनका समझौता कराया था, लेकिन बार-बार के क्लेश से तंग आकर लोगों ने उनके मामले में दखल देना बंद कर दिया था। ग्रामीणों के मुताबिक घटना वाली रात भी दोनों के बीच काफी तेज बहस और झगड़ा हुआ था। फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत घटनास्थल पर पहुँची फॉरेंसिक टीम ने कमरे से खून लगी हुई लकड़ी की फंटी, टूटी हुई चूड़ियाँ और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। मृतका के गले और शरीर पर चोट के गंभीर निशान भी पाए गए हैं। बेटे ने पिता पर लगाया हत्या का आरोप मृतका के पांच बच्चे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही उसकी बेटी और बेटे मौके पर पहुँचे। बड़े बेटे जेंटर ने अपने पिता हरिराम पर माँ की बेरहमी से हत्या करने का आरोप लगाते हुए पसगवां कोतवाली में तहरीर दी है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी हरिराम पहले भी एक मामले में शाहजहाँपुर जेल में बंद रह चुका है। पसगवां कोतवाली प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बेटे की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह साफ हो सकेगी।
राजस्थान पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में मंगलवार, 3 नवंबर को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान होगा। छोटी सादड़ी, धरियावद, दलोट और धमोतर पंचायत समिति क्षेत्रों में वोट डाले जाएंगे। इन चार क्षेत्रों में जिला परिषद की 13 और पंचायत समिति की 74 सीटों के लिए मतदान होगा। यहां कुल 163 ग्राम पंचायतें हैं। मतदान के लिए 411 केंद्र बनाए गए हैं। इसके अलावा 103 पोलिंग पार्टियों को रिजर्व रखा गया है। सभी मतदान केंद्रों पर चुनाव कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशासन ने चुनाव की तैयारी पूरी कर ली है। चुनाव प्रचार थमने के बाद प्रत्याशी घर-घर जाकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं। सरपंच पद के लिए 5 नवंबर को चुनाव होंगे।
सागर में नेशनल हाईवे-44 पर गुरुचौपड़ा के पास बरकोटी के जंगल में सोमवार को सड़क किनारे एक घायल बाघ दिखाई दिया। बाघ को देखकर ग्रामीणों और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। लोगों की भीड़ देख बाघ पत्थरों के पीछे छिपकर बैठ गया। वह ठीक से चल नहीं पा रहा था। उसके पैरों में चोट लगने की आशंका है। बाघ को देखने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। इस दौरान बाघ पेड़ की छांव में भी बैठा दिखाई दिया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस और वन विभाग को दी। दुर्गावती टाइगर रिजर्व से रेस्क्यू टीम बुलाई सूचना मिलते ही गौरझामर वन परिक्षेत्र की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने बाघ की स्थिति का जायजा लिया और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी। वन विभाग ने बाघ को सुरक्षित निकालने के लिए वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से रेस्क्यू दल बुलाया है। बाघ को जंगल में रेस्क्यू करने का प्रयास किया जा रहा है। वाहन की टक्कर से घायल होने की आशंका बाघ जहां मिला, वहां से नेशनल हाईवे-44 गुजरता है। हाईवे के दोनों ओर जंगल है। ऐसे में आशंका है कि जंगल से गुजरते समय बाघ किसी वाहन की चपेट में आ गया होगा। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। इससे पहले दिसंबर 2024 में बरकोटी घाटी के गुरुचौपड़ा के पास वाहन की चपेट में आने से एक तेंदुए की मौत हो चुकी है।
निर्दलीय MLC बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज की जाएगी सदस्यता? जन सुराज ने सभापति से की शिकायत
जन सुराज पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने विधान परिषद के सभापति रामवचन राय से मुलाकात कर बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज की शिकायत की है। जन सुराज ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए विधान परिषद के सभापति को पेन ड्राइव समेत कई सबूत सौंपे हैं।
लखनऊ में सोमवार को सफाई कर्मचारियों ने अपनी छह सूत्रीय मांगों को लेकर नगर निगम मुख्यालय के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया । मांगें पूरी न होने से नाराज कर्मचारियों ने मुख्यालय के बाहर टेंट लगाकर धरना दिया। प्रदर्शन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से सफाई कर्मचारियों ने हिस्सा लिया और सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। ‘कर्मचारी हितों में कोई काम नहीं हुआ’ मोर्चा के मुख्य संयोजक राम प्रकाश वाल्मीकि ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद से में भ्रष्टाचार चरम पर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में सफाई कर्मचारियों के हित में ऐसी कोई योजना या शासनादेश जारी नहीं हुआ, जिससे गरीब कर्मचारियों के परिवारों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश का स्वच्छकार समाज अपने बच्चों के लिए मुख्यमंत्री से रोटी मांगने आया है। कार्य बहिष्कार की चेतावनी महासंघ की ओर से कहा गया कि अगर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो संगठन सफाई कर्मचारियों के हर हित में महा आंदोलन और कार्य बहिष्कार करेगा। धरने में शामिल पॉलिटिकल जस्टिस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ वाल्मीकि ने सफाई कार्य को आउटसोर्सिंग और ठेकेदारी पर कराए जाने का विरोध किया। उन्होंने इसे संविधान की भावना के खिलाफ बताते हुए कहा कि लगातार होने वाले कार्यों को ठेके पर नहीं कराया जाना चाहिए। वेतन कटौती का आरोप मोर्चा के संयोजक ओमीलाल वाल्मीकि ने आरोप लगाया कि ठेके पर काम करने वाले सफाई कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ के नाम पर पैसा काटा जाता है, लेकिन उसका लाभ कर्मचारियों को नहीं मिल रहा है। उन्होंने संबंधित ठेकेदारों और अधिकारियों पर धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
