अलवर शहर के शिवाजी पार्क निवासी मोटर पार्ट्स व्यापारी महेंद्र कुमार जैन की काम वाली बाई ट्रांसपोर्ट नगर निवासी सरोज सैनी ने तेजाब पी लिया। अब जिला अस्पताल में भर्ती है। दो दिन पहले महेंद्र जैन ने उस पर घर से 9 तोला सोना चोरी करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने थाने बुलाकर महिला से पूछताछ भी की थी। जिससे प्रताड़ित होकर महिला ने घर में रखा तेजाब पी लिया। अब उसकी हालत गंभीर है। अस्पताल में भर्ती महिला ने महेंद्र जैन व शिवाजी पार्क थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महेंद्र जैन पर छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस पर जबर्दस्ती चोरी की वारदात कबूलने का आरोप जड़ा है। हालांकि यह जांच का विषय है। महिला के दो छोटे बच्चे हैं। महिला के पति की मौत हो चुकी है। ये मुकदमा दर्ज कराया था महेंद्र जैन ने शिवाजी पार्क निवासी व्यापारी महेंद्र कुमार जैन ने पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि सरोज सैनी नाम की महिला पिछले 8 सालों से उनके घर में साफ-सफाई का काम कर रही थी। पिता की तबीयत खराब रहने के कारण वे अक्सर 5 से 7 दिनों के लिए अस्पताल चले जाते थे। उनकी गैरमौजूदगी में भी महिला घर का काम करती रही। दिवाली पूजन के बाद उन्होंने घर के लॉकर में कुछ जेवर रखे थे। हाल ही में जब शादी में जाने के लिए उन्होंने लॉकर खोला तो जेवर गायब थे। महेंद्र जैन ने कहा चोरी करना कूबला महेंद्र जैन ने कहा कि काम वाली महिला सरोज सैनी को उनके घर में लॉकर की चाबी के बारे में भी पता था। उसने रेक से तीन अंगूठी और लॉकर से झुमकी चोरी की थी। इसके अलावा, लगभग 250 ग्राम चांदी के जेवर भी गायब हैं। जबकि पुलिस का कहना है कि अभी चोरी करना नहीं कबूला है। इस मामले में जांच कर रहे हैं। अलवर में मोटर पार्ट्स व्यापारी के घर चोरी:नौकरानी 9 तोला सोना लेकर फरार, 60-फुट रोड पर बेचा; पुलिस ने पकड़ा
मांडल कस्बे के राजीव गांधी खेल स्टेडियम में आयोजित मांडल महोत्सव भक्ति, संस्कृति और परंपराओं के संगम के रूप में उत्साह और उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। महोत्सव में राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बेरवा मुख्य अतिथि रहे, जबकि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया विशिष्ट रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मांडल विधायक उदयलाल भडाणा ने की। खास बात ये रही कि इस महोत्सव के दिन सबसे ज्यादा कस्बे में गुलाब जामुन की बिक्री हुई। इस महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए बेटियां भी अपने पीहर पहुंचीं। इसे लेकर पूरे कस्बे को दीपावली की रोशनी की तरह सजाया गया। नाहर और गैर नृत्य ने बांधा समां कार्यक्रम में नाहर नृत्य एवं गैर नृत्य की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों ने पारंपरिक लोक संस्कृति की जीवंत झलक पेश की, जिस पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं। नाहर नृत्य प्रस्तुत करने वाले कलाकारों में गोपाल माली, कालू माली, धनराज माली, राधेश्याम माली, भोपा लोकेश माली शामिल रहे। वहीं दूसरी टोली में घनश्याम माटोलिया, राजू तड़बा, दिनेश गुर्जर एवं भंवर माली ने भी शानदार प्रस्तुतियां दीं। दीपावली की तरह हुई सजावट महोत्सव का माहौल दीपावली की तरह रोशनी,सजावट और उत्साह से सराबोर नजर आया। खास बात यह रही कि इस पर्व को दीपावली की तर्ज पर मनाया जाता है, जिसके चलते बहन-बेटियां विशेष रूप से मांडल पहुंचती हैं। पूरे कस्बे में पारिवारिक मिलन और उत्सव का वातावरण बना रहा। 2000 किलो मावे से बने गुलाब जामुन बने आकर्षण का केंद्र महोत्सव के दौरान इस दिन की पारंपरिक मिठाई गुलाब जामुन की जबरदस्त मांग रही। जानकारी के अनुसार पूरे कस्बे में करीब 2000 किलो फीके मावे की बिक्री हुई,जिससे बड़े पैमाने पर गुलाब जामुन तैयार किए गए,यह मिठास महोत्सव की पहचान बनी। संत-महंतों का मिला आशीर्वाद महोत्सव में संत श्री श्री 1008 सुरेश दास महाराज, खंडेश्वर महाराज मंदिर के रामदास महाराज,नीलकंठ महादेव के महंत दीपक पुरी तथा मठ मंदिर के महंत शंकर भारती की उपस्थिति ने आयोजन को आध्यात्मिक रंग प्रदान किया। महाराणा प्रताप प्रतिमा का भूमि पूजन इस दौरान अतिथियों द्वारा मांडल बस स्टैंड पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापना हेतु भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया गया। साथ ही विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया गया। इन विधायकों को रही मौजूदगी कार्यक्रम में सहाड़ा विधायक लादू लाल पितलिया,शाहपुरा विधायक लालाराम बेरवा, मांडलगढ़ विधायक गोपाल खंडेलवाल, वल्लभनगर विधायक उदय लाल डांगी एवं बारा-अटरू विधायक राधेश्याम बेरवा भी उपस्थित रहे। जनसहभागिता बनी महोत्सव की ताकत महोत्सव सेवा समिति एवं ग्रामवासियों के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही।आयोजन को सफल बनाने में जिला अध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा, लाल कृष्ण सेन,पूर्व चेयरमैन रमेश बुलिया,ओम भडिया, पूर्व प्रधान गोपी सारस्वत,गोपी भड़ाणा, सूरज भड़ाणा,कमलेश सिंह गुढ़ा,हरीश पूनिया,सरपंच संजय भडिया महेंद्र सिंह पुरावत छोटू सिंह देवा लाल जाट सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सिरसा जिले के डबवाली खंड में राष्ट्रीय राजमार्ग 9 पर मंगलवार शाम एक मॉडिफाइड जीप की टेस्ट ड्राइव के दौरान बड़ा हादसा हो गया। गंगानगर से जीप खरीदने आए युवक का वाहन पर नियंत्रण खो गया, जिससे जीप बेकाबू होकर पलट गई। हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद सिरसा रेफर किया गया। गंगानगर निवासी युवक आया था जीप खरीदनेगंगानगर के रहने वाले एक युवक ने बताया कि वह मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे डबवाली के सिरसा रोड पर मॉडिफाइड जीप खरीदने आया था। जीप पसंद आने के बाद वह अकेले ही ट्रायल के लिए सिरसा की ओर रवाना हुआ। गुरु गोविंद सिंह स्टेडियम से बठिंडा चौक की ओर लौटते समय तेज रफ्तार के कारण जीप पर नियंत्रण खो बैठा। बेकाबू जीप ने तोड़ा पोल, कई वाहनों से टकराईतेज रफ्तार में बेकाबू हुई जीप सड़क के बीच बने डिवाइडर पर लगे पोल को तोड़ती हुई गलत दिशा में चली गई। इस दौरान जीप कई वाहनों से टकराई और अंत में एक स्कूल वैन से जा भिड़ी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल, हालत गंभीरराहगीरों ने तुरंत घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए सिरसा रेफर कर दिया। पुलिस ने यातायात बहाल कियाघटना की सूचना मिलते ही सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पलटी हुई जीप को सड़क से हटवाकर यातायात बहाल किया। पुलिस के अनुसार, यह पूरी घटना पास की दुकान के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। समाचार लिखे जाने तक युवक का सिरसा में इलाज जारी था और दुर्घटनाग्रस्त जीप को व्यस्त मार्ग से हटा दिया गया था ताकि यातायात में कोई बाधा न हो।
बाड़मेर टीचरों का लंबे से अटका स्थाईकरण आदेश मंगलवार शाम को बाड़मेर जिला शिक्षा अधिकारी ने निकाल दिया। 1491 टीचरों में से 1395 टीचरों का मीटिंग के बाद स्थाई कर दिया गया है। अब टीचरों ने राहत की सांस ली है। प्रोबेशन पीरियड पूरा होने की तारीख से उनका स्थाईकरण कर दिया गया है। वहीं, शिक्षा विभाग के आदेश में लिखा है कि यदि किसी कार्मिक के खिलाफ एसओजी में कोई कार्रवाई लंबित है तो यह आदेश मान्य नहीं होंगे। जिला शिक्षा अधिकारी कृष्ण सिंह महेचा ने मंगलवार शाम को आदेश निकाल कर 1395 टीचर लेवल फर्स्ट और सेकेंड ने अपना दो साल का प्रोबेशन पीरियड पूरा करने वालो को स्थाई कर दिया गया है। 2022-23 में हुई थी 62 हजार टीचरों की भर्ती दरअसल, कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में साल 2022-23 के दौरान 62 हजार तृतीय श्रेणी टीचरों की भर्ती की गई थी। इनमें से बाड़मेर जिले में 2000 से ज्यादा टीचरों को नियुक्ति दी गई थी। सरकार बदलने के बाद डॉक्यूमेंट्स की दोबारा जांच सरकार बदलने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार में हुई भर्तियों के डाक्यूमेंट्स की जांच करवाई गई। इसमें टीचर भर्ती भी शामिल थी। बाड़मेर शिक्षा विभाग की ओर से पहले जांच की गई, इसके बाद जालोर की टीम से डाक्यूमेंट्स चेक करवाए गए। कुछ मामलों को संदिग्ध बताया गया, लेकिन एसओजी की ओर से अब तक संदिग्धों की कोई सूची जारी नहीं की गई है। सितंबर 2025 में पूरा हुआ प्रोबेशन जांच प्रक्रिया के बीच सितंबर 2025 में बाड़मेर जिले के 2000 से ज्यादा तृतीय श्रेणी टीचरों का प्रोबेशन पीरियड पूरा हो गया, लेकिन इसके बाद भी स्थाईकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। 1491 टीचरों के स्थाईकरण का आदेश हुआ रद्द बाड़मेर जिले में फर्स्ट और सेकेंड लेवल टीचरों का प्रोबेशन पूरा होने पर शाला दर्पण पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन मंगाए गए। कार्याध्यक्ष की ओर से सेवा संतोषजनक प्रमाण पत्र की अनुशंसा के आधार पर जिला स्थापना समिति जिला परिषद की बैठक 17 अक्टूबर को हुई। बैठक में 1491 कार्मिकों के स्थाईकरण का अनुमोदन किया गया और आदेश जारी हुए। इसके एक-दो घंटे बाद ही दूसरा आदेश जारी कर 17 अक्टूबर को ही स्थाईकरण को रद्द कर दिया गया। इससे जुड़ी खबर पढ़ें… गहलोत बोले- 'प्रोबेशन पूरा, फिर भी BJP ने स्थाईकरण रोका':अब भी 70% वेतन कटौती झेल रहे; 2000 टीचरों से भेदभाव का आरोप लगाया
पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्र नेता को धमकाने के लिए चलाई गईं गोलियां, गैंगवार की आशंका
चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में बॉटनी विभाग के पास गोलीबारी की एक बड़ी घटना सामने आई है, जिसके पीछे गैंगवार से जुड़ी रंजिश होने का संदेह है
गोपालगंज में ड्यूटी पर जा रही एक महिला सिपाही पर चाकू से हमला किया गया। यह घटना नगर थाना क्षेत्र के जादोपुर रोड स्थित डीटीसी आवास के समीप हुई। हमले में महिला सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें इलाज के लिए मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल महिला सिपाही की पहचान संध्या यादव के रूप में हुई है, जो कोर्ट परिसर की सुरक्षा में तैनात हैं। बताया गया कि संध्या यादव अपने आवास से कोर्ट परिसर में ड्यूटी के लिए पैदल जा रही थीं। इसी दौरान एक युवक ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनके पेट और पीठ पर चोटें आईं और वह गिर गईं। पुलिस ने आरोपी को मौके पर पकड़ा हमला करने के बाद आरोपी भागने लगा, जिसे यातायात पुलिस के जवानों ने मौके पर ही पकड़ लिया। पकड़े गए अभियुक्त के पास से एक चाकू भी बरामद किया गया है। पुलिस उससे हमले के कारणों को लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित ने बताया कि नगर थाना क्षेत्र के जादोपुर रोड के पास डी.डी.सी. आवास के समीप एक महिला सिपाही पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा हमला किए जाने की सूचना मिली थी। त्वरित कार्रवाई करते हुए नगर थाना पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसकी पहचान सहदुल्लेपुर गांव निवासी हैदर अली के रूप में हुई है। प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू पुलिस ने पीड़ित सिपाही का बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना में घायल सिपाही का इलाज सदर अस्पताल, गोपालगंज में कराया जा रहा है और उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है। इस संबंध में नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। वर्त्तमान मे विधि-व्यवस्था की स्थिति सामान्य है।
सीकर जिले में 17 साल के कोचिंग स्टूडेंट के लापता होने का मामला सामने आया है। स्टूडेंट अपने हॉस्टल से टेस्ट देने के लिए कोचिंग जाने की बात कहकर निकला था। लेकिन वहां नहीं पहुंचा। स्टाफ ने जब परिजनों को स्टूडेंट के कोचिंग नहीं आने की बात कही तब पूरे मामले का पता चला। अब पुलिस कोचिंग स्टूडेंट की तलाश कर रही है। इस संबंध में हरियाणा निवासी पिता ने पुलिस में शिकायत दी है। पिता ने रिपोर्ट में बताया कि उनका बेटा सीकर के प्राइवेट हॉस्टल में रहकर कोचिंग की पढ़ाई कर रहा है। 17 मार्च की सुबह 10 बजे के करीब वह अपने हॉस्टल से कोचिंग के लिए निकला था। लेकिन वहां नहीं पहुंचा। इस संबंध में स्टाफ ने परिजनों को बताया। जब परिजनों ने हॉस्टल वार्डन से पूछा तो स्टूडेंट वहां पर भी नहीं मिला। अब पुलिस स्टूडेंट की तलाश कर रही है। 18 साल की युवती भी लापता सीकर जिले में 18 साल की युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में युवती के दादा ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि 17 मार्च की सुबह 9 बजे के करीब उनकी पोती घर से कपड़े सिलवाने की बात कहकर निकली थी। जो अब तक वापस नहीं लौटी है।
सीकर जिले में 17 साल के कोचिंग स्टूडेंट के लापता होने का मामला सामने आया है। कोचिंग स्टूडेंट अपने हॉस्टल से टेस्ट देने के लिए कोचिंग जाने की बात कहकर निकला था। लेकिन कोचिंग नहीं पहुंचा। स्टाफ ने जब परिजनों को स्टूडेंट के कोचिंग नहीं आने की बात कही तब पूरे मामले का पता चला। अब पुलिस कोचिंग स्टूडेंट की तलाश कर रही है। इस संबंध में हरियाणा निवासी पिता ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि उनका 17 साल का बेटा सीकर में रहकर कोचिंग कर रहा है। वह सीकर में प्राइवेट हॉस्टल में रहता है। 17 मार्च की सुबह 10 बजे के करीब वह अपने हॉस्टल से कोचिंग में टेस्ट देने के लिए निकला था। लेकिन कोचिंग नहीं पहुंचा। स्टूडेंट के कोचिंग नहीं पहुंचने पर स्टाफ ने इस संबंध में उन्हें बताया। जब परिजनों ने हॉस्टल वार्डन से पूछा तो स्टूडेंट वहां पर भी नहीं मिला। अब पुलिस स्टूडेंट की तलाश कर रही है। 18 साल की युवती भी लापता सीकर जिले में 18 साल की युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में युवती के दादा ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि 17 मार्च की सुबह 9 बजे के करीब उनकी पोती घर से कपड़े सिलवाने की बात कहकर निकली थी। जो अब तक वापस नहीं लौटी है।
सतना में कार ने बाइक सवारों को मारी टक्कर, वीडियो:दो युवक गंभीर घायल, गाड़ी की हेडलाइट बंद थी
सतना में बिड़ला रोड स्थित सिंधी कैंप मोड़ पर एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। इस हादसे में बदखर निवासी रवि शुक्ला (29 वर्ष) और उनके साथी रंजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना सोमवार रात करीब 12 बजे हुई और इसका सीसीटीवी मंगलवार रात सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस के अनुसार, रवि शुक्ला और रंजीत सिंह बस स्टैंड से अपने घर बदखर जा रहे थे। कंवर नगर मोड़ के सामने पहुंचते ही पीछे से आई एक तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक समेत दोनों युवक काफी दूर तक घिसटते चले गए। दुर्घटना के बाद आरोपी कार चालक मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवकों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। पीड़ितों ने बाद में कोलगवां थाने में घटना की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे से पहले बाइक सवार युवकों का बस स्टैंड स्थित एक पान की दुकान पर किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। सीसीटीवी फुटेज में यह भी दिखा है कि टक्कर मारने वाली कार की हेडलाइट बंद थी, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि यह जानबूझकर किया गया हमला हो सकता है। पुलिस कार और चालक की तलाश कर रही है।
राज्य में बिजली दरों को लेकर आज बड़ा फैसला सामने आ सकता है। प्रीपेड मीटर उपयोगकर्ताओं के लिए राहत की खबर है, क्योंकि उन्हें बिजली की दरों में प्रति यूनिट 25 पैसे तक की छूट मिलने की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही शहरी घरेलू उपभोक्ताओं को भी एक अप्रैल से करीब 18 पैसे प्रति यूनिट सस्ती बिजली मिल सकती हैं। जानकारी के अनुसार, बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने बिजली दरों में संशोधन और स्लैब को एक करने के प्रस्ताव पर सहमति जताई है। इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय आज आयोग की बैठक में लिया जाएगा। प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद राज्य सरकार की ओर से सब्सिडी की घोषणा भी की जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को सीधी राहत राज्य में तेजी से लगाए जा रहे स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के लिए यह फैसला खासा लाभकारी हो सकता है। प्रस्ताव के मुताबिक, जिन उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगे हैं, उन्हें बिजली की दर में 25 पैसे प्रति यूनिट तक की कमी का फायदा मिलेगा। इससे मासिक बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भी राहत शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त या रियायती दर पर उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा, नई दरें लागू होने के बाद सामान्य उपभोक्ताओं को भी प्रति यूनिट लगभग 18 पैसे की कमी का लाभ मिलेगा। स्लैब एक करने का प्रस्ताव बिजली दरों को सरल बनाने के लिए अलग-अलग स्लैब को एक करने का प्रस्ताव भी दिया गया है। अभी 0 से 100 यूनिट तक और 100 यूनिट से अधिक खपत पर अलग-अलग दरें लागू हैं। वर्तमान में 0–100 यूनिट तक करीब 7.42 रुपये प्रति यूनिट और 100 यूनिट से ऊपर करीब 8.95 रुपये प्रति यूनिट की दर है। प्रस्ताव के अनुसार, स्लैब एक होने के बाद एक समान दर लागू की जाएगी, जो लगभग 7.77 रुपये प्रति यूनिट हो सकती है। इससे उपभोक्ताओं को बिल समझने में आसानी होगी और दरों में पारदर्शिता आएगी। अनुदान जारी रहने पर और राहत अगर राज्य सरकार वर्तमान अनुदान व्यवस्था को जारी रखती है, तो उपभोक्ताओं को और अधिक राहत मिल सकती है। अनुमान है कि प्रभावी दर घटकर करीब 4.34 रुपये प्रति यूनिट तक आ सकती है, जो वर्तमान दरों की तुलना में लगभग 18 पैसे प्रति यूनिट सस्ती होगी। व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए भी बदलाव संभव सूत्रों के अनुसार, व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए भी स्लैब को दो से घटाकर एक करने और फिक्स्ड चार्ज में कमी करने पर विचार किया जा रहा है। इसके तहत न्यूनतम शुल्क को घटाकर करीब 150 रुपये करने का प्रस्ताव है, जिससे छोटे व्यवसायियों को राहत मिल सकती है। आज होगा अंतिम फैसला बिहार विद्युत विनियामक आयोग की बैठक में आज इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। फैसले के बाद नई दरें और सब्सिडी संरचना की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। यदि प्रस्ताव लागू होता है, तो राज्य के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और स्मार्ट मीटर योजना को भी बढ़ावा मिलेगा।
मैनपुरी में भाजपा के नामित सभासदों का स्वागत:नगर अध्यक्ष और युवा मोर्चा पदाधिकारियों ने किया आयोजन
मैनपुरी में मंगलवार देर रात भाजपा के नामित सभासदों का स्वागत किया गया। नगर में आधा दर्जन स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में युवा मोर्चा और व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने सभासदों का अभिनंदन किया। देवी रोड स्थित कार्यालय पर भी सभी नामित सभासदों को फूल-मालाएं पहनाई गईं। भाजपा शीर्ष नेतृत्व द्वारा नगर पालिका परिषद मैनपुरी में श्रीमती शालिनी अग्रवाल, श्री समर सिंह, श्री रामबेटा शर्मा, श्री कोमिल राजपूत और श्री अवनीश अग्निहोत्री को सभासद नामित किया गया है। उत्तरी मंडल की ओर से इन सभी सभासदों का स्वागत किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष धीरू राठौर, नगर अध्यक्ष दीपक चौहान, कौशलेंद्र पाल, शिवऔतार वाल्मीकि, धनेश वर्मा, अश्वनी गोस्वामी, मोहित गुप्ता मोनू, अमन, शिवम वर्मा, अमित वर्मा, गौरव दुबे, प्रबल प्रताप सिंह, अंशु दुबे, कमल गोस्वामी और चंदन राजपूत सहित कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। युवा मोर्चा के शुभम वर्मा और माधव राजपूत भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
रायपुर में सुभाष स्टेडियम के पास स्थित पुराने महापौर बंगले को अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दफ्तर के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। यह फैसला मेयर इन काउंसिल (MIC) की बैठक में लिया गया। दरअसल, ED के डिप्टी डायरेक्टर ने अपने आंचलिक कार्यालय के लिए कलेक्टर के माध्यम से करीब 4000 वर्गफुट जगह की मांग की थी। इसके बाद खाली पड़े महापौर निवास को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया। दफ्तर के लिए उपयुक्त है भवन यह बंगला फिलहाल खाली है। इसमें ग्राउंड फ्लोर पर चार बड़े और दो छोटे कमरे के साथ प्रसाधन कक्ष मौजूद है। पहली मंजिल पर दो बड़े हॉल और दो छोटे कमरे सहित अन्य सुविधाएं हैं, जिससे इसे कार्यालय के रूप में आसानी से उपयोग किया जा सकता है। पुलिस कमिश्नरेट के लिए भी व्यवस्था बैठक में रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के उपायुक्त (पश्चिम) कार्यालय के लिए भी व्यवस्था की गई। कोटा मुक्तिधाम के सामने स्थित सामुदायिक भवन को अस्थायी रूप से कार्यालय के लिए देने की मंजूरी दी गई है। महापौर मीनल चौबे की अध्यक्षता में बैठक यह सभी फैसले महापौर मीनल चौबे की अध्यक्षता में हुई MIC बैठक में लिए गए। बैठक में नगर निगम आयुक्त विश्वदीप सहित MIC सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मीटिंग में शहर के प्रशासनिक कामकाज को बेहतर बनाने और अलग-अलग व्यवस्थाओं को सुचारु करने को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई।
जयपुर में मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं। दैनिक भास्कर के भास्कर समाधान सेगमेंट में शहर के अलग-अलग इलाकों से सीवर, कचरा और सड़क से जुड़ी शिकायतें सामने आई हैं। इन शिकायतों के जरिए एक ओर जहां नगर निगम और संबंधित विभागों की व्यवस्थाओं की पोल खुल रही है, वहीं कुछ मामलों में त्वरित समाधान भी देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में ढेर के बालाजी इलाके में स्ट्रीट लाइट की समस्या का समाधान करवाने वाले एईएन मनीष कुमार राजोरा को आज का ‘पब्लिक के स्टार’ चुना गया है। ऐसी ही आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें। सेठी कॉलोनी में सीवर चैंबर का टूटा ढक्कन सेठी कॉलोनी के साई कॉलेज मार्ग से आशा कंजानी ने शिकायत दर्ज कराई कि इलाके में सीवर चैंबर का ढक्कन कई महीनों से टूटा हुआ पड़ा है। इसके आसपास कचरा और मलबा भी जमा हो गया है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने जल्द से जल्द ढक्कन बदलवाने और सफाई करवाने की मांग की है। पानीपेच की इंद्रा कॉलोनी में कचरे का अंबार बनी पार्क क्षेत्र के पावर हाउस रोड लेबर कॉलोनी से एम.के. निर्मल ने बताया कि पानीपेच की इंद्रा कॉलोनी में लंबे समय से कचरा जमा है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन की ओर से सफाई नहीं करवाई गई। कचरे के कारण आसपास बदबू फैल रही है और लोगों को बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। राणा कॉलोनी में दो महीने से नहीं आई कचरा गाड़ी नेहरी का नाका क्षेत्र की राणा कॉलोनी से समीर कुरेशी ने बताया कि पिछले करीब दो महीनों से कचरा उठाने वाली गाड़ी इलाके में नहीं आई है। इसके कारण घरों और सड़कों के आसपास कचरे के ढेर लग गए हैं। साथ ही नालियां भी जाम हैं, जिससे गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घाट दरवाजा बाजार रोड पर सीवर जाम घाट गेट के घाट दरवाजा बाजार रोड से ललित खोरवाल ने बताया कि इलाके में लंबे समय से सीवर जाम है। इसके कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में नगर निगम को कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। कचरे की समस्या का हुआ समाधान शांति नगर इलाके से बीना सोलंकी ने बताया कि, इस इलाके में जमादार काम नहीं करता था। हर समय रोड पर गंदगी और कचरा रहता था लेकिन, ये समस्या 'भास्कर समाधान' सेगमेंट पर पोस्ट होने के बाद कचरे को साफ करवा दिया गया है। जिससे लोगों को काफी आराम मिला है। जयपुर शहर के ढेर के बालाजी इलाके से कुणाल सिंह ने भी समस्या को 'भास्कर समाधान' सेगमेंट पर पोस्ट किया कि, पिछले 2 महीने से स्ट्रीट लाइट खराब है। जिसके कारण रोड पर अंधेरा रहता है। हालांकि, पोस्ट होने के कुछ समय में ही AEN ने रोड लाइट ठीक करवा दी है। जिससे लोगों को काफी राहत मिली है। आज के 'पब्लिक के स्टार' बने मनीष कुमार राजोराजयपुर शहर के ढेर के बालाजी इलाके से कुणाल सिंह ने 2 महीने से खराब स्ट्रीट लाइट की समस्या के बारे में सेगमेंट पर पोस्ट किया था। जिसके बाद AEN मनीष कुमार राजोरा ने रोड लाइट को ठीक करवा दिया है। जिससे लोगों को काफी खुशी मिली है। पब्लिक की आवाज बन रहा “भास्कर समाधान” ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सामने रखने के लिए मदद कर रहा है। लोगों से मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अधिकारियों को सीधे मिल रही समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहेंगे तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने प्रयागराज महाकुंभ मेले में मालाएं बेचकर चर्चा में आई मोनालिसा की लव मैरिज के मामले पर प्रतिक्रिया दी है। संघ ने इसे “संस्कारों के अभाव” से जुड़ा विषय बताते हुए परिवारों की भूमिका पर जोर दिया है। मालवा प्रांत संघचालक डॉ. प्रकाश शास्त्री ने कहा कि मोनालिसा “मालवा प्रांत की बेटी ही नहीं, बल्कि पूरे देश की बेटी है” और इस तरह के मामलों को समाज के लिए चिंतनीय बताया। उन्होंने कहा कि यदि परिवार बच्चों को सही संस्कार दें, तो ऐसे घटनाक्रम सामने नहीं आएंगे। संस्कारों की कमी और परिवारों का विखंडन वजह डॉ. शास्त्री ने कहा कि आज परिवारों के विखंडन के कारण बच्चों को उचित संस्कार नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि संघ “कुटुंब प्रबोधन” के माध्यम से परिवारों को जोड़ने और बच्चों में संस्कार विकसित करने का काम कर रहा है। मालवा प्रांत में संघ ने करीब सवा लाख “कुटुंब मित्र” बनाए हैं, जो परिवारों से संपर्क कर जागरूकता फैला रहे हैं। लव जिहाद के सवाल पर क्या बोले लव जिहाद के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह भी संस्कारों की कमी का परिणाम है। यदि व्यक्ति अपने संस्कारों और पहचान के प्रति जागरूक हो, तो कोई उसका “ब्रेन वॉश” नहीं कर सकता। उन्होंने समाज से इस तरह के मामलों के कारणों को समझने की अपील की। बेटी के पिता ने CM से लगाई गुहार मामले में नया मोड़ तब आया जब महेश्वर क्षेत्र की रहने वाली युवती के पिता ने शादी पर आपत्ति जताते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से बेटी को बचाने की गुहार लगाई है। पिता का आरोप है कि उनकी बेटी को बहलाकर शादी कराई गई है। धार भोजशाला पर भी रखा पक्ष धार भोजशाला विवाद पर संघ का रुख स्पष्ट करते हुए डॉ. शास्त्री ने कहा कि मामला न्यायालय में लंबित है, इसलिए इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। अदालत का जो भी निर्णय होगा, संघ उसे स्वीकार करेगा। सोशल मीडिया पर चर्चा तेज मोनालिसा का मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस पर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। संघ की टिप्पणी के बाद परिवार, संस्कार और समाज की भूमिका को लेकर बहस और तेज होने की संभावना है। यहां पढ़ें पूरा घटनाक्रम महाकुंभ की 'वायरल गर्ल' ने मुस्लिम बॉयफ्रेंड से की शादी, पिता से बताया खतरा; डायरेक्टर बोले- ये लव जिहाद खरगोन जिले के महेश्वर की रहने वाली मोनालिसा भोंसले ने केरल में अपने बॉयफ्रेंड फरमान खान से मंदिर में शादी कर ली। शादी से पहले बुधवार को दोनों तिरुवनंतपुरम के थंपानूर पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। यहां मोनालिसा ने पुलिस से सुरक्षा मांगी और कहा कि उनके पिता उन्हें जबरन घर वापस ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने इसे लव जिहाद बताया। फिल्म शूटिंग के दौरान हुई मुलाकात सुप्रीम कोर्ट वकील नाजिया बोलीं : मोनालिसा की नॉर्मल शादी नहीं, प्रॉपर अप्रोप्रिएट लव जिहाद कुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा की शादी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। सुप्रीम कोर्ट की वकील नाजिया इलाही खान ने इसे सामान्य शादी मानने से इनकार करते हुए इसे “प्रॉपर अप्रोप्रिएट लव जिहाद” बताया है। हिन्दू मैरिज एक्ट का उल्लंघन हुआ
