बीआरडी मेडिकल कालेज में जूनियर डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ आमने-सामने आ गए हैं। मामला तीन पुरुष नर्सिंग कर्मचारियों की पिटाई से बिगड़ा। उसके बाद पूरे दिन वहां खींचतान मची है। कर्मचारी मेडिकल कालेज प्रशासन पर आरोपी डॉकटरों को बचाने का आरोप लगा रहे हैं। अब वे कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में हैं। हालांकि गुरुवार की देर रात तक इस मामले में FIR दर्ज नहीं हो सकी थी। देर रात तक एक ओर जूनियर डॉक्टर व उनके समर्थन में एमबीबीएस के छात्र खड़े थे तो दूसरी ओर कर्मचारी डटे थे। कर्मचारी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ऐसे में मेडिकल कालेज में भर्ती मरीजों के तीमारदार घबराए हैं। इस तनावपूर्ण माहौल का अभी कोई हल नहीं निकल पाया है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि दिन में इंटर्न डॉक्टरों ने आन ड्यूटी कर्मचारियों के साथ मारपीट की थी। उनका कहना है कि दोपहर करीब 2 बजे सर्जरी विभाग का एक इंटर्न डॉक्टर ट्रॉमा वार्ड में इंजेक्शन लेने पहुंचा। वह एक साथ पूरा पैकेट ले जाने लगा। ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने उसे रोका और कहा कि जितनी जरूरत हो उतनी ही दवा ले जाए, क्योंकि सभी दवाओं का रिकॉर्ड वार्ड में दर्ज किया जाता है। कर्मचारियों का कहना है कि बिना एंट्री के दवा ले जाने से हिसाब गड़बड़ा जाता है और बाद में जिम्मेदारी तय करना मुश्किल हो जाता है। इसी बात को लेकर बहस शुरू हुई। बहस हाथापायी में बदल गई। नर्सिंग स्टाफ का आरोप है कि इसके बाद इंटर्न डॉक्टर वहां से चला गया और डेढ़ दर्जन से अधिक साथियों के साथ दोबारा वहां पहुंचा। नर्सिंग स्टाफ संतोष मसीह, शिवम मिश्रा और जय प्रकाश को पीटा गया। यह घटना सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई है। जानिए रात में क्या हुआदिन में हुई मारपीट की घटना के बाद नर्सिंग स्टाफ कार्रवाई को लेकर मेडिकल कालेज प्रशासन के सामने अपनी मांग रखने लगे। लेकिन उनका आरोप है कि देर शाम तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद नर्सिंग स्टाफ ने पुलिस में रिपोर्ट कराने का मन बनाया। देर रात तक रिपोर्ट भी नहीं लिखी गई थी। इधर इंटर्न डॉक्टरों के सहयोग में एमबीबीएस के छात्र भी आ गए। देर रात तक एक ओर डॉक्टर खड़े थे तो दूसरी ओर नर्सिंग स्टाफ। दोनों पक्षों को संभालने में पुलिस को पसीना छूट रहा था। दोनों पक्षों से एक-दूसरे से बहस जारी थी। पुलिस उनके बीच खड़ी रही और समझाने-बुझाने का प्रयास जारी रहा। कर्मचारियों का कहना है कि जूनियर डॉक्टर आए दिन तीमारदारों के साथ भी मारपीट करते हैं। कर्मचारियों से अभद्रता से पेश आते हैं। इस बार पानी सिर के ऊपर हो गया है। दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। अब जानिए मरीजों का क्या हो रहा मेडिकल कालेज में भर्ती मरीजों की देखभाल व इलाज में नर्सिंग कर्मचारियों एवं जूनियर डॉक्टरों का सबसे महत्वपूर्ण योगदान होता है। लेकिन गुरुवार की घटना ने मेडिकल कालेज का माहौल तनावपूर्ण हो चला है। वहां भर्ती मरीजों के तीमारदार भी परेशान हैं। आसानी से उन्हें न तो डॉक्टर मिल रहे हैं और न ही नर्सिंग स्टाफ। हालांकि दोनों पक्षों का दावा है कि उनकी ओर से मरीजों की देखभाल हो रही है। आज से आधिकारिक हड़ताल पर जा सकते हैं कर्मचारीइस मामले को लेकर नर्सिंग कर्मचारी शुक्रवार से आधिकारिक हड़ताल पर जा सकते हैं। कर्मचारियों ने इस पूरे मामले की जानकारी अपने प्रदेश स्तरीय संगठन को दे दिया है। वहां से हड़ताल को लेकर दिशा-निर्देश भी मांगा गया है। कर्मचारी एकजुट होकर शुक्रवार को भी मेडिकल कालेज में मौजूद रहेंगे।
आजमगढ़ जिले के सिधारी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर ने बाइक सवार युवक को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही आस पास के लोगों की मदद से गंभीर रूप से घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। जहां इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। मृतक युवक की पहचान विशाल कुमार 25 पुत्र कैलाश के रूप में हुई। घटना की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हादसे के बाद बाइक के परखच्चे उड़ गए। पुलिस ने डेडबॉडी को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। भाई की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमाइस मामले में मृतक विशाल कुमार के भाई मुन्ना ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि मेरा भाई अपनी बाइक से अपने घर जा रहा था। इसी दौरान छतवारा बाजार से कुछ दूरी पर तेज रफ्तार बेकाबू फॉर्च्यूनर ने जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में गंभीर रूप से घायल भाई की इलाज के दौरान मौत हो गई। ऐसे में पीड़ित ने आरोपी फॉर्च्यूनर चालक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। पीड़ित की तहरीर पर मामले में मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है। आस पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे है। जिससे कि घटना को अंजाम देने वाले आरोपी की पहचान हो सके।
साल 2017 में इंदौर के ललेडीपुरा माचल में स्लॉटर हाउस बनाने को लेकर बार-बार विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने स्पष्ट किया कि नगर निगम की किसी भी योजना में ललेडीपुरा और आसपास के गांवों में स्लॉटर हाउस बनाने का कोई विचार नहीं है। महापौर ने कहा कि हमारे पास स्थानीय गोपालकों और गांव वासियों से इस विषय पर जानकारी आई है और उन्होंने ये स्पष्ट किया है कि ललेडीपुरा माचल में स्लॉटर हाउस बनाने की नगर निगम की कोई मंशा नहीं है। महापौर ने यह भी बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर पहले भी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए थे और अब फिर से सभी अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि इस क्षेत्र में स्लॉटर हाउस का निर्माण नहीं किया जाएगा। महापौर ने कहा साल 2017 में तत्कालीन समय में इस परियोजना को लेकर अनुमति और कार्रवाई की गई थी, लेकिन अब वे इस निर्णय को निरस्त करने के निर्देश दे चुके हैं।
इलाहाबाद हाइकोर्ट ने पत्नी और तीन बच्चों की निर्मम हत्या के आरोप में करीब 23 वर्ष जेल में बिताने वाले एक व्यक्ति को साक्ष्यों के अभाव में बरी किया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में विफल रहा है। साथ ही न्यायालय ने आपराधिक न्याय प्रणाली पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल सम्मेलन और बैठकों से स्थिति नहीं सुधरेगी, बल्कि जजों की संख्या, सहायक स्टाफ और आधारभूत ढांचे में वास्तविक वृद्धि की आवश्यकता है। जस्टिस सिद्धार्थ और जस्टिस जय कृष्ण उपाध्याय की खंडपीठ ने अपने 10 पृष्ठों के निर्णय में कहा कि यह मामला आपराधिक न्याय वितरण प्रणाली पर दुखद टिप्पणी है और आत्ममंथन की आवश्यकता है। पीठ ने कहा कि ठोस सुधारात्मक कदम समय की मांग हैं। किस मामले की सुनवाई पर की टिप्पणी मामले के अनुसार 29 और 30 अगस्त, 2003 की रात को आरोपी रईस पर आरोप था कि उसने घरेलू विवाद के बाद अपनी पत्नी और तीन बच्चों की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। मृतका के मामा ने एफआईआर दर्ज कराई। ट्रायल कोर्ट ने उसे चार हत्याओं का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषसिद्धि के विरुद्ध अपील पर सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट ने अभियोजन के साक्ष्यों की गहन जांच की। विशेषकर एकमात्र कथित प्रत्यक्षदर्शी, आरोपी के पांच वर्षीय जीवित पुत्र अजीम के बयान की। क्रॉस एक्जामिनेशन के दौरान बाल गवाह ने स्वीकार किया कि उसने सूचना देने वाले और एक सरकारी वकील के कहने पर बयान दिया। उसने यह भी कहा कि यदि वह उनके अनुसार, गवाही नहीं देता तो उसे घर से निकाल देने की धमकी दी गई। बच्चे ने अदालत में बताया कि घटना के समय उसका पिता गांव से बाहर भूसा बेचने गया और पत्नी की हत्या की सूचना मिलने के बाद अगली सुबह लौटा। उसने यह भी कहा कि जब उसके पिता घर पहुंचे और शवों को देखकर रोए, तब उनके कपड़ों पर खून के धब्बे लग गए। बाद में सूचना देने वाले से कहासुनी हुई और उसी के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट को संदेह हुआ अदालत ने भूमि विवाद को लेकर सूचना देने वाले और आरोपी के बीच पूर्व शत्रुता का भी संज्ञान लिया, जिससे उसके आरोपों की निष्पक्षता पर संदेह उत्पन्न हुआ। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत कथित अतिरिक्त न्यायिक स्वीकारोक्ति को भी अदालत ने अस्वीकार किया। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के सहादेवन बनाम तमिलनाडु राज्य के निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे बयानों को सावधानी से परखा जाना चाहिए। यहां जांच अधिकारी ने दो महीने की अस्पष्ट देरी के बाद बयान दर्ज किए और यह स्वाभाविक नहीं लगता कि आरोपी किसी दूसरे गांव के ऐसे व्यक्तियों के सामने अपराध स्वीकार करता, जिनसे उसका कोई घनिष्ठ संबंध नहीं था। साक्ष्य कहानी से मेल नहीं खाते मेडिकल साक्ष्य भी अभियोजन की कहानी से मेल नहीं खाते पाए गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार घाव किसी भारी धारदार हथियार से किए गए, जिससे गर्दन लगभग धड़ से अलग हो गई थी। इससे यह सिद्धांत कमजोर पड़ गया कि साधारण चाकू से ऐसी घातक चोटें पहुंचाई गईं। पीठ ने आरोपी के साथ कथित पुलिस अत्याचार के साक्ष्यों पर भी ध्यान दिया जो जांच अधिकारी के उस कथन से विपरीत है, जिसमें उसने हिरासत में मारपीट या नाखून उखाड़ने से इनकार किया। इन सभी परिस्थितियों में हाइकोर्ट ने कहा कि यद्यपि यह अत्यंत जघन्य अपराध है लेकिन उपलब्ध साक्ष्य यह सिद्ध नहीं करते कि यह अपराध अपीलकर्ता ने ही किया। संदेह का लाभ देते हुए अदालत ने उसे बरी कर दिया और निर्देश दिया कि यदि वह किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है तो उसे तत्काल रिहा किया जाए। अदालत ने मार्मिक टिप्पणी करते हुए कहा कि आरोपी की वास्तविक पीड़ा अब शुरू होगी। संभव है उसके माता-पिता और भाई-बहन जीवित न हों। उसकी पत्नी और तीन बच्चे पहले ही मर चुके हैं। उसका जीवित पुत्र, जो अब लगभग 25-26 वर्ष का होगा, क्या अपने पिता को स्वीकार करेगा, यह भी निश्चित नहीं है।
इंदौर–उज्जैन ग्रीन फील्ड 4 लेन सड़क का काम जल्द प्रारंभ होने जा रहा है। आगामी सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए इस प्रोजेक्ट को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भूमि अधिग्रहण के बदले उचित मुआवजा मिलने और निर्माण संबंधी समस्याओं के निराकरण के बाद प्रभावित किसानों और भू-स्वामियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। किसानों ने गुरुवार को रेसिृीडेंसी कोठी पहुंचकर कलेक्टर शिवम वर्मा को साफा पहनाया और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनके माध्यम से मुख्यमंत्री के प्रति कृतज्ञता जताई। किसानों ने कहा कि पारदर्शी प्रक्रिया के तहत मिला मुआवजा उनके लिए आर्थिक रूप से सहायक सिद्ध होगा और क्षेत्रीय विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा। हाल ही में मुख्यमंत्री ने निर्णय लिया है कि इंदौर–उज्जैन ग्रीन फील्ड फोर लेन रोड अब एलिवेटेड की बजाय जमीनी स्तर पर बनाई जाएगी। भोपाल में किसानों से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में इंदौर–उज्जैन एक महत्वपूर्ण मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के रूप में विकसित होगा, इसलिए परियोजना किसानों के सुझावों के अनुरूप क्रियान्वित की जाएगी। प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने के लिए शासन-प्रशासन प्रतिबद्ध है। इस प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज गति से चल रही है। कुल 20 गांवों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है। प्रभावित किसानों को अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के लिए बिक्री छाँट प्रक्रिया अपनाई गई है। अब तक अधिग्रहित भूमि के बदले 626 करोड़ की मुआवजा राशि मंजूप की जा चुकी है। इससे 662 खातेदार और परिवार लाभान्वित होंगे। मुआवजा वितरण की प्रोसेस भी प्रारंभ हो गई है। इन गांवों की भूमि अधिग्रहितप्रोजेक्ट के तहत हातोद और सांवेर तहसील के बुढ़ानिया, हातोद, सगवाल, कांकरिया बोडिया, जंबूड़ी सरवर, जिन्दाखेड़ा, रतनखेड़ी, बीबी खेड़ी, पिपलिया कायस्थ, हरियाखेड़ी, खतेडिया, रंगकराडिया, कछालिया, बलघारा, पोटलोद, टुमनी, मगरखेड़ी, चित्तौड़ा, बालरिया और रालामंडल सहित कुल 20 गांव शामिल हैं। सिंहस्थ और औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावायह सड़क बेहतर और सुगम आवागमन सुनिश्चित करेगी तथा औद्योगिक, व्यापारिक और धार्मिक पर्यटन को गति देगी। सिंहस्थ जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान भी यह मार्ग महत्वपूर्ण साबित होगा। परियोजना में दोनों ओर सर्विस रोड, अंडरपास और आवश्यक डक्ट निर्माण का प्रावधान रखा गया है, जिससे यातायात सुरक्षित और व्यवस्थित रहेगा। इस अवसर पर अंजुम पटेल, भेरू सिंह राठौड़, संदीप चौधरी, देव चंदेल, ललित शर्मा सहित अन्य किसानों ने प्रोजेक् को क्षेत्रीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
लखनऊ में 'विजय-पर्व' का मंचन:मौर्यकाल की गाथा जीवंत हुई, अशोक की क्षमाशीलता को दिखाया
गोमती नगर स्थित संत गाडगे जी महाराज प्रेक्षागृह में शनिवार शाम ऐतिहासिक नाटक 'विजय-पर्व' का प्रभावशाली मंचन किया गया। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से संस्था 'विजय बेला एक कदम खुशियों की ओर, लखनऊ' ने इस प्रस्तुति का आयोजन किया। साहित्यकार डॉ. रामकुमार वर्मा की रचना और चंद्रभाष सिंह के निर्देशन ने नाटक को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। नाटक के प्रथम अंक में मौर्यकाल की राजनीतिक हलचलें जीवंत हो उठीं। अमात्य-मंडल द्वारा अशोक को उत्तराधिकारी घोषित किए जाने के बाद उनके भाइयों सुसीम और सुगाम की महत्वाकांक्षा षड्यंत्र में बदल जाती है। सोन नदी के तट पर रची गई योजना और अशोक का धैर्यपूर्ण आत्मविश्वास यह दर्शाता है कि उनकी जीत केवल शौर्य की नहीं, बल्कि संयम और दृढ़ता की भी थी। अशोक की क्षमाशीलता को दिखाया गया द्वितीय अंक में उज्जयिनी और पश्चिम-चक्र की राजनीति के माध्यम से सुगाम की महत्वाकांक्षा को दर्शाया गया। कलिंग नरेश के साथ उसकी गुप्त संधि ने कहानी को नया मोड़ दिया। गुप्तचर विभाग की सतर्कता और अशोक की क्षमाशीलता ने उनके उदात्त चरित्र को मंचन में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। तलवार की विजय पर आत्मबोध की विजय भारी पड़ती नाटक का सबसे प्रभावशाली दृश्य 261 ईसा पूर्व के कलिंग युद्ध का रहा। प्रकाश और ध्वनि के सशक्त संयोजन के बीच युद्ध की भयावहता, घायल सैनिकों की कराह और एक शोकाकुल मां की वेदना ने सभागार को स्तब्ध कर दिया। यही वह क्षण था जब अशोक के भीतर करुणा का जन्म हुआ, और तलवार की विजय पर आत्मबोध की विजय भारी पड़ती दिखाई दी। निर्देशक ने इस ऐतिहासिक मोड़ को बेहद संवेदनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया। कलाकारों ने निभाए सशक्त किरदार जूही कुमारी, मुस्कान सोनी, नीलम मसीह, लावण्या बाजपेई, लता बाजपेई, नरेंद्र पाठक, प्रणव श्रीवास्तव, मुकुल कुमार, गिरिराज किशोर शर्मा, मृत्युंजय प्रकाश, मो. आवेश, आयुष प्रजापति, कृष्ण कुमार पाण्डेय, उज्ज्वल सिंह और प्रेम कुमार सहित अन्य कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय से पात्रों को सजीव कर दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया यूजर्स को ज्यूडिशियरी पर ऑनलाइन गालियां न देने की चेतावनी दी, जो फेयर कमेंट या किसी फैसले की सोची-समझी आलोचना के बचाव से आगे जाती हैं। जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की बेंच ने कहा कि अगर कोर्ट अपने कंटेम्प्ट जूरिस्डिक्शन में ऐसे पोस्ट पर संज्ञान लेता है तो इसके सख्त कानूनी नतीजे होंगे। कोर्ट ने कहा, हम लोगों को भविष्य में सावधान रहने की याद दिलाना चाहते हैं, क्योंकि सोशल मीडिया पर ऐसे शब्द सर्कुलेट होते हैं, जो बहुत साफ तौर पर अपमानजनक होते हैं। साथ ही, जब भी हमारे कंटेम्प्ट जूरिस्डिक्शन में संज्ञान लिया जाता है तो कंटेम्प्ट करने वाले को कानून की सज़ा मिल सकती है, जिसे कोर्ट लगाने में संकोच नहीं करेगा। बोलने की आजादी के नाम पर क्रिमिनल कंटेम्प्ट कोर्ट ने यह टिप्पणी इस बात पर गहरी चिंता के साथ कही कि बोलने की आज़ादी की आड़ में क्रिमिनल कंटेम्प्ट के मामले आजकल सोशल मीडिया पर बहुत ज़्यादा हैं। बेंच ने कहा कि इस तरह के वर्चुअल गलत इस्तेमाल बोलने की आज़ादी की हद पार करते हैं। मामला बस्ती डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में वकील हरि नारायण पांडेय के व्यवहार से जुड़े कंटेम्प्ट ऑफ़ कोर्ट्स एक्ट, 1971 की धारा 15 के तहत क्रिमिनल कंटेम्प्ट रेफरेंस पर विचार कर रही थी। बस्ती के तत्कालीन सिविल जज सीनियर डिवीजन अमित मिश्रा ने हाईकोर्ट को सन्दर्भ अधिवक्ता हरिनारायण पांडेय के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही चला कर उन्हें दंडित करने को भेजा था। कोर्ट ने बिना शर्त माफी को मान लिया हालांकि कोर्ट ने आखिरकार पांडेय की बिना शर्त माफी मान ली, लेकिन उसने कहा कि बोलने की आज़ादी के नाम पर सोशल मीडिया पर क्रिमिनल कंटेम्प्ट के बहुत सारे मामले हैं, जो हद पार करते हैं। ये बातें कहने का मौका तब आया, जब हाईकोर्ट की ओर से पेश हुए वकील ने कहा कि क्रिमिनल कंटेम्प्ट ऑफ़ कोर्ट होना रोज़मर्रा की बात बन गई है। बेंच ने अपने आदेश में कहा कि हाईकोर्ट के वकील की चिंता निश्चित रूप से गलत नहीं थी और इसमें बहुत समझदारी थी। बेंच ने कहा कि हालांकि वह इस मुद्दे पर ज्यूडिशियल नोटिस नहीं ले रही है, क्योंकि इसके नतीजे होंगे, लेकिन वह सोशल मीडिया पर क्रिमिनल कंटेम्प्ट के बहुत सारे मामलों पर ज्यूडिशियल ध्यान दे रही है। कोर्ट ने साफ़-साफ़ कहा कि मीडिया पर की गई गाली-गलौज किसी भी तरह से सही कमेंट या किसी फ़ैसले की सोची-समझी आलोचना के दायरे में नहीं आ सकती।केस के मेरिट के बारे में बेंच ने कहा कि अवमानना करने वाला बेंच के सामने पेश हुआ और उसने अपनी बातों को सही नहीं ठहराया और माना कि जिस दिन यह बुरी घटना हुई, उस दिन वह अपने ही कारणों से बहुत परेशान था।
लखनऊ में गुरुवार को रोटरी क्लब ऑफ लखनऊ ने रोटरी मार्ग, निराला नगर स्थित रोटरी भवन में अपना 89वां चार्टर डे और रोटरी इंटरनेशनल का फाउंडेशन डे मनाया। इस अवसर पर शहर के गणमान्य रोटेरियन और उनके परिवारजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समारोह का मुख्य आकर्षण पद्मश्री से सम्मानित प्रो. डॉ. रोटेरियन राजेंद्र प्रसाद का सम्मान रहा। क्लब ने उनके सामाजिक और शैक्षिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। रोटरी क्लब सेवा कार्यों के प्रति प्रतिबद्ध इस अवसर पर नवनिर्वाचित डिस्ट्रिक्ट गवर्नर एनडी रोटेरियन मंकेश्वर पांडेय अपनी धर्मपत्नी के साथ सम्मानित अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने रोटरी की सेवा परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया और क्लब के कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्लब अध्यक्ष रोटेरियन गणेश अग्रवाल ने की, जबकि संचालन सचिव रोटेरियन विभोर अग्रवाल ने किया। अध्यक्ष ने अपने संबोधन में रोटरी के सेवा कार्यों, समाज के प्रति प्रतिबद्धता और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने के संकल्प को दोहराया।इस मौके पर क्लब के पूर्व अध्यक्षों को भी उनके उत्कृष्ट सेवा कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य आयोजक असिस्टेंट गवर्नर रो. प्रवीण कुमार मित्तल थे। ये लोग शामिल हुए कार्यक्रम में पीडीजी सीपी अग्रवाल, पीपी दीपक व संगीता मरवाहा, पीपी अजय सक्सेना, पीपी वाईके गोयल, पीपी विनोद चन्द्रमणि, पीपी नरेश अग्रवाल, पीपी संगीता मित्तल, अनिल सिंघल, निर्मल, विनीता, अंजना सहित अन्य क्लब अध्यक्ष और सचिव उपस्थित रहे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वर्ष 2009 में सपा काल में थाना मैनपुरी पुलिस अभिरक्षा में हुई एक दिव्यांग की मौत मामले में मैनपुरी के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक, अजय कुमार मिश्रा (वर्तमान पुलिस महानिरीक्षक, प्रयागराज रेंज) और तत्कालीन अपर जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह(वर्तमान अतिरिक्त सचिव, सचिवालय, देहरादून उत्तराखंड सरकार ) को पक्षकार बनाते हैं नोटिस जारी कर हलफनामा मांगा है। याचिका की अगली सुनवाई की तिथि 16 मार्च नियत की गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन तथा न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने एसोसिएशन फार एडवोकेसी एण्ड लीगल इनीशिएटिव लखनऊ की जनहित याचिका पर दिया है। 9 मई 2009 को मैनपुरी के थाना धन्ननाहार में पुलिस लॉकअप के अंदर शौचालय में हुई नाहर सिंह उर्फ स्नेह नामक पोलियो ग्रसित 23 वर्षीय युवक की मृत्यु हो गई।लाश फंदे से लटकी मिली थी।जिसे खुदकुशी बताया गया। हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई कोर्ट ने तत्कालीन उप जिलाधिकारी मैनपुरी, कर्मेंद्र सिंह द्वारा घटना की मजिस्ट्रियल रिपोर्ट पर नाराजगी व्यक्त की।और बेहतर हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया। उन्हें अगली तारीख, 16 मार्च को पुन: व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने को आदेशित किया है। कोर्ट ने मामले में पुलिस एवं प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई पर कुछ अहम सवाल पूछे। न्यायालय द्वारा घटना की वीडियो ग्राफी एवं उससे संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने का आदेश दिया एवं पुलिस अभिलेखों में उक्त घटना की प्रविष्टि से संबंधित भी कुछ अहम सवाल पुलिस एवं प्रशासन से किये। धन्नाहार थाने के थाना अध्यक्ष को भी अभिलेख सहित हलफनामा सहित हाजिर होने का आदेश दिया। जनहित याचिका मैनपुरी के 23 वर्षीय विकलांग युवक नाहर सिंह की पुलिस अभिरक्षा में हुई मृत्यु प्रकरण में दोषी अधिकारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर सीबीआई जांच की मांग के लिए दाखिल की गई है। स्थानीय पुलिस प्रशासन ने मामले को आत्महत्या का रूप दे रफा दफा कर दिया था।
