कमलेश बिंद का आज 13वीं ब्रह्मभोज:गाजीपुर हत्याकांड के आरोपी के गांव में पुलिस सुरक्षा बढ़ी
गाजीपुर के चर्चित होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए आरोपी कमलेश बिंद का आज 13वीं ब्रह्मभोज आयोजित हो रहा है। इसे देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। कार्यक्रम के मद्देनजर कमलेश बिंद के गांव और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है और स्थानीय पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है। बीते 29 मई की रात करीब 11 बजे गाजीपुर के चर्चित होटल कारोबारी विनीत राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में शंकर पांडे, कमलेश बिंद, सोनू यादव और आलोक दुबे समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने चारों मुख्य आरोपियों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। इनमें से एक आरोपी कमलेश बिंद पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका है, जबकि बाकी तीन आरोपी अब भी फरार हैं। फरार आरोपियों पर प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। शंकर पांडे, सोनू यादव और आलोक दुबे के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर नोटिस चस्पा किया गया है। नोटिस का जवाब देने की अंतिम तिथि 12 जून थी, लेकिन शंकर पांडे की ओर से कोई पेश नहीं हुआ। इसके बाद 15 जून की तारीख तय की गई, उस दिन भी कोई उपस्थित नहीं हुआ। अब प्रशासन ने शंकर पांडे को 19 जून तक का अंतिम मौका दिया है। उधर, कमलेश बिंद के परिजनों ने इस कार्रवाई के खिलाफ जनपद न्यायालय में आपत्ति दाखिल की है।
झालावाड़ के 3 बाइक चोर एमपी में पकड़े:गिरोह का पर्दाफाश, चोरी की 12 गाड़ियां जब्त
मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की खिलचीपुर पुलिस ने एक अंतरराज्यीय बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 12 चोरी की बाइक बरामद की हैं। इन बाइकों की अनुमानित कीमत करीब 6.50 लाख रुपए बताई जा रही है।गिरफ्तार किए गए 4 आरोपियों में से 3 झालावाड़ जिले के निवासी हैं। यह गिरोह राजस्थान और मध्यप्रदेश दोनों राज्यों में बाइक चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। CCTV फुटेज के आधार पर पकड़े गए चोरखिलचीपुर नगर और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से बाइक चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही थीं। चोर अस्पताल, बाजार और मंदिरों के बाहर खड़ी बाइकों को निशाना बना रहे थे। बढ़ती वारदातों को देखते हुए पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र की मदद से जांच शुरू की, जिसके बाद आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पहले से ही कई गंभीर मामले है दर्जखिलचीपुर थाना प्रभारी कमलसिंह गेहलोत ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में झालावाड़ जिले के कोटड़ी निवासी राधेश्याम तंवर, घाटोली निवासी अनिल उर्फ कालूराम बसोड़, अकलेरा क्षेत्र के नयागांव भंडेरी निवासी तुलसीराम लोधा और राजगढ़ जिले के सण्डावता निवासी बबलू उर्फ बलवीरसिंह राजपूत शामिल हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इन आरोपियों के खिलाफ पहले से चोरी, लूट, हत्या, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। झालावाड़ जिले की पुलिस ने भी मध्यप्रदेश में इस मामले की जांच में सहयोग किया है। नशे के लिए चुराते थे बाइकपूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे नशे के आदी हैं और नशे का खर्च निकालने के लिए सुनसान और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर खड़ी बाइके चुरा लेते थे। चोरी की गई बाइकों को 3 से 4 हजार रुपए में बेच दिया जाता था। चोरी की 12 बाइक बरामदपुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 12 चोरी की बाइक बरामद की हैं। इनमें खिलचीपुर थाना क्षेत्र से चोरी हुई 5 बाइकें भी शामिल हैं। पूछताछ के दौरान आरोपी राधेश्याम तंवर ने वर्ष 2025 में दर्ज एक लूट के प्रयास के मामले में अपनी भूमिका स्वीकार की। उसने अपने साथी मुकेश तंवर के साथ मिलकर एक व्यक्ति का पीछा कर उसका बैग छीनने का प्रयास किया था। विरोध करने पर पीड़ित के साथ मारपीट भी की गई थी।
कौशांबी में योग सप्ताह कार्यक्रम का शुभारंभ हो गया है। मंगलवार को मंझनपुर मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट की बौद्ध वाटिका में जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर और मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी ने योगाभ्यास किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है। उन्होंने जनपदवासियों से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। दैनिक दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित कार्यक्रम में योग प्रशिक्षकों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया। उन्होंने उपस्थित लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के लिए योग को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी प्रीतम सिंह ने बताया कि योग सप्ताह के दौरान जनपद के विभिन्न स्थलों पर योग संबंधी जागरूकता और सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे। इसी क्रम में, कौशांबी के ओसा स्थित वृद्धाश्रम में भी बुजुर्गों ने योगाभ्यास किया। आश्रम में रह रहे बुजुर्गों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। आश्रम प्रबंधक आलोक राय ने जानकारी दी कि नियमित योग से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है। योग तनाव कम करने, शरीर को सक्रिय रखने और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने में सहायक है। उन्होंने सभी बुजुर्गों से प्रतिदिन योग करने का आग्रह किया। ध्यान का अभ्यास कराया बुजुर्गों को उनकी आयु और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सरल योगासन, गहरी श्वास, अनुलोम-विलोम और ध्यान का अभ्यास कराया गया। बुजुर्गों ने भी पूरे उत्साह के साथ योग सत्र में भाग लिया और इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। वृद्धाश्रम प्रबंधक आलोक राय ने यह भी बताया कि योग सप्ताह के दौरान प्रतिदिन विभिन्न स्वास्थ्यवर्धक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिससे बुजुर्गों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सके।
सीहोर जिले में प्री-मानसून बारिश का दौर लगातार जारी है। जिले के कई हिस्सों में हुई बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है। मौसम में आए बदलाव के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और वातावरण सुहावना हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में भी बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। साथ ही 18 जून तक मध्य प्रदेश में मानसून के प्रवेश के संकेत भी मिल रहे हैं। जिले के कई क्षेत्रों में हुई बारिश मंगलवार को जिले के अलग-अलग हिस्सों में अच्छी प्री-मानसून बारिश दर्ज की गई। सीहोर में 0.40 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि बुधनी में 0.24 इंच बारिश हुई। आष्टा क्षेत्र में लगभग 0.20 इंच और भैंरुदा में 0.12 इंच वर्षा दर्ज की गई। बारिश के बाद मौसम में ठंडक घुल गई और लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली। इस सीजन में अब तक 2.41 इंच औसत वर्षा वर्षा के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से अब तक सीहोर जिले में औसतन 2.41 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में काफी बेहतर है। पिछले साल इस समय तक जिले में केवल 0.97 इंच औसत वर्षा हुई थी। इस बार शुरुआती दौर में ही अच्छी बारिश होने से किसानों और आम लोगों में उत्साह देखा जा रहा है। भैंरुदा में सबसे अधिक बारिश जिले में अब तक सबसे ज्यादा वर्षा भैंरुदा क्षेत्र में दर्ज की गई है। यहां 1 जून से अब तक करीब 4.41 इंच कुल बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं पिछले 24 घंटों के दौरान इछावर और श्यामापुर क्षेत्र में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई, जिससे वहां के निचले इलाकों में पानी जमा होने की स्थिति भी बनी। सक्रिय मौसमी सिस्टम का असर मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिल रही है। इसके साथ ही प्रदेश के ऊपर चक्रवाती हवाओं का घेरा और ट्रफ लाइन सक्रिय बनी हुई है। इन मौसमी परिस्थितियों के कारण सीहोर सहित आसपास के क्षेत्रों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं और लगातार बादल, गरज-चमक तथा बारिश देखने को मिल रही है। अगले 48 से 72 घंटे महत्वपूर्ण मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 से 72 घंटों के दौरान सीहोर सहित भोपाल संभाग के कई जिलों में मौसम का यही मिजाज बना रहेगा। इस दौरान कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में मध्यम से भारी बौछारें भी गिर सकती हैं। तेज आंधी चलने का अलर्ट मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि आने वाले दिनों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। बारिश के साथ आंधी की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। किसानों और नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों और आम नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग ने कहा है कि गरज-चमक के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न हों और खुले मैदानों में जाने से बचें। खेतों में काम कर रहे किसानों को भी मौसम की जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है। मध्य प्रदेश की दहलीज पर पहुंचा मानसून दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के कई राज्यों को पार करते हुए अब मध्य प्रदेश की सीमा के करीब पहुंच चुका है। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में मानसून के प्रवेश के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। 18 जून तक मानसून प्रवेश की संभावना मौसम विभाग का अनुमान है कि 18 जून तक मानसून आधिकारिक रूप से मध्य प्रदेश में प्रवेश कर जाएगा। इसके बाद अगले दो से तीन दिनों के भीतर सीहोर जिले सहित आसपास के क्षेत्रों को मानसून पूरी तरह कवर कर सकता है। इसके साथ ही जिले में नियमित और अच्छी मानसूनी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना जताई गई है। किसानों को अच्छी बारिश की उम्मीद मानसून की संभावित जल्द दस्तक और प्री-मानसून बारिश के अच्छे दौर को देखते हुए किसानों को इस बार खरीफ सीजन के लिए बेहतर परिस्थितियों की उम्मीद है। यदि आने वाले दिनों में मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार लगातार बारिश होती है, तो कृषि कार्यों को गति मिलेगी और जल स्रोतों में भी पानी की उपलब्धता बढ़ेगी।
दिल्ली-मुंबई सुपर एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। बडोदामेव के पास सुबह करीब 6:30 बजे एक तेज रफ्तार ट्रैवलर आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रैवलर में सवार 18 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में 8 महिलाएं और 10 पुरुष शामिल हैं। ये सभी लोग हरिद्वार से दर्शन कर जयपुर लौट रहे थे। गंभीर रूप से घायलों को अलवर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कैसे हुआ हादसा: टायर फटते ही बेकाबू हुआ ट्रक चश्मदीदों और पुलिस के मुताबिक, हादसा बडोदामेव क्षेत्र में एक्सप्रेसवे पर हुआ। आगे चल रहे एक ट्रक का अचानक चलते-चलते टायर फट गया। टायर फटते ही चालक नियंत्रण खो बैठा और ट्रक हाईवे पर ही लहराने लगा। इसी दौरान पीछे से आ रही तेज रफ्तार ट्रैवलर को संभलने का मौका नहीं मिला और वह सीधे ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराई। चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल टक्कर होते ही हाईवे पर चीख-पुकार मच गई। ट्रैवलर का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और यात्री अंदर ही फंस गए। सुबह का वक्त होने के कारण आसपास के लोग और राहगीर तुरंत मौके पर दौड़े। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। अलवर जिला अस्पताल रेफर पुलिस ने एम्बुलेंस की मदद से सभी 18 घायलों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल यात्रियों को अलवर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटाकर किनारे किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
झज्जर के दुजाना गांव में रविवार को हुई पुलिस मुठभेड़ में मारे गए इंद्रपाल को लेकर नए खुलासे हुए हैं। बहादुरगढ़ एसटीएफ की शिकायत के अनुसार इंद्रपाल विजय सैनी के बेटे सुनील सैनी की हत्या करने की फिराक में दुजाना पहुंचा था। इसी दौरान पुलिस टीम का उससे सामना हो गया। पुलिस के अनुसार घेराबंदी के दौरान इंद्रपाल ने सरेंडर करने से साफ इनकार कर दिया। उसने पुलिस टीम को धमकाते हुए कहा, दो मर्डर कर चुका हूं, दो-चार और कर दूंगा, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ेगा, पीछे हट जाओ। इसके बाद एसटीएफ इंचार्ज ने उसे दोबारा आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, लेकिन उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। बताया गया है कि आरोपी की गोली पीएसआई सचिन की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। इसके बाद आत्मरक्षा में एसटीएफ इंचार्ज ने तीन राउंड फायर किए, जिनमें इंद्रपाल घायल होकर गिर पड़ा। जब पुलिस टीम उसे काबू करने पहुंची तो उसने घायल अवस्था में इंस्पेक्टर राकेश पर भी फायर कर दिया। गोली इंस्पेक्टर की बाजू में लगी, जिससे वे घायल हो गए। सुनील सैनी की हत्या की योजना बनाकर आया था एसटीएफ के पीएसआई दीपक की शिकायत में खुलासा हुआ है कि इंद्रपाल विजय सैनी के बेटे सुनील सैनी की हत्या करने के इरादे से दुजाना आया था। हालांकि इससे पहले ही पुलिस के साथ उसकी मुठभेड़ हो गई और वह मारा गया। मजिस्ट्रेट की निगरानी में हुआ पोस्टमार्टम सोमवार को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में मेडिकल बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई। एक्स-रे रिपोर्ट में इंद्रपाल को तीन गोलियां लगने की पुष्टि हुई, जिनमें से एक गोली शरीर में मिली जबकि दो आरपार हो गईं। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया और देर शाम गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजनों ने कहा- जैसा किया, वैसा हुआ सिविल अस्पताल पहुंचे परिजनों ने मामले पर ज्यादा टिप्पणी नहीं की। हालांकि पुलिस के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि इंद्रपाल ने जिन लोगों की जान ली थी, उनके भी परिवार और बच्चे थे। परिजनों का कहना था कि उसने जैसा किया, उसके साथ भी वैसा ही हुआ। जांच अधिकारी ने क्या कहा दुजाना थाना के जांच अधिकारी युद्धवीर सिंह ने बताया कि मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया है। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी की गई और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
गुरुग्राम में पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे 13 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है। ये सभी अलग-अलग एरिया में निर्माणाधीन साइटों पर झुग्गियों में रह रहे थे। पुलिस गृह मंत्रालय की मदद से इन्हें डिपोर्ट करेगी। जांच में पता चला कि ये लोग कालियागंज बॉर्डर से बांग्लादेशी एजेंट की मदद से अवैध रूप से भारत में घुसे थे तथा कई राज्यों को क्रॉस करते हुए गुरुग्राम पहुंचे। यहां पर मजदूर का वेश बना रह रहे थे। इस समय गुरुग्राम पुलिस द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अवैध रूप से रह रहे बंगलादेश के नागरिकों की पहचान एवं सत्यापन के लिए विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। जिन व्यक्तियों के दस्तावेज संदिग्ध पाए जाएंगे अथवा जो भारत में वैध रूप से निवास करने के प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर पाएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों से बंगलादेश के दस्तावेज मिले इसी अभियान के तहत डीसीपी क्राइम हितेश यादव के नेतृत्व में क्राइम सेक्टर-39 की टीम द्वारा गुप्त सूचना पर निर्माणाधीन साइट्स और झुग्गियों में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी मूल के नागरिकों को चेक करने के लिए एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस चेकिंग अभियान के दौरान अलग अलग कंट्रक्शन साइट्स और झुग्गियों में चेकिंग की गई तथा संदिग्धों को चेक किया गया। इस सत्यापन के दौरान अवैध रूप से रह रहे 13 बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान की गई तथा इनके पास बांग्लादेश की नागरिकता के दस्तावेज भी मिले हैं। शहरवासी इस अभियान में पुलिस की मदद करें इस संबंध में पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि पुलिस द्वारा विभिन्न स्थानों जैसे झुग्गी-झोपड़ियों, कॉलोनियों, किराए के मकानों, औद्योगिक क्षेत्रों तथा होटलों में रह रहे व्यक्तियों के दस्तावेजों एवं पहचान का सत्यापन किया जा रहा है। पुलिस द्वारा विभिन्न स्थानों पर सघन जांच की जा रही है। आम नागरिकों से अपील है कि यदि उन्हें किसी संदिग्ध अथवा अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिक की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। साथ ही अपने किराएदारों, घरेलू सहायकों, कर्मचारियों एवं होटल, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत व्यक्तियों का पुलिस सत्यापन अवश्य करवाएं। यदि आसपास कोई भी संदिग्ध व्यक्ति रहता है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 112 अथवा निकटतम पुलिस थाना को दें। वैध नागरिकों को परेशान नहीं किया जाएगा डीसीपी क्राइम हितेश यादव का कहना है कि वैध रूप से रह रहे भारतीय नागरिकों एवं वैध विदेशी नागरिकों को इस अभियान से घबराने की आवश्यकता नहीं है। किसी भी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाएगा। अभियान के संबंध में भ्रामक, झूठी अथवा मनगढ़ंत अफवाह फैलाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बीबीनगर थाना क्षेत्र के एक गांव में प्रेम प्रसंग के चलते एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में पांच नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक, थाना छतारी के गांव रिशालू निवासी कृष्ण ने बताया कि उनका भाई अवधेश 14 जून को घर से निकला था। आरोप है कि बीबीनगर क्षेत्र की एक महिला ने फोन कर अवधेश को बुलाया था। बाद में उसी महिला ने फोन पर अवधेश के साथ मारपीट होने की सूचना दी। तहरीर में आरोप है कि महिला के परिजनों और अन्य लोगों ने अवधेश को अपने घर में रोक लिया। वहां उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, बिजली का करंट लगाया गया और जहरीला पदार्थ भी खिलाया गया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। गंभीर हालत में अवधेश को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के भाई ने बीबीनगर थाने में तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की। सीओ रामकरण सिंह ने जानकारी दी कि मृतक युवक के भाई की तहरीर पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मृतक के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे के साथ मारपीट की गई और उसे जहरीला पदार्थ दिया गया, जिससे उसकी मौत हुई। सीओ ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
रोहतक की बेटी व रेवाड़ी की बहु मनीषा मित्तल की शिमला के सरस्वती पैराडाइज स्कूल कैंपस में गोली मारकर हत्या करने के मामले में छोटे भाई हिमांक मित्तल ने सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर सफाई दी। हिमांक ने कहा कि उसका इस हत्या से कोई लेना देना नहीं है। उसके ऊपर भी हमला हुआ था, जिसके बाद वह घायल अवस्था में है। शिमला के सरस्वती पैराडाइज स्कूल में 13 जून को स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल की गोलियां मारकर हत्या कर दी। सूचना पाकर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी भी खंगाले और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। वहीं, शिमला पुलिस ने रोहतक में मनीषा के भाई हिमांक के स्कूल में भी जांच शुरू की थी। हत्या में शामिल दोनों आरोपियों को आज शिमला लाएगी पुलिसमनीषा मित्तल की स्कूल कैंपस में गोली मारकर हत्या करने के मामले में हिमाचल पुलिस ने दो आरोपियों को काबू किया है। पकड़े गए आरोपियों में 22 वर्षीय आशीष अहलावत निवासी गांव दुजाना झज्जर व 25 वर्षीय दीपक पुत्र सुरेंद्र सिंह निवासी सुनारिया खुर्द रोहतक शामिल है। दोनों आरोपियों को पुलिस आज शिमला लाकर पूछताछ करेगी। हिमांक मित्तल ने वीडियो में दी सफाईमनीषा मित्तल के छोटे भाई हिमांक मित्तल ने घायल अवस्था में अपनी एक वीडियो सोशल मीडिया पर डालते हुए सफाई दी कि उसका इस हत्या से कोई लेना देना नहीं है। शिमला पुलिस उसके घर पर आई है और पूछताछ कर रही है। वह जांच करने में पूरा सहयोग करने के लिए तैयार है। एक जून को हुआ हमला, हाथ-पैर की टूटी हड्डीहिमांक मित्तल ने वीडियो में बताया कि उसके ऊपर एक जून को हमला हुआ था, जिसमें उसके एक हाथ-पैर की हड्डी टूटी हुई है और दूसरे हाथ-पैर का मांस फट गया है। वह अस्पताल में भी भर्ती रहा है और अस्पताल से आने के बाद घर पर है। मनीषा के साथ नहीं कोई दुश्मनीहिमांक मित्तल ने वीडियो में कहा कि मनीषा मित्तल के साथ उसकी कोई दुश्मनी नहीं है और ना ही कोई रिश्ता है। खबर आ रही है कि भाई ने प्रोपर्टी के लिए बहन को मरवा दिया। ऐसी खबर डालने से पहले उससे बात कर लें, क्योंकि उसका इस हत्या से कोई लेना देना नहीं है। स्विफ्ट से पहुंचे शिमला, हरियाणा की गाड़ी में हिमाचल का नंबर लगाया हरियाणा से दोनों आरोपी एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार में शिमला पहुंचे। पुलिस ने अनुसार- इन्होंने अपनी पहचान छिपाने और पुलिस से बचने के लिए हरियाणा नंबर के वाहन में हिमाचल का फर्जी पंजीकृत नंबर एचपी-10 सीरीज लगाया। इसी तरह, दोनों ने मास्क पहनकर अपने फेस को भी कवर किया। मगर शिमला पुलिस ने तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर उक्त वाहन की पहचान की तथा आरोपियों तक पहुंची। मुख्य सड़क के बजाय लिंक रोड से भागे: ASP ASP शिमला अभिषेक ने बताया कि दोनों आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य सड़क के इस्तेमाल के बजाय लिंक रोड का इस्तेमाल करके भागे। एएसपी ने बताया कि दोनों ने यह कनफेस (स्वीकार) कर लिया है कि उन्होंने ही शूट किया है। इसके बाद दो पिस्तौल भी रिकवर कर दी गई है।
जालोर में 20 जून तक बारिश के आसार नहीं:दिन में गर्मी से राहत, रात में उमस करेगी परेशान
जालोर जिले में 1 जून को आई आंधी और हल्की बारिश के बाद से दिन के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। अधिकतम तापमान अब 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है, जिससे लोगों को दोपहर की तेज धूप और चुभती गर्मी से राहत मिली है। हालांकि रात के तापमान में अपेक्षित कमी नहीं आई है। न्यूनतम तापमान अभी भी 30 डिग्री सेल्सियस के करीब बना हुआ है, जिसके कारण रात में गर्मी और उमस का असर बना हुआ है। दिन में राहत, रात में बेचैनी जिले में दिन के समय गर्मी का असर पहले की तुलना में कम हुआ है, लेकिन उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। गर्मी और नमी के कारण आमजन को कूलर और पंखों से भी पर्याप्त राहत नहीं मिल रही है। दोपहर के समय लोग और मजदूर पेड़ों की छांव में बैठकर गर्मी से बचाव करते नजर आए, जबकि रात में भी घरों के अंदर राहत नहीं मिल रही है। 20 जून तक तेज हवाओं का दौर मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार जिले में 20 जून तक तेज हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि इस दौरान प्री-मानसून गतिविधियों या बारिश की कोई विशेष संभावना नहीं जताई गई है। बारिश नहीं होने और हवा में नमी बढ़ने के कारण आने वाले दिनों में उमस और अधिक परेशान कर सकती है। पिछले साल से धीमी है मानसून की रफ्तार मौसम विभाग का अनुमान है कि जालोर में मानसून 27 जून के आसपास पहुंच सकता है। पिछले वर्ष 2025 में 16 जून के बाद जिले में बारिश की गतिविधियां तेजी से बढ़ने लगी थीं, लेकिन इस बार मानसून की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी नजर आ रही है। ऐसे में लोगों को अभी कुछ दिन और गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है।
कौशांबी में गंगा में डूबे बालक का शव मिला:पिता को बचाने के प्रयास में डूबा था, 24 घंटे बाद मिला
कौशांबी के कालेश्वर गंगा घाट पर सोमवार सुबह स्नान के दौरान एक बालक गंगा में डूब गया। युवक अपने पिता को डूबने से बचाने के प्रयास में गहरे पानी में समा गया था। स्थानीय गोताखोरों और जल पुलिस ने लगभग 24 घंटे की तलाश के बाद मंगलवार सुबह युवक का शव बरामद कर लिया। फतेहपुर जनपद के धाता थाना क्षेत्र निवासी अजय सोनी अपने परिवार के आठ-नौ सदस्यों के साथ सोमवार सुबह करीब आठ बजे कालेश्वर गंगा घाट पर स्नान करने पहुंचे थे। स्नान करते समय अजय सोनी अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। उन्हें डूबता देख घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान उनके पुत्र पीयूष सोनी (16) ने पिता को बचाने के लिए गंगा में छलांग लगा दी। पिता-पुत्र दोनों एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में पानी में फंस गए। घाट पर शोर सुनकर स्थानीय गोताखोरों और अन्य लोगों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। उन्होंने अजय सोनी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन पीयूष गहरे पानी में लापता हो गया। घटना की सूचना मिलने पर कड़ा धाम थाना प्रभारी निरीक्षक विनीत सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों के अतिरिक्त फायर सर्विस सिराथू की टीम भी पीयूष की तलाश में जुट गई। लगभग 24 घंटे के अथक प्रयास के बाद स्थानीय गोताखोरों और जल पुलिस की टीम ने मंगलवार सुबह पीयूष का शव बरामद किया। जानकारी के अनुसार, पीयूष अपने दो भाइयों में सबसे बड़ा था और उसने हाल ही में इंटरमीडिएट की परीक्षा दी थी। इस घटना से परिवार में शोक का माहौल है।
