प्रयागराज में 60 हजार प्राथमिक शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर प्रयागराज में छात्रों का आंदोलन गुरुवार को और तेज हो गया। बुधवार रात धरना दे रहे छात्रों को हटाए जाने के बाद गुरुवार को बड़ी संख्या में छात्र सिविल लाइंस में धरना स्थल के पास पहुंच गए। पुलिस ने धरना स्थल तक जाने वाले रास्ते पर बैरिकेडिंग कर छात्रों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं हर्ष होटल के पास जुट गए। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्राएं भी शामिल हैं।भर्ती की मांग पूरी होने तक नहीं हटने का ऐलानप्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं का कहना है कि 60 हजार प्राथमिक शिक्षक पदों पर भर्ती की मांग को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों ने साफ कहा कि जब तक भर्ती को लेकर सरकार की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, वे धरना स्थल से नहीं हटेंगे। छात्रों के जुटने के बाद मौके पर पुलिस बल भी तैनात किया गया है। देखें तस्वीरें……. छात्रों का आरोप- रात में साथियों को पुलिस उठा ले गईप्रदर्शन कर रहे कई छात्र-छात्राओं ने आरोप लगाया कि बुधवार रात पुलिस ने उनके कुछ साथियों को जबरन वहां से हटा दिया। छात्रों का कहना है कि प्रदर्शन के लिए लगाए गए टेंट और अन्य सामान को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया। उनका आरोप है कि शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की।छात्राओं की भी बड़ी संख्या में मौजूदगीगुरुवार को हर्ष होटल के पास जुटे छात्रों में बड़ी संख्या में छात्राएं भी शामिल हैं। छात्राओं का कहना है कि वे लंबे समय से भर्ती की मांग को लेकर आंदोलन कर रही हैं। उनका कहना है कि बार-बार प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बावजूद उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक 60 हजार प्राथमिक शिक्षक भर्ती को लेकर फैसला नहीं होता।पुलिस बोली- किसी छात्र पर बल प्रयोग नहीं हुआवहीं, पुलिस ने छात्रों के आरोपों से अलग तस्वीर बताई है। एडीसीपी सिटी सागर जैन ने कहा कि किसी भी छात्र के साथ बल प्रयोग नहीं किया गया। धरना स्थल पर बिना अनुमति के प्रदर्शन चल रहा था। इसी को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं से वहां से हटने का निवेदन किया गया था।कम ग्लूकोज लेवल वाली छात्राओं को अस्पताल भेजाएडीसीपी सिटी के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्राओं का ग्लूकोज लेवल बेहद कम हो गया था। ऐसे में उन्हें मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए अस्पताल भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को घर भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि छात्राओं को हटाने के दौरान किसी तरह के बल प्रयोग की बात सही नहीं है।आंदोलन के आगे बढ़ने के आसारबुधवार रात प्रदर्शनकारियों को हटाए जाने के बाद गुरुवार को छात्रों की बड़ी संख्या में दोबारा जुटने से साफ है कि 60 हजार प्राथमिक शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर आंदोलन अभी थमने वाला नहीं है। पुलिस ने धरना स्थल की ओर जाने वाले रास्ते पर बैरिकेडिंग कर रखी है, जबकि छात्र हर्ष होटल के पास एकत्र होकर अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
झांसी नगर निगम में भाजपा पार्षद की बगावत:कार्यकारिणी की छह सीट के लिए सात दावेदार, अब होगा चुनाव
झांसी नगर निगम कार्यकारिणी के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के अंदर बगावत सामने आ गई है। पार्टी की ओर से जारी दावेदारों की सूची से अलग भाजपा की पार्षद नीता विकास यादव ने नामांकन दाखिल कर दिया। खास बात यह है कि उनके नामांकन में भाजपा की ही पार्षद ममता सुगरपाल प्रस्तावक बनीं। इससे भाजपा के अधिकृत दावेदारों का चुनावी समीकरण बिगड़ गया है। कार्यकारिणी में छह सदस्यों का चुनाव होना है, जबकि नामांकन वापसी का समय निकलने के बाद सात दावेदार मैदान में हैं। ऐसे में अब कार्यकारिणी का चुनाव निर्विरोध होना संभव नहीं है। छह सीटों के लिए सात दावेदार होने के कारण मतदान कराया जाएगा। भाजपा ने पांच नामों पर जताया था भरोसा भाजपा की ओर से सुनील नैनवानी, राजकुमारी अनिल पचू, रितिका गौरव तिवारी, रामजी यादव और राखी नितेन्द्र परिहार ने नामांकन दाखिल किया था। इन पांच नामों के साथ भाजपा को उम्मीद थी कि कार्यकारिणी के चुनाव में उसके दावेदारों का निर्विरोध निर्वाचन हो जाएगा। इसी बीच नीता विकास यादव ने पार्टी की सूची से अलग जाकर नामांकन कर दिया। उनके मैदान में उतरने के बाद भाजपा के दावेदारों के बीच चुनावी जोर-आजमाइश शुरू हो गई है। विपक्ष के दोनों दावेदारों ने नाम वापस लिया शुरुआत में विपक्षी खेमे से महेश गौतम और संजीव गौतम ने भी नामांकन दाखिल किया था। हालांकि बाद में संजीव गौतम ने अपने नामांकन वापस ले लिए। इससे चुनावी मुकाबला मुख्य रूप से भाजपा के दावेदारों के बीच ही रह गया है। अब छह सीटों के लिए भाजपा से पांच अधिकृत दावेदारों के साथ नीता विकास यादव समेत कुल सात नाम मैदान में हैं। ऐसे में एक दावेदार को चुनाव में हार का सामना करना पड़ेगा। अंतिम कार्यकारिणी चुनाव में बढ़ी जोर-आजमाइश नगर निगम कार्यकारिणी का यह चुनाव मौजूदा बोर्ड का अंतिम चुनाव माना जा रहा है। इसके बाद विधानसभा चुनाव और फिर नगर निगम चुनाव होने हैं। ऐसे में कार्यकारिणी में जगह बनाने को लेकर पार्षदों के बीच राजनीतिक सक्रियता बढ़ गई है। नीता विकास यादव का पार्टी की सूची से अलग जाकर नामांकन दाखिल करना इसी जोर-आजमाइश का हिस्सा माना जा रहा है। वहीं, भाजपा की पार्षद ममता सुगरपाल के उनके नामांकन में प्रस्तावक बनने से पार्टी के अंदर चल रही खींचतान और चर्चा में आ गई है। अब चुनाव में किसे कार्यकारिणी में जगह मिलती है, यह मतदान के बाद ही साफ होगा। भाजपा के होल्ड पर सवाल इस समय नगर निगम में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। जो दावेदार अपने आप को निर्विरोध जीता हुआ मान रहे थे, अब वह समर्थन जुटाने के लिए मानमुव्वल में जुटे हैं। बागी पार्षद नीता विकास यादव ने सभी का खेल बिगाड़ दिया है। वहीं, सूत्रों की माने तो भाजपा के ही कई पार्षद नीता विकास यादव के समर्थन में मतदान करने के लिए लामबंद हो रहे हैं। अचानक हुए उलटफेर के चलते अब भाजपा के जिला नेतृत्व पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारों की माने तो भाजपा का अपने पार्षदों पर होल्ड भी इस बगावत से कमजोर दिखाई पड़ रहा है।
बारिश में तिरपाल के नीचे अंतिम संस्कार, ग्रामीण परेशान:जालौन में श्मशान घाट की बदहाली पर प्रदर्शन
देश में विकसित भारत और आधुनिक सुविधाओं की बात हो रही है, लेकिन जालौन के गांवों में अंतिम संस्कार जैसी जरूरी सुविधा भी कई जगह खराब हालत में है। बारिश के मौसम में पक्के श्मशान घाट, टीन शेड और सड़क न होने से ग्रामीणों को तिरपाल के नीचे अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है। बुंदेलखंड दलित अधिकार मंच ने इसे मृतकों के सम्मान और नागरिकों की गरिमा से जुड़ा गंभीर मामला बताया। मंच के सदस्यों ने उरई के कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। बुंदेलखंड दलित अधिकार मंच के मुताबिक, पिछले एक महीने में जिले के नौ से ज्यादा गांवों में खराब मौसम के कारण अंतिम संस्कार में दिक्कतें आई हैं। उरई तहसील के हरकीती गांव में देवेंद्र दोहरे के निधन के बाद तेज बारिश में परिवार वाले घंटों तक अंतिम संस्कार के लिए सही जगह और तिरपाल का इंतजाम करते रहे। ऐसे ही तीतरा खलौलपुर, नौरेजपुर, गोराकरनपुर, गढ़गुवा, भदरेखी, सुरावली, खैराबर व्योना और हैदलपुर जैसे दूसरे गांवों में भी बारिश के दौरान अंतिम संस्कार में परेशानी हुई है। कहीं तिरपाल लगाकर चिता जलाई गई तो कहीं कीचड़ और पानी भरे रास्ते से शवयात्रा निकालनी पड़ी। बुंदेलखंड दलित अधिकार मंच के संयोजक एडवोकेट कुलदीप बौद्ध ने बताया कि गांवों में, खासकर दलित और गरीब बस्तियों में, अंतिम संस्कार की जगहों की हालत खराब है। कई जगह जमीन तय नहीं है और जहां जमीन है भी, वहां पक्का शेड, ऊंचा चबूतरा, पीने का पानी और पक्की सड़क जैसी सुविधा नहीं है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 21 का जिक्र करते हुए कहा कि सम्मानजनक अंतिम संस्कार नागरिक के सम्मान का अधिकार है। ज्ञापन में मांग की गई है कि जिन गांवों में दिक्कत है, वहां तुरंत पक्के टीन शेड, चबूतरे, हैंडपंप, पानी निकलने की व्यवस्था और पक्की सड़क बनाई जाए। सुविधाओं का निर्माण कराया साथ ही, जिले की सभी गरीब बस्तियों का सर्वे कराया जाए और अलग-अलग सरकारी योजनाओं के पैसे से इन सुविधाओं का निर्माण कराया जाए। मंच ने यह भी मांग की है कि बारिश के दौरान कुछ समय के लिए शेड, पानी से बचाने वाला तिरपाल और सूखी लकड़ी का इंतजाम किया जाए। इसके अलावा, संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की भी मांग उठाई गई है।
देवरिया जिले के भाटपाररानी थाना क्षेत्र के बहियारी बघेल गांव में एक हादसा हुआ। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे एक पुराने मकान की नींव से मिट्टी निकालते समय पुरानी दीवार अचानक गिर गई। इस हादसे में मजदूर शामू (25) मलबे के नीचे दब गया। वहां काम कर रहे दूसरे मजदूरों और आसपास के लोगों ने तुरंत उसे मलबे से बाहर निकाला। शामू को गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भाटपाररानी ले जाया गया। वहां डॉक्टर मुरारी राय ने जांच के बाद उसे मृत बता दिया। शामू की पहचान कुइचवर गांव के मुन्ना प्रसाद के बेटे के रूप में हुई है। परिवार के लोगों ने बताया कि शामू मजदूरी करके घर चलाता था। गुरुवार को वह बहियारी बघेल गांव में गुड्डू यादव के पुराने मकान की जगह नया मकान बनाने के लिए नींव खोद रहा था। नींव से मिट्टी निकालते समय ही अचानक पुरानी दीवार उस पर गिर गई। इससे शामू मलबे में दब गया। घटना के बाद वहां हड़कंप मच गया। साथ काम कर रहे मजदूरों ने लोगों की मदद से उसे बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। शामू अपने दो भाइयों में छोटा था। हादसे की खबर मिलते ही उसके बड़े भाई रामू और परिवार के दूसरे लोग अस्पताल पहुंच गए। शामू की मौत की खबर सुनकर परिवार में मातम छा गया। हादसे की सूचना मिलने पर भाटपाररानी पुलिस भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मऊ जिला कलेक्ट्रेट परिसर में गुरुवार को ऑटो रिक्शा चालक समिति और दर्जनों ऑटो व ई-रिक्शा चालकों ने प्रदर्शन किया। चालकों ने मऊ जंक्शन रेलवे मार्ग पर अवैध वसूली, गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को पत्र सौंपा। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ऑटो यूनियन के जिलाध्यक्ष इकबाल अहमद अंसारी ने कहा कि रेलवे स्टेशन मार्ग पर ऑटो और ई-रिक्शा चालकों से तय रकम से ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं। उनका आरोप है कि गरीब चालक जब इसका विरोध करते हैं तो उनके साथ दबंगई की जाती है। चालकों का कहना है कि लंबे समय से चल रही इस कथित वसूली के कारण उन्हें डर के माहौल में काम करना पड़ रहा है। तय रकम से ज्यादा पैसे लेने का आरोप ऑटो चालकों के मुताबिक, मऊ जंक्शन रेलवे मार्ग पर ऑटो और ई-रिक्शा चालकों से निर्धारित रकम से अधिक पैसा मांगा जाता है। यूनियन का आरोप है कि रकम देने से इनकार करने पर चालकों के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। जिलाध्यक्ष इकबाल अहमद अंसारी ने अधिकारियों से इस व्यवस्था की जांच कर यह पता लगाने की मांग की है कि किसके कहने पर और किस आधार पर वसूली की जा रही है। गाली और जातिसूचक शब्द कहने का आरोप चालकों ने आरोप लगाया कि अवैध वसूली का विरोध करने पर उन्हें भद्दी गालियां दी जाती हैं और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित किया जाता है। उनका यह भी कहना है कि पैसे नहीं देने पर रेलवे स्टेशन परिसर में दोबारा नहीं आने की धमकी दी जाती है। इससे कई चालक विरोध करने के बजाय डरकर पैसे देने को मजबूर हैं। यात्रियों को भी परेशानी, विवाद बढ़ने का खतरा समिति ने डीएम और एसपी को दिए पत्र में कहा कि कथित अवैध वसूली और दबंगई का असर सिर्फ ऑटो चालकों तक सीमित नहीं है। इससे रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी हो रही है। चालकों का कहना है कि दबंगई के चलते कभी भी मारपीट की स्थिति बन सकती है, जिससे स्टेशन क्षेत्र की शांति और यातायात व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा है। डीएम-एसपी से जांच और कार्रवाई की मांग ऑटो चालक समिति ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, कथित अवैध वसूली पर रोक और चालकों को धमकाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। समिति का कहना है कि कार्रवाई होने से चालक बिना डर के काम कर सकेंगे और रेलवे स्टेशन के आसपास यातायात व्यवस्था भी बेहतर होगी। प्रदर्शन के दौरान राजन, मनोज, हरिकेश, रमेश, विपिन, राजू समेत दर्जनों ऑटो और ई-रिक्शा चालक मौजूद रहे।
मेरठ में लापता 9 वर्षीय बच्चे का शव मिला, बुधवार शाम से था गायब; पुलिस जांच में जुटी
मेरठ में लापता 9 वर्षीय बच्चे का शव मिला, बुधवार शाम से था गायब; पुलिस जांच में जुटी
सवाई माधोपुर के पुराने शहर के मिर्जा मोहल्ले स्थित क्यारदा हवेली में एक बंदर के बच्चे का पैर पाइप में फंस गया। पैर फंसने के कारण बंदर का बच्चा करीब 48 घंटे तक भूखा-प्यासा पाइप के पास ही फंसा रहा। बंदर के बच्चे को परेशान देखकर स्थानीय लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया और वन विभाग से मदद की अपील की। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद और रणथंभौर की रेस्क्यू टीम को मामले की जानकारी मिली। सूचना पर टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। पाइप काटकर किया बंदर का रेस्क्यू रेस्क्यू टीम के जसकरण मीणा ने बताया कि गुरुवार सुबह मामले की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वहां बंदरों का समूह मौजूद था, जिसके चलते रेस्क्यू में परेशानी आ रही थी। हालांकि, इसके बाद भी रेस्क्यू टीम ने सावधानीपूर्वक पाइप को काटकर बंदर के बच्चे का पैर बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार दिया। जिसके बाद हालत सामान्य होने पर उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ा गया।
गोंडा में कैसरगंज से बीजेपी सांसद करण भूषण शरण सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान उन पर आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज हुआ था। इस मामले की सुनवाई कल बुधवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान सांसद करण भूषण सिंह कोर्ट में पेश नहीं हुए थे। अदालत ने सांसद की ओर से पेश किए गए हाजिरी माफी आवेदन को खारिज कर दिया। इस आदेश की कॉपी आज गुरुवार दोपहर 12 बजे सामने आई। वरिष्ठ अधिवक्ता बृजलाल तिवारी ने इसकी जानकारी दी है। अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी/एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष मजिस्ट्रेट अंशुमान धुन्ना की अदालत में इस मामले की अंतिम बहस चल रही है। कल बुधवार को सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपनी दलीलें और सबूत कोर्ट में पेश किए। इसी समय सांसद करण भूषण शरण सिंह के वकील ने व्यक्तिगत पेशी से छूट के लिए हाजिरी माफी का आवेदन दिया। अदालत ने इस आवेदन को नामंजूर कर दिया। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष की बहस सुनने के बाद बचाव पक्ष को अपनी अंतिम दलीलें पेश करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया है। कोर्ट ने इस मामले में अंतिम फैसले और सांसद की व्यक्तिगत पेशी के लिए 18 सितंबर की तारीख तय की है। इस फैसले के बाद राजनीतिक और कानूनी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। अभियोजन अधिकारी देवेंद्र सिंह और वरिष्ठ अधिवक्ता बृजलाल तिवारी के मुताबिक, यह पूरा मामला 2024 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान का है। 4 मई 2024 को करण भूषण शरण सिंह बीजेपी प्रत्याशी के तौर पर अपने समर्थकों और गाड़ियों के काफिले के साथ तरबगंज थाना क्षेत्र के बेलसर चौराहे पर पहुंचे थे। आरोप है कि चुनाव आयोग द्वारा लागू आचार संहिता के नियमों की अनदेखी करते हुए तय संख्या से कहीं अधिक वाहन और व्यक्तियों का जमावड़ा बिना पूर्व अनुमति के किया गया था। इस शक्ति प्रदर्शन के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हुए थे।
तहसील कार्यालय में बुधवार रात अचानक छत का बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया। प्लास्टर सीधे तहसीलदार की कुर्सी के ठीक ऊपर गिरा और नीचे रखी टेबल, कंप्यूटर समेत अन्य सामान इसकी चपेट में आ गया। जिस जगह यह प्लास्टर गिरा, वहां दिन के समय तहसीलदार के साथ रीडर और बाबू बैठकर सरकारी कामकाज करते हैं। घटना रात में हुई, इसलिए कार्यालय में कोई अधिकारी-कर्मचारी मौजूद नहीं था और बड़ा हादसा टल गया। सुबह जब कर्मचारी कार्यालय पहुंचे तो तहसीलदार की कुर्सी के आसपास छत का मलबा और टूटा हुआ प्लास्टर बिखरा मिला। टेबल पर रखा कंप्यूटर और अन्य सामान भी मलबे की चपेट में आने से नुकसान हुआ है। हालांकि, अभी नुकसान कितना हुआ है, इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। जिस जगह छत का प्लास्टर गिरा है, वहां सामान्य दिनों में लगातार काम होता है। तहसीलदार इसी जगह बैठकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं और राजस्व से जुड़े मामलों की सुनवाई और दूसरे जरूरी काम निपटाए जाते हैं। उनके साथ रीडर और बाबू भी इसी कार्यालय में बैठते हैं। ऐसे में अगर यह घटना दिन के समय होती तो कई लोगों के इसकी चपेट में आने की आशंका थी। पहले देखिए तस्वीरें… पुराना भवन, रखरखाव पर उठे सवालपाटन तहसील कार्यालय का भवन काफी पुराना बताया जा रहा है। लंबे समय से इस्तेमाल हो रहे इस भवन में छत और दूसरे हिस्सों की हालत को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस छत के नीचे रोजाना अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में आम लोग बैठते हैं, उसकी समय रहते जांच क्यों नहीं हुई? सरकारी कार्यालयों में रोजाना बड़ी संख्या में लोग अपने काम के लिए पहुंचते हैं। तहसील कार्यालय में जमीन, नामांतरण, बंटवारा, आय, जाति, निवास और दूसरे राजस्व से जुड़े काम होते हैं। इसके चलते यहां पूरे दिन लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में भवन की मजबूती सीधे लोगों की सुरक्षा से जुड़ी हुई है। जर्जर भवन को लेकर जल्द जांच की मांगहादसे के बाद अब कार्यालय भवन की पूरी जांच कराने की मांग की जा रही है। केवल जिस जगह प्लास्टर गिरा है, उसकी मरम्मत के बजाय छत और भवन के दूसरे हिस्सों की भी जांच जरूरी है, ताकि कहीं कोई और हिस्सा कमजोर हो तो उसे समय रहते ठीक किया जा सके। एक घटना ने खोल दी बड़ी समस्यापाटन तहसील कार्यालय में हुआ यह हादसा सिर्फ छत का प्लास्टर गिरने की घटना नहीं है, बल्कि सरकारी भवनों के रखरखाव पर भी सवाल खड़ा करता है। हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन अगर यही घटना कुछ घंटे पहले होती तो तस्वीर पूरी तरह अलग हो सकती थी। अब जरूरत है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर भवन की स्थिति की जांच करे और जरूरी मरम्मत कराए। ताकि अगली बार किसी बड़े हादसे के बाद जिम्मेदारी तय करने की नौबत न आए।
