Exclusive: सैफ ईस्ट कंपनी की प्रयोगशाला से खमीर बनाने के दो फॉर्मूले चोरी, फाड़े लॉगबुक के पन्ने
संडीला की सैफ ईस्ट कंपनी की प्रयोगशाला से खमीर बनाने के दो उत्पादन सूत्र ही (फार्मूला) ही चोरी हो गए। दरअसल यह फॉर्मूला फैक्टरी की प्रयोगशाला की लाॅगबुक में लिखा था।
गढ़ाकासदा गांव में वायरल से दो मासूमों की मौत हो गई। आठ बच्चे बीमार हैं। एक बच्चा शहर के निजी अस्पताल में आईसीयू में भर्ती है।
Indore News: जेब्रा क्रासिंग पर लेटकर पोज देना युवती को पड़ा मंहगा, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
इंदौर में ज़ेब्रा क्रॉसिंग पर लेटकर रील बनाने वाली सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर प्रकृति गौर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। तुकोगंज पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर मोबाइल जब्त कर लिया है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी।
UP News Today Live: उत्तर प्रदेश ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 23 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार
UP Breaking News Today Live - Read Uttar Pradesh latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, उत्तर प्रदेश की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन.
राजधानी रायपुर के नकटी गांव स्थित ब्लू वॉटर में डूबे 24 वर्षीय आदिल खान का शव करीब 77 घंटे बाद पानी की सतह पर मिला। तीन दिनों तक SDRF और NDRF की टीमें गहरे पानी में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाती रहीं, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। शनिवार देर रात आखिरकार शव खुद पानी के ऊपर आ गया। घटना के बाद से परिजन लगातार मौके पर मौजूद थे और आदिल के मिलने का इंतजार कर रहे थे। दोस्तों से लगी थी पानी के पार जाने की शर्त जानकारी के मुताबिक, आदिल 19 अगस्त की शाम तीन दोस्तों के साथ ब्लू वॉटर घूमने पहुंचा था। इसी दौरान दोस्तों के बीच पानी के एक छोर से दूसरे छोर तक तैरकर जाने की शर्त लगी। आदिल और उसका एक दोस्त पानी में उतर गए। तैरते हुए आदिल धीरे-धीरे गहरे हिस्से की तरफ चला गया और देखते ही देखते पानी में डूब गया। घटना का वीडियो भी सामने आया था। ठंडे और गहरे पानी में सर्च ऑपरेशन मुश्किल आदिल के डूबने की सूचना के बाद माना थाना पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची। बाद में NDRF की टीम को भी रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाया गया। टीमों ने कई घंटे तक पानी के अंदर सर्च किया, लेकिन शव का पता नहीं चल पाया। ब्लू वॉटर की गहराई और पानी के अंदर कम तापमान के कारण गोताखोरों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। करीब तीन दिन तक लगातार तलाश के बावजूद जब आदिल नहीं मिला तो परिजनों की चिंता बढ़ती गई। रेस्क्यू टीमें संभावित स्थानों पर लगातार सर्च करती रहीं। करीब 77 घंटे बाद शनिवार देर रात आदिल का शव पानी की सतह पर दिखाई दिया। हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल इस घटना के बाद ब्लू वॉटर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर सवाल उठ रहे हैं। यहां पहले भी हादसे हो चुके हैं। प्रशासन की ओर से क्षेत्र में लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित करने और पूरे इलाके में फेंसिंग कराने की बात कही गई है। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने भी ब्लू वॉटर क्षेत्र को प्रतिबंधित करने और सुरक्षा के लिए फेंसिंग कराने की जानकारी दी है। दोस्तों के बीच लगी तैरने की एक शर्त ने आदिल की जान ले ली। परिवार तीन दिन से ज्यादा समय तक उसके शव के मिलने का इंतजार करता रहा। लंबी तलाश के बाद शव तो मिल गया, लेकिन हादसे ने ब्लू वॉटर में सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता आसान करने वाला बड़ा फैसला लिया है। राज्य में अब तृतीय श्रेणी के पदों की सीधी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। इसके लिए सरकार ने ‘अग्निवीर सैनिक आरक्षण नियम-2026’ का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। चार साल की सेवा पूरी कर चुके अग्निवीर इस व्यवस्था के दायरे में आएंगे। पुलिस, वन और जेल विभाग में मिलेगा सीधा फायदा इस आरक्षण का लाभ खास तौर पर पुलिस, वन और जेल विभाग में होने वाली तृतीय श्रेणी की सीधी भर्तियों में मिलेगा। निर्धारित पदों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत सीटें आरक्षित रहेंगी। सैन्य सेवा के दौरान मिले प्रशिक्षण, अनुशासन और कार्य अनुभव को देखते हुए इन विभागों की नौकरियों में यह व्यवस्था पूर्व अग्निवीरों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। चार साल की सेवा जरूरी नियम के मुताबिक, आरक्षण का लाभ उन्हीं युवाओं को मिलेगा, जिन्होंने अग्निवीर के तौर पर चार साल की सेवा पूरी की है। इसके बाद वे राज्य की पात्र तृतीय श्रेणी की सीधी भर्ती में आरक्षण का दावा कर सकेंगे। हालांकि उम्मीदवारों को संबंधित पद के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और अन्य पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होंगी। सेना से बाहर आने के बाद रोजगार का विकल्प अग्निवीर योजना के तहत युवाओं को सेना में चार साल सेवा का अवसर मिलता है। सेवा अवधि पूरी होने के बाद सभी अग्निवीरों को सेना में नियमित नियुक्ति नहीं मिलती। ऐसे में उनके सामने रोजगार का विकल्प एक बड़ी चुनौती रहता है। छत्तीसगढ़ सरकार के इस फैसले से सेवा पूरी कर चुके युवाओं को राज्य की सरकारी भर्तियों में अतिरिक्त अवसर मिलेगा। नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को फायदा तृतीय श्रेणी की आगामी सीधी भर्तियों में यह आरक्षण लागू होने से पूर्व अग्निवीरों की सरकारी नौकरी पाने की संभावनाएं बढ़ेंगी। खासकर पुलिस, वन और जेल विभाग में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सरकार का यह फैसला अहम है। अग्निवीर सैनिक आरक्षण नियम-2026 लागू होने के बाद आने वाली संबंधित भर्तियों में इसका वास्तविक लाभ मिलेगा। पढ़े आदेश की कॉपी
ब्लैक करेंसी स्कैम यानि रकम दोगुनी करने और काले नोटों को केमिकल से असली भारतीय करेंसी में बदलने का झांसा देकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का रायपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के 7 आरोपियों को पुणे के खंडाला स्थित एक रिसॉर्ट से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से 4 करोड़ रुपए से ज्यादा नकदी, 17 मोबाइल फोन, नोट के आकार के काले पेपर, कांच की प्लेटें और अन्य सामान जब्त किया गया है। आरोपियों का नाम ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ योगी, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव उर्फ कैप्टन उर्फ शेट्टी उर्फ रेड्डी, मनोज कुमार श्रीवास्तव उर्फ बड़े सर, विवेक सिंह, शुभम पांडेय, योगेन्द्र चौहान और बालमुकुंद दीक्षित बताया जा रहा है। 2005 से एक्टिव है गिरोह पुलिस के मुताबिक, गिरोह वर्ष 2005 से सक्रिय था और अब तक देशभर में 100 से ज्यादा लोगों से अरबों रुपए की ठगी कर चुका है। रायपुर में भी इसी तरीके से एक कारोबारी से 1.13 करोड़ रुपए की ठगी की गई थी। मामले में पहले दो महिला आरोपियों को नागपुर से गिरफ्तार किया जा चुका है। अब तक कुल 9 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। खुद को RBI और बड़े लोगों से जुड़ा बताते थे गिरोह के सदस्य खुद को आरबीआई से अधिकृत और प्रभावशाली लोगों और बड़े कारोबारी नेटवर्क से जुड़ा बताते थे। पीड़ितों का भरोसा जीतने के लिए नेताओं और फिल्मी कलाकारों के साथ फोटो भी दिखाते थे। कई बार निजी गनमैन के साथ पहुंचकर अपनी हैसियत का प्रभाव बनाया जाता था। 5 स्टार होटल और रिसॉर्ट में होती थी मीटिंग गिरोह कारोबारियों को दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, राजस्थान, गुजरात और अन्य शहरों के महंगे होटल, विला और रिसॉर्ट में बुलाता था। यहां निवेश, विदेशी फंड, बड़े अधिकारियों से संपर्क और रकम दोगुनी करने जैसी बातें कर पीड़ित को जाल में फंसाया जाता था। बैठकों में आरोपियों का पूरा सेटअप इस तरह होता था कि सामने वाले को यह किसी बड़े वित्तीय नेटवर्क का काम लगे। काले नोटों पर केमिकल का फर्जी खेल ठगी के लिए ‘वॉश-वॉश’ ब्लैक करेंसी स्कैम का इस्तेमाल किया जाता था। आरोपियों के पास नोट के आकार के काले पेपर और केमिकल जैसी सामग्री रहती थी। पहले से तैयार असली नोटों की मदद से नकली प्रक्रिया का प्रदर्शन किया जाता था। दावा किया जाता था कि विशेष केमिकल और विदेशी तकनीक से काले नोट असली करेंसी में बदल जाएंगे। इसके बाद विदेशी केमिकल, हाई-पावर केमिकल, टेस्टिंग, सुरक्षा मंजूरी, फंड रिलीज और अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर पीड़ित से अलग-अलग किश्तों में करोड़ों रुपए लिए जाते थे। रकम मिलते ही आरोपी फरार हो जाते या पीड़ित को नई प्रक्रिया का झांसा देकर और पैसे मांगते थे। पुणे के रिसॉर्ट में रंगे हाथों पकड़े पुलिस ने पहले गिरफ्तार महिलाओं से पूछताछ और मोबाइल चैट, संपर्क नंबर व सोशल मीडिया अकाउंट की जांच की। डिजिटल सुरागों के आधार पर मुख्य आरोपियों की लोकेशन पुणे में मिली। टीम ने करीब एक सप्ताह तक निगरानी के बाद खंडाला के एक रिसॉर्ट में दबिश दी। यहां आरोपी वाराणसी के एक व्यक्ति को रकम दोगुनी करने का झांसा देकर बुला चुके थे। पीड़ित करोड़ों रुपए लेकर रिसॉर्ट पहुंचा था और रकम आरोपियों को सौंप चुका था। इसी दौरान पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया। कई शहरों में फैला नेटवर्क पूछताछ में आरोपियों ने छत्तीसगढ़, नोएडा, पुणे, बड़ौदा, उदयपुर और दिल्ली समेत कई राज्यों में इसी तरह की वारदात करना स्वीकार किया है। प्रवीण कुमार श्रीवास्तव और मनोज कुमार श्रीवास्तव पहले भी मुंबई और वाराणसी में ठगी के मामलों में जेल जा चुके हैं। गिरोह के कुछ अन्य आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। पहले खुद ठगे फिर खड़ा किया ठगी का नेटवर्क पुलिस की जांच में सामने आया है, कि आरोपी जिस पैटर्न से लोगों के साथ ठगी करते थे। इस पैटर्न से वो खुद 2005 के पहले ठगे गए थे। खुद के पैसे गवाने के बाद आरोपियों ने पूरा नेटवर्क खड़ा किया और उसके बाद ठगी शुरु की। पैसा ब्लैक का होने के कारण अब तक आरोपियों के खिलाफ केवल दो केस दर्ज हुए है। पुलिस अधिकारियों ने पीड़ितों से संपर्क करने की अपील की है। इस तरह तलाशते थे शिकार पुलिस की जांच में सामने आया है, कि आरोपी, सिंडिकेट के सदस्य और उनके द्वारा फैलाए गए एजेंट क्लब, पार्टी, योगा सेंटर और वीआईपी आयोजनों में शामिल होते और हाईप्रोफाइल लोगों से जान पहचान करते थे। जान पहचान के बाद आरोपी अपने झांसे में लेते और लोगों से छोटा अमाउंट इन्वेस्टमेंट कराते थे। अमाउंट में मिले पैसों का सीरियल नंबर इन्वेस्टर से लिखवाते और फिर अपने पास रखे असली पैसों को केमिकल से काला करके उन्हें वापस कर देते। केमिकल से रंगे हुए पैसों को क्लीन करके इन्वेस्टर उसे बाजार में चलाता और ज्यादा अमाउंट आरोपियों केा दे देता था। ज्यादा अमाउंट मिलते ही आरोपी दोबारा कागज को गड्डीनुमा मिलाकर उसे केमिकल से काला करते और इन्वेस्टर को देकर फरार हो जाते थे।
अब 30-31 अगस्त को होगी बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति की बैठक:ओरछा के होटल राजमहल में जुटेंगे दिग्गज
मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की प्रदेश कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक इस बार ऐतिहासिक नगरी ओरछा में आयोजित होने जा रही है। यह दो दिवसीय बैठक 30 और 31 अगस्त को ओरछा के प्रतिष्ठित राजमहल पैलेस होटल और राजविलास होटल में होगी। बैठक की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए नेताओं का ओरछा पहुंचने का सिलसिला 29 अगस्त से ही शुरू हो जाएगा, जबकि मुख्य बैठक से पहले 25 अगस्त को एक अहम 'टोली बैठक' भी आयोजित की जाएगी। तैयारियों को लेकर ओरछा में हुई बैठक शनिवार को ओरछा में संगठन के बड़े पदाधिकारियों ने तैयारियों का जायजा लेने के लिए एक विशेष बैठक की। इस बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेन्द्र बरूआ, प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन, प्रदेश मंत्री अर्चना सिंह और उपाध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा प्रमुख रूप से मौजूद रहे। पूरी बैठक की व्यवस्थाओं की मुख्य जिम्मेदारी गौरव रणदिवे और शैलेन्द्र बरूआ को सौंपी गई है, जो सभी इंतजामों की खुद निगरानी कर रहे हैं। प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे मुख्य आकर्षण इस कार्यसमिति बैठक के दौरान केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और सरकार के ऐतिहासिक कामों पर आधारित एक भव्य प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इस प्रदर्शनी को तैयार करने और इसकी पूरी कमान संभालने की जिम्मेदारी पार्टी के वरिष्ठ नेता लोकेन्द्र पाराशर को दी गई है। इसके साथ ही, दो दिवसीय बैठक के दौरान रात्रिकालीन समय में अतिथियों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। ओरछा में 400 कमरों की बुकिंग बैठक में आने वाले अतिथियों के लिए दो विशेष प्रकार की व्यवस्थाएं की गई हैं। ओरछा रेलवे स्टेशन से लेकर होटल तक नेताओं को ससम्मान पहुंचाने के लिए विशेष परिवहन की व्यवस्था रहेगी। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ होगी, जिसके बाद सभी नेता प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे और फिर अपना पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) कराकर मुख्य सभागार में प्रवेश करेंगे। इस बैठक के लिए ओरछा क्लब एंड रिजॉर्ट, ओरछा पैलेस सहित विभिन्न होटलों में करीब 400 कमरे बुक कराए गए हैं। करीब 400 नेता होंगे शामिल इस कार्यसमिति की कुल सदस्य संख्या की बात करें, तो इस बार प्रदेश कार्यसमिति में कुल 106 नियमित सदस्यों को शामिल किया गया है। इसके अलावा, संगठनात्मक संतुलन और वरिष्ठ नेताओं के अनुभव का लाभ लेने के लिए पार्टी ने 41 विशेष आमंत्रित सदस्यों को भी इस कार्यसमिति का हिस्सा बनाया है। इस तरह मुख्य सूची और आमंत्रितों को मिलाकर यह संख्या करीब 150 के पास पहुंचती है, लेकिन पदेन सदस्यों (सांसद, विधायक और अन्य) को जोड़ने के बाद पूरी बैठक में करीब 350 से 400 नेताओं की मौजूदगी रहेगी। बैठक के मुख्य मंच पर प्रदेश अध्यक्ष के साथ मुख्यमंत्री, दोनों उपमुख्यमंत्री और राज्य मंत्रिमंडल के तमाम कद्दावर कैबिनेट व राज्य मंत्री इस बैठक का हिस्सा बनेंगे, जिनमें प्रमुख रूप से तुलसीराम सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, विश्वास सारंग, कुंवर विजय शाह, नारायण सिंह कुशवाहा, प्रद्युम्न सिंह तोमर और कृष्णा गौर जैसे दिग्गज अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। इनके साथ ही मध्य प्रदेश से आने वाले सभी केंद्रीय मंत्री, राष्ट्रीय पदाधिकारी और राज्य के सभी भाजपा लोकसभा व राज्यसभा सांसद और विधायक भी ओरछा पहुंचेंगे।
गोंडा के नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित एक अनुदानित मदरसे में नाबालिग छात्राओं के साथ कथित अश्लील हरकत और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने सहायक शिक्षक खालिद हुसैन को गिरफ्तार कर शनिवार देर शाम करीब 6:30 बजे जेल भेज दिया। प्रधानाचार्य की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ पोक्सो एक्ट और छेड़छाड़ समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामला 15 जुलाई 2026 को सामने आया था। कक्षा 5 में पढ़ने वाली कई छात्राओं ने प्रधानाचार्य के कार्यालय पहुंचकर शिक्षक के खिलाफ शिकायत की थी। छात्राओं ने आरोप लगाया था कि सहायक शिक्षक खालिद हुसैन कक्षा में उनके साथ अनुचित तरीके से छूते थे। छात्राओं ने शिक्षक पर गाल और शरीर के अन्य अंगों को छूने तथा आपत्तिजनक बातें करने का आरोप लगाया था। शिक्षक को कक्षा से हटाया छात्राओं की शिकायत को प्रधानाचार्य ने गंभीरता से लिया। उनके बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई गई। इसके बाद आरोपी शिक्षक को तत्काल कक्षा 4 और 5 के अध्यापन कार्य से हटा दिया गया। प्रधानाचार्य ने शिक्षक से पूरे मामले में लिखित स्पष्टीकरण भी मांगा। साथ ही संस्थान के प्रबंधक को छात्राओं की शिकायत और सामने आए आरोपों की जानकारी दी गई। आरोपी सहायक शिक्षक खालिद हुसैन ने अपने लिखित स्पष्टीकरण में छात्राओं के आरोपों को खारिज किया। उसने कहा कि वह बच्चों को केवल प्यार और मेहनत के साथ पढ़ाता है। हालांकि, छात्राओं की शिकायत और शिक्षक के लिखित जवाब में विरोधाभास सामने आने के बाद संस्थान प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को पत्र भेजा। प्रबंधन ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। चार अधिकारियों की टीम ने की मामले की जांच शिकायत के बाद मामले की जांच के लिए संयुक्त टीम गठित की गई। इसमें खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय/नगर क्षेत्र, खंड शिक्षा अधिकारी नवाबगंज, जिला बाल संरक्षण अधिकारी और नायब तहसीलदार सदर शामिल रहे। जांच टीम ने मदरसे में पहुंचकर छात्राओं के साथ-साथ आरोपी शिक्षक, प्रधानाचार्य और प्रबंधक से भी पूछताछ की। टीम ने शिकायत से जुड़े तथ्यों और छात्राओं के आरोपों की विस्तार से पड़ताल की। जांच में आरोप सही पाए गए जांच टीम की पड़ताल के बाद छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय ने मदरसे के प्रधानाचार्य को आरोपी शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रधानाचार्य ने नगर कोतवाली पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने 21 अगस्त की देर शाम आरोपी शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। मुकदमा दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू की। नगर कोतवाली पुलिस ने शनिवार देर शाम करीब 6:30 बजे खालिद हुसैन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस तरह मुकदमा दर्ज होने के करीब 24 घंटे के भीतर पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। छात्राओं के साथ ‘बैड टच’ और गलत टिप्पणी का आरोप नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि मदरसे के सहायक शिक्षक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि मदरसे के प्रधानाचार्य ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि नाबालिग बालिकाओं के साथ आरोपी शिक्षक बैड टच करता था और उनके साथ गलत तरीके से टिप्पणियां करता था। नगर कोतवाल के अनुसार, तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। गिरफ्तारी के बावजूद आरोपी की फोटो जारी न करने पर सवाल मामले में पुलिस की कार्रवाई तेजी से हुई, लेकिन आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी के बाद उसकी फोटो और विस्तृत जानकारी मीडिया को उपलब्ध नहीं कराई गई। इसे लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। आमतौर पर पुलिस कई मामलों में गिरफ्तारी के बाद आरोपियों की तस्वीरें मीडिया को उपलब्ध कराती है। हालांकि, इस मामले में पुलिस की ओर से आरोपी की फोटो जारी नहीं की गई है। ऐसे में सवाल यह भी है कि गंभीर आरोपों वाले इस मामले में पुलिस ने मीडिया को आरोपी की तस्वीर उपलब्ध क्यों नहीं कराई। पुलिस अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। अब जांच और कानूनी प्रक्रिया पर नजर मामले में पुलिस ने पोक्सो और छेड़छाड़ समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी को जेल भेजे जाने के बाद अब विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। छात्राओं के बयान, जांच टीम की रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को मुकदमे की जांच का हिस्सा बनाया जाएगा।
प्रयागराज में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) शोध सहायक (अभियांत्रिकी) परीक्षा-2025 का आयोजन 8 सितंबर 2026 को करेगा। तीन पदों पर भर्ती के लिए होने वाली परीक्षा लखनऊ के अलीगंज स्थित आयोग के शिविर कार्यालय में दो पालियों में आयोजित होगी। आयोग ने परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया है। पहली पाली में सामान्य अध्ययन और हिंदी परीक्षा की पहली पाली सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक होगी। इसमें सामान्य अध्ययन और सामान्य हिंदी की वस्तुनिष्ठ प्रकार की परीक्षा आयोजित की जाएगी। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:30 से शाम 5:30 बजे तक चलेगी। इसमें सामान्य अभियंत्रण एवं प्रौद्योगिकी विषय की परीक्षा होगी। इसका स्वरूप परंपरागत यानी लिखित रहेगा। तीन पदों पर होगी भर्ती शोध सहायक (अभियांत्रिकी) के तीन पदों पर भर्ती के लिए UPPSC ने 3 नवंबर 2025 को विज्ञापन जारी किया था। इसके तहत सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, कृषि, इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर में निर्धारित शैक्षिक योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे गए थे। भर्ती के लिए अभ्यर्थियों की आयु 21 से 40 वर्ष निर्धारित की गई थी। चयन लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाएगा। अलीगंज स्थित परीक्षा भवन में होगी परीक्षा आयोग के अनुसार परीक्षा लखनऊ के सेक्टर-डी, अलीगंज स्थित आयोग के शिविर कार्यालय के परीक्षा भवन में आयोजित होगी। अभ्यर्थियों को परीक्षा से जुड़ी आवश्यक जानकारी और निर्देश आयोग की ओर से जारी सूचना के अनुसार देखने होंगे।
