कुशीनगर के तरया सुजान क्षेत्र के गड़हिया पाठक गांव में शुक्रवार को श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य ने कुशीनगर विधायक पीएन पाठक के दिवंगत पिता को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के बाद ग्राम प्रधान संघ, कुशीनगर के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से उपमुख्यमंत्रियों को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में त्रिस्तरीय पंचायतों के कार्यकाल को बढ़ाने की मांग की गई है। संघ का कहना है कि वर्तमान पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है, जबकि कई विकास कार्य अभी अधूरे हैं। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि तय समय में पंचायत चुनाव कराना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। मतदाता सूची पुनरीक्षण, आरक्षण प्रक्रिया, आयोग के गठन और न्यायालय से जुड़े कई कार्य अभी लंबित हैं। ऐसे में बिना पूरी तैयारी के चुनाव कराना न तो न्यायसंगत होगा और न ही पारदर्शी। ग्राम प्रधान संघ ने मांग रखी कि यदि समय पर चुनाव संभव न हो, तो वर्तमान पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाया जाए, ताकि प्रशासनिक निरंतरता बनी रहे और ग्रामीण विकास कार्य प्रभावित न हों। संघ ने यह भी तर्क दिया कि अन्य राज्यों में भी ऐसी परिस्थितियों में निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाने के उदाहरण मिलते हैं। उनके अनुसार, इससे पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहती है, जबकि प्रशासक नियुक्त होने पर स्थानीय जनप्रतिनिधित्व कमजोर हो जाता है। इस कार्यक्रम में विधायक पीएन पाठक के साथ जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
KGMU ट्रॉमा सेंटर में गुरुवार देर रात इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई। मरीज की मौत पर तीमारदारों का गुस्सा भड़क उठा। इलाज में कोताही का आरोप लगाते हुए कैजुअल्टी में तोड़फोड़ शुरू कर दी। डॉक्टरों से हाथापाई की। कम्प्यूटर फेंक दिया। हंगामा और मारपीट की घटना से अफरा-तफरी मच गई। इसकी वजह से इलाज प्रभावित रहा। शिकायत पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया। चीफ प्राक्टर ने मुकदमा दर्ज किए जाने के लिए तहरीर दिया है। ये था पूरा मामलाहरदोई के संडीला निवासी 60 साल के राजकुमार गुप्ता को सांस लेने में तकलीफ थी। गुरुवार को मरीज की तबीयत बिगड़ गई। आनन-फानन परिवारीजन मरीज को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने मरीज की हालत गंभीर बताई। मरीज को KGMU ट्रॉमा सेंटर ले जाने की सलाह दी। परिवारीजन रात में मरीज को लेकर ट्रॉमा पहुंचे। रजिस्ट्रेशन के बाद मरीज को कैजुअल्टी में भर्ती कराया गया।वेंटिलेटर सपोर्ट देने से पहले ही हुई मौतडॉक्टरों ने मरीज की सेहत की जांच की। तो पता चला मरीज की हालत बेहद गंभीर है। वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत है। डॉक्टरों ने मरीज की तबीयत की स्थिति से अवगत कराया। परिवारीजन शुरु में मरीज को वेंटिलेटर पर भर्ती कराने को राजी नहीं थे। इसके बावजूद डॉक्टरों ने मरीज को वेंटिलेटर पर रखने की तैयारी शुरू कर दी। तभी मरीज की सांसे थम गई।
जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र में मामूली विवाद के बाद दो पक्षों के बीच सड़क पर मारपीट हो गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह विवाद एक बाइक से टक्कर लगने के बाद शुरू हुआ। पहले दोनों पक्षों में हल्की कहासुनी हुई, जो जल्द ही गाली-गलौज में बदल गई। माहौल गरमाने पर धक्का-मुक्की शुरू हो गई और देखते ही देखते यह खुलेआम मारपीट में बदल गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक पक्ष के लोग बाइक सवार युवक के साथ हाथापाई करते हुए उसे थप्पड़ मार रहे हैं। यह घटना सड़क पर मौजूद राहगीरों की भीड़ के बीच हुई। शुरुआती क्षणों में कोई बीच-बचाव के लिए आगे नहीं आया, लेकिन बाद में कुछ लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया। फिलहाल, इस मामले में पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, वीडियो के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोग प्रशासन से ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं।
लुधियाना में भाजपा नेता व राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान के सदस्य सुखविंदर सिंह बिंद्रा को धमकी मिली है कि पांच करोड़ रुपए दे दे नहीं तो तुझे मार देंगे। भाजपा नेता ने इसकी शिकायत थाना दुगरी में दर्ज करवा दी। सुखविंदर सिंह बिंद्रा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वो घर पर नहीं थे तो किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसके घर के गेट पर एक बोतल टांगी थी जिससे पेट्रोल की गंध आ रही थी। उसके साथ एक लेटर भी रखा था जिस पर लिखा था कि हमें पांच करोड़ रुपए दे दे नहीं तो मार देंगे। लेटर में लिखा था कि हम तुझे फोलो कर रहे हैं। सुखविंदर सिंह बिंद्रा के घर के बाहर बोतल व लेटर मिलने से लोग दहशत में हैं। बिंद्रा का कहना है कि इस बोतल में कोई संदिग्ध और हानिकारक तरल पदार्थ होने का संदेह है, जिसका उद्देश्य उन्हें और उनके परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना और डराना है। सुखविंदर बिंद्रा का कहना है कि इस तरह की धमकी और रंगदारी मांगने की शिकायत उन्होंने तुरंत पुलिस को दी है। पुलिस ने थाना दुगरी में अज्ञात लोगों के खिलाफ पर्चा दर्ज कर दिया है। उधर पुलिस ने अब सुखविंदर बिंद्रा के घर के आसपास सीसीटीवी कैमरे खंगालने शुरू कर दिए हैं। पहले भी मिली हैं बिंद्रा को धमकियां सुखविंदर सिंह बिंद्रा का कहना है कि धमकी मिलने का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले 4-5 वर्षों के दौरान उन्हें लगातार धमकी भरे फोन कॉल और फिरौती के पत्र मिलते रहे हैं। बार-बार इस तरह की घटनाओं से परिवार की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। बिंद्रा ने बताया कि उन्हें पहले भी कई बार निशाना बनाने की कोशिश की जा चुकी है, लेकिन इस बार घर के बाहर संदिग्ध सामान छोड़कर सीधा हमला करने का संकेत दिया गया है।
इटावा में लवेदी क्षेत्र की ग्राम पंचायत चिंडौली में मां-बेटे ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। यह घटना आज दोपहर करीब 4 से 5 बजे के बीच एक पुराने मकान में हुई। 21 वर्षीय विवेक ने जहर खाकर और उनकी मां, 55 वर्षीय गुड्डी देवी ने साड़ी से फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। अब जानिए पूरा मामला… परिवार के मुखिया सटार सिंह नए मकान में रहते हैं, जबकि पुराने घर का उपयोग जानवरों के लिए किया जाता था। दोपहर में जानवरों को चारा देने गई गुड्डी देवी ने अपने बेटे विवेक को कमरे में अचेत पड़ा देखा। बताया जा रहा है कि इस घटना से व्यथित होकर उन्होंने अपनी साड़ी से फांसी लगा ली। काफी देर तक मां-बेटे के वापस न लौटने पर सटार सिंह पुराने मकान में गए, जहां उन्होंने विवेक को जमीन पर मृत पड़ा देखा और गुड्डी देवी साड़ी से लटकी हुई थीं। परिजनों ने कई बार 112 पर डायल किया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद शाम करीब 5:30 बजे लवेदी पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस लगभग दो घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। जानकारी के अनुसार, विवेक की शादी छह माह पहले एटा जिले के खरफुलिया गांव में तय हुई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। खबर को अपडेट की जा रही है…
दमोह में एक घंटे तेज बारिश:आंधी से कई पेड़ उखड़े, यातायात बाधित, घरों के टीन शेड और छप्पर उड़े
दमोह जिले में शुक्रवार शाम को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। आंधी के साथ हुई करीब एक घंटे की झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत तो दी, लेकिन आंधी की वजह से कई जगह नुकसान भी हुआ। ग्रामीण इलाकों में पेड़ गिरने से रास्ते बंद हो गए और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। दमोह की ऑफिसर्स कॉलोनी में एक बड़ा यूकेलिप्टस का पेड़ अधिकारियों की गाड़ियों पर जा गिरा। गनीमत रही कि गाड़ियों के ऊपर टीन शेड लगा था, जिसकी वजह से वे टूटने से बच गईं और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। घरों के छप्पर उड़े, बिजली हुई गुल जिले के जबेरा ब्लॉक के बनवार और खमरिया इलाकों में तूफान ने काफी तबाही मचाई। तेज हवा की वजह से कई घरों के टीन शेड और छप्पर उड़ गए। तूफान के कारण बिजली व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई, जिससे पूरे इलाके में अंधेरा छा गया और लोग परेशान होते रहे। बस स्टैंड पर पेड़ गिरने से थमा ट्रैफिक तूफान का सबसे ज्यादा असर बनवार बस स्टैंड पर दिखा, जहां एक विशाल नीम का पेड़ गिर गया। इसकी वजह से सड़क पर गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई। बाद में गांव वालों ने खुद कुल्हाड़ी उठाकर पेड़ को काटा और रास्ता साफ किया, तब जाकर ट्रैफिक शुरू हो पाया। बाल-बाल बचे लोग बनवार चौकी के पास एक दुकान के सामने और खमरिया के हनुमान मंदिर के पास पुजारी की झोपड़ी पर भी पेड़ गिरने की खबरें आईं। राहत की बात यह रही कि इन हादसों में किसी को चोट नहीं आई। बनवार से खमरिया तक करीब आधे घंटे तक मूसलाधार बारिश और हवा का दौर चलता रहा। वहीं रोड बम्होरी इलाके में आंधी का असर थोड़ा कम रहा, जिससे वहां ज्यादा नुकसान नहीं हुआ।
सीतापुर में गुरुवार देर रात तेज रफ्तार कार की टक्कर से युवक की मौके पर ही मौत हो गई। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। युवक की पहचान लाल बाबू (35) के रूप में हुई। वह रेवती थाना रेवती, जनपद बलिया का रहने वाला था। मामला रामपुर मथुरा थाना के महमूदाबाद-रेउसा मार्ग का है। लालबाबू करीब 15 दिनों से अपने बहनोई राजेश पुत्र रामचतुर निवासी रंजीतपुर, थाना रामपुर मथुरा के यहां रह रहा था। गुरुवार शाम वह अपने बहनोई के साथ बाजार गया था, जहां किसी समय दोनों अलग हो गए। देर रात तक घर न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसी दौरान पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में रात करीब 4:18 बजे युवक सड़क के बीच टहलता नजर आ रहा है। तभी घोड़ेचा की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार फोर व्हीलर कार उसे टक्कर मारते हुए फरार हो जाती है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि युवक शराब के नशे में था और सड़क के बीच आ-जा रहा था, जबकि उस समय मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन जारी था। हादसे के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई और परिजनों में कोहराम मच गया। चौकी चांदपुर प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अज्ञात वाहन की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की हर पहलू से जांच जारी है।
मेरठ में पुलिस पर हमला करने वाले तीन आरोपियों को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अवैध रूप से शराब बेचे जाने की सूचना पर पहुंची थी। मामले में अभी कई आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। अवैध शराब बिक्री की मिली थी सूचना घटना मंगलवार रात की है। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अवैध तरीके से शराब बेच रहा है। रेलवे रोड थाने की पुलिस एक्शन में आ गई। दरोगा कुंवर आकाश के साथ दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और युवक को दबोच लिया। यह युवक स्कूटी की डिग्गी में शराब भरकर बैठा था और उन्हें बेच रहा था। भीड़ ने पुलिस के साथ की धक्कामुक्की दरोगा कुंवर आकाश ने युवक से पूछताछ की तो उसने अपना नाम राजू सोनकर बताया। इसके बाद पुलिस युवक को पकड़ कर लाने लगी। आरोप है कि राजू सोनकर के परिवार के लोग इकट्ठा हो गए और उन्होंने पुलिसकर्मियों से धक्कामुक्की शुरू कर दी। भीड़ आरोपी को छुड़ाकर भाग निकली। दो दिन से चल रही थी तलाश पुलिस दो दिन से आरोपियों की तलाश में जुटी थी। उसी रात सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। तभी से लगातार दबिश भी दी जा रही थी लेकिन आरोपी हाथ नहीं आ रहे थे। तीन आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े शुक्रवार को पुलिस ने इस मामले में फरार लोगों में शामिल मुख्य आरोपी राजू सोनकर पुत्र चंद्रलाल के साथ एकलव्य उर्फ भूरा पुत्र राजू सोनकर व सुमन सोनकर पत्नी राजू सोनकर को गिरफ्तार कर लिया। तीनों कहीं भागने की फिराक में थे।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में आईसीआईसीआई बैंक में 1 करोड़ 38 लाख रुपए की हेराफेरी करने का मामला सामने आया है। बैंक की डिप्टी ब्रांच मैनेजर ने अपने पति और अन्य के साथ मिलकर बैंक और ग्राहकों की एफडी डिपॉजिट के साथ ही गोल्ड लोन का सोना लेकर फरार हो गई है। बैंक के ब्रांच मैनेजर की रिपोर्ट पर पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। पूरा मामला सिविल लाइन क्षेत्र के मंगला स्थित आईसीआईसीआई बैंक शाखा का है। मंगला ब्रांच के वर्तमान ब्रांच मैनेजर अरूप पाल ने बैंक ऑडिट में गड़बड़ी पकड़ने के बाद पुलिस से शिकायत की है। उन्होंने पुलिस को बताया कि 17 सितंबर 2025 को दैनिक बैंकिंग कार्यों के दौरान वित्तीय लेन-देन रिपोर्ट की समीक्षा की गई। जांच में पाया गया कि रिपोर्ट का अंतिम पन्ना गायब था, जिसे डिप्टी ब्रांच मैनेजर तनीषा अग्रवाल ने जानबूझकर हटाया था। गोल्ड लोन का असली सोना गायब, नकली गहने मिलेजब उन्होंने बारीकी से जांच कर ऑडिट किया, तो पता चला कि गोल्ड लोन के 4 पाउचों में असली जेवरों की जगह नकली आभूषण मिले। उन्होंने बताया कि सोने के असली गहनों को गायब कर दिया गया है। ग्राहकों के 87.95 लाख का ट्रांजेक्शनजांच में यह भी पता चला कि ग्राहकों के फर्जी हस्ताक्षर कर 87.95 लाख रुपए के 14 अवैध ट्रांजेक्शन किए गए। इसी तरह एफडी पर ओवरड्राफ्ट कर एक महिला ग्राहक की 30 लाख की जमा पूंजी में से बिना अनुमति 28.29 लाख रुपए निकाल लिए गए। कई ग्राहकों के एफडी और निवेश के रिकार्ड गायबजांच में यह भी पता चला कि कई ग्राहकों के फिक्स्ड डिपॉजिट और निवेश के वाउचर बैंक रिकॉर्ड से गायब पाए गए। पूरे मामले में सभी ने मिलकर अगस्त 2024 से सितंबर 2025 तक 1.38 करोड़ रुपए की हेराफेरी को अंजाम दिया है। थाना प्रभारी एसआर साहू ने अरूप पाल की लिखित शिकायत पर आरोपी डिप्टी ब्रांच मैनेजर, उसके पति व अन्य के खिलाफ गबन और धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पति के साथ मिलकर रची साजिश, अब दोनों फरारइस पूरे घोटाले में डिप्टी ब्रांच मैनेजर व उसका पति भी शामिल है, जो खुद बैंक कर्मचारी थे। बताया जा रहा है कि आरोपी महिला अधिकारी ग्राहकों के घर जाकर बैंकिंग सेवा देने के बहाने उनके मोबाइल एप का एक्सेस लेती थी और धोखाधड़ी को अंजाम देती थी। आरोपी और उसका पति 22 सितंबर 2025 से ही फरार बताए जा रहे हैं।
जयपुर के चर्चित प्रोपर्टी डीलर प्रमोद शर्मा को हाईकोर्ट से झटका लगा हैं। जस्टिस उमाशंकर व्यास ने प्रमोद शर्मा व अन्य सह आरोपियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने से इनकार करते हुए याचिका को खारिज कर दिया। सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि अभी मामले में जांच प्रारंभिक स्टेज पर हैं। पुलिस ने आरोपियों को केवल अपने पक्ष के दस्तावेज पेश करने और बयान दर्ज कराने का नोटिस दिया है। इस स्टेज पर एफआईआर को रद्द नहीं किया जा सकता हैं। वहीं प्रमोद शर्मा की ओर से बहस करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एसएस होरा ने कहा कि यह सिविल नेचर का मैटर है, इसमें एफआईआर दर्ज नहीं हो सकती हैं। वहीं आरोपी के खिलाफ कोई अपराध भी नहीं बनता हैं। करोड़ो की भूमि पर किया जबरन कब्जापरिवादी घनश्याम शर्मा की ओर से बहस करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता माधव मित्र और अधिवक्ता गिर्राज प्रसाद शर्मा ने कहा कि आरोपियों ने मानसरोवर इलाके में करीब साढ़े 7 हजार वर्ग गज जमीन पर जबरन कब्जा किया हैं। प्रमोद शर्मा सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ 13 जुलाई 2025 को मानसरोवर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिसमें पुलिस ने 15 अप्रेल और 17 अप्रेल 2026 को प्रमोद शर्मा को जांच में सहयोग करने के लिए पेश होने का नोटिस दिया था। केवल कथित गिरफ्तारी के डर से प्रमोद शर्मा ने अदालत में याचिका दायर कर दी। जो इस स्टेज पर खारिज करने योग्य हैं। जमीन पर सिविल कोर्ट का स्टेअधिवक्ता गिर्राज प्रसाद शर्मा ने बताया कि इस जमीन पर पथिक गृह निर्माण सहकारी समिति और नवजीवन गृह निर्माण सहकारी समिति के बीच विवाद हैं। जमीन पर पथिक गृह निर्माण सहकारी समिति काबिज थी। जिस पर सिविल कोर्ट का लंबे समय से स्टे चल रहा है। परिवादी इसी समिति का अध्यक्ष हैं। लेकिन प्रमोद शर्मा ने नवजीवन गृह निर्माण सहकारी समिति के साथ मिलकर जमीन पर जबरन कब्जा किया है। जो सिविल कोर्ट की भी अवमानना हैं।
मेरठ के लिसाड़ी गेट थानाक्षेत्र के मजीद नगर में शुक्रवार सुबह हुई महिला कौसर की गला रेतकर हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में महिला के पति साकिब को अरेस्ट कर जेल भेज दिया है। पति ने कुबूला कि उसने ही पत्नी को गला रेतकर अपने ही घर में कमरे के अंदर मारा है। आरोपी पति ने पुलिस के सामने हत्या की बात कुबूली है। पूरा कुबूलनामा पढ़िए… पुलिस ने जो बताया वो पढ़िए…एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि कौसर के पति साकिब पर पुलिस टीमों को पहले से ही शक था। सीओ कोतवाली अभिषेक पटेल पूरे मामले की जांच कर रहे थे। क्राइम सीन पर किसी तरह के बीचबचाव या हाथापाई का कोई निशान नहीं था। इससे स्पष्ट हो गया कि हत्या किसी अपने ने ही की है। ऐसा व्यक्ति जो घर, महिला से पूरी तरह जान पहचान का था। करीबियों से पूछताछ शुरू की गई। बेटियों से महिला कांस्टेबल ने अलग से बात की थी। पति साकिब से भी पूछताछ की गई। तो वो नकार गया। साकिब ने अपने 2 बयान दिए। उसके दोनों ही बयानों में कंट्राडिक्शन था। वो अपने बयान बदल रहा था। जब उसके बयानों के अनुसार उन जगहों पर जाकर जांच की गई, वहां सीसीटीवी कैमरा देखे गए तो साकिब की बातें बिल्कुल झूठ निकली। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना गुनाह कुबूल किया। साकिब ने कहा कि उसने ही पत्नी कौसर की पेपर कटर से गला रेतकर हत्या की है। वहीं तीनों साकिब-कौसर की तीनों बेटियां फिलहाल साकिब की बहन यानि अपनी बुआ के साथ उनके घर पर हैं। अब आरोपी साकिब का कुबूलनामा पढ़िए.. दूसरी महिला से अफेयर पर रोकती थी कौसर साकिब ने पुलिस को बताया कि उसके शहर में ही एक दूसरी महिला से अनैतिक संबंध चल रहे हैं। वो उसे अपनी पत्नी बनाना चाहता है। उस महिला से मिलता जुलता, बातचीत भी करता है। ये बात उसकी पत्नी कौसर को पता चल गई। कौसर लगातार पति को उसके अफेयर के लिए रोकती थी। वो कहती कि तीन बेटियां हैं हमारा अच्छा परिवार है ये सब मत करो। लेकिन वो नहीं मानता था।साकिब को कौसर की रोकटोक पसंद नहीं आ रही थी। इसलिए उसने सोचा कि कौसर को रास्ते से हटाने के बाद ही वो अपनी प्रेमिका के साथ सुकून की जिंदगी जी पाएगा। पत्नी को मारकर ही सुकून से रह सकूंगा साकिब ने पहले कौसर को सुसाइड के लिए उकसाया। ताकि कौसर खुद ही सुसाइड करके मर जाए उसका रास्ता साफ हो जाए। इसलिए वो अक्सर पत्नि को मारने, पीटने लगा। उस पर अत्याचार करने लगा। इससे तंग आकर वो सुसाइड कर ले। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। तब साकिब ने खुद ही पत्नी की हत्या कर उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। बेटियों से कहा बताना काला चोर आया था शुक्रवार सुबह जब बेटियां, पत्नी सो रही थीं तब साकिब उठा उसने नींद में ही पत्नी के गले को पेपर कटर से रेत दिया। कमरे में रखी अलमारी का ताला तोड़कर उसे खोलकर सामान बिखेर दिया। इससे लगी कि चोरों ने ये वारदात की है। फिर साकिब ने बाथरूम में जाकर खून से सने हाथपांव धोए। आलाकत्ल पेपर कटर धोया। जहां खून के छींटे पड़े थे उनको भी साफ कर दिया। इसके बाद पेपर कटर को कूड़ेदान में डालकर घर से निकल गया। साकिब ने बताया कि हत्या के बाद वो अपना जुर्म छिपाने के लिए घर से निकल गया। इसके बाद उसकी योजना के अनुसार ही सबकुछ हो रहा था। लेकिन पुलिस पूछताछ में सच सामने आ गया। बताया कि उसने बेटियों को पहले ही समझा दिया था कि जब कोई भी पूछे कि अम्मी को किसने मारा है तो कह देना कि एक काला चोर सीढ़ियों से आया था। वो ही अम्मी को मारकर चला गया। सादे कपड़ों में बेटियों से पूछताछ में खुला राज एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि बच्चियों ने पिता के समझाए में आकर पहले काले चोर के आने की बात पुलिस से कही थी। बाद में महिला थाने की दो महिला कांस्टेबल ने जब सादे कपड़ों में दोबारा बच्चियों से पूरी बात पूछा तो उन्होंने बताया कि अम्मी को अब्बू ने ही मारा था। अब्बू ने ही हमसे कहा था कि किसी को बताना नहीं है। अगर कोई पूछे तो कहना कि काला चोर सीढ़ियों से आया था। वही हमने बताया था। बच्चियों के बयान, साकिब का अपना गुनाह कुबूलने और उसके द्वारा दिए गए बयानों के झूठा निकलने के आधार पर साकिब के खिलाफ पत्नी की हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। उसे कोर्ट के सामने पेश कर जेल भेज दिया गया है। उसकी निशानदेही पर आलाकत्ल पेपर कटर भी बरामद कर लिया गया है।
बांसवाड़ा के कुशलगढ़ थाना क्षेत्र के कलिंजरा गांव में शुक्रवार को घर के पास खेल रहा एक 6 साल का मासूम बच्चा अचानक पैर फिसलने से तालाब में जा गिरा। ग्रामीणों की सूझबूझ से बच्चे को पानी से बाहर निकाल लिया गया, जिसे गंभीर हालत में महात्मा गांधी (एमजी) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खेलते-खेलते गहरे पानी में गिरा मासूम जानकारी के मुताबिक वसुनी निवासी अजय पुत्र प्रभुलाल कलिंजरा गांव में तालाब के किनारे खेल रहा था। खेलते समय अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे गहरे पानी में जा गिरा। बच्चे को डूबता देख मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसे के वक्त तालाब के पास मौजूद स्थानीय ग्रामीणों ने मिसाल पेश की। जैसे ही उन्होंने बच्चे को डूबते देखा, बिना वक्त गंवाए पानी में छलांग लगा दी। कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसके शरीर में काफी पानी जा चुका था और वह अचेत हो गया था। कुशलगढ़ से जिला अस्पताल रेफर घटना के तुरंत बाद एंबुलेंस की मदद से मासूम को स्थानीय अस्पताल कुशलगढ़ ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद भी बच्चे की स्थिति नाजुक बनी रही। डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उसे जिला मुख्यालय स्थित एमजी अस्पताल रेफर कर दिया। शुक्रवार रात करीब 8 बजे अजय को एमजी अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया है। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
