बाड़मेर में गणगौर पूजने की परंपरा सदियों पुरानी है। रिसायतकाल में बाड़मेर के राज परिवार की ओर से गणगौर की सवारी शाही ठाठ-बाट के साथ निकाली जाती थी। आज भी पुरानी परंपराओं का निर्वहन करते हुए, दरबार से ईसर-गणगौर की प्रतिमाएं गाजे-बाजे के साथ बाहर आती हैं, लेकिन सवारी 50 साल से बंद है। 1980 के दशक तक गणगौर की सवारी निकाल बावड़ी चौक तक लाते थे। अब गणगौर की सवारी नहीं निकलती है, लेकिन 300 साल पुरानी गवर-ईसर की प्रतिमा राज दरबार में मौजूद है। महिलाओं की आस्था का पर्व हैं गणगौर रावत त्रिभुवन सिंह बताते है कि गणगौर की पूजा शिव-पार्वती के रूप में की जाती है। शादीशुदा महिलाएं सुहाग को सुरक्षित रखने और बालिकाएं अच्छ वर के लिए पूजती है। 1980 के दशक तक गढ़ बाड़मेर से गणगौर की सवारी निकलती थी, लेकिन रावत उम्मेदसिंह के बुजुर्ग होने के साथ ही धीरे-धीरे गणगौर की सवारी निकालने की परंपरा बंद हो गई। अब दरबार से बाहर तक ही गणगौर को सजाकर निकाला जाता है। पुराने जमाने में गणगौर का मेला पूरे बाड़मेर जिले के लिए सबसे बड़ा सामाजिक मिलन का केंद्र होता था।
वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज कैंपस में बीएससी छात्र की हत्या करने वाला मंजीत सिंह चौहान सोशल मीडिया पर 1818 गैंग चलाता है। वह अपने नाम के साथ माफिया लिखता है। मंजीत बिगड़ैल युवाओं की गैंग का लीडर है। इसमें शामिल सभी युवा बाइकर्स हैं। मंजीत ने कॉलेज में वर्चस्व के लिए शुक्रवार को बीएससी में पढ़ने वाले छात्र सूर्य प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। मंजीत वाराणसी का ही रहने वाला है, जबकि सूर्य प्रताप गाजीपुर का था। वह कॉलेज के हॉस्टल में रहता था। मंजीत जहां क्रिमिनल माइंड का था, वहीं सूर्य पढ़ने में होशियार। तीन महीने से दोनों के बीच झगड़ा चल रहा था। शुक्रवार को प्रिंसिफल ने दोनों को अपनी ऑफिस में बुलाया था। वहां भी दोनों में बहस हो गई। इस दौरान सूर्य प्रताप ने देख लेने की बात कह दी। यह धमकी मंजीत को नागवार गुजरी। पुलिस ने शुक्रवार देर रात हत्यारोपी मंजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उसका एक पैर टूट गया है। थाना शिवपुर में उसे लाकर पूछताछ की गई। सूर्य के पिता ने कहा- मेरा पूरा घर खत्म हो गया है, घर का आखिरी चिराग चला गया। तब तक आरोपी का एनकाउंटर नहीं होगा, तब तक बेटे का अतिंम संस्कार नहीं करेंगे। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पहले देखिए 4 तस्वीरें देखिए… पहले जानिए क्राइम सीन और बाद का घटनाक्रम…सुबह के 11 बज रहे थे। छात्र अपनी-अपनी क्लास में पढ़ाई कर रहे थे। तभी कॉलेज परिसर में बीएससी छात्र सूर्य प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बीए सेकेंड ईयर के छात्र मंजीत सिंह चौहान ने प्रिसिंपल और छात्रों के सामने फिल्मी स्टाइल में गोली मारी। एक छात्र ने लाइव वारदात का वीडियो रिकॉर्ड किया। जिसमें देख सकते हैं कि सूर्य प्रताप सिंह क्लासरूम के बाहर फर्श पर पड़ा है। मंजीत उसके सीने पर चढ़कर गोली मार रहा है। हत्या के बाद आरोपी पिस्टल कूड़े के ढेर में फेंककर फरार हो गया। इसके बाद सभी के सामने एक सवाल था- मंजीत ने सूर्य को क्यों मार डाला? बताया गया कि हॉस्टल में सूर्य सीनियर छात्रों को बुलाता था। जूनियर छात्रों की रैगिंग करता था। मंजीत ने इसकी शिकायत प्रिंसिपल से की थी। प्रिंसिपल ने दोनों को तलब किया था। शुक्रवार को मंजीत और सूर्य के बीच प्रिंसिपल से मिलने के बाद विवाद हुआ। जिसमें मंजीत ने अपनी शर्ट की बांहें चढ़ा लीं, इस पर सूर्य ने गाली-गलौज करते हुए मंजीत का कॉलर पकड़ लिया। उस वक्त दोस्तों ने बीच-बचाव करा दिया। मंजीत अपने घर चला गया। वहां से एक साथी के साथ वह पिस्टल लेकर कॉलेज आया। अपनी पल्सर गाड़ी कॉलेज के बाहर गेट के पास खड़ी कर दी। फिर कला संकाय के बरामदे में सूर्य को देखते ही उस पर फायरिंग कर दी। वह गिर पड़ा, फिर भी उस पर पिस्टल से गोली चलाता रहा। 12 फीट ऊंचाई से कूदने पर टूटा मंजीत का पैरहत्या के बाद मंजीत को लगा कि गेट से भागने पर उसे पकड़ लिया जाएगा, इससे बचने के लिए वह छत से कूद गया। करीब 12 फिट ऊंचाई से कूदने पर उसका एक पैर टूट गया। उसकी बाइक गेट पर खड़ी थी, लेकिन खुद को घिरता देखकर वह टूटे पैर से ही आगे एयरपोर्ट रोड की ओर भागा। एक ई-रिक्शा से लिफ्ट लेकर गिलट बाजार चौराहे पहुंचा और फिर फोन बंद कर लिया। इसके बाद सूनसान जगह पर पहुंचकर इलाज कराने का प्रयास किया। पैर टूटने के बाद वह शहर के बाहर भाग नहीं सकता था। उधर, परिजनों पर पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी कराने का दबाव बनाया। वारदात के बाद गुस्साए छात्रों ने कॉलेज परिसर में हंगामा कर दिया। कैंपस के अंदर कुर्सियां तोड़ दीं। करीब 4 घंटे बाद पुलिस ने कॉलेज का गेट खुलवाया। घेरा बनाकर कॉलेज के छात्रों और शिक्षकों को बाहर निकाला गया। छात्रों के पथराव में तीन प्रोफेसर घायल हो गए। पुलिस ने लाठी फटकार कर प्रदर्शनकारी छात्रों को भगाया। इधर, मां-पिता अपने इकलौते बेटे की लाश देखकर बेहोश हो गई। पिता शव देखकर जमीन पर बैठ गएदेर रात सूर्य प्रताप सिंह के पिता ऋषि देव सिंह लखनऊ से वाराणसी पहुंचे। बीएचयू पोस्टमॉर्टम हाउस में गांव के लोगों ने कहा- एक बार आप अपने लड़के का अंतिम दर्शन कर लीजिए, लेकिन पिता हिम्मत नहीं जुटा सके। वह जमीन पर ही बैठ गए। पिता ने कहा- अब तो पूरा घर खत्म हो गया है, घर का आखिरी चिराग था, वह अब नहीं रहा। वहां मौजूद लोगों ने पिता को बेटे का अंतिम दर्शन कराया। पिता ने कहा- एनकाउंटर होगा तभी करेंगे दाह संस्कारपिता ऋषि देव सिंह ने कहा - पुलिस उस लड़के का एनकाउंटर करे, तभी हम अपने लड़के का दाह संस्कार करेंगे। हमारे लड़के ने कल (गुरुवार) हमसे बात की थी, तब कोई दिक्कत नहीं थी। किसी से कोई झगड़ा नहीं था। उन्होंने कहा, प्रिंसिपल ने समझौता करने के लिए स्कूल में बुलाया था, ऐसा हमें पता चला है, लेकिन हमारे लड़के की हत्या हो जाएगी, यह कभी नहीं सोचा था। अब जानिए सूर्य प्रताप सिंह के बारे में… 21 साल का सूर्य प्रताप सिंह गाजीपुर जिले का रहने वाला था। 8वीं तक पढ़ाई उसने गाजीपुर से ही की। यूपी कॉलेज में वह 9वीं से पढ़ने आया था। तब से वह यहीं पढ़ाई कर रहा था। सूर्य प्रताप सिंह पढ़ने में बहुत होनहार था। यूपी कॉलेज से ही PCM से 12वीं की परीक्षा फर्स्ट डिवीजन से पास की थी। फिर यहीं BSC मैथ में एंट्रेंस परीक्षा पास कर एडमिशन लिया। साथी छात्रों ने बताया, सूर्य प्रताप सिंह बेहद मिलनसार था। वह खुद को पढ़ाई में व्यस्त रखता था। BSC के बाद वह यहीं से MSC मैथ्स से रिसर्च करना चाहता था। एकेडमिक में जाने का उसका सपना था। छात्र सूर्य प्रताप सिंह के पिता ऋषि देव सिंह के पिता लखनऊ में ट्रैवल एजेंसी के ड्राइवर हैं। उसकी मां किरण सिंह एक स्कूल में सहायिका के रूप में कार्यरत हैं। छात्र की दो बहनें हैं, एक की शादी हो चुकी है, जबकि दूसरी अविवाहित है। सूर्य प्रताप को 20 दिन पहले चेचक निकल आई थी, जिसके चलते वह कॉलेज नहीं आ रहा था। ठीक होने के बाद वह आज ही कॉलेज पहुंचा था। आरोपी मंजीत चौहान पर दर्ज है केसआरोपी छात्र मंजीत चौहान BA सेकेंड ईयर का छात्र है। मंजीत वाराणसी के ही चांदमारी का रहने वाला है। उस पर पहले भी शिवपुर थाने में 323 का मुकदमा दर्ज था, जबकि उसके साथी अनुज पर भी कई मुकदमे दर्ज हैं। बात-बात में मारपीट करने वाला मंजीत चौहान मनबढ़ प्रवृत्ति का है। सोशल मीडिया पर उसकी बैड बॉय की इमेज है। इंस्टाग्राम पर खुद को माफिया बताता है। मंजीत चौहान भोजूबीर, शिवपुर और बड़ा लालपुर जैसे लोकल थानों में भी चर्चित है। सोशल मीडियां पर 1818 गैंग चलाता है। उसने इंस्टाग्राम के बॉयो में लिखा है- आपका सम्मान तभी तक है, जब तक मेरे स्वाभिमान को ठेस न पहुंचे। जय मां भवानी। वरूणा जोन के डीसीपी प्रमोद कुमार ने बताया- सुबह यूपी कालेज में छात्र सूर्य प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या करने वाला आरोपी छात्र मंजीत चौहान पकड़ लिया गया है। उसका पैर टूट गया है। उसके साथी को तलाशा जा रहा है। आरोपी मंजीत से पूछताछ की जा रही। ------------------------------- ये खबर भी पढ़ें…. काशी के यूपी कॉलेज में BSC छात्र की हत्या, VIDEO:लाश देखने से पहले पिता बेसुध; बोले- आरोपी का एनकाउंटर हो, तभी अंतिम संस्कार करेंगे वाराणसी के यूपी कॉलेज परिसर में दिनदहाड़े बीएससी छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात का लाइव वीडियो सामने आया है, जिसमें छात्र क्लासरूम के बाहर फर्श पर पड़ा है। आरोपी छात्र उसके सीने पर चढ़कर गोली मार रहा है। हत्या के बाद आरोपी पिस्टल कूड़े के ढेर में फेंककर फरार हो गया। आरोपी भी इसी कॉलेज का छात्र है। पढ़ें पूरी खबर…
कमरिया करे लपालप…गाने से हिट हुए भोजपुरी सिंगर और एक्टर पवन सिंह कमर छूकर फंस गए हैं। हरियाणवी एक्ट्रेस अंजलि राघव ने कमर छूने के मामले में पवन सिंह के खिलाफ महिला आयोग को शिकायत भेजी है। VIDEO में देखिए पूरा विवाद…
निषाद पार्टी गोरखपुर से अपनी चुनावी रैली का शंखनाद करने जा रही है। इसके बाद 3 और मेगा रैलियां होंगी। पार्टी यूपी की 160 केवट-मल्लाह बहुल सीटों को साधना चाहती है। रैलियों में पार्टी 4 बड़ी मांगे उठाएगी। सबसे अहम केवट-मल्लाह को OBC से अनुसूचित जाति में शामिल करने का माहौल बनाएगी। निषाद पार्टी 4 रैलियों के जरिए क्या सियासी संदेश देना चाहती है? केवट-मल्लाह को OBC से SC में दर्ज कराना क्या आसान है? यूपी में निषाद कितने प्रभावी है? इस रिपोर्ट में पढ़िए… रैली वाले चारों स्थान क्यों अहम, ये जानिए गोरखपुर. निषाद पार्टी की स्थापना यहीं हुई। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद इसी जिले के रहने वाले हैं। निषाद पार्टी को पहली सियासी सफलता 2018 के उपलोकसभा चुनाव में गोरखपुर सीट से मिली थी। ये सीट योगी आदित्यनाथ के सीएम चुने जाने के बाद खाली हुई थी। प्रयागराज का श्रृंगवेरपुर : गंगा-यमुना का संगम है। यहीं पर भगवान राम और उनके सखा निषाद राज की भव्य मूर्ति लगी है। श्रृंगवेरपुर में सरकार ने 100 एकड़ में निषाद राज पार्क भी बनवा रखा है। गंगा-यमुना बेल्ट में केवट-मल्लाह की सबसे बड़ी आबादी रहती है। वाराणसी : पीएम नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है। यहां की रैली में उमड़ी भीड़ का राजनीतिक संदेश दूर तक जाएगा। वाराणसी और आसपास के जिलों में भी केवट-मल्लाह की बड़ी आबादी रहती है। मेरठ : दिल्ली एनसीआर से लेकर गंगा की इस बेल्ट में कश्यप समाज बड़ी संख्या में रहते हैं। मेरठ के पास ही हस्तिनापुर भी है। इस बेल्ट में ताकत दिखाकर निषाद पार्टी का विस्तार करने की मंशा रखती है। क्या है निषाद पार्टी की 4 बड़ी मांगें 1. निषाद को OBC की बजाए SC में शामिल कराना : पार्टी के गठन का आधार ही यही था। सपा के साथ गठबंधन के समय भी निषाद पार्टी इसी मांग के साथ जुड़ी थी। फिर भाजपा के साथ गठबंधन भी इसी शर्त पर हुआ था। बीच में निषाद पार्टी ने गठबंधन में रहते हुए नारा दिया था कि ‘आरक्षण नहीं, तो वोट नहीं’ और ‘मझवार आरक्षण लागू करो’। OBC से 9% आरक्षण कम करके इसे SC में जोड़ा जाए। कैबिनेट मंत्री संजय निषाद कहते हैं- यूपी में चारों रैली के जरिए मैं निषाद-केवट-मल्लाहों को बताना चाहता हूं कि आपका हक ऊंची जाति के लोग नहीं खा रहे हैं। बल्कि आपका हिस्सा लेदरमैन (दलित) और मिल्कमैन (यादव) खा रहे हैं। संजय निषाद आगे कहते हैं- रैली के जरिए हम अपने समाज को बताएंगे कि 22 मई से देश में जनगणना शुरू हो रही है। इस बार जातिगत जनगणना भी होगी। पहला काम ये करना है कि अपने परिवार का नाम OBC से खारिज कराकर जनगणना रजिस्टर में 12 नंबर बिंदु पर SC (मझवार) में दर्ज करवाना होगा। 2. ताल-घाट, बालू के ठेके पर मिले पहला हक : निषाद पार्टी के मुताबिक उनकी कौम अंग्रेजों से लड़ी थी। इसके चलते उनकी पुश्तैनी जमीनें छीन ली गई थीं। हमारा समाज नदी के किनारे रहता है। ऐसे में पहली प्राथमिकता पर बालू के ठेके भी मिलने चाहिए, सरकार चाहे तो रॉयल्टी ले ले। 3. जमीन पर मिले हक : संजय निषाद कहते हैं कि पहले गांव के ताल-घाट वर्ग-3 में दर्ज होते थे। इस पर मालिकाना हक निषाद समाज के लोगों का होता था। लेकिन 2007 में जब यूपी में बसपा सरकार बनी, तो ये मालिकाना हक छीन लिया गया। हमने कोर्ट से इस नियम को निरस्त कराया। मायावती के शासन में स्टे भी लिया था, जिसे हमने खारिज करा दिया है। 4. विमुक्ति जनजाति वाली मिले सुविधाएं : केवट-मल्लाह आदि जातियों को भारत सरकार ने विमुक्ति जनजाति घोषित कर रखा है। इन्हें 74 प्रकार की सुविधाएं देकर समाज के मुख्यधारा से जोड़ना था। लेकिन 2013 में सपा सरकार ने ये अधिकार भी छीन लिया। संजय निषाद कहते हैं- “सपा ने शिक्षा छीन ली। रोजी-रोटी बसपा ने छीन ली। जब तक ऐसे दल के नेताओं को गांव में घुसने दोगे, तब तक अपना हिस्सा नहीं पाओगे। इन्हें भगाओगे, तभी इनको गलती का अहसास होगा। मैं जब भी सदन में इस पर बोलता हूं तो ये दोनों पार्टियों के नेता हमारी आवाज दबाने का प्रयास करते हैं।” 4 रैलियों के जरिए क्या साधना चाहती है निषाद पार्टी निषाद पार्टी यूपी में 4 रैलियों से अपनी ताकत दिखाने में कितना सफल होगी, ये हमने निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद और दो राजनीतिक एक्सपर्ट से समझा… डॉ. संजय निषाद कहते हैं- रैली से हम अपने समाज को जागरुक और संगठित करना चाहते हैं। सभी रैलियों में पार्टी ने विधानसभा के 100-100 लोगों को बुलाया है। साथ ही एनडीए के सहयोगी दलों जैसे सुभासपा के ओमप्रकाश राजभर, अपना दल (एस) के आशीष पटेल को भी इन रैलियों में आमंत्रित किया है। मैंने सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलकर उन्हें भी 22 मार्च की रैली में आमंत्रित किया है। 23 मार्च को निषाद राज जयंती पर निषाद पार्टी ने छुट्टी घोषित करने की भी मांग की है। भगवान राम का जन्म नवमीं तो उनसे चार दिन के बड़े निषादराज का जन्म पंचमी को हुआ था। मतलब साफ है कि राजनीतिक जमावड़ा करके संजय निषाद अपनी ताकत दिखाना चाहते हैं। एक्सपर्ट व्यू वरिष्ठ पत्रकार आनंद राय कहते हैं- यूपी के पूर्वी छोर से दिल्ली एनसीआर तक अलग-अलग उप जातियों में निषाद समाज का अच्छा प्रभाव है। पिछले दो दशक में ये समाज काफी जागरुक हुआ है। सपा ने अपने शासन के आखिरी समय में OBC की 17 जातियों को दलित में शामिल करने का ऐलान कर दिया था। निषाद समाज लंबे से खुद को एससी में शामिल कराने की मांग कर रही है। अभी यूपी चुनाव में एक साल का वक्त है, लेकिन निषाद पार्टी अभी से अपनी जमीन तैयार करने में जुट गई है। निषाद पार्टी अभी सत्ताधारी एनडीए के साथ है। एससी में निषाद समाज को शामिल कराने के लिए पूर्व में संजय निषाद तेवर भी दिखा चुके हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से वे काफी संतुलित नजर आ रहे हैं। रैलियों का मतलब प्रेशर पॉलिटिक्स हालांकि पूर्वांचल से आने वाले वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन शाही इन आयोजनों को लेकर सवाल खड़े करते हैं। वे तल्खी से पूछते हैं कि संजय निषाद को बताना चाहिए- उन्हें अपने समाज को इन रैलियों में ये बताना चाहिए। सत्ता में बैठकर प्रेशर पॉलिटिक्स के अलावा मुझे इन रैलियों के पीछे और कुछ नहीं दिख रहा है। इस बार जातिगत जनगणना से तय हो जाएगा कि किस समाज की कितनी संख्या है। इसके बाद तय होगा कि उस अमुक समाज का दरोगा कौन होगा? केवट-मल्लाह को OBC से SC में दर्ज कराना क्या आसान है?संविधान में 4 ही जातियां सामान्य, एससी, एसटी व ओबीसी दर्ज हैं। संविधान की सूची नंबर 53 पर ये समाज मझवार नाम से एससी में दर्ज हैं। केवट, मल्लाह, बिंद, कश्यप, धीमर, तुरैहा, मझवार, धीमर, मांझी, रायकवार, बाथम, कहार, गोड़िया, गंगोता, गंगई, बेलदार इसकी उप जातियां हैं। सेंसेस मैनुअल 1961 में भी केवट, मल्लाह, मांझी की गणना मझवार एससी में की गई थी, जैसे मोची को एससी में गिना जाता है। 2022 में सीएम योगी ने एक पत्र भारत के महापंजीयक लिखा था कि निषाद ओबीसी हैं या एससी। इसके जवाब में बताया गया था कि सेंसेस मैनुअल में ये एससी कैटेगरी में दर्ज हैं। नोडल विभाग से सामाजिक न्याय मंत्रालय को निर्णय लेकर निर्देश जारी करना है। इसी आधार पर जातिगत जनगणना में समाज के लोग अपना नाम जाति के कालम में मझवार दर्ज करा सकते हैं। मझवार सर्टिफिकेट के आधार पर ही 2014 में भाजपा के टिकट पर रामचरित्र निषाद दिल्ली से आकर मछलीशहर सुरक्षित संसदीय सीट से सांसद चुने गए थे। मतलब साफ है कि कई राज्यों में निषाद समाज एससी में शामिल हैं। अब अधिकारी की बात जनगणना कार्य की डायरेक्टर शीतल वर्मा कहती हैं- इसमें सरनेम के बजाय स्व-घोषित जाति को प्रमुखता दी जा सकती है। हालांकि बताए गए जाति के आधार पर आरक्षण का लाभ तभी मिलेगा, जब संबंधित तहसीलदार उस वर्ग का प्रमाण पत्र जारी करे। यूपी में निषाद कितने प्रभावी? ……………. ये पढ़ें - गंगा में इफ्तार- धर्मगुरु खिलाफ, सपा-कांग्रेस क्यों सपोर्ट में:एक्सपर्ट बोले- मुस्लिम वोटबैंक की चिंता; मौलाना ने कहा- हड्डियां फेंकना गलत वाराणसी में 14 लड़कों ने गंगा नदी में नाव पर रोजा इफ्तार पार्टी की। इसकी रील बनाई। फिर सोशल मीडिया में शेयर कर दिया। इसमें वो बिरयानी खाते दिख रहे हैं। भाजपा युवा मोर्चा की शिकायत पर सभी 14 लड़कों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके साथ ही इस मामले में सियासत शुरू हो गई। सपा प्रमुख अखिलेश यादव और इमरान प्रतापगढ़ी ने मुस्लिम लड़कों का सपोर्ट किया। वाराणसी पुलिस के एक्शन पर सवाल उठा दिए। पढ़िए पूरी खबर…
एमपी में विधानसभा चुनाव में पौने तीन साल बाकी हैं। लेकिन, कांग्रेस में पावर की रेस तेज है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी कई नेताओं को मंत्री, उपमुख्यमंत्री बनाने की बात कह चुके हैं। तो कई मंचों से आदिवासी सीएम बनाने की मांग भी उठ चुकी है। अब पूर्व नेता प्रतिपक्ष और सीधी जिले की चुरहट सीट से सात बार के कांग्रेस विधायक अजय सिंह राहुल प्रदेश भर में दौरे पर निकले हैं। अजय सिंह ने पिछले महीने चार दिनों तक चंबल का दौरा किया। अब वे बुन्देलखंड के दौरा करके पुराने कांग्रेसियों से मिल रहे हैं। विंध्य को छोड़कर दूसरे क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ा रहे अजय सिंह के पिता अर्जुन सिंह मप्र के मुख्यमंत्री और केन्द्र सरकार में मंत्री के साथ ही राज्यपाल भी रहे हैं। अजय सिंह भी मप्र सरकार में मंत्री और नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं। अब वे अपने विंध्य क्षेत्र के अलावा दूसरे क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ा रहे हैं। दौरों में अजय सिंह के बयान साफ बता रहे हैं कि वे अपनी जगह खुद बना रहे हैं। और चुनाव के पहले विंध्य क्षेत्र तक सीमित न रहकर पूरे प्रदेश में अपनी टीम बनाने में जुटे हैं। अब बयानों से समझिए अजय सिंह की प्लानिंग 7 बार का विधायक, मेरे पास कोई काम नहीं 16 मार्च को बुन्देलखंड के दौरे पर निकले अजय सिंह ने ओरछा में रामराजा सरकार के दर्शन किए। इसके बाद वे निवाड़ी पहुंचे। यहां मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा- मैं फुर्सत में हूं… सात बार का विधायक हूं, ज्यादा काम धाम है… नहीं तो सोचा यही करूं। अजय सिंह ने निवाड़ी में कहा कि जो कांग्रेसी घर में बैठे है उन्हें जोड़ने के लिए मैं यह यात्रा कर रहा हूं। अर्जुन सिंह से जुड़े कांग्रेसियों से मिल रहे अजय सिंह राहुल अपने पिता और स्वर्गीय अर्जुन सिंह से जुडे़ पुराने कांग्रेसियों से मिल रहे हैं। मंचीय कार्यक्रमों के बजाए वे सिर्फ जिला कांग्रेस कार्यालय में कार्यकर्ताओं से मेल-मुलाकातें कर रहे हैं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के घर जाकर मिल रहे हैं। चंबल में चार दिन घूमे अजय सिंह राहुल बीते फरवरी के महीने में 11 से 15 फरवरी तक चंबल अंचल में घूमे। ग्वालियर से लेकर मुरैना, भिंड और दतिया जिले में वे पुराने कांग्रेसियों से मिले। लहार में डॉ. गोविन्द सिंह के निवास पर मीडिया से अजय सिंह ने कहा मैं प्रदेश की प्रत्येक उस विधानसभा में जाकर संपर्क करूंगा, जहां हमारे कार्यकर्ता शांत बैठे हैं या जागरुक नहीं है। सभी से मिलकर उनको जागरुक करूंगा। किन्ही कारणों से घर बैठे वरिष्ट नेताओं से मिलकर रणनीति सीखने और समझने का प्रयास करूंगा। अजय सिंह ने 14 फरवरी को लहार में कहा- प्रत्येक नेता का अपना एक क्षेत्र होता है। अगर कोई ग्वालियर-चंबल का है तो वह विंध्य में नहीं जाता और अगर कोई मालवा का है, तो वह चंबल में नहीं जाता। अब सियासी समीकरण भी समझिएअजय सिंह राहुल ने प्रदेश के दौरे की शुरुआत चंबल अंचल से की। चंबल में कांग्रेस मजबूत स्थिति में रही है। पिछले 2024 के लोकसभा चुनाव में सबसे कम अंतर से हारने वाली सीटें चंबल-ग्वालियर अंचल की ही थी। ऐसे में अजय सिंह ने चंबल से दौरों की शुरुआत की है। 4 मार्च को वे मुरैना जिले के पहाड़गढ़ में दलकू बाबा की प्रतिमा अनावरण के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर की मौजूदगी में उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था- यहां के लोग विंध्य में रिश्तेदारी करने नहीं जाते, और वहां के लोग यहां शादी संबंध नहीं करते। अब समय आ गया है कि चंबल और विंध्य के बीच रिश्तेदारियां बढे़ें। विंध्य क्षेत्र से लगे बुन्देलखंड में अर्जुन सिंह के जमाने से कई कद्दावर कांग्रेसी अजय सिंह से जुडे़ रहे हैं। लेकिन, अजय सिंह विंध्य क्षेत्र को छोड़कर बुन्देलखंड में ज्यादा सक्रिय नहीं रहे। मध्य प्रदेश गठन के पहले बुन्देलखंड भी विंध्य प्रदेश में शामिल था। अब अजय सिंह इस क्षेत्र में कांग्रेसियों के घर-घर जाकर संपर्क बढ़ा रहे हैं। 2028 में बनेगी कांग्रेस सरकार अजय सिंह ने टीकमगढ़ में कहा मैं ठंडे पड़े कांग्रेसियों में ऊर्जा भरने निकले हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 2018 में भी उन्होंने पूरे प्रदेश में यात्रा निकाली थी और उस दौरान माला न पहनने का फैसला लिया था, जिसके बाद कांग्रेस की सरकार बनी थी। उन्होंने कहा कि वह सरकार पूरी नहीं चल सकी, जिसकी वजहें अलग हैं। इस बार भी उन्होंने यात्रा के दौरान माला न पहनने का फैसला लिया है। अजय सिंह ने विश्वास जताया कि 2028 में फिर कांग्रेस की सरकार बनेगी और इस बार वह पूरे 5 साल चलेगी भी।
