हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET-2025) के सफल, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण संचालन को लेकर हिसार जिला प्रशासन, पुलिस और रोडवेज विभाग पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। जिले में बनाए गए सभी 36 परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। नकल रोकने के लिए जहां परीक्षा केंद्रों पर जैमर, सीसीटीवी कैमरे और बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था की गई है, वहीं अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रोडवेज प्रशासन ने विशेष बसें चलाने का निर्णय लिया है। उपायुक्त महेंद्र पाल और पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को पूरी मुस्तैदी से ड्यूटी करने के निर्देश दिए हैं। रोडवेज प्रशासन ने अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक समय पर पहुंचाने और परीक्षा के बाद वापस लाने के लिए विशेष बस सेवाएं शुरू की हैं। परीक्षा का यह रहेगा समय4 जुलाई को शाम 3:00 से 5:30 बजे तक लेवल-3 (PGT) की परीक्षा होगी। इसके लिए दोपहर 11:00 से 2:00 बजे तक परीक्षा केंद्रों तक बसें चलेंगी और परीक्षा खत्म होने के बाद शाम 5:30 से सवा 7 बजे तक वापसी की सुविधा रहेगी। 5 जुलाई को सुबह के सत्र में लेवल-2 (TGT) और शाम के सत्र में लेवल-1 (PRT) की परीक्षा होगी। इन रूटों पर चलाई जाएंगी बसेंहिसार रोडवेज ने उकलाना, बरवाला, अग्रोहा, बालसमंद, नारनौंद, हांसी और आदमपुर के सब-स्टेशन प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अभ्यर्थियों की संख्या के अनुसार बसें चलाएं। ये बसें ओम स्टर्लिंग ग्लोबल यूनिवर्सिटी, राजकीय महिला महाविद्यालय, डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल, जीजेयू, सीएचएयू परिसर, दिल्ली पब्लिक स्कूल और दर्शन अकादमी सहित विभिन्न केंद्रों तक पहुंचेंगी। हर केंद्र पर 8 जवान, अफवाह फैलाई तो खैर नहींहिसार पुलिस ने सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष तैयारी की है। एसपी सिद्धांत जैन ने बताया कि सभी 36 केंद्रों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। हर केंद्र पर 1 एनजीओ, 3 ओआर और 3 महिला पुलिसकर्मियों सहित कुल 8 जवान तैनात रहेंगे। पूरे जिले में सुरक्षा की कमान 4 पर्यवेक्षण अधिकारी संभालेंगे। सभी थानों के एसएचओ अपने-अपने इलाकों में लगातार गश्त करेंगे। इसके अलावा 4 निरीक्षकों को विशेष चेकिंग की जिम्मेदारी दी गई है। डीसी ने लिया जायजा: जैमर और सीसीटीवी से होगी निगरानीउपायुक्त महेंद्र पाल ने शुक्रवार को स्वयं फतेह चंद महिला कॉलेज (FC कॉलेज) और राजकीय महाविद्यालय सहित विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। डीसी ने बताया कि परीक्षा की गोपनीयता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सभी केंद्रों पर डीवीआर, जैमर, सीसीटीवी कैमरे और कंट्रोल रूम एक्टिव कर दिए गए हैं। एंट्री गेट पर तलाशी और बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य होगी।
महिलाओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर यूट्यूबर बाबू गप्पी उर्फ भोला गुर्जर के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। सोमवार को योगी यूथ ब्रिगेड की पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पुलिस कमिश्नर को प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो महिलाओं और डॉक्टरों के साथ आंदोलन किया जाएगा। योगी यूथ ब्रिगेड की महिला कार्यकर्ता रेखा नागपाल ने पुलिस कमिश्नर को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि यूट्यूबर ने महिलाओं के निजी अंगों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है, जिससे महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती और प्रशासन को तत्काल कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई नहीं होने पर बड़ी संख्या में महिलाएं और डॉक्टर सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर ने कहा कि यह पहला मामला नहीं है। उनका आरोप है कि संबंधित यूट्यूबर पहले भी महिलाओं और साधु-संतों के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो बना चुका है। उन्होंने कहा कि इस मामले में महिलाओं का अपमान हुआ है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने 24 घंटे के भीतर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की। इस मामले में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं, पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने प्रार्थना पत्र पर मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रजापति, जिला महामंत्री युवा मोर्चा मनमोहन तोमर, जिला अध्यक्ष ज्योति शर्मा, सोनू शर्मा, अर्जुन उपाध्याय, विवेक शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सिद्धार्थनगर में कालानमक धान की खेती किसानों के लिए बेहतर आमदनी का जरिया बनती जा रही है। बर्डपुर विकासखंड के नोनहवा गांव निवासी किसान जयराम ने पिछले खरीफ सीजन में दो हेक्टेयर क्षेत्र में कालानमक धान की खेती कर करीब 3.40 लाख रुपए का शुद्ध लाभ कमाया। बेहतर मुनाफे से उत्साहित होकर उन्होंने इस वर्ष खेती का रकबा बढ़ाकर चार हेक्टेयर कर दिया है। शुक्रवार को जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने उनके खेत पर पहुंचकर रोपाई का निरीक्षण किया और खेती की पूरी जानकारी ली। डीएम ने देखा रोपाई का कार्य निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने खेत में कालानमक धान की उन्नत प्रजाति केएन-1 समेत अन्य किस्मों की रोपाई का अवलोकन किया। उन्होंने रोपाई की व्यवस्था, उत्पादन क्षमता, बाजार में मांग और खेती से होने वाली आय के बारे में किसान से विस्तार से जानकारी ली। एक लाख की लागत, 4.40 लाख की आय किसान जयराम ने बताया कि पिछले खरीफ सीजन में दो हेक्टेयर क्षेत्र में कालानमक धान की खेती पर करीब एक लाख रुपए की लागत आई थी। फसल तैयार होने पर 45 क्विंटल धान का उत्पादन हुआ, जिससे करीब 30 क्विंटल कालानमक चावल तैयार हुआ। बाजार में कालानमक चावल की बेहतर गुणवत्ता और मांग के चलते इसकी बिक्री 14 से 15 हजार रुपए प्रति क्विंटल की दर से हुई। इससे उन्हें करीब 4.40 लाख रुपए की आय हुई। लागत निकालने के बाद करीब 3.40 लाख रुपए का शुद्ध लाभ मिला। मुनाफे से खरीदा ट्रैक्टर, अब दोगुनी की खेती जयराम ने बताया कि खेती से हुई कमाई से उन्होंने एक छोटा ट्रैक्टर खरीदा, जिससे खेती के काम आसान हो गए और लागत व समय दोनों की बचत होने लगी। इसी सफलता से प्रेरित होकर उन्होंने इस वर्ष कालानमक धान की खेती का रकबा बढ़ाकर चार हेक्टेयर कर दिया है। फिलहाल खेतों में रोपाई का कार्य तेजी से चल रहा है। किसानों के लिए बेहतर विकल्प बन रही कालानमक खेती निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि कालानमक धान की खेती किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकती है। उन्होंने खेती की प्रगति और किसान के अनुभवों की जानकारी लेते हुए उत्पादन, लाभ और बाजार की संभावनाओं पर चर्चा की। जयराम का कहना है कि यदि किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, वैज्ञानिक सलाह और बेहतर विपणन व्यवस्था लगातार मिलती रहे तो अधिक से अधिक किसान कालानमक धान की खेती अपनाकर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। देश-विदेश तक है कालानमक चावल की पहचान सिद्धार्थनगर का कालानमक चावल अपनी विशेष सुगंध, स्वाद और पोषण गुणों के कारण देश-विदेश में पहचान बना चुका है। बाजार में इसकी लगातार मांग रहने से जिले के किसान अब पारंपरिक धान की तुलना में कालानमक धान की खेती की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। जयराम जैसे किसानों की सफलता अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रही है, जो कम क्षेत्रफल में अधिक आय देने वाली खेती की तलाश में हैं।