खरगोन में साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था विविधा अपना 31वां आयोजन कल (2 मई) करने जा रही है। इस अवसर पर अखिल भारतीय हिंदवी गौरव सम्मान 2026 नाजिया इलाही खान को प्रदान किया जाएगा। हिंदी गीत विधा का अखिल भारतीय विद्यापति सम्मान गीतकार डॉ. विष्णु सक्सेना को मिलेगा। इसके अतिरिक्त, नर्मदा परिक्रमा साइकिल से करने वाली कवयित्री शारदा ठाकुर को ओंकारेश्वर नर्मदा सम्मान 2026 से नवाजा जाएगा। संस्था के संस्थापक डॉ. शंभूसिंह मनहर ने बताया कि यह कार्यक्रम रात 8 बजे स्वामी विवेकानंद स्कूल मैदान में आयोजित होगा। इसमें मुंबई के प्रसिद्ध कवि और कलाकार बाबा सत्यनारायण मौर्य भी शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान वार्षिक स्मारिका निमाड़ स्तवन 2026 का विमोचन भी किया जाएगा। इस वर्ष स्मारिका का विषय निमाड़ के संत है, जिसमें निमाड़ अंचल के साधु-संतों का विस्तृत वर्णन उपलब्ध होगा। कवि सम्मेलन में मुंबई से डॉ. अनीता आनंद, गीतकार मुकेश शांडिल्य, बालाघाट से हास्य कवि अंतू झकास और नागपुर से सरिता सरोज काव्य पाठ करेंगी। संस्था के अध्यक्ष डॉ. विराज भालके ने बताया कि कार्यक्रम में 2000 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। डॉ. भागीरथ कुमरावत, बाबूलाल महाजन, रणजीत डंडीर, प्रकाश रत्नपारखी, जितेंद्र सुराणा, परसराम चौहान, शालिनी रतोंरिया, अनिल रघुवंशी और नितिन मालवीय सहित अन्य सदस्यों ने आयोजन की सभी तैयारियां पूरी होने की जानकारी दी।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक मोर्चा (रालोमो) के सांगठनिक चुनाव को लेकर शेखपुरा में एक जिलास्तरीय बैठक आयोजित की गई। यह बैठक शुक्रवार शाम शहर के खांड पर एक निजी सभागार में हुई। इसमें रालोमो के प्रदेश प्रधान महासचिव सह प्रदेश पर्यवेक्षक हिमांशु पटेल और शेखपुरा जिला प्रभारी रामानंद कुशवाहा शामिल हुए। बैठक में रालोमो के जिला संयोजक देवेन मुखिया, देवेंद्र कुशवाहा, रवींद्र प्रसाद कुशवाहा, विनोद कुमार, अनीश धारी सहित अन्य नेता मौजूद थे। जिले में 50 हजार नए सदस्य बनाए जा चुके प्रदेश प्रधान महासचिव हिमांशु पटेल ने पत्रकारों को बताया कि पार्टी के सांगठनिक चुनाव की घोषणा 26 अप्रैल को पूरे प्रदेश में की गई थी। इसके तहत सबसे पहले पंचायत स्तर पर, फिर प्रखंड, जिला और अंत में प्रदेश स्तर पर चुनाव होंगे। उन्होंने बताया कि जिले में 50 हजार नए सदस्य बनाए जा चुके हैं। शेखपुरा जिले में 15 मई तक पंचायत चुनाव कराए जाएंगे, जिसके बाद प्रखंड और जिला स्तर के चुनाव होंगे। प्रदेश संगठन का चुनाव 7 जून को और राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव 14 जून को संपन्न कराया जाएगा। सभी प्रखंडों में निर्वाची पदाधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई सांगठनिक चुनाव के लिए जिले के सभी प्रखंडों में निर्वाची पदाधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है। इनमें घाट कुसुंभा प्रखंड के लिए अनीश धारी, शेखपुरा ग्रामीण के लिए रविंद्र प्रसाद कुशवाहा, चेवाड़ा के लिए अरविंद कुमार, अरियरी के लिए विनोद कुमार पटेल, शेखोंपुर सराय के लिए जगन महतो, बरबीघा के लिए विनोद कुमार लल्लू और शेखपुरा नगर के लिए सौरव कुमार को प्रखंड निर्वाची पदाधिकारी बनाया गया है। पटेल ने कहा कि पार्टी पूरे राज्य में पहले की तरह मजबूत स्थिति में है। बैठक में आए प्रदेश नेताओं का स्थानीय कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया।
अररिया के पलासी प्रखंड को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क पर चहटपुर पंचायत में एक पुल का निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है। इसके कारण स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, खासकर बरसात के मौसम में मुश्किलें बढ़ जाती हैं। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2021 में यहां एक पुराने कल्वर्ट को तोड़कर नए पुल का निर्माण शुरू किया गया था। हालांकि, ठेकेदार के अदालत जाने के बाद निर्माण कार्य रुक गया और तब से यह पुल अधूरा पड़ा है। वर्तमान में पुल के बगल में एक अस्थायी डायवर्सन बनाया गया है, जिससे लोग किसी तरह आवाजाही कर रहे हैं। लेकिन, बरसात के दिनों में डायवर्सन पर पानी भर जाने से यह मार्ग पूरी तरह बंद हो जाता है। इससे पलासी प्रखंड के कई गांवों का जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क टूट जाता है। इस मार्ग के बाधित होने से अररिया के पंचकोरी चौक की 16 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए ग्रामीणों को कई किलोमीटर लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। स्कूली बच्चों, बीमार व्यक्तियों और दैनिक जरूरतों का सामान ले जाने वाले किसानों-मजदूरों को इससे सबसे अधिक परेशानी हो रही है। एक स्थानीय निवासी ने बताया, “बरसात में तो यहां से गुजरना नामुमकिन हो जाता है। बच्चों को स्कूल भेजना और बाजार जाना मुश्किल पड़ जाता है। प्रशासन से बार-बार गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।” इस अधूरे पुल के कारण क्षेत्र के समग्र विकास पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है, जिससे पलासी प्रखंड की कृषि और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। स्थानीय लोग प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग कर रहे हैं कि ठेकेदार के अदालत मामले का त्वरित समाधान निकालकर निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। जिला प्रशासन और ग्रामीण कार्य विभाग से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की उम्मीद है।
शाजापुर के पास ग्राम कांजा और बरवाल के बीच एक खेत में बिना मुंडेर के कुएं में गिरी गाय को गोरक्षा सेना के सदस्यों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह घटना कांजा गांव के पास की है। जानकारी के मुताबिक, आसिफ नाम के शख्स के खेत में बने इस कुएं में गाय पिछले तीन दिनों से फंसी हुई थी। कुएं के मालिक को इस बारे में पहले ही पता चल गया था, लेकिन उनकी तरफ से गाय को निकालने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जहरीले सांप ने बढ़ाई मुश्किल शुक्रवार 1 मई को शाम करीब 4 बजे ग्रामीणों ने इसकी खबर गोरक्षा सेना को दी। टीम जब मौके पर पहुंची, तो देखा कि कुएं में पानी भरा था और वहां एक जहरीला सांप भी घूम रहा था। इससे बचाव का काम काफी खतरनाक और चुनौतीपूर्ण हो गया था। ट्रैक्टर और रस्सी की मदद से मिली कामयाबी सांप और गहरे पानी के खतरे के बावजूद गोरक्षकों ने हिम्मत नहीं हारी। करीब एक घंटे की कड़ी मेहनत के बाद, रस्सी और ट्रैक्टर की मदद से गाय को सही-सलामत कुएं से बाहर निकाल लिया गया। कुआं ढकने की दी गई हिदायत गाय को बचाने के बाद टीम ने कुएं के मालिक को फोन पर जानकारी दी और उनसे कुएं को ढकने के लिए कहा, ताकि आगे से कोई और जानवर या इंसान इसमें न गिरे। इस अभियान में गोरक्षा सेना की बरवाल और शाजापुर टीम के साथ बड़ी संख्या में गांव वाले भी मौजूद रहे।
लुधियाना में नाबालिग से रेप:7 महीने तक धमकी देकर बनाए शारीरिक संबंध; 6 महीने की हुई गर्भवती
लुधियाना में एक नाबालिग लड़की से रेप का मामला सामने आया है। आरोपी पिछले 6-7 महीने नाबालिग को डरा-धमाकर कर जबरी शारीरिक संबंध बनाता रहा। नाबालिग जब 6 महीने की गर्भवती हुई तो उसके परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करवाई। पुलिस ने पीड़िता के पिता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ धारा 64, BNS 06,पास्को Act के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस रेड कर रही है। सर्टीफिकेट लेमीनेशन करवाने गई बेटी हुई थी लापता जानकारी मुताबिक पीड़ित नाबालिग के पिता ने पुलिस को बताया कि मेरी बेटी का नाम प्रिया (काल्पनिक) है। वह 26-4-2026 को घर से सर्टीफिकेट लेमीनेशन करवाने गई थी लेकिन वह वापस घर नहीं लौटी। 29-04-2026 को पुलिस चौकी में से फोन आया कि आपकी बेटी मिल गई है। पिता अनुसार बेटी को भगा कर ले जाने वाले व्यक्ति के बारे जब उसने पुलिस से पूछा तो आरोपी का नाम सुरजीत गुप्ता पता चला। सुरजीत ने उनकी बेटी को काफी डराया और धमकाया। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज उनकी बेटी के साथ आरोपी पिछले 6 से 7 महीने शारीरिक संबंध जबरदस्ती बनाता रहा। अब उनकी बेटी को आरोपी ने गर्भवती कर दिया है। जिस कारण पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापामारी की जा रही है।
हाथरस में बिजलीघर का घेराव:तीन दिन से बिजली न मिलने पर ग्रामीणों ने किया हंगामा
हाथरस में नगला भूरा गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने शहर से सटे लहरा बिजलीघर का आज रात्रि घेराव किया। ग्रामीणों ने तीन दिन से बिजली आपूर्ति ठप होने के विरोध में जमकर हंगामा किया। शुक्रवार रात करीब 7:30 बजे हुए इस प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों का आरोप था कि बार-बार शिकायत के बावजूद विद्युत लाइन को दुरुस्त नहीं किया गया है। इस दौरान वहां मौजूद कुछ विद्युत कर्मियों से ग्रामीणों की नोक-झोंक भी हुई, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारियों में काफी महिलाएं भी मौजूद थी। सूचना मिलने पर भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। मुरसान के ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय भी घटनास्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीणों ने ब्लॉक प्रमुख को बताया कि अधिकारी उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिसके कारण उन्हें रात में बिजलीघर का घेराव करने पर मजबूर होना पड़ा। बाद में, ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय के समझाने-बुझाने पर ग्रामीण शांत हुए और वापस लौट गए। ब्लॉक प्रमुख और अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जल्द ही विद्युत आपूर्ति सुचारू की जाएगी।
BPSC ने शुक्रवार को सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) परीक्षा रद्द कर दी है। एग्जाम में गड़बड़ी और कदाचार को लेकर 6 जिलों में आठ एफआईआर दर्ज हुई थी। जिसके बाद आयोग ने इस परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। आयोग ने 32 अभ्यर्थियों को प्रतिबंधित भी कर दिया गया है, जो अब आयोग की किसी भी आगामी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी परीक्षा के दौरान जिला प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए कई केंद्रों पर ब्लूटूथ और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए नकल करने की कोशिशों को नाकाम किया। जांच के दौरान यह पाया गया कि कुछ असामाजिक तत्वों और अभ्यर्थियों ने मिलकर परीक्षा में गड़बड़ी फैलाने का षड्यंत्र रचा था। प्रशासन ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए। दोषी अभ्यर्थियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। पेपर लीक से समझौता नहीं आयोग ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान प्रश्न-पत्र लीक होने या सोशल मीडिया पर वायरल होने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। न ही किसी प्रश्न-पत्र की कोई सीरीज बाहर मिली है। इसके बावजूद, सोशल मीडिया और समाचारों में आई खबरों और कुछ केंद्रों पर हुई गड़बड़ी की कोशिशों को देखते हुए आयोग ने यह कड़ा कदम उठाया है। आयोग का मानना है कि परीक्षा की गरिमा और ईमानदारी से बढ़कर कुछ भी नहीं है। कौन-कौन सी परीक्षाएं हुईं रद्द सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (विज्ञापन संख्या 87/2025): 14 अप्रैल से 21 अप्रैल तक आयोजित सभी 9 पालियों की परीक्षा रद्द। सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी (विज्ञापन संख्या 108/2025): 23 अप्रैल को आयोजित लिखित परीक्षा रद्द। आयोग जल्द ही इन परीक्षाओं के आयोजन की नई तिथियों की घोषणा करेगा। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।
घाटमपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बेहटा और ग्राम गिरसी के किसानों के लिए शुक्रवार की शाम एक बड़ी सौगात लेकर आई। क्षेत्रीय विधायक सरोज कुरील ने दोनों गांवों में स्थापित दो नए राजकीय नलकूपों का बटन दबाकर विधिवत शुभारंभ किया। इस पहल से इलाके में सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ ही किसानों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान होने की उम्मीद जताई जा रही है। नव स्थापित इन नलकूपों के चालू होने से किसानों को समय पर पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा, जिससे फसलों की सिंचाई सुचारु रूप से हो पाएगी। अब तक पानी की कमी के कारण प्रभावित होने वाली फसलों को राहत मिलेगी और उत्पादन में वृद्धि होने की संभावना है। इससे सीधे तौर पर किसानों की आय बढ़ने के साथ उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा। जानकारी के अनुसार, प्रत्येक नलकूप की लागत लगभग 48 लाख रुपये है। इस परियोजना को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा पूर्ण कराया गया है। आधुनिक तकनीक से लैस ये नलकूप क्षेत्र के खेतों तक पानी पहुंचाने में कारगर साबित होंगे। सरोज कुरील बोलीं - किसानों को मिलेगा लाभ घाटमपुर विधायक सरोज कुरील ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों को सर्वोपरि मानते हुए लगातार योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों को समय पर सिंचाई, खाद और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, जिससे कृषि को लाभकारी बनाया जा सके। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए आगे भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे।
राजगढ़ जिला मुख्यालय स्थित बैजनाथ खोयरी महादेव मंदिर में शुक्रवार को एक बार फिर चोरी की वारदात हुई है। अज्ञात बदमाशों ने मंदिर की दो दान पेटियों के ताले तोड़कर उनमें रखा चढ़ावा चुरा लिया। यह मंदिर में एक साल के भीतर तीसरी और एक महीने में दूसरी चोरी है। सुबह जब मंदिर के पुजारी उमेश शर्मा पूजा करने पहुंचे, तो उन्हें दान पेटियों के ताले टूटे मिले। उन्होंने तत्काल कोतवाली थाने को सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल शुरू की। पुलिस ने मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले हैं। मंदिर परिसर में कार्यरत हैं तीन चौकीदारखास बात यह है कि मंदिर परिसर में तीन चौकीदार कार्यरत हैं, इसके बावजूद चोरी की घटना हुई। इस वारदात ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की रात्रि गश्त पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नशा करने वाली प्रवृत्ति के लोग अक्सर ऐसी वारदातों को अंजाम देते हैं। बता दें कि खोयरी धाम में चोरी की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 7 जून 2025 को भी इसी तरह एक दान पात्र तोड़कर चोरी की गई थी। वहीं, 16 मार्च 2026 को हुई दूसरी वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई थी। उस मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपी कालू शाह निवासी कालाखेत, राजगढ़ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वह अभी भी जेल में है। कोतवाली थाना पुलिस ने वर्तमान मामले को भी जांच में लिया है। टीआई मंजू मखेनिया ने बताया कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। चौकीदार तैनात, लेकिन सुरक्षा नदारद नगर पालिका के दो और कलेक्ट्रेट के एक चौकीदार की नियुक्ति के बावजूद मंदिर धाम असुरक्षित बना हुआ है। जिम्मेदार कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं पहुंचते, जबकि उन्हें नियमित वेतन मिलता है। रात के समय परिसर पूरी तरह खाली रहता है, जिसका फायदा उठाकर बदमाश वारदात को अंजाम दे रहे हैं। व्यवस्थाएं कागजों तक सीमित नजर आ रही हैं, जिससे पुलिस के साथ-साथ ट्रस्ट प्रबंधन की निगरानी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
लखनऊ मेट्रो के 'लॉस्ट एंड फाउंड' सेल के सराहनीय कार्य से युवक के चेहरे पर मुस्कान लौटी। शृंगार नगर मेट्रो स्टेशन पर एक युवक का बैग छूट गया जिसमें ₹ 2000 इंडियन करेंसी मोबाइल फोन के साथ 15000 रियाल (विदेशी करेंसी )थे। जिसकी सूचना उसने लॉस्ट एंड फाउंड सेल को दिया तत्काल सेल एक्टिव हुआ और युवक का बैग ढूंढ निकाला। सिंगार नगर स्टेशन पर आज़मगढ़ के यात्री मो.आतिफ का बैग छूट गया था। यात्री के ब्लैक बैग में एक सैमसंग मोबाइल, 2000 रुपये नकद और अन्य कीमती सामान मौजूद था। उसी बैग में 15,000 रियाल विदेशी मुद्रा थी (भारतीय मुद्रा में लगभग 3,79,000 रुपये) बनती है। वेरिफिकेशन और संतुष्टि के बाद 'लॉस्ट एंड फाउंड' सेल ने बैग और उसकी पूरी सामग्री युवक को सौंप दिया। जिसके बाद उसके चेहरे पर मुस्कान लौटी। इससे पहले ट्रांसपोर्ट नगर मेट्रो स्टेशन पर एक महिला का पर्स छूट गया था जिसमें 20,457 रुपये नकद, दो अंगूठियां और एक जोड़ी इयरिंग थे , जिसे महिला को सकुशल सौंपा गया। मेट्रो की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार सेल की शुरुआत से लेकर अब तक यात्रियों को 51 लाख रुपये से अधिक की नकदी लौटाई गई। अपने आप में ये एक बड़ी रकम के साथ मेट्रो के लिए बड़ी उपलब्धि भी है । यह उपलब्धि मेट्रो कर्मचारियों की मेहनत, ईमानदारी और कुशलता को दर्शाती है। यात्रियों का खोया हुआ सामान उन्हें सुरक्षित रूप से वापस लौटने में लॉस्ट एंड फाउंड सेल सबसे अहम भूमिका निभाता है।
जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार शाम हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। तेज आंधी के चलते पर्यटन विभाग की एक नाव (क्रूज) के डूबने से नौ लोगों की मौत ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दुखद घटना के बाद अब अन्य पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। इसी कड़ी में ग्वालियर के प्रसिद्ध तिघरा जलाशय पर शुक्रवार को प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आया। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के निर्देश पर एक संयुक्त टीम ने तिघरा डैम स्थित बोट क्लब का विस्तृत निरीक्षण किया। उद्देश्य साफ था—पर्यटकों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न हो। निरीक्षण के दौरान टीम ने बोट क्लब की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा। खासतौर पर लाइफ जैकेट की उपलब्धता, बोट संचालन के नियम, यात्रियों की संख्या नियंत्रण और मौसम से जुड़ी चेतावनी प्रणाली पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि बिना लाइफ जैकेट के किसी भी पर्यटक को नाव में बैठने की अनुमति न दी जाए। इसके साथ ही, आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों की भी गहन समीक्षा की गई। रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए संसाधनों की उपलब्धता, त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली (रैपिड रिस्पॉन्स), और स्टाफ की ट्रेनिंग जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई। टीम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस निरीक्षण में एसडीआरएफ, सीएसपी, और ईएंडएम विभाग के अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए। बरगी डैम हादसे ने यह साफ कर दिया है कि प्राकृतिक परिस्थितियों के बीच पर्यटन गतिविधियों में जरा सी चूक भी भारी पड़ सकती है। ऐसे में ग्वालियर प्रशासन का यह कदम न सिर्फ सतर्कता का संकेत है, बल्कि पर्यटकों के प्रति जिम्मेदारी का भी प्रमाण है। अब देखना होगा कि ये निर्देश जमीनी स्तर पर कितनी सख्ती से लागू होते हैं।
प्रशासनिक लापरवाही और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोपों को लेकर तत्कालीन कनाड़िया एसडीएम ओमनारायण बड़कुल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने मामले में जांच के आदेश देते हुए संबंधित अधिकारी से जवाब मांगा है। मामला ग्राम अरंडिया, तहसील कनाड़िया स्थित भूमि सर्वे नंबर 208/2/1/2/1 और 208/2/1/2/2 के नक्शा सुधार से जुड़ा है। एडवोकेट अतुल यादव की शिकायत के बाद की गई जांच में पाया कि प्रकरण में नियमानुसार कलेक्टर की अनुमति आवश्यक थी, इसके बावजूद बिना सक्षम स्वीकृति के अंतिम आदेश जारी कर दिया गया। जांच में सामने आई लापरवाही बड़कुल ने अपने पूर्व आदेश में स्वयं कलेक्टर की अनुमति को आवश्यक बताया था, लेकिन बाद में उसी प्रक्रिया का पालन नहीं किया। प्रशासन ने इसे स्वेच्छाचारिता, घोर लापरवाही और नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में माना है। मामले में मप्र भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 115-116 के उल्लंघन की बात सामने आई है। साथ ही, इसे मप्र सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के विरुद्ध कदाचार भी माना है। उन्हें 7 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
हिसार में प्रेस मारकर पत्नी की हत्या:घर पर दोनों में झगड़ा हुआ, हमला करने के बाद भागा पति
हरियाणा के हिसार में शुक्रवार शाम एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। दोनों के बीच घर में किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। आरोप है कि गुस्से में पति ने पत्नी की छाती में प्रेस (इस्त्री) से वार किया। फिर उसका गला भी दबा दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी पति फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश जारी है। 8 साल पहले शादी, एक 6 साल की बेटी सोनिया (36) हिसार के संत नगर की रहने वाली थी। करीब 8 साल पहले उसकी सेक्टर-13 निवासी सौरभ से शादी हुई थी। शादी के बाद उनके यहां एक बेटी हुई, जिसकी उम्र अब 6 साल है। सौरभ टूर एंड ट्रैवल का काम करता है, जबकि सोनिया हिसार के एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती थी। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं...