रोडवेज कर्मचारियों का जन जागरण अभियान:पीलीभीत में 17 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन तेज
उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ के आह्वान पर प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू हो गया है। कर्मचारी अपनी वर्षों से लंबित मांगों के जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को पीलीभीत डिपो में कर्मचारियों ने 'जन जागरण अभियान' चलाया। इस दौरान उन्होंने अपनी एकजुटता दिखाई। प्रदेश महामंत्री भारत भूषण और प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह के निर्देश पर यह जन जागरण अभियान पूरे प्रदेश के सभी डिपो में चलाया जा रहा है। पीलीभीत में इस कार्यक्रम की अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष राजकुमार श्रीवास्तव ने की। इसका संचालन शाखा मंत्री साधुराम दिवाकर ने किया। कर्मचारियों का हौसला बढ़ाया बरेली क्षेत्र के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष हरीश गंगवार भी इसमें शामिल हुए और कर्मचारियों का हौसला बढ़ाया। पैदल मार्च के दौरान कर्मचारियों को उनकी समस्याओं और संगठन की आगे की रणनीति के बारे में बताया गया। सभी ने भविष्य के हर संघर्ष में शामिल होने का संकल्प लिया। संगठन के पदाधिकारियों ने आंदोलन के अगले चरणों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 16 सितंबर को बरेली क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक को कर्मचारियों की 17 सूत्रीय मांगों का मांगपत्र सौंपा जाएगा। यह मांगपत्र क्षेत्रीय प्रबंधक के जरिए सीधे मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा। अगर इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई, तो 21 सितंबर को लखनऊ में परिवहन निगम मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। यात्रियों के हित के लिए संघर्ष संगठन ने साफ चेतावनी दी है कि कर्मचारियों, निगम और यात्रियों के हित के लिए यह संघर्ष जारी रहेगा। इस अभियान में शाखा उपाध्यक्ष प्रवेंद्र गंगवार, गिरधर गोपाल साहनी, कार्य विभाग मंत्री संजय मिश्रा, अरविंद गंगवार, अमित कुमार चौहान, सुषमा, नेहा गंगवार, ममतेश कुमार, दीपू मिश्रा, जयप्रकाश, उपेंद्र गंगवार, वीरपाल गुर्जर और भूपेंद्र यादव समेत कई पदाधिकारी और कर्मचारी शामिल थे।
सम्पतिहा चौकी पर महिला से मारपीट:कैमरा बंद कर लॉकअप में पीटने का आरोप, एसपी से कार्रवाई की मांग
नौतनवा थाना क्षेत्र के परसौनीकला गांव की रहने वाली फोटो देवी ने सम्पतिहा चौकी पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है। उन्होंने महाराजगंज के पुलिस अधीक्षक (SP) को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग की है। महिला का आरोप है कि 9 सितंबर को उन्हें चौकी पर बुलाया गया था। उनके घर के बगल में सूर्यनारायण यादव का मकान है, जिनकी बोलेरो गाड़ी का शीशा किसी अज्ञात व्यक्ति ने तोड़ दिया था। फोटो देवी का कहना है कि शक के आधार पर उनके खिलाफ सम्पतिहा चौकी में शिकायत की गई थी। चौकी पहुंचने के बाद उन्हें लॉकअप में बंद कर दिया गया और कैमरा बंद करवा दिया गया। महिला ने आरोप लगाया कि इसके बाद चौकी इंचार्ज और पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। इस दौरान सूर्यनारायण यादव भी चौकी पर मौजूद थे। महिला ने यह भी कहा कि दरोगा ने उनका मोबाइल फोन भी ले लिया और उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। फोटो देवी ने पुलिस अधीक्षक से मामले की जांच कर न्याय दिलाने और दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
कानपुर के रेलबाजार इलाके के सुजातगंज में बाइक की मामूली टक्कर के बाद एक युवक को बेरहमी से पीटा गया। आरोप है कि करीब आधा दर्जन युवकों ने हाथ में पंच पहनकर उसे सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पांच मिनट तक मारा। इस हमले में युवक की पीठ और सिर में गंभीर चोटें आई हैं। घटना का वीडियो गुरुवार दोपहर 1 बजे सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। चकेरी के चिश्तीनगर निवासी मोहम्मद हसीन ने बताया कि वह किसी काम से सुजातगंज चंदारी जा रहा था। रास्ते में उसकी बाइक की एक दूसरे युवक की बाइक से हल्की टक्कर हो गई। हसीन ने तुरंत माफी मांगकर मामला शांत करने की कोशिश की, लेकिन दूसरा युवक गुस्सा हो गया। आरोप है कि उस युवक ने फोन करके मोहल्ले के करीब आधा दर्जन युवकों को मौके पर बुला लिया। वे लोग पहुंचते ही हसीन को गाली देने लगे। जब हसीन ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने हाथ में पहने पंच से उस पर हमला कर दिया। हमलावर उसे सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटते रहे। करीब पांच मिनट तक हुई इस मारपीट के दौरान हसीन बचने के लिए इधर-उधर भागता रहा, लेकिन आरोपी लगातार हमला करते रहे। शोर सुनकर मोहल्ले के कई लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव करने की कोशिश की। हालांकि, हमलावरों ने किसी की बात नहीं सुनी। इस हमले में हसीन की पीठ और पेट में कई जगह गंभीर चोटें आईं, साथ ही उसके सिर में भी चोट लगी है। मारपीट की यह पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। वायरल वीडियो में युवक के साथ कई लोगों द्वारा मारपीट करते हुए देखा जा सकता है। घायल हसीन ने मामले की शिकायत पुलिस से की है। रेल बाजार थाना प्रभारी अमान सिंह ने बताया कि 4 नामजद लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पीड़ित की शिकायत और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर गिरफ़्तारी के प्रयास किए जा रहे। गिरफ्तारी बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
किशनगढ़बास पालिका चुनाव के लिए मतदान कल:17592 मतदाता डालेंगे वोट, सुबह 7 बजे से शुरू होगी वोटिंग
किशनगढ़बास में शहरी सरकार के लिए कल द्वितीय चरण का मतदान होगा। कल सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक वोटिंग होगी। प्रशासन ने इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। शहर में कुल 25 वार्ड हैं, जिनके लिए 25 वोटिंग सेंटर बनाए गए हैं। चुनाव मैदान में कुल 80 उम्मीदवार हैं। इनमें से 20 उम्मीदवार भाजपा से, 16 कांग्रेस से और बाकी 44 अन्य दलों या निर्दलीय हैं। कई वार्डों में सीधा मुकाबला है, लेकिन कुछ जगहों पर निर्दलीय उम्मीदवार भाजपा और कांग्रेस की जीत के समीकरण बिगाड़ते दिख रहे हैं। कल शाम को चुनाव प्रचार थमने के बाद अब उम्मीदवार घर-घर जाकर प्रचार कर रहे हैं। वे आखिरी समय तक मतदाताओं को लुभाने में लगे हैं। किशनगढ़बास नगरपालिका क्षेत्र में कुल 17592 मतदाता हैं। इनमें 8450 महिलाएं जबकि 9142 पुरुष मतदाता हैं। किशनगढ़बास नगरपालिका में 25 वार्ड कुल 25 मतदान केंद्र है। किशनगढ़बास नगरपालिका में वार्ड वार प्रत्याशियों की सूची
जौनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में गुरुवार दोपहर युवाओं ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन यूजीसी के सामाजिक न्याय, समान अवसर और भारतीय संविधान द्वारा मिले अधिकारों के समर्थन में था। युवाओं ने इस दौरान एडीएम परमानंद झा को एक पत्र भी सौंपा। लकी गौतम ने बताया कि आरक्षण व्यवस्था को लेकर समाज के अलग-अलग वर्गों में कई चिंताएं और चर्चाएं हैं। उन्होंने साफ किया कि अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को मिला आरक्षण सामाजिक न्याय और समान अवसर के लिए एक जरूरी संवैधानिक व्यवस्था है। युवा इस आरक्षण व्यवस्था का पूरा समर्थन करते हैं। उनकी मुख्य मांगों में SC, ST और OBC वर्गों को मिली आरक्षण व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू रखना शामिल है। उन्होंने कहा कि इसके प्रावधानों को सही तरीके से लागू किया जाए। युवाओं ने आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को रोकने की भी अपील की। प्रदर्शनकारियों ने UGC से संबंधित नए नियमों या प्रस्तावों पर जरूरी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने उच्च शिक्षा और शैक्षणिक संस्थानों में सामाजिक न्याय और समान अवसर सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही, वंचित और पिछड़े वर्ग के छात्रों को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में संवैधानिक अधिकारों के तहत मौके मिलने चाहिए।
कोरबा के लेमरू, बालको, पसरखेत और आसपास के वन क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से छोटे आकार के किंग कोबरा लगातार सामने आ रहे हैं।
आज मतदान केंद्रों पर पहुंचेगी पोलिंग पार्टियां:गर्ल्स कॉलेज में लास्ट ट्रेनिंग दी,कल होगा मतदान
सीकर नगर परिषद के 64 वार्डों के लिए होने वाले निकाय चुनाव को लेकर आज सीकर के गर्ल्स कॉलेज के ग्राउंड में पोलिंग पार्टियों को लास्ट ट्रेनिंग दी गई। अब पोलिंग पार्टियां मतदान केंद्रों पर पहुंचेगी। अब कल सुबह मतदान होगा।
अयोध्या जिले के सहायता प्राप्त और सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में आउटसोर्स के जरिए काम कर रहे करीब 150 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अप्रैल महीने से मानदेय नहीं मिला है। पांच महीने से भुगतान रुका होने के कारण इन कर्मचारियों के सामने गंभीर आर्थिक दिक्कत आ गई है। गुरूवार 10 सितंबर को डीआईओएस डॉ. पवन कुमार तिवारी ने बताया कि ऐसी कोई जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा है तो इसकी जांच करवाई जाएगी। आउटसोर्स कर्मचारियों के मुताबिक, उनका तय मानदेय 11071 रुपये है। लेकिन पीएफ, ईएसआई समेत कई कटौतियों के बाद उनके खाते में सिर्फ 8315 रुपये ही मिलते हैं। इतनी कम रकम में भी पांच महीने से भुगतान रुकने के कारण परिवार चलाना बहुत मुश्किल हो गया है। नाम न बताने की शर्त पर एक कर्मचारी ने बताया कि बच्चों की स्कूल फीस, घर का राशन, बिजली बिल और दवाओं के लिए भी उन्हें कर्ज लेना पड़ रहा है। त्योहार पर उन्हें उम्मीद थी कि रुका हुआ भुगतान मिल जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे उन पर आर्थिक दबाव और बढ़ गया है। इस मामले को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) ने जोर-शोर से उठाया है। जिलाध्यक्ष वीरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि उन्होंने इस बारे में मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। उनका कहना है कि कर्मचारियों के मानदेय के लिए सरकार से पैसा पहले ही मिल चुका है। इसके बाद भी शिक्षा विभाग की तरफ से भुगतान नहीं किया जा रहा है। लंबे समय से भुगतान रुके रहने का सीधा असर कर्मचारियों के परिवारों की रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ रहा है। संघ ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से रुके हुए भुगतान की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग की है। वहीं, इस पूरे मामले पर जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. पवन कुमार तिवारी ने गुरुवार को बताया कि उनकी जानकारी में किसी भी आउटसोर्स कर्मचारी का मानदेय रुका हुआ नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर किसी पात्र कर्मचारी का भुगतान रुका हुआ है, तो लेखाधिकारी से बात करके उसकी जांच करवाकर जल्द भुगतान करवाया जाएगा।
बुरहानपुर के नेपानगर में जन्माष्टमी के मौके पर बुधवार रात दही हांडी स्पर्धा हुई। वीर हिंदू सेना बुरहानपुर की टीम ने 20 फीट से अधिक ऊंचा पिरामिड बनाकर दही हांडी फोड़ी। विजेता टीम को 24 हजार रुपए का पहला इनाम दिया गया। स्पर्धा में कुल दो टीमों ने हिस्सा लिया। हनुमान व्यायामशाला बुरहानपुर की टीम दूसरे स्थान पर रही, जिसे 11 हजार रुपए का नगद पुरस्कार मिला। क्रेन से लटकाई थी दही हांडी आयोजन बुधवार रात 11:30 बजे से रात 12 बजे तक चला। दही हांडी को क्रेन की मदद से ऊंचाई पर लटकाया गया था। इसे फोड़ने के लिए युवाओं में काफी उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग भी स्पर्धा देखने के लिए पहुंचे। दो टीमों ने लिया हिस्सा स्पर्धा में वीर हिंदू सेना बुरहानपुर और हनुमान व्यायामशाला बुरहानपुर की टीम शामिल हुई। वीर हिंदू सेना ने सबसे ऊंचा पिरामिड बनाकर दही हांडी फोड़ी और पहला स्थान हासिल किया। हनुमान व्यायामशाला दूसरे स्थान पर रही। हर साल होता है आयोजन नेपानगर में हर साल गजेंद्र पाटिल मित्र मंडल की ओर से जन्माष्टमी पर दही हांडी स्पर्धा आयोजित की जाती है। आयोजकों के मुताबिक इस बार बुरहानपुर में भी दही हांडी स्पर्धा होने के कारण नेपानगर के आयोजन में सिर्फ दो टीमें ही शामिल हो पाईं। भाजपा नेताओं सहित कई लोग पहुंचे कार्यक्रम में भाजपा नेता गजेंद्र पाटिल, भाजपा मंडल अध्यक्ष निलेश महाजन, अमित वारूड़े, नेपानगर के पूर्व मंडल अध्यक्ष संजय विजयवर्गीय, पूर्व नपा उपाध्यक्ष विजय यादव, पूर्व नपाध्यक्ष राजेश चौहान, पूर्व नपाध्यक्ष मधु चौहान, भाजपा के वरिष्ठ नेता मनोज महेश्वरी, पूर्व मंडल अध्यक्ष विक्रम सिंह चौहान, सांसद प्रतिनिधि सौजन्य तिवारी, व्यापारी रामकिशन अग्रवाल, नगर पालिका अध्यक्ष भारती विनोद पाटिल, समाजसेवी विनोद पाटिल, पुंडलिक महाजन, रमेश कैथवास, योगेश प्रजापति, सरोज मुहासे, छाया गुडगे, राहुल यादव, शंकर चौहान, प्रताप ठाकुर, मनीष प्रजापति और बद्रीनाथ सपकाले सहित कई लोग मौजूद रहे।
प्रतापगढ़ जिले में शहरी निकायों के लिए कल दूसरे चरण का मतदान होगा। कल सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक वोटिंग होगी। प्रशासन ने इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिले के धरियावद में कुल 20 वार्ड हैं, जिनके लिए 20 वोटिंग सेंटर बनाए गए हैं। वहीं, छोटी सादड़ी में 25 वार्ड हैं, जहां 25 वोटिंग सेंटर बनाए गए हैं। धरियावद में कुल 60 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जिनमें भाजपा और कांग्रेस के 20-20 प्रत्याशी शामिल हैं। इसके अलावा 7 भारत आदिवासी पार्टी से, एक बसपा से और 13 निर्दलीय उम्मीदवार हैं। धरियावद में कुल 9417 मतदाता हैं। इनमें 4706 पुरुष मतदाता, 4711 महिला मतदाता और कोई थर्ड जेंडर मतदाता नहीं है। छोटी सादड़ी में कुल 58 उम्मीदवार हैं, जिनमें भाजपा और कांग्रेस के 25-25 प्रत्याशी हैं। 8 उम्मीदवार अन्य दलों या निर्दलीय हैं। कई वार्डों में सीधा मुकाबला है, लेकिन कुछ जगहों पर निर्दलीय उम्मीदवार भाजपा और कांग्रेस की जीत के समीकरण बिगाड़ते दिख रहे हैं। कल शाम को चुनाव प्रचार थमने के बाद अब उम्मीदवार घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं। वे आखिरी समय तक मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं। छोटी सादड़ी में कुल 14670 मतदाता हैं, जिसमें 7180 पुरुष मतदाता, 7489 महिला मतदाता और एक थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। धरियावाद वार्डवार प्रत्याशियों की सूची छोटीसादड़ी नगरपालिका में वार्ड वार प्रत्याशियों की सूची
बहराइच में पंचायत विकास मंच का अनिश्चितकालीन धरना:9 सूत्रीय मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान
बहराइच में पंचायत विकास मंच, उत्तर प्रदेश ने नौ सूत्रीय मांगों को लेकर आर-पार के आंदोलन का ऐलान किया है। मंच के संयोजक सूरज शुक्ला के नेतृत्व में आज सुबह 10 बजे से बहराइच जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू हो गया है। यह धरना ग्राम पंचायतों की रुकी हुई समस्याओं और ग्राम प्रधानों व पंचायत प्रतिनिधियों की मांगों को लेकर है। मंच की मुख्य मांगों में 2024 से रुके मनरेगा भुगतान का तुरंत समाधान शामिल है। इसके साथ ही VB-G RAM G की तकनीकी दिक्कतें दूर करने, विकास कार्यों की फाइलों को तय समय में मंजूरी देने और ग्राम पंचायतों को VB-G RAM G में डोंगल का अधिकार देने की मांग की गई है। प्रशासक के कार्यकाल में ग्राम प्रधानों का मानदेय जारी रखने की मांग भी इसमें शामिल है। मंच ने प्रधानों के लिए अच्छा मानदेय, भत्ते और पेंशन की भी मांग की है। पंचायत प्रतिनिधियों और उनके परिवार के सदस्यों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने की बात कही गई है। इसके अलावा, योग्य प्रतिनिधियों के शस्त्र लाइसेंस आवेदनों को नियम के हिसाब से जल्दी निपटाने और ग्राम पंचायतों में फालतू की दोहरी जांच व्यवस्था खत्म करने की मांग भी उठाई जाएगी। संयोजक सूरज शुक्ला और सह-संयोजक डॉ. श्याम चौधरी ने बताया कि ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की पहली सीढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि भुगतान और प्रशासनिक कामों में बेवजह की देरी से विकास कार्य रुक रहे हैं। मंच ने सरकार और प्रशासन से सभी मांगों पर तय समय में कार्रवाई करने और पक्का व संतोषजनक लिखित भरोसा देने की मांग की है। मंच ने साफ किया है कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक रहेगा। उन्होंने कहा कि जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक धरना खत्म नहीं किया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा में होटल की खिड़की से बाहर झांकते समय 26 वर्षीय युवक की करंट लगने से मौत हो गई। युवक होटल के बाहर से गुजर रही 11 हजार केवी हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गया। हादसा बादलपुर थाना क्षेत्र में भारत धर्म कांटा के पास स्थित होटल स्टे इन में हुआ। पूरी घटना होटल में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई। पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान करण एन्क्लेव निवासी गौरव पुत्र साधुराम के रूप में हुई है। गौरव ने होटल स्टे इन में कमरा बुक किया था। खिड़की से बाहर देखते समय लगा करंट मंगलवार शाम करीब 5 बजे गौरव होटल के बरामदे की खिड़की से बाहर देख रहा था। इसी दौरान खिड़की के बाहर से गुजर रही 11 हजार केवी की हाईटेंशन लाइन से उसका हाथ छू गया। तेज करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया और उसकी मौत हो गई। CCTV में दिखी चिंगारी और आग हादसे का CCTV फुटेज भी सामने आया है। इसमें दिखाई दे रहा है कि करंट लगते ही युवक के पैरों के पास तेज चिंगारी निकली और आग जैसी स्थिति बन गई। घटना के बाद होटल में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा बादलपुर थाना प्रभारी विजय गुप्ता ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। युवक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बड़वानी में संत कमल किशोर नागर को धमकी भरा पत्र मिलने के मामले में गुरुवार को सर्व हिंदू समाज और उनके भक्तों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एसपी को ज्ञापन दिया। उन्होंने धमकी भरे पत्र की गंभीरता से जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि 4 सितंबर 2026 को झाबुआ के भूराडयरा स्थित श्री गुरु कृपा गौशाला में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर रात में सत्संग कार्यक्रम हुआ था। इस दौरान श्रद्धालुओं ने संत कमल किशोर नागर को भेंट सामग्री, शाल और श्रीफल दिए थे। इन्हीं के बीच एक धमकी भरा पत्र मिला। भक्तों ने ज्ञापन में बताया कि संत कमल किशोर नागर लंबे समय से धर्मांतरण और गौ तस्करी जैसी गतिविधियों के खिलाफ जागरूकता फैला रहे हैं। वे गौ संरक्षण के काम से भी जुड़े हैं। हर साल वे इलाके में बड़े धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम करते हैं। सुरक्षा पर चिंता जताई धमकी भरे पत्र की भाषा और विषयवस्तु को गंभीर बताते हुए भक्तों ने संत की सुरक्षा पर चिंता जताई। उन्होंने पुलिस प्रशासन से पत्र की गहरी जांच कर इसमें शामिल लोगों की पहचान करने और उन पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। यह ज्ञापन रवि शुक्ला और विकास यादव के साथ संत कमल किशोर नागर के भक्तों और बड़वानी के सर्व हिंदू समाज की ओर से दिया गया। ज्ञापन के साथ धमकी भरे पत्र की फोटोकॉपी भी पुलिस को दी गई। नोट की जांच की मांग भक्तों ने प्रशासन और पुलिस से मांग की कि धमकी भरे पत्र की गंभीरता से जांच की जाए और पत्र भेजने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों की जल्द पहचान कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही भक्तों ने संत श्री कमलकिशोर नागर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी प्रशासन के सामने रखी।
