चित्रकूट जिले के भरतकूप थाना क्षेत्र में पत्थर खदानों पर नियमों को ताक पर रखकर खनन का खेल जारी है। यहां रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक भारी मशीनों और ट्रकों के जरिए बड़े पैमाने पर पत्थर निकाले और लोड किए जा रहे हैं। जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक खदानों का संचालन पूरी तरह बंद रहना चाहिए। अंधेरे में तेज आवाज करती मशीनें और ओवरलोड ट्रकों में बड़े-बड़े पत्थर भरते मजदूर साफ दिखाई दिए। सुरक्षा मानकों का कहीं कोई पालन नहीं हो रहा था, जिससे हादसे का खतरा हर समय बना रहता है। स्थानीय लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह अवैध खनन जिला खनिज अधिकारी रणवीर सिंह की कथित सहमति से हो रहा है। रात-दिन खनन कार्य जारी रहता है उनका आरोप है कि खदान संचालक नियमित रूप से ‘एवरेज’ के नाम पर मोटी रकम पहुंचाते हैं, जिसके चलते रात-दिन खनन कार्य जारी रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि इस अवैध गतिविधि ने पूरे क्षेत्र को खतरे में डाल दिया है। खनन स्थलों पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। न तो मजदूरों के लिए सुरक्षा उपकरण उपलब्ध हैं और न ही हादसों से बचाव के उपाय। ऐसे में किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। जब इस पूरे मामले पर जिला खनिज अधिकारी रणवीर सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अगर रात में खदान चलती है और कोई हादसा होता है, तो उसकी जिम्मेदारी पट्टाधारक की होगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। हालांकि, सवाल यह उठता है कि जब नियम स्पष्ट हैं, तो उनकी निगरानी और पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किसकी है? अगर अवैध खनन लंबे समय से चल रहा है, तो संबंधित विभाग अब तक कार्रवाई क्यों नहीं कर सका? फिलहाल, भरतकूप क्षेत्र की ये खदानें ‘मौत का खेल’ बन चुकी हैं, जहां नियमों की अनदेखी कर लोगों की जान जोखिम में डाली जा रही है।
कैथल में पुलिस ने शादी के नाम पर ठगी करने वाले एक फर्जी आर्मी ऑफिसर को जांच के दौरान गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसे हिसार पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। आरोपी ने Shaadi.Com पर फर्जी आईडी बनाकर हिसार की एक युवती से ठगी की थी। पकड़े गए आरोपी की पहचान मेहरराज उद दीन हजाम निवासी गांव अवनीपुरा, जिला पुलवामा जम्मू-कश्मीर के रूप में हुई है। निशांत सहारन के नाम से एक फर्जी प्रोफाइल बनाई थी हिसार पुलिस द्वारा की गई पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि उसने Shaadi.com पर निशांत सहारन के नाम से एक फर्जी प्रोफाइल बनाई थी। खुद को भारतीय सेना में अधिकारी बताकर उसने हिसार की एक युवती को विश्वास में लिया और शादी का झांसा देकर उससे लगभग 30 हजार रुपए की ठगी की। आरोपी ने अपनी फर्जी पहचान को सच दिखाने के लिए चंडीगढ़ से आर्मी की वर्दी खरीदी थी ताकि लोग उसे सच में सेना का अधिकारी समझें। गलती से अपना असली नाम बता दिया पुलिस को सूचना मिली कि अंबाला-हिसार हाईवे के रास्ते हिसार की ओर आ रहा है। कैथल पुलिस द्वारा तितरम मोड़ पर की गई रूटीन नाकाबंदी के दौरान जब उसकी गाड़ी को रोका गया तो पूछताछ में उसने गलती से अपना असली नाम बता दिया। शक होने पर पुलिस ने उसे काबू किया और पीड़िता के परिजनों से शिनाख्त करवाई, जिसके बाद उसकी असलियत सामने आई। असलियत सामने आने पर युवती के परिवार ने थाना आजाद नगर हिसार में आरोपी के खिलाफ ठगी का अभियोग अंकित करवाया था चंडीगढ़ में वेटर का काम करता था आरोपी मेहरराज वर्ष 2021 से 2023 तक चंडीगढ़ में वेटर का काम करता था। वर्ष 2025 में काम न मिलने के कारण उसने ठगी का यह रास्ता चुना। इस संबंध में थाना आजाद नगर हिसार में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। हिसार पुलिस प्रवक्ता दीपक कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए आमजन से अपील की कि ऑनलाइन वैवाहिक साइटों पर मिलने वाले किसी भी व्यक्ति पर बिना पूर्ण सत्यापन के विश्वास न करें। अपनी निजी जानकारी और धनराशि साझा करने से पहले सामने वाले व्यक्ति की पहचान की अच्छी तरह जांच अवश्य करें।
दतिया जिले के पंडोखर धाम परिसर में रविवार शाम 33 वर्षीय एक महिला का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिला है। मृतका की शिनाख्त छतरपुर निवासी जनका अहिरवार के रूप में हुई है, जो पिछले 7-8 महीनों से धाम में रह रही थी। स्थानीय लोगों के अनुसार उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। पंडोखर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और भांडेर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराकर मौत के कारणों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस धाम में रहने वाले लोगों से पूछताछ कर रही है। देर शाम हुई छतरपुर निवासी के रूप में शिनाख्त शुरुआत में महिला की पहचान नहीं हो सकी थी, लेकिन देर शाम उसकी शिनाख्त जनका (33) पत्नी मनीराम अहिरवार (निवासी छतरपुर) के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि महिला पिछले 7-8 महीनों से पंडोखर धाम में रह रही थी। स्थानीय लोगों के अनुसार उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। रविवार शाम को धाम में महिला का शव मिलने से हड़कंप मच गया था। भांडेर अस्पताल में हुआ PM, रिपोर्ट का इंतजार सूचना मिलते ही पंडोखर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भांडेर अस्पताल भेजा, जहां पीएम कराया गया है। फिलहाल महिला की मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं और पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। हर एंगल से जांच कर रही पुलिस पंडोखर थाना पुलिस के मुताबिक, मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। धाम परिसर में रहने वाले लोगों और आसपास के व्यक्तियों से पुलिस द्वारा लगातार पूछताछ की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई है।
दैनिक भास्कर यूपी की 403 विधानसभा सीटों पर सर्वे कर रहा है। किस सीट पर अब किसकी हवा है। जनता की पसंद कौन है, मौजूदा विधायक या कोई और। इस सर्वे में भाग लेकर आप बताइए। फतेहपुर की बिंदकी विधानसभा सीट पर अपना दल (सोनेलाल) और भाजपा गठबंधन के मौजूदा विधायक जय कुमार जैकी को आप फिर से उम्मीदवार बनाना चाहते हैं या फिर यहां से तैयारी कर रहे पुष्पराज पटेल, जितेंद्र सिंह उर्फ जीतू में से किसको पसंद करेंगे? भाजपा नेता करन सिंह पटेल को उम्मीदवार बनाना पसंद करेंगे तो सर्वे में बता सकते हैं। सपा से आप किसे उम्मीदवार बनाना चाहते हैं– महेंद्र बहादुर उर्फ बच्चा सिंह ,समरजीत सिंह या रामेश्वर दयाल उर्फ दयालु में किसे पसंद करेंगे? कांग्रेस में कौन है आपकी पहली पसंद- राकेश शास्त्री, वकील खान या अभिमन्यु सिंह। यदि आपकी पसंद इन दिए गए नामों से अलग है तो आप 'अन्य' विकल्प का उपयोग करके अपनी पसंद के किसी भी अन्य का नाम भी सुझा सकते हैं। इस लिंक पर क्लिक करके आप सर्वे में भाग ले सकते हैं। अगर आपके पास भास्कर एप नहीं है तो पहले डाउनलोड करें, फिर सर्वे में भाग लें- लिंक यह सर्वे पूरी तरह गोपनीय है, आपकी पहचान कभी भी उजागर नहीं होगी।
जनपद जालौन में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) किसानों के समर्थन में सड़क पर उतर आई। जिला अध्यक्ष अतर सिंह पाल के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन कर ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा देने की मांग उठाई। जल्द से जल्द किसानों को राहत उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा और जल्द से जल्द किसानों को राहत देने के लिए देवी आपदा राहत कोष से धनराशि दिए जाने की मांग की है। प्रदर्शन के दौरान बसपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि बीते दो दिनों में हुई भीषण ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। रबी की तैयार फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं, जिससे किसानों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई जिलाध्यक्ष अतर सिंह पाल ने बताया कि 4 अप्रैल 2026 को कुठौंद, रामपुरा और माधौगढ़ क्षेत्रों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई। इसके बाद 5 अप्रैल को कोंच तहसील सहित जिले के अन्य इलाकों में भी ओलावृष्टि का असर देखने को मिला, जिससे व्यापक स्तर पर फसलें नष्ट हो गईं। उन्होंने कहा कि गेहूं, चना जैसी रबी की मुख्य फसलें पूरी तरह चौपट हो गई हैं, वहीं कई स्थानों पर गर्मी की फसल की बुवाई भी प्रभावित हुई है। खेतों में खड़ी और कटी फसलें जमीन पर बिछ जाने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। शीघ्र उचित मुआवजा प्रदान किया बसपा नेताओं ने प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजते हुए मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वे कराया जाए और किसानों को शीघ्र उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। साथ ही फसल बीमा योजनाओं के तहत लंबित भुगतान भी जल्द से जल्द कराने की मांग की गई। बसपा ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी।
पीथमपुर में महिला का शव फंदे से लटका मिला:सुबह से ड्यूटी पर गया हुआ था पति, शाम को अटका मिला दरवाजा
औद्योगिक नगर पीथमपुर के घाटा बिल्लौद स्थित बजरंग कॉलोनी में एक महिला ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। लगभग 38 वर्षीय साधना, पति राम भुवन कुशवाह का शव कमरे में पंखे से लटका मिला। घटना का पता तब चला जब उनके पति काम से लौटे। मृतका के पति राम भुवन ने पुलिस को बताया कि वह रोजाना की तरह सुबह आठ बजे मजदूरी के लिए कंपनी गए थे। शाम को ड्यूटी खत्म कर जब वह अपने किराए के कमरे पर पहुंचे, तो दरवाजा हल्का अटका हुआ था। भीतर दाखिल होते ही उन्होंने अपनी पत्नी का शव फंदे पर लटका देखा, जिससे उनके होश उड़ गए। उनके शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतरवाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया नहीं मिला सुसाइड नोट पुलिस ने कमरे की गहन तलाशी ली, लेकिन वहां से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। परिजनों ने बताया कि साधना पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रही थी और इसी बात को लेकर परेशान थी। फिलहाल, पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया और उसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस अब आसपास के लोगों और परिचितों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र में दहेज उत्पीड़न और गंभीर बीमारी छिपाकर शादी करने का मामला सामने आया है। महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर आरोप लगाते हुए पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पीड़िता का कहना है कि शादी से पहले पति की किडनी की गंभीर बीमारी छिपाई गई और बाद में उससे 30 लाख रुपये या किडनी की व्यवस्था करने का दबाव बनाया गया। पीड़िता के अनुसार, उसकी शादी 22 जून 2023 को लखनऊ निवासी निशांत कुमार से हुई थी। महिला का आरोप है कि शादी के बाद पति का व्यवहार असामान्य था और लंबे समय तक सामान्य वैवाहिक संबंध नहीं बने। पूछने पर पति ने टालमटोल की और दूसरी शादी तक की बात कही। मेडिकल फाइल से खुला बीमारी का राज महिला ने बताया कि पति लगातार दवाएं लेता था और काफी समय बाथरूम में बिताता था। संदेह होने पर जब उसने जांच की, तो मेडिकल फाइल से पता चला कि उसकी दोनों किडनी खराब हैं और वह पहले से इलाज करा रहा था। आरोप है कि यह जानकारी शादी से पहले छिपाई गई। 30 लाख या किडनी मांगने का आरोप पीड़िता का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने उससे 30 लाख रुपये लाने या पति के लिए किडनी की व्यवस्था करने का दबाव बनाया। विरोध करने पर उसके साथ गाली-गलौज और अभद्रता की गई। उसने यह भी आरोप लगाया कि पति का किसी अन्य महिला से संबंध था, लेकिन परिवार ने उसका साथ नहीं दिया। मायके जाते समय जेवर निकाल लिए महिला का कहना है कि अक्टूबर 2024 में जब वह मायके जाने लगी, तो ससुराल पक्ष ने उसका बैग चेक कर उसमें रखे जेवर निकाल लिए। इसके बाद वह मायके आ गई और तभी से वहीं रह रही है। पुलिस बोली- जांच के बाद होगी कार्रवाई पीड़िता की तहरीर पर थाना चकेरी में पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ में रोजगार मेले में उमड़ी युवाओं की भीड़:सुबह से ही लगी लंबी कतार, मारुति कर पदों पर हायरिंग
लखनऊ के अलीगंज स्थित ITI परिसर में सोमवार को रोजगार मेला लगा। इसमें शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सुबह से ही ITI कैंपस पहुंचे। मेले में मारुति कंपनी 500 पदों पर भर्ती करने के लिए पहुंची है। दोपहर एक बजे तक करीब 1400 से ज्यादा अभ्यर्थियों का रिटेन टेस्ट हुआ। इसमें सफल अभ्यर्थियों का कल इंटरव्यू होगा। इसके बाद फाइनल सूची जारी की जाएगी। 2 राउंड में होगी भर्ती ITI अलीगंज के प्लेसमेंट ऑफिसर एमए खान ने बताया कि मारुति के हरियाणा प्लांट में भर्ती के लिए आज रोजगार मेला चल रहा है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सुबह से ही कैंपस पहुंच गए थे। कुल 500 पदों पर भर्ती होनी है। दो राउंड में भर्ती होगी। आज पहले दिन रिटन टेस्ट हुआ है। चयनित अभ्यर्थियों का कल इंटरव्यू होगा फिर फाइनल लिस्ट जारी होगी।
हरदोई के लखनऊ रोड पर हाईटेंशन लाइन का एक पोल घरों में बिजली आपूर्ति करने वाली लाइन पर गिर गया। इस घटना से लगभग 300 घरों की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई है। पोल गिरने से तार आपस में उलझ गए, जिससे 'टू-फेसिंग' की स्थिति उत्पन्न हो गई। स्थानीय निवासियों ने बताया कि बिजली गुल होने से पहले कुछ घरों में वोल्टेज में भारी गड़बड़ी देखी गई थी। किसी बड़े हादसे को टालने के लिए उपकेंद्र से तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। तारों को ठीक करने का काम तेजी से जारी इस तकनीकी खराबी के कारण लखनऊ रोड से जुड़े मोहल्लों के लगभग 300 उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली न होने से पानी की आपूर्ति और रोजमर्रा के कई कार्य प्रभावित हुए हैं। सोमवार सुबह दस बजे विद्युत विभाग की टीम लाइनमैन और आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, गिरे हुए पोल को सीधा करने और तारों को ठीक करने का काम तेजी से जारी है। बिजली विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है और कुछ घंटों के भीतर आपूर्ति बहाल होने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और कार्यस्थल से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है।
देवरिया में भाजपा ने स्थापना दिवस मनाया:कार्यकर्ताओं के समर्पण को बताया पार्टी की ताकत
देवरिया में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का स्थापना दिवस सोमवार को जिला मुख्यालय के औरा चौरी स्थित पार्टी कार्यालय पर मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर सदर सांसद शशांक मणि ने सभी कार्यकर्ताओं को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भाजपा को एक सतत चलने वाला संगठन बताया, जिसकी नींव कार्यकर्ताओं के समर्पण पर टिकी है। सांसद ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता निस्वार्थ सेवा, समर्पण और सुशासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने पार्टी के संकल्प को राष्ट्र के पुनर्निर्माण से जोड़ते हुए कहा कि भाजपा भारतीय संस्कृति और मूल्यों को पुनर्स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। पूर्व सांसद डॉ. रमापति त्रिपाठी ने जनसंघ से भाजपा तक की यात्रा को कार्यकर्ताओं के संघर्ष, बलिदान और राष्ट्रनिष्ठा का परिणाम बताया। उन्होंने उल्लेख किया कि भाजपा आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है और 'एकात्म मानववाद' के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। डॉ. त्रिपाठी ने पार्टी की पंचनिष्ठा—राष्ट्रवाद, लोकतंत्र, सकारात्मक पंथनिरपेक्षता, गांधीवादी समाजवाद और मूल्य आधारित राजनीति—पर भी प्रकाश डाला। जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा एक राष्ट्रवादी दल है, जो भारत को मजबूत, समृद्ध और शक्तिशाली राष्ट्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी आधुनिक सोच के साथ भारतीय परंपरा और संस्कृति को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। कार्यक्रम को पूर्व जिलाध्यक्ष विजय कुमार दुबे, मारकंडे शाही, अनिरुद्ध मिश्रा और अंतर्यामी सिंह ने भी संबोधित किया। जिला उपाध्यक्ष अजय कुमार दुबे ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस दौरान पंडित गिरीश चंद्र तिवारी, डॉ. सत्यप्रकाश मणि त्रिपाठी, काली प्रसाद, विशंभर मिश्रा, प्रेम अग्रवाल, संजय सिंह एडवोकेट सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
आगरा के थाना किरावली अंतर्गत मोरी गांव में एक विवाहिता रेखा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के पिता मांगेलाल ने ससुराल वालों पर दहेज की अतिरिक्त मांग पूरी न होने पर गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाया है। रेखा का विवाह वर्ष 2019 में नरेंद्र उर्फ सोनू से हुआ था। शादी के बाद से ही रेखा को प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसके कारण मामला परिवार परामर्श केंद्र तक पहुंचा था। परिवार परामर्श केंद्र में 27 नवंबर 2025 को दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ था। इसमें पति ने रेखा से अलग रहने और उसे परेशान न करने का वादा किया था। हालांकि, पिता मांगेलाल के अनुसार 4 अप्रैल को दामाद ने उनसे 4 लाख रुपए की मांग की और जान से मारने की धमकी भी दी थी। अगले दिन 5 अप्रैल को मांगेलाल को घर पर ताला लटका मिला और बाद में उन्हें रेखा की मौत की सूचना मिली। इस घटना के बाद रेखा के दो बच्चे, 5 वर्षीय नमन और 2 वर्षीय नमनसी, अनाथ हो गए हैं। एसीपी अछनेरा शैलेंद्र सिंह ने बताया कि- शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हाईकोर्ट ने अमित जोगी को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 (हत्या) और धारा 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत दोषी पाया है। अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
फतेहपुर में लापता 7 वर्षीय बच्चा मिला:पुलिस की खोजबीन के बाद पैरा के ढेर पर सोता पाया गया
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक 7 वर्षीय बच्चा खेलते समय लापता हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल खोजबीन शुरू की और बच्चे को घर से कुछ दूरी पर पैरा के ढेर पर सोता हुआ पाया। बच्चे के सकुशल मिलने पर परिजनों और पुलिस ने राहत की सांस ली। यह घटना फतेहपुर जिले के असोथर थाना क्षेत्र के ग्राम सावला का डेरा जरौली में हुई। रात 8:51 बजे डायल 112 के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली कि रामगोपाल का 7 वर्षीय पुत्र अभिषेक लापता हो गया है और काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चल सका है। परिजनों और पुलिस को मिली राहत सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम गांव पहुंची और असोथर थाना पुलिस को जानकारी दी। थानाध्यक्ष धीरेन्द्र ठाकुर के नेतृत्व में तत्काल एक पुलिस टीम गठित की गई, जिसमें उपनिरीक्षक अंकुश यादव, हेड कांस्टेबल सुखवीर, कांस्टेबल सतेन्द्र और कांस्टेबल निर्भय कुमार सिंह शामिल थे। पुलिस टीम ने गांव में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया। खोजबीन के दौरान, बच्चा घर से लगभग 100 मीटर दूर एक पैरा के ढेर पर सोता हुआ मिला। थाना प्रभारी धीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि बच्चे के पिता ने पुलिस को सूचित किया था कि बच्चा लगभग 3 घंटे से लापता था। बच्चे को सकुशल पाकर परिजनों और पुलिस दोनों ने राहत महसूस की। बच्चा पूरी तरह सुरक्षित है।
