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पोरसा कस्बे की थोक सब्जी मंडी में शनिवार सुबह एंबुलेंस का इस्तेमाल सब्जी ढोने के लिए किए जाने का मामला सामने आया है। यहां एक नहीं, बल्कि दो एंबुलेंस में प्याज लोड कर ले जाते हुए दिखाई दे रही हैं। सब्जी खरीदने पहुंचे एक व्यक्ति ने इसका वीडियो बना लिया। अब यह वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई है। शनिवार सुबह पोरसा की थोक सब्जी मंडी में दो एंबुलेंस पहुंचीं। इनमें प्याज लोड की जा रही थीं। वीडियो में एंबुलेंस के अंदर प्याज बोरियो में रखी हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद एंबुलेंस के इस तरह इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। बीएमओ बोले- वीडियो की जांच कराएंगेमामले को लेकर पोरसा बीएमओ डॉ. शैलेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि वीडियो की जांच कराई जाएगी। इसके साथ ही एंबुलेंस जिला कोऑर्डिनेटर को पत्र जारी कर शनिवार को संचालित सभी एंबुलेंस की लोकेशन की जानकारी और जांच कराई जाएगी। जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बीएमओ ने यह भी कहा कि यदि एंबुलेंस निजी है, तब भी उसका इस तरह सब्जी ढोने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। मामले में सीएमएचओ डॉ. पद्मेश उपाध्याय का पक्ष जानने के लिए दैनिक भास्कर संवाददाता ने फोन पर संपर्क किया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। ऐसे में इस मामले में सीएमएचओ का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आ सका है। अब एंबुलेंस की लोकेशन और उपयोग की होगी जांचवीडियो सामने आने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग एंबुलेंस की शनिवार की लोकेशन और उसके इस्तेमाल की जांच करेगा। जांच में यह भी स्पष्ट होगा कि मंडी में सब्जी लोड करने वाली एंबुलेंस सरकारी सेवा से जुड़ी हैं या निजी। इसके बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
उदयपुर की गोगुंदा पुलिस ने शनिवार को बाइक चोरी के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गोगुंदा कस्बे से 2 और 3 अगस्त की रात को दो बाइक चोरी हो गई थी। हालांकि, पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की गई दोनों बाइक भी बरामद कर ली है। वहीं, पुलिस टीम तीनों आरोपियों को कस्बे के प्रमुख रास्तों और चोरी वाली जगहों पर लेकर गई, जहां उनकी पैदल परेड निकालकर वारदात का मौका मुआयना और तस्दीक कराई गई। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ में जुट गई है। पुलिस गश्त के दौरान गोगुंदा पुलिस ने CCTV में दिखे कटे हाथ वाले चोर को पहचान लिया। तीनों चोर एक ही बाइक पर आते हुए नजर आए तो पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को मौके से दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपी रमेश(19) पुत्र चुनाराम गरासिया निवासी तेजावास (बूझ का फला), विकास(22) पुत्र लकाराम गरासिया निवासी बांकावास फली (कालिया पानी, थाना बेकरिया) और माधु(21) पिता पुनाराम गरासिया निवासी मालेरा (विरावत फली, थाना पिंडवाड़ा, जिला सिरोही) हैं। सीसीटीवी फुटेज में दिखा था कटे हाथ वाला संदिग्ध दरअसल, कस्बे में सरिया देवी मंदिर के सामने और पास की एक गली से दो बाइक अचानक गायब हो गई थीं। इस मामले में पीड़ित बाइक मालिक रमन पिता रोहतास मेघवाल (निवासी हरियाणा, हाल सरिया देवी मंदिर, गोगुंदा) और दूसरे पीड़ित दिलीप पिता प्यारचंद प्रजापत (निवासी गोगुंदा) ने थाने में रिपोर्ट दी थी। सूचना पर गोगुंदा थाना पुलिस ने मौके का मुआयना किया और आसपास की दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज खंगालने पर पुलिस को एक कटे हाथ वाला संदिग्ध युवक बाइक ले जाता दिखाई दिया, जिसके आधार पर मामला दर्ज कर तलाश तेज की गई। रात्रि गश्त के दौरान सूरण कट पर पुलिस के हत्थे चढ़े एसपी डॉ. अमृता दुहन के निर्देश पर थानाधिकारी प्रवीण सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने चोरों को दबोचने के लिए संदिग्धों पर नजर रखने के साथ-साथ इलाके में रात्रि गश्त बढ़ा दी। इस दौरान सूरण कट पर नाकाबंदी के वक्त पुलिस को एक ही बाइक पर तीन संदिग्ध युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए फुटेज में दिखे कटे हाथ वाले बदमाश को तुरंत पहचान लिया और घेराबंदी कर तीनों को धर दबोचा। रिमांड पर आरोपी, कई अन्य वारदातें खुलने की उम्मीद जांच अधिकारी हेड कॉन्स्टेबल सुनील कुमार ने बताया कि रिमांड के दौरान गहन पूछताछ में क्षेत्र में हुई अन्य चोरी की वारदातों का भी खुलासा होने की संभावना है। कड़ाई से पूछताछ करने पर तीनों ने गोगुंदा से दोनों बाइक चुराना कबूल कर लिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। इनपुट - गोपाल लोढ़ा, गोगुंदा।
पत्नी से विवाद के बाद युवक ने किया सुसाइड:चित्रकूट में घर में लगाई फांसी, परिजन खेत पर थे
चित्रकूट के राजापुर थाना क्षेत्र के रूपौली गांव में पत्नी से विवाद के बाद एक 22 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे हुई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। रूपौली गांव निवासी शिवसागर (22) पुत्र सुलाई के परिजनों के अनुसार, शुक्रवार दोपहर घर के सभी सदस्य खेत पर काम करने गए थे। घर में शिवसागर और उनकी पत्नी चिम्मी ही मौजूद थे। बताया गया है कि दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस ने की जांच पड़ताल विवाद के बाद चिम्मी शौच के लिए घर से बाहर चली गईं। इसी दौरान शिवसागर ने घर के कमरे में रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। कुछ देर बाद जब पत्नी वापस घर लौटीं, तो उन्होंने पति को फंदे पर लटका देखा। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और परिजन मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने घटना की सूचना राजापुर पुलिस को दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवक को फंदे से नीचे उतारकर जांच-पड़ताल की। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने शनिवार दोपहर करीब 2 बजे जिला मुख्यालय स्थित पोस्टमार्टम हाउस में शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों ने बताया कि पत्नी से विवाद के बाद शिवसागर काफी नाराज था। हालांकि, विवाद की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पेंड्रा से बिलासपुर को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-45 की हालत इन दिनों बेहद खराब है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और कीचड़ का दलदल बन गया है। इन हालातों में भारी वाहन भी फंस रहे हैं, जिससे छोटी गाड़ियों का गुजरना भी मुश्किल हो गया है। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले को बिलासपुर से जोड़ने वाला यह मुख्य मार्ग करीब 60 किलोमीटर लंबा है। इस मार्ग से रोजाना लगभग दो हजार वाहन और 30 बसें गुजरती हैं, जो यात्रियों को पेंड्रा और बिलासपुर के बीच लाती-ले जाती हैं। वाहनों के फंसने से लंबा जाम लग जाता है कई जगहों पर बड़े वाहन सड़क के गड्ढों और दलदल में फंस जाते हैं, जिससे लंबा जाम लग जाता है। छोटी गाड़ियों के लिए तो कई हिस्सों से निकलना भी मुश्किल हो गया है। जहां पहले पेंड्रा से बिलासपुर का सफर करीब दो घंटे में पूरा हो जाता था, अब इसमें चार से पांच घंटे तक लग रहे हैं। एंबुलेंस को भी पहुंचने में देरी सड़क की इस दुर्दशा से स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी गंभीर असर पड़ रहा है। जिले से गंभीर मरीजों को अक्सर बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर किया जाता है। ऐसे में, एंबुलेंस को इन गड्ढों और दलदल से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। राहगीरों का कहना है कि सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैं, जिससे आए दिन वाहन फंसते हैं और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। लोगों ने प्रशासन से सड़क की जल्द मरम्मत या कोई वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है।
सहारनपुर में कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान शनिवार शाम चार बजे शिवभक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार और डीआईजी अभिषेक सिंह ने शिवभक्तों का स्वागत करते हुए यह पुष्प वर्षा की। इस दौरान कांवड़ मार्गों पर 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयकारे गूंज उठे, जिससे शिवभक्तों में उत्साह देखा गया। हेलीकॉप्टर ने सरसावा एयरफोर्स स्टेशन से उड़ान भरी और घंटाघर, गागलहेड़ी तथा राकेश केमिकल सहित विभिन्न कांवड़ मार्गों के ऊपर से गुजरते हुए पुष्प वर्षा की। सड़क पर मौजूद कांवड़ियों और श्रद्धालुओं ने हाथ उठाकर अधिकारियों का अभिवादन किया। कुछ देर के लिए पूरा कांवड़ मार्ग भक्तिमय माहौल में बदल गया। पुष्प वर्षा के दौरान मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के सभी शिवालयों में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि जलाभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की अव्यवस्था या परेशानी नहीं होनी चाहिए। मंडलायुक्त ने यह भी कहा कि कांवड़ यात्रा की परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित एवं सफल बनाना सभी की जिम्मेदारी है। इस दौरान मंडलायुक्त और डीआईजी ने अलग-अलग राज्यों की ओर जा रहे शिवभक्त कांवड़ियों का अभिवादन किया और उनकी यात्रा के सकुशल एवं सुरक्षित संपन्न होने की कामना की। जिला प्रशासन और पुलिस कांवड़ यात्रा शुरू होने के पहले दिन से ही शिवभक्तों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर सक्रिय है। कांवड़ मार्गों, शिविरों और प्रमुख स्थानों पर लगातार निगरानी की जा रही है। जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन स्वयं प्रतिदिन कांवड़ मार्गों एवं शिविरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। प्रशासन की ओर से कांवड़ियों के लिए पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों के लगातार निरीक्षण और बेहतर व्यवस्थाओं के चलते विभिन्न राज्यों से आने-जाने वाले शिवभक्तों ने भी सहारनपुर प्रशासन की तैयारियों की सराहना की है।
अजमेर में साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे फर्जी बैंक खातों यानी ‘म्यूल अकाउंट’ के नेटवर्क पर जिला पुलिस ने बड़ा शिकंजा कसा है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए गए ‘म्यूल हंटर’ साइबर एरिया डोमिनेशन अभियान के तहत जिलेभर में एक साथ दबिश दी गई।तीनों एडिशनल एसपी के नेतृत्व में बनाई गई 42 टीमों ने चिह्नित ठिकानों पर कार्रवाई कर 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में सीओ शमशेर खां का विशेष योगदान रहा। एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया- पुलिस ने साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले संदिग्ध बैंक खातों की पहचान कर उनकी मार्किंग की थी। इसके बाद सिटी, रूरल और केकड़ी क्षेत्र में वृत्ताधिकारियों (CO) के नेतृत्व में 42 टीमें गठित की गईं। टीमों ने सुबह 4 बजे एक साथ दबिश देकर आरोपियों को धर-दबोचा। इनके कब्जे से कई एटीएम (ATM) कार्ड, पासबुक और चेकबुक बरामद की गई हैं। लालच में अपना खाता दिया, खातों से घूमता रहा ठगी का पैसाजांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों में छात्र (स्टूडेंट्स), दिहाड़ी मज़दूर और अन्य लोग शामिल हैं। इन लोगों ने थोड़े से लालच में आकर अपने बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध करा दिए थे, जबकि कुछ आरोपी खुद भी इस साइबर ठगी के नेटवर्क में सक्रिय रूप से जुड़े हुए थे। इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार, अब तक की जांच में इन म्यूल अकाउंट्स के जरिए कई करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड के तार जुड़े होने की बात सामने आई है।इस मामले में अलग-अलग थानों में 9 मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर उन मुख्य साइबर ठगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है, जो इन खातों को किराए पर लेकर या खरीदकर पूरा नेटवर्क चला रहे थे।
लखनऊ में लोक कला संग्रहालय ने शनिवार को आर्य कन्या इंटर कॉलेज, निशातगंज में काकोरी ट्रेन एक्शन पर आधारित एक पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस प्रतियोगिता में लगभग 50 छात्राओं ने भाग लिया। छात्राओं ने अपने पोस्टरों के माध्यम से काकोरी ट्रेन एक्शन से जुड़ी घटनाओं और स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को याद किया। प्रतिभागियों ने आकर्षक और संदेशपरक पोस्टर तैयार किए। प्रतियोगिता के समापन पर, चयनित छात्राओं को प्रथम, द्वितीय, तृतीय और सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। स्वतंत्रता आंदोलन का एक महत्वपूर्ण अध्याय संग्रहालय अध्यक्ष डॉ. कृष्ण सिंह ने बताया कि ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को देश के स्वतंत्रता आंदोलन और ऐतिहासिक घटनाओं को समझने का अवसर देती हैं। उन्होंने कहा कि कला के माध्यम से इतिहास को नई पीढ़ी तक आसानी से पहुंचाया जा सकता है। विधि सहायक अनुपमा सिंह ने कहा कि काकोरी ट्रेन एक्शन स्वतंत्रता आंदोलन का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने जोर दिया कि विद्यार्थियों को ऐसे ऐतिहासिक प्रसंगों से जोड़ना आवश्यक है, ताकि उनमें देश के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके।
अयोध्या BSA ने दिखाई सख्ती:स्कूल में मारपीट करने वाले शिक्षक-शिक्षिका समेत प्रिंसिपल सस्पेंड
अयोध्या जिले के सोहावल क्षेत्र के सनाहा स्थित इंग्लिश मीडियम प्राथमिक विद्यालय में तीन शिक्षकों के बीच मारपीट का मामला सामने आया था। यह घटना 7 अगस्त की सुबह विद्यालय खुलने के समय हुई थी। शनिवार 8 अगस्त को दोपहर में बेसिक शिक्षा अधिकारी लालचंद ने बताया कि तीनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। जांच चल रही है। निलंबित किए गए शिक्षकों में विशाल जायसवाल, शिक्षिका सविता देवी और प्रधानाध्यापक राजन शामिल हैं। खंड शिक्षाधिकारी सोहावल की प्रारंभिक जांच में तीनों के बीच किसी बात को लेकर मारपीट की पुष्टि हुई थी। बीएसए लालचंद ने शनिवार 8 अगस्त को बताया कि शिक्षकों की आपसी मारपीट से शिक्षा विभाग और शिक्षक पद की गरिमा धूमिल हुई है, जिससे समाज में गलत संदेश गया है। इसी आधार पर यह निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन के साथ ही, विशाल जायसवाल को ब्लॉक संसाधन केंद्र रुदौली, प्रधानाध्यापक राजन को ब्लॉक संसाधन केंद्र मिल्कीपुर और शिक्षिका सविता देवी को पूराबाजार से संबद्ध किया गया है। बीएसए ने स्पष्ट किया कि जांच अभी जारी है और पूरी रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह विवाद शुक्रवार, को ग्राम सनाहा के इंग्लिश मीडियम प्राथमिक विद्यालय में हुआ था। महिला शिक्षिका पर लगाए गए आरोपों को लेकर शिक्षकों में कहासुनी हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। कार्यवाहक खंड शिक्षाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर विवाद सुलझाने का प्रयास किया और पूरे मामले से बेसिक शिक्षा अधिकारी अयोध्या लालचंद को अवगत कराया, जिसके बाद यह कार्रवाई सुनिश्चित हो सकी।
आओ बहन चुगली करें की थीम पर सावन महोत्सव:लहरिया क्वीन और बिंदिया चमकेगी कॉम्पिटिशन हुआ
शहर के गायत्री भवन के पास सावन चिरमी महोत्सव का आयोजन किया गया। इस बार कार्यक्रम की थीम ‘आओ बहन चुगली करे’ रखी गई। आयोजिका नीलू नंद किशोर खडलोया के नेतृत्व में दोपहर 1 बजे से शाम 7 बजे तक चलने वाले कार्यक्रम में महिलाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रवेश द्वार पर महिलाओं के तिलक लगाकर स्वागत और पूजन के साथ हुई। इसके बाद महिलाओं के लिए अलग-अलग मनोरंजक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें बिंदिया चमकेगी, चिरमी वाली साड़ी, बिना सुर सरमई, चिरमी का झूला, लहरिया क्वीन, कॉइन वाला, ब्रांड नेम, कन्हैया का अनोखा अंदाज और फिल्मी बुट्टियां जैसी प्रतियोगिताएं शामिल रहीं। कार्यक्रम के दौरान लकी ड्रॉ भी निकाला गया। आयोजिका नीलू खडलोया ने प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम की शुरुआत की, जिसका महिलाओं ने तालियों के साथ स्वागत किया। पहेलियों के साथ डांस और अन्य मनोरंजक गतिविधियों ने कार्यक्रम में उत्साह और बढ़ा दिया। कार्यक्रम के अंत में अलग-अलग प्रतियोगिताओं के विजेताओं की घोषणा की गई और उन्हें पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
खरगोन के PG कॉलेज में प्रवेश से वंचित विद्यार्थियों की समस्या को लेकर NSUI ने शनिवार को कॉलेज परिसर में प्रदर्शन किया। संगठन ने प्रवेश पोर्टल दोबारा खोलने और विभिन्न पाठ्यक्रमों में सीटें बढ़ाने की मांग की। NSUI ने प्रभारी प्राचार्य रंजीता बर्वे को उच्च शिक्षा विभाग के नाम मांग पत्र सौंपा। NSUI ने मांग पत्र में कहा कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में विद्यार्थी कॉलेज में दाखिला नहीं ले पाए। संगठन के मुताबिक, सीमित सीटों और मौजूदा प्रवेश प्रक्रिया के कारण कई विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित होने की स्थिति में हैं। NSUI ने विद्यार्थियों के हित में प्रवेश पोर्टल दोबारा खोलने और पाठ्यक्रमवार सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग की। संगठन का कहना है कि इससे प्रवेश से वंचित विद्यार्थियों को अतिरिक्त अवसर मिल सकेगा। प्रभारी प्राचार्य रंजीता बर्वे ने NSUI को आश्वासन दिया कि संगठन की मांगों से उच्च शिक्षा विभाग को अवगत कराया जाएगा। मांगें पूरी न होने पर आंदोलन करेगा NSUI NSUI जिलाध्यक्ष निलेश सागोरे ने कहा कि बड़ी संख्या में विद्यार्थी उच्च शिक्षा हासिल करना चाहते हैं। लेकिन सीमित सीटों के कारण उन्हें परेशानी हो रही है। उन्होंने विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए विभाग से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। सागोरे ने कहा कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो NSUI विद्यार्थियों के हित में आंदोलन तेज करेगी। प्रदर्शन के दौरान प्रशांत सावले, सिद्धार्थ वर्मा, रजत शर्मा, प्रतीक पवार, सुल्तान भुट्टो, रोहित, अक्षांश, आयुष, गोल्डी और अश्विन सहित NSUI कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ देवरिया का साल 2026-27 के लिए द्विवार्षिक चुनाव शनिवार निर्विरोध संपन्न हो गया है। सभी पदों पर एक-एक वैध नामांकन मिलने के बाद प्रत्याशियों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। चुनाव में डॉ. बृजवासी सिंह को संघ का अध्यक्ष चुना गया है। यह चुनाव शनिवार को संपन्न हुआ। नामांकन, जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शाम चार बजे चुनाव अधिकारी ने परिणाम की घोषणा की। संघ की केंद्रीय एवं प्रांतीय कार्यकारिणी के निर्देश पर चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय द्वारा जिला चुनाव अधिकारी और जिला रिटर्निंग अधिकारी नामित किए गए थे। 1 अगस्त को जारी आदेश के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सलेमपुर के परामर्शदाता डॉ. योगेन्द्र प्रसाद को जिला चुनाव अधिकारी और अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, देवरिया के डॉ. अजीत कुमार सिंह को जिला रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया गया था। निर्धारित कार्यक्रम के तहत, 4 और 5 अगस्त को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के कक्ष संख्या चार में नामांकन पत्र जमा किए गए थे। 6 अगस्त को सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक नाम वापसी की प्रक्रिया चली। नामांकन पत्रों की जांच में सभी पत्र वैध पाए गए। किसी भी पद पर एक से अधिक प्रत्याशी न होने के कारण चुनाव निर्विरोध संपन्न हुआ। ये पदाधिकारी निर्विरोध चुने गए अध्यक्ष पद पर डॉ. बृजवासी सिंह, सचिव पद पर डॉ. हरेन्द्र कुमार, उपाध्यक्ष पद पर डॉ. संजय कुमार गुप्ता और डॉ. विपिन रंजन निर्विरोध निर्वाचित हुए। कार्यकारिणी वित्त सचिव के पद पर डॉ. कार्तिक कुमार पाण्डेय, महिला उपाध्यक्ष पद पर डॉ. मनीष सिंह और संपादक पद पर डॉ. इमाम हुसैन सिद्दिकी चुने गए। चुनाव अधिकारी डॉ. योगेन्द्र प्रसाद और जिला रिटर्निंग अधिकारी डॉ. अजीत कुमार सिंह ने चुनाव प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुसार शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष तरीके से पूरा कराया। निर्विरोध निर्वाचित पदाधिकारियों ने चिकित्सकों के हितों की आवाज उठाने, संगठन को मजबूत करने और चिकित्सा सेवाओं में बेहतर समन्वय के लिए काम करने की बात कही।
माधोराजपुरा उपखंड में ग्रामीण सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने 7 करोड़ 52 लाख रुपए की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की है। यह राशि चाकसू विधानसभा क्षेत्र की चार महत्वपूर्ण संपर्क एवं ग्रामीण सड़कों के निर्माण और सुदृढ़ीकरण पर खर्च की जाएगी। विधायक रामावतार बैरवा की अनुशंसा पर मिली इस स्वीकृति से क्षेत्र के कई गांवों की सालों पुरानी सड़क समस्या दूर होने की उम्मीद है। इस स्वीकृति के तहत कुल 19.30 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण और उन्नयन किया जाएगा। इन सड़कों के बनने से किसानों, विद्यार्थियों, मरीजों और ग्रामीण यात्रियों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। विशेषकर बरसात के दिनों में कीचड़ और खराब रास्तों से होने वाली परेशानियां काफी हद तक कम होंगी। जिन चार सड़कों के निर्माण और सुदृढ़ीकरण को मंजूरी मिली है, गोहंदी से जाबड़ सड़क, बाजड़ोली से पहाड़िया सड़क, बीड रामचन्द्रपुरा से देवीसिंहपुरा मोड़ तक सड़क, चाकसू संपर्क सड़क से बिची तक सड़क बनेगी। ग्रामीणों ने बताया कि इन मार्गों की हालत लंबे समय से खराब थी, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। नई सड़कों के निर्माण से खेती की उपज को मंडियों तक पहुंचाना आसान होगा। साथ ही, स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों का समय बचेगा और एम्बुलेंस सहित अन्य आपातकालीन सेवाओं की पहुंच भी बेहतर हो पाएगी। विधायक रामावतार बैरवा ने बताया कि चाकसू विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण आधारभूत ढांचे को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत यह राशि क्षेत्र के विकास को नई गति देगी। भविष्य में अन्य आवश्यक सड़क परियोजनाओं के लिए भी प्रयास जारी रहेंगे। माधोराजपुरा उपखंड में हाल ही में तहसील भवन, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विस्तार और महाविद्यालय से जुड़े विकास कार्य हुए हैं। इन विकास कार्यों के बाद, सड़क निर्माण की यह स्वीकृति ग्रामीण क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात मानी जा रही है।
