छत्तीसगढ़ में मतदाताओं की फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत नाम जोड़ने, हटाने के लिए बुलाए गए दावे-आपत्ति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदेश में वोटरों की संख्या 1 करोड़ 87 लाख 30 हजार 914 हो गई है। ड्राफ्ट के बाद 2 लाख 34 हजार 994 वोटरों की संख्या बढ़ी है। वहीं, 1 लाख 8 हजार 807 वोटर्स के नाम हटाए गए हैं। इनमें ऐसे मतदाता शामिल हैं, जिनमें किसी की मौत हो चुकी है, जो कहीं और शिफ्ट हो चुके हैं। सबसे ज्यादा रायपुर में 30 हजार वोटरों के नाम कटे हैं, कोरबा में 15 हजार और दुर्ग में 7 हजार वोटरों के नाम कटे हैं। ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद वोटरों की संख्या बढ़ी घटी एसआईआर प्रक्रिया 4 महीने तक चली। 21 फरवरी 2026 को जारी राज्य की अंतिम मतदाता सूची में ड्राफ्ट से पहले 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 मतदाता थे। ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद 1 करोड़ 84 लाख 95 हजार 920 मतदाता है। अब अंतिम प्रकाशन के बाद 1 करोड़ 87 लाख 30 हजार 914 वोटर्स हो गए हैं। सबसे ज्यादा 30 हजार वोटर्स दुर्ग जिले में बढ़े हैं। जबकि सबसे कम रायपुर में वोटरों की संख्या बढ़ी है, यहां सिर्फ 521 नए मतदाताओं के नाम जुड़े हैं। अब ग्राफिक्स में देखिए मतदाता सूची छत्तीसगढ़ में 27 हजार से ज्यादा BLO ने किया सर्वे SIR के पूरे अभियान में 27,196 बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने घर-घर जाकर गणना फॉर्म वितरित किए। मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित और डुप्लीकेट नामों की पहचान कर सूची को अपडेट किया गया। इश दौरान करीब 1.84 करोड़ मतदाताओं के गणना फॉर्म का डिजिटलीकरण किया गया। दावे-आपत्तियों का तय समय में निराकरण 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 के बीच नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन के लिए दावे-आपत्तियां ली गईं। सभी आवेदनों का निराकरण 14 फरवरी 2026 तक कर लिया गया। जिन मतदाताओं के फॉर्म वापस नहीं मिले, उनकी विधानसभा-वार सूची आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित की गई। राजनीतिक दलों को मुफ्त में उपलब्ध कराई गई सूची हर जिले में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को अंतिम मतदाता सूची की दो प्रतियां (एक फोटोयुक्त प्रिंटेड और एक बिना फोटो सॉफ्ट कॉपी) निशुल्क उपलब्ध कराई गई हैं। SIR के दौरान प्राप्त नवीनतम फोटो भी सूची में अपडेट किए गए हैं। 4 महीने चला अभियान 27 अक्टूबर 2025 से शुरू हुआ यह अभियान राज्य के 33 जिलों में मिशन मोड पर चलाया गया। जिला निर्वाचन अधिकारियों, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, सहायक अधिकारियों, BLO और बूथ लेवल एजेंट्स की सक्रिय भागीदारी रही। मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए भी मतदाताओं को जागरूक किया गया। ऑनलाइन भी देख सकते हैं अपना नाम मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन सभी मतदान केंद्रों और निर्धारित स्थानों पर किया गया है। इसके अलावा यह सूची मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध है, जहां मतदाता अपने विवरण की जांच कर सकते हैं। ……………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… राज्यसभा चुनाव...कांग्रेस से भूपेश, सिंहदेव, बैज, मरकाम के नाम पर चर्चा: भाजपा किसान नेता पर लगा सकती है दांव, सरगुजा-बस्तर को विशेष प्राथमिकता छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की 2 सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। 26 फरवरी को अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि 5 मार्च नामांकन की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों ने अपने-अपने स्तर पर मंथन तेज कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर…
वाराणसी के गंगा तट पर बने महत्वपूर्ण भदैनी इन्टेकवेल पर पैनल सर्विसिंग का कार्य आज जलकल के कमर्चारी और इंजिनियर करेंगे। ऐसे में जलकल विभाग, भेलूपुर से आज शाम में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह बंद रहेगी। जलकल विभाग ने सभी से सुबह की शिफ्ट में पानी भरने और स्टोरेज कर लेने की अपील की है। सुबह के बाद पेयजल आपूर्ति सोमवार सुबह में ही की जाएगी। जीएम जलकल अनूप कुमार सिंह ने बताया - जलकल विभाग की ओर से भदैनी स्थित इन्टेकवेल पर बिजली के पैनलों के रखरखाव और सर्विसिंग का कार्य कराया जाना है। इसके चलते 22 फरवरी की शाम को जलकल विभाग, भेलूपुर से होने वाली जलापूर्ति पूरी तरह बाधित रहेगी। भदैनी इन्टेकवेल में स्थित 33 केवी एवं 11 केवी बिजली पैनलों की सर्विसिंग का कार्य बेहद जरूरी है। उन्होंने आगे बताया सुचारू विद्युत आपूर्ति और भविष्य में मोटर संचालन में कोई तकनीकी बाधा न आए। इसके लिए यह शटडाउन लिया गया है। ऐसे में आज भेलूपुर जल संस्थान से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में शाम के समय नलों से पानी नहीं आएगा। उन्होंने सभी नागरिकों से रविवार सुबह ही अपनी आवश्यकतानुसार पानी का भंडारण (स्टोरेज) कर लेने की अपील की है ताकि शाम को होने वाली कटौती से असुविधा न हो। 1907 में बना था भदैनी पंप हाउस भदैनी पंप हाउस वाराणसी के भदैनी घाट पर स्थित एक महत्वपूर्ण जल आपूर्ति केंद्र है। जो गंगा नदी से पानी खींचकर पूरे शहर को पीने का पानी पहुंचाता है। 1907 में स्थापित यह पंप हाउस कई तकनीकी उन्नयन और विस्तार (जैसे 28 KLD क्षमता वाले नए पंप) के साथ वाराणसी के हर घर तक गंगाजल पहुंचाने की हर घर तक नल योजना का एक अहम हिस्सा है और शहर की जल-सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी ईशान किशन और उनके फैंस का प्यारा वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा। इस समय टी20 वर्ल्ड कप चल रहा। इसी बीच वो ईशान किशन मैदान से प्रैक्टिस करके वापस स्टेडिम की ओर लौट रहे थे। तभी उनके फैंस ने उनके साथ फोटो खिंचवाने और ऑटोग्राफ लेने के लिए पास आ गए। ईशान किशन ने सभी के साथ सेल्फी ली और ऑटोग्राफ दिया। अपने स्टार खिलाड़ी की पास पाकर फैंस में खुशी की लहर दौड़ गई। पढिए फैंस और ईशान के बीच की बातचीत उसी में से एक फैंस ने धीरे से कुछ बोला पर ईशान सुन नहीं पाएईशान ने फैंस से बोला– आएं.… फैंस: टेंशन नहीं है...ईशान: केने से है? फैंस: हम गोरखपुर से...जवाब सुनकर ईशान मुस्कुरा दिए। फैंस: आप ही के इधर से हैं भइया, ज़्यादा दूर नहीं है..ईशान: इसीलिए तो बोलें... तेरे भाषा से ही लग गया कही बाजू का ही हैफैंस: जी भईया गोरखपुर से ही हैं... इस वीडियो को लोग सोशल मीडिया पर खूब शेयर कर रहे। लोगों को ईशान का ये अंदाज खूब पसंद आ रहा। कॉमेंट में लोग गोरखपुर लव, ईशान के साथ हार्ट रिकेट्स कर रहे। ये भी जानिए… ईशान किशन बिहार के पटना के रहने वाले हैं। वो इंडियन टीम में बैतौर विकेटकीपर बैट्समैन में रूप में खेलते हैं। टी20 वर्ल्ड कप में उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 40 गेंद में 77 रन और नामीबिया के खिलाफ 24 गेंद में 61 की शानदार पारी खेली थी। इससे पहले उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में झारखंड की अगुआई करते हुए अपनी टीम को पहली बार खिताब जिताया और उस टूर्नामेंट में उन्होंने सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज भी रहे। लोग उनकी इस काबिलियत को देखते हुए इनकी तुलना पूर्व भारतीय विकेटकीपर बैट्समैन महेंद्र सिंह धोनी से करते हैं। धोनी भी झारखंड राज्य की अगुआई कर चुके हैं। 7 साल की उम्र में पकड़ा था बल्ला पटना के बेली रोड के आशियाना में 7 साल की उम्र में ही बल्ला पकड़ने वाले ईशान बेहतरीन विकेट कीपर और बैट्समैन हैं। वे झारखंड की ओर से रणजी खेलते थे। ईशान का टैलेंट कोच और टीम इंडिया के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ के मार्गदर्शन में निखरा और उन्हें अंडर-19 टीम की कप्तानी का मौका मिला। ईशान बचपन से ही क्रिकेट के दीवाने रहे। क्रिकेट के प्रति उनका जुनून ऐसा था कि वे पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पाते थे। उनके इस जुनून के चलते वे पढ़ाई में पीछे हो गए थे। डेफिनेट के नाम से बुलाते हैं दोस्त ईशान को उनके दोस्त डेफिनेट बुलाते हैं। यह नाम फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर में जिशान कादरी द्वारा निभाए गए डेफिनेट के किरदार से आया था। दोस्तों का मानना है कि किशन जो एक बार तय कर लेते हैं, उसे पूरा ही करते हैं। इसलिए लोग उन्हें इसी नाम से पुकारते हैं। ईशान एडम गिलक्रिस्ट, राहुल द्रविड़ और धोनी के बहुत बड़े प्रशंसक हैं। क्रिकेट के अलावा, ईशान को टेबल टेनिस और बिलियर्ड्स खेलना काफी पसंद है। एक दूसरे के होंगे ईशान और अदिति ईशान किशन की शादी की चर्चा जोरों पर है। ऐसा इसलिए, क्योंकि उनके और जयपुर की मॉडल अदिति हुंडिया के अफेयर की पुष्टि हो गई है। ईशान की गर्लफ्रेंड का नाम उनके दादा राम अनुग्रह पांडेय ने ही बताया, जिससे उनके रिलेशनशिप पर मुहर लग गई है एक इंटरव्यू में पांडेय ने कहा- ईशान जिससे भी शादी करेगा हमें स्वीकार है। उनके बड़े भाई ने कहा था कि पल्लवी से शादी करेंगे, तो हमने करवा दी थी। अब इसकी भी करवा देंगे। अदिति उसकी गर्लफ्रेंड है। वो जयपुर में रहती है। मॉडल है, मिस इंडिया कंटेस्ट में दूसरे नंबर पर आई थी। बताया जा रहा है कि टी-20 वर्ल्ड कप के बाद ईशान शादी के बंधन में बंध सकते हैं।
रेवाड़ी सीआईए ने रिटायर फौजी 60 वर्षीय महाराम की हत्या में प्रयोग पेचकस बरामद कर लिया है। पेचकस के साथ मृतक फौजी का मोबाइल भी पुलिस को मिल गया है। आरोपियों ने हत्या के बाद पेंचकस और मोबाइल गांव बास बिटौड़ी में रख दिया था। हत्यारोपी लॉ स्टूडेंट और वार्ड बॉय ने हत्या के बाद फौजी के घर से चोरी किए गहने वापस लेने की बात कहकर अपने दोस्त के पास रखे थे। तीन दिन का रिमांड खत्म होने के बाद आरोपी आज कोर्ट में पेश किए जाएंगे। गहने और कैश की बरामदगी बाकी अभी फौजी के घर से चोरी किए गए 55 ग्राम सोने, 1KG चांदी के गहने, 35 हजार कैश बरामद करना है। रेवाड़ी सीआईए का प्रयास रहेगा कि रविवार को रिमांड खत्म होने से पहले चोरी गए गहने और कैश बरामद किया जाए। हत्या के बाद आरोपियों द्वारा प्रयोग की गई बाइक को भी पुलिस केस प्रॉपर्टी बना सकती है। सीआईए खालेटा के खेतों से 231 रुपए के सिक्के (खुले पैसे) पहले ही बरामद कर चुकी है। लॉ स्टूडेंट और वार्ड बॉय हो चुके अरेस्ट गांव बास बिटौड़ी निवासी रिटायर फौजी ब्लाइंड मर्डर केस में रेवाड़ी सीआईए ने गांव के लॉ स्टूडेंट विकास और खालेटा निवासी वार्ड बॉय साहिल को गिरफ्तार किया था। चोरी की नीयत से फौजी के घर में घुसे लॉ स्टूडेंट ने पेचकस से वार कर 28 जनवरी की रात हत्या कर दी थी। पुलिस को तीन फरवरी को फौजी का शव चारपाई पर पड़ा मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट की पुष्टि होने के बाद सीआईए ने 19 फरवरी को लॉ स्टूटेंड और वार्ड बॉय को गिरफ्तार किया था। पत्नी ने दर्ज करवाया था केस रिटायर फौजी महाराम की पत्नी मंगेशा बेटे के साथ करीब सात साल से बिठवाना में रह रही थी। पति की मौत के बाद मौके पर पहुंची पत्नी मंगेशा के बयान पर खोल थाना पुलिस ने 174 की कार्रवाई कर शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट के निशान पाए जाने के बाद पुलिस ने पत्नी के बयान पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। जिसकी जांच का जिम्मा रेवाड़ी सीआईए को मिली था।
लुधियाना के व्यस्त इलाकों में शुमार मोचपुरा बाजार में चोरों के हौसले बुलंद हैं। देर रात दो शातिर चोरों ने घर के बाहर खड़ी एक सफेद रंग की एक्टिवा चोरी कर ली। पूरी वारदात गली में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज सामने आने के बाद इलाके के लोगों में दहशत और पुलिस की गश्त पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। क्या है पूरा मामला पीड़ित ने बताया कि मोहल्ले में जगह की कमी के चलते अधिकतर लोग अपनी एक्टिवा और वाहन घर के बाहर ही पार्क करते हैं। रोजाना की तरह पीड़ित ने भी अपनी सफेद एक्टिवा बाहर खड़ी की थी।जब सुबह परिवार सोकर उठा तो घर के बाहर से वाहन गायब था। हड़बड़ाहट में जब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई तो चोरी की पूरी घटना सामने आ गई सीसीटीवी कैमरे में क्या दिखा सीसीटीवी फुटेज में नजर आ रहा है कि देर रात दो संदिग्ध युवक गली में दाखिल होते हैं। वे आपस में सामान्य रूप से बातें कर रहे थे ताकि किसी को उन पर शक न हो। पहले दोनों चोर सीधे गली में आगे निकल गए और रेकी की कि कहीं कोई जाग तो नहीं रहा।कुछ ही मिनटों में वे वापस लौटे। एक चोर ने फुर्ती से एक्टिवा का लॉक तोड़ा। लॉक तोड़ने के बाद एक चोर पैदल ही एक्टिवा को घसीटते हुए गली के बाहर ले गया जबकि दूसरा उसके पीछे-पीछे निगरानी करता रहा । गली के मोड़ पर पहुंचते ही दोनों ने एक्टिवा स्टार्ट की और पलक झपकते ही रफूचक्कर हो गए। पीड़ित ने कहा हम सालों से गाड़ियां बाहर खड़ी कर रहे हैं लेकिन अब मोहल्ला सुरक्षित नहीं रहा। सीसीटीवी में चोरों के चेहरे साफ दिख रहे हैं। हमने पुलिस को सूचित कर दिया है। पुलिस से गश्त बढ़ाने की मांग मोचपुरा बाजार के निवासियों का कहना है कि चोरों को न तो पुलिस का डर है और न ही सीसीटीवी कैमरों का। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पुलिस फुटेज के आधार पर चोरों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करे और रात के समय पीसीआर (PCR) की गश्त बढ़ाई जाए।
हरियाणा में कम हुआ सर्दी का असर:7 शहरों में तापमान 27 डिग्री पार; रात का पारा 10 डिग्री से ऊपर चढ़ा
हरियाणा में अब सर्दी का असर धीरे-धीरे कम होने लगा है। लगातार दिन और रात दोनों का तापमान बढ़ रहा है। हालांकि नमी ज्यादा होने से सुबह और शाम के समय हल्की ठंड महसूस की जा रही है। रात का तापमान में दिन से दोगुना कम बन हुआ है। इससे लोगों को सुबह और रात में ठंड महसूस हो रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार हरियाणा में औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 1.6 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान में भी 0.7 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। दिन में धूप तेज होने लगी है और ठंड का असर अब सीमित होता दिख रहा है। 7 स्थानों पर 27 डिग्री से ऊपर पहुंचा पाराराज्य में 7 शहरों में अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। पलवल सबसे गर्म रहा यहां तापमान 29.1C दर्ज किया गया है। इसके अलावा नूंह में पारा 27.9C, गुरुग्राम में 27.8C, महेंद्रगढ़ 27.6C, नारनौल 27.5C, भिवानी एडब्ल्यूएस 28.1C और हिसार 27.0C में भी पारा 27 डिग्री या उससे अधिक दर्ज हुआ। दोपहर के समय गर्मी का असर साफ महसूस किया गया। रात में 10 डिग्री से नीचे कहीं नहीं गया पारान्यूनतम तापमान के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के किसी भी शहर में तापमान 10 डिग्री से नीचे नहीं गया। हिसार में सबसे कम 10.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। अधिकांश जिलों में रात का पारा 12 से 14 डिग्री के बीच रहा, जिससे सुबह हल्की ठंड तो महसूस हुई, लेकिन सर्दी का तीखापन कम रहा।
कानपुर के रज्जन बाबू पार्क का विवाद शनिवार शाम थम गया। मेयर प्रमिला पाण्डेय और पार्षद अमित गुप्ता के नाम का पत्थर लगने के बाद पार्क की मरम्मत का काम शुरू करा दिया गया। देर रात तक भी हटिया स्थित पार्क में काम चलता रहा।ऐसे शुरू हुआ विवादबीते दो दिनों से पार्क में मेयर और पार्षद के नाम का पत्थर लगाए जाने को लेकर एक विवाद खड़ा हो गया था। कमेटी के पदाधिकारी पत्थर लगाने का विरोध कर रहे थे। वहीं पार्षद नाम का पत्थर लगाने के बाद ही काम शुरू कराने की बात पर अड़ गए थे। काम लगातार बंद रहा। हटिया होली गंगा मेला कमेटी के अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र विश्नोई ने धरना की चेतावनी दी। 21 फरवरी शनिवार को सुबह जोन एक के जेई, ठेकेदार और मजदूर पहुंचे, लेकिन पार्षद अमित गुप्ता ने काम करने से रोका। अधिकारियों से बात कर कहा कि यह नगर निगम का कार्य है। इसमें पार्षद और मेयर के नाम का पत्थर लगेगा, यह बात कमेटी के लोगों से साफ कर लिया जाए। पार्क में विवाद बढ़ा और कमेटी के लोगों व पार्षद अमित गुप्ता के बीच नोकझोंक हुई।पुलिस और अन्य पार्षद पहुंचे, शुरू हुआ कार्यशनिवार को दो घंटे के विवाद के बाद मौके पर पार्षद ने पुलिस बुला ली। कुछ देर बाद बीजेपी के अन्य पार्षद भी पहुंच गए। गंगा मेला 10 मार्च को है। ऐतिहासिक मेले की तैयारी और पार्क की मरम्मत को लेकर कमेटी और पार्षद के बीच बातचीत कराई गई। ये पार्षद पहुंचेपार्क में पार्षद और कमेटी के बीच बातचीत कराने के लिए भाजपा के अरुण तिवारी, पार्षद मोनू गुप्ता और पार्षद आदर्श गुप्ता पहुंचे। उन्होंने कमेटी के अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र विश्नोई, महामंत्री विनय सिंह और अन्य सदस्यों से बातचीत कराई। इस सहमति पर शुरू हुआ कार्यआखिर पार्क में काम तभी शुरू हुआ जब मेयर और पार्षद के नाम का पत्थर पहले लगाया गया। जेई माणिक चंद्र ने काम शुरू कराया। देर रात तक मजदूर पार्क में काम करते रहे। पार्षदों और मेला कमेटी के पदाधिकारियों के बीच बातचीत के बाद तय किया गया कि इस पत्थर के साथ एक और पत्थर लगाया जाएगा, जिस पर कमेटी के पदाधिकारियों और सभी सदस्यों के नाम लिखे जाएंगे।
सहारनपुर में जमीयत दावातुल मुस्लिमीन के संरक्षक और मशहूर देवबंदी उलेमा मौलाना कारी इसहाक गोरा ने एक वीडियो बयान जारी किया है। जिसमें उन्होंने कहा-तालिबान द्वारा महिलाओं से संबंधित कानून की कड़ी निंदा की है। इस कानून के हवाले से यह दावा किया गया कि पति को पत्नी की 'गलती' पर शारीरिक दंड देने की अनुमति है, बशर्ते हड्डी न टूटे। मौलाना गोरा ने इसे न केवल अमानवीय बताया, बल्कि साफ शब्दों में कहा कि ऐसी सोच को मजहब-ए-इस्लाम से जोड़ना सरासर गलत है। कारी इसहाक गोरा ने कहा-इस्लाम रहमत, इंसाफ और इज्जत का दीन है। किसी भी प्रकार की ज्यादती, अपमान या हिंसा को शरीअत की तालीमात का हिस्सा बताना दीन की गलत तशरीह है। मौलाना ने जोर देकर कहा कि घरेलू जीवन में नर्मी, मोहब्बत और रहम का उसूल बुनियादी है। अगर किसी समाज या गिरोह की सोच इस बुनियाद से टकराती है, तो उसे इस्लामी करार नहीं दिया जा सकता। मौलाना गोरा ने याद दिलाया कि इस्लाम में खवातीन का मर्तबा बुलंद है। उन्होंने हदीस-ए-नबवी का हवाला देते हुए कहा कि पैगम्बर मोहम्मद साहब ने औरतों के साथ हुस्ने-सुलूक की ताकीद फरमाई और उन्हें अल्लाह की अमानत बताया। निकाह को रहमत और सुकून का रिश्ता कहा गया है, न कि ताकत और जबरदस्ती का मैदान। उन्होंने कहा कि जो लोग औरत पर हाथ उठाने को दीन का हिस्सा बताने की कोशिश करते हैं, वे इस्लाम की अस्ल रूह से नावाकिफ हैं। अपने बयान में उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस्लाम का नाम लेकर सख्ती और तशद्दुद को जायज ठहराने की कोशिश करते हैं, जबकि इस्लाम की बुनियादी तालीमात इंसाफ, सब्र और रहम पर कायम हैं। अगर कोई समूह बार-बार दीन का हवाला देता है, मगर उसके अमल इस्लामी उसूलों से मेल नहीं खाते, तो मुसलमानों को चाहिए कि वे होशियारी से फर्क करें और दीन को ऐसे रवैयों से अलग रखें। मौलाना ने कहा कि ये अफसोस की बात है कि दुनिया के सामने इस्लाम की तस्वीर कुछ लोगों के अमल की वजह से धुंधली की जाती है। उन्होंने उलेमा और जिम्मेदार लोगों से अपील की कि वे खुलकर ऐसी सोच की मुखालफत करें और समाज को बताएं कि इस्लाम औरत की इज्जत, हक और हिफाजत की तालीम देता है। मौलाना कारी इसहाक गोरा ने कहा कि दीन की सही समझ और सही तालीम ही समाज को इंतिशार से बचा सकती है। इस्लाम को सियासी या गिरोहबंदी के फैसलों से नहीं, बल्कि कुरआन व सुन्नत की रोशनी में समझा जाना चाहिए। उन्होंने दुआ की कि अल्लाह तआला उम्मत को हिकमत, इंसाफ और रहमत के रास्ते पर कायम रखें।
पंजाब के फाजिल्का में दो महिलाएं एक युवक को पति बताकर भिड़ गईं। लुधियाना से आई महिला ने युवक के घर के बाहर डेरा डाल दिया और चिला-चिलाकर कहने लगी ये कि मेरा पति है। इसके बाद घर में मौजूद पत्नी बाहर आई और दोनों में विवाद शुरू हो गया। तभी लुधियाना की महिला युवक की पत्नी की चोटी पकड़ लेती है और हाथापाई करने लगती है। महिला दावा करती है कि युवक पांच महीने से मेरे साथ रह रहा था और वो मेरा पति है। इसके बाद दोनों में हाथापाई हो जाती है। स्थिति तनावपूर्ण होने के बाद युवक का भाई दोनों महिलाओं को छुड़वाता है और सुलह कराने की कोशिश करता है। माहौल बिगड़ता देख स्थानीय लोग पुलिस बुला लेते हैं। पुलिस मौके पर पहुंचती है और मामले की जांच शुरू करती है। दोनों महिलाओं की लड़ाई का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। पहले पढ़ें वीडियो में क्या दिख रहा है… अब जानिए क्या है मामला… पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थाना वैरोका के एएसआई सवार सिंह ने कहा कि फिलहाल मामले में जांच की जा रही है, जिसके बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी। उधर हरमेश के फौजी भाई का कहना है कि उनके द्वारा अपने भाई को 2021 से घर से बेदखल किया जा चुका है। उनका उससे कोई लेनदेन नहीं है। बेवजह उक्त महिला द्वारा उनके परिवार के साथ विवाद किया जा रहा है। झगड़ा होते देख मौके पर पुलिस बुलाई गई।
आजमगढ़ में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी 22 फरवरी को सामाजिक समरसता महारैली आयोजित करने जा रही है। इस रैली के जरिए कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर शक्ति प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम के लिए 12 से अधिक टेंट लगाए गए हैं और तीन बड़े मंच तैयार किए गए हैं। मुख्य मंच पर मंत्री ओम प्रकाश राजभर के साथ परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और 12 से अधिक मंत्री व अतिथि मौजूद रहेंगे। दूसरे मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे, जबकि तीसरे मंच पर 200 से अधिक ब्राह्मण उपस्थित रहेंगे, जो शंख बजाकर शंखनाद करेंगे। आयोजकों का दावा है कि यह रैली पूर्वांचल और पूरे प्रदेश में मजबूत संदेश देगी, जिसमें 1 लाख से अधिक लोगों के जुटने की उम्मीद जताई जा रही है। यह रैली अहिरौला थाना क्षेत्र स्थित जनता इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित होगी। ओपी राजभर कई बार तैयारियों का ले चुके हैं जायजा ओम प्रकाश राजभर रैली स्थल का कई बार जायजा ले चुके हैं। इस दौरान मिली कमियों को दूर करने के लिए उन्होंने पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए थे। रैली में कार्यकर्ताओं के आने-जाने के लिए 400 बसें लगाई गई हैं। इसके साथ ही हाल ही में गठित राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना के कमांडर को भी तैयारियों के निर्देश दिए गए हैं। आयोजकों के अनुसार, महारैली में 10 हजार से अधिक प्रबुद्ध ब्राह्मणों की विशेष भागीदारी रहेगी। इसके अलावा निषाद, नाई, क्षत्रिय, चौहान समेत सर्व समाज के बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। 200 ब्राह्मण करेंगे शंखनाद दैनिक भास्कर से बातचीत में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के मीडिया प्रभारी दीपक सिंह ने बताया- सामाजिक समरसता महारैली में 10 हजार से अधिक ब्राह्मणों को आमंत्रित किया गया है। इनमें 200 से अधिक ऐसे ब्राह्मण हैं, जो शंख बजाकर शंखनाद करेंगे। कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को किसी तरह की समस्या न हो, इसके लिए सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर लगातार दिशा-निर्देश दे रहे हैं। मुख्य मंच पर राजभर सहित सभी मंत्री बैठेंगे सामाजिक समरसता महारैली के लिए 12 से अधिक टेंट लगाए गए हैं। इसके साथ ही 3 मंच भी बनाए गए हैं। इनमें मुख्य मंच पर सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर के साथ परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और एक दर्जन से अधिक मंत्री व अतिथि मौजूद रहेंगे। दूसरे मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे, जबकि तीसरे मंच पर 200 से अधिक ब्राह्मण उपस्थित रहेंगे, जो शंख बजाकर रैली का शंखनाद करेंगे। जातीय भावना को दूर करने के लिए हो रही रैलीसुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर ने एक दिन पूर्व जिले में समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ जिले की सभी 10 सीटों पर समाजवादी पार्टी का कब्जा है और सपा इसे अपना गढ़ मानती है। जातीय भावनाओं को दूर करने के उद्देश्य से यह ऐतिहासिक रैली आयोजित की जा रही है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी नजर आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव पर है और पार्टी समाजवादी पार्टी के घमंड को तोड़ने का प्रयास करेगी। 2500 कार्यकर्ताओं को पीली वर्दी और डंडे बांटे थेओम प्रकाश राजभर ने 19 जनवरी को अहिरौला में राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना को आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराया था। इस दौरान 2500 से अधिक कार्यकर्ताओं को ढाई-ढाई फीट के पीले डंडों के साथ संगठन की पीली वर्दी भी वितरित की गई थी। मंत्री ने सैनिकों के बीच बांटे गए डंडों को बिना लाइसेंस वाला हथियार बताया था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना का उद्देश्य युवाओं को सही दिशा में मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और जागरूकता देना है, ताकि वे अपने अधिकारों और कर्तव्यों को बेहतर ढंग से समझ सकें। -------------- ये खबर भी पढ़ें जर्मनी से यूपी आई बारात, दूल्हा-दुल्हन ने लकड़ी काटी, गुस्ताव ने खुशी के नाम की मेहंदी लगाई विदेश से आई बारात, देसी अंदाज में शादी की रस्में, स्टेज पर आरी से लकड़ी काटते दूल्हा और दुल्हन…फिरोजाबाद की इस अनोखी शादी ने हर किसी को चौंका दिया। जर्मनी से आए दूल्हे गुस्ताव ने न सिर्फ भारतीय रीति-रिवाजों से शादी रचाई, बल्कि दुल्हन खुशी के नाम की मेहंदी लगाकर प्यार का इजहार किया। पूरी खबर पढ़ें
नमस्कार, कानपुर में कल (रविवार) की बड़ी खबरें…ईदगाह चौराहे पर 10 मीटर का गड्डा था। अब यह 100 मीटर का हो गया है, ऐसे में यहां 25 घरों को गिरने का खतरा बन गया है। कानपुर मेयर ने 15 दिनों में काम पूरा करने के निर्देश दिये थे। लेकिन आज सड़क को धंसे हुए एक महीने से ज्यादा समय हो गया है। खाद्य विभाग ने रजनीश ट्रे़डर्स में छापा मारा। टीम ने 50 लाख कीमत का 10 हजार किलो खजूर जब्त किए। यह खजूर साल 2022-23 में एक्सपायर हो चुका था। होली और रमजान के चलते कंपनी डिब्बों में नए स्टीकर लगाकर बाजार में बेचने की तैयारी में थी। कानपुर में भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी का पुतला फूंका। इस दौरान पुलिस ने पुतला छीनने की कोशिश करती रही। कार्यकर्ताओं ने देश विरोधी लिखी तख्तियां लेकर नारेबाजी भी की। कानपुर की ऐसी कल की 10 बड़ी खबरें VIDEO में देखने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें… अब सिलसिलेवार 10 खबरें पढ़िए- 1.) कानपुर में ट्रैक्टर निकालने पर बवाल, घर जलाया:दो पक्षों में मारपीट, 5 घायल; विधायक सरोज कुरील घायलों से मिलीं कानपुर में ट्रैक्टर निकालने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। दोनों ओर से लाठी-डंडे चले, जिसमें 5 लोग घायल हो गए। आरोपियों ने घर में आग लगा दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने और घायलों को उपचार के लिए घाटमपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भिजवाया। घाटमपुर विधायक सरोज कुरील सीएचसी पहुंचीं और घायलों से मुलाकात कर पूरी घटना की जानकारी ली। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। विधायक ने दीपेंद्र नाथ चौधरी (डीसीपी साउथ) को फोन कर मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश देने को कहा। पढ़ें पूरी खबर… 2.) ईदगाह चौराहा पर एक महीने में 3 बार धंसी सड़क:कानपुर में अब 100 मीटर का गड्डा हुआ, 25 मकानों के गिरने का खतरा कानपुर में ईदगाह चौराहे पर 1 महीने में तीसरी बार सड़क धंस गई। सड़क में 100 मीटर का गड्ढा हो गया है, ऐसे में यहां 25 घरों को गिरने का खतरा बन गया है। शहर में धंसे डॉट नाले और सड़कों की गुणवत्ता को लेकर नगर निगम ने सख्ती दिखाई है। नगर आयुक्त ने ईदगाह चौराहे से ब्रह्मनगर चौराहे के बीच धंसे डॉट नाले का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक जलकल, मुख्य अभियंता, जोनल अधिकारी-4 समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने बताया टेक्निकल सहायता के लिए IIT से सहायता ली जाएगी। पढ़ें पूरी खबर…. 3.) 50 लाख के एक्सपायर खजूर को बेचने की थी तैयारी:खाद्य विभाग ने छापा मारकर पकड़ा, 4 लाख का खोया और सुपारी नष्ट कानपुर में खाद्य विभाग ने रजनीश ट्रे़डर्स में छापा मारा। टीम ने 50 लाख कीमत का 10 हजार किलो खजूर जब्त किए। यह खजूर साल 2022-23 में एक्सपायर हो चुका था। होली और रमजान के चलते कंपनी डिब्बों में नए स्टीकर लगाकर बाजार में बेचने की तैयारी में थी। टीम ने अलग-अलग स्थानों से कुल नौ सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। अधिकारियों ने बताया कि एक्यपायर खजूर मिलने के मामले में मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी है। पढ़ें पूरी खबर… 4.) भाजपा युवा मोर्चा ने राहुल गांधी का पुतला फूंका:कानपुर में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की, बोले- राहुल गांधी देश विरोधी हैं कानपुर में भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी का पुतला फूंका। इस दौरान पुलिस ने पुतला छीनने की कोशिश करती रही। कार्यकर्ताओं ने देश विरोधी लिखी तख्तियां लेकर नारेबाजी भी की। दरअसल, तमिलनाडु के मंडपम में आयोजित इंडिया एआई एक्सपो समिट के दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने के खिलाफ नारे लगाए थे। पढ़ें पूरी खबर…. 5.) कानपुर में पूर्व सपा विधायक की गाड़ी पर पथराव:मुनींद्र शुक्ला बाल-बाल बचे, कहा- यह ब्राह्मणों को दबाने की कोशिश कानपुर बिठूर विधानसभा से सपा के पूर्व विधायक की गाड़ी में देर रात को युवकों ने पथराव कर दिया। जिससे उनकी गाड़ी के पीछे का शीशा टूट गया। उन्होंने 112 नंबर डायल कर घटना की सूचना पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही बिठूर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। बिठूर विधानसभा के पूर्व विधायक मुनींद्र शुक्ला वर्ष 2012 से 2017 तक सपा से विधायक रहे है। वह मूल रूप से चौबेपुर थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव के रहने वाले हैं। मुनींद्र शुक्ला ने बताया कि वह शुक्रवार देर रात एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए बिठूर के सिंहपुर स्थित एक गेस्ट हाउस में गए थे। पढ़ें पूरी खबर… 6.) रज्जन बाबू पार्क में आज भी काम नहीं हो सका:BJP पार्षद और कमेटी के लोगों में जमकर नोकझोंक; नाम का पत्थर लगाने को लेकर विवाद कानपुर के रज्जन बाबू पार्क में पार्षद और हटिया होली गंगा मेला कमेटी के लोग शनिवार को आमने-सामने आ गए। पार्षद अमित गुप्ता पार्क में हो रहे नगर निगम के मरम्मत काम के लिए मेयर और अपने नाम का पत्थर लगवाने के लिए अड़ गए हैं। दूसरी तरफ कमेटी और हटिया क्षेत्र के लोग पत्थर न लगाए जाने को लेकर अड़ गए हैं। पार्षद और कमेटी के लोगों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। हटिया पार्क में 10 मार्च को होली गंगा मेला की तैयारी के लिए नगर निगम काम करा रहा था। पढ़ें पूरी खबर… 7.) अंपायर मानिक की पत्नी बोलीं- KCA मदद करे:अब मेरा कोई सहारा नहीं, छोटी बेटी को पढ़ाना है; बेटी ने अस्थियां चुन बेटे का फर्ज निभाया मेरी बेटी घाट पर अस्थियां लेने गई, बेटियों ने पिता के शव को कंधा दिया। जो सबसे छोटी है, उसने कपालक्रिया की, मुखाग्नि दी। बेटों वाला काम किया है। मेरा कोई बेटा नहीं, अब मेरा सहारा कौन बनेगा। ये बातें मधुमक्खियों के हमले में जान गंवाने वाले अंपायर मानिक गुप्ता की पत्नी कुसुमलता ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहीं। कानपुर के फीलखाना क्षेत्र में रहने वाले क्रिकेट अम्पायर मानिक गुप्ता बुधवार को शुक्लागंज के सप्रू स्टेडियम में क्रिकेट खेल रहे थे। पढ़ें पूरी खबर… 8.) वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने-हटाने का मौका, रविवार को बूथडे:SIR के तहत सभी बूथ पर बीएलओ मिलेंगे, मौके पर मिलेंगे फॉर्म विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) 2026 के अंतर्गत 22 फरवरी को जिले के सभी 3770 मतदेय स्थलों पर चौथा विशेष अभियान दिवस बूथ डे के रूप में आयोजित किया जाएगा। इस दिन मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने अथवा संशोधन से संबंधित दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर… 9.) सालभर जो पढ़ा, प्रवेश पत्र में वो विषय नहीं मिला:गृह विज्ञान पढ़ने वालों में छप गया गणित, कानपुर कंट्रोल रूम में आ रहीं शिकायतें यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू होने के साथ ही स्कूलों की गड़बड़ियां भी सामने आने लगी हैं। ऐसे में छात्र-छात्राओं की चिंता बढ़ गई है। जीआईसी चुन्नीगंज में बने ऑफलाइन कंट्रोल रूम में छात्र शिकायत दर्ज कराने आने लगे हैं। किसी ने शिकायत की है कि सालभर गणित पढ़ा और उसके प्रवेश पत्र में जीव विज्ञान छपा है। इसके अलावा गृह विज्ञान पढ़ने वाली छात्राओं के प्रवेश पत्र में गणित विषय छप गया है। पढ़ें पूरी खबर… 10.) बेकाबू वैन तालाब में पलटी, 4 के शव घर पहुंचे:मां-बाप, बेटी और नाती का अंतिम संस्कार हुआ, तेरहवीं से कानपुर लौट रहा था परिवार कानपुर देहात में बेकाबू वैन तालाब में पलट गई। कार में सवार एक ही परिवार के 4 लोगों की डूबकर मौत हो गई। मरने वालों में बुजुर्ग पति-पत्नी, बेटी और 1 साल का नाती शामिल हैं। कल्याणपुर में मृतक पति-पत्नी का शव पहुंचा है। वहीं, इनकी बेटी और नाती का शव शिवराजपुर में उनकी ससुराल ले जाया गया। मां-पिता का शव देखकर बेटी दीक्षा चीखने लगी। परिवार के लोगों ने चुप कराने की कोशिश की। बेटी दीक्षा बोली- मम्मी पापा दोनों लोगों ने साथ छोड़ दिया, अब मेरे हाथ कौन पीले करेगा। पढ़ें पूरी खबर….