बर्रा में बेखौफ दबंगों ने खाकी के इकबाल को खुलेआम चुनौती दे डाली। पति-पत्नी के विवाद की सूचना पर पहुंचे दो दरोगाओं को नशेबाजों ने घेर लिया, फिर एक दरोगा के साथ मारपीट कर दी। हमलावरों से खुद को घिरा देख दरोगा ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। पुलिस फोर्स के पहुंचने पर हमलावर धमकी देकर भाग निकले। दरोगा ने एक नामजद व तीन महिलाओं समेत 7 लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। 23 फरवरी की शाम की घटना दरोगा अरविंद कुमार ने बताया कि 23 फरवरी की शाम वह जेब्रा-75 से दरोगा हरिभजन सिंह के साथ यादव मार्केट में भ्रमण कर रहे थे। शाम 4:20 बजे छेदीपुरवा में नशे में धुत मनीष कुमार गुप्ता और पत्नी आरती के बीच विवाद होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे तो दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे थे। पति-पत्नी को शांत करने के बाद थाने में तहरीर देने की बात कही, इसके बाद वह बाइक के पास पहुंचे। जहां नशे में धुत कुछ लोग बाइक को घेरने के साथ उस पर बैठे मिले। उनसे बाइक से हटने को कहा तो नशेबाज गाली-गलौज कर विवाद करने लगे। इस दौरान एक नशेबाज ने दरोगा अरविंद की वर्दी पकड़ कर घसीटना शुरू कर दिया। जिससे नेम प्लेट टूट गई, साथ ही किसी ने पीछे से पीठ पर मुक्का मार दिया। इसके बाद दो-तीन महिलाओं समेत करीब आधा दर्जन लोग दोनों दरोगा से धक्का-मुक्की करने लगे। पुलिस फोर्स आने पर आरोपी धमकी देकर भाग निकले। थाना प्रभारी रवींद्र श्रीवास्तव ने बताया कि दरोगा अरविंद की तहरीर पर आरोपी सुनील समेत सात अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगी है।
अपनी भविष्यवाणियों के जरिये खास चर्चा में आए द डिक्टेटर एस्ट्रोलॉजर नाम से प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य सुमिताचार्य महाराज ने आने वाले सालों को लेकर भी कई अहम भविष्यवाणियां की हैं। सोशल मीडिया पर इन दिनों खास सुर्खियां बटो रहे एस्ट्रोलॉजर सुमिताचार्य महाराज ने मार्च 2026 से लेकर 10 दिसंबर 2026 तक देश और दुनिया को लेकर कई बड़ी बातें बोली हैं। सुमिताचार्य ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों पर भी काफी कुछ कहा। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य का योग ठीक नहीं चल रहा है। खासकर अप्रैल के बाद वाला योग गहराता नजर आता है। हालांकि उन्होंने शंकराचार्य का समर्थन किया। कहा धर्माचार्यों को लेकर जो कुछ चल रहा है वह ठीक नहीं है। शंकराचार्य के खिलाफ जो साजिश हो रही है, उसमें कोई कुछ नहीं कर रहा है। न नेता और न ही जनता यह बहुत ही निंदनीय है। इससे पहले भी एक धर्माचार्य को जेल भेज उनकी जिंदगी बर्बाद की गई। भारत में चीजें काफी गड़बड़ हो रही हैं। उन्होंने कहा कि धर्म का झंडा जब लड़खड़ाए तो सबको मिलकर उसे खड़ा करना चाहिए। ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है। कहा कि धर्मगुरु खासकर शंकराचार्य के साथ ऐसा व्यवहार बिलकुल भी ठीक नहीं है। भारत में काफी बदलाव आने वाले हैं। राजनीतिक उठापटक, सत्ता पटल भी बताया राजनीतिक उठापटक, भूकंप, हादसे, हमले, आपदा, सत्ता पलट, युद्व, शेयर मार्केट, विदेशों के बड़े इश्यू, महंगाई, प्लेन क्रैश यहां तक की दंगों को लेकर भविष्यवाणियां की हैं। प्रयागराज में सुमिताचार्य ने भूत, भविष्य और योजनाओं को लेकर बातचीत की। मदनपुर औरंगाबाद बिहार के रहने वाले सुमिताचार्य सिंगापुर में और बिहार में गुरुकुल चलाते हैं। सोशल मीडिया पर सवा मिलियन लोग इनसे जुड़ कर इनकी भविष्यवाणियां सुनते हैं। 9 फ़रवरी 2026 को इनकी बैंक क्रैश की भविष्यवाणी चर्चा में रही। इन्होंने 10 जुलाई 2025 को 48 भविष्यवाणियों की लिस्ट निकाली थी। उस लिस्ट में 28 जनवरी 2026 को हुए विमान हादसे के बारे में 7 महीने पहले ही बताया था। दावा है कि इन्होंने कहा था 27 फ़रवरी तक विमान का उड़ना सही नहीं है। यह सच साबित हुई थी। अमेरिका के कई देशों पर होने वाले घटनाक्रम का विस्तार से बताया था। ईरान के युद्ध को लेकर भी भविष्यवाणी का दावा किया था। जानिये क्या है आगे की भविष्यवाणियां 20 मार्च 2026 - 18 अप्रैल 2026 (युद्ध , बैंक को क्षति, शेयर मार्केट ) - मिडलईस्ट ईरान, इजराइल आदि का मामला जो शांत हुआ था, इसी अवधि में बड़े मिडल ईस्ट में उत्पात बढ़ेगा अचानक से। - पूर्वी भारत में हिंसा की भविष्यवाणी की है। - भारत में सत्ता परिवर्तन होगा (राज्यों में सत्ता पलट का योग ) - सोना , चाँदी अचानक से गति पकड़ लेगा। - शेयर में उछाल आयगा। 18 अप्रैल 2026 - 16 मई 2026 (भूकम्प, सत्ता पलट ) - जेल से संबंधित कोई बड़ा तांडव होगा - मिडल ईस्ट में सत्ता परिवर्तन होगा - भूकंप: चीन, रूस, मंगोल के क्षेत्र में शक्तिशाली भूकंप। - उत्तराखंड में बड़ा लैंडस्लाइड, पहड़ी यात्रा से बचें। - पाकिस्तान में महंगाई बहुत बढ़ जाएगी। 17 मई 2026 से 15 जून 2026 (आतंकवाद, बाढ़, दंगा) - भारत में आतंकवादी पकड़ा जाएगा, बहुत बड़ी आतंकी साजिश को रोक लिया जाएगा। - केरल और तमिलनाडु में बाढ़ से नूकसान होगा। - बांग्लादेश और म्यामार में नए मुद्दे पर कोई नया धार्मिक दंगा। 16 जून 2026 से 14 जुलाई 2026 l (प्लेन क्रैश , हत्या , दंगा , हड़ताल, सत्ता पलट) - विमान हादसा का योग है। - अग्निपंचक में लगा सूर्य ग्रहण और होलिका का चंद्रग्रहण उसी पक्ष में राज्य सत्ता घाट का योग बनाता है । –जम्मू कश्मीर में हिंसा होगी। - मिडल ईस्ट में सत्ता परिवर्तन 15 जुलाई 2026 से 12 अगस्त 2026 (दंगा, आतंकवाद ) - भारत के नॉर्थईस्ट और बंगाल में हलचल रहेगी। - इंटरनेशनल रिलेशंस भारत के ख़राब हो जाएंगे। 13 अगस्त 2026 से 11 सितंबर 2026 (युद्ध , बादल फटना , बॉलीवुड ) - वर्ल्ड वॉर का ट्रिगर दबेगा, बड़े स्तर का अंतराष्ट्रीय युद्ध का योग है। - यूरोप में गृह युद्ध होगा, जगह जगह आग विस्फोट का योग। - बॉलीवुड के बड़े हस्ती का निधन होगा - शेयरमार्केट नीचे जाएगा - बैंकों को भारी नुकसान - जम्मू, उत्तराखंड , हिमाचल में बादल फटेगा और भारी नुकसान 12 सितंबर 2026 से 10 अक्टूबर 2026 (शेयरमार्केट, जन पलायन , युद्ध , भूकंप , सट्टा पलट ) - शेयरमार्केट में फेक न्यूज़ का प्रभाव, मार्केट क्रैश होगा । - मुसलमान राष्ट्रों में युद्ध भड़क उठेगा। - भारत के पूर्व दिशा में भूकंप आएगा और प्राकृतिक आपदा आएगी । - दो चर्चित पोलिटिकल पार्टी अलग हो जाएगी । - शेयर मार्केट में शुरू में 26 अक्टूबर के बाद तेज़ी आएगी । उससे पहले नीचे गिरेगा - दिल्ली में उपद्रोह मचेगा 10 नवंबर 2026 - 10 दिसंबर 2026 हरियाणा , पंजाब , राजस्थान में विदेशी गतिविधि से संबंधित क्षति का योग
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) के गर्ल्स हॉस्टल में एक छात्रा की गतिविधियों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रथम वर्ष की एक छात्रा के खिलाफ अन्य छात्राओं को कथित रूप से अनुचित गतिविधियों के लिए उकसाने और दबाव बनाने की शिकायत मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच कर उसे हॉस्टल से निष्कासित कर दिया है। हॉस्टल की पांच छात्राओं ने लिखित शिकायत में आरोप लगाया कि संबंधित छात्रा उन्हें बॉयफ्रेंड बनाने के लिए प्रेरित करती थी और इसे ‘कॉलेज लाइफ एंजॉय करने’ का हिस्सा बताती थी। शिकायत के मुताबिक, वह एक मोबाइल ऐप के जरिए बॉयफ्रेंड बनवाने की बात करती थी और अन्य छात्राओं से अज्ञात युवकों से बातचीत और घूमने-फिरने के लिए दबाव बनाती थी। वीडियो कॉल और दबाव की बात आई सामने जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि संबंधित छात्रा अज्ञात युवकों से वीडियो कॉल पर बातचीत करती थी और अन्य छात्राओं को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करती थी। कुछ छात्राओं ने खुद को असहज और भयभीत महसूस करने की बात कही है। पांच शिकायतकर्ता छात्राओं के अलावा दस से अधिक छात्राओं ने भी जांच के दौरान इन आरोपों की पुष्टि की है। प्रशासन का कहना है कि प्राथमिक जांच में आरोपों के समर्थन में पर्याप्त तथ्य मिले हैं। वार्डन को आठ दिन पहले मिली थी जानकारी करीब आठ दिन पहले हॉस्टल वार्डन को इस संबंध में शिकायत दी गई थी। शिकायत मिलने के बाद छात्रा के सामान की जांच की गई, जिसमें कुछ आपत्तिजनक सामग्री मिलने की बात सामने आई। उक्त सामग्री को जब्त कर लिया गया है। कुलपति को सौंपी गई रिपोर्ट पूरी जांच रिपोर्ट कुलपति प्रो. राकेश सिंघई और रजिस्ट्रार प्रज्ज्वल खरे को सौंप दी गई है। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित छात्रा को तत्काल प्रभाव से हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी छात्राओं से अपील की है कि किसी भी प्रकार के दबाव, उत्पीड़न या अनुचित व्यवहार की स्थिति में तुरंत शिकायत करें। मामले में आगे की प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की संभावना जताई जा रही है। यह खबर भी पढ़ें भोपाल की सगी बहनें धर्मांतरण के आरोप में अरेस्ट:गुजरात और मुंबई लड़कियां सप्लाई करतीं मध्य प्रदेश पुलिस ने भोपाल में काम देने के बहाने धर्मांतरण और सेक्स रैकेट चलाने के आरोप में दो सगी बहनों को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि वे लड़कियों का धर्मांतरण करवाकर अमीर युवकों को गुजरात और मुंबई तक सप्लाई करती थीं। दोनों ने इतना पैसा कमाया कि भोपाल की अब्बास नगर की एक झुग्गी से निकलकर आशिमा मॉल के पास सागर रॉयल विला में आलीशान विला खरीद लिया। अमरीन और आफरीन नाम की ये बहनें लग्जरी लाइफ स्टाइल जीती थीं। मामले का खुलासा तब हुआ, जब रविवार रात को भोपाल और छत्तीसगढ़ की रहने वाली दो युवतियां राजधानी के बाग सेवनिया थाने पहुंच गईं। दोनों ने थाने में अलग-अलग शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल एक्शन लिया। सोमवार को अमरीन, आफरीन और चंदन यादव को गिरफ्तार कर लिया। तीन अन्य आरोपी बिलाल, चानू और यासिर की तलाश की जा रही है। शराब और ड्रग्स लेने के लिए दबाव डालती थीं
अबकी बार भोपाल की 87 शराब ठेकों से सरकार को 239 करोड़ रुपए या इससे ज्यादा मिल सकते हैं। पिछले साल रिजर्व प्राइस (आरपी) 1073 करोड़ रुपए थी, जबकि उच्चतम ऑफर राशि 1139 करोड़ रुपए मिली थी। इस बार रिजर्व प्राइस ही 1432 करोड़ रुपए रखी गई है। 2 मार्च को 29 दुकानों की नीलामी होगी। बता दें कि राज्य सरकार ने नई आबकारी नीति लागू कर दी है। नई व्यवस्था में शराब दुकानों को छोटे-छोटे समूहों में बांटा गया है। भोपाल की 87 दुकानों को 20 ग्रुप में बांटा है। जिनके आवंटन की प्रक्रिया ई-टेंडर के जरिए होगी। इनमें से 7 ग्रुप की 29 दुकानों के लिए पहले फेज में टेंडर की प्रोसेस शुरू की गई है। 2 मार्च को सुबह 10.30 से दोपहर 2 बजे तक टेंडर सबमिट होंगे। इसी दिन शाम 6 बजे से डिस्ट्रिक कमेटी की मौजूदगी में टेंडर खोलने की कार्रवाई होगी। इन ग्रुपों के लिए प्रक्रियाबागसेवनिया ग्रुप की 5 दुकान, हबीबगंज फाटक ग्रुप की 4 दुकान, भानपुर चौराहा ग्रुप की 5 दुकान, स्टेशन बजरिया ग्रुप की 5 दुकान, खजूरीकलां ग्रुप की 3 दुकान, जहांगीराबाद ग्रुप की 4 दुकान और गुनगा ग्रुप की 3 दुकानों के लिए यह टेंडर प्रक्रिया की जा रही है। 20% बढ़ी ठेके की कीमतवित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए नीलामी की प्रक्रिया में ठेके 1193 करोड़ रुपए से ज्यादा में हुए थे, जो टारगेट से 11 प्रतिशत यानी, 120 करोड़ रुपए अधिक थे। इस बार 1432 करोड़ रुपए रिजर्व प्राइस रखी गई है। बता दें कि वर्तमान मूल्य में 20 प्रतिशत बढ़ोतरी कर आरक्षित मूल्य तय किया गया है। इसका असर अब समूहों की कीमतों पर दिखने लगा है। भोपाल में इस बार सबसे महंगा समूह पिपलानी का है। इसमें 4 दुकानें - पिपलानी, अयोध्या नगर, रत्नागिरी तिराहा और पटेल नगर हैं। 20 फीसदी आरक्षित मूल्य बढ़ने के बाद इस समूह की कीमत 127 करोड़ 77 लाख 60 हजार 551 रुपए हो गई है। इससे पहले वर्ष 2025-26 में इन दुकानों का वार्षिक मूल्य 106 करोड़ 48 लाख से ज्यादा था। इसी तरह बागसेवनिया समूह की कीमत करीब 101 करोड़ से बढ़कर 121 करोड़ 89 लाख से ज्यादा हो गई है। आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नीति में किए गए बदलावों के आधार पर ही ई-टेंडर के जरिए दुकानों का आवंटन होगा। छोटे समूह बनाए जाने से ज्यादा बोलीदाता सामने आएंगे व सरकार को फायदा मिलेगा। इससे नए लोगों को भी भागीदारी का मौका मिलेगा। 239 करोड़ रुपए ज्यादा मिलेंगेविभाग की माने तो नई व्यवस्था से सरकार के खजाने में सीधे 238 करोड़ रुपए ज्यादा मिलेंगे। टेंडर फाइनल होने के बाद यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।
कर्मचारी चयन भर्ती परीक्षा पर सवाल खड़े हो गए है, जिसके बाद यह मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। आरोप है कि जहां मास्टर्स डिग्री अनिवार्य थी, वहां पर बिना योग्यता वाले अभ्यार्थियों के नाम मेरिट लिस्ट में दिए गए। मामले पर अब 7 अप्रैल को सुनवाई होगी। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने ईसीबी और विभाग से पूछा है कि मेरिट लिस्ट में कितने अभ्यार्थी है, जिनके पास मास्टर्स की डिग्री नहीं है। विभाग ने जवाब के लिए समय मांगा है। कोर्ट ने राज्य सरकार ,संचालनालय नगरीय प्रशासन और विकास और एमपीएसईबी को नोटिस जारी किया है। दरअसल 2022-23 मे एमपीईएसबी ने गुप्र 2 सब गुप्र 4 के तहत 9 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला था। जिसमें कि सहायक नगर निवेशक और सहायक अतिक्रमण निरोधक अधिकारी के पद शामिल थे। भोपाल, इंदौर,ग्वालियर,जबलपुर,रीवा, सतना, छिंदवाड़ा जिलों में 86 पद खाली थे। पोस्ट के लिए विज्ञापन निकले तो परीक्षा हुई और रिजल्ट जारी हुए, लेकिन पदों पर नियुक्तियां नहीं हुई। परीक्षा फार्म भरते समय विभाग ने ना ही दस्तावेज अपलोड किए और ना ही प्रारंभिक जांच की। नतीजन ऐसे अभ्यार्थीयों ने परीक्षा दे दी, जिनके पास जरूरी डिग्री तक नहीं थी। चार हजार से अधिक अभ्यार्थियों के नाम सिलेक्टर और वेटिंग लिस्ट में आ गए। विभाग ने जब मेरिट के आधार पर दस्तावेजों की जांच की 86 पदों के लिए सिर्फ 10 अभ्यार्थियों के पास ही मास्टर्स की डिग्री थी। 90 प्रतिशत अभ्यार्थी अपात्र मिले, जिसके चलते पद नहीं भरे जा सके। याचिकाकर्ता सुधीर सिंह और अन्य ने मामले पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने 90 दिनों काउंसलिंग और दस्तावेज सत्यापन के बाद ही नियुक्ति के आदेश दिए। मेरिट लिस्ट में अपात्र अभ्यार्थियों के शामिल होने की समस्या जस की तस बनी रही। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने सुधार से इंकार किया अभ्यार्थियों ने रिट याचिका दायर की। चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने सुनवाई करते हुए कहा कि यादि भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी है तो उसे सही नहीं ठहराया जा सकता है। ईसीबी ने बताया कि भारतीय नियम 2013 के अनुसार ही यह विज्ञापन जारी किया गया है, जिसमे कि दस्तावेजों का वेरिफिकेशन विभाग के जरिए होना है। याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया कि 2013 में ऐसी बाध्याता नहीं थी। कोर्ट को यह भी बताया गया कि जिस पद के लिए मास्टर्स की डिग्री होना अनिवार्थ थी, उसमे 2002 में जन्में युवा भी मेरिट लिस्ट में शामिल थे। सवाह यह है कि इतनी कम उम्र में मास्टर्स डिग्री संभव ही नहीं है, तो फिर अभ्यार्थियों को परीक्षा देने का मौका कैसे मिल गया।
अप्रैल में अभियान चलाकर चेक की जाएंगी स्कूली बसें:मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिय निर्णय
मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक गुरुवार को आयुक्त सभागार में संपन्न हुई। अपर आयुक्त प्रशासन जयप्रकाश की अध्यक्षता में संपन्न बैठक में निर्णय लिया गया कि अप्रैल में अभियान चलाकर स्कूली बसों को चेक किया जाएगा। जिससे छात्रों की सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही न होने पाए। बसों की फिटनेस की जांच की जाएगी।बैठक में ब्लैक स्पॉट को लेकर चर्चा की गई। बताया गया कि दुर्घटनाओं के मामले में प्रदेश के भीतर गोरखपुर की स्थिति में सुधार हुआ है लेकिन देवरिया में दुर्घटनाएं बढ़ी हैं। इसपर अपर आयुक्त ने नाराजगी जताई। गोरखपुर में स्थिति में और सुधार लाने एवं सभी बचे ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने का निर्देश दिया गया। 10 सर्वाधिक दुर्घटना वाले थाना क्षेत्रों में पीडब्ल्यूडी, परिवहन विभाग एवं पुलिस विभाग को दुर्घटना के कारणों की पहचान कर मानक के अनुरूप सुधारात्मक कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया। एनएचएआई एवं पीडब्ल्यूडी की ओर से अपनाए गए ट्रैफिक कमिंग मेजर्स के सर्वे के लिए टीम गठित कर मार्च के दूसरे सप्ताह में पूरा कराने को कहा गया। अपर आयुक्त ने कहा कि राह वीर योजना एवं कैशलेस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। बैठक में ओवरलोडिंग, तेज गति, बिना हेलमेट एवं बिना सीट बेल्ट के वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. राजेश झा, संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन संजय कुमार झा आदि अधिकारी उपस्थित रहे।
मैरिज लॉन मालिक ने कर्मी को बंधक बनाकर पीटा:पिता और भाई को भी मारा, पुलिस बोली- लेन देन का मामला
लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में स्थित एक मैरिज लॉन में काम करने वाले कर्मचारी को 14 दिन तक बंधक बनाकर मारपीट करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सूचना मिलने पर जब पीड़ित के पिता और भाई उसे छुड़ाने पहुंचे तो आरोपितों ने उन्हें भी कमरे में बंद कर पीटा। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर बुधवार शाम मुकदमा दर्ज किया गया है। निराला नगर निवासी लालता प्रसाद के मुताबिक उनका साला शरद बीते करीब पांच माह से बलागंज क्षेत्र स्थित जीबी लॉन में नौकरी कर रहा था। आरोप है कि लॉन मालिक शिवम बाजपेई उसकी पत्नी हिमांशी और अन्य लोगों ने शरद को बंधक बना लिया और लगातार 14 दिनों तक उसकी पिटाई की। भाई-पिता को बंधक बनाकर मारा बताया जा रहा है कि किसी तरह मौका पाकर शरद ने अपने पिता रामधर को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद पिता रामधर और भाई विपिन उसे छुड़ाने लॉन पहुंचे लेकिन आरोपितों ने उन्हें भी बंधक बना लिया और मारपीट की। लॉन का गेट बंद कर लिया मंगलवार रात करीब 10 बजे तक पिता और भाई के घर न लौटने पर लालता प्रसाद अपने वकील मित्र के साथ बालागंज चौकी पहुंचे। पीड़ित का आरोप है कि चौकी प्रभारी करीमुल्ला उन्हें साथ लेकर लॉन पहुंचे, जहां आरोपितों ने दरोगा के सामने ही धक्का-मुक्की की और लॉन का गेट बंद कर लिया। सूचना पर ठाकुरगंज थाने से पहुंची पुलिस फोर्स ने तीनों पीड़ितों को लॉन से बाहर निकाला। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद थाना प्रभारी ओमवीर सिंह चौहान ने बताया- लॉन मालिक और कर्मी के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद है। कर्मी ने एडवांस रुपए ले रखे थे और नौकरी छोड़कर जाने की कोशिश कर रहा था। मामले की जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
रामपुर में गुरुवार देर शाम चकबंदी विवाद को लेकर दो पक्षों में हिंसक झड़प हो गई। इस दौरान जमकर पत्थरबाजी हुई और फायरिंग की। जिसमें दोनों पक्षों के 4 लोग घायल हो गए। मामला शाहबाद थाना क्षेत्र के चंद्रपुर कला गांव का है। जानकारी के अनुसार, गुरुवार को गांव में चकबंदी प्रक्रिया चल रही थी। सीओ, लेखपाल और कानूनगो अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद थे। इसी दौरान एक पक्ष के विक्की सैनी और दूसरे पक्ष के अरविंद ठाकुर के बीच जमीन की नाप-तोल को लेकर विवाद शुरू हो गया था। बताया जा रहा है कि देर शाम दोनों पक्ष फिर आमने-सामने आ गए। पहले उनके बीच कहासुनी हुई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। इसके बाद दोनों ओर से पत्थरबाजी शुरू हो गई। आरोप है कि इसी दौरान एक पक्ष की ओर से फायरिंग भी की गई, जिसमें दो लोगों को गोली लगी है। घायलों में अरविंद ठाकुर पक्ष से अभय पाल और अभय चौहान शामिल हैं, जबकि दूसरे पक्ष से विक्की सैनी, हरवीर, गजमराम और रामपाल घायल हुए हैं। पुलिस ने सभी घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहबाद भिजवाया। बाद में अभय पाल और अभय चौहान को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल गांव में तैनात कर दिया गया है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। थाना प्रभारी सैफनी अजय मिश्रा ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। उन्होंने इसे मामूली विवाद में पथराव की घटना बताया।
शराब के नशे में कोचिंग छात्रों ने चाकू मारे:20 मिनट में दो जगह वारदात, 4 नीट स्टूडेंट्स घायल
