एसएन में जल्द शुरू होंगे रोबोटिक ऑपरेशन:25 करोड़ से आएंगे तीन हाईटेक रोबोट, जटिल सर्जरी होंगी आसान
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में इलाज की आधुनिक सुविधाओं का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। अब यहां मरीजों को एम्स की तर्ज पर रोबोटिक सर्जरी की सुविधा देने की तैयारी शुरू हो गई है। शासन और मेडिकल कॉलेज स्तर पर तीन सर्जिकल रोबोट खरीदे जाएंगे, जिससे जटिल ऑपरेशन अधिक सटीक और सुरक्षित तरीके से किए जा सकेंगे। एसएन मेडिकल कॉलेज में 1200 करोड़ रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान पर काम चल रहा है। इसी योजना के तहत रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। योजना के अनुसार एक सर्जिकल रोबोट शासन उपलब्ध कराएगा, जबकि दो रोबोट मेडिकल कॉलेज अपने संसाधनों से खरीदेगा। वर्ष 2027 तक इन रोबोटों के उपलब्ध होने की उम्मीद है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि शासन प्रदेश के छह मेडिकल कॉलेजों को एक-एक रोबोट उपलब्ध कराएगा। प्रत्येक रोबोट की अनुमानित कीमत करीब 25 करोड़ रुपये है। ये रोबोट अमेरिका और जर्मनी की तकनीक पर आधारित होंगे। खरीद प्रक्रिया के लिए शासन ने टास्क फोर्स का गठन किया है और कंपनियों का प्रेजेंटेशन भी हो चुका है। रोबोटिक तकनीक के जरिए हड्डी रोग, पेट रोग, बाल रोग और ईएनटी विभाग में जटिल सर्जरी की जा सकेगी। इसके लिए एसएन मेडिकल कॉलेज के सर्जनों को एम्स में विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि सुविधा शुरू होने पर मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके। एसएन मेडिकल कॉलेज में हर महीने करीब 90 हजार मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा लगभग 3700 छोटे-बड़े ऑपरेशन और साढ़े पांच हजार मरीज भर्ती होते हैं। रोबोटिक सर्जरी की सुविधा मिलने के बाद गंभीर और जटिल मामलों का इलाज अधिक सटीकता के साथ किया जा सकेगा, जिससे आगरा ही नहीं, आसपास के जिलों के मरीजों को भी लाभ मिलेगा। इंटीग्रेटेड प्लान के तहत रेडियो डायग्नोस्टिक विभाग के लिए 10 मंजिला नई इमारत भी बनाई जाएगी। यहां एआई आधारित सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनें स्थापित करने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है। इससे जटिल बीमारियों की पहचान पहले से अधिक सटीक और तेजी से की जा सकेगी। सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता के अनुसार, रोबोटिक सर्जरी में कम चीरा लगता है, रक्तस्राव और दर्द कम होता है तथा संक्रमण का खतरा भी घट जाता है। थ्री-डी हाई-डेफिनेशन विजुअल और 360 डिग्री तक घूमने वाली रोबोटिक तकनीक के कारण शरीर के जटिल हिस्सों में भी अधिक सटीक सर्जरी संभव हो सकेगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर नगर के 37 वर्ष पुराने दहेज हत्या के एक चर्चित मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति जय कृष्ण उपाध्याय की खंडपीठ ने कहा कि अभियोजन पक्ष हत्या के आरोप को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। अदालत ने यह भी माना कि जिस विसरा रिपोर्ट के आधार पर हत्या का आरोप सिद्ध किया गया था, उसे आरोपियों के समक्ष दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 313 के तहत पूछताछ के दौरान रखा ही नहीं गया, इसलिए उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। क्या है मामला जानिये मामला कानपुर नगर के महाराजपुर थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार वर्ष 1984 में विजय लक्ष्मी का विवाह राकेश कुमार मिश्रा उर्फ डॉक्टर से हुआ था। आरोप था कि विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष दहेज में रुपये और व्यापार में साझेदारी की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करता था। 13 जनवरी 1986 को मृतका के भाई ने एफआईआर दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि ससुराल वालों ने विजय लक्ष्मी को जबरन जहरीला पदार्थ खिलाया, जिसके बाद उपचार के लिए कानपुर ले जाते समय उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद विसरा जांच में जिंक फॉस्फाइड नामक विष मिलने की बात सामने आई थी। ट्रायल कोर्ट ने वर्ष 1989 में पति, ससुर, जेठ और सास को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। अपील लंबित रहने के दौरान सास राजदेई की मृत्यु हो गई थी। हाईकोर्ट ने अपील की सुनवाई के दौरान पूरे साक्ष्यों का विस्तृत परीक्षण किया और पाया कि अभियोजन के गवाहों के बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खाते। मृतका के भाई ने कहा कि उसे कुछ खाने के लिए दिया गया था, जबकि भांजे ने अदालत में बयान दिया कि पानी में कोई पदार्थ मिलाकर जबरन पिलाया गया था। अदालत ने कहा कि इस तरह के महत्वपूर्ण तथ्यों में विरोधाभास अभियोजन की कहानी को कमजोर करता है। विश्वसनीय साक्ष्य मौजूद नहीं खंडपीठ ने यह भी कहा कि जिंक फॉस्फाइड ऐसा विष नहीं है जिसे बिना प्रतिरोध के आसानी से किसी को पिलाया जा सके। इसका स्वाद अत्यंत कड़वा और गंध तीव्र होती है। यदि किसी स्वस्थ व्यक्ति को जबरन ऐसा विष पिलाया जाता तो वह स्वाभाविक रूप से विरोध करता और शरीर पर संघर्ष के स्पष्ट निशान दिखाई देते। लेकिन रिकॉर्ड में ऐसे कोई विश्वसनीय साक्ष्य मौजूद नहीं थे। अदालत ने जांच प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए। फैसले में कहा गया कि पोस्टमार्टम के बाद विसरा किसकी अभिरक्षा में रहा, उसे किसने सुरक्षित रखा, किसने फॉरेंसिक प्रयोगशाला तक पहुंचाया और पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड क्या था, इसका कोई संतोषजनक प्रमाण अभियोजन प्रस्तुत नहीं कर सका। फॉरेंसिक प्रयोगशाला के किसी अधिकारी को भी गवाही के लिए पेश नहीं किया गया। ऐसे में विसरा की सुरक्षित अभिरक्षा की श्रृंखला साबित नहीं हो सकी। सबूत पेश करने में विफल हाईकोर्ट ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि विसरा रिपोर्ट और उससे संबंधित परिस्थितियों के बारे में आरोपियों से धारा 313 सीआरपीसी के तहत कोई प्रश्न नहीं पूछा गया। सर्वोच्च न्यायालय के अनेक निर्णयों का हवाला देते हुए अदालत ने कहा कि जिन परिस्थितियों पर अभियोजन दोष सिद्ध करना चाहता है, उन्हें आरोपी के समक्ष रखना अनिवार्य है। ऐसा न होने पर उन परिस्थितियों को साक्ष्य के रूप में आरोपियों के विरुद्ध इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने निष्कर्ष निकाला कि अभियोजन हत्या का आरोप संदेह से परे सिद्ध करने में विफल रहा है। इसलिए ट्रायल कोर्ट द्वारा 7 दिसंबर 1989 को दिया गया दोषसिद्धि और सजा का आदेश निरस्त करते हुए राम औतार, राकेश कुमार मिश्रा उर्फ डॉक्टर तथा लड्डन मिश्रा उर्फ महेश को सभी आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि यदि आरोपी जमानत पर हैं तो उन्हें आत्मसमर्पण करने की आवश्यकता नहीं है तथा उनके जमानत बंधपत्र समाप्त माने जाएंगे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के महानिबंधक ने नवनिर्मित अधिवक्ता चैंबर्स और मल्टीलेवल पार्किंग भवन के बिजली बिल व रखरखाव खर्च की भरपाई के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से बजटीय अनुदान देने की सिफारिश की है। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल मनजीत सिंह श्योरण ने 5 जुलाई 2026 को कानून विभाग के प्रमुख सचिव उदय प्रताप सिंह को इस संबंध में पत्र (सं. PS(RG)/113/2026) भेजा है। जानये क्या है पूरा मामला हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, इलाहाबाद के अध्यक्ष व महासचिव ने 12 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को पत्र लिखकर नवनिर्मित भवन के बिजली व रख-रखाव खर्च के लिए 24 करोड़ रुपये प्रति वर्ष का बजटीय अनुदान/सब्सिडी देने का अनुरोध किया था, ताकि यह भार अधिवक्ताओं पर न पड़े। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने 7 जून 2026 को मुख्यमंत्री से मुलाकात भी की, जिसमें मुख्यमंत्री ने सकारात्मक रुख दिखाया। इसके बाद बार एसोसिएशन ने 3 जुलाई 2026 को मुख्य न्यायाधीश, इलाहाबाद हाईकोर्ट को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि यह मामला सकारात्मक सिफारिश के साथ राज्य सरकार को भेजा जाए, ताकि बजटीय सहायता मिल सके।ठ रजिस्ट्रार जनरल ने मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर यह सारे पत्र संलग्न करते हुए राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि यह मामला मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश के समक्ष सहानुभूतिपूर्वक विचार व आदेश हेतु प्रस्तुत किया जाए। पत्र की प्रति बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडे और एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्षख सग़ीर अहमद को भी भेजी गई है। नवनिर्मित अधिवक्ता चैंबर्स के आवंटन की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है। चेंबर किराये का विरोध अधिवक्ता लंबे समय से कर रहे हैं।मांग है कि कुछ निश्चित राशि जमा कराकर चेंबर आवंटित किया जाय। किराया न लिया जाए। महानिबंधक के पत्र से उम्मीद की किरण दिखाई देने लगी है।
रविवार देर रात को करनाल के रेस्ट हाउस में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कई अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। भारत-पाक रिश्तों से लेकर हरियाणा की कानून व्यवस्था, गैंगस्टर गतिविधियों, एथेनॉल और यमुना जल बंटवारे तक उन्होंने विस्तार से बात रखी। उन्होंने साफ कहा कि पाकिस्तान को पहले अपने यहां आतंकवाद खत्म करने का भरोसा देना होगा, तभी आगे किसी भी तरह की बातचीत संभव हो सकेगी। भारत-पाक रिश्तों पर बोले- पहले आतंकवाद पर कार्रवाई जरूरीभारत और पाकिस्तान की 117 प्रमुख हस्तियों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को लिखे गए पत्र के सवाल पर मनोहर लाल ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलवामा घटना के समय ही भारत ने स्पष्ट कर दिया था कि अब पाकिस्तान को अपने यहां मौजूद आतंकवादी अड्डों को खत्म करना होगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को यह सुनिश्चित करना पड़ेगा कि वहां से आतंकवाद को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा और जम्मू-कश्मीर में उसकी कोई भूमिका नहीं होगी। जब तक पाकिस्तान इस पर ठोस आश्वासन नहीं देता, तब तक अन्य मुद्दों पर बातचीत का कोई मतलब नहीं है। रेवाड़ी कार्यक्रम में विधायकों की गैरहाजिरी पर प्रतिक्रियाबीते दिनों रेवाड़ी में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कार्यक्रम में राव इंद्रजीत समेत तीन विधायकों के नहीं पहुंचने के सवाल पर मनोहर लाल ने संतुलित जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी मिली है, लेकिन इस पर जो भी कार्रवाई करनी होगी वह हरियाणा इकाई करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विषय पर वह कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। आगे उन्होंने कहा कि जब यह मामला पूरी तरह उनके ध्यान में आएगा, तब ही यह तय होगा कि यह सही है या नहीं और क्या कार्रवाई करनी है। गैंगस्टर गतिविधियों पर चिंता जताई, युवाओं को दी चेतावनीहरियाणा में विदेश में बैठे गैंगस्टरों द्वारा व्यापारियों से फिरौती मांगने के मामलों पर मनोहर लाल ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ युवा लालच में आकर गैंगस्टरों के साथ जुड़ जाते हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा पुलिस लगातार इन गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी घटना के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी होती है और सरकार इस दिशा में गंभीर है। व्यापारियों से अपील- डरें नहीं, पुलिस को तुरंत सूचना देंमनोहर लाल ने कहा कि यदि किसी व्यापारी को धमकी भरी कॉल आती है या फिरौती मांगी जाती है तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि कई बार लोग डर के कारण पुलिस को सूचना नहीं देते, जो गलत है। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि ऐसी किसी भी स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें। हरियाणा सरकार कानून व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क है और हर मामले में कार्रवाई करती है। एथेनॉल को लेकर फैली अफवाहों पर दिया जवाबएथेनॉल के कारण गाड़ियों के खराब होने की चर्चाओं पर मनोहर लाल ने कहा कि यह एक विकसित होती तकनीक है और इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में एथेनॉल का उपयोग 5 प्रतिशत से शुरू हुआ था, जिसे बढ़ाकर 10 प्रतिशत और फिर 20 प्रतिशत किया गया। अब कुछ कंपनियां ऐसी गाड़ियां भी बना रही हैं जो 85 प्रतिशत या 100 प्रतिशत एथेनॉल पर चल सकती हैं। उन्होंने कहा कि एथेनॉल हमारे देश में कृषि उत्पादों से बनाया जा सकता है, जिससे विदेशों पर निर्भरता कम होगी। उन्होंने माना कि अगर कहीं तकनीकी कमी आती है तो विशेषज्ञ उसे सुधारेंगे और समाधान निकालेंगे। यमुना जल बंटवारे पर समझाया पूरा सिस्टमराजस्थान को पानी देने के मुद्दे पर मनोहर लाल ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 1994 में केंद्र और राज्यों के बीच यमुना के सरप्लस पानी के बंटवारे को लेकर समझौता हुआ था। उन्होंने कहा कि बीच में इस पर ध्यान नहीं दिया गया, लेकिन अब जो एमओयू बना है, उसमें स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जब वह मुख्यमंत्री थे, तब यह एमओयू पूरा हुआ था। इसके तहत हरियाणा के लिए 24 हजार क्यूसेक पानी रिजर्व रखा गया है। उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली को पानी दिया जाएगा, उसके बाद हरियाणा को उसका हिस्सा मिलेगा। जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के चार महीनों में जो अतिरिक्त पानी होगा, उसमें से राजस्थान अपना हिस्सा ले सकेगा। नए बांधों से बदलेगी पानी की स्थितिमनोहर लाल ने बताया कि अब आरोखा, लखवार और किशाऊ नाम के तीन नए बांध बनाए जा रहे हैं। इनसे पानी को नियंत्रित किया जाएगा और सभी राज्यों को उनका हिस्सा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं में राजस्थान, हिमाचल, हरियाणा और दिल्ली सभी शामिल हैं। राजस्थान अपने खर्च पर पाइपलाइन बिछाकर पानी ले जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि यदि राजस्थान के हिस्से का पानी लेने के बाद भी कुछ बचता है तो उसका उपयोग हरियाणा के दादरी और हिसार जिलों में किया जा सकेगा। उन्होंने इसे एक संयुक्त कार्यक्रम बताया और कहा कि इससे किसी को नुकसान नहीं होगा।
गोरखपुर के सहजनवा में 2 जुलाई को 6 साल के मासूम अंशुमान सिंह की गला दबाकर हत्या कर दी गई। इस घटना में हत्यारोपी किराएदार कल्पेश राय और साजिश रचने के आरोप में उसकी पत्नी नीलम राय को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रविवार को जेल भिजवा दिया। इस दौरान कल्पेश की पत्नी ने कहा कि मुझे प्यार करने की सजा मिल रही है। आरोपी कल्पेश डेढ़ साल पहले नीलम से लव मैरिज किया था। एक माह पहले संतकबीरनगर से आकर अंशुमान के घर किराए का एक कमरा लेकर पत्नी के साथ रह रहा था। पुलिस के मुताबिक, हाई-फाई जिंदगी का ख्वाब देखने वाले पति-पत्नी की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही थीं। इसलिए दोनों ने बच्चे का अपहरण कर 50 हजार रुपये की फिरौती मांगने का प्लान बनाया। प्लान फेल हाेने पर कल्पेश ने बच्चे का गला दबाकर मार दिया। इसके बाद खंडहर में ही शव छोड़कर भाग निकला था। 10 मिनट में बच्चे का मार डाला पुलिस के मुताबिक, सीसीटीवी कैमरे में गुरुवार की शाम करीब 5:57 बजे कल्पेश बच्चे को साथ लेकर जाता दिखा है। घर से 500 मीटर दूर खंडहर में बच्चे को लेकर गया। 6:20 बजे वह घर वापस आ गया। बाजार में लगे कैमरे की फुटेज के अनुसार, खंडहर की तरफ बच्चे को लेकर कल्पेश जाता दिखा है। वहां से 10 मिनट बाद अकेले बाहर आता दिखा है। पुलिस के मुताबिक, खंडहर के अंदर वह बच्चे का कैद करना चाहता था, लेकिन प्लान फेल हो गया। इसके बाद कल्पेश ने बच्चे का गला दबाकर मारा। इस दौरान वह करीब 10 मिनट तक रूका था। पोस्टमार्टम रिपाेर्ट से हुआ खुलासा सहजनवा के वार्ड नंबर-9 पिपरा निवासी 6 साल के मासूम अंशुमान सिंह की गला दबाकर हत्या की गई थी। इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ। वहीं आरोपी ने बताया था कि गलती से बच्चे का सिर दीवार में लड़ने की वजह से उसकी मौत हो गई थी। शनिवार शाम पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव घर पहुंचा, पूरे इलाके में कोहराम मच गया। परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया, वहीं ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने आरोपी को तत्काल फांसी देने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।स्थिति को देखते हुए सहजनवां, गीडा और आसपास के थानों की भारी पुलिस फोर्स तैनात करनी पड़ी। अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और निष्पक्ष जांच व कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में कालेसर स्थित मोक्षधाम पर मासूम को जल समाधि दी गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी कलपेश राय ने डेढ़ साल पहले गर्लफ्रेंड नीलम राय से लव मैरिज किया था। वह दिन भर जिम भी करता था, सिक्स पैक वाली रिल्स भी बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर करता था। उसे लगता था कि वह अपनी गर्लफ्रेंड से शादी तो कर ली लेकिन उसकी जरूरतें पूरी नहीं कर पा रहा है। पत्नी के शौक पूरे करने के लिए मकान मालिक के बच्चे का अपहरण कर 50 हजार रुपये की फिरौती मांगने की योजना बनाई। इसके बाद उसने बच्चे का अपहरण कर हत्या कर दी। गोलगप्पा खिलाने के बहाने साथ ले गया अंशुमान गुरुवार शाम करीब 5 बजे आरोपी के साथ गोलगप्पा खाने के लिए निकला था, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिजनों की सूचना पर सहजनवां पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की। सीओ गीडा के नेतृत्व में कई टीमें गठित की गईं। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज से अहम सुराग मिला, जिसमें बच्चा एक संदिग्ध युवक के साथ जाता दिखाई दिया। इसी आधार पर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी। पुलिस ने पीड़ित परिवार के किराएदार संतकबीरनगर के धर्मसिंहवा थाना क्षेत्र के सांथा निवासी कल्पेश राय को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने जुर्म स्वीकार किया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर नगर पंचायत वार्ड नंबर-10 लुचुई स्थित एक खंडहरनुमा ढांचे से मासूम का शव बरामद हुआ। इस मामले में पुलिस ने आरोपी की पत्नी नीलम प्रभा राय को भी साजिश रचने का आरोपी बनाया है। रस्सी से हाथ पैर बांध मुंह में ठूंस दिया था रूमालआरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह नौकरी छूटने, बीमारी और आर्थिक तंगी से परेशान था। इसी कारण उसने 40 से 50 हजार रुपये की फिरौती वसूलने की साजिश रची थी। उसने स्वीकार किया कि वह बच्चे को गोलगप्पा खिलाने के बहाने साथ ले गया था। उसके पास पहले से रस्सी और रूमाल मौजूद थे। आरोपी के अनुसार उसने खंडहर में बच्चे के हाथ-पैर बांध दिए और मुंह में रूमाल ठूंस दिया ताकि वह शोर न मचा सके। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई है, जिससे उसके बयान पर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस इसे पूरी तरह संदिग्ध मानकर जांच कर रही है। मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए आरोपी कल्पेश की पत्नी को भी साजिश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र कुमार मानना है कि घटना की योजना में उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। दोनों से पूछताछ जारी है और पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। प्रशासन की निगरानी में हुआ अंतिम संस्कारशनिवार को शव पिपरा नई कॉलोनी स्थित घर पहुंचते ही माहौल बेहद भावुक और तनावपूर्ण हो गया। ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। स्थिति बिगड़ती देख एसडीएम केसरी नंदन त्रिपाठी, सीओ गीडा केएम आनंद सहित कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा, फॉरेंसिक जांच जारी दो डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम किया, जिसमें गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। साथ ही कुकर्म की आशंका के चलते स्लाइड तैयार कर फॉरेंसिक लैब भेजी गई है। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। जिससे कि आरोपियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके। घर शव पहुंचा तो मची चीख पुकार नगर पंचायत वार्ड नंबर-9 पिपरा में शनिवार शाम पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही 6 साल के मासूम अंशुमान सिंह का शव घर लाया गया चीख पुकार मच गई। एंबुलेंस का दरवाजा खुलते ही मां सविता सिंह चीख पड़ीं और बेसुध होकर जमीन पर गिर गईं। पिता विनय कुमार सिंह उर्फ कन्हैया शव से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगे। दरवाजे पर जुटे हर किसी की आंख नम थी और हर चेहरा शोक में डूबा हुआ था। अंशुमान के बाबा जय प्रकाश सिंह रेशमा रावत कृषि इंटर कॉलेज भीटीरावत, सहजनवां से सेवानिवृत्त कार्यवाहक प्रधानाचार्य रह चुके हैं। वह भी इस दर्द से टूट गए। वह लगातार रोते हुए कहते रहे कि जिस घर में मासूम की हंसी गूंजती थी वहां अब सिर्फ सन्नाटा रह गया है। दादी प्रियंबदा सिंह भी पोते के शव से लिपटकर बिलखती रहीं और बार-बार बेसुध हो जाती थीं।जानकारी के अनुसार, अंशुमान की हत्या उसके घर से महज 500 मीटर की दूरी पर ही की गई थी। आरोपी ने उसे बहला-फुसलाकर पास ही एक खंडहरनुमा स्थान पर ले जाकर वारदात को अंजाम दिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि हत्या के बाद आरोपी खुद को बचाने के लिए पूरी रात परिजन के साथ बच्चे को ढूंढने का नाटक करता रहा। आरोपी परिवार के साथ बच्चे को ढूंढने का दिखावा करता रहा पिता बोले, हत्यारोपी भीड़ में शामिल होकर इधर-उधर खोजने का दिखावा करता रहा ताकि किसी को उस पर शक न हो। परिजन के साथ वह हर जगह तलाश में घूमता रहा और लोगों को गुमराह करता रहा। बाद में सीसीटीवी फुटेज और पुलिस जांच में उसकी पूरी साजिश सामने आ गई। वहीं मासूम की मौत से गांव में भी चूल्हे नहीं जले। महिलाओं की चीखों और पुरुषों के सन्नाटों से माहौल गमगीन रहा। गांव के लोगों में घटना से आक्रोश भी दिखाई दिया।
गोरखपुर के चौरी चौरा थाना क्षेत्र के रेनबो वाटर पार्क में 2 कार से घूमने गए परिवार को वहां के मनबढ़ कर्मचारियों ने मार-पीटकर घायल कर दिया। आरोप है कि इस दौरान वीडियो बना रही युवती को उठाकर पटक दिया और कपड़े फाड़ दिए। उसका मोबाइल भी रॉड से कूच दिया। वहां चीख पुकार मच गई। वाटर पार्क के 10-15 कर्मचारियों पर लाठी डंडे से मारने-पीटने का परिवार ने आरोप लगाया है। शाहपुर थाना क्षेत्र के बशारतपुर की रहने वाली मुस्कान सोनकर ने रविवार की रात करीब 9:30 बजे परिवार के साथ जाकर चौरी चौरा थाने में तहरीर दी है। इसके बाद पुलिस परिवार के 6 घायल सदस्यों का मेडिकल कराने के लिए अस्पताल भिजवाया। मारपीट का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों को चिह्नित कर रही है। दोपहर के समय वाटर पार्क गया था परिवार तहरीर देने वाली मुस्कान सोनकर के सिर में काफी चोट आई है। मुस्कान ने बताया कि रविवार दोपहर करीब 2 बजे चौरी चौरा के देवीपुर में स्थित रेनबो वाटर पार्क में दो कार से बच्चे महिलाओं समेत 15 लोग घूमने गए थे। वाटर पार्क में घूमने के बाद करीब शाम करीब 5 बजे सभी लोग वापस घर जाने के लिए निकल रहे थे। तभी कार हटाने को लेकर वाटर पार्क के कर्मचारी गाली गलौच करने लगे। परिवार के लोगों ने विरोध किया तो अंदर से करीब 10-15 कर्मचारी आए, ललकारते हुए लाठी, राॅड, डंडे से मारने पीटने लगे। मुस्कान ने बताया कि इस घटना का वीडियो बनाने लगी। तभी कर्मचारी मेरी तरफ आए, मुझसे मोबाइल छीनने लगे। इस दौरान मुझे नीचे गिरा दिया गया, मेरे कपड़े भी फट गए। इसके बाद मेरे हाथ से मोबाइल छीनकर रॉड से कूच दिया गया। मारपीट के दौरान परिवार के 6 लोगों को चोट आई है। इस दौरान पूरे वाटर पार्क में भगदड़ मच गई। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस कुछ लोगों को हिरासत में लेकर जांच पड़ताल कर रही है। मारपीट का वीडियो भी पीड़ित परिवार ने पुलिस को दिया है। इसके अलावा अन्य लोगों ने भी मारपीट का वीडियो बनाया था। जो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। इस संबंध में सीओ चौरी चौरा कुंदन सिंह ने बताया कि घायल युवती की तहरीर मिली है। घायलों का मेडिकल कराया जा रहा है। मामले की जांच पड़ताल कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर से विदेश भेजकर बंधक बनाने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने नौकरी दिलाने के नाम पर दो भाइयों को अपने जाल में फंसाया। मलेशिया भेजने के लिए 2 लाख 52 हजार रुपये लिए। आरोप है कि टूरिस्ट वीजा पर पीड़ितों को बैंकॉक भेज दिया गया। वहां पहुंचने के बाद पहले से मौजूद कुछ आदमियों ने उन्हें 3 दिनों तक एक कमरे में बंद रखा। खाने- पीने को भी कुछ नहीं दिया। जैसे- तैसे पीड़ित वहां से भाग निकलें। भारत पहुंच कर जब उन्होंने आरोपियों से अपने रुपए वापस मांगें तो उन्हें जान से मारने की धमकी मिलने लगी। इस मामले में रविवार की शाम 5 बजे आरोपियों के खिलाफ कैंट थाने में तहरीर दी गई। जानिए पूरा मामला… देवरिया जिले के रुद्रपुर थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव के रहने वाले ज्ञानदास ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके भाई भगवानदास और गोपालदास रोजगार की तलाश में विदेश जाना चाहते थे। इसी दौरान जानकारी मिली कि गोरखपुर के कैंट क्षेत्र के सिंघड़िया के रहने वाले सुग्रीव सिंह और जंगल सखनी निवासी रामानुज यादव विदेश भेजने का काम करते हैं। दोनों का सिंघड़िया में ऑफिस भी है। इतना पता चलने पर दोनों की जानकारी लेने के लिए ऑफिस पहुंचे। जहां उनकी मुलाकात रामानुज यादव और सूबा बाजार निवासी अमर चौहान से हुई। पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने उनसे बातचीत की और मलेशिया में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। दो दिन में लिए लाखों रुपए उसके बाद 30 मार्च और 19 अप्रैल 2026 को कुल 2.52 लाख रुपये ले लिए। पीड़ितों ने विश्वास करके 1.89 लाख रुपये ऑनलाइन और 63 हजार रुपये नकद दिए। रुपए देने के दो दिन बाद ही 21 अप्रैल को जालसाजों ने दोनों भाइयों को लखनऊ से बैंकाक जाने वाली फ्लाइट में टूरिस्ट वीजा पर बैठा दिया। तीन दिनों तक एक कमरे में बंद रखा बैंकाक पहुंचने पर वहां पहले से मौजूद कुछ लोग उन्हें अपने साथ ले गए और एक कमरे में बंद कर दिया। पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें तीन दिन तक बंधक बनाकर रखा गया और खाने-पीने के लिए कुछ नहीं दिया। इस दौरान उनका बुरा हाल हो गया। पीड़ित बहुत ज्यादा डरे हुए थे। वो लोग कहां हैं, किस लिए उन्हें बंधक बनाया गया है, आगे उनके साथ क्या होगा ? कुछ भी पता नहीं चल पा रहा था। किसी तरह भागकर बाहर निकलें उन्होंने किसी तरह दिमाग लगाया और वहां से भागकर बाहर निकलें। उसके बाद दोनों भाइयों ने अपने परिजनों से संपर्क किया। परिवार ने रुपए भेजकर उनकी वापसी की व्यवस्था कराई, जिसके बाद वे भारत लौट सके। थाने में दी तहरीर घर आने के बाद जब आरोपियों से रुपये वापस मांगे गए तो उन्होंने जान से मारने की धमकी देना शुरू कर दिया। जिसको लेकर पीड़ित ने कैंट थाने में तहरीर दी है। पुलिस मामले की सच्चाई का पता लगाने में जुटी है।