मुजफ्फरपुर में मंगलवार देर रात पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प हो गई। पुलिस पॉक्सो एक्ट के एक आरोप को गिरफ्तार करने गांव गई थी। जैसे ही पुलिस ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, ग्रामीण उग्र हो गए और पुलिस का विरोध शुरू कर दिया। विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिस पर हमला हो गया। पुलिस ने अपने बचाव में हवाई फायरिंग की। जिसके बाद ग्रामीणों की तरफ से भी गोलीबारी हुई। जिसमें गतवीर राय (60) की गोली लगने से मौत हो गई। वहीं, हमले में गायघाट थानेदार समेत 3 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। इनका इलाज चल रहा है। घटना गायघाट थाना क्षेत्र के असिया गांव की है। पुलिस को 2 गाड़ियों को किया क्षतिग्रस्त बीते दिनों एक नाबालिग लड़की के साथ गलत हुआ था। इसी मामले में कोर्ट ने आरोपी की गिरफ्तारी का आदेश दिया था। इसी आदेश पर गायघाट पुलिस की टीम असिया गांव में छापेमारी करने गई थी। हमले के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस की 2 गाड़ियों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गांव में भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। पुलिस इलाके में फ्लैग मार्च कर रही हैअसिया गांव और आसपास के क्षेत्रों में माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (Rural SP) और डीएसपी पूर्वी भारी पुलिस बल और कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर कैंप कर रहे हैं। फिलहाल, पुलिस पूरे इलाके में फ्लैग मार्च कर रही है ताकि विधि-व्यवस्था बनी रहे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान की जा रही है और सरकारी कार्य में बाधा डालने व हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हमारे जवान और थानेदार घायल हुए हैं- एसएसपी मुजफ्फरपुर एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि उग्र भीड़ ने पुलिस के 2 वाहनों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। मले में गायघाट थानेदार और दो अन्य जवान घायल हुए हैं। घटना के दौरान बचाव में पुलिस की ओर से हवाई फायरिंग की गई है। ग्रामीणों की तरफ से भी फायरिंग की गई, जिसमें 60 वर्षीय स्थानीय व्यक्ति जगतवीर राय को गोली लगी। उनकी मौत हो गई।
बांदा जिले के अतर्रा सिविल न्यायालय परिसर से पुलिस अभिरक्षा से फरार हुआ चोरी का आरोपी बंदी 36 घंटे बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसकी तलाश में पुलिस की पांच टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं, लेकिन आरोपी हर बार पुलिस के पहुंचने से पहले ही स्थान बदल दे रहा है। अतर्रा थाना क्षेत्र के आंबेडकर नगर निवासी 35 वर्षीय चुन्नू कोटार्य को वाहन गैराज से बैटरी चोरी के आरोप में 16 जनवरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। सोमवार को उसे पेशी के लिए सिविल न्यायालय अतर्रा लाया गया था। पेशी के बाद शाम करीब छह बजे जब पुलिसकर्मी उसे अन्य बंदियों के साथ वाहन में बैठा रहे थे, तभी उसने लघुशंका जाने की बात कही। बताया जा रहा है कि एक पुलिसकर्मी उसे नीचे लेकर गया, जहां मौका पाकर वह पुलिस को चकमा देते हुए दीवार फांदकर खेतों की ओर भाग निकला। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था और तत्काल अलर्ट जारी कर नाकेबंदी कराई गई थी। आसपास के जनपदों को भी सूचना दी गई। पुलिस टीमों ने फरार बंदी के रिश्तेदारों और परिचितों के यहां लगातार दबिश दी। मंगलवार देर रात सूचना मिली कि वह फतेहगंज थाना क्षेत्र के भौती गांव स्थित अपनी ससुराल पहुंचा है, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही वहां से भी फरार हो गया। पुलिस ने पूछताछ के लिए उसके परिजनों को हिरासत में लेकर संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई है। वहीं, पेशी में लाने वाले सब इंस्पेक्टर की ओर से बंदी के खिलाफ अभिरक्षा से फरार होने का मुकदमा दर्ज कराया गया है। बांदा पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने बताया कि आरोपी की तलाश में टीमें लगातार लगी हैं। उसके छिपने के सभी संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मंदसौर जिले के पिपलिया मंडी क्षेत्र में एक ट्रक ड्राइवर को बंधक बनाकर पाइप और रॉड से पीटा गया। ड्राइवर के पूरे शरीर पर जख्म के निशान हैं। आरोप है कि ड्राइवर पर एथेनॉल चोरी का आरोप लगाकर उससे 90 हजार रुपए की मांग की गई। पैसे नहीं देने पर पेट्रोल पंप संचालक ने सहयोगियों के साथ मिलकर पेट्रोल पंप के ऑफिस में बंद कर करीब 3 घंटे तक पीटा। इतना ही नहीं अस्पताल में भर्ती ड्राइवर की पत्नी को कॉल पर धमकी दी। बोला- 10 मिनट में रुपए नहीं मिले तो मार-मारकर भुजिया बना देंगे। इसके टुकड़े कर तुम्हारी लोकेशन पर पार्सल कर देंगे। पुलिस ने मामले में 3 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया। डर के मारे पत्नी ने अपना मंगलसूत्र बेच दिया और रुपए ट्रांसफर किए। पहले देखिए तीन तस्वीरें… दैनिक भास्कर के हाथ कुछ ऑडियो लगे हैं, एक में आरोपी ड्राइवर की पत्नी को धमका रहा है, दूसरे में ड्राइवर अपनी पत्नी से जल्दी रुपए भिजवाने के लिए कह रहा है। हालांकि दैनिक भास्कर इसकी पुष्टि नहीं करता। पढ़िए बातचीत के अंश… 50 सेकेंड का पहला ऑडियो… पत्नी : मैं आपके पैसे की व्यवस्था करवा रही हूं। 4 बजे तक रुपए दे देंगे। पेट्रोलकर्मी : 4 बजे तक नहीं… 10 मिनट में रुपए चाहिए। ऐसा नहीं हुआ तो मार-मारकर इसका भुजिया बना दूंगा। ये साफ बात है। पत्नी : गहने बेचूंगी, तब तो रुपए दूंगी। पेट्रोलकर्मी : तीन घंटे हो गए, इतनी देर से क्या कर रहे थे। पत्नी : मैं खुद हॉस्पिटल में भर्ती हूं। मैं आपका पैसा करवा रही हूं। पेट्रोलकर्मी : प्रूफ मांग रहे हो। लोकेशन चाहिए तुम्हें। सेठ से बोलूं अभी कि इन्हें लोकेशन चाहिए। सेठ से बोला तो इसके टुकड़े करके तुम्हारे लोकेशन पर पहुंचा देंगे। 10 मिनट में रुपए चाहिए, समझ गई ना। 1 मिनट 45 सेकेंड का दूसरा ऑडियो पति : स्कैनर पहुंच गया है ना। पत्नी : हां आ गया है। रुपए की व्यवस्था करवा रही हूं। पति : रुपए डल जाएं तो निगम से कहना स्क्रीनशॉट इसी नंबर पर भेजना। पत्नी : अभी आप हो कहां। पति : नीमच में हूं। नीमच-रतलाम यानी राजस्थान बाॅर्डर पर हूं। पत्नी : आप तो कह रहे थे पीथमपुर में हूं। इंदौर में गाड़ी खाली की है। पति : इंदौर में ही था। सुबह 6 बजे कार में बैठाकर यहां लेकर आए हैं। चार आदमी लेने इंदौर गए थे। पत्नी : अच्छा। पति : रात में गाड़ी खाली किया, तब माल कम निकला था। मैंने बात की और भैय्या को बताया कि इतना लीटर माल कम आ रहा है। उन्होंने कहा- कोई बात नहीं इसी गाड़ी को भरने के लिए चले जाओ, या फिर सुबह तुम्हें दूसरी गाड़ी देंगे। इसके बाद मैं खाना खाकर सो गया। सुबह 6 बजे ये मुझे जगाने पहुंच गए। बोले- आपको रतलाम से नई गाड़ी देंगे, इसे यहीं छोड़ दो। वहां से बैठाकर करीब 30 किमी दूर ऑफिस लेकर आए। यहां दो मिनट मालिक के सामने लेकर गए। इसके बाद कमरे में बंद कर पाइप और राॅड से पीटना शुरू कर दिया। इन लोगों ने इतना मारा कि उठ नहीं पा रहा हूं। मुंह में काफी सूजन है। हाथ-पैर ऐसे लग रहे हैं, जैसे जाम हो गए हों। कौन निगम रुपए डालेंगे। पत्नी : हां, निगम रुपए डालेंगे। पति : ठीक है, जल्दी करवा दो। इन्हें रुपए मिल जाएं तो मैं बाहर निकलूं। सोते से उठाकर लाए थे। भूखा-प्यासा हूं। नागपुर से एथेनॉल लेकर आया था ड्राइवर पीड़ित 36 वर्षीय भूपेंद्र सिंह राजपूत पिता गंगा सिंह राजपूत, निवासी ग्राम मढ़ी गंगेव, मनगवां (रीवा) ने बताया कि वह करीब 2 महीने पहले पिपलिया मंडी निवासी आर्यन अग्रवाल के टैंकर पर ड्राइवर की नौकरी पर लगा था। भूपेंद्र के अनुसार, 4 मार्च को वह नागपुर से ट्रक में एथेनॉल भरकर इंदौर रवाना हुआ था। 13 मार्च को उसने डिपो में एथेनॉल खाली किया। माल कुछ कम निकला, तो कंपनी के मैनेजर को इसकी सूचना दी और ट्रक को इंदौर में ही पार्किंग में खड़ा कर उसी में सो गया। कार से पिपलिया मंडी ले जाकर लगाया चोरी का आरोप भूपेंद्र ने बताया कि 14 मार्च की सुबह करीब 5 बजे कंपनी का कर्मचारी शुभम सैनी उसके पास आया और कहा कि उसे दूसरी गाड़ी पर शिफ्ट किया जा रहा है। इसके बाद वह अपना बैग लेकर उसके साथ कार में बैठ गया। करीब सुबह 11 बजे उसे पिपलिया मंडी स्थित आर्यन अग्रवाल के पेट्रोल पंप पर ले जाया गया। वहां आर्यन अग्रवाल और उसके बड़े भाई ने उस पर ट्रक से 900 लीटर एथेनॉल निकालकर बेचने का आरोप लगाया और बदले में 90 हजार रुपए की मांग की। पैसे नहीं देने पर पाइप और रॉड से पीटा मैंने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि एथेनॉल नहीं बेचा है। अगर कोई कमी है तो तनख्वाह से काट लिया जाए। यह सुनते ही आर्यन अग्रवाल, उसके बड़े भाई अनुभाग और शुभम सैनी ने गाली-गलौज शुरू कर दी। पीड़ित के अनुसार विरोध करने पर तीनों ने उसे पेट्रोल पंप के ऑफिस में लगभग 3 घंटे तक कैद कर प्लास्टिक के पाइप और लोहे की रॉड से जमकर मारपीट की। धमकी दी कि पैसे नहीं दिए तो जान से खत्म कर देंगे। इतना ही नहीं रीवा में रहने वाली मेरी पत्नी लभु सिंह को भी फोन पर धमकाया। पत्नी लभु से टीम ने बात की तो उसने बताया कि फोन पर पेट्रोल पंप कर्मी शुभम सैनी ने पैसों के लिए खूब धमकाया था। हाल ही में उसका पैर फैक्चर हो गया था, जिस कारण वह अस्पताल में थी। 14 मार्च को पति ने दोपहर करीब 1 बजे मुझे कॉल किया। पति ने कहा कि मुझे मालिक और उनके लोगों ने ऑफिस में बंद कर रखा है। वे कह रहे हैं कि मैं माल चोरी कर बेचा है, और लगातार पीट रहे हैं। वे कम माल के बादले 90 हजार रुपए की मांग कर रहे हैं। रुपए नहीं दिया तो वे जान से खत्म करने की धमकी दे रहे हैं। तुम कैसे भी करके जल्दी से रुपए भेजो, मैं एक बार कोड भेज रहा हूं, इसी में रुपए ट्रांसफर करना। स्क्रीन शॉट भी भेजना। यह सुनते ही मेरे होश उड़ गए। पैर फ्रैक्चर होने के बाद भी रुपयों की व्यवस्था में जुट गई। परिवार और रिश्तेदारों से बात की। रुपए की व्यवस्था नहीं हुई। मैं काफी डरी हुई थी। कुछ समझ नहीं आया तो अपना मंगल सूत्र सहित अन्य गहने बेच दिए। इससे 40 हजार रुपए मिले, जिसे पति द्वारा भेजे बार कोड में ट्रांसफर कर दिया। पति करीब दो महीने पहले ही इनके यहां काम पर लगे थे। अब तक एक भी सैलरी नहीं दी थी। करीब 35 हजार इन्हें लेना था, जिसे मालिक ने काट लिया। 75 हजार रुपए मिलने के बाद उन लोगों ने पति भूपेंद्र को छोड़ा। पति ने मुझसे बात की, इसके बाद पिपलिया मंडी थाने पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी दी। पति जैसे-तैसे रीवा आए, यहां उनका इलाज करवा रही हूं। पुलिस ने पहले थाने से छोड़ा,बाद में फिर पकड़ा शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ 196/B 115/2 351/3 और 3/5 BNS के तहत मामला दर्ज किया। अनुभाग पिता आनंद अग्रवाल आर्यन पिता आनंद अग्रवाल निवासी पिपलियामंडी और शुभम सैनी निवासी खात्याखेड़ी को तत्काल हिरासत में भी ले लिया। बाद में थाने से ही छोड़ दिया। मंगलवार को एक बार फिर से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर उन्हें पकड़ा। एडिशनल एसपी टी.एस. बघेल ने बताया कि भूपेंद्र नागपुर से एथेनॉल भरकर इंदौर लाया गया था, जिसमें मात्रा कम पाई गई थी। इसी बात को लेकर मालिक और दो अन्य लोगों ने ड्राइवर के साथ मारपीट की। पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लिया है, उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं में भी कार्रवाई की है। एडिशनल एसपी का कहना है कि इस संबंध में कुछ ऑडियो संज्ञान में आए हैं, जिन्हें जांच में लिया है।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में बुधवार सुबह एक घर में गैस सिलेंडर में अचानक धमाके के साथ आग लग गई। शाहाबाद के यारा गांव में हुए इस हादसे में तीन बच्चों समेत परिवार के 8 सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें पड़ोसियों ने तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। सिलेंडर में धमाका इतना जोरदार था कि रसोई की टाइलें टूट गईं, घर की दीवारों में दरारें आ गईं और दरवाजा उखड़कर दूर जा गिरा। धमाके की वजह से आसपास के घरों में भी कंपन महसूस हुई। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…
पीलीभीत के अमरिया तहसील क्षेत्र में बुधवार सुबह एक घर में गैस सिलेंडर फटने से आग लग गई। धनकुना अड्डे के पास स्थित इस रिहायशी मकान में लगी आग से हजारों रुपये का फर्नीचर, कपड़े और घरेलू सामान जलकर राख हो गया। यह घटना बुधवार सुबह करीब 6 बजे अमरिया तहसील के ग्राम निवासी बाबूराम के घर में हुई। परिवार के सदस्य दैनिक कार्यों में व्यस्त थे, तभी रसोई में रखे गैस सिलेंडर में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि परिवार को संभलने का मौका नहीं मिला। घर से धुआं और आग की लपटें उठती देख आसपास के ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सिलेंडर में लगी आग को नियंत्रित नहीं कर पाए। तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम दमकल वाहनों के साथ मौके पर पहुंची। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) के नेतृत्व में दमकलकर्मियों ने काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझने तक बाबूराम के घर को भारी नुकसान हो चुका था। घर में रखा महंगा फर्नीचर, अनाज, राशन, बिस्तर, कपड़े, अन्य कीमती दस्तावेज और नकदी पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। पीड़ित परिवार के अनुसार, इस घटना में उन्हें हजारों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। गनीमत रही कि इस अग्निकांड में कोई जनहानि नहीं हुई। परिवार के सभी सदस्य समय रहते घर से बाहर निकलने में सफल रहे। घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) अनुराग सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और फिलहाल आग लगने के सटीक तकनीकी कारणों की जांच की जा रही है।
मैहर में 19 मार्च से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्रि मेले के लिए सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मैहर कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट रानी बाटड ने श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए 14 कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों को तैनात किया है। ये अधिकारी मंदिर की सीढ़ियों, रोपवे और कंट्रोल रूम जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर व्यवस्था संभालेंगे। कलेक्टर के आदेशानुसार, इन अधिकारियों को दो पालियों में बांटा गया है: सुबह और दोपहर से रात तक। रोपवे कंट्रोल रूम में सुबह की पाली में संयुक्त कलेक्टर डॉ. आरती सिंह और दोपहर में नायब तहसीलदार शिवभूषण सिंह तैनात रहेंगे। सीसीटीवी से भीड़ की होगी निगरानी भीड़ पर सीसीटीवी से नजर रखने की जिम्मेदारी डिप्टी कलेक्टर आशिमा पटेल और तहसीलदार जितेंद्र पटेल को दी गई है। मंदिर के ऊपरी हिस्से में भीड़ प्रबंधन के लिए नायब तहसीलदार प्रवीण कुमार त्रिपाठी और एसडीएम रामनगर शिवप्रकाश मिश्रा मौजूद रहेंगे। सीढ़ियों से वीआईपी तल तक मजिस्ट्रेट तैनात श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सीढ़ियों और रास्तों पर भी मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। दूसरी सीढ़ी पर अखिलेश दीपांकर तिवारी और तहसीलदार प्रेमलाल चौधरी ड्यूटी पर रहेंगे। वीआईपी तल पर नायब तहसीलदार ललित धार्वे और तहसीलदार रामनगर अनामिका सिंह की तैनाती की गई है। फॉरेस्ट बैरियर से लालगेट तक नायब तहसीलदार अनिल सिंह और रोशनलाल रावत व्यवस्था संभालेंगे। सुबह 3 बजे से ड्यूटी, आपात स्थिति के लिए टीम तैनात नवरात्रि में श्रद्धालु भोर से ही मंदिर पहुंचना शुरू कर देते हैं, इसलिए मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी सुबह 3 बजे से ही शुरू हो जाएगी। मंदिर परिसर और सीढ़ियों पर तैनात अधिकारी रात में पट बंद होने तक लगातार अपनी सेवाएं देंगे। किसी भी आपात स्थिति या अतिरिक्त भीड़ के दबाव से निपटने के लिए चार अधिकारियों को रिजर्व रखा गया है। इनमें विवेक शुक्ला, सुरजन सिंह, प्रदीप द्विवेदी और रितेश बागरी शामिल हैं, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर किसी भी स्थान पर तैनात किया जा सकेगा।
छतरपुर जिले के चंदला में 9 मार्च को शादी के बंधन में बंधे एक 28 वर्षीय युवक ने पत्नी के मायके जाने के कुछ घंटों बाद 16 मार्च की रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जिसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मर्ग कायम कर लिया है और कारणों की जांच कर रही है। चंदला के वार्ड नंबर 13 निवासी 28 वर्षीय रूपेंद्र उर्फ पुल्ले सिंह दीक्षित की हाल ही में शादी हुई थी। रूपेंद्र का विवाह 9 मार्च 2026 को अजयगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में संपन्न हुआ था। शादी के महज सात दिन बाद 16 मार्च को दोपहर करीब 3 बजे रूपेंद्र की पत्नी को उसके मायके पक्ष के लोग लेने आए थे। पत्नी की विदाई के बाद रात में उठाया कदम मायके पक्ष के लोगों के आने के बाद पत्नी ससुराल से विदा होकर अपने मायके के लिए रवाना हो गई थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पत्नी के जाने के बाद शाम तक रूपेंद्र के घर में सब कुछ सामान्य था। रात करीब 10 बजे रूपेंद्र सिंह दीक्षित ने अपने ही घर में साड़ी से फंदा बनाकर फांसी लगा ली। पुलिस कर रही मौत के सटीक कारणों की जांच युवक के फांसी लगाने की घटना का पता चलने पर परिवार में शोक का माहौल है और घर में मातम छा गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को चंदला के पोस्टमार्टम हाउस ले जाकर पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने मर्ग कायम कर अपनी मौजूदगी में शव परिजनों को सौंप दिया है। परिजनों ने अभी तक मौत का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया है, जिसके चलते पुलिस जांच पूरी होने तक कुछ भी कहने से बच रही है। देखिए तस्वीरें…
सीधी जिले के अमिलिया थाना क्षेत्र के कोदौरा गांव में एक महिला के बेटे के साथ मारपीट की गई। आरोप है कि उसे एक पुराने मामले में शिकायत वापस लेने के लिए जान से मारने की धमकी दी गई। घटना बुधवार सुबह हुई। पीड़ित महिला कुसुमकली साकेत ने बताया कि बुधवार सुबह उनका बेटा लाला साकेत घर से सामान लेने निकला था। तभी गांव के दो युवकों ने उसका रास्ता रोककर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। केस वापस लेने के लिए जान से मारने की धमकी बेटे के अनुसार, सहजाद खान (पिता हनीफ खान) और एक अन्य व्यक्ति ने उससे कहा कि वह अपनी मां से केस वापस लेने के लिए कहे, अन्यथा परिणाम गंभीर होंगे। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार दहशत में है। कुसुमकली साकेत ने बताया कि तीन दिन पहले भी उन्होंने गांव के कुछ युवकों के खिलाफ मारपीट और प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने उस मामले में प्रकरण दर्ज किया था। महिला का आरोप है कि उन्होंने घर के बाहर बेर तोड़ने से मना किया था, जिसके बाद उनके साथ मारपीट की गई थी। महिला-बेटे को प्रताड़ना, सख्त कार्रवाई की मांग एडवोकेट महेंद्र पांडे ने जानकारी दी कि महिला और उनके बेटे को लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले भी इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब दोबारा मारपीट की घटना सामने आने के बाद फिर से थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है और सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। टीआई बोले-जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई अमिलिया थाना प्रभारी राकेश बैंस ने बताया कि मारपीट का एक मामला पहले से दर्ज है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि दोबारा ऐसी घटना हुई है, तो उसकी जांच कर आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है।
शिक्षा के क्षेत्र में गोंडा जिले के परिषदीय विद्यालयों ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है जहां पर गोंडा जिले के 437 परिषदीय विद्यालयों को 'निपुण भारत मिशन' के तहत 'निपुण विद्यालय' घोषित किया गया है। यह घोषणा डीएलएड प्रशिक्षुओं द्वारा तैयार की गई विस्तृत आकलन रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसमें इन स्कूलों के छात्रों ने शैक्षिक मानकों को पूरा किया है। फरवरी माह में डीएलएड प्रशिक्षुओं को जिले के विभिन्न स्कूलों में भेजा गया था। इन प्रशिक्षुओं ने सीधे बच्चों के साथ संवाद कर उनके पठन-पाठन, गणितीय कौशल और बुनियादी साक्षरता का आकलन किया। प्रशिक्षुओं द्वारा शासन को सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर इन विद्यालयों का चयन किया गया। बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने चयनित स्कूलों की सूची जारी करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को विशेष निर्देश दिए हैं। सभी 437 चयनित विद्यालयों की दीवारों पर अब 'निपुण विद्यालय' का लोगो पेंट कराया जाएगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले इन स्कूलों को विभाग की ओर से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित सिंह ने बताया कि जिले में यह योजना वर्ष 2023 से संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि 437 स्कूलों का निपुण घोषित होना विभाग और शिक्षकों के परिश्रम का परिणाम है। अगली बार प्रयास किया जाएगा इसके दुगना विद्यालय निपुण विद्यालय घोषित हो। अमित सिंह ने यह भी बताया कि विभाग का लक्ष्य यहीं समाप्त नहीं होता। आने वाले समय में जिले के अन्य स्कूलों को भी इस श्रेणी में लाने के लिए प्रयास तेज किए जाएंगे। इस घोषणा से परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों और छात्रों में उत्साह देखा जा रहा है, और विभाग का मानना है कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। सभी को इसी तरीके से काम करना चाहिए ताकि उनके भी विद्यालय निपुण विद्यालय बन सके और उनका भी नाम जिले में हो सके।