बांदा मंडल कारागार में स्टाफ की कमी और बढ़ गई है। कारागार निदेशालय ने जेल से 15 जेल वार्डरों और दो डिप्टी जेलरों का अन्य जनपदों की जेलों में स्थानांतरण कर दिया है। इसके बदले कम संख्या में कर्मचारी मिलने से जेल प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई हैं। हाल ही में जेल के अंदर एक कैदी द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की उपलब्धता पर सवाल खड़े हुए थे। इस नए स्थानांतरण से स्थिति और गंभीर हो सकती है। बांदा मंडल कारागार वर्ष 1860 से संचालित हो रहा है। इसकी क्षमता 567 बंदियों की है, लेकिन यहां अक्सर क्षमता से अधिक, लगभग 750 बंदी निरुद्ध रहते हैं। बंदियों की निगरानी के लिए जेल परिसर में 91 सीसीटीवी कैमरे और पांच बॉडी वॉर्न कैमरे लगाए गए हैं। केवल 40 वार्डर ही तैनात हैं जेल में जेल वार्डरों के 53 स्वीकृत पदों के मुकाबले वर्तमान में केवल 40 वार्डर ही तैनात हैं। इसी प्रकार, पांच डिप्टी जेलरों के सापेक्ष मात्र तीन डिप्टी जेलर कार्यरत हैं। जेलर का एकमात्र स्वीकृत पद भी लंबे समय से खाली पड़ा है। कर्मचारियों की इस कमी का असर हाल ही में तब देखने को मिला था, जब दुष्कर्म और पॉक्सो के आरोपित कैदी अभिषेक ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बताया गया था कि घटना स्थल पर निगरानी के लिए केवल एक जेल वार्डर की ड्यूटी लगी थी। कारागार निदेशालय के आदेश के तहत, बांदा जेल से 15 जेल वार्डरों का अन्य जनपदों की जेलों में स्थानांतरण किया गया है। इसके बदले बांदा जेल को केवल नौ जेल वार्डर मिले हैं, जिससे कुल छह वार्डरों की कमी और बढ़ गई है। जेल प्रशासन का कहना है डिप्टी जेलर मधुरपाल को श्रावस्ती और नरेंद्र सिंह को केंद्रीय कार्यालय आगरा स्थानांतरित किया गया है। उनके स्थान पर श्रावस्ती से रेखा और महाराजगंज से रत्ना सिंह को बांदा जेल भेजा गया है। इसके अतिरिक्त, सात हेड जेल वार्डरों का भी स्थानांतरण किया गया है। जेल प्रशासन का कहना है कि कर्मचारियों की कमी के संबंध में जानकारी पहले ही कारागार निदेशालय को भेजी जा चुकी है।
भरतपुर के मथुरा गेट थाना इलाके स्थित एक जूस दुकान पर जूस पी रहे युवक के ग्लास में मांस का टुकड़ा निकला। जिसके बाद कुछ बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और युवकों ने जूस दुकान मालिक की पिटाई कर दी। इस मामले में देर रात पुलिस ने बजरंग दल के संयोजक सहित 3 बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है। जिसके बाद देर रात में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया। आज सभी कार्यकर्ताओं को कोर्ट में पेश किया जाएगा मथुरा गेट थाना अधिकारी हरलाल मीणा ने बताया कि कल शाम लूपिन चौराहे पर एक विवाद हुआ था। कुछ मारपीट के वीडियो भी सामने आये हैं। इस मामले में पुलिस ने शुभम और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार किया है। जिन्हें आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। स्ट्रॉ में फंसा था मांस का टुकड़ा दरअसल लूपिन चौराहे स्थित एक जूस की दुकान पर एक युवक जूस पी रहा था। इस दौरान युवक के ग्लास में लगे स्ट्रॉ में कुछ फंस गया। उसने जब स्ट्रॉ निकलकर देखा तो, वह मांस का टुकड़ा था। इसी सूचना पर बजरंग दल के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए और, दुकान की तलाशी ली गई। दुकान से काली पॉलीथिन में बरामद हुआ मांस तलाशी के दौरान के काली पॉलीथिन से करीब आधा किलो मांस बरामद हुआ। इस पर गुस्साई भीड़ और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जूस दुकान के मालिक से मारपीट कर दी। इस घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और एक व्यक्ति को हिरासत में लिया। थाने पर देर रात तक चला विरोध प्रदर्शन वहीं मारपीट के वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर जांच कि और, देर रात को बजरंग दल के संयोजक शुभम और तीन बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। इसके विरोध में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और बीजेपी के नेताओं ने मथुरा गेट थाने पर विरोध प्रदर्शन किया।
हरियाणा में लंबे समय से ट्रांसफर पॉलिसी का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए राहत की खबर है। स्कूल शिक्षा विभाग ने संकेत दिए हैं कि शिक्षक ट्रांसफर पॉलिसी को 22 जून को होने वाली राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के बाद विभाग तबादलों का विस्तृत शेड्यूल जारी करेगा।दरअसल, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ (हसला) के प्रतिनिधिमंडल और स्कूल शिक्षा विभाग के महानिदेशक (DGSE) जितेंद्र दहिया के बीच एक दिन पहले हुई बैठक में इस पर चर्चा हुई। हसला का प्रतिनिधिमंडल राज्य प्रधान सतपाल सिंधु के नेतृत्व में डीजीएसई से मिला था और शिक्षकों से जुड़े लंबित मामलों को उठाया। बैठक में शिक्षकों के ट्रांसफर, प्रमोशन और सीनियॉरिटी लिस्ट से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। पीजीटी प्रिंसिपल प्रमोशन की मंजूरी की उम्मीद बैठक में पदोन्नति के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। विभाग ने बताया कि पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT) से प्रिंसिपल प्रमोशन से संबंधित फाइल हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) को भेजी जाएगी। इससे लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है।2016 से लंबित वरिष्ठता सूची तैयार करने को समिति को मंजूरीशिक्षकों की वरिष्ठता सूची का मामला भी बैठक में उठा। विभाग ने बताया कि वर्ष 2016 से अब तक की वरिष्ठता सूची तैयार करने के लिए गठित समिति को मंजूरी दे दी गई है। समिति अब विभिन्न कैडरों की वरिष्ठता सूची तैयार करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी। वरिष्ठता सूची बनने के बाद पदोन्नति और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी आने की उम्मीद है।हसला ने उठाए शिक्षकों के लंबित मुद्देहसला प्रतिनिधिमंडल ने विभाग के समक्ष शिक्षकों के तबादले, पदोन्नति, वरिष्ठता निर्धारण और अन्य प्रशासनिक समस्याओं को रखा। संगठन ने मांग की कि लंबित मामलों का जल्द समाधान किया जाए ताकि शिक्षकों को राहत मिल सके। विभागीय अधिकारियों ने इन मुद्दों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। यहाँ एक तेज रफ्तार टैंकर और मोटरसाइकिल के बीच हुई सीधी भिड़ंत में एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 14 वर्षीय किशोरी गंभीर रूप से घायल है। घटना खोटही निर्भया स्थित लालवीर फिलिंग स्टेशन के पास की है। जानकारी के अनुसार, गोरखपुर के पिपराइच निवासी रामलखन मद्धेशिया (38) अपनी मोटरसाइकिल (UP53EC1062) से परिवार के साथ जा रहे थे। वे जैसे ही कप्तानगंज की ओर से आकर लालवीर फिलिंग स्टेशन के पास पहुंचे, तभी नेबुआ की तरफ से आ रहे एक अनियंत्रित टैंकर (UP57BT0164) ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रामलखन मद्धेशिया और उनके 11 वर्षीय बेटे रौनक मद्धेशिया की मौके पर ही मौत हो गई। अस्पताल ले जाते समय मां ने तोड़ा दम हादसे में रामलखन की पत्नी शशिकला (35) और बेटी लाडो (14) गंभीर रूप से घायल हो गईं। सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) कप्तानगंज भेजा गया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद शशिकला को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल बेटी लाडो की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर रेफर कर दिया है। टैंकर जब्त, विधिक कार्रवाई में जुटी पुलिस हादसे की खबर मिलते ही खोटही पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त टैंकर को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस प्रशासन ने तीनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी हाउस, रविंद्र नगर धूस भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और फिलहाल घटनास्थल पर शांति व्यवस्था पूरी तरह कायम है।
इंदौर के अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में मंगलवार अलसुबह एक मंदिर संचालक की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप मंदिर के ही एक कर्मचारी पर है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। एसीपी शिवेंदु जोशी के अनुसार, घटना सुबह करीब 4:30 बजे की है। 70 वर्षीय कैलाश मोदी मंदिर का संचालन करते थे। मंदिर में काम करने वाला मुकेश शर्मा शराब पीने का आदी है और अक्सर नशे की हालत में मंदिर पहुंचकर विवाद करता था। इस बात को लेकर कैलाश मोदी उसे कई बार समझा चुके थे। टोकने पर डंडा लेकर पीछे दौड़ा मंगलवार सुबह भी मुकेश नशे की हालत में मंदिर पहुंचा। कैलाश मोदी ने उसे शराब पीकर आने से रोका और समझाने की कोशिश की। इसी बात पर मुकेश भड़क गया। आरोप है कि उसने डंडा उठाकर कैलाश मोदी का पीछा किया और उनके सिर पर वार कर दिया। अस्पताल में हुई मौत सिर में गंभीर चोट लगने से कैलाश मोदी मौके पर गिर पड़े। उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी मुकेश शर्मा को हिरासत में ले लिया है। मामले की जांच जारी है।
आगामी 17 जून को कोटा में आयोजित होने वाले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस नेता तैयारियों में जुटे हैं। ज्यादा से ज्यादा कोचिंग स्टूडेंटस कार्यक्रम में पहुंचे इसके लिए रणनीति तैयार की जा रही है। सोमवार रात को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्थानीय कलाकारों के साथ कोचिंग एरिया में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया। जवाहर नगर स्थित एक कोचिंग संस्थान के पास नुक्कड सभा का आयोजन किया। इसमें कलाकारों ने स्टूडेंटस की परेशानियां, युवाओं की परेशानियों और राहुल गांधी के दौरे को लेकर नाटक की प्रस्तुति दी। इसके जरीये स्टूडेंटस को राहुल गांधी के दौरे को लेकर जानकारी दी गई और कार्यक्रम में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने का आव्हान किया। इस दौरान कई स्टूडेंटस के पेरेंटस भी साथ ही थे। उन्हें भी जानकारी दी गई, पम्फलेट बांटे गए। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष राखी गौतम, देहात जिलाध्यक्ष भानुप्रताप समेत कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। राखी गौतम और भानुप्रताप ने कहा कि बच्चे खुद राहुल गांधी से मिलना चाहते है। उन्हें पता लग रहा है कि राहुल गांधी कोटा आ रहे है, युवाओं और परीक्षा की बात करेंगे तो वे खुद कार्यक्रम में आने को तैयार है और राहुल से मिलना चाहते हैं। बच्चों ने खुद भी बताया कि हमारे पेरेंटस जैसे तैसे कर हमे यहां पढ़ने भेजते है, और जब पेपर लीक होता है तो सबके सपने टूट जाते है। यह मुददा बच्चों का ही है, इसलिए बच्चों में इस कार्यक्रम को लेकर जोश है। राहुल गांधी ट्रेन के जरीये कोटा पहुंचेगे। स्टेशन से वे सीधा कार्यक्रम स्थल जाएंगे। वहां म्यूजिक कॉन्सर्ट कार्यकम में पॉप सिंगर लश्करी और पॉप सिंगर कर्मा प्रस्तुति देंगे इसके बाद राहुल गांधी वहां मौजूद छात्रो से संवाद करेंगे। राखी गौतम ने कहा कि 17 जून का कार्यक्रम ऐतिहासिक होगा। कोटा एजुकेशन हब है और यहां के युवाओं में राहुल गांधी जी को सुनने का भारी उत्साह है।
मीट तैयार था, शबनम कर रही थी इंतजार:बेतिया में 50 हजार के लिए नहीं आई बारात, शादी टूटने पर FIR दर्ज
बेतिया के योगापट्टी थाना क्षेत्र के मच्छरगांवा बाजार गांव में दहेज की अतिरिक्त मांग के कारण एक शादी टूट गई। शादी की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। घर में रिश्तेदारों और मेहमानों की भीड़ थी। दुल्हन शबनम अपनी नई जिंदगी की शुरुआत का इंतजार कर रही थी, लेकिन तय समय पर बारात नहीं पहुंची और खुशियों का माहौल मायूसी में बदल गया। लड़की पक्ष का आरोप है कि बारात आने से पहले दूल्हा पक्ष ने अचानक 50 हजार रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग कर दी। मांग पूरी नहीं होने पर दूल्हा पक्ष ने बारात लाने से इनकार कर दिया। 15 जून को तय थी शादी, पूरी हो चुकी थीं तैयारियां मच्छरगांवा बाजार गांव निवासी शबनम की शादी योगापट्टी थाना क्षेत्र के रुदलपुर गांव निवासी गुलाब अंसारी के बेटे के साथ तय हुई थी। परिजनों के अनुसार, शादी की तारीख 15 जून निर्धारित थी। विवाह को लेकर परिवार में कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं। घर की सजावट से लेकर मेहमानों के स्वागत तक की पूरी व्यवस्था कर ली गई थी। दूल्हा पक्ष की ओर से करीब 200 बारातियों के आने की जानकारी दी गई थी। बारातियों के स्वागत के लिए भोजन की विशेष तैयारी की गई थी। घर में रिश्तेदार जुटे थे और सभी लोग बारात आने का इंतजार कर रहे थे। तिलक में दिए थे नकद, बाइक और अन्य सामान दुल्हन के पिता शाहिद अंसारी ने बताया कि शादी से पहले हुए तिलक समारोह में लड़की पक्ष की ओर से दूल्हा पक्ष को नकद राशि, मोटरसाइकिल और अन्य जरूरी सामान दिए गए थे। उन्होंने बताया कि इसके बावजूद शादी के दिन बारात आने के समय दूल्हा पक्ष की ओर से अचानक 50 हजार रुपये अतिरिक्त मांगे जाने लगे। शाहिद अंसारी ने कहा कि इतनी बड़ी रकम तत्काल देना उनके लिए संभव नहीं था। उन्होंने वर पक्ष से समझाने की कोशिश की, लेकिन पैसा नहीं देने पर बारात लेकर आने से इनकार कर दिया गया। देर रात तक दरवाजे पर होता रहा इंतजार शाहिद अंसारी ने बताया कि 15 जून की देर रात तक पूरा परिवार बारात आने की राह देखता रहा। रिश्तेदार और गांव के लोग भी इंतजार करते रहे, लेकिन बारात नहीं पहुंची। उन्होंने कहा कि शादी टूटने से बेटी और पूरे परिवार को मानसिक और सामाजिक पीड़ा झेलनी पड़ी है। जिस घर में शादी की खुशियां होनी थीं, वहां अचानक सन्नाटा छा गया। परिजनों का कहना है कि दहेज की मांग के कारण उनकी बेटी के सपने टूट गए। पुलिस पहुंची, शुरू हुई मामले की जांच घटना की सूचना मिलने के बाद योगापट्टी थाना पुलिस मच्छरगांवा बाजार पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने दोनों पक्षों से जानकारी जुटाई है। पीड़ित परिवार ने दहेज मांग कर शादी तोड़ने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दहेज प्रथा पर फिर उठे सवाल यह घटना एक बार फिर समाज में दहेज प्रथा की गंभीर समस्या को सामने लाती है। शादी जैसे रिश्ते में लालच के कारण जहां एक बेटी के सपने टूट जाते हैं, वहीं परिवार को आर्थिक और मानसिक परेशानी से गुजरना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने भी इस घटना की निंदा करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बेटी की खुशियां दहेज की मांग की वजह से न उजड़ें।
दिल्ली से मुंबई जा रही इंडिगो एयरलाइंस की एक उड़ान में उस समय हड़कंप मच गया, जब उड़ान के दौरान एक पैसेंजर की अचानक तबीयत बिगड़ गई। पैसेंजर की स्थिति को देखते हुए पायलट ने तुरंत मेडिकल इमरजेंसी घोषित करते हुए फ्लाइट को जयपुर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराने का फैसला लिया। दरअसल, इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E - 322 दिल्ली से मुंबई के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान एक पैसेंजर की तबीयत अचानक खराब हो गई। विमान में मौजूद क्रू मेंबर्स ने प्राथमिक स्तर पर पैसेंजर को सहायता उपलब्ध कराई, लेकिन स्वास्थ्य स्थिति में सुधार नहीं होने पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) से संपर्क कर नजदीकी एयरपोर्ट पर लैंडिंग की अनुमति मांगी गई। मेडिकल इमरजेंसी को देखते हुए विमान को प्राथमिकता देते हुए जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंडिंग की अनुमति दी गई। फ्लाइट ने रात करीब 12 बजकर 30 मिनट पर जयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की। विमान के उतरते ही पहले से तैयार मेडिकल टीम और एंबुलेंस को मौके पर भेजा गया। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार बीमार पैसेंजर को तत्काल एंबुलेंस के माध्यम से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार शुरू किया गया। वहीं पैसेंजर को अस्पताल पहुंचाने और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद विमान को दोबारा उड़ान के लिए तैयार किया गया। इसके बाद इंडिगो की फ्लाइट रात करीब 1 बजकर 30 मिनट पर पैसेंजर्स को लेकर मुंबई के लिए रवाना हो गई। --- ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली के खराब मौसम का जयपुर में दिखा असर:4 फ्लाइट डायवर्ट होकर सांगानेर एयरपोर्ट पहुंची, पैसेंजर्स होते रहे परेशान दिल्ली में देर रात खराब मौसम के कारण एयर ट्रैफिक प्रभावित हो गया। तेज हवाओं और प्रतिकूल मौसम की स्थिति के चलते कई फ्लाइट्स की दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिंग नहीं हो सकी। ऐसे में सुरक्षा कारणों से चार फ्लाइट्स को डायवर्ट कर जयपुर एयरपोर्ट भेजा गया। (पूरी खबर पढ़ें)
रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे ने विकास कार्यों में देरी और लापरवाही को लेकर अधिकारियों पर सख्त रुख अपनाया है। निगम मुख्यालय में करीब 6 घंटे तक चली समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी कार्य में गड़बड़ी पाए जाने पर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, तो उसकी निगरानी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और अभियंताओं पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। महापौर ने अपर आयुक्त को निर्देश दिए कि विकास कार्यों की मॉनिटरिंग में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा महापौर ने खामियां सामने आने पर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। करबला तालाब परियोजना पर नाराजगी बैठक के दौरान करबला तालाब विकास योजना की समीक्षा में कई खामियां सामने आने पर महापौर ने संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने मेजरमेंट बुक (एमबी) में पाई गई त्रुटियों और कार्य में लापरवाही पर नाराजगी जताई। महापौर ने कहा कि विकास कार्यों से जुड़े दस्तावेजों में गड़बड़ी और निर्माण कार्यों में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यादेश के बाद भी शुरू नहीं हुए कई काम समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि कई विकास कार्यों के लिए कार्यादेश जारी होने के बावजूद काम शुरू नहीं हुए हैं। इस पर महापौर ने अधिकारियों से जवाब मांगा और कहा कि जनता की सुविधा के लिए स्वीकृत विकास कार्यों को समयसीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरा कराना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। लंबित परियोजनाओं की बनेगी सूची राजधानी में विकास कार्यों में अनावश्यक देरी अब स्वीकार नहीं की जाएगी। लंबे समय से लंबित परियोजनाओं की सूची तैयार कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर कार्रवाई भी होगी। सभी योजनाओं की जोनवार समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, 15वें वित्त आयोग, प्रधानमंत्री आवास योजना, सांसद निधि, विधायक निधि, महापौर निधि, पार्षद निधि, सामान्य निधि और अन्य विकास मदों के तहत चल रहे कार्यों की जोनवार समीक्षा की गई। महापौर ने सभी अधिकारियों को प्रगति तेज करने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर आयुक्त लोकेश्वर साहू, विनोद पाण्डेय, कृष्णा खटीक, मुख्य अभियंता संजय बागड़े, अधीक्षण अभियंता राजेश राठौर, इमरान खान, सभी जोन कमिश्नर, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, उप अभियंता और संबंधित ठेकेदार मौजूद रहे।
41°C पहुंचा आजमगढ़ का तापमान:प्रदेश के 8 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट, जनजीवन प्रभावित
आजमगढ़ में मंगलवार का तापमान 41 सेंटीग्रेड पहुंच गया। जिले में लगातार बढ़ रहे तापमान और उमस के कारण आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित होता हुआ दिख रहा है।मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 8 जिलों में आंधी तूफान का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का भी अंदेशा जताया है। इसके साथ ही अगले 3 दिनों तक प्रदेश में तेज हवाओं के चलने के साथ ही मौसम कहीं साफ रहेगा तो कहीं बादल रहेंगे। हालांकि इस दौरान तापमान में चार से लेकर 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि अप बॉर्डर पर मानसून पहुंच चुका है और निश्चित रूप से जल्दी प्रदेश के अन्य जिलों में भी पहुंचेगी मानसून पहुंचने के बाद जिलों की जनता को राहत मिलेगी। जिला प्रशासन ने जारी किया हुआ है अलर्ट हालांकि जिला प्रशासन ने 20 दिन पूर्व ही जिले की आम जनता से जरूरी काम न होने पर दोपहर 12 से लेकर शाम 4 बजे तक अपने घरों से बाहर न निकलने की अपील की है। इसके साथ ही लिक्विड ज्यादा से ज्यादा लेने की भी अपील की है। जिससे कि भीषण गर्मी के प्रतिकूल प्रभाव से बचा जा सके। मौसम बदलने पर भी जिला प्रशासन ने तेज हवाओं के चलने पर सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
बुलंदशहर में कल्याण सिंह द्वार का शिलालेख गिरा:घटिया निर्माण, भ्रष्टाचार पर FIR की मांग
बुलंदशहर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ऊंचागांव में स्थापित 'बाबू जी कल्याण सिंह द्वार' का शिलालेख अचानक गिर गया। इस घटना को आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री देवेंद्र सिंह राणा ने गंभीर लापरवाही, घटिया निर्माण और सरकारी धन का दुरुपयोग बताया है। उन्होंने दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। राणा ने जानकारी दी कि यह शिलालेख विकासखंड ऊँचागांव द्वारा सरकारी धन से बनवाया गया था। इसके स्थापित होने के एक वर्ष के भीतर ही यह गिर गया। इस घटना ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों के पालन और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। देवेंद्र सिंह राणा ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि घटना के समय कोई व्यक्ति वहां मौजूद होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने जोर दिया कि इतनी कम अवधि में शिलालेख का गिरना स्पष्ट रूप से निर्माण मानकों की अनदेखी और गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रियाओं के पालन न होने का संकेत है। आज़ाद अधिकार सेना ने आरोप लगाया है कि इस निर्माण कार्य में शामिल अधिकारियों, तकनीकी कर्मचारियों और ठेकेदार की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। संगठन ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बाबू जी कल्याण सिंह प्रदेश के सम्मानित जननेता थे। उनके नाम पर स्थापित शिलालेख का इस तरह गिरना सरकारी धन की बर्बादी के साथ-साथ करोड़ों लोगों की भावनाओं को भी ठेस पहुँचाता है। इस मामले में आज़ाद अधिकार सेना ने थाना नरसेना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने, घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने और निर्माण कार्य में हुए संभावित भ्रष्टाचार की जांच की मांग की गई है।
शहडोल जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-43 (एनएच-43) पर सड़क किनारे खड़े भारी वाहन लगातार सड़क हादसों की वजह बन रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई दुर्घटनाओं के बावजूद प्रशासन ने अवैध पार्किंग रोकने और भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है। सड़क पर लगती है भारी वाहनों की कतार स्थानीय नागरिकों के अनुसार, सोहागपुर थाने के सामने स्थित पेट्रोल पंप के आसपास ट्रक, टैंकर और अन्य भारी वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। सड़क किनारे खड़े इन वाहनों से हाईवे संकरा हो जाता है, जिससे अन्य वाहन चालकों को निकलने में परेशानी होती है। रात के समय और तेज रफ्तार वाहनों के लिए यह स्थिति और अधिक खतरनाक बन जाती है। पहले भी हो चुके कई हादसे इसी क्षेत्र में हाल ही में एक टैंकर की चपेट में आने से बाइक सवार युवक की मौत हो गई थी। इसके बाद उसी स्थान पर हुए दूसरे सड़क हादसे में दो लोग घायल हुए। वहीं, अज्ञात वाहन की टक्कर से दो मवेशियों की मौत की घटना भी सामने आ चुकी है। लगातार हो रहे हादसों के बाद स्थानीय लोग सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। भारी वाहनों के लिए अलग पार्किंग की मांग स्थानीय लोगों का कहना है कि पेट्रोल पंप के सामने सड़क पर भारी वाहनों के टायरों के निशान साफ दिखाई देते हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि यहां लंबे समय तक वाहन खड़े रहते हैं। लोगों ने मांग की है कि हाईवे किनारे अवैध पार्किंग पर रोक लगाई जाए और भारी वाहनों के लिए अलग पार्किंग स्थल विकसित किया जाए, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका कम हो सके। मेडिकल कॉलेज चौक पर भी बढ़ रहा खतरा मेडिकल कॉलेज चौक के पास स्थित ढाबा और पंचर दुकान के सामने भी भारी वाहनों की पार्किंग यातायात के लिए परेशानी बन रही है। यहां खड़े ट्रकों और टैंकरों की वजह से मेडिकल कॉलेज की ओर से आने-जाने वाले वाहन चालकों की दृश्यता प्रभावित होती है। सामने से आने वाले वाहनों का सही अनुमान नहीं लग पाने के कारण यहां भी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