मुंबई में बारिश का कहर – मानखुर्द में चॉल ढही, 6 की मौत
मुंबई में जारी भीषण बारिश के बीच मानखुर्द इलाके में रविवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां जनता नगर स्थित हनुमान मंदिर के पीछे चॉल संख्या पांच में ग्राउंड प्लस तीन मंजिला संरचना की तीन झोपड़ीनुमा यूनिट्स अचानक भरभरा कर गिर गई
मेरठ के देहली गेट थाना क्षेत्र के पूर्वा ताहिर हुसैन में रविवार देर शाम गली में दरवाजा खोलने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। इस दौरान हुई मारपीट में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर कार्रवाई न करने और मिलीभगत का आरोप लगाया है, जिससे इलाके में तनाव का माहौल है। पूर्वा ताहिर हुसैन निवासी वसीम पुत्र हाजी नफीस के अनुसार, उनकी गली में करीब 10 से 12 परिवार रहते हैं और यह गली वर्षों से केवल स्थानीय लोगों के आने-जाने के लिए इस्तेमाल होती रही है। वसीम का आरोप है कि तीन साल पहले पड़ोसी निजामुद्दीन ने एक मकान और दुकान खरीदी थी। रविवार को उसने पीछे की गली में जबरन एक नया दरवाजा खोल दिया। जब मोहल्ले के लोगों ने इस दरवाजे का विरोध किया, तो निजामुद्दीन अपने परिजनों और अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंच गया। आरोप है कि उसने विरोध करने वालों के साथ मारपीट शुरू कर दी, जिसमें वसीम के भाई के सिर पर गंभीर चोट आई। सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पीड़ित पक्ष ने देहली गेट थाने में निजामुद्दीन, उसके परिजनों और अन्य लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। हालांकि, देर शाम तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है। मोहल्ले के लोगों ने पुलिस पर निष्पक्ष कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है और चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो वे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। इस संबंध में पुलिस का कहना है कि उन्हें दोनों पक्षों के बीच विवाद की सूचना मिली है। मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ में जमीन की धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दिल्ली के एक युवक के नाम पर फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड तैयार कर करोड़ों रुपये कीमत के उसके प्लॉट की फर्जी गिफ्ट डीड करा दी गई। पीड़ित का दावा है कि जिस महिला के नाम प्लॉट गिफ्ट किया गया, वह उसकी बहन नहीं है। इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब प्रॉपर्टी डीलर प्लॉट का सौदा पक्का करने के लिए युवक के दिल्ली स्थित घर पहुंचे। दिल्ली के ज्योति नगर, शाहदरा निवासी दीपक जैन ने एसएसपी को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने वर्ष 2009 में कंकरखेड़ा क्षेत्र के खड़ौली स्थित वंडर सिटी फेज-3 में पंकज चौधरी से करीब 2.35 लाख रुपये में एक प्लॉट खरीदा था। पीड़ित के अनुसार, 19 जून को खड़ौली निवासी प्रॉपर्टी डीलर अमित कुमार और गायत्रीपुरम, भोला रोड निवासी सुधीर प्रजापति उनके दिल्ली स्थित घर पहुंचे। उन्होंने दीपक को बताया कि भारती जैन नाम की एक महिला उनका प्लॉट बेच रही है। महिला का दावा है कि यह प्लॉट उसे उसके भाई दीपक जैन ने गिफ्ट डीड के जरिए दिया है। डीलरों ने यह भी बताया कि वे प्लॉट का सौदा कर चुके हैं और 50 हजार रुपये ऑनलाइन एडवांस भी दे चुके हैं। यह सुनकर परिवार हैरान रह गया। दीपक जैन ने जब रजिस्ट्री विभाग से दस्तावेज निकलवाए तो पता चला कि 15 अप्रैल 2026 को किसी व्यक्ति ने खुद को दीपक जैन बताकर फर्जी आधार और पैन कार्ड के जरिए 38.85 लाख रुपये मूल्य दर्शाते हुए उक्त प्लॉट की गिफ्ट डीड भारती जैन के नाम करा दी। दीपक जैन का कहना है कि भारती जैन नाम की उनकी कोई बहन नहीं है। गिफ्ट डीड में इस्तेमाल किया गया आधार कार्ड और पैन कार्ड पूरी तरह फर्जी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठित भू-माफिया गिरोह ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनके प्लॉट पर कब्जा करने और उसे बेचने की साजिश रची है। पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत एसएसपी अविनाश पांडेय से करते हुए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की मांग की है। एसएसपी ने मामले की जांच सीओ दौराला को सौंपते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ के सदर बाजार थाना क्षेत्र में रविवार रात एक युवती ने कुछ युवकों पर अभद्रता और मारपीट का आरोप लगाया है। युवती के अनुसार, वह अपने भाई को घर ले जाने पहुंची थी, तभी वहां मौजूद युवकों ने उसके साथ बदसलूकी की। विरोध करने पर युवती और उसके भाई के साथ मारपीट की गई। युवती ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि शिकायत के बावजूद उसकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। युवती ने बताया कि उसका भाई घर से नाराज होकर चला गया था। उसकी तलाश में वह उस स्थान पर पहुंची, जहां उसका भाई अपने परिचित साजिद, आबिद, मुनव्वर और जावेद के साथ था। आरोप है कि जब युवती भाई को घर ले जाने लगी, तो युवकों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और उसके साथ अभद्रता की। युवती का यह भी आरोप है कि विरोध करने पर उसके कपड़े फाड़ दिए गए और उसके साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया गया। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। इस घटना में युवती और उसके भाई को चोटें भी आई हैं। युवती का आरोप है कि जब वह शिकायत लेकर सदर बाजार थाने पहुंची, तो पुलिस ने उसके गंभीर आरोपों पर मुकदमा दर्ज करने के बजाय आरोपियों के खिलाफ केवल शांति भंग की आशंका में कार्रवाई की। इस कथित कार्रवाई से पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि आरोपित युवक अक्सर इलाके में शराब पीकर हुड़दंग करते हैं और राहगीरों व महिलाओं से अभद्रता करते हैं। पीड़ित परिवार ने अब मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से करने की बात कही है और निष्पक्ष जांच के साथ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के इस्लामाबाद में रविवार देर रात एक मामूली सड़क हादसा हिंसक झड़प में बदल गया। स्कूटी से टक्कर के बाद स्कूटी सवार ने अपने साथियों को बुला लिया। इसके बाद करीब 12 युवकों ने बाइक सवार दो भाइयों को इतनी बेरहमी से पीटा कि वे बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़े। पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। सराय बहलीम निवासी हमजा पुत्र हमाद ने पुलिस को बताया कि शनिवार/रविवार की दरमियानी रात करीब दो बजे वह अपने ममेरे भाई समीर के साथ बाइक से अपनी मां की दवा लेने इस्लामाबाद गया था। मेडिकल स्टोर के पास उनकी बाइक की एक स्कूटी से टक्कर हो गई। इस मामूली टक्कर के बाद दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, जिसे स्थानीय लोगों ने शांत करा दिया था। हमजा के अनुसार, विवाद शांत होने के बाद स्कूटी सवार ने अपने साथियों को फोन कर बुला लिया। कुछ ही देर में पांच-छह स्कूटियों पर सवार करीब 12 युवक मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों भाइयों को घेरकर लाठी-डंडों और लात-घूंसों से हमला कर दिया। हमलावर तब तक मारपीट करते रहे, जब तक दोनों बेहोश नहीं हो गए। घटना की सूचना मिलने पर लिसाड़ी गेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही सभी हमलावर फरार हो गए थे। गंभीर हालत में दोनों घायलों हमजा और समीर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। होश में आने के बाद हमजा ने पुलिस को दी तहरीर में पुन्नू, आसिफ, विशाल, फराज उर्फ काला और जीशान समेत अन्य लोगों पर हमला करने का आरोप लगाया है। हमजा का आरोप है कि नामजद शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे एसएसपी से मिलकर न्याय की गुहार लगाएंगे।
मेरठ जेल में बंदी पर नुकीली वस्तु से हमला:खेत में काम के दौरान हुई घटना, मेडिकल कॉलेज रेफर
मेरठ के चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में रविवार को दो बंदी गुटों के बीच हुए विवाद में एक बंदी गंभीर रूप से घायल हो गया। जेल परिसर के खेतों में काम के दौरान एक बंदी ने दूसरे की गर्दन पर नुकीली वस्तु से हमला कर दिया। घायल बंदी मोजा को तत्काल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब कई बंदी जेल प्रशासन की निगरानी में खेतों में काम कर रहे थे। किसी बात को लेकर दो गुटों के बीच कहासुनी हुई, जो जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गई। इसी दौरान एक बंदी ने नुकीली वस्तु से मोजा की गर्दन पर वार कर दिया, जिससे उसकी गर्दन की नस कटने से काफी खून बह गया। जेलकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर दोनों गुटों को अलग किया। घायल बंदी को पहले जेल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा है। इस घटना ने जिला कारागार की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कड़ी निगरानी और नियमित तलाशी के बावजूद जेल के अंदर नुकीली वस्तु कैसे पहुंची, यह एक बड़ा प्रश्न है। जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद जेल प्रशासन ने संबंधित बैरकों और बंदियों की तलाशी शुरू कर दी है। हमले में प्रयुक्त वस्तु की तलाश की जा रही है और अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की जांच के आदेश दिए हैं। जेल प्रशासन ने बताया कि दोनों बंदियों के बीच विवाद के कारणों और नुकीली वस्तु के जेल में पहुंचने के तरीके की विस्तृत पड़ताल की जाएगी।
कौशाम्बी में 20 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर:एसपी सत्यनारायण प्रजापत ने जारी किया आदेश
कौशाम्बी में पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत के निर्देश पर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। रविवार को जारी आदेश के तहत विभिन्न थानों में तैनात 20 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन स्थानांतरित (लाइन हाजिर) कर दिया गया है। उन्हें तत्काल अपना वर्तमान कार्यभार छोड़कर पुलिस लाइन में योगदान देने के निर्देश दिए गए हैं। लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मियों में मुख्य आरक्षी अंकुर तिवारी (थाना मंझनपुर), आरक्षी विकास (थाना मंझनपुर), कांस्टेबल रितेश मौर्य (थाना करारी), आरक्षी गोविंद शर्मा (थाना मोहब्बतपुर पइंसा), आरक्षी ईश्वरचन्द्र यादव (थाना महेवाघाट), आरक्षी अभिषेक यादव (थाना महेवाघाट), आरक्षी पुष्पेन्द्र (थाना महेवाघाट), आरक्षी सचिन (थाना कौशाम्बी), आरक्षी आकाश दुबे (थाना सैनी), आरक्षी रिंकू कुमार सिंह (थाना कड़ाधाम), आरक्षी बृजेश (थाना कड़ाधाम), आरक्षी शिवजीत सिंह (थाना कोखराज), आरक्षी पंकज कुमार (थाना कोखराज), मुख्य आरक्षी पंकज सिंह कुंवर (थाना सराय अकिल), आरक्षी योगेश (थाना सराय अकिल), आरक्षी शिवम सिंह (थाना पिपरी), आरक्षी नीरज यादव (थाना संदीपनघाट), मुख्य आरक्षी अनिरुद्ध सिंह (थाना संदीपनघाट), मुख्य आरक्षी नफीस (थाना चरवा) और आरक्षी देवव्रत (थाना चरवा) शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक की इस कार्रवाई का उद्देश्य जनपद पुलिस में अनुशासन और कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाना है।
लखनऊ के इंदिरानगर इलाके में शनिवार देर रात शादी के महज पांच महीने बाद एक विवाहिता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में घर के अंदर फांसी के फंदे से लटका मिला। परिजन उसे फंदे से उतारकर अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रविवार को मायके पक्ष की तहरीर पर पति समेत ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पुलिस ने पति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। रविवार रात करीब 9:30 बजे महिला के शव का पोस्टमॉर्टम हुआ। पुलिस के मुताबिक, बिहार के बक्सर जिले के भोजपुर निवासी कमलाकांत मिश्रा की शादी इसी साल फरवरी में सोनाली (24) से हुई थी। कमलाकांत इंदिरानगर के शिवाजीपुरम में किराए के मकान में रहकर एक प्राइवेट बैंक में नौकरी करते हैं। शनिवार देर रात सोनाली का शव घर में फंदे से लटका मिला। परिजनों ने उसे तुरंत नीचे उतारा और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। अस्पताल से सूचना मिलने पर इंदिरानगर पुलिस मौके पर पहुंची और शुरुआती जांच के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही मायके पक्ष को घटना की जानकारी दी गई। भाई बोला- कार और नकदी की मांग को लेकर करते थे प्रताड़ित रविवार को बिहार से लखनऊ पहुंचे मृतका के भाई अभिषेक ने बताया कि शनिवार रात बहनोई का फोन आया था। उन्होंने बताया कि सोनाली ने आत्महत्या कर ली है और उसे अस्पताल ले जाया गया है। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अभिषेक का आरोप है कि शादी के बाद से ही पति और ससुराल पक्ष के लोग कार और नकदी की मांग कर रहे थे। मांग पूरी नहीं होने पर सोनाली को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि पति के अलावा जेठ, जेठानी, सास और ससुर भी उसे लगातार परेशान करते थे। दहेज हत्या का मुकदमा, पति हिरासत में मृतका के भाई की तहरीर पर इंदिरानगर पुलिस ने पति समेत ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ दहेज हत्या सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने पति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
खैरथल-तिजारा के गांव मातौर में नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड चिटफंड धोखाधड़ी मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की भी एंट्री हो गई है। भारत सरकार के क्षेत्रीय कार्यालय, ईडी जयपुर ने मामले की जांच के तहत परिवादी सत्यवीर चौधरी, राजकुमार, धर्मेंद्र चौधरी सहित कई पीड़ित जमाकर्ताओं को समन जारी किए हैं। सभी को महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। शिकायतकर्ताओं से मांगे सबूतशिकायतकर्ताओं के वकील प्रताप सैन ने बताया- ईडी ने समन में पीड़ितों से पैन कार्ड और आधार कार्ड सहित पहचान एवं पते के प्रमाण, नवअंश ग्रुप एवं उसके निदेशकों के खिलाफ दर्ज शिकायत या एफआईआर की प्रति, स्वयं एवं परिवार के सदस्यों के नाम पर संचालित सभी बैंक खातों का विवरण तथा नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड और सिंदुरिया माइक्रोफाइनेंस फाउंडेशन के निदेशकों एवं एजेंटों के माध्यम से खुलवाए गए एफडी, बचत खाते, ऋण खाते सहित अन्य बैंक खातों की जानकारी मांगी है। करोड़ों के गबन का लगा आरोपदरअसल, मामला 29 सितंबर 2025 का है। खैरथल थाने में दर्ज इस मामले में नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड के संचालकों पर आम जनता से करोड़ों रुपए जमा कराकर गबन करने और फरार होने का आरोप है। पुलिस जांच में आरोप प्रमाणित पाए गए थे। इसके बाद पीड़ितों ने खैरथल थाने में मामला दर्ज कराया और लगातार सरकार, प्रशासन तथा जांच एजेंसियों से कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपे। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी वर्षों की मेहनत की जमा पूंजी फंस गई है, जिससे अनेक परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहे हैं। 10 लोगों को आरोपी बनाया, एक की हुई मौतमामले में पुलिस की जांच के दौरान 10 लोगों को आरोपी बनाया गया। इनमें एजेंट दिनेश कुमार की मृत्यु हो चुकी है, जबकि शेष 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। इनमें उमराव, दाताराम, सतपाल और पुरण फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि जयपाल, नरेश, जिलेसिंह, वेंकटेश्वर प्रसाद और प्रेम कुमार जमानत पर रिहा हो चुके हैं। पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता प्रताप सैन न्यायालय में पैरवी कर रहे हैं। सक्षम प्राधिकारी की कार्यशैली पर उठे सवालपीड़ित ग्रामीणों का आरोप है कि 11 फरवरी 2026 को रजिस्ट्रार सहकारी समितियां, जयपुर एवं रजिस्ट्रार कंपनियां, जयपुर द्वारा सब रजिस्ट्रार सहकारी समिति, खैरथल को सक्षम प्राधिकारी नियुक्त किए जाने के बावजूद दावों के निस्तारण की प्रक्रिया अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सकी। कई लोगों के आवेदन स्वीकार नहीं किए गए और सुनवाई भी समय पर नहीं हुई। उनका कहना है कि बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिले हैं। ये भी पढ़ें- मामा-भांजे ने फाइनेंस कंपनी बनाई, करोड़ों रुपए लेकर फरार:गुस्साए पीड़ितों ने घर में तोड़फोड़ की, बाइक फूंकी; बोले-मेहनत कर एक-एक पैसा जोड़ा था साल 2010... खैरथल-तिजारा का मातौर गांव मामा-भांजे ने नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड के नाम से फाइनेंस कंपनी बनाई। खुद का ऑफिस खोला और लोगों को रकम पर साल का 24% तक ब्याज देने का झांसा दिया। बॉन्ड, पासबुक और रसीदें भी छपवाईं। पहले कुछ साल ब्याज के साथ रुपए लौटाकर विश्वास जीता। इसके बाद लोग झांसे में आकर मेहनत से कमाई हुई मोटी रकम FD (फिक्स्ड डिपॉजिट) और RD (रिकरिंग डिपॉजिट) में जमा कराने लगे। 15 साल में निवेश के नाम पर जमा किए गए करोड़ों रुपए लेकर मामा-भांजा फरार हो गए। (पढ़ें पूरी खबर)
संभल में युवती को प्रेमजाल में फंसाकर बलात्कार किया। पीड़िता ने शिकायत करने की धमकी दी तो मुस्लिम समुदाय के युवक ने शादी करने का वादा किया और लगातार उसका 8 साल तक शारीरिक शोषण करता रहा। पीड़िता को युवक द्वारा शादी करने की सूचना मिली तो वह उसके घर पहुंची जहां उसके साथ मारपीट की गई। युवक एवं उसकी पत्नी, मां-भाई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज 4 जुलाई की रात 01:05 बजे की गई है, जिसकी जानकारी पुलिस से रविवार की रात 10 बजे मिली है। घटना संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र के बहजोई रोड स्थित एक मोहल्ले की है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने BNS की धारा के अंतर्गत 69, 115(2), 352, 351(2) आरोपी युवक जावेद पुत्र शौक़ीन शाह, उसकी पत्नी निदा, मां अहेलिया व भाई कय्यूम निवासी मौहल्ला कुरैशियान, कस्बा उझारी, थाना हसनपुर, जनपद अमरोहा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पीड़िता ने पुलिस को शिकायत देते हुए बताया कि वर्ष 2017 से वह अपने पिता की परचून की दुकान पर बैठी थी, आरोपी युवक की दुकान के सामने ही बैटरी इन्वर्टर की दुकान थी और रोजाना सामान लेने के बहाने वह आता रहता था इसी दौरान उसने उसका नंबर ले लिया। फोन पर बातचीत होने लगी और उसने कहा कि मैं तुमसे प्यार करता हूं जब मैं मना किया तो उसने आत्महत्या करने की धमकी दी। मुझे लगा कि कहीं यह आत्महत्या ना कर ले इसलिए मैंने इसे बातचीत शुरू कर दी। जावेद ने पीड़िता को विश्वास में लिया और मार्च 2017 में अपने मित्र मौ. शारिक निवासी जामा मस्जिद के घर ले गया वहां मुझे अच्छे से बातचीत की। कुछ दिन के बाद फिर मुझे लेकर अपने मित्र के घर की गया और उसके कुछ दिन बाद अपने मित्र की बहन के घर चौधरी सराय लेकर गया। जहां जावेद ने कमरा बंदकर मेरे साथ बलात्कार किया, मैंने इसका विरोध किया शोर मचाया तो उसने मुझे समझाते हुए मांग में सिंदूर भर दिया और कहा कि हम दोनों पति-पत्नी है लेकिन मैं तुम्हें अभी अपने घर लेकर नहीं जा सकता हूं तुम्हारी उम्र पूरी होने के बाद लेकर जाऊंगा। इसके बाद हम दोनों बातचीत करते रहे और वह मुझे पत्नी होने का दिलासा देता रहा। इस बीच उसने कभी मुझे धर्म परिवर्तन के लिए नहीं कहा, लेकिन 28 मार्च 2026 को दूसरी मुस्लिम लड़की से शादी करने की जानकारी हुई और 25 जून 2026 को मैं उसके घर उझारी पहुंची तो मेरे साथ जावेद उसकी पत्नी और परिवार के लोगों ने मारपीट की। मुझे धक्का देकर घर से निकाल दिया और कहा कि तू काफिर है हम तेरे साथ कैसे शादी कर सकते हैं पहले इस्लाम धर्म कबूल कर उसके बाद हम विचार करेंगे। मैंने कहा कि कभी भी इस्लाम धर्म कबूल नहीं करूंगी और जावेद ने मेरे साथ नजदीकियां बढ़ाते हुए कहा था कि कभी भी मैं तुम्हें इस्लाम धर्म कबूल करने के लिए दबाव नहीं बनाऊंगा, तुम हिंदू धर्म के अनुसार ही मेरे साथ पत्नी बनकर रहना। थाना प्रभारी सुधीर कुमार पंवार ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर आरोपी युवक उसकी पत्नी और मां-भाई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पूरे मामले की जांच की जा रही है पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत रविवार को मेरठ में छात्रों और युवाओं ने शिक्षा, रोजगार और युवाओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्र आक्रोश मार्च निकाला। अभियान के मेरठ शहर संयोजक अवनीश काजला और महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा के नेतृत्व में निकले मार्च में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, युवाओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। मार्च की शुरुआत चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) के मुख्य द्वार से हुई। इसके बाद मार्च तेजगढ़ी होते हुए वापस विश्वविद्यालय परिसर पहुंचकर समाप्त हुआ। पूरे मार्ग में प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र सरकार की छात्र एवं युवा विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो, पेपर लीक बंद करो, युवाओं को रोजगार दो और शिक्षा बचाओ, भविष्य बचाओ जैसे नारे लगाए गए। मार्च को संबोधित करते हुए अभियान के शहर संयोजक अवनीश काजला ने कहा कि देश का छात्र और युवा वर्ग शिक्षा व्यवस्था की बदहाली, लगातार हो रहे पेपर लीक, बढ़ती बेरोजगारी और अवसरों की कमी से परेशान है। उनका आरोप था कि केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि 'छात्रों की गूंज' अभियान छात्रों की आवाज को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाने का माध्यम है और मेरठ में इसे व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। अवनीश काजला ने दावा किया कि मेरठ में अब तक करीब सात हजार छात्र-युवा इस अभियान से जुड़ चुके हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि 9 अगस्त तक चलने वाले अभियान के दौरान जिले से लाखों छात्र-युवा शिक्षा, रोजगार और अपने अधिकारों की लड़ाई में शामिल होंगे। मार्च में जाहिद अंसारी, धूम सिंह गुर्जर, हेमंत प्रधान, अल्तमस त्यागी, सुमित विकल, सहरयाब मुखिया, संजय कटारिया, राज केशरी, विनोद सोनकर, रवि कुमार, रीना शर्मा, मुस्ताजब चौधरी, अजीम प्रधान, सरताज चौधरी, राहत चौहान, यूसुफ अंसारी, इकराम चौधरी, दिनेश उपाध्याय, राजेंद्र जाटव, शिवकुमार शर्मा, विकास शर्मा, सोनम रानी, बबली देवी, अनिल प्रेमी, नसीम राजपूत, निशांत तोमर, शहबाज अली, इकरामुद्दीन अंसारी, हिमांशु शर्मा, जितेंद्र भारद्वाज, प्रवीण कुमार, अवधेश सक्सेना, मुजाहिद और यासिर सैफी समेत बड़ी संख्या में छात्र-युवा एवं कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रीवा के मनगवां विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत नदना (डिहिया) में सड़क नहीं होने के कारण एक आदिवासी महिला को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका। आकाशीय बिजली गिरने के बाद परिजनों ने उन्हें करीब दो किलोमीटर तक खाट पर उठाकर कच्चे और कीचड़ भरे रास्ते से बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल पहुंचने में हुई देरी के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना रविवार शाम की है। इसका वीडियो भी सामने आया है। मृतका की पहचान रामकली रावत, पत्नी स्वर्गीय राम स्वयंवर रावत, निवासी ग्राम पंचायत नदना (डिहिया) के रूप में हुई है। सामने आए वीडियो में ग्रामीण महिला को खाट पर उठाकर कीचड़ भरे रास्ते से ले जाते दिखाई दे रहे हैं। सड़क नहीं होने पर उठे सवाल घटना के बाद गांव की सड़क व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि ग्राम पंचायत में सड़क निर्माण के लिए विधायक निधि से 5 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन अब तक सड़क नहीं बन सकी। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने जांच की मांग की ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण और मूलभूत सुविधाओं को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। अब महिला की मौत के बाद ग्रामीण पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, इस मामले में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है।
