हरियाणा बिजली कर्मचारी व इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर करनाल जिले के घरौंडा सिटी सब यूनिट में सब अर्बन व सिटी सब यूनिट की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए एग्री डिस्कॉम, पैरेलल लाइसेंस और स्मार्ट मीटर के विरोध में आवाज बुलंद की। साथ ही मांगें नहीं मानी गईं तो 11, 12 व 13 अगस्त को तीन दिवसीय हड़ताल करने की चेतावनी दी गई। बैठक की अध्यक्षता एएचपीसी वर्कर्स यूनियन सिटी सब यूनिट के प्रधान जयकुमार और एचएसईबी सब अर्बन सब यूनिट के प्रधान प्रदीप कुमार ने संयुक्त रूप से की, जबकि संचालन सब अर्बन सब यूनिट प्रधान सही राम ने किया। इस दौरान एचएसईबी यूनियन के केंद्रीय कमेटी नेता देवेंद्र शर्मा और एएचपीसी वर्कर यूनियन के केंद्रीय कमेटी नेता रमेश कुमार (यूनिट नंबर-2, करनाल) विशेष रूप से मौजूद रहे। दोनों यूनियनों के यूनिट व सब यूनिट पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने बैठक में भाग लिया। सरकारी नीतियों पर उठाए सवाल यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार किसानों के हितों का हवाला देकर एग्री डिस्कॉम बनाने की दिशा में काम कर रही है, जिसे तुरंत रोका जाए। इसके अलावा गुरुग्राम व नूंह में पैरेलल लाइसेंस देने की योजना पर भी रोक लगाने की मांग की गई। कर्मचारियों ने स्मार्ट मीटर लगाने के फैसले का विरोध करते हुए कहा कि इससे आम उपभोक्ता और कर्मचारी दोनों प्रभावित होंगे। उन्होंने मांग की कि कर्मचारियों की लंबित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर उन्हें लागू किया जाए। विभाग को निजीकरण की ओर ले जाना गलत उन्होंने बताया कि पहले बिजली बोर्ड पर करीब 498 करोड़ रुपए का घाटा था, जो अब बढ़कर 29 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। उनका कहना था कि सरकार के गलत फैसलों के कारण यह स्थिति बनी है। ऐसे में विभाग को सुधारने के बजाय निजीकरण की ओर ले जाना गलत है। बैठक में कहा गया कि विभाग में कनेक्शनों के हिसाब से नियमित भर्ती की जाए ताकि कार्यप्रणाली मजबूत हो सके।
हरियाणा के भिवानी जिले के लोहारू शहर में दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे पर गुरुवार को एक सड़क हादसे में नंदी की मौत हो गई। वन विभाग कार्यालय के सामने एक पिकअप वाहन की चपेट में आने से यह घटना हुई। घटना की सूचना मिलते ही गोरक्षक दल के सदस्य सतवीर ने डायल-112 पर पुलिस को जानकारी दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद जेसीबी मशीन की मदद से नंदी का अंतिम संस्कार किया गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शहर में बेसहारा गोवंश की बढ़ती समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि लोहारू शहर के मुख्य मार्गों, बाजारों और हाईवे पर बड़ी संख्या में बेसहारा गोवंश घूमते रहते हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। बेसहारा गोवंश के कारण हो रहे हादसे स्थानीय नागरिकों ने बताया कि पूर्व में भी बेसहारा गोवंश के कारण कई सड़क हादसे हुए हैं, जिनमें कुछ लोगों की जान भी जा चुकी है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए, उन्हें गौशालाओं में रखा जाए और शहर तथा हाईवे पर उनकी आवाजाही रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाए। नगरपालिका टेंडर करेगी जारी इस संबंध में नगरपालिका प्रधान प्रदीप बंटी तायल ने कहा कि नगरपालिका बेसहारा गोवंश की समस्या के स्थायी समाधान के लिए टेंडर जारी करेगी। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद बेसहारा गोवंश को पकड़कर सुरक्षित स्थानों और गौशालाओं में पहुंचाया जाएगा। जिससे शहर की सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्ग पर उनकी आवाजाही नियंत्रित हो सके तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
जयपुर में एक व्यक्ति को ब्लैकमेल कर युवती ने रुपए ऐंठ लिए। दोनों के बीच हुई बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग डिलीड करने के बदले 1 लाख रुपए मांगे। रुपए की डिमांड पूरी नहीं करने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर ब्लैकमेलर युवती के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया- जयपुर के रहने वाले व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। साल 2025 में बारिश के सीजन के दौरान बाइक से घर लौट रहा था। इस दौरान रास्ते में बारिश आने पर रुक गया। बाइक खड़ी कर एक दुकान के बाहर खड़ा हो गया। दुकान पर बैठी युवती बात करने लगी। बातचीत के दौरान खुद को तलाकशुदा होना बताया। शादी के लिए अच्छे लड़के को ढूंढने के बारे में भी बताया। नजर में कोई लड़का हो तो बताने के लिए कहा। मोबाइल पर बात कर करने लगी रिकॉर्डिंग युवती ने फोन कर बातचीत करना शुरू कर दिया। आए दिन बात कर उसके घरवाले-परिचितों के बारे में भी पूरी जानकारी जुटा ली। मोबाइल पर बातचीत के दौरान प्लानिंग के तहत युवती कॉल रिकॉर्डिंग करने लगी। कॉल के दौरान प्राइवेट बातों की रिकॉर्डिंग करने पर युवती ने ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। 1 लाख रुपए की रखी डिमांड अगस्त-2025 में पीड़ित को कॉल रिकॉर्डिंग के बारे में बताया। रिकॉर्डिंग को वायरल कर घरवालों व परिचितों तक पहुंचाकर बदनाम करने की धमकी देने लगी। रिकॉर्डिंग डिलीट करने के बदले ब्लैकमेल कर 1 लाख रुपए की डिमांड की। ब्लैकमेल कर 20 हजार रुपए में सौंदा तय किया। ऑनलाइन पेमेंट ऐप के जरिए 20 हजार रुपए लेने के बाद रिकॉर्डिंग डिलीट करना बताया। झूठे केस में फंसाने की धमकी आरोप है कि कुछ दिन बाद दोबारा युवती ने परेशान करना शुरू कर दिया। कॉल कर और रुपयों की डिमांड करने लगी। रिकॉर्डिंग को सबूत बताकर झूठे केस में फंसाने की धमकी देने लगी। रुपए नहीं देने पर धमकाया कि रिकॉर्डिंग वायरल कर झूठा केस दर्ज करवा दूंगी। टॉर्चर से परेशान होकर पीड़ित ने ब्लैकमेलर युवती के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
वाराणसी के जैतपुरा थाना क्षेत्र के जलालीपुरा इलाके में पड़ोसी 6 वर्षीय मासूम के साथ अश्लीलता की। गली में खेलती बच्ची को पकड़कर कोने में ले जाता फिर उसके प्राइवेट पार्ट को टच करता। प्राइवेट पार्ट के साथ मनमानी हरकत करता। बच्ची ने बैडटच बताकर मना किया तो पीटने की धमकी दी। उसकी बात मानने के लिए चॉकलेट देने का लालच दिया। आरोपी हर जुमां को मासूम के साथ अश्लीलता करता और फिर अपनी दुकान पर चला जाता। मासूम के बताने पर परिजनों ने शिकायत की तो आरोपी ने उल्टा धमकाना शुरू कर दिया। घटना के बाद परिजनों ने जैतपुरा थाने पहुंचकर लिखित तहरीर दी और आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं बच्ची ने पुलिस को पूरी आपबीती सुनाते हुए कई बार हुई घटना को बताया। हालांकि आरोपी फरार हो गया है और पुलिस केस दर्ज करके उसकी तलाश कर रही है।
फर्रुखाबाद में 6 वाहन सीज:ओवरलोड, कर बकाया पर कार्रवाई, परिवहन विभाग ने लाखों का जुर्माना लगाया
फर्रुखाबाद में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निर्देश पर एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत ने ओवरलोड और कर बकाया वाले वाहनों के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस अभियान के तहत कुल 6 वाहन सीज किए गए और उन पर लाखों रुपये का जुर्माना लगाया गया। अभियान के दौरान, चार ओवरलोड ट्रक सीज किए गए, जिन पर 98 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अतिरिक्त, दो डग्गेमार बसें भी सीज की गईं और उन पर 65 हजार रुपये का जुर्माना आरोपित किया गया। चार अन्य वाहन कर बकाया के मामले में सीज किए गए, जिन पर 75 हजार रुपये का कर लगाया गया। परिवहन विभाग, फर्रुखाबाद ने 1158 वाहन मालिकों को कर जमा करने के लिए नोटिस जारी किए हैं। इन पर कुल 1193.01 लाख रुपये का कर बकाया है। इसके साथ ही, 146 वाहन मालिकों को 120.16 लाख रुपये की वसूली के लिए वसूली-पत्र भी जारी किए गए हैं, जिसकी वसूली राजस्व विभाग द्वारा की जाएगी। कर बकाया वाले वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग द्वारा कड़ी कार्रवाई की जा रही है। जनपद के थानों में सीज किए गए कर बकाया वाले 30 वाहनों की विभाग द्वारा नीलामी भी की जा चुकी है। शेष बचे ऐसे वाहनों की नीलामी की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह की प्रवर्तन कार्रवाई जारी रहेगी।
गुरुग्राम जिले के फर्रुखनगर में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) कार्यालय परिसर में बिजली निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन को कांग्रेस ने समर्थन दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखबीर जे. तंवर और ब्लॉक अध्यक्ष सुनील यादव ने शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचकर बिजली कर्मचारियों और किसानों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने सरकार से बिजली निजीकरण का निर्णय तत्काल वापस लेने की मांग की। सरकार किसान- कर्मचारी हितों की अनदेखी कर रही : तंवर धरने को संबोधित करते हुए सुखबीर जे. तंवर ने कहा कि बिजली जैसी बुनियादी सेवा का निजीकरण सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने का षड्यंत्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों और कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने की नीति पर काम कर रही है। तंवर ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस किसानों और कर्मचारियों को बर्बाद कर निजीकरण को सफल नहीं होने देगी। तंवर ने हरियाणा एग्रो डिस्कॉम निगम के गठन को किसानों और कर्मचारियों के हितों पर सीधा प्रहार बताया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार स्मार्ट मीटर बदलने और नई योजनाओं के नाम पर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है। बिजली वितरण व्यावसायिक नहीं, जनता का अधिकार तंवर ने कहा कि, बिजली वितरण केवल एक व्यावसायिक सेवा नहीं, बल्कि आम जनता का मूलभूत अधिकार है। उन्होंने जोर दिया कि बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन जैसी आवश्यक सेवाओं का उद्देश्य जनकल्याण होना चाहिए, न कि निजी कंपनियों का मुनाफा। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि बिजली निजीकरण से किसानों को महंगी बिजली मिलेगी, उपभोक्ताओं के प्रति जवाबदेही कम होगी और कर्मचारियों को ठेका प्रथा व सेवा सुरक्षा पर गंभीर खतरों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस इस नीति का पुरजोर विरोध करती है और किसानों तथा कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी। धरने पर यह लोग रहे मौजूद धरने की अध्यक्षता सुखबीर सिंह सीए ने की। इस अवसर पर बिजली कर्मचारी यूनियन के प्रधान अशोक लांबा, पूर्व प्रधान राजकुमार जेई, सुशील प्रधान, रविंद्र जेई, नसीब जेई, आशीष शर्मा, रजनीश, हरिकिशन, राजेंद्र और नवीन शर्मा सहित बड़ी संख्या में बिजली कर्मचारी, किसान एवं कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।
हरिद्वार में उत्तराखंड रोडवेज की बस ने कांवड़ लेने आ रहे हरियाणा के बाइक सवारों को टक्कर मार दी, जिससे एक कांवड़िए की मौत हो गई। उसके दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने घायलों की मदद की और पुलिस को सूचना दी। वहीं, बस ड्राइवर मौके से बस लेकर फरार हो गया। यह हादसा शुक्रवार सुबह श्यामपुर थाना क्षेत्र के हरिद्वार-नजीबाबाद हाईवे स्थित कांगड़ी फ्लाईओवर के पास हुआ। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…
श्रावस्ती के सिरसिया थाना क्षेत्र में एक नाबालिग को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पुलिस ने सिरसिया थाने में तैनात मुख्य आरक्षी रामकेश को गिरफ्तार किया है। पुलिस विभाग ने शुक्रवार 12:00 बजे के बाद जानकारी देते हुए बताया कि एसपी राहुल भाटी ने आरोपी मुख्य आरक्षी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस के अनुसार, बालिका के परिजनों ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनकी बेटी को लगातार फोन और मैसेज कर प्रेमजाल में फंसाया गया। बातचीत न करने पर उसका उत्पीड़न किया जाता था। इससे क्षुब्ध होकर बालिका ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस तहरीर के आधार पर थाना सिरसिया में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने मुखबिर की सूचना, सर्विलांस और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संबंधित मोबाइल नंबर की जांच की। जांच में पुष्टि हुई कि यह मोबाइल नंबर सिरसिया थाने में तैनात मुख्य आरक्षी रामकेश द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा था। सर्विलांस सेल से प्राप्त कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीएएफ) और अन्य साक्ष्यों के परीक्षण के बाद उसका नाम विवेचना में सामने आया। अपर पुलिस अधीक्षक चन्द्रकेश सिंह ने बताया कि मामले में साक्ष्य संकलन की कार्रवाई जारी है। सभी साक्ष्यों के आधार पर शीघ्र ही आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। गिरफ्तार मुख्य आरक्षी को नियमानुसार न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
सिवनी में पुरानी रंजिश बनी मारपीट की वजह: कचहरी चौक से पांच आरोपी गिरफ्तार
सिवनी में पुरानी रंजिश बनी मारपीट की वजह: कचहरी चौक से पांच आरोपी गिरफ्तार
आगरा के चारों दिशाओं में भगवान शिव विराजमान हैं, इसी वजह से आगरा को शिव की नगरी कहा जाता है। बल्केश्वर, राजेश्वर, पृथ्वीनाथ और कैलाश महादेव को यहां के लोग शहर का कोतवाल मानते हैं। हर साल सावन के दूसरे सोमवार से पहले रविवार की रात शहर के लाखों शिव भक्त करीब 44 किमी की परिक्रमा लगाते हैं। लेकिन इस बार भक्तों की राह आसान नहीं दिख रही। परिक्रमा मार्ग का बड़ा हिस्सा मेट्रो ने घेर लिया है। उस दिन काम भले बंद रहेगा, लेकिन जगह-जगह बैरिकेडिंग लगी हुई है। इसके अलावा सीएम ग्रिड योजना के तहत कई जगह सड़कें खोदी गई हैं। बारिश के बाद कीचड़ और फिसलन हो गई है। कई मार्गों पर सड़क से गिट्टी निकल रही है। ऐसे में नंगे पैर चलने वाले भक्तों के पैरों में कंकड़ चुभेंगे। मौसम ने भी चिंता बढ़ा दी है। अगर बारिश हुई तो शहर की बदहाली अभी तक किसी से छुपी नहीं है। हर कोने में जलभराव हो जाता है। भक्तों को मानो भव सागर से होकर गुजरना पड़ेगा। रामनगर पुलिया की सकरी गलियों में स्ट्रीट लाइट नहीं है। अंधेरे में फिसलन और गड्ढों की वजह से चोट लगने का खतरा भी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर परिक्रमा से पहले टूटी सड़कों की मरम्मत और कीचड़ हटवा दिया जाए तो भक्तों को बड़ी राहत मिलेगी। पुलिस और नगर निगम का दावा है कि परिक्रमा के दिन विशेष सफाई और सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। लेकिन मार्ग की मौजूदा हालत को देखते हुए भक्तों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
कोतवाली चौराहे पर ई-रिक्शा चालकों में मारपीट:सवारी बैठाने को लेकर भिड़े, वाहनों की लंबी लाइन लगी
जौनपुर के व्यस्त कोतवाली चौराहे पर शुक्रवार सुबह 11 बजे तीन ई-रिक्शा चालकों के बीच सवारी बैठाने को लेकर विवाद हो गया। यह विवाद जल्द ही हाथापाई में बदल गया, जिससे चौराहे पर अफरा-तफरी मच गई और यातायात बाधित हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हनुमान मंदिर के पास सवारी बैठाने को लेकर चालकों में कहासुनी शुरू हुई थी। देखते ही देखते यह मारपीट में बदल गई, जिसके कारण चौराहे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को असुविधा का सामना करना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही चौराहे पर तैनात पिकेट और यातायात पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए तीनों चालकों को अलग किया और स्थिति को शांत कराया। इसके बाद यातायात को सुचारु रूप से बहाल किया जा सका। पुलिस की सक्रियता से किसी बड़ी अप्रिय घटना को टाल दिया गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कोतवाली चौराहा शहर के सबसे व्यस्त स्थानों में से एक है। यहां ई-रिक्शा के अव्यवस्थित संचालन और मनमाने तरीके से सवारी भरने के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। इस तरह के विवाद पहले भी कई बार सामने आ चुके हैं। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि चौराहे पर ई-रिक्शा संचालन के लिए निर्धारित स्टैंड बनाए जाएं, प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए और सख्त यातायात व्यवस्था लागू की जाए। उनका मानना है कि इससे जाम और ऐसी घटनाओं पर स्थायी रूप से अंकुश लगाया जा सकेगा।