हमारी बहन के साथ रेप करके उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी और अब हीरो बनकर घूम रहा है। तेरी छाती और प्राइवेट पार्ट में गोलियां मारेंगे। अब तेरी जिंदगी के बहुत कम दिन बचे हैं। मेरी धमकी को हल्के में मत लेना। बहुत जल्द इसका अंजाम तेरे सामने होगा। बस मौका मिल जाए। I Kill You. यह धमकी यमुनानगर के सेक्टर-17 हुडा क्षेत्र में एक होटल कारोबारी को डाक के माध्यम से मिली है। लाल पैन से लिखे पत्र में आरोपी ने कारोबारी पर अपनी बहन से रेप करने का आरोप लगाते हुए उसे, उसके बेटे, बहन और अन्य परिजनों को गोली मारकर हत्या करने, दोनों होटलों पर फायरिंग करने तथा आग लगाने की धमकी दी है। चिट्ठी में काफी गालीगलोच भी की गई है। पत्र मिलने के बाद होटल कारोबारी ने घबराते हुए पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है। जिस कारोबारी को धमकी भरा पत्रा मिला है उसके ऊपर 2023 में रेप का आरोप लगा था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डाक के माध्यम से आई चिट्ठी शिकायतकर्ता संजीव कुमार निवासी गांव मिश्री का माजरा (करेहड़ा खुर्द), थाना सेक्टर-17 पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह होटल व्यवसाय से जुड़ा हुआ है और उसका एक होटल सेक्टर-17 हुड्डा जगाधरी एवी रेजीडेंसी के नाम से लीज पर संचालित है। नो मई को उसे डाक के माध्यम से एक धमकी भरा पत्र प्राप्त हुआ, जिससे वह और उसका परिवार भयभीत हो गया। शिकायतकर्ता के अनुसार जब वह होटल पर मौजूद नहीं था, तब डाक विभाग का कर्मचारी एक पत्र देकर गया, जिसे होटल के कर्मचारी सौरभ ने उसके कार्यालय में रख दिया। बाद में जब वह होटल पहुंचा और उसने पत्र खोला तो उसमें लाल रंग के पेन से लिखी गई गंभीर जान से मारने की धमकियां थीं। कई दिनों से रेकी होने की आशंका शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे धमकी भरे दो पत्र प्राप्त हुए हैं। पहला पत्र नौ मई और दूसरा 14 का आया था। संजीव ने बताया कि उस कई दिनों से महसूस हो रहा है कि कोई उसकी रेकी कर रहा है। उसके होटल में भी कई दिनों से अजीब किस्म के लोगों का आना जाना बढ़ गया था। इतना ही नहीं कुछ समय पहले जब वह शिमला गया था तो तीन से चार दिन की होटल बुकिंग कराई थी, लेकिन उसके वहां भी कुछ ठीक नहीं लगा, जिसके चलते वह समय से पहले चेकआउट कर वापिस लौट आया था। अब उसे चिट्ठी में परिवार सहित जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। पढिए लाल स्याही से लिखी धमकी भरी चिट्ठी में क्या कहा- संजीव, हमारी बहन के साथ रेप करके उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी और अब हीरो बनकर घूम रहा है। तेरी छाती में गोलियां मारेंगे, समझा। तुझे जान से मार देंगे। तेरी अच्छी तरह फील्डिंग लगा दी है। जिस दिन तू अकेला फंस गया, उसी दिन जान से मार देंगे। अपनी बहन के साथ हुए रेप का बदला लेकर रहेंगे। तूने हमारी बहन की जिंदगी बर्बाद की है। अपनी बहन की बड़े होटल में शादी करता है, उसे भी नहीं छोड़ेंगे। तेरे जीजा को भी मारेंगे। कई बार बच गया तू, लेकिन अब तेरी सुपारी दे दी गई है। बहुत चीफ गेस्ट बनकर रीबन काटता है । अब तेरा रीबन हम काटेंगे।तेरी छाती और प्राइवेट पार्ट में गोलियां मारेंगे। शिमला गया था न, वहां भी हमारे हाथ से बच गया, मौका नहीं मिला गोली मारने का। अगर तेरे पास पिस्टल है तो हम दिखाएंगे कि पिस्टल कैसे चलती है। अपनी बहन की इज्जत का बदला लेकर रहेंगे। तेरे होटल में घुसकर गोलियां मारेंगे। दिन में मारें या रात में मारें, बदला जरूर लेंगे। तेरा वंश खत्म कर देंगे। अब तेरी जिंदगी के बहुत कम दिन बचे हैं। मेरी धमकी को हल्के में मत लेना। बहुत जल्द इसका अंजाम तेरे सामने होगा। बस मौका मिल जाए। I Kill You. 2023 में होटल कारोबारी पर लगा था रेप का आरोप होटल कारोबारी संजीव कुमार ने पुलिस को बताया कि 2023 में उसके खिलाफ महिला थाना यमुनानगर में रेप सहित विभिन्न धाराओं के तहत एक मामला दर्ज हुआ था, जिसे बाद में जांच के दौरान खारिज कर दिया गया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि धमकी भरे पत्र में बार-बार “बहन” शब्द लिखा हुआ है, इसलिए उसे संदेह है कि यह पत्र उसी पुराने मामले की शिकायतकर्ता के किसी भाई या रिश्तेदार द्वारा भेजा गया हो सकता है। सेक्टर 17 थाना प्रभारी प्रमोद कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस धमकी भरा पत्र भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करने, पत्र के स्रोत का पता लगाने और आरोपी की तलाश के लिए जांच कर रही है।
जगदलपुर में बस्तर पुलिस ने NMDC प्लांट के फर्नेस में 2 करोड़ 2 लाख 97 हजार 560 रुपए के 2235 किलो गांजा को जलाकर नष्ट कर दिया। यह गांजा पुलिस ने कुल 61 मामलों में जब्त किया गया था। ज्यादातर मामलों में गांजा ओडिशा से छत्तीसगढ़ के रास्ते देश के अलग-अलग राज्यों में तस्करी के दौरान पकड़ा गया था। इस कार्रवाई के दौरान बस्तर एसपी शलभ कुमार सिन्हा, पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी और नारकोटिक्स विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। जब्त गांजे की खेप को निर्धारित प्रक्रिया के तहत NMDC प्लांट के फर्नेस में जलाकर नष्ट किया गया। वहीं, 6500 मिलीलीटर नशीली सिरप को भी नियमानुसार गड्ढा खोदकर नष्ट किया गया। पुलिस के अनुसार नष्ट की गई मादक सामग्री का कुल अनुमानित कीमत 2 करोड़ 2 लाख 97 हजार 560 रुपए है। खाली प्लास्टिक बोतलें रीसाइक्लिंग के लिए भेजी गईं पुलिस ने बताया कि नशीली सिरप की खाली प्लास्टिक बोतलों को पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए रीसाइक्लिंग के लिए प्लास्टिक फैक्ट्री भेजा गया। यह कार्रवाई नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के गाइडलाइन के तहत की गई है। बस्तर SP शलभ कुमार सिन्हा ने कहा कि जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए प्रभावी कार्रवाई आगे भी जारी रखी जाएगी।
पंजाब पुलिस में होने वाली 3,298 कॉन्स्टेबल (जिला एवं आर्म्ड कैडर) भर्ती 2026 के लिए परीक्षा की तारीख घोषित कर दी गई है। कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) 1 जुलाई से शुरू होगी। इस संबंध में एडमिट कार्ड जल्द ही जारी किए जाएंगे। विभाग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे परीक्षा से जुड़ी सभी अपडेट्स के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से नजर बनाए रखें। बता दें कि पंजाब पुलिस ने यह भर्ती मार्च 2026 में जारी की थी। इस दौरान जिला कैडर में 2,522 और आर्म्ड कैडर में 776 पदों पर भर्ती की जानी है। अब इस भर्ती के लिए परीक्षा की तारीख घोषित कर दी गई है। (पढ़ें पूरी खबर)
बाड़मेर पुलिस ने मारपीट और एससी-एसटी एक्ट के मामले में पांच माह से फरार चल रहे 2 हजार रुपए के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को तकनीकी सूचना और लगातार निगरानी के आधार पर पकड़ा गया। फिलहाल पुलिस उससे कोतवाली थाने में दर्ज मामले को लेकर पूछताछ कर रही है। एसपी चूनाराम जाट ने बताया - जिले के विभिन्न थानों में दर्ज मामलों के वांटेड आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस मुख्यालय और जोधपुर रेंज के निर्देश पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। एएसपी नितेश आर्य के नेतृत्व में एएसआई दमाराम और डीएसटी प्रभारी आदेश कुमार की टीम वांटेड आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। जनवरी से फरार था आरोपी पुलिस के अनुसार कोतवाली थाने में जनवरी 2026 में दर्ज मारपीट और एससी-एसटी एक्ट के मामले में वांटेड मगराज पुत्र सांगाराम निवासी मूले की ढाणी, चक हड़वा, पुलिस थाना शिव हाल इंद्र कॉलोनी, बाड़मेर पिछले पांच माह से फरार चल रहा था। पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर कई बार दबिश दी, लेकिन वह गिरफ्त में नहीं आया। इसके बाद एसपी की ओर से आरोपी पर 2 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था।
लुधियाना के हैबोवाल इलाके के अंतर्गत आते गांव लादियां कलां में क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान मामूली कहासुनी ने भयानक रूप ले लिया। पंजाब पुलिस के एक सिपाही और उसके दोस्तों पर करीब आधा दर्जन से अधिक हथियारबंद बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। हमलावर शराब के नशे में पूरी तरह धुत थे जिन्होंने न सिर्फ लाठियों और तेजधार हथियारों से पीड़ित पक्ष को बेरहमी से पीटा, बल्कि सरेआम जान से मारने की धमकियां भी दीं। पुलिस ने इस मामले में मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। मैच खत्म होते ही शुरू हुआ विवाद, बीच-बचाव करने पर भड़के आरोपी शिकायतकर्ता जो खुद पंजाब पुलिस में कार्यरत है ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि 14 जून को वह अपने दोस्त लादियां कलां निवासी के साथ कोल ग्राउंड में आयोजित एक क्रिकेट टूर्नामेंट में भाग लेने गया था। मैच खत्म होने के बाद जब वे दोनों अपना खेल का सामान समेट रहे थे तभी अचानक उसके दोस्त जोबन और आरोपी काका के बीच किसी बात को लेकर बहसबाजी होने लगी। बहस को बढ़ता देख जब पीड़ित पुलिसकर्मी ने बीच-बचाव करने की कोशिश की और काका से विवाद का कारण पूछा, तो आरोपी काका बुरी तरह भड़क गया और गाली-गलौज करने लगा। फोन कर बुलाए शराबी गुंडे,हथियारों से किया हमला देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि आरोपी काका ने तुरंत फोन करके अपने जीजा,अपने दोस्त सुमित और अपने पिता भोला को मौके पर बुला लिया। पिता, जीजा और दोस्त अपने साथ 5 से 6 अन्य अज्ञात युवकों को लेकर आए, जो पहले से ही भारी मात्रा में शराब पिए हुए थे और उनके हाथों में खतरनाक हथियार थे। ग्राउंड में पहुंचते ही इन सभी ने मिलकर पंजाब पुलिस के जवान और उसके दोस्तों को चारों तरफ से घेर लिया। आरोपियों ने बिना कुछ सोचे-समझे गाली-गलौज करते हुए तेजधार हथियारों और डंडों से हमला बोल दिया। इस अचानक हुए हमले में पीड़ित और उसके दोस्तों को गंभीर चोटें आई हैं। सरेआम गुंडागर्दी का नाच नाचने के बाद आरोपी जाते-जाते पीड़ित पक्ष को जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए। हैबोवाल पुलिस स्टेशन के एएसआई करमजीत सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता के बयानों के आधार पर सूरज पुत्र भोला, काका, भोला, सुमित और अन्य अज्ञात हमलावरों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 115(2), 118(1), 126(2), 351(2)(3), 191(3), और 190 के तहत 15-06 को मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और जल्द ही सभी सलाखों के पीछे होंगे।
राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (एनएसआई) कैंपस में बिना अनुमति 722 हरे पेड़ काटे जाने के मामले में एनएसआई डायरेक्टर डॉ. सीमा परोहा को सस्पेंड कर दिया गया है। इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर का कार्यभार शुगर एंड वेजिटेबल ऑयल निदेशालय के डायरेक्टर अरविंद कुमार रावत को सौंपा गया है। सर्कुलर किया गया जारी इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी कमलेश कुमार की ओर से सर्कुलर भी जारी कर दिया गया है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने शुक्रवार को डॉ. सीमा के निलंबन संबंधी आदेश जारी किया था। उस दिन इस संबंध में एनएसआई के अधिकारी चुप्पी साधे रहे। कल्याणपुर थाने में दर्ज है एफआईआर एनएसआई में सर्कुलर जारी करते हुए कहा गया कि एनएसआई के अधिकारी ऑफिस संबंधी कार्य के संबंध में निदेशक रावत को ई-मेल के जरिये संपर्क कर सकते हैं। बताते चलें कि हरे पेड़ काटे जाने के मामले में डॉ. सीमा परोहा समेत अन्य अफसरों के खिलाफ कल्याणपुर थाने में एफआईआर दर्ज है। वन विभाग ने अपने यहां केस काटा (मामला दर्ज) है। वन विभाग और पुलिस जांच कर रही है। कर्मचारी नेताओं ने की थी शिकायत एनएसआई के कर्मचारी नेताओं की ओर से हरे पेड़ काटे जाने की शिकायत की गई थी। शुरुआत में तो संस्थान के अधिकारी आंधी में गिरे पेड़ कटने की बात कहते रहे। लेकिन वन विभाग ने जांच के बाद बिना अनुमति पेड़ काटने व लकड़ी बेचने के मामले में मुकदमा दर्ज कराया है।
जब वैकल्पिक व्यवस्था तैयार होती है, तो इसी तरह के परिणाम सामने आते हैं। जिसका जो काम है और जो उसके योग्य है, उसे ही वह कार्य सौंपा जाना चाहिए। अधिकारी जो मंदिर की देखरेख करते हैं, उनकी नजर में मंदिर पर्यटन स्थल से ज्यादा कुछ नहीं हैं, इसलिए अब मांग उठ रही है कि सनातन बोर्ड का गठन किया जाए। यह कहना है द्वारका पीठ के शंकाराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती का। उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर के दानपात्रों से चढ़ावे की 200 करोड़ की चोरी होने पर भी चिंता जाहिर की है, जिसमें कि नोटों की गिनती से जुड़े करीब 50 कर्मचारी संदेह के घेरे में हैं। उन्होंने कहा आयोध्या में हुई यह घटना आस्था के साथ खिलवाड़ है। परमहंसी गंगा आश्रम जाने से पहले जबलपुर में कुछ देर रुके शंकाराचार्य ने कहा कि यह काम उन लोगों का नहीं है, जो लोग इसे कर रहे थे। हम लोगों को यही तो आपत्ति है कि सनातन धर्मालंबियों के हिंदुओं के जितने भी मंदिर हैं पूरे देश में वो शासनाधीन है, जो अधिकारी हैं, कर्मचारी हैं उनका परिवर्तन होता रहता है, तबादला होता हैं। उनको धार्मिकता का अनुभव नहीं होता है, शास्त्र का ज्ञान नहीं होता है, विधिनिषेध का ज्ञान नहीं होता है, पाप पुण्य का ज्ञान नहीं होता है, ये सब मंदिरों को पर्यटक स्थल के दृष्टिकोण से देखते हैं, जबकि हम लोग वहां जाने वाले सनातन धर्मावलंबी, हिंदू यात्री दर्शन करने के लिए जाते हैं। हमारा दृष्टिकोण तपोभूमि होता है। द्वारका पीठ के शंकाराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने कहा कि हमारी यह मान्यता है कि मंदिर और धर्म स्थान, जहां धर्म और ब्रह्म की सत्ता विद्यमान होती है, सकारात्मक ऊर्जा होती है, आध्यात्मिक शक्ति होती है। उसे प्राप्त करने के लिए लोग जाते हैं, अपनी गाढ़ी खून पसीना की कमाई वहां अर्पण करके आते हैं। मंदिर में उसका अच्छा सदुपयोग होना चाहिए, ईमानदार व्यक्तियों की नियुक्ति होनी चाहिए। अयोध्या में जिन्होंने भी यह चोरी जैसा अपराध किया है, उन्हें कठोर दंड दिया जाना चाहिए, ताकि दूसरी बार वहां भी और अन्य दूसरे मंदिरों में इस तरह की प्रवृत्ति न हो और उस पर रोक लगा सके। शंकाराचार्य ने कहा कि देश और विदेश की जनता के बीच यह समाचार अच्छा नहीं है। कल तक राम मंदिर निर्माण के बाद लोगों को जो प्रसन्नता का अनुभव हो रहा था, इस घटना के बाद उस पर चोट लगी है। उन्होंने कहा कि हम लोग चाहते हैं कि सनातन धर्म संरक्षण समिति या सनातन धर्म बोर्ड का निर्माण हो और सारे धार्मिक जितने भी विषय हैं, धार्मिक स्थल हैं, वह सब उन सबको सौंप दिया जाएं, क्योंकि जिन लोगों को जिस विषय का ज्ञान है वही उसे समस्या का हल कर सकते हैं। स्वामी सदानंद सरस्वती ने यह भी कहा कि मंदिर संचालन वो कर सकता है, जिनको अनुभव हो। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार वो लोग इसलिए करते हैं कि पाप-पुन्य का उन्हें भय नहीं है। धर्म-अधर्म का ज्ञान नहीं है। देश की स्वतंत्रता के बाद लोगों ने विचार किया था कि अपनी विचारधारा, संस्कृति, धरोहर, भारतीय शिक्षा पद्धति का पालन कर पाएंगे, पर ऐसा नहीं हो पाया। मंदिरों की जो आवक है उससे गौशाला, पाठशाला, यज्ञशाला, धर्मशाला, औषधालय इन सबका निर्माण होना चाहिए। जहां-जहां मंदिर स्थित है, वहां विकास होना चाहिए। सरकारों को मंदिरों का धन व्यय करने का कोई अधिकार नहीं होना चाहिए। शासन का कर्तव्य है कि प्राचीन धरोहर का संरक्षण करे।
धर्म छिपाकर नाबालिग से दोस्ती का आरोप:हिंदू संगठनों ने युवक को पुलिस के हवाले किया; कार्रवाई की मांग
दमोह कोतवाली थाना क्षेत्र में एक युवक पर धर्म छिपाकर नाबालिग लड़की को परेशान करने का आरोप लगा है। हिंदू संगठनों के सदस्यों ने सोमवार रात कोतवाली पहुंचकर आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। संगठनों ने आरोप लगाया कि मुस्लिम समाज के युवक ने अपनी पहचान छुपाकर नाबालिग से दोस्ती की। उन्हें अंदेशा है कि युवक ने नाबालिग का शोषण भी किया। शिकायत में यह भी बताया गया है कि आरोपी ने नाबालिग के परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी थी, जिससे वह काफी डरी हुई थी। युवक कलावा बांध, टीका लगाता था। हिंदू संगठन की ओर से नित्या प्यासी ने बताया कि जबलपुर नाका क्षेत्र निवासी साहिल खान नामक युवक सोशल मीडिया पर 'साहिल लाला' के नाम से आईडी चला रहा था। उसने नाबालिग से दोस्ती की और खुद को हिंदू दिखाने के लिए हाथ में कलावा बांधता था और टीका लगाता था। युवक पीड़िता के घर पहुंचकर धमकी दी जब नाबालिग को युवक की सच्चाई का पता चला, तो उसने उससे बात करना बंद कर दिया। इसके बाद युवक ने उसे झांसे में लेने की कोशिश की और कहा कि वह बागेश्वर धाम जाकर धर्म परिवर्तन कर लेगा। हालांकि, जब नाबालिग ने उससे दूरी बनाए रखी, तो वह उसे परेशान करने लगा। रविवार रात आरोपी ने पीड़िता के घर जाकर दहशत फैलाई और उसे धमकी दी कि वह उसकी बहन के साथ छेड़छाड़ करेगा और मां के साथ भी कोई घटना कर देगा। हिंदू संगठनों को इस घटना की जानकारी मिलने पर उन्होंने युवक को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। संगठनों ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग की है।
जमशेदपुर में पुलिस ने चेन स्नेचर का हाफ एनकाउंटर किया है। जिसमें पुलिस ने अपराधी के पैर में गोली मारी। जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। घायल अपराधी का नाम हरपाल उर्फ गबरू है। दरअसल टेल्को के घड़ी पार्क (मनीष पार्क) में सोमवार की शाम वॉक कर रही बिरसानगर जोन नंबर 9 निवासी बसंती देवी (55) से काले रंग की पल्सर पर सवार दो युवकों ने चेन छिनतई कर ली। इसके बाद फरार हो गए। 40 मिनट बाद पुलिस धर दबोचा घटना के 40 मिनट बाद पुलिस ने अपराधियों को खदेड़ते हुए सिदगोड़ा में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार बदमाशों के पास से एक पिस्टल, 10 गोलियां बरामद हुई। चेन छिन कर भागने के दौरान बदमाशों को पुलिस टीम ने सिदगोड़ा रोड नंबर 28 के पास चारों तरफ से घेर लिया। एक पुलिस जीप ने ओवरटेक किया तो पल्सर समेत दोनों नाली में गिर पड़े। बाइक के नीचे पैर दबने पर एक बदमाश को पुलिस ने दबोच लिया, जबकि पीछे बैठा दूसरा बदमाश पुलिस पर दो राउंड फायरिंग कर भागने लगा। जिसे बाद में जैप-6 कैंपस दबोचा गया। दूसरे अपराधी का नाम मनप्रीत सिंह रिशू है। हथियार बरामदगी के दौरान हाफ एनकाउंटर इसके बाद पुलिस देर रात 2.30 बजे के करीब हरपाल उर्फ गबरू को लेकर सिदगोड़ा टाउन हॉल स्थित शौचालय के पास हथियार बरामदगी के लिए ले गई। इस दौरान गबरू ने एएसआई सुशांत सुंडी की पिस्तौल छीन ली और पुलिस टीम पर तीन राउंड फायरिंग की। एएसआई सुशांत सुंडी और अन्य पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए, किसी को चोट नहीं आई। स्थिति को गंभीर होते देख टाइगर मोबाइल के जवान शम्स तबरेज ने तत्काल जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने आरोपी के पैर में गोली मारी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे तुरंत धर दबोचा। सिदगोड़ा थाना प्रभारी फैज अहमद ने बताया कि घायल अपराधी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। आरोपी से पूछताछ जारी है। जून में बढ़ीं चेन छिनतई की वारदातें जमशेदपुर में जून महीने के दौरान चेन छिनतई की घटनाओं में अचानक बढ़ोतरी हुई है। बीती रात ही टेल्को घड़ी पार्क में बिरसानगर जोन नंबर 9 की रहने वाली बसंती देवी के गले से चेन छीन ली गई। इससे एक दिन पहले 14 जून को परसुडीह के प्रेमनगर कुंज के पास मॉर्निंग वॉक कर रही धनवंती देवी को निशाना बनाया गया। इसके अलावा 13 जून को सीतारामडेरा नया कोर्ट के पास स्कूटी से घर लौट रही दीपा माइती से चेन छिनतई हुई, जबकि 11 जून को साकची रामलीला मैदान के पास घर लौट रही मोनिका सिंह भी बदमाशों का शिकार बनीं।
गयाजी में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई है। मुठभेड़ में ज्वेलरी शॉप से 45 लाख की लूट मामले में शामिल 2 अपराधियों के पैर में गोली लगी है। इस दौरान लूट का सोना भी बरामद हुआ है। लूटकांड के मुख्य आरोपी सुजीत चौधरी के पैर में 3 गोलियां लगी हैं। दूसरे अपराधी मल्लाह के पैर में एक गोली लगी है। दोनों को मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां भारी सुरक्षा के बीच इलाज चल रहा है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा घटनाक्रम… पुलिस पर गोलियां बरसाईं SSP सुशील कुमार ने बताया कि रात करीब 12:00 बजे पुलिस को सूचना मिली थी। गुरूआ डकैती कांड से जुड़े अपराधी किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए मूवमेंट कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने जाल बिछाया। आमस थाना क्षेत्र के बनाही बालू घाट के पास घेराबंदी की गई। पुलिस ने अपराधियों को चारों तरफ से घेरकर सरेंडर करने की चेतावनी दी थी। लेकिन, खुद को फंसता देख बेखौफ अपराधियों ने भागने की कोशिश की। पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोअपराधियों के पैर में गोली लगी और वे वहीं गिर पड़े। गुनाह कबूला और लूट का सोना भी बरामद अस्पताल के बेड पर पड़े अपराधियों ने पूछताछ में गुरुआ बाजार की डकैती में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। पकड़े गए अपराधी शेरघाटी और आमस थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। सबसे बड़ी कामयाबी यह रही कि पुलिस ने इनके पास से लूटा गया सोना बरामद कर लिया है। हालांकि, बरामद सोने की सटीक मात्रा कितनी है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस को चकमा देकर 3 अपराधी भागे हालांकि, इस गिरोह के तीन अन्य अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। पुलिस की स्पेशल टीम फरार अपराधियों के ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। SP ने दावा किया है कि जल्द ही बाकी के तीन आरोपी भी सलाखों के पीछे होंगे। अब ज्वेलरी शॉप में लूट की पूरी कहानी जानिए गयाजी के गुरुआ में 27 मई को अपराधियों ने ज्वेलरी कारोबारी से 45 लाख की लूट की वारदात को अंजाम दिया था। चार हथियारबंद बदमाशों ने ज्वेलरी व्यवसायी को पहले गोली मारी। इसके बाद ज्वेलरी और कैश लूटकर फरार हो गए थे। घटना गुरुआ थाना क्षेत्र में हुई थी। पुलिस अपराधियों की तलाश में छापेमारी कर रही थी। घायल व्यवसायी की पहचान गुरुआ बाजार निवासी प्रभाकर बरनवाल के रूप में हुई थी। प्रभाकर गुरुआ बाजार स्थित एस ब्रदर्स ज्वेलर्स दुकान बंद कर अपने घर कार से लौट रहे थे। इसी दौरान करमाईन की तरफ से दो बाइक पर सवार चार अपराधी पहुंचे और उनको घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया था कि बदमाशों ने कारोबारी पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। करीब 6 राउंड गोली चलने से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। फायरिंग के दौरान एक गोली प्रभाकर बरनवाल के दाहिने पैर में जांघ में लग गई। गोली लगते ही वह घायल होकर गिर पड़े। इसके बाद अपराधियों ने उनके पास मौजूद बैग छीन कर फरार हो गए। घटना से जुड़ी कुछ तस्वीरें… फायरिंग के दौरान लगातार धमकी दे रहे थे बदमाश ड्राइवर और स्टाफ सुभाष संगत ने बताया कि फायरिंग के दौरान बदमाश लगातार धमकी दे रहे थे। बदमाश कह रहे थे कि जमीन क्यों नहीं लिख रहे हो। इसके बाद उन्होंने बैग छीन लिया। बैग में करीब 40 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और करीब पांच लाख रुपए नकद थे। लूट की घटना को अंजाम देने के बाद सभी अपराधी गुरारू की ओर भाग निकले। स्थानीय लोगों ने पहुंचाया हॉस्पिटल घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर जुट गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायल व्यवसायी को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरुआ पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल गया रेफर कर दिया गया।
पूर्णिया में घर में घुसकर युवक की हत्या:सोते समय अपराधियों ने सिर में 4 गोलियां मारी, आरोपी फरार
पूर्णिया जिले के कस्बा थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक युवक की घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई। अपराधियों ने युवक के सिर में चार गोलियां दाग दीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। सोते समय घर में घुसे बदमाश जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान काठपुल निवासी 30 वर्षीय शाहजहां के रूप में हुई है। बताया जाता है कि मंगलवार की सुबह 3 बजे कुछ अपराधी उसके घर में घुस गए। उस समय शाहजहां घर में सो रहा था। बदमाशों ने उसके सिर में लगातार चार गोलियां मार दीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक अपराधी फरार हो चुके थे। मेहनत-मजदूरी कर चलाता था परिवार स्थानीय लोगों ने बताया कि शाहजहां मेहनत-मजदूरी और खेती-बाड़ी कर अपना जीवन यापन करता था। उसने हाफिज की शिक्षा भी प्राप्त की थी। ग्रामीणों का कहना है कि उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी और वह शांत स्वभाव का व्यक्ति था। ऐसे में हत्या के पीछे की वजह लोगों की समझ से परे है। घटनास्थल से मिले चार खोखे सूचना मिलने पर कस्बा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से चार खाली कारतूस बरामद किए हैं। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और अपराधियों की पहचान में जुटी है। अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी कस्बा थाना प्रभारी ज्ञान रंजन ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली जाएगी और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। ग्रामीणों ने जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक अपराधी पकड़े नहीं जाते, तब तक इलाके में भय का माहौल बना रहेगा।