ग्रेटर नोएडा में हाथी दांत की तस्करी करने वाले दो आरोपियों को रविवार शाम पांच बजे गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से 1.45 किलोग्राम (1450 ग्राम) हाथी दांत बरामद हुआ है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपए बताई जा रही है। दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। बिसरख थाना प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार को मिली सूचना के आधार पर पुलिस और वन विभाग की टीम ने गौर सिटी-2 स्थित न्यू हैबतपुर कब्रिस्तान के पास एक खाली प्लॉट में घेराबंदी की। इसी दौरान दो संदिग्ध वहां पहुंचे, जिन्हें रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखकर दोनों आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से 1.45 किलो हाथी दांत बरामद हुआ। बुलंदशहर और गाजियाबाद के रहने वाले हैं आरोपी पूछताछ में आरोपियों की पहचान राजेंद्र, निवासी ग्राम रिवाड़ा, थाना जहांगीराबाद (बुलंदशहर) और संदीप, निवासी खोडा कॉलोनी (गाजियाबाद) के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, दोनों वर्तमान में बस्ती जिले के ग्राम मुडियार, रुधौली क्षेत्र में रह रहे थे। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि बरामद हाथी दांत कहां से लाया गया था और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। साथ ही तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। वन्यजीव तस्करी के नेटवर्क पर नजर प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि हाथी दांत की तस्करी संगठित नेटवर्क के जरिए की जा रही थी। पुलिस और वन विभाग इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि कहीं इसका संबंध अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह से तो नहीं है।
मिर्जापुर में लूट की घटना फर्जी निकली:चालक-सेल्समैन ने हड़पे बिक्री के रुपये, पुलिस जांच में खुलासा
मिर्जापुर के मड़िहान थाना क्षेत्र में दो दिन पहले सामने आई लूट की घटना पुलिस जांच में फर्जी निकली। रविवार शाम एसपी ऑपरेशन ने इस मामले का खुलासा किया। जांच में पता चला कि लूट की यह कहानी चालक और सेल्समैन ने खुद रची थी। दोनों ने बिक्री की रकम आपस में बांट ली थी। इसके बाद घटना को लूट का रूप देने के लिए उन्होंने वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस के अनुसार, 3 जुलाई को बाजीराव कटरा निवासी व्यवसायी सचिन कटारे ने मड़िहान थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनके चालक सुनील कुमार यादव और सेल्समैन राजकुमार प्रजापति 2 जुलाई को विभिन्न क्षेत्रों में माल की सप्लाई और बिक्री के बाद मिर्जापुर नगर लौट रहे थे। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि बेला मंदिर के पास बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों ने बिक्री की रकम से भरा बैग छीन लिया और फरार हो गए। इस तहरीर के आधार पर मड़िहान थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन और क्षेत्राधिकारी ऑपरेशन के नेतृत्व में तीन टीमों का गठन किया और घटना का शीघ्र खुलासा करने के निर्देश दिए। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य, ह्यूमन इंटेलिजेंस और अन्य उपलब्ध प्रमाणों का गहन विश्लेषण किया। इसमें सामने आया कि चालक और सेल्समैन ने आर्थिक तंगी और बंधन बैंक के कर्ज के कारण सुनियोजित तरीके से बिक्री की पूरी वसूली की रकम आपस में बांट ली थी। पुलिस के अनुसार, लूट की कहानी को विश्वसनीय बनाने के लिए दोनों ने वाहन के अगले बाएं टायर को किसी नुकीले औजार या गिट्टी पर चढ़ाकर फाड़ दिया था। इसके बाद उन्होंने गाड़ी में रखे जैक से वाहन का शीशा भी तोड़ दिया, ताकि घटना वास्तविक लूट जैसी लगे। दोनों ने मालिक और पुलिस को झूठी सूचना देकर गुमराह करने का प्रयास किया। पुलिस ने बताया कि विवेचना में कथित लूट की पुष्टि नहीं हुई। उपलब्ध साक्ष्यों से यह स्पष्ट हो गया कि पूरी घटना चालक और सेल्समैन द्वारा स्वयं रची गई थी। मामले में दोनों के विरुद्ध अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद पप्पू गुर्जर की तबीयत अचानक बिगड़ गई। खाना खाने के बाद पप्पू ने सीने में दर्द की शिकायत की। इस पर जेल के डॉक्टर ने उसका चेकअप किया। जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने बताया- रविवार शाम को पप्पू का प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद ऐहतियातन जवाहरलाल नेहरू अस्पताल भेजा गया। जहां उसकी जांच की गई। पप्पू गुर्जर को पुलिस की भारी सुरक्षा के बीच अस्पताल में रात 10:45 बजे लाया गया। बता दें कि पप्पू गुर्जर डकैत जगन गुर्जर का भाई है। जांच व उपचार के बाद उसे जेल शिफ्ट कर दिया गया। 29 जून को अजमेर जेल में हुई थी जगन गुर्जर की हत्या 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर का टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया था। जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार 1 जुलाई को धौलपुर के डांग स्थित भवुतीपुरा गांव के श्मशान में हुआ। जगन गुर्जर की हत्या से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… डकैत जगन गुर्जर की सेल तक कैसे पहुंचा हत्यारा?:जेल में दोनों की अलग-अलग सेल थी; मिलने के लिए आपसी सहमति थी जरूरी छावनी बना डकैत जगन का गांव,9 थानों की पुलिस तैनात:धौलपुर में हुआ अंतिम संस्कार, STF की सुरक्षा में तीनों भाइयों को लाया गया जगन गुर्जर की 3 मिनट में थम गई थीं सांसें:सुसाइड दिखाने की कोशिश; 13 फीट ऊंचे पंखे पर मिला गमछा, CCTV पर टूथपेस्ट लगाया
आगरा में प्रेमी ने प्रेमिका के भाई का अपहरण किया:शादी का दबाव बनाने को चाकू की नोंक पर घर से ले गया
आगरा के पिनाहट कस्बे के मोहल्ला मार में रविवार सुबह एक युवक ने अपनी प्रेमिका के 13 वर्षीय भाई का अपहरण कर लिया। आरोपी ने शादी का दबाव बनाने के लिए किशोर को चाकू की नोक पर घर से अगवा किया। पुलिस ने पीड़िता की मां की तहरीर पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता की मां ने पिनाहट थाने में बताया कि रविवार सुबह करीब 11 बजे पड़ोसी मौसिम खां उनके घर में घुस आया। आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए बेटे (13) की गर्दन पर चाकू रख दिया और उसे जबरन अपने साथ ले गया। दिनदहाड़े हुई इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई। सूत्रों के अनुसार, आरोपी मौसिम खां अपहृत किशोर की बड़ी बहन से एकतरफा प्रेम करता है और उस पर शादी का दबाव बना रहा था। लड़की के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे। करीब एक साल पहले इस विवाद को सुलझाने के लिए पंचायत भी हुई थी, लेकिन लड़की के परिजन शादी के लिए तैयार नहीं हुए। हाल ही में परिजनों ने युवती का विवाह किसी अन्य युवक के साथ तय कर दिया था। इसी बात से बौखलाकर आरोपी ने परिजनों पर शादी तोड़ने का दबाव बनाने के लिए यह वारदात की। पिनाहट थाना प्रभारी वी. पी. गिरि ने बताया कि आरोपी मौसिम खां के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। थाना प्रभारी वी. पी. गिरि ने आगे कहा, नाबालिग किशोर की सुरक्षित बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं। आरोपी को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
राजनांदगांव जिले में पिछले चार दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने ग्रामीण जीवन को प्रभावित किया है। जहां एक ओर किसान बुवाई के कार्यों में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कई घरों में बरसाती पानी घुस गया है। यह स्थिति जिले के ग्राम दीवान झींटिया में विशेष रूप से गंभीर है, जहां गांव की गलियां और रास्ते तालाब में बदल गए हैं। दीवान झींटिया के निवासी कुशाल सिंह राजपूत ने बताया कि गांव की गलियां पूरी तरह पानी में डूबी हुई हैं। गंदे और मटमैले पानी के भराव के कारण ग्रामीणों का पैदल चलना और वाहनों से आवागमन मुश्किल हो गया है। पानी घरों की दहलीज तक पहुंच गया है, जिससे रोजमर्रा के सामानों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव का सरकारी स्कूल परिसर भी पानी से भर गया है, जिससे वह स्विमिंग पूल जैसा दिख रहा है। इससे बच्चों की सुरक्षा और उनकी पढ़ाई पर गंभीर असर पड़ रहा है। पानी निकासी के उचित साधन न होने के कारण पूरा गांव जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। इस नारकीय स्थिति को लेकर स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों में प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों के प्रति भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि हर साल बारिश में ऐसी ही स्थिति बनती है, लेकिन नालियों की सफाई और पानी की निकासी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते। एक ओर जहां जिले के किसान धान की बुवाई और थरहा लगाने के काम में तेजी से लगे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर बस्तियों में बुनियादी ढांचे की बदहाली ने ग्रामीण जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
कानपुर पुलिस कमिश्नरेट के 'ऑपरेशन व्हाइट पाउडर' के तहत सजेती थाना क्षेत्र में रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब चार कुंतल गांजा बरामद किया गया। उड़ीसा से राजस्थान ले जाई जा रही इस खेप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। बरीपाल मार्केट के पास घेराबंदी कर पकड़ा ट्रक एडीसीपी साउथ सुमित सुधाकर रामटेके की टीम को सूचना मिली थी कि उड़ीसा से भारी मात्रा में गांजा कानपुर के रास्ते राजस्थान ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत और सजेती पुलिस ने बरीपाल मार्केट के पास घेराबंदी कर ट्रक को रोक लिया। तलाशी में ट्रक से गांजे की सैकड़ों सिल्लियां बरामद हुईं। ट्रक चालक भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे गिरफ्तार कर लिया। राजस्थान पहुंचते ही सौंपनी थी खेप गिरफ्तार चालक ने पूछताछ में अपना नाम रामेश्वर, निवासी राजस्थान बताया। उसने पुलिस को बताया कि राजस्थान की सीमा में प्रवेश करने के बाद उसे एक व्यक्ति को यह खेप सौंपनी थी। सप्लाई लेने वाले के पास केवल ट्रक का नंबर था, जबकि उड़ीसा के तस्कर दोनों पक्षों के बीच संपर्क का काम करते थे। पुलिस ने चालक का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। महिलाओं और बच्चों का भी लेते थे सहारा प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गांजा राजस्थान के विभिन्न जिलों में पहुंचाकर छोटी-छोटी पुड़ियों में बेचने की तैयारी थी। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि तस्कर अक्सर पुलिस के शक से बचने के लिए ट्रकों में महिलाओं और बच्चों को भी साथ बैठाते हैं। इस मामले में भी महिलाएं और बच्चे ट्रक में सवार थे, जिन्हें कानपुर पहुंचने से पहले ही रास्ते में उतार दिया गया था। अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की जांच शुरू पुलिस के अनुसार उड़ीसा में कम कीमत पर मिलने वाला गांजा दूसरे राज्यों में पहुंचते-पहुंचते कई गुना महंगा बिकता है। बरामद खेप के तार एक बड़े अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह से जुड़े होने की आशंका है। पुलिस अब उड़ीसा और राजस्थान के तस्करों के बीच सक्रिय नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। एडीसीपी बोले- अभियान लगातार जारी रहेगा एडीसीपी साउथ सुमित रामटेके ने बताया कि सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए चार कुंतल गांजा और ट्रक चालक को गिरफ्तार किया गया है। मामले में पूरे तस्करी नेटवर्क की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
जोधपुर मारवाड़ इंटरनेशल कंनवेंशन सेंटर में सर प्रताप विधि महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव का आयोजन रविवार शाम करीब 6 बजे शुरू हुआ। समारोह में सिक्किम के राज्यपाल ओमप्रकाश माथुर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसमें राजनीतिक अनुभव साझा करते हुए माथुर ने कहा- मैं जब 2016 में उत्तरप्रदेश के प्रभारी बनकर गया तो किसी ने विश्वास नहीं किया कि भाजपा इतनी सीटें जीत सकती है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में सरकार बनाने के लिए जनता दल को भी तोड़ने का काम किया गया। माथुर ने कहा- साल 2016 में मैं उत्तर प्रदेश चला गया। जहां नेता बदलना हो, वहां मेरे जैसे हथियार को या मेरे जैसे औजार टूल को भेजा जाता था। वहां विधानसभा में हमारी पार्टी की 46 सीट थी। तब मेरे मित्र भी कहने लगे, आपने बहुत मजे ले लिए। राजस्थान कर दिया, गुजरात कर दिया, अब यूपी पता लगेगा। मैंने जब 245 का नारा दिया तो शुरू-शुरू में सारे अखबारों में मेरे कार्टून छपे। राजस्थान का कोई शेख चला आ रहा है, 46 से सीधा 245 टारगेट कर रहा है, लेकिन तब मैंने सभी कार्यकर्ताओं को समझाया, धमकाया। बाद में सबकी मेहनत से तीन सौ पांच सीटें जीत गए। जनता दल को तोड़ने की बात पर नाराज हुए थे भैंरोसिंह शेखावत ओमप्रकाश माथुर ने समारोह में उपस्थित विद्यार्थियों को इच्छाशक्ति और संकल्प का महत्व बताते हुए कहा- मुझे आज आपके बीच में एक घटना बताने की याद आ गई। 1990 से पहले राजनीतिक में चला गया था, लेकिन हमारे पास राजस्थान में सभी 200 स्थान के कैंडिडेट नहीं थे। जब पहला चुनाव हुआ तो मुझे लगा कि 80 सीट ऐसी हैं, जिन पर हमारे पास लोग ही नहीं है। 1990 में मिलीजुली सरकार बनी। हमें 74 सीटें मिली और 56 सीटों पर जनता दल जीती। अब मेरे दिमाग आया, मैं नया-नया गया था। क्यों नहीं जनता दल को तोड़ा जाए। भैंरोसिंह शेखावत पहले तो बहुत नाराज हुए। अरे क्या तोड़ते हो, कैसे-कैसे लोगों को लाओगे। मैंने कहा- किसी न किसी को तो लाएंगे, तभी तो आगे बढ़ेंगे। फिर धीरे-धीरे तय हुआ कि जनता दल को तोड़ा जाए। फिर जनता दल-डी बनाया। 1992 में ढांचा तो गया तो हमारी सरकार भंग हुई। पांच सरकारें भंग हुई उस समय। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हिमाचल। 1993 में वापस चुनाव आए। मुख्यमंत्री भैंरोसिंह ने श्रीगंगानगर और बाली दो जगह से चुनाव लड़ा। जब बाली में भैंरोसिंह प्रचार करने गए तो पीतापुर से धानमंडी आठ किलोमीटर जाने को दो घंटे लगे फोर व्हील गाड़ी में। मैं गाड़ी ड्राइव कर रहा था और पूरे रास्ते में पत्थर में मैंने गाड़ी कुदाई तो पूरे रास्ते उन्होंने गालियां बोलीं। कहां फंसा दिया पत्थरों में, कहां फंसा दिया भाट्टो में, क्योंकि वे उबड़-खाबड़ रास्ते थे। फिर बाली आते-आते सभा हुई। उन्होंने कहा कि भाट्टो (पत्थरों) में फंसा दिया। मैं सीट खाली करूंगा। जीत को प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाया हमने उनको जिताने को प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाया है। चुनाव परिणाम आए तो गंगानगर में भैंरोसिंह तीसरे नंबर पर रहे, बाली से जीते और फिर 92 में मुख्यमंत्री बन गए। उस समय ना तो उत्तर प्रदेश में सरकार बनी, ना मध्य प्रदेश में बनी, ना हिमाचल में बनी, ना दिल्ली में बनी। सिर्फ राजस्थान की सरकार रिपीट हुई। उसमें चार कम पड़ गए। फिर हम 10 निर्दलीय ले आए तो काम करने की इच्छा शक्ति होनी चाहिए। हमको कुछ नहीं लेना कि संस्था का नाम हो गया, बहुत अच्छा। संस्था के पदाधइकारी तो कुछ नहीं लेना लेकिन संस्था आने वाले बच्चों को और कैसे अच्छा पढ़ा सके और कैसे गुणवत्ता पैदा हो। देखिए इच्छा शक्ति से कहीं कमी नहीं आने वाली। संस्था का विस्तार नहीं होने पर लगाई फटकार माथुर ने संस्था को लेकर कहा कि गिरीश आप तीन बार से अध्यक्ष हो, लेकिन संस्था का कैंपस से बाहर विस्तार नहीं हुआ। संस्था का सभी के सहयोग से विस्तार करना चाहिए। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि मदद के लिए लोगों के पास जाने पर वजन भी कुछ कम होगा। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 15 लाख रुपए संस्था को देने की घोषणा की। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल आदि शामिल हुए। इस अवसर पर विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर ससम्मानित भी किया गया।
पूर्णिया में सड़क दुर्घटना, एक व्यक्ति की मौत:श्रीनगर को-ऑपरेटिव बाजार के पास हुआ हादसा
पूर्णिया जिले के केनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत श्रीनगर को-ऑपरेटिव बाजार के पास एक सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान सत्यनारायण यादव (45) के रूप में हुई है। उन्हें इलाज के लिए पूर्णिया के राजकीय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सत्यनारायण यादव कोऑपरेटिव बाजार के निवासी थे। मृतक सत्यनारायण यादव के बेटे ने बताया कि उनके पिता की मौत श्रीनगर चौक पर हुए सड़क हादसे में हुई है। दुर्घटना के तुरंत बाद उन्हें पूर्णिया के जीएमसीएच अस्पताल लाया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक का इलाज कर रहे डॉक्टर गौरव कुमार ने जानकारी दी कि मरीज को अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया था। प्राथमिक जांच में उन्हें मृत पाया गया। मौत के सही कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी।
जांजगीर-चांपा जिले के चांपा थाना क्षेत्र अंतर्गत हनुमान धारा के पास एक अज्ञात युवक का शव मिला है। शव लगभग दो से तीन दिन पुराना होने के कारण चेहरा पहचान में नहीं आ रहा है। पुलिस ने प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका जताई है और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, वन विभाग के बीट गार्ड ने हनुमान धारा के पास एक डबरीनुमा स्थान पर पानी में शव पड़ा देखा। उन्होंने तत्काल चांपा पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को बाहर निकाला और जांच-पड़ताल शुरू की। मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। उसकी उम्र लगभग 35 से 40 वर्ष बताई जा रही है। शव काले रंग के कपड़े पहने हुए था, कमर में भूरे रंग की बेल्ट और गले में दुपट्टे जैसा कपड़ा मिला है। पुलिस को आशंका है कि युवक की हत्या कर शव को यहां फेंका गया होगा। शव को पोस्टमार्टम के लिए बीडीएम अस्पताल भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा। पुलिस ने मृतक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए सभी थाना प्रभारियों और सीमावर्ती थानों को शव की तस्वीरें भेजी हैं।
स्वच्छ और हरित जोधपुर के तहत रविवार को 170 लोगों ने मिलकर महज एक घंटे में रातानाडा गणेश मंदिर तालाब को साफ किया। नगर निगम जोधपुर, स्वच्छ भारत मिशन, श्री गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा, जोधपुर और ग्रीन जोधपुर संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभियान में शामिल लोगों ने पूरे परिसर की भी सफाई की। शहरवासियों ने मिलकर बदली तस्वीर दरअसल, तालाब में काफी गंदगी थी। वहीं तालाब के आस-पास भी झाड़ियां और कचरा फैला था। मशीन से भी इस काम में कई देर लग सकती थी। ऐसे में सभी ने मिलकर महज 1 घंटे में पूरे तालाब की तस्वीर बदल दी। इस अवसर पर नगर निगम और पर्यावरण संस्थाओं ने शहरवासियों से अपील की कि पूजा सामग्री, निर्माल्य, प्लास्टिक अथवा अन्य कचरा तालाबों एवं जलाशयों में न डालें। अभियान के सफल आयोजन पर नगर निगम जोधपुर एक दशक से पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रहे पंडित जीवराज श्रीमाली, श्री गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा, ग्रीन जोधपुर संस्था तथा सभी 170 श्रमवीरों के प्रति शहरवासियों ने आभार व्यक्त किया। ये रहे मौजूद अभियान में नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ नगर निगम जोधपुर के ब्रांड एम्बेसडर पंडित जीवराज श्रीमाली, स्वच्छ भारत मिशन, नगर निगम जोधपुर के प्रभारी पदम सिंह कच्छवाह, श्री गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा और ग्रीन जोधपुर संस्था के सेवादारों सहित शहर के अनेक पर्यावरण प्रेमियों ने श्रमदान किया। इस दौरान सुखविंदर सिंह सलूजा, शंकर सिंह राजपुरोहित, विष्णु प्रजापत, कुलदीप, सिद्धार्थ राजपुरोहित, नलिनी, शारदा, संतोष, जगदीश सिंह, संजय चौहान, गजेंद्र परिहार, राम सिंह खींची, दिनेश कुमार, कृष्ण कुमार शाक्य, दिनेश शाक्य, देवेंद्र कुमार शाक्य, तरुण गोयल, कुलदीप सिंह, मोहम्मद अकरम शेख, हरीश गहलोत, हरीश चंद्र सांखला, रितिका सोलंकी, हेमंत माथुर, अजय पुरोहित, अंकुर प्रजापति, सुनील नाथ सहित अनेक स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
छात्रों ने पैदल रैली निकालकर जताया विरोध:दिवंगत छात्रों को दी श्रद्धांजलि, नारेबाजी भी की
देशभर में सामने आए NEET पेपर लीक एवं छात्र-युवा हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर टंट्या भील चौराहा पर अनिश्चितकालीन धरना 6 दिन से जारी है। छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ के विरोध में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, युवा, अभिभावक एवं सामाजिक कार्यकर्ता धरना स्थल पर एकत्रित हुए। रविवार को धरने के दौरान आंदोलन को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से प्रदर्शनकारियों ने टंट्या भील चौराहा से बोलाराम उस्ताद मार्ग तक पैदल रैली निकाली। रैली के दौरान छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली एवं छात्र हितों से जुड़ी मांगों को लेकर जोरदार नारे लगाए और अपना विरोध दर्ज कराया। रैली के दौरान NEET पेपर लीक प्रकरण से प्रभावित होकर जान गंवाने वाले छात्रों को मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई। साथ ही, छात्रों को न्याय दिलाने एवं भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग दोहराई गई। प्रदर्शन करने वालों ने कहा कि देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं और छात्रों के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ के विरुद्ध यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष एवं कठोर कार्रवाई नहीं होती तथा छात्रों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता। रैली के बाद सभी प्रदर्शनकारी पुनः धरना स्थल पहुंचे, जहां अनिश्चितकालीन धरना निरंतर जारी है। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश के सभी छात्र-छात्राओं, युवाओं, अभिभावकों एवं जागरूक लोगों से धरना स्थल पर पहुंचकर इस जनआंदोलन को मजबूत बनाने की अपील की।
लखनऊ के गोमतीनगर स्थित भारतेन्दु नाट्य अकादमी (बीएनए) परिसर में तीन दिवसीय नाटक 'कर्मण्येवाधिकारस्ते... मुरली से मातृभूमि तक' का मंचन शुरू हो गया है। यह प्रस्तुति संस्कृति विभाग और भारतेन्दु नाट्य अकादमी की ग्रीष्मकालीन बाल रंगमंच कार्यशाला 'रंग पाठशाला' के समापन अवसर पर आयोजित की जा रही है। बीएनए परिसर के संत गाडगे जी महाराज प्रेक्षागृह में आयोजित इस नाट्य प्रस्तुति का लेखन एवं निर्देशन वरिष्ठ रंगकर्मी वॉल्टर पीटर ने किया है। कार्यशाला से जुड़े बाल कलाकार इसमें अपनी अभिनय प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन कर रहे हैं। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर महाभारत युद्ध तक प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया नाटक में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर महाभारत युद्ध तक की प्रमुख घटनाओं को संक्षिप्त और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। यह प्रस्तुति केवल धार्मिक आख्यान तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रीकृष्ण के कर्म, धर्म और कर्तव्य के संदेश को आधुनिक संदर्भों से जोड़ने का भी प्रयास करती है। कार्यशाला में शामिल बच्चों ने खेल-खेल में संवाद-अदायगी, अभिनय और मंच अनुशासन की बारीकियों को सीखा है। 'थिएटर इन एजुकेशन' पद्धति के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम वर्क की भावना विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया गया। बच्चों को रचनात्मक अभिव्यक्ति का मंच निर्देशक वॉल्टर पीटर के अनुसार, रंगमंच केवल अभिनय का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की एक प्रभावी प्रक्रिया भी है। उन्होंने बच्चों के समर्पण और उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि सीमित समय में बच्चों ने उल्लेखनीय तैयारी की है। भारतेन्दु नाट्य अकादमी के निदेशक विपिन कुमार ने कार्यशाला की सफलता के लिए वॉल्टर पीटर और उनकी टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों को रचनात्मक अभिव्यक्ति का मंच प्रदान करना समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उत्तराखंड में खाई में गिरी कार:मेरठ के 2 युवकों की मौत, बिजनौर के 3 युवक गंभीर रूप से घायल
