उज्जैन में महाकाल दर्शन करने आए एक श्रद्धालु से बैग छीनने का प्रयास विफल हो गया। शनिवार दोपहर नर्सिंग घाट ब्रिज पर हुई इस घटना में ट्रैफिक थाना प्रभारी इंद्रपाल सिंह की तत्परता से श्रद्धालु का बैग सुरक्षित बरामद कर लिया गया। आरोपी पुलिस का पीछा करते देख नदी में कूद गए। सुजालपुर निवासी पीड़ित रवि ने बताया कि वह उज्जैन में दर्शन के लिए आया था। नर्सिंग घाट ब्रिज पर एक युवक ने उसका बैग छीन लिया और भागने लगा। रवि द्वारा विरोध करने पर आरोपी ने मारपीट का प्रयास भी किया। इसी दौरान, वहां मौजूद ट्रैफिक थाना प्रभारी इंद्रपाल सिंह की नजर घटना पर पड़ी। वे यातायात व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे थे। इंटरसेप्टर वाहन के पास मौजूद लोगों ने उन्हें बताया कि कुछ युवक यात्रियों का बैग छीनकर भाग रहे हैं। सूचना मिलते ही टीआई सिंह ने तत्काल आरोपियों का पीछा शुरू किया। पुलिस को अपने पीछे आता देख आरोपी नदी की ओर भागे और नीचे कूद गए। भागने के दौरान एक आरोपी का कीपैड मोबाइल मौके पर गिर गया, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। पुलिस ने जब्त किए गए मोबाइल के आधार पर आरोपियों की पहचान और लोकेशन ट्रेस करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले की सूचना महाकाल पुलिस स्टेशन को दे दी गई है और आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद पुलिस ने श्रद्धालु का बैग सुरक्षित उसे वापस सौंप दिया। हालांकि, दिनदहाड़े हुई इस घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छतरपुर जिले के सटई में आकाशीय बिजली गिरने से घायल महिला की इलाज के अभाव में मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सटई के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुणेन्द्र शुक्ला का तत्काल प्रभाव से बक्सवाहा तबादला कर दिया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि घटना के समय अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहीं थे। समय पर इलाज और एंबुलेंस न मिलने के कारण घायल महिला को निजी वाहन से जिला अस्पताल ले जाना पड़ा। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इस घटना से नाराज लोगों ने सटई नगर बंद कर दिया था। उन्होंने बस स्टैंड पर धरना-प्रदर्शन करते हुए चक्काजाम किया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जांच के बाद चिकित्सा अधिकारी का तबादला किया। साथ ही, अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। बिजावर एसडीएम विनय कुमार द्विवेदी की समझाइश के बाद ग्रामीणों का आक्रोश शांत हुआ। बस स्टैंड पर लगाया गया जाम समाप्त कर दिया गया। प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बस अग्निकांड में 8 लोगों की मौत के बाद पुलिस ने एक्शन शुरू कर दिया है। सड़क सुरक्षा और सुगम यातायात सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस ने नेशनल हाइवे एवं एक्सप्रेस-वे पर विशेष अभियान चलाकर 38 स्थानों से अवैध अस्थायी अतिक्रमण हटाए। अभियान के दौरान सड़क किनारे बनी थड़ियां, होटल, ढाबे तथा अन्य अस्थायी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को जेसीबी की सहायता से हटाया गया। यह कार्रवाई प्रशासन और NHAI अधिकारियों ने संयुक्त रूप से की। पुलिस के अनुसार अभियान के तहत नांगल राजावतान थाना क्षेत्र में 12, पापड़दा में 9, राहुवास में 7, लालसोट में 6, बांदीकुई में 2, कोलवा और झांपदा में 1-1 अवैध अस्थायी अतिक्रमण हटाए गए। कार्रवाई के दौरान लालसोट, बांदीकुई और नांगल राजावतान वृत्तों में तहसील प्रशासन एवं NHAI अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी से अतिक्रमण हटाकर हाईवे और एक्सप्रेस-वे को सुगम किया गया। अतिक्रमण नहीं करने की हिदायत एसपी पीयूष दीक्षित ने बताया कि अभियान का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात को सुचारू बनाना तथा आपातकालीन सेवाओं के निर्बाध आवागमन को सुनिश्चित करना है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग एवं एक्सप्रेस-वे की भूमि पर किसी प्रकार का अवैध अतिक्रमण न करें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे अतिक्रमणों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के 10 लाख शिक्षकों और कर्मचारियों को 1 करोड़ तक का बीमा कवच मिलने जा रहा है। 8 जुलाई को वाराणसी में सीएम योगी की मौजूदगी में बेसिक शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बीच इस पर समझौता होगा। बेसिक शिक्षा विभाग के मुताबिक इस समझौते के तहत विभाग में कार्यरत 4.50 लाख स्थायी और 5.50 लाख संविदा, दोनों तरह के कर्मियों को लाभ मिलेगा। इसके लिए बस इन कर्मचारियों का सैलरी खाता एसबीआई में खोलना होगा। इसका लाभ नियमित शिक्षक, अन्य सहयोगी कर्मचारी, शिक्षा मित्र, अनुदेशक, समग्र शिक्षा अभियान से जुड़े कर्मी, मिड–डे मील से जुड़े कर्मचारियों को मिलेगा। स्थायी कर्मचारियों ये लाभ मिलेंगे– बच्चों के लिए एड-ऑन कवर किसी भी दुर्घटना या अनहोनी की स्थिति में कर्मचारी के बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की शादी के लिए अलग से वित्तीय सहायता (एड-ऑन कवर) का प्रावधान भी इस समझौते में किया गया है। योगी सरकार ने संविदा कर्मियों का भी पूरा ध्यान रखा है। इन्हें वेतन के आधार पर दो श्रेणियों में लाभ मिलेगा। श्रेणी 1: 10,000 से अधिक मंथली सैलरी पाने वाले कर्मी श्रेणी 2: 10,000 से कम मंथली सैलरी पाने वाले कर्मी कैसे मिलेगा इस योजना का लाभ?
पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी सियासत में एक नया और बेहद दिलचस्प मोड़ सामने आया है। पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अचानक पार्टी के वरिष्ठ व बेबाक नेता और पूर्व सांसद शमशेर सिंह दूलो से उनके निवास स्थान पर मुलाकात की है। हालांकि, ऊपरी तौर पर इस बैठक को एक शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है, लेकिन मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और टाइमिंग को देखते हुए इसके गहरे सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। राजनीतिक दृष्टि से यह मुलाकात इसलिए भी सबसे ज्यादा अहम मानी जा रही है क्योंकि शमशेर सिंह दूलो लंबे समय से पार्टी के भीतर अपनी बेबाक और बागी राय रखने वाले सीनियर नेताओं में गिने जाते हैं। उनके राजनीतिक विरोध का इतिहास काफी लंबा रहा है। इस 45 मिनट की बैठक के क्या मायने ऐसे में चन्नी के साथ सीधे तौर पर मतभेद रखने वाले वरिष्ठ नेता शमशेर सिंह दूलो के घर जाकर राजा वड़िंग का बैठना, पंजाब की सियासत में कई बड़े राजनीतिक संदेश दे रहा है। राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात की अलग-अलग व्याख्या की जा रही है। जानकारों का मानना है कि पंजाब कांग्रेस के भीतर इस समय वर्चस्व की एक परोक्ष (अप्रत्यक्ष) जंग चल रही है। एक तरफ पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और उनका खेमा लगातार अपने समर्थकों के जरिए सूबे की सियासत में खुलकर अपना शक्ति प्रदर्शन कर रहा है। दूसरी तरफ प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग बिना किसी शोर-शराबे और हंगमे के पार्टी के पुराने और नाराज चल रहे वरिष्ठ नेताओं से वन-टू-वन संवाद बढ़ा रहे हैं। माना जा रहा है कि वे संगठन के भीतर चन्नी विरोधी और न्यूट्रल नेताओं को साधकर अपना समर्थन मजबूत करने की अंदरूनी रणनीति पर काम कर रहे हैं। चन्नी से मतभेद रखने वाले दूलो का 'ट्रैक रिकॉर्ड' कब कब खोला मोर्चा कैप्टन के खिलाफ खोला था मोर्चा: दूलो ने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के कार्यकाल के दौरान उनके खिलाफ खुलकर मोर्चा खोला था। चन्नी के सीएम बनने पर उठाए थे सवाल: कैप्टन के बाद जब पार्टी ने चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया तो दूलो ने इस फैसले पर भी तीखे सवाल खड़े किए थे। उनका तर्क था कि चन्नी दूसरे दल से कांग्रेस में आए थे और पार्टी ने उन्हें उम्मीद और वरिष्ठता से कहीं अधिक सम्मान और बड़ा पद दे दिया। कार्यशैली पर उठाए सवाल: दूलो ने न सिर्फ चन्नी की ताजपोशी का विरोध किया, बल्कि मुख्यमंत्री के तौर पर चन्नी के छोटे से कार्यकाल और उनकी कार्यशैली पर भी समय-समय पर सार्वजनिक रूप से सवाल खड़े किए थे। शिष्टाचार भेंट या बड़ी गुटबंदी की शुरुआत? हालांकि, इस बंद कमरे की बैठक के एजेंडे को लेकर कोई भी आधिकारिक जानकारी दोनों नेताओं की तरफ से साझा नहीं की गई है। मुलाकात के बाद राजा वड़िंग ने इसे पार्टी के एक अत्यंत वरिष्ठ नेता से महज एक शिष्टाचार भेंट और भविष्य के लिए मार्गदर्शन लेने की मुलाकात बताया है। ऐसे में यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि इस बैठक का सीधा उद्देश्य चन्नी के खिलाफ किसी विशेष गुटबंदी को मजबूत करना था या नहीं, लेकिन मौजूदा नाजुक राजनीतिक परिस्थितियों में इस मुलाकात ने पंजाब कांग्रेस के भीतर शांत दिख रही हलचल को एक बार फिर से हवा दे दी है। अब देखना यह होगा कि वड़िंग की इस 'साइलेंट डिप्लोमेसी' का चन्नी खेमा क्या जवाब देता है।
रायसेन शहर के यशवंत नगर में सूने मकान में हुई चोरी का कोतवाली पुलिस ने शनिवारशाम को खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण, एक लैपटॉप और एक पेन ड्राइव बरामद की गई है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। यह चोरी की वारदात 25 फरवरी को हुई थी। पुलिस के अनुसार, ग्राम सेमरा निवासी उमेश कुमार शर्मा, जो वर्तमान में यशवंत नगर रायसेन में रहते हैं, अपने परिवार के साथ एक विवाह समारोह में सिलवानी गए थे। जब वे वापस लौटे, तो उन्होंने पाया कि उनके मकान के दरवाजों और अलमारियों के ताले टूटे हुए थे। घर से सोने-चांदी के जेवर, लगभग 45 हजार रुपये नकद और अन्य कीमती सामान चोरी हो गया था। उनकी शिकायत पर कोतवाली थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मुखबिरों से मिली जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों का उपयोग किया। इसके आधार पर राकेश कुशवाह (घाटमपुरा), मुकेश बंजारा (मुखर्जी नगर) और छोटू उर्फ नरेश रैकवार (हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी) को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में तीनों आरोपियों ने चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी छोटू उर्फ नरेश के कब्जे से चोरी किए गए सोने के आभूषण, एक लैपटॉप और एक पेन ड्राइव बरामद की। जांच में यह भी पता चला कि तीनों आरोपी आदतन अपराधी हैं। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। इस चोरी का खुलासा करने वाली पुलिस टीम में थाना प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र गोयल, उपनिरीक्षक श्रद्धा उइके, सहायक उपनिरीक्षक बृजमोहन साहू, प्रधान आरक्षक नरेंद्र रजक, आरक्षक शशांक दीक्षित, आरक्षक संदीप जैन और महिला आरक्षक वर्षा बरैया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उदयपुर के सुखेर थाना इलाके में एक शातिर ठग द्वारा जिला जज (डिस्ट्रिक्ट जज) के नाम का झांसा देकर शोरूम से इलेक्ट्रिक स्कूटर (ईवी) ठगने का सनसनीखेज मामला सामने आया। आरोपी ने जज साहब को गाड़ी दिखाने का बहाना बनाया और शोरूम से स्कूटर लेकर रफूचक्कर हो गया। पीड़ित की शिकायत पर सुखेर थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से चोरी का स्कूटर भी बरामद कर लिया है। पूछताछ में सामने आया है कि पकड़ा गया आरोपी बेहद शातिर है और इससे पहले भी कई लोगों को ठग चुका है। जज साहब को दिखाने के बहाने ले गया स्कूटरपुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, न्यू भूपालपुरा 80 फीट रोड पर दिनेश काबरा (70) का 'केपी इलेक्ट्रो व्हील' नाम से ईवी स्कूटर का शोरूम है। 24 जून 2026 की सुबह करीब 11 बजे उनके शोरूम पर दीपक नाम का एक युवक आया। उसने शोरूम संचालक दिनेश काबरा को जिला जज का नाम लिया और कहा कि साहब को स्कूटर पसंद करवाना है, इसलिए दिखाने ले जा रहा हूं। आरोपी ने आधे घंटे में वापस लौटने की बात कही थी, जिसके झांसे में आकर संचालक ने उसे करीब 60 हजार रुपये कीमत का काले रंग का 'यो बाइकर' (यो बाइकर्स) स्कूटर दे दिया। जब वह आधे घंटे बाद भी नहीं लौटा, तो शोरूम संचालक ने उससे संपर्क किया। काफी तकाजा करने के बाद भी आरोपी ने न तो स्कूटर लौटाया और न ही पैसे दिए। इसके बाद पीड़ित ने सुखेर थाने में मामला दर्ज कराया। सुखेर थानाधिकारी भरत योगी ने बताया कि इस केस के बाद एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी इनपुट और साइबर सेल के लोकेश रायकवाल की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर आरोपी दीपक उर्फ गोलू (28) पिता तुलसीराम माली को चित्रकूट नगर, भुवाणा से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से ठगा गया स्कूटर भी बरामद कर लिया। झांसे में लेने का आदी है आरोपी सुखेर थानाधिकारी भरत योगी ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी दीपक उर्फ गोलू आदतन ठग है। वह लोगों को नौकरी लगवाने और कोर्ट में उनके पक्ष में फैसला करवाने का झांसा देकर पहले भी कई वारदातें कर चुका है। आरोपी के खिलाफ अंबामाता और हिरणमगरी थानों में भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। इतना ही नहीं, आरोपी ने 30 जून 2026 को भूपालपुरा थाना क्षेत्र के शक्तिनगर स्थित एक मोबाइल शोरूम से एक कीमती मोबाइल भी इसी तरह झांसा देकर ठग लिया था। पुलिस अब आरोपी से सख्ती से पूछताछ कर रही है, जिससे अन्य कई वारदातों का खुलासा होने की संभावना है।
दैनिक भास्कर और अपेक्स यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक लाने वाले होनहार विद्यार्थियों को सम्मानित करने के लिए 'प्रतिभा सम्मान समारोह-2026' का आयोजन रविवार, 5 जुलाई को सुबह 10 बजे श्रीनाथपुरम-डी स्थित शिव ज्योति कॉन्वेंट स्कूल के ऑडिटोरियम में किया जाएगा। समारोह में प्रवेश गेट नंबर-4 से पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आरटीयू के कुलगुरु प्रो. निमित रंजन चौधरी, श्रीमाहेश्वरी समाज के अध्यक्ष राजेश बिरला, कोटा डेयरी के चेयरमैन चैनसिंह राठौड़, कोटा डेयरी के एमडी दिलखुश मीना और अपेक्स यूनिवर्सिटी, जयपुर के डीन रिसर्च प्रो. राजेश सिंघल होंगे। समारोह में साल 2026 की सीबीएसई और आरबीएसई बोर्ड की 12वीं परीक्षा में अच्छे अंक पहासिल करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम के आयोजन में शिव ज्योति कॉन्वेंट स्कूल सहयोगी संस्था है। आयोजकों के अनुसार समारोह का उद्देश्य केवल प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित करना ही नहीं, बल्कि अन्य छात्रों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम में करियर काउंसलिंग, लक्ष्य निर्धारण और भविष्य की संभावनाओं पर विशेषज्ञों के प्रेरक विचार भी साझा किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को अपने करियर की दिशा तय करने में मदद मिलेगी। भीषण गर्मी को देखते हुए कोटा डेयरी की ओर से समारोह में आने वाले सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों और अतिथियों के लिए निःशुल्क छाछ और लस्सी की व्यवस्था की गई है। शिव ज्योति एजुकेशनल ग्रुप के चेयरमैन महेश गुप्ता ने कहा कि यह समारोह प्रतिभाओं की मेहनत और लगन को सम्मान देने के साथ उनके हौसलों को नई उड़ान देने का मंच बनेगा। वहीं, एमबी इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक सीए शुभम विजय ने कहा कि दैनिक भास्कर द्वारा सामाजिक सरोकार के तहत आयोजित यह सम्मान समारोह विद्यार्थियों की मेहनत को पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम है। बच्चों को सम्मानित होते देख अभिभावकों का गर्व और विद्यार्थियों का मनोबल दोनों कई गुना बढ़ेगा।
बरेली के सिविल लाइंस स्थित अल्टीमेट फिटनेस जिम में महिला डॉक्टर को नशीला ड्रिंक पिलाकर दुष्कर्म करने, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के चर्चित मामले में कोर्ट ने आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया। अपर सत्र न्यायाधीश (त्वरित न्यायालय) अशोक कुमार यादव ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी आलम बेग की जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने माना कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और इस स्तर पर आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती। दिसंबर 2024 से जिम जा रही थी महिला डॉक्टरएफआईआर के मुताबिक, 48 वर्षीय महिला डॉक्टर दिसंबर 2024 से अल्टीमेट फिटनेस जिम में वर्कआउट के लिए जाती थीं। आरोप है कि जिम संचालक अकरम बेग और उसका भाई व जिम ट्रेनर आलम बेग ने सुनियोजित तरीके से उन्हें प्री-वर्कआउट ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाना शुरू किया। पीड़िता का आरोप है कि बेहोशी की हालत में उसके आपत्तिजनक वीडियो बनाए गए और बाद में उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए इस्तेमाल किया गया। 1 मई को दोबारा दुष्कर्म का प्रयास, फिर शुरू हुई ब्लैकमेलिंगमहिला डॉक्टर ने शिकायत में बताया कि 1 मई 2026 को आरोपी ने दोबारा उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर वीडियो वायरल करने और जान से मारने की धमकी देकर पहले 10 लाख रुपये और बाद में 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर पीड़िता ने 4 मई 2026 को थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। रेप, ब्लैकमेलिंग और रंगदारी सहित कई गंभीर धाराओं में दर्ज है केसपुलिस ने महिला डॉक्टर की तहरीर के आधार पर जिम संचालक अकरम बेग और उसके भाई आलम बेग के खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, रंगदारी मांगने और धमकी देने समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। मामले की विवेचना के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। सरकारी वकील ने जमानत का किया कड़ा विरोधसुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ता सुरेश बाबू ने जमानत का विरोध करते हुए न्यायालय को बताया कि आरोपी ने अपने भाई अकरम बेग के साथ मिलकर महिला डॉक्टर का यौन शोषण किया, आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया और मोटी रकम की अवैध वसूली का प्रयास किया। उन्होंने दलील दी कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं, इसलिए उसे जमानत पर रिहा करना न्यायहित में नहीं होगा। कोर्ट बोला- आरोप गंभीर, राहत देने का आधार नहींदोनों पक्षों की दलीलें सुनने और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार यादव ने आलम बेग की जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने अपने आदेश में माना कि प्रथम दृष्टया मामला गंभीर प्रकृति का है और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी को इस चरण में जमानत नहीं दी जा सकती। दोनों आरोपी जिला जेल में बंद है।
हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने मीरी-पीरी संस्थान शाहाबाद में सैलरी को लेकर चल रहे अनिश्चितकालीन धरने के लिए शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) को जिम्मेदार ठहराया है। झींडा ने साफ कहा कि HSGMC ने संस्थान को पूरी तरह टेकओवर नहीं किया। इसलिए स्टाफ की सैलरी देने की जिम्मेदारी SGPC की है। आज देर शाम कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक गुरुद्वारा छठी पातशाही में पहुंचे झींडा ने कहा कि संस्थान के स्टाफ को 3 महीने की सैलरी नहीं मिली है। इससे स्टाफ का परेशान होना जायज है। इसलिए स्टाफ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठा है। हालांकि उन्होंने डॉक्टरों से मरीज की देखभाल बंद नहीं करने की अपील की है। SGPC ने फैसले को चुनौती दी- झींडा झींडा ने कहा कि 12 मई को हाईकोर्ट ने कमेटी के पक्ष में फैसला दिया था, लेकिन SGPC ने उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई 2026 को होनी है। मामला कोर्ट में चला हुआ है। साथ ही संस्थान का पूरा कंट्रोल कमेटी के पास नहीं है। इसलिए संस्थान की वित्तीय जिम्मेदारी SGPC की बनती है। SGPC के प्रधान से हुई बातचीत झींडा ने कहा कि इस मामले को लेकर उनकी अस्पताल के डॉक्टर्स से बातचीत हुई है। उन्होंने डॉक्टर्स से मानवता के नाते अस्पताल आने वाले मरीजों का इलाज प्रभावित नहीं होने देने का आग्रह किया है। मामले को लेकर उनकी SGPC के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी से बातचीत हुई है। उनको सैलरी के लिए जल्द ही कोई समाधान निकलने की उम्मीद है। गुरुद्वारे से छेड़छाड़ का विरोध झींडा ने पाकिस्तान के फर्रुखाबाद के ऐतिहासिक गुरुद्वारे के हिस्से को गिराए जाने की घटना का विरोध भी जताया। कहा कि यह गुरुद्वारा सिख समाज की आस्था और विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जाएगी। सरकार को भेजेंगे लेटर झींडा ने कहा कि गुरुद्वारा साहिब से छेड़छाड़ के मामले में कमेटी जल्द ही सरकार को पत्र लिखेगी। पत्र के जरिए पाकिस्तान के भूमाफिया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग करेंगे। साथ ही मांग करते हैं कि भविष्य में किसी भी धार्मिक धरोहर के साथ इस तरह की घटना दोबारा न हो।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड जयपुर द्वारा जिले में रविवार को लिपिक ग्रेड-।। /कनिष्ठ सहायक संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा 2026 का आयोजन रविवार को किया जाएगा। इसके लिए जिला मुख्यालय समेत अन्य जगह 45 परीक्षा सेंटर बनाए गए है। इस परीक्षा में 16 हजार 992 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड है। यह परीक्षा सुबह-शाम दो पारियों में होगी। इसके लिए एक घंटे पहले परीक्षार्थियों का परीक्षा सेंटर में प्रवेश रोक दिया जाएगा। यानि दो घंटे पहले परीक्षा सेंटर में एक घंटे प्रवेश दिया जाएगा। कलेक्टर टीना डाबी ने बताया कि परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण प्रशासनिक अधिकारियों ने किया है। कलेक्टर टीना डाबी ने बताया कि भर्ती परीक्षा के तहत प्रथम प्रश्न पत्र की परीक्षा सुबह 9ः30 बजे से दोपहर 12ः30 बजे तक और द्वितीय प्रश्न पत्र की परीक्षा दोपहर बाद 3 बजे से शाम 6 बजे तक होगी। इस परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिला मुख्यालय पर कंट्रोल रूम कार्यालय जिला मजिस्ट्रेट टोंक में स्थापित किया गया है। इसके दूरभाष नं. 01432-247478 है। कंट्रोल रूम का प्रभारी अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी कृष्ण गोपाल शर्मा को बनाया गया है। ADM विनोद कुमार मीना ने बताया कि जिला प्रशासन ने इस परीक्षा को सुचारू रूप से पारदर्शिता पूर्वक करवाने के लिए परिवहन, रोडवेज, पुलिस, बिजली निगम आदि विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर ली गई है। सभी को अपनी अपनी जिम्मेदारी दे दी है।
10 हजार का इनामी पुजारी राजस्थान से गिरफ्तार:राम-जानकी मंदिर चोरी का खुलासा, 4 लाख के जेवर बरामद
