भारतीय किसान संघ ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद में भेदभाव, बारदान की कमी और फसल बीमा व मुआवजा राशि नहीं मिलने जैसे मुद्दों पर आक्रोश व्यक्त किया। चेतावनी दी गई है कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो किसान 45 डिग्री तापमान में भी जिला मुख्यालय पर बड़ा प्रदर्शन करेंगे। यह ज्ञापन भारतीय किसान संघ की जिला बैठक के बाद सौंपा गया, जो किसान भवन झालावाड़ में जिलाध्यक्ष राधेश्याम गुर्जर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जिलेभर के तहसील स्तरीय कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। चित्तौड़ प्रांत के प्रांत मंत्री एवं जिला प्रभारी जगदीश खाती ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद में हाड़ौती क्षेत्र के किसानों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोटा एवं बूंदी जिलों में 40 प्रतिशत लक्ष्य निर्धारित किया गया, जबकि झालावाड़ एवं बारां जिलों में मात्र 11 प्रतिशत लक्ष्य रखा गया। इसे उन्होंने यहां के किसानों के साथ सीधा-सीधा दोहरा व्यवहार बताया। प्रांत पशुपालन एवं डेयरी प्रमुख किशन पाटीदार ने समर्थन मूल्य केंद्रों पर बारदान समय पर नहीं पहुंचने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पिछले आठ दिनों से बारदान की कमी के कारण किसान अपना गेहूं नहीं बेच पा रहे हैं। साथ ही, 1 जून से समर्थन मूल्य खरीद केंद्र बंद होने वाले हैं, जबकि बड़ी संख्या में किसान अभी भी अपना गेहूं केंद्रों तक नहीं पहुंचा पाए हैं। इस मजबूरी के कारण किसानों को अपनी फसल बाजार में कम दामों पर बेचनी पड़ रही है। पाटीदार ने यह भी कहा कि सरकार हर वर्ष समर्थन मूल्य बढ़ाने की घोषणा तो करती है, लेकिन इसका लाभ सभी किसानों को नहीं मिल पाता, जिससे यह योजना किसानों के लिए हानिकारक सिद्ध हो रही है। संभाग उपाध्यक्ष धन सिंह गुर्जर ने बताया कि जिले के लगभग 1 लाख 6 हजार किसानों को अभी तक मुआवजा राशि प्राप्त नहीं हुई है। वहीं, जिले की चार तहसीलों को छोड़कर अन्य क्षेत्रों के किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ भी नहीं मिला है, जिससे किसानों में भारी रोष व्याप्त है। जिलाध्यक्ष राधेश्याम गुर्जर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो 45 डिग्री तापमान में भी किसान एक बार फिर जिला मुख्यालय पर बड़ा प्रदर्शन एवं महापड़ाव करने को मजबूर होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी। बैठक में भारतीय किसान संघ की जिला एवं तहसील कार्यकारिणी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। जानकारी भारतीय किसान संघ के जिला प्रचार प्रमुख महेश मेहर ने दी।
देवरिया के जागृति उद्यम केंद्र-पूर्वांचल के बरपार स्थित बरगद सभागार में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला बुधवार को संपन्न हो गई। 'टीब एग्रीफूड फ्रेमवर्क फॉर बिजनेस डिसीजन मेकिंग: मापन और मूल्यांकन की भूमिका' विषय पर केंद्रित इस कार्यशाला में प्रदेश के विभिन्न जिलों से 30 से अधिक एफपीओ, फूड प्रोसेसिंग कंपनियों के निदेशक, सीईओ और कृषि उद्यमियों ने भाग लिया। सेंटर फॉर रिस्पॉन्सिबल बिजनेस के असिस्टेंट डायरेक्टर संजीव कुमार ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि और खाद्य व्यवसाय अब केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रह सकते। उन्होंने व्यवसायों को सामाजिक, पर्यावरणीय और आर्थिक प्रभावों को समझते हुए दीर्घकालिक और जिम्मेदार निर्णय लेने की आवश्यकता पर बल दिया। कुमार ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और टिकाऊ व्यवसाय मॉडल अपनाने पर जोर दिया। यूएनईपी टीम की शालिनी ने बताया कि कृषि व्यवसायों के लिए केवल लाभ कमाना ही पर्याप्त नहीं है। समुदाय, पर्यावरण और स्थानीय आजीविका पर सकारात्मक प्रभाव डालना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रतिभागियों को व्यवसाय में 'इम्पैक्ट मेजरमेंट' (प्रभाव मापन) की भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी दी। रिया ने अपने संबोधन में कहा कि भविष्य में वही व्यवसाय मजबूत और सफल होंगे, जो अपने प्रभावों को सटीक रूप से मापने और उन्हें पारदर्शिता के साथ प्रस्तुत करने में सक्षम होंगे। जागृति उद्यम केंद्र-पूर्वांचल के इन्क्यूबेशन डायरेक्टर विश्वास पांडेय ने कार्यशाला के उद्देश्यों और जागृति की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। जागृति के मनोज वर्मा ने बताया कि टीब एग्रीफूड फ्रेमवर्क कृषि एवं खाद्य व्यवसायों को उनके कार्यों और प्रभावों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है। इसके माध्यम से वित्तीय समावेशन, ब्रांडिंग, सीएसआर सहयोग और सरकारी योजनाओं से जुड़ने के नए अवसर मिल सकते हैं। मनोज वर्मा ने यह भी बताया कि आने वाले समय में सीआरबी और जागृति की टीम प्रतिभागियों को हैंडहोल्डिंग सहयोग प्रदान करेगी। इस कार्यशाला में सीआरबी टीम से नित्या, दवनीत, तेजस्विनी तथा जागृति टीम से धीरेंद्र यादव, स्नेहा, श्वेता और रवि सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने व्यापारियों संग की बैठक:मऊ में अफवाहों और जमाखोरी से बचने की अपील की
मऊ जनपद में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, सोने की खरीद-बिक्री और वर्तमान परिस्थितियों पर जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने व्यापारियों के साथ बैठक की। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस बैठक में सर्राफा एसोसिएशन, पेट्रोल पंप संचालकों और विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। जिलाधिकारी ने व्यापारियों से अफवाहों से बचने और जमाखोरी न करने की अपील की। बैठक में व्यापारी प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री की अपील का सम्मान करते हुए राष्ट्रहित में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। मनीष सर्राफ ने कहा कि सर्राफा व्यापारी प्रधानमंत्री की अपील का पालन करेंगे और सोने का अनावश्यक भंडारण नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्वर्ण व्यवसाय से जुड़े कारीगरों की आर्थिक स्थिति में गिरावट और व्यापार संबंधी समस्याओं को उठाते हुए साहूकारी लाइसेंस पुनः जारी करने सहित अन्य मांगें जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। पेट्रोल पंप संचालकों ने कंपनियों से कम आवंटन मिलने और पेट्रोल-डीजल की बढ़ी मांग के कारण उत्पन्न स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और आपूर्ति बढ़ाने की मांग की। इस दौरान पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने व्यापारियों से बिना आवश्यकता खरीद-बिक्री से बचने और जमाखोरी जैसी स्थिति उत्पन्न न होने देने की अपील की। जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा की गई अपील वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए की गई है। उन्होंने कोरोना काल की तरह इस चुनौती का भी जनसहयोग से सामना करने की बात कही। जिलाधिकारी ने व्यापारियों से अधिक मात्रा में खरीद-बिक्री अथवा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल प्रशासन को देने का आग्रह किया। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि मऊ में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। उन्होंने किसी भी प्रकार की अफवाह या पैनिक की स्थिति न बनने देने और अनावश्यक खरीदारी से बचने का आग्रह किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पेट्रोल पंपों पर आ रही समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। बैठक के दौरान व्यापारिक संगठनों ने शहर में मल्टीलेवल पार्किंग और बाजार क्षेत्रों में महिलाओं के लिए शौचालय निर्माण की मांग भी उठाई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को स्थान चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार, अपर जिलाधिकारी, उपयुक्त राज्य कर सहित विभिन्न व्यापारिक संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे।
बालोद पुलिस द्वारा बुधवार दोपहर 12 बजे जिले में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हाईटेक डायल-112 आपातकालीन प्रतिक्रिया वाहनों का शुभारंभ किया गया। जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर संबंधित थाना क्षेत्रों के लिए रवाना किया गया। इन आधुनिक वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम, वायरलेस नेटवर्क, आधुनिक संचार प्रणाली और त्वरित प्रतिक्रिया सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके माध्यम से सड़क दुर्घटना, महिला सुरक्षा, अपराध नियंत्रण, विवाद और चिकित्सा आपात स्थिति जैसी घटनाओं में कम समय में सहायता पहुंचाई जा सकेगी। बालोद पुलिस के अनुसार जिले के 9 थानों में डायल-112 वाहन तैनात किए गए हैं, जबकि 1 वाहन पुलिस मुख्यालय में रिजर्व रखा जाएगा। डायल-112 योजना के तहत शहर क्षेत्रों में 10 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर पुलिस सहायता पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। प्रशिक्षित पुलिस टीम घटनास्थल पर शीघ्र पहुंचकर नागरिकों को तत्काल सहायता और सुरक्षा प्रदान करेगी। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल ने कहा कि एक्के नंबर सबो बर – 112 व्यवस्था से अब लोगों को अलग-अलग आपात सेवाओं के लिए अलग नंबर याद रखने की जरूरत नहीं होगी। केवल 112 डायल कर पुलिस, चिकित्सा और अन्य आपात सेवाओं की सहायता प्राप्त की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था आमजन और पुलिस के बीच विश्वास को और मजबूत करेगी। एएसपी मोनिका ठाकुर ने कहा कि नागरिकों को सरल, सुलभ और त्वरित सहायता उपलब्ध कराना बालोद पुलिस की प्राथमिकता है। अब किसी भी समस्या या आपात स्थिति में सिर्फ 112 डायल करना होगा। कार्यक्रम में DFO अभिषेक अग्रवाल, ADM चंद्रकांत कौशिक, मधुलिका तिवारी सहित पुलिस विभाग के अधिकारी, स्कूली बच्चे और आम नागरिक उपस्थित रहे।
हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज ने आज राज्य के श्रमिकों एवं श्रम-नियोक्ताओं को आधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में एक पहल करते हुए “श्रममित्र” ऐप का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि यह ऐप डिजिटल क्रांति के तहत विकसित किया गया एक अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म है, जो श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच सीधा, पारदर्शी और त्वरित संपर्क स्थापित करेगा। यह ऐप हिंदी, अंग्रेजी और पंजाबी तीन भाषाओं में संचालित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक श्रमिक एवं नियोक्ता सरलता से इसका लाभ उठा सकें।विज ने बताया कि “श्रममित्र” ऐप दैनिक रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए एक प्रकार से “इलेक्ट्रॉनिक एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज” के रूप में कार्य करेगा और आने वाले समय में पारंपरिक लेबर चौक व्यवस्था धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अब श्रमिकों को काम की तलाश में घंटों लेबर चौक पर खड़ा रहने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि वे घर बैठे अपने मोबाइल फोन के माध्यम से रोजगार के अवसरों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। राजमिस्त्री, प्लंबर, माली, पेंटर सब यहीं मिलेंगे श्रम मंत्री अनिल विज ने बताया कि इस ऐप को विशेष रूप से लेबर चौक पर खड़े श्रमिकों को डिजिटल सुविधा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। ऐप में श्रमिक अपनी कार्य-कुशलता, अनुभव एवं विशेषज्ञता की विस्तृत जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जिसमें राजमिस्त्री, बढ़ई, इलेक्ट्रिशियन, प्लम्बर, माली, पेंटर, वेल्डर सहित विभिन्न ट्रेडों से जुड़े कार्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त नाई, मोची तथा अन्य स्वरोजगार से जुड़े कार्यों का पंजीकरण भी इस प्लेटफॉर्म पर किया जा सकेगा।ऐप के जरिए कर सकेंगे बातचीतउन्होंने बताया कि जिन श्रम-नियोक्ताओं को किसी कार्य के लिए श्रमिकों की आवश्यकता होगी, वे भी अपनी जरूरत के अनुसार कार्य का विवरण ऐप पर दर्ज कर सकेंगे। इसके माध्यम से नियोक्ता अपनी आवश्यकतानुसार कुशल एवं अकुशल श्रमिकों को आसानी और तेजी से खोज सकेंगे। श्रमिक और नियोक्ता दोनों इस ऐप के माध्यम से सीधे आपस में संवाद भी कर सकेंगे। ऐप में कार्य की राशि, कार्य अवधि, श्रमिक के अनुभव तथा अन्य आवश्यक शर्तों पर चर्चा करने की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है।घर बैठे ही दिखेगी काम की उपलब्धताविज ने कहा कि अब श्रमिक अपने घर बैठे ही यह देख सकेंगे कि किस क्षेत्र में किस प्रकार का कार्य उपलब्ध है और उन्हें रोजगार के लिए चौक पर जाकर खड़ा होने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि “श्रममित्र” ऐप डिजिटल तकनीक के माध्यम से श्रमिकों के सम्मान, सुविधा और रोजगार सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा तथा श्रमिकों को एक संगठित एवं सुरक्षित कार्य व्यवस्था से जोड़ेगा। 75 श्रमिकों का डाटा हो चुका अपलोडउन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में श्रम विभाग में पंजीकृत लगभग 75 हजार श्रमिकों का डाटा इस ऐप पर अपलोड किया जा चुका है। इसके साथ ही श्रम विभाग के कर्मचारी विभिन्न लेबर चौकों पर जाकर श्रमिकों के मोबाइल फोन में यह ऐप इंस्टॉल करवाने में सहयोग भी करेंगे, ताकि अधिक से अधिक श्रमिक इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ सकें।श्रम मंत्री अनिल विज ने बताया कि “श्रममित्र” ऐप एंड्रॉयड और एप्पल दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा और इसका उपयोग पूरे हरियाणा के श्रमिक एवं श्रम-नियोक्ता कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह ऐप पूर्णतः निशुल्क होगा और इसे श्रमिकों तथा नियोक्ताओं की सुविधा और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है।सूबे में 135 लेबर चौकविज ने बताया कि वर्तमान में श्रम विभाग के पास राज्य के सभी लेबर चौकों का विस्तृत डाटा उपलब्ध है तथा प्रदेश में लगभग 135 लेबर चौक संचालित हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि “श्रममित्र” ऐप के व्यापक उपयोग के साथ आने वाले समय में पारंपरिक लेबर चौक व्यवस्था स्वतः समाप्त होती जाएगी और श्रम क्षेत्र पूरी तरह डिजिटल, संगठित एवं सुव्यवस्थित स्वरूप में परिवर्तित हो जाएगा।इन क्षेत्रों में भी मिलेगी सहायताउन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन को भी इस ऐप के माध्यम से श्रम की मांग और आपूर्ति की निगरानी करने, योजनाओं के उपयोग का आकलन करने तथा वास्तविक आंकड़ों के आधार पर नीतिगत निर्णय लेने में सहायता मिलेगी। विज ने कहा कि “श्रममित्र” ऐप श्रमिकों और नियोक्ताओं दोनों के लिए स्थायी लाभ सुनिश्चित करेगा। नियोक्ताओं को तेज एवं सरल भर्ती प्रक्रिया, सत्यापित एवं कुशल श्रमिकों तक पहुंच, बिचौलियों पर कम निर्भरता तथा डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से श्रमशक्ति की बेहतर योजना बनाने में सहायता मिलेगी।
सड़क दुर्घटनाओं में 50% कमी लाने का निर्देश:मेरठ में विशेष अभियान शुरू, पहले दिन 173 चालान
जिले में सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को 50 प्रतिशत तक कम करने के मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मेरठ में एक विशेष प्रवर्तन अभियान शुरू किया गया है। अभियान के पहले दिन विभिन्न उल्लंघनों के लिए कुल 173 चालान किए गए। प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या और उनसे होने वाली मृत्यु एक गंभीर चिंता का विषय है। इसी को देखते हुए, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठकों में सड़क दुर्घटनाओं और मृतकों की संख्या में 50 प्रतिशत की कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस निर्देश के अनुपालन में, सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए 19 मई से 31 मई तक एक सघन अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। इस अभियान में हेलमेट न पहनना, सीटबेल्ट न लगाना, मोबाइल फोन का उपयोग, शराब पीकर गाड़ी चलाना, गलत दिशा में वाहन चलाना, मालवाहक वाहनों में ओवरलोडिंग और उनमें सवारियां ढोना जैसे मामलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मेरठ में संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) अम्ब्रिश कुमार के निर्देशन में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी श्रीमती युतिका सिंह और यात्रीकर अधिकारी श्रीमती प्रीति पांडे ने अभियान के पहले दिन शहर के विभिन्न स्थानों पर चेकिंग की। इस दौरान ओवर स्पीडिंग के 26, गलत दिशा में वाहन चलाने के 10, मोबाइल फोन के 5, हेलमेट के 82 और सीट बेल्ट के 47 चालान किए गए। इसके अतिरिक्त, तीन वाहनों का ओवरलोडिंग के लिए भी चालान किया गया। यह अभियान 31 मई तक जारी रहेगा।
परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह गोंडा के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे। बेलसर बाजार में भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इसके बाद मंत्री सिंह बेलसर में आयोजित पूर्व ब्लॉक प्रमुख स्वर्गीय इंद्र बहादुर सिंह उर्फ पप्पू सिंह परास की पांचवीं पुण्यतिथि कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने स्वर्गीय पप्पू सिंह परास की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह ने स्वर्गीय इंद्र बहादुर सिंह के भाई और वर्तमान बेलसर भाजपा ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ गुड्डू सिंह तथा उनके परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिवार का हालचाल जाना। मंत्री दयाशंकर सिंह, स्वर्गीय इंद्र बहादुर सिंह और राजेंद्र प्रताप सिंह के बीच पुरानी मित्रता थी। इंद्र बहादुर सिंह उर्फ पप्पू सिंह परास का निधन कोविड काल में हुआ था। तब से उनके छोटे भाई राजेंद्र प्रताप सिंह गुड्डू सिंह लगातार उनकी पुण्यतिथि का आयोजन कर रहे हैं। इस पांचवीं पुण्यतिथि कार्यक्रम में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह, गोसाईगंज से विधायक अभय सिंह, तरबगंज से भाजपा विधायक प्रेम नारायण पांडेय और गोंडा जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्र सहित बड़ी संख्या में भाजपाई शामिल हुए। इन सभी नेताओं ने भी स्वर्गीय पप्पू सिंह परास की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया।
झालावाड़ जिले के बकानी में 11 मई को रात्रि ड्यूटी पर तैनात डॉ. नरेश बाबू पर हुए हमले के मामले में अब तक दोषियों की गिरफ्तारी न होने पर डॉक्टरों ने विरोध जताया है। अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ (अरिसदा) की झालावाड़ जिला इकाई ने इस संबंध में आंदोलन की चेतावनी दी है। अरिसदा के जिलाध्यक्ष और महासचिव के नेतृत्व में जिले के सेवारत डॉक्टरों ने सचिवालय पहुंचकर जिला कलेक्टर और एडिशनल एसपी भागचंद मीना को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने घटना के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर नाराजगी व्यक्त की। ज्ञापन में आगामी 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। डॉक्टरों ने मांग की है कि यदि इस तय समय में दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता है, तो 23 मई से जिले के सभी सेवारत डॉक्टर सुबह 8 बजे से 10 बजे तक दो घंटे का कार्य बहिष्कार करेंगे और काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। अरिसदा ने चेतावनी दी है कि यदि इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो वे राज्य कार्यकारिणी से समन्वय स्थापित कर राज्यव्यापी आंदोलन करेंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष डॉ. नरेश अग्रवाल, महासचिव डॉ. कुलवीर सिंह राजावत, डॉ. मुकेश नागर, डॉ. अरविंद नागर, डॉ. रामसिंह जाट, डॉ. लविश पाटीदार, डॉ. हेमंत, डॉ. नरेश बाबू, डॉ. फैज खान और डॉ. इसशाद अली शामिल थे।
मुरादाबाद में एक लड़की ने दुल्हन की कॉस्ट्यूम में हाईवे पर बाइक ड्राइव करते हुए एक के बाद एक कई वीडियो शूट किए हैं। इन वीडियोज को फिल्मी गानों पर शूट करने के बाद लड़की ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर शेयर किया है। अब इन वीडियोज को लेकर यातायात नियमों को तोड़े जाने की बात उठ रही है। सोशल मीडिया रील्स में युवती हाईवे पर बाइक ड्राइव करते हुए डांस करती भी नजर आ रही है। फेसबुक पर Itz Tuba नाम से बने पेज पर ये वीडियो शेयर किए गए हैं। इस पेज पर 193k फालोअर्स हैं। युवती के बाइक चलाते की आगे चल रहा एक अन्य व्यक्ति दूसरी बाइक पर बैठा रील बना रहा है। रील में साफ नजर आ रहा है कि कैसे दुल्हन की कॉस्ट्यूम में बाइक पर युवती को देख लोग रुक रुककर उसे देख रहे हैं। कुछ लोग युवती के फोटो लेते भी नजर आ रहे हैं।
बैतूल पुलिस ने ग्रीनसिटी क्षेत्र में हुई लाखों की चोरी का खुलासा बुधवार को किया। इस मामले में एक आरोपी को तेलंगाना से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवरात और अन्य सामान भी बरामद कर लिया है। 15 अप्रैल 2026 को ग्रीनसिटी सेक्टर-बी निवासी गोविंदराव मोकलकर ने गंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि अज्ञात चोर उनके घर से सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर ले गए हैं। इस संबंध में गंज थाने में अपराध क्रमांक 97/26 के तहत धारा 331(4) एवं 305(ए) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। तेलंगाना तक पहुंची पुलिसमामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी और एसडीओपी सुनील लाटा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी नीरज पाल ने इस टीम का नेतृत्व किया। सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज के आधार पर सोनू उइके (19), पिता करण उइके, निवासी ओझाढाना, गंज बैतूल की पहचान संदिग्ध के रूप में हुई। विवेचना के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी तेलंगाना के जागित्याल आम मंडी क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना की पुष्टि होने पर पुलिस टीम तेलंगाना पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में कबूला चोरी का जुर्म पूछताछ में आरोपी ने चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे और उसके घर से चोरी का सामान बरामद किया है। बरामद सामग्री में एक जोड़ी सोने के कान के टॉप्स, एक जोड़ी चांदी की पायल, चांदी की लक्ष्मी-गणेश प्रतिमा, चांदी के दो सिक्के और सोने के 34 मोती शामिल हैं। बरामद सामान की कुल कीमत लगभग 90 हजार रुपये आंकी गई है। आरोपी को 20 मई को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने इस कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिले में अपराध और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए पुलिस लगातार सक्रियता से काम कर रही है।