छत्तीसगढ़ के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में 1812 संविदा पदों पर भर्ती होगी। लोक शिक्षण संचालनालय ने शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों पर भर्ती का संक्षिप्त विज्ञापन जारी किया है। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया सितंबर 2026 में शुरू होगी। परीक्षा अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) के जरिए होने की संभावना है। भर्ती के लिए नियुक्ति प्राधिकारी संबंधित जिले की प्रबंधन एवं संचालन समिति, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय होगी। फिलहाल विभाग ने संक्षिप्त विज्ञापन जारी किया है। विस्तृत विज्ञापन में पदों की योग्यता, उम्र सीमा, आरक्षण, सिलेबस, फीस और परीक्षा योजना की जानकारी दी जाएगी। जानिए भर्ती से जुड़ी जरूरी बातें कुल 1812 संविदा पदहैं। इनमें सहायक शिक्षक के 590, प्रयोगशाला सहायक के 170, शिक्षक अंग्रेजी के 106 और व्याख्याता वाणिज्य के 104 पद शामिल हैं। ऑनलाइन आवेदन का लिंक सितंबर में स्कूल शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर जारी होगा। लिखित परीक्षा अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में संभावित है। परीक्षा सीबीटी से होगी और इसका माध्यम अंग्रेजी रहेगा। व्याख्याता और प्रधानपाठक के पदों पर कुल 511 भर्ती व्याख्याता और प्रधानपाठक के कुल 511 पद हैं। इनमें व्याख्याता हिन्दी 51, अंग्रेजी 65, संस्कृत 47, भूगोल/अर्थशास्त्र 5, इतिहास/राजनीति 6, सामाजिक विज्ञान 52, गणित 49, जीव विज्ञान 39, वाणिज्य 104, रसायन 44 और भौतिक के 53 पद हैं। प्रधानपाठक प्राथमिक शाला के 27 और पूर्व माध्यमिक शाला के 24 पद हैं। शिक्षकों और अन्य पदों पर कुल 1301 भर्ती शिक्षक और अन्य पदों पर कुल 1301 पद हैं। इनमें सहायक शिक्षक के 590, शिक्षक हिन्दी/संस्कृत 34, शिक्षक अंग्रेजी 106, शिक्षक कला 72, शिक्षक विज्ञान 56, शिक्षक गणित 68, व्यायाम शिक्षक 50, ग्रंथपाल 60, शिक्षक कम्प्यूटर 40 और प्रयोगशाला सहायक के 170 पद शामिल हैं। भर्ती में सबसे ज्यादा मौका सहायक शिक्षकों को पदों की संख्या के हिसाब से सबसे ज्यादा भर्ती सहायक शिक्षक के 590 पदों पर होगी। इसके बाद प्रयोगशाला सहायक के 170 और शिक्षक अंग्रेजी के 106 पद हैं। व्याख्याता पदों में वाणिज्य के सबसे ज्यादा 104 पद हैं। सिलेबस, फीस और आवेदन की अंतिम तारीख अभी जारी नहीं हुई विभाग ने अभी केवल संक्षिप्त विज्ञापन जारी किया है। इसलिए शैक्षणिक योग्यता, उम्र सीमा, आरक्षण, सिलेबस, आवेदन फीस और आवेदन की अंतिम तारीख की विस्तृत जानकारी अभी जारी नहीं हुई है। ये जानकारी विस्तृत विज्ञापन में दी जाएगी। उम्मीदवारों को स्कूल शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर अपडेट देखते रहने के लिए कहा गया है।
चंदौली के रामगढ़ में अघोर पंथ के महान संत बाबा कीनाराम का तीन दिवसीय 427वां जन्मोत्सव बृहस्पतिवार को शुरू हो गया। जन्मोत्सव की शुरुआत भोर में कांवरियों के जलाभिषेक से हुई। इसके बाद बाबा कीनाराम की भव्य आरती की गई। आरती में हजारों की संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए। संत कीनाराम अघोर पंथ के महान संत माने जाते हैं। देशभर में उनके अनुयायी हैं। हर साल रामगढ़ में तीन दिवसीय जन्मोत्सव का आयोजन किया जाता है। इस बार भी कार्यक्रम में देश के अलग-अलग हिस्सों से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों में बाबा कीनाराम के प्रति गहरी आस्था है, जिसके चलते जन्मोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। जन्मोत्सव के पहले दिन सुबह से ही रामगढ़ में श्रद्धालुओं की चहल-पहल रही। कांवरियों ने बाबा कीनाराम का जलाभिषेक किया। इसके बाद विधिवत आरती हुई। ग्रामीण महिलाओं ने सोहर गाकर जन्मोत्सव की खुशियां मनाईं। श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में सेठौरा भी बांटा गया। भोर में जलाभिषेक, फिर हुई भव्य आरती जन्मोत्सव की शुरुआत कांवरियों के जलाभिषेक से हुई। इसके बाद बाबा कीनाराम की भव्य आरती आयोजित की गई। आरती में हजारों महिला और पुरुष भक्तों ने हिस्सा लिया। श्रद्धालुओं ने बाबा कीनाराम के दर्शन और पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों से बांधा समां दोपहर 12 बजे से मां खंडवारी देवी इंटर कॉलेज के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में पहुंचे श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद दोपहर 2 बजे से गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के विद्वानों ने हिस्सा लिया। कीनाराम इंटर कॉलेज परिसर में लगा विशाल मेला जन्मोत्सव के अवसर पर कीनाराम इंटर कॉलेज के प्रांगण में विशाल मेले का भी आयोजन किया गया है। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। तीन दिवसीय आयोजन को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। 700 पुलिसकर्मी और एक कंपनी पीएसी तैनात अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चंद्र शेखर ने बताया कि जन्मोत्सव कार्यक्रम की सुरक्षा के लिए 700 पुलिसकर्मियों के साथ एक कंपनी पीएसी तैनात की गई है। गुप्तचर शाखा के लोग भी सक्रिय हैं। पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे मेले और आसपास के इलाकों की निगरानी की जा सके। यूपी के अलावा कई अन्य राज्यों से भी श्रद्धालुओं के कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है।
जयपुर में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी को स्कॉर्पियो गाड़ी से टक्कर मारने का मामला सामने आया है। ब्लैक शीशे देखकर पुलिसकर्मी ने गाड़ी को रुकवाने के लिए इशारा किया था। ओवर स्पीड में दौड़ाकर पुलिसकर्मी को घायल कर ड्राइवर गाड़ी को भगा ले गया। मानसरोवर थाने में स्कॉर्पियो गाड़ी के नंबर के आधार पर मामला दर्ज करवाया है। ब्लैक शीशे लगी स्कॉर्पियों ने मारी टक्कर हेड कॉन्स्टेबल घासीराम ने बताया- जयपुर ट्रैफिक पुलिस (साउथ) में तैनात ASI महेश कुमार (53) ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। घटना 8 सितंबर को सुबह करीब 10.15 बजे की है। घटना वाले दिन सुबह करीब 8 बजे से ASI महेश और कॉन्स्टेबल बलदेव की ड्यूटी गंगा जुमना से लेकर वेस्टन हाईवे तक थी। दोनों पुलिसकर्मी बीट क्षेत्र में मौजूद ‘किसान धर्मकांटे’ पर ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान सुबह करीब 10.15 बजे एक ब्लैक कलर की स्कॉर्पियो गाड़ी बदरवास की ओर से आई थी। गाड़ी के ब्लैक शीशे देख कॉन्स्टेबल ने उसे रोकने का इशारा किया। रुकने का इशारा करने पर गाड़ी भगा ले गया ड्राइवर कॉन्स्टेबल को रोकने का इशारा करते देख ड्राइवर ने स्कॉर्पियो की स्पीड बढ़ा दी। वह ओवर-स्पीड में गाड़ी दौड़ाते हुए कॉन्स्टेबल की तरफ आया। इस दौरान टक्कर लगने से कॉन्स्टेबल बलदेव रोड पर गिरकर घायल हो गया। टक्कर मारने के बाद ड्राइवर मौके से स्कॉर्पियो को भगा ले गया। वहां मौजूद लोगों ने घायल कॉन्स्टेबल बलदेव को तुरंत हॉस्पिटल पहुंचाया।कॉन्स्टेबल के शरीर पर काफी चोट आई, साथ ही वर्दी फट गई। शिकायत के बाद मानसरोवर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जयपुर में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी को स्कॉर्पियो गाड़ी से टक्कर मारने का मामला सामने आया है। ब्लैक शीशे देखकर पुलिसकर्मी ने गाड़ी को रुकवाने के लिए इशारा किया था। ओवर स्पीड में दौड़ाकर पुलिसकर्मी को घायल कर ड्राइवर गाड़ी को भगा ले गया। मानसरोवर थाने में स्कॉर्पियो गाड़ी के नंबर के आधार पर मामला दर्ज करवाया है। ब्लैक शीशे लगी स्कॉर्पियों ने मारी टक्कर हेड कॉन्स्टेबल घासीराम ने बताया- जयपुर ट्रैफिक पुलिस (साउथ) में तैनात ASI महेश कुमार (53) ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। घटना 8 सितंबर को सुबह करीब 10.15 बजे की है। घटना वाले दिन सुबह करीब 8 बजे से ASI महेश और कॉन्स्टेबल बलदेव की ड्यूटी गंगा जुमना से लेकर वेस्टन हाईवे तक थी। दोनों पुलिसकर्मी बीट क्षेत्र में मौजूद ‘किसान धर्मकांटे’ पर ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान सुबह करीब 10.15 बजे एक ब्लैक कलर की स्कॉर्पियो गाड़ी बदरवास की ओर से आई थी। गाड़ी के ब्लैक शीशे देख कॉन्स्टेबल ने उसे रोकने का इशारा किया। रुकने का इशारा करने पर गाड़ी भगा ले गया ड्राइवर कॉन्स्टेबल को रोकने का इशारा करते देख ड्राइवर ने स्कॉर्पियो की स्पीड बढ़ा दी। वह ओवर-स्पीड में गाड़ी दौड़ाते हुए कॉन्स्टेबल की तरफ आया। इस दौरान टक्कर लगने से कॉन्स्टेबल बलदेव रोड पर गिरकर घायल हो गया। टक्कर मारने के बाद ड्राइवर मौके से स्कॉर्पियो को भगा ले गया। वहां मौजूद लोगों ने घायल कॉन्स्टेबल बलदेव को तुरंत हॉस्पिटल पहुंचाया।कॉन्स्टेबल के शरीर पर काफी चोट आई, साथ ही वर्दी फट गई। शिकायत के बाद मानसरोवर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
झांसी में सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई। वह घर से बाइक लेकर काम करने के लिए निकले थे। रास्ते में अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। घायल को सीएचसी ले जाया गया। जहां से डॉक्टरों ने झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। यहां पर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसा मऊरानीपुर-झांसी हाईवे पर तेजपुरा गांव के पास हुआ है। बेल्डिंग का काम करते थे मृतक का नाम खेमचंद्र पटेल (47) पुत्र हरप्रसाद पटेल था। वह मऊरानीपुर के भदरवारा गांव के रहने वाले थे। मृतक के चचेरे भाई दीनदयाल पटेल ने बताया- मेरा भाई खेमचंद्र पटेल के दो बेटे विजय और अजय है। दोनों की शादी हो चुकी है। खेमचंद्र खेती किसानी के साथ बेल्डिंग का काम करता थे। अभी वह कोछाभंवर में काम कर रहे थे। बुधवार रात लगभग 8:30 बजे वह घर से बाइक लेकर झांसी के लिए निकले थे। जब वह बंगरा से आगे तेजपुरा गांव के पास पहुंचे तो अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे में भाई घायल हो गए। आसपास के लोग एकत्र हो गए और सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। घायल भाई को बंगरा सीएचसी पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने उनको मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। सूचना पर हम लोग भी मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। यहां पर इलाज के दौरान खेमचंद्र की मौत हो गई।
गोंडा में घाघरा और सरयू नदी उफान पर है। 35 गांवों की करीब 30 हजार आबादी बाढ़ में फंसी है। घरों में पानी भरने से लोग तख्त और चारपाई के नीचे ईट-पत्थर लगाकर मचान में रह रहे हैं। इसी पर खाना पकाने के साथ रात गुजार रहे हैं। कई सरकारी स्कूलों में पानी भरा हुआ है। बीमार लोगों को अस्पताल ले जाने के लिए नावों का सहारा लिया जा रहा है। खेतों में पानी भरा होने की वजह से फसलें बर्बाद होने की कगार पर हैं। VIDEO देखने के लिए ऊपर तस्वीर पर क्लिक करिए-
एसपी ऑफिस के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का धरना:कपड़े उतारकर किया था प्रदर्शन, पुलिस ने पकड़ा
नगर परिषद चुनाव के दौरान वार्ड-33 के मतदान केंद्र पर कांग्रेस प्रत्याशी पवन दवे के साथ कथित मारपीट के विरोध में बुधवार रात कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसपी ऑफिस के सामने धरना दिया। एसपी शैलेंद्र सिंह इंदोलिया के नहीं मिलने पर कार्यकर्ता वहीं बैठ गए। समझाइश के बाद भी नहीं मानने पर कोतवाली पुलिस सभी प्रदर्शनकारियों को थाने ले गई। रात करीब 10 बजे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कोतवाली के बाहर भी पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। बाद में कांग्रेस नेता पुखराज पाराशर के हस्तक्षेप से कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया गया। एसपी ऑफिस के सामने धरने पर बैठे कांग्रेसी वार्ड-33 के मतदान केंद्र पर विवाद के बाद कांग्रेस प्रत्याशी पवन दवे और उनके समर्थक आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने और कार्रवाई की मांग को लेकर एसपी शैलेंद्र सिंह इंदोलिया से मिलने पहुंचे थे। एसपी के नहीं मिलने पर कांग्रेस कार्यकर्ता उनके ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गए। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी रामेश्वरलाल भाटी ने कार्यकर्ताओं को समझाया और कहा कि वे डीएसपी को रिपोर्ट और ज्ञापन दे सकते हैं। लेकिन कार्यकर्ता एसपी से मिलने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को वहां से उठाकर कोतवाली पहुंचा दिया। रात 10 बजे कोतवाली के बाहर जुटे कार्यकर्ता पुलिस की कार्रवाई के बाद रात करीब 10 बजे कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता कोतवाली के बाहर एकत्रित हो गए। उन्होंने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर हाथापाई करने का भी आरोप लगाया। बाद में कांग्रेस नेता पुखराज पाराशर के हस्तक्षेप के बाद कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया गया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता पुखराज माली ने कोतवाली के सामने कपड़े उतारकर विरोध जताया। मतदान केंद्र पर हुआ था विवाद वार्ड-33 के राजेंद्र नगर स्थित सरकारी स्कूल के संवेदनशील मतदान केंद्र पर बुधवार दोपहर करीब 2:30 बजे विवाद हुआ था। उस समय दो महिलाएं और एक युवक वोट डालने पहुंचे थे। कांग्रेस प्रत्याशी पवन दवे का आरोप है कि भाजपा प्रत्याशी जयसिंह और उनके समर्थक व पोलिंग एजेंट डूंगराराम देवासी मतदान कक्ष के अंदर मौजूद थे। दवे ने मतदाताओं पर दबाव डालने की आशंका जताते हुए आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। दवे का आरोप है कि मतदान कक्ष से बाहर आते ही डूंगराराम ने उनका हाथ पकड़कर उन्हें घेर लिया। इसी दौरान भाजपा प्रत्याशी जयसिंह ने उन्हें पीछे से पकड़कर जमीन पर गिरा दिया और लात मारी। घटना के समय पुलिसकर्मी और जोनल मजिस्ट्रेट अशोक विश्नोई भी मौके पर मौजूद थे। विवाद बढ़ने पर पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग किया। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया। कार्रवाई की मांग को लेकर पहुंचे थे एसपी ऑफिस घटना के बाद कांग्रेस प्रत्याशी पवन दवे और उनके समर्थक मामला दर्ज करने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एसपी ऑफिस पहुंचे थे। एसपी के नहीं मिलने पर उन्होंने कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन और बाद की पुलिस कार्रवाई के बाद मामला देर रात तक कोतवाली के बाहर भी चलता रहा।
सलेहा नगर के बहुत व्यस्त पुराने बस स्टैंड इलाके में गुरुवार 10 सितंबर को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब प्रसिद्ध कपड़ा व्यापारी अरविंद जैन की दुकान और गोदाम से अचानक आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग तेजी से फैल गई और पूरी दुकान में रखा लाखों रुपये का कपड़ा जलकर पूरी तरह राख हो गया। पीड़ित व्यापारी ने शुरुआती तौर पर करीब 5 लाख रुपये के नुकसान की आशंका जताई है। मौजूद लोगों और व्यापारी अरविंद जैन के अनुसार, दुकान के अंदर से अचानक घना धुआं निकलता दिखाई दिया। अंदर आग की लपटें देख तुरंत दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन को सूचना दी गई। जिस जगह यह हादसा हुआ, उसके ठीक बगल में 'पारस मेडिकल' का गोदाम और कई अन्य दुकानें थीं। अगर आग थोड़ा और फैलती, तो पूरा बाजार इसकी चपेट में आ सकता था। स्थानीय लोगों ने की मदद सूचना मिलते ही दमकल की 3 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों और स्थानीय निवासियों ने घंटों मेहनत की और समय रहते आग को चारों तरफ फैलने से रोक लिया। ग्रामीणों की समझदारी से पारस मेडिकल के गोदाम और पड़ोसी दुकानों को बचा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। सालों की मेहनत से खड़ा किया गया कारोबार आंखों के सामने जलता देख व्यापारी अरविंद जैन टूट गए और दुखी दिखे। हालांकि, आग लगने का सही कारण अभी पता नहीं चला है, लेकिन शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को मुख्य वजह मानी जा रही है। प्रशासनिक अमला पहुंचा घटना की खबर मिलते ही गुनौर तहसीलदार सहित स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात देखे। अधिकारियों ने पीड़ित व्यापारी से नुकसान की जानकारी ली और प्रभावित दुकान व गोदाम का पंचनामा बनाया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
दतिया की इंदरगढ़ तहसील के ग्राम भडौल में श्मशान घाट तक रास्ता नहीं होने से एक दिव्यांग बेटे को अपने पिता की अंतिम विदाई तक नसीब नहीं हो सकी। कीचड़ और पानी से भरे रास्ते के कारण दिव्यांग रामेश्वर झा श्मशान घाट नहीं पहुंच सके। उनके पिता नाथू झा (62) पुत्र पन्नालाल का बुधवार को निधन हो गया था। शव करीब 12 घंटे घर पर रखा रहा। बाद में मजदूरी कर रहे छोटे भाई को बुलाया गया और देर शाम को उसने पिता को मुखाग्नि दी। रामेश्वर ने बताया, “मैं दिव्यांग हूं और श्मशान तक रास्ता ही नहीं है। पिताजी ही मेरा और मेरे पांच बच्चों का भरण-पोषण करते थे।” अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी-कंडे भी ग्रामीणों ने जुटाए। ग्रामीण जरदान परिहार, विनोद पटवा और चतुर सिंह ने बताया कि दो दिन पहले सरजू देवी के अंतिम संस्कार के दौरान भी ग्रामीणों को इसी कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना पड़ा था। ग्रामीणों के मुताबिक रामेश्वर बेहद गरीब है और उसका संबल कार्ड भी नहीं बना है। रामेश्वर ने विधायक प्रदीप अग्रवाल और प्रशासन से तेरहवीं के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। तहसीलदार दीपक यादव ने कहा कि संबल कार्ड होने पर शासन की योजना के तहत सहायता दी जा सकती है।