कोटा में चाकूबाजी की घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही। अब कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र के लेंडमार्क सिटी इलाके में चाकूबाजी का मामला सामने आया है। घटना में 4 नीट स्टूडेंट्स घायल हुए है। पीड़ित छात्रों ने थाने में शिकायत दी है। फिलहाल झगड़े का कारण सामने नहीं आया है। बताया जा रहा है की हमलावर कोचिंग छात्र शराब के नशे में थे। कुन्हाड़ी थाना SHO कौशल्या ने बताया की लेंडमार्क सिटी में शाम साढ़े सात से आठ बजे के बीच दो घटनाएं हुए है। जिनमें 4 स्टूडेंट्स के चाकू के हल्के घाव लगे है। दोनों घटनाएं 700 से 800 मीटर की दूरी पर हुई है। हमला करने वाले भी कोचिंग स्टूडेंट है। प्रारम्भिक जांच में सामने आया की सभी स्टूडेंट्स एक ही कोचिंग के है। पर एक दूसरे से परिचित नहीं है। पैदल चलते चलते चाकू से कट मारा गया है। पीड़ित स्टूडेंट्स ने थाने पर पहुंचकर शिकायय दी है। शिकायत में 5-6 अज्ञात स्टूडेंट्स के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
मध्य विद्यालय मंझियावां में भवन निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने निर्माण कार्य रोक दिया। ग्रामीणों ने संवेदक और कनीय अभियंता की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से जांच और कार्रवाई की मांग की है। घटिया सामग्री का आरोप आधारभूत संरचना योजना के तहत बन रहे भवन में दो कमरे, एक बरामदा और सीढ़ियां बनाई जा रही थीं। ग्रामीणों का आरोप है कि निम्न गुणवत्ता वाली ईंट, सीमेंट और 6 एमएम के छल्ले उपयोग किए जा रहे थे। उन्होंने छत की ढलाई में 8 एमएम की छड़ और बिना क्रैंक तोड़े काम करने का भी विरोध किया। ग्रामीणों ने काम रोक दिया कनीय अभियंता सुनील कुमार द्वारा शिकायत न सुनने और धमकी देने के बाद ग्रामीणों ने एकजुट होकर निर्माण कार्य रोक दिया। पंचायत समिति सदस्य जयंत यादव ने 6 एमएम के छल्लों को प्रखंड विकास पदाधिकारी को दिखाते हुए उचित कार्रवाई की मांग की। दोनों पक्षों के बयान विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुरेश कुमार यादव ने बताया कि घटिया कार्य रोकने पर कनीय अभियंता उन्हें धमकी देता है, जिससे शिक्षक कुछ भी कहने से डरते हैं। कनीय अभियंता सुनील कुमार ने कहा कि संवेदक को केवल सुधार के निर्देश दिए गए थे और शिक्षकों पर बेवजह ग्रामीणों को परेशान करने का आरोप लगाया।
अयोध्या में मंदिरों की भूमि को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में जमीनों के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच रामानुज संप्रदाय की प्राचीन आचार्य पीठ दंतधावन कुंड की करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि पर अवैध कब्जे के प्रयास का आरोप गरमाने लगा है। आज दंतधावन कुंड के महंत विवेक अचारी मंदिर में ही करीब चार घंटे उपवास पर रहे।उन्होंने कहा कि श्रीरामचरित मानस की जन्म स्थली और दंतधावन से जुड़ी जमीनों पर कब्जे हो रहे हैं और प्रशासन मौन है। हमें जल्द न्याय नहीं मिला तो हम उपावास के बाद महंतों सहित अनशान तेज करेंगे। पीठाधीश्वर महंत विवेक अचारी आरोप लगाया कि अधिकारियों की मिलीभगत से कुछ लोग मंदिर की पुश्तैनी भूमि पर कब्जा करने और निर्माण की तैयारी में जुटे हैं, जबकि पीठ के पास भूमि से संबंधित वैध अभिलेख मौजूद हैं। महंत का कहना है कि वह लंबे समय से अधिकारियों को जमीन के कागजात दिखा रहे हैं, लेकिन उन्हें मान्यता नहीं दी जा रही है। संत-महंतों के साथ अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा उन्होंने एसडीएम सदर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सहमति से ही भूमि पर कब्जे का प्रयास हो रहा है।महंत विवेक अचारी ने चेतावनी दी कि यदि ठाकुर जी की भूमि पर जबरन कब्जा किया गया तो अयोध्या के संत-महंतों के साथ अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा और आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कौस्तुभ अचारी ने प्रशासन से भूमि की पैमाइश कराने की मांग की उनका दावा है कि संबंधित भूमि ऐतिहासिक व धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और परंपरा से जुड़ी रही है। इस संबंध में कौस्तुभ अचारी ने प्रशासन से भूमि की पैमाइश कराने की मांग की है। उनका कहना है कि वर्षों पूर्व भूमि की फर्जी रजिस्ट्री कराई गई थी और अब बिना पैमाइश के कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी कीमत पर मंदिर की जमीन पर अवैध कब्जा नहीं होने दिया जाएगा।फिलहाल मामले को लेकर संत समाज में आक्रोश है। प्रशासनिक स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
मेरठ में जमीन सौदे के बहाने जाल:युवक को नशीला पदार्थ पिलाकर लूटे 16 हजार और सोने की अंगूठी
मेरठ के मेडिकल थाना क्षेत्र में ठगी और लूट का मामला सामने आया है। जमीन बिकवाने का झांसा देकर चार युवकों ने एक किसान को नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश कर दिया। इसके बाद आरोपी उसकी नगदी और सोने की अंगूठी लेकर फरार हो गए। दौराला निवासी जयवीर सिंह ने पुलिस को बताया कि वह अपनी खेती की जमीन बेचना चाहते थे। इसी सिलसिले में 16 फरवरी को उनके पास एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने अपना नाम फरियाद उर्फ फरारी बताया और जमीन का सौदा कराने की बात कही। उसने जयवीर को मेडिकल कॉलेज के गेट नंबर-2 पर मिलने के लिए बुलाया। मुलाकात के बाद फरियाद अपने तीन साथियों के साथ जयवीर को रिंग रोड की ओर ले गया। वहां एक कोल्ड ड्रिंक की दुकान पर उन्हें पेय पदार्थ दिया गया। जयवीर के अनुसार, उन्हें संदेह है कि इसी पेय में नशीला पदार्थ मिलाया गया था, जिसके कुछ ही देर बाद वह बेहोश हो गए। आरोप है कि आरोपियों ने जयवीर को करीब छह घंटे तक अपने कब्जे में रखा। इस दौरान उन्होंने मोबाइल के जरिए पैसे ट्रांसफर करने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे। इसके बाद आरोपियों ने उनकी जेब से 16 हजार रुपये नकद और सोने की अंगूठी निकाल ली और मौके से फरार हो गए। होश आने पर जयवीर ने अपने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद उन्हें मेडिकल थाने लाया गया। पुलिस ने जयवीर की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बेटे ने अधिवक्ता पिता पर तेजाब फेंका:मेरठ में संपत्ति विवाद, पिता बाल-बाल बचे
मेरठ के सदर बाजार थाना क्षेत्र में पारिवारिक संपत्ति विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। वेस्टर्न रोड निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता सदाकत हुसैन पर उनके ही बेटे फसाहत हुसैन ने कथित तौर पर तेजाब फेंक दिया। गनीमत रही कि अधिवक्ता इस हमले में बाल-बाल बच गए, हालांकि घर के बाहर लगे पौधे तेजाब से झुलस गए। पीड़ित अधिवक्ता सदाकत हुसैन ने बताया कि वह लगभग 40 वर्षों से वकालत कर रहे हैं और वेस्टर्न रोड स्थित अपने मकान में अकेले रहते हैं। उनका आरोप है कि उनका बेटा फसाहत हुसैन संपत्ति अपने नाम कराने के लिए उन पर लगातार दबाव बना रहा था। शुक्रवार को फसाहत हुसैन अपनी पत्नी इरम खान के साथ घर पहुंचा और कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू कर दी। जब अधिवक्ता ने संपत्ति हस्तांतरित करने से इनकार किया, तो बेटे ने बोतल में लाया गया तेजाब उन पर फेंक दिया। सदाकत हुसैन किसी तरह खुद को बचाने में कामयाब रहे, लेकिन तेजाब पास में रखे गमलों और पौधों पर गिरा, जिससे वे बुरी तरह जल गए। घटना के बाद शोर मचाने पर आरोपी दंपति मौके से फरार हो गए। पीड़ित अधिवक्ता ने बताया कि पहले सदर थाने में तहरीर देने पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी। इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। एसएसपी के निर्देश पर थाना सदर बाजार में बेटे और बहू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर पारिवारिक संपत्ति विवादों के खतरनाक परिणामों को सामने ला दिया है।
मोरगंज बाजार में 80 दुकानें ध्वस्त:सहारनपुर नगर निगम ने नाला सफाई के लिए हटाया अतिक्रमण
सहारनपुर नगर निगम ने शहर के व्यस्त मोरगंज बाजार में नाला सफाई अभियान को सुचारु बनाने के लिए गुरुवार को सख्त कार्रवाई की। अभियान के तहत नालों की सफाई में बाधा बन रहे लगभग 80 दुकानों के बाहर बने थले और सीढ़ियों को जेसीबी व पोकलेन मशीनों की मदद से ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई से बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण को लेकर हड़कंप मच गया। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, मोरगंज बाजार में लंबे समय से नालों की नियमित सफाई नहीं हो पा रही थी। इसकी प्रमुख वजह दुकानों के बाहर अवैध रूप से बनाए गए थले, चबूतरे और सीढ़ियां थीं, जिनके कारण सफाई कर्मियों और मशीनों का नालों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा था। हाल ही में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई व्यापार बंधु की बैठक में व्यापारियों ने स्वयं नालों की सफाई न होने की समस्या को उठाया था। उसी बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि सफाई में बाधक अतिक्रमण को हटाया जाएगा। नगरायुक्त शिपू गिरि के निर्देश पर नगर निगम के नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण शाह के नेतृत्व में अतिक्रमण दस्ता सुबह बाजार मोरगंज पहुंचा। दस्ते के साथ जेसीबी, पोकलेन मशीनें और चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियां मौजूद रहीं। जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, दुकानदारों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। भगत सिंह चौक से दालमंडी चौक तक नाले के ऊपर और आसपास बने थलों व सीढ़ियों को क्रमवार तरीके से हटाया गया, जिससे नाला सफाई अभियान का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया। प्रवर्तन दल प्रभारी ने बताया कि इस कार्रवाई की पूर्व सूचना दुकानदारों को दी गई थी। बुधवार शाम को बाजार में माइक के माध्यम से एनाउंसमेंट भी कराया गया था, ताकि किसी को अचानक परेशानी न हो। कार्रवाई के दौरान हटाए गए निर्माण का मलबा तत्काल ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर मौके से उठवा लिया गया, जिससे बाजार में आवागमन बाधित न हो। अभियान के दौरान प्रवर्तन दल प्रभारी कर्नल एच. बी. गुरुंग, हरिप्रकाश कसाना सहित प्रवर्तन दल की पूरी टीम मौजूद रही। सफाई निरीक्षक सुधाकर और अन्य कर्मचारी भी कार्रवाई में शामिल रहे।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने होली से पहले जनपद में सघन जांच अभियान चलाया है। इस दौरान 13.56 लाख रुपये मूल्य की खाद्य सामग्री जब्त की गई। यह कार्रवाई मिलावटखोरी रोकने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की जा रही है। अभियान के तहत कुमारगंज क्षेत्र के विभिन्न डेयरी और मिठाई प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई। सहायक आयुक्त (खाद्य) मानिक चंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित सचल दल ने यह कार्रवाई की, जिसमें खाद्य सुरक्षा अधिकारी शरद पाल और अजय कुमार सोनी शामिल थे। दिशा डेयरी, कुमारगंज से खोया और पनीर के नमूने लिए गए। यहां से लगभग 800 किलोग्राम खोया जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 2,88,000 रुपये है। शिवम डेयरी से राजभोग का नमूना लेते हुए 85 किलोग्राम राजभोग (मूल्य 29,750 रुपये) जब्त किया गया। इसके अतिरिक्त, 4,500 रुपये मूल्य का पनीर नष्ट कराया गया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. पी.के. त्रिपाठी के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी संतोष कुमार साहू और नंद किशोर यादव ने सत्यम मोदनवाल की दुकान से बर्फी, डोडा बर्फी और छेना रसगुल्ला के नमूने लिए। इस दौरान 214 किलोग्राम छेना (मूल्य 25,680 रुपये) नष्ट कराया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी विवेक कुमार मौर्य ने मिश्रित दूध का और जयदीप मौर्य ने रबड़ी का नमूना संग्रहित किया। इस अभियान के तहत अब तक कुल 41 नमूनों को जांच के लिए खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला भेजा गया है। कुल 96 किलोग्राम पनीर और खोया (मूल्य 71,580 रुपये) नष्ट कराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि त्योहार तक यह अभियान जारी रहेगा। इस बीच, स्थानीय व्यापारियों ने विभाग पर छोटे दुकानदारों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कुमारगंज बाजार के गिरजा मोड़ से पश्चिम पट्टी, अयोध्या-रायबरेली हाईवे पर खुले में बकरा और मुर्गे का मांस बेचा जा रहा है, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। व्यापारियों ने मांग की है कि सभी पर समान रूप से कार्रवाई की जाए और पशुओं के वध से पहले अनिवार्य चिकित्सीय परीक्षण होना चाहिए लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो रहा है। विभाग जानकर अनजान बन बैठा है।
सहारनपुर में मिलावटी पनीर फैक्ट्री पर छापा:20 कुंतल दूध, 5 कुंतल पनीर जब्त; मालिक फरार हुआ
सहारनपुर के कमेला कॉलोनी क्षेत्र में गुरुवार शाम खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। त्योहारों के मद्देनजर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक पनीर फैक्ट्री पर छापा मारा गया। मौके से लगभग 20 कुंतल दूध और 5 कुंतल पनीर जब्त किया गया, जो प्रथम दृष्टया मिलावटी और अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान टीम को पनीर निर्माण स्थल पर गंभीर अनियमितताएं मिलीं। फैक्ट्री परिसर में चारों ओर गंदगी फैली हुई थी और साफ-सफाई के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। अधिकारियों ने वहां काम कर रहे कर्मचारियों को फटकार लगाई और उत्पादन प्रक्रिया के बारे में पूछताछ की। फैक्ट्री का मालिक मौके पर मौजूद नहीं मिला और उसका मोबाइल भी रिसीव नहीं हुआ, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई शुरू की गई। सहायक खाद्य आयुक्त मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि विभाग को कमेला कॉलोनी में बड़ी मात्रा में मिलावटी पनीर तैयार किए जाने की सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर मंडल स्तर से आई टीम ने जिला खाद्य सुरक्षा विभाग के साथ मिलकर आयुक्त महोदय के निर्देश पर यह छापेमारी की। उन्होंने बताया कि फैक्ट्री से करीब 2000 लीटर दूध और लगभग 500 किलोग्राम पनीर बरामद हुआ है। रमजान का महीना चलने और होली व ईद जैसे बड़े त्योहारों के नजदीक होने के कारण पनीर की खपत बढ़ जाती है। आशंका है कि यह मिलावटी पनीर स्थानीय बाजार के साथ-साथ बाहरी इलाकों में भी सप्लाई किया जाना था। मनोज कुमार वर्मा के अनुसार, मौके से दूध और पनीर के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
बेगूसराय में शबरी धाम महोत्सव संपन्न:सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति, भक्ति गीतों पर लोग झूमे
बेगूसराय के इकलौते माता शबरी धाम में तीन दिवसीय शबरी धाम महोत्सव गुरुवार को संपन्न हो गया। बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग तथा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों ने भाग लिया। महोत्सव के तीनों दिन पूजा-अर्चना, हवन, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय बना रहा। समापन समारोह में डीडीसी आकाश चौधरी, उपमहापौर अनीता देवी, सीडीओ अनिल कुमार, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्याम कुमार साहनी और सदर बीडीओ रवि कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। जनप्रतिनिधियों और मेला समिति के सदस्यों ने अतिथियों को शॉल, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि शबरी धाम अब जिले की सांस्कृतिक पहचान बन रहा है। उन्होंने धाम परिसर के विकास, विस्तार और आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन की पहल से आने वाले वर्षों में यह महोत्सव और अधिक भव्य रूप लेगा। अन्य वक्ताओं ने माता शबरी की भक्ति, समर्पण और आदर्श जीवन मूल्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं से इन आदर्शों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और आपसी भाईचारे को मजबूत करते हैं। गुरुवार को लोकगीत, भजन और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ महोत्सव का समापन हुआ। पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रशासन और मेला समिति की सक्रियता के कारण श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। महोत्सव के सफल आयोजन से स्थानीय लोगों में संतोष और उत्साह का माहौल रहा।
ललितपुर में पिकअप-बाइक की टक्कर:युवक की मौत, चचेरा भाई गंभीर घायल; जांच जारी
ललितपुर के कोरवास-कुम्हेड़ी मार्ग पर गुरुवार दोपहर एक तेज रफ्तार पिकअप और बाइक की टक्कर हो गई। इस हादसे में बाइक सवार देवीलाल (40) की मौके पर मौत हो गई, जबकि उनका चचेरा भाई रूपलाल (25) गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक के जीजा भगवानदास ने बताया कि देवीलाल अपने चचेरे भाई रूपलाल के साथ बाइक से महरौनी की ओर जा रहे थे। कोरवास और कुम्हैडी के बीच रास्ते में एक पिकअप ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल महरौनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने देवीलाल को मृत घोषित कर दिया। रूपलाल का इलाज अभी भी जारी है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने देवीलाल के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। देवीलाल अपने पांच बहनों के इकलौते भाई थे। उनके परिवार में दो बेटे और एक बेटी है। वह खेती-किसानी का काम करते थे।
कानपुर के रेलबाजार थाना क्षेत्र के सुजातगंज इलाके में गुरुवार रात पानी की टंकी के ऊपर एक विवादित छज्जा निकालने को लेकर क्षेत्रीय लोगों ने जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। बाद में मकान मालिक ने विवादित छज्जे के हिस्से को हटवा दिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। यह घटना रेलबाजार थाना क्षेत्र की सुजातगंज चौकी के चंदारी मोहल्ले में हुई। आसिफ़ नामक व्यक्ति पिछले छह दिनों से अपने मकान का निर्माण करवा रहे थे। गुरुवार रात सड़क किनारे स्थित पानी की टंकी के ऊपर मकान का छज्जा निकालने का प्रयास किया गया, जिससे स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। जानकारी फैलने पर 100 से अधिक लोग इकट्ठा हो गए और छज्जे के निर्माण का विरोध करने लगे। यह हंगामा रुक-रुक कर लगभग चार घंटे तक चला। इस दौरान वार्ड नंबर 99 की पार्षद नूरजहां के बेटे नफीस भी मौके पर मौजूद थे। काफी प्रयासों के बाद दोनों पक्षों की सहमति से छज्जे का स्ट्रक्चर हटा लिया गया। पार्षद पुत्र नफीस ने बताया कि दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया गया। इसके बाद विवादित छज्जे का स्ट्रक्चर हटा दिया गया। क्षेत्रीय निवासियों इश्तियाक, सफीक, मिंटू, अनीश और इमरान ने बताया कि दो सप्ताह पहले इस स्थान पर एक नीम का पेड़ था, जिसे कटवा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि गुरुवार को मकान मालिक ने जबरन पानी की टंकी के ऊपर छज्जे का स्ट्रक्चर खड़ा करने का प्रयास किया। निवासियों का कहना था कि इस छज्जे से पानी की टंकी को नुकसान पहुंचने की आशंका थी। साथ ही, आसपास के किसी भी मकान में ऐसा छज्जा नहीं बना है, और इस निर्माण से क्षेत्र में कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो सकती थीं। रेलबाजार थाना प्रभारी जितेंद्र प्रताप ने जानकारी दी कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाया और मामले को शांत कराया। उन्होंने बताया कि अब स्थिति सामान्य है और दोनों पक्षों की सहमति के बाद विवादित छज्जे का स्ट्रक्चर हटा दिया गया है।
शहर के पीपीएन डिग्री कॉलेज के खेल मैदान पर बुधवार को इंटर-कॉलेजिएट टग ऑफ वॉर (रस्साकशी) प्रतियोगिता का रोमांच चरम पर रहा। ताकत और तालमेल के इस कड़े मुकाबले में छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के खिलाड़ियों ने अपने अटूट इरादों और शारीरिक कौशल का परिचय देते हुए दोहरी सफलता हासिल की। बालक और बालिका, दोनों ही वर्गों में विश्वविद्यालय की टीमों ने प्रतिद्वंद्वी महाविद्यालयों को पछाड़ते हुए चैंपियनशिप अपने नाम की। मैदान पर खिलाड़ियों के बीच की खींचतान और दर्शकों का उत्साह खेल भावना की जीवंत तस्वीर पेश कर रहा था। रणनीति और टीम वर्क से पलटा मुकाबला प्रतियोगिता के दौरान रस्से के दोनों ओर खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला। सीएसजेएमयू की टीमों ने न केवल शारीरिक बल का प्रदर्शन किया, बल्कि उनकी तकनीकी पकड़ और आपसी समन्वय ने जीत की राह आसान कर दी। खेल के हर राउंड में खिलाड़ियों ने 'जोर लगा के हईशा' के नारों के साथ अपनी पूरी ऊर्जा झोंक दी। विभिन्न महाविद्यालयों की टीमों ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन अंततः विश्वविद्यालय की बालक और बालिका टीमों ने अपने संयम और अनुशासन के दम पर प्रथम स्थान सुनिश्चित किया। कुलपति के मार्गदर्शन और प्रो. रजा की देखरेख में आयोजन इस पूरी प्रतियोगिता का सफल आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। उनके विजन के अनुरूप खिलाड़ियों ने मैदान पर उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान आयोजक महाविद्यालय के प्रो. सोहिल रज़ा विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने आयोजन की बारीकियों पर नजर रखी। उनकी देखरेख में खेल के मानक और निष्पक्षता का पूरा ध्यान रखा गया, जिससे सभी प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का समान अवसर मिला। पर्यवेक्षक ने परखी खेल की हर बारीकी प्रतियोगिता की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए शुभम हजारिया ने पर्यवेक्षक के रूप में अपनी भूमिका निभाई। उन्होंने खेल की कार्यवाही का गहन निरीक्षण किया और यह सुनिश्चित किया कि प्रतियोगिता पूरी तरह नियमों के दायरे में हो। खेल के अंत में उन्होंने खिलाड़ियों के कौशल की सराहना करते हुए इसे विश्वविद्यालय के खेल स्तर में एक बड़ा सुधार बताया। मैदान पर मौजूद निर्णायकों और सहयोगियों ने भी प्रतियोगिता को निर्बाध रूप से संपन्न कराने में सहयोग दिया। विजेताओं को मिली बधाई, खेल भावना पर जोर प्रतियोगिता के समापन पर उपस्थित गणमान्य अतिथियों और आयोजकों ने विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। अतिथियों ने कहा कि, टग ऑफ वॉर जैसे खेल विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता और सामूहिक प्रयास की भावना पैदा करते हैं। उन्होंने विजेता खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल शारीरिक विकास होता है, बल्कि मानसिक दृढ़ता भी बढ़ती है। सीएसजेएमयू की इस शानदार जीत पर खेल जगत के लोगों ने हर्ष व्यक्त किया है।