दिल्ली के उत्तम नगर में होली वाले दिन 26 साल के तरुण का मर्डर हो गया। आरोपी मुस्लिम समुदाय से हैं। हिंदू रक्षा दल नाम के संगठन ने धमकी दी कि हमारे घर में होली नहीं मनी, तो इनके घर में ईद नहीं मनने देंगे। आज, यानी 21 मार्च को ईद है। उत्तम नगर में बीते 15 दिन से तनाव है, लेकिन आज का दिन भारी है। दैनिक भास्कर की टीम यहां पहुंची और लोगों से बात की। उनसे पूछा कि वे इस तनाव भरे माहौल में कैसे रह रहे हैं और उन पर इसका क्या असर पड़ रहा है। गलियों में बैरिकेडिंग, जगह–जगह पुलिस का पहराउत्तम नगर की जेजे कॉलोनी में घुसते ही पुलिस और बैरिकेडिंग नजर आने लगती है। अंदर की तरफ पुलिस की सख्ती बढ़ती जाती है। जिस गली में तरुण की हत्या हुई, वहां और उसके आसपास की गलियों में वीडियो रिकॉर्ड करने पर सख्त मनाही है। 20 मार्च की शाम से यहां पुलिस फोर्स की तैनाती बढ़ा दी गई। हिंसा वाली जगह मीडिया को जाने की इजाजत नहीं है। हम बैरिकेडिंग क्रॉस करते हुए तरुण के घर तक पहुंचे। वहां तरुण के पिता, चाचा और कुछ रिश्तेदार बैठे थे। पिता और चाचा कैमरे पर नहीं आए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने कैमरे पर इंटरव्यू देने से मना किया है। तरुण के चाचा बोले- किसी से झगड़ा नहींहालांकि चाचा टेकचंद बोले कि आप मेरी बात लिख सकते हैं। इलाके के माहौल पर टेकचंद ने कहा कि हम नहीं चाहते यहां तनाव हो, किसी बेगुनाह को सजा मिले। हमारी ऐसी सोच नहीं है। तरुण के मर्डर में जो लोग शामिल थे, हमने उन्हीं का नाम लिखवाया। उसके कातिल बचने नहीं चाहिए। आरोपियों के परिवार से हमारा कोई झगड़ा नहीं था। हिंदू संगठनों के बयानों पर टेकचंद कहते हैं, ‘हम इन चीजों के पक्ष में नहीं हैं। सिर्फ सोशल मीडिया पर देखा है। इधर तो किसी को आने ही नहीं दिया जा रहा है।’ लोग बोले- यहां सिख दंगों के वक्त भी माहौल खराब नहीं हुआपुलिस की सख्ती की वजह से ज्यादातर लोग कैमरे पर आने से बच रहे हैं। हमने हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोगों से बात की। प्रॉपर्टी का काम करने वाले वरुण चौधरी का मानना है कि इस मसले पर हर आदमी अपनी राजनीति चमका रहा है। ईद से पहले तनाव पर वरुण कहते हैं, ‘ऐसा कुछ नहीं है। कोई संगठन कुछ बोल भी रहा है, तो उसका असर यहां नहीं है। यहां पहले कभी इस तरह का माहौल नहीं रहा। 1984 में सिख विरोधी दंगों में भी नहीं। सोशल मीडिया पर गुमराह किया जा रहा है। हर आदमी को अपना त्योहार मनाने का हक है। कोई घटना होती है, तो उसके लिए हर किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। मैं भी हिंदू हूं, जो हुआ उसके लिए सबको मिल-बैठकर प्रशासन के साथ मीटिंग करनी चाहिए थी।’ वरुण आगे कहते हैं, ‘मैं खुद ईद मनाने जाऊंगा। जो कह रहे हैं कि खून की होली खेलेंगे, वे बेवकूफों जैसी बातें कर रहे हैं।’ सब्जी की दुकान चलाने वाले कल्लू कहते हैं कि बिना मतलब इस मुद्दे को तूल दिया जा रहा है। हमारा त्योहार आता है, वे (मुस्लिम) मनाते हैं। उनका त्योहार आता है, हम भी मनाते हैं। हम क्यों आपस में लड़ेंगे। ईद पर मुसलमान हमारे पास आएंगे। हम भी उनके पास जाएंगे। मैं हर साल ईद मनाता हूं। यहां पुलिस की तैनाती से कोई फायदा नहीं हो रहा है। सारी दुकानें बंद हैं। मुस्लिम बोले- मस्जिद के सामने होली खेलते हैं, कोई दिक्कत नहींमोहम्मद ताजिम कासमी बड़ी मस्जिद के सामने बेटे के साथ बैठे मिले। वे मस्जिद के इमाम भी हैं। कासमी कहते हैं कि यहां सारी गलियों में हिंदू और मुसलमान रहते हैं। पड़ोसियों के झगड़ों को बाहर के लोगों ने बड़ा बना दिया। वे माहौल बिगाड़ रहे हैं। झगड़े में दोनों तरफ के लोगों को चोटें आई थीं। बाहर के लोगों ने उकसाने की खूब कोशिश की, लेकिन यहां कोई उकसावे में नहीं आया। कासमी बताते हैं, ‘हमने डीसीपी से बात की थी। उन्होंने कहा कि ईद मनाइए, सुरक्षा का इंतजाम होगा। हमारे हिंदू भाई भी यहां मस्जिद के सामने होली खेलते हैं। अफवाहें उड़ रही हैं कि ईद की नमाज नहीं होगी। ऐसा कुछ नहीं है। यहां शांति के साथ ईद मनाई जाएगी।’ कपड़े की दुकान लगाने वाले मोहम्मद महताब भी कहते हैं कि पिछले 50 साल में इलाके में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। मैं घर-घर जाकर कपड़े बेचता हूं। बाहर के कुछ लोग चाहते हैं कि बवाल हो जाए और हम आपस में लड़ें। ऐसा कुछ नहीं होने वाला है।’ 25 हजार आबादी में करीब 30% आबादी मुस्लिम जेजे कॉलोनी में करीब 2600 मकान है। आबादी करीब 25 हजार। ज्यादातर मकानों में किराएदार हैं। ये इलाका तीन सेक्टरों में बंटा है। स्थानीय वार्ड पार्षद साहिब कुमार आसीवाल बताते हैं कि इलाके में करीब 30% मुस्लिम आबादी है। साहिब कुमार कहते हैं, हम यही उम्मीद करते हैं कि माहौल शांत रहे। किसी की भाषा पर कोई नियंत्रण नहीं रख सकता है। मैं इतना जानता हूं कि यहां के लोगों में ऐसा कुछ नहीं है। बीच में बैरिकेडिंग कम हुई थी, इसके बावजूद कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। रंग के विवाद में हत्या, हिंदू संगठनों की धमकीकॉलोनी की एक संकरी गली में तरुण का 4 मंजिला मकान हैं। होली वाले दिन तरुण के परिवार और उनके पड़ोसियों के बीच रात करीब 10:30 बजे झगड़ा हुआ था। आरोप है कि एक बच्ची ने बालकनी से पानी भरा गुब्बारा फेंका, जो एक मुस्लिम महिला को लगा। इसी बात पर दोनों परिवार आमने-सामने आ गए। इसी दौरान आरोपियों ने तरुण पर हमला कर दिया। इलाज के दौरान अगले दिन तरुण की मौत हो गई। इसके बाद इलाके में तनाव फैल गया। दिल्ली नगर निगम ने आरोपियों के घर के एक हिस्से पर बुलडोजर चला दिया। हिंदूवादी संगठनों की बयानबाजी से स्थिति और बिगड़ गई। ये संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। 15 मार्च को ‘सर्व हिंदू समाज’ नाम के संगठन ने उत्तम नगर के अयप्पा पार्क में बड़ा प्रदर्शन किया था। हिंदू रक्षा दल की तरफ से लगातार सांप्रदायिक बयान दिए जा रहे हैं। संगठन के उत्तराखंड अध्यक्ष ललित शर्मा ने ही खून की होली खेलने की धमकी दी थी। 20 मार्च को संगठन के सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट की गई। इसमें संगठन के राष्ट्रीय संयोजक संकेत कटारा कह रहे हैं, ‘होली के दिन हमारे भाई को जान से मार दिया और हम बिल्कुल चुप बैठे रहें। ललित शर्मा ने बिल्कुल सही कहा था कि जिन लोगों ने तरुण को मारा है, हम उन्हें ईद नहीं मनाने देंगे।’ पुलिस ने तरुण की हत्या के आरोप में 16 लोगों को पकड़ा था। इसमें दो नाबालिग भी हैं। तरुण के परिवार के वकील अमित चौहान ने बताया कि शिकायत में 22 लोगों का नाम दिया था। हमने पुलिस को आवेदन दिया है कि ईद वाले दिन घर के सामने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें। ईदगाह तरुण के घर से कुछ ही दूर है। वहां बड़ी संख्या में लोग नमाज पढ़ने जाएंगे। 20 मार्च की शाम दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अफवाहें, अपुष्ट सामग्री या भ्रामक जानकारी साझा करने से बचें। ईद को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस सार्वजनिक शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को भंग करने के मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी। हमने इस विवाद पर द्वारका के डीसीपी कुशल पाल सिंह से भी संपर्क किया। उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया।
बाड़मेर शहर के नजदीक एक गांव ऐसा भी है, जहां लोग दिनभर ब्लास्टिंग के धमाकों और धुएं के गुब्बार के बीच जीवन व्यापन कर रहे है। यह कहानी बाड़मेर-रामसर रोड पर शहर से 10 किमी. दूर दरूड़ा गांव की है। हाल ये है कि पहाड़ों के बीच जहां तक नजर जाएगी, वहां तक क्रेशर और खोखले पहाड़ ही नजर आएंगे। कुम्हारों की बस्ती व दरारें का कुआं दो बस्ती इन्हीं पहाड़ों के बीच ही रहती है। 1500 की आबादी पिछले कई सालों से प्रदूषण और ब्लास्टिंग के धमाकों के बीच जी रही है। दरूड़ा में 12 क्रेशर है और स्टोन खनन की 42 लीज है। मर्जी पड़े वहां से पहाड़ों को काट रहे है। दरूड़ा में पहाड़ों में 500 से ज्यादा ढाणियां है। अधिकांश ग्रामीण इन्हीं क्रेशरों और खानों में काम करते है। हाल ये है कि दिनभर यहां ब्लास्टिंग के धमाकों की आवाज गूंजती है। क्रेशरों की आवाज, धुएं के उठते गुब्बार के बीच यहां लोग जीवन व्यापन कर रहे है। राउप्रावि. कुम्हारों की बस्ती व राउप्रावि. भीलों का कुआं दो स्कूल है। इनमें करीब 200 से ज्यादा बच्चे पढ़ रहे है। इसके अलावा भीलों की बस्ती में आंगनवाड़ी व कुम्हारों की बस्ती में उप स्वास्थ्य केंद्र है। दिन भर उड़ती रेत से यहां के घरों की छतों पर रेत की परतें जमा है। ब्लास्टिंग से टांकों और मकानों में दरारें दरूड़ा में एक ही इलाके में पहाड़ों के बीच 12 क्रेशर है, इनके आसपास ही स्टोन की खानें है। जहां से ब्लास्टिंग करके पत्थर निकाला जाता है, इसके बाद ट्रकों से इन क्रेशर तक पहुंचता है। बारूद डालकर 30-40 फीट गहराई से ब्लास्टिंग करते है, इससे तेज धमाकों के साथ पत्थर हवा में उड़ते है और धुएं का गुब्बार छा जाता है। ब्लास्टिंग की वजह से लोगों के घरों के पीने के पानी के टांकों और मकानों में दरारें आ गई है। टांकों में पानी ठहर ही नहीं रहा है। इससे लोगों को पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ रहा है। लोग हैंडपंप के सहारे पर जी रहे है। सिलिकोसिस जैसी घातक बीमारी का खतरा “ब्लास्टिंग से उड़ने वाली धूल सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंच सिलिकोसिस जैसी लाइलाज बीमारी का कारण बन सकती है। धमाकों से मानसिक तनाव और बहरापन बढ़ सकता है, बल्कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। सुनने की क्षमता कम होना,सदमा लगना, त्वचा रोग, एलर्जी, और पेट की बीमारियां पनप सकती हैं।” भास्कर एक्सपर्ट - डॉ. कपिल जैन, ईएनटी विशेषज्ञ जिला अस्पताल
सोनीपत में अवैध खैर लकड़ी से भरा ट्रक पकड़ा:258 खैर के टुकड़े बरामद; बिना कागजात चालक गिरफ्तार
सोनीपत के मुरथल क्षेत्र में वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अवैध रूप से खैर की लकड़ी ले जा रहे एक ट्रक को पकड़कर बड़ा खुलासा किया गया है। गश्त के दौरान मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में ट्रक से भारी मात्रा में लकड़ी बरामद हुई, जिसके कोई वैध दस्तावेज चालक पेश नहीं कर सका। प्रारंभिक जांच में यह मामला अवैध कटान और चोरी की लकड़ी से जुड़ा सामने आ रहा है। पुलिस ने केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।गुप्त सूचना पर NH-44 से ट्रक काबूवन विभाग की टीम को 19 मार्च की शाम करीब 7:15 बजे गश्त के दौरान सूचना मिली कि मुरथल स्थित मान ढाबा की पार्किंग में एक संदिग्ध ट्रक खड़ा है। मौके पर पहुंचकर टीम ने ट्रक नंबर RJ 11GD 2874 को जांच के लिए रोका, जिसमें खैर की लकड़ी भरी हुई थी।वन विभाग की टीम ने मौके पर की कार्रवाईकार्रवाई के दौरान वन दरोगा रोहित, वन दरोगा विशाल और वन राजिक अधिकारी नरेश की टीम ने संयुक्त रूप से ट्रक को कब्जे में लिया। पूछताछ में चालक ने अपनी पहचान बलबीर यादव निवासी मैनपुरी (उत्तर प्रदेश) के रूप में बताई। लकड़ी के नहीं मिले कोई वैध दस्तावेजजब चालक से लकड़ी के कागजात मांगे गए तो वह कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। चालक ने कागजात लाने के लिए समय मांगा, लेकिन अगले दिन 20 मार्च तक भी वह कोई प्रमाण पेश नहीं कर पाया, जिससे लकड़ी के अवैध होने की पुष्टि हुई।258 लकड़ी के टुकड़े और नकदी बरामदवन विभाग द्वारा ट्रक का वजन करवाया गया, जिसकी पर्ची संख्या 13929 दिनांक 20 मार्च 2026 है। जांच में ट्रक से कुल 258 खैर की लकड़ी के टुकड़े बरामद हुए। इसके अलावा चालक से 14,680 रुपये नकद, ट्रक के दस्तावेज और अन्य कागजात भी कब्जे में लिए गए।वन अधिनियम और BNS के तहत मामला दर्जमामले में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 32, 33, 52 और 77 के तहत कार्रवाई की गई है। साथ ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) और 317(2) के तहत थाना मुरथल में दर्ज किया गया।मामले की आगे की जांच के लिए केस फाइल PSI प्रवीन और HC कुलदीप को सौंप दी गई है। पुलिस ने संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दिया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए गहन जांच शुरू कर दी गई है।अवैध लकड़ी तस्करी पर सख्ती के संकेतइस कार्रवाई के बाद साफ संकेत मिल रहे हैं कि मुरथल और आसपास के क्षेत्रों में अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ सख्ती बढ़ाई जा रही है। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई आगे भी जारी रहने की संभावना है।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर भारत में मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के असर की रही। देश में प्रीमियम पेट्रोल ₹2.35 प्रति लीटर तक महंगा हो गया। वहीं, दूसरी बड़ी खबर यूपी में TET एग्जाम की तारीखों को लेकर है। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. प्रीमियम पेट्रोल ₹2.35 प्रति लीटर तक महंगा, भोपाल में दाम 117 रुपए प्रति लीटर तक हुए मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल की कीमतें ₹2.09-₹2.35 प्रति लीटर तक बढ़ा दी है। भोपाल में इसकी कीमत बढ़कर करीब 117 रुपए पहुंच गई है। इसके अलावा इंडियन ऑयल ने अपने इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमत में भी 25% की बढ़ोतरी की है। इसके दाम ₹87.67 प्रति लीटर से बढ़कर अब ₹109.59 प्रति लीटर हो गए हैं। हालांकि, सामान्य पेट्रोल की कीमत में बदलाव नहीं हुआ है। जोमैटो से खाना मंगवाना महंगा हुआ: फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो से खाना ऑर्डर करना अब महंगा हो गया है। कंपनी ने प्लेटफॉर्म फीस में 19% बढ़ोतरी की है। यूजर्स को हर ऑर्डर पर ₹12.50 के बजाय अब ₹14.90 यानी ₹2.40 ज्यादा प्लेटफॉर्म फीस देनी होगी। जोमैटो रोजाना 20 से 25 लाख ऑर्डर डिलीवर करता है। उधर, भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले इतिहास के सबसे निचले स्तर 93.24 पर पहुंच गया। पढ़ें पूरी खबर… 2. ईरान की ओर अमेरिका 3 वॉरशिप भेज रहा, इन पर 2200 सैनिक मौजूद ईरान की ओर अमेरिका अपने 3 वॉरशिप भेज रहा है। USS त्रिपोली, USS सैन डिएगो और USS न्यू ऑरलियंस पर करीब 2200 सैनिक तैनात हैं। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प सरकार ईरान के खार्ग आइलैंड पर कब्जे की योजना बना रही है। ट्रम्प ने NATO देशों को कायर बताया: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान युद्ध में साथ न देने पर NATO सहयोगी देशों पर नाराजगी जताई। ट्रम्प ने कहा है कि NATO देश कायर हैं और अमेरिका के बिना यह गठबंधन सिर्फ कागजी शेर है। जंग में साथ नहीं दिया तो इसे याद रखेंगे। पढ़ें पूरी खबर… 3. काशी के यूपी कॉलेज में BSC छात्र की हत्या, सीने पर चढ़कर गोलियां मारीं; साथियों ने पथराव किया वाराणसी के यूपी कॉलेज परिसर में बीएससी छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात का लाइव वीडियो सामने आया है, जिसमें छात्र क्लासरूम के बाहर फर्श पर पड़ा है। आरोपी छात्र उसके सीने पर चढ़कर गोली मार रहा है। आरोपी भी इसी कॉलेज का छात्र है। कूड़े में पिस्टल फेंककर भागा आरोपी: हत्या के बाद आरोपी पिस्टल कूड़े के ढेर में फेंककर फरार हो गया। घटना शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे कला और सामाजिक विज्ञान संकाय के बाहर हुई। घायल छात्र सूर्य प्रताप सिंह (23) को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गुस्साए छात्रों ने तोड़फोड़ की: साथी की हत्या से गुस्साए छात्रों ने कॉलेज परिसर में हंगामा किया। कैंपस के अंदर कुर्सियां तोड़ डालीं। बाहर दुकानों में तोड़फोड़ की। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने कॉलेज का मेन गेट बंद करा दिया। आसपास की 150 से अधिक दुकानों को भी बंद करा दिया। सात थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। पढ़ें पूरी खबर… 4. यूपी TET परीक्षा जुलाई में होगी, फॉर्म फीस 800 रुपए बढ़ाई; 4 साल से इंतजार कर रहे थे अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने शुक्रवार को प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) और उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8) के लिए UP-TET 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया। 27 मार्च से भरे जाएंगे फॉर्म: परीक्षा 2, 3 और 4 जुलाई को होगी। ऑनलाइन एप्लिकेशन 27 मार्च से भरे जाएंगे। फॉर्म और फीस जमा करने की आखिरी तारीख 26 अप्रैल है। इस बार जनरल और ओबीसी के लिए फॉर्म फीस 2 हजार रुपए है। पिछली बार की तुलना में 800 रुपए बढ़ा दिए गए हैं। 4 साल बाद होने जा रहा एग्जाम: फॉर्म में सुधार और शुल्क समाधान की आखिरी तारीख 1 मई तय की गई है। आयोग ने इस बार TET में वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) की व्यवस्था लागू की है। यूपी में TET परीक्षा 4 साल बाद होने जा रही है। 28 नवंबर, 2021 को परीक्षा लीक हो जाने के कारण निरस्त कर दी गई थी। काफी जद्दोजहद के बाद यह परीक्षा 21 जनवरी, 2022 को कराई गई थी। इसके बाद से अभी तक यह परीक्षा नहीं हो सकी थी। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इस परीक्षा के इंतजार में हैं। पढ़ें पूरी खबर… 5. ममता का ऐलान- SC-ST महिलाओं को हर महीने ₹1700 देंगे, बाकी को ₹1500 मिलेंगे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने TMC का घोषणा पत्र जारी किया। उन्होंने जनरल कैटेगरी की महिलाओं को हर महीने ₹1500 देने का वादा किया है। अभी उन्हें ₹1000 हर महीने मिलते हैं। वहीं SC/ST महिलाओं को ₹1700 प्रति माह दिया जाएगा। अभी SC/ST महिलाओं को ₹1200 रुपए मिलते हैं। इसके अलावा ममता ने बेरोजगार युवाओं को ₹1500 प्रति माह देने का ऐलान किया है। अब पढ़िए TMC के 10 अहम चुनावी वादे... पढ़ें पूरी खबर... 6. धुरंधर 2 ने तोड़ा शाहरुख की जवान का रिकॉर्ड, पहले दिन ₹97 करोड़ कमाए ‘धुरंधर 2’ ने शाहरुख की फिल्म ‘जवान’ का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पहले दिन 97 करोड़ रुपए से ज्यादा कमाए। 2023 में जवान ने ओपनिंग डे पर पहले दिन 75 करोड़ रुपए कमाए थे। ‘धुरंधर 2’ ने पेड प्रीव्यू में 47 करोड़ रुपए का कारोबार किया था। पेड प्रीव्यू और ओपनिंग डे को मिलाकर फिल्म की कुल कमाई 144 करोड़ रुपए पहुंच गई। ‘धुरंधर 2’ फिल्म 3 घंटे 49 मिनट लंबी है: यह 21वीं सदी की दूसरी सबसे लंबी बॉलीवुड फिल्म है। इससे पहले 2003 में आई जेपी दत्ता की ‘एलओसी कारगिल’ 4 घंटे 15 मिनट के साथ सबसे लंबी फिल्म थी। बता दें कि धुरंधर 2 में रणवीर सिंह, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त और आर माधवन हैं। फिल्म को आदित्य धर ने लिखा, डायरेक्ट और प्रोड्यूस किया है। पढ़ें पूरी खबर... 7. रेमंड के मालिक गौतम सिंघानिया की मालदीव में बोट पलटी, घायल हुए; इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट किए गए रेमंड ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर गौतम सिंघानिया मालदीव में हादसे का शिकार हो गए हैं। मालदीव के फेलिधू के पास गुरुवार रात 11 बजे उनकी स्पीडबोट समुद्र में पलट गई, जिसमें सिंघानिया को चोटें आई हैं। इलाज के लिए मुंबई लाया गया है: गौतम सिंघानिया को एयरलिफ्ट कर मुंबई लाया गया है, जहां एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। हादसे के समय बोट पर सिंघानिया के साथ 6 और लोग सवार थे, जिनमें से एक भारतीय समेत दो लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर… आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… नेशनल: सरकार बोली- LPG की पैनिक बुकिंग घटी, लेकिन हालत चिंताजनक: हर दिन 55 लाख सिलेंडर की मांग, 7500 कंज्यूमर PNG पर शिफ्ट हुए (पूरी खबर पढ़ें) स्पोर्ट्स: वनडे वर्ल्डकप के लिए सिलेक्टर्स की नजर IPL पर: 20 इंडियन प्लेयर्स शॉर्टलिस्ट, मैच के दौरान परफॉर्मेंस-फिटनेस ट्रैक की जाएगी (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: सरकार ने 300 अवैध बेटिंग वेबसाइट्स-एप ब्लॉक किए: इनमें ऑनलाइन स्पोर्ट्स बेटिंग प्लेटफॉर्म भी शामिल; अब तक 8400 प्लेटफॉर्म बंद (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: दिल्ली दंगा में आरोपी शरजील इमाम तिहाड़ से बाहर आया: 10 दिन की अंतरिम जमानत मिली; 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बोलीं- नमक के खेत में ही पैदा हुए, इसी में मर जाएंगे करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज वृष राशि वाले सतर्कता और धैर्य से बिगड़ते काम संभाल सकते हैं। धनु राशि वाले मेहनत के दम पर लक्ष्य के करीब पहुंचेंगे। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से शुक्रवार को जयपुर समेत कई जिलों में बारिश हुई। बारिश, ओलावृष्टि के साथ चली ठंडी हवा से कई शहरों में तापमान 2 से 4 डिग्री तक गिर गया। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने राज्य में अब कल से मौसम साफ रहने और तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने के साथ एक बार फिर गर्मी बढ़ने की संभावना जताई है। नोखा में 1 इंच बारिश पिछले 24 घंटे में राज्य में सबसे ज्यादा बरसात बीकानेर के नोखा एरिया में 25MM (1 इंच) दर्ज हुई। बीकानेर में देर रात से लेकर शुक्रवार सुबह तक रूक-रूक कर कई इलाकों में बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर ओले भी गिरे। बारिश होने और बादल छाने से शुक्रवार को जयपुर में अधिकतम तापमान गिरकर 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जयपुर में शुक्रवार सुबह बारिश हुई। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और ठंडी हवा चली। अजमेर में अधिकतम तापमान 26.6, भीलवाड़ा में 27.4, वनस्थली (टोंक) में 31.1, कोटा में 28.9, चित्तौड़गढ़ में 29.6, उदयपुर में 28, डूंगरपुर में 28.9, सिरोही में 24.5, करौली में 24.9 और दौसा में 26.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। अब आगे क्या? मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- राज्य में कल से मौसम साफ होगा। दिन में धूप निकलने से तापमान में बढ़ोतरी होगी। अगले दो-तीन दिन में तापमान में 4-5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज होगी।
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राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने गोमांस के मामले में आरोपी असलम चमड़ा को लेकर बड़ा खुलासा किया है। भोपाल में एक कार्यक्रम में कानूनगो ने खुलेआम एक मंच से कहा कि भोपाल पुलिस को छह माह पहले उन्होंने सूचना दी थी कि असलम चमड़ा ढाई सौ बांग्लादेशी रोहिंग्याओं को लेकर भोपाल में गोमांस का कारोबार कर रहा है। हमने उनके पते भी बताए थे, लेकिन भोपाल पुलिस ने यह जवाब दिया कि चमड़ा कसाईखाना नहीं चलाता। यह काम नगर निगम करता है। अब नगर निगम के अफसरों को गिरफ्तार करने कहता हूं तो नहीं कर रहे हैं। प्रियंक ने चौबीस घंटे पहले दिए गए अपने बयान को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर भी अपलोड किया है। उसमें वे कह रहे हैं कि असलम चमड़े वाला प्रकरण आपको पता है, अभी हुआ है। भोपाल के किसी व्यक्ति ने मुझे नहीं बताया। दिल्ली के एक युवा ने आकर मेरे घर पर मुझे यह बताया कि भाई साहब भोपाल में असलम चमड़ा नाम का एक आदमी है जो 250 बांग्लादेशी रोहिंग्याओं को लेकर भोपाल गया है और गाय काटने का धंधा कर रहा है। कानूनगो ने कहा कि 6 महीने पहले बताया था हमने, भोपाल पुलिस को नोटिस दिया था। हमने 6 महीने पहले बताया था कि असलम चमड़ा ढाई सौ बांग्लादेशियों को लेकर भोपाल में रह रहा है, घर के पते बताए थे। भोपाल पुलिस ने असलम चमड़ा का एक बढ़िया बयान लिया। बयान में असलम ने यह कहा कि कसाई खाना नहीं चलाता हूं, कसाई खाना तो नगर निगम चलाता है। इसके बाद भोपाल पुलिस ने हमको जवाब दे दिया कि असलम चमड़ा कसाई खाना नहीं चलाता है। नगर निगम के अफसरों को गिरफ्तार करोअपने संबोधन में कानूनगो ने कहा कि आज हम भोपाल पुलिस से कह रहे हैं कि नगर निगम कसाई खाना चलाता है तो नगर निगम के अफसरों को साथ में जेल डालो, अब बदल क्यों रहे हो? यह बात भोपाल के लोगों को खुले मंच से जानने की जरूरत है कि असलम चमड़ा केवल स्लॉटर हाउस नहीं चलाता है। कैसे सैकड़ों, हजारों गायों असलम चमड़ा काट पाया उसके पास केवल स्लॉटर हाउस का ठेका नहीं था। कानूनगो ने कहा कि एक कारकस प्लांट होता है जो मृत पशुओं से संबंधित है। असलम चमड़ा गाय तो पालता नहीं है। गाय कौन पालता है, जवाब मिला-हिंदू, गाय कौन छोड़ता है पब्लिक का जवाब मिला हिन्दू। इसके बाद कानूनगो ने कहा कि असलम के साथ हम भी जिम्मेदार हैं क्योंकि जिसने हमारी मां के रूप में 7 साल 8 साल हमको दूध पिलाकर हमारा, हमारे बच्चों का पोषण किया जब वह दूध देना छोड़ देती है उसको हम सड़क पर उसे आवारा छोड़ देते हैं। हमको पता है, गाय हमारी है। पहली रोटी निकाल के आंख बंद करके उस गाय को एक रोटी देकर आ जाते हैं जिनको हम ने ही छोड़ा और वह रोज रोटी मांगने आती है। शर्म आनी चाहिए हमको शर्म आना चाहिए और जब वह अपनी आवारगी के जीवन में जब उसकी मृत्यु होती है तो आवारा पशुओं के शब्दों के निष्पादन के लिए एक कारकस प्लांट होता है उस कारकस प्लांट को 5 करोड़ रुपए में बनवाकर ठेके पर किसको दे दिया गया, असलम को दे दिया गया। उन्होंने कहा कि एक रेंडरिंग प्लांट भी होता है। जो अपशिष्ट निकलते हैं और अपशिष्ट को ले जाकर उसका वसा निकाला जाता है। भोपाल से भी रोज 50-60 किलो चर्बी निकलती है। जब असलम से कोई पूछता तो वह कह देता कि कारकस प्लांट का मांस लेकर जा रहा है। एक ही व्यक्ति को नगर निगम ने रेंडरिंग प्लांट और स्लॉटर हाउस का काम दे दिया है। इस कारण यह स्थिति बनी है।
पंजाब में आने वाले गैर-सिख नेताओं के सिरों पर दस्तार सजाने को लेकर खालिस्तान समर्थकों को सख्त एतराज है। खालिस्तान समर्थक दल खालसा के परमजीत सिंह मंड ने पंजाब के राजनीतिक दलों व आम लोगों को दो टूक कहा है कि गैर-सिख नेताओं के सिर पर दस्तार न सजाई जाए। दस्तार सिखों को गुरुओं की महान कुर्बानी से मिली है। ऐसे में जिस सिर पर दस्तार सजाई जा रही है क्या वह उसके लायक है या नहीं? उन्होंने स्पष्ट कहा है कि वोट लेने के खातिर दस्तार गैर सिखों को न पहनाई जाए। खालिस्तान समर्थक ने कहा कि खालिस्तान बनने पर श्री करतारपुर साहिब को पाकिस्तान से ले लेंगे और उसके खालिस्तान का हिस्सा बना दिया जाएगा। इसके लिए हमें इंडियन सरकार से बात करने जरूरत नहीं होगी। दअरसल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मोगा रैली में भाजपा की सरकार बनने पर लॉ एंड ऑर्डर को लेकर अपना रोड मैप बताया। अमित शाह की मोगा रैली के बाद विरोधी राजनीतिक दलों के साथ साथ खालिस्तान समर्थकों की भी टेंशन बढ़ा दी। खालिस्तान समर्थक परमजीत सिंह मंड के वीडियो में कही देश विरोधी बातें…