सिवनी जिले के घंसौर विकासखंड के खमरिया क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक वेयरहाउस में नाग-नागिन का जोड़ा दिखाई दिया। दोनों सांपों को एक साथ देखकर कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों ने तुरंत सुरक्षित दूरी बनाई और स्नेक कैचर को सूचना दी। स्नेक कैचर ने सुरक्षित पकड़ा खमरिया निवासी पवन शिवहरे के वेयरहाउस में कर्मचारी काम कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें नाग-नागिन का जोड़ा नजर आया। सूचना मिलने पर स्नेक कैचर बबलू नामदेव मौके पर पहुंचे। वेयरहाउस में जगह कम होने के कारण उन्होंने सावधानी से रेस्क्यू शुरू किया। करीब आधे घंटे की कोशिश के बाद दोनों सांपों को सुरक्षित पकड़ लिया गया। इसके बाद उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाकर जंगल में छोड़ दिया गया। राहत की बात रही कि घटना में किसी कर्मचारी को नुकसान नहीं हुआ। बारिश में बढ़ जाती है सांपों की हलचल घंसौर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बारिश के मौसम में सांपों के आबादी वाले क्षेत्रों में निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। लगातार बारिश से बिल और झाड़ियों में पानी भरने के कारण सांप सूखी और सुरक्षित जगह की तलाश में बाहर निकलते हैं। इस दौरान वे घरों, गोदामों, वेयरहाउस, लकड़ी के ढेर, खेतों और वाहनों के आसपास पहुंच जाते हैं। सांप दिखे तो खुद पकड़ने की कोशिश न करें विशेषज्ञों के अनुसार नाग जहरीला सांप है और खतरा महसूस होने पर हमला कर सकता है। इसलिए सांप दिखाई देने पर उसे छेड़ना, घेरना या मारने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। बच्चों और परिवार के सदस्यों को सुरक्षित दूरी पर ले जाकर प्रशिक्षित स्नेक कैचर या वन विभाग को सूचना देना चाहिए। इस घटना में समय पर सूचना मिलने से नाग-नागिन दोनों का सुरक्षित रेस्क्यू हो गया और वेयरहाउस के किसी कर्मचारी को नुकसान नहीं पहुंचा।
बेगूसराय सदर के चांदपुरा पंचायत में लाखों रुपये की लागत से बना मनरेगा भवन आठ साल बाद भी इस्तेमाल नहीं हो सका है। भवन का निर्माण पूरा होने के बावजूद इसे पंचायत को ठीक से सौंपा नहीं गया है। इस वजह से यहां मनरेगा कर्मियों के बैठने और सरकारी कामकाज की व्यवस्था भी शुरू नहीं हो पाई है। भवन की अभी की हालत भी कई सवाल खड़े करती है। इसके दो कमरों में भूसा रखा हुआ है। गांववालों का कहना है कि सरकारी पैसे से बने भवन का इतने लंबे समय तक इस्तेमाल न होना एक बड़ी लापरवाही है। अगर यह भवन समय पर पंचायत को मिल जाता, तो इसका उपयोग मनरेगा और पंचायत से जुड़े कामों के लिए किया जा सकता था। पंचायत के मुखिया अरविंद कुमार साह ने बताया कि भवन से भूसा और दूसरा सामान कई बार हटवाया गया है। ताला भी लगाया गया, लेकिन कुछ लोग ताला तोड़कर फिर से भवन में भूसा और सामान रख देते हैं। इसके बाद वे अपना ताला लगा देते हैं। पूर्व मुखिया ने भवन नहीं सौंपे जाने की बताई वजह पूर्व मुखिया सुरेंद्र कुमार साहनी ने बताया कि मनरेगा भवन करीब आठ साल पहले बनाया गया था। निर्माण पूरा होने के बाद भी इसे पंचायत के जनप्रतिनिधियों को ठीक से सौंपा नहीं गया। इसी वजह से भवन का सरकारी इस्तेमाल शुरू नहीं हो पाया। उत्तम कुमार, कारे लाल, राहुल कुमार, मनीष कुमार और निक्की कुमार समेत दूसरे गांववालों ने प्रशासन से इस मामले की जांच की मांग की है। गांववालों का कहना है कि भवन को खाली कराकर, साफ-सफाई और जरूरी मरम्मत के बाद पंचायत को सौंपा जाए। इससे सरकारी भवन का उपयोग गांववालों के फायदे के लिए हो सकेगा।
मऊ में सील अस्पताल में चोरी से इलाज:महिला और नवजात की मौत, प्रशासन ने नवंबर में कराया था बंद
मऊ के रतनपुरा ब्लॉक में एक सील निजी अस्पताल में चोरी से मरीजों का इलाज चल रहा था। इसी दौरान इलाज के दौरान एक महिला और उसके नवजात बच्चे की जान चली गई। इंद्रजीत अस्पताल को नवंबर 2025 में ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने सील किया था। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को दोबारा सील कर दिया है और संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। बलिया जिले के नगरा थाना क्षेत्र के तरगौली गांव के रहने वाले अजीत राजभर ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि उनकी गर्भवती पत्नी सरिता को दिखाने के लिए गांव की आशा कार्यकर्ता ने रतनपुरा के इंद्रजीत अस्पताल जाने को कहा था। आशा कार्यकर्ता पर भरोसा करके अजीत अपनी पत्नी को आठ सितंबर की सुबह करीब सात बजे अस्पताल ले गए। शिकायत के अनुसार, अस्पताल में डॉक्टर हिमांशु यादव ने सरिता की हालत गंभीर बताई और उसे भर्ती कर ऑपरेशन करने को कहा। ऑपरेशन के बाद बच्चे का जन्म हुआ, लेकिन सरिता को लगातार खून बहता रहा। इसी बीच नवजात बच्चे की जान चली गई। आरोप है कि इसके बाद अस्पताल के डॉक्टरों ने इलाज करने से मना कर दिया। अजीत अपनी गंभीर पत्नी को लेकर मऊ जिला मुख्यालय के एक निजी अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने हालत नाजुक बताते हुए उन्हें वाराणसी रेफर कर दिया। वाराणसी के निजी अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने सरिता को मृत घोषित कर दिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. पंकज राय ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर नवंबर 2025 में इंद्रजीत अस्पताल को सील किया गया था। यह कार्रवाई उपजिलाधिकारी की मौजूदगी में एक टीम ने की थी। अस्पताल का मुख्य ताला तो लगा था, लेकिन पीछे से रास्ता खोलकर इसे चलाया जा रहा था। सीएमओ के मुताबिक, मामले की जानकारी मिलने पर उपजिलाधिकारी से बात करके अधीक्षक की टीम ने 9 सितंबर 2026 को अस्पताल को दोबारा सील कर दिया। अस्पताल संचालक के खिलाफ थाने में शिकायत भी दी गई है और एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई चल रही है।
डूंगरपुर जिले की सागवाड़ा नगरपालिका के 35 वार्डों के लिए शुक्रवार को 11 सितंबर को मतदान होगा। इसके लिए गुरुवार को मतदान दलों को आखिरी ट्रेनिंग के बाद रवाना किया गया।सागवाड़ा नगर पालिका में कुल 25,056 मतदाता हैं। ये मतदाता कल 35 वार्डों के 99 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद करेंगे। मतदान को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शहर के श्री भोगीलाल पंड्या राजकीय महाविद्यालय मैदान में मतदान दलों की आखिरी ट्रेनिंग हुई। इस दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी देशलदान, उप जिला निर्वाचन अधिकारी प्रकाशचंद्र और सीईओ हनुमान प्रसाद मौजूद रहे। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनातकलेक्टर देशलदान ने बताया कि सागवाड़ा नगरपालिका के 35 वार्डों में शुक्रवार को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। इसके लिए 35 मतदान दलों को रवाना किया गया है। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। मतदान दलों को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद मतदान दलों को उनके मतदान केंद्र के लिए रवाना किया गया। ये दल अपने केंद्र पर पहुंचकर सभी इंतजाम पूरे करेंगे। 14 वार्डों में त्रिकोणीय मुकाबलानगर निकाय चुनाव के दूसरे चरण में सागवाड़ा नगर पालिका के 35 वार्डों में 99 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है। इसमें भाजपा और कांग्रेस के साथ ही बीएपी और निर्दलीय प्रत्याशी भी शामिल हैं। सागवाड़ा नगर पालिका में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने 35-35 उम्मीदवार उतारे हैं। वहीं, 14 वार्डों में बीएपी के साथ त्रिकोणीय और 15 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों से मुकाबला होगा। कुल 25,056 मतदाताओं में 12,627 पुरुष, 12,427 महिला और 2 थर्ड जेंडर वोटर शामिल हैं, जो अपने शहर की सरकार चुनेंगे।
रेलवे ट्रैक पर दो मजदूर तेजस की चपेट में आए:बरहन स्टेशन के पास हुआ हादसा, पेंट करने का कर रहे थे काम
आगरा के थाना बरहन क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर काम कर रहे दो मजदूर ट्रेन की चपेट में आ गए। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पुलिस और गांव वाले पहुंचे। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।कानपुर-दिल्ली रेलवे ट्रैक पर बरहन स्टेशन के पास गुरुवार को दो मजदूर रेलवे ट्रैक पर काम कर रहे थे। लोगों ने बताया कि कानपुर की ओर से आ रही तेजस एक्सप्रेस ने दोनों को चपेट में ले लिया। दो मजदूरों के चपेट में आने की सूचना पर रेलवे अधिकारी और पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। दोनों की मौके पर मौत हो चुकी थी। मजदूरों की शिनाख्त खरकना, बरहन निवासी योगेंद्र पुत्र डोरीलाल और रामबाबू पुत्र हिंदीलाल के रूप में हुई है। बताया गया है कि दोनों निजी ठेकेदार के अधीन रेलवे ट्रैक पर काम कर रहे थे। सूचना पर परिजन भी मौके पर पहुंच गए। ट्रैक पर काम करते समय हादसा किन परिस्थितियों में हुआ इसकी जांच की जा रही है।
कानपुर में ड्यूटी जा रही महिला को बाइक ने रौंदा:हैलट में मौत, टक्कर के बाद बाइक सवार मौके से भागा
कानपुर में गुरुवार सुबह तेज रफ्तार बाइक सवार ने पैदल ड्यूटी जा रही महिला को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि महिला उछलकर दूर जा गिरी और सिर में गंभीर चोट लग गई। हादसे के बाद बाइक सवार मौके से भाग निकला। सड़क से गुजर रहे राहगीरों ने घायल महिला के पास मिले मोबाइल से परिजनों को घटना की जानकारी दी। पुलिस महिला को इलाज के लिए सीएचसी ले गई। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। हैलट में इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर हादसे की जांच शुरू कर दी है। मामला महाराजपुर का है। पैदल जा रही महिला को बाइक सवार को उड़ाया महाराजपुर थाना क्षेत्र के फत्तेहपुरवा गांव निवासी बब्लू प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। परिवार में पत्नी शिवानी (34), बेटा यश और बेटी शशि हैं। बब्लू के मुताबिक, शिवानी रोज की तरह गुरुवार सुबह करीब नौ बजे घर से पैदल ड्यूटी जाने के लिए निकली थीं। वह हाईवे पर पहुंची ही थीं कि पीछे से तेज रफ्तार में आए बाइक सवार ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर लगने से शिवानी सड़क पर दूर जा गिरीं और गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद बाइक सवार बिना रुके मौके से फरार हो गया। घायल महिला को सड़क पर पड़ा देख राहगीर जुट गए। महिला के पास मिले मोबाइल से उन्होंने परिजनों को फोन कर घटना की जानकारी दी। साथ ही 112 पर सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल को सीएचसी पहुंचाया। हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद हैलट रेफर कर दिया। परिजन उन्हें लेकर हैलट पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान शिवानी ने दम तोड़ दिया। थाना प्रभारी बोले- सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस महाराजपुर थाना प्रभारी ज़नार्दन सिंह ने बताया कि हादसे के बाद फरार बाइक सवार की तलाश की जा रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, जिससे बाइक और उसके चालक की पहचान की जा सके।
मुरादाबाद के राजकीय केजीके होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के आयुष इंटर्न्स ने मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर गुरुवार से काम बंद कर दिया। इंटर्न्स अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। इसके चलते अस्पताल की ओपीडी सेवाएं प्रभावित हुई हैं। इंटर्न्स ने मरीजों को देखने समेत अन्य मेडिकल काम करने से इनकार कर दिया है। 7,500 से बढ़ाकर 25 हजार रुपए मानदेय की मांग इंटर्न्स का कहना है कि उन्हें फिलहाल हर महीने 7,500 रुपए मानदेय मिलता है। उनकी मांग है कि इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपए किया जाए। उनका कहना है कि इंटर्नशिप के दौरान वे ओपीडी और वार्ड में मरीजों की देखभाल के साथ स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कई काम करते हैं। इसके बावजूद उन्हें काफी कम मानदेय दिया जा रहा है। इंटर्न्स का कहना है कि एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न्स के मानदेय में बढ़ोतरी हो चुकी है। ऐसे में आयुष इंटर्न्स को भी उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप सम्मानजनक मानदेय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी मांग किसी के विरोध में नहीं है, बल्कि काम और जिम्मेदारी के हिसाब से मानदेय बढ़ाने की है। 5 सितंबर को निकाला था मार्च इंटर्न्स ने बताया कि मांग को लेकर उन्होंने 5 सितंबर को शांतिपूर्ण मार्च निकाला था। इसके बाद 7 सितंबर को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। मांगों पर फैसला नहीं होने के बाद गुरुवार से काम बंद कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया। मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी इंटर्न्स ने शासन और संबंधित विभाग से जल्द निर्णय लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब तक मानदेय बढ़ाने की मांग पूरी नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। धरने में प्रवीन ठाकुर, आशीष यादव, राहुल भास्कर, गौरव, अंबुज, मनोज कुमार, पंकज चौधरी, तंजीम, मुजीब, सचिन, राकेश, करिश्मा, फराह, अनुकीर्ति, सौम्या, आकृति, संजना, प्रद्युम्न यादव, साकेत, कफील, यामीन, अदनान, कुणाल, निखिल, दीपांशु, ऋतिक समेत बड़ी संख्या में आयुष इंटर्न्स मौजूद रहे।
उदयपुर-चित्तौड़गढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भटेवर पुलिया के पास महादेव जी मंदिर क्षेत्र में हाईटेंशन लाइन से लगातार शॉर्ट सर्किट और स्पार्किंग हो रही है। इससे इलाके के लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने बताया कि देबारी से चित्तौड़गढ़ जा रही 220 KV बिजली लाइन से पेड़ों की टहनियां छू रही हैं। इस वजह से आए दिन तेज धमाकों के साथ शॉर्ट सर्किट और स्पार्किंग होती है। यह लाइन राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रसिद्ध महादेव मंदिर के बिल्कुल पास से गुजरती है। यहां दिन-रात भारी वाहन चलते हैं और श्रद्धालु भी आते-जाते रहते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इस समस्या को लेकर कैलाश जनवा, सुरेश डांगी, भरत मेनारिया और कन्हैया जनवा सहित कई ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। कैलाश जनवा ने बताया कि उन्होंने तुरंत समाधान के लिए राजस्थान संपर्क टोल-फ्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत भी दर्ज करवाई है। ग्रामीणों ने बिजली निगम और प्रशासन से मांग की है कि लाइन के संपर्क में आ रही पेड़ों की टहनियों को तुरंत छांटा जाए। साथ ही, लाइन की तकनीकी कमियों को भी ठीक किया जाए।
रोहतक जिले के गांव भाली आनंदपुर स्थित शुगर मिल पर अखिल भारतीय किसान सभा व भारतीय किसान यूनियन ने गन्ने का भाव बढ़ाकर 600 रुपए प्रति क्विंटल करने और गन्ना किसानों की अन्य समस्याओं को पूरा करने की मांग को लेकर पंचायत की। साथ ही सरकार के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए एमडी के माध्यम से सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। किसान सभा प्रीत सिंह ने बताया कि गन्ना किसानों को लागत का पूरा भाव न मिलने से किसान भारी घाटा वहन करने को मजबूर है और किसान गन्ने की खेती छोड़ने पर मजबूर है। गन्ने से मिलने वाली चीनी, इथेनॉल उद्योग तो मुनाफा कमा रहे है और गन्ना पैदा करने वाले किसान घाटे में है। 415 रुपए मिल रहे प्रति क्विंटल किसान सभा नेता सुमित सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार भी लगातार ऐसी नीतियां बना रही है जो सहकारी शुगर मिलों के खिलाफ है। किसानों ने पंचायत में सरकार की किसान विरोधी नीतियों का विरोध किया, जिसके चलते हर रोज किसान सड़कों पर है। किसानों को अभी 415 रुपए प्रति क्विंटल मिल रहे है, जबकि किसानों को 600 रुपए प्रति क्विंटल गन्ने का भाव मिलना चाहिए। किसानों की सरकार से मांग किसान सभा नेता सुमित सिंह ने सरकार से मांग की, कि गन्ने का भाव बढ़ाकर 600 रुपए प्रति क्विंटल किया जाए। शुगर मिल में गन्ना डालने वाले किसानों को पहले की भांति कंट्रोल दरों (सस्ती दरों) पर चीनी दी जाए। किसानों को गन्ने में बीमारियों से बचाव के लिए उन्नत किस्म के ड्रोन शुगर मिल द्वारा उपलब्ध करवाएं जाए। सुमित सिंह ने कहा कि नए उन्नत किस्म के बीज किसानों को उपलब्ध करवाएं जाए। जलभराव, बीमारी आदि से फसल बर्बाद होने पर उचित मुआवजा दिया जाए। गन्ने की पैदावार सुनिश्चित करने के लिए गन्ना किसानों की विशेष प्रोत्साहन दिया जाए। गन्ने की छिलाई के लिए मशीनें उपलब्ध करवाई जाए। गन्ना किसानों के हित में समग्र किसान पक्षीय नीति बनाई जाए। तीसरे सप्ताह में मंत्री को देंगे ज्ञापन किसान सभा नेता प्रीत सिंह ने कहा कि सभी शुगर मिलो की कमेटियों से संपर्क कर सितम्बर के तीसरे सप्ताह में गोहाना के अंदर पंचायत की जाएगी और सहकारिता मंत्री अरविंद शर्मा को ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही सीएम नायब सैनी से मिलकर रेट बढ़ाने की मांग की जाएगी।
मोतिहारी में उत्पाद विभाग के कार्यालय गेट पर वसूली का एक वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में दिख रहा है कि उत्पाद थाना में पकड़े गए परिजनों से मिलने के लिए 100 रुपए लिए जा रहे हैं। यह वसूली गेट पर तैनात दो गार्ड द्वारा की जा रही है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति अपने पकड़े गए परिजन से मिलने आता है। गेट पर तैनात गार्ड उसे पैसे लेने का तरीका बताती हैं और कहती हैं कि इसमें हिस्सा ऊपर तक जाता है। इसके बाद व्यक्ति 100 रुपए का नोट देता है, जिसके बाद उसे अंदर जाने दिया जाता है। वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने यह वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। इसके बाद उत्पाद विभाग की कार्यशैली पर फिर से सवाल उठने लगे हैं। वीडियो की जांच के लिए बनाई गई टीम वीडियो सामने आने के बाद सहायक आयुक्त कार्यालय उत्पाद के अधिकारी ओम प्रकाश ने बताया कि वीडियो उनके संज्ञान में है। उन्होंने कहा कि वीडियो की सच्चाई जानने के लिए एक टीम बनाई गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद वीडियो में दिख रहे दोषी होमगार्ड जवान पर कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि उत्पाद विभाग में पहले भी ऐसी वसूली की शिकायतें मिलती रही हैं। हालांकि, इस बार वीडियो सामने आने से विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आम लोगों ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
