लखनऊ में करीब तीन दशक से फाइलों में अटकी हैदर कैनाल एलिवेटेड रोड परियोजना अब जमीन पर उतरती दिख रही है। सबसे बड़ी राहत यह है कि सड़क निर्माण के लिए कैनाल किनारे की पूरी आबादी नहीं हटाई जाएगी। नई योजना के तहत केवल उन्हीं स्थानों पर विस्थापन होगा जहां एलिवेटेड रोड के पिलर बनाए जाएंगे। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) मोहान रोड से कालीदास मार्ग (सीएम आवास) तक करीब 11 किलोमीटर लंबी फोरलेन एलिवेटेड रोड बनाने की तैयारी कर रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद शहर की भीड़भाड़ वाली सड़कों का दबाव कम होगा और करीब 10 लाख से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। पहले प्रस्ताव में कैनाल किनारे बसे बड़े हिस्से को हटाकर कमर्शियल हब विकसित करने की योजना थी। इसके चलते करीब 10 हजार से अधिक लोगों के विस्थापन का मुद्दा सामने आया था और विरोध भी शुरू हो गया था। यही वजह रही कि वर्षों तक परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। अब एलडीए ने योजना में बड़ा बदलाव किया है। कमर्शियल हब का प्रस्ताव फिलहाल अलग रख दिया गया है। इसके बजाय सड़क को पिलर आधारित संरचना पर विकसित किया जाएगा, जिससे बड़े पैमाने पर विस्थापन की जरूरत नहीं पड़ेगी। जिन परिवारों को निर्माण कार्य के कारण हटाना पड़ेगा, उन्हें एलडीए की ओर से आवास उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए परियोजना लागत में अलग से बजट का प्रावधान किया जा रहा है। वरुण विहार को मिलेगा सीधा फायदा एलडीए की आगरा एक्सप्रेस-वे के पास विकसित की जा रही महत्वाकांक्षी वरुण विहार आवासीय योजना को मुख्य शहर से जोड़ने के लिए इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एलिवेटेड रोड बनने के बाद हजरतगंज से वरुण विहार की दूरी महज 20 मिनट में तय की जा सकेगी, जबकि वर्तमान में इसमें 45 से 50 मिनट तक लग जाते हैं। विशेषज्ञ कंपनी का होगा चयन एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि परियोजना को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि सड़क भी बन जाए और न्यूनतम लोगों को विस्थापित करना पड़े। विशेष परिस्थितियों में जिन लोगों को हटाया जाएगा, उन्हें आवास उपलब्ध कराया जाएगा। परियोजना के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) जारी कर दिया गया है, ताकि इस क्षेत्र में विशेषज्ञ कंपनियों का चयन किया जा सके।
भिंड जिले के गोहद से ग्वालियर के मुरार इलाके में आ रही एक बारात की खुशियां रविवार शाम मातम में बदल गईं। तेज रफ्तार ट्रैक्टर के मडगार्ड पर बैठे 50 वर्षीय एक बाराती की स्पीड ब्रेकर पर उछाल लगने से संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिर पड़ा। इससे पहले कि कोई उसे बचा पाता, ट्रैक्टर का पहिया उसके सिर और सीने के ऊपर से गुजर गया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना मुरार थाना क्षेत्र के खुरैरी इलाके में रियल होटल के सामने हुई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी। बाद में घेराबंदी कर आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया गया तथा ट्रैक्टर जब्त कर लिया गया। बारातियों ने रोका, फिर भी नहीं मानी चालक ने बात मुरार थाना पुलिस के अनुसार, भिंड जिले के गोहद थाना क्षेत्र के ग्राम अगनूपुरा से रविवार को एक बारात मुरार के जड़ेरुआ बंधा आ रही थी। गांव के 50 वर्षीय कमलेश पुत्र माधौसिंह जाटव भी बारात में शामिल होने के लिए ट्रैक्टर के पिछले पहिए के ऊपर बने मडगार्ड पर बैठे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक चालक सुनील ट्रैक्टर को तेज रफ्तार और लापरवाही से चला रहा था। ट्रैक्टर में बैठे अन्य बारातियों ने कई बार उसे धीमे चलाने की समझाइश दी, लेकिन उसने किसी की बात नहीं सुनी और वाहन को तेज गति से दौड़ाता रहा। स्पीड ब्रेकर पर उछला ट्रैक्टर, नीचे गिरे कमलेश जब बारात का ट्रैक्टर खुरैरी स्थित रियल होटल के सामने पहुंचा तो वहां बने स्पीड ब्रेकर पर तेज रफ्तार के कारण ट्रैक्टर उछल गया। झटके से मडगार्ड पर बैठे कमलेश जाटव संतुलन खोकर सड़क पर गिर पड़े। इसी दौरान ट्रैक्टर का पिछला पहिया उनके सिर और छाती के ऊपर से गुजर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बेटे की शिकायत पर कार्रवाई मृतक के बेटे विकास जाटव की शिकायत पर पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद आरोपी चालक की तलाश शुरू की गई। प्रधान आरक्षक नरवीर सिंह राणा ने मुखबिर तंत्र सक्रिय कर गांव में दबिश दी और आरोपी चालक सुनील को गिरफ्तार कर लिया। दुर्घटना में प्रयुक्त ट्रैक्टर को भी जब्त कर थाने में खड़ा कराया गया है। थाना प्रभारी ने क्या कहा मुरार थाना प्रभारी मैना पटेल ने बताया कि तेज रफ्तार और लापरवाही से ट्रैक्टर चलाने के कारण बारात में शामिल एक व्यक्ति की गिरकर मौत हो गई। मृतक के बेटे की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। आरोपी चालक को गिरफ्तार कर ट्रैक्टर जब्त कर लिया गया है।
गोरखपुर में इंटरनेशनल योग डे पर सिविल लाइन्स और सिक्टौर स्थित 'द पिलर्स पब्लिक स्कूल' में काफी जोश और डिसिप्लिन के साथ योग प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इस साल की थीम “Yoga for Healthy Aging” के तहत हुए इन कार्यक्रमों में स्टूडेंट्स और टीचर्स ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और लोगों को तंदुरुस्त और बैलेंस लाइफ जीने का मैसेज दिया। दोनों ब्रांच में हुआ योगाभ्यास सिविल लाइन्स कैंपस में सुबह के सेशन में स्टूडेंट्स और टीचर्स ने मिलकर कई तरह के आसन, प्राणायाम और मेडिटेशन किया। सिक्टौर कैंपस में भी बड़े लेवल पर ग्रुप योग का आयोजन हुआ। सभी पार्टिसिपेंट्स ने पूरी एनर्जी के साथ योग करके अपनी फिजिकल और मेंटल हेल्थ के प्रति अवेयरनेस दिखाई। दोनों ही जगहों पर योग ट्रेनर की देखरेख में प्रोग्राम पूरा हुआ, जिन्होंने योग के साइंटिफिक, फिजिकल और मेंटल फायदों के बारे में खुलकर बताया। एकाग्रता और पॉजिटिव सोच बढ़ाता है योग प्रोग्राम के दौरान स्टूडेंट्स को समझाया गया कि डेली योग करने से न सिर्फ बॉडी फिट और मजबूत होती है, बल्कि इससे मेंटल फोकस, सेल्फ-कंट्रोल, इमोशनल बैलेंस और पॉजिटिव सोच का भी विकास होता है। योग सेशन खत्म होने के बाद सभी टीचर्स और स्टूडेंट्स ने इसे अपनी डेली लाइफ का हिस्सा बनाने और एक हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने की कसम खाई। भारत की कीमती विरासत योग- डायरेक्टरमैनेजिंग डायरेक्टर आर. पी. शाही ने कहा- योग भारत की एक बेहद कीमती विरासत है, जिसने पूरी दुनिया को हेल्थ, बैलेंस और दिमागी शांति का रास्ता दिखाया है। मेंटल मजबूती देता योग- मेंटरमेंटर डॉ. कीर्ति शाही- योग सिर्फ फिजिकल हेल्थ के लिए नहीं है, बल्कि यह मेंटल मजबूती और इमोशनल बैलेंस बनाने का एक बेहतरीन लाइफस्टाइल है। योग से लाइफ की क्वालिटी बेहतर होती- असिस्टेंट डायरेक्टर असिस्टेंट डायरेक्टर ईशान राणा ने कहा- योग इंसान को डिसिप्लिन, कॉन्फिडेंट और पॉजिटिव बनाता है। इसे रोज करने से लाइफ की क्वालिटी बहुत बेहतर हो जाती है। एक कामयाब आयोजन दोनों कैंपस में हुआ यह प्रोग्राम स्टूडेंट्स और टीचर्स के लिए भारत की इस अनमोल परंपरा को समझने, अपनाने और उसके फायदों को महसूस करने का एक इंस्पायरिंग मौका साबित हुआ। इस आयोजन ने हेल्दी लाइफ, सेल्फ-डिसिप्लिन और ओवरऑल वेलनेस के मैसेज को पूरी मजबूती के साथ लोगों तक पहुँचाया। योग दिवस पर 3 बेंच का लोकार्पण किया गोरखपुर में रोटरी क्लब मिडटाउन की ओर से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें सभी क्लब मेंबर्स और अन्य लोगों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। सभी ने योग के माध्यम से स्वास्थ्य जीवन का संदेश दिया। साथ ही गोरखपुर क्लब में क्रिकेट टर्फ के पास 3 बेंच का लोकार्पण किया गया तथा सभी उपस्थित जनों को स्वस्थ जीवन के संदेश के साथ पौष्टिक फलों की सेवा भी प्रदान की गई। इस अवसर पर कीर्ति रमन दास, अशोक अग्रवाल, अशोक बंका, सुधीर जैन, आनंद जैन, सुनील गुप्ता, दीपक करेवाल, उमेश छापड़िया, रमेश गुप्ता, बालकृष्ण अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, गौरव अग्रवाल, अभिषेक अग्रवाल, मनीष गोयल, राजीव रंजन, त्रिलोकी गुप्ता, प्रमोद अग्रवाल, नितिन अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, शरद शर्मा, हर्ष बंका, मयंक पोद्दार, सुनीता अग्रवाल, स्वाति पोद्दार, गिरजा अग्रवाल, संतोष बंका, मंजू अग्रवाल, नीलम श्याम, अलका छापड़िया, रीता अग्रवाल, रश्मि बंका लगभग 80 मेंबर्स की उपस्थिति रही। अध्यक्ष अल्पना जैन और सचिव शिखा जैन ने सब के प्रति आभार व्यक्त किया।
ताजमहल के संवेदनशील क्षेत्र में अज्ञात हमलवारों ने परचून दुकानदार पर गोली से फायर किया। इससे आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गई। पहली गोली दुकानदार के पास से गुजर गई, दूसरी गोली जांघ में लगी है। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सनसनीखेज वारदात के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी फैल गई। पुलिस अज्ञात हमलावरों की तलाश में जुटी है।घायल परचून का दुकानदार हमलावरों से भिड़ा भी लेकिन हमलावर वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। ये था मामलाघटना रविवार देर रात थाना ताजगंज के पुरानी मंडी क्षेत्र स्थित श्याम लाल मार्ग की है। ताजमहल से कुछ दूरी पर परचून दुकानदार गौरव अग्रवाल पर अज्ञात हमलवारों ने हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि 25 वर्षीय गौरव राठौर अपनी दुकान पर बैठा हुआ था। तभी बाइक से अज्ञात हमलावर वहां पहुंचे और उस पर फायर कर दिया। गोली गौरव के पास से गुजर गई। हमला होते देख गौरव दुकान से निकलकर हमलावरों के पीछे भागा। उसने बाइक सवार एक हमलावर को खींच भी लिया लेकिन इसी बीच हमलवरों ने एक और एक फायर कर दिया। इस बार गोली गौरव की जांघ में लगी। इससे वह घायल होकर सड़क पर गिर गया। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे परिजनों ने घायल को पास के अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। सूचना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी है। घायल की बहन ने लगाए संगीन आरोपघायल की बहन संगीता ने बताया-मैं दवा लेने गई थी। दो लोग बाइक पर आए, उन्होंने मेरे भाई गौरव पर तीन फायर किए। मेरे भाई ने एक को पकड़ लिया लेकिन उन्होंने एक और फायर किया। गोली मेरे भाई की जांच में लगी है। हमारा एक परिवार से प्रोपर्टी विवाद चल रहा है। हमें धमकियां मिल रही थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ये हमें काफी दिनों से परेशान कर रहे हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने झांसी के नवाबाद थाना क्षेत्र से के एक मामले में गिरफ्तारी और रिमांड आदेश को अवैध करार देते हुए बंदी को तत्काल रिहा करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। दलीलें सुनने के बाद आदेश याचिका धर्मेंद्र लखेड़ा की ओर से दाखिल की गई थी। याची के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि गिरफ्तारी मेमो और रिमांड आदेश में गंभीर कानूनी खामियां हैं। उन्होंने तर्क दिया कि गिरफ्तारी के आधार लिखित रूप में नहीं बताए गए तथा मजिस्ट्रेट ने पर्याप्त विचार किए बिना रिमांड आदेश पारित कर दिया। इस संबंध में उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के मिहिर राजेश शाह बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले के निर्णय का हवाला दिया, जिसमें गिरफ्तारी के कारणों की लिखित सूचना देना अनिवार्य बताया गया है। गिरफ्तारी मेमो और रिमांड आदेश निरस्त राज्य पक्ष की दलीलें सुनने और अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद हाईकोर्ट ने माना कि गिरफ्तारी और रिमांड आदेश कानून के अनुरूप नहीं थे। अदालत ने गिरफ्तारी मेमो और रिमांड आदेश को निरस्त करते हुए बंदी की तत्काल रिहाई का आदेश दिया। साथ ही रिमांड मजिस्ट्रेट को भविष्य में अधिक सावधानी बरतने की हिदायत दी और स्पष्ट किया कि संबंधित अधिकारी कानून के अनुसार नई कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होंगे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोनभद्र स्थित पंचशील मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के निदेशक पवित कुमार मौर्य को बड़ी राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी।न्यायमूर्ति सिद्धार्थ एवं न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने यह आदेश याचिका पर सुनवाई के बाद पारित किया। याची पवित कुमार मौर्य और एक अन्य के खिलाफ 27 अप्रैल 2026 को रॉबर्ट्सगंज थाने में विभिन्न आरोपों में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। एफआईआर को रद्द कराने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। याची की ओर से दलील दी गई कि प्राथमिकी दुर्भावनापूर्ण तरीके से दर्ज कराई गई है। मामले में राज्य सरकार की ओर से अपर शासकीय अधिवक्ता ने याचिका का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने मामले को विचारणीय मानते हुए प्रतिवादी संख्या छह से नौ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही चार सप्ताह में काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने अगली सुनवाई तक अथवा सक्षम न्यायालय द्वारा संज्ञान लिए जाने तक याचिकाकर्ताओं की गिरफ्तारी पर रोक लगाई है।
प्रयागराज में करबला के शहीदों की याद में अलम जुलूस, मेहंदी और ताजिया उठने का सिलसिला तेज हो गया है। मोहर्र की पांच तारीख पर बुड्ढा ताजिया की मेहंदी अकीदत के साथ उठाई गई। हुसैन के सैकड़ों शैदाइयों ने या अली या हुसैन के नारों के बीच मेंहदी को कंधा दिया। खुल्दाबाद चौराहे से लेकर करेली बैरियर तक हुसैन के चाहने वालों की भीड़ जमा रही। देर रात उठी मेहंदी को देखने के लिए बड़ी संख्यां में महिलाएं भी पहुंची। मेहंदी को बड़ा ताजिया की तरह खूबसूरती से सजाया गया था। खुल्दाबाद से मेहंदी उठी मेहंदी के साथ हुसैनियों की भीड़ या अली या हुसैन का नारा बुलंद करती रही। जगह जगह लोगों ने महेंदी पर फूल चढ़ाए। अकीदतमंद मेहंदी का बोसा लेते रहे। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस और आरएएफ की तैनाती रही। भीड़ अधिक होने की वजह से ड्रोन से निगरानी की जाती रही। मेहंदी पूरे नूरुल्ला रोड पर गश्त करती रही। कंधा देने वालों पर लोगों ने पानी का छिड़काव किया। अध्यक्ष मोहम्मद शमीम, इसरार नियाजी, शानू हाशमी, आसिफ अंसारी, चांद मियां, मोइन हबीबी, अकरम शगुन, फैय्याज अहमद, महबूब डाबर, मोहम्मद आमिर, नदीम खान आदि शामिल रहे।
जयपुर में चाइनीज मांझे से एक स्टूडेंट का गला कटने का मामला सामने आया है। एग्जाम देकर स्टूडेंट बाइक से घर लौट रहा था। मांझे को हटाने के चलते उसकी अंगुठा सहित तीन उंगलियां कट गई। पुलिस की ओर से जख्मी स्टूडेंट का प्राथमिक उपचार करवाया गया है। पुलिस ने बताया- अलवर जिले के गंजखेड़ली निवासी अजय शर्मा वैशाली नगर के गांधी पथ क्षेत्र में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। शाम करीब 6:30 बजे हाईकोर्ट सर्किल से लौटते समय रामनगर मेट्रो स्टेशन और सोडाला थाना क्षेत्र के बीच एलिवेटेड रोड पर अचानक हवा में लटका चीनी मांझा उनकी गर्दन में उलझ गया। तेज धार वाले मांझे ने अजय का गला गहराई तक चीर दिया। घबराकर अजय ने बाएं हाथ से मांझा हटाने की कोशिश की, जिससे अंगुठा और दो उंगलियां भी कट गईं। हादसे के बाद बाइक का संतुलन बिगड़ने से वह रोड पर गिर गया। राहगीरों ने कपड़ों से खून रोककर पुलिस को सूचना देने के साथ हॉस्पिटल पहुंचाया। डॉक्टर्स के मुताबिक घाव सांस की नली के बेहद करीब था। प्राथमिक उपचार के बाद अजय को छुट्टी दे दी गई।
छोटे भवनों के नक्शों को बिना दफ्तरों के चक्कर काटे 24 घंटे में मंजूरी देने के लिए शुरू की गई नगर निगम की डीम्ड अप्रूवल व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर निगम की भवन शाखा ने जब पिछले एक महीने में पास हुए 300 नक्शों की स्क्रूटनी की, तो एक बड़ा मामला उजागर हुआ। जांच में 24 केस ऐसे मिले, जिनमें तय फीस से 8 से 10 हजार रुपए कम जमा करके नक्शे पास करवा लिए गए। मामला सामने आया तो मचा हड़कंप मामला पकड़ में आते ही निगम प्रशासन में हड़कंप मच गया है। निगम ने तुरंत संबंधित भवन मालिकों और फर्जीवाड़ा करने वाले लाइसेंसधारी कंसल्टेंट्स को नोटिस थमा दिए। अब इस सिस्टम से पास हुए पुराने सभी नक्शों की जांच होगी। अधिकारियों की मैनुअल जांच नहीं होती अधिकारियों के मुताबिक, डीम्ड अप्रूवल व्यवस्था के तहत इसमें आवेदक अपने अधिकृत आर्किटेक्ट या इंजीनियर के जरिए नक्शा पोर्टल पर अपलोड करता है। सॉफ्टवेयर खुद ही नियमों के आधार पर तकनीकी टेस्ट करता है और तय समय में मंजूरी दे देता है। चूंकि इस पूरी प्रोसेस में निगम के अधिकारियों की मैनुअल जांच नहीं होती, संभवत: इसका फायदा उठाया गया। इस व्यवस्था में कुछ मामलों में तय शुल्क और पेमेंट में बीच अंतर मिला है। एरिया बेस्ट डेवलपमेंट एरिया में भी हुआ था खेल यह पहली बार नहीं है जब इस सिस्टम का दुरुपयोग हुआ है। इससे पहले एरिया बेस्ड डेवलपमेंट (एबीडी) यानी स्मार्ट सिटी क्षेत्र में भी ऐसा ही खेल सामने आया था। नियमों के मुताबिक, एबीडी क्षेत्र का भवन अनुमति शुल्क सामान्य इलाकों से ज्यादा है, इसलिए वहां डीम्ड अप्रूवल लागू ही नहीं होता। इसके बावजूद तकनीकी खामी का फायदा उठाकर कई लोगों ने ऑनलाइन नक्शे पास करा लिए थे, जिसकी निगम को दोबारा समीक्षा करनी पड़ी थी। पुराने मामलों की होगी जांच मामले में भवन शाखा के अपर आयुक्त प्रखर सिंह ने बताया कि समीक्षा के बाद कुछ मामलों में गड़बड़ी मिली है। निर्धारित शुल्क और जमा राशि में अंतर मिला है। इसे देखते हुए संबंधितों को नोटिस जारी किए है और पुराने मामलों की भी जांच कराएंगे।
अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चंदे और चढ़ावे को लेकर सामने आए विवाद के बाद मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश के प्रमुख देवस्थानों की प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने में जुट गई है। श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर के खजाने की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अब राज्य के बड़े मंदिरों में नकद दान के बजाय डिजिटल डोनेशन (क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था) को अनिवार्य या व्यापक स्तर पर लागू करने की तैयारी है। धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, संस्कृति तथा पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर और खंडवा के ओंकारेश्वर सहित प्रदेश के सभी प्रमुख देवस्थानों में डिजिटल दान प्रणाली को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए सरकार एक विशेषज्ञ समिति (एक्सपर्ट कमेटी) का गठन करेगी। यह कमेटी देश के उन प्रमुख और आधुनिक प्रबंधन वाले मंदिरों का दौरा करेगी, जहां पारदर्शी और भरोसेमंद व्यवस्था लागू है, और उसके बाद अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। मंदिरों की दान व्यवस्था में पारदर्शिता की यह कवायद इसलिए भी जरूरी मानी जा रही है क्योंकि मध्य प्रदेश के अपने ही प्रसिद्ध मंदिरों में वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। वर्ष 2017 में (निवाड़ी जिला बनने से पहले, जब यह क्षेत्र अविभाजित टीकमगढ़ जिले में था) रामराजा मंदिर के खजाने, दान राशि, आभूषणों, नकद बही-खातों और स्टॉक रजिस्टर में भारी वित्तीय अनियमितताएं और हेरफेरी उजागर हुई थी। तत्कालीन कलेक्टर के निर्देश पर हुई जांच के बाद सितंबर 2017 में मंदिर के तत्कालीन लिपिक मुन्नालाल तिवारी के खिलाफ धारा 420 व अन्य के तहत एफआईआर (अपराध क्रमांक 258/2017) दर्ज की गई थी। हैरानी की बात यह है कि मंदिर से गायब हुए कैश और गहनों का 9 साल बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका और पुलिस की जांच अधूरी ही रही। लंबी खिंची इस जांच के कारण मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (जबलपुर) की एकल पीठ ने हाल ही में लिपिक के खिलाफ दर्ज एफआईआर को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि एक दशक तक विवेचना लंबित रखना नागरिक के त्वरित न्याय के अधिकार का उल्लंघन है। हालांकि, निवाड़ी एसपी डॉ. राय सिंह नरवरिया का कहना है कि पुलिस इस फैसले के खिलाफ डिवीजन बेंच में अपील करेगी क्योंकि जांच में विलंब के पीछे गंभीर प्रशासनिक कारण रहे हैं।
डिलीवरी के बाद 8 महिलाओं की तबीयत बिगड़ी:दो प्रसूताओं को आईसीयू में किया एडमिट, कल हुआ था ऑपरेशन
कोटा और बीकानेर के बाद अब जोधपुर में भी सिजेरियन डिलीवरी के बाद प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। इनमें दो गंभीर प्रसूताओं को एमडीएम हॉस्पिटल में रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार शनिवार को 8 प्रसूताओं की डिलीवरी शहर के पावटा डिस्ट्रीक्ट हॉस्पिटल में हुई थी। इसके बाद इनकी तबीयत बिगड़ी। किडनी में हुआ इन्फेक्शन, दो आईसीयू में एडमिट एसएन मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने बताया कि शनिवार को इन महिलाओं की डिलीवरी हुई थी। इनमें से 2 की हालत गंभीर होने पर उन्हें मथुरादास माथुर हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया था। वहीं बाकी 6 प्रसूताओं का इलाज पावटा हॉस्पिटल में ही चल रहा है। डॉ. जोधा ने बताया कि इनमें से एक प्रसूता के ज्यादा ब्लीडिंग हो गई थी, वहीं दूसरी डायबिटिक थी और बीपी भी लो हो गया था। तबीयत बिगड़ने के बाद सभी का इलाज शुरू कर दिया गया है।
