पांच चोरी की बाइकें बरामद, दो किशोर गिरफ्तार:पीलीभीत पुलिस ने बाल अपचारी घोषित कर बाल सुधार गृह भेजा
पीलीभीत के पूरनपुर थाना पुलिस ने वाहन चोरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में दो किशोरों को गिरफ्तार कर पांच चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। इन दोनों को बाल अपचारी घोषित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, पूरनपुर थाना अध्यक्ष पवन पांडे के नेतृत्व में पुलिस टीम शनिवार सुबह 10 बजे क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ युवक चोरी की बाइकों के साथ मंडी समिति की दीवार के पास मकरंदापुर खड़ंजा मार्ग पर मौजूद हैं और उन्हें बेचने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दो संदिग्धों को पकड़ लिया। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपनी उम्र 17 वर्ष बताई। कड़ाई से पूछताछ करने पर उन्होंने विभिन्न स्थानों से दुपहिया वाहन चोरी करने का जुर्म कबूल कर लिया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने कुल पांच चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कीं। बरामद किए गए वाहनों में पीलीभीत के पूरनपुर, माधौटांडा और पड़ोसी जिले खीरी के मैलानी थाना क्षेत्रों से चुराई गई मोटरसाइकिलें शामिल हैं। इनमें से कुछ बाइकों के संबंध में पहले से ही संबंधित थानों में मुकदमे दर्ज हैं। बाल अपचारियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि वे सुनसान जगहों से मास्टर चाबी की मदद से बाइक चुराते थे। इन बाइकों को वे बेहद कम दामों में अनजान युवकों को बेच देते थे। बाइक बेचने से मिलने वाली रकम को वे आपस में बांटकर अपने शौक पूरे करते थे। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि दोनों बाल अपचारियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्हें किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब इन चोरी की बाइकों को खरीदने वाले खरीदारों की तलाश में जुट गई है।
गोड्डा जिले के नगर थाना क्षेत्र में शनिवार को एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। यह घटना पुनसिया गांव के पास गोड्डा-हंसडीहा फोरलेन सड़क पर हुई। मृतक की पहचान पुनसिया गांव निवासी राजन कुमार (पिता हरिमोहन मंडल) के रूप में हुई है। गोड्डा की ओर से आ रही एक काले रंग की स्कॉर्पियो ने पल्सर बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। ड्राइवर स्कॉर्पियो छोड़ हुआ फरार टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक दो टुकड़ों में बट गई और उसके पुर्जे 200 फीट से अधिक दूर जा गिरे। हादसे के बाद स्कॉर्पियो चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। राजन कुमार अपने नए घर की ओर जा रहे थे, जो राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बन रहा है। उनके पिता हरिमोहन मंडल पुनसिया गांव के प्रधान हैं। राजन की शादी एक साल पहले कुरमन गांव में हुई थी। गोड्डा-हंसडीहा फोरलेन सड़क जाम दुर्घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन और स्थानीय ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने गोड्डा-हंसडीहा फोरलेन सड़क को जाम कर दिया, जिससे आवागमन बाधित हो गया। नगर थाना पुलिस को घटना की सूचना दी गई। सूचना मिलने पर नगर थाना प्रभारी दिनेश महली पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों और ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया। पुलिस ने स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। फरार चालक की तलाश जारी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से 12 से 18 जुलाई 2026 तक आयोजित की जाने वाली वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा-2025 का आयोजन निर्धारित कार्यक्रमानुसार ही किया जाएगा। अब यह भर्ती कुल 9,651 पदों पर की जाएगी, इस परीक्षा में 12 लाख तीस हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए आवेदन किया है। पूर्व में ये भर्ती 10537 पदों पर होनी थी। विषयवार पदों की नवीनतम संख्या के संबंध में आयोग ने शुद्धि-पत्र जारी कर दिया है। विज्ञापन की शेष शर्तें पहले की तरह ही यथावत रहेंगी। विस्तृत सूचना एवं शुद्धि-पत्र आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है उच्च न्यायालय में हुई सुनवाई शनिवार को उच्च न्यायालय, जयपुर खंड पीठ में कतिपय व्यक्तियों द्वारा परीक्षा को स्थगित करने और फॉर्म री-ओपन करने के संबंध में दायर याचिकाओं पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान आयोग सचिव ने कोर्ट में उपस्थित होकर बताया कि विज्ञापन जारी करने की तिथि को प्रभावी नियमों के अनुसार भर्ती के अंतर्गत मूल पदों में अधिकतम 50 प्रतिशत तक की ही वृद्धि की जा सकती है। इससे पहले जारी शुद्धि-पत्र संख्या 10/2026-27 के जरिए पदों की संख्या बढ़ाकर 10,537 कर दी गई थी, जो कि 50 प्रतिशत से अधिक थी। इसको संशोधित करते हुए इस भर्ती के अन्तर्गत नियमानुसार 50 प्रतिशत तक की ही वृद्धि करते हुए पद भरे जाएंगे एवं इस के लिए शुद्धि-पत्र जारी कर पदों की संशोधित संख्या को अधिसूचित कर दिया जाएगा। शुद्धि-पत्र जारी न्यायालय में सुनवाई के पश्चात आयोग द्वारा शुद्धि-पत्र संख्या 11/2026-27 जारी भी कर दिया गया है, जिसके तहत 50 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ाए गए अतिरिक्त पदों को हटाकर अब कुल पद 9,651 अधिसूचित किए गए हैं। 10 विषयों ये रहेगी अब स्थितिगणित- 2,076विज्ञान- 2,031अंग्रेजी- 1,956हिंदी- 1,577संस्कृत- 1,323सामाजिक विज्ञान- 600उर्दू- 71पंजाबी- 14सिंधी- 2गुजराती- 1 वर्गवार वर्गीकरण जल्द जारी करेंगे इस भर्ती का मूल विज्ञापन (संख्या 07/2025-26) पिछले साल 17 जुलाई 2025 को 10 विषयों के कुल 6,500 पदों के लिए जारी किया गया था। इसके लिए 19 अगस्त से 17 सितंबर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे। बाद में माध्यमिक शिक्षा विभाग से प्राप्त प्रस्ताव अनुसार पदों को बढ़ाकर पहले 10,537 किया गया था, जिसे नियमानुसार पुनः संशोधित कर 9,651 किया गया है। वर्गवार वर्गीकरण जल्द जारी किया जाएगा।
अशोकनगर जिले के शाढ़ौरा स्थित इंद्रा कॉलोनी में एक 45 वर्षीय व्यक्ति ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार रात को वह अपने घर के पीछे पिलर के सरियों पर फंदे से लटका मिला। मृतक की पहचान राजकुमार उर्फ भल्ली पुत्र बीरेंद्र सिंह रघुवंशी के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि राजकुमार ने अपने पिता की धोती का इस्तेमाल कर फंदा बनाया था। देर रात परिवार के सदस्यों ने उसे फंदे पर लटका देखा, जिसके बाद उसे तत्काल उतारकर अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। शराब पीने का आदी थाशनिवार सुबह मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक शराब पीने का आदी था। पुलिस ने इस संबंध में मर्ग कायम कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। आत्महत्या के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
रामपुर में दीक्षित कॉलेज के एलएलबी के लगभग 24-25 छात्र-छात्राएं शनिवार दोपहर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर एलएलबी परीक्षा परिणाम पर गंभीर सवाल उठाए। छात्रों का आरोप है कि कुल 205 एलएलबी छात्रों में से केवल दो ही पास हुए हैं, जबकि शेष सभी को अनुत्तीर्ण घोषित कर दिया गया है। छात्रों ने परिणाम की निष्पक्ष जांच और उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की मांग की। छात्रों ने तर्क दिया कि इंटरमीडिएट और स्नातक की पढ़ाई सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद लगभग पूरी कक्षा का अचानक फेल हो जाना कई सवाल खड़े करता है। छात्रा रेनू ने अपने उत्तरों पर भरोसा जताते हुए उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच की मांग की। छात्रा रिया ने कहा कि यदि परिणाम में सुधार नहीं होता है, तो उनकी फीस वापस की जाए, क्योंकि उनका एक वर्ष बर्बाद हो गया है। छात्रा प्रीति ने भी निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। ज्ञापन में छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने पर उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज की गई है। उन्होंने प्रशासन से इस शिकायत को निरस्त करने की भी मांग की। सिटी मजिस्ट्रेट सालिक राम ने छात्रों का ज्ञापन स्वीकार किया और उन्हें आश्वासन दिया कि मामले का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उधर, दीक्षित कॉलेज के प्रशासक विवेक दीक्षित ने बताया कि पूरे मामले की जानकारी संबंधित विश्वविद्यालय को भेज दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महाविद्यालय का दायित्व विद्यार्थियों को शिक्षा उपलब्ध कराना है, जबकि परीक्षा, मूल्यांकन, परिणाम और अंकपत्र जारी करने की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय की होती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विश्वविद्यालय छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेगा, जिससे परीक्षा परिणाम को लेकर उत्पन्न संदेह दूर हो सकें।
फिरोजाबाद में जियो मार्ट पर ऑनलाइन ऑर्डर किए गए अमूल मक्खन के पैकेट पर पुरानी एमआरपी भेजने का आरोप लगा है। सब्जी मंडी घंटाघर निवासी कृष्ण गोपाल ने इस संबंध में थाना उत्तर में तहरीर दी है। उन्होंने मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता कृष्ण गोपाल के अनुसार, उन्होंने जियो मार्ट से 500 ग्राम अमूल मक्खन के पांच पैकेट ऑनलाइन ऑर्डर किए थे। ऑर्डर करते समय उत्पाद पर 310 रुपये एमआरपी दर्शाई गई थी, लेकिन डिलीवरी में उन्हें 295 रुपये एमआरपी वाले पुराने पैक मिले। 60 रुपये एमआरपी वाला पैक डिलीवर इसी तरह, 100 ग्राम मक्खन के लिए 63 रुपये एमआरपी का उत्पाद बुक किया गया था, जबकि 60 रुपये एमआरपी वाला पैक डिलीवर किया गया। कृष्ण गोपाल का आरोप है कि ऑनलाइन ऑर्डर और डिलीवर किए गए उत्पादों की एमआरपी में अंतर उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने स्टोर पर शिकायत की, तो कर्मचारी दुकान बंद करके चले गए। इसके बाद उन्होंने थाना उत्तर में तहरीर देकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आरोपों की सच्चाई स्पष्ट कृष्ण गोपाल ने यह भी कहा कि यदि इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो वह उपभोक्ता आयोग (कंज्यूमर कोर्ट) में भी शिकायत दर्ज कराएंगे। पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में जियो मार्ट प्रबंधन का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।
मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश ने कई जिलों में तबाही जैसे हालात पैदा कर दिए। कहीं गांवों में बाढ़ का पानी घरों और स्कूलों में घुस गया, कहीं तेज बहाव में ट्रैक्टर पलट गया, तो कहीं पुलों के ऊपर से नदियां बहने लगीं। कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया। तस्वीरों में देखिए मध्य प्रदेश में बारिश ने कहां-कहां हालात बिगाड़ दिए।
महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े सौरभ चंद्राकर के भांजे प्रखर चंद्राकर का नाम एक बार फिर गंभीर आपराधिक मामले में सामने आया है। इस बार उस पर अपने दो साथियों के साथ मिलकर एक प्रॉपर्टी डीलर की हत्या की कोशिश करने का आरोप लगा है। आरोप है कि बाइक से जा रहे प्रॉपर्टी डीलर को पहले बेसबॉल के डंडे से हमला कर गिराया गया, फिर चाकू, कटर और लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ वार किए गए। पीड़ित के पैर और गर्दन पर 8 से 10 वार किए गए हैं। गंभीर रूप से घायल युवक का अस्पताल के आईसीयू में इलाज चल रहा है। इस मामले में थाना भिलाई नगर पुलिस ने प्रखर चंद्राकर, हरीश यादव और अमन मूर्ति के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एफआईआर के मुताबिक घायल योगेश सूर्यवंशी (32) प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 2 जुलाई की रात करीब 11.30 बजे वे सेक्टर-6 स्थित पेट्रोल पंप से बाइक में पेट्रोल भरवाकर रिसाली की ओर लौट रहे थे। जब वे डीपीएस चौक स्थित हनुमान मंदिर के पास पहुंचे, तभी पीछे से पल्सर बाइक पर आए युवकों ने उनके सिर पर बेसबॉल के डंडे से हमला कर दिया। भागते हुए आगे बढ़ा तो बाइक के पहिए में डंडा फंसा कर गिरायाप्रार्थी प्रॉपर्टी डीलर योगेश ने बताया कि किसी तरह बाइक वो संभालकर आगे बढ़ा, लेकिन आरोपियों ने फिर उनका पीछा किया और बाइक के पहिए में डंडा फंसा दिया। इससे वह सड़क पर गिर गया। इसके बाद हरीश यादव ने किसी धारदार हथियार से उनके गले के पास हमला किया। जब वे जान बचाकर भागने लगे तो प्रखर चंद्राकर और अमन मूर्ति ने उन्हें पकड़ लिया। एफआईआर के अनुसार अमन मूर्ति ने गर्दन के पास चाकू से वार किए, जबकि प्रखर चंद्राकर ने कटर और बटनदार चाकू से दोनों पैरों पर लगातार 8 से 10 वार किए। हमले में योगेश लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। इसी दौरान आसपास लोगों की भीड़ जुटने लगी तो तीनों आरोपी मौके से भाग निकले। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों ने घायल योगेश को पहले नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। बाद में उन्हें शंकराचार्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका आईसीयू में इलाज चल रहा है। भिलाई नगर पुलिस ने दर्ज किया अपराधयोगेश ने पुलिस को बताया कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने उनकी हत्या करने की नीयत से हमला किया। उनकी शिकायत के आधार पर पहले नेवई थाना में जीरो नंबर पर अपराध दर्ज किया गया। इसके बाद मामला भिलाई नगर थाना भेजा गया, जहां आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 109 और 3(5) के तहत केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है। सट्टा एप से जुड़ा है प्रखर चंद्राकर का नाम, लगातार कर रहा गुंडागर्दीयह पहला मामला नहीं है, जब प्रखर चंद्राकर का नाम हिंसक वारदात में सामने आया हो। करीब 9 महीने पहले रायपुर के तेलीबांधा स्थित जूक क्लब में भी उस पर दोस्तों के साथ मिलकर एक युवक की बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगा था। उस मामले में प्रखर चंद्राकर, पुलकित चंद्राकर और उनके साथियों ने मारपीट की थी। वीडियो में मारपीट के बाद आरोपी डांस करते हुए भी दिखाई दिए थे। इससे पहले भी भिलाई सुपेला पुलिस प्रखर चंद्राकर को मारपीट के एक मामले में गिरफ्तार कर चुकी है। 18 मई को सुपेला थाना क्षेत्र में जन्मदिन की पार्टी से लौट रहे युवकों के साथ मारपीट हुई थी। शिकायतकर्ता सौरभ वर्मा ने पुलिस को बताया था कि उनके दोस्त आयुष पर डंडे से हमला किया था। जांच के बाद पुलिस ने प्रखर चंद्राकर को भिलाई नगर के घड़ी चौक से गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ मारपीट और धमकी समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया था। गिरफ्तारी के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े मिले थे सुराग गिरफ्तारी के दौरान पुलिस की जांच में ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े कई अहम तथ्य भी सामने आए थे। पुलिस के अनुसार प्रखर चंद्राकर ऑनलाइन गेम, क्रिकेट मैच, ताश और अन्य माध्यमों से सट्टेबाजी से जुड़े ट्रांजैक्शन करता था। उसके मोबाइल से कई संदिग्ध ऐप और लेनदेन की जानकारी मिली थी। भिलाई नगर सीएसपी ने उस समय बताया था कि जांच में करीब 60 लाख रुपए के लेनदेन के सुराग मिले थे। पुलिस को प्रखर और पुलकित चंद्राकर के बीच बातचीत के ऑडियो भी मिले थे। जांच में यह भी सामने आया था कि दोनों ने कथित तौर पर किराये पर लिए गए म्यूल बैंक खातों के जरिए ऑनलाइन सट्टेबाजी की रकम इधर-उधर करने का काम किया। पुलिस ने मामले में एक कार और सट्टेबाजी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन भी जब्त किए थे।
मऊगंज जिले की हनुमना तहसील के बेलहा गांव में ग्रामीणों और डायल-112 पुलिस की सतर्कता से मां से बिछड़े हिरण के एक शावक की जान बच गई। शनिवार को गांव के पास भटक रहे शावक पर आवारा कुत्तों के हमले का खतरा था। ग्रामीणों ने उसे सुरक्षित अपने संरक्षण में लेकर तुरंत डायल-112 को सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल-112 के पायलट रामाश्रय चौधरी और पुलिसकर्मी संजीव सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने शावक को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया और मऊगंज ले आए। इसके बाद सुबह करीब 11 बजे उसे वन विभाग के अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया गया। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद जंगल में छोड़ा जाएगा ग्रामीणों ने बताया कि यदि समय रहते शावक को नहीं बचाया जाता तो आवारा कुत्ते उस पर हमला कर सकते थे। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शावक पूरी तरह सुरक्षित है। फिलहाल उसकी देखभाल की जाएगी और स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा जाएगा। यदि उसकी मां का पता चलता है तो दोनों का पुनर्मिलन कराने का भी प्रयास किया जाएगा। इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण के प्रति ग्रामीणों की जागरूकता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई का सकारात्मक उदाहरण पेश किया है।
हरदोई जिले के अतरौली क्षेत्र स्थित जाजूपुर गांव निवासी अमित कुमार सिंह का भारतीय मॉडर्न पेंटाथलॉन टीम में चयन हुआ है। उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात अमित अब दुबई (यूएई) में होने वाली 2026 एएमपीसी एशियन चैंपियनशिप और पुर्तगाल के फुंचाल में आयोजित होने वाली 2026 यूआईपीएम वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। उनके चयन से जिले में हर्ष का माहौल है। आधिकारिक चयन पत्र के अनुसार, अमित कुमार सिंह का चयन उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर किया गया है। इस उपलब्धि को हरदोई सहित पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण माना जा रहा है। खेल जगत से जुड़े लोगों और क्षेत्रवासियों ने उनके चयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। अमित कुमार सिंह मूल रूप से जाजूपुर गांव के निवासी हैं। वर्तमान में वह लखनऊ स्थित लोक भवन सचिवालय में गृह विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण के अंतर्गत हेड ऑपरेटर/सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। अपनी नौकरी की व्यस्तताओं के बावजूद, उन्होंने लगातार अभ्यास जारी रखा और मॉडर्न पेंटाथलॉन में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। मॉडर्न पेंटाथलॉन एसोसिएशन ऑफ उत्तर प्रदेश के सचिव कन्हैया गुर्जर ने अमित कुमार सिंह के चयन की पुष्टि की और उन्हें बधाई दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अमित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन कर देश, प्रदेश और हरदोई का नाम रोशन करेंगे। चयन की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव जाजूपुर और पूरे जनपद में खुशी का माहौल है। खेल प्रेमियों ने इसे युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी बताया है।
अम्बेडकरनगर में जिलाधिकारी ईशा प्रिया की अध्यक्षता में माध्यमिक शिक्षा विभाग ने कोचिंग और लाइब्रेरी संचालकों के लिए एक उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य संस्थानों के संचालन, पंजीकरण, सुरक्षा मानकों, छात्र हितों और सरकारी दिशा-निर्देशों के संबंध में संचालकों को जागरूक करना था। शनिवार को जिलाधिकारी ने कहाकि शिक्षा का लक्ष्य केवल परीक्षा में सफलता दिलाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी कोचिंग एवं लाइब्रेरी संचालकों से शासन द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करने और छात्रों को सुरक्षित, अनुशासित तथा सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि निर्धारित मानकों के अनुसार, प्रत्येक कोचिंग संस्थान का सक्षम प्राधिकारी के माध्यम से पंजीकरण कराना अनिवार्य है। एक से अधिक शाखाओं वाले संस्थानों को अपनी प्रत्येक शाखा का अलग से पंजीकरण करवाना होगा। साथ ही, निर्धारित समयावधि पूर्ण होने से पहले नवीनीकरण भी आवश्यक है। जिलाधिकारी ने जोर दिया कि सभी कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा एवं भवन सुरक्षा प्रमाणपत्र, पर्याप्त प्रकाश व वेंटिलेशन, स्वच्छ पेयजल, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), सीसीटीवी और छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस अवसर पर उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि बेसमेंट में कोई भी कोचिंग संस्थान संचालित न किया जाए। जो कोचिंग संस्थान आवासीय भवनों में चल रहे हैं, उन्हें संबंधित नगर पालिका, नगर पंचायत या जिला पंचायत में नियमानुसार आवेदन कर अपनी श्रेणी को व्यावसायिक में परिवर्तित कराना होगा। कार्यशाला में जिला विद्यालय निरीक्षक कौस्तुभ सिंह ने कोचिंग सेंटरों के पंजीकरण प्रक्रिया, निर्धारित शुल्क, आवश्यक दस्तावेजों के रखरखाव, नियामक प्रावधानों और शासन की गाइडलाइन पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने उपस्थित संचालकों की जिज्ञासाओं का समाधान किया और सभी से नियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
रायबरेली में जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका की अध्यक्षता में जिला सहकारी विकास समिति (डीसीडीसी) की बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने और सहकारी समितियों को बहुउद्देशीय सेवा केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान, रिक्त ग्राम पंचायतों में नई सहकारी समितियों के गठन और उनकी व्यवहार्यता मूल्यांकन पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी), जन औषधि केंद्र, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र (पीएमकेएसके) और पशु औषधि केंद्र के संचालन के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, समितियों के लिए ग्राम सभा भूमि आवंटन, क्रय केंद्र एवं पीडीएस दुकान संचालन, भंडारण योजना के तहत सुदृढ़ीकरण और संपर्क मार्ग उपलब्ध कराने पर भी निर्देश दिए गए। बी-पैक्स के उन्नयन, निष्क्रिय समितियों को सक्रिय करने, पीओएस मशीन उपलब्ध कराने और बी-पैक्स के कंप्यूटरीकरण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिला सहकारी बैंक द्वारा सीजीटीएमएसई सदस्यता और मत्स्य एवं डेयरी समितियों को बैंक से जोड़ने की स्थिति का भी जायजा लिया गया। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने सभी संबंधित विभागों को आपस में समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ ग्रामीण स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता विवेक कुमार सिंह, उप निदेशक कृषि हिमांशु पाण्डेय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. कुलदीप द्विवेदी और जिला सूचना विज्ञान अधिकारी ब्रजेश तिवारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