इंदौर के विजय नगर स्थित अवंतिका गैस पाइपलाइन हादसे में झुलसे लोगों के इलाज और मुआवजे को लेकर शुक्रवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में फिर सुनवाई हुई। पिछली सुनवाई में शपथ पत्र में इलाज का पूरा खर्च चुकाए जाने की जानकारी गलत पाए जाने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई थी। शुक्रवार को इस मामले में जूनी इंदौर के एसडीएम घनश्याम धनगर कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए और शपथ पत्र में गलत जानकारी दिए जाने पर कोर्ट से माफी मांगी। शासन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि शपथ पत्र में मुआवजे और इलाज के खर्च से संबंधित जानकारी समझाने में गलती हो गई थी। शासन ने आश्वस्त किया कि हादसे में झुलसे सभी लोगों के इलाज का खर्च सरकार द्वारा अदा किया जाएगा। कोर्ट ने शासन और नगर निगम को यह सुनिश्चित करने को कहा कि पीड़ितों को इलाज के साथ उचित मुआवजा भी मिले। गुरुवार को सुनवाई में शासन की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि हादसे में झुलसे सभी लोगों के इलाज का खर्च सरकार चुका चुकी है। हालांकि, पीड़ितों की ओर से इस दावे को गलत बताया गया था। खासकर इन्फ्लुएंसर गिरी उर्फ राजकुमारी झाला की ओर से बताया गया था कि अहमदाबाद में उनका इलाज जारी है और करीब 14 लाख रुपए का अस्पताल बिल अब तक शासन ने नहीं चुकाया है। इस पर हाईकोर्ट ने शासन के शपथ पत्र पर गंभीर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए थे। शुक्रवार को एसडीएम घनश्याम धनगर कोर्ट में उपस्थित हुए। उन्होंने शपथ पत्र में गलत जानकारी जाने पर न्यायालय से माफी मांगी और शासन की ओर से स्थिति स्पष्ट की। सभी झुलसे लोगों का इलाज खर्च सरकार देगी आज सुनवाई के दौरान शासन ने स्पष्ट किया कि हादसे में झुलसे किसी भी व्यक्ति को इलाज के खर्च को लेकर परेशान नहीं होना पड़ेगा। सभी पीड़ितों के उपचार का खर्च शासन द्वारा वहन किया जाएगा। कोर्ट ने भी शासन से यह सुनिश्चित करने को कहा कि पीड़ितों को उनके इलाज और मुआवजे का लाभ मिले। अब हादसे में झुलसे लोगों को कितनी राशि मुआवजे के रूप में दी जाएगी, इसका निर्धारण अगली सुनवाई में होगा। इसके लिए हाईकोर्ट ने 27 अगस्त की तारीख तय की है। संचार नगर गैस लीकेज हादसे पर भी कोर्ट नाराज सुनवाई के दौरान हाल ही में संचार नगर में गैस पाइपलाइन लीकेज के बाद आग लगने की घटना का मुद्दा भी उठा। इस पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई और शासन तथा नगर निगम से कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि इस हादसे में झुलसे लोगों को भी उचित मुआवजा मिले। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और पीड़ितों के हितों की रक्षा को लेकर गंभीरता बरतने के निर्देश दिए। अवंतिका गैस एजेंसी को भी रखना होगा अपना पक्ष मामले की सुनवाई के दौरान अवंतिका गैस एजेंसी की ओर से अब तक पक्ष सामने नहीं आया है। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई में एजेंसी का पक्ष भी प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में 27 अगस्त को होने वाली सुनवाई में शासन के साथ-साथ गैस एजेंसी की भूमिका और जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा हो सकती है।
डूंगरपुर के मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित नहीं किए जाने के विरोध में आदिवासी कांग्रेस ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक गणेश घोगरा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी गई। प्रधानमंत्री के दौरे और घोषणा का किया जिक्र विधायक गणेश घोगरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मानगढ़ धाम का दौरा कर चुके हैं। प्रधानमंत्री ने 1913 के मानगढ़ नरसंहार में शहीद हुए 1500 से अधिक भील आदिवासियों को नमन किया था। उस दौरान मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की बात कही गई थी। घोगरा ने कहा कि संसद में पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार के पास मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने का कोई प्रस्ताव या विचार नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद संसद में आया यह जवाब सरकार की कथनी और करनी के अंतर को दर्शाता है और इससे भील एवं आदिवासी समाज में नाराजगी है। गोविंद गुरु से राणा पूंजा तक आदिवासी इतिहास का जिक्र प्रदर्शन के दौरान मानगढ़ धाम के ऐतिहासिक महत्व को भी सामने रखा गया। घोगरा ने कहा कि गोविंद गुरु के नेतृत्व में आदिवासियों ने देश की आजादी से पहले ही अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया और बड़ी संख्या में शहादत दी। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ने वाले सेनापति राणा पूंजा भील थे, लेकिन आदिवासियों के योगदान को इतिहास में वह स्थान नहीं मिला, जिसके वे हकदार हैं। मणिपुर से हसदेव तक उठाए मुद्दे वक्ताओं ने मणिपुर हिंसा, हसदेव के जंगलों की कटाई तथा चारागाह और बिलानाम भूमि पर बसे आदिवासियों को हटाने से जुड़े कैबिनेट फैसलों का भी जिक्र किया। इन मुद्दों को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए गए और आदिवासी हितों की अनदेखी रोकने की मांग की गई। दिल्ली तक आंदोलन की चेतावनी गणेश घोगरा ने कहा कि यदि मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा नहीं दिया गया और आदिवासियों के अधिकारों की अनदेखी जारी रही, तो आने वाले समय में सड़कों पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने दिल्ली तक विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की चेतावनी दी। घोगरा ने कहा कि अब देश का आदिवासी जाग चुका है और अपने गौरव व धरोहर की रक्षा के लिए उग्र आंदोलन से पीछे नहीं हटेगा।
खंडवा के एक बालक छात्रावास में शुक्रवार को परोसे गए भोजन में इल्लियां मिलने के बाद छात्र आक्रोशित हो गए। छात्रों का आरोप है कि इस तरह की स्थिति महीने में तीन-चार बार सामने आती है और शिकायत के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। नाराज छात्र हाथों में थालियां लेकर छात्रावास से कलेक्ट्रेट तक रैली निकालते हुए पहुंचे। कलेक्ट्रेट में छात्रों ने जिम्मेदार कर्मचारियों और वार्डन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। छात्रों की शिकायत पर सिटी मजिस्ट्रेट ने चार सदस्यीय जांच टीम गठित कर तत्काल छात्रावास भेजने के निर्देश दिए हैं। दाल-चावल में मिलीं इल्लियां छात्रों ने बताया कि शुक्रवार को उन्हें दाल-चावल परोसे गए थे। भोजन करते समय दाल में इल्लियां दिखाई दीं। छात्रों का आरोप है कि अनाज में इल्लियां होने के बावजूद कर्मचारियों ने उसे पकाकर बच्चों को परोस दिया। उनका कहना है कि दाल में पर्याप्त सामग्री नहीं होती और कई बार अधपके चावल भी परोसे जाते हैं। छात्रों के मुताबिक, शासन द्वारा निर्धारित मेन्यू के अनुसार भी भोजन नहीं बनाया जाता। विरोध करने पर हॉस्टल के कर्मचारियों और वार्डन पर अभद्रता और गाली-गलौज करने के आरोप लगाए गए हैं। कर्मचारियों पर शराब के नशे में खाना बनाने का आरोप छात्रों ने आरोप लगाया कि भोजन बनाने वाले कुछ कर्मचारी शराब के नशे में छात्रावास आते हैं और इसी हालत में खाना तैयार करते हैं। छात्रों का यह भी आरोप है कि कर्मचारी शराब पीने के लिए उनसे पैसे मांगते हैं। पैसे नहीं देने पर घर फोन कर झूठी शिकायत करने की धमकी दी जाती है। छात्रों का कहना है कि इस संबंध में अधिकारियों को पहले भी जानकारी दी गई, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। थाली लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे छात्र भोजन की गुणवत्ता और कथित अभद्र व्यवहार से नाराज छात्रों ने हॉस्टल से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली। छात्रों ने हाथों में अपनी थालियां लेकर जिम्मेदारों के खिलाफ नारेबाजी की और शिकायत का ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने भोजन की गुणवत्ता सुधारने और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की। चार सदस्यीय टीम करेगी जांच सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर ने बताया कि छात्रों ने छात्रावास में खराब भोजन परोसे जाने और कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायत की है। शिकायत आवेदन प्राप्त होने के बाद मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य को भी तलब किया गया है। इसके साथ ही चार सदस्यीय टीम गठित कर उसे तत्काल छात्रावास भेजने के निर्देश दिए गए हैं। टीम मौके पर जाकर छात्रों के बयान दर्ज करेगी और भोजन तथा छात्रावास की व्यवस्थाओं की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पेटलावद के अनंतखेड़ी से 27वीं बोल बम पैदल कावड़ यात्रा भगवान महाकालेश्वर के लिए रवाना हुई। यात्रा तयशुदा पड़ावों से होते हुए उज्जैन पहुंचेगी। कावड़ यात्री 11 अगस्त को श्री महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल का जलाभिषेक करेंगे। पेटलावद में संगठनों ने किया स्वागत यात्रा के रवाना होने पर पेटलावद नगर में विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों ने स्वागत मंच लगाए। दादू जी महाराज संस्थान पेटलावद, आर्यावर्त पत्रकार संघ पेटलावद, सांवरिया मित्र मंडल, नगर परिषद और कांग्रेस नेताओं ने यात्रा का स्वागत किया। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर कावड़ यात्रियों का स्वागत किया। ढोल-ढमाकों और बोल बम के जयकारों के बीच यात्री आगे बढ़े। 11 अगस्त तक पांच पड़ावों से होकर पहुंचेगी यात्रा कावड़ यात्रा पंडित नरेंद्र नंदन दवे के संचालन में निकाली जा रही है। यात्रा के पांच पड़ाव तय किए गए हैं— इसके बाद सभी कावड़ यात्री 11 अगस्त को श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर भगवान महाकाल का जलाभिषेक करेंगे।
दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार को राष्ट्रगीत के साथ शुरू हुआ। पहले दिन महरौली अग्निकांड के मृतकों और पूर्व विधायक बलजौर सिंह को श्रद्धांजलि दी गई, साथ ही विधायकों ने अपने क्षेत्रों की समस्याएं उठाईं।
कानपुर के कर्नलगंज इलाके में स्मार्ट मीटर लगाने गए एक कर्मचारी की करंट लगने से मौत हो गई। हादसे के बाद शुक्रवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों और साथी कर्मचारियों ने कंपनी अधिकारियों पर जबरन बिजली कनेक्शन जुड़वाने का आरोप लगाया। उन्होंने पुलिस पर भी अभद्रता और मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। करीब दो घंटे तक चली बातचीत के बाद कंपनी ने मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपए की तत्काल आर्थिक सहायता दी। साथ ही सरकारी मदद दिलाने का आश्वासन भी दिया। हालांकि परिजन अधिकारियों पर कार्रवाई और 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। एक साल पहले हुई थी शादी बर्रा विश्व बैंक निवासी तिलक शर्मा ई-रिक्शा चलाते हैं। उनके 22 साल के बेटे अंशुमन शर्मा केस्को से संबद्ध कंपनी जीनस में टेक्नीशियन थे। उनकी शादी जुलाई 2025 में वर्षा से हुई थी। अंशुमन स्मार्ट मीटर लगाने का काम करते थे। मीटर लगाने के बाद कनेक्शन जोड़ने का लगाया दबाव परिजनों के मुताबिक, गुरुवार को अंशुमन छोटे मियां हाता क्षेत्र में एक घर में स्मार्ट मीटर लगाने गए थे। आरोप है कि मीटर लगाने के बाद कंपनी अधिकारियों ने उनसे बिजली का कनेक्शन जोड़ने के लिए दबाव बनाया, जबकि यह उनका काम नहीं था। बताया गया कि अंडरग्राउंड केबल कटी होने के कारण कनेक्शन जोड़ते समय उन्हें तेज करंट लग गया और वह तार से चिपक गए। आसपास मौजूद लोगों ने डंडे की मदद से उन्हें छुड़ाया और गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम हाउस पर हंगामा शुक्रवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों और साथी कर्मचारियों ने कंपनी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा किया। उनका कहना था कि कर्मचारी से जबरन ऐसा काम कराया गया, जो उसकी जिम्मेदारी में नहीं था। पुलिस पर भी लगाए आरोप परिजनों ने आरोप लगाया कि कर्नलगंज पुलिस ने कंपनी अधिकारियों को बंधक बनाने की बात कहकर कर्मचारियों को अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी। इस आरोप को लेकर भी काफी देर तक विवाद चलता रहा। दो घंटे की बातचीत के बाद बनी सहमति हंगामे के बीच कंपनी अधिकारियों को पुलिस सुरक्षित स्वरूप नगर थाने ले गई। वहां करीब दो घंटे तक कई दौर की बातचीत हुई। इसके बाद कंपनी ने मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता दी और सरकारी मदद दिलाने का आश्वासन दिया। वहीं, परिजन मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर कायम हैं।
सिरसा जिले के डबवाली क्षेत्र के गांव देसूजोधा में दूषित पेयजल से पीलिया और लीवर संक्रमण फैलने के बावजूद रोकथाम एवं पर्याप्त इलाज न मिलने पर आज शुक्रवार को ग्रामीणों ने जलघर के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीण बोले, गांव के 15 से 16 बच्चे व युवा पंजाब के बठिंडा अस्पताल में दाखिल है और एक युवती की हालत गंभीर बनी हुई है। इनका जिम्मेवार कौन होगा, प्रशासन कोई समाधान नहीं दे रहा। धरनारत ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम चेकअप के बाद गोली देकर चली जाती है। यहां उनके पास पर्याप्त इलाज नहीं है। डबवाली से मरीजों को बठिंडा रेफर कर दिया जाता है। पब्लिक हेल्थ की टीम ने आकर कहा, पाइप की सब लीकेज ठीक कर दी है। सप्लाई में पानी ठीक आ जाएगा। आप लोग टयूबवैल का पानी पी रहे हो, जिस कारण बीमार हो रहे हो। ये कहकह दोनों विभागों ने अपना पल्ला झाड़ लिया है। ग्रामीण बोले, अब एक-दो दिन से टयूबवैल का पानी पीना शुरू किया है, क्योंकि सप्लाई में आज भी गंदा पानी आ रहा है। ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि ठेकेदार और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एसडीओ के खिलाफ कार्रवाई की जाए और पीड़ित बच्चों का उचित उपचार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना जारी रहेगा। ग्रामीणों ने लगाए यह आरोप ठेकेदार द्वारा पाइप लाइन बिछाने में बरती जा रही लापरवाही गुरप्रेम देसूजोधा ने बताया कि गांव में ठेकेदार द्वारा पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया गया था। आरोप है कि ठेकेदार और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की लापरवाही के कारण नालियों का गंदा पानी जलघर की डिग्गियों में मिल गया, जिससे पीने का पानी दूषित हो गया। कई जगहों पर पाइप-टोंटियां लीक हो रही ग्रामीणों के अनुसार, गांव की नालियां कचरे से भरी पड़ी हैं और पीने के पानी की पाइपलाइन भी दूषित हो चुकी है। कई स्थानों पर पाइप और टोंटियां लीक कर रही हैं। नलों से अक्सर गंदा और बदबूदार पानी आने की शिकायतें मिल रही हैं। ग्रामीणों ने दूषित पेयजल और खराब सफाई व्यवस्था को बीमारी का मुख्य कारण बताया है। आरोप-स्थायी समाधान नहीं किया निजी लैब की जांच रिपोर्टों में कई मरीजों के बिलीरुबिन, एसजीओटी और एसजीपीटी का स्तर सामान्य से कई गुना अधिक पाया गया है, जो पीलिया और लीवर संक्रमण की पुष्टि करता है। गांव के कई बच्चों और युवाओं का उपचार एम्स बठिंडा, डीएमसी लुधियाना, सिरसा और रामा मंडी जैसे अस्पतालों में चल रहा है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग, जन स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि गंभीर स्थिति के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है, जिसके कारण गांव में संक्रमण के और फैलने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने ठेकेदार व एसडीओ पर कार्रवाई की मांग इसको लेकर ग्रामीणों ने आज शुक्रवार को जल घर के आगे धरना लगाकर ठेकेदार व जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एसडीओ पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग उठाई गई है।वहीं, ग्रामीण ने मांग उठाई है कि जो बच्चे अलग-अलग अस्पतालों में उपचार दिन है वे गरीब परिवारों से संबंध रखते हैं।जो कि निजी अस्पताल में अपना उपचार करवाने में असमर्थ है।उनका सरकार की और से उपचार करवाया जाए।धरनारत ग्रामीणों व पीड़ित परिवारों ने कहा कि जब तक उनकी समस्या का स्थाई समाधान नहीं हो जाता तब तक यह धरना निरंतर जारी रहेगा। 60 से 65 बच्चे, युवा-महिला आ चुके संक्रमण की चपेट में अब तक देसूजोधा गांव में करीब दो सप्ताह में 60 से 65 बच्चे, युवा और महिलाएं पीलिया और लीवर संक्रमण बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। इनमें किसी का इलाज डबवाली तो किसी पंजाब के बठिंडा के अस्पताल में चल रहा है। एक युवती की हालत नाजुक बताई जा रही है। ग्रामीण बोले, हेल्थ विभाग की टीम ने लोगों की जांच की और उनको गोलियां दे दी। जो डबवाली अस्पताल में गए थे, वहां से रेफर कर दिया। विभाग के पास इलाज ही नहीं है।
संगरूर में मुख्यमंत्री भगवंत मान के चचेरे भाई और भाजपा नेता ज्ञान सिंह मान ने दावा किया है कि पंजाब के लोग आम आदमी पार्टी (AAP) की नीतियों से निराश हैं और राज्य में बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं। गुरुवार को भाजपा के पंजाब प्रदेश महासचिव जीवन गर्ग के आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए ज्ञान सिंह मान ने कहा कि पंजाब के लोगों ने AAP को मौका दिया था। हालांकि, सरकार की नीतियों के कारण राज्य दिन-ब-दिन कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवा, व्यापारी और अन्य वर्ग सरकार के कामकाज से नाखुश हैं। मान ने विश्वास जताया कि आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा पंजाब में डबल इंजन की सरकार बनाएगी और लोगों के हित में नीतियां लागू करेगी। कांग्रेस को अंदरूनी कलह से होगा नुकसान कांग्रेस के बारे में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पार्टी की अंदरूनी कलह किसी से छिपी नहीं है और इसका सीधा नुकसान कांग्रेस को ही हो रहा है। मान ने यह भी कहा कि AAP ने संगरूर से मजबूत शुरुआत की थी, लेकिन आज संगरूर के हालात निराशाजनक हैं। उन्होंने दावा किया कि पार्टी अंदरूनी खींचतान का सामना कर रही है, जिसका सबसे ज्यादा नुकसान कार्यकर्ताओं को हो रहा है। ज्ञान सिंह मान ने दावा किया कि आने वाले चुनावों में आम आदमी पार्टी को हार का सामना करना पड़ेगा।