वाराणसी में आयोजित एक राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में औरैया जिले के दो शिक्षकों को सम्मानित किया गया। उच्च प्राथमिक विद्यालय पुर्वा दला (कंपोजिट), ब्लॉक बिधूना के सहायक अध्यापक आलोक बाबू गुप्ता और प्राथमिक विद्यालय जैतपुर फफूंद, ब्लॉक भाग्यनगर के प्रधानाध्यापक ज्ञान प्रकाश को यह सम्मान मिला। यह पुरस्कार 'मिशन शिक्षण संवाद समूह' द्वारा प्रदान किया गया। दोनों शिक्षकों को विद्यालय में शिक्षा के स्तर को सुधारने और छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे नवोदय विद्यालय, विद्या ज्ञान परीक्षा, सर्वोदय विद्यालय और एनएमएमएस में चयन के लिए निरंतर प्रेरणा, सहयोग, मार्गदर्शन और समर्पित योगदान के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह वाराणसी पब्लिक स्कूल में 'पढ़ाई से प्रतियोगिता तक' राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान एवं शैक्षिक संगोष्ठी कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष वाराणसी पूनम मौर्य थीं। विशिष्ट अतिथियों में मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) हेमंत राव और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी वाराणसी अनुराग श्रीवास्तव शामिल थे। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए उत्कृष्ट शिक्षक भी उपस्थित रहे।
झाबुआ में थांदला के उदयपुरिया गांव में धरती आबा योजना के अंतर्गत 'जन भागीदारी – सबसे दूर, सबसे पहले' अभियान के तहत एक विशेष संतृप्ति शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसी ध्येय के साथ जिले के सुदूर गांवों में शिविर लगाए जा रहे हैं ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी सुविधाओं से वंचित न रहे। कलेक्टर ने ग्रामवासियों द्वारा गांव को स्वच्छ और आदर्श बनाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र नागरिक का आयुष्मान कार्ड अनिवार्य रूप से बनाया जाए। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना की उपयोगिता पर जोर देते हुए बताया कि इसके माध्यम से परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का निशुल्क उपचार मिलता है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि राशन वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता, कम तौल या चोरी को प्रशासन कतई बर्दाश्त नहीं करेगा और ऐसी शिकायतों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। महिला सशक्तीकरण पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना के जरिए महिलाएं बचत और छोटे व्यवसाय अपनाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं। शिविर में सामाजिक न्याय, स्वास्थ्य, राजस्व और ग्रामीण आजीविका मिशन जैसे विभागों द्वारा मौके पर ही कई हितग्राहियों को कार्ड, स्वीकृति पत्र और आवश्यक दस्तावेज वितरित किए गए। ग्रामीणों की कई समस्याओं का तत्काल समाधान किया गया। सड़क निर्माण में बाधाओं को दूर करने, दिव्यांग महिलाओं के राशन संबंधी मुद्दों, कपिल धारा कूप भुगतान, पुलिया निर्माण के प्रस्ताव और प्रधानमंत्री आवास योजना के आवेदनों पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में लापरवाही बरतने वालों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर सहायक कलेक्टर आयुषी बंसल, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व भास्कर गाचले, सहायक आयुक्त सुप्रिया बिसेन, तहसीलदार सुखदेव डावर सहित जिला प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
रायपुर के टिकरापारा इलाके में युवक पर चाकू से जानलेवा हमला करने वाले हिस्ट्रीशीटर आरोपी आर्यन ठाकुर उर्फ हिमेंद्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को वारदात में इस्तेमाल धारदार चाकू के साथ रंगेहाथ पकड़ा गया। मामला टिकरापारा थाना क्षेत्र के साहू मोहल्ला हनुमान मंदिर के पास का है। पुलिस के मुताबिक घायल युवक बलराज शर्मा अपने दोस्त के घर गया था। देर रात खाना खाने के बाद वह घर के बाहर खड़ा होकर बीड़ी पी रहा था। इसी दौरान आरोपी आर्यन ठाकुर वहां पहुंचा और युवक से विवाद शुरू कर दिया। “चोरी करने आया है क्या”, कहकर शुरू किया विवाद पुलिस के अनुसार आरोपी ने युवक से पूछा कि यहां क्यों खड़ा है, चोरी करने आया है क्या। विरोध करने पर आरोपी गाली-गलौज करने लगा और जान से मारने की धमकी देते हुए चाकू निकाल लिया। आरोप है कि आर्यन ठाकुर ने युवक के पेट पर हमला करने की कोशिश की। बचाव के दौरान बलराज शर्मा के हाथ और कलाई में चोट आई। वारदात के बाद फरार हुआ आरोपी घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। सूचना मिलते ही टिकरापारा पुलिस मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाकर आरोपी की तलाश शुरू की गई। पुलिस टीम ने मुखबिरों की मदद से आरोपी के ठिकानों पर दबिश दी और कुछ ही घंटों में उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल लोहे का धारदार चाकू भी बरामद किया गया। पहले से हिस्ट्रीशीटर है आरोपी गिरफ्तार आरोपी की पहचान आर्यन ठाकुर उर्फ हिमेंद्र ठाकुर (20) निवासी यादव मोहल्ला, टिकरापारा के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत आर्म्स एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में बढ़ती चाकूबाजी और आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए लगातार पेट्रोलिंग और हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी की जा रही है।
एटा के जलेसर कस्बे में एक दवा कारोबारी से रंगदारी मांगने और मारपीट करने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई के बाद व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। घटना बीते सोमवार को हुई थी। जलेसर निवासी दवा कारोबारी शिवम वार्ष्णेय से आरोपी सचिन यादव, पुत्र अजीत सिंह, निवासी भूड़ गड्ढा, थाना जलेसर ने कथित तौर पर रंगदारी की मांग की थी। जब शिवम वार्ष्णेय ने इसका विरोध किया, तो सचिन यादव ने अपने चार अज्ञात साथियों के साथ मिलकर उनके साथ मारपीट की। बीच-बचाव करने आए एक ग्राहक को भी पीटा गया, जिससे बाजार में हड़कंप मच गया। इस घटना से नाराज व्यापारियों में भारी आक्रोश फैल गया। विरोध स्वरूप उन्होंने बाजार बंद कर हंगामा किया। बाद में पुलिस अधिकारियों द्वारा समझाने-बुझाने पर व्यापारियों ने बाजार खोला। मामले ने तूल पकड़ने के बाद मंगलवार को चिंताहरण मंदिर भवन में व्यापारियों की बैठक हुई, जिसमें आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की गई। इसके बाद दर्जनों व्यापारी भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद गुप्ता के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा डॉ. ईलामारन से मिले और तत्काल कार्रवाई की मांग की। पुलिस कप्तान ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आश्वासन के बाद जलेसर थाना पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस ने मुखबिर तंत्र की मदद से मुख्य आरोपी सचिन यादव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थाना प्रभारी संजय पाल सिंह, उपनिरीक्षक रविराज सिंह, हेड कांस्टेबल अफरोज खान और कांस्टेबल हिमांशु शामिल थे। पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
नदबई के गिरधरपुरा में लगी भीषण आग,VIDEO:8 दमकल की गाड़ी पहुंची, 30 मीटर दूर स्कूल की पट्टियां टूटीं
भरतपुर जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र के गिरधरपुरा गांव में बुधवार दोपहर 1 बजे घरों के पास रखे ईंधन में भीषण आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि देखते-देखते आसपास के मकानों के आगे रखे ईंधन को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेज थी कि 30 मीटर दूर स्थित एक स्कूल की इमारत को भी नुकसान हुआ। गनीमत रही कि स्कूल की छुट्टी होने की वजह से कोई अंदर मौजूद नहीं था। एसडीएम सचिन यादव ने बताया- दोपहर गिरधरपुरा गांव में आग लगने की सूचना पर नदबई, बयाना और रुपवास से 8 दमकल की गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। 2 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया है। आगजनी में किसी जनहानि और पशुधन का नुकसान नहीं हुआ है। आसपास रखे ईंधन भी चपेट में आए सचिन यादव ने बताया- ग्रामीण इंदर पुत्र नवाब के घर के आग रखे ईंधन में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग इतनी तेजी से फैली कि उसने आसपास स्थित अन्य मकानों के बाहर रखे ईंधन को भी अपने चपेट में ले लिया। स्कूल की पट्टियां टूटीं आग इतनी तेजी से फैली कि गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल तक पहुंच गईं। तेज गर्मी के कारण स्कूल के कुछ कमरों की पट्टियां तक टूट गई। इस दौरान समय रहते आग पर कापू पा लेने से बड़ा नुकसान टल गया। 2 घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू दमकलकर्मी कमल चौधरी और शुभम ने बताया- दोपहर 1:15 बजे आग लगे की सूचना मिली थी। इस दमकल 1:40 पर गांव में पहुंची और आग बुझाने की कोशिश शुरू की। सूखी घास और हवा के चलते आग तेजी से फैल रही थी। करीब 2 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया है। … यह खबर भी पढ़ें देचू के बाजार में तीन दुकानों में लगी आग,VIDEO:30 लाख रुपए के पंखे और वायर जले, फलोदी से पहुंची दमकल फलोदी के देचू में मोबाइल की दुकान शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली की पास की दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। (पढे़ं पूरी खबर)
सरदार पटेल स्वाभिमान महाकुंभ पर लखनऊ में बैठक:आयोजन की तैयारियों और समाज की एकजुटता पर चर्चा
लखनऊ के सहकारिता भवन सभागार में बुधवार को सरदार पटेल स्वाभिमान महाकुंभ को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक और प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से पटेल समाज के लोग और युवा शामिल हुए। बैठक में समाज की एकजुटता, सरदार वल्लभभाई पटेल के विचारों और आगामी महाकुंभ की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता कर रहे जय करन वर्मा ने बताया कि अयोध्या और गोंडा में हुए कुर्मी महाकुंभों ने समाज की शक्ति का प्रदर्शन किया था। इसी क्रम में, लखनऊ में पहली बार 'सरदार पटेल स्वाभिमान महाकुंभ' का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लौह पुरुष भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता, अखंडता और किसानों के हितों के लिए अपना जीवन समर्पित किया था। सरदार पटेल का बलिदान नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक जय करन वर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि सरदार पटेल के विचारों, सिद्धांतों और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग उनके योगदान को भुलाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन समाज अब उनके विचारों को संरक्षित करने और आगे बढ़ाने के लिए एकजुट हो रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम ऐतिहासिक रूप से सफल रहा था। उसी उत्साह के साथ, राजधानी में होने वाले इस आयोजन को प्रदेश और देश स्तर का कार्यक्रम बनाने की तैयारी है। वर्मा ने युवाओं से बड़ी संख्या में जुड़कर महाकुंभ को सफल बनाने का आह्वान किया। सभा के दौरान 'भारत माता की जय' और 'सरदार पटेल अमर रहें' के नारे भी लगाए गए। स्वाभिमान महाकुंभ को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा बैठक में वक्ता अखिलेश पटेल ने कहा कि अयोध्या और गोंडा में हुए कार्यक्रमों ने समाज की ताकत को स्पष्ट रूप से दर्शाया था। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरदार पटेल स्वाभिमान महाकुंभ को भी व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। पटेल ने कहा कि यह आयोजन समाज के सम्मान, अधिकार और एकता के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
रेलवे ने टूंडला-फर्रुखाबाद पैसेंजर ट्रेन में पांच अतिरिक्त यात्री बोगियां और दो गार्ड ब्रेकयान जोड़ने का निर्णय लिया है। यह कदम यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करेगा और भीड़भाड़ कम करने में सहायक होगा। वर्तमान में, यह ट्रेन सुबह 10:00 बजे आती है और शाम 3:45 बजे टूंडला लौटती है। गंगा स्नान पर्वों पर और मंगलवार को बाबा नीम करोरी धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के कारण इसमें भारी भीड़ रहती है। शिकोहाबाद और मैनपुरी से बड़ी संख्या में यात्री इसी ट्रेन से आते हैं। यात्रियों को अक्सर बैठने की जगह नहीं मिल पाती है। तकनीकी कारणों से ट्रेन को प्लेटफॉर्म नंबर पांच के अंतिम छोर पर यार्ड की ओर खड़ा किया जाता है, जिससे कई बार यात्रियों की ट्रेन छूट जाती है। इन्हीं समस्याओं के कारण ट्रेन में बोगियां बढ़ाने की मांग की जा रही थी। उत्तर मध्य रेलवे के नीम करोरी स्टेशन प्रबंधक चंद्रशेखर शुक्ला ने बताया कि अब टूंडला पैसेंजर में कुल 10 यात्री बोगियां और दो गार्ड ब्रेकयान होंगे। इससे यात्रियों को होने वाली असुविधा समाप्त हो जाएगी।
मैनपुरी में एक मेडिकल स्टोर कर्मचारी पिछले छह दिनों से लापता है। उसकी पत्नी कुमकुम अपने दो छोटे बच्चों के साथ पति की तलाश में दर-दर भटक रही है। सोमवार को वह पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और पति को जल्द खोजने की गुहार लगाई। कुमकुम ने बताया कि उसके पति अनूप कुमार, जो करहल चौराहे के पास आशा मेडिकल स्टोर पर काम करते हैं, 14 मई की सुबह बच्चों को स्कूल छोड़ने के बाद दुकान पर गए थे। अनूप कुमार आमतौर पर रात तक घर लौट आते थे, लेकिन 14 मई की रात करीब 9:30 बजे तक जब वह नहीं लौटे, तो कुमकुम ने उनके मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया। दोनों फोन बंद मिले। मेडिकल स्टोर मालिक से बात करने पर पता चला कि दुकान रात 9:25 बजे बंद हो चुकी थी और अनूप वहां से निकल चुके थे। परिजनों ने अनूप की तलाश बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और रिश्तेदारों के यहां भी की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। कुमकुम का कहना है कि पति के अचानक लापता होने से पूरा परिवार सदमे में है। वह पिछले कई दिनों से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी क्रम में सोमवार को वह एसपी कार्यालय पहुंचीं और पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर पति को जल्द तलाशने तथा मामले में प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की।
लखनऊ के सरोजनी नगर क्षेत्र स्थित शारदा नगर विस्तार (बिजनौर) के अयोध्यापुरी फेज-2 में एक साल से खराब पड़ा 75 केवीए का विद्युत ट्रांसफार्मर अब तक नहीं बदला गया है। इससे स्थानीय निवासी काफी परेशान हैं। निवासियों ने बिजली विभाग पर लापरवाही और अनदेखी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि लगभग 25 लाख रुपये की लागत से खरीदा गया यह ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद विभाग मरम्मत के लिए ले गया था। एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इसे वापस नहीं लगाया गया है। स्थानीय लोगों के पास ट्रांसफार्मर की खरीद और जमा रसीदें मौजूद हैं। निवासियों के अनुसार, इस अवधि में क्षेत्र के दो जूनियर इंजीनियर बदल चुके हैं, लेकिन दोनों अधिकारियों ने केवल आश्वासन ही दिया। कई बार लिखित शिकायतें और हस्ताक्षरित आवेदन देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। क्षेत्र में आए दिन बिजली संकट बना रहता है। रात में बिजली आपूर्ति बाधित होने पर विभागीय अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचते और उनके फोन भी बंद मिलते हैं। आरोप है कि विभाग केवल अस्थायी मरम्मत कर काम चलाता है, जिसके कारण कुछ समय बाद उपकरण फिर से खराब हो जाते हैं। स्थानीय लोगों ने मुख्य अभियंता कार्यालय और इंद्रलोक पावर हाउस तक भी शिकायतें की हैं। उन्हें दो दिन में समाधान का आश्वासन दिया गया था, जिसकी रिकॉर्डिंग भी उनके पास है। हालांकि, एक महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। निवासियों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने यह भी कहा कि उनका ट्रांसफार्मर मरम्मत के बाद किसी और जगह लगाया गया हो सकता है। निवासियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ऊर्जा विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और क्षेत्र की बिजली समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। वहीं, संबंधित एसडीओ सौरभ ने मामले की जानकारी होने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि जानकारी प्राप्त कर मामले में आगे कार्रवाई की जाएगी।
खुखुन्दू में दो लोगों का निधन:पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य और फुटबॉलर ने इलाज के दौरान तोड़ा दम
खुखुन्दू गांव में बुधवार को दो प्रमुख हस्तियों का निधन हो गया। इनमें पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य राबड़ी देवी और प्रदेश स्तरीय फुटबॉलर मुरारी मद्धेशिया शामिल हैं। दोनों के निधन से गांव में शोक की लहर है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य राबड़ी देवी खुखुन्दू ग्राम पंचायत की एक जागरूक महिला नेता थीं। उनके निधन से विशेषकर महिलाओं में गहरा शोक है। उनकी कार्यशैली को याद करते हुए सैकड़ों लोग उनके आवास पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी अनिल गुप्ता ने बताया कि दोनों को रात में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार सुबह दो घंटे के अंतराल पर उनका निधन हो गया। वहीं, प्रदेश स्तरीय फुटबॉलर मुरारी मद्धेशिया के निधन से खेल जगत में शोक व्याप्त है। उन्हें 1990 से 2005 तक फुटबॉल में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए याद किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने दर्जनों मैच खेले और अपनी खेल कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उनके करिश्माई खेल की काफी प्रशंसा की जाती थी।
लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के खिलाफ अभद्र वीडियो पोस्ट करने के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ है। डिप्टी सीएम के निजी सचिव ने इसे लेकर तहरीर दी थी जिसके बाद FIR दर्ज हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निजी सचिव सुनीत कुमार की ओर से दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि “गोलू यादव चेतक” नाम से फेसबुक अकाउंट पर एक आपत्तिजनक वीडियो अपलोड किया गया। वीडियो में डिप्टी CM के खिलाफ अमर्यादित और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया है। तहरीर में कहा गया है कि वीडियो का उद्देश्य समाज में वैमनस्य फैलाना और संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की छवि को धूमिल करना है। इसे गंभीर साइबर अपराध और मानहानि का मामला बताया गया है। पुलिस से आईटी एक्ट समेत अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की गई है। पुलिस का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
जशपुर शहर में शनिवार को दो वारदातें सामने आईं, जिनमें एक नाबालिग सहित दो लोगों पर हमला किया गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को एक घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पहली घटना में, आरोपी ने शराब पीने के बहाने अपने एक दोस्त को सुनसान जगह ले जाकर चाकू से हमला किया। इसके कुछ ही देर बाद, उसने राह चलते एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़के की बेरहमी से पिटाई कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी सचिन राम (20 वर्ष), निवासी भागलपुर बरटोली, थाना सिटी कोतवाली जशपुर को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से घटना में इस्तेमाल चाकू और मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1), 109(1), 296, 351(2) एवं 118(1) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 17 मई 2026 को थाना सिटी कोतवाली जशपुर क्षेत्र के ग्राम कोमडो और भागलपुर बरटोली में हुई। प्रार्थी दीपक कुमार भगत (42 वर्ष), निवासी गाढ़ा टोली जशपुर ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनका भांजा कृष्णा भगत (15 वर्ष), निवासी भागलपुर बरटोली, दोपहर करीब 2:30 बजे बाकी नाला स्थित धोबी घाट की ओर नहाने जा रहा था। इसी दौरान आरोपी सचिन राम ने बिना किसी कारण उसे रोका और जमीन पर पटककर हाथ, मुक्के और लात से बुरी तरह मारपीट की। हमले में किशोर के गले, चेहरे और कनपटी में गंभीर चोटें आईं। परिजन उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। “चलो शराब पीकर आते हैं” कहकर दोस्त को ले गया, फिर चाकू से किया हमला भागलपुर बरटोली निवासी सूरज रजक उम्र 22 वर्ष ने पुलिस को बताया कि उसी दिन दोपहर करीब 1:30 बजे आरोपी सचिन राम उसे शराब पीने के बहाने अपनी मोटरसाइकिल में बैठाकर ग्राम कोमडो ले गया। सूरज रजक के मुताबिक मंदिर के पास पहुंचने के बाद आरोपी ने अचानक कहा कि “मेरा लड़ने का मन कर रहा है, चलो लड़ते हैं” और गंदी-गंदी गालियां देते हुए अपने पास रखे चाकू से उसकी पीठ और माथे पर हमला कर दिया। बचाव के दौरान सूरज ने आरोपी से चाकू छीनने की कोशिश की, जिसमें चाकू आधा टूट गया। किसी तरह वह पास के मंदिर में छिपकर अपनी जान बचाने में सफल रहा, जबकि आरोपी वहां से फरार हो गया। पुलिस ने दोनों मामलों को गंभीरता से लिया, देर रात घेराबंदी कर दबोचा आरोपी दोनों घटनाओं की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस टीम ने तत्काल घटनास्थलों का निरीक्षण किया। मृतक कृष्णा भगत के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया गया, वहीं घायल सूरज रजक का मेडिकल चेकअप कर इलाज शुरू किया गया। घटना के बाद आरोपी लगातार फरार चल रहा था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी सचिन राम भागलपुर क्षेत्र में देखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी ने दोनों घटनाओं को करने की बात स्वीकार कर ली। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और अदालत में पेश कर जेल भेज दिया। हत्या और चाकूबाजी के मामले में सख्त कार्रवाई : एसएसपी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेद सिंह ने बताया कि हत्या और चाकूबाजी जैसे गंभीर मामलों में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है तथा मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।
