इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि कोई अधिवक्ता अपने मुवक्किल का केस आगे बढ़ाने के लिए खुद ही याची बन जनहित याचिका दायर नहीं कर सकता। यह पेशेवर कदाचार है। कोर्ट के अनुसार जनहित याचिका का उद्देश्य गरीब, वंचित या जनहित के लिए है न कि निजी हित या मुवक्किल का केस मजबूत करने के लिए। बार काउंसिल में शिकायत हो सकती है मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली तथा न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने फिरोजाबाद निवासी अधिवक्ता सुरेंद्र कुमार शर्मा की जनहित याचिका खारिज करते हुए कहा, अधिवक्ता को कोर्ट का अधिकारी माना जाता है। यदि वह मुवक्किल के फायदे के लिए खुद याची बनता है तो एडवोकेट्स एक्ट के तहत पेशेवर कदाचार है। उसके खिलाफ बार कौंसिल में शिकायत भी हो सकती है। वकील का खुद पार्टी बनना सही नहीं खंडपीठ ने कहा, अगर वकील को जनहित का मुद्दा लगता है तो वो किसी असली प्रभावित व्यक्ति से ऐसी जनहित याचिका दाखिल करवा सकता है, खुद पार्टी नहीं बन सकता। इस क्रम में अशोक कुमार पांडेय बनाम पश्चिम बंगाल तथा उत्तराखंड राज्य बनाम बलवंत सिंह चौफाल मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लेख किया जिसमें पीआइएल के दुरुपयोग पर रोक लगाई गई है। मुकदमे से जुड़े तथ्य यह हैं कि खुद को कुछ इंडस्ट्रीज का लीगल एडवाइजर बताते हुए याची ने पेट्रोलियम मंत्रालय की गाइडलाइंस के आधार पर नेचुरल गैस कनेक्शन दिए जाने की मांग की थी।
अमरनाथ यात्रा को ध्यान में रखते हुए लखनऊ से श्रीनगर के बीच सीधी हवाई सेवा दोबारा शुरू होने की संभावना तेज हो गई है। एयरलाइन कंपनी द्वारा इस संबंध में कराया जा रहा सर्वे अंतिम चरण में है और इसके जल्द पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है। यदि यह सेवा शुरू होती है, तो बड़ी संख्या में अमरनाथ यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा। पहलगाम हमले के बाद बंद हुई थी सेवा पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद लखनऊ-श्रीनगर सीधी उड़ान सेवा बंद कर दी गई थी। यह सेवा शुरू होने के महज 35 दिनों बाद ही रोकनी पड़ी थी। इसके चलते यात्रियों को दिल्ली के रास्ते कनेक्टिंग फ्लाइट से यात्रा करनी पड़ रही है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ गए हैं। अमरनाथ यात्रा से पहले बढ़ी उम्मीदें तीन जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा के लिए अभी से तैयारियां तेज हो गई हैं। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और श्रद्धालु मेडिकल जांच भी करा रहे हैं। लखनऊ से हर साल बड़ी संख्या में यात्री यात्रा पर जाते हैं, ऐसे में सीधी उड़ान सेवा उनके लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। पहले भी मिली थी जबरदस्त प्रतिक्रिया मार्च 2025 में यात्रियों की मांग पर इंडिगो ने लखनऊ से श्रीनगर के बीच सीधी उड़ान शुरू की थी। शुरुआती दिनों में इस सेवा को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और उड़ानें लगभग फुल रहीं। लेकिन आतंकी हमले के बाद यात्रियों की संख्या अचानक घट गई, जिससे एयरलाइन को नुकसान होने लगा और सेवा बंद करनी पड़ी। सस्ती और समय बचाने वाली थी उड़ान यह सीधी उड़ान करीब दो घंटे में लखनऊ से श्रीनगर पहुंचाती थी। किराया भी अपेक्षाकृत किफायती था, जो छह से आठ हजार रुपये के बीच रहता था। वहीं, कनेक्टिंग फ्लाइट के लिए यात्रियों को 12 से 15 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। यात्रियों की संख्या में आई थी भारी गिरावट इस रूट पर चलने वाले विमान में करीब 180 सीटें थीं और शुरुआत में सभी सीटें भर रही थीं। हालांकि, हमले के बाद यात्रियों की संख्या घटकर महज 35 रह गई थी। कम यात्री होने के कारण संचालन खर्च निकालना मुश्किल हो गया और सेवा अस्थायी रूप से बंद कर दी गई। जल्द मिल सकती है राहत अब अमरनाथ यात्रा के मद्देनजर एक बार फिर इस रूट पर सीधी उड़ान शुरू करने की तैयारी तेज है। सर्वे पूरा होने के बाद एयरलाइन अंतिम फैसला लेगी, जिससे लखनऊ के यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
अलीगढ़ में स्मार्ट मीटर का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। सासनी गेट बिजलीघर पर गुरुवार को वार्ड नंबर 20 पक्की सराय की महिलाओं ने धरना–प्रदर्शन किया। महिलाओं ने बिजलीघर पर नारेबाजी करते हुए विभाग पर मनमानी का आरोप लगाया। महिलाओं ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नाम पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए तुरंत बंद करने की मांग की। पक्की सराय महिला मंडल की पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि लोगों को विभागीय मनमानी के कारण कई गुना अधिक बिलों का सामना करना पड़ रहा है। लोग बिलों को सही करवाने के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। बावजूद इसके उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। महिलाओं ने चेतावनी दी कि अगर 72 घंटे में समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बिजलीघर पर ताला डालकर प्रदर्शन किया जाएगा। ‘70 हजार तक आ रहा बिल’ महिला मंडल के मीडिया प्रवक्ता गौरव वार्ष्णेय ने बताया कि किसी का बिल 50 हजार तो किसी का 70 हजार रुपए तक आ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले सामान्य खपत पर बिल 2 से 3 हजार रुपए ही आता था। महिलाओं का आरोप है कि अग्रिम वसूली की जा रही है और भुगतान के बाद भी बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही। भीषण गर्मी में न हो बिजली का संकट प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर में अधिक बिल आता है। उसे जमा करने के बाद भी कई बार विद्युत सप्लाई शुरू नहीं हो पाती है। उन्होंने कहा कि अब गर्मी भी अपने तेवर दिखाती जा रही है। ऐसे में बिजली की सप्लाई बाधित होने से परेशानी का सामना करना पड़ेगा। विभाग को दिया 72 घंटे का अल्टीमेटम गौरव वार्ष्णेय और प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 72 घंटे में समाधान नहीं हुआ तो सासनी गेट बिजली घर और पुराना हाथरस अड्डा बिजली घर पर अलीगढ़ का ताला लगाया जाएगा। वहीं, पुराना हाथरस अड्डे पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी भी दी। इस दौरान अंजू यादव, पूनम, सुंदरी वर्मा, सावित्री, रुपाली, नो चांदी, कान्ती, मीरा, संतन, मोनी का, कन्ता आदि महिलाएं मौजूद रहीं।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के कर्मचारियों के लिए एक अहम निर्णय लिया गया है। अब रोडवेज कर्मियों की मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को अंतिम संस्कार के लिए पहले की तुलना में चार गुना अधिक सहायता राशि दी जाएगी। पहले जहां यह राशि 5 हजार रुपये थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दिया गया है। परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि यह सुविधा निगम में कार्यरत नियमित, संविदा और आउटसोर्स सभी कर्मियों पर लागू होगी। किसी भी कारण से कर्मचारी की मृत्यु होने पर उनके परिवार को तत्काल 20 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी, जिससे अंतिम संस्कार में आर्थिक दिक्कत न हो। निगम आय से होगा भुगतान, नहीं होगी सैलरी से रिकवरी मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह सहायता राशि निगम की आय से दी जाएगी और इसका समायोजन यात्री राहत एवं सुरक्षा योजना के तहत किया जाएगा। पहले दी जाने वाली 5 हजार रुपये की राशि बाद में कर्मचारी के वेतन से काट ली जाती थी, लेकिन अब नई व्यवस्था में ऐसी कोई कटौती नहीं होगी। कर्मचारियों के हित में लगातार फैसले दयाशंकर सिंह ने कहा कि निगम कर्मचारियों और यात्रियों दोनों के लिए बेहतर सुविधाएं देने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह निर्णय कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिससे उनके परिवारों को कठिन समय में आर्थिक सहारा मिल सके।
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों ने अपने-अपने सामाजिक समीकरण साधने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में भाजपा लखनऊ महानगर द्वारा उत्तर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित “अंबेडकर सम्मान अभियान संगोष्ठी” को महज एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं, बल्कि दलित और वंचित वर्गों तक पहुंच बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। जानकीपुरम स्थित लोटस पोर्टिको कॉलोनी गेस्ट हाउस में आयोजित इस कार्यक्रम में नोएडा विधायक एवं प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज सिंह, लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनन्द द्विवेदी और विधायक डॉ नीरज बोरा समेत कई नेताओं की मौजूदगी ने इसे राजनीतिक रूप से अहम बना दिया। अंबेडकर के जरिए सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश कार्यक्रम की शुरुआत डॉ भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि के साथ हुई। इसके बाद भाजपा नेताओं ने अंबेडकर के विचारों को केंद्र में रखकर सामाजिक न्याय, समानता और शिक्षा के मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा 2027 चुनाव से पहले दलित वोट बैंक को और मजबूत करने के लिए “अंबेडकर नैरेटिव” को लगातार आगे बढ़ा रही है। सम्मान कार्यक्रम या चुनावी मैसेज? कार्यक्रम में हनुमान गौतम, रमेश चंद्रा, तेजपाल रावत, नरेश रावत, सतीश बहेलिया और मुन्ना रावत को सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह स्थानीय स्तर पर पार्टी की पकड़ मजबूत करने और जमीनी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इस तरह के आयोजनों के जरिए भाजपा न सिर्फ संगठन को मजबूत कर रही है, बल्कि बूथ स्तर तक सामाजिक प्रतिनिधित्व का संदेश भी दे रही है। भाजपा नेताओं के बयान में दिखा चुनावी टोन पंकज सिंह ने कहा कि अंबेडकर का संविधान देश को मजबूत लोकतांत्रिक ढांचा देता है और शिक्षा ही समाज को सशक्त बनाने का सबसे बड़ा माध्यम है। वहीं आनन्द द्विवेदी ने भाजपा सरकार द्वारा अंबेडकर से जुड़े “पंचतीर्थ” के विकास और भारत रत्न दिए जाने का उल्लेख करते हुए इसे भाजपा की प्रतिबद्धता बताया। डॉ नीरज बोरा ने अपने बयान में कांग्रेस पर अप्रत्यक्ष निशाना साधते हुए कहा कि पहले कुछ ताकतें लोकतंत्र को सीमित करना चाहती थीं, जबकि अंबेडकर ने सभी को वोट का अधिकार दिलाया। 2027 की तैयारी: बूथ से समाज तक फोकस इस आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता, पदाधिकारी और क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे। मीडिया प्रभारी अनुराग साहू के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों तक पार्टी की विचारधारा पहुंचाना है। राजनीतिक तौर पर देखा जाए तो भाजपा “अंबेडकर सम्मान अभियान” के जरिए उत्तर प्रदेश में दलित, पिछड़ा और महिला वोटर्स को साधने की कोशिश में जुटी है।
लखनऊ में भाजपा संगठन को धार देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई। भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनन्द द्विवेदी ने अपनी नवनियुक्त टीम के साथ नोएडा विधायक एवं प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज सिंह से 5-ए कालिदास आवास पर मुलाकात की। इस दौरान सभी नए पदाधिकारियों का परिचय कराया गया और संगठन की दिशा पर चर्चा हुई। ‘संगठन परिवार की तरह होता है’-पंकज सिंह बैठक के दौरान पंकज सिंह ने पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन केवल एक संरचना नहीं, बल्कि एक परिवार होता है। इसमें हर कार्यकर्ता की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और सभी लोग आपसी विश्वास व सहयोग के साथ जुड़े रहते हैं। एकता और समर्पण से ही मिलेगा लक्ष्य उन्होंने कहा कि जब संगठन में परिवार जैसी भावना होती है, तो कठिन परिस्थितियों में भी एकता बनी रहती है। इसी भावना से काम करने पर अनुशासन और मजबूती बढ़ती है, जिससे पार्टी अपने लक्ष्यों को अधिक प्रभावी ढंग से हासिल कर पाती है। कई वरिष्ठ पदाधिकारी रहे मौजूद मीडिया प्रभारी के अनुसार इस मौके पर महामंत्री धनश्याम दास अग्रवाल, सतेन्द्र सिंह, टिंकू सोनकर, उपाध्यक्ष सौरभ वाल्मीकि, योगेंद्र पटेल, विनायक पाण्डेय, जीडी शुक्ला, दीपक कुमार शुक्ला, कमकुम राजपूत, मंत्री चन्द्र प्रकाश अवस्थी, सतीश मिश्रा, अपूर्व भार्गव, आनन्द पाण्डेय, अर्चना साहू, पंकज सक्सेना, कोषाध्यक्ष मनोज के गुप्ता, कार्यालय प्रभारी डेनिश सोनकर सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
सोनीपत में ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी के सामने स्थित नाइट क्लबों को लेकर आई नशे की शिकायत के बाद हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने बड़ा एक्शन लिया। वीरवार शाम को खुद साधारण कपड़ों में टीम के साथ मौके पर पहुंचकर उन्होंने करीब 6 घंटे तक सर्च अभियान चलाया।हालांकि छापेमारी से पहले ही सूचना लीक होने के चलते कई नाइट क्लब बंद मिले और संचालक फरार हो गए। इस कार्रवाई ने न केवल इलाके में हड़कंप मचा दिया, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था और सूचना लीक होने पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। गुप्त शिकायत के बाद की गई छापेमारीमहिला आयोग को गुप्त रूप से शिकायत मिली थी कि यूनिवर्सिटी के आसपास चल रहे नाइट क्लबों की आड़ में संदिग्ध गतिविधियां हो रही है। इसी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने खुद मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने का निर्णय लिया।6 घंटे चला सर्च अभियान, कई क्लब मिले बंदवीरवार शाम करीब 6 बजे से शुरू हुई यह छापेमारी रात 12 बजे तक चली। इस दौरान टीम ने कई नाइट क्लबों की जांच की, लेकिन अधिकांश क्लब पहले से ही बंद मिले। बताया जा रहा है कि छापेमारी की सूचना पहले ही लीक हो गई थी, जिसके चलते संचालकों ने क्लब बंद कर दिए और खुद मौके से फरार हो गए। लाइट बंद कर बैठे मिले कर्मचारीकुछ क्लबों में कर्मचारी अंदर लाइट बंद कर बैठे मिले। जब उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि मालिकों ने पहले ही निर्देश दे दिए थे कि आज क्लब नहीं चलाना है, क्योंकि पुलिस और महिला आयोग की रेड होने वाली है।आसपास के क्षेत्र में खुलेआम शराबखोरीछापेमारी के दौरान यह भी सामने आया कि नाइट क्लबों के आसपास के क्षेत्रों में युवक-युवतियां खुलेआम शराब पी रहे थे। इस स्थिति ने कानून व्यवस्था और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूचना लीक होने पर जताई नाराजगीरेनू भाटिया ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि उनके पहुंचने से पहले ही छापेमारी की जानकारी लीक हो गई। उन्होंने कहा कि जिसने भी यह जानकारी साझा की है, उसने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है।महिला आयोग की चेयरपर्सन ने स्पष्ट किया कि वह इस मामले को लेकर फिर से बिना सूचना के छापेमारी करेंगी। उन्होंने कहा कि अगली बार किसी भी प्रकार की लापरवाही या अवैध गतिविधि मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर कार्रवाईरेनू भाटिया ने कहा कि यह कार्रवाई युवाओं और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर मौके पर कोई आपत्तिजनक स्थिति मिलती, तो तुरंत सख्त कदम उठाए जाते।
प्रयागराज के एयरपोर्ट क्षेत्र स्थित इंगुआ उर्फ काठगांव मेगुरुवार दोपहर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। खेत में बने छप्परनुमा घर में अचानक आग लग गई, जिसमें सो रही 5 वर्षीय बालिका जिंदा जल गई। हादसे में परिवार की पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई, जबकि दो बकरियों की भी मौत हो गई। फसल का बोझ बांधने गए थे पति-पत्नी राम सिंह रैदास अपने परिवार के साथ गांव की आबादी से करीब एक किलोमीटर दूर खेत में घास-फूस और प्लास्टिक से बने छप्पर में रहते हैं। गुरुवार को वह पत्नी सीमा के साथ खेत में गेहूं की फसल का बोझ बांधने गए थे। घर पर उनके पांच बच्चे मौजूद थे। सो रही थी 5 साल की मासूमदोपहर करीब तीन बजे अचानक छप्पर में आग लग गई और देखते ही देखते लपटें तेज हो गईं। आग लगते ही तीन बच्चे किसी तरह बाहर निकल आए। इनमें बड़ी बेटी शिवानी ने एक साल के मासूम अरुण को गोद में उठाकर बाहर निकाला। लेकिन 5 साल की सोना उस वक्त अंदर सो रही थी और बाहर नहीं निकल सकी। छप्पर के अंदर पड़ी मिली लाशबच्चों की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आसपास पानी की व्यवस्था न होने के कारण आग पर काबू नहीं पाया जा सका। जब तक आग बुझी, तब तक मासूम सोना की झुलसी हुई लाश छप्पर के अंदर मिली।हादसे में घर का सारा सामान जलकर खाक हो गया। छप्पर में बंधी दो बकरियों की मौत हो गई, जबकि एक भैंस झुलस गई। घटना की सूचना पर पहुंचे माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। चूल्हे की चिंगारी से आग लगने की आशंका सचनासूचना पर पहुंची एयरपोर्ट थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।पुलिस के अनुसार आग लगने के कारण अभी स्पष्ट नहीं हैं, हालांकि शुरुआती जांच में चूल्हे से निकली चिंगारी से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। मामले की जांच जारी है।
केंद्रीय विद्यालय गोमती नगर के विद्यार्थियों ने CBSE दसवीं बोर्ड परीक्षा 2026 में शानदार प्रदर्शन कर स्कूल का नाम रोशन किया है। इस सफलता से विद्यालय में खुशी का माहौल है। विद्यालय के प्राचार्य संजीव कुमार अग्रवाल ने बताया कि छात्रों ने मेहनत और अनुशासन के दम पर बेहतरीन अंक हासिल किए। राकेश, आयुष, आनंद, आर्य, रुद्रांश, उत्कर्ष और छात्रा मानसी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सभी का गौरव बढ़ाया। इन छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया परिणामों में राजेश ने 95% अंक हासिल कर विद्यालय में पहला स्थान प्राप्त किया। आयुष आनंद ने 94%, अर्जुन रुद्रांश ने 93.8%, हर्षित राज सिंह ने 93.4%, उत्कर्ष सिंह ने 92% और मानसी भारत ने 90% अंक प्राप्त किए। सभी छात्रों की उपलब्धि सराहनीय रही। प्राचार्य ने सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि ये छात्र अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा बनेंगे। उन्होंने सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और शिक्षकों के समर्पण की भी प्रशंसा की।विद्यालय परिवार ने इस उपलब्धि पर हर्ष जताया है और उम्मीद जताई है कि आने वाले सत्र में भी इसी तरह के उत्कृष्ट परिणाम देखने को मिलेंगे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आगरा में छात्रा को जिंदा जलाने के मामले में दोषसिद्ध आरोपी की अपील खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। कोर्ट ने कहा कि मृतका का मृत्युपूर्व बयान विश्वसनीय है और उसी के आधार पर सजा दी जा सकती है। यह आदेश न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय एवं न्यायमूर्ति डॉ अजय कुमार की खंडपीठ ने अभियुक्त आशिक की अपील खारिज़ करते हुए दिया है। जानिये 2008 का क्या है पूरा मामला वर्ष 2008 में 16 वर्षीय छात्रा को आशीष उर्फ आशिक ने तेल डालकर जिंदा जला दिया था। गंभीर रूप से झुलसी विनीता की घटना के लगभग 12 घंटे बाद मौत हो गई थी। कोर्ट ने कहा कि डॉक्टर ने बयान से पहले और बाद में प्रमाणित किया कि पीड़िता पूरी तरह होश में थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चेहरे या सिर पर कोई गंभीर जलन नहीं पाई गई। कहीं भी यह साबित नहीं हुआ कि पीड़िता बयान देने के लिए मानसिक रूप से अयोग्य थी। कोर्ट ने माना कि मृतका का बयान संक्षिप्त, स्पष्ट और विश्वसनीय है, जिसमें उसने सीधे तौर पर आरोपी का नाम लिया है। कोर्ट ने यह भी पाया कि प्रत्यक्षदर्शी गवाहों ने घटना के समय, स्थान और तरीके की पुष्टि की। चिकित्सीय साक्ष्य से साबित हुआ कि मौत अत्यधिक जलने और शॉक के कारण हुई। कोर्ट ने कहा कड़ी सजा जरूरी है घटनास्थल से प्लास्टिक कंटेनर और जली हुई चटाई भी बरामद हुई। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि एफआईआर में दर्ज आशिक और मृत्यु पूर्व बयान में नामजद आशीष एक ही व्यक्ति हैं। बचाव पक्ष यह साबित नहीं कर सका कि कोई अन्य व्यक्ति आरोपी था। कोर्ट ने कहा कि किसी को जिंदा जलाना अत्यंत क्रूर और जघन्य अपराध है। आरोपी को अपने कृत्य के परिणाम का पूरा ज्ञान था। इसलिए ऐसे मामलों में कड़ी सजा जरूरी है ताकि समाज में निवारक प्रभाव पड़े। इसी आधार पर कोर्ट ने आईपीसी की धारा 304 भाग एक के तहत दी गई उम्रकैद और 20 हजार रुपये जुर्माने को सही ठहराया। हालांकि कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि आरोपी की सजा में छूट पर दो महीने के भीतर निर्णय लिया जाए क्योंकि आरोपी 17 साल से अधिक समय से जेल में है।
वाराणसी कोर्ट ने गैंगरेप में सहयोग करने वाली महिला आरोपी को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) कुलदीप सिंह की अदालत ने रामगढ़, चंदवक (जौनपुर) निवासी आरोपिता किरन को एक लाख रुपए की एक जमानत एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, रोहित यादव व संदीप यादव ने पक्ष रखा। अभियोजन पक्ष के अनुसार चौबेपुर थाना क्षेत्र निवासी पीड़िता ने चौबेपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि लगातार एक वर्ष से वह बलुआ, चंदौली निवासी प्रभाकर निषाद से बातचीत करती आ रही है। इस दौरान प्रभाकर निषाद ने उसके साथ शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाया। जिसमें उसकी सहयोगी आरोपी महिला किरन सिंह ने भी भरपूर सहयोग दिया, लेकिन जब पीड़िता ने उस पर शादी करने का दबाव बनाने लगी तो उसने इंकार कर दिया। इस पर 24 फरवरी 2026 को पीड़िता को महिला आरोपित किरन अपने साथ चंद्रावती बाजार ले गई, जहां से महिला आरोपित ने पांच लड़कों को फोन से बुलाया, जो पीड़िता को अपने साथ ले जाकर उसके साथ गैंगरेप किए। उक्त बातें पीड़िता ने अदालत में अपने कलमबंद बयान में दर्ज कराया था। जिसके बाद चौबेपुर पुलिस ने पीड़िता के तहरीर पर किरन समेत अन्य लोगों के खिलाफ पीड़िता से गैंगरेप करने के मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपिता किरन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि प्रथम सूचना रिपोर्ट के पीड़िता ने केवल प्रभाकर निषाद पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया है, जबकि बाद विवेचना के दौरान गलत एवं असत्य तथ्यों के आधार पर उसका नाम प्रकाश में लाकर आरोपी बना दिया गया है। पीड़िता के परिवार वालों से उसके मायके वालों का मुकदमा का रंजिश है। इसी रंजिश के तहत पीड़िता ने अपने बयान में उसका नाम लेकर यह कहा है वह उसे चंद्रावती बाजार में छोड़कर चली गई, जबकि इसका कोई चश्मदीद साक्षी नहीं है। अदालत ने पत्रावली व साक्ष्यों के अवलोकन के बाद आरोपिता की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।