सीतापुर के शहर कोतवाली से महज 50 मीटर की दूरी पर रविवार देर रात चाकूबाजी की सनसनीखेज घटना सामने आई है। महिला अस्पताल के सामने हुए इस हमले में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई, जबकि पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। घायल युवक की पहचान आकाश तिवारी पुत्र राजेश तिवारी के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक रविवार देर रात महिला अस्पताल के सामने किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोप है कि पंचू नामक युवक ने आकाश पर चाकू से हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार हमलावर ने आकाश के गले, हाथ और सिर पर कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल घायल युवक को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है। वारदात को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं, क्योंकि यह घटना कोतवाली से बेहद कम दूरी पर हुई है। परिजनों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि मामूली कहासुनी के बाद युवक पर जानलेवा हमला किया गया, जिससे उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा सके। पुलिस आरोपी को मानसिक विक्षिप्त होने का भी दावा कर रही है।
श्रावस्ती में बिहार के भोजपुर जिले में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में प्रदर्शन हुआ। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कैंडल मार्च निकाला और घटना को हत्या बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। यह कैंडल मार्च इकौना के सैमगढ़ा मोड़ से सीताद्वार मंदिर तक निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर भरत तिवारी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान बिहार सरकार और भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि आत्मसमर्पण के बाद पुलिस द्वारा गोली चलाना गंभीर सवाल खड़े करता है। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने इसे एक साजिश बताते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने सरकार पर सवर्ण समाज की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए भरत तिवारी को शहीद का दर्जा देने की मांग भी की। इस अवसर पर संगठन के जिला अध्यक्ष सर्वेश मिश्रा ने कहा कि जब भरत ने सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाने के बाद आत्मसमर्पण कर दिया था, तो फिर एनकाउंटर का कोई औचित्य नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि भरत ने छोटे से लेकर बड़े अधिकारियों तक अपनी बात रखने की कोशिश की, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनकी आवाज उठती रहेगी।
संभल में युवक ने किया सुसाइड:परचून की दुकान में फांसी लगाई, पत्नी ने खेत से लौटने के बाद देखा शव
संभल में एक ग्रामीण ने अपनी परचून की दुकान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना तहसील संभल के थाना नखासा क्षेत्र के गांव ईसापुर सुनवारी की है। मृतक की पहचान 38 वर्षीय रौदास पुत्र गंगासरन के रूप में हुई है। परिजनों को घटना की जानकारी फांसी लगाने के लगभग तीन घंटे बाद हुई। मृतक की पत्नी चंद्रावती शाम 5 बजे गांव में ही खेत में धान लगाने गई थीं। जब वह 7:15 बजे लौटीं, तो पति दिखाई नहीं दिए और गांव के बाहर हिसामपुर रोड पर स्थित दुकान का दरवाजा अंदर से बंद था। शक होने पर उन्होंने आसपास के लोगों को बुलाया। लोहे का गेट तोड़कर अंदर देखा गया तो रौदास फांसी के फंदे पर लटके हुए थे। परिजनों ने उन्हें फंदे से उतारकर इलाज के लिए अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। रविवार रात 8 बजे थाना पुलिस को ग्रामीण के द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने की सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी संजय कुमार शर्मा एवं पुलिस चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक रौदास अपने पीछे पत्नी चंद्रावती और तीन बच्चों को छोड़ गए हैं। इनमें 15 वर्षीय डोली, 13 वर्षीय प्रिंसी और 6 वर्षीय अनमोल शामिल हैं। थाना प्रभारी संजय कुमार शर्मा ने बताया कि ग्रामीण के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उनके द्वारा आत्महत्या क्यों की गई, इसके पीछे के कारणों की छानबीन की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
अमरोहा में पानी के टैंक में बच्ची डूबी:निर्माणाधीन मकान में खेलते हुए गिरी, मां मजदूरी करने गई थी
अमरोहा जिले के गजरौला थाना क्षेत्र के तिगरिया खादर गांव में एक निर्माणाधीन मकान के पानी के टैंक में डूबने से छह वर्षीय बालिका की मौत हो गई। रविवार दोपहर हुई इस घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। गांव तिगरिया खादर निवासी विमलेश नामक महिला की बेटी अवनी (6) की पानी के टैंक में डूबने से मौत हुई है। विमलेश अपनी छोटी बेटी तन्वी (4) और अवनी के साथ मायके में रह रही थी। रविवार को विमलेश परिवार की अन्य महिलाओं के साथ मजदूरी करने गई थी, जबकि अवनी और तन्वी घर पर थीं। दोपहर के समय अवनी खेलते-खेलते अचानक गायब हो गई। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिली। करीब ढाई बजे अवनी का शव निर्माणाधीन मकान के पानी के टैंक में उतराता हुआ मिला। बच्ची के शव को देखकर परिजनों में चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग भी मौके पर एकत्र हो गए और विमलेश भी काम से वापस आ गई। परिजन शाम के समय बालिका के शव को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचे। विमलेश के पति सोनू ने, जो जैथल गांव निवासी हैं, शव का अंतिम संस्कार उनके पहुंचने तक न करने का आग्रह किया। गजरौला थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि पुलिस ने परिजनों से घटना की जानकारी ली है और शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
बालोतरा सब्जी मंडी में लगी आग:कचरा जलने से फैली, फायर ब्रिगेड ने समय रहते पाया काबू, बड़ा हादसा टला
बालोतरा शहर की सब्जी मंडी में रविवार रात करीब 10 बजे कचरे के ढेर में अचानक आग लग गई। आग की सूचना मिलते ही नगर परिषद की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और तुरंत कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया। दमकल कर्मियों की तेजी से की गई कार्रवाई के चलते बड़ा हादसा होने से बच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंडी परिसर में पड़े कचरे के ढेर से आग की शुरुआत हुई। कुछ ही देर में वहां से धुएं का गुबार उठने लगा, जिससे मंडी में मौजूद व्यापारियों और लोगों में हड़कंप मच गया। दमकल कर्मियों ने फैलने से पहले बुझाई आग सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। दमकल कर्मियों ने आग को कचरे के ढेर तक ही सीमित रखा और उसे आसपास की दुकानों व अन्य हिस्सों तक फैलने से रोक दिया। समय पर आग पर काबू पा लेने से किसी बड़े नुकसान की स्थिति नहीं बनी। पुरानी घटना याद कर सहमे व्यापारी आग की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में व्यापारी और आसपास के लोग मंडी में पहुंच गए। व्यापारियों ने बताया कि करीब एक साल पहले भी सब्जी मंडी में भीषण आग लग चुकी है, जिसमें काफी नुकसान हुआ था। रविवार रात हुई घटना के बाद पुरानी घटना की यादें फिर ताजा हो गईं और कुछ समय के लिए मंडी में डर और चिंता का माहौल बन गया। जनहानि और बड़े नुकसान की सूचना नहीं राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने या किसी बड़े आर्थिक नुकसान की सूचना नहीं है। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और संबंधित विभाग मामले की जांच में जुटा हुआ है। घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों ने मंडी परिसर में नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि कचरे के ढेर जमा होने से इस तरह की घटनाओं का खतरा बना रहता है।
छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में हाथियों का एक झुंड अपने शावकों के साथ 3 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित एक झिरिया में पानी पीते और स्नान करते हुए नजर आया। यह मनमोहक दृश्य कुल्हाड़ीघाट परिक्षेत्र में लगाए गए ट्रैप कैमरे में कैद हुआ है। जंगल के बीच पानी में मस्ती करते हाथियों और उनके शावकों का यह दुर्लभ नजारा वन्यजीव संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सफलता को दर्शाता है। जानकारी के अनुसार, ट्रैप कैमरे में रिकॉर्ड हुए इस दृश्य में दो अलग-अलग दलों के कुल छह हाथी दिखाई दिए। इनमें शावक भी शामिल थे, जो पानी में खेलते, स्नान करते और किनारे की मिट्टी पर अठखेलियां करते नजर आए। यह दृश्य न केवल वन्यजीवों की स्वाभाविक गतिविधियों को दर्शाता है, बल्कि जंगल में जल स्रोतों की उपलब्धता के महत्व को भी उजागर करता है। देखिये यह तस्वीरें जल संकट के बीच जीवनदायिनी बनी झिरियाएं उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व ने जंगलों में जल संकट से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर जल संवर्धन अभियान चलाया है। भूमिगत जल प्रवाह को संरक्षित करते हुए अब तक 800 से अधिक झिरियाओं का निर्माण किया गया है। इसके अलावा, वर्षभर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 34 सौर ऊर्जा संचालित पंप भी स्थापित किए गए हैं। वन विभाग का मानना है कि गर्मी के मौसम में ये जल स्रोत वन्यजीवों के लिए जीवनरेखा का काम करते हैं। पर्याप्त पानी मिलने से वन्यजीव जंगल के भीतर ही रहते हैं और आबादी वाले क्षेत्रों की ओर उनका रुख कम होता है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावनाएं भी घटती हैं। 100 से अधिक गांवों की सुरक्षा से भी जुड़ा है अभियान उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व केवल हाथी, बाघ, तेंदुआ और दुर्लभ वन भैंस जैसे वन्यजीवों का ही आश्रय स्थल नहीं है, बल्कि इसके भीतर और आसपास 100 से अधिक गांव भी बसे हुए हैं। ऐसे में जल संरक्षण की यह पहल वन्यजीवों के साथ-साथ स्थानीय समुदायों की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने की तैयारी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरुण जैन ने बताया कि जलवायु परिवर्तन और संभावित सुपर एल-नीनो जैसी परिस्थितियों को देखते हुए जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में ही पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए झिरियाओं का निर्माण और सौर ऊर्जा संचालित पंपों का संचालन लगातार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जल स्रोतों की सुरक्षा के लिए नियमित निगरानी और गश्त भी बढ़ाई गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को रोका जा सके और वन्यजीवों को सुरक्षित वातावरण मिल सके। संरक्षण और सहअस्तित्व की प्रेरक मिसाल कुल्हाड़ीघाट की झिरिया में हाथियों और उनके शावकों का यह दृश्य एक बार फिर साबित करता है कि समय रहते किए गए संरक्षण और आवास प्रबंधन के प्रयास जंगलों को जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से मुकाबला करने में सक्षम बनाते हैं। यह केवल वन्यजीव संरक्षण की कहानी नहीं, बल्कि प्रकृति और मानव के सहअस्तित्व की एक प्रेरक मिसाल भी है। गर्मी के चरम समय में पानी से भरी हर झिरिया वन्यजीवों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। यही कारण है कि उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व संरक्षण और जनकल्याण के बीच संतुलन कायम करते हुए लगातार ऐसे प्रयासों को आगे बढ़ा रहा है।
योग दिवस पर किया सहजयोग:सहजयोग आज का महायोग, प्राचीन स्थानों पर कलात्मक योग का अद्भुत प्रदर्शन
सहजयोग संस्थापिका परम माताजी निर्मला देवी द्वारा प्रणीत सहजयोग के योग दिवस के प्रोग्राम मे आए हुए साधकों का कुण्डलिनी जागरण एवं आत्म साक्षात्कार के बारे में समझाया गया एवं योग का अभ्यास करवाया गया।उसके बाद पधारे हुए साधको को हाथो तथा सिर के तालू भाग मे चैतन्य लहरियो का आभास हुआ। प्रोग्राम की शुरुआत में डॉ. पुनीत तंवर ने योग का अर्थ एवं महत्व समझाया एवं सहज योग अन्य योगों से किस प्रकार आसान एवं भिन्न है, इसकी जानकारी उपलब्ध करवाई। तत्पश्चात पेशे से शिक्षक नंदू गिरी ने आत्मसाक्षात्कार का अनुभव करने के स्टेप्स सिखाये। सहजयोग केंद्र जोधपुर समन्व्यक् श्री पूनम चंद साँखला ने बताया कि जोधपुर मे सहजयोग ध्यान के 3 केंद्र साप्ताहिक अलग अलग क्षेत्रो मे संचालित हो रहे है।यह पूर्णतः निशुल्क है, सहजयोग ध्यान करने से मानसिक शांति मिलती है, सभी प्रकार की बीमारियों से मुक्ति मिलने लगती है.कलयुग मे मनुष्य हर तरफ भ्रांति से घिरा हुआ है, ऐसे मे सहजयोग ध्यान सभी के लिए एक रामबाण एवं जड़ी बून्टी साबित हो रहा है. कोरोना काल मे भी सहजयोग ध्यान द्वारा पूरे भारत वर्ष मे लाखों साधक लाभांवित हुए। प्राचीन स्थानों पर कलात्मक योग का अद्भुत प्रदर्शन योगा एलायंस सोसाइटी,उड़ान फाउंडेशन ओर योगासन जोधपुर के राष्ट्रीय स्तरीय खिलाड़ियों ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पहाड़ियों की मनोरम वादियों में,प्राचीन स्थानों पर कलात्मक योग का शानदार प्रदर्शन किया। योग प्रशिक्षक गजराज सिंह ने बताया खिलाड़ियों ने विभिन्न योग आसनों का प्रदर्शन करते हुए आकर्षक एवं जटिल योग पिरामिड बनाए। कठिन से कठिन योगासन और चुनौतीपूर्ण तकनीकों को खिलाड़ियों ने पूर्ण संतुलन, एकाग्रता एवं आत्मविश्वास के साथ सहजता से प्रस्तुत किया। विशेष बात यह रही कि सभी खिलाड़ियों ने कठिन कलात्मक संरचनाओं और पिरामिडों का निर्माण मुस्कुराते हुए किया, जिससे योग के प्रति उनका समर्पण, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा स्पष्ट रूप से दिखाई दी। उड़ान फाउंडेशन अध्यक्ष वरुण धनाडियां बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र जी मोदी ने योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो पहचान दिलाई है उसी से प्रेरित होकर सभी योग से जुड़ भी रहे हैं। हमारे प्राचीन धरोहर के प्राकृतिक वातावरण में प्रस्तुत इस अद्भुत योग प्रदर्शन ने उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया तथा योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों का प्रेरणादायक संदेश दिया। इन खिलाड़ियों में लेखिका चौधरी, डोली,मेघा विश्नोई,ख्याति पालीवाल,अंजली विश्नोई,एकता प्रजापत,लक्षिता मेवाड़ा,यशस्वी सेन,ऋतिक विश्नोई,नेकी सामरिया,गर्व लिंबा,उज्ज्वल ओर अर्जुन परिहार शामिल रहे इन्होंने अपने प्रशिक्षक गजराज सिंह शेखावत ओर यशदीप सिंह कच्छवाहा के मार्गदर्शन में यह सुंदर पिरामिड बनाए।
बहराइच के दरगाह शरीफ थाना क्षेत्र के एक गांव में किशोरी के लापता होने के मामले को लेकर रविवार को तनाव की स्थिति पैदा हो गई। दूसरे समुदाय के एक युवक पर किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाते हुए दो समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए। आक्रोशित लोगों ने आरोपी युवक के घर पहुंचकर हंगामा किया, रेलिंग तोड़ दी और पथराव किया। इस दौरान युवक के सहयोगी की आटा चक्की में आग लगाने का भी प्रयास किए जाने का आरोप लगाया गया। तीन दिन पहले लापता हुई थी किशोरी सेखवांपुर गांव निवासी एक ग्रामीण की किशोरवय पुत्री तीन दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि डिहवा गांव निवासी मोनू नामक युवक अपने एक सहयोगी की मदद से किशोरी को बहला-फुसलाकर साथ ले गया है। आरोपी के घर पहुंचे लोग, हुआ हंगामा रविवार को मामला तूल पकड़ गया। बड़ी संख्या में लोग आक्रोशित होकर आरोपी युवक के घर पहुंच गए। इस दौरान लोगों ने पथराव किया और तोड़फोड़ की। साथ ही युवक के सहयोगी की आटा चक्की में आग लगाने का प्रयास किए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने संभाला मोर्चा, बढ़ाई गई सुरक्षा सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह हालात को नियंत्रित किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दरगाह, कोतवाली नगर और कोतवाली देहात थानों की पुलिस के साथ अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। क्षेत्राधिकारी नगर नारायण दत्त मिश्रा स्वयं मौके पर कैंप कर हालात पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस बोली- शॉर्ट सर्किट से उठा था धुआं पुलिस ने आटा चक्की में आग लगाने की घटना से इनकार किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आटा चक्की में शॉर्ट सर्किट के कारण धुआं उठने की सूचना मिली थी, जिस पर तत्काल काबू पा लिया गया था। मुकदमा दर्ज, किशोरी और आरोपी की तलाश जारी पीड़ित पक्ष की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि किशोरी और उसे ले जाने के आरोपी युवक की तलाश के लिए टीमों को लगाया गया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पीलीभीत के डीआईओएस कार्यालय में हुए करोड़ों रुपये के वेतन घोटाले के मुख्य आरोपी निलंबित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय जांच नए सिरे से शुरू होगी। पूर्व में गठित जांच समिति के सदस्यों द्वारा व्यक्तिगत कारणों का हवाला देकर जांच से हटने के बाद, अब एक नई तीन सदस्यीय विशेष समिति के गठन का निर्णय लिया गया है। बीसलपुर जनता इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रवीण सक्सेना ने निलंबित कर्मचारी इल्हाम उर रहमान शम्सी को डाक के माध्यम से विस्तृत आरोप पत्र भेजा है। इस आरोप पत्र में बिंदुवार गंभीर आरोप तय किए गए हैं और आरोपी कर्मचारी से 15 दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समयावधि के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो बिना किसी देरी के सीधे सेवा समाप्ति (बर्खास्तगी) की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यह पूरा मामला डीआईओएस कार्यालय में संबद्ध रहने के दौरान इल्हाम उर रहमान शम्सी पर वेतन बिलों में बड़े पैमाने पर हेराफेरी और फर्जीवाड़ा कर करोड़ों रुपये के गबन के आरोप से जुड़ा है। इस महाघोटाले का भंडाफोड़ होने पर तत्कालीन डीआईओएस राजीव सिंह ने कोतवाली सदर में मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी इल्हाम और उसके कुछ करीबियों को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद वे जेल भी जा चुके हैं। प्रधानाचार्य प्रवीण सक्सेना ने बताया, “उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पहले जो जांच टीम बनाई गई थी, उसके सदस्यों ने हाथ पीछे खींच लिए हैं। हालांकि, जांच प्रक्रिया को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। जल्द ही नई तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर मामले की निष्पक्ष व नए सिरे से जांच कराई जाएगी।” शासन स्तर से मिल रहे कड़े निर्देशों के अनुपालन में अब विभागीय स्तर पर भी आरोपी कर्मचारी पर शिकंजा कसना पूरी तरह तय माना जा रहा है।
झाला की चौकी में मकान पर फायरिंग:बाइक सवार नकाबपोश बदमाश फरार, सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस
बर थाना क्षेत्र के झाला की चौकी गांव में रविवार शाम एक मकान पर फायरिंग की घटना सामने आई। बाइक सवार एक नकाबपोश युवक ने धर्मीचंद पुत्र जुगराज मेवाड़ा (कलाल) के मकान पर गोली चलाई और मौके से फरार हो गया। इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही रायपुर और सेंदड़ा थाना पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। कुछ देर बाद पुलिस उपाधीक्षक ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक नकाबपोश युवक बाइक पर आया, मकान की ओर फायरिंग की और तेजी से फरार हो गया। हालांकि, इस घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने या किसी प्रकार की जनहानि की कोई सूचना नहीं है। घटना की जानकारी तत्काल रायपुर थाने को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस आरोपी की पहचान करने और घटना में प्रयुक्त बाइक का नंबर पता लगाने का प्रयास कर रही है। बर थाना अधिकारी गिरधारी सिंह ने बताया कि फायरिंग की घटना के बाद से ही संदिग्धों की तलाश जारी है। पुलिस क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
दुकान का लेंटर गिरने से मलबे में दबा मजदूर, मौत:मैनपुरी में बल्ली टूटने से दुकान पर गिरा, 8 घायल
मैनपुरी में भोगांव थाना क्षेत्र के छाछा गांव में रविवार को निर्माणाधीन दुकान का लेंटर गिरने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य मजदूर घायल हो गए। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जानकारी के अनुसार, छाछा गांव निवासी सुरेंद्र फौजी की निर्माणाधीन दुकान पर लेंटर डालने का कार्य चल रहा था। मजदूरों की टीम ठेके पर लेंटर डालने का काम कर रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक लेंटर का कार्य लगभग पूरा हो चुका था और मशीन हटाई जा रही थी। इसी दौरान शटरिंग में लगी एक बल्ली अचानक टूट गई, जिससे पूरा लेंटर भरभराकर नीचे गिर गया। मलबे में दब गए मजदूर लेंटर गिरते ही वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलते ही भोगांव पुलिस, एसडीएम नीरज द्विवेदी, तहसीलदार तथा क्षेत्राधिकारी रामकृष्ण द्विवेदी भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से जेसीबी मशीनों द्वारा बचाव अभियान चलाया गया। करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकाला गया। मजदूर लगभग आधे घंटे तक मलबे में फंसे रहे। जिला अस्पताल में हुई मौत हादसे में घायल हुए मजदूरों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भोगांव भेजा गया। गंभीर रूप से घायल मजदूर तुलाराम (46) पुत्र राजाराम निवासी ग्राम सूरजपुर, भोगांव को जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सीएचसी भोगांव के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मोहित चतुर्वेदी ने बताया कि दो मजदूरों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया है। अन्य घायलों का उपचार जारी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान मजदूरों ने कोई सुरक्षा उपकरण नहीं पहन रखे थे। अधिकांश मजदूर सूरजपुर गांव के रहने वाले थे और ठेके पर लेंटर डालकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। एसडीएम नीरज द्विवेदी ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच कराई जाएगी। यदि निर्माण कार्य में लापरवाही पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं क्षेत्राधिकारी रामकृष्ण द्विवेदी ने बताया कि मलबा हटाने का कार्य जारी है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता दिए जाने संबंधी घोषणा सोमवार को की जा सकती है। प्रत्यक्षदर्शी कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि कार्य लगभग पूरा हो चुका था। शटरिंग की बल्ली टूटने के बाद अचानक पूरा लेंटर गिर गया, जिससे यह हादसा हुआ।