प्रयागराज में बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश चुनाव की मतगणना के दूसरे चरण में शनिवार को 17वां एलिमिनेशन राउंड पूरा हुआ। इस राउंड में छह प्रत्याशी चुनावी दौड़ से बाहर हो गए। उनके मत निर्धारित प्रक्रिया के तहत शेष प्रत्याशियों के खाते में ट्रांसफर किए गए। 1432 मतों की गणना में 1352 वैध मत ट्रांसफर हुए, जबकि 80 मत एक्सपायर्ड घोषित किए गए। प्रयागराज के 3 प्रत्याशी भी बाहर 17वें राउंड में बाहर होने वाले छह प्रत्याशियों में प्रयागराज के राजीव कुमार सैनी, अरुण कुमार सोनकर और प्रभात मिश्रा शामिल हैं। इनके अलावा मुजफ्फरनगर के सानुज मलिक, लखनऊ के वीरेंद्र प्रताप सिंह यादव और आगरा के रघुवीर सिंह मौर्य चुनाव से बाहर हुए। दस्तावेजों में इन प्रत्याशियों के नाम क्रमशः 172 से 177 तक दर्ज हैं। राजीव कुमार सैनी को मिले 246 मतों में से 3 मत ट्रांसफर हुए। अरुण कुमार सोनकर को मिले 241 और सानुज मलिक के 237 मतों में से कोई मत ट्रांसफर नहीं हुआ। प्रभात मिश्रा के 235, रघुवीर सिंह मौर्य के 235 और वीरेंद्र प्रताप सिंह यादव के 235 मत अंतिम तालिका में दर्ज किए गए। 1352 मत हुए ट्रांसफर छह एलिमिनेशन प्रक्रियाओं में क्रमशः 205, 223, 228, 233, 223 और 240 वैध मत ट्रांसफर हुए। वहीं 30, 12, 7, 4, 18 और 9 मत एक्सपायर्ड घोषित किए गए। इस तरह कुल 1432 मतों में से 1352 वैध मत ट्रांसफर हुए और 80 मत एक्सपायर्ड रहे। अनुराग पांडेय सबसे आगे 17वें एलिमिनेशन राउंड के बाद भी अनुराग पांडेय बढ़त बनाए हुए हैं। उनके खाते में 4862 मत हैं। प्रशांत सिंह अटल 4585 मतों के साथ दूसरे और देवेंद्र मिश्रा नागराहा 4041 मतों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। दूसरे चरण की मतगणना आगे बढ़ने के साथ प्रत्याशियों की संख्या लगातार कम हो रही है। हर एलिमिनेशन राउंड में वैध मतों के ट्रांसफर से शीर्ष प्रत्याशियों के बीच मुकाबले की तस्वीर भी लगातार साफ होती जा रही है।
प्रयागराज में चलेगी डबल डेकर ई-बस:पत्थर गिरजाघर से झूंसी त्रिवेणीपुरम तक रूट फाइनल,किराया 20-30 रुपए
प्रयागराज में डबल डेकर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन झूंसी रूट पर फाइनल कर दिया गया है। सिविल लाइंस के पत्थर गिरिजाघर से बसें झूंसी के त्रिवेणीपुरम तक चलाई जाएंगी। जिसका न्यूनतम किराया 20 रुपये, अधिकतम 30 रुपये रहेगा। रूट व किराया ईटीएम मशीन में फीड किए जा रहे हैं। महाकुंभ के समय बसें ट्रायल पर आई और संचालन न होने के कारण वापस भेजी गई थी। रूट व संचालन शहर के सिविल लाइन्स पत्थर गिरिजाघर से बसें सुभाष चौराहा व हनुमान मंदिर मेडिकल चौराहा होते हुए रामबाग फ्लाईओवर के मार्ग से अलोपीबाग जाएंगी। इसके बाद शास्त्री पुल पार कर झूंसी त्रिवेणीपुरम तक पहुंचना होगा। वापसी में भी यही मार्ग अपनाया जाएगा। महाकुंभ के दौरान 26 ई‑अटल बसें मिली थीं, जिनमें से दो डबल डेकर थीं। बाकी बसों का संचालन शुरू हो गया था, पर डबल डेकर रूट तय न होने के कारण पहले वापस भेज दी गई थीं। क्यों रुकी थीं बसें? शहर में रूट पर बिजली के तार, आरयूबी‑आरओबी जैसे संरचनात्मक अवरोध और ऊंचाई सम्बन्धी मसले सामने आए थे, जिनके कारण डबल डेकर बसें पहले प्रयागराज में नहीं चल पाईं। अब इन अड़चनों को ध्यान में रखकर पत्थर गिरिजाघर—झूंसी रूट को अंतिम रूप दिया गया है। परिवहन निगम का बयान परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक रवींद्र सिंह के मुताबिक जल्द ही डबल डेकर बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल 28 अगस्त तक सावन के कारण शास्त्री पुल पर आवागमन डायवर्ट है। डायवर्जन हटने के बाद बसें झुसी तक चलाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रयाग डिपो इन बसों का संचालन करेगा और रूट‑किराये की जानकारी ईटीएम में फीड की जा रही है।
बरेली में खाद्य सुरक्षा विभाग ने फरीदपुर स्थित एक पैकेज्ड वाटर इकाई अनुप्रिया बेवरेजेज पर छापा मारा। जांच के दौरान बोतलों पर कथित तौर पर फर्जी लाइसेंस नंबर और अधूरा पता दर्ज होने का मामला सामने आया। विभाग ने मौके से बिक्री के लिए तैयार 3915 बोतलें सीज कर दीं, जिनकी अनुमानित कीमत 48,060 रुपये है। यह कार्रवाई शनिवार को सहायक आयुक्त (द्वितीय) राहुल सिंह के नेतृत्व में की गई। टीम में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय गोयल और खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश कुमार शुक्ला व इंद्रजीत सिंह शामिल थे। टीम ने फरीदपुर के मोहल्ला सुखदेवपुरम, ससैय्या रोड, लाइनपार स्थित अनुप्रिया बेवरेजेज का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, बुधौली निवासी नितिन तोमर इकाई में 1000 एमएल और 500 एमएल की पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की बोतलें तैयार करते हुए पाए गए। टीम ने उत्पादन और पैकेजिंग से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की। जांच में बोतलों पर अंकित लाइसेंस नंबर संदिग्ध पाया गया। विभाग का आरोप है कि इकाई द्वारा फर्जी लाइसेंस नंबर का उपयोग किया जा रहा था। इसके अतिरिक्त, बोतलों पर निर्माता का पूरा पता भी दर्ज नहीं था; लेबल पर केवल 'अनुप्रिया बेवरेजेज उत्तर प्रदेश बरेली' लिखा था। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर का एक नमूना भी लिया है। इसे फूड एनालिस्ट के पास गुणवत्ता और मानकों की जांच के लिए भेजा गया है। छापेमारी के दौरान, बिक्री के लिए तैयार कुल 3915 बोतलें सीज की गईं, जिनकी अनुमानित कीमत 48,060 रुपये है। साथ ही, पानी भरने वाली मशीन का नोजल भी सील कर दिया गया है, जिससे अगले आदेश तक उत्पादन बंद रहेगा। सहायक आयुक्त (द्वितीय) राहुल सिंह ने बताया कि नमूने की जांच रिपोर्ट और लाइसेंस से संबंधित तथ्यों की पुष्टि के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर में चीनी के स्टॉक की जांच करने पहुंचे अधिकारी:महेवा व साहबगंज मंडी में रेट लिस्ट चेक की गई
चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच प्रशासन ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। शनिवार को खाद्य विभाग की टीम ने महेवा गल्ला मंडी एवं साहबगंज मंडी में जांच की। वहां व्यापारियों के स्टाक का मिलान किया गया और रेट चेक किया गया। इस जांच में सभी व्यापारियों के यहां स्टाक व रेट सही मिला है। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने शुक्रवार को पर्याप्त स्टाक होने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि थोक व्यापारियों के यहां जांच कराएंगे। कहीं कालाबाजारी पकड़ी गई तो कार्रवाई होगी। डिप्टी आरएमओ अरविंद कुमार दुबे, कृष्ण सहाय पाठक, उपेंद्र कुमार उपाध्याय एवं पुष्पेंद्र शुक्ल, मंडी सचिव दिलीप कुमार वर्मा ने व्यापारियों के स्टॉक, स्टॉक रजिस्टर, बिल एवं रेट लिस्ट की बारीकी से जांच की। जाच में अधिकांश स्थानों पर स्टॉक और रेट सही पाए गए। व्यापारियों ने अपना स्टॉक सिस्टम पर भी लोड कर दिया है। चेंम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय कुमार सिंघानिया ने बताया कि व्यापारियों ने अधिकारियों का भरपूर सहयोग किया है। उन्होंने कहा हमारा व्यापारी समाज कभी नहीं चाहता कि किसी स्तर पर महंगाई हो। यह सब खेल बड़े उद्योगपतियों का है, जिसका खामियाजा छोटे व्यापारियों को जांच और परेशानी झेलकर भुगतना पड़ता है। व्यापारियों ने हमेशा देशहित में कार्य किया है और आगे भी करते रहेंगे। हमारा व्यापारी समाज आज तक किसी भी तरह की जमाखोरी में शामिल न हुआ है, न होगा। हम सभी राष्ट्र प्रेमी और देश प्रेमी हैं। जानिए डीएम ने क्या कहा था डीएम दीपक मीणा ने शुक्रवार की रात वीडियो जारी कर कहा था कि प्रदेश में चीनी के स्टाक की कोई कमी नहीं है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर फैलायी जा रही अफवाहों पर उन्होंने ध्यान न देने की अपील की है। डीएम ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपनी जरूरत के अनुसार बाजार से चीनी खरीद सकता है। हालांकि प्रशासन कालाबाजी की जांच भी करेगा। इसके लिए जल्द ही थोक व्यापारियों के यहां छापे पड़ेंगे। डीएम ने सभी थोक व्यापारियों से अपील की थी कि वे अपना स्टाक भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के पोर्टल पर चीनी के स्टाक की स्थिति तत्काल घोषित करें। नियमित रूप से उसे अपडेट भी करना होगा। डीएम ने कहा कि जिले के थोक व्यापारियों के स्टाक की आकस्मिक जांच कराई जाएगी। यदि कोई व्यापारी जमाखोरी करते पकड़ा गया तो उसके विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रविधानों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। नवंबर तक की मांग पूरी करने में कोई दिक्कत नहीं होगी डीएम ने कहा कि इतना स्टाक मौजूद है कि नवंबर तक की मांग पूरी कर ली जाएगी। उससे पहले ही चीनी मिलें चालू हो जाएंगी और नया उत्पाद भी शुरू कर दिया जाएगा। बहुत कम समय के लिए कृत्रिम मांग पैदा हुई है। जिससे दाम बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि कोई आर्टिफिशियल डिमांड पैदा करते पाया जाएगा, कालाबाजारी करते पाया जाएगा तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने लोगों से अपील की है कि वे पैनिक न हों। व्यापारियों को भी दी गई जानकारीप्रशासन की ओर से चीनी के कारोबार से जुड़े व्यापारियों को इस बात की जानकारी दे दी गई है कि किसी भी दशा में चीनी की कालाबाजारी नहीं होनी चाहिए। उनकी जानकारी में यदि कोई ऐसा कर रहा है तो उसके बारे में प्रशासन को बताया जाए। व्यापारियों ने सहयोग का भरोसा दिया है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि आकस्मिक जांच कराकर स्टाक का मिलान किया जाएगा। यदि कहीं कालाबाजारी पकड़ी गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हर पीड़ित तक पहुंचे राहत, बाढ़ को लेकर सीएम योगी की हाई लेवल मीटिंग, सभी जिलों के डीएम को किया अलर्ट
बाढ़ को देखते हुए सीएम योगी ने शनिवार को शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में फील्ड में तैनात प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इस दौरान सीएम योगी ने सभी डीएम को अलर्ट रहने का निर्देश दिया।
लखनऊ में हाईकोर्ट के निजी सचिव के घर चोरी:9 लाख के जेवर और कैश ले गए चोर, CCTV में 2 संदिग्ध दिखे
लखनऊ के चिनहट में हाईकोर्ट के निजी सचिव के बंद मकान में लाखों की चोरी हो गई। चोर मेन गेट का ताला तोड़कर घर में घुसे और अलमारी से 1 लाख रुपए नकद और करीब 9 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवर ले गए। परिवार 19 अगस्त को पटना गया था, इसी दौरान चोरों ने वारदात की। पड़ोसी की सूचना पर पुलिस पहुंची। घर के सामने लगे सीसीटीवी में दो संदिग्ध चोर भी दिखाई दिए। ओला बुक कर परिवार के साथ स्टेशन गए माधव ग्रींस लोलाई निवासी गौतम कुमार सिन्हा हाईकोर्ट में निजी सचिव हैं। उन्होंने बताया कि पटना में उनके भतीजे यश वर्मा की तबीयत खराब है और वह अस्पताल में भर्ती है। इसी वजह से 19 अगस्त की सुबह करीब 3:30 बजे वह पत्नी नीतू और दो बच्चों के साथ ओला बुक कर स्टेशन के लिए निकले थे। 21 अगस्त को पड़ोसी सुभाष की पत्नी ने फोन कर बताया कि उनके घर का मेन गेट खुला हुआ है। गौतम ने चौकी प्रभारी मनोज कुमार को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की। फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए। शनिवार सुबह पटना से लौटने पर गौतम ने घर की जांच की तो चोरी का पता चला। उनके मुताबिक, चोरों ने मेन गेट का ताला तोड़ने के बाद रसोई की रोशनदान वाली खिड़की तोड़ी और अंदर घुसे। इसके बाद कमरे की अलमारी का लॉक तोड़कर नकदी और जेवर चोरी कर लिए। मामले में चिनहट थाने में तहरीर दी गई है। सीसीटीवी में दिखे दो संदिग्ध पड़ोसी के घर लगे कैमरे में दो लोग दिखाई दे रहे हैं। फुटेज में दोनों घर में दाखिल होते और कुछ देर बाद सामान लेकर बाहर निकलते नजर आ रहे हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर उनकी पहचान करने में जुटी है। काम करने वाली महिला और दूधवाले पर संदेह गौतम ने पुलिस को बताया कि उनके घर पर फूलमती काम करती है और अर्जुन दूध देने आता है। घर से निकलते समय ओला चालक ने भी उनसे कुछ सवाल किए थे। उन्होंने इन लोगों पर संदेह जताया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और दूसरे साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।
अयोध्या में पंचकोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण को मंजूरी, इतने करोड़ होंगे खर्च
योगी सरकार ने अयोध्या के पंचकोसी परिक्रमा मार्ग को फोर लेन करने की मंजूरी दी है। हनुमान गुफा से झुनकी घाट तक 9.025 किमी मार्ग के चौड़ीकरण पर 466.46 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे श्रद्धालुओं का आवागमन सुगम और सुरक्षित होगा तथा भीड़ व दुर्घटनाओं का खतरा घटेगा।
कानपुर के जाजमऊ थाना क्षेत्र में शनिवार रात 9 हफ्ता वसूली के विरोध पर मां-बेटे पर हमला किया गया। जेके चौराहे पर सब्जी बेच रहे मां-बेटे को आधा दर्जन युवकों ने बांस, लाठी-डंडों और ईंट से पीटा। हमले में बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि मां के साथ भी मारपीट की गई। वहीं, बेटे की हालत गंभीर देख रात 10:30 बजे हैलट ररेफ़र कर दिया। तिवारीपुर बगिया निवासी पुष्पा देवी और उनके बेटे शिवम कुमार पिछले करीब एक महीने से जेके फ्लाईओवर के नीचे सब्जी की दुकान लगाते हैं। शनिवार रात करीब 9 बजे दोनों दुकान पर मौजूद थे, तभी आधा दर्जन युवक वहां पहुंचे और उनसे हफ्ता वसूली की मांग करने लगे। पीड़ितों के मुताबिक, रकम देने से इनकार करने पर आरोपी भड़क गए। दबंगों ने शिवम को घेरकर बांस और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इसके बाद ईंट से भी वार किए गए, जिससे शिवम जमीन पर गिर पड़ा। बेटे को बचाने आईं पुष्पा देवी को भी आरोपियों ने पीटा। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव किया। भीड़ बढ़ती देख आरोपी मौके से भाग निकले। मारपीट के दौरान किसी व्यक्ति ने घटना का वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में कुछ युवक मारपीट करते नजर आ रहे हैं। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है। शिवम की हालत गंभीर होने के कारण उसे हैलट अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि पुष्पा देवी का भी उपचार कराया गया। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। जाजमऊ थाना प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर जांच की जा रही है। पीड़ित पक्ष से तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
रामपुर के स्वार क्षेत्र में पुल निर्माण की मांग को लेकर स्कूली बच्चों को नदी में खड़ा कराने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद की एक्स पोस्ट के बाद प्रशासन ने मामले की जांच कराई। खंड शिक्षा अधिकारी की तहरीर पर स्वार कोतवाली पुलिस ने पांच नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मामला रुस्तमनगर गांव से जुड़ा है। चंद्रशेखर आजाद ने शनिवार को एक्स पर पोस्ट कर स्वार क्षेत्र में घूघा और पीलाखार नदियों पर पुल नहीं होने का मुद्दा उठाया था। उन्होंने बताया था कि पुल के अभाव में ग्रामीण अस्थायी साधनों के सहारे जोखिम उठाकर नदी पार करते हैं। पोस्ट में स्कूली बच्चों के नदी में खड़े होने की फोटो और वीडियो का भी उल्लेख किया गया था। पोस्ट सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। खंड शिक्षा अधिकारी की तहरीर पर केस प्रशासन की ओर से मामले की जांच कराई गई। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी स्वार फोटो लाल ने स्वार कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने रुस्तमनगर निवासी गौतम, शिवम, नूर हसन, शमीम उल हसन और जामिनगंज निवासी सुनील कुमार के अलावा एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। बच्चों को नदी में खड़ा कराने का आरोप तहरीर में आरोप लगाया गया है कि फोटो और वीडियो में बच्चों को जानबूझकर नदी में खड़ा कराया गया था। इसका उद्देश्य पुल निर्माण की मांग को लेकर दृश्य तैयार कर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करना बताया गया है। प्रशासन ने इस कृत्य को बच्चों की सुरक्षा के लिए जोखिम भरा माना है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बच्चों को नदी में किसने और किन परिस्थितियों में खड़ा कराया था। नामजद और अज्ञात की भूमिका की जांच अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी की तहरीर के आधार पर स्वार कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस नामजद आरोपियों के साथ अज्ञात व्यक्ति की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर शनिवार को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की संयुक्त टीम ने एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया। उसके पास भारत में प्रवेश के लिए कोई वैध पासपोर्ट या वीजा नहीं मिला। यह गिरफ्तारी प्लेटफार्म नंबर-3 पर ट्रेन नंबर 15658 ब्रह्मपुत्र मेल की जांच के दौरान हुई। एएसआई भोलानाथ के नेतृत्व में टीम को एक यात्री संदिग्ध अवस्था में मिला, जिसकी पूछताछ में विदेशी नागरिक होने की पुष्टि हुई। इसके बाद उसे आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपी थाने लाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय खुफिया इकाई (LIU), आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की टीमों को सूचित किया गया। जांच में यात्री की पहचान मो. रियाज अहमद (23 वर्ष) पुत्र मो. शाहजहां, निवासी मजलिसपुर, पोस्ट हबीगंज, थाना हबीगंज सदर, जनपद हबीगंज, सिलहट डिवीजन, बांग्लादेश के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके पास से एक सफेद रंग का रेडमी 5जी मोबाइल फोन, एक नीले रंग का पर्स, 110 रुपये नकद और बांग्लादेश में जारी जन्म प्रमाण पत्र की छायाप्रति मिली। जन्म प्रमाण पत्र पर उसकी जन्मतिथि 14 सितंबर 2003 दर्ज है। पुलिस के अनुसार, रियाज अहमद के पास भारत में प्रवेश के लिए कोई वैध पासपोर्ट, वीजा या अन्य दस्तावेज नहीं थे। उपलब्ध दस्तावेजों और पूछताछ के आधार पर उसके बांग्लादेशी नागरिक होने की पुष्टि हुई। पुलिस ने आशंका व्यक्त की है कि उसने भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा को अवैध रूप से पार कर भारत में प्रवेश किया। पुलिस ने किसी संगठन से उसके संभावित जुड़ाव की आशंका से भी इनकार नहीं किया है। उसे इमीग्रेशन एंड फॉरेनर एक्ट, 2025 की धारा 21 के तहत शनिवार शाम लगभग 7:15 बजे पुलिस हिरासत में लिया गया। जीआरपी ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू करने की रिपोर्ट भेजी है।
50 हजार रिश्वत मांगने वाला एआरटीओ बाबू निलंबित:पहले रजिस्ट्रेशन डेस्क से हटाया, लखनऊ से किया अटैच
जौनपुर में एआरटीओ कार्यालय में रजिस्ट्रेशन के नाम पर कथित घूसखोरी के मामले में शनिवार रात करीब 10 बजे बाबू गणेश दत्त को निलंबित कर दिया गया। उन पर ट्रक मालिक से पांच गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन के लिए 50 हजार रुपये मांगने का आरोप है। निलंबन के बाद उन्हें लखनऊ से संबद्ध किया गया है। इससे पहले शनिवार को उप परिवहन आयुक्त भीमसेन सिंह और एआरटीओ प्रशासन राघवेंद्र सिंह ने कार्यालय पहुंचकर मामले की जांच की थी। रजिस्ट्रेशन पटल से हटाकर डिस्पैच का काम सौंपा था उप परिवहन आयुक्त के कार्यालय पहुंचने के बाद बाबू गणेश दत्त को रजिस्ट्रेशन पटल से हटाकर डिस्पैच पटल की जिम्मेदारी दी गई थी। भीमसेन सिंह ने बताया था कि मामले की जांच जारी है और आवश्यक लिखापढ़ी शासन को भेजी जा रही है। देर रात जांच के बाद बाबू के निलंबन की कार्रवाई की गई। पांच ट्रक लेकर कार्यालय पहुंचा था वाहन मालिक शुक्रवार को मड़ियाहूं निवासी ट्रक मालिक विनय कुमार सिंह अपनी पांच गाड़ियों को लेकर एआरटीओ कार्यालय पहुंच गए थे। उन्होंने कार्यालय के गेट पर ट्रक खड़े कर प्रदर्शन किया था। विनय का आरोप था कि उनकी पांच गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन के लिए प्रति गाड़ी 10 हजार रुपये की मांग की जा रही है। आरआई ने गाड़ियों को बताया था ओके विनय सिंह के अनुसार, उनकी करीब तीन करोड़ रुपये कीमत की पांच ट्रेलर गाड़ियां रजिस्ट्रेशन के लिए कार्यालय में खड़ी थीं। आरआई ने गाड़ियों की जांच और माप के बाद उन्हें ओके कर दिया था, लेकिन आरोप है कि रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई। विनय ने कहा कि गाड़ियां खड़ी रहने से उन्हें बैंक की किश्तों का नुकसान हो रहा है। जांच के बाद दूसरे बाबू से कराया जा रहा था काम आरआई अशोक यादव ने बताया था कि संबंधित बाबू के हाईकोर्ट जाने के कारण उनके स्थान पर दूसरे बाबू को नामित कर गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है। प्रदर्शन के बाद ट्रकों को भी वहां से हटवा दिया गया था। शिकायतकर्ता ने धरने की दी थी चेतावनी शनिवार दिन में कार्रवाई के बाद शिकायतकर्ता विनय सिंह ने असंतोष जताया था। उन्होंने कहा था कि यदि बाबू गणेश दत्त के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो वह मंगलवार तक धरने पर बैठेंगे। उन्होंने दावा किया था कि जिले के कई मोटर मालिक इस तरह की समस्या से परेशान हैं। देर रात बाबू के निलंबन के बाद मामले में विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ गई है।
मोबाइल चलाते समय अचानक गिरी महिला की मौत:एक दिन पहले मायके आई थी, हार्टअटैक की आशंका
ललितपुर में शनिवार शाम करीब 7 बजे मोबाइल चलाते समय 21 साल की युवती अचानक गिर पड़ी। घर वाले उसे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। यहां शाम 7:15 बजे डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने हार्टअटैक होने की आशंका जताई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारण का पता चल पाएगा। मामला कोतवाली सदर क्षेत्र के नेहरू नगर का है। मोबाइल चलाते समय अचानक गिरी आरती मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले की निवासी बृजेश की पत्नी आरती एक दिन पहले 21 अगस्त को मायके ललितपुर आई थी। शनिवार शाम वह कमरे में बैठकर मोबाइल चला रही थी। इसी दौरान उनका छोटा भाई कमरे में पहुंचा। भाई के सामने ही आरती अचानक जमीन पर गिर पड़ी। भाई मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचा आरती के गिरते ही परिजन उसे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। शाम करीब 7:15 बजे अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच की। इसके बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया और पुलिस को सूचना दी गई। दो साल पहले हुई थी शादी आरती के चचेरे भाई रवि रायकवार ने बताया- उनकी शादी करीब 2 साल पहले निवाड़ी में हुई थी। उनका एक साल का बच्चा भी है। आरती 3 बहनों और एक भाई में दूसरे नंबर की थी। 21 अगस्त को उनका छोटा भाई ही उन्हें ससुराल से मायके लेकर आया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