विदिशा शहर की सड़कों, चौराहों और हाईवे पर घूम रहे गोवंश के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर अचानक मवेशी सामने आने से उन्हें बचाने के दौरान दुर्घटना का खतरा बना रहता है। वहीं सांडों की लड़ाई में लोगों के घायल होने और बाजारों में दुकानों के सामान को नुकसान पहुंचने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। सड़क पर बैठे रहते हैं गाय और सांड स्थानीय लोगों के अनुसार शहर की कई सड़कों और चौराहों पर गाय और सांड बैठे रहते हैं। इसके अलावा कुत्ते, घोड़े और खच्चर भी कई जगह घूमते दिखाई देते हैं। राजकुमार ने बताया कि अचानक सड़क पर मवेशी सामने आने से वाहन चालक उन्हें बचाने की कोशिश करते हैं, जिससे दुर्घटना हो सकती है। टक्कर होने पर वाहन और मवेशी दोनों को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने बताया कि शहर और हाईवे पर पहले भी मवेशियों के कारण हादसे हो चुके हैं। एक बार बासौदा विधायक की गाड़ी भी मवेशियों को बचाने की कोशिश में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसके बाद सड़कों से मवेशियों को हटाने के निर्देश दिए गए थे। अरिहंत विहार में सांड ने व्यक्ति को पटक दिया अरिहंत विहार के रहवासियों के अनुसार कॉलोनी में गोवंश के साथ आवारा कुत्तों की समस्या भी बनी हुई है। रहवासियों ने बताया कि एक सांड ने एक व्यक्ति को उठाकर पटक दिया था। वहीं कई गलियों और चौराहों पर कुत्तों के झुंड घूमते रहते हैं। इससे बच्चों और बुजुर्गों को अकेले आने-जाने में परेशानी होती है। रहवासियों ने मवेशियों और कुत्तों को सुरक्षित तरीके से हटाने की व्यवस्था की मांग की है। पहले कांजी हाउस में रखे जाते थे मवेशी नगर पालिका नेता प्रतिपक्ष आशीष माहेश्वरी ने कहा कि गाय पूजनीय है, लेकिन कई गोपालक दूध निकालने के बाद उन्हें खुला छोड़ देते हैं। उन्होंने बताया कि पहले शहर में कांजी हाउस की व्यवस्था थी, जहां सड़कों से पकड़े गए मवेशियों को रखा जाता था। उनके अनुसार पशुपालक मवेशी छुड़ाने आता था तो जुर्माना लगाया जाता था। इससे लोग अपने मवेशियों को खुला छोड़ने से बचते थे। उन्होंने मवेशी पकड़ने वाली टीम में सीमित कर्मचारियों का भी जिक्र किया और कहा कि शहर की सड़कों से गोवंश हटाने के साथ उन्हें दोबारा सड़क पर आने से रोकने के लिए भी व्यवस्था जरूरी है। 100 से ज्यादा मवेशी गोशाला भेजे नगर पालिका सीएमओ दुर्गेश ठाकुर ने बताया कि सड़कों से मवेशियों को हटाने के लिए टीम गठित की गई है और अभियान लगातार चलाया जा रहा है। अब तक 100 से ज्यादा मवेशियों को शहर से हटाकर गोशालाओं में भेजा जा चुका है। सीएमओ के अनुसार कांजी हाउस को भी दोबारा सक्रिय किया गया है। पकड़े गए मवेशियों को उदयगिरि स्थित गोशाला भेजा जा रहा है। इसके अलावा रामलीला मैदान में अस्थायी गौशाला तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि सड़कों से मवेशियों को हटाने की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
झालावाड़ के सूमर कस्बे में मुख्य और प्राचीन लक्ष्मीनाथ मंदिर के पास जनता जल योजना की पुरानी पेयजल पाइपलाइन में लंबे समय से लीकेज है। जून में शिकायत के बावजूद अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हुआ। सप्लाई के दौरान पाइपलाइन से पानी सड़क पर फैलने से राहगीरों और मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। वहीं, पानी जमा होने से गंदगी और फिसलन की स्थिति बनी हुई है। सप्लाई बंद होने पर बाहरी गंदा पानी पाइपलाइन में जाने की आशंका से लोगों को पेयजल की गुणवत्ता की भी चिंता सता रही है। सप्लाई के समय सड़क पर फैलता है पानी मोहल्लेवासियों के अनुसार, जलापूर्ति शुरू होते ही पुरानी पाइपलाइन के लीकेज से पानी बाहर निकलकर सड़क पर बहने लगता है। लगातार पानी फैलने से रास्ते में जगह-जगह गीलापन और फिसलन बनी रहती है। इससे पैदल आने-जाने वाले लोगों के साथ स्थानीय दुकानदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गंदा पानी पाइपलाइन में जाने की आशंका स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी चिंता पेयजल की गुणवत्ता को लेकर है। उनका कहना है कि सप्लाई बंद होने के दौरान पाइपलाइन में बने लीकेज के रास्ते बाहरी गंदा पानी अंदर जाने की आशंका रहती है। ऐसे में पाइपलाइन की समय पर मरम्मत नहीं होने से लोगों में पेयजल दूषित होने की चिंता बनी हुई है। जल जीवन मिशन की लाइन ठीक, पुरानी पाइपलाइन बनी परेशानी मोहल्लेवासियों ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत बिछाई गई पेयजल लाइनें फिलहाल ठीक हैं। समस्या जनता जल योजना की पुरानी पाइपलाइन में खराबी के कारण बनी हुई है। लोगों का कहना है कि पुरानी लाइन की जांच कर लीकेज वाले हिस्से की स्थायी मरम्मत की जाए, ताकि बार-बार सड़क पर पानी फैलने की समस्या खत्म हो सके। श्रद्धालुओं से लेकर दुकानदारों तक परेशानी लक्ष्मीनाथ मंदिर के पास सड़क पर बहते पानी से मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही स्थानीय दुकानदार और राहगीर भी प्रभावित हो रहे हैं। लोगों का आरोप है कि जून में शिकायत किए जाने के बाद भी स्थायी मरम्मत नहीं होने से समस्या बनी हुई है। उनका कहना है कि पेयजल लाइन से जुड़ी समस्या को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाना चाहिए। इन लोगों ने उठाई स्थायी समाधान की मांग कस्बे के अमित दाधीच, जैकी सोनी, दिनेश बैरागी, दौलतराम कटारिया और जीतमल कटारिया सहित कई मोहल्लेवासियों ने संबंधित विभाग से पाइपलाइन की जांच करवाकर लीकेज को स्थायी रूप से ठीक कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समस्या का अस्थायी समाधान करने के बजाय पाइपलाइन की खराबी को दूर कर स्थायी राहत दी जाए। अधिकारी बोले- जल्द कराएंगे समाधान मामले में खानपुर पीएचईडी के एईएन मुश्ताक पठान ने जल्द समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया है। अब देखना होगा कि विभाग कब तक पाइपलाइन की मरम्मत कर सड़क पर बह रहे पानी और पेयजल को लेकर बनी चिंता से लोगों को राहत दिलाता है।
सोयतकलां थाना क्षेत्र के ग्राम खेजड़िया खेड़ी निवासी किसान बालू पिता गुलाबजी ने अपने मकान और कृषि भूमि पर विरोधी पक्ष द्वारा कब्जा करने का आरोप लगाया है। मामले में उन्होंने एसडीओ (राजस्व) के कार्यालय में तहसीलदार रामेश्वर दांगी को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में बालू ने बताया कि वह अपराध धारा 302 के मामले में केंद्रीय जेल उज्जैन में सजा काट रहा था। 15 अगस्त 2026 को सजा पूरी होने के बाद जेल से बाहर आया। उसका आरोप है कि उसकी अनुपस्थिति में पत्नी, दो पुत्र, पुत्री और बहू के साथ मारपीट कर उन्हें मकान से निकाल दिया गया। इसके बाद विरोधी पक्ष के लोगों ने मकान पर कथित रूप से कब्जा कर उसमें रखा घरेलू सामान और कृषि उपयोग में आने वाले मोटर, पंप, केबल, वायर, पाइप सहित अन्य सामान अपने कब्जे में ले लिया। 8 बीघा कृषि भूमि पर कब्जा बालू ने करीब 8 बीघा कृषि भूमि पर भी जबरन कब्जा कर फसल बोने का आरोप लगाया है। आवेदन में बताया कि इस संबंध में पूर्व में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को भी आवेदन दिया गया था। इसके बावजूद मकान और जमीन से कथित कब्जा नहीं हटाया गया। बालू ने तहसीलदार से मामले की जांच कर अवैध कब्जा हटाने और नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
उदयपुर में भाजपा और कांग्रेस से बागी होकर चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में पार्टी सिंबल पर लड़ रहे कार्यकर्ताओं में पसोपेश की स्थिति बनी हुई है कि आखिर पार्टी नेताओं के लाख समझाने के बाद भी पार्टी के खिलाफ मैदान में डटे इन नेताओं पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। जबकि राजस्थान के कई शहरों में दोनों पार्टियों ने बागी उम्मीदवारों को प्राथमिक सदस्यता से बर्खास्त किया है। भाजपा में इस बार 1 उम्मीदवार बागी मैदान में है तो कांग्रेस में 12 बागी पार्टी के सामने हैं। वहीं इस मामले पर दोनों जिलाध्यक्षों से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पूरा मामला पार्टी के ध्यान में है। जल्द कार्रवाई करेंगे। कांग्रेस जिलाध्यक्ष फतेहसिंह राठौड़ ने कहा कि इस बार बागियों के साथ उनका साथ देने वाले कांग्रेस नेताओं पर भी कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, नगर निगम के 80 वार्डों में इस बार भाजपा से ज्यादा कांग्रेस की चिंता है। कांग्रेस के 12 वार्डों में बागियों के नहीं मानने से उनके वार्ड में कांग्रेस को नुकसान होता दिख रहा है। हालांकि बीजेपी में ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा के गृह वार्ड में बीजेपी प्रत्याशी के सामने बागी के होने से मुकाबला कड़ा हो गया है। कमलेश मेहता की पत्नी खुशबू ने पार्टी के लिए टेंशन बढ़ाई हुई है। वार्ड नंबर 60 पुरोहितों की मादड़ी क्षेत्र में है, जहां विधायक मीणा रहते हैं। इस वार्ड में बीजेपी ने सुषमा राणावत को टिकट दिया है। इसी से नाराज होकर पूर्व पार्षद कमलेश मेहता ने अपनी पत्नी खुशबू को मैदान में उतारा। कांग्रेस के ये बागी नहीं माने! उधर, वार्ड 60 में पूर्व पार्षद कमल मेहता की पत्नी खुशबू निर्दलीय मैदान में हैं। उन्होंने नाम वापस नहीं लिया। यहां भाजपा ने सुषमा राणावत को उतार दिया तो कमल नाराज हो गए। कमल मेहता ने यहां अपनी पत्नी खुशबू मेहता से निर्दलीय नामांकन भरवा दिया था। समझाइश के बाद भी वे नहीं माने। यह वार्ड उदयपुर ग्रामीण के भाजपा विधायक फूलसिंह मीणा के घर वाले इलाके में है। वही, इस मामले में कांग्रेस जिलाध्यक्ष फतेहसिंह राठौड़ ने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने सभी वार्डों के बागी उम्मीदवारों से समझाइश की, इसके बाद भी वे नहीं माने। प्रदेशाध्यक्ष गोविंद डोटासरा को विस्तृत रिपोर्ट बनाकर भेज रहे हैं। इसमें बागियों के साथ पार्टी के प्रत्याशी के खिलाफ काम करने वाले नेताओं पर भी सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे। भाजपा शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि नगर निगम में 1 वार्ड को छोड़कर बागियों के लड़ने की चुनौती भाजपा में नहीं है। कांग्रेस में एक दर्जन बागी हैं। बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के ध्यान में पूरा मामला है। जल्द पार्टी भी कार्रवाई करेगी।
राजसमंद जिले में बुधवार, 9 सितंबर को नाथद्वारा और आमेट नगरपालिका चुनाव में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को गुरुवार, आज अवकाश दिया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा ने यह व्यवस्था की है। चुनाव ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को गुरुवार को अपने नियमित कार्यालय या कार्यस्थल पर जाने की जरूरत नहीं होगी। मतदान ड्यूटी करने वालों को अवकाश नाथद्वारा और आमेट नगरपालिका क्षेत्रों में चुनाव को सफल और सुचारू तरीके से कराने के लिए मतदान दलों समेत अलग-अलग चुनावी कामों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इन कर्मचारियों ने बुधवार को मतदान के दौरान अपनी जिम्मेदारी निभाई। इसी के बदले उन्हें गुरुवार को अवकाश दिया गया है। ऑन ड्यूटी माने जाएंगे जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 9 सितंबर को चुनाव ड्यूटी में लगाए गए कर्मचारियों को 10 सितंबर को ऑन ड्यूटी माना जाएगा। उन्हें नियमानुसार इसका लाभ भी मिलेगा। इन कर्मचारियों को गुरुवार को अपने नियमित कार्यालय या कार्यस्थल पर उपस्थित होने की जरूरत नहीं होगी। सिर्फ चुनाव ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों पर लागू प्रशासन ने साफ किया है कि यह अवकाश सभी कर्मचारियों के लिए नहीं है। यह सिर्फ उन कर्मचारियों के लिए लागू होगा, जिनकी 9 सितंबर को नाथद्वारा या आमेट नगरपालिका क्षेत्र में चुनाव ड्यूटी लगी थी। जिन कर्मचारियों की इन दोनों नगरपालिका क्षेत्रों में चुनाव ड्यूटी नहीं थी, उन पर यह अवकाश लागू नहीं होगा।
बेगूसराय के बखरी में राशन कार्ड पर सख्ती, 6 माह राशन नहीं लेने पर कार्ड होगा निष्क्रिय
10 सितंबर, गुरुवार: बेगूसराय के बखरी में लगातार छह माह से राशन का उठाव नहीं करने वाले लाभुकों के राशन कार्ड निष्क्रिय किए जाएंगे। एसडीओ सन्नी कुमार सौरव के अनुसार तीन माह के भीतर ई-केवाईसी कराने पर कार्ड फिर सक्रिय हो सकेगा। डुप्लीकेट लाभुकों पर भी कार्रवाई होगी।
गुरुवार को स्कीम नंबर 171 के प्लाटधारक सड़क पर उतर आए। न्याय की मांग को लेकर वे IDA पहुंचे और घेराव किया। हाथों में तख्तियां और अपनी मांगों से जुड़ी टी-शर्ट पहनकर उन्होंने प्रदर्शन किया और न्याय की गुहार लगाई। प्लाटधारक अभी IDA में डटे हुए हैं। कई सालों से चल रहा संघर्ष प्लाटधारकों का पिछले कई सालों से संघर्ष चल रहा है। इसके पहले भी वे अलग-अलग जगह अपनी मांगों को लेकर न्याय की गुहार लगा चुके हैं। स्कीम नंबर 171 के दायरे में आ रही करीब 13 सोसायटियों के प्लाटधारक यहां जमा हुए। बताया जा रहा है कि करीब 33 साल पहले सोसायटियों और अन्य जमीन को लेते हुए स्कीम 132 घोषित की गई थी। प्लाटधारक इसके खिलाफ कोर्ट गए, जिसके बाद स्कीम खत्म हो गई। IDA ने बाद में इसी जमीन पर स्कीम नंबर 171 घोषित कर दी। विकास शुल्क जमा करने के बाद भी जमीन मुक्त नहीं लंबी लड़ाई के बाद पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के समय नियम बना कि जिन कॉलोनियों में 10 फीसदी से कम काम हुआ है, वहां खर्च हुए विकास शुल्क की राशि लेकर स्कीम को मुक्त किया जाए। रहवासियों ने पूरा शुल्क जमा भी कर दिया, लेकिन सोसायटियों की जमीन को आज तक मुक्त नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि स्थानीय विधायक महेंद्र हार्डिया भी सीएम डॉ. मोहन यादव के सामने इसे मुक्त करने की मांग कर चुके हैं। मगर अभी तक कुछ नहीं हुआ। इधर, बुधवार को प्लाटधारकों ने IDA के कॉन्फ्रेंस हॉल में हनुमान चालीसा का पाठ किया।
परमानेंट कर्मचारी को कभी भी बर्खास्त कर सकते हैं यदि उसके पास यह वाला डॉक्यूमेंट नहीं है
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2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने युवाओं और खासकर जेन-जी वोटरों पर अपना फोकस बढ़ाना शुरू कर दिया है। राजधानी लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय के बाहर जेन-जी युवाओं के समर्थन में पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों पर लिखा है- “जेन-जी का जनादेश बदलेगा उत्तर प्रदेश।” पोस्टर के जरिए पार्टी की ओर से युवा मतदाताओं को राजनीतिक संदेश देने की कोशिश मानी जा रही है। विधानसभा चुनाव से पहले सपा लगातार युवाओं को अपने साथ जोड़ने की रणनीति पर काम करती नजर आ रही है। युवाओं और नए चेहरों पर जोर सपा की नई रणनीति में युवाओं के साथ नए चेहरों को भी अधिक तवज्जो देने की तैयारी के संकेत मिल रहे हैं। पार्टी का फोकस ऐसे युवा मतदाताओं पर है, जो आने वाले विधानसभा चुनाव में अहम भूमिका निभा सकते हैं। मुख्यालय के बाहर लगाए गए पोस्टरों को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने युवाओं और खासकर जेन-जी वोटरों पर अपना फोकस बढ़ाना शुरू कर दिया है। राजधानी लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय के बाहर जेन-जी युवाओं के समर्थन में पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों पर लिखा है- “जेन-जी का जनादेश बदलेगा उत्तर प्रदेश।” पोस्टर के जरिए पार्टी की ओर से युवा मतदाताओं को राजनीतिक संदेश देने की कोशिश मानी जा रही है। विधानसभा चुनाव से पहले सपा लगातार युवाओं को अपने साथ जोड़ने की रणनीति पर काम करती नजर आ रही है। युवाओं और नए चेहरों पर जोर सपा की नई रणनीति में युवाओं के साथ नए चेहरों को भी अधिक तवज्जो देने की तैयारी के संकेत मिल रहे हैं। पार्टी का फोकस ऐसे युवा मतदाताओं पर है, जो आने वाले विधानसभा चुनाव में अहम भूमिका निभा सकते हैं। मुख्यालय के बाहर लगाए गए पोस्टरों को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
सम्भल के हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र के रजाभूड़ गांव में करीब एक महीने पहले शांत हुआ जमीन का विवाद गुरुवार को फिर भड़क गया। खेत पर काम देखने गए एक व्यक्ति के साथ मारपीट की गई, जिसमें उसके सिर में चोट आई है। घायल ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने घायल को इलाज और मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा है। गांव रजाभूड़ निवासी सुनील (45) पुत्र लीलाधर ने बताया कि करीब एक साल पहले उसने अपने चचेरे भाई से साढ़े तीन बीघा खेत की जमीन ली थी। अब इसी जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा है। सुनील का आरोप है कि उसका चचेरा भाई जमीन वापस मांग रहा है, लेकिन वह इनकार कर रहा है। इसी बात पर करीब एक महीने पहले भी दोनों पक्षों में विवाद हुआ था, जिसे गांव के बड़े-बुजुर्गों की मौजूदगी में थाने में सुलझाया गया था। पीड़ित सुनील ने आरोप लगाया कि गुरुवार सुबह करीब 10 बजे वह अपने खेत पर खेती का काम देखने गया था। तभी उसके चचेरे भाई रामपाल पुत्र रोशन, उसके बेटे गिरीश पाल और अखिलेश समेत कुछ अन्य लोगों ने उसके साथ मारपीट की। मारपीट में सुनील के सिर में चोट लग गई, जिसके बाद वह घायल हालत में थाने पहुंचा। सुनील ने पुलिस को घटना की जानकारी दी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने घायल सुनील को मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा है। इस घटना के बाद जमीन विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच फिर से तनाव बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जयपुर नगर निगम क्षेत्र के 150 वार्डों में पार्षद चुनने के लिए शुक्रवार को मतदान होगा। इस बार कांग्रेस, बीजेपी और अन्य पार्टियों के कुल 723 प्रत्याशी मैदान में हैं। 4 वार्ड ऐसे हैं, जहां 10 से ज्यादा प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है। वहीं, 16 वार्डों में भाजपा-कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। चुनाव का परिणाम 14 सितंबर को आएगा। इसके बाद महापौर और उप महापौर के चुनाव की प्रक्रिया होगी। जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के आरक्षण में 50 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। जयपुर में कुल 2256 बूथ हैं, जिसमें से 652 क्रिटिकल बूथ की कैटेगरी में है। कांग्रेस और बीजेपी के 149-149 प्रत्याशी मैदान में जयपुर में प्रत्याशियों की स्थिति देखें तो बीजेपी और कांग्रेस दोनों से 149-149 प्रत्याशी मैदान में हैं। बाकी 425 प्रत्याशी निर्दलीय, राष्ट्रीय और क्षेत्रिय पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़ रहे है। जयपुर में भाजपा -कांग्रेस के इन प्रत्याशियों की प्रतिष्ठा दांव पर है.. अब पढ़िए चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियोों की पूरी डिटेल..