दतिया में गोदन थाना क्षेत्र के कमलापुरी गांव स्थित राम-जानकी मंदिर में हुई चोरी के बहुचर्चित मामले का पुलिस ने करीब दो महीने बाद खुलासा कर दिया है। मंदिर से भगवान श्रीराम और माता जानकी के सोने के हार, चांदी का ग्लास और एक मोटरसाइकिल चोरी कर फरार हुआ 10 हजार रुपए का इनामी आरोपी राजस्थान के भरतपुर जिले से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की निशानदेही पर करीब 4 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद कर लिए गए हैं। जानकारी के अनुसार, 27 अप्रैल 2026 को कमलापुरी निवासी 73 वर्षीय वीरन सिंह यादव ने गोदन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनके निजी राम-जानकी मंदिर में पूजा-पाठ करने वाला पुजारी कल्लू उर्फ कल्याणदास पवैया, निवासी गड़ाजर (जिला ग्वालियर), मंदिर में रखे भगवान के सोने के हार, करीब 200 ग्राम वजनी चांदी का ग्लास और उनकी प्लेटिना मोटरसाइकिल चोरी कर फरार हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। जांच के दौरान जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपी को राजस्थान के भरतपुर जिले के निथार क्षेत्र से दबोच लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर ग्वालियर से भगवान श्रीराम और माता जानकी के दोनों सोने के हार तथा चांदी का ग्लास बरामद कर लिया गया। बरामद आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब 4 लाख रुपए बताई गई है। आरोपी को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
विदिशा में सोमवार को अति भारी बारिश का अलर्ट:कलेक्टर ने बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की
विदिशा जिले में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। रविवार को आंधी के साथ बारिश, सोमवार को अति भारी बारिश और मंगलवार को आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बीते 24 घंटे में जिले में औसतन 21 मिमी वर्षा दर्ज की गई। नटेरन तहसील में सर्वाधिक 42 मिमी बारिश हुई, जबकि लटेरी में सबसे कम 3 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। अन्य तहसीलों में कुरवाई में 36 मिमी, गुलाबगंज में 37 मिमी, सिरोंज में 30 मिमी, शमशाबाद में 14 मिमी, पठारी में 14.9 मिमी, बासौदा में 13.2 मिमी, ग्यारसपुर में 12.5 मिमी और विदिशा में 7 मिमी बारिश दर्ज की गई। जिले में अब तक कुल 178.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज हो चुकी है। तहसीलवार आंकड़ों में लटेरी (280.4 मिमी), सिरोंज (270 मिमी) और नटेरन (241 मिमी) सबसे आगे हैं। लगातार हो रही बारिश और आगामी अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, पुल-पुलियों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। संभावित भारी बारिश के मद्देनजर, कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने शनिवार को राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया और आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने उन क्षेत्रों को चिन्हित करने के निर्देश दिए जहां हर वर्ष जलभराव या बाढ़ की स्थिति बनती है, ताकि वहां पहले से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा सकें। उन्होंने प्रभावित लोगों के सुरक्षित विस्थापन, अस्थायी आवास, भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था तैयार रखने को कहा। इसके अतिरिक्त, पुल-पुलियों पर पानी भरने की स्थिति में तत्काल बैरिकेडिंग कर आवागमन रोकने, विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने और आपदा में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को पालम विधानसभा के द्वारका सेक्टर-7 स्थित एयर फोर्स एवं नेवल ऑफिसर्स एन्क्लेव में 500 किलोवाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट का उद्घाटन किया। राजधानी की सबसे बड़ी आवासीय सौर परियोजनाओं में शामिल यह प्लांट करीब 375 घरों की बिजली जरूरतों को स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा से पूरा करेगा। इस मौके पर दक्षिण दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, पालम के विधायक कुलदीप सोलंकी, पूर्व विधायक धर्मदेव सोलंकी समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सौर ऊर्जा को नई गति मिली है और दिल्ली सरकार भी स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा आत्मनिर्भरता तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार की संयुक्त योजनाओं के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर लगाने पर एक लाख रुपये से अधिक की सब्सिडी दी जा रही है। रेखा गुप्ता ने बताया कि करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्लांट को केंद्र सरकार से 90 लाख रुपये और दिल्ली सरकार से 10 लाख रुपये की सब्सिडी मिली है। परियोजना शुरू होने से एन्क्लेव का मासिक बिजली बिल लगभग 12 लाख रुपये से घटकर 6 लाख रुपये रह जाएगा, जिससे सालाना करीब 72 लाख रुपये की बचत होगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल बिजली बचत का माध्यम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी का भी उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह मॉडल दिल्ली की अन्य आवासीय सोसायटियों और संस्थानों को भी सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करेगा।
शहडोल जिले के आखेटपुर गांव में शनिवार को ग्रामीणों ने जर्जर सड़क को लेकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र पटेल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की बदहाल सड़क पर बने पानी से भरे गड्ढों में बैठकर विधि-विधान से हवन किया और मरम्मत की मांग की। बारिश के पानी से तालाब बने सड़क के गहरे गड्ढे ग्रामीणों का आरोप है कि आखेटपुर से गुजरने वाली यह मुख्य सड़क लंबे समय से खस्ताहाल है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं, जो बारिश के पानी से भरकर तालाब की तरह नजर आ रहे हैं। गहराई का अंदाजा न होने के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर गिर रहे हैं। इससे स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को निकलने में भारी परेशानी हो रही है। लिखित शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ कोई सुधार जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र पटेल ने बताया कि सड़क की जर्जर हालत को लेकर कई बार संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अधिकारियों की इसी लापरवाही से नाराज होकर ग्रामीणों ने सड़क के बीचों-बीच बैठकर हवन किया और इसे प्रशासन की 'कुंभकर्णी नींद' जगाने का प्रयास बताया। कार्रवाई न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी इस प्रदर्शन में मुकेश तिवारी, आशुतोष पटेल, पवन, राकेश सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारी जल्द से जल्द इस मार्ग का निरीक्षण करें और सड़क का गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण शुरू कराएं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गड्ढों को नहीं भरा गया, तो वे अपने इस आंदोलन को और उग्र करेंगे।
औरंगाबाद में दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर:दंपती घायल, देव सूर्य मंदिर जाते समय हादसा
औरंगाबाद के अंबा थाना क्षेत्र में शनिवार को दो बाइकों के बीच आमने-सामने हुई जोरदार टक्कर में एक दंपती गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा अंबा-देव मुख्य मार्ग पर जीवा बिगहा गांव के पास हुआ। दुर्घटना में दूसरे बाइक चालक को भी चोटें आईं, लेकिन वह अपनी बाइक लेकर मौके से फरार हो गया। घायलों की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बाबू कर्मा गांव निवासी विनोद साव और उनकी पत्नी पार्वती देवी के रूप में हुई है। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल दोनों घायलों को सड़क से उठाकर इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। साथ ही घटना की सूचना उनके परिजनों को दी गई। सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे और इलाज की व्यवस्था में जुट गए। टक्कर के बाद दूसरे बाइक का चालक फरार घायल विनोद साव ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ सतबहिनी मंदिर में पूजा-अर्चना करने गए थे। वहां दर्शन करने के बाद दोनों देव स्थित प्रसिद्ध सूर्य मंदिर में पूजा करने के लिए बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान जीवा बिगहा गांव के पास विपरीत दिशा से तेज गति में आ रही एक बाइक ने उनकी बाइक में सामने से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई और पति-पत्नी दोनों दूर जा गिरे। हादसे में दोनों को गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए उन्हें अस्पताल भिजवाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना के बाद दूसरा बाइक चालक भी घायल हुआ था, लेकिन वह बिना रुके अपनी बाइक लेकर मौके से फरार हो गया।सदर अस्पताल में दोनों घायलों का इलाज जारी है। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अंबा थानाध्यक्ष राहुल राज ने बताया कि सड़क दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। फरार बाइक चालक और उसकी बाइक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य सबूतों के आधार पर जांच की जा रही है। दोषी चालक की पहचान होते ही उसके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
राजनांदगांव शहर के तेलीपारा स्थित आजाद चौक में शनिवार सुबह एक गाय गहरी और संकरी नाली में गिर गई। करीब 10 फीट गहरी नाली में फंसने के कारण वह बाहर नहीं निकल पा रही थी। सूचना मिलते ही गौरक्षक और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे तथा घंटों की मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के बाद लोगों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए खुले नालों को तत्काल ढंकने की मांग की। सुबह 6 बजे हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 6 बजे गौ माता अचानक खुली नाली में गिर गई। नाली बेहद संकरी होने के कारण वह पूरी तरह उसमें फंस गई और हिल-डुल भी नहीं पा रही थी। दर्द से कराह रही गौ माता को देखकर स्थानीय लोगों ने तुरंत गौरक्षकों को सूचना दी। ड्रिल मशीन से तोड़ा गया नाला गौरक्षक और स्थानीय निवासी मौके पर पहुंचे, लेकिन संकरी जगह होने के कारण गौ माता को सीधे बाहर निकालना संभव नहीं था। शुरुआती प्रयास विफल होने के बाद भारी ड्रिलिंग मशीन और कंक्रीट कटर मंगाए गए। मशीनों की मदद से नाली का पक्का हिस्सा तोड़ा गया, जबकि दूसरी ओर लोग मलबा हटाकर गौ माता को सुरक्षित निकालने में जुटे रहे। घंटों बाद सफल हुआ रेस्क्यू रेस्क्यू अभियान के दौरान गौरक्षकों ने गौ माता को शांत रखने का प्रयास किया। कई घंटे की कड़ी मेहनत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रेस्क्यू पूरा होने पर स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। नगर निगम पर उठे सवाल घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नगर निगम की लापरवाही पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि खुले नालों के कारण आए दिन हादसों की आशंका बनी रहती है। लोगों ने मांग की कि शहर के सभी खुले और खतरनाक नालों को जल्द से जल्द पक्के स्लैब से ढंका जाए तथा दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। गौरक्षकों ने उठाई मांग गौरक्षक मनीष, सुनील, निलेश और जयदीप शर्मा ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए नगर निगम को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। उनका कहना है कि खुले नालों के कारण न केवल पशु बल्कि आम लोगों की जान भी खतरे में रहती है।
खंडवा में दुष्कर्म के एक मामले की पीड़िता ने जमानत पर छूटे आरोपी पर दोबारा धमकाने, रास्ता रोकने और केस वापस लेने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि आरोपी ने बीच सड़क पर उसका रास्ता रोककर कहा कि पुराने केस को वापस ले लो और उसके साथ पहले की तरह संबंध बनाने की बात कही। विरोध करने पर उसने अश्लील गालियां दीं और पुराने फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी दी। इधर, शिकायत के बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार, गणेश तलाई निवासी 24 वर्षीय महिला ने पति के साथ कोतवाली थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। महिला ने बताया कि वह ब्यूटी पार्लर का काम करती है। उसका जन्म मुस्लिम परिवार में हुआ था, लेकिन साल 2019 में उसने हिंदू युवक से विवाह करने के बाद वह हिंदू रीति-रिवाज अपनाकर रह रही है। शादी का झांसा देकर बनाए थे संबंध, पहले से दर्ज है रेप का केसपीड़िता ने बताया कि उसकी पहचान बलवाड़ा निवासी आसिफ मंसूरी से उस समय हुई थी, जब वह खंडवा से इंदौर रूट पर बस में कंडक्टरी का काम करता था। बस में सीट रिजर्व कराने के दौरान दोनों की बातचीत शुरू हुई। महिला का आरोप है कि पति से विवाद के दौरान आसिफ उसे तलाक लेने और उससे निकाह करने के लिए उकसाता रहा। शिकायत के मुताबिक, 1 अप्रैल 2025 को आसिफ उसे सनावद से छैगांवमाखन स्थित अपने चाचा के घर ले गया, जहां शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस मामले में पीड़िता ने पहले ही छैगांवमाखन थाने में दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। आरोपी फिलहाल उस मामले में जमानत पर बाहर है। बीच सड़क रोका रास्ता, केस वापस लेने का बनाया दबावमहिला ने पुलिस को बताया कि 3 जुलाई की शाम करीब 5.30 बजे वह ब्यूटी पार्लर से स्कूटी से घर लौट रही थी। इसी दौरान इंद्रा चौक से अवस्थी चौक के बीच आसिफ पल्सर बाइक लेकर आया और उसकी स्कूटी के सामने बाइक खड़ी कर रास्ता रोक लिया। आरोप है कि आसिफ ने उससे कहा, छैगांवमाखन वाला केस वापस ले लो और मेरे साथ चलो, फिर पहले जैसे संबंध बनाएंगे। जब उसने इंकार किया तो आरोपी ने अश्लील गालियां दीं, पुराने फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। पीड़िता का यह भी आरोप है कि, आरोपी ने उसका मोबाइल छीन लिया। छीना-झपटी के दौरान वह अपना मोबाइल वापस लेने में सफल रही और आरोपी का मोबाइल भी उसके पास रह गया। शोर मचाने पर आसपास लोग जुटने लगे, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पति और सहेलियों को बताई घटनामहिला ने घर पहुंचकर पूरी घटना अपने पति और सहेलियों को बताई। अगले दिन शनिवार को वह पति के साथ कोतवाली थाने पहुंची और लिखित शिकायत दर्ज कराई। उसने आरोपी का मोबाइल भी पुलिस को सौंप दिया। इन धाराओं में दर्ज हुआ केसकोतवाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी आसिफ मंसूरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 232(1), 126(2) और 296(बी) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है और जब्त किए गए मोबाइल की भी जांच की जाएगी।
सहरसा सदर अस्पताल में जन्मजात टेढ़े पैर (क्लबफुट) से पीड़ित बच्चों के लिए निःशुल्क इलाज की सुविधा शुरू हो गई है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार और अनुष्का फाउंडेशन के बीच हुए एक समझौता ज्ञापन(एमओयू)के बाद अस्पताल के ऑर्थोपेडिक विभाग में क्लबफुट क्लिनिक का संचालन आरंभ हुआ है। सिविल सर्जन डॉ राज नारायण प्रसाद ने बताया कि इस क्लिनिक में सप्ताह में दो दिन विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा बच्चों का मुफ्त उपचार किया जाएगा। ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. राजेश रंजन ने दो बच्चों का सफलतापूर्वक उपचार कर इस सेवा की शुरुआत की। जो ऑपरेशन सफल रहा है। राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देश पर सरकारी मेडिकल कॉलेजों और जिला सदर अस्पतालों में ऐसे क्लबफुट क्लिनिक स्थापित किए जा रहे हैं। अस्पताल में क्लबफुट से पीड़ित बच्चों का उपचार विश्वस्तरीय पोंसेटी मेथड (Ponseti Method) से किया जाएगा। इसके लिए अस्पताल के ऑर्थोपेडिक चिकित्सकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि बच्चों को समय पर गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके। इलाज के साथ-साथ बच्चों के अभिभावकों को बीमारी, उपचार प्रक्रिया और आगे की देखभाल की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षित काउंसलर की व्यवस्था की गई है। उपचार के दौरान आवश्यक फुट एब्डक्शन ब्रेस (FAB) अनुष्का फाउंडेशन की ओर से पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। अस्पताल में कास्टिंग सामग्री की कमी होने पर उसकी व्यवस्था भी फाउंडेशन द्वारा की जाएगी। क्लबफुट की समय पर पहचान सुनिश्चित करने के लिए आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं और आरबीएसके टीम को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। सिविल सर्जन डॉ.राज नारायण प्रसाद ने बताया कि यह सुविधा विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान और मुफ्त इलाज मिलने से क्लबफुट से पीड़ित बच्चे सामान्य जीवन जी सकेंगे और परिवारों पर आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ेगा। डीईआईसी डॉ. अमृता ने भी जन्मजात टेढ़े पैर की समस्या का प्रभावी उपचार समय रहते संभव होने की बात कही।सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया कि सदर अस्पताल के ऑर्थोपेडिक विभाग में क्लबफुट से पीड़ित बच्चों का इलाज दवा, प्लास्टर, विशेष ब्रेस और आवश्यकता पड़ने पर ऑपरेशन के माध्यम से किया जाएगा,ताकि उनके पैर सामान्य स्थिति में लाए जा सकें।
मोगा के सरकारी अस्पताल (सिविल अस्पताल) में डॉक्टरों की कथित बड़ी लापरवाही के चलते एक 21 वर्षीय नवविवाहिता की मौत का बेहद दुखद मामला सामने आया है। इस घटना के बाद स्वास्थ्य प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतका के परिजनों और गांव खोसा पांडे के निवासियों ने अस्पताल प्रबंधन और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मुख्य गेट के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच की जाए, दोषी डॉक्टरों पर पर्चा दर्ज हो और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। उधर प्रशासन और परिजनों समझौते का प्रयास हुआ। अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टरों के बोर्ड का गठन का जांच कराने की है। सिजेरियन डिलीवरी के दौरान 'नस' काटने का आरोप पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गांव खोसा पांडे की रहने वाली सुखप्रीत कौर (21) को 24 जून को प्रसव पीड़ा (लेबर पेन) होने के कारण मोगा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मृतका के परिवार का सीधा आरोप है कि सिजेरियन (ऑपरेशन) डिलीवरी के दौरान ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने घोर लापरवाही बरतते हुए महिला के गर्भाशय की एक मुख्य नस काट दी। नस कटने के कारण सुखप्रीत कौर की हालत बेहद गंभीर हो गई और शरीर से अत्यधिक खून बहने लगा। स्थिति हाथ से निकलती देख डॉक्टरों ने उसी दिन आनन-फानन में उसे गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज, फरीदकोट रेफर कर दिया। फरीदकोट मेडिकल कॉलेज में भी हुई बेरुखी, 1 जुलाई को तोड़ा दम मृतका के बेबस पति जसकरण सिंह ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि जब हम फरीदकोट मेडिकल कॉलेज पहुंचे, तो वहां भी डॉक्टरों ने शुरुआत में मेरी पत्नी को भर्ती करने से साफ मना कर दिया। काफी मिन्नतें करने और राजनीतिक/सामाजिक दबाव के बाद उसे दाखिल तो किया गया, लेकिन समय पर सही इलाज न मिलने के कारण 1 जुलाई को जिंदगी और मौत की जंग लड़ते हुए उसने दम तोड़ दिया। मौत के 4 दिन बाद भी नहीं हुआ पोस्टमार्टम, प्रशासन मौन परिजनों ने रोष जताते हुए कहा कि सुखप्रीत की मौत हुए आज चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक संवेदनहीनता का आलम यह है कि न तो अभी तक शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है और न ही पुलिस या प्रशासन का कोई अधिकारी उनकी बात सुनने आया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय मिलने का कोई आश्वासन तक नहीं दिया जा रहा है।
श्योपुर जिले के बरगवां अंचल स्थित मदनपुरा गांव में शनिवार दोपहर आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस हादसे में उसकी 6 वर्षीय बेटी गंभीर रूप से झुलस गई। यह घटना उस समय हुई जब दोनों गांव के तालाब पर मछली पकड़ रहे थे। घायल बच्ची का जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में इलाज चल रहा है। अचानक बदले मौसम के बाद सीधे पिता-बेटी पर गिरी बिजली जानकारी के अनुसार, मदनपुरा निवासी अमर सिंह अपनी 6 साल की बेटी मनीषा के साथ शनिवार को तालाब पर गए थे। दोपहर करीब 3 बजे अचानक मौसम खराब हुआ और कड़कड़ाहट के साथ आकाशीय बिजली सीधे उन पर आ गिरी। बिजली की चपेट में आने से अमर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मनीषा गंभीर रूप से झुलस गई। ग्रामीणों ने बच्ची को अस्पताल पहुंचाया हादसे की भनक लगते ही ग्रामीण तुरंत तालाब की ओर दौड़े और घायल मनीषा को आनन-फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलने पर पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी श्यामवीर तोमर ने बताया कि पंचनामा कार्रवाई के बाद अमर सिंह के शव को पोस्टमार्टम के लिए कराहल अस्पताल भेज दिया गया है। प्रशासन ने खराब मौसम में सतर्क रहने की दी सलाह क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश और गाज गिरने की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने गाइडलाइन जारी करते हुए कहा है कि खराब मौसम, तेज आंधी और बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदान, तालाब, पेड़ और ऊंचे स्थानों के पास बिल्कुल न जाएं और तुरंत किसी सुरक्षित पक्के मकान में शरण लें।
मथुरा में शनिवार शाम पांच बजे सगाई समारोह उस समय मातम में बदल गया, जब एक युवक ने अपने ही चचेरे भाई की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी ने गोवर्धन रोड स्थित रोजी गार्डन में लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मौके से आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त पिस्टल भी बरामद कर ली। पुलिस के मुताबिक, थाना नौहझील क्षेत्र के गांव पारसोली का एक परिवार गोवर्धन रोड स्थित रोजी गार्डन में सगाई समारोह में शामिल होने आया था। समारोह के दौरान परिवार के सदस्य गजेंद्र और पवन चौधरी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। तस्वीरें देखिए… लाइसेंसी पिस्टल से मारी गोली विवाद बढ़ने पर पवन चौधरी ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकालकर गजेंद्र पर गोली चला दी। गोली लगते ही गजेंद्र गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद समारोह स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही डायल-112 और थाना हाईवे पुलिस मौके पर पहुंची। वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आरोपी पवन चौधरी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी पिस्टल भी बरामद कर ली। पत्नी से अवैध संबंध होने का था शक रिफाइनरी क्षेत्राधिकारी प्रवीण तिवारी ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे अपने चचेरे भाई गजेंद्र के अपनी पत्नी के साथ अवैध संबंध होने का संदेह था। इसी शक के चलते उसने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। समारोह स्थल पर एहतियात के तौर पर पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