कानपुर में सीसामऊ से विधायक नसीम सोलंकी और उनके पति पूर्व विधायक इरफान सोलंकी एक भागवत कथा के कार्यक्रम में पहुंचे। दोनों ने आशीर्वाद लिया, दक्षिणा भी चढ़ाई।बताया जा रहा है कि सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र के गांधी नगर स्थित गणेश पार्क में 7 फरवरी को श्री शनि साईं मंदिर में भागवत कथा के कार्यक्रम में नसीम और इरफान पहुंचे थे। भागवत कथा वाचक पं. दीपक कृष्ण महाराज के पास खड़े नसीम और इरफान को आशीर्वाद देते हुए बोले कि बहन नसीम सोलंकी सीसामऊ विधानसभा से विधायक हैं, उनके पति इरफान भी आए हैं। भगवान की कथा, मंदिर और गंगा तीर्थ मान्यता सबकी अलग-अलग हो सकती है। एक घटना याद आ गई, अभी कुछ दिन पहले नसीम एक मंदिर गईं तो वहां के लोगों ने कहा ये करो, वो करो। लेकिन माफ करना, अगर किसी के जाने से मंदिर अपवित्र होता है तो मंदिर की महिमा कम हो सकती है। लेकिन मन्दिर मे तो कोई अपवित्र भी आए तो वो भी पवित्र हो जाता है। कोई पतित भी आए तो वो पावन हो जाता है। इरफान भागवत कथा में बोलेइरफान सोलंकी ने कहा कि हम सब तो भिखारी हैं, देने वाला ऊपर वाला है। कोई अल्लाह कहता है, कोई राम कहता है। वो उनकी भी सुनता है जिनकी जुबान नहीं, उनको भी देता है जिनके हाथ नहीं हैं। बस हमें मांगने की इच्छा रहनी चाहिए। एक दिन हर इंसान को दुनिया से जाना है। बस अगर किसी इंसान के जाने के बाद कोई इंसान उसे याद करके आंसू बहाए तो ये सबसे बड़ी बात है। यहां हाथ खोलकर मांगिए, यही सच्चा दरबार है। वो किसी से लेकर नहीं देता, वो तो सबको अपने खजाने से देता है। सबकी मुराद पूरी करता है, यहां सब मांग सकते हैं। ऊपर वाले ने ही हमें पैदा किया, वही पालनहार है। ये सच है, पानी में लाठी मारने से पानी अलग नहीं हो जाएगा। हम सब डरपोक हैं, तभी तो उसके दरबार में आए हैं। हमें मालूम है कि हमारी फिक्र करने वाला सिर्फ ऊपर वाला है। उनको कई नाम से बुलाते हैं, कोई अल्लाह कहता है, कोई राम कहता है, देता सिर्फ वही है। गुरुजी, मैं इस मंच पर कई बार आया हूं, लेकिन आज सबसे अच्छा मौका मेरे लिए है कि मैं अपनी जीवनसाथी के साथ यहां आया हूं। ये मेरी सुख और दुख की साथी है। जब मेरे ऊपर मुसीबत आई, संघर्ष आया तो मेरी मां के बाद सिर्फ मेरी बेगम ने ही मेरा साथ दिया। परिवार जीवन में बहुत बड़ी चीज है। जब कोई किसी दूसरे के लिए भी ऊपर वाले से मांगता है तो सबसे पहले उसकी दुआ पूरी होती है। इसलिए मेरे लिए, मेरी बेगम के लिए दुआ कीजिए। हमारा आपका साथ ऐसे ही बना रहे। नसीम बोलींजिस तरह से आप लोगों ने उपचुनाव में मेरा साथ दिया, वोट दिया, अपना आशीर्वाद दिया, उसके लिए बहुत-बहुत शुक्रिया। मुझे और मेरे परिवार के लिए दुआ करना। हमेशा दुआ में शामिल रखें। आप हमारा परिवार हैं। ये साथ जनम-जनम तक बना रहे। आप हमारे साथ और हम आपके साथ रहें। दैनिक भास्कर से बोले इरफान इरफान ने कहा कि हम सभी धार्मिक स्थलों पर जाते हैं। हम गुरुद्वारा भी जाते हैं। हम समाज को जोड़ने वाले नेता हैं। मेरी पत्नी नसीम को हर समाज के लोगों ने जिताया है। मैं हर वो काम करूंगा जो समाज को जोड़े। हमारे प्रयास से समाज जुड़े तो मैं 100 बार ऐसी जगह जाऊंगा, 500 बार जाऊंगा। ऊपर वाला कब किसकी दुआ सुन ले, ये नहीं पता। आज जो मैं छूटा हूं तो इसमें सबकी दुआ का असर रहा है। कोई मंदिर गया, कोई मस्जिद गया, कोई गुरुद्वारा गया। हम दोनों लोग कथा में गए थे। नसीम ने जब बजट सत्र में सदन में बात रखी तो विधानसभा के सभी धार्मिक स्थलों के लिए विकास कार्य कराने को धनराशि की मांग की है।वनखंडेश्वर मंदिर जाने पर बोले कि जब कथावाचक, जो कि महान लोग हैं, उन्होंने कहा तो हम इस पर उन्हें बधाई देते हैं। हालांकि वो समय बीत गया है, उसका जवाब तो नसीम को जीत दिलाकर दे दिया वरिष्ठ पत्रकार महेश शर्मा बोलेसीसामऊ सीट से हाजी मुश्ताक और उनके बेटे इरफान के बाद अब नसीम विधायक हैं। ऐसे आयोजन में जाना, मंदिर जाना इनका कोई चुनावी या वोट लेने की मंशा नहीं लगती, क्योंकि इन्हें सीसामऊ से सभी वर्गों का वोट मिलता है। इरफान के पिता हाजी मुश्ताक सोलंकी भी जब विधायक थे तो उनकी छवि ऐसी थी कि किसी भी वर्ग का व्यक्ति आता था तो वह उसका काम करते थे। इसी तरह एक जनप्रतिनिधि को कहीं भी जाने में सोचना नहीं चाहिए। वही इनका परिवार करता रहा है। विकास कार्यों में भी नहीं सोचना चाहिए कि किस धार्मिक स्थल का है। यह जिम्मेदारी जनप्रतिनिधि की है कि वह सबका काम पूरा कराए।
कानपुर में ईदगाह चौराहे पर 10 मीटर का गड्डा था। अब यह 100 मीटर का हो गया है, ऐसे में यहां 25 घरों को गिरने का खतरा बन गया है। कानपुर मेयर ने 15 दिनों में काम पूरा करने के निर्देश दिये थे। लेकिन आज सड़क को धंसे हुए एक महीने से ज्यादा समय हो गया है। इस सड़क पर करीब 100 से ज्यादा छोटे बड़े कारोबारी कार से संबंधित काम करते हैं। व्यापारियों का कहना है- एक दिन में एक कारोबारी 1 से 1.5 लाख तक का कारोबार करता है। 30 दिनों से सड़क बंद है, ऐसे में करीब 300 करोड़ का कारोबार प्रभावित हो रहा है। व्यापारी वर्ग ने नगर निगम के ऊपर लापरवाही का आरोप लगाया है। मेयर के निर्देश के बाद ये काम तय समय में पूरा क्यों नहीं हो पाया? कार बाजार के व्यापारियों को कितना नुकसान हो रहा है? आखिर ये सड़क बार-बार क्यों धंस रही है? इन सवालों के जवाब जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम मौके पर पहुंची। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…. सबसे पहले सड़क के बारे में जानिए… 30 दिनों में 3 बार धंसी सड़क कानपुर में ईदगाह चौराहा से ब्रह्म नगर चौराहा की तरफ जाने वाली सड़क 21 जनवरी को 10 मीटर धंसी थी। जिसका कारण था, सड़क के नीचे अंग्रेजों के जमाने का 150 साल पुराना डाट नाला टूट गया था। इसको सही करने के लिए नगर निगम ने कंस्ट्रक्शन शुरू किया। नाले से निकलने वाले पानी के बहाव रोक दिया। इसके बाद पानी एकत्रित होने लगा। पानी रुकने के कारण दोबारा से सड़क धंस गई, जिससे गड्डे की लंबाई करीब 25 मीटर हो गई। फिर दोबारा से मलवा निकालकर फिर से पानी के बहाव को शुरू किया गया। 20 फरवरी की रात को अचानक से फिर से तीसरी बार सड़क धंस गई। अब इस गड्डे की लंबाई करीब 100 मीटर हो गई है। 20-25 मकानों को ढहने का खतरा 21 जनवरी को डाट नाला धंसने के बाद यहां नगर निगम ने 7 मकानों को खाली करने के नोटिस लगाए थे। लेकिन अब 100 मीटर की एरिया में सड़क के दोनों ओर 25 दुकानें और मकान बने हुए हैं। अब यहां पर करीब 20 से 25 मकान गिरने का खतरा बन गया है। मकानों में रहने वाले उच्च परिवार मकानों को छोड़ के रिश्तेदारों के यहां रहने लगे है। अभी और भी धंस सकती है सड़क नगर निगम के द्वारा चल रहे काम को देखें तो लगातार डाट नाले के पानी को रोका जा रहा है, क्योंकि काम करना है। जब पानी रुकता है, तभी कटान शुरू हो जाता है। इससे ये सड़क बार बार धंस रही है। आखिर ये काम कब तक पूरा हो पाएगा ये एक बड़ा सवाल बना हुआ है। कार बाजार का 300 करोड़ का कारोबार प्रभावित इस सड़क पर करीब 100 से ज्यादा छोटे बड़े कारोबारी कार से संबंधित काम करते हैं। व्यापारियों का कहना है- एक दिन में एक कारोबारी 1 से 1.5 लाख तक का कारोबार करता है। 30 दिनों से सड़क बंद है, ऐसे में करीब 300 करोड़ का कारोबार प्रभावित हो रहा है। व्यापारी वर्ग ने नगर निगम के ऊपर लापरवाही का आरोप लगाया है। कानपुर मेयर ने पिछले महीने इस सड़क का निरीक्षण किया था। उस दौरान मेयर ने अधिकारियों को 15 दिनों में काम पूरा करने के निर्देश दिये थे। लेकिन अब एक महीना होने के बाद ये काम पूरा नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों ने बताया अभी तक शुरुआत से 4 ठेकेदार बदले जा चुके हैं, जिसकी वजह से काम प्रभावित हो रहा है। केवल यहां पर काम चल रहा है। काम में तेजी नहीं दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों का क्या कहना है पढ़िए…. ऐसा काम हो कि सड़क अब धंसे नहीं व्यापारी सुधीर शुक्ला ने बताया- नगर निगम के ठेकेदार काम कर रहे हैं, लेकिन ये काम जल्दी से पूरा हो जाए। अब आगे नई-नई जगह सड़क धंस रही है। सड़क धंसना बंद नहीं हो पा रहा। प्रशासन को इस तरीके से काम करना चाहिए, जिससे आगे सड़क न धंसे। जल्दी ही अब प्रशासन को आगे धंसने वाली सड़क पर तेजी से काम करना चाहिए, जिससे हम जैसे व्यापारियों को अब ज्यादा नुकसान न हो। ये गड्डा नहीं एक हजार गज का प्लॉट है स्थानीय सूरज ने कहा- इस गड्डे को हुए एक महीने से ज्यादा हो गया है। अब हम इसको गड्डा नहीं 1000 गज का प्लॉट बोलते हैं। क्योंकि गड्डे में कोई रह नहीं सकता हम लोग इस गड्डे में ही रह रहे हैं, इस लिए ये प्लॉट बन गया है। जैसे ही कोई बड़ा अधिकारी आता है तो काम में तेजी आ जाती है, अधिकारी के जाने के बाद केवल चलता होता है। जिस हिसाब से काम चलना चाहिए, उस हिसाब से नहीं चल रहा है। ये गड्डा केवल राजनीतिक गड्डा बन कर रह गया है। पहले यहां करीब 3 मकान गिरने का खतरा था, लेकिन आज की डेट में 15 से 20 मकान धंसने का खतरा बना हुआ है। इन लोगों को ये समझ ही नहीं आता है काम कैसे करना है। ये करीबन पहले 200 गज के आसपास था, लेकिन 5000 हजार स्क्वायर फिट का गड्डा बन गया है। कुछ परिवार रह रहे है, लेकिन कुछ परिवार यहां से चले गए हैं। अब कल यहां फिर से नया गड्डा हुआ है, मुझे नहीं लगता ये लोग इसको जल्दी से संभाल पाएंगे। नगर आयुक्त ने काम तय समयसीमा में पूरा करने और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। भविष्य में नालों के धंसने की समस्या से बचाव के लिए कंसल्टेंट नियुक्त करने और आईआईटी कानपुर से तकनीकी सलाह लेने को कहा गया। ------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… शंकराचार्य को जिसने कोर्ट ने घसीटा, क्या वो हिस्ट्रीशीटर:रामभद्राचार्य से दीक्षा ली; रेप-गोवध जैसे 21 मुकदमे, मंत्रियों के साथ फोटो 'आशुतोष महाराज रामभद्राचार्य का चेला है। वह हिस्ट्रीशीटर है। शामली के कांधला थाने में उसका नाम 34 नंबर पर दीवार पर लिखा है। रजिस्टर में HS नंबर-76A पर लिखा है। अब समझ लीजिए कि यह आरोप कहां से आ रहा है?' पढ़ें पूरी खबर…
‘कानपुर में भीड़ थोड़ी ज्यादा बढ़ गई। मुझे भी जाम की समस्या से जूझना पड़ा। मैं कभी भी शूटिंग पर टाइम से नहीं पहुंच पाता था। समय पर पहुंचने के लिए 1 घंटे पहले निकलना पड़ता था। यहां लोग रास्ते से हटते नहीं हैं। मैं नॉइज प्लायूशन की वजह से ज्यादा हॉर्न का प्रयोग नहीं करता, लेकिन उसके बगैर कानपुर में गुजारा नहीं है। अगर लोगों में थोड़ी जिंददिली आ जाए, तो क्या बात है। मैं चाहूंगा कि ट्रैफिक पुलिस इस ओर खास ध्यान दे।’ ये कहना है बैंड बाजा बारात, शुभ मंगल सावधान और जबरिया जोड़ी जैसी सुपरहिट फिल्मों में शानदार किरादार निभाने वाले अभिनेता नीरज सूद का। नीरज सूद इन दिनों कानपुर में 18 मिनट की शॉर्ट फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं। इस दौरान दैनिक भास्कर के साथ उन्होंने अपने कानपुर के अनुभवों को साझा किया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…. पहले देखिए शूटिंग से जुड़ी तस्वीरें 18 मिनट की शॉर्ट फिल्म की शूटिंग कर रहे अभिनेता नीरज सूद अभिनेता नीरज सूद साइबर ठगी पर बन रही 18 मिनट की शॉर्ट फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं। फिल्म में नीरज सूद इंस्पेक्टर बाबूलाल दुबे की भूमिका निभा रहे हैं। यह फिल्म कानपुर पुलिस कमिश्नरेट की पहल पर तैयार की जा रही है, जिसका मकसद लोगों को साइबर ठगों से सतर्क करना है। फिल्म की कहानी कोतवाली थाना क्षेत्र के एक परिवार पर आधारित है, जिसमें बेटी की शादी के लिए पिता करीब 10 लाख रुपए की जमीन बेच देते हैं। शादी का दिन आता है। बारात दरवाजे पर खड़ी होती है। बेटी दुल्हन बनकर कमरे में बैठी है। रिश्तेदार दुल्हन के माता-पिता और उसके भाई को खोज रहे होते हैं। इसी बीच घर के एक कमरे में पिता, मां और बेटे के शव फंदे पर लटके मिलते हैं। पुलिस जांच करती है तो साइबर ठगी का पता चलता है। जांच में सामने आता है कि पिता साइबर ठगों के जाल में फंस गए थे। ठगों ने उनके खाते से शादी के लिए जमा पूरी रकम निकाल ली। बारात आ चुकी थी, लेकिन पैसे का इंतजाम नहीं हो सका। सामाजिक दबाव और शर्मिंदगी के डर से परेशान होकर दंपत्ति और उनके बेटे ने फंदे से लटककर सुसाइड कर लिया। एक्टर बोले- कानपुर के हींग वाले गोलगप्पे बहुत पसंद हैं अभिनेता नीरज सूद ने बताया- मैं 2016 में पहली बार एक मूवी की शूटिंग के लिए कानपुर आया था। इस दौरान करीब एक महीने मैं यहां रुका था। मैं कानपुर के बारे में क्या बोलूं, यह बहुत ही खूबसूरत शहर है। यहां के गोलगप्पे, खासकर हींग के पानी वाला… झाग वाला मक्खन, आलू चाट बहुत ही बढ़िया हैं। यहां के लोग बहुत ही खुशमिजाज किस्म के हैं। 10 साल बाद कानपुर आया हूं… चीजें बहुत बदल गई है, इंसानियत, जिंदादिली वैसी ही है। कानपुर में सुपरस्टार वरूण धवन, नवाजुद्दीन सिद्दकी, अनिल कपूर के शूटिंग करने और फिल्मों में शहर की भाषा शैली के इस्तेमाल के सवाल के बारे में उन्होंने कहा- मैंने कनपुरिया अंदाज में एक फिल्म की थी, जिसका नाम था यहां सभी ज्ञानी हैं… तो अब आप समझ जाइए कि कानपुर का नाम क्या होगा? एक महीना वही मूवी की थी, जीजा-साले की स्टोरी थी। फिल्म में इंस्पेक्टर बाबूलाल पांडेय का एक मजबूत किरदार अभिनेता नीरज सूद ने बताया- इससे पहले वह निर्देशक धीरज के साथ एक फिल्म में काम कर चुके हैं। धीरज ने उन्हें साइबर फ्रॉड पर आधारित शॉर्ट फिल्म ‘कॉल 1930’ के बारे में बताया। उन्होंने कहा- धीरज ने मुझसे कहा कि इस फिल्म में इंस्पेक्टर बाबूलाल पांडेय का एक मजबूत किरदार है, जिसे मैं बेहतर तरीके से निभा सकता हूं। जब मैंने फिल्म का कॉनसेप्ट सुना तो मुझे बहुत अच्छा लगा। यह सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने की कोशिश है। इसलिए मैंने तुरंत हां कर दी। क्या कभी साइबर फ्रॉड का शिकार हुए? इस सवाल पर नीरज सूद ने कहा- भगवान न करे कि कोई भी इसका शिकार हो। मैं खुद तो नहीं हुआ, लेकिन इसके कई मामले सुने हैं। अब तो ठग लोगों को डिजिटल तरीके से ‘हाउस अरेस्ट’ जैसा डर दिखाकर करोड़ों रुपए तक ठग लेते हैं। लोग डर और घबराहट में अपनी पूरी जमा-पूंजी गंवा देते हैं। उन्होंने कहा कि निर्देशक धीरज ऐसी फिल्म बना रहे हैं, जो समाज में जागरूकता लाने का काम करेगी। लोगों को यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए और साइबर फ्रॉड से बचने के तरीके समझने चाहिए। ----------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- जर्मनी से यूपी आई बारात, दूल्हा-दुल्हन ने लकड़ी काटी:गुस्ताव ने खुशी के नाम की मेहंदी लगाई, हाथ पकड़कर जमकर नाचे विदेश से आई बारात, देसी अंदाज में शादी की रस्में, स्टेज पर आरी से लकड़ी काटते दूल्हा और दुल्हन…फिरोजाबाद की इस अनोखी शादी ने हर किसी को चौंका दिया। जर्मनी से आए दूल्हे गुस्ताव ने न सिर्फ भारतीय रीति-रिवाजों से शादी रचाई, बल्कि दुल्हन खुशी के नाम की मेहंदी लगाकर प्यार का इजहार किया। पढ़ें पूरी खबर…
भोपाल के नेहरू नगर स्थित पुलिस लाइन ग्राउंड में रविवार सुबह 11:40 बजे से 100 घंटे का दिव्यांग टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट शुरू होगा। इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री करेंगे। यह अनूठा टूर्नामेंट लगातार 100 घंटे तक दिन-रात चलेगा। इसमें 8 राज्यों से आई 6 दिव्यांग टीमें हिस्सा लेंगी। पुरुष और महिला खिलाड़ी दोनों वर्गों में मुकाबले होंगे। सभी मैच टी-20 फॉर्मेट में खेले जाएंगे और कुल 25 मैच आयोजित किए जाएंगे। आयोजकों के मुताबिक, इस तरह का 100 घंटे तक लगातार चलने वाला दिव्यांग क्रिकेट का आयोजन विश्व स्तर पर पहली बार किया जा रहा है। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, लिंका बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन किया गया है। टूर्नामेंट का आयोजन टास्क इंटरनेशनल एवं कुशाभाऊ ठाकरे न्यास द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। प्रतियोगिता का समापन 26 तारीख को शाम 4 बजे होगा। आयोजकों का कहना है कि इस आयोजन का उद्देश्य दिव्यांग खिलाड़ियों की प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच देना और समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाना है।
मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के भाषण के दौरान हूटिंगमंच, माइक और सामने बैठी पब्लिक मिल जाए, तो नेता भला कहां रुकते हैं। अपना सारा ज्ञान उड़ेल देना जरूरी हो जाता है। सामने बैठे लोग रुचि ले रहे हैं या नहीं, इसकी परवाह किसे है। बस अपनी बात पूरी होनी चाहिए। खजुराहो फिल्म फेस्टिवल में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, लेकिन यहां नेता जी का दांव उल्टा पड़ गया। उद्घाटन समारोह के दौरान पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी का भाषण इतना लंबा खिंच गया कि लोगों का धैर्य जवाब दे गया। मंच पर मंत्री भाषण दे रहे थे और सामने बैठी पब्लिक हूटिंग करने लगी। भाषण खत्म करने की आवाजे उठने लगीं। कुछ लोगों ने तो ‘गो बैक’ के नारे भी लगा दिए। इतना होने के बाद भी मंत्री नहीं रुके। शोर-शराबे के बीच उन्होंने कहा- मैं बस चार पंक्तियां कहकर अपनी बात खत्म करूँगा। इसके बाद उन्होंने वे चार पंक्तियां भी सुनाईं। गौरतलब है कि मंत्री से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सांसद वीडी शर्मा का भाषण भी हो चुका था। देश और विदेश से आए पर्यटकों का साफ कहना था कि वे यहां नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देखने आए हैं, नेताओं के भाषण सुनने नहीं। सीधे आमने-सामने आ गए भाजयुमो और कांग्रेसमध्य प्रदेश में भारतीय जनता युवा मोर्चा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। भोपाल से लेकर इंदौर तक हालात बेकाबू नजर आए और पूरे प्रदेश में बवाल जैसी स्थिति बन गई। जगह-जगह पत्थर चले, धक्का-मुक्की और झूमाझटकी हुई, जिसमें दोनों दलों के कई कार्यकर्ता घायल हो गए। दरअसल, दिल्ली में आयोजित एआई समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसी से नाराज होकर भाजपा ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस कार्यालयों के सामने प्रदर्शन करने का ऐलान किया। इस दौरान भोपाल और इंदौर में स्थिति खास तौर पर बिगड़ी हुई दिखी। भोपाल में एक रोचक दृश्य भी सामने आया। यहां एक भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस दफ्तर पहुंचकर फंस गया। हालात को संभालते हुए कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद उसे खुद स्कूटर पर बैठाकर भाजपा के प्रदर्शन स्थल तक छोड़कर आए। खरी बात ये है कि इसे विडंबना ही कहा जाएगा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल महात्मा गांधी के सिद्धांतों पर चलने का दावा करते हैं, फिर भी हालात यहां तक पहुंच गए। अंत में बस यही कहा जा सकता है कि सियासत ऐसी होनी चाहिए जहां मतभेद हों, मनभेद नहीं। विचारों का टकराव हो, लेकिन सिर-फुटव्वल नहीं। कंटेंट क्रिएटर धर्मेंद्र बिलोतिया की सफाई, माफी मांगीमजाक में ही सही, ‘पाकिस्तान महाराज की जय’ कहना कंटेंट क्रिएटर धर्मेंद्र बिलोतिया को भारी पड़ गया। सोशल मीडिया पर उन्हें जमकर ट्रोल किया गया और लोगों ने तीखी प्रतिक्रियाएं दीं। विवाद बढ़ने के बाद धर्मेंद्र ने वीडियो जारी कर सफाई दी और माफी भी मांगी। दरअसल, भारत की पाकिस्तान पर जीत के मौके पर धर्मेंद्र बिलोतिया ने एक वीडियो बनाया था। वीडियो में वह पटाखे फोड़ते हुए कहते हैं- जब तक सूरज-चाँद रहेगा, भारत देश का नाम रहेगा। और इसके बाद ‘पाकिस्तान महाराज की जय’ कहते सुनाई देते हैं। वीडियो वायरल होने और विरोध शुरू होने के बाद धर्मेंद्र के सुर बदल गए। उन्होंने कहा कि उन्हें पाकिस्तान से कोई लेना-देना नहीं है। भाड़ में जाए पाकिस्तान, मेरे लिए सबसे पहले मेरा देश है, मेरा भारत। धर्मेंद्र का कहना है कि उनके वीडियो की एक क्लिप काटकर जानबूझकर इंस्टाग्राम पर वायरल की जा रही है, जिससे गलत संदेश फैलाया जा रहा है। सफाई के तौर पर उन्होंने पूरा वीडियो भी दिखाया किया। उन्होंने कहा कि भारत की जीत की खुशी में और पाकिस्तान का मजाक उड़ाते हुए उन्होंने यह वीडियो बनाया था, लेकिन अगर इससे किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वे इसके लिए माफी मांगते हैं। बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब धर्मेंद्र विवादों में आए हों। इससे पहले दुबई में बनाया गया उनका एक वीडियो भी चर्चा में रहा था, जिसमें वे मध्य प्रदेश की सड़कों का मजाक उड़ाते नजर आए थे। उस मामले में भी विवाद के बाद उन्होंने माफी मांगी थी। नगर निगम कमिश्नर और महापौर में हो गई तीखी बहससिंगरौली नगर निगम में महापौर और कमिश्नर के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। एक बैठक के दौरान दोनों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। बैठक में कमिश्नर सविता प्रधान ने महापौर पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आप स्वयं निर्णय लेने में सक्षम नहीं हैं और हर फाइल घर लेकर जाती हैं। संविधान ने जो अधिकार दिए हैं, उनका दुरुपयोग किया जा रहा है। महापौर मैडम आप भी गलत कर रही हैं। कमिश्नर के आरोपों पर महापौर रानी अग्रवाल ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि नियम सभी पर समान रूप से लागू होते हैं और माननीय कमिश्नर स्वयं भी फाइलें घर ले जाती हैं। महापौर ने स्पष्ट किया कि डी-वन कोई आवास नहीं, बल्कि उनका कार्यालय है और नियमानुसार उन्हें तीन दिनों तक फाइल अपने पास रखने का अधिकार है। बैठक के दौरान दोनों के बीच हुई यह बहस धीरे-धीरे व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप में बदल गई। हालांकि यह टकराव अचानक नहीं हुआ है। काफी समय से कमिश्नर और महापौर के बीच तालमेल की कमी देखी जा रही थी। ऐसे में हालात का इस मोड़ तक पहुंचना लगभग तय माना जा रहा था। इनपुट सहयोग - गौरव मिश्रा (खजुराहो), राजकुमार द्विवेदी (सिंगरौली) ये भी पढ़ें - राम नाम टेस्ट' में भाजपा विधायक फेल: चलती विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष का इस्तीफा मध्य प्रदेश विधानसभा में उस समय भाजपा की सबके सामने फजीहत हो गई, जब भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी भगवान श्रीराम की माता का नाम नहीं बता पाए। दरअसल, विधानसभा में ‘जी-राम-जी योजना’ को लेकर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह ने प्रीतम सिंह लोधी का टेस्ट ले लिया। पूरी खबर पढ़ें
मेरठवासियों का बहुत पुराना सपना जो था अब दिल्ली दूर नही आज लंबे इंतजार के बाद खत्म होने जा रहा है। देश की पहली नमो भारत का संचालन मेरठ के मोदीपुरम से दिल्ली के सराय काले खां तक के लिए आज से शुरू होने जा रहा है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाई जाने के बाद मेरठ मेट्रो और नमो भारत का संचालन शुरू हो जाएगा। जानिए मेरठ मेट्रो और नमो भारत की कुछ खासियत……. नमो भारत जा देश में पहली बार मेरठ से दिल्ली को जोडने का काम करने जा रही है,जो कि कुल लगभग 82.15 किलोमीटर के कल ट्रैक के साथ सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक का पूरा कॉरिडोर है। इस में से लगभग 70 किलोमीटर का ट्रैक एलिवेटिड है और करीब 12 किलोमीटर भूमिगत है। ट्र्रेन को 160 किलोमीटर प्रतिघंंटा के हिसाब से डिजाइन किया गया है और 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से यह ट्रेन चलती है। मेरठ मेट्रो 135 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड और 120 किमी प्रति घंटे की अधिकतम परिचालन गति के साथ देश की सबसे तेज़ मेट्रो प्रणाली होगी। यह 23 किमी के ट्रैक में 13 स्टेशनों के साथ यात्रियों को सुविधा प्रदान करेगी। इनमें से 4 स्टेशन, मेरठ साउथ, शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम ,नमो भारत और मेरठ मेट्रो, दोनों सेवाएं प्रदान करेंगे। कैसा होगा कॉरिडोर - कॉरिडोर की लंबाई: 23 किमी- एलिवेटेड हिस्सा: 18 किमी- भूमिगत हिस्सा: 5 किमी कहां कैसा होगा स्टेशन स्टेशन का नाम डिज़ाइन1. मेरठ साउथ एलिवेटेड 2. परतापुर एलिवेटेड 3. रिठानी एलिवेटेड 4. शताब्दी नगर एलिवेटेड 5. ब्रह्मपुरी एलिवेटेड 6. मेरठ सेंट्रल भूमिगत7. भैंसाली भूमिगत8. बेगमपुल भूमिगत9. एमईएस कॉलोनी एलिवेटेड 10. डौरली एलिवेटेड 11. मेरठ नॉर्थ एलिवेटेड 12. मोदीपुरम एलिवेटेड 13. मोदीपुरम डिपो एट ग्रेड मेरठ मेट्रो का डिजाइन आधुनिक एस्थेटिक को दर्शाता है, जिसमें यात्रियों के आराम और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। कोच पूरी तरह से वातानुकूलित हैं, जिनमें सामान रखने के लिए लगेज रैक, ग्रैब हैंडल, सीसीटीवी कैमरे, यूएसबी मोबाइल चार्जिंग सुविधा, डायनामिक रूट मैप और कई अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। मेरठ मेट्रो का ट्रेनसेट तीन-कोच का है, जिनमें आरामदायक कुशन वाली सीटों के साथ एर्गोनोमिक रूप से डिजाइन की गई 2x2 ट्रांसवर्स और लोंगिट्यूडनल (Longitudinal) बैठने की व्यवस्था है। एक ट्रेन में 173 सीटों की क्षमता के साथ 700 से अधिक यात्री यात्रा कर सकते हैं। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, सभी स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर्स लगाए गए हैं जो मेट्रो के दरवाज़ों के साथ सिंक्रोनाइज़ (तालमेल) रहेंगे, दोनों दरवाज़े बंद होने के बाद ही ट्रेन चलेगी। ये भीड़ प्रबंधन में भी मदद करेंगे।
संभल के चंदौसी में रंगदारी न देने पर एक युवक पर आधा दर्जन युवकों ने हमला कर दिया। हमलावरों ने युवक के सिर पर शराब की बोतलें फोड़ीं और टूटी बोतलों से उसके चेहरे व शरीर पर वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। युवक को 50 से अधिक टांके आए हैं। यह घटना पांच दिन पुरानी है, जिसका सीसीटीवी फुटेज शनिवार को सामने आया। उक्त घटना चंदौसी कोतवाली क्षेत्र के रेलवे स्टेशन रोड स्थित मयूर बार के बाहर 15 फरवरी की रात करीब 11 बजे हुई। मयूर बिहार निवासी इशांक गोयल पुत्र संजीव गोयल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह बार के बाहर खड़ा था, तभी सचिन शर्मा, अक्षय मौर्य, आदित्य ठाकुर, लोकेश मौर्य और दो अज्ञात लोगों ने उससे शराब पीने के लिए पैसे मांगे। इशांक ने इसे रंगदारी बताते हुए विरोध किया, जिसके बाद हमलावरों ने उसे लात-घूसों से पीटना शुरू कर दिया। जब इशांक ने पुलिस को सूचना देने के लिए मोबाइल निकाला, तो हमलावरों ने बाइक की डिग्गी से शराब की बोतलें निकालकर उसके सिर पर फोड़ दीं। इसके बाद, टूटी हुई बोतलों से उसके चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों पर वार कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। बार के बाहर हुई इस पूरी घटना का लगभग 3 मिनट का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जो इशांक गोयल के बयान की पुष्टि करता है। घटना की जानकारी मिलने पर घायल इशांक के चाचा और राहगीरों ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चंदौसी में भर्ती कराया। पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और घायल युवक का मेडिकल कराया गया है। थाना प्रभारी अनुज तोमर ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है, पूरे मामले की जांच पड़ताल की जा रही है दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी। सीसीटीवी वीडियो भी संज्ञान में आई है, घायल हुआ कभी मेडिकल कराया गया है और उसकी हालत फिलहाल ठीक है इलाज चल रहा है।