राजनांदगांव पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने वाली कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की रजत पदक विजेता और छत्तीसगढ़ पुलिस की सहायक उपनिरीक्षक (ASI) ज्ञानेश्वरी यादव का अभिनंदन किया। उनके माता-पिता को भी स्मृति चिन्ह और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह पुलिस लाइन स्थित मंगल भवन में आयोजित किया गया। ए फेलिसिटेशन एंड इंटरेक्शन सेशन फॉर गर्ल्स एंड वुमेन विषय पर आधारित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले की बालिकाओं और महिलाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का जज्बा जगाना था। ज्ञानेश्वरी यादव ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के अटूट विश्वास और समर्थन को दिया। ज्ञानेश्वरी ने सफर के अनुभव साझा किए इस दौरान ज्ञानेश्वरी यादव ने अपने बचपन से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक के सफर के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद कड़ी मेहनत, सकारात्मक सोच, दृढ़ संकल्प और अनुशासित जीवनशैली के बल पर सफलता कैसे हासिल की जा सकती है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के अटूट विश्वास और समर्थन को दिया। छात्राओं द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए ज्ञानेश्वरी ने उस ऐतिहासिक क्षण का जिक्र किया जब प्रतियोगिता के पहले ही दिन मासिक धर्म होने के बावजूद उन्होंने मैदान नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि आमतौर पर कोच ऐसे समय में विश्राम की सलाह देते हैं, लेकिन उन्होंने अपनी मानसिक दृढ़ता और खुद पर विश्वास के बल पर प्रदर्शन किया और देश के लिए रजत पदक जीता। ज्ञानेश्वरी यादव ने कहा, “जब पदक तालिका में भारतीय तिरंगा ऊपर उठा और राष्ट्रगान की धुन गूँजी, तो वह मेरे जीवन का सबसे भावुक और गौरवान्वित करने वाला क्षण था।” यह केवल सम्मान नहीं, बल्कि प्रेरणा भी- एसपी पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने ज्ञानेश्वरी यादव को छत्तीसगढ़ पुलिस परिवार का गौरव बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल सम्मान करना नहीं, बल्कि प्रेरणा देना भी है। संघर्षों से तपकर निकली एक बेटी की प्रेरणादायी कहानी को समाज की हर महिला और बालिका तक पहुँचाना है ताकि उनमें आत्मविश्वास का संचार हो सके। ये रहे मौजूद इस अवसर पर डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता बघेल, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण वैष्णव, पुलिस महानिरीक्षक अजय यादव, पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा, सीएसपी वैशाली जैन, डीएसपी मंजुला बाज सहित ज्ञानेश्वरी यादव के माता-पिता भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बागपत में कांवड़ यात्रियों के लिए सेवा शिविर:शिव कांवड़ सेवा समिति 30 वर्षों से दे रही सुविधाएं
बागपत में श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सेवा के लिए जगह-जगह सेवा शिविर स्थापित किए गए हैं। इसी कड़ी में, गुफा वाले मंदिर के समीप शिव कांवड़ सेवा समिति द्वारा भी एक शिविर का आयोजन किया गया है, जो पिछले 30 वर्षों से कांवड़ यात्रियों को सुविधाएं प्रदान कर रहा है। इन सेवा शिविरों में कांवड़ यात्रियों के लिए ठहरने, भोजन, पेयजल और विश्राम की विशेष व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य लंबी पैदल यात्रा से थके हुए शिवभक्तों को राहत प्रदान करना और उनकी यात्रा को सुगम बनाना है। समिति से जुड़े सदस्यों के अनुसार, दूर-दराज से आने वाले शिवभक्त कई किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हैं। उनकी थकान दूर करने और यात्रा को आरामदायक बनाने के उद्देश्य से यह सेवा शिविर हर वर्ष आयोजित किया जाता है। समिति भोजन, पानी और आराम सहित सभी आवश्यक सुविधाओं का ध्यान रखती है। शिव कांवड़ सेवा समिति के नेतृत्व की जिम्मेदारी सीसाना निवासी नरेश चौहान संभाल रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में समिति के सदस्य और स्वयंसेवक लगातार शिवभक्तों की सेवा में सक्रिय हैं। यह सेवा शिविर 5 अगस्त को शुरू हुआ है और 11 अगस्त की सुबह तक जारी रहेगा। शिविर में सेवा दे रहे स्वयंसेवकों का कहना है कि शिवभक्तों की सेवा करना उनके लिए केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आस्था और पुण्य का कार्य है। यह सेवा भाव कांवड़ यात्रा के दौरान बागपत की धार्मिक और सामाजिक एकजुटता को भी दर्शाता है।
बस्ती में श्रावण मास के दौरान कांवरियों द्वारा नहर में स्टंट करने का एक वीडियो शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह वीडियो विक्रमजोत क्षेत्र का बताया जा रहा है, जिसमें कुछ कांवरिए तेज बहाव वाली नहर में पुल से उतरकर जान जोखिम में डालते दिख रहे हैं। इस घटना ने जिला प्रशासन और एनएचएआई की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो विक्रमजोत चौकी क्षेत्र में हाईवे पर स्थित नहर की पुलिया का है। नहर में पानी का बहाव काफी तेज है, इसके बावजूद कांवरियों का एक समूह पुल से नहर में कूदकर स्टंट कर रहा है। आस्था और उत्साह के नाम पर सुरक्षा को नजरअंदाज करने की यह स्थिति किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। तत्काल कार्रवाई की मांग वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान इस मार्ग से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कांवरिए गुजरते हैं। ऐसे संवेदनशील स्थानों पर प्रशासन और एनएचएआई को पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम, बैरिकेडिंग और निगरानी करनी चाहिए। स्थानीय निवासियों के अनुसार, प्रभावी रोक-टोक और सुरक्षा व्यवस्था के अभाव के कारण कांवरिए जोखिम उठाकर नहर में उतर रहे हैं। यह स्थिति तत्काल कार्रवाई की मांग करती है।
हरियाणा के अंबाला में हुई मारपीट पर लुधियाना के हिंदू नेता गुरसिमरन सिंह मंड का नया वीडियो सामने आया है। अस्पताल में भर्ती मंड ने कहा- कट्टरपंथियों ने मुझे खालिस्तानी नारे लगाने को कहा था। जब मैंने मना किया तो मुझे मारने लगे। मेरी कार पर चढ़कर तलवार-डंडों से हमला किया गया। उधर, एक निहंग बाबा सिंह ने दावा किया कि मंड की गाड़ी का पहिया वहां खड़े एक सिख व्यक्ति के पैर पर चढ़ गया था। स्थानीय लोगों और वहां मौजूद सिखों ने गाड़ी रोक ली। इस दौरान मंड ने अपनी ‘Y’ श्रेणी की सुरक्षा का रौब दिखाया, जिससे वहां मौजूद लोगों से उनकी तीखी बहस हो गई। देखते ही देखते 10-20 लोगों की भीड़ ने उनपर हमला कर दिया और स्थिति हिंसक हो गई। बता दें कि शुक्रवार को मंड पर गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब के बाहर अटैक हुआ था। वाई सिक्योरिटी में मंड खून से लथपथ होकर सड़क पर जान बचाकर भागते दिखे। पुलिस सिर्फ देखती रही और हमलावर लगातार उन्हें पीटते रहे। हमले के कई वीडियो भी सामने आए, जिसमें कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और गाड़ी पर ईंट-पत्थरों से हमला बोल दिया। काफी मशक्कत के बाद सिक्योरिटी में लगे जवानों ने उन्हें भीड़ से बचाकर गाड़ी से बाहर निकाला जिसके बाद वो सड़क पर भागते दिखे थे। पहले जानिए मंड ने क्या आरोप लगाए… अस्पताल से मंड ने बताया- भीड़ ने तलवार, लाठियों से मारा हमले में घायल गुरसिमरन सिंह मंड ने अस्पताल से वीडियो जारी कर घटना के बारे में बताया। मंड के अनुसार, भीड़ ने उनकी गाड़ी को घेरकर तलवारों, लाठियों और ईंटों से हमला किया तथा गाड़ी के शीशे तोड़ दिए। उन्होंने कहा कि उन्हें और उनके बेटे को बचाने पहुंचे हरियाणा पुलिस के तीन जवानों के साथ भी मारपीट की गई। ‘खालिस्तान जिंदाबाद’, ‘मोदी मुर्दाबाद’ कहने को कहा मंड ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उनसे जबरन ‘खालिस्तान जिंदाबाद’, ‘मोदी मुर्दाबाद’ और ‘आरएसएस मुर्दाबाद’ के नारे लगाने को कहा। इनकार करने पर उनके साथ मारपीट की गई और उनके दांत तोड़ दिए गए। मंड ने कहा कि वह तिरंगे और देश के साथ खड़े हैं और इस घटना से डरने वाले नहीं हैं। अब जानिए निहंग ने क्या कहा…. सामने आए एक और वीडियो में निहंग बाबा सिंह ने कहा कि घटना अचानक हुए विवाद का नतीजा थी। जब गुरसिमरन सिंह मंड अपनी गाड़ी में पंजोखरा साहिब के पास मौजूद थे, तब कथित तौर पर उनकी गाड़ी का पहिया वहां खड़े एक सिख व्यक्ति के पैर पर चढ़ गया था, जिसके बाद दोनों तरफ से कहासुनी के बाद हमला हुआ। निहंग बोले- सिखों के खिलाफ बोलने वालों का यही हश्र होगा निहंग सिख ने आगे हमले को सही ठहराया और हमला करने वालों की पीठ थपथपाई। निहंग ने कहा-
लखनऊ के अनंत नगर योजना के मास्टर प्लान में प्रस्तावित सड़कों की चौड़ाई घटाने और वन विभाग की जमीन से सड़क निकालने के प्रस्ताव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका में लखनऊ मास्टर प्लान-2031 के तहत प्रस्तावित 150 मीटर चौड़ी आउटर रिंग रोड को घटाकर 45 मीटर करने और उसके दोनों तरफ प्रस्तावित 50-50 मीटर ग्रीन बेल्ट को कम करने का विरोध किया गया है।याचिकाकर्ता ने अनंत नगर योजना से किसान पथ को जोड़ने वाली 60 मीटर चौड़ी मास्टर प्लान रोड को भी 45 मीटर किए जाने के प्रस्ताव पर सवाल उठाया है। याचिका में दावा किया गया है कि सड़क की चौड़ाई घटाने के साथ-साथ इसके रूट में भी बदलाव किया गया है। इससे वन विभाग की जमीन प्रभावित होगी और बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की नौबत आ सकती है। पहले 1.50 किमी सड़क का था प्रस्ताव, अब 5.33 किमी का आरोप याचिका में कहा गया है कि अनंत नगर योजना से किसान पथ को जोड़ने वाली 60 मीटर चौड़ी सड़क का पहले गांव मौदा से करीब 1.50 किलोमीटर लंबा प्रस्ताव था। आरोप है कि अब सड़क का रूट बदलकर इसे करीब 5.33 किलोमीटर किया जा रहा है।याचिकाकर्ता का दावा है कि नया प्रस्ताव तीन गांवों के साथ-साथ वन विभाग की जमीन से होकर गुजरता है। इसके चलते सड़क निर्माण के लिए हजारों पेड़ों को काटने की आशंका जताई गई है। 150 मीटर आउटर रिंग रोड को 45 मीटर करने का प्रस्ताव याचिका के मुताबिक लखनऊ मास्टर प्लान-2031 में शहर के आसपास 104 किलोमीटर लंबी 150 मीटर चौड़ी आउटर रिंग रोड प्रस्तावित की गई थी। इसके दोनों तरफ 50-50 मीटर की ग्रीन बेल्ट का भी प्रावधान बताया गया है। इस परियोजना के लिए बड़ी मात्रा में जमीन अधिग्रहण और कई गांवों से होकर सड़क निकालने की योजना का उल्लेख याचिका में किया गया है।अब याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस सड़क की चौड़ाई घटाकर 45 मीटर करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इसी तरह अनंत नगर-किसान पथ को जोड़ने वाली 60 मीटर की मास्टर प्लान रोड को भी 45 मीटर करने का प्रस्ताव है। सरकारी पत्रों को याचिका में बनाया आधार याचिका में 17 जून 2025 को मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक की ओर से आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के संयुक्त सचिव को लिखे गए पत्र का हवाला दिया गया है। इसमें आउटर रिंग रोड की चौड़ाई कम करने के प्रस्ताव का उल्लेख होने का दावा किया गया है।इसके बाद 23 जून 2025 को राज्य सरकार की ओर से लखनऊ विकास प्राधिकरण को दोनों सड़कों की चौड़ाई घटाने के संबंध में पत्र भेजे जाने की बात भी याचिका में कही गई है। इन पत्रों की प्रतियां याचिका के साथ संलग्न किए जाने का दावा है। राजनीतिक दबाव में रूट बदलने का आरोप याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि अनंत नगर योजना की 60 मीटर चौड़ी मास्टर प्लान रोड को पहले से तय 1.50 किलोमीटर के रास्ते के बजाय 5.33 किलोमीटर लंबे रास्ते से ले जाने का फैसला राजनीतिक दबाव और प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।हालांकि, ये आरोप फिलहाल याचिकाकर्ता की ओर से लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पेड़ों की कटाई और पर्यावरण का मुद्दा याचिका में पेड़ों की कटाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के पूर्व आदेशों का भी हवाला दिया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि वन विभाग की जमीन से सड़क निकालने पर बड़ी संख्या में पेड़ काटे जाएंगे, जो पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रावधानों के विपरीत होगा।याचिका में पेड़ काटे जाने की स्थिति में एक पेड़ के बदले 10 पौधे लगाए जाने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का भी हवाला दिया गया है। साथ ही पर्यावरण से जुड़े कानूनों और नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। हाईकोर्ट से ये मांगें की गईं याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से मांग की है कि 150 मीटर आउटर रिंग रोड को 45 मीटर करने और ग्रीन बेल्ट को कम करने से रोका जाए। इसके अलावा अनंत नगर-किसान पथ की 60 मीटर मास्टर प्लान रोड को 45 मीटर करने के प्रस्ताव पर भी रोक लगाने की मांग की गई है।याचिका में वन विभाग की जमीन से प्रस्तावित 5.33 किलोमीटर सड़क के निर्माण को रोककर पहले प्रस्तावित मौदा गांव से 1.50 किलोमीटर लंबे रूट से 60 मीटर चौड़ी सड़क बनाने का निर्देश देने की मांग की गई है। साथ ही वन विभाग के पेड़ों की कटाई रोकने की भी मांग की गई है।
अल्मोड़ा के रवि टम्टा की बनाई हपिडा स्काइनेक्स दो दिन में 3 बार उड़ चुकी है। प्रशासन ने आज भी अपनी निगरानी में ट्रायल कराया है। बीते कल सीएम धामी ने भी वीडियो कॉल पर रवि से बात की और उनके प्रयोग की तारीफ की। लेकिन अब इस पूरे इनोवेशन पर ही सवाल खड़ा हो गया है। यूपी के पूर्व राज्य मंत्री आईपी सिंह ने हपिडा स्काइनेक्स को चीन के फ्लाइंग व्हीकल की कॉपी बताते हुए कहा है कि चीन से ऐसे ड्रोन टैक्सी जैसे वाहन सस्ते में मंगाए जा सकते हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि ये चीन के खिलौने हैं। उनके इस बयान के बाद सवाल यह है कि अल्मोड़ा के काफलीखान गांव में तैयार हुआ हपिडा स्काइनेक्स कितना स्वदेशी है और इसमें चीन की तकनीक या उपकरणों की कितनी भूमिका है। खास बात ये है कि रवि खुद बता चुके हैं कि वह करीब दो साल पहले चीन गए थे, वहां के तकनीकी प्रयोगों को करीब से देखा था और फ्लाइंग व्हीकल के लिए कुछ उपकरण चीन से लेकर आए थे। हालांकि रवि का दावा है कि उन्होंने इसका इंजन तमिलनाडु से मंगाया। बाकी काम उन्होंने अपनी तकनीकी समझ और इंटरनेट से जुटाई जानकारी के आधार पर किया। अब पढ़िए रवि की कहानी और उनके इस इनोवेशन के बारे में …2015 में सपना देखा, 2025 का हेलिकॉप्टर नहीं उड़ा तो बदला रास्ता रवि बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही हवा में उड़ने का शौक था। वर्ष 2015 में उनके मन में उड़ने वाली गाड़ी बनाने का विचार आया। इसके बाद उन्होंने इसी दिशा में प्रयोग शुरू किए और अपनी कंपनी हपिडा स्काई प्राइवेट लिमिटेड शुरू की। 2025 में उन्होंने एक सिंगल सीटर हेलिकॉप्टर भी बनाया था, लेकिन वह सफल नहीं हो पाया। इस असफलता के बाद रवि ने प्रयोग बंद नहीं किया। उन्होंने तय किया कि अब फ्यूचर स्काई मोबिलिटी पर काम करना है। उनका कहना है कि भविष्य में लोग सिर्फ सड़कों पर ही क्यों निर्भर रहें? सड़क पर ट्रैफिक, प्रदूषण और मेडिकल इमरजेंसी जैसी कई दिक्कतें हैं। अगर हवा के रास्ते व्यक्तिगत परिवहन का विकल्प तैयार हो सके तो आने वाले समय में यह काफी उपयोगी हो सकता है। चीन गए, तकनीक देखी; कुछ उपकरण लाए, इंजन तमिलनाडु से मंगाया हपिडा स्काइनेक्स किसी तैयार मशीन को खरीदकर तैयार नहीं किया गया। रवि के मुताबिक उन्होंने इसके लिए तकनीकी जानकारी इंटरनेट से जुटाई। अलग-अलग प्रयोगों और उपलब्ध तकनीक को समझने के बाद अपने स्तर पर प्रोटोटाइप तैयार किया। करीब दो साल पहले चीन की यात्रा के दौरान उन्होंने वहां हो रहे तकनीकी नवाचारों को करीब से देखा। फ्लाइंग व्हीकल के लिए जरूरी कुछ उपकरण वह चीन से लेकर आए। वहीं इसका इंजन तमिलनाडु से मंगाया गया। इसके बाद गांव में उपलब्ध संसाधनों, जुटाए गए उपकरणों और अपनी तकनीकी समझ के आधार पर उन्होंने हपिडा स्काइनेक्स को तैयार किया। रवि इसे ड्रोन तकनीक के उन्नत रूप की तरह देखते हैं और भविष्य में इसे व्यक्तिगत हवाई परिवहन के विकल्प के रूप में विकसित करना चाहते हैं। इसे बनाने में काफी पैसा लगा, लेकिन रवि ने अभी हिसाब नहीं जोड़ा रवि के मुताबिक हपिडा स्काइनेक्स को तैयार करने में अब तक काफी पैसा खर्च हो चुका है। हालांकि, उन्होंने अभी तक कुल खर्च का पूरा हिसाब नहीं लगाया है। यह प्रोजेक्ट किसी बड़ी कंपनी की लैब में तैयार नहीं हुआ। इसके लिए अलग-अलग जगहों से उपकरण जुटाए गए, कुछ चीन से लाए गए और इंजन तमिलनाडु से मंगाया गया। इसके बाद लंबे समय तक प्रयोग और बदलाव किए गए। करीब डेढ़ साल की मेहनत के बाद मौजूदा प्रोटोटाइप तैयार हो सका। 6 अगस्त को निजी ट्रायल, वीडियो सामने आया तो प्रशासन सक्रिय हुआ हपिडा स्काइनेक्स का निजी स्तर पर सफल परीक्षण 6 अगस्त को हुआ। रवि ने खुद इसे उड़ाकर देखा और इसका वीडियो अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया। वीडियो तेजी से लोगों तक पहुंचा और इसके बाद पुलिस तथा जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया। 7 अगस्त को प्रशासन की टीम ने रवि से संपर्क किया। जिलाधिकारी से बातचीत के बाद एसएसपी की निगरानी में इसका दोबारा परीक्षण कराया गया। इसी दिन रात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉल के जरिए रवि से बात की। मुख्यमंत्री ने उनके प्रयोग की सराहना की और इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया। इसके बाद जिला प्रशासन के कहने पर हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम में लोगों की मौजूदगी में भी इसका परीक्षण कराया गया। डीएम अंशुल सिंह और एसएसपी चंद्रशेखर आर. घोड़के की मौजूदगी में रवि ने हपिडा स्काइनेक्स को उड़ाया। यानी दो दिनों में यह तीन बार उड़ान भरकर दिखाई जा चुकी है। सिंगल सीटर जेट जैसी बनावट, आठ पंखे; सुरक्षा के लिए पैराशूट हपिडा स्काइनेक्स फिलहाल एक सिंगल सीटर प्रोटोटाइप है। इसकी बनावट जेट जैसी सिंगल-सीटर व्यवस्था वाली है। चारों तरफ कुल आठ पंखे लगे हैं, जिनकी मदद से यह जमीन से ऊपर उठता है। रवि ने इसके निर्माण में सुरक्षा का भी ध्यान रखा है। आपात स्थिति के लिए इसमें पैराशूट सिस्टम लगाया गया है, जिसे जरूरत पड़ने पर अपने आप खुलने के लिए डिजाइन किया गया है। परीक्षण के दौरान यह करीब एक मिनट तक हवा में रहा और लगभग 20 फीट की ऊंचाई तक गया। रवि का दावा है कि इसकी अधिकतम गति करीब 200 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। हालांकि, अभी यह प्रोटोटाइप स्तर पर है। इसलिए इसे आम लोगों के इस्तेमाल में लाने से पहले सुरक्षा, तकनीकी क्षमता और प्रदर्शन के कई चरणों में परीक्षण जरूरी होंगे। अल्मोड़ा से काफलीखान तक 40 किमी उड़ाने की थी तैयारी रवि ने पहले अल्मोड़ा से अपने गांव काफलीखान तक करीब 40 किलोमीटर की उड़ान भरकर इसका परीक्षण करने की योजना बनाई थी। उनका दावा था कि यह दूरी करीब 12 मिनट में पूरी की जा सकती थी। लेकिन जरूरी अनुमति नहीं मिलने के कारण यह उड़ान नहीं हो सकी। इसके बाद नियंत्रित और सुरक्षित परिस्थितियों में इसका परीक्षण किया गया। अब रवि प्रोटोटाइप की सुरक्षा, क्षमता और प्रदर्शन को और बेहतर करने के लिए आगे कई परीक्षण करना चाहते हैं। फ्लाइंग व्हीकल से पहले भी कई प्रयोग कर चुके हैं हपिडा स्काइनेक्स रवि का पहला तकनीकी प्रयोग नहीं है। इससे पहले वह हेलिकॉप्टर, वन विभाग के लिए अग्निशमन उपकरण, दिव्यांगों के लिए विशेष छड़ी और स्टिक मोबाइल चार्जर जैसे उपकरण तैयार कर चुके हैं। उन्होंने हपिडा पाइन पीट मशीन भी विकसित की है, जिसकी आपूर्ति वन विभाग को की जा रही है। करीब सात साल पहले उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों को कम समय में चार्ज करने के लिए इलेक्ट्रोलाइट पंप मशीन भी तैयार की थी। रवि काफलीखान में जूनियर हाईस्कूल तक पढ़े हैं। इसके बाद उन्होंने कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल से कला संकाय में स्नातक किया। उनके पिता हरीश राम मोटर मैकेनिक हैं। रवि बताते हैं कि उनके ज्यादातर तकनीकी प्रयोगों में इंटरनेट से मिली जानकारी ने मदद की। उन्होंने खुद चीजों को समझा, प्रयोग किए और फिर उनमें बदलाव करते गए। अब पेटेंट और डीजीसीए की तैयारी हपिडा स्काइनेक्स अभी प्रोटोटाइप है। इसे आगे विकसित करने के बाद रवि पेटेंट कराने की तैयारी कर रहे हैं। इसके संचालन और हवाई सुरक्षा से जुड़े नियमों को लेकर डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन यानी डीजीसीए से भी संपर्क करने की योजना है। रवि का दावा है कि उनका लक्ष्य व्यक्तिगत हवाई परिवहन के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। लेकिन अब इस दावे के साथ एक दूसरा सवाल भी जुड़ गया है- हपिडा स्काइनेक्स में कितना स्वदेशी डिजाइन है और चीन से आए उपकरणों या वहां देखी गई तकनीक का कितना प्रभाव है? फिलहाल पूर्व राज्य मंत्री के आरोप के अलावा ऐसा कोई स्वतंत्र तकनीकी परीक्षण सामने नहीं है, जो इसे चीनी कॉपी साबित करता हो। इसलिए इस दावे की पुष्टि तकनीकी जांच और दस्तावेजों से ही हो सकेगी। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें… हल्द्वानी की रेनू के बाल 8 फीट 10 इंच लंबे:दुनिया में सबसे लंबे बालों का रिकॉर्ड बनाया, यूक्रेन की आलिया नासिरोवा को पीछे छोड़ा हल्द्वानी की रेनू धरियाल ने अपने 8 फीट 10 इंच लंबे बालों के चलते दुनिया में पहचान बनाई है। उनके बालों की लंबाई 271.50 सेंटीमीटर दर्ज की गई है। इसके साथ ही रेनू का नाम प्रतिष्ठित जीनियस वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ है। उन्होंने यूक्रेन की आलिया नासिरोवा का रिकॉर्ड तोड़ा है। आलिया के बाल 257.33 सेंटीमीटर यानी 8 फीट 5.3 इंच लंबे थे। (पढ़ें पूरी खबर)
अतीक अहमद के बेटे अली और उमर को छोटे भाई अबान के जनाजे में शामिल होने के लिए पैरोल पर जेल से रिहा किया गया है। अली को शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे झांसी जेल से प्रयागराज के लिए रवाना किया गया। अली को 30 पुलिसकर्मियों की सुरक्षा में 10 से अधिक वाहनों के काफिले के साथ 400 किलोमीटर दूर प्रयागराज ले जाया जा रहा है। पुलिस ने अली का चेहरा छिपाने के लिए वैन पर पर्दे डाले थे। काफिले में अली की वैन के आगे-पीछे दो-दो पुलिस वाहन चल रहे हैं और स्थानीय पुलिस भी अपनी सीमा में एस्कॉर्ट कर रही है। शनिवार शाम 4:24 बजे अली का काफिला कौशांबी के कोखराज सकाड़ा से होते हुए सीधे प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान पहुंचेगा। यहां अली अपने भाई अहजम और बुआ परवीन कुरैशी से पुलिस की निगरानी में एक घंटे तक मुलाकात करेंगे। इसके बाद उन्हें वापस जेल ले जाया जाएगा। सड़क हादसे में हुई थी अबान की मौत अली और उमर के छोटे भाई अबान की गुरुवार सुबह झांसी में एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। अबान प्रयागराज से झांसी जेल में बंद अपने भाई अली से मिलने जा रहा था। यह हादसा सुबह करीब 10:30 बजे हाईवे पर हुआ, जब उसकी क्रेटा कार में सवार चार अन्य दोस्तों के साथ एक जानवर को बचाने के चक्कर में डिवाइडर से टकरा गई। इस दुर्घटना में अबान और उसके दोस्त सोनू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य दोस्त घायल हो गए। अबान और सोनू के शव शुक्रवार तड़के 4 बजे एक ही एंबुलेंस से झांसी से प्रयागराज के हटवा गांव लाए गए। अतीक का घर टूटने के बाद अबान अपनी बुआ के घर हटवा में ही रह रहा था।
हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने शनिवार को घरौंडा के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित कर करीब तीन घंटे तक क्षेत्र के लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। कार्यक्रम में विभिन्न गांवों से पहुंचे लोगों ने विकास कार्यों से जुड़ी कई मांगें रखीं। कल्याण ने लोगों से भाईचारा बनाए रखने और पार्टीबाजी से दूर रहने की अपील भी की। जनसुनवाई में गांव चुंडीपुर और मुंडी गढ़ी के लोगों ने सरकारी स्कूल का नया भवन बनवाने और स्कूल को गांव से बाहर खुले स्थान पर शिफ्ट करने की मांग उठाई। कोहंड के ग्रामीणों ने सैनी चौपाल के पुनर्निर्माण की बात रखी। डबरकी कलां के लोगों ने खेतों के रास्ते पक्के कराने की मांग की, जबकि गुढ़ा गांव के लोगों ने कब्रिस्तान और श्मशान घाट की चारदीवारी बनवाने की मांग रखी। अनोखा कालोनी की गलियों की मांग इसी तरह अनोखा कॉलोनी के निवासियों ने गली पक्की कराने और सीवरेज व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की। बरसत गांव के लोगों ने निर्माणाधीन सड़क के काम में तेजी लाने की अपील की, वहीं फुरलक गांव के लोगों ने सैनी चौपाल निर्माण की मांग रखी। कुछ लोग निजी समस्याओं को लेकर भी पहुंचे, जिनकी भी सुनवाई की गई। विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को दिए निर्देश हरविन्द्र कल्याण ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को जल्द समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों के लिए उनके दरवाजे 24 घंटे खुले हैं और वे इलाके के चहुंमुखी विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस अवसर पर मार्केट कमेटी चेयरमैन राजकुमार पालीवाल, नगरपालिका चेयरमैन हैप्पी लक गुप्ता, मंडल अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के कार्यकारी अभियंता राजीव ढिल्लों, पालिका सचिव रवि प्रकाश शर्मा, तहसीलदार अरविंद और इंस्पेक्टर दीपक कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
धौलपुर में जनाना अस्पताल के सामने सड़क किनारे ठेले लगाने वाले लोगों ने नगर परिषद की कार्रवाई का विरोध किया है। गुरुवार को हुई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के खिलाफ उन्होंने शनिवार को जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। हथठेला संचालकों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि नगर परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके ठेलों को हटाते समय तोड़फोड़ की और कुछ सामान उठाकर ले गए। उनका कहना है कि ये ठेले सड़क से करीब दस फीट दूर लगाए गए थे। संचालकों ने खुद को गरीब और मजदूर वर्ग का बताते हुए कहा कि वे ठेला लगाकर ही अपने परिवार का गुजारा करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई से पहले उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई। हथठेला संचालकों ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में अन्य दुकानें भी संचालित हैं, लेकिन कार्रवाई केवल उनके खिलाफ की गई। उन्होंने जिला प्रशासन से परिवार के पालन-पोषण के लिए ठेले लगाने की उचित व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने क्षतिग्रस्त सामान की भरपाई और नगर परिषद द्वारा जब्त किए गए सामान को वापस दिलाने की भी मांग की।
धमतरी के श्यामतराई गांव में महिला के शव को दफनाने को लेकर जमकर विवाद हो गया। यहां एक परिवार महिला के शव को दफनाने की तैयारी कर रहा था, तभी इसकी जानकारी ग्रामीणों को मिली और मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए। ग्रामीणों ने शव को गांव में दफनाने का विरोध किया। उनका कहना था कि परिवार लंबे समय से गांव के रीति-रिवाज और हिंदू धर्म की परंपराओं को नहीं मान रहा है। इसी वजह से ग्रामीणों ने शव को गांव में दफनाने से रोक दिया। मामला बढ़ने पर पुलिस और तहसीलदार की टीम मौके पर पहुंची और समझाइश देकर स्थिति को शांत कराया। मामला धमतरी शहर से लगे श्यामतराई गांव का है। अब जानिए पूरा मामला जानकारी के मुताबिक, गांव के रहने वाले मोहन साहू की मां गीता बाई (50) का शनिवार सुबह निधन हो गया। परिवार उनके अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था, तभी ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और शव दफनाने का विरोध करने लगे। रीति-रिवाज नहीं मानने का लगाया आरोप ग्रामीणों का कहना है कि मृतिका का परिवार कई वर्षों से हिंदू धर्म और गांव के रीति-रिवाजों का पालन नहीं कर रहा है। उन्होंने बताया कि ग्राम श्यामतराई के मोहन साहू की माता गीता बाई का निधन हुआ था। ग्रामीणों के अनुसार, परिवार न तो हिंदू धर्म को मानता है और न ही गांव के रीति-रिवाजों का पालन करता है। ग्रामीणों ने उदाहरण देते हुए बताया कि हाल ही में परिवार में दादा-दादी का निधन हुआ था, लेकिन उनके मुंडन संस्कार कार्यक्रम नहीं किए गए। वे गांव के 'नहावन' जैसे कार्यक्रमों में भी शामिल नहीं होते। ग्रामीणों का आरोप है कि परिवार यह भी नहीं बताता कि वे किस धर्म को मानते हैं। गांव में हुई कई बैठकों में परिवार ने देवी-देवताओं को भी न मानने की बात कही थी, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश था। मौके पर पहुंची पुलिस और तहसीलदार की टीम शव दफनाने को लेकर विवाद बढ़ने की जानकारी मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस और तहसीलदार ने ग्रामीणों और परिवार से बात की, जिसके बाद मामला शांत कराया गया। तहसीलदार दुर्गेश तंवर ने बताया कि श्यामतराई गांव में शव दफनाने को लेकर विवाद की स्थिति बनी थी। प्रशासन और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत कराया है।
नालंदा के बिन्द इलाके के एक गांव में 7 साल की मासूम बच्ची को डरा-धमका कर दालान (कमरे) में बंद कर रेप की कोशिश का मामला सामने आया है। बच्ची के शोर मचाने और परिजनों के वहां पहुंचने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गया। इस संबंध में शनिवार को बच्ची के पिता ने बिन्द थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और न्याय की गुहार लगाई है। घटना गुरुवार की है। पीड़िता के पिता और बच्ची की दादी ने बताया कि गुरुवार शाम को बच्ची घर से खेलने निकली थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला शकुन्द बिंद बच्ची को उठाकर अपने दालान में ले गया। उसने अंदर से दरवाजा और खिड़की बंद कर ली। जब बच्ची ने डर के मारे रोना शुरू किया, तो आरोपी ने उसे खौफनाक धमकी दी कि अगर उसने हल्ला किया तो वह उसे काटकर बोरे में भरकर बाहर फेंक देगा। इसके बाद उसने जबरन बच्ची के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे परिजन, नग्न अवस्था में छोड़कर भागा आरोपी पीड़िता की दादी ने बताया कि कमरे से बच्ची के रोने और चीखने की आवाज सुनकर वे लोग उधर दौड़े। बगल के एक व्यक्ति की मदद से जब दरवाजा खुलवाया गया, तो परिजनों के होश उड़ गए। मौके पर बच्ची की दादी, चाचा और मां समेत अन्य लोग पहुंचे। लोगों को आता देख आरोपी शकुन्द बिंद बच्ची को नग्न अवस्था में छोड़कर वहां से भाग खड़ा हुआ। 50 हजार का प्रलोभन और पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी पीड़ित परिवार ने पुलिस को बताया है कि भागते समय आरोपी ने उन्हें धमकी दी कि अगर इस घटना के बारे में पुलिस या किसी अन्य को बताया, तो वह पूरे परिवार को जान से मार देगा। मामले को रफा-दफा करने और मुंह बंद रखने के लिए आरोपी ने परिवार को 50,000 रुपये देने का भी प्रलोभन दिया। दहशत में था परिवार, हिम्मत जुटाकर पहुंचा थाना आरोपी की दबंगई और खौफनाक धमकियों के कारण पीड़ित का असहाय और गरीब परिवार पिछले दो दिनों से डरा-सहमा हुआ था। शनिवार को परिवार वालों ने हिम्मत जुटाई और बिन्द थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ लिखित मामला दर्ज कराया। बच्ची की दादी ने पुलिस के सामने घटना का पूरा विवरण बयां किया। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की गहन छानबीन शुरू कर दी है। आरोपी 55 साल का आरोपी शकुंद बिन्द की पत्नी आंगनबाड़ी सेविका है। आरोपी गांव में ही समूह चलाने का काम करता था। आरोपी और पीड़िता का घर पास में ही है। बिंद थाना अध्यक्ष मुरली आजाद ने बताया कि आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। वहीं बच्ची को मेडिकल जांच के लिए भेजा जा रहा है।
मोबाइल हैक कर खाते से उड़ाए 5.90 लाख:साइबर ठगी गिरोह का 19 साल का आरोपी आगरा से गिरफ्तार
राजसमंद साइबर थाना पुलिस ने मोबाइल हैक कर बैंक खाते से 5.90 लाख रुपए निकालने के मामले में 19 साल के आरोपी को आगरा से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी गिरोह के साथ मिलकर लोगों को लिंक भेजकर उनके मोबाइल हैक करता था और फिर बैंक खातों से रकम निकाल लेता था। गिरोह ATM के तकनीकी डिफॉल्ट का फायदा उठाकर भी ठगी करता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 24 ATM कार्ड बरामद किए हैं, जबकि मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। एक महीने बाद पीड़ित को पता चला, साइबर थाने में दर्ज कराया केस पुलिस के अनुसार, साइबर थाना राजसमंद में दर्ज मामले में पीड़ित के मोबाइल फोन को हैक कर उसके बैंक खाते से करीब 5 लाख 90 हजार 520 रुपए निकाल लिए गए थे। पीड़ित को ठगी का पता करीब एक महीने बाद चला। इसके बाद उसने साइबर थाने में मामला दर्ज कराया। जांच के दौरान पुलिस आरोपियों तक पहुंची। फैजान ने रोहित समेत 3 लोगों के साथ बनाया गिरोह जांच में सामने आया कि आरोपी फैजान खान ने आगरा निवासी रोहित सन्नी, कुणाल और झारखंड निवासी भरत के साथ मिलकर गिरोह बनाया था। गिरोह के सदस्य अलग-अलग मोबाइल नंबर और हैंडसेट का इस्तेमाल करते थे। लोगों को लिंक भेजकर उनके मोबाइल हैक किए जाते और इसके बाद बैंक खातों से रकम निकाल ली जाती थी। ATM के तकनीकी डिफॉल्ट का भी फायदा उठाते थे पुलिस के अनुसार, आरोपी ATM के तकनीकी डिफॉल्ट का भी फायदा उठाते थे। गिरोह के पास रिश्तेदारों के 24 ATM कार्ड मिले थे। इन कार्डों से अलग-अलग जगह जाकर रकम निकाली जाती थी। इसके बाद ATM धारक से बैंक में रकम नहीं मिलने की शिकायत भी करवाई जाती थी। पुलिस का दावा है कि इस तरीके से एक ATM से रोज करीब 20 से 25 हजार रुपए की ठगी की जाती थी। 24 ATM कार्ड बरामद, बाकी आरोपियों की तलाश पुलिस ने आरोपी रोहित सन्नी के कब्जे से 24 ATM कार्ड बरामद किए हैं। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र पारीक और साइबर थाना प्रभारी डीपी दाधीच के सुपरविजन में की गई।
अगर केंद्र सरकार सही है तो छात्रों के आंदोलन पर संसद में बहस कराए, खरगे ने दी चुनौती
खरगे ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कहा कि कांग्रेस नेताओं को भ्रष्टाचार के आरोप में जेल भेजने की बात करने के बाद भाजपा उन्हीं आरोपों से घिरे नेताओं को शामिल कर लेती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा ने ऐसे नेताओं को 'वॉशिंग मशीन' में डालकर साफ करने का काम शुरू कर दिया है।
शहडोल जिले के ब्यौहारी और जैतपुर क्षेत्र में शनिवार को वन विभाग की टीम ने दो अलग-अलग वन्यजीवों का सुरक्षित रेस्क्यू किया। ब्यौहारी बफर की मझोली बीट के धनौली गांव में एक भालू सूखे कुएं में गिर गया था, जिसे बाहर निकाला गया। वहीं जैतपुर के रसमोहनी में कुत्तों के हमले से बचने के लिए एक चीतल का बच्चा ग्रामीण के घर में घुस गया था। सूखे कुएं से सुरक्षित भालू को निकाला धनौली गांव में ग्रामीणों ने शनिवार सुबह 5 बजे सूखे कुएं में भालू को देखकर वन विभाग को सूचना दी थी। मौके पर पहुंची ब्यौहारी बफर रेंज की टीम ने सुरक्षा इंतजामों के बीच रेस्क्यू कर भालू को बाहर निकाला और उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया। कुत्तों के हमले में चीतल घायल, इलाज जारी रसमोहनी गांव में कुत्तों का झुंड चीतल के बच्चे का पीछा कर रहा था। जान बचाने के लिए वह एक ग्रामीण के घर में घुस गया। वन विभाग की टीम ने चीतल को संरक्षण में लेकर पशु चिकित्सक से उसका इलाज कराया। घावों की मरहम-पट्टी के बाद उसे निगरानी में रखा गया है, स्वस्थ होने पर उसे वापस जंगल में छोड़ा जाएगा।
खंडवा में होटल से खरीदे गए कोल्हापुरी मटन में चूहा मिलने का मामला सामने आया है। खानशावली क्षेत्र के एक परिवार का आरोप है कि कहारवाड़ी स्थित होटल बिस्मिल्लाह से खरीदे गए मटन में चूहे का हिस्सा निकला। परिवार के 15 वर्षीय बालक ने खाना खाते समय उसे खा लिया। जिसके बाद उसे उल्टियां होने लगीं और तबीयत बिगड़ने पर परिवार के लोग उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने करीब दो घंटे इलाज के बाद उसकी हालत सामान्य होने पर उसे डिस्चार्ज कर दिया। मामले की शिकायत 181 सीएम हेल्पलाइन पर किए जाने के बाद फूड सेफ्टी विभाग ने होटल पहुंचकर मटन और चिकन के सैंपल लिए हैं। होटल से खरीदे कोल्हापुरी मटन में चूहा मिलने का दावा घटना शुक्रवार रात की बताई जा रही है। शहर के खानशावली क्षेत्र में रहने वाले रहमान खान ने कहारवाड़ी क्षेत्र स्थित होटल बिस्मिल्लाह से कोल्हापुरी मटन खरीदा था। वह मटन का पार्सल घर लेकर पहुंचे और परिवार के बच्चों को खाना परोसा। खाना खाते समय परिवार के छोटे बेटे की थाली में मटन का एक टुकड़ा आया, जिसमें कुछ अलग दिखाई दिया। रहमान खान के अनुसार, बच्चे की थाली में रखे मटन के एक टुकड़े से पूंछ जैसी चीज दिखाई दे रही थी। परिवार ने उस टुकड़े को बाहर निकालकर गौर से देखा तो उसमें चूहे का हिस्सा होने का दावा किया गया। इसके बाद परिवार के लोग घबरा गए। इसी दौरान 15 वर्षीय बालक की तबीयत भी बिगड़ने लगी और उसे उल्टियां होने लगीं। 15 वर्षीय बालक ने चूहा निगलने का दावा परिवार का कहना है कि खाना खाते समय बालक ने चूहे का कुछ हिस्सा निगल लिया था। थाली में चूहे की पूंछ और शरीर का कुछ हिस्सा दिखाई देने के बाद परिवार को इसकी जानकारी हुई। इसके बाद बालक की तबीयत खराब होने लगी। परिवार ने बिना देर किए उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। दो घंटे इलाज के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज तबीयत बिगड़ने के बाद बालक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसका इलाज किया और उसकी हालत पर निगरानी रखी। परिवार के मुताबिक, करीब दो घंटे इलाज के बाद बालक की स्थिति सामान्य हो गई, जिसके बाद डॉक्टरों ने उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। ग्राहक ने 181 सीएम हेल्पलाइन पर की शिकायत घटना के बाद रहमान खान ने मामले की शिकायत 181 सीएम हेल्पलाइन पर की। शिकायत मिलने के बाद फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने मामले को गंभीरता से लिया। विभाग की टीम ने शिकायतकर्ता से बातचीत की और उस होटल की जानकारी ली, जहां से परिवार ने मटन खरीदा था। फूड सेफ्टी टीम होटल पहुंची शिकायत के बाद फूड सेफ्टी विभाग की टीम होटल बिस्मिल्लाह पहुंची। फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर राधेश्याम गोले ने होटल में उपलब्ध मटन और चिकन की जांच की। टीम ने दोनों के अलग-अलग सैंपल लिए, ताकि उनकी जांच कराई जा सके और खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सके। रात का बना मटन नहीं मिला फूड सेफ्टी विभाग की टीम जब होटल पहुंची, उस समय शुक्रवार रात तैयार किया गया मटन उपलब्ध नहीं था। इसके चलते टीम ने होटल में मौजूद ताजा मटन और चिकन के अलग-अलग सैंपल लिए। इन सैंपलों की जांच के बाद ही खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता और मानकों के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। होटल कारोबारी ने साजिश का आरोप लगाया मामले में होटल कारोबारी ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए इसे साजिश बताया। कारोबारी ने फूड सेफ्टी विभाग की कार्रवाई के दौरान कहा कि उसका होटल करीब 30 साल से चल रहा है और उसे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उसने यह भी कहा कि होटल में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और वह पार्सल में मटन रखने से पहले एक-एक बोटी देखकर रखता है। एसपी से भी शिकायत की होटल कारोबारी ने मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक से भी शिकायत की है। उसने अपने खिलाफ किए जा रहे कथित भ्रामक प्रचार पर कार्रवाई की मांग की है। कारोबारी का कहना है कि लंबे समय से होटल का कारोबार चल रहा है और इस तरह की घटना को लेकर लगाए जा रहे आरोप से उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है। ग्राहक ने होटल से ही चूहा आने का दावा किया वहीं शिकायतकर्ता रहमान खान अपने आरोप पर कायम हैं। उनका कहना है कि चूहा होटल से खरीदे गए मटन में ही मिला था। रहमान के मुताबिक, मटन का पार्सल होटल से घर लाया गया और उसे थाली में निकालने के बाद उसमें चूहा दिखाई दिया। उनका कहना है कि इसी दौरान परिवार के एक बच्चे की तबीयत बिगड़ गई। सैंपल की जांच के बाद स्थिति होगी स्पष्ट फूड सेफ्टी विभाग की ओर से लिए गए मटन और चिकन के सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल मामले में ग्राहक और होटल कारोबारी की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं और खाद्य विभाग की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।
धार में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी समाज द्वारा एक भव्य सांस्कृतिक रैली और आमसभा का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन की रूपरेखा और तैयारियों की जानकारी 9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस आयोजन कमेटी, धार ने शनिवार को उदय रंजन क्लब मैदान में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दी। समिति ने बताया कि रैली में जिलेभर से आदिवासी समाज के युवा, महिलाएं, विद्यार्थी, बुजुर्ग और सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल होंगे। इस दौरान पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के प्रदर्शन के माध्यम से आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति और विरासत को दर्शाया जाएगा। आदिवासी समाज के महेश चौहान ने बताया कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज को जागरूक करना है। इसका लक्ष्य विश्व आदिवासी दिवस के महत्व, आदिवासी संस्कृति, पहचान और अधिकारों के बारे में जानकारी देना है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज के युवा और नई पीढ़ी अपनी संस्कृति तथा संवैधानिक अधिकारों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। रैली के बाद होने वाली आमसभा में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, जल-जंगल-जमीन, पांचवीं अनुसूची, पेसा कानून, वन अधिकार कानून और संवैधानिक अधिकारों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। आमसभा के उपरांत आदिवासी समाज अपनी प्रमुख मांगों और क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर शासन-प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपेगा। इस ज्ञापन में क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों और संबंधित कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की जाएगी। आयोजन समिति ने समाज के युवा, महिलाएं, विद्यार्थी, बुजुर्ग और सभी नागरिकों से बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। समिति ने इस दौरान शांति, अनुशासन और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का भी आग्रह किया है। समिति के पदाधिकारियों ने जोर देकर कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह समाज की संस्कृति, पहचान, अधिकारों और नई पीढ़ी को जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
जीपीएम पुलिस पब्लिक को साइबर और आर्थिक ठगी के नए तरीकों से लगातार सतर्क कर रही है। इस बीच ठगी का एक नया मामला सामने आया है। इसमें ठगों ने खुद को केमिकल एक्सपर्ट बताकर काले कागज को विशेष रसायन से असली नोट में बदलने का झांसा दिया और ₹50,000 की ठगी की कोशिश की। यह घटना जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ थाना क्षेत्र में हुई। यहां साहिल कुमार नामक व्यक्ति से एक अज्ञात आरोपी ने संपर्क किया और खुद को केमिकल एक्सपर्ट बताया। आरोपी ने साहिल को काले कागज को एक विशेष रसायन से असली भारतीय मुद्रा में बदलने का झांसा दिया। इसके बदले में आरोपी ने साहिल से ₹50,000 की मांग की। पुलिस ने शुरू की जांच साहिल कुमार की शिकायत पर नवागढ़ थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने अपराध क्रमांक 246/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2) और 61(2) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है। ऐसे ठग अक्सर लोगों को कम समय में अधिक पैसा कमाने का लालच देते हैं। वे नकली नोट को असली बनाने, काले कागज से मुद्रा तैयार करने या विशेष रसायन से नोट बनाने जैसे झूठे दावे करते हैं। ठग पहले पीड़ितों का विश्वास जीतते हैं और फिर रसायन, मशीन, प्रोसेसिंग या अन्य खर्चों के नाम पर बड़ी रकम की मांग करते हैं। जीपीएम पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि, वे ऐसे किसी भी व्यक्ति के झांसे में न आएं, जो रसायन, मशीन या किसी विशेष प्रक्रिया से काले कागज को असली नोट में बदलने का दावा करता हो।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) जिला काउंसिल और अखिल भारतीय आदिवासी महासभा ने विश्व आदिवासी दिवस की पूर्व संध्या पर सोनभद्र में एक जोरदार पैदल मार्च निकाला। यह मार्च आदिवासियों, किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों की विभिन्न जनहित समस्याओं को लेकर आयोजित किया गया था। जिला सचिव कामरेड आरके शर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता चुर्क तिराहा से पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित 19 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। जिला सचिव आरके शर्मा ने बताया कि खनिज और प्राकृतिक संपदाओं से समृद्ध सोनभद्र देश को ऊर्जा और संसाधन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हालांकि, जिले के आदिवासी, किसान, मजदूर और आम नागरिक आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से इन समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। ज्ञापन में प्रमुख मांगों में कैमूर आदिवासी विश्वविद्यालय की स्थापना और बभनी में राजकीय कन्या डिग्री कॉलेज खोलने की मांग शामिल थी। संगठन ने उत्तर प्रदेश में पेसा कानून का कड़ाई से पालन कराने, जल-जंगल-जमीन पर आदिवासियों एवं परंपरागत वन निवासियों के अधिकारों की रक्षा करने तथा वनाधिकार कानून के दावों के निस्तारण तक पात्र लोगों को बेदखल नहीं करने की मांग भी की। आधुनिक अस्पताल स्थापित करने की मांग भाकपा ने मनरेगा के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को 200 दिन का रोजगार और 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी देने की मांग की। इसके अतिरिक्त, खनन में प्रतिबंधित मशीनों के इस्तेमाल पर रोक लगाने और स्थानीय मजदूरों को प्राथमिकता देने की बात कही गई। सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति, रिक्त पद भरने और बभनी-म्योरपुर क्षेत्र में ट्रॉमा सेंटर सहित आधुनिक अस्पताल स्थापित करने की मांग भी उठाई गई। अन्य मांगों में स्थानीय युवाओं, प्रभावित किसानों और विस्थापित परिवारों को उद्योगों में रोजगार में प्राथमिकता, प्रतिदिन 20 घंटे बिजली आपूर्ति, जर्जर विद्युत तार-पोल और ट्रांसफार्मर बदलने तथा 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की मांग शामिल थी। संगठन ने सीएसआर और डीएमएफ निधि का पारदर्शी तरीके से स्थानीय विकास में इस्तेमाल करने और 'हर घर नल जल' योजना का लाभ सभी पात्र परिवारों तक पहुंचाने की मांग भी की। ज्ञापन में कोल, मुसहर, धांगर, धरकार और बियार समुदाय को अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में शामिल करने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को पर्याप्त राशन एवं पोषण सामग्री उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। भाकपा ने मुख्यमंत्री से 19 सूत्रीय मांगों पर आश्वासन के बजाय धरातल पर ठोस और प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