शकुंतला मिश्रा पावर हाउस के अंतर्गत आने वाले नाजिम नगर क्षेत्र में बुधवार सुबह भी बिजली संकट बना रहा। मंगलवार रात हुए प्रदर्शन के बावजूद नाजिम नगर का एक फेस पूरी तरह बंद पड़ा है, जिससे कई घरों में बिजली आपूर्ति ठप है। अन्य क्षेत्रों में भी बिजली की आवाजाही जारी है, जिससे लोग भीषण गर्मी और उमस से परेशान हैं। क्षेत्रवासियों के अनुसार, बिजली कुछ देर आने के बाद फिर काट दी जा रही है। कुंदन बिहार क्षेत्र में भी बुधवार सुबह करीब दो घंटे तक बिजली कटौती हुई। बिजली न रहने से पानी की समस्या भी बढ़ गई है, क्योंकि मोटर और पंप नहीं चल पा रहे। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को इससे सबसे अधिक परेशानी हो रही है। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद विभागीय अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं, स्थायी समाधान नहीं हो रहा। दरअसल, मंगलवार रात करीब 10 बजे से देर रात 1 बजे तक शकुंतला मिश्रा पावर हाउस के अंतर्गत आने वाले नाजिम नगर, हर्ष नगर, बुद्धेश्वर, कुंदन बिहार, मायापुरम, सोना बिहार, जाहिद नगर, बादशाह खेड़ा, ज्ञानेंद्र बिहार, पिंक सिटी, जनता विहार कॉलोनी, सत्यम सिटी, मुनेश्वर पुरम और प्रभातपुरम सहित कई इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित रही थी। घंटों बिजली गुल रहने से नाराज क्षेत्रवासियों ने बुद्धेश्वर स्थित आलमनगर रोड पर सड़क जाम कर विद्युत विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया था। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इलाके में आए दिन बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। कई बार शिकायत करने के बावजूद इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है, जिससे लोगों में लगातार आक्रोश बढ़ रहा है। विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने मंगलवार रात तकनीकी खराबी के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होने की बात कही थी और जल्द व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया था। हालांकि, बुधवार सुबह भी हालात सामान्य न होने से लोगों में भारी नाराजगी बनी हुई है और वे स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
मजदूर की राप्ती नदी में डूबने से मौत:श्रावस्ती में नहाते समय पैर फिसलने से हादसा
श्रावस्ती जिले के इकौना थाना क्षेत्र में राप्ती नदी में डूबने से एक मजदूर की मौत हो गई। वह दहावर कला स्थित बांध निर्माण कार्य में मजदूरी कर रहा था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे के बात की 3 तस्वीरें… जानिए पूरा मामला… मृतक की पहचान लखीमपुर खीरी निवासी 24 वर्षीय विमल के रूप में हुई है। विमल पिछले लगभग 15 दिनों से दहावर कला क्षेत्र में चल रहे बांध निर्माण परियोजना में काम रहा था। बुधवार को भीषण गर्मी के कारण विमल राप्ती नदी में नहाने गया था। नहाते समय अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। उसे डूबता देख आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया। स्थानीय लोगों की मदद से काफी प्रयास के बाद उसे नदी से बाहर निकाला गया। सूचना मिलने पर पहुंची एंबुलेंस ने विमल को जिला अस्पताल भिनगा पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस मामले में थाना प्रभारी निरीक्षक इकौना परमानंद तिवारी बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
अधिवक्ताओं की हड़ताल 10वें दिन भी जारी:औरैया में एसडीएम को हटाने और भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन
औरैया की सदर तहसील में अधिवक्ताओं की हड़ताल बुधवार को 10वें दिन भी जारी रही। अधिवक्ताओं ने प्रशासन पर उनकी मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए एसडीएम को हटाने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक एसडीएम को नहीं हटाया जाएगा, हड़ताल जारी रहेगी। राजस्व अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील पांडेय ने बताया कि वे न्यायोचित मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। महामंत्री हरिभानु अवस्थी ने कहा कि अधिवक्ता शांतिपूर्ण और मर्यादित तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि मांगें पूरी न होने तक हड़ताल जारी रहेगी। अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। उन्होंने जोर देकर कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों को हटाए जाने तक वे हड़ताल पर रहेंगे। हरिभानु अवस्थी ने यह भी उल्लेख किया कि जिले में धारा 163 लागू होने के कारण सभी अधिवक्ताओं का दायित्व है कि वे कानून एवं व्यवस्था का सम्मान करें। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान देवेश चतुर्वेदी, ऋषभ शुक्ला, शेखर मिश्रा, ओमकार चतुर्वेदी, अनुज पांडे, संत कुमार अवस्थी और विमल तिवारी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
देश में संविधान की रक्षा, सामाजिक सौहार्द और नागरिक समानता के मुद्दों को लेकर आज झुंझुनूं शहर में भारत मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। देशव्यापी आंदोलन के हिस्से के रूप में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन के बाद, दोनों संगठनों के पदाधिकारियों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। संगठनों ने देश में अल्पसंख्यकों, दलितों और पिछड़ों के अधिकारों की रक्षा के लिए 11 सूत्रीय मांगें रखी हैं और राष्ट्रपति से इस पूरे मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। देश की बहुलतावादी पहचान पर खतरा प्रदर्शन के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मोर्चा के जिला संयोजक नजमुद्दीन और प्रदेश महासचिव ने कहा कि आज देश एक बेहद संवेदनशील और नाजुक दौर से गुजर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में संविधान के मूल सिद्धांतों को दरकिनार करके ऐसे कानून बनाए जा रहे हैं, जो देश की अखंडता, विविधता और समानता के अधिकार पर सीधे सवाल खड़े करते हैं। ज्ञापन में शामिल 11 मुख्य मांगें संविधान विरोधी कानूनों की वापसी: CAA, UCC और वक्फ संशोधन अधिनियम-2025 जैसे कानूनों को तत्काल रद्द किया जाए, क्योंकि ये देश के मूल ढांचे और बहुलतावादी पहचान के खिलाफ हैं। धार्मिक स्वतंत्रता का पूर्ण पालन: संविधान के अनुच्छेद 25, 26, 27, 28 और 29 के तहत नागरिकों को मिले पूजा, प्रबंधन, शिक्षा और संस्कृति के अधिकारों में किसी भी प्रकार का सरकारी या बाहरी हस्तक्षेप बंद हो। मॉब लिंचिंग पर रोक: मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा हिंसा) और फर्जी गौकशी के नाम पर होने वाली हिंसा व हत्याओं पर सख्त कार्रवाई हो। बेगुनाह युवाओं की रिहाई: सिर्फ शक और झूठे आरोपों के आधार पर जेलों में बंद मुस्लिम और ईसाई युवाओं, स्कॉलर्स और उलमा-ए-दीन के मामलों की निष्पक्ष जांच कराकर उन्हें तुरंत रिहा किया जाए। कम्यूनल वायलेंस प्रिवेंशन एक्ट: धर्म के आधार पर होने वाले अन्याय, दंगों और अत्याचार को रोकने के लिए 'कम्यूनल वायलेंस प्रिवेंशन एक्ट' (सांप्रदायिक हिंसा रोकथाम कानून) बनाकर इसे तत्काल लागू किया जाए। धार्मिक स्थलों की सुरक्षा: देश में मस्जिद, मदरसा, दरगाह और अन्य इबादतगाहों पर होने वाले हमलों को रोकने के लिए कठोर कानून बनाया जाए। प्लेस ऑफ वर्शिप एक्ट का कड़ाई से पालन: 'प्लेस ऑफ वर्शिप एक्ट 1991' (उपासना स्थल कानून) का पूरी कड़ाई से पालन हो और सभी धार्मिक स्थलों की 15 अगस्त 1947 वाली स्थिति को बरकरार रखा जाए। अनुच्छेद-341(3) की पाबंदी हटे: धर्म के आधार पर आरक्षण से वंचित करने वाली पाबंदी को हटाया जाए। जनसंख्या के अनुपात में हिस्सेदारी: SC, ST, OBC और माइनॉरिटी (अल्पसंख्यक) समाज को उनकी वास्तविक जनसंख्या के अनुपात में देश के शासन, प्रशासन, शिक्षा और रोजगार में पूरा प्रतिनिधित्व मिले। जाति आधारित जनगणना: जाति आधारित जनगणना कराई जाए ताकि संख्या के अनुपात में सबकी हिस्सेदारी तय हो सके। नफरत फैलाने वाले संगठनों पर बैन: धर्म, जाति और नफरत के नाम पर हिंसा भड़काने वाले संगठनों को बैन किया जाए।
मधुमक्खी पालन से बढ़ेगी किसानों की आय:विश्व मधुमक्खी दिवस पर मऊ में कृषक चौपाल का आयोजन
विश्व मधुमक्खी दिवस के अवसर पर मऊ जनपद के रानीपुर विकासखंड स्थित अकबरपुर ग्राम में उद्यान विभाग ने एक कृषक चौपाल का आयोजन किया। इस दौरान किसानों को मधुमक्खी पालन अपनाकर आय बढ़ाने और आर्थिक रूप से सशक्त होने के लिए प्रेरित किया गया। चौपाल में उद्यान निरीक्षक मिथिलेश कुमार सिंह ने किसानों को एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत इच्छुक किसानों को 50 मधुमक्खी बॉक्स की एक इकाई स्थापित करने पर 3 लाख 20 हजार रुपये की कुल लागत का 40 प्रतिशत, यानी 1 लाख 28 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। सिंह ने कहा कि उद्यान विभाग का मुख्य उद्देश्य किसानों को बागवानी और इससे जुड़े व्यवसायों से जोड़कर उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है। विभाग सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में रानीपुर विकासखंड के प्रगतिशील मधुमक्खी पालक अशोक कुमार ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग से अनुदान प्राप्त कर उन्होंने 150 मधुमक्खी बॉक्स स्थापित किए हैं, जिनसे उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 8 लाख रुपये की आमदनी हो रही है। अशोक कुमार ने किसानों को बताया कि मधुमक्खी पालन से शहद के अतिरिक्त मोम और रॉयल जेली जैसे उत्पादों से भी आय प्राप्त होती है। इसके साथ ही, मधुमक्खियों द्वारा फसलों में परागण क्रिया बढ़ने से उत्पादन में 20 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि होती है। इस दौरान मधुमक्खी पालन में उपयोग होने वाले बॉक्स, जाली और फ्रेम आदि का सजीव प्रदर्शन भी किया गया।उद्यान निरीक्षक ने किसानों से वर्ष 2026-27 में मधुमक्खी पालन योजना का लाभ उठाने और जल्द से जल्द उद्यान विभाग में पंजीकरण कराने की अपील की। इस कार्यक्रम में बृजेश, हरिवंश, सुमेर, जनार्दन सहित बड़ी संख्या में किसान और विभागीय कर्मचारी चंद्रभान प्रधान चौधरी उपस्थित रहे।
हापुड़। नगर कोतवाली क्षेत्र के गोल मार्केट में व्यापार के लिए उधार दिए पांच लाख रुपये वापस मांगने पर एक युवक को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। इस संबंध में दो नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मोहल्ला अतरपुरा निवासी अरुण बेनीवाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने 1 अप्रैल 2023 को गोल मार्केट स्थित दयाल फर्नीचर के मालिक आकाश गर्ग और पवन गर्ग को उनके कारोबार के विस्तार के लिए पांच लाख रुपये उधार दिए थे। इस लेनदेन के एवज में आरोपियों ने अरुण के चचेरे भाई को एक स्टांप पेपर भी तैयार करके दिया था। शिकायत के अनुसार, आरोपी बार-बार रुपये वापस करने में टालमटोल कर रहे थे। 6 मई को पीड़ित ने अपने चचेरे भाई को आरोपियों के पास गोल मार्केट स्थित दयाल फर्नीचर पर रुपये वापस मांगने के लिए भेजा। आरोप है कि इस दौरान दोनों आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उसे जान से मारने की धमकी दी। सीओ वरुण मिश्रा ने बताया कि पीड़ित युवक के शिकायती पत्र के आधार पर आकाश गर्ग और पवन गर्ग के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोषी पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सागर के कैंट थाना क्षेत्र में एसपी बंगले के सामने उत्पात मचाकर घरों के बाहर खड़ी कारों में तोड़फोड़ करने वाले बदमाशों को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने सदर क्षेत्र में जुलूस निकाला। पैदल जुलूस के रूप में आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान आरोपी बोल रहे थे अपराध करना पाप है, पुलिस हमारी बाप है। आरोपियों को देखने के लिए सड़क पर लोगों की भीड़ लगी रही। बिना बात के गाली गलौज की और तोड़फोड़ शुरू कर दीपुलिस के अनुसार, फरियादी जीशान खान निवासी एसपी बंगला के सामने 51 कैंट ने थाने में शिकायत की। शिकायत में बताया कि 18 मई की रात मैं और मेरा परिवार पीलीकोठी वाले बाबा का उर्स देखने के लिए गए थे। रात करीब 4.55 बजे उर्स से वापस घर आए। जहां देखा कि घर के बाहर नोमान अपने हाथ में डंडा लिए अपने दोस्त मुन्नू उर्फ इमरान, एहशान खान, राहिल, समीर के साथ खड़ा है। उसने बगैर किसी बात के घर के सामने खड़े होने पर गालीगलौज करना शुरू कर दी। कार में तोड़फोड़ कर फरार हो गए थे आरोपीगालियां देने से मना किया तो नोमान ने झूमाझटकी की। इसी दौरान आरोपियों ने घर के बाहर खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ की। पथराव कर चार कारों के शीशें तोड़ दिए। वारदात कर आरोपी मौके से भाग गए। शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नोमान, मुन्नू उर्फ इमरान खान, एहशान खान, राहिल और समीर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में लिया है। पुलिस ने कोर्ट ले जाते समय निकाला जुलूसगिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगाई गई। टीमों ने कैंट क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। कैंट थाना प्रभारी रोहित डोंगरे ने बताया कि तोड़फोड़ करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग में राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर तबादला किया है। बड़ी संख्या में 11 परियोजना अधिकारियों और 30 पर्यवेक्षकों के प्रभार में बदलाव करते हुए नई पदस्थापना सूची जारी की है। इसमें सरगुजा, कोरिया, बलरामपुर, रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, कांकेर, कोण्डागांव, बीजापुर, बेमेतरा, बालोद, जशपुर समेत कई जिलों में परियोजना अधिकारियों के प्रभार बदले गए हैं। देखिए सूची
श्रावस्ती में भीषण गर्मी और संभावित हीट वेव के मद्देनजर प्रशासन अलर्ट पर है। श्रम विभाग ने श्रमिकों की सुरक्षा के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसका उद्देश्य खुले क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों पर हीट वेव के दुष्प्रभाव को रोकना है। सहायक श्रमायुक्त सन्तपाल ने बताया कि गर्मी से होने वाली जनहानि की भरपाई केवल मुआवजे से संभव नहीं है। इसलिए ऐसी स्थिति उत्पन्न ही न हो, इसके लिए प्रभावी व्यवस्था करना अत्यंत आवश्यक है। आगामी हीट वेव की तैयारी के तहत उद्योग व्यापार मंडल इकौना/भिनगा, राइस मिल्स एसोसिएशन और ईंट भट्ठा एसोसिएशन के अध्यक्षों व महामंत्रियों को अग्रिम कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें औद्योगिक, निर्माण और अन्य श्रमिकों के लिए गर्मी से संबंधित बीमारियों से बचाव हेतु जागरूकता शिविर आयोजित करना शामिल है। दिशा-निर्देशों के अनुसार, बाह्य कार्यों के लिए कार्य घंटों में परिवर्तन किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित कर श्रमिकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। कार्यस्थलों पर ओआरएस और ग्लूकॉन-डी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, साथ ही ठंडे और स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था भी करनी होगी। श्रमिकों, कर्मचारियों और मजदूरों को सूर्य के सीधे संपर्क से बचने के लिए जागरूक किया जाएगा। श्रमसाध्य कार्यों को सुबह या शाम के ठंडे समय में कराने का प्रयास किया जाएगा। विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच तेज धूप में कार्य कराने से बचने के निर्देश दिए गए हैं। सभी संबंधित संगठनों के अध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि वे इन दिशा-निर्देशों का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराएं। की गई कार्रवाई की जानकारी जियो-टैग फोटो सहित एक सप्ताह के भीतर सहायक श्रमायुक्त कार्यालय, श्रावस्ती को उपलब्ध करानी होगी। वहीं, श्रावस्ती के स्वास्थ्य विभाग ने भी आमजन से अपील की है कि वे दिन में तेज धूप के समय बाहर निकलने से बचें। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि बाहर निकलकर कार्य करने वाले लोग सुबह 11 बजे तक आवश्यक कार्य निपटा लें। यदि अत्यंत आवश्यक हो तो शाम के समय कार्य करें, लेकिन दोपहर में धूप के दौरान बाहर निकलने से हर हाल में परहेज करें।
हनुमानगढ़ जिले में पुलिस ने बुधवार को नशे के कारोबार के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया। एएसपी अरविंद विश्नोई के नेतृत्व में 20 पुलिस टीमों ने टाउन और जंक्शन क्षेत्रों में एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की। इस व्यापक कार्रवाई से असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने यह विशेष अभियान नशे के कारोबार और संदिग्ध गतिविधियों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद शुरू किया। टाउन क्षेत्र के सिकलीगर मोहल्ले और जंक्शन क्षेत्र के खुंजा इलाके में पुलिस टीमों ने चिन्हित संदिग्धों के ठिकानों पर पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया। इस अभियान में एजीटीएफ, डीएसटी और जिला पुलिस की टीमों सहित लगभग 250 पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस की टीमें अलग-अलग समूहों में बंटकर कार्रवाई कर रही थीं। कई स्थानों पर संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई और कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया, हालांकि देर शाम तक इसकी आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई। पुलिस ने कुछ ठिकानों को पूरी तरह घेरकर तलाशी ली, ताकि कोई संदिग्ध मौके से फरार न हो सके। कार्रवाई के दौरान डीएसपी करण सिंह, डीएसपी मीनाक्षी, सीआई अशोक विश्नोई और रामचंद्र कसवां सहित कई पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर अभियान की निगरानी कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों ने पूरे अभियान को गोपनीय तरीके से संचालित किया, जिसके कारण कई क्षेत्रों में लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य नशा तस्करी, अवैध मादक पदार्थों के कारोबार और इससे जुड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसना है। पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों और पुराने रिकॉर्ड के आधार पर चिन्हित ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी और तलाशी अभियान पूरा होने के बाद विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
सिद्धार्थनगर के उसका बाजार थाना क्षेत्र के महुआ स्थित इंडियन पेट्रोल पंप पर बुधवार दोपहर डीजल लेने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें 8 से 10 लोग दो युवकों को घेरकर बेरहमी से पीटते दिखाई दे रहे हैं। सबसे हैरानी की बात यह रही कि मौके पर एक उपनिरीक्षक भी मौजूद थे, लेकिन उनके सामने ही मारपीट होती रही। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। उस्की निवासी सचिन ने थाना उसका बाजार में लिखित शिकायत देकर बताया कि वह महुआ पेट्रोल पंप पर डीजल लेने गए थे। लाइन में गैलन लगाने को लेकर कुछ लोगों से कहासुनी हो गई, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। आरोप है कि कई लोगों ने मिलकर सचिन और उसके साथी पर हमला कर दिया और उन्हें घेरकर लात-घूंसों व थप्पड़ों से पीटना शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दोनों युवक खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि आसपास अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। कुछ लोग तमाशबीन बने रहे तो कुछ ने बीच-बचाव की कोशिश की। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद होने के बावजूद मारपीट को तुरंत नहीं रोक सके। लोगों का कहना है कि दबंगों के हौसले इतने बुलंद हो गए कि पुलिस की मौजूदगी में ही खुलेआम पिटाई होती रही। सचिन ने अपनी तहरीर में ‘जज’ नाम के एक व्यक्ति समेत कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, मामले में थाना उसका बाजार प्रभारी निरीक्षक से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हो सका। पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कानपुर में भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान का असर अब बिजली व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के बाद बिजली विभाग केस्को ने उपकेंद्रों के ट्रांसफार्मरों को ठंडा रखने के लिए खास इंतजाम शुरू किए हैं। शहर के अलग-अलग बिजली सबस्टेशनों पर ट्रांसफार्मरों के सामने कूलर लगाए जा रहे हैं, ताकि ट्रांसफार्मर ओवरहीट होकर ट्रिप न हों और बड़े फॉल्ट से बचाया जा सके। केस्को अधिकारियों के अनुसार फिलहाल 25 उपकेंद्रों पर कूलर लगाए जा चुके हैं। वहीं अगले दो दिनों में कुछ पुराने कूलरों की मरम्मत कर उनकी संख्या बढ़ाकर 50 करने की तैयारी है।केस्को के मीडिया प्रभारी देवेन्द्र वर्मा ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की खपत में तेजी आई है। लगातार बढ़ते लोड और ऊंचे तापमान की वजह से ट्रांसफार्मर अधिक गर्म हो रहे हैं। ऐसे में उन्हें ठंडा रखना जरूरी हो गया है, ताकि बिजली आपूर्ति बाधित न हो। क्यों जरूरी है ट्रांसफार्मर को ठंडा रखना?33 केवी ट्रांसफार्मरों की तापमान सहन क्षमता करीब 85 डिग्री सेल्सियस तक होती है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से इन्हें 65 डिग्री सेल्सियस पर सेट किया जाता है। जैसे ही ट्रांसफार्मर का तापमान तय सीमा से ऊपर पहुंचता है, वह ट्रिप कर जाता है। इससे बड़े तकनीकी फॉल्ट घटनाओं से बचाव होता है। अधिकारियों के मुताबिक शहर में लगातार 43 से 44 डिग्री सेल्सियस तापमान रहने के कारण ट्रांसफार्मर तेजी से गर्म हो रहे हैं। इसी वजह से ट्रांसफार्मरों के सामने कूलर लगाकर उनका तापमान नियंत्रित किया जा रहा है, ताकि बिजली आपूर्ति सुचारु बनी रहे।
बस्ती शहर में उर्मिला फाउंडेशन के संस्थापक एवं भाजपा नेता आलोक पाण्डेय की पहल पर एक बेटी का विवाह संपन्न कराया गया। आर्थिक तंगी से जूझ रही इस बेटी की शादी बड़े बन स्थित शारदा मैरेज हॉल में आयोजित की गई। समारोह में शहर के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे और नवदंपति को आशीर्वाद दिया। पतेलवा निवासी कमलावती अपने पति के निधन के बाद बेटी सुमन के विवाह को लेकर चिंतित थीं। आर्थिक अभाव के कारण उन्हें शादी की उम्मीद कम लग रही थी। इसकी जानकारी मिलने पर आलोक पाण्डेय ने विवाह की पूरी जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने सभी रस्में विधि-विधान से संपन्न कराईं। सुमन का विवाह दुबौलिया विकास खंड क्षेत्र के बरसाव निवासी रामकुमार के साथ संपन्न हुआ। विवाह समारोह में बैण्ड-बाजा, डीजे और पारंपरिक रस्में निभाई गईं। बुधवार को विदाई के दौरान उपस्थित लोगों ने नवदंपति को उपहार भेंट किए और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की। इस अवसर पर नवीन श्रीवास्तव, महफूज, बब्लू तिवारी, ईश्वरा मिश्रा, संदीप तिवारी, गिरजेश श्रीवास्तव, शनिदेव मणि त्रिपाठी, उपेन्द्र शुक्ल, विवेक पाण्डेय, विकास चौधरी, कृष्ण कुमार उर्फ सोनू पाण्डेय, मुरली पाण्डेय, मोनू पाण्डेय, विजय मिश्र, अशोक वर्मा, राजकुमार गौड़, पिकूं पाण्डेय, प्रियांशु तिवारी, अनुराग शुक्ल, सौरभ पाण्डेय, दुर्गेश पाण्डेय, दीप पाण्डेय, अवधेश उपाध्याय, सूर्या उपाध्याय, सिद्धार्थ पाण्डेय, माता प्रसाद निषाद, शशांक पाण्डेय, शिवम पाण्डेय, शौर्य प्रताप सिंह, आनन्द शुक्ल, रोहित दूबे, महेन्द्र गुप्ता, विजय मिश्रा और दिव्यांशु दूबे सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