फतेहाबाद के टोहाना में अपराध शाखा की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए रेलवे स्टेशन के पास से एक कथित अफीम तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 305 ग्राम अफीम बरामद की। आरोपी की पहचान वार्ड नंबर 20, सुंदर नगर निवासी दलीप उर्फ चीमा के रूप में हुई है। अपराध शाखा टोहाना के प्रभारी SI अजय कुमार ने बताया कि 1 नवंबर को पुलिस टीम टोहाना-सिंबल रोड पर आईटीआई गेट के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि दलीप उर्फ चीमा कथित तौर पर अफीम बेचता है और रेलवे स्टेशन के पास सिंबल रोड पर ग्राहकों के इंतजार में खड़ा है। सूचना के बाद पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर दबिश दी और संदिग्ध परिस्थितियों में खड़े आरोपी को काबू कर लिया। कपड़ों के नीचे छिपा रखा था पाउच पुलिस के अनुसार, तलाशी लेने पर आरोपी की कमर पर कपड़ों के नीचे छिपाया गया पॉलिथीन का पाउच मिला। जांच करने पर उसमें 305 ग्राम अफीम बरामद हुई। पुलिस ने नशीले पदार्थ को कब्जे में लेकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि वह अफीम कहां से लेकर आया था और इसकी सप्लाई किन लोगों तक की जानी थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
गोंडा के करनैलगंज क्षेत्र में सोमवार सुबह तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से बच्ची की मौत हो गई। बच्ची सड़क पार कर रही थी, तभी सामने से आ रही बाइक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। चौकी चचरी के अंतर्गत मजरा टिकुरी गांव में हुआ हादसा। मजरा टिकुरी निवासी अर्जुन की 7 वर्षीय बेटी आरोही सोमवार सुबह करीब 11 बजे सड़क पार कर रही थी। इसी दौरान सामने से तेज रफ्तार में आ रही बाइक ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर लगने से आरोही गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ी। सीएचसी में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया हादसे की सूचना मिलते ही चौकी चचरी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल बाइक को कब्जे में ले लिया और घायल बच्ची को तत्काल सीएचसी करनैलगंज पहुंचाया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनुज कुमार वर्मा ने जांच के बाद आरोही को मृत घोषित कर दिया। बच्ची की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल सात साल की मासूम आरोही की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, पूरे गांव में शोक का माहौल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रभारी निरीक्षक अभय सिंह ने बताया कि बाइक को कब्जे में ले लिया गया है, बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
हनुमानगढ़ जिले के पटवारियों ने पीलीबंगा तहसील के माणकथेड़ी गांव के पटवारी देवीलाल मेघवाल के साथ मारपीट के विरोध में सोमवार को काली पट्टी बांधकर काम किया। उन्होंने दोषी अधिकारी और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की। पंचायती राज चुनाव के तीसरे चरण के मतदान के लिए सोमवार को जंक्शन स्थित डीएवी कॉन्वेंट स्कूल के खेल मैदान से मतदान दल अपने केंद्रों के लिए रवाना हुए। इस दौरान पटवारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। लगातार कर रहे आंदोलनराजस्थान पटवार संघ के जिलाध्यक्ष कृष्ण दहिया ने बताया कि जिले के पटवारी इस घटना के विरोध में लगातार आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने बीकानेर रेंज के आईजीपी, संभागीय आयुक्त बीकानेर, श्रीगंगानगर के जिला कलेक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से कई बार मुलाकात की है। उन्हें ज्ञापन और संबंधित दस्तावेज भी दिए गए हैं। दहिया के मुताबिक, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पटवारियों ने सरकार और प्रशासन से देवीलाल के साथ मारपीट के मामले में दोषी अधिकारी और कर्मचारियों पर कार्रवाई कर उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है। आंदोलन को तेज करने की चेतावनीदहिया ने कहा कि सरकार सूरतगढ़ थाना प्रभारी कलावती चौधरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। मांग पूरी नहीं होने पर पटवारी पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के दौरान भी काली पट्टी बांधकर काम करते हुए आंदोलन जारी रखेंगे।उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में विरोध तेज किया जाएगा और आचार संहिता हटने के बाद आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।
बागपत में पेंशनरों का धरना:चिकित्सा बिलों की ऑफलाइन व्यवस्था बहाल करने की मांग
बागपत। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के बैनर तले सोमवार को बागपत जिला मुख्यालय पर पेंशनरों ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों को ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन जमा कराने की व्यवस्था बहाल करने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान पेंशनरों ने रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम डीएम ऑफिस में ज्ञापन सौंपा और शासनादेश में बदलाव की मांग उठाई। पेंशनरों का कहना है कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से 9 सितंबर 2026 को जारी शासनादेश के तहत चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों को ऑनलाइन जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है। एक अक्टूबर से ऑफलाइन बिल स्वीकार करना भी बंद कर दिया गया है। इससे बुजुर्ग पेंशनरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि अधिकांश पेंशनर कंप्यूटर और ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी नहीं रखते। वहीं, वर्ष 2016 से पहले सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों का डाटा भी पोर्टल पर उपलब्ध नहीं है और उनके ईएचआरएमएस कोड दर्ज नहीं हैं। एसोसिएशन ने बताया कि 28 सितंबर को पेंशनर सलाहकार समिति की बैठक में भी यह मुद्दा उठाया गया था। उस दौरान ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से चिकित्सा बिल जमा करने का विकल्प देने की मांग की गई थी। इसके बावजूद ऑफलाइन व्यवस्था बंद कर दी गई। पेंशनरों ने आरोप लगाया कि बिलों का भुगतान रुकने से कई बुजुर्गों का इलाज प्रभावित हो रहा है और उनके चिकित्सा दावे कालातीत हो रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन बिल जमा करने की सुविधा दोबारा शुरू कराने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर प्रांतीय संगठन विधानसभा के सामने हजारों पेंशनरों के साथ विशाल प्रदर्शन करेगा।
कटिहार नगर निगम की बिजली 30 मिनट बंद रही:BRICS सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक के तहत चला स्विच ऑफ अभियान