जगराओं में साइबर ठगों ने रायकोट निवासी एक किसान से 10 लाख रुपए की ठगी की है। ठगों ने किसान को उसके इंग्लैंड में रह रहे बेटे की गिरफ्तारी और एक विदेशी नागरिक की मौत की झूठी सूचना दी। उन्होंने खुद को इंग्लैंड का पुलिस अधिकारी और वकील बताकर बेटे को जेल से छुड़ाने के नाम पर यह रकम ठग ली। साइबर क्राइम थाना पुलिस की इंस्पेक्टर किरणदीप कौर ने बताया कि शिकायतकर्ता हरदेव सिंह रायकोट के गांव कलसियां के निवासी हैं। हरदेव सिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि वह खेतीबाड़ी करते हैं और उनका बेटा कुलवीर सिंह इंग्लैंड में रहता है। हरदेव सिंह के अनुसार, 4 अगस्त 2026 को उनके व्हाट्सएप नंबर पर एक अज्ञात विदेशी नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को इंग्लैंड का पुलिस अधिकारी बताया। उसने हरदेव सिंह को बताया कि उनके बेटे कुलवीर सिंह का एक विदेशी व्यक्ति से झगड़ा हो गया है, जिसमें वह व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है। ठग ने यह भी कहा कि घायल व्यक्ति की कभी भी मौत हो सकती है और इस मामले में कुलवीर सिंह को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया है। ठग ने हरदेव सिंह को वकील से संपर्क करने को कहा ताकि बेटे को जेल से बाहर निकाला जा सके। इसके कुछ ही देर बाद, हरदेव सिंह को एक अन्य मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। इस बार कॉल करने वाले ने खुद को उनके बेटे का वकील बताया और जमानत के लिए 10 लाख रुपए की मांग की। आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज बेटे की गिरफ्तारी की खबर सुनकर हरदेव सिंह ने बिना पूरी पड़ताल किए, ठगों द्वारा बताए गए दो अलग-अलग बैंक खातों में 5-5 लाख रुपए, यानी कुल 10 लाख रुपए आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब उन्हें ठगी का पता चला, तो उन्होंने तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार अज्ञात व्यक्ति या व्यक्तियों ने साजिश के तहत विदेशी नंबर से पुलिस अधिकारी और भारत के नंबर से वकील बनकर हरदेव सिंह को डराया और उनसे 10 लाख रुपए ठग लिए। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की पहचान और पैसों के लेन-देन से जुड़े खातों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस की अपील: विदेश में रहने वाले किसी परिजन की गिरफ्तारी या किसी कानूनी मामले की सूचना फोन पर मिलने पर घबराकर पैसे ट्रांसफर न करें। पहले संबंधित व्यक्ति से सीधे संपर्क कर मामले की पुष्टि करें और संदिग्ध कॉल या बैंक लेन-देन की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
पलवल में नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों और फायर ब्रिगेड कर्मियों की तीन दिवसीय हड़ताल शनिवार को भी जारी रही। लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है। हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे मानसून की बारिश के बाद स्थिति और बिगड़ गई है। नगर परिषद कार्यालय परिसर में कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि 14 मई को सरकार और संगठन के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ता में 22 में से 17 मांगों पर सहमति बनी थी। सरकार ने लिखित पत्र जारी करने के लिए डेढ़ महीने का समय मांगा था। हालांकि, ढाई महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सरकार ने एक भी वादा पूरा नहीं किया है। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार की वादाखिलाफी और तानाशाही रवैये के कारण उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ा है। प्रदेश स्तरीय आंदोलन की दी चेतावनी कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि 6 से 8 अगस्त तक की यह तीन दिवसीय हड़ताल केवल एक चेतावनी है। यदि समय रहते उनकी मान ली गई मांगों का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया, तो पूरे राज्य में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और स्थानीय प्रशासन की होगी। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पे-रोल के सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन को स्थायी करना शामिल है। वे ठेके पर लगे तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कच्चे कर्मचारियों को नीति बनाकर स्थायी करने की मांग कर रहे हैं। स्थायीकरण तक उन्हें 30 हजार रुपए वेतन देने और एक्सग्रेसिया नीति को सरल बनाकर कच्चे कर्मचारियों को भी इसमें शामिल करने की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त, छंटनीग्रस्त कर्मचारियों को ड्यूटी पर वापस लेने और रोहतक से हटाए गए 42 डोर-टू-डोर कर्मचारियों को बहाल करने की भी मांग की जा रही है। फॉयर बिग्रेड की गाड़ियां रोडवेज के हवाले हड़ताल का सबसे खतरनाक असर आपातकालीन सेवाओं पर पड़ा है। पलवल, होडल और हथीन क्षेत्रों में अग्निशमन विभाग के ठप पड़ने से किसी भी संभावित अग्निकांड से निपटने के लिए प्रशासन को आनन-फानन में एक-एक रोडवेज के चालकों की तैनाती करनी पड़ी है। फायर ब्रिगेड कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान किशोर कुमार, देवराज अत्री, वीरेंद्र सिंह, ओमवीर, राज सिंह, सतपाल, चतर सिंह, चमन सिंह, राज कुमार व पवन कुमार,सफाई कर्मियों में प्रधान विजय बेनीवाल, सूरज, सचिन, शिव कर्मवीर बेनीवाल, वरिष्ठ प्रधान शरण लाल, जिला प्रधान अशोक शारिया, कार्यकारिणी अध्यक्ष कन्हैया कन्हैया ठाकुर व राजकुमार आदि शामिल थे।
मिर्जापुर में समाजवादी पार्टी (सपा) के जिला कार्यालय में शनिवार को मासिक बैठक के साथ विश्वकर्मा PDA जन चौपाल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सपा के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने भाजपा सरकार पर पिछड़ों, दलितों और विश्वकर्मा समाज की अनदेखी करने का आरोप लगाया। पूर्व मंत्री विश्वकर्मा ने दावा किया कि भाजपा शासनकाल में गरीब, पिछड़े और दलितों के खिलाफ अत्याचार बढ़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हत्या, बेटियों के साथ दुष्कर्म और जमीनों पर कब्जे की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन पीड़ितों को उचित न्याय नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि PDA वर्ग को न्याय, सम्मान और अधिकार तभी मिलेगा जब सपा की सरकार बनेगी। राम आसरे विश्वकर्मा ने महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी, भ्रष्टाचार और अत्याचार में वृद्धि के लिए भी भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं का सबसे अधिक प्रभाव गरीब, पिछड़े, दलित और विश्वकर्मा समाज पर पड़ रहा है। भाजपा लोकतंत्र को कमजोर कर रही उन्होंने भदोही के याकूबपुर रंड़ई गांव में लक्ष्मी विश्वकर्मा, गाजीपुर में निशा विश्वकर्मा, देवरिया में राजू विश्वकर्मा और कानपुर देहात में रामबीर विश्वकर्मा व सत्यनारायण विश्वकर्मा से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इन परिवारों को अभी तक न्याय नहीं मिला है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार संविधान और लोकतंत्र को कमजोर कर रही है। पूर्व मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ही PDA वर्ग के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं और समाज के लोगों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने, सपा को मजबूत करने और अखिलेश यादव को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने की अपील की। कार्यक्रम की अध्यक्षता सपा जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी ने की और संचालन जिला महासचिव आदर्श यादव ने किया। इस चौपाल में पूर्व विधायक जगदंबा सिंह पटेल, शिवशंकर यादव, अशोक यादव, सुरेंद्र सिंह पटेल, आशीष राय, पूर्व मंत्री मुन्नीलाल यादव, पूर्व प्रत्याशी लल्लू शुक्ला सहित कई सपा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मुंगेर में क्रांति दिवस की पूर्व संध्या पर समाजवादी पार्टी (सपा) ने जनहित से जुड़ी 11 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। शनिवार को जिला कलेक्ट्रेट पर हुए इस प्रदर्शन में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सपा जिलाध्यक्ष पप्पू यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मुंगेर रेलवे स्टेशन से जुलूस निकाला। यह जुलूस शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए समाहरणालय पहुंचा। देखें, मौके से आई तस्वीरें… लोकतांत्रिक और संवैधानिक सिद्धांतों की अनदेखी जिलाध्यक्ष पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि अधिकारी लोकतांत्रिक और संवैधानिक सिद्धांतों की अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाहरणालय से लेकर अंचल कार्यालय तक भ्रष्टाचार व्याप्त है। जनता वासगीत पर्चा, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। यादव ने मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की। सरकारी कार्यालयों में दलालों का प्रभाव बढ़ा लोहिया वाहिनी के प्रदेश महासचिव रविकांत झा ने कहा कि जिले के सरकारी कार्यालयों में दलालों का प्रभाव बढ़ गया है। उन्होंने सदर अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाए और बताया कि युवाओं में नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है, जिस पर शासन-प्रशासन प्रभावी रोक लगाने में विफल है। प्रदर्शन के बाद, सपा प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम को राष्ट्रपति के नाम 11 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सदर बीडीओ विश्वजीत कुमार तिवारी और बरियारपुर बीडीओ विशाल आनंद भी मौजूद थे। ज्ञापन में राष्ट्रपति शासन लगाने, महंगाई पर नियंत्रण, भूमिहीनों को वासगीत पर्चा, किसानों को फसल मुआवजा, गांधी टोला में सड़क निर्माण, नशे और अपराध पर रोक तथा सदर अस्पताल की व्यवस्था सुधारने सहित अन्य मांगें शामिल थीं। प्रदर्शन में सैकड़ों महिला-पुरुष कार्यकर्ता शामिल हुए।
बागपत में यमुना का जलस्तर बढ़ा:निवाड़ा पुल पर निगरानी तेज, पुलिस-गोताखोर तैनात; दूर रहने की अपील
बागपत में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर निरंतर नजर बनाए हुए हैं और बाढ़ चौकियों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। निवाड़ा पुल पर विशेष निगरानी की जा रही है, जो हरियाणा जाने वाले शिव भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है। यहां पुलिस टीम और निजी गोताखोर तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रशासन लोगों से नदी के किनारों से दूर रहने की अपील कर रहा है, खासकर शिव भक्तों से जो यमुना में स्नान करने आते हैं। पहाड़ों और आसपास हुई मूसलाधार बारिश को जलस्तर बढ़ने का मुख्य कारण बताया जा रहा है। बढ़ते जलस्तर से फसलों को होने वाले संभावित नुकसान को लेकर किसान चिंतित हैं। हालांकि, प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।
हापुड़ में शनिवार को उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने बुलंदशहर रोड स्थित कांवड़ सेवा शिविर में पहुंचकर कांवड़ यात्रियों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कांवड़ सेवा शिविर का उद्घाटन भी किया। मंत्री द्वारा कांवड़ यात्रियों पर पुष्प वर्षा किए जाने के दौरान पूरे परिसर में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूंज उठे। श्रद्धालुओं में भी उत्साह का माहौल रहा। कांवड़ सेवा करना सौभाग्य की बात मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने कहा कि हापुड़ में भगवान शिव के भक्तों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत करने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मेरठ में शिवभक्तों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में हापुड़ में भी कांवड़ यात्रियों के सम्मान और स्वागत की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांवड़ यात्रा सुगमता के साथ आगे बढ़ रही है। शासन और प्रशासन की ओर से कांवड़ यात्रियों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। शिवभक्तों के लिए रास्तों पर सेवा शिविर लगाए गए हैं और उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने के इंतजाम किए गए हैं। आईएनडीआई गठबंधन के लोग सदन में व्यवधान पैदा करते हैं कार्यक्रम के दौरान मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन पर भी निशाना साधा। प्रयागराज में कांग्रेस के छात्र कार्यक्रम को लेकर उन्होंने कहा कि संसद का सत्र चल रहा है और सांसदों को सदन में अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलता है। इसके बावजूद राहुल गांधी और आईएनडीआई गठबंधन के लोग सदन में व्यवधान पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के प्रयागराज जाने या नहीं जाने से कोई विशेष फर्क नहीं पड़ता। उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन को पसंद कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रदेश में विकास और आम जनता को सुविधाएं उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा नागर समेत अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कांवड़ सेवा शिविर के आयोजक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
भिलाई के सुपेला थाना क्षेत्र में एक टाटा मैजिक एक्सप्रेस वाहन ने सड़क किनारे बैठे एक कुत्ते को टक्कर मार दी। जिससे उसकी मौत हो गई। यह घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई है। पुलिस ने वाहन चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 325 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता श्रुति बजाज निवासी चौहान ग्रीनवैली जुनवानी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि वह मोहल्ले के इस आवारा श्वान को रोजाना खाना खिलाती थीं और उसकी देखभाल करती थीं। टक्कर के बाद चालक वाहन लेकर मौके से फरार शिकायत के अनुसार, यह घटना 5 अगस्त को दोपहर करीब 1:38 बजे हुई। श्वान आईरिस एस्टर लाइन के पास सड़क किनारे बैठा था। इसी दौरान कॉलोनी की ओर आ रहे टाटा मैजिक एक्सप्रेस वाहन क्रमांक CG 04 MD 7342 के चालक ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर के बाद चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद कुत्ते की मौत टक्कर से श्वान के सिर और शरीर में गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद वह लगभग 20 से 30 सेकंड तक सड़क पर तड़पता रहा। श्रुति बजाज ने पास जाकर देखा तो श्वान की मौत हो चुकी थी। उन्होंने तुरंत अपने परिचित अपूर्व नारायण और कुशाल गजपाल को घटना की जानकारी दी। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें सड़क किनारे बैठे श्वान के पास से मैजिक वाहन के गुजरने और उसे टक्कर लगने का पूरा घटनाक्रम कैद है। पुलिस इस फुटेज को जांच में एक महत्वपूर्ण साक्ष्य मान रही है।
हरदा में गौशाला संचालकों की समीक्षा बैठक:निराश्रित गोवंश को गौशालाओं में आश्रय देने के दिए निर्देश
हरदा में कलेक्टर सिद्धार्थ जैन के निर्देश पर पशुपालन और डेयरी विभाग ने गौशाला संचालकों की समीक्षा बैठक आयोजित की। यह बैठक उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, हरदा की अध्यक्षता में उपसंचालक कार्यालय में हुई, जिसमें जिले की शासकीय और अशासकीय गौशालाओं के संचालकों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य गौशालाओं के सुचारू संचालन और वर्षाकाल में निराश्रित गोवंश के रख-रखाव पर चर्चा करना था। सभी गौशालाओं को निर्देश दिए गए कि वे अपनी क्षमतानुसार अधिक से अधिक निराश्रित गोवंश को आश्रय दें और उनकी उचित देखभाल व प्रबंधन सुनिश्चित करें। गौशालाओं को प्रतिमाह प्राप्त होने वाली अनुदान राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र और ऑडिट रिपोर्ट कार्यालय में अनिवार्य रूप से जमा करने के निर्देश दिए गए। ग्राम पंचायतों को गौशाला अनुदान के लिए अलग बैंक खाता खुलवाने का सुझाव भी दिया गया। इसके अतिरिक्त, शासन के नियमानुसार सभी अभिलेख/रजिस्टर अद्यतन रखने तथा गोवंश की टैगिंग संबंधी जानकारी अपडेट करने के निर्देश दिए गए। मेडिसिन, आहार, अनुदान, विजिट, कैशबुक, लेजर आदि पंजी का संधारण भी सभी गौशालाओं में अनिवार्य किया गया। बैठक में सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गोवंश को गौशालाओं में भेजने के निर्देश दिए गए। यह भी बताया गया कि कान में लगे टैग के माध्यम से सड़कों पर छोड़े गए गोवंश के मूल पशुपालकों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ई-गौशाला योजना के तहत गौशालाओं में सतत निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने के कड़े निर्देश दिए गए। साथ ही, मृत मवेशियों का वैज्ञानिक एवं समुचित निष्पादन नियमानुसार सुनिश्चित करने को कहा गया। बायो रिसोर्स सेंटर अनुदान का पूर्ण उपयोग कर उपयोगिता प्रमाण पत्र शीघ्र प्रेषित करने हेतु भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बाइक ठेली में दुपट्टा फंसने से महिला की मौत:बिजनौर दवा लेने जा रही थी, ठेली का फट्टा टूटा हुआ था
बिजनौर के नूरपुर रोड पर शनिवार दोपहर एक सड़क हादसे में 55 वर्षीय महिला सुमन की मौत हो गई। उनकी गर्दन बाइक ठेली के एक्सेल में दुपट्टा फंसने से कट गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक महिला की पहचान हल्दौर थाना क्षेत्र के मोहल्ला खेड़ा निवासी 55 वर्षीय सुमन पत्नी बाबूराम के रूप में हुई है। सुमन अपने बेटे प्रशांत और एक अन्य युवक रोहित के साथ दवाई लेने बिजनौर आ रही थीं। यह हादसा नूरपुर रोड स्थित रूट्स स्कूल के पास दोपहर करीब 2 बजे हुआ। बताया गया कि बाइक ठेली में सफर के दौरान सुमन का दुपट्टा अचानक उसके एक्सेल में फंस गया। इससे उनकी गर्दन गंभीर रूप से कट गई और उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। गर्दन पर लगी चोट सीओ सिटी अभय पांडे ने इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि दोपहर 2 बजे शहर कोतवाली पुलिस को सड़क दुर्घटना में महिला की मौत की सूचना मिली थी। जांच में पता चला कि ठेली का फट्टा टूटा होने के कारण महिला का दुपट्टा एक्सेल में लिपट गया, जिससे उनकी गर्दन पर गंभीर चोट लगी और मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है। महिला की मौत से उनके परिवार में शोक का माहौल है।
सीहोर जिले में दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता जांच के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने अभियान चलाया। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों एडलीन ई पन्ना और ज्योति बंसल की टीम ने आष्टा की श्री इंटरप्राइजेज से घी के 3 नमूने लिए और 50 लीटर संदिग्ध घी जब्त किया। वहीं मुख्तारनगर में बिना पंजीयन संचालित मिल रही दुआ डेयरी को सील कर दिया गया। श्यामपुर स्थित जफरुद्दीन डेयरी से दूध का नमूना लिया गया। मुख्तारनगर स्थित दुआ डेयरी के निरीक्षण के दौरान यह बिना पंजीयन संचालित मिल गई। इसके बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने डेयरी को सील कर दिया। टीम ने यहां से दूध और मिक्स मिल्क के नमूने भी लिए। नमूने जांच के लिए भेजे जब्त किए गए घी के साथ सभी एकत्र किए गए नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग ने खाद्य विक्रेताओं को स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
पंजाब सरकार की ‘मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना’ के तहत मलेरकोटला जिले की महिलाओं को बड़े पैमाने पर आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनके सम्मान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के तहत जिले में अब तक कुल 45 करोड़ 74 लाख 4 हजार रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है। योजना के दूसरे चरण के अंतर्गत मलेरकोटला जिले की 26,921 महिलाओं के बैंक खातों में 8 करोड़ 72 लाख 92 हजार 500 रुपये की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे भेजी गई है। इससे पहले जुलाई 2026 में पहले चरण के दौरान 1,11,102 पात्र लाभार्थी महिलाओं के खातों में 37 करोड़ 1 लाख 11 हजार 500 रुपये ट्रांसफर किए गए थे। मलेरकोटला के विधायक ने की योजना की सराहना मलेरकोटला के विधायक डॉ. जमील उर रहमान ने योजना की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार महिलाओं के कल्याण और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को सम्मानजनक जीवन जीने में मदद कर रही है और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जिले में अब तक 1,38,023 महिलाओं का पंजीकरण किया जा चुका है। इनमें 28,890 महिलाएं अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग से संबंधित हैं, जिन्हें भी योजना का लाभ मिल रहा है।
महेंद्रगढ़ पुलिस द्वारा जिले में अवैध नशे की खरीद-फरोख्त एवं तस्करी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत महेंद्रगढ़ सीआईए ने कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को 4.71 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) सहित गिरफ्तार किया है। डीएसपी मुख्यालय भारत भूषण ने जानकारी देते हुए बताया कि सीआईए महेंद्रगढ़ गश्त के दौरान अपराधों की रोकथाम के लिए थाना शहर नारनौल क्षेत्र में मौजूद थी। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति हेरोइन (चिट्टा) लेकर नलापुर मोहल्ला स्थित संतोषी माता मंदिर के पास खड़ा है। व्यक्ति को किया काबू सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तुरंत रेडिंग पार्टी गठित की और बताए गए स्थान पर पहुंचकर एक व्यक्ति को काबू किया। पूछताछ में आरोपी की पहचान महेश निवासी मोहल्ला सैनीपुर, महेंद्रगढ़ के रूप में हुई। तलाशी के दौरान मिला चिट्टा नियमानुसार राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में आरोपी की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसकी जेब से एक पॉलिथीन बरामद हुई, जिसमें चिट्टा/हेरोइन पाया गया। बरामद नशीले पदार्थ का इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन किया गया, जो 4.71 ग्राम निकला। एनडीपीएस का मामला दर्ज पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बरामद अवैध नशीले पदार्थ को कब्जे में लेकर आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत थाना शहर नारनौल में मामला दर्ज किया है। मामले में आगे की जांच जारी है, ताकि नशे की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके।
जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार के बेटे एवं बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने बिहार में हेल्थकेयर सेक्टर को विस्तार देने पर चर्चा की।