राजगढ़ शहर में घर के बाहर खड़ी 10वीं की 16 साल की नाबालिक छात्रा से छेड़छाड़ और उस पर अज्ञात पदार्थ फेंकने का मामला सामने आया है। छात्रा ने बचने के लिए सिर दूसरी ओर घुमा लिया, लेकिन पदार्थ के छींटे उसकी आंख में चले गए। शोर मचाने पर आरोपी भाग निकला। बीच-बचाव करने पहुंची छात्रा की सहेली को भी उसने धक्का दे दिया। कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार, राजगढ़ शहर में रहने वाली 10 वीं की छात्रा ने शिकायत में बताया कि गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे वह अपने घर के बाहर खड़ी थी। तभी आरोपी वहां पहुंचा। आरोप है कि उसने बुरी नीयत से छात्रा का हाथ पकड़ लिया। इसके बाद अपने हाथ में रखी एक बोतल से उस पर अज्ञात पदार्थ फेंक दिया। छात्रा ने तुरंत सिर दूसरी ओर कर लिया, जिससे पूरा पदार्थ चेहरे पर नहीं पड़ा, लेकिन उसकी आंख में छींटे चले गए। छात्रा के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसकी मां और बहन मौके पर पहुंच गईं। उन्हें देखकर आरोपी भागने लगा। इस दौरान छात्रा की सहेली ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने उसे धक्का देकर खुद को छुड़ाया और मौके से फरार हो गया। घटना के बाद छात्रा ने अपनी मां, बहन, सहेली, भाई को पूरी जानकारी दी। इसके बाद उसने फोन पर अपने पिता को भी घटना की सूचना दी। पिता के घर पहुंचने पर सभी परिजन छात्रा को लेकर राजगढ़ कोतवाली पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने शिकायत में यह भी बताया कि आरोपी पहले से उसका पीछा करता था। जब वह स्कूल आती-जाती थी, तब भी आरोपी उसका पीछा करता था। इस बात की जानकारी मिलने पर परिजनों ने पहले भी उसे समझाया था, लेकिन इसके बावजूद उसकी हरकतें बंद नहीं हुईं। राजगढ़ कोतवाली पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी लखन प्रजापति के खिलाफ बीएनएस की धारा 74, 78(1)(i) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है और मामले की जांच की जा रही है।
चांपा शहर में उठाईगिरी की वारदात सामने आई है। यूनियन बैंक से 60 हजार रुपये निकालने के बाद एक किसान की बाइक की डिक्की से अज्ञात युवक ने नकदी पार कर दी। पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है। पुलिस के अनुसार, सारागांव थाना क्षेत्र के सरवानी गांव निवासी नारायण प्रसाद साहू (35) अपने पिता के साथ चांपा स्थित यूनियन बैंक से 60 हजार रुपये निकालने पहुंचे थे। बैंक से रकम निकालने के बाद उन्होंने नकदी बाइक की डिक्की में रखी और मेडिकल स्टोर सहित अन्य दुकानों पर खरीदारी करने चले गए। मौका मिलते ही डिक्की से निकाल ली रकम सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, मोदी चौक स्थित आरती प्रिंटर्स के सामने खरीदारी के दौरान एक संदिग्ध युवक ने मौका देखकर बाइक की डिक्की खोली और उसमें रखे 60 हजार रुपये निकालकर फरार हो गया। आरोपी ने इतनी सफाई से वारदात को अंजाम दिया कि पीड़ित को तत्काल इसकी भनक तक नहीं लगी। नाश्ता सेंटर पहुंचने पर चली चोरी की जानकारी कुछ देर बाद नारायण प्रसाद साहू बरपाली स्थित गुप्ता नाश्ता सेंटर पहुंचे। वहां बाइक की डिक्की खोलने पर नकदी गायब मिली। इसके बाद उन्होंने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच कराई, जिसमें संदिग्ध युवक चोरी करते हुए दिखाई दिया। फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश पीड़ित की शिकायत पर चांपा पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने और उसकी तलाश में जुटी है। पीड़ित ने भी लोगों से अपील की है कि यदि फुटेज में दिख रहे युवक की पहचान हो, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील शहर में बढ़ रही उठाईगिरी की घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने बैंक से बड़ी रकम निकालने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस ने कहा है कि वाहन की डिक्की में नकदी छोड़कर खरीदारी करने न जाएं और बड़ी राशि लेकर चलते समय विशेष सावधानी बरतें।
गाजियाबाद में 60 वर्षीय अधेड़ ने 2 साल की बच्ची से दुष्कर्म किया। जिसके बाद पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची विजयनगर पुलिस ने आरोपी अधेड़ को हिरासत में ले लिया है। बच्ची को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। वहीं बच्ची का मेडिकल कराया जा रहा है। एसीपी उपासना पांडे का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। यह है पूरा मामला गाजियाबाद के थाना विजय नगर क्षेत्र के सिद्धार्थ विहार क्षेत्र निवासी एक बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। आरोप है कि 60 साल का अधेड़ वहां पहुंचा और बच्चा को बहला फुसलाकर एक कमरे में ले गया। परिजनों का आरोप है कि अधेड़ ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। जहां परिजनों ने आरोपी को पकड़ लिया। सूचना मिलने पर थाना विजय नगर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटा। एसीपी उपासना पांडे भी मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। बच्ची को मेडिकल के लिए अस्पताल भेजा अधिकारियों के अनुसार मामले की हर पहलू से गंभीरता के साथ जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों एवं मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पीड़ित मासूम बच्ची को तत्काल जिला संयुक्त चिकित्सालय (MMG) भेजा गया, जहां उसका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। परिजनों और आसपास के लोगों ने आरो को कोठे में बंद कर लिया और पिटाई कर पुलिस को सौंप दिया। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर थाने भेजा। एसीपी का बयान एसीपी कोतवाली उपासना पांडे ने बताया कि PRV द्वारा थाना विजयनगर पर एक बच्ची के साथ दुष्कर्म की सूचना प्राप्त हुई। इस सूचना पर तत्काल थाना विजयनगर की पुलिस मौके पर पहुंची और पाया गया कि एक छोटी बच्ची के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया है। तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है।
हिसार जिले के बरवाला क्षेत्र स्थित गैबीपुर नहर पर शनिवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब तीन बाइक सवार युवकों ने दो दोस्तों पर चाकुओं से हमला कर दिया। हमले में गांव बुढ़ाखेड़ा निवासी 25 वर्षीय विष्णु की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी 23 वर्षीय पारस गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल का बरवाला के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही बरवाला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। डीएसपी सुमित कुमार ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिस अधिकारियों से जानकारी ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हमलावरों ने बात करने के लिए बुलाया अस्पताल में उपचाराधीन पारस ने बताया कि वह अपने दोस्त विष्णु के साथ गैबीपुर नहर पर गाड़ी धोने गया था। इसी दौरान एक बाइक पर सवार होकर आए तीन युवकों ने विष्णु को यह कहकर अपने पास बुलाया कि उन्हें उससे कुछ बात करनी है। बातचीत के दौरान अचानक तीनों ने विष्णु पर चाकुओं से हमला कर दिया। पारस ने बताया कि जब उसने बीच-बचाव करने का प्रयास किया तो हमलावरों ने उस पर भी हमला कर दिया। उसकी गर्दन और छाती पर चाकू से वार किए गए। वह किसी तरह जान बचाकर भागा, लेकिन हमलावरों ने विष्णु पर लगातार कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पहले भी किया गया था हमला घायल पारस ने आरोप लगाया कि हमलावरों में प्रभुवाला गांव का रवि नामक युवक भी शामिल था। उसने यह भी दावा किया कि इससे पहले भी उस पर हमला हो चुका था और उसने पुलिस की 112 हेल्पलाइन पर शिकायत दी थी, लेकिन उस मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। मृतक विष्णु खेती के साथ-साथ वाहन चलाने का कार्य करता था। वह अपने पीछे पत्नी और दो छोटी बेटियों को छोड़ गया है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल है। पुलिस का कहना है कि हत्या के कारणों का अभी खुलासा नहीं हो सका है। सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है तथा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
राजस्थान रिफाइनरी के उद्घाटन समारोह में भाजपा प्रदेश महामंत्री को पुलिस ने गेट पर रोक दिया। भाजपा नेता कह रहे कि वीवीआईपी कार्ड है। मंत्री और अधिकारियों को फोन लगाते नजर आ रहे है। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा है। वीडियो में प्रदेश महामंत्री कह रहे है कि मंत्री के.के. विश्नोई और एसपी साहब का फोन कर रहे है। आप पूछ लो। करीब पांच मिनट बाद प्रदेश महामंत्री को फिर एंट्री दी गई। दरअसल, पीएम नरेंद्र मोदी ने राजस्थान पचपदरा रिफाइनरी का आज उद्घाटन किया। पीएम तय समय के अनुसार पचपदरा रिफाइनरी पहुंच गए। तभी भाजपा पदाधिकारी समय पर नहीं पहुंच पाने के कारण कई नेताओं और समर्थकों को एंट्री नहीं दी गई है। इस दौरान भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बागड़ी भी वीवीआईपी पास लेकर गेट पर पहुंचे। लेकिन पीएम मोदी के तय समय पर पहुंच पाने के कारण उनको सुरक्षाकर्मियों ने वहीं पर रोक दिया गया। इसके बाद उन्होंने मंत्री के.के. विश्नोई और पुलिस अधिकारियों से बात की, सुरक्षाकर्मियों को कहते नजर आए। प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बागड़ी को रिफाइनरी गेट पर रोकने के बाद श्रवणसिंह ने पुलिस को कहा मंत्री के.के. विश्नोई और एसपी साहब फोन कर रहे है। आप पूछ लो… वहां पर खड़े कार्यकर्ता ने कहा कि वीआईपी कार्ड देने का मतलब क्या है। पुलिस ने कहा एंट्री बंद हो गई। तब श्रवणसिंह ने कहा कि यह पास किस लिए है। पुलिस ने कहा पास तो है। टाइम दिया हुआ था वो पुरा हो गया। तभी समर्थक बोले टाइम लिखा हुआ ही नहीं है। श्रवणसिंह ने कहा के.के. विश्नोई जी जो कह रहे है कि मेरी बात करवाओ। तभी पुलिस अधिकारी ने कहा कि आपकी तो एंट्री कर देंगे। सबकी किसकी नहीं हो पाएगी। आप इधर आ जाओ। तभी अन्य समर्थकों को कहा कि आप लेट हो गए। फिर प्रदेश महामंत्री श्रवण बगड़ी को एंट्री दी गई।
बेगूसराय जिले के सदर प्रखंड की रचियाही पंचायत में शनिवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) रवि शंकर कुमार ने स्वच्छता एवं साफ-सफाई संबंधी कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पंचायत क्षेत्र में कचरा उठाव, नालियों की सफाई और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान बीडीओ ने संबंधित कर्मियों और स्थानीय प्रतिनिधियों को पंचायत में साफ-सफाई का कार्य नियमित और प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायत स्तर पर स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है, ताकि लोगों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण मिल सके। बीडीओ ने नियमित कचरा उठाव सुनिश्चित करने, नालियों और सार्वजनिक स्थलों की समयबद्ध सफाई कराने तथा सफाई कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने पंचायतवासियों से भी स्वच्छता बनाए रखने में सक्रिय सहयोग की अपील की, जिससे पंचायत क्षेत्र को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाया जा सके। उन्होंने संबंधित कर्मियों को स्वच्छता कार्यों की सतत निगरानी करने और कहीं भी गंदगी या जलजमाव की स्थिति उत्पन्न न होने देने का निर्देश दिया। बीडीओ ने कहा कि स्वच्छता के प्रति जन जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता से ही पंचायत स्तर पर स्थायी सुधार संभव है।
मुजफ्फरनगर में फुलत स्थित दारुल उलूम रहीमिया मदरसे को लेकर शुरू हुआ कथित धर्मांतरण विवाद अब और अधिक गर्मा गया है। मामले में पहले गंभीर आरोप लगाने वाले योग साधना आश्रम (बघरा) के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने शनिवार शाम करीब 6 बजे नया बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा गठित जांच टीम इस पूरे नेटवर्क का खुलासा नहीं कर सकती और इसकी जांच किसी केंद्रीय एजेंसी से कराई जानी चाहिए। स्वामी यशवीर महाराज ने दावा किया कि मदरसे के संचालक मौलाना हिफजुर्रहमान अंसारी और उनके पुत्र मौलाना जुबेर अंसारी का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है। उनका आरोप है कि पिछले करीब 20 वर्षों से बड़े स्तर पर धर्मांतरण का नेटवर्क संचालित किया जा रहा है और इसमें हजारों हिंदुओं का धर्मांतरण कराया गया है। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग की। उनका कहना है कि यह मामला इतना बड़ा है कि इसकी निष्पक्ष जांच जिला स्तर की टीम के बस की बात नहीं है। 500 से 600 करोड़ की संपत्ति की हो जांच स्वामी यशवीर महाराज ने दावा किया कि आरोपितों के पास 500 से 600 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जिसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि दोनों आरोपितों का नार्को टेस्ट कराया जाए ताकि कथित धर्मांतरण नेटवर्क और फंडिंग के स्रोतों का खुलासा हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि यह भी जांच का विषय है कि इतनी बड़ी संपत्ति और कथित फंडिंग आखिर किन स्रोतों से प्राप्त हुई। पुराने मामलों का भी किया जिक्र स्वामी यशवीर महाराज ने दावा किया कि जिन लोगों के धर्मांतरण को पुराना बताया जा रहा है, वह तथ्य सही नहीं हैं। उन्होंने जुगनू शर्मा नामक व्यक्ति का उदाहरण देते हुए कहा कि उसका धर्मांतरण 32 वर्ष पहले नहीं बल्कि करीब 15 से 20 वर्ष पहले हुआ था। उन्होंने यह भी दावा किया कि मदरसे से जुड़े एक ड्राइवर का भी धर्मांतरण कराया गया था और उसके परिवार के लोग आज भी मदरसे के आसपास रह रहे हैं। गिरफ्तारी नहीं हुई तो होगा ऐतिहासिक घेराव स्वामी यशवीर महाराज ने चेतावनी दी कि यदि आरोपितों की गिरफ्तारी, संपत्तियों की जांच और कथित धर्मांतरण नेटवर्क के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो हिंदू समाज के साथ मिलकर मदरसे का ऐतिहासिक घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। साथ ही उन्होंने दावा किया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कथित धर्मांतरण नेटवर्क को किसी भी कीमत पर नहीं चलने दिया जाएगा। स्वामी यशवीर महाराज के आरोपों के बाद मुज़फ्फ़रनगर पुलिस पहले ही मदरसे में प्रारंभिक जांच कर चुकी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसपी देहात के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले के सभी आरोपों की जांच की जा रही है और उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आईटीआई में दाखिले का सपना लेकर पूर्णिया में रहकर पढ़ाई कर रहे एक छात्र की सौरा नदी में डूबने से मौत हो गई। कोचिंग क्लास खत्म होने के बाद तीन दोस्त नहाने के लिए नदी पहुंचे थे, लेकिन कुछ ही मिनटों में हंसी-मजाक चीख-पुकार में बदल गया। एक छात्र का पैर फिसला और वह गहरे पानी में समा गया। साथ मौजूद दोनों दोस्तों ने जान जोखिम में डालकर उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। मृतक की पहचान रूपौली निवासी अरसद छापरी के बेटे मो हड़काप के रूप में हुई है। अरसद पूर्णिया के मधुबनी काली मंदिर के पास किराये के मकान में रहकर आईटीआई प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था। आमिर और कुर्बान के साथ कोचिंग में पढ़ता था मृतक के पिता अरसद छापरी ने बताया कि हड़काप अपने दोस्त आमिर और कुर्बान के साथ कोचिंग में पढ़ता था। तीनों की दोस्ती कोचिंग में हुई थी। पढ़ाई खत्म होने के बाद वे सौरा नदी में नहाने पहुंचे। इसी दौरान हड़काप का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। आमिर और कुर्बान ने बिना समय गंवाए उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन नदी की गहराई और बहाव के आगे उनकी कोशिश नाकाम रही। देखते ही देखते हड़काप नदी में लापता हो गया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। स्थानीय गोताखोरों ने तत्काल रेस्क्यू शुरू किया और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद छात्र का शव नदी से बाहर निकाला। सूचना पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
औरंगाबाद के कुटुंबा प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय किशुनपुर में शनिवार को मध्यान्ह भोजन के चावल को लेकर पूरे दिन हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। विद्यालय के लिए 42 बोरा चावल पहुंचा, लेकिन केवल दो बोरा चावल विद्यालय में उतारा गया, जबकि शेष 40 बोरा उसी पिकअप वाहन से वापस ले जाया जाने लगा। जैसे ही इसकी जानकारी ग्रामीणों को मिली, उन्होंने संडा बालूगंज मोड़ के पास वाहन को रोक लिया और हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हेड मास्टर राम पुकार मेहता चावल बेचने के उद्देश्य से बाजार ले जा रहे थे। सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी रणविजय कुमार तथा एमडीएम प्रभारी प्रभाकर कुमार मौके पर पहुंचे। हालांकि प्रधानाध्यापक ने चावल बेचने के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि चावल खराब होने के कारण उसे वापस किया जा रहा था। ग्रामीणों ने स्टॉक और एमडीएम संचालन पर उठाए सवाल वार्ड सदस्य सह विद्यालय शिक्षा समिति अध्यक्ष के पति एयाज अंसारी, विपिन चौधरी सहित कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विद्यालय में पहले से ही पर्याप्त मात्रा में चावल मौजूद है और वास्तविक स्टॉक रजिस्टर में दर्ज मात्रा से अधिक है। उनका कहना था कि अतिरिक्त चावल को बेचने का प्रयास किया जा रहा था। ग्रामीणों ने एमडीएम संचालन, शैक्षणिक व्यवस्था और विद्यालय के कार्यों पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मामले को दबाने का प्रयास किया गया, तो वे आंदोलन करेंगे। इस दौरान मुखिया गुलाम सरवर, सरपंच रमेश मालाकार, पंचायत समिति सदस्य दिलीप चौधरी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। घटना से संबंधित वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात कही जा रही है। बीईओ बोले- जांच होगी, प्रधानाध्यापक का होगा स्थानांतरण ग्रामीणों ने बताया कि साल 2023 में भी प्रधानाध्यापक राम पुकार मेहता पर एमडीएम में गड़बड़ी और शैक्षणिक लापरवाही के आरोप लगे थे, जिसके बाद उन्हें विद्यालय से हटाया गया था। हालांकि जुलाई 2024 में उनकी दोबारा इसी विद्यालय में पदस्थापना कर दी गई। बीईओ रणविजय कुमार ने बताया कि सूचना मिलने पर जांच के लिए विद्यालय पहुंचे थे। प्रधानाध्यापक ने चावल खराब होने के कारण उसे वापस करने की बात कही है और चावल रिसीव भी नहीं किया गया था, इसलिए उसे गोदाम भेज दिया गया। उन्होंने स्वीकार किया कि विद्यालय में रजिस्टर में दर्ज स्टॉक से अधिक चावल पाया गया है, हालांकि इसकी विस्तृत जांच अभी बाकी है। बीईओ ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और ग्रामीणों की मांग को देखते हुए प्रधानाध्यापक राम पुकार मेहता का स्थानांतरण दूसरे विद्यालय में किया जाएगा।
उमरिया जिले के इंदवार थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर महरोई रेलवे स्टेशन के पास चलती शक्तिपुंज एक्सप्रेस से गिरकर एक 37 वर्षीय युवक की मौत हो गई। ट्रेन से नीचे गिरने के कारण युवक के सिर में गंभीर चोटें आईं और अत्यधिक खून बह जाने से उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। बसेही के पास रेलवे पोल के बीच हुआ हादसा मृतक की पहचान 37 वर्षीय राहुल कुमार पुत्र परमेश्वर सिंग के रूप में हुई है, जो महाराष्ट्र के ठाणे स्थित बोईसर यादव नगर के रहने वाले थे। यह हादसा महरोई रेलवे स्टेशन के समीप रेलवे पोल क्रमांक 1148/22 और 1148/23 के बीच बसेही गांव के पास हुआ। घर से इलाज कराने निकले थे राहुल कुमार किसी इलाज के सिलसिले में ट्रेन से यात्रा कर रहे थे। ट्रेन से युवक के गिरने की सूचना महरोई स्टेशन मास्टर ने तत्काल इंदवार थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लिया। डॉक्टर शिव प्रजापति द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने परिजनों को हादसे की सूचना दे दी है। इंदवार पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है कि युवक किन परिस्थितियों में चलती ट्रेन से नीचे गिरा।
मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती 2024 के तहत चयनित 5017 अभ्यर्थियों का दो साल का इंतजार खत्म हो गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षकों के नियुक्ति आदेश जारी कर दिए हैं। सभी नियुक्तियां 3 और 4 जुलाई को संभागीय संयुक्त संचालकों के माध्यम से जारी की गई हैं, जिससे नए शिक्षकों को मौजूदा शैक्षणिक सत्र से ही स्कूलों में पढ़ाने का मौका मिलेगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने 4067 माध्यमिक शिक्षक और 950 प्राथमिक शिक्षक समेत कुल 5017 चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति आदेश जारी किए हैं। माध्यमिक शिक्षक पदों में हिन्दी, गणित, अंग्रेजी, संस्कृत, सामाजिक विज्ञान, खेल तथा गायन-वादन विषय शामिल हैं। वहीं प्राथमिक स्तर पर खेल, नृत्य और गायन-वादन विषयों के लिए नियुक्तियां हुई हैं। नियुक्ति में देरी से अभ्यर्थियों में नाराजगी ये सभी अभ्यर्थी मध्यप्रदेश माध्यमिक एवं प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2024 के तहत चयनित हुए थे। परीक्षा परिणाम आने के बाद नियुक्तियों में देरी से अभ्यर्थियों में नाराजगी थी और उन्होंने कई बार प्रदर्शन भी किए थे। बाद में लोक शिक्षण संचालनालय ने शाला विकल्प (चॉइस फिलिंग) की प्रक्रिया पूरी कराई, जिसकी अंतिम तिथि 21 जून 2026 थी। इसके करीब एक सप्ताह बाद नियुक्ति आदेश जारी कर दिए गए। स्कूल शिक्षा मंत्री ने दी शुभकामनाएं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर नव-नियुक्त शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि सभी 5017 चयनित अभ्यर्थियों को हार्दिक शुभकामनाएं। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए शिक्षक प्रदेश के बच्चों के बेहतर भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। मंत्री ने कहा कि ये नियुक्तियां राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम हैं। लोक शिक्षण आयुक्त ने की मॉनिटरिंग लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने नए शैक्षणिक सत्र में स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार समीक्षा बैठकें कीं। विभागीय स्तर पर आ रही दिक्कतों के समाधान के बाद संभागीय संयुक्त संचालकों को जल्द नियुक्ति आदेश जारी करने के निर्देश दिए गए, जिसके बाद 3 और 4 जुलाई को नियुक्ति पत्र जारी किए गए।