गुना के वंदना कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल में सोमवार सुबह प्रार्थना सभा से ठीक पहले मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। घटना में 36 से अधिक छात्र-छात्राएं, अभिभावक और स्कूल स्टाफ घायल हो गए। सुबह के समय बच्चे स्कूल परिसर में एकत्र हो रहे थे, तभी अचानक हुए इस हमले से परिसर में भगदड़ मच गई। स्कूल प्रबंधन ने घायलों को स्कूल के चिकित्सा कक्ष में प्राथमिक उपचार दिया और पालकों को बुलाकर बच्चों की छुट्टी कर दी है। शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है और वर्तमान में स्कूल में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। आधे घंटे तक मची रही अफरा-तफरी प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह जब बच्चे स्कूल परिसर में एकत्र हो रहे थे, तभी अचानक मधुमक्खियों ने उन पर धावा बोल दिया। खुद को बचाने के लिए बच्चे इधर-उधर भागने लगे, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। मधुमक्खियों के हमले से स्कूल परिसर में करीब आधे घंटे तक अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बना रहा। स्कूल प्रबंधन ने तुरंत घायल बच्चों को प्राथमिक उपचार दिया और जिन बच्चों की स्थिति सामान्य थी, उनके पालकों को सूचना देकर तत्काल स्कूल बुलाया गया। पालकों ने लगाए आरोप, प्रशासन ने दिए छत्ते हटाने के निर्देश हादसे की खबर फैलते ही शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन के बयान दर्ज किए और सुरक्षा मानकों की जांच की। प्रशासन ने स्कूल परिसर में लगे मधुमक्खियों के छत्तों को सुरक्षित रूप से हटवाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के निर्देश दिए हैं। वहीं, कुछ पालकों ने स्कूल प्रबंधन पर आरोप लगाया कि प्रबंधन ने उन्हें अपने बच्चों से तुरंत मिलने नहीं दिया, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई थी। BEO बोलीं- किसी को कोई नुकसान नहीं इस मामले में BEO गरिमा टोप्पो का कहना है कि, हमें सूचना मिली थी कि वंदना कॉन्वेंट स्कूल में कुछ बच्चों को मधुमक्खियों ने काट लिया है। जिस पर हम मौके पर पहुंचे हैं। जानकारी के अनुसार तीन-चार बच्चे और इतनी ही टीचर्स को काटा है। चूंकि यह इस तरह की घटना है जिसमें किसी का कंट्रोल नहीं है। स्कूल प्रबंधन ने घटना को अच्छे से संभाला और समय पर मेडिकल टीम बुलाकर बच्चों का उपचार कराया। सभी बच्चे सुरक्षित हैं। किसी को कोई नुकसान नहीं है।
बरेली नगर निगम (बीएमसी) के मनोनीत पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह सोमवार को पंडित राधेश्याम ऑडिटोरियम में भव्य रूप से संपन्न हुआ। मेयर डॉ. उमेश गौतम ने सभी 10 मनोनीत पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान सदन की शक्ति बढ़ गई है; अब 80 निर्वाचित पार्षदों के साथ 10 मनोनीत सदस्य जुड़ जाने से कुल संख्या 90 हो गई है। कार्यक्रम में सांसद छत्रपाल गंगवार, वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, एमएलसी बहोरन लाल मौर्य और नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य विशेष रूप से उपस्थित रहे। इन 10 पार्षदों ने ली शपथ; कमला कश्यप इकलौती महिला सदस्य शपथ लेने वाले पार्षदों में ज्ञान प्रकाश लोधी, गौरव सक्सेना, रामबहादुर मौर्य, सुमित सैनी, हरीश बाबू वाल्मीकि, वीरेंद्र, हरिओम गौतम, अशोक चौहान और राजीव कुमार गुप्ता शामिल हैं। इस सूची में कमला देवी कश्यप एकमात्र महिला मनोनीत पार्षद हैं। मेयर ने विश्वास जताया कि इन नए सदस्यों के आने से शहर के विकास कार्यों को नई गति और 'पंख' मिलेंगे। मेयर का विपक्ष पर प्रहार: बोले- हमने कूड़े के पहाड़ हटाए, उन्होंने सिर्फ भाषण दिए शपथ ग्रहण के बाद संबोधन में मेयर डॉ. उमेश गौतम ने विपक्ष को जमकर आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “विपक्ष के पास अब बोलने के लिए कुछ नहीं बचा है। लोग गवाह हैं कि पहले बरेली में टूटी सड़कें हुआ करती थीं, लेकिन आज चौड़ी सड़कों का जाल है। हमने 5 करोड़ की लागत से सिटी स्टेशन रोड का कायाकल्प किया। बाकरगंज में कूड़े के जिस पहाड़ को दशकों से किसी ने नहीं छुआ, नगर निगम ने उसे हटाकर लाखों लोगों को राहत दी।” रामगंगा को सीवर से किया मुक्त, अब सवा करोड़ के बजट से होगा काम विकास कार्यों का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए मेयर ने कहा कि पहले जिले का सारा सीवर रामगंगा में जाता था, लेकिन हमने एसटीपी बनाकर इसे रोका। उन्होंने घोषणा की कि शहर में पहले से लगी 80 हजार लाइटों के अलावा 30 हजार नई लाइटें और लगवाई जाएंगी। पार्षदों के अधिकार बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि इस बार सवा करोड़ से ज्यादा के काम हर वार्ड में कराए जा रहे हैं। महादेव सेतु का उदाहरण दिया, दिवाली तक अर्बन हाट बनेगा देश में सबसे सुंदर विरोध की राजनीति पर तंज कसते हुए मेयर ने महादेव सेतु (कुतुबखाना पुल) का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “जब पुल बन रहा था, तब व्यापारियों ने विरोध किया और वोट न देने की बात कही, लेकिन हमने विकास को प्राथमिकता दी। आज बरेली बदल रहा है। दिवाली तक बरेली का 'अर्बन हाट' देश के सबसे सुंदर हाट के रूप में तैयार हो जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमें ये 10 पार्षद 10 हाथ के रूप में दिए हैं, अब हम गर्व के साथ जनता के बीच जाएंगे।”
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के शंकर नगर में अग्निकुल क्षत्रिय तेलुगु समाज का विधायक निधि से भवन निर्माण का काम चल रहा है। जिसका भूमिभूजन कुछ महीने पहले उत्तर विधानसभा विधायक पुरंदर मिश्रा ने किया था। इसलिए समाज के लोगों ने विधायक से मिलकर उन्हें धन्यवाद कहा। यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक हुआ, इसके लिए आयोजन में पहुंचे मुख्य अतिथियों, विशिष्ट अतिथियों और समाज के सदस्यों का आयोजकों ने आभार व्यक्त किया है। आयोजकों ने कहा कि सभी के सहयोग और सहभागिता से ही कार्यक्रम को सफल बनाया जा सका। एकजुटता को बताया समाज की सबसे बड़ी ताकत संगठन मंत्री प्रभाकर राव ने कहा कि, समाज की प्रगति के लिए एकता बेहद जरूरी है। जब लोग मिल-जुलकर रहते हैं और एक-दूसरे का सहयोग करते हैं, तब समाज मजबूत और विकसित होता है। उन्होंने सभी से अपील की कि भविष्य में भी इसी तरह एकजुट होकर समाजहित में कार्य करते रहें। महिला पदाधिकारी ने दिया एकता का संदेश समाज की उपाध्यक्ष अधिवक्ता एस. लता राव ने भी अपने संदेश में एकता, प्रेम और आपसी सम्मान को समाज की मजबूती का आधार बताया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही एक सशक्त और समृद्ध समाज का निर्माण संभव है। समाज के उज्ज्वल भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी इस कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने समाज के विकास और संगठन को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया। आयोजकों ने दोबारा सभी अतिथियों और उपस्थित जनों को धन्यवाद दिया।
अजमेर में मवेशी का गला काटने का मामला सामने आया है। मवेशी का गला काटने की सूचना पर आसपास के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। सूचना मिलने पर हिंदूवादी संगठन भी मौके पर पहुंच गए। भीड़ ने युवक को मौके पर पकड़ लिया, जिसके बाद बेकाबू भीड़ ने युवक की पिटाई कर दी। रामगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत करवाते हुए युवक को डिटेन कर लिया। एडिशनल एसपी सिटी हिमांशु जांगिड़ और सीओ मनीष बड़गुर्जर थाने पहुंच गए। युवक की शिकायत पर रामगंज थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपी की पहचान करने के साथ मामले की जांच में जुटी है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी खंगाल रही है। मवेशी का गला काटने के मामले में युवक डिटेन एडिशनल एसपी सिटी हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि सोमवार सुबह रामगंज थाने पर सूचना मिली कि ब्यावर रोड स्थित जैन नमकीन के सामने व्यक्ति ने सड़क पर मवेशी को पड़ा हुआ था और एक युवक उसका गला काटने की कोशिश कर रहा था। एडिशनल एसपी सिटी ने बताया- सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मवेशी के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया। मामले में जवाहर की नाड़ी निवासी अनिकेत महावर की ओर से शिकायत दी गई है, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। एडिशनल एसपी सिटी ने बताया- भीड़ द्वारा पकड़े गए युवक को हिरासत में ले लिया गया है। युवक की पहचान करने के साथ-साथ आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज भी चेक किए जा रहे हैं। इसके साथ ही हथियार बरामद करने के भी प्रयास किए जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में अभिभावक महंगी किताबों और फीस के विरोध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिख रहे हैं। यह अभियान राष्ट्रीय छात्र पंचायत द्वारा चलाया जा रहा है, जिसमें अभिभावकों से गांव-गांव जाकर पत्र लिखवाए जा रहे हैं। उनका मुख्य उद्देश्य राज्य में फीस रेगुलेशन बिल लागू करवाना है। राष्ट्रीय छात्र पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम पांडेय और उनकी टीम अभिभावकों से यह मांग करवा रही है कि फीस, महंगी किताबों और ड्रेस के नाम पर हो रहे आर्थिक बोझ को रोका जाए। उनका कहना है कि इससे गरीब परिवारों के बच्चे भी अच्छे स्कूलों में पढ़ाई कर सकेंगे। अभिभावकों ने यह भी मांग की है कि जिन लोगों ने महंगी किताबें खरीदी हैं, उनकी जिम्मेदारी तय कर सरकार द्वारा कार्रवाई की जाए। इस अभियान के तहत स्कूली बच्चों से भी जानकारी ली जा रही है, जिनके अभिभावकों को महंगी किताबें खरीदने और फीस चुकाने में कठिनाई होती है। शिवम पांडेय ने बताया कि यह अभियान पिछले 18 दिनों से लगातार चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी स्कूल हर साल किताबें बदलते हैं और फीस व ड्रेस के नाम पर अभिभावकों पर आर्थिक दबाव डालते हैं। शिवम पांडेय ने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द फीस रेगुलेशन बिल बनाना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश के अधिकांश अभिभावक इस समस्या से प्रभावित हैं और इस पर तत्काल कानून बनाने की आवश्यकता है। दरअसल आपको बता दें कि फीस रेगुलेशन बिल को लेकर कि इससे पहले भी राष्ट्रीय छात्र पंचायत के कार्यकर्ता और पदाधिकारी अलग-अलग तरीके से विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार इन लोगों की मांगे मानने को तैयार रही है ना ही अभी तक इन लोगों की मांग पर सरकार द्वारा कोई अमल किया गया है। दरअसल आपको बता दें कि फीस रेगुलेशन बिल को लेकर कि इससे पहले भी राष्ट्रीय छात्र पंचायत के कार्यकर्ता और पदाधिकारी अलग-अलग तरीके से विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार इन लोगों की मांगे मानने को तैयार रही है ना ही अभी तक इन लोगों की मांग पर सरकार द्वारा कोई अमल किया गया है।
हरदोई के पचदेवरा थाना क्षेत्र में एक किशोरी से मारपीट और उसकी गर्दन पर बांका रखने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस मामले में किशोरी की मां ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पचदेवरा नई बस्ती गांव निवासी पूजा ने पुलिस को बताया कि उनकी 13 वर्षीय बेटी स्वीटी की तबीयत खराब थी। 1 अप्रैल की देर शाम वह उसे झाड़-फूंक कराने के लिए गांव के परमेश्वरदीन पुजारी के पास ले गई थीं। पूजा के अनुसार, झाड़-फूंक के दौरान परमेश्वरदीन और उसके बेटों मंजेश व संजेश ने स्वीटी के साथ मारपीट की। आरोप है कि आरोपियों ने थप्पड़ और घूसों से किशोरी की पिटाई की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
नालंदा जिले के राजगीर में पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए मंगलवार को रोपवे आंशिक रूप से बाधित रहेगा। इस संबंध में जानकारी देते हुए रोपवे प्रबंधक दीपक कुमार ने बताया कि मंगलवार सुबह 08:30 बजे से NDRF की टीम के साथ एक विशेष मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाना सुनिश्चित हुआ है। इस अभ्यास के कारण पर्यटकों की आवाजाही पर सुबह से लेकर 11:30 बजे तक या मॉक ड्रिल के पूरी तरह संपन्न होने तक रोक लगी रहेगी। इस महत्वपूर्ण सुरक्षा अभ्यास की पूर्व तैयारी के मद्देनजर सोमवार शाम 5 बजे ही रोपवे परिसर में NDRF की टीम और प्रबंधन के बीच एक 'टेबल टॉक' बैठक बुलाई गई है, जिसमें रेस्क्यू ऑपरेशन की रूपरेखा तय की जाएगी। रत्नागिरी पहाड़ी में भारत का सबसे पुराना चेयरलिफ्ट रोपवे रत्नागिरी पहाड़ी पर स्थित ये भारत का सबसे पुराना और प्रसिद्ध चेयरलिफ्ट रोपवे है, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विश्व शांति स्तूप तक ले जाता है। यहां से पर्यटकों को पहाड़ियों और पंत वन्यजीव अभ्यारण्य का मनोरम दृश्य देखने को मिलता है। आधुनिक सुविधाओं को जोड़ते हुए अब यहां 8-सीटर केबिन रोपवे (केबल कार) की सुविधा उपलब्ध है, जिसका लाभ लेने के लिए पर्यटक BSTDC की आधिकारिक वेबसाइट से ऑनलाइन बुकिंग भी कर सकते हैं। स्थानीय प्रशासन और रोपवे प्रबंधन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे सुरक्षा अभ्यास के महत्व को समझते हुए इस व्यवस्था में सहयोग करें और कल सुबह 11:30 बजे के बाद ही अपनी रज्जुपथ यात्रा का नियोजन करें। मॉक ड्रिल की प्रक्रिया संपन्न होते ही परिचालन को पुन: सामान्य रूप से बहाल कर दिया जाएगा।
राजधानी के भीड़भाड़ वाले गोल बाजार में दिनदहाड़े चोरी की घटना सामने आई है। यहां खरीदारी करने पहुंची एक महिला के गले से अज्ञात चोर करीब 3 तोले वजनी सोने की चेन पार कर ले गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया, वहीं पीड़िता ने थाने में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता का नाम पुलिस द्वारा हेमिन देवी वस्त्रकार बताया जा रहा है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला गोल बाजार पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार हेमिन देवी वसत्रकार 5 अप्रैल की शाम को अपनी बेटी जागृति गुप्ता के साथ गोल बाजार आई थी। यहां वह पहले पीतल के बर्तन खरीदने पहुंची और इसी दौरान राधा रानी श्रृंगार दुकान के सामने स्थित एक पंसारी दुकान में लड्डू गोपाल की पोशाक खरीदने गई। खरीदारी करने के बाद महिला अपनी बेटी के साथ बर्तन दुकान की ओर बढ़ी। इसी दौरान भीड़ का फायदा उठाकर किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसके गले से सोने की चेन पार कर दी। महिला के मुताबिक, चेन पुरानी इस्तेमाल की थी, जिसका वजन करीब 3 तोला और कीमत लगभग 4 लाख रुपए थी। जब महिला को गले में चेन नहीं होने का एहसास हुआ, तो वह तुरंत वापस उसी दुकान पर पहुंची और आसपास के दुकानदारों व ग्राहकों से पूछताछ की, लेकिन चेन का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पीड़िता ने घटना की शिकायत पुलिस से की। अज्ञात आरोपी के खिलाफ पुलिस ने दर्ज किया केस मामले की सूचना पर गोल बाजार पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपी की पहचान की जा सके।
नरसिंहपुर जिले में भाजपा नेता पवन पटेल से मारपीट के मामले में कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता पटेल सोमवार दोपहर 12 बजे एसपी कार्यालय पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं। जानकारी के अनुसार, सुनीता पटेल ने शनिवार को एसपी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस से संतोषजनक जवाब न मिलने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया। धरने के दौरान सुनीता पटेल ने आरोप लगाया कि पवन पटेल को बुरी तरह पीटा गया, लेकिन अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने प्रेस नोट जारी किया, पर उनके पत्र का कोई जवाब नहीं दिया। पटेल ने क्षेत्र में अवैध उत्खनन और डंपरों की आवाजाही को भी गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि गाडरवारा में लगातार हादसे हो रहे हैं, जैसे हाल ही में गांधी गांव में एक ट्रक घर में घुस गया, जिससे एक युवक की मौत हो गई थी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वह दिसंबर में भी पत्र लिखकर डंपरों के संचालन का समय निर्धारित करने की मांग कर चुकी हैं। सुनीता पटेल ने स्पष्ट किया कि जब तक उन्हें लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, वे धरना समाप्त नहीं करेंगी। दूसरी ओर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया ने मामले पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह घटना 1 तारीख की दरमियानी रात पलोहा थाना क्षेत्र में हुई थी। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली है और दो-तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। शेष आरोपियों की भी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। भूरिया ने बताया कि कुछ आरोपी स्थानीय हैं, जबकि कुछ बाहर के हैं। मामले की विस्तृत जानकारी एसडीओपी द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि त्वरित कार्रवाई की जा रही है और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।
हापुड़ में दिल्ली-लखनऊ हाईवे (NH-9) स्थित ब्रजघाट टोल प्लाजा के पास चलती कार की छत और खिड़कियों से बाहर निकलकर स्टंट करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इस मामले में हापुड़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वाहन का ₹7,000 का चालान काटा है। दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के आदेश वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया। हापुड़ के पुलिस अधीक्षक (SP) कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के आदेश दिए। एसपी के निर्देश पर यातायात पुलिस ने बिना देरी किए वाहन की पहचान की और मोटर व्हीकल एक्ट (MV Act) के उल्लंघन के तहत यह चालान जारी किया। यातायात नियमों का पालन करने की अपील इस घटना के बाद हापुड़ पुलिस ने जनपदवासियों और राहगीरों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि चलती गाड़ी में स्टंट करना न केवल चालक के लिए बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए भी खतरनाक हो सकता है। युवकों में रील बनाने के जुनून पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हापुड़ पुलिस ने कहा, सड़क सुरक्षा केवल एक नियम नहीं, बल्कि आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा की गारंटी है। रील बनाने के जुनून में अपनी जिंदगी दांव पर न लगाएं।
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसी क्रम में अलीगंज विकास खंड सभागार में विधायक सत्यपाल सिंह राठौर ने 15 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्टफोन वितरित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस पहल से कार्यकत्रियों को अपने कार्य में तेजी और पारदर्शिता लाने में मदद मिलेगी। विधायक राठौर ने बताया कि आगामी चार दिनों के भीतर क्षेत्र की सभी 272 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को मोबाइल वितरित कर दिए जाएंगे। विधायक ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार आंगनवाड़ी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। स्मार्टफोन उपलब्ध कराने का उद्देश्य यह है कि कार्यकत्रियां बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं से जुड़ी योजनाओं का डाटा समय पर ऑनलाइन दर्ज कर सकें। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। डॉ. अखलाख ने संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत बताया कि मौसम परिवर्तन के दौरान फैलने वाले रोगों से बचाव के लिए स्वच्छता, साफ पानी, नियमित टीकाकरण और जागरूकता आवश्यक है। उन्होंने कार्यकत्रियों से घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने की अपील की। खंड विकास अधिकारी शिव शंकर शर्मा ने कहा कि स्मार्टफोन मिलने से कार्यकत्रियों का काम आसान होगा और योजनाओं की निगरानी बेहतर तरीके से हो सकेगी। सीडीपीओ कुसुमा ने भी कार्यकत्रियों से नई तकनीक का सही उपयोग करते हुए सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां, कर्मचारी और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ आंगनवाड़ी व्यवस्था को भी मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगी।