मंडला में नहर में मिला शख्स का शव:ग्राम कूड़ेला नयाटोला का रहने वाला, मौत की वजह तलाश रही पुलिस
मंडला जिले के बिछिया थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-30 पर सिझौरा के पास हालोंन नहर में एक शख्स की लाश मिली है। शव देखने पर सड़क से गुजरने वाले लोगों ने तुरंत बिछिया थाना पुलिस को खबर दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रंजीत सैयाम पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को नहर से बाहर निकाला और उसकी शिनाख्त शुरू की। शुरुआती जांच में मृतक की पहचान 50 साल के संतु उइके के रूप में हुई है, जो ग्राम कूड़ेला नयाटोला के रहने वाले थे। पोस्टमार्टम के बाद परिजन को सौंपा शव पुलिस ने मामले की कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बिछिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। पोस्टमार्टम होने के बाद शव परिवार वालों के हवाले कर दिया गया है। जांच में जुटी पुलिस संतु की मौत कैसे हुई और वे नहर तक कैसे पहुंचे, यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है। बिछिया पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मौत की सही वजह जानने के लिए हर एंगल से जांच कर रही है।
राजस्थान में सस्पेंड DEO को रिटायरमेंट के 60 मिनट पहले पोस्टिंग मिली। हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग को फटकार लगते हुए उनके निलंबन को रद्द किया और बहाली के आदेश दिए। DEO पर आरोप था कि नियमों को ताक पर रखकर दूरदराज के स्कूलों में तैनात टीचर्स को शहर के आसपास पोस्टिंग दे दी। आरोप गलत साबित हुए और हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग फटकार को लगाते हुए उनकी बहाली के आदेश दिए। DEO ने कहा- पूरे 11 महीने की सस्पेंशन की जंग इस एक घंटे की कुर्सी के साथ 'सम्मान' में बदल गई। मुझे ससम्मान रिटायरमेंट मिला, यही मेरी सबसे बड़ी जीत है। पहले 2 पॉइंट्स में समझ लीजिए पूरा मामला 1. अचानक आए थे सस्पेंशन के आरोप: झुंझुनूं में प्रारम्भिक शिक्षा विभाग में DEO की पोस्ट पर तैनात मनोज ढाका को राजस्थान हाईकोर्ट (जयपुर) ने राहत दी है। उनके सस्पेंशन को रद्द करते हुए शिक्षा निदेशालय बीकानेर को पद पर बहाल करने के निर्देश दिए। 30 अप्रैल 4 बजकर 30 मिनट पर पदभार ग्रहण किया। इसके बाद साढ़े 5 बजे वे रिटायर हो गए। 20 मई 2025 को शिक्षा विभाग ने निलंबित (Suspend) कर दिया। 2. नियमों को ताक पर रखा: आरोप था कि उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर शिक्षकों के ट्रांसफर किए हैं। दूरदराज के स्कूलों में तैनात शिक्षकों को नियमों के खिलाफ जिला मुख्यालय के आसपास के स्कूलों में लगा दिया है। इसके बाद विभागीय प्रक्रियाओं का पालन न करने के आरोप में उनका मुख्यालय बीकानेर निदेशालय कर दिया गया। ये विभाग की तरफ से की गई बड़ी कार्रवाई मानी जा रही थी। लेकिन, ढाका ने इसके खिलाफ कोर्ट में अपील कर दी। नवंबर में कोर्ट ने रोक लगा दी थी ढाका ने कहा- मैंने इस आदेश के खिलाफ जून 2025 में अपील की थी। इसके बाद नवंबर 2025 में कोर्ट ने राहत देते हुए निलंबन के आदेश पर रोक लगा दी थी। लेकिन इसके बावजूद शिक्षा विभाग ने वापस पदभार नहीं सौंपा। इसके बाद मामला फिर कोर्ट पहुंचा। इस बार हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए विभाग को फटकार लगाई और स्पष्ट निर्देश दिए कि मुझे तुरंत बहाल किया जाए। रिटायरमेंट से 1 घंटा पहले जॉइन किया ढाका ने कहा- कोर्ट की सख्ती के बाद 30 अप्रैल गुरुवार शाम करीब 4:30 बजे मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार शर्मा ने जॉइनिंग के आदेश जारी किए। मैं कार्यालय पहुंचा और प्रारंभिक जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) का पदभार ग्रहण किया। चूंकि उसी दिन उनकी सेवानिवृत्ति (Retirement) तय था, इसलिए शाम 5:30 बजे सरकारी सेवा से मुक्त हो गया। यही मेरी सबसे बड़ी जीत DEO मनोज ढाका ने बताया- मेरे लिए समय मायने नहीं रखता, सम्मान मायने रखता है। मुझ पर लगे आरोप गलत थे, जो अंततः साबित हो गए। मुझे ससम्मान रिटायरमेंट मिला, यही मेरी सबसे बड़ी जीत है। मेरा केस राजस्थान हाईकोर्ट के वकील संदीप कलवानिया ने केस लड़ा।
स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में एक छात्र के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद शुक्रवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित छात्रों ने KPUC गेट के सामने सड़क जाम कर नारेबाजी की और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय के छात्र आर्यन झा (राजवर्धन), जो हॉलैंड हॉल छात्रावास के निवासी हैं, 30 अप्रैल 2026 की शाम करीब 5:30 बजे अपने एक साथी का टांका कटवाने के लिए SRN अस्पताल पहुंचे थे। आरोप है कि इमरजेंसी वार्ड के काउंटर पर मौजूद कंपाउंडर से बातचीत के दौरान विवाद हो गया। छात्र का आरोप है कि कंपाउंडर ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और विरोध करने पर अपने साथियों को बुला लिया। इसके बाद कथित रूप से छात्र को घसीटकर एक कमरे में ले जाया गया, जहां उसके साथ मारपीट की गई। आरोप यह भी है कि एक डॉक्टर ने छात्र की छाती पर बैठकर उसे धमकाया और करीब 10 मिनट तक पिटाई की गई। छात्र ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उसकी जेब से पैसे और दस्तावेज छीन लिए गए और जान से मारने की धमकी देकर अस्पताल परिसर से भगा दिया गया। घटना के बाद पीड़ित छात्र शिकायत करने के लिए अस्पताल चौकी और फिर कोतवाली थाने पहुंचा, लेकिन आरोप है कि वहां उसकी सुनवाई नहीं हुई और न ही तहरीर ली गई। कार्रवाई न होने से नाराज छात्रों ने 1 मई की शाम करीब 5 बजे KPUC गेट के सामने चक्का जाम कर दिया। इस दौरान छात्रों ने जमकर नारेबाजी की और आरोपी डॉक्टरों की गिरफ्तारी तथा FIR दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर डटे रहे। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया और पीड़ित को मेडिकल जांच के लिए भेजा। इसके बाद प्रदर्शन शांत हुआ। इस दौरान लगभग दो घंटे तक सड़क जाम रही, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। वहीं, पूर्व छात्रनेता विवेकानंद पाठक और छात्रनेता प्रियांशु विद्रोही ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 3 मई तक FIR दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो छात्र उग्र आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन में विवेकानंद पाठक, आदर्श भदौरिया, प्रियांशु विद्रोही, विशाल सिंह रिशु, सौरभ गहरवार, अमित द्विवेदी, इंद्रजीत मौर्य, गौरव गोंड, आशुतोष मौर्य, आलोक तिवारी समेत सैकड़ों छात्र मौजूद रहे।
पूर्णिया में सीएसपी संचालक के घर प्रशासन की रेड पड़ी। इस रेड में फिनो बैंक सीएसपी संचालक के घर से भारी मात्रा में फर्जी पासपोर्ट, आधार कार्ड से जुड़े दस्तावेज और अन्य पहचान पत्र बरामद किए गए हैं। घटना भवानीपुर के शेखपुरा गांव की है। प्रशासन ने गांव के कई संदिग्ध ठिकानों पर भी छापेमारी की है। फर्जी पासपोर्ट, आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्र बनाए जाने की शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने ये कार्रवाई की है। एसडीओ अनुपम और एसडीपीओ संदीप गोल्डी के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम गांव पहुंची और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान भवानीपुर थाना अध्यक्ष राजकुमार चौधरी, अवर निरीक्षक पल्लवी कुमारी और पुलिस बल भी मौजूद रहे। गलत तरीके से दस्तावेज जुटाने की थी सूचना प्रशासन को पहले से गुप्त सूचना मिली थी कि गांव में कुछ लोग गलत तरीके से पहचान संबंधी दस्तावेज तैयार कर रहे हैं और इसमें ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और बैंक खातों का भी इस्तेमाल हो रहा है। इसी सूचना के आधार पर टीम ने कार्रवाई करते हुए कई जगहों पर जांच की। छापेमारी के दौरान सैकड़ों आधार कार्ड के जेरॉक्स, कई महत्वपूर्ण कागजात और कंप्यूटर से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं। साथ ही एक पासपोर्ट भी मिला है, जिसे जब्त कर जांच के लिए भेज दिया गया है। ये पता लगाया जा रहा है कि पासपोर्ट असली है या फर्जी और इसका इस्तेमाल किस मकसद से किया जा रहा था। जांच में सामने आई है कि इस पूरे मामले में शामिल मो. मोबिन फिनो बैंक का सीएसपी संचालक है। इसके बाद प्रशासन अब उसके बैंक खातों और ऑनलाइन लेन-देन की भी गहराई से जांच कर रहा है, ताकि यह पता चल सके कि इस काम में कितने लोग शामिल हैं और पैसे का लेन-देन कैसे हो रहा था। एसडीओ बोले- ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा अधिकारी इस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रहे हैं। साथ ही ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मामला सिर्फ गांव तक सीमित है या इसके तार किसी बड़े गिरोह से जुड़े हुए हैं। एसडीओ अनुपम ने कहा है कि फर्जी दस्तावेज बनाने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा और ऐसे लोगों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।l
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर शनिवार को मरुधरा प्रतिबद्धता दिवस मनाएगा। इसमें प्रदेश के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किए गए हैं। साथ ही अपने नए कैंपस खोलकर विस्तार की योजना पर भी कार्य कर रहा है। आईआईटी जोधपुर के डायरेक्टर डॉक्टर अविनाश अग्रवाल ने आईआईटी की ओर से किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने मीडिया से बताया- जैसलमेर और जयपुर में नए परिसरों की स्थापना का प्रस्ताव केंद्र और राज्य सरकार को भेजा गया है। नए कैंपस का खोलने की योजना आईआईटी जोधपुर के डायरेक्टर डॉक्टर अविनाश अग्रवाल ने कहा- संस्थान अब डिफेंस, रिसर्च और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में अपनी भूमिका को और मजबूत करना चाहता है। इसी दिशा में जैसलमेर और जयपुर में नए परिसरों की स्थापना का प्रस्ताव केंद्र और राज्य सरकार को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि जैसलमेर जैसे रेगिस्तानी क्षेत्र में यदि अत्याधुनिक लैब स्थापित होगी तो छात्र कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में शोध कर देश के लिए नई तकनीकों का विकास कर सकते हैं। खासकर रक्षा क्षेत्र में नवाचार की बड़ी संभावनाएं हैं। वहीं जयपुर में विस्तार से शैक्षणिक और औद्योगिक समन्वय को बढ़ावा मिलेगा। जयपुर की कनेक्टिविटी भी जोधपुर से बेहतर है। फिलहाल ये प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन हैं और संस्थान को उम्मीद है कि आने वाले समय में इन्हें स्वीकृति मिल सकती है। विज्ञान को लेकर बच्चों के मन में हो उत्सुकता अग्रवाल ने बताया कि प्रतिबद्धता दिवस से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर सरकार की प्राथमिकताओं को समझते हुए भविष्य की दिशा तय करने पर फोकस कर रहा है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर देश के बच्चों को अपनी ओर आकृषित करने के साथ ही नए कोर्स शुरू करना चाहता है, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा- राजस्थान की परिपेक्ष्य को देखते हुए जहां बच्चे विज्ञान को लेकर कम जागरूक हैं। बच्चों के मन में विज्ञान को लेकर उत्सुकता होनी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक राजस्थान के बच्चे आईआईटियन बन सकें।
किशनगंज जिले के पौआखाली थाना क्षेत्र के नूरी चौक स्थित एक किराना दुकान में हुई चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। शुक्रवार शाम को पुलिस ने इस मामले में दो चोरों को गिरफ्तार किया और चोरी का सामान भी बरामद कर लिया। मेडिकल जांच के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। दुकानदार खालिद रजा ने बताया कि चोर उनकी दुकान से हजारों रुपये नकद और अन्य सामग्री ले गए थे। पीड़ित के अनुसार, चोरी हुए सामानों में दुकान का कैश बॉक्स भी शामिल था, जिससे उन्हें 30 हजार से 40 हजार रुपये का नुकसान हुआ था। पीड़ित दुकानदार ने थाने में आवेदन दिया था चोरी की घटना सामने आने के बाद पीड़ित दुकानदार ने थाने में आवेदन दिया था। पौआखाली थानाध्यक्ष अंकित सिंह ने जानकारी दी कि आवेदन मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। खालिद रजा ने पुलिस को कुछ संदिग्धों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी भी दी थी। पुलिस ने शुक्रवार को नूरी चौक चोरी मामले में 5500 रुपये नकद, 6 पैकेट सिगरेट और 5 पाउच रजनीगंधा-तुलसी बरामद किए। यह बरामदगी गिरफ्तार अभियुक्तों की निशानदेही पर की गई। पुलिस ने इस मामले में कलाम (23 वर्ष, पिता-मोहमद्दीन) और सज्जाद आलम उर्फ पानीडुब्बा (25 वर्ष, पिता-साबिर आलम) को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी सिमलबाड़ी के निवासी हैं। गिरफ्तार दोनों अभियुक्त का आपराधिक इतिहास - गिरफ्तार अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास भी है। सज्जाद आलम उर्फ पानीडुब्बा के खिलाफ पौआखाली थाना में कांड संख्या-37/21 (दिनांक 19.07.21, धारा-461/379/34 IPC) और कांड संख्या-14/25 (दिनांक 04.03.25, धारा-331(4)/305(a) BNS) तथा बहादुरगंज थाना में कांड संख्या-382/25 (दिनांक 01.09.25, धारा-303(2) BNS) दर्ज हैं। वहीं, कलाम के खिलाफ पौआखाली थाना में कांड संख्या-33/21 (दिनांक 20.05.21, धारा-379 IPC) दर्ज है।
मुंबई में तरबूज खाने से कथित मौत की मीडिया रिपोर्ट्स के बाद चंडीगढ़ प्रशासन (UT) अलर्ट हो गया है। फूड सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन, स्वास्थ्य विभाग यूटी चंडीगढ़ ने तुरंत एहतियाती कदम उठाते हुए शहर के विभिन्न बाजारों से तरबूज के सैंपल इकट्ठा करने के निर्देश दिए हैं। इन सैंपलों को विस्तृत जांच के लिए FSSAI द्वारा अधिसूचित और NABL मान्यता प्राप्त लैब्स में भेजा गया है। इसके साथ ही शहर के अलग-अलग सेक्टरों में मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब्स तैनात की गई हैं, जहां मौके पर ही तरबूज की गुणवत्ता जांची जा रही है। शुरुआती जांच रिपोर्ट्स के अनुसार अब तक किसी भी सैंपल में नकली रंग या अतिरिक्त चीनी की मिलावट नहीं पाई गई है। विभाग फिलहाल विस्तृत लैब रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने को कहा है। मुंबई में तरबूज खाने से चार की मौत मुंबई के जेजे मार्ग इलाके में एक ही परिवार के चार सदस्यों की तरबूज खाने से मौत हो गई थी। मृतकों में अब्दुल्ला अब्दुल कादर (40), उनकी पत्नी नसरिन (35) और उनकी बेटियां जैनब (13) और आयशा (16) शामिल हैं। पुलिस ने फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है। गेट-टुगेदर पार्टी में परिवार ने खाया था तरबूज पुलिस के मुताबिक, 25 अप्रैल को परिवार ने अपने घर पर एक गेट-टुगेदर पार्टी रखी थी। इसमें कुछ रिश्तेदार आए थे। परिवार ने मेहमानों के साथ बिरयानी खाई थी। इसके बाद कपल और उनकी दोनों बेटियों ने तरबूज खाया। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। सभी को पहले एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उन्हें जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान एक के बाद एक चारों परिवार के सदस्यों की मौत हो गई।
लुधियाना में एक सड़क हादसे में बाइक सवार 25 वर्षीय युवक घोला की मौत हो गई। बुधवार शाम अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी थी, जिसके बाद वह एक दिन कोमा में रहा और शुक्रवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। यह घटना बुधवार शाम करीब 7 बजे काराबारा चौक के पास हुई। मृतक घोला, जो तलवंडी कलां गांव का निवासी था और ट्रेकर चलाने का काम करता था, काम से घर लौट रहा था। तभी पीछे से आए एक अज्ञात वाहन ने उसकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के कारण घोला के दिमाग में गंभीर चोटें आईं। कोमा में चला गया था युवक हादसे के तुरंत बाद उसका एक दोस्त मौके पर पहुंचा और उसे दयानंद मेडिकल कॉलेज (DMC) अस्पताल ले गया। डॉक्टरों ने बताया कि वह कोमा में चला गया है। गुरुवार को उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया, लेकिन शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना थाना दरेसी पुलिस को दी गई। जांच अधिकारी सतवीर सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
अमरोहा के प्रसिद्ध चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. शिव कुमार शुक्रवार सुबह से लापता हैं। वह अपने अस्पताल के लिए निकले थे, जिसके बाद उनका मोबाइल फोन बंद आ रहा है। परिजनों ने उनकी सकुशल बरामदगी के लिए देहात थाने में तहरीर दी है। पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम मामले की जांच कर रही है। डॉ. शिव कुमार अपनी पत्नी टीना और दो बच्चों के साथ जोया रोड स्थित ग्रीन्स कॉलोनी में रहते हैं। मोहल्ला जय ओम नगर में उनका 'प्रकाश चिल्ड्रन हॉस्पिटल' है, जबकि जोया रोड पर एक नया क्लीनिक निर्माणाधीन है। तहरीर के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे डॉ. शिव कुमार अपनी कार से अस्पताल के लिए निकले थे, लेकिन उसके बाद उनका कोई पता नहीं चला। काफी देर तक डॉक्टर के अस्पताल न पहुंचने पर उनकी तलाश शुरू की गई। घर से लेकर अस्पताल तक हर जगह खोजबीन की गई, लेकिन डॉ. शिव कुमार या उनकी कार का कोई सुराग नहीं मिला। मोबाइल फोन बंद होने के कारण उनसे संपर्क भी नहीं हो पा रहा है। चिंतित पत्नी टीना ने अमरोहा देहात थाने में तहरीर देकर पति की तलाश की मांग की है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के पदाधिकारी भी इस घटना से अवगत हैं और जानकारी जुटा रहे हैं। सीओ अवध भान सिंह भदौरिया ने बताया कि डॉक्टर की तलाश के लिए एसओजी और सर्विलांस टीम की मदद ली जा रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि मोबाइल नंबर बंद होने के कारण लोकेशन ट्रेस करने में कुछ दिक्कत आ रही है। सीओ ने आश्वासन दिया कि डॉ. शिव कुमार को जल्द ही सकुशल बरामद कर लिया जाएगा।
छतरपुर जिले के बकस्वाहा थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक सड़क हादसे में तीन युवकों की जान चली गई। सेमरा पुल पर एक तेज रफ्तार बस ने बाइक सवार तीन युवकों को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरे ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना जबरदस्त था कि बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मृतकों की पहचान राम मिलन सौर (22) निवासी राजा बिलहरा खुरखी और विशाल सौर (21) निवासी पापेट छानबीला (दोनों जिला सागर) के रूप में हुई। इन दोनों की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई थी। सागर से शाहगढ़ जा रहे थेगंभीर रूप से घायल तीसरे युवक गोविंद सौर निवासी बरखेरी सागर को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल सागर रेफर किया गया था। हालांकि, गंभीर चोटों के कारण उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। ये तीनों युवक सागर से शाहगढ़ की ओर जा रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही बकस्वाहा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को जब्त कर लिया है और फरार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दंतेवाड़ा के जंगल में जुआ के बड़े नेटवर्क का मामला सामने आया है। दैनिक भास्कर के हाथ लगे एक वीडियो में घने जंगल के बीच तिरपाल बांधकर बड़े पैमाने पर जुआ खेलते लोग नजर आ रहे हैं। दावा है कि यहां हर दिन लाखों रुपए का दांव लगाया जा रहा है। यह खेल पिछले कई दिनों से लगातार चल रहा है। जानकारी के मुताबिक, यह पूरा खेल जिला मुख्यालय से बेहद करीब डेगलरास इलाके के आसपास संचालित हो रहा है। जेलबाड़ी मुख्य सड़क से एक कच्ची पगडंडी जंगल की ओर जाती है और उसी के अंदर यह जुआ का फड़ चलता है। दैनिक भास्कर के हाथ लगे इस वीडियो में साफ दिख रहा है कि जंगल के बीच अस्थायी ढांचा तैयार कर बड़ी संख्या में लोग बैठकर जुआ खेल रहे हैं। पड़ोसी जिले के भी पहुंचते हैं जुआरी दैनिक भास्कर के सूत्रों के अनुसार दंतेवाड़ा के अलावा गीदम, बचेली समेत पड़ोसी जिले बीजापुर और सुकमा से भी लोग यहां पहुंच रहे हैं। हर दिन दोपहर करीब 2 बजे से जुआ शुरू होता है और देर रात तक चलता है। रात में भीड़ अधिक होती है और बड़ा फड़ बैठता है। हर दिन फड़ में करीब 10 लाख रुपए से ज्यादा का खेल चलता है। बुधवार, शनिवार और रविवार जैसे दिनों में यहां बड़े व्यापारी से लेकर पुलिस विभाग से जुड़े लोग भी जुआ खेलने पहुंचते हैं। बाकी दिनों के मुताबिक इसी दिन ज्यादा भीड़ रहती है। ASP बोले- कार्रवाई करेंगे इस मामले में दंतेवाड़ा के ASP आरके बर्मन ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि यदि ऐसी कोई गतिविधि सामने आती है तो पुलिस कार्रवाई करेगी और अपराध को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी लेकर जांच की जाएगी।पहले एकता परिसर में चलता था जुआ इससे पहले दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय में स्थित एकता परिसर में खुलेआम जुआ चलता था। दैनिक भास्कर डिजिटल ने पूरे सबूतों के साथ खबर चलाई थी। तब पुलिस थाना में हर महीने सेटिंग होने की बात भी सामने आई थी। खबर के बाद पुलिस हरकत में आई थी और जुआरियों पर कार्रवाई की गई थी। इस जगह से कुछ दिनों तक जुआ बंद रहा था, लेकिन जब मामला शांत हुआ तो डेगलरास के जंगल में बड़ा फड़ बैठने लग गया।