सूरजपुर में खरीफ सीजन में खाद की कालाबाजारी और निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर बिक्री की शिकायत पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देश पर कृषि और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने रामानुजनगर थाना क्षेत्र के द्वारिकापुर निवासी कमलेश्वर साहु के दुकान और गोदाम पर छापा मारकर 756 बोरी खाद जब्त की। जांच में खाद के भंडारण और बिक्री में अनियमितता मिलने पर गोदाम को सील कर दिया गया। 676 बोरी यूरिया, 80 बोरी डीएपी जब्त संयुक्त टीम की जांच में गोदाम से 676 बोरी यूरिया और 80 बोरी डीएपी खाद बरामद हुई। अधिकारियों ने पाया कि खाद का भंडारण और बिक्री निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं की जा रही थी। साथ ही किसानों को तय दर से अधिक कीमत पर खाद बेचे जाने की शिकायत भी सही पाई गई। गोदाम में धान-चावल भी मिला जांच के दौरान गोदाम में 750 बोरी धान, 20 बोरी चावल और 2 बोरी चना भी मिला। संबंधित संचालक इन कृषि उपजों के भंडारण और व्यापार से जुड़े मंडी लाइसेंस तथा अन्य वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पूरी सामग्री जब्त कर गोदाम को सील कर दिया गया। कृषि और राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई यह कार्रवाई कृषि अधिकारी संपदा पैकरा और स्थानीय तहसीलदार मनहरण सिंह राठिया के नेतृत्व में की गई। अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कालाबाजारी करने वालों पर सख्ती जारी जिला प्रशासन ने कहा कि खरीफ सीजन में किसानों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। खाद की जमाखोरी, कालाबाजारी और नियमों के उल्लंघन के मामलों में आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
बुरहानपुर में शनिवार को खंडवा लोकसभा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कलेक्टर कार्यालय में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं तथा विकास कार्यों की विभागवार समीक्षा की। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, कृषि, उद्यानिकी, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण विकास, पेयजल, नगर निगम और बिजली विभाग से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। किसानों और आमजन से जुड़े मुद्दों पर अधिकारियों से जानकारी ली गई। पौधारोपण सिर्फ फोटो तक सीमित न रहेसांसद पाटील ने पौधारोपण अभियान को लेकर कहा कि यह सिर्फ फोटो खिंचवाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। पंचायतों को पौधे लगाने के साथ एक साल तक उनकी देखभाल सुनिश्चित करने का लक्ष्य दिया जाए। उन्होंने शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाते हुए निर्देश दिए कि जहां स्थायी शिक्षक नहीं हैं, वहां अतिशेष शिक्षकों का स्थानांतरण किया जाए। अनुपस्थित अधिकारियों पर जताई नाराजगीबैठक में कुछ विभागों के प्रमुख अधिकारियों की अनुपस्थिति पर सांसद ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि दिशा समिति की बैठक जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण प्रक्रिया है और इसमें लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने जिला कलेक्टर को निर्देश दिए कि सूचना मिलने के बावजूद अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेंद्र कुमार वर्मा बैठक में अनुपस्थित रहे, जिन्हें अवकाश पर बताया गया। पीडब्ल्यूडी और उद्यानिकी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाललोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान विभागीय जानकारी संतोषजनक तरीके से प्रस्तुत नहीं किए जाने पर सांसद ने नाराजगी जताई। कार्यपालन यंत्री पद्मरेखा श्रीवास्तव को पूर्ण और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। उद्यानिकी विभाग की समीक्षा में किसानों के खेतों में पॉली हाउस निर्माण में गंभीर लापरवाही सामने आई। जानकारी दी गई कि जहां पिलरों की गहराई करीब 4 फीट होनी चाहिए, वहां सिर्फ 2 फीट तक ही पिलर लगाए गए हैं। इस पर सांसद ने तकनीकी जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग में क्वार्टर आवंटन और भर्ती की जांच होगीजिला अस्पताल परिसर में सरकारी क्वार्टर आवंटन में वरिष्ठता सूची और नियमों के पालन नहीं होने का मामला भी बैठक में उठा। इस पर जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति गठित कर सात दिन के भीतर जांच कराने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा जिला स्तर पर आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया की भी जांच कराने के निर्देश दिए गए। चना खरीदी में गड़बड़ी पर मांगी रिपोर्टबैठक में तुकईथड़ चना खरीदी केंद्र में 181 क्विंटल चने की कमी और कम रकबे वाले किसानों के खातों में ज्यादा खरीदी दर्शाने के मामले पर सांसद ने चिंता जताई। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। विधायक और महापौर ने भी उठाए स्थानीय मुद्देबैठक में नेपानगर विधायक Manju Rajendra Dadu ने क्षेत्र की सड़कों, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और लंबित विकास कार्यों से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयसीमा दोनों का पालन जरूरी है। वहीं बुरहानपुर महापौर माधुरी अतुल पटेल ने शनवारा से लालबाग रेलवे स्टेशन तक बने सड़क निर्माण में उचित जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने पर नाराजगी जताई। बैठक में जिला कलेक्टर हर्ष सिंह, पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी, डीएफओ विद्याभूषण सिंह सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
कोटा में जेईई की तैयारी कर रहे बिहार के सीतामढ़ी निवासी गुंजन कुमार ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद आईआईटी दिल्ली में प्रवेश हासिल किया। परीक्षा से पहले फेफड़ा कोलैप्स होने के कारण वह तीन महीने तक क्लास नहीं जा सका। इस दौरान उसकी मां गुंजा ने ऑनलाइन क्लास देखकर नोट्स तैयार किए। मां की मेहनत और बेटे के हौसले ने आखिरकार आईआईटी का सपना साकार कर दिया। इस सफलता के पीछे सबसे बड़ा योगदान उसकी मां का रहा, जो बेटे की पढ़ाई में उसकी सहपाठी बन गईं। गुंजन कुमार ने बताया कि जेईई की तैयारी के लिए कोचिंग में पढ़ने कोटा आया था। लेकिन परीक्षा से कुछ महीने पहले उसे न्यूमोथोरेक्स यानी फेफड़ा कोलैप्स होने की गंभीर समस्या हो गई। करीब तीन महीने तक वह बिस्तर पर रहा और नियमित कक्षाएं नहीं ले सका। ऐसे मुश्किल समय में उसकी मां गुंजा ने बेटे का हौसला नहीं टूटने दिया। उन्होंने ऑनलाइन क्लास देखीं, खुद नोट्स तैयार किए और गुंजन को पढ़ाया ताकि उसकी तैयारी प्रभावित न हो। गुंजन की आंखों की रोशनी भी 70 प्रतिशत से अधिक कमजोर है और वह 9.5 नंबर का चश्मा लगाता है। इसके बावजूद उसने हार नहीं मानी। जेईई मेन में 91.8 पर्सेंटाइल हासिल की, जबकि जेईई एडवांस्ड में पीडब्ल्यूडी ओबीसी श्रेणी में 50वीं और कॉमन पीडब्ल्यूडी रैंक 120 प्राप्त की। उन्होंने बताया कि अब वह आईआईटी दिल्ली में कंप्यूटर साइंस शाखा में प्रवेश लेकर अपना सपना पूरा करने जा रहा है। गुंजन ने अपनी सफलता का श्रेय मां और शिक्षकों को दिया। वहीं मां गुंजा ने कहा कि बेटे का सपना ही उनका सपना था, इसलिए उन्होंने वर्षों बाद फिर से पढ़ाई शुरू की। कोचिंग के निदेशक नवीन माहेश्वरी ने कहा कि गुंजन की कहानी बताती है कि कठिन परिस्थितियों में परिवार का साथ, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास किसी भी चुनौती को सफलता में बदल सकते हैं।
दो बाइकों की टक्कर में एक युवक की मौत:देवरिया में दो गंभीर घायल, पुलिस ने अस्पताल में कराया भर्ती
देवरिया के श्रीरामपुर थाना क्षेत्र में शनिवार शाम दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। यह घटना भवानी छापर-हाटा मुख्य मार्ग पर भवानी छापर स्थित जियो पेट्रोल पंप से लगभग 100 मीटर उत्तर मदनचक-हाटा मार्ग पर शाम करीब 5:20 बजे हुई। दुर्घटना स्थल जिला मुख्यालय से 65 किमी दूर यूपी-बिहार सीमा पर हुई। मृतक की पहचान बिहार के गोपालगंज जिले के भोरे थाना क्षेत्र के सवनहा गांव निवासी अमरजीत साह (32) पुत्र रूदल साह के रूप में हुई है। वह अपनी बाइक से जियो पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही बाइक से उनकी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि अमरजीत साह की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। अपाचे बाइक पर सवार बिहार के सिवान जिले के दरौली थाना क्षेत्र के बलहु गांव निवासी पप्पू साहनी पुत्र हरेंद्र साहनी और शुभम साहनी पुत्र सुरेंद्र साहनी गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही श्रीरामपुर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों घायल युवकों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। मृतक के शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी हाउस भेज दिया गया। प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार ने बताया कि दुर्घटना के संबंध में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि घटना के कारणों की जांच जारी है और मौके पर शांति व्यवस्था बनी हुई है।
फरीदकोट जिले में गैंगस्टरों और नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शनिवार शाम जिला पुलिस ने एसएसपी गुरबंस सिंह बैंस के नेतृत्व में 'ऑपरेशन प्रहार-3' चलाया। इस दौरान जिले भर में अपराधियों के करीब 140 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी गई। कार्रवाई के दौरान 40 वांछित अपराधियों सहित कुल 78 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि दो अवैध पिस्तौल भी बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, पंजाब सरकार और डीजीपी पंजाब के निर्देशों पर अपराध मुक्त समाज बनाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। तीनों सब-डिवीजनों में चलाया गया सर्च अभियान ऑपरेशन के तहत फरीदकोट जिले की तीनों सब-डिवीजनों फरीदकोट, कोटकपूरा और जैतो में एसपी व डीएसपी स्तर के अधिकारियों की निगरानी में अपराधियों और नशे के हॉटस्पॉट बने इलाकों में संदिग्ध लोगों के घरों पर सर्च अभियान चलाया गया। ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे एसएसपी गुरबंस सिंह बैंस ने बताया कि इस कार्रवाई में विभिन्न मामलों में वांछित 48 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 30 अन्य आरोपियों को नशा तस्करी और अवैध हथियारों से जुड़े मामलों में पकड़ा गया तथा दो अवैध पिस्तौल बरामद किए गए। इस तरह कुल 78 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। उन्होंने कहा कि जिला पुलिस गैंगस्टरों, नशा तस्करों और अन्य अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखे हुए है तथा किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। नशा तस्करों पर सख्ती से कार्रवाई जारी है-एसएसपी एसएसपी गुरबंस सिंह बैंस ने बताया कि हाल ही में जिला पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब डेढ़ किलो हेरोइन और एक किलो अफीम भी बरामद की थी। इसके अलावा अवैध हथियार भी जब्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान अपराधियों के लिए सख्त संदेश है और आगे भी इसी तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
रोजगार और बेहतर भविष्य की तलाश में सात समंदर पार यूरोपीय देश बुल्गारिया गए अमृतसर के अजनाला क्षेत्र के नौजवान पलविंदर सिंह की एक भीषण सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। चेक रिपब्लिक के कुछ युवकों द्वारा सड़क पर लगाई जा रही अंधाधुंध 'कार रेस' की सनक ने पलविंदर समेत कई बेगुनाहों की जान ले ली। कानूनी प्रक्रियाओं के बाद जब पलविंदर का पार्थिव शरीर उसके पैतृक गांव पहुंचा, तो कोहराम मच गया। परिजनों, रिश्तेदारों और भारी संख्या में उमड़े ग्रामीणों ने नम आंखों से लाडले को अंतिम विदाई दी। घर का सामान (ग्रॉसरी) लेने गया था पलविंदर, रेस लगा रही गाड़ियाँ बनीं काल हादसे के वक्त मौजूद सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, घटना वाले दिन पलविंदर सिंह अपने कमरे के लिए राशन और ग्रॉसरी का सामान लेने बाजार गया था। सामान खरीदने के बाद वह वापस लौटने के लिए सड़क किनारे खड़ी एक बस के पास इंतजार कर रहा था। एक के बाद एक तीन टक्कर, पांच युवकों की मौत चेक रिपब्लिक नंबर की गाड़ियों में सवार तीन युवक सड़क पर बेहद तेज रफ्तार में आपस में रेस लगा रहे थे। रेस लगा रही पहली तेज रफ्तार कार ने बस को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि बस सीधे पलट गई। इसके तुरंत बाद पीछे से आ रही दूसरी कार भी पलट चुकी बस से टकराई और तीसरी कार अनियंत्रित होकर सीधे बस के भीतर जा घुसी। इस भयानक तिहरे हादसे में पलविंदर सिंह और वहां मौजूद 4 से 5 अन्य युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। परिवार का सपना टूटा: आर्थिक स्थिति सुधारने 1 साल पहले गया था विदेश परिजनों ने रोते हुए बताया कि घर की आर्थिक स्थिति बेहद तंग थी। परिवार का भविष्य संवारने, कर्ज उतारने और घर की जिम्मेदारियां उठाने के उद्देश्य से पलविंदर करीब एक साल पहले ही बड़े चाव से बुल्गारिया गया था। लेकिन किसे पता था कि साल भर के भीतर ही उसकी मौत की खबर घर आ जाएगी। गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार पलविंदर सिंह की असमय मौत की खबर मिलने के बाद से ही मां-बाप और पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। वतन वापसी की लंबी कानूनी प्रक्रियाओं के बाद आखिरकार उसका पार्थिव शरीर अजनाला पहुंचा। लाडले के अंतिम दर्शनों के लिए पूरे इलाके के लोग एकत्रित हुए। श्मशान घाट पर जब छोटे भाई या परिजनों ने उसे मुखाग्नि दी, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। स्थानीय समाजसेवियों ने सरकार से पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद करने की गुहार लगाई है।
राज्य महिला आयोग की सदस्य मिनाक्षी भराला शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रोहटा में जागरूकता कार्यक्रम में पहुंची। इस दौरान जब उन्होंने वहां निरीक्षण किया तो अस्पताल परिसर में फैली गंदगी, रिकॉर्ड संधारण में लापरवाही और अव्यवस्थित रजिस्टर देखकर सीएचसी स्टाफ को खूब फटकार लगाई। निरीक्षण के दौरान मिनाक्षी भराला जब सीएचसी के फार्मेसी स्टोर में पहुंची तो गंदगी मिलने पर स्टाफ को फटकार लगाते हुए कहा कि कुत्ता भी जहां बैठता है वहां पूंछ मारकर बैठता है, आपको शर्म नहीं आती। इस स्टोर की हालत देख यहां कौन दवा लेने पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में साफ-सफाई और रिकॉर्ड का रखरखाव बेहतर होना चाहिए, क्योंकि यहां रोज बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। निरीक्षण में कई रजिस्टर भी अव्यवस्थित मिले। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने तथा अस्पताल की साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। महिला आयोग सदस्य ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को बेहतर वातावरण और सुविधाएं मिलना प्राथमिकता होनी चाहिए। लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से जल्द सुधारात्मक कार्रवाई कर इसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराने को भी कहा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि स्टाफ की लापरवाही के कारण ही सरकारी व्यवस्थाओं से जनता का भरोसा उठता है। संसाधन होने के बाद भी लोगों को सुविधा नहीं दी जा रही है। काम के दौरान इस प्रकार की लापरवाही करने वाले कर्मियों की शिकायत सीएमओ से कर सख्त कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
बेगूसराय में बिहार पुलिस में भर्ती होने की तैयारी कर रही एक गर्भवती महिला की संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई। घटना साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र कुरहा बिंद टोली की है। मृतका की पहचान बिंद टोली के रहने वाले अमित कुमार की पत्नी कुंदन कुमारी (21) के रूप में हुई है। मुंगेर जिला स्थित टीकारामपुर गांव के रहने वाले अनिल महतो की बेटी कुंदन कुमारी की शादी 2024 में साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के कुरहा बिंद टोली के रहने वाले अमित कुमार के साथ हुई थी। इंटर पास कुंदन पढ़ने में काफी तेज थी और बिहार पुलिस में भर्ती होने के लिए लगातार तैयारी कर रही थी। शादी के बाद भी कुंदन प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से नौकरी पाने के लिए लगातार प्रयास कर रही थी। पति अमित परदेस में रहता था और अपनी पत्नी की पढ़ाई की हर जरूरत पूरा करता था। एक साल पहले एक लड़का हुआ। उसके बाद भी कुंदन लगातार तैयारी कर रही थी। सिपाही भर्ती के लिए परीक्षा दिया था बीते 24 जून को उसने मद्य निषेध विभाग में सिपाही भर्ती के लिए परीक्षा दिया था। वह परीक्षा देने के लिए पति के साथ ही सीतामढ़ी गई थी। लेकिन कल शाम संदिग्ध स्थिति में घर में ही मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद उसके माता-पिता सहित सभी परिजन आज कुरहा पहुंचे। इसके बाद आज लाश का पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में कराया गया है। लाश सदर अस्पताल में अर्थी पर बांध कर लाया गया था और उसके साथ सभी कपड़ा आगे भी लाया गया था। पोस्टमार्टम के बाद परिजन लाश को लेकर अंतिम संस्कार के लिए चले गए हैं। पति बोला- आत्महत्या किया है मृतका के पति अमित कुमार ने बताया कोई भी बात नहीं था, कभी विवाद भी नहीं हुआ। कल शाम हम खेत गए थे, इसी दौरान सूचना मिली कि कुंदन ने आत्महत्या कर लिया है। घर आए और उसे फंदा से उतार कर डॉक्टर के पास ले गए। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कुंदन पढ़ने में भी बहुत तेज थी, 24 जून को सीतामढ़ी से परीक्षा देकर लौटने में उसने कहा था कि पेपर बहुत अच्छा गया है, पास कर रहे हैं। लेकिन पता नहीं क्यों यह घटना हुआ। हम दिल्ली में रहकर मजदूरी करते हैं। कुंदन का परीक्षा था और वह 3 महीने की गर्भवती थी, तो देखभाल के लिए दिल्ली से आए। मृतका के चाचा बमबम कुमार ने बताया कि 7:30 बजे घटना की जानकारी मिली, तो हम परिवार के सभी लोग कुरहा बिंद टोली पहुंचे। जहां कुंदन की लाश आंगन में पड़ी हुई थी। पता नहीं क्या घटना हुई। परिवार के लोग आत्महत्या बता रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही खुलासा होगा। मौसा राजेश महतो ने बताया कि कल देर शाम सूचना मिली कि सीढ़ी से गिरकर चोट लगने से उसकी मौत हुई है। जब यहां पहुंचे तो फांसी लगाकर आत्महत्या की जानकारी मिली है। पोस्टमार्टम करवाए, उसी में पता चलेगा की घटना कैसे हुई है। परिवार में किसी से कोई विवाद नहीं था, पता नहीं यह घटना कैसे हो गई। इस संबंध में साहेबपुर कमाल थानाध्यक्ष सिंटू कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। लाश का पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण का पता चलेगा। परिजनों के आवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
धमतरी जिले के सिहावा क्षेत्र के मराठा पारा में शनिवार को एक विशालकाय अजगर रिहायशी इलाके में पहुंच गया। करीब 10 फीट लंबे और लगभग 15 किलो वजनी अजगर को सड़क पर देखकर लोगों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए उसका सुरक्षित रेस्क्यू किया और बाद में जंगल में छोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, शनिवार को मराठा पारा की सड़क पर अचानक विशाल अजगर दिखाई दिया। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। कुछ समय के लिए लोगों की आवाजाही भी प्रभावित रही और पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने बिना नुकसान पहुंचाए किया रेस्क्यू अजगर को देखकर ग्रामीणों ने घबराने के बजाय समझदारी दिखाई। किसी ने भी वन्यजीव को नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं की। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने सावधानीपूर्वक अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया। जंगल में छोड़ा गया अजगर रेस्क्यू के बाद अजगर को वाहन से उसके प्राकृतिक आवास तक ले जाया गया और जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। समय रहते रेस्क्यू होने से किसी प्रकार की जनहानि या अप्रिय घटना नहीं हुई। घटना के बाद पूरे इलाके में अजगर की चर्चा होती रही। बरसात में बढ़ जाती हैं ऐसी घटनाएं विशेषज्ञों के अनुसार, बरसात के मौसम में भोजन और सुरक्षित स्थान की तलाश में अजगर समेत अन्य वन्यजीव आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि ऐसे वन्यजीव दिखाई देने पर घबराएं नहीं, उन्हें छेड़ने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें। सुरक्षित दूरी बनाकर तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें।
प्रयागराज कलेक्ट्रेट में कामकाज के दौरान वकीलों द्वारा कर्मचारियों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। इन घटनाओं के विरोध में उत्तर प्रदेशीय मिनिस्ट्रीयल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के बैनर तले सभी कर्मचारी लामबंद हो गए हैं। शनिवार शाम कर्मचारियों ने जिलाधिकारी (डीएम) से मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। संघ के अध्यक्ष व प्रशासनिक अधिकारी अजय शंकर श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से कलेक्ट्रेट परिसर में वकीलों द्वारा अराजकता की जा रही है। उन्होंने कई घटनाओं का जिक्र किया, जिनमें कर्मचारियों को निशाना बनाया गया। श्रीवास्तव के अनुसार, 2 जुलाई को एडीएम सिटी के आशुलिपिक नंद गोपाल तिवारी को उनके कक्ष में घुसकर अधिवक्ता संतोष पाण्डेय और उनके साथियों ने बुरी तरह पीटा। इस मारपीट में नंद गोपाल तिवारी के हाथ में फ्रैक्चर हो गया। इस मामले में गुरुवार देर रात वकीलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसी दिन, 2 जुलाई को ही अपर उप जिलाधिकारी सदर के न्यायालय में पेशकार के सहयोगकर्ता तहसील अमीन प्रेम कुमार के साथ भी वकीलों ने मारपीट और गाली-गलौज की। एक अन्य घटना में, आरोप है कि कुछ वकीलों ने राजस्व अभिलेखागार में घुसकर बिना किसी निर्धारित प्रक्रिया के अभिलेखों के निरीक्षण का दबाव बनाया। इस दौरान उन्होंने शोर-शराबा किया और वहां लगी फोटोस्टेट मशीन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्य राजस्व अधिकारी के न्यायालय में कार्यरत पेशकार शैलेंद्र वर्मा के विरुद्ध मनगढ़ंत और बेबुनियाद आरोप लगाकर उन्हें प्रताड़ित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप उनका स्थानांतरण तक करवा दिया गया। कलेक्ट्रेट कर्मचारियों में इन लगातार हो रही घटनाओं को लेकर भारी आक्रोश है। संघ का कहना है कि कर्मचारियों के साथ इस तरह की बदसलूकी और मारपीट किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। डीएम से मुलाकात के दौरान कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो पूरा कर्मचारी संघ आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए, कर्मचारी संघ ने जिला बार एसोसिएशन प्रयागराज को भी इन घटनाक्रमों से अवगत करा दिया है।