फर्रुखाबाद में खुदागंज के पास कानपुर से फर्रुखाबाद जा रही लीडररोड डिपो की एक रोडवेज बस गुरुवार रात को बोलेरो से टकरा गई। टक्कर के बाद बोलेरो सवार लोगों ने बस का पीछा किया और उस पर पथराव शुरू कर दिया। इस घटना से बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति बिगड़ती देख बस चालक ने सूझबूझ का परिचय दिया और बस को सीधे कमालगंज थाने के बाहर ले जाकर खड़ा कर दिया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन से चार उपद्रवियों को हिरासत में ले लिया। घटना की सूचना मिलने पर सीओ अमृतपुर अमरपाल सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने सभी यात्रियों को कमालगंज थाने में सुरक्षित रुकवाया, जहां उन्हें किसी तरह की चोट नहीं आई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ के भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय में पंडित विष्णु नारायण भातखण्डे की स्मृति में चार दिवसीय गायन कार्यशाला आयोजित की जा रही है। 15 से 18 अप्रैल तक चलने वाली इस कार्यशाला में प्रख्यात हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक पंडित साजन मिश्रा विद्यार्थियों को सीधा मार्गदर्शन दे रहे हैं। कार्यशाला का दूसरा दिन सुजान सभागार में संपन्न हुआ। गायन विभागाध्यक्ष प्रो. सृष्टि माथुर ने पंडित साजन मिश्रा का स्वागत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित थे।कार्यशाला के पहले और दूसरे दिन पंडित साजन मिश्रा ने विद्यार्थियों को विभिन्न रागों की गहन जानकारी दी। संगीत की बारीकियां सिखाईं उन्होंने राग तोड़ी की बंदिशों जैसे 'राज दरबार', 'लंगर कंकरिया' और 'बलमा मोरा रंग रंग रलिया' के माध्यम से आलाप, बोल-तान और भाव पक्ष की बारीकियां सिखाईं। इसके अतिरिक्त, राग वृंदावनी सारंग में 'तू ही रब तू ही साहिब' जैसी बंदिशों से स्वर और लय की सुंदरता को समझाया गया। दूसरे दिन का विशेष ध्यान राग जौनपुरी पर रहा। विद्यार्थियों को बड़े और छोटे ख्याल के अभ्यास के साथ तराना और 'काशी के बसइया' जैसे गीतों के माध्यम से विभिन्न गायन शैलियों से परिचित कराया गया। पंडित मिश्रा ने मंच प्रस्तुति, राग विस्तार और नियमित रियाज के महत्व पर भी जोर दिया। निरंतर अभ्यास को संगीत की आत्मा संवाद सत्र के दौरान पंडित मिश्रा ने गुरु-शिष्य परंपरा और निरंतर अभ्यास को संगीत की आत्मा बताया। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रश्नों का सरल तरीके से उत्तर दिया और उन्हें संगीत के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।कुलपति प्रो. मांडवी सिंह ने बताया कि छात्रों की मांग पर ऐसे बड़े कलाकारों को आमंत्रित किया जा रहा है, ताकि उन्हें सीधे सीखने का अवसर मिल सके।
लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन बिलों पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को यह समझाया कि परिसीमन से किसी राज्य को नुकसान नहीं होगा। उन्होंने बताया कि लोकसभा की सीटें 543 से 850 कैसे होंगी। दरअसल, चर्चा के दौरान विपक्ष आरोप लगा रहा था कि परिसीमन से उत्तरी राज्यों को फायदा होगा, जबकि दशकों से जनसंख्या वृद्धि में अंतर की वजह से दक्षिणी राज्य पीछे रह जाएंगे। कांग्रेस ने कहा कि ये बिल महिला आरक्षण के लिए नहीं बल्कि यह चोर दरवाजे से परिसीमन के लिए हैं। शाह ने बताया- 850 का आंकड़ा कहां से आया शाह ने कहा, 'मैं समझाता हूं। मान लीजिए 100 सीटें हैं और 33% महिलाओं के लिए आरक्षण देना है। यदि कुल सीटों में 50% वृद्धि कर दी जाए, तो यह 150 हो जाती हैं। और जब 150 का 33% आरक्षण लागू होता है, तो यह लगभग 100 सीटों के बराबर हो जाता है।' ‘अभी 543 सदस्य हैं। इसमें 50% वृद्धि की जाएगी और जब 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, तो सभी 543 सीटें ऐसी हो जाएंगी जहां महिलाएं भी चुनाव लड़ सकें। इसी तरह 50% वृद्धि का विचार आया। 850 एक राउंड फिगर है, वास्तविक संख्या 816 होगी।’ तमिलनाडु की सीटें 39 से 59 हो जाएंगी दक्षिण के पांच राज्यों की कुल लोकसभा सीटें 129 से बढ़कर 195 हो जाएंगी। उनका प्रतिशत 23.76 से बढ़कर 23.87 हो जाएगा। इस तरह प्रस्तावित 50% सीट वृद्धि से दक्षिण भारत के हर राज्य को अधिक सीटें मिलेंगी। तमिलनाडु को 20, केरल को 10, तेलंगाना को 9 और आंध्र प्रदेश को 13 अतिरिक्त सीटें मिलेंगी। उत्तर प्रदेश के बाद लोकसभा में दूसरे सबसे अधिक सांसदों वाला राज्य महाराष्ट्र है, जिसे 24 अतिरिक्त सीटें मिलेंगी। शाह बोले- परिसीमन कानून में कोई बदलाव नहीं शाह ने कहा कि परिसीमन आयोग का कानून पूरी तरह मौजूदा कानून पर है। इसमें कोई बदलाव नहीं है। इसका चल रहे चुनावों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। परिसीमन विधेयक के अनुसार: इन विधेयकों के जरिए संविधान के 7 अनुच्छेदों- 55, 81, 82, 170, 330, 332 और 334 (ए) में संशोधन किया जाएगा। संसद में 4 विपक्षी नेताओं के बयान --------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… मोदी बोले- विपक्ष क्रेडिट ले, ब्लैंक चेक देने को तैयार:प्रियंका का जवाब- महिलाएं बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को पहचान लेती हैं, सावधान हो जाएं पीएम मोदी ने गुरुवार को महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधनों पर कहा कि परिसीमन में किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। यह मोदी की गारंटी है और वादा है। विपक्ष इसका क्रेडिट ले सकता है। मैं क्रेडिट का ब्लैंक चेक दे रहा हूं। पूरी खबर पढ़ें…
वाराणसी जिला सत्र न्यायालय की एक कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में दुष्कर्म के आरोपी को रिहा कर दिया। गिरफ्तारी और चार्जशीट के बावजूद पुलिस और पीड़िता आरोपी के खिलाफ कोई मजबूत और ठोस सबूत जज के सामने पेश नहीं कर पाए। कई तारीखों में गवाह, बयान, साक्ष्य और पुलिस रिपोर्ट देखने के बावजूद आरोपी को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। फास्ट ट्रैक कोर्ट (द्वितीय) सुनील कुमार की अदालत ने बंजरवां, फूलपुर निवासी आरोपित अजय यादव को आरोप सिद्ध न होने पर संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। उस पर युवती से दुष्कर्म करने और उसका अश्लील वीडियो और फोटो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी देने का आरोप था, जिसका ट्रायल चल रहा था। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, बृजपाल सिंह यादव गुड्डू, नरेश यादव व संदीप यादव ने पक्ष रखा। अभियोजन ने कोर्ट को बताया पूरा मामला अभियोजन ने कोर्ट को बताया कि गाजीपुर जनपद की निवासी पीड़िता ने बनारस के फूलपुर थाने में उससे दुष्कर्म करने और धमकाने समेत कई आरोपों को लगाते हुए गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया था। आरोप था कि उसके मायके का रहने वाला अजय यादव काफी मनबढ़ किस्म का व्यक्ति है। वह पीड़िता के विवाह के एक वर्ष पूर्व उसके दस वर्षीय छोटे भाई को जान से मारने की धमकी देकर जबरदस्ती उसके साथ बलात्कार किया और उसका अश्लील वीडियो फिल्म बना लिया। इसके बाद अजय यादव वीडियो फिल्म वायरल करने की धमकी देकर उसके साथ लगातार बलात्कार करता रहा। पीड़िता का विवाह होने के बाद से ही अजय यादव अक्सर उसे धमकी देता रहा कि वह उसके साथ शारीरिक संबंध बनाएं, नहीं तो वह उसकी वीडियो को सारे रिश्तेदारों के मोबाइल पर भेजकर उसे बदनाम कर देगा। इस प्रकार वह बार-बार ब्लैकमेल कर पीड़िता के साथ बलात्कार करता रहा। पीड़िता पहले लोकलाज से यह बात लोगों से छिपाती रही, लेकिन जब उसका अत्याचार काफी बढ़ने लगा तो पीड़िता ने थाने में रिपोर्ट लिखवायी। जज ने जजमेंट में दिया संदेह का लाभ प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, वहीं विवेचना कर चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पत्रावली पर उपलब्ध समस्त साक्ष्य के विश्लेषण करने के पश्चात यह स्पष्ट है कि पीड़िता आरोपित से पूर्व परिचित थी। एक मात्र साक्षी के साक्ष्य के आधार पर दोषसिद्धि उसी स्थिति में हो सकती है, जबकि परिस्थितियां ऐसी हो कि अन्य साक्षी उपलब्ध नही हो सकते हो तथा एक मात्र साक्षी का साक्ष्य विश्वास प्रेरित करता हो एवं विशुद्ध गुणवत्ता वाला बेदाग हो, जिस पर पूर्ण रूप से भरोसा किया जा सके। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय इस निष्कर्ष पर पहुंचती है कि अभियोजन द्वारा अभियुक्त अजय यादव के विरुद्ध लगाये आरोप को युक्ति-युक्त संदेह से परे साबित करने में पूर्णरूप से असफल रहा है। ऐसे में आरोपित को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया जाता है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में गाजियाबाद में फर्जी दूतावास चलाने और खुद को 'रॉयल एडवाइजर' (शाही सलाहकार) बताते हुए ' कॉन्सुलर' कार्यालय संचालित करने के आरोपी 49 वर्षीय व्यक्ति को जमानत दी है। एसटीएफ ने जुलाई में पकड़ा था जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव की सिंगल बेंच ने आरोपी हर्षवर्धन जैन को यह राहत दी है। जैन को उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने पिछले वर्ष जुलाई में गिरफ्तार किया था। अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने खुद को वेस्ट आर्कटिका नामक गैर-मौजूद देश का राजनयिक बताकर कथित कांसुलेट संचालित किया और विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से संपर्क किया। उसके पास से कथित तौर पर फर्जी कूटनीतिक पासपोर्ट, नकली दस्तावेज, और डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट लगी गाड़ियां बरामद हुई थीं। बचाव पक्ष ने पेश की दलीलें वहीं बचाव पक्ष ने दलील दी कि उसके पास मौजूद अतिरिक्त पासपोर्ट और नंबर प्लेट केवल स्मृति चिन्ह (नॉवेल्टी आइटम) थे और उनका उपयोग किसी सरकारी पहचान के रूप में नहीं किया गया। यह भी कहा गया कि आरोपी के खिलाफ किसी व्यक्ति द्वारा ठगी या धोखाधड़ी की कोई शिकायत दर्ज नहीं है। राज्य सरकार ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि जांच के दौरान आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं, जो उसकी संलिप्तता को दर्शाते हैं। हालांकि, कोर्ट ने मामले की परिस्थितियों को देखते हुए कहा कि चूंकि जांच पूरी हो चुकी है और चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, इसलिए आरोपी को आगे जेल में रखने का औचित्य नहीं बनता। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत दी।
भोपाल में शादी सीजन शुरू होते ही कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी को देखते हुए नई व्यवस्था लागू की गई है। अब जिन घरों में शादी है, उन्हें पास की गैस एजेंसी पर शादी का कार्ड जमा कराना होगा। इसके बाद ही अधिकतम दो कमर्शियल सिलेंडर दिए जाएंगे। प्रत्येक सिलेंडर के लिए 2200 रुपए डिपॉजिट देना होगा। दो सिलेंडर के लिए कुल 4400 रुपए जमा कराए जाएंगे, जो इस्तेमाल के बाद सिलेंडर लौटाने पर वापस कर दिए जाएंगे। हालांकि, गैस भरवाने का शुल्क अलग से 1850 रुपए प्रति सिलेंडर देना होगा। सिलेंडर 2 से 3 दिन के भीतर एजेंसी पर लौटाना अनिवार्य रहेगा। कंपनियों से चर्चा के बाद व्यवस्थाभोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि सभी एलपीजी कंपनियों के अधिकारियों से चर्चा के बाद यह व्यवस्था लागू की गई है। इसके लिए शादी का कार्ड, पहचान पत्र और एक आवेदन देना होगा, जिसमें शादी की तारीख, समय और स्थान की जानकारी देनी होगी। फिर भी राहत नहींकैटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रिंकू भटेजा ने कहा कि समय पर सिलेंडर नहीं मिले तो मेन्यू कम करना पड़ रहा है। मजबूरी में लकड़ी के चूल्हे जलाकर खाना बनाना पड़ रहा है। नई व्यवस्था लागू जरूरी दी गई है। लेकिन इससे पूर्ति नहीं हो पाएगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में राहुल गांधी की कथित दोहरी नागरिकता विवाद से जुड़े मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने न्यायालय से पूरक शपथपत्र दाखिल करने के लिए समय मांगा। न्यायालय ने यह अनुरोध स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 अप्रैल की तारीख तय की है। यह सुनवाई न्यायालय कक्ष के बजाय जज के चैंबर में हुई। केंद्र सरकार ने इस मुद्दे को संवेदनशील बताते हुए चैंबर में सुनवाई का अनुरोध किया था, जिसे न्यायालय ने मान लिया था। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने एस. विग्नेश शिशिर द्वारा दाखिल याचिका पर यह आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता ने 28 जनवरी 2026 को लखनऊ की विशेष एमपी/एमएलए अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग खारिज कर दी गई थी। निचली अदालत ने तब कहा था कि नागरिकता का मुद्दा तय करने का अधिकार उसके पास नहीं है। याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और मामले की विस्तृत जांच की मांग की है। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता, गोपनीयता अधिनियम, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम के तहत कई आरोप लगाए हैं।
बिजली कनेक्शन पाना मौलिक अधिकार:ससुराल वालों ने कटवाई बिजली, लखनऊ HC ने कनेक्शन देने का आदेश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा है कि बिजली कनेक्शन प्राप्त करना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के मौलिक अधिकार का हिस्सा है। न्यायालय ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए याची को नया बिजली कनेक्शन देने का आदेश दिया। न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति एके चौधरी की खंडपीठ ने यह आदेश प्रीति शर्मा की याचिका पर दिया। प्रीति शर्मा ने न्यायालय को बताया कि वह लगभग 20 वर्षों से अपने घर में रह रही हैं और उनके छोटे बच्चे भी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पारिवारिक विवाद के कारण उनके ससुराल पक्ष ने उन्हें और उनके बच्चों को घर से निकालने के प्रयास में बिजली कनेक्शन कटवा दिया था। याची नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान कर रही थीं। प्रीति शर्मा ने नया बिजली कनेक्शन लेने के लिए आवेदन किया, लेकिन बिजली विभाग ने उनके आवेदन को खारिज कर दिया। याची ने न्यायालय को यह भी बताया कि बिजली न होने के कारण उनके बच्चों की पढ़ाई और परीक्षाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति किसी परिसर में निवास कर रहा है, तो वह बिजली जैसी मूलभूत सुविधा का हकदार है। यह अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत संरक्षित है। न्यायालय ने बिजली विभाग द्वारा आवेदन खारिज करने के आदेश को रद्द करते हुए निर्देश दिया कि विभाग याची के आवेदन पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद चार सप्ताह के भीतर नया बिजली कनेक्शन प्रदान करे। न्यायालय ने यह भी कहा कि यदि आवश्यक हो, तो विभाग याची से कोई उचित बॉन्ड ले सकता है।
PMO के फर्जी सिफारिशी पत्र से नौकरी का मामला:सबूतों के अभाव में आरोपी बरी; पुलिस जांच पर उठे सवाल
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के कथित फर्जी सिफारिशी पत्र के जरिए नौकरी हासिल करने के मामले में आरोपी को साक्ष्य प्रमाणित नहीं होने पर कोर्ट से राहत मिल गई। अपर सत्र न्यायाधीश विवेक कुमार चंदेल की कोर्ट ने आरोप सिद्ध न होने पर आरोपी दीपक अवस्थी को दोषमुक्त कर दिया। इस फैसले के बाद केस में पुलिस की जांच पर सवाल उठे हैं। घटना 13 अक्टूबर 2023 की है। फरियादी राहुल पिस्तौर ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई थी कि विजय नगर स्थित अवंतिका गैस एजेंसी के कार्यालय में असिस्टेंट मैनेजर (प्रोजेक्ट) पद पर नियुक्ति के लिए आरोपी दीपक अवस्थी (निवासी झांसी, उत्तर प्रदेश) ने प्रधानमंत्री कार्यालय, नई दिल्ली के कथित डायरेक्टर के नाम से जारी एक सिफारिशी पत्र प्रस्तुत किया है। शिकायत के अनुसार, आरोपी पुलिस की वर्दी पहनकर स्वयं को पुलिसकर्मी बताते हुए गैस कंपनी के कार्यालय में उक्त पत्र लेकर पहुंचा था। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी ने पीएमओ से जारी एक प्रशंसा पत्र को कथित रूप से एडिट कर उसे नौकरी की सिफारिश के रूप में प्रस्तुत किया। धोखाधड़ी का केस, हुई थी गिरफ्तारी मामला फर्जी पाए जाने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। जांच में मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए थे। कोर्ट में सुनवाई के दौरान जब्ती प्रक्रिया, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य तथ्यों को लेकर विरोधाभासी बिंदु सामने आए। अभियोजन पक्ष आरोपों को सिद्ध नहीं कर पाया। कोर्ट ने पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में आरोपी दीपक अवस्थी को बरी कर दिया। इस फैसले के बाद केस में पुलिस विवेचना पर सवाल खड़े हुए हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) में नियमित नेत्र विशेषज्ञों की भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायालय ने राज्य सरकार को अगली सुनवाई तक चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी न करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल को होगी, जिसके लिए राज्य सरकार से जवाब मांगा गया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने सुदीप शुक्ला और 45 अन्य की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय को बताया कि वे वर्षों से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत संविदा पर नेत्र विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत हैं। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, उन्होंने लंबे समय से संतोषजनक सेवाएं दी हैं, इसलिए नियमित भर्ती में उनके अनुभव को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। हालांकि, उनकी इस मांग को अनदेखा करते हुए नए सिरे से नियमित चयन की प्रक्रिया चल रही है। सुनवाई के दौरान, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने न्यायालय को सूचित किया कि नियमित नेत्र विशेषज्ञों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और चयन सूची राज्य सरकार को भेजी जा चुकी है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि नियमों में संविदा कर्मियों को वरीयता देने का कोई प्रावधान नहीं है। राज्य सरकार ने अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही, न्यायालय ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए कहा कि अगली सुनवाई तक चयन प्रक्रिया के तहत किसी भी अभ्यर्थी को नियुक्ति पत्र जारी न किया जाए।
ग्वालियर के हजीरा क्षेत्र में एक 25 वर्षीय युवती के साथ नौकरी दिलाने का झांसा देकर दुष्कर्म और बाद में मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित युवती एमए पास है और लंबे समय से नौकरी की तलाश कर रही थी। इसी दौरान उसकी पहचान हजीरा के लूटपुरा निवासी करण धाकड़ से हुई। आरोपी ने खुद की पहचान कई मंत्रियों और अधिकारियों से होने का दावा करते हुए युवती को सरकारी विभाग में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। बातचीत के दौरान उसने प्रेम का प्रस्ताव भी रखा। आरोप है कि करीब 15 दिन पहले करण धाकड़ युवती के घर पहुंचा और जबरन उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद वह नौकरी के नाम पर लगातार उसका शोषण करता रहा। जब युवती ने नौकरी को लेकर दबाव बनाया, तो आरोपी टालमटोल करने लगा। भाई ने घर में घुसकर की मारपीट पीड़िता के विरोध करने पर आरोपी का भाई सन्नी धाकड़ एक सप्ताह पहले युवती के घर पहुंचा। उसने युवती पर अपने भाई को फंसाने का आरोप लगाते हुए उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने दर्ज किया मामला पीड़िता ने पूरे मामले की शिकायत हजीरा थाने में की। जांच के बाद पुलिस ने दुष्कर्म और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी और उसके भाई की तलाश जारी है।
कानपुर के पनकी में आवारा कुत्तों को पकड़ने पहुंची नगर निगम की टीम को दौड़ा-दौड़ा कर पीटने के मामले में पनकी पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ नामजद और अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। कर्मचारियों का आरोप है कि इलाके के लोगों ने आवारा कुत्तों को पकड़ने के दौरान पहले विरोध फिर जाति सूचक गाली-गलौज और मारपीट करते हुए भाग निकले। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और नगर निगम के कर्मचारियों को बचाया। कर्मचारियों की तहरीर पर पुलिस रिपोर्ट दर्ज करके आरोपियों की तलाश कर रही है।शिकायत पर कटखने कुत्तों को पकड़ने गई थी नगर निगम की टीम नगर निगम के कुत्ता पकड़ने वाला दस्ता बुधवार रात को ईडब्ल्यूएस-43 पार्ट-2 गंगागंज पनकी निवासी दिनेश सिंह की शिकायत पर आवारा कुत्तों को क्षेत्र में पकड़ने गई थी। टीम में विकास सोनवानी, विकास झा, सत्येन्द्र यादव और गौरव आवारा कुत्तों की घेराबंदी कर रहे थे। इसके साथ ही कुछ कुत्तों को टीम ने पकड़ लिया और पिजरे में बंद कर दिया। इस दौरान मोहल्ले के लोग बाहर निकल आए और इसका विरोध करने लगे, किसी ने कहा कि मेरे शेरू को क्यों पकड़कर ले जा रहे तो किसी ने कहा कि यह पांच साल से यहां पला है आज तक किसी को नहीं काटा। इस पर टीम के सदस्यों ने बताया कि इलाके में रहने वाले दिनेश सिंह की आईजीआरएस शिकायत पर ही कुत्तों को पकड़ने पहुंचे हैं। लोगों ने किसी की एक बात नहीं सुनी और आक्रोशित हो गए। आरोप है कि मोहल्ले में रहने वाले जानू, राहुल, वन्दना व वन्दना के पति राहल, उपाध्याय, रवि नारायण भी आ गए और टीम से भिड़ गए। पहले गाली-गलौज फिर दौड़ा-दौड़ाकर पीटना शुरू कर दिया। डॉग कैचिंग वाले दस्ते की गाड़ी को भी तोड़ दिया। मारपीट में सभी कर्मचारी चुटहिल हो गए और पुलिस को फोन किया। किसी तरह वहां से भागकर खुद को सुरक्षित किया। सूचना पर पनकी थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंची। पनकी थाना प्रभारी मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि सरोजनी नगर निवासी नगर निगम कर्मचारी समीर बाल्मीकि की तहरीर पर जानू, राहुल, वंदना, वंदना के पति राहुल, उपाध्याय, रवि नारायण और मोहल्ले के अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला करना, सरकारी कार्य में बाधा, बलवा, जान से मारने की धमकी देना समेत अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। जल्द ही आरोपियों को अरेस्ट करके जेल भेजा जाएगा। वीडियो बना अहम साक्ष्य, आरोपी घर छोड़कर फरार पनकी थाना प्रभारी ने बताया कि नगर निगम की टीम ने मारपीट का लाइव वीडियो बना लिया है। इसमें टीम पर हमला करने वाले आरोपियों को चिह्नित किया जा रहा है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से आरोपी घर छोड़कर भाग निकले हैं। वीडियो के आधार पर मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसी आधार पर जल्द ही आरोपियों को अरेस्ट करके जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