पलवल में नेशनल हाईवे-19 पर होडल के हसनपुर चौक फ्लाइओवर के निकट एक सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई। बंचारी स्थित जेबीएम कंपनी में कार्यरत ये दोनों युवक ड्यूटी खत्म कर बाइक से घर लौट रहे थे, तभी पीछे से आए एक अनियंत्रित कंटेनर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि हादसे के बाद कंटेनर भी हाईवे पर पलट गया। घटना से हाईवे पर लंबा जाम लग गया और वाहनों की कतारें लग गईं। होडल थाना प्रभारी बलजीत के अनुसार, जिला मथुरा (यूपी) के कोसीकलां (अग्रवाल कॉलोनी) निवासी नकुल ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। नकुल ने बताया कि वह जेबीएम कंपनी में वेल्डर का काम करता है। 6 अगस्त की रात को नकुल, उसका छोटा भाई दीपक और दोस्त कृष्णकांत (निवासी अलवाई, तहसील छाता, जिला मथुरा) अपनी-अपनी बाइकों से घर लौट रहे थे। कंटेनर ने बाइक को मारी टक्कर कृष्णकांत बाइक चला रहा था और दीपक उसके पीछे बैठा था, जबकि नकुल अपनी बाइक से उनके पीछे चल रहा था। जब उनकी बाइक नेशनल हाईवे-19 पर हसनपुर चौक फ्लाई-ओवर पर पहुंची, तभी पीछे से आए एक बंद बॉडी के कंटेनर ड्राइवर ने तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए कृष्णकांत की बाइक में सीधी टक्कर मार दी। दोनों शवों को अस्पताल भिजवाया हादसे में पीछे चल रहा नकुल बाल-बाल बच गया, लेकिन उसकी आंखों के सामने ही दीपक और कृष्णकांत की जान चली गई। घटना की सूचना मिलते ही होडल थाने से एएसआई सतबीर सिंह और सिपाही कृष्ण पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने निजी एम्बुलेंस की व्यवस्था कर घायलों को जिला नागरिक अस्पताल पलवल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने दीपक और कृष्णकांत को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों शवों को अस्पताल में रखवा दिया है। पुलिस आगे की कार्रवाई करने में जुटी हुई है। पुलिस रात्रि में ही हाईवे से कंटेनर को हटवा कर जाम को खुलवा दिया था।
गोरखपुर में मासूम बच्चों के खिलाफ बढ़ रहे अपहरण, दुष्कर्म और हत्या जैसे अपराधों को लेकर बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और कानून-व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। BSP ने कहा कि लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से लोगों में डर का माहौल है और अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। पार्टी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट, समयबद्ध जांच, आरोपियों पर गैंगस्टर और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई, पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद समेत कई मांगें प्रशासन के सामने रखीं। फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर 6 महीने में सजा की मांग ज्ञापन में BSP ने मांग की कि बच्चों से जुड़े सभी गंभीर मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएं। इन अदालतों में रोजाना सुनवाई हो और अधिकतम छह महीने के भीतर दोषियों को सजा दिलाई जाए। पार्टी का कहना है कि कड़ी और त्वरित सजा से अपराधियों में कानून का डर पैदा होगा। POCSO और गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की मांग पार्टी ने कहा कि ऐसे मामलों में आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी हो। उनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों को भी जब्त किया जाए, ताकि अपराधियों को कड़ा संदेश मिल सके। 30 दिन में जांच पूरी करने की मांग BSP ने जांच प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने पर जोर दिया। पार्टी ने मांग की कि हर मामले में विवेचना अधिकारी की जवाबदेही तय हो और 30 दिन के भीतर जांच पूरी कर चार्जशीट अदालत में दाखिल की जाए। यदि किसी मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो। पीड़ित परिवार को 50 लाख मुआवजा और नौकरी देने की मांग ज्ञापन में पीड़ित परिवारों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और पूरे परिवार को 24 घंटे पुलिस सुरक्षा देने की मांग की गई। इसके अलावा स्कूलों, कोचिंग संस्थानों और संवेदनशील इलाकों के 500 मीटर दायरे में पुलिस पिकेट और डायल-112 की तैनाती बढ़ाने की भी मांग उठाई गई। लापता बच्चों पर तुरंत FIR और SIT गठित करने की मांग BSP ने कहा कि किसी भी बच्चे के लापता होने की सूचना मिलते ही तत्काल FIR दर्ज की जाए। ऐसे मामलों की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) गठित कर निष्पक्ष और तेज कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। BSP ने आंदोलन की चेतावनी दी जिला अध्यक्ष ऋषि कपूर ने कहा कि गोरखपुर में बच्चों के खिलाफ बढ़ रहे जघन्य अपराध बेहद चिंताजनक हैं और इससे साफ है कि प्रशासन अपराध रोकने में नाकाम साबित हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो BSP बड़े स्तर पर जनआंदोलन शुरू करेगी, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
हरियाणा के नारनौल में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आगामी 9 अगस्त को राज्य स्तरीय घर-घर तिरंगा अभियान का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद 17 अगस्त तक यह अभियान प्रदेश भर में चलाया जाएगा। यह जानकारी विधायक ओमप्रकाश यादव ने आज यहां प्रेस कांफ्रेंस में दी। मीडिया सेंटर में आयोजित पत्रकारवार्ता में विधायक ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सैनी 9 अगस्त को राज्य स्तरीय मेराथन को हरि झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसी दौरान वे घर-घर तिरंगा अभियान का भी शुभारंभ करेंगे। यह कार्यक्रम हर साल स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर चलाया जाता है। नशा मुक्ति के लिए मेराथन उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में नशा मुक्ति के लिए प्रदेश सरकार द्वारा मैराथन का आयोजन किया जा रहा है। इसी के चलते महेंद्रगढ़ जिला में यह कार्यक्रम हो रहा है। इसमें हाफ मैराथन व मैराथन दोनों होंगी। शर्मिला धनखड़ भी होंगी शामिल उन्होंने बताया कि इस मैराथन का उद्देश्य लोगों को नशे से दूर रखना है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रमंडल खेल 2026 की स्वर्ण पदक विजेता और भारतीय पैरा खिलाड़ी शर्मिला धनखड़ इस आयोजन में ब्रांड एंबेसडर के रूप में शामिल होंगी। ये रहेगा रूट उन्होंने बताया कि इस दौड़ का स्टार्टिंग प्वाइंट नूनी शेखपुरा-सेक्टर मोड़ से शुरू होगा। 5 किलोमीटर वाले धावक मिनी बाईपास से थोड़ा आगे तथा सूरज स्कूल से पहले वाले कट से यू टर्न लेंगे। वहीं 10 किलोमीटर वाले धावक अब टांटला चौक के नीचे से निकलकर लहरोदा गांव में मित्रपुरा चौक से यू टर्न लेंगे। इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी के जिला प्रधान यतेंद्र यादव, भाजपा नेता जेपी सैनी व सोमेश यादव सहित कई भाजपा नेता भी मौजूद रहे।
बेतिया के मझौलिया रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को बेतिया-सुगौली रेलखंड के ट्रैक पर एक युवक का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। शव दो हिस्सों में बंटा हुआ था, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना तत्काल मझौलिया थाने को दी गई। सूचना मिलते ही मझौलिया थानाध्यक्ष अमर कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने रेलवे ट्रैक पर बिखरे शव के हिस्सों को एकत्र कर कब्जे में लिया और कानूनी प्रक्रिया शुरू की। घटना की जानकारी मिलने पर रेल पुलिस (जीआरपी) भी घटनास्थल पर पहुंची और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर मामले की जांच में जुट गई। पहचान होने के बाद कारण होगा अस्पष्ट पुलिस फिलहाल मृतक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। शव के पास से कोई ऐसा दस्तावेज या पहचान पत्र बरामद नहीं हुआ है, जिससे उसकी तत्काल पहचान हो सके। पुलिस आसपास के लोगों और यात्रियों से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पहचान होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि युवक किसी ट्रेन की चपेट में आ गया। हालांकि, यह हादसा है, आत्महत्या है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, इसका खुलासा विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। शव की पहचान में जुटी पुलिस मझौलिया थानाध्यक्ष अमर कुमार ने बताया कि पुलिस शव की पहचान कराने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, जिस पर पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने का इंतजार करने की अपील की है।
पटना के जीरो माइल इलाके में सड़क हादसे में मौत के बाद बवाल हो गया। आक्रोशित भीड़ ने शव सड़क पर रखकर जाम लगाया और पुलिस की तीन गाड़ियों में आग लगा दी।
2 भाइयों को सांप ने डसा, एक की मौत:कैमूर में दूसरे की हालत गंभीर, छत पर सो रहे थे बच्चे
कैमूर में मोहनिया अनुमंडल क्षेत्र के अजगरा गांव में सर्पदंश से एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि उसका भाई गंभीर रूप से घायल है। यह घटना तब हुई जब दोनों सगे भाई रात में छत पर सो रहे थे। मृतक बच्चे की पहचान अजगरा निवासी सत्येंद्र बैठा के पुत्र धर्मवीर कुमार के रूप में हुई है। उसका भाई धर्मराज कुमार गंभीर हालत में है। परिजनों के अनुसार, देर रात करीब 10 से 11 बजे के बीच एक जहरीले सांप ने उन्हें डस लिया। भभुआ सदर अस्पताल रेफर किया सुबह बच्चों की हालत बिगड़ने पर परिजन पहले झाड़-फूंक के चक्कर में पड़े, जिसके बाद उन्हें अनुमंडल अस्पताल मोहनिया ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक ने जांच के बाद धर्मवीर को मृत घोषित कर दिया। धर्मराज के पैर में सर्पदंश के स्पष्ट निशान और जहर के लक्षण पाए गए, जिसके बाद उसे प्राथमिक उपचार (एंटी-वेनम इंजेक्शन) देकर बेहतर इलाज के लिए भभुआ सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। नियमानुसार पोस्टमार्टम कराने का भी सुझाव अनुमंडल अस्पताल मोहनिया के चिकित्सक डॉक्टर विजय कुमार ने बताया कि पहले बच्चे को अस्पताल लाते ही मृत पाया गया था। दूसरे बच्चे में सर्पदंश के लक्षण देखकर तत्काल इलाज शुरू किया गया। उन्होंने परिजनों को अंधविश्वास और झाड़-फूंक से बचने तथा तत्काल डॉक्टरी सहायता लेने की सलाह दी। साथ ही, मुआवजे की प्रक्रिया के लिए नियमानुसार पोस्टमार्टम कराने का भी सुझाव दिया।
भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। जिसके चलते कांवड़ियों की परेशानी बढ़ गई है। नमामि गंगे घाट और अजगैबीनाथ घाट की सीढ़ियां पानी में डूबने लगी है। श्रद्धालुओं को फिसलन, भीड़ और संकरे रास्ते के बीच अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है। घाट किनारे अस्थायी रूप से लगाई गई पूजा सामग्री, फूल-माला, प्रसाद और अन्य दुकानों तक भी गंगा का पानी पहुंचने लगा है। कई दुकानदारों ने अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना शुरू कर दिया है। अगर जलस्तर में इसी प्रकार वृद्धि जारी रही तो आने वाले दिनों में घाट किनारे संचालित दुकानों को हटाना पड़ सकता है। घाट पर सुरक्षा के इंतजाम जिला प्रशासन अनुसार अब तक लगभग 14 लाख से अधिक श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना हो चुके हैं। लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या और गंगा के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन के समक्ष भी नई चुनौती खड़ी कर दी है। घाटों पर सुरक्षा, बैरिकेडिंग और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था की गई है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। जल संसाधन विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में लगभग 8 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर 30.60 मीटर से लगभग 1.20 मीटर नीचे बह रहा है। हालांकि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, इसलिए घाटों और निचले इलाकों की निगरानी बढ़ा दी गई है। घाट किनारे दुकान लगाने वाले शुभम पंडित ने बताया, 'पिछले दो दिनों से गंगा का पानी तेजी से बढ़ रहा है। घाट की कई सीढ़ियां पानी में समा गई हैं। कांवरियों को जल भरने में कठिनाई हो रही है और दुकानदारों में भी चिंता बढ़ गई है। अगर जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो दुकानें हटानी पड़ सकती हैं, जिससे व्यापार पर भी असर पड़ेगा।'इधर, बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने और नियमों के पालन करने की अपील की है। साथ ही घाट पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं।
समाजवादी पार्टी 2027 विधानसभा चुनाव की जमीन मजबूत करने में जुट गई है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने 2 दिन आगरा में रह कर न सिर्फ कार्यकर्ताओं को संगठन का पाठ पढ़ाया बल्कि पीडीए को मजबूती देने का काम किया। उनका फोकस आगरा की 9 में से 2 सुरक्षित सीटों पर ही रहा। सपा प्रदेश अध्यक्ष मंगलवार देर शाम आगरा पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों के साथ-साथ कार्यकर्ताओं से मुलाकात की थी। बुधवार को आगरा छावनी और गुरुवार को आगरा ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ता सम्मेलन किए। दोनों ही विधानसभा सीट एससी के लिए आरक्षित हैं। सपा का फोकस पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) पर है। श्याम लाल पाल भी आगरा में इसकी जमीन को मजबूत करने आए थे। दोनों सुरक्षित सीटों के क्षेत्र में सम्मेलन कर उन्होंने दलित वोट बैंक को साधा। वोट बैंक को ऐसे साधा सपा प्रदेश अध्यक्ष ने ये भी कहा
मध्यप्रदेश पटवारी संघ ने शासन की ओर से मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है। राजस्व विभाग ने पटवारियों की पदोन्नति के लिए विभागीय नायब तहसीलदार परीक्षा कराने, लंबित भुगतान जल्द कराने और शिकायतों में प्रारंभिक जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। प्रमुख सचिव राजस्व ने सभी कलेक्टरों को पत्र भेजकर संबंधित विभागों से समन्वय कर पटवारियों और राजस्व कर्मचारियों का लंबित भुगतान कराने को कहा है। 2026 में होगी नायब तहसीलदार विभागीय परीक्षा मध्यप्रदेश पटवारी संघ के अनुसार, राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव के साथ हुई कई दौर की चर्चा के बाद शासन ने उनकी प्रमुख मांगों पर कार्रवाई शुरू की है। इसके बाद संघ की राज्य स्तरीय बैठक में आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया गया। कर्मचारी चयन मंडल (ESB) ने वर्ष 2026 में होने वाली विभागीय नायब तहसीलदार परीक्षा की प्रक्रिया तय कर दी है। इसके साथ ही पटवारियों के स्थानांतरण से जुड़े लंबित मामलों का भी प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाएगा। शासन ने अन्य मांगों पर भी तय समय-सीमा में निर्णय लेने का आश्वासन दिया है। शिकायत पर पहले होगी प्रारंभिक जांच पटवारियों के खिलाफ शिकायतों को लेकर राजस्व विभाग ने प्रक्रिया स्पष्ट की है। अब शिकायत मिलने पर पहले प्रारंभिक जांच की जाएगी। जांच में तथ्य सही पाए जाने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि बिना तथ्यों की पुष्टि किए सीधे कार्रवाई न की जाए। शिकायतों की जांच के बाद ही मामले में आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। कलेक्टरों को लंबित भुगतान जल्द कराने के निर्देश प्रमुख सचिव राजस्व डॉ. ई. रमेश कुमार ने सभी जिला कलेक्टरों को पटवारियों और राजस्व विभाग के मैदानी कर्मचारियों का लंबित भुगतान जल्द कराने के निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग से समन्वय कर अलग-अलग योजनाओं में किए गए कार्यों का भुगतान कराया जाए। कई जिलों में इन योजनाओं के तहत किए गए काम का भुगतान समय पर नहीं हो सका है, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्वामित्व योजना और कृषि गणना का भुगतान भी शामिल निर्देशों के अनुसार, स्वामित्व योजना के तहत आबादी भूमि सर्वे, अधिकार अभिलेख तैयार करने, प्रारंभिक और अंतिम प्रकाशन, दावा-आपत्ति प्रक्रिया, प्रिंटिंग और स्टेशनरी जैसे कार्यों का लंबित भुगतान कराया जाएगा। इसके अलावा 11वीं कृषि संगणना (2020-21) और छठी लघु सिंचाई गणना (2017-18) के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानदेय का भुगतान भी गाइडलाइन के अनुसार कराने के निर्देश दिए गए हैं।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ के ब्राह्मण सम्मेलन में दिए गए PDA वाले बयान पर भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने पलटवार किया है। शुक्रवार को दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव पहले यह स्पष्ट करें कि आखिर PDA बनाया किसके लिए है, क्योंकि वे हर मंच पर इसका अलग-अलग मतलब बता रहते हैं। प्रकाश पाल ने कहा कि अखिलेश यादव अब समाजवादी पार्टी का नाम लेने से भी बच रहे हैं और PDA के नाम पर लोगों के बीच जा रहे हैं। इसकी वजह यह है कि सपा का ब्रांड बदनाम हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश लगातार PDA के अर्थ को लेकर लोगों में भ्रम फैला रहे हैं। कभी PDA का मतलब पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक बताते हैं, तो अब ब्राह्मण सम्मेलन में P का अर्थ 'पीड़ित पंडित' बता दिया। उन्होंने कहा, सबसे पहले अखिलेश यादव यह साफ करें कि PDA आखिर किसके लिए बनाया गया है। अगर आज P का मतलब पंडित है तो पहले जिन पिछड़ों और दलितों की बात करते थे, उनका क्या हुआ? 'A का मतलब भी बता दें' भाजपा नेता ने कहा कि अखिलेश पहले भी PDA के कई अर्थ बता चुके हैं। उन्होंने कहा, मैंने पहले PDA का मतलब 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' और 'पावर ऑफ डिंपल-अखिलेश' बताया था। अब तो लगता है कि इनके PDA का मतलब 'पिछले दरवाजे से आना' हो गया है। प्रकाश पाल ने कहा कि अखिलेश यादव जहां जाते हैं, वहीं के हिसाब से PDA का अर्थ बदल देते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, इन पर तो कहावत फिट बैठती है, गंगा गए तो गंगादास, जमुना गए तो जमुनादास। 'लोगों को गुमराह कर रहे' उन्होंने आरोप लगाया कि ब्राह्मण सम्मेलन में P का मतलब पंडित बताकर अखिलेश यादव लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। प्रकाश पाल ने कहा, “अगर अब PD का मतलब पंडित है तो पिछड़े और दलित समाज को भी समझ लेना चाहिए कि उनके लिए PDA में अब जगह नहीं बची। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव यह भी बता दें कि PDA में A का मतलब क्या है? अल्पसंख्यक है या फिर अखिलेश?
