UP News Today Live: उत्तर प्रदेश ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 7 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार
UP Breaking News Today Live - Read Uttar Pradesh latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, उत्तर प्रदेश की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन.
हरियाणा पुलिसकर्मी की हत्या के मामले में 28 साल से फरार चल रहे भगोड़े राजिंदर बैरागी उर्फ डॉ. झटका को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है। वह फर्जी पहचान के साथ मुंगावली में झोलाछाप डॉक्टर बनकर रह रहा था और 1999 में पुलिस हिरासत से फरार हो गया था।
प्रदर्शनकारी झारखंड PSC सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करने और भर्ती परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। यह जांच या तो CBI द्वारा या राज्य के बाहर के सेवानिवृत्त हाई कोर्ट के न्यायाधीशों के एक पैनल द्वारा की जानी चाहिए। उन्होंने JPSC और JSSC में व्यापक सुधारों पर भी जोर दिया।
करनाल में बीरू वाल्मीकि हत्याकांड के 27 घंटे बाद ही पुलिस ने दोनों संदिग्ध बदमाशों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। घोघड़ीपुर नहर के पास देर रात करीब 12 बजे पुलिस और बाइक सवार बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस के अनुसार, बदमाशों ने टीम को देखते ही कई राउंड फायर किए। जवाबी कार्रवाई में दोनों को गोली लगी। पुलिस उन्हें अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मारे गए बदमाशों की पहचान हर्ष (24) निवासी नीलोखेड़ी और बीरबल (29) निवासी गांव मटरवा खेड़ी, कैथल के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों ने ही बीरू वाल्मीकि की बुधवार रात को सिर में गोली कर उसकी हत्या की थी। हत्या के बाद से ही पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। रातभर तलाश के बाद नहर की पटरी पर घेराजानकारी के अनुसार बीरू की हत्या के बाद आरोपियों की तलाश के लिए 5 टीमें लगाई गई थीं। देर रात पुलिस को सूचना मिली कि दो संदिग्ध बाइक पर सवार होकर नहर की पटरी से घोघड़ीपुर गांव की तरफ जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस का कहना है कि टीम को देखते ही बाइक सवार दोनों युवकों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिसकर्मियों ने बचाव करते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाशों को गोली लगी और वे बाइक से नीचे गिर गए। हथियार, कारतूस और बाइक मौके से बरामदमुठभेड़ के बाद पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों के पास पहुंचकर तलाशी ली। पुलिस के अनुसार उनके कब्जे से बंदूक, कारतूस और बाइक बरामद हुई है। दोनों घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया। बीरू की हत्या के बाद से ही पुलिस के रडार पर थेपुलिस के अनुसार बुधवार रात भगवाड़िया गैस एजेंसी के पास बीरू वाल्मीकि की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से ही हत्यारोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें जुटी थीं। जांच के दौरान पुलिस को दोनों संदिग्धों के बारे में सुराग मिला। इसी सूचना के आधार पर नहर की पटरी पर पुलिस ने उन्हें घेरा। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि बीरू की हत्या में दोनों की क्या भूमिका थी और वारदात में इस्तेमाल हथियारों का स्रोत क्या था। एसपी समेत अधिकारी मौके पर पहुंचे, FSL ने जुटाए साक्ष्यएनकाउंटर की सूचना मिलते ही एसपी नरेंद्र बिजारणिया समेत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू कराई। FSL टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अब मुठभेड़ के दौरान हुई फायरिंग और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाएगी। आज पोस्टमार्टम, परिजनों को सौंपे जाएंगे शवपुलिस मुठभेड़ में मारे गए हर्ष और बीरबल के शव मोर्चरी हाउस में रखवा दिए गए हैं। आज दोनों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद शव उनके परिजनों को सौंपे जाएंगे। पुलिस अब बीरू हत्याकांड से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। सोशल मीडिया पर हत्या की जिम्मेदारी लेने वाली पोस्ट और मुठभेड़ में मारे गए दोनों संदिग्धों के बीच कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।
मोहन भागवत के बयान का अमित मालवीय ने किया स्वागत, बोले- जेन जी से संवाद की यह सकारात्मक शुरुआत
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत के जेन जी और छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को लेकर दिए गए बयान का स्वागत किया है
डाबर इंडिया ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कंपनी ने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें '100% शुद्ध' और '100% प्राकृतिक' जैसे दावे करने वाले प्रोडक्ट्स की बिक्री पर रोक लगाई गई है। कंपनी ने इस आदेश को लेकर कोर्ट से राहत की मांग की है। आज की बाकी बड़ी खबरें… सरकार ने सोशल मीडिया से आपत्तिजनक पोस्ट हटाने का समय घटाया, 2 घंटे में हटाना होगा सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब संवेदनशील मामलों में ऑनलाइन कंटेंट को हटाने के लिए समय सीमा को 24 घंटे से घटाकर 2 घंटे कर दिया गया है। गुरुवार को एक आधिकारिक बयान में इसकी जानकारी दी गई है। सरकार ने यह कदम ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से फैल रही आपत्तिजनक और संवेदनशील सामग्री पर लगाम लगाने के लिए उठाया है, ताकि गलत सूचना, हिंसा भड़काने वाली सामग्री और अन्य गंभीर मामलों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। अब तक सोशल मीडिया कंपनियों को किसी भी संवेदनशील कंटेंट को हटाने के लिए 24 घंटे का समय दिया जाता था। सरकार के नए निर्देश के बाद अब कंपनियों को इस अवधि के भीतर ही कार्रवाई पूरी करनी होगी।
उत्तर प्रदेश में बस यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने और परिवहन ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) ने पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत दूसरे चरण में 18 अत्याधुनिक प्रीमियम बस स्टेशनों और उनसे जुड़े व्यावसायिक परिसरों के विकास के लिए निविदाएं जारी की हैं। इन परियोजनाओं में 1,100 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की संभावना जताई गई है। बस स्टेशन बनेंगे ट्रांजिट और कमर्शियल हब यूपीएसआरटीसी के अनुसार नए बस स्टेशनों को आधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस किया जाएगा। साथ ही इनमें रिटेल शोरूम, होटल, फूड कोर्ट, ऑफिस स्पेस, मल्टीप्लेक्स और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी जगह विकसित की जाएगी। इससे बस स्टेशन केवल यात्रियों के आवागमन का केंद्र नहीं रहेंगे, बल्कि आधुनिक ट्रांजिट-कमर्शियल हब के रूप में विकसित होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। 90 साल तक मिलेगी कंसेशन अवधि परियोजना में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए 90 वर्ष तक की कंसेशन अवधि का प्रावधान किया गया है। इससे निजी कंपनियों को लंबे समय तक व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने का अवसर मिलेगा। 10 अगस्त तक जमा होंगी निविदाएं यूपीएसआरटीसी ने बताया कि निविदाएं जमा करने की अंतिम तिथि 10 अगस्त 2026, दोपहर 2 बजे तय की गई है। इच्छुक निवेशक यूपीएसआरटीसी की वेबसाइट और उत्तर प्रदेश ई-टेंडर पोर्टल पर उपलब्ध टेंडर दस्तावेजों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इन 18 शहरों में बनेंगे आधुनिक बस स्टेशन अकबरपुर, अमेठी, बदायूं, भिनगा, गोंडा, बलरामपुर, बस्ती, गोला, सिधौली, माती, उन्नाव, हैदरगढ़, नहटौर, सराय अकिल, बादशाहपुर, तरवा, पीलीभीत और निचलौल में प्रीमियम बस स्टेशनों का विकास प्रस्तावित है।
पंजाब: एनसीबी ने 2019 में गिरफ्तार दो तस्करों को 10 साल की कैद दिलवाई
एनसीबी ने पंजाब में अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थों की तस्करी के एक मामले में दो तस्करों को 10 साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा दिलवाई है। यह मामला 2019 में 115 ग्राम कोकीन और अन्य प्रतिबंधित सामग्री की बरामदगी के साथ सामने आया था
दिल्ली में ठक-ठक गिरोह का भंडाफोड़, तमिलनाडु से आकर करते थे कार चोरी
उत्तरी जिला पुलिस ने तमिलनाडु से दिल्ली आकर कारों के शीशे तोड़कर चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है।
उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा और राजस्व वसूली को मजबूत करने के उद्देश्य से चार दिवसीय विशेष प्रवर्तन अभियान 'मिशन आरोही' की शुरुआत की है। परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन के निर्देश पर 5 से 8 अगस्त तक चलने वाले इस अभियान में प्रदेश के चिन्हित संभागों में सघन जांच की जा रही है। अभियान के लिए अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) के. डी. सिंह गौर को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जो विभिन्न संभागों में प्रवर्तन टीमों की निगरानी कर रहे हैं। पहले दिन ताबड़तोड़ कार्रवाई अभियान के पहले दिन कानपुर, झांसी, बांदा, आगरा और लखनऊ संभाग में प्रवर्तन अधिकारियों ने व्यापक जांच अभियान चलाया। इस दौरान विभिन्न मामलों में 958 वाहनों के चालान किए गए, जबकि 227 वाहनों को सीज (निरुद्ध) किया गया। विभाग का अनुमान है कि इस कार्रवाई से करीब एक करोड़ रुपये का राजस्व, कर और जुर्माना प्राप्त होगा। इन मामलों में हुई सबसे ज्यादा कार्रवाई पहले दिन की कार्रवाई में बिना नंबर प्लेट चल रहे वाहनों पर सबसे अधिक कार्रवाई की गई। ऐसे 520 वाहनों के चालान और 43 वाहन सीज किए गए। इसके अलावा अवैध यात्री संचालन के 69 चालान और 21 वाहन सीज, निजी वाहनों के व्यावसायिक उपयोग पर 55 चालान और 11 वाहन सीज, ओवरलोड वाहनों पर 113 चालान और 85 वाहन सीज, जबकि बकाया टैक्स वाले 142 वाहनों के चालान तथा 48 वाहन सीज किए गए। 8 अगस्त तक जारी रहेगा अभियान अभियान के नोडल अधिकारी एवं अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) के. डी. सिंह गौर ने बताया कि मिशन आरोही 8 अगस्त तक लगातार चलेगा। इस दौरान मोटर वाहन अधिनियम के उल्लंघन, बकाया कर, ओवरलोड वाहनों और निजी वाहनों के व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ सख्त प्रवर्तन कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग का उद्देश्य सड़क पर नियमों का पालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ राजस्व वसूली और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
बोल बम के जयघोष से गूंजी पूर्वी दिल्ली, कांवड़ियों की सेवा के लिए सड़कों पर उतरे स्थानीय लोग
कांवड़ यात्रा के आगमन से पूर्वी दिल्ली का यमुनापार क्षेत्र शिवमय हो गया है, जहां 4 अगस्त से शुरू हुए सेवा शिविरों में कांवड़ियों के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
गोरखपुर में मिलावटखोरी के विरोध में अभियान जारी है। गुरुवार को खाद्य सुरक्षा विभाग ने तिवारीपुर थाना क्षेत्र में एक गोदाम पर छापा मारकर 4.77 क्विंटल साबुत काली मिर्च सीज कर दिया है। इसकी अनुमानित कीमत लगभग 3.4 लाख है। इस काली मिर्च में हानिकारक रंग मिलाने की आशंका है। सैंपल लेकिर विभाग ने जांच के लिए भेज दिया है। खाद्य सुरक्षा विभाग को यह जानकारी मिली थी कि तिवारीपुर क्षेत्र में कुछ लोग मिलावट का धंधा कर रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर टीम थाना क्षेत्र के मोहनलालपुर नाले के पास स्थित गोदाम पहुंची थी। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुधीर कुमर राय के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरुण कुमार मिश्र, नागेंद्र एवं नरेंद्र गोदाम की औचक जांच के लिए पहुंचे। वहां साबुत काली मिर्च रखी थी। मौके पर प्रतिष्ठान के विक्रेता नीरज कुमार मद्धेशिया पुत्र दानी प्रसाद उपस्थित मिले। उनसे जब लाइसेंस मांगा गया तो वह परिसर का कोई लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सके।प्राथमिक जांच में इस आशंका को बल मिला है कि वहां मौजूद काली मिर्च में हानिकारक रंग मिलाया गया है। इसकी पुष्टि के लिए काली मिर्च का एक नमूना लेकर उसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा डा. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि सूचना के आधार पर गोदाम परिसर की औचक जांच की गई। जिसमें लगभग 4 क्चिंटन 77 किलो काली मिर्च बरामद किया गया। इसे सीज कर दिया गया हे। आटा, मैदा के नमूने लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने जिले में आटा, मैदा और अन्य खाद्य पदार्थों की शुद्धता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए गुरुवार को विशेष अभियान चलाया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुधीर कुमार राय और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम ने जिले की विभिन्न तहसीलों में सघन निरीक्षण किया। इस दौरान विभिन्न फ्लोर मिलों और उद्योगों का निरीक्षण कर जांच के लिए खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। निरीक्षण के दौरान सेठी फ्लोर मिल से आटे का एक नमूना, सुयश इंडस्ट्रीज से मैदे का एक नमूना तथा कैंपियरगंज स्थित जेपी इंडस्ट्रीज से आटे के दो नमूने संग्रहित किए गए। सभी नमूनों को परीक्षण के लिए राज्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
41 साल पुराने अपहरण के तीन आरोपी बरी:1981 को इटावा हुई थी घटना, तीनों को सात साल की सजा हुई थी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वर्ष 1981 के एक अपहरण मामले में दोषी ठहराए गए तीन आरोपियों को बरी कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति तेज प्रताप तिवारी ने दिया है। इटावा की सत्र अदालत ने 1985 में तीनों को आरोप का दोषी मानते हुए सात साल कैद की सजा सुनाई थी। जानिये क्या है मामला मामले के तथ्यों के अनुसार 10 अक्टूबर 1981 को इटावा के नगला गौर गांव के पास पुरानी रंजिश के कारण कालीचरण के दो भाइयों मुन्नी लाल व राम स्वरूप के अपहरण का आरोप लगा था। 18 जनवरी 1985 को ट्रायल कोर्ट ने जयवीर सिंह, बूरन सिंह, श्री चंद, श्याम सिंह व रणजीत सिंह को आईपीसी की धारा 364 के तहत दोषी ठहराया था। अपील लंबित रहने के दौरान श्याम सिंह और रणजीत सिंह की मृत्यु हो गई। हाईकोर्ट ने कहा कि मामले में न तो अपहृत व्यक्तियों का कोई सुराग मिला और न ही उनकी हत्या या चोट से जुड़ा कोई वैज्ञानिक साक्ष्य पेश किया गया। घटना शाम के समय हुई थी लेकिन मौके पर पर्याप्त रोशनी का कोई प्रमाण नहीं था। कोर्ट ने लंबे समय बाद केवल अदालत में हुई पहचान को पर्याप्त नहीं माना। घटनास्थल पर अन्य लोग मौजूद होने के बावजूद किसी स्वतंत्र गवाह को शामिल नहीं किया गया, केवल रिश्तेदारों के बयान पर सजा देना भी कोर्ट ने असुरक्षित माना। कोट ने कहा कि अभियोजन पक्ष संदेह से परे आरोप सिद्ध करने में विफल रहा इसलिए आरोपी संदेह के लाभ के हकदार हैं।