ऊपर के दो वीडियो देखिए। पहले वीडियो में कबूतर को जाल में फांसा जा रहा है। दूसरा वीडियो पिछले दिनों राजस्थान के मकराना (डीडवाना-कुचामन) में हुए कबूतरबाजी (कबूतर रेसिंग और फाइट) टूर्नामेंट का है। राजस्थान में तस्करों ने कबूतरों को लाखों की अवैध कमाई का जरिया बना लिया है। पहले इन कबूतरों को पकड़ा जाता है। फिर इन्हें ट्रेंड कर कबूतर दौड़ और फाइट कराई जाती है। 14 फरवरी को जयपुर की विधायकपुरी थाना पुलिस ने 3 युवकों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 2 कार्टन में भरे 42 कबूतर बरामद किए थे। आरोपी दौड़ और फाइट के लिए कबूतरों को टोंक से खरीदकर लाए थे। पंख काट दिए थे ताकि कबूतर उड़ न सकें। ये सच सामने आने के बाद भास्कर ने पूरे मामले की पड़ताल की। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पड़ताल के लिए भास्कर टीम मकराना शहर के इकबालपुरा और अमनपुरा में पहुंची, जहां सबसे ज्यादा कबूतरबाजी होती है। लोगों ने बताया कि यहां कबूतरबाजी बेहद आम बात है। यहां 500 से ज्यादा कबूतरबाज हैं। हर एक के पास हजार से दो हजार कबूतर मिल जाएंगे। बेजुबान के साथ क्रूरता करने वाले इन कबूतरबाजों ने ‘पिजन लवर’ क्लब बना रखा है। कई घरों में कबूतरों को पकड़ने के लिए बनाया हुआ जाल दिख जाएगा। जैसे ही कोई कबूतर स्टैंड पर बैठता है, कबूतरबाज जाल की रस्सी खींच देते हैं और कबूतर फंस जाते हैं। इसके बाद स्टैंड नीचे उतारकर कबूतर को पकड़ लिया जाता है। मकराना शहर के दूसरे इलाकों की जगह सबसे ज्यादा कबूतर भी यहीं उड़ रहे थे। यह थोड़ा अजीब था। इस पर एक नाबालिग कबूतरबाज ने बताया कि छतों पर कबूतरों के लिए दाना बिखेर कर रखा जाता है। इसी दाने के लिए कबूतर आते हैं और फंस जाते हैं। हाल ही में जयपुर में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ज्यादातर कबूतरबाजों ने कैमरे पर बात करने से मना कर दिया। ऑफ कैमरा बताया कि अधिकतर कबूतरबाज टोंक, जयपुर, नागौर और यूपी व एमपी के शहरों से कबूतर खरीद कर लाते हैं। कबूतरों की कीमत 1 से 30 हजार रुपए, सबसे पहले काटते हैं पंखइन कबूतरों की कीमत 1 से 30 हजार रुपए तक होती है। कबूतरों के वजन, पंखों की बनावट व आंख की पुतली से उनकी वैरायटी पता चलती हैं। सोशल मीडिया पर यूपी और एमपी के साथ ही बिहार के लोगों द्वारा इन कबूतरों की खरीद-फरोख्त का बाजार लगाया जाता है। कबूतरों को हवादार गत्तों के डिब्बों या कार्टूनों में छेद कर के ठूंस-ठूंस कर भर दिया जाता है। इसके बाद ट्रेन, बस और पर्सनल गाड़ियों से तस्करी कर लाया जाता है। कभी-कभार लापरवाही या कबूतरों की फड़फड़ाहट से तस्करी का खुलासा हो जाता है। दो साल पहले मथुरा में तस्करी का खुलासा हुआ थादो साल पहले यूपी के मथुरा में रेलवे सुरक्षा बल ने अमृतसर से मुंबई जाने वाली गोल्डन टेंपल मेल ट्रेन में कबूतरों की तस्करी को पकड़ा था। AC कोच में कार्टून में भरे 42 प्रतिबंधित कबूतर बरामद किए थे। आरोपियों ने तब पुलिस को बताया था कि वो इन कबूतरों को राजस्थान और गुजरात में सप्लाई करते थे। भास्कर पड़ताल में सामने आया कि कबूतरों को मकराना लाने से पहले ही पंख काट दिए जाते हैं। पिंजरों में बंद रखा जाता है। साल भर इन कबूतरों को पहले से ट्रेंड दूसरे कबूतरों के साथ रखकर ट्रेनिंग दी जाती है। उसकी पुरानी लोकेशन मेमोरी खत्म की जाती है। कबूतरबाज बताते हैं कि एक ट्रेंड कबूतर कभी भी अपने घर की छत को नहीं छोड़ता है। उसे कोई कहीं भी लेकर चला जाए वो वापस अपनी छत पर लौट आता है। यही वजह है कि साल भर तक नए कबूतर को उड़ाया नहीं जाता है। कबूतरों के दाने-पानी और ट्रेनिंग का पूरा ध्यान रखा जाता है। कबूतर का स्टेमिना बढ़ाने और उसे ज्यादा आक्रामक बनाने के लिए कई तरह की स्टेरॉयड और मेडिसिन भी देते हैं। इसके बाद ट्रेनिंग का दूसरा फेज स्टार्ट होता है। इन ट्रेंड कबूतरों को सुबह-शाम आसमान में उड़ाया जाता है। लंबी और ऊंची उड़ान भरने के लिए तैयार किया जाता है। इसी ट्रेनिंग के दौरान कबूतरबाजों को सबसे ज्यादा नुकसान भी होता है। कई बार उनके कबूतर वापस ही नहीं लौटते हैं। वो किसी दूसरे कबूतरबाज के जाल में फंस जाते हैं। कई बार इसके चलते बड़े विवाद और मारपीट तक की नौबत आ जाती है। कबूतरों की दौड़ का कॉम्पिटिशन, लाखों रुपए के इनाममकराना शहर में लगभग हर दिन छोटी-बड़ी कबूतर रेसिंग होती ही है। इनमें एक लाख से लेकर 10 लाख रुपए तक के नकद इनाम रखे जाते हैं। कई बार तो इनाम के लिए बुलेट बाइक और दूसरी गाड़ियां भी ऑफर की जाती हैं। इन प्रतियोगिताओं का भी एक प्रोसेस होता है। इसके लिए बाकायदा पहले अनाउंसमेंट की जाती है। इसमें भागीदारी के लिए कबूतरबाजों से एंट्री फीस ली जाती है। भास्कर को तीन महीने पहले हुई कबूतरबाजी प्रतियोगिता से जुड़ी एक सोशल मीडिया पोस्ट मिली। पोस्टर पर लिखा था 'हाजी लियाकत अली भाटी और मोहम्मद सलीम सिसोदिया की सरपरस्ती में आप के शहर मकराना में 16 नवम्बर 2025 को 11 व 15 कबूतरों का टूर्नामेंट करवाया जा रहा है। इसकी एंट्री फीस 1500 रुपए होगी।' इसी पोस्टर में 8 लड़कों के नाम नंबर के साथ उनकी फोटो लगी हुई थी। पोस्टर में दिख रही फोटो में से एक सत्तार भाई चौधरी से भास्कर रिपोर्टर ने फोन पर बात की। सत्तार ने बताया- हम ये टूर्नामेंट लोकल लेवल पर ही करवाते हैं। इसमें कोई ज़्यादा भीड़-भाड़ नहीं होती है। ऐसे में हमें कभी कोई परमिशन लेने की जरूरत ही नहीं पड़ी। घरों की छत पर कबूतरों को पकड़ने वाले जाल के बारे में मुझे कुछ भी पता नहीं है। ऐसी प्रतियोगिताओं में 500 कबूतरबाज तक भाग लेते हैं। 1500 से लेकर 21 हजार रुपए तक एंट्री फीस ली जाती है। प्रतियोगिता में हार-जीत का फैसला करने के लिए बाकायदा कुछ लोगों को ‘जज’ बनाया जाता है। ये कबूतर उड़ाने से पहले टाइम नोट करते हैं। वहीं कबूतरों की पहचान के लिए सभी के नख (नाखून) में उनके मालिक की पहचान से जुड़ा कोड का टैग फंसाते हैं। इसके बाद सुबह 6 से दोपहर 12 बजे तक कबूतर दौड़ होती है। ऐसे करते हैं जीतने वाले कबूतर की पहचानरेसिंग में सभी कबूतरों को एक साथ उड़ाया जाता है। ये सभी कबूतर उड़कर अपने घर पहुंचते हैं। इनके पैरों में टैग (कई बार 10 रुपए का नोट) का आधा हिस्सा बंधा होता है। बाकी का आधा हिस्सा प्रतियोगिता के जजों के पास होता है, ताकि दोनों में नोट या टैग का नंबर एक हो और मिलान किया जा सके। कबूतर का मालिक घर की छत पर ही अपने कबूतर के लौटने का इंतजार करता है। कबूतर के घर पहुंचते ही जज कबूतर के पैरों से नोट या टैग का आधा टुकड़ा निकालता है और उसका टाइम नोट कर लेता है। इस पूरी प्रोसेस के दौरान दोपहर 12 बजे तक का टाइम काउंट ही नहीं किया जाता है। ये शाम 6 बजे तक चलता रहता है। इस दौरान जिसका कबूतर सबसे ज्यादा टाइम उड़ता रहता है और सबसे बाद में वापस आता है, उसे विजेता घोषित किया जाता है। इसके बाद एक फंक्शन कर विजेता कबूतरबाज को नकद इनाम और ट्रॉफी दी जाती है। ऐसा ही एक मकराना किंग पिजन 2025 प्रतियोगिता की अवार्ड सेरेमनी का वीडियो भास्कर को मिला। एक्सपट्र्स बोले- कबूतरों का रेस्क्यू कर दोषियों पर कार्रवाई होरक्षा संस्थान जयपुर के बर्ड एक्सपर्ट रोहित गंगवाल कहते हैं- पशु क्रूरता अधिनियम 1960 के तहत किसी भी पक्षी के साथ किसी भी तरह की क्रूरता अवैध है। एक बार किसी कबूतर के पंख कटने के बाद वो साल भर तक नए पंख आने से पहले फ्लाई ही नहीं कर पाता है। बर्ड एक्सपर्ट गौरव दाधीच ने बताया कि कबूतरों की तस्करी करना, उनके पंख काटकर उन्हें लड़ाई के लिए तैयार करना, सैकड़ों की संख्या में पिंजरे में बंद रखना या स्टेरॉयड देकर उनकी उड़ान क्षमता बढ़ाना पूरी तरह गलत और अमानवीय है। डीएफओ केतन कुमार ने बताया कि इन मामलों में वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट का मामला नहीं बनता है। ऐसे में इन कबूतरबाजों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाती है। हालांकि इस तरह के केस में लोकल म्युनिसिपालिटी और पुलिस पशु क्रूरता अधिनियम के तहत और गैंबलिंग की धाराओं में सख्त कार्रवाई कर सकती है। पीटा इंडिया के लीगल एडवाइजर और क्रुएल्टी रेस्पॉन्स के निदेशक मीत अशर ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर हैं, जिसके तहत देश में घोड़ा दौड़ के अलावा सभी तरह के जानवरों की दौड़ और उनकी फाइट अवैध है। इतना ही नहीं कबूतरों के पंख काटना बीएनएस एक्ट की धारा 325 के तहत अपराध है। जिला स्तर पर पशु क्रूरता निवारण समिति के अध्यक्ष जिला कलेक्टर होते हैं। उन्हें ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई कर इन कबूतरों का रेस्क्यू कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। बर्ड एक्सपर्ट डॉक्टर अरविन्द माथुर ने बताया कि कबूतरों के साथ इस तरह का मूर्खतापूर्ण कॉम्पिटिशन करवाना तो निर्दयता और अमानवीयता है। इसमें कई बार कबूतरों की मौत तक हो जाती है। इधर, पुलिस का रटा रटाया जवाबडीडवाना कुचामन जिले के एडिशनल एसपी नेमीचंद खारिया का कहना था कि आपके पास भी ऐसी कोई सूचना हो तो हमें दें। हम पता करवाते हैं। एसएचओ से बात करके इसे दिखवाते हैं। ऐसा हो रहा है तो निश्चित ही सख्त कार्रवाई करेंगे। -------------- कबूतरों की तस्करी की यह खबर भी पढ़िए… कार्टन में ठूंस-ठूंसकर भरे 42 सफेद कबूतर, उड़ न पाएं, इसलिए पंख काटे जयपुर में तस्कर कार्टन में सफेद कबूतरों को ठूंस-ठूंस कर भरकर ले जा रहे थे। कबूतरों को दौड़ और फाइट के लिए मकराना (डीडवाना-कुचामन) ले जाया जा रहा था। कबूतरों को पंख काटे हुए थे। पढ़ें पूरी खबर.…
नोएडा में चल रहे फ्लावर शो में लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। तीन दिनों में करीब 4 लाख लोग यहां पहुंच चुके हैं। इस बार शो की थीम केदारनाथ मंदिर रखी गई है, जिसे पूरी तरह फूलों से तैयार किया गया है। यही इस बार का सबसे बड़ा आकर्षण बना हुआ है। फूलों से तैयार मंदिर करीब 30 फीट लंबा और 40 फीट ऊंचा है। इसे गुलाब और गुलदाउदी जैसे फूलों से सजाया गया है। मंदिर को बनाने में करीब 68 लाख रुपए खर्च हुए हैं। मंदिर परिसर में 8 फीट लंबा और 3 फीट ऊंचा शिवलिंग और नंदी भी बनाए गए हैं। प्रवेश द्वार पर फूलों से त्रिशूल और डमरू तैयार किए गए हैं। मुख्य गेट भी केदारनाथ थीम पर फ्लावर शो का मुख्य गेट भी केदारनाथ मंदिर की थीम पर बनाया गया है। इसकी लंबाई करीब 22 फीट और ऊंचाई 25 फीट है। यहां आते ही लोगों को फूलों की खुशबू और आकर्षक सजावट देखने को मिलती है। मुख्य पाथ-वे पर 7 फीट ऊंची बास्केट की सजावट की गई है। इसके अलावा ढोलक शेप बास्केट, मटका फ्लो, बुद्धा लोटस जैसी कई फ्लोरल आकृतियां बनाई गई हैं। पियानो, लाइब्रेरी और अन्य कई सेल्फी प्वाइंट भी बनाए गए हैं। जहां फोटो और वीडियो बनाने वालों की भीड़ लगी रहती है। एंट्री फ्री, 50 से ज्यादा स्टॉल फ्लावर शो में प्रवेश निशुल्क है। यहां करीब 50 स्टॉल लगाए गए हैं। जहां पौधे और उनसे जुड़े क्राफ्ट खरीदे जा सकते हैं। साथ ही फूड जोन और बच्चों के लिए मनोरंजन की भी व्यवस्था है। इन संस्थानों ने लगाई प्रदर्शनी फ्लावर शो में उत्तर रेलवे, नई दिल्ली म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन, दक्षिणी दिल्ली म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन, भारतीय थल सेना, कोटा हाउस, भारत पेट्रोलियम, एलजी, एडोब सिस्टम, एनआईआईटी, दिल्ली पब्लिक स्कूल, यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण समेत कई संस्थान शामिल हुए हैं।
ताज महोत्सव के तीसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पुष्प प्रदर्शनी ने लोगों को खासा आकर्षित किया। एक ओर जहां मंच पर इंडियन ओशन बैंड ने अपनी शानदार प्रस्तुति से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया, वहीं दूसरी ओर फ्लावर शो में रंग-बिरंगे फूलों और सब्जियों की अनोखी किस्मों ने सभी का मन मोह लिया। वहीं फूलों से बनी ये आकृतियां भी लुभा रहीं थी। तीसरे दिन ताज महोत्सव में इंडियन ओशन बैंड ने देश मेरा, बंदे, कंदिसा, मां रेवा, तू किसी रेल सी, हिले ले, मन कस्तूरी और रीबर्थ जैसे लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति दी। बैंड की सूफी और फ्यूजन शैली ने युवाओं और संगीत प्रेमियों को खासा आकर्षित किया और पूरा माहौल संगीतमय हो गया। वहीं, फ्लावर शो भी लोगों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस तीन दिवसीय प्रदर्शनी में उन्नत खेती का शानदार प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। कुल 2575 प्रकार के फल, फूल और सब्जियों की किस्में यहां प्रदर्शित की गई हैं, जो लोगों को नई खेती की तकनीकों से रूबरू करा रही हैं। प्रदर्शनी में लाल आलू, ब्रोकली, पर्पल गोभी, गांठ गोभी, एप्पल बेर और ड्रैगन फ्रूट जैसी अनोखी किस्में लोगों का ध्यान खींच रही हैं। वहीं लाल-पीली शिमला मिर्च और रंग-बिरंगे फूलों की सजावट ने पूरे परिसर को खूबसूरत बना दिया है। लगभग 45 प्रकार के मौसमी फूलों का प्रदर्शन किया गया है, जिनकी सजावट और आकर्षक डिजाइन लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं।कार्यक्रम का उद्घाटन मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने किया। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी देसी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। इस मौके पर उद्यान स्मारिका का विमोचन भी किया गया। उद्यान अधीक्षक रजनीश पांडे के अनुसार, इस प्रदर्शनी में 1140 प्रतियोगियों ने भाग लिया है।फ्लावर शो में गुलदस्ते, मालाएं, गमले और रंगोली के साथ ब्रज थीम पर आधारित पुष्प सज्जा के मॉडल भी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। वहीं शाक-भाजी पंडाल में ब्रोकली, मशरूम, गोभी, बैंगन और आलू के साथ-साथ फलों में बेर, पपीता, अमरूद और संतरा भी प्रदर्शित किए गए हैं, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।कुल मिलाकर, ताज महोत्सव में जहां संगीत का जादू चला, वहीं फ्लावर शो ने अपनी खूबसूरती से लोगों का दिल जीत लिया।
वाराणसी नगर निगम अगले 6 महीनों में गार्बेज फ्री सिटी होगी। इसके लिए नगर निगम ने कवायद शुरू कर दी है। नगर निगम क्षेत्र के 21 कूड़ा घरों को खत्म करने के बाद नगर निगम अब अगले 6 माह में निगम के सभी कूड़ा घरों को खत्म कर देगा सभी जगह पोर्टेबल कांपेक्टर ट्रांसफर स्टेशन (पीसीटीएस) बनाए जाएंगे। ऐसे में नगर आयुक्त हिमांशी नागपाल ने कवायद शुरू कर दी है। उन्होंने हरतीरथ, पीलीकोठी और औरंगाबाद के कूड़ा डंपिंग स्टेशन का निरीक्षण किया और औरंगाबाद और हरतीरथ पर पीसीटीएस बनाए जाने के लिए परिक्षण के निर्देश दिए। बता दें की पीलीकोठी में पहले से ही पीसीटीएस बनाया गया है। 6 महीने में बनेगी गार्बेज फ्री सिटी नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया - वाराणसी नगर निगम को कूड़ा मुक्त शहर- जीएफसी बनाने के लिए कवायद शुरू हो गई है। साल 2025 में हमने कूड़ा फ्री सिटी की रैंकिंग में थ्री स्टार मिला था। इस वर्ष हमने फाइव स्टार रैंकिंग के लिए आवेदन किया है। ऐसे में कूड़ा डंपिंग सेंटर को पोर्टेबल कांपेक्टर ट्रांसफर स्टेशन (पीसीटीएस) तब्दील करने का फैसला लिया गया है। इसे देखते हुए निगम हरतीरथ व औरंगाबाद कूड़ा घरों को भी जल्द बंद करने का लक्ष्य रखा है। यहां भी पीसीटीएस सेंटर बनाने की कवायद की जा रही है। 21 कूड़ा घर बंद नगर आयुक्त ने बताया - वाराणसी को फाइव स्टार रैंकिंग दिलाने के लिए हमने अभी तक शहरी क्षेत्र के 27 में से 21 कूड़ा घर बंद कर दिए हैं। इनमे 6 कूड़ा घरों को 6 साल के अंदर बंद किया गया है। जिसमें से पांच जगहों पर रिफ्यूज कांपैक्टर, तीन स्थानों को पोर्टेबल कांपैक्टर ट्रांसफर स्टेशन (पीसीटीएस) में तब्दील किया जा चुका है। हरतीरथ व सोनिया रोड (औरंगाबाद) के कूड़ा डंपिंग सेंटर में पीसीटीएस या रिफ्यूज कांपैक्टर लगाने की तैयारी चल रही है। चरणबद्ध तरीके से होगी प्रक्रिया नगर आयुक्त ने बताया - चरणबद्ध तरीके से कूड़ा घरों को बंद करने की प्रक्रिया जारी है ।6 महीने के अंदर सभी कूड़ा घरों को बंद करने का लक्ष्य बनाया गया है। इस क्रम में पीसीटीएस के लिए टेंडर की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
मथुरा में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सभागार में सांसद हेमा मालिनी ने विकास कार्यों की समीक्षा के लिए एक बैठक की। इस मीटिंग हेमा मालिनी मथुरा–वृंदावन में बिगड़ती ट्रैफिक समस्या, हाईवे व प्रमुख चौराहों पर जाम, अतिक्रमण, यमुना घाट निर्माण तथा जल जीवन मिशन को लेकर मिल रही शिकायतों पर नाराज दिखाई दी। सांसद ने इन समस्यायों को लेकर कड़ा रुख दिखाया। रिवर फ्रंट के काम में तोड़े जा रहे पुराने और मजबूत पत्थर बैठक की शुरुआत में सांसद ने विद्युत निगम द्वारा प्रस्तावित नए विद्युत उपकेंद्रों के लिए भूमि उपलब्धता की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि दो उपकेंद्रों हेतु भूमि उपलब्ध हो चुकी है, जबकि पाँच अन्य के लिए प्रस्ताव जिलाधिकारी को भेजा जा रहा है। इसके बाद सांसद ने मथुरा एवं वृंदावन में यमुना तट पर चल रहे “रिवर फ्रंट डेवलपमेंट” कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की शिकायत है मथुरा में नवीन घाट निर्माण के दौरान पुराने और मजबूत पत्थरों को हटाया जा रहा है। इस पर सिंचाई विभाग ने योजना का विवरण प्रस्तुत किया। परिषद उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र ने निर्देश दिए कि केवल टूटे एवं क्षतिग्रस्त पत्थरों को ही बदला जाए तथा निर्माण में गुणवत्ता और एकरूपता सुनिश्चित की जाए। नव निर्मित बस स्टैंड हो रहा सफ़ेद हाथी साबित मीटिंग में हाईवे किनारे गोकुल रेस्टोरेंट के पास नवनिर्मित अंतरराज्यीय रोडवेज बस स्टैंड के संचालन पर भी चर्चा हुई। करोड़ों की लागत से बना यह बस स्टैंड सफ़ेद हाथी साबित हो रहा है। ARM रोडवेज ने बताया कि सर्विस लेन को लेकर तकनीकी दिक्कत आ रही है, जिसकी बजह से यहां बस का आवागमन नहीं हो प् रहा। जिसके समाधान हेतु पराग डेयरी से अतिरिक्त भूमि क्रय की जा रही है। परिषद उपाध्यक्ष ने रोडवेज, नगर निगम एवं हाईवे प्राधिकरण के अधिकारियों को संयुक्त रूप से मौके का निरीक्षण कर जिलाधिकारी के साथ बैठक कर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जाम से निजात के लिए बने ठोस प्लानिंग सांसद हेमामालिनी ने नरहौली चौराहा, गोवर्धन चौराहा, छटीकरा, भूतेश्वर, डीग गेट एवं सौ सैया अस्पताल के आसपास लगने वाले जाम के स्थायी समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने को कहा। एसएसपी ने कुछ स्थानों पर किए गए सुधारों की जानकारी दी, जबकि हाईवे प्राधिकरण ने कुछ पुलों को चौड़ा करने का प्रस्ताव तैयार होने की बात कही। इस पर सांसद ने मंत्रालय स्तर के लिए अपना सहयोग की बात की। ड्रोन कैमरा बताएगा यमुना में कहां गिर रहे नाले ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत मिल रही सर्वाधिक शिकायतों पर सांसद ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पेयजल टंकियों के निर्माण में तेजी लाई जाए और क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। जिलाधिकारी सीपी सिंह ने कहा कि जल जीवन मिशन से संबंधित शिकायतें उनके कार्यालय में दर्ज कराई जा सकती हैं। यमुना शुद्धीकरण के तहत नमामि गंगे योजना में निर्माणाधीन एसटीपी एवं नालों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि मथुरा से वृंदावन तक ड्रोन से वीडियो फोटोग्राफी कर यह चिन्हित किया जाए कि कौन-कौन से नाले यमुना में गिर रहे हैं। यह रहे मौजूद नगर निगम क्षेत्र में स्थायी अतिक्रमण हटाने के मुद्दे पर नगर आयुक्त ने बताया कि विकास प्राधिकरण के साथ संयुक्त कार्रवाई की जा रही है। बैठक में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, एसएसपी श्लोक कुमार, नगर आयुक्त जग प्रवेश, ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ सूरज पटेल, सीडीओ डॉ. पूजा गुप्ता, एमवीडीए उपाध्यक्ष लक्ष्मी एन, पर्यावरण सलाहाकार मुकेश शर्मा, सांसद प्रतिनिधि जनार्दन शर्मा सहित हाईवे, सिंचाई, विद्युत एवं आवास परिषद, रोडवेज आदि विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
श्री धनेश्वर मंदिर में शिव-पार्वती विवाह की सुहागलें आयोजित
सागर| बड़ा बाजार स्थित श्रीदेव धनेश्वर मंदिर में शिव-पार्वती विवाह की सुहागलों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने सुहाग सामग्री अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं अखंड सौभाग्य की कामना की।
रविदास समाज का परिचय सम्मेलन 29 मार्च को होगा
सागर | अहिरवार प्रगति मंच के तत्वावधान में अखिल भारतीय रविदास समाज का युवक-युवती परिचय सम्मेलन 29 मार्च को गुरु रविदास धर्मस्थान नरसिंहपुर रोड मकरोनिया में आयोजित किया गया है। मंच के अध्यक्ष यशवंत अहिरवार ने बताया कि परिचय सम्मेलन के लिए समाज के लोग अपने विवाह योग्य युवक-युवतियों के बायोडाटा नए फोटो के साथ 20 मार्च तक मंच के कार्यालय श्री गुरु रविदास धर्मस्थान नरसिंहपुर रोड मकरोनिया में जमा कर सकते हैं। इसके अलावा बायोडाटा जमा करने के लिए मोबाइल नंबर 9755513382, 9826734700, 8224971311, 8319074611 तथा 8989044982 पर संपर्क कर सकते हैं।
लाखा बंजारा झील में स्वच्छता श्रमदान आज
भास्कर संवाददाता|सागर मानव सेवा और लोक कल्याण की भावना को साकार करते हुए संत निरंकारी मिशन द्वारा प्रोजेक्ट अमृत के अंतर्गत स्वच्छ जल, स्वच्छ मन अभियान का चौथा चरण रविवार को सुबह 8 बजे से प्रारंभ होगा। शहर के लाखा बंजारा झील पर निरंकारी सेवा दल के भाई-बहन स्वच्छता अभियान में श्रमदान करेंगे। यह महाअभियान देशभर के 1500 से अधिक स्थानों पर एक साथ आयोजित किया जाएगा। जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का उद्देश्य इस पहल का मुख्य केंद्र है।
महाकाली मंदिर चमेली चौक में सुहागलें आज
सागर | महाकाली मंदिर, चमेली चौक में माता पार्वती के विवाह की सुहागलों का आयोजन 22 फरवरी को किया जाएगा। मंदिर कमेटी अध्यक्ष पप्पू गुप्ता ने बताया कि महिला श्रद्धालुओं के लिए 100 रुपए की रसीद अनिवार्य है। पूजन सामग्री और भोजन प्रसादी की सारी व्यवस्था मंदिर कमेटी की ओर से सुनिश्चित की जाएगी। सुहागलें दोपहर 12 बजे से शुरू होंगी।
राजस्थान में कम होने लगी सर्दी:अगले एक सप्ताह साफ रहेगा मौसम, पारा 3 डिग्री तक बढ़ेगा
राजस्थान में मौसम में फिर से बदलाव शुरू हो गया है। सुबह-शाम की सर्दी कम हो गई। शनिवार को 10 से ज्यादा शहरों का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर दर्ज हुआ। मौसम केन्द्र जयपुर ने राज्य में अगले एक सप्ताह मौसम ड्राय रहने और तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने का पूर्वानुमान जारी किया है। पिछले 24 घंटे का मौसम देखें तो राज्य के सभी इलाकों में आसमान साफ रहा और शनिवार सुबह से देर शाम तक धूप रही। सबसे अधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान 31.2, फलोदी में 31.8, बीकानेर में 31.2, जैसलमेर में 31.5, पाली के जवाई बांध के पास 31.4, डूंगरपुर, फतेहपुर (सीकर) में 30-30, लूणकरणसर (बीकानेर) में 30.9, चूरू में 30.4, भीलवाड़ा में 29.4, टोंक में 29.6, श्रीगंगानगर में 29.4, नागौर में 29.8, झुंझुनूं में 29.1, उदयपुर में 29.2 और जयपुर 28.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जयपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर समेत तमाम जिलों में शनिवार दिन में अच्छी धूप रही, जिससे यहां दिन सुहावना रहा, जबकि सुबह-शाम हल्की सर्दी रही। फतेहपुर में पारा 10 डिग्री से नीचेसीकर के पास फतेहपुर में शनिवार को न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सबसे ठंडा इलाका रहा। पाली में न्यूनतम तापमान 10.6, दौसा में 11.6, सिरोही में 11.4, सीकर में 11.5 और अलवर में 11.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। सबसे कम सर्द रात बाड़मेर में रही, जहां न्यूनतम तापमान 18.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
बादल छाए रहने से किसान चिंतित रहे
रहली | दो दिन तक बेपटरी रहा मौसम शुक्रवार रात हल्की बूंदाबादी के बाद शनिवार को पटरी पर आ गया। आसमान में बादल छाए रहे लेकिन धूप निकली रही। बादलों के बीच निकली धूप से दोपहर में वातावरण में उमस रही। बादल छाने से किसानों की चिंता बरकरार रही। शनिवार को अधिकतम तापमान 28 व न्यूनतम तापमान 16 डिग्री रहा तथा हवा 11 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चली। यह मौसम चना, मसूर और सब्जियों के लिए बेहद नुकसान दायक है। चना, मसूर और सब्जियों में रोग लगने की आशंका बढ़ जाती है, वही सब्जियां तेज गति से पकती हैं जिनकी बाजार में आवक अधिक होने से भाव नहीं मिलता और पैदावार करने वाले किसानों को घाटा होता है। गेहूं की सिंचाई भी जारी रही।
10 से 19 साल के बच्चों पर रहता संगति का असर'
रहली | पीएमश्री एकीकृत शासकीय हाई स्कूल पंढरपुर में शनिवार को एक्सपर्ट टॉक के तहत नशामुक्ति की सीख दी गई। डॉ. प्रताप सिंह ने बताया कि एडोलसेंट उम्र जो 10 से 19 वर्ष मानी जाती है। इस उम्र में बच्चों पर संगति का अधिक प्रभाव होता है, यदि इस उम्र में विद्यार्थी बुरी संगति के प्रभाव से बचा रहे तो बहुत अधिक संभावना है कि वह कभी बुरी लतों में नहीं पड़ता। स्टडी के मुताबिक जो बच्चा 21 साल तक व्यसनों से बचा रहता है, वह फिर कभी व्यसनों की तरफ आकर्षित नहीं होता। आजकल मादक पदार्थ ही व्यसन का आधार नहीं है स्मार्ट फोन भी व्यसन का कारण बना हुआ है। स्मार्ट फोन का विद्यार्थी जीवन में सदुपयोग करना चाहिए, यदि ऑनलाइन क्लास है या पढ़ने के लिए साहित्य है तब ही विद्यार्थियों को स्मार्ट फोन छूना चाहिए। सोशल मीडिया पर फालतू समय बर्बाद करना भी एक प्रकार का व्यसन है। इस मौके पर शिक्षक राहुल साहू, रामकुमारी यादव, शैलजा तिवारी, गोरेलाल पटेल, आशुतोष मिश्रा, प्रियंका चढ़ार, शिवानी रैकवार समेत विद्यालयीन स्टाफ उपस्थित रहा।
बस स्टैंड पर लग रहा जाम, सुधार की मांग
बैतूल|गंज के बस स्टैंड पर बसों के आने और जाने के लिए एक ही रास्ता है। इस कारण आने और जाने वाले बसो के आमने सामने आने पर जाम लग जाते हैं। पूर्व में नपा ने यहां बसो के आने और बसों के बाहर निकलने के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए थे लेकिन बाद में पीछे का रास्ता बंद हो गया। जवाहर वार्ड निवासी परीक्षित दुबे समेत अन्य ने नपा सीएमओ से बस स्टैंड के पीछे का रास्ता दोबारा चालू करवाने की मांग की है जिससे कि यहां पर ट्रैफिक व्यवस्था बनी रह सके।
पार्क से अतिक्रमण हटवाने की मांग
बैतूल|शहर के हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी में कारगिल चौक के समीप स्थित पार्क में अतिक्रमण पैर पसार चुका है। इस पार्क में मवेशी बांधे जा रहे हैं। वहीं पर इसकी बाउंड्रीवॉल भी टूट गयी है। नपा ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है, इस पार्क की फेंसिंग करके यहां से अतिक्रमण हटवाने की जरूरत है। क्षेत्र के जागरुक रहवासियों ने नपा सीएमओ से यहां पर अतिक्रमण हटवाने की मांग की है। जिससे कि यहां पर व्यवस्था बन सके।
चौपाटी पर गिट्टी के ढेर लगाए, शाम को लगा लंबा ट्रैफिक जाम
भास्कर संवाददाता | बैतूल नेहरू पार्क के बगल में 106 दुकानों वाली चौपाटी बनाने के लिए दुकानों और गुमठियों को पुलिस ग्राउंड की बाउंड्रीवॉल के सामने से उठाकर सड़क पर कतार से लगा दिया है। अब आधी सड़क ही वाहनों के लिए बची है। ऊपर से ठेकेदार ने गिट्टी और अन्य निर्माण सामग्री सड़क पर ही डाल दी है। जिसके कारण यहां जैसे ही कार या कोई भारी वाहन आता है पूरी सड़क जाम हो जाती है। शनिवार शाम 7 बजे यहां पर पिकअप के आते ही जाम लग गया। दरअसल बीच चौपाटी पर पहुंचते ही पिकअप के सामने गिट्टी का ढेर आ गया और पिकअप रुकी। इसके पीछे कतार से अन्य वाहन खड़े होते चले गए। इस कारण चौपाटी पर वाहन फंस गए। इसके बाद जैसे-तैसे गिट्टी हटाकर जाम को हटवाया गया और ट्रैफिक खुला। अन्य वाहन जो फंसे थे वे भी निकले। इस दौरान कई परिवार, बच्चे और महिलाएं परेशान होते रहे। इस बारे में पूछे जाने पर नपा सीएमओ सतीश मटसेनिया ने बताया कि निर्माण सामग्री को सड़क से हटाकर एक तरफ करने की हिदायत ठेकेदार को दी जाएगी। नगरपालिका ने 2016 मे खुद ही सड़क पर पड़ी निर्माण सामग्री के खिलाफ सख्त नियम बनाए थे। इसके तहत इस तरह की निर्माण सामग्री को जब्त करने और 500 रुपए अर्थदंड करने का नियम लागू किया गया था। नपा ने लेकिन लंबे समय से किसी पर भी कार्रवाई नहीं की है। और अब नपा खुद के कामों में भी निर्माण सामग्री सड़क पर डाल रही है।
विशेष वसूली अभियान शुरू:4 हजार उपभोक्ताओं ने नहीं चुकाए 1.20 करोड़, अब कनेक्शन कटेंगे
मार्च माह नजदीक आते ही डिस्कॉम ने बिजली बिल बकायादारों से नोटिस देने व कनेक्शन विच्छेद करने के साथ ही विशेष वसूली अभियान शुरू किया है। शहर में घरेलू उपभोक्ताओं व प्रतिष्ठानों के 1.20 करोड़ से अधिक की राशि बकाया चल रही है। इसे लेकर प्रतिदिन 15 से 20 कनेक्शन काटे जा रहे हैं। साथ ही नगर परिषद, पुलिस महकमा व प्रशासनिक कार्यालयों का करीब 4 करोड़ 25 लाख से ज्यादा का बिल बकाया होने से वसूली को लेकर नोटिस जारी किए गए हैं। वित्तीय वर्ष का अंतिम माह नजदीक आते ही डिस्कॉम ने बकायादारों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। शहर के करीब 4 हजार घरेलू उपभोक्ताओं व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बिजली उपभोग की 1 करोड़ 20 लाख रुपए से अधिक की बिल राशि बकाया चल रही है। इसे लेकर उपभोक्ताओं को राशि जमा करवाने की हिदायत दी है। शहर में रोजाना टीम 15–20 बिजली कनेक्शन काट रही नगर परिषद, पुलिस महकमा व विभिन्न प्रशासनिक कार्यालयों में करीब 4 करोड़ 25 लाख रुपए से अधिक राशि का बिजली बिल बकाया चल रहा है। लंबे समय से राशि का भुगतान नहीं करने से डिस्कॉम हर बार नोटिस भेजने की औपचारिकता जरूर निभाता है, लेकिन बकाया राशि जमा नहीं हो रही है। इस बार भी मार्च माह नजदीक होने से नगर परिषद, सरकारी आवास, पुलिस विभाग, पंचायत समिति को तीन-तीन बार नोटिस जारी किए गए हैं। घरेलू उपभोक्ता व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के बिल बकाया शहर में 4 हजार घरेलू उपभोक्ताओं व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के बिजली बिल बकाया चल रहे हैं। इनमें 1 करोड़ 20 लाख रुपए की बिल राशि बकाया होने से बिजली कनेक्शन विच्छेद किए जा रहे हैं। प्रतिदिन 15 से 20 कनेक्शन काटे जा रहे हैं। इस पर बिजली कनेक्शन दुबारा जुड़वाने के लिए डिस्कॉम कार्यालय में उपभोक्ता चक्कर काटते नजर आते हैं।
टंकियों के नीचे नपा लगवा रही लाइट्स, असामाजिक तत्वों पर लगेगा प्रतिबंध
भास्कर संवाददाता | बैतूल नगरपालिका ने शहर की पानी टंकियों के नीचे रोशनी के इंतजाम करवाने शुरू कर दिए हैं। दरअसल शहर में अधिकांश जगहों पर पानी टंकियों के नीचे अंधेरा रहता है। इस कारण इन बेहद संवेदनशील मानी जाने वाली टंकियों के नीचे असामाजिक तत्व और अपराधी तत्व रात के समय वारदातों को अंजाम देते हैं। कई बार नपा के जलप्रदाय शाखा के कर्मचारियों को भी टंकियों के वाल्व खोलने और अन्य काम करने में परेशानियां आती है। वहीं इनके नीचे कई बार जहरीले जीव-जंतु भी रहते हैं। इसीलिए नपा ने अब टंकियों के नीचे लाइट्स लगाकर इन टंकियों के नीचे रोशनी के इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं। पुलिस लाइन्स टैगोर वार्ड स्थित 10 लाख लीटर क्षमता की टंकी के नीचे लाइट्स लगाकर इसकी शुरुआत की है। अब शहर की अन्य 9 टंकियों के नीचे भी इसी तरह के इंतजाम किए जाएंगे। शहर में नपा की 10 पानी टंकियां हैं। इन पानी टंकियों में 72 लाख लीटर पानी स्टोर रहता है। शाम और रात के समय कई बार शरारती तत्व और शराबी इन पर चढ़ सकते हैं। रात के समय इनके आसपास अंधेरा रहने पर ये दिखाई भी नहीं देते हैं लेकिन अब ऐसा नही होगा। नपा सीएमओ सतीश मटसेनिया ने बताया कि टैगोर वार्ड टंकी के नीचे लाइट्स लगाए गए हैं। इससे यहां पर रोशनी रहेगी। अन्य जगहों पर भी इंतजाम किए जा रहे हैं।
आईटीपीआई नेशनल स्पोर्ट्स मीट 2026: मप्र टीम को शुभारंभ हेरिटेज का प्रायोजन