फरीदकोट में 28 वर्षीय युवक का शव बरामद:राहगीर की सूचना पर पहुंची पुलिस, मौत के कारणों की जांच जारी
फरीदकोट जिले के जेतो शहर में बाजाखाना रोड पर बराड़ पैलेस के सामने एक खाली प्लांट से 28 वर्षीय युवक का शव बरामद हुआ है। मृतक की पहचान गांव झखड़वाला निवासी गुरप्रीत सिंह (28) पुत्र बोगा सिंह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, एक राहगीर ने समाजसेवी संस्था चढ़दी कला वेलफेयर सेवा सोसायटी के इमरजेंसी नंबर पर सूचना दी कि बाजाखाना रोड के पास खाली प्लॉटों में एक अज्ञात युवक बेसुध हालत में पड़ा है। पुलिस जांच में जुटी सूचना मिलने पर पीसीआर टीम के विक्रम शर्मा तथा डीएसपी इकबाल सिंह संधू को सूचित किया गया। पुलिस की निगरानी में चढ़दी कला वेलफेयर सेवा सोसायटी की एंबुलेंस के माध्यम से मीता सिंह मीता, गोरा औलख और कुलदीप राजपूत ने युवक को सिविल अस्पताल कोटकपूरा पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार फिलहाल युवक की मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। थाना जेतो पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिवार के बयानों के आधार पर कार्रवाई करते हुए शव का फरीदकोट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
पन्ना से कटनी जा रही एक यात्री बस शुक्रवार, 7 अगस्त को ककरहटी-देवेंद्रनगर मार्ग पर ग्राम खपटहा अहरी के पास अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई। छंगे राजा बस (क्रमांक-एमपी-35, पी-0325) पलटने से बाल-बाल बची, जिससे इसमें सवार सभी 25 से 30 यात्री सुरक्षित रहे। एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। स्थानीय निवासियों और यात्रियों ने बताया कि यह घटना मार्ग के अत्यधिक संकरा और खराब होने के कारण हुई। इस स्थान पर अक्सर ऐसे हादसे होते रहते हैं, क्योंकि वाहन चालकों को सामने से आने वाले वाहनों को रास्ता देने में काफी परेशानी होती है। यात्री लवकुश कुशवाहा के अनुसार, बस में 20 से 25 लोग सवार थे। उन्होंने बताया, “सड़क बहुत संकरी और खस्ताहाल है, जिसके कारण क्रासिंग के दौरान बस अनियंत्रित होकर पलटने से बची। सभी यात्री सुरक्षित हैं, लेकिन सड़क की खराब स्थिति के कारण यहाँ हमेशा खतरा बना रहता है। पिछले साल भी इसी जगह गौतम बस के साथ ऐसा ही हादसा हुआ था।” रास्ता संकरा है स्थानीय प्रत्यक्षदर्शी नीलम ने बताया कि यह घटना उनके घर के ठीक सामने हुई। उन्होंने कहा, यहां रास्ता इतना संकरा है कि दो वाहन एक साथ आसानी से नहीं निकल पाते। पहले भी यहाँ बस दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। आज भी बस सड़क से नीचे उतर गई थी और पलटने ही वाली थी, लेकिन एक बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि ककरहटी-देवेंद्रनगर मार्ग के संकरे और खतरनाक हिस्सों को जल्द से जल्द चौड़ा और दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी जनहानि को रोका जा सके। दुर्घटनास्थल की अन्य तस्वीरें…
फाजिल्का में शुक्रवार सुबह महज आधे घंटे की बारिश ने प्रशासन और विकास कार्यों की हकीकत उजागर कर दी। शहर के साथ ग्रामीण इलाकों में भी भारी जलभराव हो गया। सरहदी गांव नूरशाह में हालात और भी खराब रहे। यहां गलियों में करीब डेढ़ फुट तक पानी भर गया और बरसाती पानी लोगों के घरों में घुस गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में पानी की निकासी के लिए कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण हर बारिश के बाद जलभराव की समस्या पैदा हो जाती है। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन के विकास दावों पर सवाल उठाते हुए स्थायी समाधान की मांग की है। घरों की नींव तक पहुंचा पानी, दीवारों को नुकसान का खतरा गांव निवासी राकेश ने बताया कि महज आधे घंटे की बारिश में पूरा गांव जलमग्न हो गया। गलियों में करीब डेढ़ फुट तक पानी भरने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। बच्चों के लिए स्कूल जाना भी संभव नहीं रहा। उन्होंने बताया कि पानी घरों की नींव तक पहुंच गया है, जिससे दीवारों को नुकसान होने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है।
फर्रुखाबाद में गंगा नदी का जलस्तर गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक स्थिर बना हुआ है। सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार सुबह गंगा का जलस्तर 136.80 दर्ज किया गया। इससे पहले, बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक 10 सेंटीमीटर और गुरुवार सुबह से शाम तक 5 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई थी। बीते कई दिनों से लगातार बढ़ रही गंगा का जलस्तर मंगलवार रात से स्थिर होना शुरू हो गया था। गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक इसमें कोई और कमी नहीं आई। नरौरा बांध से शुक्रवार सुबह गंगा में 1,24,173 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा नदी ब्लो गेज में चल रही है। शुक्रवार सुबह खो बैराज से 20,594 क्यूसेक, हरेली बैराज से 249 क्यूसेक और रामनगर बैराज से 2,955 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। फर्रुखाबाद में कुल 36 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। इनमें कायमगंज तहसील के 13, अमृतपुर तहसील के 14 और सदर तहसील के 9 गांव शामिल हैं। बाढ़ से कुल 5,725 परिवार प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने जिले में 24 अस्थायी बाढ़ शरणालय बनाए हैं, जिनमें से तीन सक्रिय कर दिए गए हैं। इन तीनों शरणालयों में 423 लोग रह रहे हैं, जिन्हें प्रशासन द्वारा पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के लिए नावें और मोटरबोट तैनात की गई हैं। सदर तहसील के 9 गांवों में 18 नाव और 2 मोटरबोट, कायमगंज तहसील के 13 गांवों में 17 नाव और 4 मोटरबोट, तथा अमृतपुर तहसील के 14 गांवों में 16 नाव और 4 मोटरबोट लगाई गई हैं। इसके अतिरिक्त, 52 अस्थायी बाढ़ चौकियां भी संचालित की जा रही हैं, जिन पर कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
शाजापुर जिले के रामनगर-जलोदा जोड़ के पास शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे एक ट्रैक्टर-ट्रॉली बेकाबू होकर सड़क किनारे खंती में पलट गई। हादसे में खेत पर मजदूरी के लिए जा रही करीब 15 से 20 महिला मजदूर घायल हो गईं। चालक के थूकने के चक्कर में बेकाबू हुआ ट्रैक्टर चालक के पूड़ी-गुटखा थूकने के दौरान स्टेयरिंग अचानक गलत दिशा में मुड़ गई। इस वजह से वाहन का संतुलन बिगड़ गया और ट्रैक्टर-ट्रॉली सीधे सड़क से उतरकर खंती में जा गिरी। स्थानीय लोगों और पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों और पुलिस की मदद से सभी घायल महिलाओं को तुरंत शाजापुर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। पीड़ित महिलाएं रामनगर गांव की निवासी हैं। सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर जिला अस्पताल के डॉक्टर अरुण पाटीदार के अनुसार घायलों का प्राथमिक उपचार कर कुछ को निगरानी में रखा गया है। किसी भी महिला को गंभीर चोट नहीं आई है और सभी की हालत स्थिर है। सुनेरा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
रेवाड़ी में रोहतक रोड पर एक अनियंत्रित ट्रॉला घर में घुस गया। ट्रॉला फुटपाथ पर चढ़कर ग्रिल तोड़ते हुए हुए गया। घर के सामने खड़ी कार को टक्कर मारी और दीवार तोड़कर अंदर घुस गया। आधी रात करीब डेढ़ बजे गुरावड़ा गांव की घटना है। जब समय हादसा हुआ उस समय मकान मालिक और उसके भाई का परिवार अंदर सो रहा था। अचानक आवाज सुनकर परिवार उठा और घर से भागकर घर से बाहर निकला। धमाके की आवाज से हड़कंप मच गया और लोग आसपास के घरों से निकलना शुरू हो गए। हादसे के बाद चालक गाड़ी को छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना के बाद रोहड़ाई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। गाड़ी छोड़कर ड्राइवर फरार जानकारी के अनुसार रात को गुरावड़ा निवासी अनिल और ब्रहम दो भाईयों का परिवार अपने घर में सो रहा था। इसी दौरान रात करीब डेढ़ बजे झज्जर की तरफ से आया एक ट्रॉला अनियंत्रित होकर फुटपाथ पर चढ़कर ग्रिल तोड्ते हुए घर के पास खड़ी किराएदार की कार से टकराया। इसके बाद दीवार को तोड़ते हुए घर के अंदर जा घुसा। प्रत्यक्षदर्शी बोले- अक्सर होते हैं हादसे प्रत्यक्षदर्शी प्रदीप बोहरा ने बताया कि रात को तेज धमाके की आवाज हुई। जब लोग बाहर निकले तो ट्रॉले के पहिये चल रहे थे और चालक गायब था। जिससे पता चला कि ट्रॉला तेज स्पीड में था। हादसे में घर के अंदर सो रहे दो परिवार सुरक्षित बच गए, हालांकि कार और घर क्षतिग्रस्त हो गए। उन्होंने बताया कि सप्ताह पहले भी यहां एक्सीडेंट में बाइक सवार एक्स सर्विसमैन की मौत हो चुकी है।
फरीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ स्थित दिल्ली-मथुरा-आगरा हाईवे पर शुक्रवार सुबह तड़के एक भीषण सड़क हादसा हो गया। संत सूरदास मेट्रो स्टेशन से करीब 300 मीटर आगे नहर से पहले लोहे की कॉयल (स्टील रोल) से लदे एक ट्राला में पीछे से तेज रफ्तार डंपर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि डंपर का अगला हिस्सा पूरी तरह ट्राला के पिछले हिस्से में घुस गया और वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में डंपर ड्राइवर शेरमोमिन और उसका कंडक्टर घायल हो गए। राहगीरों की मदद से दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई। डंपर बड़खल की ओर से पलवल जा रहा था जानकारी के अनुसार, हादसा शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे हुआ। डंपर बड़खल की ओर से पलवल जा रहा था। इसी दौरान ओवरटेक लेन में खड़े ट्राला से उसकी जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। डंपर का अगला हिस्सा बुरी तरह दब जाने के कारण ड्राइवर और कंडक्टर अंदर फंस गए थे, जिन्हें काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। कंपनी में माल पहुंचाने जा रहा था ड्राइवर ट्राला ड्राइवर राकेश ने बताया कि वह गुरुवार रात करीब 11:30 बजे बाटा के पास स्थित एक कंपनी से दो लोहे की कॉयल लोड कर सेक्टर-57 की कंपनी में माल पहुंचाने जा रहे थे। रास्ते में ट्राला का एक टायर फट गया, जिसके चलते उन्हें वाहन को ओवरटेक लेन में रोकना पड़ा। उन्होंने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से ट्राला से करीब 50 मीटर पीछे रोड सेफ्टी गार्ड भी लगाया गया था, ताकि पीछे से आने वाले वाहन समय रहते सावधान हो सकें। ओवरटेक के दौरान हुआ हादसा राकेश का कहना है कि डंपर ड्राइवर तेज रफ्तार में था और ओवरटेक करने के दौरान उसे खराब खड़ा ट्राला दिखाई नहीं दिया। इसी वजह से डंपर सीधे ट्राला के पिछले हिस्से से जा टकराया। हादसे के समय वह ट्राला के अंदर बैठे हुए थे। तेज धमाके की आवाज सुनकर बाहर निकले तो देखा कि डंपर बुरी तरह ट्राला में फंसा हुआ है। इसके बाद उन्होंने राहगीरों की मदद से घायल चालक और कंडक्टर को बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया। दिल्ली-मथुरा-आगरा हाईवे पर लंबा जाम हादसे के चलते दिल्ली-मथुरा-आगरा हाईवे पर लंबा जाम लग गया। सुबह के समय रोजमर्रा के काम पर निकलने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंची और हाइड्रा व क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त डंपर और ट्राला को हाईवे से हटवाकर यातायात को सुचारु कराया। बाद में दोनों वाहनों को थाने भेज दिया गया। ट्रैफिक पुलिस ने पहुंचकर संभाली व्यवस्था ट्रैफिक पुलिस के एएसआई नरेंद्र कुमार ने बताया कि सुबह करीब 7 बजे हादसे की सूचना मिली थी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जाम खुलवाया और दोनों वाहनों को सड़क से हटवाया। उन्होंने बताया कि डंपर चालक और कंडक्टर को चोटें आई हैं, लेकिन उनकी हालत गंभीर नहीं है। हादसे की असली वजह और इसमें किसकी लापरवाही रही, इसकी जांच पुलिस कर रही है। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अगर इसे स्थानीय अखबार की शैली में और अधिक प्रभावशाली बनाना हो, तो शुरुआती पैराग्राफ को और भी कड़क बनाया जा सकता है।
महाराजगंज सिविल लाइन बस स्टेशन पर ई-रिक्शा चालकों के जमावड़े के कारण यातायात बाधित हो रहा है। ई-रिक्शा चालक घंटों तक अपने वाहन बस स्टेशन के बाहर खड़े कर देते हैं, जिससे बसों को परिसर से निकलने में परेशानी होती है। इस संबंध में एआरएम सर्वजीत वर्मा ने बताया कि ई-रिक्शा चालकों को बार-बार बस स्टेशन परिसर के बाहर वाहन खड़े न करने के लिए कहा जाता है। इसके बावजूद वे मनमाने ढंग से अपनी ई-रिक्शा खड़ी कर देते हैं। यातायात प्रभारी अरुणेंद्र प्रताप सिंह ने जानकारी दी कि ई-रिक्शा चालकों पर चालान की कार्रवाई करने के बावजूद भी वे अपनी गाड़ियां वहीं खड़ी करते रहते हैं। वहीं, ई-रिक्शा चालकों ने बताया कि उनसे प्रतिदिन स्टैंड के नाम पर 40 रुपये वसूले जाते हैं। इसके बावजूद उन्हें कोई निर्धारित स्टैंड उपलब्ध नहीं कराया गया है। चालकों का कहना है कि वे मजबूरी में अपनी गाड़ियां बस स्टेशन पर खड़ी करते हैं।
बलरामपुर में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष और समाजवादी पार्टी नेता फिरोज अहमद उर्फ फिरोज पप्पू हत्याकांड में आज फैसला आएगा। एमपी-एमएलए कोर्ट दोपहर बाद अपना फैसला सुनाएगी। इस मामले में बहस पूरी हो चुकी है। फैसले के पहले कोर्ट परिसर को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है। कोर्ट रूम में पूर्व सांसद रिजवान जहीर, उनकी बेटी जेबा रिजवान और दामाद रमीज सहित सभी आरोपी मौजूद हैं। यह हत्याकांड 2022 का है। 4 जनवरी 2022 की रात तुलसीपुर नगर के जरवा रोड स्थित अपने घर के पास फिरोज पप्पू पर हमला हुआ था। वे पान की दुकान पर रुके थे तभी हमलावरों ने उन पर लोहे की रॉड और चाकू से हमला कर दिया। हमलावरों ने उनके सिर पर वार किया और गला रेत दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घायल अवस्था में उन्हें सीएचसी तुलसीपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। हत्या के बाद तुलसीपुर में तनाव फैल गया था। पुलिस ने तत्काल इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू की। छह दिनों की जांच के बाद तत्कालीन पुलिस अधीक्षक हेमंत कुटियाल ने इस हत्याकांड का खुलासा किया। पुलिस ने पूर्व सांसद रिजवान जहीर, उनकी बेटी जेबा, दामाद रमीज सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच में सामने आया कि यह हत्या राजनीतिक वर्चस्व और विधानसभा टिकट की होड़ का परिणाम थी। पुलिस के अनुसार, फिरोज पप्पू की लोकप्रियता बढ़ रही थी। वह समाजवादी पार्टी से तुलसीपुर विधानसभा सीट के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे। दूसरी ओर, पूर्व सांसद रिजवान जहीर अपनी बेटी जेबा को टिकट दिलाने की कोशिश कर रहे थे। इसी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण दोनों गुटों के बीच तनाव बढ़ गया था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि हत्या की साजिश लगभग एक महीने पहले रची गई थी और फिरोज पप्पू की हत्या के तीन असफल प्रयास भी किए गए थे। आखिरकार 4 जनवरी 2022 की रात मेराजउल हक उर्फ मामा और महफूज ने वारदात को अंजाम दिया, जबकि पुलिस के अनुसार पूरी साजिश रिजवान जहीर, जेबा, रमीज और शकील ने रची थी। आज इसी बहुचर्चित मामले में कोर्ट अपना फैसला सुनाने जा रही है। पूरे जिले की निगाहें कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात है।
गोपालगंज में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 10 अगस्त को एक विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर में पात्र लाभार्थियों को एक ही स्थान पर आवेदन करने से लेकर सोलर रूफटॉप स्थापित करने तक की सभी प्रक्रियाएं पूरी करने की सुविधा मिलेगी। शिविर में योग्य लाभार्थियों के लिए मौके पर ही आवेदन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन भी किया जाएगा। लाभार्थियों को सोलर रूफटॉप लगाने की प्रक्रिया, योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं और अनुदान राशि के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी। सोलर रूफटॉप लगाने के लिए मिलेगा पैसा इस विशेष शिविर में विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे। वे इच्छुक लाभार्थियों को सोलर रूफटॉप स्थापित करने के लिए ऋण सुविधा से संबंधित जानकारी और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएंगे। जिला पदाधिकारी समीर सौरभ ने जिले के अधिक से अधिक पात्र लोगों से इस शिविर में पहुंचकर योजना का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य घरों की बिजली जरूरतों को सौर ऊर्जा से पूरा करना और बिजली के खर्च को कम करना है। लाभार्थी आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर में पहुंचकर आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
महराजगंज में तीन बच्चों की मौत पर न्याय की मांग:परिजनों ने DM से दोषियों पर FIR की लगाई गुहार
महराजगंज के सिसवा नगर पालिका क्षेत्र में निर्माणाधीन अमृत सरोवर में डूबने से तीन बच्चों की मौत के मामले में परिजनों ने न्याय की गुहार लगाई है। शुक्रवार को मृतक बच्चों के परिवारों ने जिलाधिकारी को अलग-अलग प्रार्थना पत्र सौंपकर घटना के वास्तविक दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। प्रार्थना पत्र देने वालों में रमेश यादव, रामलखन यादव और विनोद रौनियार शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 2 अगस्त 2026 को निर्माणाधीन अमृत सरोवर में डूबने से उनके मासूम बच्चों की जान चली गई थी। परिजनों का आरोप है कि यह हादसा लापरवाही का परिणाम था, जिसे समय रहते रोका जा सकता था। परिजनों ने अपने प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया है कि नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में यह तथ्य दर्ज है कि ठेकेदार ने आवश्यकता से अधिक गहरी खुदाई कराई थी। इसके साथ ही, सुरक्षा के लिए न तो बैरिकेडिंग की गई थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था, जिसके कारण बच्चे सरोवर तक पहुंच गए और यह दुखद घटना हुई। प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि निर्माण कार्य में अनियमितताओं और सुरक्षा संबंधी खामियों की शिकायत पहले ही जिलाधिकारी से की गई थी। इस शिकायत के आधार पर 20 जुलाई 2026 को एक जांच समिति भी गठित की गई थी, लेकिन न तो निर्माण कार्य रोका गया, न ही सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई और न ही समय पर जांच पूरी हुई। परिजनों का मानना है कि यदि संबंधित अधिकारियों ने समय रहते कार्रवाई की होती तो तीनों बच्चों की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने केवल ठेकेदार ही नहीं, बल्कि नगर पालिका अध्यक्ष, अध्यक्ष प्रतिनिधि, अधिशासी अधिकारी, संबंधित अवर अभियंता (जेई) और निर्माण कार्य की निगरानी व सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता के तहत इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
बांसवाड़ा के गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय में शुक्रवार को ‘नशा मुक्त वागड़, स्वस्थ युवा सशक्त जनजाति एवं विकसित भारत’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी हुई। मुख्य अतिथि राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं की ताकत कम करने और उन्हें खोखला बनाने के लिए ड्रग्स भेजा जा रहा है। राज्यपाल ने नशा मुक्ति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को गरीबी दूर करने का माध्यम बताया। राज्यपाल बोले- युवाओं को खोखला करने के लिए ड्रग्स भेजा जा रहा संगोष्ठी को संबोधित करते हुए राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि भारत के युवाओं की ताकत कम करने के लिए ड्रग्स भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य केवल पैसा कमाना नहीं, बल्कि देश की युवा शक्ति को कमजोर करना है। राज्यपाल ने युवाओं से पूरी तरह नशे से दूर रहने की अपील की और कहा कि नशे के कारण सड़क हादसे बढ़ रहे हैं। इससे हंसते-खेलते परिवार उजड़ रहे हैं। नशा मुक्ति और शिक्षा से गरीबी दूर होगी राज्यपाल ने कहा कि नशा मुक्ति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के जरिए गरीबी को दूर किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा के साथ अपनी बौद्धिक क्षमता, नैतिकता और सभ्यता के विकास पर भी ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर है और जनजाति वर्ग के बच्चों को अधिक से अधिक शिक्षा हासिल करनी चाहिए। टीबी मुक्त भारत अभियान में सहयोग की अपील राज्यपाल ने युवाओं से टीबी मुक्त भारत अभियान में सहयोग करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि आसपास रहने वाले टीबी मरीजों के इलाज में मदद की जानी चाहिए, ताकि उन्हें समय पर उपचार मिल सके। गोविंद गुरु के योगदान को याद किया राज्यपाल ने स्वतंत्रता संग्राम में गोविंद गुरु के योगदान को याद किया। उन्होंने जनजाति समाज के युवाओं से शिक्षा के जरिए आगे बढ़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान गोविंद गुरु के प्रपौत्र कन्हैयालाल, देवी सिंह और राजेश का सम्मान किया गया। राज्यपाल का गार्ड ऑफ ऑनर से स्वागत विश्वविद्यालय पहुंचने पर कुलपति प्रो. केशव सिंह ठाकुर ने राज्यपाल हरिभाऊ बागडे का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। कार्यक्रम में कुलसचिव उदय सिंह सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, विभिन्न शिक्षण संस्थानों के युवा और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
डूंगरपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने शुक्रवार को श्री भोगीलाल पंड्या राजकीय महाविद्यालय के सामने प्रदर्शन किया। छात्रों ने कॉलेज गेट पर नारेबाजी करते हुए धरना दिया और छात्रसंघ चुनाव करवाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री के नाम कॉलेज प्रिंसिपल को ज्ञापन सौंपा। एबीवीपी के छात्रावास कार्यप्रमुख अनिल धमलात के नेतृत्व में विद्यार्थी कॉलेज गेट पर एकत्र हुए। उन्होंने एबीवीपी के झंडे और पोस्टर लेकर जमकर नारेबाजी की और गेट बंद कर धरने पर बैठ गए। 'चुनाव नहीं होने से स्टूडेंट्स की आवाज उठाने वाला कोई नहीं'अनिल धमलात और राजेंद्र खराड़ी ने कहा कि सरकार छात्रसंघ चुनाव नहीं करवाकर छात्रों के हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने बताया कि पिछले 3 शैक्षणिक सत्र से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं, जिससे विश्वविद्यालय और कॉलेज स्तर पर विद्यार्थियों की आवाज उठाने वाला कोई नहीं है। एबीवीपी नेताओं ने यह भी कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने चुनाव नहीं करवाए और अब भाजपा सरकार भी ऐसा ही कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि एबीवीपी हमेशा छात्र हितों को लेकर आंदोलन करती रहेगी। इसके अलावा, छात्रों ने जिले के सरकारी कॉलेजों में स्थायी प्रिंसिपल न होने और कई कॉलेजों में लेक्चरर के पद खाली होने जैसी समस्याओं को भी उठाया। एबीवीपी ने सरकार से इन सभी मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील की।
बूंदी के नैनवां स्थित देई कृषि उपज मंडी में 16 से 25 अगस्त 2026 तक 9 दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा महोत्सव आयोजित होगा। हाड़ौती क्षेत्र में पहली बार श्रीराम कथा के साथ पार्थिव शिवलिंग पूजन एवं रुद्राभिषेक का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव का शुभारंभ 16 अगस्त को 1100 कलशों की विशाल कलश यात्रा से होगा। धार्मिक अनुष्ठानों के लिए 111 विद्वान वेदपाठी आचार्य मौजूद रहेंगे। कथा के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय संत महंत राममोहनदास रामायणी होंगे। आयोजन समस्त क्षेत्रवासियों और देई नगरवासियों के तत्वावधान में किया जा रहा है। सुबह-शाम होंगे वैदिक अनुष्ठान आयोजन के दौरान वैदिक अनुष्ठान प्रतिदिन सुबह 7 से 10 बजे और शाम 6 से 9 बजे तक होंगे। वहीं संगीतमय श्रीराम कथा दोपहर 1 से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएगी। आयोजन समिति के अनुसार एक यजमान केवल एक ही पारी में भाग ले सकेगा, चाहे वह सुबह की पारी हो या शाम की। पार्थिव शिवलिंग अभिषेक में शामिल होने वाले यजमानों को अपने साथ एक थाली और पांच कटोरियां लानी होंगी। 21 हजार में 9 दिवसीय पार्थिव शिवलिंग पूजन श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान और दोष निवारण सेवाओं की व्यवस्था की गई है। 9 दिवसीय पार्थिव शिवलिंग पूजन एवं अभिषेक की सेवा राशि 21 हजार रुपए निर्धारित की गई है। इसमें यजमान के लिए एक ब्राह्मण द्वारा 9 दिनों में 17,500 महामृत्युंजय मंत्रों का जाप कराया जाएगा। वहीं एक दिवसीय पार्थिव शिवलिंग पूजन एवं अभिषेक की सेवा राशि 2,100 रुपए रखी गई है। कालसर्प दोष निवारण में 18 हजार मंत्र जाप कालसर्प दोष निवारण की सेवा राशि 5100 रुपए निर्धारित की गई है। इसके तहत दो ब्राह्मणों द्वारा दो दिनों तक राहु शांति के लिए 18 हजार मंत्रों का जाप और दो दिनों तक रुद्राभिषेक किया जाएगा। गुरु चांडाल और अंगारक दोष निवारण की भी व्यवस्था गुरु चांडाल योग निवारण के लिए सेवा राशि 15 हजार रुपए निर्धारित है। इसमें तीन ब्राह्मण तीन दिन तक 48 हजार बृहस्पति एवं 18 हजार राहु के जप करेंगे तथा तीन दिन रुद्राभिषेक होगा। इसी तरह अंगारक दोष निवारण की सेवा राशि भी 15 हजार रुपए है। इसमें तीन ब्राह्मण तीन दिन तक 18 हजार राहु एवं 48 हजार मंगल के जप के साथ तीन दिन रुद्राभिषेक करेंगे। मांगलिक, ग्रह और पितृ दोष के लिए 15-15 हजार रुपए मांगलिक दोष, ग्रह दोष एवं पितृ दोष निवारण के लिए प्रत्येक की सेवा राशि 15-15 हजार रुपए निर्धारित की गई है। मांगलिक दोष निवारण में तीन ब्राह्मण तीन दिन तक 18 हजार जप और तीन दिन रुद्राभिषेक करेंगे। ग्रह दोष निवारण में तीन पंडितों द्वारा तीन दिन तक वास्तु आदि की शांति के लिए जप एवं रुद्राभिषेक किया जाएगा। वहीं पितृ दोष निवारण में तीन पंडित तीन दिन तक पितृ श्राद्ध, पितृ गायत्री जप एवं तर्पण के साथ रुद्राभिषेक करेंगे। शनि महादशा शांति के लिए 80 हजार मंत्र जाप शनि महादशा शांति के लिए सेवा राशि 31 हजार रुपए निर्धारित की गई है। इसमें पांच ब्राह्मण तीन दिन तक शनि मंत्र के 80 हजार जप करेंगे। इसके साथ तीन दिन रुद्राभिषेक होगा। महामृत्युंजय जाप की सेवा मंत्रों की संख्या के अनुसार निर्धारित की जाएगी। भंडारा और प्रसाद की भी रहेगी व्यवस्था महोत्सव में संतों एवं ब्राह्मणों के लिए सुबह के फलाहार की सेवा 15 हजार रुपए, सुबह बाल भोग सामूहिक सेवा 25 हजार रुपए, दोपहर राजभोग भंडारा 51 हजार रुपए, कथा के बाद प्रसाद सेवा 21 हजार रुपए तथा रात्रि भोजन भंडारा सेवा 31 हजार रुपए निर्धारित की गई है। सपरिवार शामिल होने की अपील आयोजन से जुड़े सेवादल ने तलवास सहित आसपास के क्षेत्र के धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से सपरिवार महोत्सव में शामिल होने की अपील की है। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से भगवान चारभुजा नाथ एवं भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने और इस धार्मिक महाआयोजन का पुण्य लाभ लेने का आग्रह किया है।
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके पहले ही झारखंड जाकर छात्रों को समर्थन देने का आश्वासन दे चुके हैं लेकिन अभी तक एक बार भी वह झारखंड नहीं गए। अब उनका कहना है कि वह हर जगह आगे नहीं रहना चाहते।
सिंचाई विभाग द्वारा भाखड़ा मुख्य रेखा (BML) नहर के आर.डी. 950/आर. के पास कमजोर हुए तट की मरम्मत का काम बेहद तेजी से शुरू कर दिया गया है। विभाग को नियमित निरीक्षण के दौरान इस हिस्से के कमजोर होने का पता चला था, जिसके तुरंत बाद पानी की आपूर्ति को बिना किसी बाधा के सुचारू रखने के लिए तत्काल राहत कार्य आरंभ किया गया। मामले की जानकारी देते हुए सिंचाई विभाग के कार्यकारी इंजीनियर गुरशरण सिंह विर्क ने बताया कि विभागीय कर्मचारियों ने झाड़ियों के पीछे छिपे इस कमजोर हिस्से की पहचान की थी। किसी भी बड़ी दुर्घटना को रोकने के लिए विभाग ने तुरंत कदम उठाए। मरम्मत का मुख्य कार्य शुरू करने से पहले पूरे स्थल की अच्छी तरह सफाई करवाई गई, ताकि कंक्रीट की संरचना के लिए एक स्थिर, मजबूत और सुरक्षित आधार तैयार किया जा सके। 1:3:6 अनुपात के कंक्रीट बैगों से सुदृढ़ीकरण एक्सियन विर्क ने तकनीकी जानकारी साझा करते हुए बताया कि नहर के तट को दीर्घकालिक मजबूती प्रदान करने के लिए 1:3:6 अनुपात वाले कंक्रीट बैगों का उपयोग करके सुरक्षा कार्य किया जा रहा है। यह कार्य वर्तमान में युद्ध स्तर पर जारी है। काम की गुणवत्ता और गति को बनाए रखने के लिए विभाग के उच्च अधिकारी और कर्मचारी लगातार मौके पर डटे हुए हैं और इसकी बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। ढांचागत मजबूती और निर्बाध आपूर्ति प्राथमिकता कार्यकारी इंजीनियर ने स्पष्ट किया कि सिंचाई विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता नहरों की ढांचागत मजबूती को हर हाल में बनाए रखना है। इसका उद्देश्य आम जनता और किसानों के लिए पानी की आपूर्ति को निर्बाध रूप से जारी रखना तथा भविष्य में किसी भी अप्रिय स्थिति या कटाव से बचना है। उन्होंने आगे कहा कि विभाग की नीति है कि निरीक्षण के दौरान जहां भी कोई कमजोरी या खराबी पाई जाती है, वहां तुरंत तकनीकी मापदंडों के अनुसार मरम्मत और मजबूती के कार्य करवाए जाते हैं। विर्क ने क्षेत्र के लोगों को विश्वास दिलाया कि बीएमएल नहर के इस हिस्से पर चल रहा मरम्मत कार्य जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा, जिससे नहर की संरचनात्मक मजबूती पूरी तरह सुनिश्चित हो जाएगी और किसी को भी परेशान होने की आवश्यकता नहीं है।
शिव की भक्ति में बढ़ रहे नन्हें कदम:7 साल की शिवान्या ने उठाई कांवड़, बोली भोलेनाथ ही देते हैं शक्ति
शिवभक्ति की राह में मासूम बच्चे भी आगे बढ़ रहे हैं। होंठो पर बमबोले का नाम, पैरों में छाले और आगे बढ़ते कदम..नन्हें शिवभक्तों के मन में भक्ति का गजब जुनून है। जिसके आगे राह की तमाम मुश्किलें, कंकड़, पत्थर भी हार मान रहे हैं। मेरठ एनएच 58 पर शिवभक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। भगवावस्त्रधारी कांवड़ियों में 5 साल से लेकर 10 साल के छोटे भोले भी हैं। हालांकि कई बच्चे तो ऐसे हैं जो माता, पिता के साथ बेबीवॉकर में कांवड़ यात्रा पूरी कर रहे हैं। वहीं थोड़े बड़े बच्चे स्वयं कांधों पर जल लेकर गंतव्य की ओर चल रहे हैं। दिल्ली से हरिद्वार की पैदल यात्रा इसी दौरान दिल्ली की शिवन्या भी अपनी मम्मी, पापा और छोटी बहन के साथ जल लेकर चल रही है। शिवन्या कुल 7 साल की है, थर्ड क्लास में पढ़ती है। शिवन्या ने बताया कि ये उसकी दूसरी कांवड़ यात्रा है। जब वो स्वयं कांधों पर जल लाई है। इससे पहले वो मम्मी-पापा के साथ वॉकर में कांवड़ यात्रा पर जा चुकी है। शिवन्या के पिता सुबोध ने बताया बेटियां बहुत जिद कर रही थी कि इस बार वो नंगेपांव पैदल चलकर कांवड़ यात्रा पूरी करेंगे। तो हमने भी नहीं रोका। हर साल इनको वॉकर में लाते रहे हैं। शिवन्या अपने मन से स्वयं पैदल चलकर कावंड़ ला रही है। ये हमसे भी तेज चलती है और इसमें बहुत उत्साह है। मम्मी बोली भोलेनाथ ही शक्ति देते हैं हम ही कई बार डर जाते हैं कि इसकी तबियत न बिगड़ जाए। लेकिन भोलेनाथ सब कृपा बनाए हुए हैं। तो हमें चिंता की क्या जरुरत है। शिवन्या की मां पिंकी भी साथ चल रही है। वो कहती हैं बेटी शिवजी की कृपा से हुई इसलिए हमने इसका नाम शिवन्या रखा है। बाकी जब तक बच्चियों का मन है वो कांवड़ यात्रा करें। हम भी उनके साथ है।
नर्मदापुरम में पचमढ़ी आर्मी अधिकारी और एक जेन-जी (कॉलेज स्टूडेंट) साइबर फ्रॉड का शिकार हुए। ठग ने बिजली का बकाया बिल का मैसेज भेजकर यह शिकार किया। जिसमें हजारों रुपए खाते से कुछ सेकंड में उड़ गए। जानकारी के मुताबिक फरियादी सेना शिक्षा केंद्र (ACE) आर्मी सेंटर ऑफ एजुकेशन, पचमढ़ी में ऑफिसर है। जिन्हें 30 जुलाई को मोबाइल पर मैसेज आया। जिसमें बिजली बिल बकाया लिखा था। जबकि उनका बिजली का कोई बिल पेंडिंग नहीं था। उस मैसेज में लिखे नम्बर पर उन्होंने कॉल कर बिल पेडिंग नहीं होने की बात बताई। लिंक क्लिक करते ही वेड्रॉल हुआकॉलर ने उन्हें बोला कि एक लिंक आएगी, जिसमें आप अपडेट कर देना कि बिल का पेमेंट हो गया है। आर्मी ऑफिसर ने जैसे ही लिंक पर क्लिक किया, खाते से रुपए वेड्रॉल होने के मैसेज आ गया। उन्होंने तुरंत बैंक और पुलिस थाने में इसकी शिकायत की। साइबर सेल में जांच के बाद पचमढ़ी थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया। माखननगर में स्टूडेंट से भी ठगीइसी प्रकार माखननगर थाने में भी एक कॉलेज स्टूडेंट ने साइबर ठगी की शिकायत की। फरियादी ने बताया कि 2 अगस्त को शाम को अचानक से उसका मोबाइल हैक हो गया। कुछ देर बाद जब मोबाइल को रिस्टार्ट कर चालू किया तो सारी एप डिलीट हो गई। फोन पे को इंस्टॉल कर बैंक बैलेंस चैक किया तो 46हजार रुपए निकल चुके थे। साइबर ठगी के लगातार मामले सामने आ रहे है। जिसमें स्टूडेंट्स, बुजुर्ग, सरकारी अधिकारी, किसान सभी अन्य वर्गों के लोग भी ठगी का शिकार हो रहे। पुलिस द्वारा साइबर अपराधों को रोकने के लिए नाटक, स्लोगन, अन्य प्रकार से जागरूक अभियान चला रही। बावजूद साइबर अनेकों प्रकार से लोगों को ठग रहे। 1 जुलाई से 7 जुलाई तक में जिलेभर के थानों में 12 से ज्यादा साइबर फ्रॉड के अपराध दर्ज हो चुके है। जिसमें करीब 5 लाख से ज्यादा रुपए लोगों के खाते से साइबर ठग निकाल चुके हैं।
बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव परिसीमन और नए आरक्षण रोस्टर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कराए जाएंगे। उन्होंने यह भी माना कि इन प्रक्रियाओं के कारण चुनाव की निर्धारित समय-सीमा बढ़ सकती है। शुक्रवार सुबह पटना से मधेपुरा जाते समय बख्तियारपुर फोरलेन मोड़ पर एनडीए कार्यकर्ताओं ने मंत्री दीपक प्रकाश का जोरदार स्वागत किया। कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूल-माला और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया तथा दीपक प्रकाश जिंदाबाद और एनडीए जिंदाबाद के नारे लगाए। इस दौरान सबनिमा गांव के युवा समाजसेवी विद्या प्रकाश, राष्ट्रीय लोक मोर्चा पटना पूर्वी के जिलाध्यक्ष पंकज कुमार, राजकुमार राजू, रमाशंकर कुमार, सज्जन कुमार, डॉ. रविंद्र कुमार शर्मा, कन्हैया शर्मा, प्रिंस कुमार, विशाल जी, मुन्ना जी, प्रेम कुमार गुलशन, अमित कुमार 'पप्पू' सहित बड़ी संख्या में एनडीए कार्यकर्ता मौजूद रहे। स्वागत के बाद मंत्री ने असम टी स्टॉल पर रुककर कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और उनकी समस्याएं व सुझाव सुने। मीडिया से बातचीत में मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि पंचायत चुनाव से पहले परिसीमन का कार्य पूरा किया जाएगा। इसके बाद नए आरक्षण रोस्टर का निर्धारण होगा और फिर चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग इस दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है और राज्य सरकार आयोग को हरसंभव सहयोग दे रही है। हालांकि, उन्होंने चुनाव की संभावित तिथि बताने से इनकार करते हुए कहा कि परिसीमन की समय-सीमा तय करने का अधिकार चुनाव आयोग के पास है। विभाग इस प्रक्रिया में सीधे हस्तक्षेप नहीं करता। ओबीसी आरक्षण और ट्रिपल टेस्ट से जुड़े सवाल पर मंत्री ने कहा कि सरकार चुनाव आयोग के सभी दिशा-निर्देशों और कानूनी प्रावधानों का पूरी तरह पालन करेगी। मंत्री के इस बयान के बाद बिहार में पंचायत चुनाव की संभावित समय-सीमा और तैयारियों को लेकर राजनीतिक एवं प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
सुकमा जिले के तुमलपाड़ गांव में कथित अवैध उत्खनन को लेकर ग्रामीणों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी और जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरीश कवासी गांव पहुंचे। सैकड़ों ग्रामीणों ने दोनों नेताओं से मुलाकात कर उत्खनन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कई महीनों से कथित अवैध उत्खनन हो रहा है। उन्होंने अपनी समस्याएं नेताओं को बताते हुए इस काम को तुरंत बंद कराने की मांग की। हरीश कवासी ने आरोप लगाया कि केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद गांव में मूलभूत सुविधाओं की कमी है। गांव में आज तक स्कूल नहीं खुला, लेकिन उत्खनन का काम तेजी से चल रहा है। उनका आरोप है कि नियमों की अनदेखी कर उत्खनन किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा। विक्रम मंडावी बोले- विकास चाहिए, लेकिन नियमों के अनुसार बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि विकास की आड़ में प्राकृतिक संसाधनों का दोहन स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका आरोप है कि उत्खनन से जुड़े जरूरी दस्तावेज और अनुमति स्पष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत की अनुमति के बिना यह काम किया जा रहा है। प्रशासन पर संरक्षण देने का आरोप विधायक मंडावी ने कहा कि ग्रामीण विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर नियमों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन और शासन पर कथित अवैध उत्खनन को संरक्षण देने का आरोप लगाया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उत्खनन नहीं रुका तो ग्रामीणों के साथ आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीण बोले- विकास चाहिए, लेकिन नियमों के साथ बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि गांव में सड़क, स्कूल, रोजगार और दूसरी जरूरी सुविधाओं के लिए विकास जरूरी है। लेकिन विकास के नाम पर जल, जंगल, जमीन और प्राकृतिक संसाधनों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर उत्खनन की वैधता स्पष्ट करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। 'गांव के बजाय दूसरे राज्यों में भेजी जा रही गिट्टी' ग्रामीणों का आरोप है कि उत्खनन से निकलने वाली गिट्टी और अन्य सामग्री का इस्तेमाल गांव के विकास कार्यों में नहीं किया जा रहा, बल्कि उसे दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा है। उनका कहना है कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन नियमों को नजरअंदाज कर प्राकृतिक संसाधनों का दोहन स्वीकार नहीं करेंगे। 'कंपनी ने कई वादे किए, एक भी पूरा नहीं हुआ' ग्रामीणों ने बताया कि काम शुरू होने से पहले कंपनी ने कई वादे किए थे। हर परिवार को हर साल 25 हजार रुपए देने, ऑटो की सुविधा उपलब्ध कराने और गांव में स्कूल खोलने का आश्वासन दिया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक इनमें से कोई भी वादा पूरा नहीं किया गया। ग्राम सभा के बिना उत्खनन का आरोप ग्रामीणों का आरोप है कि उत्खनन शुरू करने से पहले ग्राम सभा की प्रक्रिया भी पूरी नहीं की गई। उनका कहना है कि विरोध के बावजूद दबाव और डर का माहौल बनाकर कथित तौर पर उत्खनन का काम जारी रखा गया।
देवरिया में टीबी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित:एनसीसी कैडेटों को क्षय रोग के लक्षण और बचाव की जानकारी
देवरिया में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत शुक्रवार को एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। 49 यूपी बटालियन एनसीसी, देवरिया के सौजन्य से यह कार्यक्रम विद्यालय के सरस्वती सभागार में हुआ। इसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों ने एनसीसी कैडेटों को क्षय रोग (टीबी) के लक्षण, बचाव, उपचार और उपलब्ध सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। मुख्य वक्ताओं सुनील सिंह और चंद्रप्रकाश त्रिपाठी ने टीबी को एक संक्रामक रोग बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय पर जांच और नियमित उपचार से इस बीमारी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। वक्ताओं ने कैडेटों से स्वयं जागरूक रहने और समाज में टीबी को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने की अपील की। उन्होंने लोगों को समय पर जांच व इलाज के लिए प्रेरित करने का भी आग्रह किया।विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अजय मणि त्रिपाठी ने इस अवसर पर कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने एनसीसी कैडेटों को अनुशासन, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से जनजागरण के प्रभावी वाहक बनने के लिए प्रेरित किया। डॉ. त्रिपाठी ने सभी कैडेटों से टीबी मुक्त भारत अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।कार्यक्रम का संचालन चीफ ऑफिसर डॉ. राजेश मिश्र ने किया। इस दौरान लेफ्टिनेंट अखिलेश कुमार पाण्डेय, चीफ ऑफिसर सुनील कुमार मौर्य, सूबेदार विक्रम डोडिया, हवलदार सुजन थापा और हवलदार पंकज कुमार सहित कुल 102 एनसीसी कैडेट उपस्थित थे।