बेतिया के पत्रकारों की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को वरीय पत्रकार मोहन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में समाचार संकलन करने गए पत्रकारों के साथ इंटर्न छात्रों द्वारा किए गए कथित दुर्व्यवहार, मारपीट और मोबाइल छीनने की घटना की कड़ी निंदा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि पत्रकारों की एक टीम जिले के वरीय अधिकारियों से मुलाकात कर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करेगी। मरीजों के बाद अब पत्रकारों के साथ भी दुर्व्यवहार का आरोप बैठक में पत्रकारों ने कहा कि डॉक्टरों को समाज में भगवान का दर्जा दिया जाता है, लेकिन जीएमसीएच में मरीजों, उनके परिजनों और अब पत्रकारों के साथ हो रही घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में इंटर्न छात्रों की मनमानी बढ़ती जा रही है, जिससे वहां असुरक्षा और अराजकता का माहौल बन रहा है। अस्पताल प्रशासन पर उठाए सवाल पत्रकारों का कहना था कि जीएमसीएच परिसर में आए दिन होने वाली ऐसी घटनाएं प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में इंटर्न छात्रों का व्यवहार लगातार आक्रामक होता जा रहा है। मरीजों और उनके परिजनों के बाद अब पत्रकार भी इसका शिकार हो रहे हैं। दोषियों पर कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था की मांग बैठक में पत्रकार हितों से जुड़े कई प्रस्ताव पारित किए गए। इसमें घटना की उच्चस्तरीय जांच, दोषी इंटर्न छात्रों पर सख्त कार्रवाई और पत्रकारों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग शामिल रही। पत्रकारों ने कहा कि बार-बार ऐसी घटनाओं के बावजूद अस्पताल और जिला प्रशासन की ओर से प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। डीएम से मिलकर सौंपेंगे ज्ञापन बैठक में निर्णय लिया गया कि पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही जिलाधिकारी से मिलकर ज्ञापन सौंपेगा और निष्पक्ष जांच के लिए कमेटी गठित करने की मांग करेगा। पत्रकारों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो वे चरणबद्ध आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
संभल में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के युवा जिला कार्यालय का उद्घाटन किया गया। इस समारोह में पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। उद्घाटन के दौरान संगठन को मजबूत करने और युवाओं की राजनीतिक व सामाजिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। इस कार्यालय के शुभारंभ को आगामी विधानसभा चुनाव 2027 से जोड़कर देखा जा रहा है। यह उद्घाटन समारोह रविवार रात 9 बजे संभल के थाना नखासा क्षेत्र के मोहल्ला दीपा सराय में आयोजित हुआ। इसमें पश्चिम यूपी युवा अध्यक्ष एहतेशाम मंसूरी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक करने और उन्हें संगठन की विचारधारा व जनहित के मुद्दों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। मंसूरी ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाएं और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करें। कार्यक्रम में चेयरपर्सन पति चौधरी मुशीर अली खान, पूर्व नगर पंचायत प्रत्याशी जुबैर फैसल, संभल जिलाध्यक्ष असद अब्दुल्ला, नगराध्यक्ष मेहरान नोशाही, यूथ जिलाध्यक्ष नूर मोहम्मद, नगर सचिव तारिक अहमद, डॉ. गुलाम मोहम्मद और मुन्ना मॉडल सहित कई प्रमुख नेता व कार्यकर्ता उपस्थित थे। वक्ताओं ने बताया कि यह नया युवा जिला कार्यालय संगठनात्मक गतिविधियों का केंद्र बनेगा। इसके माध्यम से युवाओं को शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय और क्षेत्रीय समस्याओं से जुड़े मुद्दों पर जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी आम जनता की आवाज को मजबूती से उठाने के लिए प्रतिबद्ध है और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों का स्वागत और सम्मान किया गया। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत बनाने तथा जनसेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। उद्घाटन समारोह के दौरान उत्साहपूर्ण माहौल देखा गया और कार्यकर्ताओं ने संगठन के विस्तार के लिए मिलकर काम करने का भरोसा जताया।
नवादा सदर अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने जमकर हंगामा किया। एक सड़क हादसे में घायल दो युवकों की इलाज के अभाव में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि दोनों युवकों को अस्पताल लाया गया था, उस समय उनकी सांसें चल रही थीं, लेकिन डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण समय पर इलाज नहीं मिल सका। मृतकों की पहचान मोहम्मद कैफ (22) और मोहम्मद गुलजार (22) के रूप में हुई है। दोनों युवक एक ही बाइक से जा रहे थे, तभी सुपौल गांव के पास तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे के बाद दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल पहुंचने के बाद भी नहीं मिला इलाज, परिजनों का आरोप परिजनों के अनुसार हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों युवकों को तुरंत सदर अस्पताल लाया गया। उनका कहना है कि दोनों युवक उस वक्त जीवित थे और इलाज की जरूरत थी। लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद काफी देर तक डॉक्टर उपलब्ध नहीं हो सके। परिजनों ने आरोप लगाया कि करीब दो घंटे तक इलाज नहीं मिलने के कारण दोनों युवकों की हालत बिगड़ती गई और आखिरकार उनकी मौत हो गई। गुस्साए लोगों ने अस्पताल प्रबंधक को घेरा दो युवकों की मौत की खबर मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। सदर अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू हो गया। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल प्रबंधक कुमार आदित्य को घेर लिया और उनके साथ मारपीट कर दी। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरातफरी की स्थिति बन गई। अस्पताल प्रबंधक कुमार आदित्य ने बताया कि डॉक्टर मुकेश कुमार दूसरे वार्ड में गए थे और वापस आ रहे थे, लेकिन इसी बीच विवाद बढ़ गया। डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर पहले भी उठते रहे हैं सवाल सदर अस्पताल की व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोग पहले भी सवाल उठाते रहे हैं। लोगों का कहना है कि डॉक्टरों की अनुपस्थिति, स्टाफ की कमी और इलाज की सुविधाओं का अभाव मरीजों के लिए परेशानी का कारण बनता है। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी पुलिस घटना की सूचना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अज्ञात वाहन की पहचान करने में जुटी है। वहीं, परिजनों ने अस्पताल की लापरवाही की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। एक सड़क हादसे में घायल दो युवकों की मौत ने नवादा की स्वास्थ्य व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। परिवार अब सिर्फ यही सवाल पूछ रहा है कि अगर समय पर इलाज मिल जाता तो क्या दोनों युवकों की जान बच सकती थी?
सतना में रविवार को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा में 322 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। इस बीच, एक छात्र ने आरोप लगाया है कि उसे परीक्षा केंद्र को लेकर गुमराह किया गया, जिससे वह परीक्षा नहीं दे पाया। जिला मुख्यालय के 7 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा के लिए कुल 2913 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 2591 ने परीक्षा दी, जबकि 322 अनुपस्थित रहे। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5.15 बजे तक आयोजित की गई थी। रिपोर्टिंग का समय सुबह 11 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक निर्धारित था। परीक्षा केंद्रों पर 3 सेक्टर मजिस्ट्रेट थे तैनातपेपर लीक और नकल रोकने के लिए कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। परीक्षा केंद्रों पर 3 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 36 कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तैनात थे। भारी पुलिस बल के साथ प्रत्येक केंद्र पर 2 सीआईएसएफ जवान भी लगाए गए थे, जिससे कुल 14 जवान तैनात रहे। इसके अतिरिक्त, जैमर से लैस सीसीटीवी सर्विलांस को केंद्रीकृत नियंत्रण कक्ष से जोड़ा गया था। आधार-आधारित बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन तकनीक का भी उपयोग किया गया। छात्र का आरोप सेंटर को लेकर गुमराह कियापरीक्षा के दौरान, सेमरी दुबे निवासी छात्र ध्रुव गौतम ने आरोप लगाया कि उसे सही केंद्र पर पहुंचने के बाद भी प्रवेश पत्र जांच के दौरान गुमराह किया गया, जिससे वह परीक्षा देने से वंचित रह गया। ध्रुव ने बताया कि वह दोपहर 1.25 बजे पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय दो स्थित केंद्र पर पहुंचा था। वहां प्रवेश पत्र की जांच के दौरान उसे बताया गया कि उसका केंद्र व्यंकट क्रमांक दो स्कूल में है। वह बाइक से व्यंकट स्कूल पहुंचा, लेकिन वहां से उसे फिर केंद्रीय विद्यालय दो वापस भेज दिया गया। इसी भागदौड़ में वह परीक्षा नहीं दे पाया। हालांकि, छात्र के इन आरोपों को संदिग्ध माना जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने उसकी शिकायत पर जांच की बात कही है।
गयाजी पुलिस ने साइबर गिरोह के 7 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से 14 एटीएम कार्ड, 22 एक्टिवेटेड सिम कार्ड, एक पासबुक, एक चेकबुक और 34,000 नगद बरामद किए हैं। जांच में सामने आया है कि गिरोह ने 10 लोगों को रुपयों का लालच देकर उनके नाम पर 'म्यूल अकाउंट' (फर्जी अकाउंट) खुलवाया था। महज कुछ ही समय में करीब ₹8,98,538 की अवैध ट्रांजैक्शन को अंजाम दे डाला। फर्जी अकाउंट धारकों को हिरासत में लिया 20 जून को साइबर थाने को इनपुट मिला कि कुछ बैंक खातों में संदिग्ध रूप से भारी ट्रांजैक्शन हो रहा है। डीएसपी सह साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में जब टीम ने खातों की पड़ताल की तो परतें खुलती चली गईं। सबसे पहले पुलिस ने 'म्यूल अकाउंट' धारकों को हिरासत में लिया जिनकी निशानदेही पर गया के मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के धर्मशी निवासी रॉकी कुमार को गिरफ्तार किया गया।पूछताछ में रॉकी ने बतातया कि वह लोगों को पैसों का लालच देकर सिम और खाते जुटाता था। उसने ऐसे 6 खाते परैया के कमलदाह निवासी अभिषेक पासवान को सौंपे थे, जिसके एवज में अभिषेक ने उसे प्रति खाता ₹5,000 दिए थे। पुलिस ने जब अभिषेक के घर दबिश दी, तो वहां से 34,000 कैश मिला। अभिषेक ने खुलासा किया कि उसने ये सभी खाते औरंगाबाद के रफीगंज निवासी अंकित कुमार को 7,000 प्रति खाते के हिसाब से बेचे थे। रफीगंज पुलिस के सहयोग से जब अंकित के ठिकाने पर छापेमारी की गई तो वहां से साइबर अपराध की पूरी टूलकिट (14 एटीएम और 22 सिम) बरामद हुई। NCRP पोर्टल ने खोले राज, देश भर से जुड़ी थीं कड़ियां पुलिस की इस टेक्निकल तफ्तीश में नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) की भूमिका बेहद अहम रही। पोर्टल की जांच से पता चला कि पकड़े गए अन्य आरोपियों कंजित पासवान का बेटा गौतम कुमार, निखिल कुमार, वेद प्रकार शर्मा का बेटा गौतम कुमार और आकाश कुमार के खातों पर पहले से ही साइबर ठगी की कई शिकायतें दर्ज थीं। ये आरोपी ठगी की रकम को तुरंत इन खातों में मंगवाते थे और एटीएम के जरिए कैश निकालकर या दूसरे खातों में ट्रांसफर कर गायब कर देते थे। मास्टरमाइंड अंकित का पुराना आपराधिक इतिहास गिरोह का मुख्य मोहरा अंकित कुमार पहले भी जेल जा चुका है। पुलिस के अनुसार उसका पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह नालंदा जिले के नूरसराय थाना कांड संख्या 487/23 में भी नामजद अभियुक्त है। पुलिस फिलहाल इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह के तार अंतरराज्यीय ठगों से कहां तक जुड़े हैं। अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही साइबर थाना डीएसपी रहमान दानिश ने बताया कि कांड संख्या 91/26 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। गिरोह के कुछ अन्य सदस्यों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे चंद रुपयों के लालच में आकर अपना बैंक खाता या सिम कार्ड किसी अनजान व्यक्ति को न सौंपें, अन्यथा वे अनजाने में बड़े अपराध का हिस्सा बन सकते हैं।
ताले तोड़कर घरों को निशाना बना रहा था गैंग:बारादरी पुलिस ने तीन शातिर चोर दबोचे
बरेली। बारादरी पुलिस ने घरों में लगातार हो रही चोरी की वारदातों का खुलासा करते हुए एक शातिर चोर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी का माल, नकदी और वारदात में इस्तेमाल किया गया ऑटो बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, 14 जून को रिया गौतम के घर का ताला तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण, 40 हजार रुपये नकद, इन्वर्टर, बैटरी, टीवी, लैपटॉप और मोबाइल सहित अन्य सामान चोरी कर लिया गया था। इसके अतिरिक्त, सरफराज अहमद, फैसल सैफी और मोहम्मद कैफ के किराए के कमरों में भी चोरी की घटनाएं सामने आई थीं। एसएसपी के निर्देश पर गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। रविवार को हरुनंगला पुल के पास से धर्मवीर, परमवीर और अजय को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे रात के समय सुनसान इलाकों में रेकी करते थे और लोहे की रॉड से घरों के ताले तोड़ते थे। गिरोह का एक सदस्य बाहर निगरानी करता था, जबकि अन्य चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। चोरी के बाद वे ऑटो में सामान लादकर फरार हो जाते थे। आरोपियों ने तुलसीनगर क्षेत्र में भी चोरी की घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो कलाई घड़ियां, एक इन्वर्टर, 1820 रुपये नकद, ताला तोड़ने में प्रयुक्त लोहे की रॉड और वारदात में इस्तेमाल ऑटो बरामद किया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य संभावित साथियों और चोरी के बाकी सामान की तलाश कर रही है।
चंदौली जिला मुख्यालय पर मुहर्रम के अवसर पर एक मजलिस का आयोजन किया गया। इस दौरान खिताब करते हुए मौलाना जाफर रिजवी ने कहा कि करबला की दास्तान को केवल धार्मिक दृष्टिकोण से नहीं देखना चाहिए, बल्कि इसमें परिवार, समाज और व्यक्ति के लिए कई आदर्श घटनाएं शामिल हैं। मौलाना ने अपने संबोधन में इमाम हुसैन और उनकी बहन जनाबे ज़ैनब के योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यदि जनाबे ज़ैनब न होतीं, तो करबला की कहानी दुनिया तक अपने वास्तविक रूप में नहीं पहुंच पाती। इमाम हुसैन की शहादत के बाद, उन्होंने अत्याचारी बादशाह यज़ीद के दरबार में निर्भीक होकर प्रतिरोध किया। जनाबे ज़ैनब ने दुनिया को यह संदेश दिया कि इस्लाम का असली संदेश न्याय, सत्य और मानवता है। मौलाना रिजवी ने कहा कि जनाबे ज़ैनब ने अपने धैर्य, साहस और अदम्य हौसले से यह साबित किया कि सच्चाई को कभी दबाया नहीं जा सकता। करबला की दास्तान आज भी उन सभी को शक्ति देती है जो अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाना चाहते हैं। मौलाना जाफर रिजवी ने इमाम हुसैन के मित्र हज़रत हबीब इब्ने मज़ाहिर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि करबला की जंग रिश्तों और वफादारी की सबसे बड़ी मिसाल है। इमाम के सच्चे साथियों ने दीन और इंसानियत की रक्षा के लिए न केवल अपनी जान, बल्कि अपने जवान बेटों तक का बलिदान दिया। यही कारण है कि करबला का संदेश सदियों बाद भी लोगों के दिलों में जीवित है। इस मजलिस में वाराणसी से आई अंजुमन सज्जादिया पठानी टोला, बनारस के अलावा अंजुमन अब्बासिया मक़दूमाबाद, लौंदा और सिकंदरपुर की अंजुमनों के मातमी दस्तों ने नौहाख्वानी और मातम के जरिए इमाम हुसैन की शहादत को श्रद्धांजलि अर्पित की। मातमी धुनों और या हुसैन की सदाओं से पूरा माहौल गमगीन और आध्यात्मिक हो उठा। इस अवसर पर मायल चंदौलवी, वकार सुल्तानपुरी, शहंशाह मिर्जापुरी, मोनिस, हाजी नूरूल और सिब्बल साहब सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
बरेली में 170 ग्राम स्मैक बरामद:ट्रक चालकों को बेचने की तैयारी में थे दो युवक, गिरफ्तार
बरेली में इज्जतनगर पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से कुल 170 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि आरोपी डेलापीर मंडी क्षेत्र में ट्रक चालकों को स्मैक बेचने की फिराक में थे। पुलिस के अनुसार, शनिवार और रविवार की दरमियानी रात गश्त के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी। बताया गया कि पीसी स्कूल के आगे खाली मैदान में दो व्यक्ति मादक पदार्थ बेचने के लिए मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर जुनेद के पास से 100 ग्राम और तोहिद के पास से 70 ग्राम स्मैक मिली। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी शाही कस्बे के बलीनगर मोहल्ले के निवासी हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने यह स्मैक किसी अज्ञात व्यक्ति से खरीदी थी। उनका मकसद इसे डेलापीर मंडी क्षेत्र में ट्रक चालकों को बेचना था। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वे नशे के इस कारोबार से मिलने वाली रकम से अपना खर्च चलाते थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है। इस कार्रवाई को शहर में सक्रिय संभावित ड्रग नेटवर्क पर एक महत्वपूर्ण प्रहार माना जा रहा है। पुलिस अब शाही क्षेत्र से लेकर शहर तक फैले इस नशे के नेटवर्क के मुख्य स्रोत और अन्य जुड़े लोगों की तलाश कर रही है।
मेरठ में किशोर की हत्या का खुलासा:मोबाइल लूटकर नाले में फेंका था शव, आरोपी गिरफ्तार
मेरठ पुलिस ने 16 वर्षीय किशोर अब्दुल समद की हत्या का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से मृतक का मोबाइल फोन भी बरामद किया है। मामले में पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर सवाल उठने के बाद अब उच्च स्तरीय जांच भी शुरू कर दी गई है। जाकिर कॉलोनी निवासी अबरार का बेटा अब्दुल समद कबाब की दुकान पर काम करता था। वह 16 जून को काम से लौटते समय अचानक लापता हो गया था। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। परिवार ने उसी दिन लोहियानगर थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी थी, हालांकि तत्काल मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। नाले से मिला शव, पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि 18 जून को जाहिदपुर क्षेत्र के पास एक नाले से किशोर का शव बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से हत्या की पुष्टि हुई। एसएसपी के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी सोनू उर्फ जावेद को हापुड़-मेरठ रोड से गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके पास से मृतक का रेडमी मोबाइल फोन भी बरामद किया है। आरोपी का आपराधिक इतिहास भी आया सामने पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी सोनू उर्फ जावेद का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, लूट और आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर मुकदमे पहले से दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस हत्या के पीछे की वजह और घटनाक्रम की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर सवाल, जांच के आदेश इस मामले में शुरुआती स्तर पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठे हैं। इसे देखते हुए मेरठ रेंज के डीआईजी ने जांच के आदेश दिए हैं, जिसकी जिम्मेदारी एसपी सिटी को सौंपी गई है। परिजन लगातार आरोपी की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद भी परिवार न्यायिक प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने की मांग कर रहा है।
हाथरस पुलिस ने आज रात 25,000 रुपये के इनामी हत्यारोपी सुखवीर फौजी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। यह मुठभेड़ मुरसान थाना क्षेत्र में हुई। आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी है, जिसके बाद उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। सुखवीर फौजी पर 14 जून को हार्डवेयर कारोबारी सुनील की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। यह हत्या लेनदेन के विवाद को लेकर की गई थी। मृतक सुनील के भाई विकास कुमार ने मुरसान थाने में सूचना दी थी कि उसके भाई को तीन साथियों ने घर से बुलाकर गोली मार दी। इस मामले में मुरसान पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले ही दो अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। एक आरोपी पर लाइसेंसी पिस्टल भी बरामद हुई थी। सुखवीर फौजी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक हाथरस द्वारा 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस टीमों के अथक प्रयासों के बाद, ग्राउंड, टेक्निकल इंटेलिजेंस, सर्विलांस और अन्य स्रोतों से मिली सूचनाओं के आधार पर मुरसान पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई की। इस बारी में जानकारी देते हुए को सादाबाद जेएन अस्थाना ने बताया कि आज रात दयालपुर पेट्रोल पंप के पास पटा खास चौराहे पर हुई पुलिस मुठभेड़ के दौरान, आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में सुखवीर फौजी के दोनों पैरों में गोली लगी। मुठभेड़ के दौरान फायरिंग में पुलिस की गाड़ी और थाना प्रभारी मुरसान की बुलेटप्रूफ जैकेट में भी गोली लगी। घायल अभियुक्त सुखवीर फौजी को तत्काल अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने उसके पास से घटना में प्रयुक्त एक तमंचा (.315 बोर), दो खोखे, दो जिंदा कारतूस, मृतक सुनील का पर्स और एक हीरो पैशन मोटरसाइकिल बरामद की है।