असम विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने शुक्रवार को सात उम्मीदवारों की चौथी लिस्ट जारी की। इससे 126 सीटों वाली विधानसभा चुनावों में उम्मीदवारों की कुल संख्या 94 हो गई है। इस लिस्ट 2024 में BJP छोड़कर कांग्रेस में आए में जयंत बोरा भी शामिल हैं। उन्हें बिस्वनाथ सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, कर्नाटक में बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों के लिए कांग्रेस के टिकट के दावेदारों ने शुक्रवार को अपने नामांकन दाखिल कर दिए। पार्टी ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है और दावेदारों के बीच टिकट को लेकर खींचतान जारी है। उधर, कोलकाता में BJP कार्यकर्ताओं के एक गुट ने शुक्रवार को पार्टी के पश्चिम बंगाल मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। बेलेघाटा इलाके के करीब 50 पार्टी कार्यकर्ता इसमें शामिल रहे। उन्होंने उम्मीदवार पार्थ चौधरी को तुरंत बदलने की मांग की। उनका आरोप था कि संगठनात्मक कामों में चौधरी की भागीदारी बहुत कम है। साथ ही चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में पहली सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट 23 मार्च को जारी होने की संभावना है। 19 मार्च को होने वाली लिस्ट की रिलीज आखिरी समय पर टाल दी गई थी, क्योंकि यह प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई थी। असम में कांग्रेस ने रइजर दल के लिए 11 सीटें छोड़ीं AICC की प्रेस रिलीज के अनुसार, कांग्रेस ने अपने गठबंधन सहयोगी राइजर दल के लिए 11 सीटें छोड़ी हैं। कांग्रेस ने अपने गठबंधन का विस्तार किया है और असम विधानसभा चुनावों के लिए राइजर दल के साथ हाथ मिलाया है। असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई और राइजर दल के नेता अखिल गोगोई ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा की। कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन में असम जातीय परिषद (AJP), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPM), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (CPI ML), और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस (APHLC) भी शामिल हैं। कर्नाटक उपचुनाव- कांग्रेस विधायकों के निधन के बाद खाली हुईं सीटें कर्नाटक की बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा सीटों पर उपचुनाव मौजूदा कांग्रेस विधायकों एच.वाई. मेती और शमनूर शिवशंकरप्पा के निधन के बाद हो रहे हैं। कांग्रेस के उम्मीदवारों ने इन सीटों पर ही बिना घोषणा के नामांकन दाखिल कर दिए। ये तब हुआ जब कर्नाटक के प्रभारी AICC महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला बेंगलुरु में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके डिप्टी डी.के. शिवकुमार सीटों के लिए उम्मीदवारों के बारे में चर्चा कर रहे थे। बाद में पत्रकारों से सुरजेवाला ने कांग्रेस के दोनों सीटें जीतने का विश्वास जताया और जोर देकर कहा कि पार्टी एकजुट है। BJP ने अपनी केंद्रीय चुनाव समिति की मंज़ूरी के बाद बागलकोट से वीरभद्रय्या चारंतिमठ और दावणगेरे दक्षिण से श्रीनिवास टी. दासकरियप्पा के नामों की घोषणा पहले ही कर दी है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च है और चुनाव 9 अप्रैल को होंगे। पुडुचेरी सीएम रंगासामी ने दो विधानसभा सीटों से नामांकन भरा मुख्यमंत्री और AINRC के संस्थापक एन. रंगासामी ने शुक्रवार को विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन भरा। उन्होंने रंगासामी ने थट्टांचवाडी और मंगलम सीटों से नामांकन भरा। थट्टांचवाडी उनकी पारंपरिक सीट रही है और अब वह इस सीट को अपने पास बनाए रखना चाहते हैं। कृषि मंत्री थेनी सी. जेकुमार (AINRC) 2021 के चुनावों में मंगलम सीट से विजयी रहे थे। वह आगामी चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। रंगासामी ने 2021 के चुनाव दो सीटों से लड़े थे - थट्टांचवाडी और यनम, जो आंध्र प्रदेश में स्थित एक क्षेत्र है। वह थट्टांचवाडी से विजयी रहे, वहीं 2021 में यनम में उन्हें एक निर्दलीय उम्मीदवार, गोलापल्ली श्रीनिवास अशोक के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। राज्यवार विधानसभा चुनाव शेड्यूल… 4 राज्यों में SIR, तमिलनाडु में सबसे ज्यादा नाम कटे जिन पांच राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं, उनमें SIR के बाद तमिलनाडु से सबसे ज्यादा वोटर्स के नाम कटे हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को SIR प्रक्रिया शुरू होने के दौरान राज्य में कुल 6,41,14,587 वोटर थे। करीब चार महीने चली SIR में 74,07,207 लोगों के नाम हटाए गए हैं। राज्य में अब 5,67,07,380 मतदाता पंजीकृत हैं। वहीं पश्चिम बंगाल दूसरे नंबर पर है जहां करीब 58 लाख लोगों के नाम कटे हैं। फिर केरल में 8 लाख, असम में 2 लाख और पुडुचेरी में सबसे कम 77 हजार लोगों के नाम SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची से हटाए गए। असम में स्पेशल रिवीजन (SR) कराया गया था। अब 5 राज्यों में चुनौती और मौजूदा स्थिति पश्चिम बंगाल- 3 बार से ममता बनर्जी ही मुख्यमंत्री: 14 साल से CM ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी। जयललिता के नाम 5 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। हालांकि, वह 1991 से 2016 तक अलग-अलग कार्यकाल (लगातार नहीं) में मुख्यमंत्री पद पर रहीं। तमिलनाडु- भाजपा-कांग्रेस 60 साल से यहां सत्ता में नहीं आ सकीं: आजादी के बाद लगभग दो दशक तक यहां कांग्रेस की सरकार रही। 1967 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस हार गई और इसके साथ ही राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। 1967 के बाद से तमिलनाडु की राजनीति मुख्य रूप से AIADMK और DMK के बीच घूमती रही है। फिलहाल तमिलनाडु में एमके स्टालिन की अगुवाई में DMK की सरकार है, जो 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आई। पार्टी ने कांग्रेस, वीसीके और वामपंथी दल के साथ गठबंधन किया है। बीजेपी ने कई चुनावों में AIADMK जैसे दलों के साथ गठबंधन जरूर किया, लेकिन राज्य में उसकी अपनी सरकार नहीं रही। केरल- दक्षिण का इकलौता राज्य जहां लेफ्ट सत्ता में: देश का इकलौता राज्य है, जहां आज भी लेफ्ट सत्ता में है। यहां सत्ता बदलने की परंपरा रही है, लेकिन 2021 में वाम मोर्चा (LDF) ने इस ट्रेंड को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार सरकार बनाई। कांग्रेस गठबंधन की कोशिश इस बार एंटी इनकम्बेंसी को कैश करानी की रहेगी। वहीं, BJP अब तक केरल में एक भी विधानसभा सीट जीत पाई है। पिछले लोकसभा चुनाव में यहां उसने त्रिशूर लोकसभा सीट जीती थी। इसके अलावा दिसंबर 2025 में भी BJP ने पहली बार त्रिवेंद्रम (तिरुवनंतपुरम) नगर निगम का चुनाव जीता। असम- कांग्रेस ने किया 8 पार्टियों से अलायंस: राज्य में 10 साल से भाजपा की सरकार है। पार्टी तीसरे चुनाव की तैयारियों में जुटी है। पीएम मोदी 6 महीने में 3 बार राज्य का दौरा कर चुके हैं। यहां पार्टी ने 126 सीटों में से 100+ सीटें जीतने का टारगेट रखा है। असम में बांग्लादेश, घुसपैठियों/सीमा सुरक्षा, असमिया पहचान जैसे मुद्दे हैं। भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस ने 10 पार्टियों के साथ गठबंधन किया है। इसमें वामपंथी और क्षेत्रीय दल शामिल हैं। पुडुचेरी- सबसे कम सीटों वाली विधानसभा: 2021 में कांग्रेस सरकार गिरने के बाद AINRC-BJP गठबंधन ने सत्ता हासिल की और एन. रंगास्वामी एक बार फिर मुख्यमंत्री बने। यह पहली बार था जब BJP सत्ता में सीधे तौर पर भागीदार बनी। इस बार कांग्रेस DMK के साथ गठबंधन में वापसी की कोशिश कर रही है और सरकार गिरने के मुद्दे को एंटी-इनकम्बेंसी में बदलना चाहती है। गुजरात-महाराष्ट्र सहित 6 राज्यों की 8 सीटों पर उपचुनाव
हरियाणा में 19 और 20 मार्च को सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। जिला-वाइज आंकड़ों के मुताबिक इन दो दिनों में प्रदेश में कुल करीब 180 मिमी तक बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान पर बड़ा असर पड़ा। 20 मार्च को दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया और कई जिलों में पारा 20 से 25C के बीच सिमट गया। लगातार बारिश, बादल और ठंडी हवाओं के कारण दिन में भी ठंडक महसूस हुई, जबकि रात का तापमान सामान्य के आसपास बना रहा। दो दिन में बारिश का सबसे ज्यादा असर रोहतक, सोनीपत, चरखीदादरी, पलवल और महेंद्रगढ़ जिलों में रहा। वहीं अधिकांश जिलों में 5 से 20 एमएम बारिश हुई। आज अधिकतम तापमान भिवानी में सबसे ज्यादा 25C तक दर्ज किया गया। दिन के तापमान में गिरावट जारी 20 मार्च को हरियाणा में अधिकतम तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। पश्चिमी विक्षोभ से हुई बारिश और घने बादलों के कारण दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे पहुंच गया। अंबाला में अधिकतम तापमान 19C के आसपास दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 10C कम है। करनाल, हिसार और रोहतक में यह 22 से 23C के बीच रहा। सोनीपत की रात सबसे ठंडी न्यूनतम तापमान में 20 मार्च को हल्की गिरावट के बावजूद यह सामान्य के आसपास बना रहा। सोनीपत में सबसे कम न्यूनतम तापमान 14.3C दर्ज किया गया। करनाल में 15.3C, हिसार में 15.9C और गुरुग्राम में 17C न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड हुआ। बारिश और बादलों के कारण रात के तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं आई और नमी बढ़ने से ठंडक का असर बना रहा। बारिश में तेज हवा चलने से हुआ गेहूं को नुकसान : एक्सपर्ट चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय गेहूं एक्सपर्ट डॉ. ओपी बिश्नोई ने बताया कि गेहूं को बारिश से नुकसान नहीं है। हां अगर बारिश के साथ तेज हवा चलने से गेहूं बिछने का डर रहता है। अगर किसानों ने खेत में पहले से सिंचाई की है और बारिश के साथ तेज हवा चली तो गेहूं बिछ सकती है। गेहूं बिछने से पौधे की ताकत खत्म हो जाती है, उसका जमीन से संपर्क कट हो जाता है उसका दाना कमजोर हो जाता है। इससे एक तिहाई पैदावार पर असर पड़ सकता है। हां, बारिश से यह फायदा है कि इससे तापमान में गिरावट हो गई है इससे पछेती गेहूं को फायदा होगा। तापमान जो 35 डिग्री के पार चला गया था इससे गेहूं को नुकसान हो सकता था। वहीं सरसों को इस बारिश से नुकसान नहीं है क्योंकि सरसों पक चुकी है। ओले गिरने से ही सरसों को नुकसान होगा।
पश्चिमी विक्षोभ के असर से क्षेत्र में पिछले दो दिनों से हो रही बेमौसम बारिश और अंधड़ ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से जहां खेतों में खड़ी गेहूं की फसल आड़ी-तिरछी होकर गिर गई, वहीं कृषि उपज मंडी में पानी भरने से करीब 200 क्विंटल सरसों भीग गई। कामां क्षेत्र में लगातार खराब मौसम के चलते गेहूं और सरसों दोनों फसलों को नुकसान हुआ है। खेतों में तैयार खड़ी गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है, जबकि सरसों की पकी फसल की फलियां झड़ने लगी हैं। इससे उत्पादन लक्ष्य पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। कृषि विभाग के सहायक कृषि अधिकारी देवकांत ओझा के अनुसार तेज हवा के झोंकों से गेहूं की अगेती फसल गिर गई है। फसल गिरने से दाना सिकुड़कर छोटा रह जाएगा और बारिश में भीगने से उसकी चमक भी फीकी पड़ जाएगी। इससे गेहूं के उत्पादन में करीब 10 से 15 प्रतिशत तक नुकसान होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि सरसों की तैयार फसल को भी नुकसान पहुंचा है। तेज हवा और बारिश से फलियां झड़ने से 5 से 8 प्रतिशत तक उत्पादन घट सकता है। वहीं खलिहानों में पड़ी अगेती सरसों के भीगने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित होगी और तेल की मात्रा भी कम हो सकती है। लिफ्टिंग नहीं होने से 200 क्विंटल सरसों भीगी, लाखों का नुकसान बेमौसम बारिश से अनाज मंडी में सरसों की लिफ्टिंग नहीं होने से आढ़तियों व व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। करीब 200 क्विंटल सरसों खुले में पड़ी रहने से भीग गई, जिससे लाखों का नुकसान हुआ। व्यापारियों ने जगह अभाव में खेल मैदान में सरसों रखी थी। भास्कर इनसाइट - सुविधाओं की कमी, मंडी से मिलता है 2 करोड़ टैक्स कृषि उपज मंडी में सरसों, गेहूं सहित अन्य जिंसों की बिक्री पर हर वर्ष करीब 2 करोड़ रुपए मंडी टैक्स के रूप में वसूले जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। यदि इस राशि का उपयोग कर कृषि विपणन बोर्ड मंडी परिसर में पानी निकासी की बेहतर व्यवस्था, सीसी सड़क और कवर्ड डोम प्लेटफॉर्म का निर्माण करा दे, तो बेमौसम बारिश में हर साल किसानों और व्यापारियों को होने वाले नुकसान से काफी हद तक बचाया जा सकता है। अगर बारिश का दौर आगामी दिनों में भी जारी रहा तो किसानों को और ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। “कृषि विपणन बोर्ड जयपुर को तीन नए प्लेटफार्म बनवाने के लिए एस्टीमेट बनवा कर भेजा गया है जल्दी कृषि उपज मंडी समिति परिसर में नए प्लेटफार्म का निर्माण कार्य किया जाएगा।” - प्रेम प्रकाश यादव, मंडी सचिव कृषि मंडी
पठानकोट में पिछले 5 दिन से रुक-रुककर हुई बारिश रात में भी जारी रही। जिससे तापमान में गिरावट लगातार हो रही है। इससे मौसम तो सुहावना बना हुआ है। लेकिन, लीची और आम की फसल के लिए ये मौसम खतरे की घंटी बन सकता है। बता दें, लीची जोन घोषित हो चुके पठानकोट में बड़ी तादात में लीची और आम की खेती की जाती है। इसके अलावा, यहां 5200 हेक्टेयर के रकबे पर अन्य फलों की खेती हो रही है। लगातार हो रही बरसात से तापमान में गिरावट जारी है। दूसरी ओर मौसम विभाग की ओर से आंधी-तूफान की चेतावनी से बागबानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गईं हैं। अब अधिक बारिश की स्थिति में आम और लीची की फसल को नुकसान हो सकता है, क्योंकि आम और लीची दोनों में फ्लावरिंग हो रही है। बारिश से फ्लावर ड्रापिंग हो सकती है। जिसका सीधा असर पैदावार पर पड़ेगा। लीची जोन पठानकोट में 2100 हेक्टेयर में लीची की काश्तजिले में लीची की प्रमुख पैदावार है। जिसके चलते पठानकोट को लीची जोन घोषित किया गया है। वहीं, पंजाब सरकार की और से सुजानपुर में लीची एस्टेट का निर्माण किया गया है। ताकि, बागबानों की लीची को अन्य राज्यों और विदेशों में भेजे जाने तक फ्रैश रखा जा सके। जिले के 2100 हेक्टेयर रकबे पर केवल लीची की काश्त की जाती है। बागवानी विभाग के मुताबिक पिछले साल जिले में 35 हजार मीट्रिक टन लीची की पैदावार हुई थी। जो इस बार बढ़ने के आसार हैं। लेकिन, अगर बारिश अधिक हुई या तेज आंधी चली तो भी बागबानों का नुकसान हो सकता है। इस साल 400 एकड़ एरिया लीची का बढ़ाया गया है। पठानकोट में 24 घंटे में 9.9 एमएम बारिश रिकार्ड मौसम विभाग के मुताबिक, पठानकोट में 24 घंटे में 9.9 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। जबकि, 1 से 20 मार्च तक पठानकोट में 43.5 फीसदी बारिश हुई है। जोकि, पंजाब में सबसे अधिक है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में गरज, हवाएं चलने के साथ ही मध्यम बारिश की संभावना जताई है। 21 मार्च को कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। जिससे लीची और आम के काश्तकारों की चिंता बढ़ गई है। सुहावना मौसम बना खतरा पंजाब एग्रीकल्चर युनिवर्सिटी (PAU) की बागबानी विभाग माहिर डॉ. मनु त्यागी का कहना है कि आम के पेड़ों के स्वास्थ्य और बेहतर उत्पादन के लिए 24C से 27C का तापमान सबसे अच्छा माना जाता है। वहीं, लीची का फल पकने के दौरान (अप्रैल-मई) तापमान 30C से 35C के बीच होना चाहिए। अभी दोनों फल फ्लावरिंग स्टेज पर हैं। बौर (मंजर) उग रही हैं। अभी तक किसी नुक्सान की खबर नहीं है। लेकिन, लगातार बारिश हो रही है। तापमान 10 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच बना है। अगर मौसम विभाग की फॉरकास्ट के अनुसार मौसम रहा। आंधी और ओलावृष्टि हुई तो बड़ा नुकसान हो सकता है। कुछ दिनों में दोनों फल मसर के दाने जितने बड़े हो जाएंगे तो तेज हवा भी इस स्टेज पर फसल को नुकसान पहुंचा सकती है। 5200 हेक्टेयर में फलों की काश्तहार्टीकल्चर अफसर जितेंद्र कुमार ने बताया कि पठानकोट में सबसे अधिक 2100 हेक्टेयर रकबे पर केवल लीची की काश्त की जाती है। इसके बाद 2000 एकड़ में आम, 600 हेक्टेयर में किन्नू सहित कुल 5200 हेक्टेयर में सिर्फ फलों की काश्त होती है। अभी तक तो नुकसान की कोई सूचना नहीं है। फिर भी बागबानों से मिलकर सर्वे किया जाएगा।
मशहूर कॉमेडियन कृष्णा अभिषेक का कहना है कि उनके लिए हर कैरेक्टर अपने आप में एक नया चैलेंज होता है। खासकर क्रॉस-जेंडर एक्टिंग के दौरान कई बार चीजें उम्मीद के मुताबिक नहीं चलतीं, लेकिन वे उन गलतियों से सीखते हैं और हंसी-मजाक के जरिए उन्हें सुधारते रहते हैं। लोगों का प्यार जिंदगी को बेहतर बनाता है। कृष्णा ने यह भी कहा कि मिमिक्री करना उन्हें हमेशा से पसंद रहा है। धर्मेंद्र पाजी की मिमिक्री उनकी सबसे फेवरेट है, जिसे वे बड़े मजे से निभाते हैं। कृष्णा अभिषेक चेट्रीचंड्र महोत्सव में शामिल होने रायपुर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल से खास बातचीत की। पढ़िए उनकी जिंदगी और करियर से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से… सवाल- स्क्रीन पर आप लोगों को हंसाते हैं, इसका आपकी जिंदगी में क्या बेनिफिट होता है? जवाब- इसका मेरी निजी जिंदगी पर असर काफी सकारात्मक रहा है। सबसे बड़ी बात ये है कि लोगों से बहुत प्यार मिलता है। खासकर महिलाएं क्योंकि घर में ज्यादातर रिमोट उनके हाथ में होता है वो हमारे काम को ज्यादा देखती हैं और सराहती हैं। जब भी उनसे मुलाकात होती है, वो बहुत प्यार और दुआएं देती हैं। आज की स्ट्रेसफुल लाइफ में अगर हमारा काम किसी का मूड हल्का कर पाता है, तो इससे बड़ी खुशी और क्या हो सकती है। लोगों का यही प्यार, आशीर्वाद और पॉजिटिविटी हमारी जिंदगी को और बेहतर बनाता है। सवाल- क्रॉस जेंडर एक्टिंग में गेटअप चेंज करने के लिए कितना वक्त मिलता है, कैसे टाइम मैनेज होता है? जवाब- देखिए, कोई भी परफॉर्मेंस के पीछे एक पूरा प्रोसेस होता है। हमें अच्छा-खासा समय दिया जाता है, टीम हमारे साथ मिलकर पूरी तैयारी करवाती है, रिहर्सल करवाई जाती है और फिर हम सब साथ बैठकर प्लान करते हैं कि सीन को कैसे बेहतर तरीके से किया जाए। इसलिए ऑन-स्क्रीन जो चीजें आसान लगती हैं, उसके पीछे काफी मेहनत और टीमवर्क होता है। सवाल- कौन सा किरदार आपके लिए सबसे चुनौतीपूर्ण रहा है? आपको सबसे फेवरेट कौन सा लगता है? जवाब- जहां तक अलग-अलग किरदार निभाने की बात है, तो मेरे हिसाब से हर रोल अपने आप में चैलेंजिंग होता है। क्योंकि जब भी आप स्टेज या कैमरे के सामने जाते हैं, तो मन में एक हल्की-सी घबराहट जरूर रहती है कि सब कुछ ठीक से होगा या नहीं। वही घबराहट आपको और बेहतर करने के लिए मोटिवेट भी करती है। लेकिन अगर अपने सबसे पसंदीदा किरदार की बात करूं, तो धरम जी का रोल मेरे दिल के बहुत करीब रहा है। उनसे मेरा एक पर्सनल कनेक्शन भी था। वो बेहद सरल और अच्छे इंसान थे, और मुझसे खास स्नेह रखते थे। जब उनके निधन की खबर मिली, तो मैं उस वक्त भारत में नहीं था, अमेरिका में था, बहुत ज्यादा दुख हुआ। जब भी मैं धरम जी का किरदार निभाता था, तो उसमें एक अलग ही इमोशन जुड़ जाता था। सवाल- क्रॉस जेंडर एक्टिंग के दौरान कई चीजे फेल हो जाती है, ऑन कैमरा कैसे मैनेज करते हैं? जवाब- हां ये सही है कि एक्टिंग के दौरान हमारी कई बार चीजें फेल हो जाती हैं। लेकिन खास बात ये है कि हम उन्हें संभालना जानते हैं। स्टेज पर या शूट के दौरान अगर कुछ गड़बड़ हो भी जाए, तो हम सब मिलकर उसे तुरंत मैनेज कर लेते हैं। हमारी टीम बहुत मजबूत है। कपिल भाई, सुनील, किकू और बाकी सभी कलाकार हम सबके बीच इतनी अच्छी अंडरस्टैंडिंग है कि कोई भी सीन खराब नहीं होने देते। अगर कोई गलती हो भी जाए, तो उसे हम हंसी-मजाक में ही कवर कर लेते हैं, और कई बार वही चीज दर्शकों को और ज्यादा एंटरटेन कर जाती है। सवाल- लंबी स्क्रिप्ट याद कैसे रखते हैं? कई बार डायलॉग भूलने पर क्या करते हैं। जवाब- जहां तक स्क्रिप्ट की बात है, तो कॉमेडी में लंबी-लंबी स्क्रिप्ट्स होती हैं, जिन्हें याद रखना आसान नहीं होता। लेकिन हम लोग बहुत मेहनत करते हैं, खूब रिहर्सल करते हैं, इसलिए चीजें अच्छे से सेट हो जाती हैं। और सबसे जरूरी बात ये है कि हम सब खुद भी इस प्रोसेस को बहुत एंजॉय करते हैं। यही वजह है कि अगर छोटी-मोटी गलतियां भी हो जाएं, तो हम उन्हें बोझ नहीं बनने देते, बल्कि हंसते-खेलते उन्हें भी परफॉर्मेंस का हिस्सा बना लेते हैं। सवाल- हमें जब स्ट्रेस होता है, तो वो कॉमेडी शोज देख लेते हैं, स्ट्रेस होने पर आप क्या करते है? जवाब- ये मेरे केस में थोड़ा अलग है। जब मैं स्ट्रेस में होता हूं, तो मेरे सामने कश्मीरा ही होती हैं…और सच कहूं तो वही हमारे लिए एक और स्ट्रेस बन जाती हैं (हंसते हुए)। तो ऐसा नहीं है कि हम स्ट्रेस से बाहर निकलने के लिए कुछ खास करते हैं, हम तो उसी में हंसते-खेलते जी लेते हैं। यही हमारा तरीका है, स्ट्रेस को भी मजाक में बदल देने का। सवाल- यूथ जो एक्टिंग में जाना चाहते हैं, उन्हें क्या टिप्स देना चाहेंगे? जवाब- आजकल का युथ वाकई बहुत अच्छा काम कर रहा है। मैं सोशल मीडिया पर देखता रहता हूं नए-नए लोग कॉमेडी में शानदार परफॉर्म कर रहे हैं। मुझे तो लगता है कि उन्हें अलग से टिप्स देने की जरूरत ही नहीं है। आज का यंग टैलेंट खुद ही एक्सपेरिमेंट करता है, अपनी स्टाइल बनाता है और उसी में आगे बढ़ रहा है। सबसे अच्छी बात ये है कि जो नए लोग आ रहे हैं, वो सीनियर्स को बहुत रिस्पेक्ट देते हैं। ये बहुत पॉजिटिव चीज है और इंडस्ट्री के लिए भी अच्छा संकेत है। कुल मिलाकर, सभी लोग बहुत बढ़िया काम कर रहे हैं और आगे का फ्यूचर काफी ब्राइट लग रहा है। सवाल- आप फ्री टाइम में क्या करते है? हॉबी क्या है? जवाब- मेरे फ्री टाइम की बात है, तो जब भी मौका मिलता है, हम घूमना-फिरना पसंद करते हैं। जैसे अभी रायपुर आए हैं, तो यहां घूम रहे हैं, अच्छा खाना खा रहे हैं और दोस्तों के साथ समय बिता रहे हैं, यहां हमारे दोस्त होपी के पास भी आए हैं। और अगर मुंबई में होते हैं, तो सच कहूं तो फ्री टाइम बहुत कम मिलता है। वहां खाली समय में भी हम अपने काम से जुड़े रहते है कभी एक्टिंग की प्रैक्टिस, कभी डांस, कभी कुछ नया सीखना। इसके अलावा परिवार के साथ वक्त बिताना भी बहुत जरूरी होता है। बच्चों के साथ टाइम स्पेंड करते हैं और कश्मीरा के साथ भी क्वालिटी टाइम निकालते हैं। सवाल- एक्टिंग में करियर बनाने के लिए गंभीर लोग कैसे सीखें? क्या स्टेप्स होना चाहिए। जवाब- अगर कोई इस फील्ड में सीरियसली आना चाहता है, तो मैं यही कहूंगा कि सबसे पहले ऑब्जर्व करना सीखिए। हमारा शो देखिए, एंजॉय करिए लेकिन सीखने वाले ध्यान से देखिए। जब आप हर एक्ट को गौर से देखेंगे, तो उसमें आपको बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। हम लोग इतने सालों से जो मेहनत कर रहे हैं, उसका एक्सपीरियंस हर परफॉर्मेंस में नजर आता है। और ऐसा नहीं है कि सिर्फ आप ही हमसे सीखेंगे हम भी नए युथ से बहुत कुछ सीखते हैं। ये एक लगातार चलने वाला प्रोसेस है, जहां हर कोई एक-दूसरे से सीख रहा है।
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
हरियाणा के कुरुक्षेत्र के युवक की फ्रांस में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। बेटे की मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार ने सरकार से बेटे का शव भारत लाने की गुहार लगाई है। कल शुक्रवार को युवक की मौत की सूचना परिवार को मिली। मृतक की पहचान गुरमेल सिंह उर्फ सोनू (35) निवासी नारायणगढ़ मोहल्ला इस्माइलाबाद के रूप में हुई। गुरमेल सिंह फ्रांस के पेरिस में रहता था और यहां पर रंग-पुताई करने का काम करता था। सोनू अपने पीछे पत्नी और 2 बेटियों को छोड़ गया। करीब 5 साल पहले गुरमेल फ्रांस गया था। तीन महीने पहले घर आया लखवीर सिंह ने बताया कि उसका दोस्त गुरमेल सिंह साल 2021 में काम की तलाश में फ्रांस गया था। करीब 3 महीने पहले ही गुरमेल अपने घर आया था। गुरमेल के वापस आने से परिवार पूरा खुश था। दो-तीन महीने रहने के बाद उसे 2 मार्च की फ्लाइट से फ्रांस अपने काम पर लौटना था। 11 मार्च को फ्रांस लौटा गुरमेल ने फ्रांस जाने की पूरी तैयारी कर ली थी, लेकिन ईरान-इजराइल के तनाव के बीच उसकी फ्लाइट केंसल हो गई। उसके बाद गुरमेल ने 11 मार्च को अपनी फ्लाइट की टिकट बुक करवाई। उसी दिन गुरमेल उस फ्लाइट से वापस फ्रांस चला गया। जाने से पहले उसने दिवाली के आसपास वापस घर आने की बात कही थी। अचानक बेहोश होकर गिरा गुरमेल ने वापस फ्रांस जाकर अपना काम संभाल लिया। 19 मार्च को गुरमेल पेरिस में अपने काम पर जा रहा था। बीच रास्ते में ही दिल का दौरा पड़ने से गुरमेल बेहोश होकर सड़क पर गिर गया। राहगीरों की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बिहार में शुक्रवार की शाम अचानक मौसम का मिजाज बदला। इसके बाद तेज आंधी-बारिश शुरू हो गई। पटना, बेतिया, मोतिहारी, जमुई, औरंगाबाद, बगहा, मुजफ्फरपुर, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर, नालंदा, खगड़िया समेत 15 शहरों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, बगहा, मोतिहारी, बेगूसराय, खगड़िया और मुजफ्फरपुर में ओले गिरे। वहीं, पटना के बाढ़ में तेज हवा के दौरान ताड़ के पेड़ पर बिजली गिरी, जिसके बाद पेड़ धू-धूकर जल गई। हालांकि, कोई हताहत नहीं है। गयाजी के वजीरगंज और डुमरिया में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। खगड़िया में बारिश की वजह से जलजमाव की समस्या बन गई है।…वीडियो देखने के लिए फोटो पर क्लिक करें….