मुज़फ्फ़रनगर के शाहपुर कस्बे में बेखौफ चोरों का आतंक लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। ताजा मामला कस्बे के अंश कलेक्शन नामक कपड़ों के शोरूम का है, जहां गुरुवार शाम करीब 7 बजे एक शातिर चोर दुकान में पहुंचा, पहले आराम से कपड़ों का मुआयना किया और फिर मौके का फायदा उठाकर नए एवं कीमती कपड़ों से भरा थैला चोरी कर फरार हो गया। पूरी घटना दुकान में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई। वीडियो में चोर बड़ी ही चालाकी से इधर-उधर नजर दौड़ाते हुए दिखाई देता है। पहले वह दुकान के अंदर रखे कपड़ों को देखता है और जब उसे मौका मिलता है तो कपड़ों से भरा थैला उठाकर चुपचाप वहां से निकल जाता है। घटना के बाद जब दुकान संचालक को चोरी की जानकारी हुई तो उन्होंने सीसीटीवी फुटेज खंगाली। फुटेज में चोरी की पूरी वारदात सामने आने के बाद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसे लेकर इलाके में भी चर्चा का माहौल गर्म है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाहपुर क्षेत्र में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे व्यापारियों में भी असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। व्यापारियों ने पुलिस से जल्द आरोपी की गिरफ्तारी और बाजार क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है। उधर, वायरल वीडियो सामने आने के बाद शाहपुर पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर उनके एक जमीन विवाद से जुड़े वीडियो के वायरल होने के बाद बलकौर सिंह ने सामने आकर इस पूरे मामले पर अपनी सफाई दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर उनकी छवि खराब करने और उनकी ही जमीन पर कब्जा करने की नीयत से यह साजिश रच रहे हैं। 'मेरे पास जमीन के पुख्ता कानूनी दस्तावेज' मानसा निवासी बलकौर सिंह ने स्पष्ट किया कि जिस जमीन को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, वह करीब आधा किला जमीन उन्होंने पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत खरीदी है। उनके पास इस जमीन की रजिस्ट्री, इंतकाल (Mutation) और अन्य सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं। पूर्व सरपंच पर लगाया वीडियो बनाकर बदनाम करने का आरोप पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बलकौर सिंह ने बताया कि जब मैं अपनी खरीदी हुई जमीन पर पानी लगाने गया था, तो वहां गांव के पूर्व सरपंच अवतार सिंह और एक महिला पहले से मौजूद थे। जैसे ही मैंने अपनी जमीन पर काम शुरू करना चाहा, उन्होंने मुझे रोकने का प्रयास किया। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि इसके बाद उन पर जबरन जमीन पर कब्जा करने का झूठा आरोप लगाते हुए एक वीडियो रिकॉर्ड किया गया, जिसे बाद में साजिश के तहत सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। 'बेटे ने मेरे लिए बहुत कुछ छोड़ा है' विवाद पर कड़ा रुख अपनाते हुए बलकौर सिंह ने कहा कि उनकी कभी भी किसी की जमीन पर कब्जा करने की न तो मंशा रही है और न ही उन्हें इसकी जरूरत है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि मेरे बेटे (सिद्धू मूसेवाला) ने मेरे लिए पर्याप्त संपत्ति छोड़ी है। मुझे किसी की जमीन हड़पने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कुछ असामाजिक तत्व उन्हें बदनाम करके उनकी ही जमीन और प्लॉटों को निशाना बनाना चाहते हैं। कानूनी कार्रवाई की चेतावनी बलकौर सिंह ने घोषणा की है कि वह इस झूठे प्रचार और साजिश के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया यूजर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को भी सख्त चेतावनी दी है कि भविष्य में उनका पक्ष जाने बिना इस तरह के भ्रामक वीडियो को प्रसारित न किया जाए।
उन्नाव में एक जर्जर मकान का छज्जा गिरने से दो लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद नगर पालिका प्रशासन सक्रिय हो गया है। शहर में बरसात के मौसम में संभावित हादसों को रोकने के लिए जर्जर और खतरनाक भवनों का विशेष सर्वे अभियान शुरू किया गया है। नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि सर्वे के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। यह टीम वार्डवार पुराने मकानों, व्यावसायिक भवनों और लंबे समय से बंद पड़े भवनों का निरीक्षण कर रही है। टीम भवनों की दीवारों में दरारें, झुके हुए हिस्से, कमजोर छत और जर्जर छज्जों जैसी संरचनात्मक कमियों की जांच कर रही है। डॉ. राजेश कुमार के अनुसार, गिरने की अधिक आशंका वाले भवनों को चिन्हित कर उनकी सूची तैयार की जाएगी। मुख्य मार्गों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों के पास स्थित जर्जर भवनों पर प्राथमिकता से कार्रवाई होगी। आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षा बैरिकेडिंग लगाकर लोगों की आवाजाही भी नियंत्रित की जाएगी, ताकि जनहानि रोकी जा सके। नगर पालिका प्रशासन ने शहरवासियों से सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में कोई भवन अत्यधिक जर्जर अवस्था में है, तो उसकी सूचना तत्काल नगर पालिका कार्यालय को दें। बरसात के दौरान ऐसे भवनों के आसपास अनावश्यक रूप से खड़े होने से बचें और किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। अधिशाषी अधिकारी ने बताया कि सर्वे अभियान सभी वार्डों में चरणबद्ध तरीके से पूरा होगा। सर्वे रिपोर्ट के बाद खतरनाक भवनों की सूची सार्वजनिक की जाएगी। भवन स्वामियों को नोटिस जारी कर नियमानुसार मरम्मत, सुरक्षा उपाय या ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। नगर पालिका का मुख्य उद्देश्य बरसात में जर्जर भवनों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना है।
हांसी में भाखड़ा पाइपलाइन से टी-कनेक्शन की मांग को लेकर चनैत गांव में ग्रामीणों का आंदोलन शनिवार को 50वें दिन भी जारी है। इस अवसर पर ग्रामीणों ने बड़े शक्ति प्रदर्शन की तैयारी की है, जिसमें मानव श्रृंखला और ट्रैक्टर मार्च शामिल हैं। इस आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिल रहा है। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं सिरसा सांसद कुमारी सैलजा भी शनिवार को धरना स्थल पर पहुंचीं। वह ग्रामीणों और किसानों को संबोधित करते हुए आंदोलन को अपना समर्थन देंगी। मानव श्रृंखला बनाने की तैयारी में ग्रामीण खरकड़ी मोड़ से गांव के वाटर वर्क्स तक मानव श्रृंखला बनाई जाएगी। इसके साथ ही, एक ट्रैक्टर मार्च भी निकाला जाएगा। धरना कमेटी के अनुसार, मानव श्रृंखला और ट्रैक्टर मार्च को सफल बनाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शनिवार सुबह से ही धरना स्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई। बड़ी संख्या में पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी आंदोलन को समर्थन देने पहुंचीं। ग्रामीणों ने दोहराया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन के 50वें दिन को ऐतिहासिक बनाने के उद्देश्य से आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। ग्रामीणों का कहना है कि यह लड़ाई केवल चनैत गांव की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लोगों के हक और पीने के पानी की व्यवस्था से जुड़ी है।
दहेज उत्पीड़न के साथ दुष्कर्म के प्रयास का आरोप:चित्रकूट में 10 लाख की मांग, आरोपियों पर मुकदमा दर्ज
चित्रकूट के शहर कोतवाली क्षेत्र में एक महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया है। महिला ने पति के दोस्तों पर दुष्कर्म के प्रयास का भी गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले में पति, उसके दोस्तों और ससुराल पक्ष के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है, लेकिन अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पीड़ित महिला ने बताया कि दहेज न मिलने पर उसे कई सालों से प्रताड़ित किया जा रहा था। ससुराल पक्ष ने उसके परिजनों से 10 लाख रुपये दहेज की मांग की थी। मांग पूरी न होने पर उसे घर से निकाल दिया गया। महिला ने यह भी बताया कि बेटी होने के कारण भी ससुराल पक्ष के लोग उससे नाराज थे। गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज महिला ने आरोप लगाया है कि उसके पति के दोस्तों ने भी उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि दुष्कर्म का प्रयास करने वाले आरोपियों में से एक पूर्व बार संघ के अध्यक्ष का बेटा है। पीड़ित महिला की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पति, उसके दोस्तों और ससुराल पक्ष के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि, मुकदमा दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने अब तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है, जिससे पीड़िता और उसके परिजन न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
धौलपुर में स्वर्गीय वीर लोकेन्द्र राणा की स्मृति में जिला स्तरीय सब-जूनियर एवं जूनियर बैडमिंटन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। यह प्रतियोगिता जिला बैडमिंटन संघ, धौलपुर के तत्वावधान में 11 से 15 जुलाई 2026 तक स्टेशन रोड स्थित इंदिरा गांधी इंडोर बैडमिंटन हॉल में होगी। इसमें जिलेभर के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और खेल अकादमियों से सैकड़ों खिलाड़ियों के भाग लेने की संभावना है। जिला बैडमिंटन संघ के सचिव एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष मोहम्मद जाकिर हुसैन ने बताया कि प्रतियोगिता में अंडर-11, अंडर-13, अंडर-15, अंडर-17 और अंडर-19 आयु वर्ग के बालक एवं बालिका खिलाड़ी हिस्सा ले सकेंगे। सभी मैच राजस्थान बैडमिंटन संघ के नियमों के अनुसार नॉकआउट आधार पर खेले जाएंगे। हुसैन ने यह भी बताया कि प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन आगामी राज्य स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिताओं के लिए किया जाएगा। इससे जिले के प्रतिभावान खिलाड़ियों को राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। संघ ने सभी इच्छुक खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों से 10 जुलाई 2026 तक अपनी प्रविष्टियां अनिवार्य रूप से जमा कराने की अपील की है। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त होने वाली प्रविष्टियों पर विचार नहीं किया जाएगा, ताकि प्रतियोगिता का ड्रॉ समय पर तैयार किया जा सके। जिला बैडमिंटन संघ ने खिलाड़ियों से समय पर प्रतियोगिता स्थल पर पहुंचने और खेल भावना के साथ मुकाबलों में भाग लेने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, जिले के खेल प्रेमियों से भी प्रतियोगिता में उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की गई है।
अमरोहा जनपद में स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत, 8 जुलाई से उन स्कूली वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी जो निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं। एआरटीओ प्रवर्तन मनोज कुमार मिश्रा ने शनिवार दोपहर बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर जनपद में 1 जुलाई से 7 जुलाई तक सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान स्कूली वाहनों के सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है। अभियान का उद्देश्य स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालकों को निर्धारित नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करना है। इसका लक्ष्य बच्चों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि अभियान के दूसरे चरण में, 8 जुलाई से 15 जुलाई तक एक विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा। इस अवधि में, जिन स्कूली वाहनों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया जाएगा, उनके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग ने सभी स्कूल संचालकों और वाहन मालिकों से अपील की है कि वे समय रहते अपने वाहनों को निर्धारित मानकों के अनुरूप करा लें।
औरंगाबाद में जिला स्तरीय संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र उद्घाटन के पांच माह बाद भी पूरी तरह चालू नहीं हो सका है। करीब 8 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से तैयार आधुनिक भवन अब तक बिजली कनेक्शन का इंतजार कर रहा है। स्थायी विद्युत आपूर्ति नहीं मिलने के कारण जिला पशुपालन, गव्य विकास और मत्स्य विभाग के कार्यालय नए भवन में स्थानांतरित नहीं किए जा सके हैं। करोड़ों रुपए की लागत से बना यह भवन उद्घाटन के बाद भी उपयोग से वंचित है। आम लोगों को एक ही परिसर में तीनों विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना फिलहाल अधर में लटकी हुई है। पुराने भवनों से चल रहा विभागीय काम, लोगों को हो रही परेशानी राजकीय पशु औषधालय परिसर में निर्मित इस दो मंजिला भवन में जिला पशुपालन कार्यालय, जिला गव्य विकास कार्यालय और जिला मत्स्य कार्यालय को एक ही छत के नीचे संचालित किया जाना है। लेकिन बिजली कनेक्शन नहीं मिलने से सभी विभाग अब भी अपने पुराने कार्यालयों से ही काम कर रहे हैं। जिला गव्य विकास कार्यालय समाहरणालय परिसर स्थित भवन से, जबकि जिला मत्स्य कार्यालय नवाडी मोहल्ला स्थित कार्यालय से संचालित हो रहा है। भवन पूरी तरह से बनकर तैयार विभागीय सूत्रों के अनुसार कंप्यूटर, इंटरनेट, सर्वर और अन्य कार्यालयी उपकरणों के संचालन के लिए स्थायी बिजली कनेक्शन आवश्यक है। इसी कारण कार्यालयों के अभिलेख और अन्य संसाधनों की शिफ्टिंग भी नहीं हो सकी है। भवन पूरी तरह तैयार होने के बावजूद अधिकांश समय खाली पड़ा रहता है। जिला पशुपालन पदाधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। कार्यालय कर्मियों ने बताया कि उनका स्थानांतरण पटना हो गया है। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया जारी है और कनेक्शन मिलते ही सभी विभागों को नए भवन में स्थानांतरित कर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस है भवन, प्रशिक्षण का भी मिलेगा लाभ पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के अंतर्गत बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड ने राजकीय पशु औषधालय परिसर में 8 करोड़ 53 लाख 29 हजार 610 रुपए की लागत से इस दो मंजिला जिला स्तरीय संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण कराया है। भवन में आधुनिक प्रशिक्षण कक्ष, सभागार, कार्यालय कक्ष, बैठक कक्ष तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई है। इस केंद्र का उद्देश्य पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और मत्स्य पालकों को आधुनिक तकनीक, उन्नत उत्पादन प्रणाली और सरकारी योजनाओं की जानकारी और प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। भवन पूरी तरह चालू होने के बाद तीनों विभाग एक ही परिसर से संचालित होंगे, जिससे लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। साथ ही विभागीय समन्वय बेहतर होगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में भी तेजी आएगी। फिलहाल सभी की निगाहें बिजली कनेक्शन मिलने और नए भवन के नियमित संचालन पर टिकी है।
धौलपुर जिले के सरमथुरा उपखंड के मोठियापुरा गांव में एक मकान के भीतर करीब छह फीट लंबा सांप दिखाई दिया। सांप के अचानक नजर आने से घर में मौजूद लोगों और आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैल गई। हालांकि, गृहस्वामी ने घबराने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम बिना देर किए मौके पर पहुंची। टीम ने सावधानीपूर्वक अभियान चलाकर सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। वन विभाग की टीम ने लोगों को सांप से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और उसे मारने या पकड़ने का प्रयास नहीं करने की सलाह दी। रेस्क्यू अभियान सफल होने के बाद घर के सदस्यों ने राहत की सांस ली। वन विभाग की टीम ने सांप को सुरक्षित कब्जे में लेकर उसे प्राकृतिक आवास में छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की। अधिकारियों ने बताया कि बरसात के मौसम में बिलों में पानी भरने के कारण सांप अक्सर सुरक्षित स्थान की तलाश में घरों और आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं। वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं सांप या अन्य वन्यजीव दिखाई दें तो घबराएं नहीं। तुरंत विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें। समय पर दी गई जानकारी से वन्यजीवों का संरक्षण होता है और लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है।
सतना-मैहर लोकसभा क्षेत्र के लोगों की समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए सांसद सुविधा केंद्र की शुरुआत की गई है। सीएम हेल्पलाइन की तर्ज पर यह केंद्र शनिवार को एक्यूबेशन सेंटर में लॉन्च किया गया। इसका संचालन सांसद गणेश सिंह के मार्गदर्शन में होगा। इसका उद्देश्य लोगों को शिकायत दर्ज कराने और उसके समाधान के लिए सरल, सुलभ और जवाबदेह व्यवस्था उपलब्ध कराना है। इस सुविधा केंद्र के माध्यम से लोग अपनी शिकायतें, समस्याएं, सुझाव और आवेदन दर्ज करा सकेंगे। केंद्र में मिलने वाले सभी मामलों को संबंधित विभागों तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही उनके निराकरण के लिए समय-समय पर फॉलो-अप भी किया जाएगा। गुजरात मॉडल से मिली प्रेरणा सांसद गणेश सिंह ने बताया कि उन्हें यह विचार गुजरात के सांसद सी.पी. पाटिल से मिला। उन्होंने अपने लोकसभा क्षेत्र में एक पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर शुरू किया था। उसी तर्ज पर सतना में भी यह पहल की गई है। इसका उद्देश्य ग्रामीण, शहरी और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों की समस्याओं को सही विभाग तक आसानी से पहुंचाना है। हेल्पलाइन, पोर्टल और इंटर्न्स की मदद से होगी शिकायत दर्ज सांसद सुविधा केंद्र के जरिए जनता और सांसद के बीच सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा। इसके लिए हेल्पलाइन, ऑनलाइन पोर्टल और सांसद इंटर्न्स की मदद से शिकायतें दर्ज की जाएंगी। केंद्र में बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस, राजस्व और लोक स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराई जा सकेंगी। इन मामलों में भी मिलेगी सहायता इसके अलावा जिला पंचायत, जनपद पंचायत, नगर निगम और नगर पालिका से जुड़ी शिकायतें भी यहां दर्ज होंगी। सांसद निधि और अन्य विकास कार्यों से जुड़े मामलों में भी सहायता मिलेगी। केंद्र के माध्यम से सरकारी योजनाओं की जानकारी और उनसे जुड़ी मदद भी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही दिव्यांगजन, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और युवाओं को विशेष सहयोग दिया जाएगा।
मृतका निशा चौहान (38) ब्यूटी पार्लर संचालित करती थीं और सोशल मीडिया पर भी सक्रिय थीं। उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर करीब 24 हजार फॉलोअर्स बताए जा रहे हैं। उनके पति प्रदीप चौहान एसी मैकेनिक का काम करते हैं।
महराजगंज में युवक का शव फंदे से मिला:घर के कमरे में मिला, आसपास के लोगों से पूछताछ
महराजगंज के घुघली थाना क्षेत्र के मठिया गांव में एक 18 वर्षीय युवक का शव उसके घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। यह घटना शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात की बताई जा रही है। शनिवार सुबह परिजनों ने युवक को कमरे में फंदे से लटका देखा, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मृतक की पहचान मठिया निवासी संगम उर्फ प्रियांशु तिवारी (18) पुत्र यमुना तिवारी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार रात प्रियांशु अपने कमरे में सोने गया था। शनिवार सुबह जब वह काफी देर तक बाहर नहीं आया, तो परिजन उसे जगाने पहुंचे और उसे फंदे से लटका पाया। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण सूचना मिलने पर थाना प्रभारी सूरज कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस युवक की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। आत्महत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस मोबाइल फोन और अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच कर रही है। थाना प्रभारी सूरज कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शामली में ईंट-भट्ठों के अवैध संचालन का आरोप:ईंट निर्माता समिति ने डीएम को ज्ञापन दिया
जनपद शामली में ईंट भट्ठों के संचालन को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। शामली ईंट निर्माता समिति ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें कुछ अस्थायी संचालकों पर अवैध रूप से ईंट भट्ठों का संचालन करने का आरोप लगाया गया है। समिति ने इस मामले में जांच और कार्रवाई की मांग की है। समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामली कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी आलोक यादव को एक शिकायती पत्र दिया। इसमें बताया गया कि शासन के निर्देशानुसार ईंट भट्ठों को 1 जनवरी से 30 जून तक ही संचालित करने की अनुमति होती है। समिति के अनुसार, अधिकांश भट्ठा संचालकों ने निर्धारित समय पर अपने भट्ठों का संचालन बंद कर दिया है। हालांकि, कुछ अस्थायी संचालक नियमों की अनदेखी कर अब भी अवैध रूप से ईंट भट्ठों का संचालन कर रहे हैं। इससे उन भट्ठा संचालकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है जो नियमों का पालन कर रहे हैं। समिति ने जिलाधिकारी से मांग की है कि अवैध रूप से चल रहे ईंट भट्ठों की जांच कराई जाए। साथ ही, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि सभी भट्ठा संचालकों के लिए समान और निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।
खरगोन में भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर:भगवानपुरा में 3 इंच, जिले में अब तक औसत 1 इंच ज्यादा बारिश