शामली मन्ना माजरा जानलेवा हमले का आरोपी गिरफ्तार:कैराना पुलिस ने पकड़ा, मारपीट-फायरिंग का आरोप
कैराना पुलिस ने मन्ना माजरा गांव में हुए जानलेवा हमले के मामले में वांछित एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ मारपीट और फायरिंग का मुकदमा दर्ज था। पुलिस के अनुसार, यह घटना 11 जून 2026 को ग्राम मन्ना माजरा में कृषि भूमि पर हुई थी। वादी के पुत्र बिलाल के साथ ताहिर, राशिद, जुलफाना, नाहिद और दो अज्ञात युवकों ने लाठी-डंडों से मारपीट की थी। आरोप है कि इस दौरान तमंचे से फायरिंग भी की गई। संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा घटना के संबंध में थाना कैराना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक शामली एन.पी. सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराधियों की गिरफ्तारी अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। थाना कैराना पुलिस ने वांछित आरोपी ताहिर पुत्र जहूर को गिरफ्तार कर लिया। ताहिर मोहल्ला बिसातियान, कस्बा एवं थाना कैराना, जनपद शामली का निवासी है। गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध थाना कैराना में बीएनएस के तहत मामला दर्ज है और उसके खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
धार जिले के जौलाना गांव में क्रांतिकारी टंट्या मामा की प्रतिमा खंडित किए जाने के विरोध में सरदारपुर के अम्बेडकर चौराहे पर शुक्रवार को दूसरे दिन भी धरना जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और प्रतिमा की पुनर्स्थापना की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इस धरने में क्षेत्र के सामाजिक संगठनों, युवाओं, जनप्रतिनिधियों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन पर अब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करने का आरोप लगाया और जल्द कार्रवाई की मांग की। धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि टंट्या मामा केवल आदिवासी समाज ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा और गौरव के प्रतीक हैं। उनकी प्रतिमा को क्षति पहुंचाना समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए दोषियों की जल्द पहचान कर कठोर कार्रवाई करने की अपील की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। विधायक ग्रेवाल का आंदोलन को समर्थनक्षेत्रीय विधायक प्रताप ग्रेवाल भी धरने में पहुंचे और आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की मांगों को उचित बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कार्यक्रम का संचालन शैलेन्द्र चौहान ने किया। धरने में ब्लॉक अध्यक्ष रतनलाल पडियार, भीमालाल चौधरी, पार्षद संजय जायसवाल, पार्षद बबलु सुनेर, शंकरदास बैरागी, दुलीचंद्र पाटीदार, राजेन्द्र लौहार, बलराम यादव, सरपंच मयाराम मेडा, लक्ष्मण खराड़ी, शंभुलाल भाभर, रामेश्वर बारिया, पीरूलाल मकवाना, जोगु डामोर, केकड़िया डामोर, वागु वसुनिया, शांतिलाल कटारा, सरदार डामर, अर्जुन मुनिया, रमेश भाटी, शांतिलाल लछेटा, अशोक झंडेवाला, गजराज भुरिया, रडु भुरिया, बादरसिंह, राजाराम वसुनिया सहित बड़ी संख्या में सर्वसमाज के लोग एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने POCSO (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) अधिनियम