भास्कर संवाददाता | बैतूल खेल और प्रतिभा को प्रोत्साहित करने की दिशा में सराहनीय पहल करते हुए बैतूल की प्रतिष्ठित संस्था शुभारंभ हेरिटेज ने 27 फरवरी 2026 से चंडीगढ़ में आयोजित होने वाली आईटीपीआई नेशनल स्पोर्ट्स मीट 2026 में भाग लेने जा रही मध्य प्रदेश टीम को स्पॉन्सर करने की घोषणा की है। इस अवसर पर शुभारंभ हेरिटेज परिसर में किट वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्था संचालक अबिजर हुसैन एवं जीवेश पंडागरे ने खिलाड़ियों को खेल किट प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा राष्ट्रीय प्रतियोगिता में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में इंस्टीट्यूट ऑफ टाउन प्लानर्स इंडिया (आईटीपीआई) मध्य प्रदेश के सचिव सुमित गोठी, आर्किटेक्ट विनय प्रकाश श्रीवास्तव, आर्किटेक्ट जयसिंह, हाउसिंग बोर्ड के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर एवं प्लानर सुनील प्रधान तथा सीनियर आर्किटेक्ट राजेश बोरकर विशेष रूप से उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि खेल गतिविधियां न केवल शारीरिक एवं मानसिक सुदृढ़ता को बढ़ावा देती हैं, बल्कि टीम भावना, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का भी विकास करती हैं। शुभारंभ हेरिटेज द्वारा दिया गया यह सहयोग खिलाड़ियों के मनोबल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। गौरतलब है कि आईटीपीआई की नेशनल स्पोर्ट्स मीट में देशभर से विभिन्न राज्यों की टीमें भाग लेती हैं। ऐसे में मध्य प्रदेश टीम को स्थानीय संस्था का सहयोग मिलना बैतूल के लिए गौरव का विषय है। अंत में उपस्थित जनों ने मध्य प्रदेश टीम को प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश एवं जिले का नाम रोशन करने की शुभकामनाएं दीं।
ट्रेड डील किसानों के हित में नहीं : डागा
बैतूल| जिला कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता हुई। जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय विनोद डागा ने कहा कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौता प्रदेश के किसानों के हित में नहीं है। इससे सोयाबीन, मक्का, कपास उत्पादकों को भारी नुकसान हो सकता है। डागा ने कहा कि 24 फरवरी को भोपाल में विधानसभा घेराव होगा। किसान महा चौपाल भी होगी। इसमें बड़ी संख्या में किसान भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में करीब 50 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन की खेती होती है। आयात शुल्क कम हुआ तो विदेशी उत्पाद आएंगे। स्थानीय मंडियों में दाम गिरेंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिकी किसानों को भारी सब्सिडी मिलती है। भारतीय किसान बढ़ती लागत से परेशान हैं। डागा ने तीन मंत्रियों के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रकरणों में नैतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। डागा ने किसानों, युवाओं, कार्यकर्ताओं से आंदोलन में शामिल होने की अपील की।
कन्या कॉलेज : महिला इकाई का 7 दिवसीय एनएसएस शिविर शुरू
बैतूल|वीरांगना रानी दुर्गावती शासकीय कन्या महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई का सात दिवसीय विशेष शिविर त्रिवेणी गौशाला, झगडिय़ा में चल रहा है। शुभारंभ पर प्राचार्य डॉ. विद्या चौधरी मौजूद रहीं। पूर्व कार्यक्रम अधिकारी डॉ. साधना डहेरिया भी रहीं। प्रो. विनोद अड़लक भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने एनएसएस के उद्देश्यों पर बात की। स्वयंसेविकाओं को समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित किया। शिविर में महाविद्यालय की 50 स्वयंसेविकाएं शामिल हुईं। शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छता बढ़ाना है। सामाजिक जागरूकता पर काम करना है। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। स्वास्थ्य, शिक्षा, सेवा भावना को मजबूत करना है। शिविर के दौरान श्रमदान होगा। स्वच्छता अभियान चलेगा। जागरूकता कार्यक्रम होंगे। सामाजिक उपयोगिता से जुड़ी गतिविधियां कराई जाएंगी। शिविर 26 फरवरी तक चलेगा। इससे स्वयंसेविकाओं में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित होगी। ग्रामीण समाज के सर्वांगीण विकास में योगदान मिलेगा। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे।
साप्ताहिक सब्जी बाजार लगवाने की मांग
बैतूल|सदर का साप्ताहिक सब्जी बाजार तय जगह पर नहीं लग रहा है। सदर ओवर ब्रिज के नीचे ग्राउंड में नगरपालिका ने 2009 में शहर में सदर में 10 लाख रुपए की लागत से 23 चबूतरों का निर्माण किया था। लेकिन बाद में इन चबूतरों की जगह सड़कों पर बाजार लगने लगा। आज भी सब्जी विक्रेता सड़कों पर बैठते हैं। जिससे यहां अव्यवस्था फैल रही है। लोगों को और रहवासियों को भी परेशानियां होती है। सदर निवासी पवन पवार समेत अन्य ने नपा सीएमओ से यहां तय जगह पर बाजार लगाने की मांग की है।
बदबू कम करने के उपाय किए जाएं, 15 दिन में कचरा हटाने के निर्देश
भास्कर संवाददाता | बैतूल भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और विधायक हेमंत खंडेलवाल की शिकायत पर नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने शनिवार को गोठाना क्षेत्र के ट्रेचिंग ग्राउंड का निरीक्षण किया। उन्होंने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की व्यवस्था देखी। कचरे के संकलन की स्थिति जानी। पुनर्चक्रण व्यवस्था का जायजा लिया। मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी का भी अवलोकन किया। आयुक्त ने स्थानीय रहवासियों से चर्चा की। उनकी समस्याएं सुनीं। रहवासियों ने ट्रेचिंग ग्राउंड से उठने वाली बदबू की शिकायत की। वायु प्रदूषण की बात कही। आवारा कुत्तों की समस्या बताई। आयुक्त ने नगरपालिका को तत्काल बायो-ट्रीटमेंट कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, इससे दुर्गंध की समस्या का त्वरित समाधान होगा। आयुक्त ने साफ कहा कि 3 से 4 दिन में बदबू कम करने के उपाय किए जाएं। 15 दिन के भीतर जमा कचरा हटाया जाए। निरीक्षण के बाद कलेक्टर निवास पर चर्चा हुई। आयुक्त ने कहा, शिकायतों की जांच होगी। दोषी ठेकेदार पर कार्रवाई होगी। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा, भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। इसके लिए स्थायी समाधान तैयार किया जाएगा। मौके पर कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, जिला पंचायत सीईओ अक्षत जैन, नगरपालिका अधिकारी मौजूद रहे।
प्रभारी मंत्री ने निर्माणाधीन नई जेल का किया निरीक्षण, दिए सख्त निर्देश
बैतूल|लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने शनिवार को ग्राम कढ़ाई में निर्माणाधीन नवीन जिला जेल का निरीक्षण किया। उन्होंने बैरक ब्लॉक, प्रवेश ब्लॉक, प्रशासनिक भवन, आवासीय परिसर का भ्रमण किया। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता परखी। रॉक कटिंग, तालाब, नाला निर्माण, पौधरोपण कार्यों का भी जायजा लिया। प्रभारी मंत्री ने कार्य एजेंसी हाउसिंग बोर्ड को निर्देश दिए। तय समय सीमा में मानक मापदंडों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जेल विभाग से समन्वय बनाकर काम पूरा करने के निर्देश दिए। समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने को कहा। ताकि जल्द ही जेल शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू हो सके। इसके बाद प्रभारी मंत्री ने कोठीबाजार स्थित वर्तमान जेल का निरीक्षण किया। ताप्ती खंड में श्री गुरुजी माधव सदाशिव गोलवलकर और जनजातीय नायक सरदार विष्णु सिंह गोंड की स्मृति में पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने विभिन्न बैरकों का निरीक्षण किया। बंदियों से भोजन और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। जेल आईटीआई का भी अवलोकन किया। प्रभारी मंत्री ने कहा, नई जेल का निर्माण तेजी से पूरा किया जाए। वर्तमान जेल को स्मारक के रूप में संरक्षित किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सहारनपुर में करीब दस साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट ने अभियुक्त को दोषी करार दिया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट) कक्ष संख्या-01 ने अभियुक्त 10 साल की सजा सुनाई है, साथ ही 20 हजार का जुर्माना लगाया है। अभियुक्त ने उस पर जानलेवा हमला किया था। कोर्ट ने पत्रावली पर आए साक्ष्यों और गवाहों की आधार पर ये फैसला सुनाया है। ये मामला थाना मंडी क्षेत्र का है। एडीजीसी संदीप ने बताया कि थाना मंडी क्षेत्र की ज्ञान विहार कॉलोनी निवासी नीटू ने 8 अप्रैल 2016 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसके साले विजय पर धारदार हथियार से हमला किया गया है। आरोप था कि सरदार कॉलोनी निवासी दो सगे भाइयों राजकिशेर और राजेश ने विजय को जान से मारने की नीयत से हमला किया। हमले में विजय गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी रही। पुलिस ने मामले में हत्या के प्रयास मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के बाद आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया गया और मामला कोर्ट में विचाराधीन रहा। लंबे समय तक चली सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों को कोर्ट में पेश किया गया। मुकदमे के दौरान दूसरे आरोपी राजेश की मौत हो गई, जिसके बाद उसके खिलाफ कार्यवाही समाप्त हो गई। वहीं, राजकिशेर के खिलाफ सुनवाई जारी रही। अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने राजकिशेर को दोषी पाया। एडीजीसी संदीप के अनुसार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट) कक्ष संख्या-01 ने अभियुक्त को दोषी पाया। जिसके बाद कोर्ट ने अभियुक्त को 10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। जुर्माना न देने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
एसआईआर कार्यक्रम के तहत बाड़मेर जिले की मतदाता सूची का शनिवार को अंतिम प्रकाशन किया। जिले के मतदाताओं की अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद प्रारूप सूची की तुलना में 30 हजार 703 नए मतदाताओं के नाम जुड़े हैं। जिले के कुल मतदाताओं की संख्या बढ़कर अब 11 लाख 86 हजार 205 हो गई है। इसमें 6 लाख 31 हजार 315 पुरुष, 5 लाख 54 हजार 887 महिला तथा 3 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल है। मतदाताओं की सूची के अंतिम प्रकाशन से पहले जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर टीना डाबी ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर दावों और आपत्तियों की स्थिति और निस्तारण के बारे में जानकारी साझा की। 16 दिसंबर से 19 जनवरी के बीच 35 दिन तक लिए गए दावे-आपत्तियां 27 अक्टूबर 2025 को प्रदेश में एसआईआर कार्यक्रम घोषित किया था। 4 नवंबर से 11 दिसंबर 2025 तक गांवों और ढाणियों में रहने वाले मतदाताओं की गणना का चरण पूरा किया। इसके बाद 16 दिसंबर 2025 को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया। इसमें जिले में कुल 11,55,502 मतदाता थे। 16 दिसंबर 2025 से 19 जनवरी 2026, 35 दिनों तक एसआईआर कार्यक्रम के तहत दावे एवं आपत्तियां आमंत्रित की गई। जिले में कुल 43,507 दावे और आपत्तियों के आवेदन प्राप्त हुए। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं सहायक अधिकारियों ने एसआईआर में प्राप्त सभी 43,507 दावे और आपत्तियों के आवेदनों का परीक्षण कर नियमानुसार निस्तारण किया। इसमें नाम जोड़ने के लिए 32 हजार 153,नाम हटाने के लिए 4 हजार 155 एवं संशोधन/ स्थानांतरण के लिए 11 हजार 354 फार्म आए। एसआईआर के पश्चात जिले में मतदाताओं की गणना के पश्चात प्राप्त 43 हजार 507 दावे और आपत्तियों का निस्तारण किया। मतदाता सूची में अभी भी 30 दिन में अपील का प्रावधान नए मतदाताओं को जोड़कर 11 लाख 86 हजार 205 मतदाताओं की सूची का प्रकाशन किया है। इसके बाद भी मतदाता सूची में किसी प्रविष्टि को लेकर असंतुष्ट व्यक्ति धारा 24 तथा निर्वाचक पंजीकरण नियम 1960 के नियम 23 एवं 27 के तहत अपील कर सकता है। मतदाता अपनी प्रथम अपील अंतिम प्रकाशन तिथि से 15 दिन के भीतर जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष कर सकता है। द्वितीय अपील जिला मजिस्ट्रेट के निर्णय से असंतुष्ट होने पर 30 दिन के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी समक्ष कर सकता है।
यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दलों ने तैयारी शुरू कर दी है। सुभासपा (सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी) 22 फरवरी (आज) को आजमगढ़ की अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र में सामाजिक समरसता महारैली के जरिए एक लाख की भीड़ जुटाकर अपनी राजनीतिक ताकत दिखाना चाहती है। महारैली में सबसे खास 10 हजार प्रबुद्ध ब्राह्मण समाज को बुलाया जाना है। सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर कहते हैं- हमारी पार्टी सभी समाज को आपस में जोड़ने का लक्ष्य लेकर चल रही। ब्राह्मण समाज तो जन्म से लेकर मृत्यु तक का संस्कार कराता है। यह प्रबुद्ध समाज है। ये समाज भटके हुए लोगों को सही दिशा देने का काम करता है। इस समाज को बिना साथ लिए कोई आगे नहीं बढ़ सकता। सुभासपा का बड़ा आधार गाजीपुर में है, फिर पार्टी आजमगढ़ के अतरौलिया में क्यों रैली कर रही? सुभासपा अचानक ब्राह्मणों में क्यों इंटरेस्ट ले रही? इस समरसता रैली के जरिए सुभासपा कौन-सा राजनीतिक लक्ष्य साधना चाहती है? पढ़िए ये स्टोरी… सुभासपा का एक लाख की भीड़ जुटाने का दावाअहिरौला में रविवार सुबह 11 बजे होने वाली इस महारैली में सुभासपा ने एक लाख की भीड़ जुटाने का दावा किया है। रैली में सहयोगी दलों भाजपा, निषाद पार्टी और अपना दल (एस) के नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है। सुभासपा की सामाजिक समरसता महारैली के मायने समझने के लिए हमने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर और पूर्वांचल की राजनीति पर बारीक नजर रखने वाले विशेषज्ञों से बात की। इससे साफ हुआ कि सुभासपा इस समरसता महारैली के जरिए 5 लक्ष्य साधना चाहती है। 2022 में 18 सीटों पर लड़ी थी सुभासपा सुभासपा ने 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के साथ गठबंधन में 18 सीटों पर चुनाव लड़ा था। उसे 6 सीटों पर जीत मिली थी। गाजीपुर की जहूराबाद से खुद ओमप्रकाश राजभर चुनाव में उतरे थे। गाजीपुर की 2 सीटों पर सुभासपा को जीत मिली थी। वहीं बस्ती, मऊ, बलिया व जौनपुर में उसके एक-एक प्रत्याशी जीते थे। सुभासपा ने इससे पहले 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ गठबंधन में लड़ा था, तब उसने 8 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 4 सीटों पर जीत दर्ज की थी। ओमप्रकाश राजभर कहते हैं- 2027 को लेकर हम प्रदेश की 62 सीटों पर अपनी तैयारी कर रहे हैं। हालांकि गठबंधन में कितनी सीटें मिलती हैं, इसमें अभी समय है। गाजीपुर की बजाय आजमगढ़ को चुनने की वजहगाजीपुर जिले को ओमप्रकाश राजभर ने अपना राजनीतिक बेस बनाया था। फिर आसपास की राजभर बहुल सीटों पर अपना आधार बढ़ाते गए। अब उनकी नजर गाजीपुर के पड़ोस की सीट आजमगढ़ जिले पर है। यहां की भी अतरौलिया विधानसभा में राजभर वोटर्स भले ही 15 से 20 हजार ही हों। लेकिन, सुभासपा यहां अति पिछड़ी जातियों को साधने में जुटी है। हालांकि, ओमप्रकाश राजभर इसकी दूसरी वजह बताते हैं। कहते हैं- आजमगढ़ में सपा समर्थक यादव विधायकों ने भय और आतंक का वातावरण बना रखा है। दूसरे की जमीनों पर कब्जा कर लेना, किसी को भी धमका देना, मारपीट करना यहां रोज की बात है। सबसे ज्यादा भय और आतंक के साये में अति पिछड़े समाज के लोग जी रहे हैं। यहां इनकी पैरवी करने वाला कोई नहीं। ब्राह्मणों में क्यों इंटरेस्ट ले रही सुभासपा? सुभासपा की पूरी राजनीति ही राजभर समाज के इर्द-गिर्द टिकी है। पिछले 2 साल से वह अपना जनाधार बढ़ाने के लिए अति पिछड़ों को जोड़ने की रणनीति पर आगे बढ़ रहे। इसके लिए वह प्रदेश भर में अति पिछड़ों की रैली भी लगातार कर रहे हैं। पहली बार सुभासपा ने सामाजिक समरसता रैली के बहाने ब्राह्मणों को भी पुचकारा है। वरिष्ठ पत्रकार आनंद राय कहते हैं- यूजीसी और माघ मेले में शंकराचार्य के अपमान व उनके शिष्यों की चोटी खींचकर की गई पिटाई से ब्राह्मण समाज नाराज है। ऐसे में सुभासपा उन्हें अपनी सामाजिक समरसता रैली में बुलाकर ब्राह्मण समाज को संदेश देना चाहती है कि उसके दरवाजे भी उनके लिए खुले हैं। पूर्वांचल में बड़ी संख्या में ब्राह्मण वोटर्स हैं। कई सीटों पर ये राजभर वोटर्स के साथ जुड़ जाएं, तो निर्णायक हो जाएंगे। सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर इसी राजनीतिक लक्ष्य को साधने ब्राह्मणों को रिझाने में जुटे हैं। सामाजिक समरसता रैली के मायनेवरिष्ठ पत्रकार आनंद राय कहते हैं- ओमप्रकाश राजभर की राजनीति बसपा से शुरू हुई थी। बसपा ने भी सबसे पहले आक्रामक तरीके से दलितों को एकजुट किया। इसके बाद समाज के अन्य वर्गों को जोड़कर उनकी राजनीति में आगे बढ़ी। ओमप्रकाश राजभर प्रयोगधर्मी नेता की पहचान रखते हैं। उन्होंने भी अपनी राजनीति की शुरुआत में राजभर समाज को एकजुट करने के लिए बसपा जैसी आक्रामकता को अपनाया था। 2022 में जब वे सपा के साथ गए तो उन्होंने सवर्णों के खिलाफ काफी विवादित बयान दिए। लेकिन, जब 2023 में भाजपा गठबंधन में वापसी की, तब से उनकी राजनीति में बड़ा बदलाव दिख रहा। आनंद राय कहते हैं कि ओमप्रकाश राजभर की विवादित टिप्पणी का ही परिणाम था कि उनके बेटे मऊ लोकसभा से चुनाव हार गए थे। इन सबसे सबक लेकर ओमप्रकाश राजभर अपने कोर वोटर्स के साथ अति पिछड़े समाज और सवर्णों को जोड़ने में जुटे हैं। राजभर का मकसद, खुद का आधार बढ़ाकर एनडीए को पूर्वांचल में बढ़त दिलाना2022 के विधानसभा चुनाव में आजमगढ़ की सभी 10 सीटों पर सपा ने जीत दर्ज की थी। इसी तरह बस्ती, अंबेडकरनगर, बलिया और मऊ में एनडीए को बड़ा झटका लगा था। आजमगढ़ में समरसता रैली को लेकर खुद ओमप्रकाश राजभर कहते हैं कि इस जिले में उनकी पार्टी सुभासपा का हर सीट पर 10 हजार से लेकर 30 हजार तक वोटबैंक है। पिछली बार भाजपा इन 10 सीटों पर 3 हजार से लेकर 10 हजार वोटों के अंतर से हारी थी। तब सुभासपा सपा की सहयोगी थी। अब मैं एनडीए में हूं। दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में आजमगढ़ में एनडीए सभी 10 सीटों पर क्लीन स्वीप करेगी। रैली के जरिए क्या हासिल करना चाहते हैं राजभर यूपी राजनीति पर बारीक नजर रखने वाले वरिष्ठ सुरेश बहादुर सिंह कहते हैं- ओमप्रकाश राजभर एक लाख भीड़ जुटाने का दावा कर रहे हैं। इसे लेकर पिछले कई दिनों से खुद वे और उनकी पार्टी के पदाधिकारी यहां प्रयास कर रहे हैं। चुनाव से पहले इस तरह की बड़ी भीड़ जुटाकर वह राजनीतिक दलों खासकर भाजपा को संदेश देना चाहते हैं कि पूर्वांचल में उनके बिना सफलता नहीं मिलने वाली। सुरेश बहादुर सिंह कहते हैं- आजमगढ़ अतरौलिया, शाहगंज में खेतासराय से लेकर आसपास की कई सीटों पर राजभर वोटर्स ज्यादा हैं। राजभर पर भाजपा के अनिल राजभर भी लगातार हमला करते रहते हैं। भाजपा भी इस बेल्ट में लगातार अनिल राजभर को घुमा रही है। लेकिन, इस रैली में ताकत दिखाकर ओमप्रकाश राजभर भाजपा पर दबाव बनाना चाहते हैं। अपने कोर वोटर्स के साथ ही ओपी राजभर अति पिछड़ों और ब्राह्मणों को जोड़कर भाजपा पर दबाव बनाना चाहते हैं। जिससे 2027 को लेकर उनकी बारगेनिंग पावर मजबूत रहे। भीड़ को लेकर खुद ओमप्रकाश राजभर ने दैनिक भास्कर से कहा- मैंने इस सामाजिक समरसता रैली के लिए सीएम योगी को भी आमंत्रित किया था। लेकिन, मेरठ में पीएम मोदी के कार्यक्रम के चलते वे समय नहीं दे पा रहे। उनका कोई न कोई प्रतिनिधि जरूर शामिल होगा। निषाद पार्टी समेत अन्य सहयोगी दलों के प्रमुख नेताओं को भी आमंत्रित किया है। एक लाख की भीड़ के सवाल पर राजभर ने कहा- आजमगढ़ में 10 विधानसभा सीटें हैं। एक-एक विधानसभा से 10-10 हजार लोग भी आएंगे, तो संख्या एक लाख पहुंच ही जाएगी। लोकल स्तर की बात करें तो फूलपुर, अतरौलिया और गोपालपुर से ज्यादा संख्या में लोग आ रहे हैं। आजमगढ़ में राजभर के अलावा अति पिछड़ों की अच्छी संख्या है। इसमें प्रजापति, पाल, नाई, गोंड राजभर, चौहान, मौर्य, निषाद, बिंद, केवट, मल्लाह काफी संख्या में हैं। सभी समाज के लोग इस रैली में शामिल हो रहे। अतरौलिया की 2 जर्जर सड़कों को पास कराकर बटोरी सहानुभूतिअतरौलिया विधानसभा क्षेत्र में करीब 15-16 साल से कप्तानगंज से अहिरौला तक 21 किलोमीटर की सड़क जर्जर है। सपा सरकार में यह नहीं बनी और एनडीए की सरकार में भी पहल नहीं हुई। ओमप्रकाश राजभर कहते हैं कि जब मैं पिछले दिनों यहां आया तो लोगों ने कहा कि मंत्रीजी, सड़क बनवा दीजिए। क्षेत्र के करीब 50 प्रधानों ने लिखित रूप से इसकी मांग की। इसी तरह सिकंदरपुर-नरियांव की 9 किलोमीटर सड़क भी खराब थी। मैंने दोनों सड़कों को पास करा दिया। सिकंदरपुर वाली सड़क पर काम शुरू हो गया है। कप्तानगंज-अहिरौला वाली सड़क पर भी इसी महीने काम शुरू हो जाएगा। 2 दिन में उसका बॉन्ड बन जाएगा। सोर्स बताते हैं कि इन दोनों जर्जर सड़कों के मरम्मत से क्षेत्र के लोगों में ओमप्रकाश राजभर के प्रति एक सहानुभूति जुड़ी है। रैली में शामिल होकर क्षेत्र के लोग इसका धन्यवाद देना चाहते हैं। पढ़िए अखिलेश, नसीमुद्दीन और मायावती पर क्या बोले राजभर ओमप्रकाश राजभर ने दैनिक भास्कर से बातचीत में अखिलेश यादव के पीडीए, कांग्रेस छोड़कर सपा में शामिल होने वाले नसीमुद्दीन सिद्दीकी और मायावती को लेकर भी खुलकर बात रखी। नसीमुद्दीन को लेकर कहा कि वे पहले कांग्रेस में गए थे। तब कहते थे कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए पार्टी में शामिल हुआ हूं। क्या हुआ? अब सपा में शामिल होकर अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाने की बात कह रहे। सपा में कौन-सा वोट बैंक लेकर गए हैं। मुस्लिम तो पहले से सपा के साथ है। सपा में आजम खान के कद के नेता भी नहीं हैं। आजम की आवाज में दम था। बोलते थे, तो ऐसा लगता भी था। इनकी बात में कोई वजन नहीं। इनके भाषण को सुनिए तो लगता है कि रो रहे हैं। इनकी अपनी कौम में भी कोई पकड़ नहीं। रही बात दलितों को साधने की, तो मायावती से बड़ा दलितों का नेता आज की तारीख में किसी दल में नहीं। दलितों के लिए मायावती ने बहुत कुछ किया है। नसीमुद्दीन कभी जनाधार वाले नेता नहीं रहे। वे पॉलिश वाले नेता थे। जो आज की राजनीति है। जी हजूरी चमचागिरी करके आगे बढ़ता है, ये उस टाइप के नेता हैं। मायावती को पैसा कमा कर देना और उनके आदेश पर एक पैर पर हाथ जोड़े खड़े रहना ही उनका काम था। अपनी भाषा में कहूं तो ये दगे हुए कारतूस हैं। मायावती की बदौलत ये नेता थे। ये अपने बांदा जिले में सपा को वोट नहीं दिला सकते। और जगह की बात ही छोड़ दीजिए। 2024 में दलित सपा-कांग्रेस के झूठ और झांसे में फंस गए थे। दोनों दलों ने अंदर-अंदर इतना प्रचार किया था कि संविधान खतरे में है। आरक्षण खत्म हो जाएगा। लेकिन जब 9 अक्टूबर को लखनऊ में मायावती की रैली हुई तो सबकी पोल खुल गई। अगर 2027 में बसपा का कांग्रेस और ओवैसी की एआईएमआईएम की पार्टी से गठबंधन हो जाए, तो सपा विपक्ष में भी नहीं दिखेगी। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें- शंकराचार्य पर बच्चों के यौन शोषण का मुकदमा होगा, प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट ने आदेश दिया शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर नाबालिग बच्चों के यौन शोषण की FIR होगी। जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज की शिकायत पर शनिवार को प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट में सुनवाई हुई। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट विनोद कुमार चौरसिया ने अविमुक्तेश्वरानंद समेत अन्य आरोपियों पर FIR दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया है। पूरी खबर पढ़ें…
अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई:कांखी में उगाए अफीम के 2428 पौधे, सवा करोड़ की फसल नष्ट
अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ एटीएस और एएनटीएफ ने कार्रवाई तेज कर दी है। एटीएस और एएनटीएफ टीम को सिवाना क्षेत्र में गुप्त रूप से अफीम की खेती की सूचना मिली। एएनटीएफ की टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की। सिवाना थाना क्षेत्र के कांखी गांव में करीब 2600 वर्ग मीटर जमीन पर उगाई गई अफीम की फसल को नष्ट किया। कार्रवाई में टीम ने 2,428 अफीम के पौधे बरामद किए। इस फसल से करीब 20.8 किलोग्राम अफीम और डेढ़ क्विंटल डोडा पोस्त हो सकता था। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 1.25 करोड़ रुपए आंकी गई है। कांखी गांव निवासी आरोपी हरजीराम ने खेत में पशु बाड़े के पीछे सफेद चादर की आड़ में सब्जियां, अरंडी बो रखी थी। इनसाइट - इंटरनेट से सीखी खेती, खुद भी डोडा-पोस्त का आदी गिरफ्तार आरोपी हरजीराम निवासी मालियों का वास धुंबड़िया, थाना बागोड़ा, जिला जालोर पिछले करीब दस साल से डोडा पोस्त के सेवन का आदी है। उसके खिलाफ पूर्व में भी मादक पदार्थ तस्करी के मामले दर्ज है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि उसने इंटरनेट के माध्यम से अफीम की खेती की जानकारी जुटाई और मुनाफे के लालच में स्वयं खेती शुरू कर दी। प्राथमिक आंकलन के अनुसार करीब 2500 पौधों से लगभग 21 किलो अफीम और 1.5 से 2 क्विंटल तक डोडा चूरा तैयार हो सकता था। आमतौर पर राजस्थान-मध्यप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र अफीम की खेती के लिए जाने जाते हैं, लेकिन हाल के समय में अन्य जिलों में भी अवैध खेती के प्रयास सामने आए हैं। इससे पहले फलौदी के भोजासर क्षेत्र तथा उदयपुर के पहाड़ी इलाके में भी कार्रवाई की जा चुकी है।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर दिल्ली में आतंकी हमले के अलर्ट से जुड़ी रही। दूसरी बड़ी खबर शिखर धवन की 40 की उम्र में शादी को लेकर रही। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने फिर टैरिफ बढ़ा दिया है। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. अविमुक्तेश्वरानंद पर बच्चों के यौन शोषण का केस दर्ज होगा, पॉक्सो कोर्ट ने आदेश दिया शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ नाबालिग बच्चों से यौन शोषण का केस दर्ज होगा। प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट ने FIR दर्ज करने के आदेश दिए हैं। जज ने कहा कि संबंधित थाना प्रभारी तत्काल FIR दर्ज करें। कानून के अनुसार स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच करें। बच्चों से यौन उत्पीड़न का आरोप लगा: 8 फरवरी को जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने पॉक्सो कोर्ट में शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि अविमुक्तेश्वरानंद गुरुकुल की आड़ में बाल उत्पीड़न करते हैं। कोर्ट में 2 बच्चों को पेश भी किया था। हालांकि, अविमुक्तेश्वरानंद ने सभी आरोपों से इनकार किया है और कहा कि रामभद्राचार्य ने झूठा केस कराया है। पढ़ें पूरी खबर... 2. राजस्थान-MP समेत 4 राज्यों में 99.58 लाख नाम वोटर्स के नाम कटे, बंगाल में 28 फरवरी को लिस्ट आएगी MP-राजस्थान, छत्तीसगढ़ और केरल में SIR की फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश हुई। एमपी में 34.25 लाख, राजस्थान में 31.36 लाख, छत्तीसगढ़ में 25 लाख और केरल में 8.97 लाख वोटर्स के नाम कटे हैं। एमपी में 5.39 करोड़राजस्थान में 5.15 करोड़, छत्तीसगढ़ में 1.87 करोड़ और केरल में 2.69 करोड़ मतदाताओं के नाम हैं। पश्चिम बंगालकी फाइनल लिस्ट 28 फरवरी को आएगी। नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया जारी रहेगी: वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, हटाने का काम जारी रहेगा। बीएलओ के पास फॉर्म भरकर अब भी वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाया जा सकता है। इसके लिए फॉर्म 6 भरना होगा। वोटर पोर्टल https://voters.eci.gov.in पर जाकर ऑनलाइन भी नाम जुड़वा सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर… 3. ट्रम्प ने ग्लोबल टैरिफ 10% से बढ़ाकर 15% किया, 24 घंटे में दो बार नए टैरिफ लगाए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ग्लोबल टैरिफ 10% से बढ़ाकर 15% करने का ऐलान किया है। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। इससे पहले उन्होंने शुक्रवार रात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सभी देशों पर 10% टैरिफ लगाने की बात कही थी। सुप्रीम कोर्ट ने पुराने टैरिफ रद्द किए थे: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ट्रम्प के दुनियाभर में लगाए गए टैरिफ को रद्द कर दिया था। कोर्ट ने इसे अवैध बताया था और कहा था कि यह अधिकार राष्ट्रपति को नहीं, सिर्फ संसद को है। इसके कुछ घंटे में ही ट्रम्प ने कहा कि जजों को शर्म आना चाहिए। देश के लिए कलंक हैं। फिर नाराज होकर दुनियाभर में 10% टैरिफ और लगा दिया था। पढ़ें पूरी खबर... 4. BJP का देशभर में प्रदर्शन, राहुल को काले झंडे दिखाए, कहा- कांग्रेस ने AI समिट में देश की छवि खराब की AI समिट में यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन के बाद भाजपा ने कई शहरों में विरोध किया। BJP कार्यकर्त्ता दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर में सड़कों पर उतरे। उन्होंने कांग्रेस को गद्दार बताया और कहा कि कांग्रेस ने AI समिट में टी-शर्ट उतारकर प्रदर्शन करके देश की छवि खराब की है। उधर, मुंबई में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी को काले झंडे दिखाए और कांग्रेस से माफी मांगने की मांग की। मायावती-अखिलेश बोले- कांग्रेस का प्रदर्शन गलत था: सपा प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा चीफ मायावती ने AI समिट में कांग्रेस के प्रदर्शन को गलत बताया। अखिलेश ने कहा कि जब दुनियाभर से डेलीगेट्स आये हो तो ऐसा हंगामा नहीं करना चाहिए। वहीं मायावती ने कहा कि कांग्रेस का प्रदर्शन निंदनीय है। पढ़ें पूरी खबर... 5. दिल्ली में आतंकी हमले का अलर्ट, लाल किले की सुरक्षा बढ़ाई; चांदनी चौक का मंदिर भी निशाने पर दिल्ली में आतंकी हमले का अलर्ट मिलने के बाद कई जगहों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। खुफिया जानकारी के मुताबिक, भारत के कई धार्मिक स्थल आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के निशाने पर हैं। इसी वजह से लाल किला, चांदनी चौक और अन्य जगहों पर सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है। नवंबर को लाल किले के पास धमाका हुआ था: यह अलर्ट 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए एक कार बम धमाके के बाद आया है। उस धमाके में 13 लोगों की मौत हो गई थी और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। पढ़ें पूरी खबर... 6. शिखर धवन ने गर्लफ्रेंड सोफी शाइन से शादी की, युजवेंद्र चहल ने बारात में डांस किया पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन ने गर्लफ्रेंड सोफी शाइन के साथ शादी कर ली है। स्पिनर युजवेंद्र चहल ने एक वीडियो पोस्ट किया। इसमें वे डांस करते दिख रहे हैं। चहल ने कुछ फोटो भी पोस्ट किए। इनमें धवन और उनकी पत्नी सोफी शाइन स्टेज पर हैं।