मेरठ के 2 युवकों की उत्तराखंड के चकराता में मौत हो गई है। दोनों युवक मेरठ कंकरखेड़ा के सैनिक विहार के रहने वाले थे। अपने 3 अन्य दोस्तों के साथ ये लोग चकराता घूमने गए थे। देहरादून के साहिया-क्वानू मोटर मार्ग पर कार खाई में गिरने से यूपी के 2 पर्यटकों की मौत हो गई। हादसे में 3 लोग गंभीर घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा साहिया-क्वानू मोटर मार्ग पर कलेथा के पास हुआ। हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और 108 एम्बुलेंस सेवा को सूचना दी। सूचना पर कालसी थाना पुलिस, चकराता थाना पुलिस और तहसीलकर्मी के साथ ही डाकपत्थर से फायर सर्विस से मौके पर पंहुची। जहां स्थानीय लोगों के साथ पुलिस प्रशासन की टीम ने घायलों को खाई से बाहर निकाला। कलेथा के पास अनियंत्रित होकर गिरी कारप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम 5 बजे उत्तर प्रदेश के बिजनौर से कुछ पर्यटक हुंडई i20 कार (UP15DB8712) में सवार होकर वाया क्वानू चकराता घूमने जा रहे थे। कलेथा के पास अचानक अनियंत्रित होकर कार 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और सभी को खाई से बाहर निकालकर सड़क पर पहुंचाया। घायलों को प्राथमिक इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) साहिया भेजा गया। तीनों घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। तीनों घायलों का इलाज जारी है। दो घायलों की हालत नाजुक, अस्पताल में भर्तीपुलिस और 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सूचना पर मौके पर पहुंची। बचाव दल ने कड़ी मशक्कत और सूझबूझ के साथ खाई में उतरकर क्षतिग्रस्त कार से लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। रेस्क्यू टीम ने तीन गंभीर रूप से घायल पर्यटकों को किसी तरह खाई से बाहर निकाला। मेरठ के 2 की मौत, बिजनौर के 3 घायल कार हादसे में मेरठ के कंकरखेड़ा स्थित सैनिक विहार निवासी 24 वर्षीय शैंकी पुत्र राजेश पंवार और ऋषभ की मौत हो गई। हादसे में बिजनौर के शिवाला कलां निवासी 21 वर्षीय विशू पुत्र डिंपल शर्मा, नूरपुर निवासी 22 वर्षीय भुवन शर्मा पुत्र जागेश, किरतपुर निवासी 25 वर्षीय प्रशांत पुत्र अजय सिंह घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
लखनऊ के मदेयगंज से एक साल पहले लापता हुई 16 साल की किशोरी को लखनऊ पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) ने सीतापुर से बरामद कर लिया। मामले में बाराबंकी निवासी आरोपी सलमान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी किशोरी को शादी का झूठा झांसा देकर अपने साथ ले गया था और गांव में अपने परिवार के साथ रखकर उससे भीख मंगवाता था। पुलिस के अनुसार 18 अप्रैल 2025 को मदेयगंज थाने में किशोरी की गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले की जांच एएचटीयू को सौंप दी गई। टीम ने डिजिटल फुटप्रिंट, टेक्निकल साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और विभिन्न जिलों की पुलिस के सहयोग से लगातार तलाश की। जांच के दौरान मिले सुराग के आधार पर 29 जून 2026 को सीतापुर के महमूदाबाद क्षेत्र स्थित संकटा देवी मंदिर के पास से किशोरी को बरामद कर लिया गया। उस समय वह मंदिर के आसपास भीख मांग रही थी। पूछताछ में किशोरी ने पुलिस को बताया कि सलमान उसे शादी का भरोसा देकर अपने साथ ले गया था। इसके बाद वह उसे अपने गांव ले गया, जहां परिवार के साथ रखा गया और उससे भीख मंगवाई जाती थी। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर 1 जुलाई को आरोपी बसंतपुर बड्डूपुर बाराबंकी निवासी सलमान को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। बरामदगी के बाद किशोरी को मेडिकल के बाद बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया, जहां से उसे राजकीय बाल गृह में सुरक्षित रखा गया है। मामले की विवेचना जारी है। 2026 में 10 गुमशुदा बच्चों को सकुशल बरामद किया अपर पुलिस उपायुक्त क्राइम किरन यादव ने बताया कि एएचटीयू उन मामलों की जांच करती है, जिनमें विशेषज्ञ और मजबूत विवेचना की जरूरत होती है। टेक्निकल विश्लेषण, डिजिटल फुटप्रिंट और अंतरजनपदीय बातचीत के जरिए टीम ने इस मामले का सफल खुलासा किया। उन्होंने बताया कि साल 2026 में एएचटीयू अब तक 10 गुमशुदा बच्चों को सकुशल बरामद कर उनके परिजनों से मिला चुकी है।
पूर्णिया जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत बहेलिया स्थान चौक पर रविवार देर शाम एक भीषण सड़क दुर्घटना में मां-बेटी गंभीर रूप से घायल हो गईं। अस्पताल ले जाते समय मां की रास्ते में ही मौत हो गई, जबकि बेटी गंभीर हालत में पूर्णिया के जीएमसीएच में भर्ती है। मां और बेटी दोनों ही हेल्थ कोच के रूप में कार्यरत थीं मृतक की पहचान 38 वर्षीय कविता देवी के रूप में हुई है, जो विजय यादव की पत्नी थीं। वह मूल रूप से करमा चौसा की रहने वाली थीं और वर्तमान में कोर्ट स्टेशन पूर्णिया में रहती थीं। घायल बेटी का नाम शिवानी कुमारी बताया गया है। मां और बेटी दोनों ही हेल्थ कोच के रूप में कार्यरत थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कूटी पर सवार मां-बेटी मीरगंज के रास्ते पूर्णिया लौट रही थीं। बहेलिया चौक पर एक तेज रफ्तार स्कार्पियो ने उनकी स्कूटी को पीछे से टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में कविता देवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि शिवानी कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गईं। मीरगंज से पूर्णिया आते वक्त हुआ हादसा परिजनों में से अनुपम स्वरूप ने बताया कि दोनों मां-बेटी रविवार देर शाम मीरगंज से पूर्णिया आ रही थीं, तभी बहेलिया स्थान चौक पर यह हादसा हुआ। उन्होंने पुष्टि की कि मां की मौत हो गई है और बेटी का इलाज पूर्णिया के जीएमसीएच में चल रहा है। मामले को लेकर मीरगंज थानाध्यक्ष रौशन कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना की सूचना मिली थी। घायलों को तुरंत इलाज के लिए जीएमसीएच भेजा गया। उन्होंने महिला की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि घटना के संबंध में उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजधानी के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय और डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में सोमवार को नए निर्माण कार्यों का भूमिपूजन होगा। इस दौरान 200 सीटर छात्र-छात्रावास, कैंसर भवन के विस्तार (G+2 से G+6) और अन्य आवासीय परिसरों के निर्माण की शुरुआत की जाएगी। कार्यक्रम सोमवार, 6 जुलाई को सुबह 11 बजे चिकित्सा महाविद्यालय परिसर स्थित स्व. अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित होगा। इसमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि होंगे, जबकि उपमुख्यमंत्री अरुण साव कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। कार्यक्रम में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वन एवं रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल समेत विधायक राजेश मूणत, सुनील सोनी, अनुज शर्मा, पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, इंद्रकुमार साहू, सीजीएमएससीएल के अध्यक्ष दीपक म्हस्के और रायपुर महापौर मीनल चौबे सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। नए छात्रावास और आवासीय परिसरों के बनने से मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं और डॉक्टरों को बेहतर रहने की सुविधा मिलेगी। वहीं कैंसर भवन के विस्तार से अस्पताल में कैंसर मरीजों के इलाज की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
नीमच कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने प्रशासनिक कार्य सुविधा और व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिले के राजस्व अमले में बड़ा फेरबदल किया है। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के तहत कई प्रभारी तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को नवीन पदस्थापना सौंपते हुए उनके कार्यक्षेत्रों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इस प्रशासनिक फेरबदल के तहत टप्पा रतनगढ़ के प्रभारी तहसीलदार बसंतीलाल डाबी को प्रभारी तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट सिंगोली बनाया गया है। वहीं, मनासा के प्रभारी नायब तहसीलदार रूपसिंह राजपूत को प्रभारी नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट रतनगढ़ भेजा गया है। रामपुरा के प्रभारी तहसीलदार मृगेन्द्र सिसोदिया को नीमच नगर जैसी महत्वपूर्ण जगह की जिम्मेदारी सौंपते हुए प्रभारी तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। जावद में पदस्थ नायब तहसीलदार कमलेश डुडवे को पदोन्नत कर प्रभारी तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट रामपुरा के पद पर पदस्थ किया गया है। जावद से नवीन गर्ग का ट्रांसफर जावद के प्रभारी नायब तहसीलदार नवीन गर्ग का तबादला नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट कुकड़ेश्वर के रूप में किया गया है। इसी प्रकार, नीमच नगर के प्रभारी तहसीलदार अजेन्द्र नाथ प्रजापति को प्रभारी तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट मनासा भेजा गया है। रामपुरा के प्रभारी नायब तहसीलदार नरेन्द्र कुमार बरोठिया को प्रभारी नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट मनासा के पद पर नवीन पदस्थापना दी गई है। सिंगोली के नायब तहसीलदार बालकृष्ण मकवाना को अब प्रभारी तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट जावद नियुक्त किया गया है। नवीन छलोत्रे को जावद की कमान टप्पा कुकड़ेश्वर के प्रभारी नायब तहसीलदार नवीन छलोत्रे को प्रभारी नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट जावद की कमान सौंपी गई है। कलेक्टर के इन आदेशों के बाद सभी अधिकारियों को तत्काल अपने नवीन क्षेत्रों में पदभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रशासनिक कार्यों और राजस्व मामलों के निपटारे में तेजी लाई जा सके।
जहानाबाद में रामविलास पासवान की जयंती मनाई गई:पार्टी कार्यकर्ताओं ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी
जहानाबाद में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के संस्थापक, पूर्व केंद्रीय मंत्री और पद्म भूषण से सम्मानित स्वर्गीय रामविलास पासवान की जयंती रविवार को मनाई गई। यह कार्यक्रम जहानाबाद के एक निजी हॉल में पार्टी के जिला अध्यक्ष प्रिंस कुमार की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। इस अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्व. रामविलास पासवान के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यकर्ताओं ने केक काटकर उनकी जयंती का उत्सव मनाया, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष प्रिंस कुमार ने कहा कि स्व. रामविलास पासवान गरीबों, दलितों और वंचितों के सच्चे हितैषी थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन सामाजिक न्याय और समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने रामविलास पासवान के प्रसिद्ध नारे, “मैं उस घर में दिया जलाने चला हूं जहां सदियों से अंधेरा है”, को पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। प्रिंस कुमार ने आगे कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान उनके विचारों और आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। पार्टी समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है, और कार्यकर्ता संगठन को मजबूत कर स्व. रामविलास पासवान के सपनों को साकार करने का संकल्प ले रहे हैं। इस अवसर पर जिला संसदीय बोर्ड अध्यक्ष निरंजन कुमार नीरू, जिला सचिव संजय कुमार, जिला महासचिव दिलीप कुमार, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष खुर्शीद रशीद, विधि प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष अधिवक्ता मुकेश कुमार, पंचायती राज प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष संजय पासवान, तथा एससी/एसटी प्रकोष्ठ के सत्यम कुमार सहित कई पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
भारतीय युवा कांग्रेस के देशव्यापी छात्रों की गूंज अभियान के तहत रविवार शाम ग्वालियर के बैजाताल (मोतीमहल) पर ग्वालियर की GOONJ (Voices Turn Into Movements) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रैप, कविता, शायरी और ओपन माइक के माध्यम से छात्र-छात्राओं और युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक, बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी। कार्यक्रम का नेतृत्व भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं अभियान के संयोजक मितेंद्र दर्शन सिंह यादव ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, युवा, कवि, कलाकार और युवा कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। मंच से प्रस्तुत रचनात्मक प्रस्तुतियों के जरिए शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से सामने रखा गया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश था— “शब्द नहीं... ये आवाज़ है देश के युवाओं की।” अपने संबोधन में मितेंद्र दर्शन सिंह यादव ने कहा कि देश का युवा अब केवल सुनने वाला नहीं, बल्कि अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने वाला युवा है। उन्होंने आरोप लगाया कि NEET, CBSE और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं ने लाखों छात्रों के सपनों को तोड़ा है। उनका कहना था कि जब मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य सुरक्षित नहीं होगा, तो देश का भविष्य भी सुरक्षित नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि छात्रों की गूंज अभियान का उद्देश्य युवाओं को ऐसा लोकतांत्रिक मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे बिना किसी भय के अपनी बात रख सकें। उनके अनुसार ग्वालियर की GOONJ ने यह साबित किया है कि युवाओं की आवाज़ अब आंदोलन का रूप ले रही है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग पूरे देश में मजबूती से उठ रही है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों और परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाते हुए परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, पेपर लीक के मामलों में कठोर कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। समापन अवसर पर मितेंद्र दर्शन सिंह यादव ने कहा कि यह केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के युवाओं की चेतना और परिवर्तन का मंच है। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और उनके भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक छात्रों की गूंज अभियान पूरे देश में जारी रहेगा।
फरीदाबाद के भूपानी मोड़ इलाके में बीती देर रात अज्ञात बदमाशों ने एक निजी बैंक के एटीएम को गैस कटर से काटकर उसमें रखी करीब 6.53 लाख रुपए की नकदी पर हाथ साफ कर दिया। वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने एटीएम बूथ में लगे सीसीटीवी कैमरों की तारें भी काट दीं, ताकि उनकी गतिविधियां रिकॉर्ड न हो सकें। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना की जानकारी रविवार सुबह बैंक प्रबंधन और एटीएम संचालन करने वाली कंपनी को मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मामले में एटीएम का संचालन और रखरखाव करने वाली कंपनी के प्रतिनिधि ने भूपानी थाना पुलिस को शिकायत सौंपी। शिकायत में बताया गया कि घटना के समय मशीन में कुल 6,53,300 रुपए मौजूद थे, जिन्हें बदमाश चोरी कर ले गए। पुलिस ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वारदात को अंजाम देने वाले कितने लोग थे और उन्होंने चोरी की पूरी योजना किस तरह से बनाई। पुलिस कर रही आरोपियों की तलाश भूपानी थाना इंचार्ज कुलदीप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
यूपी के करीब 1.60 लाख से अधिक होमगार्ड्स और उनके आश्रित परिजनों का योगी सरकार कैशलेस इलाज कराएगी। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में इसका प्रस्ताव मंजूर हो सकता है। होमगार्ड विभाग के अधिकारी ने बताया- यूपी में अभी करीब 1.18 लाख होमगार्ड हैं। 41 हजार से अधिक होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस तरह इस सुविधा का लाभ करीब 1.60 लाख से अधिक होमगार्ड और उनके परिजनों को मिलेगा। सरकार की ओर से उन्हें पांच लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। लखनऊ में सीएम आवास पर सोमवार सुबह 10 बजे कैबिनेट की बैठक होगी। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने रविवार देर रात करीब 9:45 बजे 21 सूत्री एजेंडा जारी किया है। लोक सेवा आयोग अध्यक्ष और सदस्यों की पेंशन बढ़ेगी उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की पेंशन बढ़ाई जाएगी। प्रदेश में स्टार्टअप को प्रोत्साहन के लिए नई स्टार्टअप नीति 2026 को मंजूरी दी जाएगी। नए स्टार्टअप के लिए सब्सिडी और कई तरह की रियायतें दी जाएगी। वहीं, उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप, इनक्यूबेशन, स्टार्टअप इकोसिस्टम के प्रोत्साहन के लिए सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन की स्थापना की जाएगी। विधानसभा चुनाव से पहले शाहजहांपुर के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलकर परशुरामपुरी रखा जाएगा। ये हैं कैबिनेट के प्रमुख प्रस्ताव तीन जिलों में विश्वविद्यालय की स्थापना स्टार्टअप नीति को मंजूरी मिलेगी गोरखपुर में 100 बेड के अस्पताल के लिए जमीन दी जाएगी मदरसा शिक्षकों को राहत देगी सरकार इंटरनेशनल पदक विजेता खिलाड़ियों की सीधी भर्ती --------------------- यह खबर भी पढ़िए:- अखिलेश के सामने लेटकर पुशअप लगाने लगे सीताराम यादव:बोले- भैया के लिए 200 बार लगा देंगे, सपा प्रमुख ने 9 गिनते ही रोक लिया सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सामने सपा कार्यकर्ता ने लेटकर पुशअप लगाए। यह झांसी के सीताराम यादव उर्फ कन्हैयालाल हैं। वह कहते हैं कि भैया के लिए एक या दो क्या, 100-200 पुशअप लगा देंगे। इसके बाद 50 साल के सीताराम ने अपना मोबाइल और घड़ी टेबल पर रखी। फिर पुशअप लगाना शुरू कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…
डेनमार्क के लांगेबैक स्थित मोहनजी पीस सेंटर (एमपीसी) में शनिवार-रविवार को ‘हैप्पीनेस फेस्टिवल-2026’ के दौरान भगवान गणेश-दत्तात्रेय और शिरडी साईं बाबा की प्रतिमाओं की स्थापना की गई। कार्यक्रम में विभिन्न देशों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। अयोध्या निवासी मोहनजी फांउडेंशन के मीडिया प्रभारी वेंदाती ने बताया- महोत्सव की शुरुआत डेनिश ध्वज फहराने के साथ हुई। ब्रह्मर्षि डॉ. मोहनजी ने श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए आत्मिक सुख, आंतरिक शांति और आत्मबोध को जीवन की वास्तविक समृद्धि बताया। कहा- जागरूकता, स्वीकार्यता और संतुलित जीवन दृष्टि से ही स्थायी आनंद प्राप्त किया जा सकता है। भारतीय संस्कृति को मिला वैश्विक मंच कार्यक्रम में डेनमार्क में भारत के राजदूत मनीष प्रभात भी पहुंचे। उनकी उपस्थिति को भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के अंतरराष्ट्रीय विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया। महोत्सव का प्रमुख आकर्षण ‘मैनिफेस्टिंग एबंडेंस–द री-प्रोग्रामिंग’ कार्यशाला रही, जिसमें दुनिया भर से 400 से अधिक लोगों ने ऑनलाइन सहभागिता की। आयोजकों के मुताबिक यह आयोजन केवल प्रतिमा स्थापना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शांति, सेवा, करुणा और वैश्विक एकता का संदेश देने वाला आध्यात्मिक अभियान साबित हुआ।
बांसवाड़ा में मां से झगड़ रही चाची पर भतीजे ने जानलेवा हमला कर दिया। चाची के पेट में चाकू घोंप दिया, जिससे महिला की आंतें तक डैमेज हो गई। दोनों परिवारों की महिलाओं के बीच हुए मामूली विवाद के बाद आरोपी युवक आवेश में आ गया, जिसके बाद वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल महिला का जिला हॉस्पिटल में इलाज जारी है, जहां उसकी हालत गंभीर है। ताई और चाची में हुई थी कहासुनीपीड़िता सीमा नीनामा के बेटे राकेश ने बताया कि घर में उसकी मां और ताई (बड़ी मां) के बीच किसी बात पर कहासुनी हो गई थी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि ताई का बेटा रितेश पुत्र शंकर निनामा गुस्से में वहां पहुंच गया। आरोपी युवक एक धारदार चाकू लेकर आया और बिना सोचे-समझे सीधे अपनी चाची (सीमा) के पेट में चाकू घोंप दिया। चाकू का वार इतना जोरदार था कि महिला लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ी। वारदात के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आरोपी फरार हो गया। घटना के तुरंत बाद परिजनों ने गंभीर रूप से घायल सीमा को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां महिला का इलाज जारी है। भूंगड़ा थानाधिकारी देवीलाल ने बताया- चाकू से जानलेवा हमला करने की घटना की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुरानी रंजिश को लेकर भी जांच कर रहे हैं।
अरवल जिला मुख्यालय के जनकपुर धाम इलाके में पुलिस ने कथित देह व्यापार के एक नेटवर्क के खिलाफ छापेमारी कर 8 नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया। इस कार्रवाई के दौरान महिला संचालिकाओं सहित कुल 14 लोगों को हिरासत में लिया गया। गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई पुलिस के अनुसार, जनकपुर धाम इलाके में लंबे समय से कथित रूप से अवैध गतिविधियां संचालित होने की सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी की। तलाशी के दौरान कई कमरों से जांच से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई। नाबालिगों के शोषण की आशंका पुलिस की प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि रेस्क्यू की गई नाबालिग लड़कियों का कथित रूप से शोषण किया जा रहा था और उनसे जबरन देह व्यापार कराया जा रहा था। हालांकि, मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है। मेडिकल जांच के बाद सुरक्षित संरक्षण में भेजा गया रेस्क्यू की गई सभी 8 नाबालिग लड़कियों का सदर अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद उन्हें सुरक्षित संरक्षण में भेज दिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि लड़कियों को यहां कौन लाया, उन्हें इस गतिविधि में किसने धकेला और पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही। 14 लोग हिरासत में पुलिस ने इस मामले में महिला संचालिकाओं सहित 14 लोगों को हिरासत में लिया है। साइबर डीएसपी मुशीर आलम ने बताया कि महिला संचालिकाओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मानव तस्करी के पहलू से भी जांच पुलिस पूरे मामले की जांच मानव तस्करी और संगठित अपराध के पहलू से भी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद जनकपुर धाम इलाके में हलचल का माहौल है।
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार के तुरतुरिया मंदिर में बालमदेही नदी में अचानक बाढ़ आने से 250 से अधिक श्रद्धालु फंस गए। कसडोल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी भक्तों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान नगर सेना (आपदा राहत दल) के देर से पहुंचने पर लोगों में नाराजगी देखी गई। जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए तुरतुरिया मंदिर पहुंचे थे। उन्होंने सूखी बालमदेही नदी को पार कर पहाड़ी स्थित माता गढ़ में पूजा-अर्चना की। दोपहर तक स्थिति सामान्य थी, लेकिन अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। पहले देखिए तस्वीरें बारिश के कारण बालमदेही नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और तेज बहाव के कारण नदी पार करना असंभव हो गया। इससे लगभग 250 भक्त मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में फंस गए, जिससे उनके बीच अफरा-तफरी मच गई। फंसे भक्तों ने तत्काल कसडोल पुलिस थाना और नगर सेना को सूचना दी। सूचना मिलते ही कसडोल थाना प्रभारी प्रवीण मिंज के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस टीम ने जोखिम उठाते हुए बढ़े हुए नदी जलस्तर को पार किया और फंसे भक्तों तक पहुंची। पुलिसकर्मियों ने धैर्यपूर्वक सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित रास्ते पर ले जाने का काम शुरू किया। चूंकि नदी का मुख्य रास्ता पूरी तरह बंद था, पुलिस ने भक्तों को नदी के किनारे-किनारे लगभग दो किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा कराई और उन्हें ठाकुर दिया गांव के पास सुरक्षित स्थान पर निकाला। इस अभियान के दौरान पुलिस के जवानों ने कई बुजुर्गों और महिलाओं को सहारा देकर बाहर निकाला और किसी भी अप्रिय घटना को टाल दिया। पुलिस ने बचाई 250 श्रद्धालुओं की जान थाना प्रभारी प्रवीण मिंज ने बताया कि सुबह जब श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे, तब नदी में पानी कम था। लेकिन लगातार बारिश होने से नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इसके बाद पुलिस ने तुरंत रेस्क्यू अभियान चलाया और सभी 250 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उन्होंने लोगों से अपील की कि बारिश के मौसम में नदी-नालों को पार करने से बचें और यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें। पुलिस ने अकेले किया रेस्क्यू स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि दोपहर करीब 2:30 बजे ही नगर सेना को सूचना दे दी गई थी, लेकिन शाम 5 बजे तक उनकी टीम मौके पर नहीं पहुंची। इस बीच पुलिस ने अकेले ही सभी श्रद्धालुओं का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। लोगों का आरोप है कि अगर पुलिस समय पर नहीं पहुंचती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नगर सेना की देरी पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि आपदा जैसी स्थिति में बचाव दल को तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करनी चाहिए।