से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस एके सिंह की युगलपीठ ने स्पष्ट किया कि यदि पीड़िता की जन्मतिथि दस्तावेजी तौर पर संतोषजनक और स्पष्ट नहीं है, तो केवल पॉजिटिव डीएनए रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराकर सजा नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के दावों में विरोधाभास पाते हुए जिला अदालत द्वारा आरोपी को दी गई 20 साल की सजा को रद्द कर दिया। सिंगरौली के मुन्ना राम ने जिला अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। निचली अदालत ने पीड़िता को उसकी कक्षा 10वीं की मार्कशीट के आधार पर नाबालिग माना था। हालांकि, हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण विसंगति सामने आई। यदि मार्कशीट में दर्ज जन्मतिथि को सही माना जाए, तो पीड़िता का एलकेजी (LKG) में दाखिला लेने के बाद महज 9 साल की उम्र में 10वीं की परीक्षा पास करना संभव नहीं था। इस विसंगति के कारण, कोर्ट ने मार्कशीट में दर्ज जन्मतिथि को अमान्य कर दिया। माता-पिता के बयानों में दिखा विरोधाभास अदालत ने पीड़िता के माता-पिता के बयानों में भी गहरा विरोधाभास पाया। पीड़िता के पिता ने बताया कि उनकी शादी 19 साल पहले हुई थी और पीड़िता का जन्म शादी के एक साल बाद हुआ। वहीं, पीड़िता की मां ने शादी 20 साल पहले होने और बेटी का जन्म दो साल बाद होने की बात कही। इसके अतिरिक्त, पीड़िता ने स्वयं स्वीकार किया कि वह अपनी मर्जी से आरोपी मुन्ना राम के साथ बनारस गई थी, जहां दोनों ने शादी की और पति-पत्नी के रूप में रहने लगे। मेडिकल रिपोर्ट में भी पीड़िता के शरीर पर किसी तरह की चोट के निशान नहीं मिले थे। हाईकोर्ट ने की यह टिप्पणी हाईकोर्ट ने अंततः यह निष्कर्ष निकाला कि अभियोजन पक्ष पीड़िता की वास्तविक उम्र को संतोषजनक ढंग से साबित करने में पूरी तरह विफल रहा। कोर्ट ने टिप्पणी की कि पीड़िता अपनी मर्जी से संबंध बनाने वाली एक बालिग महिला थी। इसलिए, केवल डीएनए रिपोर्ट पॉजिटिव आने से आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। इन तर्कों के आधार पर, युगलपीठ ने अपीलकर्ता मुन्ना राम को सभी आरोपों से दोषमुक्त करने का आदेश दिया।
सहारनपुर में एक महिला ने जबर धर्म परिवर्तन कराने और निकाह का दबाव बनाने की शिकायत एसएसपी से की है। पीड़िता का आरोप है कि मुकदमा वापस लेने की धमकी दे रहे हैं। पीड़िता ने अपनी और परिवार के जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। मामला थाना गंगोह क्षेत्र का है। शिकायत के अनुसार, महिला की ओर से गंगोह थाने में पहले ही आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद आरोपी लगातार महिला की गली में पहुंचकर उस पर इस्लाम धर्म अपनाने और निकाह करने का दबाव बना रहा है। विरोध करने पर आरोपी मुकदमा वापस लेने के लिए धमका रहा है। महिला का आरोप है कि आरोपी ने अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने तथा जान से मारने की धमकी भी दी है। इससे वह और उसका परिवार लगातार मानसिक तनाव में है। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी का यह कृत्य उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्म परिवर्तन प्रतिषेध कानून का भी उल्लंघन है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि हाल ही में आरोपी उसके घर पहुंचा और धारदार हथियार के बल पर जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया। घटना का सीसीटीवी फुटेज उसके पास सुरक्षित होने का भी दावा किया गया है। महिला का कहना है कि इस घटना के बाद से पूरा परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहा है तथा किसी भी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई है। महिला ने एसएसपी से मांग की है कि पहले से दर्ज मुकदमे के आधार पर आरोपी के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जाए। उसे और उसके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