खरगोन जिले में शनिवार को अति भारी बारिश के अलर्ट के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश हुई। इसके चलते नदी-नाले उफान पर आ गए। कुंदा और वेदा नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। कई खेतों और रास्तों में पानी भर गया है। शनिवार को भगवानपुरा में 3 इंच और गोगावां में 2 इंच बारिश दर्ज की गई। पिछले साल से ज्यादा हुई बारिश भू-अभिलेख विभाग के अनुसार, जिले में इस साल अब तक 7.3 इंच बारिश हो चुकी है। पिछले साल इसी अवधि तक 6.3 इंच बारिश दर्ज हुई थी। यानी इस बार अब तक 1 इंच अधिक बारिश हुई है। जिले की औसत वार्षिक बारिश 32.6 इंच है। भगवानपुरा में 3 इंच, गोगावां में 2 इंच बारिश दर्जशनिवार सुबह से भगवानपुरा के अलावा कसरावद, गोगावां और महेश्वर क्षेत्र में रुक-रुककर बारिश जारी है। बीते 24 घंटे में खरगोन में 16 मिमी, गोगावां में 48 मिमी, सेगांव में 15 मिमी, भगवानपुरा में 70 मिमी, भीकनगांव में 21 मिमी, झिरन्या में 24 मिमी, महेश्वर में 21 मिमी तथा बड़वाह, सनावद और कसरावद में 15-15 मिमी बारिश दर्ज की गई।
पटना में तीन दिन से लापता 13 वर्षीय नाबालिग किशोरी के मामले में नया मोड़ सामने आया है। परिजनों ने एक मुस्लिम युवक पर किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने और बंधक बनाने का आरोप लगाया है। परिजनों ने तारामण्डल के पास ऑटो पर आरोपी युवक को किशोरी के साथ पकड़ा है। पुलिस ने बेहोश किशोरी को बरामद कर इलाज के लिए न्यू गार्डिनर अस्पताल में भर्ती कराया है। आरोपी की पहचान मोहम्मद शमशाद आलम के रूप में हुई है, जो वैशाली का रहने वाला है। वह गर्दनीबाग इलाके में किराए के मकान में रहता है। परिजनों के मुताबिक, किशोरी तीन दिन पहले घर से किसी सामान की खरीदारी के लिए निकली थी, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटी। उसकी गुमशुदगी को लेकर गर्दनीबाग थाना में शिकायत दर्ज कराई गई थी। बेहोश नाबालिग बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया, तस्वीरें.. तारामंडल के पास मिली किशोरी परिजनों के मुताबिक, किशोरी तीन दिन पहले घर से किसी सामान की खरीदारी के लिए निकली थी, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटी। उसकी गुमशुदगी को लेकर गर्दनीबाग थाना में शिकायत दर्ज कराई गई थी। किशोरी के चाचा ने बताया, ‘मेरी 14 साल की बच्ची है, जो पटना के एक सरकारी स्कूल में 8वीं का छात्रा है। 3 दिन से एक लड़का उसको अगवा करके पूरे पटना में ऑटो पर घूमा रहा था। वह रैपिड, ओला में ऑटो चलाता है।' चाचा ने आशंका जताई है कि उसी ऑटो पर आरोप 3 दिन से उनकी बच्ची के साथ संबंध बना रहा था।’ चाचा ने आगे बताया, ‘आज वह तारामंडल, इनकम टैक्स गोलंबर के पास मंदिरी नाला इलाके से गुजर रहा था। तभी मेरी नजर ऑटो में किशोरी और उसके साथ मौजूद युवक पर पड़ी। इसके बाद उन्होंने मंदिरी नाला के पास आरोपी को पकड़ लिया।’ पुलिस ने बेहोश बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया इस दौरान मंदिरी नाला के पास से गुजर रही पुलिस टीम की नजर परिजनों और आरोपी के हंगामे पर पड़ी। परिजनों की मदद से पुलिस किशोरी को कोतवाली थाना लेकर पहुंची। उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल भेजा गया। परिजनों का कहना है कि किशोरी बार-बार होश खो रही थी। एएसआई के सी पंकज ने बताया, ‘हम गश्ती पर निकले थे, तभी देखा कि दो लोग ऑटो के पास हंगामा कर रहे थे। हम लोगों ने उन्हें थाने लेकर आया और पूछताथ करक रहे हैं। लड़की कौन है, क्या मामला है, हम अभी जानकारी जुटा रहे हैं। बच्ची को इलाज के लिए न्यू गार्डिनर अस्पताल लाए हैं।' लड़का मुस्लिम है, देवी-देवता का DP लगाकर लड़कियों को फंसाता है- चाचा किशोरी के चाचा ने बताया, लड़का मुस्लिम हैं और अपने व्हाट्सएप DP में हिंदू देवी देवता (शिव-पार्वती) की तस्वीर लगाता है। इस तरह वह हिंदू लड़कियों को गुमराह कर झूठ बोल कर फंसा रहा है। परिजनों का कहना है कि आरोपी लड़का मूल रूप से वैशाली का रहने वाला है और पटना के गर्दनीबाग इलाके में किराये के मकान में रहता है। हम लोगों को कभी नहीं लगा कि ऐसा भी हो सकता है। पहले से यह शादीशुदा है। आरोपी ने किशोरी से शादी करने का दावा किया पुलिस हिरासत में लिए गए मोहम्मद शमशाद आलम ने पूछताछ में बताया, मोहम्मद शमशाद आलम ने बताया, वर्ष 2025 में यारपुर की रहने वाली हिंदू लड़की से हाईकोर्ट मजार के पास शादी की थी। उसकी 8 माह की एक बच्ची है। उसने पीड़ित किशोरी से भी 3 दिन पहले मैनपुरा मंदिर में शादी करने का दावा किया है। उसने बताया है कि वह ओला, रेपिडो में ऑटो चलाता है। परिजनों ने लगाए अन्य आरोप किशोरी के चाचा के आरोपों और पूरे मामले की जांच कर रही है। किशोरी का बयान, चिकित्सकीय परीक्षण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। ---- चाचा ने बताया है कि
अयोध्या के कुमारगंज स्थित आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में वर्षाकालीन सब्जियों के उन्नत किस्म के बीजों की बिक्री तेजी से हो रही है। अब तक लगभग 2,000 किसान इन बीजों की खरीदारी कर चुके हैं। विश्वविद्यालय के उद्यान एवं वानिकी महाविद्यालय स्थित सब्जी एवं बीज विक्रय केंद्र पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान पहुंच रहे हैं। यहां उन्हें बीज उपलब्ध कराने के साथ ही वैज्ञानिक विधि से सब्जी उत्पादन की तकनीकी जानकारी भी दी जा रही है, ताकि वे कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकें। सब्जी विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. सी.एन. राम ने बताया कि बीज विक्रय केंद्र प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहता है। किसानों के लिए लौकी, करेला, भिंडी, लोबिया, कद्दू, नैनवा और तोरई सहित कई वर्षाकालीन सब्जियों की उन्नत प्रजातियों के बीज उपलब्ध हैं। विश्वविद्यालय द्वारा विकसित प्रमुख किस्मों में लौकी की 'नरेंद्र रश्मि' और 'माधुरी शिवानी', करेला की 'नरेंद्र बारहमासी', लोबिया की 'काशी कंचन', कद्दू की 'नरेंद्र उपकार', तोरई की 'पूसा चिकनी' तथा भिंडी की 'नरेंद्र-10' और 'काशी ललमा' शामिल हैं। ये बीज खेतों के साथ-साथ किचन गार्डन के लिए भी उपयुक्त हैं। प्रक्षेत्र प्रभारी डॉ. आस्तिक झा ने 4 जुलाई शनिवार जानकारी दी कि वर्षाकालीन सब्जियों की बुवाई का यह सबसे उपयुक्त समय है। अभी बुवाई करने पर किसानों को बेहतर उत्पादन और अधिक लाभ मिल सकता है। उन्होंने बताया कि जून माह से बीजों की बिक्री शुरू हुई थी और तब से अब तक करीब 2,000 किसान उन्नत किस्म के मौसमी सब्जी बीज खरीद चुके हैं। विभिन्न जनपदों से किसान प्रतिदिन विश्वविद्यालय पहुंच रहे हैं। डॉ. झा ने बताया कि अयोध्या के अलावा सुल्तानपुर, अमेठी, बाराबंकी, गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, आजमगढ़, जौनपुर, रायबरेली और अंबेडकर नगर सहित कई जिलों के किसान यहां से बीज खरीद रहे हैं। पांच प्रकार के बीजों का एक पैकेट मात्र 100 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, शोवा, मेथी, पालक, मटर, मूली, खीरा और चुकंदर के बीज भी आसानी से उपलब्ध हैं, जिससे किसानों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
हांसी के प्रेम नगर गांव में रेलवे फ्लाईओवर के दोनों ओर सीवरेज का गंदा पानी जमा होने से नाराज ग्रामीणों ने शनिवार को प्रदर्शन किया। सुबह करीब 11 बजे बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने उमरा रोड पर जाम लगाकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। हांसी ई-रिक्शा यूनियन के प्रधान सुनील मजोका ने बताया कि फ्लाईओवर के दोनों ओर लंबे समय से सीवरेज का गंदा पानी भरा है। इस समस्या को लेकर कई बार एसडीएम और संबंधित विभाग के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। स्थायी समाधान के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। गंदा पानी भरा रहने से नहीं दिखते सड़क के गड्ढे, हो चुके हादसे ग्रामीणों के अनुसार, रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले सैकड़ों यात्रियों, ई-रिक्शा चालकों और प्रेम नगर के निवासियों को प्रतिदिन इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। पानी में छिपे गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे कई बार दोपहिया वाहन और ई-रिक्शा पलट जाते हैं। इन हादसों में कई लोग घायल भी हो चुके हैं। जाम की सूचना मिलने पर शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुखजीत सिंह और जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाया। इसके बाद विभाग की मशीनों द्वारा मौके पर जमा गंदे पानी की निकासी का कार्य शुरू किया गया। प्रदर्शनकारी बोले- स्थायी समाधान होने तक जारी रहेगा आंदोलन हालांकि, ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि केवल अस्थायी रूप से पानी निकालना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त कर ठोस समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस जाम के कारण हांसी-उमरा रोड पर यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं।
डीडवाना-कुचामन जिले में अब होटल, गेस्ट हाउस, लॉज, धर्मशाला और अन्य ठहराव स्थलों पर आने वाले प्रत्येक मेहमान का रिकॉर्ड राजस्थान सरकार के ई-विजिटर्स पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य होगा। पुलिस मुख्यालय के निर्देश और पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान के मार्गदर्शन में जारी व्यवस्था के तहत संचालकों को पहले पुलिस थाने में पंजीकरण कर यूजर आईडी और पासवर्ड बनवाना होगा। साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना तत्काल पुलिस को देनी होगी। पुलिस थाने में पंजीकरण के बाद मिलेगा लॉगिन निर्देशों के अनुसार होटल, गेस्ट हाउस, लॉज, धर्मशाला और अन्य ठहराव स्थलों के संचालकों को अपने क्षेत्र के पुलिस थाने में आवश्यक विवरण उपलब्ध कराना होगा। यहां उनकी एसएसओ आईडी के माध्यम से यूजर आईडी और पासवर्ड तैयार किए जाएंगे। इसके बाद सभी आगंतुकों का विवरण आवश्यक पहचान दस्तावेजों सहित नियमित रूप से ई-विजिटर्स पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। बिना सत्यापित पहचान के नहीं मिलेगा कमरा यदि कोई अतिथि मूल पहचान दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करता है तो उसकी इलेक्ट्रॉनिक प्रति का ऑनलाइन सत्यापन कर रिकॉर्ड रखना होगा। वहीं, यदि कोई नाबालिग ठहरने आता है तो उसकी पहचान सुनिश्चित कर तत्काल उसके अभिभावक को सूचना देना अनिवार्य होगा। अभिभावक की असहमति होने पर नाबालिग को कमरा नहीं दिया जाएगा और मामले की जानकारी बाल कल्याण समिति को भी देनी होगी। संदिग्ध व्यक्ति की तुरंत देनी होगी सूचना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी संस्थान में संदिग्ध व्यक्ति के ठहरने की जानकारी तत्काल निकटतम पुलिस थाना या चौकी को देनी होगी। इसके अलावा आगंतुकों का संधारित रिकॉर्ड राज्य की अनुसंधान एजेंसियों, जिला मजिस्ट्रेट या जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा अधिकृत अधिकारियों को निरीक्षण के लिए उपलब्ध कराना होगा। संचालकों से जल्द पंजीकरण की अपील जिला पुलिस ने सभी होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशाला, लॉज और अन्य ठहराव स्थलों के संचालकों से जल्द से जल्द ई-विजिटर्स पोर्टल पर पंजीकरण कराने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर आगंतुकों का विवरण दर्ज करने की अपील की है। इससे जिले की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
खाद संकट पर भाकियू महात्मा टिकैत की चेतावनी:फतेहपुर में प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद में खाद संकट का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। भारतीय किसान यूनियन महात्मा टिकैत (भाकियू) ने किसानों को पर्याप्त खाद न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। संगठन के प्रदेश महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी रामदत्त मिश्रा ने शुक्रवार को प्रशासन और कृषि विभाग पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया। रामदत्त मिश्रा ने बताया कि 29 जून 2026 को हुई मासिक बैठक में कृषि विभाग और पीसीएफ विभाग के अधिकारियों ने तीन दिनों के भीतर किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। अधिकारियों ने यह भी कहा था कि प्रत्येक किसान को उसकी जोत के आधार पर प्रति हेक्टेयर सात बोरी यूरिया और पांच बोरी डीएपी दो चरणों में दी जाएगी। धान की रोपाई का कार्य प्रभावित हालांकि, भाकियू नेता के अनुसार, जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। किसान जब साधन सहकारी समितियों पर खाद लेने पहुंचते हैं, तो उन्हें उनकी जोत चाहे जितनी भी हो, केवल एक या दो बोरी खाद ही दी जा रही है। इससे बड़े किसानों को कई बार समितियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे धान की रोपाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। मिश्रा ने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई किसान 30 बीघे का काश्तकार है, तो उसे अपनी पूरी जरूरत की खाद लेने के लिए 15 बार समिति जाना पड़ेगा, जो व्यवहारिक नहीं है। उन्होंने बताया कि सोमवार, 6 जुलाई को संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल सहायक निबंधक सहकारिता (एआर) और जिला कृषि अधिकारी से मुलाकात कर इस मुद्दे पर वार्ता करेगा। किसानों के हित में आंदोलन शुरू रामदत्त मिश्रा ने स्पष्ट किया कि यदि वार्ता के बाद भी कोई ठोस परिणाम नहीं निकला, तो भारतीय किसान यूनियन महात्मा टिकैत किसानों के हित में आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि किसानों की समस्याओं का गंभीरता से समाधान किया जाए, ताकि समय पर खाद उपलब्ध हो सके और धान की रोपाई प्रभावित न हो।
पुल के नीचे मिली BSc की छात्रा लाश:देवरिया में परिजन बोले- 30 जून को घर से निकली थी, हत्या की आशंका
देवरिया के बनकटा थाना क्षेत्र के मैरवा-मझौली मार्ग स्थित बहियारी बघेल पुल के नीचे मिले युवती के शव की शिनाख्त हो गई है। मृतका की पहचान धरहनिया गांव निवासी 20 वर्षीय मन्नत कुमारी पुत्री बांके बिहारी के रूप में हुई है। वह बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा थी। यह शव 1 जुलाई को बहियारी बघेल पुल के नीचे पानी में मिला था, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई थी। सूचना मिलने पर बनकटा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। पुलिस ने तत्काल शव की शिनाख्त के प्रयास शुरू कर दिए थे। परिजनों ने पुलिस को बताया कि मन्नत 30 जून को घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। अगले दिन उसका शव पुल के नीचे पानी में बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में मामला प्रेम-प्रसंग से जुड़ा होने और हत्या के बाद शव पुल के नीचे फेंके जाने की आशंका जताई जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार थानाध्यक्ष दिनेश कुमार मौर्य ने पुष्टि की है कि शव की शिनाख्त हो गई है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की गहन जांच कर रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
सहायक विकासखंड प्रबंधक की हार्ट अटैक से मौत:परिजनों का आरोप, चार माह से नहीं मिला था वेतन
डिंडोरी: आजीविका मिशन के मेहदवानी ब्लॉक में पदस्थ सहायक विकासखंड प्रबंधक रघुवर सिंह मसराम का शनिवार को जबलपुर के एक निजी अस्पताल में हार्ट अटैक से निधन हो गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि उन्हें पिछले चार महीने से वेतन नहीं मिला था, जिसके कारण इलाज के लिए भी पैसे नहीं थे। उन्हें कार्यालय के साथियों ने अस्पताल पहुंचाया था। जानकारी के अनुसार, रघुवर सिंह मसराम गुरुवार को ही घर से लौटे थे। ब्लॉक में शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे के एक कार्यक्रम में भीड़ जुटाने की उनकी ड्यूटी लगी थी। इसी दौरान उन्हें सीने में दर्द उठा। स्टाफ के लोग उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद मंडला जिला अस्पताल रेफर किया गया। रात करीब दो बजे उन्हें जबलपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई। मृतक अधिकारी 61 वर्ष के थे। उनकी पत्नी लीला बाई और दो बेटे उमेश व विजय हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। बेटे उमेश ने बताया कि उनके पिता आठ महीने बाद सेवानिवृत्त होने वाले थे। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले चार महीने से उन्हें वेतन नहीं मिल पा रहा था, जिससे परिवार को पैसों की दिक्कत हो रही थी। आजीविका मिशन की डीपीएम अर्पणा पांडेय ने इस संबंध में बताया कि अब वेतन का भुगतान ट्रेजरी से होना है। पिछले चार महीने से किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का वेतन जारी नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि भोपाल कार्यालय को कई बार पत्र लिखा जा चुका है और सभी के भुगतान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। रघुवर सिंह मसराम का अंतिम संस्कार आज उनके गृह जिले अनूपपुर के कंचनपुर देवरी गांव में किया गया।
जौनपुर के वीरभानपुर गांव की मुसहर बस्ती के दो दर्जन से अधिक निवासियों ने शनिवार दोपहर जिलाधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि उनके 19 परिवारों के एकमात्र पहुंच मार्ग पर अवैध खुदाई और अतिक्रमण किया गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस अवैध खुदाई के कारण उनके घर गिरने का खतरा पैदा हो गया है। वीरभानपुर गांव में 19 मुसहर परिवार रहते हैं, जिनके घरों तक पहुंचने का एकमात्र रास्ता एक चकरोड है। कुछ महीने पहले इस चकरोड के दोनों ओर लगभग 5 फीट गहरी खुदाई की गई थी। वर्तमान में, बरसात के कारण यह चकरोड जगह-जगह धंस रहा है, जिससे आवागमन मुश्किल हो गया है और घरों के लिए खतरा बढ़ गया है। मुसहर परिवारों ने जब खुदाई रोकने का प्रयास किया, तो आरोप है कि शंकर यादव और उनके साथियों ने उन्हें जातिसूचक गालियां दीं और घरों से बेदखल करने की धमकी दी। इस खुदाई में चन्दु बनवासी और रामचन्द्र बनवासी के भी शामिल होने का आरोप है। गहरी खुदाई के कारण मुसहर परिवारों के घर किसी भी समय ढह सकते हैं। इन परिवारों को बिजली, पानी, शौचालय, आवास और नाली जैसी मूलभूत सुविधाओं की भी गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित परिवारों ने जिलाधिकारी से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर मदद की गुहार लगाई है।
रिफाइनरी को लेकर कांग्रेस और बीजेपी नेताओं के बीच सियासी वार पलटवार का दौर शुरू हो गया है। सीएम भजनलाल शर्मा के बयान पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा- ‘सीएम को रिफाइनरी के इतिहास की बुनियादी जानकारी तक नहीं है।’ गहलोत ने एक्स पर कांग्रेस राज के दौरान रिफाइनरी शिलान्यास की तस्वीरें भी शेयर की हैं। इस पर बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा- ‘गहलोत साहब, पचपदरा रिफाइनरी को लेकर जनता को गुमराह करना बंद करें।’ गहलोत और राठौड़ दोनों ने अपने एक्स पर वार पलटवार किए। देखिए, गहलोत की शेयर की गई ये 2 PHOTOS गहलोत बोले- रिफाइनरी को लेकर सीएम को गलत जानकारी पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सीएम पर पलटवार करते हुए एक्स पर लिखा- मुख्यमंत्री पूर्व में रिफाइनरी में केंद्र और राज्य की हिस्सेदारी को लेकर गलत बयान दे चुके हैं। मुख्यमंत्री को यदि इतिहास की जानकारी नहीं है, तो वे सार्वजनिक रूप से गलत बयानबाजी करने के बजाय अपने अधिकारियों से सही आंकड़े और दस्तावेज मंगवाकर पढ़ लें। गहलोत ने लिखा- मुख्यमंत्री को शायद यह ज्ञात ही नहीं है कि पचपदरा रिफाइनरी का वास्तविक शिलान्यास साल 2013 में ही यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी और तत्कालीन पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली द्वारा किया जा चुका था। ये तस्वीरें उसी मौके की है। इसके विपरीत, केंद्र सरकार और राज्य की तत्कालीन भाजपा सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पांच साल तक ठंडे बस्ते में डालकर अटकाए रखा, जिससे इसकी लागत 37,000 करोड़ रुपए से दोगुनी बढ़कर लगभग 80,000 करोड़ रुपए हो गई। रिफाइनरी के लिए एचपीसीएल को राजी करना चुनौतीपूर्ण काम था गहलोत ने लिखा- राजस्थान में रिफाइनरी की स्थापना के लिए 'हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड' (एचपीसीएल) को राजी करना भी एक बेहद चुनौतीपूर्ण काम था। सामान्यत: रिफाइनरी परियोजनाओं में राज्य सरकार की कोई हिस्सेदारी नहीं होती है, लेकिन एचपीसीएल को सहमत करने के लिए राजस्थान सरकार ने दूरदर्शिता दिखाते हुए रिफाइनरी में 26% की हिस्सेदारी ली। इसी के परिणामस्वरूप यह 'एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड' (एचआरआरएल) नामक संयुक्त उद्यम (जॉइंट वेंचर) बना, जिसने इस रिफाइनरी का निर्माण किया है। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष का गहलोत के बयान पर पलटवार मदन राठौड़ बोले- गहलोत साहब,रिफाइनरी पर गुमराह करना बंद करें मदन राठौड़ ने एक्स पर लिखा- ‘कागजी शिलान्यास बनाम धरातल का विकास।’ गहलोत साहब, पचपदरा रिफाइनरी को लेकर जनता को गुमराह करना बंद करें। राजस्थान की जनता भ्रामक बयानों और चुनावी स्टंट का अंतर अच्छी तरह जानती है। 2013 में चुनाव से ठीक दो महीने पहले बिना बजट, बिना जमीन और बिना पर्यावरण मंजूरी के केवल वोट बैंक के लिए पत्थर लगाना विकास नहीं, राजनीतिक छलावा था। कांग्रेस राज में एचपीसीएल से एमओयू पर प्रदेश पर बोझ था मदन राठौड़ ने लिखा- पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के हितों को ताक पर रखकर एचपीसीएस से जो एमओयू किया था, वह राजस्थान पर भारी वित्तीय बोझ था। 2014 में भाजपा सरकार ने कड़ा मोलभाव कर राज्य के हजारों करोड़ रुपए बचाए और जनवरी 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इसका वास्तविक 'कार्यारंभ' कराया। काम की कछुआ चाल के जिम्मेदार आज खुद को दूरदर्शी बता रहे हैं राठौड़ ने लिखा- लागत बढ़ने का रोना रोने वाले याद रखें कि 2018 से 2023 के बीच अपनी आंतरिक गुटबाजी और प्रशासनिक अकर्मण्यता के कारण इस प्रोजेक्ट को अटकाने, लटकाने और भटकाने का काम किसने किया? काम की कछुआ चाल के असली जिम्मेदार आज खुद को दूरदर्शी बता रहे हैं। हमारी डबल इंजन सरकार कागजी पत्थरों पर नहीं, धरातल पर काम करने में विश्वास रखती है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पचपदरा रिफाइनरी का काम अब पूरी पारदर्शिता और तीव्र गति से पूरा होकर जल्द राजस्थान की प्रगति का नया आधार बनेगा।