40 साल के धवन ने 12 जनवरी को अपनी आयरिश गर्लफ्रेंड के साथ सगाई की थी। 2023 में पहली पत्नी से तलाक हुआ था: धवन ने 2012 में आयशा मुखर्जी से शादी की थी। बारात में विराट कोहली समेत कई क्रिकेटर्स शामिल हुए थे। 2023 में अपनी पहली पत्नी आयशा मुखर्जी से तलाक ले लिया था। आयशा-धवन का एक बेटा भी है। पढ़ें पूरी खबर... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... फ्लाइंग किस देने पर शख्स को 3 साल जेल मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने एक लड़की को फ्लाइंग किस देने के आरोप में एक युवक को 3 साल जेल की सजा सुनाई है। तब लड़की 16 साल और आरोपी 19 साल का था। मोहल्ले में एक कार्यक्रम के दौरान आरोपी ने लड़की को फ्लाइंग किस दिया। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज वृष राशि वालों के काम करने के तरीको में बदलाव होगा। तुला राशि वालों की इनकम के सोर्स बनेंगे। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट ने यौन शोषण की FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह आदेश 2 नाबालिग बच्चों के आरोपों पर दिया। अब सवाल उठ रहा है कि क्या सच में शंकराचार्य ने बच्चों का यौन शोषण किया? पॉक्सो कोर्ट के इस आदेश के बाद क्या होगा? शंकराचार्य के पास क्या कानूनी विकल्प होगा? क्या उन्हें दोषी ठहराया जाएगा? अगर दोषी होते हैं तो क्या सजा मिलेगी? आइए इन सवालों के जवाब देखते हैं.… सबसे पहले जानिए पुलिस ने क्यों केस दर्ज नहीं किया था? इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के वकील मुकेश शर्मा से हमने बात की। वह कहते हैं, पुलिस को आरोपों में कुछ शंका रही होगी, इसलिए केस दर्ज नहीं किया गया। शंका इसलिए कि बच्चों का यौन शोषण एक साल से किया जा रहा था, आखिर इतने वक्त तक पीड़ित सामने क्यों नहीं आए? ऐसे वक्त में सामने आए जब शंकराचार्य प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठे थे। दूसरी वजह यह भी हो सकती है कि पुलिस शंकराचार्य के कद को देखते हुए इस तरह के आरोप में FIR दर्ज न की हो। अगर FIR हुई तो शंकराचार्य के पास क्या विकल्प होगा? इसके जवाब में मुकेश शर्मा कहते हैं, शंकराचार्य इस FIR के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं, इसे गलत बताते हुए रद्द करने की मांग कर सकते हैं। अगर इसके बाद भी केस दर्ज होता है तो वह अंतरिम जमानत ले सकते हैं। अंतरिम जमानत के बाद मामले की पड़ताल होगी, कोई गिरफ्तारी नहीं होगी। पॉक्सो में मेडिकल रिपोर्ट कितनी अहम होगी?शंकराचार्य के खिलाफ अगर FIR होती है तो बच्चों का मेडिकल होगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के वकील अजीत यादव कहते हैं, पॉक्सो मामले में नाबालिग का बयान ही काफी होता है, लेकिन मेडिकल जांच सबसे अहम सबूत माना जाता है। दोनों बच्चों ने जो आरोप लगाए हैं, उसके आधार पर मेडिकल होगा। अगर मेडिकल में इस तरह के सबूत मिलते हैं तो केस आगे बढ़ेगा। उसी के आधार पर पॉक्सो के अंदर जो धाराएं हैं, वह लगाई जाएंगी। अजीत यादव कहते हैं, ये हाईप्रोफाइल मामला है, इसलिए इसमें जांच करने वाले अधिकारी एक-एक कदम फूंक कर रखेंगे। बच्चों के आरोप, तारीख, समय, शामिल लोग, उस वक्त की स्थिति, सबकुछ मायने रखेगा। FIR के बाद जांच होगी, फिर सजा की बात आएगीपॉक्सो एक्ट 2012 के तहत बच्चों से यौन शोषण से जुड़े मामले में कार्रवाई तेज होती है। संज्ञान लेने की तारीख से अगले 1 साल के अंदर सुनवाई को पूरा करने का प्रावधान है। इस एक साल में शुरुआत के 2 से 3 महीने के भीतर जांच अधिकारी को चार्जशीट लगानी होती है। सुप्रीम कोर्ट के वकील शाश्वत आनंद कहते हैं, इस मामले की जांच के बाद जब चार्जशीट दाखिल होगी तब गिरफ्तारी हो सकती है, इसके बाद केस का ट्रायल शुरू होगा। दोनों पक्ष अपने सबूत पेश करेंगे। एक साल बाद कोर्ट फैसला सुनाने की स्थिति में होगा। पॉक्सो में कई क्लॉज हैं, किस स्तर का अपराध है, उसी के अनुसार कोर्ट फैसला सुनाएगा। इस मामले में आशुतोष महाराज के वकील एसके मानस हैं। वह कहते हैं- शंकराचार्य सनातन संस्कृति के स्तंभ और भगवान कहे जाते हैं, अगर भगवान ही संस्कृति को कुचलने के लिए उतर आए तो सनातन संस्कृति की क्या दुर्दशा हो सकती है। पॉक्सो कोर्ट ने 5-6 लाइनों को कोट करते हुए मुकदमे का आदेश दिया है, जो अपने में बड़ी बात है। इनके लिए सीएम योगी ने कालनेमि शब्द का प्रयोग किया है, इसलिए ये मुकदमा शंकराचार्य के खिलाफ नहीं, बल्कि कालनेमि के खिलाफ दर्ज करने का आदेश दिया है। 18 फरवरी को प्रयागराज में पुलिस से टकराव, 6 दिन बाद यौन शोषण की शिकायत प्रयागराज माघ मेले में 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के स्नान पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का मेला प्रशासन से टकराव हुआ। शंकराचार्य अपने शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए। इस घटना के ठीक 6 दिन बाद 24 जनवरी, 2026 को आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज दो नाबालिग बटुकों को लेकर प्रयागराज के झूंसी थाने पहुंचे। अपनी शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया। अगले दिन यानी 25 जनवरी को प्रयागराज पुलिस कमिश्नर और पुलिस अधीक्षक मेला को ई-मेल के जरिए शिकायत दी। 27 जनवरी को डाक से मेला एसपी को शिकायत भेज दी। लेकिन एफआईआर नहीं दर्ज की गई। इसके बाद 8 फरवरी को आशुतोष महाराज दोनों बच्चों को लेकर कोर्ट चले गए। आशुतोष महाराज की शंकराचार्य के खिलाफ 2 शिकायतें- पहली शिकायत: अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर और गुरुकुल में नाबालिग बच्चों को रखा जाता है। उनसे निजी सेवा, भीड़ जुटाने, कार्यक्रमों और पालकी उठवाने जैसे काम कराए जाते हैं। बच्चों का यौन शोषण होने की भी आशंका है। माघ मेले जैसे बड़े आयोजनों में भी बच्चों से काम कराया गया। यह बाल अधिकार और श्रम कानूनों का उल्लंघन है। शिविर में अवैध हथियार होने की भी आशंका है। आय से अधिक संपत्ति और कई बैंक खातों की जांच की जानी चाहिए। मुकुंदानंद नाम के व्यक्ति की भूमिका की जांच कराई जाए। दूसरी शिकायत: आशुतोष महराज ने अविमुक्तेश्वरानंद पर फर्जी लेटरपैड और दस्तावेज बनाने का आरोप लगाया। कहा कि माघ मेला क्षेत्र में अविमुक्तेश्वरानंद खुद को ज्योतिष्पीठ का शंकराचार्य बता रहे। वह “ज्योतिष्पीठ/श्री शंकराचार्य शिविर” के नाम से लेटरपैड और दस्तावेज बनवाकर अफसरों को पत्र भेज रहे। ये लेटरपैड-पत्र फर्जी और भ्रामक हैं। इनसे प्रशासन और आम लोगों को गुमराह किया जा रहा। इन लेटरपैड पर 24 जनवरी, 2026 (माघ शुक्ल पंचमी) की तारीख दर्ज है। इसी तारीख का इस्तेमाल कर “श्री शंकराचार्य शिविर” के नाम से पत्र जारी किए गए। इनकी वैधता पर सवाल उठाए गए। 10 फरवरी को शंकराचार्य के पक्ष से वकील ने जवाब दाखिल किया और कहा- जब से गोमाता की रक्षा की आवाज उठानी शुरू की, तब से सरकार और कुछ लोगों को पसंद नहीं आ रहा। किस हक से आशुतोष महाराज बने शिकायतकर्ता?13 फरवरी को जज विनोद कुमार चौरसिया ने मामले की सुनवाई की। आशुतोष महाराज ने कोर्ट को बताया कि दो शिष्य मेरे पास आए और अपने यौन उत्पीड़न की कहानी सुनाई। हम चाहते हैं कि शंकराचार्य के खिलाफ केस दर्ज हो। कोर्ट ने पहले सवाल आशुतोष से पूछा कि आप इनके अभिभावक/संरक्षक कैसे बने? आशुतोष महाराज ने कहा- गुरु परंपरा के मुताबिक मैं न्याय के लिए आया हूं। पीड़ितों को कहीं न्याय नहीं मिला, इसलिए ये बच्चे मेरे पास आए। कोर्ट को खाली करवाया गया। जज और दोनों पक्षों के वकील के सामने दोनों बच्चों का बयान रिकॉर्ड किया गया। बच्चों ने कोर्ट में बयान दिया- महाकुंभ 2025 के दौरान उनके साथ अविमुक्तेश्वरानंद ने कुकर्म किया। बाकी जो शिष्य थे, वह कहते थे कि यह गुरु सेवा है। इससे आशीर्वाद मिलेगा। अब जानिए कोर्ट ने क्या कहा? अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला दिया और कहा, हर मामले में FIR दर्ज करना अनिवार्य नहीं होता। मजिस्ट्रेट को अपने विवेक से तय करना होता है कि FIR का निर्देश दिया जाए या शिकायत के रूप में आगे बढ़ाया जाए। यदि मामले में पुलिस जांच जरूरी हो, तो FIR दर्ज कर जांच करना उचित होता है। अदालत की टिप्पणी- मामले में गंभीर यौन अपराध के आरोप हैं। पॉक्सो अधिनियम लागू होता है। साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस जांच आवश्यक है। केवल निजी शिकायत के रूप में मामला आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा। अदालत ने आदेश दिया कि संबंधित थाना प्रभारी तत्काल FIR दर्ज करें। कानून के अनुसार स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच करें। पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों का पालन किया जाए। पीड़ितों की पहचान और गरिमा की रक्षा की जाए। जांच रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत की जाए। अब वो दो केस जहां आरोपी दोषी भी हुए, बरी भी हुए केस 1ः 50 के करीब बच्चों से दरिंदगी करने वाले इंजीनियर को सजा 20 फरवरी को बांदा के एक केस में पति-पत्नी को सजा सुनाई गई। बांदा कोर्ट ने 50 के करीब बच्चों का यौन शोषण करने वाले पति-पत्नी को फांसी की सजा दी। ये दोनों बच्चों का यौन शोषण करते थे और अश्लील वीडियो-फोटो बनाकर डार्क वेब के जरिए विदेशों में बेचते थे। पति रामभवन सिंचाई विभाग का इंजीनियर था, जबकि पत्नी दुर्गावती हाउस वाइफ थी। सीबीआई ने रामभवन को 18 नवंबर, 2020 को अरेस्ट किया था। दोनों ने 50 से ज्यादा बच्चों का यौन शोषण किया था। CBI ने गिरफ्तारी के 88वें दिन बांदा कोर्ट में 700 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट में मेडिकल रिपोर्ट और बच्चों के बयानों को आधार बनाया गया था। केस 2ः 8 साल जेल में रहा ड्राइवर, बाद में बाइज्जत बरी7 दिसंबर 2025 को मुंबई की एक विशेष पॉक्सो कोर्ट ने 56 साल के ड्राइवर को बरी कर दिया था। ड्राइवर ने 8 साल जेल में बिताया था। उसके ऊपर आरोप था कि उसने 17 साल की एक दिव्यांग लड़की का यौन उत्पीड़न किया था। कोर्ट ने बरी करते हुए कहा- पीड़ित पक्ष न घटना के मूल तथ्य बता सका, न ही लड़की की उम्र, मानसिक क्षमता, मेडिकल और उसके बयान तीनों में ही भिन्नता है। स्पेशल जज एन डी खोसे ने कहा- अभियोजन पक्ष ने जो सबूत पेश किया वह कमजोर है। आरोपी 8 साल जेल में रह चुका है, इसलिए बरी किया जाता है। आरोपी के वकील वैषाली सावंत और कलाम शेख ने कोर्ट में बताया कि पीड़िता के परिवार और आरोपी के बीच पुराना विवाद था। जिसके चलते उसे फंसा दिया गया था।---------------------- ये खबर भी पढ़ें… अविमुक्तेश्वरानंद पर बच्चों के यौन शोषण का केस दर्ज होगा:प्रयागराज कोर्ट ने आदेश दिया; शंकराचार्य बोले- रामभद्राचार्य ने झूठा केस कराया शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ नाबालिग बच्चों के यौन शोषण की FIR दर्ज करने के आदेश शनिवार को प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट ने दिए। जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने कोर्ट में 2 बच्चों को पेश करके यह आरोप लगाए थे। कोर्ट में कैमरे के सामने बच्चों के बयान दर्ज हुए थे। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट विनोद कुमार चौरसिया की कोर्ट ने प्रयागराज पुलिस कमिश्नर की जांच रिपोर्ट के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2-3 अज्ञात पर केस दर्ज करने के आदेश जारी किए। अदालत ने 13 फरवरी को अपना आदेश रिजर्व रखा था। पढ़ें पूरी खबर
दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में लेट्स इंस्पायर बिहार की ओर से आज यानी रविवार को ‘बिहार डेवलपमेंट समिट’ होने जा रहा है। इस प्रोग्राम को लेकर 5,000 से अधिक लोगों ने रिजस्ट्रेशन करवाया है। संस्था के प्रमुख और बिहार कैडर के IPS विकास वैभव ने बताया कि पिछले 5 साल से देश-विदेश में बसे बिहार मूल के उद्योगपतियों को एक मंच पर लाने का काम किया जा रहा है। बिहार के हर जिले में 5 स्टार्टअप शुरू करने का टारगेट है। यह मंच राज्य में आर्थिक संभावनाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में सहायक साबित होगा। प्रोग्राम के दौरान विभिन्न विषयों पर पैनल डिस्कशन होंगे, जिनमें सफल स्टार्टअप फाउंडर्स, इन्वेस्टर्स और एक्सपर्ट शामिल होंगे। साथ ही सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी, ताकि बिहार की सांस्कृतिक पहचान और विरासत को भी मंच मिल सके। इसके अलावा मेदांता अस्पताल की ओर से हेल्थ कैंप लगाया जाएगा, जहां प्रतिभागियों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया जाएगा। गिरिराज सिंह भी शामिल होंगे कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह सहित कई सांसद और विधायक भी शामिल होंगे। दिल्ली-एनसीआर चैप्टर के प्रमुख इंद्र मोहन यादव ने जानकारी दी कि समिट का मुख्य उद्देश्य बिहार के युवाओं को एंजेल इन्वेस्टर्स, उद्योगपतियों और अनुभवी उद्यमियों से जोड़ना है। राज्य के युवाओं में प्रतिभा और क्षमता की कमी नहीं है, जरूरत है, सही मार्गदर्शन और निवेश सहयोग की। सिंगल विंडो सिस्टम और बिना शुल्क सहयोग संस्था ने उद्यमियों की सुविधा के लिए एक ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ तैयार किया है। इसके तहत कोई भी इच्छुक उद्यमी अपना प्रस्ताव दे सकता है। प्रस्ताव मिलने के बाद संस्था की ओर से मार्गदर्शन और नेटवर्किंग में मदद दी जाएगी। इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। संस्था की पदाधिकारी लक्ष्मी कुमारी ने बताया कि ‘लेट्स इन्स्पायर बिहार’ से सिर्फ बिहार या देश के लोग ही नहीं जुड़े हैं, बल्कि अमेरिका, कनाडा और यूरोप में बसे लोग भी जुड़ेंगे। युवाओं को स्टार्टअप की ओर बढ़ने की सलाह विकास वैभव ने बताया कि युवा सिर्फ सरकारी नौकरी पर निर्भर न रहें। सरकारी नौकरियां सीमित हैं। दो प्रतिशत लोगों को ही यह अवसर मिल पाता है। ऐसे में युवाओं को स्टार्टअप और उद्यमिता की दिशा में भी प्रयास करना चाहिए। सरकारी सेवा में वही लोग आएं जो वास्तव में देश की सेवा करना चाहते हैं। सांस्कृतिक प्रस्तुति का आयोजन भोजपुरी की गायिका कल्पना पटवारी, हास्य कवि शंभू शिखर, भाजपा सांसद-गायक मनोज तिवारी समेत अन्य कलाकार प्रस्तुति देंगे। वहीं पैनल डिस्कशन के दौरान एजुकेशन, इंटरप्रेन्योरशिप, संस्कृति, नीति-निर्माण और सामाजिक नेतृत्व पर विमर्श होना है। ये अतिथि होंगे शामिल अतिथियों में लक्ष्मी नगर (दिल्ली) के विधायक अभय वर्मा, लेखक और राजनीतिज्ञ मृत्युंजय शर्मा, फैशन डिजाइनर नीतीश चंद्रा, लोकनायक जयप्रकाश इंटरनेशनल स्टडीज सेंटर के फाउंडर अभय सिन्हा, युवा उद्यमी कुमार राहुल नमन, राष्ट्रवादी चिंतक जयराम विपल्व, समाजसेवी जीएम अंसारी और फैब फाइव नेटवर्क के फाउंडर अनिल झा समेत अन्य शामिल होंगे।
बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव साल-2010 तक अपने करियर के पीक पर थे। धमाल, फिर हेरा-फेरी, गोलमाल, ढोल और भूलभुलैया जैसी सुपरहिट फिल्में कर चुके थे। इंडस्ट्री में उनकी डिमांड थी। 2010 में उन्होंने तय किया कि अता-पता लापता नाम की फिल्म बनाएंगे। पैसे कम थे, इसलिए एक कारोबारी से 5 करोड़ रुपए उधार ले लिए। 11 करोड़ की लागत से बनी फिल्म रिलीज हुई, तो बुरी तरह से फ्लॉप हो गई। महज 42 लाख कमा सकी। बिजनेसमैन ने राजपाल से पैसा मांगा, लेकिन वो नहीं दे सके। मामला कोर्ट गया। राजपाल हर बार वक्त मांगते, चेक देते। चेक बाउंस होते चले गए। कोर्ट ने आखिर में राजपाल को जेल भेज दिया। वह 17 फरवरी को तिहाड़ जेल से 18 मार्च तक के लिए अंतरिम जमानत पर रिहा हुए हैं। उन्होंने कुछ पैसा भी दे दिया है। जमानत खत्म होने के बाद उन्हें दोबारा जेल जाना होगा। पैसा नहीं देने की स्थिति में लिए गए कर्ज से दोगुना पैसे की कुर्की होगी। आज की संडे बिग स्टोरी में हम इस मामले को शुरुआत से लेकर अभी तक की स्थिति को समझेंगे। शुरुआत 2010 से करते हैं… सांसद के जरिए मुलाकात, पत्नी के इमोशनल मैसेज राजपाल यादव मूलरूप से शाहजहांपुर जिले के कुंद्रा गांव के रहने वाले हैं। लखनऊ के भारतेंदु अकादमी और फिर दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से एक्टिंग की पढ़ाई करके फिल्मों में पहुंच गए। 1999 में दिल क्या करे फिल्म से करियर की शुरुआत की। 5.1 इंच के राजपाल की कॉमेडी लोगों को भा गई। उन्हें एक के बाद एक फिल्में मिलने लगीं। शूल, जंगल, एक और एक ग्यारह, मुझसे शादी करोगी, हंगामा, गरम मसाला, वक्त, हेराफेरी, पार्टनर, भूल-भुलैया, भूतनाथ जैसी फिल्मों में काम किया। इनमें से ज्यादातर फिल्मों में उन्होंने कॉमिक एक्टर के तौर पर काम किया। कुल मिलाकर अलग-अलग भाषाओं की 150 से ज्यादा फिल्मों में राजपाल ने काम किया है। 2010 में उन्होंने तय किया कि अब खुद से फिल्म बनानी है। उस वक्त राजपाल ने शाहजहांपुर के सपा सांसद मिथिलेश कुमार कठेरिया से मुलाकात की। दोनों के बीच अच्छे रिश्ते थे। राजपाल ने फिल्म अता-पता लापता के बारे में बताया। खर्च बताकर पैसे का इंतजाम करवाने की बात कही। सांसद मिथिलेश कठेरिया ने शहर के ही बिजनेसमैन माधव गोपाल अग्रवाल से मुलाकात करवाई। दोनों में लंबी बातचीत हुई। राजपाल ने 5 करोड़ रुपए की मांग की। माधव गोपाल ने इतना पैसा नहीं होने की बात कही। पहले दिन बिना पैसे के बात खत्म हो गई। अगले दिन से राजपाल यादव की पत्नी राधा ने माधव गोपाल को वाट्सऐप पर कई मैसेज किए। इनमें पैसा देने की बात कही गई। कई मैसेज इमोशनल थे। 4-5 दिन तक यही क्रम चलता रहा। राजपाल भी बीच-बीच में माधव गोपाल को फोन करते थे। माधव गोपाल ने दिल्ली के अपने ऑफिस में एक एग्रीमेंट साइन करवाया। तय हुआ कि फिल्म चले या न चले, सेंसर बोर्ड पास करे या न करे, एक साल बाद 5 करोड़ का 7.5 करोड़ रुपए और 50 लाख लीगल के राजपाल को देना होगा। राजपाल ने उस एग्रीमेंट पर साइन किया। खुद और राधा यादव ने पर्सनल गारंटी ली। फिल्म में तमाम नामचीन कलाकार थे फिल्म की शूटिंग 2011 में शुरू हो गई। यह कॉमिक फिल्म थी। राजपाल यादव मुख्य किरदार में थे। राधा यादव ने फिल्म प्रोड्यूस की थी। फिल्म में आशुतोष राणा, असरानी, विजय राज, यशपाल शर्मा, जाकिर हुसैन, मनोज जोशी, गोविंद नामदेव, वीरेंद्र सक्सेना जैसे एक्टर थे। फिल्म बन ही रही थी, तभी 1 साल पूरा हो गया। माधव गोपाल अग्रवाल ने राजपाल को फोन किया और पूछा कि पैसा कैसे देंगे? राजपाल ने कहा- अभी फिल्म नहीं बन पाई है। फिल्म रिलीज हो जाए, तो फिर पैसा दे दूंगा। माधव गोपाल ने राजपाल की बात मान ली और एग्रीमेंट बढ़ा दिया। इस बार राजपाल ने फिर से 7 ब्लैंक चेक सिग्नेचर करके दे दिए। एक साल पूरा होने के बाद दोबारा एग्रीमेंट हुआ। दूसरी बार जब एग्रीमेंट बढ़ा तो राजपाल ने माधव से कहा कि बिना आपकी इजाजत फिल्म नहीं रिलीज होगी। आप चाहें तो फिल्म का निगेटिव प्रिंट अपने पास रख लीजिए। माधव ने ऐसा करने से मना कर दिया। 26 अक्टूबर, 2012 को फिल्म का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया। अता-पता लापता के एक गाने की रिलीजिंग में अमिताभ बच्चन को बुलाया गया। यह बात माधव को टीवी के जरिए पता चली। तब उन्हें लगा कि उनके साथ राजपाल धोखा कर रहे हैं। क्योंकि, बिना बताए ट्रेलर रिलीज कर दिया। उन्होंने दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में फिल्म के खिलाफ याचिका लगा दी। एक बार फिर से राजपाल ने विनती की, तो माधव मान गए। फिल्म 2 नवंबर ,2012 को रिलीज हो गई। पहले ही हफ्ते में धड़ाम हो गई। 11 करोड़ रुपए से बनी फिल्म देश में महज 34 लाख रुपए ही कमा पाई। फिल्म का वर्ल्ड वाइड बिजनेस 42 लाख रुपए रहा। मतलब, फिल्म 10 करोड़ से ज्यादा के घाटे में चली गई। इसके बाद माधव ने पैसा मांगा तो राजपाल की तरफ से जवाब मिला, फिल्म फ्लॉप हो गई है। आगे हम पैसा दे देंगे। 2013 में कोर्ट ने पत्नी को भी सजा सुनाई दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में यह केस जस्टिस मुरलीधर देख रहे थे। माधव ने उन्हें 21 अप्रैल को नई एप्लिकेशन दी। कहा कि 10 करोड़ 40 लाख में हम सेटलमेंट करने को तैयार हैं। इस पैसे पर राजपाल ने भी सहमति दिखाई थी। राजपाल यादव ने दिल्ली हाईकोर्ट में 7 नए चेक दिए। जब तय तारीखों पर चेक लगाया गया, तो सारे चेक फिर से बाउंस हो गए। 2 दिसंबर, 2013 को कोर्ट में राजपाल ने जो हलफनामा लगाया उसमें पत्नी के सिग्नेचर थे। कोर्ट की पड़ताल में वह सिग्नेचर झूठा निकला? कोर्ट ने उसी दिन राजपाल को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। राधा यादव की गोद में बच्ची थी, इसलिए उनके प्रति नरमी दिखाते हुए रजिस्ट्रार जनरल के ऑफिस में ऑफिस बंद होने तक रखने का आदेश दिया। साथ ही राजपाल के वकील को यह केस छोड़ने का आदेश दिया। फर्जी शपथपत्र बनाने वाले ओथ कमिश्नर को अवमानना की नोटिस जारी किया। न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के दौरान राजपाल ने जज से कहा, ‘यह मेरी जिंदगी का पहला मामला है। प्रार्थना है कि एक मौका दिया जाए। माधव गोपाल को पैसा मिल जाएगा। मैं आज भी उन्हें पैसा देने को तैयार हूं।’ कोर्ट ने कोई दलील नहीं सुनी। हालांकि, 3 दिन तिहाड़ जेल में रहने के बाद राजपाल बाहर आ गए थे। 15 जनवरी, 2014 को इस मामले की नई तारीख लगी। माधव बोले- अपने पैसे के लिए बच्चों की तरह रोया2014 के बाद राजपाल ने माधव से दूरी बनानी शुरू कर दी। माधव का कहना है कि राजपाल कोर्ट में आते तो शक्ति प्रदर्शन जैसा नजारा होता। राजपाल के साथ 50 से ज्यादा लोग होते थे। आरोप है कि ये लोग माधव को धमकियां देते थे। माधव पर इसका असर पड़ता और वह कई बार कोर्ट आते ही नहीं थे। दूसरी तरफ, राजपाल बार-बार वकील बदल देते। 2015 में राजपाल यादव ने तीसरा सप्लिमेंट्री एग्रीमेंट साइन किया। फिर से नए चेक दिए। नतीजा वही। इस बार भी सारे चेक बाउंस हो गए। 2016 में कोर्ट ने राजपाल को फटकार लगाई। इनके लिए कठोर शब्द का प्रयोग किया। राजपाल ने यहां माधव से कहा कि हम आपको एक बार में पैसा दे देंगे, सेटलमेंट कर लीजिए। माधव को अपना पैसा चाहिए था, इसलिए उन्होंने कोर्ट के बाहर सेटलमेंट के लिए सहमति दे दी। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। कोर्ट में माधव ने जब यह पक्ष रखा तो उन्हें फटकार लगी और 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। जज ने कहा- जब मामला कोर्ट में है तो फिर बाहर सेटलमेंट की बात कैसे की जा सकती है? माधव कहते हैं- मैं कई बार इनसे पैसा मांगने के लिए मुंबई गया। फोन करके जाता था। लेकिन, ये कई बार मिलते ही नहीं थे। मैं इनके सामने दो बार बच्चों की तरह रोया हूं। लेकिन इन्होंने हमें पैसा नहीं दिया। 2016 में यह सुप्रीम कोर्ट चले गए। उस वक्त सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि यह केस सुनने लायक नहीं है। इनकी फाइल इनके मुंह पर मार दी थी। फिर से ये वापस दिल्ली हाईकोर्ट में आ गए थे। राजपाल ने एक इंटरव्यू में कहा- पोते के लिए पैसा दियाइस मुकदमे के बीच राजपाल यादव ने एक चैनल को इंटरव्यू दिया। उसमें उन्होंने कहा- मैंने कोई पैसा उधार नहीं लिया। बिजनेसमैन ने तो अपने पोते के लिए फिल्म में निवेश किया था। इस लाइन को लेकर माधव कहते हैं- मेरे परिवार में कोई भी एक्टिंग लाइन में नहीं है। न ही कोई उस वक्त जाना चाहता था। अगर हमने फिल्म में निवेश किया होता, तो एग्रीमेंट क्यों करवाया होता? राजपाल पर्सनल गारंटी क्यों लेते? वह मुझे उस वक्त ब्लैंक चेक क्यों देते? ये सब तो उधार लेने पर ही होता है। कोर्ट ने भी यह सब देखा, तभी फैसला सुनाया। राजपाल सेलिब्रिटी थे। कोर्ट में इनके प्रति शुरुआत में नरम रुख अपनाया गया। लेकिन, धीरे-धीरे हकीकत जानने के बाद कोर्ट ने इनके प्रति कड़ा रुख अपनाया। कई बार अपनी टिप्पणी में कहा, ऐसा लगता है कि राजपाल की मंशा पैसा देने की नहीं है। राजपाल हर बार कोर्ट में हाथ जोड़कर समय मांगते। आगे दे देने की बात कहते। ऐसा करते हुए साल-2025 आ गया। अक्टूबर, 2025 में पहली बार राजपाल ने 75 लाख रुपए माधव को दिए। यह पैसा 2 डिमांड ड्रॉफ्ट के जरिए दिया गया। कहा गया कि बाकी पैसे भी जल्द दे दूंगा। क्या सच में राजपाल के पास पैसा नहीं राजपाल यादव पिछले 27 साल से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं। बड़ी-बड़ी फिल्में की हैं। पिछली 5 फिल्मों को ही अगर देखा जाए तो उन्होंने इनसे 7 से 8 करोड़ रुपए की कमाई की है। इसमें कटहल, ड्रीम गर्ल-2, भूल-भुलैया-3, चैंपियन और बेबी जॉन फिल्म शामिल है। कटहल, ड्रीम गर्ल और बेबी जॉन के लिए राजपाल को 1-1 करोड़ और बाकी की तीनों फिल्मों के लिए 2 से 3 करोड़ रुपए मिले हैं। राजपाल यादव ने 5 फरवरी को कोर्ट में सरेंडर किया। मीडिया में कहा कि मेरे पास पैसा नहीं है। इसके बाद तमाम लोगों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाए। पैसा भी दिया। माधव के वकील नवनीत सिंह कहते हैं- इन्होंने कोर्ट में एक फ्रेश बेल डाली थी। कोर्ट ने सीधा कह दिया कि हम केस को मेरिट पर नहीं सुनेंगे। पैसा देने को तैयार होंगे, तभी केस सुना जाएगा। इन्होंने जेल में रहने के बाद 2 करोड़ 10 लाख रुपए दिए हैं। 75 लाख रुपए पिछले साल दिए थे। अभी कुल 6 करोड़ 15 लाख रुपए देने हैं। राजपाल ने आगे पूरा पैसा देने की बात कही है। भतीजी की शादी के लिए एप्लिकेशन दी थी। कोर्ट ने इन्हें 18 मार्च तक के लिए जमानत दी है। राजपाल अंतरिम जमानत पर बाहर आए और शाहजहांपुर पहुंचे। वह कहते हैं- जेल मेरे लिए चिंतन शिविर जैसा रहा। देश में हर व्यवस्था अपग्रेड हो रही। जेल को भी आधुनिक बनाना चाहिए। जेल में स्मोकिंग जोन बनाया जाना चाहिए। हम स्मोकिंग को प्रमोट नहीं कर रहे। लेकिन जब देश में इसकी बिक्री होती है तो जेल और सुधार गृहों में इसके लिए अलग जगह होनी चाहिए। हम खुद धूम्रपान के शिकार हैं। छोड़ने की बहुत कोशिश कर रहे, लेकिन अभी तक पूरी तरह छोड़ नहीं पाए हैं। पैसा नहीं चुकाया तो कर्ज के दोगुना राशि के बराबर संपत्ति कुर्क क्या जेल जाने के बाद राजपाल को पैसा नहीं देना पड़ेगा? अगर पैसा नहीं दिया, तो क्या होगा? इन 2 सवालों के जवाब के लिए हमने लखनऊ हाईकोर्ट के वकील मुकेश शर्मा से बात की। उन्होंने कहा कि राजपाल ने पैसा लिया है, तो उन्हें देना ही होगा। अभी वह इसलिए जेल गए, क्योंकि तय समय पर पैसा नहीं दिया। जो चेक दिए, वो बाउंस हुए हैं। मतलब यह कि वह जानबूझकर ऐसा कर रहे हैं। चेक कई बार बाउंस हुए। इसका मतलब वह फ्रॉड भी कर रहे हैं। कोर्ट इस चीज को देखता है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने उनके केस को नहीं सुना। मुकेश शर्मा कहते हैं- सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति इस तरह से फ्रॉड करता है तो पहले उसके खिलाफ 138 के तहत मुकदमा दर्ज होता है। फिर नोटिस दी जाती है। फिर गैर जमानती वारंट जारी होता है। सबसे आखिर में कुर्की होती है। राजपाल अगर यह पैसा नहीं चुकाते तो इसकी दोगुना कीमत की उनकी कोई संपत्ति कुर्क होगी। उसे बेचकर जिससे पैसा लिया गया है, उन्हें दिया जाएगा। उस 5 करोड़ की कीमत आज 25 करोड़ रुपए माधव गोपाल ने 2010 में 5 करोड़ रुपए राजपाल को दिए थे। वह कहते हैं- अगर बैंक के 12% को आधार बनाएं तो आज वो 5 करोड़ 24 करोड़ 70 लाख रुपए होता है। मैंने पैसा भी दिया और पूरे 16 साल परेशान रहा। अपने ही पैसे के लिए बच्चों की तरह रोया। वरिष्ठ वकीलों को केस सौंपा। इसके लिए 1 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किया। राजपाल के लोगों की धमकियां सुनीं। पिछले 5 साल से तो मैं कोर्ट भी नहीं गया। मुझे कोर्ट पर भरोसा है, यहीं से न्याय मिलेगा। मुझे बस मेरा पैसा वापस चाहिए। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें… क्रिकेटर राहुल चाहर ने फैशन डिजाइनर पत्नी से तलाक लिया, बोले- कम उम्र में शादी की क्रिकेटर राहुल चाहर ने फैशन डिजाइनर पत्नी ईशानी जौहर से तलाक ले लिया है। उन्होंने शुक्रवार को अपने X अकाउंट पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी। राहुल ने लिखा कि कम उम्र में शादी होने से वह खुद को और अपने जीवन की दिशा को पूरी तरह समझ नहीं पाए थे। पिछले 15 महीने अदालतों के चक्कर लगाते हुए बीते। पढ़ें पूरी खबर