इटावा में बच्चों से भरी एक स्कूल वैन में अचानक भीषण आग लग गई। गनीमत रही कि समय रहते बच्चों ने वैन से कूदकर अपनी जान बचाई। अफरा-तफरी में कूदते समय 3 बच्चे गिरकर घायल हो गए। धुएं के कारण बच्चों का दम घुटने लगा। आग लगते ही ड्राइवर भी अपनी जान बचाने के लिए वैन को छोड़कर भाग निकला। धुआं कम होने के बाद वह वापस पहुंचा और बच्चों को वैन में बिठाकर आगे रवाना हो गया। पूरी घटना CCTV में कैद हो गई है। मामला रविवार दोपहर का बताया जा रहा है। जिसका वीडियो देर रात सामने आया है। पढ़ें पूरी खबर… गाजियाबाद में बच्ची से दरिंदगी करने वाले ने पुलिस पर फायर किया, पुलिस ने दौड़ाकर दोनों पैर में गोली मारी गाजियाबाद में 4 साल की बच्ची से रेप कर उसका मर्डर करने वाले ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने पकड़ना चाहा तो भागने लगा। पुलिस ने पीछा कर दौड़ते हुए दो गोली मारी। दोनों गोली उसके दोनों पैर में लगी। वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस उसे कांधे पर टांग कर ले गई। इस दौरान वह गिड़गिड़ाता रहा। बुधवार को यह मुठभेड़ उस दौरान हुई जब पुलिस उसे घटनास्थल पर रिकवरी के ले गई थी। वहां पर आरोपी ने बच्ची का मर्डर करने के बाद रुमाल से खून पोछकर वहीं फेक दिया था। उसी के रिकवरी के दौरान झाड़ियों में छिपाकर रखे तमंचा से उसने पुलिस पर फायर किया तो पुलिस ने जवाबी गोली चलाई। अस्पताल में भर्ती कराया है। यह मामला नंदग्राम थाना क्षेत्र का है। पूरी खबर पढ़ेंप्रिया सरोज के पिता की अखिलेश से शिकायत; जौनपुर में सपा विधायक और जिलाध्यक्ष आमने-सामने कांशीराम की 92वीं जयंती को पीडीए दिवस के रूप में मनाने वाली सपा में आंतरिक कलह जौनपुर में एक बार फिर सतह पर आ गया। जौनपुर जिले के सपा जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य ने सीधे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को रिपोर्ट भेजकर केराकत विधायक तूफानी सरोज और विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष नीरज यादव पहलवान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राकेश मौर्य ने 16 मार्च 2026 को पत्रांक SPJ/028 के तहत लिखी दो पेज की रिपोर्ट में बताया है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के साफ निर्देश पर जनपद मुख्यालय पर एक होटल में भव्य समारोह आयोजित किया गया था। इसमें विधायक लकी यादव, डॉ. रागिनी सोनकर, पंकज पटेल, पूर्व मंत्री शैलेंद्र यादव ललाई, श्रीराम यादव सहित सैकड़ों नेता और हजारों की संख्या में पीडीए समाज के लोग शामिल हुए थे। कार्यक्रम बेहद शानदार और सफल रहा था। राकेश मौर्य ने रिपोर्ट में लिखा है कि आपके निर्देश के विपरीत केराकत विधायक तूफानी सरोज और उसी विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष नीरज यादव पहलवान ने विधानसभा क्षेत्र कार्यालय पर अलग कार्यक्रम आयोजित किया। वहां कुछ लोगों को लेकर स्वतंत्र आयोजन किया गया, जिससे पार्टी की छवि धूमिल हुई और गुटबाजी का गलत संदेश गया। रिपोर्ट में इसे “घोर अनुशासनहीनता” करार देते हुए अखिलेश यादव से तत्काल संज्ञान लेने और कार्रवाई करने की मांग की गई है। पढ़ें पूरी खबर… अमेठी में बाइक के चालान ने खोला हत्या का राज, पत्नी को मारकर भाग निकला था आरोपी अमेठी में बाइक के चालान ने महिला की हत्या का राज खोल दिया। महिला का हत्यारा उसका पति निकला। रात में उसने पत्नी को मिलने बुलाया और हत्या करके आराम से बाइक से भाग निकला। रास्ते में एसपी द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन चक्रव्यूह में फंस गया और उसका 500 का चालान हो गया। सुबह आरोपी ससुराल वालों के साथ थाने पहुंचा और नॉर्मल बिहेव करता रहा, जिससे किसी को शक न हो। पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो फोन सर्विलांस पर लगाया गया, जिसमें लोकेशन पुलिस चेकिंग प्वाइंट की भी मिली। उस दिन की कार्रवाई की डिटेल निकाली गई तो आरोपी का नाम भी सामने आया जिसके बाद एसपी सरवणन टी ने मामले का खुलासा किया। पढ़ें पूरी खबर…. आशुतोष महाराज ने हाईकोर्ट में रखा अपना पक्ष; शंकराचार्य की जमानत के विरोध में दस्तावेज सौंपे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन उत्पीड़न का केस दर्ज कराने वाले आशुतोष महाराज ने मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखा। दोपहर में आशुतोष महाराज दस्तावेज लेकर वकीलों के साथ हाईकोर्ट पहुंच और करीब दो घंटे तक वहां मौजूद रहे। हाईकोर्ट के अलावा आशुतोष महाराज स्पेशल पॉक्सो कोर्ट भी पहुंचे। हड़ताल की वजह से पॉक्सो कोर्ट में सुनवाई टल गई। आशुतोष महाराज के केस में अब स्पेशल कोर्ट पॉक्सो में 2 मई को सुनवाई होगी। आशुतोष महाराज को 12 मार्च तक अपना पक्ष रखते हुए दस्तावेज पेश करने थे लेकिन उन्होंने सुरक्षा कारणों से कोर्ट जाने से इंकार कर दिया था। अब आशुतोष महाराज की दो मांग मेडिकल बोर्ड से मेडिकल परीक्षण कराने और पर्याप्त सुरक्षा देने की मांग पूरी हो गई है। पढ़िए पूरी खबर
चंडीगढ़ में पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) में मंगलवार शाम करीब 5 बजे फायरिंग करने वाले चारों आरोपी रात में ही पुलिस को चकमा देकर चंडीगढ़ से फरार हो गए। वहीं सवाल खड़ा होता है कि पीयू के अंदर चंडीगढ़ पुलिस चौकी बनी हुई है और पीयू की अपनी भी सिक्योरिटी है, जो तीनों गेट पर लगी होती है। इसके बावजूद आरोपी सुरक्षा में सेंध लगाते हुए पीयू में वारदात को अंजाम देकर बड़ी आसानी से फरार हो गए। इस वारदात के बाद अब पीयू के अंदर की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। आरोपी जिस एक्टिवा पर सवार होकर आए थे, उसे वहीं छोड़कर फरार हो गए, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया। जांच में पता चला कि वह चोरी की थी। इसके बाद आरोपी कुछ दूरी पर जाकर एक बुलेट छीनकर फरार हो गए और उसे भी डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड के पास छोड़कर भाग गए। डड्डूमाजरा के साथ ही पंजाब की सीमा शुरू हो जाती है, जहां से आरोपी फरार हो गए। पंजाब यूनिवर्सिटी में झंकार प्रोग्राम चल रहा है, जिसमें आज पंजाबी सिंगर सतिंदर सरताज का शो होना है। लॉरेंस और बंबीहा गैंग आमने-सामने इस वारदात की जिम्मेदारी बंबीहा, गोपी घनश्यामपुरिया और कौशल चौधरी ग्रुप ने ली है। इन्होंने एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें लिखा है- जो आज पंजाब यूनिवर्सिटी में SOPU लॉरेंस खोती के प्रधान जश्न जवंदा के ऊपर गोली चली है, यह हमारे भाई डोनी बल और शगनप्रीत ने चलाई है। इसकी किस्मत अच्छी थी कि बच गया। हर किसी की किस्मत ऐसी नहीं होती है। जो भी लॉरेंस SOPU ग्रुप के साथ चलेगा, उसका अंजाम मौत होगा। अंत में रेस्ट इन पीस सिद्धू मूसेवाला लिखा है। सूत्रों के अनुसार, SOPU लीडर कई दिनों से पंजाब यूनिवर्सिटी को लेटर लिख रहा था और पंजाबी सिंगर मनकीरत औलख की स्टार नाइट करवाना चाहता था। उसे लेकर बार-बार पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन से मिल रहा था, लेकिन अभी तक किसी ने मंजूरी नहीं दी। फायरिंग होते ही पीयू से फरार स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी (SOPU) लीडर जशनदीप सिंह उर्फ जश्न जवंदा पार्किंग में खड़े थे। इसी दौरान 2 युवक स्कूटी पर आए। उन्होंने आते ही फायरिंग कर दी। इस दौरान एक गोली कार में लगी। इसके बाद जशनदीप सिंह खुद को बचाने के लिए वहां से भाग गए। इस दौरान आरोपियों ने दो गोलियां चलाईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गोलियों के 2 खोल बरामद किए। मूसेवाला के मैनेजर शगनप्रीत का नाम सामने आया पीयू में फायरिंग की इस वारदात के बाद शगनप्रीत का नाम सुर्खियों में आ गया है। शगनप्रीत पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला का मैनेजर रह चुका है। उसका नाम मूसेवाला मर्डर में भी उछला था। उससे पहले विक्की मिड्डुखेड़ा मर्डर में भी उसका नाम चर्चा में आया था। अब बंबीहा गैंग की तरफ से भेजी गई धमकी में बल के साथ उसका नाम भी है। विदेश में छिपे डोनी बल ने 10 जनवरी को लुधियाना में लग्जरी कार शोरूम पर गोलियां चलाकर रंगदारी मांगी थी। 15 जनवरी की रात को सेक्टर-21 में बिल्डर अंकित सदाना की कोठी पर 5 गोलियां चलाकर 5 करोड़ की रंगदारी मांगी। उसका नाम एफआईआर में नामजद है। एक साल पहले मासूम शर्मा के शो में मर्डर हुआ था मार्च 2025 में पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) में हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के शो के दौरान छात्रों के दो गुटों में हिंसक झड़प हो गई थी। इस दौरान हमलावरों ने चाकू मारकर 4 छात्रों को घायल कर दिया, जिनमें से एक छात्र की मौत हो गई। मरने वाला छात्र आदित्य ठाकुर हिमाचल प्रदेश का रहने वाला था। वह PU में टीचर्स ट्रेनिंग का सेकेंड ईयर का स्टूडेंट था। मामले में सेक्टर-11 थाना पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया था। इस हत्या से जुड़े 3 वीडियो भी सामने आए थे। हालांकि इस घटना के बाद पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्टार नाइट करवाने से मना कर दिया था। काफी दिनों तक यह विवाद चला, उसके बाद फिर से सतिंदर सरताज को अब बुलाया गया है।
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की न्यू रेलवे रोड शाखा, जालंधर में क्लर्क रह चुके नवीन कुमार जैन पर 37 साल पुराने भ्रष्टाचार मामले में मोहाली की विशेष CBI अदालत ने सख्त कार्रवाई की है। विशेष न्यायाधीश ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए ओपन डेटेड (बिना तारीख वाले) गैर-जमानती वारंट जारी कर दिए। नवीन कुमार जैन पर 21 अगस्त 1989 को CBI की एंटी करप्शन ब्रांच चंडीगढ़ ने केस दर्ज किया था। उस पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी के आरोप है। उस पर IPC की धारा 420, 467, 468, 471, 477 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगे थे। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी है याचिका 2 दिसंबर 1994 को विशेष न्यायाधीश CBI पटियाला ने उन्हें दोषी ठहराया। नवीन कुमार जैन ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अपील दायर की, जिसे 9 सितंबर 2010 को खारिज कर दिया गया। चूंकि वह बैंक कर्मचारी थे, इसलिए उन्हें प्रोबेशन का लाभ नहीं मिला। सजा काटने के लिए अदालत में आत्मसमर्पण न करने पर 16 अप्रैल 2013 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उन्हें भगौडा (Proclaimed Offender) घोषित कर दिया था। गिरफ्तारी के लिए जरूरी वारंटCBI के उप पुलिस अधीक्षक द्वारा दायर आवेदन पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने माना कि अभियुक्त की उपस्थिति सामान्य तरीके से सुनिश्चित नहीं हो रही है। इसलिए उनकी गिरफ्तारी के लिए ओपन डेटेड नॉन-बेलेबल वारंट जारी करने का आदेश दिया गया। मामले के दस्तावेज अब रिकॉर्ड रूम में भेज दिए गए हैं।
मंदसौर में महिला ने पानी समझकर पिया फिनाइल:बकरियां चराकर लौटने के बाद हुई घटना, अस्पताल में भर्ती
मंदसौर के रेवास देवड़ा गांव में एक महिला द्वारा गलती से फिनाइल पी लेने का मामला सामने आया है। 35 वर्षीय रेखा पति सुरेश बावरी को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार महिला की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है। जानकारी के अनुसार रेखा मंगलवार रात बकरियां चरा कर घर लौटी थी। थकान के चलते वह घर के अंदर जाकर बैठ गई। इसी दौरान पास में रखी एक बोतल को पानी समझकर उसने फिनाइल पी लिया। दरअसल घर में फिनाइल बकरियों के आसपास छिड़काव के लिए रखा गया था, ताकि किसी प्रकार का संक्रमण न फैले और जानवर सुरक्षित रहें। उल्टियां शुरू होने पर खुला मामला रेखा के पति सुरेश बावरी ने बताया कि वे उस समय बकरी का दूध निकाल रहे थे। इसी दौरान उन्हें रेखा की तबीयत बिगड़ने और उल्टियां होने की जानकारी मिली। जब उन्होंने जांच की तो पता चला कि रेखा ने गलती से फिनाइल पी लिया है। पूछने पर रेखा ने बताया कि उसने उसे पानी समझकर पी लिया। समय पर अस्पताल पहुंचाने से बची जान घटना के बाद परिजन तत्काल रेखा को जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों द्वारा उसका उपचार किया जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि समय पर अस्पताल पहुंचाने के कारण महिला की हालत अब स्थिर है और वह खतरे से बाहर है।
एयर इंडिया ग्रुप का बड़ा अपडेट: 18 मार्च को पश्चिम एशिया से 50 उड़ानें संचालित
एयर इंडिया ग्रुप ने पश्चिम एशिया क्षेत्र, खासकर सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत आने-जाने वाली उड़ानों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है
मध्य पूर्व में ईरान-इजराइल, अमेरिया युद्ध के चलते एलपीजी का संकट पूरे देश में है। घरेलू सिलेंडर के लिए लोग भटक रहे हैं और कमर्शियल सिलेंडर की बुकिंग अभी तक बहाल नहीं हुई है। रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत के चलते शहर में तेजी से पाइप्ड नेचुअल गैस (पीएनजी) की मांग बढ़ गई है। बीते 10 दिन में पीएनजी की मांग में काफी उछाल आया है। शहर के लोग पीएनजी का कनेक्शन लेने के लिए इंक्वॉयरी करने लगे हैं। डोमेस्टिक कनेक्शन की डिमांड में 5% और कमर्शियल कनेक्शन की मांग में 10% का उछाल आया है। गैस किल्लत से पहले लोग पीएनजी कनेक्शन लेना ही नहीं चाहते थे। घरों में तो कनेक्शन फिर भी ले रहे थे लेकिन कमर्शियल की बिल्कुल भी मांग नहीं थी। जब से एलपीजी पर संकट आया है पीएनजी की मांग बढ़ गई है। डोमेस्टिक कनेक्शन के लिए आ रहे हर दिन 35 आवेदनग्वालियर में पीएनजी गैस कंपनी के मैनेजर अंकिश गर्ग ने बताया कि एक सप्ताह पहले तक पीएनजी के डोमेस्टिक कनेक्शन के लिए केवल 10 से 12 आवेदन ही एक दिन में आ रहे थे, लेकिन अब हर दिन 30 से 35 आवेदन आ रहे हैं। इससे साफ है कि लोग एलपीजी गैस सिलेंडर की अनिश्चितता से परेशान होकर स्थायी विकल्प के रूप में पीएनजी को अपना रहे हैं। कमर्शियल सेक्टर में रिकॉर्ड तेजीगैस संकट के बाद सिर्फ डोमेस्टिक कनेक्शन के लिए लोग पीएनजी को विकल्प नहीं मान रहे हैं बल्कि होटल, रेस्टोरेंट और अन्य कमर्शियल प्रतिष्ठान भी तेजी से पीएनजी कनेक्शन की ओर बढ़ रहे हैं। पहले जहां कॉमर्शियल कनेक्शन के लिए कभी-कभी आवेदन आ जाते थे, लेकिन अब हर दिन 10 से 15 आवेदन कमर्शियल कनेक्शन लगवाने के लिए आ रहे हैं। यह बढ़ोतरी दर्शाती है कि व्यावसायिक गतिविधियों के लिए निरंतर गैस सप्लाई कितनी जरूरी हो गई है। आवेदन के बाद कनेक्शन मिलने में लगते हैं 20 से 25 दिन अधिकारियों ने बताया कि पीएनजी कनेक्शन देने की प्रक्रिया में समय लगता है। सामान्यत: आवेदन के बाद कनेक्शन उपलब्ध कराने में लगभग 20 दिन का समय लगता है। इस दौरान संबंधित क्षेत्र में खुदाई कर पाइपलाइन बिछाई जाती है और उसे घर तक पहुंचाया जाता है। इसके बाद सुरक्षा मानकों के तहत निरीक्षण किया जाता है। निरीक्षण के बाद ओके रिपोर्ट मिलने पर ही कनेक्शन चालू किया जाता है। जहां लाइन पहले से हैं वहां पांच दिन में मिल जाता है कनेक्शनजिन अपार्टमेंट्स या इमारतों में पहले से पीएनजी कनेक्शन मौजूद है, वहां नए उपभोक्ताओं को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ रहा। ऐसी स्थिति में केवल 4 से 5 दिनों के भीतर कनेक्शन प्रदान कर दिया जाता है, क्योंकि वहां पहले से ही पाइपलाइन उपलब्ध रहती है। इसके बाद सिर्फ फ्लैट या डुप्लेक्स तक कनेक्शन पाइप कनेक्ट करना होता है। भविष्य में और बढ़ सकती है मांगविशेषज्ञों का मानना है कि यदि सिलेंडर की आपूर्ति की स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले समय में पीएनजी कनेक्शन की मांग और भी तेजी से बढ़ सकती है। पीएनजी को सुरक्षित, सुविधाजनक और लगातार उपलब्ध रहने वाला विकल्प माना जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं का भरोसा भी बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) और भाजपा नेता प्रो. गौरव वल्लभ ने उदयपुर में मीडिया से बात करते हुए राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने साफ कहा कि डोटासरा की कुर्सी जल्द जाने वाली है। अभी वो अपनी कुर्सी बचाने में लगे हैं। डोटासरा के सात दिन पहले नागौर में भाजपा का सूपड़ा साफ होने वाले बयान पर तीखा पलटवार करते हुए वल्लभ ने कहा कि पूरी भाजपा राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के लिए तैयार है। हमारे सर्वे के अनुसार BJP बंपर बहुमत से जीत हासिल करेगी। सही समय पर सही फैसला लिया जाएगा। प्रो. वल्लभ ने कहा कि जिन सज्जन का आप नाम ले रहे हैं, वे तो चीयर लीडर्स के पुरुष वर्जन हैं। इनकी तथ्यहीन बातों पर गंभीरता से सोचने की जरूरत नहीं। इनका एक ही मिशन है कि किसी भी तरह अपनी प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी बचाना, ये बहुत जल्दी प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी से हटाए जाने वाले हैं। गौरव वल्लभ कल उदयपुर में एक कार्यक्रम राजस्थान विद्यापीठ यूनिवर्सिटी के दो दिवसीय वेस्ट जोन वाइस चांसलर सम्मेलन में आए थे और बाद में शाम को इनके घर पर मीडिया से बातचीत की। गैस सिलेंडर पर अफवाह मात्र, नेताओं के घर 55-55 गैस सिलेंडर मिले गैस सिलेंडर पर मचे हंगामे पर वल्लभ ने कहा कि देश में कोई गैस का संकट नहीं है। आप एक भी व्यक्ति बताइए जिसने बुकिंग करवाई हो और सिलेंडर न मिला हो। ये तो कुछ राजनीतिक दलों के लोग इसमें अफवाह फैलाने का काम कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में कुछ नेताओं के घर 55-55 गैस सिलेंडर मिले हैं उसका जवाब दीजिए। भारत की ताकत का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दुनिया के तमाम जहाज फंसे हैं, लेकिन जिन पर भारतीय तिरंगा लहरा रहा है, उन्हें निकलने की अनुमति मिल रही है। ये 144 करोड़ भारतीयों की ताकत है, मोदी सरकार की कूटनीति और विदेश नीति का कमाल है। कोई भी कमी देश में नहीं है बस कुछ लोग राजनीति रोटियां सेंकने का काम कर रहे हैं। बंगाल में एक ही नारे की गूंज '4 मई बंगाल से टीएमसी गई'प्रो. गौरव वल्लभ ने कहा कि '4 मई बंगाल से टीएमसी गई' ये नारा बंगाल के घर-घर में गूंज रहा है। जिस टीएमसी ने 15 साल तक मां, माटी और मानुस के साथ धोखा किया। ये लोग इनके नाम पर ही सरकार में आए थे। तीन 'क' यानि कम्युनिस्ट, कांग्रेस और कांग्रेस की सब्सिट्यूट टीएमसी। जो बंगाल देश का इंडस्ट्रीयल और मैन्युफैक्चरिंग का हब हुआ करता था वहां से सारी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को इन तीन 'क' ने धक्के दे देकर खदेड़ा है। बंगाल के लोग अब इनको बर्दाश्त नहीं करेंगे। गौरव वल्लभ ने ऐसे गिनाए तीन धोखे 1. मां के साथ धोखा : मां के साथ आरजी कर मेडिकल कॉलेज और लॉ कॉलेज की घटना हो ममता बनर्जी आरोपियों के को बचाने में लग गई पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में नहीं लगी। 2. मानुस के साथ धोखा : बंगाल के लोग उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा लेने के बाद दूसरे राज्यों में जाकर नौकरी कर रहे हैं, उनको बंगाल में नौकरी नहीं मिली, टीएमसी ने यह काम कर मानुस के साथ धोखा किया। 3. माटी के साथ धोखा : गौरव ने कहा कि अब माटी से धोखा कैसे किया समझे, वे बताते हैं कि तीन 'क' ने बंगाल को बर्बाद किया --- ये खबर भी पढ़ें चर्चित उदयपुर फाइल्स का इफेक्ट एयरपोर्ट पर दिखा:सीएम भजनलाल शर्मा के स्वागत में शहर एवं देहात भाजपा जिलाध्यक्षों के नाम काटे चर्चित उदयपुर फाइल्स का इफेक्ट सोमवार को देखने को मिला। इसका गवाह बना डबोक स्थित महाराणा प्रताप एयरपोर्ट। जहां राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की अगवानी करने के लिए चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी, शहर विधायक ताराचंद जैन, चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या, वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी, एसपी योगेश गोयल और कलेक्टर नमित मेहता पहुंचे। (पूरी खबर पढ़ें)
जोधपुर रेलवे स्टेशन पर सोमवार को बड़ा हादसा होने से टल गया। इसका वीडियो मंगलवार देर शाम को सामने आया। साबरमती-जम्मूतवी एक्सप्रेस में चढ़ने के प्रयास में एक महिला यात्री का पैर फिसल गया। वह प्लेटफॉर्म और चलती ट्रेन के बीच गिर गई। वहां मौजूद रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की महिला कॉन्स्टेबल नवीन ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत यात्री को बाहर खींचकर नया जीवनदान दिया। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त (आरपीएफ) नीतीश शर्मा ने बताया- यह घटना सोमवार को जोधपुर स्टेशन की है। जब गाड़ी संख्या 19223 साबरमती-जम्मूतवी एक्सप्रेस स्टेशन से रवाना हो रही थी, तभी महिला यात्री शहनाज बानो ने चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश की। इसी प्रयास में वह अचानक फिसल गईं। पहले देखें PHOTOS महिला यात्री को नहीं आई चोट वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त (आरपीएफ) नीतीश शर्मा ने बताया- घटना होते ही प्लेटफॉर्म पर ड्यूटी दे रहीं आरपीएफ महिला कॉन्स्टेबल नवीन ने बिना देरी किए साहस का परिचय दिया। उन्होंने फुर्ती दिखाते हुए यात्री को सुरक्षित बाहर खींच लिया। इस कारण गंभीर हादसा टल गया। गनीमत रही कि महिला यात्री शहनाज बानो को किसी प्रकार की चोट नहीं आई। शर्मा ने बताया- बाद में महिला को दूसरी ट्रेन में बैठाकर उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। डीआरएम ने की नकद पुरस्कार की घोषणा डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने आरपीएफ कॉन्स्टेबल नवीन के उत्कृष्ट और साहसिक काम की सराहना की। डीआरएम ने बचाव कार्य वाली कॉन्स्टेबल नवीन को उनकी सतर्कता के लिए नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। घटना के बाद डीआरएम त्रिपाठी ने सभी यात्रियों से सुरक्षा नियमों को लेकर विशेष अपील की। उन्होंने यात्रियों से आग्रह किया कि वे किसी भी स्थिति में चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी जल्दबाजी जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए यात्रा के दौरान रेलवे के सुरक्षा नियमों का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित करें। यह खबर भी पढ़ें... लेडी हेड कॉन्स्टेबल ने यात्री की बचाई जान, VIDEO:चलती ट्रेन में प्लेटफॉर्म और ट्रैक के बीच गिरा, पानी भरने के लिए उतरा था जयपुर में चलती ट्रेन में चढ़ने के दौरान यात्री प्लेटफॉर्म और ट्रैक के बीच गिर गया था। मौके पर मौजूद लेडी हेड कॉन्स्टेबल ने दौड़कर यात्री को बचाया था। घटना फुलेरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर 5 मार्च रात करीब 9:30 बजे हुई थी। इसका सीसीटीवी भी सामने आया था। (पूरी खबर पढ़ें)
झाबुआ जिले में नलजल योजनाओं में अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन जारी है। आंदोलनकारियों ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के दफ्तर के बाहर धरना दिया है और विभाग की ओर से गठित जांच दल को अस्वीकार कर दिया है। ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर कार्यालय के बाहर ही रात गुजार रहे हैं। यह प्रदर्शन पहले 9 मार्च को भी हुआ था, जिसे जांच दल गठित करने के आश्वासन पर समाप्त कर दिया गया था। हालांकि, एक हफ्ते बीत जाने के बाद भी टीम का गठन नहीं हुआ, जिसके बाद मंगलवार को ग्रामीणों ने फिर से दफ्तर के बाहर धरना शुरू कर दिया। इस बार कार्यालय के गेट पर ताला लगा दिया गया था, जिससे वे अंदर नहीं जा सके। आंदोलनकारियों ने टीम को किया खारिज कलेक्टर नेहा मीना के निर्देश पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री जितेंद्र मावी ने मंगलवार शाम को एक जांच दल का गठन किया। हालांकि, ग्रामीण और आंदोलनकारी इस टीम को मानने को तैयार नहीं हैं। विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, थांदला के लिए सहायक यंत्री दयालु राठौड़ के साथ उपयंत्री एस.के. तिवारी और रविंद्र सिसोदिया को जिम्मेदारी दी गई है। पेटलावद में राहुल सोलंकी, अंतरसिंह मंडलोई और अतुल पाटीदार की टीम बनाई गई है। वहीं, झाबुआ क्षेत्र के लिए शैलेश बघेल, बानसिंह बामनिया और कैलाश बबेरिया को नियुक्त किया गया है, जिन्हें 14 दिनों के भीतर निरीक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। “घर की जांच नहीं चलेगी”-निष्पक्ष जांच की मांग विभाग की इस कार्रवाई पर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे परमजीत सिंह ने कड़ा ऐतराज जताया है। उनका कहना है कि जिस विभाग के काम पर सवाल उठाए गए हैं, उसी के अधिकारी निष्पक्ष जांच कैसे कर सकते हैं। आंदोलनकारियों ने इस टीम को 'घर की जांच' करार देते हुए इसे पूरी तरह अस्वीकार कर दिया है। कार्यालय के बाहर किसानों ने जमकर नारेबाजी की ग्रामीणों की मांग है कि जांच दल में राजस्व विभाग के अधिकारियों को भी शामिल किया जाए ताकि प्रक्रिया पारदर्शी रहे और भ्रष्टाचार की हकीकत सामने आ सके। किसान अभी भी कार्यालय के बाहर डटे हुए हैं और जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। आंदोलनकारी किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, वे वहीं डटे रहेंगे।
हजारीबाग में रामनवमी से पहले निकलने वाले पारंपरिक मंगला जुलूस को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार पर जुलूस को जानबूझकर रोकने का आरोप लगाया है। उन्होंने साफ कहा कि यदि मंगला जुलूस को रोका गया, तो गुरुवार को पूरे हजारीबाग में बंद का आह्वान किया जाएगा। विधायक ने आरोप लगाया कि प्रशासन कई स्थानों पर जुलूस को रोक रहा है और बाजा-गाजा हटाने का निर्देश दे रहा है, जिससे रामभक्तों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। कम संख्या में निकला जुलूस, लोगों में नाराजगी दूसरे मंगलवार को निकले मंगला जुलूस में इस बार अपेक्षाकृत कम भीड़ देखने को मिली। इसे लेकर शहर के कई इलाकों में नाराजगी का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंगला जुलूस हजारीबाग की वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा का हिस्सा है। इसे सीमित या बाधित करना आस्था के साथ खिलवाड़ है। हर साल होली के बाद पड़ने वाले मंगलवार को यह जुलूस निकाला जाता है, जिसमें ढोल-नगाड़े और बाजा-गाजा के साथ रामभक्त सड़कों पर निकलते हैं। पूरा शहर धार्मिक माहौल में रंग जाता है। विधायक की चेतावनी, प्रशासन पर बढ़ा दबाव विधायक प्रदीप प्रसाद ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि शहर की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं के साथ किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि यदि प्रशासन का यही रवैया जारी रहा, तो न केवल हजारीबाग बंद किया जाएगा, बल्कि इस वर्ष रामनवमी का मुख्य जुलूस भी नहीं निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। फिलहाल प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बढ़ते इस विवाद को लेकर सभी की नजरें टिकी हैं कि आने वाले दिनों में इसका क्या समाधान निकलता है और रामनवमी के आयोजन किस तरह से संपन्न होते हैं।