कटिहार नगर निगम के दोनों भवनों की बिजली सोमवार को 30 मिनट तक बंद रखी गई। ऊर्जा बचाने और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया। भारत की अध्यक्षता में BRICS सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक 1 से 7 नवंबर 2026 तक मनाया जा रहा है। छोटी आदतें बदलकर पर्यावरण की रक्षा इसी के तहत नगर निगम ने स्विच ऑफ अभियान चलाया। दोपहर में दोनों भवनों की बिजली बंद की गई। इस दौरान अधिकारी और कर्मचारी बिना बिजली के काम करते रहे। नगर निगम प्रशासन के मुताबिक, अभियान का मकसद बिजली की खपत कम करना और लोगों को ऊर्जा बचाने के लिए जागरूक करना है। लोगों को बताया गया कि छोटी आदतें बदलकर पर्यावरण की रक्षा की जा सकती है। बिजली बचाने की आदत अपनाने की अपील जरूरत न होने पर बिजली के उपकरण बंद रखना, प्राकृतिक रोशनी का ज्यादा इस्तेमाल करना और टिकाऊ जीवनशैली अपनाना अभियान का संदेश है। नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि अभियान बिजली बचाने का संदेश देने के लिए चलाया गया। उन्होंने कहा कि अगर हर व्यक्ति दिन में आधे घंटे बिजली बचाए, तो पूरे शहर में मेगावाट बिजली बचाई जा सकती है। अधिकारियों ने शहरवासियों से घरों और प्रतिष्ठानों में बिजली बचाने की आदत अपनाने की अपील की। BRICS सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक के दौरान नगर निगम आगे भी जागरूकता कार्यक्रम चलाएगा।
अमेठी में अनुदान पर कृषि यंत्र पाने के इच्छुक किसानों के लिए बड़ी खबर है। कृषि यंत्रों पर सब्सिडी के लिए आगामी 3 नवंबर को कलेक्ट्रेट सभागार में ई-लॉटरी का आयोजन किया जाएगा। चयन की यह प्रक्रिया शाम 4 बजे से शुरू होगी। तय लक्ष्य से अधिक आवेदन मिलने के कारण लाभार्थियों का चयन पूरी तरह से ई-लॉटरी के जरिए किया जा रहा है। दो प्रमुख योजनाओं के तहत मांगे गए थे आवेदन उप कृषि निदेशक सत्येन्द्र कुमार ने बताया कि यह प्रक्रिया वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन और प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फॉर इन-सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेजिड्यू योजनाओं के तहत की जा रही है। इन योजनाओं के तहत 30 लाख रुपए तक की परियोजना लागत वाले कस्टम हायरिंग सेंटर, हैरो, कल्टीवेटर, आलू खुदाई मशीन, पावर ऑपरेटेड चैफ कटर, पावर टिलर, ट्रैक्टर माउंटेड और सेल्फ प्रोपेल्ड क्रॉप रीपर, श्रब मास्टर/रोटरी श्रेडर और सुपर सीडर जैसे कृषि यंत्रों के लिए किसानों से आवेदन आमंत्रित किए गए थे। लक्ष्य से ज्यादा टोकन बुक होने पर ई-लॉटरी कराने का फैसला विभागीय जानकारी के अनुसार, 7 अक्टूबर से 27 अक्टूबर के बीच किसानों द्वारा तय लक्ष्य से कहीं अधिक टोकन बुक किए गए। इसी वजह से पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ई-लॉटरी के माध्यम से किसानों का चयन करने का निर्णय लिया गया है। उप कृषि निदेशक ने स्पष्ट किया है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी होगी। गैरहाजिर रहने पर बाद में नहीं सुनी जाएगी आपत्ति उप कृषि निदेशक ने योजना के सभी आवेदकों से अपील की है कि वे 3 नवंबर को शाम 4 बजे अमेठी कलेक्ट्रेट सभागार में समय से पहुंचे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि यदि कोई आवेदक ई-लॉटरी के समय उपस्थित नहीं रहता है, तो यह मान लिया जाएगा कि वह उपस्थित किसानों और चयन समिति द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया से पूरी तरह सहमत है। गैरमौजूदगी में निकाली गई ई-लॉटरी पूरी तरह मान्य होगी और बाद में किसी भी प्रकार की आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी।
मुजफ्फरपुर में PNG गैस पाइपलाइन में रिसाव के कारण जोरदार ब्लास्ट हुआ है। इस दर्दनाक हादसे में एक युवक के सिर के चिथड़े उड़ गए, जबकि 10 से ज्यादा लोग घायल हैं। ब्लास्ट की आवाज तीन किलोमीटर तक सुनाई दी। स्थानीय लोगों के मुताबिक 100 मीटर के दायरे में बने कई मकानों की खिड़कियों के शीशे टूटे हैं। पास से गुजर रही एक थार गाड़ी भी धमाके की चपेट में आकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मकान और दुकानों के टूटे हिस्से, जली गाड़ियां और सड़क पर बिखरा मलबा धमाके की भयावहता बयां कर रहे हैं। देखिए, 10 तस्वीरों में धमाके के बाद गोबरसही-डुमरी रोड का मंजर। हादसे की 10 तस्वीर…
चुनाव में बांटने ले जा रही अवैध शराब पकड़ी:थार जब्त, नाकाबंदी देखकर जीप छोड़कर भागे बदमाश
चुनाव में बांटने ले जा रही अवैध शराब पकड़ीं धौलपुर में पंचायत चुनाव के दौरान मतदाताओं को लुभाने के लिए शराब बांटने की आशंका के बीच आंगई थाना पुलिस ने थार जीप में अवैध शराब की 3 पेटियां पकड़ीं। पुलिस की नाकाबंदी देखकर जीप सवार आरोपी वाहन छोड़कर भाग गए। थाना प्रभारी कृपाल सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि चिलाचौंद से धोंध रोड की ओर थार जीप में अवैध शराब ले जाई जा रही है। इसके बाद पुलिस टीम ने इलाके में नाकाबंदी की। गाड़ी छोड़कर भाग गए बदमाशसामने से आ रही संदिग्ध थार जीप के ड्राइवर ने नाकाबंदी देखी और वाहन छोड़कर भाग गया। पुलिस ने जीप की तलाशी ली तो उसमें अवैध शराब की 3 पेटियां मिलीं।थाना प्रभारी के मुताबिक, शुरुआती जांच में आशंका है कि शराब पंचायत चुनाव में बांटने के लिए ले जाई जा रही थी। पुलिस ने आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर थार जीप और शराब जब्त कर ली है।पुलिस मौके से भागे आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश कर रही है। चुनाव के दौरान अवैध शराब की तस्करी और मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिशों पर पुलिस निगरानी कर रही है।
सीवान में मुख्यमंत्री कायाकल्प योजना के तहत DM ने आंगनबाड़ी, स्कूल और पंचायत भवनों का किया निरीक्षण
2 नवंबर, सोमवार: सीवान के पचरुखी प्रखंड में DM विजय प्रकाश मीणा ने मुख्यमंत्री कायाकल्प योजना के तहत चौमुखा, नैनपुरा, घोड़गहियां और सुपौली गांव में आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूल, पंचायत सरकार भवन और मुक्ति धाम का औचक निरीक्षण किया। इसका उद्देश्य विकास कार्यों की जमीनी हकीकत जांचना था।