हरियाणा के नारनौल में शहर के साथ लगते गांव पटीकरा में शुक्रवार को 27 वर्षीय युवक की संदिग्ध आत्महत्या का मामला सामने आया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल नारनौल भिजवा दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। गांव पटीकरा निवासी निशू (27) ने आज अपने मकान में एक कमरे में पंखे पर रस्सी बांधकर फांसी का फंदा लगा लिया। जब परिजनों ने उसको देखा तो पुलिस को इसकी सूचना दी। जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भेजा गया। हो चुका तलाक बताया जा रहा है कि निशू विवाहित था, लेकिन उसका तलाक हो चुका था। वह एक निजी अस्पताल में कार्यरत था। घटना के कारणों का अभी तक स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। पुलिस कर रही जांच पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच जारी है। घटना के बाद गांव पटीकरा में शोक का माहौल है। परिजन और परिचित युवक के असामयिक निधन से स्तब्ध हैं।
कौशांबी पुलिस ने दहेज हत्या के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मृतका के पति और सास को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता की हत्या कर शव को फंदे से लटका दिया गया, ताकि इसे आत्महत्या दर्शाया जा सके। पुलिस ने दोनों आरोपियों को शुक्रवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह मामला कौशांबी थाना क्षेत्र का है। महेवा गांव निवासी गुड्डी देवी ने बीते 28 जून को पुलिस में तहरीर दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी की शादी बड़ा गढ़वा निवासी अवधराज उर्फ रिंगा निषाद से हुई थी। शव को फंदे से लटका दिया गया गुड्डी देवी के अनुसार, शादी के बाद से पति और ससुराल पक्ष के लोग दहेज को लेकर उनकी बेटी को लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उनकी बेटी की हत्या कर दी गई और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को फंदे से लटका दिया गया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी पति अवधराज उर्फ रिंगा निषाद और उसकी मां मीना देवी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना अभी जारी है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
दौसा जिला अस्पताल में पदस्थापित मनोचिकित्सक डॉ. हिमांशु शर्मा (40) का शुक्रवार को अचानक तबियत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। उनके असामयिक मौत की खबर से जिले के चिकित्सा जगत में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार, जयपुर स्थित अपने निवास पर डॉ. शर्मा को अचानक सीने में दर्द की शिकायत हुई। इसके बाद परिजन उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। दौसा जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. आरके मीणा ने डॉ. हिमांशु शर्मा के निधन की पुष्टि करते हुए बताया कि उनके आकस्मिक निधन से चिकित्सा विभाग को अपूरणीय क्षति हुई है। जिला अस्पताल के चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