धनबाद स्थित कतरास के छाताबाद में शुक्रवार को हुए भीषण भू-धंसान के बाद शनिवार को धनबाद सांसद ढुलू महतो घटनास्थल का जायजा लेने पहुंचे। मौके पर स्थानीय लोगों ने सांसद के सामने अपना आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने सुरक्षित स्थान पर बसाने, क्षतिग्रस्त मकानों का मुआवजा देने और घटना की जांच कराने की मांग की। इस भीषण भू-धंसान में लगभग 20 घर जमींदोज हो गए हैं। इलाके में जमीन पर जगह-जगह बड़ी दरारें पड़ गई हैं, और मोहल्ले की पीसीसी सड़क भी कई स्थानों पर धंस गई है। इस घटना से 500 से अधिक लोग दहशत में हैं, और कई परिवार अपने घरों को खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं। लोगों को दोबारा भू-धंसान होने का डर सता रहा है। भारी ब्लास्टिंग के कारण यह भू-धंसान हुआ: स्थानीय स्थानीय लोगों ने सांसद को बताया कि आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा की जा रही भारी ब्लास्टिंग के कारण यह भू-धंसान हुआ है। उनका कहना है कि घटना के बाद से वे अपने घरों में रहने से डर रहे हैं, और कई लोग रातें घर के बाहर गुजार रहे हैं। प्रभावितों ने सुरक्षित पुनर्वास और उचित मुआवजे की मांग दोहराई। अवैध कोयला खनन के कारण जमीन अंदर से खोखली हो चुकी सांसद ढुलू महतो ने बीसीसीएल और जिला प्रशासन से प्रभावित लोगों को जल्द सुरक्षित स्थान पर बसाने तथा पूरे क्षेत्र का सर्वे कराने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि कतरास क्षेत्र में लंबे समय से अवैध कोयला खनन के कारण जमीन अंदर से खोखली हो चुकी है। सांसद ने बीसीसीएल और आउटसोर्सिंग कंपनियों पर डीजीएमएस के नियमों की अनदेखी कर खनन करने का आरोप लगाया। उन्होंने पिछले एक साल में भू-धंसान की घटनाओं में वृद्धि का जिक्र करते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की।
सोनीपत बिजली निगमों के निजीकरण के विरोध में गोहाना में बिजली कर्मचारियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। गोहाना सब-डिवीजन स्तर पर कर्मचारियों का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। धरने के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया। कर्मचारी नेताओं ने साफ चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लिया तो 11 से 13 अगस्त तक प्रस्तावित प्रदेशव्यापी हड़ताल में बिजली विभाग के कर्मचारी पूरी ताकत के साथ शामिल होंगे। नेताओं ने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ी तो तीन दिन की हड़ताल को अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदला जा सकता है। इतना ही नहीं, कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी आवाज नहीं सुनी और आंदोलन के दौरान पूरे हरियाणा को ब्लैकआउट करना पड़ा तो वे इससे भी पीछे नहीं हटेंगे। तीसरे दिन भी जारी रहा बिजली कर्मचारियों का धरना गोहाना में बिजली कर्मचारियों ने सब-डिवीजन स्तर पर तीसरे दिन भी धरना जारी रखा। कर्मचारी बड़ी संख्या में धरना स्थल पर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निजीकरण की नीतियों का विरोध किया। कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसके चलते अब आंदोलन को प्रदेश स्तर पर ले जाने की तैयारी है। निजीकरण और नए कृषि वितरण निगम का विरोध बिजली कर्मचारी निगमों के निजीकरण, पैरेलल लाइसेंस व्यवस्था और नया कृषि वितरण निगम बनाने के प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि बिजली वितरण व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने से कर्मचारियों के हित प्रभावित होंगे और भविष्य में आम उपभोक्ताओं पर भी इसका असर पड़ सकता है। इसी को लेकर कर्मचारी संगठनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।11 से 13 अगस्त तक प्रदेशव्यापी हड़ताल की तैयारी कर्मचारी नेताओं ने कहा कि 11 से 13 अगस्त तक प्रदेशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है। गोहाना के बिजली कर्मचारी भी इस हड़ताल में पूरी तरह शामिल होंगे। नेताओं ने कहा कि यह केवल तीन दिन की हड़ताल तक सीमित नहीं रहेगी। यदि सरकार ने बातचीत कर समाधान नहीं निकाला तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन किया जा सकता है। धरने के दौरान कर्मचारी नेताओं ने सरकार को सबसे बड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आंदोलन को दबाने का प्रयास किया गया तो कर्मचारी पीछे नहीं हटेंगे। किसानों और सरपंचों का मिल रहा समर्थन बिजली कर्मचारियों ने दावा किया कि उनके आंदोलन को लगातार किसान नेताओं और किसान संगठनों का समर्थन मिल रहा है। इसके अलावा गांवों के सरपंच भी कर्मचारियों के समर्थन में सामने आ रहे हैं। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि बिजली व्यवस्था का मुद्दा केवल विभाग के कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध किसानों और आम उपभोक्ताओं से भी है। कर्मचारियों ने कहा- यह सिर्फ नौकरी की लड़ाई नहीं कर्मचारी नेताओं ने कहा कि उनका आंदोलन केवल कर्मचारियों की सेवा शर्तों या नौकरी से जुड़ी मांगों के लिए नहीं है, बल्कि बिजली विभाग को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने सरकार पर बिजली विभाग का निजीकरण कर इसे बड़े उद्योगपतियों को सौंपने की तैयारी करने का आरोप लगाया। नेताओं ने कहा कि उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन सरकार की ओर से समाधान नहीं किया गया।स्मार्ट मीटर को लेकर भी विरोध धरने पर कर्मचारियों ने स्मार्ट मीटर लगाने की योजना का भी विरोध किया। कर्मचारी नेताओं का आरोप है कि सरकार उपभोक्ताओं पर महंगे स्मार्ट मीटर थोपने की तैयारी कर रही है। उन्होंने दावा किया कि इन मीटरों की कीमत करीब आठ से दस हजार रुपये तक बताई जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डाला जाना चाहिए। सरकार से बातचीत कर समाधान निकालने की मांग बिजली कर्मचारी नेताओं ने सरकार से मांग की कि कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए और बिजली निगमों के निजीकरण से जुड़े प्रस्तावों को वापस लिया जाए। नेताओं ने कहा कि यदि सरकार समय रहते बातचीत के जरिए समाधान निकालती है तो टकराव की स्थिति टाली जा सकती है, लेकिन मांगों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर स्थित पामेड़ क्षेत्र की दो दर्जन से अधिक स्कूली छात्राएं शुक्रवार को बीजापुर पहुंचीं। उन्होंने कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई। पामेड़ में कक्षा 9वीं से 12वीं तक की छात्राओं के लिए स्थायी छात्रावास (हॉस्टल) की व्यवस्था की मांग की। छात्राओं ने बताया कि पामेड़ में हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्तर की छात्राओं के लिए कोई छात्रावास नहीं है। इस कारण कवरगट्टा, धर्माराम, जीडपल्ली, सपेड़, मीनागट्टा, उड़तमल्ला और रासपल्ली जैसे आसपास के गांवों की छात्राओं को प्रतिदिन 15 से 20 किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल पहुंचना पड़ता है। इलाके में पक्की सड़क न होने से उन्हें कच्चे और दुर्गम रास्तों से गुजरना पड़ता है, जिससे उन्हें रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही छात्राओं का कहना है कि लंबी दूरी और कठिन रास्तों के कारण उनकी पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है। कई बार वे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पातीं और घर लौटने में भी दिक्कत होती है। इसी वजह से कई अभिभावक अपनी बेटियों की पढ़ाई छुड़ाने को मजबूर हो रहे हैं, जबकि कुछ छात्राएं पहले ही स्कूल छोड़ चुकी हैं। जल्द वैकल्पिक व्यवस्था करने का आश्वासन इस दौरान पूर्व जिला पंचायत सदस्य कमलेश कारण भी छात्राओं के साथ जिला शिक्षा अधिकारी से मिले। कमलेश कारण ने छात्राओं की समस्या के जल्द समाधान की मांग की। उन्होंने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी ने स्थायी हॉस्टल बनने तक छात्राओं के लिए जल्द वैकल्पिक व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है। आवश्यक और उचित कार्रवाई की जाएगी-DEO वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी राजेश पांडे ने पुष्टि की कि उन्हें छात्राओं का आवेदन प्राप्त हो गया है। उन्होंने बताया कि छात्राओं ने स्थायी हॉस्टल के साथ-साथ तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की भी मांग की है। इस पूरे मामले को कलेक्टर के संज्ञान में लाकर आवश्यक और उचित कार्रवाई की जाएगी।
संभल में दो दिन पहले गुन्नौर क्षेत्र में निजी नलकूप के पानी को लेकर दो पक्षों में बवाल हो गया था। घुरघड़ियां गांव में दो पक्षों में पथराव और लाठी-डंडे चलने की सूचना पर पहुंची पुलिस के दो सिपाही बीच-बचाव के दौरान घायल हुए थे। शनिवार को पुलिस ने 11 नामजद और 12 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया। पानी को लेकर शुरू हुआ विवाद मामला गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के घुरघड़ियां गांव का है। 5 अगस्त को ऋषिपाल और राजपाल का कालिका प्रसाद, सुभाष, बलवीर और रामबहादुर पक्ष से निजी नलकूप के पानी को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान वीरपाल पुत्र ज्ञान सिंह ने दरोगा सुभाष कुमार को फोन कर गांव में दोनों पक्षों के बीच ईंट-पत्थर और लाठी-डंडों से मारपीट होने की सूचना दी। बीच-बचाव करने पहुंचे थे सिपाही सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। दोनों पक्षों को शांत कराने और बीच-बचाव के दौरान सिपाही अमन कुमार और पंकज कुमार घायल हो गए। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। दरोगा सुभाष तोमर की शिकायत पर दोनों पक्षों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। 11 लोगों को किया नामजद पुलिस के मुताबिक, एक पक्ष से सुरेंद्र, जुगेन्द्र, ऋषिपाल, राजपाल और रोहित को नामजद किया गया है। दूसरे पक्ष से रामवीर, वीरपाल, छत्रपाल, तालेवर, बलवीर और कालिका प्रसाद को आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पहले भी हो चुका है विवाद थाना प्रभारी संजय कुमार ने शनिवार को बताया कि दोनों पक्षों के बीच पहले भी कई बार विवाद हो चुका है। 5 अगस्त की घटना में दो सिपाही घायल हुए हैं। दरोगा सुभाष तोमर की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने मामले में केस दर्ज किया है। 20 जुलाई को भी हुआ था हमला पुलिस के मुताबिक, 20 जुलाई को भी ऋषिपाल के घर पर दूसरे पक्ष के लोगों ने हमला किया था। उस दौरान लाठी-डंडों से मारपीट हुई थी। ऋषिपाल की शिकायत पर पुलिस ने दूसरे पक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
डूंगरपुर में कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की संगठनात्मक बैठक आयोजित हुई। इसमें आगामी निकाय व पंचायतीराज चुनाव की तैयारियों और रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता संभाग प्रभारी व प्रदेश उपाध्यक्ष नरेंद्र बौद्ध ने की, जबकि कांग्रेस जिला अध्यक्ष गणेश घोघरा मुख्य अतिथि रहे। इस अवसर पर कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश सचिव हबीबुर्रहमान और जिला अध्यक्ष सैयद मोहम्मद इकबाल सहित विभाग के प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद थे। बैठक को डूंगरपुर विधायक व कांग्रेस जिला अध्यक्ष गणेश घोघरा ने संबोधित किया। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश के लिए बलिदान देने का इतिहास कांग्रेस का रहा है। घोघरा ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के बलिदानों को याद करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा देश हित के लिए काम किया है और अपने प्राणों की आहुति दी है। घोघरा ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस समाज को धर्म, जाति और क्षेत्र के आधार पर बांटने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा 'फूट डालो और शासन करो' की नीति के तहत राजनीति कर रही है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि जो लोग आज देशभक्ति का प्रमाण पत्र बांट रहे हैं, उनका देश के स्वतंत्रता आंदोलन में कोई योगदान नहीं रहा है। घोघरा ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि जैसे महात्मा गांधी के नेतृत्व में देश एकजुट हुआ था, वैसे ही आज राहुल गांधी के नेतृत्व में देश को बचाने और भाईचारा बनाए रखने के लिए एकजुट होने की आवश्यकता है।
ललितपुर जिले के मोहल्ला नदीपुरा निवासी अरविंद कुमार 11 अगस्त को लखनऊ में आयोजित होने वाले उत्तर प्रदेश स्टेट मास्टर स्विमिंग ट्रायल में हिस्सा लेंगे। अरविंद विकास खंड जखौरा की ग्राम पंचायत निवाहो में सफाई कर्मी के पद पर कार्यरत हैं। नौकरी के साथ-साथ वे तैराकी में भी लगातार सक्रिय हैं। यह चयन ट्रायल स्विमिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के निर्देश पर आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सेकेंड एशियन मास्टर्स स्विमिंग चैंपियनशिप-2026 के लिए खिलाड़ियों का चयन करना है। ट्रायल में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिल सकता है। अरविंद कुमार ट्रायल के दौरान 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक, 100 मीटर बटरफ्लाई, 200 मीटर फ्रीस्टाइल और 400 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। वह विभिन्न स्पर्धाओं में बेहतर प्रदर्शन कर एशियन मास्टर्स चैंपियनशिप के लिए चयन हासिल करने के इरादे से मैदान में उतरेंगे। सेकेंड एशियन मास्टर्स स्विमिंग चैंपियनशिप-2026 का आयोजन 4 से 10 अक्टूबर 2026 तक बेंगलुरु में किया जाएगा। ऐसे में लखनऊ में होने वाला ट्रायल अरविंद के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में जगह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। अरविंद के चयन ट्रायल में प्रतिभाग करने की जानकारी मिलने पर विभागीय अधिकारियों, साथी कर्मचारियों और खेल प्रेमियों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। सभी ने उम्मीद जताई कि वह ट्रायल में शानदार प्रदर्शन कर ललितपुर का नाम रोशन करेंगे।
JPSC-JSSC प्रोटेस्ट: रांची में CM आवास के पास झड़प, अनशन से एक की तबीयत बिगड़ी
Jharkhand Paper Leaks: झारखंड के पेपर लीक मामले में सरकार और अभ्यर्थियों के बीच शनिवार को हुई बातचीत बेनतीजा रही। ABVP की पुलिस से झड़प हुई और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े अभ्यर्थियों की भूख हड़ताल से तबीयत बिगड़ रही है।
महू में एक युवक की हत्या का मामला सुलझा लिया गया है। शनिवार को बडगोंदा पुलिस ने गवली पलासिया में खेत में दफन मिले शव की पहचान खेड़ला निवासी मिथुन उर्फ धर्मेंद्र मालीवाड़ (30) के रूप में की है। पुलिस के अनुसार, आरोपी सुनील उर्फ सुखराम भाभर ने अपनी पत्नी से छेड़छाड़ करने पर मिथुन की बके से वार कर हत्या कर दी थी। यह घटना 4 अगस्त की रात की है। गंभीर चोट लगने से मिथुन की मौके पर ही मौत हो गई थी। हत्या के बाद आरोपी सुनील ने अपनी पत्नी रविना के साथ मिलकर शव को पास के तलाई इलाके के खेत तक पहुंचाया और गड्ढा खोदकर दफना दिया। इसके बाद दोनों अपने बच्चों के साथ रात में ही वहां से फरार हो गए थे। इस तरह दिया वारदात को अंजाम मिथुन झाड़फूंक का काम करता था। 4 अगस्त की रात करीब 12 से 1 बजे के बीच सुनील और मिथुन ने पहले एक जगह बैठकर शराब पी, उसके बाद सुनील ने मिथुन से बोला कि मेरे बच्चे की तबीयत खराब है, उसको घर चलकर थोड़ा देख ले। इस दौरान सुनील फ्रेश होने चले गया, जब वह बाहर आया तो देखा मिथुन ने सुनील की औरत का हाथ पकड़ रखा है और उसके साथ जबरदस्ती कर रहा है। गुस्से में आकर बके से सुनील ने मिथुन के सर पर वार कर दिया, मिथुन की मौके पर मौत हो गई। इस दौरान दोनों पति-पत्नी ने मिथुन के शव को उठाकर 50 मीटर दूर ले गए और वहां उसे दफना दिया। सिर और गर्दन पर किए थे वार मिथुन के लापता होने पर 5 अगस्त की देर रात बडगोंदा थाने में अपहरण का केस दर्ज किया गया था। अगले दिन, 6 अगस्त की सुबह मोहन पटेल के खेत के पास तलाई में मिट्टी के अंदर शव दफन होने की सूचना मिली। थाना प्रभारी निरीक्षक प्रकाश वास्कले टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को बाहर निकलवाया। शव पर सिर और गर्दन पर गंभीर चोट के निशान थे। पुलिस को कैसे हुआ शक थाना प्रभारी प्रकाश वास्कले ने बताया कि घटना वाली रात से ही सुनील फरार था, जिस पर शक हुआ। वहीं जहां पर मिथुन का शव मिला, उसके ठीक 50 मीटर की दूरी पर ही सुनील का घर है, वहां भी पुलिस को कुछ खून के निशान दिखाई दिए थे, इस आधार पर सुनील को धार के भिलकुंडा गांव से गिरफ्तार किया गया। मामले में पुलिस ने हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं 103(1), 238(क), 3(5) बीएनएस का इजाफा किया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है।
जींद जिले के जुलाना में भारी बारिश के दौरान जींद-रोहतक मार्ग पर एक कार अनियंत्रित होकर पलट गई। शनिवार दोपहर को हुए इस हादसे में कार सवार तीन लोग बाल-बाल बच गए। उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई है। यह घटना जुलाना के पास हुई, जहां क्षेत्र में 126 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। जींद के अहिरका गांव निवासी मोहन अपनी कार से दिल्ली में कोथली देने जा रहे थे। उनके साथ कार में दो बच्चे भी सवार थे। सड़क पर भरा था पानी मोहन के अनुसार, शनिवार सुबह से ही क्षेत्र में तेज बारिश हो रही थी। जब वे जुलाना के पास जींद-रोहतक मार्ग पर पहुंचे, तो बारिश के कारण सड़क पर पानी जमा था। इसी दौरान कार अचानक फिसल गई और चालक का संतुलन बिगड़ गया। संतुलन बिगड़ने के बाद कार सड़क किनारे पलट गई। कार पलटने पर उसमें सवार तीनों लोग घबरा गए, लेकिन वे सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। हादसे में कार को नुकसान पहुंचा है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया।
UP Rain: पूर्वी यूपी में कल और परसों भारी बारिश का अलर्ट, मौसम की हुई ये भविष्यवाणी
UP Rain Alert: उत्तर के पूर्वी हिस्से में 9 और 10 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट है। पूर्वी यूपी में बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका है। वहीं वेस्ट यूपी के भी कुछ इलाकों में अगले कुछ दिनों में बारिश बढ़ सकती है। शुक्रवार हो सबसे अधिक तापमान 36 डिग्री सेल्सियस फतेहगढ़ में दर्ज किया गया।
अबोहर के गांव मलूकपुर में एक दंपति ने बठिंडा की एक महिला से परेशान होकर कीटनाशक पीकर आत्महत्या का प्रयास किया। दोनों को गंभीर हालत में सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दंपति ने महिला पर सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है और पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। अस्पताल में उपचाराधीन रीत (पत्नी लवप्रीत, पुत्र मनजीत सिंह) ने बताया कि उनके पति डेरे में सेवा करते हैं। वहां बठिंडा की एक महिला और उसका परिवार अक्सर आता-जाता था, जिससे उनके पति की उस महिला से जान-पहचान हो गई थी। रीत के अनुसार, अब वह महिला उनके पति और उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालकर उन्हें बदनाम कर रही है और उनके पति को ब्लैकमेल कर रही है। इसी से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया। रीत के पति लवप्रीत ने बताया कि वह कुछ समय तक बठिंडा की उक्त महिला के साथ संबंध में थे। जब उन्हें महिला की 'असलीयत' का पता चला, तो उन्होंने उससे दूरी बना ली। लवप्रीत का आरोप है कि इसके बाद महिला उनकी और उनकी पत्नी की वीडियो गलत तरीके से सोशल मीडिया पर डालकर उन्हें बदनाम कर रही है और ब्लैकमेल कर रही है। लवप्रीत ने यह भी बताया कि महिला ने उनके खिलाफ वुमन सेल में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई सबूत पेश नहीं कर पाई। लवप्रीत के अनुसार, उन्होंने भी इस महिला के खिलाफ एसएसपी दफ्तर बठिंडा में शिकायत दे रखी है। बावजूद इसके, महिला सोशल मीडिया पर पोस्ट डालना बंद नहीं कर रही थी, जिसके कारण उन्हें 'मजबूरी' में यह कदम उठाना पड़ा। दंपति ने पुलिस से महिला के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
भरतपुर के रुदावल इलाके में कलेक्टर कमर चौधरी के स्कूलों में छुट्टी के आदेश के बावजूद शनिवार को एक निजी स्कूल खुला मिला। स्कूल संचालक ने 10वीं और 12वीं के बच्चों को पढ़ाई के लिए बुलाया था। स्थानीय लोगों की शिकायत पर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्कूल की छुट्टी करवाकर संचालक को नोटिस दिया। नोटिस का जवाब 2 दिन में देना होगा, जवाब नहीं देने पर कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने 8 अगस्त को स्कूलों में छुट्टी के दिए थे आदेश दरअसल, भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए कलेक्टर कमर चौधरी ने 8 अगस्त को सभी स्कूलों में छुट्टी के आदेश दिए थे। इसके बावजूद रुदावल कस्बे का हरिवाल विद्या मंदिर स्कूल खुला हुआ था। स्कूल संचालक हरि सिंह ने 10वीं और 12वीं कक्षा के बच्चों को पढ़ाई के लिए स्कूल बुलाया था। इसकी जानकारी स्थानीय लोगों ने प्रशासन के अधिकारियों को दी। शिकायत मिलते ही PEO मौके पर पहुंचे सूचना मिलते ही PEO (Program Educational Objectives) देवेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्कूल की छुट्टी करवाकर बच्चों को वापस भेजा। इसके बाद PEO ने स्कूल संचालक हरि सिंह को कलेक्टर के आदेश नहीं मानने पर नोटिस दिया। नोटिस का जवाब देने के लिए संचालक को 2 दिन का समय दिया गया है। जवाब नहीं दिया तो होगी कार्रवाई PEO देवेंद्र कुमार ने बताया कि कलेक्टर के आदेश नहीं मानने पर स्कूल संचालक को नोटिस दिया गया है। अगर संचालक तय समय में नोटिस का जवाब नहीं देता है तो उसके खिलाफ प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
ग्वालियर के पड़ाव थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर दो सगी बहनों ने अदम्य साहस और दिलेरी की ऐसी मिसाल पेश की। कॉलेज जा रही इन दोनों छात्राओं का एक बाइक सवार बदमाश ने मोबाइल छीन लिया और भाग निकला। घबराने के बजाय दोनों बहनों ने 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से स्कूटी दौड़ाकर लुटेरे का पीछा किया। फूलबाग पर जाम में फंसते ही बहनों ने बदमाश की बाइक में पीछे से टक्कर मारकर उसे सड़क पर गिरा दिया और दबोच लिया। इसके बाद जुटी भीड़ ने भी बदमाश की जमकर धुनाई की और पुलिस के हवाले कर दिया। झपट्टा मारकर छीना था मोबाइल मुरार की सीपी कॉलोनी निवासी सगी बहनें अर्पिता (हर्षिता) और रसिता अग्रवाल शनिवार दोपहर अपनी स्कूटी से कॉलेज जा रही थीं। जैसे ही वे पड़ाव स्थित सोफा गैलरी के पास पहुंचीं, पीछे से आए बाइक सवार बदमाश ने स्कूटी पर पीछे बैठी बहन के हाथ पर झपट्टा मारकर मोबाइल लूट लिया और तेज रफ्तार में भागने लगा। अचानक हुए हमले से दोनों बहनें एक पल के लिए घबराईं, लेकिन अगले ही पल उन्होंने हार न मानते हुए लुटेरे को सबक सिखाने का फैसला किया। 80 की स्पीड से पीछा, फिर मारी जोरदार टक्करछात्राओं ने रोने-चिल्लाने में वक्त गंवाने के बजाय तुरंत स्कूटी को बदमाश के पीछे दौड़ा दिया। दोनों बहनों ने सोफा गैलरी से लेकर फूलबाग तक करीब 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से स्कूटी भगाई। फूलबाग के पास आगे टेम्पो आ जाने से बदमाश जैसे ही बाइक मोड़कर भागने की कोशिश करने लगा, बहनों ने बिना अपनी परवाह किए उसकी बाइक में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बदमाश सड़क पर गिर पड़ा। गिरते ही दोनों बहनों ने अपनी स्कूटी एक तरफ पटकी और बदमाश को उठने का मौका दिए बिना वहीं धुनना शुरू कर दिया। हल्ला सुनकर आसपास का जमावड़ा लग गया। जैसे ही लोगों को पता चला कि यह मोबाइल लुटेरा है, भीड़ ने भी बहनों का साथ दिया और बदमाश की जमकर पिटाई कर दी। पंजाब का रहने वाला है डोमिनोज का डिलीवरी बॉयपकड़े गए बदमाश की पहचान पंजाब निवासी मनप्रीत के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने बताया कि वह दो दिन पहले ही पंजाब से ग्वालियर आया था और फूड डिलीवरी कंपनी 'डोमिनोज' में डिलीवरी बॉय का काम करता है। आरोपी ने दावा किया कि उसके पास कमरा किराए पर लेने के पैसे नहीं थे, इसलिए उसने मोबाइल लूटा था ताकि उसे बेचकर पैसे जुटा सके। पड़ाव थाना प्रभारी शैलेंद्र भार्गव ने बताया कि आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उसकी सच्चाई जानने के लिए पंजाब पुलिस से उसका आपराधिक रिकॉर्ड मंगवाया जा रहा है। एसएसपी करेंगे दिलेर बेटियों को सम्मानितदोनों बहनों की इस जांबाजी से पुलिस अधिकारी बेहद प्रभावित हैं। दिलेरी से लुटेरे को घुटने पर लाने वाली हर्षिता और रसिता को ग्वालियर पुलिस कप्तान (एसएसपी) द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा।