सहरसा जिले के सुप्रसिद्ध बाबा मटेश्वर धाम से उत्तराखंड स्थित बाबा केदारनाथ धाम के लिए एक अनूठी 'रनिंग यात्रा' की शुरुआत हुई है। सहरसा के दो और सुपौल जिले के एक युवक लगभग 3600 किलोमीटर की यह कठिन यात्रा दौड़कर पूरी करेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य सनातन संस्कृति और अटूट धार्मिक आस्था को बढ़ावा देना है। यात्रा के शुभारंभ के अवसर पर पूरा मंदिर परिसर भगवान शिव के जयकारों और 'हर-हर महादेव' के उद्घोष से गूंज उठा। धावकों ने बाबा मटेश्वर धाम में स्थापित शिवलिंग की विशेष पूजा-अर्चना की और महादेव से यात्रा के सुखद, सुरक्षित व मंगलमय होने की कामना की। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर धावकों का उत्साह बढ़ाया। देश के कई प्रमुख ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के दर्शन करेंगे आयोजकों से मिली जानकारी के अनुसार, इस लंबी यात्रा के दौरान धावक देश के कई प्रमुख ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के दर्शन करेंगे। यात्रा के मुख्य पड़ावों में पटना का महावीर मंदिर व पटनदेवी मंदिर, सोनपुर का हरिहरनाथ मंदिर, वाराणसी के संकट मोचन व काशी विश्वनाथ मंदिर, अयोध्या धाम स्थित श्रीराम मंदिर, हरिद्वार, ऋषिकेश, कोटेश्वर महादेव मंदिर और त्रियुगीनारायण मंदिर शामिल हैं। यात्रा का अंतिम पड़ाव बाबा केदारनाथ धाम होगा, जहां पहुंचकर भगवान शिव का विशेष जलाभिषेक किया जाएगा। जागरूकता तथा गौरव का भाव जगाना मुख्य उद्देश्य इस साहसिक यात्रा के संचालन और सहभागिता में मुख्य रूप से रूपेश धाकड़ (सुपौल कौशलीपट्टी), कुमार नीतीश और सूरज यादव सहरसा के बथनाही इलाके के निवासी शामिल हैं। आयोजकों ने बताया कि इस दौड़ यात्रा का मुख्य उद्देश्य केवल तीर्थ दर्शन करना ही नहीं है, बल्कि आज के युवाओं में सनातन संस्कृति, देश की प्राचीन विरासत और आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति जागरूकता तथा गौरव का भाव जगाना है। सफल धार्मिक यात्राओं का आयोजन किया जा चुका सहयोगियों ने यह भी बताया कि सहरसा क्षेत्र से धार्मिक व आध्यात्मिक यात्राओं का आयोजन पहले भी सफलतापूर्वक होता रहा है। इससे पहले भी स्थानीय श्रद्धालुओं के सहयोग से महाकुंभ, देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम और काशी विश्वनाथ धाम तक के लिए सफल धार्मिक यात्राओं का आयोजन किया जा चुका है। इसी कड़ी में अब केदारनाथ धाम के लिए इस अनूठी रनिंग यात्रा का संकल्प लिया गया है। स्थानीय लोगों ने तीनों युवाओं के इस साहसिक प्रयास की सराहना करते हुए उनकी सुरक्षित वापसी की कामना की है।
दौसा जिला मुख्यालय पर शनिवार को भांकरी रोड स्थित टाउन हॉल में जिला स्तरीय रोजगार उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला प्रभारी मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़, राज्यसभा सांसद डॉ. अलका सिंह गुर्जर, लालसोट विधायक रामबिलास मीणा, कलेक्टर डॉ. सौम्या झा व एसपी पीयूष दीक्षित मौजूद रहे। कार्यक्रम में अलग-अलग विभागों के नवनियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। आयोजन को राज्य स्तरीय रोजगार उत्सव से भी वर्चुअल माध्यम से जोड़ा गया। अतिथियों ने नवनियुक्त कार्मिकों को बधाई देते हुए उन्हें पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ जनसेवा करने का संदेश दिया। रोजगार उत्सव के माध्यम से युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति मिलने पर खुशी का माहौल रहा। इस दौरान जिला परिषद सीईओ बिरदीचंद गंगवाल, एएसपी शंकरलाल मीणा, भाजपा नेता सिकंदर वधावन, शहर अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह समेत नवनियुक्त कार्मिक मौजूद रहे।
गोंडा में 18 परीक्षा केंद्रों पर 2 जुलाई से आयोजित तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP TET) आज शनिवार दोपहर 12 बजे सकुशल संपन्न हो गई। यह परीक्षा कुल पांच पालियों में आयोजित की गई थी। तीन दिनों के भीतर कुल 39,702 परीक्षार्थियों को परीक्षा देनी थी, जिनमें से 33,847 परीक्षार्थियों ने भाग लिया। इस दौरान 5,855 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। शनिवार, 4 जुलाई को केवल प्रथम पाली में ही परीक्षा आयोजित की गई थी। इस पाली में 7,640 परीक्षार्थियों को परीक्षा देनी थी, जिनमें से 5,867 परीक्षार्थी उपस्थित हुए और 1,773 ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षा के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। 2 जुलाई को एक और 3 जुलाई को भी एक-एक फर्जी अभ्यर्थी परीक्षा देते हुए पकड़े गए थे। इनके खिलाफ गोंडा की वजीरगंज और नगर कोतवाली में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। परीक्षा देकर निकले परीक्षार्थियों ने बताया कि कुछ प्रश्न कठिन थे। अयोध्या के प्रदीप, साक्षी और उमा ने कहा कि वे काफी समय से तैयारी कर रहे थे और कुछ सवालों को हल करने में उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन कुल मिलाकर पेपर अच्छा था। बहराइच के सुमित ने बताया कि अंग्रेजी, संस्कृत और गणित के प्रश्न काफी कठिन आए थे, जिन्हें हल करने में कुछ समय लगा। अंबेडकर नगर के आदित्य ने भी पेपर को थोड़ा कठिन बताया, लेकिन उत्तीर्ण होने की उम्मीद जताई। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने भी शनिवार को प्रथम पाली की परीक्षा के दौरान कई परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया है। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन द्वारा भी कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर परीक्षा दे रही परीक्षार्थियों से जानकारी ली गई है। इसके साथ ही साथ डीआईजी अशोक कुमार शुक्ला द्वारा भी और जिला विद्यालय निरीक्षक डॉक्टर रामचंद्र द्वारा भी सभी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में परीक्षा को संपन्न कराया गया है। अब ट्रेन और बसों के माध्यम से गोंडा से परीक्षार्थी परीक्षा देकर के अपने अपने घरों को रवाना हो रहे हैं।
देवरिया में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने आईटीआई छात्रों को रोजगार उपलब्ध कराने में लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को आईटीआई एवं कौशल विकास विभाग में रोजगार मेले आयोजित न किए जाने और छात्रों का प्लेसमेंट सुनिश्चित न होने के कारण राजकीय आईटीआई सलेमपुर के प्रधानाचार्य का एक माह का वेतन रोकने का निर्देश दिया गया है। जिलाधिकारी ने सभी आईटीआई प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए कि प्रत्येक ट्रेड में कम से कम 60 प्रतिशत छात्रों का प्लेसमेंट हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित लक्ष्य पूरा होने के बाद ही प्रधानाचार्यों का वेतन जारी किया जाएगा। युवाओं को रोजगार के अवसर इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने 11 अगस्त को जिले में एक वृहद रोजगार मेला आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेले का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और अधिक से अधिक निजी कंपनियों को आमंत्रित कर युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएं। जिलाधिकारी ने आईटीआई प्रधानाचार्यों को उद्योग बंधु की बैठकों में नियमित रूप से भाग लेने, आईटीआई उत्तीर्ण छात्रों की विभिन्न संस्थानों में अप्रेंटिसशिप सुनिश्चित करने और उन्हें अभ्युदय कोचिंग से यूट्यूब लाइव के माध्यम से जोड़ने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सेवायोजन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार दिलाने पर जोर दिया। तीन सदस्यीय समिति बनाने का निर्देश मुख्य विकास अधिकारी ने प्रत्येक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में प्लेसमेंट सेल गठित करने और एक तीन सदस्यीय समिति बनाने का निर्देश दिया। यह समिति छात्रों को रोजगार मेलों और साक्षात्कार के लिए प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार योग्य बनाएगी।
गाजियाबाद में शनिवार सुबह 3 बजे सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई। वहीं, एक 10 साल का बच्चा घायल हो गया। युवक अपनी कार का पंचर टायर बदल रहे थे। इसी दरौान एक तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। जानकारी के अनुसार, दोनों शुक्रवार रात अपने परिवार के साथ माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जा रहे थे। हादसा अंबाला हाईवे पर हुआ। अब जानिए पूरा मामला… मुरादनगर के रहने वाले अमरदीप वर्मा (25) और विक्की जाटव परिवार के साथ माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जा रहे थे। अमरदीप मुरादनगर में शिव ज्वैलर्स के नाम से सर्राफा की दुकान चलाते थे, जबकि विक्की जाटव बिजली इलेक्ट्रिकमैन का काम करते थे। दोनों शुक्रवार रात अपने परिवार निकले थे। शनिवार सुबह करीब 3 बजे अंबाला हाईवे पर उनकी कार का टायर पंचर हो गया। वे कार रोककर स्टफनी बदल रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में अमरदीप वर्मा और विक्की जाटव की मौके पर ही मौत हो गई। अमरदीप का 10 साल भतीजा आरव गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। हादसे के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
हरदोई में UPTET परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न:तीन दिन, पांच पालियों के बाद प्रशासन ने ली राहत
हरदोई में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET)-2026 शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। तीन दिनों तक चली इस परीक्षा के बाद जिला प्रशासन और पुलिस महकमे ने राहत महसूस की। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से कराने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। शनिवार को परीक्षा के तीसरे दिन, पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक आयोजित हुई। अंतिम दिन भी केंद्रों पर सुबह से ही सख्त सुरक्षा व्यवस्था रही। अभ्यर्थियों को मुख्य द्वार पर गहन तलाशी के बाद बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा होने पर ही कक्षा में प्रवेश मिला। परीक्षा केंद्र के अंदर और बाहर पुलिस बल मुस्तैद रहा। हरदोई जनपद में इस तीन दिवसीय UPTET परीक्षा के लिए कुल 20,880 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। परीक्षा कुल पांच पालियों में आयोजित की गई, जिसमें प्रत्येक पाली में 4,176 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था थी। कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर लगातार निगरानी रखी गई। परीक्षा के बाद केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दीं। शाहजहांपुर से परीक्षा देने आए महिपाल सिंह ने बताया कि परीक्षा से जुड़ी जो उन्होंने तैयारी की थी। इस तरह के प्रश्न पेपर में आए। पेपर सरल आया, लेकिन गणित के प्रश्नों ने उन्हें जरूर उलझाया। कन्नौज से आए सुमित ने बताया कि गाणित के प्रश्न काफी कठिन थे, जबकि अन्य भाग से संबंधित प्रश्न काफी सरल आए। कुछ परीक्षार्थियों ने गणित, विज्ञान, अंग्रेजी विषय के प्रश्नों को भी चुनौतीपूर्ण बताया। प्रशासन की सटीक रणनीति के कारण तीनों दिन की परीक्षा बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
धनबाद पुलिस ने शनिवार को भगोड़े गैंगस्टर प्रिंस खान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। वासेपुर स्थित उसके घर पर बुलडोजर चला। यह कार्रवाई एसएसपी प्रभात कुमार के निर्देश पर की गई। मौके पर डीएसपी प्रकाश सोय सहित तीन डीएसपी, सीसीआर डीएसपी ऋत्विक श्रीवास्तव और छह थानों की पुलिस तैनात थी। पूरे इलाके को पुलिस छावनी में बदल दिया गया था और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पूरे अभियान की कराई गई वीडियोग्राफी सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पुलिस ने मीडिया को घटनास्थल से दूर रखा। बुलडोजर से मकान को पूरी तरह ध्वस्त करने की कार्रवाई लगातार जारी रही। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे अभियान की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। यह भी बताया गया है कि 3 जुलाई शुक्रवार को ही में निरसा विधायक अरूप चटर्जी को धमकी मिलने के बाद प्रिंस खान के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई कानून के तहत की जा रही प्रक्रिया का हिस्सा है। प्रिंस ने अरुप को धमकाया-पैसा चाहिए, दोबारा मैसेज नहीं...24 घंटे में रिजल्ट देंगे प्रिंस ने शुक्रवार की दोपहर 12 बजे विधायक को मोबाइल पर मैसेज कर जान मारने की धमकी दी थी। धमकी भरे मैसेज भेजने के बाद उसने पिस्टल से फायरिंग का वीडियो भी विधायक के मेबाइल पर भेजा। कहा-’उसे पैसा चाहिए। दोबारा मैसेज नहीं करेगा। रिजल्ट भी 24 घंटे के अंदर देगा।’ कॉल और मैसेज +27613737683 नंबर से भेजा गया, जो साउथ अफ्रीका का बताया जा रहा है। धमकी मिलने के बाद विधायक ने मुख्यमंत्री, गृह मंत्रालय, डीजीपी एवं धनबाद एसएसपी को मामले की जानकारी दी। बता दें कि सप्ताहभर से धनबाद सांसद ओर विधायक के बीच जुबानी जंग चल रही है। विधायक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सांसद ढुलू का प्रिंस के साथ संबंध होने का आरोप लगाया था। आरोप लगाने के 48 घंटे के अंदर विधायक को धमकी मिली । जेल में ढुलू और प्रिंस की हुई थी दोस्ती: अरुपअरुप ने कहा कि उन्हें प्रिंस खान ने धमकी भरा मैसेज किया है। ढुलू महतो के साथ चल रहे विवाद और उनके खिलाफ की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के 48 घंटे के अंदर प्रिंस की धमकी से साफ है कि सांसद से उसके संबंध है। जेल में रहने के दौरान ढुलू महतो की प्रिंस खान से दोस्ती हुई थी। उसी के इशारे पर प्रिंस खान भागा और और धमकी दे रहा है। उन्होंने एनआईए एवं सीबीआई से इसकी जांच करने की मांग की है। प्रिंस खान द्वारा भेजा गया धमकी भरा मैसेज सुन ले रे अरुप चटर्जी... मैं बोल रहा हूं प्रिंस खान दुबई से...। हमको भी पैसा चाहिए नहीं तो दोबारा कॉल मैसेज नहीं करेंगे...। 24 घंटे में रिजल्ट देंगे...। सुना तेरा कोयला का काम अच्छा-खासा चल रहा है। वहीं, प्रिंस ने 31 सेकेंड का ऑडियो भी भेजा। इसमें वह कह रहा है-नंबर ब्लॉक कर या बंद कर... नंबर ब्लॉक करने से तुम जिंदा तो रहेगा ना। क्लीयर बोल देना...दोबारा फोन या मैसेज नहीं करेंगे। रिजल्ट देंगे। मैनेज करो।
भिवानी कांग्रेस के ग्रामीण अध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी एवं शहरी अध्यक्ष प्रदीप गुलिया ने शनिवार को कांग्रेस कार्यालय तिलक भवन में पत्रकार वार्ता की। इस दौरान शहरी अध्यक्ष प्रदीप गुलिया ने कहा कि राम मंदिर चोरी प्रकरण की सुप्रीम कोर्ट के सीटिंग जज से जांच करवानी चाहिए। राम मंदिर के साथ करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। लेकिन लोगों द्वारा दिया गया करोड़ों रुपए का चंदा चोरी कर लिया गया और इस मामले में सभी दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त जांच होनी चाहिए। वहीं ग्रामीण अध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी ने कहा कि छोटे से चोरी के केस में कोई गिरफ्तारी होती है तो आरोपी को रिमांड पर लिया जाता है। लेकिन राम मंदिर चंदा चोरी मामले में आरोपियों को रिमांड पर भी नहीं लिया गया। इस मामले की सीटिंग जज से न्यायिक जांच होनी चाहिए और मामला जनता के सामने स्पष्ट रूप से आना चाहिए। अनिरुद्ध बोले- गिरफ्तार कानूनगो ने नेताओं संग लगाए थे पोस्टर, होनी चाहिए जांचपत्रकार वार्ता में ग्रामीण अध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी ने कहा कि तोशाम में जो कानूनगो 65 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। जिसके फोटो राजनीतिक पार्टी के नेताओं के साथ लगे हुए थे। ऐसे में उनकी जांच होनी चाहिए। साथ ही आरोपी के बेटे के नाम पर ही एक पैमाईश कंपनी है, जिसके माध्यम से सभी पैमाईश करवाई जाती थी। उसकी भी जांच होनी चाहिए। इसके अलावा आरोपी कानूनगो के फोन रिकार्ड की जांच हो। अनिरुद्ध चौधरी ने कहा कि इस तरह का काम बिना संरक्षण के नहीं हो सकता, यह भी जांचना चाहिए कि इसके पीछे किसका हाथ है। अब एक शिकायतकर्ता ने यह मुद्दा उठाया तो एसीबी ने आरोपी को पकड़ा। बताया जा रहा है कि जब गिरफ्तारी के दौरान वीडियो बना रहे थे तो उसको भी तोड़ने का प्रयास किया। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने बिना नाम लिए अपनी चाची व बहन को भी निशाने पर लिया और कहा कि जिसकी आस्था व लगाव किसी नेता के साथ होता है तो वह अपने नेता के पोस्टर व विज्ञापन पर अपना फोटो लगाता है। ऐसा ही मामला आरोपी कानूनगो ने भी पोस्टर पर फोटो लगवाए हुए थे। आरोपी कानूनगो द्वारा एक दुकान का उद्घाटन भी किया गया, वह उद्घाटन मंत्री द्वारा किया गया था। मनोहर लाल खट्टर के बयान पर किया पलटवारकेंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा पूर्व सीएम बंसीलाल को लेकर दिए बयान पर भी अनिरुद्ध चौधरी ने पलटवार किया। अनिरुद्ध चौधरी ने कहा कि इस बयान को लेकर मनोहर लाल खट्टर माफी मांगे। क्योंकि भाजपा नेताओं द्वारा पहले पूर्व सीएम भजनलाल व चौधरी देवीलाल को लेकर भी टिप्पणी की गई थी। इस तरह की बयानबाजी गलत है। उन्होंने कहा कि जो लोग चौधरी बंसीलाल के नाम पर अपनी राजनीति करते हैं, उनको मनोहर लाल खट्टर पर दबाव बना चाहिए और माफी मंगवानी चाहिए। क्योंकि चौधरी बंसीलाल से जुड़े लोगों की आस्था को ठेस पहुंची है। वहीं लोगों ने विरोध स्वरूप मनोहर लाल खट्टर का पुतला भी फूंका। अगर समय रहते उन्होंने माफी नहीं मागी तो आने वाले चुनाव में लोग उनको अपना रोष व आईना दिखाने का काम करेंगे। वहीं शहरी अध्यक्ष प्रदीप गुलिया ने कहा कि इस तरह की टिप्पणी करना उनकी मानसिकता को दर्शाता है। ऐसे में उनको जल्द से जल्द माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रदेश में जो पूर्व सीएम रहे, उनमें से सबसे ज्यादा हरियाणा के विकास में चौधरी बंसीलाल का सबसे अधिक योगदान रहा है। सभी मुख्यमंत्रियों ने हरियाणा को आगे बढ़ाने का काम किया। लेकिन इस तरह की टिप्पणी गलत है। इथेनॉल व खादी किल्लत पर सरकार को घेराशहरी अध्यक्ष प्रदीप गुलिया ने कहा कि सरकार द्वारा पेट्रोल व डीजल में इथेनॉल मिलाया जा रहा है। जिससे गाड़ियों की एवरेज खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि उनकी गाड़ी पहले 14 किलोमीटर प्रति लीटर की औसत देती थी, जो अब 7 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई है। साधारण परिवार द्वारा जीवन में एक बार ही गाड़ी खरीदी जाती है। ऐसे में उनकी गाड़ी खराब हो जाती है तो उनके साथ धोखाधड़ी है और सपनों से खिलवाड़ है। वहीं ग्रामीण अध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी ने कहा कि अभी से खाद की किल्लत होने लगी है। लोगों को लाइनों में लगना पड़ रहा है और खाद मिल भी नहीं रही। ऐसे में सरकार को समय रहते उचित प्रबंध करने चाहिए थे। अगर पहली बार किल्लत होती तो यह मान सकते थे कि इनका अनुभव नहीं है। लेकिन बार-बार यही हालात बन रहे हैं, तो ना मंत्री ध्यान दे रहे हैं और ना ही मुख्यमंत्री।
हनुमानगढ़ पुलिस ने जिले में नशा तस्करी और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दो अलग-अलग कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पल्लू थाना पुलिस ने एक आरोपी के कब्जे से 5.82 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) और 180 प्रतिबंधित प्रीगाबालिन कैप्सूल बरामद किए, जबकि भादरा थाना पुलिस ने दूसरे आरोपी से एक अवैध देसी पिस्टल (.315 बोर) और तीन जिंदा कारतूस जब्त किए। दोनों मामलों में संबंधित थानों में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पल्लू थाना पुलिस की कार्रवाई पल्लू थाना पुलिस ने गश्त और नाकाबंदी के दौरान बांगासर निवासी पवन कुमार (24) को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 5.82 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) और 180 प्रतिबंधित प्रीगाबालिन कैप्सूल बरामद हुए। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच रावतसर थानाधिकारी ईश्वरानंद को सौंपी गई है। कार्रवाई करने वाली टीम में थानाधिकारी सुरेश मील, हेड कांस्टेबल पूनम सिंह, कांस्टेबल ओमप्रकाश, श्रवण कुमार और चालक कांस्टेबल रामकुमार शामिल रहे। भादरा में अवैध हथियार बरामद भादरा थाना पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान सरदारपुरा बास (डोबीबास) निवासी बलदेव (33) उर्फ बबलू को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से एक अवैध देसी पिस्टल (.315 बोर) और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार बलदेव उर्फ बबलू के खिलाफ पहले से आबकारी एक्ट के दो मामले दर्ज हैं। अभियान रहेगा जारी पुलिस का कहना है कि जिले में नशा तस्करी, अवैध हथियारों की तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। ऐसे मामलों में शामिल आरोपियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गड्ढे के किनारे मिला 30 वर्षीय व्यक्ति का शव:एटा में साइकिल की दुकान पर काम करता था, जांच जारी
एटा जिले के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र में एक 30 वर्षीय व्यक्ति का शव सड़क किनारे गड्ढे के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान रमेश पुत्र राजपाल के रूप में हुई है, जो वर्तमान में पीपल अड्डा का निवासी था। वह मूल रूप से कासगंज जनपद का रहने वाला था और एटा में साइकिल की दुकान पर काम करता था। रमेश अपने परिवार के साथ एटा में ही रहता था। पुलिस के अनुसार, मृतक ने विषाक्त पदार्थ का सेवन किया है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी है, और पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। मृतक के परिचित सूबेदार सिंह ने बताया कि रमेश शुक्रवार देर शाम दुकान से काम कर घर वापस लौटा था। बाद में उसका शव मृत अवस्था में पड़ा मिला। थाना प्रभारी धर्मेंद्र पवार ने जानकारी देते हुए बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है।