धनबाद के हीरापुर तेलीपाड़ा में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक जनरल स्टोर के बाहर अज्ञात व्यक्ति का शव मिला। जय माता दी जनरल स्टोर के किनारे शव पड़ा देखकर स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही धनबाद थाना की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। स्थानीय लोगों के अनुसार, मृतक को इलाके में 'डांगरा' नाम से जाना जाता था। प्रारंभिक जानकारी में बताया गया है कि वह टुंडी क्षेत्र का रहने वाला एक आदिवासी युवक था। वह हीरापुर और आसपास के इलाकों में रिक्शा चलाकर अपना जीवन यापन करता था। हालांकि, पुलिस ने अभी तक उसकी आधिकारिक पहचान की पुष्टि नहीं की है। पुलिस ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत होता है। हालांकि, मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। पुलिस घटना के संबंध में जानकारी जुटाने के लिए आसपास के दुकानदारों और राहगीरों से लगातार पूछताछ कर रही है। स्थानीय निवासी निरंजन कुमार ने जानकारी दी कि मृतक अक्सर इसी क्षेत्र में देखा जाता था और कई बार रात में सड़क किनारे सोता था। धनबाद थाना के एएसआई राजीव कुमार चौबे ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब मृतक की पहचान और उसकी मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।
मऊ जिला कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार को हिंदू जागरण समिति के कार्यकर्ताओं ने कोपागंज नगर पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने इस दौरान जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। हिंदू जागरण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि कोपागंज नगर पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है। सड़क, नालियों और खड़ंजा के निर्माण में बेहद घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सिंह ने आगे कहा कि नगर पंचायत में कमीशन का खेल खुलेआम चल रहा है और सरकारी धन का बंदरबांट किया जा रहा है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए खरीदी गई दवाइयों में भी भारी घोटाला किया गया है। समिति ने दावा किया कि जनता की सुविधाओं के लिए नगर पंचायत द्वारा खरीदी गई सामग्री में पारदर्शिता का अभाव है और इसमें बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की गई हैं। हिंदू जागरण समिति के राष्ट्रीय संगठन मंत्री एडवोकेट रामकृष्ण भारद्वाज ने बताया कि लाइट की खरीद में भी व्यापक लूट-खसोट हुई है, जहां जरूरत से अधिक कीमत पर खरीदारी की गई और गुणवत्ता को नजरअंदाज किया गया। एडवोकेट भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग पर रखे गए कर्मचारियों के वेतन में कटौती की जा रही है और उन्हें उनके पारिश्रमिक का उचित भुगतान नहीं मिल रहा है। इस अवसर पर प्रांतीय मंत्री रवि गुप्ता, एडवोकेट अमरेश सिंह, राज श्रीवास्तव, गुड्डू सोनकर, अमरजीत चौहान, विजय रंजन सिंह, नखडु साहनी, आदित्य रंजन सिंह, विनोद कुमार चौहान, कृष्णा गोंड, गोलू सोनकर, गुलशन राजभर, सत्यम गुप्ता और अंजनी शर्मा सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
जालौन में सपा का प्रदर्शन:फसल नुकसान पर 100 प्रतिशत मुआवजे की मांग, किसानों को मिलेगी राहत
जालौन में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को हुए भारी नुकसान के विरोध में समाजवादी पार्टी (सपा) ने प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर, सपा सांसद नारायण दास अहिरवार, पूर्व मंत्री श्रीराम पाल और पूर्व जिला अध्यक्ष सुरेंद्र बजरिया के नेतृत्व में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसानों को राहत दिलाने की मांग उठाई। इस दौरान सपा नेताओं ने जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि हाल ही में हुई ओलावृष्टि और बारिश से जिले के अधिकांश गांवों में गेहूं, सरसों, चना समेत अन्य फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। कई स्थानों पर किसानों के सामने खाद्यान्न का संकट खड़ा हो गया है। 100 प्रतिशत फसल का मुआवजा दिया जाए सपा ने मांग की कि प्रभावित किसानों को 100 प्रतिशत फसल का मुआवजा दिया जाए। साथ ही, जो किसान बटाई पर खेती करते हैं, उन्हें भी मुआवजे का लाभ मिलना चाहिए। इसके अलावा, किसानों के केसीसी (क्रेडिट कार्ड) ऋण और कृषि यंत्रों के कर्ज को माफ करने की मांग भी उठाई गई। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष और सांसद ने यह भी कहा कि जिन गांवों में खाद्यान्न की समस्या उत्पन्न हो गई है, वहां कुछ महीनों तक गेहूं व अन्य जरूरी खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाए। पशुपालकों के लिए भूसे की व्यवस्था और किसानों के बिजली बिल माफ करने की भी मांग की गई। साथ ही, खराब मौसम के चलते गांवों में टूटे बिजली के खंभों और तारों को जल्द ठीक कराने की बात कही गई। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार अभी तक इस आपदा को दैवीय आपदा घोषित नहीं कर रही है और केवल खानापूर्ति में लगी हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द किसानों को राहत नहीं दी गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग की प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री ममता भूपेश बैरवा 14 अप्रैल को डूंगरपुर दौरे पर रहेंगी। वे यहां जिला मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। जिला कांग्रेस कमेटी और अनुसूचित जाति विभाग, डूंगरपुर द्वारा इस समारोह का आयोजन किया जा रहा है। कांग्रेस एससी विभाग के जिलाध्यक्ष सुखदेव यादव ने बताया कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समाज के लोग भाग लेंगे। ममता भूपेश बैरवा बाबा साहेब के विचारों और संविधान के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करेंगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ममता भूपेश बैरवा 13 अप्रैल को जयपुर से उदयपुर पहुंचेंगी और वहां रात्रि विश्राम करेंगी। अगले दिन, 14 अप्रैल को वे सुबह उदयपुर से रवाना होकर लगभग 11 बजे डूंगरपुर पहुंचेंगी। समारोह में शामिल होने के बाद वे पुनः उदयपुर के लिए प्रस्थान करेंगी। उनके आगमन को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी एससी विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उनके दौरे को लेकर उत्साह का माहौल है और व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
एसआई भर्ती 2025 परीक्षा के दूसरे दिन पहली पारी शांतिपूर्वक और पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई। पहली पारी में कुल 70.85 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। इस पारी में 9442 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 6784 ने परीक्षा दी, जबकि 2658 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। पहले दिन की तुलना में इस बार करीब 4 प्रतिशत अधिक उपस्थिति दर्ज की गई। जिले में परीक्षा दो पारियों में आयोजित की जा रही है। सुबह की पारी के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अभ्यर्थियों को सुबह 9 बजे से प्रवेश दिया गया। पुलिस और प्रशासनिक टीम ने सघन जांच की। सख्ती को देखते हुए कई अभ्यर्थियों ने स्वयं ही हाथ में बंधे डोरे और अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं उतार दीं, जबकि महिलाओं से जेवर भी उतरवाए गए। कलेक्टर-SP ने किया केंद्रों पर निरीक्षण परीक्षा के दौरान कलेक्टर टीना डाबी और पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीणा ने सेंट सोल्जर सीनियर सेकेंडरी स्कूल सहित विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और शांतिपूर्ण तरीके से कराने के निर्देश दिए। परीक्षा समाप्त होने के बाद कुछ केंद्रों पर अभ्यर्थी तुरंत बाहर निकल गए, जबकि कई अभ्यर्थी बाहर आकर चाय-नाश्ता कर फिर दूसरी पारी के लिए केंद्रों पर लौटते नजर आए। कल की तुलना में आज पहली पारी में कम पहुंचे अभ्यर्थी एडीएम रामरतन सौकरिया ने बताया -पहली पारी पूरी तरह शांतिपूर्ण रही और पिछले दिन की तुलना में अनुपस्थित अभ्यर्थियों की संख्या कम रही। प्रशासन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि परीक्षा में लाख या कांच की पतली चूड़ियों के अलावा कोई भी जेवर पहनकर प्रवेश नहीं मिलेगा। इसके अलावा घड़ी, धूप का चश्मा, बेल्ट, हैंडबैग, हेयर पिन, ताबीज, कैप, स्कार्फ, स्टॉल, शॉल और मफलर जैसे सामान प्रतिबंधित रहे। पुरुष अभ्यर्थियों को केवल आधी आस्तीन की शर्ट, टी-शर्ट या कुर्ता, पेंट या पायजामा और हवाई चप्पल या स्लीपर में ही प्रवेश दिया गया। वहीं महिला अभ्यर्थियों को सलवार सूट या साड़ी, आधी आस्तीन का कुर्ता या ब्लाउज, हवाई चप्पल या स्लीपर तथा बालों में साधारण रबर बैंड के साथ ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी गई।
भिंड जिले की लहार नगर पालिका ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बिना अनुमति प्लॉटिंग करने वाले करीब 15 लोगों को नोटिस जारी किए हैं। इसी बीच एक नोटिस में जातिगत शब्द के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने मुद्दा उठाया, जिस पर लहार नगर पालिका के सीएमओ रामशंकर शर्मा ने स्पष्ट किया है कि नगर पालिका द्वारा जारी किसी भी नोटिस में जातिगत शब्दों का उपयोग नहीं किया गया है। सीएमओ ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर नोटिस को कूटरचित कर सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और अवैध कॉलोनियों के खिलाफ एक्शन लगातार जारी रहेगा। सरकारी और कृषि भूमि पर कट रहीं अवैध कॉलोनियां सीएमओ शर्मा ने बताया कि बायपास क्षेत्र सहित अन्य जगहों पर सरकारी और कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनियां बसाई जा रही हैं। संबंधित लोगों ने कॉलोनाइजर से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया है और बिना अनुमति प्लॉटिंग कर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। ऐसे मामलों में नगर पालिका ने विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किए हैं, ताकि संबंधित पक्ष अपना जवाब प्रस्तुत कर सके। भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर होगी वैधानिक कार्रवाई सीएमओ ने कहा कि यदि किसी को नोटिस को लेकर आपत्ति है तो वह नियमानुसार अपना पक्ष रख सकता है, लेकिन गलत तथ्यों के आधार पर नगरपालिका को बदनाम करने का प्रयास कानूनन गलत है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष ने उठाया था मुद्दा गौरतलब है कि बीते दिनों कांग्रेस ग्रामीण जिला अध्यक्ष रामशेष बघेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक नोटिस में कथित तौर पर जातिगत शब्द के इस्तेमाल को लेकर मुद्दा उठाया था। इसके बाद नगर पालिका की ओर से यह स्पष्टीकरण सामने आया है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
बदलते मौसम से बढ़ी मरीजों की तादाद:वायरल फीवर, खांसी और जुकाम के मामले बढ़े, अस्पतालों में उमड़ रही भीड़
हाथरस में पिछले चार दिनों से मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव और बारिश के कारण मौसमी बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है। वायरल फीवर, खांसी और जुकाम जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे जिला अस्पताल और निजी क्लीनिकों में भीड़ बढ़ गई है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 200 से अधिक मरीज इन मौसमी बीमारियों के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। निजी अस्पतालों में भी वायरल फीवर के मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है, जो बदलते मौसम के स्वास्थ्य पर पड़ रहे गंभीर असर को दर्शाता है। तापमान में दिन के समय तेज धूप और रात व सुबह में गिरावट, साथ ही बारिश, इन मौसमी बदलावों को बीमारियों के इस प्रकोप का मुख्य कारण बताया जा रहा है। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. प्रमोद कुमार ने पुष्टि की कि वायरल फीवर और खांसी-जुकाम के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ठंडी चीजों का सेवन करने से बचें.. डॉ. कुमार ने विशेष रूप से बताया कि इस बदलते मौसम का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ रहा है। उन्होंने लोगों को ठंडी चीजों के सेवन से परहेज करने और बारिश में भीगने से बचने की सलाह दी। साथ ही, उन्होंने बीमार महसूस होने पर तुरंत योग्य चिकित्सक से परामर्श लेने पर भी जोर दिया।
बालोतरा के कल्याणपुर से निकलने वाला नेशनल हाईवे 25 के पास बनी सर्विस लाइन लोगों को सुविधा देने के बजाय दुविधा बन गई। कल्याणपुर कस्बे में ओवरब्रिज बना हुआ है। वहीं साइडों में सर्विस लाइन में सिवरेज का पानी भरा हुआ है। पैदल चलने वाले राहगीरों के साथ-साथ वहां से गुजरने वाले टू-व्हीलरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा है। वहीं दुकानदार का कहना है कि पानी की वजह से कस्टमर भी नहीं आ रहे है। दरअसल, बाड़मेर जोधपुर को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे 25 कस्बों पर ओवरब्रिज बने हुए है। कल्याणपुर कस्बे में भी ओवरब्रिज है। लेकिन कस्बे के चार रास्ते आसपास 101 के गांवों को जोड़ता है। यहां से हजारों की संख्या में लोगों का आना-जाना होता है। बिना बारिश के सिवरेज लाइनों से पानी आए दिन सर्विस लाइनों में भरा रहता है। इससे स्कूली बच्चों और लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कपड़ा व्यापारी जबरसिंह का कहना है कि दो सालों से यह सिवरेज व नाले का पानी सर्विस लाइन पर आ रहा है। इसकी पॉपर निकासी नहीं है। पानी भरा रहने की वजह से कस्टमर इस पानी को पार कर नहीं पहुंचता है। मोबाइल दुकानदार नरेंद्र कुमार का कहना है कि सर्विस लाइनों में पानी भरने से लोगों का आने-जाने में परेशानी हो रही है। दुकानदार पर लोग नहीं पहुंच पा रहे है।
आशा बहुओं को तीन माह से वेतन नहीं मिला:बहराइच में जिलाधिकारी से शिकायत कर प्रदर्शन किया
बहराइच जिले के हुजूरपुर विकासखंड में कार्यरत आशा बहुओं ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्हें पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिला है, जिससे नाराज होकर उन्होंने जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा और समस्याओं के समाधान की मांग की। मनमानी का आरोप हुजूरपुर ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिरैया टांड़ में तैनात चिकित्सा अधिकारी मनु शर्मा पर आशा बहुओं ने मनमानी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अधीक्षक की मनमानी के कारण उन्हें तीन माह से वेतन नहीं मिला है। इसके अतिरिक्त, विभिन्न योजनाओं में बेहतर कार्य के लिए मिलने वाली प्रोत्साहन राशि भी नहीं दी गई है। आरोपों को निराधार बताया सभी आशा बहुओं ने जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी को एक शिकायती पत्र सौंपकर मामले की जांच की मांग की है। वहीं, चिकित्सा अधीक्षक ने इन आरोपों को निराधार बताया है। प्रदर्शन के दौरान सत्या सिंह, रेखा सिंह, कमला देवी सहित बड़ी संख्या में आशा बहुएं मौजूद रहीं।
दैनिक भास्कर यूपी की 403 विधानसभा सीटों पर सर्वे कर रहा है। किस सीट पर अब किसकी हवा है। जनता की पसंद कौन है, मौजूद विधायक या कोई और। इस सर्वे में भाग लेकर आप बताइए, जालौन की कालपी विधानसभा सीट पर विधायक विनोद चतुर्वेदी को क्या आप उम्मीदवार बनाना चाहते हैं या यहां से तैयारी कर रहे भाजपा नेता अमरपाल मौर्या को मौका देंगे? जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष विवेक विक्रम सिंह या अंजली मौर्या में अगर आपकी पसंद हैं तो उनके लिए सर्वे में भाग लीजिए। कोई और पसंद है तो उसका नाम भी आप दे सकते हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) से आप किसे उम्मीदवार बनाना चाहेंगे। सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता आकाश मौर्या या संतोष कुमार मौर्या में कौन पसंद है? जन अधिकार पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष वा जौनपुर सांसद की पत्नी शिवकन्या कुशवाहा आपकी पसंद हैं तो उनके लिए सर्वे में भाग लीजिए। कोई और पसंद है तो उसका नाम भी आप दे सकते हैं। बसपा से आप किसे उम्मीदवार बनाना चाहेंगे। ठाकुर प्रसाद यादव, रामबाबू अम्बेडकर या राजेश कुमार कौशिक में किसे मौका देंगे। या किसी अन्य को पसंद करते हैं। कांग्रेस से आप कांग्रेस प्रदेश सचिव अतुल सिंह को चुनना चाहेंगे। या किसी और को पसंद करते हैं। यह सर्वे पूरी तरह गोपनीय है, आपकी पहचान कभी भी उजागर नहीं होगी। इस लिंक पर क्लिक करके आप सर्वे में भाग ले सकते हैं। अगर आपके पास भास्कर एप नहीं है तो पहले डाउनलोड करें, फिर सर्वे में भाग लें- लिंक
बड़वानी जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम भीलखेडा और बड़वानी के बीच का कच्चा मार्ग किसानों और ग्रामीणों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। सड़क के अभाव और मार्ग की जर्जर हालत के कारण क्षेत्र का कृषि कार्य और दैनिक जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। लंबे समय से डामरीकरण की बाट जोह रहे ग्रामीणों ने अब प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है। खेती और परिवहन में हो रही परेशानी किसान रामलाल मुकाती और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि उनकी कृषि भूमि और निवास गांव में ही हैं, लेकिन बड़वानी शहर तक पहुंचने के लिए केवल एक ही कच्चा रास्ता उपलब्ध है। सड़क इतनी जर्जर हो चुकी है कि इस पर पैदल चलना भी दूभर है। किसानों को खाद-बीज, कृषि उपकरण और अपनी उपज को खेतों से मंडी तक ले जाने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। बारिश के दिनों में तो स्थिति इतनी भयावह हो जाती है कि आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित सड़क की दुर्दशा का असर केवल खेती पर ही नहीं, बल्कि बच्चों की शिक्षा और मरीजों के उपचार पर भी पड़ रहा है। परिवहन सुविधाओं के अभाव में एंबुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाएं समय पर गांव तक नहीं पहुंच पातीं। ग्रामीणों का आरोप है कि एक तरफ सरकार गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने का दावा कर रही है, वहीं भीलखेडा आज भी मूलभूत सड़क सुविधा से वंचित है। नेताओं के आश्वासन के बाद भी नहीं बदला हाल ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमसिंह पटेल और सांसद गजेंद्रसिंह पटेल ने भी इस मार्ग के निर्माण को लेकर विधानसभा और संसद में प्रस्ताव रखे थे, लेकिन धरातल पर अब तक कोई कार्य शुरू नहीं हो सका है। जनप्रतिनिधियों के आश्वासनों के बावजूद फाइलें दफ्तरों में दबी हुई हैं, जिससे क्षेत्रवासियों में आक्रोश व्याप्त है। उग्र प्रदर्शन की चेतावनी किसानों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि भीलखेडा से बड़वानी तक के इस महत्वपूर्ण मार्ग का तत्काल डामरीकरण कराया जाए। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे अपने हक के लिए उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। फिलहाल, क्षेत्र के लोग कीचड़ और धूल भरे कच्चे रास्ते से सफर करने को मजबूर हैं।
REEL बनाते डैम में पलटी नाव, 2 छात्र डूबे:झांसी में बोले- तैरना आता है, बच जाएंगे, एक का शव मिला