प्रदेश के गांवों में अब विकास कार्य बिखरी हुई योजनाओं या बिना प्लानिंग के नहीं होंगे। शहरों की तर्ज पर अब गांवों का भी अपना मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान शुरू किया गया है। इसमें तीन चरणों में गांवों को विकसित भारत 2047 के अनुरूप विकसित बनाया जाएगा। इसे गांवों की तात्कालिक मांगों या छोटी-मोटी घोषणाओं तक सीमित नहीं रखा जाएगा। राज्य सरकार ने इसके लिए तीन हिस्सों में बांटा है। पहला अल्पकालीन खंड 2030 तक रहेगा। इस दौरान गांवों में बुनियादी ढांचे के विकास किया जाएगा। बिजली, पानी-सड़क जैसी तत्काल जरूरतों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा। दूसरा भाग मध्यकालीन के रूप में वर्ष 2035 तक निर्धारित किया गया है। इसमें कृषि, सिंचाई सुविधाएं, रोजगार, कौशल विकास और अन्य ग्रामीण आवश्यकताओं को शामिल किया गया है। आखिरी और तीसरा चरण दीर्घकालीन है। इसके अंतर्गत 2047 तक मास्टर प्लान के आधार पर आत्मनिर्भर और सतत ग्राम विकास कराया जाएगा। अभियान के अंतर्गत हर ग्राम पंचायत की एक डायनामिक प्रोफाइल बनाई जाएगी। जिसमें पंचायत क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों, आधारभूत सुविधाओं और विकास जरूरतों का डिजिटल डेटाबेस शामिल किया जाएगा। साथ ही गांवों का विजुअल मानचित्र तैयार किया जाएगा। यह सारा काम जीआईएस प्लेटफॉर्म, एसएसओ ऐप और प्रगति पोर्टल के माध्यम से होगा। बजट घोषणा 2026-27 के तहत हो रहे शुरू किए गए इस अभियान का मकसद विकसित राजस्थान-2047 के विजन को जमीन पर उतारना है। राजस्थान इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मेशन एंड इनोवेशन के माध्यम से ग्राम से लेकर जिला स्तर तक यह पूरा ढांचा तैयार किया जाएगा। राज्य से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक जिम्मेदारी तय की गई है। जिला स्तर पर जिला परिषद सीईओ नोडल अधिकारी होंगे, तो ग्राम स्तर पर वीडीओ को अभियान समन्वयक बनाया गया है। अभियान की मॉनिटरिंग पूरी तरह डिजिटल होगी। यह अभियान 15 मई तक चलेगा। इसी दौरान ग्रामीणों से मिले सुझावों व पंचायत कर्मचारियों के सर्वे डेटा के आधार पर हरेक गांव का मास्टर प्लान स्वीकृत किया जाएगा। ग्रामीण 30 अप्रैल तक दे सकेंगे सुझाव विकसित गांव के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए हर पंचायत में सुझाव पेटी रखी जाएगी। ग्रामीण अपने सुझाव इस पेटी में डाल सकते हैं। 20 मार्च से 30 अप्रैल तक यह पेटी पंचायत में रखी जाएगी। पेटी के अलावा ग्रामीण ईमेल के जरिए भी पंचायत अधिकारियों तक अपने सुझाव पहुंचा सकते हैं। हालांकि अभियान के पहले दिन ग्राम विकास अधिकारियों ने ग्राम सभाओं का बहिष्कार किया। इसके चलते सभाएं नहीं हो सकी। प्रदेशाध्यक्ष महावीर शर्मा ने बताया कि हमने ग्राम सभाओं का एजेंडा ही जारी नहीं किया।
21 दिन से अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग चल रही है। बम, गोले और मिसाइल 3000 km दूर दागे जा रहे, लेकिन असर बिहार के लोगों की थाली पर दिख रहा है। गैस संकट के चलते होटल और चाय-समोसे की दुकानें चलाने वालों ने नास्ता और खाने की कीमत बढ़ा दी है। 5 रुपए में मिलने वाली कटिंग चाय अब 10 रुपए की हो गई है। 10 रुपए में बिकने वाला समोसा 15 रुपए का हो गया है। कैंटीन में पहले जो थाली 80 रुपए में मिलती थी, अब 100 से 120 रुपए की हो गई है। गैस संकट का असर बिहार के होटल इंडस्ट्री पर कितना पड़ा है। पटना के पनाश होटल से गयाजी के चाय के ठेले तक, क्या स्थिति है? होटलवालों ने क्या रणनीति अपनाई है? पढ़िए, 4 जिलों से रिपोर्ट पटना: गैस की कमी से बदले मेन्यू, पनाश में मटन बंद राजधानी पटना में गैस संकट का असर होटल, रेस्टोरेंट और फूड इंडस्ट्री पर साफ दिखने लगा है। होटलों ने अपने मेन्यू बदले हैं। ऐसी डिश परोसने पर ध्यान दे रहे हैं, जिन्हें तंदूर, इंडक्शन और कोयले के चूल्हे पर पकाया जा सके। जिन होटलों में PNG (पाइप के रास्ते मिलने वाली रसोई गैस) की सुविधा है, उनमें स्थिति सामान्य बनी हुई है। कई दुकानदारों ने समोसे और लिट्टी की कीमत बढ़ा दी है। 10 रुपए में मिलने वाला समोसा अब 15 का हो गया है। सादा भोजन की जो थाली 80 रुपए में मिलती थी, अब 100 से 120 रुपए तक की हो गई है। गैस की कमी से हो रही परेशानी जानने के लिए हम पटना के पनाश होटल पहुंचे। पनाश के वीपीओ एलन क्रिस्टोफर ने बताया, ‘हम गैस की कमी की स्थिति से बाहर निकलने का रास्ता तलाश रहे हैं। मेन्यू कम कर रहे हैं। ऐसी डिश तैयार कर रहे हैं, जिन्हें बनाने में ज्यादा गैस नहीं लगे।’ उन्होंने कहा, ‘पहले हमारा किचन 24 घंटे चलता था। अब रात 11 बजे तक ही खोल रहे हैं। तंदूर और इंडक्शन इस्तेमाल कर रहे हैं। खाना बनाने का ऐसा तरीका अपना रहे हैं जिसमें गैस कम लगे।’ मटन और देर तक पकने वाले खाने बंद क्रिस्टोफर ने कहा, ‘मटन बनाने में बहुत ज्यादा गैस खर्च होती है। अभी इसे तैयार करने से हमलोग परहेज कर रहे हैं। तंदूर का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। पटना डीएम ने इंडियन ऑयल कार्पोरेशन के साथ मीटिंग कराई थी। इसके बाद सीमित मात्रा में गैस की सप्लाई हो रही है। इससे हम बाहर से आए गेस्ट के लिए ब्रेकफास्ट और जरूरत पड़ने पर खाना तैयार कर रहे हैं।’ बीकानेर स्वीट्स में PNG से राहत हमने पटना के बीकानेर स्वीट्स के मैनेजर नितिन से बात की। उन्होंने कहा, ‘हमारे यहां PNG कनेक्शन है। पाइप से रसोई गैस की सप्लाई जारी है। इसके चलते परेशानी नहीं है। हमने अपने फूड आइटम्स की कीमत में बदलाव नहीं किया है।’ टेक अवे एक्सप्रेस के मैनेजर विवेक कुमार ने बताया, ‘जहां पहले 10 सिलेंडर मिलता थे वहां अब एक ही मिल रहा। इसके चलते परेशानी है। गैस स्टॉक में होने के चलते अभी हमारे यहां मेनू नहीं बदला गया है।’ कोयले पर बना रहे खाना, साउथ इंडियन मेन्यू तक सीमित बंजारा होटल के शेफ रोहित कुमार ने बताया, ‘गैस संकट के चलते किसी तरह कोयला पर खाना बना रहे हैं। हर दिन एक ही सिलेंडर मिल रहा है। हम लोग फिलहाल साउथ इंडियन खाना ही दे पा रहे हैं। गैस संकट दूर होने पर अन्य डिश चालू करेंगे।’ होटल पीकुली के मैनेजर कार्तिकेय ने बताया, ‘हमारी कोशिश है कि कोई कस्टमर नाराज होकर नहीं लौटे। अभी मेन्यू में बदलाव नहीं किया गया है। हमारे पास 10 दिन का स्टॉक है। गैस बचाने के लिए हमने कोयले का एक चूल्हा बनाया है। इसपर ग्रेवी तैयार करते हैं। कोयले का एक तंदूर भी बनाया है।’ नालंदा: कोयला और लकड़ी के चूल्हे पर बन रही बिरयानी नालंदा में गैस संकट ने होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। होटल और रेस्टोरेंट के मालिक कोयला और लकड़ी के चूल्हे से बिरयानी और समोसा जैसे खाने के सामान तैयार कर रहे हैं। बिहारशरीफ के महात्मा गांधी रोड स्थित केसरिया स्वीट्स के संचालक राजेश प्रसाद ने बताया, ‘कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल रहा है। इसके चलते अब कोयले के चूल्हे पर समोसा, रसगुल्ला और अन्य पकवान बना रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘गैस संकट के चलते कोयले की कीमत बढ़ गई है। पहले जो कोयला 13-14 रुपए प्रति किलो मिलता था अब 15 से 20 रुपए प्रति किलो बिक रहा है।’ बिरयानी हाउस के पास स्टॉक, फिलहाल राहत बिरयानी हाउस के संचालक रजनीश रंजन ने कहा, ‘अभी हमारे पास एलपीजी सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक है। यहां कामकाज सामान्य रूप से चल रहा है। मेन्यू और रेट नहीं बदले गए हैं। आने वाले समय में गैस की किल्लत इसी तरह बनी रही तो दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं।’ लकड़ी के चूल्हे से खाना बनाने में लग रहा ज्यादा समय, कम हुए ग्राहक होटल माउंट व्यू के मैनेजर अमरेंद्र ने बताया, ‘गैस न मिलने के कारण हमलोग लकड़ी के चूल्हे का इस्तेमाल कर रहे हैं। लकड़ी से खाना पकाने में गैस की तुलना में अधिक समय लगता है। इसके चलते ग्राहकों का ऑर्डर सर्व करने में देर हो रही है।’ शहर के मुख्य चौक-चौराहों पर मिलने वाले लौंग-लत्ता, लिट्टी और गुलाब जामुन जैसे खाद्य पदार्थों की कीमत नहीं बढ़ी है। दुकानदारों ने बताया कि अभी वे किसी तरह काम चला रहे हैं ताकि ग्राहकों का भरोसा बना रहे। गयाजी: LPG संकट का असर, 5 रुपए वाली चाय बंद गयाजी में गैस संकट का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। शहर के रेस्टोरेंट, मिठाई दुकान व छोटे चाय स्टॉल संचालक परेशान हैं। कई दुकानदारों ने 5 रुपए वाली चाय देना बंद कर दिया है। अब कट चाय का एक कप 10 रुपए में मिल रहा है। गैस संकट के चलते कई दुकानदार डीजल वाली भट्टी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसमें खाना पकाने के लिए डीजल जलाया जाता है। शहर के मिर्जा गालिब कॉलेज स्थित देव होटल के संचालक ने कहा, ‘कमर्शियल गैस सिलेंडर का स्टॉक बनाए रखने के लिए बड़ी भागदौड़ करनी पड़ रही है। समोसा, छोले भटूरे व चाय को छोड़कर सारे प्रोडक्ट कोयले के चूल्हे पर बना रहे हैं।’ पीरमंसूर रोड स्थित वंदना स्वीट्स एंड नमकीन के संचालक राहुल गुप्ता ने कहा, ‘हमारे यहां फिलहाल स्थिति काबू में है। स्टॉक में कमर्शियल सिलेंडर हैं। किल्लत को देखते हुए हमने डीजल भट्ठी तैयार करा ली है। संकट बढ़ने पर उसका इस्तेमाल करेंगे।’ भागलपुर: कोयला पर शिफ्ट हुए होटलवाले, रेट बढ़ा गैस नहीं मिलने से भागलपुर के होटल और रेस्टोरेंट मालिक परेशान हैं। कई होटल तो पूरी तरह कोयले पर शिफ्ट हो गए हैं। प्रति थाली 10 से 20 रुपए तक भोजन की कीमत बढ़ी है। होटल चलाने वाले अभिषेक कुमार ने कहा, 'इस समय बड़ी परेशानी है। गैस नहीं मिल रही है। पहले खाना बनाने के लिए कमर्शियल गैस सिलेंडर इस्तेमाल करता था। अब गैस नहीं मिल रहा है तो पूरी तरह कोयले के चूल्हे पर खाना पका रहे हैं।' अभिषेक ने कहा, 'हमारे यहां खाना पर प्रति थाली 10 रुपए रेट बढ़ा हुआ है। कारीगर (खाना पकाने वाले कर्मचारी) कोयले के चूल्हा पर खाना बनाना नहीं चाहते।' वहीं, होटल मालिक राजकमल ने कहा, 'पहले मैं खाना बनाने के लिए कोयला और गैस दोनों इस्तेमाल करता था। गैस संकट के चलते सिलेंडर नहीं मिल रहे। इसलिए अभी पूरा काम कोयले के चूल्हा पर कर रहे हैं। कोयला गैस की तुलना में सस्ता भी है।' पटना से संस्कृति, गया से दीपेश, नालंदा से सूरज और भागलपुर से अमरजीत की रिपोर्ट।
नजीराबाद थानाक्षेत्र के जीटी रोड स्थित होटल प्रिस्टिन में काम करने वाली युवती से होटल में दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आया है। युवती के शोर मचाने पर आरोपी मौके से भाग निकला। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। मूलरूप से असम की रहने वाली युवती जीटी रोड स्थित होटल प्रिस्टिन में काम करती है। नजीराबाद पुलिस को दी गई तहरीर में उसने बताया कि गुरुवार शाम वह नहाकर जैसे ही बाहर निकली, बल्ली नाम के युवक ने उसे बदनीयती से पकड़ लिया। छेड़छाड़ करते हुए रेप का प्रयास किया। किसी तरह वह बचकर भागी और शोर मचाया तो आरोपी मौके से भाग निकला। होटल के स्टाफ को घटना की जानकारी देने के साथ ही पीड़िता ने नजीराबाद थाने पहुंचकर पुलिस को आरोपी के खिलाफ तहरीर दी। थाना प्रभारी पवन कुमार सिंह ने बताया कि युवती की तहरीर पर रिपोर्ट दर्जकर उसकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
ग्वालियर नगर निगम मुख्यालय के बेसमेंट में सरकारी इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के चार्ज किए जा रहे हैं। यह लापरवाही इंदौर में चार्जिंग के दौरान EV कार में आग लगने की घटना के बाद भी सामने आई है। निगम मुख्यालय के ठीक बगल में एक नया EV चार्जिंग स्टेशन कुछ दिन पहले ही नगर निगम आयुक्त द्वारा उद्घाटित किया गया था। इसके बावजूद, निगम के जिम्मेदार अपनी गाड़ियों को बेसमेंट में घंटों चार्ज पर लगाकर छोड़ देते हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रोजाना सैकड़ों लोग अपने काम के लिए नगर निगम मुख्यालय आते हैं और अपने वाहन बेसमेंट में पार्क करते हैं। इन्हीं वाहनों के बीच सरकारी इलेक्ट्रिक कारों को चार्ज किया जाता है। कर्मचारियों द्वारा इन गाड़ियों को घंटों अकेला छोड़ दिया जाता है, जिससे किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में बड़ी जनहानि या संपत्ति का नुकसान हो सकता है। दूसरी ओर, नगर निगम मुख्यालय से कुछ ही कदम की दूरी पर बना सार्वजनिक EV चार्जिंग स्टेशन अधिकांश समय खाली रहता है। जब सरकारी गाड़ियां ही सार्वजनिक स्टेशन का उपयोग नहीं कर रही हैं, तो आम जनता के बीच इसका क्या संदेश जाएगा, यह भी एक चिंता का विषय है। इस सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन बीते 12 मार्च को ग्वालियर की महापौर शोभा सिकरवार और नगर निगम आयुक्त संघप्रिय ने किया था। इसका उद्देश्य EV वाहन चालकों को सुविधा प्रदान करना और आर्थिक तंगी से जूझ रहे नगर निगम के लिए राजस्व जुटाना था। हालांकि, निगम के जिम्मेदार अधिकारी कथित तौर पर मुफ्त चार्जिंग के लालच में पूरे मुख्यालय को जोखिम में डालने से नहीं हिचकिचा रहे हैं, जिससे निगम को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। इस संबंध में जब नगर निगम के संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनसे बात नहीं हो सकी।
गुर्जरगौड़ ब्राह्मण समाज का समारोह कल
उज्जैन | गुर्जरगौड़ ब्राह्मण समाज फ्रीगंज का सम्मान समारोह और सांस्कृतिक समागम 22 मार्च, रविवार को इंदौर रोड स्थित प्रशांति गार्डन में होगा। पं. राजेंद्र तिवारी ने बताया कार्यक्रम दोपहर 2 बजे से गौतम जयंती महोत्सव के तहत आयोजित किया जाएगा। मुख्य अतिथि विवेक दुबे रहेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय अध्यक्ष माया त्रिवेदी और प्रांतीय अध्यक्ष राजेश त्रिवेदी शामिल होंगे।
प्रकटेश्वर मंदिर में पंचांग पूजन के साथ मनाया ज्योतिष दिवस
उज्जैन | प्रकटेश्वर महादेव मंदिर में गुड़ी पड़वा पर विक्रम संवत 2083 के पहले दिन पंचांग पूजन और ध्वजारोहण के साथ नव संवत्सर की शुरुआत हुई। कार्यक्रम विक्रम उत्सव के तहत आयोजित किया गया। आयोजन सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, महाराज विक्रमादित्य शोधपीठ, सम्राट विक्रमादित्य विद्वत परिषद, पूर्ण फाउंडेशन और मंदिर की शिव विष्णु समिति के संयुक्त सहयोग से हुआ। अतिथि के रूप में प्रो. अर्पण भारद्वाज मौजूद रहे। संचालन राम तिवारी ने किया। इस अवसर पर राजेश कुशवाह, नरेश शर्मा, मंदिर पुजारी घनश्याम शर्मा, डॉ. अनिल कुमार शर्मा, डॉ. दिलीप सोनी, रमन सोलंकी मौजूद थे।
सिंहपुरी और भागसीपुरा से निकाली गेर में झांकियां रही आकर्षण का केंद्र
श्री महाकालेश्वर भर्तृहरि विक्रम ध्वज चल समारोह समिति श्री गुर्जर गौड़ ब्राह्मण समाज द्वारा गुड़ी पड़वा पर आताल-पाताल महाभैरव सिंहपुरी क्षेत्र से गेर निकाली। पंडित रूपम जोशी, अर्पित दुबे व पंडित आदर्श जोशी ने बताया गेर में इस बार ऊंट, कड़ाबीन, 8 बैंड, 51 ढोल, 20 घोड़ी, 108 ध्वज निशान के साथ झांकियां निकाली। झांकियों में रक्तबीज का वध करते हुए देवी, कुंभकरण वध, चलित नाट्य शैली में भगवान शिव का अघोर स्वरूप में तीसरे नेत्र से उत्पन्न अग्नि और भूतों की टोली आकर्षण का केंद्र रही। गेर प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः सिंहपुरी क्षेत्र पहुंचेगी। इधर, श्री आनंद भैरव नवयुवक मित्रमंडल भागसीपुरा गुरु मंडली की आनंद भैरव विक्रम ध्वज चल समारोह भागसीपुरा से निकाला। गेर में रतलाम की रंगारंग झांकियां, भस्मासुर, सांवलिया सेठ आदि झांकी आकर्षक का केंद्र रही।
बगलामुखी धाम में चल रहे अनुष्ठान में पहुंचे मुख्यमंत्री
भैरवगढ़ रोड स्थित मां बगलामुखी धाम में चल रहे 10 महाविद्या देवियों की मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा अनुष्ठान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। यह अनुष्ठान भर्तृहरि गुफा के गादीपति महंत योगी पीर रामनाथ महाराज के सानिध्य में कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री उज्जैन प्रवास के दौरान रात्रि में समय निकालकर मंदिर पहुंचे। उन्होंने महंत रामनाथ महाराज के साथ नवनिर्मित मंदिर का अवलोकन किया और मंदिर के मध्य प्रांगण में स्थापित मां दुर्गा की विशाल प्रतिमा का पूजन-अर्चन भी किया। यह अनुष्ठान नौ दिन तक चलेगा और इसकी पूर्णाहुति रामनवमी पर्व पर 27 मार्च को होगी। इस अवधि में 10 महाविद्याओं में शामिल मूर्तियों की एक-एक कर प्रतिष्ठा की जाएगी।
एफएसएसएआई लाइसेंस अब स्थायी, हर साल रिन्युअल की आवश्यकता नहीं
केंद्र सरकार ने खाद्य कारोबार से जुड़े व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) के लाइसेंस को स्थायी करने का निर्णय लिया है। अब खाद्य व्यवसाय संचालकों को हर वर्ष लाइसेंस रिन्यू कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। साथ ही बेसिक पंजीकरण के लिए टर्नओवर की सीमा 12 लाख रुपए से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपए कर दी गई है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। इस फैसले का स्वागत करते हुए सांसद और कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि यह निर्णय व्यापारियों पर अनुपालन के बोझ को कम करने और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है। खंडेलवाल ने बताया कि अब खाद्य व्यवसाय संचालकों को स्थायी लाइसेंस दिया जाएगा, जिससे बार-बार नवीनीकरण की प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया ने कहा कि यह सुधार नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में एक गेम-चेंजर साबिकैट के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र मालथोन ने बताया कि नए प्रावधानों के तहत 50 करोड़ रुपए तक के टर्नओवर वाले व्यवसायों के लिए राज्य लाइसेंस आवश्यक होगा, जबकि 50 करोड़ रुपए से अधिक टर्नओवर वाले कारोबार के लिए केंद्रीय लाइसेंस लागू रहेगा। इससे लाइसेंसिंग व्यवस्था अधिक स्पष्ट और सरल हो जाएगी। उन्होंने बताया कि देशभर में करीब 2.5 करोड़ खाद्य व्यवसाय संचालकों को इस फैसले से सीधा लाभ मिलेगा। कैट के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय अग्रवाल, संभागीय अध्यक्ष निकेश गुप्ता, महामंत्री अनिमेष शाह सहित विजय भूषण वर्मा, सुरेश होलानी, अजीत समैया, पंकज तिवारी, शैलेश केसरवानी, संजीव दिवाकर, सौरभ उपकार, ऋतुराज जैन, मुन्ना गुजरात नमकीन, विकास मोदी और संतोष स्टील सहित अन्य पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और सांसद प्रवीण खंडेलवाल को इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
झूलेलाल जयंती पर पुलिस व निगम अधिकारियों का सम्मान किया गया
झूलेलाल मंदिर, संत कंवर राम वार्ड में झूलेलाल जयंती के अवसर पर शिवसेना संगठन और पूज्य सिंधी पंचायत के तत्वावधान में पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों को उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए शील्ड, शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मौजूद संगठन के प्रदेश उप प्रमुख पप्पू तिवारी ने कहा कि शहर में कटरबाजी की बढ़ती घटनाओं से आम लोग भयभीत हैं और ऐसे में अपराधियों पर सख्ती करने वाले पुलिस अधिकारियों का सम्मान पुलिस बल का मनोबल बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि संगठन जनसेवा करने वाले अधिकारियों को लगातार सम्मानित करता रहा है और आगे भी करेगा। तिवारी के अनुसार वर्तमान में बढ़ते अपराध, अवैध शराब, जुआ, सट्टा और अवैध शेयर बाजार का खुलेआम प्रचलन चिंता का विषय है, जिसे रोकने की दिशा में कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों को भविष्य में भी सम्मानित किया जाएगा। सिंधी पंचायत अध्यक्ष मोहन सौम्या ने कहा कि भगवान झूलेलाल जयंती पर पुलिस का सम्मान करना गौरव की बात है। वहीं सीएसपी ललित कश्यप ने कहा कि बहुत कम अवसरों पर पुलिस का सम्मान होता है, ऐसे कार्यक्रम होते रहना चाहिए। सम्मानित किए गए अधिकारियों में सीएसपी ललित कश्यप, मकरोनिया थाना प्रभारी रावेंद्र सिंह चौहान, महिला थाना प्रभारी संतोषी कनासिया, नगर निगम उपायुक्त एस.एस. बघेल और इंजीनियर संयम चतुर्वेदी शामिल रहे। कार्यक्रम में शिवसेना और सिंधी समाज के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
लुधियाना पुलिस के अफसरों को कोर्ट के आदेशों की भी परवाह नहीं है। कोर्ट के आदेश होने के बावजूद लुधियाना पुलिस ने एक मामले की जांच 11 साल बीत जाने के बाद भी पूरी नहीं की। पीड़ित ने कोर्ट में याचिका दायर की तो पुलिस अधिकारियों ने 11 साल पहले कोर्ट द्वारा कैंसिल की गई रिपोर्ट को नई रिपोर्ट बताकर पेश कर दिया। लोकल कोर्ट ने इस रिपोर्ट को पुरानी रिपोर्ट बताकर नए सिरे से जांच के आदेश दे दिए। याचिकाकर्ता डॉ सुमित सोफत ने कोर्ट को बताया कि आरोपी राजनीति में सक्रिय हैं। पहले कांग्रेस में रहकर उन्होंने कैंसिलेशन रिपोर्ट फाइल करवाई और अब आम आदमी पार्टी में हैं तो पुलिस पर कार्रवाई अपने पक्ष में करने का दबाव बना रहे हैं। वहीं पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी मामले को गंभीर मानते हुए पंजाब के डीजीपी से एफिडेविट के साथ स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। डीजीपी को स्टेटस रिपोर्ट व एफिडेविट दो सप्ताह के अंदर कोर्ट में जमा करवाने होंगे। क्या है मामला, कब-कब क्या हुआ सिलसिलेवार जानिए… 2010 में हुई लूट का है मामला: डॉ सुमित सोफत की शिकायत पर 2010 में थाना डिवीजन नंबर पांच की पुलिस ने लूट, अफहरण व हत्या के प्रयास की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। जांच के बाद पुलिस ने केस को बंद करने के लिए 2013 में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल की थी। 2014 में कोर्ट ने कैंसिलेशन रिपोर्ट खारिज की: याचिकाकर्ता डॉ सुमित सोफत ने पुलिस की कैंसिलेशन रिपोर्ट के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने याचिकाकर्ता की दलीलों के बाद पुलिस की कैंसिलेशन रिपोर्ट को खारिज किया और फिर से जांच के आदेश दिए। 2025 तक कोई कार्रवाई नहीं हुई: डॉ सुमित सोफत ने बताया कि पुलिस ने 2014 से 2025 तक कुछ नहीं किया। 2025 में डॉ सुमित सोफत ने फिर से केस को मजबूती से फोलो किया और फरवरी 2026 में पुलिस ने कोर्ट में कैंसिलेशन रिपोर्ट दोबारा पेश की। पुरानी को नई रिपोर्ट बता कर की पेश: पुलिस ने फरवरी में कोर्ट में नई कैंसिलेशन रिपोर्ट दायर की। अदालत ने जब रिपोर्ट को पढ़ा और पुरानी रिपोर्ट से मिलाया तो पाया कि यह रिपोर्ट पहले वाली रद्द की गई रिपोर्ट की अक्षरश: नकल है। रिपोर्ट में 2014 की रिपोर्ट का कोई जिक्र नहीं किया। SHO को दोबारा जांच के आदेश दिए: डॉ सोफत ने बताया कि कोर्ट ने पुलिस की इस हरकत पर सख्त टिप्पणी करते हुए रिपोर्ट थाने में वापस भेज दी और SHO को निर्देश दिया कि वह पूरी जांच कर नई रिपोर्ट पेश करे। पुलिस ने नहीं की कोई कार्रवाई: शिकायतकर्ता डॉ. सुमीत सोफत ने अदालत में कहा कि पुलिस ने न तो आरोपियों को गिरफ्तार किया और न ही घटना से जुड़े अहम सबूत जैसे हथियार, क्लोरोफॉर्म, रोलेक्स घड़ी और स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद किए। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी प्रभावशाली हैं और राजनीतिक संरक्षण के कारण जांच प्रभावित हुई है। हाईकोर्ट ने अपनाया सख्त रूख: हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने कहा कि घटनाक्रम “चिंताजनक” है और आरोपियों को बचाने की कोशिश के आरोप लगे हैं। हाईकोर्ट ने अब डीजीपी पंजाब को पूरे मामले की जांच कर दो सप्ताह के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं। केस की टाइमलाइन 24 जून 2010: लुधियाना के थाना डिवीजन नंबर 5 में एफआईआर नंबर 282 दर्ज 2013: पुलिस ने पहली कैंसलेशन रिपोर्ट दाखिल की। 09 अप्रैल 2014: स्थानीय कोर्ट ने कैंसलेशन रिपोर्ट खारिज कर दोबारा जांच के आदेश दिए। 2014–2025: दोबारा जांच में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। 25 फरवरी 2026: कोर्ट ने नई कैंसलेशन रिपोर्ट को पुरानी की कॉपी बताते हुए खारिज किया। 18 मार्च 2026: हाईकोर्ट ने डीजीपी से स्टेटस रिपोर्ट मांगी 09 अप्रैल 2026: अगली सुनवाई निर्धारित
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत को पूरी जवाबदेही के साथ हल करें: निगमायुक्त
भास्कर संवाददाता। सागर निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में टाटा प्रोजेक्ट, सीवर, स्वास्थ्य, भवन-भूमि, लोककर्म, स्थापना, पेंशन योजना, राजस्व तथा जलप्रदाय सहित विभिन्न विभागों की लंबित एवं निराकृत शिकायतों की विस्तार से समीक्षा की गई। निगमायुक्त ने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय सीमा में किया जाए, ताकि नगर निगम सागर की रैंकिंग पूर्व की तरह उत्कृष्ट बनी रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत पर गंभीरता से कार्य करते हुए संबंधित शिकायतकर्ता से सीधे संपर्क स्थापित करें और उनकी समस्या का संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता की संतुष्टि प्राप्त होने के बाद ही शिकायत को बंद किया जाए, ताकि शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी एवं प्रभावी कार्यप्रणाली सुनिश्चित हो सके।
बीएमसी में ओंको-सर्जरी वार्ड शुरू किया, कैंसर के मरीजों को मुफ्त मिलेगा इलाज
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) में कैंसर पीड़ितों के लिए राहत की बड़ी खबर है। सर्जरी विभाग में तैयार विशेष ओंको-सर्जरी वार्ड का डीन डॉ. पीएस ठाकुर ने रिबन काटकर विधिवत उद्घाटन किया। इस पहल से अब कैंसर के गंभीर मरीजों को सर्जरी से पहले और ऑपरेशन के बाद की विशेष देखभाल एक ही स्थान पर मिल सकेंगी। इस अवसर पर डीन डॉ. ठाकुर ने कहा कि बीएमसी में कैंसर ऑपरेशन कराने वाले मरीजों की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी हो रही थी। वहीं अधीक्षक डॉ. राजेश जैन और विभागाध्यक्ष डॉ. दीपक श्रीवास्तव सहित वरिष्ठ डॉक्टरों ने इसे कैंसर के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ा कदम बताया है। इस दौरान डॉ. सुनील सक्सेना, डॉ. अखिलेश रत्नाकर, डॉ. जितेन्द्र डांगी आदि उपस्थित रहे। बीएमसी के कैंसर विशेषज्ञ और विभागाध्यक्ष डॉ. सुशील गौर ने बताया कि देश में कैंसर की रफ्तार डराने वाली है। साल 2026 के अंत तक भारत में नए कैंसर मामलों की संख्या 15 लाख पार कर सकती है। बीएमसी में भी मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। साल- 2025 में बीएमसी में 649 नए मरीज आए, जबकि कुल 3294 मरीजों का परामर्श व उपचार हुआ। 1132 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर कीमोथेरेपी की गई। डॉ. गौर ने बताया कि पुरुषों में मुंह, गले और फेफड़ों का कैंसर, जबकि महिलाओं में स्तन व बच्चेदानी (सर्वाइकल) का कैंसर सबसे ज्यादा पाया जा रहा है। हमारे यहां 70% कैंसर को केवल सही जीवनशैली और समय पर जांच से रोका जा सकता है। मरीजों को मिलेंगे ये लाभ: बीएमसी के मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि बीएमसी में कैंसर की सभी जांचें और उपचार पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध हैं। गरीब और जरूरतमंद मरीजों को अब कैंसर जैसी घातक बीमारी का महंगा इलाज व सर्जरी और बेहतर गुणवत्ता के साथ मिलेगी। सामान्य वार्ड से अलग होने के कारण संक्रमण का खतरा कम होगा और कैंसर मरीजों पर विशेष ध्यान दिया जा सकेगा। इस वार्ड को कैंसर सर्जरी की आधुनिक जरूरतों के अनुसार तैयार किया गया है। सागर व आसपास के जिलों के कैंसर मरीजों को इलाज के लिए महानगरों की ओर नहीं भागना पड़ेगा।
ईदुल फित्र, लेहदरा नाका ईदगाह में सुबह 7:45 बजे, भैंसा में 8 बजे नमाज
सागर | शुक्रवार की शाम ईद का चांद नजर आ गया। चांद दिखते ही रोजेदारों में खुशी की लहर दौड़ गई। इसके साथ ही पवित्र माह रमजान का समापन हो गया। शनिवार को हर्षोल्लास के साथ ईदुल फित्र पर्व मनाया जाएगा। ईद की नमाज ईदगाह लेहदरा नाका में सुबह 7:45 बजे, कस्साब मंडी मस्जिद में सुबह 8 बजे तथा जामा मस्जिद कटरा बाजार में सुबह 8:15 बजे अदा की जाएगी। सदर मुफ्ती मोहम्मद जावेद रजा कादरी मिस्बाही खतीबो इमाम जामा मस्जिद ने बताया कि शुक्रवार को अलविदा के जुमे की नमाज अदा की गई। इसमें देश में अमन, एकता और भाईचारे के लिए दुआ की गई। शनिवार को ईदुल फित्र त्योहार मनाया जाएगा। ईद की नमाज ईदगाह भैंसा नाका में सुबह 8 बजे और जामा मस्जिद सदर में सुबह 8:30 बजे अदा की जाएगी।
संभाग कमिश्नर अनिल सुचारी ने स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही या उदासीनता बरतने वाले चिकित्सकों और मैदानी अमले पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं का परिणाममूलक क्रियान्वयन हर हाल में सुनिश्चित होना चाहिए। संयुक्त समीक्षा बैठक में कमिश्नर ने महिलाओं में एनीमिया (खून की कमी) की समस्या को गंभीरता से लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि एनेमिक महिलाओं को आयरन सुक्रोज के इंजेक्शन प्राथमिकता के आधार पर लगाए जाएं। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष शिविर आयोजित करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि कोई भी जरूरतमंद महिला उपचार से वंचित न रहे। साथ ही, मातृ वंदना योजना की प्रगति पर असंतोष जाहिर करते हुए इसे प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा। बैठक में संयुक्त आयुक्त विकास राकेश शुक्ला, बीएमसी डीन डॉ. पीएस ठाकुर, क्षेत्रीय संचालक डॉ. नीना गिडियन सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे। संभागायुक्त ने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को हिदायत दी कि रोगी कल्याण समिति और जिला पोषण समिति की बैठकें निर्धारित समय सीमा में आयोजित की जाएं। बैठक में लिए गए निर्णयों को केवल कागजों तक सीमित न रखकर उन्हें धरातल पर उतारा जाए। श्रम विभाग की समीक्षा के दौरान कमिश्नर ने अंत्येष्टि सहायता योजना के लंबित प्रकरणों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जो जनपद पंचायतें या नगरीय निकाय इस योजना में पिछड़ रहे हैं, उन्हें सक्रिय करें। वित्तीय वर्ष के अंत तक शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