देवास जिले के ग्राम सन्नौड़ स्थित सांदीपनि विद्यालय में शनिवार को किताब से कल तक विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कलेक्टर ऋतुराज सिंह और पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में मनोज चौधरी भी मौजूद थे। छात्रों ने करियर, पढ़ाई, हॉबी और सफलता से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे। जवाब में, दोनों अधिकारियों ने अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा किए और विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासन तथा कड़ी मेहनत के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। संवाद के दौरान कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने शिक्षा को जीवन में आगे बढ़ने का सबसे प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि किताबें ही विद्यार्थियों को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाती हैं। कलेक्टर ने छात्रों से स्पष्ट लक्ष्य तय करने, अनुशासन के साथ पढ़ाई करने और सकारात्मक सोच बनाए रखने का आग्रह किया। कलेक्टर ने यह भी बताया कि जिले में कक्षा 10वीं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जिला प्रशासन द्वारा निशुल्क अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से शासन की योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने अपने छात्र जीवन का अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे भी शासकीय विद्यालय से पढ़कर इस मुकाम तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि आज सरकारी स्कूलों में निजी विद्यालयों से भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं। एसपी ने विद्यार्थियों को अपनी रुचि के अनुसार लक्ष्य तय कर ईमानदारी और मेहनत से आगे बढ़ने की सलाह दी। संवाद सत्र में विद्यार्थियों ने छात्र जीवन, सफलता, पढ़ाई और हॉबी को लेकर कई सवाल पूछे। हॉबी और पढ़ाई में संतुलन पर कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने कहा कि समय के सही प्रबंधन से दोनों को साथ लेकर चला जा सकता है। वहीं, सफलता के सफर पर एसपी पुनीत गेहलोद ने दृढ़ संकल्प, निरंतर मेहनत और सही दिशा में किए गए प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।
छत्तीसगढ़ का शिमला कहे जाने वाले मैनपाट में प्रस्तावित छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम सीएमडीसी की चार प्रस्तावित खदानें निरस्त हो सकती हैं। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह से मुलाकात की। विधायक ने कहा कि ये खदानें मैनपाट के पर्यटन एवं लोकहित में नहीं हैं। मैनपाट के कमलेश्वरपुर, सपनादर, पथरई व नर्मदापुर-कुनिया में नई बाक्साइट खदानें खोलने के लिए जनसुनवाई का आयोजन किया गया था। पर्यावरणीय जनसुनवाई में इन बाक्साइट खदानों का ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया। भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो भी कमलेश्वरपुर-रोपाखार में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचे थे और सीएमडीसी पर मंदिर, पर्यटन स्थलांे एवं आबादी क्षेत्र की गलत जानकारी देकर खदान स्वीकृत करने का आरोप लगाया था। विधायक ने कहा-पर्यटन व लोकहित में नहीं हैं खदानें सीतापुर विधायक त्ररामकुमार टोप्पो ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह एवं प्रदेश के अन्य मंत्रियों से भेंट कर मैनपाट की प्रस्तावित खदानों से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की। विधायक ने कहा कि पर्यटन, पर्यावरण, धार्मिक स्थलों एवं स्थानीय ग्रामीणों के हितों के लिए ये बाक्साइट खदानें हितकारी नहीं हैं। विधायक ने विधानसभा अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री के समक्ष जानकारी दी कि प्रस्तावित खदान क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख पर्यटन स्थल, धार्मिक आस्था के केंद्र तथा अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों का सही और समुचित उल्लेख खदान के मास्टर प्लान में नहीं किया गया है। शासन को गुमराह कर खदानों की स्वीकृृति कराई गई है। विधायक ने मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष समीक्षा कर जनभावनाओं एवं मैनपाट के पर्यटन महत्व को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। विधायक ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मैनपाट के पर्यटन महत्व, पर्यावरण संरक्षण एवं स्थानीय ग्रामीणों के हितों को महत्वपूर्ण बताते हुए मामले की समीक्षा का भरोसा दिया है। पूर्ववर्ती सरकार में खदानों का आबंटन, मंत्री भी पार्टनर मैनपाट में प्रस्तावित चारों खदानों का आबंटन पूर्ववर्ती भूपेश सरकार में मां कुदरगढ़ी स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड को टेंडर के माध्यम से सीएमडीसी द्वारा किया गया है। वर्ष 2022 में ही कंपनी ने बिड राशि की 20 प्रतिशत राशि भी जमा करा दी है। सपनादर खदान के 171 हेक्टेयर क्षेत्र की लीज के लिए कंपनी ने छत्तीसगढ़ शासन के खाते में दिनांक 10.11.2022 को कुल नीलामी राशि का 20 प्रतिशत दो करोड़ 12 लाख तीन हजार रुपये भी जमा कराया था। मां कुदरगढ़ी स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अन्य तीन खदानों की नीलामी राशि का 20 प्रतिशत जमा कराया था। मां कुदरगढ़ी ग्रुप ऑफ कंपनीज में प्रदेश के मंत्री रामविचार नेताम एवं उनके परिवार की भी हिस्सेदारी है। यह जानकारी मंत्री नेताम ने चुनाव के दौरान शपथ पत्र में स्वयं दी है। भाजपा नेता रजनीश पांडेय ने कहा कि मैनपाट में सीएमडीसी की अन्य खदानें भी संचालित हैं, जिनमें से अधिकांश मां कुदरगढ़ी स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित हैं। इनमें नियमों की अनदेखी और मजदूरों के शोषण के भी आरोप लगते रहे हैं। मैनपाट में वर्ष 1986 से संचालित बाक्साइट खदानों से अब तक मैनपाट का सिर्फ दोहन हुआ है, मैनपाट को कोई सीधा लाभ नहीं हुआ, जबकि इसकी पहचान पर्यटन के लिए है।
फरीदाबाद के सदर बल्लभगढ़ थाना क्षेत्र के गांव फतेहपुर बिलौच स्थित आईटीआई के पास 30 जून की शाम दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में घायल दूसरे बाइक चालक कृष्ण की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे पहले इस हादसे में गंभीर रूप से घायल पंकज ने 1 जुलाई को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। अब इस दुर्घटना में दोनों युवकों की मौत होने से दोनों परिवारों में शोक का माहौल है। पुलिस को दी शिकायत में गांव गालिमपुर, जिला बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) निवासी ललित ने बताया कि उनका भतीजा पंकज मजदूरी का काम करता था और फतेहपुर बिलौच में उनके साथ रह रहा था। चार दिन पहले हुआ था हादसा 30 जून की रात करीब आठ बजे उन्हें सूचना मिली कि आईटीआई फतेहपुर बिलौच के पास पंकज की बाइक का सड़क हादसा हो गया है। सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे, जहां पंकज और दूसरी बाइक चला रहे कृष्ण गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े थे। दोनों घायलों को तुरंत सेक्टर-8 स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने पंकज की हालत गंभीर देखते हुए उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया, जहां 1 जुलाई को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं दूसरे घायल कृष्ण का इलाज जारी था, लेकिन उसने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि दोनों युवकों की मौत के बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया और उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है ताकि हादसे के सभी पहलुओं का पता लगाया जा सके।
बठिंडा में युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या:भाभी के साथ सुबह हुआ था विवाद, मृतक बिहार का रहने वाला
बठिंडा के बाबा फरीद नगर स्थित गली नंबर 1/5 के एक किराए के क्वार्टर में एक व्यक्ति ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान बिहार के भवानीपुर निवासी अमरजीत पुत्र विजय कुमार के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही समाजसेवी संस्था नौजवान वेलफेयर सोसाइटी बठिंडा के स्वयंसेवक अंश मेहता, साहिब सिंह, अतुल जैन, भाविश गोयल और थाना कैंट पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की प्रारंभिक कार्यवाही के बाद संस्था सदस्यों ने शव को फंदे से नीचे उतारा। भाभी के साथ हुआ था विवाद अमरजीत अपनी भाभी के साथ रह रहा था। बताया जा रहा है कि सुबह उसका अपनी भाभी के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। संस्था सदस्यों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया। थाना कैंट के एसएचओ रघबीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है। एसएचओ ने बताया कि मृतक अकेला रहता था और मजदूरी का काम करता था। पुलिस ने उसके परिवार वालों को बुलाया है और उनके आने के बाद आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय में संचालित जेम्स एंड ज्वेलरी पाठ्यक्रम की अनियमितताओं को लेकर रायपुर के सराफा व्यापारियों ने राज्यपाल रमेन डेका से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। रायपुर सराफा एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरख मालू के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने पाठ्यक्रम की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए इसे तत्काल सुधारने की मांग की। व्यापारियों ने बताया कि शासन द्वारा पाठ्यक्रम के लिए लगभग 50 लाख रुपये स्वीकृत किए जाने के बावजूद इस सत्र में प्रवेश बेहद कम रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राशि के उपयोग में पारदर्शिता नहीं है और पाठ्यक्रम का संचालन भी लगभग ठप हो चुका है। उनका कहना था कि राज्यपाल के पूर्व निर्देश के बाद भी पिछले छह महीनों में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।शीघ्र समाधान का दिया भरोसा ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि लंबे समय से पाठ्यक्रम की समीक्षा बैठक नहीं हुई है। न तो विद्यार्थियों के प्लेसमेंट की कोई योजना बनाई गई और न ही नए प्रवेश बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास किए गए। व्यापारियों का कहना है कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण 'स्किल इंडिया' की भावना के अनुरूप शुरू किया गया यह रोजगारपरक पाठ्यक्रम अपने उद्देश्य से भटक गया है। राज्यपाल रमेन डेका ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर पाठ्यक्रम के नियमित संचालन और आवश्यक सुधार के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। प्रतिनिधिमंडल में हरख मालू, प्रमित नियोगी, देवेंद्र सोनी, रविकांत लूक्कड़ और अमित अंबानी सहित अन्य सराफा व्यापारी मौजूद रहे।
बांसवाड़ा जिला पुलिस ने अपराधियों और अवैध मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। उदयपुर रेंज आईजी गौरव श्रीवास्तव के आदेशानुसार जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए शनिवार को एक दिवसीय विशेष अभियान 'एरिया डोमिनेशन' चलाया गया। पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी के निर्देशन और सुपरविजन में पुलिस ने चक्रव्यूह रचकर जिले भर में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस मेगा ऑपरेशन के लिए जिला पुलिस की 60 विशेष टीमों का गठन किया गया था, जिसमें 301 पुलिसकर्मियों ने शामिल होकर 424 चिन्हित स्थानों पर दबिश दी और कुल 244 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। 'ऑपरेशन सुदर्शन चक्र-02' और 'त्रिनेत्र' के तहत हुई कार्रवाई एसपी सुधीर जोशी और एएसपी नरपत सिंह के निकट पर्यवेक्षण में सभी थानाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में अपराधियों को घेरा। इस अभियान के तहत अलग-अलग मामलों में बड़ी गिरफ्तारियां और बरामदगी की गई है: अवैध शराब पर कड़ा प्रहार (ऑपरेशन त्रिनेत्र): आबकारी अधिनियम के तहत 20 मामले दर्ज कर 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। साथ ही 3 वांछित आरोपियों को भी दबोचा गया। पुलिस ने 161 लीटर देसी हथकड़ शराब बरामद की और 58 अवैध भट्टियों को तोड़कर करीब 7730 लीटर अवैध महुआ वॉश को मौके पर ही नष्ट कर दिया। हत्या के प्रयास के आरोपी गिरफ्तार: कुशलगढ़ थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में वांछित चल रहे 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया। वारंटी और भगोड़े दबोचे: पुलिस ने स्थाई वारंटी, उद्घोषित अपराधी और 335 बीएनएसएस के तहत 5 आरोपियों को, गिरफ्तारी वारंट के तहत 18 वांछित आरोपियों को और 138 एनआई एक्ट के तहत 6 वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कुर्की वारंट से वसूली: खमेरा थाना पुलिस ने कुर्की वारंट के तहत अभियुक्त 44 हजार रुपए वसूल कर न्यायालय में जमा कराए। अन्य बड़ी कार्रवाइयां: सामान्य प्रकरणों में वांछित 16 आरोपी और निरोधात्मक कार्रवाई के तहत 195 गैर सायलो को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा पुलिस ने 98 हिस्ट्रीशीटर्स व एचएस की चेकिंग की और संपत्ति संबंधी अपराधों (लूट, डकैती, नकबजनी, चोरी) में लिप्त रहे 93 अपराधियों को थाने लाकर कड़ाई से पूछताछ की। अपराधियों को सख्त संदेश: एसपी सुधीर जोशी ने बताया कि जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
जंगल में पेड़ से लटका मिला बुजुर्ग का शव:25 दिन पहले हुए थे गुमशुदा, बकरी चराने गई पत्नी ने देखा
सोनभद्र जिले के अनपरा थाना क्षेत्र के ककरी स्थित जंगल में 74 वर्षीय बुजुर्ग का सड़ी-गली अवस्था में शव पेड़ से लटका मिला। करीब 25 दिन पहले उनकी गुमशुदगी अनपरा थाने में दर्ज कराई गई थी। इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार, ग्राम रेहटा, ककरी निवासी देवराज ने 10 जून को अपने पिता शुकरूल (74 वर्ष) पुत्र भुलन की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस और परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे थे, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया था। आज ककरी खदान के ऊपर पहाड़ी स्थित जंगल में शुकरूल की पत्नी बकरी चराने गई थीं। इसी दौरान उनकी नजर पेड़ से लटक रहे एक शव पर पड़ी। पास जाकर देखने पर उन्होंने शव की पहचान अपने पति शुकरूल के रूप में की। सूचना मिलते ही अनपरा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाया। पुलिस के अनुसार, शव पूरी तरह सड़ी-गली अवस्था में था और प्रथम दृष्टया लगभग 20 से 25 दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शुकरूल अक्सर उसी जंगल में बकरी चराने जाते थे। आशंका है कि उन्होंने वहीं फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों की तलाश के दौरान वे इस विशेष स्थान तक नहीं पहुंच पाए थे, जिसके कारण शव इतने दिनों तक जंगल में पड़ा रहा। प्रभारी निरीक्षक प्रणय प्रसून श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले में किसी व्यक्ति पर कोई आरोप या संदेह नहीं है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में शांति व्यवस्था सामान्य बनी हुई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 8 जुलाई को मिर्जापुर का दौरा करेंगे। वे यहां मां विंध्यवासिनी मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे और जिले में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। उनका आगमन वाराणसी में समीक्षा बैठक के बाद प्रस्तावित है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री सुबह 11:30 बजे विंध्यांचल हेलिपैड से कार द्वारा मां विंध्यवासिनी मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगे। वे 11:35 बजे मंदिर पहुंचेंगे और दर्शन-पूजन करेंगे। दर्शन के बाद, मुख्यमंत्री 11:55 बजे मंदिर से रवाना होकर 12:05 बजे अष्टभुजा अतिथि गृह पहुंचेंगे। यहां दोपहर 12:05 बजे से 1:00 बजे तक विंध्यांचल मंडल के लोक निर्माण विभाग के पुराने कार्यों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही, नए कार्यों की कार्ययोजना पर भी बैठक होगी। दोपहर 1:00 बजे से 1:30 बजे तक का समय आरक्षित रहेगा। इसके बाद मुख्यमंत्री 1:30 बजे अष्टभुजा अतिथि गृह से प्रस्थान कर 1:40 बजे विंध्यांचल हेलिपैड पहुंचेंगे। वहां से वे चित्रकूट के लिए रवाना हो जाएंगे।
कटनी जिले के रीठी थाना क्षेत्र के ग्राम बरहटा में अवैध शराब की बिक्री और बढ़ते नशे के खिलाफ ग्रामीण महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है। शनिवार शाम को बड़ी संख्या में एकत्रित होकर महिलाएं सीधे रीठी थाने पहुंचीं। उन्होंने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर गांव में चल रहे अवैध शराब के कारोबार पर तुरंत रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। घर में मारपीट और आर्थिक तंगी से परेशान हैं परिवार थाने पहुंची महिलाओं ने बताया कि गांव में लंबे समय से खुलेआम अवैध शराब बनाई और बेची जा रही है। इसके कारण अधिकांश पुरुष कमाई का बड़ा हिस्सा शराब में उड़ा रहे हैं, जिससे परिवारों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं का आरोप है कि पुरुष शराब के नशे में धुत होकर घर लौटते हैं और गाली-गलौज व मारपीट करते हैं, जिससे घर और गांव का माहौल पूरी तरह खराब हो चुका है। थाना प्रभारी ने दिया आश्वासन ग्रामीण महिलाओं ने चिंता जताते हुए कहा कि गांव में नशेड़ियों का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे अब युवाओं और छोटे बच्चों के भी इस लत की गिरफ्त में आने का खतरा पैदा हो गया है। इसके चलते महिलाएं और लड़कियां खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। महिलाओं की शिकायत और आक्रोश को देखते हुए रीठी थाना प्रभारी ने मामले की तुरंत जांच कराने और अवैध शराब विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का ठोस आश्वासन दिया है।
DDU में 16 जुलाई को रिमोट सेंसिंग पर वर्कशॉप:डॉ. पीएस रॉय बताएंगे वनस्पति विज्ञान में करियर के मौके
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग में 16 जुलाई को एक दिनों के कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इस वर्कशॉप का विषय 'रिमोट सेंसिंग का उपयोग, वनस्पति विज्ञान में इसका स्कोप और करियर प्रॉस्पेक्ट की संभावनाएं' रखा गया है। वर्कशॉप के कोऑर्डिनेटर और बॉटनी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अभय कुमार ने शनिवार की दोपहर 3 बजे यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. पूनम टंडन से मुलाकात कर उन्हें इस पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा और तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और विषय विशेषज्ञ देहरादून स्थित भारतीय रिमोट सेंसिंग संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ. पी. एस. रॉय होंगे। आज के समय में मौसम और क्लाइमेट चेंज की चुनौतियों को देखते हुए यह आयोजन बेहद मददगार साबित होगा। बड़ी खोजों के लिए जाने जाते हैं डॉ. रॉयखास बात यह है कि डॉ. रॉय डीडीयू के बॉटनी विभाग के ही पूर्व छात्र रहे हैं। वे देश-विदेश में रिमोट सेंसिंग और पर्यावरण से जुड़ी अपनी बड़ी खोजों के लिए जाने जाते हैं। वहीं, कार्यशाला के सह-अध्यक्ष प्रमोद तिवारी और बॉटनी के विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार द्विवेदी ने यूनिवर्सिटी के सभी शिक्षकों और छात्र-छात्राओं से इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है।
देहरादून के प्रेम नगर थाना क्षेत्र में मुजफ्फरनगर के सिसौली गांव से घूमने आए एक युवक को उसी के दोस्त ने चाकू मार कर बुरी तरह से घायल कर दिया जिसका इलाज देहरादून के दून मेडिकल कॉलेज में किया जा रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक घायल युवक फिलहाल खतरे से बाहर है और उसके पेट और पैर में दो जगह पर चाकू के वार मिले थे और युवक का उपचार किया जा रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक घटना शनिवार दोपहर की है जब मुजफ्फरनगर के सिसौली गांव से शिवम नाम का एक युवक अपने कृष्णा नाम के एक दोस्त को उसके घर से देहरादून घूमने के लिए लेकर आया था और जब यह दोनों प्रेम नगर थाना क्षेत्र के दशहरा ग्राउंड में थे उसी समय इन दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहा सुनी हुई और यह कहा सुनी इतनी आगे बढ़ गई कि शिवम ने अपनी जेब से चाकू निकाल कर कृष्ण पर हमला कर दिया जिसमें वह बुरी तरह से घायल हो गया। जब तक कृष्णा संभल पाता तब तक उसके दोस्त शिवम ने उसके पेट और पैर पर वार करके उसे घायल कर दिया इसके बाद वहां आसपास मौजूद लोगों ने जैसे ही शोर मचाया तो आरोपी शिवम घबराकर मौके से फरार हो गया। वहीं पुलिस ने इस मामले में घायल युवक कृष्णा के बयानों के आधार पर आरोपी शिवम की तलाश शुरू कर दी है साथ ही इस बात की भी जानकारी की जा रही है कि कहीं शिवम द्वारा कृष्णा पर किया गया हमला किसी साजिश का हिस्सा तो नहीं था।
शामली में बैंक ऑफ बड़ौदा के एक ग्राहक सेवा केंद्र (बीसीए सेंटर) पर ग्राहकों से अवैध वसूली के आरोप सामने आए हैं। शिकायत के बाद हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने स्टिंग ऑपरेशन कर कथित अनियमितताओं के साक्ष्य जुटाए। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने संबंधित बीसीए सेंटर का संचालन बंद कर दिया। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के दयानंद नगर मोहल्ले में संचालित बीसीए सेंटर का है। आरोप है कि सेंटर संचालक बैंक खाते खोलने के नाम पर ग्राहकों से अवैध रूप से पैसे वसूल रहा था। उसके खिलाफ ग्राहकों से अभद्र व्यवहार और अन्य अनियमितताओं की शिकायतें भी सामने आई थीं। शिकायत के साथ सौंपे गए साक्ष्य हिंदू युवा वाहिनी के नेता कुलदीप गौड़ के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं की टीम ने सेंटर पर पहुंचकर स्टिंग ऑपरेशन किया। संगठन का दावा है कि इस दौरान कथित अनियमितताओं से जुड़े साक्ष्य जुटाए गए। इसके बाद सभी साक्ष्यों के साथ बैंक ऑफ बड़ौदा के शाखा प्रबंधक को लिखित शिकायत दी गई। बैंक प्रबंधन ने शिकायत मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लिया और 24 घंटे के भीतर संबंधित बीसीए सेंटर का संचालन बंद करने का निर्णय लिया। शाखा प्रबंधक ने की पुष्टि शाखा प्रबंधक प्रमोद सिरोही ने बताया कि दयानंद नगर स्थित बीसीए सेंटर के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के आधार पर सेंटर का कोड तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी विभागीय कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को भी भेज दी गई है।
नई दिल्ली। जेएनयू छात्रसंघ के संयुक्त सचिव दानिश अली की तबीयत शनिवार को भूख हड़ताल के सातवें दिन गंभीर रूप से बिगड़ गई। छात्र संगठन आइसा के अनुसार, शाम करीब 5.30 बजे उन्हें डॉ राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में भर्ती कराया गया। संगठन का दावा है कि लगातार उपवास के कारण उनका ब्लड शुगर स्तर घटकर 46 एमजी/डीएल पहुंच गया, जिसके बाद उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल ले जाना पड़ा और आईवी फ्लूइड चढ़ाया गया। अस्पताल ले जाते समय जंतर-मंतर पर मौजूद बड़ी संख्या में छात्रों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की। छात्र संगठन का कहना है कि दानिश अली समेत आंदोलन में शामिल छात्र लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। 20 से अधिक प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल आइसा के मुताबिक, दानिश अली के अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद सोनम वांगचुक सहित 20 से अधिक प्रदर्शनकारी अब भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि आंदोलन को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि प्रदर्शनकारियों की स्वास्थ्य स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। आइसा ने कहा, दानिश अली की बिगड़ती तबीयत आंदोलन की गंभीरता को दिखाती है। सरकार को तत्काल छात्रों की मांगों पर संवाद शुरू करना चाहिए।