गोपालगंज जिले के नगर थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार डम्पर की चपेट में आने से साइकिल सवार दिव्यांग मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना मुकेरी टोला गांव के पास हुई। हादसे के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर आगजनी की। जानकारी के अनुसार, डम्पर ने साइकिल पर सवार होकर मजदूरी करने जा रहे दिव्यांग मजदूर को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि साइकिल डम्पर के पहिए और हैंडल में फंस गई, जिससे डम्पर चालक मजदूर को करीब 200 मीटर तक घसीटता रहा। मनोज अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे मृतक की पहचान नगर थाना क्षेत्र के नवका टोला भेड़िया गांव निवासी राजेंद्र चौधरी के 40 वर्षीय बेटे मनोज यादव के रूप में हुई है। मनोज अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। मनोज अपने पीछे चार मासूम बच्चे, बूढ़े माता-पिता और एक दिव्यांग पत्नी छोड़ गए हैं। परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। वह स्वयं दिव्यांग होने के बावजूद कड़ी मेहनत कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी मृत्यु से परिवार पर गहरा आर्थिक संकट आ गया है। त्वरित कार्रवाई करते हुए डम्पर को जब्त कर लिया घटना के बाद आरोपी डम्पर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डम्पर को जब्त कर लिया है। हादसे से गुस्साए स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों ने मुकेरी टोला के पास सड़क जाम कर दी। आक्रोशित लोग मुआवजे और आरोपी ड्राइवर की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। सड़क जाम के कारण दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और उग्र लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है।
अंबाला के मॉडल टाउन इलाके में एक बंद मकान में दो दिनों तक चोरी की घटना को अंजाम दिया गया। कांशी नगर स्थित इस मकान से चोरों ने सोने-चांदी के जेवरात, नकदी, पीतल के बर्तन और इलेक्ट्रॉनिक सामान चुरा लिए। यह पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। मॉडल टाउन पुलिस चौकी ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कांशी नगर निवासी दीपक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि अज्ञात चोरों ने उनके मकान में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, चोर पहली बार 1 जुलाई 2026 को सुबह करीब 11:46 बजे घर में दाखिल हुए। इस दौरान वे घर से पीतल के बर्तन और सभी बाथरूमों में लगी पीतल की टोटियां चोरी कर ले गए। दूसरे दिन दोपहर में घुसे चोर चोर अगले ही दिन, 2 जुलाई को दोपहर करीब 3:51 बजे दोबारा उसी घर में घुस आए। इस बार चोरों ने लगभग 25 मिनट तक घर के हर कमरे, अलमारी और दराजों को खंगाला, जिससे पूरा सामान बिखरा पड़ा मिला। इसके बाद वे दोपहर करीब 4:16 बजे भारी मात्रा में कीमती सामान लेकर फरार हो गए। घर की जांच करने पर पता चला कि चोरों ने दो दिनों में काफी नुकसान पहुंचाया है। चोरी हुए सामान में दो सोने की अंगूठियां, कांसे के पूजा के बर्तन, मंदिर की चांदी की परत चढ़ी मूर्तियां, अलमारी में रखीं घड़ियां, अलग-अलग पर्सों में रखे करीब 4 से 5 हजार रुपए नकद, एक जोड़ी चांदी की पायल, डिजिटल कैमरे, हेडफोन और एक बैकपैक शामिल हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही मॉडल टाउन पुलिस चौकी के हेड कांस्टेबल मोहिंदर सिंह पुलिस टीम के साथ मौका-ए-वारदात पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया। पीड़ित दीपक ने पुलिस को दोनों दिनों की सीसीटीवी फुटेज सौंप दी है, जिसमें आरोपियों का चेहरा और चोरी का सामान ले जाते हुए उनकी हरकतें साफ नजर आ रही हैं। सिपाही वीर सिंह के माध्यम से शिकायत थाना बलदेव नगर भिजवाई गई, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305 और 331(3) के तहत मुकदमा नंबर 213 दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरों की पहचान करने और उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।
राजसमंद में आज भी आसमान में बादल:सुबह हुई बारिश से मौसम बदला, मौसम विभाग का अलर्ट
राजसमंद में शनिवार को भी आसमान में बादल छाए हुए है बारिश की संभावना बनी हुई है। तड़के करीब पांच बजे आधे घंटे तक तेज से मध्यम गति की बारिश हुई। बारिश के चलते शहर की सड़कों पर पानी बहने लगा और मौसम खुशनुमा हुआ। सुबह के समय आसमान घने बादलों से ढका रहा और दोपहर तक बादलों की लुकाछिपी का दौर जारी रहा। हालांकि सुबह की ठंडी हवाओं और बादलों के कारण लोगों ने राहत भरे मौसम का आनंद लिया। जिले के रेलमगरा क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में भी घने बादलों का डेरा बना हुआ है। मौसम के बदले हुए रुख को देखते हुए यहां भी बारिश की संभावना बनी हुई है। शुक्रवार की तुलना में शनिवार को गर्मी का असर कम महसूस किया गया, जिससे लोगों को राहत मिली और मौसम खुशनुमा बना रहा।
मानसून की पहली ही तेज बारिश के बाद दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर उभरे गहरे गड्ढों को लेकर देशभर में चर्चा तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक्सप्रेसवे की सड़क कई स्थानों पर धंसी हुई और गहरे गड्ढों से भरी दिखाई दे रही है। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार इस हाई-प्रोफाइल परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। इसी मुद्दे पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। राकेश टिकैत ने एक्सप्रेसवे की बदहाल स्थिति के लिए सीधे तौर पर निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह निर्माण गुणवत्ता से जुड़ा मामला है और जल्दबाजी में किए गए काम का परिणाम अब पहली ही बारिश में सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े ठेकेदार अक्सर निर्माण की गुणवत्ता से समझौता कर देते हैं। सड़क निर्माण में जिस स्तर की मिट्टी, लेयरिंग और दबाव (कम्पेक्शन) की जरूरत होती है, उसका पालन नहीं किया जाता। परिणामस्वरूप बारिश का पानी मिट्टी का कटान कर देता है और सड़कें धंसने लगती हैं। टिकैत ने कहा कि एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट समय से पहले पूरा करने के लिए सरकार की ओर से लगातार दबाव रहता है। इसी दबाव में कई बार निर्माण एजेंसियां गुणवत्ता की अनदेखी कर देती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि सड़क निर्माण में आखिर किस प्रकार की मिट्टी का इस्तेमाल किया गया और क्या निर्धारित मानकों का पालन किया गया था। उन्होंने कहा कि यदि सड़क के नीचे मजबूत और उपयुक्त मिट्टी की जगह रेतीली या कमजोर मिट्टी का इस्तेमाल किया जाएगा तो पहली बारिश में ही कटान शुरू हो जाएगा। सड़क निर्माण के दौरान हर लेयर को निर्धारित मानकों के अनुसार दबाना और मजबूत करना जरूरी होता है, लेकिन कई परियोजनाओं में इस पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। किसान नेता ने यह भी कहा कि निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं मानकों के विपरीत सामग्री तो उपयोग नहीं की गई। उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे से बनने वाले ऐसे बड़े प्रोजेक्ट में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
शनिवार को नवादा में एक बार फिर तेज रफ्तार ट्रैक्टर की लापरवाही ने एक युवक की जान ले ली। हिसुआ से नरहट जा रहे बाइक सवारों को आ रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने जोरदार टक्कर मार दी। भीषण दुर्घटना में 22 वर्षीय अमर पासवान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।घटना मीनापुर गांव के पास हुई। जानकारी के अनुसार ट्रैक्टर हिसुआ की ओर से आ रहा था, जबकि बाइक नरहट की ओर जा रही थी। अचानक हुई टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक ट्रैक्टर के नीचे घुस गई। इससे बाइक पर सवार अमर पासवान की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घायलों को गंभीर हालत में नवादा रेफर कर दिया गया है। घायलों की पहचान विशाल कुमार और रणवीर कुमार के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों ने ट्रैक्टर को घेर लिया दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने ट्रैक्टर को घेर लिया और चालक को पुलिस के हवाले करने की बात कही। थाना प्रभारी गौतम कुमार मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गए हैं। मृतक अमर पासवान दरगाही ही बीघा गांव के निवासी राजेश पासवान का पुत्र था। परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों ने रो-रोकर बुरा हाल कर रखा है और तेज रफ्तार ट्रैक्टर चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। बाइक व साइकिल सवारों की जान को खतरा यह घटना जिले में ट्रैक्टरों की लापरवाही और अवैध तेज रफ्तार को लेकर उठ रहे सवालों को फिर ताजा कर गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर ट्रैक्टर बिना लाइट और बिना सावधानी के तेज गति से दौड़ते रहते हैं, जिससे बाइक व साइकिल सवारों की जान को खतरा बना रहता है। स्थानीय प्रशासन से लोगों ने मांग की है कि ट्रैक्टर चालकों के लाइसेंस, फिटनेस और स्पीड पर सख्त निगरानी रखी जाए। इस घटना ने एक बार फिर बाइक चालकों को सतर्क रहने और हेलमेट व सुरक्षित ड्राइविंग का संदेश भी दिया है। पुलिस मामले की जांच कर ट्रैक्टर चालक के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की बात कह रही है।
कानपुर देहात के भोगनीपुर थाना क्षेत्र के शाहबापुर गांव में एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के साथ कथित छेड़छाड़ और मारपीट का मामला सामने आया है। महिला ने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता का आरोप है कि गांव के कुछ दबंग पिछले चार वर्षों से उसे और उसके परिवार को लगातार परेशान कर रहे थे। युवती ने छेड़छाड़ और अश्लील हरकतों का आरोप लगाया है। जब परिवार ने इन हरकतों का विरोध किया, तो आरोपियों ने कथित तौर पर महिला के साथ बेरहमी से मारपीट की। घटना के समय मौजूद लोगों ने इसका वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में पीड़िता अपनी और अपनी मां की चोटें दिखा रही है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई उसका कहना है कि कुछ चोटें ऐसी हैं जिन्हें दिखाया नहीं जा सकता। पीड़ित पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले की सूचना मिलने पर भोगनीपुर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी सतीश सिंह ने बताया कि पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित कर दी गई हैं और उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच में जुटी हुई है।
फिरोजाबाद में रोवर तकनीक से होगा भूमि का सटीक सीमांकन:जिलाधिकारी बोले- जमीन विवादों में आएगी कमी
फिरोजाबाद में भूमि सर्वेक्षण और सीमांकन को सटीक, पारदर्शी तथा समयबद्ध बनाने के लिए राजस्व विभाग ने आधुनिक रोवर (GNSS) तकनीक का उपयोग शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी ने बताया कि इस तकनीक से सेंटीमीटर स्तर तक सटीक पैमाइश संभव होगी, जिससे भूमि विवादों का निष्पक्ष और त्वरित निस्तारण हो सकेगा। जिलाधिकारी के अनुसार, पारंपरिक जरीब और फीते से होने वाली पैमाइश में मानवीय त्रुटियों और पक्षपात की शिकायतें आती थीं, जिससे विवाद बढ़ते थे। अब उपग्रह आधारित रोवर तकनीक से जमीन का डिजिटल और वैज्ञानिक तरीके से सीमांकन किया जाएगा, जिससे हेराफेरी की संभावना समाप्त हो जाएगी। इस तकनीक के लागू होने से किसानों को अपनी जमीन की पैमाइश के लिए सरकारी कार्यालयों और अदालतों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे उनके समय और धन की बचत होगी, साथ ही राजस्व विभाग के प्रति लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा। जिलाधिकारी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश आपराधिक और सामाजिक विवादों की जड़ भूमि विवाद होते हैं। सटीक सीमांकन से आपसी सौहार्द बढ़ेगा और किसानों को कोर्ट-कचहरी के मानसिक तनाव से राहत मिलेगी। रोवर तकनीक का पहला प्रयोग राजस्व ग्राम नैपई के मौजा कपावली में स्थित एक प्राकृतिक झील के सीमांकन के लिए किया गया है। प्रशासन की योजना इस झील को ईको-टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित करने की है। जिलाधिकारी ने सभी राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों को रोवर तकनीक का दक्षतापूर्वक उपयोग करते हुए निर्धारित मानकों के अनुसार समयबद्ध तरीके से सर्वेक्षण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जनपदवासियों से भूमि सर्वेक्षण के दौरान राजस्व टीमों को सहयोग देने की अपील भी की। प्रशासन का मानना है कि रोवर तकनीक का उपयोग राजस्व व्यवस्था के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इससे पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और जनहितैषी प्रशासन को और मजबूती मिलेगी।
रायपुर में जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन ने स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। जिन विकासखंडों का प्रदर्शन कमजोर रहा, उन्हें नोटिस जारी करने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को निर्देश दिए गए। साथ ही अगली बैठक में पिछली और वर्तमान प्रगति की रिपोर्ट साथ प्रस्तुत करने को कहा गया।बैठक में सभी अधिकारियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के लिए योजना बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए। गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम में जिले की कम प्रगति पर टीम बनाकर काम करने, निजी अस्पतालों की लंबित ऑनलाइन एंट्री पूरी कराने और जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण देने को कहा गया। भवन विहीन स्वास्थ्य संस्थानों की जानकारी भी मांगी गई। वय वंदना कार्ड जल्द बनाने पर जोर सीईओ ने स्वास्थ्य विभाग के सभी खाली पदों पर जल्द भर्ती करने के निर्देश दिए। जननी सुरक्षा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली राशि समय पर देने के लिए कहा गया। साथ ही जननी पोर्टल, यू-विन पोर्टल और अन्य जरूरी ऑनलाइन एंट्री समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए। बैठक में आयुष्मान भारत योजना के तहत सभी पात्र लोगों के आयुष्मान और वय वंदना कार्ड जल्द बनाने पर जोर दिया गया। वहीं तिल्दा के पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में बच्चों की कम संख्या पर महिला एवं बाल विकास विभाग को जरूरतमंद बच्चों को वहां भेजने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी शैल ठाकुर, डीपीएम मनीष कुमार मेजरवार सहित दोनों विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
कानपुर सांसद ने परमट के प्राथमिक स्कूल में सपा विधायक अमिताभ बाजपेई के बच्चों को वितरित की गई स्कूल ड्रेस, और हेडमास्टर को सस्पेंड किए जाने पर विधायक पर स्कूल को राजनीतिक अखाड़ा बनाए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक जुलाई को प्रधानाचार्य नवीन कुमार त्रिपाठी को मेरे द्वारा स्कूल में ड्रेस वितरित किए जाने की बात की गई थी। जिसका पेमेंट कर ड्रेस भी मंगा दी गई थी। लेकिन प्रिंसिपल ने कहा कि 1 और 2 जुलाई को स्टाफ बाहर रहेगा, इसलिए दो दिन बाद का कार्यक्रम रख लीजिए। फिर एक जुलाई को अखिलेश का जन्मदिन मनाकर वहां ड्रेस वितरित किया जाना। स्कूल के क्लासरूम में राजनीतिक बैनर लगाकर बर्थ-डे मनाना, ये ठीक नहीं है। दैनिक भास्कर ऐप से कानपुर के सांसद ने शनिवार को दोपहर 12 बजे फोन पर बातचीत में बताया कि परमट के प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टर नवीन से बात हुई थी कि एक जुलाई को विद्यालय में बच्चों को ड्रेस वितरित करनी है। लेकिन हेडमास्टर ने बताया कि स्कूल स्टाफ कहीं ट्रेनिंग पर बाहर जा रहा है, इसलिए उस दिन रहने दीजिए। उन्होंने मुझे 6 जुलाई की तारीख दी, क्योंकि 3 जुलाई को मुझे दिल्ली जाना था। इस पर मैंने कहा ठीक है। ड्रेस की बात भी हो गई थी, पेमेंट कर 30 जून को ही ड्रेस भी मंगा दी गई थी। लेकिन परमट स्थित प्राथमिक स्कूल, जो शिक्षा का मंदिर है, उसे सपा विधायक पॉलिटिक्स का अखाड़ा बना रहे हैं। स्कूल पर राजनीति करने का काम कर रहे हैं। जब इन्हें पता लग गया कि सांसद वहां स्कूल में ड्रेस वितरित करने जा रहे हैं, तो किसी तरह इन्हें खबर लग गई होगी। तो ये खुद ही वहां राजनीति करने पहुंच गए। अगर ड्रेस ही बच्चों के हित में वितरित करनी थी, तो वहां पार्टी और अखिलेश का बैनर लगाने की क्या जरूरत थी। विधायक लगातार उसी स्कूल को लेकर राजनीति कर रहे हैं। बस वो तो चाहते हैं कि बीजेपी नेता सुरेश अवस्थी के घर के सामने पत्थर लग जाए। इस तरह की राजनीति कर रहे हैं। इसलिए केवल परमट स्कूल को राजनीति के लिए केंद्रित कर लिया है। शहर में कई प्राथमिक स्कूल थे, जहां जाकर वो स्कूल ड्रेस वितरित कर सकते थे। सपा विधायक से मेरा यही कहना है कि अगर विकास के कार्यों को देखकर आपका भी उसी तरह से काम करने का मन है, तो करिए, लेकिन इस तरह की राजनीति मत करिए कि बच्चों और एक स्कूल, जो शिक्षा का मंदिर है, उसे केंद्र बनाकर वहां राजनीति की जाए। स्कूल में जब उस दिन गए, तो वहां न नरेंद्र मोदी पढ़ाने की बात पढ़ाई गई थी। वहां तो अचानक पहुंचे, तो बच्चों से बातचीत में भारत के प्रधानमंत्री का नाम पूछा। बच्चों ने प्रधानमंत्री का नाम बताया, वहीं बोर्ड पर लिखा गया। एक स्कूल में अखिलेश यादव का बैनर लगा रहे हो, क्या इस तरह की राजनीति ठीक है? स्कूल के हेडमास्टर की बात की जाए, तो अगर स्कूल में कोई इस तरह से बैनर-पोस्टर अंदर लगा रहा था, तो इसकी सूचना अपने अधिकारी को देने की जिम्मेदारी उनकी थी, लेकिन उन्होंने नहीं दी।
झुंझुनूं में एटीएम में कैश डालने वाले दो कर्मचारी 1 करोड़ 13 लाख 95 हजार रुपए लेकर फरार हो गए। तीन दिन तक चली कंपनी की जांच में 28 एटीएम चेक किए गए, जिनमें 9 एटीएम में गड़बड़ी मिली। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही कि 3 एटीएम में कैश ही नहीं डाला गया। सिर्फ इन्हीं तीन एटीएम में करीब 59.50 लाख रुपए की कमी मिली। आरोप है कि दोनों कर्मचारी बैंक से कैश लेकर निकले, लेकिन पूरी रकम एटीएम में नहीं डाली और फरार हो गए। उनकी कैश वैन बाद में ड्राइवर के घर के बाहर खड़ी मिली। हैरानी की बात यह है कि करीब 48 घंटे तक कंपनी को इस गड़बड़ी की भनक तक नहीं लगी। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। जानें कैसे की लूट की तैयारी 1. एक ही गांव से थे दोनों आरोपी हर एटीएम की सुरक्षा दो स्तर पर होती है। पहली तकनीक और दूसरी इंसान। मशीन की सुरक्षा तकनीक करती है, लेकिन मशीन में कैश भरने की जिम्मेदारी कर्मचारियों की होती है। इसी वजह से कैश मैनेजमेंट कंपनियां अपने कर्मचारियों पर सबसे ज्यादा भरोसा करती हैं। जांच के अनुसार मुख्य आरोपी सुमेर सिंह नवंबर 2025 में कंपनी से जुड़ा था। इसके कुछ महीने बाद मार्च 2026 में उसने अपने गांव सुजडोला निवासी संदीप सिंह को भी कंपनी में नौकरी दिला दी। दोनों एक ही टीम में काम करने लगे। रोज एटीएम में कैश भरते-भरते दोनों ने पूरी कैश लोडिंग व्यवस्था समझ ली। किस एटीएम में कितना कैश जाता है, किस मशीन में सबसे ज्यादा ट्रांजेक्शन होता है, कौन-सा एटीएम कितनी जल्दी खाली होता है और कंपनी किस तरह निगरानी करती है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यहीं से पूरी योजना तैयार हुई। 2. खुद कैश वैन लेकर अलग-अलग एटीएम पहुंचे आरोपी जांच में सामने आया है कि 25 जून को दोनों कर्मचारी कैश लेकर निकले। आरोप है कि कुछ समय बाद उन्होंने ड्राइवर और गनमैन को वापस भेज दिया। इसके बाद दोनों खुद कैश वैन लेकर अलग-अलग एटीएम तक पहुंचे। यहीं से पूरा खेल शुरू हुआ। कुछ मशीनों में पूरी नकदी नहीं डाली गई। कुछ मशीनों में कम नकदी डाली गई। तीन मशीनों में कंपनी के रिकॉर्ड के अनुसार कैश डाला ही नहीं गया, लेकिन रिपोर्ट में कैश लोडिंग पूरी दिखाई गई। अगर जांच में यह सही साबित होता है, तो यह सिर्फ गबन नहीं बल्कि पूरी कैश लोडिंग व्यवस्था को समझकर किया गया ऑपरेशन माना जाएगा। 3. ज्यादा ट्रांजेक्शन वाले एटीएम चुने ऑडिट रिपोर्ट में सामने आया कि जिन एटीएम में रोज सबसे ज्यादा ग्राहक आते थे, वहां कुछ कैश डाल दिया गया। इससे मशीनें तुरंत खाली नहीं हुईं। बैंक को तुरंत अलर्ट नहीं मिला और कंपनी को भी शुरुआत में शक नहीं हुआ। जांच के अनुसार आरोपियों ने सबसे पहले समय का पूरा हिसाब लगाया। 4. दो दिन की छुट्टी, सिस्टम को नहीं लगी भनक 25 जून के बाद 26 जून और फिर शनिवार व रविवार की छुट्टियां रहीं। लगातार चार दिन तक नियमित निगरानी प्रभावित रही। इस दौरान कई एटीएम धीरे-धीरे खाली होते गए। कुछ ग्राहकों को परेशानी हुई, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि मामला करोड़ों रुपए के गबन का है। 29 जून को जब दोनों कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे और उनके मोबाइल बंद मिले, तब कंपनी को बड़ा शक हुआ। 5. तीन दिन की ऑडिट में खुला पूरा मामला इसके बाद जयपुर से विशेष ऑडिट टीम झुंझुनूं पहुंची। 29 जून, 30 जून और 1 जुलाई तक लगातार जांच की गई। कुल 28 एटीएम की जांच हुई। इनमें 9 एटीएम में गड़बड़ी मिली। तीन एटीएम में कैश नहीं मिला, जबकि छह एटीएम में तय राशि से कम नकदी मिली। जांच में कुल 1 करोड़ 13 लाख 3 हजार रुपए की कमी सामने आई। इसके अलावा ग्राहकों के 92 हजार रुपए के लेनदेन भी जमा नहीं किए गए। इस तरह कुल कथित गबन 1 करोड़ 13 लाख 95 हजार रुपए का सामने आया। कैश वैन मिली, लेकिन दोनों कर्मचारी गायब करोड़ों रुपए ले जाने वाली कैश वैन चिड़ावा में ड्राइवर के घर खड़ी मिली। लेकिन जिन दो कर्मचारियों के जिम्मे कैश था, वे दोनों गायब मिले। उनके मोबाइल बंद हैं और उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। अब पुलिस मोबाइल लोकेशन, जीपीएस रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, बैंकिंग लॉग और दूसरे डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए पूरी कड़ी जोड़ रही है। एसपी और एएसपी को दी गई जानकारी एएसपी देवेंद्र राजावत ने बताया कि CMS कंपनी बैंकों से नकदी लेकर एटीएम में जमा करने का काम करती है। चिड़ावा थाना क्षेत्र में दर्ज मामले में सुजडोला गांव के सुमेर सिंह और संदीप सिंह पर आरोप है कि उन्होंने बैंक से ली गई करीब 1 करोड़ 13 लाख रुपए से ज्यादा की राशि एटीएम में जमा नहीं की और फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें बनाई गई हैं। जल्द ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर गबन की गई राशि बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है।