रामपुर में जिलाधिकारी (डीएम) अजय कुमार द्विवेदी ने एक गुब्बारा विक्रेता को उसके 2,000 रुपये वापस दिलवाए। विक्रेता कई दिनों से अपनी बकाया राशि पाने के लिए संघर्ष कर रहा था। डीएम ने उसकी शिकायत सुनकर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। गुब्बारा विक्रेता का नाम दुर्गा प्रसाद है, जो टांडा तहसील के निवासी हैं। वह फेरी लगाकर और गुब्बारे बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। एक व्यक्ति ने उनसे 2,000 रुपये उधार लिए थे, लेकिन वह राशि वापस नहीं कर रहा था। दुर्गा प्रसाद कई दिनों से अपने पैसे वापस पाने का प्रयास कर रहे थे। इसी बीच, जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी कलेक्ट्रेट कार्यालय जा रहे थे। उनकी नज़र दुर्गा प्रसाद पर पड़ी, जो अपनी शिकायत लेकर जनता दर्शन में आए थे। डीएम ने रुककर दुर्गा प्रसाद की बात सुनी। दुर्गा प्रसाद ने उन्हें बताया कि 2,000 रुपये न मिलने के कारण उन्हें घर चलाने में कठिनाई हो रही है। देखें, 2 तस्वीरें… यह जानने के बाद, जिलाधिकारी ने तुरंत टांडा थाना प्रभारी संदीप कुमार मिश्रा को फोन किया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दुर्गा प्रसाद को उनके 2,000 रुपये वापस दिलवा दिए। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने दुर्गा प्रसाद के पास मौजूद सभी गुब्बारे खरीद लिए। इस पहल से दुर्गा प्रसाद को अपने पैसे वापस मिल गए और उनके सारे गुब्बारे भी बिक गए। इस घटना को प्रशासन की संवेदनशीलता का उदाहरण माना जा रहा है। स्थानीय लोग जिलाधिकारी की इस कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं।
जनहित में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त:जालौन में प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी
उत्तर प्रदेश की गन्ना विकास राज्य मंत्री जिले के प्रभारी संजय सिंह गंगवार ने बुधवार को विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं कानून-व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचना चाहिए। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, पोषण, पेंशन, कृषि, ऊर्जा और ग्रामीण विकास सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य आमजन को राहत देना होना चाहिए और अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दें। पीएम सूर्य घर योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने नगर निकायों में वार्डवार अभियान चलाकर अधिक से अधिक परिवारों को सौर ऊर्जा योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस योजना को जनआंदोलन के रूप में संचालित किया जाए ताकि आम नागरिकों को बिजली बिल में राहत मिल सके। कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान प्रभारी मंत्री ने किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही खरीद केंद्रों एवं कृषि केंद्रों पर पेयजल, छाया और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने दो टूक कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग को निर्देशित करते हुए उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत में विशेष शिविर आयोजित कर दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाए जाने और पात्र लोगों के पेंशन आवेदन मौके पर ही भरवाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही फैमिली आईडी अभियान की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि अभियान में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा में उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों का चयन पूरी पारदर्शिता से हो और कोई भी पात्र परिवार योजना से वंचित न रहे। चिकित्सा विभाग को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने, आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लोगों का त्वरित पंजीकरण कराने तथा मरीजों को समयबद्ध उपचार देने के निर्देश दिए गए। विद्युत विभाग को निर्देशित किया गया कि शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 72 घंटे के भीतर खराब ट्रांसफार्मर बदले जाएं। साथ ही किसानों को “पहले आओ–पहले पाओ” के आधार पर ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराए जाएं। बैठक में रमा निरंजन, मूलचंद निरंजन, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
भागलपुर के मायागंज अस्पताल में आज एक जेबकतरे को लोगों ने रंगे हाथ पकड़ लिया। घटना, मायागंज अस्पताल के एक्स-रे विभाग के पास की है। कजरैली रजया निवासी नकुल दास इलाज कराने मायागंज अस्पताल पहुंचे थे। वह एक्स-रे कराने के लिए लाइन में खड़े थे। इसी दौरान एक युवक उनकी जेब से पैसे निकालने की कोशिश करने लगा। नकुल दास को जैसे ही अपनी जेब में हलचल महसूस हुई, उन्हें शक हो गया। उन्होंने तुरंत युवक का हाथ पकड़ लिया और शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनते ही आसपास मौजूद मरीजों और उनके परिजनों की भीड़ मौके पर जुट गई। लोगों ने आरोपी युवक को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। सुरक्षाकर्मी ने पुलिस को दी जानकारी सूचना मिलने के बाद अस्पताल के सुरक्षा कर्मी मौके पर पहुंचे और किसी तरह आरोपी युवक को लोगों के चंगुल से छुड़ाया। इसके बाद सुरक्षाकर्मी आरोपी को पकड़कर मायागंज पुलिस कैंप ले गए। मामले की जानकारी बरारी थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और आरोपी युवक को अपने साथ थाने ले गई। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। पकड़े गए युवक ने अपना नाम मोहम्मद पप्पू बताया है। पूछताछ के दौरान उसने अपना घर सकूरा बताया। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल रहा है या नहीं। अस्पताल में दिनदहाड़े हुई इस घटना के बाद मरीजों और उनके परिजनों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता देखी गई। घटना के संबंध में नकुल दास ने बताया, “मैं एक्सरे की लाइन में खड़ा था। इसी दौरान एक व्यक्ति मेरे पॉकेट में हाथ डालने की कोशिश कर रहा था। जैसे ही उसने हाथ डाला, मुझे अंदाजा हो गया और मैंने उसका हाथ पकड़ लिया। मैं इलाज कराने कजरैली रजया से आया था। पकड़े गए व्यक्ति के बारे में मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है। यहां पूछने पर उसने अपना घर सकूरा बताया। अभी मैं पुलिस चौकी में हूं और आवेदन दे रहा हूं।
देवरिया में महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को विश्व हाइपरटेंशन माह पखवाड़ा के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में प्रोफेसरों, जूनियर रेजीडेंट चिकित्सकों और मेडिकल छात्रों ने भाग लिया। इस दौरान उपस्थित लोगों को हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों को नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच कराने की सलाह दी गई। मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. रजनी पटेल ने बताया कि तनावमुक्त जीवनशैली अपनाकर ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखा जा सकता है। उन्होंने लोगों से मानसिक तनाव कम करने और स्वस्थ दिनचर्या अपनाने का आग्रह किया। देखें, 2 तस्वीरें… मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. सिराजुद्दीन अंसारी ने हाइपरटेंशन से बचाव के लिए धूम्रपान से दूर रहने और भोजन में नमक की मात्रा कम रखने की सलाह दी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति का ब्लड प्रेशर लगातार बढ़ा हुआ रहता है, तो उसे तत्काल चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। सीएमएस डॉ. एच.के. मिश्रा ने नियमित व्यायाम को हाई ब्लड प्रेशर नियंत्रण का एक महत्वपूर्ण उपाय बताया। डॉ. अतुल गुप्ता ने छात्रों और आम जनता को हाइपरटेंशन की रोकथाम और बचाव के विभिन्न उपायों के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के समापन पर मेडिकल कॉलेज परिसर से एक जनजागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली के माध्यम से लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर डॉ. अजीतपाल, डॉ. जफर अनीस, डॉ. ओंकार मिश्रा, डॉ. दानिश होदा, डॉ. विजय गुप्ता, नीरज त्रिपाठी, नवीन पांडे, हृदयानंद वर्मा, अमित मिश्रा, मुदित सिंह, हर्षित पुनीत राव, रीता सिंह सहित नर्सिंग स्टाफ और मेडिकल छात्र उपस्थित रहे।
हरदोई के सिलवारी गांव में बुधवार की दोपहर उत्सव भवन का शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर हरदोई लोकसभा क्षेत्र के सांसद जयप्रकाश मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि भरखनी ब्लॉक की ग्राम पंचायत सिलवारी में बनने वाले इस उत्सव भवन में अब मांगलिक कार्यक्रमों के लिए शहर के होटलों जैसी सुविधाएँ मिलेंगी। सांसद ने यह भी घोषणा की कि उत्सव भवन को डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम से जाना जाएगा और यहां एक अंबेडकर वाटिका का भी निर्माण होगा। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सवायजपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास योजनाएँ प्राथमिकता से आती हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती वर्मा ने की। उन्होंने कहा कि उत्सव भवन के निर्माण से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को लाभ मिलेगा, जो बड़े गेस्ट हाउस में अपनी बेटियों का विवाह नहीं करा पाते। उन्हें यह भवन बहुत कम दरों पर उपलब्ध होगा। इस सुविधा से साण्डी, हरपालपुर और भरखनी के लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी। क्षेत्रीय विधायक माधवेन्द्र प्रताप सिंह 'रानू' ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीणों को बारिश या खराब मौसम में मांगलिक कार्यक्रम आयोजित करने में कठिनाई होती थी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सरकार सभी धर्मों और जातियों के लोगों को सुविधाएँ उपलब्ध करा रही है। जिला पंचायत राज अधिकारी विनय सिंह ने बताया कि सिलवारी में जनपद का यह पहला उत्सव भवन होगा। इसका निर्माण 1.40 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 3000 वर्ग मीटर क्षेत्र में किया जाएगा। यह दो मंजिला भवन होगा जिसमें 100 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसमें बिजली, पानी और साज-सज्जा जैसी सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। जिससे ग्रामीण आसानी से मांगलिक कार्यक्रम आयोजित कर सकेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि निर्माण कार्य की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है और इसे छह महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख संघ के प्रदेश अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह 'सेनानी', ब्लॉक प्रमुख भरखनी अंजू सिंह, ब्लॉक प्रमुख साण्डी अनिल राजपूत, बीडीओ भरखनी अशोक दुबे, डॉ. रजनीश त्रिपाठी, ग्राम प्रधान पिंकी देवी और धीरेंद्र सिंह सहित ग्रामीण उपस्थित रहे।
मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के विरोध प्रदर्शन के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुनील तेवतिया ने बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय वर्मा के साथ जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बुधवार सुबह भाकियू (तोमर) ने जिला अस्पताल में कथित अवैध वसूली, दलाली, बाहरी दवाइयां लिखने और मरीजों से सुविधा शुल्क लेने के गंभीर आरोप लगाते हुए सीएमओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया था। संगठन ने चेतावनी दी थी कि यदि पांच दिन के भीतर व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। धरने के कुछ ही देर बाद सीएमओ का अचानक जिला अस्पताल पहुंचना चर्चा का विषय रहा। निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने हड्डी रोग विशेषज्ञ कक्ष, सामान्य ओपीडी, दवा वितरण केंद्र, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे विभाग सहित कई इकाइयों का दौरा किया। उन्होंने मरीजों और उनके तीमारदारों से सीधे बातचीत कर इलाज या जांच के नाम पर पैसे वसूले जाने की जानकारी ली। सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जिला अस्पताल में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार, दलाली या सुविधा शुल्क बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई कर्मचारी, दलाल या अन्य व्यक्ति मरीजों से पैसे लेते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ तत्काल जांच कर कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अस्पताल स्टाफ को निर्देश दिए कि मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी एवं निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। सीएमओ ने यह भी बताया कि अस्पताल में इस तरह के औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे, ताकि व्यवस्थाओं में सुधार हो और मरीजों को राहत मिल सके। भाकियू के प्रदर्शन के बाद स्वास्थ्य विभाग की इस सक्रियता को जिला अस्पताल में बढ़ते दबाव और जनाक्रोश से जोड़कर देखा जा रहा है।
सुलतानपुर में एक डेरी संचालक के खिलाफ पशु क्रूरता के आरोप में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। संचालक अरुण यादव पर दूध न देने वाले 11 गोवंश को डेयरी से बाहर निकालने का आरोप है। यह कार्रवाई पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका संजय गांधी की पहल पर की जा रही है। यह घटना सुलतानपुर शहर के विवेकनगर मोहल्ले की है। आरोप है कि डेरी संचालक अरुण यादव ने नया मकान बनवाने के बाद दूध देने वाली गायों को तो अपने साथ ले गए, लेकिन दूध न देने वाली छह गायों और उनके पांच बच्चों को मोहल्ले में खुला छोड़ दिया। ये गोवंश कई दिनों से भीषण गर्मी में भूखे-प्यासे निराश्रित भटक रहे थे। उनकी दयनीय स्थिति देखकर मोहल्ले के निवासी डॉ. शशिधर मिश्र ने अरुण यादव से बात की, लेकिन उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद डॉ. मिश्र ने पशु प्रेमी और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका संजय गांधी को इस स्थिति से अवगत कराया। सांसद गांधी ने तुरंत जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह और पुलिस अधीक्षक चारु निगम को पूरे मामले की जानकारी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन हरकत में आया। डॉ. शशिधर मिश्र की तहरीर पर एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जिलाधिकारी ने इस प्रकरण में एक जांच समिति भी गठित की है। पालिका और पशुधन विभाग के सहयोग से इन गोवंशों को एसपीसीए पीएफए आश्रय गृह में संरक्षित किया जा रहा है।
रीवा में ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी के विरोध में बुधवार को रीवा शहर सहित जिलेभर के मेडिकल स्टोर बंद रहे। मेडिकल संचालकों की हड़ताल का असर पूरे शहर में देखने को मिला। सुबह से ही मरीज और उनके परिजन दवा लेने के लिए एक दुकान से दूसरी दुकान भटकते नजर आए। शहर के प्रमुख बाजारों, अस्पतालों के आसपास और मोहल्लों में स्थित अधिकांश मेडिकल स्टोरों के शटर बंद रहे, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ऑनलाइन दवा ब्रिक्री का कर रहे विरोधजानकारी के मुताबिक दवा व्यापारियों के संगठन ने ई-फार्मेसी के खिलाफ विरोध दर्ज कराते हुए बंद का आह्वान किया था। उनका कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री से छोटे मेडिकल संचालकों का व्यापार प्रभावित हो रहा है। साथ ही बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयों की आसान उपलब्धता लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन सकती है। इसी मांग को लेकर जिले के मेडिकल संचालकों ने एकजुट होकर दुकानें बंद रखीं। मरीजों और परिजनों को भटकना पड़ारीवा शहर के संजय गांधी अस्पताल, श्याम शाह मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों के आसपास भी मेडिकल बंद रहने से मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। कई लोग जरूरी दवाइयों के लिए घंटों तक इधर-उधर भटकते रहे। कुछ मरीजों ने बताया कि अस्पताल से दवा लिखे जाने के बाद उन्हें खुले मेडिकल की तलाश में कई किलोमीटर तक जाना पड़ा। खासकर बुजुर्ग मरीजों और बच्चों के परिजनों को अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि कुछ अस्पतालों के अंदर संचालित इमरजेंसी मेडिकल स्टोर खुले रहे, जहां सीमित संख्या में दवाइयां उपलब्ध थीं। इसके चलते वहां भी लोगों की भीड़ लगी रही। कई जगह मरीजों और मेडिकल संचालकों के बीच बहस की स्थिति भी बनी। संचालक बोले- छोटे दुकानदारों पर खतरामेडिकल संचालकों का कहना है कि सरकार को ऑनलाइन दवा बिक्री के लिए सख्त नियम बनाने चाहिए। उनका आरोप है कि कई ई-फार्मेसी कंपनियां नियमों का पालन नहीं कर रही हैं, जिससे स्थानीय व्यापार प्रभावित हो रहा है। वहीं आम लोगों का कहना है कि अचानक मेडिकल बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों को उठानी पड़ती है, इसलिए आवश्यक सेवाओं को बंद नहीं किया जाना चाहिए। दिनभर चले इस बंद का असर देर शाम तक देखने को मिला। शहर के अधिकांश मेडिकल स्टोर बंद रहे और लोग जरूरी दवाइयों के लिए परेशान होते रहे।
देसी कट्टा और 5 जिंदा कारतूस बरामद, एक गिरफ्तार:खगड़िया में गोगरी पुलिस का एक्शन, DSP ने दी जानकारी
खगड़िया जिले में अवैध हथियार रखने और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गोगरी थाना पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रात्रि गश्ती के दौरान युवक के पास से एक देशी कट्टा और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए। इस कार्रवाई की जानकारी गोगरी डीएसपी साक्षी कुमारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। डीएसपी साक्षी कुमारी ने बताया कि खगड़िया पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में अवैध हथियार, तस्करी और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत, गोगरी थाना पुलिस मंगलवार देर रात क्षेत्र में गश्त कर रही थी। विश्वकर्मा धर्मकांटा के पास राटन मुख्य सड़क पर पुलिस टीम ने एक संदिग्ध युवक को देखा, जो पुलिस वाहन को देखकर घबरा गया और खेत की ओर भागने लगा। एक देशी कट्टा और पांच जिंदा कारतूस बरामद हुए युवक की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए पुलिस टीम ने तुरंत उसका पीछा किया। खेतों में काफी दूर तक पीछा करने के बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ और तलाशी के दौरान उसके पास से एक देशी कट्टा और पांच जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने मौके पर ही हथियार और कारतूस जब्त कर युवक को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान अभिनव कुमार के रूप में हुई है, जो परमानंदपुर, थाना मुफ्फसिल, जिला खगड़िया निवासी सुनील कुमार पासवान का पुत्र है। पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है, जिसकी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अभियुक्त का संबंध किसी हथियार तस्कर गिरोह से है या नहीं और वह हथियार लेकर किस उद्देश्य से घूम रहा था। पुलिस आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही डीएसपी साक्षी कुमारी ने बताया कि इस मामले में गोगरी थाना में कांड संख्या 155/26 दर्ज किया गया है। अभियुक्त के खिलाफ शस्त्र अधिनियम की धारा 25(1-B)a और 26 के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस उसके आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है। इस सफल कार्रवाई में गोगरी थाना अध्यक्ष अरविंद कुमार, पु0अ0नि0 अवन्ती कुमारी एवं सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जिले में अपराध नियंत्रण और अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा खगड़िया पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध हथियार, संदिग्ध गतिविधि या आपराधिक गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। खगड़िया पुलिस ने एक बार फिर दोहराया कि “जन-जन की सेवा में सदैव तत्पर” रहने के संकल्प के साथ अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
कानपुर सेंट्रल GRP और RPF की ज्वाइंट ऑपरेशन में 15 लाख रुपए कीमत का गांजा बरामद किया है। पुलिस ने मामले में एक उड़ीसा के एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से 12 किलो 695 ग्राम गांजा बरामद हुआ है। GRP और RPF ज्वाइंट ने बुधवार सुबह स्टेशन क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया था। अधिकारियों का कहना है, ये अभियान ट्रेनों में चोरी और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए चलाया जा रहा है। चेकिंग के दौरान कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन के पास हेरिटेज पुल के नजदीक झकरकटी बस अड्डे की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर एक संदिग्ध व्यक्ति को रोका गया। पूछताछ और तलाशी लेने पर उसके ट्रॉली बैग से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राम बहादुर गुंगा पुत्र विम बहादुर गुंगा निवासी डांगा गुडा वार्ड नंबर-7 थाना जयपुर जिला कोरापुट, ओडिशा के रूप में हुई है। आरोपी की उम्र करीब 35 वर्ष बताई गई है।पुलिस के मुताबिक गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपए से अधिक है। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया ओडिशा से गांजा लेकर लखनऊ जाने की तैयारी में था और ट्रेन का इंतजार कर रहा था। जीआरपी ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किस नेटवर्क से जुड़ा है और गांजा की सप्लाई कहां की जानी थी। जिसके बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई करते हुए जेल भेजा जा रहा है।
मऊ बाल संप्रेषण गृह में रोटरी क्लब का अभियान:बच्चों को स्वास्थ्य और शिक्षा का संदेश दिया