धौलपुर में 32 गैस सिलेंडर जब्त:एक गाड़ी भी पकड़ी, एलपीजी की कालाबाजारी पर प्रशासन सख्त
धौलपुर में रसद विभाग ने एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने एनएच-123 पर तसीमों पार्वती पुल के आगे कुम्हेरी मार्ग के पास से 32 रसोई गैस सिलेंडरों से भरी एक गाड़ी जब्त की। रसद विभाग की टीम को एक संदिग्ध वाहन दिखा, जिसे रोककर जांच की गई। ड्राइवर कैश मेमो प्रस्तुत नहीं कर सका और गाड़ी में तोल कांटा भी नहीं मिला। इसके बाद टीम ने 32 रसोई गैस सिलेंडरों को वाहन सहित सैंपऊ स्थित गैस एजेंसी को सौंप दिया। जिला रसद अधिकारी मणि खींची ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला कालाबाजारी से जुड़ा प्रतीत होता है। ड्राइवर ने मोबाइल में रिकॉर्ड दिखाने की बात कही, लेकिन मौके पर भौतिक कैश मेमो नहीं मिला, जिससे संदेह बढ़ गया।बताया गया है कि एक उपभोक्ता ने सिलेंडर के लिए 1500 रुपए वसूले जाने की शिकायत की थी, जिसके बाद टीम अलर्ट हुई। इस कार्रवाई के दौरान ईओ गजेंद्र शर्मा, जगदीश शर्मा और ईआई जितेंद्र गोठवाल सहित विभागीय स्टाफ मौजूद था। हाल ही में जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी की अध्यक्षता में हुई बैठक में गैस एजेंसियों को अधिक से अधिक होम डिलीवरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। इसका उद्देश्य एजेंसियों पर भीड़ और अव्यवस्था को रोकना है।गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, विशेषकर ईरान-इजरायल के बीच तनाव के कारण एलपीजी आपूर्ति को लेकर आशंका बनी हुई है। इसी के चलते प्रशासन कालाबाजारी और अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रहा है।
जौनपुर में माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाई स्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 18 मार्च से शुरू होगा। यह मूल्यांकन जिले के पांच निर्धारित केंद्रों पर किया जाएगा। मूल्यांकन के लिए उत्तर पुस्तिकाएं इन केंद्रों पर पहुंचाई जा रही हैं। मूल्यांकन केंद्र सूजकीय बालिका इंटर कॉलेज, शिया इंटर कॉलेज, जनके कुमारी इंटर कॉलेज, राज इंटर कॉलेज और बीआरपी इंटर कॉलेज को बनाया गया है। पहले दिन डिप्टी हेड उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर परीक्षकों को पूरी प्रक्रिया समझाएंगे। मूल्यांकन कार्य की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को शुचिता और पारदर्शिता के साथ मूल्यांकन करने के निर्देश दिए हैं। सचिव ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसी किसी भी उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा जिसमें पैसे मिलेंगे। परीक्षकों को ऐसी कॉपियों पर विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। शिया इंटर कॉलेज के केंद्र व्यवस्थापक डॉ. अलमदार नजर ने बताया कि मूल्यांकन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार से सुरक्षा व्यवस्था के बीच मूल्यांकन कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
डीग जिला प्रशासन ने रसोई गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त अभियान चलाया है। मंगलवार को प्रवर्तन जांच दल ने जिले के 4 प्रतिष्ठानों से कुल 4 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए। जिला कलेक्टर उत्सव कौशल के निर्देश पर गठित टीम ने यह कार्रवाई की। जब्त किए गए सिलेंडरों में एक नगर रोड स्थित चौटाला ढाबे से, एक गोवर्धन रोड स्थित खंडेलवाल पेड़ा वाले से, एक जालूकी से और एक खोह से शामिल है। इन सिलेंडरों को संबंधित गैस एजेंसियों के प्रतिनिधियों को सौंप दिया गया है। कार्यवाहक जिला रसद अधिकारी अर्पित अग्रवाल ने बताया कि जिले में गैस एजेंसियों के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रतिदिन की मांग के अनुसार रसोई गैस की आपूर्ति सुचारू रूप से की जा रही है।अग्रवाल ने यह भी कहा कि प्रशासन गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी रख रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कहीं भी गैस सिलेंडरों की जमाखोरी या कालाबाजारी की शिकायत मिलती है, तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से गैस सिलेंडर की बुकिंग न करें। जरूरत होने पर ही बुकिंग करें और निर्धारित समय पर होम डिलीवरी के माध्यम से सिलेंडर प्राप्त करें। शिकायत दर्ज कराने के लिए जिला नियंत्रण कक्ष के फोन नंबर 05641-294005 पर संपर्क किया जा सकता है।
दुर्ग जिले में अवैध अफीम खेती के बाद अब इसकी बिक्री पर पुलिस ने कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। पिछले तीन दिनों में खरीदी-बिक्री में शामिल कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस नेटवर्क में होटल-ढाबा सबसे आसान ठिकाना बने हुए थे, जहां ग्राहकों को आसानी से अफीम उपलब्ध कराई जा रही थी। मंगलवार को कुम्हारी थाना क्षेत्र में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अफीम बेचने के आरोप में 70 वर्षीय बुजुर्ग को गिरफ्तार किया। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी लंबे समय से अवैध रूप से अफीम की बिक्री कर रहा था। आरोपी के पास से 403 ग्राम अफीम, 14 लाख 46 हजार रुपए नकद और दो मोबाइल बरामद किए गए है। कुल जब्ती की कीमत करीब 16 लाख रुपए आंकी गई। फिलहाल पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। सूचना पर पहुंची थी पुलिस दरअसल, सूचना मिलने पर पुलिस टीम खारुन ग्रीन कॉलोनी गेट नंबर-02 पहुंची। घेराबंदी कर संदिग्ध को पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम गुरमेल सिंह (70) निवासी खारुन ग्रीन कॉलोनी, कुम्हारी बताया। तलाशी में अफीम और बड़ी मात्रा में नकदी मिली। मौके पर ही गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से अफीम बेचकर अवैध कमाई कर रहा था। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 18(ग), 27(क) और 29 के तहत मामला दर्ज किया। पूछताछ जारी है, नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। जानिए इससे पहले कब-कब हुई कार्रवाई पहली कार्रवाई: होटल-ढाबा से हो रही थी बिक्री 15 मार्च को बेमेतरा–सिमगा रोड स्थित ग्राम कठिया में छापा मारा गया। श्री रामदेव होटल और राजस्थानी हाईवे ढाबा में कार्रवाई हुई। आरोपी रणछोड़ राम उर्फ रणजीत (50) के कमरे से 304 ग्राम अफीम डोडा (चुक्की), 1 लाख 29 हजार रुपए नकद और एक मोबाइल फोन मिला। दूसरे आरोपी सुनील देवासी (28) के पास मिक्सी (जार सहित) और मोबाइल फोन बरामद हुआ। दोनों को मौके से गिरफ्तार किया गया। दूसरी कार्रवाई: 42 हजार के साथ आरोपी पकड़ा गया कबीरधाम जिले के ग्राम पालक में चिल्फी रोड स्थित बंजारी माता मंदिर के पास एक राजस्थानी ढाबे में अफीम डोडा चूरी बेची जा रही थी। ढाबा संचालक मदरूपा राम विश्नोई (45) के यहां 16 मार्च को छापा पड़ा। काउंटर से 42 हजार रुपए नकद और एक मोबाइल बरामद किया गया। पूरे नेटवर्क की जांच जारी समोदा में अफीम मिलने के बाद जिले के फॉर्म हाउस की जांच जारी है। पुलिस सप्लाई चेन खंगाल रही है। यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि प्रदेश में अफीम कहां से आ रही थी। आरोपियों के संपर्क, नेटवर्क की अवधि और जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर में बुधवार को बिजली विभाग द्वारा यूटिलिटी शिफ्टिंग और एबी केबल डालने का काम किया जाएगा। मरम्मत काम के चलते शहर के 15 से अधिक इलाकों में बिजली सप्लाई बाधित रहेगी। अलग-अलग क्षेत्रों में 2 से 4 घंटे तक शटडाउन लिया जाएगा। इन इलाकों में रहेगा शटडाउन बिजली विभाग की अपील केस्को ने अपील की है, कि बिजली सम्बंधी कार्य समय से कर लें, मरम्मत कार्य पूर्ण होने के बाद बिजली सप्लाई सुचारू रूप से शुरू करा दी जाएगी। बिजली विभाग के अनुसार, इन कार्यों को पूरा करने के लिए 60 से अधिक कर्मचारी अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात रहेंगे। विभाग ने नागरिकों से सहयोग की अपील की है।
संभल में बारिश के बाद मौसम बदला:सुबह-शाम ठंडक बढ़ी, AQI 169; न्यूनतम 16 और अधिकतम 32 डिग्री दर्ज
संभल में एक दिन की बारिश के बाद मौसम में बदलाव आया है। सुबह-शाम चल रही सर्द हवाओं के कारण ठंडक बढ़ गई है। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 169 पर पहुंच गया है, जबकि न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश से पहले AQI में गिरावट देखी गई थी और यह 55 तक पहुंच गया था। बुधवार सुबह 8 बजे संभल का तापमान 22 डिग्री सेल्सियस था। दिन में तेज धूप निकलने के बाद अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, जो पिछले एक महीने के औसत से 6 डिग्री सेल्सियस कम रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, देर शाम 12 बजे तक आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। हालांकि, मौसम विभाग ने 17 मार्च से बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया था, लेकिन संभल में ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला। एक दिन में करीब 6 से 8 घंटे रुक-रुक कर हुई बारिश के बाद मौसम बदलने का स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ा है। सरकारी और निजी अस्पतालों में खांसी, बुखार और जुकाम के मरीजों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। दोपहिया वाहन चालकों और सुबह खेतों में काम करने वाले किसानों को सर्द हवाओं का सामना करना पड़ रहा है। चंदौसी जंक्शन से लखनऊ जाने वाली पांच ट्रेनें, बरेली-अलीगढ़ पैसेंजर ट्रेन और हातिम सराय संभल से बिलारी, राजा का सहसपुर होते हुए मुरादाबाद जाने वाली डेमो ट्रेनें अपने निर्धारित समय पर चल रही हैं। स्थानीय निवासी समीर गुप्ता ने बताया कि मौसम बदलने से स्वास्थ्य पर असर पड़ा है। दिन में धूप के कारण गर्मी महसूस होती है, जबकि रात में ठंडक का एहसास होता है। सभासद मौ. गौहर ने कहा कि इस बार रमजान का महीना अच्छे मौसम में पूरा हुआ, जिससे रोजेदारों को कोई परेशानी नहीं हुई।
लीक, लीक, लीक…एक रैंडम टेलीग्राम ग्रुप पर 13 मार्च, रात करीब 11 बजकर 10 मिनट पर ये मैसेज आया। मैसेज के साथ एक इमेज अटैच थी। आगे लिखा था 12th बोर्ड हिंदी पेपर, दो इमोजी और अगली लाइन…सीजी बोर्ड 2026 रियल क्वेश्चन पेपर। ग्रुप के सभी मेंबर्स ने बिना देरी किए सबसे पहले ये इमेज मोबाइल पर सेव कर ली। इसके बाद ये इमेज वाला मैसेज 15 मिनट में 15,000 से अधिक स्टूडेंट के मोबाइल पर पहुंच गया। इमेज के दो पन्नों पर 15 सवाल थे। पहले पेज के कॉर्नर पर लिखा था B। सभी 15 सवाल हाथ से लिखे गए थे, लेकिन लिखाई का पैटर्न बिल्कुल असली क्वेश्वचन पेपर की तरह था। हम उन स्टूडेंट्स तक पहुंचे, जिन्होंने शुरूआती दौर में लीक पेपर अलग-अलग ग्रुप्स में सर्कुलेट किया था। पता चला कि सिर्फ हिन्दी ही नहीं, अंग्रेजी और कुछ दूसरे सब्जेक्ट्स के भी पेपर इसी तरह की हैंड राइटिंग में लिखकर कई ग्रुप्स में शेयर हुए थे। पेपर लीक का ये मामला किसी एक जिले तक सीमित नहीं है। इसके अलावा भी कई चौंकने वाले खुलासे हुए हैं। पढ़िए बोर्ड पेपर लीक की पूरी कहानी… 10 घंटे पहले ही लीक हुआ था पेपर 14 मार्च को सुबह ठीक 9 बजे, छत्तीसगढ़ बोर्ड का हिंदी पेपर शुरु हुआ। इस पेपर के सेट B में पूरे 15 सवाल वही और उसी क्रम में पूछे गए जो इमेज में थे। यहां तक कि वैकल्पिक सवाल भी मेल खा गए। यानी बोर्ड का पेपर एग्जाम शुरू होने के लगभग 10 घंटे पहले ही लीक हो चुका था। साइबर पुलिस करेगी पेपर लीक की जांच लेकिन बोर्ड के अधिकारी- कर्मचारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। पेपर के दो दिन बाद, 16 मार्च को पूरे मामले की शिकायत बोर्ड के अधिकारियों ने सिविल और साइबर पुलिस थाने में की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। लेकिन इससे पहले भास्कर ने पूरे मामले को अपने स्तर पर इंवेस्टिगेट किया। अब 4 सीन में समझिए पेपर कहां और कैसे लीक हुआ ? सीन 1: रायपुर में इंजनियरिंग कर रहे स्टूडेंट के मोबाइल पर आया मैसेज लीक मामले में कई कड़ियां जोड़ने के बाद हमारा संपर्क रायपुर की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी से इंजनियरिंग कर रहे स्टूडेंट रजत साहू (बदला हुआ नाम) से हुआ। रजत धमतरी के रहने वाले हैं। रजत उन चुनिंदा लोगों में से एक हैं, जिनके पास लीक हुआ पेपर सबसे पहले पहुंचा था। रजत ने बताया उन्हें किसी ने एक टेलिग्राम ग्रुप से जोड़ा था। इसी टेलीग्राम ग्रुप पर 13 मार्च रात 11 बजे के आसपास लीक पेपर आया था। जोकि वो बारहवीं की पढ़ाई नहीं कर हैं, उन्हाेंने ज्यादा दिलस्पी इस बात में नहीं दिखाई कि ये मैसेज किसने भेजा और उन्हें ग्रुप में किसने जोड़ा। लेकिन पेपर उन्होंने सेव कर लिया। इसके बाद अपनी एक फ्रेंड को कॉल किया, उससे पूछा- हिन्दी का पेपर हो गया? दूसरी तरफ से जवाब आया, कल तो है। रजत ने इसके बाद अपनी फ्रेंड को टेलीग्राम पर आया हुआ पेपर शेयर कर दिया। लेकिन रजत की बातों से हमें ये लगा कि वो कई बातें छुपा रहे हैं। टेलीग्राम ग्रुप का नाम पूछने पर उन्होंने बताया कि याद नहीं। ग्रुप लिंक मांगा तो कहा- पेपर लीक का मामला आते ही उन्होंने सब कुछ हटा दिया है। खुद भी ग्रुप से लेफ्ट हो गए। पूछा- इस तरह से कोई दूसरा पेपर भी कभी आया था। रजत ने जवाब दिया- नहीं। जबकि हमें ये कंफर्म था कि रजत ने इसी तरह अंग्रेजी का पेपर भी शेयर किया है। हालांकि इसके बाद रजत से हमने ये कहते हुए बात समाप्त कर दी कि आगे कोई अपडेट मिले तो बताना। सीन 2: रजत की फ्रेंड ने अपने फ्रेंड को भेजा वायरल पेपर रजत से बात करने से पहले हम उसकी दोस्त सुनीता (बदला हुआ नाम) तक पहुंच चुके थे। सुनीता गरियाबंद की रहने वाली हैं। उन्होंने हमें बताया कि रजत ने उन्हें ये वायरल पेपर 13 मार्च की रात 11 बजकर 23 मिनट को भेजा था। कहा था कि इन सवालों को भी ध्यान से पढ़ लेना। सुनीता ने हमें ये भी बताया कि कई टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप पर वायरल पेपर की तरह दूसरे पेपर्स भी आते थे। रजत ने इसी तरह का अंग्रेजी का पर्चा भी शेयर किया था। लेकिन बाकी दूसरे पर्चों से एग्जाम में चार-पांच सवाल ही फंसते, वो भी हर बार नहीं। 'जैसा लीक पेपर में था वैसा ही क्वेश्चन आया' सुनीता के मुताबिक, स्टडी ग्रुप में एग्जाम के पहले इस तरह के मॉडल क्वेश्चन पेपर भेजना आम बात हैं। हम इन्हें इम्पार्टेंट क्वेश्चन की तरह कंसीडर्ड करते हैं। इस उम्मीद से नहीं पढ़ते कि वो असल एग्जाम में पूछे जाने वाले प्रश्न होंगे। ऐसा होता भी नहीं। लेकिन उस रात लीक वायरल पेपर के सवाल अगले दिन के एग्जाम में पूछे गए सवालों की नकल थे। हम खुद हैरान थे कि सब कुछ वैसा ही कैसे पूछ लिया गया। सोशल मीडिया में अगले दिन पेपर लीक का मामला सामने आया। मैं बहुत डर गई, घर वालों को कुछ भी पता चलता तो वो बहुत चिल्लाते। इसलिए मैंने सभी दूसरे ग्रुप और पेपर से जुड़े चैट तुरंत मोबाइल से हटा दिए। हालांकि सुनीता ने बताया कि उन्होंने ये पेपर अपने दोस्त शोभित से भी शेयर किया था। सीन 3: शोभित ने जीनियस एकेडमी के ग्रुप में शेयर किया था पेपर शोभित वही स्टूडेंट हैं जिनका चैट अब तक बाकी सभी न्यूज प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। शोभित ने ही जीनियस एकेडमी के व्हाट्सएप ग्रुप पर हिन्दी का पेपर शेयर किया था। शोभित कोरबा के रहने वाले हैं। शोभित इस पेपर लीक मामले की वो कड़ी हैं जिनके जरिए हम सुनीता और उसके बाद रजत तक पहुंचे। शोभित ने बताया उन्हें पेपर रात 1 बजे के बाद मिला। ये पेपर सिर्फ सुनीता के पास नहीं था। उनके कई और दोस्तों के पास भी पहुंचा था। मैंने तो बस सुनीता से मिला पेपर ग्रुप में शेयर किया। मुझे नहीं पता था कि वो असल एग्जाम में पूछे जाने वाले सवाल होंगे। ये पेपर किसी टेलीग्राम लिंक पर आया। और बहुत तेजी से वायरल हुआ था। मेरा A सेट आया था। लेकिन एग्जाम हाल से निकलते ही दोस्तों ने बताया वायरल पेपर असली था। B सेट में सारे वही सवाल थे। सीन 4: छात्र नेता पुनेश्वर ने बताया: रायपुर की स्टूडेंट से पता चला मामला पेपर लीक मामले का खुलासा करने वाले छात्र नेता पुनेश्वर लहरे ने बताया कि इंस्टाग्राम पर एक निजी कोचिंग संस्थान में पढ़ने वाली स्टूडेंट के जरिए उन्हें पूरे मामले की जानकारी लगी। जानकारी मिलते ही उन्होंने सबसे पहले पूरे मामले का अपडेट अपने सोशल मीडिया पेज पर डाला। इसके बाद NSUI ने सोमवार (16 मार्च) को माध्यमिक शिक्षा मंडल कार्यालय का घेराव किया। पेपर रद्द हो सकता है, मुख्य आरोपी तक पहुंचना चुनौती माध्यमिक शिक्षा मंडल की सचिव पुष्पा साहू ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बातों ही बातों ये भी माना है कि वास्तव में पेपर लीक की बात सच साबित हुई तो पेपर रद्द भी हो सकता है। हालांकि कैमरे पर उन्होंने इस संदर्भ में कुछ नहीं कहा। हो सकती है ओरिजनल चैट्स की रिकवरी इस पूरे मामले में पुलिस के लिए मुख्य आरोपी तक पहुंचना बड़ा चैलेंज इसलिए है, क्योंकि स्टूडेंट्स ने अधिकतर ग्रुप्स और चैट्स डिलीट कर दिए है। सिर्फ स्क्रीन शॉट्स हैं। ओरिजनल चैट्स रिकवरी में वक्त लग सकता है। पेपर टेलीग्राम पर लीक हुआ है, और कई लेयर्स में शेयर किया गया है। ऐसे में हर लेयर को ब्रेक करना और मुख्य आरोपी तक पहुंच पाना कठिन होगा। हालांकि सायबर पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। ………………… इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… CG बोर्ड 12वीं का हिंदी पेपर लीक!...FIR दर्ज: दावा- व्हाट्सऐप पर 15 सवाल सेंड किए गए; सचिव बोलीं- जांच रिपोर्ट के बाद लेंगे एक्शन छत्तीसगढ़ में 12वीं बोर्ड की हिंदी परीक्षा का पेपर लीक होने का दावा किया जा रहा है। 14 मार्च को 12वीं की हिंदी की परीक्षा थी, जो सफलतापूर्वक संपन्न हो गई थी। लेकिन 15 मार्च को सोशल मीडिया पर छात्र संगठनों ने पेपर लीक होने की जानकारी दी। पढ़ें पूरी खबर…
इंदौर के पास महू के अवलीपुरा गांव में एक सीनियर महिला आईएएस अधिकारी दंपती के फार्महाउस पर बड़े जुआ नेटवर्क के भंडाफोड़ के बाद हड़कंप मचा हुआा है। मानपुर पुलिस ने यहां दबिश देकर 18 जुआरियों को गिरफ्तार किया, जिनमें सरकारी शिक्षक से लेकर बड़े कारोबारी तक शामिल हैं। इस पूरे मामले के तार इंदौर से जुड़ते नजर आ रहे हैं। जांच में सामने आया है कि दबिश से पहले इंदौर के दो पुलिसकर्मी अपने साथियों के साथ फार्महाउस पर मौजूद थे। आरोप है कि ये लोग जुए की रकम में से हिस्सा लेकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने जब फार्महाउस के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो सफेद रंग की क्रेटा कार में जीतू और विकास नाम के पुलिसकर्मी दिखाई दिए। उनके साथ सुमित नाम का एक बाहरी व्यक्ति और दो अन्य लोग भी मौजूद थे। इस मामले में मास्टरमाइंड जगदीश उर्फ कुबड़ा उर्फ राठौर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। फार्महाउस के केयरटेकर रंजीत जाट को भी आरोपी बनाया गया है। ड्यूटी से नदारद थे पुलिसकर्मीबताया जा रहा है कि दोनों पुलिसकर्मी उस दिन अपनी ड्यूटी से गायब थे। चेकिंग के दौरान भी विकास ड्यूटी पर नहीं मिला, जबकि बाद में उसने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। दोनों पहले सस्पेंड हो चुके टीआई लोकेश हिलारे के साथ भी काम कर चुके हैं। 3 दिन पहले ही शुरू हुआ था जुआसूत्रों के मुताबिक फार्महाउस पर जुआ महज तीन दिन पहले ही शुरू हुआ था। संदेह है कि इंदौर के पुलिसकर्मियों ने ही इस जुए की सूचना उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई, जिसके चलते स्थानीय मानपुर पुलिस को भी पहले से जानकारी नहीं थी। एडिशनल एसपी बोले- मौके पर नहीं मिले पुलिसकर्मीमहू के एडिशनल एसपी रूपेश द्विवेदी ने बताया कि वे दबिश के 30-45 मिनट बाद मौके पर पहुंचे थे, लेकिन उन्हें वहां इंदौर पुलिस के कोई कर्मचारी नहीं मिले। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और इंदौर पुलिस के अफसर भी अपने स्तर पर जानकारी जुटा रहे हैं। आईएएस दंपती का फार्म हाउस, यहां पुलिस ने भी कार्रवाई नहीं की, तीन सस्पेंड कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 13.67 लाख नकद, ताश के पत्ते, 30 मोबाइल फोन व दो कारें जब्त कीं। कार्रवाई में देरी के चलते पुलिस ने मानपुर टीआई लोकेन्द्र सिंह हिरवे, एसआई मिथुन ओसारी और एएसआई रेशम गिरवाल को सस्पेंड कर दिया है। पुलिस के अनुसार, यह फार्म हाउस आईएएस वंदना वैद्य और उनके पति अम्बरीश वैद्य के नाम पर है। वंदना वैद्य अभी इंदौर में मप्र वित्त विकास निगम की प्रबंध संचालक (एमडी) हैं। शहडोल कलेक्टर भी रह चुकी हैं। घटनाक्रम से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें महिला IAS के फार्म हाउस में चल रहा था जुआ:महू में 18 जुआरी गिरफ्तार; 13 लाख से ज्यादा कैश जब्त इंदौर जिले के महू के मानपुर क्षेत्र में महिला IAS अधिकारी के नाम पर दर्ज फार्महाउस में चल रहे जुए के बड़े अड्डे का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। जुआ कांड के बाद विभागीय स्तर पर जांच की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम अवलीपुरा स्थित कोठी निवास फार्महाउस में बड़े पैमाने पर जुआ खेला जा रहा है। बुधवार तड़के पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची तो मुख्य गेट बाहर से बंद था, लेकिन अंदर से आवाजें आ रही थीं। इसके बाद पुलिस टीम पीछे के रास्ते से अंदर पहुंची, जहां बरामदे में रोशनी के बीच कई लोग ताश के पत्तों पर दांव लगाकर जुआ खेलते मिले। 18 गिरफ्तार, 5 आरोपी फरार
पंकज मलिक ने मंत्री को गुंडा कहा, VIDEO:बोले- उनकी हैसियत नहीं अखिलेश यादव के सामने ऐसा बोल दें
मुजफ्फरनगर में चरथावल से समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक पंकज मलिक द्वारा कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार पर की गई टिप्पणी के बाद अब विधायक का चार दिन पुराना एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे मंत्री को गुंडा कहते हुए दिख रहे हैं। यह वीडियो कांशीराम जयंती के दौरान सपा कार्यालय में मंच से बोलते वक्त का है। पंकज मलिक ने मंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि वे समाजवादी पार्टी के वोटों के दम पर सदन पहुंचे हैं और अब पार्टी कार्यकर्ताओं को गुंडा कहते हैं। पंकज मलिक ने कहा- अखिलेश के सामने जाकर ये बात कहने की हैसियत नहींउन्होंने आरोप लगाया कि जब सपा ने उनकी मदद की थी, तभी वे दलितों, अगड़ों और पिछड़ों के आशीर्वाद से सदन तक पहुंच पाए थे। विधायक मलिक ने आगे कहा कि आज मंत्री सपा पर अभद्र टिप्पणी करते हैं और सपा के लोगों को गुंडा कहते हैं, जबकि वे खुद गुंडा हैं। पंकज मलिक ने यह भी दावा किया कि मंत्री में अखिलेश यादव के सामने जाकर ऐसी बात कहने की हैसियत नहीं है। मंत्री बोले- दलित समाज का व्यक्ति मंत्री बन गया, ये लोगों को बर्दाश्त नहींविधायक की इस टिप्पणी के बाद मंत्री अनिल कुमार ने सोमवार को पुरकाजी में एक जनसभा में पलटवार किया। मंत्री ने कहा कि उनके पूरे परिवार पर कोई बड़ा आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि दलित समाज का एक व्यक्ति कैबिनेट मंत्री बन गया है, यह कुछ लोगों को बर्दाश्त नहीं हो रहा है। मंत्री ने इसे केवल राजनीतिक बयानबाजी बताया और कहा कि जनता सब समझ रही है। मंत्री अनिल कुमार ने यह भी दावा किया कि पुरकाजी विधानसभा सीट का इतिहास बताता है कि सपा यहां कभी मजबूत नहीं रही। उन्होंने कहा कि सपा कभी दूसरे स्थान पर भी नहीं पहुंची, यहां हमेशा बसपा या भाजपा ही जीतती रही है। इस घटनाक्रम के बाद मंत्री के समर्थकों में आक्रोश देखा गया। पुरकाजी में सपा विधायक पंकज मलिक का पुतला दहन किया गया। पुतला दहन से पहले समर्थकों ने पैदल मार्च निकाला और पंकज मलिक मुर्दाबाद के नारे लगाए।
हरदा जिले में नरवाई जलाने के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। झालवां निवासी किसान शिवनारायण पिता नीमाजी विश्नोई पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर सिद्धार्थ जैन के निर्देश और अपर कलेक्टर सतीश कुमार राय के मार्गदर्शन में की गई। एसडीएम अशोक डेहरिया ने हंडिया तहसीलदार के प्रतिवेदन के आधार पर यह जुर्माना लगाया। किसान शिवनारायण विश्नोई की झालवां स्थित भूमि पर एक हेक्टेयर क्षेत्र में फसल के अवशेष (नरवाई) को नियमों के विरुद्ध जलाया गया था, जिसकी पुष्टि हुई। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर जैन ने 6 मार्च 2024 को हरदा जिले में नरवाई जलाने पर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए थे। इन आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सैटेलाइट के माध्यम से भी निगरानी की जा रही है।एसडीएम डेहरिया ने सभी किसानों से अपील की है कि वे फसल के अवशेषों (नरवाई/पराली) का उचित प्रबंधन करें और उन्हें न जलाएं। उन्होंने बताया कि पराली जलाने से जमीन की उर्वरक क्षमता, जीव-जंतुओं के जीवन और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, साथ ही आग लगने की दुर्घटनाओं की संभावना भी बनी रहती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फसल के अवशेषों को जलाने की स्थिति में संबंधित किसान के खिलाफ नियमानुसार अर्थदंड आरोपित करते हुए दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बुलंदशहर में डंपर पलटने से 2 मजदूरों की मौत:5 मजदूर दबे, रोड पर पड़ी रोड़ी पर फिसलने से हुआ हादसा