मोगा में लूट की साजिश रच रहा गिरोह दबोचा:4 आरोपी गिरफ्तार; कृपाण, बेसबॉल बैट और बाइक बरामद
मोगा पुलिस ने लूटपाट और चोरी की वारदातों की योजना बना रहे एक गिरोह के चार सदस्यों को तेजधार हथियारों सहित गिरफ्तार किया है। जिला पुलिस प्रमुख सरताज सिंह चाहल ने बताया कि यह कार्रवाई असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। डीएसपी सिटी जतिंदर सिंह गिल के नेतृत्व में थाना सिटी मोगा के प्रभारी इंस्पेक्टर वरुण कुमार और थानेदार लखविंदर सिंह की पुलिस टीम इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान एमपी बस्ती, लंडे के के पास उन्हें गुप्त सूचना मिली। सूचना में बताया गया कि मनजिंदर सिंह (निवासी नत्थूवाला गरबी), हरमन सिंह उर्फ हरमन (निवासी दुनेके), स्वर्णजीत सिंह उर्फ निक्का (निवासी लंडे के) और वरिंदर सिंह उर्फ बंटी (निवासी साधांवाली बस्ती, मोगा) ने मिलकर एक गिरोह बनाया है। ये युवक लूटपाट और चोरी की वारदातों को अंजाम देने के आदी हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने मारा छापा पुलिस को जानकारी मिली कि ये सभी एमपी बस्ती के पास एक घने जंगलनुमा क्षेत्र में बैठकर किसी नई वारदात और लूट की योजना बना रहे थे। उनके पास घातक हथियार भी मौजूद थे। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत छापा मारा और चारों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से एक बिना नंबर का प्लेटिना मोटरसाइकिल, तीन मोबाइल फोन, एक बेसबॉल बैट और एक कृपाण बरामद की गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना सिटी मोगा में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। शनिवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस को एक दिन का रिमांड मिला है। पुलिस अब आरोपियों से उनकी पुरानी वारदातों और अन्य साथियों के बारे में गहन पूछताछ कर रही है।
राजगढ़ में बिजली गिरने से महिला की मौत:चारा लेकर खेत से लौट रही थी, कई घरों के बिजली उपकरण फुंके
राजगढ़ जिले में रविवार शाम तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से महिला की मौत हो गई। खिलचीपुर थाना क्षेत्र के बरगोलिया गांव में महिला खेत से चारा लेकर घर लौट रही थी। इसी दौरान बिजली गिरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, गाड़ाहेट गांव में एक किसान की भैंस भी बिजली गिरने से मर गई। तेज बिजली गिरने के दौरान आसपास के कई घरों में बिजली उपकरण खराब होने की भी जानकारी सामने आई है। खेत से लौटते समय गिरी बिजली बरगोलिया गांव निवासी चंद्रकला बाई दांगी (40) रविवार शाम खेत से चारा लेकर घर लौट रही थीं। उनके करीब 10 फीट पीछे काका ससुर हजारीलाल दांगी और उनका 14 वर्षीय बेटा श्री ओम चल रहे थे। इसी दौरान तेज चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरी और चंद्रकला उसकी चपेट में आ गईं। बिजली गिरते ही वह सड़क पर गिर पड़ीं। हजारीलाल दांगी ने बताया कि अचानक तेज रोशनी हुई और देखते ही देखते चंद्रकला जमीन पर गिर गईं। उन्होंने और उनके साथ चल रहे श्री ओम ने उन्हें उठाने की कोशिश की, लेकिन वह कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रही थीं। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से उन्हें खिलचीपुर सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कई घरों के बिजली उपकरण भी खराब ग्रामीणों के अनुसार, बिजली गिरने के समय जोरदार आवाज हुई। इसके बाद गांव के कई घरों में टीवी, पंखे और अन्य बिजली उपकरण खराब हो गए। हालांकि, नुकसान का आकलन अभी नहीं हो सका है। सोमवार को होगा पोस्टमार्टम अस्पताल में महिला के शव का पंचनामा बनाकर उसे पोस्टमार्टम के लिए मरचुरी में रखवाया गया है। महिला के शरीर, खासकर साड़ी पर, बिजली गिरने से जले जैसे काले निशान दिखाई दिए। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि चंद्रकला अपने पीछे दो बेटों को छोड़ गई हैं। बड़ा बेटा रितिक और छोटा बेटा श्री ओम (14) है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। गाड़ाहेट गांव में भैंस की भी मौत उधर, खिलचीपुर थाना क्षेत्र के गाड़ाहेट गांव में आकाशीय बिजली गिरने से किसान कवरलाल दांगी की भैंस की मौत हो गई। इस घटना से किसान को आर्थिक नुकसान भी हुआ। रविवार शाम हुई इन दोनों घटनाओं ने एक बार फिर बारिश के मौसम में आकाशीय बिजली के खतरे को सामने ला दिया। अचानक बदले मौसम और तेज गर्जना के बीच हुई घटनाओं से क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
‘SITकी जांच रिपोर्ट आने तक राम मंदिर ट्रस्ट के किसी भी पदाधिकारी को दोषी न ठहराया जाए और तथ्यों के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जाए। चंपतराय के राम मंदिर में किए गए योगदान पर भी विचार किया जाए।’ राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावा प्रकरण को लेकर जारी विवाद के बीच अयोध्या व्यापार मंडल ने रविवार शाम पांच बजे पीसी कर यह अपील की। व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने कहा- जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति पर आरोप लगाना न्यायसंगत नहीं है। सभी पक्षों से संयम बरतने और जांच एजेंसियों को निष्पक्ष रूप से अपना कार्य करने देना चाहिए। जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो अयोध्या व्यापार मंडल सबसे पहले उसका बहिष्कार करेगा और कठोर कार्रवाई की मांग करेगा। व्यापार मंडल अध्यक्ष की प्रमुख बातें… बार एसोसिएशन के प्रस्ताव का किया स्वागत: दान प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों की पैरवी नहीं करने संबंधी बार एसोसिएशन फैजाबाद के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए इसे सराहनीय निर्णय बताया। कहा- कानून अपना काम कर रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए। चंपत राय ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र और श्रीराम मंदिर आंदोलन को समर्पित किया है। मंदिर आंदोलन के दौरान संतों को एक मंच पर लाने, ऐतिहासिक साक्ष्यों को संकलित करने और मंदिर पक्ष को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राम जन्मभूमि प्रकरण में न्यायालय का फैसला भी ठोस साक्ष्यों के आधार पर आया था। राम मंदिर से बदली अयोध्या की आर्थिक तस्वीर: राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। पहले जहां स्थानीय लोगों को रोजगार के लिए अन्य शहरों का रुख करना पड़ता था, वहीं अब देशभर से लोग अयोध्या में निवेश और व्यापार की संभावनाएं तलाश रहे हैं। रेलवे स्टेशन, रामपथ, धर्मपथ, एयरपोर्ट और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार के प्रयासों की भी सराहना की। कहा- मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं, जिससे देश-विदेश से आने वाले भक्तों को सुविधाजनक दर्शन का अनुभव मिल रहा है। 6 जुलाई की बैठक पर टिकी निगाहें दान प्रकरण को लेकर संत समाज के बाद अब अयोध्या व्यापार मंडल भी चंपत राय के समर्थन में खुलकर सामने आ गया है। ऐसे में 6 जुलाई को प्रस्तावित बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हैं। माना जा रहा है कि बैठक में ट्रस्ट के नेतृत्व, दान प्रकरण और आगे की रणनीति को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हो सकती है। बैठक में महामंत्री नंदलाल गुप्ता, अचल गुप्ता, विनोद श्रीवास्तव, श्याम सुंदर कसेरा, सरदार कमलजीत, सरदार महेंद्र, जितेंद्र मोदनवाल, सोनू अग्रहरि, रंजीत गुप्ता, राकेश गुप्ता और निखिल गुप्ता समेत अयोध्या धाम के वरिष्ठ व्यापारी उपस्थित रहे।
छिंदवाड़ा शहर में एक युवक ने कुछ लोगों पर बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगाया है। युवक का आरोप है कि रविवार को पहले छोटे तालाब के पास स्थित एक होटल के नजदीक उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद आरोपियों ने उसे मारते-पीटते दादा धूनी वाले मंदिर तक ले गए। घायल को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घायल ने लगाए गंभीर आरोप घायल की पहचान लालबाग निवासी मोहम्मद आसिफ उर्फ आशु के रूप में हुई है। आसिफ का आरोप है कि जिन लोगों ने उसके साथ मारपीट की, वह उन्हें पहचानता भी नहीं है। उसका कहना है कि आरोपियों ने अचानक कांच की बोतल से उसके सिर पर हमला किया, जिससे उसे गंभीर चोट आई। इसके बाद रास्ते भर उसके साथ मारपीट की गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआत में मारपीट करने वाले तीन से चार लोग थे। बाद में उनकी संख्या बढ़कर करीब 15 हो गई। घटना के दौरान इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस कर रही मामले की जांच घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी आशीष कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि विवाद किस वजह से हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बाड़मेर में मेडिकल स्टोर पर इलाज के दौरान एक युवक की ज्यादा तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। इस दौरान झोलाछाप डॉक्टर वहां से भाग गया। परिजनों ने गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। घटना बाड़मेर शहर के थार हॉस्पिटल के पास की गली हरियाणा नागल मेडिकल स्टोर शाम करीब 8 बजे की है। पुलिस ने परिजनों से समझाइश करने के बाद शव को जिला हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में शिफ्ट करवाया है। पुलिस के अनुसार कलाराम (35) पुत्र शिवजीराम निवासी जोगियों की दड़ी की रविवार शाम को तबीयत बिगड़ने के बाद भाई और परिजन उसको हरियाणा नागल मेडिकल स्टोर लेकर पहुंचे। वहां पर झोलाछाप डॉक्टर इलाज करने लगा। इस दौरान उसकी मौत हुई है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों और लोगों से समझाइश की। इसके बाद शव को बाड़मेर हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। मृतक काकाई भाई राणाराम कालबेलिया ने बताया- मेरे भाई को मेडिकल स्टोर पर लेकर आया था। गलत इंजेक्शन लगाने से भाई कलाराम की डेथ हो गई। यहां से डॉक्टर भाग गया। घर से हम सलामत यहां पर लेकर आए थे। हमने झोलाछाप इंजेक्शन लगाने वाले को रोकने का प्रयास किया। लेकिन वो यहां से भाग गया। कोतवाली थाने के सीआई मनोज कुमार ने बताया- युवक बीमार था, इलाज के लिए यहां पर लेकर आए थे। परिजनों से समझाइश कर शव को हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। परिजन जैसी रिपोर्ट देंगे उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आमजन की सुरक्षा और अवैध चिकित्सा गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के दो अवैध रूप से संचालित क्लिनिकों को सील कर दिया। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी के मार्गदर्शन एवं अध्यक्षता में अर्बन ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. दिव्यानी अहरवाल ने पुलिस प्रशासन के सहयोग से यह कार्रवाई की। कार्रवाई के तहत ओम साईं क्लिनिक को सील किया गया, जिसका संचालन कमल गुर्जर द्वारा किया जा रहा था। जांच में पाया गया कि संचालक के पास इलेक्ट्रोहोम्योपैथी की डिग्री होने के बावजूद क्लिनिक में एलोपैथिक पद्धति से इलाज किया जा रहा था। दरअसल संचालक को 20 मई और 20 जून 2026 को क्लिनिक बंद करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन चेतावनी के बावजूद संचालन जारी रखा गया। इसके बाद नियमानुसार क्लिनिक को सील कर दिया गया। इसी कड़ी में अभिषेक नगर, मूसाखेड़ी स्थित संजीवनी क्लिनिक पर भी कार्रवाई की गई। क्लिनिक संचालक दिनेश गुर्जर को पूर्व में बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता और आवश्यक दस्तावेजों के संचालन के कारण क्लिनिक बंद करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निर्देशों की अनदेखी करते हुए क्लिनिक का संचालन जारी रखा गया। जनहित और कानूनी प्रावधानों के तहत पुलिस की मौजूदगी में क्लिनिक को सील कर दिया गया। सीएमएचओ ने बताया कि यह कार्रवाई नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, अवैध चिकित्सा व्यवसाय पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने और भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं को रोकने के उद्देश्य से की गई है। विभाग ने चेतावनी दी है कि बिना वैधानिक अनुमति और निर्धारित चिकित्सकीय पात्रता के चिकित्सा व्यवसाय संचालित करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
संभल पुलिस ने नगर पालिका परिषद के तत्कालीन ईओ राजकुमार गुप्ता से 101 करोड़ रुपये की बेशकीमती जमीन हड़पने के मामले में छह घंटे तक पूछताछ की है। उन्हें रविवार सुबह 8:30 बजे मुरादाबाद जिला कारागार से रिमांड पर लिया गया था। मेडिकल जांच के बाद शाम 7 से 7:30 बजे के बीच उन्हें वापस जिला कारागार में दाखिल कर दिया गया। यह मामला संभल तहसील के थाना रायसत्ती क्षेत्र स्थित गांव तख्तगोसाईन में मुरादाबाद रोड पर 38 बीघा भूमि से जुड़ा है। विवेचक संभल सीओ कुलदीप कुमार ने पूछताछ के दौरान राजकुमार गुप्ता से इलाहाबाद हाईकोर्ट से रिट वापस लेने और इस प्रक्रिया में शामिल अन्य लोगों के बारे में मुख्य सवाल पूछे। सीओ ने बताया कि पूछताछ विवेचना का हिस्सा है, इसलिए इसका विवरण सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। संभल कोतवाली में इस संबंध में एफआईआर दर्ज की गई थी। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने 28 जून को इस जमीन का निरीक्षण किया था। इसके बाद 29 जून को लेखपाल स्पर्श गुप्ता की शिकायत पर 31 नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। यह जमीन पांच गाटा संख्या 206, 207, 238, 242/378, 279 से संबंधित है। मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, डीडीसी कोर्ट ने 27 जुलाई को वर्ष 2008 में अपनी अदालत द्वारा दिए गए एक आदेश को पलट दिया। यह आदेश 27 जून 2026 को प्रभावी होगा। जांच में सामने आया है कि करोड़ों की इस जमीन को नगर पालिका परिषद संभल के नाम से फर्जी पट्टा दिखाकर डीडीसी कोर्ट से नामांतरण कराकर हड़पने की साजिश रची गई थी। लेखपाल की जांच से खुलासा हुआ कि वर्ष 2008 में उपसंचालक चकबंदी द्वारा इस भूमि का नामांतरण एक फर्जी व्यक्ति के नाम कर दिया गया था। यह नामांतरण फर्जी पट्टे के आधार पर किया गया था, जिस पर नगर पालिका का कोई अधिकार नहीं था। इलाहाबाद हाईकोर्ट में आलम वारसी पुत्र मकसूद हुसैन निवासी पानी टंकी, मौहल्ला मल्ली सराय, आजम खान पुत्र साजिद खान निवासी जिलानी अरबी कॉलेज, मौहल्ला देहली दरवाजा, मुजाहिद पुत्र मौ. हशमत निवासी मौहल्ला बेगम सराय, शाकिर अली पुत्र गुलाम साबिर निवासी नवाड़ा, मौ. रफीक पुत्र जुम्मा एवं मौ. क़ासिम पुत्र जहीर अहमद निवासी मौहल्ला पंजू सराय, शाकिर सबूर पुत्र अब्दुल सबूर खान निवासी बगीचा वाली मस्जिद, मौहल्ला चौधरी सराय, तहसील संभल ने याचिका दाखिल की है। बीती 2 जुलाई को नगर पालिका परिषद संभल के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी (वर्तमान में शाहजहांपुर नगर निगम) के सहायक आयुक्त राजकुमार गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पालिका के रिटायर्ड मानचित्र शहाबुद्दीन एवं पैरोकार माजिद खान सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीम दबिश दें रही है।
मध्य प्रदेश के छतरपुर और पन्ना जिलों में केन-बेतवा लिंक परियोजना समेत अन्य विकास परियोजनाओं से विस्थापित ग्रामीणों का 'चिता आंदोलन' तीसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने प्रशासन पर भ्रष्टाचार और दमनकारी रवैये के आरोप लगाए हैं। आंदोलन शुक्रवार से शुरू हुआ था। आंदोलन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि विस्थापन से पहले उन्हें न तो उचित नोटिस दिया गया और न ही सभी प्रभावित परिवारों को पूरा मुआवजा मिला। उनका आरोप है कि ग्राम सभा और आम सभा की अनदेखी कर मनमाने तरीके से मुआवजा तय किया गया, जिससे कई परिवार अब भी वंचित हैं। देखें तस्वीरें… महिलाओं ने लगाए घूस मांगने के आरोप आदिवासी महिलाओं और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन के कुछ लोगों ने घूस मांगी और पुलिस का डर दिखाकर उन्हें उनकी पुश्तैनी जमीन छोड़ने के लिए दबाव बनाया। एक महिला ने कहा कि इस तरह का अन्याय सहने से बेहतर है कि उन्हें मार दिया जाए। राशन, पानी और दवाएं रोकने का आरोप आंदोलनकारियों का आरोप है कि सरकार और प्रशासन आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि आंदोलन स्थल पर राशन, पानी, बिजली और दवाओं की आपूर्ति रोक दी गई है। आदिवासी महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें गंदा पानी पीने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उनका कहना है कि इन हालात से आंदोलनकारियों का मनोबल तोड़ने की कोशिश की जा रही है। सामाजिक कार्यकर्ता ने दी चेतावनी आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने कहा कि विस्थापन से बड़ा कोई दर्द नहीं होता। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजनाओं के नाम पर अधिकारी और नेता आपदा में भी अवसर तलाश रहे हैं। उनके अनुसार, अपात्र लोगों को लाभ दिया जा रहा है, जबकि वास्तविक प्रभावितों को पूरा मुआवजा नहीं मिल रहा। भटनागर ने कहा कि यह केवल आरोप नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि वे जल्द ही हर परियोजना के काले सच को प्रमाणों के साथ सार्वजनिक करेंगे।
गोरखपुर सहोदय स्कूल्स एसोसिएशन (GSSA) की ओर से रविवार की दोपहर 2 बजे 'फेलिसिटेशन सेरेमनी 6.0 और टीचर्स एक्सीलेंस अवॉर्ड' का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कुल 51 स्कूलों के 205 होनहार स्टूडेंट्स को मेडल, सर्टिफिकेट और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इसमें कक्षा 10वीं और 12वीं के सिटी टॉपर्स के साथ सभी स्कूलों के टॉपर्स शामिल रहे। इसके साथ ही पढ़ाई में नए प्रयोग करने और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए काम करने वाले गुरुओं को 'टीचर्स एक्सीलेंस अवॉर्ड' दिया गया। इस कार्यक्रम में सीबीएसई बोर्ड से जुड़े स्कूलों के मैनेजर, डायरेक्टर, प्रिंसिपल, टीचर, छात्र और उनके पेरेंट्स बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप जलाने और सरमाउंट इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों की सरस्वती वंदना व सहोदय एंथम के साथ हुई। अच्छे नंबरों के साथ अच्छे नागरिक बनना जरूरीसहोदय के अध्यक्ष अजीत दीक्षित ने स्वागत भाषण में कहा कि इस संगठन का मकसद सिर्फ अच्छे नंबर लाना नहीं, बल्कि बच्चों को देश का जिम्मेदार नागरिक बनाना है। वहीं कोषाध्यक्ष डॉ. सलील के. श्रीवास्तव ने संस्था के सफर के बारे में बताया कि साल 2013 में कुछ स्कूलों से शुरू हुआ यह सफर आज 75 से ज्यादा सीबीएसई स्कूलों का बड़ा परिवार बन चुका है। यह संस्था पिछले एक दशक से खेल, कल्चरल एक्टिविटीज, आईटी, हेल्थ और सोशल वर्क में लगातार काम कर रही है। कुलपतियों ने दिए सफलता के मूलमंत्रएमएमएमयूटी की कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने छात्रों को जीवन में कामयाब होने के पांच मूलमंत्र दिए और कहा कि प्रतिभा के साथ विनम्रता और नैतिकता का होना बहुत जरूरी है। वहीं डीडीयू की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि आज के दौर में आपसी कॉम्पिटिशन से ज्यादा एक-दूसरे के सहयोग की जरूरत है। उन्होंने शिक्षकों से नए तौर-तरीके अपनाने और छात्रों से हमेशा सीखते रहने की अपील की। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समांकार्यक्रम के दौरान जेपी एजुकेशन अकादमी, पीएन नेशनल पब्लिक स्कूल और ब्लॉसम सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बच्चों ने देशभक्ति और भारतीय संस्कृति पर आधारित बेहतरीन डांस और नाटक पेश कर सबका मन मोह लिया। इस मौके पर स्कूल्स एसोसिएशन गोरखपुर के संरक्षक अजय शाही, सचिव माधवेंद्र पाण्डेय और सहोदय की संरक्षक डॉ. मीना अधमी समेत कई दिग्गज मौजूद रहे। अंत में सहोदय की सचिव डॉ. सीमा राय ने आए हुए सभी मेहमानों, मीडिया और आयोजन टीम का धन्यवाद किया। राष्ट्रगीत 'वन्दे मातरम्' के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसका संचालन रीना मसीह और रीना सिंह ने किया।
गोरखपुर में सोमवार को बिजली गुल रहेगी:कई इलाके रहेंगे प्रभावित, बक्शीपुर क्षेत्र में 5 घंटे तक कटौती
गोरखपुर के कई इलाकों के लोगों को सोमवार को बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा। बिजली विभाग ने रविवार रात करीब 9:00 बजे शटडाउन की सूचना जारी करते हुए बताया कि रोड चौड़ीकरण, बिजली लाइनों की शिफ्टिंग, भूमिगत केबल की टेस्टिंग और अनुरक्षण कार्य के कारण कई उपकेंद्रों से जुड़े फीडरों की विद्युत आपूर्ति निर्धारित समय तक बाधित रहेगी। विभाग ने उपभोक्ताओं से आवश्यक कार्य पहले ही निपटाने और पानी समेत जरूरी इंतजाम कर लेने की अपील की है। बक्शीपुर और बक्शीपुर न्यू उपकेंद्र से जुड़े दीवान बाजार, अलीनगर, जटाशंकर, मान चौराहा और बक्शीपुर 11 KV फीडरों की विद्युत आपूर्ति सोमवार को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बाधित रहेगी। यहां रोड चौड़ीकरण के चलते बिजली लाइन शिफ्टिंग का कार्य किया जाएगा। चार प्रमुख फीडरों पर सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक रहेगा शटडाउन अधिशासी अभियंता सेकेंडरी वर्क्स के अनुसार रोड चौड़ीकरण और लाइन शिफ्टिंग के चलते इंडस्ट्रियल स्टेट उपकेंद्र के पश्चिमी जनप्रिय फीडर, दुर्गाबाड़ी उपकेंद्र के हनुमंत नगर फीडर, खोराबार उपकेंद्र के सूबा बाजार फीडर और खुटहन उपकेंद्र के नगर निकाय फीडर की बिजली सोमवार सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक बंद रहेगी। इस दौरान संबंधित इलाकों में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित रहेगी। शाहपुर के विष्णु मंदिर फीडर पर होगा अनुरक्षण कार्य शाहपुर उपकेंद्र से निकलने वाले 11 KV विष्णु मंदिर फीडर के अंतर्गत कलेसिया चर्च के पास भूमिगत केबल की टेस्टिंग और अन्य अनुरक्षण कार्य किया जाएगा। इसके कारण संबंधित क्षेत्रों में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। पहले ही कर लें जरूरी तैयारियां बिजली विभाग ने कहा है कि शटडाउन के दौरान पेयजल आपूर्ति, घरेलू उपकरणों और अन्य जरूरी कार्य प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में उपभोक्ता समय रहते पानी की व्यवस्था और अन्य आवश्यक तैयारियां कर लें। किसी भी प्रकार की जानकारी या शिकायत के लिए विभाग के टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क किया जा सकता है।
बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र में रविवार की देर शाम हुई दोहरे हत्याकांड की घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। रतनपुर मकदूम्मा पंचायत के बलिया गांव के समीप स्कॉर्पियो सवार अज्ञात बदमाशों ने बाइक सवार दो युवकों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी वाहन सहित फरार हो गए। मृतकों की पहचान अमरपुर थाना क्षेत्र के धर्मराय गांव निवासी जगदीश सिंह के पुत्र सिट्टू सिंह तथा अर्जुन सिंह के पुत्र गुंजन सिंह के रूप में हुई है। बताया जाता है कि दोनों युवक बाइक से कहीं जा रहे थे। इसी दौरान बलिया गांव के बाहर पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने उनकी बाइक रोककर फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से दोनों युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरूघटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार, बांका एसडीपीओ अमर विश्वास तथा अमरपुर थानाध्यक्ष राकेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है । वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया गया।टीम ने क्राइम सीन का निरीक्षण कर आवश्यक नमूने एकत्र किए। पुलिस ने घटनास्थल से तीन खोखे बरामद किए हैं।प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे आपसी या पुरानी रंजिश सहित अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रहीग्रामीणों ने बताया कि मृतक युवकों के साथ एक तीसरा युवक भी मौजूद था,जो घटना के बाद वहां से भाग गया। फिलहाल उसके संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। बताया जा रहा है तीसरे युवक को भी गोली लगी है फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच आगे बढ़ा रही है। वहीं, पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम का गठन कर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार ने बताया कि सुनसान ग्रामीण सड़क पर दो युवकों की गोली मारकर हत्या की गई है। क्राइम सीन का वैज्ञानिक तरीके से परीक्षण कराया गया है और शवों की भी जांच की गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस हर पहलू से मामले की गहन जांच कर रही है तथा जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जाएगा।