फरीदाबाद में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। शहर के कई इलाकों में जलभराव होने से लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी सुबह दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और शाम को घर लौटने वाले लोगों को हो रही है। लो-लाइन क्षेत्रों में बारिश का पानी भर जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर निगम और अन्य संबंधित विभाग जलभराव वाले स्थानों पर टैंकर और पंप लगाकर पानी की निकासी में जुटे हैं। हालांकि, कई स्थानों पर अब भी बारिश के पानी की निकासी का स्थायी समाधान नहीं हो सका है और फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर पानी निकाला जा रहा है। वहीं, लगातार बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत भी मिली है। पिछले कई दिनों से पड़ रही उमस के बाद मौसम सुहावना हो गया है और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। फरीदाबाद में बारिश से हुए जलभराव के फोटो
अयोध्या जिले की मिल्कीपुर तहसील में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा और पार्क की भूमि को लेकर विवाद गहरा गया है। 7 अगस्त शुक्रवार को भीम आर्मी के मिल्कीपुर विधानसभा अध्यक्ष अजीत पासी के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी पवन कुमार शर्मा को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने अंबेडकर पार्क की भूमि से अवैध कब्जा हटाने और प्रतिमा को सम्मानपूर्वक स्थापित कराने की मांग की। ज्ञापन मिला है जांच के बाद कार्यवाही की जाएगी। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि खंडासा थाना क्षेत्र के मिश्रौली गांव की गाटा संख्या 310 (0.052 हेक्टेयर) और गाटा संख्या 312 (0.092 हेक्टेयर) सरकार द्वारा अंबेडकर पार्क के लिए सुरक्षित की गई है। ग्रामीण इसी भूमि पर बाबा साहब की प्रतिमा स्थापित करना चाहते थे, लेकिन कुछ लोगों के विरोध के कारण ऐसा नहीं हो सका। ग्रामीणों का आरोप है कि 6 अगस्त को पुलिस की मौजूदगी में प्रतिमा को वहां से हटाकर कहीं और ले जाया गया, जबकि पार्क की भूमि पर कथित अवैध कब्जा नहीं हटाया गया। इससे अंबेडकर समर्थकों की भावनाएं आहत हुई हैं। भीम आर्मी के विधानसभा अध्यक्ष अजीत पासी ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर अंबेडकर पार्क की भूमि से अवैध कब्जा नहीं हटाया गया और प्रतिमा को उसी स्थान पर स्थापित नहीं कराया गया, तो भीम आर्मी बड़े स्तर पर आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह बाद मिल्कीपुर विधानसभा की सड़कें नीली हो जाएंगी और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उपजिलाधिकारी मिल्कीपुर पवन कुमार शर्मा ने बताया कि उन्हें ज्ञापन प्राप्त हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्रभारी निरीक्षक खंडासा अरविंद सोनकर ने ग्रामीणों के आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिमा पुलिस ने नहीं हटाई है। सोनकर के अनुसार, जिन लोगों द्वारा आरोप लगाए जा रहे हैं, प्रतिमा उन्हीं के घर में रखी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित भूमि का विवाद सुलझने के बाद नियमानुसार प्रतिमा स्थापित कराई जा सकेगी।
लखीमपुर खीरी में लापता ऑटो चालक की बरामदगी की मांग:परिजनों-ग्रामीणों ने एसपी कार्यालय का किया घेराव
लखीमपुर खीरी में पांच दिन से लापता ऑटो चालक विनीत कुमार की सकुशल बरामदगी की मांग को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों और परिजनों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने पुलिस से मामले में प्रभावी कार्रवाई की मांग की। फरधान थाना क्षेत्र के सरायसूरत निवासी 31 वर्षीय ऑटो चालक विनीत कुमार 3 अगस्त को ऑटो लेकर घर से निकले थे, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटे। परिजनों की तलाश के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिला। बाद में भंसड़िया रेलवे क्रॉसिंग के पास विनीत का ऑटो लावारिस हालत में मिला, जिसकी बैटरी भी गायब थी। परिजनों ने विनीत के साथ किसी अनहोनी की आशंका जताई है। उनका आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में केवल गुमशुदगी दर्ज की और अपहरण की आशंका को गंभीरता से नहीं लिया। पांच दिन बीत जाने के बाद भी विनीत का पता नहीं लगने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग ने बताया कि 3 अगस्त को ऑटो चालक के गायब होने की सूचना मिली थी। 24 घंटे की प्रतीक्षा के बाद फरधान थाने में गुमशुदगी दर्ज की गई। तत्काल अनहोनी की आशंका उन्होंने आगे बताया कि 4 अगस्त को जब विनीत का ऑटो सदर कोतवाली इलाके में लावारिस मिला और उसकी बैटरी गायब पाई गई, तो परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने तत्काल अनहोनी की आशंका के चलते अपहरण का मामला दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमें बनाई गई हैं। जांच-पड़ताल जारी है और संभावित सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। संदिग्ध बिंदुओं की पड़ताल ग्रामीणों और परिजनों ने पुलिस अधिकारियों से मामले की गंभीरता से जांच कराने, संदिग्ध बिंदुओं की पड़ताल करने और विनीत कुमार को जल्द से जल्द सकुशल बरामद करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई कर लापता ऑटो चालक का पता नहीं लगाया गया तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे।
कुरुक्षेत्र शहर में बेखौफ बदमाशों ने शुक्रवार रात सेक्टर-7 स्थित एडवोकेट बीएस वालिया के घर में हथियारों के बल पर डकैती की। अलसुबह में 3 से 4 नकाबपोश बदमाश घर में घुसे और रिवाल्वर के दम पर पहले घर में मौजूद महिला को रस्सियों से बांध दिया। इसके बाद जब एडवोकेट बीएस वालिया सैर से लौटे तो बदमाशों ने उन्हें भी बंधक बना लिया। जानकारी के अनुसार एडवोकेट बीएस वालिया रात करीब 9 बजे सैर के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान बदमाश घर में दाखिल हो गए। घर में मौजूद महिला को रिवाल्वर दिखाकर काबू किया और रस्सियों से बांध दिया। पत्नी को जान से मारने की धमकी दी कुछ देर बाद जैसे ही एडवोकेट घर लौटे, बदमाशों ने उन्हें भी कब्जे में ले लिया। आरोपियों ने पत्नी को जान से मारने की धमकी देकर घर में रखी नकदी और जेवरात के बारे में जानकारी ली। इसके बाद बदमाश घर से नकदी और आभूषण समेटकर फरार हो गए। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
डूंगरपुर में 3 लग्जरी बसें सीज:नियमों तोड़ने पर 1.70 लाख का चालान भी बनाया
डूंगरपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, परिवहन विभाग और पुलिस विभाग ने निजी व लग्जरी बसों की औचक जांच की। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली 3 लग्जरी बसों को जब्त कर लिया गया। साथ ही 1.70 लाख रुपए का चालान भी बनाया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव किरण कुमार चौहान ने बताया कि यह कार्रवाई प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं जिला व सेशन न्यायाधीश दीपा गुर्जर के निर्देश पर की गई। शहर में निजी और लग्जरी बसों के खिलाफ यह अभियान चलाया गया। संयुक्त टीम ने की कार्रवाईचौहान ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, परिवहन विभाग और पुलिस विभाग की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने निजी और लग्जरी बसों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान यात्रियों की सुरक्षा, इमरजेंसी एग्जिट और वाहनों के राष्ट्रीय मानकों के पालन का जायजा लिया गया। औचक निरीक्षण में सुरक्षा मानकों और नियमों का उल्लंघन करने वाली 3 लग्जरी बसें जब्त की गईं। इस पूरी कार्रवाई में नियमों की अनदेखी करने वाली बसों पर लगभग 1.70 लाख रुपए का चालान बनाया गया। सीज की गई बसों के मालिकों को निर्धारित नियमों के अनुसार बसों को व्यवस्थित और सुचारु रूप से संचालित करने की हिदायत दी गई है।
भ्रष्ट डीपीओ पर ईओयू का शिकंजा; तीन जिलों में चार ठिकानों पर रेड, आय से अधिक संपत्ति का मामला
अजीत अमर के सीवान स्थित पैत्रिक आवास, सहरसा में आवास और कार्यालय तथा छपरा में एक ठिकाने पर रेड चल रही है। सीवान में दारौंदा थाना के रैनी स्थित पैतृक मकान की तलाशी चल रही है।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक पांच साल की मासूम बच्ची के साथ रेप करने का मामला सामने आया है। आरोपी युवक मोहल्ले में खेल रही बच्ची को साइिकल सिखाने के बहाने जंगल ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मामले में आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। घटना सीपत थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार सीपत थाना क्षेत्र की रहने वाली पांच साल की बच्ची बुधवार की सुबह अपने घर के पास मोहल्ले में खेल रही थी। उसी समय दीपक पटेल (30) वहां से गुजर रहा था। युवक ग्राम नीरतू का रहने वाला है। बच्ची को देखकर उसकी नीयत बिगड़ गई। उसने बच्ची को साइिकल सिखाने का झांसा दिया, जिसके बाद अपने साथ रेलहा जंगल की तरफ ले गया। जंगल में ले जाकर किया दुष्कर्म, ढूंढते पहुंच गए परिजन इधर, दोपहर तक बच्ची घर नहीं पहुंची, तब परेशान परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इस दौरान लोगों से पूछताछ में पता चला कि बच्ची को दीपक पटेल के साथ जाते देखा गया है। इससे घबराए परिजन बच्ची और दीपक को ढूंढते हुए जंगल तरफ गए। उन्होंने रास्ते में दीपक को पकड़ लिया। मासूम बच्ची ने मां को बताई आप बीतीजब मां ने अपनी बच्ची से पूछताछ की, तब पता चला कि दीपक उसे साइकिल सिखाने के बहाने ले गया था। जिसके बाद जंगल में ले जाकर गंदा काम किया। यह सुनकर मां का दिल सहम गया। बच्ची की मां ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। जिसके बाद आरोपी दीपक को ले जाकर पुलिस को सौंप दिया। इस मामले में बच्ची की तरफ से उसकी मां ने थाने में शिकायत की, जिस पर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। जिसके बाद उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
अयोध्या में अपराध नियंत्रण अभियान के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने दो शातिर अपराधियों को दुराचारी घोषित करते हुए उनकी हिस्ट्रीशीट खोलने के आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई शुक्रवार को स्थानीय पुलिस की जांच रिपोर्ट और आरोपियों के आपराधिक इतिहास के आधार पर की गई। एसएसपी ने कहा कि दोनों आरोपियों की गतिविधियों पर अब विशेष निगरानी रखी जाएगी, ताकि भविष्य में किसी भी आपराधिक घटना को रोका जा सके। इनायतनगर पुलिस ने देवनपारा हरिनाथपुर निवासी 40 वर्षीय राजेंद्र प्रसाद तिवारी पुत्र सियाराम तिवारी को दुराचारी घोषित किया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2017 से 2026 के बीच उसके खिलाफ सात मुकदमे दर्ज हैं। इनमें धोखाधड़ी, कूटरचना, चुनाव संबंधी नियमों का उल्लंघन, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी जैसी धाराएं शामिल हैं। उसके खिलाफ इनायतनगर और कुमारगंज थानों में मुकदमे दर्ज हैं। इसी क्रम में पूराकलंदर पुलिस ने ग्राम इच्छा का पुरवा, अलावलपुर निवासी 25 वर्षीय सोनू यादव उर्फ धनेश यादव पुत्र राजेंद्र प्रसाद को भी दुराचारी घोषित कर उसकी हिस्ट्रीशीट खोल दी है। पुलिस अभिलेखों के मुताबिक वर्ष 2021 से 2025 के बीच उसके खिलाफ छह मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इनमें मारपीट, घर में घुसकर हमला, धमकी, बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध और एससी/एसटी एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं। उसके सभी मुकदमे पूराकलंदर थाने में दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद दोनों आरोपियों के आवागमन, सामाजिक व्यवहार और आपराधिक गतिविधियों की नियमित समीक्षा की जाएगी। बीट पुलिस अधिकारी और संबंधित थाना प्रभारी समय-समय पर निगरानी कर रिपोर्ट तैयार करेंगे। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
नवादा शहर के प्रजातंत्र चौक के पास एक महिला सिपाही के साथ कथित अभद्रता का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वर्दी पहने एक महिला सिपाही के साथ दो युवक हंगामा करते और कथित रूप से अभद्र व्यवहार करते दिख रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों युवक नशे की हालत में थे और महिला सिपाही से उलझ गए। वायरल वीडियो में महिला सिपाही उन्हें डांटते हुए यह कहती सुनाई दे रही है कि 'तुम मर्दों से जाकर लड़ो, महिला पर क्यों आ रहे हो?' इसके बावजूद दोनों युवक मौके पर हंगामा करते रहे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को हिरासत में लेकर थाने ले गई। पुलिस द्वारा दोनों की शराब के नशे की जांच कराई जा रही है। मामले की जांच जारी है। महिला सिपाही को अच्छे कार्य के लिए मिल चुका सम्मान स्थानीय लोगों ने बताया कि संबंधित महिला सिपाही नवादा में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जानी जाती हैं। उन्हें जिला प्रशासन की ओर से कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बिहार में लागू शराबबंदी कानून को लेकर बहस तेज हो गई है। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि यदि शराबबंदी प्रभावी है तो सार्वजनिक स्थानों पर नशे की हालत में लोग कैसे पहुंच रहे हैं। लोगों ने महिला सिपाही के साथ हुई घटना की निंदा करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
बेतिया जिले के छावनी ओवरब्रिज पर लगी स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से खराब पड़ी हैं। इससे रात के समय इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पर्याप्त रोशनी के अभाव में दुर्घटनाओं और आपराधिक घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंधेरे के कारण रात में इस पुल से गुजरना असुरक्षित महसूस होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था उद्घाटन कई लोग तो रात के समय इस मार्ग का उपयोग करने से भी बच रहे हैं। हालांकि, राहगीरों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा ओवरब्रिज पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जिससे लोगों में कुछ हद तक सुरक्षा की भावना बनी हुई है। नागरिकों के बीच इस बात को लेकर भी चर्चा है कि इस छावनी ओवरब्रिज का उद्घाटन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। खराब लाइटों की मरम्मत कराने की मांग बाद में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसका पुनः उद्घाटन किया था। करोड़ों रुपये की लागत से बने इस महत्वपूर्ण पुल पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव चिंता का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से जल्द से जल्द खराब लाइटों की मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि ओवरब्रिज पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था बहाल होने से राहगीरों और वाहन चालकों को राहत मिलेगी तथा संभावित दुर्घटनाओं और आपराधिक घटनाओं पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा। लोगों ने इस महत्वपूर्ण पुल के नियमित रखरखाव की भी आवश्यकता पर जोर दिया है।
जालौन के जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए डीएम राजेश कुमार पाण्डेय की सख्ती का असर बिजली विभाग में देखने को मिला है। हदरुख विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र में दो लोगों के झुलसने की घटना को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए उपखंड अधिकारी (एसडीओ) को पद से हटा दिया है। वहीं संबंधित अवर अभियंता (जेई) के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटाकर अन्य कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। अधीक्षण अभियंता योगेंद्र सिंह ने जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। अधीक्षण अभियंता की रिपोर्ट के अनुसार, ग्राम हरिसिंहपुर के मजरा माईनर के पास खेतों से गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइन के समीप हुई दुर्घटना की जांच कराई गई। जांच में प्रथम दृष्टया अधिकारियों की लापरवाही सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की गई। विद्युत वितरण उपखंड जालौन के उपखंड अधिकारी को तत्काल प्रभाव से पद से हटाते हुए उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। इसके अलावा 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र हदरुख के अवर अभियंता रमाकांत वर्मा को भी प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए पद से हटाया गया। उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ अन्य कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। पेड़ों में करंट आने से हुआ हादसा विभागीय जांच में सामने आया कि दुर्घटना सीधे 11 केवी लाइन के संपर्क में आने से नहीं, बल्कि लगातार बारिश के कारण पेड़ों में विद्युत प्रवाह आने की वजह से हुई थी। घटना के तुरंत बाद एहतियातन संबंधित खेत से गुजर रही 11 केवी लाइन का स्पैन हटाकर उस क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद करा दी गई, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। दोनों घायलों का इलाज जारी है। विभाग ने नियमानुसार उन्हें क्षतिपूर्ति दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि मामले की स्वतंत्र जांच विद्युत सुरक्षा निदेशालय द्वारा भी कराई जा रही है। यदि जांच में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय होती है तो उसके खिलाफ भी कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। डीएम बोले- जनसुरक्षा पर कोई समझौता नहीं जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने स्पष्ट कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विद्युत अधिकारियों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रत्येक अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
बूंदी जिले के गरड़दा बांध पर चौकीदारी करने वाले युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। चार दिन पहले अज्ञात बदमाशों ने चौकीदार पर हमला कर दिया था। इसके बाद घायल को कोटा के एमबीएस हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। यहां शुक्रावर को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक के बड़े भाई बद्रीलाल भील ने बताया- परना गांव निवासी मोहनलाल भील (30) गरड़दा बांध पर मछली पालन तालाब की चौकीदारी करता था। तीन अगस्त की रात अज्ञात बदमाशों ने मोहनलाल और उसके साथी मोहनलाल मेघवाल पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में उसके एक साथी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल मोहनलाल को पहले बूंदी जिला अस्पताल ले जाया गया। चार दिन से चल रहा था इलाज प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत नाजुक होने पर कोटा के एमबीएस अस्पताल रेफर किया गया, जहां पिछले चार दिनों से उसका इलाज चल रहा था। शुक्रवार को उपचार के दौरान मोहनलाल ने भी दम तोड़ दिया। एक साथी फरार भाई मछली पालन तालाब पर चौकीदारी करता था, जहां तीन लोग काम करते थे। घटना के बाद एक कर्मचारी फरार है। परिवार को उसी पर संदेह है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