पीलीभीत में अनियंत्रित बाइक नहर की पुलिया से टकराई:एक व्यक्ति की डूबने से मौत, दूसरा साथी गंभीर घायल
पीलीभीत के अमरिया थाना क्षेत्र में गुरुवार देर शाम एक सड़क हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों मजदूर बाइक पर सवार होकर ईंट भट्टे पर जा रहे थे, तभी उनकी अनियंत्रित बाइक नहर की पुलिया से टकरा गई। जानकारी के अनुसार, करगैना पिरा गांव निवासी अर्जुन और रूपलाल गुरुवार देर शाम माधवपुर स्थित एक ईंट भट्टे पर मजदूरी के लिए जा रहे थे। वे एक ही बाइक पर सवार थे। पौटा डाम के समीप स्थित नहर की पुलिया पर पहुँचते ही उनकी बाइक अनियंत्रित हो गई। तेज रफ्तार बाइक सीधे पुलिया की पक्की दीवार से जा टकराई। नहर विभाग से पानी का बहाव बंद कराया टक्कर के बाद बाइक चला रहा रूपलाल उछलकर नहर के गहरे और तेज बहाव वाले पानी में जा गिरा। वहीं, अर्जुन सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों ने तत्काल घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने नहर विभाग से संपर्क कर पानी का बहाव बंद कराया। गोताखोरों की मदद से काफी मशक्कत के बाद रूपलाल के शव को पानी से बाहर निकाला गया। घायल अर्जुन को एंबुलेंस से अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही मृतक और घायल के परिजन मौके पर पहुँच गए। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। ASP नताशा गोयल ने सड़क हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और घायल को उचित उपचार दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
भाजपा ने सिद्धार्थनगर से दीपक मौर्य को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। दीपक मौर्य लंबे समय से भाजपा से जुड़े रहे हैं। उन्हें एक सक्रिय व समर्पित जमीनी कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता है। संगठन के विभिन्न कार्यक्रमों और अभियानों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। प्रदेश नेतृत्व ने उनकी निष्ठा, संगठनात्मक क्षमता और कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ को देखते हुए यह जिम्मेदारी दी है। संगठन सशक्तिकरण की रणनीति भाजपा प्रदेश नेतृत्व इन दिनों पूरे उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने के लिए जिला स्तर पर नए चेहरों को जिम्मेदारी दे रहा है। आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी संगठनात्मक ढांचे को सुदृढ़ करने और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने पर जोर दे रही है। सिद्धार्थनगर में दीपक मौर्य की नियुक्ति को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी नेताओं का विश्वास है कि उनके नेतृत्व में संगठन को नई दिशा मिलेगी और पार्टी की नीतियों व योजनाओं को आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकेगा। जिम्मेदारी निभाने का भरोसा जिलाध्यक्ष घोषित होने के बाद दीपक मौर्य ने प्रदेश नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वह पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे तथा संगठन को मजबूत बनाने और भाजपा की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।
नाहन की महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर, सरकार की योजनाओं का बड़ा असर
स्वयं सहायता समूह से जुड़कर महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। केंद्र की मोदी सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए चलाई गई विभिन्न योजनाओं का लाभ भी इन स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को भरपूर मिल रहा है
बदायूं में सदर कोतवाली पुलिस ने गुरुवार रात सट्टे की खाईबाड़ी करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 1 लाख 5 हजार 660 रुपये नकद, सट्टे की पर्चियां और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। एसएचओ संजय सिंह ने बताया कि गुरुवार शाम मुखबिर की सूचना पर कोतवाली पुलिस टीम ने साहू गेस्ट हाउस के सामने मायादेव मेडिकल स्टोर के पास छापेमारी की। मौके से तीनों आरोपियों को सट्टे का कारोबार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों की पहचान सत्यदेव पुत्र प्रेमबाबू, चन्दन साहू पुत्र प्रेमबाबू साहू और प्रेमबाबू साहू पुत्र सोहनलाल के रूप में हुई है। ये सभी मोहल्ला चौधरी सराय, लालता प्रसाद मंदिर वाली गली, थाना कोतवाली के निवासी हैं। पुलिस ने देर रात आरोपियों के खिलाफ जुआ निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
फर्रुखाबाद में आठ उपनिरीक्षकों का तबादला:दो चौकी प्रभारियों को भी नई जिम्मेदारी मिली
फर्रुखाबाद जनपद में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने गुरुवार को आठ उपनिरीक्षकों का स्थानांतरण किया है। इनमें दो चौकी प्रभारी भी शामिल हैं।आदेश के अनुसार, उपनिरीक्षक यतेन्द्र सिंह को चौकी नीबकरोरी, थाना मोहम्मदाबाद से हटाकर चौकी बजरिया, थाना मऊदरवाजा का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, उपनिरीक्षक लछिमन सिंह को चौकी बजरिया, थाना मऊदरवाजा से चौकी नीबकरोरी, थाना मोहम्मदाबाद स्थानांतरित किया गया है। इसके अतिरिक्त, उपनिरीक्षक विमल कुमार को पुलिस लाइन से थाना कमालगंज, जगदीश प्रसाद वर्मा को पुलिस लाइन से थाना राजेपुर और विद्यासागर तिवारी को पुलिस लाइन से थाना कादरीगेट भेजा गया है। उपनिरीक्षक जितेन्द्र सिंह को पुलिस लाइन से थाना नवाबगंज, शकील अहमद को पुलिस लाइन से थाना जहानगंज और श्रीनाथ तिवारी को भी पुलिस लाइन से थाना जहानगंज में नई तैनाती दी गई है।
पीलीभीत में करगैना से अमरिया मार्ग पर पौटा बांध के पास एक सड़क हादसा हो गया। यहां एक मोटरसाइकिल और साइकिल की टक्कर हो गई, जिसके बाद मोटरसाइकिल सवार युवक नहर में जा गिरा। इस हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर के कारण साइकिल सवार की टांग टूट गई है। मृतक मोटरसाइकिल सवार नकटपुरा का रहने वाला बताया जा रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से नहर से शव को बाहर निकाला। पुलिस अब शव का पंचनामा कर आगे की कार्रवाई कर रही है। शव को नहर से निकालने के दौरान पुलिस प्रशासन, गोताखोरों के साथ-साथ आसपास के गांवों के लोग भी बड़ी संख्या में मौजूद थे।
संवेदनशील माने जाने वाले मेरठ के भावनपुर में गुरुवार देर शाम बर्थडे पार्टी में बज रहे डीजे को लेकर सांप्रदायिक टकराव हो गया। दूसरे समुदाय के युवक हथियारों से लैस होकर पार्टी में घुस गए और फायरिंग कर दहशत फैला दी। मारपीट में शामिल दलित युवकों से मारपीट करते हुए पथराव किया गया, जिसमें कई लोग घायल हुए हैं। सूचना पाकर कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। घायलों को उपचार के लिए भेजा गया है। पहले एक नजर पूरे मामले पर भावनपुर निवासी निशांत पुत्र चतर सैन अपने प्लॉट में दोस्तों के साथ बर्थडे पार्टी मना रहा था। डीजे पर गाने बज रहे थे। तभी दूसरे समुदाय के 20 से 25 युवक बर्थडे पार्टी में घुस आए और डीजे का विरोध करने लगे। वह जबरन डीजे बंद करने का दबाव बनाने लगे। इसी बात को लेकर दोनों पक्ष में विवाद हो गया। आरोप है कि जबरन पार्टी में घुसे युवकों ने मारपीट शुरु कर दी। इससे पार्टी में अफरातफरी मच गई। हवाई फायरिंग कर फैलाई दहशत आरोप है कि जब मारपीट करने वालों का विरोध शुरु हुआ तो उन्होंने हथियार निकाल लिए। इसके बाद हमलावरों ने एक के बाद एक कई फायर कर मौजूद लोगों में दहशत फैला दी। लोग जान बचाने के लिए भागने लगे। इन हमलावरों ने निशांत व उसके दोस्तों को घेरकर पीटना शुरु कर दिया। पथराव के चलते मची भगदड़ मारपीट व फायरिंग की सूचना पर दलित समाज के काफी लोग एकत्र हो गए। यह देख हमलावरों ने पथराव कर दिया, जिससे वहां भगदड़ मच गई। जिसको जहां जगह मिली, वह छिप गया। कई लोग पथराव व मारपीट की इस घटन में लहूलुहान हो गए। इसके बाद हमलावर हवाई फायरिंग करते हुए फरार हो गए। सांप्रदायिक टकराव पर दौड़ी पुलिस दलित व मुस्लिम पक्ष के बीच हुई मारपीट की इस घटना की सूचना किसी ने अफसरों को दे दी। सांप्रदायिक टकराव की सूचना से पुलिस के होश उड़ गए। आनन फानन में कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। सीओ सदर देहात सुधीर कुमार भी आ गए और अफसरों को मामले से अवगत कराया। घायल निशांत की मां ने दी तहरीर पुलिस ने सभी घायलों को तुरन्त उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। इसके बाद वहां काफी संख्या में दलित समाज के लोग एकत्र हो गए। एसपी देहात अभिजीत कुमार को भी मौके पर पहुंचना पड़ा। निशांत की मां प्रेमवती की तरफ से तहरीर दी गई, जिसमें आरोपी पक्ष के सुहैल पुत्र भुट्टू, आमिर, सद्दू, कपाला पुत्र शहीद, जुनैद पुत्र सलाम, शुऐब, अमरू, नावेद के अलावा 12 से 14 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ तहरीर दे दी। एसपी बोले- मामूली बात पर हुआ विवादएसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि बर्थडे पार्टी में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। घायल युवकों की तरफ से तहरीर मिली है, जिसमें कुछ हमलावरों को नामजद किया गया है। गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात किया गया है। स्थिति सामान्य है।
मुचलके से परेशान हिंदुओं ने लगाए पलायन के पोस्टर:मेरठ में होलिका दहन को लेकर 3 साल पहले हुआ था विवाद
मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र के मोहल्ला हरिनगर और पूर्वा इलाही बख्श में होली से पहले पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एसीएम ब्रह्मपुरी की ओर से दोनों समुदायों के दर्जनों लोगों के खिलाफ पाबंद मुचलके के नोटिस जारी किए गए हैं। इसके विरोध में हरिनगर के कुछ लोगों ने होली के बहिष्कार का ऐलान कर दिया और प्रशासन के खिलाफ बैनर लगाकर प्रदर्शन किया। मामले की जानकारी मिलने पर अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के अध्यक्ष सचिन सिरोही कार्यकर्ताओं के साथ हरिनगर पहुंचे। उन्होंने एसीएम से नोटिस वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि निरोधात्मक कार्रवाई नहीं रोकी गई तो आंदोलन किया जाएगा। 2023 में होलिका दहन को लेकर हुआ था विवादवर्ष 2023 में होलिका रखने को लेकर हरिनगर और पूर्वा इलाही बख्श के लोगों के बीच विवाद हो गया था। उस दौरान दोनों पक्षों में पथराव हुआ था और पुलिस ने दोनों तरफ से मिली तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया था।पुलिस का कहना है कि हर साल होली से पहले एहतियातन शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों के चिन्हित लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की जाती है। इसी क्रम में इस वर्ष भी 50 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।बैनर लगाकर जताया विरोधनोटिस मिलने के बाद हरिनगर में कुछ लोगों ने प्रशासन और पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए बैनर लगाए। प्रदर्शन के दौरान होली के बहिष्कार की घोषणा भी की गई। देर शाम क्षेत्राधिकारी ब्रह्मपुरी मौके पर पहुंचीं और लोगों से शांतिपूर्वक त्योहार मनाने की अपील की। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि पूर्व में हुए विवाद और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए निरोधात्मक कार्रवाई की गई है। यदि कोई भी व्यक्ति शांति व्यवस्था भंग करने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बिक चुके हैं मकान_सचिन सिरोही अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने बताया कि 3 साल पहले जब यहां दंगा हुआ था तभी के बाद से हिंदुओं के बहुत से परिवार यहां से पलायन कर कर भी जा चुके हैं। अगर इस प्रकार से क्योंकि उसे दौरान पीड़ित पक्ष हिंदू था अगर हिंदुओं के भी पीड़ित होने के बाद मचल के पाबंद होंगे तो वह यहां कैसे रह पाएंगे इसके साथ-साथ 7030 के अनुपात में यहां हिंदू मुस्लिम है हिंदुओं के धार्मिक स्थल पर क्षेत्र में कोई लाउडस्पीकर भी नहीं है। जबकि मुसलमानों के धार्मिक स्थल से लाउडस्पीकर से लगातार आवाज आती रहती है।
दमोह के हटा थाना प्रभारी सुधीर बेगी ने एक पिता विहीन युवती की शादी में शामिल होकर अपना वादा निभाया। उन्होंने न केवल विवाह समारोह में शिरकत की, बल्कि अपनी ओर से दुल्हन के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराकर परिवार की मदद भी की। थाने जाकर दिया था शादी का निमंत्रण हटा के नावघाट निवासी खुशबू रैकवार की शादी 24 फरवरी को रायसेन निवासी राजेश रैकवार के साथ तय हुई थी। कुछ दिन पहले खुशबू अपनी मां और भाई के साथ हटा थाने पहुंची थी। उसने थाना प्रभारी को शादी का कार्ड देते हुए बताया था कि उसके पिता नहीं हैं और यदि वे शादी में आएंगे तो उसे पिता की कमी महसूस नहीं होगी। थाना प्रभारी ने उसे शादी में आने का आश्वासन दिया था। सोफा और श्रृंगार सामान दिया शादी के दिन टीआई सुधीर बेगी खुशबू के घर पहुंचे और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। परिजनों ने बताया कि बाकी तैयारियां हो गई हैं लेकिन दुल्हन के बैठने के लिए सोफे की कमी है। इसके बाद थाना प्रभारी ने बाजार से सोफा और श्रृंगार का जरूरी सामान खरीदकर परिवार को सौंपा। इसके पूर्व उन्होंने जबलपुर के फूल सज्जाकार के माध्यम से वरमाला और फूलों की व्यवस्था में भी सहयोग किया था। बारात का किया स्वागत थाना प्रभारी और पुलिस स्टाफ ने मौके पर मौजूद रहकर बारात का स्वागत किया और विवाह की अन्य रस्मों में भी सहयोग प्रदान किया। रायसेन से आई बारात और स्थानीय लोगों ने पुलिस के इस मानवीय व्यवहार की प्रशंसा की। खुशबू के परिजनों ने इस सहयोग के लिए थाना प्रभारी और स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त किया है।
राजगढ़ जिला मुख्यालय पर पुलिस विभाग के जर्जर क्वार्टरों में जुआ संचालित होने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। गुरुवार को प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की टीम जेसीबी के साथ मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू करते हुए दो खाली क्वार्टरों को जमींदोज कर दिया। जिस क्वार्टर में जुआ संचालित किया जा रहा था, उसे फिलहाल नहीं तोड़ा गया है और उसमें रखा सामान हटाने के लिए दो दिन की मोहलत दी गई है। इसके अलावा नौ अन्य क्वार्टरों को भी खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। जुआ पकड़ाए जाने के बाद शुरू हुई कार्रवाईबुधवार को कोतवाली पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर पुराना महल स्थित पानी की टंकी के पास बने पुलिस विभाग के जर्जर क्वार्टरों में दबिश दी थी। यहां लंबे समय से जुआ गतिविधि संचालित होने की पुष्टि हुई। पुलिस ने मौके से 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर 4 लाख 74 हजार 400 रुपए नकद और अन्य सामग्री जब्त की थी। पुलिस विभाग की संपत्ति में अवैध गतिविधि सामने आने के बाद प्रशासन पर सवाल उठे, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई शुरू की गई। 12 क्वार्टर चिन्हित, दो तोड़े गएगुरुवार को एसडीएम निधि भारद्वाज के निर्देशन में पीडब्ल्यूडी की टीम मौके पर पहुंची। यहां कुल 12 क्वार्टर चिन्हित किए गए, जिनमें से दो पूरी तरह खाली पाए गए और उन्हें जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया। बाकी 10 क्वार्टरों में कहीं लोग रह रहे थे तो कहीं सामान रखा हुआ था। संबंधित लोगों को दो दिन का समय दिया गया है, जिसके बाद शेष जर्जर भवनों को भी तोड़ा जाएगा। डेढ़ साल पहले घोषित हुए थे ‘डेड’इन क्वार्टरों को लोक निर्माण विभाग ने करीब डेढ़ साल पहले ही जर्जर और अनुपयोगी घोषित कर दिया था। विभागीय रिकॉर्ड में ‘डेड’ घोषित होने के बावजूद इन्हें हटाने की कार्रवाई नहीं की गई। परिणामस्वरूप खाली और असुरक्षित भवनों पर कब्जा हो गया और कुछ स्थानों पर अवैध गतिविधियां शुरू हो गईं। जिम्मेदार विभागों की लापरवाही के कारण सरकारी संपत्ति असामाजिक तत्वों का ठिकाना बन गई। एसडीएम निधि भारद्वाज ने बताया कि चिन्हित जर्जर क्वार्टरों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। वहीं पीडब्ल्यूडी के एसडीओ एन. धनवाल ने कहा कि निर्धारित समय सीमा के बाद सभी डेड घोषित क्वार्टरों को ध्वस्त कर दिया जाएगा। पुलिस विभाग के जर्जर क्वार्टर में जुआ संचालित होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और सरकारी संपत्तियों की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में ऐसे असुरक्षित भवनों का दुरुपयोग नहीं हो सकेगा।
लखनऊ नगर निगम ने गुरुवार को भी अवैध होर्डिंगों के खिलाफ अभियान चलाया। इसमें उन लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। जिन विज्ञापन एजेंसियों ने प्रचार शुल्क जमा नहीं किया। अभियान के दौरान अलग-अलग इलाकों से करीब 50 विज्ञापन पट हटाए गए और 1.05 करोड़ प्रचार शुल्क भी वसूला गया। नगर निगम के प्रचार अधीक्षक ओम प्रकाश सिंह और प्रचार निरीक्षक पंकज अवस्थी और कृष्ण मगन सिंह की अगुवाई में अभियान चलाया गया। जिसमें सुल्तानपुर रोड, शहीद पथ के आसपास और कानपुर रोड से अवैध विज्ञापन पट हटाए गए। 200 पट हटाए गए इस दौरान नगर निगम ने 1 करोड़ 5 लाख 08 हजार 546 रुपये प्रचार शुल्क भी जमा कराया। नगर निगम की ओर से यह कार्रवाई एक सप्ताह पहले की ओर से अवैध विज्ञापन पटों के खिलाफ चलाए गए अभियान की बाद की जा रही है। पिछले चार दिन से चल रहे अभियान के दौरान छोटे बड़े मिलाकर करीब 200 पट हटाए गए हैं।
होली के मद्देनजर बिहार में रेल यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेल पुलिस ने व्यापक तैयारियां की हैं। त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में यात्रियों की घर वापसी होती है, जिसके कारण ट्रेनों और स्टेशनों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। पटना रेल एसपी अनंत कुमार राय ने बताया कि अवैध शराब की तस्करी और नशाखुरानी गिरोह पर अंकुश लगाने के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है। रेल एसपी के अनुसार, होली पर ट्रेनों के माध्यम से शराब तस्करी की आशंका बढ़ जाती है। इसे रोकने के लिए दो विशेष टीमें गठित कर रवाना की गई हैं। इन टीमों का कार्य ट्रेनों में गश्त करना, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना और यात्रियों को जागरूक करना होगा। त्योहार के समय नशाखुरानी गिरोह भी सक्रिय हो जाते हैं। ये गिरोह यात्रियों को खाने-पीने की चीजों में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोश कर देते हैं और उनका सामान चुरा लेते हैं। ऐसी घटनाओं पर नियंत्रण के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। आरपीएफ और जीआरपी के जवान ट्रेनों और स्टेशनों पर 24 घंटे संयुक्त रूप से ड्यूटी करेंगे। नशाखुरानी गिरोह से यात्रियों को बचने की अपील रेल एसपी ने जानकारी दी कि विशेष टीमों को यात्रियों में बांटने के लिए पंपलेट दिए गए हैं। इन पंपलेट में नशाखुरानी गिरोह से बचने के उपाय और सतर्क रहने की सलाह दी गई है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे अनजान लोगों से कोई भी खाने-पीने की वस्तु न लें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत रेलवे पुलिस को दें। स्टेशन पर पुलिस बल तैनात स्टेशनों पर भी अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय और प्रवेश-निकास द्वारों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है ताकि यात्रियों की यात्रा सुरक्षित और सुगम हो सके। रेल पुलिस का कहना है कि सख्त निगरानी और जागरूकता अभियान से होली के दौरान ट्रेनों में आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाएगा।
राजस्थान में आबादी की जमीन पर बने सभी मंदिरों को राज्य सरकार पट्टे देगी। वहीं गांवों में मीट की दुकानों पर नए प्रतिबंध लगाने की घोषणा की गई है। अब बिना लाइसेंस गांवों में मीट की दुकानें नहीं चल सकेंगी। विधानसभा में पंचायतीराज की अनुदान मांगों पर गुरुवार को बहस का जवाब देते हुए पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर ने मंदिरों को पट्टे देने की घोषणा की। दिलावर ने कहा- हम सबको देने वाला भगवान बिना पट्टे बैठा है। भगवान हम सबको देता है तो हमारा कर्तव्य बनता है कि हम पट्टा दें। मंत्री बोले- हम अभियान चलाकर पट्टे देंगेदिलावर ने कहा- हम कोशिश करेंगे कि अभियान चलाकर आबादी पर बसे मंदिरों को पट्टा दें। मंदिर मूर्ति उस जगह की मालिक हो जाए। उसके बिना कई दिक्कतें आती है। मंदिर के नाम की डोली की जमीन अवाप्त हो जाए तो मंदिर मूर्ति के नाम होगा तो मुआवजा मिल सकता है। गांवों में शहरों की तर्ज पर बिना लाइसेंस मीट नहीं बेच सकेंगेपंचायतीराज मंत्री दिलावर ने शहरों की तर्ज पर गांवों में मीट की दुकानों पर शहरों वाले नियम लागू करने की घोषणा की है। दिलावर ने कहा कि गांवों में भी अब शहरों की तरह ही मीट की दुकानों पर नियम लागू होंगे। मांस की दुकान लगाने के लिए नियम बने हुए हैं, नियम यह है की कमर्शियल दुकान होगी उसमें ही वह अपनी मीट बेच सकता है, उसको लाइसेंस लेना पड़ेगा। फूड लाइसेंस लेना पड़ेगा। अब जानवर काटने के लिए वेटरनरी डॉक्टर का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र लेना पड़ेगा। स्वास्थ्य प्रमाण पत्र के साथ उसका फोटो भी होगा ताकि एक जानवर का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र लेकर 10 जानवर नहीं काट सके। मीट की दुकान चलाने अब पंचायत की एनओसी लेनी पड़ेगीदिलावर ने कहा- मीट की दुकान चलाने अब पंचायत की एनओसी लेनी पड़ेगी। आगे जाकर हम हमारे नियम बना लेंगे। आज के बाद में सभी अधिकारियों को निर्देश देता हूं कि कहीं भी राजस्थान में ग्रामीण क्षेत्र में मांस की दुकान नियमों के खिलाफ नहीं लगे।