संभल में आबादी की जमीन पर नमाज पढ़ने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए महत्वपूर्ण बात कही है। हाईकोर्ट ने कहा, सार्वजनिक भूमि का उपयोग किसी एक पक्ष द्वारा नमाज अदा करने के लिए नहीं किया जा सकता। इस पर सबका सामान अधिकार है। यदि कोई पक्ष परंपरा से हटकर कोई कार्य करता है, तो कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य सरकार को हस्तक्षेप करने का पूरा अधिकार है। इसके अतिरिक्त, कोर्ट ने यह भी निर्देश दिए कि किसी भी पक्ष की धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार अन्य पक्षों की स्वतंत्रता पर भी निर्भर करता है। अब जानें पूरा मामला… दरअसल, 6 अप्रैल 2026 को हाईकोर्ट में एक याचिका डाली गई थी। इसमें याचिकाकर्ता ने संभल की तहसील गुन्नौर के थाना कैलादेवी क्षेत्र के गांव इकौना में आबादी भूमि पर बैनामे के आधार पर नमाज पढ़ने की अनुमति मांगी थी। इसी पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने कहा, यदि किसी व्यक्ति द्वारा गलत तरीके से सार्वजनिक भूमि का हस्तांतरण किया जाता है और भीड़ एकत्र कर नमाज पढ़ने की मांग की जाती है, तो ऐसा हस्तांतरण या बैनामा अवैध माना जाएगा। न्यायालय ने तर्क दिया कि सार्वजनिक भूमि पर सभी व्यक्तियों का समान अधिकार होता है। इन्हीं आधारों पर उच्च न्यायालय ने याचिका को निरस्त कर दिया। न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद और न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव की डबल बेंच ने न्यायमूर्ति श्रीधरन के एक पूर्व निर्णय को भी पूरी तरह पलट दिया। कोर्ट ने कहा, वह पूर्व निर्णय कानून व्यवस्था और सार्वजनिक व्यवस्था की दृष्टि से सही नहीं था। उस निर्णय में संभल डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण विश्नोई पर तबादला लेने या नौकरी छोड़ने की टिप्पणी की गई थी। -------------------------------------------यह खबर भी पढ़ें… पुलिस चौकी में सिपाही पर थप्पड़ बरसाए, सिर फोड़ा, दरोगा की वर्दी फाड़ी, मोबाइल छीना; मिर्जापुर में वकील समेत 4 हिरासत में मिर्जापुर में बुधवार रात भीड़ ने पुलिस चौकी में घुसकर एक सिपाही को घसीट-घसीटकर पीटा। दरोगा की वर्दी फाड़ दी और मोबाइल छीन लिया। पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की और जमकर गाली-गलौज भी हुई। करीब डेढ़ घंटे तक पुलिस चौकी में हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। दरअसल, पैदल चल रहे युवक को एक ई-रिक्शा से हल्की चोट लग गई थी। इसके बाद युवक के साथ मौजूद 6 से अधिक लोगों ने बीच सड़क पर ई-रिक्शा चालक की पिटाई कर दी। पढ़ें पूरी खबर…
लखनऊ में शुक्रवार को सादगी और सम्मान के साथ एक ऐसी शख्सियत को याद किया गया, जिनकी पहचान राजनीति में ईमानदारी और सिद्धांतों के लिए रही। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक और भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता रहे, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश के पूर्व राज्यपाल और अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के मुख्य मार्गदर्शक राम प्रकाश जी ‘बाबूजी’ की 22वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। यह कार्यक्रम अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के मुख्यालय 29-बी विधायक निवास, दारुलशफा में हुआ। सभा की शुरुआत श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई, जहां मौजूद लोगों ने बाबूजी के योगदान को याद किया और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। हमेशा भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़े रहे इस मौके पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप बंसल ने भावुक शब्दों में कहा कि राम प्रकाश सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक संपूर्ण व्यक्तित्व की पाठशाला थे। वे हमेशा भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़े रहे और स्वदेशी विचारधारा के मजबूत समर्थक थे। उन्होंने अपने पूरे जीवन में मानवीय मूल्यों को सर्वोपरि रखा और कार्यकर्ताओं को स्नेह व मार्गदर्शन देने में कभी कमी नहीं की। बंसल ने कहा कि बाबूजी ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल और उपमुख्यमंत्री जैसे बड़े पदों पर रहते हुए भी कभी सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उनके जीवन पर एक भी भ्रष्टाचार का दाग नहीं लगा, यही वजह है कि उन्हें आज भी राजनीति के संत के रूप में याद किया जाता है। मार्गदर्शन की बड़ी भूमिका रही उन्होंने आगे कहा कि आज अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल जिस मुकाम पर पहुंचा है, उसमें बाबूजी की प्रेरणा और मार्गदर्शन की बड़ी भूमिका रही है। संगठन के सभी कार्यकर्ताओं को उनके दिखाए रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए।श्रद्धांजलि सभा में महानगर अध्यक्ष सुरेश छाबलानी, संगठन मंत्री जावेद बेग, महामंत्री अनुज गौतम, दीपेश गुप्ता, महिला प्रदेश महामंत्री एकता अग्रवाल, हिना सिराज खान, सनत गुप्ता, संजय निधि अग्रवाल, सुनीत साहू, शुभम मौर्या, दिव्यांश गोयल और राहुल कुमार सहित कई व्यापारी नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भिलाई में ‘चिट्टा गैंग’ का पर्दाफाश:ऑपरेशन विश्वास के तहत 5 तस्कर गिरफ्तार, 3.84 लाख का माल जब्त
दुर्ग पुलिस ने ऑपरेशन विश्वास के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए भिलाई में हेरोइन (चिट्टा) तस्करी के एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। भिलाई भट्ठी थाना पुलिस ने इस कार्रवाई में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से लाखों रुपए का मादक पदार्थ, नकदी और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस को 1 मई को मुखबिर से गोपनीय सूचना मिली थी कि सेक्टर-3 स्थित शिव मंदिर के पास कुछ लोग अवैध रूप से चिट्टा का सेवन और बिक्री कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने रणनीति बनाकर मौके पर घेराबंदी की और संदिग्धों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से नशीला पदार्थ और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 21 ग्राम हेरोइन और नकदी जब्त पुलिस ने आरोपियों के पास से 21.18 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) जब्त की है, जिसकी अनुमानित कीमत 1.69 लाख रुपए बताई गई है। इसके अलावा 65 हजार रुपए नकद,6 मोबाइल फोन (करीब 1.5 लाख रुपए कीमत),एल्युमिनियम फॉइल, जले हुए नोट, लाइटर बरामद किए गए हैं। कुल जब्त सामग्री की कीमत 3,84,400 रुपए बताई गई है। नशे के सेवन का सामान भी मिला मौके से एल्युमिनियम फॉइल, जले हुए नोट और लाइटर भी मिले हैं, जिनका उपयोग नशे के सेवन में किया जाता था। न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी भिलाई भट्ठी थाना में अपराध क्रमांक 57/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 21 में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। सप्लाई चेन की जांच जारी पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और सप्लाई चेन का पता लगाने में जुटी है। मामले में संगठित अपराध से जुड़ी धाराएं जोड़ने की प्रक्रिया भी जारी है।
जालंधर देहात पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह विर्क के दिशा-निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए सी.आई.ए. स्टाफ की टीमों ने दो अलग-अलग नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के कब्जे से कुल 131 ग्राम हेरोइन और तस्करी में इस्तेमाल किया गया एक मोटरसाइकिल बरामद किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रीतपाल सिंह और सुखविंदर सिंह के रूप में हुई है, जिनके खिलाफ एन.डी.पी.एस एक्ट के तहत मामले दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी गई है। नशा तस्करों की कमर तोड़ने को चलाया ऑपरेशन एस.एस.पी जालंधर ग्रामीण, स. हरविंदर सिंह विर्क ने बताया कि जिले में समाज विरोधी तत्वों और नशा तस्करों की कमर तोड़ने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस मुहिम को सफल बनाने के लिए विनीत आहलावत (IPS) और स. लखविंदर सिंह (PPS) की देखरेख में इंस्पेक्टर पुष्प बाली, इंचार्ज सी.आई.ए स्टाफ जालंधर ग्रामीण की विशेष टीमों का गठन किया गया है। अभियान के दौरान पहली सफलता 26 अप्रैल को मिली। सीआईए स्टाफ की एक पुलिस टीम गश्त के दौरान अड्डा गेट बोलीना के पास मौजूद थी। इस दौरान पुलिस ने शक के आधार पर प्रीतपाल सिंह उर्फ पीता (निवासी गांव धीरपुर, करतारपुर) को रोका। तलाशी लेने पर उसके पास से 101 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। इस संबंध में थाना पतारा में मुकदमा नंबर 36 दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। नाकेबंदी के दौरान सुखविंदर सिंह काबू इसी प्रकार, 30 अप्रैल 2026 को इंस्पेक्टर पुष्प बाली के नेतृत्व में ए.एस.आई बलविंदर सिंह की टीम करतारपुर इलाके में तैनात थी। डियालपुर हाईटेक नाके के पास सर्विस रोड पर एक युवक काले रंग के हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (PB46-AP-3412) पर आता दिखा। पुलिस को देखकर उसने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने उसे मुस्तैदी से दबोच लिया। मोटरसाइकिल के टूल किट से मिली हेरोइन पकड़े गए व्यक्ति की पहचान सुखविंदर सिंह उर्फ सुख (निवासी गांव नाथोके, तरनतारन) के रूप में हुई। जब मोटरसाइकिल की बारीकी से तलाशी ली गई, तो उसके टूल किट बॉक्स से 30 ग्राम हेरोइन मिली। पुलिस ने मोटरसाइकिल को कब्जे में लेकर थाना करतारपुर में मुकदमा नंबर 82 दर्ज किया है। संपत्ति जब्त करने और नेटवर्क खंगालने की तैयारी एस.एस.पी ने प्रेस को बताया कि दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह नशा कहां से लाया गया था और आगे किन लोगों को बेचा जाना था। पुलिस आरोपियों के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक खंगाल रही है। इसके साथ ही, नशा तस्करी की काली कमाई से बनाई गई उनकी चल-अचल संपत्ति को भी कानून के दायरे में रहकर जब्त किया जाएगा। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
जमुई के गिद्धौर प्रखंड अंतर्गत मौरा गांव में 12 वर्षीय किशोर गगन कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिससे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजनों ने एक ग्रामीण डॉक्टर (झोलाछाप) और स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है।थाना अध्यक्ष राशि मालिक ने बताया कि आवेदन के आधार पर ग्रामीण चिकित्सक के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। देखें,मौके से आई तस्वीरें… मां बोली-इलाज के लिए CHC ले जा रहे थे मृतक की पहचान रमेश कुमार शर्मा के पुत्र गगन कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि गगन पिछले दो दिनों से चमकी बुखार (दिमागी बुखार) से पीड़ित था। शुक्रवार को उसकी मां उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गिद्धौर ले जा रही थीं। इंजेक्शन देने के बाद बिगड़ी हालत इसी दौरान रास्ते में एक ग्रामीण चिकित्सक मिला, जिसने बच्चे को तुरंत ठीक करने का भरोसा दिलाया और उसे इंजेक्शन लगा दिया। परिजनों का आरोप है कि इंजेक्शन देने के महज 10 मिनट के भीतर ही बच्चे की हालत अचानक बिगड़ गई और उसकी सांसें असामान्य हो गईं। परिजन बोले- समय पर इलाज नहीं मिला आनन-फानन में परिजन बच्चे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का कहना है कि अस्पताल पहुंचने के समय बच्चे में जान थी, लेकिन समय पर समुचित इलाज नहीं मिलने से उसकी मौत हो गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उस वक्त अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। पिता बेंगलुरु में करते हैं मजदूरी गगन अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसके पिता बेंगलुरु में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पहले हो चुकी थी मौत- CHC प्रभारी वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. नरोत्तम कुमार सिंह ने परिजनों के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि बच्चे की मौत झोलाछाप चिकित्सक द्वारा गलत तरीके से इंजेक्शन देने के कारण हुई और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। प्रारंभिक जानकारी में बच्चे में चमकी बुखार के लक्षण भी सामने आए हैं। फिलहाल, पूरे मामले को लेकर परिजन और ग्रामीण निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। थानाध्यक्ष बोले-FIR दर्जकर जांच शुरू गिद्धौर थाना अध्यक्ष राशि मालिक ने बताया कि बच्चे की मां द्वारा लिखित आवेदन दिया गया है। आवेदन के आधार पर ग्रामीण चिकित्सक के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा रही है। बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए जमुई भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच में जुटी हुई है।
हरदोई में बिजली विभाग की लापरवाही से एक संविदा लाइनमैन की मौत हो गई। कोतवाली देहात क्षेत्र के नयागांव निवासी 35 साल के रिजवान अली को ड्यूटी के दौरान करंट लगा, जिससे उनकी जान चली गई। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने जिलाधिकारी आवास के बाहर शव रखकर जाम लगा दिया। दोषियों पर कार्रवाई के साथ मुआवजे की मांग की। अफसरों ने परिजनों को समझाकर शांत कराया। हादसे के बाद भी परिजनों ने प्रदर्शन किया था, लेकिन अफसरों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत करा दिया था। रिजवान अली पिछले करीब 12 वर्षों से तत्योरा पावर हाउस पर संविदा लाइनमैन के पद पर कार्यरत थे। गुरुवार शाम उन्हें काशीपुर क्षेत्र के कोतवाली शहर इलाके के रद्देपुरवा रोड पर खराब लाइन दुरुस्त करने भेजा गया था। परिजनों के अनुसार, रिजवान ने नियमानुसार शटडाउन लिया था और खंभे पर चढ़कर काम शुरू किया। इसी दौरान अचानक बिजली आपूर्ति चालू कर दी गई, जिससे उन्हें तेज करंट लगा और वह नीचे गिर पड़े। इस हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने फीडर इंचार्ज ब्रजेश कुमार सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतक के भाई आसिफ अली ने कहा कि यदि विभागीय कर्मचारी सतर्कता बरतते तो रिजवान की जान बच सकती थी। परिवार ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और आर्थिक सहायता की मांग की है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर जिलाधिकारी आवास पहुंचे और सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। परिजनों का कहना था कि जब तक जिम्मेदार लोगों पर मुकदमा दर्ज नहीं होगा और उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। जाम की सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीएम सदर मयंक कुंडू ने परिजनों को निष्पक्ष जांच, दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई और हरसंभव सरकारी मदद का आश्वासन दिया। काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजन शांत हुए और जाम समाप्त कराया गया। इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए घर ले जाया गया। प्रशासन फिलहाल मामले की जांच में जुटा है।
प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी ग्राम-2026 अभियान के तहत शुक्रवार को ग्राम रथ अभियान माकड़सीमा गांव पहुंचा। इसी दौरान एसडीएम जगदीश चंद्र बामणिया ने गांव में संध्या चौपाल का आयोजन कर जनसमस्याएं सुनीं और उनके त्वरित निस्तारण के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। ग्राम रथ अभियान के माध्यम से किसानों, पशुपालकों और आमजन को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। लोक कलाकारों के कला जत्थे ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए योजनाओं का संदेश जन-जन तक पहुंचाया, जिससे ग्रामीणों में उत्साह देखा गया। अभियान के तहत, सरकार की योजनाओं को सरल भाषा में समझाया गया और पात्र लोगों को मौके पर ही लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। ग्रामीणों ने भी इस पहल में बढ़-चढ़कर भागीदारी की और महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की। एसडीएम बामणिया ने चौपाल में जनसुनवाई करते हुए संपर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए पीएचईडी विभाग को विशेष निर्देश दिए कि ग्रामीणों को जल संकट का सामना न करना पड़े। साथ ही, जल जीवन मिशन के तहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए। जनसुनवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जोड़ने, पेयजल व्यवस्था और अन्य विभागों से संबंधित कई शिकायतें सामने आईं। एसडीएम ने प्रत्येक मामले की व्यक्तिगत रूप से सुनवाई की और संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार त्वरित कार्रवाई कर आमजन को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। प्रशासन की इस पहल से ग्रामीणों में भरोसा बढ़ा है और मौके पर ही समस्याओं के समाधान की दिशा में सकारात्मक माहौल बना है।
समस्तीपुर के हथौड़ी थाना क्षेत्र में पारिवारिक विवाद सुलझाने गए मां-बेटे पर छोलनी से हमला किया गया। इस हमले में मोहम्मद अमजद अली और उनकी 45 साल की मां मुन्नी खातून घायल हो गए। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद समस्तीपुर सदर अस्पताल रेफर किया गया है। घायल मोहम्मद अमजद अली, मोहम्मद मुस्तकीम के बेटे हैं और परशुराम वार्ड 6 के निवासी हैं। उन्हें और उनकी मां मुन्नी खातून को पहले शिवाजी नगर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था। वहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल समस्तीपुर भेजा गया। सीटी स्कैन और एक्स-रे कराया जा रहा सदर अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में डॉक्टर संतोष कुमार झा की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। डॉ. झा ने बताया कि महिला के सिर और बेटे के शरीर पर चोटें आई हैं। चोटों की गंभीरता जानने के लिए सीटी स्कैन और एक्स-रे कराया जा रहा है, जिसके बाद आगे का इलाज शुरू किया जाएगा। घायल मोहम्मद अमजद अली ने बताया कि यह घटना उनके चाचा और उनकी दो बहुओं के बीच घरेलू विवाद को लेकर हुई मारपीट के दौरान हुई। जब उनकी मां मुन्नी परवीन और वह अपने चाचा को बचाने गए, तो बहुओं ने उन पर छोलनी से हमला कर दिया, जिससे दोनों मां-बेटे घायल हो गए। डॉक्टर संतोष कुमार झा ने घटना की गंभीरता को देखते हुए इसकी सूचना नगर थाने की पुलिस को दे दी है। नगर थाना अध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि सदर अस्पताल से उन्हें सूचना मिली है ।नगर थाने में पदस्थापित पुलिस पदाधिकारी हरी लाल यादव को सदर अस्पताल जाकर घायल लोगों का फर्द व्यान लिए जाने को लेकर निर्देशित किया गया है। उन्होंने बताया कि बयान लिए जाने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पीथमपुर के सागौर थाना क्षेत्र में एक युवक की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, यह हत्या त्रिकोणीय प्रेम प्रसंग और बदले की भावना की वजह से की गई थी। मृतक की पहचान उमरबन के रहने वाले 26 साल के संजय भुरिया के रूप में हुई है। इस वारदात का पता 27 अप्रैल को चला, जब गुलाब पटेल के खेत के पास एक नाले में एक शख्स की लाश मिली। शव करीब 3-4 दिन पुराना था और पूरी तरह सड़ चुका था। थाना प्रभारी प्रकाश सरोदे ने पहचान के लिए सोशल मीडिया पर फोटो डाली, जिसके बाद परिवार वालों ने उसकी पहचान संजय के रूप में की। पोस्टमार्टम में पता चला कि संजय का गला घोंटा गया था और सिर पर भी गंभीर चोटें थीं। दोस्ती, धोखा और बदले की कहानी जांच के दौरान पुलिस ने शक के आधार पर अजय मालीवाड को हिरासत में लिया। पूछताछ में अजय ने बताया कि वह और उसकी पत्नी इंदौर में मजदूरी करते थे, वहीं उसकी दोस्ती संजय से हुई थी। इस बीच संजय के अजय की पत्नी से संबंध बन गए। जब अजय अपने गांव कुंजरोद लौट आया, तब भी संजय उसकी पत्नी को फोन कर परेशान करता रहता था, जिससे अजय बहुत गुस्से में था। पार्टी के बहाने बुलाकर उतारा मौत के घाट 23 अप्रैल को अजय की बहन का कार्यक्रम था। उसी दिन उसने अपने दोस्त सोहन डावर के साथ मिलकर संजय को खत्म करने की योजना बनाई। अजय ने संजय को शराब पीने और नाचने-गाने के बहाने गांव बुलाया। जब संजय अपनी बाइक से वहां पहुंचा, तो दोनों उसे खेत पर ले गए और गमछे से उसका गला घोंट दिया। मौत पक्की करने के लिए उन्होंने पत्थर से उसका सिर भी कुचल दिया। हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए आरोपियों ने शव को बाइक पर लादकर गुलरझिरी नाले में फेंक दिया था। पुलिस टीम को मिलेगा इनाम एसपी मयंक अवस्थी और एएसपी पारुल बेलापुरकर की देखरेख में सागौर पुलिस ने इस कत्ल का खुलासा किया। बेहतरीन काम के लिए पुलिस अधीक्षक ने पूरी टीम को नकद इनाम देने का ऐलान किया है।
लखनऊ में नारी आक्रोश मशाल यात्रा कल:दोपहर 3 बजे से शहर में ट्रैफिक डायवर्जन, कई रास्ते रहेंगे बंद
लखनऊ में शनिवार को ‘नारी आक्रोश मशाल यात्रा’ के चलते दोपहर 3 बजे से शहर के प्रमुख इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा। ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि बड़े और कमर्शियल वाहनों के लिए डायवर्जन दोपहर 3 बजे से लागू होगा। वहीं सामान्य वाहनों का डायवर्जन जरूरत के अनुसार किया जाएगा। हजरतगंज, विधानसभा मार्ग, डीएसओ चौराहा, सिकंदरबाग, लालबत्ती चौराहा समेत कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंधित रहेगा। इन रुट से गुजरने वाली गाड़ी को वैकल्पिक मार्गों से होकर गुजरना होगा। इन मार्गों पर रहेगा असर बसों के लिए भी बदले रूट रोडवेज और सिटी बसों के कई रूट बदले गए हैं। चारबाग, कैसरबाग और गोमतीनगर के बीच चलने वाली बसों को ग्रीन कॉरिडोर, कैंट और कटाई पुल के रास्ते भेजा जाएगा। इमरजेंसी वाहनों को छूट एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, स्कूल वाहन और शव वाहन को जरूरत पड़ने पर प्रतिबंधित मार्गों से भी निकाला जाएगा। इसके लिए ट्रैफिक कंट्रोल रूम के नंबर 9454405155 पर संपर्क किया जा सकता है।
मऊ जिले में यातायात नियमों के उल्लंघन पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। गुरुवार को ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले 367 वाहनों का चालान किया गया और एक वाहन को सीज भी किया गया। पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के निर्देश पर पूरे जनपद में यह अभियान चलाया गया। इसका उद्देश्य संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच के साथ-साथ यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराना था। अभियान के लिए 45 टीमें गठित की गईं, जिन्होंने 51 अलग-अलग स्थानों पर चेकिंग की। इस दौरान लगभग 1700 संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की जांच की गई। जांच के दौरान बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, ओवरलोडिंग और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस ने केवल चालान ही नहीं किए, बल्कि कई वाहन चालकों को नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत भी दी। पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की है कि वे यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें। उन्होंने हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करने तथा सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने का आग्रह किया। साथ ही, लोगों को नियमों के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने और जागरूक रहने की सलाह भी दी गई।