मुरादाबाद में धनतेरस और दीपावली नजदीक आते ही बाजारों में सजावट शुरू हो गई है। दुकानदारों ने अपनी दुकानों को सजाना शुरू कर दिया है। गंज बाजार और जीएमडी रोड पर रंग-बिरंगी झालरें, बंधनवार और सजावटी सामान दिखाई दे रहे हैं। दुकानों के बाहर झालरें और दरवाजों पर बंधनवार लगाई गई हैं। बाजारों में घरों और दुकानों को सजाने के लिए अलग-अलग रंगों की लाइटें और अन्य सामान रखा गया है। शाम होते ही झालरों की रोशनी से गलियां जगमगाने लगती हैं। दुकानदारों ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए दुकानों को सजाया है। उन्हें उम्मीद है कि धनतेरस और दीपावली नजदीक आने पर बाजारों में ग्राहकों की संख्या बढ़ेगी और कारोबार में तेजी आएगी। लोग भी घरों को सजाने के लिए झालरें, लाइटें और अन्य सामान खरीदने की तैयारी कर रहे हैं। बाजारों में सजावट के साथ व्यापारियों को कारोबार बढ़ने की उम्मीद है। दीपावली की तैयारियों के बीच रंग-बिरंगी रोशनी से सजे बाजारों में त्योहार का माहौल दिखने लगा है।
कहरका गांव में एक मकान से पिछले दो महीने में करीब 30 कोबरा सांप निकलने का मामला सामने आया है। कपिल त्यागी के घर में लगातार सांप निकलने से परिवार के लोग दहशत में हैं। हालात ऐसे हैं कि परिजनों को रातभर जागकर गुजारनी पड़ रही है। परिवार के लोग सांप पकड़वाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। पिछले दो दिनों में ही 30 सांप पकड़कर जंगल में छोड़े जाने की बात सामने आई है। दो दिनों में पकड़े गए 30 सांपमकान मालिक कपिल त्यागी ने बताया कि पिछले दो दिनों में घर से 30 सांप पकड़े गए हैं। सभी को पकड़कर जंगल में छोड़ दिया गया। सोमवार को भी मकान में एक बड़ा कोबरा दिखाई दिया। उसे पकड़ने की कोशिश की गई, लेकिन वह ईंटों के बीच बने खाली स्थान में घुस गया। इसके बाद से परिवार के लोग उसे बाहर निकालने और पकड़ने के प्रयास में जुटे हैं। गड्ढे में पानी भरकर सांपों को बाहर निकालने की कोशिशपरिजनों ने मकान में जिस जगह से सांप निकल रहे हैं, वहां बने गड्ढे में पानी भर दिया है। उनका मानना है कि इससे अंदर मौजूद अन्य सांप बाहर आ सकते हैं। परिवार ने सांप पकड़ने के लिए लोगों को भी बुलाया है। घर में लगातार कोबरा निकलने के कारण परिजन किसी अनहोनी की आशंका से परेशान हैं। सांप देखने के लिए जुट रहे ग्रामीणएक ही मकान से लगातार सांप निकलने की जानकारी गांव में फैल गई है। इसके बाद ग्रामीण भी सांप देखने के लिए कपिल त्यागी के घर पहुंच रहे हैं। परिवार के लोग घर में सावधानी बरत रहे हैं और रात में भी सतर्क रहना पड़ रहा है। दो महीने से जारी इस स्थिति ने परिवार की चिंता बढ़ा दी है।
पाली के बांगड़ अस्पताल में खांसी का इलाज करवाने गए भाई-बहनों का हार्ट और लिवर उलटी दिशा निकला। उन्हें बचपन से ही खासी और फेफड़ों में इंफेक्शन की शिकायत थी। टेस्ट करने के बाद डॉक्टरों ने दोनों बच्चों को जोधपुर एम्स रेफर कर दिया है। यह दुर्लभ बीमारी 50 हजार में से एक बच्चे को होती है। डॉक्टरों का कहना है कि दोनों बच्चों में ये बीमारी होना जेनेटिक (आनुवंशिक) है। इस बीमारी का नाम कार्टाजेनर सिंड्रोम और प्राइमरी सिलियरी डिस्किनेशिया है। अब आसान शब्दों में समझिए पूरी कहानी टेस्ट में दुर्लभ बीमारी का पता चला मामले में बांगड़ हॉस्पिटल श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ लक्ष्मण सोनी बताते हैं- 25 अक्टूबर को 13 साल की बहन और 10 साल के भाई को लेकर परिजन बांगड़ हॉस्पिटल चेक करवाने आए थे। परिजनों ने बताया कि दोनों को बचपन से खांसी है और सांस लेने में दिक्कत होती है। साथ ही बार-बार निमोनिया हो जाता है। जांच करवाई तो हार्ट-लिवर उलटे थे ऐसे में दोनों बच्चों की CT स्केन, पेट की सोनोग्राफी, हार्ट की ईको, कफ, ब्लड की सारी जांचे करवाई। जिसमें सामने आया कि दोनों के हार्ट दाईं ओर और लिवर बाईं ओर स्थित है, जिसे चिकित्सकीय भाषा में साइटस इनवर्सस (Situs Inversus) कहा जाता है। विशेष बात यह है कि जन्म से ही अंगों की इसी तरह की विपरीत स्थिति देखी गई है। प्रारंभिक जांच में कार्टाजेनर सिंड्रोम और प्राइमरी सिलियरी डिस्काइनेशिया की संभावना सामने आई। ऐसे में जेनेटिक काउंसिलिंग के लिए दोनों को जोधपुर एम्स के लिए रेफर किया। क्या है कार्टाजेनर सिंड्रोम और PCD? बांगड़ हॉस्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सक लक्ष्मण सोनी ने बताया कि प्राइमरी सिलियरी डिस्काइनेशिया (PCD) एक दुर्लभ जेनेटिक स्थिति है। इसमें श्वसन मार्ग (रेस्पाइटरी एयर वे) की कोशिकाओं पर मौजूद सूक्ष्म बाल जैसी संरचनाएं होती हैं। एक ही परिवार के दो बच्चों में स्थिति होना क्यों है महत्वपूर्ण? डॉक्टर बोले- लगातार खांसी हो तो डॉक्टर को दिखाएं बांगड़ हॉस्पिटल श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ लक्ष्मण सोनी कहते है कि यदि किसी बच्चे में बचपन से लगातार खांसी, बार-बार फेफड़ों का संक्रमण और साइटस इनवर्सस की स्थिति दिखाई दे, तो तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श कर PCD कार्टाजेनर सिंड्रोम की दिशा में जांच करानी चाहिए। सही समय पर एयरवे क्लीयरेंस फिजियोथेरेपी और संक्रमण के इलाज से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
भटनी-औड़िहार रेलखंड पर दोहरीकरण का काम तेज:25 किलोमीटर का काम बाकी, घाघरा पर बन रहा नया पुल
पूर्वोत्तर रेलवे के भटनी-औड़िहार रेलखंड पर दोहरीकरण का काम जल्द पूरा होने वाला है। 117 किलोमीटर लंबे इस रेलमार्ग पर 1177.96 करोड़ रुपये की लागत से काम कराया जा रहा है। रेलवे ने दिसंबर तक परियोजना पूरी करने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में नए साल से इस रेलखंड पर ट्रेनें डबल लाइन से चलने की उम्मीद है। इससे गोरखपुर से वाराणसी के बीच रेल यातायात आसान होगा और ट्रेनों के संचालन में लगने वाला समय भी कम होगा। परियोजना के तहत भटनी से पिवकोल और बेल्थरा रोड से औड़िहार तक दोहरीकरण का काम पूरा हो चुका है। अब पिवकोल से बेल्थरा रोड के बीच करीब 25 किलोमीटर रेलखंड पर काम बाकी है। देवरिया, मऊ और गाजीपुर जिले में परियोजना से जुड़े निर्माण कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। इस रेलखंड पर तुर्तीपार के पास घाघरा नदी पर नया रेल पुल भी बनाया जा रहा है। पुल का निर्माण अगले दो महीने में पूरा होने की उम्मीद है। इसके तैयार होते ही बचे हुए रेलखंड पर दोहरीकरण का काम पूरा हो सकेगा। यह पुल परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। क्रॉसिंग के इंतजार में नहीं खड़ी करनी पड़ेंगी ट्रेने भी भटनी-औड़िहार रेलखंड सिंगल लाइन है। ऐसे में एक ट्रेन के आने पर दूसरी ट्रेन को पास कराने के लिए स्टेशन पर रोकना पड़ता है। कई बार सिग्नल और क्रॉसिंग के इंतजार में ट्रेनों को काफी देर तक खड़ा रहना पड़ता है। डबल लाइन शुरू होने के बाद इस परेशानी से काफी हद तक राहत मिलेगी। दोनों दिशाओं में ट्रेनें अलग-अलग लाइन से चल सकेंगी। इससे ट्रेनों की लेटलतीफी कम होगी और संचालन भी सुचारु होगा। चार जिलों के यात्रियों को मिलेगा फायदा भटनी और औड़िहार के बीच करीब 11 ट्रेनों का संचालन होता है। दोहरीकरण पूरा होने से देवरिया, बलिया, मऊ और गाजीपुर के यात्रियों को फायदा मिलेगा। साथ ही गोरखपुर से वाराणसी के बीच रेल यातायात की क्षमता बढ़ेगी। यात्रियों को ट्रेनों के क्रॉसिंग के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा और उनके समय की बचत होगी। पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ सुमित कुमार ने बताया कि भटनी-औड़िहार रेलखंड पर दोहरीकरण का काम अंतिम चरण में है। इसे जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