लखीमपुर खीरी में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित नीट (यूजी)-2026 परीक्षा रविवार, 21 जून को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। जिले के सात परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और सख्त निगरानी के बीच यह परीक्षा आयोजित की गई। कुल 3366 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 3157 परीक्षार्थी शामिल हुए, जबकि 209 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक, अपर जिलाधिकारी और अपर पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों ने लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सभी केंद्रों पर नियुक्त मजिस्ट्रेट भी परीक्षा अवधि के दौरान मुस्तैद रहे। डीएम ने राजकीय इंटर कॉलेज, अब्दुल कलाम गर्ल्स इंटर कॉलेज, वाईडी कॉलेज, गुरुनानक इंटर कॉलेज और राजकीय पॉलिटेक्निक सहित विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने परीक्षार्थियों के लिए उपलब्ध कराई गई सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी निगरानी प्रणाली का अवलोकन करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसी क्रम में, जिला विद्यालय निरीक्षक विनोद कुमार मिश्र एवं सिटी कोऑर्डिनेटर तथा केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य आशीष कुमार दीक्षित ने भी विभिन्न परीक्षा केंद्रों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों और केंद्र मजिस्ट्रेटों को एनटीए के सभी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिले में परीक्षा शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और पारदर्शी वातावरण में संपन्न होने पर प्रशासन ने संतोष व्यक्त किया।
मेरठ के मेडिकल थाना क्षेत्र में सार्वजनिक स्थान पर प्रेमी युगल को रोकने पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। यह विवाद देखते ही देखते मारपीट और पत्थरबाजी में बदल गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को थाने ले जाकर मामला शांत कराया। सार्वजनिक जगह पर टोकने से शुरू हुआ विवाद घटना सराय क्षेत्र के पास की है, जहां एक युवक और किशोरी सड़क पर एक-दूसरे के साथ चलते नजर आए। स्थानीय लोगों ने इसे आपत्तिजनक मानते हुए उन्हें टोक दिया। इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई और फिर मामला बढ़ता चला गया। देखते ही देखते हुई पत्थरबाजी और मारपीट प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद कुछ ही देर में हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि बहस के दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई और इसी दौरान पत्थरबाजी भी शुरू हो गई। इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दोनों पक्षों ने लगाए गंभीर आरोप युवती पक्ष का आरोप है कि कुछ स्थानीय युवकों ने उनके साथ अभद्रता की, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि उन्होंने केवल सार्वजनिक स्थान पर आपत्ति जताई थी, लेकिन उन पर हमला किया गया। दोनों ओर से एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस मौके पर पहुंची, दोनों पक्ष थाने ले जाए गए सूचना मिलते ही मेडिकल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने ले जाकर पूछताछ की, जहां काफी देर तक चली बातचीत के बाद दोनों के बीच समझौता हो गया। कोई लिखित शिकायत नहीं, जांच जारी पुलिस के अनुसार, किसी भी पक्ष ने अभी तक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। हालांकि घटना से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। फिलहाल समझौते के बाद मामला शांत है, लेकिन घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
संभल में युवक का शव उसके घर में फांसी पर लटका मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि युवक को फांसी पर लटकाने से पहले रस्सी से गला घोंटा गया था। पड़ोसियों को बदबू आने के बाद 20 जून को घटना की जानकारी हुई थी। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। यह घटना संभल जनपद के थाना बहजोई क्षेत्र के गांव पंवासा की है। मृतक की पहचान 22 वर्षीय परवेंद्र राघव पुत्र स्व. अनिल कुमार के रूप में हुई है। परवेंद्र अपने माता-पिता की मृत्यु के बाद अपनी दादी के साथ रहता था। दादी की मृत्यु के बाद वह अपने रिश्तेदारों के पास रहता था और गांव आता-जाता रहता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि संपत्ति विवाद को लेकर परवेंद्र की हत्या की गई है। इस मामले में उसके चाचा सुनील उर्फ गिरधारी और चचेरे भाई रोहित पर हत्या का आरोप है। 19 जून को परवेंद्र का अपने चाचा सुनील से घर के अंदर मिट्टी डालने को लेकर झगड़ा हुआ था। परवेंद्र का मकान उसके चाचा सुनील और चचेरे भाई रोहित के मकान से सटा हुआ है। परवेंद्र अक्सर अपने घर पर ताला लगाकर रामपुर स्थित अपनी बुआ के पास रहता था। वह अपना मकान किसी अन्य व्यक्ति को बेचना चाहता था, लेकिन उसके चाचा और चचेरा भाई उस मकान को कम दामों में खुद खरीदना चाहते थे। परवेंद्र ने उन्हें मकान बेचने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद पिता-पुत्र उस पर लगातार दबाव बना रहे थे। आरोप है कि इसी बात को लेकर चाचा और चचेरे भाई ने परवेंद्र का रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद, उसी रस्सी से उसके गले में फंदा डालकर कमरे की छत में लगे कुंडे से लटका दिया गया। मृतक के गले की रस्सी रजवीर नामक व्यक्ति द्वारा काटी गई थी। फील्ड यूनिट टीम ने रस्सी को कब्जे में ले लिया है और घटनास्थल का निरीक्षण किया है। थाना प्रभारी राजीव कुमार मलिक ने बताया कि उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह की शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। यह भी सामने आया है कि मृतक परवेन्द्र ने बीती 19 जून को पंवासा पुलिस चौकी में सुनील उर्फ गिरधारी और रोहित के खिलाफ एक प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें उसने अपने मकान पर कब्जा करने और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत की थी। शिकायत की जांच के लिए कांस्टेबल जितेंद्र कुमार को मौके पर भेजा गया था, लेकिन मृतक का चाचा घर पर नहीं मिला था।
किशनगंज जिले के कोचाधामन प्रखंड अंतर्गत बिशनपुर थाना क्षेत्र में रविवार शाम तब सनसनी फैल गई जब खकुआ नदी घाट पर एक युवक का शव उतराता हुआ मिला। शव की पहचान बिशनपुर हाट निवासी विक्की के रूप में हुई है, जो पिछले 24 घंटे से लापता था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना रविवार शाम करीब 7 बजे की है। स्थानीय लोगों ने खकुआ नदी किनारे एक शव को उतराते हुए देखा। देखते ही देखते इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही बिशनपुर थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और शव को नदी से बाहर निकाला। बिशनपुर थाना के एसआई सुनील कुमार ने बताया कि मृतक की पहचान 35 वर्षीय विक्की के रूप में हुई है। वह बिशनपुर मार्केट का रहने वाला था। मृतक के भाई की वहीं मार्केट में हार्डवेयर की दुकान है। परिजनों के मुताबिक, विक्की शनिवार से लापता था। उसकी कोई जानकारी नहीं मिल रही थी। रविवार सुबह ही परिजनों ने बिशनपुर थाने में उसके गुमशुदा होने की सूचना दी थी। एसआई सुनील कुमार ने कहा कि शव मिलने की सूचना तुरंत परिजनों को दे दी गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। यह आत्महत्या है या हत्या यह पता लगाया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। युवक की संदिग्ध मौत से पूरे बिशनपुर बाजार में दहशत का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
कोरबा में हिट एंड रन की घटना सामने आई है। यहां एक नाबालिग कार चालक ने पहले डॉक्टर की कार को टक्कर मार दी और फिर उन्हें दोबारा कुचलने की कोशिश की। इस हादसे में जिला अस्पताल कोरबा में पदस्थ सर्जन डॉ. शक्ति डिक्सेना गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। डॉक्टर को अस्पताल में भर्ती किया गया है। जांच में पता चला है कि उनकी पसली की दो हड्डियां और अंगूठा फ्रैक्चर हो गया है। यह घटना हरदीबाजार थाना क्षेत्र के ग्राम रलिया मेन रोड, उमेंदीभांठा के पास की है। अब जानिए पूरा मामला जानकारी के अनुसार, हरदीबाजार के रहने वाले डॉ. शक्ति डिक्सेना (36 वर्ष) शनिवार को अपनी स्विफ्ट डिजायर कार (CG-12 BV-3480) से जमनीपाली दर्री स्थित अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान भिलाई बाजार की तरफ से आ रही काले रंग की किया कार (CG-12 BE-1430) ने तेज और लापरवाही से चलाते हुए उनकी कार को सामने से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद कुचलने की कोशिश की टक्कर इतनी जोरदार थी कि डॉ. डिक्सेना की कार का एयरबैग खुल गया, लेकिन फिर भी उन्हें गंभीर चोटें आईं। स्टीयरिंग से टकराने के कारण उनके सीने की दो पसलियां, अंगूठा, पेट, गला और दोनों हाथ की कलाई में चोट लग गई। डॉ. शक्ति ने बताया कि हादसे के बाद जब वे कार से बाहर निकले, तो आरोपी चालक ने अपनी गाड़ी पीछे कर उन्हें दोबारा कुचलने की कोशिश की। अपनी जान बचाने के लिए वे तुरंत सड़क से भागकर खेत की तरफ चले गए। हादसे के बाद डॉ. डिक्सेना ने अपने परिजनों को सूचना दी और फिर हरदीबाजार थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि टक्कर मारने वाली कार एक कोल ट्रांसपोर्टर के छोटे बेटे द्वारा चलाई जा रही थी। उस कार में चालक के साथ दो अन्य नाबालिग भी सवार थे। हरदीबाजार थाना प्रभारी आशीष सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि कार चालक नाबालिग है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त किया कार (CG-12 BE-1430) को जब्त कर लिया है। नाबालिग चालक की काउंसलिंग और उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलीगढ़ दौरे से पहले राजा महेन्द्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय आंदोलन से जुड़े मुकदमों की वापसी का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। भाजपा युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष और पूर्व छात्र नेता अर्जुन सिंह भोलू ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर आंदोलन के दौरान दर्ज 16-17 मुकदमों को वापस लेने की मांग की है। आंदोलन के मुकदमों पर फिर उठी आवाज अर्जुन सिंह भोलू ने 21 जून 2026 को मीडिया से बातचीत में बताया कि वर्ष 2008 से अलीगढ़ मंडल में अलग विश्वविद्यालय की मांग को लेकर छात्रों ने लंबा संघर्ष किया था। इस आंदोलन के दौरान कई छात्रों पर मुकदमे दर्ज हुए, जबकि कई को जेल भी जाना पड़ा। विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद भी लंबित हैं मुकदमे भोलू के अनुसार, छात्रों के आंदोलन को बाद में सरकार ने स्वीकार करते हुए राजा महेन्द्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा की थी। वर्तमान में विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है, लेकिन आंदोलन से जुड़े मुकदमे अभी भी लंबित हैं। शासन को भेजी जा चुकी हैं रिपोर्टें उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि मुकदमा वापसी को लेकर 16 बिंदुओं पर जांच रिपोर्ट दो बार शासन को भेजी जा चुकी है। इसके अलावा 17 फरवरी 2025 को अलीगढ़ के जिलाधिकारी द्वारा भी न्याय विभाग को विस्तृत रिपोर्ट भेजी गई थी, लेकिन अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। युवाओं के संघर्ष का सम्मान करने की मांग युवा मोर्चा नेता ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि जिन छात्रों के संघर्ष से यह विश्वविद्यालय अस्तित्व में आया, उन्हें अब मुकदमों से राहत दी जाए। उनका कहना है कि मुकदमे वापस लेने से छात्रों के संघर्ष का सम्मान होगा और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
सिद्धार्थनगर के खेसरहा थाना क्षेत्र में रविवार रात पगारे चौराहे पर बस और बाइक की आमने-सामने की टक्कर में एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान खेसरहा थाना क्षेत्र के कुनौना गांव निवासी 27 वर्षीय कासिम पुत्र अब्दुल्लाह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, कासिम बेलौहा से अपने घर कुनौना लौट रहे थे। पगारे चौराहे के पास पहुंचते ही उनकी बाइक की सामने से आ रही बस से टक्कर हो गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अनूप कुमार मिश्रा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने गंभीर रूप से घायल कासिम को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेसरहा पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में मातम छा गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस घटना से क्षेत्र में शोक का माहौल है।
जोधपुर में आपसी रंजिश को लेकर 2 दिन पहले हुए विवाद में जानलेवा हमले मामले में पुलिस ने एक आरोपी को डिटेन किया है। विक्की फाइटर पर हुए जानलेवा हमले मामले में देवनगर थाना पुलिस ने एक आरोपी को रविवार को डिटेन किया है। वहीं एक नाबालिग को संरक्षण में लिया है। बता दें कि इस मामले में 10 आरोपी नामजद हुए हैं, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है। वहीं मामले में रविवार को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव लिया। गौरतलब है कि जोधपुर के 12वीं रोड चौराहे के पास 19 जून की रात को विवाद हो गया था। जहां आपसी रंजिश में दूसरे गुट ने विक्की फाइटर ओर सन्नी हंस पर हमला कर दिया था। इसमें फायरिंग भी की गई। हमले में गंभीर रूप से घायल विक्की की जोधपुर के मथुरादास माथुर हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। जबकि सन्नी घायल हो गया था। ये आरोपी हैं नामजद पुलिस ने इस मामले में अजय घारू, विशाल पंडित, चीकू, सुनील तेजी सहित नामजद आरोपियों की धरपकड़ शुरू की। मामले में दो आरोपियों को पकड़ा गया था, जबकि अब एक ओर आरोपी को डिटेन किया गया है। इसके अलावा एक नाबालिग को भी संरक्षण में लिया गया है। यह खबर भी पढ़ें… जोधपुर में सिर में गोली मारकर युवक की हत्या, VIDEO:सरेआम दो युवकों को बदमाशों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, फिर की फायरिंग जोधपुर में कार रिपेयर करवाने आए दो युवकों को बदमाशों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इसके बाद दोनों को गोली मारी दी। गंभीर हालत में घायल युवकों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां एक युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। (पूरी खबर पढ़ें)
सीतापुर में वाहन की टक्कर से एक की मौत:बाइक सवार 4 घायल, पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में लिया
सीतापुर के लहरपुर कोतवाली क्षेत्र के भदफर मार्ग पर रविवार देर रात हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्र हो गए। दो बाइकों पर सवार सुरेश (55) पुत्र रामआसरे निवासी गुजरा थाना कोतवाली देहात, रामलाल (53) पुत्र मातादीन निवासी मुबारकपुर, राजेश (50) पुत्र रामसागर निवासी भील भौनिया जनपद खीरी, उस्मान (28) पुत्र मंगल खां तथा एकलाख (22) पुत्र सत्तार निवासी लच्छननगर किसी कार्य से मोटरसाइकिलों पर सवार होकर जा रहे थे। जब वे भदफर मार्ग स्थित केवानी नदी पुल के निकट मोड़ पर पहुंचे, तभी किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइकों में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि सभी लोग सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों ने सुरेश को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य चार घायलों का उपचार जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली (पटेला) की टक्कर से हुई है। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि हादसे में एक पिकअप वाहन शामिल था। दुर्घटना को लेकर अलग-अलग दावे सामने आने से घटना की वास्तविक वजह की जांच की जा रही है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और संदिग्ध ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। मृतक सुरेश के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। कोतवाली प्रभारी अरविंद सिंह ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली को पुलिस अभिरक्षा में ले लिया गया है। मामले की गहन जांच की जा रही है तथा जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। हादसे के बाद मृतक के परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है।
महू के भेरू घाट पर चलती कार में आग लगी:समय रहते परिवार उतरा, आगरा-मुंबई फोरलेन पर लगा जाम
इंदौर के महू अंतर्गत मानपुर थाना इलाके में आने वाले भेरू घाट पर रविवार को एक चलती ईको (Eco) कार में अचानक भीषण आग लग गई। गनीमत यह रही कि कार में सवार परिवार सही वक्त पर गाड़ी से बाहर कूद गया, जिससे उनकी जान बच गई और एक बड़ा हादसा टल गया। इस हादसे की वजह से आगरा-मुंबई फोरलेन पर कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया और ट्रैफिक जाम हो गया। महेश्वर से इंदौर जा रहा था परिवार मानपुर थाना प्रभारी महेंद्र मकाशले ने बताया कि कार सवार परिवार महेश्वर से इंदौर की तरफ जा रहा था। जैसे ही उनकी ईको कार भेरू घाट के पास पहुंची, उसमें से अचानक धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते पूरी कार आग का गोला बन गई। ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत गाड़ी रोकी और सभी लोग वक्त रहते बाहर आ गए। फोरलेन पर लगा लंबा जाम, पुलिस ने संभाला मोर्चा बीच सड़क पर धूं-धूं कर जलती कार को देखकर हाईवे पर गुजरने वाले वाहन जहां के तहां थम गए। घटना की खबर मिलते ही मानपुर पुलिस और दमकल की टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं। इस हादसे के कारण आगरा-मुंबई फोरलेन पर कुछ समय के लिए गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आग पर काबू पाया और क्रेन की मदद से जलती कार को साइड करवाकर ट्रैफिक दोबारा चालू करवाया। राहत की बात यह रही कि इस भयानक हादसे में कोई भी जख्मी नहीं हुआ है। कार में आग किस वजह से लगी—शॉर्ट सर्किट था या कोई और तकनीकी खराबी—पुलिस इसकी बारीकी से जांच कर रही है।
टीकमगढ़ में कूलर से करंट लगा, बच्चे की मौत:15 साल का था, घर में खेलने के दौरान हादसा
टीकमगढ़ के कोतवाली थाना इलाके में घर में चल रहे कूलर से करंट लगने के कारण 15 साल के एक बच्चे अंश यादव की मौत हो गई। यह घटना शहर के चकरा तिराहा के पास बने मकान में हुई। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 15 वर्षीय अंश यादव रविवार शाम को अपने घर में खेल रहा था। खेलते-खेलते वह अचानक वहां चल रहे लोहे के कूलर के पास चला गया। बताया जा रहा है कि कूलर की बॉडी में करंट उतर रहा था। जैसे ही अंश का हाथ कूलर से छुआ, वह करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गया और वहीं पर बेहोश होकर गिर पड़ा। अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें जब घर के लोगों ने बच्चे को जमीन पर बेसुध पड़ा देखा, तो उनके होश उड़ गए। परिजन बिना वक्त गंवाए तुरंत उसे एक निजी गाड़ी से जिला अस्पताल लेकर भागे। रात करीब 8 बजे जब वे अस्पताल पहुंचे, तो वहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर दिनकर राठौर ने अंश की जांच की और उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही मासूम दम तोड़ चुका था। इस अचानक हुए हादसे से हंसता-खेलता परिवार पूरी तरह बिखर गया है और घर में मातम पसरा हुआ है। कोतवाली पुलिस ने अस्पताल से सूचना मिलने के बाद मर्ग कायम कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
फतेहाबाद जिले में टोहाना के गांव मयोंद के पास रविवार को 2 बाइकों की आमने-सामने की टक्कर हो गई। इस हादसे में 2 युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, गांव शकरपुरा निवासी 17 वर्षीय जश्न और 16 वर्षीय हर्ष एक बाइक पर शकरपुरा से मयोंद की ओर जा रहे थे। दूसरी बाइक पर ढाणी लाम्बा निवासी 30 वर्षीय संजू और प्रेम कुमार मयोंद से ढाणी लाम्बा की तरफ आ रहे थे। हादसे में की मौत, 2 घायल गांव मयोंद के समीप दोनों बाइकों की तेज रफ्तार में सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि चारों युवक सड़क पर गिर गए। हादसे में अपने बेटे जश्न की मौत की खबर सुनकर उसके पिता जरनैल की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। इस दुर्घटना में ढाणी लाम्बा निवासी संजू और शकरपुरा निवासी जश्न ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। शकरपुरा निवासी हर्ष और ढाणी लाम्बा निवासी प्रेम कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को अग्रोहा रेफर किया राहगीरों की सूचना पर पहुंची एंबुलेंस ने घायलों को टोहाना के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। वहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें अग्रोहा रेफर कर दिया गया। पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भेज दिया है। चौकी प्रभारी करनैल सिंह ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और मृतकों व घायलों के परिजनों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