काशी के ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर के जीर्णोद्धार का शुक्रवार को श्रीगणेश हो गया। कांची कामकोटि पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी शंकरविजयेंद्र सरस्वती ने भव्य शिला पूजन एवं शिलान्यास किया। उन्होंने विधिवत रूप से कार्यक्रम में अनुष्ठानों को पूरा किया। कार्यक्रम का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में मंगल कलश धारण कर सहभागिता की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शिला पूजन एवं शिलान्यास की विधि दोपहर तक पूर्ण हुई। काशी के साधु-संतों, प्रबुद्ध नागरिकों एवं श्रद्धालुओं ने शंकराचार्य का भव्य स्वागत किया गया। काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। साथ ही समाज के विभिन्न वर्गों से चयनित 108 प्रतिभाशाली व्यक्तियों को जगद्गुरु शंकराचार्य जी द्वारा सम्मानित किया गया। शिलान्यास के पश्चात जगद्गुरु शंकराचार्य ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए प्रवचन दिए और धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा के संरक्षण पर बल दिया। श्री जगन्नाथ ट्रस्ट के सचिव शैलेश त्रिपाठी, न्यासी डॉ. संजीव राय, रवि प्रताप सिंह, ब्रजेश सिंह, उत्कर्ष श्रीवास्तव नवीन श्रीवास्तव सहित हरीश वालिया, ज्ञानेश्वर जायसवाल, दिलीप मिश्रा, आनंद भगत, अमित त्रिपाठी, डॉ. कमलेश तिवारी और डॉ. शिशिर मालवीय उपस्थित रहे।
लखनऊ चौक स्थित फिरंगी महल में साहित्यकार और राजनीतिज्ञ शख्सियत हयातुल्लाह अंसारी की 125 वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर सेमिनार और मुशायरे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने हयातुल्लाह अंसारी की साहित्यिक और राजनीतिक सेवाओं को याद करते हुए उनके योगदान को प्रेरणास्रोत बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बेगम शहनाज़ सिदरत ने की,इस अवसर पर ज़ैनब सिद्दीकी ने ऑल इंडिया तालीम घर का तराना प्रस्तुत किया, अनवर जहाँ ने हयातुल्लाह अंसारी के जीवन और सेवाओं पर प्रकाश डाला। सभी कवियों और शायरों को सम्मानित किया गया। चालन के दौरान जैनब सिद्दीकी ने कहा कि हयातुल्लाह अंसारी के बारे में जब हम पढ़ते हैं और अपने बड़ों से सुनते हैं तो बहुत आश्चर्य होता है कि इतने बड़े पद पर रहने वाला व्यक्ति इतना सामान्य कैसे हो सकता है। उन्होंने सिखाया की जीवन में हर तरह से सफल होने के बाद भी अपनी संस्कृति से जुड़े रहना ही सबसे बड़ी सफलता है। बेगम शहनाज़ सिदरत ने कहा विनम्रता ही सबसे बड़ी पूंजी होती है । सामने वाला इंसान कितना भी कमजोर हो आपसे मिलकर खुद को छोटा न समझे यह बड़े इंसान की पहचान होती है। हयातुल्लाह अंसारी ने राजनीति में रहकर जो कुछ भी हासिल किया उसे आम जनता की सेवा में लगा दिया। राजनीति के साथ उन्होंने उर्दू साहित्य और शहर की सभ्यता को भी बचाने में अहम योगदान दिया। उर्दू उनकी पसंदीदा भाषा थी जिसे वह हमेशा मोहब्बत की जुबान कहते थे। हम सभी लोगों को चाहिए कि उर्दू को बचाने में और आगे बढ़ाने में अपनी अहम भूमिका निभाएं जिससे हमारे बुजुर्गों को सुकून मिलेगा।
बिलासपुर के सकरी पुलिस ने ऑनलाइन लूडो और आईपीएल सट्टा खिलाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना राहुल छाबड़ा सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में 2 करोड़ रुपए से अधिक के सट्टे का हिसाब-किताब मिला है। पुलिस ने ओम स्पेस कॉलोनी, सकरी स्थित एक किराए के मकान में दबिश दी। यहां गिरोह ने सट्टा संचालन के लिए कंट्रोल रूम बना रखा था। बताया जा रहा है कि गिरोह मध्य प्रदेश के सागर, बालाघाट और कटनी जिलों से युवकों को बुलाकर ऑनलाइन लूडो और आईपीएल मैचों पर करोड़ों रुपए का सट्टा चला रहा था। बीट पुलिस की सतर्कता से खुला मामला यह हाईटेक सट्टा रैकेट किसी मुखबिर की सूचना से नहीं, बल्कि बीट पुलिस की सतर्कता से पकड़ा गया। कॉलोनी में कुछ बाहरी युवक महीनों से किराए के मकान में रह रहे थे और दिनभर बाहर नहीं निकलते थे। रात के समय घर के अंदर से लगातार कई मोबाइल फोन बजने और लैपटॉप की रोशनी दिखने पर पुलिस को शक हुआ। इसके बाद इंटरनेट डेटा और लोकेशन की तकनीकी जांच की गई, जिसमें एक ही जगह से कई डिवाइस सक्रिय मिले। इसके बाद सकरी पुलिस और एसीसीयू टीम ने आधी रात को छापेमारी की। 21 मोबाइल, लैपटॉप और क्रेटा कार जब्त कार्रवाई में पुलिस ने बड़ी मात्रा में सामान जब्त किया है। इसमें शामिल हैं: 30 हजार सैलरी पर बुलाए गए युवक पुलिस के अनुसार, स्वर्णिम ऐरा कॉलोनी सरकंडा निवासी राहुल छाबड़ा (30) ने मध्य प्रदेश से युवकों को हर महीने 30-30 हजार रुपए सैलरी और रहने-खाने की सुविधा देकर बुलाया था। पकड़े गए आरोपियों में: दिल्ली कनेक्शन भी सामने आया जांच में गिरोह के दिल्ली कनेक्शन के संकेत मिले हैं। पुलिस को बाबू सिंधी और टोनी नाम के लोगों से लिंक की जानकारी मिली है। इस एंगल पर भी जांच जारी है। बड़े मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि जब्त मोबाइल और लैपटॉप के डेटा के जरिए पूरे नेटवर्क और बड़े संचालकों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस सिंडिकेट के और बड़े चेहरे सामने आएंगे।
गोरखपुर में अलवापुर स्थित रविदास मंदिर परिसर में बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर भगवान बुद्ध की 2570वीं जयंती मनाई गई। जिला रविदास महासभा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और शांति, करुणा व अहिंसा के संदेश को समाज तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष सुरेश प्रसाद ने की, जबकि संचालन जिला महामंत्री दयानंद भारती ने किया। वक्ताओं ने कहा कि भगवान बुद्ध का जीवन और उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को सही दिशा देती हैं और लोगों को सद्भाव व मानवता का मार्ग अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं। खुद प्रयास से ही दूर होंगे दुखजिला मीडिया प्रभारी राजकुमार ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान बुद्ध ने लोगों को यह सिखाया कि दुखों से मुक्ति के लिए स्वयं प्रयास करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बुद्ध ने केवल मार्ग दिखाया है, उस पर चलना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष संतराज भारती, कोषाध्यक्ष शुकदेव प्रसाद, व्यवस्थापक पूर्ण मासी और संरक्षक सोमई बौद्ध ने कहा कि भगवान बुद्ध का संदेश करुणा, अहिंसा, समानता और सजगता पर आधारित है। आज के समय में समाज को शांति और आपसी समझ की सबसे ज्यादा जरूरत है, ऐसे में बुद्ध के विचार और भी प्रासंगिक हो जाते हैं। समाज में सौहार्द बढ़ाने की अपीलवक्ताओं ने लोगों से अपील की कि वे बुद्ध के बताए सही विचार, सही कर्म और अनुशासन के मार्ग को अपनाएं, ताकि समाज में प्रेम, सौहार्द और आपसी सम्मान को बढ़ावा मिल सके। कार्यक्रम में सुरेश प्रसाद, दयानंद भारती, सोमई बौद्ध, शुकदेव प्रसाद, पूर्ण मासी, राजकुमार, पशुपति नाथ रविकुल, तीजू प्रसाद, बलराम, विष्णु कांत, देवेंद्र मणि सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर मुख्यपीठ ने बहुचर्चित खुशबू राजपुरोहित की संदिग्ध हालात में मौतमामले में आरोपी पति हर्षित राजपुरोहित की नियमित जमानत याचिका को फिलहाल 'नॉट प्रेस्ड' मानते हुए निस्तारित कर दिया। यानी, कोर्ट से उसे जमानत नहीं मिली। जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू की एकल पीठ ने बचाव पक्ष की ओर से अर्जी वापस लेने के आग्रह को स्वीकार करते हुए यह छूट दी है कि ट्रायल कोर्ट में डॉक्टर के बयान दर्ज होने के बाद वह दोबारा जमानत के लिए हाईकोर्ट आ सकता है। साथ ही हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को यह निर्देश दिया है कि आरोप तय होने के बाद अभियोजन पक्ष की गवाही शुरू होने पर संबंधित डॉक्टर के बयान प्राथमिकता के आधार पर दर्ज किए जाएं। दहेज प्रताड़ना, मारपीट और डिप्रेशन की दवाइयों का सेवन जोधपुर के महिला थाना (ईस्ट) द्वारा पेश 24 पेज की विस्तृत चार्जशीट के अनुसार- पाली के धर्मधारी निवासी खुशबू की शादी 2 मई 2022 को महामंदिर निवासी हर्षित राजपुरोहित (31) पुत्र चंद्रसिंह के साथ हुई थी। पुलिस जांच और परिवादी (भाई) इंद्रजीत सिंह की रिपोर्ट में यह आरोप सामने आया है कि शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल वालों ने उसे कम दहेज लाने और 'बांझ' होने का ताना देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। पुलिस चार्जशीट के अनुसार- पति हर्षित की लगातार अनदेखी और मारपीट से तंग आकर खुशबू डिप्रेशन में रहने लगी थी। 21-22 अक्टूबर 2025 के दौरान दोनों के बीच झगड़ा हुआ, जिसके बाद खुशबू की ड्रग ओवरडोज की वजह से अस्पताल में इलाज के दौरान 24 अक्टूबर 2025 को मौत हो गई थी। पुलिस ने 17 जनवरी को आरोपी पति हर्षित के खिलाफ क्रूरता, दहेज हत्या, मारपीट और जहर देने सहित अन्य धाराओं में चालान पेश कर दिया था। बचाव पक्ष ने जमानत पर नहीं दिया जोर जेल में बंद आरोपी हर्षित (जो 24 अक्टूबर 2025 से न्यायिक अभिरक्षा में है) की ओर से हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की गई थी। इसमें वरिष्ठ अधिवक्ता धीरेंद्र सिंह व उनकी सहयोगी प्रियंका बोराणा पेश हुए। राज्य सरकार की ओर से लोक अभियोजक सुरेंद्र विश्नोई और परिवादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता अक्षय कुमार सुराणा मौजूद रहे। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने स्वयं यह बयान दिया कि वे फिलहाल इस जमानत अर्जी पर जोर नहीं देना चाहते हैं और संबंधित डॉक्टर के बयान रिकॉर्ड होने के बाद फिर से जमानत के लिए हाईकोर्ट से संपर्क करने की छूट चाहते हैं। पोस्टमॉर्टम और एफएसएल रिपोर्ट्स, पुख्ता साक्ष्य भी हाईकोर्ट का ट्रायल कोर्ट को डॉक्टर के बयान प्राथमिकता से दर्ज करने का निर्देश महत्वपूर्ण है, क्योंकि खुशबू राजपुरोहित की मौत का असल कारण, दवाइयों का असर, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और एफएसएल रिपोर्ट की व्याख्या मुख्य रूप से डॉक्टर और मेडिकल विशेषज्ञों के बयानों से ही स्पष्ट होगी। पुलिस चार्जशीट के अनुसार- एफएसएल जांच में मृतका के शरीर में 'अमिट्रिप्टिलाइन' एंटीडिप्रेसेंट दवा की मौजूदगी पाई गई थी। इन्हीं मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर ही आरोपी की अगली जमानत अर्जी पर कोर्ट का दृष्टिकोण तय होगा। फिलहाल कोर्ट ने याचिका खारिज करने की बजाय बचाव पक्ष के आग्रह को स्वीकार करते हुए जमानत अर्जी को 'dismissed as not pressed' मानते हुए निस्तारित कर दिया। यह खबर भी पढ़ें... महिला को जहर देकर मारा,3 साल पहले हुई थी शादी:भाई बोला-दहेज में कार नहीं लाने और बच्चा नहीं होने का ताना देते थे ससुराल वाले शादी के 3 साल बाद विवाहिता की 24 अक्टूबर 2025 को मौत हो गई थी। महिला का कई दिन से जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में इलाज चल रहा था। मृतका के भाई ने बहन के ससुराल वालों पर जहर देकर मारने का आरोप लगाया था। (पूरी खबर पढ़ें)
गोरखपुर में बिजली कर्मियों ने प्रस्तावित निजीकरण के खिलाफ खुलकर विरोध जताया और साफ कहा कि अगर फैसला वापस नहीं लिया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर प्रदेश भर के बिजली कर्मचारी, अभियंता और अन्य कर्मचारी एक साथ आए। सभी ने पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का विरोध करते हुए कहा कि यह फैसला आम लोगों और कर्मचारियों दोनों के लिए ठीक नहीं है। कर्मचारियों ने कहा कि बिजली जैसी जरूरी सेवा निजी हाथों में जाने से सबसे ज्यादा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। उनका कहना है कि इससे बिजली महंगी हो सकती है और सेवाएं भी कमजोर पड़ सकती हैं, जिससे लोगों की परेशानियां बढ़ेंगी। सेवाओं और शिकायतों पर असर की आशंकाबिजली कर्मियों का मानना है कि निजीकरण होने पर शिकायतों का समाधान सही समय पर नहीं हो पाएगा और व्यवस्था पहले जैसी भरोसेमंद नहीं रहेगी। इससे गांव और शहर दोनों जगह लोगों को दिक्कत हो सकती है। कर्मचारियों ने यह भी कहा कि निजीकरण से उनकी नौकरी और अधिकारों पर असर पड़ेगा। काम करने की शर्तें बदल सकती हैं और कर्मचारियों के साथ सही व्यवहार न होने का खतरा भी बढ़ सकता है। प्रबंधन पर अनदेखी का आरोपसंघर्ष समिति गोरखपुर के संयोजक पुष्पेन्द्र सिंह ने आरोप लगाया कि प्रबंधन कर्मचारियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहा है और उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है और बातचीत भी ठीक से नहीं हो रही है। उन्होंने साफ कहा कि अगर कर्मचारियों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ और निजीकरण का फैसला वापस नहीं लिया गया, तो बिजली कर्मी बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेंगे और किसी भी हाल में पीछे नहीं हटेंगे। सरकार से तुरंत फैसला लेने की मांगसमिति के पदाधिकारियों ने सरकार से मांग की कि निजीकरण की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाई जाए और सभी पक्षों के साथ बातचीत कर हल निकाला जाए, ताकि आम जनता और कर्मचारियों को नुकसान न हो। मई दिवस पर बिजली कर्मियों ने एकजुट होकर यह संकल्प भी दोहराया कि वे जनहित में अपनी लड़ाई जारी रखेंगे और बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
भोपाल में आग का गोला बनी कार:20 फीट ऊपर उठ गईं आग की लपटें; ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान
भोपाल में सड़क पर दौड़ रही एक कार आग का गोला बन गई। करीब 20 फीट तक आग की लपटें उठ गईं। इससे ड्राइवर ने कूदकर अपनी जान बचाई। कुछ ही मिनटों में पूरी कार धू-धूकर जल गई। आगजनी की घटना शुक्रवार शाम करीब 6 बजे किलोल पार्क के आगे और धोबी घाट के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक युवक कार को लेकर कहीं जा रहा था। तभी उसमें आग लग गई। जैसे-तैसे युवक बाहर निकला और अपनी जान बचा ली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कार गैस से चलाई जा रही थी। इसमें सीएनजी किट लगी थी या एलपीजी, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। कार में लगी आग की देखिए तस्वीरें… दमकल ने बुझाई आगजानकारी लगते ही दमकल मौके पर पहुंची और आग बुझाई। निगम के गोताखोर मो. आसिफ, फायरमैन नवाब खान और ड्राइवर आतिम खान ने आग पर काबू पाया। आगजनी से हड़कंप मचाकार में अचानक लगी आग से इलाके में हड़कंप मच गया। लोगों में डर था कि कार में रखी गैस सिलेंडर कहीं ब्लॉस्ट न हो जाए। आग बुझने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, तब तक कार पूरी तरह से जल गई थी।
सहरसा में गुरुवार को एक बड़ा रेल हादसा टल गया। नरपतगंज से अमृतसर जा रही जनसाधारण एक्सप्रेस (14603) के पावर कार से अचानक धुआं निकलने लगा। यह घटना सहरसा-मानसी रेलखंड पर सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के प्रवेश के दौरान हुई। इंजन के ठीक पीछे लगे पावर कार के पहियों से धुआं उठते देख यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआत में आग लगने की आशंका से कई यात्री घबराकर ट्रेन से उतरने लगे। तुरंत चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोक दिया स्थिति की गंभीरता को समझते हुए कुछ सजग यात्रियों ने तुरंत चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोक दिया। समय रहते ट्रेन रुकने से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। रेलवे अधिकारियों ने जांच में बताया कि यह घटना 'ब्रेक बाइंडिंग' के कारण हुई, जिसमें ब्रेक ब्लॉक पहियों से चिपक जाते हैं और घर्षण से धुआं निकलता है। सूचना मिलते ही स्टेशन पर मौजूद रेलवे कर्मी और तकनीकी टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय दमकल विभाग को भी बुलाया गया टीम ने तुरंत अग्निशामक यंत्रों से धुएं को नियंत्रित किया। एहतियात के तौर पर स्थानीय दमकल विभाग को भी बुलाया गया, जिसने स्थिति पर पूरी तरह काबू पा लिया। तकनीकी टीम ने पावर कार की ब्रेक बाइंडिंग को ठीक कर समस्या का समाधान किया। इस पूरी प्रक्रिया में ट्रेन लगभग 25 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। सभी जरूरी सुरक्षा जांच के बाद ट्रेन को पुनः अमृतसर के लिए रवाना कर दिया गया। यात्रियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
आगरा के थाना बसई जगनेर के सोनी खेड़ा गांव में खेत से तरबूज तोड़ने पर 13 साल के बच्चे की हत्या कर दी गई। हत्यारोपियों ने बच्चे को शव को खेत में फेंक दिया। दोपहर में ग्रामीणों ने शव को देखा। सूचना पर ग्रामीण एकत्रित हो गए। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लगी है। कई थानों का फोर्स मौजूद है। जानकारी के अनुसार सोनी खेड़ा गांव में नरेश कुशवाह का 13 साल का बेटा अमृत दोपहर को खेतों पर गया था। उसके बाद वो शाम 5 बजे तक वापस नहीं आया। परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। नरेश की बेटी भाई को तलाशने खेतों पर गई तो देखा खून से लथपथ अमृत का शव खेत में पड़ा है। उन्होंने परिजनो को सूचना दी। सूचना पर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि अमृत के सिर से खून बह रहा था। चेहरा खून से लथपथ था। पास में एक थैली में तरबूज था और चाकू भी पड़ा था। परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस आ गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। मृतक बच्चे के परिजन पुलिस की गाड़ी के आगे बैठ गए। ग्रामीणों की भीड़ लग गई। मृतक के पिता नरेश का आरोप है कि खेत को बंटाई पर लेने वाले लोगों ने तरबूज तोड़ने को लेकर हत्या की है। नहीं उठने दी बॉडीमृतक के बच्चे के परिजनों ने शव को उठने नहीं दिया। रात करीब साढे़ 8 बजे तक परिजन खेत में ही बैठे थे। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामनाथ सिकरवार भी पहुंच गए। माहौल को देखते हुए तीन थानों का फोर्स मौजूद है। डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों को समझाया। डीसीपी ने बताया कि पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। हत्या के पीछे क्या कारण है, अभी उसकी जानकारी नहीं है।
मंदसौर जिले के पिपलियामंडी में अयोध्या बस्ती स्थित 88 क्वाटर मार्ग पर शुक्रवार को एक विवाह समारोह के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक लड़ते हुए गौवंश महिलाओं के बीच घुस गए। घटना शीतला माता मंदिर से गंगोज भरकर विवाह स्थल की ओर जा रही महिलाओं के जुलूस के दौरान हुई। बताया जा रहा है कि महिलाएं सिर पर मिट्टी के कलश लेकर पारंपरिक गंगोज कार्यक्रम के तहत जा रही थीं, तभी अचानक आवारा गौवंश के बीच हुई लड़ाई का रुख जुलूस की ओर हो गया। इससे मौके पर भगदड़ मच गई और कई महिलाओं के सिर पर रखे कलश गिरकर टूट गए। घटना में दुल्हन संजना सहित कई महिलाएं घायल हो गईं। घायलों में करिश्मा पति कालूलाल, हुड़ीबाई पति रघुनाथ जी और कंचनबाई पति रंगलाल के नाम सामने आए हैं। वहीं अन्य 2-3 महिलाओं को भी मामूली चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को नगर के निजी चिकित्सालय एल.एम. क्लिनिक पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। आवारा गौवंश के हमले से मचा हड़कंपइसी घटना के संबंध में झुग्गी-झोपड़ी स्थित रैगर मोहल्ले में भी गंगोज कार्यक्रम के दौरान एक आवारा गौवंश के घुसने की जानकारी सामने आई है। गौवंश ने महिलाओं पर हमला कर दिया, जिससे कंचनबाई (40), करिश्मा (31) और हुड़ीबाई (65) घायल हो गईं। चार बेटियों की शादी के बीच हुआ हादसाजानकारी के अनुसार सुरेश नामक व्यक्ति की छह बेटियां हैं, जिनमें से चार की शादी एक साथ आयोजित की जा रही है। बारातें बड़ाकुवा, कनघट्टी, मोरवन और रामपुरा से आने वाली हैं। शादी की तैयारियों के बीच इस घटना से परिवार और मेहमानों में भय और चिंता का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। गनीमत रही कि हादसे में कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई, अन्यथा स्थिति गंभीर हो सकती थी। आवारा गौवंश पर नियंत्रण की उठी मांगघटना के बाद स्थानीय नागरिकों और कांग्रेसजनों ने नगर में बढ़ते आवारा गौवंश के आतंक पर नाराजगी जताई। उन्होंने सीएमओ प्रवीण सेन से चर्चा कर समस्या के जल्द समाधान की मांग की है। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर आवारा गौवंश को पकड़ने की कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन किया जाएगा। उनका कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
आरा व्यवहार कोर्ट ने सात साल पुराने हत्या कांड में फैसला सुनाते हुए दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह एससी/एसटी विशेष न्यायाधीश शैलेन्द्र कुमार पांडा की अदालत ने आज सुनवाई पूरी की। करनामेपुर ओपी क्षेत्र के रमदत्तही गांव निवासी ब्रजेश राय और रामेश्वर राय को राजेंद्र ततवा की हत्या का दोषी करार दिया। अदालत ने सजा के साथ दोनों पर आर्थिक दंड भी अधिरोपित किया है, जिससे यह फैसला और सख्त हो गया है। यह मामला 7 सितंबर 2017 का है, जब जमीन विवाद को लेकर पहले से घात लगाए आरोपियों ने राजेंद्र ततवा पर ताबड़तोड़ गोलीबारी कर दी थी, जब वह अपने खेत से घर लौट रहे थे। गंभीर रूप से घायल राजेंद्र को इलाज के लिए पटना के पीएमसीएच ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इस घटना के बाद मृतक के भाई वीरेंद्र ततवा के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। 7 साल से चल रही थी सुनवाई जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि हत्या के पीछे पुराना जमीन विवाद मुख्य वजह था। साल 2019 में इस मामले में आरोप तय किए गए थे और तब से लगातार अदालत में सुनवाई चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाहों को पेश किया गया, जिनके बयानों और साक्ष्यों ने मामले को मजबूत आधार दिया। विशेष लोक अभियोजक सत्येंद्र कुमार सिंह ने अदालत के समक्ष ठोस तर्क और प्रमाण प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को दोषी ठहराया। अदालत के इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत और संतोष व्यक्त किया है।