सहारनपुर में दहेज उत्पीड़न का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर महिला थाना पुलिस ने पति समेत नौ लोगों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, मारपीट, छेड़छाड़, घर में तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि दहेज में कार और पांच लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर चार माह की गर्भवती महिला के साथ मारपीट की गई। मामला नकुड़ थाना क्षेत्र के ग्राम रणदेवी का है। यहां निवासी शुभम कुमार ने शिकायत दी कि उनकी बहन शालू की शादी चौसाना निवासी राहुल पुत्र पप्पू उर्फ ईश्वर उर्फ बबला से हुई थी। शादी के बाद से ही पति और ससुराल पक्ष के लोग दहेज में कार और पांच लाख रुपये की मांग को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। विरोध करने पर उसे घर से निकाल दिया गया था। इसके बाद पीड़िता ने न्यायालय में भरण-पोषण का वाद दायर किया था। शिकायत के अनुसार 31 मई 2026 को राहुल समेत सभी नामजद आरोपी पीड़िता के मायके पहुंचे और फिर से कार तथा पांच लाख रुपये की मांग की। परिवार ने आर्थिक स्थिति ठीक न होने की बात कही तो आरोपियों ने शालू के साथ मारपीट की। आरोप है कि उसके बाल पकड़कर जमीन पर घसीटा गया और छेड़छाड़ भी की गई। बीच-बचाव करने पहुंचे शुभम और उनके माता-पिता के साथ भी मारपीट की गई। आरोपियों पर घर में तोड़फोड़ करने और मारपीट के दौरान शुभम की मां के कानों के कुंडल गिर जाने का भी आरोप लगाया गया है। परिजनों के अनुसार मारपीट के बाद गर्भवती शालू के पेट में तेज दर्द होने लगा। परिवार ने पहले 112 पर कॉल करने का प्रयास किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। बाद में थाना प्रभारी को फोन कर घटना की जानकारी दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने बुलाया, लेकिन उस समय न तो रिपोर्ट दर्ज की गई और न ही पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया। इस मामले में राहुल, अंगूरी, सोमपाल, सोमपाल की पत्नी, संदीप, शील, धर्मवीर, शीशपाल और लतीफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। महिला थाना पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में मां और उसकी 10 माह की बेटी की हत्या कर दी गई थी। इस दोहरे हत्याकांड के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी 65 साल का बुजुर्ग है। उसने महिला को ईंट से मारकर घायल करने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया और उसकी बेटी का गला घोंट दिया। जिससे उसकी जान चले गई। मामला लैलूंगा थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के मुताबिक 16 जुलाई को ग्राम छापरपानी की रहने वाली बुधियारो नागवंशी ने थाना लैलूंगा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी 35 वर्षीय मौसेरी बहन, जिसके पति की मृत्यु के बाद से उसकी मानसिक स्थिति खराब हो गई थी। वह गांव के प्रहलाद बेहरा के खेत स्थित बोर मकान में अपनी 10 माह की बेटी के साथ रह रही थी। उसी दिन सुबह महिला गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली, जबकि उसकी 10 माह की बेटी की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। महिला के सिर व चेहरे पर किसी भारी वस्तु से गंभीर चोट के निशान थे। उपचार के दौरान महिला की भी मौत हो गई। घटना की सूचना के बाद मौके पर पुलिस, एफएसएल व डॉग स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंची। जहां घटनास्थल की जांच शुरू करते हुए अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया। घटनास्थल सुनसान होने, प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिलने व महिला का किसी से विवाद नहीं होने के कारण जांच बेहद चुनौतीपूर्ण थी। SSP शशि मोहन सिंह के निर्देशन पर पुलिस की टीम ने ग्राम छापरपानी में लगातार कैंप लगाकर ग्रामीणों से जानकारी जुटाई। दोबारा पूछताछ करने पर अपराध स्वीकार कियाइसी दौरान पुलिस को मुखबीरों से ग्राम कोड़ासिया निवासी भिखारीराम नागवंशी 65 साल के घटना के संबंध में जानकारी और अहम सबूत मिले। संदेह के आधार पर उसे पहले भी पूछताछ के लिए बुलाया गया जिसके हाथ में चोट का निशान था, लेकिन उसने घटना से इंकार किया। पुलिस को संदेह होने पर दोबारा उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया और कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने पूरा अपराध स्वीकार कर लिया। महिला के विरोध करने पर ईंट से वार कियाआरोपी भिखारी राम ने बताया कि 15 जुलाई की रात वह प्रहलाद बेहरा के खेत स्थित बोर मकान पहुंचा। जहां महिला अपनी बच्ची के साथ सो रही थी। उसने महिला के साथ जबरन दुष्कर्म करने का प्रयास किया। तब महिला के विरोध करने पर उसने वहां रखी ईंट से उसके सिर और चेहरे पर कई वार कर दिए। इससे महिला गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गई। इसके बाद आरोपी ने महिला के साथ जबरन दुष्कर्म किया। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गयाघटना के दौरान पास में मौजूद 10 माह की बच्ची के रोने पर आरोपी भिखारीराम ने उसका गला दबाया और ईंट से हमला कर उसकी भी हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी खेत के रास्ते अपने घर पहुंचा और घटना के समय पहनी हुई धोती जिसमें खून लगा था उसे बदलकर छिपा दी। ऐसे में पुलिस ने साक्ष्य के तौर पर उसकी धोती बरामद की और आरोपी को हत्या व दुष्कर्म के अपराध में गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया। जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगाSSP शशि मोहन सिंह ने बताया कि संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण अपराधों के खुलासे में वैज्ञानिक जांच, सतत निगरानी और टीमवर्क सबसे बड़ी ताकत है। महिलाओं व बच्चों के खिलाफ जघन्य अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में लगातार गंभीरता से जांच करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
भागलपुर के नवगछिया नगर परिषद के सफाईकर्मियों और वाहन चालकों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। ईपीएफ की बकाया राशि जमा नहीं किए जाने और मजदूरी भुगतान में अनियमितता के विरोध में अधिकारियों को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से आउटसोर्सिंग एजेंसी और संबंधित कार्यालय की लापरवाही के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। समय रहते डिमांड पूरी नहीं होने पर उन्होंने काम बंद कर मुख्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी है। गुहार लगाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ सफाईकर्मी अजगर ने बताया कि इस संबंध में सबसे पहले 28 जनवरी 2026 को आवेदन दिया गया था। इसके बाद 2 फरवरी और 13 मई 2026 को आउटसोर्सिंग एजेंसी के साथ समझौता भी हुआ, लेकिन समझौते के बावजूद भी कर्मचारियों के ईपीएफ की बकाया राशि जमा नहीं कराई गई। कई बार अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी सिर्फ आश्वासन मिला। समस्या का समाधान अभी तक नहीं हुआ। ईपीएफ का पैसा जमा नहीं कराने का आरोप कर्मचारी वरुण मेहतर ने बताया कि वर्ष 2011 से 2019 तक ईपीएफ जमा करने में कई तरह की त्रुटियां हुई हैं। जनवरी 2022 से जून 2026 तक करीब 46 माह का ईपीएफ भी आउटसोर्सिंग एजेंसी द्वारा जमा नहीं कराया गया है। इससे कर्मचारियों के भविष्य की सामाजिक सुरक्षा प्रभावित हो रही है। 'परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है' कर्मचारी प्रदीप कुमार ने बताया कि पिछले माह से कई सफाई मजदूरों को सही तरीके से भुगतान भी नहीं किया जा रहा है। कम मजदूरी मिलने से कर्मचारियों के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों ने आवेदन देकर मांग की है कि लंबित ईपीएफ राशि तत्काल जमा कराई जाए। सभी कर्मियों को उनकी उपस्थिति के अनुसार बकाया मजदूरी का भुगतान किया जाए। अगर निर्धारित समय के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो सभी सफाईकर्मी और चालक सामूहिक रूप से काम बंद कर मुख्यालय का घेराव करेंगे। अधिकारियों को सौंप गए आवेदन पर अजगर, वरुण मेहतर, प्रदीप कुमार, मो. शरीफ, अमर कुमार, प्रमोद कुमार, धर्मेंद्र, राजा हरिजन, सोनू हरि, बाबूल आलम, संदीप कुमार, रवि मेहतर समेत अन्य कर्मचारियों के हस्ताक्षर हैं।
सवाई माधोपुर जिले के टोडरा गांव में चार दिन पहले लेपर्ड के हमले में गंभीर रुप से घायल हुई 78 वर्षीय बुजुर्ग महिला लीला देवी ने शुक्रवार को जयपुर के SMS अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। महिला की मौत के बाद गांव में शोक के साथ ही लेपर्ड को लेकर दहशत का माहौल है। घर में सोते वक्त हमला किया था जानकारी के अनुसार रविवार रात करीब 12 बजे लीला देवी अपने घर में सो रही थीं। इसी दौरान लेपर्ड घर में घुस आया और महिला पर हमला कर दिया। लेपर्ड ने महिला के सिर और गर्दन को अपने जबड़े में दबा लिया और करीब 10 मीटर तक घसीटकर ले गया था। इसके बाद लेपर्ड महिला को दीवार फांदकर बाहर ले जाने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान महिला के बेटे ने हिम्मत दिखाते हुए लेपर्ड का सामना किया। परिवार के लोगों के शोर मचाने पर लेपर्ड महिला को छोड़कर मौके से भाग गया। जयपुर के SMS अस्पताल में दम तोड़ा घटना के बाद परिजन गंभीर घायल लीला देवी को उपचार के लिए सवाई माधोपुर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें जयपुर रेफर कर दिया था। एसएमएस अस्पताल में उपचार के दौरान शुक्रवार को उनकी मौत हो गई।
हापुड़ में कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ रोड पर गुरुवार की रात एक भावुक दृश्य देखने को मिला। 95 वर्षीय सोनदेवी पालकी में बैठकर हरिद्वार से अपने गांव लौट रही थीं। उनकी पालकी को परिवार के लगभग 35 पोते बारी-बारी से कंधा दे रहे थे। इस नजारे ने राहगीरों को कुछ देर के लिए रुकने पर मजबूर कर दिया। पढ़िए पूरा मामला… पौत्र सोनू के मुताबिक बुलंदशहर के हसनपुर जागीर गांव निवासी सोन देवी की लंबे समय से इच्छा थी कि वह हरिद्वार जाकर गंगा स्नान करें और कांवड़ यात्रा का हिस्सा बनें। अधिक उम्र के कारण उनके लिए पैदल यात्रा करना संभव नहीं था। दादी की इस इच्छा का पता चलने पर परिवार के युवाओं ने इसे पूरा करने का संकल्प लिया। लगभग 25 युवाओं ने मिलकर 'महाकाल ग्रुप' बनाया और सोनदेवी को हरिद्वार लेकर पहुंचे। वहां उन्होंने गंगा स्नान कराया और उसके बाद पालकी में बैठाकर गांव की ओर प्रस्थान किया। परिवार के सदस्य दादी की पालकी को बारी-बारी से कंधा दे रहे हैं, ताकि किसी एक व्यक्ति पर अधिक भार न पड़े। पालकी में बैठीं सोनदेवी पूरे रास्ते हाथ जोड़कर भगवान शिव का स्मरण करती रहीं। उनके चेहरे पर अपनी इच्छा पूरी होने की खुशी साफ झलक रही थी। मेरठ रोड पर पालकी पहुंचते ही लोगों की नजरें इस अनोखी यात्रा पर टिक गईं। कई राहगीरों ने इस दृश्य को अपने मोबाइल में कैद किया। श्रद्धालुओं ने 'हर-हर महादेव' के जयकारे लगाकर परिवार का उत्साह बढ़ाया। युवाओं ने कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन द्वारा की गई सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल और यातायात व्यवस्थाओं की भी सराहना की। परिवार का कहना है कि दादी की इच्छा पूरी करना उनके लिए किसी तीर्थ यात्रा से कम नहीं है।
पंचकूला जिले के पिंजौर-नालागढ़ रोड पर हुडा सेक्टर के पास सवारियों से भरा एक ऑटो बेकाबू होकर पलट गया। हादसे में ऑटो में सवार पांच लोग घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को एम्बुलेंस की सहायता से इलाज के लिए पिंजौर अर्बन पॉलीक्लिनिक सेंटर पहुंचाया। जानकारी के अनुसार, ऑटो खेड़ावाली से सवारियां लेकर सूरजपुर की ओर जा रहा था। इसी दौरान हुडा सेक्टर के समीप अचानक ऑटो का संतुलन बिगड़ गया और वह डिवाइडर से टकराकर पलट गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों की मदद की और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। सभी घायलों को अस्पताल भेजा पिंजौर अर्बन पॉलीक्लिनिक सेंटर के डॉक्टर राजीव भारद्वाज ने बताया कि सूचना मिलते ही तत्काल एंबुलेंस मौके पर भेजी गई और सभी घायलों को अस्पताल लाया गया। उन्होंने बताया कि अधिकांश सवारियों को मामूली चोटें आई थीं, जिनका अस्पताल में प्राथमिक इलाज किया गया। ऑटो ड्राइवर पंचकूला रेफर हादसे में चार वर्षीय बच्ची खुशी को चोट लगने के कारण दो टांके लगाए गए। वहीं, ऑटो ड्राइवर सतबीर और एक अन्य घायल की स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल, पंचकूला रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
जोधपुर कमिश्नरेट के पश्चिम और पूर्व जिले के थानों में मारपीट और दहेज प्रताड़ना समेत अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। एक मामला रातनाड़ा थाने में दर्ज हुआ है। जहां बंदी के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। वहीं महिला थाना पूर्व में दो अलग-अलग युवतियों के साथ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज हुए हैं। पढ़ें शहर की प्रमुख क्राइम की खबरें 1. सेंट्रल जेल में मारपीट जोधपुर की सेंट्रल जेल में बंदी से मारपीट का मामला सामने आया है। बंदी की ओर से रातानाड़ा की ओर से मामला दर्ज करवाया कि 31 जुलाई को सेंट्रल जेल में उसके साथ मारपीट की गई। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 2. बाइक पर ले जा रहा था डोडा पोस्त एयरपोर्ट थाना पुलिस ने डोडा-पोस्त ले जा रहे एक बाइक सवार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। थानाधिकारी भारत रावत के अनुसार अचलाराम बाइक पर डोडा पोस्त ले जा रहा था। उसके पास से 306 ग्राम डोडा पोस्त मिला। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 3. दहेज के लिए मारपीट जोधपुर के महिला थान पूर्व में दहेज प्रताड़ना के दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए है। इन रिपोर्ट में बताया कि सुसराल वालों ने दहेज के लिए उनसे मारपीट की। पुलिस ने दोनों मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
उमरिया जिले की ग्राम पंचायत मझगंवा-18 में गांव से संगम घाट तक जाने वाला लगभग एक किलोमीटर लंबा मार्ग बारिश के कारण कीचड़ से भर गया है। सड़क की बदहाली के चलते ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस रास्ते पर पैदल चलना और ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे वाहनों का निकलना भी मुश्किल हो गया है। यह मार्ग ग्रामीणों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी रास्ते से वे अपने खेतों तक और संगम घाट तक पहुंचते हैं। बारिश शुरू होने के बाद से सड़क की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, जिससे किसानों को अपने कृषि उपकरण खेतों तक ले जाने में भी काफी दिक्कतें आ रही हैं। ग्रामीणों ने सड़क की इस दयनीय स्थिति को लेकर 181 हेल्पलाइन पर कई शिकायतें दर्ज कराई हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सोशल मीडिया पर भी सड़क की बदहाली के वीडियो साझा कर संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया है। हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद अब तक मार्ग में कोई सुधार नहीं हुआ है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है। पैदल चलना भी मुश्किल हुआ ग्रामीण विजय द्विवेदी ने बताया कि पूरे गांव के लोग इसी मार्ग से खेतों और संगम घाट जाते हैं। उन्होंने कहा, सड़क पर इतना कीचड़ है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली तक आसानी से नहीं निकल पाती। पैदल चलने में भी परेशानी होती है। कई बार शिकायत करने के बाद भी अभी तक सड़क की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। उपयंत्री को भेजकर जांच कराएंगे इस मामले में जनपद पंचायत करकेली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रबांशु सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि उपयंत्री को मौके पर भेजकर सड़क की स्थिति की जांच कराई जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ग्रामीणों को आवागमन में कोई परेशानी न हो।
मध्यप्रदेश शासन के जनजातीय कार्य विभाग ने अनुसूचित जनजाति वर्ग के प्रतिभावान विद्यार्थियों को यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कराने के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को नई दिल्ली के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों में परीक्षा की तैयारी कराई जाएगी। इस योजना में कुल 100 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया 4 अगस्त से शुरू हो चुकी है और इच्छुक विद्यार्थी 17 अगस्त तक आवेदन कर सकेंगे। चयन के लिए 23 अगस्त को स्क्रीनिंग परीक्षा आयोजित की जाएगी। 17 अगस्त तक कर सकेंगे आवेदन यूपीएससी कोचिंग योजना के लिए विद्यार्थी एमपी ऑनलाइन की वेबसाइट www.mpsos.nic.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 17 अगस्त निर्धारित की गई है। योजना से संबंधित पात्रता और नियमावली की जानकारी जनजातीय कार्य विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध है। 23 अगस्त को होगी स्क्रीनिंग परीक्षा योजना के लिए विद्यार्थियों के चयन के लिए मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा 23 अगस्त को स्क्रीनिंग परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक होगी। परीक्षा के लिए भोपाल, इंदौर, जबलपुर और शहडोल में केंद्र बनाए जाएंगे। 20 अगस्त के बाद डाउनलोड होंगे प्रवेश पत्र परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र 20 अगस्त के बाद एमपी ऑनलाइन और मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकेंगे। प्रवेश पत्र पर परीक्षा केंद्र का विवरण दर्ज रहेगा। गुना में यहां कर सकते हैं संपर्क योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए विद्यार्थी आदिम जाति कल्याण विभाग, नवीन कलेक्ट्रेट भवन, गुना में संपर्क कर सकते हैं। परीक्षा संबंधी जानकारी के लिए दूरभाष क्रमांक 0755-2552106 पर संपर्क किया जा सकता है।
लखनऊ के गुडंबा इलाके में शुक्रवार सुबह 7 बजे टहलने निकले एक डॉक्टर से बाइक सवार दो बदमाश झपट्टा मारकर सोने की चेन लूट ले गए। वारदात जनता इंटर कॉलेज के पास हुई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक, सेक्टर-जे, जानकीपुरम निवासी डॉ. पवन कपूर शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे घर के पीछे वाली गली में टहल रहे थे। इसी दौरान हेलमेट लगाए बाइक सवार दो युवक उनके पास पहुंचे और झपट्टा मारकर गले से सोने की चेन छीन ली। इसके बाद दोनों बदमाश मौके से फरार हो गए। घटना इतनी तेजी से हुई कि डॉक्टर को संभलने तक का मौका नहीं मिला। वारदात की सूचना पर गुडम्बा पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया। बदमाशों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों की मदद से जांच की जा रही है। पुलिस आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया जाएगा। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई हैं और जल्द ही घटना के खुलासे का दावा किया गया है।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा- 2017 से पहले प्रदेश की सत्ता संभालने वालों के पास विकास का कोई विजन ही नहीं था। जब सत्ता में बैठे लोगों की रुचि काम में नहीं होगी, तो राज्य का बुरा हाल होना तय था। इसी गैर-जिम्मेदारी के कारण पहले प्रदेश महीनों कर्फ्यू और दंगों की आग में जलता था। इंसेफेलाइटिस और डेंगू जैसी बीमारियों से मासूम बच्चों की मौतें होती थीं। सपा मुखिया का नाम लिए बिना CM योगी ने उन पर तंज कसते हुए कहा- कुछ लोगों के साथ जीवन में जो शब्द जुड़ जाता है, वे उससे पीछा नहीं छुड़ा सकते। कुछ लोग जीवन भर बच्चे ही बने रहते हैं। बबुआ भी यही करते थे। दोपहर 12 बजे सोकर उठते थे, 2 बजे तक तैयार होते थे, 5 बजे जिम जाते थे और शाम 7 बजे महफिल जम जाती थी... तो फिर वे प्रदेश के विकास के बारे में कहां से सोचते?' 2017 से पहले वोटबैंक की राजनीति ने बिगाड़े हालात मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 में देश और 2017 में यूपी में भाजपा की सरकार बनने से पहले भी कारीगरों के विकास के काम हो सकते थे, लेकिन इसके लिए सोच और विजन की जरूरत होती है। उन्होंने सपा सरकार की तीन कमियां गिनाईं- 1. शिक्षा की बदहाली : पहले बेसिक स्कूलों के बुरे हाल थे। न पीने के पानी का इंतजाम था और न टॉयलेट। आज स्कूलों में बैग, यूनिफॉर्म और आधुनिक सुविधाएं मिल रही हैं। पीएम मोदी के 'निपुण भारत अभियान' को जमीन पर उतारा जा रहा है। 2. सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर : 2017 से पहले प्रदेश में न बिजली थी, न सड़कें और न कानून-व्यवस्था। बेटियां और व्यापारी सुरक्षित नहीं थे। जब बाजार वीरान रहेंगे, तो उसका असर हर कारीगर, महिला और युवा पर पड़ता है। 3. लूट और असुरक्षा : पिछली सरकारों में विकास कार्यों में कोई दिलचस्पी नहीं थी, बस खानदान में लूट की होड़ मची रहती थी और महिलाओं की सुरक्षा के लिए वे खुद खतरा बने हुए थे। हथकरघा और हस्तशिल्प को कैसे मिली नई पहचान? CM योगी ने बताया कि हथकरघा और पावरलूम उद्योग यूपी की महान विरासत हैं। इससे करीब 30 लाख लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है, जिनमें 70% महिलाएं काम करती हैं। सरकार ने पिछले साल 40 हजार हस्तशिल्पियों को ₹109 करोड़ की बिजली सुविधा उपलब्ध कराई। 2017 से पहले भदोही का कालीन क्लस्टर लगभग मृतप्राय हो चुका था। आज वहां से करोड़ों रुपये का एक्सपोर्ट दुनिया के बाजारों में हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद पहल करके देश की नई संसद भवन में भदोही के कालीन बिछवाए। जब हम अपने कारीगरों के पसीने की कद्र करेंगे और उन्हें प्रोत्साहित करेंगे, तो देश का पैसा देश में रहेगा और समृद्धि सीधे हस्तशिल्पियों के घर पहुँचेगी। ‘मुख्यमंत्री और मंत्रियों को फील्ड में उतरना पड़ता है’ CM योगी ने अंत में कहा कि प्रदेश का बदलाव तब संभव होता है जब मुख्यमंत्री खुद समय निकालकर हर जिले का दौरा करे और मंत्री ग्राउंड ज़ीरो पर जाएं। हमारी सरकार में हर योजना बिना किसी भेदभाव और वोटबैंक की राजनीति के सीधे जनता तक पहुंच रही है। --------------- ये भी पढ़ें- विधायक उमाशंकर का 4 साल पुराना VIDEO:विधानसभा में खड़े हुए, सपा विधायक हंसे तो बोले- बसपा न होती तो आप यहां न होते बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह अब इस दुनिया में नहीं हैं। बुधवार की रात उनका निधन हो गया। मौत के बाद उनका 4 साल पुराना वीडियो वायरल है। बात 2022 की है। तब उमाशंकर सिंह बसपा के अकेले विधायक बनकर सदन पहुंचे थे। संख्या बल कम होने पर समाजवादी पार्टी के विधायक उन पर हंसने लगे। VIDEO देखिए…