गोरखपुर में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में गोरखपुर पुलिस ने एक अहम पहल की है। राजघाट थाना क्षेत्र के हाबर्ट बंधा तिराहे पर बने आदर्श पुलिस बूथ का रविवार शाम 7:00 बजे एसपी सिटी निमिष पाटिल ने उद्घाटन किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह बूथ क्षेत्र में अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आम लोगों को त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उद्घाटन के दौरान एसपी सिटी निमिष पाटिल ने कहा कि आदर्श पुलिस बूथ केवल पुलिस की मौजूदगी का प्रतीक नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा का भरोसेमंद केंद्र होगा। यहां से रात्रि गश्त की लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था पर नजर रखने, सड़क हादसों की सूचना मिलते ही तत्काल पुलिस टीम भेजने और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखने का काम भी इसी बूथ से किया जाएगा। अपराधियों पर कसेगा शिकंजा पुलिस का मानना है कि शहर के प्रमुख तिराहे पर पुलिस की स्थायी तैनाती से अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी नजर रखी जा सकेगी। इससे चोरी, लूट और अन्य आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी, जबकि क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों के मन में सुरक्षा का विश्वास और मजबूत होगा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार किसी भी सड़क दुर्घटना, विवाद या अन्य आपात स्थिति की सूचना मिलने पर पुलिस टीम पहले से अधिक तेजी से मौके पर पहुंच सकेगी। इससे राहत और बचाव कार्य में भी तेजी आएगी और लोगों को बिना देरी के पुलिस सहायता मिल सकेगी। ‘सुरक्षा, सेवा और विश्वास’ की दिशा में नई पहल उद्घाटन समारोह में क्षेत्राधिकारी कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी, राजघाट थाना प्रभारी गौरव कुमार वर्मा समेत कई पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि आदर्श पुलिस बूथ पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ सुरक्षित शहर की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इससे लोगों का पुलिस पर भरोसा और मजबूत होगा तथा अपराध नियंत्रण व्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।
गोरखपुर के सराफ व्यवसायी बाल कृष्ण सराफ को अंतिम विदाई:बेटों ने दी मुखाग्नि, CM योगी ने भी जताया शोक
गोरखपुर के प्रतिष्ठित सराफ व्यवसायी, समाजसेवी और धार्मिक गतिविधियों से जुड़े बाल कृष्ण सराफ को रविवार की शाम 4 बजे नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। सुबह गांधी गली स्थित उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा रहा। परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों, व्यापारियों, समाजसेवियों, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों और शुभचिंतकों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद “राम नाम सत्य है” के जयघोष के बीच उनकी अंतिम यात्रा राजघाट श्मशान घाट के लिए रवाना हुई। अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब जैसे ही अंतिम यात्रा गांधी गली से आगे बढ़ी, बड़ी संख्या में लोग उसमें शामिल होते चले गए। व्यापारिक प्रतिष्ठान छोड़कर पहुंचे कारोबारी, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, मित्र और स्थानीय लोगों ने पैदल चलकर उन्हें अंतिम विदाई दी। पूरे मार्ग पर माहौल गमगीन रहा और लोगों ने हाथ जोड़कर दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किए। अंतिम यात्रा में शामिल हर व्यक्ति के चेहरे पर उनके निधन का दुख साफ दिखाई दे रहा था। राजघाट पर बेटों ने दी मुखाग्नि राजघाट श्मशान घाट पहुंचने के बाद वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ बाल कृष्ण सराफ का अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। उनके पुत्र अतुल सराफ और अनूप सराफ ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान पूरा वातावरण भावुक हो गया और मौजूद लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। परिवार के सदस्यों को सांत्वना देने के लिए बड़ी संख्या में लोग अंतिम संस्कार स्थल पर मौजूद रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भेजा शोक संदेश उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाल कृष्ण सराफ के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनके पुत्र अतुल सराफ के नाम शोक संदेश भेजा। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि बाल कृष्ण सराफ एक प्रमुख सराफ व्यवसायी होने के साथ-साथ सामाजिक जीवन में भी सक्रिय भूमिका निभाते थे। उन्होंने लिखा कि वे विश्व हिंदू परिषद से जुड़े रहे, श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में आजीवन सहभागी रहे और श्री गोरक्षपीठ के अनन्य भक्त थे। मुख्यमंत्री ने उनके निधन को व्यापार जगत ही नहीं, बल्कि सामाजिक संगठनों के लिए भी अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने महायोगी गुरु गोरखनाथ से दिवंगत आत्मा की चिरशांति तथा शोक संतप्त परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की। व्यापार और समाज सेवा दोनों में बनाई अलग पहचानबाल कृष्ण सराफ ने व्यापारिक क्षेत्र के साथ-साथ सामाजिक और धार्मिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाई। वे अपने सरल व्यवहार, मिलनसार व्यक्तित्व और सेवा भावना के कारण शहर में विशेष सम्मान रखते थे। समाज के हर वर्ग के लोगों से उनका आत्मीय संबंध था। जरूरतमंदों की मदद करना और सामाजिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना उनकी पहचान थी। इसी कारण उनके निधन की खबर मिलते ही शहर के विभिन्न वर्गों में शोक की लहर दौड़ गई।हर जुबान पर रही उनकी सादगी और सेवा की चर्चाअंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार में मौजूद लोगों ने बाल कृष्ण सराफ को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपने व्यवहार, ईमानदारी और समाज के प्रति समर्पण से लोगों के दिलों में खास जगह बनाई थी। लोगों ने कहा कि उनका जाना केवल सराफ परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे गोरखपुर के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनकी अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ इस बात का प्रमाण रही कि उन्होंने अपने जीवन में लोगों का अपार स्नेह, सम्मान और विश्वास अर्जित किया था।
गरियाबंद जिले के कोपरा में एक दुखद घटना सामने आई है। यहां घर के बाहर खेल रहे दो मासूम भाई-बहन की कचरा फेंकने के लिए बने गड्ढे (घुरवा) में डूबने से मौत हो गई। लगातार बारिश के कारण गड्ढे में 10 से 12 फीट तक पानी भरा हुआ था। जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत कोपरा के तर्रा रोड निवासी बिसेलाल साहू के पोते योगेश साहू (6 साल) और पोती सुमन साहू (5 साल) बारिश रुकने के बाद घर के बाहर खेल रहे थे। इसी दौरान घर से सटे घुरवा गड्ढे में वे डूबे हुए मिले। आशंका जताई जा रही है कि खेलते समय उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में डूब गए। लगातार बारिश के चलते गड्ढे में करीब 10 से 12 फीट पानी भरा हुआ था, जिससे दोनों बच्चे बाहर नहीं निकल सके। जब काफी देर तक बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान दोनों बच्चों को घुरवा गड्ढे में पाया गया। ग्रामीणों ने तत्काल उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलते ही पांडुका पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
गयाजी पुलिस ने साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। साइबर थाना गयाजी और साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई, पटना की संयुक्त कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी के पास से 11 मोबाइल नंबर जब्त किए हैं। इन नंबरों का इस्तेमाल देशभर में निवेश, ऑनलाइन ट्रेडिंग और करोड़ों रुपये की ठगी के लिए किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में इन नंबरों से जुड़े 22 साइबर ठगी के मामलों का खुलासा हुआ है, जिनमें कुल 2 करोड़ 91 लाख 18 हजार 286 रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब, कम पढ़े-लिखे और जरूरतमंद लोगों के आधार कार्ड व अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उनके नाम पर सिम कार्ड जारी कराता था। कई मामलों में संबंधित लोगों की जानकारी के बिना भी अतिरिक्त सिम कार्ड सक्रिय कर दिए जाते थे। बाद में इन्हें साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया जाता था, जो इन सिम कार्डों के जरिए निवेश, ऑनलाइन ट्रेडिंग, फर्जी मुनाफे और अन्य आकर्षक योजनाओं का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। शिकायतों में मोबाइल नंबर बार-बार आ रहे थे पुलिस के अनुसार, वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार के निर्देश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत राष्ट्रीय साइबर अपराध शिकायत पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज मामलों का तकनीकी विश्लेषण किया गया। जांच में पता चला कि कई राज्यों में दर्ज साइबर ठगी की शिकायतों में कुछ मोबाइल नंबर बार-बार सामने आ रहे थे। तकनीकी अनुसंधान के बाद यह स्पष्ट हुआ कि ये सभी नंबर गयाजी जिले में संचालित एक प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) के माध्यम से जारी किए गए थे। इसके बाद निगरानी शुरू की। साक्ष्य मिलने पर आमस क्षेत्र में छापेमारी की गई, जहां से आरोपी गोविंद कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। गोविंद कुमार डोभी थाना क्षेत्र स्थित अमारुत गांव का निवासी है। 11 मोबाइल नंबरों के खिलाफ 22 शिकायतें दर्ज पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि जब्त किए गए 11 मोबाइल नंबरों के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों से कुल 22 शिकायतें दर्ज थीं। इन शिकायतों में पीड़ितों से लगभग 2.91 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ ठगी की राशि और मामलों की संख्या में और बढ़ोतरी हो सकती है। पुलिस ने आरोपी के ठिकाने से 47 फर्जी या संदिग्ध सिम कार्ड भी बरामद किए हैं। इन सिम कार्डों की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका इस्तेमाल किन-किन साइबर अपराधों में किया गया और इनके माध्यम से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान की जा सके। जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का हिस्सा हो सकता है। इस मामले में साइबर थाना गया में मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल डेटा और कॉल डिटेल रिकॉर्ड का भी विश्लेषण कर रही है, ताकि इस नेटवर्क की पूरी श्रृंखला का खुलासा किया जा सके। आरोपी से पूछताछ की जा रही साइबर थाना अध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है और उसके द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर कई अन्य संदिग्धों की पहचान की गई है। जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड या अन्य दस्तावेज उपलब्ध न कराएं और न ही अपने नाम पर जारी सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल करने दें।
लखनऊ में श्रीमद्भगवद्गीता व्याख्यानमाला का आयोजन:महामना मालवीय मिशन में 'जीवन की सफलता' पर हुई चर्चा
लखनऊ के गोमतीनगर स्थित महामना मालवीय मिशन के मालवीय सभागार में रविवार को श्रीमद्भगवद्गीता व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। यह आयोजन श्रीमद्भगवद्गीता समिति एवं महामना मालवीय मिशन के सहयोग से 'गीता की दृष्टि में जीवन की सफलता एवं सार्थकता' विषय पर केंद्रित था। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। व्याख्यानमाला के मुख्य वक्ता गीता चिंतक कृष्ण कांत ने अपने संबोधन में कहा कि व्यक्ति का वर्तमान उसके अतीत के निर्णयों का परिणाम होता है। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता को केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला एक कालजयी मार्गदर्शक बताया। गीता मनुष्य को वास्तविक उद्देश्य की ओर प्रेरित करती है कृष्ण कांत ने आगे कहा कि गीता मनुष्य को कर्तव्य, आत्मबोध और जीवन की सार्थकता का बोध कराती है। उनके अनुसार, जीव से जगदीश तक की यात्रा का सबसे श्रेष्ठ माध्यम श्रीमद्भगवद्गीता है, जो व्यक्ति को आत्मिक उन्नति और जीवन के वास्तविक उद्देश्य की ओर प्रेरित करती है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक भानु प्रताप सिंह ने गीता के संदेशों की वर्तमान प्रासंगिकता पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं से गीता के सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि महामना मालवीय मिशन के संरक्षक प्रभु नारायण श्रीवास्तव ने गीता को भारतीय संस्कृति और जीवन दर्शन की अमूल्य धरोहर बताया। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने व्याख्यानमाला में भाग लिया श्रीमद्भगवद्गीता समिति के अध्यक्ष कैलाश शर्मा ने स्वागत उद्बोधन दिया, जबकि प्रो. केशरी प्रसाद शुक्ल ने विषय की प्रस्तावना प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन गीता समिति के सचिव कृष्णानंद उपाध्याय ने किया। इस अवसर पर महामना मालवीय मिशन के अध्यक्ष डॉ. ए.के ठक्कर और महासचिव देवेंद्र स्वरूप शुक्ला सहित मिशन के पदाधिकारी, सदस्य तथा सैकड़ों श्रद्धालुओं ने व्याख्यानमाला में भाग लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान आध्यात्मिक चिंतन, ज्ञान और जीवन मूल्यों पर गंभीर विमर्श का वातावरण बना रहा।
विप्र सेना राजस्थान की संगठनात्मक कोर कमेटी की बैठक में संगठन की मजबूती, विस्तार और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि किसी भी संगठन की वास्तविक शक्ति अनुशासन, समर्पण और सामूहिक चिंतन में निहित होती है। संगठन के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए, जिनका उद्देश्य आगामी समय में संगठनात्मक गतिविधियों को और प्रभावी बनाना है। विप्र सेना राजस्थान की प्रदेश कोर कमेटी और संभाग स्तरीय प्रमुख पदाधिकारियों की बहुप्रतीक्षित संगठनात्मक कोर कमेठी बैठक रविवार को हुई। बैठक जयपुर स्थित फोर्टे रेस्टोरेंट, महल रोड पर संपन्न हुई। इस विशेष चिंतन-सत्र में प्रदेशभर से वरिष्ठ पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, महिला एवं युवा प्रकोष्ठ के प्रतिनिधि और विभिन्न प्रकोष्ठों के दायित्ववान कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। धर्मनिष्ठ प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक पं. मनीष शर्मा के संयोजन में मंगलाचरण सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम को पं. रोहित नगर महाराज (कामखेड़ा सरकार) के सान्निध्य एवं प्रेरक आशीर्वचनों का विशेष लाभ मिला। अनुशासन, समर्पण और सामूहिक चिंतन में होती है संगठन की शक्ति पं. रोहित नगर महाराज ने कहा कि जो संगठन सेवा, संस्कार और समाजहित को अपना ध्येय बनाता है, वही समाज में स्थायी परिवर्तन का माध्यम बनता है। संगठन की शक्ति उसके अनुशासन, समर्पण और सामूहिक चिंतन में निहित होती है। विप्र सेना की पांच वर्षों की संगठनात्मक यात्रा का किया जिक्र कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष दिनेश दादिया ने विप्र सेना की पांच वर्षों की संगठनात्मक यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संगठन ने सीमित संसाधनों के बावजूद समाज सेवा, सामाजिक समन्वय, युवा जागरण और संगठन विस्तार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने आगामी पांच सालों के लिए संगठन के पुनर्गठन, संविधान निर्माण, प्रशिक्षण व्यवस्था, डिजिटल सदस्यता अभियान और सेवा आधारित कार्यक्रमों की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की। समाज में सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम है विप्र सेना प्रदेश अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा कि विप्र सेना अब केवल एक संगठन नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन चुकी है। उन्होंने संगठन के प्रत्येक पदाधिकारी से अनुशासन, समर्पण और टीम भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया और कहा कि आने वाला समय संगठन की नई पहचान का समय होगा। संगठनात्मक कार्यशैली पूरे देश के लिए बन सकती है प्रेरणा राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सर्वेश शरण जोशी ने विप्र सेना की राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती स्वीकार्यता को लेकर कहा कि राजस्थान की संगठनात्मक कार्यशैली पूरे देश के लिए प्रेरणा बन सकती है। उन्होंने विप्र हेल्थ केयर फेडरेशन ऑफ इंडिया के विस्तार, चिकित्सा सेवा प्रकल्पों और सामाजिक सेवा के नए आयामों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक सेवा पहुंचाना ही संगठन का सर्वोच्च उद्देश्य होना चाहिए। युवाओं को बताया संगठन की सबसे बड़ी शक्ति बैठक के युवा सत्र में प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष नरेश मेहता ने अक्टूबर में प्रस्तावित प्रदेश युवा अधिवेशन की तैयारियों की जानकारी देते हुए प्रत्येक जिले से युवा नेतृत्व तैयार करने का आह्वान किया। राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष रवि जोशी ने राष्ट्रीय स्तर पर युवा विस्तार, प्रवास योजना एवं विधि प्रकोष्ठ के गठन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए युवाओं को संगठन की सबसे बड़ी शक्ति बताया। महिला प्रकोष्ठ के विशेष सत्र में प्रदेश अध्यक्ष पूनम आचार्य ने प्रस्तावित महिला अधिवेशन, महिला संगठन विस्तार एवं महिला नेतृत्व विकास की योजनाओं की घोषणा की। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ज्योति आशीर्वाद, डॉ. मेघना शर्मा, मधु शर्मा और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य प्रियंका शर्मा ने महिला सशक्तिकरण एवं समाज निर्माण में महिलाओं की भूमिका पर विचार साझा किए। प्रदेश संयोजक वीरेंद्र शर्मा ने एकल महिला पेंशन योजना के माध्यम से समाज सेवा के नए आयाम प्रस्तुत किए। युवाओं को समाज परिवर्तन का वाहक बनने का किया आह्वान अंतिम सत्र में विप्र सेना प्रमुख श्री सुनील तिवाड़ी ने संगठन की दीर्घकालीन कार्यदृष्टि प्रस्तुत करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में विप्र सेना को सेवा, संस्कार, संगठन और सामाजिक नेतृत्व का आदर्श बनाना ही सभी कार्यकर्ताओं का लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने संगठन की एकजुटता और निरंतर संवाद को संगठन की सबसे बड़ी शक्ति बताया। जयपुर जिला अध्यक्ष अजीत जोशी एवं अश्विनी शर्मा ने युवाओं को समाज परिवर्तन का वाहक बनने का आह्वान किया। बैठक के समापन पर सभी उपस्थित पदाधिकारियों ने संगठन संकल्प-2026 को सामूहिक रूप से स्वीकार करते हुए प्रदेश के प्रत्येक जिले, विधानसभा, नगर, ग्रामएवं वार्ड तक संगठन का विस्तार करने, प्रत्येक जिले में महिला एवं युवा प्रकोष्ठ को सशक्त बनाने, संगठन का संविधान तैयार करने, डिजिटल सदस्यता अभियान प्रारंभ करने, नियमित प्रशिक्षण व्यवस्था लागू करने और सेवा एवं संस्कार आधारित कार्यक्रमों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प लिया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी समय में प्रदेश युवा अधिवेशन , महिला अधिवेशन, प्रदेश वरिष्ठ चिंतन अधिवेशन, ब्रह्म चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ का प्रदेश अधिवेशन और संभाग स्तरीय विप्र जागृति रथ यात्रा सहित कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पूरे कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों में संगठन के प्रति विशेष उत्साह, आत्मविश्वास एवं समर्पण का भाव दिखाई दिया। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि विप्र सेना का आगामी चरण केवल संगठन विस्तार का नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक सेवा, संस्कार और सामाजिक नेतृत्व की नई पहचान स्थापित करने का होगा। जिला संगठन सुझाव सत्र में दीपक सुल्तानिया, सुनील पीढ़ी, योगेश व्यास, जोगेंद्र राजपुरोहित, दिनेश गौड़,अमित त्रिवेदी, सुरेश पारीक और अजयकांत शर्मा ने अपने-अपने सुझाव रखते हुए जिला एवं संभाग स्तर पर संगठन विस्तार, जागृति रथ यात्रा, पथ संचलन, जिला अधिवेशन और नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर प्रदेश के पदाधिकारी एवं सभी जिलाध्यक्ष उपस्थित रहे।
सिरसा जिले के रानियां के नानुआना रोड स्थित खेल स्टेडियम में आज देर शाम नशे की ओवरडोज से एक 19 वर्षीय युवक की मौत हो गई। युवक अपनी मां के साथ रानियां में अपने मामा के घर आया हुआ था। मामले की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सामान्य अस्पताल में भिजवाया और परिजनों से पूछताछ की। मेडिकल स्टोर से खरीदा था नशा पुलिस के अनुसार, युवक ने रास्ते में एक मेडिकल स्टोर से नशा खरीदा था। खेल स्टेडियम को खाली देखकर उसने वहीं पर नशे का सेवन किया, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान सिकंदर सिंह (19) पुत्र सतपाल के रूप में हुई है, जो ढाणी ख्योवाली का रहने वाला था। मामले की जांच में जुटी पुलिस बताया जा रहा है कि सिकंदर पिछले दो से तीन वर्षों से मेडिकल नशे का आदी था। वह अपनी मां के साथ रानियां के वार्ड नंबर-7 में अपने मामा के घर ठहरा हुआ था। सिकंदर राय सिख समुदाय से संबंध रखता था। रानियां थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
लखनऊ के ला मार्टिनियर गर्ल्स कॉलेज में आयोजित मॉडल यूनाइटेड नेशंस (एलएमजीएमयूएन-2026) के 11वें संस्करण का रविवार को समापन हो गया। तीन दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक आयोजन के अंतिम दिन छात्रों ने वैश्विक मुद्दों पर प्रभावशाली बहस की। सम्मेलन में दो दिनों तक गहन चर्चाएं हुईं, जो छठे और सातवें समिति सत्रों के साथ समाप्त हुईं। इसमें देशभर के 35 प्रतिष्ठित विद्यालयों से 340 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। छात्रों ने अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों और समसामयिक विषयों पर अपने दृष्टिकोण प्रस्तुत किए। बाहरी राज्यों से आए छात्रों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को और समृद्ध बनाया। जिज्ञासु बने रहने और लगातार सवाल पूछने के लिए प्रेरित किया समापन समारोह फरीदा अब्राहम मेमोरियल ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। वरिष्ठ पत्रकार श्रेया धौंडियाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। दो दशक से अधिक के पत्रकारिता अनुभव वाली श्रेया धौंडियाल ने युवाओं को जिज्ञासु बने रहने और लगातार सवाल पूछने के लिए प्रेरित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, कल एक उपहार है, लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं है। उन्होंने अपने पत्रकारिता जीवन के अनुभव साझा करते हुए जिज्ञासा, विनम्रता और संवेदनशीलता को सफलता का मूल मंत्र बताया। उनका संबोधन सम्मेलन के मूल उद्देश्य—संवाद, समझ और वैश्विक दृष्टिकोण—को सार्थक रूप से दर्शाता था। दिल्ली के मॉडर्न स्कूल 'बेस्ट स्कूल डेलिगेशन अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया कार्यक्रम के दौरान एक विशेष वीडियो प्रस्तुति ने सभागार में उत्साह भर दिया। इसके बाद कॉलेज की प्रिंसिपल ए. दास ने एमयूएन समन्वयक अंजना अंबिली सहित सभी शिक्षकों और छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने आयोजन को सफल बनाया। सम्मेलन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिल्ली के मॉडर्न स्कूल, बाराखंभा रोड को 'बेस्ट स्कूल डेलिगेशन अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया। इस तीन दिवसीय आयोजन ने एक बार फिर साबित किया कि युवा पीढ़ी वैश्विक मुद्दों पर गंभीर और सार्थक विमर्श करने के लिए तैयार है।