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में झाड़-फूंक और चमत्कारी इलाज के नाम 18 साल की एक युवती की मौत के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष अदालत ने आरोपी महिला ईश्वरी साहू को उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं, धर्म परिवर्तन से जुड़े मामले में 1 साल की सजा और टोनही प्रताड़ना कानून की दो धाराओं में 1-1 साल और एससी-एसटी एक्ट में भी उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही अलग-अलग जुर्माना भी लगाया गया है। यह धर्मांतरण से जुड़े कानून के तहत पहली सजा है। कोर्ट ने माना कि आरोपी महिला बिना किसी मेडिकल डिग्री या इलाज की ट्रेनिंग के युवती का इलाज कर रही थी। इलाज के नाम पर वह उसके शरीर पर गर्म पानी और “चमत्कारी तेल” डालती थी, उसे पैर से दबाती थी और ईशु मसीह की प्रार्थना करवाती थी। मामले की सुनवाई रायपुर की विशेष एससी-एसटी कोर्ट में हुई। फैसले में धर्म परिवर्तन, टोनही प्रताड़ना और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में भी दोषी माना गया। क्या है पूरा मामला? मृतका योगिता सोनवानी (18) मानसिक बीमारी से परेशान थी। उसका इलाज रायपुर और महासमुंद के अस्पतालों में चल रहा था। इसी दौरान कुछ लोगों ने उसकी मां सुनीता सोनवानी को बताया कि गरियाबंद जिले के सुरसाबांधा गांव में रहने वाली ईश्वरी साहू मानसिक मरीजों का “देसी इलाज” करती है। इसके बाद जनवरी 2025 में मां अपनी बेटी को लेकर आरोपी महिला के घर पहुंची और वहीं रहकर इलाज कराने लगी। ‘ईशु मसीह ठीक कर देंगे’, कहकर करती थी इलाज शिकायत के मुताबिक, आरोपी महिला आयुर्वेदिक इलाज के नाम पर योगिता के शरीर पर गर्म पानी और तेल डालती थी। वह उसके ऊपर चढ़कर पैर से दबाव बनाती थी और लगातार प्रार्थना करवाती थी। पीड़िता की मां ने कोर्ट को बताया कि आरोपी कहती थी- “ईशु मसीह पर भरोसा रखो, वही ठीक करेंगे।” महिला पर यह आरोप भी लगा कि वह मां-बेटी को ईसाई धर्म अपनाने के लिए बोलती थी और कहती थी कि ठीक होने के बाद धर्म बदल लेना। परिवार को डराती थी आरोपी कोर्ट में गवाही के दौरान परिवार के लोगों ने बताया कि जब योगिता की हालत और खराब होने लगी तो आरोपी ने उन्हें किसी को कुछ नहीं बताने के लिए कहा। गवाहों के मुताबिक, आरोपी कहती थी कि अगर किसी को बताया तो “प्रभु नाराज हो जाएंगे।” इसी डर की वजह से परिवार लंबे समय तक चुप रहा। 22 मई 2025 को हो गई मौत इलाज के दौरान 22 मई 2025 को योगिता की मौत हो गई। इसके बाद उसकी मां ने राजिम थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और बाद में कोर्ट में चालान पेश किया। पोस्टमार्टम में क्या मिला? पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने कोर्ट को बताया कि युवती के शरीर में गंभीर अंदरूनी चोटें थीं। रिपोर्ट में सामने आया कि- डॉक्टरों ने कहा कि मौत सांस रुकने की वजह से हुई और चोटें किसी भारी या भोथरी चीज से लगने जैसी थीं। कई गवाहों ने किया समर्थन मामले में मृतका की मां समेत कई गवाहों ने कोर्ट में बयान दिए। कोर्ट ने कहा कि सभी गवाहों के बयान एक-दूसरे से मेल खाते हैं और बचाव पक्ष उनकी बातों को गलत साबित नहीं कर पाया। किन धाराओं में सजा? कोर्ट ने आरोपी ईश्वरी साहू को गैर इरादतन हत्या जैसे गंभीर अपराध में उम्रकैद धर्म परिवर्तन से जुड़े मामले में 1 साल की सजा और टोनही प्रताड़ना कानून की दो धाराओं में 1-1 साल और एससी-एसटी एक्ट में भी उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही अलग-अलग जुर्माना भी लगाया गया है। कोर्ट ने क्या कहा कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी ने बिना किसी मेडिकल योग्यता के इलाज करने का दावा किया। अंधविश्वास, झाड़-फूंक और धार्मिक दबाव के जरिए पीड़िता और उसके परिवार को प्रभावित किया गया। कोर्ट ने माना कि आरोपी के कथित इलाज और मारपीट की वजह से युवती की मौत हुई।
पिकअप ने कार, बाइक और झोपड़ी को मारी टक्कर:कन्नौज में हादसे में 3 लोग घायल, ड्राइवर फरार
कन्नौज के गुरसहायगंज क्षेत्र में एक तेज रफ्तार पिकअप ने सड़क किनारे खड़ी एक कार और बाइक को टक्कर मारने के बाद एक झोपड़ी में जा घुसी। हादसे में तीन लोग घायल हो गए, जिन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। घटना के बाद पिकअप चालक मौके से फरार हो गया। यह घटना गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के फर्रुखाबाद रोड पर खाड़ेदेवर गांव के पास हुई। फर्रुखाबाद की ओर से आ रही तेज रफ्तार पिकअप ने पहले सड़क किनारे खड़ी एक ब्रेजा कार को टक्कर मारी, जिससे कार क्षतिग्रस्त होकर झाड़ियों में जा गिरी। इसके बाद पिकअप ने एक बाइक को टक्कर मारते हुए सीधे एक झोपड़ी में घुस गई। झोपड़ी में गिट्टी-मौरंग कारोबारी जुनैद बैठे थे, जो गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी ब्रेजा कार सड़क किनारे खड़ी थी। बाइक सवार खाड़ेदेवर गांव निवासी रामू और लाल बादशाह भी पिकअप की टक्कर से घायल हो गए। तीनों घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए गुरसहायगंज सीएचसी के डॉक्टरों ने उन्हें तिर्वा स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। हादसे के बाद घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने पिकअप चालक को पकड़ने की कोशिश की और उसकी पिटाई भी की। हालांकि, गुरसहायगंज कोतवाली पुलिस के पहुंचने से पहले ही चालक चकमा देकर वहां से भाग निकला। पिकअप में शराब की कुछ बोतलें मिली हैं, जिससे आशंका जताई जा रही है कि चालक नशे में धुत था। पुलिस फिलहाल फरार पिकअप चालक की तलाश कर रही है।
फतेहपुर में तालाब में नहाते समय बच्चे की मौत:ननिहाल आया था, पूरे गांव में शोक का माहौल
फतेहपुर जिले के हुसैनगंज थाना क्षेत्र में एक दस वर्षीय बच्चे की तालाब में डूबने से मौत हो गई। बच्चा अपने ननिहाल आया हुआ था। यह घटना आज सुबह 11 बजे के आसपास भलेवा गांव में हुई। कटेरवा निवासी मोहित पासवान (10 वर्ष) पुत्र मोनू अपने मामा के गांव भलेवा गया था। वह गांव के बाहर स्थित एक तालाब में नहाने गया, जहां गहरे पानी में जाने के कारण डूब गया। मोहित उस समय अकेला था। जब मोहित काफी देर तक घर नहीं लौटा, तो उसके मामा गजराज पासवान और अन्य ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की। गांव के एक व्यक्ति ने बताया कि उसने मोहित को दोपहर करीब 1 बजे तालाब में नहाते देखा था। इसके बाद ग्रामीणों ने तालाब में उतरकर खोजबीन की। शाम लगभग 6 बजे मोहित का शव तालाब से बरामद किया गया। सूचना मिलने पर हुसैनगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए फतेहपुर जिला अस्पताल भेज दिया है। मोहित की मां का नाम मनीषा देवी है, जबकि उसके पिता पंजाब में मजदूरी करते हैं। इस दुखद घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल है।
दरभंगा से लूट के 2 लाख कटिहार से जब्त:2 दिन पहले हुई थी वारदात, आरोपी घर छोड़ कर फरार
दरभंगा के बहेड़ी थाना क्षेत्र में बैंक से रुपये निकालकर लौट रही महिला से दो लाख रुपये की लूट हुई थी। इस मामले में पुलिस को सफलता मिली है। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कटिहार के कोढ़ा थाना क्षेत्र से लूट की पूरी राशि ₹2,00,000 बरामद कर ली है। हालांकि, मुख्य आरोपी अब भी फरार है। थानाध्यक्ष सूरज कुमार गुप्ता ने बताया कि इस मामले में बहेड़ी थाना कांड संख्या 249/26 दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर छापेमारी कर आरोपी के घर से नकद राशि के साथ एक मोबाइल, पासबुक और चेकबुक भी बरामद किए गए हैं। एक आरोपी की पहचान कर ली गई है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। दिनदहाड़े हुई थी वारदात बुधवार को बहेड़ी बाजार में ठाठोपुर गांव निवासी मीरा देवी से लूट हुई थी। ये जो पंजाब नेशनल बैंक शाखा से ₹2 लाख निकालकर टेंपो से घर लौट रही थीं। इनको बाइक सवार बदमाशों ने निशाना बनाया। स्टेट बैंक के पास चलती टेंपो के बगल में बाइक लगाकर बदमाशों ने उनके हाथ से रुपयों से भरा झोला झपट लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला झोला कसकर पकड़े हुई थीं, लेकिन बदमाश झोला खींचते हुए उन्हें कुछ दूर तक घसीटते ले गए, जिससे वह घायल हो गईं। वारदात के बाद अपराधी पावर हाउस होते हुए हथौड़ी की ओर फरार हो गए। भागने के दौरान बदमाशों ने झोले से रुपये निकाल लिए और खाली झोला सड़क किनारे फेंक दिया, जिसे बाद में पुलिस ने बरामद कर लिया। पुलिस ने तकनीकी सेल की मदद से मामले की जांच तेज की और देर रात छापेमारी अभियान चलाया। थानाध्यक्ष के अनुसार, अपराधी कोढ़ा गैंग से जुड़े हैं और इस वारदात में तीन लोग शामिल थे। एक की पहचान हो चुकी है और उसी के ठिकाने पर छापेमारी के दौरान पूरी राशि बरामद की गई आरोपी फिलहाल फरार है इस कार्रवाई में सब-इंस्पेक्टर फहीम खान, महादेव साहू सहित तकनीकी टीम और थाना के अन्य पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि आरोपी फिलहाल फरार है, लेकिन उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बाजार और बैंकों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाएगी और ऐसी घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी।
मुंबई: 'ऑपरेशन व्हाइट स्ट्राइक' में एनसीबी को बड़ी कामयाबी, 1745 करोड़ रुपए की कोकीन जब्त
मुंबई और उससे जुड़े लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय कोकीन तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। 'ऑपरेशन व्हाइट स्ट्राइक' के तहत एजेंसी ने करीब 349 किलोग्राम हाई-ग्रेड कोकीन जब्त की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में कीमत लगभग 1,745 करोड़ रुपए आंकी गई है। यह ऑपरेशन पिछले छह महीनों से अधिक समय तक चली खुफिया निगरानी और सूचनाओं के आधार पर अंजाम दिया गया।
झांसी में बढ़ रही यात्रियों की संख्या को देखते हुए रेल प्रशासन ने पूर्व में निरस्त और आंशिक रूप से संचालित की जा रही कई ट्रेनों को बहाल करने का निर्णय लिया है। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इन ट्रेनों का संचालन अलग-अलग मंडलों में चल रहे विकास कार्यों के चलते प्रभावित था। ये ट्रेनें हुईं बहाल ● ट्रेन नम्बर 12209/12210 गरीब रथ एक्सप्रेस (कानपुर सेंट्रल–काठगोदाम): 1 जून तक निरस्त रहने वाली यह ट्रेन अब बहाल कर दी गई है। ● ट्रेन नम्बर 22705 तिरुपति–जम्मू तवी एक्सप्रेस: 26 मई तक निरस्त थी, अब फिर से संचालित होगी। ● ट्रेन नम्बर 22706 जम्मू तवी–तिरुपति एक्सप्रेस: 29 मई तक निरस्त रहने के बाद बहाल कर दी गई है। शॉर्ट टर्मिनेट/ओरिजिनेट ट्रेनों की बहाली ● ट्रेन नम्बर 12549 दुर्ग–मार्टियर कैप्टन तुषार महाजन एक्सप्रेस: 26 मई तक जालंधर कैंट पर शॉर्ट टर्मिनेट थी, अब अपने पूर्ण गंतव्य तक जाएगी। ● ट्रेन नम्बर 12550 मार्टियर कैप्टन तुषार महाजन–दुर्ग एक्सप्रेस: 28 मई तक जालंधर कैंट से चल रही थी, अब मूल स्टेशन से ही प्रस्थान करेगी। ● ट्रेन नम्बर 20847 दुर्ग–मार्टियर कैप्टन तुषार महाजन एक्सप्रेस: 27 मई तक अंबाला कैंट पर समाप्त हो रही थी, अब पूर्ण रूट पर चलेगी। ● ट्रेन नम्बर 20848 मार्टियर कैप्टन तुषार महाजन–दुर्ग एक्सप्रेस: 29 मई तक अंबाला कैंट से शुरू हो रही थी, अब मूल स्टेशन से संचालित होगी।
शहर की लाइफलाइन बन चुकी कानपुर मेट्रो अब यात्रियों को सफर के साथ-साथ साहित्य के संसार से भी जोड़ रही है। बुद्ध जयंती के अवसर पर मेट्रो प्रशासन ने कानपुर सेंट्रल और मोतीझील स्टेशनों पर पुस्तक मेलों का आगाज़ किया है। अगले डेढ़ महीने तक चलने वाले इन मेलों में आपको न केवल अपनी पसंदीदा किताबें मिलेंगी, बल्कि मेट्रो के स्मार्ट कार्ड (NCMC Go Smart Card) धारकों को खरीददारी पर 10 फीसदी की अतिरिक्त छूट भी मिलेगी। बुद्ध की जीवनी से लेकर हैरी पॉटर तक का कलेक्शन मेट्रो स्टेशनों पर सजे इन बुक फेयर्स में हर उम्र के पाठकों के लिए कुछ न कुछ खास है। साहित्य प्रेमियों के लिए जहाँ देश-विदेश के दिग्गज लेखकों की कृतियाँ मौजूद हैं, वहीं छात्रों के लिए सामान्य ज्ञान, वित्तीय प्रबंधन और विज्ञान की किताबों का बड़ा संग्रह है। विशेष रूप से महात्मा बुद्ध, स्वामी विवेकानंद और महात्मा गांधी जैसे महापुरुषों की जीवनियां यहाँ आने वाले लोगों को प्रेरित कर रही हैं। बच्चों के लिए कॉमिक्स और युवाओं के लिए मोटिवेशनल पोस्टर पुस्तक मेला केवल गंभीर साहित्य तक ही सीमित नहीं है। बच्चों और किशोरों के लिए यहाँ कॉमिक्स, मशहूर ‘मांगा’ सीरीज, हैरी पॉटर और सुपरहीरो पर आधारित किताबों का भंडार लगाया गया है। इसके अलावा युवाओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए मोटिवेशनल पोस्टर, लैंडस्केप आर्ट और आकर्षक स्टेशनरी का काउंटर भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। डेढ़ महीने तक चलेगा किताबों का उत्सव मेट्रो स्टेशनों पर आयोजित इस मेले का मुख्य उद्देश्य शहर में पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देना है। अक्सर भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग किताबों के लिए समय नहीं निकाल पाते, ऐसे में सफर के दौरान स्टेशन पर ही पसंदीदा किताबें उपलब्ध कराकर मेट्रो ने एक नई पहल की है। यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने बताया कि यह आयोजन मेट्रो यात्रा को एक सांस्कृतिक और समृद्ध अनुभव में बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम है। स्मार्ट कार्ड वालों को फायदा ही फायदा अगर आप कानपुर मेट्रो का स्मार्ट कार्ड इस्तेमाल करते हैं, तो यहाँ किताबों की खरीद पर आपको विशेष लाभ मिलेगा। सामान्य डिस्काउंट के अलावा कार्डधारकों को 10 प्रतिशत की एक्स्ट्रा छूट दी जा रही है। ऐसे में यदि आप साहित्य के शौकीन हैं या अपनी लाइब्रेरी बढ़ाना चाहते हैं, तो मोतीझील और कानपुर सेंट्रल मेट्रो स्टेशन के ये बुक स्टॉल्स आपके लिए बेहतरीन ठिकाना साबित हो सकते हैं।
गोरखपुर में फोटोग्राफी कार्यशाला-धरोहर प्रदर्शनी शुरू:महापौर ने किया उद्घाटन, चार दिन तक चलेगा आयोजन
गोरखपुर के राजकीय बौद्ध संग्रहालय में बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर फोटोग्राफी पर आधारित चार दिन की राष्ट्रीय कार्यशाला और ’’धरोहर संग्रह’’ नाम की प्रदर्शनी की शुरुआत की गई। कार्यक्रम का उद्घाटन महापौर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान संग्रहालय परिसर में कार्यक्रम को लेकर उत्साह देखने को मिला और कई लोग मौजूद रहे। कार्यशाला का विषय रखा गया है कि फोटोग्राफी के माध्यम से पुरातत्व, इतिहास, कला और संस्कृति को कैसे आसान तरीके से लोगों तक पहुंचाया जाए। इसमें अलग-अलग क्षेत्रों से आए प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। विशेषज्ञ प्रतिभागियों को यह सिखा रहे हैं कि तस्वीरों के जरिए किसी भी विषय को प्रभावी ढंग से कैसे दिखाया जा सकता है। प्रतिभागियों को दी जा रही जरूरी जानकारीकार्यशाला में फोटोग्राफी की बेसिक जानकारी, सही एंगल, लाइट और विषय चुनने के तरीके समझाए जा रहे हैं। साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों की तस्वीरें लेते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, ताकि उनकी सही पहचान और महत्व लोगों तक पहुंचे। ’’धरोहर संग्रह’’ प्रदर्शनी में कई ऐसी तस्वीरें लगाई गई हैं, जिनमें ऐतिहासिक स्थल, पुरानी इमारतें, परंपराएं और संस्कृति की झलक दिखाई दे रही है। इन तस्वीरों को देखकर लोग अपनी विरासत को करीब से समझ पा रहे हैं। चार दिन तक चलेगा कार्यक्रमयह कार्यशाला और प्रदर्शनी चार दिन तक चलेगी। इस दौरान लोग आकर प्रदर्शनी देख सकते हैं और कार्यशाला में हो रही गतिविधियों के बारे में जानकारी ले सकते हैं। आयोजकों का कहना है कि ऐसे कार्यक्रमों से लोगों में अपनी संस्कृति और धरोहर के प्रति जागरूकता बढ़ती है।
राजस्थान सरकार का महत्वाकांक्षी ग्राम रथ अभियान प्रदेश के हर गांव और ढाणी तक विकास की नई रोशनी पहुंचा रहा है। सलूंबर जिले में इस अभियान को अभूतपूर्व सफलता मिल रही है, जिसके माध्यम से नागरिकों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की व्यापक जानकारी मिल रही है। जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनेद पी पी के निर्देशन में, प्रत्येक उपखंड अधिकारी और जिला प्रशासन के रथ गांव-गांव पहुंचकर 13 विभागों की योजनाओं की जानकारी प्रदान कर रहे हैं। ग्रामीणों में दिखा उत्साह जिले के ग्रामीणों में ग्राम रथ अभियान को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। एलईडी स्क्रीन पर योजनाओं की जानकारी, लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां और सुझाव पेटिका को लोग सरकार का एक संवेदनशील कदम बता रहे हैं। इस अभियान के तहत वृद्धजनों को पेंशन संबंधी, किसानों को कृषि योजनाओं संबंधी और युवाओं को रोजगार संबंधी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है। योजनाओं की आजमन तक पहुंच रही जानकारी जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनेद पी पी के मार्गदर्शन में, ग्राम रथ अभियान जिले भर में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम बन रहा है। सलूंबर में आमजन से इस अभियान को अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है, और प्रतिदिन योजनाओं के लाभार्थियों से सफलता की नई कहानियां सामने आ रही हैं। यह अभियान जनभागीदारी का एक अनूठा उदाहरण बनकर उभरा है, जो हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं की जानकारी सहजता से पहुंचा रहा है।
नोएडा में ग्रैंड वेनिस मॉल के मालिक सतेंद्र भसीन उर्फ मोंटू भसीन को बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया। सूरजपुर स्थित सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। यहां से अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। यह कार्रवाई वर्ष 2015 में दर्ज धोखाधड़ी के एक मामले में की गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ लंबे समय से जांच चल रही थी। अदालत द्वारा गैर-जमानती वारंट जारी किए जाने के बावजूद वह लगातार पेश नहीं हो रहा था, जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि 2 अप्रैल 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने भसीन की जमानत रद्द करते हुए उन्हें एक सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि समय पर आत्मसमर्पण न करने पर उत्तर प्रदेश पुलिस उन्हें गिरफ्तार करे। इसके बावजूद, आरोपी ने न तो आत्मसमर्पण किया और न ही 8 अप्रैल को समय बढ़ाने की याचिका खारिज होने के बाद भी अदालत के आदेशों का पालन किया। अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने विभिन्न कानूनी उपायों के जरिए मामले को लंबा खींचने की कोशिश की और अपने खिलाफ दर्ज कई एफआईआर की जानकारी भी अदालत से छिपाई। ग्रैंड वेनिस प्रोजेक्ट से जुड़े निवेशकों ने उन पर धोखाधड़ी, फंड डायवर्जन और आवंटन में अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ता अमित चौहान ने पुलिस रिमांड का विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि मामला लगभग 10 वर्ष पुराना है और इसकी जाँच पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि 2019 में मुख्य चार्जशीट और 2022 व 2025 में पूरक चार्जशीट दाखिल की जा चुकी हैं, जिससे सभी साक्ष्य अदालत के समक्ष उपलब्ध हैं। बचाव पक्ष का तर्क था कि जब कोई बरामदगी शेष नहीं है, तब पुलिस रिमांड की मांग अनावश्यक और कानूनी रूप से असंगत है। बचाव पक्ष ने वर्ष 2019 में सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम संरक्षण मिलने और लगभग 50 करोड़ रुपये जमा कराने का भी हवाला दिया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
पंजाब के फरीदकोट में तलवंडी रोड पर केंद्रीय मॉडर्न जेल के सामने गुरुवार रात एक भीषण सड़क हादसा पेश आया। एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार 28 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है। मृतक के पिता ने इसे महज हादसा न मानकर हत्या की साजिश का आरोप लगाया है। जानकारी के अनुसार, गांव पक्का-4 निवासी बलविंदर सिंह ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा गुरबूटा सिंह (28) और उसका साथी रेशम सिंह अनाज मंडी फरीदकोट में अपना काम निपटाकर मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। जैसे ही वे केंद्रीय जेल के पास पहुँचे, पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे। पिता का गंभीर आरोप: 'साजिश के तहत मारी टक्कर' मृतक के पिता बलविंदर सिंह ने ट्रैक्टर चालक पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे हत्या करार दिया है। उनका कहना है कि चालक ने जानबूझकर उनके बेटे की बाइक को निशाना बनाया। हादसे के तुरंत बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया। गुरबूटा सिंह ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि रेशम सिंह को गंभीर हालत में गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से उसे एम्स (AIIMS) बठिंडा रेफर कर दिया गया है। पुलिस की कार्रवाई: आरोपी चालक गिरफ्तार मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। डीएसपी तरलोचन सिंह ने बताया कि मृतक के पिता के बयान के आधार पर आरोपी ट्रैक्टर चालक लवप्रीत सिंह उर्फ लाला के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया है। शव का होगा पोस्टमार्टम पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतक गुरबूटा सिंह के शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसे परिजनों को सौंप दिया जाएगा। फिलहाल पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस घटना के पीछे कोई पुरानी रंजिश थी या यह तेज रफ्तार और लापरवाही का मामला है।