जालंधर के नकोदर में जन्में पंजाबी सिंगर और रेसलर केएस मक्खन ने अकाली दल जॉइन कर लिया है। सुखबीर बादल ने सिरोपा पहनाकर केएस मक्खन का पार्टी में स्वागत किया।2027 पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए अकाली दल ने एक हफ्ते के अंदर दूसरा बड़ा कबड्डी प्लेयर पार्टी के साथ जोड़ा है। इससे पहले कबड्डी खिलाड़ी गोपी फरंदीपुरीया अकाली दल में शामिल हो चुके हैं। खेमकरण और नकोदर की दोनों सीटों पर 2022 में अकाली दल के कैंडिडेट को हार मिली थी।शनिवार रात सुखबीर बादल केएस मक्खन के गांव शंकर पहुंचे और उनको अकाली दल में जॉइन करवाया।पंजाब की पॉलिटिक्स में केएस मक्खन की ये दूसरी एक्टिव पारी होगी। इससे पहले सिंगर मक्खन बसपा में रह चुके हैं। उन्होंने बसपा के टिकट पर आनंदपुर साहिब लोकसभा से 2014 का चुनाव लड़ा। इसमें उन्हें 69,124 वोट मिले और वे चौथे स्थान पर रहे।लोकसभा चुनाव में हार के बाद 2016 में मक्खन ने बसपा छोड़ दी और शिरोमणि अकाली दल का दामन थामा लेकिन एक्टिव पॉलिटिक्स नहीं की। जालंधर की नकोदर विधानसभा सीट में आते अपने पैतृक गांव में केएस मक्खन ने ऐलान किया कि अब वह एक्टिव पॉलिटिक्स करेंगे। सुखबीर बोले-केएस मक्खन की वापसी से पार्टी को मिलेगी मजबूतीकेएस मक्खन को जॉइन करवाने के बाद शिरोमणि अकाली दल प्रधान सुखबीर बादल ने कहा कि मक्खन और उनके समर्थकों का पार्टी में स्वागत है। सुखबीर ने कहा कि मक्खन की वापसी से पार्टी को विशेष रूप से युवाओं के बीच, मजबूती मिलेगी। सुखबीर ने भरोसा दिलाया कि पार्टी में हर मेहनती वर्कर को बनता मान-सम्मान मिलेगा।मक्खन बोले-राजनीतिक में लौटकर खुशी हो रही पार्टी में शामिल होने के बाद केएस मक्खन ने कहा-शिरोमणि अकाली दल के प्रति उनका हमेशा से लगाव रहा है और आज अपने राजनीतिक घर लौटकर उन्हें खुशी हो रही है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे और उनके साथी अकाली दल को इलाके में मजूबत करेंगे।आप की इंद्रजीत से क्लोज फाइट में हार गए थे अकाली कैंडिडेट वडालागुरुप्रताप सिंह वडाला नकोदर सीट से 2 बार लगातार विधायक रह चुके हैं। 2022 में आप की लहर में वडाला आप कैंडिंडेट इंद्रजीत कौर मान से हार गए थे। इंद्रजीत कौर मान को 42,868 वोट मिले थे जबकि अकाली दल के गुरुप्रताप सिंह वडाला को 39,999 वोट मिले थे। क्लोज फाइट में हारी सीट को अकाली दल किसी भी सूरत में हाथ से नहीं जाने देना चाहता। जानें केएस मक्खन के साथ जुड़े विवाद हेरोइन तस्करी के आरोप में केस, फिर बरी हुए -साल 2006 में जालंधर पुलिस ने केएस मक्खन के खिलाफ मामला दर्ज किया था। मक्खन पर इंडिया से कनाडा में हेरोइन तस्करी करने वाले एक गिरोह से जुड़े होने का आरोप लगा था। इस मामले में उन्हें जेल भी जाना पड़ा था, लेकिन साल 2014 में सबूतों के अभाव में अदालत ने उनको बरी कर दिया। गानों में गन कल्चर प्रोमोट करने का आरोप- केएस मक्खन पर अक्सर अपने गानों के जरिए गन कल्चर प्रोमोट करने के भी कई बार आरोप लगे। हाल ही में 2023 में उनके एक गाने जमीन दा रौला को लेकर सोशल वर्कर ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन पर आरोप था कि वे युवाओं को हिंसा और हथियारों के प्रति उकसा रहे हैं। ED भी पूछताछ के लिए बुला चुकी है-ड्रग तस्कर जगदीश भोला से जुड़े एक मामले में ईडी 2017 में केएस मक्खन से लंबी पूछताछ कर चुकी है। यह पूछताछ एक पंजाबी फिल्म में हुए फाइनांस को लेकर थी जिसमें जगदीश भोला ने काम किया था। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना था कि क्या फिल्म में ड्रग्स के पैसे का इस्तेमाल हुआ है। कनाडा में गिरफ्तारी की अफवाह रही चर्चित- साल 2022 में सोशल मीडिया पर कनाडा में केएस मक्खन की गिरफ्तारी की अफवाह चर्चा में रही। दावा था कि कनाडा के सरे में पुलिस ने उनको हिरासत में लिया है। ये गिरफ्तारी कनाडा में किसी को बंदूक दिखाकर डराने के मामले में हुई थी। सिंगर केएस मक्खन का कबड्डी से पॉलिटिक्स तक का सफर कबड्डी में जाफी के रूप में पहचान बनाई- केएस मक्खन ने कबड्डी के मैदान में एक जाफी के तौर पर पहचान बनाई। उनकी कद-काठी और शारीरिक मजबूती के कारण विरोधी रेडर को पकड़ना उनके लिए बहुत आसान होता था। उनके पुराने साथी आज भी उनके भारी शरीर और मजबूत पकड़ को याद करते हैं। कनाडा और इंग्लैंड के क्लबों में खेले- केएस मक्खन ने केवल पंजाब के गांवों में ही नहीं बल्कि कनाडा और इंग्लैंड के कबड्डी क्लबों की ओर से भी मैच खेले। 90 के दशक के अंत में और 2000 के शुरुआती सालों में वे विदेश में होने वाले कबड्डी टूर्नामेंटों में एक बड़ा चेहरा रहे। मैदान पर उनकी इमेज एक किलर के रूप में होती रही है।
विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। जिले में 44 हजार 450 वोटर घटे हैं। अब मतदाताओं की संख्या 10 लाख 89 हजार 431 वोट है। एसआईआर के दौरान डबल नाम अथवा दस्तावेज मुहैया नहीं कराने वाले 73 हजार 875 मतदाताओं के नाम हटाए गए, जबकि 29 हजार 425 नए मतदाताओं के नाम जुड़े हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी कमर चौधरी ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन किया। जिले में प्रारूप मतदाता सूची में कुल 10,60,006 मतदाताओं में 2.78 प्रतिशत वृद्धि के उपरांत कुल मतदाताओं की संख्या 10,89,431 है, जिनमें पुरुष 5,86,302, महिला 5,03,116 तथा ट्रांसजेंडर 13 हैं। वोटर पोर्टल https://voters.eci.gov.in पर जाकर ऑनलाइन भी नाम जुड़वाए जा सकते हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी व मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट https://election.rajasthan.gov.in पर वोटर लिस्ट उपलब्ध है तथा कोई भी मतदाता इस सूची में अपना नाम ऑनलाइन एपिक सर्च के माध्यम से देख सकता है। मतदाता सूची में नाम जुड़वाना, हटाना व प्रविष्टियों में संशोधन एक अनवरत प्रक्रिया है, जो सतत जारी है। इसके लिए क्रमशः फॉर्म 6 मय घोषणापत्र (अनुलग्न-4), 7 एवं 8 ECINet App/Voters Portal (https://voters.eci.gov.in) पर जाकर ऑनलाइन अथवा संबंधित बीएलओ से संपर्क कर भरा जा सकता है। पंचायत चुनाव के कारण शहरी इलाकों से कटवाए नाम एसआईआर के दौरान 73 हजार 875 नाम वोटर लिस्ट से हटे हैं। इसकी मुख्य वजह ग्रामीण इलाकों के लोगों का गांव और शहर में दो जगह नाम होना था। पंचायत चुनाव में वोट के महत्व को देखते हुए लोगों ने शहरों से नाम कटवाकर ग्राम पंचायत की लिस्टों में ही बरकरार रखे हैं। उल्लेखनीय है कि भरतपुर सहित प्रमुख कस्बों में आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं, जिनमें से ज्यादातर के दो जगह नाम हैं। इसके अलावा भरतपुर शहर में बड़ी तादाद में आगरा–मथुरा क्षेत्र के लोगों के नाम भी वोटर लिस्ट में थे। इसलिए भरतपुर विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक 30 हजार 941 नाम कटे हैं। इनमें ज्यादातर के नाम यूपी की वोटर लिस्ट में भी थे। इन लोगों ने उत्तर प्रदेश में 2027 में होने जा रहे विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए यूपी की वोटर लिस्ट में नाम कायम रखा है।
आरा सदर अस्पताल में हाथों में मेहंदी लगाकर इलाज करा रही रानी कुमारी लगातार रो रही है। उसके हाथों में ड्रिप लगा हुआ है, मां मायूस होकर बेटी को दिलासा दे रही है। रानी लगातार कह रही है कि मेरी जिदंगी खराब हो गई, अब मुझसे शादी कौन करेगा। मेरे पिता ने कर्ज लेकर शादी की तैयारी की थी। उसकी भरपाई कैसे होगी, मुझे मेरा भविष्य धुंधला दिख रहा है, पता नहीं भगवान ने किस पाप की सजा दी है। दरअसल, भोजपुर के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के छोटकी सनदिया गांव की रहने वाली 20 साल की रानी कुमारी की 20 फरवरी को उदवंतनगर प्रखंड के छोटा सासाराम के रहने वाले जयप्रकाश शर्मा से होनी थी। जयमाला के ठीक पहले जयप्रकाश ने दुल्हन बनी रानी की ओर हाथ बढ़ाया, रानी थकी होने की वजह से बेहोश होकर गिर गई। रानी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। इलाज में करीब 3 घंटे लग गए। उधर, दुल्हन का इंतजार करने के बजाए जयप्रकाश ने शादी से इनकार कर दिया और दुल्हन के पिता को बिना बताए बारात के साथ लौट गया। अस्पताल में एडमिट दुल्हन की 3 तस्वीरें देखिए अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरी कहानी रानी कुमारी छोटकी सनदिया गांव के रहने वाले सुरेंद्र शर्मा की छोटी बेटी है। रानी की शादी जयप्रकाश से तय हुई थी, वो बंगलुरु में प्राइवेट जॉब करता है। दोनों के परिजन ने करीब छह महीने पहले एक दूसरे से मुलाकात की थी। सब कुछ देखने-सुनने के बाद पहले छेका की तारीख तय हुई। लड़की के पिता सुरेंद्र शर्मा के मुताबिक, शादी के छह महीने पहले से लड़का और लड़की एक दूसरे से बातचीत करते थे। शादी से कुछ घंटे पहले तक दोनों की बातचीत हुई थी। मेरी बेटी काफी खुश थी। उसका मन लग गया था, शायद इस वजह से उसे ज्यादा तकलीफ हो रही है। 14 फरवरी को तिलक, 19 को हल्दी, 20 को शादी थी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि मेरी बेटी रानी की तिलक 14 फरवरी, हल्दी 19 फरवरी और शादी 20 फरवरी को होनी थी। सभी वैवाहिक कार्यक्रम मेरे घर छोटकी सनदिया से हुआ, जबकि शादी लड़के के परिवार के रजामंदी से छोटा सासाराम गांव के ही एक निजी रिसॉर्ट से होनी थी। पेशे से हार्डवेयर कारोबारी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि मेरे दो बेटे सिंटू शर्मा, रितेश शर्मा, जबकि रानी इकलौती बेटी है। मैंने छोटे से कारोबार से इकलौती बेटी की शादी के लिए सारे सामान खरीदे। लड़के वालों की ओर से जो डिमांड किया गया था, उससे ज्यादा मैं अपनी बेटी को दे रहा था। लड़के वालों की ओर से शादी से इनकार करने पर मेरे और मेरी बेटी के सारे सपने टूट गए हैं। जयमाल से पहले बेटी भावुक होकर बेहोश हो गई दुल्हन के पिता सुरेंद्र ने बताया कि मेरी बेटी को किसी तरह की कोई बीमारी नहीं है। वो लगातार होने वाले अपने पति से बात भी करती थी। कुछ ऐसा होता तो जरूर बताया होता, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। शादी से ठीक पहले जयमाल के लिए स्टेज पर जाने से ठीक पहले रानी भावुक हो गई और अचानक रोने। ये देख हम लोगों ने रानी को संभाला। वो स्टेज पर चढ़ नहीं पा रही थी, तभी दुल्हा जयप्रकाश ने हाथ बढ़ाया और स्टेज की ओर ले जाने लगा, तभी रानी बेहोश होकर गिर गई। रानी के बहोश होने के बाद हमलोग उसे होटल के दूसरे कमरे में लेकर चले गए। शादी की रस्मों की तैयारी भी हो रही थी। उधर, जब रानी को होश नहीं आया तो हम लोग उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने इलाज किया, करीब 3 घंटे बाद हम लोग रिसॉर्ट पहुंचे और रानी को उसके कमरे में दोबारा तैयार होने के लिए भेज दिया। पड़ोसियों ने बताया- दुल्हा बारात लेकर वापस चला गया है सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि बेटी को कमरे में तैयार होने के लिए भेजने के बाद मैं जयमाला के लिए बने स्टेज के पास पहुंचा, वहां मौजूद पड़ोसी ने बताया कि दुल्हा बारात लेकर वापस चला गया है। मैं हैरान रह गया, मैं लगातार कॉल करता रहा, लेकिन न तो दूल्हे ने और न ही उसके पिता ने फोन उठाया। दुल्हन के पिता ने बताया कि आज यानी शनिवार सुबह लड़के वालों ने दहेज में दी गई बाइक भी भिजवा दी और कहा कि बेटी का इलाज कराइए। शादी के बारे में हम लोग बाद में सोचेंगे। फिलहाल, शादी नहीं हो सकती है। दुल्हन के पिता ने कहा कि शादी में लाखों रुपए खर्च हुए, घर में रिश्तेदार आए हुए हैं। बारात के दिन बाराती और लड़की पक्ष के दर्जनों लोग रिसॉर्ट में आए। खाने-पीने का सारा प्रबंध अच्छे से किया गया था। सब बर्बाद हो गया, घर से लेकर होटल तक सारा सामान बिखरा पड़ा है। खुशी का माहौल गम में बदल गया है। ‘बेटी को पता चला कि दूल्हा लौट गया है, फिर बेहोश हो गई’ दुल्हन की मां बसंती देवी ने बताया कि बेटी बाजार से लेकर घर का सारा काम करती थी। भागदौड़ में अच्छे से खाना तक नहीं खाती थी। कभी इस तरह से रानी बेहोश नहीं हुई थी। शादी के भागदौड़ में थकावट के कारण स्टेज पर जाने से पहले बेहोश हो गई। हमलोगों ने वक्त तक मांगा था कि अस्पताल से दिखवाकर लाते हैं, लेकिन दूल्हा और उसके परिवार वाले नहीं माने और वो शादी किए बिना चले गए। जब हमलोग बेटी को अस्पताल से ठीक होने के बाद वापस लेकर पहुंचे तो देखा कि सभी बाराती लोग चले गए हैं। जब बेटी को इस बारे में पता चला तो वो दोबारा बेहोश हो गई। 'दुल्हन को कमजोरी की वजह से चक्कर आ रहा था' सदर अस्पताल में दुल्हन रानी का इलाज करने वाले डॉक्टर आरएन यादव ने बताया कि शुक्रवार की देर रात लड़की को इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल लाया गया था। परिवार वालों की ओर से बताया गया कि बार-बार बेहोश हो रही है। हमने पहले बल्ड प्रेशर और ऑक्सीजन जांच कराई, सब कुछ नॉर्मल था। कमजोरी के कारण लड़की को चक्कर आ रहा था। लड़की का इमरजेंसी वार्ड में प्राथमिक उपचार किया और उसे वार्ड में भर्ती कर ऑब्जर्वेशन में रखा है।
मैडम मैं वायु सेना का रिटायर इंजीनियर हूं। मेरी पत्नी को भाई नहीं था। मेरे ससुर अशोक कुमार सिंह भी वायु सेना में थे। सास कुसुम कुमारी शिक्षिका थी। उनके पाटीदार ने संपत्ति हड़पने के लिए साल 1993 में सास की अपहरण कर हत्या कर दी। सदमे के कारण उनके ससुर की भी मौत हो गई। साली को जिंदा जला दिया। हमें मारपीट कर अपाहिज बनाया, मेरी व संपत्ति की रक्षा करें। ये कहना कल्याणपुर थाने के अकबरपुर गांव के सेना से रिटायर इंजीनियर अरुण देव सिंह और उनकी पत्नी सुमन सिंह का है । ये महिला आयोग की अध्यक्ष के सामने गुहार लेकर पहुंचे। बुजुर्ग कहते है कि उन्होंने अब हमें अपाहिज बना दिया है। कहीं से कोई मदद नहीं मिल रही है। प्रशासनिक स्तर पर सहायता नहीं मिल रही है। पीड़ित की बात सुनने के बाद आयोग ने इस मामले में एसपी से पूरी घटना पर रिपोर्ट मांगी है। ताकि पीड़ित को न्याय दिलाया जा सके। चलने में परेशानी झेल रही सुमन ने बताया कि उनके पिता अशोक कुमार सिंह वायु सेना में थे। जबकि मां कुसुम कुमारी कल्याणपुर में सहायक शिक्षिका थी। हम तीन बहन ही हैं। कोई भाई नहीं है। जिस कारण गांव के करोड़ों की संपत्ति पिता के पाटीदार हड़पना चाहते हैं। तरह -तरह से माता पिता को परेशान किया गया। सुमन के पति वायु सेना से रिटायर इंजीनियर अरुण देव ने बताया कि मेरे ससुर के पाटीदार संपत्ति हड़पने की नीयत से साल1993 में साजिश के तहत उनकी सास कुसुम कुमारी का अपहरण कर हत्या कर दी। डर से उनके ससुर ने प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई। पत्नी की मौत के सदमे के कारण साल 1996 में उनकी भी मौत हो गई। मंझली साली भी गांव में रहने को नहीं हुई तैयार रिटायर वायु सेना अधिकारी बताते हैं कि सास सरकारी शिक्षिका थी, जिस कारण उनकी छोटी साली सीमा सिंह को अनुकंपा के आधार पर शिक्षिका की नौकरी मिली। उनके पाटीदारों ने साजिश के तहत 2005 में सीमा को जिंदा जला दिया। इस दौरान वह अपने परिवार के साथ नौकरी पर बाहर थे। सीमा की मौत के बाद उनकी मंझली साली कंचन सिंह अब गांव में रहने को तैयार नहीं हुई। वह अपने ससुराल चली गई। हालांकि, बाद में उनकी भी मौत सदमे में हो गई। संपत्ति बचाने के लिए साल 2006 में वह रिटायर होने के बाद पत्नी के साथ अकबरपुर आये। इनके आने के साथ ही पटिदार साजिश के तहत अबतक 10 एसटीएससी का मुकदमा करा चुके हैं। सभी मामलों में वह बेल पर हैं। रिटायर सेना अधिकारी ने बताया कि पिछले साल 7 मार्च को कोर्ट के कार्य से वह पत्नी के साथ निकले थे। इसी दौरान लोगों ने दंपत्ति पर हमला कराया। जिसमें दोनों अपाहिज हो गए हैं। इस मामले में पुलिस से कोई मदद नहीं मिल रही है। न्याय के लिए इधर उधर भटक रहे हैं। इंस्पेक्टर पर पीएम कार्यालय को गलत रिपोर्ट देने का आरोप रिटायर सेना अधिकारी ने बताया कि 26 जनवरी 2025 को उन्होंने अपने बगीचे में झंडोत्तोलन किया था। शाम में झंडा उतारते लेकिन इसी दौरान उनके झंडा व बांस को उखाड़ दिया गया। जब वह शिकायत लेकर थाना पहुंचे तो तत्कालीन थानाध्यक्ष ने सही से बात नहीं की। न ही कोई कार्रवाई की। जिसके बाद इस मामले को लेकर 28 जनवरी को उन्होने प्रधानमंत्री को पत्राचार किया। इस दौरान एसपी को भी पत्र लिखा कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीएम कार्यालय से जांच रिपोर्ट तलब किया गया। जिसके आधार पर सदर अंचल के इंस्पेक्टर जांच करने के लिए पहुंचे। लेकिन उन्होंने गलत रिपोर्ट दी। वह जांच रिपोर्ट में उनके घर 8 मार्च को पहुंचा। जबकि 7 मार्च को उनपर हुए हमले के कारण 8 मार्च को वह डीएमसीएच दरभंगा में भर्ती थे। बिना मुलाकात गलत रिपोर्ट देकर पीएम कार्यालय को गुमराह किया गया। इसके बारे में शिकायत की गई, तो लोकल थाना मारपीट के मामले में कार्रवाई नहीं कर रही। पीड़ित को न्याय का भरोसा दिलाया महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा ने कहा कि बुजुर्ग दंपती की दलील सुनी गई है। घटना के बाद प्रशासनिक मदद नहीं मिलने का आरोप लगाया गया है। दंपती को अगली तारीख 20 अप्रैल को महिला आयोग पटना बुलाया गया है। इस दौरान पूरी घटना पर समस्तीपुर एसपी से रिपोर्ट देने को कहा गया है। ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। उन्होनें पीड़ित को न्याय का भरोसा दिलाया है।
'मेरा भतीजा अक्सर अपनी वाइफ से परेशान रहता था। कुछ दिन पहले उसे ससुराल में बांध कर पीटा भी गया था। उसकी पत्नी हमेशा अपने जीजा के यहां जाने की जिद करती थी। 20-25 दिन पहले ही अपनी बहन के घर से लौटी थी और फिर से जाने की बात कह रही थी। घर में कोई बड़ा झगड़ा नहीं था, लेकिन दोनों के बीच कहासुनी होती रहती थी।' यह कहना है मृतक युवक के चाचा चंद्र देव सिंह का। गुरुवार शाम खगड़िया जिले में चौथम और बेलदौर प्रखंड की सीमा पर स्थित डुमरी घाट पुल पर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद दोनों ने अलग-अलग दिशा से नदी में छलांग लगा दी। कोसी नदी की तेज बहाव के कारण दोनों कुछ ही मिनटों में पानी में ओझल हो गए। दंपती की पहचान तेलिहार निवासी 27 वर्षीय रूपेश कुमार, जबकि उनकी पत्नी 23 वर्षीय मंचन देवी के रूप में हुई थी। एसडीआरएफ को शनिवार दोपहर डुमरी दुर्गा मंदिर के दक्षिणी छोर पर कोसी नदी के तट पर मंचन कुमारी का शव मिला। एसडीआरएफ की टीम ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस और मृतका के परिजनों को दी। बेलदौर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया। आखिर पति-पत्नी के बीच क्या चल रहा था? घटना के दिन क्या-क्या हुआ? घटना को लेकर ग्रामीणों और परिजनों का क्या कहना है, पढ़िए रिपोर्ट… पहले घटना से जुड़ी 3 तस्वीरें… अब सिलसिलेवार जानिए पूरी घटना… गुरुवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे तेलीहार पंचायत के कदवाबासा गांव निवासी रूपेश कुमार अपनी पत्नी मंचन कुमारी के साथ घर से निकले। परिजनों के अनुसार, उन्होंने आधार कार्ड अपडेट कराने की बात कही थी। इसके बाद दोनों टेंपो से सोनवर्षा घाट की ओर गए और बीपी मंडल सेतु पर उतर गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पुल पर उतरने के बाद पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। शुरुआत में यह सामान्य बहस दिख रही थी, लेकिन कुछ ही देर में विवाद गंभीर हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने दोनों को आपस में लड़ते देखा। इसी दौरान पहले मंचन कुमारी ने अचानक कोसी नदी में छलांग लगा दी। फिर रूपेश भी कूद गया। पत्नी को बचाने नदी में कूदा था रूपेश पत्नी को नदी में छलांग लगाते देख रूपेश कुमार ने बिना देर किए नदी में कूद गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पत्नी को बचाने के उद्देश्य से रूपेश कूदा, लेकिन बहाव तेज होने के कारण तेज धारा में वो फंस गया। धारा तेज होने के कारण कोई तत्काल मदद के लिए नदी में उतरने की हिम्मत नहीं जुटा सका। कुछ ही मिनटों में दोनों नदी की धारा में दूर चले गए और आंखों से ओझल हो गए। घटना के बाद पुल पर अफरातफरी मच गई और लोगों की भीड़ जुट गई। घर में कोई विवाद नहीं हुआ था रूपेश की मां ने बताया कि हमें घटना की जानकारी बाद में मिली। बहू आधार कार्ड में कुछ बदलाव करवाने के लिए घर से निकली थी। हमें नहीं पता था कि रास्ते में क्या हुआ। घर में कोई विवाद नहीं हुआ था। रास्ते में क्या हुआ, मुझे पता नहीं। मृतक युवक के चाचा ने बताया कि, मंचन देवी अक्सर अपने जीजा के यहां जाने की बात करती थीं। इसको लेकर दोनों के बीच लड़ाई होती थी। वह फोन पर भी अक्सर जीजा से बात करती थी, जिसको मेरा भतीजा पसंद नहीं करता था। सुराल वालों ने रूपेश को पीटा था रूपेश के भाई ने बताया कि घटना से कुछ दिन पहले रूपेश कुमार ने पत्नी की शिकायत ससुराल वालों से की थी। विवाद सुलझाने के बदले ससुराल वालों ने रूपेश को बांधकर पीटा और उसकी मोटरसाइकिल भी छीन ली थी। इस घटना के बाद से पति-पत्नी के रिश्ते में तनाव और बढ़ गया था। दोनों के बीच बातचीत कम हो गई थी। रूपेश की तलाश अभी जारी है इधर, घटना के बाद बेलदौर थाना की एसआई सरिता कुमारी ने बताया कि मंचन कुमारी का शव बरामद कर लिया गया है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराया गया। रूपेश कुमार की तलाश अभी जारी है। एसडीआरएफ की टीम और स्थानीय गोताखोर लगातार नदी में खोजबीन कर रहे हैं।
ग्वालियर में एक युवती ने अपने प्यार के लिए पूरे परिवार से लड़कर लव मैरिज की थी। वह खुश थी कि उसका पति फौज में है लेकिन शादी के बाद जैसे-जैसे सच्चाई सामने आती गई, उसके पैरों तले जमीन खिसकती चली गई। शादी के बाद पता चला कि पति रिटायर हो चुका है। वह पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं। जब इसका विरोध किया तो उससे मारपीट की गई। उसके परिजन और उसकी पहली पत्नी ने भी पीटा और धमकाया। युवती पति के धोखे से इस कदर टूट गई कि उसने 12 फरवरी को आत्महत्या कर ली। हालांकि मौत से पहले उसने एक वीडियो अपलोड किया था, जो अब वायरल हो रहा है। वीडियो में युवती ने अपनी मौत के लिए पति और ससुराल वालों को जिम्मेदार ठहराया है। उसने कहा है कि 'मेरी मौत के लिए मेरा पति और उसके परिजन जिम्मेदार हैं।' इधर, युवती के परिजनों का आरोप है कि उसकी हत्या की गई है और यह सब दहेज के लिए किया गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। स्कूटी आमने-सामने आने पर मिले, दे बैठे दिल पुरानी छावनी निवासी राजू उर्फ सत्यनारायण भदौरिया से ट्रांसपोर्ट नगर जीडीए कॉलोनी की 26 वर्षीय वैष्णवी उर्फ प्राची सिंह की मुलाकात भी कम रोचक नहीं है। करीब एक साल पहले बहोड़ापुर में एक मोड़ पर दोनों की स्कूटी आमने-सामने आ गई। यहां दोनों ने पहली बार एक-दूसरे को देखा और बातचीत होने लगी। इस दौरान राजू ने खुद को सेना में पदस्थ जवान बताया। बहुत की कम समय में दोनों ने एक-दूसरे के साथ जिंदगी बिताने की ठान ली। राजू की उम्र 37 साल थी, लेकिन उसने यह बात छिपा ली। सेना से रिटायर्ड, शादीशुदा और 2 बच्चों का पिता होने की बात भी नहीं बताई। 6 महीने पहले नोटरी पर कर ली लव मैरिज जब प्राची ने परिवार वालों को राजू के बारे में बताया तो वे शादी के लिए राजी नहीं हुए। प्राची ने सभी से लड़-झगड़कर 6 महीने पहले मंदिर में शादी कर ली। फिर नोटरी पर भी शादी कर की। लेकिन, पति उसे सीधे घर लेकर नहीं गया। उसने कहा कि मेरे घर में सभी नाराज हैं। इसके बाद वह प्राची को लेकर सिरोल स्थित ईस्ट मेरेडियन टाउनशिप में किराए के फ्लैट रहने लगा। हर मोड़ पर मिला धोखा, डिप्रेशन में जाने लगी कुछ समय बाद प्राची को पता चला कि उसका पति फौजी नहीं है। वह रिटायर्ड है। उसने सोचा चलो कोई बात नहीं। इसके कुछ ही दिन बीते थे कि फिर सामने आया कि पति पहले से शादीशुदा है। पूछा तो उसने मजबूरी में शादी होने की बात कबूल की। प्राची अभी इस सदमे से बाहर भी नहीं निकल पाई थी कि पता लगा उसके पति के बच्चे भी हैं। यह सच सामने आते ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। बताया जा रहा है कि इस बात को लेकर आए दिन झगड़े होते थे। प्राची मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी। उसने यह बात अपने माता-पिता को भी बताई थी। भाई को फोन लगाकर बुलाया, कहा-कुछ गड़बड़ है 11 फरवरी को राजू ने प्राची के भाई तेजस को फोन कर फ्लैट पर बुलाया और कहा कि कुछ गड़बड़ है। तेजस मौके पर पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज देने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस को सूचना दी गई। दरवाजा तोड़कर अंदर देखा तो प्राची पंखे से चुनरी के फंदे पर लटकी मिली थी। सामने आया मौत से पहले का आखिरी VIDEO प्यार में मिले धोखे से आहत प्राची ने फांसी लगाकर जान दे दी, लेकिन मौत से पहले उसका एक आखिरी वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें वह कह रही है कि 'मेरे भाई और डैडी के साइन लिए गए हैं, लेकिन भाई और डैडी जिम्मेदार नहीं है। अगर मैं मरी या मुझे कुछ हुआ तो इसके जिम्मेदार राजू और उसके परिवार वाले हैं। 11 सेकेंड का यह आखिरी वीडियो प्राची की मौत और उससे पहले मिलने वाले दर्द को साफ उजागर कर रहा है। परिजनों का आरोप है कि दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित किया जा रहा था।उसकी हत्या की गई है। पीएम रिपोर्ट मिलने पर दर्ज होगा मामला पुलिस ने इस मामले में बयान लेना शुरू कर दिए हैं। पुलिस मृतका की फुल पोस्टमार्टम मिलने के बाद उसके पति राजू उर्फ सत्यनारायण पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज करेगी। आखिरी वीडियो और अब तक की छानबीन के बाद यह तो साफ है कि शादी के नाम पर प्राची को सिर्फ धोखा मिला था।
‘शादी के कुछ दिनों बाद तक बहू ठीक थी, किसी से ज्यादा बोलती नहीं थी। हम लोगों को लगा कि गंभीर स्वभाव की है, इसलिए किसी से ज्यादा नहीं बोलती है। शादी के 3 महीने बाद ही पता चला कि वो अपने पति राजीव से झगड़ा करती है। बहू सुषमा मेरे बेटे पर दबाव डालती थी कि ज्वाइंट फैमिली में नहीं रहना है। मुझे बेगूसराय शहर में रहना है। तुम ये घर छोड़ दो और शहर में किराए का मकान ले लो। राजीव ने इनकार किया तो वो हमारे सामने ही राजीव से झगड़ा करने लगी। हम लोगों के सामने ही बहू मारपीट करती थी और राजीव का प्राइवेट पार्ट पकड़कर खींचने लगती थी। मारपीट की जानकारी सुषमा की मां को दी गई। वो एक बार घर आई थी। घर पर मां-बेटी ने राजीव को धमकाया था, कहा था- तुम्हारी मौत के बाद मेरी बेटी शादी करेगी।' बेगूससराय के तेघड़ा के अंबा गांव के रहने वाले रामाशीष सिंह ने ये बातें कही है। दरअसल, गुरुवार की रात रामाशीष के बेटे और पेशे से लोन रिकवरी एजेंट 30 साल के राजीव सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। रामाशीष सिंह ने अपनी बहू सुषमा उर्फ पूर्वी और अज्ञात पर अपने बेटे की हत्या का आरोप लगाया है, जबकि सुषमा का कहना है कि मैं बेकसूर हूं, राजीव ने आत्महत्या की है। हालांकि पुलिस के पास अभी तक पोस्टमॉर्टम और एफएसएल की जांच रिपोर्ट नहीं आई है। लेकिन राजीव के पिता रामाशीष सिंह की ओर से दर्ज एफआईआर और सुषमा के बयान में विरोधाभास होने के कारण पुलिस अबतक किसी ठोस निर्णय पर नहीं पहुंची है। फिलहाल, मृतक के पिता की ओर से दर्ज कराए एफआईआर के आधार पर सुषमा को जेल भेज दिया है। सबसे पहले पति राजीव की हत्या की आरोपी पत्नी सुषमा की 3 तस्वीरें देखिए सबसे पहले जानिए पुलिस की पूछताछ में सुषमा ने क्या बताया सुषमा ने पुलिस को बताया, 'पति के गले में गमछा का एक टुकड़ा बंधा था। दूसरा छत पर लटक रहा था। मैंने पति के गले से किसी तरह गमछा खोला। जोर-जोर से मदद के लिए शोर मचाने लगी, लेकिन कोई मदद के लिए नहीं आया। मैंने पति को अपने मुंह से सांस देने की कोशिश की, सीपीआर देने की कोशिश की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। उनकी सांस थम चुकी थी। मैं तत्काल बाहर आई, आस-पास के किराएदारों को जगाया। एक किराएदार कम्पांउडर है। उससे मदद मांगी, लेकिन उसने कोई मदद नहीं की। फिर अपने परिजनों को फोन किया और घटना की जानकारी दी।' रामाशीष सिंह बोले- बहू पुलिस के पास झूठ बोल रही है सुषमा के बयान सुनने के बाद मृतक राजीव सिंह के पिता रामाशीष सिंह ने बताया, 'मेरी बहू झूठ बोल रही है। उसी ने मेरे बेटे की हत्या की है। 6 साल पहले शादी हुई थी। शादी के अलगे दिन से ही सुषमा ससुराल में न रहकर घर से अलग रहने को लेकर राजीव से झगड़ा करती थी। 4 साल पहले राजीव और सुषमा का बेटा हुआ, तो हम लोगों को लगा अब सब ठीक हो जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। वो अपने स्वभाव के विपरीत और ज्यादा गुस्सा करने लगी। घर का सामान तोड़ने लगी। राजीव पर हाथ भी छोड़ने लगी थी।' राजीव से कहती थी- तुम्हारी हत्या के बाद दूसरी शादी करूंगी रामाशीष राय ने आगे बताया, 'मेरी बहू कई बार मेरे बेटे राजीव को धमकाती थी। कहती थी कि तुम्हारी हत्या के बाद मैं दूसरी शादी करूंगी। सुषमा की मां भी यही बात कहती थी। सोची समझी साजिश के तहत बहू घर से अलग हुई थी। राजीव को हम लोगों से अलग लेकर गई थी। वो कह रही है कि मेरे बेटे ने फांसी लगाई है, फांसी लगाने की कोई वजह तो होगी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं है, मेरा बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता है।' बेटा चला गया और पोते को भी मुझसे दूर कर दिया राजीव के पिता ने आगे बताया कि राजीव की संदिग्ध मौत के बाद उसके बेटे 4 साल के इशान को सुषमा के मायके वाले अपने साथ ले गए हैं। इस संबंध में रामाशीष सिंह ने कहा कि पहले बहू ने मेरे बेटे राजीव को मुझसे दूर किया। अब सुषमा के मायके वाले मेरे पोते को भी अपने साथ ले गए। मेरे पोते इशान की तबीयत अक्सर खराब रहती है, पता नहीं उसका पालन पोषण कैसे होगा। राजीव और हम लोगों ने इशान के इलाज में लाखों रुपए खर्च किए हैं। अब मुझे मेरा पोता भी वापस चाहिए। पुलिस 3 प्वाइंट्स पर कर रही जांच 1- 'पैसे लेकर अपने मायके भेज देती थी' राजीव के पिता रामाशीष सिंह के आरोपों के मुताबिक, मेरा बेटा लोन रिकवरी एजेंट था। वो पैसे लेकर घर आता था, तो सुषमा वो पैसे अपने पास रख लेती थी। मुझे नहीं पता कि वो पैसा अपने मायके देती थी या किसी और को देती थी। 2- 4 लाख में जमीन बेचा, पैसा कहां गया?रामाशीष सिंह के मुताबिक, राजीव जो कुछ कमाता था, वो सुषमा ले लेती थी। घर का किराया देना होगा। राजीव के अपने खर्चे थे, बच्चे की दवाई चल रही है। इन सबके लिए राजीव के पास पैसा नहीं बचते थे। तंगी से परेशान राजीव ने अपने हिस्से की एक जमीन 4 लाख रुपए में बेच दी थी। ये पैसा कहां है, इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है। 3- गमछे का आधा टुकड़ा गर्दन में, आधा पाइप में कैसे फंसा? आरोपी सुषमा के बयान के मुताबिक, राजीव ने जिस गमछे से फंदा लगाया, उसका आधा हिस्सा राजीव के गले में था, जबकि आधा हिस्सा एस्बेटस वाले घर में लगे पाइप में था। ये कैसे संभव है। क्या राजीव का वजन ज्यादा था, क्या गमछा पुराना था, राजीव नीचे गिरा था, तो उसके शरीर में चोट लगी है क्या?