लखनऊ छावनी स्थित कॉलेज ऑफ नर्सिंग, कमान अस्पताल, मध्य कमान में गुरुवार को कमीशनिंग समारोह-2026 का आयोजन किया गया। समारोह में प्रशिक्षण पूरा करने वाले कैडेटों को औपचारिक रूप से मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (एमएनएस) में अधिकारी के रूप में कमीशन किया गया। यह समारोह उनकी शैक्षणिक पढ़ाई, प्रोफेशनल नर्सिंग प्रशिक्षण और सैन्य अनुशासन के सफल समापन का प्रतीक रहा। मुख्य अतिथि ने दी नई जिम्मेदारियों की शुभकामनाएं समारोह में सेना चिकित्सा कोर केंद्र एवं कॉलेज के कमांडेंट और एएमसी अभिलेख प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल जे. देबनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने नव नियुक्त अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि मिलिट्री नर्सिंग सर्विस सशस्त्र बलों की स्वास्थ्य सेवाओं और ऑपरेशनल तैयारियों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रोफेशनल शपथ लेकर शुरू किया सेवा का सफर नवनियुक्त अधिकारियों ने ब्रिगेडियर परवीन रानी, ब्रिगेडियर एमएनएस, मध्य कमान की मौजूदगी में प्रोफेशनल शपथ ली। इस दौरान उन्होंने नैतिक नर्सिंग सेवा, क्लिनिकल उत्कृष्टता, संवेदनशीलता और राष्ट्र सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले कैडेट हुए सम्मानित समारोह में अकादमिक उपलब्धियों, क्लिनिकल दक्षता, नेतृत्व क्षमता और समग्र प्रदर्शन में उत्कृष्ट रहे कैडेटों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सेना के वरिष्ठ अधिकारी, फैकल्टी सदस्य, पूर्व छात्र और कैडेटों के परिजन भी मौजूद रहे। गर्व के पल के साथ हुआ समारोह का समापन मेजर जनरल आलोक भल्ला और ब्रिगेडियर प्रमीला केपी के नेतृत्व में आयोजित इस समारोह का समापन धन्यवाद प्रस्ताव और सामूहिक फोटो के साथ हुआ। यह अवसर नवनियुक्त अधिकारियों के सैन्य और पेशेवर जीवन की नई शुरुआत का यादगार पड़ाव बना।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक निर्णय में कहा कि रिटायरमेंट के बाद एकेडमिक सेशन के आखिर तक नौकरी जारी रखना एक रियायत है, न कि कोई कानूनी अधिकार। इसका दावा सिर्फ़ वही टीचर कर सकता है जो असल में रेगुलर टीचिंग (नियमित शिक्षण) में लगा हो। कोर्ट ने कहा कि एक एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर, जिन्हें रिसर्च काम का इंचार्ज बनाया गया था, वह सिर्फ़ इसलिए इस फ़ायदे का दावा नहीं कर सकते कि वे एक टीचिंग पोस्ट पर बने रहे और उसके बदले सैलरी लेते रहे। जानिये क्या है मामला जस्टिस मंजू रानी चौहान ने डां अवधेश कुमार तिवारी की याचिका की याचिका खारिज करते हुए कहा, कानून बनाने वालों की मंशा, लागू कानून और एग्जीक्यूटिव पॉलिसी को अगर सही ढंग से समझा जाए तो साफ़ पता चलता है कि एकेडमिक सेशन के आखिर तक एक्सटेंशन का मकसद सिर्फ़ पढ़ाई-लिखाई को लगातार जारी रखना और चल रहे सेशन के बीच में रुकावट से छात्रों के हितों की रक्षा करना है।इसका मकसद संस्थागत है, न कि व्यक्तिगत। यह न तो लंबी सेवा के लिए कोई इनाम है और न ही मुख्य नियुक्ति का कोई हिस्सा। यह फ़ायदा उन हालात पर निर्भर करता है जो इसे देने को सही ठहराते हैं, यानी यह कि संबंधित व्यक्ति असल में रेगुलर टीचिंग में लगा हो, ताकि एकेडमिक सेशन के बीच में काम रुकने से पढ़ाई-लिखाई की प्रक्रिया पर बुरा असर न पड़े। याचिका में किया गया चैलेंज याचिकाकर्ता को 9 दिसंबर 2017 को बांदा यूनिवर्सिटी ऑफ़ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी, बांदा में एसोसिएट प्रोफेसर (एग्रोनॉमी) के तौर पर नियुक्त किया गया। इस यूनिवर्सिटी के अपने कोई नियम-कानून नहीं हैं। इसने चंद्रशेखर आज़ाद यूनिवर्सिटी ऑफ़ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी, कानपुर के नियमों को अपनाया है। उन्होंने दिसंबर 2017 और अक्टूबर 2019 के बीच अंडरग्रेजुएट और पोस्ट-ग्रेजुएट कोर्स पढ़ाए। 21 अक्टूबर 2019 के आदेश से उनका ट्रांसफर मिलट्स रिसर्च स्टेशन, गुरसराय, झांसी (जो अब इस नाम से जाना जाता है) में कर दिया गया और उन्हें एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर बने रहते हुए सेंटर का इंचार्ज बना दिया गया। याचिकाकर्ता, जिनकी जन्म तिथि 10 जुलाई 1964 है, को 30 जून 2026 के एक पत्र के ज़रिए सूचित किया गया कि वह 31 जुलाई 2026 से रिटायर हो जाएंगे। सेशन के अंत तक काम जारी रखने के लिए उनकी अर्जियों पर कोई जवाब न मिलने पर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसका निपटारा सक्षम अधिकारी को 72 घंटों के भीतर दावे पर निर्णय लेने के निर्देश के साथ किया गया। दावे को 15 जुलाई 2026 के आदेश द्वारा खारिज कर दिया गया और मौजूदा याचिका में दोनों आदेशों को चुनौती दी गई। अदालत ने पाया कि विवाद रिटायरमेंट की उम्र के बारे में नहीं, बल्कि उसके बाद भी काम जारी रखने के बारे में था, जिसे सामान्य सेवा कार्यकाल के बराबर नहीं माना जा सकता और न ही इसे कोई पक्का कानूनी अधिकार माना जा सकता है। अदालत ने देखा कि याचिकाकर्ता यह साबित नहीं कर पाए कि उन्हें नियमित रूप से क्लास में पढ़ाने का काम सौंपा गया, या उन्होंने रिटायरमेंट से ठीक पहले वाले सेशन में अंडरग्रेजुएट या पोस्ट-ग्रेजुएट कोर्स पढ़ाए, या उनके रिटायरमेंट से किसी टीचिंग प्रोग्राम में कोई रुकावट आएगी। अदालत दलीलों पर उठाए सवाल अदालत ने कहा, एसोसिएट प्रोफेसर के मुख्य पद पर बने रहना या उस पद के लिए वेतन लेना, अपने आप में सेशन बेनिफिट देने के लिए ज़रूरी शर्तों को पूरा नहीं करता है। उत्तर प्रदेश कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अधिनियम, 1958 की धारा 2(क) के तहत 'टीचर' (शिक्षक) को ऐसे व्यक्ति के रूप में परिभाषित किया गया, जिसे यूनिवर्सिटी ने पढ़ाने या रिसर्च या एक्सटेंशन प्रोग्राम चलाने और उनका मार्गदर्शन करने के लिए नियुक्त या मान्यता दी हो, और इसमें वह व्यक्ति भी शामिल है जिसे कानूनों के तहत टीचर घोषित किया गया हो। 14 जून 2022 के सरकारी आदेश में यह प्रावधान है कि अधिनियम के तहत नियुक्त टीचर, जो उस परिभाषा के दायरे में आते हैं और कानूनों के अध्याय 12 की धारा 28-डी और अध्याय 13 के क्लॉज 4-डी के अनुसार नियुक्त किए गए, वे 62 साल की उम्र तक सेवा में बने रह सकते हैं और उन्हें एकेडमिक सेशन के अंत तक, यानी रिटायरमेंट के बाद आने वाली 30 जून तक सेवा विस्तार का अधिकार भी है। कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी नोट किया कि फुल बेंच ने माना था कि मुख्य रूप से रिसर्च के काम में लगे कर्मचारी को सिर्फ़ इसलिए इस पॉलिसी का फ़ायदा नहीं मिल सकता कि वह किसी एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन से जुड़ा है। यह देखते हुए कि सक्षम अधिकारी ने दर्ज किया था कि याचिकाकर्ता रेगुलर टीचिंग में शामिल नहीं था, कोर्ट ने कहा कि ऐसा कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया गया, जिससे यह साबित हो सके कि यह निष्कर्ष गलत, दुर्भावनापूर्ण , मनमाना या स्पष्ट रूप से गैर-कानूनी था। साथ ही रिट अधिकार क्षेत्र के तहत कोर्ट ऐसे तथ्यात्मक आकलन पर अपनी राय नहीं थोप सकती। कोर्ट ने माना कि याचिकाकर्ता यह साबित नहीं कर पाया कि डॉ. वीरेंद्र कुमार सिंह की ड्यूटी और स्थिति एक जैसी है। साथ ही किसी दूसरे मामले में दिया गया फ़ायदा अपने आप में कानूनी अधिकार का आधार नहीं बन सकता। यह मानते हुए कि विवादित आदेशों में न तो अधिकार क्षेत्र की कोई गलती थी और न ही एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से जुड़े कानूनी प्रावधानों का कोई उल्लंघन हुआ था, कोर्ट ने याचिका खारिज की।
दिल्ली के जिला प्रशासन कार्यालयों में दलालों का राज, जन्म प्रमाणपत्र से लेकर बोरवेल तक के रेट तय
दैनिक जागरण की पड़ताल में सामने आया है कि दिल्ली के जिला प्रशासन कार्यालयों में दलाल सक्रिय हैं, जो जन्म प्रमाण पत्र से लेकर बोरवेल की अनुमति तक के लिए रिश्वत वसूल रहे हैं।
बुलंदशहर में गुरुवार रात प्रधानी चुनाव की रंजिश हिंसक झड़प में बदल गई। पूर्व प्रधान पक्ष और प्रधान पद प्रत्याशी के समर्थकों के बीच हुई कहासुनी के बाद दोनों ओर से 20 से अधिक राउंड फायरिंग हुई, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी और दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल से कई खाली कारतूस बरामद किए। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। प्रधानी चुनाव की रंजिश ने लिया हिंसक रूप अगौता थाना क्षेत्र के गांव सेगा जगतपुर में गुरुवार देर रात प्रधानी चुनाव की पुरानी रंजिश अचानक हिंसक संघर्ष में बदल गई। ग्रामीणों के अनुसार, गांव के पूर्व प्रधान और प्रधान पद की तैयारी कर रहे समर्थकों के बीच लंबे समय से राजनीतिक खींचतान चल रही है। इसी रंजिश के चलते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते विवाद फायरिंग तक पहुंच गया। प्रधान प्रत्याशी के घर पहुंचने के बाद बढ़ा विवाद प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पूर्व प्रधान पक्ष के कुछ लोग रात में प्रधान पद प्रत्याशी के घर पहुंच गए। पहले दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और बहस हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला बिगड़ गया और दोनों ओर से ताबड़तोड़ गोलियां चलने लगीं। ग्रामीणों का कहना है कि फायरिंग इतनी अचानक शुरू हुई कि आसपास मौजूद लोग जान बचाने के लिए घरों में छिप गए। 20 से अधिक राउंड फायरिंग दोनों पक्षों की ओर से 20 से अधिक राउंड फायरिंग होने से पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया। लगातार गोलियों की आवाज सुनकर लोग घरों के दरवाजे बंद कर अंदर दुबक गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस गोलीबारी में किसी के घायल होने या जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली। ग्रामीणों का कहना है कि एक पक्ष के लोग फायरिंग करते हुए करीब एक किलोमीटर तक गांव में घूमते रहे, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम गांव पहुंची। घटनास्थल से मिले कई खाली कारतूस पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मौके से कई खाली कारतूस बरामद किए। पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के साथ घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। गांव में किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आई कहासुनी की वजह अगौता थाना प्रभारी संजेश कुमार सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद आरोप है कि एक पक्ष अपने साथियों के साथ दूसरे पक्ष के घर पहुंचा और वहां हवाई फायरिंग की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई। तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज जानकारी के अनुसार पुलिस ने एक पक्ष की तहरीर के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जुटा रही है। घटना के बाद सेगा जगतपुर गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस लगातार गांव में गश्त कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दबंग दुनिया पब्लिकेशन प्राइवेट लिमिटेड (DDPL) की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सेंट्रल जीएसटी विभाग के जॉइंट कमिश्नर योगेश पांडुरंग ने कंपनी के खिलाफ करीब 48 करोड़ रुपए की कर देनदारी (रिकवरी) तय करते हुए आदेश जारी किया है। इ सके साथ ही 75 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। विभाग ने आदेश में फर्जी सर्कुलेशन और कथित फर्जी विज्ञापनों के माध्यम से आय दर्शाने का आरोप लगाया है। बताया गया है कि इस आदेश को चुनौती देते हुए कंपनी ने इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन बाद में याचिका वापस ले ली गई। इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका निरस्त कर दी। फर्जी सर्कुलेशन और विज्ञापनों का आरोप जीएसटी विभाग के आदेश के अनुसार DDPL ने वास्तविक संख्या से पांच से आठ गुना अधिक अखबार का सर्कुलेशन दर्शाते हुए 5.73 करोड़ रुपये की आय दिखाई। इसके अलावा कथित फर्जी विज्ञापनों के जरिए 5.93 करोड़ रुपये की आय बताई हई। इस तरह दोनों मदों में कुल 11.66 करोड़ रुपए की आय दिखाने का उल्लेख आदेश में किया गया है। इसी आधार पर विभाग ने 3.68 करोड़ रुपये जीएसटी, 65 लाख रुपये सेस और 44.50 करोड़ रुपये सेस-2 सहित कुल लगभग 48 करोड़ रुपये की देनदारी निर्धारित की है। यह कार्रवाई केंद्रीय एवं राज्य जीएसटी अधिनियम की धारा 122(2)(बी) तथा राज्यों को क्षतिपूर्ति अधिनियम-2017 की धारा 11 के तहत की गई है। ऐलोरा टोबेको से संबंध होने का दावा आदेश में यह भी दावा किया गया है कि DDPL और ईटीसीएल (ऐलोरा टोबेको) के बीच कारोबारी संबंध थे। विभाग के अनुसार दोनों संस्थाएं कथित रूप से एक ही नियंत्रण में संचालित हो रही थीं और डीडीपीएल का उपयोग ऐलोरा टोबेको की गतिविधियों के एक हिस्से को व्यवस्थित करने तथा आय को छिपाने के लिए किया गया। आदेश में यह भी कहा गया है कि अखबार के कुछ कर्मचारियों और रिपोर्टरों के नाम पर कथित फर्जी कंपनियां संचालित की गईं। साथ ही अखबार के वाहनों और प्रेस कार्ड का इस्तेमाल भी कथित रूप से अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में किए जाने का उल्लेख किया गया है। कर्मचारियों की भूमिका का भी जिक्र आदेश में दबंग दुनिया के एक क्राइम रिपोर्टर के नाम पर कथित फर्जी फर्म संचालित होने, एक कर्मचारी को दूसरी कंपनी में डायरेक्टर बनाए जाने तथा एक अन्य कर्मचारी के जरिए कथित फर्जी पते पर कंपनी पंजीकृत कराने का उल्लेख किया गया है। विभाग ने कर सलाहकार के रूप में कार्य करने वाले एक व्यक्ति को भी संस्थान का वेतनभोगी कर्मचारी बताया है। संस्थान की दलील खारिज DDPL की ओर से विभाग के समक्ष यह दलील दी गई थी कि यदि किसी कर्मचारी या रिपोर्टर ने व्यक्तिगत स्तर पर कोई कार्य किया है तो उसके लिए संस्थान जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। हालांकि, जीएसटी विभाग ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। आदेश में कहा गया है कि उपलब्ध दस्तावेजों, कर्मचारियों की भूमिका और संबंधित कंपनियों के बीच कथित संबंधों को देखते हुए संस्थान अपनी जिम्मेदारी से इनकार नहीं कर सकता। पहले भी हजारों करोड़ की डिमांड सेंट्रल जीएसटी विभाग के अनुसार, किशोर वाधवानी तथा उनसे जुड़ी विभिन्न कंपनियों और अन्य पक्षकारों पर पहले से करीब 1,946 करोड़ रुपये की कर मांग लंबित है। इसमें 151.54 करोड़ रुपये जीएसटी और 1,794.54 करोड़ रुपये सेस शामिल है। DDPL के खिलाफ जारी यह आदेश उसी कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है।
कारोबार में पार्टनरशिप और दोगुना मुनाफा दिलाने का झांसा देकर सगे भाई ने अपनी बहन और जीजा से 1.25 करोड़ रुपए की कथित ठगी कर दी। इतना ही नहीं, फर्जी हस्ताक्षर कर उन्हें साझेदारी फर्म से बाहर दिखा दिया। मामले की शिकायत पर तेलीबांधा थाना पुलिस ने धोखाधड़ी, कूटरचना और जालसाजी समेत विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित का नाम पुलिस द्वारा शिवांगी गर्ग और आरोपी का नाम शुभम सिंघल और जया सिंघल बताया जा रहा है। पारिवारिक भरोसे का उठाया फायदा पुलिस के अनुसार, नागपुर के लॉ कॉलेज स्क्वायर निवासी शिवांगी गर्ग (43) मनोवैज्ञानिक काउंसलर हैं। उन्होंने शिकायत में बताया कि उनके भाई शुभम सिंघल और भाभी जया सिंघल रायपुर में अधिराज सीमेंट और बाद में अधिराज ट्रेडलिंक नाम से साझेदारी फर्म संचालित करते हैं। वर्ष 2020 में दोनों ने कारोबार के विस्तार और बेहतर लाभ का भरोसा देकर उनसे और उनके पति से नगद तथा बैंक के जरिए अलग-अलग समय में करीब 1.25 करोड़ रुपए का निवेश कराया। शुरुआती दौर में भरोसा बनाए रखने के लिए लाभांश की राशि भी खाते में भेजी जाती रही। फर्जी हस्ताक्षर कर फर्म से किया रिटायर निवेश की राशि वापस मांगने पर 4 अप्रैल 2025 को दंपती को दोनों फर्मों में भागीदार बना दिया गया। शिकायत के अनुसार, उसी दिन शुभम सिंघल ने खुद साझेदारी से इस्तीफा दे दिया। बाद में लाभांश देना बंद कर दिया गया। जनवरी 2026 में रायपुर में हुई पारिवारिक बैठक में रकम लौटाने का आश्वासन भी दिया गया। आरटीआई से खुला फर्जीवाड़े का राज शिवांगी ने रजिस्ट्रार ऑफ फर्म्स से सूचना के अधिकार के तहत दस्तावेज हासिल किए। इसमें पता चला कि 6 मार्च और 6 अप्रैल 2026 की पार्टनरशिप डीड में उनके फर्जी हस्ताक्षर कर उन्हें दोनों फर्मों से सेवानिवृत्त दिखा दिया गया। उनका दावा है कि दोनों तारीखों पर वे रायपुर में मौजूद ही नहीं थीं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(3), 338 और 340(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पाकिस्तानी नागरिक सबा मसूद को मिली जमानत:मेरठ में 35 साल से रह रही कोर्ट ने इसलिए दी राहत