झांसी में रविवार शाम को रेलवे डैम में नाव पलटने से 11वीं कक्षा के 4 दोस्त डूब गए। एक चरवाहे ने साहस दिखाते हुए दो दोस्तों को बचा लिया, जबकि 15 घंटे बाद सोमवार सुबह एक दोस्त आतिफ की लाश मिली है। वहीं, वेदांश यादव की तलाश में डैम में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। डैम में नाव में घूमते हुए उनकी एक रील वायरल हो रही है। रील बनाते हुए वेदांश यादव कह रहा है- “नाव हाईजैक करके पूरे रेलवे डैम में घूम रहे हैं। मुझे तैरना आता है, मैं बच जाऊंगा, इसका (शौर्य) पता नहीं।” शौर्य को बचा लिया गया, जबकि वेदांश का कोई सुराग नहीं लगा। जालौन से एसडीआरएफ टीम मौके पर पहुंच गई और सर्च में जुट गई। पूरा मामला रक्सा के गढ़िया गांव का है। अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए चारों माउंट लिट्रा जी स्कूल में पढ़ते हैं प्रेमनगर के महावीरन मोहल्ला नवासी श्रवण तिवारी (19), लहर गिर्द नवासी शौर्य (18), प्रेमगंज निवासी वेदांश यादव (18) और नगरा निवासी आतिफ मंसूरी (19) माउंट लिट्रा जी स्कूल में 11वीं में पढ़ते थे। परीक्षाएं समाप्त होने के बाद रविवार को चारों ट्यूशन जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन ट्यूशन न जाकर बाइक से गढ़िया गांव स्थित रेलवे डैम पहुंच गए। डैम के किनारे पड़ी नाव लेकर चारों पानी में उतर गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बीच डैम में खड़े होकर छात्र मोबाइल से रील बना रहे थे, तभी अचानक नाव असंतुलित होकर पलट गई और चारों पानी में गिर गए। चरवाहे ने दो दोस्तों को बचा लिया डैम के पास कल्लू केवट बकरियां चरा रहा था। जब उसने छात्रों को डूबते हुए देखा तो नाव लेकर डैम में उतर गया। कल्लू ने साहस दिखाते हुए श्रवण और शौर्य को बचा लिया। लेकिन लेकिन वेदांश और आतिफ गहरे पानी में समा गए और लापता हो गए। घटना के बाद ग्रामीण एकत्र हो गए और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल टीम मौके पर पहुंच गई। इसके बाद सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। अंधेरा होने पर सर्च ऑपरेशन बंद करना पड़ा। आतिफ मंसूरी का शव बरामद हुआ सोमवार सुबह दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ। स्थानीय गोताखोरों की मदद से सुबह लगभग 9 बजे आतिफ मंसूरी के शव को बरामद कर लिया गया। वेदांश यादव का अभी सुराग नहीं लगा है। डैम में जहां छात्र डूबे थे, वहां लगभग 30 फीट पानी है। दोपहर 12:30 बजे एसडीआरएफ की टीम भी जालौन से पहुंच गई। एसडीआरएफ टीम ने सर्च शुरू कर दी है। घटना के बाद परिजन रोते बिलखते हुए मौके पर पहुंच गए। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। मौके पर एसडीएम गोपेश तिवारी समेत पुलिस अफसर मौके पर मौजूद हैं। दोनों अपने माता-पिता के इकलौते बेटे आतिफ मंसूरी का शव मिलने के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसके पिता शहजाद रेलवे में ठेके पर काम करते हैं। वहीं, वेदांश यादव भी इकलौता बेटा है। उससे बड़ी एक बहन कशिश बीटीसी कर रही है। वेदांश के पिता विश्ववीर यादव कृषि विभाग में बाबू थे। 2008 में सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई थी। तब वेदांश गर्म में था। इसके बाद पत्नी रंजनी यादव को नौकरी मिल गई थी। रजनी कृषि विभाग में भू संरक्षण में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं। एसडीआरएफ की टीम आ गई एसडीएम गोपेश तिवारी ने कहा कि 4 बच्चे रेलवे डैम में डूब गए थे। ग्रामीणों के सहयोग से दो को बचा लिया गया था। आज एक बच्चे का शव बरामद हो गया। दूसरे बच्चे की तलाश की जा रही है। एसडीआरएफ की टीम को बुला लिया गया है। उसके शव की तलाश की जा रही है।
औरैया में घर में घुसकर मारपीट और लूट, CCTV:महिलाओं समेत परिवार को पीटा, नकदी और मोबाइल ले भागे
औरैया के दिबियापुर थाना क्षेत्र के जमौली गांव में घर में घुसकर मारपीट और लूट का मामला सामने आया है। पीड़िता जानवती पत्नी सुभाष चंद्र ने दिबियापुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, यह घटना 6 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 7 से 9 बजे के बीच हुई। आरोपियों ने घर के पास पहुंचकर गाली-गलौज की और विरोध करने पर परिवार के सदस्यों पर लाठी-डंडों व लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इस हमले में शाहिद के परिजनों सहित कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने मारपीट के दौरान उनका मोबाइल फोन छीन लिया और जेब में रखे करीब 5 से 10 हजार रुपये भी लूट लिए। बीच-बचाव करने आए अन्य परिजनों को भी पीटा गया। घटना का एक वीडियो सीसीटीवी में कैद हो गया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिबियापुर में भर्ती कराया गया है। पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अलवर में शुरू की गई 6 नई 22 एसी बसों में से जोधपुर रूट पर चल रही दोनों बसों का संचालन बंद कर दिया गया है। विभाग को इस रूट पर पर्याप्त यात्री नहीं मिल रहे थे, जिससे इनकम नहीं हो पा रही थी। इसी वजह से जोधपुर रूट को निरस्त कर दिया गया। मुख्य प्रबंधक कुलदीप शर्मा के अनुसार, जोधपुर रूट पर पुरुषों का किराया 900 रुपये रखा गया था, जबकि महिलाओं को 50 प्रतिशत छूट दी जा रही थी। इसके बावजूद बसें केवल तीन दिन ही चलीं और इस दौरान पर्याप्त आय नहीं हुई। अब सोमवार से इन दोनों बसों को जयपुर रूट पर सुबह 6 बजे से संचालित किया जा रहा है। बाकी चार बसें अलग-अलग रूट पर पहले की तरह चल रही हैं—दो सावरिया सेठ और दो दिल्ली रूट पर। भाजपा नेता तिलक राज शर्मा का कहना है कि विभाग ने जल्दबाजी में फैसला लिया है। उनका मानना है कि किसी भी नए रूट को जमने में समय लगता है, इसलिए कम से कम एक महीने तक संचालन जारी रखना चाहिए था, ताकि यात्रियों को इसकी जानकारी मिल सके।
किशनगंज में हड़ताल के बीच साइबर ठग सक्रिय:प्रभारी सीओ ने संभाली कमान, लोगों से सतर्क रहने की अपील
बिहार में अंचल स्तर के अधिकारियों की हड़ताल से आम लोगों को परेशानी हो रही है। इस स्थिति का फायदा उठाकर साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं, जो खुद को सरकारी कर्मचारी बताकर लोगों से पैसे ठगने की कोशिश कर रहे हैं। राज्य सरकार ने कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था लागू की है। इसी क्रम में किशनगंज के सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी जव्वाद आलम को पोठिया अंचल का प्रभारी अंचल अधिकारी नियुक्त किया गया है। व्यवस्था सामान्य करने की पहल प्रभारी सीओ जव्वाद आलम ने पदभार संभालते ही व्यवस्था सामान्य करने की पहल की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंचल कार्यालय में सभी आवश्यक कार्य नियमित रूप से किए जा रहे हैं और लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। जव्वाद आलम ने बताया कि कुछ असामाजिक तत्व फोन पर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं और जमीन संबंधी कार्य जल्दी कराने के नाम पर पैसे मांग रहे हैं। यह पूरी तरह फर्जीवाड़ा है। उन्होंने लोगों से ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार का लेनदेन न करने और सीधे अंचल कार्यालय आकर ही अपना कार्य कराने की अपील की। जमीन से जुड़ी समस्याओं को लेकर पहुंचे कार्यालय उन्होंने पोठिया अंचल के सभी रैयतों से अपनी जमीन से जुड़ी समस्याओं को लेकर कार्यालय पहुंचने को कहा, जहां नियमानुसार उनके मामलों का निपटारा किया जाएगा। किसी भी संदिग्ध कॉल या ठगी के प्रयास की जानकारी तत्काल प्रशासन को देने की अपील भी की गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, हड़ताल के कारण पहले से ही कामकाज प्रभावित था, ऐसे में साइबर ठगी की घटनाओं ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। लोगों ने प्रशासन से ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने भी आश्वासन दिया है कि ठगी में शामिल लोगों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन इसके लिए आम लोगों को भी सतर्क रहना होगा।
चतरा जिले में अफीम तस्करों को संरक्षण देने के आरोप में लावालौंग थाना प्रभारी प्रशांत कुमार मिश्रा को निलंबित कर दिया गया है। चतरा एसपी सुमित कुमार अग्रवाल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोपों के बाद यह कदम उठाया। एसपी को थाना प्रभारी के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद, उन्होंने सिमरिया एसडीपीओ शुभम खंडेलवाल को मामले की गुप्त जांच का निर्देश दिया। एसडीपीओ की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में प्रशांत मिश्रा पर लगे आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एसपी ने तत्काल प्रभाव से प्रशांत मिश्रा को निलंबित कर पुलिस लाइन में अटैच कर दिया। यह पिछले 11 महीनों में उनका दूसरा निलंबन है। इससे पहले, मई 2025 में पिपरवार थाना प्रभारी रहते हुए उन पर अवैध बालू कारोबार को बढ़ावा देने के आरोप लगे थे।
सीकर के दादिया थाना इलाके में बोलेरो और बाइक की टक्कर में एक ही परिवार की दो लोगों की मौत हो गई। टक्कर इतनी खतरनाक थी कि टक्कर के बाद दोनों वाहनों में आग लग गई। आग लगने के चलते दोनों वाहन पूरी तरह से जल गए। सड़क पर लंबा जाम लग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जाम खुलवाया। घटना सीकर के दादिया थाना इलाके में सीकर से उदयपुरवाटी जाने वाले रास्ते पर अमरनाथ आश्रम के पास हुई। यहां बोलेरो गाड़ी और बाइक में आमने-सामने की टक्कर हुई। इस घटना में बाइक पर सवार रामचंद्र और मुकेश की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों एक ही परिवार के सदस्य हैं। टक्कर होने के बाद बाइक गाड़ी के नीचे आ गई। ऐसे में दोनों वाहनों में आग लग गई। आग लगने के चलते सड़क पर लंबा जाम लग गया। फिलहाल दोनों वाहनों को सड़क किनारे खड़ा करवाया गया है। दोनों के शव हॉस्पिटल की मोर्च्यूरी में रखवाए गए हैं।
रायपुर के सरस्वती नगर थाना निवासी स्वास्थ्य विभाग के सलाहकार को साइबर ठगों ने वर्क फ्रॉम होम काम देने का झांसा देकर 1.86 हजार की ठगी कर ली। साइबर अपराधियों ने रजिस्ट्रेशन और टास्क के नाम पर पैसे ट्रांसफर कराए और फिर पैसे वापस नहीं दिए। पैसे वापस नहीं मिलने पर पीड़ित ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित का नाम पुलिस द्वारा अविनाश शराफ बताया जा रहा है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला सरस्वती नगर पुलिस के अनुसार पीड़ित अविनाश शराफ 8 मार्च 2026 को वह फेसबुक चला रहा था, तभी उसे पार्ट टाइम इनकम से जुड़ा एक विज्ञापन दिखा। लिंक पर क्लिक करते ही उसे एक वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराया गया और व्हाट्सएप के “VIP ग्रुप” में जोड़ दिया गया। शुरुआत में ठगों ने भरोसा जीतने के लिए 200 रुपए का टास्क पूरा करवाया और बदले में 300 रुपए वापस भी दिए। इसके बाद बड़े मुनाफे का लालच देकर लगातार टास्क दिए गए। टास्क पूरा करने के नाम पर पीड़ित से अलग-अलग किश्तों में 37 हजार, 50 हजार और फिर 1 लाख रुपए तक ट्रांसफर करा लिए गए। ठगों ने कुल 3.11 लाख रुपए मिलने का झांसा दिया, लेकिन खाते में सिर्फ 5 हजार रुपए ही आए। बाकी रकम के लिए बार-बार पूछने पर तकनीकी समस्या का बहाना बनाया गया और और पैसे जमा करने का दबाव बनाया गया। इस तरह पीड़ित से कुल 1.82 लाख रुपए की धोखाधड़ी कर ली गई। मामले की शिकायत मिलने के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन टास्क के नाम पर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऑफर्स से रहे सतर्क: पुलिस पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले ऐसे ऑफर्स से सतर्क रहें और किसी भी अनजान लिंक या ऐप पर अपनी निजी जानकारी या पैसे ट्रांसफर न करें। वर्क फ्रॉम होम के नाम पर ठगी को इस तरह से पहचाने बिना इंटरव्यू वाली हाई सैलरी जॉब से सतर्क रहें अगर कोई आपको बिना इंटरव्यू के 30-50 हजार रुपए महीना घर बैठे कमाने का ऑफर दे रहा है तो यह 99% स्कैम है। कंपनियां बिना वेरिफिकेशन इतनी बड़ी सैलरी ऑफर नहीं करती हैं। एडवांस पेमेंट या जॉइनिंग फीस न दें अगर कोई जॉब के बदले 500 या 1000 रुपये रजिस्ट्रेशन या ट्रेनिंग फीस के नाम पर मांगे तो सावधान हो जाएं। असली कंपनियां कभी एडवांस पैसे नहीं मांगती हैं। संदिग्ध लिंक या एप्लिकेशन डाउनलोड न करें अगर टेलीग्राम पर कोई लिंक भेजकर किसी ऐप को डाउनलोड करने को कहे तो क्लिक न करें। इससे आपके फोन का डेटा या पैसा चोरी हो सकता है। ऑफिशियल ईमेल और वेबसाइट चेक करें कंपनी का जॉब ऑफर मिलने पर उसका ऑफिशियल वेबसाइट, ईमेल और सोशल मीडिया हैंडल चेक करें। Gmail, Yahoo या WhatsApp से भेजे गए ऑफर आमतौर पर फर्जी होते हैं। पर्सनल जानकारी शेयर न करें कभी भी अपने बैंक डिटेल, आधार नंबर, पैन कार्ड, फोटो, OTP या पासवर्ड किसी अनजान टेलीग्राम कॉन्टैक्ट को न भेजें। ये जानकारी आपकी पहचान और पैसे के साथ खिलवाड़ कर सकती है।
उन्नाव से सांसद साक्षी महाराज ने सोशल मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते दुरुपयोग और इससे फैल रही भ्रामक खबरों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने लोगों, विशेषकर लोधी समाज के युवाओं से अपील की है कि वे किसी भी सामग्री को बिना सत्यापन के साझा न करें और जिम्मेदारी से काम लें। एआई तकनीक का गलत इस्तेमाल सांसद ने फेसबुक पर साझा किए गए अपने संदेश में कहा कि वर्तमान में एआई तकनीक का गलत इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। कुछ लोग भाषणों के अंशों को काटकर, वीडियो एडिटिंग और एआई टूल्स का उपयोग करके ऐसे पोस्ट, फोटो और वीडियो बना रहे हैं, जो किसी भी व्यक्ति के बयान का वास्तविक अर्थ बदल देते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की भ्रामक सामग्री समाज में भ्रम, विवाद और आपसी वैमनस्य पैदा कर सकती है। साक्षी महाराज ने एआई से तैयार की गई फर्जी तस्वीरों और वीडियो को आम लोगों को गुमराह करने का माध्यम बताया, जिसे उन्होंने बेहद चिंताजनक करार दिया। लोधी समाज के युवाओं से आग्रह सांसद ने इस कृत्य को गैर-जिम्मेदाराना और निंदनीय बताते हुए कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग समाज को जोड़ने और सकारात्मक संदेश फैलाने के लिए होना चाहिए, न कि गलत जानकारी फैलाने के लिए। उन्होंने विशेष रूप से लोधी समाज के युवाओं से आग्रह किया कि डिजिटल युग में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। युवाओं को किसी भी पोस्ट, फोटो या वीडियो को साझा करने से पहले उसकी सच्चाई की जांच अवश्य करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल लाइक, शेयर और कमेंट की होड़ में गलत या भ्रामक सामग्री फैलाना समाज और देश दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है। सांसद ने सर्व समाज से भी अपील की कि वे सोशल मीडिया पर आने वाली हर जानकारी को आंख बंद करके स्वीकार न करें। किसी भी संदेश को आगे बढ़ाने से पहले उसके स्रोत और तथ्यों की पुष्टि करना आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार ही सामाजिक सौहार्द और विश्वास को मजबूत बनाए रख सकता है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को खरगोन में अपना 47वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर जिला कार्यालय परिसर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। सुबह 10 बजे जिलाध्यक्ष नंदा ब्राह्मणे ने भाजपा का ध्वज फहराया। इसके साथ ही, प्रदेश स्तर पर आयोजित स्थापना दिवस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी देखा गया। खरगोन विधायक बालकृष्ण पाटीदार ने इस अवसर पर कहा कि 1980 में जब पार्टी की स्थापना हुई थी, तब परिस्थितियां विषम थीं। उन्होंने कहा कि आज पार्टी कार्यकर्ता इस स्थापना दिवस को एक उत्सव के रूप में मना रहे हैं और उत्साहित हैं। मीडिया प्रभारी कांतिलाल कर्मा ने जानकारी दी कि स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में जिले भर में बूथ स्तर तक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के दौरान विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इस अवसर पर पूर्व विधायक बाबूलाल महाजन, पूर्व जिलाध्यक्ष परसराम चौहान, पूर्व जिलाध्यक्ष रणजीत डंडीर, जिलाध्यक्ष कल्याण अग्रवाल, अजा मोर्चा जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर भालसे, अजजा मोर्चा जिलाध्यक्ष संतोष सोलंकी, उपाध्यक्ष शालिनी रतोरिया, उपाध्यक्ष प्रभा राठौर, विजय पटेल, कोषाध्यक्ष भीमसिंह जाधव, महामंत्री विवेक भटोरे, हरेसिंह चावड़ा सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए सोमवार को जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) के विशेष निर्देशों पर नगर परिषद और यातायात पुलिस की टीम ने शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों और चौराहों पर संयुक्त रूप से बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। प्रशासन की टीम ने शहर के उन हिस्सों को टारगेट किया जहां अवैध होर्डिंग्स और अस्थाई दुकानों के कारण यातायात बाधित हो रहा था। कार्रवाई के दौरान हवाई पट्टी मार्ग, पीरू सिंह सर्किल, कलेक्टरट सर्किल, मण्डावा मोड़ ओर गांधी चौक से होल्डिंग हटाए गए। हादसों को दावत दे रहे थे अवैध बैनर और होल्डर शहर के मुख्य सर्किलों पर लगे बड़े-बड़े बैनर, पोस्टर और होल्डर लंबे समय से चालकों के लिए मुसीबत बने हुए थे। प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि इन होर्डिंग्स के कारण मोड़ पर चालकों को सामने से आने वाले वाहन नजर नहीं आते थे (Blind Spots)। इससे 'विजिबिलिटी' कम हो जाती थी और हर वक्त गंभीर हादसे की संभावना बनी रहती थी। संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए इन सभी अवैध प्रचार सामग्रियों को जब्त कर लिया और मार्ग को पूरी तरह साफ करवाया। कार्रवाई के दौरान नगर परिषद के वरिष्ठ अधिकारी, अतिक्रमण निरोधक दस्ते के सदस्य और यातायात पुलिस के जवान भारी जाब्ते के साथ मौजूद रहे। टीम ने न केवल होर्डिंग्स हटाए, बल्कि सड़क किनारे अस्थाई रूप से रेहड़ी-पटरी लगाने वालों को भी हिदायत दी कि वे भविष्य में सड़क सीमा के भीतर अतिक्रमण न करें। ट्रैफिक इंचार्ज राधेश्याम सांखला ने बताया कि शहर की सुंदरता और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सड़कों पर विजिबिलिटी बाधित करने वाले विज्ञापनों और अस्थाई अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
जौनपुर के प्रसिद्ध इत्र को अब अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसे भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 मार्च, 2025 को जौनपुर के शाही किले में इमरती के साथ इत्र का भी जिक्र किया था। जौनपुर की इमरती को पहले ही जीआई टैग मिल चुका है, लेकिन यहां के इत्र की खुशबू समय के साथ फीकी पड़ गई थी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को इत्र को पुनः प्रसिद्धि दिलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस पहल के तहत कुछ समय पहले 60 महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया था। अब इत्र बनाने के लिए आवश्यक फूलों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। एनआरएलएम समूह की महिलाएं इत्र निर्माण के लिए फूल सीधे किसानों से प्राप्त करेंगी। महिलाओं को इत्र बनाने का प्रशिक्षण चरणबद्ध तरीके से दिया जा रहा है। पहले चरण में करजकला, रामनगर, राधपुर और शाहगंज ब्लॉक से कुल 60 महिलाओं (प्रत्येक ब्लॉक से 15-15) को कन्नौज भेजकर प्रशिक्षित किया गया है। आने वाले दिनों में प्रशिक्षित महिलाओं की संख्या में और वृद्धि की जाएगी। इत्र निर्माण में सबसे बड़ी चुनौती फूलों, विशेषकर गुलाब के फूलों की उपलब्धता है। वर्तमान में गुलाब के फूल बाहर से मंगाए जाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए अब फूलों की खेती करने वाले किसानों की पहचान की जा रही है, ताकि उन्हें इस पहल से जोड़कर स्थानीय स्तर पर फूलों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। उपायुक्त एनआरएलएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इत्र उद्योग को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि फूलों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस समस्या का समाधान कर लिया जाएगा।