मऊ में रोटरी क्लब मऊ ने बुधवार को बाल संप्रेषण गृह में बच्चों के लिए एक विशेष जागरूकता और स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इस पहल का उद्देश्य बच्चों में सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और रचनात्मक विकास को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम के दौरान बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसके अतिरिक्त, चित्रकला प्रतियोगिता, प्रेरक भाषण, संगीत कार्यक्रम और जीवन जीने की कला से संबंधित सत्र भी आयोजित किए गए। वक्ताओं ने बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जुड़कर एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए प्रेरित किया। देखें, 2 तस्वीरें… क्लब के वरिष्ठ सदस्यों में डॉ. एस.सी. तिवारी, कंचन तिवारी, ज्योति सिंह, क्लब अध्यक्ष डॉ. ए.के. सिंह और पूर्व अध्यक्ष प्रदीप सिंह शामिल थे। उन्होंने बच्चों को शिक्षा, अनुशासन और सकारात्मक सोच के महत्व के बारे में बताया। पूर्व अध्यक्ष डॉ. असगर अली सिद्दीकी ने बच्चों के दांतों और मुख का परीक्षण किया, साथ ही उन्हें साफ-सफाई और मौखिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. ए.के. रंजन ने भी बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की और आवश्यक चिकित्सीय सलाह दी। रोटरी क्लब मऊ के सचिव डॉ. एस. खालिद ने सभी अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बच्चों ने भी इस कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और रोटरी क्लब के प्रयासों की सराहना की।
नाबालिग को भगाने का आरोपी 5 महीने बाद गिरफ्तार:कौशांबी पुलिस ने MP से पकड़ा; पीड़िता भी बरामद
कौशांबी की सैनी कोतवाली पुलिस ने पांच महीने पहले एक नाबालिग को भगा ले जाने के आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने आरोपी को मध्य प्रदेश के भिंड से पकड़ा और नाबालिग पीड़िता को भी सकुशल बरामद कर लिया। सैनी कोतवाली पुलिस को 14 जनवरी 2026 को पीड़िता की मां से शिकायत मिली थी। शिकायत में बताया गया था कि उसकी नाबालिग बेटी को झांसी निवासी अजय कुमार भगा ले गया है। इस शिकायत के आधार पर सैनी कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की थी। पांच महीने की तलाश के बाद, 20 मई को पुलिस टीम ने आरोपी अजय कुमार पुत्र पूरन को भिंड जिले के मारपुरा थाना दभो से गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के पास से पीड़िता को भी सुरक्षित बरामद कर लिया। विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद, पुलिस ने बुधवार को आरोपी को जेल भेज दिया है।
मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के तहत कल पहली बार राज्य पक्षी गोडावण के संरक्षण को समर्पित 'गोडावण दिवस' मनाया जाएगा। इस ऐतिहासिक मौके पर आयोजित विशेष कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा तीन दिवसीय जैसलमेर दौरे पर आ रहे हैं। वे आज शाम तक जैसलमेर पहुंच जाएंगे। मंत्री शर्मा गुरुवार सुबह सुदासरी क्षेत्र में गोडावण प्रतिमाओं का अनावरण करेंगे और फिर जैसलमेर के उत्कर्ष जैन भवन में मुख्य समारोह में शामिल होंगे। इसके बाद वे तनोट माता मंदिर और शुक्रवार को रामदेवरा ब्रीडिंग सेंटर का जायजा भी लेंगे। सुदासरी में गोडावण प्रतिमाओं का अनावरण निर्धारित यात्रा कार्यक्रम के अनुसार, दौरे के दूसरे दिन यानी गुरुवार (21 मई) को सुबह 8 बजे वन मंत्री संजय शर्मा डेजर्ट नेशनल पार्क के सुदासरी (सम) क्षेत्र का दौरा करेंगे। वहां वे इस लुप्तप्राय पक्षी के सम्मान में लगाई गई गोडावण प्रतिमाओं का अनावरण करेंगे। इसके बाद सुबह 11:30 बजे जैसलमेर के उत्कर्ष जैन भवन में आयोजित मुख्य 'गोडावण दिवस' समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। तनोट माता दर्शन और रामदेवरा ब्रीडिंग सेंटर का अवलोकन गुरुवार शाम 4:30 बजे मंत्री जैसलमेर से रवाना होकर शाम 6 बजे तनोट पहुंचेंगे और तनोट माता मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। रात्रि विश्राम जैसलमेर में करने के बाद, शुक्रवार (22 मई) सुबह 9:30 बजे वे बाबा रामदेव मंदिर, रामदेवरा में दर्शन करेंगे। इसके ठीक बाद सुबह 10 बजे वे रामदेवरा स्थित गोडावण ब्रीडिंग सेंटर (प्रजनन केंद्र) का अवलोकन कर संरक्षण प्रयासों की समीक्षा करेंगे और दोपहर में वापस जयपुर के लिए रवाना हो जाएंगे। मिनट-टू-मिनट यात्रा कार्यक्रम 20 मई 2026 (बुधवार) 21 मई 2026 (गुरुवार) — गोडावण दिवस 22 मई 2026 (शुक्रवार)
शामली में रेप केस में समझौते का दबाव:दबंगों ने खेत से लौट रहे युवक पर किया हमला, भाई का हाथ तोड़ा
शामली के बनत कस्बे में पोक्सो एक्ट के एक मामले में समझौता न करने पर खेत से लौट रहे युवक पर हमला कर दिया गया। बीच-बचाव करने पहुंचे उसके भाई को भी आरोपियों ने बेरहमी से पीटा। हमले में एक युवक का हाथ टूट गया, जबकि दूसरे के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि कोर्ट में चल रहे पोक्सो मामले में फैसला करने का दबाव बनाने के लिए यह हमला किया गया। घटना आदर्श मंडी थाना क्षेत्र के बनत कस्बे की है। पीड़ित पक्ष के अनुसार, नाबालिग लड़की से जुड़े पोक्सो एक्ट मामले में पहले ही एक आरोपी जेल भेजा जा चुका है। मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है और जल्द ही इसमें सजा सुनाई जानी है। रास्ते में घेर करके मारा आरोप है कि इसी मामले में समझौते का दबाव बनाने के लिए आरोपी पक्ष के रवि पुत्र प्रमोद, शुभम पुत्र जयवीर, विजय पुत्र प्रमोद, अंकित पुत्र जयवीर, अजय पुत्र जयवीर, विशाल पुत्र सहेंद्र कुमार समेत दो अज्ञात लोगों ने खेत से लौट रहे युवक को रास्ते में घेर लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित का भाई जब उसे बचाने पहुंचा तो आरोपियों ने उसके साथ भी मारपीट की। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद घायल दोनों युवक परिजनों के साथ आदर्श मंडी थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने दोनों घायलों का मेडिकल परीक्षण कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़ितों का आरोप है कि आरोपी पक्ष कोर्ट में चल रहे पोक्सो मामले में समझौता कराने के लिए लगातार दबाव बना रहा था और इंकार करने पर हमला किया गया।
पीलीभीत में फायरिंग के 3 आरोपी गिरफ्तार:अवैध तमंचे और कारतूस भी बरामद, दो दिन पहले की थी वारदात
पीलीभीत पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत बीसलपुर कोतवाली पुलिस ने फायरिंग के मामले में वांछित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से अवैध हथियार और कारतूस भी बरामद किए हैं। क्षेत्राधिकारी (सीओ) बीसलपुर, विधि भूषण मौर्य ने बताया कि पुलिस टीम ने ग्राम उल्लिका पुलिया के पास से इन आरोपियों को पकड़ा। सीओ विधि भूषण मौर्य के अनुसार, यह मामला 18 मई 2026 का है। ग्राम डकिया महक निवासी लेखराज पुत्र बाबूराम ने बीसलपुर थाने में तहरीर दी थी। लेखराज ने आरोप लगाया था कि लाल सिंह उर्फ छोटू, मान सिंह और ओमपाल उर्फ उपदेश ने उनके साथ मारपीट की, गाली-गलौज की और जान से मारने की नीयत से तमंचे से फायरिंग की। इस तहरीर के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1)/115(2)/352 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान लाल सिंह उर्फ छोटू पुत्र राजेन्द्र प्रसाद (निवासी ग्राम सिमरा अकबरगंज, बीसलपुर), मान सिंह पुत्र राजेन्द्र प्रसाद (निवासी ग्राम सिमरा अकबरगंज, बीसलपुर) और ओमपाल उर्फ उपदेश पुत्र शिवशंकर दयाल (निवासी ग्राम डकिया महक, बीसलपुर) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल हथियार भी बरामद किए हैं। लाल सिंह के पास से एक अवैध देशी तमंचा 315 बोर, एक खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस मिला। मान सिंह के पास से एक अवैध तमंचा 12 बोर और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। तीसरे आरोपी ओमपाल उर्फ उपदेश के पास से घटना में प्रयुक्त लकड़ी का डंडा मिला है। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक सतीश चन्द्र शर्मा, उपनिरीक्षक मोहित सिंह, हेड कांस्टेबल मुनेश कुमार, कांस्टेबल परमजीत और कांस्टेबल पुष्पेन्द्र शामिल थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है।
बाइक चोर को पुलिस ने जेल से पकड़ा:चोरी की 6 बाइक बरामद, भीमगंज पुलिस ने ही जेल भेजा था
भीलवाड़ा की भीमगंज थाना पुलिस ने महात्मा गांधी अस्पताल परिसर से बाइक चुराने के मामले में गिरोह के सरगना को रोडक्शन वारंट के जरिये जिला जेल से गिरफ्तार किया है। उसकी निशानदेही पर 6 बाइक भी बरामद की है।इससे पहले अस्पताल से बाइक चोरी करने वाले को पुलिस ने गिरफ्तार कर एक बाइक बरामद की थी। यह था मामला भीमगंज सीआई सुनीलकुमार चौधरी ने बताया की मेडिकल कॉलेज भीलवाड़ा में कार्यरत कोटा हाल सुभाषनगर निवासी डॉ. संजय जैन ने एमजी अस्पताल परिसर से अपनी बाइक चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। जिसमे उन्होंने बताया कि 16 जुलाई 2025 को सुबह 7:45 बजे उन्होंने अपनीकाले रंग की बाइक अस्पताल परिसर में खड़ी की थी। दोपहर 2 बजे जब वे वापस लौटे, तो बाइक वहां से गायब थी। पुलिस ने इस मामले में बैरा (बागौर) निवासी श्यामलाल गुर्जर को पकड़ा और बाइक जब्त की थी। चोरी की 6 बाइक बरामद पूछताछ में उसने बताया कि ये बाइक उसने मांडल थाना क्षेत्र के भादू निवासी सत्यनारायण उर्फ विक्रमसिंह दरोगा से खरीदी थी। पुलिस ने सत्यनारायण दरोगा को जिला जेल से प्रोडक्शन वारंट के जरिये गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर 6 बाइक बरामद की गई। गौरतलब है कि शातिर वाहन चोर सत्यनारायण दरोगा को भीमगंज पुलिस ने ही बीते 14 मई को एक अन्य चोरी के मामले में गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था।
राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ की डीडवाना उपशाखा ने जल जीवन मिशन (JJM) योजना में व्याप्त गंभीर विसंगतियों और विभागीय लापरवाही के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। संघ ने मुख्यमंत्री के नाम विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर योजना से जुड़े कार्यों के बहिष्कार का निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक योजना की कमियों को दूर नहीं किया जाता, तब तक ग्राम विकास अधिकारी (VDO) जल जीवन मिशन से संबंधित किसी भी कार्य में सहयोग नहीं करेंगे। ज्ञापन में बताया गया है कि क्षेत्र के कई गांवों में 'हर घर जल' योजना के तहत अभी तक पूर्ण रूप से कनेक्शन नहीं हो पाए हैं। जिन गांवों में कनेक्शन दिए गए हैं, वहां भी ग्रामीणों को नियमित और पर्याप्त पेयजल आपूर्ति नहीं मिल रही है। अधिकारियों ने आरोप लगाया कि पीएचईडी द्वारा करवाया गया निर्माण कार्य केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। संघ के अनुसार पाइप लाइनों में लीकेज और घटिया सामग्री के उपयोग के कारण योजना का लाभ आमजन तक नहीं पहुंच पा रहा है। संघ ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग अपनी जवाबदेही से बचने के लिए योजना की विफलताओं का दोष ग्राम पंचायतों पर थोपने का प्रयास कर रहा है, जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इस दौरान जिला मंत्री मोहन प्रजापत, अध्यक्ष राकेश मिर्धा, मंत्री पूर्ण सिंह, उपाध्यक्ष प्रवेंद्र शर्मा, हरि सिंह, रामनिवास मंडा, किसना राम सियाक, हरिराम, मोहन चाहर, रामेंद्र कुमावत और सुनील कुमावत सहित बड़ी संख्या में ग्राम विकास अधिकारी उपस्थित थे।
खरीफ सीजन के बीज मिनीकिट की बुकिंग फिर शुरू:बलिया में 24 मई तक कर सकेंगे आवेदन, ई लॉटरी से होगा चयन
बलिया में खरीफ सीजन 2026 के लिए सामान्य, संकर और बीज मिनीकिट की ऑनलाइन बुकिंग फिर से शुरू हो गई है। उप कृषि निदेशक मनीष कुमार सिंह ने बताया कि किसान 18 मई 2026 से कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट agriculture.up.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 24 मई 2026 निर्धारित की गई है। किसान विभिन्न योजनाओं के तहत दलहन फसलों जैसे उड़द, मूंग और अरहर के साथ-साथ तिल, बाजरा, ज्वार और मक्का के बीज मिनीकिट बुक कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, श्री अन्न फसलों में ज्वार, बाजरा, रागी, सांवा और कोदो के मिनीकिट भी उपलब्ध हैं। ढैंचा बीज तथा सामान्य एवं संकर धान बीज की बुकिंग की सुविधा भी प्रदान की गई है। सफलतापूर्वक बुकिंग के लिए किसानों का कृषि विभाग में पंजीकरण होना अनिवार्य है। इच्छुक किसान निर्धारित समय सीमा के भीतर वेबसाइट पर जाकर अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। उप कृषि निदेशक ने बताया कि यदि निर्धारित लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं, तो लाभार्थियों का चयन ई-लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने किसानों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है और अधिक जानकारी के लिए क्षेत्रीय कृषि कर्मचारियों या निकटतम कृषि कार्यालय से संपर्क करने की सलाह दी है।
बिजनौर में बिजली का तार कार पर गिरा, VIDEO:खड़ी स्विफ्ट में लगी आग, दमकल की टीम ने काबू पाया
बिजनौर शहर कोतवाली क्षेत्र के सिविल लाइन इलाके में बुधवार दोपहर एक खड़ी स्विफ्ट कार पर बिजली का तार टूटकर गिर गया। इससे कार में आग लग गई। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तार गिरने के तुरंत बाद स्विफ्ट कार में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। इस घटना के बाद आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई, क्योंकि यह शहर का एक व्यस्त इलाका है। देखें, 4 तस्वीरें… प्रतीक जैन के पेट्रोल पंप पर कार्यरत कर्मचारियों ने तत्काल आग बुझाने वाले सिलेंडरों का उपयोग कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। उन्होंने बिजली विभाग को भी सूचित किया, जिसके बाद तार में आ रही बिजली बंद कर दी गई। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। हालांकि, तब तक कार का काफी हिस्सा जलकर राख हो चुका था। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और एक बड़ा हादसा टल गया। यह इलाका हर समय लोगों की भीड़ से भरा रहता है, जिससे बड़े हादसे की आशंका थी। यह कार टेलीफोन कॉलोनी निवासी मौसम चौधरी पुत्र धर्मवीर सिंह की बताई जा रही है।
धार की भोजशाला को लेकर जिला एवं पुलिस प्रशासन ने संयुक्त एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने सभी नागरिकों से शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। एसपी सचिन शर्मा ने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा जारी सभी आदेशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। दरअसल हाईकोर्ट के फैसले के बाद महौल तनापूर्ण न हो इसके लिए प्रशासन ने एहतियातन लोगों से शांति की अपील की है। आदेशों का उल्लंघन किया तो होगी कार्रवाईएसपी सचिन शर्मा ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के निर्देशों के विपरीत किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि कोई व्यक्ति या संगठन आदेशों का उल्लंघन करता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर भ्रामक, भड़काऊ और अप्रमाणित सामग्री प्रसारित करने वालों पर प्रशासन लगातार निगरानी रख रहा है। ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, मीडिया प्रतिनिधियों से तथ्यात्मक और जिम्मेदार रिपोर्टिंग करने का आग्रह किया गया है। भोजशाला परिसर के आसपास रहेगा पुलिस बल तैनातएसपी ने जानकारी दी कि भोजशाला परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। जिले में कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की सतत निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने सभी समुदायों से सहयोग की अपील करते हुए न्यायिक प्रक्रिया, विधि व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द का सम्मान बनाए रखने का आग्रह किया है। दरअसल हाईकोर्ट के फैसले के बाद 22 मई को पहला शुक्रवार पड़ेगा। इस दिन हिंदू संगठन के लोगों ने भोजशाला में पूजा की तैयारी की हुई है। अभी तक शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज अदा करते थे।
बलिया में पूर्व प्रधानमंत्री और 'यंग इंडियन' पत्रिका के संपादक चंद्रशेखर की जन्मशताब्दी के अवसर पर 28 मई को एक संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम की तैयारियां तेज हो गई हैं, जिसके तहत बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट आशाराम वर्मा ने कार्यक्रम स्थल बापू भवन टाउन हॉल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आयोजन समिति के सदस्य अनिल सिंह और आशीष प्रताप सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सिटी मजिस्ट्रेट ने कार्यक्रम की रूपरेखा, व्यवस्थाओं और आगंतुकों की सुविधाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की। समिति के सदस्यों ने सिटी मजिस्ट्रेट को बताया कि बापू भवन टाउन हॉल 1942 के आंदोलन सहित कई ऐतिहासिक घटनाओं का गवाह रहा है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के इस स्थल से विशेष लगाव का जिक्र करते हुए इसकी जीर्ण-शीर्ण अवस्था पर चिंता व्यक्त की और इसके जीर्णोद्धार का निवेदन किया। सिटी मजिस्ट्रेट ने इस संबंध में सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया। 'यंग इंडियन' पत्रिका को केवल एक प्रकाशन नहीं, बल्कि एक ऐसी विचारधारा और आंदोलन का प्रतीक माना जाता है, जिसने समाज के सभी वर्गों, विशेषकर युवाओं की सोच और आकांक्षाओं को आवाज दी। आयोजन समिति के अनुसार, संगोष्ठी में पत्रकारिता, लोकतंत्र, युवा चेतना और चंद्रशेखर के वैचारिक योगदान पर विशेष विमर्श होगा। समिति का मानना है कि यह आयोजन युवाओं को वैचारिक रूप से जागरूक करने और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।
प्रतापगढ़ में दुष्कर्म और अपहरण के आरोपी गुलजार अहमद को पुलिस हिरासत से छुड़ाने का प्रयास किया गया। इस दौरान पुलिस के सरकारी कार्य में बाधा डाली गई और आरोपी को जान से मारने की धमकी भी दी गई। दरोगा विजय कुमार यादव की तहरीर पर पुलिस ने 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। घटना मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे की है। मुकदमे के विवेचक दरोगा विजय कुमार यादव अपनी टीम के साथ आरोपी गुलजार अहमद को मेडिकल परीक्षण के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पट्टी ले जा रहे थे। आरोपी को पुलिस जीप में बैठाकर अस्पताल लाया गया, जहां मेडिकल से पहले ही अचानक तनावपूर्ण स्थिति बन गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मौके पर मौजूद 10 से 12 अज्ञात लोग अचानक उत्तेजित हो गए। उन्होंने आरोपी के खिलाफ गाली-गलौज की और पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता करते हुए उसे सरकारी वाहन से जबरन बाहर खींचने का प्रयास किया। इस दौरान भीड़ ने आरोपी के साथ मारपीट करने की भी कोशिश की, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। आरोपी गुलजार की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही बजरंग दल के दर्जनों कार्यकर्ता पट्टी कोतवाली पहुंच गए थे। उन्होंने कोतवाली का घेराव कर हंगामा किया। जब पुलिस आरोपी को सीएचसी पट्टी मेडिकल के लिए ले गई, तो बजरंग दल के कार्यकर्ता उग्र हो गए। उन्होंने आरोपी गुलजार को पुलिस जीप से उतारने और पीटने का प्रयास किया। कार्यकर्ताओं ने आरोपी पर 'लव जिहाद' का गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया और आरोपी गुलजार को जेल भेज दिया। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, हमला करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। आरोपी गुलजार पट्टी कस्बे में कपड़े की दुकान चलाता है।
मैहर जिले में ड्यूटी के दौरान सड़क हादसे का शिकार हुए अमदरा थाना प्रभारी (TI) टीकाराम कुर्मी को बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से दिल्ली भेजा गया है। सोमवार-मंगलवार की रात हुए इस हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसा NH-30 पर रोहनिया के पास हुआ। टीआई टीकाराम कुर्मी अपनी टीम के साथ एक सड़क दुर्घटना के बाद बचाव कार्य में लगे थे। वे एक ट्रैक्टर में फंसे ड्राइवर को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे थे, तभी पीछे से आए एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। दोनों पैरों में आई गंभीर चोटें ट्रक की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि टीआई कुर्मी सड़क पर गिर गए और उनका बायां पैर ट्रक के टायर के नीचे आ गया। हादसे में उनके दोनों पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें पहले कटनी और फिर वहां से जबलपुर रेफर किया गया था। दिल्ली एम्स में होगा इलाज जबलपुर के निजी अस्पताल में शुरुआती इलाज के बाद डॉक्टर्स ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाने की सलाह दी। बुधवार को प्रशासन ने एयर एंबुलेंस का इंतजाम किया और उन्हें दिल्ली एम्स (AIIMS) पहुंचाया गया। वर्तमान में विशेषज्ञ डॉक्टर्स की देखरेख में उनका इलाज जारी है। पुलिस विभाग के आला अधिकारियों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
धौलपुर में तापमान 46 डिग्री के पास:भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित, लोग परेशान
धौलपुर जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। पिछले पांच दिनों से तापमान लगातार 46 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण सड़कें सूनी पड़ गई हैं। दोपहर के समय बाजारों और मुख्य मार्गों पर सन्नाटा पसरा रहता है। लोग केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। गर्मी का सबसे अधिक असर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों पर पड़ रहा है। इस भीषण गर्मी का प्रभाव केवल इंसानों पर ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षियों और वन्यजीवों पर भी स्पष्ट दिख रहा है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बंदर पानी की तलाश में भटकते नजर आ रहे हैं। कई स्थानों पर वे पेड़ों की छांव और इमारतों के किनारों में बैठकर गर्मी से राहत पाने का प्रयास कर रहे हैं। पानी की कमी और तीव्र धूप से बेजुबान जानवर भी बेहाल हैं। प्रशासन और सरकार द्वारा लगातार एडवाइजरी जारी की जा रही है। लोगों को दोपहर के समय घरों में रहने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने भी हीटवेव के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। गर्मी से बचने के लिए लोग विभिन्न उपाय अपना रहे हैं। कई लोग सिर पर गमछा या टोपी लगाकर निकल रहे हैं, जबकि अन्य ठंडे पेय पदार्थों और छाया का सहारा ले रहे हैं। शहर में कई स्थानों पर प्याऊ और ठंडे पानी की व्यवस्था भी की गई है, जिससे राहगीरों को कुछ राहत मिल रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल गर्मी से तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है। आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि हो सकती है, जिससे स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ रही है।