मेरठ में पिछले 35 साल से रह रही पाकिस्तानी नागरिक सबामसूद को फिलहाल कोर्ट ने जमानत दे दी है। गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सबा मसूद की जमानत याचिका मंजूर कर दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने करीब 35 साल से भारत में रह रहीं पाकिस्तानी नागरिक सबा मसूद को फर्जी दस्तावेज और वोटर आईडी से जुड़े मामले में बड़ी राहत देते हुए जमानत दे दी है। सबा मेरठ के जलीकोठी में रह रही थी। मेरठ की ही रुखसाना ने सबा मसूद के खिलाफ देहलीगेट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद यह मामला सामने आया था। कोर्ट ने लंबे समय से वैध निवास, आपराधिक इतिहास न होने को ध्यान में रखते हुए जमानत दे दी। न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा कोई ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया है जिससे यह साबित हो सके कि याची ने भारत में रहने के लिए धोखाधड़ी, जालसाजी या फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया। सबा मसूद को मेरठ के दिल्ली गेट थाना पुलिस ने 16 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया था।सबा पर लगे थे ये आरोप शिकायतकर्ता रुखसाना खान ने आरोप लगाया था कि सबा मसूद पाकिस्तान की नागरिक हैं और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारत में अवैध रूप से रह रही हैं। शिकायत में उनके परिवार पर संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े गंभीर आरोप भी लगाए गए थे।याची अधिवक्ता ने दलील दी कि विवाह से पूर्व शबा हनीफ नाम से पहचान रखने वाली सबा मसूद ने 1986 में भारतीय नागरिक फरहत मसूद से लाहौर में निकाह किया था। इसके बाद वह वैध पाकिस्तानी पासपोर्ट और भारतीय अधिकारियों की ओर से जारी दीर्घकालिक वीजा पर भारत आईं और तभी से यहीं रह रही हैं। अदालत को यह भी बताया गया कि उनके पास मार्च 2027 तक वैध रेजिडेंशियल परमिट और वर्ष 2037 तक का वैध वीजा है। साथ ही उन्होंने भारतीय नागरिकता के लिए वर्ष 2010 और 2011 में विधिवत आवेदन भी किया था, जो अभी विचाराधीन है। राज्य सरकार ने जमानत का विरोध करते हुए वीजा नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया। कोर्ट ने उपलब्ध रिकॉर्ड, लंबे समय से वैध निवास, आपराधिक इतिहास न होने तथा अभियोजन पक्ष की ओर से ठोस साक्ष्य प्रस्तुत न किए जाने को ध्यान में रखते हुए जमानत दे दी। ये था पूरा मामला 14 फरवरी को मेरठ के देहली गेट थाने में कोठी अतानस निवासी रुखसाना ने दर्ज कराई गई प्राथमिकी में कहा था कि जली कोठी की नादिर अली बिल्डिंग निवासी बैंड कारोबारी फरहत मसूद ने पाकिस्तान के लाहौर जाकर सबा उर्फ नाजी उर्फ नाजिया से निकाह किया था। इसके लगभग एक साल बाद वह पति फरहत के साथ दीर्घकालीन वीजा पर भारत आ गई। दंपती के तीन संतान हुईं। इनमें दो बेटे भारत में हुए। वर्ष 1993 में नाजिया पाकिस्तान गई थी। वहां उसने 25 मई 1993 को बेटी एमन को जन्म दिया। इसके बाद वह पाकिस्तानी पासपोर्ट पर एमन को लेकर भारत आ गई।
करनाल में नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने करीब चार साल बाद दोषी को 20 साल की सजा सुनाई है। मामले में DNA रिपोर्ट का आरोपी से मैच होना अभियोजन के लिए अहम साक्ष्य रहा। पोक्सो एक्ट की स्पेशल अदालत की अतिरिक्त सेशन जज गुनीत अरोड़ा ने दोषी दिनेश को सजा के साथ 20 हजार रुपए जुर्माने का भी आदेश दिया है। जानकारी के अनुसार आरोपी दिनेश जींद जिले के गांव आलन जोगी खेड़ा का रहने वाला है। मामले में कुल 14 लोगों की गवाही हुई। सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों और DNA मैच के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। मामा के घर से रात में गायब हुई थी नाबालिगमामला घरौंडा थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार 17 वर्षीय किशोरी अपने मामा के घर आई हुई थी। 2 अप्रैल 2022 की रात करीब 11:30 बजे वह अचानक घर से लापता हो गई। परिजनों ने आसपास और रिश्तेदारों के यहां उसकी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। इसके बाद 3 अप्रैल को घरौंडा थाने में शिकायत दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर किशोरी की तलाश शुरू की। 13 दिन बाद कुरुक्षेत्र में मिलीपुलिस को नाबालिग 15 अप्रैल 2022 को कुरुक्षेत्र में थीम पार्क के पास एक सार्वजनिक शौचालय के नजदीक मिली। इसके बाद उसे वन स्टॉप सेंटर ले जाया गया। अगले दिन नाबालिग की बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने काउंसलिंग कराई गई। इस दौरान सामने आया कि जींद के गांव आलन जोगी खेड़ा निवासी 24 वर्षीय दिनेश उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। इस दौरान आरोपी ने नबालिग को कुरुक्षेत्र में कई दिन तक रखा और उसके साथ दुष्कर्म किया। मेडिकल जांच और DNA रिपोर्ट बनी अहम कड़ीनाबालिग के बरामद होने के बाद पुलिस ने उसका मेडिकल कराया। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों को वैज्ञानिक जांच के लिए भेजा गया। DNA रिपोर्ट में आरोपी से मैच मिलने के बाद मामले में अभियोजन का पक्ष मजबूत हुआ। पुलिस ने आरोपी दिनेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद अदालत में मामले की सुनवाई शुरू हुई। 14 लोगों की गवाही, साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्धमामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 14 गवाह पेश किए गए। जिला उप न्यायवादी अमन कौशिक ने मामले की पैरवी की, जबकि सहायक निदेशक अभियोजन डॉ. पंकज सैनी ने अभियोजन से जुड़ी जानकारी दी। अदालत में गवाहियों के साथ वैज्ञानिक साक्ष्य और DNA रिपोर्ट भी पेश की गई। इन साक्ष्यों के आधार पर पोक्सो एक्ट की स्पेशल अदालत ने दिनेश को दोषी माना। 20 साल की सजा और 20 हजार रुपए जुर्मानाअतिरिक्त सेशन जज गुनीत अरोड़ा की अदालत ने दोषी दिनेश को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने आत्महत्या के लिए उकसाने के एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि मृतक द्वारा मौत से पहले भेजे गए WhatsApp संदेश प्रथम दृष्टया अहम साक्ष्य हैं। कोर्ट ने इन्हें गंभीरता से लेते हुए तीन आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी। अभियोजन के अनुसार, कृषि भूमि विवाद को लेकर करण जाट, धर्मेंद्र जाट और उमेश जाट द्वारा धार जिले के आदिवासी युवक संतोष उर्फ लक्ष्मण ओसारी को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोप है कि मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जांच के दौरान पुलिस को मृतक के मोबाइल से उसके पिता के नंबर पर भेजे गए तीन WhatsApp संदेश मिले। इन संदेशों में उसने अपनी प्रताड़ना का उल्लेख किया था। हाईकोर्ट ने माना कि आत्महत्या से ठीक पहले भेजे गए ये संदेश मामले की जांच में महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य हैं और इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर कोर्ट ने तीनों आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।
तीन किशोरियों को अगवा कर बेचने वाले सजायाफ्ता आरोपी को 40 साल बाद जूही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हैरान करने वाली बात यह है कि, आरोपी थाने से महज दो किलोमीटर दूर स्थित कच्ची बस्ती में पहचान छिपाकर रह रहा था। जबकि पुलिस आरोपी को लखनऊ समेत आसपास के जिलों में खोज रही थी। आरोपी हाईकोर्ट में अपील कर जेल से बाहर आया था, इसके बाद से फरार हो गया था। मामले में उसकी पत्नी भी आरोपी थी, जिसकी दो साल पहले मौत हो चुकी है। जूही थाना प्रभारी केके पटेल ने बताया कि वर्ष 1984 में जूही के साईपुरवा कच्ची मड़ैया निवासी प्रदीप कुमार ने इलाके की दो 13 वर्ष और एक 14 वर्ष की किशोरी को अगवा कर बेच दिया था। आरोपी प्रदीप कुमार को गिरफ्तार कर पुलिस ने किशोरियों को बरामद किया था। जिसके बाद कोर्ट ने आरोपी को सजा सुनाई थी। सजा के खिलाफ प्रदीप ने 1987 में हाईकोर्ट में अपील की थी, जिसके बाद वह जमानत पर बाहर आ गया। इसके बाद वह फरार हो गया। आरोपी के खिलाफ वारंट भी जारी हुए, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। इधर हाईकोर्ट ने इस पुराने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस कमिश्नर से जवाब तलब किया था। सात अगस्त को इस मामले में पुलिस कमिश्नर को जवाब दाखिल करना था। इसके बाद जूही पुलिस हरकत में आई और थाने से महज दो किलोमीटर की दूरी पर उसे अरेस्ट किया। अगवा किशोरियों में एक की हो चुकी है मौत इंस्पेक्टर केके ने बताया कि मामले में कोर्ट ने प्रदीप उसकी पत्नी फगुनी उर्फ राजकुमारी और तब मकान मालकिन रही एक महिला को दोषी ठहराया था, पत्नी की 2024 में मृत्यु हो चुकी है। उसका मृत्यु प्रमाण पत्र भी मिला है। जिन तीन किशोरियों को अगवा किया गया था, उनमें एक की मौत हो चुकी है। वोटर आईडी से आरोपी तक पहुंची पुलिस पुलिस के मुताबिक, करीब दो माह से आरोपी के खिलाफ सर्च अभियान चल रहा था। तलाश में लगी एक टीम को आरोपी का वोटर आईडी हाथ लगा। इसपर चुनाव आयोग की वेबसाइट खंगाली गई, वहां से आरोपी का एपिक नंबर मिला। इसके बाद परिवार का ब्योरा खंगाला गया, बीएलओ से संपर्क किया तो एक रिश्तेदार प्रकाश में आया। उससे पूछताछ की गई, तब जाकर आरोपी पकड़ में आ सका 39 साल से फरार आरोपी को किदवई नगर पुलिस ने दबोचा किदवईनगर पुलिस ने भी 39 साल से फरार चल रहे कोयला घोटाले के आरोपी रहे एफ ब्लॉक निवासी 68 वर्षीय विशम्भर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। किदवई नगर एसओ विजय सिंह ने बताया कि वर्ष 1986 में तत्कालीन एडीएम फाइनेंस ने विशम्भर के खिलाफ आवश्यक वस्तु सेवा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि विशम्भर ने कोयला खदान का लाइसेंस प्राप्त किया। हालांकि तय सीमा से अधिक भंडारण कर उसको बेचा। मामले का खुलासा होने पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। जिसके बाद आरोपी को जेल भेजा गया। वर्ष 1987 को जमानत पर बाहर आने के बाद विशम्भर गायब हो गया। मामला हाईकोर्ट में जाने के बाद वारंट जारी हुआ। इधर पुलिस को जानकारी हुई कि विशम्भर किदवई नगर एफ ब्लॉक में 128/17 मकान में रहने आया है। इसपर गुरुवार को आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेजा गया। फरारी के दौरान आरोपी दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़ में रहा।
नए कमिश्नर इंद्र विक्रम सिंह ने गुरुवार को गोरखपुर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने कहा कि निगरानी बढ़ाकर विकास परियोजनाओं को गति प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों का तेजी से निस्तारण होगा और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इधर, निवर्तमान कमिश्नर अनिल ढींगरा को अधिकारियों ने बधाई दी।इंद्र विक्रम सिंह इससे पहले कृषि विभाग में सचिव थे। वह शाहजहांपुर, अलीगढ़, गाजियाबाद जिलों के जिलाधिकारी भी रह चुके हैं। कार्यभार संभालने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि शासन की नीतियों को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। विकास परियोजनाओं की नियमित समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आमजन को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिले। जहां भी आवश्यकता होगी, वहां समय रहते सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। कमिश्नर ने कहा कि राजस्व से जुड़े मामलों का त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित कराया जाएगा। साथ ही विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रशासनिक कार्यों में गति लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि गोरखपुर केवल मुख्यमंत्री का गृह जनपद ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण शहर है। गुरु गोरक्षनाथ की तपोभूमि, गीता प्रेस तथा नेपाल सीमा से निकटता के कारण यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। उनकी -सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि गोरखपुर की सकारात्मक छवि और मजबूत हो सके। अनिल ढींगरा को दी गई विदाई जिलाधिकारी दीपक मीणा के नेतृत्व में अधिकारियों ने निवर्तमान कमिश्नर अनिल ढींगरा को भावभीनी विदाई दी डीएम ने कहा कि उनके नेतृत्व में गोरखपुर मंडल की कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को गति मिली तथा उन्होंने पारदर्शिता, समयबद्धता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन को नई दिशा दी। अनिल ढींगरा ने अधिकारियों व कर्मचारियों के सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। इस अवसर पर गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी अनुज मलिक, जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल, नगर आयुक्त अजय जैन, जीडीए सचिव पुष्पराज सिंह सहित मंडल एवं जनपद के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें पुष्पगुच्छ व स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
स्कूल जाने के लिए दोपहिया और अन्य वाहन लेकर पहुंच रहे नाबालिग छात्रों पर रायपुर यातायात पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। गुरुवार 6 अगस्त को शहर के नौ प्रमुख स्कूलों के बाहर चलाए गए विशेष अभियान में 59 नाबालिग वाहन चालक पकड़े गए। इनके वाहनों को जब्त कर मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। वहीं तीन स्कूल वैन और एक स्कूल ऑटो पर भी नियमों के उल्लंघन के चलते कार्रवाई हुई। इस तरह कुल 63 वाहनों पर वैधानिक कार्रवाई की गई। इन स्कूलों के बाहर चला विशेष जांच अभियान यातायात डीसीपी डॉ. अर्चना झा के निर्देशन में रेयान स्कूल (अवंती विहार), द्रोणाचार्य स्कूल (राजेंद्र नगर), ब्रह्मविद स्कूल (भाटागांव), केपीएस स्कूल (सरोना), केंद्रीय विद्यालय (डब्ल्यूआरएस कॉलोनी), विंध्य पब्लिक स्कूल (गुढ़ियारी), एमजीएम स्कूल (गायत्री नगर), देशबंधु स्कूल (गुरु नानक चौक) और होली हार्ट स्कूल (सिविल लाइन) के बाहर सघन जांच की गई। अभिभावकों की काउंसलिंग, दोबारा गलती पर सख्त कार्रवाई कार्रवाई के बाद सभी नाबालिग चालकों के अभिभावकों को यातायात सभागार बुलाया गया। यहां एसीपी ट्रैफिक स्नेहिल साहू और सीमा अहिरवार ने काउंसलिंग करते हुए स्पष्ट किया कि नाबालिग बच्चों को वाहन देना कानून का उल्लंघन है। अभिभावकों को भविष्य में बच्चों को वाहन नहीं देने और यातायात नियमों का पालन कराने की समझाइश दी गई। अधिकारियों ने दोहराया कि दोबारा नाबालिग वाहन चलाते मिले तो मोटरयान अधिनियम की धारा 199(ए) के तहत और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई का आंकड़ा देखे एक नजर में लगातार जारी रहेगा अभियान यातायात पुलिस के अनुसार स्कूलों के बाहर चल रहे इस विशेष अभियान के तहत अब तक 340 वाहनों पर कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें 269 नाबालिग वाहन चालक और 71 स्कूल ऑटो शामिल हैं। पुलिस ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी परिस्थिति में नाबालिग बच्चों को दोपहिया या अन्य मोटर वाहन चलाने की अनुमति न दें।
नगर निगम परिषद के चार साल पूरे होने पर महापौर द्वारा पेश किए गए विकास कामों के लेखा-जोखा पर कांग्रेस ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पलटवार किया। हालांकि, निगम के मुद्दे पर आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान भी सामने आती नजर आई। नगर निगम नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट मंच पर मौजूद रहीं, लेकिन करीब 15 मिनट चली पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्हें बोलने का मौका तक नहीं मिला। इंदौर के एक होटल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट सहित कांग्रेस के कई नेता मौजूद थे। मंच पर चौकसे और मिमरोट की कुर्सियां साथ-साथ लगी थीं, लेकिन मीडिया से संवाद केवल चौकसे ने किया। निगम से जुड़े मुद्दों पर नेता प्रतिपक्ष की चुप्पी ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को हवा दे दी। नगर निगम से जुड़े अहम मुद्दे पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेता प्रतिपक्ष को बोलने का अवसर नहीं मिलने से कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति एक बार फिर चर्चा में आ गई है। महापौर पर साधा निशाना प्रेस कॉन्फ्रेंस में चिंटू चौकसे ने महापौर के चार साल के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए शहर में हुए विकास कामों, व्यवस्थाओं और विभिन्न हादसों का जिक्र किया। उन्होंने निगम प्रशासन और महापौर पर जमकर निशाना साधते हुए मंच से महापौर को सार्वजनिक डिबेट करने का खुला चैलेंज भी दे दिया। भाजपा के आरोपों पर बोले- यह हमारे परिवार का मामला प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा के हालिया बयानों पर भी सवाल पूछा गया। मिश्रा ने कुछ दिन पहले शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर तीखा हमला बोलते हुए कांग्रेस के भीतर नेताओं के विवाद को सार्वजनिक चर्चा का विषय बताया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि पप्पू की कांग्रेस में जीतू के घर चिंटू और पिंटू का झगड़ा हुआ और दीपू ने बीच-बचाव किया। इस पर चौकसे ने जवाब देते हुए कहा, यह हमारे परिवार का मामला है। किसी प्रकार की कोई घटना नहीं हुई। हम सभी भाई और दोस्त हैं। भाजपा ने सिर्फ झूठ बोलना अपनी नीति बना ली है।