बरनाला में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों बिजली कानून और लेबर एक्ट के विरोध में विशाल प्रदर्शन किया गया। जिले भर से जुटे हजारों किसान डीसी कार्यालय सामने धरने पर बैठे और जमकर नारेबाजी की। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के नए बिजली कानून निजीकरण को बढ़ावा दे रहे हैं। किसानों ने कहा कि इन कानूनों से किसानों को मिलने वाली मुफ्त बिजली का अधिकार समाप्त हो जाएगा। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद किसानों ने अपनी मांगों को लेकर डिप्टी कमिश्नर को एक मांग पत्र सौंपा। जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई किसान नेताओं चमकौर सिंह नैणेवाल, जरनैल सिंह बदरा और दर्शन सिंह ने जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह संयुक्त प्रदर्शन सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ 'आर-पार की लड़ाई' का हिस्सा है, जिसमें कई किसान और मजदूर संगठन शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मजदूरों के लिए बनाए गए नए लेबर एक्ट का उद्देश्य उनके हितों को कुचलकर कॉर्पोरेट घरानों को लाभ पहुंचाना है। नेताओं ने चेतावनी दी कि जिस तरह पहले काले कृषि कानूनों को वापस करवाया गया था, उसी तरह अब किसान और मजदूर मिलकर इन नए कानूनों को भी रद्द करवाएंगे। कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने का लगाया आरोप वक्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकारों पर आम लोगों के हितों की अनदेखी कर कॉर्पोरेट घरानों को लगातार फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जालोर जिले के प्रसिद्ध सिरे मंदिर में पहली बार पहाड़ी पर ट्रैक्टर चढ़ाया गया। खास बात ये थी कि इस ट्रैक्टर को रिवर्स गियर में चढ़ाया गया। इसके लिए दो बार इसकी टेस्टिंग की गई। एक बार में सामान्य ट्रैक्टर को सिरे मंदिर की 800 सीढ़ियों को पार करवाया गया। इसके बाद 1800 किलो का वजह रखकर इसे मंदिर तक ले जाया गया। बताया जा रहा है कि ये ट्रैक्टर मंदिर के लिए काम में लिया जाएगा। वहीं कंपनी की ओर से बताया गया कि ट्रैक्टर की क्षमता और मंदिर में सामान पहुंचाने की जरूरत को देखते हुए इसका परीक्षण शनिवार को किया गया था। फोटोज में देखें… 900 मीटर सड़क, फिर 1.18 किमी सीढ़ियों से चढ़ाई जालोर और सिरोही के डीलर और ड्राइवर गुलाब चंद माली (रेवदर निवासी) ने सिरे मंदिर की तलहटी पगलियां से हनुमान जी मंदिर तक करीब 900 मीटर डामर सड़क पर ट्रैक्टर चलाया। इसके बाद 1.18 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई सीढ़ियों के जरिए तय कर ट्रैक्टर को मंदिर तक पहुंचाया गया। शनिवार दोपहर 12 बजे पहली बार खाली ट्रैक्टर को ऊपर ले जाया गया, जबकि दूसरी बार शाम 4 बजे करीब 1800 किलो सामान के साथ चढ़ाई पूरी की गई। इस दौरान ट्रैक्टर के आगे जेसीबी का लोडर लगाया गया और तीन लोगों को इसमें बैठाया भी गया। हालांकि कुछ सीढ़ियां चढ़ने के बाद वह उतर गए थे। दोनों बार ट्रैक्टर सफलतापूर्वक ऊपर पहुंचा। कंपनी ने ट्रैक्टर की क्षमता दिखाने और मंदिर में सामान पहुंचाने की जरूरत को देखते हुए यह परीक्षण किया। इसलिए चढ़ाया रिवर्स चढ़ाया गया ड्राइवर गुलाब चंद माली ने बताया कि सीढ़ियां ज्यादा होने और चढ़ाई होने की वजह से ऐसे रास्तों पर ट्रैक्टर को सामान्य तरीके से चढ़ाया नहीं जाता। ट्रैक्टर के आगे के टायर छोटे होते हैं। ऐसे में इस तरह के रास्तों में ट्रैक्टर के आगे के टायर खड़े हो जाते हैं और पलटने का खतरा रहता है। इसलिए रिवर्स गियर में ट्रैक्टर को ऊपर मंदिर तक चढ़ाया गया ताकि संतुलन बना रहे। मंदिर तक करीब 800 सीढ़ियां हैं और पैदल जाने में करीब डेढ़ घंटे का समय लगता है, जबकि ड्राइवर गुलाब चंद माली ने ट्रैक्टर को महज 40-45 मिनट में 298 मीटर ऊंचाई तक पहुंचा दिया। मंदिर में उपयोग के लिए लाया गया ट्रैक्टर स्थानीय लोगों के अनुसार इस ट्रैक्टर का उपयोग अब सिरे मंदिर में ऊपर-नीचे सामान पहुंचाने के लिए किया जाएगा। फिलहाल ट्रैक्टर मंदिर परिसर में ही रखा गया है। इस दौरान सिरे मंदिर के संत रविनाथ महाराज और रामेश्वर नाथ महाराज भी मौजूद थे।
सलूंबर में महावीर कथा का शुभारंभ:संत पुलक सागर ने दिया अहिंसा और एकजुटता का संदेश
सलूंबर में जैन बोर्डिंग परिसर में राष्ट्रसंत आचार्य पुलक सागर जी महाराज की आठ दिवसीय 'महावीर कथा' का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा के पहले दिन आचार्य ने कहा कि महावीर का मार्ग केवल धर्म का मार्ग नहीं, बल्कि जीवन जीने की वह कला है जो शत्रु को नहीं, बल्कि शत्रुता को समाप्त करना सिखाती है। कथा का प्रारंभ विधि-विधान के साथ हुआ। इस अवसर पर इंद्र सभा का भी गठन किया गया, जिसमें कई पात्रों का चयन हुआ। इनमें माता त्रिशला व पिता सिद्धार्थ के रूप में चंदा देवी-मणिलाल मालवी, सौधर्म इंद्र-इंद्राणी के रूप में शीला-नीरज कुमार मिंडा, कुबेर इंद्र के रूप में पूनम-प्रधुम्न कोड़िया, यज्ञ नायक के रूप में मीना-राज कुमार गांधी और राजा श्रेणिक के रूप में कविता-विशाल दोषी शामिल थे।
लखनऊ के इको गार्डन में चिलचिलाती धूप में जोरदार प्रदर्शन। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के बैनर तले हजारों शिक्षक सेवा सुरक्षा की बहाली को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं । तेज धूप और गर्मी में हजारों शिक्षक लंबित 25 सूत्री मांगो को लेकर डटे हुए है । मुख्य मांग है कि सेवा सुरक्षा की धारा 12, 18 और 21 को नए आयोग में जोड़ा जाए। प्रदेश भर से आए शिक्षकों ने नारा लगाया 'सेवा सुरक्षा लड़के लेंगे'। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सोहनलाल वर्मा ने कहा है कि सरकार शिक्षकों की लंबित मांगों का निस्तारण तत्काल करे। शिक्षक अब चुप नहीं बैठेगा , सरकार हमें लगातार नजरअंदाज कर रही है, जिससे शिक्षकों में भारी आक्रोश है। जिस धारा को खत्म किया गया वो शिक्षकों की लाइफलाइन है। ‘विद्यालय प्रबंधकों की मनमानी बढ़ी’ इन्होंने बताया कि 2023 में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक सेवा चयन आयोग ने इस धारा को डिलीट कर दिया जो शिक्षकों की लाइफलाइन हुआ करती थी। इस धारा के खत्म होने से पूरे प्रदेश में शिक्षक प्रभावित हो रहा है। जब तक यह धारा अस्तित्व में थी कोई भी शिक्षक के ऊपर दंडात्मक कार्रवाई नहीं कर सकता था अनावश्यक उसके ऊपर दबाव नहीं बना सकता था। इसके खत्म हो जाने से प्रबंधन जैसे चाहते हैं वैसे मनमानी करते हैं शिक्षको के ऊपर फर्जी कार्रवाई करते हैं , निराधार आरोप लगाते हैं, उन्हें अनावश्यक परेशान करते हैं। इसलिए हम सेवा सुरक्षा धारा को लागू करने की लड़ाई मुखर हो कर लड़ रहे हैं। 2023 में हुआ बदलाव अध्यक्ष सोहन लाल वर्मा ने कहा कि प्रदेश भर के हजारों शिक्षक पौने दो साल से सेवा सुरक्षा की बहाली को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। लेकिन प्रदेश सरकार अनदेखा कर रही है। उन्होंने बताया कि चयन बोर्ड अधिनियम 1982 के निष्क्रिय होने से सेवा सुरक्षा की धारा 21, पदोन्नति की धारा 12 एवं कार्यवाहक प्रधानाचार्य के तदर्थ पदोन्नति की धारा 18 रद्द हो गई है। संगठन के कई बार वार्ता के बावजूद सरकार ने इन धाराओं को नये उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनियिम 2023 में नहीं जोड़ा है।
हरदोई में जगदीशपुर चौराहे पर लगी भीषण आग:देर रात तीन दुकानें जलकर खाक, लाखों के नुकसान का अनुमान
हरदोई के जगदीशपुर चौराहे पर रविवार देर रात भीषण आग लगने से तीन दुकानें जलकर खाक हो गईं। इस घटना से लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, आग सबसे पहले मुजाहिदपुर निवासी आकाश सिंह की मोबाइल दुकान में लगी। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया और दुकान में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। आग इतनी तेजी से फैली कि पास की सैतियापुर निवासी अतुल सिंह की मोबाइल दुकान और एक बंगाली मिष्ठान भंडार भी इसकी चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता अधिक होने के कारण वे सफल नहीं हो सके। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस अग्निकांड में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन तीनों दुकानों में रखा लाखों रुपये का सामान पूरी तरह नष्ट हो गया। घटना के बाद पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। पीड़ित दुकानदारों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और नुकसान के आकलन की मांग की है।
लखीमपुर खीरी के सिविल कोर्ट परिसर में वकील ने अपने चचेरे वकील भाई को गोली मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच पहले जमकर हाथापाई हुई थी। वहां मौजूद अन्य वकीलों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया था, लेकिन कुछ ही मिनट बाद विवाद फिर भड़क गया। घटना में घायल अधिवक्ता को गोली लगने के बाद बाइक से अस्पताल पहुंचाया गया। दोनों भाई सिविल कोर्ट में ही प्रैक्टिस करते हैं और उनके बीच पहले से जमीनी विवाद चल रहा था। सूचना मिलते ही एसपी विवेक तिवारी, एएसपी पूर्वी पवन गौतम समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया है। तस्वीरें देखिए…. विराट राज और जितेंद्र राज दोनों चचेरे भाई हैं। दोनों सिविल कोर्ट में ही प्रैक्टिस करते हैं। सोमवार सुबह विराट और जितेंद्र में किसी बात को लेकर बहस होती है और झगड़ा हाथापाई तक पहुंच जाता है। साथी वकील झगड़े को शांत कराते हैं, लेकिन कुछ ही देर में विराट वापस आता है और जितेंद्र को तमंचे से गोली मार देता है। गोली जितेंद्र के सीने में लगती है और वह वहीं गिर पड़ता है। गोलीबारी की घटना से कोर्ट परिसर में हड़कंप मच जाता है। विराट मौका पाकर वहां से भाग जाता है। इसके बाद साथी वकील घायल जितेंद्र को बाइक से लेकर अस्पताल निकल गए। घटना की सूचना पर एसपी विवेक तिवारी, एएसपी पवन गौतम और डीएम ने तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे। बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दोनों वकीलों के बीच खेत की मेड़ को लेकर पुराना विवाद था, जो वारदात का कारण बना। आरोपी की तलाश की जा रही है। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
डीयू के दो कॉलेजों को बम से उड़ाने की धमकी, खाली कराया गया कैंपस; जांच में जुटी पुलिस
धमकी मिलने की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस हरकत में आ गई। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वाड को तुरंत कॉलेज परिसरों में भेजा गया। सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचकर पूरे कॉलेज में तलाशी अभियान चला रहे हैं।
मधेपुरा में रविवार की देर रात गर्ल्स हॉस्टल में एक 13 साल की छात्रा की संदिग्ध मौत हो गई। मृतका की पहचान संतोषी कुमारी के रूप में हुई है। घटना ग्वालपाड़ा प्रखंड मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की है। घटना के बाद मृतका के परिजन हॉस्टल पहुंचे। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठए हैं। स्थानीय ग्रामीणों में भी आक्रोश देखा जा रहा है। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। मृतका ग्वालपाड़ा थाना क्षेत्र के मझुआ वार्ड संख्या पांच निवासी बबलू शर्मा की बेटी थी। संतोषी अपनी छोटी बहन अंशु कुमारी के साथ पिछले दो सालों से इसी स्कूल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। वह क्लास 8 में पढ़ती है। पढ़ाई में भी सामान्य रूप से सक्रिय बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार, रविवार की रात विद्यालय में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें छात्राओं ने डांस आदि प्रस्तुतियां दी थीं। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सभी छात्राओं ने भोजन किया। इसके बाद संतोषी करीब साढ़े नौ बजे अपने कमरे में सोने चली गई थी। उस समय तक उसकी तबीयत पूरी तरह सामान्य थी और किसी तरह की परेशानी की शिकायत नहीं थी। बताया जा रहा है कि सोमवार की तड़के करीब तीन बजे संतोषी के साथ रहने वाली अन्य छात्राओं ने उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने की जानकारी वार्डन को दी। सूचना मिलने के बाद वार्डन मौके पर पहुंची और अन्य छात्राओं से संतोषी के शरीर पर तेल लगाने को कहा। हालांकि, तब तक उसके शरीर में कोई हलचल नहीं थी, जिससे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसके बाद आनन-फानन में विद्यालय के गार्ड की मदद से संतोषी को बाइक पर बैठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, ग्वालपाड़ा ले जाया गया। वहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही मृतका के परिजन विद्यालय पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल था। संतोषी की मां चुन्नी देवी ने विद्यालय प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि वह रविवार को ही अपनी दोनों बेटियों से मिलने विद्यालय आई थीं। उस समय संतोषी बिल्कुल स्वस्थ थी। उन्होंने उसे घर ले जाने के लिए छुट्टी मांगी थी, लेकिन वार्डन ने छुट्टी देने से इनकार कर दिया। परिजनों का कहना है कि अगर उस समय बच्ची को घर जाने दिया जाता, तो शायद उसकी जान बच सकती थी। संतोषी के परिवार में उसकी छोटी बहन अंशु कुमारी (12 वर्ष) और बड़ा भाई मिथुन शर्मा (18 वर्ष) हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य बताई जा रही है और दोनों बहनें बेहतर शिक्षा के लिए इस आवासीय विद्यालय में रह रही थीं। घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इधर, घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भी भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि विद्यालय में लंबे समय से एक ही वार्डन की तैनाती है और व्यवस्थाओं को लेकर पहले भी शिकायतें मिलती रही हैं। ग्रामीणों ने विद्यालय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल, सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। वहीं, घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी भी सक्रिय हो गए हैं। उदाकिशुनगंज के एसडीएम पंकज घोष, बीडीओ परमानंद पंडित सहित अन्य अधिकारी विद्यालय पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने विद्यालय प्रबंधन से घटना से संबंधित पूरी जानकारी ली है और छात्राओं से भी पूछताछ की जा रही है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पूरे इलाके में इस घटना को लेकर शोक और आक्रोश का माहौल है। सभी की नजर अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह साफ हो सकेगा कि आखिर एक स्वस्थ दिख रही बच्ची की अचानक मौत कैसे हो गई।
प्रयागराज के सिविल लाइन्स इलाके में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला, जहां 100km प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही बलेनो कार अनियंत्रित होकर भीषण हादसे का शिकार हो गई। बताया जा रहा है कि युवक हाई स्पीड में स्टंट कर रहा था तभी कार अचानक नियंत्रण खो बैठी और कई बार पलटते हुए दूसरी लेन में जा पहुंची। हादसा इतना जोरदार था कि कार के परखच्चे उड़ गए। गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, यहां तक कि उसकी सीट, पहिए और कई बॉडी पार्ट्स अलग होकर सड़क पर दूर-दूर तक बिखर गए। टक्कर की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सड़क के डिवाइडर पर लगे बिजली के खंभे भी टूटकर गिर गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार चला रहा युवक स्टंट कर रहा था और उसी दौरान यह दुर्घटना हुई। हादसे के तुरंत बाद युवक कार को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। फिलहाल पुलिस फरार युवक की तलाश में जुटी है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
गाजियाबाद: दुकानदार को सिर में मारी गोली:कहासुनी के बाद देर रात युवकों ने किया हमला, आरोपी फरार
गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के नूरपुर गांव में एक परचून दुकानदार शिवकुमार को देर रात गोली मार दी गई। गोली उनके सिर में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस के अनुसार, दिन के समय शिवकुमार अपनी दुकान पर थे, तभी दुकान के सामने कुछ युवक खड़े होकर गाली-गलौज कर रहे थे। मिंटू नामक एक युवक को शिवकुमार ने गाली देने से मना किया, जिसके बाद दोनों पक्षों में विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि इसी विवाद को लेकर देर रात मिंटू अपने दो अन्य साथियों के साथ दोबारा शिवकुमार की दुकान पर पहुंचा। वहां फिर से बहस हुई और इसी दौरान आरोपियों ने शिवकुमार पर गोली चला दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल शिवकुमार को अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पटना यूनिवर्सिटी में इस बार नए सत्र के स्नातक स्तरीय पाठ्यक्रमों में एडमिशन एंट्रेंस एक्जाम के आधार पर होगा। आज यूनिवर्सिटी में एकेडमिक काउंसिल की बैठक है, जिसमें अंतिम मुहर लगेगी। बिहार बोर्ड ने 12वीं परीक्षा रिजल्ट जारी कर दिया है। सीबीएसई बोर्ड भी जल्द ही 12वीं का परिणाम घोषित करेगा। इसके देखते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन 15 अप्रैल के बाद यूजी लेवल के सामान्य और वोकेशनल सहित सभी पाठ्यक्रमों में नामांकन प्रक्रिया शुरू कर सकता है। समर्थ पोर्टल के माध्यम से होगा नामांकन पीयू ने एंट्रेंस एक्जाम शुरू करने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने राजभवन से अनुमति मांगी थी, जिस पर सहमति मिल गई है। इस बार नामांकन समर्थ पोर्टल के माध्यम से होगा। विद्यार्थी समर्थ पोर्टल पर ही ऑनलाइन आवेदन करेंगे और ऑनलाइन ही शुल्क जमा करेंगे। समर्थ पोर्टल पर ही काॅलेज का विकल्प भरेंगे। पटना यूनिवर्सिटी में अब तक यूजी में नामांकन अंक के आधार पर हुआ करता था। 2019 से पहले यूजी में नामांकन प्रवेश परीक्षा ली जाती थी। कोरोना काल के बाद में प्रवेश परीक्षा बंद कर दी गई थी। जून के अंतिम सप्ताह तक पूरा होगा नामांकन प्रक्रिया वहीं, पीजी के सामान्य कोर्स में अंक और वोकेशनल कोर्स में प्रवेश परीक्षा के आधार पर नामांकन लिया जाएगा। नामांकन प्रक्रिया जून के अंतिम सप्ताह तक पूरा कर लिया जाएगा। जुलाई के प्रथम सप्ताह में नए सत्र की पढ़ाई प्रारंभ हो जाएगी। विश्वविद्यालय के डीएसडबल्यू प्रो. कामेश्वर पंडित ने बताया कि, 'सोमवार को एकेडमिक काउंसिल की बैठक में नामांकन प्रक्रिया पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। नामांकन कैलेंडर तैयार कर लिया गया है।'
बारां कोतवाली थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में पिछले एक साल से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी चाकू से हमला कर फरार हो गए थे। इनमें से एक आरोपी के खिलाफ कोर्ट से स्थाई गिरफ्तारी वारंट भी जारी था। पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि यह कार्रवाई फरार और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के तहत की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी के पर्यवेक्षण और डीएसपी हरिराम सोनी के नेतृत्व में कोतवाली थाना प्रभारी भजनलाल आरपीएस के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने लगभग एक साल पहले जल संसाधन विभाग के एकाउंटेंट विकास हरसाना पर चाकू से हमला कर मारपीट की थी। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी शिवभरत मीणा के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायालय बारां से स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी था। लगातार तलाश और दबिश के बाद पुलिस टीम ने रविवार को आरोपी शिवभरत मीणा और राजेश नागर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब दोनों आरोपियों से मामले से जुड़ी पूछताछ कर रही है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी भजनलाल के नेतृत्व में परशुराम, विनोद कुमार, बलराम सोनी और हेड कांस्टेबल फरमान खान की टीम शामिल थी। मामले में आगे की जांच जारी है।