हिंदू नववर्ष पर वैश्य महासम्मेलन की वाहन रैली
सागर| हिंदू नववर्ष चैत्र प्रतिपदा के अवसर पर वैश्य महासम्मेलन ने वाहन रैली निकाली और रैली के समापन पर तिली स्थित वृद्धा आश्रम पहुंचकर वृद्धजनों के साथ नववर्ष मनाया। कार्यक्रम के तहत वृद्धजनों को नववर्ष की शुभकामनाएं दी गईं और फल, फूल व मिठाई का वितरण किया गया। अंत में वृद्धजनों का सम्मान भी किया गया। रैली का शुभारंभ भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी और वैश्य महासम्मेलन के प्रदेश महामंत्री निकेश गुप्ता ने केसरिया झंडा दिखाकर कराया। रैली से पहले श्याम तिवारी ने कहा कि सनातन संस्कृति में नववर्ष का वास्तविक शुभारंभ चैत्र नवरात्र की प्रतिपदा से होता है और इसी दिन मां दुर्गा की आराधना के साथ नववर्ष की शुरुआत करनी चाहिए। निकेश गुप्ता ने कहा कि वैश्य समाज धार्मिक और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाता है तथा अन्य सनातनी समाजों के साथ सहभागिता कर पूरक बनने का प्रयास करता है।
46 साल पुराने झूले में निकले भगवान झूलेलाल, 500 मीटर लंबी शोभायात्रा 6 किमी चली
झूलेलाल जयंती पर शुक्रवार को श्री झूलेलाल मंदिर ट्रस्ट व सकल सिंधी समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा श्री झूलेलाल मंदिर संत कंवरराम वार्ड से शाम 5 बजे शुरू हुई। शोभायात्रा में घोड़े, डीजे, शहनाई व बैंड पार्टी, संत कंवर राम, शहीद हेमू कालानी की प्रतिमा संग झूलेलाल भगवान की झांकी साथ चलती रही। डीजे की धुन पर सिंधी समाज के लोग नाचते हुए चल रहे। 500 मीटर लंबी शोभायात्रा को 6 किलोमीटर का रूट तय करने में 4 घंटे का समय लगा। सदस्य अशोक सुंदरानी और पूज्य सिंधी पंचायत के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष राजकुमार धामेचा ने बताया कि महोत्सव के तहत आयोजित विशाल भंडारे में करीब 5 हजार श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी तैयार की गई। भंडारे की विशेषता यह रही कि 40 कारीगरों की टीम ने लगातार 10 घंटे की मेहनत से भोजन तैयार किया। प्रसादी में सात से आठ प्रकार के व्यंजन शामिल किए गए, जिनमें दो तरह की सब्जियां, पुड़ी, रोटी, दाल-चावल, रायता और बूंदी शामिल हैं। व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रखने के लिए स्वयंसेवकों की भी तैनाती की गई थी, जिन्होंने भोजन वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। श्रद्धालुओं ने भंडारे की व्यवस्था और स्वाद की सराहना की। झूलेलाल मंदिर ट्रस्ट कमेटी के अध्यक्ष सुशील लहरवानी ने बताया कि झूलेलाल जयंती पर एक क्विंटल सतरंगी फूलों से सजे रथ में 46 साल पुराने झूले पर भगवान झूलेलाल को विराजमान किया गया। भक्तों को दर्शन देने के लिए भगवान झूलेलाल नगर भ्रमण पर निकले थे। रथ में खिचड़ी, फल सहित करीब एक क्विंटल प्रसादी का जगह-जगह भक्तों में वितरण किया गया। शोभायात्रा का भगवानगंज, राधा तिराहा, शास्त्री चौक, गुजराती बाजार, नया बाजार में पुष्पवर्षा, फल, जूस व आइसक्रीम से स्वागत किया गया। इस दौरान 5 स्थानों पर विभिन्न समुदायों के लोगों ने शोभायात्रा पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। शोभायात्रा शाम 5 बजे झूलेलाल मंदिर से भगवानगंज, राधा तिराहा, शास्त्री मार्केट, गुजराती बाजार, कटरा, तीनबत्ती, कोतवाली होते हुए चकराघाट पहुंची। यहां पर रात 9:30 बजे अखंड ज्योत का विसर्जन किया गया। पूज्य सिंधी पंचायत अध्यक्ष मोहन लाल सौम्या ने बताया कि शोभायात्रा के पूर्व श्री झूलेलाल शरण मंडली द्वारा प्रभातफेरी निकाली गई। सुबह 9 बजे के बाद श्री बहराणा साहब की सवारी ने संत कंवरराम वार्ड, सदर और सिविल लाइन का भ्रमण किया। 11 बजे से श्री झूलेलाल मंदिर में श्रीगुरु ग्रंथ साहब के अखंड पाठ का आयोजन हुआ। शोभायात्रा में लालाराम मेठवानी, कैलाश हासानी, सुरेश हसरेजा, सचिन संगतानी सहित बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए।
कथा अहंकार त्यागकर विनम्रता सिखाती है'
भास्कर संवाददाता|सागर ज्ञान और भक्ति के साथ-साथ आपसी प्रेम और एकता ही जीवन की सच्ची पूंजी है। भाई-भाई के प्रेम का उदाहरण समाज के लिए प्रेरणास्रोत है, जो बताता है कि संबंधों की मजबूती ही हर परिवार और समाज की नींव होती है। जब परिवार में प्रेम, विश्वास और सहयोग बना रहता है, तब जीवन की कठिनाइयां भी सरल हो जाती हैं। यह बात नंदेश्वर महादेव मंदिर सूबेदार वार्ड में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन सुखदेव जी का जन्म तथा राजा परीक्षित की कथा सुनाते हुए कथा व्यास पं. रामकुमार शास्त्री महाराज ने कही। उन्होंने कहा कि कथा अहंकार त्यागकर विनम्रता, सेवा और श्रद्धा के मार्ग पर चलना सिखाती है। राजा परीक्षित की जिज्ञासा और सुखदेव जी का ज्ञान हमें यह प्रेरणा देता है कि जीवन में सही मार्गदर्शन और सत्संग का महत्व कितना अधिक है। यदि हम अपने जीवन में भाईचारे, सद्भाव और सहयोग की भावना को अपनाएं, तो समाज में शांति, एकता और समृद्धि स्थापित हो सकती है।
रानी अवंती बाई के बलिदान दिवस पर वीरता से प्रेरणा लेने का आह्वान
वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी के बलिदान दिवस पर पतंजलि योग समिति के तत्वावधान में श्रद्धांजलि समारोह हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत मकरोनिया चौराहा स्थित उनकी प्रतिमा पर मुख्य अतिथि विधायक प्रदीप लारिया एवं राज्य प्रभारी भगत सिंह योगाचार्य द्वारा माल्यार्पण कर की गई। विधायक ने कहा कि रानी अवंती बाई का साहस, शौर्य और बलिदान आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष कर देशभक्ति की अद्वितीय मिसाल पेश की। योगाचार्य ने कहा कि नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर शिक्षा, उन्नत कृषि, नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संकल्प लेना चाहिए। इस अवसर पर सर सिंह शाह, दामोदर प्रजापति, रमेश चौधरी, रघुराज सिंह, जितेंद्र खटीक, नरेंद्र सिंह सहित नागरिक उपस्थित थे। देशभक्ति व सेवा के संकल्प का दिया संदेश, पुष्पांजलि दी पतंजलि योग समिति के तत्वावधान में वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी के बलिदान दिवस पर ग्रीन कांची हेल्थ वैलनेस सेंटर सिविल लाइन में पुष्पांजलि कार्यक्रम हुआ। मुख्य अतिथि डॉ. भानू राणा, अध्यक्ष भगत सिंह योगाचार्य एवं विशेष अतिथि इंजी. एसआर सिंह ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। डॉ. राणा ने कहा कि रानी अवंती बाई का बलिदान राष्ट्रभक्ति, साहस और आत्मसम्मान का प्रतीक है, जो हमें देशहित में समर्पित जीवन जीने की प्रेरणा देता है। योगाचार्य ने कहा कि उनके आदर्शों को अपनाते हुए नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। इस अवसर पर एस वाजपेई, अभिलाषा आचार्य, मंजू साहू, रेखा साहू, शैलेंद्र साहू सहित योग शिक्षक व साधक उपस्थित थे।
400 कार, 700 बाइक पर निकला लोधी समाज, लोगों ने पुष्पवर्षा कर किया स्वागत
वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की 168वीं पुण्यतिथि पर सरस्वती मैरिज गार्डन मोतीनगर में लोधी क्षत्रिय समाज महासभा के तत्वावधान में श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रहलाद पटेल, विधायक वीरेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री प्रद्युम्न सिंह, पूर्व विधायक तरवर सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण और कन्या पूजन कर किया। प्रहलाद पटेल ने कहा कि रानी अवंती बाई ने अल्पायु में अद्वितीय शौर्य का परिचय देते हुए अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने समाज से शिक्षा, खेल, कृषि और चिकित्सा क्षेत्र में आगे बढ़कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में करीब 3000 लोगों ने हिस्सा लिया। 400 चारपहिया और 700 दोपहिया वाहनों के साथ रैली निकाली गई। साथ ही शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। शोभायात्रा का स्वागत यादव समाज, कुर्मी समाज, पतंजलि योग समिति, गायत्री परिवार, पूर्व विधायक सुरेन्द्र चौधरी, विधायक प्रदीप लारिया ने पुष्पवर्षा, अंगवस्त्र, श्रीफल से स्वागत किया। समापन मकरोनिया स्थित प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ।
पुष्पांजलि से शोभायात्रा का किया स्वागत, पुष्पवर्षा की
सागर | बलिदान दिवस पर मकरोनिया चौराहा स्थित उनकी प्रतिमा पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मकरोनिया व युवा कांग्रेस नरयावली द्वारा पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान लोधी समाज की वाहन रैली व शोभायात्रा का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।
किन्नरों ने एसपी को ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा मांगी
सागर| किन्नरों के दो गुटों के बीच चल रहे विवाद के बाद एक गुट शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा की मांग की। ज्ञापन देने वालों के साथ काजल मां भी आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मांतरण को लेकर किन्नर समाज के भीतर विवाद की स्थिति बनी हुई है। उनके अनुसार रानी ठाकुर ने एक घराना छोड़ने के बाद पुलिस से संपर्क किया था, जिसके बाद से उसे लगातार धमकियां मिल रही हैं।
पैरोल पर छूटकर 15 साल से फरार 30 हजार का इनामी आरोपी गिरफ्तार, मुखबिर ने दी थी सूचना
भास्कर संवाददाता | सागर जिले में फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए चल रहे विशेष अभियान के तहत गोपालगंज थाना पुलिस ने 15 साल से पैरोल पर छूटकर फरार चल रहे 30 हजार के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी उसी प्रकरण की कड़ी है, जिसमें कुछ दिन पहले उसके सगे भाई को, जिस पर भी 30 हजार का इनाम घोषित था, जयपुर से पकड़ा गया था। पुलिस के मुताबिक 2011 में सेंट्रल जेल सागर से पैरोल पर रिहा होने के बाद आरोपी निर्धारित अवधि पूरी होने पर भी जेल वापस नहीं लौटा और तभी से फरार चल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार ठिकाने बदलता रहा और पुलिस को चकमा देता रहा। भाई की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी थी। तलाश के दौरान उपनिरीक्षक नीरज जैन को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी ईद से पहले अपने पुराने ठिकाने शनिचरी क्षेत्र में आने की कोशिश कर रहा है। सूचना मिलते ही टीम ने रणनीति बनाकर इलाके में गुप्त निगरानी शुरू की। हनुमान अखाड़ा क्षेत्र में निगरानी के दौरान खिन्नी के पेड़ के पास नीली शर्ट पहने, लाठी के सहारे चल रहा एक संदिग्ध व्यक्ति दिखा। मुखबिर के बताए हुलिए से मिलान होने पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। पूछताछ में उसने शुरुआत में पहचान छिपाने का प्रयास किया, लेकिन सख्त और तकनीकी पूछताछ के बाद उसने अपना नाम अब्दुल जाहिद बताया और स्वीकार किया कि वह 2011 से पैरोल पर छूटकर फरार है। पुलिस ने बताया कि आरोपी को गवाहों के सामने विधिवत गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसे थाने लाकर हवालात में रखा गया और फोटो, फिंगरप्रिंट सहित अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं की जा रही हैं। आरोपी का चिकित्सीय परीक्षण भी कराया जा रहा है और परिजनों को सूचना दी जा रही है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा, उपनिरीक्षक नीरज जैन, कंट्रोल रूम और साइबर सेल की टीम सहित अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि एक ही प्रकरण में फरार दोनों सगे भाइयों की गिरफ्तारी से यह संदेश जाता है कि सतत निगरानी और सटीक रणनीति के सामने अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकाना नहीं बचता, साथ ही इससे आमजन का कानून पर भरोसा मजबूत होता है।
सुरखी पुलिस ने पकड़ा 20 लाख का गुटखा, बिलों की जांच, जीएसटी चोरी की आशंका
सागर| सुरखी पुलिस ने 20 लाख रुपए मूल्य के राजश्री गुटखा से भरी एक गाड़ी को जब्त किया है। गुटखा परिवहन संबंधी बिलों की जांच चल रही है। जीएसटी चोरी के एंगल से पुलिस जांच कर रही है। ट्रेनी आईपीएस व सुरखी थाना प्रभारी दीपांशु ने बताया कि गुटखा की गाड़ी पकड़ी है। संबंधित विभाग व जीएसटी अधिकारियों को सूचना दी गई। परिवहन संबंधी दस्तावेज की जांच करा रहे हैं।
1.06 लाख रुपए बकाया पर बिजली कनेक्शन काटा तीन घंटे बाद प्राइवेट व्यक्ति जोड़ने चढ़ा, एफआईआर
बिजली कंपनी मार्च माह में ज्यादा से ज्यादा राजस्व वसूली करने के लिए सख्ती कर रही है। बकायादारों द्वारा राशि जमा न करने पर उनके घरों की बिजली सप्लाई बंद की जा रही है, जिसमें विवाद भी सामने आ रहे हैं। पिछले दो दिन में ऐसे दो मामले सामने आए हैं, जिसमें एक जगह उपभोक्ता ने कनेक्शन कटने के बाद प्राइवेट व्यक्ति को बुलाकर काटे गए कनेक्शन को जुड़वाने का प्रयास किया तो वहीं शुक्रवार को लाजपतपुरा वार्ड में उपभोक्ता और बिजली कंपनी के कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया। दोनों मामलों में बिजली कंपनी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए विवेचना में लिया है। दूसरा मामला शुक्रवार दोपहर लाजपतपुरा वार्ड में सामने आया। बिजली कंपनी के लाइनमैन गोविंद राठौर ने कोतवाली थाना पुलिस से की शिकायत में बताया कि वह उपभोक्ता उमादेवी का 60 हजार रुपए के करीब बिजली बिल बकाया है। शुक्रवार को टीम के साथ कनेक्शन काटने पहुंचे तो उमादेवी व उनके पति विवाद करने लगे। आरोप है कि उपभोक्ता ने टीम पर पथराव किया। वहीं उपभोक्ता उमादेवी का कहना है कि उनके बिजली बिल का प्रकरण मप्र राज्य उपभोक्ता आयोग के समक्ष लंबित है। 14 मई को अगली सुनवाई है। यह सब कंपनी को लिखित में दे चुके हैं, इसके बाद भी अनावश्यक परेशान किया जा रहा है। महिला का कहना था कि पति-पत्नी बुजुर्ग हैं, पति दिव्यांग है, बिजली कंपनी गलत आरोप लगा रही है। बिजली कंपनी के सहायक अभियंता शैलेष सुमन ने गोपालगंज थाना पुलिस से की शिकायत में बताया कि गुरुवार 19 मार्च की दोपहर 12:15 बजे इंद्रप्रस्थ कॉलोनी निवासी उपभोक्ता का बिजली बिल 1 लाख 6 हजार 837 रुपए बकाया होने पर खंभे से सप्लाई काट दी गई थी। इसके बाद कंपनी के लाइनमैन असीम बहना और आउटसोर्स कर्मी दोपहर 3:30 बजे लाइन चेक करने पहुंचे तो लक्ष्मी नारायण ज्वेलर्स के बाजू में लगे खंभे पर एक व्यक्ति चालू लाइन से छेड़छाड़ करते दिखाई दिया। टीम ने उस व्यक्ति को खंभे से नीचे उतारकर पूछताछ की तो उसने अपना नाम महेन्द्र पिता मुन्ना लाल भदौरिया उम्र 45 साल निवासी नाचनदास की गली बाहुबली कॉलोनी बताया। कंपनी ने महेंद्र को पकड़कर गोपालगंज थाना पुलिस के सुपुर्द करते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। बिल बकाया होने पर कनेक्शन काटा गया, जिसे प्राइवेट व्यक्ति को अवैध रूप से जोड़ते हुए पकड़ा है। वह जान जोखिम में डालकर चालू लाइन पर खंभे पर चढ़ा था, यह गंभीर अपराध है। - इमरान खान, कार्यपालन अभियंता, शहर
काकादेव में आनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर भारी मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगों ने वाट़्सएप काल के जरिए निवेश कराकर 26.52 लाख रुपए हड़प लिए। 10 दिन में 18 ट्रांजेक्शन कराकर शातिरों ने महिला से रकम ठग ली। पीड़िता ने काकादेव थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही साइबर थाने में शिकायत की है। आकर्षक योजनाओं का दिया झांसा काकादेव माडल टाउन निवासी संजना ओबेराय ने बताया कि उनके मोबाइल पर वाट्सएप काल के जरिए एक्स ट्रेड नामक कंपनी के प्रतिनिधियों ने संपर्क किया। उन्होंने शेयर बाजार में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया। साइबर ठगों ने भरोसा जीतने के लिए फर्जी दस्तावेज और आकर्षक योजनाएं दिखाईं, जिसके झांसे में आकर संजना ने छह से 16 फरवरी के बीच कुल 18 ट्रांजेक्शन किए। यह रकम उनके एचडीएफसी बैंक और बैंक आफ बड़ौदा खातों से डेबिट व क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ट्रांसफर की गई। कुछ समय बाद जब संजना को संदेह हुआ और उन्होंने कंपनी के बारे में जानकारी जुटाई, तो पता चला कि एक्स ट्रेड एक फर्जी संस्था है। ठगों ने कूटरचित दस्तावेजों के सहारे अमानत में खयानत करते हुए उनसे बड़ी रकम ठग ली। हैरानी की बात यह है कि ठगी के बाद भी आरोपी लगातार फोन कर और पैसा निवेश करने का दबाव बना रहे हैं। पीड़िता ने मामले की शिकायत काकादेव थाने के साथ ही साइबर थाने में आनलाइन दर्ज कराई है। काकादेव थाना प्रभारी राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्जकर साइबर सेल की मदद से ली जा रही है।
गंगा नदी बिहार में 445 km दूर तक बहती है। यह छपरा (सारण) के पास प्रवेश करती और मनिहारी (कटिहार) के पास से बाहर निकलती है। इस वक्त बिहार में गंगा नदी पर 7 पुल (कुल 22 लेन) हैं। 2027 तक बिहार में गंगा नदी पर 23913 करोड़ रुपए से अधिक खर्च कर 8 नए पुल बन जाएंगे। इनपर कुल मिलाकर 38 लेन होंगे। औसतन गंगा पर करीब हर 30 km पर एक पुल होगा। इससे उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। बिहार में गंगा नदी पर कौन से पुल बन रहे हैं? ये कितने लेन के होंगे? क्या फायदा होगा? कितनी लागत आएगी? पढ़िए खास रिपोर्ट…। सबसे पहले जानिए, बिहार में गंगा नदी पर कौन से 8 नए पुल बन रहे? कितना काम हुआ? 1- शेरपुर-दिघवारा 6 लेन पुल पटना जिला के शेरपुर से सारण जिला के दिघवारा के बीच गंगा नदी पर 6 लेन पुल बन रहा है। NH-139W के तहत बन रहा यह पुल जेपी सेतु के समानांतर पश्चिम दिशा की तरफ जाएगा। पुल और एप्रोच रोड सहित इसकी लंबाई 14.5 km है। इसके निर्माण पर लगभग 4250 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। इंजीनियरिंग प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) मोड में यह काम हो रहा है। 4 सितंबर 2027 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है। क्या फायदा होगा?पटना और सारण के बीच सीधा और फास्ट रोड कनेक्शन बनेगा। पुल बनने से दक्षिण बिहार और उत्तर बिहार के बीच आना-जाना आसान होगा। सामान ढोने में आसानी होगी। यह पटना को उत्तर बिहार के बड़े बाजारों और NH के नेटवर्क से सीधे जोड़ेगा। बड़े ट्रकों के लिए गंगा पार करना कठिन नहीं रह जाएगा। अभी जेपी सेतु पर ट्रक-बस नहीं चलते। पटना में ट्रक-बसों के लिए गंगा पर एक मात्र पुल गांधी सेतु है। 2- जेपी सेतु के समानांतर 6 लेन पुल पटना के दीघा को सारण के सोनपुर से जोड़ने वाले जयप्रकाश नारायण सेतु (जेपी सेतु) के समानांतर गंगा नदी पर 6 लेन पुल बनाया जा रहा है। इसे दो लेन पुराने रेल-सह-सड़क जेपी सेतु के पश्चिम में 180 मीटर की दूरी पर बनाया जा रहा है। पुल की लंबाई एप्रोच पथ सहित 4.556 km है। यह 6 लेने का एक्स्ट्रा डोज केबल-स्टेयड ब्रिज बनेगा। पुल NH-139 W और NH-31 से सीधे जुड़ेगा। इनका निर्माण स्वर्णिम चतुर्भुज गलियारा के तहत हो रहा है। लगात 3006 करोड़ रुपए है। 2027 के अंत तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है। क्या फायदा होगा? पटना और उत्तर बिहार के बीच सड़क कनेक्टिविटी आसान और तेज होगी। मुख्य मकसद भारी वाहन और सामान्य ट्रैफिक को अगर कर ट्रैफिक जाम खत्म करना है। उत्तर बिहार के सारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर और पश्चिम व पूर्वी चंपारण जैसे जिलों तक जाना आसान बनाएगा। आर्थिक गतिविधियां काफी बढ़ेंगी। 3. महात्मा गांधी सेतु के समानांतर 4 लेन पुल पटना और हाजीपुर के बीच महात्मा गांधी सेतु के समानांतर इसे तैयार किया जा रहा है। यह महात्मा गांधी सेतु का लोड कम करेगा। इस समय गांधी सेतु पर बस-ट्रक ज्यादा होने से जाम की समस्या बन जाती है। यही कारण है कि इसके समानांतर 4 लेन का नया पुल बनाया जा रहा है। एप्रोच सहित इसकी लंबाई 14.5 km होगी। NH-19 के तहत इसका निर्माण किया जा रहा है। इस पुल के दोनों छोरों यानी पटना की ओर जीरो माइल से लेकर हाजीपुर के पास तक की सड़कें डेवलप की जा रही हैं। इसमें 4 वाहन अंडरपास, एक रेल ओवरब्रिज, फ्लाईओवर, बस शेल्टर्स और कई जंक्शन होंगे। इसका निर्माण 2026 के अंत या 2027 के शुरू तक पूरा करने का लक्ष्य है। क्या फायदा होगा? पटना और हाजीपुर के बीच यातायात तेज और बेहतर हो सकेगी। जाम की परेशानी खत्म होगी। दक्षिण बिहार से उत्तर बिहार की यात्रा कम समय में आराम से पूरी होगी। माल ढुलाई में आसानी होगी। 4. कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन पुल एशियन डेवलपमेंट बैंक की मदद से NH-30 से लगे कच्ची दरगाह से NH-103 से लगे बिदुपुर के बीच गंगा नदी पर 6 लेन का पुल बनाया जा रहा है। इस ग्रीनफिल्ड पुल के निर्माण पर 4988.40 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। पुल की लंबाई 9.76 km और पहुंच पथ की लंबाई 10 km है। पुल 2026 में तैयार कर लेना है। क्या फायदा होगा? यह पुल NH-31 और NH-322 को जोड़ेगा। पहले चरण में जनवरी 2025 में कच्ची दरगाह से राघोपुर दियारा तक काम पूरा कर यातायात के लिए खोला जा चुका है। यह पुल पटना को वैशाली और उत्तर बिहार से सीधा जोड़ रहा है। इससे राघोपुर को पूरे साल पटना-हाजीपुर से कनेक्टिविटी मिलेगी। अभी बाढ़ के दिनों में राघोपुर टापू बन जाता है। 5. बख्तियारपुर-ताजपुर 4 लेन पुल इस पुल का निर्माण पीपीपी मोड पर किया जा रहा है। NH-31 के प्रस्तावित बाईपास में करजान गांव से NH-28 से लगे ताजपुर के बीच इसे बनाया जा रहा है। इसे तैयार करने की लागत 3923 करोड़ रुपए है। लंबाई 5.55 km है। इस पुल का पहुंच पथ 45.39 km लंबा है। काम पूरा करने का लक्ष्य जून 2027 है। क्या फायदा होगा? इस पुल के बन जाने से पटना शहर में जाम की समस्या कम होगी। गांधी सेतु पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। समस्तीपुर, पटना और नालंदा के बीच संपर्क बेहतर होगा। 6. अगुवानी घाट-सुल्तानगंज 4 लेन पुल खगड़िया के अगुआनी घाट और भागलपुर जिले के सुल्तानगंज के बीच गंगा नदी पर 4 लेन पुल बन रहा है। इसकी लंबाई 3.16 km है। इसमें केबल-स्टे स्ट्रक्चर भी शामिल है। पुल के दोनों तरफ 25 km लंबी एप्रोच रोड बनाई जा रही है। NH- 31 और NH-107 को जोड़ रहे इस पुल को बनाने में 1710 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। इस पुल का निर्माण 23 फरवरी 2014 को शुरू हुआ था। बाढ़, भूमि अधिग्रहण, धंसाव आदि की वजह से निर्माण कार्य में बाधा आई। पुल के कई हिस्से कई बार गिर गए। 30 अप्रैल 2022, 4 जून 2023 और 17 अगस्त 2024 को ऐसी घटनाएं हुईं। इसका फाउंडेशन और सब स्ट्रक्चर ठीक है। इसे इंजीनियरिंग प्रोक्योरमेंट कंस्ट्रक्शन (ईपीसी मोड) पर बनाया जा रहा है। आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिकों ने सप्ताह भर पहले वेक कैप और सब स्ट्रक्चर डिजाइन और ड्राइंग तैयार किया था। इसके अनुसार पुल निगम ने एजेंसी को काम करने का निर्देश दिया है। सरकार ने पुल निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया है। मई 2027 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अभी तक 14. 54 km एप्रोच पथ में से 8% काम पूरा हुआ है। पसहारा डायवर्सन का निर्माण हो गया है। परसाहा NH- 31 पर इंटरचेंज का निर्माण शुरू किया गया है। क्या फायदा होगा?मिथिलांचल और कोसी क्षेत्र से मुंगेर- खगड़िया भगवानपुर मार्ग की दूरी 100 km तक घट जाएगी। यात्रा में समय कम लगेगा। लोगों को डायरेक्ट लिंक रोड मिल रहा है। NH- 31 और NH- 80 इससे जुड़ जाएंगे। इस पर गंगा में डॉल्फिन देखने के लिए ‘हैंगिंग डॉल्फिन ऑब्जरवेटरी’ भी बनेगी। पुल से विक्रमशिला सेतु पर ट्रैफिक लोड काफी घट जाएगा। 7. विक्रमशिला सेतु के समानांतर 4 लेन पुल विक्रमशिला सेतु (NH-80) पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने और भागलपुर क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए इसके समानांतर एक नया 4-लेन पुल बनाया जा रहा है। यह परियोजना बिहार के पूर्वी हिस्से और कोसी-सीमांचल क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। गंगा नदी पर भागलपुर के दक्षिणी तट से लेकर नवगछिया के उत्तरी तट को यह जोड़ने वाला है। पुल मौजूदा विक्रमशिला सेतु के समानांतर बन रहा है। एप्रोच पथ सहित इसकी लंबाई 4.8 km है। इसे तैयार करने में 1110 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधीन इसका निर्माण चल रहा है। निर्माण एजेंसी NHAI (नेशनल हाइवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया) है। क्या फायदा होगा? कोसी और सीमांचल क्षेत्र के लिए वैकल्पिक मार्ग की जरूरत पूरी हो सकेगी। भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया के बीच आवाजाही तेज और सुगम होगी। ट्रेड में वृद्धि होगी। 8. साहेबगंज मनिहारी 4 लेन पुल यह पुल झारखंड के साहेबगंज और बिहार के कटिहार जिले के मनिहारी को जोड़ना। यह बिहार और झारखंड के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करेगा। 22 km लंबे इस पुल को बनाने में 2000 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। यह पुल NH 133B और NH 131- A को जोड़ेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के तहत हाइब्रिड एन्युइटी मोड पर इसे बनाया जा रहा है। पुल को 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। क्या फायदा होगा? इससे बिहार और झारखंड के बीच सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होगी। दोनों राज्यों में व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। झारखंड से गिट्टी और दूसरे भारी सामान लाने में आसानी होगी। पटना को उत्तर बिहार से जोड़ने के लिए बन रहे 4 नए पुल बिहार में गंगा नदी पर बन रहे 8 नए पुल में से चार पटना जिले में बन रहे हैं। इससे राजधानी को जाम से मुक्ति मिलेगी। ट्रक बिना शहर में प्रवेश किए गंगा पार जा सकेंगे। वर्तमान में पटना से उत्तर बिहार जाने के लिए दो पुल हैं। एक है गांधी सेतु और दूसरा जेपी सेतु। 4 लेन वाले गांधी सेतु पर बस और ट्रक चल सकते हैं। यहां भारी ट्रैफिक के चलते जाम की परेशानी होती है। वहीं, जेपी सेतु पर सिर्फ छोटे वाहन चलते हैं। दिघवारा-शेरपुर 6 लेन पुल, जेपी सेतु के समानांतर 6 लेन पुल, महात्मा गांधी सेतु के समानांतर 4 लेन पुल और कच्ची दरगाह-बिदुपर 6 लेन पुल बन जाने से पटना से उत्तर बिहार जाने वाले पुलों की संख्या 6 हो जाएगी। कुल 22 नए लेन जुड़ेगे। इससे किसी एक पुल पर ज्यादा ट्रैफिक लोड नहीं रह जाएगा। बिहार में गंगा नदी पर पहला पुल गांधी सेतु बना था। इसका उद्घाटन 1982 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया था। इससे पहले गंगा पार करने के लिए लोग नाव का इस्तेमाल करते थे। अब जानिए, पटना में बन रहे 2 एलिवेटेड कॉरिडोर पर कितना काम हुआ 1- दानापुर बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर यह कॉरिडोर 25 km लंबा होगा। इसे देश की सबसे लंबी एलिवेटेड रोड परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। इसका 45% से अधिक काम हो गया है। यह पटना के दानापुर रेलने स्टेशन से शुरू होकर बिहटा और कोइलवर तक जा रहा है। इसके बन जाने के बाद पटना से पश्चिम बिहार के लिए रोड रूट और बेहतर हो जाएगा। दानापुर के पास आरओबी और डबल डेकर ब्रिज जैसे स्ट्रक्चर के जरिए जुड़ेगा। दानापुर स्टेशन के पास 4, नेउरागंज में 2 और एयरपोर्ट से कोइलवर पर एक रैंप बनेंगे। दानापुर वाला रैंप सबसे ऊंचा (25 मीटर) होगा। पूरे कॉरिडोर में 389 पीलर खड़े होंगे। इसे तैयार करने में 1969 करोड़ रुपए की लागत आ रही है। क्या फायदा होगा? यह एलिवेटेड कॉरिडोर पटना के पश्चिमी हिस्से और आसपास के इलाकों को बेहतर तरीके से जोड़ेगा। लोगों को जाम से राहत मिलेगी। एम्स से लेकर आईआईटी और एनआईटी जैसे संस्थानों तक पहुंचना आसान होगा। पटना से यूपी और दिल्ली की दूरी कम होगी। सितंबर 2026 तक इसका निर्माण पूरा करना था। अब नया लक्ष्य जून 2027 रखा गया है। 2- मीठापुर-महुली एलिवेटेड कॉरिडोर इस कॉरिडोर में मीठापुर बस स्टैंड क्षेत्र से रामगोविंद सिंह महुली हॉल्ट तक 8.86 km लंबे 4 लेन एलिवेटेड रोड का लोकार्पण हो चुका है। इसे 1030.59 करोड़ रुपए की लागत से पूरा किया गया है। इसके अतिरिक्त मीठापुर-सिपारा- मगहुली- पुनपुन तक रेलवे लाइन के पूरब में मीठापुर से सिपारा तक, सिपारा में टू वे आरओबी सहित 4 लेन एलिवेटेड पथ बन रहा है, जिसकी लंबाई 2.10 km है। रामगोविंद सिंह महुली हॉल्ट से पुनपुन लक्ष्मण झूला तक 4 लेन एलिवेटेड रोड बन रह है, जिसकी लंबाई 2.20 km है। यानी कुल लंबाई 4.30 km है। इस पर 437.15 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। महुली हॉल्ट से पुनपुन तक कुछ जगहों पर काम पूरा हो गया है। बाकी का काम चल रहा है। क्या फायदा होगा? इससे पटना को जाम से काफी राहत मिलेगी। पटना के दक्षिणी और पूर्वी हिस्से को सीधी व बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। रेल लाइन और भीड़भाड़ वाले इलाके को बायपास कर सकेंगे। गंगा नदी पर इन तीन पुलों का निर्माण प्रस्तावित है
बिहार में मौसम का मिजाज बदल गया है। शुक्रवार को पटना समेत 15 जिलों में तेज आंधी और बारिश हुई। इसके साथ ही 6 शहरों में ओले भी गिरे। पटना और मुजफ्फरपुर में ताड़ के पेड़ पर बिजली गिरी, जिससे पेड़ धू-धूकर जल गई। वहीं, गयाजी में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आज यानी शनिवार को प्रदेश के 25 जिलों में बारिश और तेज हवा का अलर्ट जारी किया है। 4 जिलों में तेज बारिश, बिजली गिरने का ऑरेंज अलर्ट है। इन जिलों में 60KM/H की स्पीड से हवा चल सकती है। वहीं, बाकी 21 जिलों में हल्की बारिश, आंधी-तूफान का यलो अलर्ट है। तेज हवा और अचानक बदले मौसम ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीण इलाकों में फसलों को नुकसान हुआ है। देखें मौसम से जुड़ी कुछ तस्वीरें… मौसम क्यों बदला, क्या है कारण मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बदलाव के पीछे का मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और एक सक्रिय ट्रफ लाइन है। साथ ही दिन में बढ़ती गर्मी के कारण वातावरण में अस्थिरता बढ़ गई है। यही कारण है कि अचानक बादल बन रहे है, जिससे आंधी-बारिश की संभावना बनी है। पटना में कैसा रहेगा मौसम पटना में आज भी मौसम बदला रहेगा। आसमान में बादल छाए रहेंगे। तेज हवा के साथ हल्की बारिश हो सकती है। तापमान में गिरावट आएगी, अधिकतम तापमान 32 से 34 के बीच रहने की संभावना है। गर्मी से कब तक राहत मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों तक इसी तरह का मौसम बना रह सकता है। इस दौरान बीच-बीच में आंधी और बारिश होने की संभावना है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि इसके बाद धीरे-धीरे मौसम फिर समान्य होने लगेगा तापमान में बढ़ोतरी होगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घरों में रहें, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। किसानों को फसलों की सुरक्षा और जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