बेगूसराय सदर। शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की नीमा चांदपूरा इकाई ने सदर प्रखंड के अझौर गांव में जरूरतमंद बच्चों को कॉपी, कलम और किताबें वितरित कीं। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना और उन्हें आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम का नेतृत्व एबीवीपी नीमा चांदपूरा इकाई के मंत्री शशि राज ने किया। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा समाज के विकास का सबसे सशक्त माध्यम है। किसी भी बच्चे की पढ़ाई आर्थिक तंगी के कारण बाधित नहीं होनी चाहिए। राज ने बताया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद केवल छात्र हितों के लिए संघर्ष करने वाला संगठन नहीं है, बल्कि शिक्षा, सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ समाज के हर वर्ग के बीच कार्य करता है। परिषद नियमित रूप से जरूरतमंदों की सहायता, शैक्षणिक जागरूकता और सामाजिक सेवा से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन करती है। उन्होंने बच्चों से नियमित रूप से विद्यालय जाने, मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने जीवन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का आह्वान किया। इस दौरान बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ देखी जा सकती थी। स्थानीय लोगों ने एबीवीपी की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक कदम बताया। इस अवसर पर एबीवीपी के कार्यकर्ता पिंटू कुमार, चीकू कुमार, सोनू कुमार, आदर्श कुमार, मोनू कुमार, रूपेश कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे।
बुरहानपुर शहर में 8 और 9 अगस्त को दो दिनों तक जलापूर्ति बाधित रहेगी। मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी और जलावर्धन योजना प्रबंधन विभाग द्वारा बसाड़ स्थित जल शोधन संयंत्र (वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट) में रखरखाव का कार्य किया जाएगा, जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न होगी। विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार, शनिवार 8 अगस्त और रविवार 9 अगस्त को संयंत्र में आवश्यक रखरखाव कार्य किया जाएगा। इसमें सीएलएफ क्लैरिफ्लोक्युलेटर की सफाई भी शामिल है। इस अवधि में संयंत्र 48 घंटे के लिए पूरी तरह बंद रहेगा, जिससे शहर की जलापूर्ति प्रभावित होगी। नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने नागरिकों से अपील की कि वे इन दो दिनों के लिए आवश्यकतानुसार जल का संग्रहण कर लें। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि रखरखाव कार्य पूरा होने के बाद नियमित जलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी। अधिकांश क्षेत्रों में सप्लाई प्रभावित होगीहालांकि, नगर निगम द्वारा उतावली संपवेल की पुरानी व्यवस्था से कुछ क्षेत्रों में जल वितरण जारी रहेगा। लेकिन, इस व्यवस्था से पूरे शहर में पानी की आपूर्ति संभव नहीं हो पाएगी, जिससे अधिकांश क्षेत्रों में पानी की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। यह रखरखाव और सफाई कार्य हाल ही में ताप्ती नदी में आई बाढ़ के कारण पानी में मिट्टी की मात्रा बढ़ जाने के कारण आवश्यक हो गया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले जुलाई माह में भी बसाड़ स्थित ट्रीटमेंट प्लांट को दो दिनों के लिए सफाई के लिए बंद रखा गया था।
अमेठी पुलिस ने 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के तहत चार शातिर बाइक चोरों को गिरफ्तार किया है। इनकी निशानदेही पर चोरी की पांच मोटरसाइकिलें और दो मोटरसाइकिलों के पार्ट्स बरामद किए गए। पुलिस अधीक्षक ने खुलासा करने वाली टीम को 10 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। यह कार्रवाई अमेठी कोतवाली क्षेत्र में देर रात 2 बजे संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग के दौरान हुई। पुलिस ने तीन मोटरसाइकिलों पर सवार चार अभियुक्तों को पकड़ा। सभी गिरफ्तार चोर प्रतापगढ़ जिले के रहने वाले हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान वीरेंद्र वर्मा पुत्र महेंद्र वर्मा, साहिल सरोज पुत्र राम करन सरोज (दोनों निवासी धनीपुर, थाना कोतवाली देहात, प्रतापगढ़), धर्मेंद्र वर्मा पुत्र हरिकेश वर्मा (निवासी कोलगढ़, थाना अंतु, प्रतापगढ़) और धीरज वर्मा पुत्र हरिकेश वर्मा (निवासी पसिया की बाग कोडरा मधुपुर, थाना अंतु, प्रतापगढ़) के रूप में हुई है। अभियुक्तों की निशानदेही पर बेनीपुर नहर के पास एक खंडहर से दो मोटरसाइकिलें और दो मोटरसाइकिलों के पार्ट्स बरामद किए गए। पूछताछ में उन्होंने बताया कि कुछ गाड़ियां अमेठी से और कुछ प्रतापगढ़ जिले से चुराई गई थीं। गैंग के सरगना साहिल सरोज पर प्रतापगढ़ जिले में पहले भी कई मुकदमे दर्ज हैं। इसके साथ ही अन्य अभियुक्तों पर भी मामले दर्ज हैं। एसपी सरवणन टी ने पुलिस ऑफिस सभागार में इस मामले का खुलासा करते हुए गिरफ्तार करने वाली टीम को 10 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की।
आगामी रक्षाबंधन पर्व के मद्देनजर भारतीय डाक विभाग ने देश-विदेश में राखियों की सुरक्षित और समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए विशेष तैयारियां की हैं। बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए, विभाग ने प्लास्टिक कोटेड, वाटरप्रूफ 'राखी कवर' और 'राखी बॉक्स' उपलब्ध कराए हैं। इसी क्रम में डीडवाना प्रधान डाकघर परिसर में एक समारोह का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य डाकपाल महेश टाक और निरीक्षक डाकघर देवीचंद कटारिया ने राखी डाक सेवा से संबंधित विशेष जागरूकता पोस्टर का विमोचन किया। वाटरप्रूफ बहुरंगी लिफाफे और आकर्षक राखी बॉक्स उपलब्धमुख्य डाकपाल महेश टाक ने बताया कि आमजन की सुविधा के लिए विभाग ने 10 और 15 रुपए के वाटरप्रूफ बहुरंगी लिफाफे और 30 रुपए का मजबूत एवं आकर्षक राखी बॉक्स जारी किया है। ये उत्पाद क्षेत्र के सभी डाकघरों में बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। इनकी वाटरप्रूफ कोटिंग सुनिश्चित करती है कि बारिश के दौरान भी लिफाफे या बॉक्स के भीतर रखी राखी पूरी तरह सुरक्षित रहे। उन्होंने यह भी बताया कि देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों में रह रहे प्रवासी भारतीयों तक राखियों को समय पर पहुंचाने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। इसके तहत अलग से डाक थैले तैयार कर उन्हें संबंधित गंतव्य स्थानों पर भेजा जाएगा। इसके अलाव रक्षाबंधन के दिन प्राप्त होने वाली राखियों का उसी दिन वितरण सुनिश्चित करने की भी विशेष व्यवस्था की गई है। निरीक्षक डाकघर देवीचंद कटारिया के अनुसार, राखी वाले लिफाफों और बॉक्स को बिना किसी देरी के गंतव्य तक पहुंचाने और समयबद्ध वितरण की पूरी प्रक्रिया पर डाक विभाग के उच्च अधिकारी सीधी निगरानी रखेंगे। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश-विदेश में रहने वाली बहनें और भाई समय पर तथा सुरक्षित तरीके से राखी का त्योहार मना सकें।
ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। करीब 36 साल से जिस सड़क परियोजना का इंतजार किया जा रहा था, वह अब धरातल पर उतरने के करीब पहुंच गई है। यमुना नदी पर बने मंझावली पुल को ग्रेटर नोएडा से जोड़ने वाले करीब […] The post दिल्ली का लंबा चक्कर होगा खत्म! ग्रेटर नोएडा-फरीदाबाद के बीच सीधी सड़क का रास्ता साफ, लाखों लोगों को मिलेगा बड़ा फायदा appeared first on https://rajsattaexpress.com .
सहारनपुर में ढाबे में सिलेंडर से लगी आग:फायर टीम ने 30 मिनट में पाया काबू, टला बड़ा हादसा
सहारनपुर के सरसोहेड़ी गांव स्थित आनंदम ढाबे के किचन में शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे एलपीजी सिलेंडर में अचानक आग लग गई। आग लगते ही अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, जबकि समय रहते कार्रवाई होने से बड़ा नुकसान भी टल गया। फायर स्टेशन सरसावा को आनंदम ढाबे में आग लगने की सूचना मिली थी। कांवड़ ड्यूटी पर तैनात एफएस यूनिट तुरंत मौके पर पहुंची। टीम ने देखा कि छप्परनुमा किचन में रखे एलपीजी सिलेंडर में आग लगी हुई थी, जिससे आग तेजी से फैलने का खतरा था। वाटर मिस्ट तकनीक से बुझाई आग स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अग्निशमन द्वितीय अधिकारी के नेतृत्व में टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला। आधुनिक वाटर मिस्ट तकनीक का इस्तेमाल कर आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। इससे आग किचन के अन्य हिस्सों तक नहीं फैल सकी। किचन का सामान जला, लाखों का नुकसान टला आग की चपेट में आने से किचन में रखे प्लास्टिक के डिब्बे, बाल्टियां, गैस चूल्हा और कुछ खाद्य सामग्री जलकर क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि, फायर कर्मियों की त्वरित कार्रवाई से ढाबे का बाकी हिस्सा सुरक्षित बचा लिया गया, जिससे लाखों रुपये की संभावित क्षति टल गई। लोगों से की सावधानी बरतने की अपील फायर विभाग ने बताया कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ। आग बुझाने के बाद टीम ने पूरे परिसर का निरीक्षण किया और स्थिति सामान्य होने के बाद लौट गई। विभाग ने लोगों से एलपीजी सिलेंडर और गैस उपकरणों की नियमित जांच कराने, सुरक्षा मानकों का पालन करने और आग लगने पर तुरंत फायर सर्विस को सूचना देने की अपील की।
इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी के खिलाफ प्लॉट के लेनदेन को लेकर एक और शिकायत सामने आई है। फरियादी ने 11 लाख रुपये लेने के बाद प्लॉट की रजिस्ट्री और कब्जा नहीं देने का आरोप लगाया है।
हरियाणा के बाल एवं महिला अधिकार कार्यकर्ता तथा सेल्फी विद डॉटर अभियान एवं फाउंडेशन के संस्थापक सुनील जागलान ने मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक. के खिलाफ जींद पुलिस अधीक्षक कार्यालय में औपचारिक शिकायत दी है।
हरिद्वार के चंडीघाट स्थित गंगा तट पर कांवड़ यात्रा के दौरान एक अलग दृश्य देखने को मिला।
रायपुर नगर निगम ने VIP रोड स्थित बेबीलान टावर के पास मुख्य सड़क किनारे मलबा फेंकने की शिकायत पर सख्त कार्रवाई की है। जन शिकायत सही पाए जाने पर नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने कारोबारी जसवीर सिंह खनूजा पर 25 हजार रुपए का ई-जुर्माना लगाया। साथ ही भविष्य में दोबारा ऐसी लापरवाही नहीं करने की सख्त चेतावनी भी दी है। निगम अधिकारियों के अनुसार, मुख्य सड़क किनारे एक व्यावसायिक परिसर की ओर से बड़ी मात्रा में निर्माण मलबा फेंके जाने की शिकायत नगर निगम को मिली थी। शिकायत मिलते ही नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद जोन-9 के जोन कमिश्नर राकेश शर्मा के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच की। जोन-9 स्वास्थ्य विभाग ने किया निरीक्षण औचक निरीक्षण के दौरान जोन-9 के स्वास्थ्य अधिकारी बैरोन बंजारे, उमेश नामदेव और स्वच्छता निरीक्षक भोला तिवारी ने मौके का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि VIP रोड किनारे स्थित व्यावसायिक परिसर की ओर से बड़ी मात्रा में निर्माण मलबा फेंका गया था। इससे आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी और सड़क की स्वच्छता भी खराब हो रही थी। अधिकारियों ने काटा ई-चालान निरीक्षण के बाद नगर निगम अधिकारियों ने संबंधित व्यावसायिक परिसर के संचालक जसवीर सिंह खनूजा के खिलाफ स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर 25 हजार रुपए का ई-चालान जारी किया। अधिकारियों ने उन्हें सख्त चेतावनी दी कि भविष्य में सार्वजनिक स्थान पर मलबा या कचरा फेंकने की पुनरावृत्ति होने पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
टेंडर खुलने से पहले लग गईं लाइटें:बाराबंकी में DM ने नवाबगंज नगर पालिका से छीना प्रोजेक्ट
बाराबंकी के नवाबगंज नगर पालिका परिषद में 1.10 करोड़ रुपये की डेकोरेटिव लाइटें लगाने के प्रोजेक्ट में अनियमितताएं सामने आई हैं। ई-टेंडरिंग का लिफाफा खुलने से पहले ही चहेती फर्म से लाइटें लगवाने का मामला उजागर होने पर जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने इस पूरे प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी नगर पालिका नवाबगंज से वापस ले ली है। यह मामला शहर के मुख्य मार्ग (पुराने नेशनल हाईवे-28) पर पल्हरी चौराहे तक पोलों पर स्लप्चर और लाइटें लगाने से संबंधित है। सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, इस काम के लिए 7 अगस्त को टेंडर आवंटित होना था। हालांकि, टेंडर खुलने से लगभग एक सप्ताह पहले ही एक 'सेटिंग' वाली फर्म को बैकडोर से काम सौंप दिया गया और सड़क पर लाइटें लगा दी गईं। जब इस धांधली का खुलासा हुआ, तो नगर पालिका अध्यक्ष शीला सिंह के पति और अध्यक्ष प्रतिनिधि सुरेंद्र सिंह वर्मा ने मामले को दबाने का प्रयास किया। वे लगातार इसे 'ट्रायल' का नाम देकर सफाई देते रहे और अनियमितताओं पर पर्दा डालने की कोशिश करते रहे। सुरेंद्र सिंह वर्मा के स्पष्टीकरणों के बावजूद, जब यह मामला सुर्खियों में आया और धांधली की खबरें बढ़ने लगीं, तो जिलाधिकारी ने इसका गंभीर संज्ञान लिया। जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद टेंडर रद्द कर दिया गया और पूरे प्रोजेक्ट को नगर पालिका से लेकर लोक निर्माण विभाग (PWD) को सौंप दिया गया। अब इस काम के लिए PWD के माध्यम से नए सिरे से टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। इस प्रशासनिक कार्रवाई से उन अधिकारियों और ठेकेदारों के सिंडिकेट में हलचल मच गई है, जो इस फर्जीवाड़े में शामिल थे
भिवानी जिले के लोहारू स्थित बिजली बोर्ड प्रांगण में स्मार्ट मीटर और एग्री डिस्कॉम नीति के विरोध में बिजली कर्मचारियों का धरना शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। यह प्रदर्शन संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर सब-डिवीजन स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। चारों यूनियनों के प्रधानों ने संयुक्त रूप से इसकी अध्यक्षता की। धरने को संबोधित करते हुए लोहारू सब-डिवीजन के एसडीओ मनोज कुमार ने कर्मचारियों और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को स्मार्ट मीटर तथा एग्री डिस्कॉम नीति से होने वाले संभावित नुकसानों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि इस नीति से किसानों और आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। किसान संगठनों ने भी इस धरने को अपना समर्थन दिया। योजना को तुरंत वापस लेने की मां किसान सभा से राम सिंह शेखावत और भाकियू के जिला प्रधान मेवा सिंह आर्य सहित अन्य किसान नेताओं ने सरकार से एग्री डिस्कॉम और स्मार्ट मीटर योजना को तुरंत वापस लेने की मांग की। इस अवसर पर जिला महासचिव आजाद सिंह भूगला, उपाध्यक्ष धर्मपाल, किसान सभा लोहारू से रविंद्र कस्वां, जिला उपप्रधान इंद्राज सिंह दमकोरा, शेर सिंह झांझडा, सुमेर सिंह गिगनाऊ, रतनलाल खरकड़ी, जय सिंह जिगनाऊ, नंदलाल और नरेंद्र भी उपस्थित रहे। सरकार को दी चेतावनी वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों और कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर परिवारों और आम जनता को भी इस आंदोलन से जोड़ा जाएगा। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा पेट्रोल-डीजल की कीमतों से जनता पहले ही परेशान है, ऐसे में स्मार्ट मीटर और एग्री डिस्कॉम जैसी योजनाएं लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेंगी। विभिन्न संगठनों ने दिया समर्थन हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संगठनों और विभिन्न अन्य कर्मचारी संगठनों ने भी धरने को अपना समर्थन दिया। हरियाणा कर्मचारी महासंघ से सुरेंद्र ढाणी टोड़ा और सर्व कर्मचारी संघ से जयपाल सहित अन्य कर्मचारी नेताओं ने अपने विचार व्यक्त किए और आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया। मांगों पर सकारात्मक निर्णय ले सरकार इस अवसर पर पूर्व यूनिट प्रधान नरेंद्र, विनोद, विकास, राजेश, संजीत, सुरेंद्र पाल, नरेश, राम सिंह सैनी और नरेंद्र सहित बड़ी संख्या में बिजली कर्मचारी तथा विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे। वक्ताओं ने एक बार फिर चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आगामी दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
पीथलपुरा स्कूल में छात्र संसद का गठन:स्टूडेंट्स ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव चुना, पद की शपथ दिलाई
पीथलपुरा राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में सरकार के आदेशानुसार छात्र संसद का गठन किया गया। यह गठन संस्था प्रधान भागीरथ मेघवाल की उपस्थिति में स्कूल के व्याख्याता प्रभारी राकेश गांछा और सह प्रभारी लीला शंकर व्यास के नेतृत्व में हुआ। इस छात्र संसद में छात्रों को दायित्व सौंपे गए। अर्जुन लाल भील को अध्यक्ष, कोमल कुमारी भील को उपाध्यक्ष और लक्ष्मी जाट को सचिव नियुक्त किया गया। अन्य नियुक्तियों में नील शंकर मोगिया और दीपिका कुलमी को स्वास्थ्य और स्वच्छता मंत्री, उमेश कुमार जाट को खेल मंत्री, आरुषि लौहार को अनुशासन मंत्री बनाया गया। प्रभात कुमार सारंगदेवोत सांस्कृतिक मंत्री, ओमप्रकाश मेघवाल शिक्षा मंत्री और किशन लौहार जल और पर्यावरण मंत्री नियुक्त किए गए। इन सभी पदाधिकारियों का प्रार्थना सभा में संस्था प्रधान और स्टाफ द्वारा तिलक लगाकर स्वागत किया गया। इसके बाद उन्हें अपने-अपने पद की शपथ दिलाई गई।
खगड़िया के चौथम में भारी बारिश से बीएन तटबंध पर रेनकट, मिट्टी बहने से आवागमन बाधित
7 अगस्त, शुक्रवार: खगड़िया के चौथम प्रखंड की मध्य बौरने पंचायत में भारी बारिश से बीएन तटबंध पर कई जगह रेनकट हो गया। मिट्टी बहने से आवागमन बाधित है और गुरुवार को एक ट्रैक्टर गड्ढे में फंस गया। ग्रामीणों ने जल्द मरम्मत की मांग की है।
हिमाचल में 12 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहेगा। कांगड़ा समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, आंधी-बिजली और भूस्खलन का खतरा भी जताया गया है।
आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने अवैध वसूली के आरोपों की जांच में तत्कालीन सारण DPO अजीत अमर के सीवान स्थित पैतृक आवास समेत पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। टीम दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और संपत्तियों की जांच कर रही है।
सीतापुर में जिम ट्रेनर की सड़क हादसे में मौत:घर लौटते समय ट्रक ने कुचला, चालक मौके से फरार
सीतापुर के रामपुरमथुरा थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे हुए भीषण सड़क हादसे में जिम ट्रेनर की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया, जबकि दुर्घटना में शामिल दूसरी बाइक का चालक भी मौके से भाग निकला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान रामपुर मथुरा निवासी रणजीत सिंह (34) पुत्र जसविंदर सिंह के रूप में हुई है। रणजीत सिंह पेशे से जिम ट्रेनर थे। परिजनों के मुताबिक वह रोज की तरह शुक्रवार सुबह सदरपुर स्थित जिम में प्रशिक्षण देने गए थे। जिम में प्रशिक्षण समाप्त करने के बाद वह बाइक से अपने घर लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विशेषण मार्ग के पास रणजीत की बाइक की टक्कर सामने से आ रही दूसरी बाइक से हो गई। इसी दौरान पीछे से उर्वरक लादकर आ रहे तेज रफ्तार ट्रक संख्या UP 34 AT 2084 ने रणजीत की बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रणजीत ट्रक की चपेट में आ गए और काफी दूर तक सड़क पर घिसटते चले गए। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तत्काल एंबुलेंस को सूचना दी। एंबुलेंस से घायल रणजीत को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महमूदाबाद ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने ट्रक का पीछा किया। बताया जा रहा है कि चालक कुछ दूरी पर ट्रक छोड़कर फरार हो गया। वहीं दूसरी बाइक का चालक भी मौके से भागने में सफल रहा। सूचना मिलते ही रामपुर मथुरा पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक को कब्जे में ले लिया। रणजीत की मौत की खबर घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बताया कि रणजीत की शादी कुछ वर्ष पहले हुई थी और उनका एक वर्ष का बेटा भी है। पुलिस फरार ट्रक चालक और दूसरी बाइक के अज्ञात चालक की तलाश कर रही है।