संतकबीर नगर के खलीलाबाद तहसील क्षेत्र के सरैया गांव के ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शनिवार को ग्रामीणों ने अपर जिलाधिकारी (एडीएम) को शिकायती पत्र सौंपकर भूमि संबंधी प्रकरणों में अनियमितता और भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। ग्रामीण किसानों का आरोप है कि भूमि संबंधी मामलों में रिपोर्ट लगाने, अभिलेखीय कार्यवाही और अन्य प्रकरणों में नियमों की अनदेखी की जा रही है। शिकायती पत्र में कई विशिष्ट मामलों का उल्लेख किया गया है, जिसमें एक प्रकरण में रिपोर्ट लगाने के लिए पचास हजार रुपये मांगने का आरोप भी शामिल है। ग्रामीणों ने अपर जिलाधिकारी से इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और प्रभावित किसानों को न्याय दिलाने की मांग की है। शिकायत पत्र सौंपते समय सुरेंद्र सिंह, विश्वनाथ, श्रवण, दयाराम चौधरी, सतिराम चौधरी, राजेंद्र सिंह, प्रभु नाथ चौधरी, कैलाश सिंह, बृजेश कुमार मिश्रा, राजपाल और संजय कुमार सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।
बैतूल में एक सप्ताह बाद बारिश, किसानों को राहत:9 अगस्त को भी 80% संभावना, तापमान 23-26°C रह सकता है
बैतूल में करीब एक सप्ताह बाद शनिवार की दोपहर बारिश का दौर शुरू हुआ। बारिश से शहर की सड़कों पर पानी बहने लगा।मौसम में भी ठंडक आई। बारिश के बाद किसानों को भी राहत मिली है। 9 अगस्त को भी जिले में बारिश होने की संभावना है। 8 अगस्त की दोपहर बारिश के साथ मौसम में अचानक बदलाव आया। तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस, आर्द्रता 86% और हवा की रफ्तार करीब 14 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। बादलों की सक्रियता और बढ़ी नमी के बीच दोपहर में बारिश का दौर बना। मौसम विभाग के मुताबिक, 9 अगस्त को भी बैतूल में बारिश होने की संभावना है। बारिश की संभावना करीब 80% बताई गई है। दिन का तापमान करीब 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 23 डिग्री रहने का अनुमान है। सुबह से दोपहर के बीच बारिश की संभावना अधिक बताई गई है। अगर 9 अगस्त को भी अच्छी बारिश होती है तो सूख रही फसलों को राहत मिल सकती है। 31 जुलाई के बाद कमजोर पड़ा बारिश का दौर 31 जुलाई की रात जिले में तेज बारिश के बाद बारिश का दौर कमजोर पड़ गया था। इसके बाद बैतूल शहर सहित जिले के कई हिस्सों में बारिश कम हुई। जिले में 3 अगस्त को औसत दैनिक बारिश 0.2 मिमी, 6 अगस्त को शून्य और 7 अगस्त को 2.8 मिमी दर्ज की गई। 8 अगस्त की सुबह तक जिले की औसत प्रगतिशील बारिश 465.9 मिमी दर्ज की गई। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 525.9 मिमी था। इस हिसाब से जिले में इस साल अब तक करीब 60 मिमी कम बारिश हुई है। बारिश की कमी का असर, धान की फसल पर बारिश की कमी का सबसे ज्यादा असर धान की फसल पर दिखाई दे रहा है। बैतूल बाजार क्षेत्र के एक किसान ने 3 एकड़ में धान की फसल लगाई थी। पर्याप्त बारिश नहीं होने और खेत में नमी खत्म होने से फसल सूखने लगी। किसान ने फसल पर हजारों रुपए खर्च किए थे, लेकिन नुकसान बढ़ता देख ट्रैक्टर चलाकर पूरी तीन एकड़ धान की फसल बखर दी। अब किसान खेत तैयार कर अगली फसल बोने की तैयारी कर रहा है। कई इलाकों में हुई अच्छी बारिश किसानों के मुताबिक, मक्का और सोयाबीन की फसल की स्थिति फिलहाल अपेक्षाकृत ठीक है। लेकिन धान की फसल को लगातार बारिश की जरूरत होती है। बारिश में लंबा अंतराल आने से धान के खेतों में पानी और नमी की कमी का असर सीधे फसल की बढ़वार पर पड़ा है। हालांकि किसानों की नजर अब लगातार बारिश पर है। 31 जुलाई की भारी बारिश के बाद बने लंबे अंतराल ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जिले में कुल बारिश का आंकड़ा बढ़ने के बावजूद उसका वितरण कितना समान है। कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में बारिश का अंतराल फसलों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। खासकर धान उत्पादक किसानों के लिए अगले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
सीवान के सराय ओपी थाना क्षेत्र के मटुक छपरा गांव में शादी के महज तीन महीने बाद 20 वर्षीय विवाहिता सोनाली कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी फैल गई। मृतका के मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या का आरोप लगाया है। घटना के बाद से ससुराल पक्ष के सभी लोगों के घर छोड़कर फरार होने की बात सामने आ रही है। मृतका की पहचान उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के तरैया सुजान थाना क्षेत्र के सिसवा बुजुर्ग निवासी नंदलाल पाण्डेय की 20 वर्षीय पुत्री सोनाली कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार सोनाली की शादी करीब तीन महीने पहले सराय ओपी थाना क्षेत्र के पपौर निवासी वशिष्ठ तिवारी के पुत्र रंजीत तिवारी के साथ धूमधाम से हुई थी। बुलेट और सोने की चेन मांग रहे थे ससुराल वालेमायके वालों का कहना है कि शादी में लड़के पक्ष की मांग के अनुसार दहेज भी दिया गया था, लेकिन शादी के बाद से ही कथित तौर पर बुलेट बाइक और 10 ग्राम सोने की चेन की मांग शुरू कर दी गई। मृतका की मां ने बताया कि मांग पूरी करने में असमर्थता जताने के बाद सोनाली को लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा। कई बार उसे खाना तक नहीं देने की शिकायत उसने मायके वालों से की थी। परिजन हर बार बेटी को समझाते रहे कि समय के साथ सब ठीक हो जाएगा। बीते एक जुलाई को ही सोनाली को पति के साथ ससुराल के लिए विदा किया गया था। रात में मां से हुई थी बातशुक्रवार रात करीब 10 बजे सोनाली ने फोन कर अपनी मां को बताया कि घर के सभी लोग एकत्रित होकर सामान के लिए उसे प्रताड़ित कर रहे हैं। उसने यह भी कहा कि खाना बना हुआ है, लेकिन उसे खाने नहीं दिया जा रहा। मायके वालों से सुबह बात करने की बात कही। इसके बाद शनिवार सुबह अचानक सोनाली की मौत की खबर मिली। मायके वाले जब मटुक छपरा पहुंचे तो घर में सन्नाटा पसरा था। ससुराल पक्ष के लोग घर छोड़कर फरार हो चुके थे और सोनाली का शव बेड पर पड़ा था। बेटी की मौत की खबर ने मायके वालों को झकझोर कर रख दिया। ससुराल पक्ष के लोग फरार हैंसराय ओपी थानाध्यक्ष विकास कुमार बिट्टू ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की। मृतका के पिता के आवेदन के आधार पर मामला दर्ज करने की प्रक्रिया की जा रही है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। ससुराल पक्ष के लोग फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी।
बारिश ने आगरा में हुए विकास कार्यों की गुणवत्ता की पोल खोल दी है। शुक्रवार को जो कर्मयोगी एन्क्लेव रोड धंसी थी, वह 20 महीने पहले ही बनी थी। 30 फीट चौड़ी इस रोड को 100 मीटर बनाने पर 10 लाख रुपये खर्च किए गए थे। मगर, 11 महीने में ही इस सड़क में दो 20-20 फीट गहरे गड्ढे हो गए। एक महीने के अंदर ही दूसरी बार ये सड़क धंसी।हालांकि शुक्रवार को हुए 15 फीट चौड़े और 20 फीट गहरे गड्ढे को मिट्टी से भर दिया गया है। यहां बैरीकेडिंग लगाकर सीवर सफाई का काम किया जा रहा है। पहले इस सड़क के बारे में जानिये...कमला नगर के सुभाष नगर से कर्मयोगी क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़क लगभग एक किमी लंबी है। लगभग 50 हजार लोगों को इस रोड से आवागमन होता है। कई साल से यह सड़क काफी जर्जर हालत में थी। पिछले साल कमला नगर में जनकपुरी महोत्सव के दौरान इस सड़क को कई टुकड़ों में बनाया गया। पहले देखिये सड़क धंसने की 2 तस्वीरें… कर्मयोगी एन्क्लेव में फाउंटेन से महज 100 मीटर के टुकड़े को 10 लाख रुपये में बनाया गया था। इसी हिस्से में एक महीने में दूसरी बार सड़क धंस गई। पहली बार 9 जुलाई को फाउंटेन के पास इस सड़क में 20 फीट गहरा गड्ढा हुआ था। दूसरी बार शुक्रवार सुबह उस वक्त ये सड़क धंस गई, जब बच्चों की स्कूल वेन यहां से गुजर रही थी। गनीमत रही कि वेन गुजरने के बाद ये सड़क धंसी, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। अब क्या हैं इस सड़क के हालातसड़क धंसने के कुछ घंटों बाद ही नगर निगम की टीम मौके पर पहुंच गई थी। सड़क की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। लगभग 20 मीटर के दायरे में बैरीकेडिंग कर आवागमन को पूरी तरह से रोक दिया है। गड्ढे को मिट्टी से भर दिया गया है। इसके साथ ही सीवर लाइन की सफाई का काम भी शुरू कर दिया गया है। मरम्मत कार्य की 3 तस्वीरें… ऑक्सीजन मास्क के साथ कर्मचारियों को 15 से 20 फीट गहरे सीवर लाइन के मैनहोल में उतारा जा रहा है। मैनहोल साफ किए जा रहे हैं, जिससे कि सीवर का बहाव न रुके और मिट्टी का कटान न हो। मिट्टी के कटान से धंस रही सड़ककर्मयोगी एन्क्लेव की सड़क के बीच में से सीवर लाइन गुजर रही है। कई साल पहले यहां सीवर लाइन डाली गई थी। सीवर लाइन डालने के बाद यहां न तो मिट्टी का ही ठीक से भराव किया गया और न ही लाल गिट्टी डालकर उसको दबाया गया। मानकों के अनुरूप काम न होने की वजह से बारिश में सीवर लाइन के आसपास की मिट्टी बैठने लगी। जब जगह ज्यादा खाली हो गई तो सड़क धंस गई। रोड से निकलने में डरने लोग बार-बार धंस रही इस सड़क से गुजरने में लोग डरने लगे हैं। क्षेत्रीय निवासी सनी का कहना है-इस सड़क से गुजरने में अब डर लगने लगा है। पता नहीं, फिर कब ये सड़क धंस जाए। इसे ठीक से नहीं बनाया गया है।
पूर्णिया के बायसी प्रखंड अंतर्गत जाबर गांव में नदी पार करने के दौरान एक हादसा हो गया। इस घटना में एक ही परिवार की दो नाबालिग चचेरी बहनों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान जाबर गांव निवासी ऐनुल की 15 वर्षीय बेटी फरीदा और मैनुल की 16 वर्षीय बेटी सगीरा के रूप में हुई है। दोनों आपस में चचेरी बहनें थीं। घटना मल्हारिया पंचायत की है। नदी पार करके के दौरान 4 बच्ची डूबी, 2 की मौत जानकारी के मुताबिक, 4 बच्चियां सड़क और पुल निर्माण अधूरा रहने के कारण मवेशियों के लिए चारा काटने नदी पार करके जा रही थी। इसी दरमियान तेज़ बहाव में चारों बच्ची डूब गई, जिसमें दो बच गई और बाकी दो की डूबने से मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने से दोनों बच्चियों के शव को निकाला और कंधे में लादकर गांव लाया। इस दौरान गांव के सैंकड़ों लोग नदी किनारे और धार में पहुंचे। सड़क की बदहाली और प्रशासनिक लापरवाही बनी हादसे की वजह स्थानीय मल्हारिया पंचायत के सरपंच मोहम्मद निजाम ने घटना पर आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि यह हादसा पूरी तरह से सड़क निर्माण अधूरा रहने और प्रशासनिक अनदेखी के कारण हुआ है। जाबर कारेलाल चौक से कखरवा काली मंदिर तक जाने वाली सड़क और पुल का कार्य अधूरा पड़ा है। सरपंच के अनुसार, इसी सड़क पर पिछले साल भी राजू राय के बच्चे की डूबने से मौत हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन और ठेकेदारों ने कोई सुधार नहीं किया। बाढ़ के समय हर साल लगभग 6 महीने तक कखरवा गांव का संपर्क पूरी तरह कट जाता है। दैनिक जरूरतों के लिए भी जान जोखिम में डालकर नदी-पानी पार करना पड़ता है। इसी कारण आज फिर एक हादसा हुआ है। विधायक और डीएम के समक्ष रखी जाएगी समस्या ज़िला परिषद चेयरमैन वहीदा सरवर भी घटना की सूचना मिलते ही मल्हारिया पंचायत के जाबर गांव पहुंची । वहीदा सरवर ने कहा कि यह एक अत्यंत दुखद दुर्घटना है, जिसमें चार बच्चे डूब गए थे। उनमें से दो बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया, किंतु दुर्भाग्यवश दो बच्चों की मृत्यु हो गई। कारेलाल चौक से कखरवा की ओर जाने वाली सड़क का निर्माण कार्य अभी तक अधूरा है। इस मार्ग पर यात्रियों की सुरक्षा हेतु डायवर्जन अथवा अन्य आवश्यक उपाय किए जाने चाहिए। इस गंभीर विषय पर विधायक से चर्चा करूंगी ताकि वे इस मुद्दे को विधानसभा में प्रमुखता से उठा सकें। साथ ही, ज़िला अधिकारी के समक्ष भी इस समस्या को रखा जाएगा, क्योंकि इस मार्ग पर अक्सर ऐसी दुर्घटनाएँ होती रहती हैं। इस मामले में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे और पीड़ित परिवारों को उचित सरकारी मुआवजा दिलाने का पूरा प्रयास करेंगे।
फरीदाबाद में शुक्रवार को हुई तेज मूसलाधार बारिश के दौरान करंट लगने से अलग-अलग घटनाओं में दो युवकों की मौत हो गई। पहली घटना सेहतपुर इलाके की है, जहां 26 वर्षीय रामखेलावन की बिजली के खंभे में उतरे करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। वहीं, दूसरी घटना ओल्ड फरीदाबाद के अहिरवाड़ा इलाके में हुई, जहां 22 वर्षीय अयान की वर्कशॉप में रखे लोहे के स्टैंड वाले पंखे में करंट आने से जान चली गई। पहली घटना सेहतपुर की है। रामखेलावन ब्लिंकिट में डिलीवरी का काम करता था और चेतन मार्केट में रहता था। शुक्रवार शाम करीब पांच बजे वह सामान की डिलीवरी करने के लिए बाइक से सेहतपुर की तरफ जा रहा था। खंभे में उतरे करंट की चपेट में आया डिलीवरी बॉय बारिश के कारण रास्ते में जगह-जगह पानी भरा हुआ था। इसी दौरान वह एक बिजली के खंभे के पास से बाइक लेकर गुजर रहा था। बताया जा रहा है कि खंभे में करंट उतरने के कारण रामखेलावन उसकी चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने उसे बाइक के साथ सड़क पर गिरा देखा। बिजली का करंट होने की वजह से लोग सीधे उसके पास नहीं जा सके। इसके बाद लोगों ने डंडे की मदद से उसे बिजली के संपर्क से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। डिलीवरी बॉयज ने जताया विरोध सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रामखेलावन मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला था। उसके माता-पिता नहीं हैं और परिवार में उसकी दो बहनें हैं। रामखेलावन की मौत के बाद उसके साथ काम करने वाले डिलीवरी बॉय ने सेहतपुर स्थित ब्लिंकिट हाउस पर एकत्र होकर विरोध जताया। उनका आरोप है कि तेज बारिश और जलभराव के बावजूद सुपरवाइजर की ओर से डिलीवरी करने के लिए दबाव बनाया जाता है। उनका कहना है कि बारिश के दौरान ऐसी परिस्थितियों में डिलीवरी करवाना कर्मचारियों की जान को खतरे में डालना है। पंखा लगाते वक्त लगा करंट दूसरी घटना ओल्ड फरीदाबाद के अहिरवाड़ा की है। यहां 22 वर्षीय अयान एक वर्कशॉप में काम करता था। उसकी बहन सायना के अनुसार, अयान को वहां काम करते हुए करीब 22 दिन ही हुए थे। बारिश की वजह से शुक्रवार सुबह वह काम पर नहीं जाना चाहता था, लेकिन आरोप है कि वर्कशॉप मालिक दीपक बजाज ने फोन करके उसे काम पर बुलाया। दोपहर के समय काम करने के दौरान अयान वर्कशॉप में रखे लोहे के स्टैंड वाले पंखे को एक तरफ करने लगा। बताया गया कि पंखे में करंट आ रहा था। पंखे को पकड़ते ही अयान को जोरदार करंट लगा और वह जमीन पर गिर गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बहन सायना ने वर्कशॉप में मौजूद लोगों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि दोनों मामलों में पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। दोनों घटनाओं की जांच की जा रही है।
कुरुक्षेत्र के सेक्टर-5 की रहने वाली विवाहिता की मौत हो गई। महिला पिछले करीब एक महीने से बीमार थी। उसकी तबीयत ज्यादा खराब हुई, तो डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। परिवार ने आरोप लगाया कि महिला के पति ने दूसरे अस्पताल लेकर जाने की बजाए उसके अंतिम संस्कार की तैयारी कर दी। साथ ही उनको बेटी की मौत की झूठी खबर दी। वे मौके पर पहुंचे, तो बेटी की सांसे चल रही थी। शक होने पर बेटी को LNJP अस्पताल पहुंचाया। यहां इलाज के दौरान बेटी की मौत हो गई। पुलिस ने शव का डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमॉर्टम करवा दिया। अभी पुलिस ने इत्तेफाकिया रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी। सेक्टर-5 की रहने वाली थी नीलम मृतक विवाहिता की पहचान नीलम (38) निवासी सेक्टर-5 के रूप में हुई है। नीलम के पास कोई संतान नहीं थी। नीलम के पति विक्की की पलवल गांव में चिकन शॉप है। नीलम के माता-पिता की भी मौत हो चुकी है। नीलम के पेट में इंफेक्शन हो गया था, जिसका इलाज चल रहा था। पहले हो चुका था ऑपरेशन नीलम के चचेरे भाई सुनील निवासी पिहोवा रोड ने बताया कि नीलम का पहले ऑपरेशन हो चुका था और चंडीगढ़ सेक्टर-32 से उसका इलाज भी चल चुका था। पिछले करीब एक महीने से उसका पेट में इंफेक्शन होने पर आदेश मेडिकल अस्पताल में इलाज चल रहा था। कल नीलम की हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे रेफर किया था। पति ने फोन पर कहा- नीलम की मौत हो गई सुनील ने आरोप लगाया कि कल करीब 11 बजे नीलम के पति विक्की ने उनको फोन किया। उसने बताया कि नीलम की मौत हो गई है। परिवार के लोग तुरंत उसके घर पहुंचे। यहां नीलम के अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। उन्होंने एंबुलेंस में नीलम की बॉडी देखी तो उसकी सांसें चल रही थीं। सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचा परिवार शक होने पर परिवार के लोग उसे तुरंत LNJP अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसके जिंदा होने की पुष्टि की। डॉक्टरों ने तुरंत उसका इलाज शुरू कर दिया, लेकिन 20-30 मिनट के इलाज के बाद उसकी मौत हो गई। आरोप लगाया कि अगर विक्की उसकी बहन को समय रहते दूसरे अस्पताल लेकर जाता, तो उसकी जान बच सकती थी। इलाज की बजाय संस्कार की तैयारी की आरोप लगाया कि नीलम का एक ऑपरेशन हो चुका था। नीलम ऑपरेशन नहीं करवाना चाहती थी। उसके शरीर में खून की कमी हो थी। इसके बावजूद उसके पति ने उसके दो ऑपरेशन करावा दिए। आरोपी उसे को नींद की गोलियां देता था। इसलिए अस्पताल के रेफर करने पर उसने दूसरे अस्पताल लेकर जाने की बजाए उसे जिंदा जलाने की तैयारी करवा दी। डॉक्टर बोले- यहां पर लाए तो जिंदा थी पेशेंट LNJP अस्पताल के डॉक्टर (MO) मुनीष कुमार ने बताया कि पेशेंट का पहले से आदेश अस्पताल में इलाज चल रहा था। उस अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक, पेशेंट को रेफर किया गया था। यहां पेशेंट को लेकर आए, तब उसकी सांसे चल रही थी। यहां करीब आधे घंटे की इलाज के बाद उसकी मौत हो गई। पेशेंट का नाम नीलम था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई- रणधीर सिंह मामले को लेकर थाना सदर थानेसर के SHO रणधीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमॉर्टम करवाया है। पुलिस ने परिवार के बयान पर इत्तेफाकिया रिपोर्ट दर्ज की है। पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जूनी इंदौर थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर शनिवार को एक युवक का क्षत-विक्षत शव मिला। ट्रेन की चपेट में आने से युवक का शरीर दो हिस्सों में बंट गया। टक्कर के कारण युवक की कमर के नीचे का हिस्सा और ऊपरी धड़ पूरी तरह अलग हो गए थे, जबकि शरीर के कई अन्य अंग भी ट्रैक के आसपास बिखर गए। घटना की सूचना मिलते ही जूनी इंदौर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल भिजवाया। शव की हालत इतनी गंभीर थी कि उसे तीन अलग-अलग पोटलियों में बांधकर अस्पताल ले जाना पड़ा। पुलिस के मुताबिक, प्रथम दृष्टया यह मामला ट्रेन से कटने का लग रहा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, मृतक के पास से ऐसा कोई दस्तावेज, मोबाइल या पहचान पत्र नहीं मिला है, जिससे उसकी शिनाख्त हो सके। पुलिस आसपास के लोगों और रेलवे ट्रैक के किनारे रहने वालों से पूछताछ कर युवक की पहचान करने की कोशिश कर रही है।
तालाब ओवरफ्लो, रास्ते पर 3 फीट तक पानी:शेखपुर गुजरान के ग्रामीणों ने की स्थायी जल निकासी की मांग
धौलपुर की ग्राम पंचायत दिहौली क्षेत्र के गांव शेखपुर गुजरान में लगातार हुई तेज बारिश के बाद मुख्य तालाब ओवरफ्लो हो गई। इसका पानी गांव के मुख्य रास्ते पर फैल गया, जिससे मार्ग पर करीब 2 से 3 फीट तक जलभराव हो गया है। इस जलभराव के कारण ग्रामीणों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, पानी का बहाव इतना अधिक है कि कई जगह घरों के मुहाने तक पानी पहुंच गया है। रास्ते पर जलभराव के चलते वाहनों का आवागमन भी प्रभावित हो गया है। राहगीरों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग मड़िया का पुरा को राजाखेड़ा रोड से जोड़ता है और इस पर दिनभर लोगों का आवागमन रहता है। ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब की समय पर सफाई और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बारिश में ऐसी स्थिति पैदा हो जाती है। जलभराव के कारण गंदगी और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से संक्रामक एवं मच्छरजनित बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत और जिला प्रशासन से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने के साथ तालाब की सफाई एवं रास्ते को दुरुस्त कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो हर बारिश में गांववासियों को इसी परेशानी से गुजरना पड़ेगा।
पूर्व वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा ने मालेरकोटला दौरे के दौरान पंजाब की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और पंथक मुद्दों पर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि पंजाब के भविष्य, शांति और बेहतरी के लिए सभी पंथक धड़ों का एक मंच पर एकजुट होना समय की मांग है। भाजपा के साथ गठबंधन के सवाल पर ढींडसा ने कहा कि आगामी चुनावों में पार्टी का समझौता किसके साथ होगा, इस पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। उन्होंने संकेत दिया कि राजनीतिक समीकरण आने वाले दिनों में ही स्पष्ट होंगे। परमिंदर सिंह बोले- कुछ लोगों की फितरत होती है कि वे एक जगह नहीं टिक सकते 'पुनरुज्जीवित पार्टी' के कई नेताओं के 'वारिस पंजाब दे' में शामिल होने के सवाल पर ढींडसा ने तंज कसते हुए कहा, कुछ लोगों की फितरत होती है कि वे एक जगह नहीं टिक सकते। उन्होंने स्पष्ट किया कि इकबाल सिंह झुंदां ने पार्टी नहीं छोड़ी है और वे 'वारिस पंजाब दे' के साथ समझौते को लेकर पार्टी हितों में बैठकें कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि परमिंदर सिंह ढींडसा मालेरकोटला में प्रमुख राजनीतिक नेता नसीर भट्टी की बेटी के विवाह समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। उन्होंने नव-दंपति को आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर उनके साथ हाजी तुफैल मलिक भी उपस्थित थे। ढींडसा के इस दौरे और उनके बयानों ने क्षेत्र की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।