पंजाब सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम के तहत बठिंडा विजिलेंस ब्यूरो ने सीआईए स्टाफ-1 के एएसआई मनजिंदर सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है। उन पर एक व्यापारी को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर रिश्वत मांगने का आरोप है। यह मामला 22 अप्रैल 2026 को सुबह लगभग 11:45 बजे शुरू हुआ। शिकायतकर्ता दुशांत बांसल, जो बठिंडा की अग्रवाल कॉलोनी में कॉस्मेटिक का थोक व्यापार करते हैं, अपने दोस्त और पार्टनर रूपेश गुप्ता के घर पर मौजूद थे। इसी दौरान, सीआईए स्टाफ-1 के एएसआई मनजिंदर सिंह अपने तीन अन्य साथियों के साथ वहां पहुंचे। उन्होंने रूपेश के घर की तलाशी ली और आरोप लगाया कि वे 'नकली सामान' बेच रहे हैं। एएसआई ने कथित तौर पर धमकी दी कि यदि वे इस मामले से बचना चाहते हैं, तो उन्हें रिश्वत देनी होगी। एएसआई मनजिंदर सिंह ने कथित तौर पर मामले को निपटाने के लिए 5,00,000 रुपए की रिश्वत मांगी। बातचीत के बाद, यह राशि 2,25,000 रुपए पर तय हुई। दुशांत बांसल ने एंटी-करप्शन एक्शन को दी शिकायत दुशांत बांसल ने एएसआई मनजिंदर सिंह द्वारा फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से पैसे के लिए दबाव डाले जाने पर उन कॉल्स को रिकॉर्ड कर लिया। इन रिकॉर्डिंग में एएसआई कथित तौर पर पैसे के लेन-देन और मुलाकातों के बारे में बात कर रहा था।23 अप्रैल को, आरोपी एएसआई ने दुशांत को एक सफेद ब्रीजा कार में बिठाकर फिर से रिश्वत की मांग दोहराई, जिसे दुशांत ने रिकॉर्ड कर लिया। पुख्ता सबूत मिलने के बाद दुशांत ने पंजाब सरकार की एंटी-करप्शन एक्शन लाइन (9501200200) पर शिकायत दर्ज कराई।विजिलेंस ब्यूरो, रेंज बठिंडा ने इन रिकॉर्डिंग और तथ्यों की जांच की, जिसमें एएसआई मनजिंदर सिंह पर लगे आरोप सही पाए गए। इसके बाद, 30 अप्रैल 2026 को विजिलेंस ब्यूरो ने एएसआई मनजिंदर सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (P.C. Act) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया। फिलहाल मामले की अगली तफ्तीश इंस्पेक्टर नरिंदर सिंह को सौंपी गई है,। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज 702 मामलों में बरामद नशीले पदार्थों को नष्ट किया गया। यह कार्रवाई ड्रग डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में की गई। इस कमेटी की अध्यक्षता डीसीपी इन्वेस्टिगेशन रविंदर पाल सिंह संधू ने की, जबकि एडीसीपी इन्वेस्टिगेशन जगबिंदर सिंह और एसीपी डिटेक्टिव हरमिंदर सिंह सदस्य के रूप में मौजूद रहे। टीम निर्धारित प्रक्रिया के तहत खन्ना पेपर मिल पहुंची, जहां सभी जब्त किए गए नशीले पदार्थों को बॉयलर में डालकर पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। नष्ट किए गए नशीले पदार्थों में 7 किलो 218 ग्राम हेरोइन, 90,986 नशीले कैप्सूल, 1,18,780 नशीली गोलियां थीं। जनसहयोग से ही खत्म होगा नशा इसके अलावा 29 किलो 892 ग्राम नशीला पाउडर, 75 किलो 709 ग्राम चरस, 27 किलो 740 ग्राम भूकी, 21 किलो 957 ग्राम स्मैक, 10 ग्राम गांजा, 1540 नशीले इंजेक्शन और 591 ग्राम भांग शामिल हैं। इस दौरान पुलिस ने नशामुक्त अभियान के लिए पब्लिक का सहयोग मांगा है। उन्होंने कहा कि जनसहयोग से नशा का खात्मा हो सकेगा। नशामुक्त समाज के लिए अभियान जारी पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नशे के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। डीसीपी इन्वेस्टिगेशन रविंदर पाल सिंह संधू ने कहा इस तरह की कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए पुलिस ने युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान शुरू किया है। इसके तहत तस्करों की धरपकड़ की जा रही है।
खैरथल में राज्य सरकार द्वारा कृषि, पशुपालन और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से 'ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट' (GRAM) का आयोजन 23 से 25 मई 2026 को किया जाएगा। इसके प्रचार-प्रसार के लिए 15 दिवसीय 'ग्राम रथ अभियान' चलाया जा रहा है। 4 ब्लॉक और 180 ग्राम पंचायतों को किया जा रहा कवर इस अभियान के तहत जिले के किशनगढ़बास, तिजारा और मुंडावर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों के 4 ब्लॉक और 180 ग्राम पंचायतों को कवर किया जा रहा है। ग्राम रथ प्रतिदिन 4 से 5 स्थानों पर रुककर ऑडियो-वीडियो माध्यमों से ग्रामीणों को कृषि निवेश, नवाचार और आधुनिक तकनीकों के प्रति जागरूक कर रहे हैं। ग्राम रथों के रूट की जानकारी दी जिला कलक्टर अतुल प्रकाश ने 2 मई के लिए ग्राम रथों के रूट की जानकारी दी। मुंडावर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सोडावास, हटुंडी, झझारपुर, बधीन और शामदा गांवों में जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। शामदा में संध्या चौपाल का आयोजन होगा, जिसमें आमजन की समस्याओं का समाधान और योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। इसी प्रकार, किशनगढ़बास विधानसभा क्षेत्र के चामरौदा, माँचा, ओदरा, माहोंद और कांकरा गांवों में भी प्रचार-प्रसार किया जाएगा। कांकरा में भी संध्या चौपाल का आयोजन निर्धारित है। तिजारा विधानसभा क्षेत्र के बेरला, चावण्डी कलां, बिलासपुर, इसरोदा और बिछाला गांवों में ग्राम रथ के माध्यम से योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। बिछाला में संध्या चौपाल आयोजित की जाएगी।
इंदौर में ब्यूटी और वेलनेस इंडस्ट्री में नई ऊर्जा और अवसरों का संचार करने के उद्देश्य से नेशनल आर्टिस्ट्स चैंपियनशिप 2026 का आयोजन किया जाएगा। 20 से 22 जुलाई तक फीनिक्स सिटाडेल मॉल में देशभर के कलाकार, प्रशिक्षु, विशेषज्ञ और इंडस्ट्री लीडर्स एक ही मंच पर एकत्रित होंगे। कार्यक्रम में ख्यात गायिका अनुराधा पौडवाल और एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस भी शिरकत करेंगी। इस मेगा इवेंट में देशभर से बड़ी संख्या में विजिटर्स शामिल होने का अनुमान है। इसमें 500 से ज्यादा प्रतिभागी, 50 से अधिक इंडस्ट्री विशेषज्ञ और 25 से ज्यादा लाइव सेशन्स आयोजित किए जाएंगे। चैंपियनशिप के दौरान मेकअप, हेयर आर्टिस्ट्री, स्किन और ब्यूटी, नेल आर्ट और बार्बरिंग जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। प्रतिभागी रेड कार्पेट लुक, ब्राइडल लुक, अवांट-गार्ड स्टाइल, हेयर कटिंग व कलरिंग, फेशियल, वैक्सिंग और नेल आर्ट जैसी आधुनिक तकनीकों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। फैशन शो, कॉन्फ्रेंस और नेटवर्किंग का भी अवसर आयोजन की खासियत यह है कि इसमें केवल प्रतियोगिताएं ही नहीं, बल्कि लाइव स्टेज प्रेजेंटेशन, ग्रैंड फैशन शो, इंडस्ट्री कॉन्फ्रेंस, नेटवर्किंग सेशंस और विशेषज्ञों के व्याख्यान भी शामिल होंगे। इससे प्रतिभागियों को सीखने, कौशल निखारने और इंडस्ट्री के अग्रणी विशेषज्ञों से जुड़ने का मौका मिलेगा। तीन दिनों का खास कार्यक्रम करियर ग्रोथ और ग्लोबल एक्सपोजर का मंच इस आयोजन के माध्यम से प्रतिभागियों को इंडस्ट्री एक्सपोजर, स्किल अपग्रेडेशन, नेटवर्किंग और करियर ग्रोथ के कई अवसर मिलेंगे। साथ ही वे अपने हुनर को बड़े मंच पर प्रदर्शित कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान बना सकेंगे। इस चैंपियनशिप का नेतृत्व ब्यूटी एजुकेशन क्षेत्र की हस्ती उन्नति सिंह कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आर्टिस्ट्स चैंपियनशिप केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक सशक्त पहल है, जो देश की ब्यूटी और वेलनेस इंडस्ट्री को नई दिशा दे रही है। हमारा उद्देश्य हर प्रतिभाशाली कलाकार को मंच देना है, ताकि वे अपनी मेहनत और कौशल के दम पर आगे बढ़ सकें और वैश्विक स्तर पर पहचान बना सकें।
धौलपुर जिले के बसई डांग थाना क्षेत्र के कस्बा नगर में चंबल नदी किनारे एक युवक पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया। इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार कस्बा नगर निवासी केशव पुत्र सरदार चंबल नदी पर पानी पीने गया था। तभी नदी में मौजूद एक मगरमच्छ ने उस पर अचानक हमला कर दिया और उसे अपने जबड़ों में जकड़ लिया। युवक की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए किसी तरह युवक को मगरमच्छ के चंगुल से छुड़ाया। घायल केशव को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। बाद में परिजन उसे धौलपुर के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां उसका उपचार जारी है। स्थानीय लोगों के अनुसार चंबल नदी में मगरमच्छों के हमले की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार ऐसे हादसे हो चुके हैं, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और लोगों को सतर्क करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
हरियाणा के हांसी में जनगणना (Census) कार्य को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। ड्यूटी में कोताही बरतने और जॉइन न करने वाले पाँच प्रगणकों (Enumerators) के खिलाफ प्रशासन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। एसडीएम एवं जिला जनगणना नोडल अधिकारी राजेश खोथ ने बताया कि जिले में शुक्रवार से 'हाउस लिस्टिंग' (घरों की गणना) का महत्वपूर्ण कार्य विधिवत रूप से शुरू हो गया है। इस चरण में हर घर की बुनियादी जानकारी जुटाई जा रही है, जो भविष्य की योजनाओं के लिए अत्यंत आवश्यक है। 980 ब्लॉकों में तैनात की गई भारी-भरकम टीम जनगणना अभियान को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक प्रबंध किए हैं। पूरे जिले को 980 गणना ब्लॉकों में बांटा गया है। इस अभियान में 1260 कर्मचारी लगाए गए हैं। इसमें 1080 प्रगणक और 180 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा पूरी प्रक्रिया की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि डेटा संग्रह में कोई त्रुटि न रहे। 5 कर्मचारियों को 'कारण बताओ' नोटिस एसडीएम ने जानकारी दी कि जहाँ अधिकांश प्रगणकों ने ड्यूटी संभाल ली है, वहीं पांच कर्मचारी बिना किसी सूचना के ड्यूटी से नदारद पाए गए। इनमें से 2-3 प्रगणक हांसी, एक नारनौंद और एक बास क्षेत्र से संबंधित हैं। इन सभी को 'कारण बताओ नोटिस' जारी कर एक दिन के भीतर लिखित जवाब मांगा गया है। होगी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई राजेश खोथ ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि संबंधित कर्मचारियों का जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए सरकार को मामला भेजा जाएगा। जनता से सहयोग की अपील प्रशासन ने सभी प्रगणकों को ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, एसडीएम ने आम जनता से अपील की है कि जब प्रगणक उनके घर आएं, तो उन्हें सही और पूर्ण जानकारी प्रदान करें ताकि देश की जनगणना का यह कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा हो सके।
कोटा में रिटायर्ड फौजी की गला घोंटकर हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि घटना के करीब 7 घंटे बाद पुलिस को इसकी जानकारी मिली, जबकि इस दौरान पत्नी समेत ससुराल पक्ष दाह संस्कार की तैयारी में जुटे थे। पुलिस के मुताबिक, गले पर मिले चोट के निशान देखने पर लगता है कि उसने मरने से पहले काफी संघर्ष किया है। घटना आरकेपुरम थाना क्षेत्र के आवली रोझड़ी की गुरुवार देर रात 12 से 3 बजे की बीच की है। मृतक मनोज कुमार के पिता ने पत्नी समेत दो अन्य लोगों पर शक जताया है, उन्होंने कहा कि मनोज और उसकी पत्नी के बीच अक्सर झगड़ा होता रहता था। फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच पड़ताल कर रही है हैरानी बात ये कि पत्नी और ससुराल पक्ष वाले पुलिस को बिना बताए ही दाह संस्कार की तैयारी कर रहे थे। मोहल्ले वालों ने मृतक के परिजनों को बुलाने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। जिसके बाद पड़ोसी ने शुक्रवार सुबह करीब 8:30 बजे मृतक के पिता को सूचना दी, जिसके बाद परिजन किशनगढ़ अजमेर से कोटा पहुंचे। उन्होंने घर जाकर देखा तो गले पर चोट के निशान मिले। जिसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना के बाद पुलिस अधिकारी, FSL, MOB की टीम ने मौके पर पहुंचकर मौका मुआयना किया और पुलिस ने शव को न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में शिफ्ट करवाया। पुलिस ने बताया कि मृतक मनोज कुमार (45) मूलरूप से किशनगढ़ अजमेर का रहने वाला था, जो वर्तमान में अपनी पत्नी और बच्चों के साथ कोटा के आवली रोझड़ी गांव में रह रहा था। जानकारी के अनुसार, मनोज कुमार आर्मी में क्लर्क की पोस्ट से रिटायर्ड था। पिछले 5 साल से वह कोटा में ही रह रहा था। मनोज का कोटा में ससुराल है। उसके 14 साल का बेटा और 12 साल की बेटी है। मनोज पिछले 4 महीने से अजमेर बिजली विभाग में बाबू का काम कर रहा था। वह किशनगढ़ से अजमेर अप डाउन करता था। 10 दिन पहले ही मनोज किशनगढ़ से कोटा आया था। पिता ने शिकायत देकर पत्नी और दो अन्य पर जताया शक आरकेपुरम थाना ASI बृजराज सिंह ने बताया कि शुक्रवार को दोपहर 1 बजे सूचना मिली थी कि आवली रोझड़ी गांव के मकान में मनोज शर्मा मृत पड़ा है। सूचना के बाद मौके पर गए। पिता बृजमोहन ने शिकायत देकर पत्नी और दो अन्य पर शक जताया है। शिकायत के मुताबिक ASI बृजराज सिंह ने बताया कि पति-पत्नी के बीच अक्सर झगड़ा होता था। घटना रात के समय हुई। उस समय पत्नी और बच्चे घर में मौजूद थे। सुबह पत्नी और घर में मौजूद ससुराल पक्ष के लोग दाह संस्कार की तैयारी कर रहे थे। पड़ोसियों ने रोका और मृतक के परिजनों को सूचना दी। शनिवार को मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा। पत्नी और मौके पर मौजूद लोगों ने घटना को छुपाया आरकेपुरम थाना SHO सिद्धार्थ वास्तव (IPS ट्रेनी ) ने बताया कि सम्भवतया घटना रात 12 से 3 बजे के बीच हुई है। पत्नी और मौके पर मौजूद परिजनों ने घटना को छुपाया और पुलिस को सूचना नहीं दी। बाद में मृतक के पिता ने कोटा पहुंचकर शिकायत दी है। पुलिस मामले की जांच की जा रही है।
दुर्ग जिले में शुक्रवार को राज्य अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) संघ के बैनर तले करीब 1100 शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। शिक्षा मंत्री के गृह जिले में पहुंचे शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देकर शासन के खिलाफ नाराजगी जताई और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने नियमितीकरण दो, समान काम समान वेतन और 12 माह वेतन दो जैसे नारे लगाए। ये हैं प्रमुख मांगें अतिथि शिक्षकों ने अपनी मांगों में शिक्षा विभाग में संविलियन या समायोजन, 12 महीने का वेतन, ग्रीष्मकालीन अवकाश का मानदेय और समान कार्य समान वेतन लागू करने की मांग रखी। संघ का कहना है कि वे वर्षों से नियमित व्याख्याताओं की तरह जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन उन्हें अस्थायी मानकर कम वेतन और सीमित सुविधाएं दी जा रही हैं। वर्षों से दे रहे सेवाएं संघ प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्ष 2015-16 से अतिथि शिक्षक स्कूलों में लगातार सेवाएं दे रहे हैं। वे पढ़ाई के साथ-साथ बोर्ड परीक्षा, मूल्यांकन, आईसीटी प्रशिक्षण और अन्य शासकीय कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें केवल 10 महीने का मानदेय दिया जाता है, जिससे बाकी दो महीने बिना आय के गुजरते हैं। शिक्षकों ने सुनाई अपनी पीड़ा कांकेर से आए शिक्षक वीरेंद्र कुमार यादव ने कहा कि वे वर्षों से बच्चों का भविष्य बना रहे हैं, लेकिन उनका खुद का भविष्य असुरक्षित है। उन्होंने बताया कि 10 महीने पढ़ाने के बाद 2 महीने घर बैठना पड़ता है, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो जाता है। कई साथी सेवा करते-करते दुनिया छोड़ गए, लेकिन उनके परिवारों को कोई सहारा नहीं मिला। महिला शिक्षकों ने भी उठाई आवाज कोरिया से आई शिक्षिका रानी आसमा ने कहा कि वर्ष 2016 से लगातार आंदोलन के बावजूद मांगें अधूरी हैं। अलग-अलग सरकारों ने सिर्फ आश्वासन दिया, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अन्य योजनाओं के शिक्षकों को 12 महीने वेतन और बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं, जबकि अतिथि शिक्षकों को आधा वेतन और सीमित अवधि का भुगतान मिलता है। हाईकोर्ट आदेश का भी जिक्र संघ ने ज्ञापन में बिलासपुर हाईकोर्ट के फैसले का हवाला दिया, जिसमें ग्रीष्मकालीन अवकाश का मानदेय और अन्य सुविधाएं देने की बात कही गई है। शिक्षकों का कहना है कि जमीनी स्तर पर अब तक इसका लाभ नहीं मिला। अब समाधान चाहिए प्रदर्शन के अंत में शिक्षकों ने कहा कि अब वे सिर्फ आश्वासन से संतुष्ट नहीं होंगे। उन्होंने मांग की कि आगामी कैबिनेट बैठक में उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लिया जाए, ताकि उन्हें स्थायी रोजगार, सम्मानजनक वेतन और सुरक्षित भविष्य मिल सके।
धार के तिरला थाना क्षेत्र अंतर्गत बोधवाडा में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां 33 केवी विद्युत ग्रिड पर नए ट्रांसफार्मर की टेस्टिंग के दौरान अचानक तेज धमाका हुआ, जिससे मौके पर मौजूद तीन आउटसोर्स विद्युत कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए धार के निजी अस्पताल पहुंचाया गया। जानकारी के अनुसार, ग्रिड पर नए ट्रांसफार्मर की टेस्टिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान हुए विस्फोट में कर्मचारी मितेश, झरी और ऋषभ गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों में मितेश और झरी लगभग 95 प्रतिशत तक झुलस गए हैं, जबकि तिरला निवासी ऋषभ करीब 40 प्रतिशत झुलसा है। तीनों की हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें इंदौर रेफर कर दिया। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते लोड के कारण ट्रांसफार्मर पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ था, जिससे यह हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलते ही तिरला थाना प्रभारी ज्योति पटेल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू कर दी है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। दो तस्वीरों में देखिए घायल…
चित्तौड़गढ़ के चर्चित भाजपा नेता रमेश ईनाणी हत्याकांड में गिरफ्तार भजनाराम को हाई कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। उसकी अग्रिम जमानत की याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है। हाई कोर्ट के जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित ने सुनवाई के दौरान साफ कहा कि इस समय तक पुलिस ने जो सबूत जुटाए हैं और जांच में जो बातें सामने आई हैं, उन्हें देखते हुए आरोपी को जमानत देना सही नहीं होगा। कोर्ट ने यह भी माना कि मामला गंभीर है और जांच अभी चल रही है, इसलिए इस स्तर पर राहत देना उचित नहीं है। भजनाराम की ओर से दी गई जमानत अर्जी को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 483 के तहत खारिज कर दिया गया। वहीं इस मामले का मुख्य आरोपी रमता राम अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है और उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। दिनदहाड़े हुई थी हत्या, इलाज के दौरान हुई मौत यह पूरा मामला 11 नवंबर 2025 का है, जब कृष्णा नगर निवासी भाजपा नेता और व्यापारी रमेश चंद्र ईनाणी सुबह करीब 11 बजे अपनी स्कूटी से दुकान के लिए निकले थे। जैसे ही वे सिटी पेट्रोल पंप के पास पहुंचे, पीछे से बाइक पर आए एक हमलावर ने उन पर गोली चला दी। गंभीर हालत में उन्हें उदयपुर के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे जिले में आक्रोश फैल गया था और पुलिस पर आरोपियों को जल्द पकड़ने का दबाव बढ़ गया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सबसे पहले शूटर मनीष कुमार उर्फ कमल दुबे को गिरफ्तार किया, जो उत्तर प्रदेश के वाराणसी का रहने वाला है। देखिए, घटना की PHOTOS... चार्जशीट में सामने आई पूरी साजिश और पैसों का लेन-देन पुलिस द्वारा कोर्ट में पेश की गई चार्जशीट में कई अहम खुलासे हुए हैं। इसमें बताया गया कि भजनाराम के जरिए ही रमता राम और शूटर मनीष दुबे के बीच संपर्क बना। हत्या की योजना बनाने से लेकर घटना को अंजाम देने तक रमता राम लगातार संपर्क में रहा। इसे एक तरह की कॉन्ट्रैक्ट किलिंग यानी पैसे देकर करवाई गई हत्या बताया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि मनीष दुबे के साथ आए ड्राइवर राकेश केसरी के खाते में 30 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए थे। यह पैसा भजनाराम ने अपने परिचित हीरालाल देवड़ा के माध्यम से भिजवाया था। यह रकम 21 जून 2022 को वाराणसी के खाते में भेजी गई थी, जो इस पूरे मामले को और मजबूत बनाती है। भजनाराम की सफाई: कहा- झूठा फंसाया गया कोर्ट में भजनाराम की ओर से उसके वकील ने कई दलीलें दीं। उन्होंने कहा कि भजनाराम और रमता राम के बीच साल 2024 से ही विवाद हो गया था और दोनों के बीच संपर्क खत्म हो गया था। साथ ही यह भी कहा गया कि साल 2022 के बाद भजनाराम का मनीष कुमार से कोई संपर्क नहीं रहा। वकील ने यह भी बताया कि भजनाराम को 8 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था और उससे 9 जनवरी को पूछताछ की गई थी। उनका कहना था कि घटना के बाद 22 नवंबर 2025 को ही भजनाराम और रमता राम के बीच बातचीत हुई थी, जिसका जिक्र संत दिग्विजय राम के बयान में भी है। जबकि संत दिलखुश राम उर्फ समता राम के बयान में भी यह कहा गया कि 2024 के फूलडोल मेले से पहले दोनों के बीच अनबन हो गई थी और बातचीत बंद हो गई थी। भजनाराम का कहना है कि उसका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है और उसे गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। पुलिस जांच में सहयोग की दलील, फिर भी हुई गिरफ्तारी भजनाराम के वकील ने यह भी दलील दी कि पुलिस ने उसे 27 नवंबर 2025 को पूछताछ के लिए नोटिस दिया था, जिसके बाद वह खुद जांच में सहयोग करने पहुंचा। पूछताछ के बाद उसे छोड़ भी दिया गया था, लेकिन बाद में व्यापारियों द्वारा बाजार बंद करने और दबाव बनने के कारण पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। वकील ने कहा कि यह गिरफ्तारी दबाव में की गई है, न कि ठोस सबूतों के आधार पर। विपक्ष का तर्क: सबूत मजबूत, फोन रिकॉर्ड और गवाह मौजूद दूसरी ओर, सरकारी वकील ने इन दलीलों का विरोध किया और कोर्ट में कहा कि हत्या का स्पष्ट कारण जमीन विवाद है, जिसका जिक्र चार्जशीट में किया गया है। उन्होंने बताया कि साल 2022 में भजनाराम ने ही मनीष कुमार दुबे की मुलाकात रमता राम से करवाई थी। फोन कॉल के रिकॉर्ड और बातचीत के सबूत भी मौजूद हैं, जो इस संबंध को साबित करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गोली चलाने वाला मनीष दुबे सीसीटीवी फुटेज में साफ नजर आ रहा है और उसके संपर्कों के जरिए पूरी साजिश सामने आई है। गवाहों के बयान से खुलते गए राज इस मामले में कई गवाहों के बयान भी सामने आए हैं, जिन्होंने अलग-अलग बातें बताई हैं। एक गवाह ने बताया कि साल 2022 में मनीष कुमार दुबे रमता राम से मिलने आया था और दोनों एक साथ गाड़ी में गए थे। बाद में मनीष ने बताया कि उसे 35 हजार रुपए मिले थे। वहीं एक अन्य घटना में 22 नवंबर 2025 को मांडलगढ़ में एक कथा के दौरान भजनाराम और रमता राम के बीच बातचीत हुई थी। उस समय जिस फोन से बात हो रही थी, उसे रमता राम ने कमरे से बाहर जाने को कहा था, जिससे शक और गहरा हो गया। फोन कॉल और पैसों के लेन-देन से मजबूत हुआ केस एक अन्य गवाह ने यह भी बताया कि भजनाराम ने उसे फोन कर कहा था कि मनीष कुमार दुबे का रमता राम से संपर्क है। इसके अलावा पुलिस चार्ज में यह भी दर्ज है कि 21 जून 2022 को 30 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए थे। यह पैसा सुमेरपुर के आशापुरा फाइनेंस के संचालक हीरालाल देवड़ा के जरिए भेजा गया था। हीरालाल ने अपने बयान में बताया कि भजनाराम के कहने पर उसने यह पैसा मनीष दुबे के कार ड्राइवर राकेश केसरी के खाते में भेजा था। भजनाराम ने कहा था कि यह रकम बाद में लौटा दी जाएगी। हालांकि, हीरालाल को यह नहीं पता था कि यह पैसा किस काम के लिए भेजा जा रहा है। इसके बाद जस्टिस ने भजनाराम को अग्रिम जमानत की याचिका को खारिज कर दिया। मुख्य आरोपी अब भी फरार, जांच जारी इस पूरे मामले में अब भी मुख्य आरोपी रमता राम फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल कोर्ट के फैसले के बाद यह साफ हो गया है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और आने वाले समय में इस केस में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