दुकान-मकान में भीषण आग से 3 की मौत, सास-बहू और बच्ची जिंदा जले; पति-पत्नी छत से कूदे
पटना के बख्तियारपुर में शनिवार देर शाम एक पार्ट्स दुकान और उसके पीछे स्थित घर में भीषण आग लग गई। तीन लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। सभी आपस में परिजन-रिश्तेदार था। घर में मौजूद एक दंपति ने छत से कूदकर अपनी जान बचाई।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में स्नातक के नए शैक्षणिक सत्र की पढ़ाई 24 अगस्त से शुरू होने जा रही है। विश्वविद्यालय के 19 स्नातक पाठ्यक्रमों में लगभग 3,700 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया अंतिम चरण में है। प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के डॉक्यूमेंट का भौतिक सत्यापन सोमवार से आरंभ होगा। विश्वविद्यालय के संबंधित विभाग अपनी सुविधानुसार सत्यापन की तिथियां और आवश्यक दिशा-निर्देश जल्द जारी करेंगे। प्रवेश प्रक्रिया के लगभग पूरा होते ही विभागों ने शैक्षणिक गतिविधियां शुरू करने की तैयारियां तेज कर दी हैं। दस्तावेज सत्यापन के साथ-साथ कक्षाओं के संचालन की रूपरेखा भी बनाई जा रही है ताकि 24 अगस्त से नियमित शिक्षण कार्य समय पर प्रारंभ हो सके। प्रशासन ने कहा है कि अग्रिम रूप से प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने का मकसद नए विद्यार्थियों को सत्र की शुरुआत से ही कक्षाओं में शामिल होना सुनिश्चित कराना है। सीएमपी डिग्री कॉलेज स्नातक पाठ्यक्रमों की नई कटऑफ सूची कुछ पाठ्यक्रमों में एससी-एसटी वर्ग के सभी अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग में शामिल होने का अधिकार दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन और कॉलेज अधिकारियों ने अभिभावकों तथा अभ्यर्थियों से सलाह दी है कि वे सत्यापन व काउंसिलिंग की तिथियों और निर्देशों के लिए आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें और सभी आवश्यक दस्तावेज समय पर प्रस्तुत करें।
रक्षाबंधन से पहले कानपुर के बाजारों में नकली और मिलावटी खोये की बिक्री रोकने के लिए खाद्य विभाग ने शनिवार को एक्सप्रेस रोड, हटिया खोया मंडी और फजलगंज में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान कई दुकानदार दुकानें बंद कर भाग निकले, जबकि कुछ स्थानों पर व्यापारियों ने हंगामा किया। जांच में करीब 450 किलो खोया बदबूदार और दूषित मिला, जिसे टीम ने नष्ट करा दिया। इसके अलावा 19 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। हटिया में मिला 450 किलो बदबूदार खोया, कराया नष्ट असिस्टेंट कमिश्नर फूड कानपुर संजय प्रताप सिंह ने बताया कि डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह के आदेश पर मिलावटी खोये की बिक्री के खिलाफ अभियान चलाया गया। टीम ने सबसे पहले हटिया खोया मंडी में छापेमारी की। यहां बिक्री के लिए रखा करीब 450 किलो खोया जांच में दूषित और बदबूदार मिला। खाद्य कारोबारी की सहमति से टीम ने खोया मौके से हटवाया और बाबूपुरवा स्थित नगर निगम के यार्ड में ले जाकर उसका विनष्टीकरण कराया। इसके बाद टीम ने एक्सप्रेस रोड स्थित प्रेम खोया भंडार पर छापेमारी की। कार्रवाई की जानकारी मिलते ही आसपास के व्यापारियों में अफरा-तफरी मच गई। कई दुकानदार दुकानें बंद कर वहां से निकल गए। कुछ व्यापारियों ने हंगामा भी किया। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने जांच प्रक्रिया को लेकर अधिकारियों के सामने अपनी आपत्ति रखी। अधिकारियों ने उन्हें खाद्य सुरक्षा मानकों और जांच की प्रक्रिया की जानकारी दी। इसके बाद प्रतिष्ठान का निरीक्षण कर नियमानुसार नमूने लिए गए। त्योहार तक जारी रहेगा अभियान खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार त्योहारों के दौरान खोये और मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। इसे देखते हुए मिलावट और दूषित खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है। अभियान के दौरान लिए गए 19 नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट में नमूने मानकों के विपरीत पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि रक्षाबंधन तक अभियान जारी रहेगा। ये अधिकारी रहे शामिल असिस्टेंट कमिश्नर फूड कानपुर संजय प्रताप सिंह के साथ सहायक आयुक्त (खाद्य) कानपुर मंडल सुनील शर्मा, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार पांडे, खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रदीप कुमार, संजय सिंह, पल्लवी शर्मा और आकांक्षा जायसवाल समेत राज्य सचल दल, जनपदीय और अंतर्जनपदीय टीमों के खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभियान में शामिल रहे।
सिंगापुर में नौकरी और वर्क परमिट दिलाने के नाम पर युवती से लाखों रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। युवती गलत वीजा पर विदेश चली गई, जहां एयरपोर्ट से उसे वापस भेज दिया गया। मामला सदर थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने पंजाब निवासी एचएस इमिग्रेशन के संचालक हरप्रीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच एएसआई विजय सिंह कर रहे हैं। लेटर और वीजा के लिए 4.50 लाख रुपए खर्च बतायापुलिस को दी शिकायत में सुशील कुमार ने बताया- उनकी परिचित एक युवती सिंगापुर वर्क वीजा पर जाना चाहती थीं। इसी दौरान हरप्रीत सिंह ने 15 दिन में वीजा लगवाने का भरोसा दिलाया और जॉब ऑफर लेटर व वीजा के लिए 4.50 लाख रुपए खर्च बताया। इसके बाद आरोपी ने किश्तों में 50 हजार कैश, 12 हजार ऑनलाइन, जनवरी 2024 में अलग-अलग लेन-देन के जरिए सिंगापुर डॉलर और रुपए ले लिए। 8 जनवरी को महिला को वीजा की कॉपी भेजी गई। 21 जनवरी को युवती अमृतसर से सिंगापुर रवाना हुईं। वहां एयरपोर्ट अथॉरिटी ने वीजा में खामियां बताते हुए उन्हें रोक लिया और भारत वापस भेज दिया। इसके बाद आरोपी ने सही वीजा लगवाने की बात कही। आरोपी लगातार युवती को झांसे देता रहा और पैसे लौटने की बात कही। आखिरकार आरोपी ने वीजा लगवाने और पैसे देने से मना कर दिया। इसके बाद महिला ने श्रीगंगानगर कोर्ट में शिकायत देकर मामला दर्ज कराया। फिलहाल कोर्ट के आदेश पर सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
जबलपुर-दमोह मार्ग पर बस खाई में पलटी:मिनी ट्रक से टक्कर के बाद 40 से अधिक यात्री सुरक्षित
जबलपुर-दमोह मार्ग पर कटंगी बायपास के पास गोविंद धाम के समीप एक निजी बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। इस हादसे में बस में सवार 40 से अधिक यात्री बाल-बाल बच गए। घटना शनिवार रात 8 से 9 बजे के बीच की है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह हादसा एक दोपहिया वाहन चालक को बचाने के प्रयास में सामने से आ रहे मिनी ट्रक से टक्कर के बाद हुआ। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे। स्थानीय निवासियों और पुलिस की मदद से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई है। बस और मिनी ट्रक के चालकों को मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें अस्पताल भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जबलपुर से दमोह जा रही 'मां वैष्णो देवी' कंपनी की बस (MP 34 ZC 7100) सामने खड़ी टाटा मिनी ट्रक (MP 20 GA 5947) से टकराई थी। यात्रियों से पूछताछ के आधार पर मामले की जांच की जा रही है ताकि हादसे के सही कारणों का पता चल सके। हादसे के बाद बस कंपनी ने यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए दूसरी बस की व्यवस्था की। सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है और मार्ग पर यातायात व्यवस्था को सुचारु रूप से बहाल कर दिया गया है।
लखनऊ-कानपुर में पान मसाला फैक्ट्रियों पर छापा, FSDA ने जब्त किया 15.70 करोड़ का मिलावटी माल
एफएसडीए ने कानपुर और लखनऊ में मौजूद 55 फैक्ट्रियों पर छापा मारा और 15.70 करोड़ रुपये मूल्य से अधिक के 339.69 क्विंटल संदिग्ध खाद्य पदार्थ एवं मिलावट माल जब्त किया।
प्रसिद्ध धार्मिक स्थल डिग्गी में भगवान श्री कल्याण जी महाराज की 61वीं लक्खी पदयात्रा शनिवार को संपन्न हो गई। इस अवसर पर शाही केसरिया निशान ध्वज श्री कल्याण जी के निज धाम में विधिवत रूप से अर्पित किया गया। इस दौरान पूरे डिग्गी का माहौल भक्तिमय हो गया। दिनभर मंदिर परिसर में डिग्गी कल्याण जी के जयकारे गूंजते रहे। गंगोत्री से लाए गए पवित्र जल से श्री कल्याण जी का जलाभिषेक किया गया। दिनभर हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान श्री कल्याण जी के दर्शन किए। इस दौरान पुलिस का भी भारी जाप्ता तैनात रहा। बता दें कि डिग्गी में भगवान कृष्ण के अवतार श्री कल्याण जी महाराज का प्राचीन मंदिर है। यहां हर सावन माह में पांच दिवसीय मेला लगता है। मंदिर में भगवान से पुत्र प्राप्ति की मनोकामना पूर्ण होने पर जयपुर का एक श्रद्धालु पिछले छह दशकों से शाही केसरिया ध्वज लेकर आता था। कुछ वर्ष पहले उस व्यक्ति का निधन हो गया। उसे श्रीजी के आशीर्वाद से पुत्र प्राप्ति हुई थी। अब वही पुत्र इस पदयात्रा का आयोजन करता है। इस साल भी वह व्यक्ति जयपुर के ताड़केश्वर महादेव मंदिर से 18 अगस्त को हजारों श्रद्धालुओं के साथ शाही केसरिया निशान ध्वज लेकर पदयात्रा पर रवाना हुआ था। इस पदयात्रा का नेतृत्व पदयात्रा संघ के अध्यक्ष एवं संचालक श्रीजी शर्मा और राहुल शर्मा (लोहे वाले) ने किया। चार दिन की कठिन यात्रा के बाद शनिवार 22 अगस्त की सुबह यह विशाल पदयात्रा डिग्गीपुरी पहुंची। यहां दिनभर विश्राम के बाद शाम 5 बजे रोडवेज बस स्टैंड से शाही केसरिया निशान ध्वज को मुख्य अतिथियों ने पूजा-अर्चना के बाद रवाना किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री कन्हैयालाल चौधरी, आध्यात्मिक कथा व्यास साध्वी कृष्णेश्वरी देवी जी, श्री वृंदावन धाम, मनोज कुमार टाक, नरेंद्र कुमार जैन, राघवेंद्र सिंह डिग्गी और आचार्य जितेंद्र शास्त्री सहित अन्य लोग मौजूद रहे। इसके बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान जगह-जगह पदयात्रा के श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। ये अतिथि रहे मौजूद जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह, पुलिस उपाधीक्षक आशीष प्रजापत, नायब तहसीलदार हंसराज चौधरी, नगर पालिका ईओ रामकेश जाट, थानाधिकारी गोपाल चौधरी सहित स्थानीय प्रशासन के कई अधिकारी-कर्मचारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
चंदौली के सकलडीहा कोतवाली क्षेत्र के नागेपुर गांव में शुक्रवार रात चोरों ने एक घर से लगभग 5 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चुरा ली। घटना के समय घर में केवल महिलाएं थीं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना नागेपुर गांव में सकलडीहा-अमावल रजवाहा पर स्थित धनंजय राजभर के मकान में हुई। धनंजय राजभर बैद्यनाथ धाम गए हुए थे। घर पर उनकी मां जीरा देवी, पत्नी सुनीता देवी और उनकी बेटी मौजूद थीं। शुक्रवार रात सभी खाना खाने के बाद घर के बाहर चारपाई पर सो गए थे। पीड़ित की मां जीरा देवी ने बताया कि भोर में करीब 3 बजे जब उनकी नींद खुली और वह घर के अंदर गईं, तो उन्होंने सभी कमरों के दरवाजे खुले पाए। आलमारी और बक्सों के ताले टूटे हुए थे और सारा सामान बिखरा पड़ा था। यह देखकर वह स्तब्ध रह गईं और मदद के लिए चिल्लाने लगीं। आसपास के लोग तुरंत मौके पर जमा हो गए। सुबह धनंजय राजभर भी बैद्यनाथ धाम से लौट आए। उन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी दी। धनंजय राजभर के अनुसार, चोर दो सोने के मंगलसूत्र, लवंग, बाली, झुमका, टप्स, चांदी के छागल, पैजनी, मीना, सिकड़ी, छल्ला, करधनी और 500 रुपये नकद ले गए हैं। इस बड़ी चोरी से गरीब परिवार सदमे में है। धनंजय ने अपनी मेहनत की कमाई से जुटाए गए सामान की बरामदगी और चोरों की गिरफ्तारी की मांग की है। थानाध्यक्ष भूपेंद्र कुमार निषाद ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और चोरों को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उदयपुर की उदयसागर झील के जल भराव क्षेत्र में अवैध रूप से मिट्टी डालकर भराव करने के मामले में जल संसाधन विभाग ने उदयपुर के पुलिस थाना प्रतापनगर में मामला दर्ज कराया है। जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता ने प्रतापनगर थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उदयसागर झील में धड़ल्ले से अवैध रूप से भराव डाला जा रहा है। सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता ने पनवाड़ी ग्राम के पास उदयसागर डेम के पेटे और FTL क्षेत्र का निरीक्षण किया। रिपोर्ट में बताया कि निरीक्षण के दौरान सामने आया कि डेम के निर्धारित FTL क्षेत्र में मिट्टी डालकर अवैध भराव किया जा रहा है, जिससे डेम की जल संग्रहण क्षमता और जल भराव क्षेत्र प्रभावित हो रहा है। विभाग ने इसे सिंचाई कार्य और जल निकाय के हितों के खिलाफ गंभीर अपराध माना है। निरीक्षण के दौरान ही एक ब्रेजा कार मौके पर थी, जिसमें दो व्यक्ति सवार थे। विभाग की टीम को देखकर वाहन बिना रुके वहां से चले गए। टीम ने पीछा भी किया, लेकिन ड्राइवर ने गाड़ी नहीं रोकी। प्रताप नगर थानाधिकारी अजय सिंह ने बताया कि इस संबंध में सहायक अभियंता की लिखित रिपोर्ट के आधार पर FIR दर्ज की गई है। जल संसाधन विभाग ने पटवारी की मौका रिपोर्ट, खातेदारों की सूची और मौके के फोटोग्राफ भी पुलिस को सौंपे हैं।
कैनविज कंपनी पर 22 लाख की धोखाधड़ी का आरोप:निवेश के नाम पर परिवार से ठगी, 13 नामजद पर केस
बरेली में कैनविज कंपनी पर निवेश के नाम पर 22 लाख रुपये की धोखाधड़ी का एक और मामला सामने आया है। बारादरी क्षेत्र के एक परिवार के तीन सदस्यों ने कंपनी की योजनाओं में यह रकम लगाई थी। शुरुआती लाभ के बाद भुगतान बंद होने पर परिवार ने रकम वापस मांगी तो उन्हें कथित तौर पर धमकी दी गई। एसएसपी के आदेश पर 13 नामजद समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। बजरंग एंक्लेव, हरुनगला निवासी विनोद कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2024 में उनकी पहचान कैनविज कंपनी से जुड़े जगतपाल मौर्य, हरेंद्र प्रकाश पटेल और सीएमडी कन्हैया गुलाटी से हुई थी। आरोप है कि ग्राम प्रधान बादाम सिंह और हरेंद्र प्रकाश ने उन्हें कंपनी की निवेश योजना के बारे में जानकारी दी थी। योजना के तहत, एक लाख रुपये के निवेश पर 22 महीने तक हर माह पांच प्रतिशत लाभ और 24वें महीने मूल रकम लौटाने का दावा किया गया था। विनोद के अनुसार, लगातार मुनाफे का भरोसा मिलने पर उन्होंने पहले पांच लाख रुपये का निवेश किया। इसके बाद उनकी मां विमला देवी ने 10 लाख रुपये और बहन आरती ने सात लाख रुपये कंपनी की योजना में लगाए। इस प्रकार, परिवार की कुल 22 लाख रुपये की रकम कंपनी में निवेश हो गई। विनोद का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो विवाद बढ़ गया। उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। कई बार प्रयास के बाद भी रकम वापस नहीं मिलने पर उन्होंने एसएसपी अनुराग आर्य से शिकायत की। एसएसपी के आदेश के बाद बारादरी पुलिस ने जगतपाल मौर्य, हरेंद्र प्रकाश पटेल, कन्हैया गुलाटी, बादाम सिंह, नरेश पटेल, सोमपाल पटेल, अंशुल मौर्य, हरपाल पटेल, ओमप्रकाश मौर्य, प्रमोद सिंह परिहार, योगेंद्र गंगवार और यतेंद्र गंगवार सहित 13 नामजद और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस मामले में निवेश से जुड़े दस्तावेजों और लेनदेन की जांच कर रही है।
भोपाल में जहांगीराबाद थाने में थाना प्रभारी राजन सिंह और हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। नाबालिग हिंदू लड़की के कथित अपहरण के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जहांगीराबाद थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया था। शनिवार को दोनों के बीच हुई बहस का वीडियो सामने आने के बाद मामला फिर चर्चा में है। बहस थाना प्रभारी के केबिन के अंदर हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एक मुस्लिम युवक नाबालिग लड़की को कथित तौर पर अपहरण कर कुरावर से भोपाल ले आया, लेकिन शिकायत के बाद भी पुलिस ने अपेक्षित कार्रवाई नहीं की। इसी को लेकर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता थाने के बाहर जुटे थे और नाबालिग की जल्द बरामदगी तथा आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। देखें तस्वीरें… एसीपी दोनों पक्षों को देते रहे समझाइश इसी दौरान थाना प्रभारी के कमरे में चंद्रशेखर तिवारी और राजन सिंह के बीच तीखी बहस हो गई। बातचीत के दौरान एसीपी उमेश तिवारी भी कमरे में मौजूद थे और दोनों पक्षों को समझाइश देते नजर आए। सामने आए वीडियो में चंद्रशेखर तिवारी थाना प्रभारी से कहते सुनाई दे रहे हैं- अंडरस्टैंडिंग बनाकर चलोगे तो फायदे में रहोगे। इसके बाद थाना प्रभारी कहते सुनाई देते हैं कि 'मैं आप-आप करके बात कर रहा हूं, जबकि सामने से लगातार ऊंची आवाज में बात की जा रही है।' थाना प्रभारी बोले- खामोशी से बैठिए थाना प्रभारी को यह कहते भी सुना जा रहा है- खामोशी से बैठिए। शुक्रवार को हुई इस नोकझोंक और थाने के घेराव के बाद शनिवार को सामने आए वीडियो ने मामले को और चर्चा में ला दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नाबालिग की तलाश और पूरे मामले की जांच जारी है। मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर हिंदू संगठनों में नाराजगी बनी हुई है।
प्रयागराज में चीनी की कमी की खबरों को लेकर जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिले में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और जरूरत के अनुसार बाजार में इसकी लगातार आपूर्ति हो रही है। लोग अपनी जरूरत के मुताबिक खुले बाजार से चीनी खरीद सकते हैं। जमाखोरी और कालाबाजारी पर होगी कार्रवाई डीएम ने कहा कि सोशल मीडिया पर चीनी की कमी से जुड़ी अफवाहें फैलाई जा रही हैं। लोगों को ऐसी किसी भी जानकारी पर भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने थोक व्यापारियों को भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के पोर्टल पर अपने चीनी स्टॉक की जानकारी तत्काल दर्ज करने और उसे नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। जिले में थोक व्यापारियों के स्टॉक की अचानक जांच भी कराई जा रही है। यदि कोई व्यापारी या व्यक्ति चीनी की जमाखोरी या कालाबाजारी करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि बाजार में चीनी की उपलब्धता को लेकर किसी तरह की कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बरेली में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) बरेली और इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स में शनिवार को CH-3, IMA भवन में क्लिनिकल मीटिंग हुई। इसमें डॉक्टरों को कैंसर के इलाज, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी और रोबोटिक सर्जरी में आए नए बदलावों और आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में ऑन्कोलॉजी नेटवर्क के CEO और क्लिनिकल हेड डॉ. हारित चतुर्वेदी ने ‘कैंसर ट्रीटमेंट इन 2026- पिछले 5 वर्षों में कितना बदलाव आया’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल हो रहे नए विकल्पों और तकनीकों के बारे में बताया। जीआई सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के लीड कंसल्टेंट डॉ. निखिल अग्रवाल ने आधुनिक सर्जिकल तकनीकों पर जानकारी साझा की। वहीं गायने ऑन्कोलॉजी एवं रोबोटिक सर्जरी की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. पाखी अग्रवाल ने बताया कि जटिल स्त्री रोग संबंधी कैंसर के इलाज में रोबोटिक सर्जरी किस तरह मददगार साबित हो रही है। डॉक्टरों के सवालों के दिए जवाब कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों ने स्थानीय चिकित्सकों के सवालों के जवाब भी दिए। नई तकनीकों के इस्तेमाल, कैंसर सर्जरी और रोबोटिक सर्जरी से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा हुई। IMA बरेली के वैज्ञानिक अध्यक्ष डॉ. गिरीश अग्रवाल ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से डॉक्टरों को चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे नए बदलावों और तकनीकों की जानकारी मिलती रहती है। IMA अध्यक्ष डॉ. अतुल कुमार श्रीवास्तव और मानद सचिव डॉ. अंशु अग्रवाल ने कहा कि चिकित्सकों के ज्ञानवर्धन के लिए भविष्य में भी ऐसे वैज्ञानिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।कार्यक्रम में डॉ. डीपी गंगवार, डॉ. अर्जुन अग्रवाल, डॉ. नीरा अग्रवाल, डॉ. नासिर और डॉ. भूपकिशोर समेत कई चिकित्सक मौजूद रहे।
एक्सीडेंट से खुला गोल्ड तस्करी का राज; पुलिस जीप से भिड़ी कार में 16 करोड़ का सोना मिला
कन्नौज में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार कार ने पुलिस जीप में टक्कर मार दी। पुलिस ने कार सवार दो युवकों को पकड़ा तो 10 किलो 26 ग्राम सोने की 10 ईंटें बरामद हुईं। सोने की कीमत 16.18 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। कस्टम विभाग जांच करेगा।
पटना में गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर, बक्सर से भागलपुर तक उफान; घाघरा और गंडक का क्या हाल?