गुरुग्राम में NH-48 पर इफ्को चौक के पास फ्लाईओवर पर एक चलती थार गाड़ी में भीषण आग लग गई। इस दौरान गाड़ी चला रहे बलराम ने तुरंत कूदकर अपनी जान बचाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी गाड़ी लपटों में घिर गई। घटना के कारण सड़क पर वाहनों की लंबा जाम लग गया। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक थार गाड़ी लगभग पूरी तरह जल चुकी थी। फायर कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। शॉर्ट सर्किट से लगी आग राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। यह थार गाड़ी कादरपुर निवासी राम निवास की बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। पुलिस ने यातायात सामान्य करवाकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
गुरुग्राम में NH-48 पर चलती थार में लगी आग:ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान, शॉर्ट सर्किट से हादसे की आशंका
गुरुग्राम में एनएच-48 पर इफ्को चौक के पास फ्लाईओवर पर एक चलती कार में भीषण आग लग गई। इस दौरान गाड़ी चला रहे बलराम ने तुरंत कूदकर अपनी जान बचाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी गाड़ी लपटों में घिर गई। घटना के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक थार गाड़ी लगभग पूरी तरह जल चुकी थी। फायर कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। शॉर्ट सर्किट से लगी आगराहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। यह थार गाड़ी कादरपुर निवासी राम निवास की बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। पुलिस ने यातायात सामान्य करवाकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
छठे राज्य वित्त आयोग की ग्वालियर में बैठक:जनप्रतिनिधियों से विकास, लीकेज रोकने पर मांगे सुझाव
प्रदेश में नवगठित छठवां राज्य वित्त आयोग बुधवार को ग्वालियर प्रवास पर रहा। आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया की अध्यक्षता में शहर में पहली बैठक आयोजित की गई। इसमें शहर के विकास से जुड़े कई मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों से चर्चा की गई। साथ ही अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से सुझाव भी लिए गए। बैठक के बाद पवैया ने कहा कि राज्य वित्त आयोग इस समय प्रदेश के संभागीय केंद्रों का दौरा कर रहा है। सागर के बाद बुधवार को ग्वालियर में संभागीय बैठक आयोजित की गई, जबकि गुरुवार को चंबल में बैठक होगी। उन्होंने बताया कि अधिकारियों की बैठक से पहले ग्वालियर के जनप्रतिनिधियों, विभिन्न प्राधिकरणों, निकायों के अध्यक्षों और महापौर से सुझाव लिए गए। पवैया ने कहा ने कहा कि चर्चा का मुख्य विषय नगरीय और पंचायत निकायों में नियोजित एवं गुणवत्तापूर्ण विकास रहा। विकास कार्यों में होने वाले लीकेज को रोकने और वित्तीय संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी सुझाव मांगे गए। पवैया ने कहा कि केवल वित्त उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका सही उपयोग भी जरूरी है। उन्होंने निकायों की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली पर उठने वाले सवालों का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वायत्तशासी निकायों को अपने राजस्व के स्रोत भी बढ़ाने चाहिए। केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाले फंड के अलावा निकायों को स्वयं भी आय बढ़ाने के प्रयास करने होंगे। राज्यपाल को सौंपेंगे प्रतिवेदन पवैया ने कहा कि जनप्रतिनिधियों से मिले सुझाव महत्वपूर्ण हैं। अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय के अभाव में कई बार अनियोजित विकास होता है। नियोजित विकास के लिए सभी विभागों को मिलकर संयुक्त योजना बनानी होगी, ताकि बिखरे हुए विकास की स्थिति न बने। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग कोई विभाग या सरकार नहीं है, बल्कि सुझाव एकत्र करने वाली संस्था है। आयोग द्वारा तैयार प्रतिवेदन राज्यपाल को सौंपा जाएगा, जिस पर सरकार आमतौर पर अमल करती है। इसका लाभ निकायों को मिलता है। शहर के विकास कार्यों को लेकर चर्चामहापौर शोभा सिकरवार ने कहा कि बैठक में नगर निगम और शहर के विकास कार्यों को लेकर चर्चा हुई। सभी जनप्रतिनिधियों ने अपनी राय रखी और शहर के लिए अतिरिक्त फंड की मांग की। उन्होंने कहा कि फंड की कमी के कारण कई काम लंबित हैं। साथ ही नगर निगम की आय बढ़ाने के नए स्रोतों पर भी चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि फिलहाल पहली बैठक हुई है। आगे एक और बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें अन्य सुझाव लिए जाएंगे, ताकि शहर के विकास को गति मिल सके।
मैनपुरी में एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली। मृतक की पत्नी ने बैंक मैनेजर पर लोन की किस्त जमा कराने के लिए लगातार दबाव बनाने और सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। गांव निवासी रामानंद (55) का शव गांव से करीब 500 मीटर दूर एक नीम के पेड़ पर अंगौछे के फंदे से लटका मिला। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। जांच-पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मामला कोतवाली क्षेत्र के नगला गुरुबख्श गांव का है। मृतक की पत्नी शांती देवी के अनुसार, रामानंद ने वर्ष 2023 में बेटी की शादी के लिए बैंक से करीब 90 हजार रुपये का लोन लिया था। शुरुआती किस्तें समय पर जमा की गईं, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण पिछले कुछ महीनों से भुगतान नहीं हो पा रहा था। शांती देवी का आरोप है कि इसके बाद बैंक मैनेजर और उसका एक साथी लगातार घर आकर किस्त जमा करने का दबाव बना रहे थे। उनका कहना है कि 14 मई की रात बैंक मैनेजर ने गांव वालों के सामने उनके पति को कथित तौर पर अपमानित किया और गाली-गलौज की। इसके बाद से रामानंद तनाव में रहने लगे थे और उन्होंने खाना-पीना भी छोड़ दिया था। परिजनों का आरोप है कि मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर ही रामानंद ने आत्महत्या की। शांती देवी ने बैंक मैनेजर समेत दो लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को तहरीर दी है। उन्होंने परिवार की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए बाकी लोन माफ करने की भी मांग की है। सीओ सिटी संतोष कुमार ने बताया कि मृतक की पत्नी की शिकायत मिली है। मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरवनखेड़ा में बाल संरक्षण, 'बेटी बचाओ' पर बैठक:बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा और अधिकारों पर हुई चर्चा
कानपुर देहात के विकासखण्ड सरवनखेड़ा में बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति तथा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत एक बैठक आयोजित की गई। 20 मई 2026 को हुई इस बैठक की अध्यक्षता प्रभारी खण्ड विकास अधिकारी विमल सचान ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य बाल अधिकारों, बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा और संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करना था। प्रभारी खण्ड विकास अधिकारी विमल सचान ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से समाज में लिंग आधारित भेदभाव को समाप्त करने और बालिकाओं को शिक्षा व सुरक्षा प्रदान करने की अपील की। स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी हर्ष मोहन सचान ने पीसीपीएनडीटी एक्ट-1994 के प्रावधानों और कन्या भ्रूण जांच पर होने वाली दंडात्मक कार्रवाई के बारे में बताया। सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) ने किशोर न्याय अधिनियम-2015 और नियमावली-2016 के तहत बालकों की देखरेख, संरक्षण और पुनर्वास से जुड़े प्रावधानों पर प्रकाश डाला। सामाजिक कार्यकर्ता दीपिका सिंह सेंगर ने पॉक्सो एक्ट-2012, बाल विवाह के दुष्परिणामों और थानों में संचालित महिला हेल्पडेस्क की भूमिका पर जानकारी दी। जिला मिशन समन्वयक प्रतिमा श्रीवास्तव ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के उद्देश्यों पर चर्चा की। उन्होंने गुड टच-बैड टच, बालिकाओं की सुरक्षा और विद्यालयों में जागरूकता अभियान चलाने पर विशेष जोर दिया। जेंडर स्पेशलिस्ट निधि यादव ने महिला कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं जैसे निराश्रित महिला पेंशन, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और घरेलू हिंसा पीड़ित महिलाओं को मिलने वाली सहायता के बारे में बताया। इस दौरान आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 181, 1090, 112, 1098 और 1076 के प्रति भी लोगों को जागरूक किया गया। बैठक के समापन पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की शपथ दिलाई गई। योजना के प्रचार-प्रसार के लिए पम्पलेट और स्टीकर भी वितरित किए गए।
मिर्जापुर जनपद की एक युवती ने शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने और गर्भवती होने पर छोड़ देने का आरोप लगाया है। कार्रवाई न होने से नाराज पीड़िता बुधवार को गोपीगंज थाने के सामने सड़क पर धरने पर बैठ गई। पुलिस ने उसे समझा-बुझाकर हटाया। पीड़िता के अनुसार, गोपीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बीरनई निवासी एक युवक ने उसे शादी का आश्वासन देकर कई वर्षों तक संबंध बनाए। बाद में युवती को पता चला कि आरोपी पहले से शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। जब युवती चार माह की गर्भवती हुई, तो आरोपी ने उस पर गर्भपात का दबाव डाला। युवती के विरोध करने पर उसने संबंध तोड़ दिए। पीड़िता ने बताया कि जब वह आरोपी के घर गई, तो युवक और उसके परिजनों ने उसके साथ मारपीट की और उसे भगा दिया। इस घटना के बाद उसने 11 मई को गोपीगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, कोई कार्रवाई न होने से निराश होकर वह बुधवार को थाने के सामने सड़क पर धरने पर बैठ गई। इस दौरान कुछ देर के लिए आवागमन बाधित हुआ और मौके पर भीड़ जमा हो गई। इस मामले में प्रभारी निरीक्षक शैलेश राय ने जानकारी दी कि जब महिला पहली बार थाने आई थी, तब उसे मुकदमा दर्ज कराने के लिए कहा गया था, लेकिन उसने मना कर दिया था। उन्होंने बताया कि आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। फिलहाल, दी गई तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सुल्तानपुर शहर के पं. राम नरेश त्रिपाठी सभागार में बुधवार को यूथ कांग्रेस द्वारा 'लीक तंत्र हटाओ' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व यूथ कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अरबाज खान ने किया। इस दौरान यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार पर निशाना साधा। मीडिया से बात करते हुए चिब ने कहा कि राहुल गांधी ने मार्च में ही संभावित संकट के प्रति आगाह किया था। हालांकि, भाजपा उस समय चुनाव प्रबंधन और चुनाव जीतने में व्यस्त थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अब प्रधानमंत्री मोदी लोगों से तेल बचाने, विदेश न जाने और सोना न खरीदने की अपील कर रहे हैं। चिब ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा तेल बचाने की अपील के दो घंटे बाद ही रोड शो करने को 'ड्रामा' करार दिया। उन्होंने तर्क दिया कि रोड शो में इस्तेमाल होने वाले वाहन पानी से नहीं चलते। उन्होंने आगे कहा कि पिछले दस वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी छह बार लोगों से देश बचाने की अपील कर चुके हैं। चिब ने सवाल किया, जब जनता को ही सब कुछ करना है, तो आप सत्ता में क्यों हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी हमेशा देश के लोगों को संकट में डालते हैं, जबकि वे अपने अमीर सहयोगियों को और धनी बनाने में लगे हैं। चिब ने 2024 के चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस सरकार आने पर लोगों से उनके मंगलसूत्र छीन लिए जाएंगे। चिब ने पूछा कि आज जिन माता-पिता की बेटी की शादी होगी, क्या वे मंगलसूत्र खरीदेंगे या नहीं? उन्होंने कटाक्ष किया कि इसका अर्थ है कि मंगलसूत्र छीनने वाली पार्टी भाजपा और मोदी ही हैं। इस बीच, कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने भी मीडिया से बातचीत की। उन्होंने राहुल गांधी के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव के दौरान सत्ता पक्ष द्वारा अंधाधुंध खर्च किया गया। अब चुनाव समाप्त होते ही इसका पूरा बोझ पेट्रोल, डीजल और गैस के दाम बढ़ाकर जनता पर डाला जा रहा है। पुनिया ने वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए बताया कि 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' मार्ग के बंद होने और चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर 20% से अधिक तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश के पास पर्याप्त स्टॉक है, लेकिन एक से तीन महीने के भीतर यह स्टॉक कम होने लगेगा, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सचिव बीपी सिंह, फिरोज अहमद, वरुण मिश्रा, तेज बहादुर पाठक समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
धुरंधर मूवी में प्लेबैक से सुर्खियां बटोरने वाले पंजाबी सिंगर खान साब अपने नए गीत पागल नईं होणा की शूटिंग के दौरान घायल हो गए। एक सीन के दौरान कांच में सिर मारने के शॉर्ट के दौरान कांच उनके माथे में चुभ गया और वो लहूलुहान हो गए। उनके माथे पर टांके लगे हैं। क्रू मैंबर ने उनको संभाला और टिशू पेपर से खून को साफ किया। खान साब ने शूटिंग के दौरान हुई इस घटना को अपने इंस्टा पर शेयर करते हुए का कि मैं अपने किरदार में बहुत डूब चुका था। कांच भी मोटा था और मैंने जोर से सिर मार दिया, जिससे कांच टूटकर माथे में चुभ गया। मगर चोट का दर्द अब कम हो रहा है। क्योंकि लोग मेरी एक्टिंग की भी तारीफ कर रहे हैं। खान बोले- सच्चा कलाकार वही, जो किरदार में खुद को भुला देखान साब ने शूटिंग कहां हो रही थी, इसके बारे में खुलासा नहीं किया। लेकिन इतना कहा कि कोई बात नहीं, माफी की बिल्कुल जरूरत नहीं है। जब कोई कलाकार अपने आर्ट या काम में पूरी रूह से डूब जाता है, तब ही ऐसी दमदार और यादगार चीजें निकलकर आती हैं। एक सच्चे कलाकार की पहचान ही यही है कि वो अपने किरदार में इस कदर खो जाए कि उसे नफा-नुकसान का होश ही न रहे। माथे से खून बहता देख परिवार दुखी हुआसिंगर ने कहा कि आपका यही जुनून और सच्चाई इस गाने को सबसे अलग और खतरनाक बनाती है। जब ऑडियंस इस तरह की शिद्दत और सच्चा जज्बा देखती है, तो वो सीधा दिल को छूता है। हालांकि इस शॉर्ट के लिए मैं अपने परिवार से भी माफी मांगता हूं, क्योंकि उनको मेरे माथे से खून निकलता देख काफी दुख हुआ है। हम खबर को अपडेट कर रहे हैं…
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश ने 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण को लेकर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर 90 दिनों के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी कर अभ्यर्थियों को न्याय दिलाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता में आते ही जातीय जनगणना कराई जाएगी।
385 युवाओं का प्रारंभिक चयन:बलरामपुर रोजगार मेले में 13 कंपनियों ने दिए अवसर
बलरामपुर में युवाओं को रोजगार से जोड़ने और कौशल विकास के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला सेवायोजन कार्यालय द्वारा एम.एल.के.पीजी कॉलेज में एक वृहद रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में जिलेभर से आए लगभग 750 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 385 युवाओं का विभिन्न कंपनियों द्वारा प्रारंभिक चयन किया गया। रोजगार मेले का उद्घाटन सदर विधायक पल्टूराम ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर महाविद्यालय प्रबंध समिति के सचिव कर्नल संजीव कुमार वाष्र्णेय, एनसीसी 51वीं बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल ए०पी०पटलवाल, प्राचार्य प्रो०जे०पी०पाण्डेय और जिला सेवायोजन अधिकारी मीता गुप्ता उपस्थित रहे। विधायक पल्टूराम ने विभिन्न कंपनियों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और उपलब्ध रिक्तियों की जानकारी ली। उन्होंने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में कौशल प्रशिक्षण ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। उन्होंने जनपद में सेवायोजन विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना भी की। मेले में कुल 13 प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया। इन कंपनियों ने इलेक्ट्रीशियन, सुपरवाइजर, मशीन ऑपरेटर, स्टोर कीपर, कंप्यूटर ऑपरेटर, हेल्पर, सेल्समैन, एमआर, बीमा सखी एजेंट और ऑफिस बॉय सहित कुल 1059 पदों पर भर्ती प्रक्रिया संचालित की। तकनीकी एवं गैर-तकनीकी दोनों क्षेत्रों में युवाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। अधिकांश कंपनियों ने आईटीआई एवं डिप्लोमा धारक अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए रोजगार मेले में समाज कल्याण विभाग की मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना, जिला उद्योग कार्यालय और लीड बैंक इंडियन बैंक द्वारा भी स्टॉल लगाए गए। यहां युवाओं ने जानकारी प्राप्त की और पंजीकरण कराया। इस दौरान विधायक द्वारा जनपद के विभिन्न विभागों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से चयनित कार्मिकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। साथ ही, विभिन्न कंपनियों द्वारा चयनित सात अभ्यर्थियों को मौके पर ही ऑफर लेटर सौंपे गए। जिला सेवायोजन अधिकारी मीता गुप्ता ने कहा कि युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त करने के लिए गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण लेना होगा। उन्होंने जोर दिया कि अच्छे संस्थानों से तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण युवाओं के भविष्य को नई दिशा दे सकते हैं। रोजगार मेले में सिस्का इलेक्ट्रिकल एंड मैनेजमेंट, गुडवेल इंडिया मैनेजमेंट ग्रुप, मैनपावर ग्रुप सर्विसेस इंडिया, ब्राइट फ्यूचर ऑर्गेनिक हर्बल्स एंड आयुर्वेदिक, केयर हेल्थ नर्सेस, डिसेटस, यूमोजा मार्केट प्लेस टेक्नोलॉजी, एलआईसी, पेरैग्राईन गार्डिंग प्रा०लि०, आईडिजिटल प्रेन्योर, अनन्या स्किल एज, एशियन इलेक्ट्रॉनिक्स रिक्रूटमेंट कम्पनी और डिस्कन टेक्नोलॉजीज इंडिया प्रा०लि० सहित कुल 13 कंपनियों ने प्रतिभाग किया।
यमुनानगर के एजेंट द्वारा पानीपत और कुरुक्षेत्र के दो दोस्तों को यूरोप भेजने और वहां नौकरी व पीआर दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एजेंटों ने युवकों से पुर्तगाल भेजने के नाम पर 27 लाख 60 हजार रुपये वसूले, लेकिन उन्हें लीगल वीजा की बजाय रूस भेज दिया। वहां से बेलारूस और फिर जंगलों के रास्ते यूरोपीय देशों की सीमा अवैध तरीके से पार कराने की कोशिश की गई। पीड़ितों का आरोप है कि एजेंटों ने उन्हें रात के अंधेरे में बॉर्डर के जंगल में छोड़ दिया और आगे बढ़ने से मना करने पर मरने के लिए छोड़ने तक की धमकी दी। बाद में दोनों युवक लिथुआनिया सीमा पर पकड़े गए, जेल भेजे गए और कई दिनों बाद भारत डिपोर्ट होकर लौटे। पुर्तगाल भेजने के लिए मांगे 12-12 लाख रुपए शिकायतकर्ता संदीप कुमार निवासी गांव किवाना, जिला पानीपत और हितेश कुमार निवासी कल्याण नगर, कुरुक्षेत्र ने बताया कि करनाल जिले के गांव खुखनी निवासी दिनेश कुमार जिसका घर यमुनानगर के गुमथला राव गांव में भी है और उसके साथी विक्रम निवासी गांव नडाणा, तरावड़ी ने उन्हें विदेश भेजने और नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी की। शिकायत के अनुसार मार्च 2023 में उनकी मुलाकात शमशेर नामक व्यक्ति के माध्यम से दिनेश से हुई थी। दिनेश ने दोनों युवकों पुर्तगाल भेजने, वहां नौकरी और पीआर दिलाने का झांसा देकर प्रति व्यक्ति 13 लाख 80 हजार रुपये मांगे। बाद में उसने टिकट और वीजा खर्च के नाम पर करीब 12-12 लाख रुपये ले लिए। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उनकी बात दिल्ली से सीधे पुर्तगाल भेजने की हुई थी, लेकिन आरोपी ने उनका वीजा रूस का लगवा दिया और दिल्ली से मॉस्को की टिकट करा दी। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपी दिनेश ने पंचायत के सामने भरोसा दिलाया कि रूस से पोलैंड का वीजा लगवाकर उन्हें लीगल तरीके से पुर्तगाल भेज दिया जाएगा। रात को जंगल में अकेला छोड़ दिया 20 अप्रैल 2023 को दोनों रूस पहुंचे। वहां पहुंचने पर आरोपी दिनेश ने एक पाकिस्तानी व्यक्ति को उनके पास भेजा, जिसने उन्हें होटल में ठहराया। होटल में मौजूद अन्य युवकों से बातचीत के बाद उन्हें शक हुआ कि यह पूरा गिरोह अवैध तरीके से लोगों को विदेश भेजने का काम करता है। इस पर दिनेश ने उन्हें भरोसे में लेते हुए कहा कि सब कुछ कानूनी तरीके से हो रहा है और पोलैंड का वीजा भी लग चुका है। इसके बाद आरोपियों ने दोनों युवकों को रूस से बेलारूस पहुंचाया। कुछ दिन बाद दिनेश ने फोन कर बताया कि पोलैंड का वीजा नहीं मिल रहा, इसलिए अब उन्हें गाड़ी के जरिए बॉर्डर पार कराया जाएगा। शिकायतकर्ताओं के अनुसार एक गाड़ी उन्हें रात के समय जंगल में छोड़कर चली गई और उन्हें पैदल बॉर्डर पार करने के लिए कहा गया। जब उन्होंने डर के कारण आगे जाने से इनकार किया तो आरोपी ने धमकी दी कि अगर वे आगे नहीं गए तो उन्हें वहीं जंगल में मरने के लिए छोड़ दिया जाएगा और वापस नहीं बुलाया जाएगा। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बाद में उन्हें दोबारा बॉर्डर के पास छोड़ा गया और मजबूरी में उन्होंने बॉर्डर पार किया। वहां से उन्हें लिथुआनिया ले जाया गया, जहां वे पकड़े गए। लिथुआनिया की जेल में काटने पड़े दिन कोर्ट में उन्होंने दिनेश और विक्रम के खिलाफ बयान दिए कि दोनों एजेंट अवैध तरीके से विदेश भेजने का काम करते हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार कोर्ट ने उन्हें अवैध तरीके से बॉर्डर पार करने के मामले में सजा सुनाकर जेल भेज दिया था। बाद में IOM संस्था की मदद से उन्हें जेल से निकालकर भारत वापस भेजा गया। 