दुर्ग जिले के छावनी थाना क्षेत्र स्थित औद्योगिक क्षेत्र की गणपति इंडस्ट्री में गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे आग लग गई। बंद फैक्ट्री के भीतर रखे ऑयल के ड्रमों और वेस्ट मटेरियल में आग भड़कने से आसपास के क्षेत्र में हलचल मच गई। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री परिसर में वेल्डिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान निकली चिंगारी ऑयल ड्रमों और ज्वलनशील वेस्ट मटेरियल तक पहुंच गई, जिससे आग तेजी से फैलने लगी। फैक्ट्री के अंदर से धुआं और लपटें उठती देख तत्काल अग्निशमन कार्यालय दुर्ग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही दुर्ग अग्निशमन दल तुरंत हरकत में आया। अग्निशमन कार्यालय से एक दमकल वाहन को मौके पर रवाना किया गया। 6 सदस्यीय टीम ने बिना देरी किए आग पर पानी की बौछार शुरू की और आग को फैक्ट्री के भीतर ही फैलने से रोक दिया। जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि समय पर मिली सूचना और टीम की त्वरित कार्रवाई से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। उन्होंने कहा कि यदि आग ऑयल ड्रमों से बाहर फैलती तो बड़ा विस्फोट और व्यापक नुकसान हो सकता था। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
भाजपा ने बागपत में लंबे इंतजार के बाद नीरज शर्मा को नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। पार्टी ने इस नियुक्ति के जरिए जिले में संगठनात्मक संतुलन साधने की कोशिश की है। नीरज शर्मा ब्राह्मण वर्ग के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं। जिले में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। राजनीतिक जानकार इस फैसले को 2027 के विधानसभा चुनावों से जोड़कर देख रहे हैं। इससे पहले भी ब्राह्मण चेहरे को जिलाध्यक्ष बनाए जाने की चर्चाएं थीं। हालांकि तब वेदपाल उपाध्याय को दोबारा जिम्मेदारी दी गई थी। संगठन में लंबा अनुभव नीरज शर्मा पूर्व में भी जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने 2007 और 2012 में भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था। वे भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य और खेलकूद प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक जैसे पदों पर भी कार्य कर चुके हैं। हाल ही में वे 2024 के लोकसभा चुनाव में मुजफ्फरनगर के लोकसभा प्रभारी की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। नवनियुक्त जिलाध्यक्ष के सामने संगठन को एकजुट रखना, पार्टी की नीतियों को बूथ स्तर तक पहुंचाना और आगामी चुनावों के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार करना प्रमुख चुनौतियां होंगी। नीरज शर्मा बागपत जनपद के गांव पुट्ठी धनोरा के निवासी हैं और उन्हें संगठनात्मक रूप से सक्रिय और अनुभवी नेता माना जाता है।
दमोह में डिप्टी रेंजर सड़क हादसे में घायल:गश्त के दौरान बेकाबू होकर गिरी बाइक; हेलमेट ने बचाई जान
दमोह जिले के नोहटा थाना क्षेत्र में गुरुवार रात एक सड़क हादसे में माला बम्होरी बीट के डिप्टी रेंजर कमलेश सोनी घायल हो गए। डिप्टी रेंजर ने हेलमेट पहन रखा था, जिसके चलते उनके सिर में कोई गंभीर चोट नहीं आई और उनकी जान बच गई। गश्त के दौरान बेकाबू होकर गिरी बाइक प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कमलेश सोनी अपनी बाइक से नियमित गश्त पर निकले थे। इसी दौरान अचानक उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर फिसल गई। हादसा इतना गंभीर था कि बाइक काफी दूर तक घिसटती चली गई। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए एंबुलेंस बुलाई और घायल डिप्टी रेंजर को दमोह जिला अस्पताल पहुँचाया। हेलमेट ने बचाई जान, डॉक्टरों ने दी जानकारी मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि यदि डिप्टी रेंजर ने हेलमेट नहीं पहना होता, तो सिर में घातक चोट लगने की पूरी आशंका थी। जिला अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, कमलेश सोनी के हाथ, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं, लेकिन वे खतरे से बाहर हैं। फिलहाल वे चिकित्सकों की कड़ी निगरानी में उपचाररत हैं। वन विभाग की टीम ने जाना हालचाल हादसे की जानकारी मिलते ही डीएफओ ईश्वर जरांडे के निर्देश पर विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल सहकर्मी के स्वास्थ्य की जानकारी ली और बेहतर उपचार सुनिश्चित कराया।
इंदौर के रावजी बाजार थाने क्षेत्र में गुरुवार रात जहरीली गैस से क्षेत्र में हडकंप मच गया है। बताया जाता है कि रात को थाने के पीछे कबाड की दुकान के पास गैस संबंधी कुछ अनैतिक काम किया रहा था। इसी दौरान गड़बड़ हुई और जहरीली गैस फैलने लगी। गैस के कारण लोगों को सांस लेने में तकलीफ और उल्टियां होने लगी। इससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। मामले में पांच लोगों को हॉस्पिटल रैफर किया गया है। यह खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
गोंडा जिले में वरिष्ठ भाजपा नेता अकबाल बहादुर तिवारी को तीसरी बार भाजपा का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। बेलसर विकासखंड के परसदा गांव निवासी तिवारी को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने गोंडा का नया जिलाध्यक्ष घोषित किया। यह नियुक्ति आज 26 फरवरी 2026 को हुई है अकबाल बहादुर तिवारी भारतीय जनता पार्टी के पुराने कार्यकर्ता और पदाधिकारी हैं। उन्हें पहली बार वर्ष 2007 से 2009 तक गोंडा भाजपा जिलाध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद वर्ष 2013 से 2015 तक उन्होंने दूसरी बार यह जिम्मेदारी संभाली। वह बेलसर ब्लॉक से पूर्व में भाजपा के ब्लॉक प्रमुख भी रह चुके हैं। वर्ष 2023 के निकाय चुनाव के दौरान उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह माह के लिए निष्कासित कर दिया गया था। उन पर भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ दूसरे प्रत्याशी को खड़ा करने का आरोप था। हालांकि, चुनाव संपन्न होने के बाद उनका निष्कासन वापस ले लिया गया और उन्हें पुनः पार्टी में शामिल कर लिया गया था। गोंडा में भाजपा संगठन पिछले आठ महीने से अधिक समय से जिलाध्यक्ष विहीन था। जिससे संगठनात्मक कार्यों में काफी दिक्कतें आ रही थीं। तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने 11 जून को बड़ी कार्रवाई करते हुए अमर किशोर कश्यप को जिलाध्यक्ष पद से निष्कासित कर दिया था। लगभग आठ महीने 15 दिन बाद अब गोंडा भाजपा को नया जिलाध्यक्ष मिला है। अकबाल बहादुर तिवारी की नियुक्ति से पार्टी के संगठनात्मक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। अकबाल बहादुर तिवारी ने कहा कि मैं पार्टी नेतृत्व को बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं जिन्होंने एक बार फिर से मुझे काम करने का मौका दिया है। पार्टी द्वारा जो भी जिम्मेदारियां दी जाएगी उन जिम्मेदारियां का निर्वहन किया जाएगा पंचायत चुनाव को लेकर के अभी से तैयारी हम लोग शुरू कर देंगे क्योंकि अब पंचायत चुनाव में ज्यादा समय नहीं बचा है।
जालौन में राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने अखिलेश यादव के ट्वीट पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। कहा कि समाजवादी पार्टी राजनीतिक निराशा और हताशा में बयानबाजी कर रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश और प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं।मंत्री अंसारी ने कहा कि भारत की वैश्विक छवि मजबूत हुई है। आज दुनिया के कई देश भारत के साथ साझेदारी के लिए आगे आ रहे हैं। ऐसे में सपा नेताओं के बयान वास्तविकता से परे और जनता को भ्रमित करने वाले हैं। मंत्री अंसारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश और प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि भारत की वैश्विक छवि मजबूत हुई है और कई देश भारत के साथ साझेदारी के लिए आगे आ रहे हैं। योजनाओं का किया उल्लेख मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार गरीबों, किसानों, युवाओं और अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना और पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके शासनकाल में विकास केवल पोस्टर और नारों तक सीमित था, जबकि वर्तमान सरकार विकास को जमीनी स्तर पर उतार रही है। अखिलेश यादव के आरोपों को राजनीतिक स्टंट करार देते हुए मंत्री अंसारी ने कहा कि जनता अब सच्चाई समझ चुकी है और केवल बयानबाजी से भ्रमित नहीं होगी।
बीजापुर के दुगोली इकोपार्क में वन विभाग द्वारा रात के अंधेरे में बुलडोजर लगाकर बेशकीमती सागौन के पेड़ गिराए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि अब तक लगभग 20 पेड़ जमींदोज किए जा चुके हैं, जबकि कुल 35 पेड़ गिराने की योजना है। इस कार्रवाई का कारण नर्सरी विकसित करना और पेड़ों की छांव से पौधों को पर्याप्त रोशनी न मिलना बताया गया है। इस कार्रवाई को लेकर पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि न तो रेंजर, न एसडीओ और न ही सीसीएफ ने कोई आधिकारिक आदेश साझा किया है। विशालकाय पेड़ों को मशीनों से काटा जा रहा है और बुलडोजर से हटाया जा रहा है। रात के अंधेरे में की जा रही यह जल्दबाजी में की गई कार्रवाई संदेह के घेरे में है। डीएफओ ने दिया पेड़ गिराने का आदेश वन विभाग के एसडीओ देवेंद्र गोंड ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि रात में कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं थी और यह दिन में भी की जा सकती थी। उन्होंने बताया कि पेड़ों को गिराने का आदेश डीएफओ द्वारा दिया गया है और सीसीएफ की अनुशंसा के लिए पत्र भेजा गया है। हालांकि, एसडीओ गोंड आदेश की प्रति उपलब्ध नहीं करा सके। वहीं, जगदलपुर के सीसीएफ आलोक तिवारी ने पुष्टि की कि उन्होंने ही पेड़ों को गिराने की अनुशंसा की थी। उन्होंने बताया कि पिछली बार दौरे के दौरान उन्होंने स्थिति का जायजा लिया था और पेड़ों को हटाने का निर्देश दिया था। सीसीएफ तिवारी ने यह भी बताया कि उनका कल फिर से क्षेत्र का दौरा है।
पूर्णिया में गुरुवार को बिहार ग्रामीण बैंक की रानीपतरा शाखा ने बकाया ऋण वसूली के लिए एक विशेष गिरफ्तारी अभियान चलाया। इस दौरान मुफस्सिल थाना पुलिस के साथ मिलकर बैंक अधिकारियों ने पूर्व से जारी गिरफ्तारी वारंट वाले ऋणियों के खिलाफ सघन छापेमारी की। यह अभियान दीवानगंज, नागदेही और घोरघट गांवों में एक साथ चलाया गया। डीओसीसी इंचार्ज कुणाल कुमार के नेतृत्व में कई वारंटी ऋणियों को गिरफ्तार किया गया। कुछ ऋणियों को मौके पर ही बकाया राशि जमा करने या भुगतान की प्रतिबद्धता जताने पर कानूनी प्रक्रिया के तहत निर्धारित समय देकर छोड़ दिया गया। बैंक सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में नीलाम पत्र न्यायालय ने बैंक के लंबित ऋण मामलों में बड़ी संख्या में गिरफ्तारी वारंट और कुर्की-जब्ती आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों को लागू करने के लिए जिले के विभिन्न थानों में लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि ऐसी कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ऋण अनुशासन को मजबूत करना, बकाया वसूली में तेजी लाना और बैंकिंग प्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित करना है। बैंक पहले ऋणियों को नोटिस, समझौता और किस्त पुनर्निर्धारण जैसे कई अवसर देता है, लेकिन लगातार अनदेखी होने पर ही कानूनी कार्रवाई की जाती है। बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रभात रंजन ने सभी ऋणियों से अपील की है कि वे समय पर अपनी किस्तों का भुगतान करें। उन्होंने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए बैंक से संपर्क कर आपसी समाधान का रास्ता अपनाने का आग्रह किया। पुलिस प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि न्यायालय द्वारा जारी वारंटों को लागू करने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
जालंधर जिले के नकोदर में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए दो अज्ञात नकाबपोश लुटेरों ने बस स्टैंड के अंदर घुसकर फायरिंग की और एक मोटरसाइकिल छीनकर फरार हो गए। यह घटना तब हुई जब बस स्टैंड सवारियों से भरा हुआ था। गोली चलने की आवाज से इलाके में दहशत फैल गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। नकोदर बस स्टैंड में सरेआम गुंडागर्दी नकोदर शहर के मुख्य बस स्टैंड पर आज उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब दो अज्ञात लुटेरों ने हथियारों के बल पर एक वारदात को अंजाम दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लुटेरे मोटरसाइकिल छीनने के इरादे से आए थे। जब उन्हें प्रतिरोध का सामना करना पड़ा, तो उन्होंने दहशत फैलाने के लिए सीधे गोली चला दी। गनीमत यह रही कि इस फायरिंग में किसी व्यक्ति को गोली नहीं लगी, लेकिन गोली की आवाज सुनते ही पूरा बस स्टैंड गूंज उठा। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मोटरसाइकिल लेकर बड़ी आसानी से वहां से रफू-चक्कर होने में कामयाब रहे। 100 से ज्यादा सवारियां थीं मौजूद सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जिस समय यह वारदात हुई, उस समय बस स्टैंड के अंदर 100 से ज्यादा यात्री मौजूद थे। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग अपनी बसों का इंतजार कर रहे थे। अचानक हुई फायरिंग के कारण वहां भगदड़ मच गई। लोग अपनी सुरक्षा के लिए दुकानों और बसों के पीछे छिपने लगे। शहर के बीचों-बीच हुई इस वारदात ने पुलिस के सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है। पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज घटना की सूचना मिलते ही नकोदर पुलिस की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटना स्थल का मुआयना किया और वहां मौजूद चश्मदीदों के बयान दर्ज किए। पुलिस अब बस स्टैंड और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों के आने-जाने के रास्ते का पता लगाया जा सके। शहर के निवासियों और व्यापारियों में इस घटना के बाद काफी रोष और डर देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिनदहाड़े हुई इस लूट और फायरिंग ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और शहर में गश्त बढ़ाई जाएगी।
लखनऊ के आलमबाग इलाके में बुधवार देर रात टेंट हाउस मालिक के बेटे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बुधवार रात परिजन खाने के लिए बुलाने गए तब फंदे से लटका मिला। आनन-फानन में उसे नीचे उतारकर लोकबंधु अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मधुबन नगर निवासी के.के. तिवारी की आशियाना के पकरी क्षेत्र में तिवारी टेंट हाउस के नाम से दुकान है। परिजनों ने बताया उनके बेटे वैभव तिवारी (25) की शादी आठ महीने पहले आशियाना निवासी आकांक्षा से हुई थी। तीन दिन पहले होली के चलते आकांक्षा अपने मायके गई हुई थी। बताया गया कि बुधवार रात करीब आठ बजे वैभव घर आया और अपने कमरे में चला गया। रात करीब नौ बजे परिवार के लोग उसे खाना खाने के लिए बुलाने पहुंचे, लेकिन वह कमरे में नहीं मिला। तलाश करते हुए परिजन मकान के ऊपरी हिस्से में पहुंचे, जहां टीन शेड में लगी लोहे की रॉड से दुपट्टे के सहारे वैभव का शव लटका मिला। यह देख परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजन तुरंत उसे नीचे उतारकर लोकबंधु अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस में चौक पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस का कहना है आत्महत्या करने के स्पष्ट कारण का पता नहीं चल सका है।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद के शाहपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार देर शाम एक जनरेटर फैक्ट्री और उससे सटे गोदाम में आग लग गई। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और आग की लपटें दूर से दिखाई दे रही थीं। यह घटना गुरुवार रात करीब 8 बजे शाहपुर कस्बे में मुजफ्फरनगर रोड पर पंजाब नेशनल बैंक के सामने स्थित उमर दराज के पुराने जनरेटरों के गोदाम में हुई। शॉर्ट सर्किट के कारण आग भड़की और गोदाम में रखे ज्वलनशील सामान के चलते तेजी से फैल गई, जिससे पूरी फैक्ट्री परिसर इसकी चपेट में आ गया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत बाहर निकलकर अपनी जान बचाई और पुलिस व दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही शाहपुर थाना पुलिस और बुढ़ाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। दमकल विभाग की कई गाड़ियां भी मौके पर बुलाई गईं। दमकलकर्मियों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझाने के दौरान आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पुलिस के अनुसार, इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। हालांकि, आग से फैक्ट्री और गोदाम में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया है। प्रशासन ने आग लगने के सटीक कारणों की जांच शुरू कर दी है और क्षेत्र में सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
नई दिल्ली में गुरुवार को डीबी एमिनेंस अवॉर्ड के सातवें सीजन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान और दैनिक भास्कर समूह के डिप्टी एमडी पवन अग्रवाल मौजूद रहे। कार्यक्रम में दैनिक भास्कर समूह ने मध्य प्रदेश के उन 45 दिग्गजों को सम्मानित किया, जो अपने कामों से देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। चिराग ने शिक्षा, ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट, सामाजिक सेवा, अन्य उद्योगों से जुड़े लोगों को डीबी एमिनेंस अवॉर्ड दिया। चिराग ने कहा- मैं भास्कर ग्रुप का समूह का दिल से हृदय से आभार प्रकट करूंगा। ये भी अपनी रूट से जुड़े रहे। भास्कर ग्रुप का उदय उसमें आप सबके शहर इंदौर की एक अहम भूमिका रही। कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें… दैनिक भास्कर समूह हर साल लीडर्स को सम्मानित करता है दैनिक भास्कर समूह हर साल यह अवॉर्ड ऐसे लीडर्स को प्रदान करता है, जो अपने-अपने क्षेत्र में अतुलनीय काम कर रहे हैं। दैनिक भास्कर समूह के डिप्टी एमडी पवन अग्रवाल ने इस मौके पर सम्मानित हुए लोगों से कहा कि उन सभी ने अपने कामों से एक मिसाल कायम किया है। उन्होंने कहा कि दैनिक भास्कर का भी प्रयास होता है कि जैसा आप समाज में बदलाव कर रहे हैं, वैसा हम भी करें। समाज में कुछ ना कुछ नया करते रहें। आपके साथ यही जुगलबंदी है। इंदौर दैनिक भास्कर के लिए काफी खास जगह है। क्योंकि वहां 10 साल पहचान बनाने के बाद ही हिम्मत मिली कि पूरे देश में जाएं। डिप्टी एमडी ने कहा कि इस एंटरप्राइजिंग शहर (इंदौर) से ही हमें हिम्मत मिली। यहीं से हमें समझ आया था कि जब आप कुछ काम करते हैं तो उसकी कोई सीमा नहीं है। अगर आपके पास कल्पना है तो पूरा खुला आसमान है। चिराग पासवान ने अवॉर्ड पाने वाले लोगों को बधाई दी कार्यक्रम में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने अवॉर्ड पाने वाले सभी 45 लोगों को बधाई दी और दैनिक भास्कर का धन्यवाद किया। उन्होंने वहां मौजूद उद्यमियों से फूड प्रोसेसिंग में इनोवेशन और निवेश करने की अपील की। चिराग ने आगे कहा- आज हर कोई विकसित भारत की चर्चा करता है, लेकिन बहुत कम लोग अपने योगदान के बारे में सोचते हैं। हम अक्सर सरकारों और प्रशासन से सवाल करते हैं कि विकसित भारत कैसे बनेगा, लेकिन आप वे लोग हैं जिन्होंने खुद से सवाल किया कि 'मेरा योगदान क्या होगा?' यदि देश की 140 करोड़ आबादी ईमानदारी से खुद से यह पूछने लग जाए, तो हम लक्ष्य के बहुत करीब होंगे। इसके अलावा इस कार्यक्रम में दैनिक भास्कर समूह के इंदौर के एग्जिक्यूटिव एडिटर अमित मंडलोई, इंदौर के यूनिट हेड दीपक किशोर और नेशनल पॉलिटिकल एडिटर धर्मेंद्र सिंह भदौरिया भी मौजूद थे। कार्यक्रम से जुड़े 5 वीडियो…