महेंद्रगढ़ में एक सड़क हादसे में एक सब्जी विक्रेता की मौत हो गई। सोमवार देर रात अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी, जब वह सब्जी बेचकर घर लौट रहा था। यह हादसा गुलावला बस स्टैंड के पास हुआ। सदर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मंगलवार को महेंद्रगढ़ के नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया। मृतक की पहचान नारनौल के गांव नूनी अव्वल के 37 वर्षीय बंटी के रूप में हुई है। कैंटीन के पास बेचता था सब्जी उसके पिता राम अवतार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि बंटी महेंद्रगढ़ शहर में सीएससी कैंटीन के पास सब्जी की रेहड़ी लगाता था। राम अवतार ने बताया कि बंटी सोमवार रात करीब 9 बजे सब्जी बेचकर अपनी मोटरसाइकिल से घर लौट रहा था। शनि मंदिर के पास हुआ एक्सीडेंट गुलावला बस स्टैंड से पहले शनि मंदिर के पास एक अज्ञात वाहन ड्राइवर ने बंटी की बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर चोटें लगने से बंटी की मौके पर ही मौत हो गई। राम अवतार ने पुलिस से अज्ञात वाहन ड्राइवर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। बंटी अपने पीछे पांच बेटियों और एक बेटे को छोड़ गया है। उसकी असामयिक मृत्यु से परिवार सदमे में है।
प्रदेश के शिक्षक संगठनों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 8 अप्रैल को जिला मुख्यालय पर रैली निकालने का निर्णय लिया है। सोमवार को बड़वानी के जॉगर्स पार्क में आयोजित 'अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चे' की बैठक में इस आंदोलन की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। मुख्यमंत्री के नाम देंगे ज्ञापन संयुक्त मोर्चे के हेमेंद्र मालवीय ने बताया कि 8 अप्रैल को दोपहर 4 बजे जिलेभर के शिक्षक शासकीय हाई स्कूल बड़वानी में एकत्रित होंगे। यहां से एक विशाल रैली निकाली जाएगी, जो कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेगी। इसके बाद आंदोलन को गति देते हुए 11 अप्रैल को सभी ब्लॉक मुख्यालयों पर रैलियां निकाली जाएंगी। 18 अप्रैल को बड़वानी के शिक्षक प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर भोपाल में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय प्रदर्शन में भी बड़ी संख्या में शामिल होंगे। 30 साल की सेवा के बाद परीक्षा पर नाराजगी संगठन के शैलेंद्र जाधव और यशवंत चौहान ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि 30 वर्षों की लंबी सेवा देने वाले शिक्षकों पर पात्रता परीक्षा थोपी जा रही है। परीक्षा उत्तीर्ण न करने पर सेवा से पृथक करने का प्रावधान शिक्षकों के साथ अन्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बावजूद राज्य सरकार ने अब तक सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर नहीं की है, जिससे प्रदेश के लाखों शिक्षकों में भारी असंतोष व्याप्त है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका की तैयारी संयुक्त मोर्चे के रघुवीर सोलंकी ने जानकारी दी कि मध्य प्रदेश के विभिन्न शिक्षक संगठनों द्वारा अब स्वयं सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की जा रही है। बैठक में अशफाक शेख, मेहबूब खान, श्याम भावसार, अखिलेश भावसार सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। शिक्षकों का कहना है कि जब तक उनकी वरिष्ठता और परीक्षा संबंधी मांगें पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
सोमवार को सैफी समिति द्वारा ‘सैफी दिवस’ मनाया गया। इस मौके पर समिति के लोगों ने अपने इतिहास, पहचान और देश के विकास में योगदान को याद किया। कार्यक्रम के तहत जिला चिकित्सालय में मरीजों को फल व जल का वितरण किया गया। सैफी समाज को पहले लुहार और बढ़ई के नाम से जाना जाता था, जो पारंपरिक रूप से लोहे और लकड़ी का कार्य करते रहे हैं। इस समाज का देश के निर्माण और विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। समिति के वरिष्ठों ने बताया कि 6 अप्रैल 1975 को अमरोहा के ईदगाह मैदान में एक विशाल जनसभा आयोजित हुई थी। इसमें देशभर से समाज के लोग शामिल हुए थे। सभा में समाज की उन्नति और एकजुट पहचान को लेकर चर्चा हुई, जिसमें कई नाम प्रस्तावित किए गए। अंततः सर्वसम्मति से ‘सैफी’ नाम को स्वीकार किया गया। सैफी संगठन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष हसीन अहमद सैफी अपने साथियों के साथ जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने मरीजों व उनके परिजनों को फल व जल वितरित किए। उन्होंने कहा कि समाज सेवा ही सच्ची श्रद्धांजलि है और ऐसे कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे। इस अवसर पर सलीम मोदी, नसीम आलम, सआलेचैन सैफी, आरिफ सैफी, गुलजार सैफी, मुजफ्फर सैफी, चांद सैफी, इमरान सैफी, आसिफ सैफी और यूनुस सैफी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एकजुटता, शिक्षा और सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
भिवानी में इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) ने देवीलाल चौक पर पूर्व उप प्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल की पुण्यतिथि मनाई। इस दौरान ताऊ देवीलाल की प्रतिमा के समक्ष सर्व धर्म हवन यज्ञ किया और प्रतिमा के समक्ष श्रद्धासुमन अर्पित किए। साथ ही ताऊ देवीलाल को याद करते हुए उनके पद चिह्नों पर चलने का आह्वान किया। इनेलो जिलाध्यक्ष अशोक ढाणी माहु ने कहा कि पूर्व उप प्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल की 25वीं पुण्यतिथि मनाई गई है। इसके लिए देवीलाल चौक पर हवन यज्ञ किया गया, वहीं ताऊ देवीलाल को याद किया। इस दौरान ताऊ देवीलाल की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए हैं। वहीं सर्व धर्म सभा का आयोजन किया। उन्होंने कहा कि किसान, मजदूरी व कमेरे वर्ग की आवाज हमेशा ताऊ देवीलाल ने उठाई। उनके द्वारा किए गए कामों को आज चाहे कोई भी सरकार आए, वह आगे बढ़ा रही है। उनके जैसे युग पुरुष संसार में बिरले ही पैदा होते हैं। अशोक ढाणी माहु ने कहा कि ताऊ देवीलाल के पदचिह्नों पर चलते हुए 30 मार्च को अभय चौटाला ने सभी जिलाध्यक्षों की बैठक ली थी। जिसमें कहा था कि 1 अप्रैल से प्रदेश की सभी मंडियों में कार्यकर्ता बैठाएं। किसानों को जो भी समस्या हों, उनका समाधान करवाया जाए। ताकि किसान परेशान ना हो। इसके लिए भिवानी की सभी 7 मंडियों में इनेलो के कार्यकर्ता किसानों की मदद के लिए मौजूद रहते हैं। इनलो युवा जिला संगठन सचिव घनश्याम गर्ग, इनेलो के ओबीसी मोर्चा जिला अध्यक्ष सुनील स्वामी व इनेलो नेता अशोक तंवर ने भी ताऊ देवीलाल की पुण्यतिथि पर नमन करते हुए उन्हें याद किया और कहा कि उनके पदचिह्नों पर चलना चाहिए।
कोटा के उद्योग नगर थाना क्षेत्र के धाकड़ खेड़ी गांव में रविवार देर रात मुक्तिधाम में तांत्रिक क्रिया किए जाने की सूचना सामने आई। ग्रामीणों ने संदिग्ध गतिविधियां देख तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद उद्योग नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई कर दो युवकों को हिरासत में ले लिया। थाना अधिकारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि धाकड़ खेड़ी निवासी निशांत प्रजापति और जीतू सुमन को पकड़ा गया। दोनों को शांति भंग की धाराओं में गिरफ्तार किया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। शेखावत ने बताया कि सूचना मिलने पर टीम देर रात मुक्तिधाम पहुंची, जहां दोनों युवक दरी बिछाकर कुछ धार्मिक गतिविधियां करते नजर आए। मौके से पुलिस को शराब की बोतल भी बरामद हुई है, जिससे ग्रामीणों के शक और गहरा गए। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि यहां तांत्रिक क्रियाएं की जा रही थीं, जिससे इलाके में डर का माहौल बन गया। हालांकि पकड़े गए युवकों का कहना है कि वे श्मशान के पास स्थित भेरुजी के स्थान पर पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे और उनका परिवार लंबे समय से यहां पूजा करता आ रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मामला धार्मिक अनुष्ठान का है या फिर वास्तव में कोई तांत्रिक गतिविधि की जा रही थी। देखिए PHOTOS…
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के मढ़ई के घने जंगल में दो टाइगर की टेरिटोरियल फाइट हुई। रविवार शाम को दो बाघों की लड़ाई को जंगल सफारी कर रहे पर्यटकों ने लाइव देखा। जिसे देख पर्यटक रोमांचित हो गए। मुंबई से आएं पर्यटक शिवम ने अपने कैमरे में इस नजारे को कैद किया। जिन दो टाइगर की फाइट हुई। उनमें एक प्रसिद्ध शंकरा बाघ और दूसरा नया नर बाघ है। टेरिटोरियल के लिए दोनों का आपसी में संघर्ष हुआ। लड़ाई के बाद शंकरा बाघ के दाहिने पैर में चोट भी लगी। फाइटिंग की जानकारी मिलने पर सोमवार को एसटीआर का फॉरेस्ट अमले ने उस क्षेत्र में सर्चिंग की। शंकरा बाघ उन्हें नजर आया। जिसके दाहिने पैर में चोट लगी मिली। दूसरे बाघ को भी टीम तलाश रही है। सूत्रों के मुताबिक रविवार शाम को इवनिंग सफारी के लिए पर्यटक जिप्सी से गए थे। एक तालाब के पास दो नर बाघ नजर आएं। जिसमें एक पानी से बाहर आते, दूसरा किनारे चलते दिखा। फिर दोनों बाघ बाजू बाजू चलते हुए थोड़ी दूर पहुंचे, जहां दोनों के बीच फाइट शुरू हो गई। पर्यटकों ने शांत रहकर इस बेहद रोमांचक मुकाबला को देखा। लड़ाई को देख पर्यटक उत्साहित हो उठे। मुंबई के शिवम ने कैमरे में रोमांचित नजारे को कैद किया। शाम को सफारी से लौटने के बाद मढ़ई गेट पर पर्यटक और गाइड ने फॉरेस्ट कर्मी को इसकी सूचना दी। जिसके बाद फॉरेस्ट टीम बाघ की मॉनिटरिंग कर रही है। आपसी संघर्ष में बाघ ने शावक को मार डाला एसटीआर के मटकुली रेंज के नयाखेड़ा बीट में भी बाघ और बाघिन के बीच आपसी संघर्ष हुआ। जिसमें बाघ ने बाघिन के 4 माह के शावक को मार डाला। जिसका शव फॉरेस्ट टीम को मिला। रविवार दोपहर में शावक के शव को जलाया गया।
भोपाल के बड़ा तालाब को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए जिला प्रशासन ने सोमवार सुबह कार्रवाई शुरू कर दी। भदभदा क्षेत्र में टीम पहुंची और 9 दुकानों को हटाने की कार्रवाई की गई। प्रशासन ने तालाब के चारों ओर कुल 347 अतिक्रमण चिन्हित किए हैं, जिन्हें अगले 15 दिनों में हटाया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भोज वेटलैंड रूल्स लागू होने (16 मार्च 2022) के बाद बने सभी निर्माण हटाए जाएंगे। बड़ा तालाब के FTL (फुल टैंक लेवल) से 50 मीटर तक के अतिक्रमण पर कार्रवाई की जा रही है। पिछले दो महीने से जिला प्रशासन अतिक्रमण को चिह्निंत कर रहा था। टीटी नगर एसडीएम वृत्त के गौरा गांव, बिसनखेड़ी में सबसे ज्यादा कब्जे सामने आए थे। वहीं, बैरागढ़, बहेटा में भी लोगों ने तालाब की सीमा पर निर्माण कर लिए हैं। एसडीएम अर्चना शर्मा द्वारा नोटिस दिए जाने के बाद कई लोगों ने खुद ही अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया। मौके पर भारी भीड़ जुटी, जिसे देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन की चेतावनी, लोगों ने हटाने का काम शुरू कियाभदभदा क्षेत्र में बड़ा तालाब में आ रहे मकान और दुकानों को लेकर एसडीएम अर्चना शर्मा ने नोटिस दिए थे। इसके चलते सोमवार को कई लोगों ने अपने हाथों से अतिक्रमण हटाना शुरू किया। मौके पर काफी भीड़ भी इकट्ठा हो गई। इसके चलते पुलिस बल तैनात किया गया है। ताकि, किसी भी प्रकार के हंगामे की स्थिति में कार्रवाई की जा सके। किस दिन, कहां होगी कार्रवाई? गांवों में सबसे ज्यादा कब्जे टीटी नगर एसडीएम सर्कल के गौरा गांव और बिसनखेड़ी में सबसे ज्यादा अतिक्रमण सामने आए हैं। इसके अलावा बैरागढ़ और बहेटा क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर निर्माण किए गए हैं। वन विहार नेशनल पार्क क्षेत्र में भी सीमांकन के दौरान करीब 2.5 किमी में 100 से ज्यादा पिलर लगाए जाने की बात सामने आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्माण वेटलैंड नियमों के खिलाफ हो सकता है। मामला NGT तक पहुंचने की तैयारी पर्यावरणविद् राशिद नूर के मुताबिक मामला गंभीर है और इसे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में उठाया जाएगा।
गाजियाबाद में कल बारिश का अलर्ट:तेज धूप निकली, 12 किमी की स्पीड से हवा चल रही
गाजियाबाद में आज सोमवार को धूप खिली है, जहां पूरी तरह से मौसम साफ नहीं है। सुबह से धूप खिली है, धूप में तेजी कम दिख रही है। बीच बीच में बादल छा रहे हैं। आज सुबह तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री दर्ज किया। हवा की गति आज 12 किमी प्रति घंटा से है। जहां अगले 24 घंटे में फिर से बारिश का अलर्ट है। 7 अप्रैल से फिर बारिश मौसम विज्ञानियों का कहना है कि यूपी में 7 अप्रैल से फिर से बारिश का अनुमान है। इससे पहले पिछले 3 दिनों में पूर्वी यूपी, मध्य यूपी और वेस्ट यूपी के जिलों में बारिश से मौसम बदला। एक दिन पहले 5 मार्च को गाजियाबाद से सटे हापुड़ में हल्की बारिश हुई। जबकि बुलंदशहर में अधिक बारिश और ओलावृष्टि हुई। 7 और 8 अप्रैल को बारिश का अनुमान जताया गया है। बेमौसम बारिश से किसानों को नुकसान 15 मार्च के बाद से लगातार मौसम बदल रहा है। बादलों की आवाजाही के कारण तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। इससे पहले 20 मार्च को रुक-रुककर हुई बारिश और पूरे सप्ताह चली 30–35 किमी/घंटा की तेज हवाओं ने मौसम को ठंडा बनाए रखा। गाजियाबाद में 15 मार्च से लगातार मौसम बदल रहा है। पिछले 20 दिनों में 8 बार मौसम बदल चुका है। अप्रैल माह का पहला सप्ताह बीतने को है, जहां हर तीसरे दिन मौसम बदल रहा है।
बदायूं के कस्बा बिनावर में सोमवार सुबह एक युवक का शव पेड़ से लटका मिला। मृतक की पहचान 28 वर्षीय अजय कुमार पुत्र चंद्रपाल निवासी बिनावर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, अजय कुमार सोमवार सुबह लगभग 9 बजे कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के पीछे अपने प्लॉट पर गए थे। कुछ देर बाद स्थानीय लोगों ने उनका शव पेड़ से लटका देखा। इस घटना से मौके पर हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। ग्रामीणों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी। परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और शव देखकर भावुक हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि मृतक अविवाहित था और उसके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था। वह अकेले ही जीवन यापन कर रहा था। उसकी अचानक मौत से स्थानीय लोग भी हैरान हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का लग रहा है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।
न्यायमूर्ति नागरत्ना ने यह टिप्पणी पटना के चाणक्य विधि विश्वविद्यालय में आयोजित ‘डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्मृति व्याख्यान’ के दौरान की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि संविधान की ताकत केवल नागरिकों को दिए गए अधिकारों में नहीं, बल्कि उसकी संस्थागत संरचना की मजबूती में भी निहित होती है।
कटनी जिले के बरही नगर परिषद स्थित सरकारी स्कूल के मुख्य द्वार पर सोमवार को भाजपा के झंडे लहराते पाए गए। शासकीय शिक्षण संस्थान के परिसर में राजनीतिक दल के झंडे लगाए जाने से क्षेत्र में विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस ने इस घटना को नियमों का उल्लंघन बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। मामला संज्ञान में आते ही जिला शिक्षा विभाग ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। शिक्षा के मंदिर का राजनीतिकरण करने का आरोप कांग्रेस ग्रामीण जिला अध्यक्ष सौरभ सिंह ने इसे 'शिक्षा के मंदिर का राजनीतिकरण' बताया। उन्होंने कहा कि शासकीय विद्यालयों में किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि पूरी तरह प्रतिबंधित है और स्कूल गेट पर झंडा लगाना अनुशासनहीनता है। सिंह ने मांग की है कि इस कृत्य के पीछे जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर उन पर तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। डीईओ ने स्कूल प्राचार्य को दिए निर्देश मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी राजेश अग्रहरी ने संबंधित स्कूल के प्राचार्य को निर्देशित कर मुख्य द्वार से सभी राजनीतिक झंडे हटवा दिए। डीईओ ने बताया कि किया कि शासकीय परिसर में इस तरह की गतिविधि गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आती है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। जांच के आधार पर होगी सख्त कार्रवाई शिक्षा विभाग अब इस बात की विस्तृत जांच कर रहा है कि सुरक्षा के बावजूद स्कूल के मुख्य द्वार पर झंडे किसने और कैसे लगाए। जिला शिक्षा अधिकारी अग्रहरी ने बताया कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही दोषियों पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट में ओरण पर ऐतिहासिक सुनवाई कल:9 जजों की पीठ करेगी फैसला; 75 दिनों से जारी है पदयात्रा
राजस्थान की पारंपरिक ओरण भूमि के संरक्षण को लेकर वर्षों से चल रहा संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट में 7 अप्रैल को 9 जजों की संविधान पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी, जिसमें ओरण को संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के तहत धार्मिक अधिकारों के रूप में संरक्षण देने की मांग की गई है। सोलर-विंड प्रोजेक्ट्स से बढ़ते खतरे और 75 दिनों से जारी 725 किमी की पदयात्रा के बीच यह सुनवाई आस्था आधारित पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़ा फैसला साबित हो सकती है। अनुच्छेद 25-26 के तहत संरक्षण की मांगयाचिका में कहा गया है कि ओरण केवल सरकारी रिकॉर्ड में 'डीम्ड फॉरेस्ट' नहीं हैं, बल्कि यह भूमि-आधारित धर्म का अभिन्न हिस्सा हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के तहत ग्रामीण समुदायों को अपनी धार्मिक मान्यताओं के पालन का अधिकार है। परंपराओं के अनुसार ओरण में पेड़ों की कटाई और शिकार पूरी तरह प्रतिबंधित है, इसलिए इन्हें ‘अनिवार्य धार्मिक अभ्यास’ मानते हुए संवैधानिक सुरक्षा देने की मांग की गई है। सोलर-विंड प्रोजेक्ट्स से बढ़ा खतराजैसलमेर और आसपास के क्षेत्रों में सोलर और विंड एनर्जी प्रोजेक्ट्स के विस्तार के कारण ओरण भूमि पर संकट बढ़ गया है। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि यदि सुप्रीम कोर्ट इन क्षेत्रों को धार्मिक अधिकारों के तहत संरक्षण देता है, तो परियोजनाओं के नाम पर होने वाली जमीन आवंटन प्रक्रिया और पेड़ों की कटाई पर रोक लग सकती है। एडवोकेट धर्मवीर सिंह ने कहा कि यह सुनवाई ओरणों को मौलिक अधिकारों का संरक्षण दिलाने की दिशा में अहम साबित हो सकती है। 75 दिनों की पदयात्रा से उठा जन-आंदोलनतनोट माता मंदिर से शुरू हुई 725 किलोमीटर लंबी 'ओरण बचाओ पदयात्रा' पिछले 75 दिनों से लगातार जारी है। पदयात्री पार्थ जगाणी के अनुसार यह संघर्ष केवल जमीन का नहीं, बल्कि उस सांस्कृतिक विरासत का है जिसे सदियों से ‘ईश्वर का बगीचा’ मानकर संरक्षित किया गया है। इस जन-आंदोलन ने अब राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा है और सुनवाई को लेकर पूरे पश्चिमी राजस्थान में उत्सुकता बनी हुई है। क्या होती है ओरण भूमिराजस्थान की ग्रामीण परंपरा में ओरण ऐसी भूमि होती है जिसे किसी देवी-देवता या संत के नाम समर्पित किया जाता है। यहां पेड़ काटना, लकड़ी जलाना या शिकार करना पूरी तरह वर्जित होता है। यहां तक कि गिरे हुए पत्तों को भी नहीं हटाया जाता। ये क्षेत्र जैव विविधता के केंद्र होते हैं, जहां गोडावण, हिरण और नीलगाय जैसे वन्यजीवों को शरण मिलती है। अकाल के समय ये क्षेत्र पशुपालकों के लिए चरागाह और जल स्रोत का मुख्य आधार बनते हैं। जैसलमेर में ओरण संघर्ष की पृष्ठभूमिजैसलमेर में ओरण को लेकर संघर्ष पिछले कुछ वर्षों में तेज हुआ है। सरकारी रिकॉर्ड में इन जमीनों को अक्सर बंजर या वेस्टलैंड दर्ज कर सोलर कंपनियों को आवंटित किया गया, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ी। खेजड़ी और जाल जैसे पुराने पेड़ों की कटाई शुरू होने पर विरोध तेज हुआ और यह आंदोलन जन-आंदोलन में बदल गया। सोलर हब बनाम लोक आस्थासोलर हब के रूप में विकसित हो रहे जैसलमेर में सौर परियोजनाओं और हाई-टेंशन लाइनों के कारण न केवल चरवाहों के रास्ते प्रभावित हुए हैं, बल्कि गोडावण जैसे दुर्लभ पक्षियों के अस्तित्व पर भी खतरा पैदा हुआ है। कानूनी लड़ाई और आगे की राहग्रामीणों ने मांग उठाई है कि ओरण भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में उसी नाम से दर्ज किया जाए और इसे वन कानून के बजाय धार्मिक संपत्ति का दर्जा दिया जाए। 75 दिनों की पदयात्रा और कानूनी प्रयासों के बाद यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की बेंच तक पहुंच गया है। यह लड़ाई केवल जमीन बचाने की नहीं, बल्कि उस परंपरा और जीवन शैली को बचाने की है, जिसने सदियों से पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