लखनऊ के प्रेस क्लब में उत्तर प्रदेश के विभिन्न मान्यता प्राप्त कर्मचारी परिसंघों के अध्यक्षों, महामंत्रियों और प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक एवं प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान कर्मचारियों से जुड़े लंबित मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार संवाद स्थापित करने के बजाय कर्मचारियों की मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है। बैठक में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ के रामराज दुबे, महेंद्र कुमार पांडे, मिनिस्टीरियल फेडरेशन एसोसिएशन के कृतार्थ सिंह, उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के राजेश कुमार सिंह, स्टेनोग्राफर्स एसोसिएशन के राजकुमार, विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति एवं ऑल इंडिया पावर फेडरेशन के शैलेंद्र दुबे, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आर.के. निगम, राजकीय शिक्षक संघ के सत्य शंकर मिश्रा, अरुणा शुक्ला, प्रीति पांडे, नितिन गोस्वामी, शैलेन्द्र सिंह, पवन कुमार सहित कई कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक का संचालन जे.एन. तिवारी ने किया। प्रदेश में नौकरशाही कर्मचारियों के हितों पर हावी प्रेस वार्ता में कर्मचारी नेताओं ने सरकार के कर्मचारी विरोधी रवैये पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नौकरशाही कर्मचारियों के हितों पर हावी हो गई है और सामान्य मांगों पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। नेताओं ने पुरानी पेंशन बहाल करने, रिक्त पदों पर भर्ती, लंबित पदोन्नतियां, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती पर लगी रोक हटाने, वर्ष 2001 के बाद नियुक्त संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की नियमावली जारी करने, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए गठित निगम को लागू करने तथा आठवें वेतन आयोग के समक्ष प्रदेश के कर्मचारी संगठनों को अपनी बात रखने का अवसर देने की मांग दोहराई। कर्मचारियों के अधिकारों की अनदेखी हो रहा कर्मचारी नेताओं ने विशेष रूप से आरोप लगाया कि आठवां वेतन आयोग अन्य राज्यों की राजधानियों में जाकर संगठनों और सामाजिक संस्थाओं से सुझाव ले रहा है, लेकिन उत्तर प्रदेश के मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों को आयोग के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया जा रहा है। इसे कर्मचारियों के अधिकारों की अनदेखी बताया गया।बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मुख्य सचिव, आठवें वेतन आयोग के अध्यक्ष और सदस्य सचिव को विरोध पत्र भेजा जाएगा।
बेगूसराय में रविवार को 60 साल के बुजुर्ग ने 10 साल की नाबालिग का रेप किया है। बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। आरोपी राम बालक पंडित बच्ची को बहला-फुसलाकर घर से 500 मीटर दूर बगीचे में ले गया था। आरोपी ने बच्ची से कहा था कि चलो हमलोग बगीचे में आम चुनेंगे। जहां नाबालिग को ले गया, वो जगह काफी सुनसान था। इसी का फायदा उठाकर बुजुर्ग ने बच्ची के साथ रेप किया। पुलिस बुजुर्ग को तुरंत गिरफ्तार कर लिया है। घटना मंझौल थाना क्षेत्र की है। रेप के बाद आरोपी भागा घर बगीचे में रेप के दौरान बच्ची काफी शोर मचा रही थी। उसकी आवाज सुनकर एक लड़का मौके पर पहुंचा। युवक को आता देख आरोपी डर गया। युवक ने तुरंत आरोपी के चंगुल से बच्ची को निकाला। युवक बच्ची को लेकर उसके घर गया। घर पहुंचने के बाद रोते हुए बच्ची ने मां को सारी कहानी बताई। इस बीच आरोपी बुजुर्ग मौके से भागकर अपने घर चला गया। आरोपी गांव का ही रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी को घर से गिरफ्तार किया बच्ची की मां तुरंत पुलिस के पास गई और उसने आरोपी के खिलाफ शिकायत की। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर तुरंत मामले में कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस गांव में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही थी। तभी पता चला कि वो अपने घर में छिपा हुआ है। जिसके बाद पुलिस ने उसे घर से गिरफ्तार किया। पुलिस ने देर शाम आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। दोनों का मेडिकल टेस्क कराया एसपी मनीष ने बताया कि मंझौल थाना क्षेत्र में एक 10 वर्षीय बच्ची के साथ एक बुजुर्ग ने रेप किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बुजुर्ग को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता और आरोपी दोनों का मेडिकल टेस्ट कराया गया है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
पन्ना जिले के बृजपुर की हरिजन बस्ती में रविवार की रात करीब 9 बजे उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक 20 साल का लड़का शराब के भारी नशे में मोबाइल टावर पर जा चढ़ा। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे को देखने के लिए मौके पर लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। जानकारी के मुताबिक, बृजपुर हरिजन बस्ती का रहने वाला लच्छी डुमार (20 वर्ष), पिता नंदू डुमार, किसी प्रेम प्रसंग के चक्कर में था। रविवार रात उसने जमकर शराब पी और फिल्मी अंदाज में सीधे मोबाइल टावर के ऊपर चढ़ गया। वह टावर के सबसे ऊपरी हिस्से पर पहुंचकर वहां से लगातार हंगामा करता रहा। रात का घने अंधेरे होने की वजह से नीचे खड़े लोगों को लच्छी साफ-साफ दिखाई भी नहीं दे रहा था। वह इतनी ज्यादा ऊंचाई पर था कि ऊपर से वह क्या चिल्ला रहा था, उसकी आवाज तक नीचे खड़े लोगों तक नहीं पहुंच पा रही थी। समझाने में जुटे घरवाले और पुलिस लच्छी को टावर पर चढ़ा देख बस्ती के लोगों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत डायल-112 पुलिस को फोन लगाया। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। रात से ही पुलिस के जवान, लड़के के घरवाले और आस-पास के लोग उसे लगातार आवाज देकर नीचे उतरने की मिन्नतें कर रहे हैं, लेकिन शराब के सुरूर में डूबा युवक किसी की भी बात सुनने को तैयार नहीं है। फिलहाल युवक खबर लिखे जाने तक टावर पर ही डटा हुआ है और उसे सुरक्षित नीचे लाने की तमाम कोशिशें नाकाम साबित हुई हैं। पुलिस बेहद सूझबूझ और सावधानी से उसे समझाकर नीचे उतारने के प्रयास में जुटी है ताकि कोई अनहोनी न हो।
जारंगडीह स्थित दामोदर नदी के छठ घाट परिसर में सूर्य मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शिव शक्ति क्लब 16 नंबर के तत्वावधान में संपन्न हुआ। भूमि पूजन का विधि-विधान 16 नंबर शिव मंदिर के मुख्य पुजारी द्वारा कराया गया। जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु और क्लब के सदस्य शामिल हुए। जारंगडीह छठ घाट पिछले लगभग चार दशकों से छठ महापर्व का प्रमुख केंद्र रहा है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में व्रती और श्रद्धालु एकत्रित होते हैं। शुरुआत में इस आयोजन की जिम्मेदारी 16 नंबर के स्थानीय लोगों द्वारा निभाई जाती थी, लेकिन बाद में शिव शक्ति क्लब ने इसकी कमान संभाली और इसे व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए वर्षों से होती रही व्यवस्था छठ महापर्व के दौरान शिव शक्ति क्लब द्वारा व्रतियों और श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती रही हैं। घाट की सफाई, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर क्लब के सदस्य लगातार सक्रिय रहते हैं। इसी छठ घाट परिसर में वर्षों से सूर्य मंदिर निर्माण की योजना पर चर्चा चल रही थी, ताकि श्रद्धालुओं को स्थायी पूजा स्थल उपलब्ध कराया जा सके। कई वर्षों की प्रतीक्षा के बाद आखिरकार इस योजना को साकार रूप देने की दिशा में कदम बढ़ाया गया और भूमि पूजन के साथ निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत कर दी गई। जल्द निर्माण की उम्मीद भूमि पूजन के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। क्लब के सदस्यों ने बताया कि सूर्य मंदिर के निर्माण से छठ पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को और बेहतर सुविधा मिलेगी तथा क्षेत्र की धार्मिक पहचान भी मजबूत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर निर्माण कार्य को जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए खुशी जाहिर की और भविष्य में इस स्थल के और विकसित होने की उम्मीद जताई।
इटावा में चार बच्चों की मां लापता:पति ने नकदी-जेवरात ले जाने का आरोप लगाया, पुलिस जांच में जुटी
इटावा के जसवंतनगर कस्बे के अहीर टोला मोहल्ले से चार बच्चों की मां एक विवाहिता के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है। महिला के पति ने पत्नी के घर से जाते समय नकदी और जेवरात साथ ले जाने का आरोप लगाते हुए कोतवाली जसवंतनगर पुलिस को रविवार को प्रार्थना पत्र देकर पत्नी की तलाश और कार्रवाई की मांग की है। अहीर टोला निवासी सौरभ प्रजापति पुत्र सरमन प्रजापति ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसकी पत्नी 20 जून की सुबह करीब 11 बजे दवा लेने की बात कहकर घर से निकली थी। इसके बाद वह काफी समय तक वापस नहीं लौटी। देर शाम तक पत्नी के घर न पहुंचने पर परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों और परिचितों के यहां जानकारी की गई, लेकिन महिला का कोई पता नहीं चल सका। पति सौरभ का आरोप है कि घर से निकलते समय उसकी पत्नी घर में रखे सोने-चांदी के जेवरात और करीब 80 हजार रुपये नकद भी अपने साथ ले गई। उसने बताया कि विवाहिता अपने चार बच्चों को घर पर छोड़कर चली गई है, जिससे परिवार के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। सौरभ ने पुलिस को बताया कि वह मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता है। पत्नी के अचानक गायब होने के बाद बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी और परिवार की स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई है। वहीं कोतवाली जसवंतनगर पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और महिला की तलाश के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद पहली बार अपने निवास मनेन्द्रगढ़ पहुंचने पर योग के विस्तार को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस दौरान कार्यकर्ताओं, नागरिकों और परिवारजनों ने उनका स्वागत किया। अग्रवाल ने बताया कि आगामी तीन से छह माह के भीतर प्रदेश के स्कूली पाठ्यक्रम में योग को अनिवार्य करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। उनका मानना है कि बच्चों को प्रारंभिक स्तर से ही योग से जोड़ने से उनका शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होगा। स्कूल से अस्पताल तक योग पहुंचाने की योजना उन्होंने यह भी घोषणा की कि आने वाले समय में प्रदेश के सभी स्कूलों, कॉलेजों, छात्रावासों और अस्पतालों में नियमित रूप से योग गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, अगले एक वर्ष के भीतर प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में योग थेरेपिस्ट की तैनाती सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। नवनियुक्त अध्यक्ष ने अपनी नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि योग को जन-जन तक पहुंचाना और स्वस्थ छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देना उनकी प्राथमिकता होगी।
अलीगढ़ के चण्डौस कोतवाली क्षेत्र के गांव टीकरी भवापुर में रविवार को कैंसर से जूझ रही महिला की अस्पताल में मौत हो गई। बहू के निधन की सूचना मिलते ही उसकी सास को गहरा सदमा लगा और कुछ ही देर बाद उनका भी निधन हो गया। परिवार इस दोहरे दुख से उबर भी नहीं पाया था कि घर की पालतू गाय ने भी दम तोड़ दिया। एक ही दिन में तीन मौतों से परिवार और गांव शोक में डूब गया। गांव निवासी 43 वर्षीय सपना चौहान, पत्नी केदार चौहान, पिछले करीब डेढ़ वर्ष से लीवर संक्रमण की समस्या से जूझ रही थीं। करीब एक माह पहले जांच में कैंसर की पुष्टि हुई थी। वह पिछले डेढ़ माह से नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती थीं। रविवार दोपहर करीब दो बजे उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। बहू की मौत की खबर सुनते ही सास की भी मौत सपना चौहान के निधन की सूचना जैसे ही गांव स्थित घर पहुंची, उनकी 70 वर्षीय सास ओमवती देवी पत्नी सरनाम सिंह गहरे सदमे में आ गईं। परिजनों के अनुसार कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और घर पर ही उनका निधन हो गया। परिवार के लोगों का कहना है कि बहू की मौत का आघात वह सहन नहीं कर सकीं। परिवार पर दुखों का पहाड़ तब और टूट पड़ा जब घर की करीब चार वर्ष की पालतू गाय ने भी अचानक दम तोड़ दिया। ग्रामीणों के अनुसार गाय पूरी तरह स्वस्थ थी और रविवार सुबह उसने दूध भी दिया था। करीब तीन वर्ष से गाय परिवार के पास थी। पशु चिकित्सक को नहीं बुलाया गया। बाद में ग्रामीणों ने श्रद्धापूर्वक गाय को दफना दिया। रविवार शाम करीब सात बजे गांव के श्मशान घाट पर सास ओमवती देवी और बहू सपना चौहान का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। दोनों की चिताएं साथ जलाई गईं। इस दौरान सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। अंतिम संस्कार का दृश्य देखकर लोगों की आंखें नम हो गईं। मृतका सपना चौहान के पति केदार चौहान किसान हैं। सपना अपने पीछे 23 वर्षीय बेटी दीपा और 21 वर्षीय पुत्र अभय को छोड़ गई हैं। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रविकरण ने बताया कि सपना चौहान की मृत्यु बीमारी के चलते हुई है। वहीं उनकी सास ओमवती देवी का निधन बहू की मौत का सदमा लगने के कारण हुआ। यह पूरी तरह पारिवारिक मामला है। घटना की सूचना पुलिस या प्रशासन को नहीं दी गई।
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में खाद्य एवं रसद राज्य मंत्री सतीश चंद्र शर्मा दरियाबाद के बालाजी मंदिर में एक कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को लेकर कहा, अतीक अहमद के कुत्ते को मुलायम सिंह यादव सहलाने का काम करते थे, उस अपराधी को सजा दिलाने का काम नहीं किया। उन्होंने यह बयान शनिवार को दिया था, जो अब सामने आया है। मंत्री शर्मा ने अपने बयान में आगे कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में माफिया अतीक अहमद जैसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है और उन्हें सजा दिलाई गई है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पहले से बेहतर हुई है और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने इसे पूर्व मुख्यमंत्री का अपमान बताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सतीश चंद्र शर्मा को तत्काल मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग की है। अन्य विपक्षी दलों ने भी मंत्री की इस टिप्पणी को अमर्यादित और अनुचित करार दिया है। उन्होंने सतीश चंद्र शर्मा से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग उठाई है। इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर भी पक्ष और विपक्ष के बीच बहस तेज हो गई है।समाजवादी पार्टी के नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक राजनीति में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन दिवंगत नेताओं के प्रति हमेशा सम्मानजनक भाषा का प्रयोग किया जाना चाहिए। इस मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। मंत्री के इस बयान से प्रदेश की सियासत में एक नया विवाद खड़ा हो गया है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिगीषा सोसाइटी ने बाल एवं महिला चिकित्सालय, सीएचसी अलीगंज में सामूहिक योगाभ्यास का आयोजन किया। कार्यक्रम में अस्पताल परिसर योगमय नजर आया। 100 से अधिक लोगों ने उत्साह के साथ योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। योग सत्र में अस्पताल के डॉक्टरों, कर्मचारियों, ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के विद्यार्थियों, विभिन्न सरकारी कार्यालयों के प्रतिनिधियों और अस्पताल परिसर में रहने वाले लोगों के परिजनों ने भी भाग लिया। प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। योग स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने का माध्यम जिगीषा सोसाइटी के महामंत्री दिग्विजय मिश्रा ने बताया कि योगाभ्यास के साथ प्रतिभागियों को योग का इतिहास, महत्व और उससे जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की प्रभावी जीवनशैली है। सोसाइटी के कोषाध्यक्ष आशुतोष गुप्ता ने बताया कि योग सत्र के बाद सभी प्रतिभागियों के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई। उन्हें जूस, बिस्किट, ग्लूकोज और मिनरल वाटर वितरित किया गया, जिससे आयोजन का माहौल और भी उत्साहपूर्ण रहा। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण अस्पताल के अधीक्षक डॉ. हेमंत सिंह ने जिगीषा सोसाइटी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इसी तरह के सहयोग की अपेक्षा जताई। स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी शालिनी चौधरी ने भी आयोजन की प्रशंसा करते हुए इसे जनस्वास्थ्य के लिए उपयोगी पहल बताया। ये मौजूद रहे कार्यक्रम में दिग्विजय मिश्रा, आशुतोष गुप्ता, अभिषेक पाल, दिव्यांश दूबे, मयंक अग्रवाल, अंशिका श्रीवास्तव, विकास द्विवेदी, धीरेन्द्र कुशवाहा, डॉ. हेमंत सिंह, शालिनी चौधरी, संजय शर्मा, ममता, दिनेश कुमार, मोहम्मद मियां, खुर्शीद अख्तर सहित अस्पताल का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
कोंडागांव के चिखलपुट्टी स्थित गायत्री आश्रम में 23 और 24 जून को जिला स्तरीय गायत्री जयंती, गंगा दशहरा एवं धर्मसभा-सांस्कृतिक समागम का आयोजन किया जाएगा। अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम में जिलेभर से कार्यकर्ता, धर्माचार्य, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु शामिल होंगे। गायत्री परिवार के अनुसार, भारतीय संस्कृति में गंगा दशहरा और गायत्री जयंती का विशेष महत्व है। ऐसी मान्यता है कि मां गंगा और मां गायत्री का अवतरण एक ही दिन हुआ था। इसी अवसर पर जिला स्तर पर विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मोटरसाइकिल शोभायात्रा निकाली जाएगी आयोजन के पहले दिन, 23 जून को मोटरसाइकिल शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद संध्याकालीन संगीत प्रवचन का कार्यक्रम होगा। इस दौरान 12 घंटे का अखंड जप भी संपन्न कराया जाएगा। 24 जून को मां गंगा और मां गायत्री के अवतरण पूजन के साथ 9 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन होगा। इसके पश्चात धर्मसभा एवं सांस्कृतिक समागम आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजन और विशिष्ट अतिथि भाग लेंगे। दो दिवसीय धार्मिक-सांस्कृतिक समागम गायत्री परिवार ने बताया कि चिखलपुट्टी स्थित आश्रम को बस्तर संभाग के सातों जिलों के लिए एक प्रमुख आध्यात्मिक और सामाजिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इस केंद्र में साधना, स्वास्थ्य संवर्धन, नशामुक्ति, कुरीति उन्मूलन, महिला जागरण, पर्यावरण संरक्षण और गुरुकुल आधारित शिक्षा से संबंधित कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इस आयोजन के दौरान, गायत्री परिवार की संस्थापिका परम वंदनीया माताजी की जन्म शताब्दी वर्ष के संकल्पों को आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक शपथ दिलाई जाएगी। नवयुग के संविधान का सामूहिक वाचन भी होगा। कार्यक्रम का समापन भोजन प्रसाद और विदाई समारोह के साथ किया जाएगा।
कैमूर जिले के चार निर्धारित केंद्रों पर रविवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त माहौल में संपन्न हुई। जिला प्रशासन ने परीक्षा के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए थे। परीक्षा में कुल 1,547 अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी किए गए थे। इनमें से 1,447 परीक्षार्थी शामिल हुए, जबकि 100 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। केंद्रवार आंकड़ों के अनुसार, एस.वी.पी. कॉलेज में 504 में से 472 परीक्षार्थी उपस्थित रहे और 32 अनुपस्थित थे। +2 उच्च विद्यालय में 432 में से 409 उपस्थित व 23 अनुपस्थित रहे। अटल बिहारी सिंह उच्च माध्यमिक विद्यालय में 360 में से 333 उपस्थित और 27 अनुपस्थित पाए गए। पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में पंजीकृत 251 अभ्यर्थियों में से 233 उपस्थित और 18 अनुपस्थित थे। सभी केंद्रों पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए गए थे। प्रशासन ने परीक्षा के दौरान विधि-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, अभ्यर्थियों की सुविधा और गोपनीयता बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी रखी। परीक्षा निर्धारित समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ समाप्त हुई।
कांकेर जिले के बांदे थाना क्षेत्र में एक महिला का अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर उसे बदनाम करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने कथित तौर पर पीड़िता के साथ निजी संबंधों के दौरान वीडियो और तस्वीरें तैयार की थीं और बाद में उन्हें इंस्टाग्राम पर साझा कर दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने बांदे थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि बांदे निवासी ब्रोजेन पाल और पुणे निवासी सागर काले ने उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपी लंबे समय से उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। शिकायत के बाद शुरू हुई जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। थाना प्रभारी रामचंद्र साहू के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी ब्रोजेन पाल को बांदे क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ और प्रारंभिक जांच में आरोपी की भूमिका सामने आने के बाद उसे हिरासत में लिया गया। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को कांकेर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी के खिलाफ कई धाराओं में केस गिरफ्तार आरोपी की पहचान ब्रोजेन पाल (30 वर्ष) निवासी बांदे, जिला उत्तर बस्तर कांकेर के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके खिलाफ अपराध क्रमांक 50/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 77, 79, 351(2), 3(5) तथा सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धारा 66(C), 66(E) और 67(A) के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर सख्ती पुलिस अधिकारियों ने कहा कि किसी व्यक्ति की निजी तस्वीरों या वीडियो को उसकी अनुमति के बिना सोशल मीडिया पर साझा करना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने और साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करने की अपील की गई है।