गंगा नदी बक्सर से लेकर भागलपुर तक उफान में चल रही है। पटना में यह खतरे के निशान से ऊपर है। भागलपुर, मुंगेर समेत अन्य जिलों में भी रविवार को गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के आसार हैं।
विशाल निषाद (4/19) और वासु वत्स (4/16) की शानदार गेंदबाजी के बाद आर्यन चौधरी (नाबाद 68) और कप्तान आर्यन जुयाल (43) की अच्छी बल्लेबाजी से गोरखपुर लायंस ने शनिवार को यूपी टी-20 लीग सीजन-4 में काशी रुद्रास को 8 विकेट से हरा दिया। यह गोरखपुर लायंस की टूर्नामेंट में दूसरी जीत है। वहीं, लगातार चार मैच जीतने के बाद काशी रुद्रास को पहली हार मिली। शानदार गेंदबाजी के लिए विशाल निषाद को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। ओपी राजभर ने घंटा बजाकर मैच की शुरुआत की इकाना क्रिकेट स्टेडियम में शनिवार को खेले गए मैच में काशी रुद्रास ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट पर 138 रन बनाए। जवाब में गोरखपुर लायंस ने 14.4 ओवर में 2 विकेट पर 139 रन बनाकर मैच जीत लिया। मैच की औपचारिक शुरुआत उत्तर प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण एवं पंचायती राज मंत्री ओपी राजभर ने पारंपरिक रूप से घंटा बजाकर की। ओपी राजभर ने कहा कि यूपी टी-20 लीग ने प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए अच्छा मंच दिया है। ऐसे आयोजनों से क्रिकेट को बढ़ावा मिलने के साथ नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलता है। खिलाड़ियों को अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर बड़े स्तर तक पहुंचने के लिए इस तरह के मंच का लाभ उठाना चाहिए। गोरखपुर ने टॉस जीतकर बॉलिंग चुनी आर्यन चौधरी और जुयाल ने दिलाई आसान जीत 139 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी गोरखपुर लायंस ने तेज शुरुआत की। अभय प्रताप सिंह ने 11 गेंदों पर 2 चौके और 2 छक्कों की मदद से 24 रन बनाए। उन्हें तीसरे ओवर में विजय यादव ने आउट किया। उस समय गोरखपुर का स्कोर 41 रन था। इसके बाद आर्यन चौधरी और कप्तान आर्यन जुयाल ने दूसरे विकेट के लिए 97 रन की साझेदारी की। आर्यन चौधरी ने 44 गेंदों पर 3 चौके और 7 छक्कों की मदद से नाबाद 68 रन बनाए। कप्तान जुयाल ने 32 गेंदों पर 2 चौके और 2 छक्कों की मदद से 43 रन बनाए। गोरखपुर जीत से एक रन दूर थी, तभी 15वें ओवर में सुनील कुमार की गेंद पर जुयाल ने सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी मोहम्मद शारीम को कैच दे दिया। इसके बाद अगली गेंद पर सिद्धार्थ यादव ने एक रन लेकर टीम को जीत दिला दी। काशी की ओर से विजय यादव और सुनील कुमार को 1-1 विकेट मिला। करन शर्मा ने पूरे किए 1500 रन
सूरजपुर पुलिस ने 9 लाख रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी समेत 5 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों ने जेल में हुई दोस्ती के बाद मिलकर ठगी की योजना बनाई और लोगों को पैसे दोगुने करने का झांसा देकर रकम ऐंठते थे। पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल कार, मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी जब्त किए हैं। दरअसल, रामानुजनगर थाना क्षेत्र के मांजा गांव निवासी अमन साहू ने कोतवाली थाने में शिकायत की थी। अमन ने बताया कि गांव के मनधुज साहू उर्फ पिंटू साहू ने उसे पैसे दोगुने करने वाली योजना के बारे में बताया था। शुरुआत में अमन ने पैसे लगाने से मना कर दिया, लेकिन आरोपी लगातार फोन कर उसे रकम दोगुनी करने का लालच देते रहे। उनके झांसे में आकर अमन ने अपने कारोबार से 5.50 लाख रुपए और परिचितों से 3.50 लाख रुपए जुटाए। इस तरह उसने कुल 9 लाख रुपए जमा किए। 9 लाख रुपए लेकर सफेद कार से फरार हुए आरोपी इसके बाद 3 जून को अमन अपने परिचित पंकज साहू के साथ आरोपियों के बताए स्थान पर पहुंचा। मानपुर चौक से आगे बाइपास रोड पर एक सफेद हुंडई कार में आए आरोपियों को उसने 9 लाख रुपए दे दिए। रकम मिलते ही आरोपी कार लेकर वहां से फरार हो गए। जेल से बाहर आते ही ठगी की साजिश शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मनधुज साहू उर्फ पिंटू को पकड़ा। पूछताछ में उसने बताया कि 2023 में जेल में रहने के दौरान उसकी पहचान वाराणसी के राजेश सिंह पटेल से हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद भी दोनों की दोस्ती बनी रही। इसके बाद मनधुज ने राजेश और उसके साथियों के साथ मिलकर लोगों को रकम दोगुनी करने का झांसा देकर ठगी करने की योजना बनाई। इसी योजना के तहत अमन से 9 लाख रुपए ठगे गए। पुलिस ने मामले में कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
कोटा में एक दंपती ने सुनार को नकली सोने का हार देकर करीब 3 लाख रुपए की ज्वेलरी ठग ली। आरोप है कि दोनों ने योजनाबद्ध तरीके से दुकान पर पहुंचकर सुनार को झांसे में लिया और असली गहने लेकर फरार हो गए। दुकान में लगे CCTV कैमरों में पूरी घटना कैद हो गई, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान और तलाश में जुटी है। घटना रामपुरा कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित स्वर्ण-रजत मार्केट में 19 अगस्त दोपहर 3 बजे की है। CCTV फुटेज में महिला और पुरुष दुकान पर आते और नकली हार देकर असली ज्वेलरी ले जाते नजर आ रहे हैं। 25 ग्राम सोने में निकला 18 फीसदी सोना रामपुरा थाना अधिकारी देशराज सिंह ने बताया कि दंपती दुकान पर पहुंचे और करीब 25 ग्राम वजन का सोने का हार दुकानदार को दिया। दुकानदार ने जांच की तो हार में करीब 70 से 80 प्रतिशत तक सोना होने का अंदाजा हुआ। इसके बाद आरोपियों ने इसी हार के बदले दूसरी सोने की ज्वेलरी ले ली और वहां से चले गए। बाद में सुनार ने हार को गलाकर जांच की तो उसमें महज करीब 17 से 18 प्रतिशत ही सोना निकला। इससे दुकानदार फूल बिहारी को 3 लाख रुपए से ज्यादा का नुकसान बताया गया है। थाना अधिकारी के अनुसार, सुनार ने अभी तक पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। शिकायत मिलने पर पुलिस मामले की जांच करेगी।
कानपुर के रामादेवी स्थित कांशीराम अस्पताल की इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लेबोरेटरी (आईपीएचएल) में शनिवार रात करीब 9:30 बजे एक मीटर लंबा सांप दिखने से हड़कंप मच गया। सांप के लैब में घुसने की खबर फैलते ही कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल फायर विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही फायर विभाग की एक टीम कांशीराम अस्पताल पहुंची। टीम ने लैब के अंदर और आसपास के क्षेत्रों में करीब 30 मिनट तक सघन तलाशी अभियान चलाया। कर्मचारियों की मौजूदगी वाले इस संवेदनशील इलाके में सांप की तलाश के लिए संभावित स्थानों को खंगाला गया, लेकिन काफी प्रयासों के बाद भी सांप का कोई पता नहीं चल सका। फायर टीम के बाद स्नेक रेस्क्यू टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने भी आसपास के क्षेत्र में सांप की तलाश की, लेकिन देर रात तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। फायर अधिकारी राहुल नंदन ने बताया कि सूचना मिलते ही एक यूनिट के साथ कांशीराम अस्पताल की लैब और आसपास के क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया गया था। लगभग 30 मिनट तक तलाश करने के बावजूद सांप नहीं मिला। फायर अधिकारी के अनुसार, जिस स्थान पर सांप दिखाई देने की सूचना मिली थी, वहां टीम ने काफी देर तक तलाश की। सांप के नहीं मिलने से यह संभावना जताई जा रही है कि वह किसी रास्ते से अस्पताल परिसर से बाहर निकल गया होगा। फिलहाल, टीम को मौके पर सांप नहीं मिला। अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह की लैब में सांप मिलने की सूचना से कुछ देर के लिए कर्मचारियों और मरीजों के तीमारदारों में चिंता का माहौल रहा। हालांकि, तलाशी अभियान के बाद सांप के नहीं मिलने पर लोगों ने राहत की सांस ली। अस्पताल परिसर में सांप के आने का रास्ता क्या था, इसे लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है।
जोधपुर के मंडोर क्षेत्र में दो मंदिरों में चोरी हो गई। जिसमें से एक मंदिर का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। श्रद्धालु बनकर मंदिरों में पहुंचे युवकों ने भगवान के चांदी के आभूषण और धार्मिक वस्तुओं पर हाथ साफ कर दिया। गोकुल जी की प्याऊ स्थित गजानन्द मंदिर से चांदी का मुकुट चोरी होने और पन्नालाल गौशाला स्थित मंदिर से भगवान की चरण पादुका चोरी हुई हैं। जांच के दौरान दो संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। पुलिस दोनों की तलाश में जुटी है। देखें चोरी के फोटोज… हाथ जोड़कर किया दर्शन का नाटक, मौका मिलते ही चांदी का मुकुट किया पार गोकुल जी की प्याऊ स्थित गजानन्द मंदिर के पुजारी चैनपुरा बावड़ी निवासी महेशचन्द्र उर्फ महेन्द्र माली पुत्र गोकुलराम टाक ने शनिवार को मंडोर थाने में रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट के अनुसार, 5 अगस्त को दोपहर करीब 1 से 1:30 बजे दो-तीन युवक मोटरसाइकिल से मंदिर पहुंचे। इनमें से एक युवक मोटरसाइकिल बाहर खड़ी कर मंदिर में गया और भगवान गजानन्द की मूर्ति के सामने हाथ जोड़कर दर्शन करने का दिखावा किया। इसी दौरान उसने मूर्ति पर लगा चांदी का मुकुट चोरी कर लिया। कुछ देर बाद पुजारी को मुकुट गायब मिला। पुजारी ने सीसीटीवी चेक किया तो पूरी घटना सामने आई। पुजारी द्वारा अपने स्तर पर की गई तलाश में दो युवकों मनीष और सुरेश के नाम सामने आए। चोरी होने के मामलों में सीसीटीवी फुटेज पुलिस के लिए अहम सुराग बने हैं। पुलिस दोनों की तलाश में जुटी है। चोरी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी संदिग्धों के पास होने की जानकारी सामने आई है। चंद मिनटों में चरण पादुका की गायब दूसरी वारदात गत 15 अगस्त की शाम करीब 6:45 बजे पन्नालाल गौशाला ट्रस्ट मण्डोर स्थित मंदिर में हुई। पुजारी मुन्नालाल मंदिर में अभिषेक करवा रहे थे। इसी दौरान करीब 25-26 वर्ष के दो युवक दर्शन करने के बहाने मंदिर में पहुंचे। मौका मिलते ही दोनों भगवान की चरण पादुका उठाकर फरार हो गए। पुजारी को महज 5-7 मिनट बाद चरण पादुका गायब होने का पता चला। उन्होंने मंदिर से नीचे आकर युवकों का पीछा करने का प्रयास किया, लेकिन तब तक दोनों गौशाला के मुख्य द्वार से बाहर निकल चुके थे। श्रद्धालु बनकर मंदिरों में प्रवेश, मौका मिलते ही हाथ साफ दोनों घटनाओं में वारदात का तरीका लगभग एक जैसा सामने आया है। आरोपी पहले श्रद्धालु बनकर मंदिर में प्रवेश करते हैं और मौका मिलते ही भगवान के आभूषण अथवा धार्मिक वस्तु चोरी कर फरार हो जाते हैं। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान और तलाश में जुटी है।
कटिहार बार काउंसिल के पूर्व सचिव और 70 वर्षीय वरीय अधिवक्ता अविनाश यादव का पटना स्थित मेदांता अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर से अधिवक्ता समाज सहित जिले के राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। अविनाश यादव अपने मिलनसार स्वभाव और सामाजिक सरोकारों के लिए जाने जाते थे। उनके निधन पर सांसद तारिक अनवर ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। सांसद तारिक अनवर ने अपने शोक संदेश में कहा कि अविनाश यादव का व्यक्तित्व बेहद मिलनसार था और उनके निधन से उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों को यह क्षति सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। सांसद प्रतिनिधि सुनील कुमार यादव ने भी उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने अविनाश यादव के आवास पर पहुंचकर उनके अंतिम दर्शन किए और पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। सुनील कुमार यादव ने कहा कि अविनाश यादव ने लंबे समय तक अधिवक्ता के रूप में अपनी सेवाएं दीं और अपने व्यवहार के कारण लोगों के बीच विशेष स्थान रखते थे। सुनील कुमार यादव ने आगे कहा कि उनका निधन न्यायिक एवं सामाजिक क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है। अविनाश यादव जैसे अनुभवी एवं सहज व्यक्तित्व के व्यक्ति का चले जाना पीड़ादायक है। उनके सामाजिक और पेशेवर योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा। अविनाश यादव के निधन पर कांग्रेस नेता दिलीप विश्वास, प्रो० विनोद यादव, पूर्व विधायक सुनीता देवी, अवधेश कुमार मंडल, प्रहलाद गुप्ता, अंजुमन कौशल उर्फ आम्रपाली यादव, डॉ० विपिन कुमार विमल सिंह बेगानी और संतोष यादव सहित अन्य लोगों ने भी गहरी संवेदना व्यक्त की। सभी ने कहा कि समाज ने एक अनुभवी, मिलनसार और संवेदनशील व्यक्तित्व को खो दिया है।
फाजिल्का का अबोहर शहर में स्थानीय हनुमानगढ़ रोड पर बुधवार शाम करीब 8 बजे एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है, जहाँ एक तेज रफ्तार बस की टक्कर लगने से मोटरसाइकिल सवार 15 वर्षीय एक नाबालिग किशोर की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुर्घटना में उसका 21 वर्षीय साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस की मदद से घायल को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुँचाया गया, जबकि थाना नंबर 2 की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। रोजाना एक साथ काम पर आते-जाते थे दोनों दोस्त प्राप्त जानकारी के अनुसार, गाँव भागसर निवासी 15 वर्षीय धानू पुत्र रणवीर, श्री बाला जी धाम के पास स्थित 'बाला जी रिपेयर सेंटर' में काम करता था। वहीं, उसका साथी 21 वर्षीय करण पुत्र ओम प्रकाश, नहर के पास एक मार्बल फैक्ट्री में कार्यरत था। दोनों दोस्त रोजाना सुबह अपने गाँव से मोटरसाइकिल पर सवार होकर अबोहर काम के लिए आते थे और शाम को काम खत्म होने के बाद एक साथ वापस गाँव लौटते थे। ओवरटेक करते समय सामने से आई मौत रोज की तरह बुधवार शाम को भी दोनों मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने गाँव भागसर लौट रहे थे। मोटरसाइकिल करण चला रहा था और धानू पीछे बैठा हुआ था। जब वे हनुमानगढ़ रोड पर बीएसएफ (BSF) कैंप के सामने पहुँचे, तो किसी वाहन को ओवरटेक करने के प्रयास में उनकी मोटरसाइकिल सामने से आ रही एक तेज रफ्तार बस से सीधे टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि धानू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करण गंभीर रूप से घायल हो गया। परिवार का छोटा बेटा था धानू, बस चालक फरार पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के बाद आरोपी बस चालक वाहन सहित मौके से फरार होने में कामयाब रहा। मृतक धानू अपने दो भाइयों में छोटा था और उसकी तीन बहनें हैं। इस हादसे के बाद पीड़ित परिवार और पूरे गाँव में मातम पसरा हुआ है। थाना नंबर 2 की पुलिस ने अज्ञात बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी व वाहन की तलाश के लिए जाँच शुरू कर दी है।
सपा मुखिया ने शनिवार को पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार आने पर यशभारती फिर शुरू करेंगे और सम्मान राशि दोगुनी करेंगे। समाजवादी पार्टी ने जब महिलाओं को 40 हजार रुपये देने का वादा किया था, तब भाजपा के लोग क्या-क्या बातें कर रहे थे।
इंदौर में तहसीलदार की महिला रीडर, उज्जैन में इंजीनियर और पन्ना में पटवारी सस्पेंड
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मध्य प्रदेश में रक्षाबंधन से पहले CNG के दाम फिर बढ़ गए हैं। भोपाल में थिंक गैस ने CNG की कीमत ₹1.50 प्रति किलो बढ़ाई है। अब यहां CNG ₹97.50 प्रति किलो बिक रही है। कंपनी भोपाल, राजगढ़ और शिवपुरी में CNG की सप्लाई करती है। इस बढ़ोतरी के साथ पिछले छह महीने में CNG के दाम करीब ₹10 प्रति किलो तक बढ़ चुके हैं। जून में प्रदेश में CNG का रेट करीब ₹94.55 प्रति किलो था, जो जुलाई के अंत तक बढ़कर ₹97.50 तक पहुंच गया। भोपाल में थिंक गैस के अपने पंपों पर CNG ₹97 प्रति किलो और डीलरशिप वाले पंपों पर ₹97.50 प्रति किलो बिक रही है। प्रदेश में तीन कंपनियां CNG सप्लाई करती हैं मध्य प्रदेश में थिंक, गेल और अवंतिका कंपनियां CNG की सप्लाई करती हैं। भोपाल, राजगढ़ और शिवपुरी में थिंक गैस की सप्लाई है। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर समेत कई जिलों में अवंतिका CNG सप्लाई करती है। गेल की भी कई जिलों में सप्लाई है। इनमें देवास, रायसेन, शाजापुर और सीहोर शामिल हैं। इन कंपनियों के CNG रेट भी कई शहरों में ₹97 प्रति किलो से ज्यादा चल रहे हैं। भोपाल में 31 स्टेशनों पर CNG भोपाल में थिंक गैस के कुल 31 CNG स्टेशन हैं। इनमें मैनिट, नीलबड़, होशंगाबाद रोड, बैरागढ़ रोड समेत कई इलाके शामिल हैं। इन स्टेशनों पर बढ़े हुए रेट लागू हैं। राजधानी में कुल 152 पेट्रोल पंप हैं। इनमें 12 पंप ऐसे हैं, जहां पेट्रोल-डीजल के साथ CNG भी मिलती है। तीन साल में 50% तक बढ़ी CNG गाड़ियों की बिक्री CNG के दाम बढ़ने के बावजूद भोपाल में CNG गाड़ियों की बिक्री तेजी से बढ़ी है। पिछले तीन साल में इनकी बिक्री करीब 50% तक बढ़ी है। शोरूम से रोजाना CNG बेस्ड 10 से 15 गाड़ियां बिक रही हैं। इसकी बड़ी वजह पेट्रोल-डीजल के मुकाबले CNG से बेहतर एवरेज मिलना और अब तक इसका अपेक्षाकृत सस्ता होना रहा है। अब जानिए नॉलेज पार्ट… सीएनजी क्या है और यह कैसे बनती है?CNG का पूरा नाम कंप्रेस्ड नेचुरल गैस है। यह मुख्य रूप से मीथेन गैस से बनती है। जमीन के नीचे तेल और गैस के कुओं से निकलने वाली प्राकृतिक गैस को फैक्ट्रियों में रिफाइन कर उसकी नमी और अशुद्धियां हटाई जाती हैं। इसके बाद गैस पर बहुत ज्यादा दबाव डाला जाता है, जिससे वह कम जगह में सिमट जाती है। इसी संपीड़ित गैस को सिलेंडरों में भरकर गाड़ियों में ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
देवास जिला अस्पताल में 26 वर्षीय याश्वी डंगर की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। याश्वी उज्बेकिस्तान से MBBS की पढ़ाई कर रही थी। अपने डॉक्टर पति हार्दिक से मिलने कुछ दिन पहले देवास आई थीं। हार्दिक जिला अस्पताल में तीन महीने की ट्रेनिंग कर रहे हैं। याश्वी को 26 अगस्त को पढ़ाई पूरी करने के लिए वापस उज्बेकिस्तान लौटना था। इससे पहले शुक्रवार को उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। वह जिला अस्पताल के शौचालय गई थीं, जहां अचेत हो गईं। परिजन और अस्पताल स्टाफ उन्हें तुरंत इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। जांच में याश्वी का ब्लड प्रेशर काफी कम मिला। हालत गंभीर होने पर उन्हें उज्जैन रोड स्थित अमलतास अस्पताल रेफर किया गया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पति तीन महीने की ट्रेनिंग पर हैंजिला अस्पताल के डॉक्टर कमल किशोर ने बताया कि डॉ. हार्दिक तीन महीने की ट्रेनिंग के लिए जिला अस्पताल आए हैं। उनकी पत्नी की अचानक तबीयत बिगड़ी थी। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अमलतास अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। डॉक्टर के अनुसार, मल्टी ऑर्गन फेलियर जैसी स्थिति की आशंका थी और ब्लड प्रेशर भी काफी कम हो गया था। राजकोट से देवास पहुंचे परिजनयाश्वी की मौत की सूचना मिलने के बाद उनके परिजन गुजरात के राजकोट से देवास पहुंचे। विशेष परिस्थिति में अनुमति लेकर शुक्रवार रात पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजन शव को राजकोट ले गए।