खुर्जा के खबरा वाले रोड पर मुबारकपुर के समीप एक बड़ा हादसा हो गया। रोड़ी से भरा एक डंपर पलटने से पांच मजदूर उसके नीचे दब गए, जिनमें से दो की मौत हो गई है। हादसे की सूचना मिलते ही खुर्जा नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायलों को तुरंत जटिया अस्पताल पहुंचाया। तस्वीरें देखिए… खबर अपडेट की जा रही है…
नालंदा में बुधवार की सुबह आग लग गई। अगलगी में सड़क किनारे स्थित कई दुकानें जलकर पूरी तरह राख हो गईं, वहीं आग की चपेट में आने से डॉक्टर की एक कार भी राख हो गई। घटना के दौरान दुकान में रखे चार गैस सिलेंडरों के एक के बाद एक ब्लास्ट कर गए। हादसा तब हुआ जब लोग मॉर्निंग वॉक पर निकले थे, तभी उन्होंने दुकानों से आग की ऊंची लपटें उठती देखीं। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना दुकानदारों और पुलिस को दी। सूचना मिलते ही हरनौत थाना की टीम और स्थानीय दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे। बिहारशरीफ से बड़ी दमकल गाड़ी बुलाई गई। घटना हरनौत थाना क्षेत्र के स्टेशन रोड स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के पास गोनावा रोड के पास की है। लोन लेकर दुकान शुरू की थी अगलगी में श्रीचंदपुर निवासी इकबाल की खस्सी मीट की दुकान और नियामतपुर निवासी प्रियंका देवी की दुकान पूरी तरह जल गई। प्रियंका देवी ने बताया कि मैंने जीविका समूह से 50 हजार का लोन लेकर दुकान शुरू की थी, लेकिन इस हादसे ने सब कुछ जल गया। पास के क्लीनिक संचालक जतन प्रसाद की कार भी आग की चपेट में आकर नष्ट हो गई। इसके अलावा फुस की 3 दुकानें भी जलकर राख हो गई। सिलेंडर ब्लास्ट से बढ़ी दहशत अग्निशमन विभाग के अधिकारी अमरजीत कुमार ने बताया कि आग बुझाने के दौरान चार गैस सिलेंडरों में विस्फोट हुआ, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। हालांकि, समय रहते लपटों को बुझा दिया गया। स्थानीय लोग धर्मवीर, धनंजय, मनोज का कहना है कि सड़क किनारे अनधिकृत रूप से बनी ये दुकानें लकड़ी, फुस और टीन से बनी थीं, जिससे आग तेजी से फैली। पीड़ितों ने मुआवजे की मांग की फिलहाल आग लगने के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल सका है। कयास लगाए जा रहे हैं कि शॉर्ट-सर्किट या किसी अन्य लापरवाही से यह हादसा हुआ होगा। पीड़ित दुकानदारों ने जिला प्रशासन और सरकार से उचित मुआवजे की मांग की है ताकि वे दोबारा अपना गुजर-बसर शुरू कर सकें।
प्रतापगढ़ की सदर तहसील में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब तहसील के सामने स्थित एक प्रिंटिंग प्रेस से नायब तहसीलदार कोर्ट की दर्जनों फाइलें बरामद हुईं। इस मामले में जिलाधिकारी (डीएम) शिव सहाय अवस्थी के निर्देश पर नायब तहसीलदार के पेशकार को निलंबित कर दिया गया है और सभी बरामद पत्रावलियों को सीज कर दिया गया है। फाइलों के बाहर मिलने की सूचना पर अधिवक्ताओं में आक्रोश फैल गया और उन्होंने मौके पर हंगामा शुरू कर दिया। अधिवक्ताओं का आरोप था कि सरकारी न्यायिक फाइलें इस तरह प्रिंटिंग प्रेस में मिलना गंभीर लापरवाही और संभावित गड़बड़ी का संकेत है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन अधिवक्ता तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। अधिवक्ता विवेकदत्त पाली और अजय सिंह ने बताया कि उन्होंने एडीएम और सीआरओ सहित अन्य अधिकारियों को फोन कर सूचना दी, लेकिन कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद प्रयागराज कमिश्नर से शिकायत की गई, तब जाकर तहसीलदार मौके पर पहुंचे और फाइलों को कब्जे में लेकर अपने कार्यालय भिजवाया। इसके बाद स्थिति शांत हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने तत्काल संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर नायब तहसीलदार के पेशकार को निलंबित किया गया और बरामद सभी पत्रावलियों को सीज कर दिया गया। डीएम ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) को नामित किया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की सख्त कार्रवाई की बात कही गई है। यह मामला प्रशासनिक कार्यप्रणाली और सरकारी दस्तावेजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
रायसेन मंडी में नई फसल की आवक शुरू:व्यापारियों ने चना 4300 और गेहूं 2400 रुपए प्रति क्विंटल तक खरीदा
रायसेन की कृषि उपज मंडी में नई फसल की आवक शुरू हो गई है। मंगलवार को मंडी में नया गेहूं और चना पहुंचा, जिसे व्यापारियों ने अच्छे दामों पर खरीदा। इसके साथ ही धान के बढ़े हुए भाव के कारण उसकी आवक में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। इससे मंडी में किसानों और व्यापारियों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। रायसेन कृषि उपज मंडी में नई फसल पहुंचनी शुरू मंगलवार को रायसेन कृषि उपज मंडी में नई फसल के रूप में गेहूं और चना पहुंचा। किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचे, जहां व्यापारियों ने इन फसलों की खरीद की। नई फसल की आवक शुरू होने से मंडी में चहल-पहल बढ़ गई है और किसानों को अपनी उपज के अच्छे दाम मिलने की उम्मीद है। चार ट्रालियों में 43 क्विंटल चना पहुंचा मंगलवार को मंडी में चार ट्रालियों में कुल 43 क्विंटल चना पहुंचा। व्यापारियों ने इस चने को अधिकतम 5300 रुपये और न्यूनतम 5100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर खरीदा। किसानों का कहना है कि मंडी में चने के अच्छे भाव मिलने से उन्हें राहत मिल रही है। चार ट्रालियों में 65 क्विंटल नया गेहूं आया इसी तरह मंडी में चार ट्रालियों में कुल 65 क्विंटल नया गेहूं भी पहुंचा। व्यापारियों ने इस गेहूं की खरीद अधिकतम 2430 रुपये और न्यूनतम 2300 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर की। नई फसल आने से किसानों को बाजार में अपनी उपज बेचने का अवसर मिल रहा है। धान की आवक में भी हुई बढ़ोतरी मंडी में धान की आवक में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। मंगलवार को मंडी में 184 ट्रालियों में कुल 5789 क्विंटल धान पहुंची। व्यापारियों ने धान को अधिकतम 4460 रुपये और न्यूनतम 2500 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर खरीदा। किसानों को मिल रहे अच्छे भाव किसानों का कहना है कि इस समय मंडी में चने और धान की उपज के अच्छे दाम मिल रहे हैं। इससे उन्हें अपनी फसल बेचने में लाभ मिल रहा है। कई किसानों का कहना है कि इस बार बाजार में मांग अच्छी होने से उन्हें उम्मीद से बेहतर कीमत मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से बढ़ी धान की मांग किसानों और व्यापारियों का कहना है कि ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे घटनाक्रमों के कारण स्थानीय मिलों में धान की मांग बढ़ गई है। इस मांग का असर मंडी के भाव पर भी देखने को मिल रहा है, जिससे किसानों को धान के बेहतर दाम मिल रहे हैं। 1 अप्रैल से शुरू होगी सरकारी खरीदी इस वर्ष सरकारी खरीदी केंद्रों पर गेहूं और चने की खरीद 1 अप्रैल से शुरू की जाएगी। सरकारी खरीदी शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में किसान अपनी फसल लेकर खरीदी केंद्रों पर पहुंचेंगे, जिससे मंडियों और खरीदी केंद्रों पर गतिविधियां और बढ़ने की संभावना है।
पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के चुनाव को लेकर आज फरीदाबाद में मतदान होगा। सुबह 9 बजे वोट डालने की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा, जो शाम के 5 बजे तक चलेगी। चुनाव में वोट केवल केवल मूल पहचान पत्र से ही डाला जा सकेगा। चुनाव को लेकर प्रसाशनिक अधिकारियों ने सभी तैयारियों को पूरा कर लिया है। चुनाव के लिए कुल 8 मतदान बूथ बनाए गए है। जिनमें 7 बूथ मुख्य परिसर के दो हॉल में तथा 1 बूथ टैक्सेशन कार्यालय परिसर में स्थापित किया गया है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। कोर्ट परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया है, वहीं प्रवेश से पहले पहचान पत्र की जांच भी अनिवार्य की गई है। प्रशासन का दावा है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी या अप्रिय घटना से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। एडीजीपी कर रहे मॉनिटरिंग चुनाव को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की कमान वरिष्ठ स्तर पर संभाली गई है। एडीजीपी की निगरानी में पुलिस प्रशासन हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पहचान पत्र से ही मिलेगी एंट्री मतदान केंद्रों पर केवल वैध पहचान पत्र दिखाने के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। बिना आईडी के किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी। इससे फर्जी मतदान और अव्यवस्था पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
जबलपुर में साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर बुजुर्ग दंपत्ति से 55 लाख रुपए ठगने की कोशिश की, लेकिन बैंक अधिकारियों और पुलिस की सतर्कता से ठगी टल गई। घटना 17 मार्च की है, जब दंपत्ति बैंक पहुंचकर आरटीजीएस के जरिए रकम ट्रांसफर करने जा रहे थे। पुलिस के अनुसार, हाथीताल कॉलोनी निवासी 71 वर्षीय सुब्रत सेन और उनकी पत्नी मीना सेन को ठगों ने चार दिनों तक डराकर रखा और खुद को ईडी अधिकारी बताकर कार्रवाई का डर दिखाया। 96 घंटे तक घर में कैद रखा ठगों ने 13 मार्च को कॉल कर दंपत्ति को बताया कि उनके बैंक खाते से करोड़ों का लेनदेन हुआ है। इसके बाद उन्हें घर के दरवाजे बंद करने और किसी से बात न करने को कहा गया। डर के कारण दोनों 96 घंटे तक घर में ही रहे। 60 लाख की मांग, 55 लाख पर हुए तैयार ठगों ने दंपत्ति से 60 लाख रुपए की मांग की। इस पर दंपत्ति ने 55 लाख रुपए होने की बात कही, जिस पर ठग मान गए और पैसे ट्रांसफर करने के लिए क्यूआर कोड और खाता नंबर भेजा। बैंक में आरटीजीएस के दौरान खुला मामला 17 मार्च को दंपत्ति मेडिकल स्थित एसबीआई बैंक पहुंचे और आरटीजीएस फॉर्म भरा। कैशियर को शक होने पर मैनेजर को जानकारी दी गई, जिन्होंने तुरंत गढ़ा थाना पुलिस को सूचना दी। टीआई प्रसन्न शर्मा टीम के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन दंपत्ति ठगों के डर से पुलिस की बात मानने को तैयार नहीं थे। वे लगातार पैसे ट्रांसफर करने की जिद करते रहे। थाने ले जाकर समझाया, तब आया भरोसा पुलिस दंपत्ति को गढ़ा थाने ले गई, जहां करीब दो घंटे समझाने के बाद उन्हें अहसास हुआ कि वे ठगी का शिकार हो रहे थे। इसके बाद दोनों ने राहत की सांस ली। ठगों के खिलाफ केस दर्ज, जांच शुरू पुलिस ने दंपत्ति की शिकायत पर संबंधित मोबाइल नंबरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की जा रही है। पुलिस की अपील- डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई प्रक्रिया नहीं एसपी संपत उपाध्याय ने कहा कि भारतीय कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई प्रक्रिया नहीं होती। यदि कोई खुद को पुलिस या जांच एजेंसी बताकर पैसे मांगे, तो तुरंत कॉल काटकर 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में सूचना दें।
दंतेवाड़ा जिले में वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए बाघ और तेंदुए की खाल के साथ सक्रिय शिकार गिरोह का भंडाफोड़ किया है। संयुक्त टीम की घेराबंदी में 6 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर वन्यजीवों की खाल बरामद की गई है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामला 16-17 मार्च 2026 का है, जब मुखबिर की सूचना पर वनमंडल दंतेवाड़ा, वनमंडल बीजापुर, इंद्रावती टाइगर रिजर्व, राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। दंतेवाड़ा रेंजर प्रीतेश पांडेय समेत उनकी टीम ने दंतेवाड़ा-बालूद मार्ग पर घेराबंदी कर दो आरोपियों को बाघ की खाल के साथ पकड़ा। पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी मिली, जिसके आधार पर अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी गई और गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों में लक्ष्मण तेलाम (51), देवीराम ओयाम (58), रमेश कुड़ियाम (24), फरसोन पोयामी (27), सेमला रमेश (24), सुखराम पोडियाम (21) सहित अन्य शामिल हैं। तेंदुए की खाल बरामद आरोपियों की निशानदेही पर ग्राम केशापुर में छापेमारी की गई, जहां से एक और तेंदुए की खाल बरामद हुई। इस दौरान मासो ओयाम (50) और अर्जुन भोगामी (42) को भी गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। इन धाराओं के तहत कार्रवाई वन विभाग ने बताया कि जब्त बाघ और तेंदुआ अनुसूची-1 के संरक्षित वन्यजीव हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 9, 39(1)(घ), 3(क)(ख)(ग), 48 सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। DFO बोले- ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी DFO रंगनाधा रामाकृष्णा वाय ने कहा कि वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सीतापुर के रामपुरकलां थाना क्षेत्र में बुधवार भोर पुलिस और एसओजी टीम की संयुक्त कार्रवाई के दौरान मोबाइल चोरी के आरोपी बदमाश से मुठभेड़ हो गई। दोनों ओर से हुई फायरिंग में बदमाश के पैर में गोली लग गई, जिसके बाद पुलिस ने उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, ककरहिया शंकरपुर निवासी कौशलेंद्र के खिलाफ मोबाइल चोरी का मुकदमा दर्ज था और वह काफी समय से फरार चल रहा था। मंगलवार को पुलिस को सूचना मिली कि कौशलेंद्र गांव में मौजूद है और किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में है। इस सूचना पर रामपुरकलां थाना पुलिस और एसओजी टीम ने जोधपुर पुलिया के पास घेराबंदी कर चेकिंग शुरू की। बुधवार तड़के एक संदिग्ध युवक बाइक से आता दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन वह नहीं रुका और पुलिस पर फायरिंग करते हुए भागने लगा। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें बदमाश के पैर में गोली लग गई और वह कुछ दूर जाकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान कौशलेंद्र के रूप में हुई है। उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन, एक बाइक, अवैध तमंचा और कई जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी चोरी किए गए मोबाइल का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में करता था। सीओ सिधौली कपूर कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है और उसके आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।
बदायूं में पुलिस मुठभेड़, 5 गोमांस तस्कर गिरफ्तार:तीन को लगी गोली, एक सिपाही भी घायल
बदायूं जिले में पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद पांच गोमांस तस्करों को गिरफ्तार किया है। सहसवान थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में तीन आरोपियों के पैर में गोली लगी, जबकि एक सिपाही भी घायल हो गया। पुलिस को सूचना मिली थी कि टेढ़ा घाट पुल के पास चमरपुरा के जंगल में कुछ लोग गौवंशीय पशुओं के वध की योजना बना रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की। घेराबंदी के दौरान खुद को घिरा देखकर आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें तीन आरोपियों नईम, कौसर और इसराइल के पैरों में गोली लगी। इस मुठभेड़ में आरक्षी शक्ति सिंह के हाथ में भी गोली लगी, जिससे वह घायल हो गए। पुलिस ने मौके से नईम, शाहरुख, अली हसन, कौसर और इसराइल नामक पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ स्थल से पांच तमंचे (315 बोर), 10 जिंदा कारतूस, एक कुल्हाड़ी, तीन छुरियां, काली पन्नी और प्लास्टिक का कट्टा बरामद किया गया है। एसपी देहात डॉ. हृदेश कठेरिया ने बताया कि आरोपी जंगल में घूम रहे गौवंशीय बछड़ों का वध कर उनका मांस बेचने की फिराक में थे। आरोपियों पर पहले से भी कई मुकदमे दर्ज हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है और पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
बिलासपुर के बहुचर्चित नसबंदी कांड मामले में करीब 11 साल 4 महीने बाद जिला कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। एडीजे कोर्ट बिलासपुर के न्यायाधीश शैलेश कुमार ने सर्जन डॉ. आरके गुप्ता को दोषी यानी गैर इरादतन हत्या के मामले में 2 साल की सजा और 25 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है। इसके अलावा धारा 337 के तहत 6 महीन की सजा, 500 रुपए जुर्माना और एक अन्य धारा में 1 महीने की सजा भी सुनाई गई है। कोर्ट ने माना है कि, कम समय में अधिक ऑपरेशन करने और लापरवाही के कारण यह घटना हुई। बता दें कि, नसबंदी कांड के बाद यह मामला राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रहा था। घटना के बाद राहुल गांधी भी बिलासपुर पहुंचे थे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की थी। 2014 में हुआ था नसबंदी कांड यह मामला नवंबर 2014 का है, जब सकरी क्षेत्र के नेमिचंद्र जैन अस्पताल समेत पेंडारी और पेंड्रा में सरकारी नसबंदी शिविर लगाए गए थे। इन शिविरों में बड़ी संख्या में महिलाओं की नसबंदी की गई थी। ऑपरेशन के बाद तबीयत बिगड़ने से 100 से अधिक महिलाओं को सिम्स, जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। इनमें से 15 महिलाओं की मौत हो गई थी, जिससे पूरे प्रदेश और देश में हड़कंप मच गया था। घटना को लेकर ऑपरेशन में लापरवाही और दवा में जहर (जिंक फास्फाइड) मिलने जैसे आरोप भी लगे थे। 5 आरोपी सबूत के अभाव में बरी इस मामले में दवा सप्लाई से जुड़े महावर फार्मा और कविता फार्मास्यूटिकल्स के संचालकों समेत 5 आरोपी रमेश महावर, सुमित महावर, राकेश खरे, राजेश खरे और मनीष खरे को कोर्ट ने सबूत के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। ……………………………….. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… बिलासपुर में लॉ स्टूडेंट से रेप, 2 बार प्रेग्नेंट हुई:दोस्ती के बाद अफेयर, शादी करूंगा कहकर रिलेशन बनाया, दवाई खिलाकर अबॉर्शन कराया छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक लॉ की स्टूडेंट से रेप हुआ है। आरोपी गौरव दुबे (21) ने अपने से उम्र में 1 साल बड़ी छात्रा से दोस्ती की। फिर शादी का वादा कर रिलेशन में आया। इस दौरान युवती प्रेग्नेंट हुई, तो युवक ने दवाई खिलाकर अबॉर्शन करा दिया। ऐसा उसने दो बार किया। पढ़ें पूरी खबर…
रतलाम में करणी सेना परिवार का विरोध प्रदर्शन मंगलवार रातभर जारी रहा। करणी सेनिकों ने महू नीमच फोरलेन पर टेंट लगाया, खाना बनवाया इसके साथ ही सड़क पर बिस्तर लगाकर सो गए। करणी सेना परिवार प्रमुख जीवनसिंह शेरपुर ने कहा हम कोई उपद्रव नहीं कर रहे हैं। कलेक्टर मैडम आएं…हमारी बात सुने। जब तक हमारी बात नहीं सुनी जाएगी। हम यहीं सड़क पर बैठे रहेंगे। बता देंगे कि 11 सूत्रूीय मांगों के निराकरण को लेकर करणी सेना परिवार जीवनसिंह शेरपुर के नेतृत्व में मंगलवार को कलेक्ट्रेट का घेराव करने जा रहे थे। जिन्हें रतलाम शहर से बाहर डोसी गांव फोरलेन पर पुलिस ने रोक दिया था। शहर के सभी इंट्री प्वाइंट पर पुलिसबल तैनात था। प्रदर्शनकारियों को कलेक्ट्रेट जाने से रोका था। करणी सैनिकों ने कलेक्टर मिशा सिंह से ही मिलने की बात कही। कलेक्टर के नहीं आने पर सभी सड़क पर बैठ गए थे। दिनभर रोड पर रोड बंद रहा। दिन भर में कई बार अधिकारियों व जीवनसिंह शेरपुर की बीच बात हुई। लेकिन सभी कलेक्टर से ही मिलना चाहते थे। रात भर डटे रहे करणी सैनिक भी अड़ गए जब तक कलेक्टर मैडम नहीं मिलेगी। हमारी बात नहीं सुनेगी तब हम लोग नहीं जाएंगे। रात में सड़क पर टेंट लगा दिया। कालीन बिछाकर गादिया सड़क पर लगा दी। जीवनसिंह समेत अन्य समर्थक सभी रोड पर सो गए। इसके पहले रोड पर खाना भी बनवाया। सभी सड़क पर बैठ खाना भी खाया। इसके पहले दोपहर में जीवनसिंह शेरपुर ने अधिकारियों पर अराजकता फैलाने का आरोप भी लगाया। कलेक्टर व एसपी की अधिकारियों के साथ बैठक रात एक बजे तक कलेक्टर मिशा सिंह, एसपी अमित कुमार व अन्य अधिकारी सर्किट हाउस पर मौजूद रहे। यहां पर करणी सेना के कुछ पदाधिकारियों की चर्चा अधिकारियों से चल रही थी। हम उपद्रव नहीं कर रहे है रात करीब ढाई धरना स्थल पर जीवनसिंह शेरपुर ने दैनिक भास्कर डिजिटल से चर्चा करते हुए कहा कि हमने दिनभर कलेक्टर मैडम का इंतजार किया। हमने सोचा कि कलेक्टर मैडम आएंगी, हमारी बात सुनेंगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। धारा 144 की हवाला देकर हमें जनसुनवाई में जाने से रोका। हमने कानूनी प्रक्रिया का पालन किया। उन्होंने कहा, कलेक्टर व एसपी की बात का सम्मान करते हुए हम आगे नहीं बढ़े। उस बात को उन्होंने हमारी कमजोरी समझ कर हम पर ध्यान नहीं दिया। दिनभर बैठाए रखा। हमारे साथ हिंदू, मुस्लिम महिलाएं भी आई थी। उनकी पट्टे वितरण की समस्या था। मुस्लिम महिलाओं के रोजे भी थे। भूखे प्यासे बैठे रहे। जीवन का कहना है कि, हम पहले ही बोल चुके है कि हमारी मांगों का निराकरण नहीं करते है तो कलेक्टर परिसर के अंदर या बाहर धरना प्रदर्शन की परमिशन दें। हम किसी प्रकार का उपद्रव नहीं कर रहे हैं। हम उनसे सत्याग्रह की परमिशन मांग रहे हैं जो कि हमारा मौलिक अधिकार है। यहां से शुरु हुआ था विवाद 10 मार्च को जावरा ब्लॉक में झालवा-कलालिया रोड निर्माण में लगे दो डंपरों को खनिज विभाग ने अवैध परिवहन के आरोप में जब्त किया था। ये दोनों डंपर ठेकेदार आयुष शर्मा के हैं, जिन्हें जीवनसिंह शेरपुर का समर्थक बताया जाता है। जब्ती के विरोध में शेरपुर ने समर्थकों के साथ रिंगनोद थाने में गादी-बिस्तर लगाकर रात भर धरना दिया था। शेरपुर का आरोप था कि खनिज विभाग ने अवैध उत्खनन के नाम पर खाली डंपरों को पकड़कर कार्रवाई की है, जिसके बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट घेराव की घोषणा की थी। 11 मांगों के निराकरण की मांग प्रदर्शन के माध्यम से प्रशासन के समक्ष जिले के जनहित से जुड़े 11 निर्णायक मुद्दे रखे जाने थे। इनमें अवैध उत्खनन के नाम पर निर्दोषों पर कार्रवाई पर रोक व पिपलिया जोधा में देह व्यापार पर रोक लगाने की मांग शामिल है। इसके अलावा आमनेर में दो माह से लापात बालिका के अपहरण में त्वरित न्याय, चोरी की घटनाओं पर कार्रवाई और बोरवानी के अवैध ईंट भट्ठों को हटाने की मांग भी रखी गई है। किसानों की कर्ज अदायगी की तारीख बढ़ाने, गेहूं खरीदी की समस्याओं के समाधान और जावरा की आविका सिटी में मूलभूत सुविधाओं की मांग भी प्रमुख है। देखिए मंगलवार देर रात की तस्वीरें…
ग्वालियर कमिश्नर मनोज खत्री ने गुना कलेक्टर के प्रतिवेदन पर जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) ऋषि कुमार शर्मा को निर्माण कार्यों की राशि जारी न करने, वित्तीय अनियमितताओं और लापरवाही के आरोप में सस्पेंड कर दिया है। कलेक्टर ने 21 मार्च 2025 को 47 स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष के निर्माण के लिए एजेंसियों को राज्य मद से राशि देने की स्वीकृति दी थी। साथ ही 5 स्कूलों की राशि निर्माण एजेंसियों से वापस लिए जाने की भी स्वीकृति दी गई थी। ऋषि कुमार शर्मा ने स्वीकृति के लगभग 3 महीने बाद 20 जून 2025 को केवल 16 निर्माण एजेंसियों को राशि जारी करने के लिए चेक तैयार किए। 16 महीने बाद तैयार किए चेक माध्यमिक शाला मृगवास और प्राइमरी स्कूल सालराखेड़ी में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए दूसरी किश्त की स्वीकृति 13 मार्च 2024 को दी गई थी। डीपीसी ने इन निर्माण कार्यों के चेक स्वीकृति के लगभग 16 महीने बाद 30 जुलाई 2025 को तैयार कर प्रस्तुत किए। कमिश्नर के आदेश के अनुसार, निर्माण कार्यों की राशि जारी करने में की गई यह देरी वित्तीय अनियमितताओं की श्रेणी में आती है। बिना सूचना के गायब रहे, निरीक्षण भी नहीं किया कलेक्टर के प्रतिवेदन के अनुसार, डीपीसी द्वारा क्षेत्र में नियमित रूप से निरीक्षण का कार्य नहीं किया जा रहा था। इस वजह से शिक्षा विभाग से संबंधित लगातार नकारात्मक समाचार प्रकाशित हुए, जिससे जिले और संभाग की छवि धूमिल हुई। इसके अलावा वह कई दिनों तक बिना किसी सूचना के अपने कार्यालय से गायब भी रहे। नियमों के खिलाफ किया ट्रांसफर डीपीसी ऋषि कुमार शर्मा पर नियमों और प्रक्रिया का पालन न करते हुए सहायक वार्डन का स्थान परिवर्तन करने का भी आरोप है। उन्होंने इस आदेश पर कलेक्टर द्वारा अनुमोदित टीप अंकित कर स्वयं के हस्ताक्षर से उसे जारी कर दिया था। इन्हीं लापरवाहियों के कारण कलेक्टर ने ग्वालियर कमिश्नर को डीपीसी पर कार्रवाई के लिए लिखा था, जिसके बाद उन्हें सस्पेंड किया गया है।
अंबेडकरनगर के टांडा शहर में एक बड़ा हादसा टल गया। यहां खाद्य तेल से भरे एक ट्रक में बिजली के खंभे से टकराने के बाद आग लग गई। आग लगने के बावजूद, चालक ने जलते हुए ट्रक को आबादी वाले क्षेत्र से दूर ले जाकर एक संभावित बड़ी दुर्घटना को टाल दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना टांडा शहर के आर्यकन्या स्कूल के पास एक संकरी गली में मंगलवार देर रात हुई। खाद्य तेल से भरा ट्रक टेक उतारने के लिए पीछे किया जा रहा था। इसी दौरान, ट्रक पीछे एक बिजली के खंभे से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि खंभा टूटकर ट्रक पर गिर गया और उसमें तुरंत आग लग गई। आग लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए जलते हुए ट्रक को वहीं छोड़ने के बजाय उसे लेकर आबादी वाले क्षेत्र से दूर जाना शुरू कर दिया। ईद के कारण सड़क किनारे दर्जनों दुकानें लगी हुई थीं, जिससे आग लगने की स्थिति में एक बड़ा हादसा हो सकता था। चालक द्वारा जलते ट्रक को लेकर भागने का यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ट्रक को आग की लपटों में घिरा देखा जा सकता है।
इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर मध्य प्रदेश की एक युवती को झांसे में लेने वाले बलरामपुर के तुलसीपुर निवासी सैय्यद सलामत हुसैन का भंडाफोड़ ट्रेन में छेड़छाड़ की शिकायत के दौरान हो गया। आरोपी खुद को CRPF का कमांडेंट बताकर युवती को धर्मांतरण के इरादे से लखनऊ ला रहा था। जीआरपी ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और उसके अन्य कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं। मंगलवार को रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि जबलपुर-लखनऊ चित्रकूट एक्सप्रेस में एक युवती से छेड़छाड़ हुई है। शिकायत के बाद जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने ट्रेन में जांच शुरू की। 19 वर्षीय युवती ने बताया कि वह मध्य प्रदेश के डिंडोरी की रहने वाली है और एक परिचित के साथ सफर कर रही थी। अटेंडेंट पर छेड़छाड़ का आरोप, जांच में खुला बड़ा मामला युवती ने आरोप लगाया कि कोच एम-1 में अटेंडेंट पवन गुप्ता (रायबरेली निवासी) ने उसके साथ अभद्रता की और विरोध करने पर भाग निकला। इसी दौरान साथ सफर कर रहे सैय्यद सलामत हुसैन पर पुलिस को शक हुआ। अलग से पूछताछ में युवती ने बताया कि सलामत से उसकी इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई थी और उसने खुद को CRPF कमांडेंट बताया था। यहीं से पुलिस का शक गहराया। पूछताछ में टूटा आरोपी, कबूला झूठ कड़ाई से पूछताछ में सलामत ने स्वीकार किया कि वह CRPF में नहीं है। उसने युवती को झांसे में लेकर उससे पैसे वसूलने और धर्मांतरण कराने की योजना बनाई थी। वह उसे लखनऊ से बलरामपुर ले जाने की फिराक में था। पहले भी कर चुका है ऐसी हरकत पूछताछ में सामने आया कि आरोपी दो साल पहले पीलीभीत में भी एक युवती को जाल में फंसा चुका है और उसका धर्मांतरण कराने की कोशिश की थी। उस मामले में उसके खिलाफ FIR दर्ज हुई थी और वह जेल भी जा चुका है। फिलहाल पुलिस उसके अन्य कनेक्शन, खासकर कथित गिरोह और केजीएमयू से जुड़े एक डॉक्टर से संबंधों की जांच कर रही है। जीआरपी ने दर्ज की FIR, बांदा ट्रांसफर जीआरपी चारबाग में युवती की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ अपहरण समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। घटना बांदा क्षेत्र से जुड़ी होने के कारण शून्य FIR को जीआरपी बांदा ट्रांसफर कर दिया गया है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और फरार अटेंडेंट की तलाश जारी है।
करनाल में छात्रा संदिग्ध हालात में लापता:प्रैक्टकल जमा करवाने गई थी स्कूल, देर रात तक नहीं लौटी
करनाल में तरावड़ी क्षेत्र के एक गांव से 19 साल की युवती का संदिग्ध हालात में लापता होने का मामला सामने आया है। युवती सुबह कल सुबह घर से स्कूल में प्रैक्टिकल जमा कराने की बात कहकर निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों ने आसपास और रिश्तेदारी में तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद थाना तरावड़ी में शिकायत देकर पुलिस से बेटी को ढूंढने की गुहार लगाई गई है। घर से स्कूल जाने की बात कहकर निकलीशिकायतकर्ता महिा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी 19 वर्षीय बेटी सुबह घर से करनाल स्थित स्कूल में प्रैक्टिकल सबमिट कराने की बात कहकर गई थी। देर तक घर नहीं लौटने पर परिवार को चिंता हुई और उसकी तलाश शुरू की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल पाई। मोबाइल फोन भी बंद मिलापरिजनों के अनुसार बेटी के पास मोबाइल है, जो फिलहाल बंद आ रहा है। युवती का रंग गेहूंआ, कद करीब 5 फुट 3 इंच है। वह जामनी रंग का सूट-सलवार और पैरों में जूते पहने हुए थी। मां ने बेटी को जल्द से जल्द ढूंढने की गुहार लगाई है और मामले की शिकायत पुलिस को की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांचथाना तरावड़ी में मामले की जांच अनुसंधान अधिकारी मोनिका का सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि लड़की के लापता होने की शिकायत मिली है। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है। लड़की को जल्द ही खोज लिया जाएगा।
जौनपुर के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के परीक्षा फॉर्म भरने से संबंधित नियमों में संशोधन किया है। इसके तहत, चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए रिसर्च प्रोजेक्ट अनिवार्य कर दिया गया है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने इस संबंध में संशोधित पत्र जारी किया है। विश्वविद्यालय ने पूर्व में जारी 13 मार्च के पत्र के बिंदु संख्या एक में बदलाव करते हुए ये नए निर्देश लागू किए हैं। संशोधित व्यवस्था के अनुसार, भारतीय भाषा (हिंदी), अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू आदि को मुख्य विषय के रूप में लेने वाले स्नातक चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थी 'सामाजिक उत्तरदायित्व सहभागिता' पाठ्यक्रम का चयन करेंगे। वहीं, अन्य विषयों के विद्यार्थी 'हिंदी भाषा कौशल एवं संचार' पाठ्यक्रम का चयन करेंगे। चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों को परीक्षा फॉर्म भरते समय वोकेशनल (कौशल विकास) पाठ्यक्रम का चयन नहीं करने का भी निर्देश दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी विद्यार्थियों से इन निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
मेरठ की चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में इंटर हॉस्टल प्रतियोगिताओं में केवल छात्रावास के विद्यार्थियों को शामिल करने के निर्णय के विरोध में दूसरे दिन भी छात्रों का हंगामा जारी रहा। बड़ी संख्या में छात्रों ने कुलसचिव कार्यालय से लेकर कुलपति कार्यालय तक जुलूस निकालकर नारेबाजी की और निर्णय को भेदभावपूर्ण बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। छात्र नेता अक्षय बैंसला और शुभम भड़ाना के नेतृत्व में छात्र सबसे पहले कुलसचिव कार्यालय पहुंचे। वहां अधिकारी के न मिलने पर छात्रों ने धरना दिया और हंगामा किया। इसके बाद छात्र नारेबाजी करते हुए जुलूस के रूप में कुलपति कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदर्शन जारी रखा। छात्रों का कहना था कि विश्वविद्यालय प्रशासन सभी विद्यार्थियों से समान रूप से स्पोर्ट्स फीस और अन्य शुल्क लेता है, ऐसे में प्रतियोगिताओं में केवल हॉस्टल के छात्रों को शामिल करना अन्य विद्यार्थियों के साथ अन्याय है। बढ़ते विरोध को देखते हुए कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला, कुलसचिव डा. अनिल कुमार यादव, प्रॉक्टोरियल बोर्ड सदस्य प्रो. प्रदीप चौधरी और प्रवीन पंवार ने मौके पर पहुंचकर छात्रों से वार्ता की। वार्ता के बाद प्रशासन ने बुधवार से प्रस्तावित प्रतियोगिताओं को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का निर्णय लिया। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि भविष्य में आयोजित होने वाली सभी प्रतियोगिताओं में विश्वविद्यालय परिसर के सभी छात्र-छात्राओं को समान रूप से भाग लेने का अवसर दिया जाएगा। साथ ही बुधवार को प्रस्तावित बास्केटबॉल प्रतियोगिता की नई तिथि जल्द घोषित करने की बात कही गई।प्रशासन के आश्वासन के बाद छात्रों ने धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया, लेकिन चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी प्रकार का भेदभाव होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा। छात्रों ने कहा कि यह लड़ाई केवल एक प्रतियोगिता की नहीं, बल्कि समान अधिकार और अवसर की है। प्रदर्शन में छात्र नेता आलोक बैंसला, आकाश और शिवम सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में गुरु नानक ढाबा संचालक के साथ पुलिस की बदसलूकी का मामला सामने आया है। थाना प्रभारी पर मारपीट करने का आरोप लगा है। आरोप है कि टीआई ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हुए उसकी दाढ़ी खींच दी। पुलिस ढाबा संचालक की बिना नंबर वाली गाड़ी को पकड़कर थाने ले गई थी। गाड़ी के बारे में जानकारी लेने वह चकरभाठा थाने पहुंचा। वहां बिना किसी अपराध के उसके साथ गाली-गलौज की गई। रीडर कक्ष में उसे अपराधियों जैसा व्यवहार झेलना पड़ा। घटना से आहत ढाबा संचालक ने सिख समाज के लोगों के साथ एसएसपी रजनेश सिंह से शिकायत की है। एसएसपी ने मामले की जांच कराने का भरोसा दिया है। यह पूरा मामला चकरभाठा थाना क्षेत्र का है। पढ़िए सिलसिलेवार पूरी कहानी… दरअसल, बोदरी निवासी कुशल माखीजा रायपुर रोड स्थित गुरु नानक ढाबा के संचालक हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार की शाम करीब 7 बजे वह किसी काम से शहर आए थे। इसी दौरान चकरभाठा थाना पुलिस उनके ढाबे पर पहुंची। वहां ढाबे में खड़ी एक बिना नंबर की बाइक को देखकर पुलिसकर्मियों ने पूछताछ की और बाइक को जब्त कर थाना ले गए। जानकारी लेने पहुंचा, तो टीआई ने कर दी पिटाई रात करीब 8:30 बजे कुशल अपने ढाबे पर पहुंचा, जहां उसे पता चला कि उसकी बाइक को पुलिस थाने ले जाया गया है। इस पर वह सीधे थाने पहुंच गया। वहां उसने टीआई उमेश साहू से ढाबे से बाइक ले जाने के बारे में जानकारी मांगी। इस पर टीआई उमेश साहू भड़क गए और उसके साथ गाली-गलौज करने लगे। कुशल लगातार पूछता रहा कि उसने ऐसी क्या गलती की है, जिसके कारण उसके साथ इस तरह का दुर्व्यवहार किया जा रहा है। इतने में ही टीआई ने उसकी दाढ़ी खींचते हुए पिटाई शुरू कर दी। आरोप है कि पुलिस ने उसका मोबाइल भी छीन लिया और उसे रीडर कक्ष में ले जाकर बैठा दिया। इसके बाद टीआई ने स्टाफ से कहा कि उसे सुबह न्यायालय में पेश किया जाए और रातभर थाने में ही बैठाए रखा जाए। 4 घंटे थाने में बैठाए रखा यह भी आरोप है कि टीआई ने कुशल के खिलाफ झूठा केस बनाकर जेल भेजने की धमकी भी दी। करीब चार घंटे तक उसे थाने में अपराधियों की तरह बैठाए रखा। आखिरकार रात 11.30 ढाबा संचालक को छोड़ दिया गया। सिख समाज के लोगों के साथ SSP से की शिकायत मंगलवार को ढाबा संचालक कुशल माखीजा ने सिख समाज के पदाधिकारियों के साथ एसएसपी ऑफिस पहुंचा, जहां उसने एसएसपी रजनेश सिंह को पूरे मामले की जानकरी दी। साथ ही टीआई उमेश साहू के खिलाफ शिकायत करते हुए दुर्व्यवहार व मारपीट करने के आरोप लगाए। इस दौरान समाज के मनजीत अरोरा, नितिन छाबड़ा, सोनू गांधी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। बिल्हा में भी TI पर उगाही का था आरोप इससे पहले भी टीआई उमेश साहू और पुलिसकर्मियों पर अवैध उगाही करने का आरोप लगा था। स्थानीय निवासी ने जुआ एक्ट के झूठे केस में फंसाने और पैसे वसूली करने का आरोप लगाया था। शिकायतकर्ता ने बतौर सबूत ऑनलाइन पैसे देने का स्क्रीन शॉट भी पुलिस अफसरों को दिखाया था। इस मामले में हवलदार के खिलाफ कार्रवाई की गई। लेकिन, टीआई को क्लिन चिट दे दी गई। जांजगीर-चांपा में भी विवादित रहा थानेदार टीआई उमेश साहू इससे पहले जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ थाना में पदस्थ थे। उस दौरान भी उनका पुलिसकर्मी से विवाद हो गया था। एक आरक्षक ने उनके साथ मारपीट भी कर दी थी। आरोप है कि थानेदार सनकी मिजाज के हैं, जिसके कारण आए दिन उनका विवाद हो जाता है। SSP ने CSP को जांच के दिए निर्देश एसएसपी रजनेश सिंह ने सिख समाज की शिकायत पर गंभीरता से जांच कराने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने सिविल लाइन सीएसपी निमितेश को मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी है। एसएसपी ने कहा कि थाने में सीसीटीवी कैमरा लगा है, जिसकी जांच में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। ………………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए बिलासपुर में कॉन्स्टेबल का 1 लाख रिश्वत लेने का VIDEO: पीड़ित बोला- सरकारी क्वॉर्टर में बुलाकर डराया-धमकाया, जमीन गिरवी रखकर पैसा दिया छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पुलिसकर्मी रिश्वत लेते कैमरे में कैद हुआ है। कॉन्स्टेबल ने आबकारी एक्ट के केस में फंसाने की धमकी देकर 1 लाख 5 हजार रुपए लिए हैं। कॉन्स्टेबल पैसे गिनते हुए नजर आ रहा है। मामला पचपेड़ी थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…
चंदौली लोकसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद वीरेंद्र सिंह ने संसद में रेल संबंधी मुद्दों पर चर्चा के दौरान कई महत्वपूर्ण मांगें उठाईं। उन्होंने विशेष रूप से चंदौली जिले के सकलडीहा, धीना और तुलसी आश्रम स्टेशनों पर प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग की। सांसद वीरेंद्र सिंह ने चंदौली जिला मुख्यालय स्टेशन से लखनऊ के लिए एक सुपरफास्ट शटल ट्रेन चलाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी। उन्होंने एशिया के सबसे बड़े पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) जंक्शन के समुचित विकास न होने पर चिंता व्यक्त की। सांसद ने बताया कि इस जंक्शन से प्रतिदिन पांच वंदे भारत और कई राजधानी ट्रेनों सहित 200 से अधिक यात्री ट्रेनें गुजरती हैं, फिर भी इसका आधुनिकीकरण नहीं किया गया है। उन्होंने जंक्शन के सौंदर्यीकरण, विस्तारीकरण और विश्वस्तरीय सुविधाओं से विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। वीरेंद्र सिंह ने धीना, सकलडीहा, तुलसी आश्रम और सैयदराजा जैसे ग्रामीण स्टेशनों पर यात्री सुविधाएँ बढ़ाने और ट्रेनों के ठहराव की व्यवस्था करने की भी मांग की। उनका तर्क था कि इससे ग्रामीण क्षेत्र के मजदूरों, किसानों और आम लोगों को आवागमन में होने वाली कठिनाइयों से राहत मिलेगी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने मुगलसराय-पटना रेलमार्ग पर डेढ़गाँवा, बहोरा और नूरी गाँव के बीच रेलवे लाइन के नीचे एक अंडरपास बनाने की मांग की, ताकि उन किसानों को सुविधा मिल सके जिनकी खेती रेलवे लाइन के दोनों ओर है। सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि वह जनता की समस्याओं और किसानों की सुविधाओं के लिए सदन में अपनी आवाज लगातार उठाते रहेंगे।
पीलीभीत जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय में हुए करोड़ों रुपये के गबन मामले में प्रशासन ने कार्रवाई की है। संयुक्त शिक्षा निदेशक ने वेतन बिल पटल के लिपिक विमल कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर मुख्य आरोपी चपरासी इल्हाम शम्सी की मदद करने का आरोप है। जांच में सामने आया है कि 2015 में चपरासी के पद पर तैनात हुए इल्हाम शम्सी ने सिस्टम में अपनी पैठ बनाई। उसने 2019 से सरकारी धन की हेराफेरी शुरू कर दी। इल्हाम ने लिपिक विमल कुमार की आईडी का अवैध उपयोग कर विभाग के खातों से करोड़ों रुपये निकालकर अपने रिश्तेदारों और करीबियों के खातों में ट्रांसफर किए। अब तक की जांच में लगभग 35 संदिग्ध बैंक खातों का पता चला है। इल्हाम ने अपनी पत्नी अर्शी खातून के खाते में एक करोड़ रुपये भेजे। इसके अलावा, बुलंदशहर निवासी रिश्तेदार फहद खान के खाते में 42 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। जांच में मणिपुर की एक महिला के खाते में भी धन भेजने के संकेत मिले हैं। तीन अन्य खातों में 50-50 लाख रुपये ट्रांसफर किए जाने की पुष्टि हुई है। आरोपी ने गबन की गई राशि का बड़ा हिस्सा रियल एस्टेट में निवेश किया था। मामले का खुलासा बैंक की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी द्वारा जांच बैठाने के बाद हुआ। कुल 98 ट्रांजैक्शन के जरिए सरकारी धन की हेराफेरी की गई। पुलिस ने इल्हाम की पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन मुख्य आरोपी इल्हाम शम्सी अभी भी फरार है। पुलिस की चार टीमें इल्हाम शम्सी की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं, लेकिन अब तक कोई बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी है। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि शासन स्तर पर गठित जांच कमेटी मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। विमल कुमार के निलंबन के बाद अब 2019 से तैनात रहे अन्य अधिकारियों और कोषागार कर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
रीवा शहर में बीच सड़क पर शराबियों और पुलिस के बीच जमकर मारपीट व हंगामा हुआ। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि नशे में धुत कुछ युवक पुलिसकर्मियों से बीच सड़क पर भिड़ गए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि शराबियों ने पुलिस पर ही पलटवार कर दिया और उन्हें सड़क पर पटक दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर धक्का-मुक्की, गाली-गलौज और मारपीट होती रही। लोगों ने पुलिस पर लगाया नशे में होने का आरोप सड़क पर सरेराह एक-दूसरे को लिटाकर घसीटा गया, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। विवाद के दौरान वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने पुलिसकर्मियों पर भी नशे में होने का आरोप लगाया है। सड़क से गुजर रहे राहगीरों ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। अधिकारियों ने दिया बल की कमी का हवाला बीच सड़क पर हुई इस घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और आम जनता की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। इस पूरे मामले पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि बल की कमी के कारण ऐसी स्थिति बन जाती है। फिलहाल वीडियो वायरल होने के बाद महकमे में हड़कंप है और पूरे घटनाक्रम की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की बात कही गई है।
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार तड़के भस्म आरती के दौरान मंदिर के कपाट खोलते ही सबसे पहले वीरभद्र जी को प्रणाम कर स्वस्ति वाचन कर आज्ञा लेकर चांदी द्वार को खोला गया। गर्भगृह के पट खोलकर पुजारी भगवान का श्रृंगार उतार कर पंचामृत पूजन के बाद कर्पूर आरती की। भगवान महाकाल को भांग चन्दन सिंदूर और आभूषणों से शृंगारित किया गया। नंदी हाल में नंदी जी का स्नान,ध्यान, पूजन किया गया। जल से भगवान महाकाल का अभिषेक करने के पश्चात दूध, दही, घी, शक़्कर, शहद फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया। ड्रायफ्रूट फल मिठाई का भोग लगाकर भस्म चढ़ाई गई, शेषनाग का रजत मुकुट रजत की मुण्डमाल और रुद्राक्ष की माला के साथ-साथ सुगन्धित पुष्प से बनी फूलों की माला धारण की भगवान महाकाल ने। भस्म आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। महा निर्वाणी अखाड़े की और से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गयी। मान्यता है की भस्म अर्पित करने के बाद भगवान निराकार से साकार रूप में दर्शन देते है।
लुधियाना के थाना डेहलों अंतर्गत गांव नंगल में चोरों के हौसले बुलंद हैं। यहां स्थित पैरागोन इंटरनेशनल स्कूल को चोरों ने अपना निशाना बनाया। रात के अंधेरे में दीवार फांदकर घुसे 4 अज्ञात युवकों ने स्कूल के कमरों के ताले तोड़े और कीमती सामान चुराकर फरार हो गए। स्कूल में तैनात प्राइवेट टीचर मनपाल सिंह निवासी किला रायपुर ने पुलिस को बताया कि, यह वारदात 13 मार्च की तड़के करीब 3:05 बजे हुई। स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में साफ दिख रहा है कि 4 अज्ञात नौजवान दीवार फांदकर अंदर दाखिल हुए। चोरों ने स्कूल में प्रवेश करते हुए पहले माथा टेका और कमरों के ताले तोड़कर अंदर रखे सामान को खंगाला और दराज में रखा कैश, 2 लेनोवो टेबलेट, ब्लूटूथ स्पीकर और कॉलर माइक, बच्चों के लिए रखे गए गिफ्ट्स चोरी कर ले गए। पुलिस ने दर्ज की FIR टीचर मनपाल सिंह के बयानों के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 305, 331(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं (कापियों) का मूल्यांकन आज 18 मार्च से प्रदेश के 250 केंद्रों पर शुरू हो गया। 15 दिनों में ढाई करोड़ कापियों की जांच पूरी होगी। परीक्षक प्रतिदिन हाईस्कूल की 45-50 और इंटर की 40-45 कापियों का मूल्यांकन करेंगे। बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने सख्ती से सुरक्षा व निगरानी के निर्देश दिए हैं। 75 संकलन केंद्रों से उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन केंद्रों पर पहुंच चुकी हैं। मूल्यांकन सुबह 10 से शाम 4 बजे तक चलेगा, जरूरत पर समय बढ़ाया जा सकता है। रैंडम चेकिंग होगी, गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई। केंद्रों पर बाहरी लोगों व मोबाइल फोन का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। 24 घंटे सशस्त्र पुलिस तैनात रहेगी। प्रयागराज के 10 केंद्रों पर मूल्यांकन शुरू प्रयागराज के डीआईओएस पीएन सिंह ने बताया कि जीआईसी, सीएवी, डीएवी मीरापुर, करथवेस्ट गर्ल्स कालेज, कुलभास्कर आश्रम इंटर कालेज, एंग्लो बंगाली, केपी इंटर कालेज, जगत तारन गर्ल्स, भारत स्काउट गाइड व ईश्वर शरण इंटर कालेज में सुबह 10 बजे से मूल्यांकन शुरू। बाहरी प्रवेश प्रतिबंधित। ऑनलाइन निगरानी व तैनाती सचिव भगवती सिंह ने बताया कि हाईस्कूल के लिए 4,300 अंकक्षक, 8,550 उप प्रधान परीक्षक व 83,800 परीक्षक तैनात हैं। इंटर पर 2,590 अंकक्षक, 5,300 प्रधान परीक्षक व 48,990 परीक्षक। कुल 1.53 लाख कर्मी ऑनलाइन प्रणाली से मूल्यांकन करेंगे। 75 मुख्य नियंत्रक, 250 उप नियंत्रक, जिला पर्यवेक्षक व डीएम द्वारा स्टैटिक मजिस्ट्रेट नियुक्त। कमांड एंड कंट्रोल रूम से सुबह 8 से रात 8 बजे तक दो शिफ्टों में 250 केंद्रों पर ऑनलाइन नजर। पायलट प्रोजेक्ट में प्रयागराज समेत 5 जिलों में ऑनलाइन अंक अपलोड। परीक्षाएं नकल-रहित व पारदर्शी यूपी बोर्ड की 2026 परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च तक 15 कार्यदिवसों में सफलतापूर्वक संपन्न हुईं। हाईस्कूल में 26 लाख व इंटर में 24.5 लाख छात्र उपस्थित। 8,033 केंद्रों पर 1.22 लाख कक्षों में 2.89 लाख वॉइस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी से 24x7 निगरानी। नकल माफिया व पेपर लीक के प्रयास नाकाम। सचिव ने कहा, मूल्यांकन निष्पक्ष व प्रतिष्ठापूर्ण होगा।
रिठौरा थाना पुलिस ने पांच हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले चार महीने से बलात्कार के अपराध में फरार चल रहा था । रोठौरा पुलिस ने देर शाम इसे गिरफ्तार किया । पांच हजार का इनामी बदमाश रिठौरा थाना पुलिस ने शनिचरा रेलवे स्टेशन के पास चार महीने पहले नवंबर 2025 में एक मजदूर महिला के साथ बलात्कर करने के आरोपी भूरा गुर्जर पुत्र जहान सिंह गुर्जर उम्र 30 साल निवासी बहादुरपुर थाना महाराजपुरा ग्वालियर को रिठौरा के हंसराज का पुरा तालाब के पास से गिरफ्तार किया है। इसके कब्जे से बाइक भी बरामद की गई है। मजदूरी दिलाने के नाम पर लाया रिठौरा थाने के अपराध क्रमांक 111/25 में पीड़िता मजदूरी का काम करती है उसको नवंबर माह 2025 को आरोपी भूरा गुर्जर घर में निर्माण कार्य की कहकर मजदूरी करने लाया था लेकिन रास्ते में उसके साथ बलात्कार की घटना को अंजाम दिया। चार माह से था फरार रिठौरा थाना पर प्रभारी संतोष बाबू गौतम के अनुसार पुलिस को ग्राम हंसराज का पुरा के तालाब के पास उक्त आरोपी के होने की सूचना मिली पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ़्तार किया है ।
जालंधर में नगर निगम द्वारा होटल पार्क प्लाजा के एक हिस्से पर की गई तोड़फोड़ की कार्रवाई के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताते हुए सरकार पर स्वतंत्र आवाजों को दबाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल के दिग्गज नेताओं ने एकजुट होकर इस कदम की कड़ी निंदा की है और इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया है। सत्ता के नशे में चूर है सरकार: राजा वडिंग पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार सत्ता के नशे में इतनी चूर है कि वह उन संस्थानों को निशाना बना रही है, जो सरकार की लाइन पर नहीं चलते। वडिंग के अनुसार, होटल के हिस्से को गिराने का फैसला केवल डराने की एक कोशिश है। कांग्रेस ने इस पूरी प्रक्रिया को प्रतिशोध की भावना से की गई कार्रवाई बताया है। नशे और गैंगस्टरों पर दिखाएं ऐसी फुर्ती: सुनील जाखड़ भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि, भगवंत मान सरकार मीडिया की आवाज दबाने में जितनी तेजी दिखा रही है, अगर उतनी ही फुर्ती नशे और गैंगस्टरवाद को खत्म करने में दिखाई होती, तो आज पंजाब सुरक्षित होता। जाखड़ ने कहा कि स्वतंत्र संस्थान लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं और उनके खिलाफ दमनकारी सोच रखना निंदनीय है। भाजपा ने स्पष्ट किया कि वे संस्थान की स्वतंत्रता के साथ मजबूती से खड़े हैं। साथ ही, उन्होंने मौके पर विरोध करने पहुंचे विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की गिरफ्तारी का भी कड़ा विरोध किया। प्रतिष्ठित संस्थानों को डराने का प्रयास: सुखबीर बादलशिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि सरकार को यह बर्दाश्त नहीं है कि कोई संस्थान स्वतंत्र रूप से अपनी बात रखे। अकाली दल नेता ने जोर देकर कहा कि कोर्ट जाने का समय न देना यह दर्शाता है कि यह कार्रवाई नियम के तहत नहीं बल्कि दबाव बनाने के लिए की गई है। पार्टी ने इस दौरान अपने कार्यकर्ताओं की हुई गिरफ्तारियों की भी आलोचना की और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।
मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले की विजयपुर तहसील में पदस्थ तहसीलदार अमिता सिंह तोमर की 2021 के बाढ़ राहत घोटाले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है और पुलिस-प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गई है। हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद तहसीलदार अमिता सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की थी। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट नंबर 13 में हुई सुनवाई में न्यायाधीशों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने माना कि इस मामले में राहत देने का कोई ठोस आधार नहीं बनता है और संबंधित सभी लंबित आवेदनों को भी समाप्त कर दिया है। राजस्व विभाग में हलचल, गिरफ्तारी की तैयारी शुरू सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अमिता सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं और अब उनकी गिरफ्तारी की संभावना काफी ज्यादा है। पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर उनके खिलाफ आगे की सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस घोटाले के तार अन्य अधिकारियों और बिचौलियों से जुड़े होने की आशंका के चलते राजस्व विभाग में भी खासी हलचल है। राहुल गांधी को बताया था 'खान', प्रियंका पर की थी टिप्पणी श्योपुर से पहले अमिता सिंह गुना में पदस्थ थीं, जहां वे अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर काफी विवादित रही थीं। उन्होंने एक पोस्ट में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 'राहुल खान' लिखा था। उन्होंने लिखा था- “बकरे और बीफ खाने वाले ब्राह्मण राहुल खान और वाड्रा परिवार 100 करोड़ हिंदुओं के देश पर राज करने का सपना पाले हैं।” अपनी पोस्ट के साथ उन्होंने प्रियंका गांधी वाड्रा और रॉबर्ट वाड्रा की एक फोटो भी लगाई थी। प्रियंका गांधी को लेकर उन्होंने लिखा था- “कैमरा सामने आते ही मुंह छिपाकर लंदन में दारू पी रही हैं।” हालांकि कुछ देर बाद उन्होंने यह पोस्ट डिलीट कर दी थी, जिसे लेकर कांग्रेस ने उनके खिलाफ कलेक्टर को ज्ञापन भी दिया था। 11 हजार फॉलोवर हैं अमिता सिंह के तहसीलदार अमिता सिंह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। फेसबुक पर उनके 11 हजार फॉलोवर हैं। तहसीलदार अमिता सिंह तोमर टीवी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' में 50 लाख रुपए जीतने के बाद चर्चा में आईं थी। साल 2011 में वह 'कौन बनेगा करोड़पति' की हॉट सीट तक पहुंची थीं।
राजस्थान दिवस समारोह के तहत आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में बुधवार को शाम 6 बजे मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में विशेष आरती का आयोजन किया जाएगा। एडीएम अरविंद शर्मा ने बताया कि देवस्थान विभाग की ओर से विशेष आरती आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। 19 मार्च को होगी सांस्कृतिक संध्या इधर, पर्यटन विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा 19 मार्च को शाम 7 बजे भांकरी रोड स्थित टाउन हॉल में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। जहां लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जो राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति एवं परंपराओं की झलक प्रस्तुत करेंगी। कार्यक्रम में बाड़मेर के जलाल खान एण्ड ग्रुप की ओर से मांगणियार गायन प्रस्तुत किया जाएगा, जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहेगा। कई म्यूजिकल भी ग्रुप देंगे प्रस्तुति एडीएम ने बताया कि सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत गणेश वंदना से होगी, जिसे रवि एण्ड ग्रुप की ओर से प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद कुलदीप, दौसा द्वारा राजस्थानी लोक नृत्य, नन्दू पांखला एण्ड ग्रुप लालसोट द्वारा पद दंगल, देवेन्द्र एण्ड ग्रुप द्वारा घूमर नृत्य तथा अशोक शर्मा भरतपुर एण्ड ग्रुप द्वारा मयूर नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। कार्यक्रम के अंत में कलाकारों का सम्मान किया जाएगा।
चित्रकूट में भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण 'मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना' के लिए फील्ड ट्रेनर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान शिवरामपुर में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) चंद्रशेखर ने इसका शुभारंभ किया। यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण 16 से 18 मार्च तक आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विकासखंडों से आए फील्ड ट्रेनर्स को जनगणना कार्य से संबंधित आवश्यक जानकारी और प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य आगामी जनगणना कार्य को सुचारु और प्रभावी ढंग से संपन्न कराना है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मकान सूचीकरण, मकानों की गणना, प्रपत्र भरने के सही तरीके, डिजिटल माध्यमों के उपयोग और जनगणना के नियमों व प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। अधिकारियों ने बताया कि भारत की जनगणना 2027 देश के विकास की योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसलिए सभी संबंधित कर्मियों को प्रशिक्षण को गंभीरता से लेना चाहिए और अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। जनगणना कार्य निदेशालय लखनऊ के निर्देशन में मास्टर ट्रेनर्स नवीन वर्मा और गीत श्रीवास्तव, जिला प्रभारी अमित कुमार पटेल की देखरेख में प्रशिक्षण दे रहे हैं। कुल 34 फील्ड ट्रेनर्स यहां से प्रशिक्षण प्राप्त कर ब्लॉक और तहसील स्तर पर सुपरवाइजर्स को प्रशिक्षित करेंगे। इन्हीं सुपरवाइजर्स द्वारा 22 मई से 30 जून के मध्य जनपद के सभी मकानों की गणना का कार्य संपन्न कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण का औचक निरीक्षण किया और इसकी गुणवत्ता की सराहना की। उन्होंने हितधारकों को संबोधित करते हुए कहा कि यह जनगणना पहली बार डिजिटल माध्यम से हो रही है, इसलिए सभी फील्ड ट्रेनर्स का हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण अनिवार्य है। जिलाधिकारी ने अच्छे प्रशिक्षण के लिए मास्टर ट्रेनर्स को प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि प्रशिक्षण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर अमित कुमार पटेल (जिला प्रभारी), नवीन वर्मा और गीत श्रीवास्तव को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। प्रशिक्षण जिला जनगणना अधिकारी एडीएम विरा चन्द्रशेखर तथा बीएसए वीके शर्मा के निर्देशन में प्रशिक्षण संपन्न कराया जा रहा है।
गाजीपुर में 83 LPG सिलेंडर जब्त, 3 पर FIR:कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर प्रशासन ने की कार्रवाई
गाजीपुर में एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला आपूर्ति अधिकारी (डीएसओ) अनंत प्रताप सिंह के नेतृत्व में आपूर्ति विभाग और जिला प्रशासन की टीमों ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर कुल 83 सिलेंडर जब्त किए हैं। इनमें 73 व्यावसायिक और 10 घरेलू सिलेंडर शामिल हैं। मंगलवार देर शाम हुई इस कार्रवाई में, घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग करने के आरोप में तीन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त, अवैध रूप से गैस सिलेंडर स्टोर करने के आरोप में पांच व्यक्तियों पर भी मामला दर्ज किया गया है। प्रशासन की टीम ने जिले के इशोपुर, हथौड़ा, कुसुगी और सिधौना गांवों में एक साथ छापेमारी की। जांच के दौरान, तीन घरों में बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर अवैध रूप से रखे पाए गए। अधिकारियों के अनुसार, इन सिलेंडरों का उपयोग और भंडारण नियमों के विपरीत किया जा रहा था, जिससे सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता था। डीएसओ अनंत प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध भंडारण के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग और बिना अनुमति बड़ी मात्रा में सिलेंडर रखना कानूनन अपराध है, और ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रतापगढ़ के अंतू थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन मकान में सो रहे मां-बेटे की सिर कूचकर हत्या कर दी गई। मंगलवार शाम पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचने पर परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर चार को हिरासत में लिया है। यह घटना रविवार रात अंतू थाना क्षेत्र के पारा हमीदपुर गांव की है। गांव निवासी दिनेश कुमार मौर्य की 40 वर्षीय पत्नी शिवपत्ती देवी और उनके 14 वर्षीय बेटे औरभ की निर्माणाधीन मकान में सोते समय हत्या कर दी गई। दोनों के सिर कूचकर मारे गए थे। जिला मुख्यालय पर मॉल में काम करने वाली शिवपत्ती की तीनों बेटियां अर्पिता, रितिका और वंशिका घटना की सूचना मिलते ही पहुंच गईं। मंगलवार दोपहर को शिवपत्ती के पति दिनेश कुमार मौर्य मुंबई से घर लौटे। शव घर पहुंचने पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। शाम करीब चार बजे पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचे तो एसओ अभिषेक सिंह सिरोही, शहर कोतवाल सुभाष यादव और सीओ सिटी शिवनारायण वैस भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बेटी की तहरीर पर पड़ोसी अधिवक्ता सहित पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। चार आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि मृतका शिवपत्ती का जेठ मनोज सूरत से आ रहा है। उसके आने के बाद बुधवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
उत्तर प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग ने आज 18 और कल 19 मार्च को आंधी-तूफान के साथ ओलावृष्टि और हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया है। रायपुर में बादल छाए हुए हैं और हवाएं चल रही हैं। मैनपाट में मंगलवार रात बारिश के साथ जमकर ओले गिरे हैं। ओलावृष्टि से सड़कों से लेकर मैदानों तक ओलों की सफेद चादर बिछ गई। अगले तीन दिनों तक सरगुजा संभाग में बारिश और ओले का अलर्ट है। प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री सेल्सियस ऊपर बना हुआ था, लेकिन अगले 4 दिनों में इसमें 3-5 डिग्री की गिरावट आने की संभावना है। इसके बाद तापमान में फिर 2-4 डिग्री की धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी। पिछले 24 घंटे में तापमान की बात करें तो सबसे अधिक अधिकतम तापमान दुर्ग में 37.4C दर्ज किया गया है। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान माना एयरपोर्ट, रायपुर में 16.5C रहा जो सामान्य से 4-5 डिग्री कम है। बारिश के 2 सिस्टम एक्टिव इस समय छत्तीसगढ़ में दो प्रमुख सिस्टम सक्रिय हैं। पहला, पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन, जो आसपास के क्षेत्रों में नमी खींच रहा है। दूसरा, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, जो मध्य और ऊपरी स्तर पर सक्रिय रहते हुए ठंडी और नम हवाएं लेकर आ रहा है। इन दोनों के संयुक्त प्रभाव से वातावरण में अस्थिरता बढ़ गई है। मौसम पर इसका असर इन सिस्टम्स के कारण प्रदेश में तेजी से बादल बन रहे हैं, जिससे गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कई जगह ओलावृष्टि की स्थिति बन रही है। आंधी-तूफान के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना भी बनी हुई है। तापमान में बदलाव बादलों और बारिश के कारण सूर्य की गर्मी सीधे जमीन तक नहीं पहुंच पा रही है, जिससे अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। हालांकि, जैसे ही यह सिस्टम कमजोर पड़ेगा, तापमान में फिर से धीरे-धीरे 2 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। जनजीवन और कृषि पर प्रभाव इस मौसमी बदलाव का असर आम लोगों और किसानों दोनों पर पड़ सकता है। तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा जहां जनजीवन को प्रभावित कर सकता है, वहीं ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान होने की आशंका रहती है। हालांकि, हल्की बारिश कुछ फसलों के लिए फायदेमंद भी हो सकती है। बेमौमस बारिश की ये तस्वीरें भी देखिए…
लखनऊ में क्रिकेटर कुलदीप यादव और वंशिका का 17 मार्च को ग्रैंड रिसेप्शन रहा। होटल द सेंट्रम में हुए कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ से लेकर पूर्व सीएम अखिलेश यादव तक शामिल हुए। टीम इंडिया के कोच गौतम गंभीर और रवींद्र जडेजा, यशस्वी जायसवाल, पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन तक शामिल हुए। सीएम योगी आदित्यनाथ के कुलदीप ने पैर छुए तो पूर्व सीएम अखिलेश के कुलदीप और उनकी पत्नी वंशिका दोनों ने पैर छुए। योगी ने नवदंपती को ODOP (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) के थैले वाला गिफ्ट दिया तो अखिलेश यादव कार्यक्रम में 1 घंटे 55 मिनट रुके। कोच गौतम गंभीर फोटोशूट के समय नवदंपती के बीच आ गए। इसका अहसास होते ही तुरंत साइड हो गए। साथी खिलाड़ी यशस्वी जायसवाल ग्रैंड रिसेप्शन में समय से पहले पहुंचे। उन्होंने होटल के पूल के किनारे बैठ लखनऊ की हवा का लुत्फ उठाया। शिखर धवन अपनी नई आइरिश दुल्हन के साथ एयरपोर्ट पर कैजुअल ड्रेस में स्पॉट किए गए। दोनों ग्रे गॉगल्स में स्टनिंग कर रहे थे।
मेरठ शहर में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 19 मार्च से 21 मार्च तक मेरठ और आसपास के इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे और कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि इस बदलाव की मुख्य वजह उत्तर भारत में सक्रिय हो रहा पश्चिमी विक्षोभ है। इसके प्रभाव से हवा की दिशा में परिवर्तन होगा और वातावरण में नमी बढ़ेगी, जिससे बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी। पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते 20 मार्च को बारिश का प्रभाव सबसे अधिक रहने की संभावना जताई गई है। इस दिन कई इलाकों में मध्यम बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में गिरावट भी दर्ज की जाएगी। शाही के अनुसार 19 मार्च से ही मौसम में बदलाव साफ दिखने लगेगा। आसमान में बादल छाने शुरू होंगे और बीच-बीच में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला के आंकड़ों के मुताबिक बुधवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आने वाले दिनों में बारिश के चलते तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट संभव है।मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि बदलते मौसम के बीच सतर्क रहें, खासकर सुबह और रात के समय ठंडक बढ़ने की संभावना है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार किसानों के लिए भी यह बारिश फायदेमंद मानी जा रही है। हालांकि अगर बारिश तेज और हवा के साथ होती है तो ऐसी स्थिति में फसलों को नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक उपाय करने की जरूरत होगी।
राजसमंद पुलिस ने डंपर चोरी के आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी असगर खान (29) निवासी रहमत का बास थाना जेरौली जिला भिवाड़ी ने 17 जुलाई को केलवा चौपाटी स्थित एचपी पेट्रोल पंप के पास खड़े डंपर को रात्रि के समय चोरी कर लिया था। कार्रवाई केलवा थाना पुलिस की ओर से की गई थी। असगर पर 5 हजार रुपए का इनाम था। आरोपी की तलाशी के लिए प्रदेश के 8 शहरों में तलाशी ली गई थी। सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जयपुर और अलवर समेत अन्य शहरों में ली तलाशीघटना के बाद पुलिस ने मौके के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसके आधार पर आरोपी की पहचान कर तलाश शुरू की गई। पुलिस टीम ने राजसमंद सहित भीलवाड़ा, टोंक, देवली, जहाजपुर, शाहपुरा, जयपुर और अलवर सहित विभिन्न क्षेत्रों में आरोपी की खोजबीन की। काफी प्रयासों के बावजूद आरोपी जब पकड़ में नहीं आया तो 5000 रुपए का इनाम घोषित किया।केलवा थाना इंचार्ज सुबोध जांगिड़ के नेतृत्व में एएसआई इन्द्र सिंह, हेड कॉन्स्टेबल प्रदुमन सिंह तथा कॉन्स्टेबल हरिकेश और भगवान सिंह की टीम गठित की गई। इसी दौरान सूचना मिली कि आरोपी को उदयपुर जिले के सुखेर थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है ओर आरोपी जेल में है। इसके बाद केलवा पुलिस ने न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट जारी कर केंद्रीय कारागृह उदयपुर से आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की और न्यायालय में पेश किया।
राजस्थान कैडर के आईपीएस अफसरों के लिए एग्रीकल्चर लैंड और कॉमर्शियल प्रॉपर्टी इंवेस्टमेंट के लिए पहली पसंद है। महानिदेशक (DG), अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) और महानिरीक्षक (IG) लेवल के अधिकारियों में से करीब 60 फीसदी करोड़पति हैं। यह जानकारी आईपीएस अधिकारियों द्वारा केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी संपत्ति की डिटेल में सामने आई है। डिटेल के अनुसार केवल आईपीएस आनंद कुमार श्रीवास्तव ऐसे अधिकारी हैं, जिनके खुद के नाम न कोई घर है और न ही प्लॉट। ऐसे ही इंटरेस्टिंग फैक्ट्स के लिए पढ़िए- ये स्पेशल रिपोर्ट… 1990 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और राजस्थान के डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के पास दो प्रॉपर्टी हैं। पहली- जयपुर के सांगानेर के टोड़ी रमजानीपुरा सांगानेर में 390 वर्गमीटर फ्री होल्ड प्लॉट। यह संयुक्त संपत्ति उनके और पत्नी भावना शर्मा के नाम पर है। इसे 2001 में खरीदा था। दूसरी- जयपुर के महापुरा के जयपुर ग्रीन में 208.33 स्क्वायर यार्ड का फ्री होल्ड प्लॉट है। यह खुद के नाम पर है। इसे 2010 में 11 लाख 7 हजार 482.28 रुपए में खरीदा था। 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी अनिल पालीवाल वर्तमान में ट्रेनिंग और ट्रैफिक में डीजी हैं। उनके पास फलोदी के निकट होपारडी में 2700 वर्गफीट में बना पैतृक मकान है। यह उनके पिता के नाम पर है। वहीं, होपारडी में बतौर पैतृक संपत्ति 30 बीघा असंचित जमीन है। होपारडी में विरासत में मिली 23.11 बीघा सिंचित जमीन है। इससे सालाना करीब 5 लाख 82 हजार 327 रुपए की आय होती है। हालांकि, यह आय फसल और उसके भाव पर निर्भर करती है। होपारडी में 2.32 बीघा साझा पैतृक जमीन मां-भाइयों के साथ। फलोदी के बापूनगर में 200 स्क्वायर यार्ड का प्लॉट है। इसे 2019 में 12 लाख रुपए में खरीदा था। इसकी निर्माण सहित कीमत 54.48 लाख रुपए। यह खुद के नाम खरीदी हुई जमीन है। 1993 बैच के आईपीएस गोविंद गुप्ता वर्तमान में डीजी एसीबी हैं। खुद के नाम जयपुर में जगतपुरा रोड पर 301.38 स्क्ववायर यार्ड जमीन है। इसे 23 दिसंबर 2002 में खरीदा था। खुद के नाम फागी रेनवाल में एक फरवरी 2010 को साढ़े 4 लाख रुपए में 250 स्क्वायर मीटर जमीन खरीदी थी। जयपुर के प्रतापनगर में 2012 में लोन लेकर 25 लाख रुपए में राजस्थान हाउसिंग बोर्ड का 2 बेडरुम का फ्लैट खरीदा था। इस फ्लैट से सालाना 2 लाख रुपए की आय होती है। वहीं, सेक्टर 17 प्रतापनगर में पति-पत्नी के नाम से 3500 स्क्वायर फीट का फ्लैट है। इसे 2024 में 1.30 करोड़ में खरीदा था। इस फ्लैट से सालाना 4.8 लाख रुपए की आय। पति-पत्नी की बचत और बैंक लोन से यह संपत्ति खरीदी थी। 1997 बैच के आईपीएस हवा सिंह घुमरिया वर्तमान में एडीजी क्राइम है। उनके पास जयपुर के बजाज नगर में खुद के नाम 2BHK प्लैट है। जिसकी मौजूदा कीमत 30 लाख रुपये बताई है। वहीं, जयपुर के हनुमान नगर एक्सटेंशन में 2017 में लोन लेकर खरीदा आवासीय प्लॉट है। 1995 बैच के आईपीएस बीजू जार्ज जोसेफ के. वर्तमान में एडीजी कार्मिक हैं। उनके पास जयपुर के जगतपुरा स्थित इंदिरा गांधी नगर में राजस्थान हाउसिंग बोर्ड का एचआईजी हाउस है। ये 2005 में राजस्थान हाउसिंग बोर्ड से 5.70 लाख रुपए में खरीदा था। इसकी मौजूदा बाजार कीमत एक करोड़ 20 लाख रुपए बताई है। यह खुद के नाम पर है। वहीं, केरल के तिरुअनंतपुरम में 2018 में माता–पिता से गिफ्ट में मिले घर और जमीन हैं। खुद के नाम तिरुअनंतपुरम में 2022 में 30 लाख रुपए में खरीदी आवासीय जमीन है। इसकी मौजूदा कीमत 45 लाख रुपए बताई है। 1995 बैच के आईपीएस दिनेश एमएन वर्तमान में एडीजी एटीएस हैं। बेंगलुरू में पत्नी के नाम 2400 वर्गफीट का खाली प्लॉट और उसके साथ 91.08 स्क्वायर मीटर की सटी हुई जमीन है। यह पत्नी के नाम पर है। इसे 2014 में 76.2 लाख रुपए में खरीदा। खुद के नाम कर्नाटक के रामनगर के इडामडू गांव में जमीन है। यह माता से गिफ्ट में मिली। खुद के नाम ही इडामडू गांव में एक एकड़़ 10 गुंटास खाली जमीन है। ये 2022 में माता से गिफ्ट मिली है। बेंगलुरु दक्षिण में स्थित रावगौडलू गांव में 3 एकड़ जमीन है। यह संपत्ति पत्नी और सास-ससुर के नाम पर है। पत्नी की पैतृक संपत्ति है। मौजूदा बाजार मूल्य 8.25 करोड़ रुपए हैं। जयपुर के प्रतापनगर के सेक्टर 17 में राजस्थान हाउसिंग बोर्ड का फ्लैट है। यह खुद दिनेश एमएन के नाम पर है। जिसकी मौजूदा बाजार कीमत 1.15 करोड़ रुपये बताई है। इसे 2024 में 1 करोड़ 10 लाख 82 हजार 57 रुपए में खरीदा था। इस फ्लैट से सालाना डेढ़ लाख रुपए आय होती है। इस पर लोन भी लिया है। 2004 बैच के आईपीएस गौरव श्रीवास्तव वर्तमान में उदयपुर रेंज में आईजी हैं। उनके पास जयपुर के गोपालपुरा बाईपास पर रमन विहार-1 में पिता से विरासत में मिले 2 प्लॉट हैं। मौजूदा कीमत 77 लाख रुपए बताई है। दिल्ली के शामल खां गांव में खसरा नंबर 15/15 वेयरहाउस है। यह पत्नी सोनिया चाहर श्रीवास्तव के नाम पर है। जिसकी मौजूदा कीमत 16 करोड़ रुपए बताई है। इस वेयरहाउस से सालाना 5 लाख 77 हजार 980 रुपए की आय होती है। ये वेयरहाउस सोनिया चाहर को उनकी मां से गिफ्ट में मिला था। सोनिया चाहर श्रीवास्तव के नाम वैशाली नगर के गांधी पथ स्थित क्राउन स्क्वेयर में ग्राउंड फ्लोर पर दुकान है। इसकी मौजूदा कीमत 9 लाख रुपए बताई है। उनके पिता से यह 2011 में गिफ्ट में मिली थी। गौरव श्रीवास्तव के नाम जयपुर के प्रताप नगर में राजस्थान हाउसिंग बोर्ड का 3 बेडरुम का फ्लैट है। जिसकी मौजूदा कीमत डेढ़ करोड़ रुपए है। फ्लैट से सालाना 3 लाख 4 हजार रुपए की आय होती है। 1994 बैच के आईपीएस अशोक कुमार राठौड़ वर्तमान में डीजी जेल हैं। खुद के और आईएएस पत्नी गायत्री राठौड़ के नाम सूरजपुरा वाटिका स्थित ऑफिसर्स कैंपस में 2आवासीय प्लॉट बी-12 और बी-13 है। इसमें पति-पत्नी का 50-50 प्रतिशत हिस्सा है। इसे 2008 में 30.6 लाख में खरीदा था। खुद अशोक कुमार राठौड़ के नाम जगतपुरा के शिव ऑफिसर्स कॉलोनी में ए-17 और ए-22 दो आवासीय प्लॉट है। जिसमें ए-17 प्लॉट 2019 में 41.40 लाख में खरीदा। दूसरा आवासीय प्लॉट ए-22 2022 में 44.58 लाख में खरीदा। जयपुर के मोतीडूंगरी स्कीम स्थित शॉपिंग सेंटर में एक दुकान, कमर्शियल बिल्डिंग, जिसे 2022 में लोन लेकर 1.19 करोड़ में खरीदा था। इसमें पति-पत्नी के नाम से 50-50 की भागीदारी है। उदयपुर के गिर्वा तहसील के चौकड़िया गांव में 2025 में 52 लाख रुपए में आवासीय जमीन खरीदी। राजसमंद के खमनौर तहसील में बड़ा भाणौजा गांव में दो बारानी बंजर जमीन है। एक जमीन 2025 में लोन लेकर 43.30 लाख में पति-पत्नी की संयुक्त भागीदारी में खरीदी। दूसरी जमीन भी लोन लेकर पति-पत्नी की संयुक्त भागीदारी में 5.62 लाख रुपए में खरीदी। 2005 बैच के आईपीएस अजयपाल लांबा वर्तमान में एसओजी आईजी हैं। उनके पास नीमकाथाना के लांबा की ढाणी, पोस्ट कांवट में पैतृक मकान है। जिसकी मौजूदा कीमत 30 लाख रुपए बताई गई है। वहीं, 10 हेक्टेयर पैतृक कृषि भूमि है जो विरासत में मिली है। 1994 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आनंद श्रीवास्तव जयपुर के सबसे लंबे समय तक (दिसंबर 2018 - अगस्त 2023) कार्यरत रहने वाले पुलिस आयुक्तों में से एक हैं। श्रीवास्तव राजस्थान के स्पेशल ऑपरेशंस (विशेष अभियान समूह - SOG) के महानिदेशक (DG) हैं। वर्ष 2024 में भी खुद के नाम की कोई अचल संपत्ति नहीं थी। हर साल देनी होती है प्रॉपर्टी की डिटेल आईपीएस अफसरों को हर साल 31 जनवरी तक अपनी अचल संपत्ति की डिटेल देनी होती है। डिटेल न देने पर विजिलेंस क्लियरेंस रुक सकती है। पदोन्नति में देरी और अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। प्रॉपर्टी डिटेल में स्वयं, पति/पत्नी और बच्चों के नाम पर संपत्ति (जमीन, मकान) की जानकारी देनी होती है। पारदर्शिता बनाए रखना और भ्रष्टाचार पर अंकुश के लिए अफसरों को डिटेल देनी होती है।