जामताड़ा जिले के गोबिंदपुर-साहेबगंज हाईवे पर गुरुवार को एक सड़क हादसा हो गया। नारायणपुर थाना क्षेत्र के कोरीडीह वन गांव के पास मोटरसाइकिल और स्कूटी की टक्कर हो गई। इस हादसे में एक ही परिवार के पांच लोग घायल हो गए। स्थानीय ग्रामीणों ने सभी घायलों को नारायणपुर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। घायलों की पहचान करमाटांड़ थाना क्षेत्र के हिरणानगर निवासी मोहम्मद फिरोज (30), उनकी पत्नी आसमुन खातून (28), बेटी जोया खातून (8), अलिसवा खातून (3) और दो महीने के बेटे सरजान बादशाह के रूप में हुई है। घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की बताया गया कि परिवार के सभी सदस्य मोटरसाइकिल से अपने रिश्तेदार के घर जा रहे थे। कोरीडीह वन के पास सामने से आ रही स्कूटी से उनकी टक्कर हो गई। हादसे के बाद स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। नारायणपुर अस्पताल में डॉक्टरों ने सभी घायलों का शुरुआती इलाज किया। मोहम्मद फिरोज की हालत गंभीर होने पर उन्हें आगे के इलाज के लिए धनबाद रेफर कर दिया गया। बाकी घायलों का इलाज नारायणपुर में ही किया गया। घटना के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अयोध्या जिले की रुदौली तहसील के पसैया गांव में बुधवार दोपहर सरयू नदी में नाना-नाती डूब गए। 15 वर्षीय शिवा को गहरे पानी में जाता देखकर उसके 55 वर्षीय नाना जगराम उसे बचाने के लिए नदी में उतर गए। तेज बहाव के कारण दोनों डूब गए। सूचना पर पहुंची पुलिस, प्रशासन और SDRF की टीम ने तलाश शुरू की। करीब 16 घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद गुरुवार सुबह घटनास्थल से करीब 10 फीट दूर जगराम का शव बरामद कर लिया गया। पुलिस ने शव को बाहर निकालकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, शिवा का अभी तक पता नहीं चला है। SDRF की टीम लगातार उसकी तलाश कर रही है। नाती को डूबता देख बचाने पहुंचे थे नाना पसैया सण्डरी निवासी जगराम बुधवार दोपहर करीब 2 बजे अपनी बेटी के बेटे शिवा के साथ सरयू बांध के पास भैंस नहलाने गए थे। नहाने के दौरान शिवा अचानक गहरे पानी में चला गया। उसे डूबता देखकर जगराम उसे बचाने के लिए दौड़े, लेकिन तेज बहाव के कारण दोनों नदी में डूब गए। शोर सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस, प्रशासन और SDRF की टीम ने नाव और गोताखोरों की मदद से दोनों की तलाश शुरू की। देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। गुरुवार सुबह करीब 6 बजे घटनास्थल से महज 10 फीट की दूरी पर जगराम का शव मिला। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शिवा को नानी के साथ जाना था हैदराबाद शिवा की मां राजकुमारी, निवासी ईदगाह रुदौली ने बताया कि वह रक्षाबंधन पर बेटे शिवा के साथ अपने मायके पसैया आई थीं। उनके तीन बेटे और एक बेटी हैं। बुधवार को शिवा को नानी के साथ हैदराबाद जाना था। इससे पहले वह नाना के साथ नदी पर चला गया और हादसे का शिकार हो गया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा है। वहीं शिवा के नहीं मिलने से परिजन परेशान हैं। विधायक ने दिया मदद का भरोसा उप जिलाधिकारी रुदौली विनोद कुमार गुप्ता पुलिस बल के साथ सुबह से घटनास्थल पर मौजूद हैं और बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं। बुधवार रात विधायक रामचंद्र यादव भी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। SDRF की टीम नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है और 15 वर्षीय शिवा की तलाश की जा रही है।
लखनऊ में करीब 600 FPO प्रतिनिधियों ने 9 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है। FPO प्रतिनिधियों का कहना है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में करीब 500 FPO का पंजीकरण हुआ था, लेकिन अब तक उनका अनुमोदन नहीं किया गया है। इसके अलावा FPO और योजना में काम करने वाली CBBO संस्थाओं का भुगतान भी लंबे समय से अटका है। प्रतिनिधियों के मुताबिक, वे कई बार विभागीय अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रख चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ। भुगतान नहीं मिलने से कर्मचारियों का खर्च उठाना, कार्यालय चलाना और गांवों में होने वाली गतिविधियां जारी रखना मुश्किल हो रहा है। धरना दे रहे प्रतिनिधियों ने जल्द अनुमोदन और लंबित भुगतान जारी करने की मांग की है। काम पूरा करने के बाद भी भुगतान का इंतजार CBBO संस्थाओं की ओर से FPOs के गठन, उन्हें कामकाज की जानकारी देने, प्रशिक्षण और क्षमता बढ़ाने समेत कई काम किए गए हैं। इसके बावजूद इन कामों का भुगतान लंबित है। FPO प्रतिनिधियों का कहना है कि जब उन्होंने तय प्रक्रिया के अनुसार काम किया है तो भुगतान को इतने लंबे समय तक रोकना ठीक नहीं है। 30 सितंबर के बाद 200 रुपये रोज की पेनाल्टी पर नाराजगी FPOs ने 30 सितंबर 2026 के बाद 200 रुपये रोज की पेनाल्टी लगाए जाने की संभावित व्यवस्था पर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि अगर अनुमोदन या भुगतान विभागीय या तकनीकी कारणों से रुका हुआ है और FPO की कोई गलती नहीं है, तो उसकी पेनाल्टी FPO से क्यों ली जाए। प्रतिनिधियों ने मांग की है कि विभागीय देरी का आर्थिक बोझ FPOs पर न डाला जाए। मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला FPO प्रतिनिधियों ने कहा कि जब तक लंबित अनुमोदन और भुगतान को लेकर लिखित और ठोस फैसला नहीं होता, तब तक धरना जारी रहेगा। उनका कहना है कि उन्होंने पहले विभागीय स्तर पर बातचीत के जरिए समस्या सुलझाने की कोशिश की, लेकिन समाधान नहीं निकलने पर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। FPOs की प्रमुख मांगें.. • करीब 500 लंबित FPOs का जल्द अनुमोदन किया जाए। • FPOs और CBBO संस्थाओं का रुका हुआ भुगतान तुरंत किया जाए। • अनुमोदन और भुगतान के लिए समय सीमा तय की जाए। • लंबित मामलों का पारदर्शी तरीके से जल्द निस्तारण हो। • विभागीय या तकनीकी देरी के लिए FPOs पर पेनाल्टी न लगाई जाए।
आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना के तहत काम कर रहे किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 के करीब 500 FPOs का पंजीकरण होने के बाद भी उनका अनुमोदन नहीं हुआ है। वहीं, FPOs और योजना में काम करने वाली CBBO संस्थाओं का भुगतान भी लंबे समय से अटका हुआ है। इससे नाराज करीब 600 FPO प्रतिनिधियों ने 9 सितंबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है। FPO प्रतिनिधियों का कहना है कि वे लगातार अपनी समस्याएं विभागीय अधिकारियों के सामने रखते रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ। भुगतान नहीं मिलने से FPOs और CBBO संस्थाओं के लिए कर्मचारियों का खर्च, कार्यालय चलाना और गांवों में होने वाली गतिविधियों को जारी रखना मुश्किल हो रहा है। काम पूरा करने के बाद भी भुगतान का इंतजार CBBO संस्थाओं की ओर से FPOs के गठन, उन्हें कामकाज की जानकारी देने, प्रशिक्षण और क्षमता बढ़ाने समेत कई काम किए गए हैं। इसके बावजूद इन कामों का भुगतान लंबित है। FPO प्रतिनिधियों का कहना है कि जब उन्होंने तय प्रक्रिया के अनुसार काम किया है तो भुगतान को इतने लंबे समय तक रोकना ठीक नहीं है। 30 सितंबर के बाद 200 रुपये रोज की पेनाल्टी पर नाराजगी FPOs ने 30 सितंबर 2026 के बाद 200 रुपये रोज की पेनाल्टी लगाए जाने की संभावित व्यवस्था पर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि अगर अनुमोदन या भुगतान विभागीय या तकनीकी कारणों से रुका हुआ है और FPO की कोई गलती नहीं है, तो उसकी पेनाल्टी FPO से क्यों ली जाए। प्रतिनिधियों ने मांग की है कि विभागीय देरी का आर्थिक बोझ FPOs पर न डाला जाए। मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला FPO प्रतिनिधियों ने कहा कि जब तक लंबित अनुमोदन और भुगतान को लेकर लिखित और ठोस फैसला नहीं होता, तब तक धरना जारी रहेगा। उनका कहना है कि उन्होंने पहले विभागीय स्तर पर बातचीत के जरिए समस्या सुलझाने की कोशिश की, लेकिन समाधान नहीं निकलने पर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। FPOs की प्रमुख मांगें.. • करीब 500 लंबित FPOs का जल्द अनुमोदन किया जाए। • FPOs और CBBO संस्थाओं का रुका हुआ भुगतान तुरंत किया जाए। • अनुमोदन और भुगतान के लिए समय सीमा तय की जाए। • लंबित मामलों का पारदर्शी तरीके से जल्द निस्तारण हो। • विभागीय या तकनीकी देरी के लिए FPOs पर पेनाल्टी न लगाई जाए।
दिल्ली हाई कोर्ट ने भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया के मानहानि मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ताओं को विवादित पोस्ट हटाने का सुझाव दिया।
दिल्ली सरकार राजधानी में सार्वजनिक शौचालयों की कमी दूर करने के लिए 1000 आधुनिक शौचालय ब्लॉक बनाने की तैयारी में है। पहले चरण में 500 ब्लॉक के निर्माण पर करीब 127 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है।
उन्नाव के आसीवन थाना क्षेत्र के जाहरूल्ला नगर में एक पिता ने अपनी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने और डेढ़ साल की पोती के साथ घर से निकालने का आरोप लगाया है। गुरुवार को पीड़ित पिता ने एसपी कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। इससे पहले उन्होंने थाने में भी शिकायत दर्ज कराई थी। जाहरूल्ला नगर निवासी मेहंदीहसन खां ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी अरशद बानो का निकाह 12 नवंबर 2023 को मोक्ष काशीम नगर निवासी आरिफ खान से हुआ था। उन्होंने अपनी हैसियत के हिसाब से करीब 10 लाख रुपये खर्च किए और दान-दहेज भी दिया था। इसके बावजूद ससुराल वाले संतुष्ट नहीं थे। मेहंदीहसन के मुताबिक, बेटी के पति आरिफ खान, सास आसिया और जेठ अख्खेखान ने अतिरिक्त दहेज में दो लाख रुपये नकद, एक तोला सोने की चेन और अपाचे बाइक की मांग की। शादी के समय स्प्लेंडर बाइक दी गई थी। दंपति की डेढ़ साल की बेटी हिबा भी है। आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर अरशद बानो को कम दहेज लाने का ताना देकर पीटा और प्रताड़ित किया जाता था। बीमार होने पर उसका इलाज भी नहीं कराया गया। पिता का आरोप है कि करीब छह महीने पहले ससुराल वालों ने मारपीट कर बेटी के कपड़े और जेवर छीन लिए। इसके बाद डेढ़ साल की हिबा के साथ उसे घर से निकाल दिया। तब से वह अपने मायके में रह रही है। मेहंदीहसन ने ससुराल वालों से बेटी को बिना किसी विवाद के रखने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने अतिरिक्त दहेज के बिना उसे रखने से मना कर दिया। परिवार में सुधार की उम्मीद में काफी समय तक शिकायत नहीं की गई। कोई समाधान न होने पर अब थाने में प्रार्थना पत्र देने के साथ गुरुवार को एसपी से शिकायत की गई है। उन्होंने मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
वाराणसी एयरपोर्ट पर गुरुवार को मुंबई जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6E 6544 के पायलट ने विमान उड़ाने से मना कर दिया। पायलट ने कहा- तबीयत खराब है। विमान नहीं उड़ा पाऊंगा। विमान कंपनी ने बोर्डिंग शुरू होने से पहले ही यात्रियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि एयरलाइंस ने जानबूझकर विमान की उड़ान से संबंधित सही जानकारी नहीं दी। एयरलाइंस ने यात्रियों की विमान पर बोर्डिंग को रोक दिया। यात्रियों से कहा कि पायलट का इंतजाम किया जा रहा है। हालांकि, इस पूरे मसले पर एयरलाइंस की तरफ से कोई जानकारी नहीं दी गई। वहीं, सूत्रों के मुताबिक, पायलट की ड्यूटी का समय पूरा हो गया था। इसलिए उसने उड़ान से मना कर दिया। यात्रियों ने एयरलाइन प्रबंधन पर लगाए आरोप यात्रियों ने आरोप लगाया कि उन्हें समय पर सही जानकारी नहीं दी गई। उड़ान को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी न मिलने के चलते यात्रियों ने एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन में हंगामा शुरू कर दिया। यात्रियों द्वारा आरोप लगाया गया कि जब उन्हें जाना था इसी दौरान फ्लाइट को कैंसिल की गई और अभी तक कोई स्थिति स्पष्ट नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, संबंधित पायलट की ड्यूटी का निर्धारित समय पूरा हो चुका था। कहा यह भी जा रहा है कि यात्रियों के विरोध के बाद इंडिगो प्रबंधन ने वैकल्पिक क्रू की व्यवस्था शुरू कर दी है, जिससे फ्लाइट को वाराणसी से मुंबई रवाना किया जा सके। खबर अपडेट की जा रही है….
ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक चलती स्विफ्ट कार में अचानक आग लग गई। यह घटना डेल्टा-1 गोलचक्कर पर हुई। आग लगने के बाद कार में सवार दोनों युवकों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत गाड़ी सड़क किनारे रोक दी। युवकों ने पानी से भरी दो बड़ी बोतलों का इस्तेमाल कर समय रहते आग पर काबू पा लिया। उनकी सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया और कोई हताहत नहीं हुआ। देखिए तस्वीरें.. शुरुआती जानकारी के अनुसार, कार में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। इस मामले में पुलिस को कोई शिकायत नहीं मिली है और न ही किसी व्यक्ति ने आग लगने की कोई सूचना दी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि उन्हें सोशल मीडिया के जरिए घटना का एक वीडियो मिला था।
अमृतसर के पेपर आर्टिस्ट डॉ. जगजोत सिंह रूबल ने नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए एक अनोखी पेंटिंग बनाई है। करीब 5 फीट की इस कलाकृति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत ब्रिक्स देशों के प्रमुख नेताओं को एक ही फ्रेम में दिखाया गया है। रूबल के मुताबिक, इसका मकसद ग्लोबल लीडरशिप, एकता और शांति का संदेश दुनिया तक पहुंचाना है। डॉ. जगजोत सिंह रूबल ने बताया कि इस पेंटिंग को बनाने में उन्हें करीब 18 दिन लगे। यह पेपर आर्ट की खास तकनीक से तैयार की गई है। इसमें अलग-अलग देशों के राष्ट्र अध्यक्षों और प्रधानमंत्रियों को एक साथ दिखाया गया है। उनका मानना है कि कला के जरिए यह संदेश दिया जा सकता है कि दुनिया के नेता एक मंच पर आकर वैश्विक चुनौतियों पर बात कर सकते हैं और समाधान ढूंढ सकते हैं। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करना भारत के लिए गर्व : रूबल रूबल ने कहा कि भारत के लिए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करना गर्व की बात है। उनके अनुसार, ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर आर्थिक और व्यापारिक मुद्दों के साथ-साथ दुनिया में चल रहे युद्ध और संघर्ष को खत्म करने, शांति स्थापित करने जैसे मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा होनी चाहिए। रूबल अपनी इस खास पेंटिंग को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और अन्य प्रमुख लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि पहले भी उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर एक पेंटिंग बनाई थी, जिसकी तारीफ हुई थी और उन्हें प्रशंसा पत्र भी मिला था। वह कई बॉलीवुड हस्तियों को भी अपनी कलाकृतियां दे चुके हैं। भारतीय कलाकारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना मकसद ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के समूह के तौर पर हुई थी। बाद में इसका विस्तार हुआ और ईरान, मिस्र, इंडोनेशिया समेत कई अन्य देश भी इससे जुड़े। ऐसे में अलग-अलग देशों के नेताओं और प्रतिनिधियों की भागीदारी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को वैश्विक स्तर पर अहम बनाती है। रूबल ने कहा कि उनका उद्देश्य पेपर आर्ट के माध्यम से भारतीय कला और कलाकारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। उन्होंने अपनी कला को प्रोत्साहित करने वाले परिवार, मीडिया और कला प्रेमियों का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि कलाकारों की मेहनत और उनकी कला को देश-दुनिया तक पहुंचाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है।
इंदौर: 33 साल प्लॉट का इंतजार और आज सब्र टूटा, आईडीए दफ्तर में घुसे रहवासी, गूंजी हनुमान चालीसा
इंदौर के स्कीम 171 के पीड़ित 6,000 रहवासियों ने 33 साल से प्लॉट न मिलने पर आईडीए कार्यालय का घेराव किया। ₹5.89 करोड़ विकास शुल्क जमा करने के बाद भी कब्जा न मिलने से नाराज लोगों ने बोर्ड रूम में हनुमान चालीसा पढ़कर तुरंत निर्णय की मांग की।
ग्रेटर नोएडा और सेंट्रल नोएडा में बुधवार को तीन लोगों की मौत के मामले सामने आए। इनमें एक एमबीए छात्र भी शामिल है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि छात्र परीक्षा पास न कर पाने को लेकर तनाव में था। वहीं, दो अन्य मामलों में भी मानसिक तनाव की बात सामने आई है। पुलिस तीनों मामलों की जांच कर रही है। 22वीं मंजिल से गिरा MBA छात्र नॉलेज पार्क थाना पुलिस के मुताबिक, मेरठ निवासी मौर्य पटेल (26) सेक्टर-150 स्थित जेपी अमन सोसाइटी में दोस्त के साथ किराए पर रहते थे। वह नोएडा के एक विश्वविद्यालय से एमबीए की पढ़ाई कर रहे थे और ऑनलाइन काम भी करते थे। पुलिस के अनुसार, बुधवार को मौर्य पटेल सोसाइटी की 22वीं मंजिल से गिर गए। हादसे में उनकी मौत हो गई। शुरुआती जांच में पता चला है कि वह परीक्षा पास न कर पाने को लेकर तनाव में थे। पुलिस ने घटना की जानकारी उनके परिजनों को दे दी है। सूरजपुर में युवक की मौत सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र में 26 वर्षीय आकाश की भी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, आकाश झारखंड के हजारीबाग के रहने वाले थे। शुरुआती जांच में उनके मानसिक तनाव में होने की बात सामने आई है। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस मौत के कारणों की जांच कर रही है। बीमारी के चलते तनाव में थी युवती कुलेसरा कॉलोनी में रहने वाली आंचल की भी बुधवार को मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, आंचल बिहार के जमुई की रहने वाली थीं। वह कुछ समय से बीमार चल रही थीं और इसी वजह से मानसिक तनाव में थीं। बुधवार सुबह घर में उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि तीनों मामलों में मौत के कारणों की जांच की जा रही है।
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मामले को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने साफ किया है कि 6 दिसंबर को मथुरा में कोई कार सेवा नहीं होगी। संतों ने कहा कि कार सेवा किए जाने की खबरें गलत हैं और अखाड़ा परिषद किसी भी प्रकार की कार सेवा का समर्थन नहीं करता। प्रस्तावित कार्यक्रम को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। दिनेश फलाहारी ने बताया कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डॉ. रवींद्र पुरी महाराज और निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि महाराज ने संकल्पित रजत शिला की विधि-विधान से पूजा की। इस दौरान संतों ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि के जयकारे लगाए और मंदिर निर्माण का संकल्प दोहराया। विशेष रथ से हरिद्वार पहुंची थी रजत शिला श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ रजत शिला एक विशेष रथ से हरिद्वार पहुंची थी। पूजन कार्यक्रम में संतों ने मंदिर निर्माण के लिए अपना संकल्प फिर से दोहराया। हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि कार सेवा से प्रदेश में अराजकता फैल सकती है। उन्हें कोर्ट और कानून की प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अयोध्या मामले में कोर्ट के निर्णय से समाधान मिला, उसी तरह मथुरा मामले में भी जल्द फैसला आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि हिंदू पक्ष ने पुराने सबूत कोर्ट में पेश किए हैं और फैसला सबूतों के आधार पर होगा। बैठक में मौजूद संतों ने भी एक साथ कार सेवा का विरोध किया। संत बोले- मीडिया की गलत खबरों पर भरोसा न करें महामंडलेश्वर राधानंद गिरि ने कहा कि कुछ लोग मीडिया के माध्यम से गलत खबरें फैला रहे हैं। सनातनी समाज ऐसी खबरों पर भरोसा न करे। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले का समाधान कोर्ट की प्रक्रिया से ही होना चाहिए। कार्यक्रम में पं. राजेश पाठक, महामंडलेश्वर डॉ. रमन पुरी, महंत दिव्यात्मानंद पुरी, जय राम शर्मा, महंत बाबा हरिदास, उद्देश सैनी, गुलाब चंद सैनी, गिर्राज वाल्मीकि, कान्हा कौशिक, अनिल कृष्णशास्त्री, ब्रह्मानंद गिरि, महेशानंद सरस्वती सहित कई संत शामिल रहे।
दैनिक भास्कर का अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव 2026 इस बार नए अंदाज और नए स्टेप्स के साथ होने जा रहा है। महोत्सव के लिए 17 सितंबर से 13 अक्टूबर तक गरबा वर्कशॉप चलेगी। इसमें पार्टिसिपेंट्स को अलग-अलग बैच में नए स्टेप्स और नए ट्रेनर्स से गरबा सीखने का मौका मिलेगा। वर्कशॉप के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं। गरबा की ट्रेनिंग जयपुर में तीन जगह होगी। ईस्ट लॉन एंटरटेनमेंट पैरेडाइज जवाहर सर्किल, ग्रांड उत्सव गार्डन गांधी पथ, वैशाली नगर और खण्डेलवाल वैश्य महासभा भवन राजस्थान पुलिस अकादमी के सामने पानीपेच शास्त्री नगर में वर्कशॉप आयोजित होगी। यहां सुबह 8:30 बजे से रात 10 बजे तक प्रीमियम, फीमेल और नॉर्मल बैच की क्लास होंगी। 2200 रुपए से शुरू है फीस वर्कशॉप में प्रीमियम बैच की फीस 2700 रुपए + 18% जीएसटी, जबकि नॉर्मल और फीमेल बैच की फीस 2200 रुपए + 18% जीएसटी रखी गई है। रजिस्ट्रेशन पोस्टर पर दिए क्यूआर कोड या वेबसाइट के जरिए किया जा सकता है। जानकारी के लिए सुबह 10 से शाम 7 बजे तक 99821 71171 और 89494 99828 पर संपर्क किया जा सकता है। महोत्सव से जुड़े अपडेट्स के लिए इंस्टाग्राम पर abhivyaktigarbamahotsav.jpr को फॉलो किया जा सकता है। रजनीगंधा प्रेजेंट्स अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव 2026 का आयोजन इन एसोसिएशन विद पल्स, को-पावर्ड बाय ओसवाल सोप ग्रुप और परम्परा प्रीमियम कुकिंग ऑयल्स, फाइनेंशियल पार्टनर बेस्ट कैपिटल, एनर्जी पार्टनर आईएनए सोलर, बेवरेज पार्टनर कोका-कोला, नॉलेज पार्टनर SKIT कॉलेज, ज्वैलरी पार्टनर जय जगदीश ज्वैलर्स और ऑर्गेनिक फूड पार्टनर ब्रिज एग्रो इंडस्ट्रीज हैं।
अंबेडकरनगर में गुरुवार को कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (सीएचओ) ने बकाया भुगतान की मांग को लेकर सीएमओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया। सीएचओ वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से लंबे समय से रुके भुगतान का जल्द निपटारा करने की मांग की। उनका कहना था कि कई बार अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से समस्या बताई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष राहुल कुंतल ने बताया कि जिले में तैनात सीएचओ अगस्त 2025 से अपने विभिन्न बकाया भुगतानों को लेकर परेशान हैं। जरूरी दस्तावेज और संबंधित जानकारी विभाग को उपलब्ध कराई जा चुकी है। इसके बावजूद भुगतान लंबित रहने से सीएचओ को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अगस्त 2025 से कई मदों में अटका है पैसा राहुल कुंतल ने बताया कि सीएचओ का सिर्फ वेतन ही नहीं, बल्कि कई दूसरे भुगतान भी लंबे समय से रुके हुए हैं। इनमें बकाया वेतन, इंक्रीमेंट, एरियर, लॉयल्टी भुगतान, धरना अवधि का वेतन और पीबीआई भुगतान शामिल हैं। एसोसिएशन का कहना है कि इन सभी मदों से जुड़े जरूरी कागजात पहले ही विभाग को दिए जा चुके हैं। बार-बार शिकायत के बाद भी नहीं निकला हल जिला अध्यक्ष के मुताबिक, सीएचओ ने अपनी समस्याओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कई बार संपर्क किया। लिखित रूप से भी भुगतान से संबंधित जानकारी दी गई। इसके बाद भी अभी तक बकाया राशि के भुगतान को लेकर कोई स्पष्ट समाधान नहीं हुआ है। इसी नाराजगी के चलते गुरुवार को सीएचओ सीएमओ कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया। पदाधिकारियों ने जल्द भुगतान की मांग की प्रदर्शन के दौरान एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष कुमुद कुमार, कार्यकारिणी सदस्य राज वर्मा समेत अन्य पदाधिकारियों ने भी बकाया भुगतान जल्द जारी करने की मांग की। पदाधिकारियों ने कहा कि सीएचओ लंबे समय से अपने जायज भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। विभाग को इस मामले में जल्द निर्णय लेकर सभी लंबित भुगतान का निपटारा करना चाहिए। समय पर भुगतान नहीं हुआ तो चरणबद्ध आंदोलन एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि अगर तय समय में बकाया भुगतानों का निपटारा नहीं किया गया तो अलग-अलग चरणों में विरोध किया जाएगा। हालांकि, पदाधिकारियों ने साफ किया कि उनका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित करना या मरीजों को परेशान करना नहीं है। वे केवल लंबे समय से रुके कानूनी और जायज भुगतानों को जारी कराने की मांग कर रहे हैं।
बालोतरा नगर परिषद में शहरी सरकार के लिए दूसरे चरण का मतदान कल होगा। प्रशासन ने इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। शहर के 55 वार्डों में 63 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। कुल 61217 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनके लिए 167 प्रत्याशी मैदान में हैं। इन 167 प्रत्याशियों में भाजपा के 55, कांग्रेस के 51 और 62 अन्य उम्मीदवार शामिल हैं। कई वार्डों में मुख्य मुकाबला सीधा है, लेकिन कुछ जगहों पर निर्दलीय प्रत्याशी भाजपा और कांग्रेस के जीत के समीकरण बिगाड़ सकते हैं। चुनाव प्रचार कल शाम को थम गया था। इसके बाद अब प्रत्याशी घर-घर जाकर प्रचार कर रहे हैं और आखिरी समय तक मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश में जुटे हैं। यदि किसी मतदाता के पास पहचान पत्र नहीं है, तो वह अन्य मान्य पहचान पत्र दिखाकर वोट डाल सकता है।
नई दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पीजी हॉस्टल की पांच मंजिला इमारत गिरने के हादसे के बाद राजधानी लखनऊ में एलडीए की नींद टूटी है।
हरियाणा के फतेहाबाद के साथ लगते गांव हिजरावां कलां में गांव के इकलौते जिंदा 101 के स्वतंत्रता सेनानी नादर सिंह पेंशन बनवाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। नादर सिंह का दावा है कि उनकी आज तक पेंशन नहीं बनी है। हिसार में आज डीसी कार्यालय पहुंचकर नादर सिंह ने पेंशन बनवाने की मांग की। नादर सिंह का कहना है कि फतेहाबाद में कई सालों से प्रयास कर रहे हैं और अब वह हिसार आकर पेंशन बनवाने की गुहार लगा रहे हैं। बता दें कि पहले हिसार में ही फतेहाबाद जिला शामिल था। नादर सिंह को उम्मीद है कि हिसार प्रशासन उनकी मदद करेगा। बेटे स्वरूप सिंह ने बताया कि उनके पिता ने आजाद हिंद फौज में लड़ाई लड़ी है, वह पाकिस्तान से हिंदुस्तान आए थे। इसके बाद उनके रिश्तेदार उनको अलवर ले गए, मगर वहां टेंट में आग लगने से उनके सारे दस्तावेज जल गए। इसके बाद से आज तक वह खुद को स्वतंत्रता सेनानी साबित करने और पेंशन बनवाने के लिए ठोकरें खा रहे हैं। स्मारक तक खुद चलकर पहुंचे थे नादर सिंह बता दें कि करीब तीन साल पहले फतेहाबाद प्रशासन ने नादर सिंह को मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद स्वतंत्रता सेनानी नादर सिंह अपने आप को जिंदा साबित करने की जद्दोजहद में लगे रहे। हालांकि उनको जिंदा मान लिया गया मगर प्रशासन की गलती से काफी परेशान हो चुके हैं। स्वतंत्रता दिवस पर गांव में एक स्मारक स्थापित किया गया था। जहां पर लगाए गए पत्थर पर स्वतंत्रता सेनानी नादर सिंह के नाम के आगे स्वर्गीय लिख दिया गया। नादर सिंह 101 वर्ष से भी ज्यादा उम्र के हैं और सही सलामत हैं। स्मारक के पास अपने स्वतंत्रता सेनानी होने का सबूत लेकर खड़े नादर सिंह ने खुद चलकर दिखाया था कि वह अभी जिंदा हैं। प्रशासनिक स्कीम के तहत लगवाया गया स्मारक बल्कि शोक जताने आने वाले लोगों को भी शर्मिंदगी महसूस होती है। उन्होंने बताया कि उनके पिता का अपमान किया गया है। वहीं सरपंच प्रतिनिधि करण सिंह का कहना था कि गांव में यह स्मारक पंचायत द्वारा नहीं बल्कि प्रशासनिक स्कीम के तहत लगवाया गया था। उनसे स्वतंत्रता सेनानी बारे पूछा गया तो उन्होंने नाम बता दिया था, लेकिन जब बोर्ड बनकर आया तो वहां स्वर्गीय लिखा आया। जो बाद में नादर सिंह के परिवार द्वारा ध्यान दिलाया गया तो स्वर्गीय शब्द को हटवा दिया गया है।
रोहतक में भाजपा पार्षदों ने वार्ड में विकास कार्य न होने व अधिकारियों पर मनमानी करने के आरोप लगाते हुए निगम कमिश्नर कार्यालय के बाहर धरना शुरू किया। पार्षदों ने कहा कि अधिकारी मेयर को भी गुमराह कर रहे है। आज सांकेतिक रूप से धरना दिया है। अगर अधिकारी नहीं माने तो अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे। वार्ड 7 से भाजपा पार्षद कपिल नागपाल ने कहा कि 1 साल 6 महीने से काम लिख कर देने के बाद भी अधिकारी काम नहीं करवा रहे। मार्च में फाइनेंस कमेटी की मीटिंग में 325 करोड़ का बजट पास हुआ था, लेकिन उस बजट का हिसाब नहीं दे रहे। विकास कार्य नहीं हो रहे, तो पैसा कहां गया। अधिकारी सरकार की छवि को भी खराब कर रहे है। सुविधाओं के लिए काटने पड़ रहे चक्कर पार्षद कपिल नागपाल ने कहा कि वार्ड में कोई भी विकास कार्य सही तरीके से नहीं हो रहा है, जिससे क्षेत्र के लोग खासे परेशान हैं। मूलभूत सुविधाओं के अभाव में लोग रोजाना उनके घर के चक्कर काटने को मजबूर हैं। निगम के अधिकारी मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं और सरकार की छवि को धूमिल करने में लगे हैं। पार्षदों से बिना पूछे लगा दिए टेंडर पार्षद कपिल नागपाल ने कहा कि अधिकारियों ने बिना पार्षदों से पूछे 9-9 करोड़ रुपए के 3 टेंडर लगाए है, जिसमें दो नालों की साफ सफाई व एक पार्कों के सौंदर्यीकरण का है। लेकिन इसके बारे में पार्षदों को पता ही नहीं है। 22 वार्डों में 166 पार्क है, टेंडर वार्ड के हिसाब से लगाने चाहिए, लेकिन अधिकारी पार्षदों की अनदेखी कर रहे है। निगम अधिकारियों पर कामचोरी के आरोप पार्षद कपिल नागपाल ने कहा कि नगर निगम अधिकारी फील्ड में नहीं जाते, बल्कि कामचोरी कर रहे है। पार्षदों से विकास कार्य के लिए लिस्ट क्यों नहीं मांगी जाती। मेयर को भी अधिकारी गुमराह कर रहे है। उन्होंने मेयर से बात की और मेयर का पार्षदों को पूरा समर्थन है। 12 मांगों को लेकर धरने पर बैठे पार्षद नगर निगम कार्यालय में भाजपा के पार्षद 12 मांगों को लेकर धरने पर बैठे, जिनमें नालों का निर्माण व सफाई, सड़क व गलियों का निर्माण, चौक का सौंदर्यीकरण, फायर स्टेशन की व्यवस्था, अधूरे शौचालय का काम, धानक समाज धर्मशाला, सदानंद लाइब्रेरी, पार्क का जीर्णोद्धार व नेम-प्लेट, तंग गलियों का पुननिर्माण, टेंडर प्रक्रिया, सड़क मरम्मत, जिटियों का नवनिर्माण करना शामिल है।
एसईसीएल की जनसुनवाई विरोध के कारण पहले स्थगित हो गई थी। अब इसकी नई तिथि 25 सितंबर तय कर दी गई है। इस घोषणा के बाद प्रभावित भू-स्थापित इलाके में हड़कंप मच गया है।
कटनी जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र में गुरुवार को सड़क हादसे में बाइक सवार शख्स की मौत हो गई। विलायत कला-स्लीमनाबाद मार्ग पर भुड़सा गांव के पास तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। भुड़सा गांव निवासी खगेंद्र पाठक (55) बाइक से स्लीमनाबाद मार्ग की ओर जा रहे थे। इसी दौरान ढीमरखेड़ा की तरफ से विलायत कला की ओर जा रहे ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद खगेंद्र सड़क पर गिर गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा हादसे के बाद सड़क पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने बड़वारा थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बड़वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। ट्रक समेत चालक फरार थाना प्रभारी सुयेश पांडे ने बताया कि मामले में मर्ग दर्ज कर जांच की जा रही है। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी चालक और ट्रक की तलाश के लिए टीमें भेजी हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
लखीमपुर जिले का रहने वाला है आरोपी, फार्म हाउस में किया दुष्कर्म, पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में गुरुवार को पुलिस कस्डटी में 30 साल के युवक की मौत हो गई। परिजनों ने मारपीट का आरोप लगाते हुए थाने का घेराव कर दिया है, जबकि पुलिस का कहना है कि उसे मिर्गी का दौरा पड़ा था और उसकी अस्पताल में जान गई है। घटना चांपा थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, युवक का नाम शिव सहिस है, जो कि मेहंदीपारा का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि चांपा थाने के एक ट्रेनी सब इंस्पेक्टर और दो आरक्षकों ने शिव को बुधवार दोपहर उसके घर से पकड़ा था। उस पर 20 लीटर देशी शराब रखने का आरोप था। देखिए तस्वीरें… जिला अस्पताल में युवक की मौत दरअसल, चांपा थाना पुलिस ने बुधवार को शिव सहिस को हिरासत में लिया था। बताया जा रहा है कि रात करीब 10 बजे थाने में उसकी तबीयत बिगड़ गई। ऐसे में उसे पहले बीडीएम अस्पताल भेजा गया। वहां इलाज के बाद गुरुवार सुबह 6 बजे जांजगीर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस बोली- मिर्गी का दौरा पड़ा घटना की जानकारी मिलते ही आक्रोशित परिजन और बड़ी संख्या में लोग चांपा थाने का घेराव कर दिया है। परिजनों ने पुलिस पर शिव के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि युवक को मिर्गी का दौरा पड़ा था। पोस्टमार्टम के बाद मौत की वजह होगी स्पष्ट फिलहाल घटना के कारणों और युवक की मौत की परिस्थितियों को लेकर आधिकारिक पुष्टि और जानकारी का इंतजार है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जांजगीर जिला अस्पताल के मर्चुरी में रखा गया है। वहीं, स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। ………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… कस्टडी में मौत पर CBI ने हत्या की FIR की: सिर में चोट से मौत, SC ने जांच रिपोर्ट मांगी; रिश्तेदार बोले- 36 घंटे पीटा छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में जनवरी 2024 में श्रवण सूर्यवंशी उर्फ सरवन तामरे की हिरासत में हुई मौत के मामले में अब CBI ने हत्या की FIR दर्ज की है। सुप्रीम कोर्ट के 12 अगस्त 2026 के आदेश के बाद CBI ने यह कार्रवाई की है। CBI ने 30 जुलाई 2026 को सिविल लाइंस थाने में दर्ज FIR नंबर 1036 को अपनी जांच का मुख्य FIR माना है। पढ़ें पूरी खबर…
हलाला के बाद पूर्व पति से दोबारा शादी से इनकार पर झारखंड HC का बड़ा फैसला, कही यह बात
मुस्लिम व्यक्तिगत कानून से जुड़े संदर्भों में 'हलाला' शब्द उस स्थिति के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जब तलाक के बाद पूर्व पति-पत्नी के दोबारा विवाह की संभावना के संदर्भ में महिला का किसी अन्य पुरुष से विवाह और उसके बाद उस विवाह के समाप्त होने जैसी शर्तों की चर्चा होती है।
उदयपुर नगर निगम, कानोड़ और मावली नगर पालिका में 11 सितंबर को दूसरे चरण का मतदान होगा। इसको लेकर गुरुवार को 500 मतदान दलों को अंतिम ट्रेनिंग देकर रवाना किया गया। टाउनहॉल स्थित नगर निगम परिसर से 413 मतदान दलों ने चुनाव सामग्री और आवश्यक निर्देशों के साथ अपने-अपने मतदान केंद्रों की ओर प्रस्थान किया। नगर निगम उदयपुर के मतदान दलों को सुखाड़िया रंगमंच सभागार में ट्रेनिंग दी गई। वहीं, मावली और कानोड़ के मतदान दलों की ट्रेनिंग दीनदयाल उपाध्याय सभागार में हुई। जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव अग्रवाल ने मतदान कर्मियों को वश्यक दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। ट्रेनिंग के दौरान मतदान प्रक्रिया, ईवीएम संचालन और मतदान के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी गई। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उदयपुर नगर निगम क्षेत्र के मतदान दलों ने राजस्थान कृषि महाविद्यालय से चुनाव सामग्री प्राप्त की। अपने-अपने मतदान केंद्रों के लिए रवाना हुए। मावली और कानोड़ के मतदान दलों को संबंधित नगरपालिका मुख्यालय स्थित वितरण एवं संग्रहण केंद्रों से चुनाव सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। उदयपुर जिले में दूसरे चरण के तहत उदयपुर नगर निगम के साथ मावली और कानोड़ नगरपालिका में शुक्रवार को मतदान होगा। मतदान के लिए 10 प्रतिशत आरक्षित दलों सहित करीब 500 मतदान दल रवाना किए गए हैं। प्रत्येक मतदान दल में चार कार्मिक शामिल हैं। नीचे हर अपडेट पढ़े लाइव ब्लॉग में….