राजधानी के प्रोफेसर कॉलोनी इलाके में शनिवार को सोलर पैनल लगाते समय दर्दनाक हादसा हो गया। एक मकान की छत पर काम कर रहे दो मजदूर हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गए, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुरानी बस्ती थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मृतकों का नाम पुलिस द्वारा प्रमोद चंद्राकर (25) और आशीष चंद्राकर (19) बताया जा रहा है। प्रोफेसर कॉलोनी इलाके में घटना पुलिस के मुताबिक, तीन मजदूर प्रोफेसर कॉलोनी स्थित एक मकान की छत पर सोलर पैनल लगाने का काम कर रहे थे। इसी दौरान पैनल या उसे उठाने के दौरान इस्तेमाल किया जा रहा उपकरण पास से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। तेज करंट लगते ही दो मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन दोनों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। तीसरा मजदूर बाल-बाल बच गया। पुलिस ने शव पीएम के लिए भेजा जांच शुरू की घटना के बाद पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। वहीं, हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों और तीसरे मजदूर से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि काम के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं तथा हाईटेंशन लाइन के पास कार्य करने के लिए आवश्यक सावधानियां बरती गई थीं या नहीं। प्रारंभिक जांच में हादसा करंट लगने से होना सामने आया है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी जांच और सभी पक्षों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पंचकूला के सेक्टर-19 में शुक्रवार देर रात 20 वर्षीय युवक की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान संजीत के रूप में हुई है। हत्या के कुछ घंटे बाद उसी स्थान से उसके दोस्त अर्जुन का शव भी बरामद हुआ। पुलिस शुरुआती जांच में रंजिश के एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है। शुरुआती जांच में घटना के पीछे पुरानी रंजिश की आशंका जताई जा रही है। वहीं शनिवार सुबह करीब चार बजे उसी जगह से संजीत के दोस्त अर्जुन का शव भी मिला। संजीत की हत्या में अर्जुन पर शक जताया जा रहा था, लेकिन अब उसकी भी मौत ने मामले को और उलझा दिया है। 6 दिन पहले ही बना था पिता जानकारी के अनुसार संजीत के घर छह दिन पहले बेटे का जन्म हुआ था। परिवार ने इस खुशी में सेक्टर-19 में नामकरण समारोह और पार्टी का आयोजन किया था। पार्टी के दौरान संजीत किसी काम से अभयपुर चला गया। बताया जा रहा है कि लौटते समय कुछ युवक उसका पीछा करने लगे।खतरे का आभास होने पर संजीत ने अपने कजिन विपिन को फोन कर बताया कि कुछ लड़के उसका पीछा कर रहे हैं। सूचना मिलते ही विपिन ने अन्य परिजनों को जानकारी दी और सभी उसकी तलाश में निकल पड़े। अंडरपास के पास मिला संजीत तलाश के दौरान सेक्टर-19 इंडस्ट्रियल एरिया के अंडरपास के पास संजीत गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला। परिजन उसे तुरंत सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।घटना की सूचना मिलते ही सेक्टर-19 पुलिस चौकी, सेक्टर-20 थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस बोली-सभी पहलुओं से कर रहे जांच पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। वहीं कुछ घंटे बाद उसी स्थान से अर्जुन का शव मिलने के बाद जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है। दोनों मौतों के बीच क्या संबंध है, इसका पता लगाने के लिए पुलिस जांच में जुटी है।
फतेहपुर जिले के बकेवर थाना क्षेत्र में रिंद नदी में डूबने से एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान ग्राम जरियाना मजरा मथुरापुर निवासी 35 वर्षीय रामराज पुत्र स्वर्गीय राम नरेश निषाद के रूप में हुई है। उसका शव आज सुबह नदी से बरामद किया गया। जानकारी के अनुसार, रामराज 3 जुलाई, 2026 को नदी में नहाने गया था। बताया जा रहा है कि नहाते समय वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। जब शाम तक वह घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। तलाश के दौरान परिजनों ने नदी में उसका शव पानी में उतराता हुआ देखा। आज 4 जुलाई, 2026 को सुबह करीब 7:30 बजे उसका शव नदी से बरामद किया गया। घटना की सूचना मिलने पर बकेवर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए फतेहपुर भेज दिया। मौके पर शांति व्यवस्था बनी हुई है। थाना प्रभारी तुषार श्रीवास्तव ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया है। मृतक रामराज के परिवार में उसकी पत्नी रजनी, पुत्र सूरज और दो पुत्रियां काजल व प्रीति हैं।
प्रतापगढ़ की ग्राम पंचायत रठांजना में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर से आमजन को राहत मिली। इस शिविर में दो पात्र परिवारों को आवासीय पट्टों का वितरण किया गया। पट्टा प्राप्त करने वाले लाभार्थियों ने बताया- भूमि स्वामित्व संबंधी समस्या के कारण उन्हें लंबे समय से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीण सेवा शिविर में उनकी समस्या का त्वरित समाधान किया गया और आवासीय पट्टे प्रदान किए गए। लाभार्थियों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब वे अपने परिवार के लिए स्थायी आवास का निर्माण कर सकेंगे। शिविर में कुल 10 जॉब कार्ड, एक जन्म प्रमाण पत्र, एक विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र और दो आवासीय पट्टों का वितरण किया गया। ग्रामीणों को राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई, ताकि वे उनका अधिकतम लाभ उठा सकें। ये रहे मौजूद शिविर में नायब तहसीलदार संदीप कुमार, विकास अधिकारी राकेश कुमार निनामा, शिविर प्रभारी वीरेंद्र सिंह, ग्राम विकास अधिकारी शिवकन्या कुमावत, महिला अधिकारिता विभाग की ब्लॉक सुपरवाइजर दीपशिखा बिलवाल, आईसीडीएस सुपरवाइजर माधवी टेलर और सुंदरबाई मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के विशेष आमंत्रित सदस्य और पूर्व विधायक रणधीर सिंह भीण्डर ने वल्लभनगर पंचायत समिति क्षेत्र की बालाथल, गोटीपा और धमाणियां पंचायतों का दौरा किया। इस दौरान विभिन्न गांवों में आयोजित संपर्क सभाओं में ग्रामीणों, कार्यकर्ताओं और किसानों को भाजपा सरकार की योजनाओं के प्रति जागरूक किया और उनकी समस्याओं को सुना। पूर्व विधायक ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपनी पंचायत मुख्यालयों पर आयोजित सेवा शिविरों में जाकर अपनी समस्याओं का समाधान करवाएं। उन्होंने ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। बडलिया गांव में आयोजित बैठक में रणधीर सिंह भीण्डर ने पैमाईश कार्य के दौरान हुई त्रुटियों को सुधरवाने और अपनी भूमि की सही जानकारी रखने की सलाह दी। इस बैठक की अध्यक्षता पूर्व पंचायत समिति सदस्य खेमराज डांगी ने की, जबकि किसान नेता और पूर्व पंचायत समिति सदस्य रुपलाल मेनारिया ने भी संबोधित किया। पूर्व विधायक ने ग्रामीणों से संवाद किया वाजमिया में हुई बैठक में पूर्व प्रधान हरिसिंह सोनगरा और सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी यशवंत सिंह झाला ने ग्रामीणों से संवाद किया। धमाणिया मंदिर प्रांगण में आयोजित सभा में ग्रामीणों ने गांव में नालियों के अभाव में कीचड़ और अधूरी पुलिया की समस्या बताई। इस पर पूर्व विधायक ने अधिकारियों से मिलकर समाधान करवाने का आश्वासन दिया। वाजमिया गांव में गंभीर पेयजल समस्या के निराकरण के लिए उन्होंने क्षेत्रीय सांसद से मिलकर समाधान कराने की बात कही। बडलिया गांव के लोगों ने बिजली की समस्या के समाधान का आग्रह किया, जिस पर भीण्डर ने आगामी समय में जी.एस.एस. स्थापित करवाने का आश्वासन दिया। इस दौरे के दौरान पूर्व विधायक के साथ कानोड़ के पूर्व पार्षद पारस नागौरी, सामाजिक कार्यकर्ता प्रभाषंकर शर्मा, नारायण लोहार, देवी सिंह, श्याम लाल जैन सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जींद जिले के सफीदों के गांव सिंघाना के पास दो दोस्तों पर हमला कर उनकी बाइक को आग लगाने का मामला सामने आया है। बदमाशों ने युवकों से लूटपाट का प्रयास किया और उन्हें जलाने की कोशिश भी की। पीड़ितों ने खेतों में भागकर अपनी जान बचाई। यह घटना रात के अंधेरे में हुई। सदर थाना सफीदों पुलिस ने इस मामले में चार नामजद सहित 10-12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस को दी शिकायत में सिंघाना निवासी प्रिंस ने बताया कि वह अपने दोस्त अभि के साथ सफीदों से बाइक पर सवार होकर गांव लौट रहा था। बी.एस.एम. स्कूल रामपुरा के पास 10-12 बदमाशों ने उनका रास्ता रोक लिया। बदमाशों ने दोनों दोस्तों को जबरन रोका और उनसे पैसे व मोबाइल छीनने का प्रयास किया। छीनाझपटी के दौरान हुई बदमाशों की पहचान छीनाझपटी के दौरान प्रिंस और उसके दोस्त ने हमलावरों में से चार युवकों को पहचान लिया। ये चारों युवक सिंघाना गांव के ही रहने वाले हैं, जिनकी पहचान प्रदीप कश्यप, विकास कश्यप, राजा वाल्मीकि और बादल के रूप में हुई है। पहचान उजागर होने पर बदमाशों ने लाठी और गंडासियों से दोनों युवकों पर हमला कर दिया। हमलावरों ने युवकों को जलाने का भी प्रयास किया। इस दौरान दोनों दोस्त बदमाशों के चंगुल से छूटकर खेतों की ओर भागे और अंधेरे का फायदा उठाकर अपनी जान बचाई। इसके बाद बदमाशों ने उनकी मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया। अस्पताल से आई कॉल, पुलिस ने दर्ज किया केस वारदात के बाद घायल हालत में पीड़ितों ने अपना मेडिकल करवाया और अस्पताल से पुलिस को सूचना भेजी गई। सफीदों सदर थाना पुलिस ने प्रिंस की शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रदीप, विकास, राजा और बादल समेत उनके अन्य अज्ञात साथियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा नंबर 157 दर्ज कर लिया है। पुलिस टीम ने घटनास्थल का दौरा कर आरोपियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।
बड़वानी जिला मुख्यालय पर चल रहा सीवरेज प्रोजेक्ट शहरवासियों के लिए समस्या बन गया है। हल्की बारिश में ही श्री राम चौक सहित मुख्य मार्गों पर सीवर चैंबर ओवरफ्लो हो रहे हैं, जिससे सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं। वार्ड क्रमांक 2 के पार्षद ईश्वर यादव ने इस स्थिति को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पार्षद यादव के अनुसार, श्री राम चौक पर भारी वाहनों के बीच सीवर चैंबर से पानी बाहर आ रहा है। उनके वार्ड में पाला बाजार, सुतार मोहल्ला और दर्जी मोहल्ला जैसे प्रमुख स्थानों पर पानी भर जाने से जनजीवन प्रभावित हुआ। कारंजा-चौपाटी क्षेत्र में भी बारिश के बाद जलभराव की स्थिति देखी गई। पार्षद यादव ने SDRF/SDMF फंड से बनी 7.5 करोड़ रुपये की नाला योजना की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु से पहले नालों के उचित प्रबंधन की जानकारी सार्वजनिक रूप से दी जानी चाहिए। नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि निक्कू चौहान ने बताया कि शहर में 95 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई जा चुकी है और परियोजना का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। उनके अनुसार, पीएचई विभाग को 15 जून 2026 तक लाइन टेस्टिंग पूरी करनी थी। 9 करोड़ रुपये के कुल बजट में से 3 करोड़ रुपये जारी होने के बाद काम में तेजी आई है। पीएचई विभाग का दावा है कि वे 90 प्रतिशत टेस्टिंग पूरी कर लेंगे। हालांकि, हाल ही में हुई बारिश ने बड़वानी नगर पालिका की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ देर की बारिश में ही पाला बाजार और कारगिल चौराहे पर नालों का पानी सड़कों पर भर गया, जिससे यातायात बाधित हुआ और लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। स्थानीय निवासी मुकेश शर्मा ने बताया कि हर साल बरसात में ऐसे ही हालात बनते हैं, खासकर कालका माता मंदिर क्षेत्र में जलभराव से बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। निवासियों का आरोप है कि नालों की समय पर सफाई और गहरीकरण न होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर फैल जाता है। बारिश ने जहां किसानों के लिए उम्मीद की नई किरण जगाई है, वहीं शहर में जल निकासी की व्यवस्था को लेकर नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग बरसात के इस मौसम में लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है। पर ग्राउंड रिपोर्ट उलट है। खरगोन-बड़वानी सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने भी हाल में सीवरेज 1, 2 और 3 का निरीक्षण कर गुणवत्ता सुधारने के सख्त निर्देश दिए थे। उन्होंने माना कि सड़कें खोदकर अधूरी छोड़ने और धूल से जनता परेशान है। पार्षद ने बताया कि भोपाल से आए एक्सपर्ट ने माना था कि सड़कों के किनारे प्रॉपर जलनिकासी न होने से डामर-सीमेंट सड़कें गड्ढों में तब्दील हो रही हैं। अब नप ने 5 साल का ड्रेनेज सिस्टम प्लान बनाया है जिसमें 2030 तक सड़क किनारे डक्ट का प्रावधान रहेगा।नपा इंजीनियर के अनुसार पुरानी लाइनों के लीकेज को तत्काल सुधारा जा रहा है। पर पार्षद का सवाल है कि जब तक पीएचई हैंडओवर नहीं करता, तब तक ओवरफ्लो का जिम्मेदार कौन? MPB जैसे विभाग में लिफ्ट और कर्मचारियों का अभाव भी बड़वानी की बुनियादी परेशानी है। नगर पालिका की मूल हड्डी स्वच्छता है। कर्मचारी सालों से निभा रहे हैं, पर संसाधन मुहैया कराना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। अब देखना होगा कि बारिश से पहले बड़वानी की नालियां साफ होती हैं या शहर फिर डूबता है।
जालंधर के घास मंडी के पास स्थित गुरु संत नगर में ₹20,000 के मामूली लेनदेन को लेकर भारी विवाद का मामला सामने आया है। यहां कुछ हमलावर युवकों ने एक पीड़ित के घर में घुसकर जमकर ईंट-पत्थर बरसाए और तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि पीड़ित ने एक दिन पहले भी थाना 5 की पुलिस से इसकी शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने केवल आश्वासन देकर छोड़ दिया। पुलिस की इसी ढीली कार्रवाई के कारण अगले दिन (शुक्रवार देर रात) बदमाशों ने दोबारा घर पर हमला बोल दिया, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। वारदात के 2 घंटे बाद तक भी कोई पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। लोन और रजिस्ट्री के पैसों से शुरू हुआ विवाद मामले की पूरी जानकारी देते हुए पीड़ित सुनील ने बताया कि उसका साहिल नाम के एक युवक के साथ पैसों का लेन-देन था। दरअसल, सुनील को लोन करवाकर अपने लिए एक घर खरीदना था, जिसकी रजिस्ट्री की फीस देने के लिए उसने साहिल से ₹60,000 उधार लिए थे। इसी बीच साहिल ने कहा कि उसे घर नहीं लेना है और वह अपने पैसे वापस मांगने लगा। सुनील ने लोन की प्रक्रिया शुरू करवा दी थी, लेकिन बाद में साहिल की माता ने लोन लेने से साफ मना कर दिया और तुरंत अपने पूरे पैसे वापस मांगने लगे। ₹40 हजार चुकाए, ₹20 हजार के लिए घर से उठाने लगे सामान पीड़ित सुनील के मुताबिक, उसने कुल रकम में से ₹40,000 साहिल को वापस लौटा दिए थे और केवल ₹20,000 बकाया बचे थे। सुनील ने साहिल को भरोसा दिया था कि वह बाकी के पैसे शुक्रवार को लौटा देगा। लेकिन, वीरवार को ही साहिल के साथ 2 से 3 महिलाएं सुनील के घर पहुंच गईं। उन्होंने कहा कि पैसे भले ही शुक्रवार को दे देना, लेकिन तब तक वे सुरक्षा के तौर पर घर का कुछ सामान ले जा रही हैं। इसके बाद वे जबरन घर से फ्रिज और कूलर उठाने लगे, जिसका सुनील ने विरोध किया और यहीं से विवाद बढ़ गया। पुलिस की लापरवाही: शिकायत के बाद भी नहीं मिली सुरक्षा सुनील का आरोप है कि वीरवार को हुई इस झड़प का वीडियो भी उसके पास मौजूद है, जिसकी शिकायत उसने तुरंत थाना 5 की पुलिस को दी थी। मगर पुलिस ने आश्वासन देकर उसे वापस भेज दिया। पुलिस की इस ढिलाई का फायदा उठाकर शुक्रवार देर रात 7 से 8 नौजवान तेजधार हथियारों और ईंट-पत्थरों से लैस होकर दोबारा सुनील के घर पर आ धमके।
शाजापुर जिले के मोहनबड़ोदिया थाना क्षेत्र की 28 वर्षीय युवती ने अपने पूर्व मंगेतर के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। युवती का आरोप है कि आरोपी ने उसकी निजी तस्वीरें वायरल कर दूसरी जगह तय हुई सगाई तुड़वा दी, जान से मारने की धमकी दी और लगातार उसका पीछा कर प्रताड़ित करता रहा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 2020 में हुई थी सगाई, 2022 में टूटा रिश्ता पुलिस के मुताबिक, युवती अपने पिता और चाचा के साथ थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि वर्ष 2020 में ग्राम खेड़ा बमोरी निवासी विजय से उसकी सगाई हुई थी। सगाई के दौरान दोनों के बीच बातचीत होती थी और इसी दौरान कुछ निजी फोटो भी लिए गए थे। युवती का कहना है कि बाद में विजय के शराब की लत होने की जानकारी मिलने पर वर्ष 2022 में दोनों परिवारों की सहमति से सगाई तोड़ दी गई। इसके बाद भी आरोपी लगातार फोन कर उसे परेशान करता रहा। दूसरी सगाई भी टूटने का आरोप शिकायत के अनुसार, 28 मई 2026 को आरोपी ने व्हाट्सएप कॉल कर दूसरी जगह शादी करने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद 31 मई को दूसरी जगह सगाई तय होने पर उसने युवती की निजी तस्वीरें होने वाले ससुराल पक्ष को भेज दीं। युवती का आरोप है कि इसके चलते 14 जून को उसकी सगाई टूट गई। कॉलेज जाते समय पीछा करने का आरोप युवती ने यह भी आरोप लगाया कि 2 जुलाई को जब वह अपने चाचा के साथ बीकेएसएन कॉलेज, शाजापुर जा रही थी, तब आरोपी बाइक से उसका पीछा करता रहा। पुलिस ने शिकायत के आधार पर शुक्रवार शाम मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीथमपुर/टीही। इंदौर-दहोद रेल परियोजना के तहत टीही रेलवे स्टेशन के पास बना अंडरपास स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। रेलवे और प्रशासन की खराब योजना के कारण यह मार्ग जलभराव से ग्रस्त है, जिससे हजारों लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। यह अंडरपास टीही गांव को राउ और पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र से जोड़ने वाला एकमात्र मुख्य मार्ग है। मानसून की शुरुआत होते ही इस अंडरपास में 3 से 4 फीट तक पानी भर जाता है। जल निकासी की कोई ठोस व्यवस्था न होने के कारण स्थिति लगातार बिगड़ रही है। दिन के समय लोग किसी तरह इस पानी और मलबे से होकर गुजरते हैं, लेकिन रात होते ही यह मार्ग पूरी तरह बंद हो जाता है। इससे टीही गांव का संपर्क अन्य प्रमुख इलाकों से कट जाता है। मार्ग बंद होने के कारण ग्रामीणों और नौकरीपेशा लोगों को अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे उनके समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। कई राहगीर समय बचाने के लिए गहरे पानी के बीच से निकलने का जोखिम उठाते हैं। अंडरपास में मौजूद गड्ढों के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। इस अंडरपास पर पूर्व में हुए दो बड़े हादसों हो चुके हे । इसके बावजूद प्रशासन ने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया है। इस जलभराव के कारण हजारों छात्रों और शिक्षकों को रोजाना स्कूल-कॉलेज जाने के लिए घुटनों तक पानी से गुजरना पड़ता है। पीथमपुर की फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों और मरीजों की परेशानियाँ भी कई गुना बढ़ गई हैं। यह समस्या रेलवे स्टेशन के निर्माण के समय से ही बनी हुई है। स्थानीय पंचायत ने पूर्व विधायक कैलाश विजयवर्गीय, उषा ठाकुर, वर्तमान सांसद सावित्री ठाकुर और पूर्व सांसद छतर सिंह दरबार को कई बार पत्र लिखकर इस मुद्दे पर ध्यान आकर्षित किया है। हालांकि, अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है और अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टाल रहे हैं।