सतना में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर रविवार को रॉयल राजपूत संगठन के तत्वावधान में शौर्य यात्रा निकाली गई। इसके साथ ही टाउन हॉल में आयोजित कार्यक्रम में मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। शौर्य यात्रा शाम 4 बजे एयरपोर्ट तिराहे पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ शुरू हुई। यात्रा सेमरिया चौक और सर्किट हाउस चौक से होते हुए टाउन हॉल पर समाप्त हुई। इस दौरान क्षत्राणियां और बच्चे तलवारबाजी का प्रदर्शन करते नजर आए। टाउन हॉल में कार्यक्रम टाउन हॉल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि समय-समय पर महाराणा प्रताप के जीवन का स्मरण करने से परमार्थ मिलता है। उन्होंने समाज के लोगों से भगवान श्रीराम की शरण में जाने का आह्वान किया, जिससे जीवन को सद्गति मिलती है। तोमर ने कहा कि आज लोग शॉर्टकट से सफलता पाना चाहते हैं, लेकिन जब भगवान को भी शॉर्टकट से सफलता नहीं मिली तो हमें कहां मिलेगी। उन्होंने लोगों से श्रीराम के जीवन आदर्शों पर चलकर मर्यादा स्थापित करने की बात कही। कार्यक्रम के दौरान बिजली गुल कार्यक्रम के दौरान टाउन हॉल में बिजली गुल हो गई। अमरपाटन विधायक डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह जैसे ही मंच से संबोधन के लिए खड़े हुए, उसी समय बिजली चली गई। हालांकि बिजली कंपनी की टीम ने तत्काल फाल्ट ठीक कर करीब 15 मिनट में आपूर्ति बहाल कर दी। कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद कार्यक्रम को अमरपाटन विधायक एवं पूर्व मंत्री डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर रामपुर बाघेलान विधायक विक्रम सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष गगनेन्द्र प्रताप सिंह, पूर्व महापौर पुष्कर सिंह तोमर, समाजसेवी अभय सिंह रोली, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुष्मिता पंकज सिंह, जनपद पंचायत सोहावल अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह बराज, रॉयल राजपूत संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव सिंह और भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बघेल सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
औरंगाबाद में रविवार को 8 साल की बच्ची की नहर में डूबरकर मौत हो गई। काफी देर तक उसकी तलाश की जाती रही। करीब आधे घंटे के बाद गोताखोरों ने बच्ची की लाश बरामद की। मृतका दाउदनगर के नहर रोड निवासी राजदेव राम की बेटी छोटी कुमारी है। घटना दाउदनगर के मौलाबाग नहर पुल के पास पटना मेन कैनाल में हुई। बताया जा रहा कि छोटी कुमारी अन्य दो लड़कियों के साथ नहर में नहा रही थी। इसी दौरान वह खेलते-खेलते गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। बच्ची को डूबता देख साथ में मौजूद लड़कियों ने शोर मचाया। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों ने प्रयास कर दो लड़कियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन छोटी कुमारी गहरे पानी में समा गई। गोताखोरों को बुलाया गया घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। अंचलाधिकारी शैलेंद्र कुमार यादव तथा दाउदनगर थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस और स्थानीय लोगों ने काफी देर तक बच्ची की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में गोताखोरों को बुलाया गया। लगभग आधे घंटे तक खोजबीन चली। जिसके बाद देर शाम नहर पुल के पास बच्ची का शव बरामद कर लिया गया। नगर परिषद में सफाई कर्मी है मृत बच्ची का पिता स्थानीय लोगों ने बताया कि मृतका के पिता राजदेव राम मूल रूप से जहानाबाद जिले के उष्ठा गांव के रहने वाले हैं। वे नगर परिषद दाउदनगर में एक निजी सफाई एजेंसी के माध्यम से सफाईकर्मी के रूप में कार्य करते हैं। परिवार वर्तमान में दाउदनगर के नहर रोड स्थित नहर किनारे झोपड़ी बनाकर रहता है। बताया गया कि घटना के समय बच्ची के माता-पिता घर पर नहीं थे। वे किसी पारिवारिक विवाह समारोह में शामिल होने अपने पैतृक गांव गए हुए थे। घटना की सूचना मिलते ही दोनों दाउदनगर के लिए रवाना हो गए।
अंतागढ़ पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। 20 जून 2026 को मुखबिर की सूचना पर ग्राम कढ़ाई खोदरा में एक सफेद रंग की आर्टिगा कार (CG 07CZ 3590) को रोका गया। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें मध्य प्रदेश निर्मित 40 पेटी अवैध शराब बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी महेश सेन (28 वर्ष), निवासी सुपेला भिलाई, दुर्ग को गिरफ्तार किया है। उसके पास से कुल 1970 गोवा व्हिस्की की बोतलें जब्त की गईं। जब्त शराब की कीमत करीब 2,65,950 रुपए बताई जा रही है। वहीं शराब परिवहन में इस्तेमाल की गई आर्टिगा कार की कीमत लगभग 8 लाख रुपए आंकी गई है। इस तरह कुल मिलाकर 10 लाख 65 हजार 950 रुपए से अधिक की सामग्री जब्त की गई है। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह शराब अनूपपुर (मध्य प्रदेश) से लेकर आ रहा था। फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी का पहले से ही आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ बलौदाबाजार और दुर्ग जिले के अलग-अलग थानों में कई मामले दर्ज हैं।
पंजाब सीएम भगवंत सिंह मान ने रविवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ के तहत एक जुलाई को राज्य की महिलाओं के बैंक खातों में एक साथ 3 महीने की 'सत्कार राशि' क्रेडिट कर दी जाएगी। योजना के तहत दलित (SC) वर्ग की महिलाओं को ₹4,500 (₹1,500/माह) और सामान्य व अन्य सभी कैटेगरी की महिलाओं को ₹3,000 (₹1,000/माह) की एकमुश्त किस्त मिलेगी। सीएम मान फतेहगढ़ साहिब के गांव चनार्थल कलां में विकास कार्यों का उद्घाटन करने के बाद 'लोक मिलनी' कार्यक्रम में जनता को संबोधित कर रहे थे। सीधे खाते में आएंगे पैसे, बिचौलियों का खेल खत्म मुख्यमंत्री ने बताया कि ठीक 9 दिन बाद यानी 1 जुलाई को 18 साल से ऊपर की हर पात्र महिला के मोबाइल फोन पर पैसे क्रेडिट होने का मैसेज आ जाएगा। यह पैसा बिना किसी बिचौलिए या कट के सीधे बैंक खातों में जाएगा। पेंशनधारियों को डबल फायदा जो बुजुर्ग, विधवा या दिव्यांग महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही हैं, उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलता रहेगा। 97% आबादी होगी कवर सरकार का दावा है कि इस योजना के दायरे में पंजाब की करीब 97% महिलाएं आ जाएंगी। ₹9,300 करोड़ का बजट इस महा-योजना को जमीन पर उतारने के लिए पंजाब सरकार ने बजट में ₹9,300 करोड़ का विशेष प्रावधान किया है। यह राशि अमीर नहीं, आत्मनिर्भर बनाएगी सीएम ने कहा कि “यह राशि महिलाओं को अमीर भले न बनाए, लेकिन इससे हमारी माताओं-बहनों को समाज में सम्मान, आत्मविश्वास और वित्तीय आत्मनिर्भरता जरूर मिलेगी। जब तक पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार है, यह सत्कार राशि बिना रुके हर महीने महिलाओं के खातों में पहुंचती रहेगी।”
अबोहर में तेज आंधी के दौरान पेड़ गिरा:डेयरी संचालक की हुई मौत, दूध सप्लाई करने जा रहा था
पंजाब के अबोहर में रविवार शाम तेज आंधी के कारण हुए एक हादसे में एक डेयरी संचालक की मौत हो गई। कंधवाला रोड पर नहर के पास एक बड़ा पेड़ टूटकर उसके ऊपर गिर गया। गंभीर रूप से घायल दविंद्र कुमार को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान तारा एस्टेट निवासी 40 वर्षीय दविंद्र कुमार पुत्र बाबूराम के रूप में हुई है। दविंद्र कुमार ढाणी विशेषरनाथ में अपना डेयरी फार्म चलाता था। वह रविवार को भी अपने फार्म से दूध लेकर शहर में विभिन्न स्थानों पर सप्लाई करने जा रहा था। तेज हवा के कारण टूटकर गिरा पेड़ इसी दौरान मौसम अचानक खराब हो गया और तेज आंधी चलने लगी। जब वह कंधवाला रोड स्थित नहर के पास पहुंचा, तो सड़क किनारे खड़ा एक बड़ा पेड़ तेज हवा के कारण टूटकर उसके ऊपर आ गिरा। हादसे में दविंद्र कुमार पेड़ के नीचे दब गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के समय नहर में कुछ युवक स्नान कर रहे थे। उन्होंने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद उसे पेड़ के नीचे से बाहर निकाला। इसके बाद उसे तुरंत सरकारी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने दविंद्र को मृत घोषित किया अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद दविंद्र कुमार को मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन और रिश्तेदार अस्पताल पहुंच गए। अचानक हुई इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। क्षेत्रवासियों ने बताया कि रविवार शाम आई तेज आंधी के कारण कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे भी प्रभावित हुए। वहीं दविंद्र कुमार की मौत से पूरे इलाके में शोक का माहौल है। लोगों ने प्रशासन से बरसात और आंधी के मौसम में कमजोर पेड़ों की समय रहते छंटाई करवाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
राजगढ़ जिले के मोकमपुरा गांव में शादी समारोह के दौरान डांस करते समय हुए विवाद में घायल हुए भोपाल निवासी युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के एक सप्ताह बाद रविवार को पुलिस ने मामले में हत्या की धारा जोड़ते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार 12 जून को मोकमपुरा गांव में असलम खान की बेटी के विवाह समारोह में डीजे पर नाचते समय दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहले धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद कहासुनी और फिर मारपीट शुरू हो गई। कुछ ही देर में मामला लाठी-डंडों तक पहुंच गया। भोपाल के युवक की इलाज के दौरान मौत मारपीट में भोपाल की ब्लू मून कॉलोनी निवासी हाकिम खान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनके सिर और पैर में चोट आई थी। परिजन उन्हें पहले जिला अस्पताल ले गए, जहां से हालत गंभीर होने पर भोपाल रेफर किया गया। वहां एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान 19 जून को उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में लगी गंभीर चोट को मौत का कारण बताया गया है। हत्या की धारा जोड़ी गई पहले इस मामले में मारपीट का प्रकरण दर्ज किया गया था। लेकिन युवक की मौत के बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धारा बढ़ाकर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में गोवर्धनपुरा निवासी सद्दाम और पप्पू, बाराद्वारी निवासी आसिफ तथा भोपाल निवासी आसिफ शामिल हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है। पहले क्रॉस केस दर्ज था घटना के बाद दोनों पक्षों की शिकायत पर कोतवाली थाने में क्रॉस केस दर्ज किया गया था। उस समय मामला मारपीट का माना जा रहा था, लेकिन मौत के बाद इसे हत्या में बदल दिया गया। शादी समारोह में हुआ यह विवाद एक युवक की मौत का कारण बन गया। घटना के बाद दोनों परिवारों में तनाव बना हुआ है और गांव में चर्चा का माहौल है।
मोतिहारी में NEET UG परीक्षा संपन्न:13 केंद्रों पर 6320 अभ्यर्थी हुए शामिल,धारा 163 लागू रही
पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन ने मोतिहारी में Re-NEET UG परीक्षा के सफल आयोजन के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की। जिले के 13 केंद्रों पर 6320 अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हुए। प्रशासन का उद्देश्य परीक्षा को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त संपन्न कराना था। त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू सभी परीक्षा केंद्रों पर त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई थी। अभ्यर्थियों को प्रवेश से पहले पहचान पत्र और एडमिट कार्ड के सत्यापन सहित कई चरणों की कड़ी जांच से गुजरना पड़ा। प्रत्येक केंद्र पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी तैनात किए गए, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या कदाचार को रोका जा सके। सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए, सभी परीक्षा केंद्रों के 200 गज के दायरे में धारा 163 लागू की गई थी। इसके तहत अनधिकृत व्यक्तियों की आवाजाही प्रतिबंधित रही, जिससे भीड़ या बाहरी हस्तक्षेप को रोका जा सका। एसडीपीओ ने केंद्रों का निरीक्षण किया मोतिहारी सदर एसडीपीओ दिलीप कुमार ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने पर जोर दिया। एसडीपीओ ने स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी लापरवाही या गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सुरक्षा जांच अभियान चलाया गया परीक्षा से पूर्व सुबह सभी केंद्रों पर मॉक ड्रिल और सुरक्षा जांच अभियान चलाया गया था। इसका उद्देश्य तकनीकी या सुरक्षा संबंधी चूक को रोकना था। जिला प्रशासन ने सभी केंद्रों की लगातार निगरानी की और परीक्षा के सफल तथा शांतिपूर्ण संचालन के लिए पूरी तरह सतर्क रहा। प्रशासन की इस सख्ती और मुस्तैदी का उद्देश्य अभ्यर्थियों को एक सुरक्षित एवं पारदर्शी परीक्षा वातावरण उपलब्ध कराना था।
आजमगढ़ जिले के एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार के निर्देश पर जिले में ऑपरेशन वज्रपात चल रहा है। इस क्रम में शहर कोतवाली पुलिस ने सोशल मीडिया पर दबंगई वाले वीडियो बनाकर आम जनमानस में दहशत फैलाने वाले और बीच बाजार में मारपीट करने वाले कालिका होटल के मालिक आदर्श चौहान को तीन आरोपियों के साथ गिरफ्तार किया है। जिले में लगातार सोशल मीडिया पर गैंग बनाकर दबंगई और दहशत फैलाने वाले लोगों को चिन्हित करके उनके विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में शहर कोतवाली में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वायरल वीडियो में तीन युवक एक बाइक पर सवार होकर एक व्यक्ति के साथ मारपीट करते हुए दबंगई का प्रदर्शन करते दिखाई दिए। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई। इसी क्रम में पुलिस ने बाइक को बरामद कर लिया है और सुपर स्प्लेंडर बाइक को सीज भी कर दिया गया। इसके साथ ही तीनों युवकों को हिरासत में ले लिया गया है। हिरासत में लिए गए युवाओं की पहचान आदर्श चौहान, कुंजेश जायसवाल और सत्यम गुप्ता के रूप में हुई है। पुलिस कस्टडी में आने के बाद तीनों युवकों ने माफी मांगते हुए दोबारा इस तरह की गलती न करने की बात को स्वीकार किया है। वहीं जहां एक तरफ दबंगई करने के मामले में होटल मालिक आदर्श चौहान को गिरफ्तार किया गया। वही होटल मालिक की तहरीर पर घर में चोरी करने वाले नौकर अतुल प्रजापति को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। होटल मालिक के घर चोरी करने वाले आरोपी के कब्जे से सोने और चांदी के जेवरात भी बरामद किए गए हैं आरोपी को न्यायालय भेजा जा रहा है। जहां से जेल रवाना किया जाएगा। नौकर अतुल प्रजापति पर दो गंभीर अपराधी मुकदमे दर्ज हैं। गंभीरपुर थाना क्षेत्र में भी चला ऑपरेशन वज्रपात जिले के एसएसपी के निर्देश पर गंभीरपुर थाना क्षेत्र में इंस्टाग्राम पर टीम बनाकर दबंगई और दहशत फैलाने वाले वीडियो पोस्ट करने वाले टीम 5062 और टीम 0333 नाम से समूह बनाकर बाइक के काफिले में वीडियो बनाकर पोस्ट करने वाले और गैंग संस्कृत को बढ़ावा देने वाले आरोपी को बुलाकर परिवार के लोगों की उपस्थिति में काउंसलिंग कराई गई। इसके साथ ही इस तरह की हरकत करने पर वैधानिक कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई।
हरदोई जिले में गोमती नदी में भैंस बचाने उतरे एक किसान की डूबने से मौत हो गई। यह घटना रविवार दोपहर बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के मड़पाई गांव के पास हुई। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से करीब दो घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शव को नदी से बाहर निकाला। बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सिकंदरपुर निवासी 55 वर्षीय दिनेश कुमार पेशे से किसान थे। रविवार दोपहर वे अपनी भैंस चराने के लिए मड़पाई गांव के पास गोमती नदी के किनारे गए थे। इसी दौरान उनकी एक भैंस गहरे पानी में चली गई। भैंस को बचाने के प्रयास में दिनेश कुमार ने भी नदी में छलांग लगा दी। नदी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण दिनेश कुमार संतुलन खो बैठे और तेज धारा में बहते हुए गहरे पानी में समा गए। उन्हें डूबता देख किनारे मौजूद लोगों ने शोर मचाया और तुरंत परिजनों व स्थानीय पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही बेनीगंज कोतवाली पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से तुरंत तलाशी अभियान शुरू किया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद दिनेश कुमार को नदी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी रीता, एक बेटा अभिषेक और दो बेटियों को छोड़ गए हैं। बेनीगंज कोतवाल सतीश चंद्र ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा है और वैधानिक कार्रवाई के लिए पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया है।
बालोतरा पुलिस ने आसोतरा मंदिर के आगे पार्किग में खड़ी कार से लाखों रुपए के सोने-चांदी के आभूषण चोरी का खुलासा किया। पुलिस ने चार माह बाद एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से चुराए माल बरामदगी का प्रयास कर रही है। पुलिस के अनुसार जोधपुर कुड़ी भगतासनी निवासी बख्तावरसिंह पुत्र मांगू सिंह ने जसोल थाने में 2 फरवरी 2026 को रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया कि 1 फरवरी को वह अपने परिवार सहित कार में जोधपुर से ब्रह्माजी धाम आसोतरा दर्शन के लिए आया था। कार को मंदिर के पास स्थित पार्किग स्थल के आगे खड़ा किया था। कार के अंदर तीन बैग रखे हुए थे। इसमें दो बैगों में कपड़े और एक बैग में करीब 5 तोला सोने की आड़, 3 तोला सोने का शीशफूल और 3 तोला सोने की रखड़ी और आभूषण रखे हुए थे। कार को लॉक कर परिवार के साथ दर्शन करने के अंदर चले गए। इस दौरान एक आदमी और महिला ने कार का लॉक तोड़कर उससे रखे बैग तथा सोने के आभूषण चुरा कर ले गए। पुलिस ने रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की गई। एसपी रमेश ने बताया- चोरी के मामलों के खुलासे और शत-प्रतिशत बरामदगी के लिए स्पेशल अभियान ऑपरेशन अश्ववेग चलाया जा रहा है। एएसपी हरफूल सिंह, डीएसपी बाबूलाल मुरारिया के सुपरविजन में जसोल थानाधिकारी शारदा के नेतृत्व में टीम बनाई गई। टीम ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरों की तलाश शुरू की। चोरों पर 5-5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया। टीम ने परंपरागत पुलिस और तकनीकी मदद से सूचनाएं इकट्ठी की गई। साथ ही सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध तुलसाराम उर्फ राम किशोर पुत्र भंवरलाल निवासी कुड़ी भगतासनी जिला जोधपुर और इंद्रा कंवर पत्नी गंगादान निवासी मधुबन कॉलोनी जोधपुर पुलिस थाना भगत की कोठी जिला जोापुर को डिटेन किया गया। पूछताछ में दोनों ने चोरी की वारदात को करना स्वीकार किया है। दोनों को गिरफ्तार किया गया। तुलसाराम के खिलाफ 2 और इंद्रा के खिलाफ 1 मामला दर्ज आरोपी तुलसाराम के खिलाफ जोधपुर के भगत की कोठी पुलिस थाना और जैसलमेर कोतवाली थाने में दो मामले दर्ज है। वहीं इंद्रा कंवर के खिलाफ एक मामला भगत की कोठी पुलिस थाने में में दर्ज है।
लखनऊ में परिवहन विभाग के डीएल प्रोजेक्ट से जुड़ी आउटसोर्सिंग कंपनी सिल्वर टच के कुछ अधिकारियों पर नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की अवैध वसूली, वेतन वापस मांगने और कर्मचारियों का उत्पीड़न करने के आरोप लगे हैं। इस संबंध में शिकायतकर्ता अनुज पटेल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायती प्रार्थना पत्र भेजकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। पांच लाख की मांग, तीन लाख रुपये देने का दावा शिकायत पत्र के अनुसार, परिवहन विभाग के डीएल प्रोजेक्ट के संचालन की जिम्मेदारी सिल्वर टच कंपनी के पास है। आरोप है कि कंपनी के कुछ जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा विभागीय नियुक्तियों के नाम पर बेरोजगार युवाओं से तीन लाख से पांच लाख रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। शिकायतकर्ता का दावा है कि उनसे पहले पांच लाख रुपये मांगे गए थे और बाद में तीन लाख रुपये पर सहमति बनी। कर्ज और उधार लेकर उन्होंने यह रकम दी, जिसके बाद उन्हें एआरटीओ रायबरेली में डेटा एंट्री ऑपरेटर के रूप में कार्य करने का अवसर मिला। दो महीने बाद वेतन लौटाने का बनाया गया दबाव शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कार्यभार संभालने के करीब दो महीने बाद कंपनी के एचआर विभाग और प्रोजेक्ट प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों की ओर से कर्मचारियों पर वेतन की राशि नकद वापस करने का दबाव बनाया जाने लगा। कथित तौर पर कहा गया कि ऐसा नहीं करने पर तत्काल प्रभाव से सेवा समाप्त कर दी जाएगी। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने वेतन वापस करने से इनकार कर दिया। कार्यालय आने से रोका, सेवा समाप्त करने का आरोप शिकायत पत्र में कहा गया है कि 18 मार्च को उन्हें कार्यालय आने से रोक दिया गया। जब उन्होंने इस कार्रवाई का कारण जानना चाहा तो उन्हें बताया गया कि यह निर्णय कंपनी के शीर्ष स्तर से दिए गए निर्देशों के तहत लिया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बाद भी उन्होंने कई बार सेवा बहाली के लिए प्रयास किए, लेकिन उन्हें दोबारा काम पर नहीं रखा गया। तीन लाख रुपये वापस नहीं मिलने का भी आरोप अनुज पटेल ने आरोप लगाया है कि नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे लिए गए तीन लाख रुपये भी वापस नहीं किए गए। उनका कहना है कि इस पूरे प्रकरण में उनके साथ सुनियोजित आर्थिक धोखाधड़ी और छल किया गया है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक दोनों प्रकार की क्षति उठानी पड़ी है। मुख्यमंत्री से जांच और कार्रवाई की मांग मुख्यमंत्री योगी को भेजे गए शिकायती पत्र में शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।