विदिशा जिला न्यायालय परिसर में शनिवार को स्वास्थ्य जांच और जागरूकता शिविर लगाया गया। इसमें न्यायिक अधिकारियों, वकीलों और न्यायिक कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच की गई। कुल 325 लोगों के रक्त सैंपल लिए गए हैं। इनकी जांच अभी जारी है। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉक्टर शिविर में मौजूद रहे। उन्होंने अलग-अलग बीमारियों के लक्षण बताए। बचाव और इलाज की जानकारी भी दी। डॉक्टरों ने रोज की दिनचर्या ठीक रखने की सलाह दी। संतुलित खाना खाने और व्यायाम करने पर भी जोर दिया। उन्होंने समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की बात कही। प्रधान जिला जज ने स्वास्थ्य पर जोर दिया प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेख सलीम ने कहा कि न्यायिक काम की जिम्मेदारियों के साथ स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि नियमित जांच से गंभीर बीमारी का शुरुआती समय में पता चल सकता है। इससे समय पर इलाज शुरू किया जा सकता है। उन्होंने सभी लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। 18-19 अगस्त को लिए गए थे सैंपल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड नितेन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि शिविर की तैयारी कई दिन पहले शुरू कर दी गई थी।18-19 अगस्त को जिला न्यायालय परिसर में कैंप लगाया गया था। इसमें न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और न्यायिक कर्मचारियों के रक्त सैंपल लिए गए थे। शिविर का उद्देश्य न्यायिक परिवार को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और बेहतर कार्य वातावरण देना था।
एक पिस्टल में गोली फंसी तो दूसरी से मारा; 2 मर्डर, एक सुसाइड के लिए मानस ने 3 पिस्टल खरीदी थी
लखनऊ के गोमतीनगर हत्याकांड की जांच में खुलासा हुआ कि बैंक अफसर मानस बाजपेयी ने पत्नी दिव्या, बहन तूलिका और खुद पर एक ही पिस्टल से गोली चलाई थी। पुलिस ने घर से तीन पिस्टल, 15 जिंदा कारतूस और तीन खोखे बरामद किए। बाकी दो असलहों से फायर नहीं हुआ।
भोपाल से सीहोर होते हुए इंदौर जाने वाले वाहन चालकों के लिए जरूरी खबर है। कुबेरेश्वर धाम में 25 अगस्त को प्रस्तावित कांवड़ यात्रा को देखते हुए यातायात पुलिस ने 23 अगस्त की सुबह 9 बजे से 25 अगस्त की रात करीब 8 बजे तक यातायात व्यवस्था में बदलाव किया है। इस दौरान सीहोर मार्ग पर भारी वाहनों का डायवर्जन रहेगा। भोपाल से इंदौर जाने वाले सभी भारी वाहनों को ब्यावरा के रास्ते भेजा जाएगा। इसी तरह इंदौर से भोपाल आने वाले भारी वाहनों को भी इंदौर-ब्यावरा-भोपाल मार्ग का उपयोग करना होगा। यातायात दबाव बढ़ने पर चार पहिया वाहनों को भी वैकल्पिक मार्ग से भेजा जा सकता है। 25 अगस्त को कुबेरेश्वर धाम में पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा प्रस्तावित कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। यात्रा सीहोर क्षेत्र से होकर गुजरेगी। इसे देखते हुए मुख्य भोपाल-इंदौर मार्ग पर यातायात को नियंत्रित किया जाएगा। यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से यात्रा की योजना बनाते समय 1.5 से 2 घंटे का अतिरिक्त समय रखने की अपील की है। साथ ही संभव हो तो सीहोर और देवास के मुख्य मार्गों से बचने और प्रशासन की ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है। किसी असुविधा की स्थिति में यातायात पुलिस के नंबर 0755-2677340 और 2443850 पर संपर्क किया जा सकता है।
गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र के सबेया गांव में आकाशीय बिजली गिरने से दो सगे भाई गंभीर रूप से झुलस गए। इस घटना में आठ वर्षीय छोटे भाई की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि बड़ा भाई गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। यह हादसा तब हुआ जब दोनों भाई खेत से घर लौट रहे थे। मृतक की पहचान सबेया गांव निवासी दिनेश पर्वत के बेटे सूर्या कुमार (8) के रूप में हुई है। उसका बड़ा भाई प्रवीण कुमार भी इस घटना में घायल हुआ है। बिजली की चपेट में आने से दोनों भाई झुलस गए जानकारी के अनुसार, सूर्या और प्रवीण खेत से घास काटकर घर वापस आ रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और तेज गर्जना के साथ उन पर वज्रपात हो गया। बिजली की चपेट में आने से दोनों भाई वहीं गिर पड़े और गंभीर रूप से झुलस गए। प्राथमिक उपचार के बाद गोपालगंज सदर अस्पताल रेफर हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों की मदद से दोनों बच्चों को हथुआ अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें गोपालगंज सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। सदर अस्पताल में इलाज के दौरान आठ वर्षीय सूर्या कुमार ने दम तोड़ दिया। प्रवीण कुमार की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। पिता दिनेश चंडीगढ़ में मजदूरी करते हैं घटना के समय दोनों बच्चे घर में अकेले थे। उनके पिता दिनेश पर्वत रोजी-रोटी के लिए चंडीगढ़ में मजदूरी करते हैं, जबकि उनकी मां किसी काम से बुआ के घर गई हुई थीं। इस हादसे की खबर मिलने के बाद परिवार में शोक का माहौल है। बताया गया है कि मृतक सूर्या कुमार छठी कक्षा का छात्र था। इस घटना से पूरे गांव में गम का माहौल है।
खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को लेकर कार्रवाई की जद में आए फाइव स्टार सयाजी को शनिवार देर शाम हाईकोर्ट की इंदौर बैंच से बड़ी राहत मिल गई। अर्जेंट हियरिंग के दौरान कोर्ट ने होटल की रसोई तत्काल खोलने के निर्देश दिए और 21 अगस्त को खाद्य लाइसेंस निलंबित करने के प्रशासन के आदेश पर रोक लगा दी। कोर्ट ने माना कि सामने आई कमियों को दूर करने के लिए होटल को पहले सुधार नोटिस देकर निर्धारित समय देना जरूरी था। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी कार्रवाई के आधार पर जिला प्रशासन ने शनिवार को होटल के एफएल-3 बार लाइसेंस को भी निलंबित कर दिया था। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस कार्रवाई का आधार भी प्रभावित हुआ है। 24 बिंदुओं पर मिली थीं खामियांजिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त जांच में सयाजी होटल के किचन और खाद्य सामग्री में कई अनियमितताएं मिलने का दावा किया गया था। प्रशासन के अनुसार जांच के दौरान करीब 24 बिंदुओं पर कमियां मिली थीं। इनमें बिना निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि और बैच नंबर वाले पैक्ड खाद्य पदार्थ,एक्सपायरी डेट वाले उबले आलू, फफूंद लगी मूंगफली, दीमक, घुन और मक्खी लगे चने, किचन में कॉकरोच और चूहों की मौजूदगी, खाद्य सामग्री के रखरखाव में स्वच्छता मानकों की कमी जैसी बातें सामने आने का प्रशासन ने दावा किया था। प्रशासन का तर्क था कि ऐसी परिस्थितियों में ग्राहकों को असुरक्षित और मानकों के विपरीत खाद्य पदार्थ परोसे जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। होटल की दलील; सीधे लाइसेंस निलंबित नहीं कर सकते थे सयाजी होटल की ओर से सीनियर एडवोकेट सुमित नेमा, अरुण द्विवेदी और याशिका बोंडवाल ने कोर्ट में पक्ष रखा। उन्होंने तर्क दिया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 32 और संबंधित विनियमों के तहत कमियां मिलने पर सीधे लाइसेंस निलंबित करने के बजाय पहले सुधार नोटिस जारी किया जाना चाहिए था। होटल की ओर से कहा गया कि जिन कमियों का उल्लेख किया गया है, उन्हें दूर करने के लिए होटल को अवसर दिया जाना चाहिए था। इसके लिए नियमानुसार समय भी दिया जाना जरूरी था। सुधार का मौका दिए बिना सीधे निलंबन उचित नहीं कोर्ट ने कहा कि खाद्य पदार्थों पर निर्माण या समाप्ति तिथि और बैच नंबर का न होना अथवा खाद्य सामग्री का कॉकरोच और चूहों के बीच पाया जाना अपने आप में ऐसा आधार नहीं है, जिससे बिना सुधार का अवसर दिए लाइसेंस निलंबित कर दिया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि होटल को कमियां दूर करने के लिए धारा 32 के तहत अवसर दिया जाना आवश्यक था। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रशासन के आदेश में ऐसे पर्याप्त कारण स्पष्ट नहीं किए गए हैं, जिनसे यह साबित हो कि जनस्वास्थ्य के हित में लाइसेंस को सीधे निलंबित करना जरूरी था। इसी आधार पर कोर्ट ने 21 अगस्त के आदेश पर रोक लगाते हुए होटल की रसोई तत्काल खोलने के निर्देश दिए। प्रशासन ने बार लाइसेंस किया निलंबितइधर, प्रशासन ने 22 अगस्त को सयाजी होटल का होटल बार (एफएल-3) लाइसेंस निलंबित कर दिया। प्रशासन ने इसके लिए खाद्य लाइसेंस के निलंबन को आधार बनाया। आबकारी विभाग के अनुसार बार लाइसेंस की शर्तों के तहत संबंधित प्रतिष्ठान के पास खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत वैध खाद्य अनुज्ञप्ति होना जरूरी है। खाद्य लाइसेंस निलंबित होने के बाद बार लाइसेंस की निर्धारित शर्तों का उल्लंघन माना गया और आबकारी अधिनियम की धारा 31(1) के तहत कार्रवाई की गई। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद बार लाइसेंस की कार्रवाई पर भी नजरएक ही कार्रवाई से जुड़े दो स्तर अब सामने आ गए हैं। एक ओर जिला प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा कार्रवाई के आधार पर होटल का बार लाइसेंस निलंबित किया, वहीं दूसरी ओर हाईकोर्ट ने खाद्य लाइसेंस निलंबन के मूल आदेश पर ही रोक लगा दी है और किचन खोलने के निर्देश दिए हैं। CKD गार्डन-रेस्टोरेंट में खाद्य सुरक्षा टीम की जांच, 4 सैंपल लिएइंदौर में खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने शनिवार को निरंजनपुर स्थित सीकेडी गार्डन एंड रेस्टारेंट का निरीक्षण किया। तहसीलदार सपना शर्मा और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम ने किचन व स्टोर रूम की जांच की। इस दौरान डीप फ्रीजर में वेज-नॉनवेज खाद्य पदार्थ एक साथ रखने, खाद्य पदार्थों को पैलेट के बिना रखने और खाद्य सामग्री के साथ अखाद्य वस्तुओं के भंडारण जैसी कमियां मिलीं। इसके अलावा पानी की जांच रिपोर्ट, कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र और पेस्ट कंट्रोल रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं मिले। टीम ने पनीर, काजू, तुअर दाल और घी के 4 सैंपल लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। कमियों को दूर करने के लिए संचालक को इंप्रूवमेंट नोटिस जारी किया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
सवारियों की जान जोखिम में डालकर दौड़ने वाले ओवरलोड सवारी वाहनों के खिलाफ यातायात पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। शनिवार शाम को चेकिंग अभियान के दौरान डीडी नगर पर पुलिस को ऐसा नज़ारा मिला जिसे देख अधिकारी भी दंग रह गए। 36 सीटर बस में भेड़-बकरियों की तरह 60 सवारियों को ठूंस-ठूंसकर भरा गया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बस को जब्त कर लिया और 17 हजार रुपए का भारी जुर्माना लगाया। इसके अलावा नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 20 अन्य वाहनों पर कार्रवाई करते हुए 41 हजार रुपये का चालान काटा गया। 36 सीटर बस में 60 सवारियां, डीडी नगर पर पुलिस ने पकड़ा एएसपी (यातायात) सुजावल जग्गा के निर्देश पर यातायात निरीक्षक अभिषेक रघुवंशी और गोला का मंदिर थाना प्रभारी की टीम ने डीडी नगर पर विशेष चेकिंग पॉइंट लगाया था। इस दौरान अप्सरा ट्रैवल्स की बस को रोककर जांच की गई। बस के अंदर का नज़ारा देखकर पुलिस हैरान रह गई। 36 सीटर क्षमता वाली इस बस में क्षमता से लगभग दोगुनी यानी 60 सवारियां भरी हुई थीं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना हुआ था। पुलिस ने बिना देरी किए बस को जब्त कर थाने में खड़ा कराया और मौके पर ही 17 हजार रुपये की चालानी कार्रवाई की। गोला का मंदिर, डीडी नगर व मुरार बारादरी पर चेकिंग डीडी नगर में कार्रवाई के बाद यातायात पुलिस की टीम गोला का मंदिर और बारादरी चौराहे पहुंची। यहां भी ओवरलोडिंग और नियमों का उल्लंघन करने वाले ऑटो, ई-रिक्शा और अन्य सवारी वाहनों की सघन चेकिंग की गई। चेकिंग के दौरान करीब 20 ऐसे सवारी वाहन पाए गए जो यात्रियों की जान जोखिम में डालकर फर्राटा भर रहे थे। पुलिस ने इन सभी वाहनों पर कार्रवाई करते हुए कुल 41 हजार रुपये का समन शुल्क वसूला। बॉडीबॉर्न कैमरों से लैस रहे अफसर, लेफ्ट टर्न कराए खाली कार्रवाई के दौरान वाहन चालकों से होने वाले विवाद और अनर्गल आरोपों से बचने के लिए पुलिस अफसरों ने अनोखी पहल की। चेकिंग में तैनात सभी अधिकारी और जवान बॉडीबॉर्न कैमरे पहनकर चेकिंग करते नजर आए, ताकि पूरी कार्रवाई रिकॉर्ड हो सके। इसके अलावा चौराहे के लेफ्ट टर्न पर अवैध रूप से वाहन खड़े कर ट्रैफिक जाम करने वाले चालकों को भी पुलिस ने खदेड़ा और सख्त चेतावनी दी। एएसपी सुजावल जग्गा ने स्पष्ट किया है कि शहर के प्रमुख चौराहों पर ओवरलोडिंग और यातायात बाधित करने वाले वाहनों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
अमृतसर में बटाला रोड स्थित नेहरू कॉलोनी के पास शनिवार दोपहर पारिवारिक रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक वारदात सामने आई है। यहाँ अपनी मौसी के घर आए दो सगे भाइयों ने एक व्यक्ति पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल की पहचान 50 वर्षीय जयपाल सिंह उर्फ सूरज के रूप में हुई है, जो एक निजी कंपनी में कंप्यूटर से संबंधित काम करते हैं। दिनदहाड़े हुई इस गोलाबारी के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह सनसनीखेज घटना दोपहर करीब 2:30 से 2:45 बजे के बीच हुई। हमलावर दोनों भाई एक स्कूटर पर सवार होकर जयपाल सिंह के घर पहुंचे थे। चूंकि वे पीड़ित के मौसी के बेटे (मौसेरे भाई) थे और उनका अक्सर घर आना-जाना लगा रहता था, इसलिए परिवार के किसी भी सदस्य को उन पर जरा भी शक नहीं हुआ। पहले सामान्य रूप से बैठे, पानी पिया; फिर वारदात को दिया अंजाम बताया गया कि घर पहुँचने के बाद दोनों आरोपी भाई आराम से बैठे और उन्होंने पानी भी पिया। कुछ देर बाद वे बात करने के बहाने जयपाल सिंह को साथ वाले कमरे में ले गए। वहाँ अचानक उन्होंने जयपाल पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। चश्मदीदों और परिजनों के मुताबिक, कमरे के भीतर तीन गोलियां चलाई गईं, जिनमें से एक गोली जयपाल सिंह को लगी। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ित की हालत खतरे से बाहर गोली चलने की आवाज सुनते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। लहूलुहान हालत में जयपाल सिंह को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। राहत की बात यह है कि जयपाल सिंह की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है और उन्होंने अस्पताल में अपनी बेटी से बातचीत भी की है। हमले की वजह अभी स्पष्ट नहीं पीड़ित परिवार का कहना है कि दोनों भाइयों द्वारा अचानक किए गए इस जानलेवा हमले के पीछे का मुख्य कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है। हालांकि, आशंका जताई जा रही है कि इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश या फिर पैसों के लेन-देन से जुड़ा विवाद हो सकता है। पुलिस बोली- बयानों के आधार पर होगी जांच घटना की सूचना मिलते ही थाना सदर के एसएचओ (SHO) गुरप्रीत सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस टीम द्वारा अस्पताल में उपचाराधीन जयपाल सिंह के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। एसएचओ गुरप्रीत सिंह ने बताया कि पीड़ित के बयानों और प्राथमिक जांच के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। आरोपियों को दबोचने के लिए पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में लापरवाही और हत्या के एक मामले में सुस्त पुलिस कार्रवाई के बाद नईगढ़ी थाना प्रभारी (उप निरीक्षक) गोविंद प्रसाद तिवारी को शनिवार शाम लाइन अटैच कर दिया गया है। आदेश जारी कर उन्हें मऊगंज रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन) भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान 2026 के तहत 21 अगस्त को नईगढ़ी क्षेत्र में जनविश्वास शिविर का आयोजन किया गया था। रीवा संभाग आयुक्त के किए गए निरीक्षण में सामने आया कि थाने में सीएम हेल्पलाइन की दो शिकायतें लंबे समय से बिना किसी कारण के पेंडिंग पड़ी थीं। इनमें से एक शिकायत अक्टूबर 2021 और दूसरी जुलाई 2023 से लटकी हुई थी। संभाग आयुक्त ने शिकायतों के निराकरण में रुचि न लेने और इस गंभीर लापरवाही पर थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई थी। हत्या के मामले में लापरवाही इसके अलावा, 21 अगस्त को नईगढ़ी थाना क्षेत्र में हुई एक हत्या के मामले में भी पुलिस की लापरवाही सामने आई। आरोपी पक्ष के खिलाफ पहले से केस दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने उनके खिलाफ कोई कड़ा या प्रतिबंधात्मक कदम नहीं उठाया था। हत्या की घटना के बाद मृतक के परिजनों में भारी गुस्सा फैल गया और थाने के सामने कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति बन गई थी। इसी ढुलमुल और कमजोर कार्यप्रणाली को मुख्य आधार बनाते हुए प्रशासन ने थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से पद से हटाकर रक्षित केंद्र मऊगंज संबद्ध कर दिया है।
ड्यूटी पर मोबाइल चलाते मिले तीन पुलिसकर्मी:एसपी ने एक दिन का वेतन काटा, लापरवाही पर जताई नाराजगी
जमुई में डायल 112 के तीन पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने पर कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। जमुई एसपी विश्वजीत दयाल ने तीनों कर्मियों का एक दिन का वेतन-भत्ता जब्त करने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई कर्तव्य में लापरवाही और पुलिस की छवि धूमिल करने के आरोप में की गई है। निरीक्षण के दौरान कार्रवाई यह घटना 22 अगस्त को दोपहर करीब 1:39 बजे की है। एसपी विश्वजीत दयाल पुलिस केंद्र, जमुई की ओर जा रहे थे, तभी कटीना मोड़ के पास उनकी नजर डायल 112 वाहन पर पड़ी। निरीक्षण के दौरान, वाहन में तैनात महिला सिपाही रेशमी कुमारी मोबाइल चलाती मिलीं। पास ही एक होटल के सामने सिपाही सुमित कुमार और चालक अशोक कुमार भी कुर्सी पर बैठकर मोबाइल का इस्तेमाल करते पाए गए। ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों का मोबाइल में व्यस्त रहना एसपी को गंभीर लापरवाही लगी। उन्होंने इसे कर्तव्य के प्रति उदासीनता और पुलिस की छवि को धूमिल करने वाला आचरण बताया। इसके तुरंत बाद तीनों कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश जारी किया गया। आदेश के अनुसार, महिला सिपाही रेशमी कुमारी, सिपाही सुमित कुमार और चालक अशोक कुमार का एक दिन का वेतन-भत्ता जब्त किया जाएगा। एसपी ने सभी संबंधित कर्मियों को भविष्य में ऐसी लापरवाही न दोहराने और ड्यूटी के दौरान पूरी तरह सजग रहने की सख्त चेतावनी दी है। लेखापाल को भी नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। एसपी की इस कार्रवाई से डायल 112 के साथ-साथ अन्य पुलिसकर्मियों को भी ड्यूटी के दौरान अनुशासन और जिम्मेदारी बनाए रखने का स्पष्ट संदेश मिला है।