गुरुग्राम में लव मैरिज के 4 महीने बाद ही प्राइवेट अस्पताल की नर्स काजल की मौत के केस में पुलिस को बड़े सुराग हाथ लगे हैं। जांच में काजल के मकान के बाहर नाले से एनेस्थीसिया इंजेक्शन की खाली शीशी और नीडल बरामद हुई है। वहीं, पोस्टमॉर्टम में डॉक्टरों को काजल के बाएं हाथ पर इंजेक्शन का निशान भी मिला है। इससे पहले गुरुवार को घर के बाथरूम से इस्तेमाल की हुई सीरिंज मिली थी। ताजा सुराग मिलने के बाद पुलिस को संदेह है कि इसी इंजेक्शन को लगाने से काजल की मौत हो गई। काजल के भाई-बहन पहले ही आरोप लगा रहे हैं कि पति अरूण ने ही उसे जहरीला इंजेक्शन लगाया है। अब पुलिस का मानना है कि काजल को इंजेक्शन की ओवरडोज दी गई, जिसके कारण पहले उसके नाक से खून निकला और फिर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हालांकि, आरोपी पति अरूण के अरेस्ट होने के बाद ही सब कुछ साफ होगा। पढ़िए नर्स हत्या केस की क्या है पूरी कहानी…. जानिए एनेस्थीसिया इंजेक्शन के साइड इफेक्ट्स… बेहोशी के लिए किया जाता यूज एनेस्थीसिया को इंजेक्शन के रूप में दिया जाता है। यह नसों को ब्लॉक करके दर्द का एहसास खत्म करती है या व्यक्ति को पूरी तरह बेहोश कर देती है। आमतौर पर डॉक्टर सर्जरी में नियंत्रित मात्रा में देते हैं। यह अस्पतालों में सुरक्षित इस्तेमाल होती है, लेकिन गैर-चिकित्सकीय या गलत तरीके से इस्तेमाल घातक हो सकता है।ओवरडोज से हार्ट अटैक का खतरा ओवरडोज देने से सेंट्रल नर्वस सिस्टम और हार्ट प्रभावित हो सकता है। शुरुआती लक्षण में चक्कर, उल्टी, बेहोशी, मांसपेशियों में कंपन या दौरा पड़ सकता है। इसके बाद ब्लड प्रेशर गिरता है, हृदय की धड़कन धीमी (ब्रैडीकार्डिया) या अनियमित हो जाती है, सांस भी रुक सकती है। इस केस में नाक से खून निकलना और तेजी से मौत के लक्षण इसी से मेल खाते हैं। कोमा में जा सकता व्यक्ति ओवरडोज जानलेवा होता है। हृदयगति रुक सकती है (कार्डियक अरेस्ट), सांस फेल हो सकती है या कोमा में जा सकता है। हालांकि, सामान्य व्यक्ति में सुरक्षित डोज से मौत का खतरा बहुत कम है, लेकिन ओवरडोज या गलत इंजेक्शन से मौत हो सकती है। भारत में ऐसे कई केस रिपोर्ट हुए हैं जहां ओवरडोज से हार्ट अटैक या रेस्पिरेटरी फेलियर हुआ। बिना मॉनिटरिंग के घर पर लगाना अत्यधिक जोखिम भरा है। पुलिस जांच कर रही एसएचओ कुलदीप सिंह ने कहा कि पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच टीम के हाथ कुछ सुराग लगे हैं। इन सुराग को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। विसरा की रिपोर्ट लैब से आने के बाद मौत के सटीक कारणों पता चल सकेगा।
एमपी में पिछले 3 दिन यानी, 72 घंटे से साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) और ट्रफ एक्टिव है। इस वजह से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर-उज्जैन समेत 42 से ज्यादा हिस्से में ओले-बारिश और आंधी का दौर चला। शनिवार को पूर्वी हिस्से में सिस्टम एक्टिव रहेंगे। इस वजह से रीवा-सिंगरौली समेत 14 जिलों में बारिश का अलर्ट है। 74Km प्रतिघंटा और ओले गिरने की वजह से कई जिलों में गेहूं, केले, पपीता और संतरे की फसलें बर्बाद हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 18 मार्च से ही प्रदेश में ओले-बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। जिसका असर शुक्रवार को भी देखा गया। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, तीन ट्रफ और एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन की एक्टिविटी होने की वजह से शुक्रवार को मौसम का मिजाज बदला रहा। शनिवार को सिस्टम आगे बढ़ेगा। जिसका पूर्वी हिस्से के जिलों में असर देखने को मिलेगा। स्ट्रॉन्ग सिस्टम...इन जिलों में ओले-बारिश पिछले 24 घंटे में 42 जिलों के करीब 112 शहर या कस्बों में बारिश हुई। इनमें इंदौर, धार, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, बुरहानपुर, खंडवा, भोपाल, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, मऊगंज, श्योपुर, मुरैना, दतिया, अशोकनगर, रतलाम, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, कटनी, उमरिया, मैहर, सतना, अनूपपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा, मंडला जिले शामिल हैं। सबसे ज्यादा पानी धार के बदनावर और बैतूल के घोड़ा डोंरी में पौन इंच तक गिर गया। बड़वानी, सेंधवा, भैंसदेही, मुलताई, नतेरन, आमला, बैतूल, भोपाल, दमोह, अमरवाड़ा में आधा इंच या इससे ज्यादा बारिश हुई। वहीं, अलीराजपुर, बड़वानी, विदिशा बैतूल, झाबुआ, खंडवा, आगर-मालवा, विदिशा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, दमोह, सिवनी, छतरपुर जिलों में ओले गिरे। तेज आंधी चलने से खेतों में खड़ी फसलों को खासा नुकसान हुआ है। ग्वालियर में पारा 23.9 डिग्री, रात से सिर्फ 4.7 डिग्री का अंतर प्रदेश में शुक्रवार को जारी बेमौसम बारिश, ओले और आंधी की वजह से कई शहरों में दिन के तापमान में खासी गिरावट हुई। ग्वालियर में पारा 23.9 डिग्री रहा। एक ही दिन में तापमान 10.6 डिग्री लुढ़क गया। इसके बाद यहां दिन-रात के तापमान में सिर्फ 4.7 डिग्री का ही अंतर देखा गया। बीती रात ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री दर्ज किया गया था। बारिश और बादल छाने की वजह से प्रदेश के सभी शहरों के तापमान में गिरावट देखी गई है। दतिया, बैतूल, भोपाल, इंदौर, श्योपुर, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, रीवा, सागर, सतना, सीधी, टीकमगढ़ और उमरिया में 5 डिग्री या इससे अधिक तापमान में गिरावट हुई। सबसे ज्यादा 10.9 डिग्री की गिरावट खजुराहो में हुई। यहां अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री दर्ज किया गया। गुरुवार को यह 38.3 डिग्री था। सतना और ग्वालियर भी ऐसे शहर रहे, जहां अधिकतम तापमान 10 डिग्री तक लुढ़का। इन शहरों में तापमान 30 डिग्री से नीचे ग्वालियर में सबसे कम 23.9 डिग्री रहा। दतिया में 25.4 डिग्री, सतना में 26.3 डिग्री, रीवा में 27.2 डिग्री, खजुराहो में 27.4 डिग्री, पचमढ़ी में 27.6 डिग्री, श्योपुर में 28.6 डिग्री, उमरिया में 29 डिग्री, भोपाल में 29.4 डिग्री, सीधी में 29.6 डिग्री और जबलपुर में अधिकतम तापमान 29.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तस्वीरों में देखिए कहां-कैसा बदला मौसम 26 मार्च से फिर नया सिस्टम मौसम विभाग की माने तो मौजूदा सिस्टम 21 मार्च को भी प्रदेश में सक्रिय रहेगा। फिर नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) 22 मार्च से एक्टिव होगा। यह उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, यह मौजूदा सिस्टम जितना स्ट्रॉन्ग नहीं रहेगा। कमजोर होने की वजह से एमपी में बारिश के आसार कम ही है, लेकिन 26 मार्च को नया सिस्टम एक्टिव होगा। यह प्रदेश में फिर से बारिश करा सकता है। फरवरी में 4 बार ओले गिरे, मार्च में दो बार इस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। इसी बीच अब मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम विभाग की माने तो इस सीजन मार्च में पहली बार स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया है। जिसका असर चार दिन तक बना रहेगा। इसकी वजह से लगातार दो दिन तक ओले गिर चुके हैं। MP के 5 बड़े शहरों में मार्च में मौसम का ऐसा ट्रेंड... भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। इंदौर में 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका पारा इंदौर में मार्च से गर्मी का असर तेज होने लगता है। यहां दिन का पारा 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो 28 मार्च 1892 को दर्ज किया गया था। 4 मार्च 1898 को रात में पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक रहा था। 24 घंटे में करीब एक इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जबकि पूरे महीने में दो इंच पानी गिर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में 2 से 3 दिन बारिश होती है। कभी-कभी धूल भरी हवा की रफ्तार भी तेज होती है। ग्वालियर में गर्मी, ठंड-बारिश का ट्रेंड मार्च महीने में ग्वालियर में गर्मी, ठंड और बारिश तीनों का ही ट्रेंड है। 31 मार्च 2022 को दिन का पारा रिकॉर्ड 41.8 डिग्री पहुंच गया था, जबकि 1 मार्च 1972 की रात में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री रिकॉर्ड हो चुका है। साल 2015 में पूरे महीने 5 इंच से ज्यादा पानी गिरा। वहीं, 12 मार्च 1915 को 24 घंटे में करीब 2 इंच बारिश हुई थी। जबलपुर में मार्च की रातें रहती हैं ठंडी जबलपुर में मार्च में भी रातें ठंडी रहती हैं। पारा औसत 15 डिग्री के आसपास ही रहता है। वहीं, दिन में 36 से 40 डिग्री के बीच तापमान दर्ज किया जाता है। 31 मार्च 2017 को दिन का पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है, जबकि 4 मार्च 1898 में रात का तापमान 3.3 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां मार्च में मावठा भी गिरता है। पिछले 10 में से 9 साल बारिश हो चुकी है। उज्जैन में दिन रहते हैं गर्म, 6 दिन बारिश का ट्रेंड भीउज्जैन में दिन गर्म रहते हैं। 22 मार्च 2010 को पारा रिकॉर्ड 42.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। वहीं, 1 मार्च 1971 की रात में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री रहा था। पिछले साल दिन में तापमान 36 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। उज्जैन में 2017 सबसे गर्म साल रहा था। मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने बारिश भी होती है। एक दिन में पौने 2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 17 मार्च 2013 का है।
इंदौर में ऑटोडील बंद कर भागा संचालक:युवक को ठगा,बैंक से कॉल आने के बाद हुआ मामले का खुलासा
इंदौर के परदेशीपुरा में एक ठगी का मामला सामने आया है। यहां एक ऑटोडील से स्कूटर फायनेंस कराने के बाद पीड़ित ने पूरे रुपए जमा कर दिए। जब उसे बैंक से फायनेंस खत्म होने के बाद किश्तों को लेकर कॉल आने लगे तो उसने मौके पर जाकर देखा। यहां पर ऑटोडील बंद हो चुका था। जानकारी निकाली तो पता चला कि उसने कई लोगों से रुपए लेकर नहीं चुकाए। मामले में पीड़ित ने थाने आकर शिकायत की। इसके बाद एफआईआर की गई। पुलिस के मुताबिक मनोज बुरहाने निवासी रामनगर की शिकायत पर दीपक शर्मा और रेणु शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर की गई है। मनोज ने बताया कि उसने क्लर्क कॉलोनी में श्याम मोटर्स से 9 महीने पहले जूपिटर स्कूटर फायनेंस पर ली थी। जिसमें 22 हजार रुपए भरे थे। इसके दो से तीन माह में पूरे रुपए देने की बात कही थी। तब दीपक शर्मा ने 80 हजार देने के बाद एनओसी देने की बात कही थी। जिसमें अंकाउट से कुछ किश्तें कटीं, लेकिन इसी बीच 17 मार्च 2025 को 49 हजार 5 सौ रुपए नकद जमा करने के बाद 22 अप्रैल को 28 हजार 5 सौ रुपए और जमा कर दिए। तब दीपक से एनओसी मांगी तो उसने एक दो किश्तें बांउस होने की बात करते हुए पेमेट अंकाउट में डालकर एनओसी देने की बात कही। इसके बाद दीपक ने कॉल कर 2 हजार ओर मांगे और एनओसी देने की बात कही। तब गांव में होने के चलते एक सप्ताह बाद शोरूम पर पहुंचा। यहां पर शोरूम बंद हो चुका था। आसपास के लोगो से पूछा तो उन्होने शोरूम कही ओर जाने की बात कही। मनोज ने बताया कि उसने तीन अलग अलग नंबरों से फोन आ रहे है। जिसमें गाड़ी की किश्तें बांउस होने की बात कहकर 1 लाख रुपए देने की मांग कर रहे हैं। मनोज के मुताबिक वह करीब 1 लाख की अंमाउट दीपक को पहले ही दे चुका है। मनोज ने बताया कि दीपक ने उसके अलावा नवदीपसिंह,रजत वर्मा,पलकेश चौकसे,नेहा शर्मा के साथ भी इसी तरह से धोखा किया गया है। सभी से रुपए लेने के बाद दीपक ने बैक में जमा नही किए। जिसमें बैक से लगातार कॉल आ रहे है। दीपक के साथ सकी पत्नी रेणु भी इस पूरी घटना में शामिल है। परदेशीपुरा पुलिस दंपति को लेकर एफआईआर की है। वही उनकी तलाश शुरू कर दी है।
बारिश के बाद सर्द हुआ मौसम:दिन का पारा तीन डिग्री गिरकर 28, मार्च में फरवरी जैसी ठंडक
शहर में शुक्रवार को मौसम के कई रूप देखने मिले। सुबह से लेकर दोपहर से पहले तक बादलों का पहरा रहा। दोपहर बाद आसमान साफ हो गया और तेज धूप खिल गई। हालांकि दिनभर सर्द हवाओं का असर देखने को मिला। दिन में कई बार सूरज बादलों की ओट में आता-जाता रहा। एक बारगी बारिश जैसा मौसम बन गया। एक दिन पहले हुई बारिश के बाद मौसम सर्द हो गया है। ऐसे में अब दिन-रात का पारा लुढ़ककर नीचे आ गया है। दिन का तापमान 28 डिग्री रहा, तो रात का पारा 15.2 डिग्री दर्ज किया गया। बीते 24 घंटे में अधिकतम तापमान 3 डिग्री, जबकि न्यूनतम 3.6 डिग्री लुढ़का है। आगे: दो-तीन दिन छाएंगे बादल, बारिश की संभावना मौसम विशेषज्ञ डॉ. आरएस देवड़ा ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर पश्चिमी राज्यों में वर्षा जारी है। उत्तरी राजस्थान के ऊपर एक निम्न स्तरीय परिसंचरण तंत्र बना हुआ है। इससे उत्तर पूर्वी राजस्थान में वर्षा और ओलावृष्टि की स्थिति है। मेवाड़ सहित दक्षिणी राजस्थान में दो से तीन दिनों तक हल्के बादल छाए रहेंगे। हल्की खंड वर्षा हो सकती है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट संभव है।
मेरठ में शनिवार यानि आज ईद उल फितर का त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। सुबह ईद की नमाज होगी, जिसको लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन पहले ही स्पष्ट कर चुका था कि सड़क पर नमाज नहीं होने दी जाएगी। ऐसे में हर संभावना को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बंदोबस्त किए गए हैं। सुबह से ही पुलिस और प्रशासनिक अफसर सड़क पर उतरकर व्यवस्था बनाने का काम करेंगे। शाही ईदगाह पर सुबह 8 बजे नमाज दिल्ली रोड स्थित शाही ईदगाह पर सुबह 8 बजे ईद की नमाज होगी। शहर काजी जैनुल सालिकीन नमाज़ अदा कराएंगे। इसको देखते हुए ईदगाह के आस पास दो एडीशनल एसपी, चार डिप्टी एसपी, 23 इंस्पेक्टर, 80 सब इंस्पेक्टर के अलावा 250 कांस्टेबल-हेड कांस्टेबल, आरएएफ, आरआरएफ व क्यूआरटी तैनात की गई है। सड़क पर किसी भी दशा में नमाज नहीं होने दी जाएगी। निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनको अफसर अपने मोबाइल पर देख सकेंगे। प्रमुख मस्जिदों में नमाज का समय - दिल्ली रोड शाही ईदगाह - 8 बजे, - ईदगाह बाले मियां परिसर - 8:15 बजे, - वक्फ मनसबिया रेलवे रोड - 8 बजे, - फैज़ ए आम इंटर कॉलेज - 7:30 बजे, - रशीदिया मस्जिद लिसाड़ी रोड - 7:30 बजे, - ज़ुबैदा मस्जिद हापुड़ रोड - 7:30 बजे, - मस्जिद एहल ए हदीस जाकिर कॉलोनी - 7:30 बजे शिया मुसलमान काली पट्टी बांधकर पढ़ेंगे नमाज अमेरिका व इजरायल द्वारा ईरान पर हमला किया गया था, जिसमें वहां के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। शिया मुसलमान इसके विरोध में काली पट्टी बांधकर नमाज अदा करेंगे। ऑल इंडिया शिया काउंसिल के प्रवक्ता मौलाना जलाल हैदर नकवी ने बताया कि अभी तक आयतुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार नहीं हुआ है। इसलिए शिया मुसलमानों ने ईद पर काली पट्टी बांधकर नमाज अदा करने का फैसला लिया है। शुक्रवार शाम ईदगाह पहुंचे एडीजी शहर में शाही ईदगाह दिल्ली रोड और कोतवाली की जामा मस्जिद दो ऐसे स्थान हैं, जहां बड़ी संख्या में अकीदतमंद पहुंचकर नमाज पढ़ते हैं। इसको देखते हुए ईदगाहों पर सुरक्षा व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए हैं। शुक्रवार शाम एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर ने भी शाही ईदगाह पहुंचकर वहां की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को दिशा निर्देश भी दिए। बम स्क्वायड ने परखी सुरक्षा शुक्रवार शाम को ही पुलिस विभाग की एएस चेक टीम भी शाही ईदगाह पहुंची और वहां के चप्पे चप्पे को खंगाला। करीब दो घंटे रहकर टीम ने कोना कोना चेक किया और उसके बाद व्यवस्था कमेटी को सौंप दी। यहां सुबह आठ बजे से ईद की नमाज होगी। नगर निगम की टीम के द्वारा ईदगाह में मच्छरों की दवा का छिड़काव भी किया गया। शहर में रूट डायवर्जन रहेगा लागू शनिवार सुबह 5 बजे से शहर में रूट डायवर्जन लागू हो जाएगा। इस दौरान दिल्ली रोड व बागपत रोड से सीधे कोई वाहन ईदगाह व रेलवे रोड की तरफ नहीं आ सकेगा। इसी तरह जलीकोठी चौराहे से कोई भारी वाहन रेलवे रोड की तरफ नहीं आएगा। रोडवेज बसें नेशनल हाईवे 58 होकर मोदीपुरम के रास्ते भैसाली बस अड्डे आ और जा सकेंगी। इसी तरह की स्थिति हापुड़ रोड पर भी बनाई गई। एल ब्लॉक तिराहा से हापुड़ अड्डा चौराहा की तरफ वाहन ना आ सकेंगे और ना जा सकेंगे।
गुरु नानक अस्पताल में टीबी जागरूकता सेमिनार
अमृतसर | अमृतसर को टीबी मुक्त बनाने के संकल्प के साथ गुरु नानक अस्पताल में विशेष जागरूकता सेमिनार और नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को टीबी के लक्षणों और इसके मुफ्त इलाज के बारे में शिक्षित करना था। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंची सहायक कमिश्नर मैडम पीयूषा बुर्दक ने बताया कि जिला प्रशासन टीबी के पूरी तरह खात्मे के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जानकारी दी कि डिप्टी कमिश्नर द्वारा टीबी अस्पताल में 27 लाख रुपए की लागत से दो ट्रूनेट मशीनें लगवाई गई हैं। इन अत्याधुनिक मशीनों से टीबी की जांच रिपोर्ट बहुत जल्दी और सटीक मिलेगी, जिससे इलाज समय पर शुरू हो सकेगा। कार्यक्रम के दौरान श्री दलजीत सिंह सोना और उनकी टीम ने एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक पेश किया। इसके माध्यम से समाज में टीबी को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने और समय पर दवा लेने का संदेश दिया गया।
भोपाल की लाइफ लाइन बड़ा तालाब पर अतिक्रमण की सारी हदें पार कर चुकी हैं। अतिक्रमणकारियों ने इसे चारों ओर से अतिक्रमण में जकड़ रखा है। सरकारी रिपोर्ट में ये सामने आ चुके हैं, पर कार्रवाई जमीन पर न होकर फाइलों में ही सिमटी रही। अब एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्राइबल) की फटकार से अफसर हरकत में आए और सर्वे शुरू किया। दैनिक भास्कर ने 200 फीट की ऊंचाई से भोपाल की लाइफ लाइन से खिलवाड़ करने वाले अतिक्रमण को ड्रोन कैमरे में कैद किया। करीब 8 महीने पहले ही एफटीएल से जुड़कर ही एक 2 मंजिला मकान बना दिया गया। इसी में स्वीमिंग पूल भी है। इसे ही टीटी नगर एसडीएम वृत की टीम ने लिस्टेड किया है। इन अतिक्रमण की जद में रसूखदारों के साथ-साथ होटल जहांनुमा, सायाजी, वन विहार समेत नगर निगम के सरकारी निर्माण भी हैं। सेवनिया गौंड, बिशनखेड़ी में मिले 20 से ज्यादा अतिक्रमणसर्वे टीम को सेवनिया गौंड, बिशनखेड़ी समेत आसपास के इलाकों में करीब तीन किमी के दायरे में 20 से ज्यादा बड़े अतिक्रमण लिस्टेड किए। इसमें फेंसिंग, बाउंड्रीवॉल, स्वीमिंग पूल, टीन शेड बना चुके थे, जो एफटीएल से 50 मीटर के दायरे में ही हैं। सैर सपाटा, बोट क्लब-वन विहार का हिस्सा भीबड़ा तालाब किनारे प्राइवेट के साथ सरकारी अतिक्रमण भी सामने आया है। एफटीएल के 50 मीटर के दायरे में सैर सपाटा, बोट क्लब, विंड एंड वेव्स होटल और वन विहार का कुछ हिस्सा भी आ रहा है। प्रशासन ने इन्हें भी अतिक्रमण के तौर पर लिस्टेड किया है। सर्वे में इतने अतिक्रमण मिलेंबैरागढ़ सर्कल में 220 अतिक्रमण सामने आए हैं। इन्हें हटाने की प्रक्रिया जारी है। टीटी नगर में 127 अतिक्रमण चिह्नित कर नोटिस जारी किए हैं। इनमें 59 निजी और 78 सरकारी शामिल हैं। परिवहन विभाग के पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा की सास का रो-हाउस भी अतिक्रमण की सूची में शामिल हैं। प्रशासन की टीम ने सेवनिया गौंड, प्रेमपुरा सहित अन्य क्षेत्रों में भी सीमांकन किया था। वन विहार के पास जॉक रेस्टोरेंट, लहर रेस्टोरेंट, विंड्स एंड वेब, होटल रंजीत लेकव्यू, फूड जोन की 26 दुकानें, गेम जोन, कचरा कैफे, सुलभ कॉम्प्लेक्स और लहर जिम सहित अन्य निर्माण शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि किनारे से 100 से अधिक झुग्गी भी हटेंगी। बड़ा तालाब की हद जानने इनका सीमांकन भीसूत्रों के अनुसार, वन विहार रोड स्थित होटल रंजीत, होटल टोरकस, अन्नतास गार्डन, लेक हाउस का कुछ हिस्सा आ रहा है। वहीं, मैथलीशरण गुप्ता, कीर्ति जैन, पीएस भटनागर, मोहिनी देवी, बसंत कौर, सोमिया श्रीवास्तव, प्रकाश चंदेल, मुकेश शर्मा आदि के निर्माण भी जद में आ रहे हैं। इसके अलावा बैरागढ़ तहसील क्षेत्र में शामिल बड़ा तालाब का काफी हिस्सा भी जद में आ रहा है। कुछ दिन पहले इन पर कार्रवाई की गई। वहीं, टीटी नगर एसडीएम वृत्त की टीमें भी जल्द कार्रवाई करेगी। ड्रोन से देखिए बड़ा तालाब में अतिक्रमण… बड़ा तालाब के 5 बड़े इलाकों में पहुंची भास्कर टीमदैनिक भास्कर ने बड़ा तालाब के पिछले व मौजूदा 4 सर्वे, एनजीटी में याचिका और अब तक हुई कार्रवाई के बारे में पड़ताल की। तालाब के फुल टैंक लेवल (एफटीएल) पर भी पहुंचा। एक्सपर्ट राशिद नूर ने बताया, शहरी सीमा में 50 मीटर और ग्रामीण सीमा में 250 मीटर के दायरे में कोई निर्माण नहीं होना चाहिए, लेकिन जब भास्कर टीम यहां पहुंची तो एफटीएल मुनार से सटकर ही पक्के निर्माण बने हुए नजर आए। ऐसे 1 या 2 नहीं, बल्कि सैकड़ों निर्माण है। कई रसूखदारों के फॉर्म हाउस भीभदभदा, बिसनखेड़ी, गौरागांव, बील गांव, सेवनिया गौंड और सूरजनगर में बड़ी बिल्डिंग, फॉर्म हाउस, रिसोर्ट भी देखने को मिले। बड़ा तालाब रामसर साइट भी है। बावजूद सालों से सिर्फ फाइलों में ही कब्जे हटे हैं। मुनार से जुड़ी बाउंड्रीवॉलमंगलवार को टीम जिस इलाके में सीमांकन करने पहुंची, वहां पर भास्कर टीम ने भी दौरा किया। सूरजनगर, सेवनिया गौंड में तो जिस जगह पर रामसर साइट है और नगर निगम की मुनार लगी है। ठीक उससे जुड़ी बिल्डिंग की बाउंड्रीवॉल थी। 5 महीने पहले यहां नगर निगम की सीवेज लाइन भी बिछाई गई है। मुनार के पास सड़क भी भर दी गई है, जो नियम के विरुद्ध है। दूसरी ओर, गौरागांव से बील गांव की तरफ सड़क भी तालाब के बीच से ही गुजरी है। बड़ा फर्जीवाड़ा...दो तरह की मुनारें मिलीबड़ा तालाब के किनारों पर भू-माफिया भी सक्रिय है, जो कम दाम पर प्लाट देने का वादा कर रहे हैं। उन्होंने और लोगों ने इस दायरे को लेकर ही भ्रम की स्थिति भी खड़ी की है। जिन मुनारों से एफटीएल की सीमा तय होती है, उन्हीं में फर्जीवाड़ा भी किया गया है। मौके पर एफटीएल बताने वाली 5 तरह की मुनारें लगी हुई मिली। इनमें से एक में बीएमसी यानी, भोपाल म्युनसिपल कॉरपोर्रेशन लिखा है। बाकी पर सफेद रंग है। लिखा कुछ नहीं है। इन्हीं फर्जी मुनारों के आसपास अतिक्रमण और अवैध निर्माण है। इसलिए सीमांकन शुरू कियाकरीब पांच महीने पहले बड़ा तालाब के अतिक्रमण पर एनजीटी सख्त हुआ था। तब कार्रवाई की सिर्फ रस्म अदा की गई थी। फरवरी में सांसद आलोक शर्मा ने जिम्मेदारों की बैठक लेकर फटकार लगा दी। इसके बाद फिर से सर्वे शुरू किया गया। बड़ा तालाब में अतिक्रमण को लेकर एनजीटी में एक याचिका पर्यावरणविद् राशिद नूर ने लगाई थी। इस पर एनजीटी ने स्पष्ट किया कि वेटलैंड्स (संरक्षण और प्रबंधन) नियम, 2017 का नियम-4 अब पूरे मध्यप्रदेश के सभी जलाशयों पर लागू होगा। बड़ा तालाब का सिर्फ कागजों का मामला नहीं, बल्कि भोपाल के पर्यावरण संतुलन से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। तालाब में अब 41 नालों से सीवेज गिर रहा है और 227 अतिक्रमण अब तक हटाए नहीं गए। सिलसिलेवार जानिए, अब तक क्या हुआ... पहला सर्वे: साल 2016 में डीजीपीएस सर्वे, पर रिपोर्ट सामने नहीं आईसाल 2016 में नगर निगम ने डीजीपीएस (डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) सर्वे कराया था। यह जमीन का सटीक माप करने की तकनीक है, जो जीपीएस की तुलना में ज्यादा जानकारी सामने लाती है। जमीन की सीमा, आकार का सटीक डेटा इकट्ठा करती है। इस सर्वे में बड़ा तालाब का क्षेत्र 38.72 वर्ग किमी बताया गया था, जबकि पहले यह एरिया 32 वर्ग किमी माना जाता था। इसकी रिपोर्ट में तालाब के एफटीएल के को-ऑर्डिनेट्स दर्ज हैं। इन को-ऑर्डिनेट्स के आधार पर धरातल पर भी सीमाएं तय की जा सकती हैं। तालाब की सीमा में आ रही निजी जमीन के मालिकाना हक का भी निर्धारण हो सकता है, लेकिन यह रिपोर्ट निगम की फाइलों में दबकर रह गई। रिपोर्ट का आज तक खुलासा नहीं हो सका। दूसरा सर्वे: 141 मुनारें ही गायब हो गईंइसी साल एनजीटी ने बड़े तालाब का सर्वे करने के निर्देश दिए थे। इसमें 943 में से 802 मुनारें ही मिली थीं। इसमें भी 337 मुनारें पानी के भीतर डूबी हुईं थीं, यानी उन्हें एफटीएल से पहले ही लगाया गया था। 141 मुनारें मौके से गायब थीं, लेकिन इसके बाद मुनारें दोबारा लगाने और अतिक्रमण रोकने की कोई ठोस पहल नहीं हुई। तीसरा सर्वे: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सर्वे हुआ, रिपोर्ट का अता-पता नहींइस साल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सर्वे किया गया। जिला प्रशासन ने मप्र झील संरक्षण प्राधिकरण के साथ मिलकर सर्वे किया, लेकिन इसकी रिपोर्ट का कोई अता-पता नहीं है। ये रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई है। न ही सरकार के किसी दस्तावेज में यह जिक्र आया है कि इस सर्वे का क्या हुआ? एक मोबाइल ऐप पर इसकी रिपोर्ट दर्ज होने की बात कही जाती है। जब तक यह दस्तावेज में नहीं आएगा तब तक धरातल पर सीमांकन नहीं हो सकता। 6 महीने पहले CM दे चुके निर्देश, सांसद ने कहा-मास्टर प्लान बनेबड़ा तालाब को लेकर सरकार तो गंभीर है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही सामने आ रही है। करीब छह महीने पहले सीएम डॉ. मोहन यादव ने तालाब के आसपास के अतिक्रमण का नए सिरे से सर्वे करने के निर्देश नगरीय आवास एवं विकास विभाग की बैठक में दिए थे। वहीं, कुछ समय पहले भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने बड़ा तालाब का मास्टर प्लान बनाने की पैरवी की थी। कहा था कि मास्टर प्लान बनने से तालाब को सुरक्षित किया जा सकेगा। बड़ा तालाब के 50 मीटर के दायरे में 1300 से ज्यादा अतिक्रमण सामने आया था। 10 साल में सिर्फ 1 बड़ी कार्रवाई, महीनों तक विस्थापन नहींकरीब दो साल पहले भदभदा झुग्गी बस्ती से कुल 386 घरों को हटाया गया था। एनजीटी ने कार्रवाई के आदेश दिए थे। बड़ा तालाब के कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण की 10 साल में यही बड़ी कार्रवाई थी। इसके बाद प्लान बने, लेकिन जमीन पर नहीं आए।
विश्व जल दिवस पर नगर निगम का वॉकाथॉन आज
अमृतसर| विश्व जल दिवस के उपलक्ष्य में नगर निगम और पंजाब म्यूनिसिपल सर्विसेज इंप्रूवमेंट प्रोजेक्ट द्वारा जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए वॉकाथॉन का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम आगामी 22 मार्च को सुबह 6 से 9 बजे तक रणजीत एवेन्यू स्थित डी-ब्लॉक, पाईटेक्स मेला ग्राउंड में होगा । प्रोजेक्ट मैनेजर कुलदीप सिंह सैनी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस 3.5 किलोमीटर लंबी वॉकाथॉन का मुख्य उद्देश्य शहरवासियों को जल के महत्व से अवगत कराना और उन्हें जल संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए निगम ने चलाया स्टिकर अभियान
भास्कर न्यूज | अमृतसर नगर निगम अमृतसर ने शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। स्वच्छता बनाए रखने और नागरिकों में जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए निगम ने अब शहर के दुकानदारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के काउंटरों पर जागरूकता स्टिकर लगाने का अभियान शुरू किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दुकानदारों और ग्राहकों को कूड़ा न फैलाने के प्रति सचेत करना है। नगर निगम आयुक्त बिक्रमजीत सिंह शेरगिल के निर्देशों के तहत स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विभाग इस अभियान को धरातल पर उतार रहा है। निगम की टीमें दुकानों पर जाकर स्टिकर लगा रही हैं और दुकानदारों को स्वच्छ अमृतसर मिशन में भागीदार बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उन्हें समझाया जा रहा है कि वे न केवल खुद कचरे का उचित निपटान करें, बल्कि अपने ग्राहकों को भी सड़क पर कूड़ा फेंकने से रोकें। आयुक्त बिक्रमजीत सिंह शेरगिल ने कहा कि स्वच्छता केवल निगम का काम नहीं, बल्कि एक साझा जिम्मेदारी है। इन स्टिकरों के माध्यम से हम नागरिकों में व्यवहारिक बदलाव लाना चाहते हैं। उन्होंने अपील की कि जनता निर्धारित कूड़ेदानों का ही उपयोग करे। निगम ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कचरा उठाने में कोई अनियमितता होती है, तो नागरिक तुरंत हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