एक समय था कि अयोध्या की गलियों में राम-राम कहना भी दूभर था।राम मंदिर आंदोलन के अनेक चरणों में संतों ने न केवल पुलिस की यातनाएं सहीं। राम की खातिर जेल की हवा खाई।पुलिस से झड़पें हुई और जान की बाजी लगाकर आंदोलन के दौरान पुलिस की गोलियों के बीच से होकर गुजरे। पर आज यह सब एक सुखद तस्वीर बन गई है। श्रीराम की जन्मभूमि पर राम का दिव्य और भव्य मंदिर और चारो ओर भगवान के नाम के जयकारों की गूंज सब कुछ सुखद लगने लगी।अब सब कुछ भूल यह योद्धा राममंदिर की स्वर्णिम आभा में खो गए हैं। 19 मार्च को नव संवत्सर समारोह में आमंत्रित ऐसे ही चार योद्धाओं से दैनिक भास्कर ने बातचीत की है।आज इसे हम खास तौर पर प्रस्तुत कर रहे हैं। श्रीरामवल्लभाकुंज के प्रमुख स्वामी राजकुमार दास का मंदिर आंदोलन के आरंभ काल से ही आश्रम सक्रिय रहा। उस समय के महंत रामपदारथ दास वेदांती के नेतृत्व में संतों ने न केवल भागीदारी निभाई, बल्कि आंदोलन को दिशा भी दी। उनके पश्चात हरिनाम दास वेदांती महाराज ने भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाया। उन्होंने स्मरण किया कि 1984 से 1992 के मध्य वे स्वयं विद्यार्थी जीवन में जागरूकता रैलियों में सम्मिलित होते रहे। प्रशासनिक कठिनाइयों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कई बार आंदोलनकारियों को दूरस्थ, वीरान क्षेत्रों में छोड़ दिया जाता था, किंतु उत्साह कभी क्षीण नहीं हुआ।उन्होंने यह भी कहा कि जब 2012 से 17 के बीच समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान 84 कोसी परिक्रमा का आवाहन हुआ, तब संतों को कारावास तक का सामना करना पड़ा। स्वयं वे स्वास्थ्य कारणों से जेल नहीं जा सके, परंतु अनेक संतों ने आंदोलन की लौ प्रज्वलित रखी। उनके अनुसार, राम मंदिर केवल भारत ही नहीं, बल्कि विश्व भर के सनातन अनुयायियों के लिए गर्व का विषय है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अयोध्या आगमन पर उन्होंने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे अवसरों पर रामलला के दर्शन से अद्भुत शांति और आनंद की अनुभूति होती है। नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास ने बताया कि राष्ट्रपति के आगमन के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से निमंत्रण प्राप्त हुआ है, साथ ही आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने वासंतिक नवरात्र और नवसंवत्सर के अवसर पर सभी श्रद्धालुओं से रामलला के दर्शन-पूजन का आह्वान किया।मंदिर आंदोलन के ऐतिहासिक पक्ष को रेखांकित करते हुए उन्होंने निर्मोही अखाड़े की भूमिका को विशेष रूप से उल्लेखित किया। उनके अनुसार, 1885 में प्रथम मुकदमा दायर कर अखाड़े ने संघर्ष की नींव रखी, जो स्वतंत्रता के पश्चात विभिन्न न्यायालयों से होते हुए अंततः नवंबर 2019 में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय तक पहुंचा। इस दीर्घकालिक संघर्ष में संतों के त्याग, तपस्या और बलिदान का परिणाम आज भव्य मंदिर के रूप में साकार हुआ है।उन्होंने बताया कि 1990 के दशक में विभिन्न स्तरों पर संवाद और समझौते के प्रयास भी हुए, किंतु संत समाज का संकल्प अडिग रहा—“मंदिर वहीं बनेगा।” आंदोलन के दौरान गिरफ्तारियां, यात्राएं और जनजागरण के अनेक आयाम जुड़े, जिनमें विश्व हिंदू परिषद सहित विभिन्न संगठनों का सहयोग रहा।आज, जब अयोध्या में श्रीराम मंदिर का भव्य स्वरूप आकार ले चुका है, तब उन संघर्षपूर्ण दिनों की स्मृतियां संत समाज के लिए भावविभोर कर देने वाली हैं। यह केवल एक मंदिर का निर्माण नहीं, बल्कि आस्था, धैर्य और एकजुटता की विजय गाथा है, जिसे पीढ़ियां स्मरण करती रहेंगी। अयोध्या के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य राकेश दास ने अपने संस्मरणों में बताया कि वे 1982 से इस आंदोलन से जुड़े रहे। 1989-90 के दौर में, जब केंद्र में विश्वनाथ प्रताप सिंह और उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव की सरकार थी, उन्हें 42 दिन तक गोंडा जेल में रहना पड़ा। 6 दिसंबर 1992 की घटनाओं को स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय आंदोलनकारियों के साथ ऐसा व्यवहार हुआ मानो वे देशवासी नहीं, अपितु आतंकवादी, अपराधी हों। गिरफ्तारी, मुकदमे और वर्षों तक चली कानूनी प्रक्रिया के बावजूद उनके मनोबल में कमी नहीं आई। उन्होंने इसे अपने जीवन का सौभाग्य बताते हुए कहा कि राम मंदिर के दर्शन से वही संतोष मिलता है, जैसा भूखे को अन्न मिलने पर होता है। प्रसिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी के सरपंच महंत रामकुमार दास ने अपने अनुभव साझा करते हुए आंदोलन की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत की।उन्होंने बताया कि वर्ष 1984 से ही वे राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय रूप से जुड़े रहे। जहां भी आवश्यकता पड़ी, वहां उन्होंने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। वर्ष 1990 के उस दौर को स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि जब तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने यह बयान दिया था कि “परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा”, तब संत समाज और कारसेवकों ने संगठित होकर आंदोलन को और तेज किया। महंत रामकुमार दास ने बताया कि हनुमानगढ़ी चौराहे पर आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया, जिसमें अनेक संत घायल हुए। इसके बावजूद आंदोलनकारियों ने पीछे हटने के बजाय संघर्ष का मार्ग चुना। उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ी से आगे बढ़ते हुए वे लोग बड़ी जगह तक पहुंचे, जहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।वर्ष 1992 की घटना को याद करते हुए उन्होंने कहा कि जब विवादित ढांचा गिराया जा रहा था, तब वे उसी क्षेत्र में, कुछ दूरी पर उपस्थित थे और कारसेवकों का उत्साहवर्धन कर रहे थे। उस समय का वातावरण आज भी उनकी स्मृतियों में सजीव है।उन्होंने आगे बताया कि आगामी 19 मार्च को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अयोध्या आगमन के अवसर पर उन्हें भी आमंत्रित किया गया है। इसे उन्होंने अपने पूर्वज संतों के दीर्घ संघर्ष का प्रतिफल बताया। प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि जिस आंदोलन के लिए संतों ने एकजुट होकर वर्षों तक संघर्ष किया, आज उसी का साकार रूप भव्य श्रीराम मंदिर के रूप में सामने है।महंत रामकुमार दास ने कहा कि अब प्रत्येक महत्वपूर्ण आयोजन में उन्हें आमंत्रित किया जाता है, जो संत समाज के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने विश्वास जताया कि 19 मार्च को राष्ट्रपति के साथ उपस्थित होकर वे इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनेंगे।
पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के चुनाव को लेकर हिसार और हांसी में आज मतदान होगा। जिले में कुल 7 बूथ बनाए गए हैं, जिनमें हिसार के 5 और हांसी के 2 बूथ शामिल हैं। इन बूथों पर कुल 4017 पंजीकृत वकील अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। कोर्ट परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया है, वहीं प्रवेश से पहले पहचान पत्र की जांच भी अनिवार्य की गई है। प्रशासन का दावा है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी या अप्रिय घटना से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। मतदान प्रक्रिया सुबह से शुरू होकर शाम तक जारी रहेगी। हिसार बार में सबसे अधिक 3609 वकील वोट डालेंगे, जबकि हांसी बार में 408 वकील मतदान करेंगे। सभी बूथों पर मतदान को सुचारु बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। एडीजीपी कर रहे मॉनिटरिंगचुनाव को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की कमान वरिष्ठ स्तर पर संभाली गई है। एडीजीपी की निगरानी में पुलिस प्रशासन हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पहचान पत्र से ही मिलेगी एंट्रीमतदान केंद्रों पर केवल वैध पहचान पत्र दिखाने के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। बिना आईडी के किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी। इससे फर्जी मतदान और अव्यवस्था पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
श्रावस्ती जिले की भिनगा विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी की विधायक इंद्राणी वर्मा ने अपने चार साल के कार्यकाल को विकास कार्यों के लिहाज से सफल बताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सड़क, पुल, बिजली और धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में विधायक ने सवालों के बेबाकी से जवाब दिए। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: अपने 4 साल के कार्यकाल को आप 10 में से कितने नंबर देंगी?जवाब: मैं अपने कार्यकाल को 10 में 10 नंबर देती हूं, क्योंकि 2022 में चुनाव जीतने के बाद हमने कई सड़कों का निर्माण कराया, नालों पर पुल बनवाए और गांवों में खड़ंजा व इंटरलॉकिंग का काम कराया। साथ ही बिजली और आरओ की व्यवस्था भी सुनिश्चित की। सवाल: आपके कार्यकाल का सबसे बड़ा काम क्या रहा?जवाब: विभूति नाथ भगवान भोलेनाथ के स्थान के विकास के लिए हमने सरकार से मांग की, जिस पर करीब 3.5 करोड़ रुपये का काम कराया गया। यहां लाखों श्रद्धालु आते हैं, इसलिए इसका विकास बहुत जरूरी था। इसके अलावा हमारे क्षेत्र में पहाड़ी नालियां थीं, जहां अक्सर दुर्घटनाएं होती थीं। हमने वहां पुलों का निर्माण कराया, जिससे लोगों को राहत मिली। सवाल: कौन सा काम अभी बाकी है?जवाब: हमने सोचा था कि क्षेत्र में युवाओं के लिए एक पेपर मिल स्थापित हो, ताकि उन्हें रोजगार के लिए बाहर न जाना पड़े। इस दिशा में प्रयास जारी हैं, आगे क्या होता है, यह देखना होगा। सवाल: क्षेत्र की प्रमुख समस्याएं क्या हैं?जवाब: हमारा क्षेत्र दो जंगलों से घिरा है, लक्ष्मणपुर बैराज-कानी बोझी रोड एक बड़ी समस्या थी, जिसे हमने सदन में उठाया और 17 किलोमीटर सड़क स्वीकृत हो चुकी है। राप्ती नदी से मल्हीपुर क्षेत्र में किसानों को नुकसान होता है, इसके लिए बांध की मांग की गई है। सवाल: 2027 चुनाव को लेकर आपकी क्या दावेदारी है?जवाब: पार्टी का जो आदेश होगा, हम उसका पालन करेंगे। मुझे पार्टी ने पहले भी मौका दिया है और उम्मीद है आगे भी देगी। हम पूरी मजबूती के साथ 2027 में चुनाव लड़ेंगे। सवाल: आगामी चुनाव को लेकर क्या कहना चाहेंगी?जवाब: प्रदेश में हर वर्ग परेशान किसान, महिलाएं, नौजवान परेशान है। हमें विश्वास है कि समाजवादी पार्टी 2027 में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बनेंगे।
रोहतक के गांव चिड़ी निवासी व्यक्ति की गांव बहुअकबरपुर निवासी युवकों ने लाठी डंडों से हमला कर हत्या कर दी। मारपीट से पहले आरोपियों ने फायरिंग भी की थी। इस मामले में अभी तक एक भी आरोपी पकड़ा नहीं गया है। ऐसे में परिजनों ने पुलिस को 72 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए शव का अंतिम संस्कार किया। वहीं, पुलिस की 3 टीम आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। मृतक की पहचान गांव चिड़ी निवासी करीब 48 वर्षीय कृष्ण के रूप में हुई। कृष्ण 12 मार्च को अपने खेत की तरफ जा रहा था। इसी दौरान गांव बहुअकबरपुर निवासी 4 आरोपी गाड़ी में आए और कृष्ण के ऊपर सीधे फायर कर दिया। फायरिंग में कृष्ण बच गया तो आरोपियों ने लाठी डंडों से हमला करते हुए गंभीर रूप से घायल कर दिया। आरोपियों ने कृष्ण को जान से मारने की धमकी दी और मौके से फरार हो गए। कृष्ण को घायल अवस्था में परिजन पहले सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से कृष्ण को पीजीआई रेफर कर दिया। पीजीआई में इलाज के दौरान कृष्ण ने दम तोड़ दिया। मृतक के परिजनों ने पहले शव लेने से इनकार किया, लेकिन बाद में पुलिस को अल्टीमेटम देते हुए पोस्टमॉर्टम करवाकर शव का अंतिम संस्कार किया गया। रेलवे पुलिस में कर्मचारी बताया आरोपी मृतक के परिजनों ने बताया कि गांव बहुअकबरपुर निवासी आरोपी मंजीत रेलवे पुलिस में कार्यरत है। उसके दो छोटे बच्चे भी है, लेकिन वारदात के बाद से मंजीत घर से गायब है। वहीं, अन्य तीन आरोपी उसके दोस्त बताए जा रहे हैं। कुख्यात बदमाश संजीत उर्फ बिद्रो के भाई मंजीत को तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। इन लोगों पर हत्या करने का आरोप पुलिस को दी गई शिकायत में मृतक कृष्ण के परिजनों ने 4 लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। इनमें गांव बहुअकबरपुर निवासी मंजीत पुत्र जयपाल, मोहित, अन्नू व चंदू शामिल है। आरोपियों के खिलाफ पुलिस की तरफ से अभी तक किसी भी आरोपी को पकड़ा नहीं किया गया। डेढ एकड़ जमीन को लेकर की हत्याकृष्ण कुमार ने गांव बहुअकबरपुर में रामचंद्र से डेढ एकड़ जमीन खरीदी थी। उस जमीन को आरोपी लेना चाहते थे और कई बार जमीन को छोड़ने के लिए धमकी दे चुके थे। इसी जमीनी विवाद के चलते आरोपियों ने कृष्ण पर पहले फायरिंग की, फिर मारपीट करते हुए गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस की 3 टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी लाखनमाजरा थाना के जांच अधिकारी कश्मीर सिंह ने बताया कि गांव चिड़ी निवासी व्यक्ति की मौत मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर रखा है। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस की 3 टीमें आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। जल्द ही आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा।
सोनीपत शहर में चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला सेक्टर-7 से सामने आया है, जहां एक सैन्य अधिकारी के बंद पड़े एक मकान को निशाना बनाकर अज्ञात चोर ने नकदी और सोने के आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। घर को चोर ने उस समय निशाना बनाया जब परिवार वहां मौजूद नहीं था। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी की हरकतें कैद हो गई हैं, जिसके आधार पर पुलिस अब उसकी तलाश में जुट गई है। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। पीछे से घर में घुसा चोर, CCTV में कैद हुई वारदातकर्नल शेतांशु खोखर ने थाना सेक्टर-27 में दी शिकायत में बताया कि 14 मार्च 2026 की शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच अज्ञात व्यक्ति उनके मकान नंबर 57P, सेक्टर-7 में पीछे की ओर से घुसा। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी हुडी पहने हुए दिखाई दे रहा है और उसके पास एक स्मार्टफोन भी है, जिससे उसकी गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। चोर के एंट्री की अलग-अलग तस्वीर देखिए… मिलिट्री ट्रंक तोड़कर नकदी और सोने की अंगूठियां चोरीचोर ने घर के अंदर रखे मिलिट्री ट्रंक्स को तोड़कर तलाशी ली और उनकी पत्नी का पर्स चोरी कर लिया। पर्स में करीब 10 हजार रुपये नकद और आधा-आधा तोला वजन की दो सोने की अंगूठियां थीं। घटना के बाद घर का सामान भी अस्त-व्यस्त पाया गया।घर खाली होने का उठाया फायदाशिकायतकर्ता ने बताया कि घटना के समय उनका मकान खाली था, क्योंकि वे परिवार सहित सोनीपत में ही किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट हो चुके हैं। इसी का फायदा उठाकर चोर ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया।पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरूथाना सेक्टर-27 सोनीपत पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा धारा 331(4) और 305 BNS के तहत केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच एएसआई गिरिश को सौंपी गई है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। बंद मकानों को निशाना बनाए जाने से यह साफ है कि चोर पहले रेकी कर रहे हैं। वहीं पुलिस मामले में जांच कर रही है। वहीं पुलिस ने सीसीटीवी को कब्जे में लिया है।
जौनपुर में होली के दिन हुई मारपीट के मामले में पहुंची पुलिस के एक पक्ष पर लाठी मारने का वीडियो सामने आते ही महकमे में हड़कंप मच गया। मामला तूल पकड़ता देख उच्चाधिकारियों को कार्रवाई करनी पड़ी। मामले में इंस्पेक्टर का स्थानांतरण मड़ियाहूं के लिए कर दिया गया। जबकि सब इंस्पेक्टर और दो सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया गया। दरअसल, केराकत में होली के दिन रंग खेलने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस पर आरोप है कि उसने एक पक्ष के लोगों पर जमकर लाठियां चलाईं। घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया। 4 मार्च से ही इस मामले को लेकर विरोध शुरू हो गया। भाजपा नेताओं और अधिवक्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। पीड़ित भाजपा सभासद मंजू सोनकर ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना है कि विवाद के बाद पुलिस उनके घर में घुस गई और जमकर उत्पात मचाया। सभासद के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने उनके पति बांकेलाल सोनकर और पुत्रों को घर से बाहर निकालकर लाठियों से पीटते हुए थाने तक ले जाया गया। उन्होंने इसे पुलिस की क्रूरता बताते हुए कहा कि इससे उनके परिवार का अपमान हुआ है और आम जनता में भी गहरा आक्रोश रहा। घटना के बाद क्षेत्र में लंबे समय तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने मामला बढ़ने पर संज्ञान लेते हुए कोतवाली प्रभारी जितेंद्र सिंह का तबादला मड़ियाहूं कोतवाली के लिए किया गया है। जबकि हल्का के सब इंस्पेक्टर धनुधारी पांडेय, सिपाही मिथिलेश राजभर और रणजीत सिंह को लाइ हाजिर कर दिया है। साथ ही मामले में अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सीओ अजीत कुमार रजक ने बताया कोतवाली प्रभारी का स्थानांतरण, एक सब इस्पेक्टर और दो सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया गया। प्रभारी निरीक्षक की जगह चंदवक से इंस्पेक्टर क्राइम अरविंद कुमार पांडेय को तैनात किया गया है।
छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी (सीएसजेएमयू) के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) में जल्द ही ड्रोन और रोबोटिक्स लैब स्थापित की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने लक्ष्य रखा है कि नई अकादमिक सत्र की शुरुआत तक लैब तैयार कर ली जाए, ताकि छात्र-छात्राएं शुरुआत से ही इसमें प्रैक्टिकल एक्सपेरिमेंट और इनोवेशन पर काम कर सकें। इन लैब्स में बीटेक समेत कई कोर्स के स्टूडेंट्स को ट्रेनिंग दी जाएगी। वार और मेडिकल इमरजेंसी के लिए तैयार होंगे रोबोटयूआईईटी के डायरेक्टर डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि ड्रोन लैब में बैटरी लाइफ बढ़ाने, लोड कैपेसिटी सुधारने और ड्रोन की इंटेलिजेंस को एडवांस बनाने पर रिसर्च की जाएगी। साथ ही ऐसे ड्रोन विकसित करने पर फोकस रहेगा, जो युद्ध और मेडिकल इमरजेंसी जैसी परिस्थितियों में प्रभावी साबित हो सकें। साथ ही रोबोट को एआई सिस्टम से लैस किया जाएगा, जिससे एक स्थान पर बैठकर उसको कंट्रोल किया जा सके। इसके अलावा कमांड दिए जाने पर वह कुछ फैसले स्वयं ले सके। ऑटोमेशन आधारित रोबोट तैयार होंगेवहीं, रोबोटिक्स लैब में ऑटोमेशन आधारित रोबोट तैयार किए जाएंगे। इन रोबोट्स को मजदूरों के कार्य, क्लीनिंग सिस्टम और इलेक्ट्रिकल ऑपरेशन जैसे कामों के लिए डिजाइन किया जाएगा। इससे इंडस्ट्री लेवल स्किल्स के साथ स्टूडेंट्स को रियल-टाइम प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका मिलेगा।यूनिवर्सिटी का मानना है कि इस पहल से छात्रों की टेक्निकल स्किल्स में सुधार होगा और उन्हें भविष्य की टेक्नोलॉजी के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा।
आरा शहर के टाउन थाना क्षेत्र के धरहरा मुसहर टोली में जहर खाने से एक महिला की मौत हो गई। मृतका टाउन थाना क्षेत्र धरहरा मुसहर टोली वार्ड नंबर-34 निवासी मो. शाहिद की 20 वर्षीय पत्नी नाजिया खातून है। औरंगाबाद जिला के हसपुरा थाना क्षेत्र के अमझरशरीफ गांव निवासी मृतका के पिता मो. मुस्तकीम ने बताया कि बेटी नाजिया खातून की 2024 में धरहरा मुसहर टोली निवासी मो. शाहिद से शादी की थी। शादी के कुछ महीने बीत जाने के बाद से ही घरेलू विवाद को लेकर उसकी सास-पति मारपीट करने लगे। इसी बीच उन्हें सूचना मिली कि जहर खाने से उनकी बेटी की मौत हो गई है। सूचना पाकर परिजन उसके ससुराल धरहरा मुसहर टोली पहुंचे। पुलिस ने शव अपने कब्जे में लेकर उसका पोस्टमॉर्टम सदर अस्पताल में करवाया। दूसरी तरफ मृतका के पिता मो.मुस्तकीम ने उसके पति मोहम्मद शाहिद और सास पर अपनी बेटी को जहर देकर मारने का आरोप लगाया है। पति ने भी खाया था जहर पुलिस अपने स्तर से मामले की छानबीन कर रही है। बता दे कि दोनों पति-पत्नी ने आपस में झगड़ने के बाद जहर खा लिया था। हालांकि. उसके पति मो. शाहिद की तबीयत बिल्कुल ठीक थी। लेकिन उसे गंभीर हालत में मोहल्ले वासियों ने इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया था। बताया जाता है कि मृतका की सिर्फ एक बेटी सनिका परवीन है। इस घटना के बाद मृतका की मां और परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पटना में आज यूजीसी रेगुलेशन लागू करने और एससी, एसटी, ईबीसी-बीसी वर्गों के लिए 65 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर बड़ा प्रदर्शन होगा। ऑल इंडिया फोरम फॉर इक्विटी के बैनर तले “समता महाजुटान और राजभवन मार्च” का आयोजन किया गया है। इसमें छात्र, शिक्षक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और विभिन्न जनसंगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल होंगे। आयोजकों का कहना है, उच्च शिक्षा में सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने और वंचित वर्गों को समान अवसर दिलाने के उद्देश्य से यह मार्च निकाला जा रहा है। गांधी मैदान से राजभवन तक निकलेगा मार्च प्रदर्शनकारी पहले गांधी मैदान के गेट नंबर 10 पर जुटेंगे। इसके बाद दोपहर 12 बजे से राजभवन की ओर मार्च निकाला जाएगा। मार्च में शामिल लोग हाथों में बैनर लेकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करेंगे और सरकार से यूजीसी से जुड़े नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग करेंगे। आइसा छात्र संगठन के सचिव दिव्यम ने बताया, इस मार्च में पटना के अलावा बिहार के कई जिलों से भी लोग पहुंच रहे हैं, जिससे कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। यूजीसी रेगुलेशन और 65% आरक्षण की मुख्य मांग प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि बिहार में यूजीसी रेगुलेशन को पूरी तरह लागू किया जाए और उच्च शिक्षा संस्थानों में एससी, एसटी, ईबीसी और बीसी वर्गों के लिए 65 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया जाए। छात्र नेताओं के अनुसार, सामाजिक न्याय की भावना को मजबूत करने के लिए यह आवश्यक है कि शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में आरक्षण की व्यवस्था का सही तरीके से पालन हो। उनका यह भी कहना है कि कई संस्थानों में यूजीसी के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण वंचित वर्गों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। क्या है यूजीसी (UGC) यूजीसी यानी यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (University Grants Commission) भारत सरकार की एक वैधानिक संस्था है, जो देश के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए नीतियां और मानक तय करती है। यह संस्था विश्वविद्यालयों को मान्यता देने, शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने और शिक्षकों की नियुक्ति, पदोन्नति तथा शोध से जुड़े नियमों को निर्धारित करने का काम करती है। यूजीसी द्वारा जारी किए गए नियमों और दिशानिर्देशों को यूजीसी रेगुलेशन कहा जाता है। इन नियमों के आधार पर विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षकों की भर्ती, पदोन्नति और आरक्षण से जुड़ी प्रक्रियाएं तय होती हैं। प्रदर्शनकारी इन रेगुलेशनों को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग कर रहे हैं।
श्यामाबाई निर्विरोध बनीं रीठी जनपद पंचायत अध्यक्ष:अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिला ने पेश की मिसाल
कटनी जनपद पंचायत रीठी के अध्यक्ष पद पर श्यामाबाई निर्विरोध निर्वाचित हुई हैं। मंगलवार को हुए इस निर्वाचन में अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिला ने यह पद जीतकर महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश की है। मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, जनपद पंचायत रीठी के अध्यक्ष पद के लिए मंगलवार को निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न हुई। इसके लिए जनपद पंचायत रीठी के सभाकक्ष में सुबह 11 बजे से सम्मिलन सुनिश्चित किया गया था। एकमात्र नामांकन से श्यामाबाई निर्विरोध विजेता घोषित पीठासीन अधिकारी एवं कटनी के अनुविभागीय अधिकारी प्रमोद चतुर्वेदी ने निर्वाचन के लिए समय-सारणी जारी की। उन्होंने उपस्थित सदस्यों को समय-सारणी और निर्वाचन संबंधी जानकारी दी।निर्धारित समय-सारणी के अनुसार, सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक केवल एक ही नामांकन पत्र प्राप्त हुआ। यह नामांकन श्यामाबाई/महेंद्र सिंह का था। प्राप्त नामांकन पत्र की समीक्षा के बाद उसे वैध पाया गया और स्वीकार कर लिया गया। चूंकि निर्वाचन के लिए केवल एक ही नामांकन पत्र प्राप्त हुआ था, इसलिए श्यामाबाई/महेंद्र सिंह को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। जनपद पंचायत रीठी के अध्यक्ष पद का निर्वाचन संपन्न निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक प्रकाश व्यास और जनपद पंचायत रीठी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश नरेंद्र सिंह सहित उपस्थित सदस्यों की मौजूदगी में पीठासीन अधिकारी ने श्यामाबाई को जनपद पंचायत अध्यक्ष निर्वाचन का प्रमाण-पत्र प्रदान किया। इसके साथ ही जनपद पंचायत रीठी के अध्यक्ष पद का निर्वाचन संपन्न हो गया।
छिंदवाड़ा में गिरते भू-जल स्तर और कम वर्षा को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने पूरे जिले को ‘जल अभावग्रस्त क्षेत्र’ घोषित करते हुए निजी भूमि पर नए नलकूप (बोरवेल) खनन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और 15 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगा। क्यों लिया गया फैसला लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की रिपोर्ट में सामने आया कि जिले में इस बार वर्षा कम होने से भू-जल स्तर तेजी से गिर रहा है। इसी को देखते हुए म.प्र. पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 की धारा-3 के तहत यह निर्णय लिया गया। क्या रहेगा प्रतिबंध नियम तोड़ने पर कार्रवाई आदेश का उल्लंघन करने पर म.प्र. पेयजल परिरक्षण संशोधित अधिनियम 2002 की धारा-9 और IPC की धारा 188 के तहत मामला दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अगर किसी को अत्यंत आवश्यक स्थिति में नलकूप खनन कराना है, तो उसे संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को आवेदन देना होगा। 150 मीटर के दायरे में पूरी तरह रोक किसी भी शासकीय पेयजल स्रोत (जैसे हैंडपंप/कुएं) से 150 मीटर की दूरी के भीतर नया नलकूप खनन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। अधिकारियों को सख्त निर्देश कलेक्टर ने सभी एसडीएम, तहसीलदार, थाना प्रभारी और नगर पालिका अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। प्रशासन ने साफ किया है कि जल संकट को देखते हुए यह कदम जनहित में उठाया गया है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