गोपालगंज में एक न्यायिक पदाधिकारी की गाड़ी रोककर हंगामा करने और सड़क जाम करने के आरोप में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। यह घटना जिले के व्यवहार न्यायालय के समीप मुख्य मार्ग पर हुई थी। पुलिस गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई कर रही है। जानकारी के अनुसार, यह घटना कुछ दिन पहले हुई थी जब न्यायिक पदाधिकारी अपनी सरकारी गाड़ी से कोर्ट परिसर में प्रवेश कर रहे थे। आरोपियों ने उनकी गाड़ी को जबरन रोक दिया और बीच सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान उन्होंने अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए हंगामा किया। इस अचानक हुई घटना के कारण कोर्ट के आसपास और मुख्य मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई और विधि-व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ा। स्थिति को बिगड़ता देख ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने नगर थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। हालांकि, स्थिति बेकाबू होने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार किए गए लोगों में सद्दाम खान, इश्तेखार अहमद खान और तीन महिलाएं शामिल हैं। सरकारी काम में बाधा डालने पर कार्रवाई नगर थाना में इस संबंध में सरकारी काम में बाधा डालने, न्यायिक पदाधिकारी का रास्ता रोकने, सड़क जाम करने और सार्वजनिक स्थान पर अमर्यादित आचरण करने की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। भविष्य में ऐसी अराजक स्थिति को रोकने के लिए कोर्ट परिसर और उसके आसपास की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है।
दिल्ली विश्वविद्यालय के कई स्नातक पाठ्यक्रमों में बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गई हैं, जिसका मुख्य कारण कालेजों और कोर्स की छात्रों की मांग का सही आकलन न होना है।
यूपी के 14 जिलों में बंद पड़ी कताई मिलों की जमीनों पर लगेंगे उद्योग, योगी कैबिनेट की मंजूरी
टैक्सफेड समूह के तहत स्टेट स्पिनिंग कंपनी यूपी स्टेट यार्न तथा यूपी सहकारी कताई मिल संघ लि. कानपुर की बंद मिलों की जमीन उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) को मुफ्त में देगी।
उदयपुर में कोडियात स्थित 5 स्टार होटल 'ताज अरावली' प्रोजेक्ट में करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र मामले में FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि 5-स्टार होटल प्रोजेक्ट में कॉटेज बेचने के नाम पर निवेशकों से रकम ली गई और उनके साथ ठगी की गई। मामले में दिल्ली आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने ईशान ग्रुप के डायरेक्टर्स पर शिकंजा कसते हुए जांच शुरू कर दी है। 7 निवशकों ने कंपनी और इनके 3 डायरेक्टर के खिलाफ कुल 7 करोड़ 22 लाख रूपए की ठगी के आरोप लगाए है। जांच एजेंसी अब निवेश, लेनदेन और प्रोजेक्ट से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर आरोपों की पड़ताल कर रही है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा(EOW) ने सफदरजंग थाने में दर्ज शिकायत पर प्रोजेक्ट विकसित करने वाली कंपनी मैसर्स ईशान क्लब्स एंड होटल्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामले में मुंबई स्थित कंपनी के साथ-साथ तीन निदेशकों राजीव आनंद, साहिल आनंद और चारू आनंद को नामजद किया गया है। यह कार्रवाई चेतन्य सिंह, रुक्मणी सिंह, विराज सागर दास, अलका दास, सोनाक्षी दास, राहुल कुमार और सरिता शर्मा की शिकायत के बाद हुई है। आरोपियों ने दिल्ली में निवेशकों से मिलकर झांसा दिया था कि प्रोजेक्ट में कॉटेज खरीदने पर हर साल 9 से 12 फीसदी पक्का रिटर्न और कुल मुनाफे में 25 फीसदी तक हिस्सा दिया जाएगा। निवेशकों ने बैंक खातों से करोड़ों रुपए का भुगतान किया। पूरी रकम और स्टांप ड्यूटी वसूलने के बाद भी आरोपियों ने कई साल तक खरीदारों के नाम सेल डीड यानी रजिस्ट्री नहीं कराई। जब निवेशकों ने दस्तावेज और मुनाफे की मांग की, तो उन्हें राजनीतिक पहुंच का डर दिखाकर धमकियां दी गईं। बिना सूचना के पूरे प्रोजेक्ट को विदेशी कंपनी को बेचने की कोशिश भी की गई। अब दिल्ली ईओडब्ल्यू इस पूरे मामले में मनी ट्रेल और बेनामी संपत्तियों की गहन जांच कर रही है। किस निवेशक से कितने रुपए ऐंठे आरोपियों के झांसे में आकर निवेशकों ने बैंक ट्रांसफर और RTGS के जरिए करोड़ों रुपए दिए थे। इनमें चेतन्य सिंह ने 2 करोड़ (5 कॉटेज) और रुक्मणी सिंह ने 2 करोड़ (5 कॉटेज) का भुगतान किया। विराज सागर दास ने 81.60 लाख रुपए (75 लाख कीमत + 6.60 लाख स्टांप ड्यूटी), अलका दास ने 80.63 लाख रुपए और सोनाक्षी दास ने 80.63 लाख रुपए दिए। वहीं राहुल कुमार और सरिता शर्मा ने एक-एक कॉटेज के लिए 40-40 लाख रुपए का भुगतान किया था। जांच के दौरान 9 और नए पीड़ित सामने आए दिल्ली पुलिस की शुरुआती जांच के दौरान मामले में 9 और नए शिकायतकर्ता भी जुड़ गए हैं। इनमें सीमा अरुण अग्रवाल, संतोष कुमार चौधरी, संजय चिरानिया एचयूएफ, संजय कुमार चिरानिया, मुकेश कुमार चौधरी एचयूएफ, एस.एस. अग्रवाल एंड संस एचयूएफ, पूजा मेहता, बसंती मेहता और सुमन बोथरा शामिल हैं। इन सभी निवेशकों ने भी कंपनी और डायरेक्टर्स पर धोखाधड़ी के आरोप लगाते हुए संयुक्त शिकायत दी है। नेताओं के नाम का रौब और ओएसडी की धमकी निवेशकों का आरोप है कि रजिस्ट्री मांगने पर आरोपियों ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के रसूख का डर दिखाया। शिकायत के मुताबिक, पूर्व सीएम के ओएसडी शशिकांत शर्मा ने भी फोन पर शिकायतकर्ता को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। साथ ही आरोप है कि होटल का इस्तेमाल राजनीतिक शरणस्थली (बाड़ाबंदी) के रूप में भी किया गया। वन विभाग की दीवार तोड़ी, जमीन पर किया कब्जा प्रोजेक्ट में पर्यावरण और वन नियमों की धज्जियां उड़ाने का भी खुलासा हुआ है। उप वन संरक्षक (DFO) ने 21 जून 2021 को कलेक्टर को रिपोर्ट भेजी थी कि होटल प्रबंधन ने बुझड़ा गांव के पास वन विभाग की बनाई सुरक्षा दीवार तोड़ दी। इसके बाद बड़े पैमाने पर पेड़ काटकर अरावली हिल कंजर्वेशन जोन की सरकारी जमीन पर नई दीवार बना ली। यूआईटी द्वारा कौड़ियों के भाव जमीन देने का खेल एफआईआर में साफ लिखा हैं कि यूआईटी उदयपुर ने आरक्षित दर के 150%+15% पर जमीन आवंटन की सिफारिश की थी, लेकिन तत्कालीन सरकार ने इसे नियमों के खिलाफ घटाकर मात्र 50% कर दिया। इसके अलावा सिंचाई विभाग की देवास प्रोजेक्ट वाली जमीन (खसरा नंबर 158) को भी बिना अधिकार होटल प्रबंधन को गलत तरीके से आवंटित कर दिया गया।
नाथद्वारा में श्रीनाथजी थाना पुलिस ने बाइक चोरी की वारदातों का खुलासा किया है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर चोरी की 9 बाइक बरामद की हैं। थाना इंचार्ज विक्रम सिंह के अनुसार, 8 जुलाई को पीड़ित बलराम मीणा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह अपने दोस्त के साथ 16 मई को नाथद्वारा आया था। दोनों ने अरिहंत प्लाजा में अपनी बाइक खड़ी की और बस से झालावाड़ चले गए। वापस लौटने पर दोनों की बाइक मौके से गायब मिलीं। इस पर थाना नाथद्वारा में प्रकरण संख्या 125/2026 धारा 303(2) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। लगातार हो रही बाइक चोरी की घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित कर संदिग्धों पर निगरानी शुरू की। इसी दौरान 19 अगस्त को संदिग्ध नरेश उर्फ मुन्ना को डिटेन कर पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने अलग-अलग स्थानों से कुल 9 बाइक चोरी करना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने सभी 9 बाइक बरामद कर लीं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान नरेश उर्फ मुन्ना ‘20’ पुत्र सवाराम निवासी डिंगेला, थाना नाथद्वारा के रूप में हुई है। बरामद वाहनों में रॉयल इनफील्ड बुलेट, यामाहा केएमटी, बुलेट 350, हीरो स्प्लेंडर प्लस, होंडा ड्रीम योगा, सीडी डीलक्स और टीवीएस रेडर सहित बाइक शामिल हैं। इनमें दो बाइक के नंबर आरजे 17 ईएस 4050 और आरजे 08 एसएक्स 8505 बताए गए हैं। पुलिस आरोपी से अन्य चोरी की वारदातों और बरामद बाइकों को कहां-कहां और किन लोगों को बेचने के संबंध में पूछताछ कर रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।
अंबिकापुर में शनिवार शाम एक ट्रक ने पैदल चल रही महिला को कुचल दिया। महिला की मौके पर मौत हो गई। पुलिस ने ट्रक के चालक को गिरफ्तार कर वाहन जब्त कर लिया है। महिला की शिनाख्त नहीं हो सकी है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। एक अन्य घटना में नेशनल हाईवे 130 में पिकअप ने बाइक सवार युवकों को टक्कर मार दी। हादसे में तीन युवक घायल हो गए हैं। इनमें एक की हालत गंभीर है। घटना लखनपुर थाना क्षेत्र में हुई। जानकारी के मुताबिक, रविवार शाम रामानुजगंज चौक में संजय पार्क की ओर जा रही महिला को ट्रक ने चपेट में ले लिया और कुचल दिया। महिला की मौके पर मौत हो गई। चौक में ही हादसे को देखकर तत्काल मौके पर यातायात पुलिस के जवान पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने दौड़ाकर ट्रक को पकड़ लिया और चालक को गिरफ्तार कर लिया है। नहीं हो सकी शिनाख्त, हॉस्पिटल भेजा गया शव घटना की सूचना पर अंबिकापुर सीएसपी राहुल बंसल और कोतवाली टीआई पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। महिला के शव को मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल भेज दिया गया है। मृतका की शिनाख्त नहीं हो सकी है। कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है। नेशनल हाईवे में सड़क हादसे में तीन घायल एक अन्य हादसे में नेशनल हाईवे 130 में लखनपुर चौपाटी के पास शाम करीब 5.30 बजे तेज रफ्तार पिकअप ने एक स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसे में स्कूटी में सवार तीन युवक घायल हो गए। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। घायल युवकों में लहपटरा निवासी संजू राजवाड़े, परी निवासी मुकेश राजवाड़े और बतौली निवासी सुयश पैकरा शामिल हैं। तीनों शराब के नशे में थे। तीनों का उपचार हॉस्पिटल में किया जा रहा है। एक युवक को ज्यादा चोटंे आई हैं।
धार जिले के राजगढ़ थाना क्षेत्र के माछलिया घाट में हुई डकैती के मामले में सरदारपुर न्यायालय ने चार आरोपियों को दोषी माना है। कोर्ट ने सभी को 5-5 साल की सजा सुनाई है। साथ ही सभी आरोपी पर एक-एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। घटना 21 मई 2025 की रात करीब 1:30 बजे हुई थी। गुजरात के जूनागढ़ निवासी मुकेश अपनी पत्नी, बेटी और दामाद के साथ टवेरा से इंदौर जा रहे थे। माछलिया घाट से पहले एक पुल पर सड़क पर पड़े पत्थर से वाहन टकरा गया। इसके बाद गाड़ी बंद हो गई। वाहन से तेल भी रिस रहा था। परिवार के लोग नीचे उतरकर गाड़ी देखने लगे। इसी दौरान करीब 6 बदमाश वहां पहुंचे। उन्होंने हथियार दिखाकर परिवार से लूटपाट शुरू कर दी। दोषियों की तस्वीरें देखें… महिलाओं के जेवर और नकदी लूटी बदमाशों ने मुकेश की बेटी से सोने की चेन, कान की बालियां, अंगूठी और पर्स में रखे 35 हजार रुपए लूट लिए। मुकेश की पत्नी के हाथों से सोने के दो कंगन और कान की बालियां भी छीन ली गईं बदमाश वाहन में रखे 5 बैग भी ले गए। इनमें कपड़े, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी और मोबाइल फोन थे। घटना में महिला और उसकी बेटी को चोटें भी आई थीं। जंगल से पकड़े गए थे आरोपी रिपोर्ट दर्ज होने के बाद राजगढ़ पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने मुखबिरों की मदद से माछलिया घाट के जंगल में आरोपियों का पता लगाया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, उनके पास से लूटा गया सामान भी बरामद हुआ था। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने मामला न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के दौरान पेश साक्ष्यों के आधार पर सरदारपुर न्यायालय ने चारों को दोषी माना। चारों आरोपियों को 5-5 साल की सजा कोर्ट ने हमीस पिता फत्तू मछार, मोहन पिता अनसिंह भील, संजय पिता पान सिंह भील और बाल सिंह पिता बेल सिंह भील को दोषी ठहराया। चारों आरोपी बड़ा मछलिया के रहने वाले हैं। सभी को 5-5 साल के कठोर कारावास और एक-एक हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
भोपाल के करोंद इलाके के कमल नगर में करीब एक माह पहले हुई गोकशी के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी इकराम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी को करोंद चौराहे से पीपल चौराहा होते हुए घटनास्थल कमल नगर तक लेकर पहुंची। इस दौरान आरोपी का जुलूस निकाला गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी घटना के बाद से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार तलाश कर रही थी। आरोपी के पकड़े जाने के बाद उसे मामले से जुड़े स्थानों पर ले जाकर पूछताछ और जांच की गई। बताया जा रहा है कि आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस पर लगातार दबाव था। करीब एक सप्ताह पहले हिन्द संगठन ने गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन और आंदोलन की चेतावनी भी दी थी। इसके बाद पुलिस ने फरार आरोपी की तलाश तेज कर दी थी। जुलूस के दौरान आरोपी ने कान पकड़कर माफी मांगी और गौ हत्या को पाप बताते हुए नारे लगाए। पुलिस ने आरोपी से मामले में आगे की पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि घटना में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे और उनकी क्या भूमिका थी।
पूर्णिया सदर एसडीएम तुषार कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को कसबा प्रखंड सह अंचल कार्यालय सभागार में शांति समिति की बैठक हुई। यह बैठक आगामी 26 अगस्त को मनाए जाने वाले मिलादुन्नबी पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान एसडीएम ने पर्व से संबंधित जुलूसों के लिए कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने डीजे के उपयोग और हथियारों के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया। साथ ही, जुलूस निकालने के लिए संबंधित अधिकारियों से लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी मधु कुमारी, अंचलाधिकारी निशांत कुमार, कसबा थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन, मुख्य पार्षद प्रतिनिधि मिट्ठू यादव, पार्षद सह जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष मो. हसमत राही सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध नागरिक और जुलूस समिति के सदस्य उपस्थित रहे। गंगा-जमुनी तहज़ीब को बनाए रखने की अपील शांति समिति की बैठक में सदर एसडीएम तुषार कुमार ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कसबा हमेशा से गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी भाईचारे की मिसाल रहा है। उन्होंने सभी से पर्व को परंपरा के अनुरूप शांति और उल्लास के साथ मनाने का आह्वान किया। बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रशासन को शांति व्यवस्था बनाए रखने में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। एसडीएम की ओर से जारी प्रमुख दिशा-निर्देश एसडीएम तुषार कुमार ने स्पष्ट किया कि पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जुलूस निकालने के लिए संबंधित थाने से विधिवत लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। जुलूस केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित रूट से ही निकाला जाएगा और लाइसेंस की सभी शर्तों का शत-प्रतिशत पालन करना होगा। जुलूस में किसी भी प्रकार के धारदार हथियार, आपत्तिजनक ध्वज या पताका ले जाने पर पूर्ण पाबंदी रहेगी, जिससे किसी की सुरक्षा या भावना को ठेस न पहुंचे। यहां तक कि किसी भी प्रकार के डीजे के प्रयोग की अनुमति नहीं होगी। सोशल मीडिया पर साइबर सेल की नज़र बैठक में शामिल हुए लोगों को सख्त हिदायत देते हुए सदर एसडीएम तुषार कुमार ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। एसडीएम ने बताया कि साइबर डीएसपी और उनकी टीम लगातार सोशल मीडिया मॉनिटरिंग कर रही है। त्वरित सूचना देने की अपील सदर एसडीएम तुषार कुमार ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अप्रिय घटना की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस व प्रशासन को दें ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
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श्रीगंगानगर में सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में विचाराधीन एक मुकदमे में आरोपी की जमानत फर्जी डॉक्यूमेंट से करवाए जाने का मामला सामने आया है। जमानत जब्त होने पर जब जमानती को नोटिस जारी किया गया, तो पूरा फर्जीवाड़ा खुल गया। कोर्ट के रीडर सुनील कुमार सिडाना ने कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। पुलिस के अनुसार- आरोपी अमनदीप सिंह उर्फ योगी पुत्र जगतार सिंह, निवासी 4 बीबी (पदमपुर) की जमानत के लिए सुखराम पुत्र पृथ्वीराज निवासी (लालगढ़ जाटान) के नाम से एक व्यक्ति दस्तावेजों के साथ कोर्ट पहुंचा। उसने आधार कार्ड की फोटोकॉपी, सुखराम के नाम जमीन की जमाबंदी और फोटो पेश की। वकील के सामने हस्ताक्षर किए और अपना मोबाइल नंबर भी लिखवाया। जब अमनदीप सिंह की जमानत जब्त हुई और असली सुखराम को नोटिस गया, तो उन्होंने कहा- मैंने किसी अमनदीप सिंह की जमानत नहीं दी। मैं उसे जानता तक नहीं। उन्होंने बताया कि कागजों पर लगी फोटो उनकी नहीं, बल्कि पड़ोसी राजेन्द्र पुत्र संतराम नायक निवासी (लालगढ़ जाटान) की है। जांच में खुलासा हुआ कि राजेन्द्र ने ई-मित्र से सुखराम का आधार कार्ड निकलवा लिया, जमीन की जमाबंदी भी हासिल कर ली। फिर खुद को सुखराम बताकर कोर्ट में पेश हुआ और फर्जी हस्ताक्षर कर जमानत दिलवा दी। इस मामले में कोर्ट रीडर सुनील सिडाना ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। आगे की जांच जारी है।