इंदौर में BRTS की रैलिंग और बस स्टॉप को तोड़ने को लेकर नगर निगम को कोर्ट से फटकार लग चुकी है। पहले इसकी रैलिंग को तोड़ने का काम तो हुआ, लेकिन बाद में ठेकेदार ने काम छोड़ दिया। इसे लेकर फिर से दो अलग-अलग टेंडर किए गए थे। उसमें एजेंसियां आई है। सोमवार को इसकी फाइलें बुलवाई है। कोर्ट के निर्देश के बाद BRTS को तोड़ने के आदेश के बाद इसे तोड़ने कवायद शुरू की गई थी। मगर ये काम पूरा नहीं हो सका और अभी भी बीआरटीएस की रैलिंग कई जगह लगी हुई हैं। साथ ही बीआरटीएस में लगे बस स्टॉप भी ऐसे ही खड़े हैं। इन्हें हटाने के लिए नगर निगम ने दो अलग-अलग टेंडर किए थे। जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौर ने बताया कि रैलिंग को स्क्वेयर मीटर के हिसाब से तोड़ने का टेंडर निकाला गया था। इसके लिए पांच ठेकेदारों ने इंटरेस्ट दिखाया है, जबकि बस स्टॉप तोड़ने के लिए दस ठेकेदारों ने इंटरेस्ट दिखाया है। राठौर ने बताया कि सोमवार को इसकी फाइल बुलवाई है। इसे लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा की जाएगी, जिसके बाद इसका निर्णय लिया जाएगा।बता दें कि बीआरटीएस को हटाने को लेकर नगर निगम अधिकारियों को कोर्ट से फटकार लग चुकी है। बताया जा रहा है कि सोमवार को सभी बातें तय होने के बाद निगम अपनी बात कोर्ट के सामने रखेगा। बता दें कि बीआरटीएस रेलिंग और बस स्टॉप हटने के बाद डिवाइडर भी तैयार किया जाएगा। इसका काम भी साथ-साथ किया जा सकता है।
कन्हैया के परिवार को मिली 2 लाख रुपये की मदद:CM राहत कोष से दी गई धनराशि, पीएम आवास भी मिला
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) के ठेकेदार की ओर से बनाए गए अधूरे ट्रंच में गिरने जान गंवाने वाले 12 साल के कन्हैया के परिवार को 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद प्रदान की गई है। यह धनराशि CM राहत कोष से दी गई है। पिपराइच के विधायक महेंद्रपाल सिंह, GDA सचिव पुष्पराज सिंह एवं एसडीएम सदर दीपक गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर कन्हैया के दिव्यांग पिता श्याम सुंदर को चेक प्रदान किया। एक दिन पहले ही बैंक में उनका खाता सही कराया गया था। श्याम सुंदर को परिवार सहित रहने के लिए मानबेला स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना में फ्लैट भी दिया गया है। इसके साथ ही परिवार की ओर से कानूनी कार्रवाई से इनकार कर दिया गया है। पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने के साथ ही GDA व नगर निगम की टीमों ने खुले नालों पर स्लैब डालने का काम जारी रखा। जानिए क्या है मामला मुड़िला उर्फ मुंडेरा निवासी श्याम सुंदर चौरसिया का बेटा कन्हैया बुधवार को मानबेला मार्ग पर साइकिल चला रहा था, जहां नाले में गिरने से उसकी मौत हो गई थी। आरोप है कि गिरते समय नाले में निकला सरिया उसके पेट में घुस गया था जिससे वह बुरी तरह जख्मी हो गया था। घटना में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर तकनीकी सुपरवाइजर और क्षेत्र के जेई को निलंबित करने की कार्रवाई हो चुकी है। साथ ही कमिश्नर अनिल ढींगरा ने मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी बनाई है, जिसमें एडीएम सिटी अंजनी सिंह और पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता शामिल हैं। जीडीए उपाध्यक्ष भी मामले की आंतरिक जांच करा रहे हैं। शनिवार की दोपहर पिपराइच विधायक महेंद्र पाल सिंह, जीडीए सचिव पुष्पराज सिंह और एसडीएम सदर दीपक गुप्ता पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और उन्हें ढाढ़स बंधाने के साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष से जारी दो लाख रुपये का चेक और पीएम आवास का आवंटन पत्र सौंपा। इसके पूर्व गुरुवार को भी जीडीए के अधिकारियों ने परिवार से मुलाकात के दौरान आर्थिक सहायता दी थी। वहीं कमिश्नर अनिल ढींगरा और जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है, जो भी दोषी पाया जाएगा, कार्रवाई की जाएगी।
रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर से 7.43 लाख की ठगी में दो पर केस
भास्कर न्यूज | जालंधर रामामंडी में शातिर प्रॉपर्टी डीलर ने पंजाब पुलिस के रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर और उनकी पत्नी से प्रॉपर्टी बिकवाने का झांसा देकर और जाली दस्तावेज दिखाकर 7 लाख 43 हजार रुपए ठग लिए। थाना रामामंडी में केस दर्ज हुआ है। प्रीत एनक्लेव के रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर जवाहर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि लद्देवाली में उनकी 6 मरले की प्रॉपर्टी है। इसे बेचने के लिए उन्होंने लम्मा पिंड निवासी प्रॉपर्टी डीलर गुरप्रीत सिंह से संपर्क किया था। मई 2025 में गुरप्रीत सिंह अपने साथ धीरज कुमार नाम के एक युवक को लेकर आया और उसे पक्का ग्राहक बताया। प्रॉपर्टी का सौदा 29 लाख रुपए में तय हुआ। ठगी को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने जाल बिछाया। जब जवाहर सिंह ने बयाना करने को कहा, तो आरोपियों ने यह कहकर टाल दिया कि वे दो-तीन दिन में सीधा रजिस्ट्री करवाएंगे क्योंकि उनका बैंक लोन प्रोसेस में है। इसके बाद आरोपियों ने दंपति को 37 लाख रुपए का एक फर्जी ड्राफ्ट दिखाया और विश्वास दिलाया कि लोन लगभग पास हो चुका है। आरोपियों ने पीड़ित दंपति को झांसा दिया कि लोन की फाइल को अंतिम मंजूरी दिलाने के लिए बैंक अधिकारियों को बड़ी रिश्वत देनी पड़ेगी। इसके अलावा, एनओसी के नाम पर 1 लाख रुपए और अन्य कागजी कार्रवाई के बहाने आरोपियों ने किस्तों में कुल 7,43,000 रुपए हड़प लिए। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी न रजिस्ट्री हुई और न पैसे वापस मिले, तो पीड़ित दंपति को ठगी का अहसास हुआ। प्रॉपर्टी डीलर गुरप्रीत सिंह और धीरज कुमार फरार हैं।
भास्कर न्यूज | जालंधर दोमोरिया पुल फ्लाईओवर रेलवे स्टेशन एरिया में ट्रैफिक का दबाव बढ़ने के बावजूद भी फुल मोड पर नहीं चल रहा है। ये पुल 1860 में बने अंडरपास के छोटा होने के कारण बनाया गया था। लेकिन पिछले 15 साल से इस रूट के 90 प्रतिशत वाहन चालक अंडरपास से ही गुजर रहे हैं। तब भी जब, पीकआवर्स में जाम लगा होता है। इसकी वजह ये है कि दोमोरिया पुल फ्लाईओवर के एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर 3-3 दिशाओं का ट्रैफिक मर्ज हो रहा है। जब पुल बना था तो सिटी में 11 लाख वाहन थे। अब ये गिनती दोगुनी हो गई है लेकिन मर्जिंग पॉइंट की रि डिजाइनिंग नहीं की गई है। दूसरी दिक्कत ये है कि पुल के ट्रैफिक का बड़ा हिस्सा जीजीएस एवेन्यू के रास्ते हाईवे की तरफ जाना था। ये रोड काजी मंडी के कब्जों के कारण बंद है। केवल हलके वाहन ही गुजर सकते हैं। रोड सेफ्टी कमेटी के माहिर सुरिंदर सैनी का कहना है कि एक तो उक्त रोड खोली जाए, दूसरी तरफ पुल के एंट्री व एग्जिट पॉइंट में ट्रैफिक मर्जिंग के दौरान बनने वाले खतरे को दूर किया जाए। दैनिक भास्कर के सवाल पर जालंधर के मेयर वनीत धीर ने कहा कि माहिरों से रोड सेफ्टी की दिक्कतों को लेकर सर्वेक्षण करवाया जाएगा। कब्जे हटाकर काजी मंडी का बंद रास्ता खोले 1. बरसात के दिनों में सर्वाधिक लोग फ्लाईओवर का प्रयोग करते हैं। तब सारी दिक्कतें सामने आ जाती हैं। दोमोरिया रेलवे ओवरब्रिज पर जब वाहन चढ़ते तथा उतरते हैं तो सड़कें संकरी हैं। रेलवे स्टेशन की तरफ से जब वाहन उपर चढ़ते-उतरते हैं तो ओल्ड रेलवे रोड व ढन्न वुड मार्केट का ट्रैफिक मर्ज होता है। जरूरत है कि यहां ब्लिंकर व ट्रैफिक सिग्नल लगाकर ट्रैफिक प्रबंधन किया जाए। 2. जब ट्रैफिक इकहरी पुली की तरफ उतरता है तो सामने ही लोग इकहरी पुल में प्रवेश कर रहे होते हैं। ट्रैफिक इस कारण आमने-सामने आ जाता है। इसका हल निकालना होगा। 3. जब काजी मंडी की तरफ वाहन उतरते हैं तो हाईवे की तरफ जाने वाली 120 फीट रोड कब्जों से घिरी दिखती है। जब ट्रक यू टर्न लेकर किशनपुरा की तरफ आता है तो कोने पर कूड़े का विशाल ढेर लगा मिलता है। 4. जब किशनपुरा की तरफ आया ट्रैफिक दोमोरिया रेलवे ओवरब्रिज पर चढ़ता है तो संकरी रोड पर ट्रैफिक मर्जर से दिक्कत होता है। 5. अब नगर निगम दोबारा ट्रैफिक सेफ्टी मैनेजमेंट का माहिरों से दोबारा सर्वे करवाए। पुल के ऊपर स्पीड कंट्रोल, जरूरत के अनुसार वन-वे तय करने होंगे। रेलवे स्टेशन के पास रेल पटरी के नीचे दोमोरिया पुल में पानी भर जाता था। ऐसे में 1999 में नगर निगम ने यहां फ्लाईओवर बनाने की योजना पर काम आरंभ किया। रेलवे से मंजूरियों व फंड पर मुहर लगने के बाद 2004 में निर्माण शुरु हुआ। पिलर बनने के बाद रेल पटरी के ऊपर रेलवे ने गार्डर फिट करने थे। रेलवे का ये काम 2010 में पूरा हुआ। जब फ्लाईओवर बनकर तैयार हो गया तो लोग जटिल डिजाइन और एंट्री-एग्जिट पर जगह कम होने के कारण गुजरते ही नहीं थे। अब ये फ्लाईओवर फुल मोड पर चलेगा। जमीनी रास्ता केवल टू व्हीलर-रिक्शा आदी के लिए बचेगा। रोजाना एक लाख से अधिक वाहन इस रूट पर चलते हैं। अब उनके लिए रेलवे ओवरब्रिज लाइफलाइन बनेगा। सुरिंदर सैनी, डिस्ट्रिक्ट रोड सेफ्टी कमेटी मेंबर तेज रफ्तार में इन स्पॉट पर अक्सर हादसे होते हैं। इसलिए लोग पुल का इस्तेमाल नहीं करते।
पप्पू यादव का पोर्न वाला चैंलेज:बाबू खा गए बाघ का खाना!, शराब तस्करी की निंजा टेक्निक
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
बिजली कटौती से लोग परेशान:इस बार भी गर्मी में बिजली की समस्या झेलेंगे 6 लाख उपभोक्ता
शहर के 6 लाख उपभोक्ता इस बार भी गर्मी के मौसम में बिजली गुल होने की समस्या झेलेंगे। इसका कारण घासा में बन रहा 400 केवी ग्रिड सबस्टेशन (जीएसएस) का अधूरा काम है। शहर में बढ़ती बिजली की खपत को देखते हुए 10 साल पहले इस जीएसएस का प्रोजेक्ट बना था, लेकिन इसका काम अब तक पूरा नहीं हो सका है। अब बिजली निगम का कहना है कि अगले साल मार्च तक इस ग्रिड का काम पूरा हो पाएगा। उसके बाद ही लोगों को बिजली की समस्या से निजात मिल सकेगी। ऐसे में शहरवासी इस बार भी 4 माह तक परेशान होंगे। अभी शहर में बिजली आपूर्ति का लोड मुख्य रूप से चीरवा (अंबेरी) और देबारी ग्रिड पर है। इस ग्रिड की क्षमता 220 केवी है और अभी ठंड के दिनों में ही शहर में बिजली की औसत खपत करीब 250 मेगावॉट है, जो गर्मी में 350 मेगावॉट तक पहुंच जाएगी। ऐसे में इस जीएसएस पर बार-बार लोड बढ़ने से बिजली फॉल्ट की समस्या हो रही है। शनिवार को ही शहर के कई इलाकों में बिजली गुल रही। गत मंगलवार को भी फतहपुरा, अंबेरी, लेकसिटी मॉल सहित आधे शहर में बिजली बाधित रही। चीरवा-देबारी ग्रिड की क्षमता कम, बार-बार होते हैं फॉल्ट पुराने कंडक्टर और लाइनों के कारण चीरवा और देबारी ग्रिड की क्षमता कम पड़ जाती है। इससे बार-बार ट्रिपिंग और फॉल्ट की समस्या होती है। यह समस्या गर्मी में और बढ़ेगी। यही वजह है कि हर साल गर्मी में बिजली गुल की रोजाना औसत 11 हजार शिकायतें आती हैं। निगम का कहना है कि घासा में 400 केवी जीएसएस का काम पूरा होने के बाद ही चीरवा और देबारी ग्रिड का लोड कम होगा। असर: पर्यटक भी झेलते हैं परेशानी, खराब होती है छवि उदयपुर दुनियाभर में पर्यटन सिटी के रूप में प्रसिद्ध है। अभी होली पर लाखों की संख्या में पर्यटक यहां घूमने आएंगे। इसके अलावा गर्मी में पर्यटकों की आवाजाही रहेगी। ओल्ड सिटी में कई होटल ऐसे हैं, जहां जनरेटर रखने की जगह तक नहीं है। ऐसे में बार-बार फॉल्ट से बिजली बाधित रहती है, जिससे पर्यटकों को परेशान होना पड़ता है। इससे शहर की छवि भी खराब होती है। जिन स्थानों पर जनरेटर हैं, वहां तो अस्थायी समाधान हो जाता है, लेकिन जनरेटर चलाने से प्रदूषण फैलता है। 400 केवी इसलिए जरूरी 400 केवी बहुत उच्च क्षमता की लाइन होती है। इससे बड़ी मात्रा में बिजली एक साथ शहर में लाई जा सकती है। इससे नीचे के 220 केवी और 132 केवी स्टेशनों पर दबाव कम होता है। अभी शहर में मुख्य रूप से 220 केवी जीएसएस पर लोड है। जब मांग गर्मी में 350 मेगावॉट तक पहुंचती है तो परेशानी और बढ़ जाती है। इसलिए 400 केवी जीएसएस जरूरी है। रिकॉल : पिछले साल पांच बार हुआ था ब्लैक आउट गत वर्ष 5 बार ब्लैक आउट की स्थिति बनी थी। इसमें एक सप्ताह में दो बार ब्लैक आउट हुआ था। इसके चलते शहरवासियों को 5 घंटे तक अंधेरे में रहना पड़ा था। मादड़ी जीएसएस से संबंधित 220 केवी लाइन में फॉल्ट के बाद आग तक लग गई थी। गत 18 अप्रैल को नेशनल हाईवे-8 स्थित अमरखजी महादेव मंदिर से सटी पहाड़ियों में लगी आग के बाद अंबेरी 220 केवी जीएसएस में फॉल्ट आ गया था। इससे वॉल सिटी से लेकर उपनगरीय इलाकों के 30 हजार घरों में बिजली गुल रही थी। दरीबा-मेनार में भी 220 केवी जीएसएस बना रहे “घासा में बन रहा 400 केवी ग्रिड का कार्य जारी है। मार्च 2027 तक कार्य पूरा होगा। इसके अलावा दरीबा-मेनार में 220 केवी जीएसएस का निर्माण भी चल रहा है। वल्लभनगर-नाथद्वारा से सिटी के लिए नई लाइन बन रही है। इन प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद बिजली में ट्रिपिंग की समस्या से राहत मिलेगी।”— के.आर. मीणा, एसई, बिजली निगम
विदेश भेजने के नाम पर 4.60 लाख की ठगी, दंपति पर केस
भास्कर न्यूज | जालंधर विदेश भेजने का झांसा देकर ठगी करने के मामले में थाना एक की पुलिस ने सलेमपुर मुसलमाना निवासी गुरदीप सिंह और उसकी पत्नी मनजीत कौर के खिलाफ केस दर्ज किया है। गांधी नगर के अमित कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने अपने भतीजे को विदेश भेजने के लिए आरोपी दंपति से संपर्क किया था। आरोपियों ने कालिया कॉलोनी के पास उनसे मुलाकात की और अपने रसूख का हवाला देते हुए युवक को विदेश में सेटल कराने का भरोसा दिलाया। झांसे में आकर पीड़ित परिवार ने आरोपियों को 4.60 लाख रुपए नकद और युवक का असली पासपोर्ट सौंप दिया। काफी समय बीत जाने के बाद भी न तो वीजा लगा और न ही कोई प्रक्रिया आगे बढ़ी। इस पर अमित कुमार ने अपनी रकम और पासपोर्ट वापस मांगा। आरोप है कि दंपति ने पैसे लौटाने के बजाय उन्हें जान से मारने की धमकियां देनी शुरू कर दीं। एएसआई सुरजीत सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल आरोपी दंपति अपने घर से फरार हैं।
हाईवे के अवैध कटों से हादसों का खतरा, डीसी से बंद करने की मांग
भास्कर न्यूज | जालंधर सिटी से फगवाड़ा रूट पर नेशनल हाईवे-44 पर फोकल पॉइंट से मकसूदां बायपास की ओर जाने वाले रास्ते में, नहर वाले पुल पर बना अवैध कट लोगों की जान के लिए खतरा बन गया है। इस गैर-कानूनी कट के कारण न केवल ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा रही है, बल्कि आए दिन यहां गंभीर सड़क हादसे होने की आशंका बनी रहती है। जालंधर के संगठन ने प्रशासन से अवैध कट बंद करने का मसला उठाया है। फ्लाई उड़ान जिंदगी की ट्रस्ट ने सोमवार को डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशू अग्रवाल को पत्र लिखकर तमाम अवैध कटों को तुरंत बंद करने की मांग की है। ट्रस्ट के चेयरमैन पंकज मेहता ने कहा कि हाईवे पर वाहनों की तेज रफ्तार के बीच इस अवैध रास्ते से अचानक मुड़ने वाले वाहन ट्रैफिक के सुचारू प्रवाह में बाधा डालते हैं। खासकर सुबह और शाम के पीक समय में यहां लंबा जाम लग जाता है। एक प्रमुख राष्ट्रीय कॉरिडोर है जहां भारी वाहनों की आवाजाही हर समय बनी रहती है। ऐसे में बिना किसी अनुमति के बीच डिवाइडर में बनाए गए ये कट बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं। ट्रस्ट ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस कट को सील नहीं किया गया, तो कोई बड़ी अप्रिय घटना घट सकती है।
बागबानी मंत्री का घर घेरेंगे किसान और मजदूर
भास्कर न्यूज | जालंधर केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा, मजदूर संगठनों, ट्रेड यूनियनों और छात्र संगठनों ने आंदोलन का ऐलान कर दिया है। आज यानी 22 फरवरी को पंजाब भर में केंद्र व पंजाब सरकार के मंत्रियों व विधायकों के घरों के बाहर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जालंधर में कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत के निवास के बाहर दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक विशाल धरना दिया जाएगा। ये धरने बिजली संशोधन बिल, बीज बिल, नए लेबर कोड के नुकसान के मुद्दे पर दिए जा रहे हैं। मनरेगा के नए कानून का भी विरोध हो रहा है।
2024 में बिहार में अपहरण के 19,768 मामले दर्ज किए गए। इनमें से 14 हजार से अधिक मामले लव-अफेयर और शादी की नीयत से घर से भगाने के हैं। - सम्राट चौधरी, गृह मंत्री, बिहार (12 फरवरी 2026) तुम्हारी बेटी कहीं घूमने गई होगी, जब पैसा खत्म हो जाएगा तो खुद वापस आ जाएगी। - बेगूसराय पुलिस (27 फरवरी 2026) ऊपर के ये 2 बयान उस विभाग और मंत्री के हैं, जिनपर पूरे बिहार की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। बिहार पुलिस की वेबसाइट के मुताबिक, करीब डेढ़ हजार से ज्यादा लोग गायब हैं। परिवार वाले सालों से उनके घर लौटने की राह देख रहे हैं। वो आज भी ना चैन से सो पाते हैं और ना खा पाते हैं। इन हजार केसों में से एग्जाम्पल के तौर पर 4 परिवारों की कहानी संडे बिग स्टोरी में पढ़िए, जो सम्राट चौधरी और पुलिस की लीपापोती वाली थ्योरी को खारिज कर रही है। कहानी-1ः किसी के साथ घूमने गई होगी, पैसे खत्म होंगे तो आ जाएगी 16 साल की लड़की। मैट्रिक के बाद इंटर की पढ़ाई शुरू की थी। गरीब माता-पिता किसी तरह पटना में रखकर पढ़ाई करा रहे थे। 26 जनवरी को लड़की लापता हो गई। 26 दिन बाद उसे बरामद किया गया। लड़की के पिता मूल रूप से बेगूसराय के रहने वाले हैं। पटना में छोटा मोटा काम करते हैं। हमने उनसे बात की। लड़की के पिता ने कहा, ‘दो बेटों के बाद बड़ी मन्नतों से बेटी हुई थी। पढ़ने में काफी होशियार है। मैं तो ज्यादा पढ़ नहीं पाया। मेहनत-मजदूरी कर बच्चों को पढ़ा रहा हूं। बेटी ने मैट्रिक किया तो पटना रहकर उसे इंटर की पढ़ाई करा रहा हूं।’ ‘गांव से 20 जनवरी को हमलोग पटना अपने किराए के रूम पर आए थे। 26 जनवरी की रात की बात है। हमलोग सो रहे थे। भोर में मेरी पत्नी की नींद खुली तो देखा कि बगल में बच्ची नहीं है। वह उसके साथ ही सोई थी। उसने चिल्लाकर मुझे उठाया। कहा कि बेटी गायब है। रात में मेरे साथ ही सोई थी। हमने पहले अपने स्तर से उसे खोजने की कोशिश की। रिश्तेदारों से लेकर जानने वालों तक, सबसे पूछ लिया। कुछ पता नहीं चला।’ लड़की के पिता ने कहा, ‘इसके बाद मैंने पटना के रामकृष्णा नगर थाना जाकर आवेदन दिया। तीन-चार दिन थाना के चक्कर लगाया तब जाकर केस दर्ज हुआ। बेटी को खोजने के लिए बड़ी गुहार लगाई। कहा एक लड़का मेरी बेटी से छेड़खानी करता था। डर है कहीं कोई अनहोनी न कर दे।’ उन्होंने कहा, ‘हमलोगों को शक है कि बेगूसराय के एक लड़के ने उसे किडनैप किया है। कुछ दिनों पहले बेटी ने कहा था कि क्लास करने जाने के दौरान एक लड़का उसके साथ छेड़खानी करता है। पटना आने से पहले 18 जनवरी को मैंने गांव के कुछ लोगों से युवक की शिकायत की थी।’ विधान परिषद में मामला उठा, क्या पुलिसकर्मी पर कार्रवाई हुई? राजद MLC सुनील सिंह ने 13 फरवरी को यह मामला सदन में उठाया। पीड़ित परिजन से आपत्तिजनक बात कहने वाले पुलिसकर्मी के बयान को शर्मनाक कहा। मामले के तूल पकड़ने के बाद DGP विनय कुमार ने कहा कि मामले की जांच करा रहे हैं। कोई पुलिस अधिकारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई का इंतजार है। विधानसभा में मामला उठा तो एक्शन में आई पुलिस, लड़की बरामद 26 जनवरी को लड़की गायब हुई थी। 13 फरवरी तक इस मामले में पुलिस की कार्रवाई सुस्त रही। मामला सदन में उठा तो पुलिस एक्शन में आई। 21 फरवरी को पुलिस ने लड़की को बरामद किया। उसे कोर्ट में पेश किया गया। पटना पुलिस ने लड़की को बेगूसराय से बरामद किया। पुलिस की जांच और लड़की से पूछताछ में पता चला कि अपने घर वालों से ही उसका किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। गुस्से में खुद से घर छोड़कर चली गई थी। शनिवार को पटना लाने के बाद कोर्ट में उसका बयान दर्ज कराया गया। इसके बाद लड़की को मां-बाप के साथ घर भेज दिया गया। कहानी 2. दो बच्चों की मां को 4 लोगों ने किया किडनैप 5 फरवरी 2026 को नवादा के सिरदला में 30 साल की शोभा देवी अपने दो छोटे बच्चों के साथ शॉपिंग करने घर से निकली थी। दिन के 11:30 बजे शोभा और उसके बच्चों को परतापुर भट्टा के पास से 4 लोगों ने जबरन उठाया और गाड़ी में बैठाकर कहीं लेकर चले गए। हमने महिला के पिता से बात की। उन्होंने कहा, ‘मेरी बेटी कोई कुंवारी लड़की नहीं थी जो शादी की नियत से भाग जाए। वो दो बच्चों की मां है। मैंने सिरदला थाना में कंप्लेन दर्ज कराई है। पुलिस खोज रही है। लेकिन, कोई सुराग नहीं मिला है।’ उन्होंने कहा, ‘हमें शक है कि यह काम गया जिले के अतरी के रहने वाले बैजू साव का है। उसने ही मेरी बेटी और उसके बच्चों को किडनैप किया है। 6 फरवरी की सुबह 6 बजे बेटी ने अपने मोबाइल नंबर से मुझे कॉल किया था। बताया था कि बैजू साव और उसके 3-4 साथियों ने उसे एक कमरे में बंद कर रखा है। वह किस लोकेशन पर है। उसे इस बारे में कुछ नहीं पता।’ महिला के पिता ने आशंका जताई कि बैजू जबरन उनकी बेटी से शादी करना चाहता है। इसी नियत से उसे अगवा किया है। कहानी 3. 7 दिन से लापता है 26 साल की युवती 14 फरवरी को मधुबनी जिले के मधवापुर ब्लॉक की एक 26 साल की लड़की लापता हो गई। हमने लड़की के पिता से बात की। उन्होंने बताया, ‘मेरी बेटी घर से दुर्गा मंदिर में पूजा करने निकली थी। काफी देर बाद भी वापस नहीं लौटी तो हमने मंदिर जाकर खोजबीन की। अपने स्तर से सारे रिश्तेदारों और परिचितों से बात की। दोस्तों के घर को खंगाल डाला। मगर, उसका कुछ पता नहीं चला।’ उन्होंने कहा, ‘जब कहीं से कुछ पता नहीं चला तो साहरघाट थाना में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया। पुलिस ने अपने स्तर से छानबीन शुरू की, लेकिन, अब तक उसे बरामद नहीं कर पाई। 7 दिन हो गए मेरी बेटी कहा हैं? किस परिस्थिति में है? इस बारे में कुछ पता नहीं चल पा रहा है। तीन बार थाना गया हूं, पुलिस अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन पुलिस इस मामले में कोई एक्शन नहीं ले रही है।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे बेटी की सुरक्षा को लेकर डर लग रहा है। पता नहीं वो किस हालत में होगी। हमलोग अपने स्तर से उसे खोज रहे हैं। हमारी कोई सुन नहीं रहा है। सरकार और प्रशासन, दोनों एक ही हैं।’ कहानी 4. दो बच्चों के बाप ने शादी और धर्म परिवर्तन के लिए नाबालिग को उठाया दरभंगा के कमतौल में शादीशुदा और दो बच्चों के बाप ने शादी और धर्म परिवर्तन कराने के लिए एक नाबालिग लड़की को अगवा कर लिया। ये आरोप लड़की के पिता ने लगाए हैं। उसने जेल से बाहर आते ही धमकी दी थी कि बेटी को उठा ले जाऊंगा। घटना 28 जनवरी 2026 की है। लड़की के परिजनों ने 2 फरवरी 2026 को पुलिस थाना में आवेदन दिया। कमतौल थानाध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी ने बताया कि हमने केस दर्ज कर लिया है। लड़की की बरामदगी के लिए छापेमारी कर रहे हैं। हमने लड़की के पिता से बात की। उन्होंने कहा, ‘मेरी बेटी 28 जनवरी को गायब हुई थी। हमने पहले तीन-चार दिनों तक उसे रिश्तेदारों के घर, आसपास के इलाके, चौक-चौराहों और रेलवे स्टेशन पर तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद थाने में शिकायत दर्ज कराई।’ उन्होंने बताया, ‘आरोपी पहले से शादीशुदा और दो बच्चों का बाप है। उसने धर्म परिवर्तन और शादी के लिए मेरी बेटी को अगवा किया। 4 सितंबर 2025 को आरोपी और उसके दो भाई हथियारों से लैस होकर मेरे घर में घुस आए थे। लूटपाट की थी। हमलोगों ने मो. सितारे को मौके पर पकड़ लिया था। इसके बाद थाना में मामला दर्ज हुआ था। आरोपी को जेल जाना पड़ा था। ‘जेल से बाहर आने के बाद वह लगातार धमकी दे रहा था कि बेटी को उठा लेगा। और अब उठा लिया है। पुलिस कुछ नहीं कर रही है।’ अब जानिए, लड़कियों के अगवा होने के मामले में सदन में क्या हुआ 13 फरवरी को राजद MLC सुनील सिंह ने विधान परिषद में पटना से नाबालिग लड़की के लापता होने का मामला उठाया। कहा, ‘बेहद संवेदनशील मामला है। लड़की गायब है। FIR दर्ज कराने के लिए पिता को काफी मशक्कत करनी पड़ी। उन्होंने संदिग्धों का नाम भी दिया। लेकिन, पुलिस ने नामजद युवकों को गिरफ्तार नहीं किया है।’ सुनील सिंह ने सदन में कहा, ‘शर्म की बात यह है कि ऊपर से थाना के पुलिस पदाधिकारी ने पिता को कहा कि एक-दो महीने में ऐश मौज करके तुम्हारी बेटी खुद ही आ जाएगी।’ MLC की बातों पर सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा था कि सरकार ने संज्ञान लिया। सरकार इसी सत्र में इस पर जवाब देगी। MLC सुनील सिंह बोले- सूखे नशे का शिकार हो रहे युवा हमने विधान परिषद में पटना के रामकृष्णा नगर थाना का मामला उठाने वाले राजद MLC सुनील सिंह से बात की। उन्होंने कहा, ‘पीड़ित परिवार बेहद गरीब है। BPL के तहत आता है। पिता राज मिस्त्री का काम करते हैं। वह कई बार थाना गए। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने FIR दर्ज की।’ उन्होंने कहा, ‘जब वो अपनी बेटी को खोजने के लिए थाना जाते थे तब कुछ पुलिस वाले उसे कहते थे कि 'आराम से जाओ, तुम्हारी बेटी एक-दो महीने में ऐश-मौज करके वापस आ जाएगी'। इस मामले को मैंने सदन में रखा था।’ राजद MLC ने कहा, ‘यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बात है। कोई एक-दो जगह का मामला नहीं है। बिहार में ऐसी कोई जगह नहीं जहां बेटियों के साथ बलात्कार की घटना नहीं हो रही हो। उनकी हत्या नहीं हो रही हो। 6 और 8 साल की बच्चियों के साथ घटनाएं हो रही हैं।’ इस तरह के बढ़ते मामलों के लिए सुनील सिंह ने सीधे तौर पर शराबबंदी को जिम्मेवार बताया। नशे के कारोबार में क्या थानेदारों की मिलीभगत होती है? इस सवाल पर उन्होंने कहा, ‘सभी थानेदार ऐसा नहीं करते, लेकिन अधिकांश थानेदार बालू और शराब के धंधे से जुड़ गए हैं। इसी वजह से बिहार में अवैध कमाई का एक पैरलल साम्राज्य खड़ा हो गया है।’ बजट सत्र में पहले अब्दुलबारी सिद्दीकी ने उठाया था अपराध पर सवाल 12 फरवरी को विधान परिषद में पूर्व मंत्री व राजद MLC अब्दुलबारी सिद्दीकी ने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बिहार में बढ़ते क्राइम पर सवाल उठाया था। उन्होंने कहा कि 2004 में बिहार में 115216 संज्ञेय अपराध हुए। चोरी के 11518 और अपहरण के 3245 मामले सामने आए थे। 2024 में 352130 संज्ञेय अपराध हुए। चोरी के 47548 तो अपहरण के 19768 मामले सामने आए। सिद्दीकी ने कहा कि आंकड़े बताते हैं कि राज्य में अपराध का ग्राफ बढ़ा है। उन्होंने राज्य सरकार से पूछा था कि क्या अपराध पर नियंत्रण करना चाहती है? हां, तो कब तक और नहीं, तो क्यों? सम्राट चौधरी ने कहा था अपहरण के 14 हजार से अधिक मामले शादी की नियत से अब्दुलबारी सिद्दीकी के सवाल पर 12 फरवरी को सरकार की तरफ से मंत्री सम्राट चौधरी ने जवाब दिया। उन्होंने बताया, ‘2024 में बिहार में अपहरण के 19 हजार 768 मामले दर्ज किए गए। अपहरण के 14 हजार से अधिक मामले शादी की नीयत से घर से भगाने के हैं।’ गृह मंत्री ने कहा, ‘कानूनी प्रक्रिया के तहत इन मामलों को भी अपहरण की श्रेणी में ही दर्ज किया जाता है। जहां तक फिरौती के लिए अपहरण किए जाने की वारदातों की बात है तो ऐसे मामले काफी कम हैं। 2024 में फिरौती या हत्या की नीयत से अपहरण के 158 केस हुए थे। ऐसे मामलों में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है।’ आखिर में जानिए, गुमशुदगी के मामलों में क्या कहता है कानून किसी नाबालिग या 18 साल से अधिक उम्र के लोगों की गुमशुदगी के मामले में कानून क्या कहता है? इसे जानने के लिए हमने सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट तान्या श्री से बात की। उन्होंने कहा, ‘नाबालिग के गुमशुदा होने का कोई भी मामला जब थाना पहुंचता है तो थानेदार को केस दर्ज करना होगा। BNS की धारा के तहत यह जरूरी है। इससे संबंधित गाइडलाइंस समय-समय पर बचपन बचाओ आंदोलन के तहत सुप्रीम कोर्ट की तरफ से भी दी गई है।’ तान्या श्री ने कहा, ‘18 साल से अधिक उम्र के लोगों के लापता मामले में पुलिस को पहले डायरी एंट्री करनी होगी। इसके बाद FIR दर्ज करना जरूरी है। आमतौर पर देखा जाता है कि ऐसे मामलों में पुलिस ऑफिसर कंप्लेन दर्ज करने से हिचकते हैं।’
पावरकॉम टीम ने 1256 मीटर जांचे, 3.57 लाख जुर्माना लगाया
जालंधर | पावरकॉम ने रात के अंधेरे बिजली चोरों पर शिकंजा कसा है। गर्मी के सीजन में बिजली चोरी करने वाले अधिक सक्रिय हो जाते हैं, इसके मद्देनजर पावरकॉम भी सक्रिय हो गया है। शनिवार को जालंधर सर्कल के विभिन्न डिवीजनों में ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। उत्तर जोन के तहत आने वाले इस सर्कल में कुल 1256 कनेक्शनों की जांच की गई, जिसमें बड़े स्तर पर अनियमितताएं पाई गईं। 9 घरों में सीधी चोरी पाई गई तथा 18 मीटर डिफेक्टिव मिले हैं। पावरकॉम की चेकिंग के दौरान टीम ने कुल 41 मामले पकड़े हैं, जोकि बिजली चोरी, नियमों का उल्लंघन करके बिजली कनेक्शन चलाने और मंजूरी से अधिक लोड चलाने से जुड़े हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन मामलों में उपभोक्ताओं पर कुल 3.57 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। मॉडल टाउन डिवीजन में चेकिंग के दौरान 18 मीटर डिफेक्टिव पाए गए हैं, जिन्हें बदलने के निर्देश दिए गए हैं। पावरकॉम के जालंधर सर्किल हैड डिप्टी चीफ इंजीनियर गुलशन कुमार चुटानी ने कहा कि ये चेकिंग जारी रहेगी।
जालंधर कुंज : युवती से छेड़छाड़ के मामले में 2 पक्ष भिड़े, 2 घायल
भास्कर न्यूज | जालंधर थाना मकसूदां के अधीन जालंधर कुंज इलाके में शनिवार दोपहर करीब 2 बजे दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि तेजधार हथियार तक निकल आए और दोनों ओर से हमला किया गया। घटना में दो लोग घायल हुए, जिन्हें तुरंत सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। दिनदहाड़े हुई वारदात से इलाके में दहशत फैल गई। जानकारी के अनुसार झगड़ा अकाली दल नेता एचएस वालिया और दविंदर कंवर के पक्ष के बीच हुआ। वालिया ने आरोप लगाया कि करीब तीन महीने पहले उनके इलाके के एक परिवार ने दविंदर कंवर के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज करवाया था। जमानत पर बाहर आने के बाद से दविंदर कथित तौर पर सोशल मीडिया के जरिए धमकियां दे रहा था और जान से मारने की बात कह रहा था। वालिया के मुताबिक शनिवार को दविंदर कंवर चार साथियों के साथ शिकायतकर्ता के घर पहुंचा और बाद में उन्हें रास्ते में घेर लिया। आरोप है कि कार से उतरते ही आरोपियों ने तेजधार हथियारों से हमला कर दिया, जिसमें उनका एक साथी घायल हो गया। हालात बिगड़ते देख वालिया ने गाड़ी का हूटर बजाया, जिस पर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। स्थानीय लोगों ने हमलावरों को पकड़ने की कोशिश की। दो आरोपी मौके से फरार हो गए, जबकि दविंदर को काबू कर लिया गया। इसके बाद गुस्साए लोगों ने उसकी पिटाई कर दी। दूसरी ओर, अस्पताल में भर्ती दविंदर के साथी ने पलट आरोप लगाते हुए कहा कि वालिया पक्ष ने उन पर हमला किया, जिसमें दविंदर गंभीर रूप से घायल हुआ। थाना मकसूदां के प्रभारी सुरेश भगत ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से अभी लिखित शिकायत नहीं दी गई है। 112 नंबर पर सूचना मिली थी। एमएलआर रिपोर्ट के आधार पर जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस शांति बनाए रखने के लिए नजर रखे हुए है।
बिहार में अब बिजली की खेती करने की तैयारी है। खेतों में फसलों की तरह सोलर प्लेटें बिछा दी गई हैं। बंजर पड़ी जमीनों से लेकर डैम, तालाब और नदियों का इस्तेमाल बिजली उत्पादन के लिए किया जाएगा। निजी घरों से लेकर सरकारी दफ्तरों की बिल्डिंग की छतों का इस्तेमाल भी बिजली बनाने में हो रहा है। इसे और आगे बढ़ाने की तैयारी है। सरकार ने बिहार में ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट के तहत सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। वर्तमान में बिहार में 500-600 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन किया जा रहा है। इसे बढ़ाकर अगले एक साल में 4 हजार मेगावाट करने का टारगेट है। 9 पॉइंट में समझिए सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए सरकार क्या कर रही है। राज्य के किस जिले में क्या योजनाएं चल रही हैं। घर पर सौर ऊर्जा प्लेट लगाने पर क्या लाभ मिलेगा.. 1- लखीसराय बनेगा सौर ऊर्जा का सबसे बड़ा सेंटर, 2800 करोड़ का इन्वेस्टमेंट लखीसराय के कजरा को बिहार में सौर ऊर्जा के सबसे बड़े सेंटर के रूप में डेवलप किया जा रहा है। सरकार इस प्रोजेक्ट के लिए 2866 करोड़ रुपए निवेश कर रही है। यहां सालाना 370 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का स्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट को दो फेज में पूरा किया जाएगा। पहले फेज के तहत 1810.34 करोड़ रुपए की लागत से 185 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा परियोजना और 254 मेगावाट आवर बैटरी भंडारण क्षमता को तैयार कर लिया गया है। CM नीतीश कुमार के उद्घाटन के बाद अब ये फंक्शनल भी हो गया है। फेज-2 में यहां 1055.72 करोड़ रुपए की लागत से 116 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा परियोजना और 241 मेगावाट आवर बैटरी भंडारण क्षमता का काम चल रहा है। 2. नीचे मछली पलेगी- ऊपर बिजली बनेगी केवल बंजर जमीनों और घर की छतों पर ही नहीं बल्कि तालाबों पर भी सरकार सोलर प्लांट लगा रही है। सोलर प्लांट के लिए सबसे बड़ी जरूरत जमीन की होती है। जहां इनसे प्लेट को इंस्टॉल किया जा सके। इसमें आ रही समस्या के समाधान के लिए सरकार ने अब इसके लिए जलाशयों का चयन शुरू कर दिया है। तलाबों में फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगाया जा रहा है। 3. घर की छतों पर लग रहे सोलर पावर प्लांट PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रेसिडेंशियल बिल्डिंग की छतों पर सोलर प्लांट लगाये जा रहे हैं। इस योजना के तहत 1 किलोवाट का प्लांट लगाने के लिए 30,000 रुपए मिलते हैं। वहीं, 2 किलोवाट के लिए 60 हजार रुपए और 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के उत्पादन का प्लांट लगाने के लिए 78 हजार रुपए की सब्सिडी दी जा रही है। इसके तहत अब तक 15,201 घरों में सोलर रूफटॉप लगाए गए हैं, जिनकी कुल क्षमता 53.88 मेगावाट है। 4. BPL कार्ड है तो सरकार घर पर मुफ्त लगाएगी सोलर प्लांट एक तरफ जहां सरकार सोलर प्लांट इंस्टॉलेशन के लिए अनुदान दे रही है तो BPL श्रेणी में शामिल लोगों के घरों पर सरकार फ्री में सोलर प्लांट लगा रही है। इसके लिए सरकार की तरफ से कुटीर ज्योति योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत सरकार राज्य के 2.5 लाख कस्टमर्स की छतों पर 1.1 किलोवाट का सौर ऊर्जा संयंत्र इंस्टॉल किया जाएगा। 5. 13 हजार सरकारी बिल्डिंग पर रुफ टॉप सोलर प्लांट लगेंगे निजी मकानों के साथ सरकारी बिल्डिंग पर भी सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं। जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत राज्य के सभी सरकारी भवनों के छतों पर ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट इंस्टॉल किया जा रहा है। इस योजना के तहत लगभग 13 हजार सरकारी भवनों जैसे स्कूलों, ई-किसान भवनों, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेजों, औधोगिक प्रशिक्षण केंद्रों की छतों पर 119 मेगावाट क्षमता के ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाए जा रहे हैं। अगले 5 वर्षों में सरकारी भवनों पर 500 मेगावाट रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने का टारगेट है। 6. किसानों के लिए अलग सोलर फीडर तैयार किया जा रहा राज्य के किसानों को सस्ती बिजली मुहैया कराने और आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से फीडर लेवल सोलराइजेशन योजना की शुरुआत की गई है। इसके तहत केन्द्र सरकार की तरफ से 1.5 करोड़ रुपए और राज्य सरकार की तरफ 45 लाख रुपए प्रति मेगावाट सब्सिडी के तौर पर दी जा रही है। 7. राज्य की सभी पंचायतों में सोलर स्ट्रीट लाइट्स लगाए जा रहे मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत सभी पंचायतों में 12 लाख सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का लक्ष्य है। अभी तक 9.10 लाख सोलर स्ट्रीट लाइट लगाए जा चुके हैं। पटना जिले की ग्राम पंचायतों में 37,656 सोलर स्ट्रीट लाइट्स (85%) लगा लिए गए हैं। अरवल, औरंगाबाद, बांका, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, गया, जमुई, जहानाबाद, कैमूर, लखीसराय, मुंगेर, नालंदा, नवादा, पटना, रोहतास और शेखपुरा जिलों की ग्राम पंचायतों में 3,50,471 सोलर स्ट्रीट लाइट्स लगाई गईं हैं। 8. अब समझिए, सौर ऊर्जा का क्या लाभ मिलेगा 9. सस्ती बिजली के लिए 16 हजार करोड़ सब्सिडी देती है सरकार मौजूदा समय में हर घर तक बिजली पहुंचाने के लिए सरकार अपनी दो वितरण कंपनियों (NBPDCL और SBPDCL) को भारी सब्सिडी देती है। किसानों को 55 पैसे प्रति यूनिट और घरेलू उपभोक्ताओं को वास्तविक लागत (लगभग 8-9 रुपए प्रति यूनिट) से काफी कम दर पर बिजली मिलती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरकार 15,995 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी थी। 2026-27 में यह राशि बढ़कर 16,500 करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकती है।