देवरिया में कल नहीं आएगी 3 घंटे बिजली:एक लाख से अधिक उपभोक्ता होंगे प्रभावित, नए फीडर पर चलेगा काम
देवरिया शहर के पुरवा 33/11 केवी बिजली उपकेंद्र पर नए नगर विस्तार फीडर के निर्माण के लिए रविवार को तीन घंटे का शटडाउन लिया जाएगा। इस दौरान दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक उपकेंद्र से जुड़े सभी फीडरों की बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। इससे शहर और आसपास के क्षेत्रों के एक लाख से अधिक उपभोक्ता प्रभावित होंगे। अधीक्षण अभियंता (एसई) ने शुक्रवार देर शाम इसकी जानकारी दी। बिजली विभाग के अनुसार, पुरवा उपकेंद्र से लगभग आठ फीडरों के माध्यम से शहर के दर्जनों मोहल्लों और कई गांवों में बिजली आपूर्ति होती है। इसी उपकेंद्र से देवरिया सदर रेलवे स्टेशन और औद्योगिक क्षेत्र को भी बिजली मिलती है। बढ़ते विद्युत भार के कारण इन फीडरों पर अक्सर ओवरलोड की समस्या बनी रहती थी। इस समस्या के समाधान और बेहतर, निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने एक नया नगर विस्तार फीडर तैयार किया है। रविवार को इस नए फीडर के लिए उपकेंद्र पर पैनल स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए तीन घंटे का शटडाउन आवश्यक है। शटडाउन के कारण औराचौरी, पुरवा, सोमनाथ नगर, मुड़ाडीह, महुआबारी, बभनी, चीनी मिल क्षेत्र, पिड़रा, गायत्रीपुरम, रामगुलाम टोला, भीखमपुर रोड, राघवापुर, इंडस्ट्रियल एरिया सहित आसपास के कई मोहल्लों और गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। अधीक्षण अभियंता अमीइत सिंह ने बताया कि यह कार्य भविष्य में उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध विद्युत आपूर्ति प्रदान करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे शटडाउन शुरू होने से पहले पानी की टंकियां भरने और बिजली से जुड़े अन्य आवश्यक कार्य निपटा लें।
छतरपुर में एक सब-इंस्पेक्टर को अपने बेटे की सड़क हादसे में मौत के बाद न्याय के लिए थाने के बाहर धरने पर बैठना पड़ा। मृतक के पिता मथुरा प्रसाद गौड़, जो स्वयं पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर हैं, ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे की मौत के मामले में अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। जानकारी के अनुसार, यह घटना 19 जून की देर रात हुई थी। ग्राम चंदुली निवासी गजेंद्र सिंह गौड़ (30) की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। बताया गया कि सागर रोड की ओर से आ रहे ट्रक क्रमांक UP 91 AT 3056 और एक कार की टक्कर के दौरान गजेंद्र ट्रक के नीचे दब गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में गजेंद्र के साथ बाइक पर सवार वीरेंद्र (19), निवासी चंदुली, भी घायल हो गए, जिनका उपचार कराया गया है। ट्रक पकड़ने के बाद छोड़ दियामृतक के पिता मथुरा प्रसाद गौड़ का आरोप है कि पुलिस ने दुर्घटना में शामिल कार को तो जब्त कर लिया, लेकिन ट्रक को पकड़ने के बाद छोड़ दिया। उनका कहना है कि घटना के बाद से वे लगातार संबंधित थाने के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई प्रकरण दर्ज नहीं किया गया है। धरने पर बैठे मथुरा प्रसाद गौड़ ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, मैं खुद पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर हूं, लेकिन अपने ही बेटे की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज नहीं करा पा रहा हूं। अगर एक पुलिसकर्मी को न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है, तो आम आदमी की स्थिति क्या होगी? उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक इस मामले में एफआईआर दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू नहीं की जाती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। इस मामले में अभी तक पुलिस का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। परिजनों का कहना है कि वे केवल निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई चाहते हैं। घटना के बाद से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
महिला ने मंगलसूत्र छीन रहे बदमाशों को पकड़ा:कौशांबी में बदमाश की शर्ट पकड़कर खींचा, गहना फेंक भागा
कौशांबी के कोखराज थाना क्षेत्र के पल्टीपुर गांव के पास शनिवार शाम महिला दुकानदार से मंगलसूत्र छीनने का प्रयास किया गया। महिला की सूझबूझ और साहस के चलते बदमाश वारदात को अंजाम नहीं दे सके और मंगलसूत्र छोड़कर मौके से फरार हो गए। पल्टीपुर गांव निवासी खुशबू देवी पत्नी अनिल कुमार अंडा और चाय-नाश्ते की दुकान चलाती हैं। शनिवार शाम करीब 6:30 बजे दो युवक मोटरसाइकिल से उनकी दुकान पर पहुंचे और अंडा बनाने को कहा। खुशबू देवी के मुताबिक, जैसे ही उन्होंने अंडा तैयार कर युवकों को देने का प्रयास किया, पीछे बैठे युवक ने उनके गले में पहने मंगलसूत्र पर झपट्टा मार दिया। शर्ट पकड़कर बदमाश को गिराया मंगलसूत्र छीनने के बाद दोनों युवक बाइक से भागने लगे। इसी दौरान खुशबू देवी ने फुर्ती दिखाते हुए पीछे बैठे बदमाश की शर्ट पकड़कर खींच ली। इससे वह बाइक से नीचे गिर पड़ा और महिला व बदमाश के बीच हाथापाई शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ती देख बदमाश ने मंगलसूत्र वहीं फेंक दिया और अपने साथी के साथ बाइक पर बैठकर मौके से फरार हो गया। बिना नंबर प्लेट की थी बाइक पीड़िता ने बताया कि बदमाश जिस मोटरसाइकिल से आए थे, उस पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी। घटना की सूचना मिलते ही कोखराज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और अन्य सुरागों के आधार पर फरार बदमाशों की तलाश में जुटी है।
सोनीपत शहर के अशोक विहार क्षेत्र में शनिवार दोपहर उस समय दहशत फैल गई, जब शराब के नशे में धुत एक SPO ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। आरोप है कि SPO ने पहले तीन हवाई फायर किए और उसके बाद पड़ोसी युवक को निशाना बनाकर दो गोलियां चलाईं। हालांकि युवक बाल-बाल बच गया, लेकिन गली से गुजर रही 65 वर्षीय महिला गोली लगने से घायल हो गई। घायल महिला को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। परिजनों की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश जारी है और उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पड़ोसी युवक को बनाया निशाना, महिला को लगी गोली पुलिस को दी शिकायत के अनुसार, शनिवार करीब साढ़े 3 बजे अशोक विहार की गली नंबर-7 निवासी SPO विक्रम, जो कथित रूप से शराब के नशे में था, अपनी गली में खड़ा था। इसी दौरान पड़ोसी यश उर्फ इशु (19) पुत्र कर्मवीर अपनी मां के साथ बाइक पर वहां से गुजर रहा था। आरोप है कि SPO विक्रम ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से पहले तीन हवाई फायर किए और फिर यश को निशाना बनाकर दो गोलियां चला दीं। इनमें से एक गोली यश को नहीं लगी, बल्कि उसी समय वहां से गुजर रही 65 वर्षीय मूर्ति देवी के पैर में जा लगी। घायल महिला को अस्पताल में कराया भर्ती गोली लगते ही गली में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और परिजनों ने घायल मूर्ति देवी को तुरंत सोनीपत के ट्यूलिप अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है। आरोपी एसपीओ, पिता हरियाणा पुलिस से सेवानिवृत्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी विक्रम सोनीपत पुलिस में एसपीओ (स्पेशल पुलिस ऑफिसर) के पद पर कार्यरत है। वहीं उसका पिता जय भगवान हरियाणा पुलिस से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। पुलिस आरोपी के सर्विस रिकॉर्ड और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। पहले भी दे चुका था धमकी, पुराने विवाद का भी आरोप परिजनों का आरोप है कि करीब एक सप्ताह पहले भी विक्रम ने यश का रास्ता रोककर उसे जान से मारने की धमकी दी थी। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2007 में विक्रम ने यश के ताऊ बलवीर, जो अब हरियाणा पुलिस से सेवानिवृत्त हैं, पर भी गोली चलाई थी। हालांकि उस घटना में बलवीर की जान बच गई थी। पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है। पुलिस ने केस दर्ज किया, आरोपी की तलाश जारी मामले को लेकर पुलिस प्रवक्ता रविंद्र सिंह ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है और आरोपी की तलाश में टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है।
कोरबा में इंडियन ऑयल डिपो के बाहर पेट्रोल-डीजल टैंकर में तैनात कर्मियों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। टैंकर से तेल चोरी (कटिंग) रोकने की व्यवस्था के विरोध में कुछ लोगों ने कर्मियों पर हमला कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, पिछले कुछ समय से जिले के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर टैंकर से तेल उतारते समय 'कटिंग' यानी तेल चोरी की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। पंप संचालकों को टैंकर से मिलने वाले पेट्रोल-डीजल की मात्रा में कमी महसूस हो रही थी। तेल चोरी रोकने के लिए बनाई गई थी नई व्यवस्था इसी समस्या को देखते हुए पंप संचालकों ने इंडियन ऑयल डिपो से पेट्रोल पंप तक टैंकर के साथ अपने भरोसेमंद कर्मियों को भेजने का फैसला किया, ताकि रास्ते में तेल की हेराफेरी रोकी जा सके। डिपो गेट के बाहर रोका टैंकर घटना वाले दिन भी टैंकर के साथ पंप के कर्मी मौजूद थे। जैसे ही टैंकर कोरबा स्थित इंडियन ऑयल डिपो के गेट से बाहर निकला, पहले से घात लगाए कुछ लोगों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि कटिंग रोकने की व्यवस्था से नाराज आरोपियों ने कर्मियों से विवाद शुरू कर दिया, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस घटना के दौरान कर्मियों ने डिपो प्रबंधन और पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया। तीन आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ जारी प्रारंभिक जांच में विवाद की वजह तेल चोरी (कटिंग) रोकने की व्यवस्था सामने आई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा डालने सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों से पूछताछ जारी है।
बलरामपुर में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर लंबे समय से प्रदर्शित हो रही अनस्पेंट बैलेंस को शून्य नहीं करने के मामले में ग्राम विकास अधिकारी नीलेश श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया है। जिला विकास अधिकारी ने यह कार्रवाई विकास खंड पचपेड़वा में तैनात ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ की है। कार्यालय आदेश के अनुसार, ग्राम पंचायत मदरहिया में 1,16,067 रुपये, मनकौरा में 10,881 रुपये और बरगदवा सोहना में 10,852 रुपये की अनस्पेंट बैलेंस लंबे समय से मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदर्शित हो रही थी। आरोप है कि इस संबंध में सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) और जिला पंचायत राज अधिकारी की ओर से पत्र, व्हाट्सएप और दूरभाष के माध्यम से कई बार निर्देश दिए गए, लेकिन उनका पालन नहीं किया गया। नोटिस के बाद भी नहीं दिया संतोषजनक जवाब विभाग की ओर से 22 जून और 26 जून 2026 को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए थे। आरोप है कि इसके बावजूद न तो संतोषजनक जवाब दिया गया और न ही अनस्पेंट बैलेंस को शून्य करने के लिए कोई सुधारात्मक कार्रवाई की गई। जिले की रैंकिंग प्रभावित होने का आरोप आदेश में कहा गया है कि इस लापरवाही के कारण मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर जिले की रैंकिंग प्रभावित हुई और शासन स्तर पर जनपद की छवि पर प्रतिकूल असर पड़ा। विभाग ने इसे सरकारी दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना तथा उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली के उल्लंघन की श्रेणी में माना है। गैसड़ी से संबद्ध, जांच शुरू निलंबन अवधि के दौरान नीलेश श्रीवास्तव को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। साथ ही उन्हें विकास खंड गैसड़ी से संबद्ध किया गया है। मामले की जांच के लिए खंड विकास अधिकारी, गैसड़ी को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्हें एक सप्ताह के भीतर आरोप-पत्र जारी करने और निर्धारित समय सीमा में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने दिल्ली सरकार पर स्वास्थ्य विभाग में 650 करोड़ रुपए के कथित घोटाले का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह के इस्तीफे की मांग की। शनिवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा इतने बड़े मामले के बावजूद न तो सरकार से जवाब मांगा जा रहा है और न ही जांच एजेंसियां कोई कार्रवाई कर रही हैं। संजय सिंह ने दावा किया कि कथित अनियमितताएं दवा खरीद, ओआरएस पैकेट, पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, रेडियोलॉजी उपकरण और अस्पतालों के लिए बेडशीट खरीद से जुड़ी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने 15 हजार अस्पताल बेड के लिए 16 लाख से अधिक बेडशीट खरीदीं, जबकि ओआरएस के पैकेट बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर खरीदे गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि करीब 400 करोड़ रुपए की दवाएं स्थानीय केमिस्टों से खरीदी गईं, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ। एक्स-रे मशीन की खरीद पर उठाए सवाल संजय सिंह ने कहा कि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि आरोप सही है तो जिम्मेदार अधिकारियों और मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने एक्स-रे मशीनों की खरीद को लेकर भी सवाल उठाए। उनका दावा था कि कम संख्या के लिए जारी टेंडर के बाद मशीनों की संख्या बढ़ा दी गई और बाजार मूल्य से अधिक कीमत पर खरीदारी की गई। इसके अलावा बेडशीट खरीद और अन्य चिकित्सा सामग्री की खरीद प्रक्रिया पर भी उन्होंने सवाल खड़े किए। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि जब आम आदमी पार्टी की सरकार के खिलाफ मामले दर्ज हुए थे, तब केंद्रीय एजेंसियां सक्रिय थीं, लेकिन अब इतने बड़े कथित घोटाले के बावजूद ईडी और सीबीआई की ओर से कोई कार्रवाई नहीं दिख रही है। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए।उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएगी और सरकार से पूरे मामले पर जवाबदेही तय करने की मांग करेगी। आम आदमी पार्टी के मुख्य आरोप - स्वास्थ्य विभाग में 650 करोड़ रुपए के कथित घोटाले का दावा।- दवा, ओआरएस, एक्स-रे मशीन और बेडशीट खरीद में अनियमितताओं के आरोप।- मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह से इस्तीफे की मांग।- ईडी और सीबीआई से निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई की मांग।- मामले को लेकर जनता के बीच अभियान चलाने का ऐलान।
जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट में बड़ा फेरबदल किया गया है। 347 कॉन्स्टेबलों के तबादले (ट्रांसफर) किए गए हैं। पुलिस उपायुक्त शाहीन सी ने शनिवार शाम आदेश जारी किए हैं। जारी सूची के अनुसार, सबसे ज्यादा पुलिस लाइन से कॉन्स्टेबलों को थानों में भेजा गया है, जबकि करीब 15 कॉन्स्टेबलों को अलग-अलग थानों और चौकियों से पुलिस लाइन भेजा गया है। हालांकि, ये तबादले कॉन्स्टेबलों के स्वयं के अनुरोध (एप्लीकेशन) और प्रशासनिक कारणों से किए गए हैं। अब यहां देखिए, पूरी लिस्ट…
बीकानेर के विशेष न्यायालय (एनडीपीएस एक्ट प्रकरण) ने करीब पांच साल पुराने ट्रामाडोल बरामदगी मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 12-12 वर्ष के कठोर कारावास और दो-दो लाख रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश प्रमोद बंसल ने शनिवार को यह निर्णय सुनाया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले विशिष्ट लोक अभियोजक हरीश कुमार भट्टड़ ने बताया कि अदालत ने विष्णु सिंह तथा शशि भारती को एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी करार दिया। दोनों को 12-12 वर्ष के कठोर कारावास और दो-दो लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। 100 पैकेटों में मिली थीं 25 हजार ट्रामाडोल गोलियां अभियोजन के अनुसार 19 जनवरी 2021 को नयाशहर थाना पुलिस ने कार्रवाई के दौरान विष्णु सिंह के कब्जे से नशे की ट्रामाडोल 100 mg की 100 पैकेट बरामद किए थे। प्रत्येक पैकेट में 250 गोलियां थीं। इस प्रकार कुल 25 हजार ट्रामाडोल गोलियां बरामद हुईं। आरोपी इनके संबंध में कोई वैध लाइसेंस या अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। अनुसंधान के दौरान शशि भारती की भूमिका सामने आने पर उसके खिलाफ भी एनडीपीएस एक्ट तहत आरोप पत्र पेश किया गया। हिरासत में बिताई अवधि होगी समायोजित न्यायालय ने आदेश दिया कि दोनों अभियुक्तों द्वारा पुलिस व न्यायिक अभिरक्षा में बिताई गई अवधि को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 428 के तहत सजा में समायोजित किया जाएगा। साथ ही दोनों के सजा वारंट जारी कर उन्हें केंद्रीय कारागृह, बीकानेर भेजने के निर्देश दिए गए।
सीतापुर के तंबौर थाना इलाके के मोहल्ला संगतटोला में शनिवार शाम करीब 5 बजे एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के पिता ने पति, ससुर और परिवार की एक अन्य महिला पर मारपीट व प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। महिला की पहचान 32 वर्षीय नगमा के रूप में हुई है। उसके पिता रब्बुल हसन का आरोप है कि करीब एक वर्ष पूर्व नगमा का विवाह जमाल वारिस के साथ हुआ था। शादी के बाद से ही पति जमाल वारिस, ससुर इरशाद और परिवार की सदस्य मीना निवासी ग्राम किशनी, जनपद अमेठी उसे लगातार प्रताड़ित करते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि नगमा के साथ मारपीट की जाती थी और उसे मानसिक रूप से भी परेशान किया जाता था। परिजनों के अनुसार, तीन दिन पहले नगमा की तबीयत खराब होने पर उसे मायके लाया गया था। शनिवार को अचानक उसकी हालत और बिगड़ गई। परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतका के पिता का कहना है कि नगमा ने पहले भी ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ित किए जाने और उसके जेवर छीन लेने की शिकायत पुलिस से की थी, लेकिन इसके बावजूद उत्पीड़न बंद नहीं हुआ। परिजनों ने आरोप लगाया कि लगातार प्रताड़ना के कारण ही नगमा की मौत हुई है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। घटना की सूचना पर क्षेत्राधिकारी लहरपुर अभिषेक कुमार, थाना प्रभारी ब्रजेश राय और नायब तहसीलदार दीना नाथ यादव मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल और परिजनों से जानकारी लेने के बाद शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रभारी निरीक्षक ब्रजेश राय का कहना है कि परिजनों की तहरीर के आधार पर पति, ससुर और नामजद महिला के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विवेचना के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
संभल शहर में 15 मिनट बारिश, बाकी जगह सूखा:15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, AQI 103 पहुंचा
संभल शहर में शनिवार शाम 07:10 बजे 15 मिनट की रिमझिम बारिश हुई। इस दौरान 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जिससे मौसम में बदलाव आया। बारिश के बाद वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 103 दर्ज किया गया। संभल शहर में हुई इस बूंदाबांदी से सड़कें गीली हो गईं और लोगों ने बारिश से बचने के लिए छातों का उपयोग किया। हालांकि, संभल शहर के अलावा चंदौसी, बहजोई, बबराला, सिरसी, नरौली, गुन्नौर, गंवा, पंवासा, बनियाखेड़ा, असमोली, ऐंचौड़ा कम्बोह, सिंहपुर सानी सहित पूरे जनपद में कहीं भी बारिश नहीं हुई। दिनभर उमस भरी गर्मी बनी रही। संभल शहर में 15 मिनट की बारिश के बाद तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। दिन में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इससे पहले, 01 और 02 जुलाई को हुई अच्छी बारिश के बाद जनपद संभल के मौसम में बदलाव आया था और जून की भीषण गर्मी से लोगों को कुछ राहत मिली थी। मौसम विभाग ने पूरे दिन बादल छाए रहने के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। फिलहाल, मौसम विभाग की ओर से रात तक कम बारिश होने की संभावना जताई गई है। जुलाई महीने के शुरुआती दो दिनों में कुल 14 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि जून महीने में 28 मिलीमीटर बारिश हुई थी। इस वर्ष नौतपा का असर कम दिखाई दिया है और मानसून भी लगभग 12 से 15 दिन देरी से पहुंचा है। कम बारिश के कारण लोगों को अभी भी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
जोधपुर में खेत में घुसकर जानलेवा हमले में घायल किसान खुशाल सिंह की शनिवार को मथुरादास माथुर(MDM) हॉस्पिटल में मौत हो गई। खुशाल सिंह का पिछले 10 दिन से इलाज चल रहा था। इस दौरान परिजन मॉर्च्युरी के बाहर आरोपियों की गिरफ्तारी, मृतक की पत्नी को आर्थिक सहायता, बेटे को सरकारी नौकरी सहित अन्य मांगों को लेकर मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान पुलिस ने परिजनों को समझाश का प्रयास भी किया, लेकिन वे नहीं माने और शव का पोस्टमॉर्टम कराने से भी मना कर दिया। घटना घेड़ापा थाना क्षेत्र में 25 जून की है। हालांकि, पुलिस मामले को लेकर जांच में जुट गई है। परिजनों ने खुशाल सिंह को 25 जून को ही अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों के अनुसार, घटना के बाद से ही खुशाल सिंह लगातार बेहोश थे और आज(शनिवार) इलाज के दौरान उनकी अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों बताया कि खुशाल सिंह खेती का काम करता था। देखिए, धरने से जुड़ी 3 PHOTO'S जानिए, क्या है पूरा मामला दरअसल, खेड़ापा थाने में दी रिपोर्ट में बिरसालू कला गांव में खेत पर जानलेवा हमले का मामला दर्ज हुआ है। 27 जून को दी रिपोर्ट के अनुसार, 25 जून की शाम करीब 30 से 35 लोगों ने पीड़ित के खेत में घुसकर जानलेवा हमला किया है। घटना में दो सगे भाई घायल हो गए। रिपोर्ट में बिरसालू कलां निवासी हुक्मसिंह ने बताया कि उनका बड़ा भाई खुशाल सिंह खेत से घर लौट रहा था। इसी दौरान करणसिंह, बाबूसिंह सहित 30-35 लोग हथियारों और लाठियों के साथ खेत में पहुंचे।सूचना मिलने पर वह अपने पड़ोसी निम्बाराम और बाबूदेवी के साथ खेत में पहुंचे। मौके पर पहुंचने पर आरोपियों ने खुशाल सिंह के सिर पर कुल्हाड़ी और लाठियों से हमला कर गंभीर चोटें पहुंचाईं। इस दौरान वह भी बीच-बचाव करने पहुंचा, जहां उसके सिर पर भी कुल्हाड़ी से वार किया गया और लाठियों से मारपीट की गई। जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। रिपोर्ट में यह भी बताया कि निम्बाराम और बाबूदेवी को गालियां दी गईं। बाबूदेवी के साथ कथित रूप से अभद्रता की और गालियां दी। मारपीट के दौरान खुशालसिंह की जेब से दुकान की चाबियां भी निकालकर ले गए। घटना के बाद घायलों के उपचार में व्यस्त रहने के कारण 27 जून को पुलिस थाना खेड़ापा में लिखित रिपोर्ट दी गई।