यूकेजी का एक छात्र बस चालक और स्टाफ की लापरवाही से गुरुवार को सात घंटे तक बस में बंद रहा। स्कूल पहुंचने से पहले ही रास्ते में बस खराब हो गई। दूसरी बस से बच्चों को स्कूल पहुंचाया गया, लेकिन उसे खराब बस में ही छोड़ दिया गया। स्कूल प्रबंधन ने ट्रांसपोर्टर और बस के कर्मचारी को निलंबित कर दिया है। सेक्टर-78 स्थित एक सोसाइटी में रहने वाले एक दंपति का पुत्र सेक्टर-44 के एमिटी इंटरनेशनल स्कूल में यूकेजी में पढ़ता है। परिजन के मुताबिक, सुबह उन्होंने बच्चे को सोसाइटी के गेट से स्कूल बस में बैठाया। कुछ देर बाद ही बच्चे को नींद आ गई। रास्ते में तकनीकी खराबी के कारण बस बंद हो गई। चालक की सूचना पर ट्रांसपोर्टर ने दूसरी बस भेजी। खराब बस को यार्ड में छोड़ा गया इस बस में बच्चों को बैठाकर स्कूल पहुंचाया गया। खराब बस को स्कूल से करीब 25 किलोमीटर दूर बने यार्ड में भेज दिया गया। परिजन का कहना है कि जब वह सोसाइटी के गेट पर बच्चे को लेने पहुंचे तो वह बसे में नहीं था। उन्होंने फौरन इसकी सूचना स्कूल को दी। स्कूल प्रबंधन के मुताबिक, बच्चा स्कूल नहीं पहुंचा था। यह सुनकर बच्चे के माता-पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। बच्चा बस में पसीने से लथपथ था उन्हें अनहोनी की आशंका होने लगी। बच्चे की खोजबीन शुरू हुई तो पता चला कि बस के रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज थी, लेकिन स्कूल में अनुपस्थित था। फोन करने पर ट्रांसपोर्टर ने रास्ते में बस खराब होने की जानकारी दी। बच्चे को खोजते हुए अभिभावक यार्ड में पहुंचे, जहां बच्चा रो रहा था। माता-पिता ने बताया कि वह भूखा-प्यासा और पसीने से लथपथ था। उन्हें देखते ही लिपटकर रोने लगा। बच्चे को सकुशल देखकर अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन ने राहत की सांस ली। पुलिस के मुताबिक, इस संबंध में परिजन ने कोई शिकायत नहीं दी है। बच्चे की मां ने दर्द बयां किया बच्चे की मां ने सोशल मीडिया पर एक मैसेज पोस्ट किया है। उन्होंने कहा कि सुबह बेटे को बस में बैठाया। उसे हाथ हिलाकर विदा किया और रोजाना की तरह घर पहुंच गई। दोपहर में जब सोसाइटी के गेट पर पहुंचीं तो बेटा बस से नहीं उतरा। उन्होंने कहा कि माता-पिता होने के नाते वह बेहद गंभीर पीड़ा से गुजरे। वह उन घंटों के डर और बेबसी को शब्दों में बयान नहीं कर सकतीं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वह खुद बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। स्कूल प्रबंधन ने दावों को खारिज किया स्कूल प्रबंधन की ओर से सविता मेहता का कहना है कि बस रास्ते में खराब हो गई थी। जब दूसरी बस से बच्चे स्कूल पहुंचे तो उनकी गिनती हुई, लेकिन एक बच्चा गायब था। स्कूल प्रबंधन ने कुछ ही देर में बच्चे को खराब हुई बस से ढूंढ निकाला और परिजन को इसकी सूचना दी। इस घटनाक्रम में थोड़ा समय लगा, लेकिन सात घंटे तक बस में बंद रहने और 25 किलोमीटर दूर यार्ड के दावे गलत हैं। स्कूल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ट्रांसपोर्टर और बस स्टाफ को निलंबित कर दिया है।
अयोध्या के बेनीगंज मोहल्ले स्थित श्री संकट मोचन हनुमान कमल मंदिर में 40 दिवसीय पौंडरिक महायज्ञ का विधिवत शुभारंभ गुरुवार को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। यह महायज्ञ हनुमानगढ़ी के महंत धर्मदास महाराज के संयोजन में तथा दक्षिण भारत के वैदिक विद्वान याजुल गुरु जी के निर्देशन में संपन्न हो रहा है। यह दुर्लभ महायज्ञ 4 अप्रैल तक चलेगा महंत धर्मदास महाराज ने बताया कि यह दुर्लभ महायज्ञ 26 फरवरी से प्रारंभ होकर 4 अप्रैल तक आश्रम परिसर में चलेगा। महायज्ञ में दक्षिण भारत के 40 तथा उत्तर भारत के 50 वैदिक विद्वान प्रतिदिन अनुष्ठान संपन्न करा रहे हैं। चतुर्वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ प्रतिदिन 25 हजार आहुतियां समर्पित की जाएंगी। पूरे मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया है और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।आयोजन से जुड़े अंकित मिश्रा ने बताया कि पौडरिक महायज्ञ अत्यंत दुर्लभ अनुष्ठान है। मान्यता है कि प्रभु श्रीरामचंद्र ने भी अपने समय में इस यज्ञ का आयोजन किया था। प्राचीन काल में इसे ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य समाज द्वारा संपन्न कराया जाता था, किंतु मुगलकालीन आक्रमणों के बाद यह परंपरा लगभग समाप्त हो गई। महायज्ञ की सुरक्षा एवं सिद्धि के लिए भगवती दुर्गा की विशेष स्थापना करीब 300 वर्षों के अंतराल के बाद रामनगरी में पुनः इस महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि महायज्ञ की सुरक्षा एवं सिद्धि के लिए भगवती दुर्गा की विशेष स्थापना की गई है। दुर्गा सप्तशती पाठ एवं वैदिक मंत्रों के साथ मां दुर्गा, मां सरस्वती और मां काली की प्रतिष्ठा कर पूजन प्रारंभ किया गया है। उन्होंने बताया कि यज्ञ का उद्देश्य जगत कल्याण और समस्त जीवों का मंगल है।आयोजकों का मानना है कि यज्ञ से उत्पन्न सकारात्मक ऊर्जा और वातावरण शुद्धि से प्रकृति संतुलित होगी, वर्षा होगी और अन्न उत्पादन में वृद्धि होगी। उसी अन्न से पोषित मेधा और सद्बुद्धि के माध्यम से रामराज्य की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा। श्रद्धालु पूरे उत्साह और भक्ति भाव से महायज्ञ में सहभागिता कर रहे हैं।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने एक नाबालिग बालक का बाल विवाह रुकवाया है। जिला प्रशासन बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। यह घटना 24 फरवरी को ग्राम पंचायत सल्हेघोरी, थाना गौरेला में सामने आई। बैगा समाज के एक नाबालिग बालक के विवाह की सूचना मिलने पर, जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास विभाग) अमित सिन्हा ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने जिला बाल संरक्षण अधिकारी वीरेंद्र कुर्रे को मामले की जांच के निर्देश दिए। कुर्रे ने तुरंत एक टीम का गठन किया। इस टीम में सेक्टर सुपरवाइजर, चाइल्ड हेल्पलाइन, जिला बाल संरक्षण इकाई के सदस्य, स्थानीय पुलिस, पंचायत सचिव, उप सरपंच और पंच शामिल थे। मार्कशीट जांच में सामने आई बालक की कम उम्र टीम ने मौके पर पहुंचकर बालक के उम्र संबंधी दस्तावेजों, विशेषकर उसकी मार्कशीट की जांच की। जांच में पाया गया कि बालक की आयु बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत निर्धारित 21 वर्ष से लगभग 6 वर्ष कम थी। टीम ने बालक के माता-पिता और परिवार के सदस्यों को बाल विवाह निषेध अधिनियम के कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया और उन्हें समझाया। इसके बाद, परिवार से एक घोषणा पत्र-पंचनामा पर हस्ताक्षर कराए गए। इसमें उन्होंने बालक के 21 वर्ष पूरे होने तक उसका विवाह न करने का वचन दिया। इस कार्रवाई के बाद, प्रस्तावित बाल विवाह को पूरी तरह से रोक दिया गया।
महोबा जिला अस्पताल में स्टाफ की कमी:इमरजेंसी वार्ड में मरीज बेहाल, परिजन खुद कर रहे इलाज
महोबा जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि घायल मरीज बेड से नीचे गिर रहे हैं और उनके परिजन खुद ही मरहम-पट्टी करने को मजबूर हैं। यह स्थिति अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाती है। जिला अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है। वीडियो में सड़क हादसे में घायल हुए सोनू और पुष्पेंद्र नामक युवक आधे घंटे तक इलाज के लिए इंतजार करते दिखे। इस दौरान एक घायल मरीज बेड से नीचे गिर गया, लेकिन उसे उठाने के लिए कोई स्टाफ सदस्य मौजूद नहीं था। अस्पताल की इस स्थिति के कारण तीमारदार खुद ही मरीजों का इलाज करने को विवश हैं। सिरमौर गांव से आए घायल के परिजन दिलीप ने बताया कि वार्डबॉय की अनुपस्थिति में उन्होंने खुद ही मरीज के जख्मों पर पट्टी बांधी। पुष्पेंद्र के भाई शिवम और बीजा नगर के वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि घंटों गुहार लगाने के बावजूद इमरजेंसी वार्ड में उनकी सुनवाई नहीं हुई। इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर नवीन चौहान ने भी स्टाफ की कमी को स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि पूरे इमरजेंसी वार्ड की जिम्मेदारी मात्र दो-तीन कर्मचारियों पर है, जिससे एक साथ कई घायल आने पर स्थिति संभालना मुश्किल हो जाता है। डॉक्टर चौहान ने सीएमएस से स्टाफ बढ़ाने की मांग की है।
गया जंक्शन पर 8KG गांजा जब्त, एक तस्कर अरेस्ट:4.10 लाख रुपए कीमत, एक थैले-पिट्ठू बैग से बरामदगी
गया रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेल पुलिस (GRP) की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की है। विशेष अभियान 'नारकोश' के तहत गुरुवार को 8.200 किलोग्राम गांजा के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया। रेलवे थाना अध्यक्ष बनारसी यादव ने बताया कि पूर्व मध्य रेल के डी.डी.यू. मंडल के तहत रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट गया और अन्य सहयोगी इकाइयां स्टेशन परिसर में नियमित गश्त कर रही थीं। इसी दौरान प्लेटफॉर्म संख्या 01 बी (दिल्ली छोर) पर एक संदिग्ध व्यक्ति को रोका गया। एक थैले और पिट्ठू बैग से बरामदगी तलाशी के दौरान उसके पास मौजूद एक थैले और पिट्ठू बैग से कुल 8.200 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान जाकिर हुसैन दिवान (25 वर्ष) के रूप में हुई है। वह नेपाल के पर्सा जिले के बिन्दवासिनी गांव, वार्ड संख्या 04, प्रांत मधेश का निवासी है। बरामद गांजे की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 4 लाख 10 हजार रुपये बताई गई है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद अभियुक्त को राजकीय रेल पुलिस थाना गया को सौंप दिया गया। उसके खिलाफ मु0अ0सं0 56/26 के तहत एनडीपीएस अधिनियम की धारा 08/20(b)(ii)(B) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस तस्करी के स्रोत और इसमें शामिल संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है। रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों ने बताया कि रेल मार्ग से मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए 'ऑपरेशन नारकोश' जैसे अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं। स्टेशन परिसर और ट्रेनों में निगरानी बढ़ा दी गई है, और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों ने पुष्टि की कि रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अवैध तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए ऐसी कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी। इस गिरफ्तारी को क्षेत्र में मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
बागपत में खाद्य सुरक्षा विभाग ने होली के मद्देनजर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत चार क्विंटल मिलावटी मावा नष्ट किया है। इस मावे की अनुमानित कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर की गई। सहायक आयुक्त खाद्य डीपी सिंह के नेतृत्व में टीम ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान शामली, मुजफ्फरनगर और बागपत से दिल्ली ले जाए जा रहे मावा, खोया और पनीर के नमूने लिए गए। अब तक कुल 29 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा चुके हैं। अधिकारियों ने एक कैंटर में ले जाए जा रहे चार क्विंटल मावे को दुर्गंधपूर्ण और मिलावटी पाया। इसके बाद जेसीबी की मदद से गड्ढा खुदवाकर मौके पर ही मावे को नष्ट कर दिया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग का विशेष चेकिंग अभियान जारी है। अधिकारी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं। सहायक आयुक्त खाद्य डीपी सिंह ने लोगों से होली के अवसर पर मिलावटी सामान से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पैकिंग वाले सामान की एक्सपायरी डेट देखकर ही खरीदें और अधिक चमकदार मिठाइयों का सेवन करने से बचें। विभाग की टीम लगातार विभिन्न क्षेत्रों में मिठाई की दुकानों पर भी जांच कर रही है। भेजे गए नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बागपत, शामली और मुजफ्फरनगर से बिक्री के लिए ले जाए जाने वाले मावा, खोया और पनीर पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।
पश्चिम चंपारण के चनपटिया नगर पंचायत में सफाई, कचरा प्रबंधन और चलंत शौचालयों की मरम्मत पर हुए भारी खर्च को लेकर बिहार विधानसभा में गंभीर सवाल उठाए गए हैं। चनपटिया से कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन ने तारांकित प्रश्न और पूरक बहस के माध्यम से नगर विकास एवं आवास विभाग से इस संबंध में जवाब मांगा। शौचालयों की मरम्मत पर 5,74,138 रुपये खर्च विधायक अभिषेक रंजन ने सदन को बताया कि विभागीय उत्तरों से यह स्पष्ट होता है कि चनपटिया नगर पंचायत ने मात्र दो चलंत (टिन शेड युक्त) शौचालयों की मरम्मत पर 5,74,138 रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने इस खर्च को चौंकाने वाला बताया। विधायक ने सवाल किया कि जब शहरी आवास योजना के तहत एक गरीब परिवार को 2 लाख रुपये में पक्का मकान और शौचालय मिलता है, और व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये की सहायता दी जाती है, तो एक अस्थायी शौचालय की मरम्मत पर इतना बड़ा व्यय किस तकनीकी मानक और दर सूची के आधार पर स्वीकृत हुआ। कचरा प्रबंधन पर 64.08 लाख रुपये दिए सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में चनपटिया नगर पंचायत में सफाई पर 83.85 लाख रुपये, कचरा प्रबंधन पर 64.08 लाख रुपये, शौचालय मद में 5.74 लाख रुपये और अन्य संसाधनों की खरीद पर 2.60 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई है। इस भारी खर्च के बावजूद नगर पंचायत की स्वच्छता रैंकिंग में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2023-24 में चनपटिया राज्य स्तर पर शीर्ष-10 में 8वें स्थान पर था, लेकिन दो वर्षों में यह 142वें स्थान पर फिसल गया। राष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी रैंकिंग में उतार-चढ़ाव देखा गया है। मंत्री बोले-अनियमितता पर जांच कराई जाएगी बहस के दौरान नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सदन में आश्वासन दिया कि वे इस पूरे मामले को स्वयं देखेंगे। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी अनियमितता पाई जाती है, तो उसकी जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
खैरथल-तिजारा अतिरिक्त जिला कलेक्टर शिवपाल जाट की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला सचिवालय खैरथल-तिजारा में नार्को कोऑर्डिनेशन केंद्र की जिला स्तरीय कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी, ट्रामाडोल और कोडिन आधारित खांसी की दवाइयों की अवैध बिक्री, भांग के वैध ठेकों पर संचालित अवैध गतिविधियों की रोकथाम पर चर्चा हुई। इसके अलावा, पुलिस विभाग और अन्य विभागों द्वारा अब तक की गई कार्रवाई, एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों और दवाइयों के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता सहित विभिन्न बिंदुओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान की दी जानकारी अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने पुलिस विभाग को नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। खैरथल पुलिस ने 1 जनवरी 2026 से 25 फरवरी तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 17 मामले दर्ज कर 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया और 57 लीटर हथकढ़ शराब जब्त की। आबकारी विभाग ने 1 अप्रैल 2025 से 15 फरवरी 2026 तक 135 प्रकरण दर्ज किए। गत माह विभाग ने 27,000 लीटर वॉश नष्ट की, 85 लीटर हथकढ़ शराब जब्त की और 65 भट्टियों को ध्वस्त किया। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को कोरेक्स कफ सिरप की अवैध बिक्री पर मेडिकल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने जिले में ड्रग की समस्या से निपटने के लिए युवाओं और महिलाओं की भागीदारी के साथ जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए। पुलिस अधिकारियों को स्कूलों में कार्यशालाएं आयोजित कर छात्र-छात्राओं को जागरूक करने को कहा गया। बैठक में ये रहे मौजूद इस बैठक में डिप्टी एसपी तिजारा शिवराज, समाज कल्याण अधिकारी रमेश दहमीवाल, खनिज अभियंता मनोज कुमार, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रक लेखराज अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी शकुंतला मीणा, सहायक आबकारी अधिकारी कुलभूषण मिश्रा सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
पीलीभीत में भाजपा ने संगठन की कमान गोकुल प्रसाद मौर्य को सौंप दी है। पार्टी नेतृत्व ने उनकी जमीनी सक्रियता, संगठन के प्रति निष्ठा और धैर्य को देखते हुए उन्हें जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है। टिकट की दावेदारी से संगठन की कमान तक बीते नगर पालिका चुनाव में गोकुल प्रसाद मौर्य ने अध्यक्ष पद के लिए टिकट की दावेदारी की थी। टिकट न मिलने पर उनके समर्थकों में नाराजगी देखी गई और उनके निर्दलीय चुनाव लड़ने की अटकलें भी लगीं। हालांकि, उन्होंने पार्टी अनुशासन को प्राथमिकता देते हुए चुनाव मैदान से दूरी बनाई। अब उसी निष्ठा और संयम का परिणाम उन्हें जिलाध्यक्ष पद के रूप में मिला है। संगठन में अनुभव और समीकरण वर्तमान में वे नगर पालिका के सभासद हैं और पूर्व में जिला उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या के करीबी माने जाने वाले गोकुल प्रसाद मौर्य की संगठन में मजबूत पकड़ बताई जाती है। उनकी नियुक्ति को जिले में पिछड़ा वर्ग (OBC) समीकरणों को साधने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। कार्यकर्ताओं को संदेश भाजपा ने इस फैसले के जरिए स्पष्ट संकेत दिया है कि विपरीत परिस्थितियों में भी पार्टी के साथ खड़े रहने वाले कार्यकर्ताओं को समय आने पर सम्मान और जिम्मेदारी दी जाती है। नवनियुक्त जिलाध्यक्ष के सामने अब संगठन को एकजुट रखना, बूथ स्तर तक पार्टी की नीतियों को पहुंचाना और आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार करना बड़ी जिम्मेदारी होगी।
गोरखपुर में मरम्मत एवं अनुरक्षण कार्य के कारण शुक्रवार को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक आपूर्ति बाधित रहेगी। इस अवधि में उपकेंद्र यूनिवर्सिटी से जुड़े सभी फीडर बंद रहेंगे। विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया है कि कार्य जनहित में कराया जा रहा है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे अपने आवश्यक कार्य पूर्व निर्धारित समय से पहले पूर्ण कर लें और विभाग को सहयोग प्रदान करें। यूनिवर्सिटी और शहर के प्रमुख बाजार रहेंगे प्रभावितबिजली कटौती के चलते यूनिवर्सिटी, गोलघर, सिनेमा रोड, गांधी गली, गणेश चौक, विजय चौक, पूरदिलपर, खोवामंडी, भालोटिया मार्केट, पार्क रोड, सिविल लाइन और कचहरी चौक समेत आसपास के क्षेत्रों में आपूर्ति प्रभावित रहेगी। इन इलाकों में बाजार, कार्यालय और आवासीय उपभोक्ताओं को निर्धारित समय तक बिजली नहीं मिलेगी। खोराबार और लोहिया इंक्लेव क्षेत्र में होगी कटौतीइसी क्रम में रोड चौड़ीकरण एवं लाइन शिफ्टिंग कार्य को लेकर विद्युत उपकेंद्र खोराबार के 11 KV रामगढ़ और सूबाबाजार फीडर तथा विद्युत उपकेंद्र लोहिया इंक्लेव के 11 KV लालपुर टीकर फीडर की आपूर्ति भी सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बाधित रहेगी। इससे खोराबार और आसपास के क्षेत्रों में भी उपभोक्ताओं को असुविधा का सामना करना पड़ेगा।
दुष्कर्म मामले में दोषी को 10 साल की कठोर सजा:बिजनौर कोर्ट ने सुनाया फैसला, दो आरोपी बरी
बिजनौर के अफजलगढ़ क्षेत्र में दुष्कर्म के एक मामले में नगीना कोर्ट के अपर जिला जज अनुपम सिंह ने मोहम्मद आरिफ को दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसी मामले में दो अन्य आरोपी शेर मोहम्मद और महताब जहां को पर्याप्त सबूतों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया। एडीजीसी क्षितिज अग्रवाल ने बताया कि अफजलगढ़ क्षेत्र की एक विवाहिता ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि उसका पति बेंगलुरु में काम करता है। 7 जुलाई 2024 को पीड़िता अपनी दवा लेकर घर लौट रही थी। इसी दौरान आरोपी महताब जहां ने उसे फोन किया और कहा कि वह दुकान से उधार के 50 हजार रुपये ले जाए। पीड़िता जब दुकान पर पहुंची, तो आरोपियों ने उसे दुकान के पास बने एक कमरे में बैठा दिया। इसके बाद महताब जहां और शेर मोहम्मद कमरे से बाहर आ गए और उन्होंने बाहर से ताला लगा दिया। कमरे के अंदर मौजूद मोहम्मद आरिफ ने तमंचे के बल पर पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने बचाव में पास पड़ी ईंट से ताला तोड़ने की कोशिश की और चीख-पुकार मचाई, जिसके बाद मोहल्ले के लोगों ने उसे बचाया। इसी बीच, आरोपी ने पीड़िता का एक वीडियो बनाकर उसके पति के नंबर पर भेज दिया, जिसके कारण पीड़िता के पति ने उसे तलाक दे दिया। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए महिला के कोर्ट में बयान दर्ज कराए और आरोप पत्र दाखिल किया। गुरुवार को अदालत ने मोहम्मद आरिफ को दोषी पाते हुए सजा सुनाई, जबकि उसके भाई शेर मोहम्मद और मां महताब जहां को ठोस सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