दिल्ली सरकार की लक्ष्मी योजना को लेकर महिलाओं में पात्रता, खासकर न्यूनतम आय के सत्यापन को लेकर भ्रम की स्थिति है। आवेदन प्रक्रिया में आय प्रमाण पत्र अपलोड न होने, साइबर कैफे द्वारा शुल्क वसूली और निवास प्रमाण की जटिलताओं से महिलाएं परेशान हैं।
मार्च में शादी करेंगे निशांत कुमार? सवाल सुनते ही मुस्कुराकर चल दिए नीतीश के बेटे
जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार के बेटे एवं बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार शादी के बारे में सवाल सुनते ही मुस्कुरा दिए और वहां से चल दिए। उनका यह रिएक्शन सोशल मीडिया पर ट्रेंड होने लगा है।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में नौकरी लगाने का झांसा देकर तीन लोगों से 9 लाख रुपए ठगने का मामला सामने आया है। ठगी करने वाले व्यक्ति ने खुद को जनता कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बताया था। उसने समग्र शिक्षा कंपनी में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर हर व्यक्ति से ढाई लाख रुपए मांगे। ठग ने पीड़ितों से ऑनलाइन और नकद दोनों तरीकों से पैसे लिए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अब जानिए पूरा मामला मगरलोड क्षेत्र के रहने वाले अनूप कुमार ने इस मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है। अनूप कुमार महासमुंद के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नरतोरा में व्यावसायिक शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि जुलाई 2025 में समग्र शिक्षा कंपनी की ओर से आयोजित व्यावसायिक शिक्षा परीक्षा का रिजल्ट आया था, जिसमें उनका नाम नहीं था। इसके बाद उन्होंने समग्र शिक्षा कंपनी के खिलाफ हड़ताल में हिस्सा लिया था। नौकरी का झांसा देकर मांगे ढाई लाख हड़ताल के दौरान अनूप कुमार की मुलाकात एक व्यक्ति से हुई। अनूप के मुताबिक, उस व्यक्ति ने खुद को जनता कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बताया और हड़ताल में शामिल सभी लोगों को नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। उसने हड़ताल खत्म करने के लिए कहा और नौकरी लगवाने के बदले हर व्यक्ति से ढाई लाख रुपए मांगे। अनूप कुमार ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर पहली बार आरोपी को 80 हजार रुपए दिए। छह महीने तक नौकरी का झांसा देता रहा आरोपी अगस्त 2025 से जनवरी 2026 तक आरोपी उन्हें नौकरी दिलाने के नाम पर टालता रहा। जनवरी 2026 में समग्र शिक्षा कंपनी की ओर से परीक्षा का इंटरव्यू और ऑनलाइन परीक्षा हुई। चार दिन बाद आए परिणाम में अनूप कुमार का चयन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नरतोरा में हो गया। आरोपी ने उनके दो दोस्तों को भी एक सप्ताह के भीतर नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया और पूरे पैसे की मांग की। ऑनलाइन और नकद मिलाकर 9 लाख की ठगी जानकारी के अनुसार, धोखाधड़ी करने वाले व्यक्ति ने ऑनलाइन माध्यम से अलग-अलग स्कैनर्स पर पैसे ट्रांसफर करवाए। तीनों दोस्तों ने कुल 6 लाख 39 हजार रुपए ऑनलाइन भेजे, जबकि ढाई लाख रुपए नकद आरोपी को दिए गए। इस तरह शिक्षक और उनके दो दोस्तों से नौकरी दिलाने के नाम पर कुल 9 लाख रुपए लिए गए। पैसे लौटाने के नाम पर दिया फर्जी चेक, धमकाया भी आरोप है कि जब पीड़ितों ने नौकरी के बारे में पूछा तो आरोपी टालमटोल करता रहा। बाद में उसने पैसे वापस करने के नाम पर फर्जी चेक दिया और पैसे लौटाने के लिए घर बुलाकर धमकियां भी दीं। ठगी का शिकार होने के बाद जांच-पड़ताल की गई और आरोपी के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। ठगी की शिकायत पर जांच शुरू एडिशनल एसपी डी.सी. पटेल ने बताया कि अनूप कुमार ने शिकायत दर्ज कराई है कि योगेंद्र कुमार नामक व्यक्ति ने उनके और उनके दोस्तों के साथ नौकरी दिलाने के नाम पर 9 लाख रुपए की ठगी की है। इस संबंध में जांच की जा रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई करते हुए आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
कपसाड़ कांड, ललिता गौतम हत्याकांड में बड़ा अपडेट:मेरठ में भ्रष्ट सिपाही को कोर्ट ने भेजा जेल
मेरठ के कपसाड गांव में हुए अपहरण और हत्या के आरोपी पारस की उम्र निर्धारित किये जाने के मामले में न्यायालय अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश पोक्सो अधिनियम मेरठ मोहम्मद बाबर खान ने आरोपी को मामले में बालिग मानते हुए किशोर न्याय बोर्ड के आदेश को सही पाते हुए अपील खारिज कर दी।पीड़ित पक्ष की ओर से उसके अधिवक्ता राजेंद्र कुमार एवं सरकारी वकील नरेंद्र चौहान ने बताया कि दिनांक 8 जनवरी 2026 को कपसाड गांव में दलित युवती के अपहरण करने और उसकी मां की हत्या करने के आरोप में थाना सरधना में मुकदमा पंजीकृत हुआ था। इस मामले में आरोपी पारस के अधिवक्ता बलराम सोम ने उसकी हाईस्कूल की मार्कशीट दाखिल करते हुए नाबालिग होना बताया था। वहीं जुनायल जस्टिस बोर्ड ने पारस का मेडिकल, उम्र निर्धारण के लिये कराया था। जिस पर सुनवाई करते हुए जुनायल जस्टिस बोर्ड ने पारस को बालिग घोषित किया था। उसके विरूद्ध मेरठ जिला सैशन न्यायालय में आरोपी की और से अपील दायर की गई थी जिस पर दोनों पक्षों की बहस होने के बाद न्यायालय ने किशोर न्याय बोर्ड के आदेश को सही पाते हुए आरोपी को बालिग़ माना और उसके द्वारा दायर अपील को आधार न पाए हुए खारिज कर दिया।ललिता गौतम हत्याकांड में आरोपी अंकित की जमानत खारिजन्यायालय अपर जिला विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट मेरठ अमित वीर सिंह ने ललिता गौतम हत्याकांड में आरोपित अंकित पुत्र देवेंद्र निवासी ग्राम कल्याणपुर जिला मेरठ का जमानत प्रार्थना पत्र गंभीर पाते हुए खारिज कर दिया।सरकारी वकील शिवम् गुप्ता एवं वादी अधिवक्ता राजेंद्र सिंह के अनुसार वादी मुकदमा देव प्रकाश में थाना टीपी नगर मेरठ में रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिनांक 15 में 2026 को उसकी पुत्री ललिता गौतम बीए की परीक्षा देने आरजी कॉलेज मेरठ गई थी जब शाम को उसकी पुत्री घर नहीं पहुंची तो उसकी गुमशुदा की रिपोर्ट थाना टीपी नगर मेरठ में पंजीकृत कराई। उसकी पुत्री का शव दिनांक 17 मई 2026 को गांव के पास जंगल से बरामद हुआ। दौरान विवेचना यह तथ्य आया कि उसको अंकुश नाम के व्यक्ति ने मारा है तथा आरोपी अंकित अंकुश का भाई है जो हत्या के दोष में षड्यंत्र करने में उसका नाम प्रकाश में आया। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था न्यायालय में आरोपी की ओर से जमानत प्रार्थना पत्र दिया गया और कहा कि वह पीएसी में सिपाही है उसका घटना से कोई भी संबंध नहीं है, दौरान घटना वह ड्यूटी पर था। जिसका सरकारी वकील एवं वादी अधिवक्ता द्वारा न्यायालय में कड़ा विरोध किया गया और बताया कि वह हत्या करने में षड्यंत्रकारी था न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर जमानत का पर्याप्त आधार न पाए हुए आरोपी की जमानत ख़ारिज कर दी।भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी सिपाही को भेजा जेलन्यायालय विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम मेरठ सुधाकर दुबे ने गांजा तस्कर से रिश्वत लेने के आरोप में आरोपी सिपाही पुनीत कुमार निवासी गौतम बुध नगर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेजने के आदेश दिए हैं।सरकारी वकील महेंद्र प्रजापति के अनुसार वादी मुकदमा प्रभारी निरीक्षक थाना सेक्टर 20 नोएडा सत्यवीर सिंह ने थाना कमिश्नरेट गौतम बुध नगर में दिनांक 5 अगस्त 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसे एक सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल मिली।जिसमें महिला हेमा पत्नी संजय एक व्यक्ति से बात कर रही है जांच में पता लगा कि यह आवाज सिपाही पुनीत कुमार की है और वह गांजा तस्कर महिला से बात कर उसकी आपराधिक कार्य में मदद कर अवैध लाभ प्राप्त करने के लिए रिश्वत प्राप्त कर रहा है। इसके बाद घटना का संज्ञान लेते हुए जांच की गई जांच में आरोपी को संलिप्त पाते हुए उसे गिरफ्तार कर ले में पेश किया। रिमांड पर सरकारी वकील महेंद्र प्रजापति ने कड़ी बहस करी इसके बाद न्यायालय ने आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेजने के आदेश दिए हैं।
पेड़ काटने की अनुमति पर दिल्ली हाई कोर्ट सख्त, दो वन अधिकारियों को अवमानना का दोषी ठहराया
दिल्ली हाई कोर्ट ने पेड़ काटने या प्रत्यारोपित करने की अनुमति देने संबंधी पूर्व आदेश की अवहेलना पर दो अधिकारियों को अवमानना का दोषी ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि केवल इमारत के प्रवेश द्वार में बाधा के कारण पेड़ काटने की अनुमति देने से शहर में पेड़ नहीं बचेंगे।
डीडीए ने शुरू की 'डिजिटल प्लांटेशन मॉनिटरिंग' प्रणाली, अब जिओ-टैगिंग और ऐप से होगी पौधों की निगरानी
डीडीए ने अपने 2026-27 पौधारोपण अभियान के लिए पहली डिजिटल निगरानी प्रणाली शुरू की है, जिसका उद्देश्य पौधों के जीवित रहने, सिंचाई और विकास को सुनिश्चित करना है।
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राज्यसभा सांसद हरद्वार दुबे के बेटे और भाजपा नेता प्रांशु दुबे के साथ उनके पिता के दोस्त द्वारा धोखाधड़ी कर 17 लाख रुपए हड़पने का आरोप है। आरोप है कि बैंक का लोन चुकाने के नाम पर 27 लाख रुपये उधार लेने के बाद वापस नहीं किए। काफी प्रयास के बाद 10 लाख रुपये लौटा दिए। बकाया 17 लाख रुपये मांगे जाने पर मारपीट की और धमकाया। पुलिस प्रकरण की जांच कर रही है। अजंता एन्क्लेव, धौलपुर हाउस निवासी प्रांशु दुबे ने एफआईआर दर्ज कराई है। उनका कहना है कि वह दुबे गैस एजेंसी के प्रोपराइटर हैं। पिता दिवंगत हरद्वार दुबे द्वितीय पार्टनर थे। उनके मित्र सुरेश चंद्र ट्रांस यमुना कॉलोनी में रहते हैं। वह सरकारी खाद्य बीज भंडार में कार्यरत थे। वह 2022 में पिता के पास आए। कहा कि उनका एक लोन ग्रामीण बैंक में चल रहा है। परिवार में अनबन चलने के कारण लोन नहीं चुका पा रहे हैं। उन्होंने मदद मांगते हुए रकम देने के लिए कहा। प्रांशु ने बताया कि पिता के कहने पर परिचित सुरेश चंद्र यादव को आईडीबीआई बैंक के ओडी खाते से दो किश्तों में 19 लाख रुपये और 8 लाख रुपये नकद दिए। ऑनलाइन रकम सुरेशचंद्र के बेटे पुष्पेंद्र यादव की फर्म कर काव्या फ्रेट करियर के खाते में गई थी।आरोप है कि यह रकम सुरेश चंद्र यादव के पुत्र की फर्म खाते में इस आश्वासन के साथ ट्रांसफर कराई कि छह माह में लौटा देंगे। गारंटी के तौर पर उन्होंने अपने पुत्र और पुत्रवधू आरती के खाते के चेक भी दिए थे। पीड़ित का कहना है कि तय समय पर पूरी रकम वापस नहीं मिली। बार-बार तगादा करने पर अब तक केवल 10 लाख रुपये ही लौटाए गए हैं, जबकि करीब 17 लाख रुपये अभी भी बकाया हैं। आरोप है कि बार-बार तगादा करने पर आरोपी टालमटोल करते रहे और फोन उठाना भी बंद कर दिया। तगादा करने घर गए तो उनके साथ अभद्रता करते हुए गाली-गलौज की। पुष्पेंद्र की मां ने झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। विरोध करने पर गला दबाकर हत्या का प्रयास करने का भी आरोप लगाया है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर थाना रकाबगंज पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर मामले की जांच कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
संभल के गुन्नौर क्षेत्र में निजी ट्यूबवेल के पानी को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हिंसक हो गया। पथराव के दौरान बीच-बचाव करने पहुंची पुलिस भी निशाने पर आ गई, जिसमें दो कांस्टेबल घायल हो गए। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया। यह घटना कोतवाली गुन्नौर क्षेत्र के घुरघड़ियां गांव की है। ऋषिपाल और राजपाल (पुत्र मलखान) का कालिका प्रसाद, सुभाष, बलवीर और रामबहादुर (पुत्र ओमप्रकाश) के पक्ष से निजी ट्यूबवेल के पानी को लेकर विवाद हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोप है कि दोनों पक्षों ने पुलिस पर भी पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान कांस्टेबल अमन कुमार और पंकज कुमार घायल हो गए। सीसीटीवी फुटेज आया सामने गुरुवार रात करीब 8 बजे घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। फुटेज में एक पक्ष के लोगों को दूसरे पक्ष पर पत्थर फेंकते हुए देखा जा सकता है। पुलिस वीडियो के आधार पर भी पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। 20 जुलाई को भी हुआ था विवाद पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच पहले भी विवाद हो चुका है। घायल ऋषिपाल ने बताया कि 20 जुलाई की सुबह दूसरे पक्ष के लोगों ने उनके घर पहुंचकर गाली-गलौज की थी। विरोध करने पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला किया गया था, जिसमें दोनों पक्षों के लोग घायल हुए थे। जांच के बाद होगी कार्रवाई थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि विवाद की वजह निजी ट्यूबवेल के पानी का बंटवारा है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। एसआई सुभाष तोमर से रिपोर्ट तलब की गई है। जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जीवन बदलने वाली 7 आदतें, अपना लिया तो हर काम में मिलेगी सफलता; बदल जाएगी सोच और जिंदगी
जीवन बदलने वाली 7 आदतें, अपना लिया तो हर काम में मिलेगी सफलता; बदल जाएगी सोच और जिंदगी
सुल्तानपुर जिले के अखंडनगर थाना क्षेत्र में गुरुवार रात करीब 10 बजे करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया और कादीपुर–अखंडनगर मार्ग जाम कर दिया। सूचना पर भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हालात को नियंत्रित करने में जुट गया। नेपई क्षेत्र के पीपरीपट्टी गांव में विद्युत फॉल्ट ठीक करने का काम चल रहा था। अलीपुर बाजार निवासी जितेंद्र कुमार बिजली के खंभे पर चढ़कर कार्य कर रहे थे। आरोप है कि शटडाउन लेने के बावजूद अचानक बिजली आपूर्ति चालू हो गई, जिससे उन्हें करंट लग गया। गंभीर रूप से झुलसे जितेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। न्याय की मांग को लेकर सड़क पर उतरे ग्रामीण घटना से नाराज ग्रामीणों ने मृतक का शव अलीपुर बाजार में रखकर कादीपुर–अखंडनगर मार्ग जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की। बिजली उपकेंद्र में तोड़फोड़, वाहन भी क्षतिग्रस्त आक्रोशित भीड़ ने अलीपुर विद्युत उपकेंद्र पहुंचकर तोड़फोड़ की। इस दौरान एक संविदा कर्मी के साथ मारपीट किए जाने की भी सूचना है। भीड़ ने पुलिस की एक जिप्सी, एक कार और एक मोटरसाइकिल को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात घटना की सूचना मिलते ही जिला मुख्यालय से वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
अब दिल्ली के फुटपाथों पर नहीं बनेंगे ईवी चार्जिंग स्टेशन, पार्किंग और खाली जमीनों का होगा इस्तेमाल
दिल्ली में फुटपाथ पर बने ईवी चार्जिंग स्टेशन जाम और दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं, जिससे दिल्लीवासियों को परेशानी हो रही है। सरकार इसे गलत मानती है लेकिन पुराने समझौतों के चलते इन्हें हटाने में असमर्थ है, हालांकि नई नीति में भविष्य में फुटपाथ पर ऐसे स्टेशन नहीं बनाए जाएंगे।
अमेठी में बोलेरो ने स्कूटी को मारी टक्कर:युवक गंभीर घायल, अस्पताल में भर्ती, चालक गाड़ी समेत फरार