सुल्तानपुर जिले के लंभुआ तहसील क्षेत्र के शंभूगंज बाजार में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन टूटकर गिरने से उसकी चपेट में आए दो ग्रामीणों की मौत हो गई। यह घटना शंभूगंज-हनुमानगंज मार्ग पर करीब सात बजे शाम को हुई। बताया जा रहा है कि दोनों व्यक्ति हाईटेंशन तार के नीचे बैठकर सब्जी बेच रहे थे, तभी तार टूटकर उन पर गिर पड़ा। तार की चपेट में आने से वे गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद बाजार में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शंभूगंज फीडर में सात बजकर दो मिनट पर ब्रेक डाउन दर्ज किया गया था। मृतकों की पहचान सकवा गांव निवासी राधेश्याम यादव (55) पुत्र रामचंद्र यादव और गुरु प्रसाद गुप्ता (50) के रूप में हुई है। गुरु प्रसाद गुप्ता के पिता का नाम अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। परिजनों को सूचना मिलने के बाद उनमें शोक का माहौल है।
सुपौल में बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बीएसएपी)-12, भीमनगर परिसर शनिवार को ऐतिहासिक पल का साक्षी बना, जब 1074 प्रशिक्षु महिला सिपाहियों ने 38 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण के बाद दीक्षांत परेड में शानदार मार्चपास्ट कर बिहार पुलिस परिवार में औपचारिक रूप से प्रवेश किया। अनुशासन, आत्मविश्वास और जोश से भरपूर महिला सिपाहियों ने आकर्षक कदमताल से उपस्थित अधिकारियों, अभिभावकों और अतिथियों का मन मोह लिया। कोसी रेंज के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने मुख्य अतिथि के रूप में परेड की सलामी ली और सभी प्रशिक्षुओं को संविधान के प्रति निष्ठा, जनसेवा और ईमानदार पुलिसिंग का संकल्प दिलाया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… समारोह के लिए परेड ग्राउंड को विशेष रूप से सजाया गया था। चारों ओर पंडाल बनाकर अभिभावकों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। कड़ी धूप के बावजूद महिला सिपाहियों का उत्साह और अनुशासन पूरे समारोह में देखने लायक रहा। परेड के बाद अभिभावकों ने अपनी बेटियों को वर्दी में देखकर गर्व महसूस किया और पूरा परिसर तालियों की गूंज से देर तक गूंजता रहा। बीएसएपी-12 में 44 प्रशिक्षकों ने 1074 महिला सिपाहियों को 38 सप्ताह तक कठोर प्रशिक्षण दिया। इस दौरान शारीरिक दक्षता, हथियार संचालन, कानून-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन, मानवाधिकार, आंतरिक सुरक्षा तथा अनुशासन जैसे विषयों पर व्यावहारिक और सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया गया। नियमित मूल्यांकन और कठिन अभ्यास के बाद सभी प्रशिक्षुओं ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा किया। समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली मुख्य परेड कमांडर मेघा कुमारी सहित सात महिला सिपाहियों को डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने पदक देकर सम्मानित किया। वहीं बेहतर प्रशिक्षण और उत्कृष्ट व्यवस्था के लिए बीएसएपी-12 के कमांडेंट शशि रंजन को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एसएसबी के कमांडेंट गौरव सिंह, वीरपुर एसडीपीओ समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, प्रशासनिक पदाधिकारी और बड़ी संख्या में अभिभावक मौजूद रहे।अपने संबोधन में डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल अधिकार का नहीं, बल्कि सेवा, त्याग, अनुशासन और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पुलिस की सबसे बड़ी ताकत उसका अधिकार नहीं, बल्कि जनता का विश्वास है। उन्होंने महिला सिपाहियों से हर नागरिक के साथ सम्मानजनक और संवेदनशील व्यवहार करने, संविधान के प्रति निष्ठावान रहने तथा ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि बदलते समय में साइबर अपराध, डिजिटल तकनीक और नई चुनौतियों को देखते हुए पुलिसकर्मियों को लगातार सीखते रहना होगा। महिला पुलिसकर्मी अब केवल महिला सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, सामुदायिक पुलिसिंग और आपदा राहत जैसे सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
विदिशा में साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए पुलिस के 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के तहत एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान शहर की सड़कों पर पुलिसकर्मियों और स्कूली विद्यार्थियों ने मानव श्रृंखला बनाकर आमजन से साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की। यह मानव श्रृंखला दुर्गा नगर से गांधी चौक होते हुए नीमताल तक बनाई गई। इसमें सात स्कूलों के सैकड़ों विद्यार्थियों के साथ पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे। प्रतिभागियों ने हाथों में साइबर सुरक्षा से जुड़े संदेशों वाली तख्तियां लेकर लोगों को जागरूक किया और बताया कि थोड़ी सी सावधानी बड़ी ठगी से बचा सकती है। एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे ने बताया कि मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा पूरे प्रदेश में 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान चलाया जा रहा है। विदिशा जिले के सभी थाना क्षेत्रों में प्रतिदिन विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। यह मानव श्रृंखला भी इसी अभियान का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाना था। चौबे ने आगाह किया कि साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। उन्होंने सलाह दी कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने, ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी या पासवर्ड साझा करने से बचना चाहिए। उनके अनुसार, सतर्कता और जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है। कार्यक्रम के समापन पर, सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और पुलिस अधिकारियों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया। उन्होंने प्रतिज्ञा की कि वे स्वयं साइबर अपराधों के प्रति सजग रहेंगे और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करेंगे। पुलिस अधिकारियों ने जोर दिया कि जागरूक नागरिक ही साइबर अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने शहर की कई बड़ी विकास परियोजनाओं के लिए टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब इच्छुक और पात्र एजेंसियां 29 जुलाई को दोपहर 3 बजे तक अपने टेंडर जमा कर सकेंगी। उसी दिन दोपहर 3:30 बजे निविदाएं खोली जाएंगी। बीडीए के अनुसार, टेंडर की अंतिम तिथि बढ़ाने का उद्देश्य अधिक अनुभवी और योग्य एजेंसियों को प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर देना है। इससे तकनीकी और वित्तीय रूप से बेहतर प्रस्ताव मिलने की उम्मीद है, जिससे विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ेगी। इन प्रमुख परियोजनाओं के लिए मांगे गए टेंडर समयसीमा बढ़ाए जाने वाले प्रमुख प्रोजेक्ट्स में नई औद्योगिक टाउनशिप की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करना शामिल है। इसके अलावा रामगंगा नगर सेक्टर-8 में हाई-टेक साइंस पार्क और प्लेनेटोरियम की स्थापना का कार्य भी इसमें शामिल है। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और कन्वेंशन सेंटर का संचालन भी शामिल मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और कल्याण सिंह कन्वेंशन सेंटर के अगले 30 वर्षों तक संचालन एवं प्रबंधन के लिए भी निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। ग्रेटर बरेली योजना के विकास कार्य भी होंगे ग्रेटर बरेली आवासीय योजना के तहत आंतरिक विकास कार्यों के लिए भी टेंडर मांगे गए हैं। इनमें पीलीभीत-बरेली मार्ग का चौड़ीकरण, सर्विस रोड का निर्माण, बिजली लाइनों की शिफ्टिंग, आधुनिक लाइब्रेरी का निर्माण, सीवर नेटवर्क, सड़कें और पार्क विकसित करने जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। 'बेहतर प्रस्ताव मिलने की उम्मीद' बीडीए के प्रभारी अधिशासी अभियंता संदीप कुमार ने बताया कि अतिरिक्त समय मिलने से अधिक एजेंसियां निविदा प्रक्रिया में भाग ले सकेंगी। इससे प्राधिकरण को बेहतर विकल्प मिलेंगे और विकास परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ तय समय में पूरा करने में मदद मिलेगी।
दंतेवाड़ा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हरीश कवासी ने शुक्रवार (3 जुलाई) को गादीरास में आयोजित छात्र संवाद कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और छात्र हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। संवाद के दौरान NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं का मुद्दा प्रमुखता से उठा। इस पर हरीश कवासी ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से मेहनती छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों को निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था मिलनी चाहिए। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोर उन्होंने कहा कि भविष्य में कांग्रेस की सरकार बनने पर छात्रों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। हरीश कवासी ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक छात्र का संवैधानिक अधिकार है और दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि केवल स्कूल खोलना पर्याप्त नहीं है, बल्कि छात्रों को बेहतर शिक्षक, आधुनिक प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और कंप्यूटर जैसी सुविधाएं भी मिलनी चाहिए। युवाओं की भागीदारी और रोजगार पर चर्चा उन्होंने युवाओं से सामाजिक और लोकतांत्रिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि पंचायत से लेकर विधानसभा तक युवाओं की भागीदारी बढ़ने से क्षेत्र का विकास और मजबूत होगा। रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में केवल डिग्री नहीं, बल्कि कौशल विकास भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। छात्रों ने रखीं ये मांगें कार्यक्रम में छात्रों ने शिक्षकों की कमी दूर करने, छात्रावास सुविधाओं का विस्तार करने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग रखी। इस पर हरीश कवासी ने आश्वासन दिया कि जिला कांग्रेस कमेटी छात्रों की मांगों को संबंधित स्तर तक पहुंचाएगी। उन्होंने जिले में युवा संवाद मंच गठित करने की भी बात कही, ताकि छात्रों की समस्याओं और सुझावों पर नियमित रूप से चर्चा हो सके।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती शनिवार शाम हरदोई के पाली कस्बा पहुंचे। वहां मौजूद उनके भक्तों ने उनका फूल-मालाओं से स्वागत किया। शंकराचार्य ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होनें कहा कि राममंदिर चढ़ावा चोरी पहले से योजना बनाकर किया गया है। साधु-संतो को ट्रस्ट से इसीलिए अलग कर दिया गया। शंकराचार्य ने पीएम मोदी को लेकर भी निशाना साधा। उन्होनें कहा कि प्रधानमंत्री को मंदिर के बजाय देश संभलना चाहिए। मंदिर चलाने का काम साधु-संतो का है। शंकराचार्य ने गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा न देने वाली सरकार को आगामी चुनावों में सत्ता से हटाने का आह्वान किया। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी योजनाबद्ध शनिवार शाम शंकराचार्य अविमुक्तश्वरानंद हरपालपुर जाते समय पाली कस्बा पहुंचे। वहां मौजूद लोगों ने उनका फूल-मालाओं से स्वागत किया। शंकराचार्य ने मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होनें अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर कहा यह योजनाबद्ध तरीके से किया गया काम है। ये कोई अचानक नहीं किया गया। इसके लिए पहले से पूरी योजना तैयार की गई थी। राममंदिर से जुड़े साधु-संतो को पहले हटा दिया गया। अपने खास-खास लोगों को ट्रस्ट में शामिल किया गया। तभी समझ आ गया कि यहां कुछ ऐसा होने वाला है, जिसकी भनक बाहर नहीं जाने वाली है। मंदिर से करोड़ो श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी है। प्रधानमंत्री को मंदिर की जगह देश चलाना चाहिए शंकराचार्य ने कहा कि ये सारे कृत्य पहले से चल रहे थे, लेकिन बीच में भंडा फूट गया। जो भगवान के साथ ऐसा करता है। भगवान उनकी कलई खोल देते है। राममंदिर चढ़ावा चोरी पर कार्रवाई की मांग को लेकर उन्होनें कहा कि प्रधानमंत्री मंदिर न चलाए बल्कि देश चलाने का काम करें। मंदिर चलाने का काम साधु-संतो का है न कि प्रधानमंत्री का है। शंकराचार्य ने आग कहा कि प्रधानमंत्री को देश चलाने में अपना समय देना चाहिए। पीएम से देश संभल नहीं रहा। मंदिर संभालने चले आते है। यहां भी गड़बड़ कर देते है। शंकराचार्य ने मंदिरों को सरकार के नियंत्रण से बाहर करने की भी मांग की। उन्होनें केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की। गोसंरक्षण के मुद्दे पर जनमत तैयार करना उद्देश्य शंकराचार्य ने लोगों से गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा न देने वाली सरकार को आगामी चुनावों में सत्ता से हटाने का आह्वान किया। शंकराचार्य ने बताया कि उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करना और गोसंरक्षण के मुद्दे पर जनमत तैयार करना है। उन्होंने कहा कि आजादी के 78 वर्ष बाद भी गायों की हत्या जारी है, इसलिए सोच-समझकर मतदान करने की आवश्यकता है।
लखनऊ में बिजली उपभोक्ताओं को नई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन दिनों बिजली लोड बिना बढ़ने के मेसेज उपभोक्ताओं के मोबाइल पर आ रहे हैं। उपभोक्ता ने बताया कि मैसेज भेजकर लोड बढ़ाने की बात कही जा रही है। इससे परेशानी बढ़ने लगी है। हुसैनगंज निवासी उपभोक्ता जमील ने आरोप लगाते हुए कहा कि बिना किसी डिमांड और पूर्व सूचना के लोड बढ़ा दिया गया। उन्होंने कहा अगर तीन माह तक डिमांड उनकी ज्यादा गई हो, तो नोटिस भेजकर बिजली विभाग कह सकता था, मगर यहां ऐसा कुछ नहीं हुआ। नियमों को ताक पर पर रखकर 3 महीना ऑब्जर्वेशन से पहले ही लोड बढ़ा दिया गया। नियमानुसार तीन माह तक लगातार ज्यादा खपत होने पर ही लोड बढ़ा सकते हैं। डायरेक्ट लोड बढ़ने का मैसेज आया उपभोक्ता समीर का आरोप है कि उनका खाता संख्या 786429xxxx है और तीन किलोवाट का कनेक्शन था। लेकिन, किसी सूचना और डिमांड के उसे बढ़ा कर 4 किलोवाट कर दिया गया है। उपभोक्ता ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ये अनावश्यक बोझ लादा जा रहा है। अगर लोड की अधिक आवश्यकता होती तो विभाग को सूचना दे कर जरूर बढ़वाते। मगर यूं अचानक मैसेज भेज कर लोड बढ़ाए जाने की बात समझ में नहीं आ रही है। 4 किलोवाट से बढ़ाकर 5 किलोवाट किया जानकीपुरम में रहने वाले सौरभ श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर लोड बढ़ने का विरोध किया। उन्होंने कहा- पहले कनेक्शन 4 किलोवाट का था, जिसे बढ़ाकर 5 किलोवाट कर दिया गया है। इसकी हमें कोई आवश्यकता नहीं है। इससे नुकसान ये होगा कि बढ़ा हुआ भुगतान करना पड़ेगा। जाड़े में इस्तेमाल और कम हो जाता है फिर भी हमें बढ़ा हुआ बिल देना पड़ेगा। इसलिए हम विभाग से मांग करते हैं कि लोड कम करे।
गोपालगंज के बैकुण्ठपुर थाना क्षेत्र के बंगरा गांव में ताड़ के सूखे पत्ते तोड़ने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दो पड़ोसी परिवारों के बीच हुई इस झड़प में कुल सात लोग घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। मामूली बहस के बाद मारपीट यह घटना ताड़ के एक पेड़ से सूखे पत्ते गिराने को लेकर शुरू हुई मामूली बहस से बढ़ी। देखते ही देखते यह कहासुनी गाली-गलौज और फिर लाठी-डंडों तथा धारदार हथियारों से हुई मारपीट में बदल गई। ग्रामीणों के बीच-बचाव करने पहुंचने तक कई लोग लहूलुहान हो चुके थे। घायलों में एक पक्ष से स्वर्गीय चंद्रदेव महतो के बेटे लालबाबू महतो और लालबाबू महतो के बेटे बिक्की कुमार शामिल हैं। दूसरे पक्ष से नरेंद्र मांझी के बेटे दिनेश कुमार, जगदीप कुमार, राजेश महतो की पत्नी मुन्ना देवी, चंद्रदेव मांझी के बेटे नरेंद्र मांझी और चंद्रदेव महतो के बेटे सिकंदर महतो घायल हुए हैं। परिजनों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया घटना के तुरंत बाद, सभी घायलों को स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से बैकुण्ठपुर अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सदर अस्पताल रेफर किया गया। हालांकि, जगदीप कुमार के सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी स्थिति बिगड़ती गई, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर कर दिया। पुलिस ने घायलों के बयान दर्ज किए घटना की सूचना मिलते ही बैकुण्ठपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस ने अस्पताल जाकर घायलों के बयान भी दर्ज किए हैं। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल को सतर्क कर दिया गया है। थाना प्रभारी का कहना है कि दोनों पक्षों से लिखित शिकायत मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरगुजा जिले के ग्राम बरगीडीह में गुरुवार को मामूली विवाद पर ग्रामीण की गैंती मारकर हत्या करने के आरोपी ग्रामीण को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामूली विवाद पर ग्रामीण ने पड़ोसी पर गैंती से हमला कर दिया था। हमले में घायल ग्रामीण की इलाज के दौरान मौत हो गई थी मामला लुण्ड्रा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, बरगीडीह निवासी जीतू नागेश (45 वर्ष) गुरुवार को अपने घर में था। परिवार के सभी सदस्य धान की रोपाई करने के लिए गए थे। जीतू नागेश का पड़ोसी बुधराम उसके घर के सामने पहुंचा। दोनों में बातचीत हो रही थी। इसी बीच किसी बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया। विवाद से आक्रोशित होकर बुधराम ने जीतू पर गैंती से हमला कर दिया। परिजनों ने गंभीर रूप से घायल जीतू नागेश को हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां इलाज के के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामला लुंड्रा पुलिस को भेज दिया था। पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार लुंड्रा पुलिस ने मामले में हत्या का अपराध दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी बुधराम बरगाह (60 वर्ष) को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने जीतू नागेश की हत्या करना स्वीकार किया। बुधराम बरगाह ने बताया कि दोनों के बीच विवाद हो गया था, जिसके बाद उसने गैंती से जीतू नागेश पर हमला कर दिया था। परिजनों ने बताया कि दोनों के बीच कोई पूर्व का विवाद नहीं था। दोनों अकसर साथ रहते थे एवं खाते-पीते भी थे। थाना प्रभारी प्रदीप कुमार जायसवाल ने बताया कि आरोपी बुधराम बरगाह को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
श्रीगंगानगर जिले की प्रतिभाओं को नई पहचान और उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन का सम्मान करने के उद्देश्य से दैनिक भास्कर द्वारा आयोजित 'प्रतिभा सम्मान समारोह-2026' का आयोजन 12 जुलाई (रविवार) सुबह 10:30 बजे जगनाथ एनक्लेव, पदमपुर रोड, श्रीगंगानगर में किया जाएगा। समारोह में बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्टूडेंट्स के साथ-साथ खेल के क्षेत्रों में जिले का नाम रोशन करने वाली प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया जाएगा। इस वर्ष समारोह का दायरा और भी व्यापक किया गया है। सीबीएसई एवं आरबीएसई बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षा में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले स्टूडेंट्स, विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल या उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले खिलाड़ी, प्रतिभाएं सम्मान की पात्र होंगी। समारोह में शामिल होने के लिए स्टूडेंट्स निःशुल्क रजिस्ट्रेशन 8 जुलाई तक क्यूआर कोड स्कैन कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और अपनी अंकतालिका व आधार कार्ड की फोटो कॉपी के साथ दैनिक भास्कर कार्यालय, जगनाथ एनक्लेव कार्यालय तथा निर्धारित पंजीकरण केंद्रों पर जाकर ऑफलाइन आवेदन भी सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक जमा कर सकते हैं। दैनिक भास्कर का यह आयोजन केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि जिले की उभरती प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आयोजकों ने पात्र स्टूडेंट्स से समय रहते रजिस्ट्रेशन कराकर इस गौरवपूर्ण अवसर का हिस्सा बनने की अपील की है। रजिस्ट्रेशन से संबंधी जानकारी के लिए इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है। 9649555565, 97854 35395 दैनिक भास्कर को 75% से अधिक अंक लाने वाले स्टूडेंट्स को सम्मानित करने के इस सराहनीय पहल के लिए हार्दिक बधाई। यह केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी के परिश्रम, अनुशासन और सपने देखने के जज्बे को मान्यता है। मेरा मानना है कि जब समाज मेहनत को मंच देता है, तो आने वाली पीढ़ी और ऊंचा उड़ान भरती है। ऐसी पहलें बच्चों में आत्मविश्वास जगाती हैं और उन्हें कल के लिए प्रेरित करती हैं। डॉ. कविता चौधरीडायरेक्टर एकेडमिक्स, सेठ जी.एल. बिहानी एस.डी. शिक्षा ट्रस्ट
गुरुगाम जिले में मानेसर नगर निगम की इंफोर्समेंट विंग ने शनिवार को गढ़ी-बसई रोड पर कार्रवाई की। इस दौरान पांच अवैध रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) प्लांटों को ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई नगर निगम के डीटीपी राजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में ड्यूटी मजिस्ट्रेट एसडीओ शशिकांत की मौजूदगी में हुई। निगम की टीम ने जेसीबी मशीनों की सहायता से श्री बालाजी आरएमसी, इंफ्रा मार्केट कंक्रीट, एटूवी आरएमसी, श्री राम आरएमसी और शिवम रेडीमिक्स प्लांट को ध्वस्त किया। अधिकारियों ने बताया कि ये सभी प्लांट आवश्यक अनुमति और वैध दस्तावेजों के बिना संचालित हो रहे थे। तैनात रही पुलिस और नगर निगम की टीम कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल और नगर निगम की टीम तैनात रही। डीटीपी राजेंद्र शर्मा ने जानकारी दी कि कार्रवाई से पहले संबंधित इकाइयों के दस्तावेजों की जांच की गई थी। नियमों का पालन न होने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम क्षेत्र में बिना अनुमति किसी भी प्रकार की औद्योगिक या व्यावसायिक गतिविधि संचालित नहीं होने दी जाएगी। शर्मा ने यह भी बताया कि अवैध निर्माणों और अवैध रूप से संचालित इकाइयों के खिलाफ निगम का अभियान लगातार जारी रहेगा।