लिदड़ा के पास एनआईटी के सिक्योरिटी इंचार्ज से लूट
भास्कर न्यूज | जालंधर मकसूदां पुलिस थाना के अंतर्गत आते लिदड़ा पिंड के पास सर्विस रोड पर लुटेरों ने शनिवार रात करीब 8:00 बजे एनआईटी के मुख्य सुरक्षा इंचार्ज किशोरी लाल (55) को घेर लिया। किशोरी लाल ड्यूटी के बाद घर लौट रहे थे तभी मोटरसाइकिल सवार दो युवकों ने उनकी एक्टिवा में पीछे से टक्कर मार दी। उनके गिरते ही लुटेरों ने हमला कर दिया और मोबाइल छीन लिया। लुटेरे उनकी एक्टिवा भी छीनने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पीछे से आ रही कारों की रोशनी देखकर फरार हो गए। गौरतलब है कि किशोरी लाल एनआईटी में करीब 30 से 40 सुरक्षाकर्मियों की टीम का नेतृत्व करते हैं। इसी रोड पर कुछ दिन पहले प्रोफेसर डॉ. सुधीर से भी लैपटॉप और कैश लूटा गया था। एनआईटी कार्यरत उनके साथी प्रेम भल्ला ने इन बढ़ती वारदातों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने मांग की कि यह मकसूदां पुलिस का एरिया है और पुलिस को इस संवेदनशील मार्ग पर गश्त बढ़ानी चाहिए ताकि स्टूडेंट,कर्मचारी और प्रोफेसर सुरक्षित महसूस कर सकें। मामले संबंधी जानकारी देते हुए मकसूदां थाने के एसएचओ गुरप्रीत सिंह ने बताया कि पुलिस के पास शिकायत आ गई है और मामले की गंभीरता से तफ्तीश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा घटनास्थल के निकट लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
मकसूदां में पीजी में होमगार्ड पति को दूसरी महिला संग पकड़ा, हंगामा
भास्कर न्यूज | जालंधर मकसूदां इलाके में एक महिला ने अपने होमगार्ड पति को दूसरी महिला के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया। नंदनपुर रोड स्थित एक पीजी में हुए इस खुलासे के बाद मौके पर जमकर हंगामा हुआ और मामला थाना 1 तक पहुंच गया। जानकारी के मुताबिक पीड़ित महिला को अपने पति की गतिविधियों पर पहले से शक था। शनिवार को उसे सूचना मिली कि उसका पति नंदनपुर रोड के एक पीजी में किसी महिला के साथ मौजूद है। महिला तुरंत मौके पर पहुंची और कमरे में दोनों को एक साथ देख लिया। शोर-शराबा बढ़ता देख आसपास के लोग भी एकत्र हो गए और पुलिस को सूचना दी गई। पत्नी ने आरोप लगाया कि उसका पति होमगार्ड में तैनात है और यह उसकी दूसरी शादी है। इसके बावजूद वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा। महिला का कहना है कि उसका पति पहले भी दुबई की एक महिला और अबोहर की एक अन्य महिला के साथ संबंधों को लेकर विवादों में रह चुका है। उसने आरोप लगाया कि उसके पति ने कई महिलाओं की जिंदगी बर्बाद की है। मामले में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। जिस महिला के साथ आरोपी को पकड़ा गया, उसने चूड़ा पहना हुआ था। जांच में पता चला कि उसकी भी किसी अन्य युवक के साथ लव मैरिज हो चुकी है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उस महिला के पति को भी सूचित कर दिया, जो मौके पर पहुंच रहा था। इधर, पत्नी ने पुलिस पर मौके की वीडियो फुटेज डिलीट करने का भी आरोप लगाया है। इस पर थाना प्रभारी राकेश कुमार ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और तथ्यों के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि संबंधित महिला केवल उससे मिलने आई थी।
सीबीएसई दसवीं- अंग्रेजी के पेपर में लंबे पैसेज ने उलझाया
जालंधर| शनिवार को सीबीएसई बोर्ड की दसवीं कक्षा का अंग्रेजी का पेपर था। यह पेपर तीन हिस्सों में बंटा था: रीडिंग, राइटिंग-ग्रामर और लिटरेचर। ज्यादातर छात्रों ने बताया कि पेपर आसान था। यशिका नाम की छात्रा ने कहा कि राइटिंग वाला हिस्सा सरल था, लेकिन पेपर काफी लंबा था, जिसकी वजह से उनका काम आखिरी समय पर जाकर पूरा हुआ। दूसरी ओर, काव्या ने बताया कि पैसेज हल करने में उन्हें ज्यादा समय लगा, लेकिन सही मैनेजमेंट की वजह से उन्हें पेपर दोहराने का समय मिल गया। एक प्राइवेट स्कूल के प्रिंसिपल राजीव पालीवाल का कहना है कि पेपर आसान था और जिन बच्चों ने समय का ध्यान रखा, उनका पेपर समय पर खत्म हो गया। अंग्रेजी के टीचर गुरजीत शर्मा ने बताया कि पेपर 'आसान से मध्यम' स्तर का था, जिसे एक औसत छात्र भी अच्छे से कर सकता है। उन्होंने कहा कि 20 नंबर का रीडिंग सेक्शन और उसमें आए दो कॉम्प्रिहेंशन थोड़े लंबे थे, जिनमें समय ज्यादा लगा। ग्रामर और राइटिंग सेक्शन भी सरल था। सबसे ज्यादा 40 नंबर का हिस्सा लिटरेचर की दो किताबों से था। कुल मिलाकर पेपर में कोई भी ऐसी उलझाने वाली बात नहीं थी जिससे छात्रों को परेशानी हो।
ट्रैश टू ट्रेज़र' बच्चों और माताओं ने बेकार पड़ी वस्तुओं से परिधान बनाए
भास्कर न्यूज | जालंधर मॉडल टाउन स्थित एपीजे रिदम किंडर वर्ल्ड में शनिवार को ‘कॉसप्ले-ए फैंसी ड्रेस एंड टैलेंट शो’ का शानदार आयोजन किया। एपीजे एजुकेशन सोसाइटी की प्रेसिडेंट सुषमा पॉल बर्लिया के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य विषय “ट्रैश टू ट्रेज़र” था, जिसके तहत बच्चों और उनकी माताओं ने बेकार पड़ी वस्तुओं से बेहद रचनात्मक परिधान तैयार कर अपनी कला का प्रदर्शन किया। इस दौरान नन्हे विद्यार्थियों ने न केवल अपनी वेशभूषा के महत्व को समझाया, बल्कि एकल नृत्य, गायन और कहानी-कथन जैसी प्रतिभाओं से सभी का मन मोह लिया। समारोह में एपीजे कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स के नृत्य विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मिकी वर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम के अंत में प्रत्येक समूह से 5 सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों निवृति, अविराज महाजन, कियांशा बुधिराजा, कृषिव सहगल, मानन्या, मानविका कोहली, कनिका खन्ना, रैना राव, ओमिशा और महरीन को पदक देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र और उपहार भेंट किए गए। स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश कुमार चंदेल ने विजेताओं को बधाई देते हुए बच्चों के आत्मविश्वास और अभिभावकों के सहयोग की सराहना की।
‘हैलो, मैं ऑल इंडिया प्रेग्नेंट जॉब एजेंसी से बात कर रहा हूं। हम लोग नि:संतान महिलाओं को प्रेग्नेंट करने की नौकरी देते हैं। आपको बस महिला को प्रेग्नेंट करना होगा, इसके लिए आपको अच्छी रकम मिलेगी। आपको पहले छोटा अमाउंट देकर रजिस्ट्रेशन कराना होगा।’ नालंदा में इस तरह का ऑफर देकर ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। नालंदा पुलिस ने गुप्त सूचना पर कतरीसराय में छापेमारी कर एक नाबालिग समेत 6 लोगों को पकड़ा। नाबालिग को बाल सुधार गृह, जबकि अन्य 5 आरोपियों से पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से स्मार्टफोन्स जब्त किए गए हैं, जिसमें अलग-अलग तरीकों से साइबर ठगी की पुष्टि हुई है। इसके अलावा, इन स्मार्टफोन्स में यूज किए जा रहे फेसबुक और वॉट्सएप पर कई महिलाओं और लड़कियों की तस्वीरें और वीडियोज भी मिले हैं। पकड़े गए सभी 6 आरोपी कब से साइबर ठगी कर रहे थे? कितने लोगों से अब तक कितने रुपए की ठगी हुई है? इनका गिरोह कितने राज्यों में फैला हुआ है? आरोपियों के परिजन क्या कहते हैं? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले जानिए किन तरीकों से आरोपी ठगी करते थे? नालंदा पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपी 2 तरीकों से ऑनलाइन ठगी कर रहे थे। पहला तरीका: सस्ते ब्याज दरों पर लोन पास कराने का झांसा आरोपियों के पास से Poco, Realme, OPPO, Vivo, Tecno और Redmi कंपनी के स्मार्टफोन्स जब्त किए गए हैं। स्मार्टफोन्स में Dhani Finance Bank, Mudra Finance, AL-KHAIR Finance Bank और केरला लॉटरी के फर्जी विज्ञापन मिले हैं। इन मोबाइल में यूज किए जा रहे वॉट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्रोफाइल के डीपी में फर्जी विज्ञापनों की तस्वीरें लगी मिली हैं। साइबर ठग के आरोपी बेहद सस्ते ब्याज दरों पर तुरंत लोन पास कराने का लालच देकर लोगों से प्रोसेसिंग फीस और फाइल चार्ज के नाम पर पैसे ऐंठते थे। दूसरा तरीका: खूबसूरत लड़कियों को प्रेग्नेंट करने का झांसा पुलिस को 20 साल के नीतीश के फोन की जांच के दौरान फेसबुक और वॉट्सएप पर कई खूबसूरत महिलाओं और लड़कियों की तस्वीरें और वीडियो मिले। इन तस्वीरों पर आरोपियों के मोबाइल नंबर दर्ज थे। एक विज्ञापन लिखा था, जिसमें दावा किया गया था कि जो भी पुरुष इन महिलाओं के साथ रहेगा और इन्हें 'प्रेग्नेंट' करेगा, उसे इनाम के तौर पर मोटी रकम दी जाएगी। इसके जरिए वे लोगों को 'हनीट्रैप' में फंसाते थे। वॉट्सएप चैट्स के अंदर पुलिस को कई लोगों के साथ की गई बातचीत और इससे संबंधित भ्रामक 'ऑडियो' रिकॉर्डिंग भी मिली है, जिसे पुलिस ने बतौर सबूत सुरक्षित रख लिया है। खूबसूरत लड़कियों-महिलाओं की तस्वीर दिखाकर देते थे ऑफर सूत्रों के मुताबिक, पुलिस की जांच में अब तक सामने आया है कि आरोपी अपने शिकार को खूबसूरत लड़कियों और महिलाओं की तस्वीरें भेजते थें। उनसे लड़की और महिलाओं को पसंद करने को कहते थे। जब शिकार महिलाओं और लड़कियों की तस्वीरों को सिलेक्ट कर लेता था, तो रजिस्ट्रेशन के नाम पर इनसे पैसे वसूले जाते थे। सिक्योरिटी, सर्विस टैक्स के नाम पर दोबारा वसूली रजिस्ट्रेशन के नाम पर वसूली के बाद दोबारा आरोपी अपने शिकार को कॉल करते थे और उनसे सिक्योरिटी फीस, सर्विस टैक्स, GST के नाम पर 5,000 से 20,000 रुपए तक मांगते थे। फेसबुक पर बनाया था ‘ऑल इंडिया प्रेग्नेंट जॉब’ नाम का पेज शुरुआती जांच पड़ताल में ये भी पता चला है कि आरोपियों ने फेसबुक पर ‘ऑल इंडिया प्रेग्नेंट जॉब’ नाम का पेज भी बनाया था, जिसमें व्हाट्सएप नंबर शेयर किया गया था। फेसबुक पेज पर कुछ वीडियोज भी पोस्ट किए गए थे, जिसमें एक महिला या लड़की दिखती थी। वो कहती थी कि मुझे मां बनना है, मुझे जो भी प्रेग्नेंट करेगा, उसे अच्छे पैसे मिलेंगे। खेत में बैठकर साइबर फ्रॉड कर रहे थे आरोपी साइबर ठगी के आरोपी AC और हाई-टेक कमरों के बजाय गांव के सुनसान खेतों और चंवर (खलिहान) से बिहार के अलावा अन्य राज्यों के लोगों से ठगी कर रहे थे। दरअसल, 12 फरवरी 2026 को कतरीसराय थाना के ASI रूदल पासवान सिपाही रामप्रवेश पासवान और शशिकांत कुमार सिंह के साथ सुबह 10 बजे पेट्रोलिंग के लिए निकले थे। दोपहर करीब 2 बजकर 10 मिनट पर उन्हें गुप्त सूचना मिली। मुखबिर ने बताया कि कतरीसराय थाने से 4KM दूर पश्चिम दिशा में सुन्दरपुर और बरीठ गांव के सुनसान चंवर में कुछ युवक साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे हैं। जानकारी के बाद जैसे पुलिस खेत में पहुंची, देखा कि अलग-अलग झुंड बनाकर कुछ लोग मोबाइल लेकर बैठे हुए हैं। पुलिस को देखते ही सभी आरोपी भागने लगे। आरोपी खेतों की पगडंडियों से इधर-उधर भागने लगे, लेकिन पुलिस ने दौड़ाकर सभी को पकड़ लिया। घर बाहर से देखने में साधारण, लेकिन अंदर से आलीशान मामला प्रकाश में आने के बाद दैनिक भास्कर की टीम आरोपियों के गांव पहुंची। हमने सबसे पहले गांव के लोगों से बातचीत की। पता चला कि आरोपियों के घर बाहर से तो साधारण लगते हैं, लेकिन अंदर से काफी आलीशान हैं। सुख-सुविधा वाले सारे सामान मौजूद हैं। पकड़े गए आरोपियों में से किसी ने 10वीं तक पास नहीं की है। हमने आरोपियों के परिवार के लोगों से बात की। उन्होंने कहा कि जब हमारे बच्चे पढ़े लिखे नहीं हैं, तो साइबर ठगी का कोई मतलब ही नहीं बनता। उन्होंने अपने बच्चों को निर्दोष बताया। यादव टोला में रहने वाले अनिल कुमार के नाना विसनुदेव यादव ने कहा, ‘मेरा नाती पिछले दो साल से मेरे पास रहकर ट्रैक्टर चला रहा है। घटना वाले दिन वह पास के बगीचे में टहलने गया था, जहां से पुलिस ने उसे बेवजह उठा लिया। अनिल के माता-पिता इस दुनिया में नहीं हैं।’ पकड़े गए 16 साल के नाबालिग की मां ने कहा, ‘मेरा बेटा गाय-भैंसों का दूध निकालने का काम करता है। बगीचे के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।’ ठगी के आरोपी की पत्नी बोली- पति ई-रिक्शा चलाते हैं सकुचीडीह के रहने वाले आरोपी नीतीश कुमार की पत्नी काजल ने कहा, ‘मेरे पति टोटो (ई-रिक्शा) चलाते हैं और कभी ऐसे किसी मामले में नहीं पड़े।’ मैरा गांव में रहने वाले 40 साल के प्रभात कुमार की भाभी ने कहा, ‘मेरे देवर गरीब किसान हैं। वो पुआल समेटने गए थे। किसी ने दुश्मनी निकालने या चंद पैसों के लालच में उन्हें मोबाइल थमाकर फंसा दिया है।’ गोवर्धन विगहा गांव में रहने वाले प्रीतम कुमार के घर वालों ने कुछ भी बोलने से मना कर दिया। हालांकि, ग्रामीणों ने नाम न छापने की रिक्वेस्ट पर बताया कि प्रीतम ठगी के धंधे में संलिप्त रहता था। वो गांव में कम और बाहर ज्यादा रहता था। ‘साइबर ठगों के आपराधिक रिकार्ड को खंगाला जा रहा है’ राजगीर के डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस अब इस पूरे रैकेट की गहराई से जांच कर रही है। इन ठगों की ओर से इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल नंबरों को 'प्रतिबिंब पोर्टल' पर अपलोड कर दिया गया है, ताकि देश के अन्य राज्यों से भी इनके खिलाफ दर्ज शिकायतों को जोड़ा जा सके। साथ ही अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम (Crime and Criminal Tracking Network Systems) के जरिए इनके पुराने आपराधिक इतिहास को भी खंगाला जा रहा है ताकि ये पता चल पाए कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
कबड्डी फाइनल में मालवा की टीम हरियाणा को हराकर विजेता बनीं
भास्कर न्यूज | जालंधर वाईएफसी रुड़का कलां द्वारा एनआरआई भाइयों, स्थानीय निवासियों और ग्राम पंचायत के सहयोग से आयोजित तीन महीने लंबी एजुकेशनल फुटबॉल और खेल लीग का समापन शनिवार को भव्य समारोह के साथ हुआ। इस दौरान प्रधान गुरमंगल दास सोनी ने बताया कि रुड़का कलां स्टेडियम में हुए इस समापन समारोह में विभिन्न जिलों के 40 केंद्रों और स्कूलों के लगभग 7000 बच्चों ने हिस्सा लिया। इस खेल महाकुंभ में एथलेटिक्स, कुश्ती, क्रिकेट, बैडमिंटन, वॉलीबॉल, फुटबॉल और कबड्डी जैसे मुकाबले कराए गए। विजेता टीमों और खिलाड़ियों को ट्रॉफियों, नकद राशि और 40 एवन साइकिल देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता के अंतिम दिन कबड्डी और फुटबॉल के रोमांचक मुकाबले हुए। कबड्डी (ऑल ओपन) के फाइनल में मालवा की टीम ने हरियाणा को हराकर पहला स्थान हासिल किया। विजेता टीम को 3,51,000 रुपये और उप-विजेता को 3,00,000 रुपये का इनाम दिया गया। साथ ही बेस्ट रेडर और बेस्ट जाफरी को पल्सर मोटरसाइकिल और कबड्डी खिलाड़ी भूपिंदर सिंह भिंदा को स्कॉर्पियो गाड़ी देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद मालविंदर सिंह कंग, विधायक गुरलाल सिंह घनौर, प्रिंस प्रेम कुमार और अन्य प्रशासनिक अधिकारी व एनआरआई उपस्थित रहे। समारोह का मुख्य आकर्षण मशहूर पंजाबी गायक बब्बू मान रहे, जिन्होंने अपनी गायकी से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। अंत में चेयरमैन सुरजीत सिंह संधू ने बताया कि अगले साल खेल मेला बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा।
झारखंड में अगले चार दिनों के दौरान मौसम का मिजाज बदलता नजर आएगा। मौसम केंद्र रांची के पूर्वानुमान के अनुसार सुबह हल्का कोहरा छाए रहने की संभावना है, जबकि दिन में आंशिक बादल रहेंगे। इन दोनों दिनों में मौसम शुष्क बना रहेगा। कहीं भी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं। हालांकि 23 और 24 फरवरी को राज्य के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इन दिनों आसमान में बादल छाए रहेंगे। कुछ इलाकों में बूंदाबांदी की स्थिति बन सकती है। इससे तापमान में हल्की गिरावट और मौसम में नमी बढ़ने के आसार हैं। 31 डिग्री तक जाएगा रांची का पारा तापमान की बात करें तो रांची और आसपास के क्षेत्रों में अधिकतम पारा 29 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 13 से 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। 25 फरवरी को फिर सुबह हल्का कोहरा और बाद में आंशिक बादल रह सकते हैं, लेकिन मौसम शुष्क रहेगा। विभाग के आउटलुक के मुताबिक 26 और 27 फरवरी को सुबह कोहरे के बाद आसमान मुख्यतः साफ हो जाएगा। राहत की बात यह है कि 21 से 27 फरवरी तक राज्य के किसी भी हिस्से के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। ऐसे में आम जनजीवन पर खास असर की संभावना नहीं है, लेकिन 23 और 24 फरवरी को संभावित हल्की बारिश से मौसम सुहावना हो सकता है। 24 घंटे में चाईबासा रहा सबसे गर्म झारखंड में फिलहाल कोई महत्वपूर्ण मौसमी सिस्टम सक्रिय नहीं है। प्रदेश में उत्तर-पश्चिम से हवाएं चल रही हैं, जिसके कारण पूरे राज्य में मौसम शुष्क बना हुआ है। पिछले 24 घंटे के दौरान कई स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रिकॉर्ड किया गया। चाईबासा का अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि जमशेदपुर में 33.0 डिग्री और सरायकेला में 32.0 डिग्री रहा। रांची का अधिकतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। न्यूनतम तापमान की बात करें तो डाल्टनगंज में सबसे कम 10.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि रांची में 16.4 डिग्री और बोकारो में 15.1 डिग्री रहा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों तक राज्य में मौसम शुष्क बने रहने और तापमान में बड़े बदलाव की संभावना से इनकार किया है। 34 डिग्री तक जाएगा कई जिलों का पारा झारखंड में आने वाले पांच दिनों के दौरान तापमान में बढ़ोतरी के संकेत हैं। देवघर, धनबाद, गिरिडीह और जामताड़ा में अधिकतम तापमान 30 से 31 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है, जबकि दुमका, गोड्डा और पाकुड़ में पारा 33 से 34 डिग्री तक जा सकता है। साहिबगंज में भी अधिकतम तापमान 33 डिग्री तक रहने की संभावना जताई गई है। कोडरमा, चतरा, गढ़वा, पलामू और लातेहार में अधिकतम तापमान 30 से 33 डिग्री के बीच रहेगा। वहीं राजधानी रांची सहित बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग, खूंटी और गुमला में पारा 29 से 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा। पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम तथा सरायकेला-खरसावां में तापमान 33 डिग्री तक पहुंच सकता है।
भास्कर न्यूज | जालंधर अंतरराष्ट्रीय एआई समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा ने स्थानीय कांग्रेस भवन के बाहर पुतला फूंककर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की अगुवाई युवा मोर्चा अध्यक्ष पंकज जुल्का ने की। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में युवा कार्यकर्ता, विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों के पदाधिकारी तथा वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। प्रदर्शन में भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील शर्मा, पूर्व सीपीएस एवं प्रदेश उपाध्यक्ष केडी भंडारी, पूर्व विधायक शीतल अंगुराल, जिला महामंत्री अशोक सरीन हिक्की, राजेश कपूर और अमरजीत सिंह गोल्डी सहित कई नेता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सुशील शर्मा ने कहा कि कांग्रेस लगातार हार से बौखला चुकी है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर विरोध कर देश की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक करार दिया। केडी भंडारी ने कहा कि जब भारत वैश्विक स्तर पर अपनी नेतृत्व क्षमता प्रदर्शित कर रहा था, उस समय विरोध प्रदर्शन करना अस्वीकार्य है। पूर्व विधायक शीतल अंगुराल ने इसे कांग्रेस की राष्ट्र विरोधी मानसिकता बताया। वहीं पंकज जुल्का ने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश की प्रगति में बाधा डालने का काम कर रही है। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से माहौल गरमाया रहा।
रैनक बाजार और ब्रांडरथ रोड में ई-रिक्शा की एंट्री जारी
जालंधर| सिटी के पुराने बाजारों में आटो रिक्शा व थ्री व्हीलर की एंट्री ट्रैफिक पुलिस ने प्रतिबंधित कर दी है। ऐसा ट्रेफिक में दिक्कतें दूर करने के लिए किया गया है। लेकिन दोबारा लोगों ने लापरवाही आरंभ कर दी है। ब्रांडरथ रोड और रैनक बाजार के मेन प्रवेश मार्ग पर नियमों का उल्लंघन हो रहा है। बाजार के अंदर छोटे लोडर भी प्रवेश कर रहे हैं। सुबह तो लोगों को इससे दिक्कत नहीं होती लेकिन शाम के समय बड़ी परेशानी पैदा हो रही है।
हेल्थ प्लस:फोर्टिस हॉस्पिटल में रीढ़ की हड्डी का सफल ऑपरेशन
जालंधर| फोर्टिस हॉस्पिटल जालंधर में एडवांस्ड न्यूरोसर्जिकल और स्पाइन केयर के तहत रीढ़ की हड्डी की गंभीर चोटों के दो जटिल मामलों का सफलतापूर्वक इलाज किया गया। अस्पताल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 50 वर्षीय महिला, जिसे गिरने के कारण सर्वाइकल स्पाइन में गंभीर फ्रैक्चर हुआ था, की सफल सर्जरी की गई। ऑपरेशन के बाद मरीज की पूरी न्यूरोलॉजिकल रिकवरी हुई। दूसरे मामले में 30 वर्षीय पुरुष को कॉडा इक्विना सिंड्रोम की समस्या थी। उसका इलाज मिनिमली इनवेसिव सर्जरी के माध्यम से किया गया, जिससे उसकी चलने-फिरने की क्षमता दोबारा बहाल हो गई। इन दोनों सर्जरी का नेतृत्व डॉ. संदीप कुमार कुंडल और उनकी टीम ने किया। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, इन सफल ऑपरेशनों ने मिनिमली इनवेसिव स्पाइन सर्जरी और एडवांस्ड न्यूरोसर्जिकल उपचार में संस्थान की विशेषज्ञता को दर्शाया है। अस्पताल में आधुनिक तकनीकों के माध्यम से मरीजों को कम समय में बेहतर और विश्वस्तरीय उपचार स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
इस्लामगंज में अधूरा छोड़ा मैनहोल
जालंधर| नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने रोड सेफ्टी के प्रबंधों की 540 करोड़ की योजना पूरी नहीं की। इसके तहत एनएच-44 पर रोड सेफ्टी के प्रबंध करने थे। ये प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ। मकसूदां फ्लाईओवर के सामने जंक्शन बनाकर रोड सेफ्टी के प्रबंधों की जनता की आस धरी रह गई। दूसरी तरफ बसों के रुकने के लिए सुरक्षित स्थान नहीं बनाया। इसके चलते बसों को हाईवे के बीच रोककर यात्रियों को चढ़ाया जा रहा है। यात्रियों को बस सेवा चाहिए, उन्हें सुरक्षा देने का जिम्मेदारी एनएचएआई की है। इस तरफ ध्यान दिया जाए। -पंकज मेहता, शहीद भगत सिंह कॉलोनी।
रेलवे स्टेशन पर चलाया कासो सर्च ऑपरेशन, संदिग्ध वस्तुओं को जांचा
भास्कर न्यूज | जालंधर जालंधर रेलवे स्टेशन पर कासो ऑपरेशन अभियान चलाया। इस दौरान कमिश्नरेट पुलिस ने रेलवे स्टेशन परिसर में यात्रियों के सामान और संदिग्ध वस्तुओं की गहन तलाशी ली। इस अभियान में डॉग स्क्वॉयड की टीमें भी शामिल थीं। पुलिस ने प्लेटफार्मों पर रखे लावारिस बैगों की गहनता से जांच की और यात्रियों से पूछताछ की। मौके पर एडीसीपी आकर्षि जैन सहित एसीपी रैंक के अधिकारी मौजूद रहे। एडीसीपी जैन ने रेलवे स्टेशन पर अलग-अलग टीमें तैनात कर जांच के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि यह जांच कासो ऑपरेशन के तहत की गई है। पुलिस ने पार्किंग में खड़े वाहनों की भी जांच की और ठेकेदार से लंबे समय से खड़े वाहनों के विषय में पूछताछ की। ठेकेदार को ऐसे वाहनों के संबंध में हिदायतें जारी की। पार्किंग के साथ-साथ ऑटो चालकों की भी जांच की गई। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें कोई संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु दिखाई दे तो वे तुरंत संबंधित थाने की पुलिस को सूचना दें। फिलहाल, इस तलाशी अभियान के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति नहीं मिला।
पनबस खरीदेगी 54 सीटर 696 नई बसें
भास्कर न्यूज | जालंधर सरकारी बसों में सफर करने वाले यात्रियों को इस साल बड़ी राहत की उम्मीद है। विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब स्टेट बस स्टैंड मैनेजमेंट कंपनी 696 नई बसें खरीदने जा रही है। शनिवार को इसके लिए बिडिंग प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। यह सभी बसें साधारण किस्म की होगी। इनमें ड्राइवर और कंडक्टर की दो सीटों के अलावा यात्रियों के लिए 52 सीटें होंगी। इस सरकारी कंपनी ने बसों की खरीद प्रक्रिया के तहत पूरी तरह से तैयार बसों का ही मानक रखा है। आमतौर पर बसों की खरीदारी के तहत उनकी बॉडी को दूसरी जगह से असेंबल करवाया जाता है। लेकिन यह सभी बसें पूरी तरह से तैयार होगी। सरकारी सेक्टर में बसों की खरीद हर बार चुनाव के आसपास ही होती रही है। पहले अकाली भाजपा सरकार में चुनावी वर्ष के दौरान ग्रामीण बस सेवा के तहत नई बसें खरीदी गई थी। इसके बाद कांग्रेस सरकार में 800 बसें खरीदी गई थी।
इंस्टाग्राम पर सस्ते सूट का झांसा देकर महिला से ठगी
भास्कर न्यूज | जालंधर जालंधर की एक महिला इंस्टाग्राम पर सस्ते सूट के विज्ञापन के झांसे में आ गई। महिला ने सोशल मीडिया पर दिख रहे एड में कम कीमत पर आकर्षक सूट देखे और दिए गए लिंक पर क्लिक कर दुकानदार से संपर्क किया। रेट पूछने के बाद उसने बताए गए खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए। महिला के अनुसार, एक महीने तक डिलीवरी नहीं पहुंची। जब उसने दिए गए नंबर पर संपर्क करना चाहा तो कॉल रिसीव नहीं हुई। अब न तो सामान मिला और न ही पैसे वापस हुए। खुद को ठगा महसूस करने के बाद महिला ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी पेज और स्पॉन्सर्ड एड के जरिए ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ठग कम कीमत, लिमिटेड ऑफर और भारी छूट का लालच देकर लोगों को लिंक पर क्लिक करने के लिए उकसाते हैं। भुगतान होते ही वे नंबर और पेज डिलीट कर देते हैं।
सत्र 2026-27 के लिए खेल अकादमियों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू
भास्कर न्यूज | जालंधर खेलों में अपना करियर बनाने की चाहत रखने वाले युवाओं को हर साल खेल विभाग के ट्रेनिंग सेंटर में दाखिलों का इंतजार रहता है। शनिवार को पंजाब स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स ने सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न खेल अकादमियों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू कर दी है। युवा भवन, सेक्टर 42-ए स्थित संस्थान द्वारा जारी सूचना के अनुसार, प्रदेश के प्रमुख शहरों - मोहाली, रोपड़, पटियाला, लुधियाना, जालंधर, श्री आनंदपुर साहिब, बठिंडा, श्री मुक्तसर साहिब और होशियारपुर में 28 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक चयन ट्रायल आयोजित किए जाएंगे। पंजाब के अलग-अलग जिलों में अलग-अलग खेलों के केंद्र विकसित किए गए हैं। इन सेंटरों में अलग-अलग प्रकार के खेलों के सेलेक्शन ट्रायल होंगे और जिन खिलाड़ियों की सेलेक्शन होगी उन्हें दाखिला मिलेगा। वह पढ़ाई के साथ-साथ अपने खेल के हुनर का निखार कर सकेंगे। इस वर्ष खिलाड़ियों को मिलने वाली डाइट की रकम भी बढ़ाई जा रही है। संस्थान ने कुल 45 श्रेणियों में ट्रायल की सूची जारी की एथलेटिक्स : स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स मोहाली, स्पोर्ट्स कॉलेज जालंधर, पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला और लुधियाना। हॉकी : अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम मोहाली, सुरजीत हॉकी एकेडमी जालंधर और पीएयू लुधियाना। फुटबॉल : मोहाली, माहिलपुर (होशियारपुर) और श्री आनंदपुर साहिब। बास्केटबॉल : लुधियाना, पटियाला और श्री मुक्तसर साहिब। अन्य खेल : जूडो, योगा, शूटिंग, तैराकी, वॉलीबॉल, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती के लिए भी विशिष्ट केंद्रों पर ट्रायल होंगे। खेल का नाम: ट्रायल का स्थान: आयु वर्ग एथलेटिक्स (लड़के/लड़कियां) : स्पोर्ट्स कॉलेज : अंडर 14, 17, 19, 21 हॉकी (लड़के) : सुरजीत हॉकी एकेडमी, बर्ल्टन पार्क : अंडर 14, 17, 19 स्विमिंग (लड़के) : स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जालंधर : अंडर 14, 17, 19, 25 वॉलीबॉल (लड़के) : स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, जालंधर : अंडर 17 और 19 जिमनास्टिक (लड़के) : स्पोर्ट्स कॉलेज, जालंधर : अंडर 14, 17, 19 इधर... विभिन्न जिलों में खेल मैदानों का विकास अलग से... खेल विभाग अलग-अलग जिलों में विभिन्न प्रकार की खेलों के खेल मैदान का विकास करने के लिए अलग योजना पर भी काम कर रहा है। इसके तहत पंजाब में नौ जगहों पर सिक्स ए साइड हॉकी मैदान तैयार किया जा रहे हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार के फंड से जालंधर में स्टेट लेवल का स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर बनेगा।
सिख गुरुओं पर टिप्पणी करने के आरोप में दर्ज एफआईआर का मामला
भास्कर न्यूज | जालंधर पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर को दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने पेश होने के लिए तलब किया है। सचिवालय की ओर से जारी पत्र में उन्हें 27 फरवरी को दोपहर 3 बजे उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। मामला आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी से जुड़ा है। उन पर सिख गुरुओं के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा था, जिसके बाद जालंधर में एफआईआर दर्ज की गई। जालंधर पुलिस ने अदालत में मोहाली स्थित फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा था कि संबंधित वीडियो से छेड़छाड़ की गई है। कोर्ट ने इस आधार पर वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने के निर्देश दिए थे। बाद में दिल्ली विधानसभा के सभापति की ओर से भी वीडियो की फोरेंसिक जांच करवाई गई। जांच के बाद दावा किया गया कि वीडियो के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं हुई। इसी मुद्दे को लेकर दिल्ली विधानसभा में विशेषाधिकार हनन का प्रश्न उठाया गया। विधानसभा सचिवालय ने पहले 20 फरवरी 2026 तक इस संबंध में जवाब मांगा था। सचिवालय का कहना है कि जो उत्तर प्राप्त हुआ, वह एडवोकेट जनरल की ओर से भेजा गया था, जिसे रिकॉर्ड पर ले लिया गया है। चूंकि एफआईआर जालंधर में दर्ज हुई थी, इसलिए सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर स्वयं उपस्थित होकर अपना पक्ष रखें। पत्र में निर्देश दिया गया है कि वे 27 फरवरी को निर्धारित समय पर दिल्ली विधानसभा सचिवालय में पेश होकर स्पष्टीकरण दें।
मां अन्नपूर्णा मंदिर में अन्नपूर्णा अष्टमी महोत्सव 24 को, भंडारा भी लगेगा
जालंधर | प्राचीनतम मां अन्नपूर्णा मंदिर में अन्नपूर्णा अष्टमी महोत्सव होगा। श्री राधा वल्लभ संकीर्तन मंडल द्वारा आयोजित समागम में भक्ति और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। 24 फरवरी को शाम 6:30 बजे से रात 9:30 बजे तक श्री हरिनाम संकीर्तन होगा। संकीर्तन मंडल के सदस्य और भक्त-वृंद अपनी सुरीली आवाज में मां की महिमा का गुणगान करेंगे। संकीर्तन की समाप्ति के पश्चात रात 9:30 बजे से भंडारा शुरू होगा।
अनिल सच्चर होलसेल कपड़ा एसोसिएशन जालंधर के सर्व सम्मति से प्रधान बने
जालंधर | गुरुद्वारा शहीद बाबा दीप सिंह जी, पीर बोदला बाजार में होलसेल कपड़ा व्यापारियों की मीटिंग हुई। इसमें करीब 300 थोक कपड़ा व्यापारियों ने हिस्सा लिया। व्यापारियों ने सर्व सम्मति से अनिल सच्चर को होलसेल कपड़ा एसोसिएशन जालंधर का प्रधान नियुक्त किया। मीटिंग में राज कुमार, बलदेव बल्ली, सुभाष सिक्का, पवन चावला, गुरमीत सिंह, नरबीर सिंह, हरजिंदर सिंह, लवलीन सिंह, परमजीत सिंह, गगन भगत, अजय कुमार, अश्वनी गुप्ता, हरीश अरोड़ा, राजीव दुग्गल, पवन कुमार, संदीप ऋषि, करन कुमार, दविंदर धीर, मुनीश बजाज, राजेश मिगलानी, जैन प्रकाश जैन, इकबाल भसीन, मधुसूदन धीर, विवेक गुप्ता, विपन सिक्का, बॉबी सिक्का, अभिषेक कुमार, संजीव कुमार, राकेश कुमार, घरदीप सिंह, रंजीत सिंह आदि उपस्थित रहे।
गौरी शंकर मंदिर से निशान यात्रा 28 को
जालंधर | खाटू श्याम के मेले के उपलक्ष्य में श्री गौरी शंकर मंदिर में श्री श्याम फाल्गुन महोत्सव मनाया जाएगा। प्रबंधक कमेटी द्वारा 28 फरवरी को दोपहर 3 बजे एक भव्य शोभा यात्रा (निशान यात्रा) निकाली जाएगी, जिसका शुभारंभ मंदिर परिसर से होगा। इस धार्मिक समागम में विशेष भजन संध्या का भी आयोजन किया जाएगा। प्रसाद भी बांटा जाएगा।
डेरा संतगढ़ में 42वीं बरसी पर आध्यात्मिक समागम 10 से, धार्मिक दीवान सजेंगे
जालंधर | कपूरथला रोड स्थित गुरुद्वारा डेरा संतगढ़ में ब्रह्म ज्ञानी महान तपस्वी संत बाबा महिंद्र सिंह जी हरखोवाले की 42वीं बरसी और संत बाबा दीदार सिंह जी हरखोवाले की 7वीं पवित्र याद में विशाल गुरमति समागम होगा। मुख्य सेवादार संत बाबा भगवान सिंह जी की देखरेख में आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में तमाम शहरों से संगत आएगी। समागम की शुरुआत 10 मार्च से होगी, जिसमें धार्मिक दीवान सजाए जाएंगे। इस दिन कवि दरबार होगा। संगत के साथ गुरु-इतिहास साझा होगा। दूसरे दिन 11 मार्च को सुबह 11 बजे अमृत संचार का आयोजन किया जाएगा। जो श्रद्धालु गुरु वाले बनना चाहते हैं, वे इसमें भाग ले सकते हैं। इसके साथ ही गुरु का लंगर अटूट बरतेगा। इसी दिन स्टार हॉस्पिटल के सहयोग से सुबह 11 बजे से मुफ्त मेडिकल कैंप भी लगाया जाएगा। तीसरे दिन भी समागम जारी रहेंगे। संत समागम होगा। कीर्तन दरबार में संगत गुरुबाणी की अमृत वर्षा से जुड़ेगी।
कश्यप राजपूत सभा और युवा शक्ति के सदस्यों ने की सेवा, साईं दास स्कूल से हुई शुरूआत
भास्कर न्यूज | जालंधर सरबंस दानी साहिब श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों को दूध पिलाने वाले शहीद बाबा मोती राम मेहरा की याद में कश्यप राजपूत सभा और कश्यप युवा शक्ति की ओर से नगर कीर्तन सजाया गया। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया और पंज प्यारों की अगुवाई में नगर कीर्तन की शुरुआत श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के चरणों में अरदास कर की गई। नगर कीर्तन साईं दास स्कूल की फ्लावर मार्केट से चलकर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरा। नगर कीर्तन का पुष्प वर्षा कर स्वागत और पांच प्यारों को सिरोपा प्रदान कर सम्मानित किया गया। नगर कीर्तन रैनक बाजार में शहीद बाबा मोतीराम मेहरा जी चौक में समाप्त हुआ। नगर कीर्तन में गतका अखाड़े के सिंहों ने गतके का प्रदर्शन किया। शब्दी जत्थों की ओर से गुरु साहिब जी की महिमा का गुणगान किया गया। विभिन्न संस्थाओं की ओर से नगर कीर्तन का पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। संगत के लिए विभिन्न व्यंजनों के लंगर लगाए गए। नगर कीर्तन की समाप्ति पर सभा की ओर से सभी संस्थाओं, सहयोगियों को सम्मानित किया। यहां राकेश कश्यप, पवन भोडी, काला प्रधान, गुलशन कश्यप, राजकुमार कश्यप, बलदेव कश्यप, जोगिंदर कश्यप, विजय मोंटी, जनक राज, विक्की कश्यप, नत्था राम, दीपक मेहरा, परमजीत सिंह मौजूद रहे।