श्रीरामजन्मभूमि मंदिर में चल रहे दान चोरी प्रकरण के में प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करने के लिए कांग्रेस आज पुलिस को तहरीर सौपेगी।यूपी युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने कहा है कि वे आवश्यक कार्यवाही किए जाने की मांग को लेकर आज पूर्वान्ह 11 बजे थाना श्रीरामजन्मभूमि, अयोध्याजी में प्रार्थना पत्र देंगे। शरद शुक्ला ने कहा कि इस प्रकरण की गंभीरता एवं जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस तत्काल मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्यवाही करे जिससे एक भी दोषी बचने न पाए। उन्होंने कहा कि रामलला के दान पेटी का मामला सामाजिक और धार्मिक दोनों ही प्रकार से बेहद संवेदनशील है।पूरे देश के करोड़ों रामभक्तों में इस सूचना को लेकर गहरी जाराजगी और चिंता है।इसे दूर किया जाना चाहिए।
घुंघटेर थाना क्षेत्र के हाजीपुर गांव स्थित प्रसिद्ध दांडी तुला धाम में उस समय सनसनी फैल गई, जब वहां के तालाब से एक 22 वर्षीय युवक का शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान लखनऊ जनपद के महिगवां थाना क्षेत्र के मुसफरी गांव निवासी रोहित यादव के रूप में हुई है। रोहित रविवार को अपने कुछ दोस्तों के साथ यहां आया था, लेकिन शाम को उसकी लाश तालाब में तैरती मिली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के पिता अजय कुमार यादव ने पुलिस को दी तहरीर में सीधे तौर पर हत्या का आरोप लगाया है। अजय कुमार ने बताया कि उनका बेटा रोहित एक टॉवर कंपनी में मैकेनिक के पद पर काम करता था। रविवार को उसका परिचित मनीष रावत और कुछ अन्य लोग उसे किसी बहाने से अपने साथ दांडी तुला धाम लेकर आए थे। परिजनों का दावा है कि रोहित की बेरहमी से हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को तालाब में फेंक दिया गया, ताकि मामला डूबने से हुई मौत का लगे। सिर पर चोट के निशान, एक आंख भी गायब परिजनों ने जब रोहित के शव को देखा, तो उनके होश उड़ गए। मृतक के सिर पर गंभीर चोट के गहरे निशान थे और उसकी एक आंख भी गायब थी। इन हालातों को देखते हुए परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए अभिषेक और मनीष समेत छह लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी खंगालने में जुटी पुलिस घुंघटेर थानाध्यक्ष अभय कुमार मौर्य ने बताया कि मामला बेहद गंभीर है और पुलिस हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है। ग्रामीणों और चश्मदीदों से पूछताछ की जा रही है, साथ ही आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। मृत्यु के वास्तविक कारणों का सटीक पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
झज्जर जिले के बिरोहड़ गांव के लिए गर्व की खबर है। गांव के युवा पहलवान कृष्ण पुत्र नरेश कुमार का चयन आगामी रेसलिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए हुआ है। अंडर-17 आयु वर्ग के 65 किलोग्राम भार वर्ग में कृष्ण पूरे भारत से चयनित होने वाले इकलौते पहलवान हैं, जो विश्व चैंपियनशिप में तिरंगे की शान बढ़ाते हुए देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। कृष्ण की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि साधारण परिवार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने वाले कृष्ण ने साबित कर दिया है कि प्रतिभा और मेहनत के आगे आर्थिक कठिनाइयां भी छोटी पड़ जाती हैं। पिता ने संघर्ष कर बेटे के सपनों को दी उड़ान कृष्ण की सफलता के पीछे उनके पिता नरेश कुमार का वर्षों का संघर्ष और समर्पण छिपा है। नरेश कुमार दूध बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सीमित आय और संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने बेटे को पहलवान बनाने का सपना देखा और उसे पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किया। परिवार के लोगों का कहना है कि कई बार आर्थिक चुनौतियां सामने आईं, लेकिन पिता ने कभी बेटे की प्रैक्टिस और प्रशिक्षण में कमी नहीं आने दी। बेटे की लगन और पिता के त्याग का ही परिणाम है कि आज कृष्ण विश्व चैंपियनशिप तक पहुंचने में सफल हुए हैं। छत्रसाल स्टेडियम में निखरी प्रतिभा कृष्ण ने अपनी प्रारंभिक कुश्ती की शुरुआत गांव से की। उनकी प्रतिभा को देखते हुए उन्हें देश के प्रतिष्ठित छत्रसाल स्टेडियम, दिल्ली में प्रशिक्षण का अवसर मिला। यहां अनुभवी कोचों और खलीफाओं के मार्गदर्शन में उन्होंने अपनी तकनीक और फिटनेस पर लगातार काम किया। कठोर अभ्यास, अनुशासन और लगातार बेहतर प्रदर्शन के दम पर कृष्ण ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बनाई। चयन ट्रायल में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में जगह बनाई। पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल कृष्ण के चयन की खबर मिलते ही बिरोहड़ गांव सहित आसपास के क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीण, खेल प्रेमी और युवा खिलाड़ी लगातार उनके परिवार को बधाई देने पहुंच रहे हैं। कोचों, खलीफाओं और खेल जगत से जुड़े लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया है। ग्रामीणों का कहना है कि कृष्ण की सफलता गांव के अन्य युवाओं को भी खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि यदि प्रतिभा के साथ मेहनत और परिवार का सहयोग हो तो गांव का खिलाड़ी भी विश्व स्तर तक पहुंच सकता है। अब विश्व मंच पर होंगी निगाहें अंडर-17 के 65 किलोग्राम भार वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रहे कृष्ण से पूरे देश को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। खेल प्रेमियों का विश्वास है कि वह विश्व चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर भारत और हरियाणा का नाम रोशन करेंगे। कृष्ण की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर कोचों, खलीफाओं, परिजनों और समस्त क्षेत्रवासियों ने उन्हें ढेरों शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
जयपुर में अब ट्रैफिक नियम बार-बार तोड़ने, बकाया चालान वाली गाड़ियों के नंबर चौराहे पर लगी बड़ी LED स्क्रीन पर दिखेंगे। यह शुरुआत रामबाग चौराहे पर 4 दिन पहले की गई है। इस चौराहे से गुजरने वाली गाड़ियों पर AI कैमरे नजर रखते हैं और चालान बकाया होने पर 12 सेकेंड में उनके नंबर सर्किल पर लगी LED स्क्रीन पर दिखाते हैं। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी उस गाड़ी को रोककर बकाया चालान की जानकारी देता है और गाड़ी के मालिक को चालान जमा कराने के लिए समझाता है। इसके बाद भी चालान जमान नहीं होता है तो अगली बार गाड़ी जब्त कर ली जाती है। इस एआई हाईटैक तकनीक ‘स्मार्ट व्हीकल चालान डिटेक्शन सिस्टम लॉन्च’ से चालान जमा नहीं कराने वाले वाहनों को पकड़ा जा रहा है। 4 दिन पहले प्रयोग के तौर पर शुरू की गई इस पहल में शुरुआती दौर में बड़ी संख्या में वाहनों की पहचान की गई है। ट्रैफिक पुलिसकर्मी गाड़ी के ड्राइवर को समझाकर जुर्माना जमा कराने की नसीहत दे रहे हैं। किसी गाड़ी का चालान बकाया नहीं होने पर उसे धन्यवाद भी दिया जाता है। ट्रैफिक पुलिस ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए अजमेरी गेट स्थित यादगार में कंट्रोल रूम भी तैयार किया है। शहर में ट्रैफिक पुलिस की इस पहल की दैनिक भास्कर ने पड़ताल की तो कई पहलू सामने आए। भास्कर टीम ने करीब 6 घंटे रामबाग चौराहे पर इसका रियलिटी चेक किया। पहले देखें ‘स्मार्ट व्हीकल चालान डिटेक्शन सिस्टम’ प्रोसेस की PHOTOS इन कंपनियों के साथ पुलिस ने सिस्टम किया लॉन्चगौरतलब है कि राजस्थान पुलिस, Eva Bharat ने Crashfree Media और Cars24 के साथ मिलकर जयपुर में ‘स्मार्ट व्हीकल चालान डिटेक्शन सिस्टम’ लॉन्च किया है। यह सिस्टम स्मार्ट और डिजिटल रूप से जुड़े शहरी बुनियादी ढांचे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। रामबाग चौराहे पर प्रयोग के तौर पर लगाई गई बड़ी LED स्क्रीन पर बकाया चालान वाली गाड़ियों की रियल टाइम पहचान कर नंबर दिखाए जा रहे हैं। ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने बताए चालान तो चौंक गए गाड़ी मालिकरामबाग सर्किल पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी राजेश गाड़ी मालिक को जुर्माना जमा कराने के लिए समझाते नजर आए। स्क्रीन पर अपनी गाड़ी के नंबर देख गाड़ी मालिक चौंक गए और खुद की गाड़ियों के बकाया चालान के बारे में पूछते रहे। कई गाड़ियों के आधा दर्जन से ज्यादा बकाया चालान का पता चला तो वे हक्के-बक्के रह गए। ये एआई कैमरे रामबाग चौराहे पर भवानी सिंह रोड, हाईकोर्ट सर्किल से आने वाली ट्रैफिक लाइट पर लगाया गया है। यहां जैसे ही गाड़ी रुकती है और किसी गाड़ी का चालान बकाया है या पॉल्यूशन, इंश्योरेंस और फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं है तो उसका नंबर सामने लगी LED स्क्रीन पर डिस्प्ले होता है। इसके बाद ट्रैफिक पुलिसकर्मी डिस्प्ले हुए नंबर की गाड़ी को ढूंढकर सड़क किनारे लगवाता है और ड्राइवर को बकाया चालान या पॉल्यूशन, इंश्योरेंस, फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं होने पर बनवाने की सलाह देते हैं। ट्रैफिक पुलिसकर्मी राजेश ने बताया- जिन गाड़ियों के 2 से ज्यादा चालान बकाया है, उनके मौके पर ही चालान किए जा रहे हैं। रोजाना सुबह से रात तक करीब 100 से ज्यादा वाहनों के बकाया चालान की कार्रवाई की जा रही है। राजेश ने बताया- कोई चोरी की गाड़ी होने पर एप में अलर्ट शो होगा। अब पढ़ें 5 केस: पुलिसकर्मी ने लोगों के चालान बताए तो ऐसे दिए रिएक्शन केस 1- चालान बकाया नहीं मिला, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट नहीं था रामबाग सर्किल पर लालबती पर एक हुंडई एक्सटर कार (RJ19 CN 26**) आकर रुकी तो 12 सेकेंड में चौराहे पर लगी LED बड़ी स्क्रीन पर कार के नंबर फ्लैश हुए। इसके बाद रामबाग चौराहे पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी राजेश ने ड्राइवर को रुकवाया। ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने पोस मशीन में चेक किया तो गाड़ी का चालान पेंडिंग नहीं था। हालांकि स्क्रिन पर नंबर होने के पीछे गाड़ी का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट एक्सपायर होना मिला। इसकी जानकारी गाड़ी ड्राइवर को भी नहीं थी। ट्रैफिक पुलिसकर्मी राजेश ने बताया- गाड़ी मालिक ने 22 जनवरी 2022 को गाड़ी ली थी। इसके बाद कभी पॉल्यूशन सर्टिफिकेट नहीं बनवाया। इस पर गाड़ी ड्राइवर को समझाया गया कि जल्दी गाड़ी का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट बनवाएं। गाड़ी ड्राइवर महेंद्र सिंह चौहान बोले- मेरी गाड़ी का नंबर डिस्प्ले हुआ था। उस पर मेरा चालान बता रहा था। इसके बाद इन्होंने देखा तो कोई चालान नहीं था। पॉल्यूशन सर्टिफिकेट पेंडिंग है, मैं जल्दी ही बनवा लूंगा। केस 2- मिले 13 चालान पेंडिंग LED स्क्रीन पर गाड़ी नंबर RJ25 CA 49** नंबर डिस्प्ले हुआ। इसके बाद गाड़ी ड्राइवर को पुलिस ने रुकवाया। गाड़ी के 13 चालान बकाया मिले। ये गाड़ी शैली नाम की महिला के नाम पर रजिस्टर्ड थी। इसके बाद गाड़ी चला रहे ड्राइवर ने 1000 रुपए का चालान मौके पर जमा करवाया। बाकी चालान का भी जल्दी भुगतान करने की बात कही। केस 3- मर्सिडीज के 8 चालान थे पेंडिंग LED स्क्रिन पर मर्सिडिज कार (RJ14 CH 80**) का नंबर डिस्पले होने पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने उसे रुकवाया। गाड़ी चला रहे युवक स्वर्ण ने गाड़ी रुकवाने का कारण पूछा तो पुलिसकर्मी ने बताया कि गाड़ी के 8 चालान बाकी हैं। युवक ने पूछा- ये चालान कब-कब के हैं। इस पर पुलिस ने बताया- लेटेस्ट चालान 27 मई रात 11:27 बजे का है। इसके साथ ही अप्रैल सहित अन्य चालानों की डेट की जानकारी दी। ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने पूछा- आपने चालान के रुपए जमान क्यों नहीं किए तो युवक बोला- मुझे इसकी जानकारी नहीं थी। युवक ने जल्दी ही सभी चालान चालान के रुपए जमा करवाने की बात कही। पुलिस ने हिदायत देकर युवक को छोड़ दिया कि यदि उन्होंने बकाया चालान जमा नहीं करवाए तो अगली बार इस ट्रैफिक लाइट पर गाड़ी आने पर जब्त की जाएगी। केस 4- होंडा सिटी गाड़ी के मिले 14 चालान करीब आधे घंटे बाद रेड लाइट पर होंडा सिटी कार (RJ14 CW 40**) का नंबर डिस्प्ले हुआ तो पुलिस ने गाड़ी को सड़क किनारे लगवाया। गाड़ी चला रही महिला को 14 चालान पेंडिंग होने की जानकारी दी। महिला ने कहा कि कार्रवाई उन पर करो न जिन्होंने किया, मैंने तो किया ही नहीं। महिला ने कहा- गाड़ी मेरे ससुर के नाम है। रामबाग के पास गली में हमारा घर है। महिला ने कहा- ये जानकारी मैं घर जाकर बता दूंगी। फिर चालान जमा करवा दिया जाएगा। इस पर ट्रैफिक पुलिस ने कहा- अभी आपका कोई फॉल्ट नहीं है। फिलहाल पुलिस समझा रही है। केस 5- कोई बकाया पेंडिंग चालान नहीं मिला तो जताया आभार ये एआई कैमरा बकाया चालान की गाड़ियों के ही नंबर डिस्प्ले नहीं करता। उन गाड़ियों के नंबर भी शो करता है, जो ट्रैफिक नियमों की पूरी तरह से पालना करते हैं। LED स्क्रीन पर मारुति ऑल्टो का नंबर RJ14 VC 31** डिस्प्ले हुआ। इसके नीचे लिखा था “NO CHALAN”। इस पर ट्रैफिक पुलिस ने जनता को अवेयर करने और गाड़ी ड्राइवर का आभार जताने के लिए रुकवाया। पुलिस ने जब गाड़ी ड्राइवर को रोका तो शुरुआती दौर में वे घबराए। हालांकि बाद में ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने यातायात नियमों की पालना करने पर उनकी तारीफ की और धन्यवाद दिया। गाड़ी चला रहे नरेंद्र सिंह ने बताया- ये अच्छी पहल है। मुझे अच्छे लगा कि पुलिस ने ट्रैफिक नियमों की पालना करने पर पुलिस ने मुझे मोटिवेट किया। ड्राइवर को प्रोत्साहित करने के लिए की पहलCars24 के फाउंडर और ग्रुप सीईओ विक्रम चोपड़ा ने बताया- सड़क सुरक्षा सबकी जिम्मेदारी है। CrashFree India के माध्यम से Cars24 अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर ऐसे समाधान विकसित कर रहा है, जो जवाबदेही बढ़ाएं। साथ ही सुरक्षित ड्राइविंग को प्रोत्साहित करें। जयपुर में रियल-टाइम इंटेलिजेंस से बार-बार नियम तोड़ने वालों की पहचान करने और सड़कों पर पालना में मदद कर सकती है।
बस्ती में गन्ने के खेत में मिला महिला का शव:परिजनों ने हत्या की आशंका जताई, सिर पर चोट के निशान
बस्ती जिले के कलानी गांव में मंगलवार सुबह करीब 5 बजे एक गन्ने के खेत में महिला का शव मिला। मृतका की पहचान बदामा देवी के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में महिला के सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं, जिससे उसकी मौत संदिग्ध परिस्थितियों में होने की आशंका है। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। जमीन को लेकर विवाद परिजनों ने महिला की मौत को हादसा मानने से इनकार किया है और इसे सुनियोजित हत्या बताया है। उनका आरोप है कि परिवार का लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था, जिसके कारण बदामा देवी की हत्या की गई है। ग्रामीणों का भी मानना है कि घटना के पीछे पुरानी रंजिश हो सकती है। पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है जानकारी के अनुसार, मृतका के परिवार का नाम पूर्व में हुए एक चर्चित गोलीकांड में भी सामने आया था। गांव के लोग इस घटना को पुराने विवादों से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। थाना प्रभारी चंदन पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल महिला की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
मंगलवार सुबह से शहर में धूप खिली हुई है। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद मिली राहत अब कम होती नजर आ रही है। मौसम विभाग के अनुसार आज अधिकतम तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। वहीं वातावरण में बढ़ी नमी के कारण उमस वाली गर्मी दिन चढ़ने के साथ लोगों को परेशान कर सकती है। अगले सात दिनों में ऐसा रहेगा मौसम आने वाले सप्ताह में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। अधिकांश दिनों में तेज धूप निकलेगी और तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है। बारिश की संभावना फिलहाल कम है। ऐसे में उमस और गर्मी दोनों का असर बना रहने की संभावना है। पिछले सात दिनों में ऐसा रहा मौसम पिछले एक सप्ताह में आगरा के मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिला। 9 और 10 जून को भीषण गर्मी और लू जैसे हालात रहे तथा अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके बाद 11 से 13 जून के बीच आंधी और बारिश का दौर चला, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। 14 जून को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। हालांकि 15 जून को सुबह से धूप निकली हुई थी,शाम को तेज आंधी आई लेकिन तापमान में कुछ खास गिरावट नहीं आई।
दिल्ली और नोएडा की तर्ज पर कानपुर मेट्रो को विस्तार देने के लिए 83 किमी. के 7 नए रूट तैयार किए गए हैं। इसके लिए उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूपीएमआरसी) ने प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेज दिया है। इसमें 7 नए रूट की रूपरेखा तैयार की गई है। इसकी कुल लंबाई 83.658 किमी. है। इसमें उन्नाव को गुमटी नंबर पांच से जोड़ने के साथ ही एयरपोर्ट तक, नौबस्ता से रमईपुर और विजय नगर से पनकी के साथ अन्य नए रूट को जोड़ने का प्लान है। मेट्रो ने राज्य सरकार के सामने पेश किया 7 नए रूट का प्रपोजल यूपीएमआरसी के संयुक्त महाप्रबंधक (जनसंपर्क) पंचानन मिश्रा ने बताया कि लखनऊ में मुख्य सचिव के साथ सभी विभागों की बैठक के दौरान यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने मेट्रो नेटवर्क के विस्तार का प्रोजेक्ट पेश किया। प्रस्तावित विस्तार प्रोजेक्ट रिपोर्ट में लगभग 59.648 किमी. एलिवेटेड और 24.01 किमी. अंडरग्राउंड सेक्शन शामिल होंगे। यह कॉरिडोर शहर के प्रमुख आवासीय, औद्योगिक, शैक्षणिक और व्यवसायिक क्षेत्रों को जोड़ेंगे। इससे शहर के लोगों को तेज और सुविधाजनक परिवहन मिलेगा। यूपीएमआरसी के अफसरों की मानें तो राज्य सरकार से नीतिगत स्वीकृति मिलने के बाद विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया जाएगा। इससे पहले कानपुर मेट्रो के कॉरीडोर-1 और कॉरीडोर-2 यानी कि बर्रा-8 से नौबस्ता सेक्शन को जोड़ने के लिए डीपीआर तैयार कर चुका है। इसे राज्य सरकार की मंजूरी भी मिल चुकी है। सर्वे के बाद तैयार किया गया 83 किमी. का प्रोजेक्ट मेट्रो के अफसरों ने बताया कि राइट्स लिमिटेड की ओर से तैयार किए जा रहे कॉम्प्रेहिंसिव मोबिलिटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक शहर में मेट्रो विस्तार की जबरदस्त संभावनाएं हैं। यह विस्तार यूपी मेट्रो टीम की ओर से छह से सात माह तक किए गए विस्तृत सर्वे रिपोर्ट पर आधारित है। इसका मकसद शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करना और शहर के पर्यावरण-अनुकूल व आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। इन 7 नए रूटों पर मेट्रो चलाने का प्रपोजल सेंट्रल से नौबस्ता के बीच जल्द शुरू होगी मेट्रो, सीएमआरएस का सर्वे पूरा आपको बता दे कि, वर्तमान समय मे मेट्रो सिर्फ आईआईटी कानपुर से सेंट्रल स्टेशन के बीच चल रही है, लेकिन अब बहुत जल्द सेंट्रल से नौबस्ता के बीच भी लोग सफर कर सकेंगे। मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (CMRS) की चार सदस्यीय तकनीकी टीम ने इस रूट का तीन दिनों का प्रारंभिक निरीक्षण और सर्वे का काम पूरा कर लिया है। टीम अपनी रिपोर्ट लेकर दिल्ली लौट चुकी है, जिसे जल्द ही सीएमआरएस के सामने रखा जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है,कि अगले एक हफ्ते में मुख्य सुरक्षा आयुक्त खुद फाइनल निरीक्षण के लिए कानपुर आ सकते हैं। उनके दौरे के चार दिन बाद फाइनल रिपोर्ट आ जाएगी और हरी झंडी मिलते ही इस रूट पर कमर्शियल रन शुरू हो जाएगा। ऐसी सम्भवना जताई जा रही है कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के साथ ही मेट्रो के इस नए रुट का भी लोकार्पण कर सकते हैं। दक्षिण कानपुर के लाखों लोगों को जाम से मिलेगी मुक्ति सेंट्रल से नौबस्ता हंसपुरम 23.08 किलोमीटर के नए रूट पर जल्द ही मेट्रो संचालन शुरू होने वाला है। इसके शुरू होते ही कानपुर मेट्रो नेटवर्क में 7 नए स्टेशन और जुड़ जाएंगे। अब यात्रियों को झकरकटी, ट्रांसपोर्ट नगर, बारादेवी, किदवई नगर, बसंत विहार, बौद्ध नगर और नौबस्ता से भी मेट्रो की सुविधा मिलने लगेगी। इन नए स्टेशनों के जुड़ने के बाद शहर में मेट्रो स्टेशनों की कुल संख्या 14 से बढ़कर 21 हो जाएगी। इससे सबसे बड़ा फायदा दक्षिण कानपुर की एक बड़ी आबादी को होगा, जिन्हें रोजाना घंटों लंबे ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ता था। अब लोग बेहद सुरक्षित, आरामदायक और जाम मुक्त सफर कर सकेंगे। नौबस्ता से आईआईटी का किराया 60 रुपए 23.5 किमी का आइआइटी से नौबस्ता (कारिडोर-1) तक से सफर में यात्रियों को सिर्फ 60 रुपये किराया देना होगा। यह सफर मात्र 40 मिनट का होगा। इस रूट के लिए 29 मेट्रो ट्रेनें मंगाई गई हैं, जो आकर गुरुदेव चौराहे के पास डिपो में खड़ी हैं। 974 व्यक्ति की क्षमता वाली इन ट्रेनों में 200 सीटे हैं। ये ट्रेनें गुजरात के वडोदरा के सावली के मेट्रो कोच निर्माण केंद्र से आई हैं। नौबस्ता रूट पर 23 ट्रेनें चलेंगी, जबकि शेष 6 ट्रेनें आरक्षित रहेंगी। यात्री को स्टेशन पर छह मिनट के अंतराल में ट्रेन उपलब्ध होगी। आईआईटी कानपुर से सेंट्रल तक मेट्रो के इस रुट पर रोजाना 35000 यात्री सफर कर रहे हैं। वही,कॉरिडोर दो यानी CSA से बर्रा-8 वाला ये रूट 8.6 किलोमीटर होगा जिस 70 फीसदी काम पूरा भी हो गया। इस नए रुट पर स्टेशनों ने भी रूप।लेना शुरु कर दिया काम काफी तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। अधिकारियों का मानना है कि अगर सब कुछ तय प्लानिंग के मुताबिक रहा तो साल 2027 जनवरी महा में इस रूट पर मेट्रो का ट्रायल रन शुरू हो सकता है,और जल्दी इस रूट पर यात्री सेवाएं भी शुरू हो जाएंगे।
महेंद्रगढ़ जिले की दी गुढा बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समिति लिमिटेड (पैक्स) में लाखों रुपये के गबन के मामले में पूर्व प्रबंधक के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की जांच में प्रथम दृष्टया सरकारी धनराशि के गबन के तथ्य सामने आने के बाद थाना सदर कनीना में भारतीय दंड संहिता की धारा 409 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां महेंद्रगढ़ प्रवीन कुमार द्वारा पुलिस अधीक्षक को भेजी गई शिकायत में बताया गया कि गांव रसूलपुर निवासी रामराज उर्फ मामराज ने दी गुढा बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समिति में प्रबंधक पद पर कार्यरत रहते हुए 31 मार्च 2022 तक 35 लाख 24 हजार 305 रुपये 12 पैसे का गबन किया। कई अनियमितताएं मिली ऑडिट रिपोर्ट वर्ष 2021-22 के अनुसार समिति की 13 लाख 76 हजार 94 रुपये 45 पैसे की नकद राशि (कैश इन हैंड) भी प्रबंधक के जिम्मे दर्शाई गई थी तथा अन्य वित्तीय अनियमितताएं भी पाई गईं। नहीं कराई राशि जमा मामले की सुनवाई के दौरान सहायक रजिस्ट्रार न्यायालय ने हरियाणा सहकारी समितियां अधिनियम, 1984 की धारा 101 के तहत कार्रवाई करते हुए रामराज को पर्याप्त अवसर प्रदान किया। इसके बाद 29 दिसंबर 2023 को 35.24 लाख रुपये की राशि पर 18 प्रतिशत ब्याज सहित सरचार्ज आदेश पारित किया गया। विभाग के अनुसार 9 दिसंबर 2025 तक भी उक्त राशि जमा नहीं करवाई गई। आर्थिक अपराध शाखा ने जांच की शिकायत मिलने पर आर्थिक अपराध शाखा नारनौल ने मामले की जांच की। जांच के दौरान रामराज ने दावा किया कि विभागीय जांच चल रही है तथा कुछ बकाया राशि उसकी पूर्व अवधि से संबंधित थी, जिसे वर्तमान मामले में जोड़ दिया गया है। इसके बाद ईओडब्ल्यू ने सहायक रजिस्ट्रार कार्यालय से विस्तृत रिपोर्ट मांगी। विभाग ने अपने रिकॉर्ड और रिपोर्ट में गबन के लिए रामराज को ही जिम्मेदार बताया। मामला दर्ज करने की सिफारिश आर्थिक अपराध शाखा के प्रभारी उपनिरीक्षक युद्धवीर सिंह ने जांच रिपोर्ट में कहा कि विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों, रिकॉर्ड और रिपोर्ट के आधार पर पूर्व प्रबंधक रामराज के खिलाफ सरकारी धनराशि के गबन के प्रथम दृष्टया तथ्य पाए गए हैं। इसी आधार पर आपराधिक मामला दर्ज कर अनुसंधान किए जाने की सिफारिश की गई। पुलिस ने की एफआईआर जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद थाना सदर कनीना पुलिस ने रामराज उर्फ मामराज के खिलाफ धारा 409 आईपीसी के तहत एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दी है। पुलिस अब गबन की राशि, वित्तीय लेन-देन और संबंधित रिकॉर्ड की विस्तृत जांच करेगी।
प्रतापगढ़ में सीसीटीवी फुटेज से बाइक चोर पकड़े गए:दो दिन पहले की दूसरी वारदात का भी खुलासा
प्रतापगढ़ में बाइक चोरी की दो वारदातों का पुलिस ने खुलासा किया है। नगर कोतवाली क्षेत्र के गायत्री नगर मोहल्ले में घर के बाहर खड़ी एक बाइक चोरी होने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, राजेश कुमार के घर के बाहर से अज्ञात चोरों ने बाइक चुरा ली थी। यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। पुलिस ने बताया कि दो दिन पहले भगवतगंज इलाके में भी इसी तरह की एक और चोरी की घटना हुई थी। दोनों मामलों की शिकायत पुलिस से की गई थी। सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए पुलिस ने संदिग्धों की पहचान की और उन्हें हिरासत में लिया। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच-पड़ताल में जुटी है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