ललितपुर में एक व्यापारी से व्यापार में निवेश के नाम पर 65 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने मुंबई की एक कंपनी की संचालिका सहित तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया है। कोतवाली सदर क्षेत्र के ग्राम बम्होरी कलां निवासी मुकेश रजक उर्फ कोरी ने शनिवार को शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि व्यापारिक गतिविधियों के दौरान उनकी मुलाकात मुंबई के कांदीवली निवासी चेतन शाह और हिमांशु शाह से हुई थी। आरोपियों ने किया अभद्र व्यवहार बातचीत के बाद, मुकेश रजक ने 28 जून 2024 को उनकी कंपनी देव एलीट एलएलपी की संचालिका रेवती शाह को व्यापार में निवेश के उद्देश्य से 65 लाख रुपये दिए थे। रकम प्राप्त करने के बाद, आरोपियों ने एक लिखित अनुबंध किया और सुरक्षा के तौर पर 72.50 लाख रुपये के चेक सौंपे। जब इन चेकों को बैंक में प्रस्तुत किया गया, तो खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण वे अनादृत (बाउंस) हो गए। पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद उन्होंने कई बार अपनी रकम वापस मांगी, लेकिन आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे। हाल ही में रकम मांगने पर आरोपियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, जातिसूचक टिप्पणी की और जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। मुकेश रजक ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की। इसके बाद पुलिस ने चेतन शाह, हिमांशु शाह और रेवती शाह के विरुद्ध मामला पंजीकृत कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
संभल के समाजवादी पार्टी सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री योगी ने कुंदरकी में कहा था कि 'तुर्कों को हराकर बाबर राज नहीं, रामराज चलेगा'। सांसद बर्क ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इतने बड़े राज्य के मुख्यमंत्री की ऐसी भाषा पर वह क्या कह सकते हैं, जनता तय करेगी कि किसकी हवा निकली है। सांसद बर्क ने शनिवार शाम 6 बजे संभल के नखासा थाना क्षेत्र स्थित अपने आवास बर्क मंजिल पर मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि यह देश रामराज्य का नहीं, बल्कि महात्मा गांधी, बाबा भीमराव अंबेडकर, अब्दुल कलाम आज़ाद और अब्दुल गफ्फार जैसे लोगों का है, जिन्होंने देश की आजादी में योगदान दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी धार्मिक बात को लेकर 'रामराज्य चलेगा' कहना गलत है। बर्क ने आगे कहा कि इस देश में किसी धर्म विशेष की सरकार नहीं चलेगी, क्योंकि भारत एक धर्मनिरपेक्ष और संवैधानिक राष्ट्र है। उन्होंने कहा कि यहां उन्हीं की चलेगी जिन्होंने देश के लिए योगदान दिया है। कुंदरकी सीट के चुनाव पर टिप्पणी करते हुए सांसद ने कहा कि वहां 'इलेक्शन' नहीं, बल्कि 'सिलेक्शन' हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की जनता खुद तय करेगी कि वह क्या चाहती है। जनता खुशहाली और तरक्की चाहेगी। सांसद बर्क ने कहा कि बेरोजगारी खत्म होनी चाहिए और महंगाई कम होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने देश को आजाद कराया, उनका बोलबाला रहना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने किसी अन्य मजहब पर दखल न देने की बात कहते हुए कहा कि जो गलत हुआ है, उसमें सरकार को बिना किसी को बचाए सबके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो जनता में आक्रोश देखने को मिलेगा, क्योंकि यह जनता का पैसा है और उसके साथ खिलवाड़ व लूट हुई है।
छतरपुर और पन्ना जिले में विभिन्न विकास परियोजनाओं के कारण विस्थापित हुए ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ अपना मोर्चा दोबारा खोल दिया है। केन-बेतवा लिंक परियोजना, मझगाय, रूंझ, नेगुवा और एनटीपीसी परियोजनाओं के विस्थापितों ने शनिवार, 4 जुलाई से 'चिता आंदोलन' का दूसरा चरण शुरू कर दिया है। आंदोलन के दूसरे दिन प्रदर्शनकारियों ने क्रमिक अनशन भी प्रारंभ कर दिया। इस दौरान आदिवासी महिलाएं जलती चिताओं की तर्ज पर बनाई गई चिताओं पर लेटकर विरोध प्रदर्शन कर रही हैं, जिससे इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। बिना सूचना के तोड़े घर, रिश्वत न देने पर पुलिस की धमकी का आरोप आंदोलन में शामिल ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने बिना किसी पूर्व सूचना के उनके पुश्तैनी मकानों को जमींदोज कर दिया। प्रभावित परिवारों का कहना है कि उनकी छत छीन ली गई है और अब तक उन्हें कोई मुआवजा भी नहीं मिला है। विस्थापितों ने आरोप लगाया कि अधिकारी ग्राम सभाओं को दरकिनार कर मनमाने ढंग से मुआवजे की सूची तैयार कर रहे हैं। पात्र सदस्यों को सूची से बाहर रखने और पुश्तैनी जमीन से बेदखल करने की धमकी देकर रिश्वत की मांग की जा रही है। रसूखदारों को फायदा पहुंचाने का आरोप जय किसान संगठन के बैनर तले इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने स्थानीय प्रशासन और सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि परियोजना के नाम पर भ्रष्ट अधिकारी और नेता आपदा में अवसर तलाश रहे हैं। रसूखदारों को फायदा पहुंचाया जा रहा है और असली भूमिपुत्रों को छला जा रहा है। भटनागर ने चेतावनी दी कि वे जल्द ही हर परियोजना में हुए करोड़ों रुपए के मुआवजे के खेल और उसके पीछे छिपे 'काले सच' को पुख्ता दस्तावेजों के साथ जनता के सामने उजागर करेंगे। पहले भी 'जल सत्याग्रह' कर चुके यह पहला मौका नहीं है जब बुंदेलखंड के इन विस्थापितों ने ऐसा उग्र प्रदर्शन किया है। इससे पहले भी ग्रामीणों ने लगातार 12 दिनों तक कड़ाके की ठंड में चिता सजाकर प्रदर्शन किया था, जिसके बाद प्रशासन ने लिखित आश्वासन देकर आंदोलन खत्म कराया था। इसके अलावा ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर घंटों पानी में खड़े रहकर 'जल सत्याग्रह' और सामूहिक रूप से 'सांकेतिक फांसी' के फंदे पर लटकने जैसा रूह कंपा देने वाला प्रदर्शन भी कर चुके हैं। संपूर्ण पुनर्वास तक जारी रहेगा प्रदर्शन पूर्व में किए गए 'मिट्टी सत्याग्रह' और तमाम प्रशासनिक आश्वासनों के खोखले साबित होने के बाद ग्रामीणों ने इस बार आर-पार की लड़ाई का मन बनाया है। आंदोलनकारियों ने साफ कर दिया है कि वे इस बार किसी भी मौखिक या लिखित झांसे में नहीं आएंगे। जब तक हर प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा, रहने के लिए जमीन और संपूर्ण पुनर्वास का अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक यह चिता आंदोलन और क्रमिक अनशन अनवरत जारी रहेगा। फिलहाल इस गंभीर मुद्दे पर स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है। चिताओं पर लेटी आदिवासी महिलाएं; अमित भटनागर बोले-
नोएडा की सेक्टर-24 थाना पुलिस ने ऑनलाइन फर्जी फ्रेंडशिप क्लब चलाकर लोगों से लूटपाट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में 2 युवकों और 3 युवतियों समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया। एक बाल अपचारी को भी डिटेन किया गया है। आरोपियों के कब्जे से लूटी गई फॉर्च्यूनर कार, वारदात में इस्तेमाल की गई दो कारें और एक अवैध चाकू बरामद किया गया है। एडिशनल डीसीपी मनीषा सिंह ने बताया- गिरोह ऑनलाइन फर्जी फ्रेंडशिप क्लब संचालित करता था। गैंग का सदस्य पंकज यादव ग्राहकों से संपर्क करता था। इसके बाद युवतियां मिलने का झांसा देकर उन्हें कार में बैठाती थीं। सुनसान जगह ले जाकर करते थे लूटपाट पुलिस के मुताबिक, आरोपी पीड़ितों को सुनसान स्थान पर ले जाकर उनके साथ मारपीट करते थे। इसके बाद मोबाइल, नकदी और अन्य सामान लूट लेते थे। वारदात के दौरान एक कार में 3-4 आरोपी रहते थे, जबकि गैंग के अन्य सदस्य दूसरी कार से पीछे-पीछे चलते थे, ताकि जरूरत पड़ने पर मदद कर सकें। मोबाइल का लॉक खुलवाकर UPI से उड़ाए 18 हजार मुख्य आरोपी ओमवीर यादव ने पूछताछ में बताया कि 30 जून 2026 की रात सेक्टर-54 पेट्रोल पंप के पास एक व्यक्ति को स्विफ्ट कार में बैठाया गया था। उसके साथ मारपीट कर मोबाइल छीन लिया गया। फिर मोबाइल का लॉक खुलवाकर यूपीआई के जरिए करीब 18 हजार रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए गए। इसके बाद पीड़ित का पर्स, कार की चाबी छीनकर उसकी फॉर्च्यूनर कार भी लूट ली गई। फॉर्च्यूनर समेत तीन वाहन और चाकू बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई फॉर्च्यूनर कार के अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट और ऑरा कार भी बरामद की है। साथ ही एक अवैध चाकू भी बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार, इस वारदात में गिरफ्तार आरोपियों के अलावा पंकज यादव, जीतू यादव उर्फ छोटू, रिशु यादव और अभिषेक यादव भी शामिल हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। लंबे समय से सक्रिय था गिरोह गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ओमवीर यादव और मंजेश यादव (फिरोजाबाद), निधि यादव (औरैया), प्रियंका यादव (फिरोजाबाद) और काजल उर्फ रिया यादव (मैनपुरी) के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि गिरोह लंबे समय से दिल्ली-एनसीआर में इसी तरीके से लोगों को फंसाकर लूट की वारदातों को अंजाम दे रहा था। पूछताछ के आधार पर अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है।
कुएं में बैल बचाने उतरे 3 की मौत का मामला:सांसद ने सीएम को दी जानकारी; बकरी उतारकर कुएं की गैस जांची
मैहर जिले के खरमसेड़ा गांव में कुएं में गिरे बैल को बचाने के दौरान तीन युवकों की मौत के मामले में वैज्ञानिक जांच शुरू हो गई है। पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण विभाग की टीम ने घटनास्थल का दौरा किया और प्रारंभिक जांच में कुएं के भीतर मीथेन गैस की अधिक मात्रा तथा ऑक्सीजन की कमी की आशंका जताई है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। यह घटना शुक्रवार को हुई, जब गांव के चार लोग बैल को निकालने के लिए कुएं में उतरे थे। कुछ ही देर में वे सभी बेहोश हो गए। ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। एक अन्य व्यक्ति को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसकी हालत अब सामान्य बताई जा रही है। घटना के बाद मृतकों के परिजनों में भारी आक्रोश देखा गया। उन्होंने कुएं के मालिक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने और उचित मुआवजे की मांग की। कुछ समय के लिए चक्काजाम भी किया गया, लेकिन पुलिस और प्रशासन द्वारा जांच एवं नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद परिजन शांत हुए और शनिवार शाम को अंतिम संस्कार के लिए रवाना हो गए। मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद दिलाएंगे इस बीच, सांसद गणेश सिंह भी अमरपाटन पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा की गई है और मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता दिलाई जाएगी। शनिवार को घटनास्थल पर एक और घटनाक्रम सामने आया। वैज्ञानिकों द्वारा जहरीली गैस की आशंका जताए जाने के बावजूद कुछ ग्रामीणों ने लकड़ी का मचान बनाकर एक बकरी को रस्सी से उसी कुएं में उतार दिया। कुछ देर बाद बकरी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिसके बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुएं में मीथेन गैस की मौजूदगी वरिष्ठ वैज्ञानिक गणेश बैगा ने बताया कि गैस डिटेक्टर से जांच के दौरान कुएं में गैस की मात्रा सामान्य से अधिक पाई गई है। प्रारंभिक रूप से मीथेन गैस की मौजूदगी सामने आई है। कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने निर्देश पर एसडीएम आरती सिंह कुएं को मिट्टी से भरवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल विस्तृत वैज्ञानिक जांच जारी है। वैज्ञानिक डॉ. राज गुप्ता, राजकुमार मिश्रा, अजीत पटेल, थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी सहित प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे।
पटियाला की अलीना फिर बनी मिसाल:कैंसर पीड़ितों की मदद के लिए दूसरी बार दान किए अपने बाल
पटियाला की 14 वर्षीय अलीना शर्मा ने कैंसर पीड़ित मरीजों के लिए दूसरी बार अपने बाल दान किए हैं। उनके इस कदम से कीमोथेरेपी के कारण बाल गंवा चुके मरीजों को विग उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। अलीना को यह प्रेरणा अपने पिता सुंदर शर्मा से मिली, जो स्वयं नियमित रक्तदाता हैं। उन्होंने करीब डेढ़ साल पहले पहली बार बाल दान किए थे। इस बार दान किए गए बाल मुंबई भेजे जाएंगे, जहां एक समाजसेवी संस्था इनसे विग तैयार कर कैंसर मरीजों तक पहुंचाएगी। अलीना शर्मा ने बताया कि बाल दान करके उन्हें बेहद खुशी मिलती है। उन्होंने कहा, लोग बाल कटवाने के बाद उन्हें फेंक देते हैं, लेकिन यदि यही बाल किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान ला सकते हैं, तो इससे बड़ी खुशी और क्या हो सकती है। उन्होंने समाजसेवी संस्था मैरिज मित्र के गुरमुख गुरु से प्रेरित होकर यह दान किया और 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर नियमित रक्तदान का भी संकल्प लिया है। समाजसेवी संस्था बोली- अलीना का कार्य प्रेरणादायक समाजसेवी संस्था मैरिज मित्र के गुरमुख गुरु ने अलीना के इस कार्य को बेहद प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि 14 वर्ष की उम्र में दो बार बाल दान करना सराहनीय है और अलीना की इस पहल से प्रेरित होकर अन्य लोग भी कैंसर मरीजों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। वहीं, पटियाला के प्रसिद्ध बार्बर हब के संचालक भारत तेजी ने घोषणा की है कि उनकी ओर से कैंसर मरीजों के लिए बाल दान करने वाले किसी भी व्यक्ति से हेयर कटिंग का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
सुल्तानपुर में लखनऊ-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-731) पर शनिवार शाम एक सड़क हादसे में 40 वर्षीय अजय गिरी की इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्हें एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। गंभीर रूप से घायल अजय को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रतापपुर कमैचा ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत नाजुक होने पर उन्हें जिला मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान सुल्तानपुर के लंभुआ थाना क्षेत्र के ग्राम बेदूपारा (शिवनगर) निवासी अजय गिरी पुत्र लल्लन गिरी के रूप में हुई है। यह हादसा आनापुर-नारायणगंज और घरवासपुर फ्लाईओवर के बीच हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अज्ञात वाहन तेज रफ्तार में था और टक्कर मारने के बाद चालक मौके से फरार हो गया। शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई घटना की सूचना मिलते ही चांदा कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायल को एंबुलेंस द्वारा अस्पताल भिजवाया। चिकित्सकों ने बताया कि अजय के सिर सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई थीं। प्रभारी निरीक्षक चांदा राजकुमार वर्मा ने बताया कि पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना करने वाले अज्ञात वाहन की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है तथा अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार वाहन चालक की तलाश तेज कर दी है।
हरपालपुर में ट्रेन से कटकर अधेड़ की मौत:रेलवे ट्रैक पर मिला क्षत-विक्षत शव, जेब से टिकट मिला
छतरपुर जिले के हरपालपुर में शनिवार सुबह झांसी-मानिकपुर रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात अधेड़ का क्षत-विक्षत शव मिला। माना जा रहा है कि व्यक्ति की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हुई है। मृतक की उम्र करीब 55 वर्ष बताई जा रही है, जिसकी पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 7:30 बजे बांदा-झांसी मेमो ट्रेन हरपालपुर रेलवे स्टेशन से गुजरी थी। आशंका है कि इसी दौरान अज्ञात व्यक्ति ट्रेन की चपेट में आ गया। घटना का पता सुबह करीब 10 बजे चला, जब ग्वालियर-प्रयागराज पैसेंजर ट्रेन के लोको पायलट ने हरपालपुर स्टेशन मास्टर को ट्रैक पर शव पड़े होने की सूचना दी। स्टेशन मास्टर की सूचना पर हरपालपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। रेलवे स्टेशन से झांसी की ओर पोल क्रमांक 1210/3 के पास शव का आधा धड़ मिला, जबकि शरीर के अन्य हिस्से कई मीटर दूर तक बिखरे हुए थे। पुलिस ने शव के अंगों को एकत्र कर पंचनामा कार्रवाई पूरी की। मृतक की तलाशी के दौरान उसकी जेब से ग्वालियर से दतिया और दतिया से चित्रकूट के दो रेलवे टिकट बरामद हुए। हालांकि, उसके पास से कोई पहचान पत्र नहीं मिला। पुलिस ने प्रथम दृष्टया इसे ट्रेन से कटने का मामला मानते हुए मर्ग कायम किया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए नौगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। चौकी प्रभारी एसआई राजेंद्र बागरी ने बताया कि मृतक की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है और मामले की जांच जारी है।
नगर परिषद खगड़िया के मथुरापुर क्षेत्र में ₹53.69 लाख की लागत से दो विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया। नगर सभापति अर्चना कुमारी ने शनिवार को इन योजनाओं का उद्घाटन किया। इनमें वार्ड संख्या-10 में ₹30.13 लाख की लागत से निर्मित आरसीसी नाला और पीसीसी सड़क शामिल है। इस परियोजना का उद्घाटन वार्ड पार्षद संगीता देवी की अध्यक्षता में हुआ। इससे क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था मजबूत होगी और जलजमाव की समस्या से राहत मिलेगी। नई सड़क से आवागमन भी सुगम होगा। इसके बाद, वार्ड संख्या-06 में ₹23.56 लाख की लागत से बनी पीसीसी सड़क का उद्घाटन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वार्ड पार्षद टुटू कुमारी ने की। इस सड़क से स्थानीय लोगों को धूल, कीचड़ और जर्जर सड़क की समस्या से निजात मिलेगी, जिससे आवागमन आसान होगा। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए नगर सभापति अर्चना कुमारी ने कहा कि नगर परिषद का लक्ष्य प्रत्येक वार्ड में बिना किसी भेदभाव के आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करना है। उन्होंने जोर दिया कि सड़क और नाला किसी भी क्षेत्र के विकास की रीढ़ होते हैं, और बेहतर आधारभूत संरचना से लोगों का जीवन स्तर सुधरता है। सभापति ने यह भी बताया कि नगर परिषद क्षेत्र में सड़क, नाला, पुलिया, सामुदायिक शौचालय, पोखर सौंदर्यीकरण और पार्क निर्माण सहित करोड़ों रुपये की जनहित योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इस अवसर पर वार्ड पार्षद पप्पू यादव, ऋतुराज कुमार, रंजीत कुमार, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि जैबु महतो, डेविड कुमार, ब्रजेश कुमार, सोनू कुमार, हरि कुमार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद थे। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों से मथुरापुर की तस्वीर बदल रही है और जल निकासी तथा सड़क जैसी मूलभूत समस्याओं का समाधान होगा, जिससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
भारत विकास परिषद अवध प्रांत की प्रगति शाखा ने सेवा पखवाड़े के तहत 'मिशन शक्ति' कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम गोमती नगर स्थित रेड रोज सीनियर सेकेंडरी स्कूल में किया गया । इसका मुख्य उद्देश्य छात्राओं और महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान,स्वावलंबन और सशक्तिकरण के प्रति जागरूक करना था। इसमें बड़ी संख्या में छात्राओं, शिक्षिकाओं और महिला सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम में 'मिशन शक्ति' अभियान के उद्देश्यों पर विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2020 में शारदीय नवरात्र के अवसर पर इस अभियान की शुरुआत की थी।इसका लक्ष्य महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। सुरक्षा से जुड़े हेल्पलाइन नंबरों की उपयोगिता समझाई प्रगति शाखा की संस्थापिका मंजू सिंह ने अभियान के दो प्रमुख घटकों 'संबल' और 'सामर्थ्य' के बारे में बताया। 'संबल' के तहत सुरक्षा,आपातकालीन सेवाएं, वन स्टॉप सेंटर और शक्ति सदन जैसी सुविधाएं संचालित की जाती हैं। वहीं, 'सामर्थ्य' के माध्यम से कौशल विकास,स्वावलंबन और महिला सशक्तिकरण की योजनाओं को प्रोत्साहित किया जाता है। महिला कल्याण विभाग की अधिकारी शुभांगी सिंह ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की उपयोगिता भी समझाई। इनमें 1090 महिला पावर लाइन, 181 महिला हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 112 पुलिस हेल्पलाइन, 102 और 108 एम्बुलेंस सेवाएं शामिल हैं। छात्राओं को गुड टच-बैड टच के बारे में जागरूक किया स्कूल के मैनेजर एम.के. दीक्षित ने भारत विकास परिषद और महिला कल्याण विभाग का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक करने वाले ऐसे कार्यक्रम समाज के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को गुड टच-बैड टच, यौन शोषण, किशोरावस्था में होने वाले आकर्षण और उसके दूरगामी प्रभावों के बारे में भी जागरूक किया गया। ये मौजूद रहे इस अवसर पर अवध प्रांत के विकास रत्न यू.एन. श्रीवास्तव और मीरा श्रीवास्तव, लोकमान्य शाखा के अध्यक्ष एस.एस. अस्थाना उपस्थित रहे। प्रगति शाखा की कार्यकारिणी सदस्य कंचन गुप्ता, सुधा द्विवेदी, सुमति मिश्रा, दीपमाला, अजीत रस्तोगी और कंचन केसवानी सहित विद्यालय की शिक्षिकाओं, छात्राओं और अन्य सदस्यों समेत लगभग 125 लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
गोंडा जिले में शैक्षणिक दस्तावेजों में जन्मतिथि की हेराफेरी के आरोप में एक सफाईकर्मी को निलंबित कर दिया गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी जीडी जैन ने आज शनिवार 4 जुलाई को देर शाम 6 बजे सफाईकर्मी राम भवन तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए। राम भवन तिवारी विकास खंड-छपिया के राजस्व ग्राम-पुरेपाण्डेय, गोंडा में तैनात थे। उनके खिलाफ यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। जांच में सामने आया कि उनके तीन अलग-अलग शैक्षणिक दस्तावेजों में तीन भिन्न जन्मतिथियां दर्ज हैं। जनता इंटर कॉलेज, कौड़िया बाजार, गोंडा के अभिलेखों में उनकी जन्मतिथि 10 जून 1969 है। आदर्श सांग्वेद संस्कृत उ०मा० विद्यालय, इमिलिया गुरुदयाल, गोंडा के दस्तावेजों में यह 10 जून 1979 पाई गई। वहीं, उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद, लखनऊ के अंक पत्र और नियुक्ति के समय प्रस्तुत व्यक्तिगत पत्रावली में उनकी जन्मतिथि 1 जून 1979 अंकित है। शैक्षणिक अभिलेखों में विरोधाभासी जन्मतिथियों के कारण राम भवन तिवारी को प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी और हेराफेरी का दोषी पाया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें सहायक विकास अधिकारी (पंचायत),विकास खंड-पंडरीकृपाल के कार्यालय से संबद्ध किया गया है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), विकास खंड-तरबगंज, गोंडा को जांच अधिकारी नामित किया गया है। जांच अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे कर्मचारी के खिलाफ आरोप-पत्र जारी कर स्पष्टीकरण प्राप्त करें और 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट डीपीआरओ को सौंपें। डीपीआरओ जीडी जैन ने बताया कि नियुक्ति के समय अलग और शैक्षिक दस्तावेजों में अलग जन्मतिथि की शिकायत मिली थी। हेराफेरी सामने आने पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि विभागीय जांच में यदि यह साबित होता है कि गलत तरीके से नौकरी हासिल की गई है, तो वेतन की रिकवरी भी की जाएगी।