मैनपुरी के एलाऊ थाना क्षेत्र के नगला अनी गांव में बिजली के पोल पर केबल डालने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे हुए इस विवाद में दो पक्षों के बीच लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चले, जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। पीड़ित छोटेलाल के अनुसार, आरोपी जिस तरफ से बिजली की केबल डाल रहे थे, उन्होंने उस ओर केबल डालने से मना किया था। छोटेलाल ने बताया कि कुछ दिन पहले उसी स्थान पर बिजली का तार गिरने से उनकी एक बकरी की मौत हो गई थी। इसी कारण उन्होंने दोबारा वहां से केबल डालने का विरोध किया। आरोप है कि छोटेलाल के विरोध से नाराज होकर आरोपी पक्ष जबरन केबल डालने लगा, जिससे विवाद बढ़ गया। छोटेलाल का आरोप है कि इसके बाद जितेंद्र, बबलू, अभिषेक, विवेक, रवि और सुरेश सहित कई लोगों ने एकजुट होकर उनके परिवार पर लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। इस हमले में परिवार के दो सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि हमलावरों ने घर के बाहर बंधी एक बकरी को भी लाठी-डंडों से पीटकर मार डाला। साथ ही, उन्होंने घर में रखा सामान बिखेर दिया और मुख्य दरवाजे को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के बाद पीड़ित परिवार एलाऊ थाने पहुंचा, लेकिन छोटेलाल का आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। उनका कहना है कि न तो रिपोर्ट दर्ज की गई और न ही घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया गया। पीड़ित परिवार के सदस्य सुमित ने भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने पहले पुलिस की लिखित कार्रवाई लाने की बात कही, जिससे घायलों के इलाज में भी परेशानी हुई।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के साइड इफेक्ट्स अब संगठन पर दिखने लगे हैं। विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने मीडिया अटेंशन, चल रही SIT जांच और पुलिस छापेमारी के बीच अपनी होने वाली केंद्रीय प्रबंध समिति की महत्वपूर्ण बैठक का स्थान बदल दिया है। अब यह बैठक अयोध्या के बजाय देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित होगी। चढ़ावा चोरी मामले में जांच और गिरफ्तारी के बीच विहिप ने यह बड़ा डैमेज कंट्रोल कदम उठाया है। अब 350 की जगह सिर्फ 150 लोग ही जुटेंगे विहिप ने न सिर्फ बैठक की जगह बदली है, बल्कि इसमें शामिल होने वाले पदाधिकारियों की संख्या में भी भारी कटौती कर दी है। पहले यह 5 दिवसीय बैठक जून में 25-29 तक अयोध्या में होनी थी। अब ये बैठक 18-19 जुलाई को दिल्ली में होगी। पहले इस बैठक में करीब 350 लोगों के जुटने की उम्मीद थी, लेकिन अब केवल 150 के लगभग ही लोग शामिल होंगे। हर प्रांत से 4 के बजाय अब केवल 2 पदाधिकारियों को ही दिल्ली बुलाया गया है। चंपत राय को लेकर भी हो सकता है फैसला मंदिर ट्रस्ट से जुड़े और विहिप के केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय की भूमिका को लेकर संगठन के भीतर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। चर्चा है कि उन्होंने अपने पद से इस्तीफे की पेशकश की है, जिसके बाद इस बैठक में उनकी नई भूमिका को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है। फिलहाल बैठक में उनकी उपस्थिति को लेकर संशय बना हुआ है। इस बैठक में विहिप के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार, राष्ट्रीय क्षेत्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे और केंद्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा मौजूद रहेंगे। ट्रस्ट की इमरजेंसी मीटिंग पर भी नजर विहिप की अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की इमरजेंसी मीटिंग पर भी नजर है। ट्रस्ट चंपत राय और डॉ अनिल मिश्रा को लेकर क्या निर्णय लेता है, उसी आधार पर आगे विहिप भी फैसला कर सकता है। विहिप में केंद्रीय सह मंत्री गोपाल राव पर भी कार्रवाई हो सकती है। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में विहिप की सबसे प्रभावी भूमिका रही। जब कोर्ट में केस चला तब भी विहिप की ओर से चंपत राय ने केस की दमदारी से पैरवी की थी। पर जिस तरह श्रीराम मंदिर के चढ़ावा चोरी को लेकर लोगों की नाराजगी सामने आ रही है, उससे विहिप भी अपनी छवि को लेकर चिंतित है। ऐसे में विहिप चंपत, अनिल मिश्रा व गोपाल राव की संगठन से छुट्टी कर सकता है। वर्ष में दो बार होती है ये बैठक विहिप की ऐसी बैठक साल में दो बार होती है। यह बैठक नीति निर्धारक मानी जाती है। इसमें अगले छह माह के अभियान, मुद्दे और कामकाज तय किए जाएंगे। पिछली बैठक हरियाणा के हस्तिनापुर में हुई थी। अब दिल्ली में होने वाली इस बैठक में विहिप राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद छवि पर लगे दाग को हटाने की रूपरेखा तय करेगी। गोपाल राव प्रकरण से जनता की नाराजगी दिख भी चुकी है राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोप से घिरे विहिप के इन पदाधिकारियों को लेकर लोगों में जबरदस्त नाराजगी देखी जा रही है। इसकी बानगी पिछले 2 जुलाई को गोपाल राव के तौर पर सामने भी आ चुकी है। बताते हैं कि गोपाल राव को इंडिगो की फ्लाइट में जनता की नाराजगी का सामना करना पड़ा था। गोपाल राव 2 जुलाई को सुबह 7.05 बजे लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट से इंडिगो की फ्लाइट 6E0231 से बैंगलौर के लिए रवाना हुए थे। फ्लाइट में किसी यात्री ने उन्हें पहचान लिया, इसके बाद चंदा चोर, चढ़ावा चोर के नाम से कानाफूसी शुरू हुई। कुछ देर बाद फ्लाइट में यात्रियों ने गोपाल राव के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शी यात्री ने बताया कि फ्लाइट में नारेबाजी के बाद गोपाल राव इतने असहज हो गए कि बैंगलोर को एयरपोर्ट पर तेजी से चलते हुए बाहर निकले। संघ और बीजेपी डैमेज कंट्रोल में जुटे सूत्रों के मुताबिक गोपाल राव के खिलाफ जनता की नाराजगी बाहर आने के बाद ही RSS की ओर से चढ़ावा चोरी के मामले में बयान जारी किया गया। संघ, बीजेपी को इस घटना से जनता के गुस्से का अहसास हो गया है। इसलिए अब RSS और बीजेपी बचाव की मुद्रा में आ गए हैं। संघ और बीजेपी डैमेज कंट्रोल में जुट गए है। भाजपा के सामने चिंता ये है कि उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर जनता का गुस्सा शांत नहीं हुआ तो इसका सियासी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
महिला के बैग से जेवरात पार करने वाला चोर गिरफ्तार:पुलिस ने चोरी के जेवर और नकदी भी बरामद की
फर्रुखाबाद में रोडवेज बस से महिला का बैग चोरी करने वाले एक शातिर चोर को कादरीगेट पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए जेवर और नकदी भी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, यह घटना 29 जून को हुई थी। शमसाबाद निवासी उमा देवी अपने दो बेटों के साथ सवायजपुर स्थित मायके जाने के लिए रोडवेज बस में सवार हुई थीं। बस में तीन युवकों ने मदद के बहाने उनका ट्रॉली बैग रखवाया और उमा देवी को आगे की सीट पर बैठा दिया। मौका पाकर आरोपियों ने बैग का कुंडा तोड़कर उसमें रखे 25 हजार रुपये नकद और सोने के जेवर चुरा लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी कादरीगेट के पास बस से उतरकर फरार हो गए थे। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी विकास राजपूत उर्फ कर्रू को गिरफ्तार किया। वह मेरापुर थाना क्षेत्र के ग्राम ब्रह्मपुरी का निवासी है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपने दो साथियों नीरज और रामनरेश उर्फ नरेश के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने विकास राजपूत के कब्जे से चोरी किए गए सोने के कुंडल, नाक का फूल और 10 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस अब फरार चल रहे अन्य दो आरोपियों की तलाश कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
देवघर जिले के मोहनपुर प्रखंड स्थित बलथर पंचायत के मुखिया के आवास पर शनिवार को आयकर विभाग ने छापेमारी की। यह कार्रवाई मोहनपुर स्थित आवास के साथ-साथ कुण्डा थाना क्षेत्र के बैजनाथपुर स्थित उनके दूसरे घर पर भी एक साथ की गई। जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग की संयुक्त टीम में पटना, धनबाद और देवघर के अधिकारी शामिल थे। टीम ने सुबह से ही दोनों परिसरों में आवश्यक दस्तावेजों, वित्तीय अभिलेखों और अन्य महत्वपूर्ण कागजातों की गहन पड़ताल शुरू कर दी। जांच के दौरान संबंधित परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर निगरानी रखी। विभाग के अधिकारियों ने जांच को लेकर पूरी गोपनीयता बरती और मीडिया से कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की। स्थानीय लोगों की नजरें पूरे दिन आयकर विभाग की गतिविधियों पर टिकी रहीं। देर शाम तक आयकर विभाग की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि छापेमारी किन कारणों से की गई है। जांच के दौरान क्या-क्या दस्तावेज या अन्य सामग्री मिली है, इसकी भी जानकारी नहीं दी गई। अधिकारियों ने केवल इतना संकेत दिया कि जांच प्रक्रिया जारी है और सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। फिलहाल आयकर विभाग की कार्रवाई जारी है। जांच पूरी होने और विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही इस छापेमारी के उद्देश्य तथा उससे जुड़े तथ्यों का खुलासा हो सकेगा। इस कार्रवाई ने मोहनपुर, बलथर पंचायत और बैजनाथपुर क्षेत्र में लोगों के बीच व्यापक चर्चा का विषय बना दिया है।
छात्र को करंट लगा, अस्पताल में डेड घोषित:गोपालगंज में प्लग लगाते समय ओपन वायर की चपेट में आया
गोपालगंज जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र के फुलवरिया गांव में बिजली का प्लग लगाते समय एक 18 वर्षीय छात्र की करंट लगने से मौत हो गई। छात्र की पहचान फुलवरिया गांव निवासी रमेश कुमार राय के बेटे दीपांशु कुमार के रूप में हुई है। उसे सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के संबंध में बताया गया कि दीपांशु अपने घर के एक कमरे में बिजली का प्लग ठीक कर रहा था। इसी दौरान उसका हाथ खुले तार के संपर्क में आ गया, जिससे वह तेज करंट की चपेट में आकर अचेत हो गया। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए करंट लगने की जानकारी मिलते ही परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। परिजन दीपांशु को गंभीर हालत में इलाज के लिए स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत में सुधार न होने पर उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। हालांकि, सदर अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जुलाई में पंजाब आ सकते हैं। वह पिछले दिनों डेरा बल्लां आ चुके हैं। उनकी रैली दोआबा में हो सकती है। रेलवे के उच्च पदस्थ और विश्वसनीय सूत्रों का दावा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 13 जुलाई को जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करने खुद पंजाब आ रहे हैं। चर्चा है कि पीएम मोदी का यह दौरा केवल एक रेलवे स्टेशन के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहेगा। जालंधर में प्रधानमंत्री की एक बड़ी जनसभा (रैली) आयोजित करने की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है। रैली के जरिए पीएम मोदी पंजाब में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी के प्रचार अभियान का शंखनाद कर सकते हैं। सुरक्षा और तैयारियों का दौर शुरू प्रधानमंत्री के संभावित दौरे की खबर के बाद से ही प्रशासन, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और पंजाब पुलिस अलर्ट मोड पर आ गए हैं। स्टेशन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है। यदि 13 जुलाई को पीएम मोदी का यह दौरा होता है, तो यह पंजाब की राजनीति और विकास दोनों ही लिहाज से एक बड़ा और दूरगामी मोड़ साबित होगा। अमृत भारत योजना से चमका जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन जनरल मैनेजर राजेश कुमार पांडे ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की और कहा कि शीर्ष अधिकारियों से जो भी आदेश मिलेगा, उसी के अनुसार कार्यक्रम तय होगा। लेकिन देशभर में रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण के लिए चल रही 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन को पूरी तरह से नया रूप दे दिया गया है।
गिरिडीह के तेलोनारी गांव में शनिवार को पंखे का तार जोड़ते समय करंट लगने से 28 वर्षीय युवक जमरूद्दीन अंसारी की मौत हो गई। यह घटना बेंगाबाद थाना क्षेत्र में हुई। जमरूद्दीन अपने घर में पंखे का बिजली कनेक्शन जोड़ रहा था। इसी दौरान वह अचानक बिजली की चपेट में आ गया और तेज करंट लगने से नीचे गिर पड़ा। गिरने के कारण उसके सिर में भी गंभीर चोट लगी। घर में मौजूद परिजनों और आसपास के लोगों ने उसे तत्काल गिरिडीह सदर अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, चिकित्सकों ने जांच के बाद जमरूद्दीन को मृत घोषित कर दिया। मृतक जमरूद्दीन अंसारी तेलोनारी निवासी अत्ताउल अंसारी का पुत्र था। परिजनों ने बताया कि वह परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था और उसी के कंधों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी। वह अपने पीछे वृद्ध माता-पिता, पत्नी, तीन वर्षीय पुत्री और दो वर्षीय पुत्र को छोड़ गया है। फिलहाल, शव को पोस्टमॉर्टम के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल में रखा गया है। परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पानीपत की अग्रसेन कॉलोनी में एक शातिर चोर द्वारा बुजुर्ग दुकानदार का ध्यान भटकाकर गल्ले से हजारों रुपए की नकदी चुरा ले गया। चोर दुकान पर ग्राहक बनकर आया था और जैसे ही 80 वर्षीय बुजुर्ग दुकानदार सामान निकालने के लिए मुड़ा, चोर गल्ले के नीचे रखे 80 हजार रुपए चोरी कर रफूचक्कर हो गया। मॉडल टाउन थाना पुलिस ने पीड़ित बुजुर्ग की शिकायत के आधार पर अज्ञात चोर के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सामान लेने के बहाने दुकान पर आया था अज्ञात लड़का मॉडल टाउन थाना पानीपत को दी गई लिखित शिकायत में अग्रसेन कॉलोनी निवासी 80 वर्षीय विजय कुमार ने बताया कि वह अपने मकान के बाहर ही रूचि करियाणा एवं कन्फेक्शनरी के नाम से दुकान चलाते हैं। बुधवार, 2 जुलाई की शाम करीब 5:40 बजे विजय कुमार रोजाना की तरह अपनी दुकान पर मौजूद थे। इसी दौरान एक अज्ञात लड़का उनकी दुकान पर ग्राहक बनकर आया और उसने कुछ सामान मांगा। सामान निकालने लगा बुजुर्ग, पीछे से गल्ले पर हाथ साफ कर गया चोर पीड़ित विजय कुमार ने बताया कि जब वे उस लड़के का मांगा हुआ सामान निकालने के लिए रैक की तरफ मुड़े, तो इसी का फायदा उठाकर शातिर चोर ने गल्ले पर हाथ साफ कर दिया। उसने गल्ले के नीचे रखे 80 हजार रुपए की नकदी चुरा ली। बुजुर्ग दुकानदार के अनुसार, चोरी गई इस रकम में 500-500 रुपए के 154 नोट (कुल 77,000 रुपए) और 200-200 रुपए के 15 नोट (कुल 3,000 रुपए) शामिल थे। सामान लेकर जब वह लड़का तेजी से वहां से चला गया, तब बुजुर्ग को गल्ले से पैसे गायब होने का पता चला। पुलिस ने दर्ज किया केस, सीसीटीवी खंगालने में जुटी टीम आसपास तलाश करने के बाद भी जब उस लड़के का कोई सुराग नहीं मिला, तो पीड़ित बुजुर्ग विजय कुमार ने शुक्रवार, 3 जुलाई को मॉडल टाउन थाने पहुंचकर पुलिस को लिखित दरखास्त दी। मॉडल टाउन थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात लड़के के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत चोरी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस की टीमें दुकान के आसपास और कॉलोनी के रास्तों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं, ताकि शातिर चोर की पहचान कर उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
शामली के दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर एक स्कॉर्पियो कार पर बाइक सवार दो अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग की। यह घटना थाना भवन थाना क्षेत्र में हुई, जिसमें कार सवार बाल-बाल बचे। पीड़ित ने पुलिस को शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना 2 जुलाई की रात करीब 10 बजे की है। थाना भवन थाना क्षेत्र के गांव ख्यावाड़ी निवासी शुभम अपनी दुकान से अपनी स्कॉर्पियो कार (नंबर 70-HR-07 Af-0099) से दिल्ली-सहारनपुर रोड पर स्थित राइडर विष्जा रेस्टोरेंट जा रहे थे। रेस्टोरेंट पहुंचने से पहले ही रास्ते में पीछे से आए दो मोटरसाइकिल सवारों ने उनकी गाड़ी पर कई गोलियां चलाईं। हमलावरों ने अपने चेहरे कपड़े से ढके हुए थे। फायरिंग में गाड़ी का शीशा टूट गया। पीड़ितों के शोर मचाने पर हमलावर अवैध हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए। कार में शुभम के साथ गोरख (भामसी), शुभम सागर शर्मा, विनय, विकास और कविराज भी सवार थे। पीड़ित शुभम अखिल भारतीय करणी सेना के एक पदाधिकारी का भतीजा बताया जा रहा है। पुलिस ने पीड़ितों द्वारा उपलब्ध कराए गए वीडियो और तहरीर के आधार पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
झालावाड़ जिले में शुक्रवार रात करीब 8 बजे मानसून ने जोरदार दस्तक दी। आधे घंटे की तेज बारिश के बाद पूरी रात रुक-रुककर बारिश होती रही और शनिवार सुबह तक बूंदाबांदी का दौर चला। बारिश से भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिली तथा तापमान गिरकर 28 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं, किसानों में अच्छी बारिश से बुवाई की उम्मीद जगी है, हालांकि मानसून में देरी के कारण कई किसानों की सोयाबीन समेत अन्य फसलों के बीज खेतों में खराब होने से आर्थिक नुकसान भी हुआ है। मानसून ने बदला मौसम का मिजाज शुक्रवार रात शुरू हुई बारिश के बाद जिले का मौसम पूरी तरह बदल गया। शुरुआत में करीब आधे घंटे तक तेज बारिश हुई, फिर पूरी रात कभी तेज तो कभी हल्की बारिश होती रही। शनिवार सुबह भी बूंदाबांदी हुई, जिससे मौसम सुहावना बना रहा। हालांकि सुबह बारिश थमने के बाद तेज धूप निकल आई और उमस के साथ गर्मी फिर बढ़ने लगी। तापमान में गिरावट, रात में महसूस हुई ठंडक बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शनिवार सुबह झालावाड़ का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। रात के समय हल्की ठंडक महसूस हुई, जिससे लोगों को लंबे समय बाद भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली। किसानों के लिए राहत भी, चिंता भी लगातार बारिश से किसानों के चेहरों पर खुशी लौटी है। उन्हें उम्मीद है कि अब खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आएगी और जल स्रोतों में भी पानी की आवक बढ़ेगी। हालांकि किसानों का कहना है कि समय पर बारिश नहीं होने से सोयाबीन सहित कई फसलों के बीज खेतों में खराब हो गए। अब उन्हें दोबारा महंगा बीज खरीदना पड़ेगा, जिससे आर्थिक नुकसान बढ़ेगा। आगे भी बारिश के आसार जून में प्री-मानसून बारिश के बाद अब जुलाई की शुरुआत में मानसून सक्रिय हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी जिले में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जिससे खेती-किसानी को फायदा मिलने की उम्मीद है। पिछले 24 घंटे में यहां हुई बारिश कंट्रोल रूम के अनुसार शनिवार सुबह 8 बजे तक रायपुर में 19 मिमी, असनावर में 3 मिमी, बकानी में 5 मिमी, डग में 7 मिमी, गंगधार में 4 मिमी, झालरापाटन में 3 मिमी, खानपुर में 31 मिमी, मनोहरथाना में 23 मिमी, पचपहाड़ में 4 मिमी, पीड़ावा में 6 मिमी, सुनेल में 7 मिमी तथा झालावाड़ शहर में 2 मिमी बारिश दर्ज की गई।
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की सफाई व्यवस्था अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IOT) जैसी आधुनिक तकनीकों की मदद से और अधिक स्मार्ट बनाई जाएगी। इसके लिए इंदौर नगर निगम और IIM इंदौर के बीच जल, स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर दो वर्षीय संयुक्त अनुसंधान एवं तकनीकी सहयोग शुरू किया जाएगा। महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में हुई मेयर-इन-काउंसिल (MIC) की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। योजना के तहत IIM इंदौर का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और नगर निगम मिलकर चरणबद्ध तरीके से शहर की स्वच्छता व्यवस्था का वैज्ञानिक अध्ययन करेंगे। उद्देश्य इंदौर के स्वच्छता मॉडल को तकनीक आधारित, अधिक प्रभावी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करना है। पहले चरण में कचरा प्रबंधन और जल पुन: उपयोग पर फोकस अगस्त से दिसंबर 2026 तक पहले चरण में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली का मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, परिवहन व्यवस्था की कार्यक्षमता और उपचारित अपशिष्ट जल के पुन: उपयोग की संभावनाओं का अध्ययन किया जाएगा। IOT से होगी सीवरेज की निगरानी दूसरे चरण में सार्वजनिक शौचालयों के संचालन के लिए नए वित्तीय मॉडल तैयार किए जाएंगे। साथ ही IOT आधारित सीवरेज मॉनिटरिंग सिस्टम का परीक्षण किया जाएगा। अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी नई तकनीकों और नवाचारों का डिजिटल डेटाबेस भी तैयार किया जाएगा। AI करेगा भविष्य की जरूरतों का आकलन अप्रैल से सितंबर 2027 तक तीसरे चरण में संस्थागत क्षमता विकास और भविष्य की योजना पर काम होगा। इस दौरान AI आधारित पूर्वानुमान और निर्णय सहायता प्रणाली विकसित करने की संभावनाओं का अध्ययन किया जाएगा, ताकि जल, स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े निर्णय अधिक सटीक, वैज्ञानिक और प्रभावी हो सकें। दूसरे शहरों के लिए बनेगा मॉडल महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर ने स्वच्छता के क्षेत्र में लगातार देश का नेतृत्व किया है। अब तकनीक, रिसर्च और इनोवेशन के जरिए इस मॉडल को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि IIM इंदौर के साथ यह साझेदारी डेटा आधारित और स्मार्ट समाधान विकसित करेगी, जिससे शहर की स्वच्छता व्यवस्था अधिक पारदर्शी, टिकाऊ और वैज्ञानिक बनेगी। साथ ही इंदौर का यह मॉडल देश के अन्य शहरों के लिए भी मार्गदर्शक साबित होगा।
भीलवाड़ा में ट्रांसपोर्ट कारोबार पर लगातार बढ़ रहे टैक्स, नए नियमों, ई-चालान और अन्य प्रशासनिक प्रावधानों के विरोध में शनिवार को ट्रांसपोर्ट मार्केट बंद रहा। बंद को लेकर भीलवाड़ा में करीब 400 छोटे और बड़े दुकाने और ऑफिस बंद रहे। वहीं बंद के दौरान 3 करोड़ से ज्यादा का व्यापार प्रभावित होने का अनुमान है। ट्रांसपोर्ट नगर में दिनभर लोडिंग-अनलोडिंग,माल की डिलीवरी और परिवहन से जुड़े सभी व्यावसायिक कार्य बंद रहे। विरोध रैली निकाल कर ज्ञापन दिया ट्रांसपोर्ट मार्केट से ट्रांसपोर्टर ने शहर के मुख्य बाजारों में होते हुए रैली निकली। अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संगठनों ने चेतावनी दी है कि समस्याओं का समाधान नहीं होने पर चक्का जाम और आंदोलन तेज किया जाएगा। इस दौरान भीलवाड़ा गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, भीलवाड़ा थोक ट्रांसपोर्ट समिति और भीलवाड़ा थोक ट्रांसपोर्ट वेलफेयर समिति के पदाधिकारी शामिल हुए। नए नियम और टैक्स से ट्रांसपोर्टर परेशान भीलवाड़ा गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन अध्यक्ष विश्वबंधु सिंह राठौड़ ने बताया- ट्रांसपोर्ट कारोबार पर लगातार नए नियम, बढ़ते टैक्स, भारी जुर्माना और अतिरिक्त वित्तीय बोझ से व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। बीएस-6, सीएनजी और इलेक्ट्रिक जैसे पर्यावरण अनुकूल वाहनों पर भी ग्रीन टैक्स वसूलने का विरोध किया जा रहा है। साथ ही ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि सामान्य परिस्थितियों में भी मनमाने ढंग से ई-चालान जारी किए जा रहे हैं। समाधान नहीं होने पर चक्का जाम की चेतावनी विश्वबंधु सिंह राठौड़ ने बताया- प्रदेश के कई फिटनेस सेंटर बंद होने या उनकी कार्यप्रणाली प्रभावित रहने से वाहनों के फिटनेस प्रमाण-पत्र समय पर नहीं बन पा रहे हैं। जिससे वाहन खड़े रहने और आर्थिक नुकसान की स्थिति बन रही है। प्रदर्शन कर कलेक्टर काे ज्ञापन दिया संगठनों ने परमिट, फिटनेस, टैक्स, ई-चालान, बढ़ते जुर्माने और व्यावसायिक वाहनों में जीपीएस अनिवार्यता को भी प्रमुख समस्याएं बताते हुए जीपीएस व्यवस्था को समाप्त करने या स्वैच्छिक करने की मांग दोहराई। बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्टर इकट्ठा हुए विरोध प्रदर्शन के बाद जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया। इसके साथ ही चेतावनी दी है कि अगर समाधान नहीं हुआ तो चक्का जाम किया जाएगा।