दौसा में आयोजित प्राकृतिक खेती विषयक जिला स्तरीय कार्यशाला में कृषि अधिकारियों ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती केवल खेती का विकल्प नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वस्थ जीवन का आधार है। इससे मानव स्वास्थ्य बेहतर रहता है और भूमि की उर्वरा शक्ति भी बनी रहती है। बढ़ती बीमारियों और खेती की बढ़ती लागत को देखते हुए किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर कदम बढ़ाना चाहिए। अधिकारियों ने इच्छुक किसानों से प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण कराने की भी अपील की। रासायनिक खादों के दुष्प्रभाव बताए संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) रामराज मीणा ने कहा कि रासायनिक खादों और यूरिया के अत्यधिक उपयोग का मानव स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ा है। उन्होंने बताया कि पहले किसान पूरी तरह जैविक तरीके से खेती करते थे। उत्पादन भले सीमित होता था, लेकिन लोग स्वस्थ और निरोगी जीवन जीते थे। एक बीघा से शुरू करें प्राकृतिक खेती रामराज मीणा ने कहा कि रासायनिक खेती के कारण कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे कम से कम एक बीघा भूमि पर जैविक खेती शुरू करें और अनुभव के आधार पर धीरे-धीरे इसका दायरा बढ़ाकर पांच बीघा तक ले जाएं। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर जोर कृषि अधिकारियों ने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाकर किसान अपनी भूमि, परिवार और समाज के स्वास्थ्य की रक्षा कर सकते हैं। रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों और खरपतवारनाशकों का अत्यधिक उपयोग मिट्टी की गुणवत्ता को नुकसान पहुंचा रहा है। ऐसे में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जैविक खाद के उपयोग और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता है। किसान और जनप्रतिनिधि भी रहे मौजूद कार्यशाला में भाजपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मी रेला, जिला संयोजक प्राकृतिक खेती दर्शन सिंह घूमना, सहायक निदेशक सुरज्ञान सिंह गुर्जर, अशोक मीणा, उपनिदेशक आत्मा विजेंद्र कुमार मीणा सहित बड़ी संख्या में किसान और कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
वाहन की टक्कर से युवक की मौत:टॉयलेट के लिए रुका था, चालक फरार; CCTV खंगाल रही पुलिस
आगर मालवा में सोमवार देर रात राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए हिट एंड रन हादसे में युवक दिनेश मालवीय (30) की मौत हो गई। हादसा बैजनाथ महादेव मंदिर से आगे हुआ। पुलिस ने मर्ग कायम कर अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, देवास जिले के जामगोद गांव निवासी दिनेश मालवीय अपने रिश्तेदार पिंटू (निवासी हड़ाईखेड़ा) के साथ सुसनेर क्षेत्र के लोलकी गांव से पल्सर बाइक पर घर लौट रहे थे। सड़क किनारे खड़े थे, तभी मारी टक्कर सोमवार रात करीब 12 बजे बैजनाथ महादेव मंदिर से आगे राष्ट्रीय राजमार्ग पर दिनेश ने शौच के लिए बाइक सड़क किनारे रोकी। वह सड़क किनारे खड़े थे, तभी तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को जिला अस्पताल भिजवाया। आज मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि अज्ञात वाहन और उसके चालक की पहचान की जा सके। प्रारंभिक जांच में हादसा तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से होना सामने आया है। मामले में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
हरियाणा में बिश्नोई परिवार और मुख्यमंत्री नायब सैनी के बीच नजदीकियां बढ़ने लगी हैं। 15 दिन के अंदर-अंदर तीसरी बार कुलदीप बिश्नोई और नायब सैनी गर्मजोशी से मिले हैं। सोमवार रात को मुख्यमंत्री के चंडीगढ़ आवास पर कुलदीप बिश्नोई पत्नी रेणुका बिश्नोई, बेटे भव्य बिश्नोई और विधायक रणधीर पनिहार व समर्थकों के साथ पहुंचे। नायब सैनी की पत्नी सुमन सैनी भी साथ रही। दोनों परिवारों ने एक साथ डिनर भी किया। कुलदीप बिश्नोई ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की जानकारी शेयर की। इससे पहले मुख्यमंत्री 3 जून को दिल्ली में कुलदीप बिश्नोई के घर चाय पीने पहुंचे थे। इसके बाद चौधरी भजनलाल की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री हिसार के आदमपुर श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। ऐसे में सैनी और कुलदीप की नजदीकियां हरियाणा की राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई है। बता दें कि कुलदीप बिश्नोई 2022 में भाजपा में शामिल हुए थे। इसके बाद से वह पार्टी में संघर्ष कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात की तस्वीरें… BJP सांसद रेखा शर्मा के बयान से नाराज हो गए थे कुलदीप भाजपा की राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने 24 अप्रैल को पंचकूला नगर निगम चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल और उनके बेटे चंद्रमोहन का जिक्र करते हुए कहा था कि पहले पंचकूला में भजनलाल और चंद्रमोहन की बदमाशी चलती थी और वे बदमाशी करके चुनाव जीतते थे। इस बयान के बाद बिश्नोई समाज और भजनलाल समर्थकों ने कड़ा विरोध जताया, कई जगह शिकायतें और FIR की मांग उठी। विवाद बढ़ने पर 15 मई को रेखा शर्मा ने माफी मांग ली थी। साथ ही कहा था कि मेरे शब्दों को तरोड़ मरोड़ कर पेश किया गया। इसके बाद कुलदीप बिश्नोई ने भी रेखा शर्मा को माफ कर दिया था। कुलदीप ने कहा था-मैं बड़ा फैसला लेने वाला था दरअसल, 3 जून को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री नायब सैनी हिसार के आदमपुर पहुंचे थे। बिश्नोई परिवार की ओर से आदमपुर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम रखा गया। यहां मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी शामिल हुए थे। उन्होंने समाधि स्थल की परिक्रमा की थी। कार्यक्रम के बाद कुलदीप बिश्नोई ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा- मैं अपने पिता चौधरी भजनलाल को लेकर दिए गए बयान से आहत था और इस मुद्दे पर बड़ा फैसला लेने वाला था। भाजपा सांसद रेखा शर्मा का माफी वाला वीडियो मुझे दो दिन पहले ही मिल गया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने तुरंत उन्हें माफ नहीं किया। सरकार में 18 साल से पद से दूर बिश्नोई परिवार इस लोकसभा चुनाव में भाजपा को मिली हार से बिश्नोई परिवार एक बार फिर सत्ता सुख से दूर हो गया है। अगर रणजीत चौटाला चुनाव जीतते तो उनका बिजली मंत्री का पद भव्य को मिल सकता था। मगर रणजीत की हार ने भव्य बिश्नोई को मंत्री पद से दूर कर दिया। हरियाणा में बिश्नोई परिवार 18 साल से सरकार में पद से बाहर है। 2005 से 2008 तक भजनलाल के बड़े बेटे चंद्रमोहन बिश्नोई हरियाणा के डिप्टी सीएम पद पर रहे। इसके बाद निजी कारणों से उन्होंने त्यागपत्र दे दिया। इसके बाद से आज तक बिश्नोई परिवार को सरकार में कोई पद नहीं मिला है। 2005 में भजनलाल की अगुवाई में कांग्रेस हरियाणा में पूर्ण बहुमत से आई मगर भजनलाल को मुख्यमंत्री ना बनाकर कांग्रेस ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा को मुख्यमंत्री की कुर्सी दे दी। डैमेज कंट्रोल के लिए कांग्रेस ने चंद्रमोहन को डिप्टी सीएम का पद दे दिया था।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट के नाम पर ठगी हुई है। ठगों ने रकम दोगुनी करने और कम समय में अमीर बनने के लालच में किसान से 21.32 लाख रुपए ऐंठ लिए। टेलीग्राम पर एक्टिव ठगों ने अपने जाल में फंसाकर 160 बार में पूरी रकम ट्रांसफर करा ली, जब तक उसे ठगी का अहसास हुआ, तब तक पैसे खाते से निकल चुके थे। शिकायत लेकर जब पीड़ित थाने पहुंचा तो उनके पास 46 पन्नों की ट्रांजेक्शन डिटेल थी। इसे देखकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला पचपेड़ी थाना क्षेत्र का है। पढ़िए सिलसिलेवार ठगी की पूरी कहानी… दरअसल, ग्राम भरारी बड़पारा निवासी नारायण सिंह राज (38) खेती-किसानी के साथ ही साइकिल मरम्मत की दुकान चलाता है। वह टेलीग्राम का इस्तेमाल करता है। 28 अक्टूबर 2024 को उसके मोबाइल पर एक अनजान लिंक आया। लिंक पर क्लिक करते ही वह अपने आप इंडिया प्रोमो ट्रेडिंग कंपनी नाम के ग्रुप से जुड़ गया। ग्रुप के संचालकों ने खुद को फॉरेक्स ट्रेडिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताया। उन्होंने कम समय में रकम दोगुनी करने और कई गुना मुनाफा दिलाने का दावा किया। साथ ही कहा कि 10 हजार रुपए इन्वेस्ट करने पर 24 घंटे के भीतर 1 लाख रुपए तक मिल सकते हैं। पीड़ित का आरोप है कि ठग लगातार ज्यादा मुनाफे का लालच देकर उससे पैसे जमा कराते रहे। बीच-बीच में उसे ऑनलाइन खाते में लाखों रुपए का फायदा दिखाया जाता था। इससे उसका भरोसा बढ़ता गया। जब उसने पैसे निकालने की कोशिश की तो कोई भुगतान नहीं मिला। इसके बाद उसे ठगी का पता चला। पुलिस को दिए आवेदन में उसने बताया कि अलग-अलग किश्तों में उसके खातों से कुल 21 लाख 32 हजार रुपए ट्रांसफर हुए हैं। 6.80 लाख का फायदा दिखाकर फंसाया नारायण ने शुरुआत में कुछ रकम निवेश की थी। इसके बाद उसे 6.80 लाख रुपए का लाभ दिखाया गया। इसी बहाने उससे बार-बार पैसे जमा कराए गए। रकम दोगुनी होने की उम्मीद में वह लगातार ठगों के झांसे में आता गया। 27 दिसंबर 2024 से 5 नवंबर 2025 के बीच उसने इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के खातों से पैसे ट्रांसफर किए। जब तक उसे सच्चाई समझ में आई, तब तक वह 21.32 लाख रुपए गंवा चुका था। मिनटों में जमा करा लिए 50 हजार रुपए पुलिस जांच में सामने आया कि ठगों ने पीड़ित पर मानसिक दबाव बनाकर लगातार पैसे जमा कराए। उदाहरण के लिए 23 जनवरी 2025 को सुबह 7:45 बजे उससे 10 हजार रुपए जमा कराए गए। इसके बाद 7:54 बजे, 8:01 बजे, 8:09 बजे और 8:17 बजे भी रकम जमा कराई गई। कुछ ही मिनटों के अंतराल में उससे पांच किस्तों में कुल 50 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए गए। 1 साल तक चलता रहा ट्रांजेक्शन शिकायत के मुताबिक इंडिया प्रोमो ट्रेडिंग कंपनी ग्रुप के एडमिन यूजर नेम एजेंट राजेश पांडेय के जरिए पीड़ित से संपर्क किया गया। आरोपियों ने 10 हजार रुपए निवेश पर 24 घंटे में 1 लाख रुपए तक रिटर्न मिलने का दावा किया। साथ ही मनी बैक गारंटी और पूरी तरह सुरक्षित निवेश का भरोसा भी दिलाया। इन दावों पर विश्वास कर पीड़ित ने अपने तीन बैंक खातों से यूपीआई के जरिए पैसे भेजना शुरू कर दिया। दिसंबर 2024 से नवंबर 2025 के बीच उसने कुल 160 ट्रांजेक्शन किए। फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर चल रहे कई ग्रुप फर्जी इस मामले में पचपेड़ी पुलिस का कहना है कि रकम दोगुनी करने और कम समय में अमीर बनने के लालच देकर वारदात को अंजाम दिया गया है। अज्ञात ठगो के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस लोगों को लगातार सावधान रहने की सलाह दे रही है। टेलीग्राम या व्हाट्सएप पर घर बैठे कमाई, भारी मुनाफा या रकम दोगुनी करने का दावा करने वाले लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर चल रहे अधिकतर ग्रुप फर्जी होते हैं। ऐसे ऐप और ग्रुप से दूरी बनाकर रखना ही सबसे सुरक्षित तरीका है। अधिक मुनाफे के लालच में लोग आसानी से ठगी का शिकार हो जाते हैं। ……………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… रायपुर में एक महिला ठग ने दूसरे को कहा धोखेबाज: दोनों ने ट्रांसपोर्टर को उलझाकर 72 लाख रुपए वसूले, 15 दिनों तक चैटिंग करके फंसाया रायपुर में एक महिला ठग ने दूसरे महिला ठग को धोखेबाज कहते हुए ट्रांसपोर्टर को अपने फ्रॉड का शिकार बनाया है। दोनों महिला ठगों ने मिलकर वॉट्सऐप के माध्यम से ट्रांसपोर्टर से 15-20 दिनों तक चैटिंग की। फिर उसे चार गुना प्रॉफिट का लालच देकर करीब 71 लाख 50 हजार रुपए वसूल कर लिए। पढ़ें पूरी खबर…
हाथरस के सादाबाद क्षेत्र में आलू के लगातार गिरते दामों से परेशान एक किसान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का कहना है कि किसान पिछले कई दिनों से आलू की फसल का उचित मूल्य न मिलने के कारण मानसिक तनाव में था। यह मामला सादाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव मढ़नई का है। मृतक की पहचान 55 वर्षीय नत्थीलाल पुत्र प्यारेलाल के रूप में हुई है। नत्थीलाल खेती-किसानी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। परिजनों के अनुसार, इस वर्ष उन्होंने करीब 20 बीघा भूमि में आलू की खेती की थी। बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद में उन्होंने अपनी उपज को कोल्ड स्टोर में सुरक्षित रख दिया था, लेकिन बाजार में लगातार गिरते दामों ने उनकी चिंता बढ़ा दी थी। रात में परिवार से की थी नुकसान की चर्चा मृतक के पुत्र संतवीर और कृष्ण वीर ने बताया कि सोमवार रात भोजन के बाद नत्थीलाल ने परिवार के सदस्यों के साथ आलू के कम भाव और संभावित आर्थिक नुकसान को लेकर चर्चा की थी। इसके बाद वह रात करीब नौ बजे सोने चले गए। मंगलवार सुबह करीब पांच बजे जब परिजनों ने उन्हें जगाने का प्रयास किया तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। घबराए परिजन और ग्रामीण तत्काल उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा मौत के कारण का खुलासा अस्पताल सूत्रों के अनुसार, प्रथम दृष्टया किसान की मौत हृदयाघात (हार्ट अटैक) से हुई प्रतीत हो रही है। हालांकि, वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के अधिकांश किसान आलू के गिरते दामों से परेशान हैं और उन्हें अपनी लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। किसान की मौत के बाद क्षेत्र में कृषि संकट और किसानों की आर्थिक परेशानियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
इंदौर के बंगाली चौराहा क्षेत्र की निवासी सरिता रोपड़े ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सोशल मीडिया के माध्यम से वीडियो संदेश भेजकर शहर में बढ़ते अपराध, महिला सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इंदौर बनेगा नंबर-1 के बजाय इंदौर बनेगा सुरक्षित नंबर-1 अभियान शुरू करने की मांग की है। महिला ने वाइन शॉप विवाद के दौरान मारपीट और शिकायत के बाद पुलिस से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने का भी आरोप लगाया है। स्वच्छता के साथ सुरक्षा भी जरूरी वीडियो संदेश में सरिता रोपड़े ने कहा कि इंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर माना जाता है, लेकिन यदि नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करें तो केवल स्वच्छता पर्याप्त नहीं है। उन्होंने शहर में बढ़ते अपराध, महिलाओं पर हमले, हत्या और दुष्कर्म जैसी घटनाओं पर चिंता जताते हुए प्रभावी कार्रवाई की मांग की। 4 साल से वाइन शॉप के विरोध का दावा सरिता का कहना है कि वे पिछले चार सालों से बंगाली चौराहा स्थित एक वाइन शॉप और उससे जुड़ी गतिविधियों का विरोध कर रही हैं। उनके अनुसार, इस दौरान उन्हें और उनके परिवार को लगातार धमकियां मिलीं। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में शराब दुकान से जुड़े कुछ लोगों ने उनके साथ और अन्य महिलाओं के साथ मारपीट की। महिला ने दावा किया कि घटना की सूचना देने के बावजूद पुलिस ने तत्काल मेडिकल परीक्षण नहीं कराया और उनकी शिकायत पर एफआईआर भी दर्ज नहीं की गई। मुख्यमंत्री से की सुरक्षित इंदौर मिशन की मांग वीडियो में सरिता रोपड़े ने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि यदि उनका संदेश उनके पास पहुंचे तो वे व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाएं। उन्होंने अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ सुरक्षित इंदौर मिशन शुरू करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि कई चर्चित अपराधों में शुरुआती चर्चा के बाद पीड़ित परिवार अकेला पड़ जाता है और आम लोगों को न्याय पाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। महिलाओं के प्रदर्शन के बाद हुई कार्रवाई बंगाली चौराहे स्थित शराब दुकान के पास कथित अवैध अहाता संचालित होने के आरोप को लेकर किशकिंधा अपार्टमेंट की महिलाएं शनिवार रात सड़क पर उतर आई थीं। महिलाओं का कहना था कि शराबियों के जमावड़े और सड़क पर खड़े वाहनों से रहवासियों को परेशानी होती है तथा क्षेत्र में असुरक्षा का माहौल बनता है। महिलाओं का आरोप है कि अवैध अहाते का वीडियो बनाने के दौरान शराब दुकान से जुड़े कुछ लोगों ने उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। इस दौरान वीडियो बना रही महिला का मोबाइल भी छीन लिया गया। सूचना मिलने पर खजराना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाइश दी। शिकायतों के बाद आबकारी विभाग की कार्रवाई रहवासियों का कहना है कि वे लंबे समय से शराब दुकान के आसपास अतिक्रमण और कथित अवैध अहाते की शिकायत प्रशासन और कलेक्टर कार्यालय में कर रहे थे। मामले के सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में आने के बाद कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर आबकारी विभाग ने 14 जून को जांच की। सहायक आयुक्त आबकारी अभिषेक तिवारी के निर्देशन में टीम ने मौके का निरीक्षण किया। आबकारी विभाग के अनुसार जांच में अवैध रूप से मदिरा पान कराए जाने की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए संबंधित स्थान को बंद करा दिया गया। विभाग का कहना है कि इस संबंध में पूर्व में भी शिकायतें प्राप्त हुई थीं। अवैध गतिविधियों पर अभियान जारी रहेगा कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। भविष्य में भी कहीं अवैध अहाता या नियमों के उल्लंघन की शिकायत मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बदायूं में आंधी-बारिश से बिजली व्यवस्था ठप:100 से अधिक पोल गिरे, पारा 5 डिग्री सेल्सियस गिरा
बदायूं में सोमवार देर शाम आई तेज आंधी और बारिश ने जिले की बिजली व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया। तेज हवाओं के कारण शहर और देहात क्षेत्रों में दर्जनों पेड़ गिर गए। बिजली विभाग को भारी नुकसान हुआ, जिसमें 100 से अधिक बिजली के पोल गिरने से विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके परिणामस्वरूप, आधे शहर और 200 से अधिक गांव रातभर अंधेरे में डूबे रहे। आंधी के बाद हुई बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। तापमान में लगभग पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे पारा 31 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। हालांकि, बिजली संकट ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। शहर के कई इलाकों में देर रात तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई, और देहात क्षेत्रों में भी ग्रामीण पूरी रात बिजली का इंतजार करते रहे। जिला अस्पताल में भी आंधी-बारिश के कारण बिजली आपूर्ति बाधित रही। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं को जनरेटर के माध्यम से संचालित किया गया ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। नुकसान का आकलन करने के लिए देर रात ही पावर कॉर्पोरेशन की टीमें सक्रिय हो गईं। पेट्रोलिंग टीमों ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण शुरू किया। कम नुकसान वाले स्थानों पर तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया, जबकि अधिक संख्या में पोल और लाइनें क्षतिग्रस्त होने वाले इलाकों में कर्मचारियों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। अधिकारियों के अनुसार, क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त करने का काम तेजी से जारी है। विभाग ने दावा किया है कि मंगलवार शाम तक अधिकांश क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। हालांकि, तब तक कई इलाकों के लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ सकता है। इस आंधी-बारिश ने एक बार फिर जिले की बिजली व्यवस्था की तैयारियों की पोल खोल दी। तेज हवा के कुछ मिनटों के झटके ने शहर से लेकर गांव तक की आपूर्ति व्यवस्था को बाधित कर दिया, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को रात अंधेरे में बितानी पड़ी।
बुलंदशहर के खुर्जा नगर क्षेत्र स्थित जटिया अस्पताल के बाहर भट्टा मजदूरों के दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हो गई। मामूली विवाद से शुरू हुआ मामला देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर लात-घूंसे बरसाते दिखाई दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार, यह घटना खुर्जा नगर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत जटिया अस्पताल के मुख्य गेट के बाहर हुई। बताया जा रहा है कि मजदूरों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों गुट आमने-सामने आ गए। इसके बाद जमकर मारपीट शुरू हो गई। सार्वजनिक स्थान पर हंगामे से यातायात भी हुआ प्रभावित मारपीट की यह घटना अस्पताल जैसे संवेदनशील क्षेत्र के बाहर हुई, जिससे आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया। व्यस्त मार्ग होने के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। मौके पर मौजूद एक राहगीर ने पूरी घटना अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर ली, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वहां मौजूद कई लोग बीच-बचाव करने के बजाय घटना का वीडियो बनाते रहे। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने कानून व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। पुलिस ने शुरू की जांच वायरल वीडियो को संज्ञान में लेते हुए पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। खुर्जा नगर कोतवाली प्रभारी रामफल सिंह ने बताया कि वीडियो के आधार पर घटना की पड़ताल की जा रही है। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और जल्द ही संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाएंगे। घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
अस्थि विसर्जन से लौट रहे 10 लोग घायल:हाथरस में कुत्ता बचाने के चक्कर में पलटी कार, हायर सेंटर रेफर
हाथरस के हसायन कोतवाली क्षेत्र में सिकंद्राराऊ रोड पर रति का नगला के निकट मंगलवार सुबह एक सड़क हादसा हो गया। गंगाघाट सोरों जी कछला से अस्थि विसर्जन कर लौट रहे एक ही परिवार के 10 लोग घायल हो गए। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। यह हादसा आज सुबह करीब पांच बजे हुआ, जब ईको कार कुत्ता बचाने के चक्कर में अनियंत्रित होकर पलट गई। कार सड़क निर्माण कार्य के लिए रखी गिट्टी पर पलट गई थी। 8 जून को आकस्मिक निधन जिरका फिरोजपुर राउली, जिला नूंह, हरियाणा निवासी भीम सिंह पुत्र धर्मपाल अपने भाई अर्जुन सिंह और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अपनी मां संतोष पत्नी धर्मपाल सिंह का अस्थि विसर्जन करने सोमवार, 15 जून को गंगाघाट सोरों जी लहरा, जनपद कासगंज गए थे। संतोष देवी का 8 जून को आकस्मिक निधन हो गया था। ग्रामीणों और राहगीरों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पलटी हुई ईको कार से घायलों को बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस टीम और सलेमपुर पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची। सभी घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हसायन भेजा गया। घायलों का प्राथमिक इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात चिकित्सक ने सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया। गंभीर स्थिति को देखते हुए सभी घायलों को हायर सेंटर जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। कुछ घायलों को जिला अस्पताल भी लाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घायलों में भीम सिंह पुत्र धर्मपाल, अर्जुन सिंह पुत्र धर्मपाल सिंह, रोहित पुत्र अशोक कुमार, मंजू पत्नी अशोक कुमार, दीपांशु पुत्र भीम सिंह, इमरत पुत्र ब्रह्मपाल, हिमांशु पुत्र ब्रह्मपाल, रामफल पुत्र घोड़ीराम, कार ड्राइवर हरेंद्र पुत्र भरतलाल (सभी जिरका फिरोजपुर राउली, नूंह, हरियाणा निवासी) और रेनू पत्नी अशोक कुमार (बंचारी, थाना होडल, पलवल, हरियाणा निवासी) शामिल हैं।
साइबर अपराधियों ने महिला के नाम की आईडी बना फेसबुक मैसेंजर पर खाद्य एवं रसद विभाग के विपणन अधिकारी को जाल में फंसाया। उनसे क्रिप्टो करेंसी में निवेश कराया गया। रकम निकालने का प्रयास करने पर रकम की मांग की गई। आठ माह में पीड़ित से 2.6 करोड़ रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कराए गए। पीड़ित ने थाना साइबर क्राइम में प्राथमिकी दर्ज कराई है। देवरी सड़क स्थित मुन्ना पैलेस कॉलोनी निवासी अगम तेज प्रकाश खाद्य एवं रसद विभाग में विपणन अधिकारी हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 9 अगस्त 2025 को फेसबुक पर निधि शर्मा नाम की एक आईडी से संदेश आया। निधि ने खुद को पश्चिम बंगाल का निवासी बताया। मैसेंजर पर बातचीत के बाद दोस्ती हो गई। इसके बाद बातों में फंसाकर व्हाट्सएप पर बात करने लगी। उनको पहले क्रिप्टो करेंसी ट्रेडिंग में भारी मुनाफा कमाने का झांसा दिया। क्रिप्टो करेंसी के बाउचर दिखाकर रकम जमा करवाई। इसके बाद पीड़ित को ट्रस्ट कॉइन ट्रेडिंग नाम के वाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया और ट्रेडिंग कराई गई। आरोपियों ने थोड़ा मुनाफा दिखाकर भरोसा मजबूत किया। निवेश की राशि बढ़ने पर विड्रॉल में बाधाएं बताई जाने लगी। युवती का पिता बनकर एक व्यक्ति ने संपर्क किया और आलोक नाम के व्यक्ति की मदद से रुपये का भुगतान कराने का आश्वासन दिया। आलोक ने कमीशन तय कर करीब 1.42 करोड़ रुपये का लाभ क्रिप्टोकरेंसी में दर्शाया। रकम निकालने की कोशिश की तो पहले कमीशन लिया गया। करीब 8 माह में विभिन्न बैंक खातों, यूपीआई आईडी और क्रिप्टो वॉलेट एड्रेस पर कुल 2.6 करोड़ रुपये ट्रांसफर कराए गए। आरोपियों ने खुद को सेबी से रजिस्टर्ड होने का भी दावा किया था। अप्रैल के बाद आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया। अब भी वेबसाइट पर लाखों की कीमत के क्रिप्टो करेंसी में लाभ दिखाए जा रहे हैं। डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि नंबरों और बैंक खातों की जानकारी की जा रही है। सभी खातों का पता लगाया जा रहा है। साइबर ठगों की साइट के आईपी एड्रेस और अन्य माध्यम से ठगों का पता लगाया जा रहा है।