मुरादाबाद रिजर्व पुलिस लाइंस में गुरुवार रात रिक्रूट आरक्षियों के लिए पुलिस कप्तान सतपाल अंतिल की ओर से ‘बड़ा खाना’ का आयोजन किया गया। इसमें सभी अधिकारियों और रिक्रूट आरक्षियों व अन्य पुलिस कर्मियों ने एक साथ बैठकर खाना खाया। डीआईजी मुनिराज-जी और एसएसपी सतपाल अंतिल ने अपने हाथों से भावी सिपाहियों को खाना परोसा। रिजर्व पुलिस लाइन्स मुरादाबाद में प्रशिक्षणाधीन रिक्रूट आरक्षी अपने लिए आयोजित इस भव्य आयोजन से गदगद नजर आए। डीआईजी-एसएसपी और अन्य पुलिस अधिकारियों ने रिक्रूट आरक्षियों को अपने हाथों से भोजन परोसकर आत्मीयता, सौहार्द एवं पारिवारिक वातावरण का परिचय दिया। यह दृश्य रिक्रूट आरक्षियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक एवं उत्साहवर्धक रहा। अधिकारियों द्वारा रिक्रूट आरक्षियों से संवाद स्थापित करते हुए उनके प्रशिक्षण अनुभवों की जानकारी ली गई तथा उन्हें अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा, टीम भावना एवं जनसेवा के प्रति पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने हेतु प्रेरित किया गया।इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षणाधीन आरक्षियों के मनोबल को सुदृढ़ करना, उनमें आत्मविश्वास का संचार करना एवं पुलिस परिवार के बीच आपसी जुड़ाव को मजबूत करना रहा। इस दौरान उपस्थित सभी अधिकारियों द्वारा रिक्रूट आरक्षियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें कर्तव्य पथ पर दृढ़ता एवं ईमानदारी के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में मुरादाबाद के जिलाधिकारी अनुज कुमार सिंह भी उपस्थित रहे। देखिए तस्वीरें
अलीगढ़ में एक युवक ने गाजियाबाद की विधवा महिला को पहचान छिपाकर प्रेम जाल में फंसा लिया। महिला को शादी का झांसा देकर 15 दिन पहले गांधीपार्क थाना क्षेत्र के एक होटल में लेकर पहुंचा। वहां उसे बंधक बनाकर दुष्कर्म किया। आरोपी के साथ होटल संचालक ने भी महिला से साथ दुष्कर्म किया। गुरुवार को किसी तरह महिला बचकर भागी। उसको आरोपी ने सड़क पर ही बेरहमी से पीटा। महिला को पिटता देख राहगीरों ने आरोपी को दबोच लिया और जमकर पिटाई कर डाली। लोगों ने घटना की जानकारी थाना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। घटना की जानकारी पर हिंदूवादी नेता भी जिला अस्पताल पहुंच गए। पहचान उजागर होने पर शुरू हुआ जुल्म का दौर पीड़िता ने बताया कि एक साल पहले पति की मौत हो गई है। इसके बाद वह अपने डेढ़ साल के बच्चे के साथ जीवन काट रही थी। इसी दौरान काम के सिलसिले में गाजियाबाद आने-जाने वाले अलीगढ़ के सासनीगेट के जयगंज निवासी आदिल से उसकी मुलाकात हुई। आदिल ने हिंदू नाम बताकर उसे सहारा देने का वादा किया। करीब 15 दिन पहले उसे अलीगढ़ ले आया। यहां गांधीपार्क थाना क्षेत्र के बोनेर स्थित एक होटल में उसे ठहराया गया। महिला का आरोप है कि जब उसे पता चला कि युवक दूसरे समुदाय का है तो उसने विरोध किया। इसके बाद आरोपी ने महिला को बंधक बना लिया और होटल में दुष्कर्म किया। होटल संचालक पर भी लगा दरिंदगी का आरोप पीड़िता ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि इस घटना में होटल संचालक भी शामिल था। आरोप है कि आदिल के साथ-साथ होटल संचालक ने भी महिला के साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने महिला का मंगलसूत्र और करीब तीन लाख रुपए भी हड़प लिए। महिला कई दिनों तक होटल के कमरे में कैद रही। बीच सड़क पर पिटाई देख राहगीरों ने आरोपी को दबोचा गुरुवार शाम को महिला किसी तरह होटल की कैद से निकलकर बाहर भागी। पीछा करते हुए आरोपी आदिल उसे सड़क पर ही बेरहमी से पीटने लगा। महिला को लहूलुहान और अचेत अवस्था में सड़क पर पिटता देख राहगीर भड़क गए। भीड़ ने हस्तक्षेप करते हुए आरोपी युवक को मौके पर ही दबोच लिया और जमकर धुनाई करने के बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस की कड़ी कार्रवाई की तैयारी घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी सिटी आदित्य बंसल और सीओ समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने आरोपी आदिल को हिरासत में ले लिया है, जबकि पीड़िता को गंभीर हालत में मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। एसपी सिटी ने बताया कि महिला के शरीर पर चोट के निशान हैं। वह बेहद डरी हुई है। उन्होंने साफ किया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। यदि होटल नियमों के विरुद्ध चलता पाया गया, तो उस पर भी बुलडोजर जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब धर्म छिपाकर धोखाधड़ी करने और सामूहिक दुष्कर्म की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया में है।
जिलाधिकारी ने फाफामऊ सिक्स लेन ब्रिज का किया निरीक्षण:जून तक काम पूरा करने के निर्देश, 87% काम पूरा
प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-96 पर फाफामऊ में बन रहे सिक्स लेन ब्रिज का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ब्रिज के एक्स्ट्राडोज्ड हिस्से सहित पूरे प्रोजेक्ट की प्रगति की जानकारी ली और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान निर्माण कंपनी एसपीएस कंस्ट्रक्शन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि ब्रिज का करीब 87 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और बाकी काम तेजी से चल रहा है। एक्स्ट्राडोज्ड हिस्से में कुल 4 हैंगिंग पिलर बनने हैं, जिनमें से 3 का काम पूरा हो चुका है, जबकि चौथे पिलर का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। इसे मई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही पिलरों को आपस में जोड़ने का काम भी शुरू कर दिया गया है। अप्रोच रोड को लेकर जानकारी दी गई कि एनटीपीसी से राख की आपूर्ति जारी है और सड़क निर्माण का काम भी तेजी से हो रहा है। कलश चौराहे से ब्रिज तक की एप्रोच रोड को मई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है, जबकि फिनिशिंग और टेस्टिंग का काम जून 2026 तक पूरा किया जाएगा। इसके अलावा फाफामऊ की ओर ब्रिज पर वियरिंग कोट और एक्सपेंशन जॉइंट लगाने का काम भी साथ-साथ चल रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि टेस्टिंग को छोड़कर बाकी सभी मुख्य निर्माण कार्य जून तक हर हाल में और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि काम में किसी तरह की देरी न हो और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक मदद की जरूरत हो, तो जिला प्रशासन पूरी सहायता देगा।
ग्रामीण तमंचे के साथ आरोपी को पकड़कर थाने लाए:हरदोई में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज
हरदोई के बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के नेवादा गांव में ग्रामीणों ने एक आरोपी को तमंचे और कारतूस के साथ पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी पर आर्म्स एक्ट के तहत गुरुवार को मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला 15 अप्रैल की रात का है। नेवादा गांव निवासी मोहित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 15 अप्रैल की रात करीब 9:30 बजे वह घर पर मौजूद नहीं थे। इसी दौरान गांव का आशाराम पुरानी रंजिश के चलते उनके दरवाजे पर आया और परिवार वालों से गाली-गलौज करने लगा। जब परिवार वालों ने उसे रोकने की कोशिश की, तो आशाराम ने अपनी जेब से तमंचा निकाल लिया और उसे लहराते हुए गाली-गलौज जारी रखी। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। लोगों को इकट्ठा देखकर आशाराम ने भागने का प्रयास किया, लेकिन गांव के धीरेंद्र, शरीफ और गंगाराम ने उसे पकड़ लिया। मोहित भी इस दौरान मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपी से एक तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए। इस दौरान आशाराम को कुछ चोटें भी आईं। मोहित और अन्य ग्रामीण आरोपी आशाराम को तमंचे और कारतूस समेत बेहटा गोकुल थाने लेकर पहुंचे। उन्होंने आरोपी को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने आशाराम के खिलाफ 16 अप्रैल को आर्म्स एक्ट की धारा में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
उज्जैन में नानाखेड़ा पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 50 लाख रुपए मूल्य की अवैध सामग्री जब्त की है। पुलिस ने दो अलग-अलग अभियानों में 44 पेटी अवैध शराब, दो लग्जरी कारें और फर्जी नंबर प्लेट के साथ चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से इंदौर से उज्जैन और गुजरात तक फैले एक शराब तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस को यह सफलता अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत चेकिंग के दौरान मिली। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर नानाखेड़ा पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों पर घेराबंदी कर यह कार्रवाई की। पहली कार्रवाई इंजीनियरिंग कॉलेज क्षेत्र में की गई। यहां पुलिस ने एक XUV700 कार को रोककर तलाशी ली, जिसमें से 23 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब (बैगपाइपर ब्रांड) और दो फर्जी नंबर प्लेट बरामद हुईं। दूसरी कार्रवाई इंदौर रोड पर शनि मंदिर ब्रिज के नीचे की गई। इस स्थान पर एक स्कॉर्पियो N वाहन से 21 पेटी अवैध शराब (बैगपाइपर ब्रांड) जब्त की गई। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी इंदौर से शराब लाकर उज्जैन और गुजरात में ऊंचे दामों पर बेचते थे। पुलिस से बचने के लिए वे फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल करते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सचिन (पिता गोपाल राव, 25 वर्ष), यस चित्तौड़ा (पिता विनोद चित्तौड़ा, 21 वर्ष), साहिल और मनीष माली (पिता संतोष माली, 23 वर्ष) तथा चंद्रशेखर उर्फ मेडिकल (पिता नंद किशोर, 24 वर्ष) के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी उज्जैन के निवासी हैं। कुल मिलाकर, पुलिस ने 44 पेटी अवैध शराब (लगभग 379.72 बल्क लीटर), दो लग्जरी वाहन और फर्जी नंबर प्लेट सहित लगभग 50.26 लाख रुपए की सामग्री जब्त की है।
पीलीभीत में अज्ञात वाहन की टक्कर से पिता की मौत:बेटी की हालत गंभीर, बाइक से घर लौटते समय हुआ हादसा
पीलीभीत में बाइक सवार पिता की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उनकी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई। अज्ञात वाहन चालक टक्कर मारकर फरार हो गया। मामला करेली थाना क्षेत्र का है। शाहजहांपुर के थाना बंडा क्षेत्र के ग्राम अजमतपुर निवासी देवेंद्र सिंह अपनी बेटी अन्नू के साथ बाइक से लौट रहे थे। तभी मीरपुर गांव के पास एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय राहगीर अर्जुन ने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने दोनों घायलों को बिलसंडा सीएचसी पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने देवेंद्र सिंह को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल अन्नू को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। परिजनों के अनुसार, देवेंद्र सिंह अपनी बहन के घर गांव पंडरी मरौरी गए थे और देर रात वापस लौट रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। घर पहुंचने से पहले ही यह दुर्घटना उनके परिवार पर कहर बनकर टूटी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना अध्यक्ष विपिन शुक्ला ने बताया कि अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है और जल्द ही आरोपी चालक को पकड़ने का प्रयास किया जाएगा।
अलीगढ़ के एक शिक्षक और उसके दो साथियों पर हाथरस में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। इन पर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 18.89 लाख रुपये ठगने का आरोप है। पीड़ित को फर्जी नियुक्ति पत्र मिलने के बाद ठगी का पता चला। विष्णुपुरी निवासी पंकज कुमार वर्मा ने कोतवाली हाथरस गेट में आज देर शाम रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि अलीगढ़ के राजकीय जूनियर स्कूल छलेसर में तैनात अध्यापक अतुल दिवाकर ने अपने साथियों रामेंद्र सिंह और हरेंद्र भूषण सिंह के साथ मिलकर धोखाधड़ी की। रामेंद्र सिंह ने खुद को लखनऊ में एफसीआई का अधिकारी बताया। जबकि हरेंद्र भूषण सिंह ने प्रयागराज के कैंटोनमेंट जनरल हॉस्पिटल में अकाउंटेंट होने का दावा किया। अतुल दिवाकर ने पंकज के भाई धर्मेंद्र को एफसीआई में नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया था। आरोपियों ने दस किस्तों में कुल 18,89,500 रुपये ठगे। इसके अलावा, उन्होंने 29 और 30 सितंबर को प्रयागराज स्थित एक अस्पताल में धर्मेंद्र का मेडिकल चेकअप भी कराया। पीड़ित को दिल्ली स्थित 'चीफ इंजीनियर मिलिट्री इंजीनियर सर्विस' के पते पर ज्वाइनिंग के लिए एक फर्जी नियुक्ति पत्र ईमेल किया गया। इस पत्र में 5 दिसंबर से एक सप्ताह पहले ज्वाइनिंग करने का निर्देश था। जब पीड़ित वहां पहुंचा, तो उसे धोखाधड़ी का पता चला। पंकज कुमार वर्मा का आरोप है कि जब उन्होंने अतुल और अन्य दोनों से शिकायत की, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच कर रही है।
यंग एंटरप्रेन्योर सोसाइटी (YES) के पूर्व नेशनल चेयरमैन विशाल अग्रवाल को संस्था से आउट करने के बाद मुरादाबाद की हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री दो फाड़ होती नजर आ रही है। इस फैसले के विरोध में लामबंद हुए 100 से अधिक निर्यातकों ने 'Exporter's Voice' के नाम नई संस्था बनाने का सिलसिला शुरू कर दिया है। इसके लिए निर्यातकों के आधार कार्ड और दूसरे दस्तावेज संकलित किए जा रहे हैं। बता दें कि मुरादाबाद अपने हस्तशिल्प उत्पादों के लिए दुनियाभर में मशहूर है। दुनियाभर के 130 से भी अधिक देशों को मुरादाबाद से करीब 15000 करोड़ रुपए सालाना के हस्तशिल्प उत्पाद निर्यात किए जाते हैं। मुरादाबाद में हस्तशिल्प की 2000 से अधिक यूनिट हैं। इन फैक्ट्रियों में पीतल, कांच, लकड़ी, आयरन आदि के हस्तशिल्प उत्पाद बनाकर निर्यात किए जाते हैं। मुरादाबाद में बड़ी हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री होने की वजह से यहां निर्यातकों की अपनी संस्थाएं और एसोसिएशन हैं। इंटरनेशनल लेवल पर EPCH (एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट) का जिम्मा है कि वो हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट को प्रमोट करे। यही संस्था साल में दो बार दिल्ली फेयर के नाम से ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में हस्तशिल्प एवं उपहार मेले का आयोजन भी करती है। वर्तमान में मुरादाबाद के निर्यातक नीरज खन्ना इसके चेयरमैन हैं। लेकिन पिछले कुछ वक्त से ईपीसीएच और निर्यातकों के दूसरे संगठनों में रह रहकर टकराव की खबरें सामने आ रही हैं। कुछ दिन पहले ईपीसीएच में फंड और ट्रैवलिंग एक्सपेंस को लेकर कई तरह की खबरें सामने आईं। बाद में पता चला कि ईपीसीएच चेयरमैन नीरज खन्ना का इस्तीफा हो गया है, उनके इस्तीफे की कॉपी भी सामने आई। लेकिन बाद में नीरज खन्ना ने साफ किया वो ही ईपीसीएच चेयरमैन हैं और इस तरह उनके इस्तीफे का चैप्टर बंद हो गया था। नेशनल चेयरमैन रहे विशाल अग्रवाल को ‘यस’ से आउट कर दियागुरुवार को फिर से हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री से टकराव की खबरें सामने आईं। पता चला कि यंग एंटरप्रेन्योर सोसाइटी ‘यस’ के चेयरमैन रहे निर्यातक विशाल अग्रवाल को ही ‘यस’ से आउट कर दिया गया है। विशाल पर आरोप लगा है कि वह ‘यस’ विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं। इसलिए उन्हें ‘यस’ फैमिली से बाहर किया जा रहा है। विशाल अग्रवाल का कहना है कि उन्हें निर्यातकों के हित में आवाज उठाने की सजा दी गई है। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट जंग के दौरान इंडस्ट्री पर मंडराए मंदी के बादलों को देखते हुए उन्होंने ईपीसीएच से फेयर फीस कम करने की मांग की थी। इसी तरह की मांग लघु उद्योग भारती ने भी सैकड़ों निर्यातकों की ओर से ईपीसीएच ईडी के सामने रखी है। सभी निर्यातकों की यही मांग है कि फेयर फीस को 2500 रुपए प्रति वर्ग मीटर तक घटा दिया जाए। 2018 से नहीं हुए मुरादाबाद एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के चुनावमुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन मुरादाबाद के निर्यातकों की बहुत पुरानी एसोसिएशन है। कुछ निर्यातकों का कहना है कि 2018 के बाद से इस एसोसिएशन का चुनाव नहीं हुआ है। नवेद उर रहमान इस संस्था के अध्यक्ष और अवधेश अग्रवाल सेक्रेटरी हैं। 2018 में चुनी गई बॉडी ही अभी तक काम कर रही है। कुछ पुराने और दिग्गज निर्यातकों ने नई टीम के व्यवहार से आहत होकर ‘द हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन’ के नाम से अलग संस्था बना ली थी। अब यस में छिड़े विवाद के बाद 'Exporter's Voice' के नाम से नई संस्था बनाने की कवायद शुरू हो चुकी है। 2009 में हुआ था यंग एंटरप्रेन्योर सोसाइटी (YES) का गठन ‘YES’ का गठन शहर के कुछ युवा निर्यातकों ने मिलकर 2009 में किया था। अनूप शंखधार इसके फाउंडर चेयरमैन थे। अनूप शंखधार 2012 तक चेयरमैन रहे। इसके बाद 2012 में नीरज खन्ना यस के चेयरमैन बने। उनके बाद रोहित ढल और फिर उदित सरन को चेयरमैन बनाया गया। उदित सरन के बाद एक बार फिर से मिड टर्म में रोहित ढल को यस का चेयरमैन बनाया गया। रोहित ढल के बाद 2020 में विशाल अग्रवाल यस के चेयरमैन बने थे। जिन्हें गुरुवार को यस से आउट कर दिया गया है।
चौक में शादी समारोह में बवाल:बिन बुलाए मेहमानों से मारपीट, छेड़खानी-लूट का आरोप
लखनऊ के चौक इलाके में बुधवार रात एक शादी समारोह के दौरान बवाल हो गया। बिन बुलाए मेहमानों के घुसने पर विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई और कुर्सियां तक चलीं। घटना से समारोह में अफरा-तफरी मच गई। दोनों पक्षों ने मुकदमा दर्ज कराया है। विकासनगर निवासी महिला के देवर की शादी चौक स्थित एक मैरिज लॉन में आयोजित थी। पीड़िता ने बताया शादी समारोह में कुछ लोग बिना निमंत्रण के घुस आए। आरोप है कि इन लोगों ने महिला के साथ छेड़खानी की और उनकी सोने की चेन व अंगूठी लूट ली। विरोध करने पर आरोपितों ने महिला के पति और रिश्तेदारों के साथ मारपीट की और तोड़फोड़ भी की। दोस्तों के साथ शादी में शामिल होने गए वहीं, दूसरे पक्ष के अजय राज ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह अपने दोस्तों समृद्ध, असद, फैसल, अफसान व अन्य के साथ शादी में शामिल होने पहुंचे थे। खाना लेने को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद गाली-गलौज और मारपीट शुरू हो गई। अजय के मुताबिक, दूसरे पक्ष के करीब 15 लोगों ने उन पर हमला कर दिया, जिससे वह और उसके दोस्त घायल हो गए। पीड़ित महिला की तहरीर पर पुलिस ने फैसल, समरीन, बव्वा, अजय, नदीम समेत कई लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से भी मामला दर्ज कराया गया है। बिना बुलाए शादी में आने का आरोप इंस्पेक्टर चौक नागेश उपाध्याय ने बताया कि एक निमंत्रण पर कई लोग समारोह में पहुंच गए थे। खाना लेने को लेकर विवाद हुआ, जो मारपीट में बदल गया। पुलिस दोनों पक्षों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
अनूपपुर जिले के कोतमा निवासी राम भुवन तिवारी की इलाज के दौरान हुई मौत और अस्पताल प्रबंधन पर लगे गंभीर लापरवाही के आरोपों की अब मजिस्ट्रियल जांच होगी। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी हर्षल पंचोली ने गुरुवार शाम को जांच के आदेश दिए। इसके तहत, आगामी 18 अप्रैल को साक्ष्य और बयान दर्ज करने की तिथि निर्धारित की गई है। इस घटना से संबंधित कोई भी व्यक्ति, जिसके पास लिखित साक्ष्य, दस्तावेजी प्रमाण या जानकारी है, वह शनिवार को एसडीएम न्यायालय कोतमा में उपस्थित होकर अपने कथन दर्ज करा सकता है। यह जांच राम भुवन तिवारी के परिजनों और मीडिया द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद शुरू की गई है। दरअसल, 14 मार्च को राजकुमार तिवारी अपने पिता राम भुवन तिवारी को सीने में दर्द की शिकायत होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि ड्यूटी डॉक्टर ने मरीज की गंभीरता को नजरअंदाज करते हुए उसे सामान्य गैस की समस्या बताकर दवा दी और घर भेज दिया। रात करीब 3:30 बजे जब राम भुवन तिवारी की हालत बिगड़ी और परिजन दोबारा अस्पताल पहुंचे, तो डॉक्टर रेस्ट रूम में सो रहे थे। परिजनों को लगभग आधे घंटे तक दरवाजा खटखटाना पड़ा। इस देरी के बीच तड़पते हुए राम भुवन तिवारी ने दम तोड़ दिया। 26 किमी देर रहते हैं डॉक्टर जांच में यह भी सामने आया है कि ड्यूटी डॉक्टर केएल दीवान मुख्यालय के बजाय 26 किलोमीटर दूर बिजुरी में निवास करते हैं, जिससे आपातकालीन सेवाओं पर असर पड़ता है। कलेक्टर हर्षल पंचोली ने अनुविभागीय दण्डाधिकारी (एसडीएम) कोतमा को विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।
भिंड में बस ने ऑटो को मारी टक्कर:डेढ़ साल की बच्ची की मौत, मां समेत 6 घायल, एक की हालत गंभीर