मदन राठौड़ का कांग्रेस पर गंभीर आरोप, टिकट बंटवारे को लेकर साधा निशाना
मदन राठौड़ का कांग्रेस पर गंभीर आरोप, टिकट बंटवारे को लेकर साधा निशाना
रीवा-सीधी मार्ग पर गुढ़ थाना क्षेत्र के गुढ़वा पेट्रोल पंप के पास बीती रात तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने सड़क पर बैठे 6 से 7 गोवंश को रौंद दिया। हादसे में 5 गोवंश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य घायल हुए हैं। घटना के बाद हिंदू संगठनों और गौ सेवकों ने नाराजगी जताते हुए सड़क पर चक्काजाम कर दिया। सड़क पर बैठकर किया कीर्तन हादसे की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों और गौ सेवा से जुड़े कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। लोगों ने सड़क पर बैठकर कीर्तन शुरू कर दिया। चक्काजाम के कारण रीवा-सीधी मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। लोगों ने हादसे में मारे गए गोवंश को लेकर नाराजगी जताई और सड़क पर घायल पड़े गोवंश के इलाज की व्यवस्था कराने की मांग की। एक दिन पहले भी हुआ था हादसा इससे एक दिन पहले भी रीवा-सीधी मार्ग पर कसई स्टैंड के पास करीब 12 गोवंश अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए थे। लगातार दो दिन हुए हादसों के बाद गौ सेवकों में नाराजगी है। गोसेवक राधा मोहन ने बताया कि लगातार दो दिन में बड़ी संख्या में गोवंश सड़क हादसों का शिकार हुए हैं। उन्होंने कहा कि सड़क पर घूम रहे गोवंश को सुरक्षित तरीके से गौशालाओं तक पहुंचाने की व्यवस्था की जानी चाहिए। वाहन की पहचान और कार्रवाई की मांग हिंदू संगठनों और गौ सेवा से जुड़े कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से सड़क पर घूम रहे गोवंश को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, घायल गोवंश का इलाज कराने और हादसे के जिम्मेदार वाहन की पहचान कर कार्रवाई करने की मांग की। मांगों को लेकर लोगों ने कुछ समय तक चक्काजाम किया। पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बाद स्थिति सामान्य होने की जानकारी है।
छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल की नवंबर 2026 सत्र की हाईस्कूल (10वीं) और हायर सेकेंडरी (12वीं) परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया जारी है। परीक्षार्थी 10 अक्टूबर 2026 तक सामान्य शुल्क के साथ प्रवेश एवं परीक्षा आवेदन फॉर्म जमा कर सकेंगे। तय समय में आवेदन नहीं कर पाने वाले छात्र-छात्राओं को भी फॉर्म भरने का मौका दिया गया है। ऐसे परीक्षार्थी 13 से 17 अक्टूबर 2026 तक 500 रुपए विलंब शुल्क के साथ अपना आवेदन जमा कर सकेंगे। अध्ययन केंद्र से ले सकते हैं जानकारी परीक्षा और प्रवेश से जुड़ी जानकारी के लिए छात्र अपने नजदीकी मान्यता प्राप्त अध्ययन केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। अध्ययन केंद्र से आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और परीक्षा से जुड़ी अन्य जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है। वेबसाइट से डाउनलोड होगा आवेदन फॉर्म परीक्षा आवेदन फॉर्म छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकते हैं। फॉर्म को पूरी तरह भरने के बाद जरूरी दस्तावेजों के साथ संबंधित अध्ययन केंद्र में जमा करना होगा।
सरगुजा में पटवारी कार्यालय में घुसकर पटवारी से मारपीट करने वाले भाजपा नेता को जिला दंडाधिकारी ने एक वर्ष के लिए जिला बदर कर दिया है। उसे एक वर्ष तक सरगुजा सहित 6 जिलों की सीमा में रहने पर प्रतिबंधित किया गया है। आरोपी आदतन बदमाश बताया गया है। जानकारी के मुताबिक, सरगुजा एसपी ने आदतन बदमाश जितेन्द्र कुजूर उर्फ मोनू कुजूर निवासी ग्राम सोहगा, दरिमा के विरुद्ध राज्य सुरक्षा अधिनियम 1980 की धारा 5 (क) (ख) के तहत जिला बदर की कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन जिला दंडाधिकारी अजीत वसंत की अदालत में पेश किया था। एक वर्ष तक छह जिलों में प्रवेश प्रतिबंधित एसपी प्रतिवेदन के आधार पर जितेन्द्र कुजूर को कारण बताओ नोटिस जारी कर उसे विधिवत सुनवाई का अवसर दिया गया। अभियोजन एवं रिपोर्टकर्ता साक्ष्य के आधार पर जिला दंडाधिकारी, सरगुजा ने राज्य सुरक्षा अधिनियम 1980 की धारा 5 के तहत जिला बदर की कार्रवाई की गई है। आदेश के अनुसार जितेन्द्र कुजूर उर्फ मोनू कुजूर को 10 सितम्बर 2026 से एक वर्ष की अवधि के लिए सरगुजा, जशपुर, रायगढ़, कोरबा, बलरामपुर तथा सूरजपुर जिले की सीमा से निष्कासित (जिला बदर) किया गया है। पटवारी कार्यालय में घुसकर की थी मारपीट आरोपी जितेंद्र कुजूर पूर्व में दरिमा भाजपा मंडल के एसटी मोर्चा का मंडल अध्यक्ष था। उसने 22 अप्रैल 2026 को कंठी पटवारी कार्यालय में घुसकर पटवारी प्रकाश मंडल से आरआई अनिता राजवाड़े के संबंध में पूछताछ की। पटवारी ने कहा कि, आरआई लंच के लिए गई हैं। जितेंद्र कुजूर ने पटवारी से उन्हें फोन लगाने के लिए कहा। प्रकाश मंडल ने कहा कि, दीवार में उनका नंबर लिखा है, आप खुद लगा लें। वे फोन नहीं उठाती हैं तो मैं बात करा दूंगा। पटवारी के जवाब से भड़के जितेंद्र कुजूर ने पटवारी की पिटाई शुरू कर दी। बीच-बचाव में आए ऑपरेटर को भी उसने पीट दिया बचने के लिए पटवारी बाहर निकले तो बाहर जितेंद्र कुजूर ने पटवारी को लात मारी और डंडे से भी पीटा था। भागकर पटवारी अपने कमरे में पहुंचे और अंदर का दरवाजा बंद कर खुद को बचाया था। मामले में दरिमा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी जितेंद्र कुजूर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। जितेंद्र कुजूर आदतन बदमाश बताया गया है। सोशल मीडिया पर दबंगई, राजनेताओं के साथ फोटो जितेंद्र कुजूर फिटनेस ट्रेनर भी है। सोशल मीडिया पर उसने दबंगई के कई वीडियो भी पोस्ट किया है। एक ऐसे ही वीडियो में वह पिस्टल और बंदूक के साथ दिख रहा है। उसने भाजपा विधायक प्रबोध मिंज, सांसद चिंतामणि महाराज, महापौर मंजूषा भगत के साथ भी अपने वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए हैं।आरोपी जितेंद्र कुजूर दरिमा भाजपा मंडल एसटी मोर्चा का मंडल अध्यक्ष था। कार्रवाई के बाद से अब तक सरगुजा भाजपा ने उसे पद से हटाने का कोई बयान या लेटर सार्वजनिक नहीं किया है। संबंधित खबर… बीजेपी नेता ने पटवारी-ऑपरेटर को लात-डंडे से पीटा, VIDEO:ऑफिस में घुसकर मारपीट, RI का नंबर मांगने पर विवाद, पटवारी संघ बोला- जुलूस निकाला जाए छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भाजपा नेता ने आरआई के मोबाइल नंबर मांगने को लेकर पटवारी की लात-घूंसे से जमकर पिटाई कर दी। ऑपरेटर को भी पीट दिया। मारपीट का वीडियो सीसीटीवी में कैद हो गया। अब सरगुजा कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद देर रात कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भाजपा नेता को गिरफ्तार कर लिया है। यहां पढ़ें पूरी खबर...
76.04% मतदान ने बढ़ाई सियासी हलचल, 20 हजार से ज्यादा प्रत्याशियों के नतीजों का इंतजार
76.04% मतदान ने बढ़ाई सियासी हलचल, 20 हजार से ज्यादा प्रत्याशियों के नतीजों का इंतजार
लुधियाना के पीएयू थाना इलाके के ऋषि नगर ए ब्लॉक में देर रात एक संदिग्ध युवक ने घर में घुसकर चोरी करने की कोशिश की। परिजनों ने पड़ोसियों की मदद से उसे पकड़ लिया। इसके बाद युवक को पुलिस के हवाले कर दिया गया। युवक के घर में घुसने की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है। इसमें वह पीले रंग की टी-शर्ट पहने दिख रहा है। जानकारी के अनुसार, देर रात संदिग्ध युवक ऋषिनगर में रहने वाली रिधिमा नामक महिला के घर में घुस गया। युवक ने दरवाजे को जबरदस्ती तोड़ने की कोशिश की। घर में मौजूद लोगों को जब इसका पता चला तो उन्होंने शोर मचाया। शोर सुनकर पड़ोसी भी मौके पहुंच गए। परिजनों और पड़ोसियों ने मिलकर आरोपी युवक को पकड़ लिया। मौके पर पहुंची पुलिस, युवक को हिरासत में लिया इसके बाद पीसीआर 112 पर घटना की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर थाने ले गई। घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में यह पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है। इसमें युवक के घर में दाखिल होने और दरवाजा तोड़ने की कोशिश करते हुए दिख रहा है। इस मामले की जानकारी देते हुए जांच अधिकारी एएसआई दमनप्रीत सिंह ने बताया कि पुलिस पकड़े गए युवक की जांच कर रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे एक्शन लिया जाएगा।
कैमूर में लटकते करंट प्रवाहित तार की चपेट में आया किसान, इलाज से पहले हुई मौत
10 सितंबर, गुरुवार: कैमूर के चांद थाना क्षेत्र के खरांटी खुर्द गांव में करंट की चपेट में आने से 45 वर्षीय किसान सुरेंद्र यादव की मौत हो गई। वह मवेशियों के लिए घास लेकर घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में लटक रहे करंट प्रवाहित तार के संपर्क में आ गए।
पूर्णिया के मरंगा थाना क्षेत्र में वीवीआईटी मोड़ के पास एक सड़क हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में उनके साथ बाइक पर सवार एक और व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा तब हुआ जब दोनों संबंधी मरंगा हाईवे से गुजर रहे थे। एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी मोटरसाइकिल को रौंद दिया। घटना के बाद ट्रक ड्राइवर अपनी गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गया। मृतक की पहचान मंजूर के रूप में हुई है, जबकि घायल व्यक्ति का नाम रईसुद्दीन है। दोनों अररिया जिले के महलगांव थाना क्षेत्र के कलकली गांव के रहने वाले हैं। वे अपने बेटे से मिलने अररिया से आ रहे थे। घायल के बेटे से मिलने जमात जा रहे थे दोनों घटना के सम्बन्ध में मृतक के परिजन मोहम्मद दानिश ने बताया कि मृतक मो. मंजूर अपने रिश्तेदार मो. रईसुद्दीन के साथ मोटरसाइकिल से मरंगा में आयोजित एक जमात में रईसुद्दीन के बेटे से मिलने जा रहे थे। साथ ही उनके बाइक पर खाने पीने के सामान से भरा एक बोरा भी बंधा हुआ था। जैसे ही उनकी बाइक वीवीआईटी मोड़ के पास पहुंची, तभी पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रक ने उन्हें रौंद दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि मो. मंजूर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, वहीं मो. रईसुद्दीन गंभीर रूप से घायल हो गए। पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव, घायल का इलाज जारी इधर सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही मरंगा थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से घायल मो. रईसुद्दीन को तत्काल इलाज के लिए पूर्णिया मेडिकल कॉलेज भेजा। वहीं, मृतक मो. मंजूर के शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए पोस्टमार्टम के लिए पूर्णिया मेडिकल कॉलेज भेज दिया। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस घटना के संबंध में जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी ने बताया कि मृतक की पहचान कर ली गई है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा चुका है। घटना को अंजाम देकर फरार हुए अज्ञात ट्रक और उसके चालक की तलाश की जा रही है। इसके लिए घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपी चालक की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जा सके। घटना की खबर मिलते ही मृतक के परिजन पूर्णिया मेडिकल कॉलेज पहुंचे। मृतक और घायल के परिजन एमडी दानिश ने बताया कि मृतक मो. मंजूर और घायल मो. रईसुद्दीन आपस में रिश्तेदार हैं। दोनों अररिया जिले के महलगांव थाना क्षेत्र स्थित कलकली गांव के रहने वाले थे। उन्होंने बताया कि गुरुवार की सुबह दोनों बाइक से अररिया के कलकली से मरंगा के लिए निकले थे। दरअसल, घायल रईसुद्दीन का बेटा मरंगा में आयोजित एक जमात में शामिल होने गया था और दोनों उसे कुछ जरूरी सामान देने जा रहे थे। रास्ते में जैसे ही उनकी बाइक मरंगा थाना क्षेत्र के वीवीआईटी मोड़ के पास पहुंची, तभी पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी और ये हादसा हो गया।
मायावती भतीजे आकाश आनंद पर भड़कीं, फिर पार्टी से निकाला: कहा- आकाश को पार्टी से ज्यादा ससुर प्रिय
आकाश आनंद को मायावती ने पिछले तीन वर्षों में दूसरी बार पार्टी से बाहर किया है। इससे ठीक एक सप्ताह पहले उन्हें बसपा के राष्ट्रीय संयोजक जैसे अहम पद से हटा दिया गया था। उस समय मायावती ने कहा था कि आकाश को राजनीतिक तौर पर अभी और परिपक्व होने की जरूरत है।
मरीन ड्राइव पर रामविलास पासवान की प्रतिमा लगवाने सम्राट चौधरी के पास पहुंचे अरुण भारती
पटना के मरीन ड्राइव गोलंबर का नाम रामविलास पासवान के नाम पर रखने की मांग उठी है। अपनी मांग को लेकर एलजेपी (रामविलास) पार्टी के नेताओं ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात भी की है।
बालाघाट के वारासिवनी थाना क्षेत्र में रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 के पास गुरुवार को झाड़ियों में एक अज्ञात युवती का शव मिला। शव मिलने की सूचना पर मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। अभी तक युवती की पहचान नहीं हो सकी है। युवती के शव के पास एक बैग भी रखा मिला। उसके मुंह से सफेद झाग निकल रहा था। प्रारंभिक तौर पर जहरीली चीज खाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि युवती की मौत आत्महत्या से हुई या यह हत्या का मामला है, इसकी पुष्टि पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी। शौच के लिए गए लोगों ने देखा शव स्टेशन के पास रहने वाले कुछ लोग खाली जमीन पर शौच के लिए गए थे। इसी दौरान उन्होंने झाड़ियों में युवती का शव देखा। उन्होंने तुरंत रेलवे स्टेशन के अधिकारियों को सूचना दी। अधिकारियों ने वारासिवनी पुलिस को जानकारी दी। पुलिस और एफएसएल टीम ने की जांच सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अनूप कुमार उईके टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद लोगों से पूछताछ की और वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी। बालाघाट से पहुंची एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पोस्टमार्टम के बाद सामने आएगी स्थिति पुलिस ने शव को झाड़ियों से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा है। युवती के पास मिले बैग को भी बरामद किया गया है। पुलिस उसकी पहचान कराने का प्रयास कर रही है। पहचान होने के बाद परिजनों को सूचना दी जाएगी और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बहराइच के खैरीघाट थाना क्षेत्र के अरनवा गांव के खालेपुरवा मजरे में बुधवार-गुरुवार की रात 22 वर्षीय विवाहिता ने फंदे से लटककर जान दे दी। गुरुवार सुबह परिजनों की नजर टीन शेड के कमरे में दुपट्टे से लटके शव पर पड़ी तो घर में चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। मृतका की पहचान सोनेलाल गौतम की पत्नी सुशीला के रूप में हुई है। सूचना पर वैवाही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम की मदद से जरूरी साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों के अनुसार, गुरुवार सुबह सुशीला कमरे में नहीं मिली तो उसकी तलाश की गई। इसी दौरान टीन शेड के कमरे में उसका शव दुपट्टे के सहारे लटका दिखाई दिया। परिवार के लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के ग्रामीण भी वहां एकत्र हो गए। करीब तीन साल पहले हुई थी शादी सुशीला की शादी करीब तीन वर्ष पहले हुई थी। वह अरनवा ग्राम पंचायत के खालेपुरवा यानी भंडारीपुरवा की रहने वाली थी। अचानक हुई मौत से उसके परिवार और ससुराल पक्ष के लोगों में शोक का माहौल है। घटना की जानकारी मिलते ही खैरीघाट पुलिस की वैवाही चौकी टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल की स्थिति का निरीक्षण किया और फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। टीम ने मौके से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए, ताकि घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा मौत का कारण पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि महिला ने घर में दुपट्टे के सहारे लटककर जान दी है। मौत की वास्तविक वजह और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद होगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