जोधपुर के एक परिवार का लगेज इंडिगो की फ्लाइट में गुम हो गया। वे गोवा-हैदराबाद-जोधपुर की कनेक्टिंग फ्लाइट से जोधपुर आ रहे थे। वे जोधपुर एयरपोर्ट पर लगेज बैल्ट से लगेज लेने पहुंचे तो उनका एक लगेज गायब था। उन्होंनें वहां मौजूद एयरलाइन्स के स्टॉफ से शिकायत की तो उनका रवैया भी सही नहीं था। ऐसे में उन्होंने ऑन लाइन शिकायत दर्ज करवाई और लगेज उपलब्ध करवाने की गुहार की। परिवार गोवा घूमने गया थाशहर का यह परिवार कुछ दिन पहले गोवा घूमने गया था। उन्हें जरूरी काम की वजह से 15 जून को जोधपुर लौटना था। उन्होंने जब आनन-फानन में फानन में एयर टिकिट करवाई तो गोवा से हैदराबाद व हैदराबाद से जोधपुर की कनेक्टिंग फ्लाइट मिली। टिकिट महंगे हाेने के बावजूद भी उन्होंने टिकिट करवाए और रविवार सुबह गोवा से हैदराबाद के लिए रवाना हुए। वहां से दोपहर करीब 02:15 बजे जोधपुर के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट थीं। वे शाम करीब 04:15 बजे जोधपुर पहुंच गए। उनके साथ तीन लगेज थे। लगेज लेने के लिए परिवार के साथ बैल्ट के पास पहंुचे। लेकिन बेल्ट पर 3 में से 2 लगेज ही पहुंचा। उन्होंने नाराजगी जताना शुरू किया तो संबंधित एयरलाइन्स का स्टॉफ मौके पर आ गया, लेकिन उन्होंने भी संतोष जनक जवाब नहीं दिया। बोले- रवैया निराशाजनक था उन्होंने कहा कि बताया कि एयरलाइन स्टॉफ का रवैया बेहद निराशाजनक था। जोधपुर एयरपोर्ट पर लगभग दो घंटे इंतज़ार करने के बाद भी, सामान की लोकेशन या स्टेटस के बारे में कोई साफ़ जानकारी नहीं दी गई। कुछ स्टाफ सदस्यों का व्यवहार ग़ैर-पेशेवर था और उनमें सहानुभूति की कमी थी। आखिरकार पीआईआर दर्ज करवाई, लेकिन उसके बाद भी, स्टाफ ने उनसे कहा कि इसकी ज़रूरत नहीं है, इससे उलझन और बढ़ गई। यात्री का कहना था कि वे एयरलाइंस पर अपना सामान भरोसा करके सौंपते हैं और उम्मीद करते हैं कि कोई समस्या आने पर जवाबदेही, पारदर्शिता और समय पर मदद मिलेगी, लेकिन बेहद अफसोस की बात है कि एयरलाइन को सामान संभालने और कस्टमर सर्विस, दोनों में ही बेहद कमियां है। उन्होंने इंडिगो से अनुरोध किया है कि उनके लगेज का पता लगाकर, मामले की गंभीरता से जांच करवाएं ताकि इस तरह की परीक्षा किसी अन्य यात्री को नहीं उठानी पड़े।
गुरु जंभेश्वर ने बढ़ाई एडमिशन की आवेदन तिथि:स्नातक के लिए अब 30 जून तक छात्र कर सकते हैं आवेदन
गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय से संबद्ध मुरादाबाद, रामपुर, संभल, बिजनौर और अमरोहा जिले के महाविद्यालयों में स्नातक प्रथम वर्ष (यूजी) में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। अब छात्र-छात्राएं 30 जून 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 11 मई 2026 से शुरू हुई थी। निर्धारित अंतिम तिथि तक बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के आवेदन लंबित थे। इसे देखते हुए विद्यार्थियों की सुविधा के लिए आवेदन की समय सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया गया। कुलसचिव बोले- समय रहते आवेदन पूरा करें विश्वविद्यालय के कुलसचिव गिरीश द्विवेदी ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी अब 30 जून तक ऑनलाइन आवेदन पत्र भर सकते हैं। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं से निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है, ताकि कोई भी अभ्यर्थी प्रवेश से वंचित न रह जाए। हजारों छात्रों को मिलेगा लाभ विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में प्रवेश लेने के इच्छुक विद्यार्थियों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ जल्द से जल्द ऑनलाइन पंजीकरण कराने की सलाह दी गई है। आवेदन की तिथि बढ़ने से मुरादाबाद मंडल के पांच जिलों के हजारों छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद है।
पूर्णिया जीएमसीएच में प्रेमी जोड़े के विवाद पर घंटों हंगामा हुआ। दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। मामला इतना बढ़ गया कि अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई और हंगामे की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। घटना जीएमसीएच के बच्चा वार्ड के सामने की बताई जा रही है। युवती और उसके परिजनों ने एक युवक पर शादी का झांसा देकर लाखों रुपए-जेवर लेने का आरोप लगाया है। वहीं, युवक ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। आरोपी युवक जीएमसीएच में ईसीजी कर्मी के रूप में कार्यरत है। कसबा थाना क्षेत्र के मुरादाबाद का रहने वाला है। जबकि युवती डगरूआ थाना क्षेत्र की निवासी है। दोनों एक ही समुदाय से है। 'भरोसा देकर पैसे और जेवर लिए थे' युवती ने बताया कि पिछले करीब एक साल से दोनों के बीच प्रेम संबंध था। इस दौरान दोनों की फोन पर अक्सर घंटों बातचीत होती थी। युवक ने उससे शादी करने का वादा किया था और कई बार मिलने के लिए जीएमसीएच भी बुलाया। दोनों कई बार बाहर भी घूमने गए थे। शादी का भरोसा देकर कई बार पैसे और जेवर लिए। रविवार को उससे मिलने जीएमसीएच गई थी। वहां युवक ने कथित तौर पर शादी करने से साफ इनकार कर दिया। जब उसने अपने पैसे और जेवर वापस मांगे तो लौटाने से भी मना कर दिया। सोमवार को जब युवक अस्पताल से निकलने की कोशिश कर रहा था, तब उसने अपने परिजनों को फोन कर बुला लिया। इसके बाद अस्पताल परिसर में दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। 'लड़का शादी से पीछे हट रहा है' युवती के चाचा और मामा ने आरोप लगाया कि युवक ने शादी का झांसा देकर करीब 6 लाख के जेवर और 4 लाख नकद ले लिए। अब शादी से पीछे हट रहा है और पैसे लौटाने से भी इनकार कर रहा है। विवाद के दौरान परिजन युवक को अस्पताल परिसर से बाहर ले जाने लगे, जिसका अस्पताल कर्मियों ने विरोध किया। इसके बाद वहां बड़ी संख्या में लोग जुट गए और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। 'लड़की से सामान्य बातचीत होती थी' वहीं, आरोपी युवक ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को गलत बताया है। उसका कहना है कि उसने युवती से कभी प्रेम नहीं किया और न ही शादी का कोई वादा किया। उसने युवती से कोई जेवर या रुपए नहीं लिए हैं। युवती से केवल सामान्य बातचीत होती थी और दोनों के बीच किसी प्रकार का संबंध नहीं था। 'आवेदन के आधार पर होगी कार्रवाई' मामले में फणीश्वर नाथ रेणु टीओपी प्रभारी राजनंदनी ने बताया कि अस्पताल परिसर में हंगामे की सूचना मिलने पर गश्ती दल मौके पर पहुंचा था। पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया और भीड़ हटाई। अब तक युवती पक्ष की ओर से थाना में कोई लिखित आवेदन नहीं दिया गया है। आवेदन मिलने के बाद जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पंजाब पुलिस में होने वाली 3,298 कांस्टेबल (जिला एवं आर्म्ड कैडर) भर्ती-2026 के लिए परीक्षा की तारीख घोषित कर दी गई है।जारी जानकारी के अनुसार, कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) 1 जुलाई 2026 से शुरू होगी। इस संबंध में एडमिट कार्ड जल्द ही जारी किए जाएंगे। विभाग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे परीक्षा से जुड़ी सभी अपडेट्स के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से नजर बनाए रखें। मार्च महीने में निकाली थी भर्ती बता दें कि, पंजाब पुलिस ने यह भर्ती मार्च 2026 में जारी की थी। इस दौरान जिला कैडर में 2,522 और आर्म्ड कैडर में 776 पदों पर भर्ती की जानी है। अब इस भर्ती के लिए परीक्षा की तारीख घोषित कर दी गई है। शुरुआत में आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 मार्च 2026 तय की गई थी, जिसे बाद में दोबारा लिंक खोलकर 5 मई 2026 तक बढ़ा दिया गया। इस वजह से आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है।
संभल में पारा 40 डिग्री, AQI 131 पहुंचा:उमस भरी गर्मी से लोग परेशान, अस्पतालों में ओपीडी 1000 पार
संभल में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। सुबह का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 131 रहा। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून 19 से 24 जून के बीच दस्तक दे सकता है और जून में 28 मिलीमीटर बारिश की संभावना है। मंगलवार सुबह 8 बजे संभल का तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, जो पिछले दो दिनों की तुलना में 1 डिग्री सेल्सियस अधिक है। मौसम विभाग ने रात में आंधी की चेतावनी जारी की है। तेज धूप के साथ 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चल रही हैं, जिससे दोपहर में उमस भरी गर्मी बढ़ गई है। दोपहर के समय सड़कों पर तीन से चार घंटे सन्नाटा पसरा रहता है। गर्मी और बदलते मौसम के कारण मरीजों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। संभल के जिला संयुक्त चिकित्सालय और चंदौसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दोनों में ओपीडी 1000 के आंकड़े को पार कर गई है। इनमें पेट दर्द के मरीज सबसे अधिक हैं, जबकि खांसी, जुकाम और बुखार के भी कई मामले सामने आ रहे हैं। लगातार बारिश के कारण संभल तहसील क्षेत्र में मक्का की फसल को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, चंदौसी और गुन्नौर तहसीलों में कम बारिश होने के कारण फसलों को कोई क्षति नहीं हुई है। किसानों ने आगामी मानसून सत्र के लिए धान की बुवाई की तैयारी पूरी कर ली है। स्थानीय निवासी राजीव कुमार ने बताया कि मौसम लगातार बदल रहा है; कभी बारिश से सुहावना होता है, तो पिछले तीन दिनों से तेज धूप के साथ उमस भरी गर्मी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि दोपहर में घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
मथुरा में महिला ने राहगीरों से की अभद्रता:भूतेश्वर चौराहे पर चप्पल लेकर दौड़ी, यातायात बाधित
मथुरा के व्यस्त भूतेश्वर चौराहे पर सोमवार रात एक महिला के हंगामे से अफरा-तफरी मच गई। महिला ने सड़क पर राहगीरों से अभद्रता की और कई लोगों पर चप्पल लेकर हमला करने का प्रयास किया। इस घटना के कारण चौराहे पर भारी भीड़ जमा हो गई और कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रात करीब 10 बजे महिला अचानक सड़क पर आ गई और आने-जाने वाले लोगों से उलझने लगी। उसका व्यवहार असामान्य था, जिसके कारण लोग उससे दूरी बनाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, वह राहगीरों के पीछे चप्पल लेकर दौड़ती रही। एक युवक ने उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन महिला उस पर भी चप्पल लेकर हमला करने के लिए बढ़ी। हंगामे के दौरान महिला ने युवक की बाइक भी गिरा दी, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया। महिला के इस व्यवहार के कारण चौराहे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। कई वाहन चालक स्थिति को देखकर रुक गए, जबकि कुछ लोग घटना का वीडियो बनाने लगे। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों की सहायता से महिला को शांत कराने का प्रयास किया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। इसके बाद यातायात को सामान्य किया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत होती है, जिसके कारण उसने ऐसा व्यवहार किया। हालांकि, इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की कोई सूचना नहीं है। महिला के हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
बागपत के दोघट थाने में तैनात हेड कांस्टेबल तेजवीर सिंह बिधूड़ी को लाइन हाजिर कर दिया गया। उन पर धरना स्थल पर रागनी प्रस्तुत करने का आरोप है। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। वीडियो के आधार पर पुलिस विभाग ने मामले का संज्ञान लिया। कार्रवाई करते हुए उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया। मामला दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर गांगनौली कट की मांग से जुड़ा है। गांगनौली गांव में इस मांग को लेकर लंबे समय से धरना चल रहा है। रविवार को यहां बड़ी पंचायत आयोजित की गई थी। पंचायत शुरू होने से पहले सांस्कृतिक कार्यक्रम रखा गया था। इसी दौरान हेड कांस्टेबल तेजवीर सिंह बिधूड़ी ने मंच पर पहुंचकर रागनी गाई। कार्यक्रम में मौजूद लोग उनकी प्रस्तुति पर झूमते नजर आए। वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया। जानिए पूरा मामला.… यह घटना तब हुई जब गांगनौली गांव में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर कट की मांग को लेकर ग्रामीण लंबे समय से अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं। इस धरने को भारतीय किसान यूनियन का समर्थन प्राप्त है। हाल ही में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने भी धरना स्थल का दौरा किया था और प्रशासन को आर-पार की लड़ाई की चेतावनी दी थी। धरनारत ग्रामीणों का कहना है कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी है और वे कॉरिडोर पर कट की मांग पूरी होने तक धरना जारी रखेंगे। इस दौरान रविवार को एक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया था। इस आयोजन में दोघट थाने की टीकरी चौकी पर तैनात हेड कांस्टेबल तेजवीर सिंह बिधूड़ी धरना स्थल पर पहुंचे। जहां उन्होंने मंच से अपनी चर्चित रागिनी 'मैंने बहू बदल दी चार' प्रस्तुत की। लगभग 47 सेकंड का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। जिसमें वह रागिनी गाते हुए लोगों का मनोरंजन करते दिख रहे हैं। वीडियो में उनके साथ मौजूद लोग तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन कर रहे हैं। VIDEO के आधार पर हुई जांच वायरल वीडियो के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार वायरल वीडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही थी। मामले की जांच एसपी बागपत सूरज कुमार राय ने कहा कि बड़ौत सीओ को मामले की जांच सौंपी गई। एसपी बागपत सूरज राय ने बताया कि- वायरल वीडियो की सत्यता की जांच के बाद पुलिस नियमावली का उल्लंघन करने के आरोप में हेड कांस्टेबल तेजवीर सिंह बिधूड़ी को लाइन हाजिर किया गया है।
मुरादाबाद में 25 हजार का इनामी गिरफ्तार:युवक की गोली मारकर हत्या की थी, मुठभेड़ में पकड़ा गया
मुरादाबाद के कुंदरकी थाना क्षेत्र में हुए अंकित हत्याकांड के मुख्य आरोपी निखिल चौधरी को पुलिस ने सोमवार देर शाम मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस का दावा है कि घेराबंदी के दौरान निखिल ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घटना रविवार सुबह खिताजपुर उर्फ खनूपुरा गांव में हुई थी। पुरानी रंजिश के चलते मजदूर अंकित की गर्दन में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमले में आशीष चौधरी भी गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसके सिर में गोली लगी थी और उसका उपचार चल रहा है। भाई की तहरीर पर दर्ज हुआ था मुकदमा हत्या के बाद मृतक अंकित के भाई मोनू कुमार ने निखिल चौधरी, उसके भाई विशाल और चाचा रामवीर सिंह के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद से पुलिस मुख्य आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। भागने की फिराक में था आरोपी एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि सोमवार शाम सूचना मिली थी कि निखिल बाइक से क्षेत्र छोड़ने की कोशिश कर रहा है। सूचना के आधार पर हाथीपुर-चित्तू संपर्क मार्ग पर पुलिस ने घेराबंदी की। पुलिस के अनुसार खुद को घिरता देख आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें निखिल के पैर में गोली लगी। घायल होने के बाद उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के कब्जे से एक अवैध असलहा भी बरामद किया गया है। गांव में दूसरे दिन भी पुलिस तैनात गिरफ्तारी के बाद आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं, हत्या की घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। एहतियात के तौर पर लगातार दूसरे दिन भी गांव में भारी पुलिस बल तैनात रखा गया है।
चित्रकूट में पुरुषोत्तम मास की सोमवती अमावस्या के अगले दिन मंगलवार को भी श्रद्धालुओं का सैलाब जारी रहा। लाखों भक्तों ने तड़के पवित्र मंदाकिनी नदी में स्नान किया और भगवान कामतानाथ के दर्शन कर कामदगिरि की परिक्रमा की। हालांकि, अमावस्या की तुलना में मंगलवार को भीड़ कुछ कम थी, लेकिन परिक्रमा मार्ग और घाटों पर पूरे दिन श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। सोमवती अमावस्या पर चित्रकूट में श्रद्धालुओं की भीड़ ने प्रशासन के सभी अनुमानों को पीछे छोड़ दिया। जिला प्रशासन ने लगभग 10 लाख भक्तों के आने का अनुमान लगाया था, लेकिन 15 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी में स्नान कर कामतानाथ की परिक्रमा की। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। उत्तर प्रदेश के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग के निर्देश पर परिक्रमा मार्ग पर कारपेट बिछाया गया, ताकि तेज धूप में श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। इसके अतिरिक्त, जगह-जगह ठंडे पेयजल और 20 अस्थायी रैन बसेरों की व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क था। उत्तर प्रदेश की ओर मेले को आठ जोन में बांटा गया था, जिसमें लगभग 800 पुलिसकर्मी तैनात थे। वहीं, मध्य प्रदेश प्रशासन ने पांच जोन बनाए थे, जहां 500 पुलिसकर्मी सुरक्षा में लगे थे। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल के साथ ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की गई, जिससे भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा प्रभावी बनी रही। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित धार्मिक नगरी चित्रकूट में दोनों राज्यों के प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय देखा गया। प्रशासनिक अधिकारियों की सतत निगरानी और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के कारण विशाल भीड़ के बावजूद मेला शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। मंगलवार को दिनभर श्रद्धालु दर्शन-पूजन के बाद अपने घरों को लौटते रहे, लेकिन धर्मनगरी में श्रद्धा और भक्ति का माहौल लगातार बना रहा।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर आज कानपुर प्रवास पर रहेंगे। उनके आगमन को लेकर भाजपा महानगर इकाई ने विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और संगठनात्मक कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तैयार की है। दिनभर चलने वाले कार्यक्रमों में गंगा स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, मीडिया संवाद, व्यापारी नेताओं से मुलाकात और प्रबुद्ध सम्मेलन में अनुराग ठाकुर शामिल होंगे। कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 12:30 बजे परमट मंदिर में आरती-पूजन से होगी। इसके बाद महंत का सम्मान किया जाएगा। दोपहर 12:45 बजे परमट घाट पर गंगा स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें अनुराग ठाकुर स्वयं सहभागिता करेंगे। इसके बाद 1:15 बजे परमट स्थित पं. शिवनारायण मिश्रा पार्क में वृक्षारोपण किया जाएगा। दोपहर 1:30 बजे नवीन मार्केट मेट्रो स्टेशन क्षेत्र में प्रगतिशील पदयात्रा के दौरान मीडिया संवाद का कार्यक्रम रखा गया है।दोपहर 2 बजे भाजपा कार्यालय, नवीन मार्केट में पदाधिकारियों से परिचय एवं संगठनात्मक बैठक होगी। इसके बाद वे स्वरूपनगर, तिलकनगर, नवाबगंज और सिविल लाइंस क्षेत्र में विभिन्न प्रबुद्ध एवं सामाजिक व्यक्तित्वों से भेंटवार्ता करेंगे। दिनभर के कार्यक्रमों का समापन शाम 4:30 बजे आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन के साथ होगा, जिसमें शहर के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य नागरिक, बुद्धिजीवी वर्ग और समाजसेवी भाग शामिल होंगे।
गाजियाबाद के गोविंदपुरम बाबा मार्केट में लगी आग:फायर ब्रिगेड ने पाया काबू, नहीं हुई कोई जनहानि
गाजियाबाद के गोविंदपुरम स्थित बाबा मार्केट में देर रात आग लग गई। रात करीब 12:30 बजे दुकानों से धुआं और आग की लपटें उठती देख स्थानीय लोगों ने तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही फायर स्टेशन कोतवाली की चार दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। मौके पर पहुंची फायर टीम ने पाया कि आग तेजी से फैल रही थी और बंद दुकानों से घना काला धुआं निकल रहा था। फायर स्टेशन वैशाली से दो वाटर ब्राउजर, साहिबाबाद से एक फायर टेंडर और मोदीनगर से एक फायर टेंडर सहित अतिरिक्त दमकल गाड़ियां घटनास्थल पर भेजी गईं। समय रहते आग पर काबू पा लिया गया। आग बुझाने के लिए कुल आठ फायर वाहनों को लगाया गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) राहुल पाल ने बताया कि सूचना मिलते ही फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंच गई थी। उन्होंने बताया कि आग काफी विकराल थी और दुकानों के अंदर धुआं भरा होने के कारण राहत कार्य में कठिनाई आई। फायर कर्मियों ने पूरी सतर्कता और सूझबूझ के साथ कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया। CFO पाल ने पुष्टि की कि इस घटना में किसी भी व्यक्ति के घायल होने या जनहानि की कोई सूचना नहीं है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
मोतिहारी शहर में सामाजिक संस्था ‘ग्रीन एंड क्लीन’ की वार्षिक बैठक एवं सम्मान समारोह का आयोजन भव्य तरीके से किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन सकरा विधायक आदित्य कुमार, सुगौली विधायक बबलू गुप्ता समेत अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। समारोह में शहर के कई गणमान्य लोग, संस्था के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान संस्था की ओर से बीते वित्तीय वर्ष में किए गए सामाजिक कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसमें स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सेवा और जनजागरूकता से जुड़े कार्यों की जानकारी दी गई। संस्था के कार्यों की हुई समीक्षा, नए अध्यक्ष की घोषणा वार्षिक बैठक में संस्था के पिछले कार्यकाल की उपलब्धियों पर चर्चा की गई। पदाधिकारियों ने बताया कि ‘ग्रीन एंड क्लीन’ की ओर से शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के उद्देश्य से कई अभियान चलाए गए। साथ ही नए सत्र के लिए सर्वसम्मति से सुमित कुमार को संस्था का अध्यक्ष चुना गया। जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने संस्था के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले पदाधिकारियों और सक्रिय सदस्यों को सम्मानित भी किया गया। सम्मान मिलने के बाद सदस्यों ने सामाजिक कार्यों को और मजबूती से आगे बढ़ाने की बात कही। मोतिहारी को स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाना लक्ष्य: अमरेंद्र सिंह संस्था के संस्थापक अध्यक्ष अमरेंद्र सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ‘ग्रीन एंड क्लीन’ के उद्देश्य और कार्यशैली पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संस्था का मुख्य लक्ष्य मोतिहारी शहर को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। इसके लिए संस्था लगातार स्वच्छता अभियान, पौधरोपण और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में काम कर रही है। अमरेंद्र सिंह ने कोरोना काल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महामारी के कठिन समय में संस्था के सदस्यों ने जरूरतमंद लोगों की सहायता की थी। सैनिटाइजेशन अभियान चलाने के साथ जरूरतमंद परिवारों तक मदद पहुंचाई गई, जिससे संस्था की समाज में अलग पहचान बनी। स्वच्छता और हरियाली के लिए चलेंगे नए अभियान नवनियुक्त अध्यक्ष सुमित कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि संस्था की ओर से मिली जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने के लिए सामाजिक कार्यों को और गति दी जाएगी। पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा लोगों को स्वच्छता और हरियाली के प्रति जागरूक करने के लिए जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समारोह में मौजूद रहे कई गणमान्य लोग कार्यक्रम में संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि समाज की भागीदारी से ही स्वच्छ और बेहतर शहर का निर्माण संभव है। सभी सदस्यों ने मिलकर संस्था के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। समारोह के दौरान मौजूद अतिथियों ने भी ‘ग्रीन एंड क्लीन’ के प्रयासों की सराहना की और सामाजिक क्षेत्र में संस्था की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