खगड़िया के बेलदौर थाना क्षेत्र में प्रेम विवाह के बाद धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवक की पत्नी ने उसके बैंक खाते से करीब 74 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए और घर में रखे जेवरात लेकर अपने परिजनों के साथ फरार हो गई। पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दिल्ली से आकर गांव में रह रहे थे मिली जानकारी के अनुसार, बेलदौर थाना क्षेत्र के सकरोहर गांव निवासी 29 वर्षीय इतिहास कुमार दिल्ली में मजदूरी करते थे। इसी दौरान उनकी पहचान गंगौर थाना क्षेत्र के जलकोरा गांव निवासी आरजू खातून से हुई। दोनों के बीच प्रेम संबंध विकसित हुआ और बाद में उन्होंने कोर्ट मैरिज कर ली। विवाह के बाद इतिहास कुमार अपनी पत्नी को लेकर गांव लौट आए, जहां दोनों पति-पत्नी के रूप में रह रहे थे। देखें,मौके से आई तस्वीरें… कुछ दिनों बाद युवती के परिजन घर आए परिजनों के अनुसार, कुछ दिनों बाद युवती के परिजन युवक के घर पहुंचे और उसे अपने साथ ले जाने का प्रयास करने लगे। इस दौरान घर में काफी देर तक विवाद और हंगामे की स्थिति बनी रही। युवक ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि इसी दौरान युवती ने युवक का मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया और फोन-पे सहित अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों का इस्तेमाल कर उसके बैंक खाते से करीब 74 हजार रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए। घर में रखी चांदी की पायल,सोने की नथिया ले गई इतिहास कुमार के परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि युवती घर में रखे चांदी के पायल और सोने की नथिया लेकर अपने परिजनों के साथ चली गई। घटना के बाद उसकी काफी तलाश की गई, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है। मामले को लेकर इतिहास कुमार की मां प्रमिला देवी ने बेलदौर थाना में लिखित आवेदन देकर बैंक खाते से निकाली गई राशि वापस दिलाने, जेवरात बरामद करने तथा आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। थानाध्यक्ष बोले-मामले की जांच की जा रही इस संबंध में बेलदौर थानाध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि पीड़ित परिवार से आवेदन प्राप्त हुआ है। पुलिस सभी आरोपों की जांच कर रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रेम विवाह के बाद सामने आए इस कथित धोखाधड़ी और रुपये ट्रांसफर करने के मामले की क्षेत्र में चर्चा है। हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में नीट (NEET) परीक्षा 2.0 रविवार को संपन्न हुई। जिले में कुल चार परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां 1000 से अधिक परीक्षार्थियों ने यह परीक्षा दी। परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू हुई, जिसके लिए सुबह 11:30 बजे से ही परीक्षा केंद्रों में प्रवेश मिलना शुरू हो गया था। परीक्षार्थियों को तीन चरणों की कड़ी जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। इसमें प्रवेश पत्र और प्रतिबंधित वस्तुओं की जांच, मेटल डिटेक्टर से फ्रिस्किंग, बायोमेट्रिक सत्यापन और उपस्थिति दर्ज करना शामिल था। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद प्रवेश पत्र पर होलोग्राम स्टीकर लगाया गया। परीक्षार्थियों ने बताया कि परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी थी। यहां तक कि वॉशरूम जाने के लिए भी अकेले जाने की अनुमति नहीं दी गई, बल्कि सुरक्षाकर्मियों की निगरानी में ही जाना पड़ा। धमतरी जिले में कुल 1176 परीक्षार्थियों में से 1053 ने परीक्षा दी, जबकि 123 अनुपस्थित रहे। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की गई। परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए गए थे। परीक्षार्थियों को मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, ईयरफोन, स्मार्ट वॉच सहित किसी भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं थी। परीक्षा समाप्त होने और परीक्षार्थियों के बाहर आने पर अभिभावकों ने ताली बजाकर उनका स्वागत किया। परीक्षा केंद्र से बाहर आने के बाद परीक्षार्थियों ने बताया कि इस बार की परीक्षा पिछले वाले से कठिन थी। उनके अनुसार, बायोलॉजी, केमिस्ट्री और फिजिक्स के प्रश्न काफी मुश्किल थे। परीक्षार्थियों ने पिछली परीक्षा को अपेक्षाकृत सरल बताया। उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक होने के कारण उन्हें मानसिक तनाव से गुजरना पड़ा था, जिससे अभिभावक भी परेशान थे। परीक्षार्थियों और अभिभावकों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर आज राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायधीशों ने भी योग किया। 12 वें योग दिवस के मौके पर हाईकोर्ट की जयपुर और जोधपुर बैंच सहित सभी जिला एवं अधीनस्थ अदालतों में योग दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए गए। जयपुर पीठ में जस्टिस महेन्द्र कुमार गोयल, जस्टिस सुदेश बंसल, जस्टिस चंद्रप्रकाश श्रीमाली, जस्टिस शुभा मेहता, जस्टिस संदीप तनेजा, जस्टिस बिपिन गुप्ता, जस्टिस रवि चिरानिया, जस्टिस अनुरूप सिंघी और जस्टिस संगीता शर्मा सहित कई न्यायाधीशों ने योगाभ्यास किया। इस मौके पर जस्टिस सुदेश बंसल ने कहा कि योग की प्रक्रिया इतनी सहज है कि हम इसे रोज फोलो कर सकते हैं। इस योग दिवस पर हम यही अपेक्षा करते हैं कि हमने जो आज सीखा है। इसको हम निरंतर अपने दिन प्रतिदिन में फॉलो करते रहेंगे। उन्होने कहा कि योग में जो अंत में लाफ्टर थैरेपी का पार्ट है, यह करना नहीं पड़ेगा, सहज ही हंसी आएगी। सकारात्मक विचारों के साथ सांस लेहाईकोर्ट जयपुर पीठ में आज सुबह सत्यमेव जयते भवन के कॉरिडोर में सुबह 7 से 8 बजे तक आयोजित कार्यक्रम में प्रशिक्षित योग प्रशिक्षक राजेश शर्मा के मार्गदर्शन में योग करवाया गया। उन्होंने उपस्थित सभी को योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों की जानकारी देते हुए नियमित योगाभ्यास का महत्व बताया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जस्टिस महेंद्र कुमार गोयल ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो व्यक्ति को स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि नियमित योग अभ्यास से तनाव कम होता है और शरीर और मन दोनों निरोग रहते हैं।इस मौके पर रजिस्ट्रार जनरल चंचल मिश्रा ने सभी न्यायधीशों का स्वागत किया। उन्होने कहा कि हमें योग मे प्रत्येक सांस में सकारात्म विचारों को ग्रहण करना चाहिए और नकारात्म विचारों को निकाल देना चाहिए।
बेगूसराय के दो पक्षों के बीच झड़प हो गई। विवाद बाइक से पानी का छींटा पड़ने पर बढ़ा था। जिसके बाद दोनों ओर से ईंट-पत्थर चले। जिसमें 5 लोग घायल हो गए। पुलिस ने दोनों पक्षों से 9 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एसपी मनीष ने बताया कि विवाद की शुरुआत 19 जून को हुई थी। पकठौल गांव में एक पक्ष के मो. मकसूद अपने दरवाजे पर पाइप से नहा रहे थे। इसी दौरान वहां से दूसरे पक्ष के अमर चौधरी बाइक से गुजरे और उन पर पानी की कुछ बूंदें मकसूद को पड़ गई। घटना तेघड़ा थाना क्षेत्र स्थित पकठौल गांव की है। पूरे मोहल्ले में पथराव हुआ था पहले स्थानीय लोगों ने मामला शांत करा दिया था, लेकिन 19 जून की रात दोनों पक्षों में फिर से कहासुनी हुई। 20 जून की सुबह बात और ज्यादा बढ़ गई। दोनों पक्षों के लोग लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर लेकर आमने-सामने आ गए। पूरे मोहल्ले में पथराव शुरू हो गया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। इस रोड़ेबाजी में कुल 5 लोग जख्मी हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों की स्थिति खतरे से बाहर है। दोनों ओर से शिकायत कराई गई दर्ज घटना की सूचना मिलते ही तेघड़ा थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तेघड़ा DSP, SDO, CO और BDO ने घटनास्थल पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। इसके बाद DM श्रीकांत शास्त्री और SP मनीष भी पकठौल गांव पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित किया। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल (फोर्स) ने कैंप किया। पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पहले पक्ष की ओर से मो. ख्वाजानूर के आवेदन पर अमर चौधरी सहित 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसमें अमर कुमार, रणधीर कुमार, बॉबी कुमार एवं राजीव चौधरी को गिरफ्तार किया गया है। दूसरे पक्ष की ओर से अमर चौधरी के आवेदन पर मो. इम्तियाज सहित 16 लोगों के खिलाफ बीएनएस और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसमें मो. ख्वाजानूर, मो. नूरसलीम, मो. मकसूद आलम, मो. इम्तियाज (पिता-हमीद) एवं मो. इम्तियाज (पिता-जफर) को गिरफ्तार किया गया है। बाकी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है एसपी मनीष ने बताया कि बच्चों के खेलने और पानी गिरने जैसी सामान्य बात को लेकर दो परिवारों का विवाद पूरे मोहल्ले में बदल गया था। दोनों तरफ से पथराव हुआ था, जिसमें 5 लोग आंशिक रूप से घायल हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक पक्ष से 4 और दूसरे पक्ष से 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
चंडीगढ़ से आई 8 लाख की अवैध शराब पकड़ी:सीकर के ग्रामीण एरिया में सप्लाई होनी थी,2 आरोपी गिरफ्तार
सीकर की सदर थाना पुलिस ने 8 लाख अवैध अंग्रेजी शराब पकड़ी है। शराब चंडीगढ़ से आई थी जो सीकर के रूरल एरिया में सप्लाई होनी थी। लेकिन इसके पहले ही पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनसे शराब के 110 कॉर्टून जब्त कर ली। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके इन्वेस्टिगेशन शुरू कर दिया गया है। SHO इंद्रराज मरोड़िया ने बताया कि 20 जून को जीणमाता थाना SHO राकेश कुमार ने सूचना दी की दो लड़के अवैध अंग्रेजी शराब भरकर कंवरपुरा से बाडलवास की तरफ जा रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने टीम को पीछे लगाया। इसी दौरान बाडलवास से भीखणवासी जाने वाले रास्ते पर एक ट्रैक्टर ट्रॉली नजर आई। जिसके चारों तरफ लकड़ी के डंडे लगे हुए थे। संदिग्ध लगने पर ट्रैक्टर ट्रॉली को तलाशी के लिए रुकवाया गया। ट्रैक्टर ट्राली में सवार एक युवक ने अपना नाम सुरेंद्र खिलेरी (25) पुत्र मोहनलाल जाटनिवासी गणेशपुरा और दूसरे ने सुनील कुमार (26) पुत्र सुखाराम जाट बताया। जब ट्रैक्टर ट्राली की तलाशी ली गई तो लकड़ी के बॉक्स के अंदर चंडीगढ़ में बनी अंग्रेजी शराब की 110 पेटी मिली। जिन्हें जब्त करते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। अब तक की पुलिस इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कि दोनों आरोपी सीकर जिले के ही रहने वाले एक युवक के कहने पर यह शराब लेकर आए थे। शराब को राजस्थान तक लाने वाला एक मीडिएटर भी है।
रायसेन जिले के सांची थाना क्षेत्र में रविवार शाम तेज रफ्तार एक्सयूवी ने दो वाहनों को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक मोटरसाइकिल सवार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ईको कार में सवार पांच लोग घायल हो गए। टक्कर के बाद एक्सयूवी चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। यह घटना रविवार शाम करीब 5 बजे सलामतपुर के त्रिमूर्ति चौराहा से आगे रायसेन रोड पर चौकसे मैरिज गार्डन के सामने हुई। तेज रफ्तार एक्सयूवी ने सबसे पहले पीछे से एक मोटरसाइकिल को टक्कर मारी। इस दुर्घटना में सलामतपुर निवासी मोहम्मद अब्दुल्ला (लगभग 45 वर्ष) पुत्र पीर खान की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। ईको खेत में उतरीप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मोटरसाइकिल को टक्कर मारने के बाद अनियंत्रित एक्सयूवी सड़क किनारे खड़ी एक ईको कार से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ईको कार सड़क किनारे खेत में जा गिरी। कार में सवार पांच लोग घायल हो गए, जिन्हें सांची और विदिशा के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कार ड्राइवर गाड़ी छोड़कर फरारहादसे के बाद एक्सयूवी चालक अपना वाहन मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलने पर सांची थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और एक्सयूवी को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक मोहम्मद अब्दुल्ला के शव को जिला अस्पताल रायसेन की मर्चुरी में रखवाया गया है, जहां सोमवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा।
बलौदाबाजार जिले में 8 वर्षीय भुनेश्वर फेकर की सांप के काटने से मौत हो गई। यह घटना शनिवार शाम करीब 4 बजे की है, जब वह अपनी मां के पास खेल रहा था। तभी उसे सांप ने काट लिया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई और बाद में उसकी मौत हो गई। यह पलारी थाना क्षेत्र के ग्राम खरतोरा की है। स्कूल से आने के बाद भुनेश्वर पड़ोस में काम कर रही अपनी मां के पास गया था। वहां वह बांटी खेल रहा था। खेलते समय उसकी बांटी एक बिल में चली गई। उसे निकालने के लिए भुनेश्वर ने अपना बायां हाथ बिल में डाला, तभी बिल के अंदर छिपे एक सांप ने उसे काट लिया। बच्चे ने तुरंत घर जाकर अपनी बड़ी बहन को बताया कि उसे किसी चीज ने काट लिया है। तब तक सांप का जहर तेजी से फैलने लगा था और उसकी हथेली सूज गई थी। परिजन उसे तत्काल पलारी अस्पताल ले गए, जहां रविवार शाम इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। भुनेश्वर की तीन बड़ी बहनें हैं और वह अपने माता-पिता का एकमात्र बेटा था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है, उसके माता-पिता मजदूरी करके जीवन यापन करते हैं। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने सर्पों के बढ़ते खतरे पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने प्रशासन से ग्रामीण क्षेत्रों में सांपों के प्रति जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश एक गंभीर समस्या है, जहाँ समय पर इलाज न मिलने से कई लोग अपनी जान गंवा देते हैं।
मऊ जिले के दोहरीघाट ब्लॉक क्षेत्र में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने 3.86 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित बंधे का लोकार्पण किया। यह बंधा बीबीपुर बेलौली से चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल (हेड कैनाल) तक 700 मीटर लंबा है। इसके निर्माण से दर्जनों गांवों को बाढ़ से सुरक्षा मिलेगी। क्षेत्र के ठाकुर गांव, गोधनी, सरया, धरमपुर, गौरीडीह और जमीरा चौराडिह सहित कई गांवों के लोग हर साल बाढ़ की समस्या से जूझते थे। बंधा न होने के कारण बाढ़ के पानी से उनकी फसलें बर्बाद हो जाती थीं। किसान लंबे समय से इस बंधे के निर्माण की मांग कर रहे थे। पिछले वर्ष निरीक्षण के दौरान जलशक्ति मंत्री से किसानों ने बंधे के निर्माण की मांग की थी। इस पर मंत्री ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कार्ययोजना बनाकर भेजने का निर्देश दिया था। सिंचाई विभाग के प्रस्ताव को शासन ने स्वीकृत कर 3 करोड़ 86 लाख 61 हजार रुपये की धनराशि जारी की थी। धनराशि मिलते ही सिंचाई विभाग ने तेजी से काम शुरू कर दिया था। शनिवार देर शाम काम पूरा होने पर मंत्री ने मंत्रोच्चारण के बीच बंधे का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सरयू नदी से होने वाली कटान पर रोक लगाने, जलस्तर और बंधों की कड़ी निगरानी करने के निर्देश दिए। मंत्री ने चेतावनी दी कि कटान या बंधे के टूटने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल नहर का भी औचक निरीक्षण किया। उन्होंने यांत्रिक विभाग के अवर अभियंता से नहर के बारे में पूरी जानकारी ली और अधिकारियों को नहर को पूरी क्षमता से चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सभी माइनरों में पानी पहुंचे। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसानों ने माइनर में पानी न होने की शिकायत की, तो कार्रवाई तय है। इस अवसर पर जलशक्ति मंत्री ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
लापता विवाहिता का शव पहाड़ी पर मिला:छतरपुर में परिजनों ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना का आरोप लगाया
छतरपुर जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र की गौरारी पहाड़ी पर रविवार को एक विवाहिता का शव मिला। मृतका की पहचान गौरारी निवासी रिंकी पाल (पत्नी भगवानदास पाल) के रूप में हुई है, जो पिछले तीन-चार दिनों से लापता थीं। परिजनों ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। सूचना मिलने पर महाराजपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। रिंकी पाल के लापता होने के बाद उसके परिजनों ने महाराजपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रविवार को गौरारी की पहाड़ी पर एक महिला का शव मिलने की सूचना पर पुलिस ने जांच के दौरान शव की पहचान रिंकी पाल के रूप में की। घटना की जानकारी मिलते ही मृतका के परिजन भी घटनास्थल पर पहुंच गए। मृतका के पिता भागचंद पाल ने अपनी बेटी की मौत के लिए ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि रिंकी की शादी खजुराहो क्षेत्र के शंकरगढ़ निवासी भगवानदास पाल से हुई थी। पिता के अनुसार, शादी के बाद से ही रिंकी को प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि दामाद कई बार मायके आकर भी रिंकी के साथ मारपीट करता था, जिसकी शिकायत परिवार के सदस्यों ने पहले भी की थी। परिजनों ने बताया कि लगातार प्रताड़ना के कारण रिंकी मानसिक रूप से परेशान रहती थी। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। शव को पोस्टमार्टम के लिए महाराजपुर स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां डॉ. आलोक चौरसिया ने शव का पोस्टमार्टम किया। डॉक्टर के अनुसार, मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। पुलिस ने बताया कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। परिजनों के आरोपों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों को एकत्र कर रही है और मौत के कारणों की पड़ताल में जुटी है।
अलीगढ़ के मामूदनगर में रविवार को एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के भाई ने ससुराल पक्ष पर जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस को दानिश पुत्र शाहिद निवासी रजा नगर ने पीआरवी के माध्यम से सूचना दी। दानिश ने बताया कि उसकी बहन नाज़िया (30) पुत्री अजीजुर्रहमान की उसके ससुराल वालों ने हत्या कर दी है। नाज़िया का विवाह करीब ढाई वर्ष पूर्व शहवाज पुत्र यामिन निवासी मामूदनगर से हुआ था। मायके पक्ष का आरोप है कि नाज़िया को ससुराल पक्ष ने जहर देकर मारा है। वहीं, ससुराल पक्ष का कहना है कि नाज़िया लंबे समय से बीमार थी और बीमारी के कारण ही उसकी मौत हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कोतवाल बंशीधर पांडेय ने बताया कि मृत्यु के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और साक्ष्यों एवं रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुहर्रम के अवसर पर इमाम हुसैन की याद में मुस्लिम महासभा मंदसौर द्वारा रविवार को जिला चिकित्सालय परिसर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लेकर रक्तदान किया। दिनभर चले इस शिविर में कुल 72 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। मुस्लिम महासभा द्वारा आयोजित यह रक्तदान शिविर लगातार नौवें वर्ष आयोजित किया गया। संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि पिछले आठ वर्षों से यह अभियान निरंतर चलाया जा रहा है और हर वर्ष विभिन्न समुदायों के लोग इसमें उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। इस वर्ष भी युवाओं ने रक्तदान कर सामाजिक एकता और मानव सेवा का संदेश दिया। शिविर में रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं को मुस्लिम महासभा की ओर से प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। रक्तदान का सिलसिला रविवार दोपहर से शुरू होकर देर शाम तक जारी रहा। इंसानियत और सेवा का संदेश है इमाम हुसैन की शिक्षाएंदैनिक भास्कर से चर्चा के दौरान मुस्लिम महासभा के पदाधिकारी गजन काजी ने कहा कि इमाम हुसैन की याद में हर वर्ष रक्तदान शिविर आयोजित किया जाता है। संस्था का प्रयास रहता है कि अधिक से अधिक लोगों की सेवा की जा सके। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन की शिक्षाएं केवल किसी एक धर्म तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे पूरी मानवता को इंसानियत, त्याग और जरूरतमंदों की सहायता का संदेश देती हैं। पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने भी मानव सेवा और जरूरतमंदों की मदद को सर्वोच्च बताया है। इसी भावना के साथ मुस्लिम महासभा समाजसेवा के कार्यों में सक्रिय रूप से भागीदारी निभाती है। जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराना उद्देश्यमुस्लिम महासभा जिला अध्यक्ष आमिर पठान ने बताया कि रक्तदान शिविर का मुख्य उद्देश्य अस्पताल में आने वाले उन मरीजों की सहायता करना है जिन्हें समय पर रक्त उपलब्ध नहीं हो पाता। उन्होंने कहा कि मानवता के नाते जरूरतमंदों की मदद करना प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है और इसी सोच के साथ संस्था द्वारा यह अभियान चलाया जा रहा है। शिविर में मुस्लिम महासभा जिला अध्यक्ष आमिर पठान, पार्षद साबिर शाह, माजिद चौधरी, गजन काजी, अनीस खान, आसिफ अंसारी सहित मुस्लिम महासभा के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