भिंड के अटेर थाना क्षेत्र में गुरुवार रात एक तेज रफ्तार बस ने सड़क किनारे खड़े ऑटो में टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में डेढ़ साल की मासूम मानसी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 6 लोग घायल हो गए। घटना के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के बायां जैतपुरा निवासी अरविंद कनेरे अपने परिवार के साथ पोरसा से एक निमंत्रण कार्यक्रम में शामिल होकर गांव लौट रहे थे। इसी दौरान चौम्हो के पास उन्होंने ऑटो सड़क किनारे खड़ा किया, तभी पीछे से आई तेज रफ्तार बस ने ऑटो में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़ी एक अन्य बस से भी जा टकराई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। पुलिस के पहुंचने से पहले ही घायलों को एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल भिजवाया गया। इस हादसे में मासूम मानसी की मौत हो गई, जबकि उसकी मां बबली (22), बसंती (55), गुड्डी देवी (50) सहित अन्य लोग घायल हो गए, जिनका जिला अस्पताल में उपचार जारी है। वहीं मुन्नी देवी की हालत गंभीर होने पर उन्हें ग्वालियर रेफर किया गया है। घटना में बस में सवार कुछ यात्रियों को भी मामूली चोटें आईं, जिन्हें अटेर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर बस चालक की तलाश शुरू कर दी है। हादसा गुरुवार रात करीब 9 बजे का बताया जा रहा है।
टीकमगढ़ में भगवान परशुराम जन्मोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। ब्राह्मण समाज द्वारा हर दिन प्रभातफेरी निकाली जा रही है और शाम को महाआरती का आयोजन किया जा रहा है। जन्मोत्सव 19 अप्रैल को धूमधाम से मनाया जाएगा। आयोजन समिति के सौरभ शर्मा ने बताया कि प्रभातफेरी के दौरान ब्राह्मण समाज के युवा घर-घर जाकर आमंत्रण पत्र बांट रहे हैं। समाज के लोग नजरबाग मंदिर में एकत्रित होकर नगर भ्रमण करते हैं और विभिन्न मोहल्लों में लोगों को जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हैं। महाआरती का आयोजन गुरुवार रात इंद्रपुरी कॉलोनी में महाआरती का आयोजन किया गया। पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी जन्मोत्सव के लिए सक्रिय रूप से संपर्क कर रही हैं। वे प्रतिदिन अलग-अलग मोहल्लों में जाकर समाज के लोगों से इस आयोजन में शामिल होने की अपील कर रही हैं। शर्मा ने बताया कि 18 अप्रैल को शाम 5 बजे नजरबाग मंदिर से एक बाइक रैली निकाली जाएगी। मुख्य जन्मोत्सव 19 अप्रैल को मनाया जाएगा, जिसकी शुरुआत महेंद्र सागर तालाब स्थित भगवान परशुराम मंदिर पर सुबह 6 बजे सामूहिक अग्निहोत्र यज्ञ से होगी। इसके बाद महामृत्युंजय पाठ का जाप किया जाएगा और भगवान परशुराम की प्रतिमा का अभिषेक होगा। शाम को शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए रायपुर-बिलासपुर और बिलासपुर-रायपुर मेमू ट्रेनों को बहाल कर दिया है। निपनिया-भाटापारा सेक्शन के बीच गर्डर लॉन्चिंग के कारण रद्द की गई कुछ अन्य ट्रेनें भी अब अपने निर्धारित समय पर चलेंगी। रेलवे प्रशासन के अनुसार दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में निपनिया-भाटापारा सेक्शन के अंतर्गत लेवल क्रॉसिंग संख्या 380 पर रोड अंडरब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा था। इस दौरान रिलीविंग गर्डरों की लॉन्चिंग के लिए ट्रैफिक-सह-पावर ब्लॉक लिया गया था, जिसके चलते कई यात्री ट्रेनों को रद्द या आंशिक रूप से रद्द किया गया था। रायपुर–बिलासपुर मेमू ट्रेनें बहाल बहाल की गई ट्रेनों में गाड़ी संख्या 68728 रायपुर-बिलासपुर मेमू और गाड़ी संख्या 68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू शामिल हैं। ये दोनों ट्रेनें 17 और 19 अप्रैल को अपने निर्धारित समय पर चलेंगी। गोंदिया–झारसुगुड़ा मेमू का संचालन आंशिक रूप से बहाल इसके अलावा गंतव्य से पहले समाप्त या प्रारंभ होने वाली ट्रेनों को भी बहाल किया गया है। गाड़ी संख्या 68861 गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू 17 और 19 अप्रैल को गोंदिया से बिलासपुर तक अपने निर्धारित समय पर चलेगी। इसी प्रकार, गाड़ी संख्या 68862 झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू भी 17 और 19 अप्रैल को बिलासपुर से गोंदिया तक चलेगी।
औरंगाबाद में एक युवक ने अपने दिवंगत दोस्त की पत्नी से विवाह कर उसकी तीन बेटियों को सहारा दिया। यह अनोखी शादी शहर के शाहपुर स्थित सूर्य मंदिर परिसर में सादगीपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। इस मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग भी मौजूद रहे और नवदंपती को आशीर्वाद दिया। प्राइवेट कंपनी में काम करने के दौरान हुई थी दोस्ती सदर प्रखंड के अमोला बिगहा निवासी नीतिश ठाकुर की मई 2025 में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। उनके निधन के बाद उनकी पत्नी सोनी कुमारी (27) और तीन छोटी बेटियां ज्योति (8), शिवानी (6) और परी (4) अचानक गहरे संकट में आ गईं। परिवार के सामने बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा और दैनिक जरूरतों को पूरा करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई।इस कठिन समय में नीतिश के दोस्त यूपी के शाहजहांपुर जिला के देवकली गांव निवासी नवलेश ठाकुर आगे आए। दोनों की दोस्ती शाहजहांपुर में एक निजी कंपनी में साथ काम करने के दौरान हुई थी। दोस्त की मौत के बाद नवलेश लगातार सोनी और उसकी बेटियों की मदद करते रहे और हर संभव मदद किया। इसी दौरान नवलेश ने एक साहसिक और मानवीय निर्णय लेते हुए सोनी के सामने विवाह का प्रस्ताव रखा। हालांकि, सोनी ने स्पष्ट किया कि वह तभी इस प्रस्ताव को स्वीकार करेंगी, जब दोनों परिवारों की सहमति होगी। इसके बाद नवलेश ने पहले अपने परिवार को इस संबंध में राजी किया और फिर सोनी के परिवार से बातचीत की। दोनों पक्षों ने आपसी समझ और विश्वास के आधार पर इस रिश्ते को मंजूरी दे दी। परिजनों के अनुसार, प्रारंभ में कुछ संदेह और शंकाएं थीं, जिन्हें स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने नवलेश के चरित्र और नीयत की जांच-परख कर परिवार को आश्वस्त किया कि वह वास्तव में अपने दोस्त के प्रति सच्ची भावना से यह कदम उठा रहे हैं। परिवार के रजामंदी से सूर्य मंदिर में हुई शादी आखिरकार, सभी की सहमति से दोनों ने सूर्य मंदिर में भगवान सूर्य को साक्षी मानकर विवाह कर लिया। शादी के बाद सोनी अपनी तीनों बेटियों के साथ नवलेश के घर शाहजहांपुर चली गईं, जहां उनके लिए एक नई जिंदगी की शुरुआत हुई।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में कुत्ते के हमले में 4 साल का मासूम बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। कुत्ते ने बच्चे को दौड़ा-दौड़ाकर काटा, जिससे उसके शरीर पर कई जगह गहरे जख्म हो गए। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद बच्चे को कुत्ते से छुड़ाया और अस्पताल पहुंचाया। घटना डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम चिल्हाटीखुर्द की है। ललित पाथरे का 4 साल का नाती नादित्य पाथरे घर के पास खेल रहा था। इसी दौरान एक पागल कुत्ते ने उस पर अचानक हमला कर दिया और उसे बुरी तरह नोच डाला। स्थिति गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज रेफर बच्चे की चीख-पुकार सुनकर उसके दादा ललित पाथरे मौके पर पहुंचे और काफी प्रयास के बाद उसे कुत्ते के चंगुल से छुड़ाया। इसके बाद उन्होंने तुरंत बच्चे को डौंडीलोहारा अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए उसे राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। हालत में सुधार न होने पर बच्चे को रायपुर रेफर किया गया, जहां फिलहाल उसका इलाज एक निजी अस्पताल में जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चे की हालत स्थिर होने के 24 घंटे बाद ऑपरेशन किया जाएगा। मासूम के शरीर पर 17 जगहों पर गहरे जख्म ग्रामीणों के अनुसार मासूम बच्चे के सिर, नाक, कान, मुंह, होठ, हाथ और पैरों समेत शरीर के 17 स्थानों पर गहरे जख्म हैं। बच्चे को बचाने के दौरान उसके दादा ललित पाथरे पर भी कुत्ते ने हमला किया, हालांकि वे बाल-बाल बच गए। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के 30 वर्षीय हुमन चंदेल और एक अन्य राहगीर पर भी कुत्ते ने हमला किया। इसके अलावा चार मवेशियों को भी काट लिया गया। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कुत्ते को दिया। जानकारी के अनुसार, मासूम नादित्य के पिता दीपक पाथरे का पिछले वर्ष निधन हो चुका है। दादा ही उसकी देखभाल कर रहे थे। इस घटना के बाद पूरा परिवार सदमे में है।
पटना यूनिवर्सिटी में आज सिंडिकेट की बैठक आयोजित हुई थी। इसकी अध्यक्षता कुलपति प्रो. अजय कुमार सिंह ने की। इसमें पहले के बचे कामों पर चर्चा की गयी। साथ ही शिक्षकों के प्रमोशन से संबंधित कानूनी और प्रक्रियात्मक विसंगतियों/त्रुटियों के सामने आने पर, सिंडिकेट के सदस्यों ने फिर से विचार किया और जल्द प्रमोशन प्रोसेस में कानूनी विसंगतियों को दूर करने और सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बाद अधिसूचना जारी करने का निर्णय लिया है। एसोसिएट प्रोफेसर ग्रेड से प्रोफेसर ग्रेड में किया गया था प्रमोशन पटना यूनिवर्सिटी में पिछले दिनों शिक्षकों का प्रमोशन एसोसिएट प्रोफेसर ग्रेड से प्रोफेसर ग्रेड में किया गया था, जिसमें वैधानिक विसंगतियों के सामने आने के बाद शिक्षकों के व्यापक हित को देखते हुए इन वैधानिक त्रुटियों को जल्द दूर करने के साथ इसे विधिसम्मत व नियमानुकूल बनाते हुए इसे जल्द संपादित करने का निर्णय पटना विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्यों ने लिया। यह बैठक शैक्षणिक और प्रशासनिक फैसलों के लिहाज से अहम मानी जाती है। मई से शुरू हो सकती पीयू शिक्षकों की प्रमोशन प्रक्रिया इससे पहले हुई बैठक के दौरान कुलपति ने स्पष्ट रूप से आश्वासन दिया था कि असिस्टेंट प्रोफेसर लेवल 10 से लेवल-11 और एसोसिएट प्रोफेसर से प्रोफेसर पद पर प्रोन्नति की कार्यवाही 1 मई से प्रारंभ कर दी जाएगी, जिसे करीब 20 मई तक हर हाल में पूरा कर लेने का लक्ष्य रखा गया है। कुलपति ने इस संबंध में जल्द ही आधिकारिक अधिसूचना जारी करने का आश्वासन दिया था, जिससे लंबे समय से सेवा स्थायीकरण का इंतजार कर रहे शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी।
जहानाबाद में जमीन विवाद में युवक पर हमला:घटना सीसीटीवी में कैद, पुलिस ने शुरू की जांच
जहानाबाद के नौरू गांव में जमीन विवाद को लेकर एक युवक पर हमला किया गया। यह घटना तब हुई जब युवक अपनी जमीन देखने गया था। हमले की पूरी वारदात पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। कोर्ट एरिया के होरीलगंज निवासी कुमार गौरव अभिनव (पिता- अंबुज चौधरी) अपनी जमीन की स्थिति देखने नौरू गांव पहुंचे थे। वहां उन्होंने देखा कि कुछ लोग उनकी जमीन पर घेराबंदी कर रहे थे। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। पीड़ित कुमार गौरव अभिनव के अनुसार, संजय यादव और बंटी यादव सहित चार लोगों ने लाठी-डंडों से उन पर हमला किया। इस दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज भी की। हमले में कुमार गौरव अभिनव को गंभीर चोटें आई हैं। कुमार गौरव अभिनव का आरोप है कि आरोपी उनकी जमीन पर अवैध कब्जा करना चाहते हैं। इसी का विरोध करने पर उन्हें निशाना बनाया गया। घटना के बाद पीड़ित ने स्थानीय थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। स्थानीय लोगों ने इस तरह की घटना पर चिंता व्यक्त की है। पुलिस ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पीड़ित परिवार ने प्रशासन से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है।
ठाकुर दिलीप सिंह भगोड़ा घोषित:मोहाली सीबीआई अदालत का आदेश, 2015 कार बम धमाके का मामला
नामधारी संप्रदाय की माता चंद कौर की हत्या के मामले में सीबीआई द्वारा केस नामजद किए गए ठाकुर दिलीप सिंह को सीबीआई की विशेषअदालत ने भगोड़ा घोषित किया गया । अदालत ने रिकॉर्ड की जांच के बाद साफ कहा कि ठाकुर दलीप सिंह 2015 के कार बम धमाके से लेकर कई हत्याओं का मुख्य साजिशकर्ता है, लेकिन वह विदेश भाग गया है और सालों से पकड़ में नहीं आया। उसे कई बार पेश होने के मौके तक दिए गए । अदालत ने ऐसे बताया मामले में आरोपी अदालत ने रिकॉर्ड से जोड़ा कि यह पूरा मामला 2012 में भैणी साहिब के सद्गुरु जगजीत सिंह जी की मृत्यु के बाद शुरू हुआ। उस समय किसी को उत्तराधिकारी घोषित नहीं किया गया था। सदगुरु ठाकुर उदय सिंह और ठाकुर दलीप सिंह दोनों मुख्य दावेदार थे। जब ठाकुर उदय सिंह को संप्रदाय की गद्दी सौंपी गई, तो ठाकुर दलीप सिंह ने इसका खुला विरोध किया। CBI के अनुसार, दिसंबर 2015 में ठाकुर दलीप सिंह ने ठाकुर उदय सिंह और उनकी माता चंद कौर के दामाद जगतार सिंह को टिफिन बम से मारने की साजिश रची। CBI ने उसे इस हमले का मास्टरमाइंड बताया है। ड्राइवर की गवाही से दबली कहानी 4 अप्रैल 2016 को माता चंद कौर की भैणी साहिब में अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी। माता चंद कौर ने सदगुरु ठाकुर उदय सिंह को संप्रदाय का नया मुखिया घोषित किया था। इसके कुछ समय बाद नामधारी अवतार सिंह की भी हत्या कर दी गई। इन सभी मामलों में ठाकुर दलीप सिंह पर आरोप लगे। 2017 में पंजाब पुलिस ने ये सभी मामले CBI को सौंप दिए और केस नंबर 3/17 दर्ज किया गया। 2018 में ठाकुर दलीप सिंह के ड्राइवर ने पूरे साजिश का खुलासा किया। उसे विदेश से भारत लाया गया और उसकी गवाही ने मामले को नया मोड़ दिया। रेड कॉर्नर नोटिस भी जाीर अदालत के आदेश के अनुसार, 4 दिसंबर 2015 को हुई कार बम विस्फोट की घटना के तुरंत बाद FIR दर्ज की गई थी। जांच के दौरान मुलजिम नंबर-7 ठाकुर दलीप सिंह को गिरफ्तार नहीं किया जा सका। CBI के मुताबिक वह विदेश फरार हो गया था। 13 मई 2021 को उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए, लेकिन भारत में उसकी गैर-मौजूदगी के कारण वारंट लागू नहीं हो सके। इसके बाद 11 जून 2021 को CBI ने लुक आउट नोटिस जारी किया, जिसे बार-बार नवीनीकृत किया जाता रहा। 31 दिसंबर 2022 को उसकी गैर-मौजूदगी में ही चार्जशीट दायर कर दी गई। 4 दिसंबर 2023 को इंटरपोल के जरिए रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया, फिर भी उसका सही ठिकाना अब तक नहीं मिल सका।
महासमुंद पुलिस ने एक बड़े आईपीएल सट्टा सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने बसना, पिथौरा, सांकरा, सरायपाली और भंवरपुर में ताबड़तोड़ दबिश देकर 9 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई भंवरपुर चौक से पकड़े गए आरोपी योगेश्वर देवांगन से पूछताछ के बाद शुरू हुई। योगेश्वर से मिली जानकारी के आधार पर जिले के अन्य बड़े सटोरियों के नाम सामने आए। इसके बाद 5 टीमें गठित की गईं, जिन्होंने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर छापेमारी की। ऑनलाइन सट्टा लेनदेन के सबूत मिले पुलिस जांच में आरोपियों के पास से 11 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। इन फोनों में फोन पे और यूपीआई के माध्यम से 3 लाख रुपए से अधिक के ऑनलाइन सट्टा लेनदेन के पुख्ता प्रमाण मिले हैं।सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 7(1) के तहत कार्रवाई की गई है। तीन आरोपी फरार मामले में संगठित अपराध से संबंधित धाराएं भी जोड़ी गई हैं। मामले में 3 अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और उनके पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।
शिवपुरी कोतवाली क्षेत्र के बड़ी नौहरी में शराब ठेकेदार के गुर्गों ने कथित तौर पर कई हवाई फायर किए। इस दौरान उन्होंने एक पिता-पुत्र के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिसमें पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। मामले में आबकारी विभाग की टीम पर भी मारपीट के आरोप लगे हैं। जानकारी के अनुसार गुरुवार को बड़ी नौहरी में बंजारा परिवार द्वारा कच्ची शराब बनाए जाने की सूचना मिली थी। इसी सूचना पर शराब ठेकेदार के गुर्गे और आबकारी विभाग की टीम दबिश देने पहुंची थी। पीड़ित सेठा बंजारा ने बताया कि गुरुवार शाम करीब 5 बजे वह अपने बेटे राहुल बंजारा के साथ घर के बाहर खड़े थे। तभी तीन से चार वाहनों में सवार होकर कुछ लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार से उतरते ही तीन से चार हवाई फायर किए, जिससे इलाके में दहशत फैल गई और भगदड़ मच गई। लोग अपने घरों में छिप गए। कच्ची शराब रखने के शक में लाठियों से पीटाइसी दौरान हमलावरों ने सेठा बंजारा और उनके बेटे राहुल को पकड़ लिया। उन्हें जमीन पर पटककर लाठियों से पीटा गया। मारपीट में सेठा के सिर में गंभीर चोट आई और खून बहने लगा, जबकि उनका बेटा भी घायल हो गया। इसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। सेठा बंजारा का आरोप है कि शराब ठेकेदार के गुर्गों के साथ आबकारी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद थे और उन्होंने भी मारपीट की। पीड़ित के अनुसार, मौके पर कच्ची शराब नहीं मिली, फिर भी उनके साथ बेवजह मारपीट की गई। पीड़ित ने बताया कि वह आरोपियों में से पवन धाकड़ को पहचानता है, जबकि अन्य अज्ञात हैं। उनके अनुसार, कुछ लोग खाकी वर्दी में थे, जिन्हें आबकारी विभाग के कर्मचारी बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल पिता-पुत्र को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। कोतवाली पुलिस ने सेठा बंजारा की शिकायत पर आरोपी पवन धाकड़ और अन्य अज्ञात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 125, 296(ए), 115(2), 351(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, इस मामले में आबकारी विभाग की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। जब इस संबंध में वृत्त प्रभारी तीर्थराज भारद्वाज से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
पंजाब सरकार के निर्देशों पर श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित एक विशेष पौधारोपण अभियान मोगा जिले में चलाया जा रहा है। इस मानसून सीजन में जिले में कुल 6.50 लाख पौधे लगाए जाएंगे। मोगा के डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने इस अभियान की तैयारियों का जायजा लिया। डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने स्थानीय मीटिंग हॉल में बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उनके साथ अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) जसपिंदर सिंह, ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग, शिक्षा विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सेतिया ने बताया कि अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) को इस अभियान का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने शिक्षा, वन और ग्रामीण विकास विभागों को आपसी तालमेल से पौधारोपण अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए। डिप्टी कमिश्नर ने जोर दिया कि जिला प्रशासन मोगा, संबंधित विभागों के सहयोग से इस विशेष हरियाली अभियान को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। उन्होंने अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाने के आदेश दिए।
मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में गुरुवार रात तेज रफ्तार ट्रैक्टर ट्रॉली पलटने से 4 महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 28 लोग घायल हो गए। इनमें से 4 लोगों को ग्वालियर रेफर किया गया है।हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। लोग मदद के लिए चिल्लाते रहे। मामला विजयपुर थाना क्षेत्र के खितरपाल गांव का है। जानकारी के मुताबिक, मृतकों की पहचान सरोज गुर्जर, सुनैना गुर्जर, सीमा गुर्जर और गीता राव के रूप में हुई है। ट्रैक्टर से बीरपुर थाना क्षेत्र के घूंघस गांव से विजयपुर थाना क्षेत्र के झारबडौदा गांव भात मांगने कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रहे थे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हादसे पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपए, गंभीर रूप से घायलों को 1 लाख रुपए और अन्य घायलों को 50,000 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। हादसे से जुड़ी 4 तस्वीरें देखिए… ट्रैक्टर के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला ट्रॉली के अंदर ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे। विजयपुर से 3 किलोमीटर पहले खितरपाल गांव के पास ट्रैक्टर अनबैलेंस हो गया। इससे ट्रॉली पलट गई। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। ट्रैक्टर के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला। नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया। पलटी हुई ट्रॉली को हाथों से सीधा किया घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के बाद लोगों ने क्रेन का इंतजार नहीं किया। हाथों से ही पलटी हुई ट्रॉली को सीधा किया। इससे मृतकों और घायलों को बाहर निकाला गया। घायलों को घटनास्थल पर मौजूद गाड़ियों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। मौके पर पहुंचे पूर्व मंत्री रामनिवास रावत घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। पूर्व वनमंत्री रामनिवास रावत, एसडीएम अभिषेक मिश्रा और टीआई राजन गुर्जर सहित पुलिस और प्रशासन के अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद रहे। राहत और बचाव कार्य की निगरानी करते रहे। SDM अभिषेक मिश्रा ने बताया कि हादसे के बाद पांच लोगों की हालत गंभीर है। चार लोगों को ग्वालियर रेफर किया गया है, जबकि एक व्यक्ति का इलाज विजयपुर के सिविल अस्पताल में चल रहा है। ………………………………………. यह खबरें भी पढ़ें 1. भिंड में बस ने ऑटो को मारी टक्कर, डेढ़ साल की बच्ची की मौत भिंड के अटेर थाना क्षेत्र में गुरुवार रात एक तेज रफ्तार बस ने सड़क किनारे खड़े ऑटो में टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में डेढ़ साल की मासूम मानसी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 6 लोग घायल हो गए। घटना के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। पढ़ें पूरी खबर… 2. विदिशा के सिरोंज में बस पलटी, 25 से ज्यादा घायल विदिशा जिले के सिरोंज में गुरुवार शाम एक यात्री बस पलट गई। इस दुर्घटना में 25 से अधिक लोग घायल हो गए। तिरुपति बस (MH31 DS 8368) सिरोंज से बामोरीशाला जा रही थी। घटना सिरोंज से करीब 8 किलोमीटर दूर कुरवाई रोड पर ग्राम भटोली के पास शाम 7 बजे के बाद हुई। पढ़ें पूरी खबर…