अमेठी में गुरुवार रात करीब 10:45 बजे तेज रफ्तार बोलेरो ने इलेक्ट्रिक स्कूटी सवार युवक को टक्कर मार दी। हादसा मुंशीगंज थाना क्षेत्र के बंदोईया गांव के पास अमेठी-सुल्तानपुर मार्ग पर हुआ। दुर्घटना के बाद बोलेरो चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। घायल युवक को गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। प्रतापगढ़ का रहने वाला है घायल युवक प्रतापगढ़ जिले का निवासी युवक अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटी से अमेठी शहर से सुल्तानपुर की ओर जा रहा था। इसी दौरान सामने से तेज गति से आ रही एक अनियंत्रित बोलेरो ने उसकी स्कूटी में सीधी टक्कर मार दी। सिर में गंभीर चोट, ग्रामीणों ने पहुंचाई अस्पताल टक्कर इतनी तेज थी कि युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद 108 एंबुलेंस की मदद से घायल को नौगिरवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। ग्रामीणों के अनुसार, युवक के सिर में गंभीर चोट आई है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने शुरू की फरार वाहन की तलाश सूचना मिलने पर मुंशीगंज थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि फरार बोलेरो और उसके चालक की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
हनुमान मंदिर हटाने के विरोध में प्रदर्शन:उज्जैन के कंठाल चौराहे पर बजरंग दल ने किया चकाजाम
उज्जैन के कंठाल चौराहे पर सिंहस्थ 2028 के चौड़ीकरण कार्य के दौरान हनुमान मंदिर हटाने की आशंका को लेकर हिंदू समाज और बजरंग दल ने विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने एक घंटे तक चकाजाम किया, जिसे निगम अधिकारियों के आश्वासन के बाद समाप्त किया गया। प्राचीन संकट मोचन हनुमान मंदिर को लेकर यह विवाद गहरा गया है। विकास कार्य के दौरान मंदिर हटाए जाने की आशंका के चलते देर रात हिंदू समाज, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया, महाआरती की और फिर विरोध प्रदर्शन करते हुए चकाजाम किया। बजरंग दल के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि शहर के विकास के नाम पर अब तक 25 से 30 मंदिर हटाए जा चुके हैं। उनका कहना है कि प्राचीन मंदिरों को लगातार हटाकर सनातन संस्कृति और हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाई जा रही है। संगठन ने मांग की कि यदि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाती है, तो वह सभी धार्मिक स्थलों पर समान रूप से लागू होनी चाहिए। बजरंग दल ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में किसी मंदिर के साथ छेड़छाड़ की गई या रात के समय कोई कार्रवाई की गई, तो अगले दिन शहर बंद कर उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस पूरे मामले में नगर निगम के अपर आयुक्त संतोष टैगोर ने बताया कि कंठाल चौराहे पर नाली निर्माण कार्य के दौरान कुछ तकनीकी दिक्कतें सामने आई थीं। इसी संबंध में मंदिर समिति, विश्व हिंदू परिषद और स्थानीय लोगों के साथ चर्चा की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी पक्षों के साथ बैठक कर आपसी सहमति से निर्णय लिया जाएगा और उसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। वहीं, मंदिर के पुजारी राजेश बैरागी ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी विकास कार्य में बाधा डालना नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता हुई तो उपलब्ध स्थान पर मंदिर को व्यवस्थित करने पर विचार किया जा सकता है, लेकिन मंदिर को वहां से हटाया नहीं जाना चाहिए। बैरागी ने बताया कि इस विषय पर होने वाली बैठक के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
यात्री अनुराग ने भारी वर्षा में आईजीआई एयरपोर्ट पर इंडिगो द्वारा एयरोब्रिज न दिए जाने पर शिकायत की, जिससे यात्रियों को फिसलन भरी सीढ़ियों से उतरना पड़ा।
मैंने बेहद सफल लोगों से सीखी 12 शक्तिशाली आदतें, जो बदल सकती हैं आपकी जिंदगी
मैंने बेहद सफल लोगों से सीखी 12 शक्तिशाली आदतें, जो बदल सकती हैं आपकी जिंदगी
प्रयागराज में राहुल गांधी के प्रस्तावित छात्र संवाद कार्यक्रम को लेकर चल रहा विवाद अब खत्म होता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की ओर से जारी नए पत्र के मुताबिक, 8 अगस्त को शाम 5 बजे KP ग्राउंड में होने वाले कार्यक्रम के लिए दोबारा अनुमति मिल गई है। इससे पहले KP ट्रस्ट की ओर से कार्यक्रम की अनुमति वापस लिए जाने के बाद कांग्रेस ने नाराजगी जताई थी और सरकार पर दबाव बनाने का आरोप लगाया था। अब ट्रस्ट की ओर से कार्यक्रम के आयोजन को लेकर सहमति जताई गई है। KP ट्रस्ट ने सुरक्षा और कोर्ट के आदेशों का पालन करने का दिया भरोसाअजय राय को भेजे पत्र में KP कायस्थ पाठशाला के अध्यक्ष ने कहा है कि कार्यक्रम की तैयारियां पिछले तीन दिनों से चल रही हैं और इसकी अनुमति पहले ही ली जा चुकी थी। पत्र में भरोसा दिलाया गया है कि खेल मैदान और परिसर की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। अनुमति के साथ रखी गई शर्तें कोर्ट के आदेश का पालन करने का आश्वासनपत्र में कहा गया है कि कार्यक्रम गैर-वाणिज्यिक है और इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा 14 अगस्त 2025 को पारित आदेश की किसी भी तरह से अवहेलना नहीं की जाएगी। कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान यदि खेल मैदान को किसी प्रकार का नुकसान होता है, तो उसे ठीक कराने की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी। KP कायस्थ पाठशाला की ओर से यह भी कहा गया है कि इन आश्वासनों के बाद मैदान के उपयोग को लेकर सहमति है और पहले दिए गए पत्र को वापस लिया जाता है। 8 अगस्त को छात्रों से संवाद करेंगे राहुल गांधीकांग्रेस के मुताबिक राहुल गांधी 8 अगस्त को प्रयागराज पहुंचकर छात्रों और युवाओं से संवाद करेंगे। कार्यक्रम में पेपर लीक, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर छात्रों से बातचीत प्रस्तावित है। अनुमति दोबारा मिलने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तैयारियां तेज कर दी हैं और अब कार्यक्रम के निर्धारित समय पर होने का रास्ता साफ हो गया है।
चाकूबाजों का पिपलानी में निकला जुलूस:हत्या के प्रयास के दो आरोपी गिरफ्तार; एक नाबालिग अभिरक्षा में
राजधानी के पिपलानी थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई चाकूबाजी की वारदात के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के प्रयास के दो आरोपियों को चंद घंटों में गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों का पिपलानी इलाके में जुलूस भी निकाला। वारदात में शामिल एक विधि-विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लेकर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया।पुलिस के अनुसार आनंद नगर निवासी 24 वर्षीय अरविंद सिंह अपने साथी शुभम विश्वकर्मा के साथ गुरुवार दोपहर करीब 12:30 बजे मीनाल मॉल से घर लौट रहे थे। रत्नागिरी हनुमान मंदिर के सामने एक्टिवा सवार तीन युवकों ने उनकी बाइक रोककर गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर एक आरोपी ने चाकू निकालकर अरविंद सिंह पर जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया, जिससे उनकी दाढ़ी पर चोट आई। इसके बाद शुभम विश्वकर्मा पर भी चाकू से हमला किया गया, जिससे उसके मुंह और गले के नीचे गंभीर चोटें आईं। आरोपियों ने दोनों के साथ मारपीट कर जान से खत्म करने की धमकी भी दी। घटना के दौरान राहगीरों के मौके पर पहुंचने पर आरोपी अपनी एक्टिवा छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलते ही पिपलानी थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की और तकनीकी व मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में भीमनगर निवासी 23 वर्षीय विपिन साहू और 19 वर्षीय अमन राठौर शामिल हैं, जबकि तीसरे नाबालिग आरोपी को किशोर न्याय अधिनियम के तहत अभिरक्षा में लिया गया।गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अपराधियों में कानून का भय पैदा करने और आमजन में सुरक्षा का विश्वास कायम करने के उद्देश्य से दोनों आरोपियों का पिपलानी क्षेत्र में पैदल जुलूस निकाला। इस दौरान भारी पुलिस बल मौजूद रहा और स्थानीय लोगों की भीड़ भी आरोपियों को देखने के लिए जुटी।
कांवड़, महिला सुरक्षा, कानून व्यवस्था की समीक्षा मीटिंग के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को सख्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा सरकार के साथ अनेक सामाजिक और स्वयंसेवी संस्थाएं भी श्रद्धालुओं की सेवा में जुटी हैं, जो समाज की सकारात्मक सहभागिता को दर्शाता है।
शामली जनपद में बुधवार रातभर हुई बारिश के बावजूद कांवड़ यात्रा पूरे उत्साह के साथ जारी रही। शिवभक्त बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष करते हुए अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे। गुरुवार को शामली से गुजरने वाले कांवड़ियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने शिवालयों की ओर रवाना हुए। बारिश से मौसम में आई ठंडक ने यात्रा को और सुगम बनाया। देखें, 9 तस्वीरें… कैराना स्थित यमुना ब्रिज पर भी कांवड़ियों की भारी भीड़ उमड़ी। बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां स्थापित शिविरों में विश्राम करते दिखे, जबकि कई कांवड़ियों ने यमुना में स्नान कर अपनी यात्रा जारी रखी। पूरे क्षेत्र में शिवभक्ति का वातावरण बना रहा। कांवड़ियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यमुना ब्रिज पुलिस चौकी और कैराना नगर पालिका ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। इनमें पेयजल, साफ-सफाई, बैरिकेडिंग और अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं। पुलिसकर्मी लगातार यातायात व्यवस्था संभाल रहे हैं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा में तैनात हैं, जबकि नगर पालिका की टीमें भी व्यवस्थाओं पर निरंतर निगरानी रख रही हैं।
वर्ष 2005 में एकलपीठ ने मामले को राज्य सरकार की हाई पावर कमेटी के समक्ष जांच के लिए भेजने का निर्देश दिया था। इसके खिलाफ महेंद्र सिंह ने अपील दायर की।
इंदौर नगर निगम द्वारा शहर में गुमटियां और अवैध ठेले हटाने की कार्रवाई को लेकर गुरुवार को निगम मुख्यालय में जमकर हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट पीएम स्ट्रीट वेंडर योजना के हितग्राहियों के साथ निगम मुख्यालय पहुंचीं और अपर आयुक्त आकाश सिंह से कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा। इस दौरान दोनों के बीच तीखी बहस हो गई और कुछ देर के लिए माहौल गरमा गया। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि निगम प्रशासन चुनिंदा गुमटियों और ठेलों पर ही कार्रवाई कर रहा है, जबकि शहर में कई स्थानों पर अवैध गुमटियां लगी हुई हैं। उन्होंने कहा कि यदि नियमों का पालन कराना है तो पूरे शहर में समान रूप से कार्रवाई की जाए, न कि गरीब और छोटे व्यापारियों को निशाना बनाया जाए। सोनिला मिमरोट बोलीं- पूरे शहर में एक जैसी कार्रवाई कीजिए सोनिला मिमरोट ने अपर आयुक्त से कहा कि यदि निगम गुमटियां हटा रहा है तो पूरे इंदौर में लगी सभी अवैध गुमटियों पर एक साथ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सिर्फ कुछ लोगों के ठेले और गुमटियां हटाना न्यायसंगत नहीं है। इस दौरान उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई हितग्राहियों के ठेले जब्त कर लिए गए, लेकिन उन्हें वैकल्पिक स्थान भी उपलब्ध नहीं कराया गया। तीन तस्वीरें देखिए अपर आयुक्त बोले- जहां शिकायत मिलेगी, वहां होगी कार्रवाई बहस के दौरान अपर आयुक्त आकाश सिंह ने स्पष्ट किया कि निगम कहीं भी गुमटियां लगाने की अनुमति नहीं देता। उन्होंने कहा कि जहां भी अवैध गुमटी या अतिक्रमण की जानकारी मिलेगी, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से ऐसे स्थानों की सूची देने को भी कहा, ताकि वहां भी कार्रवाई कराई जा सके। स्ट्रीट वेंडरों ने भी रखी परेशानी बैठक के दौरान पीएम स्ट्रीट वेंडर योजना के हितग्राहियों ने भी अपनी समस्याएं सामने रखीं। उनका कहना था कि निगम ने उनके ठेले जब्त कर लिए हैं, लेकिन न तो उन्हें हॉकर्स जोन में जगह दी जा रही है और न ही जब्त सामान वापस मिल रहा है। कई हितग्राहियों ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर चुनिंदा लोगों को छोड़कर केवल उनके ठेले हटाए गए। पांच मिनट तक गरमाया माहौलतीखी बहस के दौरान दोनों पक्षों के बीच कई बार आवाजें ऊंची हुईं। नेता प्रतिपक्ष ने कार्रवाई में भेदभाव का आरोप लगाया, जबकि अपर आयुक्त ने नियमों के अनुसार कार्रवाई किए जाने की बात दोहराई। आखिर में अपर आयुक्त ने सभी शिकायतों पर विचार करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
पुनौरा धाम के सीताराम मंडपम में विराजेंगी मां जानकी, 8 अगस्त को मंगल प्रवेश; सम्राट शामिल होंगे
सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में नए मंदिर का निर्माण होने तक मां जानकी अस्थायी सीताराम मंडपम में विराजेंगी। 8 अगस्त को भव्य मंगल प्रवेश कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जिसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी शामिल होंगे।
बालाघाट के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत भटेरा में 30 जुलाई की रात हुई कार चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। कार मालिक के दोस्त ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर डुप्लीकेट चाबी से कार चोरी की पूरी साजिश रची थी। पुलिस ने मामले में एक निजी कॉलेज के बीबीए छात्र समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी की गई कार बरामद कर ली है। दोस्त को बातों में उलझाकर साथियों से कराई चोरी पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने प्रेसवार्ता में बताया कि मुख्य आरोपी धनेश उर्फ लक्की कटरे, पीड़ित कार मालिक शिवायु पटले का दोस्त है। योजना के तहत 30 जुलाई की रात धनेश ने शिवायु को अपने साथ बातों में व्यस्त रखा। इसी दौरान उसके साथियों ने डुप्लीकेट चाबी का इस्तेमाल कर कार चुरा ली और लामता के जंगल में छिपा दी। सीसीटीवी फुटेज से खुला राज वारदात के बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें एक बाइक और कार संदिग्ध हालत में दिखाई दी। संदेह के आधार पर जब धनेश और उसके साथियों से पूछताछ की गई तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। महंगे शौक पूरे करने के लिए रची थी साजिश पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने महंगे मोबाइल और गाड़ियों के शौक पूरे करने के लिए कार को बेचना चाहते थे। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी का वाहन जब्त कर लिया है।
आगरा के वार्ड 32 में स्ट्रीट लाइटें बंद:बारिश में अंधेरे और कीचड़ से राहगीरों की परेशानी बढ़ी
आगरा के नगर निगम के वार्ड-32 क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था चरमराई हुई है। टेडी बगिया के मुख्य मार्ग पर गुरुवार को स्ट्रीट लाइटें बंद रहीं, जिससे शाम ढलते ही पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया। बारिश के कारण सड़क पर जलभराव और कीचड़ की स्थिति पहले से ही मौजूद है, जिससे राहगीरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अंधेरे के कारण पैदल चलना जोखिम भरा हो गया है। कीचड़ और फिसलन भरे रास्ते पर लोग गिरने से बाल-बाल बच रहे हैं। खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को आवागमन में सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।रात के समय वाहन चालकों को भी सड़क की स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। नगर निगम और क्षेत्रीय पार्षद का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। बरसात के इस मौसम में स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत और नियमित देखरेख नहीं हो रही है।यदि समय रहते स्ट्रीट लाइटों को चालू नहीं कराया गया और सड़क की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