सागर नगर निगम के शुक्रवारी वार्ड से भाजपा की पार्षद किश्वर बी के पति और पूर्व पार्षद बबलू कमानी का तलवार से केक काटते हुए वीडियो सामने आया है। वीडियो में वे अपने समर्थकों के बीच तलवार से केक काटते नजर आ रहे हैं। वहीं, कुछ लोग तलवार लहराते भी दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आते ही मामले का संज्ञान लिया गया। आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्जअशोक यादव ने शुक्रवार को गोपालगंज थाने में शिकायती आवेदन दिया। आवेदन पर जांच करते हुए पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दरअसल, 1 जुलाई को पार्षद पति बबलू कमानी का जन्मदिन था। इस मौके पर उनके समर्थकों ने पार्षद कार्यालय के सामने आसाराम फर्स, शुक्रवारी में केक कटिंग का कार्यक्रम रखा था, जिसमें पार्षद पति बबलू कमानी शामिल हुए। इसी दौरान उन्होंने तलवार से केक काटा। वीडियो सामने आने के बाद की गई शिकायतकार्यक्रम के दौरान खुले में हथियार का प्रदर्शन भी किया गया। वीडियो सामने आने के बाद मामले की शिकायत थाने में की गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में पैसों के लेन-देन को लेकर एक व्यक्ति के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, तिलक नगर थाना क्षेत्र में एक महिला को धमकाने के मामले में भी पुलिस ने केस दर्ज किया है। पैसों के विवाद में घर पहुंचकर की मारपीट खजराना पुलिस के अनुसार जल्ला कॉलोनी निवासी 33 वर्षीय शाहरुख पिता अनवर खान की शिकायत पर इरशाद और शाहरुख उर्फ काला निवासी चंदन नगर के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि पैसों के लेन-देन को लेकर दोनों आरोपी उसके घर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर दोनों ने उसके साथ मारपीट की। जाते समय आरोपियों ने धमकी दी कि भविष्य में यदि पैसों की बात की तो जान से खत्म कर देंगे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महिला को दी जान से मारने की धमकी उधर, तिलक नगर थाना पुलिस ने पिपलियाहाना निवासी ज्योति जोठे की शिकायत पर यश उर्फ डॉन शर्मा निवासी आईडीए मल्टी स्कीम नंबर-140 के खिलाफ मामला दर्ज किया है। महिला ने बताया कि आरोपी उसके घर पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए पूछने लगा कि चोरी के मामले में उसका नाम क्यों लिया गया। आरोपी ने कथित तौर पर महिला को धमकाते हुए कहा कि यदि दोबारा उसका नाम लिया तो वह उसे और उसके पति को जान से मार देगा। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
गोपालगंज में ITI स्टूडेंट की करंट से मौत:ट्रांसफार्मर के अर्थिंग वायर की चपेट में आने से घटना
गोपालगंज जिले के विजयीपुर थाना क्षेत्र के भरपूरवा गांव में बिजली के ट्रांसफार्मर के अर्थिंग तार की चपेट में आने से 19 साल के ITI छात्र की मौत हो गई। इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। मृतक की पहचान भरपूरवा गांव निवासी स्वर्गीय राजेश सिंह के बेटे अंशु सिंह के रूप में हुई है। अंशु ITI का छात्र था और अपने भविष्य के लिए तैयारी कर रहा था। अर्थिंग वाले तार में पहले से ही बिजली का करंट घटना के समय अंशु गांव में ही मौजूद था। वह अचानक बिजली ट्रांसफार्मर के पास से गुजरा। ट्रांसफार्मर के अर्थिंग वाले तार में पहले से ही बिजली का करंट दौड़ रहा था। अनजाने में अंशु उस तार के संपर्क में आ गया, जिससे उसे जोरदार झटका लगा और वह वहीं तड़प कर गिर गया। आसपास के लोगों ने जब यह देखा, तो तुरंत उसे तार से अलग किया। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया अंशु को आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। स्थानीय ग्रामीणों में बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी बताया जा रहा है कि अंशु दो भाइयों में छोटा था। परिवार पर यह दूसरी बड़ी विपत्ति है, क्योंकि महज पांच साल पहले ही अंशु के पिता राजेश सिंह की हार्ट अटैक से अचानक मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रांसफार्मर में गड़बड़ी और अर्थिंग में करंट उतरने की शिकायतें अक्सर नजरअंदाज की जाती हैं, जिसका खामियाजा आज एक मासूम जान देकर भुगतना पड़ा है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा मामले की जांच जारी है।
बस डिपो के पास स्थित दुकान में चोरी:चोरों ने ताले तोड़कर किया हाथ साफ, 3 लाख नकद और चूड़ियां चोरी
शहर के व्यस्त बस डिपो के पास स्थित चूड़ियों की होलसेल दुकान को बीती रात चोरों ने अपना निशाना बनाया। चोरों ने दुकान के मुख्य ताले तोड़कर हजारों रुपये की नकदी चोरी कर ली। दुकान के मालिक मोहम्मद हनीफ ने बताया कि वे प्रतिदिन की तरह रात करीब 9:30 बजे दुकान को सुरक्षित बंद करके घर गए थे। अगली सुबह जब वे 8:30 बजे दुकान पर पहुंचे, तो उन्हें ताले टूटे हुए मिले। चोरों ने दुकान के मुख्य दरवाजे के ताले तोड़कर अंदर प्रवेश किया। दुकानदार के अनुसार, चोरों ने दुकान के पीछे स्थित एक खाली पड़े प्लॉट का लाभ उठाया। वहां से वे सीढ़ियों के रास्ते से होते हुए दुकान के बेसमेंट में दाखिल हुए और चोरी की वारदात को अंजाम दिया। मोहम्मद हनीफ ने बताया कि घटना में लगभग साढ़े तीन से चार लाख रुपये की नकदी चोरी हुई है। सीसीटीवी कैमरा बंद होने का फायदा उठाया दुकानदार ने स्पष्ट किया कि उनकी दुकान में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। हालांकि, शॉर्ट सर्किट के डर से वे रात के समय बिजली सप्लाई बंद कर देते हैं, जिस कारण कैमरे रिकॉर्डिंग नहीं कर सके। चोरों ने इसी बात का फायदा उठाया। मोहम्मद हनीफ ने घटना की सूचना कोतवाली पुलिस को दे दी है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया। पुलिस अब आसपास के सीसीटीवी फुटेज देख रही है। थानाधिकारी श्रवण कुमार ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया है। जांच की जा रही है।
प्रतापगढ़ के संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के चोआ मजरे अस्थवां गांव में शनिवार सुबह एक 28 वर्षीय युवती का शव घर की छत पर बने कमरे में फंदे से लटका मिला। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दुपट्टे के सहारे लटका हुआ था शव जानकारी के अनुसार चोआ मजरे अस्थवां गांव निवासी पूजा यादव (28) पुत्री श्रीनाथ यादव शनिवार सुबह घर की छत पर बने कमरे में गई थी। कुछ देर बाद जब वह नीचे नहीं आई तो परिजनों ने उसे आवाज लगाई। कोई जवाब न मिलने पर परिजन कमरे में पहुंचे, जहां पूजा का शव पंखे से दुपट्टे के सहारे लटका हुआ था। यह दृश्य देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई और आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। सूचना पर संग्रामगढ़ थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को फंदे से उतरवाकर कब्जे में लिया और आवश्यक पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। परिजनों से पूछताछ कर रही पुलिस घटना के बाद मृतका के परिजनों में शोक व्याप्त है। फिलहाल युवती द्वारा यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया गया, इसका कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस परिजनों से पूछताछ करने के साथ ही सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। थाना प्रभारी मनोज तोमर ने बताया कि युवती का शव घर के कमरे में फंदे से लटका मिला था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
बागपत शहर कोतवाली क्षेत्र में एक महिला ने जाहिद नामक व्यक्ति पर छेड़छाड़, मारपीट और अपने बेटे को छत से फेंकने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने शनिवार को कोतवाली पहुंचकर पुलिस अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है। पुलिस फिलहाल मामले की छानबीन में जुटी है। महिला के अनुसार, जाहिद पिछले तीन दिनों से उसे परेशान कर रहा था। वह पतंग उड़ाने के बहाने पड़ोसियों की छत पर आता था और अश्लील इशारे करता था। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी अश्लील गाने गाकर छेड़छाड़ करता था। जब महिला ने जाहिद का विरोध किया, तो आरोपी ने घर में घुसकर उसके साथ मारपीट की। महिला का आरोप है कि जाहिद ने उसके बेटे को छत से फेंकने का भी प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपी ने लोहे के डंडे से भी महिला पर हमला करने की कोशिश की। शोर सुनकर स्थानीय लोगों को आता देख आरोपी मौके से फरार हो गया। अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई पीड़िता ने बताया कि उसका पति नौकरी के लिए घर से बाहर गया हुआ है और वह बच्चों के साथ अकेली रहती है। महिला का कहना है कि उसने पहले भी चौकी पर पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। अब उसने कोतवाली पहुंचकर अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। कोतवाली प्रभारी बृजेश कुमार ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली है और वे पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। आरोपी की तलाश जारी है।
बुरहानपुर में इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर बारिश के कारण सड़क पर करीब डेढ़ फीट गहरा गड्ढा हो गया है। इससे वाहन ड्राइवरों और आम लोगों को दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। इसे देखते हुए क्षेत्र के दुकानदारों और वाहन चालकों ने गड्ढे के पास पत्थर और एक पुराना टायर रख दिया है, ताकि लोग हादसे का शिकार न हों। क्षेत्र के अशफाक खान ने बताया कि यह गड्ढा काफी बड़ा है और कई लोग यहां गिरकर चोटिल हो चुके हैं। यह मार्ग मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा से जुड़ा होने के कारण वाहनों की आवाजाही काफी अधिक रहती है। लोगों ने किसी बड़े हादसे से बचने के लिए जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत की मांग की है। शहर में शुक्रवार शाम से ही बारिश का दौर जारी है। रातभर अच्छी बारिश हुई, जबकि शनिवार दोपहर में भी रुक-रुक कर रिमझिम बारिश होती रही। पांधार नदी में जलस्तर बढ़ा नेपानगर क्षेत्र में भी शुक्रवार रात से कभी तेज तो कभी हल्की बारिश हो रही है। इसके चलते शनिवार सुबह पांधार नदी में जलस्तर काफी बढ़ गया। नेपानगर से चांदनी और असीरगढ़ की ओर जाने वाले रास्ते पर स्थित पांधार नदी के रपटे पर पानी जमा हो गया, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। यहां उच्च स्तरीय पुल का निर्माण चल रहा है, इसलिए फिलहाल आवागमन पास बने रपटे से हो रहा है। नदी में पानी बढ़ने से लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मुरैना की स्टेशन रोड थाना पुलिस ने खेत के विवाद में फायरिंग करने के मामले में आरोपी रवि गुर्जर को गिरफ्तार किया है। उसके पास से एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। मामले का दूसरा आरोपी, उसका पिता स्वामी गुर्जर, अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस ने इस मामले में अपराध क्रमांक 173/26 दर्ज किया है। खेत के विवाद में हुई थी फायरिंग पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता महेश गुर्जर (60), पिता स्वर्गीय कप्तान सिंह गुर्जर ने बताया था कि 26 जून की सुबह करीब 10:30 बजे गांव के रवि गुर्जर और उसके पिता स्वामी गुर्जर खेत पर पहुंचे। खेत के विवाद को लेकर दोनों ने फायरिंग की और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के आधार पर स्टेशन रोड थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। आरोपी पिता की तलाश जारीस्टेशन रोड थाना प्रभारी एसआई संजय बरैया ने बताया कि फायरिंग की घटना में पिता-पुत्र दोनों को आरोपी बनाया गया है। आरोपी रवि गुर्जर को गिरफ्तार कर उसके पास से एक कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। वहीं, दूसरा आरोपी स्वामी गुर्जर अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
समस्तीपुर में सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई, जबकि दोस्त की हालत गंभीर है। मृतक की पहचान बघौनी वार्ड-18 निवासी राजेंद्र पासवान के पुत्र धर्मेंद्र(36) के तौर पर हुई है। घायल धर्मेंद्र का इलाज चल रहा है। घटना ताजपुर-पूसा पथ पर वैनी थाना क्षेत्र की है। मृतक के चाचा विनोद पासवान ने बताया कि शुक्रवार रात अपने दोस्त के साथ सामान लाने बाजार गया था। घर लौटते समय मदरसा मोड़ के पास अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर परिवार के लोग मौके पर पहुंचा। छानबीन में जुटी पुलिस वहीं, इस संबंध में एएसपी संजय पांडेय ने बताया कि सड़क हादसे में एक युवक की मौत हुई है। सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया है। पुलिस टीम मामले की छानबीन कर रही है।
पठानकोट में गांव डिबकू में नहर के पानी को रोकने के लिए लगाए गेट को तोड़ने की बड़ी साजिश नाकाम को गई। हालांकि, शरारती तत्वों ने गेट के नट-बोल्ट तोड़ दिए थे। लेकिन, समय रहते विभाग को इस साजिश का पता चल गया और गेट को तोड़ने का प्रयास विफल हो गया। अब विभागीय अधिकारी की शिकायत पर थाना सदर पुलिस ने एक व्यक्ति के खिलाफ पंजाब कैनाल एंड ड्रेनेज एक्ट की धारा 52, बीएनएस का धारा 326 (ए) और 324 (3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई कार्यकारी इंजीनियर,नहर और भूमिगत जल विभाग,गुरदासपुर से प्राप्त एक आधिकारिक पत्र के आधार पर की गई है। आरोपी की पहचान गांव माहीचक्क निवासी आरिफ हुसैन उर्फ कालू गुज्जर को तौर पर हुई है। सैंकड़ों गांवों की लाइफलाइन है ये नहरजांच आधिकारी एएसआई परमजीत शर्मा ने बताया कि जल स्रोत विभाग पंजाब,गुरदासपुर मंडल के पत्र के माध्यम से पुलिस को एक शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में बताया गया कि गांव डिबकू से शुरू होने वाली गुलपुर एस्केप चैनल (नहर) के जरिए कलानौर, डेरा बाबा नानक और रामदास इलाके के किसानों व जमींदारों को सिंचाई और अन्य उपयोग के लिए नहरी पानी की सप्लाई दी जाती है। यह नहर इस पूरे इलाके के लिए पानी का एकमात्र मुख्य स्रोत है।नहर विभाग के फील्ड स्टाफ ने दी थी रिपोर्टजांच अधिकारी के मुताबिक अधिकारियों को नहर विभाग के फील्ड स्टाफ से रिपोर्ट मिली थी। जिसमें बताया गया था कि गांव डिबकू के पास नहर की बुरजी संख्या 9000 पर जल स्रोत विभाग का एक भारी लोहे का गेट लगा हुआ है। बीती दरमियानी रात को एक युवक ने चोरी या गेट को तोड़ने की नीयत से उसके नट-बोल्टों के साथ छेड़छाड़ की और उन्हें तोड़ दिया। जांच अधिकारी ने बताया कि इसी रिपोर्ट के आधार पर नहरी विभाग के अधिकारियों ने पुलिस को पत्र लिखा। गेट टूटता तो सैंकड़ों गांवों में बनते बाढ़ के हालातएएसआई ने बताया कि विभाग ने अपनी शिकायत में इस बात पर विशेष चिंता जताई थी कि यदि वह लोहे का गेट पूरी तरह टूट जाता, तो नहर का पानी अनियंत्रित होकर रिहायशी इलाकों और खेतों में घुस जाता। इससे कलानौर, डेरा बाबा नानक और रामदास इलाके के पूरे इलाके में बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती थी और आम जनता के जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था। विभाग ने पत्र में बताया कि इस हरकत के कारण नहर विभाग की संपत्ति को नुकसान पहुंचा और नहरी पानी की जरूरी सप्लाई भी बंद करनी पड़ी।आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्जनहर विभाग की इस लिखित शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी आसिफ हुसैन उर्फ कालू गुज्जर, निवासी गांव माहिचक के खिलाफ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और लोगों की जान जोखिम में डालने की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। एएसआई ने बताया कि आरोपी की धरपकड़ के लिए छापेमारी की जा रही है।
राजगढ़ जिले के जीरापुर की मूंदड़ा कॉलोनी में बिजली कंपनी के जूनियर इंजीनियर (जेई) सुबोध कुमार के घर गुरुवार को हुए विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। सड़क पर हंगामे और पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों को थाने ले जाने के बाद अब पहली बार जेई और खुद को उनकी पत्नी बताने वाली महिला ने अपने-अपने पक्ष सामने रखे हैं। महिला का आरोप है कि सुबोध कुमार ने खुद को अविवाहित बताकर उससे प्रेम विवाह किया। बाद में पता चला कि उनकी पहले से शादी हो चुकी थी। अब वे एक अन्य महिला के साथ रह रहे हैं। वहीं, जेई ने इन सभी आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि महिला पहले से शादीशुदा है और कई साल से उन्हें ब्लैकमेल कर पैसे मांग रही है। मामले की जांच पुलिस कर रही है, जबकि भरण-पोषण का केस पहले से कोर्ट में लंबित है। महिला बोली- खुद को कुंवारा बताकर की शादी ग्वालियर जिले के डबरा के गुप्तापुरा की रहने वाली 39 वर्षीय लालो गिरी ने बताया कि वर्ष 2019 में उसकी मुलाकात बिजली विभाग में पदस्थ सुबोध कुमार से हुई थी। बातचीत के बाद दोनों करीब आए। लालो का दावा है कि उस समय सुबोध ने खुद को अविवाहित बताया था। इसके बाद दोनों ने स्टाम्प पर लिखापढ़ी कर शादी की और करीब तीन साल तक पति-पत्नी की तरह साथ रहे। महिला का कहना है कि बाद में उसे पता चला कि सुबोध पहले से शादीशुदा हैं। उनकी पहली पत्नी उनके माता-पिता के साथ रहती है। इसके बाद दोनों के रिश्ते बिगड़ गए। कुछ समय बाद सुबोध का तबादला हो गया और वे उसे छोड़कर चले गए। भरण-पोषण का मामला कोर्ट में लालो ने बताया कि उसने न्यायालय में भरण-पोषण का दावा दायर किया है। यह मामला अभी विचाराधीन है। उसका आरोप है कि सुबोध न तो भरण-पोषण की राशि दे रहे हैं और न ही अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। महिला के अनुसार, करीब 10 दिन पहले उसे जानकारी मिली कि जीरापुर में सुबोध एक दूसरी महिला के साथ रह रहे हैं। इसके बाद वह अपने एक परिचित युवक के साथ जीरापुर पहुंची। घर के बाहर हुआ विवाद महिला ने बताया कि घर के बाहर ही उसकी मुलाकात सुबोध से हुई। उसने भरण-पोषण और दूसरी महिला के बारे में सवाल किए, जिसके बाद दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। इसी दौरान घर के अंदर से दूसरी महिला भी बाहर आ गई और विवाद बढ़ गया। महिला का आरोप है कि उसके साथ आए युवक के साथ मारपीट की गई। सड़क पर काफी देर तक हंगामा हुआ और लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले गई। जेई बोले- महिला पहले से शादीशुदा, मैंने कोई शादी नहीं की जेई सुबोध कुमार ने महिला के सभी आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि लालो गिरी पहले से शादीशुदा है। उसके पति का नाम दशरथ गिरी है, जो चिनोर में रहता है। उसके दो बच्चे भी हैं और उसका तलाक नहीं हुआ है। ऐसे में उससे शादी करने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी कोर्ट मैरिज नहीं की और न ही महिला को पत्नी के रूप में स्वीकार किया। उनका आरोप है कि स्टाम्प के आधार पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें विवाद में फंसाया गया है। 'समझौते के लिए 10 लाख रुपए मांगे' सुबोध कुमार का दावा है कि महिला के साथ आने वाला युवक पहले भी डबरा कोर्ट में उनसे मिला था। उसने कहा था कि 8 से 10 लाख रुपए देने पर पूरा मामला खत्म करा दिया जाएगा। उन्होंने पैसे देने से इनकार कर दिया क्योंकि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। जेई का आरोप है कि इसके बाद से महिला लगातार उनका पीछा कर रही है। उन्होंने कहा कि उनकी जहां-जहां पोस्टिंग हुई, महिला वहां पहुंच गई। पहले मुरैना, फिर कुरावर और अब जीरापुर में भी ऐसा ही हुआ। उनका कहना है कि यह सब पैसे वसूलने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दो दिनों से वे मानसिक तनाव में हैं। यदि महिला के आरोप सही हैं तो निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं, आरोप गलत साबित होने पर कानूनी कार्रवाई भी की जानी चाहिए। पुलिस बोली- दोनों पक्षों के आवेदन मिले, जांज कर रहे हैं जीरापुर थाना प्रभारी हुकुमचंद मीणा ने बताया कि दोनों पक्षों के आवेदन प्राप्त हुए हैं। जेई और महिला के बीच भरण-पोषण का मामला पहले से न्यायालय में लंबित है। जीरापुर में हुए विवाद की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चारधाम यात्रा जारी है और 28 अगस्त तक चलने वाली 3 जुलाई से अमरनाथ यात्रा भी शुरू हो गई है। वहीं, 16 जुलाई को पुरी में विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा महोत्सव है। धनबाद से बड़ी संख्या में लोग परिवार संग इन तीर्थ स्थानों को जाते हैं। लेकिन, जिन लोगों ने अब तक ट्रेन का टिकट नहीं बनवाया, उनके लिए मुश्किल होने वाली है। धनबाद होकर दिल्ली, हरिद्वार-ऋषिकेश और जम्मू जानेवाली सभी ट्रेनों में 10 अगस्त तक वेट लिस्ट की स्थिति है। तत्काल टिकट मिलना मुश्किलकोलकाता-जम्मूतवी में तो अगस्त के अंत तक सीट खाली नहीं है। इसके अलावे धनबाद से कालका और गोमो से भुवनेश्वर व पुरी जाने वाली ट्रेनें भी फुल हो चुकी हैं। धनबाद से मुंबई, राजस्थान, गुजरात जानेवाली अधिकतर ट्रेनों में भी 20 जुलाई तक वेटिंग की स्थिति है। तत्काल का विकल्प है, लेकिन धनबाद से कोटा कम होने की वजह से तत्काल टिकट मिलना मुश्किल है।
पहली बारिश में 8 गांवों की बिजली 15 घंटे बंद:भीनमाल में सबसे ज्यादा बरसात, 4 दिन का अलर्ट जारी
लंबे इंतजार के बाद जालोर जिले में शुक्रवार रात को मानसून ने दस्तक दे दी है। मानसून की पहली ही बारिश ने जहां भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बड़ी राहत दी है, वहीं डिस्कॉम की लापरवाही के कारण जिले के कई इलाकों में बिजली संकट खड़ा हो गया है। मौसम विभाग ने आगामी 4 दिनों तक जिले में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। भीनमाल और जसवंतपुरा में बारिश शुक्रवार शाम को अचानक मौसम का मिजाज बदला और रात होते-होते जिले के कई हिस्सों में तेज तो कहीं रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया। भीनमाल में 2 इंच, सायला में 1 इंच और जसवंतपुरा में करीब डेढ़ इंच बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा आहोर, जालोर, बागोड़ा, चितलवाना और भाद्राजून में मध्यम दर्जे की बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई है। सांचौर में फिलहाल हल्की बूंदाबांदी ही हुई है, जिससे वहां के लोगों को अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार है। इस बारिश के बाद शनिवार सुबह से ही हवा में नमी बनी हुई है और आसमान में बादलों का डेरा है। वहीं राहत की बात यह भी है कि जवाई बांध का जलस्तर भी इस समय 31.85 फीट है। 15 घंटे से 8 गांव अंधेरे में जालोर जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया। पहली बूंद गिरते ही डिस्कॉम का सिस्टम पूरी तरह चरमरा गया। सबागरा डिस्कॉम की भारी लापरवाही के चलते जालोर जिले के रायपुरिया, सिवाणा सहित आसपास के 8 गांवों में शुक्रवार दोपहर से कटी बिजली शनिवार सुबह तक बहाल नहीं हो सकी। पिछले 15 घंटों से बिजली पूरी तरह ठप होने के कारण ग्रामीणों को पूरी रात घने अंधेरे और भीषण उमस में काटनी पड़ी। इस अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है और लोगों में विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है।