अम्बेडकरनगर जिला न्यायालय परिसर में सोमवार दोपहर करीब 12 बजे नवनिर्मित उप डाकघर का भव्य लोकार्पण किया गया। यह लोकार्पण जनपद न्यायाधीश द्वारा संपन्न हुआ। न्यायालय परिसर में ही उप डाकघर की शुरुआत होने से अब अधिवक्ताओं, वादकारियों और रोजाना आने वाले आम नागरिकों को डाक संबंधी सेवाओं के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी, जिससे उनके समय और भागदौड़ दोनों की बचत होगी। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों रहे उपस्थिति लोकार्पण के इस अवसर पर बार एसोसिएशन अम्बेडकरनगर के अध्यक्ष सुनील यादव एडवोकेट सहित संघ के अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। न्यायालय परिसर के भीतर ही डाक सेवाओं की स्थापना को जनसुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिवक्ताओं ने जताई प्रसन्नता, कहा- लंबे समय से थी मांग कार्यक्रम के दौरान बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने उप डाकघर की स्थापना पर खुशी व्यक्त की। अधिवक्ताओं का कहना था कि न्यायालय परिसर में डाकघर सुविधा मिलने से रोजाना के कानूनी कामकाज और पत्राचार में काफी सहूलियत होगी। इस तरह की सुविधा की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। कार्यक्रम में मुख्य रूप से बार एसोसिएशन की सह सचिव पूजा वर्मा, पूजा यादव, प्रशांत यादव, अमित यादव एडवोकेट, जोगिंदर सिंह, सुरेंद्रनाथ यादव, सीपी सिंह और कपिल देव वर्मा सहित अन्य प्रमुख अधिवक्ता उपस्थित रहे।
हिसार में कार से अफीम और पिस्टल मिली:4 आरोपी गिरफ्तार; राजस्थान से सरपंच का चुनाव करवाकर लौट रहे थे
हिसार के गांव भेरियां के पास नाकाबंदी के दौरान एंटी नारकोटिक सेल की टीम ने वैन्यू कार से 206 ग्राम अफीम और अवैध 315 बोर पिस्टल बरामद की। पुलिस ने कार में सवार 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गुरमेश निवासी मिंगनी खेड़ा, कुलदीप निवासी चिन्दर, सतपाल निवासी चौधरी वाली और सुनील निवासी कालवास के रूप में हुई है। कार के डैशबोर्ड और सीट की नीचे छिपा रखी थी सहायक उप निरीक्षक शक्ति ने बताया कि वे पुलिस टीम के साथ इलाके में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान मिली गुप्त सूचना के आधार पर गांव भेरियां के पास नाकाबंदी की गई। संदिग्ध वैन्यू कार को रोककर तलाशी ली गई। कार के डैशबोर्ड से 206 ग्राम अफीम और ड्राइवर सीट के नीचे से अवैध 315 बोर पिस्टल मिली। सरपंच का चुनाव करवाकर लौटे थे पुलिस ने अफीम और पिस्टल कब्जे में लेकर चारों आरोपियों के खिलाफ थाना आजाद नगर में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे राजस्थान से अपने किसी परिचित का सरपंच पद का चुनाव करवाकर लौट रहे थे। कोर्ट में पेशकर रिमांड पर लेगी पुलिस पुलिस आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगेगी। इस दौरान अफीम कहां से खरीदी गई, पिस्टल कहां से मिली और मामले में अन्य लोगों की भूमिका के बारे में पूछताछ की जाएगी।
धनतेरस और दीपावली पर बक्सर में भीड़ और जाम की समस्या से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष रूट प्लान तैयार किया है। इसके तहत 6 नवंबर को धनतेरस और 8 नवंबर को दीपावली के दिन शहर की प्रमुख सड़कों पर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित रहेगी। दोनों दिनों में दोपहर 12 बजे से अगले दिन सुबह 3 बजे तक शहर के अंदर सभी बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। साथ ही, चारपहिया वाहनों, ई-रिक्शा और ऑटो के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। बाजार आने वाले लोगों की सुविधा के लिए शहर में छह स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था भी की जाएगी। एसपी को भेजा गया ट्रैफिक प्लान का प्रतिवेदन पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) संतोष कुमार सिंह ने 31 अक्टूबर को इस संबंध में पुलिस अधीक्षक को प्रतिवेदन भेजा था। इसमें बताया गया है कि त्योहार के दौरान जाम से निपटने के लिए यातायात थाना में पहले से प्रतिनियुक्त पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के अतिरिक्त विभिन्न चौक-चौराहों पर भी पुलिस बल तैनात किया जाएगा। इन प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही रहेगी प्रतिबंधित यातायात व्यवस्था संभालने के लिए ज्योति चौक, नाथ बाबा मंदिर रोड, सिंडिकेट, मठिया मोहल्ला पुल, हनुमान फाटक, नगर परिषद कार्यालय रोड, मठिया मोड़, ज्योति चौक पुल से पहले नहर मोड़, आईटीआई मोड़ और मुनीम चौक पर पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। निर्धारित प्लान के अनुसार, ज्योति चौक से थाना चौक और खलासी मोहल्ला की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। नाथ बाबा पुल से नगर थाना की ओर भी वाहन नहीं जा सकेंगे। इसके अलावा सिंडिकेट, मठिया पुल, हनुमान फाटक और नगर परिषद कार्यालय रोड समेत कई मार्गों पर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। त्योहार के दौरान थाना चौक से रामरेखा घाट, पीपी रोड और मठिया मोहल्ला पुल की ओर जाने वाले मार्गों पर भी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। चारपहिया वाहनों के लिए निर्धारित किए गए वैकल्पिक रूट चारपहिया और अन्य बड़े वाहनों को गोलंबर से बाइपास, ज्योति चौक, आईटीआई रोड और मठिया मोड़ होते हुए दानी कुटिया की ओर जाना होगा। दूसरे मार्ग के तहत गोलंबर से ज्योति चौक, अंबेडकर चौक होते हुए स्टेशन और इटाढ़ी गुमटी की ओर जाने की व्यवस्था रहेगी। ई-रिक्शा और ऑटो के लिए भी अलग-अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। इनके लिए गोलंबर से बाइपास होते हुए ज्योति चौक, अंबेडकर चौक और स्टेशन जाने का मार्ग तय किया गया है। छह स्थानों पर होगी पार्किंग की व्यवस्था शहर में जाम से बचाव के लिए सिंडिकेट के पास, डीएवी स्कूल, बुनियादी स्कूल, आईटीआई मैदान, रेलवे स्टेशन के बगल में, किला मैदान के पीछे और बाजार समिति में पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। इन स्थानों पर पुलिस बल तैनात कर वाहनों को व्यवस्थित ढंग से खड़ा कराया जाएगा। इसके अलावा यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए दो टो-वाहनों की जरूरत भी बताई गई है। प्रशासन का उद्देश्य त्योहार के दौरान बाजार में खरीदारी करने आने वाले लोगों को जाम से राहत दिलाना और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना है।
पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव में शिरोमणि अकाली दल और भाजपा दोनों एक साथ चुनावी मैदान में जाएंगे। इसको लेकर अभी संस्पेंस बरकार है। लेकिन चंडीगढ़ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब में एनडीए की सरकार बनने के दावा किया है। इसी बीच अकाली दल प्रधान सुखबीर बादल से गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, मैं कोई पंडित तो हूं नहीं। आपको थोड़े दिनों में पता चल जाएगा कि होना क्या है। हालांकि इससे पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने के बयान के बीच शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने भी सस्पेंस बनाए रखा है। सुखबीर बादल ने चंडीगढ़ में पार्टी मुख्यालय में आयोजित पीसी में एक सवाल किया गया कि अमित शाह पंजाब में एनडीए की सरकार बनाने की बात करते हैं, जबकि केवल सिंह ढिल्लों अकेले चुनाव लड़ने की बात कर रहे हैं। इस पर बादल ने कहा, “मैं कोई पंडित तो हूं नहीं। आपको थोड़े दिनों में पता चल जाएगा कि होना क्या है। गठबंधन पर उन्होंने कहा कि ” मैं पहले भी स्पष्ट कर चुका हूं कि पंजाब की दो पार्टियां दुश्मन हैं। एक कांग्रेस और दूसरी आम आदमी पार्टी। इनके अलावा बाकी जो भी पार्टियां हैं, जो पंजाब के हित्त में है। या जो हमारी फिलास्फी के साथ है। वह अपना है। 2020 में कृषि कानूनों पर अलग हुए थे दोनों दल अकाली दल ने सितंबर 2020 में कृषि कानूनों के विरोध में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए से नाता तोड़ लिया था। दोनों दलों के बीच करीब दो दशक पुराना गठबंधन था। इसके बाद से पंजाब की राजनीति में दोनों पार्टियां अलग-अलग चुनाव लड़ रही हैं। अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दोनों के दोबारा साथ आने की संभावनाओं को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। हालांकि, फिलहाल किसी भी दल की ओर से गठबंधन को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। गठबंधन टूटने से दोनों का नुकसान अकाली दल का शहरी हिंदू वोट बैंक कमजोर हुआ तो भाजपा ग्रामीण सिख और किसान बहुल इलाकों में अपनी पकड़ नहीं बना पाई। 2020 में कृषि कानूनों के विरोध में 24 साल पुराना गठबंधन टूटने के बाद दोनों दलों के पारंपरिक वोट बैंक में बिखराव आया। 2017 में अकाली दल ने 15 और भाजपा ने 3 सीटें जीती थीं। 2022 में अकाली दल 3 और भाजपा 2 सीटों पर सिमट गई। 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा को 18.56% और अकाली दल को करीब 13.4% वोट मिले, लेकिन भाजपा खाता नहीं खोल पाई और अकाली दल सिर्फ बठिंडा सीट जीत सका। अब 2027 चुनाव से पहले दोनों दलों के बीच गठबंधन की चर्चा फिर तेज है।
ग्रेटर आगरा में अपना घर बनाने का सपना देख रहे लोगों के लिए आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) ने एक और आवासीय योजना में प्लॉटों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस परियोजना के तहत विकसित हो रही गोमतीपुरम टाउनशिप के लिए सोमवार यानी 2 नवंबर से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने इसका शुभरंभ किया। गोमतीपुरम में 650 से अधिक आवासीय भूखंडों के लिए आवेदन किए जा सकेंगे। पंजीकरण की प्रक्रिया 2 दिसंबर तक चलेगी। करीब 49.45 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विकसित हो रही यह टाउनशिप आगरा की प्रमुख आवासीय योजनाओं में शामिल होगी। एडीए उपाध्यक्ष ने ये बताया एडीए उपाध्यक्ष विजय कुमार के अनुसार, गोमतीपुरम में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी और एचआईजी श्रेणी के भूखंड उपलब्ध होंगे। इससे अलग-अलग आय वर्ग के लोगों को अपनी जरूरत और बजट के अनुसार प्लॉट लेने का अवसर मिलेगा। इनर रिंग रोड के नजदीक विकसित हो रही इस टाउनशिप में बेहतर कनेक्टिविटी के साथ आधुनिक शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। ग्रेटर आगरा का हिस्सा है गोमतीपुरमगोमतीपुरम टाउनशिप ग्रेटर आगरा परियोजना का हिस्सा है। एडीए रायपुर और रहनकलां क्षेत्र में करीब 449.5 हेक्टेयर जमीन पर 5142 करोड़ रुपये की लागत से ग्रेटर आगरा विकसित कर रहा है। इसके तहत देश की प्रमुख नदियों के नाम पर 10 छोटी-छोटी टाउनशिप बसाई जानी हैं। इनमें आवासीय, व्यावसायिक और हरित क्षेत्र भी शामिल होंगे। गोमतीपुरम इसी परियोजना की प्रमुख आवासीय टाउनशिप है। 719 भूखंडों का है प्रस्तावित लेआउटगोमतीपुरम का प्रस्तावित क्षेत्रफल 49.45 हेक्टेयर है। टाउनशिप के मास्टर प्लान में 719 आवासीय भूखंड निर्धारित किए गए हैं। हालांकि, वर्तमान पंजीकरण चरण में 650 से अधिक भूखंडों के लिए आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। परियोजना का यूपी रेरा में भी पंजीकरण कराया गया है। इन सुविधाओं पर रहेगा जोरटाउनशिप में आवासीय भूखंडों के अलावा सड़क, बिजली, जल निकासी, सीवर और पार्क जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी व्यवस्था की गई है। नियोजित विकास के तहत आधारभूत ढांचे को विकसित किया जाएगा। जिससे भविष्य में यहां रहने वाले लोगों को व्यवस्थित आवासीय वातावरण मिल सके। पहले भी दो टाउनशिप में हो चुका है आवंटनग्रेटर आगरा परियोजना के तहत एडीए इससे पहले गंगापुरम और नर्मदापुरम टाउनशिप में भूखंड आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर चुका है। अब गोमतीपुरम के जरिए तीसरी आवासीय टाउनशिप में भूखंड लेने का अवसर मिलेगा। इससे ग्रेटर आगरा परियोजना के विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है। योजना की खास बातें आवेदन का माध्यम: एडीए की आधिकारिक वेबसाइट और ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल।