लखनऊ में 12 वा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस धूमधाम से मनाया गया। शहर के विभिन्न पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों ने योगासन किया। इसी कड़ी में मदरसों में भी योग हुआ। गोमती नगर स्थित मदरसा दारुल उलूम वारसिया में छात्रों और शिक्षकों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया । लगभग 1.5 घंटे तक छात्र और शिक्षक विभिन्न योगासन करते रहे। मदरसे के प्रिंसिपल मौलाना जहीर अब्बास ने योग शरीर के लिए सबसे अहम बताया। ‘योग रखता है निरोग’ मौलाना जहीर ने कहा कि योग एक एक्सरसाइज है। हर उम्र के लोगों को करना चाहिए। शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए बेहद जरूरी है। आज हम सभी लोग मदरसे में योग कर रहे हैं। यह पहली बार नहीं है बल्कि हम लोग विगत कई वर्षों से मदरसे के बच्चों के साथ योग करते रहे हैं। योग में अलग-अलग आसन होते हैं जो हमें विभिन्न प्रकार कि बीमारियों से बचाते हैं। हर एक आसान की अपनी अहमियत है जो मोटापा शुगर या जोड़ों के दर्द जैसी अलग-अलग बीमारी से जूझ रहे हैं उन्हें एक्सपर्ट्स से मिलकर उसी प्रकार के योग करना चाहिए। ‘समाज को बेहतर बनाना सबकी जिम्मेदारी’ मदरसे के मैनेजर शरीफुल हसन ने कहा कि जिस चीज से हमें शारीरिक सुख मिलता है उसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। बहुत सारे लोग इस तरह की बात करते हैं कि मदरसे में योग नहीं होता ऐसा बिल्कुल नहीं है हम लोग मुसलसल करते हैं। योग के साथ मदरसे के बच्चों के साथ वृक्षारोपण भी किया जाता है समाज को कैसे हरा भरा और बेहतर बनाया जाए इस बारे में सभी छात्रों को शिक्षित किया जाता है। यह समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि इसे बेहतर बनाने में अपना योगदान दे।
सुल्तानपुर में रविवार शाम कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान कांग्रेस नेता वरुण मिश्रा ने अयोध्या राम मंदिर के लिए कथित चंदे के दुरुपयोग और बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने इन मामलों में सीबीआई जांच की मांग की। अयोध्या राम मंदिर मामले पर वरुण मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर के नाम पर केवल चंदे की लूट हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि हमारी आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और दान के पैसों का दुरुपयोग हो रहा है। मिश्रा ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि दान के पैसे चंपत राय और अनिल मिश्रा द्वारा 'चंपत' किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, चंपत राय तो सिर्फ एक मोहरा हैं, असली पैसा कहां जाता था और कौन मित्र ले जाते थे, यह सीबीआई जांच होने पर ही पता चलेगा। उन्होंने इसे आस्था के साथ खिलवाड़ बताया। बिहार में भरत तिवारी की मौत पर टिप्पणी करते हुए वरुण मिश्रा ने कहा कि केंद्र सरकार के इशारे पर सरकारों को 'बुलडोजर और एनकाउंटर' जैसी गलत नीतियां चलाने की छूट दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सवाल पूछने वाले युवाओं की हत्या की जा रही है, जो लोकतंत्र को कलंकित करने वाला कार्य है। वरुण मिश्रा ने मंत्री दिनेश प्रताप सिंह पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर गांधी परिवार ने न्याय न किया होता, तो दिनेश प्रताप सिंह आज भी कांटे लगी चप्पल पहनते होते। मिश्रा ने सवाल किया कि जो आज सीमेंट फैक्ट्री के मालिक बने बैठे हैं, उन्हें किसने सहारा दिया और किस पार्टी ने एमएलसी बनाया। उन्होंने कहा कि रायबरेली की जनता और देश ऐसे लोगों पर भरोसा नहीं करता, जो जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करते हैं। राहुल गांधी के 'मिशन मोड' और 2027 विधानसभा की तैयारीनीट (NEET) पेपर लीक और युवाओं के मुद्दों पर राहुल गांधी के 'मिशन मोड' में होने और आगामी 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव के रोडमैप पर बात करते हुए मिश्रा ने कहा कि देश का नौजवान अब समझ चुका है कि देश 'बतोलेबाजी' से नहीं बल्कि रोजगार, भ्रष्टाचार पर वार और युवाओं के साथ खड़े होने से चलेगा। उन्होंने कोटा और अन्य जगहों पर युवाओं के बढ़ते समर्थन का हवाला देते हुए कहा कि आने वाले समय में पूरे देश का युवा राहुल गांधी के साथ खड़ा दिखाई देगा।
नूंह में 70 वर्षीय महिला से रेप का आरोप:भैंस चराने गई थी, बेटे ने गांव के दो युवकों पर लगाया आरोप
नूंह के सदर थाना क्षेत्र के एक गांव में 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला से कथित रेप का मामला सामने आया है। पीड़िता के बेटे ने गांव के ही दो युवकों पर रेप, मारपीट, लूटपाट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। परिजनों ने इस मामले में पुलिस से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, यह घटना रविवार (21 जून) को दोपहर के समय हुई, जब परिवार के अन्य सदस्य एक कार्यक्रम में गए हुए थे। बुजुर्ग महिला अपने पशु चराने के लिए जंगल गई थी। आरोप है कि इसी दौरान गांव के दो युवकों ने पहले उसके पशु छीनने का प्रयास किया। बेहोशी की हालत में छोड़कर भागे आरोपी जब महिला ने इसका विरोध किया, तो दोनों आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और उसे जबरन एक तरफ ले जाकर कथित रेप किया। आरोप है कि घटना के बाद आरोपी महिला को बेहोशी की हालत में छोड़कर फरार हो गए। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि आरोपियों ने महिला के कानों की बालियां भी छीन लीं। ग्रामीणों ने पहुंचाई घर होश आने पर महिला घर की ओर चली, लेकिन रास्ते में फिर बेहोश हो गई। ग्रामीणों ने उसे घर पहुंचाया, जहां होश में आने के बाद उसने परिजनों को पूरी घटना बताई। इसके बाद परिजनों ने बुजुर्ग महिला को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नूंह में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चल रहा है। जांच के बाद होगी कार्रवाई- थाना प्रभारी इस मामले में सदर थाना नूंह प्रभारी प्रवीण कुमार ने बताया कि अभी तक थाने में कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। हालांकि, सूचना मिलने पर पुलिस टीम को गांव में जांच के लिए भेजा गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भिंड में पावई थाना क्षेत्र अंतर्गत सारूपुरा मोड़ पर रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने हुई भीषण भिड़ंत में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। जहां से ग्वालियर रेफर कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार 22 वर्षीय आकाश जाटव पुत्र सुरेंद्र जाटव निवासी जलपुरी थाना अटेर अपने पिता 46 वर्षीय सुरेंद्र जाटव तथा रिश्तेदार 45 वर्षीय पूरन सिंह जाटव पुत्र नेकराम जाटव निवासी टीकरी थाना पावई के साथ बाइक से ढोंचरा गांव से वापस जलपुरी लौट रहे थे। इसी दौरान सारूपुरा मोड़ के पास सामने से आ रही दूसरी बाइक से उनकी जोरदार टक्कर हो गई। दूसरी बाइक पर 40 वर्षीय अवधेश सिंह बघेल पुत्र गुरुदयाल बघेल निवासी विजयगढ़ थाना पावई सवार थे, जो सुरपुरा से अपने गांव लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों बाइकें तेज रफ्तार में थीं और मोड़ पर आमने-सामने आ जाने से हादसा हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि चारों लोग सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने आकाश जाटव और अवधेश सिंह बघेल को मृत घोषित कर दिया। वहीं पूरन सिंह और सुरेंद्र जाटव का उपचार जिला अस्पताल में जारी है। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच की जा रही है। उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने दिखाई संवेदनशीलताहादसे के समय क्षेत्रीय विधायक एवं विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे उसी मार्ग से गुजर रहे थे। सड़क पर घायल पड़े लोगों को देखकर उन्होंने तत्काल अपना काफिला रुकवाया और पुलिस व डायल-112 को सूचना दी। कटारे ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को शीघ्र अस्पताल भिजवाने की व्यवस्था कराई। उनकी तत्परता से घायलों को समय पर उपचार मिल सका। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने भी उनके मानवीय प्रयासों की सराहना की।
देवरिया में लाइनमैन को लगा करंट:ट्रांसफार्मर लगाते समय झुलसा, गोरखपुर रेफर किया गया
देवरिया में ट्रांसफार्मर लगाते समय एक लाइनमैन 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। यह घटना रविवार शाम खुखुंदू थाना क्षेत्र के डुमरिया गांव में हुई। घायल लाइनमैन को प्राथमिक उपचार के बाद गोरखपुर रेफर किया गया है। घायल लाइनमैन की पहचान खुखुंदू थाना क्षेत्र के सोन्हुला गांव निवासी प्रिंस उपाध्याय (45) पुत्र जगदीश उपाध्याय के रूप में हुई है। वह खुखुंदू विद्युत उपकेंद्र पर कार्यरत हैं। रविवार शाम करीब छह बजे प्रिंस उपाध्याय विभागीय कर्मचारियों के साथ डुमरिया गांव में ट्रांसफार्मर स्थापित करने का कार्य कर रहे थे। कार्य के दौरान वह पोल पर चढ़े हुए थे। इसी दौरान अचानक उनका संपर्क 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से हो गया। तेज करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गए और पोल से नीचे गिर पड़े। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कराई और घायल लाइनमैन को महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उनकी हालत चिंताजनक बताते हुए बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही विद्युत विभाग के अधिकारी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विभागीय अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद क्षेत्र के लोगों ने विद्युत विभाग से मांग की है कि ट्रांसफार्मर स्थापना और लाइन मरम्मत जैसे जोखिमपूर्ण कार्यों के दौरान कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
प्रतापगढ़ से समाजवादी पार्टी के सांसद एसपी पटेल ने मंदिरों को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा, सभी मंदिरों में लूटने के लिए लोग बैठे हैं। सांसद पटेल ने यह टिप्पणी राम मंदिर में चंदा चोरी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए की। उन्होंने सीधे तौर पर कहा, हम तो मंदिर को सीधे कहते हैं, सबके पैसे से लगे हैं वहां बैठने वाले लोग... मंदिर में सब लूटने के लिए बैठे हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस मुद्दे पर अधिक बोलने से लोग उन्हें धर्म विरोधी कहेंगे, लेकिन जिस बात का बड़े स्तर पर प्रचार किया गया, अब उसी पर सवाल उठ रहे हैं। सांसद ने यह भी जोड़ा कि मैं समझता हूं कि ऐसा सभी मंदिरों में होता है। यह बयान तब सामने आया जब सांसद पटेल अपने क्षेत्र के एक पीड़ित के मामले को लेकर जिलाधिकारी से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने यह टिप्पणी की।
महराजगंज में मोहर्रम को लेकर अलर्ट:एसपी ने भारत-नेपाल सीमा और सोनौली कस्बे में किया फ्लैग मार्च
महराजगंज पुलिस प्रशासन आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में रविवार को पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र और सोनौली कस्बे में फ्लैग मार्च किया। इस फ्लैग मार्च में क्षेत्राधिकारी नौतनवा, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के अधिकारी और भारी पुलिस बल शामिल था। जवानों ने सीमा क्षेत्र, प्रमुख बाजारों, संवेदनशील स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पैदल गश्त की। फ्लैग मार्च के दौरान आमजन से संवाद स्थापित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति, भाईचारा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उनसे त्योहार को परंपरागत तरीके से मनाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने का अनुरोध भी किया गया। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने स्पष्ट किया कि मोहर्रम के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट सूचनाओं पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की। एसपी ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखने और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया। सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की सघन जांच और नियमित निगरानी बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए। भारत-नेपाल सीमा से सटे सोनौली क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और एसएसबी द्वारा संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मोहर्रम पर्व पूरी शांति, सुरक्षा और आपसी सद्भाव के साथ संपन्न हो। महराजगंज पुलिस ने जनपदवासियों से सहयोग की अपील की है। सभी नागरिकों से जिम्मेदार भूमिका निभाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा सूचना की जानकारी तत्काल पुलिस को उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है, ताकि जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनी रहे।
देवास में एमजी अस्पताल पर नगर निगम ने रुपए 1.75 लाख का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई मेडिकल वेस्ट के निपटान में लापरवाही और इसे सामान्य कचरा संग्रहण वाहन में बार-बार मिलाकर डालने पर की गई है। नगर निगम ने इसे स्वच्छता नियमों का उल्लंघन और जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताया है। नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार के निर्देश पर अस्पतालों से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट की लगातार निगरानी की जा रही थी। इसी जांच के दौरान एमजी अस्पताल द्वारा निगम के कचरा संग्रहण वाहन में मेडिकल वेस्ट मिलाकर डालने का मामला सामने आया। मुख्य स्वच्छता निरीक्षक रवि गोयनार ने अस्पताल के खिलाफ यह चालानी कार्रवाई की। पहले भी जारी हुए थे चालान निगम अधिकारियों के अनुसार, अस्पताल को अलग-अलग समय पर कुल पांच चालान नोटिस जारी किए गए थे। इनमें तीन बार 25-25 हजार रुपए और दो बार 50-50 रुपए हजार के चालान शामिल थे। अस्पताल प्रबंधन ने अब तक 1.50 लाख रुपए की राशि जमा कर दी है, जबकि शेष राशि जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में फिर मिली लापरवाही हाल ही में निगम स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गीले-सूखे कचरे के साथ अस्पतालों से निकलने वाले बायो-मेडिकल वेस्ट के निपटान की विशेष जांच की थी। इस जांच के दौरान भी एमजी अस्पताल का मेडिकल वेस्ट सामान्य कचरे के साथ मिला हुआ पाया गया था, जिस पर पहले 50 हजार रुपए का चालान किया गया था। अस्पताल द्वारा बार-बार चेतावनी के बावजूद सुधार न करने और दोबारा मेडिकल वेस्ट को सामान्य कचरे में मिलाकर डालने पर निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए जुर्माने की राशि बढ़ाई। इस कार्रवाई के दौरान स्वच्छता निरीक्षक शंकर सांगते भी मौजूद थे। निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मेडिकल वेस्ट के निपटान में लापरवाही करने वाले अन्य संस्थानों पर भी आगे सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पूर्णिया के जलालगढ़ में गंगा सागर तालाब किनारे युवक का शव मिला। मृतक की पहचान गंगा सागर टोल निवासी 32 वर्षीय रंजीत चौहान के रूप में हुई है। रंजीत शनिवार रात मछली की रखवाली करने गया था, खोजबीन के क्रम में अगले दिन उसकी लाश मिली। मृतक के पिता धीरेंद्र चौहान ने बताया कि गंगा सागर पोखर के रास्ते से गुजरने के दौरान मेरी नजर पानी किनारे पड़े एक शव पर पड़ी। पास जाकर देखा तो मेरे होश उड़ गए। पानी में पड़ा शव बेटे रंजीत का था। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और लाश को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। अक्सर पोखर किनारे रात बिताता था परिजनों ने बताया कि शनिवार रात रंजीत ने घर पर खाना खाया था। इसके बाद वह गंगा सागर पोखर में चल रहे मछली पालन की रखवाली के लिए निकला था। पोखर के बीच बने मचान पर वह अक्सर रात गुजारता था और मछलियों की निगरानी करता था, लेकिन शव मचान पर नहीं, बल्कि उससे काफी दूर पोखर के किनारे पानी में मिला। यही बात परिजनों और ग्रामीणों के बीच कई सवाल खड़े कर रही है।एफएसएल की टीम ने की जांच घटना की सूचना मिलते ही जलालगढ़ थानाध्यक्ष दीपक कुमार और पुलिस अवर निरीक्षक शिवम कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने मचान और उसके आसपास के इलाके की बारीकी से जांच की। टीम ने पैर के निशान समेत कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं, ताकि मौत की असली वजह का पता लगाया जा सके। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए जीएमसीएच पूर्णिया भेज दिया। पुलिस को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार जलालगढ़ थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला पानी में डूबने से मौत लग रही है। आशंका है कि रात के अंधेरे में पैर फिसलने से युवक गहरे पानी में चला गया हो। हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। हत्या, दुर्घटना या किसी अन्य साजिश की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी।
बाड़मेर में पुरानी रंजिश और गाय खेत में घुसने को लेकर विवाद के दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। दोनों की ओर से क्रॉस मामला दर्ज करवाया गया है। एक पक्ष का आरोप है कि हॉस्पिटल में भर्ती 81 साल की बुजुर्ग महिला की मारपीट से मौत हो गई। परिजन व समाज के लोग मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठे गए। पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे है। मामले में पुलिस ने आरोपियों को डिटेन भी किया है। मामला बाड़मेर जिले में 15 जून का है। रविवार दोपहर करीब 4 बजे बुजुर्ग महिला की बाड़मेर हास्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई। बुजुर्ग के बेटे का आरोप है कि 15 जून शाम को हम लोग घर पर बैठे थे। हमारे पर पड़ोसी 8-10 लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इससे परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट करने के साथ बुजुर्ग महिला के पेट पर लात मारी। इससे तीन पुरूष समेत चार जनों को हॉस्पिटल लेकर आए। वहां से एक को जोधपुर रेफर कर दिया गया। वहीं बुजुर्ग समेत महिला का हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। रविवार को बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। इसके बाद आक्रोशित परिजन व समाज के लोग मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए। फिलहाल पुलिस उनसे समझाइश करने का प्रयास कर रही है। दूसरे पक्ष की ओर से गाय उनके खेत में घुसने पर उसके साथ मारपीट की। वहीं बेटी लेने गई तो उसके साथ भी छेड़छाड़ और मारपीट के आरोप लगाए है। थानाधिकारी ने बताया- दोनों पक्षों के क्रॉस मामले दर्ज है। मामले की जांच चल रही है। वहीं परिजनों से पोस्टमॉर्टम करने के लिए समझाइश कर रहे है। फिलहाल शव मॉर्च्युरी में पड़ा है।
कुशीनगर के नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र में रविवार दोपहर एक युवक की नहर में डूबने से मौत हो गई। युवक नहर में नहाते समय एक पाइप में फंस गया था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की पहचान श्रवण राजभर (35) पुत्र नागेश्वर राजभर के रूप में हुई है। वह नहर में नहाने गया था। उसी दौरान वहां लगे एक पाइप में फंस गया और बाहर नहीं निकल पाया, जिससे उसकी मौत हो गई। उसका शव पुल के पास फंसा मिला। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। सब इंस्पेक्टर मणिन्द्र कुमार अपने सहयोगियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने शव को नहर से बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले में आगे की आवश्यक कार्रवाई कर रही है। श्रवण राजभर की पत्नी का पहले ही निधन हो चुका था। वह अपने पीछे चार बच्चों को छोड़ गए हैं, जिनमें सबसे बड़ा बेटा सन्नी, पुत्री रविना, अमित और सबसे छोटा पुत्र अमर शामिल हैं। पिता की असामयिक मृत्यु के बाद इन बच्चों के माता-पिता दोनों नहीं रहे।
औरंगाबाद में कार ने बाइक सवारों को रौंद दिया। हादसे में दो दोस्तों की मौत हो गई। मृतक कुटुंबा थाना क्षेत्र के धनीबार गांव निवासी रामस्वरूप पासवान का बेटा राजा कुमार (17) और सिकंदर ठाकुर का बेटा संदीप कुमार (16) है। बताया जा रहा कि दोनों रविवार की देर शाम बाइक से एरका कॉलोनी के पास मंचूरियन खाने जा रहे थे। तभी धनीबार गांव के पास पीनएसी कंपनी के बेस कैंप के पास दोनों पहुंचे, अंबा की ओर से आ रहे एक दूल्हे की गाड़ी ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक उछाल कर कुछ दूर सड़क किनारे जा गिरे और दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, पर उनकी जान नहीं बची। हादसे के बाद लोगों ने रोड जाम कर दिया। घटना अंबा थाना क्षेत्र के धनीबार और एरका गांव के बीच एनएच-139 की है मौके से आई कुछ तस्वीरें… दोनों को अलग-अलग अस्पताल ले जाया गया वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी घायलों के परिजन और स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही अंबा थाना की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने तत्काल संदीप को इलाज के लिए कुटुंबा रेफरल अस्पताल पहुंचाया। जबकि राजा को औरंगाबाद सदर अस्पताल ले जाया गया। दोनों जगह पर चिकित्सकों ने दोनों घायलों को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि मृतक संदीप और राजा अपने 2 भाइयों में सबसे छोटे थे। दोनों काफी निर्धन परिवार से थे। दोनों युवक घर गृहस्थी चलाने में अपने पिता का सहयोग करते थे। परिवार को उनसे काफी उम्मीदें थी। ग्रामीणों ने रोड जाम किया घटना की सूचना मिलने पर काफी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और एनएच-139 को जाम कर दिया। जिसके कारण सड़क के दोनों और वाहनों की लंबी कतार लग गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि पीएनसी कंपनी में गिट्टी और बालू लेकर आने वाली गाड़ियां सड़क किनारे खड़ी रहती है। जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती है। सड़क किनारे गाड़ी लगे होने के कारण ही दोनों युवक दुर्घटना के शिकार हुए हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं अंबा थाना अध्यक्ष राहुल राज ने बताया कि दोनों शवों के पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया की जा रही है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया जाएगा। धक्का मार कर भागने वाले वाहन और चालक का पता लगाया जा रहा है। आसपास में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है।