गोल्डन टेंपल, अमृतसर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से वीडियो-फोटो बनाकर बेअदबी का नया मामला सामने आया है। एक क्रिकेट फैन फेज ने गोल्डन टेंपल में क्रिकेटर्स और बॉलीवुड स्टार्स की फोटो फेसबुक पर शेयर की है। पहली फोटो में उन्होंने क्रिकेटर युवराज सिंह को तो दूसरी फोटो में क्रिकेटर हार्दिक पांड्या को नंगे सिर दिखाया है। जबकि गोल्डन टेंपल में जाने के लिए सिख धर्म के अनुसार सिर ढकना जरूरी है। इससे कुछ दिन पहले ही एक कंकाल की गोल्डन टेंपल की परिक्रमा और लंगर हॉल में जूते पहने AI वीडियो शेयर की गई थी। इसके अलावा एक व्यक्ति को जीप लेकर परिक्रमा में दिखाया गया था। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) इसे लेकर सख्त एतराज जता चुकी है लेकिन बेअदबी का सिलसिला थम नहीं रहा है। अब नई फोटो पर भी SGPC ने कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि इस मामले में अब केंद्र व राज्य सरकार को सख्त कानून बनाना चाहिए ताकि ऐसे आरोपियों पर सख्त कार्रवाई हो और भविष्य में कोई इस तरह की बेअदबी न कर सके। जानिए, बेअदबी की नई फोटो में क्या.. जिस पेज पर फोटो, उस पर 2.38 लाख फालोअर्सयह फोटो क्रिक इंटरटेनमेंट पेज से वायरल की जा रही हैं। इस पेज पर 2.38 लाख फालोअर्स हैं। हालांकि फोटो डालते समय लिखा जरूर है कि यह AI जेनरेटेड इमेज हैं। इससे सवाल उठ रहे हैं कि क्या जानबूझकर ऐसा किया गया। वह इसलिए क्योंकि इन फोटो में सिर्फ एक-एक क्रिकेटर को ही नंगे सिर दिखाया गया है। बाकी के सिर ढके हुए हैं। हालांकि कमेंट में लोगों ने फोटो जेनरेट करने वालों को खूब लताड़ भी लगाई है लेकिन उन्होंने फोटो नहीं हटाई है। SGPC के एडवोकेट बोले- सख्त कार्रवाई जरूरीइस बारे में SGPC के एडवोकेट अमनबीर सिंह सियाली ने कहा कि लगातार वायरल हो रही इन तस्वीरों को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस बारे में संबंधित अधिकारियों को शिकायतें भी सौंपी जा रही हैं। इससे पहले 3 बेअदबी की घटनाओं के बारे में जानिए… 1. कंकाल को पगड़ी पहनाई, जूते पहने परिक्रमा-लंगर हॉल में दिखाया3 दिन पहले अमृतसर के गोल्डन टेंपल से जुड़ा बेअदबी का AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) वीडियो सामने आया था। इसमें एक कंकाल को पगड़ी पहनाकर गोल्डन टेंपल की परिक्रमा में दिखाया गया। जिसमें उसने जूते पहने हुए थे। यही नहीं, वह लंगर हॉल में भी जूते समेत ही लंगर खा रहा था। ये वीडियो इंस्टाग्राम पर एनाटॉमी क्राउन नाम के अकाउंट से अपलोड किया गया है। इस अकाउंट पर करीब 10 हजार ही फॉलोअर्स हैं। ज्यादातर पोस्ट AI से जनरेट हुई हैं। 2. गाड़ी समेत युवक को जूते पहने परिक्रमा में दिखायागोल्डन टेंपल की पवित्र परिक्रमा से जुड़े AI जनरेटेड 3 विवादित वीडियो सामने आए थे। पहले वीडियो में एक लड़का जूते पहनकर गोल्डन टेंपल की पवित्र परिक्रमा में खड़ा दिखाई देता है और फिर कार में बैठकर परिसर से बाहर जाता नजर आता है। वहीं, दूसरे वीडियो में श्री दरबार साहिब का परिवर्तित दृश्य दिखाया गया है, जो सिख धर्म की मर्यादा के खिलाफ है। तीसरे वीडियो में कपल को गोल्डन टेंपल के सामने आपत्तिजनक हरकत करते हुए दिखाया गया है। वीडियो सामने के आने के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने इसकी शिकायत पुलिस को दी। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन अमृतसर में 29 जनवरी को केस दर्ज किया गया था। पवित्र सरोवर में कुल्ला करते हुए रील बनाई गोल्डन टेंपल में 13 जनवरी को युवक ने पवित्र सरोवर में कुल्ला करते हुए रील बनाई। वीडियो को 'मुस्लिम शेर' लिखकर सोशल मीडिया पर डाला गया था। इस पर SGPC ने कड़ी आपत्ति जताई थी। 24 जनवरी को यूपी के गाजियाबाद में निहंगों ने उसे पकड़ लिया था और जमकर पिटाई करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया था। युवक की पहचान सुब्हान रंगरीज के रूप में हुई थी, जो दिल्ली का रहने वाला है। इसके बाद उस पर बेअदबी का केस दर्ज हुआ। उसे गिरफ्तार कर अमृतसर लाया गया। हालांकि अब वह जमानत पर है।
चंडीगढ़ के सेक्टर 9 में जिम के बाहर मारे गए प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी का आज अंतिम संस्कार किया जाएगा। उसके शव को PGI से पैतृक गांव कुब्बाहेड़ी (मोहाली) लाया जाएगा। यहां दोपहर 1 बजे अंतिम विदाई दी जाएगी। शुक्रवार को परिवार की सहमति के बाद पोस्टमॉर्टम हुआ पोस्टमॉर्टम करीब साढ़े 3 घंटे तक चला। दोपहर बाद 3 बजे पोस्टमॉर्टम शुरू हुआ था। चिन्नी ने भाई दीपेंद्र सिंह ने बताया कि मेरा भाई कइयों के दिल का तारा था। उसका लिविंग स्टाइल हटकर था। लोग उसे सोशल मीडिया पर फॉलो करते थे। लेकिन कई उसे बेहद बेरोजगार तक कहते थे। कई लोग उसके बारे में कुछ भी बोलते रहते थे। बाहर बैठे लोग उसके सोशल मीडिया पर लाइफ स्टाइल देखकर जज कर लेते थे कि वह बहुत रिच है। लेकिन असलियत तो हमें पता है कि घर की छत तक गिरने वाली है। दीपेंद्र सिंह ने कहा भाई के सपने बड़े थे। वह कई घरों का सहारा था। उसे बड़ा बनना था। मैं उसे कहता था कि तेरे दुश्मन बहुत हैं। तुझे लोग बर्दाश्त नहीं करते। माहौल भी खराब चल रहा है। हमें पैसे नहीं चाहिए, हमें तेरी सेफ्टी चाहिए। तुझे लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम 10-20 हजार में छोटा कारोबार कर लेंगे। लोगों को लगता है कि चिन्नी आगे बढ़ गया है, इसे नीचे गिराओ। कोई जादू-टोना कर रहा है, हम इन चीजों को नहीं मानते। तू इन चीजों से बच। वहीं, मृतक के इंस्टाग्राम पर दो दिन में लगभग 30 हजार फॉलोअर्स बढ़े हैं। अब उसके 69 हजार फॉलोअर्स हो गए हैं। 18 मार्च को चिन्नी की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। 19 मार्च को हरियाणा के कैथल में दोनों शूटर मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किए गए। भाई की 5 अहम बातें…. ------- ये खबर भी पढ़ें… चंडीगढ़ प्रॉपर्टी डीलर मर्डर, साढ़े 3 घंटे चला पोस्टमॉर्टम, बीमार मां को मौत का पता नहीं; हरियाणा से पकड़े शूटर PGI में भर्ती कराए चंडीगढ़ में जिम के बाहर मारे गए प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी का शुक्रवार (20 मार्च) को पोस्टमॉर्टम हो गया। पोस्टमॉर्टम करीब साढ़े 3 घंटे तक चला। दोपहर बाद 3 बजे पोस्टमॉर्टम शुरू हुआ था। चंडीगढ़ पुलिस के साथ मीटिंग के बाद परिवार ने पोस्टमॉर्टम पर हामी भरी थी। (पढ़ें पूरी खबर)
देश भर के कई राज्यों में बारिश, ओलावृष्टि, आंधी और तूफान का मौसम जारी है। यूपी के 25 से ज्यादा जिलों में शुक्रवार को आंधी-बारिश के साथ जमकर ओले गिरे। प्रयागराज, बलरामपुर, बहराइच और मिर्जापुर में बिजली गिरने से 3 किसानों समेत 5 की मौत हो गई। बिहार के पटना, बेतिया, मोतिहारी, जमुई समेत 15 शहरों में आंधी-बारिश हुई। गयाजी में बिजली की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। मध्य प्रदेश के 42 जिलों में भी कल बारिश हुई। इनमें इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन जैसे कई बड़े शहर भी शामिल हैं। MP में बारिश से न्यूनतम तापमान में 3C तक की गिरावट दर्ज की गई है। हिल स्टेशन पचमढ़ी 12.6C के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा। वहीं, इंदौर में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री और भोपाल में 16.6C दर्ज किया गया। इधर, राजस्थान में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन बारिश और ओले गिरे। श्रीगंगानगर में कोहरा छाने से विजिबिलिटी 10 मीटर से भी कम रही। दिल्ली में लगातार कई दिनों से हो रही बारिश और तेज हवाओं के बाद तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को दिल्ली में पिछले 6 सालों के दौरान मार्च का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। सफदरजंग में अधिकतम तापमान 21.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 9.6 डिग्री कम है। इससे पहले 8 मार्च 2020 को तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस तक गिरा था। हिमाचल में लगातार चौथे दिन बर्फबारी, 25 मार्च तक अलर्ट हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में शुक्रवार को लगातार चौथे दिन भी बर्फबारी जारी रही। मनाली, लाहौल-स्पीति और आसपास के क्षेत्रों में रुक-रुक कर हो रही बर्फबारी से हालात सर्दियों जैसे बन गए हैं। अटल टनल, सोलंग और रोहतांग पास में 90 से 120 सेंटीमीटर तक बर्फ की मोटी परत जम गई है। वहीं भुंतर-मनिकरण रोड लैंडस्लाइड के कारण बंद हो गई है और मनाली-रोहतांग रूट पर वाहनों की आवाजाही नेहरू कुंड तक सीमित कर दी गई है। लाहौल घाटी का संपर्क भी कट गया है और सड़कों को साफ करने का काम जारी है। बर्फबारी से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। कल्पा में न्यूनतम तापमान 0 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि कुकुमसेरी 1.1 डिग्री और मनाली 3 डिग्री दर्ज किया गया। दूसरी ओर ऊना में अधिकतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस रहा। देशभर में मौसम के हालात की तस्वीरें… अगले दो दिनों के दौरान मौसम का अनुमान 22 मार्च : पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में आंधी-तूफान की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और कर्नाटक में गरज-चमक की संभावना है। कर्नाटक, केरल, गोवा में गर्म और उमस भरा मौसम रहेगा। 23 मार्च : उत्तराखंड में गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30-40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी-तूफान संभव है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में गरज-चमक हो सकती है।
हरियाणा के नारनौल शहर में लंबे समय से अटके जरूरी विकास कार्यों को अब रफ्तार देने की तैयारी शुरू हो गई है। नगर परिषद ने एक साथ कई वार्डों में सड़क, गलियों, नालियों और मेनहोल से जुड़े कामों के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। ये सभी काम सीधे तौर पर लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं से जुड़े हैं, जिनकी शिकायतें काफी समय से मिल रही थीं। नगर परिषद ने ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल के जरिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। टेंडर खुलने के बाद एजेंसियों का चयन किया जाएगा और इसके बाद अलग-अलग वार्डों में काम शुरू होंगे। अधिकारियों का कहना है कि इन कार्यों के पूरा होने के बाद खराब सड़क, टूटे मेनहोल और गंदगी जैसी समस्याओं में सुधार होगा। सेक्टर एक का होगा सुधार शहर के एकमात्र हुडा के सेक्टर एक में टूटे मेनहोल, क्षतिग्रस्त गलियों और स्लैब की मरम्मत के लिए 11.53 लाख रुपए का टेंडर जारी किया गया है। लंबे समय से खराब मेनहोल लोगों के लिए खतरा बने हुए थे। यहां बनेगी सड़क वार्ड 5: सुधीर के मकान से सुरेंद्र के मकान तक नई सीसी सड़क बनाई जाएगी। इस पर करीब 29.67 लाख रुपए खर्च होंगे। रघुनाथपुरा खालड़ा: कूड़ा प्रोसेसिंग शेड के लिए बाउंड्री वॉल बनाई जाएगी, जिससे सुरक्षा और व्यवस्था बेहतर होगी। ये भी काम होंगे वार्ड 23: सड़क, गलियों, नालियों, जाली और फ्रेम की मरम्मत के लिए 4.23 लाख रुपए का टेंडर जारी किया गया है। वार्ड 12: सड़क मरम्मत, पैचवर्क और एक स्थान पर बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए 7.07 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। क्या कहते हैं ईओ नगर परिषद के ईओ जोगेंद्र सिंह ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द काम शुरू कराए जाएंगे। प्राथमिकता यह है कि छोटे लेकिन जरूरी काम समय पर पूरे हों, ताकि लोगों को राहत मिल सके और शहर की बुनियादी सुविधाएं मजबूत हों।
हरियाणा राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग में नाम आने और नोटिस जारी होने के बाद रतिया से कांग्रेस विधायक जरनैल सिंह ने नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर भड़ास निकाली है। उन्होंने कहा कि भूपेंद्र हुड्डा का नाम यहां जिंदा रखने की वजह से ही अशोक तंवर और कुमारी सैलजा से लड़ाई लड़ी। जरनैल सिंह ने CM नायब सैनी की भी खुलकर तारीफ की। बोले- नायब सैनी बहुत ही बढ़िया मुख्यमंत्री हैं, काम करने वाले हैं। पहले सीएम विपक्ष के विधायकों के घर नहीं जाते थे, लेकिन नायब सैनी ने इतिहास रचते हुए ये शुरुआत की है। कांग्रेस विधायक ने कहा- पार्टी के सभी विधायक चोरी-चोरी CM से मिलने जाते हैं, काम कराते हैं। 20 मार्च को ही कांग्रेस अनुशासन समिति ने जरनैल सिंह को नोटिस जारी कर क्रॉस वोटिंग पर 7 दिन में जवाब मांगा है। जानिए…जरनैल सिंह ने क्या-क्या बातें कहीं अभी कांग्रेस छोड़ने पर कोई विचार नहीं कांग्रेस छोड़ने को लेकर पूछे गए सवाल पर जरनैल सिंह ने कहा कि अभी ऐसी कोई मंशा नहीं है। पार्टी के सच्चे सिपाही हैं और कांग्रेस में ही रहेंगे। हाईकमान को नोटिस का जवाब भेजकर अपनी निष्ठा के बारे में बताएंगे। पढ़िए… अब तक कौन-कौन विधायक दिखा चुके बागी तेवर हुड्डा ने दिलाई थी कांग्रेस की टिकट जरनैल सिंह साल 2009 के उपचुनाव में दूसरी बार विधायक बने थे। उस समय प्रदेश में भूपेंद्र सिंह हुड्डा सीएम थे। हुड्डा ने पहली बार जरनैल सिंह को कांग्रेस की टिकट दिलाई। इसके बाद हुए हर चुनाव में हुड्डा ने ही पैरवी करके जरनैल सिंह को टिकट दिलवाई। कांग्रेस की टिकट पर जरनैल पांच बार चुनाव लड़े हैं। जिनमें से दो बार जीते हैं। एक बार इनेलो के टिकट पर भी जीत दर्ज की। ------------ यह खबर भी पढ़िए… हरियाणा कांग्रेस के 5 विधायकों को नया नोटिस: अब क्रॉस वोटिंग शब्द जोड़ा; पार्टी विरोधी गतिविधि में सख्त कार्रवाई के संकेत हरियाणा राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने के मामले में कांग्रेस ने कुछ घंटे में ही अपने 5 विधायकों को नया नोटिस जारी कर दिया है। इस बार इस नोटिस में क्रॉस वोटिंग करने का जिक्र है। इससे पहले जो नोटिस था, उसमें कैंसिलेशन/इनवेलिडिटी लिखा गया था। (पूरी खबर पढ़ें)
चंडीगढ़ के रहने वाले मशहूर भजन सिंगर कन्हैया मित्तल का राजस्थान के अलवर में साउंड सिस्टम ऑपरेटर से विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि कन्हैया मित्तल ने माइक छोड़ दिया और बिना माइक के श्रद्धालुओं के बीच आ गए। आयोजकों ने भी कन्हैया मित्तल के बजाय साउंड वाले का साथ दिया, जिससे कन्हैया मित्तल बेहद खफा हुए। अलवर से लौटते हुए कन्हैया मित्तल लाइव हुए। मित्तल ने कहा कि छोटे व उभरते हुए कलाकारों के साथ ही नहीं बड़े कलाकारों के साथ भी धक्का होता है। कन्हैया मित्तल ने कहा कि उनके साथ कई बार ऐसा हुआ कि आयोजकों ने पैसे तक नहीं दिए। उन्होंने उभरते हुए कलाकारों को कहा कि प्रोफशनल बनकर काम करें। बिना पेमेंट लिए मंच पर न चढ़ें। इंद्रेश महाराज की कथा में भजन गाने बुलाया थाराजस्थान के अलवर में इंद्रेज महाराज की कथा चल रही है। आयोजकों ने कन्हैया मित्तल को भजन गाने के लिए बुलाया। कन्हैया मित्तल ने कहा कि इसके लिए उन्हें कोई एडवांस भी नहीं दिया। कन्हैया ने कहा कि जो लोग किसी कलाकार को भाईबंदी के नाते प्रोग्राम में बुला लेते हैं वह लोग किसी लायक नहीं होते। ये साउंड भी इंद्रेश जी का था। इंद्रेश महाराज के साथ उनके अच्छे संबंध हैं। लेकिन उनके साउंड ऑपरेटर इस तरह गलत हरकतें कर रहे हैं जो अपने आप में शर्म की बात है। कन्हैया मित्तल-साउंड ऑपरेटर का कैसे हुआ विवाद… फेसबुक लाइव होकर कन्हैया मित्तल ने बताई पूरी बातें, सिलसिलेवार पढ़िए… पहले भी मित्तल का हो चुका साउंड ऑपरेटरों से विवादमित्तल ने कहा कि पहले भी एक जागरण में जब साउंड सिस्टम वाले को साउंड ठीक से चलाने के लिए कहा था तो उस साउंड वाले ने 25 हजार रुपए कमिशन देने के आरोप लगाए थे। अब आज साउंड वाले ने कहा कि मैं चलाऊंगा ही नहीं। उससे पहले एक जागरण में साउंड वाले ने कहा कि देख लो जैसे करना है। कन्हैया ने कहा कि आयोजक क्यों कलाकार के मतलब की साउंड नहीं लगवाते। आयोजक बोले- कन्हैया मित्तल ने साउंड ऑपरेटर की बेइज्जती कीइस बारे में आयोजक अमित सिंघल ने कहा- उसी साउंड पर इंद्रेश जी रोज कथा करते हैं। भजन भी गाते हैं। कभी कोई परेशानी नहीं रही। कन्हैया मित्तल ने आते ही जानबूझकर साउंड ऑपरेटर की बेइज्जती की। उसे कहा- तुम्हारे मां-बाप ने संस्कार नहीं दिए। इतना कौन सुन सकता है। फिर आयोजकों से मित्तल ने कहा कि दूसरे साउंड का इंतजाम करो। कुछ मिनट में दूसरे साउंड का इंतजाम भी संभव नहीं है। साउंड सही नहीं होता तो रात को वापस उसी जगह इंद्रेशजी ने भजन सुनाए हैं। यह भजन गायक चर्चा में रहने के लिए यह सब करते हैं।
अमेरिका-इजराइल और ईरान की जंग यानी मिडिल ईस्ट की वॉर से पंजाब में प्रीमियम पेट्रोल और कॉमर्शियल डीजल की कीमतें बढ़ गई है। पंजाब में डेली 5 लाख लीटर के करीब प्रीमियम पेट्रोल बिकता है। इस हिसाब से लोगों को 10 लाख रुपए एक्सट्रा चुकाने होंगे। दूसरी तरफ कॉमर्शियल डीजल 22 रुपए महंगा होकर 109 रुपए प्रति लीटर हो गया है। एक्सपर्ट का मानना है कि इससे आने वाले दिनों में बस किराया और ट्रक भाड़ा बढ़ने से महंगाई बढ़ सकती है। जालंधर लाडोवाली रोड पर सहकारी पेट्रोल पंप के मैनेजर अमन सिंह ने बताया कि अकेले उनके यहां डेली 300 लीटर के करीब प्रीमियम पेट्रोल की खपत है। अभी सामान्य पेट्रोल की कीमत बढ़ने को लेकर कोई सूचना नहीं है। आने वाले दिनों में इसकी भी कीमतें बढ़ने से इनकार नहीं किया जा सकता। लुधियाना पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के चेयरमैन व लक्ष्मी पेट्रोल पंप के मालिक अशोक सचदेवा ने कहा कि कॉमर्शियल डीजल के रेट 22 रुपए बढ़ने से सीधा असर ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ेगा। ट्रक यूनियन और बस ऑपरेटरों ने पहले ही किराया बढ़ाने के संकेत दे दिए हैं। गेहूं की कटाई का सीजन नजदीक होने के कारण डीजल की बढ़ती मांग और कीमतें किसानों के लिए भी चिंता बन सकती हैं, हालांकि अभी रिटेल पंपों पर डीजल का रेट 87 रुपए ही है। 10 सवाल-जवाब से जानें आम आदमी की जेब पर क्या असर… सवाल: प्रीमियम पेट्रोल की पंजाब में कितनी खपत है?जवाब: पंजाब में प्रीमियम पेट्रोल (जैसे XP95, Power) की खपत कुल पेट्रोल बिक्री का लगभग 10-12 फीसदी है। सालाना यह करीब 130 से 150 हजार मीट्रिक टन यानी 17 से 20 करोड़ लीटर के आसपास रहती है। सवाल: 2 रुपए रेट बढ़ने से आम आदमी की जेब पर कितना फर्क पड़ेगा? जवाब: यदि आप महीने में 30 लीटर प्रीमियम पेट्रोल का इस्तेमाल करते हैं, तो आपकी जेब पर सीधे 60 रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। सवाल: कॉमर्शियल डीजल की पंजाब में कितनी खपत है? जवाब: पंजाब में डीजल की कुल खपत लगभग 3,449 हजार मीट्रिक टन है। इसमें से कॉमर्शियल या बल्क डीजल (जो सीधे रेलवे या डिपो को जाता है) का हिस्सा लगभग 15-20 फीसदी होने का अनुमान है। सवाल: कॉमर्शियल डीजल 22 लीटर बढ़ा, तो इसका क्या असर होगा? जवाब: इससे थोक खरीदार (जैसे बड़ी फैक्ट्रियां या प्राइवेट बस ऑपरेटर) अब पेट्रोल पंपों (रिटेल) से तेल भरवाना शुरू कर देंगे, जिससे आम पंपों पर भारी भीड़ और किल्लत की स्थिति पैदा हो सकती है। सवाल: कॉमर्शियल डीजल होता क्या है?जवाब: यह वह डीजल है जो तेल कंपनियां सीधे बड़े ग्राहकों (रेलवे, बिजली घर, बड़ी इंडस्ट्रीज) को थोक में बेचती हैं। यह आम जनता के लिए पेट्रोल पंपों पर मिलने वाले डीजल से अलग श्रेणी में आता है। सवाल: कॉमर्शियल डीजल महंगा होने से आम आदमी को क्या नुकसान है?जवाब: जब फैक्ट्रियों और ट्रांसपोर्टरों के लिए तेल महंगा होगा, तो वे सामान बनाने और पहुंचाने की कीमत बढ़ा देंगे। इससे बिस्कुट से लेकर लोहे तक हर चीज महंगी हो सकती है। सवाल: क्या इससे बस किराए और ट्रक भाड़े में फर्क पड़ेगा? जवाब: हां। यदि ट्रांसपोर्टरों की लागत 22 रुपए प्रति लीटर बढ़ती है तो वे ट्रक भाड़ा 10-15% तक बढ़ा सकते हैं। पंजाब में हाल ही में तेल की कीमतों के कारण बस किराए में 23 पैसे प्रति किमी तक की बढ़ोतरी की जा चुकी है। सवाल: क्या सामान्य पेट्रोल-डीजल के रेट भी बढ़ने के आसार हैं? जवाब: फिलहाल सरकार और तेल कंपनियों ने सामान्य पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रखी हैं। हालांकि, वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार जाने से भविष्य में मामूली बढ़ोतरी की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। सवाल: गेहूं कटाई के वक्त पंजाब में कितनी डीजल खपत बढ़ती है? जवाब: कटाई के सीजन (अप्रैल-मई) में पंजाब में डीजल की मांग सामान्य दिनों के मुकाबले 30 से 40% तक बढ़ जाती है। कंबाइन और ट्रैक्टरों के अत्यधिक उपयोग के कारण ऐसा होता है। सवाल: क्या पेट्रोल-डीजल के लिए पैनिक होने की जरूरत है? जवाब: बिल्कुल नहीं। पंजाब सरकार और जिला प्रशासन ने साफ किया है कि सूबे में पेट्रोल और डीजल का पूरा स्टॉक है। अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत से ज्यादा स्टॉक न करें। पेट्रोल पंपों पर बेवजह भीड़ न लगाएं। प्रीमियम पेट्रोल और कॉमर्शियल डीजल के रेट बढ़ने क्या कारण हैं? पंजाब में हर साल 174 करोड़ लीटर पेट्रोल की बिक्रीपेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल की रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब के 5,400 पेट्रोल पंपों पर सालाना 1304 हजार मीट्रिक टन यानी 174 करोड़ लीटर पेट्रोल बिकता है। पंजाब में डेली लगभग 48 लाख लीटर पेट्रोल बिकता है, जिसका 12 फीसदी प्रीमियम होता है। इसी तरह से 3,449 हजार मीट्रिक टन यानी 415 करोड़ लीटर डीजल की खपत करता है। इसमें कामर्शियल डीजल पंप 200 के लगभग हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि सूबे में पेट्रोल की मांग 6.31% सालाना बढ़ी है।
पंजाब के खिलाड़ियों ने 28 साल बाद वॉलीबॉल में जीता गोल्ड, सांसद औजला ने दी बधाई
भास्कर न्यूज | अमृतसर ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित नेशनल अंडर-21 वॉलीबॉल टूर्नामेंट में पंजाब की टीम ने इतिहास रचते हुए फाइनल में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) जैसी मजबूत टीम को हराकर 28 साल बाद हरा कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। पंजाब वॉलीबॉल एसोसिएशन के प्रधान और सांसद गुरजीत सिंह औजला ने इस जीत को राज्य के लिए गौरव का क्षण बताते हुए खिलाड़ियों की पीठ थपथपाई है। सांसद औजला ने बताया कि करीब 3 घंटे चले रोमांचक मुकाबले में पंजाब की टीम ने इंटरनेशनल खिलाड़ियों को हराया है। उन्होंने बताया कि यह मुकाबला बेहद कड़ा था। लगभग 3 घंटे तक चले मैच में पंजाब के खिलाड़ियों ने उन एथलीटों को हराया जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलते हैं। उन्होंने कहा कि यह पंजाब के बच्चों की कड़ी मेहनत और कोचों के सही मार्गदर्शन का नतीजा है। इससे पहले पंजाब ने 1996 में यूनिवर्सिटी स्तर पर गोल्ड जीता था। पिछले साल ब्रॉन्ज जीतकर वापसी के संकेत दिए थे, लेकिन इस बार लड़कों ने सीधा सोने पर निशाना साधा है। सांसद औजला ने कहा कि सिफारिश और भाई-भतीजावाद पर नो एंट्री टीम के चयन ने यह चमत्कार किया है। उन्होंने कहा कि अब चयन का आधार सिर्फ और सिर्फ मेरिट पर ही होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब सिफारिश या पक्षपात का दौर खत्म हो चुका है। जिस खिलाड़ी में दम होगा, वही जर्सी पहनेगा। पहले भाई-भतीजावाद की वजह से असली टैलेंट दब जाता था, लेकिन अब मेहनतकश खिलाड़ियों का हक कोई नहीं मार पाएगा। सांसद औजला ने कहा कि चाहे हॉकी हो, क्रिकेट हो या फिर वॉलीबाल, इन तीनों ही खेलों में खिलाड़ियों ने साफ कर दिया है कि उन्होंने नशे के बजाए खेलों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रहने की अपील की।
कॉकलियर इंप्लांट सर्जरी पर 9 से 10 लाख रुपए तक का आता खर्च, अब परिजनों का आर्थिक बोझ होगा कम
राजन गोसाईं | अमृतसर पंजाब सरकार की ओर से मुख्यमंत्री श्रवण आशीर्वाद योजना के तहत सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर में मूक-बधिर बच्चों का मुफ्त इलाज शुरू हो गया है। योजना का मकसद ऐसे बच्चों को नई जिंदगी देना है जो बचपन से ठीक से सुन या बोल नहीं पाते। सरकार की पहल सुनन दा हक सबदा के तहत गरीब परिवारों के 0 से 5 साल बच्चों के लिए कॉकलियर इंप्लांट सर्जरी पूरी तरह मुफ्त की जा रही है। मार्च में शुरू हुई योजना के तहत 5 बच्चों के ऑपरेशन कर दिए गए हैं। बता दें कि दैनिक भास्कर की ओर से जनवरी 2025 में इस संबंध में एक न्यूज प्रकाशित की गई थी कि इस समय अमृतसर के ईएनटी अस्पताल में ही करीब 25 से 30 बच्चे ऐसे हैं जो कॉकलियर इंप्लांट की वेटिंग लिस्ट में हैं। इस सर्जरी का खर्च ज्यादा होने के कारण गरीब अभिभावक बच्चों का इलाज करा पा रहे थे। कॉकलियर इंप्लांट सर्जरी पर औसतन 9 से 10 लाख रुपए तक का खर्च आता है। जीएमसी के ईएनटी विभाग में डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम बच्चों की जांच और ऑपरेशन करती है। सर्जरी में इस्तेमाल होने वाला महंगा इंप्लांट डिवाइस और ऑपरेशन का पूरा खर्च पंजाब सरकार उठाती है, जिससे परिवारों पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ता। योजना की खास बात यह है कि ऑपरेशन के बाद बच्चों को सुनने और बोलने की ट्रेनिंग (थेरेपी) भी दी जाती है, ताकि वे धीरे-धीरे सामान्य बच्चों की तरह बोलना और दूसरों से बातचीत करना सीख सकें। योजना का लाभ उन बच्चों को मिल सकता है जिनकी उम्र 5 साल से कम है, जिन्हें गंभीर सुनने की समस्या है और जो पंजाब के निवासी हैं। 5 बच्चों का ऑपरेशन कर मेग्नेट व इलेक्ट्रॉड्स को इंप्लांट कर दिया गया है, जबकि स्पीच प्रोसेसर को जल्द ही लगाया जाएगा जिन्हें जल्द ही स्पेशलिस्ट आकर लगाएंगे। सेहत विभाग की ओर से इस संबंध में सेहत मंत्री डॉ. बलबीर सिंह को प्रपोजल बनाकर भेजी गई थी, जिसे स्वीकार कर फंड जारी कर दिया गया है। ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ. गुरबख्श सिंह ने बताया कि पहले केंद्र सरकार की ओर से एडिफ नामक योजना बनाई गई थी, जिसे 2022 में बंद कर दिया गया था। अमृतसर के ईएनटी अस्पताल में इस समय भी कॉकलियर इंप्लांट की सर्जरी की जा रही है। कॉकलियर इंप्लांट की कीमत लगभग 6 से 7 लाख रुपए है और निजी अस्पताल में प्री और पोस्ट सर्जरी के खर्च मिलाकर यह खर्चा करीब 9 से 10 लाख रुपए तक पहुंच जाता है। फिलहाल वेटिंग लिस्ट में बच्चों के परिजनों से संपर्क किया जा रहा है, ताकि उनके ऑपरेशन भी किए जा सकें। डॉ. गुरबख्श सिंह के मुताबिक यदि परिजनों को लगता है कि उनके बच्चे में सुनने और बोलने में कोई दिक्कत है, तो वे बच्चे को सीधे ईएनटी अस्पताल में लेकर आए। जहां उनके कुछ जरूरी टेस्ट किए जाएंगे। यदि टेस्ट में साफ हो जाता है कि बच्चे को सुनने और बोलने में दिक्कत है, तो उसके लिए आगे की कार्रवाई शुरू कर ऑपरेशन किया जाएगा। सरकारी मेडिकल कॉलेज या सरकारी अस्पतालों में 0 से 5 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों के ऑपरेशन बिल्कुल नि:शुल्क किया जाएगा।
यूडीए की सख्ती का असर:आरके सर्किल पर एक्शन तेज, मालिकों ने तोड़ना शुरू की दुकानें
शहर के पुलां स्थित आरके सर्किल क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई ने अब रफ्तार पकड़ ली है। उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) की सख्ती के बाद दुकान मालिकों ने खुद ही अपनी दुकानों को तोड़ना शुरू कर दिया है। अब तक 20 से अधिक दुकानों को ध्वस्त किया जा चुका है, जबकि शेष दुकानों पर भी जल्द कार्रवाई शुरू होने वाली है। यूडीए ने पिछले साल 10 अक्टूबर को मास्टर प्लान की सड़कों में बाधा बन रही 35 दुकानों को सीज किया था। इसके बाद सियासी दबाव और विरोध के चलते दुकानों को सशर्त खोलने की अनुमति दी गई थी। दुकान मालिकों ने करीब डेढ़ करोड़ रुपए की धरोहर राशि जमा कर 60 दिन में अतिक्रमण हटाने का शपथ-पत्र दिया था। मियाद पूरी होने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाने पर यूडीए ने हाल ही में नोटिस जारी कर स्पष्ट कर दिया कि यदि निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो धरोहर राशि जब्त कर ली जाएगी और प्राधिकरण खुद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। इसी चेतावनी के बाद अब व्यापारियों ने स्वेच्छा से कार्रवाई शुरू कर दी है। यूडीए के मुताबिक, अब दुकानदारों को नए सिरे से नक्शा पास कराकर निर्माण करना होगा। इसके तहत दुकानों को सर्किल से करीब 135 से 150 फीट पीछे खिसकाना होगा और नियमानुसार सेटबैक व पार्किंग की व्यवस्था भी करनी होगी। शहरवासियों-पर्यटकों को जाम से मिलेगी राहत आरके सर्किल पर प्रतिदिन 50 हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही रहती है। उदयपुर-नाथद्वारा के बीच आने-जाने वाले वाहन यहीं से निकलते हैं। सर्किल पर दुकानों के बाहर सड़क पर ही वाहनों का जमावड़ा लगा रहता था। ऐसे में सर्किल पर जाम की स्थिति रहती है। इन दुकानों के 135-फीट पीछे शिफ्ट होने से यहां शहरवासियों और पर्यटकों को जाम से राहत मिलेगी। भास्कर इनसाइट- 150 फीट चौड़ी होगी सड़क, अभी 60-70 फीट आरके सर्किल की वर्तमान चौड़ाई महज 60 से 70 फीट है, जबकि मास्टर प्लान 2011-31 में इसे 150 फीट तक चौड़ा करने का प्रस्ताव है। इसके लिए आसपास की जमीन का अधिग्रहण तय है, जिससे मौजूदा दुकानों का हटना लगभग निश्चित माना जा रहा था। जानकारों के मुताबिक सड़क चौड़ी होने और व्यवस्थित पार्किंग बनने से इस इलाके में ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। साथ ही, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भी बेहतर यातायात सुविधा मिल सकेगी। बता दें कि दैनिक भास्कर ने 12 अक्टूबर 2025 को इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
राजस्व विभाग में तहसीलदार, नायब तहसीलदारों की फेरबदल