खराब मौसम ने रोकी विमानों की उड़ान, वाराणसी और काठमांडू जा रही चार फ्लाइट लखनऊ डायवर्ट
खराब मौसम के चलते आज 4 फ्लाइटों को डायवर्ट कर लखनऊ एयरपोर्ट पर उतारा गया। हालांकि कुछ घंटे बाद सभी अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए। जानकारी के मुताबिक ये फ्लाइट काठमांडू और वाराणसी के लिए जा रहे थे।
अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने सोमवार सुबह 10:30 बजे डॉक्टर भीमराव आंबेडकर पार्क से यातायात जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में स्कूली छात्र-छात्राओं और एनसीसी कैडेट्स के साथ एआरटीओ राजेश कुमार श्रीवास्तव, यात्री कर अधिकारी होरीलाल वर्मा, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बीसी सक्सेना, लोक निर्माण विभाग और शिक्षा विभाग समेत कई अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए। रैली डॉक्टर भीमराव आंबेडकर पार्क से शुरू होकर गांधी समाधि पहुंची, जहां सुबह करीब 11:30 बजे इसका समापन हुआ। इस दौरान अधिकारियों ने स्कूली छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों की जानकारी दी और उनका पालन करने का संकल्प दिलाया। अधिकारियों ने भी शपथ ली कि वे लोगों को जागरूक कर यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करेंगे, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने बताया कि रैली में संभागीय परिवहन विभाग समेत कई अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं और एनसीसी कैडेट्स शामिल हुए। रैली के माध्यम से आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया, ताकि अधिक से अधिक लोग नियमों का पालन करें और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आए। रैली में शामिल सेंट पॉल सीनियर स्कूल के छात्र-छात्राओं ने बताया कि उन्हें पुलिस और संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों ने यातायात नियमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को वाहन नहीं चलाना चाहिए। वहीं, 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को भी यातायात नियमों का पालन करते हुए ही वाहन चलाना चाहिए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। वहीं, मोदी दयावती अकादमी के छात्रों ने बताया कि रैली के माध्यम से उन्हें लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया। अधिकारियों ने उन्हें स्वयं नियमों का पालन करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की सीख दी।
अमरोहा में दीपावली से ठीक पहले खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जांच के नाम पर छोटे दुकानदारों को परेशान किए जाने का मामला गरमा गया है। इस उत्पीड़न और अवैध वसूली की शिकायतों को लेकर समाजवादी व्यापार सभा ने सोमवार को जोरदार विरोध जताया। संगठन ने स्पष्ट किया कि दीपावली के मौके पर हलवाई, परचून व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को डराया-धमकाया जा रहा है, जिससे व्यापारी वर्ग में भारी आक्रोश और खौफ का माहौल है। जिलाधिकारी के जरिए राज्यपाल को भेजा ज्ञापन सोमवार सुबह साढ़े 11 बजे समाजवादी व्यापार सभा के जिला अध्यक्ष सर्वेश सैनी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। वहां कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि दीपावली के सीजन में मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री की मांग बढ़ जाती है। इसका फायदा उठाकर अलग-अलग जिलों में विभागीय अफसर छोटे कारोबारियों पर बेजा दबाव बना रहे हैं। मिलावटखोरी पर कार्रवाई का समर्थन व्यापार सभा ने अपना रुख साफ करते हुए कहा कि संगठन किसी भी सूरत में मिलावटखोरी का समर्थन नहीं करता है और दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि, मिलावट की आड़ में ईमानदारी से अपना छोटा-मोटा कामधंधा चलाकर परिवार का पेट पालने वाले दुकानदारों को निशाना बनाना पूरी तरह से गलत है। जांच के नाम पर केवल भय का माहौल तैयार किया जा रहा है। शिकायतों के निवारण के लिए रखीं 7 मांगें उत्पीडन पर रोक लगाने के लिए संगठन ने शासन के सामने 7 प्रमुख मांगें रखी हैं। इसमें अधिकारियों द्वारा बिना वजह के निरीक्षण रोकने, किसी भी कार्रवाई के दौरान पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया का पालन करने, अवैध वसूली की शिकायत मिलने पर दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करने, दुकानदारों को डराने के बजाय जागरूक करने के लिए अभियान चलाने और हर जिले में व्यापारियों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एक प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग शामिल है।
नरसिंहपुर के खैरीनाका इलाके में सोमवार दोपहर तेज रफ्तार आल्टो कार ने पहले ड्यूटी पर तैनात सैनिक को टक्कर मारने की कोशिश की। सैनिक ने पीछे हटकर खुद को बचाया तो चालक ने जाते हुए कहा- 'बच गया साला।' इसके बाद कुछ दूरी पर कार ने स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसे में स्कूटी सवार विक्रम कौरव और मुस्कान घायल हो गए। मुस्कान के दोनों पैरों में फ्रैक्चर हुआ है। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। देखिए दो तस्वीरें… रॉन्ग साइड से आई थी कार यातायात थाना प्रभारी ममता तिवारी ने बताया कि शहर में दिन के समय भारी वाहनों का प्रवेश बंद रहता है। इसी व्यवस्था के तहत सैनिक योगेश शर्मा पुराने सोयाबीन प्लांट के पास ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान नरसिंहपुर से करेली जा रही तेज रफ्तार आल्टो कार (एमपी 20 सीसी 2293) रॉन्ग साइड में आई और सैनिक को टक्कर मारने की कोशिश की। सैनिक पीछे हटकर बच गए। इसके बाद कार चालक ने स्कूटी को टक्कर मार दी। करीब 50 मीटर आगे जाकर कार झाड़ियों में घुस गई। पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, तब तक चालक फरार हो चुका था। स्कूटी से पीजी कॉलेज जा रहे थे दोनों बासादेही नयाखेड़ा निवासी विक्रम ने बताया कि वह दोपहर करीब 12 बजे गांव की परिचित मुस्कान को लेकर पीजी कॉलेज जा रहे थे। खैरीनाका पर सामने से रॉन्ग साइड में आ रही कार ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। दोनों सड़क पर गिरकर घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने ऑटो से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है। यातायात थाना प्रभारी ने बताया कि कार के दस्तावेजों की वैधता को लेकर भी जानकारी सामने आई है।