29 जून 2023 को भारत लौटने के बाद दोनों युवक पंचायत लेकर दिनेश के घर पहुंचे। वहां आरोपी ने दो महीने में पूरा पैसा ब्याज सहित लौटाने का वादा किया। बाद में कई पंचायतें हुईं, जिनमें विक्रम भी शामिल हुआ। आरोपियों ने अलग-अलग समय मांगकर कुछ रकम लौटाई। शिकायतकर्ताओं के अनुसार अब तक करीब 7 लाख रुपये वापस किए गए, जबकि कुल 27 लाख 60 हजार रुपये उनसे लिए गए थे। पीड़ितों ने पहले समालखा थाना, पानीपत और फिर कुरुक्षेत्र में शिकायत दी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर मामला विभिन्न जिलों में घूमता रहा। जांच के दौरान यह मामला करनाल और फिर यमुनानगर पहुंचा। जिसमें थाना जठलाना में आरोपी दिनेश कुमार और विक्रम के खिलाफ धारा 420 आईपीसी और इमिग्रेशन एक्ट की धारा 24 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में अपनी लंबित भुगतान की मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने सरकार पर समझौते के बावजूद मांगों को लंबित रखने का आरोप लगाते हुए आक्रोश व्यक्त किया। यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि 6 फरवरी 2026 को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई वार्ता में 13 सूत्रीय मांग पत्र पर सहमति बनी थी। इस दौरान कई मांगों को पूरा करने का लिखित आश्वासन भी दिया गया था। हालांकि, 60 दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी दूसरे चरण की वार्ता नहीं बुलाई गई है। संगठन सचिव जानकी देवी ने जानकारी दी कि वर्षों से विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों में योगदान देने के बावजूद आशा कार्यकर्ताओं को उनका पारिश्रमिक और प्रोत्साहन राशि नहीं मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा घोषित कई भुगतानों को लंबित रखा गया है। जानकी देवी के अनुसार, आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने के कार्य में वर्ष 2018 से लगी आशा कर्मियों को अब तक कोई भुगतान नहीं मिला है। वहीं, जुलाई 2019 से दिसंबर 2021 तक राज्य वित्त से घोषित 750 रुपये मासिक की 28 माह की प्रोत्साहन राशि भी लंबित है। कोविड-19 के दौरान घोषित प्रति माह 1000 रुपये की राशि का भी अधिकांश भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुष्ठ रोग, टीबी, दस्तक और संचारी रोग अभियान सहित कई कार्यक्रमों में लगातार काम लेने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया। आभा आईडी निर्माण कार्य में 1 जनवरी 2023 से योगदान लिया गया, लेकिन भुगतान के समय केवल वर्ष 2024 का आंशिक भुगतान किया गया। यूनियन ने इसे आशा कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय बताया। जानकी देवी ने बताया कि 4 फरवरी 2026 को वर्ष 2024-25 की लंबित प्रोत्साहन राशियों के भुगतान हेतु 1090 करोड़ रुपये का आवंटन जारी किया गया था। इसके बावजूद, अधिकांश आशा कर्मियों को अब तक यह धनराशि नहीं मिली है। जहां भुगतान हुआ भी है, वहां भारी अनियमितताओं और अवैध वसूली की शिकायतें सामने आई हैं। इस प्रदर्शन में कलावती, सुमन, बिंदु, शकुंतला, मनकी, रेखा पटेल, बुधनी, नेहा, सजावती, अनिशा, निरुपमा, चन्दा, सरोज, पुष्पा, अंजनी, कंचन, सुनीता, सरिता, सविता सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने अमृतसर के अजनाला नगर पंचायत चुनावों पर फिलहाल रोक लगा दी है। यह चुनाव 26 मई को होने वाले थे, लेकिन अब वॉर्डबंदी की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण इन्हें स्थगित कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, अजनाला नगर पंचायत में वॉर्डों के पुनर्गठन यानी वॉर्डबंदी को लेकर प्रक्रिया अभी अधूरी थी। इसी मुद्दे को लेकर अदालत में याचिका एडवोकेट ब्रिज मोहन औल की ओर से दायर की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि बिना पूरी और सही वॉर्डबंदी के चुनाव कराना नियमों के खिलाफ होगा और इससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जब तक वॉर्डबंदी की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक अजनाला नगर पंचायत के चुनाव नहीं कराए जा सकते। अदालत के इस फैसले के बाद प्रशासन को चुनाव प्रक्रिया रोकनी पड़ी है। उम्मीदवारों की चुनावी तैयारियों पर असर इस फैसले का सीधा असर उन उम्मीदवारों पर पड़ा है, जो लंबे समय से चुनाव की तैयारी में जुटे हुए थे। कई वार्डों में प्रचार अभियान भी शुरू हो चुका था, लेकिन अब अचानक आई इस रोक से राजनीतिक माहौल पूरी तरह बदल गया है। स्थानीय स्तर पर उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वहीं, क्षेत्र के लोगों में भी इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे न्यायसंगत बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि चुनाव समय पर होने चाहिए थे ताकि विकास कार्यों में देरी न हो। अब नजरें वॉर्डबंदी और आगे की कार्रवाई पर फिलहाल, सभी की निगाहें अब वॉर्डबंदी प्रक्रिया के पूरा होने और अदालत के अगले निर्देशों पर टिकी हुई हैं। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि हाईकोर्ट के आदेशों का पालन किया जाएगा और प्रक्रिया पूरी होते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हरदा नगर पालिका ने बुधवार को शहर के तीन स्थानों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। तहसीलदार राजेंद्र पंवार की मौजूदगी में नगर पालिका अमले ने जेसीबी की मदद से अवैध निर्माण हटाए। कार्रवाई के दौरान पुल निर्माण में बाधक दुकानें और जर्जर क्वार्टर तोड़े गए। नगर पालिका अमले ने अजनाल नदी पर बन रहे गुप्तेश्वर मंदिर पुल के दूसरी ओर नार्मदीय ब्राह्मण समाज धर्मशाला के पास बनी दो दुकानों को हटाया। अधिकारियों के अनुसार ये दुकानें लंबे समय से पुल निर्माण कार्य में बाधा बन रही थीं। तीन तस्वीरों में देखिए कार्रवाई… अवैध कब्जे वाले 5 जर्जर क्वार्टर तोड़े नगर पालिका ने वार्ड नंबर 8 और वार्ड नंबर 1 में भी अतिक्रमण हटाया। यहां निराश्रित लोगों के लिए बनाए गए पुराने और जर्जर पांच क्वार्टरों को तोड़ा गया। इन क्वार्टरों पर लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा था। स्थानीय लोगों ने इन जर्जर मकानों में संदिग्ध गतिविधियां होने की शिकायत भी की थी। नगर पालिका सीएमओ कमलेश पाटीदार ने बताया कि बारिश से पहले जर्जर मकानों और अवैध अतिक्रमणों को हटाने का अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत हर बुधवार शहर के अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि प्रशासनिक कार्रवाई से पहले स्वयं अतिक्रमण हटा लें, अन्यथा सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
बहराइच में रेलवे फाटक से टकराई स्कूल वैन:40 मिनट तक लगा 2 किलोमीटर लंबा जाम, बड़ा हादसा टला
बहराइच के देहात कोतवाली इलाके में स्थित पुलिस लाइन रेलवे क्रॉसिंग पर बुधवार दोपहर एक स्कूली वैन फाटक से टकरा गई। गनीमत रही कि उस समय कोई ट्रेन नहीं आ रही थी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, फाटक क्षतिग्रस्त होने के कारण दोनों तरफ करीब 40 मिनट तक दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया। यह घटना दोपहर करीब दो बजे हुई, जब बहराइच से गोरखपुर जाने वाली ट्रेन रेलवे स्टेशन से निकलने वाली थी। इसी दौरान रेलवे का गेटमैन फाटक बंद कर रहा था। तभी श्रावस्ती से स्कूल स्टाफ को लेकर आ रही सहज ओमेगा एकेडमिक स्कूल की वैन फाटक से टकराकर रेलवे पटरी के पास खड़ी हो गई। वैन में बैठे स्कूल स्टाफ तुरंत गाड़ी से नीचे उतर गए। गेटमैन ने किसी तरह वाहन को क्रॉसिंग से हटवाया। वैन के टकराने से फाटक में खराबी आ गई, जिसके चलते दोनों तरफ आवागमन बाधित हो गया। ट्रेन गुजरने के बाद फाटक को ठीक किया गया, जिसके बाद आवागमन फिर से शुरू हो सका। सूचना मिलने पर देहात कोतवाली के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और गाड़ियों को व्यवस्थित करवाकर जाम खुलवाया। हालांकि, लंबी कतारों के कारण लोगों को काफी देर तक फंसे रहना पड़ा।
प्रतापगढ़ में मोबाइल टावर से बैटरी चोरी:तीन युवक गिरफ्तार, बोले- पैसों की तंगी के चलते चोर बने
प्रतापगढ़ जनपद के कोहडौर थाना क्षेत्र में मोबाइल टावर से बैटरी चोरी के आरोप में तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से चोरी की गई तीन बैटरियां भी बरामद की हैं। यह घटना ग्राम वाजिदपुर रामापुर स्थित इंडस टावर साइट पर हुई थी। चोरों ने डीजी कैनोपी का ताला तोड़कर तीन बैटरियां चुरा ली थीं। घटना के दौरान टेक्नीशियन की आवाज सुनकर आरोपी बैटरियां लेकर मौके से फरार हो गए थे। इस संबंध में कर्मचारी की तहरीर पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद मकूनपुर अंडरपास के पास चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान गौरव (26), रघुबीर सरोज (27) और अजय सरोज (21) नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पैसों की तंगी के कारण उन्होंने चोरी की योजना बनाई थी। उनमें से एक आरोपी पहले मोबाइल टावर पर काम कर चुका था, इसलिए उसे बैटरी निकालने की पूरी जानकारी थी। 18 मई 2026 की रात को तीनों मोटरसाइकिल से टावर पर पहुंचे, तार काटकर अंदर घुसे और ताला तोड़कर बैटरियां निकाल लीं। गार्ड के आने पर आरोपी अपनी मोटरसाइकिल मौके पर छोड़कर बैटरियां लेकर फरार हो गए। उन्होंने चोरी की गई बैटरियों को मकूनपुर अंडरपास के पास छिपा दिया था। उनकी योजना बैटरियां बेचकर दूसरे प्रदेश भागने की थी, लेकिन पुलिस ने समय रहते उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
गया जिला प्रशासन ने दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। आज डीएम शशांक शुभंकर ने सात दृष्टिहीन दिव्यांगजनों के बीच स्मार्टफोन और हेडफोन का वितरण किया। यह वितरण मुख्यमंत्री संबल योजना के तहत किया गया, जिसका उद्देश्य दिव्यांगजनों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है। स्मार्टफोन और हेडफोन मिलने के बाद लाभार्थियों ने बताया कि ये उपकरण उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि अब वे मोबाइल तकनीक के जरिए पढ़ाई, ऑनलाइन जानकारी, सरकारी योजनाओं और अपने परिजनों से बेहतर तरीके से जुड़ सकेंगे। कई लाभार्थियों ने बिहार सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आभार व्यक्त किया। समाज की मुख्यधारा से जुड़ने में सहायता मिल रही लाभार्थियों ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री संबल योजना के तहत सहायक उपकरण और बैटरी चालित ट्राइसाइकिल मिलने से दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जुड़ने में काफी सहायता मिल रही है। उन्होंने जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की योजनाएं दिव्यांगजनों के आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं। इस अवसर पर सहायक निदेशक दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग, गया, अविनाश कुमार ने जानकारी दी कि जिला प्रशासन लगातार दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में जिले के 878 दिव्यांगजनों को विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरणों का लाभ दिया गया है। इनमें व्हीलचेयर, सीपी व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, हियरिंग एड, बैसाखी और डिजिटल ब्लाइंड स्टिक सहित कई उपयोगी उपकरण शामिल हैं। अविनाश कुमार ने आगे बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 940 चलंत दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। यह योजना विशेष रूप से उन दिव्यांगजनों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है, जिन्हें आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। आवासीय प्रमाण पत्र के साथ आवेदन कर सकते अविनाश कुमार ने बताया कि जो दिव्यांगजन सहायक उपकरण या बैटरी चालित ट्राइसाइकिल का फायदा लेना चाहते हैं, वे आधार कार्ड, दिव्यांगता प्रमाण पत्र अथवा यूडीआईडी कार्ड, दो लाख रुपये से कम आय प्रमाण पत्र और आवासीय प्रमाण पत्र के साथ आवेदन कर सकते हैं। आवेदन ऑनलाइन पोर्टल sambalyojana.bihar.gov.i पर किया जा सकता है। इसके अलावा लाभार्थी अपने प्रखंड कार्यालय, नजदीकी बुनियाद केंद्र अथवा जिला कार्यालय में जाकर भी आवेदन जमा कर सकते हैं। जिला प्रशासन ने अधिक से अधिक पात्र दिव्यांगजनों से योजना का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन देने के लिए लगातार प्रयासरत है।
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सहरसा जिले के महिषी अंचल में तैनात एक राजस्व कर्मचारी और उसके निजी दलाल को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को 16 हजार रुपए घूस लेते समय निगरानी टीम ने दबोच लिया। कार्रवाई के बाद अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान श्याम प्रसाद सिंह और फूलचंद साह के रूप में हुई है। दोनों पर जमीन की रसीद काटने के नाम पर अवैध राशि मांगने का आरोप है। जमीन की रसीद के लिए मांगी जा रही थी रिश्वत जानकारी के अनुसार श्याम प्रसाद सिंह महिषी अंचल के बेलाही एवं सिरवार वीरवार हल्का में पदस्थापित हैं। आरोप है कि उन्होंने अपने सहयोगी फूलचंद साह के माध्यम से एक ग्रामीण से जमीन की रसीद काटने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। जलई थाना क्षेत्र के मनौर निवासी मोहम्मद हयात ने इसकी शिकायत पटना स्थित विशेष निगरानी इकाई से की थी। शिकायत में कहा गया था कि बिना पैसे दिए जमीन से संबंधित काम नहीं किया जा रहा है। शिकायत सही मिलने पर बनाई गई ट्रैप टीम शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने पूरे मामले का सत्यापन कराया। जांच में आरोप सही पाए जाने पर विशेष टीम गठित की गई। बुधवार को निगरानी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। जैसे ही पीड़ित मोहम्मद हयात ने 16 हजार रुपये आरोपी राजस्व कर्मचारी और उसके दलाल को सौंपे, पहले से मौजूद टीम ने दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से महिषी अंचल कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद कर्मचारी और आम लोग भी कुछ देर तक घटना को लेकर चर्चा करते रहे। भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत केस दर्ज इस मामले में पंकज कुमार दराद ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 7 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की संबंधित धाराओं के तहत कांड संख्या 19/2026 दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि दोनों गिरफ्तार आरोपियों को गुरुवार को पटना स्थित विशेष निगरानी न्यायालय में पेश किया जाएगा। निगरानी विभाग आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई में जुट गया है। ‘भ्रष्टाचार में लिप्त किसी को बख्शा नहीं जाएगा’ विशेष निगरानी इकाई ने स्पष्ट किया है कि बिहार सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि आम लोगों से रिश्वत मांगने वाले किसी भी लोक सेवक को बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई को सहरसा समेत पूरे कोसी क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन और राजस्व से जुड़े मामलों में अक्सर अवैध वसूली की शिकायतें सामने आती रहती हैं। ऐसे में निगरानी विभाग की इस कार्रवाई से आम लोगों में उम्मीद जगी है कि भ्रष्ट अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
ग्वालियर में शादी का झांसा देकर कॉलेज छात्रा के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है। आरोपी युवक छात्रा को वृंदावन ले गया, जहां होटल में उसकी मांग में सिंदूर भरकर कहा कि अब से हम पति-पत्नी हो गए। उसने जल्द शादी करने का भी भरोसा दिलाया और नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में आरोपी ने छात्रा के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी देकर लगातार शोषण किया। जब छात्रा ने शादी का दबाव बनाया तो आरोपी ने सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो वायरल कर दिए। घुमाने के बहाने वृंदावन ले गया पड़ाव थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी निवासी 20 वर्षीय छात्रा निजी कॉलेज में पढ़ाई करती है। उसकी दोस्ती कैलारस निवासी अभिषेक जादौन से हुई थी। बातचीत बढ़ने पर आरोपी ने शादी का प्रस्ताव रखा, जिसे छात्रा ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद वह उसे घुमाने के बहाने वृंदावन ले गया। वहां दोनों पांच दिन तक एक होटल में रुके। इसी दौरान आरोपी ने उसकी मांग में सिंदूर भरकर पत्नी बनाने का दावा किया। भरोसा जीतने के बाद उसने खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर छात्रा को बेहोश किया और उसके साथ दुष्कर्म किया। होश आने पर विरोध करने पर आरोपी ने जल्द शादी करने का आश्वासन दिया। इस दौरान आरोपी ने छात्रा के कुछ आपत्तिजनक फोटो और वीडियो भी बना लिए। ग्वालियर लौटने के बाद आरोपी फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर छात्रा को होटल अंबिका समेत अलग-अलग स्थानों पर बंधक बनाकर उसका शारीरिक शोषण करता रहा। अश्लील फोटो-वीडियो वायरल कर दिए 20 अप्रैल को आरोपी ने छात्रा के अश्लील फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। इसकी जानकारी तब हुई जब पीड़िता के भाई ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें देखीं। इसके बाद परिवार को पूरे मामले का पता चला। जब छात्रा और उसके परिवार ने आरोपी पर शादी का दबाव बनाया तो उसने साफ इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़िता पड़ाव थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस जब आरोपी के घर और कमरे पर पहुंची तो वह फरार मिला। फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। सीएसपी रॉबिन जैन ने बताया- छात्रा की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी फिलहाल फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही हैं। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
करनाल में घरौंडा की नई अनाज मंडी में चल रही शिव महापुराण कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं को जीवन में आत्मचिंतन और अच्छे कर्म करने का संदेश दिया। कथा के बीच साउंड सिस्टम में बार-बार आई तकनीकी दिक्कतों से कार्यक्रम प्रभावित हुआ। वहीं, आयोजन स्थल पर मीडिया के लिए अव्यवस्था और वीआईपी-वीवीआईपी एंट्री व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं, जिससे स्थानीय पत्रकारों में नाराजगी देखने को मिल रही है। नंदी के पास बैठकर करें आत्मचिंतनकथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि जब भी व्यक्ति भगवान शिव को जल चढ़ाने मंदिर जाए, तो जल अर्पित करने के बाद नंदी के पास बैठकर आत्मचिंतन जरूर करे। उन्होंने कहा कि मन में यह भाव लाना चाहिए कि इस शरीर, चित्त और बुद्धि से कभी किसी का बुरा न हो। उन्होंने समझाया कि सच्चा शिव भक्त अपने हर कर्म को भगवान शिव को समर्पित करता है। अगर कोई अच्छा कार्य करता है तो उसे भी भगवान को अर्पित करता है और यदि कोई गलती या बुरा कर्म हो जाए तो उसे भी भगवान के चरणों में समर्पित कर देता है। बेलपत्र का उदाहरण देकर समझाया भावप्रवचन के दौरान उन्होंने शिव महापुराण की विधेश्वर संहिता का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान शिव भाव के भूखे हैं। उन्होंने बताया कि बेलपत्र कैसा भी हो, चाहे उसके तीनों पत्ते अलग-अलग हो जाएं, फिर भी वह भगवान को स्वीकार होता है। इससे यह सीख मिलती है कि भगवान के लिए भावना सबसे महत्वपूर्ण है, न कि बाहरी रूप। साउंड सिस्टम की खराबी से बाधित हुई कथाकथा के दौरान साउंड सिस्टम में लगातार तकनीकी समस्या आती रही। साउंड में सीटी जैसी आवाज (व्हिसल) आने से श्रद्धालुओं तक प्रवचन सही तरीके से नहीं पहुंच पा रहा था। स्थिति को संभालने के लिए पंडित प्रदीप मिश्रा को कई बार “शंभू-शंभू” का उच्चारण करना पड़ा। जब बार-बार समस्या बनी रही तो उन्होंने साउंड सिस्टम संभाल रहे लोगों से पूछा कि “तुमको कितने साल हो गए साउंड चलाते हुए?” उनकी इस बात में साफ तौर पर नाराजगी झलक रही थी। उनका संकेत था कि लंबे अनुभव के बावजूद भी साउंड सिस्टम की समस्या को ठीक नहीं किया जा सका। मीडिया की तारीफ, लेकिन व्यवस्था कमजोरकथा के पहले दिन से ही पंडित प्रदीप मिश्रा करनाल और स्थानीय मीडिया की सराहना करते आ रहे हैं। उन्होंने मीडिया को सच्चाई दिखाने वाला बताया। लेकिन दूसरी ओर आयोजन स्थल पर मीडिया कर्मियों के लिए व्यवस्था लगभग ना के बराबर है। पत्रकारों को पंडाल में प्रवेश करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। घरौंडा मीडिया के लिए प्रेस पास जारी किए गए हैं, लेकिन ये पास केवल औपचारिकता बनकर रह गए हैं। किसी भी गेट पर मीडिया के लिए अलग से प्रवेश की व्यवस्था नहीं है। एंट्री के लिए जूझते रहे पत्रकारमीडिया कर्मियों को वीवीआईपी गेट से एंट्री की कोशिश करनी पड़ती है, लेकिन वहां पुलिसकर्मी साफ मना कर देते हैं और दूसरे गेट से जाने को कहते हैं। दूसरे गेट पर बाउंसर तैनात हैं, जहां बहुत छोटा प्रवेश द्वार बनाया गया है और उसके ऊपर रस्सी बांध दी गई है। इससे अंदर जाना और भी मुश्किल हो जाता है। किसी तरह अंदर पहुंचने के बाद भी पत्रकारों के लिए कवरेज करने की कोई निश्चित जगह नहीं है। आयोजकों द्वारा कुर्सियां लगाने का दावा किया गया, लेकिन मौके पर ऐसी कोई व्यवस्था नजर नहीं आई। घरौंडा के स्थानीय पत्रकार किसी तरह अंदर पहुंच जाते हैं, लेकिन करनाल से आने वाले मीडिया कर्मियों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनके लिए एंट्री करना किसी चुनौती से कम नहीं है।इसी कारण घरौंडा के कई पत्रकारों ने कार्यक्रम से दूरी भी बना ली है। वीआईपी और वीवीआईपी एंट्री पर उठे सवालसूत्रों के अनुसार, आयोजन में अभी भी वीआईपी और वीवीआईपी पास से एंट्री का प्रावधान चल रहा है। वीवीआईपी पास धारकों को उसी गेट से प्रवेश दिया जाता है, जहां से पंडित प्रदीप मिश्रा का आगमन होता है। वहीं वीआईपी पास वालों के लिए दुकान नंबर-6 से अलग एंट्री बनाई गई है। यदि कोई अन्य व्यक्ति वहां से प्रवेश करने की कोशिश करता है तो बाउंसर उसे रोक देते हैं, चाहे वह बुजुर्ग हो या युवा। दूसरी तरफ वीआईपी पास धारक अपने परिवार के सदस्यों को भी आसानी से अंदर ले जाते हैं। इस व्यवस्था को लेकर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि स्वयं पंडित प्रदीप मिश्रा अपने प्रवचनों में कहते हैं कि शिव के दरबार में कोई वीआईपी नहीं होता और हर व्यक्ति को समान रूप से बैठने का अधिकार है।
डिंडौरी में नवीन व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षक महासंघ ने बुधवार को अपनी लंबित मांगों को लेकर कलेक्टर के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन दिया। महासंघ ने पिछले एक दशक से सरकारी स्कूलों में कार्यरत व्यावसायिक प्रशिक्षकों और शिक्षकों के लिए उच्च कुशल श्रेणी के अनुरूप वेतनमान और अन्य मूलभूत सुविधाएं देने की मांग की है। राजपत्र का हवाला, 42 हजार वेतन की मांग महासंघ के जिला अध्यक्ष सुमित नागेश ने मध्यप्रदेश राजपत्र (30 अप्रैल 2026) की अधिसूचना का उल्लेख करते हुए बताया कि व्यावसायिक प्रशिक्षकों को 'उच्च कुशल' प्रवर्ग में रखा गया है। प्रशिक्षकों ने अपनी शैक्षणिक योग्यता और तकनीकी विशेषज्ञता के आधार पर मासिक वेतन 38,000 से 42,000 रुपए निर्धारित करने और प्रतिवर्ष 5 प्रतिशत वेतनवृद्धि लागू करने की मांग रखी है। तकनीकी भत्ता और बीमा कवर की जरूरत ज्ञापन में प्रशिक्षकों ने कार्य के दौरान होने वाली संभावित दुर्घटनाओं के लिए व्यापक बीमा कवर और तकनीकी कौशल को अपडेट रखने हेतु विशेष 'तकनीकी भत्ता' देने की बात कही है। इसके अलावा ईपीएफ, ईएसआई और सवैतनिक अवकाश जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं को भी पूर्ण रूप से सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। पदोन्नति और कल्याणकारी नीतियों पर जोर प्रशिक्षकों की मांगों में उच्च कुशल श्रेणी के कर्मचारियों को 'अतिउच्च कुशल' प्रवर्ग में पदोन्नत करने का प्रावधान शामिल है। ज्ञापन सौंपने के दौरान पूर्णिमा कोल, लक्ष्मी यादव, ऋचा शुक्ला और मुक्ता सोनी सहित महासंघ के सदस्य उपस्थित रहे।