प्रयागराज में परिषदीय विद्यालयों के परिसरों में संचालित को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए ईसीसीई एजुकेटर चयन प्रक्रिया के तहत बुधवार को अभिलेख सत्यापन का कार्य शुरू हुआ। पहले दिन 400 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था, लेकिन बारिश के कारण केवल 65 अभ्यर्थी ही उपस्थित हुए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने अनुपस्थित अभ्यर्थियों को एक और मौका दिया है। बीएसए अनिल कुमार ने बताया कि क्रमांक 01 से 400 तक के कुल 400 अभ्यर्थियों को अभिलेख सत्यापन के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन निर्धारित समय पर केवल 65 अभ्यर्थी ही अपने दस्तावेजों के साथ पहुंचे। उन्होंने सूचित किया कि 7 अगस्त को क्रमांक 401 से लेकर 846 तक के सभी अभ्यर्थियों का अभिलेख सत्यापन किया जाएगा। इसी दिन पहले दिन अनुपस्थित रहे अभ्यर्थियों का भी सत्यापन होगा। बीएसए ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन अभ्यर्थियों ने अपनी प्रक्रिया के तहत पूर्व में ही अपने अभिलेख सफलतापूर्वक जमा कर दिए हैं, उन्हें आगामी निर्धारित तिथि पर दोबारा उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है। इस चयन प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत और क्रमवार अभ्यर्थियों की सूची पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एनआईसी वेबसाइट https://prayagraj.nic.in/ पर अपलोड कर दी गई है। इससे किसी भी अभ्यर्थी को सूचना के अभाव में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में बुधवार देर रात तेज रफ्तार ऑटो की टक्कर से बाइक सवार 11वीं के छात्र की मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद चालक ऑटो लेकर फरार हो गया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपी की तलाश कर रही है। योगी नगर, त्रिवेणी नगर निवासी उमाशंकर पांडे निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। उनके 15 वर्षीय बेटे अंश पांडे 11वीं कक्षा के छात्र थे। परिजनों के मुताबिक, बुधवार रात अंश अपने दोस्त हर्ष के साथ बाइक से घूमने निकला था। देर रात दोनों घर लौट रहे थे। इसी दौरान बंधा रोड स्थित देशी शराब के ठेके के पास पीछे से आए तेज रफ्तार ऑटो ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। ऑटो चालक मौके से फरार हो गया टक्कर लगते ही दोनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद ऑटो चालक मौके से फरार हो गया। राहगीरों की सूचना पर पहुंची अलीगंज पुलिस दोनों को निजी अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने अंश को मृत घोषित कर दिया। वहीं, हर्ष का इलाज जारी है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने अंश के मोबाइल से परिजनों को घटना की जानकारी दी। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर फरार ऑटो और उसके चालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
यूपी में बारिश के कहर में एक ही परिवार के छह लोगों समेत 15 की मौत, कई घायल
यूपी में लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में कहर ढा दिया है। दीवार और छत गिरने के कारण एक ही परिवार के छह लोगों समेत 15 की मौत हो गई है। प्रतापगढ़ में पति-पत्नी, बेटा बहू और दो नाती की जान गई है। बाराबंकी में जर्जर दीवार ढहने से भाई-बहन की जान चली गई है।
छत्तीसगढ़ को केंद्र से बायोगैस के लिए मिले ₹50 करोड़... योजना का लाभ पाने वाला देश का पहला राज्य
राज्य में कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) इकोसिस्टम के विकास के लिए केंद्र सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पूंजीगत निवेश विशेष सहायता योजना 2026-27 के तहत 50 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मंजूर की है।
दैनिक भास्कर मारवाड़ रो उत्सव के तहत तीसरे दिन गुरुवार को बॉलीवुड टॉक शो का आयोजन हुआ। यहां पीयूष मिश्रा ने यूथ को लेकर कहा- हार से क्यों डरते हो.. जो मन है, एक बार करके देखिए। हार ही तो मिलेगी। वहीं स्वानंद किरकिरे ने कहा- हमेशा मल्टी टास्कींग काम करो। एक काम से दिल नहीं भरता है तो दूसरा, तीसरा काम करो। मन नहीं भरने और दिल में आग लगने का सिस्टम खत्म नहीं होना चाहिए। दरअसल, मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर में बॉलीवुड टॉक शो के दौरान दोनों कलाकारों ने अपने सॉन्ग, मूवी औ बॉलीवुड जर्नी एक्सपीरिएंस को लेकर भी बात की। इस मौके पर दैनिक भास्कर के नेशनल एडिटर एलपी पंत और एंकर शेलेंद्र व्यास के सवालों के जवाब देते हुए जोधपुर के युवाओं के लिए भी कई मैसेज दोनों कलाकारों ने दिए। साथ ही जोधपुरवासियों की डिमांड पर दोनों ने अपने-अपने सॉन्ग भी सुनाए। जिन्हें शहरवासियों ने काफी पसंद किया। दोनों ने अपने ट्रेंडिंग साॅन्ग को लेकर भी की बात बॉलीवुड टॉक शो के दौरान जब उनसे पूछा गया कि बावरा मन को बयां करना है तो कैसे करेंगे। तब उनका कहना था- मैंने लिख दिया लोग बयां कर रहे है। जो गीत लिखा लोगों ने अपना दिया है। उन्होंने कहा- पीयूष मिश्रा मेरे बड़े भाई है। यदि ये गाना नहीं लिखते तो मैं भी नहीं लिख पाता था। मुझे लोग छोटा पीयूष मिश्रा कहने लगे थे। वहीं गुलाल मूवी के सवाल पर पीयूष मिश्रा ने कहा- वो बीत चुका है। काम करके भूल जाओ ये मेरी आदत है। मैं गुलाल को बहुत ज्यादा याद नहीं करता। यदि इसमें रह जाता तो आगे इससे बेहतर नहीं कर पाता। बोले- हमेशा हां बोलो…आपको आगे के रास्ते दिखेंगे स्वानंद किरकिरे से जब पंचायत मूवी को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा- मैं सभी एक्टर के साथ बड़ा हुआ हूं। जब मुझे ऑफर मिला तो मैंने एक्टिंग को सीरियल लेना शुरू किया। उन्होंने कहा- एक काम से दिल नहीं भरता है। ये सभी यूथ को भी सोचना होगा कि दिल में आग लगने का सिस्टम खत्म नहीं होना चाहिए। जब भी मौका मिले और काम के लिए कहे तो हां बोले…। हां बोलेंगे तो आपको आगे का रास्ता मिलेगा। इसलिए जब मुझे कहा एक्टिंग करेगा तो मैंने कहा.. हां करूंगा। लोगों के साथ गुनगुनाया गाना, दोनों बोले-जोधपुर का खाना लाजवाब इस दौरान जोधपुरवासियों की रिक्वेस्ट पर दोनों ने अपने-अपने ट्रेडिंग सॉन्ग भी सुनाए। स्वानंद किरकिरे ने ‘रेल सी गुजरती है..’ सॉन्ग सुनाया। उन्होंने इस सॉन्ग का वो हिस्सा भी सुनाया जो रिकॉर्ड में नहीं था। इसके साथ ही पीयूष मिश्रा ने ‘एक बगल में चांद होगा…; और ’आरंभ है प्रचंड है…' सॉन्ग जोधपुरवासियों का सुनाया। इस दौरान दोनों ने जोधपुर के खाने की तारीफ करते हुए कहा- हमने यहां के मिर्चीबड़े और गुलाब जामुन आज खाए हैं। पीयूष मिश्रा ने कहा- मुझे ये शहर पसंद है, क्योंकि ये शांत चलता है।
एमपी में 21 करोड़ की साइबर ठगी मामले में गिरफ्तार भाजपा जिला पंचायत सदस्य ने पूछताछ में खोले कई राज
ग्वालियर में हुई ठगी की राशि में पहली लेयर का ट्रांजेक्शन उसके खाते में हुआ था। इस मामले में पहली लेयर में ही 77 खातों में ट्रांजेक्शन हुए हैं। इसके बाद 15 लेयर में 20 हजार से अधिक खातों में ट्रांजेक्शन हुए हैं।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के तहत गुरुवार को जयपुर में 10वें ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों के सम्मेलन का आयोजन हुआ। इसमें ब्रिक्स देशों के उद्योग मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। सम्मेलन में उद्योग, निवेश और कारोबार बढ़ाने के साथ-साथ नई तकनीक और आपसी सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई। बैठक के अंत में सभी सदस्य देशों ने संयुक्त घोषणा पत्र को मंजूरी दी। इसमें छोटे उद्योगों, स्टार्टअप, सोलर उद्योग और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करने पर सहमति बनी। शुक्रवार को जयपुर में ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों की बैठक भी होगी। उद्योगों को मजबूत बनाने पर जोर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि ब्रिक्स देशों को अपनी-अपनी क्षमताओं का लाभ उठाकर मजबूत और आत्मनिर्भर उद्योग विकसित करने चाहिए। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक क्रांति के लिए ब्रिक्स साझेदारी (PartNIR) इस दिशा में अहम मंच बन चुकी है। उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में ब्रिक्स देशों को एक-दूसरे की ताकत का इस्तेमाल करते हुए उद्योगों को मजबूत बनाना होगा। उन्होंने कहा कि आपसी सहयोग से निवेश बढ़ेगा, नए कारोबार के अवसर बनेंगे और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि भारत सभी सदस्य देशों के साथ मिलकर औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नई तकनीक, नवाचार और आपसी विश्वास के साथ मिलकर काम करने से सभी सदस्य देशों को फायदा होगा। उनका कहना था कि साझा प्रयासों से उद्योगों का विकास तेज होगा और सभी देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। MSME, स्टार्टअप और सोलर सेक्टर पर फोकस सम्मेलन में छोटे और मझोले उद्योगों (MSME) के लिए सहयोग का नया फ्रेमवर्क आगे बढ़ाया गया। सोलर (फोटोवोल्टिक) उद्योग के लिए कार्ययोजना को मंजूरी दी गई। भारत ने ब्रिक्स इन्क्यूबेटर नेटवर्क और ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड बनाने का प्रस्ताव भी रखा, ताकि सदस्य देशों के स्टार्टअप्स और नए इनोवेशन को बढ़ावा मिल सके। लॉजिस्टिक्स और सप्लाई सिस्टम पर भी चर्चा बैठक में उद्योगों के लिए बेहतर ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सिस्टम विकसित करने पर भी सहमति बनी। इसके तहत आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरों में लॉजिस्टिक्स प्लानिंग जैसे विषयों पर चर्चा हुई, ताकि कारोबार को आसान बनाया जा सके। केंद्रीय मंत्री का सीएम भजनलाल ने किया स्वागत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को जयपुर आए ब्रिक्स देशों के मंत्रियों और प्रतिनिधियों के सम्मान में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम और रात्रिभोज में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ सहित कई देशों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इन मुद्दों पर बनी सहमति बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। इनमें एमएसएमई के लिए सहयोग फ्रेमवर्क को आगे बढ़ाना, फोटोवोल्टिक (सोलर) उद्योग के लिए वर्किंग ग्रुप की कार्ययोजना को मंजूरी देना, स्टार्टअप्स के जरिए नवाचार को बढ़ावा देने की योजना तैयार करना और बेहतर ट्रांसपोर्ट व लॉजिस्टिक्स सिस्टम पर सहयोग शामिल है। भारत ने ब्रिक्स इन्क्यूबेटर नेटवर्क और ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड बनाने का प्रस्ताव भी रखा, ताकि सदस्य देशों के स्टार्टअप्स और नए उद्यमों को बढ़ावा मिल सके। 7 अगस्त को होगी व्यापार मंत्रियों की बैठक भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत अब 7 अगस्त को जयपुर में 16वीं ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों की बैठक होगी। इसकी अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल करेंगे। बैठक में व्यापार, वैश्विक सप्लाई चेन, एमएसएमई, डिजिटल व्यापार और विश्व व्यापार संगठन (WTO) से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। बैठक में शामिल विदेशी प्रतिनिधिमंडल जयपुर के सिटी पैलेस और हवा महल का भी भ्रमण करेंगे, जहां उन्हें राजस्थान की संस्कृति और विरासत से परिचित कराया जाएगा। 11 देशों के उद्योग मंत्री सम्मेलन में शामिल हुए 10वें ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों के सम्मेलन में ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों के उद्योग मंत्री या उनके वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हो रहे है। इनमें ये देश शामिल हैं- हर देश से उद्योग मंत्री या मंत्री स्तर के प्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। सम्मेलन में औद्योगिक सहयोग, MSME, स्टार्टअप, सोलर उद्योग और व्यापार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो रही है। क्या है ब्रिक्स? ब्रिक्स (BRICS) दुनिया की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है। इसकी शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका से हुई थी। बाद में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब और इंडोनेशिया भी इसमें शामिल हो गए। यह समूह सदस्य देशों के बीच व्यापार, निवेश, उद्योग, ऊर्जा, तकनीक और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने के लिए काम करता है।
भू-राजस्व की तरह दुकान का किराया नहीं वसूल सकती नगर पालिका, हाईकोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी
इलाहकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि नगर पालिका द्वारा दुकान के किराये की बकाया राशि को भू-राजस्व के बकाये की तरह वसूल नहीं किया जा सकता। अदालत ने तहसीलदार, स्वार (रामपुर) द्वारा जारी वसूली प्रमाणपत्र को अवैध ठहराते हुए निरस्त कर दिया।
श्योपुर जिले की जनपद पंचायत विजयपुर की ग्राम पंचायत नहरखेड़ा में निर्माण कार्यों के भुगतान को लेकर जनपद पंचायत सीईओ दीपक धाकड़ और सरपंच मीना आदिवासी के बीच विवाद हो गया है। मामले में दोनों पक्षों ने अलग-अलग थानों में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। सरपंच का आरोप- भुगतान के बदले मांगी रिश्वत सरपंच मीना आदिवासी ने गसवानी थाने में आवेदन देकर सीईओ दीपक धाकड़ पर निर्माण कार्यों के भुगतान के बदले रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। सरपंच का कहना है कि पैसे देने से मना करने पर सीईओ ने उनके साथ गाली-गलौज और अभद्रता की। सीईओ बोले- रिकवरी प्रस्ताव से बौखलाकर की धक्का-मुक्की विजयपुर थाने में दी शिकायत में सीईओ दीपक धाकड़ ने बताया कि जांच के दौरान नहरखेड़ा पंचायत में अधूरे कार्यों का पूरा भुगतान पाया गया, जिस पर 9.50 लाख रुपये की रिकवरी का प्रस्ताव भेजा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच को प्रभावित करने के लिए भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष रिंकू शर्मा और अन्य लोगों ने दफ्तर में घुसकर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई और गाली-गलौज की। कर्मचारियों की चेतावनी- एफआईआर न होने पर करेंगे हड़ताल विजयपुर जनपद पंचायत के कर्मचारियों ने सीईओ के समर्थन में एसडीएम और जिला पंचायत सीईओ को ज्ञापन सौंपा है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 10 अगस्त तक आरोपियों पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो वे काम बंद कर हड़ताल पर चले जाएंगे।
75 साल के दूल्हे संग की शादी, पहली मुलाकात में ही हो गया था प्यार
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हमीरपुर के कुरारा कस्बे में गुरुवार को बेरी तिराहे पर एक अन्ना सांड के उग्र होने से हड़कंप मच गया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें लोग सांड के आतंक से बचने के लिए भागते नजर आ रहे हैं। पीआरडी जवान आरोपी को पकड़ने आए थे प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बेरी तिराहे पर एक पीआरडी जवान एक आरोपी को पकड़े हुए थें। तभी एक अन्ना सांड उनकी ओर तेजी से दौड़ा। सांड को अपनी ओर आता देख पीआरडी जवान आरोपी के साथ मौके से हट गया। सांड कुछ देर तक सड़क पर इधर-उधर दौड़ता रहा, जिससे राहगीरों, दुकानदारों और वाहन चालकों में दहशत फैल गई। कई लोगों को अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों पर भागना पड़ा। इस घटना से कुछ समय के लिए तिराहे पर यातायात भी बाधित हुआ। स्थानीय लोगों ने सांड को भगाया मौके पर मौजूद लोगों ने एकजुट होकर सांड को वहां से भगाया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई। इस घटना में किसी के घायल होने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। यह घटना अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और लोग कस्बे में घूम रहे अन्ना पशुओं की समस्या पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग स्थानीय निवासियों के अनुसार, बेरी तिराहा सहित कस्बे के कई इलाकों में अन्ना पशु अक्सर सड़कों पर घूमते रहते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। लोगों ने प्रशासन से अन्ना पशुओं को सुरक्षित गौशालाओं में भेजने और इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
हर कत्ल के बाद बीड़ी क्यों पीता था सीरियल किलर? अपराध की दुनिया की खौफनाक कहानी
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रक्षाबंधन पर अगर आप भोपाल से रीवा या सतना, मैहर, कटनी की ओर यात्रा करने की योजना बना रहे हैं तो आपके लिए राहत की खबर है। भोपाल-रीवा के बीच चलेंगी चार जोड़ी स्पेशल ट्रेनें...