शाजापुर में एसपी कार्यालय के स्टेशनरी सप्लाई टेंडर के बाद नवीन प्रिंटिंग प्रेस के संचालक मोहम्मद अली ने 25 लाख रुपए मांगने का आरोप लगाया है। उन्होंने स्टेशनरी विक्रेता अंकित नागर के खिलाफ कोतवाली थाने में आवेदन दिया है। पुलिस अधीक्षक शाजापुर प्रियंका शुक्ला ने कहा कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। मोहम्मद अली का आरोप है कि रुपए नहीं देने पर अंकित नागर ने उन्हें झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। आवेदन के मुताबिक, अप्रैल 2026 में अली ने एसपी कार्यालय में स्टेशनरी सप्लाई के लिए टेंडर भरा था। दस्तावेजों में कुछ जानकारी नहीं होने के कारण उनकी निविदा रद्द कर दी गई थी। फर्म की प्रतिष्ठा खराब करने की धमकी अली ने आवेदन में कहा कि अंकित नागर ने उनसे कहा कि एसपी साहब से उसके अच्छे संबंध हैं और उनके खिलाफ मामला दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया गया है। इसके बाद उनसे कथित तौर पर 25 लाख रुपए मांगे गए। आरोप है कि रुपए नहीं देने पर तत्कालीन एसपी से मामला दर्ज कराने और फर्म की प्रतिष्ठा खराब करने की धमकी दी गई। 12 लाख देने का आरोप अली के मुताबिक, 3 जुलाई 2026 को एसबीआई बंगले के बाहर अंकित नागर की स्कूटी पर बैठकर बातचीत हुई। इस दौरान कथित तौर पर एक व्यक्ति को 12 लाख रुपए दिए गए। साथ ही, 13 लाख रुपए का भारतीय स्टेट बैंक, शाजापुर का चेक अंकित नागर को जमानत के तौर पर दिया गया। अली ने 4 जुलाई को दोपहर 2 से 3 बजे के बीच उसी जगह 13 लाख रुपए देने का भी आरोप लगाया है। एसपी के ड्राइवर पर भी आरोप मामले में पुलिस विभाग के एक आरक्षक और तत्कालीन एसपी के चालक की भूमिका पर भी आरोप लगाए गए हैं। पुलिसकर्मी को उसके पद से हटा दिया गया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जिला तरनतारन की नवनियुक्त टीम की पहली संगठनात्मक बैठक में 'मिशन 2027' को लेकर रणनीति तैयार की गई। जिला प्रधान एडवोकेट सतनाम सिंह भुल्लर की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सर्वसम्मति से जिले की चारों विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज करने का संकल्प लिया गया। बैठक में विशेष रूप से मौजूद जिला प्रभारी नरेश शर्मा की उपस्थिति में पार्टी को जमीनी और बूथ स्तर पर मजबूत करने के साथ-साथ संगठन के विस्तार पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान पदाधिकारियों को केंद्र सरकार की जनहितकारी योजनाओं और भाजपा की नीतियों को घर-घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। जिला प्रधान सतनाम सिंह भुल्लर ने नवनियुक्त टीम के सदस्यों को उनकी योग्यता के अनुसार विधानसभा क्षेत्रों, मंडलों और मोर्चों की जिम्मेदारियां बांटीं। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियां समय पर पूरी करने और पार्टी गतिविधियों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। ये लोग थे मौजूद वरिष्ठ नेतृत्व व जिला पदाधिकारी: जिला प्रभारी नरेश शर्मा, पूर्व जिला प्रधान व हलका इंचार्ज तरनतारन हरजीत सिंह संधू, जिला उपप्रधान डॉ. अवतार सिंह वेईंपुईं, हरप्रीत सिंह सिंधबाद, चरणजीत सिंह खालसा, कारज सिंह शाह, हरमनदीप सिंह कल्ला, स्विंदर सिंह पन्नू, परमजीत सिंह और मेहर सिंह बाणिया। महामंत्री व सचिव: जिला महासचिव शिव कुमार सोनी, सुरजीत सिंह सागर, दिनेश जोशी; सचिव एडवोकेट बिक्रम अरोड़ा, रोहित वेदी, दविंदर कौर, सरनप्रीत सिंह, अमनदीप कौर, डॉ. बलजीत सिंह, निर्मल सिंह और परगट सिंह। कोषाध्यक्ष व प्रबंधकीय टीम: कोषाध्यक्ष शरणजीत सिंह, कार्यालय सचिव इकबाल सिंह, कार्यालय संयुक्त सचिव मनजिंदर सिंह, प्रोटोकॉल सचिव बलधीर सिंह व रितेश चोपड़ा। विभिन्न मोर्चों के अध्यक्ष: युवा मोर्चा प्रधान अमन अरोड़ा, एससी मोर्चा प्रधान अवतार सिंह, ओबीसी मोर्चा प्रधान निशान सिंह, किसान मोर्चा प्रधान बचित्तर सिंह, महिला मोर्चा प्रधान राजविंदर कौर और अल्पसंख्यक मोर्चा प्रधान सलीम अहमद। मीडिया व आईटी टीम: मीडिया इंचार्ज सिकंदर सिंह, मीडिया को-इंचार्ज करनदीप सिंह, आईटी इंचार्ज हरविंदर सिंह और सोशल मीडिया इंचार्ज श्रवण कुमार। कार्यकारिणी सदस्य: दलजीत सिंह अलगों कोठी, एडवोकेट जसकरन सिंह गिल, रमणदीप सिंह भरोवाल, सुभाष चंद बाठ और सदानंद चोपड़ा।
जयपुर में पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति पर जानलेवा हमला कर दिया। दोनों ने घर में घुसकर पति पर चाकू से हमला किया। पीड़ित को शरीर पर कई जगह से काट भी दिया। पति ने पत्नी और उसके प्रेमी को जयपुर के बड़ी चौपड़ पर साथ में घूमते हुए देख लिया था। पति प्राइवेट जॉब करता है। घटना के बाद जवाहर सर्किल थाने में पीड़ित पति ने शनिवार को पत्नी और उसके प्रेमी के खिलाफ FIR दर्ज करवाई । पति ने बड़ी चौपड़ पर प्रेमी के साथ देख लिया था ASI मुरारी लाल ने बताया- मालवीय नगर के रहने वाले 41 साल के व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पति ने आरोप लगाए कि उसकी पत्नी का किसी के साथ अवैध संबंध है। 23 अक्टूबर की सुबह करीब 6:30 बजे पत्नी और प्रेमी को जयपुर के बड़ी चौपड़ पर आपत्तिजनक अवस्था में देखा गया। इसके बाद पति प्रेमी के साथ पत्नी को घूमते पकड़े जाने पर अवैध संबंधों का विरोध किया। वहां मौजूद लोगों ने दोनों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी डाला। इसके बाद 23 अक्टूबर को ही रात के करीब 8:30 बजे पत्नी और उसके प्रेमी ने घर में घूसकर उस पर पति पर हमला कर दिया। आरोप है कि पत्नी ने दोनों हाथों को पकड़कर दांतों से शरीर पर जगह-जगह काटकर मांस फाड़ दिया। लोगों को देख दोनों भाग गए पति ने आरोप लगाया कि पत्नी के प्रेमी ने धारदार चाकू से उसके ऊपर हमला किया। चाकू के हमले से चेहरे, हाथ, हथेली और शरीर के कई हिस्सों पर वार कर घाव हो गए। पति के चिल्लाने पर आस-पास के लोग इकट्ठा होकर आए। लोगों को आते देखकर प्रेमी और पत्नी दोनों वहां से फरार हो गए।
पंजाब चुनाव से पहले AAP को बड़ा झटका, तीन पूर्व विधायकों ने थामा भाजपा का दामन
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक दल अपनी रणनीति मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में आम आदमी पार्टी के तीन नेताओं का एक साथ भाजपा में शामिल होना राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनने का संकेत दे रहा है।