भास्कर न्यूज | अमृतसर पंजाब सरकार के राजस्व विभाग ने प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से शुक्रवार को तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के बड़े स्तर पर तबादले किए हैं। इस फेरबदल का सबसे बड़ा असर अमृतसर जिले के राजस्व प्रशासन पर पड़ा है, जहां अनुभवी तहसीलदार जगसीर सिंह मित्तल की एक बार फिर प्रभावशाली वापसी हुई है। सरकार ने मौड़ (बठिंडा) से उन्हें तबादला कर अजनाला का तहसीलदार नियुक्त किया है और इसके साथ ही उन्हें अमृतसर-2 के तहसीलदार का एडिश्नल चार्ज भी दिया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले अमृतसर-2 का कामकाज नायब तहसीलदार करनबीर सिंह देख रहे थे। तहसीलदार जगसीर सिंह मित्तल अमृतसर के जानकार है। जिले में यह उनकी तीसरी पारी है। इससे पहले वह साल 2021 में अमृतसर-1 और साल 2022-23 में अमृतसर-2 में तहसीलदार के तौर पर सफल कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। दूसरी ओर अमृतसर में तैनात सब-रजिस्ट्रार बेअंत सिंह का तबादला नथाना (बठिंडा) कर दिया गया है, जबकि सब-रजिस्ट्रार-2 प्रियंका रानी को भी बठिंडा जिले में ही भेजा गया है। अमृतसर-1 में नंगल रूप नगर के नायब तहसीलदार जसबीर को अमृतसर-1 में ज्वाइंट सब रजिस्ट्रार-2 तैनात किया गया है। अमृतसर 1 में ज्वाइंट सब रजिस्ट्रार-2 की सीट पिछले 21 दिनों से खाली पड़ी थी, जिसका अतिरिक्त प्रभार नायब तहसीलदार बेअंत सिंह ही संभाल रहे थे। इस सीट पर पहले नायब तहसीलदार हिमांशु गर्ग तैनात थे। तबादला 27 फरवरी को एसएएस नगर गमाडा में हो गया था। इसके अलावा रामपुरा फूल से विकास को अमृतसर-2 ज्वाइंट सब रजिस्ट्रार-1, मौड़ से अभिषेक को अमृतसर-2 ज्वाइंट सब-रजिस्ट्रार-2 की जिम्मेदारी दी गई है ।
गुरुवाली में कूड़ा न उठाए जाने से बनी परेशानी
अमृतसर| तरनतारन रोड, गुरुवाली में निगम की ओर से कूड़ा नहीं उठाए जाने के कारण इलाके में गंदगी के हालात बने हुए हैं। लोगों का कहना है कि कूड़ा कई दिनों तक सड़क किनारे पड़ा रहता है, जिससे बदबू और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। राहगीरों और आसपास रहने वाले नागरिकों के लिए यह स्वास्थ्य और सफाई के लिहाज से चिंता का विषय बन गया है। लोगों ने निगम से अपील की है कि कूड़े का नियमित उठान सुनिश्चित किया जाए, ताकि सड़क और आसपास का क्षेत्र साफ-सुथरा और सुरक्षित रहे। - सुखविंदर सिंह निवासी गुरुवाली।
जोड़ा फाटक-मोहकमपुरा मार्ग पर बिजली का खंभा टेढ़ा
अमृतसर| जोड़ा फाटक से मोहकमपुरा की ओर जाती सड़क पर एक बिजली का खंभा टेढ़ा हो गया है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों में चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि खंभा किसी भी समय गिर सकता है और बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से अपील की है कि इसे जल्द से जल्द ठीक किया जाए। खासकर रात के समय इस खंभे के कारण दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। अधिकारियों को चाहिए कि सड़क और यात्रियों की सुरक्षा के लिए तुरंत कार्रवाई करें। - नवीन शर्मा निवासी जज नगर।
डाइट ने निरक्षरों को बांटे प्रमाणपत्र, टीचरों का सम्मान
अमृतसर | जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) वेरका द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय पहल के तहत निरक्षर लोगों को शिक्षित कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को डाइट ने वेरका में डाइट प्रिंसिपल सुखदेव सिंह की अगुवाई में एक विशेष समारोह आयोजित किया गया, जिसमें गैर साक्षर लोगों को प्रमाणपत्र और शिक्षकों को प्रशंसा पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डीईओ एलीमेंटरी कंवलजीत सिंह और डीआरसी डॉ. राजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने डाइट टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा का अधिकार हर व्यक्ति का मूल अधिकार है और इस दिशा में किया जा रहा कार्य समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। इसे लेकर भी एक कार्यक्रम पेश किया गया, जिसे लोग कैमरों में कैद करने लगे। समारोह में डॉ. कश्मीर सिंह, दलबीर सिंह, कमलप्रीत सिंह, लखबीर सिंह, सुखप्रीत कौर, रमेश चंद, डॉ गुरिंदरबीर सिंह, जगदीपक सिंह, अमृतपाल सिंह, कंवरदीप सिंह, मनीष सहित समूचा डाइट स्टाफ उपस्थित रहा।
इसी वर्ष अप्रैल में प्रस्तावित नगरीय निकाय चुनाव फिर सितंबर तक टल सकते हैं। लगातार टल रहे चुनाव का विपरीत असर तत्कालीन नगर विकास प्रन्यास (यूआईटी) वर्तमान में उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) की बसाई बस्तियों की करीब 1 लाख आबादी पर पड़ रहा है। एक साल से इन आलीशान क्षेत्रों के बाशिंदों को नाली निर्माण, सीवरेज, नियमित साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट के पुख्ता प्रबंध, चमचमाती सड़कों जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए और तरसना पड़ेगा। इन मूलभूत सुविधाओं के लिए ये एक लाख आबादी पिछले 21 सालों से तरस रही है। जनवरी 2025 तक इन क्षेत्रों के बाशिंदे यूडीए व ग्राम पंचायतों के अधीन थे। पंचायतों के सीमित बजट व यूआईटी के भारी क्षेत्र विस्तार के कारण इन क्षेत्रों के प्रत्येक वार्ड के विकास के लिए सालाना 60-90 लाख का बजट ही मिल पाता था। जनवरी 2025 में नगर निगम के सीमांकन के बाद वार्डों की संख्या 70 से 80 करने (10 नए वार्ड बनाने) का सीधा फायदा शहर से सटी करीब 1 लाख आबादी को मूलभूत सुविधाओं की उम्मीद जागी है। साल 2026-2030 व आगे तक प्रत्येक वार्ड के विकास का बजट बढ़कर सालाना 2-5 करोड़ रुपए होगा, जिससे सीवरेज लाइन, नालियों निर्माण, नियमित साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट, गली-गली में चमचमाती सड़कों के निर्माण कार्य कराए जाएंगे। लेकिन, इन मूलभूत सुविधाओं का विकास चुनाव के बाद ही धरातल पर उतर सकेगा। विडंबना... सेलिब्रेशन और अर्बन स्क्वायर मॉल जैसी इमारतें मौजूद, फिर भी सुध नहीं ये है स्थिति सापेटिया में पानी निकासी के अभाव में घरों के बाहर व बीच सड़क पर गंदा पानी भरा रहता है, जिससे राहगीरों व क्षेत्रवासी परेशान होते हैं। बड़गांव में आरा मशीन वाली गली, महालक्ष्मी नगर, न्यू महालक्ष्मी नगर, सायफन, नवरत्न कॉम्प्लेक्स एरिया की गलियों, चित्रकूट नगर, मीरा नगर में पानी निकासी के लिए गली-मोहल्लों में नालियों का निर्माण नहीं होने से घरों के बाहर गंदा पानी जमा रहता है। सीवरेज लाइन नहीं होने से घरों के अंदर ही गड्ढे खोदकर सीवरेज दफन करने की व्यवस्था है, जिससे हादसे की आशंका रहती है। क्योंकि, सीवरेज से भरे गड्ढों को खाली कराते समय शहर में सफाईकर्मियों के साथ घटनाएं हो चुकी हैं। नवरत्न कॉम्प्लेक्स में आलीशान घर बने हुए हैं, लेकिन नियमित साफ-सफाई नहीं होने से खाली प्लॉटों पर कचरा पड़ा रहता है।
दिन में हल्की धूप, देर रात बारिश
अमृतसर| शुक्रवार को पूरे दिन हल्की धूप के बीच बादल छाए रहे । इस बीच अधिकतम तापमान 23.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य तापमान से 4 डिग्री कम था। वहीं न्यूनतम तापमान 14.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक था। 24 घंटे में 9.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार 21 मार्च को आंशिक रूप से बादल रहेंगे और तापमान 14 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। 22 मार्च को भी आंशिक बादल के साथ 13 से 21 डिग्री सेल्सियस तक तापमान रहने का अनुमान है। 23 मार्च को मौसम मुख्य रूप से साफ रहेगा। 24 मार्च को एक-दो बार हल्की बारिश या गरज के साथ आंशिक बादल रह सकते हैं।
वेरका की मेन रोड में गड्ढों ने बढ़ाई हादसों की आशंका
अमृतसर| वेरका की मुख्य सड़क में कई जगह गड्ढे हो गए हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि यह सड़क मुख्य मार्ग होने के कारण दुर्घटना का कारण बन सकती है। विशेषकर बारिश के मौसम में गड्ढों में पानी भर जाता है और वाहन फिसल सकते हैं। नागरिकों ने संबंधित अधिकारियों से अपील की है कि सड़क की मरम्मत और गड्ढों की सफाई समय रहते की जाए। सड़क सुरक्षित होने पर ही यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा हो सकेगी। - प्रताप सिंह निवासी वेरका।
नवरात्र पर पुलिस अलर्ट...:मंदिरों-रेलवे स्टेशन बाजारों में सर्च, 800 मुलाजिमों ने संभाली कमान
भास्कर न्यूज | अमृतसर नवरात्र को लेकर सिटी पुलिस अलर्ट मोड पर है। शुक्रवार को शहर के तमाम धार्मिक स्थलों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और भीड़भाड़ वाले बाजारों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान न केवल सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए, बल्कि संदिग्धों की धरपकड़ के लिए नाकाबंदी भी की गई। तकरीबन 800 पुलिस मुलाजिम तैनात किए हैं। शुक्रवार को पुलिस के साथ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के कमांडो की टीम ने कटड़ा जैमल सिंह, गुरु बाजार और सिविल लाइन जैसे इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला। रणजीत एवेन्यू और ग्वाल मंडी के विभिन्न ब्लॉकों में वाहनों की गहनता से तलाशी ली गई। पुलिस ने सड़कों पर खड़े संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की और उनके विवरण नोट किए। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए श्री दुर्ग्याणा मंदिर और मॉडल टाउन स्थित माता लाल देवी मंदिर में सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने मंदिर परिसर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और एंट्री पॉइंट्स का मुआयना किया। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर बिना वजह घूम रहे लोगों को सख्त हिदायत देकर वहां से खदेड़ा गया। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह ने जनता से अपील की है कि त्योहारों के सीजन में वे पुलिस का सहयोग करें। अगर इलाके में कोई लावारिस वस्तु या संदिग्ध व्यक्ति नजर आए, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले का नाम और पता पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा। अमृतसर पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए 24 घंटे तैनात है।
भिंदा को पुलिस की पहले भनक लग गई थी, इसीलिए घर से फरार हो गया
भास्कर न्यूज | अमृतसर बीते कल पंडोरी वड़ैच में देहाती पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया था। इस दौरान पुलिस को उस वक्त सफलता मिली, जब क्रिमिनल भिंदा के घर रेड हुई। पुलिस जब तालाशी ले रही थी, उस वक्त घर में उपस्थित महिलाएं तालाशी लेने से मना करते हुए बहस कर रही थी। जिसके बाद महिला पुलिस मुलाजिमों ने उक्त लेडी को पकड़कर बाहर किया। जब चेकिंग हुई तो पुलिस के होश उड़ गए। एक 12 बोर दोनाली, एक पिस्तौल की मैगजीन और 12 जिंदा कारतूस बरामद हुए। यह हथियार आरोपी भुपिंदर सिंह उर्फ भिंदा ने अपने घर में अवैध तरीके से रखा था। हालांकि इस सर्च अभियान के बारे में आरोपी को पहले ही भनक लग गई थी, जो वह घर से फरार हो गया था। पुलिस ने हथियार को जब्त कर आरोपी पर थाना कंबोह में केस रजिस्टर्ड किया है। पुलिस इस बरामदगी के बाद परिजनों से पूछताछ कर रही है, क्योंकि घर में अवैध हथियार रखा हुआ है, उसके बारे परिजनों को पता था। आरोपी 6 मामलों में वांछित है। जेल से जमानत पर आने के बाद वह वापस जेल नहीं गया। तकरीबन एक साल से वह पीओ चल रहा है। बटाला, अमृतसर, गुरदासपुर और लुधियाना में उसके खिलाफ करीब 6 पर्चे हैं। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए रेड कर रही है। आशंका जताई जा रही है, जो पिस्तौल की मैगजीन मिली है, आरोपी ने भागने के दौरान अवैध पिस्तौल साथ ही ले गया था। एक्सट्रा मैगजीन घर पर ही छोड़ गया। एएसआई जसबीर सिंह ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद में ही खुलासा होगा।
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स आधार अपडेशन- नया/ नि:शुल्क/ बायो मैट्रिक अपडेट- 100 रुपए, डेमोग्राफिक अपडेट- 50 रुपए, इन सेंटरों में आधार अपडेशन/ जेनरेशन की सुविधा। सेंटर्स की पूरी लिस्ट के लिए क्लिक करें। हेल्थ सर्विसेज : एम्स/जेपी, खुशीलाल ऑटो गैस/ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी स्टेशन थाने इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर सीएनजी पंप स्टेशन
सतीश कपूर | अमृतसर साल भर में आने वाले चारों नवरात्रों में …चाहे चैत्र हों, शारदीय हों या दो गुप्त नवरात्र …देश-विदेश के हर उस घर में जहां मां की पावन जोत जगती है, वहां 'श्री दुर्गा स्तुति' के पाठ की गूंज सुनाई देती है। भक्ति रस से सराबोर इस दिव्य स्तुति को कलमबद्ध करने वाले कोई और नहीं, बल्कि अमृतसर की गुरु नगरी के लाडले और मां के अनन्य भक्त चमन लाल भारद्वाज जी थे। आज दुनिया भर में उनके लिखे इस पाठ की 9 करोड़ से ज्यादा किताबें बिक चुकी हैं, जो हर सुबह-शाम बड़े चाव और श्रद्धा से मां की महिमा गाते हैं। चमन लाल जी की इस रूहानी विरासत को आज उनके पोते उमेश भारद्वाज, राजेश भारद्वाज और विजेश भारद्वाज समेत पूरा परिवार बड़ी श्रद्धा से संभाले हुए है। यूं तो मां की महिमा संस्कृत में भी है, पर चमन जी द्वारा रचित हिंदी काव्य 'श्री दुर्गा स्तुति' भक्तों के दिलों के बहुत करीब है। आसान भाषा में लिखे होने के कारण आज दुनिया के हर कोने और हर मंदिर में यह किताब आसानी से मिल जाती है। नवरात्रों के दिनों में तो मंदिरों का नजारा ही कुछ और होता है, जहां भक्त टोली बनाकर पूरी आस्था के साथ इस पावन पाठ को पढ़ते हैं। चमन लाल जी जब मां की मूरत के आगे बैठते थे, तो सुध-बुध खोकर घंटों लगन में डूबे रहते थे। उन्हीं की प्रेरणा से साल 1966 में उन्होंने यह पाठ लिखा, जिसे बाद में रजिस्टर करवाया गया। इस पाठ की मिठास ऐसी थी कि मशहूर भजन गायक स्वर्गीय नरिंदर चंचल जी ने भी इसे अपनी आवाज दी। सिर्फ दुर्गा स्तुति ही नहीं, उन्होंने 'श्री संकट मोचन', 'शिव विवाह', 'चण्डी स्त्रोत' और 'महामृत्युंजय स्तोत्र' जैसी कई रूहानी रचनाएं और भेंटें लिखीं। परिवार ने मंदिर में उनकी संगमरमर की प्रतिमा भी लगाई है, ताकि आने वाली पीढ़ियां उस महान भक्त को हमेशा याद रखें जिसने हमें मां की स्तुति का इतना सरल और प्यारा मार्ग दिखाया। उमेश भारद्वाज जी बताते हैं कि उनके दादा चमन लाल जी का जन्म पाकिस्तान के सियालकोट में हुआ था, पर बंटवारे से पहले ही वे अमृतसर आकर बस गए थे। पेशे से सरकारी स्कूल में टीचर रहे चमन लाल जी का मन हमेशा मां के चरणों में लगा रहता था। उन्होंने अमृतसर में दो सुंदर मंदिर भी बनवाए—एक बाजार छतीरियां (नमक मंडी) में और दूसरा महामाया चमन मंदिर (कटड़ा सफेद) में। आज भी इन दोनों मंदिरों में भक्त घंटों बैठकर सामूहिक रूप से पाठ का आनंद लेते हैं और मां की कृपा पाते हैं।
बेअदबी मामलों को लेकर सरकार गंभीर हो : धामी
अमृतसर| शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने ‘पंजाब पवित्र धार्मिक ग्रंथों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम बिल 2025’ को लेकर पंजाब सरकार की गंभीरता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी द्वारा मांगी गई जरूरी जानकारी अभी तक उपलब्ध नहीं करवाई जो निराशाजनक है। धामी ने कहा कि सभी धर्मों के ग्रंथ सम्मान के पात्र हैं, लेकिन श्री गुरु ग्रंथ साहिब सिखों के लिए जीवंत गुरु हैं। इसलिए गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी रोकने के लिए विशेष कानूनी प्रावधान होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रही।
धार्मिक समागम में विक्रम संवत कैलेंडर का विमोचन
अमृतसर| धर्म जागरण पंजाब एवं धर्म यात्रा महासंघ के तत्वावधान में सेवाहि धर्म जन कल्याण मंडल की ओर से 25वां वार्षिक धार्मिक समागम आयोजित किया गया। मंडल के प्रधान एवं पूर्व वाइस चेयरमैन राम भवन गोस्वामी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में नव संवत्सर 2083 के कैलेंडर का विमोचन किया गया। समागम की शुरुआत हवन-यज्ञ से हुई। मुख्य अतिथि डॉ. स्वराज ग्रोवर ने भगवान श्री राम के आदर्शों को जीवन में उतारने और मातृशक्ति को भारतीय मर्यादा का पालन करने का आह्वान किया। इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन दिनेश बस्सी, पार्षद श्रुति विज, सुजींदर विडलान और डॉ. जे.पी. सिंह ने संस्था के प्रयासों को अनुकरणीय बताया। कार्यक्रम में अशोक भगत, लाडो पहलवान, सुग्रीव सिंह सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे। अतिथियों को सिरोपा और सनातन कैलेंडर देकर सम्मानित किया गया।
विरसा विहार में 26वां राष्ट्रीय नाट्य उत्सव आज से
अमृतसर| विश्व प्रसिद्ध नाट्य संस्था मंच-रंगमंच की ओर से 21 मार्च से 30 मार्च तक विरसा विहार में 26वां राष्ट्रीय नाट्य उत्सव आयोजित किया जा रहा है। उत्तरी क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला, भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय और पंजाब भाषा विभाग के सहयोग से होने वाले इस 10 दिवसीय उत्सव में देश की प्रतिष्ठित नाट्य संस्थाएं अपनी कला का प्रदर्शन करेंगी। उत्सव के सभी नाटक प्रतिदिन शाम 6:30 बजे सरदार करतार सिंह दुग्गल सभागार में बिना किसी टिकट या पास के निःशुल्क दिखाए जाएंगे। नाट्य उत्सव के पहले दिन 21 मार्च जतिंदर बराड़ लिखित और केवल धालीवाल निर्देशित नाटक 'कुदेसन' का मंचन होगा। आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और रंगमंच प्रेमियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
हनुमान धाम में विक्रमी संवत कैलेंडर का विमोचन
अमृतसर| श्री हनुमान सेवा परिवार ट्रस्ट की ओर से हिंदू नववर्ष और विक्रमी संवत 2083 के शुभारंभ पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। चेयरमैन अनुज सिक्का की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह में धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ नववर्ष का स्वागत किया गया। वाइस चेयरमैन सुरेंद्र अरोड़ा ने बताया कि कार्यक्रम की इस दौरान पारंपरिक रूप से खेतड़ी बीजने की रस्म भी अदा की गई। ट्रस्ट के मैनेजर अमित सेठ ने बताया कि उपस्थित पदाधिकारियों और इलाका निवासियों ने मंत्रोच्चारण के बीच मां भगवती की विधिवत पूजा की। इस अवसर पर विक्रमी संवत 2083 के कैलेंडर का विमोचन किया गया। जनरल सेक्रेटरी आदेश मेहरा ने जानकारी दी कि इस कैलेंडर में वर्ष भर के हिंदू त्योहारों, तिथियों, एकादशी और पूर्णिमा के साथ-साथ राहु काल और गुलिक काल का विस्तृत विवरण दिया गया है। कार्यक्रम में राजेश मेहरा, रमेश खन्ना, मुनीश सेठ, विजय शर्मा, सुदर्शन शर्मा, विवेक द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
मंदिर में महिलाओं ने 2 घंटे किए रामायण पाठ
अमृतसर| अमृतसर छेहर्टा जीटी रोड स्थित श्री सनातन धर्म पंजाब महावीर दल हनुमान मंदिर में चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन सुबह 5 से 7 बजे तक महिलाओं ने श्री रामायण पाठ किए। मंदिर कमेटी के चेयरमैन दविंदर भनोट और प्रधान पवन कुमार की अध्यक्षता में किए पाठ दौरान कई भक्त माथा टेकने पहुंचे। पंडित राकेश की ओर से श्री रामायण ग्रंथ का उच्चारण किया। इसके बाद सभी महिलाओं ने सिर पर माता रानी की चूनरी बांधकर श्री रामायण पाठ शुरू किए। संगीतमय धुन पर किए पाठ के अंत में सभी ने मिलकर श्री हनुमान चालीसा पाठ किया। वहीं अंत में सभी भक्तों को चाय का प्रसाद बांटा। इस मौके पर कई भक्तजन मौजूद रहे।
चैत्र नवरात्र में महामाई के गुणगान से गूंजा मंदिर
अमृतसर| ग्रीन फील्ड स्थित श्री मुक्ति नारायण धाम तिरुपति बाला जी मंदिर में मां भगवती के दूसरे नवरात्र में माता रानी का गुणगान किया। मंदिर कमेटी और पंडितों ने संगत के सहयोग से की पूजा में कई भक्तजन पहुंचे। महामाई की आराधना से पहले पंडितों ने पवित्र ज्योति जलाई। मंत्रोच्चारण के साथ मां की अराधना शुरू की। जिसमें राम जी दास, विनय मेहरा, आशु अग्निहोत्री, नवदीप शर्मा और लक्ष्मण ने माता जी के सुंदर भजन गाए। सुबह और शाम को चले भजनों से सारा मंदिर गूंज उठा। अंत में छोटी कंजकों की पूजा करके उन्हें प्रसाद भेंट किया। इस मौके पर चरणजीत अग्निहोत्री ने परिवार ने साथ मिलकर माता जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मौके पर चरणजीत भास्कर, रवि शर्मा, भारत भूषण गुप्ता, पं. जय किशन, पं. विजय शास्त्री, पं विष्णु, राजेश शर्मा, लक्की, अश्वनी अग्रवाल, संजीव शर्मा आदि मौजूद रहे।
बिना सतगुरु ईश्वर का दर्शन नहीं मिल सकता: साध्वी भारती
भास्कर न्यूज | अमृतसर दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से बेरी गेट आईटीआई वुमन ग्राउंड में श्रीराम कथामृत का आयोजन चल रहा है। कथा के तीसरे दिन में साध्वी सौम्या भारती ने प्रभु श्री राम की महिमा का रसास्वादन करवाया। साध्वी ने बताया वास्तव में हमारा मन वन जैसा प्रतीक है। जिसमें ताड़का, सुबाहु और मारीच आदि असुर हमारे मन में उठने वाले लोभ, मोह, अहंकार का प्रतीक है। जिस प्रकार से वन प्रांत में प्रभु श्रीराम के प्रकट होने पर आसुरी शक्तियों का अंत हुआ। अंधकार व अज्ञानता समाप्त हुए और शांति के साम्राज्य की स्थापना हुई। आवश्यकता है एक सतगुरु के शरणागत होकर अपने अंदर श्रीराम को प्रकट करने की। तदुपरांत प्रभु श्री राम जनकपुर में प्रस्थान करते हैं जहां प्रभु श्री राम भगवान शिव के धनुष को भंग करके मां सीता का वर्णन करते हैं। विवाह प्रसंग हमें संदेश देता है कि यदि हम अपनी आत्मा रूपी कन्या का भगवान श्री राम रूपी वर के संग विवाह करना चाहते हैं हमें अपने जीवन में एक बिचौलिया के रूप में सतगुरु की आवश्यकता है। गुरु के बिना इंसान ईश्वर का दर्शन प्राप्त नहीं कर सकता है। कथा के दौरान साध्वी राजविंदर भारती, साध्वी कृष्ण पिता भारती, साध्वी नीरजा भारती, स्वामी रंजीतानंद, सुरिंदर समेत कई लोग मौजूद रहे।
हिंदू संस्कृति और परंपरा का रक्षण करना हमारा नैतिक कर्तव्य : शास्त्री
अमृतसर| चौक पासियां स्थित आध्यात्मिक केंद्र प्राचीन मंदिर श्री जय कृष्णियां में हिंदू नव संवत मनाया गया। जिसमें मुख्य रूप से प्रधान अंजना लूथरा के द्वारा हिन्दू सनातन के प्रतीक गुड़ी पड़वा को स्थापित किया गया। संगत को प्राचीन देवपूजा को नमस्कार करवाई गई और नवरात्रों के उपलक्ष्य में अध्ययन सत्र का आरंभ किया गया। जिसमें विशेष तौर पर अचार मलिका प्रकरण का अध्ययन करवाया जाएगा। संगत को संबोधित करते मंदिर के संचालक डॉ. दर्शनाचार्य सागर मुनि शास्त्री ने कहा की हिंदू संस्कृति और परंपरा का रक्षण करना हमारा नैतिक कर्तव्य है। हमें नव विक्रम संवत के उपलक्ष्य में मंदिर में जाकर गुरु मुख से संवत का श्रवण करके आशीर्वाद लेना चाहिए। इसमें शास्त्री ने भक्तों को गुड़ी पाडवे का इतिहास भी बताया। इसमें चांदनी चौहान, अरुण कुमार, अमित शिंगारी, सोमनाथ चोपड़ा, देवदास बावा समेत कई भक्त मौजूद रहे।
नशे के केस में गिरफ्तार बीएसएफ जवान की एनसीबी कस्टडी में मौत, मां बोली-टॉर्चर किया
भास्कर न्यूज | अमृतसर केंद्र सरकार के नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की ओर से नशे के केस में जम्मू मीरां साहिब से गिरफ्तार किए गए बीएसएफ जवान की संदिग्ध हालात में कस्टडी में मौत हो गई। फौजी जसविंदर सिंह से पूछताछ चल रही थी। उसकी मौत के बाद एनसीबी और जिला पुलिस के हाथ-पांव फूले रहे। सूत्रों के अनुसार जसविंदर को एनसीबी के जम्मू यूनिट से गिरफ्तार किया था, मगर उसे अमृतसर एनसीबी के अफसर अमृतसर ले आए और यहीं पूछताछ कर रहे थे। इसी बीच उसी मौत हो गई। अब सिविल अस्पताल की मोर्चरी हाउस में शव पोस्टमार्टम के लिए रखवाया गया है। मजिस्ट्रेट की मौजदूगी में सुबह पोस्टमार्टम किया जाएगा। जसविंदर त्रिपुरा में तैनात था और एक महीने की छुट्टी पर अपनी घर जम्मू आया था। परिवार को जब उसकी मौत की सूचना मिली तो कुछ सदस्य शव लेने अमृतसर पहुंचे लेकिन उन्हें न ही कोई एनसीबी अधिकारी मिला और न ही शव के बारे में कुछ बताया गया। इसलिए उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। वहां जाकर परिवार ने थाना आरएस पुरा के बाहर इकट्ठा होकर अपनी पीड़ा बताई। एनसीबी अधिकारियों से पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया मगर उन्होंने जवाब नहीं दिया। मृतक फौजी के परिजनों ने एनसीबी पर मारपीट और टॉर्चर कर जान से मारने का आरोप लगाया। परिजनों का दावा है कि जसविंदर को एक सोची-समझी साजिश के तहत फंसाया गया और हिरासत में प्रताड़ित किया गया। पत्नी ने कहा कि अमृतसर एनसीबी से सब-इंस्पेक्टर 3 मार्च को आए और जबरन उसके पति को उठाकर ले गए। एनसीबी ने आजतक किस मामले में लेकर गए, उसके बारे में कुछ नहीं बताया। पति एक महीने की छुट्टी पर 5 फरवरी को आए थे। 4 मार्च को उनकी बटालियन में वापसी थी। एक 6 साल का बेटा है। उनके पति को एनसीबी ने मार दिया है। दविंदरपुरा की सरपंच रजनी चौधरी ने बताया कि वीरवार की दरमियानी रात ढाई बजे अमृतसर एनसीबी सब-इंस्पेक्टर की कॉल आई। उन्होंने कहा कि जसविंदर सिंह से पूछताछ की जा रही थी कि उसकी तबीयत खराब हो गई है। इसके बाद शुक्रवार तड़कसार 4 बजे कॉल आई कि जसविंदर सिंह की मौत हो गई है। उनकी एनसीबी के डीएसपी से बात हुई है उन्होंने कहा कि अमृतसर आए। शनिवार को पोस्टमार्टम करवाकर शव परिवार को सौंप दिया जाएगा। वहीं मृतक की मां ने रोते हुए कहा कि एनसीबी ने उनका घर उजाड़ दिया। जिस तरह बेटे को अमृतसर लेकर गए थे। वैसे ही शव जम्मू देकर जाए। वह पंजाब नहीं जा सकते। जब इस मामले में थाना आरएस पुरा एसएचओ गुरमीत सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि परिवार उनके पास आया था। उन्होंने शव अमृतसर से लाने की गुहार लगाई है। कोई प्रदर्शन नहीं हुआ है। पुलिस टीम शव लाने के लिए अमृतसर भेजी जाएगी। शुक्रवार सुबह 7 बजे एनसीबी ने मकबूलपुरा की पुलिस को साथ में लेकर सिविल अस्पताल के मोर्चरी में शव रखवाया। इस दौरान सुबह से लेकर शाम तक तकरीबन 20 पुलिस और क्यूआरटी की टीमों को पोस्टमार्टम हाऊस के बाहर तैनात रखा गया। जब इस बारे में एनसीबी से संपर्क किया तो उन्होंने कोई जबाव नहीं दिया। इसके अलावा जब एसीपी ईस्ट अनुभव जैन से बात की तो उन्होंने बताया कि शव अस्पताल में है। इसके बारे में एनसीबी ही बता सकती है कि किस केस में था या क्या हुआ था। वहीं थाना मकबूलपुरा एसएचओ जसजीत सिंह ने बताया कि मौत के कारण का अभी कुछ पता नहीं। एनसीबी वाले ही जानकारी देंगे। जबकि जांच में सामने आया कि कोई रिकवरी के लिए एनसीबी आरोपी फौजी को गाड़ी में लेकर जा रहे थे तो मकबूलपुरा एरिया में उसकी अचानक मौत हो गई। जिसके बाद मकबूलपुरा पुलिस पोस्टमार्टम करवाने के लिए आगे की कार्रवाई कर रही है। जानकारी के अनुसार बालोले मीरां साहिब का रहने वाला जसविंदर बीएसएफ की 42वीं बटालियन का सिपाही था।
आईडीएच मार्केट में अवैध निर्माण रुकवाया, जांच शुरू
भास्कर न्यूज | अमृतसर आईडीएच मार्केट में एस्टेट विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण रुकवाया। मामला सामने आने के बाद एमटीपी ने एटीपी परमिंदरजीत को कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं, एमटीपी विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो अवैध निर्माण चल रहा था। कोई भी वैध डॉक्यूमेंट नहीं दिखाया जा सका, जिसके बाद निर्माण रुकवाया गया और साथ ही निर्माण के लिए उपयोग में लाई जा रही सामग्री जब्त कर ली गई। अवैध निर्माण करने वालों को चेतावनी दी गई है कि दोबारा से काम शुरू कराया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले में जांच शुरू कर दी गई है। वहीं सीनियर डिप्टी मेयर प्रियंका शर्मा ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोबारा से अवैध निर्माण होता पाया गया तो सीधे एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। सरकार की एक इंच जगह पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया। जांच रिपोर्ट जिनकी लापरवाही सामने आएगी उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, एटीपी परमिंदरजीत सिंह ने बताया कि आईडीएच मार्केट में चल रहा अवैध निर्माण रुकवा दिया गया है। मौके पर मिली निर्माण सामग्री को जब्त कर लिया गया है। चेतावनी दी गई है कि दोबारा से निर्माण कराया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। निगम ने आईडीएच मार्केट में ग्राउंड फ्लोर पर शॉप नंबर 14 और 15 दुकानें किराए पर दी हुई हैं। 22 साल पहले 20 नवंबर 2004 में फर्स्ट फ्लोर 49.39 वर्गगज जगह खरीदने के लिए 6,02,715 रुपए एस्टेट विभाग को जमा कराए थे। जिसके बाद इसकी रजिस्ट्री कराने के लिए बीते 7 फरवरी 2006 को कमिश्नर के पास आवेदन किया और 27 मार्च को मंजूरी मिली थी। वहीं, 31 मई 2006 को तत्कालीन एस्टेट अफसर संजीव सोनी ने दिलबाग राय धासल और बीरबल नाथ के नाम से बैनामा करने की प्रक्रिया पूरी की थी। वहीं, अब निगम अफसरों की मिलीभगत से फर्स्ट फ्लोर के ऊपर 2 मंजिला निर्माण बिना एनओसी लिए और नक्शा पास कराए शुरू करा दिया गया। दैनिक भास्कर ने 20 मार्च को प्रमुखता के साथ अवैध निर्माण की खबर प्रकाशित की। जिसका सीनियर डिप्टी मेयर ने संज्ञान लेते हुए कार्रवाई का निर्देश एमटीपी विभाग को दिए ।
तारांवाला नहर में अप्रैल से वाटर स्पोर्ट्स, वल्ला पुल तक बोटिंग कर पाएंगे
अमृतसर | लोग तारांवाला नहर में अगले माह बोटिंग को मजा ले सकेंगे। नहरी विभाग ने इसके लिए प्रकाशित लेक वाटर स्पॉट कंपनी से कांट्रैक्ट किया है। कंपनी ने काम शुरू कर दिया है। बोटिंग के लिए विशेष रैंप तैयार किए जा रहे हैं। लोग तारांवाला पुल से वल्ला पुल तक 2 किलोमीटर बोटिंग कर पाएंगे । नहर के किनारों पर लोहे की जालियां लगाई जा रही हैं ताकि लोग कूड़ा न फेंके। नहर में बोटिंग के अलावा वॉकिंग, जेट स्की, वाटर स्कूटर और डक एरिया जैसे आकर्षण बनाए जा रहे हैं। फूड कोर्ट भी लगाए जाएंगे, जहां साफ-सुथरा भोजन मिलेगा। नहर की लाइटिंग, पार्किंग और ईटीबी बाइक्स जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी। प्रकाशित लेक वाटर स्पॉट कंपनी के एमडी पुनीत ने कहा कि यह प्रोजेक्ट अमृतसर के लिए एक मील का पत्थर है। तारांवाला पुल नहर अब पर्यटन और मनोरंजन का केंद्र बनेगी। 170 ट्रॉली कचरा साफ किया है। बोट में एक बार 12 लोग बैठ सकेंगे और 4 बोट संचालित की जाएंगी। प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद शहरवासियों को अब गोवा या अन्य जगह जाने की जरूरत नहीं होगी। वीकेंड पर लोग परिवार सहित वल्ला पुल तक बोटिंग का आनंद उठाएंगे। इसका शुभारंभ सीएम भगवंत सिंह मान अगले महीने करेंगे। -रिपोर्ट : अमनदीप, फोटो : सुनील कुमार तारांवाला नहर में बोटिंग के लिए तैयार विशेष रैंप।