बूंदी गेहूं खरीद केंद्र पर उठाव नहीं:लेबर कमी से किसान परेशान, दो-तीन दिन का इंतजार
बूंदी के करवर कस्बे में स्थित समर्थन मूल्य गेहूं खरीद केंद्र पर लेबर की कमी और खरीदे गए गेहूं का उठाव न होने के कारण खरीद कार्य प्रभावित हो रहा है। इसके चलते किसानों को अपनी उपज की तुलाई के लिए दो से तीन दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। दूर-दराज से आए किसान अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की रखवाली करने को मजबूर हैं। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव से किसानों की चिंता और बढ़ गई है, क्योंकि बेमौसम बारिश से गेहूं खराब होने का डर है। किसानों का कहना है कि एक तरफ वे प्राकृतिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी खरीद व्यवस्था में खामियों के कारण उन्हें अपनी उपज बेचने में दिक्कतें आ रही हैं। करवर खरीद केंद्र पर पर्याप्त श्रमिक न होने और खरीदे गए गेहूं का समय पर उठाव न होने से तौल प्रक्रिया धीमी पड़ गई है। किसानों को अपनी उपज को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल की व्यवस्था करनी पड़ रही है, जिसका अतिरिक्त खर्च उन्हें उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा, लोडिंग और वाहन किराए का बोझ भी उन पर पड़ रहा है। केंद्र पर गेहूं की आवक लगातार जारी है, लेकिन हैंडलिंग और परिवहन व्यवस्था की कमी के कारण खरीद सुचारू रूप से नहीं हो पा रही है। किसानों ने मांग की है कि लेबर की संख्या बढ़ाई जाए और अतिरिक्त तुलाई कांटे चालू किए जाएं ताकि व्यवस्थाएं सुचारू हो सकें। समिति प्रशासन ने संबंधित एजेंसियों से इस समस्या का तत्काल समाधान करने का आग्रह किया है, ताकि किसानों को राहत मिल सके और समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद कार्य बिना किसी बाधा के जारी रह सके। इस संबंध में सहकारी अध्यक्ष राकेश जैन व केंद्र प्रभारी राकेश नागर ने बताया कि लेबर की समस्या एवं गेहूं के उठाव के लिय प्रबंधक, क्रय-विक्रय विभाग एवं उच्च अधिकारियों को कई बार बता दिया है, सहकारी समिति खरीद के लिय अतिरिक्त जगह उपलब्ध कराने को तैयार है उपलब्ध संसाधनों से किसानों को बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। कटेट : आरेन रशीद (करवर)
छत्तीसगढ़ में जल्द ही पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति हो सकती है। इस संबंध में गृह मंत्रालय जल्द आदेश जारी कर सकता है। स्थायी डीजीपी पद की रेस में आईपीएस अरुणदेव गौतम और हिमांशु गुप्ता रेस में है, लेकिन प्रभारी डीजीपी अरुण देव गौतम का पलडा सबसे भारी है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और संघ लोक सेवा आयोग के नोटिस के बाद सरकार अब जल्द फैसला ले सकती है। यूपीएससी ने नोटिस देकर पूछा था जवाब दरअसल, UPSC ने राज्य सरकार से सवाल किया था कि अब तक पूर्णकालिक DGP की नियुक्ति क्यों नहीं की गई। आयोग ने 3 जुलाई 2018 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए जवाब मांगा था, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि किसी भी राज्य में ‘प्रभारी’ DGP की नियुक्ति नहीं होनी चाहिए। इसके बावजूद राज्य में अब तक स्थायी नियुक्ति नहीं हो सकी थी। गौरतलब है कि 13 मई 2025 को UPSC ने दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों अरुण देव गौतम (1992 बैच) और हिमांशु गुप्ता (1994 बैच) का पैनल राज्य सरकार को भेजा था। सामान्यतः तीन नामों का पैनल भेजा जाता है, लेकिन इस बार विकल्प सीमित होने के कारण दो ही नाम शामिल किए गए। जनवरी 2025 में आईपीएस गौतम को मिला था डीजीपी का प्रभार छत्तीसगढ़ के पूर्व DGP अशोक जुनेजा के 4 फरवरी 2025 को रिटायर होने के बाद सरकार ने अरुण देव गौतम को प्रभारी DGP बनाया था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के ‘प्रकाश सिंह बनाम भारत सरकार’ मामले में स्पष्ट निर्देश हैं कि DGP की नियुक्ति नियमित और तय प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए। 5 फरवरी 2026 को ‘टी. धंगोपल राव बनाम UPSC’ मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा था कि नियुक्ति में देरी होने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। अरुण देव गौतम का प्रोफेशनल करियर अरुण देव गौतम मूलतः उत्तरप्रदेश के कानपुर के रहने वाले है। एमए, एमफिल की डिग्री लेने के बाद यूपीएससी क्रैक कर आईपीएस बने है। उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक, भारतीय पुलिस पदक व संयुक्त राष्ट्र पुलिस पदक भी मिल चुका है। उनका जन्म 2 जुलाई 1967 को कानपुर के पास स्थित उनके गांव अभयपुर में हुआ है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक स्कूली शिक्षा अपने गांव के ही सरकारी स्कूल से की। फिर दसवीं व बारहवीं उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज इलाहाबाद से पूरी की। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से आर्टस लेकर बीए किया। राजनीति शास्त्र में एमए किया। मां के बाद जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी नई दिल्ली से अंतरराष्ट्रीय कानून में एमफिल की डिग्री हासिल की। अरुण देव गौतम यूपीएससी निकालकर 1992 बैच के आईपीएस बने। 12 अक्टूबर 1992 को उन्होंने आईपीएस की सर्विस जॉइन की। उन्हें पहले मध्यप्रदेश कैडर एलॉट हुआ था। प्रशिक्षु आईपीएस के तौर पर उनकी जबलपुर में पोस्टिंग हुई। फिर वे बिलासपुर जिले में सीएसपी बने। 6 जिलों के रह चुके हैं एसपी बिलासपुर के बाद एसडीओपी कवर्धा बने। कवर्धा के बाद एडिशनल एसपी भोपाल बने। मध्य प्रदेश पुलिस की 23वीं बटालियन के कमांडेंट भी रहे। एसपी के रूप में पहला जिला उन्हें भोपाल का मिला। वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य बनने पर अरुण देव गौतम ने छत्तीसगढ़ कैडर चुन लिया। छत्तीसगढ़ में वे कोरिया,रायगढ़, जशपुर,राजनंदगांव, सरगुजा और बिलासपुर जिले के एसपी रहे। डीआईजी बनने के बाद वे पुलिस हैडक्वाटर, सीआईडी, वित्त और योजना, प्रशासन और मुख्यमंत्री सुरक्षा के महत्वपूर्ण विभागों में पदस्थ रहे। चुनौती पूर्ण जिलों में अरुण देव गौतम को भेजा जाता था। वर्ष 2009 में राजनांदगांव में नक्सली हमले में 29 पुलिसकर्मियों व पुलिस अधीक्षक के शहीद होने के बाद अरुण देव गौतम को वहां का एसपी बन कर भेजा गया। झीरम कांड के बाद बस्तर IG बनाए गए थे आईजी के पद पर प्रमोशन होने के बाद छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स के प्रभार में रहे। फिर बिलासपुर रेंज के आईजी बने। अरुण देव बिलासपुर जिले के एसपी भी रह चुके थे। झीरम नक्सली हमले में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौत के बाद अरुण देव गौतम को बस्तर आईजी बना कर भेजा गया। 25 मई 2013 को झीरम कांड हुआ था। इसके कुछ ही माह बाद नवंबर–दिसंबर को विधानसभा चुनाव हुए। तब सफलतापूर्वक चुनाव करवाने में अरुण देव गौतम की भूमिका रही और वोटिंग प्रतिशत में भी काफी इजाफा हुआ। वे रेलवे, प्रशिक्षण, भर्ती और यातायात शाखाओं के प्रभारी पुलिस महानिरीक्षक रहें। पिछले कुछ सालों से वे छत्तीसगढ़ के गृह सचिव के अलावा जेल व परिवहन विभाग का भी दायित्व सम्हाल रहे हैं। इसके अलावा उन्हें नगर सेना, अग्निशमन सेवाओं का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। DGP नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट का यह है निर्देश बता दें कि सुप्रीम कोर्ट का 2006 का फैसला राज्य डीजीपी नियुक्तियों के लिए मार्गदर्शक ढांचे के रूप में काम करना जारी रखता है। न्यायालय ने आदेश दिया कि राज्य सरकारें संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा सूचीबद्ध 3 सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में से अपने DGP का चयन करें। चयनित अधिकारी को अपनी सेवानिवृत्ति तिथि की परवाह किए बिना कम से कम दो साल का कार्यकाल पूरा करना होगा। DGP पद के लिए योग्यता डीजीपी बनने के लिए 30 साल की सेवा जरूरी है। इससे पहले स्पेशल केस में भारत सरकार डीजीपी बनाने की अनुमति दे सकती है। छोटे राज्यों में आईपीएस का कैडर छोटा होता है, इसको देखते हुए भारत सरकार ने डीजीपी के लिए 30 साल की सर्विस की जगह 25 साल कर दिया है। मगर बड़े राज्यों के लिए नहीं।
मुंगेर में एक व्यवसायी से करीब 6 लाख रुपए मूल्य के सोने के जेवरात ठग लिए गए। यह घटना रविवार दोपहर कोतवाली थाना क्षेत्र के आजाद चौक पर हुई। एक अज्ञात युवक ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर बड़ी बाजार निवासी बच्चु पाहुजा को निशाना बनाया और 50 ग्राम सोने के जेवरात लेकर फरार हो गया। पीड़ित बच्चु पाहुजा ने पुलिस को बताया कि वह बाजार से घर लौट रहे थे, तभी आजाद चौक के पास युवक ने उन्हें रोका। युवक ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए कहा कि इतने गहने पहनकर चलना सुरक्षित नहीं है। गहनों को सुरक्षित रखने का दिलाया भरोसा युवक की बातों में आकर पाहुजा ने अपनी सोने की चेन और अंगूठी उतार दी। ठग ने गहनों को सुरक्षित रखने का भरोसा दिलाया और उन्हें एक कागज में रखकर रुमाल में बांधने को कहा। इसी दौरान उसने चालाकी से असली गहनों की जगह पत्थर रख दिए और पोटली बदल दी। आरोपी ने पाहुजा को गहने सुरक्षित रखने की बात कहकर घर जाने को कहा और मौके से फरार हो गया। घर पहुंचने पर जब बच्चु पाहुजा ने पोटली खोली, तो उसमें गहनों की जगह पत्थर मिले। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने कोतवाली थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। लोगों से अज्ञात व्यक्ति के झांसे में न आने की अपील इस घटना के बाद पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति के झांसे में न आएं और खुद को अधिकारी बताने वाले लोगों से सतर्क रहें। प्रशासन ने ऐसी घटनाओं से बचने के लिए जागरूकता और सावधानी बरतने पर जोर दिया है। अगर ऐसी कोई सूचना आती है तो तुरंत 112 या लोकल पुलिस को जानकारी दें। वहीं इस घटना को लेकर प्रभारी थानाध्यक्ष रतन कुमार ने बताया कि पीड़ित के द्वारा थाना में आवेदन दिया गया है, घटना की जांच शुरू कर दी गई है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आरोपी की पहचान करने का प्रयास जारी है।
बठिंडा में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर विभिन्न किसान संगठनों ने जिला उपायुक्त (DC) कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान, बुढ़ापा पेंशन और अन्य कई मांगों को लेकर किया गया। किसानों का कहना है कि पिछले कई हफ्तों से क्षेत्र में बारिश और ओलावृष्टि हो रही है, जिससे खेतों में खड़ी फसलें गिर गई हैं और उनकी गुणवत्ता पर भी असर पड़ा है। ऐसे हालात में उन्हें प्रशासन और सरकार से तत्काल राहत की उम्मीद थी, लेकिन अब तक कोई भी अधिकारी उनके खेतों का जायजा लेने नहीं पहुंचा है। पंजाब भर के जिला मुख्यालयों में धरनेभारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) के जिला अध्यक्ष शिंगारा सिंह मान ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पूरे पंजाब में विभिन्न किसान संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। आज पंजाब भर के जिला मुख्यालयों में धरने दिए जा रहे हैं। उनकी मांगों में ऋण माफी, फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), और बुढ़ापा पेंशन जैसे मुद्दे शामिल हैं। किसानों की मुख्य मांग- अधिकारियों को मौके पर भेज फसलों का जायजा लेविशेष रूप से, हाल ही में हुई ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को हुए नुकसान के मुआवजे की मांग प्रमुख है। किसानों की मुख्य मांग है कि सरकार तुरंत अपने अधिकारियों को मौके पर भेजकर क्षतिग्रस्त फसलों का जायजा ले और किसानों को उचित मुआवजा प्रदान करे। बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल खराब किसानों ने आरोप लगाया कि पिछले कई हफ्तों से हो रही बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल खराब हो रही है, लेकिन अभी तक कोई भी अधिकारी उनके खेतों तक नहीं पहुंचा है और न ही पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का कोई बयान आया है। किसान नेताओं ने दी संघर्ष तेज करने की चेतावनी किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो आने वाले दिनों में उनका संघर्ष और भी तेज होगा।
दैनिक भास्कर यूपी की 403 विधानसभा सीटों पर सर्वे कर रहा है। किस सीट पर अब किसकी हवा है। जनता की पसंद कौन है, मौजूद विधायक या कोई और। इस सर्वे में भाग लेकर आप बताइए, हरदोई की बिलग्राम-मल्लावां सीट पर भाजपा विधायक विधायक आशीष सिंह 'आशू' को क्या आप फिर उम्मीदवार बनाना चाहते हैं या फिर भाजपा के सतीश वर्मा, ब्रजेश वर्मा और अभय शंकर शुक्ला में से आपकी कौन पसंद है? अगर कोई और पसंद है तो उसका नाम भी आप अन्य के ऑप्शन में दे सकते हैं।सपा से आप किसे उम्मीदवार बनाना चाहते हैं– ब्रजेश वर्मा टिल्लू, जितेंद वर्मा जीतू और अब्दुल मन्नान में से किसको? अपनी पसंद बताएं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से अनुराग मिश्रा, सतीश वर्मा और राम कृपाल कुशवाहा में से किसे चुनेंगे। यदि आपकी पसंद इन दिए गए नामों से अलग है, तो वे 'अन्य' विकल्प का उपयोग करके अपनी पसंद के किसी भी अन्य व्यक्ति का नाम भी सुझा सकते हैं। यह सर्वे पूरी तरह गोपनीय है, आपकी पहचान कभी भी उजागर नहीं होगी। इस लिंक पर क्लिक करके आप सर्वे में भाग ले सकते हैं। आप अपनी विधानसभा सिलेक्ट करके शामिल हो सकते हैं। अगर आपके पास भास्कर एप नहीं है तो पहले डाउनलोड करें, फिर सर्वे में भाग लें- लिंक
डूंगरपुर के वरदा थाना क्षेत्र में काकरी घाटी के पास एक अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। वरदा थाने के एएसआई संतोष कुमार ने बताया कि नौकना निवासी मोहनलाल ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट के अनुसार, मोहनलाल का छोटा भाई महिपाल (26) अपने दोस्त की बाइक लेकर सेलज जा रहा था। काकरी घाटी से थोड़ा आगे आम के पेड़ के पास पहुंचने पर एक अज्ञात वाहन ने महिपाल की बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि महिपाल बाइक सहित सड़क पर गिर गया। उसे गंभीर चोटें आईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी पहुंचाया, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने अज्ञात वाहन ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हरदोई के देहात कोतवाली क्षेत्र के बंजरा पुरवा गांव में रविवार देर रात एक भट्ठा मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। 28 वर्षीय हरीकरन उर्फ सकटे को कुछ लोग गांव की पश्चिमी दिशा में ट्रैक्टर से छोड़कर चले गए थे। परिजन उन्हें मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव का पंचनामा भरवा लिया गया मृतक के बड़े भाई लीला ने आरोप लगाया है कि जिन चार लोगों ने हरीकरन को छोड़ा था, उन्हीं से दो महीने पहले उनका विवाद हुआ था। लीला का कहना है कि इन्हीं आरोपियों ने हरीकरन की हत्या की है। हरीकरन अपने पीछे पत्नी अर्चना और चार बच्चों को छोड़ गए हैं। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि शव का पंचनामा भरवा लिया गया है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों द्वारा दिए जाने वाले शिकायती पत्र के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रयागराज में एक सनसनीखेज घटना में मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर आदित्य (29) की संदिग्ध हाल में मौत हो गई। वह अपने फ्लैट के टॉयलेट में अचेत पड़े मिले। साथी उन्हें अस्पताल ले गए जहां उनकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया गया है। डॉ. आदित्य मेडिकल कॉलेज से एमएस कर रहे थे। वह मूल रूप से अल्लापुर के रहने वाले हैं। रोज की तरह रविवार रात भी वह ड्यूटी पर थे। रात में जार्जटाउन के लाउदर रोड पर स्थित अपने फ्लैट में पहुंचे। यहां उनके चार साथी डॉक्टर भी थे। साथी डॉक्टरों ने बताया कि रात 10 बजे के करीब आदित्य फ्रेश होने की बात कहकर टॉयलेट में गए। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर दोस्तों को शंका हुई। उन्होंने आवाज दी लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। किसी तरह दरवाजा खोला गया तो वह टॉयलेट में अचेत पड़े मिले। साथी उन्हें लेकर एसआरएन अस्पताल पहुंचे जहां कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। सूचना पर पुलिस के साथ ही मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर व डॉक्टर भी पहुंच गए। पोस्टमार्टम के बाद आगे की कार्रवाईजांच पड़ताल के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जार्जटाउन थाना प्रभारी रोहित तिवारी ने बताया कि पुलिस को सूचना करीब 11.30 बजे मिली। मौके पर पहुंचकर साथी डॉक्टरों से पूछताछ के बाद शव को मर्चरी भेज दिया गया। मौत का कारण पोस्टमार्टम में ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल किसी तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। पिता दवा कारोबारी, भाई भी डॉक्टरडॉ. आदित्य के पिता दिलीप दवा कारोबारी हैं। जबकि उनका छोटा भाई भी डॉक्टर है जो बांदा मेडिकल कॉलेज से पढ़ाई कर रहा है। आदित्य की मौत के बाद घर में कोहराम मचा हुआ है।
पलामू जिले के छतरपुर स्थित मसीहानी में नेशनल हाईवे 98 पर एक सड़क दुर्घटना में नौडीहा प्रखंड के सीओ संजय कुमार सिंह, पिपरा प्रखंड के सीओ जितेंद्र कुमार सिंह और उनके चालक रवींद्र कुमार ठाकुर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उनकी सरकारी गाड़ी में ट्रेलर द्वारा टक्कर मारने की वजह से हुई। स्थानीय लोगों की मदद से तीनों घायलों को अनुमंडलीय अस्पताल छतरपुर पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए एमएमसीएच मेदनीनगर रेफर कर दिया। पिपरा सीओ का बायां हाथ फ्रैक्चर नौडीहा सीओ संजय कुमार सिंह के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। पिपरा सीओ जितेंद्र कुमार सिंह का बायां हाथ फ्रैक्चर हो गया है और उन्हें अंदरूनी चोटें भी लगी हैं। चालक रवींद्र कुमार ठाकुर को भी शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें आई हैं। मोबाइल पर बात कर रहा था ट्रेलर चालक जानकारी के अनुसार, दोनों सीओ जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में उपायुक्त की अध्यक्षता में होने वाली एक बैठक में शामिल होने जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सीओ का सरकारी वाहन सायरन बजाते हुए मसीहानी में फोरलेन सड़क की दाहिनी लेन से जा रहा था। इसी दौरान सामने से आ रहे ट्रेलर के चालक ने मोबाइल पर बात करते हुए वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। दुर्घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी अवध कुमार यादव दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस को दोनों वाहनों को जब्त करने का निर्देश दिया। डीएसपी यादव ने अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचकर घायल सीओ का हालचाल जाना और उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेदिनीनगर भिजवाने में मदद की। इधर, सड़क दुर्घटना की जानकारी मिलने पर नगर अध्यक्ष अरविंद कुमार गुप्ता भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल सीओ का हालचाल पूछा और उनके इलाज में सहायता की।
बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस ने सोमवार सुबह 11 बजे जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मरीजों से भी बातचीत की। निरीक्षण के दौरान विधायक ने जिला अस्पताल के नोडल अधिकारी व डिप्टी कलेक्टर राजेश पाटीदार और सिविल सर्जन डॉ. दर्पण टोके से अस्पताल की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने विभिन्न वार्डों में जाकर मरीजों से उनके स्वास्थ्य और मिल रहे उपचार के बारे में पूछा। मरीजों ने दी जा रही सुविधाओं पर संतुष्टि व्यक्त की। विधायक अर्चना चिटनिस ने बताया कि जिला अस्पताल में सुविधाएं और संसाधन जुटाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए कलेक्टर से चर्चा की जाएगी। आज शाम ही जिला अस्पताल के अधिकारियों, डॉक्टरों और अन्य टीम के साथ एक बैठक आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर विधायक ने एसएनसीयू कक्ष, प्रसव कक्ष और जनरल वार्ड का दौरा किया। इस दौरान जिला अस्पताल के आरएमओ भूपेंद्र गौर, प्रबंधन धीरज चौहान, डॉ. गौरव धावानी सहित अन्य डॉक्टर और स्टाफ सदस्य उपस्थित थे।
एसआई परीक्षा में सेंटर के बाहर उतरवाए जूते:200 मीटर नंगे पांव चल 72 सीढ़ियां चढ़कर पहुंचे अभ्यर्थी
राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित एसआई भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन सवाई माधोपुर में कड़ी सख्ती देखने को मिली। जिले के 29 परीक्षा केंद्रों पर पहली पारी के लिए सुबह 9 से 10 बजे तक अभ्यर्थियों को मेटल डिटेक्टर से गहन जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। पुराने शहर स्थित 72 सीढ़ी स्कूल केंद्र पर अभ्यर्थियों से गेट पर ही जूते उतरवा लिए गए। इसके चलते स्टूडेंट्स को करीब 200 मीटर नंगे पांव चलकर 72 सीढ़ियां चढ़ते हुए परीक्षा हॉल तक पहुंचना पड़ा। सुरक्षा के तहत जींस के मेटल बटन और बेल्ट भी बाहर ही हटवा दिए गए। 16968 परीक्षार्थियों का रजिस्ट्रेशन जिले के 29 परीक्षा केंद्रों पर दोनों दिनों में कुल 16,968 अभ्यर्थियों का रजिस्ट्रेशन रहा। पहले दिन 8,472 में से 10,692 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। वहीं दूसरे दिन पहली पारी में 8,472 में से 5,456 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जबकि 3,016 अनुपस्थित रहे। सामान्य हिंदी का पेपर सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक और सामान्य ज्ञान व सामान्य विज्ञान का पेपर दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। परीक्षा में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त अभ्यर्थियों के क्यूआर कोड युक्त प्रवेश पत्र और मूल रंगीन फोटो पहचान पत्र की जांच की गई। केंद्रों के आसपास त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू रही। परीक्षा केंद्र के 100 मीटर के दायरे में साइबर कैफे और ई-मित्र केंद्र बंद रखे गए। केंद्रों में मोबाइल, ईयरफोन, ब्लूटूथ, घड़ी, पेजर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहा।
आंबेडकर जयंती की तैयारियों में जुटी सपा:बूथ स्तर तक मनाने की बनी रणनीति; लखनऊ में हुई अहम बैठक
लखनऊ में समाजवादी पार्टी की बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें 14 अप्रैल को बी आर अंबेडकर जयंती को बड़े स्तर पर मनाने की रणनीति तय की गई। बैठक में पार्टी नेताओं ने बूथ से लेकर लोकसभा स्तर तक कार्यक्रम आयोजित कर बाबा साहब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का निर्णय लिया। बैठक का आयोजन इंदिरा नगर स्थित सपा सांसद आर के चौधरी के कार्यालय पर किया गया। इसमें सपा बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिठाई लाल भारती ने मुख्य रूप से कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब की जयंती केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उनके संघर्षों और विचारों को समाज तक पहुंचाने का अवसर है। बूथ से लेकर लोकसभा स्तर तक होंगे कार्यक्रम बैठक में तय किया गया कि 14 अप्रैल को जयंती कार्यक्रम बूथ स्तर से लेकर विधानसभा और लोकसभा स्तर तक आयोजित किए जाएंगे। इसके माध्यम से पार्टी कार्यकर्ता पीडीए समाज के बीच जाकर बाबा साहब के विचारों और योगदान को साझा करेंगे। नेताओं ने इस दौरान सामाजिक जागरूकता अभियान चलाने और अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने पर जोर दिया। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तरुण रावत ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा से वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों की आवाज उठाती रही है। अंबेडकर वाहिनी के जरिए पार्टी युवाओं और विभिन्न वर्गों को जोड़ते हुए बाबा साहब के आदर्शों को आगे बढ़ाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन पार्टी की सामाजिक प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने के आरोप राष्ट्रीय महासचिव रामबाबू सुदर्शन ने कहा कि जयंती के अवसर पर पीडीए समाज को यह बताया जाएगा कि वर्तमान सरकार में संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है और दलित व ओबीसी वर्ग के अधिकारों पर असर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाबा साहब के बनाए संविधान को कमजोर करने की कोशिश हो रही है, जिसके खिलाफ समाज को जागरूक करना जरूरी है। 2027 चुनाव को लेकर भी दिखी तैयारी बैठक में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर समाजवादी पार्टी को मजबूत करें और अखिलेश यादव के नेतृत्व में चुनाव में जीत सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई संविधान और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए है। बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तरुण रावत, सोनू भारती गिहार, सत्येंद्र कुमार पानू, सत्य प्रकाश सोनकर और अयोध्या प्रसाद रावत सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अयोध्या पुलिस ने बरामद किए 30 लाख के मोबाइल:203 चोरी और गुम मोबाइल बरामद, लोगों को किया गया वापस
अयोध्या पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए CEIR पोर्टल के माध्यम से गुमशुदा और चोरी हुए 203 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइल फोन की कुल कीमत लगभग 30.45 लाख रुपये बताई जा रही है। बरामद मोबाइल फोन उनके असली धारकों को वापस किए जा रहे हैं। श्रीराम जन्मभूमि और हनुमानगढ़ी में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। इसी दौरान भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों में मोबाइल चोरी और गुम होने की घटनाएं भी बढ़ीं, जिस पर पुलिस ने गंभीरता से कार्रवाई की। CEIR पोर्टल के जरिए मिली सफलता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि सर्विलांस टीम और सभी थानों की संयुक्त पुलिस टीम ने CEIR पोर्टल का अधिकतम उपयोग करते हुए अभियान चलाया। इस अभियान में अलग-अलग जनपदों और राज्यों से आए लोगों के मोबाइल फोन ट्रेस कर बरामद किए गए। लोगों को सौंपे जा रहे मोबाइल बरामद सभी 203 मोबाइल फोन आज पुलिस लाइन में उनके मालिकों को सौंपे जा रहे हैं। इससे लोगों में खुशी का माहौल है और पुलिस की इस पहल की सराहना की जा रही है। यह सर्विलांस टीम के सहयोग से प्राप्त हुआ है। इस दौरान CEIR पोर्टल प्रभारी और अयोध्या CO आशुतोष तिवारी, अयोध्या कोतवाली पंकज सिंह मौजूद रहे।
पानीपत जिले के गांव कुराड के पास एक हादसा हो गया। जहां एक तेज रफ्तार और ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बाइक सवार दो दोस्तों को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में 45 वर्षीय बिल्लू की मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त राजकुमार घायल हो गया। वारदात के बाद आरोपी चालक ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित मौके से फरार हो गया। काम खत्म कर घर लौट रहा था मृतक के बड़े भाई शीशपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि बिल्लू अपनी वर्कशॉप (मशीनरी मरम्मत की दुकान) चलाता था। रविवार शाम वह अपना काम खत्म करने के बाद अपने दोस्त राजकुमार के साथ बाइक पर सवार होकर वापस अपने गांव कुराड लौट रहा था। जैसे ही वे गांव के नजदीक पहुंचे, गन्ने से लदी एक ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली के ड्राइवर ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए उन्हें टक्कर मार दी। अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम हादसे के बाद चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। गंभीर रूप से घायल बिल्लू को आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, चोटें इतनी गंभीर थी कि डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं उसके दोस्त का इलाज जारी है। परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था बिल्लू बिल्लू की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया है। शीशपाल ने रूंधे गले से बताया कि बिल्लू ही अपने परिवार में कमाने वाला इकलौता सदस्य था। उसकी मौत के बाद पूरे घर के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और ग्रामीण आरोपी चालक की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। प्रशासनिक अनदेखी पर उठे सवाल स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पानीपत की सड़कों पर गन्ने से भरी ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां मौत बनकर दौड़ रही हैं। नियमों को ताक पर रखकर ट्रॉलियों में क्षमता से अधिक गन्ना लादा जाता है। जिससे संतुलन बिगड़ने के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। पुलिस ने मृतक के भाई के बयान पर अज्ञात ट्रैक्टर-ट्रॉली ड्राइवर के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने और गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इंदौर नगर निगम शहर में स्वच्छता को बढ़ावा देने और जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लगातार नवाचार कर रही है। इसी कड़ी में घर की सफाई - 3 आर कलेक्शन ड्राइव अभियान चलाया गया था, जिसमें नगर निगम की टीमों ने घर-घर जाकर 57 हजार किलो से ज्यादा अनुपयोगी सामान जमा किया था। इनमें कपड़े, खेल सामग्री, किताबें, खिलौने, इलेक्ट्रिक सामान सहित अन्य वस्तुएं शामिल हैं, जिन्हें पुन: इस्तेमाल के माध्यम से जरूरतमंदों तक पहुंचाया जा रहा है। अब बस्ती बेमिसाल अभियान के तहत शहर की 29 से ज्यादा स्लम बस्तियों में विशेष स्वच्छता अभियान के साथ-साथ स्लम कार्निवाल आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत सोमवार को जोन क्रमांक 18, वार्ड क्रमांक 51 के शिव नगर स्लम बस्ती में जमा की गई सामग्री का वितरण किया गया। इस मौके पर स्वास्थ्य प्रभारी अश्विनी शुक्ल, मृदुल अग्रवाल और अपर आयुक्त प्रखर सिंह मौजूद रहे, जिन्होंने जरूरतमंदों को सामग्री का वितरण किया। घरों के सामने बनाई रंगोली प्रोग्राम के दौरान शिव नगर स्लम इलाके में स्लम कार्निवाल के तहत लोगों ने अपने-अपने घरों के सामने रंगोलियां भी बनाई और अतिथियों का पुष्प माला पहनाकर स्वागत किया। इसके साथ ही गलियों की दीवारों पर पेटिंग भी की गई। बता दे कि पिछले कई दिनों से घर की सफाई - 3 आर कलेक्शन ड्राइव अभियान चलाया जा रहा था, जिसका रविवार रात को एक मॉल में समापन हुआ।
पंजाब में पिछले दिनों हुई बारिश और ओले गिरने से जो फसलों का नुकसान होगा। उसकी सरकार विशेष गिरदावरी करवाई जाएगी। यह आदेश पंजाब सीएम भगवंत मान की तरफ से दिए गए हैं उन्होंने कहा कि किसानों की फसल के नुकसान की भरपाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हम सारी चीजों पर नजर रखे हुए है। बेअदबी पर नया कानून बनने के साथ लागू होगा सीएम ने कहा कि बेअदबी पर बनाया जा रहा कानून उसी दिन लागू हो जाएगा। हमने इसके लिए स्पेशल सेशन बुलाया है। यह राज्य का कानून है, यह उसी दिन से लागू हो जाएगा। इसे राष्ट्रपति के पास भेजने की जरूरत नहीं है। वहीं, उन्होंने कहा कि अगर एसजीपीसी सुझाव देती है तो इसका स्वागत करते हैं। इस फार्मूले से पंजाब में फ्री बिजली दी सीएम ने कहा पंजाब सरकार ने पहले कोयले की खान खरीदी हुई थी। लेकिन वह बंद पड़ी थी। किसी प्राइवेट कंपनी से कोयला खरीदते थे। हमने अपनी कोयले की खान चलाई। 70 लाख मीट्रिक टन कोयला निकालने का टारगेट पूरा किया जाए। अक्टूबर 2022 में टेकओवर कर ली थी। अब तक 1462 करोड़ रुपए बचा लिए हैं। यहां से पैसा आता है। अगर पहले जैसे कैप्टन और सुखबीर बादल कोयला खरीदते थे, तो 1462 करोड़ रुपए अधिक लगने थे। इसी वजह से बिजली बोर्ड घाटे में नहीं गया और हमने बिजली फ्री में दे दी। यह बात कैप्टन व सुखबीर बादल सुन लें। ऐसे काम किए जाते हैं। वह कहता है कि जितनी बिजली पैदा की है वह मेरे पिता ने पैदा की है। फिर बापू जी वोटें क्यों नहीं पैदा कर सके। सारी बिजली तो आपने प्राइवेट को दे दी। मजीठिया के हैं सारा सत्या वाले सोलर। लोगों से लगवाकर खुद टेकओवर कर लेते थे। पंजाब में कोयले की कमी नहीं सीएम ने कहा कि पंजाब में कोयला खत्म होने की खबरें आउटडेटेड हो गई हैं। रूपनगर में 41 दिन का कोयला शेष बचा है। लहरा मोहब्बत में 37 दिन और गोइंदवाल में 32 दिन का कोयला शेष है। यह हमारे लिए बहुत ज्यादा है। जबकि वहां से लगातार कोयला रहा है। शाहपुर कंडी प्रोजेक्ट मई 2027 में शुरू हो जाएगा।
नालंदा के दीपनगर थाना क्षेत्र के डुमरावां उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में शराब और शबाब की महफिल सजाने के मामले में पुलिस ने त्वरित संज्ञान लेते हुए नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अधिकारी पंकज कुमार की ओर से दर्ज कराई गई इस एफआईआर में स्कूल शिक्षा समिति की सचिव के पति अजीत कुमार सहित पल्लू कुमार, सोनू यादव और रंजीत उर्फ सुगी को मुख्य आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ सार्वजनिक स्थान पर उपद्रव फैलाने, निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने और छात्रों के स्वास्थ्य व मानसिक स्थिति के साथ खिलवाड़ करने की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी है। सोशल मीडिया पर सामने आया था शराब पीने का वीडियो पुलिस की यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए उस वीडियो के बाद सामने आई है, जिसमें इन युवकों को स्कूल के बरामदे पर बैठकर सरेआम अंग्रेजी शराब और सिगरेट पीते देखा गया था। यह वीडियो महावीर जयंती के अवसर का बताया जा रहा है। जिस समय जिला प्रशासन और स्थानीय लोग मघड़ा में हुई भगदड़ की दुखद घटना से मर्माहत थे, ठीक उसी समय ये अराजक तत्व स्कूल जैसे पवित्र स्थान को मयखाने में तब्दील कर कानून को ठेंगा दिखा रहे थे। वीडियो में स्कूल सचिव के पति की उपस्थिति ने शिक्षा व्यवस्था की सुरक्षा और मॉनिटरिंग पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। हेडमास्टर ने कहा- बाउंड्री वॉल नहीं है, हम बेबस हैं इस पूरे प्रकरण पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक ब्रज बिहारी ने बाउंड्री वॉल न होने का हवाला देते हुए अपनी बेबसी जाहिर की है। उनका कहना है कि चहारदीवारी के अभाव में असामाजिक तत्व स्कूल बंद होने के बाद आसानी से भीतर दाखिल हो जाते हैं। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने अब साफ कर दिया है कि स्कूल की गरिमा भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अपर थाना अध्यक्ष विलमेश कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो का वैज्ञानिक तरीके से सत्यापन करने के बाद ही यह कानूनी कार्रवाई की गई है और जल्द ही सभी नामजद अभियुक्तों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
डूंगरपुर के नवनियुक्त जिला कलेक्टर देशलदान ने सोमवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। कार्यभार संभालने के बाद यह उनका पहला दौरा था। उन्होंने चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मरीजों को मिल रही सुविधाओं की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, आईसीयू और अन्य विभागों का दौरा किया। उन्होंने भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधा संवाद किया। कलेक्टर ने मरीजों से उपचार, निशुल्क दवाओं की उपलब्धता और चिकित्साकर्मियों के व्यवहार के बारे में जानकारी ली। अस्पताल अधीक्षक डॉ. महेंद्र डामोर और उप अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ सिंह ने उन्हें व्यवस्थाओं से अवगत कराया। कलेक्टर देशलदान ने मरीजों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने ओपीडी में लंबी कतारों को व्यवस्थित करने के लिए एक नया प्रबंधन सिस्टम लागू करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, अस्पताल परिसर में स्वच्छता बनाए रखने और जांच प्रक्रियाओं में लगने वाले समय को कम करने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने संबंधित कर्मियों को आयुष्मान भारत जैसी राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सुलभता से पहुंचाने के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने अस्पताल परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों के कारण होने वाली भीड़भाड़ और पार्किंग की समस्या को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बिलासपुर के बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में 30 साल बाद सड़क निर्माण हो रहा है। यहां सड़क नहीं बनने से परेशान लोगों ने चुनाव बहिष्कार करने की चेतावनी भी दी थी। विधायक सुशांत शुक्ला की पहल पर अलग-अलग गांवों में कुल 14 करोड़ 56 लाख 34 हजार रुपए की लागत से सड़कों के निर्माण कार्यों का शिलापूजन किया। लोगों के लंबे इंतजार के बाद अब उन्हें आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है। दरअसल, बेलतरा क्षेत्र के कई गांव ऐसे हैं, जो आज भी पहुंच विहीन हैं, यहां डब्ल्यूबीए और कच्ची सड़क है, जिसकी वजह से बारिश के दिनों में आसपास के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यहां लंबे समय से जर्जर सड़कों के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, जिससे रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हो रहा था। विधायक से स्थानीय लोगों ने की थी मांग विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि जब वो चुनाव के समय इन गांवों में पहुंचे थे, तब लोगों की केवल एक ही मांग थी सड़क निर्माण। इसे लेकर उन्होंने चुनाव बहिष्कार करने की चेतावनी भी दी थी। तब उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया था कि चुनाव जीतने के बाद सड़क निर्माण कार्य कराया जाएगा। जिसके बाद उनकी पहल पर भरदैयाडीह से कलमीटार, गोदईया-कलमीटार, भदरापारा-बरभांठा, करमा-बरभांठा-सरगाधोड़ी मार्ग बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा था। अब स्वीकृति मिलने के बाद यहां सड़क निर्माण कार्य शुरू हो गया है। जानिए कितनी राशि से बनेगी सड़क सरपंच सहित ग्रामीणों ने जताई खुशी इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी। विधायक की इस पहल से क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इन सड़कों के निर्माण से न सिर्फ आवागमन आसान होगा, बल्कि विकास को भी नई दिशा मिलेगी। बिटकुली गांव के सरपंच शिव कुमार यादव ने कहा कि हम लोग लंबे समय से सड़क की समस्या से जूझ रहे थे। बरसात में हालात और खराब हो जाते थे। अब सड़क बनने से गांव के लोगों को काफी राहत मिलेगी।