गोरखपुर में बिजली कर्मियों पर की जा रही उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों और जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। समिति ने कहा है कि मांगें न मानी गईं तो मार्च और अप्रैल में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों की 26 फरवरी को लखनऊ में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में तय किया गया कि यदि शीघ्र ही सभी दमनात्मक कार्यवाहियां वापस नहीं ली गईं और जबरन स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया बंद नहीं की गई, तो पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। अप्रैल में होगा शक्ति भवन का घेरावसमिति ने घोषणा की है कि मार्च माह में सभी क्षेत्रीय एवं परियोजना मुख्यालयों पर बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके बाद अप्रैल में राजधानी लखनऊ स्थित शक्ति भवन पर विशाल प्रदर्शन आयोजित कर आगे की रणनीति की घोषणा की जाएगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिन अधिकारियों या कर्मचारियों द्वारा स्मार्ट मीटर न लगवाने वाले कर्मियों की बिजली काटने के निर्देश दिए गए हैं या अवैध रूप से विद्युत आपूर्ति बाधित की गई है, उनके विरुद्ध आवश्यक होने पर प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। समिति के अनुसार 20 फरवरी को लखनऊ के प्राग नारायण मार्ग स्थित हाइडिल कॉलोनी की बिजली जबरन स्मार्ट मीटर लगाने के उद्देश्य से काट दी गई थी, जिससे परिवारों को परेशानी उठानी पड़ी। मार्च 2023 के आश्वासन का हवालासंघर्ष समिति ने कहा कि मार्च 2023 के आंदोलन के बाद ऊर्जा मंत्री ने पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन को उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयां वापस लेने के निर्देश दिए थे। समिति का आरोप है कि लगभग तीन साल बीतने के बावजूद वे आदेश प्रभावी रूप से लागू नहीं किए गए हैं। समिति के अनुसार निजीकरण के विरोध में पिछले 15 महीनों से आंदोलन जारी है। इस दौरान संविदा कर्मियों को सेवा से हटाने, बड़े पैमाने पर तबादले करने और फेसियल उपस्थिति के नाम पर वेतन रोकने जैसी कार्रवाइयां की गई हैं। आंदोलन के 456 दिन पूरे होने पर प्रदेश के सभी जनपदों और परियोजनाओं में बिजली कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन कर दमनात्मक नीतियां समाप्त करने की मांग उठाई।
विदिशा जिले में अवैध गैस रिफिलिंग और कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर अंशुल गुप्ता के निर्देश पर खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने अटारी खेजड़ा क्षेत्र में छापा मारा। इस दौरान बड़ी मात्रा में गैस सिलेंडर और रिफिलिंग उपकरण जब्त किए गए। जिला आपूर्ति अधिकारी अनिल तंतुवाय ने बताया कि कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी मिताली मेहरा और सहायक आपूर्ति अधिकारी पिंकी शाक्य के नेतृत्व में टीम ने राजेश कुमार दांगी के निवास पर दबिश दी। जांच में वहां अवैध रूप से गैस रिफिलिंग का कार्य संचालित होना पाया गया। कार्रवाई के दौरान कुल 22 गैस सिलेंडर जब्त किए गए। इनमें 11 भरे हुए घरेलू सिलेंडर, 4 आंशिक भरे घरेलू सिलेंडर, 3 व्यावसायिक सिलेंडर और 5 छोटे सिलेंडर शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, मौके से नोजल पाइप सहित 2 गैस रिफिलिंग मशीनें और 12 घरेलू गैस उपभोक्ताओं की पासबुक भी जब्त की गईं। जब्त की गई सामग्री का अनुमानित मूल्य लगभग 66 हजार रुपए बताया गया है। जिला आपूर्ति अधिकारी ने जानकारी दी कि जांच में आवश्यक वस्तु अधिनियम (ईसी एक्ट) के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया है। संबंधित व्यक्ति के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि अवैध गैस रिफिलिंग, कालाबाजारी और उपभोक्ताओं की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इसका उद्देश्य आम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित करना है।
समस्तीपुर के विभूतिपुर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की का बाल विवाह रोका गया। प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर यह कार्रवाई की। इस दौरान सैकड़ों ग्रामीणों को बाल विवाह न करने की शपथ भी दिलाई गई। घटना विभूतिपुर थाना क्षेत्र के आलमपुर कोदरिया मुसहरी गांव की है। यहां मुसहर समुदाय के एक परिवार ने अपनी नाबालिग बेटी का बाल विवाह करने की पूरी तैयारी कर ली थी। एक निजी संस्था से मिली सूचना के आधार पर प्रखंड विकास पदाधिकारी सह बाल विवाह निषेध पदाधिकारी चंद्र मोहन पासवान और चाइल्ड हेल्पलाइन समस्तीपुर से मुन्ना कमलेश कुमार की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम ने हस्तक्षेप कर विवाह को रुकवाया। बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में समझाया प्रखंड विकास पदाधिकारी ने लड़की के माता-पिता को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में समझाया। उन्होंने माता-पिता से भविष्य में बाल विवाह न करने का लिखित वचन पत्र भी लिया। हालांकि, माता-पिता ने लड़के पक्ष का पता बताने से इनकार कर दिया। इस दौरान, बीडीओ ने गांव के सैकड़ों लोगों को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक किया और सभी को इस कुरीति को रोकने की शपथ दिलाई। निजी संस्था के रेस्क्यू टीम इंचार्ज कमलेश कुमार ने बताया कि उनकी टीम को बाल विवाह की सूचना मिली थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। बिहार सरकार बाल विवाह रोकने के लिए कई कठोर कानून बना चुकी है और समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चलाती है। प्रशासनिक और सामाजिक संगठनों के ऐसे प्रयास बाल विवाह जैसी कुरीतियों को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यूपी में भाजपा के 11 जिलाध्यक्षों का ऐलान कर दिया गया है। गुरुवार देर शाम प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने जिलाध्यक्षों की सूची जारी की है। सबसे ज्यादा पश्चिम क्षेत्र में 4 जिलाध्यक्ष घोषित किए गए। ब्रज में 2, अवध में 3 जिलाध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। सूची में सामाजिक संतुलन पर फोकस किया गया है। 3 ब्राह्मण, 2 मौर्य, 2 पासी और वैश्य, कायस्थ, कश्यप जाति से एक-एक जिलाध्यक्ष हैं। सीएम योगी के गोरखपुर क्षेत्र में सिद्धार्थनगर का जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य को बनाया गया है। पूरी लिस्ट देखिए… अब समझिए भाजपा का संगठनात्मक ढांचा… खबर अपडेट की जा रही है…
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 28 फरवरी को बिलासपुर के बिल्हा विकासखंड के ग्राम रहंगी में छत्तीसगढ़ स्तरीय कार्यक्रम में किसानों को धान खरीदी की प्रोत्साहन राशि वितरित करेंगे। इस दौरान राज्य के 25 लाख किसानों के बैंक खातों में 10 हजार करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि सीधे भेजी जाएगी। यह जानकारी बिल्हा विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने दी है। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तेजी लाई गई है। गुरुवार को कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कार्यक्रम स्थल पर योजनाओं की प्रदर्शनी लगाई जाएगी कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर राज्य सरकार की विभिन्न जनहितैषी योजनाओं की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। रहंगी के खेल मैदान में इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम के लिए एक विशाल डोम तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री यहां प्रोत्साहन राशि वितरण का शुभारंभ करने के साथ ही विभिन्न विभागों के करोड़ों रुपए के विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हेलीकॉप्टर से रहंगी पहुंचेंगे। कलेक्टर ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मुख्य सभामंच, सांस्कृतिक मंच, विभागीय स्टॉल, बैठक व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, पार्किंग, हेलीपैड और सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्थलों का चिन्हांकन किया। उन्होंने सभी तैयारियों को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। खेल मैदान के पास ही हेलीपैड का निर्माण किया जाएगा। अधिकारियों ने प्रस्तावित पार्किंग स्थलों का भी अवलोकन कर यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने की योजना बनाई। एसएसपी ने सुरक्षा और ट्रैफिक की योजना बनाई एसएसपी रजनेश सिंह ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, ट्रैफिक नियंत्रण और प्रवेश-निकास व्यवस्था की विस्तृत योजना बनाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल सहित लोक निर्माण विभाग, कृषि विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
इंडियन ऑयल के बरौनी रिफाइनरी में आज भूकंप आधारित मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल का उद्देश्य था कि संभावित आपदा की स्थिति में आपातकालीन तैयारियों की प्रभावशीलता का आकलन करना और प्रतिक्रिया तंत्र को और सुदृढ़ बनाना। इसके लिए बरौनी रिफाइनरी की कैंटीन बिल्डिंग को चिन्हित किया गया। जहां परिदृश्य के अनुसार भवन के पश्चिमी हिस्से में गंभीर संरचनात्मक दरार उत्पन्न होने की संभावना दर्शाई गई। जिसमें अंदर कार्यरत कर्मियों के फंसने और घायल होने की स्थिति का आकलन किया गया। आपातकालीन सूचना मिलते ही रिफाइनरी का फायर एंड सेफ्टी विभाग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचा। जहां कैंटीन का मुख्य प्रवेश द्वार गिरी हुई मेटल शीट के कारण अवरुद्ध पाया गया, जिसे रेस्क्यू टीम ने कटर की सहायता से हटाकर सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। इसके साथ ही जिला प्रशासन को सूचना देते हुए समन्वित बहु-एजेंसी प्रतिक्रिया प्रणाली सक्रिय की गई। जिसमें इंडियन ऑयल की सुरक्षा एजेंसी CISF और DGR शामिल थी। टीम ने भी बचाव व सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ड्रिल के तहत प्रभावित व्यक्तियों को बेगूसराय स्थित गांधी स्टेडियम ले जाया गया, जहां कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और अस्थायी राहत शिविर की स्थापना की गई थी। आईओसीएल की ओर से केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, डीजीआर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सूचना प्रणाली, तकनीकी सेवा, मानव संसाधन, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, स्वास्थ्य सुरक्षा व पर्यावरण, अग्नि एवं सुरक्षा और अधिगम व विकास विभागों की टीमों ने जिला प्रशासन के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित किया। दो घंटे तक चले इस मॉक ड्रिल के बाद कैंटीन बिल्डिंग के असेंबली पॉइंट पर डी-ब्रीफिंग सत्र आयोजित किया गया। प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव वर्चुअल माध्यम से जुड़े अंतिम डी-ब्रीफिंग गांधी स्टेडियम में अपर जिला दंडाधिकारी आपदा प्रबंधन की अध्यक्षता में हुई। जिसमें राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव वर्चुअल माध्यम से जुड़े। कॉर्पोरेट संचार अधिकारी अर्पिता पटेल ने बताया कि यह मॉक ड्रिल बरौनी रिफाइनरी की आपातकालीन तैयारियों, अंतर-एजेंसी समन्वय तथा जन-धन की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करती है।
ग्वालियर नगर निगम बैठक में हंगामा:पक्ष-विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप के बाद 2 मार्च तक स्थगित हुई परिषद
गुरुवार को ग्वालियर नगर निगम परिषद के विशेष सम्मेलन में पक्ष और विपक्ष के पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के कारण सदन का माहौल गर्मा गया, जिसके बाद बैठक को 2 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया। बैठक के दौरान, कांग्रेस पार्षदों ने केंद्र की भाजपा सरकार पर सार्वजनिक संस्थानों को बेचने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार विभिन्न सरकारी उपक्रमों के निजीकरण की दिशा में तेजी से बढ़ रही है, जिससे आम जनता प्रभावित हो रही है। इस बयान पर भाजपा पार्षदों ने कड़ी आपत्ति व्यक्त की। भाजपा पार्षद दल के नेता हरिपाल ने कांग्रेस पार्षदों से आरोपों के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सदन में बिना प्रमाण के ऐसे आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच जोरदार बहस छिड़ गई, जिससे बैठक की कार्यवाही बाधित हुई और हंगामा बढ़ गया। स्थिति बिगड़ती देख सभापति मनोज तोमर ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने और सदन के नियमों का पालन करने की अपील की। उनके समझाने के बाद माहौल कुछ हद तक शांत हुआ और बैठक की कार्यवाही फिर से शुरू हुई। इसके बाद, भाजपा पार्षदों ने एक और मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उन्हें बैठक के एजेंडों का अध्ययन करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला है। पार्षदों का तर्क था कि कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा और पुनर्विचार आवश्यक है। इसलिए, उन्होंने बैठक को स्थगित कर किसी अन्य तिथि पर बुलाने की मांग की, ताकि सभी पार्षद पूरी तैयारी के साथ चर्चा में भाग ले सकें। सभापति मनोज तोमर ने सभी पार्षदों से राय लेने के बाद सर्वसम्मति से बैठक को 2 मार्च तक के लिए स्थगित करने की घोषणा की। इस दौरान लंबित मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
देवरिया में अनियंत्रित कार पेड़ से टकराई:चालक समेत पांच गंभीर घायल, मेडिकल कॉलेज रेफर
देवरिया जिले के बनकटा थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में चालक समेत पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, यह घटना महुवई गांव के पास पटेल चौराहा के समीप हुई। कार बनकटा से सोहनपुर की ओर जा रही थी, तभी अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार सभी लोग अंदर फंस गए। देखें, हादसे की 5 तस्वीरें… हादसे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस और ग्रामीणों की सहायता से कार में फंसे घायलों को बाहर निकाला गया। उन्हें तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी की गंभीर हालत को देखते हुए महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। घायलों की पहचान नीतिश सिंह, विक्की सिंह, गोलू मिश्रा, सिक्की मिश्रा और सत्यम के रूप में हुई है। सभी घायलों का महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज में उपचार जारी है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और वाहन पर नियंत्रण खोना हादसे की मुख्य वजह मानी जा रही है। स्थानीय लोगों ने सोहनपुर मार्ग पर यातायात नियंत्रण और सुरक्षा उपायों को बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
प्रतापगढ़ में 5 साल की बच्ची की मौत:सौतेली मां पर हत्या का आरोप, पुलिस जांच में जुटी
प्रतापगढ़ के मानधाता थाना क्षेत्र के शोभीपुर गांव में पांच वर्षीय आयशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बच्ची की मां ने सौतेली मां पर गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, आयशा के पिता नियाजुद्दीन पेशे से वाहन चालक हैं। करीब चार साल पहले उनका पहली पत्नी आसमां बानों से तलाक हो गया था। तलाक के बाद आसमां अपनी एक वर्षीय बेटी आयशा के साथ नगर कोतवाली क्षेत्र के दहिलामऊ स्थित अपने मायके में रहने लगी थीं। बाद में नियाजुद्दीन ने अपने ही गांव की साबिया बानों से दूसरी शादी कर ली, जिससे उनके तीन बच्चे हैं। परिजनों के मुताबिक, नियाजुद्दीन का अपनी पहली पत्नी आसमां से संपर्क बना हुआ था। लगभग एक सप्ताह पहले वह आसमां के पास गया और पांच वर्षीय आयशा को दादी से मिलवाने की बात कहकर अपने घर ले आया। घटना वाले दिन गुरुवार को नियाजुद्दीन वाहन लेकर बाहर गया हुआ था। उसी दिन शाम करीब 5 बजे आयशा घर की छत पर मृत पाई गई। आयशा की मौत की सूचना मिलते ही उसकी मां अपने पिता के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने सौतेली मां पर आयशा का गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाया। मांधाता थाना प्रभारी अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
कुर्था विधायक ने 3 लोगों पर FIR दर्ज कराई:पप्पू यादव से विवाद के बाद सोशल मीडिया पोस्ट पर कार्रवाई
अरवल की राजनीति में गरमाहट के बीच कुर्था से जदयू विधायक पप्पू कुमार वर्मा ने तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। यह कार्रवाई पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव से जुड़े एक विवाद और सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों के बाद हुई है। मामला एक हफ्ते पहले दिए गए एक बयान से शुरू हुआ था, जो अब कानूनी मोड़ ले चुका है। दरअसल, लगभग एक सप्ताह पूर्व विधायक पप्पू कुमार वर्मा ने सांसद पप्पू यादव पर भ्रष्टाचार, निजी अस्पतालों से रिश्वत लेने और रंगदारी मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। विधायक के इन बयानों के बाद राजनीतिक गलियारों में काफी हलचल मच गई थी। यह विवाद यहीं नहीं थमा। सांसद पप्पू यादव के समर्थन में कुछ व्यक्तियों ने सोशल मीडिया पर विधायक पप्पू कुमार वर्मा को जवाब दिया। इन लोगों ने विधायक के कथित पुराने कारनामों का भी जिक्र करते हुए कई आरोप सार्वजनिक किए। विधायक पप्पू कुमार वर्मा ने इन सोशल मीडिया पोस्ट और बयानों पर आपत्ति जताई। उन्होंने इसे अपनी छवि खराब करने की साजिश करार दिया। इसके बाद उन्होंने तीन लोगों के विरुद्ध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस संबंध में शहर तेलपा थाना अध्यक्ष द्वारा बताया गया कि स्थानीय विधायक के द्वारा तीन लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है जो कांड संख्या 20/26 के तहत बीएनएस के विभिन्न धाराओं में दर्ज मामले के आधार पर जांच उपरांत अग्रतर कार्रवाई की जा रही है।
शाहजहांपुर में एक सड़क हादसे में बाइक सवार 27 वर्षीय युवक की मौत हो गई। यह हादसा जलालाबाद क्षेत्र में हुआ, जहां एक पिकअप ने बाइक को टक्कर मार दी। मृतक की पहचान जलालाबाद के याकूबपुर निवासी अमन तिवारी के रूप में हुई है। हादसे में अमन का चचेरा भाई सोनू तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अमन तिवारी बरेली में अपने चचेरे भाई सोनू के साथ एक पुल निर्माण में मजदूरी करता था। करीब ढाई महीने पहले अमन के एक और चचेरे भाई मोनू तिवारी का बीमारी से निधन हो गया था। अमन अपने चचेरे भाई के निधन के बाद पहली होली पर अपने घर लौट रहा था। यह हादसा जलालाबाद क्षेत्र के खाईखेड़ा चौराहा के पास हुआ जो अमन के घर से महज छह किलोमीटर दूर है ।जलालाबाद से कटरा जा रही एक पिकअप ने सामने से बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार दोनों युवक उछलकर दूर जा गिरे। हादसे के बाद पिकअप चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। राहगीरों ने घायलों को देखकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेजा। डॉक्टरों ने अमन तिवारी को मृत घोषित कर दिया, जबकि सोनू तिवारी का इलाज जारी है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा भरकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गई है। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए। मृतक अमन की मां अनीता तिवारी और बहन मनीषा का रो-रोकर बुरा हाल था। मां अनीता तिवारी रो रोकर कहे रही है कि उन्होंने अमन को पढ़ाई करने के लिए कहा था ताकि वह उनके पास रह सके। स्ट्रेचर पकड़कर मां बोल रही है कि मेरा बेटा कहां चला गया। थाना प्रभारी राजीव तोमर ने बताया कि शव पंचनामा भरने की कार्रवाई की जा रही है। चालक की तलाश की जा रही है।
भगवान बुद्ध की धर्मोपदेश स्थली सारनाथ में गुरुवार को जैन मंदिर परिसर स्थित पीपल के पेड़ से मधुमक्खियों का झुंड अचानक पर्यटकों पर टूट पड़ा। डंक से बचने के लिए पर्यटक इधर-उधर भागने लगे, जिससे करीब चार घंटे तक क्षेत्र में दहशत का माहौल बना रहा। मधुमक्खियों के हमले का असर मूलगंध कुटी विहार, जैन मंदिर परिसर और पुरातात्विक खंडहर क्षेत्र तक देखा गया। टिकट काउंटर से लेकर म्यूजियम परिसर तक पर्यटकों में भगदड़ जैसी स्थिति रही। लोग अपने पास मौजूद कपड़ों, दुपट्टों या अन्य वस्तुओं से खुद को ढककर भागते नजर आए। कुछ पर्यटक टिकट घर में छिपे, तो कुछ पुरातात्विक परिसर के व्याख्यान कक्ष में शरण लेने को मजबूर हुए। कई लोगों ने स्थानीय दुकानों में शरण ली। ॉ विदेशी पर्यटक भी हुए घायलबताया गया कि श्रीलंका से आए लगभग 45 पर्यटकों के दल में कई लोग मधुमक्खियों के डंक का शिकार हुए। स्थानीय दुकानदारों की मदद से उन्हें पास के क्लीनिक में प्राथमिक उपचार दिलाया गया।इसके अलावा धमेख स्तूप के पास रूस से आए पर्यटकों के एक समूह पर भी मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। स्वेतलाना, झान्या, व्लादिमीर और तान्या नामक पर्यटक घायल हुए। रूसी भाषा के गाइड जैनेंद्र राय ने तत्काल सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। स्थानीय लोगों ने की मददस्थानीय दुकानदारों और गाइडों ने तिरपाल और प्लास्टिक से पर्यटकों को ढककर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। कुछ लोगों ने पत्तियां जलाकर धुआं किया, ताकि मधुमक्खियों को भगाया जा सके। दोपहर करीब एक बजे शुरू हुई यह स्थिति शाम चार बजे तक बनी रही। अनुमान है कि 20 से अधिक पर्यटक और स्थानीय लोग डंक लगने से घायल हुए।
प्रयागराज में गंगा तट पर मिला युवक का शव:दोनों पैर बंधे, चेहरा टी-शर्ट से ढका
मेजा क्षेत्र के दूबेपुर गंगा तट पर गुरुवार को एक युवक का शव उतराता हुआ मिला। शव मिलने से स्थानीय ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। पुलिस के अनुसार, युवक का शव नग्न अवस्था में था और उसकी उम्र लगभग 40 वर्ष बताई जा रही है। उसके दोनों पैरों में करीब 50 मीटर लंबी रस्सी बंधी हुई थी, जबकि चेहरा टी-शर्ट से ढका हुआ था। ग्रामीणों ने पहले पुलिस को सूचना नहीं दी थी। बाद में, शाम करीब 8 बजे मेजा के सिरसा चौकी अंतर्गत दूबेपुर गंगा तट पर शव मिलने की जानकारी पुलिस को दी गई। प्रभारी निरीक्षक मेजा दीनदयाल सिंह ने बताया कि शव बुरी तरह से सड़ चुका है। पुलिस टीम गंगा नदी से शव को निकालने का प्रयास कर रही है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