सतना के पूर्वी संतनगर (बगहा) निवासी 24 वर्षीय आशुतोष पांडेय भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित संयुक्त रक्षा सेवा (CDS) परीक्षा उत्तीर्ण कर यह बड़ी सफलता हासिल की है। प्रतिष्ठित इंडियन मिलिट्री अकादमी (IMA), देहरादून से अपना प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब वे देश सेवा के लिए तैयार हैं। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पूरे विंध्य क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। आशुतोष ने देहरादून स्थित IMA में 18 महीने का कड़ा सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया। ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी होने के बाद आयोजित 'पीपिंग सेरेमनी' (Piping Ceremony) उनके परिवार के लिए बेहद भावुक और गौरवपूर्ण क्षण रहा। इस दौरान आशुतोष के पिता आरएस पांडेय और माता गिरजा पांडेय ने अपने बेटे के कंधों पर सितारे (स्टार) लगाकर उसे एक अफसर के रूप में देश सेवा के लिए सौंपा। सिख लाइट रेजीमेंट में पहली पोस्टिंग, नाना से मिली प्रेरणालेफ्टिनेंट बनने के बाद आशुतोष पांडेय को भारतीय सेना की प्रतिष्ठित 'सिख लाइट रेजीमेंट' में अपनी पहली पोस्टिंग मिली है। आशुतोष की इस सफलता के पीछे उनके नाना स्वर्गीय राजेश्वर मिश्र की बड़ी प्रेरणा रही है, जो खुद भी भारतीय सेना की ईएमई (EME) शाखा में देश की सेवा कर चुके थे। अपने नाना से प्रेरित होकर ही आशुतोष ने सेना में जाने का अपना सपना साकार किया। साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं आशुतोषआशुतोष पांडेय एक बेहद साधारण और मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। उनके पिता आरएस पांडेय पेशे से एक अकाउंटेंट हैं, जबकि उनकी माता गिरजा पांडेय एक गृहिणी हैं। अपनी मेहनत, लगन और माता-पिता के आशीर्वाद से आशुतोष ने यह मुकाम हासिल किया है। बेटे के सेना में अफसर बनने पर माता-पिता फूले नहीं समा रहे हैं।
खरगोन जिले के सनावद में लापता हुए 11 वर्षीय बालक को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सुरक्षित ढूंढ निकाला है। बकरी चराने गया बालक अपनी नानी की डांट के डर से घर से भाग गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपहरण का केस दर्ज कर 6 अलग-अलग टीमें बनाईं और सोमवार रात उसे नर्मदा किनारे नावघाट खेड़ी से खोजकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस के अनुसार, रविवार रात को सनावद निवासी कस्तुरीबाई ने अपने 11 वर्षीय नाती कृष्ण के लापता होने की शिकायत थाने में दर्ज कराई थी। परिजनों ने बताया कि कृष्ण दिन में बकरी चराने के लिए घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। 6 टीमों ने खंगाले CCTV, बड़वाह की तरफ दिखासनावद थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव ने बताया कि बालक की तलाश के लिए तत्काल 6 पुलिस टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने बालक की फोटो के साथ संभावित स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया। जब क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, तो बालक बड़वाह की ओर जाते हुए दिखाई दिया। इसके बाद बड़वाह और खेड़ी घाट क्षेत्र में पुलिस ने सघन सर्चिंग शुरू की। साइकिल खराब होने पर डर से चला गया था आश्रमतलाशी के दौरान पुलिस को बालक के नावघाट खेड़ी पर होने की पुख्ता सूचना मिली। एडिशनल एसपी शकुंतला रुहल ने बताया कि बच्चे के मिलने के बाद जब उससे पूछताछ की गई, तो उसने बताया कि बकरी चराने के दौरान उसके दोस्त गोविंद की साइकिल खराब हो गई थी। उसे डर था कि नानी इस बात पर बहुत डांटेंगी। इसी डर के कारण वह बस में बैठकर नावघाट खेड़ी स्थित नर्मदा आश्रम चला गया और वहीं रात बिताई। पूर्व में हुई बलि की घटना से अलर्ट थी पुलिसपुलिस ने बच्चे के लापता होने के इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया था। दरअसल, सनावद क्षेत्र में करीब छह माह पहले एक बालक के अपहरण और बलि दिए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आ चुका था। इसी पुरानी घटना को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने बिना कोई देरी किए तुरंत टीमें लगाकर बच्चे को सुरक्षित खोज निकाला।
उदयपुर की बाघपुरा थाना पुलिस ने सरपंच पर जानलेवा हमला करने के मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से घटना में उपयोग ली तलवार और लाठियां बरामद किए हैं। थानाधिकारी वेलाराम ने बताया कि 13 मार्च 2026 को रिछावर के दो युवक सुरेश और भैरूलाल की सेलाणा गांव में बदमाशों द्वारा हत्या कर दी गई थी। जिस पर 15 मार्च को कुछ लोगों ने मौताणे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया था। उसी दौरान उग्र भीड़ ने सरपंच मुकेश पर जानलेवा हमला कर दिया था। डीएसपी विवेक सिंह के सुपरविजन में पुलिस ने टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की। 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी दिनेश(24) पिता शंकर, प्रकाश(28) पिता शंकर, धूलाराम(22) पिता भूरीलाल, कानालाल(34) पिता सकिया, मांगीलाल(22) पिता सकिया, नकाराम(38) पिता स्व शंकर, नरेश(31) पिता जालमा को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी रिछावर बाघपुरा के निवासी हैं। चाकू और बोतल से छाती-पेट पर किया था वार पुलिस ने बताया कि 14 मार्च को आशीष ने थाने में रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया कि उसे अपनी पत्नी अनीता के घर सेलाणा गांव जाना था। वह अपने बुआ के लड़के भैरूलाल व दोस्त सुखलाल उर्फ सुरेश के साथ बाइक से सेलाणा के लिए निकला। रात 9 बजे सेलाणा घाटी फला स्कूल के पास सामने की तरफ से 6 से 7 बाइक आती दिखी। जिन पर 10 से 12 युवक सवार थे। सभी नशे में थे। उनमें से एक-दो युवकों ने हमें टोकते हुए कहा कि साइड में नहीं चल सकते हो क्या। इस पर हमने कहा कि हम साइड में ही हैं, इतने में आरोपी लक्ष्मण ने सुरेश उर्फ सुखलाल के सीने में चाकू मार दिया। उनमें से एक आरोपी प्रभु के हाथ में बीयर की बोतल थी। जिसे वहीं फोड़कर भैरूलाल के पेट में मार दी। जान बचाकर मैं भागा तो मुझे मारने के लिए एक युवक तलवार लेकर पीछे दौड़ा। मैं पीछे मुड़कर देखा तो सुखलाल उर्फ सुरेश को मनीष नाम का युवक तलवार मार रहा था। मारपीट की आवाज सुनकर सुमित आया तो उसके साथ भी मारपीट की गई। मैं मौके से अपनी जान बचाकर वहां से भागा और पुलिस को सूचना दी। --- ये खबर भी पढ़ें… उदयपुर में 2 दोस्तों को तलवारों से काट डाला: बचाने आए दुकानदार पर भी हमला; गांव में तनाव, 6 थानों की पुलिस तैनात उदयपुर में डबल-मर्डर केस में दूसरे दिन भी तनाव: 3 थानों का जाब्ता तैनात; बदमाशों ने 2 दोस्तों को तलवारों से काटा था उदयपुर में डबल मर्डर मामले में 7 गिरफ्तार: साइड में चलने की बात को लेकर हुआ था विवाद, आरोपियों ने चाकू, तलवारों से किया था हमला
झाबुआ जिले के थांदला के पास ग्राम उदयपुरिया में सोमवार शाम बिना मुंडेर वाले एक निजी कुएं में गिरने से सगे भाई-बहन की मौत हो गई। जिले में बीते 15 दिनों के भीतर खुले कुओं में डूबने से मौत की यह तीसरी घटना है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और लापरवाही पर सवाल उठने लगे हैं। घर के पास खेलते समय हुआ हादसा मृत बच्चों की पहचान शनि राज और नंदिनी (दोनों पिता रघु मईडा) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार दोनों घर के पास खेल रहे थे। इसी दौरान वे पास स्थित निजी कुएं में गिर गए। कुएं पर सुरक्षा के लिए मुंडेर नहीं थी और वह ढलान पर बना होने के कारण पैर फिसलने की आशंका जताई जा रही है। बताया गया है कि बच्चों के माता-पिता मजदूरी के लिए सूरत गए हुए हैं। दोनों बच्चे अपने दादा-दादी के साथ रह रहे थे। हादसे के बाद परिवार में मातम छा गया। पुलिस ने निकलवाए शव घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 और थांदला थाना प्रभारी अशोक कनेश पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से दोनों बच्चों के शव कुएं से बाहर निकलवाकर थांदला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाए। आज मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। 15 दिन में तीसरी घटना जिले में खुले कुओं के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। इससे पहले कल्याणपुर के पास 12 वर्षीय शिवानी की कुएं में डूबने से मौत हो चुकी है। वहीं झाबुआ के ग्राम खरड़ू छोटी में 70 वर्षीय तितली बाई की भी खुले कुएं में गिरने से जान चली गई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि तीनों घटनाओं में एक समानता रही-कुओं पर सुरक्षा के लिए मुंडेर नहीं थी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि खुले और असुरक्षित कुओं की पहचान कर वहां मुंडेर बनवाने या अन्य सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें।
रायबरेली जनपद में अपराधियों और अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक श्री रवि कुमार के कुशल निर्देशन में कार्रवाई करते हुए लालगंज और डलमऊ थाना पुलिस ने नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के आरोप में दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पहला मामला लालगंज थाना क्षेत्र का है। यहां एक पीड़ित पिता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू की थी। बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार सोमवार को मुखबिर की सूचना पर लालगंज पुलिस टीम ने मुकदमे में वांछित आरोपी राजेंद्र पासी (पुत्र स्व. शीतलदीन), निवासी ग्राम मुर्दीपुर मझिगवां, थाना सरेनी, जनपद रायबरेली को क्षेत्र के बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार कर लिया। उपनिरीक्षक राजीव कुमार और आरक्षी सोनू यादव ने यह गिरफ्तारी की। पुलिस ने आरोपी राजेंद्र पासी के खिलाफ विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। दूसरा मामला थाना डलमऊ का है, जहां एक प्रार्थिनी ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि विपक्षी अमित कुमार उसकी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया है। डलमऊ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियोग पंजीकृत किया और जांच में जुट गई। मुखबिर की सूचना पर डलमऊ पुलिस टीम ने मुकदमे के नामजद अभियुक्त अमित कुमार (पुत्र रामदास), निवासी पूरे तमोली मजरे बेला भेला, थाना भदोखर, जनपद रायबरेली को गंगा एक्सप्रेस-वे कटघर पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। डलमऊ पुलिस की इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक विनय कुमार पाठक, आरक्षी अविनाश कुमार और प्रशांत पाण्डेय शामिल थे। एसपी ने की पुलिस टीमों की सराहना रायबरेली जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ रखने और महिलाओं व बालिकाओं से जुड़े अपराधों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाई जा रही इस मुहिम के तहत दोनों थानों की पुलिस सक्रिय नजर आई। पुलिस अधीक्षक ने दोनों टीमों के इस त्वरित कार्य की सराहना की है और अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है कि किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
लुधियाना रेलवे स्टेशन के बाहर ऑटो में बैठी एक फैमिली शातिर चोरों का शिकार बन गई। ऑटो ड्राइवर और उसके 3 साथियों ने मिलकर एक महिला के बैग का ताला तोड़ सोने के गहनों पर हाथ साफ कर दिया। जब परिवार बस्ती जोधेवाल चौक पर उतरा तो बैग का लॉक टूटा देखकर उनके होश उड़ गए। फिलहाल थाना-1 पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित सुनील साहनी (32 वर्ष), निवासी गली नंबर 4, शिवानी टेक्सटाइल के पास बस्ती जोधेवाल ने पुलिस को पूरी घटना का विवरण दिया। सुनील ने बताया कि 24 मई 2026 को वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ लुधियाना रेलवे स्टेशन के बाहर पहुंचे थे। वहां से उन्होंने बस्ती जोधेवाल जाने के लिए एक ऑटो लिया। उनके पास दो बड़े बैग थे, जिनमें से एक में उनकी पत्नी के सोने के कीमती जेवर रखे हुए थे। ऑटो में बैठते समय ड्राइवर के साथ पहले से ही एक अज्ञात व्यक्ति मौजूद था, जो कथित तौर पर गैंग का हिस्सा था। ड्राइवर ने गाड़ी को घंटाघर चौक की ओर मोड़ दिया। इसके बाद जैसे ही ऑटो माता रानी चौक के पास पहुंचा, उसने साजिश के तहत दो और युवकों को भी वाहन में बैठा लिया। इस तरह ऑटो में पीड़ित परिवार समेत कुल चार संदिग्ध व्यक्ति मौजूद हो गए। लॉक टूटा और जेवर गायब रास्ते में इन शातिरों ने बड़ी चालाकी से पीड़ित परिवार का ध्यान भटकाया और गहनों वाले बैग का लॉक कटर या मास्टर की से तोड़ दिया। बैग में रखे सोने के गहने निकालकर आरोपियों ने उन्हें अपनी जेब में डाल लिया। जैसे ही ऑटो बस्ती जोधेवाल चौक पहुंचा, सुनील साहनी अपनी पत्नी और बच्चों के साथ नीचे उतर गए। सामान चेक करने पर पता चला बैग का ताला टूटा था और सोने के सभी गहने गायब थे। जब तक वे कुछ समझ पाते, ऑटो ड्राइवर अपने साथियों समेत मौके से फरार हो चुका था। BNS की धाराओं के तहत FIR दर्ज सुनील साहनी को पूरा यकीन है कि इस चोरी को ऑटो ड्राइवर और उसके साथ बैठे उन 3 बदमाशों ने ही अंजाम दिया है। इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस 15 जून को आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
बांके बिहारी मंदिर पैनल की याचिका पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को मथुरा के श्री बांके बिहारी मंदिर के सेवकों की याचिका पर सुनवाई करेगा। इस याचिका में मंदिर के कामकाज की देखरेख के लिए कोर्ट द्वारा बनाई गई उच्च-स्तरीय प्रबंधन समिति के कुछ निर्णयों को चुनौती दी गई है।
तबादले के सीजन में नर्मदापुरम जिले में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। शासन द्वारा डिप्टी कलेक्टर से लेकर तहसीलदार, जनपद सीईओ, जनसंपर्क अधिकारी और खनिज निरीक्षक तक कई विभागों के अफसरों की अदला-बदली की गई है। इस फेरबदल में जिले से तीन डिप्टी कलेक्टरों का तबादला अन्य जिलों में हुआ है, जबकि उनके बदले एक संयुक्त कलेक्टर की जिले में वापसी हुई है। प्रशासनिक बदलाव के तहत नर्मदापुरम से 3 डिप्टी कलेक्टरों को अन्य जिलों में भेजा गया है। इनमें सोहागपुर एसडीएम प्रियंका भल्लावी को रायसेन, नर्मदापुरम एसडीएम जय सोलंकी को राजगढ़ और डिप्टी कलेक्टर नीता कोरी का तबादला जबलपुर किया गया है। वहीं, संयुक्त कलेक्टर नितिन टाले को वापस नर्मदापुरम जिले में पदस्थ किया गया है। गौरतलब है कि नितिन टाले इससे पहले पिपरिया एसडीएम के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। अरुण राठौर होंगे नए PRO, बसंत पाटिल खनिज निरीक्षकजनसंपर्क और खनिज विभाग में भी अहम बदलाव हुए हैं। जनसंपर्क विभाग की संयुक्त संचालक रश्मि देशमुख का तबादला रीवा कर दिया गया है। उनकी जगह उज्जैन से अरुण राठौर को नर्मदापुरम भेजा गया है, जो जिले के नए जनसंपर्क अधिकारी (PRO) होंगे। इसके अलावा, खनिज विभाग की निरीक्षक पिंकी चौहान का तबादला छिंदवाड़ा हुआ है और बालाघाट से खनिज निरीक्षक बसंत पाटिल को नर्मदापुरम भेजा गया है। जनजातीय कार्य विभाग में आशा मौर्य को प्रभारजनजातीय कार्य विभाग में भी अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है। विभाग के सहायक आयुक्त विवेक नागवंशी का तबादला दतिया कर दिया गया है। उनके स्थान पर अब आशा मौर्य को प्रभारी सहायक आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
गयाजी में केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने बड़ा बयान दिया है। केंद्रीय मंत्री ने साफ कर दिया है कि महिला आरक्षण और डीलिमिटेशन (परिसीमन) जैसे बड़े मुद्दों पर मोदी सरकार मानसून सत्र से ही अपनी मजबूती दिखाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि इसमें किसी को कोई शक नहीं होना चाहिए। हमारे प्रधानमंत्री हिंदुस्तान के हित में, संविधान, महिला समाज और समाज के वीकर सेक्शन (कमजोर वर्ग) के उत्थान के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। सरकार पूरी मजबूती के साथ इन फैसलों को आगे बढ़ाएगी। 'बंगाल की जनता ने एनडीए को समर्थन दिया है' जब उनसे पूछा गया कि क्या कम सीटों के कारण महिला संशोधन या बड़े बिलों को पास कराने में दिक्कत आएगी, इस पर उन्होंने विपक्षी खेमे में लग रही सेंध और बढ़ते समर्थन का इशारा किया। दावा करते हुए कहा कि आप देख रहे हैं कि बंगाल हमारे साथ आ गया है। अन्य राज्यों से भी लोग हमारे साथ आ रहे हैं। जहां तक संसद में दो-तिहाई बहुमत की बात है तो हम बहुत जल्द ही उस जादुई आंकड़े को भी प्राप्त कर लेंगे। अगर महिलाओं और कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए संविधान में संशोधन करने की भी आवश्यकता पड़ी, तो सरकार पीछे नहीं हटेगी। तमाम राजनीतिक बाधाओं का रास्ता साफ करके इन विधेयकों को पारित कराया जाएगा। सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि संसद के इस सत्र में चाहे जो भी परिस्थितियां हो, लेकिन सरकार का प्रयास पूरी तरह से जारी रहेगा। सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है कि ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण विधेयकों को अमलीजामा पहना दिया जाए ताकि देश की महिलाओं और वंचितों को उनका हक मिल सके।
चित्रकूट थाना क्षेत्र के परिक्रमा मार्ग स्थित गायत्री मंदिर के पास सोमवार देर शाम एक अस्थायी भोजनालय में भीषण आग लग गई। गैस सिलेंडर में लीकेज के कारण भड़की इस आग से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन भोजनालय जलकर लगभग पूरी तरह खाक हो गया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार देर शाम करीब 7:30 बजे भोजनालय की झोपड़ी में गैस लीक होने से अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे परिसर में फैल गई। आग की ऊंची-ऊंची लपटें देखकर वहां मौजूद लोगों और श्रद्धालुओं में दहशत फैल गई। फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर पाया काबूघटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने आनन-फानन में आग पर काबू पा लिया, जिससे आग आसपास के क्षेत्रों में नहीं फैल सकी और बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, तब तक भोजनालय का अधिकांश हिस्सा जलकर नष्ट हो चुका था। सोमवती अमावस्या की भीड़ के लिए खुला था भोजनालयबताया जा रहा है कि यह अस्थायी भोजनालय सोमवती अमावस्या के अवसर पर चित्रकूट में उमड़ी लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए हाल ही में खोला गया था। पुलिस फिलहाल घटना के विस्तृत कारणों और इससे हुए आर्थिक नुकसान का आकलन कर जांच में जुटी है।
पठानकोट के गांव करोली के अनुराग चौहान ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। अनुराग के पिता स्वयं आर्मी में भर्ती होना चाहते थे, लेकिन परिस्थितियों के कारण उनका सपना पूरा नहीं हो सका। अब बेटे को वर्दी में देखकर पिता का कहना है कि उनका अधूरा सपना अनुराग ने पूरा कर दिया है। अनुराग ने रोजाना 8 से 10 घंटे की पढ़ाई कर यह उपलब्धि हासिल की। भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) देहरादून से प्रशिक्षण पूरा करने के बाद 13 जून को उन्हें भारतीय सेना में कमीशन मिला। गांव लौटने पर परिजनों, ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। 96% अंक से लेकर लेफ्टिनेंट तक का सफर:- पिता खुद सेना में होना चाहते थे भर्ती इस अवसर पर अनुराग के पिता शीश पाल सिंह ने कहा कि उन्हें अपने बेटे की उपलब्धि पर बेहद गर्व है। उन्होंने बताया कि वे पहले निजी नौकरी करते थे और वर्तमान में खेतीबाड़ी कर रहे हैं। उनका स्वयं सेना में भर्ती होने का सपना था, लेकिन कुछ कारणों से वह पूरा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि अनुराग ने उनकी अधूरी इच्छा को पूरा कर दिया है। देर रात तक पढ़ता था अनुराग शीश पाल सिंह ने बताया कि अनुराग बचपन से ही मेहनती था। कई बार जब वे देर रात उठते थे तो उन्हें लगता था कि वह सो रहा होगा, लेकिन वह पढ़ाई में जुटा होता था। उन्होंने कहा कि बेटे की मेहनत और समर्पण का ही परिणाम है कि आज वह भारतीय सेना में अधिकारी बना है।
लखनऊ भीषण गर्मी में बिजली का संकट जारी है शहर के कई इलाकों में अचानक बिजली गुल हो जाने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। फैजुल्लागंज, राजाजीपुरम, आशियाना, ठाकुरगंज, लाटूश रोड और अमीनाबाद जैसे प्रमुख इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने से आम नागरिकों और व्यापारियों ने नाराजगी जताई। बिजली के खंभे में आग लगने से भी सप्लाई बाधित हुई 5 घंटे बिजली नहीं आई लाटूश रोड के व्यापारियों ने बताया कि जीटीआई उपकेंद्र में सोमवार की सुबह 11 बजे सुधार कार्य के कारण बिजली बंद की गई। इसी बीच फॉल्ट आने से शाम 6 बजे तक बिजली बंद रही। गर्मी में बिजली आपूर्ति ठप होने से व्यापार बुरी तरह प्रभावित रहा । प्रकार चौक उपकेंद्र के कालीजी फीडर में आए फॉल्ट के कारण दिन में लगभग 5 घंटे बिजली गुल रही । इसके अतिरिक्त इंदिरानगर सेक्टर-14 न्यू और जानकीपुरम सेक्टर-आई उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति में व्यवधान आया। रात भर अंधेरे में रहे नागरिक रविवार रात करीब 12 बजे के बाद से ही कई इलाकों में बिजली की आंख मिचौली शुरू हो गई, जो पूरी रात जारी रही। अचानक बिजली गुल होने के कारण लोगों को भारी परेशानी हुई। कई घरों में लोग गहरी नींद में थे, जिन्हें अचानक अंधेरे में उठकर वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी ज्यादा देर बिजली गायब होने की वजह से इनवर्टर ने भी काम करना बंद कर दिया। गर्मी के मौसम को देखते हुए यह समस्या और भी विकट हो गई, क्योंकि पंखे और कूलर भी बंद हो गए थे। बिजली के खंभे व तारों में लगी आग पीजीआई क्षेत्र के रायबरेली रोड स्थित शीतल खेड़ा मुख्य मार्ग पर बनी कांता ग्रीन सिटी में बिजली के खंभे व तारों में आग लग गई। देखते ही देखते धूं धू करके तार जलने लगे। खंबे में देर रात आग लगने की वजह से लगभग 6 घंटे तक तक बिजली सप्लाई बाधित रही। स्थानीय लोगों ने बताया कि रात्रि लगभग 12:00 बजे आग लगी और सुबह 6:00 बजे के आसपास बिजली आपूर्ति शुरू हुई ।
राजसमंद के पैरा तैराक विष्णु कुमार बैरवा ने बेंगलुरु में आयोजित नेशनल पैरा जूनियर एवं सब-जूनियर स्विमिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन पदक जीते। उन्होंने 100 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं 50 मीटर बटरफ्लाई और 100 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। विष्णु की सफलता में उनके कोच जगदीश चंद्र तेली के मार्गदर्शन और निरंतर प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका रही। लगातार मेहनत और अभ्यास के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में यह उपलब्धि हासिल की। क्लब में किया गया अभिनंदन प्रतियोगिता से लौटने पर नौचैकी स्विमिंग क्लब में विष्णु का स्वागत और सम्मान किया गया। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय कोच जगदीश तेली, क्लब अध्यक्ष रतन केलवा, सहयोगी कोच प्रहलाद वैष्णव, राहुल, दिलीप टांक, महावीर चपलोत सहित क्लब सदस्यों और आनंदम ग्रुप के कमलेश कच्छारा, मुकेश कोठारी तथा मधुसूदन व्यास ने उनका अभिनंदन किया।
सीतापुर में दो ऑटो की टक्कर में चालक की मौत:चार यात्री गंभीर घायल, ओवरटेक के दौरान हादसा
सीतापुर के महमूदाबाद कोतवाली क्षेत्र के बिसवां–महमूदाबाद मार्ग पर वार्ड इंदौरा के पास सोमवार देर रात दो सीएनजी ऑटो की आमने-सामने हुई भीषण टक्कर में एक चालक की मौत हो गई, जबकि चार यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। जानकारी के अनुसार, सिकंदराबाद क्षेत्र निवासी 22 वर्षीय नय्यूम पुत्र शाहिद अली सीएनजी ऑटो से सवारियां लेकर जा रहा था। सोमवार देर रात जब उसका वाहन इंदौरा के पास पहुंचा, तभी सामने से आ रहे दूसरे सीएनजी ऑटो से उसकी सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और उनमें सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर दौड़ पड़े। लोगों ने क्षतिग्रस्त वाहनों में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और तत्काल पुलिस तथा एम्बुलेंस को सूचना दी। हादसे में चालक नय्यूम गंभीर रूप से घायल हो गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। दुर्घटना में ऑटो सवार यात्री शिवेंद्र कुमार, उनकी पत्नी केसर, सर्वेश तथा आरिफ गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर देखते हुए घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही दोनों वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारु कराया गया। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में हादसे का संभावित कारण तेज रफ्तार माना जा रहा है। मामले की जांच की जा रही है तथा दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाया जा रहा है।
नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा तहसील के ग्राम टेकापार में सोमवार को प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। संयुक्त अभियान चलाकर करीब 12 एकड़ सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। कार्रवाई देर शाम तक चली, जिसमें राजस्व विभाग, पुलिस और प्रशासनिक अमले की टीम मौजूद रही। नायब तहसीलदार के नेतृत्व में चला अभियान कार्रवाई नायब तहसीलदार के नेतृत्व में की गई। इस दौरान राजस्व विभाग के पटवारी, पुलिस बल और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अतिक्रमण हटाने के लिए 4 से 5 ट्रैक्टर और एक जेसीबी मशीन का उपयोग किया गया। प्रशासन के अनुसार, संबंधित शासकीय भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा था। अभियान के दौरान अतिक्रमण हटाते हुए भूमि पर बने एक कच्चे मकान को भी ध्वस्त कर दिया गया। अभियान आगे भी रहेगा जारी कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। हालांकि प्रशासन की मौजूदगी में पूरा अभियान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। भविष्य में भी ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बीडीके अस्पताल की इमरजेंसी फार्मेसी में मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि बुखार से पीड़ित एक मासूम को पर्चे में लिखी दवा की जगह दूसरी दवा दे दी गई। परिजनों ने फार्मेसी काउंटर पर तैनात स्टाफ नर्स पर नशे में होने का आरोप लगाया है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने कर्मचारी रवींद्र सिंह को एपीओ कर दिया और जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी। बुखार के इलाज के लिए पहुंचे थे अस्पताल जानकारी के अनुसार रविवार रात करीब 10 बजे एक परिवार अपने छोटे बच्चे को तेज बुखार की शिकायत पर बीडीके अस्पताल की इमरजेंसी यूनिट में लेकर पहुंचा था। ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. राहुल सोनी ने बच्चे की जांच कर दवाइयां लिखीं। इसके बाद परिजन अस्पताल की इमरजेंसी फार्मेसी से दवा लेने पहुंचे। गलत दवा देने का आरोप, नशे में होने की भी शिकायत परिजनों का आरोप है कि फार्मेसी काउंटर पर एनएचएम के तहत संविदा पर तैनात स्टाफ नर्स रवींद्र सिंह मौजूद था, जो नशे की हालत में लग रहा था और लड़खड़ा रहा था। आरोप है कि उसने पर्चे में लिखी दवा के बजाय दूसरी दवा दे दी। जब परिजनों ने इस बारे में पूछा तो उसने दावा किया कि डॉक्टर द्वारा लिखी गई घाव पर लगाने वाली दवा ही दी गई है, जबकि बच्चे को कोई घाव नहीं था और उसका इलाज बुखार के लिए चल रहा था। परिजनों ने बनाया वीडियो, सोशल मीडिया पर हुआ वायरल गलत दवा मिलने और स्टाफ नर्स के व्यवहार पर शक होने पर परिजनों ने मौके पर ही वीडियो बना लिया। बाद में वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया गया। पीएमओ ने किया APO, कमेटी करेगी जांच मामला सामने आने के बाद बीडीके अस्पताल के पीएमओ डॉ. जितेंद्र भांभू ने इसे गंभीरता से लेते हुए आरोपी संविदा स्टाफ नर्स रवींद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से फार्मेसी ड्यूटी से हटा दिया। जांच पूरी होने तक उसे नर्सिंग अधीक्षक कार्यालय में उपस्थिति देने के निर्देश दिए गए हैं। तीन सदस्यीय कमेटी को सौंपी जांच पीएमओ ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए डॉ. संदीप नेमीवाल, डॉ. नवीन और नर्सिंग अधिकारी प्यारेलाल की तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद तथ्य सामने आने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सड़क पर अचेत पड़े पुलिसकर्मी की युवाओं ने बचाई जान:गोंडा में 112 पुलिस ने पहुंचाया मेडिकल कॉलेज
गोंडा जिले में नगर कोतवाली क्षेत्र के गोंडा-लखनऊ रोड स्थित अदम गोंडवी मैदान के सामने देर रात एक पुलिसकर्मी संदिग्ध परिस्थितियों में सड़क पर अचेत पड़ देख स्थानीय लोगों में हड़कंप मचा गया। सड़क पर पड़ा देख तत्काल स्थानीय युवाओं और राहगीरों ने तो तुरंत मदद के लिए आगे आए। दोनों तरफ से वाहनों के आवागमन को रोक युवाओं ने बिना किसी हिचकिचाहट के पुलिसकर्मी को सड़क से हटाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसके बाद तत्काल डायल 112 पर घटना की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और संबंधित पुलिसकर्मी को अपने सुपुर्द लिया है। सड़क पर पड़े पुलिसकर्मी को डायल-112 के पुलिसकर्मी इलाज के लिए गोंडा मेडिकल कॉलेज लेकर के गए हुए हैं जहां पर पुलिसकर्मी का प्राथमिक उपचार किया गया है।उसे नगर कोतवाली ले जाकर उसकी जांच कराई गई। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि सड़क पर पुलिसकर्मी के पड़े होने की सूचना मिली थी, जिस पर तत्काल पुलिसकर्मियों को भेजा गया। उन्होंने कहा कि पुलिस लोगों की मदद करती है और जब लोग पुलिसकर्मियों की मदद करते हैं तो दोनों के संबंध मधुर होते हैं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें युवाओं की संवेदनशीलता और तत्परता की सराहना की जा रही है।
राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री दिव्यांग स्कूटी योजना 2026 के तहत दिव्यांगजनों को स्कूटी प्रदान करने के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बजट घोषणा 2026-27 के तहत चलने फिरने में असमर्थ ऐसे विशेष योग्यजन जो राजकीय अथवा मान्यता प्राप्त महाविद्यालय में नियमित अध्ययनरत है अथवा रोजगार करने वाले युवा है आदि को प्रोत्साहित करने के लिये निःशुल्क स्कूटी उपलब्ध करवायी जाएगी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग उदयपुर के संयुक्त निदेशक गिरीश भटनागर ने बताया कि योजनान्तर्गत आवेदन करने वाले आवेदक के पास 40 प्रतिशत या उससे अधिक का चलन निःशक्तता का यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) होना आवश्यक है। आवेदक यदि विशेष योग्यजन पेंशन प्राप्त कर रहा है तो पेंशन पीपीओ की प्रति आवश्यक है। आवेदक पेंशन प्राप्त नहीं कर रहा है तो उसके माता-पिता अभिभावक/स्वयं की संकलित वार्षिक 2 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। योजनान्तर्गत राजस्थान के मुल निवासी ही आवेदन कर सकेंगे। योजना के तहत 18 से 29 आयु वर्ग के दिव्यांगजन को प्रथम वरीयता से पात्रतानुसार स्कूटी वितरित की जायेगी। जिले के लिये निर्धारित स्कुटियों में से प्रथम वरीयता के वितरण के बाद यदि स्कूटी शेष रहने पर द्वितीय वरीयता में अन्यथा पात्र होने पर 45 वर्ष तक की आयु के दिव्यांगजन को स्कूटी वितरित की जायेगी। ड्राइविंग लाइसेंस जरूरी आवेदक के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होने पर आवेदक के आवेदन पर विचार नहीं किया जायेगा। इच्छुक आवेदक स्कूटी के लिए आवेदन 31 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन एसएसओ आईडी पर उपलब्ध आइकन (सीएम स्कूटी योजना) माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्रों में आक्षेप पूर्ति आवेदन की अंतिम दिनांक के 15 दिवस में करना होगा। आवेदन के साथ ये जरूरी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 20 जून को जबलपुर के दौरे पर आ रही हैं। उनके आगमन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह भी व्यवस्थाओं का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। करीब 18 घंटे जबलपुर में रहेंगी राष्ट्रपति कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 20 जून की शाम करीब 6 बजे जबलपुर पहुंचेंगी। वह करीब 18 घंटे शहर में रहेंगी और दो प्रमुख कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। राष्ट्रपति के दौरे से पहले ब्लू बुक के अनुसार सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। 20 जून को होगा फाइनल रिहर्सल राष्ट्रपति के आगमन से पहले 20 जून की दोपहर में फाइनल रिहर्सल की जाएगी। प्रशासन, पुलिस और अन्य विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। योग दिवस कार्यक्रम में होंगी शामिल राष्ट्रपति 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शहर के गैरिसन ग्राउंड में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में शामिल होंगी। इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। योग दिवस कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में आयोजित दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेंगी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी। कई प्रमुख हस्तियां रहेंगी मौजूद दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति के साथ राज्यपाल Mangubhai Patel, मुख्यमंत्री Mohan Yadav, लोक निर्माण मंत्री Rakesh Singh, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजेश कुमार वर्मा और अन्य अतिथि भी मौजूद रहेंगे। बेटी के भी साथ आने की संभावना प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार राष्ट्रपति की छोटी बेटी के भी इस दौरे में साथ आने की संभावना है। हालांकि, इसका आधिकारिक कार्यक्रम अभी जारी नहीं किया गया है। कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद राष्ट्रपति उसी दिन दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगी।
पहले अमीर लोगों की तलाश, फिर दोस्ती का दिखावा, कमरे में मुलाकात और फिर शुरू होता था ब्लैकमेलिंग का गंदा खेल। भिंड पुलिस ने एक ऐसे ही हाईप्रोफाइल हनीट्रैप रैकेट का पर्दाफाश किया है। दो महिलाओं ने अपने साथियों के साथ मिलकर कई व्यापारियों और रसूखदार लोगों को अपने जाल में फंसाया, उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाए और फिर लाखों रुपए की उगाही की। इस मामले में पुलिस ने दो महिलाओं समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से एक महिला HIV पॉजिटिव है। उसे 3 साल पहले ही अपनी बीमारी का पता चल गया था, लेकिन इसके बावजूद उसने यह धंधा बंद नहीं किया। पढ़िए रिपोर्ट... इन 4 तरीकों से काम करता था यह पूरा सिंडिकेट यह नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा था। इसके काम करने का तरीका कुछ इस तरह था। सामने आया ऑडियो- यह कोई सब्जी-भाजी का सौदा नहीं है... दैनिक भास्कर के हाथ इस मामले के कुछ ऑडियो और वीडियो लगे हैं, जो इस उगाही के खेल को बेनकाब करते हैं। आरोपी महिला और पीड़ित के दोस्त के बीच बातचीत वकील और पीड़ित के दोस्त के बीच बातचीत फिर 100 रुपए के स्टाम्प पेपर पर समझौता पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह में कई ऐसे लोग शामिल हैं, जो पीड़ित की आर्थिक स्थिति का आकलन करते, फिर उसी आधार पर रकम तय करते थे। कुछ मामलों में एक वकील की भूमिका सामने आई है। आरोप है कि महिला की ओर से दुष्कर्म संबंधी आवेदन तैयार किए जाते थे या कार्रवाई की आशंका दिखाकर दबाव बनाया जाता था। कई मामलों में चार से पांच लाख रुपए की मांग की गई। आर्थिक रूप से मजबूत लोगों से इससे भी अधिक रकम मांगी गई, जबकि कुछ मामलों में दो से तीन लाख रुपए लेकर समझौता कर लिया गया। पीड़ितों को भरोसा दिलाने के लिए 100 रुपए के स्टाम्प पेपर पर समझौतेनुमा दस्तावेज तैयार कराए जाते थे। इसमें दोनों पक्षों की सहमति का उल्लेख किया जाता था। महिला की ओर से लिखा जाता था कि संबंध आपसी सहमति से बने। भविष्य में किसी प्रकार की शिकायत या वीडियो के उपयोग को लेकर विवाद नहीं होगा। दस्तावेज पर गवाहों के हस्ताक्षर भी कराए जाते थे। हालांकि, ऐसे दस्तावेजों की कानूनी वैधता और परिस्थितियां जांच का विषय हैं। जाल में फंसे शहर के ये 4 बड़े नाम जांच के दौरान सामने आया है कि इस गैंग ने शहर के कई प्रतिष्ठित लोगों को निशाना बनाया। कर्ज लेकर चुकाई कीमत: बदनामी के डर से कई पीड़ितों ने बैंक से लोन लिया, रिश्तेदारों से उधार मांगा तो कुछ ने साहूकारों से भारी ब्याज पर पैसे लेकर इस गैंग को दिए। कुछ लोग तो आज भी इस ब्लैकमेलिंग के कारण कर्ज की किश्तें चुका रहे हैं। पुलिस की अपील- बदनामी का डर छोड़ें, सामने आएं देहात थाना प्रभारी शिव प्रताप सिंह राजावत के मुताबिक, हनीट्रैप के मामलों में सबसे बड़ी चुनौती यह है कि समाज में थू-थू होने के डर से पीड़ित सामने नहीं आते। पुलिस को अंदेशा है कि पीड़ितों की संख्या बहुत अधिक हो सकती है। पुलिस ने साफ कहा है कि यदि किसी के पास भी इस गैंग के खिलाफ सबूत हैं, तो वे बिना डरे सामने आएं, उनकी पहचान गुप्त रखी जाएगी। यह खबर भी पढ़ें भिंड में हनी-ट्रैप गिरोह के 4 गिरफ्तार: आरोपियों में दो महिलाएं भी शामिल भिंड में हनी-ट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेलिंग करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो महिलाएं शामिल हैं।आरोपी वृद्ध पुरुषों और किसानों को निशाना बनाकर उन्हें झांसे में लेते थे। इसके बाद अश्लील वीडियो बनाकर झूठे दुष्कर्म के मामले में फंसाने तथा वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लाखों रुपये की वसूली करते थे। पढ़ें पूरी खबर
रायपुर के पुरानी बस्ती और सरस्वती नगर थाना पुलिस ने अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 7 किलो से ज्यादा गांजा बरामद किया है। जब्त गांजे की कुल कीमत करीब 2.35 लाख रुपए आंकी गई है। पुरानी बस्ती थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि भाठागांव रिंग रोड स्थित वालफोर्ट गेट के पास एक व्यक्ति गांजा बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी पूछताछ में आरोपी की पहचान अरविंद कुमार (35), निवासी कौशांबी, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके बैग से 2.842 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 30 हजार रुपए है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) और 29 के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने गांजा तस्करी और सप्लाई नेटवर्क से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी हैं, जिनके आधार पर पुलिस आगे जांच कर रही है। हेलिपैड के पास झाड़ियों में हो रही थी गांजे की बिक्री दूसरी कार्रवाई सरस्वती नगर थाना पुलिस ने की। सूचना मिली थी कि पंडित रविशंकर शुक्ल हेलिपैड की दीवार के पास झाड़ियों और घुरवा के नजदीक एक व्यक्ति गांजा बेच रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी जनरैल सिंह (40), निवासी कुकुरबेड़ा को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से एक बोरी में रखा 4.136 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने जब्त गांजे की कीमत करीब 2.05 लाख रुपए आंकी है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है। नशे के नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों मामलों में बरामद गांजे के स्रोत और उसकी सप्लाई चेन की जांच की जा रही है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की भी तलाश की जा रही है।
अलवर जिले के थानागाजी क्षेत्र के कुंडलका गांव में सोमवार रात अज्ञात कारणों से दो कच्चे मकानों में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि घरों में बंधी 6 बकरियां और उनके 5 बच्चे जिंदा जल गए, जबकि घर का पूरा सामान राख हो गया। घटना के बाद पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। इसके बाद दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया गया। वहीं थानागाजी पुलिस और पटवारी ओमप्रकाश शर्मा ने मौके पर पहुंचकर मौका रिपोर्ट तैयार की और जांच शुरू कर दी। बीजेपी नेता रोहिताश घांघल ने बताया कि रात करीब 8 बजे के बाद जगराम और रामप्रताप गुर्जर, जो दोनों भाई हैं, उनके कच्चे घरों में अचानक आग लग गई। जब तक लोग मौके पर पहुंचे, तब तक अधिकांश सामान जलकर राख हो चुका था। उन्होंने पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता दिलाने का आश्वासन भी दिया। करीब 3.26 लाख रुपये का नुकसान आग में 6 बकरियां और 5 बकरी के बच्चों की मौत हो गई, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 75 हजार रुपये बताई गई है। इसके अलावा 32 क्विंटल प्याज का कण (लगभग 1.20 लाख रुपये), 13 अनाज की बोरियां (करीब 33 हजार रुपये), 4 चारपाइयां, 7 रजाई-गद्दे, बर्तन, आटा चक्की, कपड़े और 17 हजार रुपये नकद जलकर राख हो गए। कुल मिलाकर किसान को लगभग 3 लाख 26 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। फिलहाल पुलिस आग लगने के कारणों का पता लगाने में जुटी है, जबकि पटवारी ने मौका रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
छिंदवाड़ा में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन द्वारा मुस्लिम समाज के वरिष्ठजनों और सामाजिक प्रतिनिधियों के साथ शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में त्योहार के दौरान की जाने वाली व्यवस्थाओं, सुरक्षा इंतजामों, संभावित चुनौतियों और समाज की अपेक्षाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों और समाज के प्रतिनिधियों ने आपसी संवाद के माध्यम से त्योहार को सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने पर सहमति जताई। मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के साथ हुई चर्चा बैठक में मुस्लिम समाज के वरिष्ठजन, मुस्लिम कमेटी के सदर सहित अन्य पदाधिकारी और सामाजिक बंधु बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इस दौरान मोहर्रम पर्व के आयोजन से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं और आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा की गई। समाज के प्रतिनिधियों ने आयोजन को बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए अपने सुझाव भी प्रशासन के समक्ष रखे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिए गए सुझाव कोतवाली निरीक्षक आशीष कुमार ने बताया कि बैठक के दौरान समाज के लोगों ने पूर्व में आयोजित कार्यक्रमों के अनुभव साझा किए और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए कई सुझाव दिए। साथ ही आयोजन के दौरान आने वाली संभावित परेशानियों और चुनौतियों से भी पुलिस प्रशासन को अवगत कराया गया। अस्थायी पुलिस चौकी की उठी मांग बैठक में स्थानीय लोगों ने मोहर्रम के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में अस्थायी पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग रखी। उनका कहना था कि इससे किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध हो सकेगी और लोगों में सुरक्षा की भावना बनी रहेगी। इस सुझाव पर पुलिस अधिकारियों ने सकारात्मक रुख दिखाया। पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने का आश्वासन कोतवाली निरीक्षक ने समाज के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि मोहर्रम पर्व के दौरान पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो और त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने की मांग बैठक के दौरान सामाजिक बंधुओं ने रात्रिकालीन आयोजनों के समय पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग भी रखी। उनका कहना था कि रात के समय अधिक सतर्कता और पुलिस की नियमित मौजूदगी से सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी। पुलिस प्रशासन ने इस मांग पर भी सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। सुझावों पर गंभीरता से होगा विचार पुलिस प्रशासन ने बैठक में मौजूद सभी लोगों को आश्वस्त किया कि समाज द्वारा दिए गए सुझावों और मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। आयोजन के दौरान जिन व्यवस्थाओं की आवश्यकता होगी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील बैठक में मौजूद पुलिस अधिकारियों और समाज के वरिष्ठजनों ने सभी लोगों से आपसी भाईचारा, शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि मोहर्रम जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व को सभी की सहभागिता और सहयोग से शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना सामूहिक जिम्मेदारी है। बड़ी संख्या में मौजूद रहे सामाजिक बंधु सोमवार शाम आयोजित इस बैठक में बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु और समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में त्योहार को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाने पर सहमति जताई। बैठक का उद्देश्य प्रशासन और समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा मोहर्रम पर्व के दौरान कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना रहा।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) अजमेर ने 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए नाम, माता-पिता के नाम और जन्मतिथि में संशोधन के नियम बदल दिए हैं। अब बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित होने के एक साल के भीतर ही इन दस्तावेजों में सुधार कराया जा सकेगा। इसके बाद किसी भी तरह का संशोधन स्वीकार नहीं किया जाएगा। बोर्ड ने सोमवार को आदेश जारी कर नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए हैं। बोर्ड के अनुसार संशोधन केवल स्कूल के मूल स्कॉलर रजिस्टर, प्रवेश आवेदन पत्र और टीसी के आधार पर ही किया जाएगा। जन्मतिथि में सुधार के लिए ये तीनों दस्तावेज जरूरी होंगे। शिक्षक संघ रेसटा के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि यदि दस्तावेजों में कोई त्रुटि हो तो समय रहते उसका सुधार करवा लें। समय रहते जांचें अंकतालिका और प्रमाण-पत्र बोर्ड के फैसले के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए यह जरूरी हो गया है कि परीक्षा परिणाम जारी होते ही अंकतालिका और प्रमाण-पत्र में दर्ज नाम, माता-पिता के नाम तथा जन्मतिथि का मिलान कर लें। एक वर्ष की अवधि समाप्त होने के बाद त्रुटि सुधार का अवसर हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। सुधार के लिए शुल्क और शर्तें दस्तावेज में प्रत्येक गलती के सुधार पर 300 रुपए प्रति परीक्षा शुल्क देना होगा। आवेदक को भविष्य में कोई दावा प्रस्तुत नहीं करने का घोषणा-पत्र भी देना होगा। माता या पिता के नाम में बदलाव होने पर मार्कशीट पर ‘चेंज इन कैंडिडेट्स मदर्स/फादर्स नेम फ्रॉम... टू...’ संबंधी उल्लेख और बोर्ड का डिस्क्लेमर अंकित किया जाएगा। वहीं नाम पूरी तरह बदलने के मामलों में न्यायालय का आदेश तथा परीक्षा परिणाम से पहले सरकारी राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। अध्यक्ष नहीं होने से समिति ने लिया निर्णय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर में वर्तमान में न अध्यक्ष है और न ही प्रबंध मंडल। सामान्यतः ऐसे नीतिगत फैसले प्रबंध मंडल स्तर पर लिए जाते हैं। मामले की आवश्यकता को देखते हुए बोर्ड सचिव ने करीब एक माह पहले समिति गठित की थी। समिति के सभी सदस्यों की सहमति और हस्ताक्षर के बाद आदेश जारी किया गया। नए नियमों में विलंब शुल्क का प्रावधान भी पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। ‘परिणाम जारी होने के तुरंत बाद करवा लें संशोधन’ रेसटा प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा - बोर्ड ने वर्षों बाद नाम और जन्मतिथि बदलवाने की परंपरा पर सख्ती करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि परिणाम घोषित होने के एक वर्ष के भीतर ही नाम, उपनाम, माता-पिता के नाम और जन्मतिथि में संशोधन कराया जा सकेगा। इसके बाद आने वाले किसी भी आवेदन पर विचार नहीं होगा। उन्होंने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की कि यदि किसी दस्तावेज में त्रुटि हो तो परिणाम जारी होने के तुरंत बाद उसका संशोधन करवा लें, ताकि भविष्य में किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
पठानकोट में पुलिस कर्मी की मौत के मामले में थाना-2 में तीन लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर दर्ज होने तक मृतक के परिजन और उनके दोस्त सिविल अस्पताल के बाहर रात 12 बजे तक धरने पर बैठे रहे। देर रात पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। आरोपियों की पहचान अमन, उसकी बेटी जैसिका और भाई लवली के रूप में हुई है। फिलहाल सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। परिजन उनकी जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। सिविल अस्पताल में आज होगा कांस्टेबल का पोस्टमार्टम सोमवार दोपहर युवराज (21 वर्षीय) का शव सिंबली गुजरां चक्की दरिया से बरामद किया गया था। शिनाख्त के बाद पुलिस और परिवार शव को सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां तब तक शाम के साढ़े 5 से अधिक बज चुके थे। समय अधिक हो जाने के कारण उसी दिन पोस्टमार्टम नहीं हो सका। परिवार ने आरोप लगाया कि सरना की रहने वाली मां-बेटी ने युवराज को मरने के लिए मजबूर किया। इसके बाद परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए सिविल अस्पताल के बाहर धरना शुरू कर दिया, जो देर रात तक जारी रहा। फिलहाल, आज सिविल अस्पताल में युवराज का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। देर रात तक चले धरने से लोग हुए परेशान युवराज के परिवार, रिश्तेदार और दोस्तों ने सिविल अस्पताल के बाहर धरना दिया, जिसके चलते ओल्ड शाहपुर रोड पर लंबा जाम लग गया। धरना देर रात तक जारी रहा। इस दौरान सिविल अस्पताल और उसके सामने स्थित पेट्रोल पंप पर ईंधन भरवाने आए लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, कई लोगों ने वैकल्पिक मार्गों से अपने गंतव्यों की ओर रुख किया। 11 जून को ड्यूटी पर निकला, फिर नहीं लौटा युवराज के पिता भी पंजाब पुलिस में थे, जिनका 4 साल पहले निधन हो गया था। इसके बाद युवराज को साल 2024 में अनुकंपा के आधार पर पंजाब पुलिस में नौकरी मिली थी। 11 जून को घर से ड्यूटी पर गया, लेकिन, फिर वापस नहीं आया। अगले दिन परिवार को सूचना मिली की युवराज की थार यूबीडीसी किनारे खड़ी मिली। इसके बाद संभावना जताई गई थी कि युवराज ने नहर में छलांग लगाई है। पिछले 5 दिन से एसडीआरएफ और गोताखोरों की ओर से यूबीडीसी में उसकी तलाश की जा रही थी। कपूरथला में चल रही थी युवराज की ट्रेनिंग युवराज के भाई नितिन ने बताया कि युवराज कपूरथला में ट्रेनिंग पर था। युवराज पिछले 5 दिनों से लापता था तथा उनका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा था। नितिन के अनुसार युवराज की थार गाड़ी धीरा पुल के समीप नहर किनारे खड़ी मिली, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर थाने में खड़ा कर दी थी। परिवार को फोन पर मिली सूचना नितिन ने बताया कि 11 जून की शाम को निकला युवराज वापस नहीं लौटा। परिवार उसकी तलाश कर रहा था कि उन्हें 12 जून को किसी व्यक्ति का फोन आया था, जिसने बताया कि युवराज की गाड़ी धीरा पुल नहर के पास खड़ी है। इसके बाद परिवार वहां पहुंचा और पुलिस को शिकायत देकर युवराज को जल्द से जल्द खोजने की मांग की थी। मां बोली- बेटे को मरने के लिए किया गया मजबूर मृतक युवराज की मां पूजा ने बिलखते हुए बताया कि उसका बेटा उसे बताता था कि उसे परेशान किया जा रहा है। सरना के कुछ लोग युवराज को मानसिक तौर पर प्रताड़ित कर रहे थे। पुलिस को बयान दर्ज करवाए गए थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पुलिस युवराज की मौत के जिम्मेदार लोगों को बचाने में लगी है।