फाजिल्का में खेत में लगी आग:8 एकड़ में गेहूं के अवशेष जले, किसानों ने पाया काबू
फाजिल्का जिले के गांव मोहम्मद पीरा में गेहूं के अवशेष नें आग लग गई। भारत-पाकिस्तान सरहद की अंतरराष्ट्रीय तारबंदी के नजदीक खेत में लगी इस आग से करीब 8 एकड़ गेहूं का अवशेष जलकर राख हो गया। मौके पर पहुंचे किसानों और लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बताया जा रहा कि अगर समय रहते आग पर काबू न पाया जाता तो पास में खड़ी गेहूं की फसल का भी नुकसान हो सकता था। बिजाई करने के लिए लगाई थी आग, तेज हवा से फैली गांव मोहम्मद पीरा के सरपंच कुलविंदर सिंह ने बताया कि गांव में एक किसान द्वारा खेत में गेहूं की कटाई के बाद पशुओं के चारे की बिजाई करने के लिए एक कनाल जमीन में आग लगाई थी। लेकिन हवा तेज होने के चलते पास में पड़ती किसान लखबीर सिंह के गेहूं के खेत में आग फैल गई। जिससे करीब 8 एकड़ गेहूं का नाड़ जलकर राख हो गया। लोगों के सहयोग से पाया आग पर काबू हालांकि घटना का पता चलते ही इलाके के किसान मौके पर पहुंच गए और सभी ने पेड़ों की टहनियों और लोगों के सहयोग से आग पर काबू पाया जा सका। सरपंच ने बताया कि इस घटना के बाद किसान का काफी नुकसान हो गया है। हालांकि उन्होंने कहा कि अगर समय रहते आग पर काबू न पाया जाता, तो पास में खड़ी गेहूं की फसल को भी भारी नुकसान हो सकता था।
मुजफ्फरपुर में घर के दरवाजे पर खेल रही डेढ़ साल की मासूम बच्ची पर आज कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। इस हमले में बच्ची की मौत हो गई। घटना अहियापुर थाना क्षेत्र के अब्दुल नगर पंचायत अंतर्गत राजापुनस गांव की है। मृत बच्ची की पहचान मुकेश कुमार सहनी की बेटी रुक्मणी कुमारी (डेढ़ साल) के रूप में हुई है। पिता मुकेश के अनुसार आज रुक्मणी घर के बाहर दरवाजे पर खेल रही थी। इसी दौरान 6 आवारा कुत्ते वहां पहुंचे और अचानक उस पर हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्ची को करीब 50 मीटर तक घसीटा और बुरी तरह नोचना शुरू कर दिया। इलाज के लिए पहुंचने से पहले गई जान बच्ची की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े, तब तक कुत्ते वहां से भाग चुके थे। गंभीर रूप से घायल बच्ची को आनन-फानन में इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्ची के पिता मुकेश कुमार ने बताया कि उनकी यह इकलौती संतान थी, जिसे आवारा कुत्तों ने उनसे छीन लिया। हादसे के बाद परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया है। परजनों ने पोसटमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। पिता ने कहा है कि मेरी दो बेटियां थी। 4 साल पहले एक बेटी की चमकी बुखार से मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम भी कराया था। सब कुछ हुआ, लेकिन उसका किसी भी तरह का कोई पैसा मुआवजा नहीं दिया गया है। मुखिया को कहते हैं तो वह आजकल करता है। लेकिन 4 साल बीत गया, अब तक पैसा नहीं मिला है। यह दूसरी बच्ची छोटी थी, उसको कुत्ते ने काट लिया और उसकी मौत हो गई, इसका भी पोस्टमार्टम इसलिए नहीं कराए हैं कि कुछ मिलता है नहीं। गरीब आदमी मजदूरी करने वाले लोग हैं, हम कहां दौड़ते रहेंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर आवारा कुत्तों को पकड़ने और इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे खुद कदम उठाने को मजबूर होंगे। इस घटना ने एक बार फिर से जिले में आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरैया में आवारा कुत्ते ने 40 लोगों को किया था जख्मी इससे पहले 10 अप्रैल को सरैया में आवारा कुत्ते ने 40 लोगों को काट लिया था। घटना गोरीगामा डीह पंचायत में हुई थी। 10 अप्रैल को एक आवारा कुत्ते ने अचानक हमला कर करीब 40 लोगों को काटकर घायल कर दिया। इसके बाद गुस्साए ग्रामीणें ने घेर कर कुत्ते को मार डाला। घटना के बाद हेल्थ कैंप लगाकर जख्मी लोगों को टीका दिया गया था। मामले में पूछे जाने पर SKMCH ओपी प्रभारी राहुल मंडल ने कहा कि इस मामले में अबतक किसी तरह की कोई लिखित आवेदन परिजनों से नहीं मिला हुआ है ।
जालंधर जिले में पीएम श्री सरकारी हाई स्कूल तलवन में एक आधुनिक कंप्यूटर लैब और एक अतिरिक्त कक्षा का उद्घाटन किया गया। बता दे कि यह कार्य नकोदर की विधायक बीबी इंदरजीत कौर मान के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में हुआ। हल्का नकोदर के शिक्षा समन्वयक सरदार अमरजीत सिंह ने इसका उद्घाटन किया। इसी क्रम में, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, तलवान में भी एक विज्ञान लैब का उद्घाटन किया गया। विभिन्न स्कूलों में पहुंचने पर, स्कूल प्रमुखों और पूरी पंचायत ने शिक्षा समन्वयक का गर्मजोशी से स्वागत किया। मौके पर भारी संख्या में लोग रहे मौजूद इस अवसर पर प्रिंसिपल पवन कुमार, हेड मिस्ट्रेस जसविंदर कौर, दोनों स्कूलों के चेयरपर्सन, गांव तलवन के सरपंच परमजीत सिंह समरा, पूर्व सरपंच बलविंदर सिंह हुंदल, शिक्षा क्रांति के सदस्य सरदार रोजर सिंह, डॉ. सरबजीत सहोता, सोहन लाल सरपंच, डॉ. मदन गिल, पार्षद रमेश कुमार सोंधी सहित तलवान नगर के सभी पंचायत गांवों के बच्चों के माता-पिता उपस्थित थे। समाज की सेवा करने के लिए किया प्रेरित सरदार अमरजीत सिंह ने विधायक बीबी इंदरजीत कौर मान के प्रयासों से स्कूलों को मिली लैब और कक्षाओं के लिए नगर के निवासियों को बधाई दी। उन्होंने छात्रों को आधुनिक लैब के माध्यम से पढ़ाई करने, समय के साथ कदम मिलाकर चलने और अच्छी शिक्षा प्राप्त करके देश व समाज की सेवा करने के लिए प्रेरित किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए शिक्षा समन्वयक ने माता-पिता से विशेष रूप से शिक्षा से वंचित लड़कियों की पढ़ाई पर ध्यान देने का अनुरोध किया। इस अवसर पर स्कूल के बच्चों ने एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया, जिसकी उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने सराहना की।
जहानाबाद में गैस आपूर्ति की स्थिति सामान्य है। जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने बताया कि जिले में कुल 19 गैस एजेंसियां संचालित हैं, जिनसे 2,30,854 उपभोक्ता जुड़े हैं। वर्तमान में 5,729 गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं। डीएम के अनुसार, 3,892 गैस सिलेंडर की बुकिंग हुई थी, जिनमें से 2,831 उपभोक्ताओं को सिलेंडर वितरित किए जा चुके हैं। विवाह समारोहों के लिए 70 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त, 280 कमर्शियल गैस सिलेंडर विभिन्न एजेंसियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिले में गैस की आपूर्ति सुचारू है और कोई परेशानी नहीं है। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए एक नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। अब तक प्राप्त 250 शिकायतों में से 249 का निपटारा किया जा चुका है। गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए एक विशेष धावा दल का गठन किया गया है। इस दल ने अब तक 368 स्थानों का निरीक्षण किया है। घोसी में गैस की कालाबाजारी करते हुए दो लोगों को पकड़ा गया है। उनके पास से सिलेंडर जब्त किए गए और आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। डीएम ने चेतावनी दी है कि कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ लगातार छापेमारी जारी रहेगी। सभी गैस एजेंसियों को उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। अनुमंडल पदाधिकारी किसी भी समस्या की निगरानी कर रहे हैं।
मोहाली जिले के जीरकपुर में स्थित एक चाइनीज फूड शॉप से खरीदे गए मोमोज में पेन के ढक्कन का टूटा हुआ प्लास्टिक का टुकड़ा मिलने का मामला सामने आया है। ग्राहक ने इस संबंध में पंजाब स्वास्थ्य विभाग, डीसी मोहाली और फूड सेफ्टी विभाग को ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है और सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीरमुछल्ला निवासी साहिल कुमार ने बताया कि यह जब वह अपनी पत्नी के साथ 'राजू चाइनीज फूड' नामक दुकान पर डिनर करने गए थे। उन्होंने वेज मोमोज और स्प्रिंग रोल का ऑर्डर दिया था। खाते वक्त दांतों के नीचे आई कोई सख्त चीज साहिल के अनुसार, मोमोज का पहला निवाला लेते ही उनके दांतों के नीचे कोई सख्त चीज आई। बाहर निकालने पर पता चला कि वह पेन के ढक्कन का टूटा हुआ प्लास्टिक का टुकड़ा था। उन्होंने इस लापरवाही को गंभीर बताया और आशंका व्यक्त की कि यदि यह टुकड़ा उनके छोटे बेटे के गले में फंस जाता या पेट में चला जाता, तो गंभीर परिणाम हो सकते थे। दुकानों के लाइसेंस रद्द कराने की मांग घटना के तुरंत बाद, साहिल ने इसका एक वीडियो बनाया। अपनी लिखित शिकायत में, उन्होंने प्रशासन से स्वच्छता मानकों का पालन न करने वाली दुकानों के लाइसेंस रद्द करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने पीरमुछल्ला और जीरकपुर क्षेत्र में खाने-पीने की दुकानों और रेहड़ियों की नियमित जांच कराने की भी अपील की है। स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। विभाग ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
टीकमगढ़ जिले के कांटी खास गांव में गुरुवार शाम खनिज विभाग ने अवैध मुरम खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। मुखबिर की सूचना पर पहुंची टीम ने मौके पर अवैध उत्खनन कर रही एक जेसीबी मशीन को जब्त कर लिया है। कार्रवाई के दौरान खनिज माफिया अपने डंपर और ट्रैक्टर लेकर भागने में सफल रहे, जिनका टीम ने काफी दूर तक पीछा भी किया। टीम को देख सड़क पर मुरम फैलाकर भागे चालक दोपहर करीब 3:30 बजे जब टीम मौके पर पहुंची, तब जेसीबी से ट्रैक्टरों और डंपरों में मुरम भरी जा रही थी। अधिकारियों को देखते ही चालक वाहनों को तेज रफ्तार में भगा ले गए और रास्ते में मुरम फैला दी ताकि पीछा न किया जा सके। जिला खनिज अधिकारी विपुल रावत के अनुसार, स्टाफ की कमी की वजह से भागते हुए वाहनों को रोकना संभव नहीं हो सका। 40 लोगों की भीड़ ने जेसीबी छुड़ाने का किया प्रयास कार्रवाई के दौरान करीब 30-40 ग्रामीण और खनन से जुड़े लोग जेसीबी मशीन को छुड़ाने के लिए मौके पर एकत्र हो गए। स्थिति बिगड़ती देख देहात थाने से पुलिस बल बुलाया गया। पुलिस की मौजूदगी में शाम करीब 6 बजे मशीन को जब्त कर थाने लाया गया। अधिकारियों के अनुसार, जब्त जेसीबी उत्तर प्रदेश के किसी व्यक्ति की है। अज्ञात आरोपियों पर केस खनिज विभाग ने अवैध उत्खनन और सरकारी कार्य में बाधा डालने की संभावनाओं को देखते हुए अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस और खनिज विभाग अब फरार डंपर और ट्रैक्टरों की पहचान कर आरोपियों की तलाश में जुट गए हैं। मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
आगर मालवा में अधेड़ का शव फंदे पर मिला:घर पर अकेला था, बेटी ने देखा सबसे पहले शव
आगर मालवा जिला मुख्यालय के केवड़ा स्वामी मार्ग स्थित एक मकान में गुरुवार देर शाम उस समय एक 55 वर्षीय अधेड़ का शव फंदे पर लटका हुआ मिला। मृतक की पहचान जयनारायण पिता प्रभुलाल यादव के रूप में हुई है, जो पेशे से कारीगर था। उसकी पत्नी मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने में सहयोग करती है। घटना का खुलासा तब हुआ जब जयनारायण की बेटी शाम को घर पहुंची। उसने अपने पिता को कमरे में फंदे पर लटका देखा और तत्काल पड़ोसियों को सूचना दी। इसके बाद मौके पर आसपास के लोग एकत्र हो गए और पुलिस को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए पंचनामा तैयार किया और शव को जिला अस्पताल भेज दिया। शुक्रवार सुबह शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। घटना के समय पर घर नहीं था कोई बताया जा रहा है कि मृतक के परिवार में तीन बेटियां हैं। इनमें से एक की शादी हो चुकी है, जबकि दो बेटियां नाबालिग हैं, जिनकी उम्र लगभग 12 और 9 वर्ष बताई जा रही है। घटना के समय घर में कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था। फिलहाल, आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहनता से जांच कर रही है।
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने सरपंच को 1 लाख रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी सरकारी जमीन से अतिक्रमण नहीं हटाने के बदले रिश्वत की डिमांड की थी। मामला ग्राम पंचायत बेमचा का है। जानकारी के अनुसार शहर से लगे ग्राम पंचायत बेमचा के खसरा नंबर 3110/3 की करीब 1 एकड़ 92 डिसमिल जमीन पर लंबे समय से अजय कुर्रे का कब्जा था। आरोप है कि अजय कुर्रे ने इस सरकारी जमीन को अलग-अलग लोगों को बेच दिया था। इसमें से कुछ जमीन महाप्रभु वल्लभाचार्य महाविद्यालय के लाइब्रेरियन सूरज रात्रे को भी बेची गई थी। लगभग 6 महीने पहले इस जमीन को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों, ग्रामीणों और कब्जाधारी अजय कुर्रे के बीच विवाद हुआ था। मामला थाने तक पहुंचा, बाद में हुआ समझौता यह मामला थाने तक पहुंचा और दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में सरपंच देवेंद्र चंद्राकर और वर्तमान कब्जाधारी सूरज रात्रे के बीच 4 लाख रुपए के लेन-देन के आधार पर समझौता हुआ, जिसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रोक दी गई। एसीबी में शिकायत और ट्रैप कार्रवाई इसी मामले में सूरज रात्रे ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर एसीबी ने ट्रैप किया। रिकॉर्डिंग के लिए उपकरण उपलब्ध कराए गए, जिसमें सरपंच और शिकायतकर्ता के बीच हुई बातचीत के सबूत जुटाए गए। रंगे हाथ पकड़ा गया सरपंच गुरुवार शाम करीब 4 बजे एसीबी टीम ने जनपद पंचायत कार्यालय से कुछ ही दूरी पर कार्रवाई करते हुए सरपंच देवेंद्र चंद्राकर को सूरज रात्रे से 1 लाख रुपए लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी सरपंच को पुलिस कंट्रोल रूम लाया गया। फिलहाल इस मामले टीम आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
राज्य में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए तैयार किया गया “रक्षक” पाठ्यक्रम अब जमीन पर उतरने के करीब है। इस कोर्स की रूपरेखा को अंतिम रूप देने के लिए विश्वविद्यालयों की बैठक पूरी हो चुकी है। बाल आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बताया कि अपकमिंग शैक्षणिक सत्र से इस कोर्स में एडमिशन शुरू किए जाएंगे। डॉ. शर्मा ने कहा कि यह सिर्फ पढ़ाई का कोर्स नहीं है, बल्कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक सोशल मिशन है। इसका मकसद युवाओं को ट्रेनिंग देकर उन्हें इस क्षेत्र में काम करने के लिए तैयार करना है, ताकि समाज में बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता बढ़ सके। राज्य के 6 विश्वविद्यालय शामिल हुए बैठक में राज्य के 6 विश्वविद्यालय शामिल हुए, जिनमें अब कोर्स की ब्रीफ जानकारी इस कोर्स में बच्चों से जुड़े जरूरी विषय पढ़ाए जाएंगे, जैसे: कोर्स की जरुरत समझिए अभी विश्वविद्यालयों में बच्चों के अधिकारों पर स्पेशल कोर्स की कमी है। यह कोर्स युवाओं को इस क्षेत्र में जानकारी और प्रैक्टिकल अनुभव दोनों देगा। नौकरी के मौके मिल सकते हैं कोर्स पूरा करने के बाद युवाओं को सरकारी बाल संरक्षण विभाग, NGO (गैर सरकारी संगठन), बाल कल्याण समितियां, इंटरनेशनल संस्थाएं में काम और साथ ही ट्रेनिंग और गेस्ट लेक्चर के मौके भी मिल सकते हैं। आगे क्या होगा? आयोग का कहना है कि जल्द ही इस कोर्स को कॉलेजों में शुरू किया जाएगा। साथ ही विश्वविद्यालयों और आयोग के बीच लगातार सहयोग रहेगा, ताकि छात्रों को सही ट्रेनिंग मिल सके।
पन्ना में बाइक्स की भिड़ंत, दो लोग घायल:उड़की-अहिरगवां के बीच हादसा, स्कूल चपरासी भी चपेट में आया
पन्ना क्षेत्र में सड़क हादसों के बीच एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही का मामला सामने आया है। उड़की और अहिरगवां के बीच देर शाम दो बाइक की टक्कर हो गई। इस हादसे में शासकीय स्कूल के चपरासी सहित तीन लोग घायल हुए हैं। जानकारी के अनुसार, शासकीय हाई स्कूल इंटवाखास में भृत्य (पियून) के पद पर कार्यरत हरि आदिवासी (पिता श्रीकेश, उम्र 58 वर्ष) अपनी ड्यूटी पूरी कर बाइक से अपने घर हरदुआ लौट रहे थे। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रहे कल्लू गोंड (पिता मिहि लाल, उम्र 32 वर्ष) की बाइक से उनकी जोरदार टक्कर हो गई। कल्लू गोंड अपनी ससुराल सिंघोरा से कटाई का काम निपटाकर अपने गांव लुरहाई जा रहा था। हादसे के वक्त कल्लू की बाइक पर उसका 5 वर्षीय बेटा किशन भी सवार था, जो सुरक्षित है। शराब के नशे में था चालक घायल पियून के अनुसार, दुर्घटना की मुख्य वजह तेज रफ्तार और घोर लापरवाही थी। बताया जा रहा है कि कल्लू गोंड शराब के नशे में धुत था और बाइक चलाते समय मोबाइल फोन पर बात कर रहा था। नशे और फोन के इस्तेमाल के कारण वह बाइक पर नियंत्रण नहीं रख सका और सामने से आ रहे हरि आदिवासी को टक्कर मार दी। इस भिड़ंत में दोनों बाइक सवारों को गंभीर चोटें आई हैं। मासूम बच्चा भी घायल हुआ है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को डायल 112 की सहायता से उपचार के लिए जिला अस्पताल पन्ना में भर्ती कराया गया।
मानसा में खुद के अपहरण की रची झूठी कहानी:परिवार से पैसे हड़पने के लिए रची साजिश, तीन आरोपी गिरफ्तार
मानसा पुलिस ने खुद के अपहरण की झूठी कहानी रचकर परिवार से पैसे हड़पने की साजिश का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में एक युवक और उसके साथियों को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। बता दे कि यह साजिश कनाडा से आए 5 लाख रुपए को छिपाने के लिए रची गई थी। पुलिस को उस समय सूचना मिली जब मानसा जिले के गांव ख्याला कलां निवासी राज सिंह ने डायल 112 पर कॉल कर बताया कि उनका बेटा संदीप सिंह बैंक से पैसे निकालने गया था। राज सिंह के अनुसार, संदीप को मानसा आरटीओ कार्यालय के पास अज्ञात व्यक्तियों ने अगवा कर लिया था। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा एसएसपी मानसा भागीरथ सिंह मीणा ने बताया कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संदीप सिंह और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि संदीप सिंह की बहन ने कनाडा से उसके खाते में 5 लाख रुपये भेजे थे। संदीप ने अपने दोस्त केसर सिंह के साथ मिलकर यह रकम बैंक से निकाली। रुपए डबल करने का दिया लालच इसके बाद वे एक व्यक्ति के झांसे में आ गए, जिसने पैसे दोगुने करने का लालच दिया। यह व्यक्ति बठिंडा का रहने वाला था। आरोपी संदीप और उसके दोस्त केसर सिंह के घर गए, जहां पैसे दोगुने करने की कोशिश की गई। इस दौरान बठिंडा वाले व्यक्ति ने 10 हजार रुपए ले लिए। पुलिस ने कैश किया बरामद बाकी के ढाई लाख रुपये को दोगुना करने के लिए केमिकल लगाया गया, जिससे पैसों में आग लग गई और वे जलकर राख हो गए। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पैसे छिपाने और परिवार को गुमराह करने के लिए झूठे अपहरण की कहानी गढ़ी थी। पुलिस ने जांच के दौरान 2 लाख 30 हजार रुपये और मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। आरोपियों ने बताया कि करीब 20 हजार रुपए खर्च किए जा चुके थे।