चित्रकूट प्रशासन में उस समय हड़कंप मच गया, जब प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के नाम और कथित हस्ताक्षर वाला एक संदिग्ध लेटरपैड सामने आया। इस पत्र में वीवीआईपी दर्शन और ठहरने की सिफारिश की गई थी। प्रथम दृष्टया पत्र फर्जी पाए जाने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, यह पत्र एडीएम कार्यालय के माध्यम से प्रशासन तक पहुंचा। इसमें 7 अगस्त को चित्रकूट धाम में पांच लोगों के लिए वीवीआईपी दर्शन और उच्च स्तरीय आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। पत्र में आलोक कुमार, साधना देवी, शिवांगी, कुसुम लता और सुधा त्रिपाठी के नाम दर्ज थे। पत्र पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का नाम और कथित हस्ताक्षर अंकित थे। साथ ही एक मोबाइल नंबर भी दर्ज था। अधिकारियों को शुरुआत से ही पत्र की सत्यता पर संदेह हुआ। एसडीएम अजय यादव ने बताया कि पत्र में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया। फोन उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को डिप्टी सीएम कार्यालय का पीआरओ बताते हुए पत्र को सही बताया। हालांकि, पत्र की भाषा और प्रारूप पर संदेह होने के बाद सीएमओ डॉ. महेंद्र त्रिपाठी ने स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर इसकी पुष्टि कराई। जांच में स्पष्ट हुआ कि इस प्रकार का कोई पत्र जारी नहीं किया गया था। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पत्र पर अंकित तारीख और उसके भेजे जाने की तारीख में भी अंतर पाया गया है, जिससे संदेह और गहरा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर कोतवाली पुलिस को विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी लेटरपैड किसने तैयार किया, पत्र में दर्ज मोबाइल नंबर किसका है और इसके पीछे क्या उद्देश्य था। प्रशासन का कहना है कि समय रहते सत्यापन नहीं कराया जाता तो इस फर्जी सिफारिश के आधार पर सरकारी व्यवस्थाओं का दुरुपयोग हो सकता था। जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
संभल हिंसा के सांसद बर्क मुख्य दोषी:पिता बोले- यह सरकार के लोग, बेटे ने कुछ गलत नहीं कहा था
संभल में श्री हरि मंदिर बनाम शाही जामा मस्जिद सर्वे के दौरान 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा की न्यायिक जांच रिपोर्ट उत्तर प्रदेश विधानसभा में पेश कर दी गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित त्रिस्तरीय न्यायिक आयोग ने 5 अगस्त 2025 को अपनी 854 पन्नों की रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। इसके ठीक एक वर्ष बाद, 5 अगस्त 2026 को अनुपूरक बजट सत्र के दौरान यह रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी गई। रिपोर्ट में सांसद, मस्जिद पदाधिकारियों समेत कई लोगों के नाम न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क, विधायक पुत्र सुहैल इकबाल, शाही जामा मस्जिद के सदर जफर अली, सचिव मशहूद अली फारुखी, अधिवक्ता कासिम जमाल और मस्जिद के उपाध्यक्ष रहे लड्डन खान का उल्लेख किया गया है। हालांकि, लड्डन खान का निधन हो चुका है। सांसद के पिता ने रिपोर्ट पर उठाए सवाल गुरुवार शाम को सांसद जियाउर्रहमान बर्क के पिता ममलूकुर्रहमान बर्क ने रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आयोग सरकार द्वारा गठित था, इसलिए उसने सरकार के अनुरूप ही कार्य किया। उन्होंने रिपोर्ट को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि उनके पुत्र ने ऐसा कोई कार्य नहीं किया था, जैसा रिपोर्ट में उल्लेखित है। कोर्ट कमिश्नर ने बताया सर्वे के दौरान क्या हुआ कोर्ट कमिश्नर रमेश राघव ने बताया- 19 नवंबर 2024 को पहला सर्वे करीब दो घंटे तक चला था। नमाज का समय होने के कारण बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और धार्मिक नारेबाजी शुरू हो गई। बिजली बाधित होने से सर्वे प्रभावित हुआ। उन्होंने बताया कि 24 नवंबर की सुबह दोबारा सर्वे शुरू किया गया, जो लगभग ढाई घंटे तक चला। इस दौरान बाहर से गोली चलने और पथराव की आवाजें आती रहीं। सर्वे पूरा होने के बाद प्रशासन ने उन्हें हिंदू बस्ती के रास्ते सुरक्षित बाहर निकाला। उनके अनुसार, भीड़ का उद्देश्य सर्वे को बाधित करना और सर्वे टीम पर हमला करना था। आयोग ने पुराने दंगों का भी किया उल्लेख रिपोर्ट में संभल के वर्ष 1978 के बड़े दंगे सहित 1936, 1947, 1948, 1953, 1958, 1962, 1976, 1978, 1980, 1990, 1992, 1995, 2001, 2019 और 2024 की घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है। आयोग ने कई मृतकों के परिजनों और विभिन्न पक्षों के बयान दर्ज कर ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को भी रिपोर्ट का हिस्सा बनाया। एक नजर में संभल हिंसा… 19 नवंबर 2024: मंदिर होने का दावा और पहला सर्वे हिंदू पक्ष ने चंदौसी की सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट में जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने का दावा पेश किया। उसी शाम कोर्ट कमिश्नर रमेश राघव ने पहला सर्वे किया। 22 नवंबर 2024: जुमे की नमाज के बाद बयान जुमे की नमाज के बाद सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने मस्जिद की सीढ़ियों पर कहा कि मस्जिद है और मस्जिद ही रहेगी। 24 नवंबर 2024: सर्वे के दौरान हिंसा सुबह 7:35 बजे सर्वे शुरू हुआ। आयोग के अनुसार करीब 8:40 बजे बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और पथराव व फायरिंग की घटनाएं हुईं। दिसंबर 2024 से फरवरी 2025: आयोग के कई दौरे आयोग ने 1 दिसंबर 2024, 21 जनवरी 2025, 30 जनवरी 2025 और 28 फरवरी 2025 को संभल पहुंचकर अधिकारियों, पक्षकारों, गवाहों और मृतकों के परिजनों के बयान दर्ज किए। 5 अगस्त 2025: सरकार को सौंपी गई रिपोर्ट हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश देवेंद्र अरोड़ा की अध्यक्षता वाले त्रिस्तरीय आयोग ने अपनी जांच रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपी। 5 अगस्त 2026: विधानसभा में रिपोर्ट पेश रिपोर्ट सौंपे जाने के एक वर्ष बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने अनुपूरक बजट सत्र के दौरान 854 पन्नों की न्यायिक जांच रिपोर्ट विधानसभा में प्रस्तुत की।
अब हमीरपुर में मासूम बच्ची के साथ नाले में गिरा पिता, सीसीटीवी में कैद हुई घटना
बुलंदशहर में बच्ची के नाले में बहने की खौफनाक घटना के बाद अब हमीरपुर में मासूम बच्ची के साथ पिता ही नाले में गिर गया। बाइक से बेटी के साथ आ रहे पिता केगिरते ही आसपास के लोगों तत्परता दिखाई और दोनों की जान बच गई। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने दुर्ग के बहुचर्चित ट्रिपल मर्डर मामले में अहम फैसला सुनाते हुए पत्नी, डेढ़ माह की मासूम बेटी और एक अन्य युवक की हत्या के दोषी रवि शर्मा की दोषसिद्धि बरकरार रखी है...
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अलीगंज अग्निकांड मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। न्यायालय ने राज्य सरकार को याचिका में उठाए गए सभी बिंदुओं पर विस्तृत जवाब शपथपत्र के माध्यम से दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने शिवेंदु पांडेय द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। सुनवाई के दौरान पीड़ितों के माता-पिता की ओर से एक हस्तक्षेप (इंटरवेंशन) प्रार्थना पत्र भी दाखिल किया गया। राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता विनोद कुमार शाही और वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज कुदेशिया ने न्यायालय को बताया कि स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लगभग तैयार है। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से जवाबी शपथपत्र दाखिल करने के लिए समय मांगा। इस पर न्यायालय ने कहा कि शपथपत्र में याचिका के सभी बिंदुओं के साथ-साथ 2 जुलाई 2026 के आदेश में उठाए गए बिंदुओं का भी स्पष्ट जवाब दिया जाए। नगर निगम की ओर से न्यायालय को सूचित किया गया कि उनका शपथपत्र दाखिल कर दिया गया है। न्यायालय ने राज्य सरकार और अन्य प्रतिवादियों को पीड़िता के परिवारों की ओर से दाखिल हस्तक्षेप प्रार्थना पत्र पर भी अपना जवाब दाखिल करने को कहा। इस मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी।
एसपी ने 28 पुलिसकर्मियों को किया लाइन हाजिर:इंस्पेक्टर, दरोगा और सिपाही पुलिस लाइन भेजे गए
कुशीनगर पुलिस में गुरुवार देर शाम बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। एसपी ने जनहित और प्रशासनिक आवश्यकताओं को देखते हुए 28 पुलिसकर्मियों का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण कर दिया। सभी स्थानांतरित कर्मियों को पुलिस लाइन में आमद दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। एक निरीक्षक और चार उपनिरीक्षकों का तबादला जारी सूची के अनुसार, निरीक्षक मनोज कुमार (प्रभारी चुनाव सेल) को पुलिस लाइन भेजा गया है। वहीं उपनिरीक्षक संतोष कुमार यादव (हनुमानगंज), अजय कुमार सिंह (कोतवाली पडरौना), राहुल कुमार राय (पटहेरवा) और नागेंद्र गौंड (तरयासुजान) का भी तबादला कर पुलिस लाइन संबद्ध किया गया है। चालक आरक्षी रामशंकर यादव (बरवापट्टी) को भी पुलिस लाइन भेजा गया है। चार मुख्य आरक्षी भी हुए स्थानांतरित मुख्य आरक्षियों में आशुतोष कुमार द्विवेदी (पर्यटन थाना), जयराम यादव (हाटा), धर्मेंद्र कुमार सिंह (पटहेरवा) और सुरेंद्र कुमार (तरयासुजान) का स्थानांतरण पुलिस लाइन किया गया है। 18 आरक्षियों की भी बदली एसपी ने 18 आरक्षियों का भी तबादला किया है। इनमें शिव कुमार यादव (अभियोजन कार्यालय), जालंधर चौहान (तमकुहीराज), अरुण कुमार (रामकोला/महिला थाना संबद्ध), विवेक कुमार राय (पीआरवी रविंद्रनगर धूस), मदन प्रसाद (पर्यटन थाना), आदित्य राजभर (कोतवाली पडरौना), अरविंद यादव, विजय कुमार यादव, मो. अकबर खान, सचिन कुमार यादव, आशुतोष विश्वकर्मा (सभी अहिरौली बाजार), रवि सिंह, रामभोज साहनी, सोनू भारती (सभी हाटा), धर्मचंद्र राय (कप्तानगंज), लक्ष्मण यादव, सूर्यनाथ यादव (तरयासुजान) और संदीप शर्मा (सेवरही) शामिल हैं। तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश एसपी कार्यालय और सोशल मीडिया सेल की ओर से जारी आदेश में सभी स्थानांतरित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन पहुंचकर आमद दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस विभाग के अनुसार यह प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुचारु बनाने के उद्देश्य से किया गया नियमित स्थानांतरण है।
CG Vyapam Rules: छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल नियम-2026 लागू, अब नहीं जारी होगी प्रतीक्षा सूची
राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल नियम, 2026 लागू कर दिए हैं। इस संबंध में राजपत्र में प्रकाशित किया गया है। नियमों के अनुसार अभ्यर्थियों को मंडल की वेबसाइट पर प्रोफाइल पंजीयन कराना अनिवार्य होगा।
जातिसूचक टिप्पणी करने वाले चार युवक गिरफ्तार:मेरठ में सोशल मीडिया पर साझा किया था वीडियो
मेरठ के टीपीनगर थाना क्षेत्र में जाति विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने के मामले में पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि युवकों ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया था। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की। सोशल मीडिया पर साझा किया था वीडियो पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें चार युवक दो बाइकों पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वे जाति विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर रहे थे। शिकायत मिलने के बाद टीपीनगर पुलिस ने जांच शुरू की। मोहकमपुर निवासी सौरभ कुमार ने थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। चारों आरोपियों को किया गिरफ्तार जांच के बाद पुलिस ने वीडियो के आधार पर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान मोहकमपुर निवासी चिरंजीव (19) उर्फ चीकू पुत्र मनवीर, पवन कुमार (19) पुत्र हरबीर सिंह, मलियाना के जसवंत नगर निवासी गोलू यादव (25) पुत्र हरेंद्र यादव और शिवपुरम निवासी वंश शर्मा (20) पुत्र हरिकिशन शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
रणथंभौर बना दुनिया का सबसे खतरनाक इलाका! टाइगर-लेपर्ड की दहाड़ से गूंजता है जंगल, जानिए रोमांचक कहानी
हथौड़े से 70 लोगों की हत्या करने वाला ‘कनपटीमार’, अपराध की दुनिया का खौफनाक सीरियल किलर
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छत्तीसगढ़ के यात्रियों को मिलेगी राहत... हटिया-दुर्ग व शालीमार-LTT एक्सप्रेस में लगेंगे अतिरिक्त कोच
यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से चलने एवं गुजरने वाली दो जोड़ी महत्वपूर्ण ट्रेनों में अस्थायी रूप से अतिरिक्त कोच लगाने का निर्णय लिया है।
राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर ने एक गंभीर रूप से बीमार महिला कैदी को आपातकालीन पैरोल न मिलने और जेल में ही उसकी मौत होने के मामले को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने राज्य के पैरोल नियमों की न्यायिक समीक्षा शुरू कर दी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेने के निर्देश दिए। खंडपीठ ने प्रथम दृष्टया टिप्पणी की कि संबंधित जिला मजिस्ट्रेट की असंवेदनशीलता और पैरोल नियमों की संकीर्ण व्याख्या के कारण गंभीर रूप से बीमार कैदी को राहत नहीं मिल सकी। यह मामला बीकानेर केंद्रीय कारागार में बंद मंजू देवी (57) से संबंधित है। 40 दिन की इमरजेंसी पैरोल के लिए दायर की थी याचिका मंजू देवी के पुत्र रविकांत स्वामी ने 40 दिन की आपातकालीन पैरोल के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में बताया गया था कि मंजू देवी हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारी और मधुमेह सहित कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित थीं और आईसीयू में भी भर्ती रह चुकी थीं। जिला मजिस्ट्रेट बीकानेर ने 16 जून 2026 को उनका पैरोल आवेदन खारिज कर दिया था। सुनवाई के दौरान अदालत को सूचित किया गया कि मंजू देवी का बीमारी के कारण जेल में ही निधन हो चुका है। इस पर खंडपीठ ने पैरोल याचिका को समाप्त मानते हुए निस्तारित कर दिया। अगली सुनवाई 19 अगस्त को कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि यह मामला राजस्थान प्रिजनर्स रिलीज ऑन पैरोल रूल्स-2021 की समीक्षा की मांग करता है। अदालत ने विशेष रूप से नियम 11(1)(i) पर विचार करने के लिए स्वत: संज्ञान याचिका दर्ज करने के निर्देश दिए। वर्तमान नियम गंभीर बीमारी पर पैरोल का प्रावधान करता है, लेकिन खुद कैदी की गंभीर बीमारी के मामले में स्पष्ट व्यवस्था नहीं है। हाईकोर्ट ने अधिवक्ता संभावी मरर्डिया को न्याय मित्र (एमिकस क्यूरी) नियुक्त किया है। इस याचिका पर अगली सुनवाई 19 अगस्त 2026 को होगी।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की सूबेदार, उप निरीक्षक (एसआई) और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा 2024-26 के प्रारंभिक परिणाम जारी होते ही सियासत गरमा गई है।