'भारत की शांति को कमजोरी समझने की भूल न करे कोई' वीरोदय समारोह के दौरान डीयू में राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की अहिंसा और शांति की संस्कृति को कमजोरी नहीं समझना चाहिए, क्योंकि देश की सुरक्षा, संप्रभुता और सम्मान की रक्षा सरकार का सर्वोच्च दायित्व है।
मुरादाबाद की ठाकुरद्वारा रेंज के अन्तर्गत गांव कोठा महमूद में एक तेंदुआ ट्रैप केज में पकड़ा गया है। आज यह दूसरा ट्रैप है।जिले में पिछले 15 दिन में अब तक कुल 08 तेंदुओं का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया जा चुका है।
पूर्णिया मेडिकल कॉलेज परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अस्पताल में भर्ती एक महिला मरीज के परिजनों ने उसके साथ मारपीट की। बीच-बचाव करने आए सुरक्षाकर्मियों पर भी हमला किया गया, जिससे कॉलेज में भारी हंगामा हुआ। यह घटना तब हुई जब एक महिला को संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाने के बाद इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। भर्ती होने के बाद उसके ही परिजनों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। महिला मरीज से मारपीट होते देख, बीच-बचाव करने के लिए सुरक्षाकर्मी और एक महिला गार्ड मौके पर पहुंचे। उग्र परिजनों ने इन सुरक्षाकर्मियों के साथ भी जमकर मारपीट की, उन्हें गाली-गलौज दी और जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि हमला करने के बाद, आरोपी परिजन मौके से फरार हो गए। फांसी लगाने की कोशिश के बाद अस्पताल पहुंची थी महिला जानकारी के अनुसार, बनभाग निवासी सोना खातून ने घर में संदिग्ध कारणों से फांसी लगाने का प्रयास किया। आनन-फानन में परिजनों और ग्रामीणों द्वारा उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दरमियान परिजनों में से ही किसी ने महिला के साथ मारपीट की । बीच बचाव के लिए पहुंचे सुरक्षा गार्ड को भी परिजनों ने पीटा। वार्ड में मरीज से मारपीट, रोकने पर गार्ड्स पर हमला घटना के वक्त ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड राज किशोर सिंह ने बताया कि जब फांसी के फंदे से बचाकर लाई गई महिला मरीज अस्पताल के वार्ड में भर्ती थी और दर्द व घबराहट से चिल्ला रही थी, तभी उसके साथ आए परिजनों में से ही किसी ने मरीज के साथ मारपीट शुरू कर दी। डॉक्टर ने स्थिति बिगड़ती देख सुरक्षा गार्डों को हस्तक्षेप करने और मरीज से मारपीट कर रहे लोगों को वार्ड से बाहर करने का निर्देश दिया। भीड़ सुरक्षा गार्ड पर टूट पड़ी सुरक्षा गार्ड राज किशोर सिंह ने बताया कि डॉक्टर साहब के कहने पर जब मैंने उन लोगों से बाहर जाने और बाहर बैठने का अनुरोध किया, तो वे उग्र हो गए और कहने लगे कि तुम हमें बाहर निकालने वाले कौन होते हो। इसके बाद 10 से 15 लोगों की भीड़ मुझ पर टूट पड़ी और बेरहमी से मारपीट की। जान बचाने के लिए मैं पीछे के रास्ते भागा। इसी दौरान बीच-बचाव करने आई महिला सुरक्षा गार्ड का दुपट्टा खींचकर उसके साथ भी मारपीट की गई। जान से मारने की धमकी देकर फरार हुए उपद्रवी सुरक्षा कर्मियों के अनुसार, उपद्रव मचाने के बाद सभी 10-15 हमलावर अस्पताल परिसर से भाग निकले। भागते वक्त उन्होंने गार्डों को खुलेआम काट डालने और जान से मारने की धमकी भी दी। मुझे कुछ नहीं पता मारपीट हुए या नहीं : मां हालांकि अस्पताल में मौजूद महिला की मां इन बातों से अंजान खुद को बताते हुए उन्होंने कहा कि हमारी बेटी सोना खातून ने घर पर फांसी लगा ली थी। उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने इंजेक्शन और प्राथमिक उपचार देकर उसकी हालत स्थिर की। वार्ड के अंदर कोई मारपीट नहीं हुई, लेकिन अस्पताल के बाहर क्या विवाद हुआ और किसने किया, इसकी हमें पूरी जानकारी नहीं है। जांच में जुटी पुलिस और अस्पताल प्रशासन अस्पताल परिसर जैसी संवेदनशील जगह पर डॉक्टरों के सामने मरीज और ऑन-ड्यूटी सुरक्षा कर्मियों के साथ हुई इस हिंसक घटना से अस्पताल कर्मियों व अन्य मरीजों में दहशत का माहौल है। अस्पताल प्रशासन द्वारा घटना की जानकारी मेडिकल कॉलेज टीओपी को दी गई।
मऊगंज में शाहपुर पुलिस ने एक पिकअप गाड़ी से 8 मवेशियों को छुड़ाया है। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश की जा रही है। शनिवार को थाना प्रभारी उपनिरीक्षक रामदीन सिंह को मुखबिर से खबर मिली थी कि ग्राम राजाधौ के बधैया मोड़ पर एक पिकअप (MP 17 G 4024) में मवेशियों को लादकर ऊपर से तिरपाल से ढंका जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखते ही एक शख्स अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया, जबकि पुलिस ने दूसरे आरोपी सलमान अंसारी (निवासी मऊगंज) को रंगे हाथों पकड़ लिया। गौशाला भेजे गए मवेशी, दूसरे आरोपी की तलाश जारी पूछताछ में सलमान ने भागने वाले अपने साथी का नाम दीपक मिश्रा (निवासी राजाधौ) बताया। पिकअप से तिरपाल हटाने पर पुलिस को 4 गाय, 3 बछड़े और 1 बछिया (कुल 8 मवेशी) मिले। पुलिस ने सभी मवेशियों को सुरक्षित रेहड़ा गांव की गौशाला भिजवा दिया है और पिकअप गाड़ी को जब्त कर थाने में खड़ा करवा लिया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मप्र गौवंश प्रतिषेध अधिनियम और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फरार आरोपी दीपक मिश्रा की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।
25 अगस्त से बदलेगा भोपाल-ग्वालियर एक्सप्रेस ट्रेन का एक रेक, LHB कोच से सफर होगा ज्यादा आरामदायक
भोपाल-ग्वालियर-भोपाल एक्सप्रेस के यात्रियों के लिए रेलवे ने बड़ा बदलाव किया है। 25 अगस्त से ट्रेन का एक रेक एलएचबी कोच में बदलेगा, जिससे यात्रा अधिक आरामदायक होगी।
लखनऊ में विद्यांत कॉलेज में सजा श्रावण महोत्सव:लोकगीत-लोकनृत्य से जीवंत हुई सावन की संस्कृति
लखनऊ के विद्यान्त हिंदू पीजी कॉलेज में शनिवार को विवेकानंद हॉल में श्रावण महोत्सव का आयोजन किया गया। पद्मश्री योगेश प्रवीन कल्चरल क्लब के सहयोग से हुए इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने लोकगीत, लोकनृत्य और लघु नाटिका के माध्यम से सावन की संस्कृति को जीवंत किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक और छात्र-छात्राएं ग्रीन थीम पर आधारित परिधानों में उपस्थित हुए। मेहंदी, रंगोली, पोस्टर मेकिंग, सेल्फी प्वाइंट और स्लोगन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। तीज किंग और तीज क्वीन प्रतियोगिताएं भी आकर्षण का मुख्य केंद्र रहीं। श्रावण महोत्सव की परंपरा का आयोजन कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य प्रोफेसर धर्म कौर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने श्रावण महोत्सव की परंपरा और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। इसी दौरान कल्चरल क्लब के नए पदाधिकारियों का बैज अलंकरण समारोह भी संपन्न हुआ, जिसके साथ नई छात्र समिति का गठन किया गया। उपप्राचार्य प्रोफेसर राजीव शुक्ला और प्रोफेसर अमित वर्धन ने इस आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं। कल्चरल क्लब की अध्यक्ष प्रोफेसर नीतू सिंह ने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि समन्वयक प्रोफेसर शालिनी साहनी के नेतृत्व में पूरे कार्यक्रम का सफल संयोजन किया गया। महाविद्यालय के शिक्षकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई विभिन्न प्रतियोगिताओं के परिणामों में, मेहंदी प्रतियोगिता में रोशनी चौहान ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि आफरीन द्वितीय और सुभाषिनी तृतीय रहीं। पोस्टर प्रतियोगिता में आन्या कनौजिया प्रथम, आर्यन कनौजिया द्वितीय और आफरीन तृतीय स्थान पर रहे। सेल्फी प्वाइंट प्रतियोगिता में ग्रुप ए और बी को संयुक्त रूप से प्रथम तथा ग्रुप सी को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। तीज किंग का खिताब काव्यांश खन्ना ने अपने नाम किया, वहीं विनीता को तीज क्वीन चुना गया। कुशाग्र ने श्रावण महोत्सव के वैज्ञानिक और सांस्कृतिक महत्व पर एक प्रभावशाली भाषण दिया। सभी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार के साथ प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। निर्णायक मंडल में महाविद्यालय के शिक्षकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भोपाल के करीब 55 इलाकों में रविवार को 2 से 6 घंटे तक बिजली कटौती होगी। इन इलाकों में बिजली कंपनी मेंटेनेंस करेगी। इसके चलते सप्लाई पर असर पड़ेगा। जिन इलाकों में बिजली बंद रहेगी, उनमें कोकता, सुभाष नगर, नयापुरा, पुलिस हाउसिंग सोसायटी, बड़वई, कोहेफिजा, कस्तूरी कोर्टयार्ड, राजधानी परिसर, गोविंदपुरा समेत कई बड़े इलाके भी शामिल हैं। ऐसे में बिजली संबंधित जरूरी काम पहले से निपटा लें। ताकि परेशानी का सामना न करना पड़े। इन इलाकों में पड़ेगा असर
बुरहानपुर के खकनार जनपद पंचायत की साधारण सभा शनिवार को प्रतिनिधियों की एंट्री के मुद्दे पर हंगामे की स्थिति बनी। अध्यक्ष राकेश सोलंकी और उपाध्यक्ष आरती चौकसे सहित 25 निर्वाचित सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। उन्होंने सीईओ के खिलाफ नारेबाजी की और सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी दी। जनपद पंचायत सीईओ बोलीं- नियम अनुसार जारी किया था पत्रबैठक के लिए जारी पत्र में केवल निर्वाचित जनपद सदस्यों को बुलाया गया था, जबकि प्रतिनिधियों को अपेक्षित नहीं किया गया था। इसी बात को लेकर सदस्यों ने आपत्ति जताई। जनपद पंचायत सीईओ सुनीता बघेल ने सदस्यों को समझाया कि पत्र नियमानुसार जारी किया गया था और साधारण सभा में सिर्फ निर्वाचित सदस्य ही अपेक्षित हैं। हालांकि, सदस्य सीईओ की बात से सहमत नहीं हुए। समझाइश बेनतीजा रहने पर सीईओ निवास के लिए रवाना हो गईं। उनके जाते ही अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित सभी सदस्य कार्यालय के सामने एकत्र हुए और सीईओ के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सदस्यों का आरोप है कि उनके क्षेत्रों में अपेक्षित काम नहीं हो रहे हैं, जिससे जनता उनसे हिसाब मांगती है और जवाब देना मुश्किल हो रहा है। सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द काम शुरू नहीं हुए तो वे कलेक्टर के सामने सामूहिक इस्तीफा देंगे। इन सदस्यों ने किया विरोधविरोध करने वाले सदस्यों में रितु संजय, रायसिंह अनारसिंह भूरिया, कविता सुरेश पवार, शारदा रायसिंह, शिवलाल देवतराम भिलावेकर, देवीदास किशन जामबेकर, पुष्पा भीमसिंह, सुमन हरिराम पटेल, नंदकिशोर पन्नालाल, शर्मिला पूनमचंद कारडेकर, मीराबाई गणेश भिलावेकर, सुनीता शांताराम, गजाधर बेडि़या, कोटारानी बाई, कमला हरी, हरी धर्मा राठौड़, सुभाष शिवकुमार परिहार, शंकर मेहरचंद, ज्योति सालिकराम पाटील, समोती मंगल, गणेश, गोकुल रामदास पाटील और मनीषा विजय चौधरी शामिल थे। इस मामले पर खकनार जनपद सीईओ सुनीता बघेल ने कहा कि पत्र नियमानुसार जारी किया गया था और प्रतिनिधि अपेक्षित नहीं थे। उन्होंने बताया कि इसी बात को लेकर सदस्यों ने नाराजगी जताई और समझाने पर भी वे बैठक में शामिल नहीं हुए।
हरदा में शनिवार शाम मजिस्ट्रेटों ने वाहनों की चेकिंग की। इंदौर रोड पर करीब ढाई घंटे चली कार्रवाई में 30 चालान काटे गए। करीब 41 हजार रुपए का जुर्माना भी वसूला गया। चेकिंग के दौरान कई वाहनों से काली फिल्म हटवाई गई। बिना नंबर की गाड़ियां और तेज आवाज करने वाली बुलेट जब्त की गईं। कार्रवाई शाम 5 बजे शुरू हुई और करीब साढ़े 7 बजे तक चली। सड़क से गुजरने वाले दोपहिया और चार पहिया वाहनों को रोका गया। मजिस्ट्रेटों ने ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा और दूसरे जरूरी दस्तावेज जांचे। हूटर, काली फिल्म और नंबर प्लेट समेत यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की गई। तस्वीरें देखें… रास्ता बदलकर निकलते दिखे वाहन चालक चेकिंग शुरू होते ही कुछ वाहन चालक रास्ता बदलकर निकलते नजर आए। कई लोग गलियों से होकर कार्रवाई से बचने की कोशिश करते दिखे। कार्रवाई सीजेएम लवकेश सिंह के नेतृत्व में हुई। इसमें 5 मजिस्ट्रेट और सिटी कोतवाली, सिविल लाइन व यातायात पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
बाड़मेर में स्कॉर्पियो और स्विफ्ट की आमने-सामने की जबरदस्त भिड़ंत हो गई। इससे दोनों गाड़ियों के एक-एक टायर निकल गए। हादसे में ड्राइवर साइड से दोनों गाड़ियां पिचक गई। कार में सवार चार जने गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त गाड़ियों को हाईवे से हटवाकर ट्रैफिक सुचारू करवाया। घटना बाड़मेर जिले के सदर थाना इलाके में कुर्जा फांटा स्थित हैलीबर्टन कंपनी के पास शाम करीब 4 बजे की है। गंभीर घायलों का बाड़मेर हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। दोनों वाहनों के एयरबैग खुलने से सभी की जान बच गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, गुजरात के मेहसाणा निवासी बलदेव भाई, हर्षद भाई, बाबू भाई और जगदीश भाई स्विफ्ट कार से रामदेवरा मंदिर दर्शन करने के लिए जा रहे थे। नेशनल हाईवे-68 पर कुर्जा फांटा स्थित हैलीबर्टन कंपनी के पास सामने से आ रही स्कॉर्पियो से उनकी कार की भिड़ंत हो गई। इससे स्विफ्ट में सवार बलदेव भाई, हर्षद भाई, बाबू भाई व जगदीश भाई घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने 108 एंबुलेंस और निजी वाहन की सहायता से चारों को जिला अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मौका-मुआयना किया। ASI गुलाब खान के अनुसार, हादसे के बाद स्कॉर्पियो में सवार दो युवक मौके से भाग गए। वहीं, दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को जब्त कर क्रेन की सहायता से थाने लाकर खड़ा करवाया गया। पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। रामदेवरा दर्शन करने जा रहे थे श्रद्धालुजानकारी के अनुसार, चारों युवक गुजरात से रामदेवरा बाबा रामदेव मंदिर के दर्शन करने के लिए जा रहे थे। हालांकि हादसे में दोनों गाड़ियों में एयरबैग खुलने से सभी सवारों की जान बच गई।
अनूपपुर जिले की फुनगा पुलिस चौकी टीम ने कॉलेज जाने का कहकर गायब हुई 18 वर्षीय युवती को छत्तीसगढ़ के रायपुर से सही-सलामत ढूंढ निकाला है। कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद लड़की को उसके परिवार के हवाले कर दिया गया है। चौकी प्रभारी सोने सिंह परस्ते ने बताया कि 27 जुलाई को युवती की मां ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी कॉलेज के लिए निकली थी, लेकिन देर शाम तक घर वापस नहीं लौटी। पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की। शुरुआत में मोबाइल लोकेशन न मिलने से थोड़ी दिक्कत आई, लेकिन तकनीकी जांच की मदद से पुलिस टीमने शनिवार को लड़की को रायपुर से खोज निकाला। पूछताछ में उसने बताया कि वह किसी के बहकावे में नहीं आई थी, बल्कि अपनी सहेलियों के साथ रायपुर जाकर एक प्राइवेट कंपनी में काम करने लगी थी। सुरक्षित घर लौटी बेटी, परिजन ने जताई राहत पुलिस ने सारी कागजी कार्रवाई पूरी करके युवती को उसके परिवार को सौंप दिया है। अपनी बेटी को सही-सलामत देखकर परिवार वालों ने राहत की सांस ली और फुनगा पुलिस का शुक्रिया अदा किया।
मरीज से जानवर जैसा सलूक, फर्श पर घसीटकर ले गए, 3 दिन तक भर्ती नहीं किया; DMCH में इंसानियत तार-तार
दरभंगा के डीएमसीएच अस्पताल में एक मरीज के साथ बदसूलकी हुई। मरीज तीन दिनों तक लावारिस हालत में अस्पताल के इमरजेंसी में पड़ा रहा, उसे भर्ती नहीं किया गया। तीसरे दिन गार्ड ने उसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए ट्रॉली पर लिटाने की बजाय फर्श पर घसीटा।
नीमच में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर शनिवार को पुलिस और आरटीओ की संयुक्त टीम ने सड़कों पर चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान नियमों को ताक पर रखकर दौड़ रहीं कई स्कूल बसें पकड़ी गईं, जिससे स्कूल प्रबंधन और बस संचालकों की बड़ी लापरवाही सामने आई। कार्रवाई के दौरान इंटरनेशनल साईं संस्कार पब्लिक स्कूल की बस (MP 44 P 0405) को रोका गया। जांच में पाया गया कि 17 सीटों वाली इस बस में क्षमता से ज्यादा 22 बच्चे बैठाए गए थे। बस के पास फिटनेस सर्टिफिकेट तक नहीं था। हद तो तब हो गई जब ड्राइवर के पास स्कूल बस चलाने के लिए जरूरी 5 साल पुराना हैवी लाइसेंस न होकर महज 2 साल पुराना हल्का (लाइट) लाइसेंस मिला। शहरभर में हड़कंप, न फायर सेफ्टी मिली न फर्स्ट एड किट यातायात थाना प्रभारी मलखान सिंह की अगुवाई में चले इस अभियान की खबर फैलते ही बस संचालकों में हड़कंप मच गया। पुलिस टीम ने शहर के प्रमुख चौराहों पर नाकेबंदी कर सरस्वती शिशु विद्या मंदिर और ज्ञानोदय स्कूल समेत कई स्कूल-कॉलेज वाहनों की जांच की। जांच में पाया गया कि ज्यादातर बसों में सुरक्षा इंतजाम गायब थे। कई में आग बुझाने वाले सिलेंडर (फायर सेफ्टी उपकरण) नहीं थे, तो कई में प्राथमिक उपचार (मेडिकल किट) का डिब्बा तक गायब था। लापरवाह बसों पर काटा चालान, कार्रवाई रहेगी जारी गंभीर कमियां मिलने पर इंटरनेशनल साईं संस्कार पब्लिक स्कूल की बस पर मौके पर ही 11 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। शनिवार शाम तक चली इस कार्रवाई में कुल 4 स्कूली वाहनों के चालान बनाए गए और उनसे 47 हजार 500 रुपए का जुर्माना वसूला गया। पुलिस ने सख्त चेतावनी दी है कि मासूम बच्चों की जान से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा और यह चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा।
सीकर में निकाय चुनाव की आचार संहिता के बीच भाजपा और कांग्रेस में टिकट की दावेदारी तेज हो गई है। अब तक भाजपा में 252 और कांग्रेस में 231 लोगों ने आवेदन किया है। खास बात यह है कि चुनावी मैदान में कई परिवारों के सदस्य भी अपनी दावेदारी जता रहे हैं। पति-पत्नी ने अलग-अलग दो वार्डों से टिकट के लिए आवेदन किया है, वहीं ससुर और बहू ने भी चुनाव लड़ने की तैयारी के साथ दावेदारी पेश की है। सीकर में आज(शनिवार) दोनों ही पार्टियों के कार्यालय में 100-100 से ज्यादा लोगों ने टिकट के लिए आवेदन किया। दोनों ही पार्टियों में अब आवेदनों की संख्या 200 से ज्यादा हो चुकी है। दोनों ही पार्टियों में आवेदन की अंतिम तिथि कल है। इसके बाद टिकट वितरण होगा। बता करें कांग्रेस पार्टी की तो आज कांग्रेस ब्लॉक कार्यालय में सीकर नगर परिषद के 65 वार्डों के लिए 121 आवेदन जमा हुए। अब तक कुल 231 आवेदन जमा हो चुके हैं। कांग्रेस के पूर्व जिला महासचिव अंकित पारीक ने बताया कि कल आवेदन की अंतिम तिथि है। आवेदन का आंकड़ा 252 पहुंचा इधर, भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में भी आज करीब 100 से ज्यादा आवेदन जमा हुए। भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज बाटड़ ने बताया कि आवेदन का कुल आंकड़ा 252 पहुंच चुका है। कल आवेदन की अंतिम तिथि है। पति-पत्नी ने एक ही जगह से किया टिकट के लिए आवेदन सीकर से कांग्रेस पार्टी में जहां वार्ड नंबर 15,16 से खतीजा बानो ने कांग्रेस की टिकट के लिए आवेदन किया है। वहीं वार्ड नंबर 15,16 से उनके पति निवर्तमान सभापति जीवण खां ने कांग्रेस की टिकट के लिए आवेदन किया है। वहीं निवर्तमान उपसभापति अशोक चौधरी ने वार्ड नंबर 34 और उनके बेटे अनिल की पत्नी किरण ने वार्ड नंबर 40 से आवेदन किया है।