टोंक कलेक्टर टीना डाबी ने जिला मुख्यालय पर पहली जिला स्तरीय मासिक जनसुनवाई की। कलेक्टर ने 7 घंटे तक लगातार लोगों की समस्याओं को सुना। बिजली-पानी और सीवरेज की समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं के साथ मौके पर भेजा और फीडबैक लिया। कुछ शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। टोकन सिस्टम से एक-एक करके फरियादी को अंदर भेजा गया। इसके लिए पहली बार टोंक SDM, टोंक DSP भी व्यवस्था बनाते नजर आए। वे भी लोगों को बाहर आकर लोगों से टोकन के नंबर के हिसाब से अंदर जाने के लिए समझाते रहे। सुबह 10 बजे जनसुनवाई में आई कलेक्टर टीना डाबी की जनसुनवाई में SDM हुकमीचंद रोलानिया, टोंक डीएसपी मृत्युंजय मिश्रा शुरुआत में परिवादियों को अंदर लेकर आए। इस दौरान देवली उनियारा विधायक राजेंद्र गुर्जर भी मौजूद रहे। इसमें जिले के दूरदराज के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने 196 परिवाद दर्ज कराकर व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं को बताया। कलेक्टर बोलीं- शिकायतों का रजिस्टर बनाएं, ट्रैक करना आसान होगा इस दौरान कलेक्टर ने कहा- सभी जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी जनसुनवाई में आए प्रकरणों का रजिस्टर तैयार करें। इससे प्रकरणों को ट्रैक करना आसान रहेगा। उन्होंने कहा ग्राम पंचायत एवं ब्लॉक स्तर पर निस्तारित होने वाले प्रकरण जिला स्तर पर नहीं आए। इसे गंभीरता से लिया जाएगा। साथ ही अधिकारी प्रकरणों को अनावश्यक लंबित नहीं रखें। परिवादी को स्पष्ट एवं स्थाई समाधान देकर राहत प्रदान करें। पढ़िए लोगों ने बताई समस्या… साफ-सफाई; इलाज में लापरवाही की शिकायत नगर परिषद टोंक के वार्ड नं. 40 निवासी इफतेखार फातमा ने सीवरेज की सफाई, वार्ड नं. 35 की भावना महावर ने जिला अस्पताल में इलाज में लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों के विरुद्ध कार्रवाई की शिकायत दी। कलेक्टर ने पीएमओ डॉ. प्रतीक सालोदिया को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। सीवरेज सफाई को लेकर नगर परिषद आयुक्त को सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग करने पर जोर दिया। अतिक्रमण हटाने की गुहार जनसुनवाई में राजस्व विभाग के प्रकरणों को लेकर उनियारा के सैदरी ग्राम के रामनिवास गुर्जर ने नामान्तरण शुद्ध करवाने, टोंक के महमूदगंज से आए कन्हैया लाल सैनी ने रास्ते का अतिक्रमण हटवाने, मालपुरा के चांदसेन निवासी रामनारायण गुर्जर ने सीमाज्ञान कराने, टोंक निवासी केसरलाल सैनी ने पत्थर गढ़ी करवाने, ग्राम सिरोही से हेमराज गुर्जर ने खेल मैदान से अतिक्रमण हटवाने के प्रार्थना पत्र दिए।बगड़ी ग्राम से आए कमल वैष्णव ने पेयजल टंकी के निर्माण, टोंक निवासी रामनिवास महावर ने 11 हजार केवी लाइन शिफ्ट करने की बात कही। किसानों को राहत देने के आदेश विभिन्न कारणों से खेतों में पानी भर जाने के एवं निकासी की समुचित व्यवस्था को लेकर भी किसानों ने परिवाद दर्ज कराएं। कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को मौका देखकर किसानों को राहत देने के लिए निर्देश किया। जन सुनवाई में एडीएम रामरतन सोकरिया, सीईओ परशुराम धानका, एडीएम मालपुरा विनोद कुमार मीना, एडीएम बीसलपुर भूपेन्द्र यादव समेत सभी जिला स्तरीय अधिकारी एवं ब्लॉक से ब्लॉक स्तरीय अधिकारी वीसी के माध्यम से मौजूद रहे। अतिक्रमण हटाया टोंक में नगर परिषद की अतिक्रमण शाखा ने आज नेहरू पार्क पास आयुक्त धर्मपाल जाट के निर्देशन एवं राजस्व अधिकारी अभिषेक शर्मा के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीन लोहे की एंगल से किया गया निर्माण को हटाया गया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अतिक्रमण करने वालों में हड़कंप मच गया। नगर परिषद ने आगे भी ऐसे अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने 'जनगणना 2027' की तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में 17 अप्रैल से 1 मई तक ऑनलाइन स्व-गणना अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। इसके बाद 2 मई से 31 मई तक मकान सूचीकरण का काम किया जाएगा। बैठक के दौरान एक अंचल अधिकारी (सीओ) के अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने उनका एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया, जो तैयारियों के प्रति प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस बैठक में जिलाधिकारी ने डिजिटल भागीदारी पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि स्व-गणना से समय की बचत होगी और डेटा की शुद्धता भी सुनिश्चित की जा सकेगी। नागरिकों को पोर्टल se.census.gov.in के माध्यम से स्वयं अपने विवरण दर्ज करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। आईटी मैनेजर ने लाइव डेमोंसट्रेशन के जरिए पोर्टल के संचालन की तकनीकी जानकारी दी। मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करनी होगी पंजीकरण के लिए परिवार के मुखिया को अपना नाम, 10 अंकों का मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करनी होगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि एक मोबाइल नंबर से केवल एक ही परिवार का पंजीकरण संभव होगा और एक बार सबमिशन होने के बाद जानकारी में बदलाव नहीं किया जा सकेगा। नागरिकों को पोर्टल पर उपलब्ध मानचित्र का उपयोग कर अपने घर की जियो-टैगिंग भी करनी होगी। स्व-गणना के दौरान नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति से जुड़े कुल 34 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। जिलाधिकारी ने सभी नागरिकों से सटीक जानकारी प्रदान करने की अपील की है, क्योंकि इसी डेटा के आधार पर भविष्य की सरकारी योजनाएं तैयार की जाएंगी। सफल सबमिशन के बाद प्रत्येक परिवार को 11 अंकों की स्व-गणना पहचान संख्या (SE ID) प्राप्त होगी, जिसका सत्यापन बाद में क्षेत्रीय प्रगणकों की ओर से किया जाएगा। डिजिटल साक्षरता की कमी वाले क्षेत्रों के लिए जिलाधिकारी ने विशेष कैंप लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त, प्रचार-प्रसार वाहनों, सोशल मीडिया, विद्यालयों और आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि कोई भी नागरिक इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया से वंचित न रहे। मुसहरी सीओ का वेतन स्थगित बैठक के दौरान अनुशासन और कर्तव्य के प्रति जिलाधिकारी का कड़ा रुख भी देखने को मिला। महत्वपूर्ण बैठक से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने और विभागीय कार्यों में निराशाजनक प्रदर्शन के कारण मुसहरी के अंचलाधिकारी (CO) पर गाज गिरी है। जिलाधिकारी ने उनका वेतन तत्काल प्रभाव से स्थगित करने, एक दिन के वेतन की कटौती करने और उनके विरुद्ध प्रपत्र 'क' गठित कर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को भेज दी है।जिलाधिकारी ने जिलेवासियों से आह्वान किया कि जनगणना केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का कर्तव्य है। उन्होंने सभी से सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
मप्र हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में भोजशाला विवाद से जुड़े बहुचर्चित प्रकरणों की सुनवाई गुरुवार को स्थगित कर दी गई। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ता पक्ष के सीनियर एडवोकेट के अनुरोध पर मामले को 17 अप्रैल के लिए सूचीबद्ध किया है। अब अगली सुनवाई पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हैं। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे सीनियर एडवोकेट एके चितले ने अपने तर्क पूर्ण करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की। उन्होंने कोर्ट से सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया, जिसे स्वीकार करते हुए बेंच ने मामले को अगली तारीख तक टाल दिया। कई याचिकाएं और अपीलें एक साथ विचाराधीन इस मामले में पांच याचिकाएं और अपीलें एक साथ सुनी जा रही हैं। इन सभी में भोजशाला विवाद के विभिन्न पहलुओं को लेकर दलीलें प्रस्तुत की जा रही हैं। मामले में केंद्र सरकार, राज्य सरकार, विभिन्न याचिकाकर्ताओं और इंटरवीनर्स की ओर से संबंधित एडवोकेट उपस्थित रहे। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि अगली सुनवाई में वरिष्ठ अधिवक्ता अपने तर्क पूरे कर लेते हैं, तो इसके बाद याचिकाओं (WP-10497/2022 और (WP-10484/2022) में शामिल इंटरविनर्स को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। इससे सभी पक्षों को बराबरी का अवसर सुनिश्चित होगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से भी हुई पैरवी सुनवाई के दौरान कई सीनियर एडवोकेट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी जुड़े। मामले में एडवोकेट विष्णु शंकर जैन, विनय जोशी, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सुनील कुमार जैन और एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह सहित कई एडवोकेट उपस्थित रहे। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि इस आदेश की फोटोकॉपी सभी संबंधित प्रकरणों के रिकॉर्ड में संलग्न की जाए, ताकि सुनवाई की प्रक्रिया में एकरूपता बनी रहे।
जगराओं अनाज मंडी में कारोबारियों का प्रदर्शन:कूड़े के ढेर से परेशान, प्रशासन पर अनदेखी का आरोप
लुधियाना जिले में जगराओं की पुरानी अनाज मंडी के व्यापारियों ने वीरवार को कूड़े के ढेर के खिलाफ प्रदर्शन किया। कई महीनों से जमा हो रहा कूड़ा अब एक पक्के डंप और पहाड़ का रूप ले चुका है, जिससे परेशान होकर कारोबारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। यह कूड़ा गौशाला के पास बनाया जा रहा है। व्यापारियों ने सवाल उठाया कि जब राहगीरों का गुजरना मुश्किल है, तो यहां रहने वाले लोगों की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है। मंडी में 100 से अधिक दुकानें हैं और अधिकांश दुकानों के ऊपर परिवार भी रहते हैं। जिन दुकानों के पास कूड़े का यह विशाल ढेर लगा है, वहां दुकानदारों और परिवारों का सांस लेना और खाना तक दूभर हो गया है। बदबू, मच्छरों और गंदगी के कारण हालात बेहद खराब हो चुके हैं। कारोबारियों ने कहा कि यह मंडी हर महीने करोड़ों रुपए का कारोबार कर सरकार को मोटा टैक्स देती है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कूड़े की समस्या से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हलके की विधायक सर्वजीत कौर माणुके ने हाल ही में इसी कूड़े के ढेर के पास एक मोहल्ला क्लीनिक का उद्घाटन किया है, जहां पहले सर्विस सेंटर हुआ करता था। मंडी से कूड़े के ढेर को हटाने की मांग व्यापारियों के अनुसार, जरूरत कूड़े के पहाड़ को हटाने की थी, लेकिन प्रशासन ने उसके पास ही क्लीनिक खोल दिया, ताकि कूड़े और गंदगी से बीमार होने वाले लोगों को दवा लेने के लिए दूर न जाना पड़े। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि बढ़ती गर्मी और आने वाली बरसात में इस गंदगी से कोई खतरनाक बीमारी भी फैल सकती है। अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो हर महीने होने वाले करोड़ों रुपए के कारोबार पर भी असर पड़ेगा, क्योंकि इतनी गंदगी के बीच कौन खरीद-फरोख्त करने आएगा। व्यापारियों ने पंजाब सरकार से मांग की कि शहर के कारोबार और टैक्स को बचाने के लिए तुरंत मंडी के अंदर से कूड़े के ढेर को हटाया जाए। साथ ही कूड़े की सफाई के नाम पर खर्च किए जा रहे लाखों रुपये की जांच भी करवाई जाए, क्योंकि जमीन पर कोई काम दिखाई नहीं दे रहा। कूड़े के नाम पर 20 लाख का खेल व्यापारियों ने आरोप लगाया कि नगर कौंसिल द्वारा शहर को कूड़ा मुक्त करने के नाम पर करीब 20 लाख रुपए का प्रस्ताव पास किया गया था। लेकिन धरातल पर हालात जस के तस हैं। उनका कहना है कि कौंसिल प्रधान ने अपनी पावर का इस्तेमाल करते हुए यह प्रस्ताव डाला, लेकिन कूड़ा उठवाने की जगह कई जगहों पर उसे आग के हवाले कर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि पुरानी दाना मंडी में भी कूड़े के पहाड़ खड़े हैं, जिससे साफ जाहिर होता है कि सफाई के नाम पर खर्च हो रहा पैसा आखिर कहां जा रहा है।व्यापारियों ने कहा कि नगर परिषद के पास करोड़ों रुपए का फंड मौजूद है। ऐसे में शहर से बाहर उचित जमीन खरीदकर वहां कूड़ा डंप किया जाना चाहिए, ताकि शहर के बीच बने इन कूड़े के पहाड़ों से लोगों को राहत मिल सके। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो व्यापारी बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
कानपुर में युवक को चप्पलों से पीटा:बाइक टकराने पर विवाद, जांच में जुटी पुलिस
कानपुर के कल्याणपुर में आवास विकास के केसा चौराहा पर दो बाइकों की भिड़ंत के बाद एक युवक को चप्पलों से पीटने का मामला सामने आया है। मौके पर मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पुलिस वायरल वीडियो की जांच में जुट गई है। जानकारी के मुताबिक, गुरुवार रात करीब आठ बजे केसा चौराहे के पास दो बाइकों की आपस में टक्कर हो गई। हादसे में किसी को चोट नहीं आई, लेकिन दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और गाली-गलौज शुरू हो गई। इसी दौरान एक बाइक सवार युवक ने दूसरे युवक को चप्पल उतारकर पीटना शुरू कर दिया। वहां मौजूद लोगों ने पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पुलिस पहुंची, मौके पर नहीं मिला कोईवीडियो वायरल होने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि दोनों पक्ष कल्याणपुर क्षेत्र के रहने वाले थे। किसी को चोट नहीं आई और दोनों युवक शराब के नशे में थे। मारपीट के बाद दोनों पक्ष मौके से चले गए। थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस मौके पर गई थी, लेकिन वहां कोई नहीं मिला और न ही किसी ने तहरीर दी है। उन्होंने कहा कि यदि तहरीर मिलती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
सूरजपुर वन क्षेत्र में जंगली हाथी के हमले में लगातार दूसरे दिन एक व्यक्ति की मौत हो गई। दो दिनों के भीतर यह दूसरी मौत है, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। जानकारी के अनुसार, सूरजपुर वन क्षेत्र में एक जंगली हाथी ने हमला कर एक महिला की जान ले ली। यह घटना कोटबहरा इलाके में एक दिन पहले एक युवक की मौत के बाद हुई। एक दिन पहले शाम को हाथियों ने कोटबहरा इलाके में उत्पात मचाया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। मृत युवक की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। गांवों में दहशत का माहौल कोटबहरा और घाघी टिकरा के आसपास के कई गांवों में हाथियों का आतंक जारी है। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीण डरे हुए हैं। वन विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। सूचना मिलने के बाद वनकर्मी लगातार हाथियों के झुंड को ट्रैक कर रहे हैं। वन विभाग और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर आगे की कार्रवाई कर रही है। जंगलों के घटने से बढ़ा संघर्ष जानकारों के अनुसार मानव और हाथी संघर्ष का मुख्य कारण जंगलों का लगातार कम होना है। वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहे हैं, जिससे हाथी भोजन और पानी की तलाश में गांवों तक पहुंच रहे हैं। इस स्थिति से मानव और वन्यजीव संघर्ष बढ़ रहा है, जिससे जान और संपत्ति का नुकसान हो रहा है। जब तक जंगलों को बचाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाएंगे, तब तक यह समस्या बनी रहेगी।
कानपुर में यमुना नदी में डूबे युवक का शव बरामद:मछली पकड़ने गया था, पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम को भेजा
कानपुर के सजेती क्षेत्र में यमुना नदी में मछली पकड़ने गए युवक की डूबने से मौत हो गई। देर शाम तक घर न लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। सूचना पर पुलिस और एनडीआरएफ टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया और दूसरे दिन देर शाम शव बरामद कर लिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सजेती थाना क्षेत्र के अनेशी डेरा निवासी पिंटू निषाद (38) बुधवार को अपने मौसेरे भाई गोविंद और साथी मिथुन के साथ यमुना नदी में मछली पकड़ने गया था। शाम तक गोविंद और मिथुन घर लौट आए, लेकिन पिंटू वापस नहीं आया। इससे परिजनों की चिंता बढ़ गई और उन्होंने आसपास खोजबीन शुरू की। नदी किनारे नाव में उसके कपड़े मिलने से आशंका और गहरा गई। एनडीआरएफ ने चलाया सर्च ऑपरेशनगुरुवार सुबह पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने एनडीआरएफ टीम को बुलाकर यमुना नदी में खोजबीन शुरू कराई। गुरुवार देर शाम टीम ने युवक का शव बरामद कर लिया। बताया जा रहा है कि वह जिस स्थान पर मछली पकड़ रहा था, वहीं पानी में पत्थरों के बीच फंसा मिला। मृतक पिंटू निषाद खेती और मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। उसके परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। थाना प्रभारी अनुज भारती ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
यातायात महानिरीक्षक ने मधुबनी का किया निरीक्षण:समाहरणालय सभागार में दिए सुधार के आवश्यक निर्देश
यातायात महानिरीक्षक ने गुरुवार को समाहरणालय सभागार में जिले की यातायात व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यातायात से जुड़े सभी कार्यों की विस्तृत जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुआ स्वागत महानिरीक्षक के आगमन पर एसपी जोगेंद्र कुमार ने गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। कार्यक्रम में सभी थानों के थाना अध्यक्ष और यातायात थाना के पदाधिकारी उपस्थित रहे। यातायात व्यवस्था सुधार पर जोर निरीक्षण के दौरान महानिरीक्षक ने जिले में यातायात व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं सुरक्षित बनाने पर बल दिया। उन्होंने बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं और यातायात संबंधी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए। पदाधिकारियों को सख्त निर्देश महानिरीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए और सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। अधिकारियों ने जताई प्रतिबद्धता इस दौरान सभी यातायात पदाधिकारियों ने निर्देशों का पालन करने और पूरी सजगता के साथ कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
पीलीभीत में DIOS कार्यालय का एक चपरासी करोड़ों के गबन का मास्टरमाइंड निकला। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने सरकारी धन को तीन पत्नियों और रिश्तेदारों के खातों में खपाने के साथ-साथ बरेली के बिल्डरों के साथ रियल एस्टेट में भी निवेश किया।चपरासी इल्हाम उर रहमान शम्सी पर सरकारी धन के बड़े गबन मामले की रकम करीब 1.02 करोड़ रुपए आंकी गई थी। वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 5 करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। जांच में पता चला है कि आरोपी ने अपनी तीन पत्नियों और एक महिला रिश्तेदार के नाम पर बैंक खातों में बड़ी रकम जमा कराई। पुलिस ने दो पत्नियों और एक रिश्तेदार के खातों में जमा 59 लाख रुपये की एफडी को फ्रीज कर दिया है। इनमें से अकेले पीलीभीत में रहने वाली पत्नी अर्शी खातून के खाते में 33.30 लाख रुपए की एफडी मिली है। रियल एस्टेट में लगाया पैसाइल्हाम शम्सी ने गबन की रकम को खपाने के लिए रियल एस्टेट का सहारा लिया। जांच में सामने आया कि उसने अपनी पत्नी के खाते से बरेली की जेएचएम इंफ्रा होम प्राइवेट लिमिटेड में 90 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इसके अलावा ओरिका होम्स कंपनी में भी 17.18 लाख रुपए भेजे गए हैं। इन कंपनियों के संचालक अब पुलिस की जांच के दायरे में हैं। 2014 से 2026 तक का रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिसपुलिस अब 2014 से 2026 तक के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है। जिले के 35 राजकीय और 22 सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों के कर्मचारियों का डेटा खंगाला जा रहा है। आशंका है कि आरोपी ने वेतन मद में फर्जी लाभार्थी बनाकर लंबे समय तक सरकारी धन का गबन किया। मामले में आरोपी की पत्नी अर्शी खातून को पहले ही जेल भेजा जा चुका था। जिसे बाद में जमानत मिल गई। वहीं मुख्य आरोपी इल्हाम शम्सी ने अग्रिम जमानत की अवधि समाप्त होने के बाद कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। पुलिस अब 53 संदिग्ध खातों की जांच कर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी है। एसपी सुकीर्ति माधव मिश्रा ने बताया- पूरे मामले में पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर मुकदमा दर्ज किया। अब तक 5 करोड़ से अधिक की धनराशि को फ्रीज किया जा चुका है। आगे की जांच जारी है।
सहरसा में नकली नोटों के साथ 1 तस्कर अरेस्ट:बनगांव पुलिस ने की कार्रवाई, गिरोह की तलाश में छापेमारी
सहरसा के बनगांव थाना क्षेत्र में पुलिस ने गुरुवार को गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली नोटों के साथ एक तस्कर को हिरासत मे लेकर पूछताछ मे लगी है। यह कार्रवाई बरियाही-रहुआमनी मुख्य सड़क पर की गई, जहां एक कार से जा रहे आरोपी को पुलिस ने रोककर हिरासत में लिया। बनगांव थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि रहुआमनी निवासी 25 वर्षीय मो. सोवेब नकली नोटों के कारोबार में शामिल है। इसी सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बरियाही बाजार से रहुआमनी की ओर जा रही एक कार को रोका और उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान 2800 रुपये के नकली नोट बरामद तलाशी के दौरान आरोपी मो. सोवेब के पास से कुल 2800 रुपये के नकली जैसे दिखने वाले नोट बरामद हुए। इनमें 500 रुपये के पांच नोट, 200 रुपये का एक नोट और 100 रुपये का एक नोट शामिल हैं। पुलिस ने आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन, आठ एटीएम कार्ड और अन्य संदिग्ध सामान भी जब्त किए हैं। बरामद नोटों के नकली होने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं जिस कार में आरोपी सवार था, उसे भी जब्त कर लिया गया है। हालांकि, बरामद नोटों के नकली होने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है और उसकी निशानदेही पर गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस मामले की जांच के लिए बनगांव थाने में साइबर डीएसपी अजीत कुमार, हेडक्वार्टर डीएसपी धीरेंद्र पांडे और सदर एसडीपीओ आलोक कुमार पहुंचे हैं। सदर एसडीपीओ आलोक कुमार ने बताया कि घटना के हर बिंदु से गहन जांच की जा रही है।
मथुरा के थाना हाईवे क्षेत्र के पंडीपुर इलाके में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की पहचान निक्की के रूप में हुई है। परिजनों ने उसके पति पर हत्या का आरोप लगाया है। निक्की ने लगभग चार वर्ष पहले अपने ही स्कूल के एक शिक्षक से प्रेम विवाह किया था। शुरुआती दांपत्य जीवन सामान्य रहा, लेकिन समय के साथ रिश्तों में तनाव बढ़ने लगा। परिजनों का आरोप है कि निक्की का पति उसे घर खर्च के लिए पैसे नहीं देता था और दहेज की मांग को लेकर अक्सर मारपीट करता था। निक्की अपने मासूम बच्चे के पालन-पोषण के लिए बच्चों को पढ़ाकर गुजर-बसर कर रही थी। कुछ दिन पहले भी निक्की के साथ गंभीर मारपीट की गई थी, जिसके बाद उसने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, परिजनों के अनुसार, पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। परिजनों का आरोप है कि इसी उत्पीड़न के चलते आरोपी पति ने निक्की की हत्या कर शव को फांसी पर लटका दिया, ताकि इसे आत्महत्या का रूप दिया जा सके। सूचना मिलने पर थाना हाईवे पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बताया गया है कि निक्की के माता-पिता के बीच आपसी विवाद के कारण वे अलग-अलग रहते थे, जबकि निक्की अपने पति के साथ पंडीपुर में रह रही थी। थाना हाईवे प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और परिजनों से तहरीर मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पचपदरा दौरे को लेकर भारतीय जनता पार्टी की ओर से तैयारी की जा रही है। इसी क्रम में लघु उद्योग भारती परिसर में पचपदरा कार्यक्रम को भव्य एवं सफल बनाने के संकल्प के साथ जिला जोधपुर ग्रामीण की बैठक जिला अध्यक्ष त्रिभुवन सिंह भाटी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में कार्यक्रम की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा करते हुए बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने एवं अधिकाधिक जनसमूह को जोड़ने के लिए रणनीति तय की गई। बैठक में मुख्य वक्ता संसदीय कार्य एवं विधि मंत्री जोगाराम पटेल, प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच ने संबोधित किया। बैठक में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य भोपालसिंह बडला, प्रदेश संयोजक पशु पालन प्रकोष्ठ जगदीश देवासी, प्रदेश उपाध्यक्ष ओबीसी मोर्चा श्र सहीराम विश्नोई, प्रदेश उपाध्यक्ष अल्पसंख्यक मोर्चा श्र सिकंदर बख्श, जिला महामंत्री शिवराम ग्वाला, सुमित्रा विश्नोई, यशपाल गोधा सहित जिला पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कल्याणपुर में डीसीपी वेस्ट का औचक निरीक्षण:देर रात खुले शराब ठेकों पर चौकी प्रभारियों को लगाई फटकार