वैशाख पूर्णिमा के पावन अवसर पर जसोलधाम में श्रद्धालुओं का विशाल समागम हुआ। सुबह से ही भक्तों का आगमन शुरू हो गया था और दिनभर मंदिर परिसर श्रद्धा, भक्ति तथा आध्यात्मिक चेतना से परिपूर्ण रहा। भक्तों ने की पूजा अर्चना इस दौरान मंगलध्वनि, स्तुति और मां जसोल के स्मरण से पूरा वातावरण पवित्र और उत्साहवर्धक बना रहा। श्रद्धालुओं ने व्यवस्थित पंक्तियों में दर्शन किए और विनम्र भाव से पूजन-अर्चन कर दिव्य अनुभूति प्राप्त की। इस शुभ अवसर पर भोजन प्रसादी (अन्नपूर्णा प्रसादम्) के लाभार्थी जोधपुर निवासी हरि किशन पंचारिया और उनका परिवार रहा। विधि विधान से भोग अर्पित किया लाभार्थी परिवार द्वारा मंदिर प्रांगण स्थित सभी देवालयों में श्रद्धापूर्वक विधि-विधान से भोग अर्पित किया गया। इसके बाद उन्होंने सभी श्रद्धालुओं के बीच सम्मानपूर्वक और व्यवस्थित तरीके से प्रसाद का वितरण कर सेवा-भाव का उत्कृष्ट परिचय दिया। कन्याओं का किया पूजन लाभार्थी परिवार ने सनातन परंपरा के अनुरूप सर्व समाज की कन्याओं का विधिपूर्वक पूजन किया। कन्याओं को आदरपूर्वक आसन प्रदान कर उनका पूजन-अर्चन किया गया तथा उन्हें प्रसाद एवं उपहार अर्पित कर सम्मानित किया गया। यह प्रेरणादायी कार्य समाज में संस्कार, समर्पण एवं सेवा की श्रेष्ठ भावना का सशक्त उदाहरण बना। यह भोजन प्रसादी (अन्नपूर्णा प्रसादम्) एवं कन्या पूजन कार्यक्रम श्री नर्बदेश्वर महादेव मंदिर जसोल के पूज्य महंत श्री नारायणगिरी जी महाराज के पावन सानिध्य में श्रद्धापूर्वक सम्पन्न हुआ। मंदिर संस्थान ने की व्यवस्थाएं मंदिर संस्थान द्वारा आयोजन की गरिमा के अनुरूप उत्कृष्ट एवं सुविचारित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। दर्शन हेतु सुसंगठित पंक्ति व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, पब्लिक अनाउंसमेंट प्रणाली, मिस्टिंग प्रणाली के माध्यम से शीतल वातावरण, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, विश्राम हेतु समुचित स्थान, स्वच्छता एवं सुरक्षा के विशेष प्रबंधों ने सम्पूर्ण आयोजन को सुचारु एवं संतोषप्रद बनाया। भोजन प्रसादी वितरण भी पूर्ण समन्वय एवं मर्यादा के साथ सम्पन्न हुआ। इस प्रकार वैशाख पूर्णिमा का यह पावन आयोजन जसोलधाम में श्रद्धा, सेवा, अनुशासन एवं समर्पण का उत्कृष्ट संगम सिद्ध हुआ, जिसने प्रत्येक श्रद्धालु के मन में आध्यात्मिक आनंद, शांति एवं संतोष का संचार किया।
फतेहाबाद जिले के रतिया के रतनगढ़ गांव के पास एक युवक पर हमला हुआ है। पंचायत खत्म कर अपने गांव लौट रहे रण सिंह और उनके पिता गुर्जेंट सिंह पर कुछ युवकों ने हमला कर दिया, जिसमें दोनों घायल हो गए। रण सिंह की हालत गंभीर बताई जा रही है, उसे अग्रोहा मेडिकल रेफर किया गया है। यह घटना शुक्रवार को रतिया सदर थाना में हुई एक पंचायत के बाद हुई। रण सिंह पर बबनपुर गांव के कुछ लोगों ने इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर धमकी देने का आरोप लगाया था। इसी मामले को लेकर पंचायत बुलाई गई थी, जिसमें पुलिस ने चार दिन का समय दिया था। 12-15 युवकों ने घेराव किया रण सिंह के मुताबिक, पंचायत में चार दिन का समय तय होने के बाद वह अपने गांव बछूआना, मानसा (पंजाब) लौट रहे थे। रतनगढ़ के पास तीन गाड़ियों में सवार होकर आए 12 से 15 युवकों ने उनकी कार को घेर लिया। हमलावरों ने लोहे की रॉड, पाइप, तलवारों और डंडों से कार पर हमला किया। हमले के समय कार में रण सिंह सहित कुल पांच लोग सवार थे। इस हमले में रण सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनके पिता गुर्जेंट सिंह को भी चोटें आईं। रण सिंह को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें अग्रोहा मेडिकल रेफर कर दिया गया। पीड़ित रण सिंह ने बताया कि वह हमलावरों में से 2-3 युवकों को पहचानते हैं, जबकि अन्य अज्ञात हैं। इस घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है और मामले की जांच जारी है।
प्रसिद्ध धार्मिक स्थल डेरा बाबा मुराद शाह में साईं गुलाम शाह जी की याद में आयोजित होने वाला 18वां वार्षिक उर्स मेला शुक्रवार, 1 मई से पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ शुरू हो गया है। दो दिवसीय इस मेले के पहले दिन देश-विदेश से भारी संख्या में श्रद्धालु साईं जी के दर पर नतमस्तक होने पहुँचे। मेले का विधिवत शुभारंभ डेरा बाबा मुराद शाह ट्रस्ट के चेयरमैन और अंतरराष्ट्रीय पंजाबी गायक गुरदास मान ने किया। उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ झंडे की रस्म अदा की और मानवता की भलाई के लिए प्रार्थना की। इस दौरान पूरा परिसर 'साईं जी' के जयकारों से गूंज उठा। कव्वाली की महफिल ने बांधा समां मेले के पहले दिन की रात सूफियाना संगीत के नाम रही। कव्वाली महफिल की शुरुआत करामत अली मालेरकोटला ने स्टेज का उद्घाटन कर की। इसके बाद नामी सूफी गायकों और कव्वालों ने अपनी रूहानी प्रस्तुतियों से पंडाल में मौजूद भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। देर रात तक चली इस महफिल में श्रद्धालुओं ने सूफी रंग का आनंद लिया। गर्मी को देखते हुए पुख्ता इंतजाम चिलचिलाती गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। प्रशासन और ट्रस्ट द्वारा भक्तों की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। गर्मी को देखते हुए पूरे मेला क्षेत्र में बड़े पंखे और कूलर लगाए गए हैं। जगह-जगह ठंडे और मीठे पानी की छबीलें लगाई गई हैं। ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए विशेष पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि राहगीरों को जाम का सामना न करना पड़े। आज गुरदास मान खुद संभालेंगे स्टेज मेले के दूसरे दिन यानी शनिवार को विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण गुरदास मान स्वयं होंगे। वे अपनी गायकी के जरिए साईं जी के चरणों में हाजिरी लगाएंगे, जिसे सुनने के लिए शनिवार को रिकॉर्ड भीड़ जुटने की उम्मीद है।
दतिया में बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी शुक्रवार शाम अचानक दतिया पहुंचीं। उनके साथ पति और उद्योगपति राज कुंद्रा भी मौजूद रहे। दोनों सड़क मार्ग से विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ पीतांबरा पीठ पहुंचे, जहां उन्होंने मां बगलामुखी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद मंदिर परिसर स्थित वानखंडेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक भी किया। शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा के अचानक मंदिर पहुंचने की खबर लगते ही परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं में उत्सुकता बढ़ गई। दर्शन के दौरान कुछ देर के लिए मंदिर परिसर में हलचल और सन्नाटा दोनों का माहौल देखने को मिला। श्रद्धालु उनकी एक झलक पाने के लिए रुक गए। हालांकि अभिनेत्री ने किसी से औपचारिक मुलाकात नहीं की और पूजा के बाद सीधे रवाना हो गईं। दरबार में विधि-विधान से पूजा की बताया गया है कि शिल्पा शेट्टी ने मां पीतांबरा और मां बगलामुखी के दरबार में विधि-विधान से पूजा की। मंदिर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पहले से सतर्क रहीं। उनकी मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई थी। पूजा-अर्चना के बाद शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा सड़क मार्ग से ग्वालियर के लिए रवाना हो गए। अभिनेत्री की अचानक धार्मिक यात्रा शहर में चर्चा का विषय बनी रही।
दो बाइक में भिड़ंत, एक युवक की मौत:शादी का सामान खरीदकर घर जा रहा था, दूसरा घायल गोंदिया रेफर
बालाघाट में लांजी-आमगांव रोड पर शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे दो बाइकों की आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हो गई। कारंजा पावर हाउस के पास हुए इस हादसे में एक युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दूसरा युवक बुरी तरह घायल है। केरेगांव का रहने वाला आकाश एड़े (28) अपनी बाइक से आमगांव से शादी का सामान खरीदकर गांव वापस जा रहा था। कारंजा पावर हाउस के पास सामने से आ रही एक दूसरी बाइक से उसकी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि आकाश की मौके पर ही मौत हो गई। घायल को गोंदिया रेफर किया गया दूसरी बाइक पर सवार कारंजा निवासी नरेश मेंघरे (40) इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत लांजी के सिविल अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक इलाज के बाद उनकी हालत बिगड़ती देख डॉक्टरों ने उन्हें गोंदिया रेफर कर दिया है। पुलिस ने शुरू की जांच आकाश के शव को एंबुलेंस की मदद से लांजी अस्पताल लाया गया है, जहां 2 मई को उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा। लांजी पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और आगे की जांच कर रही है।
जयपुर में अल्फांसो यानी हापुस आम की विशेष प्रदर्शनी में लोग सीधे किसानों से प्रीमियम क्वालिटी के आम खरीद सकेंगे। राजापार्क स्थित भाटिया भवन में चार दिवसीय यह प्रदर्शनी शुक्रवार से शुरू हुई। प्रदर्शनी में महाराष्ट्र के रत्नागिरी से आने वाले प्रसिद्ध आम बेचने के लिए रखे गए हैं। आयोजक अनिल पवार ने बताया- इस प्रदर्शनी में शहरवासियों को अलग-अलग 4 खास किस्मों के हापुस आम देखने और खरीदने का मौका मिलेगा। रत्नागिरी के हापुस आम की देशभर में पहचान आयोजक अनिल पवार ने बताया- रत्नागिरी के हापुस आम अपनी मिठास, खुशबू और खास स्वाद के लिए पूरे देश में पहचान रखते हैं। इन्हें प्रीमियम आमों की श्रेणी में माना जाता है। हर साल गर्मियों में इन आमों की मांग काफी बढ़ जाती है और लोग इन्हें खास स्वाद के कारण पसंद करते हैं। सीधे किसानों से खरीदने का मौका अनिल पवार ने बताया- प्रदर्शनी में आने वाले लोग सीधे किसानों से आम खरीद सकेंगे। इससे ग्राहकों को बेहतर गुणवत्ता मिलेगी और किसानों को भी उचित दाम मिल पाएगा। आयोजन में आम की विभिन्न क्वालिटी और पैकिंग विकल्प भी उपलब्ध रहेंगे। कई शहरों में मिल चुका अच्छा रिस्पॉन्स आयोजक ने बताया- इस प्रदर्शनी का आयोजन पहले ग्वालियर, भोपाल, इंदौर और खंडवा जैसे शहरों में किया जा चुका है। वहां लोगों ने इसे काफी पसंद किया और बड़ी संख्या में आम प्रेमी प्रदर्शनी में पहुंचे। चार दिनों तक चलने वाली यह प्रदर्शनी खास तौर पर उन लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र होगी, जो असली हापुस आम का स्वाद लेना चाहते हैं। आयोजन स्थल पर आम की गुणवत्ता, वैरायटी और किसानों से सीधी बातचीत का मौका भी मिलेगा।
मुंगेर में पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी है। बुधवार सुबह से ही मौसम में बदलाव आया और बुधवार, गुरुवार के बाद शुक्रवार को भी रुक-रुककर बारिश जारी रही। आसमान में बादल छाए रहे और तेज हवाएं चलीं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। ठंडी हवाओं से मौसम सुहावना ठंडी हवाओं के कारण वातावरण सुहावना हो गया। तापमान की बात करें तो बुधवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। गुरुवार को इसमें 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई और यह 35 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, शुक्रवार को अधिकतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस गिरकर 28 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। बुधवार को जिले का न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। सुबह से ही जिले के विभिन्न प्रखंड क्षेत्रों में बूंदाबांदी हो रही है। इसका असर सड़कों पर साफ देखा जा रहा है, जहां पहले धूल उड़ती थी, वहीं अब सड़कें गीली हो चुकी हैं। मौसम विभाग के अनुसार, बदलते मौसम के कारण आने वाले दिनों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। तेज बारिश और बिजली गिरने की संभावना कृषि विज्ञान केंद्र मुंगेर के प्रधान मुकेश कुमार ने बताया कि जिले में अगले दो दिनों तक मौसम में बदलाव रहने की संभावना है। आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में तेज हवाएं चल सकती हैं। उन्होंने कुछ स्थानों पर तेज बारिश और कई जगहों पर वज्रपात की भी संभावना जताई है। आज शुक्रवार को 30 22 डिग्री और शनिवार को भी आंशिक रूप से हल्के बादलों के साथ यथा स्थिति रहेगी जबकि रविवार को अधिकतम तापमान गिरकर 28 डिग्री तक पहुंच सकता है वहीं 4.7 मिमी का तेज बारिश और 20 किलोमीटर घंटा की रफ्तार से हवा चलने के आसार हैं।
40 वाटर हॉल से की जा रही है वन्यजीव गणना:कल शाम 5 बजे तक लगातार नजर रखेगी टीम
बाड़मेर वन विभाग ने शुक्रवार शाम को 5 बजे बाड़मेर और बालोतरा के 40 चिन्हित जगहों पर वन्य जीव की गणना शुरू कर दी है। गणना परंपरागत तरीके वाटर हॉल पद्धति से की जा रही है। गणना शनिवार शाम 5 बजे तक लगातार जारी रहेगी। इस बार विभाग ने पारदर्शिता और सहभागिता को ध्यान में रखते हुए आम वन्यजीव प्रेमियों, वन मित्रों और स्टूडेंट को भी शामिल किया है। पिछले साल 12 प्रतिशत वन्यजीव की बढ़ोत्तरी हुई थी। 40 जगहों पर हो रही है गणना वन विभाग ने गणना के लिए जिले भर के प्रमुख स्थानों को चिन्हित किया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक हलचल शिव तहसील के 6 और बाड़मेर तहसील के 7 वाटर हॉल पर की जा रही है। सिवाना, बालोतरा, सिणधरी और चौहटन में 4-4 जबकि बायतु और धोरीमन्ना तहसील में 5-5 वाटर पर गणना की जा रही है। इन स्थानों पर विभाग की टीमें और वॉलंटियर्स तैनात है। ताकि एक भी वन्यजीव गणना से छूट न पाए। बाड़मेर व बालोतरा की 8 रेंज में 40 वाटर प्वाइंट पर 100 से ज्यादा कार्मिकों की ओर से बायनोक्यूलर, कैमरे व मोबाइल से वन्यजीवों की गणना कर रहे है। शनिवार शाम 5 बजे तक होगी गणना वन्यजीव गणना लगातार 24 घंटे तक चलेगी। शुक्रवार शाम को 5 बजे गणना शुरू की गई है। 2 मई यानि शनिवार को शाम 5 बजे तक की जाएगी। चांदनी रात में आसान होती है गणना बुद्ध पूर्णिमा की रात को चांद की रोशनी बेहद तेज होती है, जिससे जंगलों में रात के समय भी जल स्रोतों पर आने वाले वन्यजीव स्पष्ट रूप से नजर आते हैं। यही कारण है कि इस अवसर पर गिनती करना आसान हो जाता है। इसके लिए किसी तरह की आर्टिफिशियल रोशनी की जरूरत नहीं होती, जिससे वन्यजीव भी प्राकृतिक माहौल में सहज रहते हैं और उनकी गतिविधियों का सटीक अवलोकन संभव होता है।
नीमच जिले के 10 'नेटवर्क विहीन' गांवों में अब मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध होगा। जिला प्रशासन ने इन दूरदराज के क्षेत्रों में मोबाइल टावर लगाने का निर्णय लिया है। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने शुक्रवार शाम को दूरसंचार कंपनियों को टावर लगाने के लिए सशर्त अनुमति जारी कर दी है। अब तक इन गांवों में नेटवर्क न होने के कारण छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। किसानों को सरकारी योजनाओं के पंजीकरण और व्यापारियों को बैंकिंग लेनदेन के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। 4G नेटवर्क आने से इन समस्याओं का समाधान होगा और डिजिटल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इन गांवों को मिलेगी सुविधा इन गांवों में सिंगोली तहसील के डाबडाकलां, कछाला, कोज्या, लुम्बा, थड़ोद, कुंथली, राणावत खेड़ा और कीरता शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, जीरन तहसील का ग्राम सोकड़ी और जावद तहसील के कांस्या व सुखानंद गांव भी इस सूची में हैं। सिंगोली तहसील के धारड़ी गांव में भी टावर लगाने की अनुमति प्रक्रियाधीन है। इन शर्तें पर मिली मंजूरी कलेक्टर चंद्रा ने अनुमति के साथ कुछ सख्त शर्तें भी लगाई हैं। इनमें टावर लगाने से यातायात या बिजली की लाइनों में कोई बाधा न आना शामिल है। कार्य तभी शुरू होगा जब सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त हो जाएंगी। भविष्य में टावर के कारण किसी भी दुर्घटना की स्थिति में, इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित दूरसंचार कंपनी की होगी।
सहकारिता आधारित ग्रामीण विकास को सुदृढ़ करने और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तहत, माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 1 मई, 2026 को केंद्रीय बौद्ध अध्ययन संस्थान (CIBS), लेह में आयोजित एक कार्यक्रम में विभिन्न प्रमुख पहलों का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह तथा लद्दाख के उपराज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेना भी उपस्थित रहेंगे। डिजिटल एवं संस्थागत पहलों का भी शुभारंभ होगा यह कार्यक्रम दूध प्रसंस्करण क्षमता को बढ़ाने, कोल्ड-चेन प्रणालियों को सुदृढ़ करने तथा स्थानीय डेयरी किसानों के लिए बाजार संपर्क को विस्तारित करने के उद्देश्य से विभिन्न डेयरी अवसंरचना परियोजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास का साक्षी बनेगा। इस कार्यक्रम में क्षेत्र में सहकारी डेयरी संचालन के आधुनिकीकरण हेतु डिजिटल एवं संस्थागत पहलों का भी शुभारंभ किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान माननीय मंत्री कारगिल में 10 टीएलपीडी क्षमता वाले डेयरी प्लांट का शिलान्यास करेंगे तथा लेह में दही एवं पनीर उत्पादन सहित नई डेयरी प्रसंस्करण इकाइयों का उद्घाटन करेंगे। इसके अतिरिक्त, दूध के भंडारण एवं परिवहन अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए बल्क मिल्क कूलर प्रणाली का शुभारंभ किया जाएगा। ऑटोमेटेड मिल्क कलेक्शन सिस्टम (AMCS) एप्लिकेशन सहकारी क्षेत्र में डिजिटल सशक्तीकरण के विजन को और मजबूत करते हुए, खरीद प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने तथा किसानों को भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एंड्रॉयड-आधारित ऑटोमेटेड मिल्क कलेक्शन सिस्टम (AMCS) एप्लिकेशन का शुभारंभ किया जाएगा। कार्यक्रम के अंतर्गत एक मोबाइल दूध परीक्षण प्रयोगशाला को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा, जिसका उद्देश्य गुणवत्ता सुनिश्चित करना तथा जमीनी स्तर पर डेयरी किसानों को सहयोग प्रदान करना है। प्रमुख हितधारकों के बीच डेयरी उत्पादों के विपणन को बढ़ावा देने हेतु समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिससे स्थानीय उत्पादकों को बेहतर बाजार उपलब्धता और मूल्य प्राप्ति सुनिश्चित होगी। सरकार के किसान कल्याण और सहकारी सशक्तीकरण पर विशेष जोर के अनुरूप, इस अवसर पर क्षेत्र के प्रगतिशील डेयरी किसानों को सम्मानित भी किया जाएगा। यह पहल सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने, ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने तथा देश के दूरस्थ क्षेत्रों में समावेशी आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए “सहकार से समृद्धि” के दृष्टिकोण को साकार करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। ---------------------------------------
उज्जैन के एक संत को सोशल मीडिया पर गर्दन काटने की धमकी मिली है। संत ने हैदराबाद में रामनवमी पर मंच से उद्धबोधन दिया था। जिससे नाराज होकर सोशल मीडिया पर हैदराबाद के एक युवक ने धमकी भरा वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला, जिसके बाद कई लोगों ने कमेंट्स करके संत को जान से मारने की धमकी दी है। इसकी शिकायत शुक्रवार को उज्जैन के महाकाल थाने में की गई है। पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चारधाम मंदिर, जयसिंहपुरा निवासी रामस्वरूप ब्रह्मचारी ने इस संबंध में थाने में शिकायत दर्ज कराई है, उन्होंने बताया कि 27 मार्च 2026 को हैदराबाद में निकली शोभायात्रा और धार्मिक कार्यक्रम में उन्होंने उद्बोधन दिया था। इस दौरान उन्होंने लव जिहाद, धर्मांतरण और गो हत्या पर अपने विचार रखे थे। उनके विचारों को टारगेट कर इंस्टाग्राम ID @dr_taha_cheemaa से वीडियो को वायरल किया गया, जिसमें वो खुद भी रामस्वरूप ब्रह्मचारी को धमकी दे रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद महाराज को धमकी की लाइन लग गई। इस बीच कुछ लोगों ने महाराज का तन सर से जुदा करने की भी धमकी दे दी। अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज रामस्वरूप ब्रह्मचारी ने बताया कि मुझे जानने वालों ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपके खिलाफ आपत्तिजनक और धमकी भरे पोस्ट सामने आए हैं। इसके बाद हमने उसके स्क्रीन शॉट लेकर महाकाल थाने में दिए हैं। वहां पर अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। एडिशनल एसपी आलोक शर्मा ने बताया कि शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ थाना महाकाल, में BNS-351(3),BNS-351(4),BNS-353(1)(c),की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और मामले को विवेचना में लिया गया है।