UP Flood: बिजनौर में बाढ़ का खतरा, बुलंदशहर में गंगा की तबाही; सैकड़ों बीघा फसल डूबी
लगातार बारिश से बिजनौर और बुलंदशहर के खादर क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से आबादी में पानी घुसने की आशंका है। बिजनौर के नजीबाबाद में मालन नदी के कमजोर तटबंध और अतिक्रमण से कछियाना, रम्पुरा समेत कई बस्तियां संवेदनशील हो गई हैं।
जगराओं के विजय नगर इलाके में शनिवार शाम मोटरसाइकिल सवार एक अज्ञात युवक द्वारा महिला से पर्स झपटकर फरार होने का मामला सामने आया है। इस वारदात के बाद से स्थानीय निवासियों में कानून व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर गहरा रोष व्याप्त है। मोहल्लावासियों का आरोप है कि इलाके में चोरी और नशे की अवैध बिक्री लगातार पैर पसार रही है, जिस पर पुलिस शिकंजा कसने में नाकाम रही है। पीड़ित महिला विजय नगर निवासी रंजना शनिवार शाम करीब 7:02 बजे रंजना अपनी ननद के साथ सोमवार के व्रत का सामान खरीदने के लिए बाजार जा रही थीं। जब वे रानी झांसी चौक से तहसील चौक की ओर जाने वाली विजय नगर की गली में पहुंचीं, तो पीछे से आए एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल सवार युवक ने अचानक रंजना के हाथ से पर्स झपट लिया। रंजना और उनकी ननद ने शोर मचाते हुए आरोपी का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन झपटमार पलक झपकते ही नजरों से ओझल हो गया। पीड़िता के अनुसार, झपटे गए पर्स में एक मोबाइल फोन, करीब ₹3,000 की नकदी, बैंक के एटीएम कार्ड और कई अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद थे। सीसीटीवी कैमरों की पहुंच से बाहर था वारदात स्थल घटना की सूचना मिलते ही थाना सिटी की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने जब गली में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तो उसमें दोनों महिलाएं बाजार की तरफ जाती हुई दिखाई दे रही हैं, लेकिन जिस जगह पर झपटमारी की वारदात हुई, वह हिस्सा कैमरों की रेंज से बाहर (ब्लाइंड स्पॉट) था। थाना सिटी प्रभारी परमिंदर सिंह ने बताया कि आरोपी के भागने के रूट पर स्थित अन्य घरों और दुकानों के कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मोहल्लावासियों के गंभीर आरोप: सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे इस वारदात के बाद विजय नगर वेलफेयर सोसाइटी के सदस्यों और निवासियों ने एकत्र होकर प्रशासन के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। वार्ड पार्षद जतिंद्रपाल राणा, राज कुमार भल्ला और अजीत सिंह मिगलानी सहित अन्य निवासियों ने इलाके की बदहाल सुरक्षा को लेकर निम्नलिखित गंभीर मुद्दे उठाए। नशा मुक्ति केंद्र के बाहर नशे की अवैध बिक्री: निवासियों का सीधा आरोप है कि मोहल्ले के बाहर स्थित सरकारी नशा मुक्ति केंद्र के आसपास रोजाना कुछ संदिग्ध युवक जमा रहते हैं। ये युवक नशे के तौर पर इस्तेमाल होने वाली (जीभ के नीचे रखने वाली) प्रतिबंधित गोलियां अवैध रूप से बेचते हैं। ग्राहकों को सौदेबाजी के लिए विजय नगर की गलियों में ही बुलाया जाता है। पुलिस को बार-बार सूचित करने के बाद भी इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कुछ दिन पहले हुई थी बड़ी चोरी: मोहल्ला निवासी टिंकू मिगलानी ने बताया कि कुछ दिन पहले ही इलाके में स्थित 'कलकत्ता मशीनरी' वालों के घर को चोरों ने निशाना बनाया था। चोर घर के अंदर से भारी मात्रा में कीमती तार चोरी कर ले गए थे। इस मामले की शिकायत भी पुलिस में दर्ज है, लेकिन जांच अभी तक अधर में लटकी है। पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग विजय नगर के निवासियों ने पुलिस प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इलाके में तुरंत पुलिस गश्त (पैट्रोलिंग) बढ़ाई जाए। इसके साथ ही नशीली गोलियों के अवैध धंधे को बंद कराने, चोरी और झपटमारी के आरोपियों को जल्द सलाखों के पीछे भेजने तथा इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की अपील की गई है ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों पर रोक लग सके।
अयोध्या में कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्वांचल प्रभारी अभिषेक दत्त पहली बार अयोध्या पहुंचे। उनके आगमन पर महानगर कांग्रेस कमेटी की बैठक हुई। अध्यक्षता महानगर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम ने की। संचालन एससी-एसटी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष रामसागर रावत ने किया। बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर मंथन हुआ। अभिषेक दत्त ने कहा कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में चुनाव मजबूती से लड़ेगी। इसके लिए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच जाकर पार्टी की नीतियां और कार्यक्रम पहुंचाने की अपील की। अभिषेक दत्त ने भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी से छात्र, युवा और आम जनता परेशान है। युवाओं के लिए पर्याप्त नई भर्तियां नहीं निकल रही हैं। परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं भी चिंता का विषय हैं। उन्होंने राम मंदिर से जुड़े चंदे में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया और सरकार से जवाब मांगने की बात कही। महानगर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम ने कहा कि अभिषेक दत्त का अयोध्या आगमन कार्यकर्ताओं के लिए उत्साहवर्धक है। उनके मार्गदर्शन में संगठन को और मजबूत किया जाएगा। बैठक में जिला अध्यक्ष चेतनारायण सिंह, राजेंद्र प्रताप सिंह, वेद सिंह कमल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने का संकल्प लिया।
इटावा में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट की बेटी ने अपने दरोगा पति और ससुर पर अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। पीड़िता की मां की तहरीर पर फ्रेंड्स कॉलोनी थाना पुलिस ने पति और ससुर के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़िता की मां शशि प्रभा ने पुलिस को दी तहरीर में शादी के बाद बेटी के साथ कथित तौर पर हुई प्रताड़ना और अतिरिक्त दहेज की मांग का पूरा घटनाक्रम बताया है। 28 मई 2025 को हुई थी शादी अड्डा पल्टू सुंदरपुर रोड निवासी विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट श्याम प्रताप सिंह की बेटी प्रियांशी की शादी 28 मई 2025 को बरेली निवासी सुरजीत सिंह के साथ हुई थी। सुरजीत सिंह वर्तमान में इटावा की 28वीं पीएसी बटालियन में उपनिरीक्षक के पद पर तैनात है। शादी के करीब एक साल के भीतर ही दहेज को लेकर विवाद बढ़ने का आरोप है। प्रियांशी की मां का कहना है कि शादी के बाद ससुराल पक्ष की ओर से अतिरिक्त दहेज की मांग की जाने लगी। शादी में 40 लाख रुपये खर्च करने का दावा शशि प्रभा ने पुलिस को दी तहरीर में दावा किया है कि बेटी की शादी में करीब 40 लाख रुपये खर्च किए गए थे। आरोप के मुताबिक, इसमें 10 लाख रुपये बैंक खाते में ट्रांसफर करने के साथ नकदी, गृहस्थी का सामान, कार और सोने के आभूषण दिए गए थे। इसके बावजूद शादी के बाद पति सुरजीत सिंह और ससुर नवल सिंह पर 10 लाख रुपये अतिरिक्त और सोने की जंजीर की मांग करने का आरोप लगाया गया है। अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने पर प्रताड़ित करने का आरोप तहरीर के अनुसार जब अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी नहीं हुई तो प्रियांशी को कथित तौर पर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। परिवार का आरोप है कि ससुराल पक्ष की मांग लगातार बढ़ती गई और इसी वजह से प्रियांशी को परेशानी का सामना करना पड़ा। पीड़िता की मां के मुताबिक, 4 अप्रैल 2026 को गर्भावस्था के दौरान प्रियांशी का स्त्रीधन लेकर उसे कथित तौर पर घर से निकाल दिया गया। गर्भावस्था में घर से निकालने का आरोप शशि प्रभा ने आरोप लगाया कि गर्भावस्था के दौरान बेटी को घर से निकालने के बाद भी उसे फोन के माध्यम से मानसिक रूप से परेशान किया जाता रहा। परिवार का कहना है कि प्रियांशी उस समय गर्भवती थी और उसे ससुराल से अलग रहने के लिए मजबूर होना पड़ा। मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर पति और ससुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब पुलिस आरोपों की जांच कर रही है। 10 जुलाई को बेटी को जन्म दिया प्रियांशी ने 10 जुलाई को सैफई मेडिकल कॉलेज में एक बेटी को जन्म दिया। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि बेटी के जन्म की जानकारी मिलने के बाद पति सुरजीत सिंह नाराज हो गया। आरोप है कि उसने प्रियांशी को अपने साथ रखने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही पति पर तलाक देने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस ने शुरू की जांच फ्रेंड्स कॉलोनी थाना पुलिस ने शशि प्रभा की तहरीर के आधार पर पति सुरजीत सिंह और ससुर नवल सिंह के खिलाफ दहेज उत्पीड़न से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पीड़िता की मां की ओर से लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।
राजस्थान सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार बांसवाड़ा जिले में CMHO के रिक्त पद पर डॉ. भरत राम मीणा को चार्ज सौंपा गया है। निकाय चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले सोमवार रात चिकित्सा विभाग ने स्थानांतरण सूची जारी की थी। इसमें CMHO डॉ. खुशपाल सिंह राठौड़ का जिला चिकित्सालय, बाड़मेर में वरिष्ठ विशेषज्ञ (विधि विज्ञान) के रिक्त पद पर तबादला कर दिया गया था। हालांकि, बांसवाड़ा में CMHO पद पर किसी की नियुक्ति नहीं की गई थी। संयुक्त निदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, जोन-उदयपुर के आदेश और शासन सचिवालय, जयपुर के आदेश की अनुपालना में यह नियुक्ति की गई है। इस प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भरत राम मीणा ने शनिवार दोपहर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बांसवाड़ा के पद का कार्यभार आधिकारिक रूप से ग्रहण कर लिया। बांसवाड़ा से कार्यमुक्त कियाकार्यालय से जारी आदेशों के अनुसार, डॉ. खुशपाल सिंह राठौड़ को बांसवाड़ा से कार्यमुक्त कर दिया गया है, ताकि वे बाड़मेर में अपने नए पद पर उपस्थिति दे सकें। वहीं, कार्यभार संभालने के बाद डॉ. भरत राम मीणा ने विभाग की आगामी और आवश्यक कार्यवाहियों को सुचारू रूप से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। इस बदलाव से जिले की चिकित्सा व्यवस्था में नए प्रशासनिक समन्वय की उम्मीद जताई जा रही है। बता दें कि डॉ. भरत राम मीणा ने अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर रहते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किए हैं। उनके कार्यकाल के दौरान जनसंख्या स्थायित्व के क्षेत्र में बांसवाड़ा जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राज्य स्तर पर चार बार प्रथम पुरस्कार और एक बार द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। स्वास्थ्य सेवाओं और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की बदौलत बांसवाड़ा जिले ने यह गौरवशाली मुकाम हासिल किया था।
मुजफ्फरपुर में श्रावणी मेला की चौथी सोमवारी (24 अगस्त) को बाबा गरीबनाथ मंदिर और अन्य चिह्नित स्थानों पर श्रद्धालुओं के स्वागत में हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की जाएगी। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। पुष्प वर्षा के लिए चिह्नित स्थानों और उसके आसपास 5 किलोमीटर की दूरी तक के इलाके को Temporary Red Zone/No Drone Fly Zone घोषित किया गया है। जिला प्रशासन के आदेश के अनुसार यह प्रतिबंध 23 अगस्त की सुबह 6 बजे से 24 अगस्त की शाम 6 बजे तक लागू रहेगा। इस दौरान प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी तरह के ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। इन चीजों के उड़ाने पर भी रोक नो-ड्रोन जोन में केवल ड्रोन ही नहीं, बल्कि हॉट एयर बैलून, पैरामोटर, पैराग्लाइडर, पावर्ड हैंड ग्लाइडर समेत किसी भी तरह की गैर-पारंपरिक उड़ने वाली वस्तु के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। बिना अनुमति ऐसी किसी भी गतिविधि की इजाजत नहीं होगी। उल्लंघन किया तो होगी प्राथमिकी जिला प्रशासन ने साफ किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से अनुमंडल पदाधिकारियों और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में आदेश का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया गया है। हेलीकॉप्टर से होगी पुष्प वर्षा चौथी सोमवारी पर बाबा गरीबनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में कांवरियों और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसी दौरान श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए सुबह हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा का कार्यक्रम प्रस्तावित है। हेलीकॉप्टर की उड़ान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की बाधा न आए और किसी दूसरे उड़ने वाले उपकरण से खतरा पैदा न हो, इसे देखते हुए प्रशासन ने यह अस्थायी नो-ड्रोन जोन बनाया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और आम लोगों से भी अपील की है कि प्रतिबंधित अवधि में नो-ड्रोन जोन के नियमों का पालन करें और बिना अनुमति किसी भी तरह की उड़ने वाली वस्तु का इस्तेमाल न करें।
खंडवा में शनिवार शाम सड़क हादसे में 5वीं कक्षा के छात्र की मौत हो गई। स्कूल से छुट्टी के बाद छात्र यात्री बसे से घर लौट रहा था। छात्र की पहचान 11 साल के निखिल के रूप में हुई। बस से उतरने के बाद हाईवे पार कर रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार पिकअप ने उसे टक्कर मार दी। सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। निखिल अपने परिवार का इकलौता बेटा था। हादसा खंडवा-अमरावती स्टेट हाईवे पर ग्राम गुड़ी के पास माताबेड़ी में हुआ। मृतक की पहचान सीताबेड़ी निवासी निखिल पिता हरदास गौंड के रूप में हुई है। निखिल शनिवार शाम करीब 5 बजे गुड़ी के सरकारी स्कूल से बस में बैठकर माताबेड़ी पहुंचा था। माताबेड़ी उसके गांव से करीब 3 किलोमीटर दूर है। बस से उतरने के बाद निखिल हाईवे पार कर रहा था। इसी दौरान पिकअप ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में निखिल की मौके पर ही मौत हो गई। ड्राइवर पिकअप छोड़कर भागा हादसे की सूचना मिलते ही पिपलोद थाना पुलिस मौके पर पहुंची। टीआई विक्रम धारवे ने बताया कि मौके पर ग्रामीण और निखिल के परिजन पहुंच चुके थे। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। पिकअप मौके पर ही खड़ी थी। पुलिस ने उसे जब्त कर लिया है। हादसे के बाद ड्राइवर मौके से भाग गया। पुलिस ने अज्ञात ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। चाचा की दुकान पर बैठकर पढ़ता था ग्रामीणों ने बताया कि निखिल के पिता हरदास मजदूरी करते हैं। उसके चाचा माताबेड़ी में हाईवे किनारे चिप्स की दुकान लगाते हैं। निखिल स्कूल से लौटने के बाद चाचा की दुकान पर बैठकर पढ़ाई करता था। परिवार के लोग मजदूरी से लौटने के बाद उसे अपने साथ घर ले जाते थे। निखिल दो बहनों में इकलौता बेटा था। उसकी मौत के बाद परिवार में मातम है।
मुजफ्फरपुर के सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र में 11 अगस्त को डोम्बा चौक के पास हुई लूट का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में मीनापुर थाना क्षेत्र के मनीष कुमार और बबलू कुमार को गिरफ्तार किया है। दोनों के पास से देशी कट्टा, कारतूस, सोने के तीन लॉकेट, लूट के 19,500 रुपए, स्कूटी और मोबाइल बरामद किया गया है। गिरफ्तार मनीष कुमार का आपराधिक रिकॉर्ड भी लंबा है। पुलिस के अनुसार, मुजफ्फरपुर और शिवहर जिले के चार थानों में उसके खिलाफ कुल 8 मामले दर्ज हैं। इनमें लूट, हत्या के प्रयास, चोरी, आर्म्स एक्ट और एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं। शनिवार को ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी दी। दो बाइक से आए थे 4-5 अपराधी पुलिस के अनुसार, 11 अगस्त को सिवाईपट्टी के डोम्बा चौक के पास एक महिला समेत दो लोगों को दो बाइक पर सवार 4-5 अपराधियों ने घेर लिया था। हथियार के बल पर दोनों से लूटपाट करने के बाद अपराधी फरार हो गए थे। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पीड़ित ललन कुमार के आवेदन पर सिवाईपट्टी थाने में केस दर्ज किया गया। गुप्त सूचना पर दोनों पकड़े गए लूटकांड के बाद पुलिस ने तकनीकी जानकारी और स्थानीय स्तर पर मिले सुरागों के आधार पर अपराधियों की पहचान शुरू की। लगातार छापेमारी के बीच 21 अगस्त को पुलिस को सूचना मिली कि मामले में शामिल अपराधी रामपुर रतन के पास मौजूद हैं। इसके बाद टीम ने वहां छापेमारी कर मनीष कुमार और बबलू कुमार को पकड़ लिया। तलाशी में उनके पास से देशी कट्टा और एक कारतूस मिला। पुलिस के अनुसार, इसी हथियार का इस्तेमाल लूट में किया गया था। लूट का सामान भी मिला दोनों के पास से सोने के तीन लॉकेट, 19,500 रुपए नकद, एक स्कूटी और मोबाइल फोन भी बरामद किया गया। पुलिस इन सामानों को सिवाईपट्टी की लूट की घटना से जोड़कर जांच कर रही है। पूछताछ में तीन लूट की बात ग्रामीण एसपी ने बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने हाल में हुई दो अन्य लूट की घटनाओं में भी शामिल होने की बात कही है। पुलिस के अनुसार, दोनों ने मीनापुर थाना कांड संख्या 378/26 और शिवहर के तरियानी थाना कांड संख्या 241/26 में अपनी संलिप्तता बताई है। इससे पुलिस को मुजफ्फरपुर के दो और शिवहर के एक लूटकांड को सुलझाने में मदद मिली है। मनीष पर 8 मामले दर्ज पुलिस के मुताबिक मनीष कुमार का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उसके खिलाफ अहियापुर, मीनापुर, सिवाईपट्टी और शिवहर के तरियानी थाने में कुल 8 मामले दर्ज हैं। इनमें अहियापुर थाना कांड में आर्म्स एक्ट, मीनापुर के अलग-अलग मामलों में एससी-एसटी एक्ट, आर्म्स एक्ट और चोरी, सिवाईपट्टी में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट, मीनापुर में लूट, जबकि तरियानी थाने में लूट का मामला शामिल है। पुलिस उसके अन्य आपराधिक मामलों की भी जानकारी जुटा रही है।