खगड़िया में कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र बिहार विधान परिषद चुनाव-2026 के मद्देनजर रविवार को खगड़िया जिला मुख्यालय स्थित केएन क्लब में एक जिला स्तरीय स्नातक मतदाता संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से लगभग पांच हजार स्नातक मतदाता शामिल हुए। इसे कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के 74 वर्षों के इतिहास में पहली बार आयोजित ऐसा संवाद कार्यक्रम बताया गया है। कार्यक्रम में पहुंचते ही हुआ भव्य स्वागत कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही संभावित एमएलसी प्रत्याशी रजनीश रंजन (कोसी पुत्र) का समर्थकों ने भव्य स्वागत किया। बड़ी संख्या में उपस्थित स्नातक मतदाताओं को संबोधित करते हुए रजनीश रंजन ने कहा कि यदि उन्हें कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की जनता का समर्थन मिला, तो वे विधान परिषद में स्नातकों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं, पत्रकारों और बेरोजगार युवाओं के हितों की आवाज मजबूती से उठाएंगे। 'सात निश्चय' के जरिए रखीं अपनी प्राथमिकताएं उन्होंने अपने 'सात निश्चय' का उल्लेख करते हुए बताया कि उनकी पहली प्राथमिकता शिक्षित बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के लिए 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराना होगी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 'एक पाठ्यक्रम-एक वेतनमान' लागू करने, वित्तरहित शिक्षा व्यवस्था की समस्या समाप्त करने, सभी स्नातकों के लिए जीवन सुरक्षा बीमा तथा शिक्षकों, अधिवक्ताओं, पत्रकारों, संविदाकर्मियों एवं बेरोजगार स्नातकों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने का भी वादा किया। पुस्तकालय, हेल्थ सेंटर और भत्ते का भी किया जिक्र रजनीश रंजन ने अधिवक्ताओं के लिए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्थापना, जिला, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर पर आधुनिक पुस्तकालय और ई-लाइब्रेरी की स्थापना तथा बेरोजगार स्नातकों के लिए मासिक भत्ता लागू कराने को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया। रोजगार और पलायन जैसे मुद्दों पर पूछे गए सवाल संवाद कार्यक्रम के दौरान स्नातक मतदाताओं ने रोजगार, पलायन, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसरोकारों से जुड़े कई प्रश्न पूछे। रजनीश रंजन ने सभी सवालों का विस्तार से जवाब देते हुए कहा कि युवाओं का पलायन रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में सरकार पर लगातार दबाव बनाया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के प्रतिनिधि की भूमिका केवल चुनाव जीतने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि स्नातकों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर संघर्ष करना भी आवश्यक है। कार्यक्रम में कई अन्य स्नातक मतदाताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए और रजनीश रंजन के प्रति समर्थन जताया। कोर टीम ने जताया भरोसा, मनीषा रंजन ने किया आभार व्यक्त इस दौरान कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विभिन्न जिलों से पहुंचे कोर टीम के सदस्यों ने आगामी चुनाव में उनके पक्ष में मजबूती से काम करने का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम के अंत में रेडियो ईस्ट एंड वेस्ट की महानिदेशिका एवं भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय की सीनेट सदस्या मनीषा रंजन ने सभी स्नातक मतदाताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि रजनीश रंजन एमएलसी बनते हैं तो वे खगड़िया सहित पूरे कोसी क्षेत्र के स्नातकों के हक और अधिकार की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से लड़ेंगे। कार्यक्रम का संचालन अमरजीत राठौर ने किया। मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता, शिक्षाविद, समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में स्नातक मतदाता मौजूद रहे।
सुल्तानपुर जिले में कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के कमनगढ़ गांव में एक 17 वर्षीय किशोर ने रविवार शाम फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसका शव घर से कुछ दूरी पर एक पेड़ से लटका मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक की पहचान संजय निषाद के पुत्र रामजीत (उम्र 17 वर्ष) के रूप में हुई है। घटना की सूचना 5 जुलाई को लगभग 3:15 बजे पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही कोतवाली देहात पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने फील्ड यूनिट की सहायता से शव को पेड़ से नीचे उतारा। प्रारंभिक जांच में मृतक के शरीर पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। घरवालों ने अभी कोई तहरीर नहीं दी थानाध्यक्ष धर्मवीर सिंह के अनुसार, परिजनों से पूछताछ में सामने आया है कि किशोर घर की डांट-डपट से कुछ नाराज चल रहा था। इसी नाराजगी के चलते उसने यह कदम उठाया। शव घर से लगभग 300 मीटर दूर एक पेड़ की डाल पर लटका मिला था। क्षेत्राधिकारी लम्भुआ, रितिक कपूर ने बताया कि घरवालों ने अभी कोई तहरीर नहीं दी है। आवश्यकतानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी और मौके पर शांति व्यवस्था बनी हुई है।
हरियाणा पुलिस भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान पंचकूला में हुई गांव सैदपुर निवासी कपिल यादव की मौत के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार देर शाम कपिल को श्रद्धांजलि अर्पित करने और उनके परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर सैदपुर से अटेली मुख्य चौक तक विशाल कैंडल मार्च निकाला गया। कैंडल मार्च में हजारों की संख्या में महिलाएं, पुरुष, युवा, बुजुर्ग तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। हाथों में जलती मोमबत्तियां लिए लोग शांतिपूर्वक मार्च में शामिल हुए। इस दौरान पूरे रास्ते कपिल अमर रहे, कपिल को न्याय दो और सरकार न्याय करे जैसे नारों से माहौल गूंजता रहा। बनाई मानव श्रंखला मार्च में उमड़ी भीड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सैदपुर से अटेली तक कई किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला दिखाई दी। पूरे मार्ग पर लोगों ने कपिल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सरकार से न्याय की मांग की। सरकारी नौकरी की मांग मार्च में शामिल लोगों ने कहा कि कपिल यादव का सपना हरियाणा पुलिस में भर्ती होकर प्रदेश की सेवा करने का था, लेकिन भर्ती प्रक्रिया के दौरान ही उनकी असमय मृत्यु हो गई। उन्होंने सरकार से मांग की कि कपिल की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए, परिवार को उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। सरकार की जिम्मेदारी वक्ताओं ने कहा कि यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र और समाज के लिए पीड़ादायक घटना है। उनका कहना था कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और अभ्यर्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो युवाओं का भर्ती प्रक्रिया पर विश्वास प्रभावित हो सकता है। मौन रख दी श्रद्धांजलि कैंडल मार्च के समापन पर उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत कपिल यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही सरकार से न्याय सुनिश्चित करने और परिवार की हर संभव सहायता करने की मांग दोहराई। शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए इस कैंडल मार्च ने कपिल यादव के प्रति क्षेत्रवासियों की गहरी संवेदना, सामाजिक एकजुटता और न्याय की मांग को एक बार फिर मजबूती से सामने रखा।
लखनऊ में टीवी सीरियल स्क्रिप्ट राइटर से शेयर बाजार में निवेश कराने का झांसा देकर 1.09 करोड़ रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर डीसीपी दक्षिणी अमित आनंद के निर्देश पर कृष्णानगर पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सरोजनीनगर स्थित एक हाउसिंग सोसाइटी निवासी मनीषा सिंह ने पुलिस को बताया कि साल 2023 में उनके पारिवारिक मित्र के साथ कृष्णानगर के मानस नगर निवासी अश्विनी पांडेय उनके घर आया था। बातचीत के दौरान अश्विनी ने अपना प्लॉट बेचने की बात कही। दोनों के बीच सौदा तय हो गया और मनीषा ने एक लाख रुपए एडवांस भी दे दिए। हालांकि कुछ दिन बाद अश्विनी ने प्लॉट का सौदा रद्द कर दिया। इसके बाद अश्विनी ने मनीषा को शेयर बाजार में निवेश करने की सलाह देते हुए बताया कि उसका बेटा आशीष शेयर मार्केट का जानकार है और लोगों का पोर्टफोलियो तैयार करता है। मनीषा उसकी बातों में आ गईं। आरोप है कि जनवरी 2024 से जून 2024 के बीच आशीष ने शेयर बाजार में निवेश और पोर्टफोलियो बनाने के नाम पर उनसे कई किस्तों में कुल 1.09 करोड़ रुपए ले लिए, लेकिन न तो निवेश किया और न ही कोई पोर्टफोलियो तैयार किया। पीड़िता का कहना है कि रुपए वापस मांगने पर आशीष की मां मंजू और उसकी मंगेतर पारुल ने कुछ रकम लौटानी शुरू की, लेकिन बाद में वह भी बंद कर दी। लगातार टालमटोल से परेशान होकर उन्होंने डीसीपी दक्षिणी से शिकायत की। इंस्पेक्टर पीके सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर अश्विनी पांडेय, आशीष, मंजू और पारुल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की विवेचना की जा रही है। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अबोहर शहर की रामदेव नगरी में एक किराए के मकान में कथित अनैतिक गतिविधियों के आरोप पर जमकर हंगामा हुआ। मोहल्लावासियों ने मकान का मुख्य गेट बाहर से बंद कर पुलिस को सूचना दी। हालांकि, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कमरे की तलाशी ली तो वहां कोई संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला। जानकारी के अनुसार, यह मकान रामदेव नगरी निवासी पूर्व पार्षद राजू खटनावलिया का है, जिसे किराए पर दिया गया है। मोहल्लावासियों का आरोप है कि किराएदार के यहां अक्सर बाहरी युवतियों का आना-जाना रहता है। उन्होंने दावा किया कि शनिवार को उन्होंने एक युवक और युवती को मकान के अंदर जाते देखा था। लोगों का कहना है कि इस संबंध में पहले भी मकान मालिक को शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। घटना के बाद मौके पर काफी संख्या में लोग एकत्र हो गए और मोहल्लावासियों तथा मकान मालिक के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। मकान मालिक ने आरोपों को बदनाम करने की साजिश बताया। पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। मोहल्लावासियों ने घटना की सच्चाई जानने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग की है। पुलिस पहुंची तो कमरा मिला खाली सूचना मिलने पर थाना नंबर 2 पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में गेट खोला गया और मकान की तलाशी ली गई। जांच के दौरान कमरे में कोई युवक या युवती नहीं मिला। पुलिस ने मौके पर कोई आपत्तिजनक सामग्री या गतिविधि मिलने की भी पुष्टि नहीं की। मकान मालिक ने लगाए बदनाम करने के आरोप मकान मालिक राजू खटनावलिया ने आरोप लगाया कि कुछ लोग उन्हें जानबूझकर बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि मकान में कोई गलत गतिविधि नहीं होती और लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। वहीं मोहल्लावासियों का कहना है कि मकान के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराई जाए। उनका दावा है कि फुटेज में युवक और युवती के मकान में प्रवेश करने के दृश्य दिखाई देंगे। पुलिस बोली- जांच में कुछ नहीं मिला, शिकायत के सभी पहलुओं की होगी पड़ताल पुलिस का कहना है कि मौके पर की गई जांच में मकान से कोई संदिग्ध व्यक्ति या आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई। हालांकि लोगों की शिकायत को देखते हुए मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यदि जांच में कोई तथ्य सामने आते हैं तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सड़क हादसे में महिला की मौत, एक गंभीर घायल:सवाई माधोपुर से घर लौटते समय दम्पति को ट्रक ने टक्कर मारी
सवाई माधोपुर जिले के कुस्तला कस्बे में आज शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। जिससे पूरे इलाके में सनसनी फ़ैल गई। यहां कुस्तला तिराहे पर पुलिस द्वारा नाकाबंदी की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस ने बाइक पर सवार पति-पत्नी को रोकने का प्रयास किया गया। तभी ट्रक ने दम्पति को टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक कुछ ही कदम आगे बढ़ी थी कि पीछे से तेज रफ्तार ट्रक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में चेनपुरा निवासी बरफा देवी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनके पति राजूलाल गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों पति-पत्नी सवाई माधोपुर में मजदूरी कर अपने गांव लौट रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस द्वारा तिराहे पर वाहन रोकने का तरीका बेहद खतरनाक था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। गुस्साए ग्रामीणों ने लगाया जामघटना के बाद मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए और पुलिस के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया। लोगों ने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस अक्सर राहगीरों और ग्रामीणों को बेवजह परेशान करती है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि हादसे के बाद करीब आधे घंटे तक 108 एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। आखिरकार पुलिस ने घायल राजूलाल को अपनी सरकारी जीप से अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। ग्रामीणों ने पचास लाख रूपए मुआवजे की मांगहादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने लालसोट-कोटा मेगा हाईवे पर जाम लगा दिया और महिला के परिजनों को 50 लाख रुपए के आर्थिक मुआवजे की मांग की। काफी देर तक सड़क पर महिला का शव पड़ा रहा और ग्रामीणों ने उसे उठाने से इनकार कर दिया। पुलिस ने ट्रक ड्राइवर को हिरासत में लेकर ट्रक जब्त कर लिया है। मौके पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं और ग्रामीणों से लगातार समझाइश की जा रही है।मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल है।
खगड़िया मंडल कारा में रविवार शाम एक विचाराधीन कैदी की मौत हो गई। मृतक की पहचान मानसी थाना क्षेत्र के सीघरसमा गांव निवासी गागो चौधरी के रूप में हुई है। प्रथम दृष्टया मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है, हालांकि वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी। गागो चौधरी को लगभग डेढ़ महीने पहले मानसी थाना पुलिस ने आर्म्स एक्ट और मारपीट के एक मामले (कांड संख्या-122/26) में गिरफ्तार किया था। न्यायालय के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में खगड़िया मंडल कारा भेजा गया था। रविवार शाम गागो चौधरी जेल परिसर में अन्य बंदियों के साथ टहल रहा था। इसी दौरान अचानक उसके सीने में तेज दर्द उठा और वह जमीन पर गिर पड़ा। साथी बंदियों ने तुरंत जेल प्रशासन को इसकी सूचना दी। उसे मंडल कारा अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। सदर अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जेल अधीक्षक बोले- मेडिकल जांच के बाद खुलासा जेल अधीक्षक राधेश्याम सुमन ने बताया कि बंदी की तबीयत बिगड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई गई और बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में मौत का कारण हार्ट अटैक प्रतीत हो रहा है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल जांच के बाद ही हो पाएगी। घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नियमानुसार मृतक के परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी गई है। पुलिस और जेल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं।
यूपी भाजपा नेताओं को राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की दोटूक; बताया किसे मिलेगा चुनावी टिकट
लखनऊ दौरे पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने यूपी नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया। बोले- दिल्ली के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं, चुनावी टिकट कार्य, समर्पण और मेरिट के आधार पर मिलेगा।
गुरदासपुर-श्री हरगोबिंदपुर मार्ग पर गांव वड़ैच के पास हुए एक सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुर्घटना में दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा मोटरसाइकिल और बोलेरो कैंपर जीप के बीच आमने-सामने की टक्कर के कारण हुआ। पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुंचाया और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, यह हादसा गुरदासपुर-श्री हरगोबिंदपुर मार्ग पर गांव वड़ैच के पास हुआ। यहां एक काले रंग की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और बोलेरो कैंपर के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही काहनूवान थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने घायल युवक को थाने पहुंचाया पुलिस ने दूसरे घायल युवक को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया। मृतक की पहचान सुखपिंदर सिंह (पुत्र मकंद सिंह, निवासी नैणेकोट, हाल निवासी काहनूवान) के रूप में हुई है। घायल युवक अरशदीप सिंह (पुत्र वरिंदर सिंह, निवासी कीड़ी अफगाना, थाना काहनूवान) है। दोनों युवक कोट टोडर मल से सठियाली की ओर जा रहे थे, तभी गांव वड़ैच के पास सामने से आ रही बोलेरो कैंपर से उनकी टक्कर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मोटरसाइकिल तेज रफ्तार में थी, जिसके कारण यह हादसा हुआ। वहीं, जीप मालिक ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। काहनूवान थाना के ड्यूटी अधिकारी थानेदार बलविंदर सिंह ने बताया कि घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतक के परिजनों के बयान दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।
सुपौल के बघेली पंचायत वार्ड-11 निवासी 25 वर्षीय मो. सलमान की तमिलनाडु के तिरुप्पुर शहर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव शनिवार सुबह पार्क रोड स्थित निर्माणाधीन सुरंग पुल के पास पानी से भरे एक गहरे गड्ढे से बरामद किया गया। घटना की सूचना मिलते ही गांव में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पूरे इलाके में युवक की मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। निजी कंपनी में टी-शर्ट कारीगर थे जानकारी के अनुसार, मो. सलमान पिछले करीब एक वर्ष से तिरुप्पुर की एक निजी कंपनी में टी-शर्ट कारीगर के रूप में काम कर रहे थे। वह परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने और अपने घर की जिम्मेदारियां निभाने के लिए तमिलनाडु गए थे। परिजनों ने बताया कि सलमान परिवार के सबसे बड़े पुत्र थे और अपनी दो बहनों की शादी की जिम्मेदारी भी उन्हीं के कंधों पर थी। पिता बोले-भरण-पोषण की चिंता मृतक के पिता मो. मोकिम ने बताया कि परिवार में दो बेटे और दो बेटियां हैं। सलमान की कमाई से ही पूरे परिवार का खर्च चलता था। उन्होंने कहा कि बेटे की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब बेटियों की शादी और घर के भरण-पोषण की चिंता उन्हें लगातार सता रही है। उधर, तिरुप्पुर दक्षिण थाना पुलिस के अनुसार शनिवार सुबह निर्माणाधीन सुरंग पुल के समीप पानी से भरे गहरे गड्ढे में एक युवक का शव तैरता हुआ देखा गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए तिरुप्पुर सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा। पीएम रिपोर्ट और जांच के बाद खुलासा पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट नहीं है कि युवक की मौत दुर्घटनावश गड्ढे में गिरने से हुई या हत्या के बाद शव को वहां फेंका गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। घटना की खबर मिलते ही गांव के कई लोग पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान सरपंच पति मो. एजाज, पंचायत समिति सदस्य अब्दुर रहमान और वार्ड सदस्य पति अब्दुल खालिद भी मौजूद रहे। तमिलनाडु पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग सरपंच पति मो. एजाज ने कहा कि जिस परिस्थिति में युवक का शव बरामद हुआ है, उससे कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने तमिलनाडु पुलिस से मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और गहन जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि जांच में हत्या की पुष्टि होती है तो दोषियों की जल्द गिरफ्तारी कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए। पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता मिले साथ ही बिहार सरकार और जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता एवं उचित मुआवजा देने की भी मांग की। हालांकि, परिजनों ने बरामद शव की पहचान मो. सलमान के रूप में की है। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
हिसार जिले के उकलाना क्षेत्र के गांव भैणी बादशाहपुर के नवदीप की इलाज के दौरान हुई मौत के मामले में न्याय की मांग तेज हो गई है। बरवाला पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने 6 जुलाई की शाम गांव में कैंडल मार्च निकालने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसके बाद भी प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, तो वे बड़ा आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों के अनुसार नवदीप को पथरी की समस्या थी, जिसके इलाज के लिए उसे बरवाला के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने डॉक्टरों से दूरबीन विधि से ऑपरेशन करने का अनुरोध किया था, लेकिन सामान्य सर्जरी की गई। उनका आरोप है कि ऑपरेशन और इलाज के दौरान बरती गई कथित लापरवाही के कारण नवदीप की तबीयत लगातार बिगड़ती गई और बाद में उसकी मौत हो गई। शिकायत पर नहीं की कार्रवाई घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने संबंधित डॉक्टर के खिलाफ चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। उनका कहना है कि शिकायत दिए कई दिन बीत जाने के बावजूद अब तक किसी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। गोशाला से निकाला जाएगा कैंडल मार्च ग्रामीणों ने बताया कि 6 जुलाई की शाम गांव की गोशाला से कैंडल मार्च शुरू होगा, जो गांव के विभिन्न मार्गों से होकर निकलेगा। इस दौरान ग्रामीण नवदीप को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ-साथ प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे। किसी के खिलाफ अनावश्यक विरोध नहीं ग्रामीणों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी के खिलाफ अनावश्यक विरोध नहीं, बल्कि नवदीप की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित करवाना है। उन्होंने प्रशासन से मांग की, कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे धरना-प्रदर्शन सहित व्यापक जन आंदोलन शुरू करने को विवश होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि द्वारा प्रतिदिन आयोजित होने वाली मां गंगा की भव्य एवं दिव्य आरती में रविवार को बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन अपनी पत्नी सबिहा हसनैन के साथ शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने वैदिक परंपरा के अनुसार विधि-विधान से मां गंगा का पूजन-अर्चन किया तथा संध्या आरती का दर्शन कर गहरी आध्यात्मिक अनुभूति व्यक्त की। राज्यपाल निर्धारित समय से पहले ही दशाश्वमेध घाट पहुंच गए थे। गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया कि राज्यपाल करीब एक घंटे से अधिक समय तक घाट पर मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने घाट की धार्मिक गतिविधियों को निकट से देखा, मां गंगा के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था का अवलोकन किया तथा गंगा आरती की संपूर्ण प्रक्रिया को अत्यंत ध्यानपूर्वक देखा। उनके आगमन को लेकर घाट पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे और बड़ी संख्या में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे। 7 मिनट 58 सेकंड का शंखनाद सुन हुए आश्चर्यचकित गंगा आरती प्रारंभ होने से पूर्व प्रसिद्ध शंखवादक राम जन्म योगी ने लगातार 7 मिनट 58 सेकंड तक शंखनाद कर उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके इस अद्भुत एवं दुर्लभ शंखनाद को सुनकर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन भी आश्चर्यचकित और भाव-विभोर दिखाई दिए। कार्यक्रम के उपरांत उन्होंने राम जन्म योगी को माला पहनाकर सम्मानित किया तथा उनके इस विलक्षण कौशल की मुक्तकंठ से सराहना की। बोले-मन अत्यंत प्रसन्न और भाव-विभोर हो गया गंगा सेवा निधि की विजिटर बुक में अपने अनुभव साझा करते हुए राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन ने लिखा, “आज विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती का अद्भुत अनुभव प्राप्त हुआ। पहले इसके बारे में केवल सुना था, लेकिन आज प्रत्यक्ष दर्शन कर मन अत्यंत प्रसन्न और भाव-विभोर हो गया। भगवती मां गंगा के आशीर्वाद की अनुभूति हुई।”
जलूद में चल रहे कामों को देखने के लिए रविवार को नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल जलूद पहुंचे। यहां उन्होंने नर्मदा फेस 4 अमृत 2 परियोजना के अंतर्गत 1650 एमएलडी निर्माणाधीन इंटेक वेल और 180 एमएलडी फेज-1 और फेज-2 इंटेकवेल परियोजनाओं का दौरा किया। नगर निगम कमिश्नर ने बाकी खुदाई कामों में तेजी लाने के लिए एक्स्ट्रा मशीनरी और संसाधनों को तत्काल मोबिलाइजेशन करने और परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए कहा। इसके बाद रॉ वाटर मेन पंपिंग मेन पाइपलाइन निर्माण काम को भी देखा। उन्होंने यहां पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने और निर्माण की उच्च क्वालिटी बनाए रखने व काम में ज्यादा तेजी लाने को कहा है। निगम कमिश्नर ने बताया कि जनहित से जुड़ी इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और समन्वित रूप से पूरा करना नगर निगम की प्राथमिकता है।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से आयोजित लिपिक ग्रेड-2 एवं कनिष्ठ सहायक संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा रविवार को जिले के 45 परीक्षा केंद्रों पर हुई। दोनों पारियों में कुल रजिस्टर्ड 33984 अभ्यर्थियों में से एवरेज 81.07 % परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। जिला मुख्यालय पर 38 और ग्रामीण क्षेत्रों में 7 सहित कुल 45 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा दो पारियों में आयोजित हुई। दोनों पारियों में 33,984 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 27,551 ने परीक्षा दी, जबकि 6,433 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। जिले में कुल उपस्थिति 81.07 प्रतिशत दर्ज की गई। पहली पारी सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक आयोजित हुई, जिसमें सामान्य ज्ञान (जनरल नॉलेज) का प्रश्नपत्र हुआ। इस पारी में 16,992 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 13,730 उपस्थित रहे, जबकि 3,262 अनुपस्थित रहे। पहली पारी में उपस्थिति 80.80 प्रतिशत दर्ज की गई। दूसरी पारी में भी 16,992 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी। इनमें 13,621 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जबकि 3,371 अनुपस्थित रहे। दूसरी पारी में 80.16 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। परीक्षा के शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष संचालन के लिए जिला प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए थे। परीक्षा सेंटरों पर प्रवेश से पहले कड़ी जांच पड़ताल की गई थी। बोर्ड के निर्देशानुसार परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले तक ही अभ्यर्थियों को प्रवेश की अनुमति दी गई। प्रशासन की सतर्कता, सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी निगरानी के चलते जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से हो गई ।