प्रयागराज से सैफई जा रही समाजवादी पार्टी की पीडीए साइकिल कांवड़ यात्रा का शनिवार को औरैया जिले में जोरदार स्वागत किया गया। यह यात्रा प्रयागराज संगम से गंगाजल लेकर सैफई में दिवंगत नेता मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा पर जलाभिषेक करने के लिए निकली है। यात्रा के औरैया पहुंचने पर सपा जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ नेशनल हाईवे स्थित जय माता दी होटल पर यात्रा में शामिल युवाओं का फूल-मालाओं से स्वागत किया। सपा जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने बताया कि कमलेश यादव, विकास भदारी, सुनील यादव, देवेंद्र जगतपुर, अमरदीप यादव और कृष्णा यादव (मास्टर) सहित कई युवा प्रयागराज संगम से गंगाजल भरकर श्रद्धेय नेता मुलायम सिंह यादव के समाधि स्थल सैफई पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि औरैया की ओर से सभी युवा साथियों का स्वागत है और उनके इस उत्साह से पार्टी को मजबूती मिलेगी। सपा जिलाध्यक्ष ने आशा व्यक्त की कि वर्ष 2027 में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने का युवाओं का सपना पूरा होगा। उन्होंने कहा कि जनपदवासियों की भी यही इच्छा है और समाजवादी कार्यकर्ता इसके लिए पूरी मजबूती से काम करेंगे। सपा के वरिष्ठ नेता लालजी शुक्ला ने युवाओं के संघर्ष और उत्साह की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह सक्रियता समाजवादी विचारधारा से जुड़े संगठन को नई ऊर्जा देती है। पीडीए साइकिल कांवड़ यात्रा का नेतृत्व कर रहे कृष्ण यादव मास्टर ने औरैया में मिले कार्यकर्ताओं के प्यार और स्नेह पर खुशी व्यक्त की और सभी का आभार जताया। इस दौरान महेन्द्र त्रिपाठी, गुड्डू सेंगर, राहुल तिवारी सभासद, एडवोकेट उपेंद्र भारती, विधानसभा अध्यक्ष राजकुमार गौतम, मनीष कठेरिया, राम रतन दोहरे सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गोपालगंज में ऐतिहासिक थावे माँ दुर्गा मंदिर परिसर के विकास और सौंदर्यीकरण कार्यों को गति देने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता बढ़ गई है। इसी क्रम में, जिलाधिकारी सह थावे मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष समीर सौरभ और सचिव सह अनुमंडल पदाधिकारी डॉ. प्रेरणा सिंह के निर्देश पर अनुमंडल व प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों की एक टीम ने मंदिर परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पर्यटन विभाग के अधिकारी, BRPNNL के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, संबंधित संवेदक (ठेकेदार) और अन्य विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों ने मंदिर परिसर में चल रही विभिन्न विकास एवं सौंदर्यीकरण योजनाओं की भौतिक प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद एजेंसियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए। विकास कार्यों में हाल के समय में उल्लेखनीय तेजी आईजिलाधिकारी के सख्त निर्देशों के बाद मंदिर के विकास कार्यों में हाल के समय में उल्लेखनीय तेजी आई है। समीक्षा बैठक के दौरान, सभी कार्यकारी एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अनुमंडल पदाधिकारी डॉ. प्रेरणा सिंह द्वारा थावे मंदिर के विकास कार्यों की पाक्षिक प्रगति समीक्षा नियमित रूप से की जा रही है। इस सतत निगरानी का उद्देश्य कार्यों की जमीनी स्थिति, गुणवत्ता और निर्धारित समय-सारणी के अनुपालन पर कड़ी नजर रखना है। कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करने का आदेश दिया जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करने का आदेश दिया है। इस पूरी पहल का मुख्य उद्देश्य मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं, सुगम दर्शन और एक स्वच्छ व सुंदर वातावरण उपलब्ध कराना है।
कैथल में पुलिस की स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट द्वारा चीका में एक मकान से करोड़ों रुपए के गहने व नकदी चोरी मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों 5-5 हजार रुपए के इनामी आरोपी हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सोहन सिंह व धर्मबीर निवासी मौड़ मंडी जिला बठिंडा पंजाब के रूप में हुई है। उन्होंने 24 लाख रुपए, 60-65 तोले सोना व करीब 10 किलो चांदी चोरी की थी। बेटे के पास गया था मकान मालिक आर-3 चीका निवासी जय भगवान उर्फ ज्ञान गोयल की शिकायत अनुसार वह 8 जून को दोपहर करीब 12 बजे अपने बेटे के पास पंचकूला गया था। अगले दिन सुबह करीब 6:30 बजे उसके पड़ोसी ने फोन कर बताया कि उसके घर के दरवाजों के ताले टूटे हुए हैं। सूचना मिलने पर वह तुरंत चीका वापस पहुंचा। घर पहुंचने पर उसने देखा कि घर के सभी ताले टूटे हुए थे तथा सामान बिखरा पड़ा था। चीका थाना में दर्ज किया गया केस जांच करने पर घर में रखी करीब 24 लाख रुपए की नकदी, 60-65 तोले सोना तथा करीब 10 किलो चांदी गायब मिली। शिकायत के आधार पर थाना चीका में मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट प्रभारी इंस्पेक्टर सुनील कुमार की अगुवाई में एएसआई बिजेंद्र की टीम द्वारा करते हुए आरोपी सोहन सिंह व धर्मबीर को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस टीम पर किया था हमला पुलिस प्रवक्ता प्रवीन श्योकंद ने बताया कि पहले भी दोनों आरोपियों को 25 जून की रात्री स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट द्वारा सिकंदर खेड़ी से बरसाना रोड़ से मुठभेड़ उपरांत काबू किया गया था। दोनों आरोपी पुलिस टीम पर हमला करने के मामले में जिला जेल में बंद थे। दोनों आरोपी चीका में हुई उक्त चोरी के मामले में वांछित थे। उक्त मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी पर 5-5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। दोनों आरोपियों को अदालत के आदेशानुसार प्रोडक्शन वारंट पर लेकर गिरफ्तार किया गया। आरोपियों पर कातिलाना हमला करने, चोरी आदि के 3-3 मामले दर्ज हैं। व्यापक पूछताछ के लिए दोनों आरोपियों का न्यायालय से 4 दिन पुलिस रिमांड हासिल किया गया है।
उन्नाव में तहसील बांगरमऊ में EWS प्रमाण पत्र बनवाने को लेकर एक युवक ने तहसील कर्मचारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में रुपये मांगने, मारपीट करने और मोबाइल तोड़ने का आरोप लगाया है। ग्राम गोल्हुवा पुर निवासी शहंशाह खान पुत्र इस्माइल खान ने शिकायत में बताया कि उन्होंने 11 जून 2026 को तहसील बांगरमऊ में EWS प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था। आवेदन के साथ सभी जरूरी दस्तावेज जमा किए गए थे। शिकायतकर्ता के अनुसार, जब वह प्रमाण पत्र लेने तहसील पहुंचे तो कर्मचारी राम जी ने दस्तावेज खो जाने की बात कहते हुए उन्हें दोबारा कागजात जमा करने को कहा। शहंशाह खान ने कर्मचारी के कहने पर दोबारा सभी दस्तावेज जमा कर दिए। इसके बाद लेखपाल की आख्या भी सत्यापित हो गई, लेकिन इसके बावजूद उनका EWS प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया। पीड़ित का आरोप है कि प्रमाण पत्र लेने के लिए वह कई बार तहसील पहुंचे, जहां उन्हें घंटों इंतजार कराया गया। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग शहंशाह खान ने आरोप लगाया कि प्रमाण पत्र जारी करने के लिए कर्मचारी रामजी और उनके एक साथी द्वारा उनसे रुपये की मांग की गई। रुपये देने से इनकार करने पर कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि कर्मचारी ने प्रमाण पत्र फाड़ देने की धमकी दी। शिकायतकर्ता के अनुसार, जब उन्होंने कथित घटना का वीडियो बनाने का प्रयास किया तो कर्मचारी और उनके साथी ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया और तोड़ दिया। पीड़ित का दावा है कि घटना से संबंधित वीडियो उनके पास मौजूद है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत पीड़ित ने 8 अगस्त यानी शनिवार को को मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत राजस्व एवं आपदा विभाग से संबंधित है और प्रमाण पत्र (हैसियत/EWS आदि) श्रेणी में दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और उसका EWS प्रमाण पत्र जारी कराने की मांग की है। एसडीएम बोले- जांच कराई जाएगी एसडीएम बांगरमऊ ब्रजेश शुक्ला ने बताया कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं है। शिकायत की जानकारी होने पर पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मुजफ्फरपुर में दूसरी सोमवारी से पहले शनिवार को बाबा गरीबनाथ मंदिर के बाहर फूल-माला की दुकानें हटाने को लेकर हंगामा हो गया। प्रशासन की टीम ने दुकानों को हटाने का निर्देश दिया था। दुकानदारों की ओर से दुकानें नहीं हटाने पर टीम ने उन्हें जबरन हटवा दिया, जिसके बाद दुकानदार आक्रोशित हो गए और मौके पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। दुकानदारों ने आरोप लगाया कि उनकी दुकानें हटवाने में वार्ड पार्षद केपी पप्पू की भूमिका है। उनका कहना था कि पार्षद ने ही प्रशासन को भेजकर मंदिर के बाहर से दुकानें हटवाई हैं। दुकानदारों ने यह भी बताया कि वे लंबे समय से यहां फूल-माला और पूजा सामग्री बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। अचानक दुकानें हटाए जाने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। हंगामे की 3 तस्वीरें देखिए पुलिस ने दुकानदारों को समझा बुझाकर शांत कराया हंगामे की सूचना मिलते ही नगर एसडीपीओ-1 सुरेश कुमार, एसडीएम पूर्वी आनंद उत्सव और नगर थानेदार जयप्रकाश मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने दुकानदारों से बातचीत की, उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें समझाकर स्थिति को शांत कराया। प्रशासन के अनुसार, बाबा गरीबनाथ मंदिर में दूसरी सोमवारी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए मंदिर के आसपास भीड़ और यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए यह कार्रवाई की गई। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य मंदिर के बाहर के रास्ते को खाली रखना और श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारू बनाए रखना है। अधिकारियों के समझाने के बाद दुकानदार शांत हो गए, लेकिन दुकानें हटाए जाने को लेकर उनमें अभी भी नाराजगी बनी हुई है। पहली सोमवारी पर एक लाख से अधिक शिवभक्तों की उमड़ी थी भीड़ उत्तर बिहार के प्रसिद्ध ‘देवघर’ कहे जाने वाले मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ मंदिर में सावन की पहली सोमवारी पर करीब 1 लाख श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया था। सोनपुर के पहलेजा घाट से लगभग 85-87 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा कर पहुंचे कांवड़ियों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों के बीच श्रद्धालु यहां पहुंचे थे। मंदिर परिसर से लेकर शहर के मुख्य रास्तों और कांवरिया पथ पर चप्पे-चप्पे पर CCTV कैमरों और ड्रोन से निगरानी रखी गई थी। जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रात भर खुद सुरक्षा और व्यवस्था की कमान संभालते दिखे थे। मंदिर से लगभग 5 किलोमीटर दूर तक बैरिकेडिंग कर श्रद्धालुओं के लिए कतारबद्ध व्यवस्था बनाई गई ताकि भीड़ अनियंत्रित न हो। वहीं, भारी संख्या में पुरुष व महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। जलाभिषेक के लिए अरघा लगाए गए थे मंदिर के गर्भगृह में भीड़ और धक्का-मुक्की से बचने के लिए बाहर ही 'अरघा' लगाया गया था, जिसके माध्यम से सभी श्रद्धालुओं ने सुगमता से जल अर्पित किया था। मंदिर प्रबंधन समिति और सेवादल के सैकड़ों स्वयंसेवक (Volunteers) श्रद्धालुओं को कतार में व्यवस्थित करने और मार्गदर्शन देने में लगे रहे थे। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए अलग लाइन और सहायता केंद्र बनाए गए थे। मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित विनय पाठक के अनुसार, पहली सोमवारी की रात बाबा गरीबनाथ का विशेष महाशृंगार और आकर्षक सजावट की गई थी। सोनपुर (पहलेजा घाट) से गंगाजल लेकर 87 किमी पैदल चल कर आए कांवरियों ने बताया था कि “कठिन रास्ते और पैरों के छालों के बावजूद बाबा की भक्ति और 'बोल बम' के जयकारों के आगे सारी थकान दूर हो जाती है।”
दरभंगा में मौलाना ने 15 साल की नाबालिग के साथ रेप किया है। आरोपी नाबालिग को मस्जिद में पढ़ाता था। पीड़िता के मां-पिता का कहना है 6 अगस्त की रात 10 बजे मौलाना घर से बेटी को उठाकर मस्जिद में ले गया था। जिस कमरे में पढ़ाता था, उसी जगह उसके साथ गलत किया। वहां उसके साथ रेप किया। रात करीब 3 बजे हमारी बच्ची घर खुद लौटी। उसकी स्थिति ठीक नहीं थी। उसने हमें बताया कि मौलाना ने गलत काम किया है। मामले में 7 अगस्त को नाबालिग के पिता ने घनश्यामपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने केस के 8 घंटे में आरोपी मौलाना जैनुल आबेदीन (45) को गिरफ्तार कर लिया। आज पुलिस नाबालिग का मेडिकल टेस्ट कराएगी। घटना घनश्यामपुर थाना क्षेत्र की है। घर के सभी लोग सो गए थे- पिता पीड़िता के पिता ने आवेदन में बताया है कि बेटी मोहल्ले के बच्चों के साथ मस्जिद में मौलाना से पढ़ने के लिए रोज शाम करीब 6:30 बजे जाती थी। 6 अगस्त को भी वो पढ़ने के लिए मस्जिद गई थी। करीब 7:45 बजे वह घर वापस आई।रात करीब 9:30 बजे परिवार के सभी सदस्य खाना खाने के बाद सो गए। छात्रा अपनी दादी के साथ सोती थी। करीब 10:45 बजे दादी ने आवाज देकर परिवार के लोगों को जगाया और बताया कि बच्ची कमरे में नहीं है। इसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। ‘परिवार को जान से मारने की धमकी दी’ पिता के अनुसार बेटी ने परिजन को बताया कि मौलाना घर आया था। वो मस्जिद के ऊपर बने कमरे में ले गया। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के दौरान छात्रा को धमकी दी गई कि यदि उसने किसी को कुछ बताया तो उसकी और उसके परिवार की बदनामी होगी। परिवार के लोगों को जान से मरवा दिया जाएगा। पीड़िता के अनुसार आरोपी ने गलत करने के बाद उसे मस्जिद से शांति से घर जाने के लिए कहा था। जिस कमरे में पीड़िता थी, वहां दरवाजा नहीं था नाबालिग के माता-पिता ने बताया कि मौलाना का हमारे घर पहले से आना-जाना था, इसलिए उसे घर के बारे में अच्छे से पता था। परिवार के सदस्य और पीड़िता कहां सोती है उसे जानकारी थी। पिता का आरोप है कि रात में बेटी अपनी दादी के साथ एक ऐसे कमरे में सो रही थी, जिसमें दरवाजा नहीं लगा था। परिजनों का आरोप है कि मौलाना ने करीब साढ़े तीन घंटे तक बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। प्राथमिकी के बाद आरोपी गिरफ्तार- थानाध्यक्ष घनश्यामपुर थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि नाबालिग के पिता के आवेदन पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपी को अलीनगर थाना क्षेत्र के पकड़ी गांव से गिरफ्तार किया है।थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी को शनिवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पीड़िता की मेडिकल जांच कराई जा रही है।
‘कब आओगे राहुल तुम्हे झारखंड बुलाता है’ छात्रों से संवाद से पहले प्रयागराज में पोस्टर वार
प्रयागराज में राहुल गांधी छात्रों की गूंज कार्यक्रम में शामिल होंगे। लेकिन इससे पहले प्रयागराज में पोस्टर वार शुरू हो गया है। शहर भर राहुल के समर्थन और उनके विरोध में कई तरह के पोस्टर लगाए गए हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 500 करोड़ रुपए के छत्तीसगढ़ AI मिशन को मंजूरी दी गई है। यह मिशन अगले 5 साल तक चलेगा। सरकार का मकसद AI तकनीक को सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि इसे गांवों, कस्बों और जिलों तक पहुंचाना है। इससे छात्रों, युवाओं, सरकारी कर्मचारियों, उद्योगों और स्टार्टअप को नई तकनीक सीखने और उसका इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा। राज्य में बनेंगी 100 AI लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस AI मिशन के तहत पूरे छत्तीसगढ़ में 100 AI डेटा लैब बनाई जाएंगी। इसके अलावा 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी तैयार किए जाएंगे। यहां AI, मशीन लर्निंग और डेटा एनालिटिक्स जैसी तकनीकों पर ट्रेनिंग और रिसर्च का काम होगा। 6 लाख छात्रों और 1.5 लाख कर्मचारियों को प्रशिक्षण सरकार ने AI से जुड़ी ट्रेनिंग पर भी खास ध्यान दिया है। मिशन के तहत करीब 6 लाख छात्रों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को AI का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे युवाओं को भविष्य में AI से जुड़े रोजगार के नए अवसर मिल सकेंगे। वहीं, सरकारी कर्मचारियों को भी नई तकनीक के इस्तेमाल से काम को ज्यादा तेज और आसान बनाने में मदद मिलेगी। 300 से ज्यादा AI स्टार्टअप को मदद राज्य में AI से जुड़े नए कारोबार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए 300 से ज्यादा AI स्टार्टअप को आर्थिक और तकनीकी मदद देने की योजना है। सरकार को उम्मीद है कि इससे राज्य में नए उद्योग और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। सरकारी सेवाएं भी होंगी स्मार्ट सरकार 50 से ज्यादा ऐसी डिजिटल सेवाएं विकसित करने की तैयारी में है, जिनमें AI का इस्तेमाल होगा। इससे सरकारी कामकाज को तेज और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। आम लोगों को भी सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। गांव और छोटे शहरों तक पहुंचेगी AI तकनीक छत्तीसगढ़ का AI मिशन केंद्र सरकार के IndiaAI Mission की तर्ज पर तैयार किया गया है। हालांकि, राज्य सरकार का खास जोर AI को गांवों और छोटे शहरों तक पहुंचाने पर रहेगा। इससे राज्य के युवाओं और स्टार्टअप को देशभर में आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है। AI मिशन के साथ BEML का बड़ा प्लांट भी आएगा AI मिशन के साथ ही राज्य सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लिया है। छत्तीसगढ़ में पहली बार भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) का हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट बनाने वाला प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसके लिए मुंगेली जिले की पथरिया तहसील में करीब 80 एकड़ जमीन रियायती दर पर उपलब्ध कराई जाएगी। BEML केंद्र सरकार का मिनी रत्न सार्वजनिक उपक्रम है, जो रक्षा, रेलवे, खनन और निर्माण क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली भारी मशीनें बनाता है। खनन उद्योग को मिलेगा फायदा छत्तीसगढ़ के साथ ओडिशा, झारखंड और मध्य प्रदेश भी देश के बड़े खनिज उत्पादक राज्यों में शामिल हैं। ऐसे में इस प्लांट के शुरू होने से खनन के काम में इस्तेमाल होने वाले बुलडोजर, डंपर, हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर और दूसरी भारी मशीनों की उपलब्धता बढ़ सकती है। हजारों लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद सरकार के मुताबिक, BEML प्लांट से करीब 1,500 से 2,500 लोगों को सीधे रोजगार मिलने की संभावना है। वहीं, करीब 8,000 से 10,000 लोगों के लिए अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। प्लांट के आसपास 50 से ज्यादा MSME यानी छोटे और मध्यम उद्योग भी विकसित होने की संभावना है। इससे स्थानीय कारोबार और उद्योगों को भी फायदा मिल सकता है। फिलहाल BEML के बड़े निर्माण संयंत्र कर्नाटक और केरल में हैं। छत्तीसगढ़ में नया प्लांट शुरू होने से राज्य को AI के साथ-साथ हैवी इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भी नई पहचान मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि AI मिशन और BEML प्लांट, दोनों मिलकर छत्तीसगढ़ को आधुनिक तकनीक और बड़े उद्योगों का प्रमुख केंद्र बनाने में मदद करेंगे।
करौली में शनिवार दोपहर अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। जिला मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया। करीब एक घंटे से अधिक समय तक रुक-रुककर हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। जिले के सबसे बड़े बांध पांचना में पानी की आवक हुई। पिछले कई दिनों से क्षेत्र में काले घने बादल छाए हुए थे। शनिवार दोपहर अचानक हुई इस हल्की से मध्यम बारिश के बाद लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। बारिश के कारण जिले के सबसे बड़े पांचना बांध का जलस्तर बढ़कर 254.80 मीटर तक पहुंच गया। बांध में पिछले 24 घंटे में पांच सेंटीमीटर पानी की आवक हुई। बांध का अधिकतम गेज 258.62 मीटर है। इसके अतिरिक्त जिले के अन्य बांधों और तालाबों में भी पानी की आवक बढ़ी। हालांकि, शहर के कुछ हिस्सों में जलभराव की स्थिति भी बनी। पुरानी कलेक्ट्रेट चौराहे स्थित एनएच-24, कोर्ट परिसर के बाहर और रेलवे रिजर्वेशन काउंटर के सामने सहित कई स्थानों पर पानी भर गया। इससे वाहन सवारों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश थमने के कुछ समय बाद इन स्थानों से पानी की निकासी हो गई। मौसम में आई ठंडक से लोगों ने काफी राहत महसूस की।
जमुई। अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने शनिवार को बरहट थाना परिसर में पुलिस अधिकारियों के साथ एक सख्त समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और फरार वारंटियों की गिरफ्तारी पर विशेष जोर दिया। एसपी ने स्पष्ट किया कि लापरवाही मिलने पर संबंधित पदाधिकारी की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में पुलिस अधीक्षक ने लंबित कांडों, गैर-जमानती वारंट, लंबित अनुसंधान और नोटिस के निष्पादन की बारी-बारी से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुराने मामलों के अनुसंधान में तेजी लाकर उनका जल्द निष्पादन सुनिश्चित करें। रात्रि गश्ती को और प्रभावी बनाने का निर्देश दियाएसपी ने फरार वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने और अपराधियों पर लगातार नजर रखने को कहा। उन्होंने अपराध नियंत्रण के लिए रात्रि गश्ती को और प्रभावी बनाने का निर्देश दिया। संवेदनशील इलाकों में नियमित वाहन जांच अभियान चलाने तथा संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई करने के लिए भी कहा गया। पुलिस अधिकारियों को थाना स्तर पर लगातार निगरानी और सूचना तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने पुलिसिंग के व्यवहारिक पक्ष पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि थाना पहुंचने वाले प्रत्येक व्यक्ति के साथ पुलिसकर्मी शिष्ट व्यवहार करें और उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुनें। शिकायतों पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पुनः स्पष्ट किया कि पुलिस की कार्यशैली में लापरवाही सामने आने पर संबंधित पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अवैध उत्खनन पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देशअवैध कारोबार पर भी एसपी ने सख्त रुख अपनाया। शराब के अवैध कारोबार और बालू के अवैध उत्खनन पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी थाना क्षेत्र में शराब बिक्री या अवैध बालू उत्खनन की सूचना मिलने पर संबंधित थानाध्यक्ष की जवाबदेही तय की जाएगी। समीक्षा बैठक के दौरान बेहतर कार्य करने वाले पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। लंबित मामलों के निष्पादन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले केस आईओ, आईटी एक्ट के तहत बेहतर कार्य करने वाले पुलिसकर्मी, पोर्टल पर अच्छा कार्य करने वाले कर्मियों के अलावा लोक अभियोजन पदाधिकारी, फॉरेंसिक जांच पदाधिकारी और बेहतर कार्य करने वाले लिपिक को भी सम्मानित किया गया। बैठक में जिले के विभिन्न थानों के पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे।