कानपुर के कल्याणपुर में गुरुवार को डीसीपी वेस्ट एस.एम. कासिम आबिदी ने मय फोर्स बिठूर तिराहा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान बिना क्यूआर कोड के चल रहे ई-रिक्शा चालकों के चालान किए गए। साथ ही ब्लैक फिल्म चढ़ी कई कारों पर भी कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान डीसीपी ने शराब ठेकों को भी चेक किया और अव्यवस्था मिलने पर संबंधित चौकी प्रभारी को फटकार लगाई। अवैध टेंपो स्टैंड संचालकों पर कार्रवाईडीसीपी वेस्ट ने अवैध स्टैंड संचालकों के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान शेरा यादव, सोनू और मनोज तिवारी को गिरफ्तार किया गया। पिछले कई दिनों से अवैध स्टैंड संचालन की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद ट्रेनी आईपीएस सुमेध मिलिंद जाधव को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पुलिस टीम ने बिठूर तिराहे से वसूली करते हुए शेरा यादव को रंगेहाथ पकड़ लिया। शराब ठेकों पर अराजकता, चौकी प्रभारियों को फटकारवाहन चेकिंग के दौरान डीसीपी वेस्ट देशी शराब ठेके पर पहुंचे। वहां लोगों को खुले में शराब पीते देख पहले ठेका संचालक को हिरासत में लिया गया। इसके बाद इंद्रानगर चौकी प्रभारी को मौके पर बुलाकर कड़ी फटकार लगाई गई। चेतावनी दी गई कि रात 10 बजे के बाद ठेका खुला मिलने पर कार्रवाई होगी। इसके बाद डीसीपी पनकी रोड स्थित चुंगी तिराहे के पास बने ठेके पर पहुंचे। यहां भी शराब पीने वालों की भीड़ मिलने पर संचालक को फटकार लगाई गई। साथ ही संबंधित चौकी प्रभारी को चेतावनी दी गई कि देर रात तक बिक्री मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी। डीसीपी वेस्ट एस.एम. कासिम आबिदी ने बताया कि शराब ठेकों और वाहनों की चेकिंग की गई। बिना क्यूआर कोड चलने वाले ई-रिक्शा चालकों पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि देर रात तक शराब बेचने वाले ठेकों के साथ संबंधित चौकी प्रभारी पर भी कार्रवाई की जाएगी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कानपुर दक्षिण की ओर से छावनी विधानसभा क्षेत्र में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के समर्थन में एक बड़ी गोष्ठी का आयोजन किया गया। श्याम नगर स्थित आर.के. गैलेक्सी में हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और पार्टी कार्यकर्ता जुटे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके राजनैतिक अधिकारों और केंद्र सरकार की इस ऐतिहासिक पहल के प्रति जागरूक करना रहा। गोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए बताया कि आने वाले समय में देश की राजनीति में आधी आबादी की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होने वाली है। महिलाओं की राजनैतिक भागीदारी से मजबूत होगा लोकतंत्रकार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष शिवराम सिंह ने कहा कि,नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि इस कानून के जरिए महिलाओं को राजनीति में आगे आने के ज्यादा मौके मिलेंगे। जब महिलाएं नीति निर्धारण में शामिल होंगी, तो इससे हमारा लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इस पहल की जानकारी शहर के हर घर तक पहुंचाएं ताकि समाज में महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ सके। मोदी सरकार के निर्णयों से बढ़ा महिलाओं का मानगोष्ठी में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के उत्थान के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं, जिसका सीधा फायदा करोड़ों महिलाओं को मिल रहा है। सभी ने एक सुर में संकल्प लिया कि इस अधिनियम के समर्थन में जन-जागरूकता अभियान को और तेज किया जाएगा। वक्ताओं का मानना था कि यह सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में लाने का एक प्रभावी जरिया है। बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूदआर.के. गैलेक्सी में आयोजित इस गोष्ठी में संगठन के कई प्रमुख चेहरे शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जसविंदर सिंह, अर्जुन बेरिया, भूपेंद्र त्रिपाठी, आभा द्विवेदी, अनीता त्रिपाठी, सुषमा चौहान, ममता राजपूत, मधु तिवारी और आशा पांडे सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने इस अभियान को बूथ स्तर तक ले जाने की रणनीति पर चर्चा की।
मथुरा जनपद के महावन थाना क्षेत्र में एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटका मिला है। ब्रह्मांड घाट रोड स्थित ग्वारिया मंदिर के समीप एक नीम के पेड़ पर गमछे के सहारे शव लटका हुआ पाया गया, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे स्थानीय लोगों ने इस घटना की सूचना महावन पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पेड़ से नीचे उतरवाया। जांच के दौरान युवक की जेब से आधार कार्ड बरामद हुआ। आधार कार्ड के आधार पर मृतक की पहचान धीरज (28) पुत्र पतराम के रूप में हुई। वह महावन थाना क्षेत्र के नगला बाला पचावर का निवासी था। सूचना मिलते ही धीरज के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। मृतक के ताऊ बनी सिंह ने बताया कि धीरज पेशे से ट्रक चालक था और लगभग एक सप्ताह से घर से लापता था। बनी सिंह ने यह भी जानकारी दी कि करीब दो वर्ष पूर्व धीरज के खिलाफ महावन थाने में एक महिला द्वारा दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसमें वह जेल भी जा चुका था। परिजनों ने धीरज की आत्महत्या की आशंका को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि धीरज की किसी ने साजिश के तहत हत्या की है और फिर शव को पेड़ पर लटका दिया। घटना की सूचना पर फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। थाना निरीक्षक चेतराम शर्मा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। शर्मा ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। यदि हत्या की पुष्टि होती है, तो संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
पूर्णिया क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) ने कटिहार के कदवा थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात हुए गोलीकांड स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान कटिहार के पुलिस अधीक्षक (एसपी) शिखर चौधरी और बारसोई के एसडीपीओ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। आईजी ने कदवा थाना क्षेत्र में हुई घटना और विधि-व्यवस्था की स्थिति की गहन समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मामले में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बुधवार देर रात भोगांव पंचायत के भोगांव कोठी गांव में गोलीकांड के बाद गुरुवार को पूरा गांव पुलिस छावनी में बदल गया। गांव में तनावपूर्ण शांति बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। आरोपी के परिवार के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया पुलिस ने घटना के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए गोली चलाने के आरोपी सुनील साह और उसके परिवार के तीन सदस्यों - रंजीत साह, लवली सिंह और निशा सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अतिरिक्त, आगजनी और तोड़फोड़ में शामिल नौ अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। इनमें मिथिलेश कुमार सिंह, जय प्रकाश सिंह, तपन सिंह, प्रीतम सिंह, अशोक सिंह, अमरजीत सिंह, चंदन सिंह, अमन कुमार सिंह (पिता जय प्रकाश सिंह) और अमन कुमार सिंह (पिता महेश सिंह) शामिल हैं। पुलिस सभी गिरफ्तार व्यक्तियों से पूछताछ कर रही है और मामले की गहन जांच जारी है। मामूली टक्कर से शुरू हुआ था विवाद,मेला से लौटते समय यह विवाद एक मामूली टक्कर से शुरू हुआ था। घायल बुजुर्ग महिला जानकी देवी के पुत्र और घायल बच्ची अनुष्का कुमारी के पिता रोहित सिंह ने बताया कि उनके भाई बबलू सिंह, जो वार्ड संख्या 2 के वर्तमान वार्ड सदस्य हैं, बुधवार रात मेला देखकर साइकिल से घर लौट रहे थे। इसी दौरान सुनील साह के घर से शराब लेकर मोटरसाइकिल से निकल रहे एक युवक की टक्कर बबलू सिंह की साइकिल से हो गई। इस टक्कर के बाद कहासुनी शुरू हुई और देखते ही देखते विवाद बढ़ गया, जिसके परिणामस्वरूप गोलीकांड हुआ। आरोप है कि सुनील साह घर से बाहर निकलकर बबलू सिंह के साथ गाली-गलौज और मारपीट करने लगा। जब ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई और लोग वहां जुटने लगे तब सुनील साह घर के अंदर घुस गया। रोहित सिंह का आरोप है कि बाहर से शोर-शराबा होने पर सुनील साह ने घर के अंदर से अचानक फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी 11 वर्षीय पुत्री और 60 वर्षीय जानकी देवी घायल इस गोलीबारी में उनकी 11 वर्षीय पुत्री अनुष्का कुमारी और 60 वर्षीय माता जानकी देवी को गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गई तभी दोनों को आनन-फानन में प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुर्गागंज ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों घायलों को बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पूर्णिया रेफर कर दिया फिलहाल दोनों का इलाज जारी है।फायरिंग के बाद उग्र भीड़ ने किया आगजनीगोलीबारी की घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने गोली फायरिंग करने वाले आरोपी के टिन से बना हुआ एक घर सुर घर के पास रखे वाहनों पर आग लगा दिया ग्रामीणों टिन का घर सहित ने कुल 6 मोटरसाइकिल, एक ऑटो और एक कार में आग लगा दी जिससे सभी वाहन और घर जलकर राख हो गया साथ ही सुनील सिंह के आवासीय घर पर भी तोड़फोड़ किया। रोहित सिंह का कहना है कि उक्त सभी जले हुए कई वाहन उन लोगों के थे जो कथित रूप से सुनील साह से शराब लेने आते थे। उनका आरोप है कि सुनील साह उधारी नहीं चुकाने वालों के वाहन जबरन अपने पास रख लेता था हालांकि इन बातों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। शराब कारोबार की चर्चा से उठे सवालघटना के बाद गांव में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि आरोपी का घर किसी शराब दुकान से कम नही है। बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद खुलेआम शराब बिक्री की बात सामने आने से प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़ा हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो इतनी बड़ी घटना टल सकती थी।घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस एवं एफएसएल की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। तनाव को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई है। गांव में नियंत्रण की स्थिति,पुलिस ने की छानबीन फिलहाल पूरा गांव में नियंत्रण की स्थिति देखी जा रही है। मामले को लेकर पुलिस महानिरीक्षक डॉ० विवेकानंद एवं पुलिस अधीक्षक कटिहार शिखर चौधरी ने घटना स्थल पर पहुंच कर मामले की छानबीन की छानबीन के बाद पुलिस महानिरीक्षक डॉ० विवेकानंद ने कहा कि मोटरसाइकिल से धक्का लगने के विवाद को लेकर आक्रोशित लोगों ने सुनील सह का घर घेर लिया था और सुनील साह के तरफ से गोलियां चलाई गई थी जिसमें दो लोग जख्मी हो गए इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने उनके घर को घेर लिया था तोरफोड़ और आगजनी का कार्य उनके कामत पर हुई है।इस संबंध में विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हुई परंतु पुलिस ने दृढ़तापूर्वक करवाई करते हुए दोनों को सुरीक्षित जान बचा लिया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। इस संबंध में दो केस दर्ज हुए हैं एक जिनको गोली लगी उस संबंध में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिसमें सुनील साह सहित उनके तीन और सदस शामिल है। और विधि व्यवस्था उत्पन्न करने वाले 9 व्यक्ति को चिन्हित कर गिरफ्तार किया गया है। वीडियो के अनुसार सबको गिरफ्तार करके करवाई होगी अन्य 6 को भी चिन्हित किया गया है और वीडियो के अनुसार अन्य उन सबको गिरफ्तार करके करवाई की जाएगी। सुनील साह के द्वारा अवैध शराब तस्करी पर उन्होंने कहा कि ये जानकारी जांच के क्रम में मिली है सुनील साह के विरुद्ध चार से पांच केस पहले भी शराब के धंधा करने से और अवैध रूप से धन उपार्जन करने की जानकारी मिली है। हम लोग इसके विरुद्ध 107 बीएन एस एस की करवाई करते हुए इनके द्वारा अवैध धनोपार्जन जो किया गया है उसको जप्त करने की दिशा में करवाई करेंगें इस संबंध में पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया गया है।
BAP नेता के भाई अनिल की हत्या के आरोप में पुलिस ने मुख्य आरोपी सिद्धार्थ और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। SP सुधीर जोशी ने बताया कि पत्नी की भूमिका हत्या में संदिग्ध पाई गई। अनिल से मारपीट के दौरान उसने न तो विरोध किया और न ही किसी को सूचना दी। वहीं, मामले में फरार चल रहे सागबारी जिला प्रतापगढ़ निवासी सरपंच प्रकाशचंद्र निनामा और मोतीलाल को भी पुलिस ने डिटेन कर लिया है। जिनसे पूछताछ जारी है। सरपंच प्रकाशचंद्र आरोपी सिद्धार्थ का जीजा है। अपराध को न रोकना भी मिलीभगत की श्रेणी में एसपी सुधीर जोशी के अनुसार, सिद्धार्थ ने जब अनिल के साथ मारपीट की, तब उसकी पत्नी वहीं मौजूद थी। कानूनन किसी अपराध को होते देखना और उसे न रोकना या पुलिस को सूचित न करना भी मिलीभगत की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर पुलिस ने पति-पत्नी दोनों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। सरपंच की भूमिका पर संशय, पूछताछ जारी फरार चल रहे सागबारी सरपंच प्रकाश चंद्र निनामा और मोतीलाल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही थीं। पुलिस ने दोनों को डिटेन कर लिया है। बीएपी समर्थक सरपंच पर हत्या की साजिश का आरोप लगाकर उसकी गिरफ्तारी के लिए धरने पर बैठे हुए हैं। वहीं पुलिस अब हिरासत में लिए सरपंच से सभी एंगल से पूछताछ करेगी। इस हत्याकांड में उसकी क्या भूमिका रही है। क्योंकि मारपीट के सरपंच प्रकाश ने ही मृतक के भाई बीएपी नेता अशोक निनामा को फोन कर घटना की जानकारी दी थी। जिसके बाद वह फरार हो गया था।
चेकिंग टीम पर हमला करने वाला डंपर चालक गिरफ्तार:5 अप्रैल को कुचलने की कोशिश की थी, अब जेल भेजा गया
रामपुर में अवैध खनन के खिलाफ अभियान के दौरान चेकिंग टीम पर हमला करने के आरोप में पुलिस ने एक डंपर चालक को गिरफ्तार किया है। यह घटना 5 अप्रैल को हुई थी, जिसके बाद आरोपी को 15 अप्रैल को पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, 5 अप्रैल 2026 को खौद चौराहे पर राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम अवैध खनन से भरे डंपरों की जांच कर रही थी। इसी दौरान कुछ डंपर चालकों ने तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए चेकिंग टीम को कुचलने का प्रयास किया। आरोपियों ने मौके पर लगे बैरियर को भी तोड़ दिया और फरार हो गए। इस घटना में टीम के सदस्य बाल-बाल बचे, जबकि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा। इस घटना के बाद मुख्य आरक्षी रजनीश कुमार की तहरीर पर थाना अजीमनगर में गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर आरोपी अरशद पुत्र हबीब अहमद निवासी ग्राम पजावा, थाना भोट का नाम सामने आया। पुलिस अधीक्षक रामपुर के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में क्षेत्राधिकारी टांडा के नेतृत्व में कार्रवाई तेज की गई। 15 अप्रैल 2026 को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर मंगल की बाजार से आरोपी अरशद को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी अरशद को न्यायालय में पेश किया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
सीतामऊ में कुएं में डूबने से युवक की मौत:बकरियां चराने गया था, नहाने के दौरान हादसे की आशंका
मंदसौर जिले के सीतामऊ थाना क्षेत्र में एक 20 वर्षीय युवक की कुएं में डूबने से मौत हो गई। यह घटना ग्राम खानखेड़ा के समीप हुई, जहां गुरुवार देर शाम ग्रामीणों ने युवक को कुएं से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी जान जा चुकी थी। मृतक की पहचान बरडिया बरखेड़ा निवासी अनिल पिता मुकुंद बलाई (20) के रूप में हुई। जानकारी के अनुसार, अनिल गुरुवार को घर से बकरियां चराने निकला था। देर शाम तक उसके वापस न लौटने पर ग्रामीणों को चिंता हुई। तलाश के दौरान ग्रामीणों को कुएं के पास अनिल के कपड़े पड़े मिले और बकरियां आसपास घूम रही थीं। इससे किसी अनहोनी की आशंका हुई। स्थानीय लोगों ने कुएं में झांककर देखा तो युवक का शव दिखाई दिया। ग्रामीणों ने तत्काल युवक को कुएं से बाहर निकाला, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। प्रारंभिक आशंका है कि अनिल बकरियां चराने के दौरान नहाने के लिए कुएं में उतरा होगा और इसी दौरान यह हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलने पर सीतामऊ पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सीतामऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया। शव को अस्पताल में रखवाया गया है, जिसे शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा। सीतामऊ पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगा रही है कि यह घटना पूरी तरह एक हादसा है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।
उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (सत्र 2026–27) की ओर से अंडर-19 खिलाड़ियों के चयन के लिए ट्रायल मैच आयोजित किया गया। इस मुकाबले में युवा क्रिकेटरों ने अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। मैच टीम ‘डी’ और टीम ‘एफ’ के बीच खेला गया, जिसमें खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में अपनी प्रतिभा दिखाई। कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव कौशल कुमार सिंह ने बताया कि ट्रायल का उद्देश्य खिलाड़ियों की क्षमता का आकलन करना और आगामी अंडर-19 टीम के लिए योग्य प्रतिभाओं का चयन करना है। बल्लेबाजों ने दिखाया दममैच में अभिषेक, युवराज सिंह (अंडर-19 खिलाड़ी), अमन राजपूत, हेमंत अवस्थी, मदन मोहन, अस्मित दुबे, अमरजीत सिंह और हर्षराज सिंह ने शानदार बल्लेबाजी की। इन खिलाड़ियों ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। गेंदबाजों का भी रहा जलवागेंदबाजी में विराज निषाद, प्रणव श्रीवास्तव, उत्कर्ष सिंह और शौर्य गुप्ता ने सटीक लाइन-लेंथ और बेहतर नियंत्रण के साथ गेंदबाजी की। इन गेंदबाजों ने बल्लेबाजों को कड़ी चुनौती दी और चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। यह ट्रायल मैच अंडर-19 टीम के गठन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर चयनकर्ता अंतिम टीम का गठन करेंगे, जिससे प्रदेश को भविष्य के प्रतिभाशाली क्रिकेटर मिल सकेंगे।
साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के मद्देनजर अग्रोहा में पुलिस द्वारा जागरूकता अभियान के तहत एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक हिसार के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिसका उद्देश्य युवाओं को साइबर फ्रॉड से बचाव के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम का आयोजन महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज, अग्रोहा में किया गया। जिसमें संस्थान के प्रशासनिक निदेशक डॉ. आशुतोष, डॉ. करणदीप सिंह सहित अन्य फैकल्टी सदस्यों और करीब 400 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। साइबर अपराधों के बारे में दी जानकारी इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने साइबर अपराधों के विभिन्न प्रकारों- जैसे ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग और फिशिंग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही इनसे बचने के उपायों और डिजिटल प्लेटफॉर्म का सुरक्षित उपयोग करने के महत्वपूर्ण टिप्स भी साझा किए गए। लेक्चर थाना प्रभारी प्रवेश कुमार, साइबर हेल्प डेस्क प्रभारी उप निरीक्षक मोना और साइबर थाना हिसार से साइबर एक्सपर्ट पवित्र द्वारा संयुक्त रूप से दिया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को सतर्क रहने, किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने, अपनी निजी जानकारी साझा न करने और मजबूत पासवर्ड का उपयोग करने की सलाह दी। साइबर सुरक्षा से जुड़े सवाल पूछे अधिकारियों ने यह भी बताया कि किसी भी प्रकार के साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े कई सवाल पूछे। पुलिस अधिकारियों ने सरल और व्यावहारिक तरीके से उनके सभी प्रश्नों के जवाब दिए। इस जागरूकता पहल को विद्यार्थियों और संस्थान के स्टाफ ने सराहनीय बताते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम आज के डिजिटल युग में अत्यंत आवश्यक हैं।
जानलेवा हमले में दो आरोपी दोषी करार:विशेष न्यायाधीश ने 5-5 साल कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई
ललितपुर में जानलेवा हमले और शस्त्र अधिनियम के एक मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराया गया है। अपर जिला एवं सत्र विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी ऐक्ट) विकास कुमार - द्वितीय ने दोनों आरोपियों को पाँच-पाँच साल के कारावास की सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त, उन पर अर्थदंड भी लगाया गया है, जिसका भुगतान न करने पर उन्हें अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव लिटौरिया ने बताया कि यह घटना 15 जुलाई 2016 की है। गल्ला मंडी के पास हवाई पट्टी के निवासी फूलबाई पत्नी केशव अहिरवार ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि राघवेंद्र कुशवाहा, नररु पंथ और धुन्धा निवासी रामनगर उनसे और उनके परिवार से रंजिश रखते थे। 15 जुलाई की सुबह करीब साढ़े तीन बजे ये तीनों आरोपी एक राय होकर उनके घर में चोरी के इरादे से घुसने लगे। जब फूलबाई के पति केशव को आवाज सुनाई दी और वे घर से बाहर निकले, तो हमलावरों में से किसी ने अवैध तमंचे से गोली चला दी। गोली केशव की कमर के नीचे लगी, जिससे वे घायल हो गए। गोली चलने की आवाज सुनकर फूलबाई और परिवार के अन्य सदस्य बाहर आए, जिसके बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। घायल केशव को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमले का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया। धुन्धा से एक अवैध तमंचा भी बरामद किया गया था। विवेचना पूरी होने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए गए। साक्ष्यों, गवाहों और दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ने राघवेंद्र कुशवाहा और राहुल उर्फ धुन्धा निवासीगण रामनगर को दोषी पाया। उन्हें आईपीसी की धारा 307/34 के तहत पाँच-पाँच वर्ष के कारावास और पाँच-पाँच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड अदा न करने पर उन्हें पाँच-पाँच माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। राहुल उर्फ धुन्धा को आयुध अधिनियम की धारा 3/25 के आरोप में दो साल के कारावास और दो हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर उसे दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। शासकीय अधिवक्ता ने यह भी बताया कि कारागार में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