मध्य प्रदेश में पहली बार वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम (हिंदू) सदस्यों को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के महत्वपूर्ण निर्णय के तहत मध्य प्रदेश सरकार ने वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन किया है। नए वक्फ अधिनियम-1995 (संशोधित-2025) के तहत यह पुनर्गठन करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। बोर्ड में कुल 10 सदस्य बनाए गए हैं, जिनमें मनोज मालपानी (इंदौर) और अनिमेश भार्गव (राघौगढ़, गुना) को सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। वक्फ अधिनियम, 1995 के तहत राज्य वक्फ बोर्ड के सदस्य मुस्लिम ही होते थे। राज्य सरकार कुछ सदस्यों को नामित करती थी, लेकिन वे भी मुस्लिम होने चाहिए थे।वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 में पहली बार यह प्रावधान जोड़ा गया कि हर राज्य वक्फ बोर्ड में कम-से-कम दो गैर-मुस्लिम सदस्य होंगे। इसी तरह केंद्रीय वक्फ परिषद में भी दो गैर-मुस्लिम सदस्यों का प्रावधान किया गया। कार्यकाल के आधार पर नजमा को मिली नियुक्ति नजमा हेपतुल्ला का नाम पहले के कार्यकाल के आधार पर शामिल किया गया है, जिनका कार्यकाल अप्रैल 2028 तक है। मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) में 4 जुलाई 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्य शासन ने वक्फ अधिनियम की धारा 13(1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह गठन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस फैसले के जरिए वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और सुशासन को मजबूती देने का संदेश दिया है।
IIM रायपुर में आयोजित राज्य सरकार के चिंतन शिविर को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने कहा कि पिछले ढाई साल में सरकार ने ऐसी कोई नई योजना शुरू नहीं की, जिस पर IIM जैसे संस्थानों के छात्र और प्रोफेसर शोध कर सकें। इसके बजाय पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की 17 योजनाएं बंद कर दी गईं और 20 योजनाओं का सिर्फ नाम बदलकर जारी रखा गया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का कहना है कि पूर्व कांग्रेस सरकार की कई जनकल्याणकारी योजनाओं की नीति आयोग ने भी सराहना की थी। देश के विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि और शिक्षण संस्थानों के शोधार्थी इन योजनाओं का अध्ययन करने छत्तीसगढ़ आते थे। मौजूदा सरकार के पास प्रदेश के विकास का कोई स्पष्ट विजन या रोडमैप नहीं है। तीसरे चिंतन शिविर पर सवाल कांग्रेस ने कहा कि यह भाजपा सरकार का तीसरा चिंतन शिविर है। सवाल यह है कि इससे पहले हुए दो चिंतन शिविरों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों से सरकार ने क्या सीखा और उसे जमीन पर क्यों नहीं उतारा। पार्टी का आरोप है कि प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर हुई है, वित्तीय स्थिति बिगड़ी है और जनता स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार तथा सुरक्षा जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है। 'नई परियोजना नहीं, कर्ज बढ़ा' कांग्रेस का दावा है कि पिछले ढाई साल में सरकार हर महीने 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज ले रही है, जबकि कोई बड़ी विकास परियोजना शुरू नहीं हुई। चुनावी वादे भी पूरे नहीं किए गए हैं, जिससे जनता में नाराजगी बढ़ी है। युवाओं, किसानों और महिलाओं से किए वादे पूरे नहीं हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को रोजगार देने, शिक्षकों की भर्ती करने, किसानों और महिलाओं से किए गए वादे निभाने में असफल रही है। पार्टी के मुताबिक, प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति भी लगातार बिगड़ी है और सरकार अब चिंतन शिविर के जरिए अपनी विफलताओं को छिपाने की कोशिश कर रही है। 'फेयरवेल की तैयारी करे सरकार' कांग्रेस ने कहा कि ढाई साल के कार्यकाल में सरकार अलोकप्रिय हो चुकी है और जनता बदलाव का मन बना चुकी है। पार्टी ने दावा किया कि सरकार का यह चिंतन शिविर जनता की नाराजगी को देखते हुए आयोजित किया गया है और अब उसे अपने फेयरवेल की तैयारी करनी चाहिए।
बूढ़ी मां को रोज दर्शन कराता:आशीर्वाद लेकर शुरू करता काम, गोरखपुर में बेटे को किया गया सम्मानित
गोरखपुर में अपनी मां को भगवान की तरह पूजने वाले बेटे को सम्मानित किया गया। रविवार रात 8 बजे आनन्देश्वर महादेव मंदिर में आयोजित सम्मान समारोह में मां और बेटे को फूलों की माला पहना कर स्वागत किया गया। आयोजक राजेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि पिछले तीन सालों से अंकुर अग्रवाल अपने बूढ़ी मां का हाथ पकड़ कर मंदिर लेकर जाते हैं। पूजा अर्चना करने के बाद उनका आशीर्वाद लेते हैं और उसके बाद ही अपना काम शुरू करते हैं। यह उनकी रोज की दिनचर्या में शामिल हैं। मंदिर में बैठने वाले सहसंरक्षक नेवास सिंह सहित कालोनी और आस पास के लोग तारीफ किया करते हैं। ऐसे में मेरे मन में विचार आया कि ऐसे व्यक्तित्व को सम्मानित किया जाना चाहिए। हर कोई करता तारीफउन्होंने बताया कि इसी सोच के साथ रविवार की शाम 8 बजे मंदिर में ही अंकुर अग्रवाल और उनके माता के लिए सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के लोग, डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता शामिल हुए। सबने अपने- अपने विचार व्यक्त किए। लोगों से किया अपीलअंत में अतिथि और उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि यदि एक भी पथ से भटका व्यक्ति अंकुर अग्रवाल के गुणों पर चला तो निश्चय ही यह आयोजन सार्थक हो जायेगा। इस अवसर पर दीनदयाल शुक्ला, प्रवीण त्रिपाठी, आदर्श पांडेय, जितेंद्र पांडेय, महिलाएं और अन्य भक्त उपस्थित रहें।
फरीदाबाद में बच्चों को झांसा देकर जेवर ले उड़ा ठग:बोला- मम्मी-पापा को पुलिस पकड़ ले गई; गिरोह पर शक
फरीदाबाद के ओल्ड फरीदाबाद थाना क्षेत्र के सेक्टर-19 राजा गार्डन और गढ़ी मोहल्ला में बच्चों को झांसे में लेकर ठगी करने की दो घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। दोनों मामलों में ठगों ने पहले यह पता लगाया कि माता-पिता घर पर नहीं हैं, फिर बच्चों को डरा-धमकाकर घर में रखे सोने के गहने और नकदी लेकर फरार हो गए। पुलिस को आशंका है कि दोनों वारदातों के पीछे एक ही गिरोह या एक ही ठग का हाथ हो सकता है। पहली घटना सेक्टर-19 राजा गार्डन की है। शिकायतकर्ता अर्जुन सिंह ने बताया कि वह और उनकी पत्नी नौकरी पर गए हुए थे। दोपहर करीब 2:30 बजे उनका 13 वर्षीय बेटा अंश घर के बाहर खड़ा था। तभी लाल रंग की स्कूटी पर सवार एक युवक वहां पहुंचा। उसने अंश से कहा कि उसकी मां को पुलिस पकड़कर ले गई है और पुलिस अब उनके घर भी आने वाली है। आरोपी की बातों में आ गया मासूम आरोपी ने कहा कि उसके पिता ने उसे घर से सोने-चांदी के गहने लेने के लिए भेजा है। मासूम बच्चा उसकी बातों में आ गया और घर में रखे गहनों के बारे में बता दिया। इसके बाद आरोपी घर में रखे करीब एक तोले का सोने का मंगलसूत्र और 5 ग्राम के सोने के कानों के कुंडल लेकर फरार हो गया। शाम को जब अर्जुन सिंह घर लौटे तो बेटे ने पूरी घटना बताई। बच्चे को स्कूटी पर घुमाने ले गया आरोपी वहीं दूसरी घटना गढ़ी मोहल्ला की गली नंबर-1 में हुई। शिकायतकर्ता प्रकाश कुमार और उनकी पत्नी भी नौकरी पर गए हुए थे। घर पर उनकी 13 वर्षीय बेटी पीहू और 11 वर्षीय बेटा लक्ष्य मौजूद थे। दोपहर करीब 2 बजे एक स्कूटी सवार युवक लक्ष्य को अपने साथ सेक्टर-18 स्थित वाल्मीकि पार्क तक घुमाने ले गया। इसी दौरान दूसरा व्यक्ति घर पहुंचा और खुद को प्रकाश कुमार की कंपनी का मैनेजर बताया। स्कूल बैग में डालकर दिए जेवर और कैश उसने पीहू से कहा कि उसके पिता को पुलिस ने पकड़ लिया है और यदि घर में रखे गहने व पैसे पुलिस को मिल गए, तो उन्हें जेल भेज दिया जाएगा। डरी हुई बच्ची उसकी बातों में आ गई और अलमारी में रखे दो जोड़ी सोने के टॉप्स, दो जोड़ी झुमके, एक टिक्का, एक नथ, एक मंगलसूत्र, एक सोने का लॉकेट, एक अंगूठी तथा 15 हजार रुपए नकद स्कूल बैग में रखकर आरोपी को दे दिए। सीसीटीवी खंगालने में जुटी पुलिस कुछ देर बाद बच्ची ने अपने परिजनों को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही दोनों परिवारों ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने केस दर्ज कर आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि दोनों वारदातों को एक ही गिरोह या एक ही ठग ने अंजाम दिया है।
हाथरस में सांप के काटने से युवक की मौत:घर में सोते समय डसा, मौत के बाद भी घरवालों ने कराया झाड़-फूंक
हाथरस में सांप के काटने से एक युवक की मौत हो गई। घटना रविवार सुबह पांच बजे कोतवाली क्षेत्र के गांव कचौरा में हुई। घर में सो रहे 35 साल की धीरेंद्र सिंह यादव को सांप ने कान पर डंस लिया। धीरेंद्र सिंह यादव मूल रूप से देवरिया जिले के ग्राम बड़वा टोली, मझौली के निवासी थे। वह सिकंद्राराऊ में सुमेरपुर स्थित एक आयुर्वेदिक फार्मेसी में काम करते थे और अपनी पत्नी पिंकी के साथ कचौरा गांव में किराए के मकान में रह रहे थे। रविवार सुबह करीब पांच बजे जब वह सो रहे थे, तभी उनके ऊपर कोई वस्तु गिरी। नींद खुलने पर उन्होंने उसे पकड़ने का प्रयास किया, तो पता चला कि वह एक सांप था। तब तक सांप उनके कान पर काट चुका था। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन सांप भाग निकला। घटना के बाद परिजन धीरेंद्र को तुरंत उपचार के लिए सिकंद्राराऊ के एक अस्पताल ले गए। वहां हालत गंभीर होने पर उन्हें अलीगढ़ के एक निजी अस्पताल रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृत घोषित होने के बाद कुछ लोगों ने झाड़-फूंक का भी प्रयास किया, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। इसके बाद रविवार शाम लगभग 7 बजे शव को सिकंदराराऊ से पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए हाथरस भेज दिया।
मोगा में युवक को बंधक बनाकर पीटा:पीड़ित लिफ्ट लेकर घर लौट रहा था, रास्ते में उठा ले गए आरोपी
मोगा जिले की थाना बाघा पुराना के अंतर्गत गांव नथोके निवासी बब्बू ने कुछ अज्ञात व्यक्तियों पर अपहरण कर बंधक बनाने और बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगाया है। गंभीर रूप से घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में बब्बू ने बताया कि वह फरीदकोट में एक शराब ठेकेदार के लिए काम करता है। पिछली रात जब वह वापस लौट रहा था, तो गांव चंद बाजा स्थित शराब ठेके से एक युवक ने बीयर की पेटी खरीदी। बब्बू ने उसी युवक से लिफ्ट ली और दोनों बाघा पुराना की ओर जा रहे थे। पीड़ित के अनुसार, रास्ते में कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया। बब्बू ने आरोप लगाया कि शराब ठेकेदार के कर्मचारियों ने उसे जबरन अपने साथ ले जाकर बंधक बना लिया और बुरी तरह पीटा। शोर मचाने के जुटे लोग उसने मदद के लिए शोर मचाया, लेकिन आरोपियों ने उसे नहीं छोड़ा। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। बब्बू ने बताया कि वह उस व्यक्ति को जानता तक नहीं था, जिसके साथ वह लिफ्ट लेकर आ रहा था। पीड़ित के भाई अंग्रेज सिंह ने जानकारी दी कि घटना की सूचना 112 हेल्पलाइन नंबर पर भी दी गई थी, लेकिन समय पर कोई सहायता नहीं मिली। उन्होंने भी शराब ठेकेदार के कर्मचारियों पर अपने भाई के साथ मारपीट करने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से न्याय की मांग की है। इस संबंध में थाना प्रभारी जनक राज ने बताया कि पुलिस मामले को गंभीरता से ले रही है। पीड़ित के बयान दर्ज करने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि मामले से जुड़े सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और जांच पूरी होने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने पहली बार बयान जारी किया। बोले- दान की गिनती से मेरा कोई संबंध नहीं, निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को कड़ी सजा मिले।
सीतामढ़ी सदर अस्पताल में इलाज के दौरान एक 72 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। मृतक की पहचान नगर थाना क्षेत्र के बसबरिया निवासी शत्रुघ्न शर्मा के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, शत्रुघ्न शर्मा को रविवार सुबह लूज मोशन की शिकायत के बाद सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका आरोप है कि अस्पताल में उन्हें उचित इलाज नहीं मिला, जिसके कारण देर शाम उनकी मौत हो गई। घटना से जुड़ी तस्वीरें… परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गएबुजुर्ग की मौत की खबर मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा करते हुए चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। हंगामे की सूचना पर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत कराया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने बताया कि मृतक को सुबह ही भर्ती किया गया था और डॉक्टरों की देखरेख में उनका समुचित इलाज किया जा रहा था।
लिवर फटने से हुई थी अहम की मौत:मां और उसके प्रेमी पर हत्या का मुकदमा, जांच में जुटी पुलिस
लखनऊ के मड़ियांव में साढ़े चार साल के मासूम अहम की मौत के मामले में पुलिस ने बच्चे की मां और उसके कथित प्रेमी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पिता दिनेश की तहरीर पर दर्ज एफआईआर के बाद पुलिस दोनों की भूमिका की गहनता से जांच कर रही है। घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाने के लिए मड़ियांव से लेकर लोहिया संस्थान तक के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। मड़ियांव पुलिस के मुताबिक, बीघापुर उन्नाव निवासी दिनेश की शिकायत पर पत्नी पूनम और उसके प्रेमी गोसाईगंज के अयोध्या निवासी प्रशांत उर्फ गौरव सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बच्चे की मौत बेरहमी से पिटाई के कारण लिवर फटने और ज्यादा खून बह जाने कारण मौत होने की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट में बच्चे के शरीर पर पुरानी चोटों के निशान भी मिले हैं, जिससे पुलिस को लगातार प्रताड़ना की आशंका है। जांच में सामने आया है कि घटना वाले दिन पूनम बच्चे को लेकर लोहिया संस्थान पहुंची थी, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना देने की बात कही तो पूनम शव वहीं छोड़कर चली गई। बाद में उसकी बहन के माध्यम से मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची। पिता दिनेश का आरोप है कि पूनम के साथ रहने वाले प्रशांत की भी बच्चे की मौत में भूमिका हो सकती है। इसी आधार पर दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। एसीपी अलीगंज ने बताया कि मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पूछताछ के लिए पत्नी पूनम और एक अन्य नामजद को बुलाया जाएगा। पुलिस सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शादी के एक साल बाद युवती ने दी जान:पति पर मारपीट करता था, दूसरी शादी की धमकी देने का आरोप
संभल में शादी के एक साल बाद एक विवाहिता अपने ससुराल में कमरे के अंदर साड़ी के फंदे पर लटकी मिली। परिजनों ने आरोप लगाया है कि पति उसे परेशान करता था और दूसरी शादी करने की धमकी देता था। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर शव का पोस्टमार्टम कराया है। यह पूरा घटनाक्रम जनपद संभल के चंदौसी कोतवाली कस्बा क्षेत्र के मौलागढ़ गांव का है। मृतका की पहचान 26 वर्षीय कुसुम लता के रूप में हुई है, जो सुभाष कुमार की पत्नी थीं। पंचशील कॉलोनी निवासी पिता रामौतार ने एक साल पहले अपनी बेटी की शादी 28 वर्षीय सुभाष, पुत्र अमरपाल से की थी। मृतका की तीन माह की एक बेटी भी है। शनिवार रात करीब 10:30 से 11 बजे के बीच उन्हें कुसुम लता द्वारा फांसी लगाने की सूचना मिली थी। जब वे घर पहुंचे, तो लड़की का शव कमरे के अंदर फांसी के फंदे पर लटक रहा था और घर से सभी लोग फरार हो चुके थे। घटना की सूचना मिलने के बाद देर रात पुलिस मौके पर पहुंची और मध्यरात्रि 2:30 बजे पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। कुसुम लता के बड़े भाई रिंकू ने बताया कि शादी के बाद से ही उसका पति और ससुराल पक्ष के लोग बहन को लगातार परेशान कर रहे थे। झगड़े के दौरान पति उसे दूसरी शादी करने की धमकी देता था। भाई ने यह भी बताया कि यह घटना शनिवार रात 8:30 से 9 बजे के बीच की है, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी दो घंटे बाद मिली। भाई का आरोप है कि उसका बहनोई कोई काम नहीं करता है और खुद को एलएलबी बताता है। विवाहिता की मौत के बाद आस-पास के लोगों ने चुप्पी साध ली थी, और घर पर किसी तरह की हलचल न होने के कारण पूरे दिन क्षेत्र के अन्य लोगों को इसकी जानकारी नहीं हो सकी। रविवार शाम 7 बजे पोस्टमार्टम होने के बाद लड़की का शव उसके मायके मौलागढ़ गांव पहुंचा, जिसके बाद घटना की जानकारी लोगों को हो पाई।
हरियाणा के हांसी जिला पुलिस ने संपत्ति संबंधी अपराधों पर कार्रवाई करते हुए नारनौंद थाना क्षेत्र में हुई चोरी की वारदात का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनसे डेढ़ लाख रुपए नकद और एक मोबाइल फोन चोरी होने का आरोप है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस उनसे चोरी की नकदी, मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों की बरामदगी के लिए पूछताछ कर रही है। 1.50 लाख कैश और फोन चुराया था नारनौंद थाना में तैनात मुख्य सिपाही विजय कुमार ने बताया कि यह घटना 3 जुलाई 2026 को गांव राजथल की एक महिला के घर में निर्माण कार्य के दौरान हुई थी। अज्ञात चोरों ने घर से करीब 1.50 लाख रुपए नकद और एक मोबाइल फोन चुरा लिया था। महिला की शिकायत पर 4 जुलाई को नारनौंद थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। दोनों आरोपियों की हुई पहचान पुलिस ने जांच के दौरान तकनीकी और मानवीय सूचनाओं का उपयोग करते हुए त्वरित कार्रवाई की। घटना के कुछ ही घंटों के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गांव गामड़ा निवासी दिनेश पुत्र भीम सिंह और गांव खेड़ी रोज, मिल्कपुर निवासी परमजीत पुत्र रामफल के रूप में हुई है। नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से चोरी की गई नकदी और मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए गहन पूछताछ की जा रही है। साथ ही वारदात के तरीके और इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(RBSE), अजमेर ने राज्य में वर्ष 2027 में होने वाली कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के आवेदन भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, सोमवार (6 जुलाई) से परीक्षा फॉर्म भरे जाएंगे, लेकिन इस बार सामान्य परीक्षा शुल्क में प्रति नियमित विद्यार्थी पर 200 रुपए बढ़ा दिए है। जिससे पूर्व में लगने वाले परीक्षा शुल्क 650 रुपए के स्थान पर 850 रुपए देने होंगे। इसका सीधा असर टोंक समेत राज्य भर में निजी एवं सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे लगभग 20 लाख स्टूडेंट्स पर पड़ेगा। इस बार 2027 में होने वाली बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले समस्त नियमित एवं स्वयंपाठी परीक्षार्थियों के लिए ऑनलाइन परीक्षा आवेदन 6 जुलाई से भरना शुरू होंगे। बिना बिलंब शुल्क के 6 अगस्त तक आवेदन भरे जाएंगे। इसके बाद प्रत्येक चरण में विलंब शुल्क के साथ परीक्षा शुल्क बढ़ता जाएगा। प्रायोगिक विषयों की फीस में भी 100 रुपए की वृद्धि की गई है। अब प्रत्येक प्रायोगिक विषय के लिए 200 रुपए अलग से देने होंगे। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जिन स्कूलों की उच्च माध्यमिक स्तर की संबद्धता संबंधी प्रक्रिया अभी लंबित है, उन्हें निर्धारित समय में कार्रवाई पूरी करनी होगी। ऐसा नहीं होने पर संबंधित विद्यालयों के विद्यार्थियों के परीक्षा आवेदन निरस्त किए जा सकते हैं। हालांकि बोर्ड परीक्षा शुल्क बढ़ाने को लेकर शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद का कहना है कि यह परीक्षार्थियों के हित में नहीं है। इस निर्णय को वापस लेना चाहिए। इन कैटेगरी के परीक्षार्थियों को मिलेगी फीस में छूट विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों, दृष्टिबाधित एवं दिव्यांग परीक्षार्थियों, युद्ध में वीरगति प्राप्त सैनिकों और पुलवामा हमले के शहीदों के आश्रितों को परीक्षा शुल्क से छूट रहेगी। ऐसे विद्यार्थियों को केवल 50 रुपए टोकन शुल्क जमा करना होगा। ऑनलाइन आवेदन से जुड़े दिशा-निर्देश बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। किसी भी प्रकार कीजानकारी के लिए बोर्ड कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है। पढ़िए… बोर्ड परीक्षाओं का पूरा कार्यक्रम और महत्वपूर्ण डेट्स बोर्ड परीक्षाओं के आवेदन का प्रस्तावित कार्यक्रम आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां: परीक्षा संचालन और व्यवस्थाओं की बढ़ती लागत के कारण बढ़ाई फीस जानकारी के अनुसार, परीक्षा संचालन और व्यवस्थाओं की बढ़ती लागत को देखते हुए शुल्क संशोधित किया गया है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए समय पर आवेदन करना सबसे महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि 6 अगस्त के बाद हर चरण में लेट फीस के साथ शुल्क तेजी से बढ़ेगा। यह बढ़ोतरी विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए महंगी साबित हो सकती है, जो अंतिम समय तक आवेदन टालते हैं। 2027 की बोर्ड परीक्षाओं में बोर्ड के बदलाव शिक्षक संघ ने कहा- बोर्ड परीक्षाओं का शुल्क बढ़ाना सही नहीं शिक्षक संघ रेसटा,राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर द्वारा 2027 की बोर्ड परीक्षाओं में कक्षा 10 एवं 12 वीं के विद्यार्थियों पर परीक्षा शुल्क 650 से बढ़ाकर 850 यानि 200 रुपए की वृद्धि कर दी है,जो सही नहीं है। बोर्ड को अपने निर्णय पर फिर से विचार कर इसे वापस लेना चाहिए। परीक्षा शुल्क में 200 रुपए की वृद्धि और प्रायोगिक विषयों की फीस बढ़ने से इस बार विद्यार्थियों और अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
मंदसौर जिले की नारायणगढ़ थाना पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक मिनी ट्रक से 88 किलोग्राम पिसा हुआ डोडाचूरा जब्त किया। इस मामले में हिमाचल प्रदेश के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। जब्त डोडाचूरा की कीमत लगभग 1.76 लाख रुपये बताई गई है। एसपी विनोद कुमार मीना के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र कुमार पवार के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक मिनी ट्रक में अवैध मादक पदार्थ ले जाया जा रहा है। इस सूचना के आधार पर रविवार दोपहर नारायणगढ़-पिपलिया मंडी रोड पर बरखेड़ा वीरपुरिया फंटे पर वाहन की घेराबंदी कर जांच की गई। दोनों आरोपी हिमाचल के रहने वालेतलाशी के दौरान एसएमएल कंपनी के SARTAJ GS मिनी ट्रक (क्रमांक HP-93-A-8885) में चार प्लास्टिक के कट्टों में कुल 88 किलोग्राम पिसा हुआ डोडाचूरा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से ट्रक चालक दिनेश (40), निवासी ग्राम ओखु, तहसील नालागढ़, जिला सोलन (हिमाचल प्रदेश) और अमृतलाल (36), निवासी आदुवाल, तहसील नालागढ़, जिला सोलन (हिमाचल प्रदेश) को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 88 किलो डोडाचूरा के साथ-साथ करीब 12 लाख रुपये कीमत का मिनी ट्रक, दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन और ट्रक में भरा लगभग 8 लाख रुपये कीमत का घरेलू सामान भी जब्त किया है। आरोपियों के खिलाफ थाना नारायणगढ़ में अपराध क्रमांक 217/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। थाना प्रभारी राजेंद्र पवार ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगा रही है कि डोडाचूरा कहां से लाया गया था और इसकी सप्लाई किसे की जानी थी। पुलिस पूरे तस्करी नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।