आगरा के थाना छत्ता क्षेत्र स्थित बेलनगंज के सूरजभान फाटक इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सड़क किनारे खड़ी दो गाड़ियों में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और गाड़ियों से ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। घटना बाजार क्षेत्र में होने के कारण मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। आग की तेज लपटों और धुएं से आसपास के दुकानदारों और राहगीरों में दहशत फैल गई। अचानक उठीं लपटें, मचा हड़कंप प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही देर में आग ने दोनों वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास मौजूद लोग सहम गए और इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए पाइप और पानी की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। कई लोग बाल्टियों और पाइप के जरिए लगातार पानी डालते रहे ताकि आग आसपास की दुकानों और अन्य वाहनों तक न फैल सके। लोगों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलते ही थाना छत्ता पुलिस मौके पर पहुंच गई और इलाके को घेरकर लोगों को सुरक्षित दूरी पर किया। पुलिस ने बाजार में भीड़ को नियंत्रित करते हुए यातायात भी डायवर्ट कराया। प्रारंभिक आशंका शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की जताई जा रही है, हालांकि आग लगने के सही कारणों की जांच की जा रही है। घटना के दौरान पूरे बाजार में दहशत का माहौल बना रहा। दुकानदार अपनी दुकानों से बाहर निकल आए और आसपास खड़े वाहन हटाने लगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
मदन मोहन विद्या मंदिर में वृक्षारोपण कार्यक्रम:विद्या भारती और शिवम गोयल के सौजन्य से हुआ आयोजन
मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर स्थित मदन मोहन विद्या मंदिर में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान और 'सहयोग एक कदम समृद्ध भारत की ओर' संस्था द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम शिवम गोयल के सौजन्य से संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की वंदना और पुष्प अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर राज्य मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार ने बुके और पटका पहनाकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में विद्यालय अध्यक्ष प्रो. बीरपाल सिंह, मनमोहन गुप्ता और उनकी पत्नी सुधा गुप्ता, डॉ. विनोद अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, पुनीत रस्तोगी, राकेश कुमार गुप्ता, कविता अग्रवाल, बृजबाला गोयल, कृष्ण कुमार शर्मा, वी.के. अग्रवाल, श्वेता गर्ग, नवीन जी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस कार्यक्रम के तहत विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए गए। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। मुख्य अतिथि डॉ. सोमेंद्र तोमर ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया। अंत में, विद्यालय की प्रधानाचार्य शर्मिष्ठा भाटी ने सभी उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ के सदस्य सविता, बलबीर, प्रीति, आशा, जागृति, सीमा, हेमलता, राखी, दीप्ति, नीतू, सुधा मोहन, प्रियंका, हिमानी, शिखा, पूजा, शिवांगी, सोना, दीपांशी, सौरभ, डबल सिंह, अनुराधा, सुधा और रामगोपाल भी मौजूद रहे।
पेड़ से लटका मिला चौकीदार का शव:पत्थर पर लिखे संदेश से हत्या की आशंका गहराई, पुलिस जांच में जुटी
पिंडवाड़ा रीको एरिया स्थित एक मार्बल फैक्ट्री में बुधवार सुबह 50 वर्षीय चौकीदार कन्हैयालाल का शव पेड़ से संदिग्ध परिस्थितियों में लटका मिला। घटनास्थल के पास पत्थर पर लिखे मिले संदेश ने मामले को और गंभीर बना दिया, जिसके बाद परिजनों और समाजबंधुओं ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या बताते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। मामले को लेकर बड़ी संख्या में लोग फैक्ट्री के बाहर जमा हो गए और न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। फोन नहीं उठा तो फैक्ट्री पहुंचे परिजन जानकारी के अनुसार, सिवेरा निवासी कन्हैयालाल (50) पुत्र देवाराम हीरागर पिंडवाड़ा रीको एरिया की एक मार्बल फैक्ट्री में पत्थर गढ़ाई का कार्य करने के साथ रात में चौकीदारी भी करता था। बुधवार सुबह उसके बेटे ने उसे फोन किया, लेकिन काफी देर तक कोई जवाब नहीं मिला। आशंका होने पर बेटा फैक्ट्री पहुंचा। पेड़ से लटका मिला शव, पकड़ते ही टूटी रस्सी फैक्ट्री पहुंचने पर बेटे ने देखा कि उसके पिता का शव पेड़ से रस्सी के सहारे लटका हुआ था। जैसे ही उसने शव को संभालने का प्रयास किया, रस्सी टूट गई और शव नीचे गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। पत्थर पर लिखे संदेश ने बढ़ाया रहस्य घटनास्थल के पास ही एक पत्थर पर लिखा मिला—मैंने पूछा था गुलाब भाई व लाल जी ने चार आदमी भेजा था, रात 2:00 बजे इसको मार डालो। इस संदेश के सामने आने के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने हत्या की आशंका जताई। उनका कहना था कि मामले की गहन जांच होनी चाहिए। पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल सूचना मिलने पर पिंडवाड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने घटनास्थल का सही तरीके से मौका मुआयना नहीं किया। लोगों का कहना था कि पत्थर पर लिखे संदेश को गंभीरता से नहीं लिया गया और घटनास्थल की घेराबंदी भी नहीं की गई। न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठे लोग घटना के बाद परिजन, समाजबंधु और फैक्ट्री में कार्यरत बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर एकत्र हो गए। दोपहर बाद तक शव मोर्चरी में रखा रहा, जबकि परिजन और अन्य लोग फैक्ट्री के पास टिन शेड के नीचे धरने पर बैठकर न्याय की मांग करते रहे। डीएसपी बोले- जांच के बाद ही होगा खुलासा मामले को लेकर डीएसपी भंवर लाल चौधरी ने बताया कि पुलिस को कुछ सीसीटीवी फुटेज तथा पत्थर पर लिखे संदेश की फोटो और वीडियो मिले हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह की अध्यक्षता में किसान दिवस बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य किसानों की समस्याओं का समाधान करना और उन्हें आवश्यक जानकारी प्रदान करना था। बैठक में किसानों को पिछले माह की कुल 76 शिकायतें पढ़कर सुनाई गईं। जिलाधिकारी ने इनमें से कई शिकायतों की गुणवत्तापरक रिपोर्ट न होने पर संबंधित विभागों को वापस कर दिया और तत्काल उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। आज किसानों द्वारा कुल 62 नई शिकायतें दर्ज कराई गईं। इन सभी शिकायतों को जिलाधिकारी के माध्यम से संबंधित विभागों को भेजा जा रहा है ताकि उनका समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद में 2700 मीट्रिक टन यूरिया की तीन रैक आज पहुंच रही हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि गन्ना और सहकारिता समिति की सभी समितियों को दो दिनों के भीतर यूरिया उपलब्ध करा दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने सभी किसानों को उनकी शिकायतों के गुणवत्तापरक निस्तारण का आश्वासन दिया। इस अवसर पर सीडीओ नूपुर गोयल, जिला विकास अधिकारी श्वेतांक सिंह, उप कृषि निदेशक नीलेश चौरसिया, जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी और किसान उपस्थित रहे।
कोरबा में एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र के भूविस्थापित ग्रामीणों ने बुधवार को कटघोरा एसडीएम कार्यालय का घेराव किया। 16 से अधिक गांवों के प्रभावित ग्रामीण भ्रष्टाचार और लंबित कार्यों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि तहसील कार्यालयों में रोजगार, मुआवजा, पुनर्वास, वंश वृक्ष, फौती, ऑनलाइन रिकॉर्ड सुधार और राजस्व त्रुटि सुधार जैसे काम महीनों से अटके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दीपका, दर्री, कटघोरा तहसील और जिला पुनर्वास शाखा में काम कराने के लिए रिश्वत मांगी जाती है। रिश्वत नहीं देने पर उनके मामलों को लंबे समय तक लटका दिया जाता है। एसईसीएल ने जटराज, पड़निया, सोनपुरी, पाली, रिसदी, खोडरी, चुरैल, आमगांव, खैरभावना, गेवरा, जरहाजेल, बरपाली, दुरपा, भैसमाखार, मनगांव, बरमपुर, दुल्लापुर, बरकुटा सहित 16 से अधिक गांवों की भूमि अधिग्रहित की है। शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण उन्हें मजबूरी में घेराव करना पड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि एसईसीएल अधिग्रहित गांवों में सरकारी या निजी जमीन पर घर बनाकर रहने वाले भूमिहीन परिवारों को बसाहट का अधिकार नहीं दे रहा है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य भूमिहीन लोगों को घर देना है, लेकिन एसईसीएल की इस नीति के कारण कई परिवार बेघर होने की स्थिति में आ रहे हैं। 16 गांवों के भूविस्थापितों का प्रदर्शन एसईसीएल द्वारा खोडरी, रिसदी और पड़निया में लगाए गए राजस्व शिविरों में सिर्फ आवेदन लिए गए और आगे की कार्रवाई के लिए उन्हें तहसील दीपका भेज दिया गया। ग्रामीण चाहते हैं कि उनकी समस्याओं का समाधान वहीं मौके पर ही किया जाए, ताकि भ्रष्टाचार से बचा जा सके। इसके अलावा, ग्रामीणों ने एसईसीएल के ड्रोन सर्वे पर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि बिना उनकी सहमति के संपत्ति का मूल्यांकन किया जा रहा है और इससे मुआवजे की राशि कम कर दी जा रही है। जटराज गांव में 2010 के अधिग्रहण पर विवाद जटराज गांव में 2010 में भूमि अधिग्रहण के बाद ग्रामीणों का कहना है कि कुछ लोगों को ‘मसाहती’ मान लिया गया है, जबकि बाकी लोगों को नहीं माना जा रहा है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण हाथों में तख्तियां लेकर धरने पर बैठ गए और कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की।
छतरपुर जिले के बमनौरा थाना क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध मौत के बाद परिजनों ने बमनौरा-हीरापुर तिगड्डा पर चक्काजाम कर दिया। परिजनों ने गांव के ही दो लोगों पर शराब में जहरीला पदार्थ मिलाकर हत्या करने का आरोप लगाया है। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी रही। शराब पीने के बाद बिगड़ी तबीयत इलाज के दौरान हुई युवक की मौत मामला बमनौरा थाना क्षेत्र के ग्राम दलीपुर का है। यहां रहने वाले भगवान दास पाल की जहर खाने से मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि गांव के लखन पाल और गणेशी पाल ने शराब में जहरीला पदार्थ मिलाकर भगवान दास को पिलाया था। परिजनों के मुताबिक, शराब पीने के बाद भगवान दास की तबीयत बिगड़ गई। बाद में उसकी मौत हो गई। शव रखकर किया प्रदर्शन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े परिजन घटना से नाराज परिजन शव को लेकर बमनौरा-हीरापुर तिगड्डा पहुंचे और सड़क पर शव रखकर चक्काजाम शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने नारेबाजी करते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई। चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात प्रभावित रहा। थाना प्रभारी पर भी लगाए आरोप निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होने का दावा परिजनों ने बमनौरा थाना प्रभारी शैलेन्द्र चौरसिया पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि पुलिस आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो रही। परिजनों ने लेन-देन के आरोप भी लगाए, जिससे उनका आक्रोश और बढ़ गया। पुलिस ने जांच का दिया भरोसा समझाइश के बाद भी नहीं माने परिजन सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन खबर लिखे जाने तक परिजन चक्काजाम खत्म करने को तैयार नहीं थे। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को जमीनी हकीकत का कोई अंदाजा नहीं है और उन्हें सब्जी के भाव या किसानों का हाल नहीं पता। यह टिप्पणी उन्होंने खुर्जा में आयोजित भाजपा के 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण शिविर' में की। कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी के देश में आर्थिक भूचाल आने वाला है वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कभी किसानों के बीच नहीं गए, इसलिए ऐसी अनर्गल बातें करते हैं। स्वतंत्र देव सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से गरीबों तक पहुंच रहा है। इस दौरे के दौरान जल शक्ति मंत्री ने सादगी की मिसाल पेश की। उनके कार्यालय ने पहले ही निर्देश जारी कर कार्यकर्ताओं और अधिकारियों से वाहनों के काफिले के साथ रास्ते में अगवानी न करने की अपील की थी। सभी लोग सीधे कार्यक्रम स्थल पर ही पहुंचे। 'Z' श्रेणी सुरक्षा के बीच संपन्न हुए इस कार्यक्रम में सांसद डॉ. महेश शर्मा, डॉ. भोला सिंह, विधायक मीनाक्षी सिंह, लक्ष्मी राज सिंह, सीपी सिंह, देवेंद्र लोधी और प्रदीप चौधरी सहित जिला अध्यक्ष विकास चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष अतुल तेवतिया और विधान परिषद सदस्य सत्यपाल सैनी मौजूद रहे। इनके अलावा, सांसद प्रतिनिधि ठाकुर सत्य प्रकाश सिंह, खुर्जा नगर पालिका अध्यक्ष अंजना भगवानदास सिंघल, नगर अध्यक्ष सचिन शर्मा और राम दिवाकर जैसे कई पदाधिकारी व भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर बुलंदशहर पुलिस और प्रशासनिक अमला पूरी तरह अलर्ट पर रहा।
टीकमगढ़ में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। पिछले दो दिनों से अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है, जबकि रात का पारा भी बढ़कर 29.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। लू के ऑरेंज अलर्ट के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। भू-अभिलेख कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार को अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री और सोमवार को 44 डिग्री दर्ज किया गया था। मंगलवार को यह 45.02 डिग्री और बुधवार को 45.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। न्यूनतम तापमान सोमवार को 29 डिग्री था, जो मंगलवार को बढ़कर 29.5 डिग्री सेल्सियस हो गया। बुधवार को सुबह 11 बजे तक तापमान 43 डिग्री था, जो दोपहर 2 बजे तक 45 डिग्री के पार चला गया। बढ़ते तापमान और लू के ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए, कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओपी अनुरागी ने गर्मी से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने बताया कि जुलाई तक तापमान में वृद्धि होती है और ग्लोबल वार्मिंग के कारण जलवायु परिवर्तन से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। एडवाइजरी में कहा गया है कि हीट स्ट्रोक (लू) जानलेवा हो सकता है, इसलिए तुरंत उपचार आवश्यक है। लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, छोटे बच्चों को कपड़े से ढककर छायादार स्थान पर रखने और ठंडे पानी या कूलर से शरीर का तापमान नियंत्रित करने की सलाह दी गई है। इसके अतिरिक्त, ढीले सूती कपड़े पहनने, गर्मी के प्रभाव को कम करने के लिए सनस्क्रीन लोशन का उपयोग करने, त्वचा को साफ और शुष्क रखने तथा घर से बाहर निकलते समय तौलिया और छाते का प्रयोग करने की हिदायत दी गई है। गर्मी में किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचने को कहा गया है।
जहानाबाद जिले में बिहार सरकार के कृषि विभाग की एग्री स्टैक परियोजना के तहत बुधवार को सभी पंचायतों में फार्मर रजिस्ट्री के लिए विशेष मेगा कैंप आयोजित किया गया। जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय के निर्देश पर किसानों की फार्मर आईडी बनाने का कार्य किया जा रहा है। डीएम ने मोदनगंज प्रखंड की गंधार पंचायत के धामापुर गांव और बंधुगंज पंचायत के मननपुर गांव में कैंप का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों से बातचीत कर रजिस्ट्री कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने किसानों को अधिक संख्या में फार्मर रजिस्ट्री कराने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि एग्री स्टैक परियोजना के तहत बनने वाली फार्मर आईडी किसानों की डिजिटल पहचान होगी। इससे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड, बीज अनुदान, खाद सब्सिडी, कृषि यंत्र अनुदान और आपदा राहत जैसी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से किसानों तक पहुंच सकेगा। डीएम ने कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिए कि वे पंचायतों का नियमित भ्रमण करें और प्रतिदिन कम से कम 10 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री सुनिश्चित करें। जिला कृषि पदाधिकारी को प्रतिदिन प्रगति की निगरानी करने का आदेश दिया गया है। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अंचल अधिकारियों को परिमार्जन से संबंधित आवेदनों का त्वरित निष्पादन करने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि नाम, खाता, खेसरा या अन्य अभिलेखीय त्रुटियों के कारण किसी भी किसान की रजिस्ट्री लंबित नहीं रहनी चाहिए। प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को अंचल अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया है। जिला प्रशासन के अनुसार, लगातार निगरानी और अभियान के कारण जहानाबाद जिला फार्मर रजिस्ट्री कार्य में राज्य स्तर पर नौवें स्थान पर पहुंच गया है। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे पंचायत स्तर पर आयोजित विशेष मेगा कैंप में पहुंचकर अपनी निशुल्क फार्मर आईडी बनवाएं, ताकि कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें।
मथुरा में भिक्षावृत्ति मुक्त भारत अभियान को गति देने के उद्देश्य से SMILE योजना के अंतर्गत, उम्मीद संस्था द्वारा राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान (NISD) के सहयोग से ट्रेनिंग ऑन कन्वर्जेंस टुवर्ड्स द एलिमिनेशन ऑफ बैगरी विषय पर एक राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन वृंदावन के होटल में किया गया। संस्था द्वारा भीख मुक्त मथुरा की दिशा में सितंबर 2025 में शुरुआत की गई। इसके पश्चात व्यापक सर्वेक्षण कर मथुरा में ऐसे व्यक्तियों की पहचान की गई, जो भिक्षावृत्ति में लिप्त थे, ताकि उन्हें इस परिस्थिति से बाहर निकालकर पुनर्वास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। मथुरा में 1100 लोगों को चिन्हित किया गया मथुरा के चयनित क्षेत्र में किए गए सर्वेक्षण के दौरान अब तक लगभग 1100 व्यक्तियों को चिन्हित किया गया, जो भिक्षावृत्ति में लिप्त थे। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों एवं विभागों से आए अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं फील्ड स्तर पर कार्यरत कर्मियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भिक्षावृत्ति जैसी जटिल सामाजिक समस्या के समाधान हेतु विभागीय समन्वय को मजबूत करना, पुनर्वास की प्रभावी रणनीतियों को साझा करना तथा जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन को अधिक सशक्त बनाना रहा। बच्चों ने ब्रास बैंड के जरिए किया सांसद स्वागत कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था द्वारा सभी का पटका पहना के स्वागत के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सांसद हेमा मालिनी उपस्थित रहीं। सांसद हेमा मालिनी का स्वागत उम्मीद संस्था की ब्रास बैंड के साथ किया गया। सांसद ने संस्था के कार्यो की सराहना की साथ ही मथुरा व वृंदावन की जनता से अपील की कि सड़कों पर जो बच्चे भीख मांगते है उन्हे भीख नही देना है। उन्होंने भिक्षावृत्ति उन्मूलन को केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए सभी विभागों एवं समाज के लोगों से मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। NISD के कंसलटेंट संजय पवार ने ट्रेनिंग मे बताया कि कैसे भिक्षावृत्ति कर रहे बच्चों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ना है। साथ ही उन्होंने चाइल्ड ट्रैफिकिंग के बार में भी बताया। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष आलोक बंसल ने बताया व्यापारी उम्मीद संस्था का सहयोग करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वह जबरन भीख मंगवाने वालों के खिलाफ कार्यवाही करें। 2047 तक भिक्षा मुक्त हो भारत प्रशिक्षण के दौरान भिक्षावृत्ति के मूल कारणों, पुनर्वास मॉडल, कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवाओं, आश्रय सुविधाओं एवं सामाजिक पुनर्स्थापन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम का संचालन संस्था के संस्थापक सचिव बलबीर सिंह मान द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि उम्मीद संस्था का लक्ष्य है कि 2047 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना पूरा करते हुए भारत को पूरी तरह से भिक्षा वृत्ति से मुक्त किया जाए। इसके लिए उन्होंने व्यापार मंडल से निवेदन किया आप भी अपना पूर्ण रूप से सहयोग करें। उम्मीद संस्था द्वारा उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त पंजाब, हरियाणा, झारखंड, दिल्ली एवं महाराष्ट्र में भी इस विषय पर सक्रिय रूप से कार्य किया जा रहा है। SMILE बैंड की प्रस्तुति ने मोहा मन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण लखनऊ से आए SMILE बैंड के बच्चे रहे। जिन्होंने सारे जहाँ से अच्छा की धुन पर अतिथियों का स्वागत किया। ये बच्चे पहले भिक्षावृत्ति से जुड़े थे, लेकिन संस्था की पहल पर आज इस प्रवृत्ति को छोड़कर समाज की मुख्यधारा का हिस्सा बन चुके हैं। बच्चे 26 जनवरी की परेड में लखनऊ में तथा दिल्ली में प्रधानमंत्री के समक्ष भी अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं, जो उनकी प्रतिभा एवं परिवर्तन की प्रेरणादायक कहानी को दर्शाता है। इसके साथ ही मथुरा के ऐसे 5 बच्चों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने भिक्षावृत्ति का मार्ग छोड़कर शिक्षा का मार्ग अपनाया है। इन बच्चों को पठन सामग्री प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