टीकमगढ़ जिले के दिगौड़ा थाना क्षेत्र में एक महिला ने कीटनाशक का सेवन कर लिया। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना से पहले बनाए गए एक वीडियो में महिला ने पुलिस पर उसकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने महिला के आरोपों से अलग अपना पक्ष रखा है और मामले की जांच जारी होने की बात कही है। महिला का आरोप- पुलिस नहीं कर रही थी सुनवाई महिला ने वीडियो में आरोप लगाया कि ग्राम वर्माताल निवासी द्रगपाल घोष उसे अपने साथ ले गया था और उस पर शादी का दबाव बना रहा था। उसका कहना है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। वहीं महिला के पिता ने आरोप लगाया कि छह महीने पहले उनकी बेटी की द्रगपाल से शादी हुई थी। उनके अनुसार शादी के बाद बेटी के साथ मारपीट हुई और हाल ही में उसे घर से निकाल दिया गया। उन्होंने पुलिस पर शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। TI बोले- कोर्ट मैरिज के बाद अब बलात्कार के केस का दबाव बनाया दिगौड़ा थाना प्रभारी मनीष मिश्रा ने बताया कि युवती ने जनवरी में द्रगपाल के साथ ग्वालियर में कोर्ट मैरिज की थी। शिकायत मिलने पर पुलिस ने युवती के बयान दर्ज किए थे, जिसमें उसने अपनी मर्जी से विवाह करने की बात कही थी। थाना प्रभारी के अनुसार विवाह के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ और अब महिला पुलिस पर बलात्कार का मामला दर्ज करने का दबाव बना रही थी। मामले की जांच की जा रही है। वहीं महिला का जिला अस्पताल में उपचार जारी है और चिकित्सकों की निगरानी में उसकी हालत पर नजर रखी जा रही है।
मथुरा में गंदगी में रखा 400 किलो पेड़ा फिंकवाया:FSDA टीम ने आटा-मैदा के 6 सैंपल जांच को भेजे
मथुरा में त्योहारों से पहले मिलावटी मिठाइयों पर खाद्य विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। गुरुवार को विभाग की टीम ने मथुरा और बरसाना में कई जगह छापेमारी की। बरसाना की एक मिठाई दुकान पर करीब 400 किलो पेड़ा गंदगी में रखा मिला, जिसे मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। टीम ने आटा, मैदा और पेड़े समेत 6 सैंपल भी जांच के लिए लैब भेजे हैं। सहायक आयुक्त (खाद्य) डॉ. जतिन कुमार सिंह के निर्देश पर मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के.के. त्रिपाठी के नेतृत्व में टीम ने कई आटा मिलों और खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की। आटा मिलों से भी उठाए सैंपल टीम ने भोले शंकर राइस एंड जनरल मिल्स, अग्रवाल ट्रेडर्स, ओम एग्रोटेक, लक्ष्मी फ्लोर मिल और श्री गोवर्धन फ्लोर मिल से मैदा, रवा, तंदूरी आटा और गेहूं के आटे के सैंपल लिए। बरसाना की मिठाई दुकानों की जांच के दौरान टीम को बड़ी मात्रा में पेड़ा अस्वच्छ हालत में रखा मिला। पेड़े के दो नमूने भी जांच के लिए सील किए गए। रिपोर्ट खराब आई तो होगी कार्रवाई खाद्य विभाग का कहना है कि सभी सैंपल जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजे गए हैं। अगर रिपोर्ट में मिलावट या गुणवत्ता में कमी मिली तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने साफ किया कि त्योहारों के दौरान मिलावटी और गंदे खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। लोगों से भी अपील की गई है कि कहीं भी संदिग्ध मिठाई या खाद्य सामग्री दिखाई दे तो तुरंत विभाग को सूचना दें।
फिल्म 'उदयपुर फाइल' के प्रोड्यूसर अमित जानी गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे। काशी पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विधि-विधान के साथ बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया और देश व प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर में दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी आगामी फिल्म 'ज्ञानवापी फाइल' बनाने की घोषणा की, जिसके बाद उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। बाबा विश्वनाथ से देश-प्रदेश की खुशहाली की कामनाअमित जानी ने मंदिर में दर्शन-पूजन के उपरांत कहा कि बाबा विश्वनाथ समस्त सृष्टि के दुखों का निवारण करें और सभी श्रद्धालुओं पर अपनी कृपा बनाए रखें। उन्होंने देश और उत्तर प्रदेश की खुशहाली की प्रार्थना करते हुए कहा कि उनकी इच्छा है कि उत्तर प्रदेश में एक बार फिर योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बनें तथा देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बने। उनके इस राजनीतिक बयान ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। पहली बार पहुंचे काशी, बताया आध्यात्मिक अनुभवअमित ने बताया कि यह उनका पहला काशी दौरा है और बाबा विश्वनाथ के दर्शन उनके जीवन का अविस्मरणीय अनुभव रहे। उन्होंने कहा कि काशी की आध्यात्मिक ऊर्जा, धार्मिक वातावरण और सांस्कृतिक विरासत ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। उनके अनुसार, काशी केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए सनातन संस्कृति और आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है। यहां आकर उन्हें विशेष ऊर्जा और मानसिक शांति का अनुभव हुआ। 'उदयपुर फाइल' के बाद अब ‘ज्ञानवापी फाइल’मीडिया से बातचीत के दौरान अमित जानी ने अपनी आगामी फिल्म 'ज्ञानवापी फाइल' की घोषणा करते हुए कहा कि उनकी टीम अब इस परियोजना पर काम शुरू करेगी। हालांकि उन्होंने फिल्म की कहानी, कलाकारों, निर्माण प्रक्रिया या रिलीज की संभावित तारीख को लेकर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की। उन्होंने केवल इतना कहा कि फिल्म पर जल्द ही काम शुरू होगा और समय आने पर सभी जानकारियां सार्वजनिक की जाएंगी।
शिवराज सिंह के बेटे का पनीर पकड़ा?, रायपुर में हुई कार्रवाई, जांच के लिए लैब भेजा
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भोपाल में 15 साल की किशोरी से रिश्तेदार ने किया दुष्कर्म, अस्पताल में बच्चे के जन्म के बाद खुला राज
राजधानी में 15 साल की बालिका से रिश्तेदार द्वारा दुष्कर्म और दैहिक शोषण का मामला सामने आया है। खुलासा करीब एक साल बाद उस समय हुआ जब किशोरी को प्रसव पीड़ा हुई और उसने अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया।
प्रशांत किशोर मुंबई में सुनेत्रा पवार से मिले, बांकीपुर रिजल्ट के बाद बिहार से महाराष्ट्र तक हलचल
बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा को बड़े अंतर से हराकर विधायक बने जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर शुक्रवार को मुंबई पहुंच गए। उन्होंने महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार से मुलाकात की।
सोनभद्र में गुरुवार को दिनभर रुक-रुक कर हुई बारिश ने उमस भरी गर्मी से राहत दिला दी। तापमान में गिरावट आने से मौसम सुहावना हो गया, जबकि खेतों में नमी बढ़ने से किसानों के चेहरे खिल उठे। दूसरी ओर, कई इलाकों में जलभराव और कीचड़ के कारण लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बुधवार रात से शुरू हुई बूंदाबांदी गुरुवार को भी जारी रही। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और बीच-बीच में बारिश होती रही। मौसम में आए बदलाव से लोगों ने राहत महसूस की और बाजारों में भी चहल-पहल बढ़ गई। मौसम विभाग के प्रेक्षक राजन सिंह के अनुसार, गुरुवार को जिले का अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले बुधवार को अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री और न्यूनतम 25.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। खरीफ फसलों के लिए राहत लगातार बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी आने के बाद किसानों ने धान समेत खरीफ फसलों की बुवाई और रोपाई का काम तेज कर दिया है। लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह समय-समय पर वर्षा होती रही तो इस बार फसल की पैदावार बेहतर रहने की उम्मीद है। शहर में जलभराव बना मुसीबत बारिश का दूसरा पहलू भी सामने आया। कई बाजारों और मुख्य मार्गों पर पानी भर गया, जिससे पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई। जगह-जगह कीचड़ और जलभराव के कारण यातायात प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने की जरूरत है, ताकि हर बारिश में होने वाली इस समस्या से राहत मिल सके।
राजपाल हरिभाऊ किशनराव बागडे गुरुवार देर शाम को देवल में स्थित गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज पहुंचे। यहां नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने नशे के नुकसान बताए ओर युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। राजपाल हरिभाऊ किशनराव बागडे ने कहा कि भारत पराक्रमी है। यहां कई वीर योद्धा पैदा हुए, लेकिन हमारे यहां इन वीर योद्धाओं का पाठ नहीं पढ़ाया जाता, उनकी जगह अंग्रेज, मुग़लों और औरंगजेब का पाठ पढ़ाया जाता था। इसका मकसद हमारे योद्धाओं की वीर गाथा की छुपाना था। उसी तरह नशे से देश के युवाओं की ताकत को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। पड़ोसी देश यहां पैसा कमाने के लिए नशा नहीं भेजते है। ये नशा भारत देश के ताकतवर युवाओं को कमजोर करने का प्रयास है। नशे से न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक कर सामाजिक ताकत और प्रतिष्ठा भी खत्म होती है। इसलिए आज से ही नशे को ना कहे ओर कसम खाएं कि अब नशा नहीं करेंगे। राज्यपाल ने कहा कि नशे को खत्म करने के लिए सबसे पहला प्रयास सरकार ओर उसके कर्मचारियों को करना होगा। अधिकारी से लेकर कर्मचारी ये शपथ ले की वे न तो नशा करेंगे ओर न करने देंगे। अगर वे खुद नशा करेंगे तो फिर रोकेंगे कैसे। इसलिए शुरुआत खुद से करे। उन्होंने कहा पुलिस तो नशा करती ही नहीं है, लेकिन दूसरे नशे से दूर रहे। उन्होंने घर, गांव, समाज ओर जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल ने सबसे पहले सरकार की योजनाओं के बारे में लोगों से पूछा। राज्यपाल ने कहा किसानों को हर साल 6 से 8 हजार रुपए किसान सम्मान के मिल रहे है या नहीं। आवास योजना, शौचालय मिला या नहीं। राशन मिलता है या नहीं। लोगों को आयुष्मान कार्ड समेत सरकार की योजनाएं गिनाते हुए उनका लाभ उठाने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्र में कई गरीब लोग रहते हैं। इलाज के लिए ब्याज पर पैसा लाते हैं, बकरियां गिरवी रखते हैं और डॉक्टर को जाकर देते हैं, लेकिन सरकार के आयुष्मान कार्ड से 25 लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त ने होता है। राज्यपाल ने मौजूद लोगों को नशे से दूर रहने की शपथ भी दिलाई। इस दौरान युवाओं, महिलाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं ने नशा मुक्ति को लेकर किए गए प्रयासों के बारे में जानकारी दी। उदयपुर संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरामानी, कलेक्टर देशलदान समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। गुरुवार को आरपीएफ ने डॉग स्क्वॉड के साथ स्टेशन परिसर में सघन चेकिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान स्टेशन के सभी संवेदनशील स्थानों की बारीकी से तलाशी ली गई। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आरपीएफ ने फ्लैग मार्च निकालकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। आरपीएफ ने यात्रियों से किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या लावारिस वस्तु की सूचना तुरंत देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस तक रेलवे स्टेशनों पर इसी तरह सघन सुरक्षा अभियान जारी रहेगा। संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने की अपील की चेकिंग अभियान के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और लावारिस वस्तुओं पर विशेष नजर रखी गई। यात्रियों से भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति अथवा वस्तु की जानकारी तुरंत रेलवे सुरक्षा बल या स्टेशन प्रशासन को देने की अपील की गई। वहीं, ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को सुरक्षा मानकों का पूरी गंभीरता से पालन करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों समेत संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। कानपुर सेंट्रल पर RPF अलर्ट प्रभारी एसएन पाटीदार ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस पर्व को देखते हुए रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। यात्रियों की सुरक्षित, संरक्षित और निर्बाध रेल यात्रा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क है। आने वाले दिनों में भी इसी तरह के सघन सुरक्षा अभियान और फ्लैग मार्च नियमित रूप से संचालित किए जाएंगे, ताकि रेलवे परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद बनी रहे।
इंदौर में कांग्रेस ने महापौर और भाजपा परिषद के चार साल के कार्यकाल पर सवाल उठाए। हादसों, वित्तीय संकट, भ्रष्टाचार, बढ़े टैक्स और बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर माफी की मांग की।
प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 में दस्तावेज सत्यापन के समय स्कूल शिक्षा विभाग की एक हठधर्मिता पूरी चयन प्रक्रिया को फंसा सकती है।
‘मांगें व्हाट्सएप करिए’… JPSC-JSSC प्रोटेस्ट के बीच राहुल गांधी का आया कॉल; छात्र नेता का दावा
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों के प्रोटेस्ट के बीच छात्र नेता रविंद्र पासवान से फोन पर बात की है। राहुल ने इस दौरान उनसे कहा है कि अपनी मांगें व्हाट्सएप करिए।
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने और उत्तर छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा, गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी जारी की है।
आगरा के थाना सदर बाजार स्थित नंद प्लाजा मॉल में युवक-युवतियों को घंटे के हिसाब से अंधेरे केबिन किराए पर दिए जा रहे थे। ये अनैतिक काम पुलिस चौकी से महज 300 मीटर दूर हो रहा था। पुलिस को इसकी भनक नहीं लगी, एलआइयू की सूचना पर पुलिस ने नंद प्लाजा को घेर लिया। वहां तीन कैफै और मिनी सिनेमा से 11 प्रेमी जोड़ों को पकड़ा। पुलिस ने पकडे़ गए प्रेमी जोड़ों को तो परिजनों को बुलाकर चेतावनी देकर छोड़ दिया। मगर, 4 संचालकों को जेल भेजा है। एलआईयू की रिपोर्ट पर बुधवार दोपहर अपर पुलिस उपायुक्त अलका सिंह, एसीपी एलआइयू और एसीपी ताजगंज के नेतृत्व में पुलिस ने छापा मारा। पुलिस अपने साथ टेंपो ट्रैवलर लेकर गयी थी। नंद प्लाजा परिसर में पुलिसकर्मी पांच-पांच की टुकड़ी में पहुंचे। उन्होंने पांच कैफै ओर मिनी मूवी घर को घेर लिया। मिनी मूवी स्टेशन में लगी एलईडी पर संचालक द्वारा ऑन डिमांड ओटीटी प्लेटफार्म पर कोई भी फिल्म दिखाई जाती थी। एकांत के चलते युवक-युवतियां यहां पर आते थे। पुलिस ने केबिनों में पहुंचने के बाद लाइट जलाई तो अंदर बैठे जोड़ों के होश उड़ गए। पुलिस ने मौके से तीन संचालकों और 11 जोड़ों को पकड़ लिया। सभी को टेंपो ट्रैवलर से सदर थाने लाया गया। शाम को युवतियों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। जबकि युवकों को भी हिदायत देकर छोड़ दिया गया। कैफे द्वारा लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन किया गया है। कैफै और मिनी मूवी स्टेशन को सील कर दिया गया है। वहीं, पुलिस ने पुष्पेंद्र सिंह निवासी अकोला, शोएब निवासी सत्यनरायण धाम कालोनी, अनुज शर्मा निवासी बिजौला बाह और भूपेंद्र निवासी आवास विकास कालोनी को जेल भेज दिया। थाना पुलिस को नहीं लगी भनक, एलआइयू ने दी रिपोर्टनंद प्लाजा की दूरी सदर थाने से एक किमी से भी कम है। वह मुख्य मार्ग पर स्थित है। इसके बावजूद पुलिस को यहां मिनी मूवी स्टेशन और कैफे में गोपनीय केबिन घंटों के हिसाब से देने की भनक नहीं लगी। जिसे लेकर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। नंद प्लाजा में आधा दर्जन कैफे संचालित हो रहे हैं। यहां पर दिन भर युवक-युवतियों की भीड़ लगी रहती है। इसके बावजूद पुलिस को इसकी जानकारी तक नहीं थी।