बेगूसराय में घर में ब्रश करते समय महिला को सांप ने काटा, अस्पताल में भर्ती
8 शनिवार, अगस्त: बेगूसराय के रजाकपुर गांव में घर में ब्रश करते समय महिला को सांप ने काट लिया। परिजन उसे सांप के साथ सदर अस्पताल ले गए, जहां उसका इलाज चल रहा है। इलाज के बाद महिला की स्थिति में सुधार बताया गया।
तालाब में डूबकर नाबालिग की मौत:बारिश से बढ़ गया था पानी, नहाते समय हादसा, आधे घंटे बाद मिला शव
इटावा में शनिवार दोपहर तालाब में नहाने गए 15 साल के लड़के की डूबने से मौत हो गई। हादसा करीब 3 बजे हुआ। लड़के की पहचान अंश त्रिपाठी उर्फ कृष्णा पुत्र सौरभ त्रिपाठी के रूप में हुई है। अंश गांव के बच्चों के साथ घर से करीब 100 मीटर दूर ग्राम पंचायत के तालाब में नहाने गया था। मामला इकदिल थाना क्षेत्र के चितभवन गांव का है। परिजनों के मुताबिक, शनिवार दोपहर करीब 1 बजे बारिश के बीच अंश गांव के अन्य बच्चों के साथ तालाब में नहाने गया था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। साथ मौजूद बच्चों ने इसकी जानकारी परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण तालाब पर पहुंचे और किशोर की तलाश शुरू कर दी। आधे घंटे बाद पानी से मिला शव ग्रामीणों और परिजनों ने करीब आधे घंटे तक तालाब में खोजबीन की। इसके बाद अंश का शव पानी से बरामद हुआ। परिजनों के मुताबिक तालाब करीब 10 फीट गहरा है। लगातार बारिश के कारण तालाब में पानी बढ़ गया था। शव मिलने के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। सेंट मारिया स्कूल में कक्षा 10 का छात्र था अंश सेंट मारिया स्कूल में कक्षा 10 में पढ़ता था। उसके पिता सौरभ त्रिपाठी किसान हैं। अंश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी एक छोटी बहन है। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिला अस्पताल में डॉक्टर ने मृत घोषित किया परिजन अंश को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टर सौरभ ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार ने डॉक्टरों को बताया कि किशोर तालाब में डूब गया था। घटना की जानकारी पुलिस को भी दी गई। पुलिस ने शुरू की पोस्टमार्टम की कार्रवाई सूचना मिलने पर पुलिस जिला अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की। अंश के बाबा ने बताया कि बारिश के कारण उनका नाती गांव के बच्चों के साथ तालाब में नहाने चला गया था। घर में किसी को इसकी जानकारी नहीं थी। बच्चों से अंश के तालाब में डूबने की जानकारी मिलने के बाद परिजन मौके पर पहुंचे थे। बारिश से बढ़ गया था तालाब का जलस्तर बाबा के मुताबिक सामान्य दिनों में तालाब ज्यादा गहरा नहीं था, लेकिन लगातार बारिश के कारण उसमें पानी बढ़ गया था। इसी दौरान अंश गहरे पानी में चला गया और डूब गया। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
यूपी में असिस्टेंट प्रोफेसर के 2107 पदों पर भर्ती की तैयारी, विवाद खत्म करने के लिए बनी समिति
उत्तर प्रदेश में 330 सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के 2107 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों की भर्ती से पहले समकक्ष अर्हता तय करने को पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है।
मुजफ्फरपुर के सरैया थाना क्षेत्र के सूपना चवर में झाड़-फूंक के शक में अर्जुन सहनी की गोली मारकर हत्या करने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्याकांड में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से एक मोबाइल और मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार, अर्जुन की हत्या पुरानी रंजिश में की गई थी। मामले की पूरी जानकारी एसडीपीओ सरैया अभिजीत कौर ने दी। एसडीपीओ ने बताया कि 14 जुलाई को सूपना चवर में अर्जुन सहनी का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना मिलते ही सरैया पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटनास्थल से एफएसएल और स्वान दस्ते की टीम ने साक्ष्य जुटाए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतक के पुत्र के लिखित आवेदन पर सरैया थाने में कांड संख्या 530/26 दर्ज किया गया। शौच के लिए घर से निकले थे अर्जुन पुलिस के अनुसार अर्जुन 13 जुलाई की रात शौच के लिए घर से निकले थे। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। अगले दिन सूपना चवर में उनका शव मिला। पुलिस जांच में सामने आया कि अर्जुन झाड़-फूंक का काम करते थे। एसडीपीओ अभिजीत कौर ने बताया कि कुछ दिन पहले अर्जुन के चचेरे भाई विजय सहनी की मुंबई में एक कंपनी में काम करने के दौरान करंट लगने से मौत हो गई थी। विजय के परिजन इस मौत के लिए अर्जुन को जिम्मेदार मानते थे। उन्हें शक था कि अर्जुन के झाड़-फूंक और ओझा-गुनी करने के कारण विजय की मौत हुई। रंजिश में गोली मारकर हत्या का आरोप इसी घटना के बाद अर्जुन और विजय के परिजनों के बीच विवाद और रंजिश बढ़ गई थी। पुलिस के अनुसार इसी रंजिश के चलते बादल कुमार और उसके सहयोगी ने अर्जुन की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और सरैया एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई थी। टीम में जिला आसूचना इकाई के प्रभारी और सरैया थानाध्यक्ष को भी शामिल किया गया। टीम ने कार्रवाई करते हुए सरैया थाना क्षेत्र के बादल कुमार को गिरफ्तार किया। एसडीपीओ के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर एक मोबाइल और मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। मामले में आगे की कार्रवाई और अनुसंधान जारी है।
बीएन झा, आदर्श नगर कॉलोनी में 2 फीट पानी:मधुबनी में बारिश से डूबी नगर निगम की व्यवस्था
मधुबनी नगर निगम क्षेत्र में हुई बारिश ने व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। शहर के कई मोहल्लों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। बीएन झा कॉलोनी और आदर्श नगर कॉलोनी के निवासियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जहां घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया है। बीएन झा कॉलोनी की सड़कें बारिश के पानी से पूरी तरह भर गई हैं, जिससे वे नदी जैसी दिख रही हैं। इन सड़कों का उपयोग ई-रिक्शा और टेम्पो चालक अपनी गाड़ियां साफ करने के लिए कर रहे हैं। जलनिकासी की समस्या सालों से बनी जलजमाव के कारण दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को आवागमन में भारी दिक्कत हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण हल्की बारिश में भी मोहल्ले की सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। कई स्थानों पर नाला निर्माण और जलनिकासी की समस्या वर्षों से बनी हुई है, जिसका समाधान नहीं हो पाया है। नगर निगम द्वारा शहर के विभिन्न वार्डों में 'स्वच्छ मधुबनी, सुंदर मधुबनी' के बोर्ड लगाए गए हैं। हालांकि, जलजमाव से जूझ रहे लोगों का मानना है कि केवल बोर्ड लगाने से शहर स्वच्छ और सुंदर नहीं होगा। जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग इसके लिए नियमित नाला सफाई, प्रभावी जलनिकासी व्यवस्था और जर्जर सड़कों का स्थायी समाधान आवश्यक है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि वे सड़क, नाला और जलजमाव जैसी समस्याओं से कई वर्षों से जूझ रहे हैं। चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा समस्या के समाधान का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन बारिश के बाद स्थिति फिर से वैसी ही हो जाती है। लोगों ने नगर निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
मऊ पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने शनिवार दोपहर 3 बजे रानीपुर थाने का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने थाना परिसर, विभिन्न अभिलेखों और शाखाओं की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था में सुधार और जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने थाना कार्यालय में त्योहार रजिस्टर, अपराध रजिस्टर और जनसुनवाई रजिस्टर सहित अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों का अवलोकन किया। उन्होंने सभी अभिलेखों को समय पर अद्यतन और व्यवस्थित रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही, गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट और हिस्ट्रीशीटर से संबंधित मामलों में प्रभावी एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। निरीक्षण के दौरान एसपी ने सीसीटीएनएस शाखा, महिला हेल्प डेस्क, मालखाना, बंदीगृह, बैरक, भोजनालय, शस्त्रागार, शौचालय और थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। महिला हेल्प डेस्क के निरीक्षण के दौरान, पुलिस अधीक्षक ने नियुक्त महिला आरक्षी को फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और प्रार्थना पत्रों के निस्तारण के बाद नियमित रूप से फीडबैक लेने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर दिया कि महिला संबंधी शिकायतों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई को प्राथमिकता दी जाए। इसके अतिरिक्त, पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर का भ्रमण कर साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने थानाध्यक्ष रानीपुर सहित सभी पुलिसकर्मियों को थाना परिसर में उच्च स्तर की स्वच्छता बनाए रखने तथा पुलिस कार्यालयों एवं अन्य स्थानों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
जबलपुर में सोमवार को प्रदेश की सबसे बड़ी संस्कार कावड़ यात्रा निकलेगी। करीब 33 किलोमीटर लंबी यह यात्रा गौरीघाट से शुरू होकर कैलाश धाम पहुंचेगी। यात्रा में बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं समेत हजारों कावड़िए शामिल होंगे। गौरीघाट से निकलने के बाद यात्रा शहर के अलग-अलग इलाकों से होते हुए घमापुर, सतपुला और शोभापुर व्हीकल मोड़ से गुजरेगी। इसी मार्ग पर करीब एक किलोमीटर सड़क की हालत खराब है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और कीचड़ है। ऐसे में हजारों कावड़ियों के गुजरने के दौरान परेशानी के साथ पैरों में चोट लगने का खतरा भी है। दैनिक भास्कर की टीम ने शनिवार को शोभापुर व्हीकल मोड़ से इंजीनियरिंग कॉलेज की ओर जाने वाली करीब एक किलोमीटर खराब सड़क का जायजा लिया। मौके पर सड़क को दुरुस्त करने का काम भी शुरू हो चुका था। मिट्टी डालकर सड़क को समतल किया जा रहा है और रोलर चलाया जा रहा है। नगर निगम और कैंट विधायक अशोक रोहाणी का दावा है कि रविवार रात तक सड़क पूरी तरह दुरुस्त कर दी जाएगी, ताकि सोमवार सुबह कावड़ियों को परेशानी न हो। 33 किलोमीटर का सफर होगा तय संस्कार कावड़ यात्रा सोमवार सुबह 7 बजे गौरीघाट से शुरू होगी। बच्चे, बड़े और बुजुर्गों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी इसमें शामिल होंगी। यात्रा शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से होते हुए करीब 33 किलोमीटर का सफर तय करेगी और शाम करीब 3 बजे कैलाश धाम पहुंचेगी। यात्रा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के लिए जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की टीमें मौजूद रहेंगी। रास्ते में कई समाजसेवी और संगठन कावड़ियों का स्वागत भी करेंगे। अमृत फेस-2 के लिए खोदी सड़क जबलपुर में ग्वारीघाट से रांझी जल शोधन संयंत्र (WTP) तक मुख्य पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है। इसके लिए करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। लाइन बिछाने के लिए ठेकेदार ने सड़क खोदकर पाइप डाले और इसके बाद सड़क की जल्दबाजी में भराई कर दी गई। इसके चलते शोभापुर व्हीकल मोड़ से इंजीनियरिंग कॉलेज की ओर जाने वाली सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए। संस्कार कावड़ यात्रा की तारीख तय होने के बाद नगर निगम ने इस खराब सड़क को दुरुस्त करने का काम शुरू किया। अब यात्रा में कुछ ही घंटे बाकी हैं और इसी मार्ग से हजारों कावड़िए गुजरने वाले हैं। ऐसे में सड़क की मरम्मत का काम तेजी से किया जा रहा है। चलने लायक नहीं, फिर भी चल रहे कावड़िए जिले की पहली कावड़ यात्रा शनिवार को निकली। इसमें बघराजी गांव के ग्रामीण शामिल हुए। गौरीघाट से बघराजी और टिकरिया जाने वाली इस यात्रा में शामिल कावड़िए जैसे ही सतपुला से आगे पहुंचे, उन्हें गड्ढों और कीचड़ भरी सड़क का सामना करना पड़ा। सतीश पटेल ने बताया कि करीब 50 कावड़िए शनिवार सुबह गौरीघाट से नर्मदा जल लेकर बघराजी के लिए निकले थे। उन्होंने कहा कि शहर में सड़क ठीक है, लेकिन शोभापुर व्हीकल मोड़ पहुंचते ही गड्ढों और कीचड़ से भरी सड़क मिलती है। यहां चलना मुश्किल है, इसलिए कावड़िए धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे हैं। गोकलपुर निवासी अल्ताब खान ने कहा कि सोमवार को संस्कार कावड़ यात्रा निकलनी है, लेकिन सड़क की स्थिति मौके पर देखी जा सकती है। गड्ढों में कीचड़ भरा है और पैर फिसलने का खतरा बना हुआ है। उनका कहना था कि प्रशासन को समय रहते सड़क ठीक कर देनी चाहिए थी। विधायक बोले- किसी को नहीं होगी परेशानी कैंट विधानसभा से भाजपा विधायक अशोक रोहाणी ने कावड़ यात्रा के दौरान संभावित परेशानी को देखते हुए नगर निगम अधिकारियों के साथ मौके का जायजा लिया था। उन्होंने अधिकारियों को समय रहते सड़क दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। शनिवार तक सड़क की हालत खराब थी, लेकिन कई हिस्सों में मरम्मत का काम शुरू हो गया है। सड़क पर मिट्टी डालकर उसे समतल किया जा रहा है। इसके बाद रोलर चलाया जा रहा है। विधायक अशोक रोहाणी का कहना है कि सड़क को ठीक करने का काम जारी है। रविवार रात तक खराब सड़क को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया जाएगा। सोमवार सुबह जब कावड़िए इस मार्ग से गुजरेंगे, तब उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
सीतापुर के खैराबाद थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर करीब 2 बजे नेशनल हाईवे 30 के किनारे ले-बाई रोड पर अचानक टायर फटने से एक ट्रक की डीजल टंकी फट गई। इसके बाद दोनों ट्रकों में आग लग गई। आग की चपेट में आने से दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत रही कि हादसे के समय दोनों ट्रक खाली थे और घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। फायर सर्विस की मदद से आग पर काबू पा लिया गया, जिसके बाद हाईवे पर यातायात सुचारु रहा। घटना शनिवार को करीब दोपहर दो बजे थाना क्षेत्र के जमीयतपुर स्थित गप्पू मार्केट के पास मिडवे ढाबे के निकट हाईवे की ले-बाई रोड पर हुई। जानकारी के अनुसार हाईवे के किनारे ट्रक ले-बाई के बराबर में दो ट्रक खड़े थे। इसी दौरान वाहन संख्या UP34 AT 1171 के टायर में अचानक तेज धमाका हुआ। टायर फटने के बाद ट्रक की डीजल टंकी क्षतिग्रस्त होकर फट गई, जिससे देखते ही देखते आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि पास में खड़े दूसरे ट्रक संख्या UP34 AT 2607 को भी अपनी चपेट में ले लिया। दोनों ट्रकों में आग लगने से मौके पर अफरातफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस और फायर सर्विस को दी। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया सूचना मिलते ही फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद दोनों ट्रकों को सुरक्षित बचाया गया। राहत की बात यह रही कि दोनों वाहन खाली थे और घटना के दौरान कोई व्यक्ति ट्रक में मौजूद नहीं था। इससे बड़ा हादसा टल गया। क्षतिग्रस्त ट्रक संख्या UP34 AT 1171 के स्वामी रामसेवक गुप्ता निवासी गुरु नानक नगर कॉलोनी, सीतापुर बताए गए हैं, जबकि दूसरे ट्रक UP34 AT 2607 के स्वामी अय्यूब खान निवासी भूसेला गोरिया, लहरपुर थाना लहरपुर बताए गए हैं। पुलिस ने दोनों वाहन स्वामियों को घटना की जानकारी दे दी है। पुलिस के मुताबिक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और हाईवे पर आवागमन सामान्य है।
सोनभद्र में बभनी थाना क्षेत्र के करकच्छी गांव में युवक के साथ मारपीट और अमानवीय कृत्य के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, छेड़खानी की बात को लेकर एक युवक को रास्ते से जबरन घर में ले जाकर बंधक बनाने, मारपीट करने और अपमानित करने का आरोप है। बीच-बचाव करने पहुंचे युवक के भाई और उसकी पत्नी के साथ भी लाठी-डंडे से मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक बभनी अरविंद सरोज के नेतृत्व में कार्रवाई की। पुलिस टीम ने देर रात तक दबिश देकर सभी 10 आरोपियों को उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में अजय पुत्र राजेंद्र, राजेंद्र पुत्र छबिलाल, चितरंजन पुत्र शिवलोचन, ममता पत्नी अजय, चिंता पत्नी अयोध्या, शंभू पुत्र अशर्फी लाल, संजय पुत्र सीताराम, सीताराम पुत्र मनोरथ, रामकिशुन पुत्र मनमूरत और बीगन पुत्र रत्तू शामिल हैं। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी ग्राम करकच्छी, थाना बभनी के निवासी हैं। क्या था पूरा मामला पुलिस के अनुसार, बभनी थाना क्षेत्र के करकच्छी गांव में गुरुवार दोपहर इकदिरी गांव निवासी 27 वर्षीय भोला प्रसाद बभनी बाजार से अपने घर लौट रहा था। आरोप है कि करकच्छी गांव पहुंचने पर कुछ लोगों ने उसे रास्ते में रोक लिया और जबरन अपने घर ले गए। वहां उसे बांधकर बेरहमी से पीटा गया। पीड़ित के भाई की तहरीर के मुताबिक, आरोपियों ने मारपीट के बाद भोला को अर्द्धनग्न कर उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया। आरोप है कि उसके मुंह पर चूना पोता गया और जूते-चप्पलों की माला पहनाकर उसे गांव में घुमाया गया। घटना के दौरान उसके साथ अभद्रता और अपमानजनक व्यवहार भी किया गया। घटना की जानकारी मिलने पर सरजू प्रसाद और उनकी पत्नी कौशल्या बीच-बचाव करने पहुंचे। आरोप है कि हमलावरों ने उनके साथ भी लाठी-डंडों से मारपीट की, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। महिला के बाल पकड़कर घसीटने का भी आरोप लगाया गया है। बाद में गांव के लोगों के हस्तक्षेप के बाद हमलावर भोला को छोड़कर वहां से चले गए। घटना के बाद घायल भोला प्रसाद को तत्काल बभनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस का कहना है कि मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
मुजफ्फरपुर पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है। अहियापुर थाना क्षेत्र से हुई इस गिरफ्तारी में आरोपी के पास से 66 एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। एसडीपीओ 2 विनीता सिन्हा ने इस मामले का खुलासा किया। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि अहियापुर थाना क्षेत्र में उर्मिला नर्सिंग होम के पीछे एक व्यक्ति एटीएम कार्ड बदलकर लोगों के खातों से अवैध रूप से पैसे निकाल रहा है। इस सूचना के आधार पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अहियापुर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस टीम ने चिन्हित स्थान पर छापेमारी कर आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपों की पहचान सन्नी बाबा उर्फ रिशु के रूप में हुई है। वो मुजफ्फरपुर जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र के सो-बुढनपुरा (कृष्णा कुमार ठाकुर के मकान के पीछे) का निवासी है। आरोपी की तलाशी के दौरान उसके पास से 66 विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। पुलिस ने उसके घर की भी तलाशी ली, जहां से धोखाधड़ी में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण मिले। आरोपी के पास से अलग-अलग बैंक के 66 एटीएम कार्ड किए बरामद पुलिस ने आरोपी के पास से विभिन्न बैंकों के कुल 66 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। इनमें एसबीआई (SBI), एचडीएफसी (HDFC) और आईडीबीआई (IDBI) जैसी प्रमुख बैंकों के एटीएम कार्ड शामिल हैं। इसके साथ ही अपराध में प्रयुक्त एक एंड्रॉइड मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया है कि वह एटीएम बूथों के आसपास घात लगाकर बैठता था और पैसे निकालने आने वाले सीधे-साधे लोगों की मदद करने के बहाने उनका एटीएम पिन देख लेता था। फिर चालाकी से उनका कार्ड बदलकर दूसरे फर्जी एटीएम कार्ड से पैसे गायब कर देता था। आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास एसडीपीओ नगर टू विनीता सिन्हा ने बताया कि गिरफ्तार शम्भू नाथ उर्फ रिंकू का पूर्व का आपराधिक इतिहास रहा है। यह शातिर अपराधी पूर्व में औराई थाना क्षेत्र से एटीएम से धोखाधड़ी करने के मामले में जेल जा चुका है। इसके अतिरिक्त, आरोपी शराब तस्करी के मामले में भी अहियापुर थाना क्षेत्र से पहले जेल की हवा खा चुका है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ अहियापुर और औराई थाना समेत जिले के विभिन्न थानों में दो दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी ने 4 से 5 सदस्यों के नाम का किया खुलासा, तलाश जारी इस मामले को लेकर अहियापुर थाना में कांड संख्या-1277/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पूछताछ में आरोपी ने अपने गिरोह के 4 से 5 अन्य सदस्यों के नामों का भी खुलासा किया है। पुलिस उन फरार सह-अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।
बेतिया के लौरिया थाना पुलिस ने शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शनिवार को बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस ने लौरिया-रामनगर मुख्य मार्ग स्थित व्यासपुर चौक के पास वाहन जांच के दौरान एक पिकअप वाहन से 165 लीटर से अधिक विदेशी शराब बरामद की। बरामद शराब में 918 पीस 8 पीएम फ्रूटी ट्रेटा पैक (प्रत्येक 180 एमएल) शामिल हैं, जिनकी कुल मात्रा 165 लीटर 240 मिलीलीटर है। पुलिस ने शराब की इस खेप को ले जा रहे एक तस्कर को गिरफ्तार कर पिकअप वाहन (BR22GC3762) भी जब्त कर लिया। गिरफ्तार तस्कर की पहचान बैरिया थाना क्षेत्र के बगही निमिया टोला निवासी रूपम चौधरी के 30 वर्षीय पुत्र गुड्डू कुमार चौधरी के रूप में हुई है। संदेह होने पर तलाशी ,विदेशी शराब मिली थानाध्यक्ष इंद्रजीत पासवान ने बताया कि पुलिस टीम व्यासपुर चौक पर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान रामनगर की ओर से लौरिया आ रहे एक पिकअप वाहन पर संदेह हुआ। तलाशी लेने पर वाहन में छिपाकर रखी गई विदेशी शराब की बड़ी खेप मिली। पुलिस ने आरोपी गुड्डू कुमार चौधरी को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी शराब की यह खेप कहीं पहुंचाने जा रहा था। शराब की डिलीवरी प्वाइंट का पता लगाने का प्रयास पुलिस अब शराब की खेप के स्रोत और उसके डिलीवरी प्वाइंट का पता लगाने में जुटी है। पूछताछ के दौरान यह जानकारी जुटाई जा रही है कि शराब कहां से लाई गई थी और इसे लौरिया या आसपास के किस इलाके में पहुंचाया जाना था। इसके साथ ही पुलिस तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। थानाध्यक्ष बोले- मामले की जांच की जा रही थानाध्यक्ष इंद्रजीत पासवान ने बताया कि शराब और पिकअप वाहन को जब्त कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा।पुलिस की इस कार्रवाई के बाद शराब के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा है। पुलिस का कहना है कि शराब के अवैध परिवहन और तस्करी पर रोक लगाने के लिए थाना क्षेत्र में वाहन जांच और छापेमारी अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