रायबरेली में लखनऊ-प्रयागराज राजमार्ग पर बल्दीखेड़ा गांव के पास गुरुवार शाम एक अनियंत्रित कार ने पंचर बना रहे दो लोगों को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना 26 फरवरी को शाम 6:00 बजे के आसपास घटित हुई। मृतक की पहचान कानपुर के अकबरपुर निवासी गिरिजेश कुमार पुत्र पटवारी के रूप में हुई है। घायल व्यक्ति बल्दीखेड़ा निवासी रामफल पुत्र कंधई है, जिसकी हाईवे किनारे परचून और पंचर की दुकान है। घटना के समय गिरिजेश अपनी साइकिल का पंचर बनवाने रामफल की दुकान पर मौजूद था। रायबरेली से लखनऊ की ओर जा रही तेज रफ्तार कार ने दोनों को टक्कर मारी और चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। हालांकि, कार का पीछा कर रहे एक अन्य वाहन चालक ने पुलिस को सूचना दी। स्थानीय पुलिस ने घेराबंदी कर कार को टोल प्लाजा पर रोक लिया, लेकिन चालक वाहन छोड़कर भागने में सफल रहा। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने एंबुलेंस की मदद से घायलों को बछरावां स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने गिरिजेश को मृत घोषित कर दिया। रामफल की गंभीर हालत को देखते हुए उसे ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की विधिक कार्यवाही शुरू कर दी है। मृतक गिरिजेश अपने परिवार के साथ किराए पर रहकर गुब्बारे बेचने का काम करता था। उसके परिवार में पत्नी सुनीता और तीन बच्चे, 9 वर्ष के जुड़वा बेटे राम व श्याम और 1 वर्ष की बेटी लक्ष्मी हैं।
बांदा में गुरुवार को एक युवक को संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लग गई। दशरथ राजपूत (35) को उसके घर में बाईं जांघ में गोली लगी। गोली चलने की आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और उसे घायल अवस्था में पाया। लोगों ने घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया। मामला कमासिन थाना क्षेत्र के मवई गांव का है। ससुर पर लगाया गोली मारने का आरोप जानकारी के अनुसार, घटना के समय दशरथ घर में अकेला था, जबकि उसके पिता शिवचंद्र और अन्य परिजन खेतों में गए थे। गोली चलने की आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और उसे घायल अवस्था में पाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया। अस्पताल में दशरथ ने पुलिस को बताया कि पत्नी से विवाद के चलते उसके ससुर ने तमंचे से गोली मार दी। उसके अनुसार, वारदात के बाद ससुर अपने एक साथी के साथ मौके से फरार हो गया। ससुर ने आरोपों से किया इनकार पुलिस जांच में सामने आया कि बुधवार शाम दशरथ अपनी ससुराल लौहाई गांव गया था और पत्नी सपना को साथ लेकर मवई लौटा था। रात में दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ, जिसकी जानकारी सपना ने अपने पिता राकेश राजपूत को दी। गुरुवार सुबह राकेश मवई पहुंचा और अपनी बेटी को साथ लेकर मायके चला गया। घटना के बाद पुलिस ने सपना और उसके पिता राकेश को थाने बुलाकर पूछताछ की। राकेश ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि दशरथ अक्सर उनकी बेटी से झगड़ा करता है और उन्हें फंसाने के लिए खुद को गोली मारी है। दशरथ और सपना की शादी पिछले वर्ष हुई थी। गोली चलने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सिर में घुसी कील के साथ युवक पहुंचा एसएसपी ऑफिस:फिरोजाबाद में की शिकायत, मेडिकल न होने का भी आरोप
फिरोजाबाद के नारखी थाना क्षेत्र स्थित नगला सौंठ गांव में एक युवक ने अपने परिजनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक का कहना है कि उसके माता-पिता, भाई और भाभी ने मारपीट कर उसके सिर में कील ठोंक दी। पीड़ित ने इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। नगला सौंठ निवासी सुनील बघेल पुत्र हरी सिंह ने आरोप लगाया है कि उसके पिता ने दो प्लॉट का बैनामा उसकी भाभी रेखा पत्नी अजय के नाम कर दिया था। जब सुनील ने इस संबंध में परिवार से जानकारी मांगी, तो उसे कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। सुनील के अनुसार, 26 फरवरी की तड़के करीब दो बजे जब वह घर में सो रहा था, तभी उसके माता-पिता, भाई और भाभी ने उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि उन्होंने जान से मारने की नीयत से उसके सिर में लगभग दो इंच की कील ठोंक दी गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया। होश में आने के बाद सुनील थाने पहुंचा, लेकिन उसका आरोप है कि पुलिस ने न तो उसका मेडिकल परीक्षण कराया और न ही कोई कार्रवाई की। पीड़ित सुनील ने एसएसपी को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर अपना मेडिकल परीक्षण कराने और आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। एसएससी सौरभ दीक्षित के निर्देश पर पीड़ित का मेडिकल कराया गया है। थानाध्यक्ष राकेश कुमार गिरी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
भिंड के सुरपुरा थाना क्षेत्र के सोई गांव मौजे में गुरुवार शाम खेत की मेढ़ को लेकर पुराना विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। लाठी-डंडों से की गई मारपीट में 65 वर्षीय सोवरन बघेल की मौत हो गई। घटना शाम चार से पांच बजे के बीच की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार सोवरन बघेल पुत्र बद्रीप्रसाद, निवासी रहावली थाना अटेर, का खेत की मेढ़ को लेकर लालजीत बघेल से विवाद चल रहा था। गुरुवार को दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। आरोप है कि लालजीत और उसके परिजनों ने सोवरन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग करीब एक घंटे तक घटनास्थल पर ही पड़े रहे। ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर परिजनों को सूचना दी। परिजन घायल को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां रात करीब आठ बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया। शुक्रवार सुबह पीएम कराया जाएगा। मृतक के बेटे कमल सिंह ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से उनके पिता पर हमला कर हत्या की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
जिला अस्पताल के सामने निर्माणाधीन कंपोजिट बिल्डिंग परिसर में सूखे पत्तों में आग लगने से पूरे इलाके में धुएं का गुबार फैल गया। इस घटना से जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि निर्माणाधीन कंपोजिट बिल्डिंग के परिसर में जमा सूखे पत्तों और कचरे में किसी अज्ञात व्यक्ति ने आग लगा दी। देखते ही देखते घना धुआं उठने लगा, जिससे जिला अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों, उनके परिजनों और राहगीरों को सांस लेने में दिक्कत हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह परिसर जिला अस्पताल और जिलाधिकारी कार्यालय से कुछ ही दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद, यहां सुरक्षा और निगरानी की उचित व्यवस्था न होने के कारण असामाजिक तत्व सक्रिय रहते हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माणाधीन परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
दमोह में थाना प्रभारी सहित दो चौकी प्रभारी हटाए:पुलिस अभिरक्षा से चोरी का आरोपी भागने के बाद एक्शन
दमोह एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी ने गुरुवार शाम पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर सूची जारी की है। इस सूची में देहात थाना प्रभारी सहित दो चौकी प्रभारी शामिल हैं। यह कार्रवाई चोरी के एक आरोपी के पुलिस अभिरक्षा से भागने की घटना के बाद हुई है, जो अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। जारी सूची के अनुसार, देहात थाना प्रभारी रचना मिश्रा को पुलिस लाइन भेजा गया है, और उनकी जगह अमित गौतम को देहात थाना की कमान सौंपी गई है। इसी तरह, देहात थाना अंतर्गत आने वाली सागर नाका चौकी के प्रभारी रोहित द्विवेदी को देहात थाना ट्रांसफर किया गया है और विक्रम दांगी को सागर नाका चौकी का प्रभार दिया गया है। जबलपुर नाका चौकी प्रभारी प्रसीता कुर्मी को भी पुलिस लाइन भेजा गया है, और प्रियंका पटेल को जबलपुर नाका चौकी का प्रभारी बनाया गया है। नई टीम तैयार की एसपी ने इस स्थानांतरण को एक 'रूटीन ट्रांसफर' बताया है, हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि आरोपी के भागने में लापरवाही उजागर हुई थी। इस घटना के बाद एक नई टीम तैयार की गई है।इन प्रमुख स्थानांतरणों के अलावा, 13 अन्य पुलिसकर्मियों का भी तबादला किया गया है। इन्हें अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पदस्थ किया गया है, जबकि कुछ को पुलिस लाइन भेजा गया है।
दरभंगा में कौशल कुमार की अध्यक्षता में रैयाम चीनी मिल को सहकारिता मॉडल पर फिर से चालू करने को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ, नई दिल्ली से आई विशेषज्ञ टीम ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य रैयाम चीनी मिल को सहकारिता मॉडल पर फिर से संचालित करने की संभावनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श करना था। विशेषज्ञों ने सहकारिता मॉडल के विभिन्न फायदों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस व्यवस्था में स्थानीय किसानों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी और उन्हें उत्पादन, प्रबंधन और लाभ में प्रत्यक्ष हिस्सेदारी दी जाएगी। अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी बैठक के दौरान कहा गया कि मिल के संचालन से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और किसानों की आय में वृद्धि होगी। गन्ना क्षेत्रफल (रकबा) बढ़ाने से जुड़ी संभावित चुनौतियों पर भी चर्चा की गई। विशेष रूप से वर्तमान सिंचाई व्यवस्था की समीक्षा करते हुए नलकूपों की कार्यक्षमता बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और वैकल्पिक जल स्रोत विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया, ताकि गन्ना उत्पादन में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। चीनी मिल के संचालन के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने के लिए Cane Feasibility Report पर भी विचार-विमर्श हुआ। इसके तहत कृषि, सहकारिता, सिंचाई, ऊर्जा और राजस्व सहित संबंधित विभागों से आवश्यक आंकड़े एकत्रित करने पर सहमति बनी, ताकि एक व्यवहार्य और दीर्घकालिक योजना तैयार की जा सके। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे आवश्यक आंकड़े शीघ्र उपलब्ध कराएं और समन्वय के साथ कार्य सुनिश्चित करें। बैठक में मुख्य गन्ना सलाहकार आर.बी.डुले, तकनीकी सलाहकार एम चौधरी,संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियां, दरभंगा प्रमंडल विजय कुमार सिंह,अपर समाहर्ता राजस्व मनोज कुमार, ईख पदाधिकारी पुष्कर राज और जिला सहकारिता पदाधिकारी मधुबनी सुदर्शन कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा की ओर से अलीनगर प्रखंड के लहटा तुमौल सुहथ पंचायत स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय, तुमौल में ‘सौ दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के तहत पंचायत स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिव गोपाल मिश्र ने की। उन्होंने कहा कि बाल विवाह प्रतिषेध कानूनों को शत-प्रतिशत लागू करने के लिए जनसहयोग अनिवार्य है। अभिभावकों और छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने शिक्षा के साथ स्वास्थ्य पर भी ध्यान देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए जूडो-कराटे जैसे खेलों का प्रशिक्षण लेने की सलाह दी। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधान जिला न्यायाधीश की ओर से वृक्षारोपण से की गई। विद्यार्थियों ने बाल विवाह विषय पर नाटक और कविता पाठ प्रस्तुत कर जागरूकता का संदेश दिया। बच्चों की प्रस्तुति से प्रभावित होकर न्यायाधीश ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्राधिकार की सचिव आरती कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया और कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले शिक्षकों और अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त किया। मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी ललित कुमार मिश्र, प्रशिक्षु डीएसपी सह बहेड़ा थानाध्यक्ष रौशन कुमार सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
बरनाला जिले में एक चेक बाउंस मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार की कोर्ट ने चिमन लाल नामक दोषी को एक साल कैद की सजा सुनाई है। बता दे कि चिमन लाल मोगा के सैदोके का निवासी है। दरअसल यह मामला कुलविंदर सिंह निवासी वाजिदके कला से जुड़ा है। कुलविंदर सिंह ने बताया कि चिमन लाल ने 14 सितंबर 2017 को उनसे डेढ़ लाख रुपये उधार लिए थे। इसके भुगतान के लिए चिमन लाल ने उन्हें एक चेक दिया था।जब कुलविंदर सिंह ने यह चेक बैंक में जमा किया, तो खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। दोषी को कोर्ट ने सुनाई सजा इसके बाद कुलविंदर सिंह ने अपने वकील एडवोकेट दर्शन सिंह सिद्धू के माध्यम से कोर्ट में मामला दायर किया। कोर्ट में लंबे समय तक चली सुनवाई के दौरान, एडवोकेट दर्शन सिंह सिद्धू द्वारा प्रस्तुत दलीलों से सहमत होते हुए, न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने चिमन लाल को दोषी ठहराया और एक साल की कैद का आदेश सुनाया।
छतरपुर में भारतीय जनता पार्टी के जिला उपाध्यक्ष राम मनोहर तिवारी पदभार संभालने के बाद ग्राम खैरा में आयोजित स्वागत कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान कार्यकर्ताओं द्वारा माला पहनाकर उनका स्वागत किया जा रहा था। स्वागत जुलूस के बीच जैसे ही वे समर्थकों के साथ आगे बढ़े, अचानक उनका पैर फिसल गया और वे सड़क किनारे बनी नाली के गड्ढे में जा गिरे। घटना का वीडियो मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाली खुली हुई थी और आसपास पानी जमा था। संतुलन बिगड़ने के कारण वे सीधे गड्ढे में जा गिरे। हालांकि, पास में मौजूद कार्यकर्ताओं ने तुरंत उन्हें बाहर निकाल लिया। दो तस्वीरें देखिए गंभीर चोट नहीं, स्थानीय लोगों ने उठाए सवालबताया जा रहा है कि इस घटना में उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई। कार्यक्रम के दौरान हुई इस अप्रत्याशित घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में कई स्थानों पर खुली नालियां और गड्ढे दुर्घटनाओं को आमंत्रित कर रहे हैं, जिनकी समय रहते मरम्मत की जानी चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह गुरुवार को दो दिवसीय प्रवास पर बालाघाट पहुंचे। यहां उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संवाद किया और विभिन्न राष्ट्रीय व प्रदेश स्तरीय मुद्दों पर मीडिया से चर्चा की। सिंह ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील से लेकर प्रदेश की आर्थिक स्थिति और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवादों पर सरकार को आड़े हाथों लिया। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जताई चिंता दिग्विजय सिंह ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर गंभीर आशंका जताते हुए कहा कि इस समझौते से भारतीय किसानों का हक मारा गया है। उन्होंने कहा कि अब हमारे किसान अमेरिकी किसानों पर निर्भर हो जाएंगे। सिंह के अनुसार, किसानों की खेती की लागत तो बढ़ गई है लेकिन उपज के दाम नहीं बढ़े। साथ ही, उन्होंने मजदूरों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि न्यूनतम मजदूरी लागू न होने से मजदूरों को आज भी 12 साल पुरानी दर पर ही काम करना पड़ रहा है। कॉर्पोरेट जगत को लाभ और बढ़ती आर्थिक असमानता भाजपा सरकार पर कॉर्पोरेट घरानों का पक्ष लेने का आरोप लगाते हुए सिंह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में छोटे व्यापारियों या किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ, जबकि बड़े कॉर्पोरेट घरानों का 16 लाख करोड़ रुपए का कर्ज माफ कर दिया गया। उन्होंने आंकड़ा देते हुए बताया कि देश की 40 प्रतिशत संपत्ति केवल 200 लोगों के पास सिमट गई है, जो भविष्य में बड़े सामाजिक और आर्थिक तनाव का कारण बनेगी। कर्ज के बोझ तले मध्य प्रदेश प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर सवाल उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि 2003 में जब उन्होंने सरकार छोड़ी थी, तब प्रदेश पर 23 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था, जो आज बढ़कर 5 लाख करोड़ रुपए हो गया है। उन्होंने इसे कर्ज के मापदंडों का खुला उल्लंघन बताया और कहा कि सरकार के पास अब बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए भी पैसा नहीं बचा है। शंकराचार्य विवाद को बताया राजनीतिक साजिश शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद महाराज पर दर्ज मामले को सिंह ने पूरी तरह राजनीतिक करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराज पर झूठा प्रकरण दर्ज किया गया है। उन्होंने सरकार की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर शंकराचार्य पर कार्रवाई हो रही है, वहीं दूसरी ओर प्रतापगढ़ की युवती की शिकायत के बावजूद उत्तम स्वामी महाराज पर अब तक कोई मामला दर्ज क्यों नहीं किया गया।
लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी. की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय उद्योग बंधु की बैठक आयोजित हुई। बैठक में निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित मामलों से लेकर औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं की प्रगति तक की विस्तृत समीक्षा की गई। डीएम ने समयसीमा में कार्य पूरा न होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट जारी करने की चेतावनी दी। निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित मामलों की समीक्षाबैठक की शुरुआत निवेश मित्र पोर्टल पर विभागवार लंबित प्रकरणों की समीक्षा से हुई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित समयसीमा से अधिक लंबित प्रकरणों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक निवेश को गति देने के लिए ऑनलाइन स्वीकृतियों में देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। अमौसी-नादरगंज में 31 मार्च तक पूरे हों निर्माण कार्यऔद्योगिक क्षेत्र अमौसी और नादरगंज में अवस्थापना सुविधाओं की प्रगति पर विशेष चर्चा हुई। अधिशासी अभियंता यूपीसीडा ने बताया कि क्षेत्र में नाला, कलवर्ट और मीडियन निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि 31 मार्च तक सभी निर्माण कार्य हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। समयसीमा का पालन न होने पर संबंधित अधिशासी अभियंता के विरुद्ध चार्जशीट जारी कर कार्रवाई शुरू करने के निर्देश भी दिए गए। गोयला औद्योगिक क्षेत्र में बिजली कार्य पर नाराजगीगोयला औद्योगिक क्षेत्र में एलटी लाइन उपलब्ध कराने की प्रगति संतोषजनक न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग पर कड़ी नाराजगी जताई। स्वीकृत बजट के सापेक्ष व्यय और कार्य की धीमी रफ्तार पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिशासी अभियंता के विरुद्ध चार्जशीट जारी कर प्रबंध निदेशक, विद्युत विभाग को प्रेषित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति प्राथमिकता पर सुनिश्चित की जाए। उद्योग प्रतिनिधियों ने रखीं समस्याएंबैठक में विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों और उद्यमियों ने क्षेत्रीय समस्याओं को रखा। प्रदूषण नियंत्रण, नगर निगम, लखनऊ विकास प्राधिकरण और यूपीसीडा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए।बैठक में अपर जिलाधिकारी नगर पूर्वी, अपर नगर आयुक्त, उपायुक्त उद्योग, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, क्षेत्रीय प्रबंधक यूपीसीडा, एलडीए, नगर निगम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि औद्योगिक विकास में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समयबद्ध कार्यप्रणाली ही प्राथमिकता होगी।
मवाना तहसील के ग्राम फिटकरी में वन विभाग की टीम ने एक साथ तीन अत्यंत विषैले रसल वाइपर (Russell’s Viper) सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू किया। ये सांप गोबर के एक बिटोडे (भंडारण स्थल) में छिपे हुए पाए गए थे। इस रेस्क्यू अभियान का नेतृत्व बीट प्रभारी अतुल दुबे ने किया। उनके साथ श्री सीताराम और श्री किशोरी वाचरों ने सहयोग दिया। टीम ने पूरी सावधानी बरतते हुए तीनों सांपों को पकड़ा और उन्हें हस्तिनापुर रेंज कार्यालय लाया गया। बाद में, सभी सांपों को कौरव वन ब्लॉक के जंगल क्षेत्र में उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया। रसल वाइपर, जिसका वैज्ञानिक नाम Daboia russelii है, स्थानीय रूप से चेन वाइपर के नाम से भी जाना जाता है। यह एक अत्यंत विषैला और जानलेवा सांप है। इसकी पहचान इसके शरीर पर मौजूद गोल या अंडाकार चेन जैसे धब्बों से होती है, जिसका रंग भूरा या पीला-भूरा होता है। इसका सिर त्रिकोणीय आकार का होता है और कभी-कभी यह अजगर जैसा प्रतीत होता है। हालांकि, अजगर गैर-विषैला होता है, जबकि रसल वाइपर अत्यधिक विषैला होता है, और इनकी पहचान में भ्रम जानलेवा साबित हो सकता है। वन विभाग ने जनसामान्य के लिए कुछ सावधानियां भी बताई हैं। लोगों को गोबर, भूसे, लकड़ी या कचरे के ढेर में हाथ डालने से पहले सतर्क रहना चाहिए। सांप दिखने पर उसे छेड़ने या मारने का प्रयास न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचित करें। सांप काटने की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय तत्काल नजदीकी अस्पताल में उपचार कराएं। वन विभाग ने नागरिकों से वन्यजीव संरक्षण में सहयोग करने और किसी भी प्रकार की जानकारी तुरंत विभाग को देने की अपील की है। समय पर दी गई सूचना से जनहानि को रोका जा सकता है।