अयोध्या के मवई थाना क्षेत्र स्थित कुशहरी जंगल में गुरुवार को एक अज्ञात युवक का शव मिला। पुराने हाईवे के किनारे मिले शव को देखकर हत्या कर फेंके जाने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। मवई थाना प्रभारी मनोज कुमार यादव पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में युवक के गले में गमछा बंधा मिला और शरीर पर घसीटे जाने के निशान थे, जिससे मामला संदिग्ध लग रहा है। क्षेत्राधिकारी आशीष निगम ने बताया कि शव की शिनाख्त अभी नहीं हो पाई है। शव को मर्चरी हाउस भेज दिया गया है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों और थानों से संपर्क कर मृतक की पहचान कराने का प्रयास कर रही है। सोशल मीडिया के माध्यम से भी जानकारी साझा कर पहचान सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि युवक को वहां कैसे लाया गया और इस घटना में कौन लोग शामिल हो सकते हैं। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, यदि 72 घंटे के भीतर शव की पहचान नहीं हो पाती है, तो नियमानुसार पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही युवक की मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।इस घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में 2 लाख रुपए का लोन लेने पहुंचे आर्मी जवान के नाम पर 17 लाख रुपए का लोन पास कर दिया गया। उसमें से 15.50 लाख रुपए बैंक कर्मचारी ने निकाल लिए। अब जवान बिना कर्ज लिए ही भारी किस्तें भरने को मजबूर है। मामला गुंडरदेही थाना क्षेत्र का है। आर्मी का एक जवान प्राइवेट बैंक में 2 लाख रुपए का लोन लेने पहुंचा था। इसी दौरान बैंक के कर्मचारी ने उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग करते हुए लोन प्रक्रिया में हेरफेर कर दी। आरोप है कि कर्मचारी ने जवान की जानकारी और सहमति के बिना उसके नाम पर 17 लाख रुपए का लोन स्वीकृत करवा दिया। लोन की राशि खाते में आने के बाद आरोपी ने उसमें से 15 लाख 50 हजार रुपए किसी अन्य खाते में ट्रांसफर कर दिए। EMI का दबाव आने पर खुलासा इस पूरे फर्जीवाड़े की जानकारी जवान को तब लगी, जब उस पर लोन की भारी EMI का दबाव आने लगा। जांच में सामने आया कि जवान ने केवल 2 लाख रुपए के लोन के लिए आवेदन किया था, लेकिन उसके नाम पर कहीं ज्यादा रकम का कर्ज चढ़ा दिया गया। इस धोखाधड़ी के चलते अब जवान को 17 लाख रुपए के लोन की किस्तें चुकानी पड़ रही हैं, जिससे उसे आर्थिक रूप से बड़ा नुकसान हुआ है। जम्मू-कश्मीर में है पदस्थ गुंडरदेही टीआई नवीन बोरकर ने बताया कि पीड़ित आर्मी जवान अर्जुन्दा थाना क्षेत्र के ग्राम ओडॉरसकरी का रहने वाला है। वर्तमान में जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में पदस्थ है। उनकी शिकायत पर आरोपी बैंक कर्मचारी रेखराम साहू के खिलाफ BNS की धारा 318(4) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।
प्रदेश में अब पुलिस द्वारा किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करते समय गिरफ्तारी के ठोस कारण लिखित रूप में बताने होंगे। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को गिरफ्तार किए जाने वाले व्यक्ति को यह जानकारी देना अनिवार्य कर दिया गया है। इतना ही नहीं गिरफ्तार होने वाले व्यक्ति को गिरफ्तारी की केवल मौखिक जानकारी को पर्याप्त नहीं माना जाएगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि गिरफ्तारी के आधार स्थानीय भाषा या ऐसी भाषा में लिखे जाएं, जिसे गिरफ्तार व्यक्ति भली-भांति समझ सके। अपराध अनुसंधान विभाग पुलिस मुख्यालय ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन में सभी पुलिस आयुक्त, पुलिस अधीक्षकों एवं संबंधित इकाइयों को इस संबंध में सर्कुलर जारी किया है। पुलिस मुख्यालय द्वारा सभी पुलिस आयुक्तों, पुलिस अधीक्षकों एवं संबंधित इकाइयों को निर्देशित किया गया है कि वे इन दिशा-निर्देशों का पालन अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सख्ती से सुनिश्चित कराएं, ताकि विधिसम्मत कार्रवाई के साथ-साथ नागरिकों के मौलिक अधिकारों की भी पूर्ण रूप से रक्षा की जा सके। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जारी किए निर्देश यह परिपत्र आपराधिक अपील के विरुद्ध महाराष्ट्र राज्य एवं अन्य में 6 नवंबर 2025 को पारित आदेश के पालन में जारी किया गया है, जिसमें गिरफ्तारी की प्रक्रिया को लेकर दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। दरअसल उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22(1) के अंतर्गत किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तारी के कारणों को जानने का अधिकार एक मौलिक अधिकार है। इस अधिकार के संरक्षण के लिए न्यायालय ने पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। कम से कम दो घंटे पहले देनी होगी लिखित सूचना पुलिस मुख्यालय द्वारा निर्देशों में यह भी कहा गया है कि यह लिखित जानकारी गिरफ्तारी के समय या आरोपी को मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत करने से कम से कम दो घंटे पूर्व उपलब्ध कराई जानी है। साथ ही, आरोपी को लिखित तौर पर जानकारी देने के दौरान गिरफ्तारी पंचनामा या संबंधित अभिलेख में विधिवत दर्ज किया जाना भी अनिवार्य होगा। इस संबंध में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 47 के प्रावधानों का भी उल्लेख किया गया है। जानकारी नहीं दी तो गिरफ्तारी अवैध घोषित होगी पीएचक्यू के सर्कुलर में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि इन निर्देशों का पालन नहीं किया जाता है, तो गिरफ्तारी को अवैध घोषित किया जा सकता है और संबंधित अधिकारी के विरुद्ध न्यायालय की अवमानना या विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है और अभियुक्त को तत्काल रिहाई का अधिकार प्राप्त हो सकता है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शहरी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए गठित वार्ड कमेटियों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि, ये कमेटियां अपने-अपने वार्डों में स्वच्छता कार्यों की निगरानी करेंगी और आमजन व नगर निकायों के बीच सेतु का काम करेंगी। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं के वार्ड कमेटी सदस्यों को संबोधित किया। इस दौरान नगर निगम मानेसर की ओर से पॉलिटेक्निक कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में मेयर डॉ. इंद्रजीत कौर यादव, आयुक्त प्रदीप सिंह, सीनियर डिप्टी मेयर प्रवीण यादव, डिप्टी मेयर रीमा चौहान, संयुक्त आयुक्त लोकेश यादव, उप-निगम आयुक्त अपूर्व चौधरी सहित पार्षद और कमेटी सदस्य मौजूद रहे। शिकायत मिलने पर पोर्टल पर दर्ज करा सकेंगे आपत्ति मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने कमेटी सदस्यों को जिम्मेदारी के साथ अधिकार भी दिए हैं। वे अपने वार्ड में विकास कार्यों और सफाई व्यवस्था पर नजर रखेंगे। यदि कहीं कोई अनियमितता मिलती है, तो वे हेल्पलाइन और शिकायत निवारण पोर्टल के माध्यम से अपनी आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। उन्होंने कमेटी सदस्यों से लोगों को गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। साथ ही, यह सुनिश्चित करने को कहा कि कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां रोजाना तय समय पर हर घर तक पहुंचें। इसके लिए प्रभावी रूट मैप तैयार करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने की सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने की अपील मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश के 1692 वार्डों में से 1520 में कमेटियों का गठन किया जा चुका है। शेष स्थानों पर आचार संहिता समाप्त होने के बाद गठन पूरा किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही 'मेरा वार्ड-स्वच्छ वार्ड' योजना लागू की जाएगी, जिसके तहत स्वच्छता को लेकर प्रतिस्पर्धा कराई जाएगी और बेहतर प्रदर्शन करने वाले वार्डों को प्रोत्साहन मिलेगा। कार्यक्रम के अंत में, अधिकारियों ने भी सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों से सक्रिय सहयोग की अपील की।
पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल अंतर्गत कुशीनगर के कप्तानगंज रेलवे स्टेशन पर अवैध वेंडिंग और अनधिकृत पानी की बोतलों की बिक्री के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है। मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के निर्देश पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक शेख रहमान के नेतृत्व में वाणिज्य विभाग की टीम लगातार जांच कर रही है। इस अभियान के तहत, कप्तानगंज और आसपास के स्टेशनों पर लोकल ब्रांड की पानी की बोतलों की बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। यात्रियों के स्वास्थ्य और गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में गुरुवार को कप्तानगंज स्टेशन पर गाड़ी संख्या 12557 मुजफ्फरपुर-नई दिल्ली सम्पर्क क्रांति एक्सप्रेस की पैंट्री कार (कोच संख्या 111420/C) का औचक निरीक्षण किया गया। मुख्य वाणिज्य निरीक्षक महेंद्र शुक्ला ने जांच के दौरान पैंट्री कार से लोकल ब्रांड सिग्नेचर की 3 पेटियों में कुल 36 बोतल पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर बरामद किया। निरीक्षण के दौरान कोई अनाधिकृत यात्री नहीं मिला। बरामद पानी की बोतलों को आगे की कार्रवाई के लिए वाणिज्य अधीक्षक, कप्तानगंज को सौंप दिया गया है। पैंट्री कार मैनेजर नीरज सिंह को कड़ी चेतावनी देकर छोड़ा गया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की कार्रवाई से अवैध बिक्री पर अंकुश लगेगा। भविष्य में यात्रियों को रेलवे की गाइडलाइन के अनुरूप शुद्ध और मानक गुणवत्ता का पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
भिलाई नगर थाना क्षेत्र के हुडको इलाके में गुरुवार को शाम के वक्त गैरेज में खड़ी कार में आग लग गई। पानी टंकी के पास बने एक गैरेज में अचानक भीषण आग लगने से पूरे क्षेत्र में आग का धुंआ फैल गया। आग इतनी तेजी से फैली कि गैरेज के अंदर खड़ी एक कार कुछ ही देर में धू-धू कर जलने लगी। आसपास के लोगों ने जैसे ही आग की लपटें देखीं, तुरंत बाहर निकलकर सुरक्षित जगहों पर जाने लगे और मौके पर भीड़ जमा हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। आग काफी तेज थी, जिसके कारण उसे काबू में करने में टीम को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। काफी देर तक पानी की बौछार करने के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका। बगल के गैरज में भी पकड़ी आगआग लगने के बाद बगल के गैरज भी चपेट में आ गए थे। जिसे फायर ब्रिगेड की टीम ने तत्काल कंट्रोल किया। स्थानीय लोगों के अनुसार आग लगते ही इलाके में डर का माहौल बन गया था। लोगों को डर था कि कहीं आग आसपास के घरों तक न फैल जाए। हालांकि समय रहते फायर ब्रिगेड के पहुंचने से बड़ी घटना टल गई। पूरी तरह जलकर खाक हुई गाड़ीइस आगजनी में गैरेज के अंदर खड़ी कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई है। फिलहाल किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन नुकसान काफी बताया जा रहा है। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम अब आग लगने के कारणों की जांच कर रही है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन असली वजह जांच के बाद ही साफ हो पाएगी। इलाके में स्थिति अब सामान्य है, लेकिन लोग अभी भी घटना को लेकर सहमे हुए हैं।
एटा के मानपुर के समीप एक तेज रफ्तार ट्रक और पिकअप के बीच भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में पिकअप ड्राइवर की इलाज के दौरान मौत हो गई। जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। घायलों को वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस के अनुसार, यह दुर्घटना तब हुई जब मलावन की ओर से आ रहे एक ट्रक ने पिकअप को टक्कर मार दी। पिकअप में सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे में ट्रक चालक और एक बाइक सवार भी घायल हुए हैं। मृतक पिकअप चालक की पहचान मंगल पुत्र महेंद्र सिंह (निवासी नगला सुमन, थाना रिजोर) के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घायलों में पिकअप सवार मानव पुत्र अशोक (16), अशोक पुत्र किशनलाल (50), ट्रक चालक अजीत पुत्र सुरेश (30) और एक बाइक सवार सुरेंद्र शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, पिकअप में सवार मानव और अशोक एटा मंडी में गेहूं बेचने के लिए आ रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। पिकअप सवार मानव ने बताया कि वे एटा मंडी जा रहे थे, तभी ट्रक अनियंत्रित होकर उनकी मैक्स से टकरा गया। उन्होंने पुष्टि की कि उनकी पिकअप में तीन लोग सवार थे और सभी घायल हुए हैं। इसी तरह, हादसे की चपेट में आए सुरेंद्र ने भी बताया कि ट्रक की टक्कर से वे सभी घायल हुए हैं। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में ले लिया है। सड़क से हटाकर यातायात सुचारु कराया है। मामले की जांच की जा रही है।
फर्रुखाबाद में 11 हजार वोल्ट का तार टूटा:कादरी गेट-लकूला मार्ग पर ट्रैफिक रुका, 2 खंभे हटाए गए
फर्रुखाबाद के कादरी गेट थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम को 11 हजार वोल्ट का बिजली का तार टूटकर गिर गया। यह घटना कादरी गेट-लकूला मार्ग पर हुई। सूचना मिलते ही बिजली निगम की टीम मौके पर पहुंची। मोहल्ला शांति नगर पजाबा के पास हाइटेंशन लाइन का तार टूटने से हड़कंप मच गया। विद्युत निगम के कर्मचारियों ने तुरंत टूटे हुए तार को सुरक्षित किया। इस दौरान लगभग आधे घंटे तक यातायात भी बाधित रहा। स्थिति को सामान्य करने के लिए क्रेन बुलाई गई और सड़क पर गिरे दो बिजली के खंभे को हटाया गया। इसके बाद लगभग आधा दर्जन बिजली निगम के कर्मचारियों ने खंभों पर चढ़कर पेड़ों की छटाई की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। इस घटना के कारण सैकड़ों घरों में लगभग तीन से चार घंटे तक बिजली गुल रही। देर शाम तक लाइन को ठीक करने का काम चला। जैसे ही आपूर्ति बहाल की गई, शॉर्ट सर्किट के कारण एक केबल में आग लग गई, जिसके चलते दोबारा शटडाउन लेना पड़ा। केबल को दुरुस्त करने के बाद अंततः देर शाम तक क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से बहाल कर दी गई।
रानियां में 2 बाइकों की टक्कर:6 बेटियों के पिता की मौत, इटली से घर आया युवक घायल
सिरसा जिले की रानियां विधानसभा क्षेत्र के जीवननगर से करीवाला रोड पर गांव दमदमा के पास एक बुलेट और स्प्लेंडर बाइक की टक्कर हो गई। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है। मृतक की पहचान दमदमा निवासी कुलदीप सिंह पुत्र आत्मा सिंह के रूप में हुई है। जबकि संतनगर निवासी लगभग 35 वर्षीय आकाश पुत्र हरदयाल गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 6 बेटियों के पिता की मौत करीवाला चौकी प्रभारी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतक कुलदीप सिंह के शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि मृतक कुलदीप 6 बेटियों का पिता था, वहीं बेटा है, जो विदेश में रहता है। पुलिस का कहना है कि जो नौजवान घायल हुआ है वह इटली से अपने घर आया हुआ था।
अनूपपुर कोतवाली में बवाल, 25 लोगों पर FIR:पुलिस को धमकाने, आरोपियों को भीड़ के हवाले करने का आरोप
अनूपपुर जिला मुख्यालय स्थित कोतवाली थाने में बवाल करने के आरोप में पुलिस ने 9 ज्ञात और 16 अज्ञात लोगों के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई बुधवार देर रात की गई।गुरुवार को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर उनकी तलाश शुरू की गई है। हालांकि, इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। यह कार्रवाई 10 अप्रैल की रात एक रेस्टोरेंट संचालिका के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद की गई है। इसके विरोध में 11 अप्रैल को थाने का घेराव किया गया था और न्यायालय में भी हंगामा हुआ था। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों को धमकाया, आरोपियों को भीड़ के हवाले करने की कोशिश की और कोर्ट से जेल तक पुलिस वाहन का पीछा किया। सभी ज्ञात और अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 189 (1), 222, 224, 329 (3), 329 (4), 332 (सी), 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान 25 से 30 लोगों की उग्र भीड़ थाने के अंदर घुस गई और जमकर उत्पात मचाया। उपद्रवियों ने पुलिस के शासकीय कार्य में बाधा डाली, एक महिला पुलिसकर्मी की कुर्सी पर कब्जा कर लिया और ड्यूटी ऑफिसर के कमरे में हाथ पटककर तोड़फोड़ की धमकी दी। भीड़ की मांग थी कि छेड़खानी के मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों को 'ऑन द स्पॉट' न्याय के लिए उनके हवाले किया जाए। पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान ने बताया कि थाना परिसर से लेकर न्यायालय परिसर और जिला जेल तक आरोपियों को भेजे जाने के दौरान संबंधित लोगों द्वारा हंगामा मचाया गया। कोतवाली में दर्ज शिकायतों के आधार पर ज्ञात और अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। ज्ञात आरोपियों में दुर्गेश पटेल, अनीश पटेल, संग पटेल, भाई लाल पटेल, राजाराम पटेल, शिवम पटेल, आयुष पटेल, संजय पटेल और सुभाष पटेल शामिल हैं।
मोहाली जिले में खरड़ पुलिस ने 2 अप्रैल को गैस एजेंसी के कर्मचारियों से हुई साढ़े तीन लाख रुपये की लूट के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से एक देसी पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, एक एक्टिवा स्कूटर और एक कार बरामद की है। तीनों आरोपियों को खरड़ कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। एसएसपी हरमनदीप सिंह हंस के निर्देश पर पुलिस टीमों ने तकनीकी इनपुट और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की। आरोपियों की पहचान कर उन्हें 15 अप्रैल को हिरासत में लिया गया। गैस एजेंसी की कलेक्शन लेकर जा रहे थे डीएसपी खरड़ करण सिंह संधू ने बताया कि 2 अप्रैल को विपन कुमार नामक कर्मचारी गैस एजेंसी की कलेक्शन लेकर जा रहा था। रास्ते में बाइक सवार तीन युवकों ने उसे रोका। आरोपियों ने हथियार दिखाकर नकदी से भरा बैग छीन लिया और भागते समय हवा में दो बार फायर भी किए। तीन आरोपी गिरफ्तार घटना के तुरंत बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विभिन्न पहलुओं पर काम करते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंची। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कुलविंदर सिंह उर्फ किंदा, मनप्रीत सिंह और हरप्रीत सिंह के रूप में हुई है। आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं केस जांच में पता चला है कि तीनों आरोपी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। उनके खिलाफ विभिन्न थानों में नशा तस्करी, आर्म्स एक्ट और मारपीट सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस उनके पुराने रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल की गई एक अन्य पिस्टल और लूटी गई नकदी बरामद की जानी बाकी है। इस संबंध में उनसे पूछताछ जारी है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अब तक किसी महिला को भाजपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बनने पर सवाल उठाए। महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर पीएम नरेंद्र मोदी के लोकसभा में दिए भाषण के बाद गहलोत ने गुरुवार को पलटवार किया। गहलोत ने पीएम मोदी पर देश को भ्रमित करने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए तंज कसा। गहलोत ने कांग्रेस में महिलाओं को दिए गए पदों से तुलना भी की। गहलोत ने एक्स पर लिखा- कांग्रेस महिला आरक्षण की सबसे बड़ी समर्थक है और यह कांग्रेस का ही विजन है। पिछले 25-30 वर्षों में लाखों महिलाओं का ग्रासरूट पॉलिटिक्स में राजनीतिक तौर पर नेतृत्व करने का श्रेय राजीव गांधी और कांग्रेस पार्टी को जाता है। उन्होंने पंचायती राज और स्थानीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण देने की पहल की थी। यह राजीव गांधी का सपना था। गहलोत ने लिखा- यह भी याद दिलाना जरूरी है कि यह कांग्रेस की ही सोच थी कि देश को प्रथम महिला राष्ट्रपति के तौर पर प्रतिभा पाटिल मिलीं और महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी हुईं। मीरा कुमार महिला स्पीकर हुईं और भी अनेक पदों पर महिलाओं ने नेतृत्व किया है। हालांकि भाजपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष आज तक कोई महिला नहीं बन सकी हैं। कहा- महिला आरक्षण के सभी पक्षधर गहलोत ने लिखा- पीएम मोदी इस मौके पर राजीव गांधी को याद करते और यूपीए सरकार के प्रयासों की बात करते तो सदन में पक्ष-विपक्ष में अच्छा माहौल बनता। इसकी जगह पीएम ने अपने भाषण में देशवासियों को भ्रमित करने की कोशिश की और यह जताने का प्रयास किया( जैसे महिला आरक्षण का कांग्रेस सहित विपक्षी दल विरोध कर रहे हों। जबकि सच्चाई यह है कि महिला आरक्षण के सभी पक्षधर हैं। क्या पीएम ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से चर्चा की? गहलोत ने लिखा- पीएम मोदी के पास आज फिर मौका था कि वे पक्ष-विपक्ष को साथ लेकर चलते, लेकिन उन्होंने इस मौके का इस्तेमाल भी देशवासियों को मिसलीड करने के लिए किया। क्या प्रधानमंत्री ने इतने महत्वपूर्ण विषय पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से चर्चा की? महिला आरक्षण के खिलाफ कोई नहीं है, लेकिन इसकी आड़ में परिसीमन करने का प्रयास किया जा रहा है। क्या परिसीमन के मुद्दे पर दक्षिण के राज्यों सहित सभी राज्यों और अन्य स्टेकहोल्डर्स से चर्चा हुई है?