प्राथमिक स्कूलों के औचक निरीक्षण पर निकले आगरा डीएम मनीष बंसल एक स्कूल में चॉक लेकर खुद बच्चों को पढ़ाने लगे। उन्होंने ब्लैक बोर्ड पर विलेज लिखा और बच्चों से इसक मतलब पूछा। इतना ही नहीं, इसके बाद उन्होंने मिड-डे मील भी चखा। इस बीच एक प्राथमिक स्कूल में व्यवस्थाएं ठीक न मिलने पर स्कूल इंचार्ज प्राधानाध्यपक को सस्पेंड भी कर दिया। उनके खिलाफ चार्जशीट देने तथा शासन को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।डीएम ने शुक्रवार को छीपीटोला और रोहता स्थित प्राथमिक विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूल में बच्चों के नामांकन, शिक्षकों की उपस्थिति, मिड-डे मील, स्कूलों में पठन पाठन आदि की व्यवस्थाओं को देखा। औचक निरीक्षण की 3 तस्वीरें… अब विस्तार से पढ़िये...कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के बाद डीएम मनीष बंसल सीधे छीपीटोला स्थित प्राथमिक विद्यालय पहुंचे। यहां व्यवस्थित रूप से कक्षाएं चलती हुई मिलीं। डीएम ने कक्षा-3 का निरीक्षण किया तथा नन्हे बच्चों से संवाद कर सवाल पूछे। सही जवाब सुनकर डीएम ने पीठ थपथपाई। इसके बाद डीएम ने बच्चों से उन्हें प्रदान की गई नई किताबें, ड्रेस, खाने में मिली सामग्री आदि की जानकारी ली। बलदेव, तन्वी तथा अन्य बच्चों ने डीएम को हिंदी अंग्रेजी की किताब पढ़ के सुनाई। थोड़ी ही देर में बच्चे डीएम से घुल-मिल गए। अन्य बच्चों ने अपने नाम लिख के दिखाया। गिनती और पहाड़े सुनाये। यहां डीएम बच्चों में शिक्षा के स्तर से संतुष्ट नजर आए। उन्होंने यहां खुद चॉक लेकर ब्लैकबोर्ड पर बच्चों को पढ़ाया। कक्षा -5 व कक्षा-2 के बच्चों ने अपनी मनपसंद कहानी, खिलाड़ी, जीके के सवालों को बताया। डीएम ने यहां मिड-डे मील भी चखा। स्कूल में 146 बच्चे नामांकित हैं। 2 क्षक व 3 शिक्षा मित्र तैनात हैं। डीएम लाइब्रेरी में और अच्छी प्रकाश व्यवस्था के लिए गुणवत्ता की एलईडी लाइट लगवाने के निर्देश दिए। रोहता स्कूल में मिली कमियां इसके बाद निरीक्षण के लिए डीएम पीएमश्री उच्च प्राथमिक विद्यालय रोहता पहुंचे। स्कूल इंचार्ज प्रधानाध्यापक से स्कूल की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने नवीन नामांकन की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर बताया गया कि 56 नए प्रवेश हुए हैं। विद्यालय में कुल 235 बच्चे नामांकित हैं। स्कूल के रसोईघर, कंप्यूटर क्लास, अग्निशमन यंत्र, खेल सामग्री,किट तथा अन्य संगीत यंत्रों, लर्निंग बाई डूइंग प्रयोगशाला, परिसर की साफसफाई, फर्नीचर,आदि का निरीक्षण किया। रसोई में मौके पर राशन आदि नहीं मिला तथा बेतरतीब व्यवस्था मिलीं। डीएम ने संबंधित से जवाब-तलब किया। सभी स्टाफ से बच्चों के साथ मिड-डे मील खाने के बारे में जानकारी ली। सभी ने बच्चों के साथ खाना न खाकर एक स्वर से अपने घर से लाये खाना खाने की बात स्वीकार की। स्मार्ट क्लास में मौके पर नवीन स्मार्ट टीवी रखी मिली, जिसका कोई उपयोग नहीं किया जा रहा था। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई। खेल सामग्री, खेल किट आदि के लिए विद्यालय में उपलब्ध सामग्री का भी बच्चों द्वारा उपयोग नहीं किए जाने पर प्रधानाचार्य से जवाब तलब किया, जिसका वह कोई समुचित उत्तर नहीं दे सकीं। विद्यालय परिसर में भी साफ-सफाई का अभाव व क्लास टाइम में भी जिलाधिकारी को बाहर बच्चे खेलते मिले। डीएम ने विशेष व्यवस्थाओं को सही से क्रियान्वयन न करने, लापरवाही बरतने, पठन पाठन की स्थिति ठीक न होने पर स्कूल की इंचार्ज प्रधानाध्यापक सुनीता सक्सेना को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया।
नई दिल्ली। भारत के मेडटेक इकोसिस्टम को मजबूत बनाने की दिशा में आईआईटी दिल्ली ने एक और अहम कदम उठाया है। संस्थान के राष्ट्रीय ट्रांसलेशनल प्लेटफॉर्म एम प्रगति में अत्याधुनिक सीएनसी तथा स्टेरिलाइजेशन एवं पैकेजिंग प्रयोगशाला का उद्घाटन किया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव और आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने नई सुविधाओं का शुभारंभ किया। इस दौरान आईआईटी दिल्ली और आईसीएमआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं शोधकर्ता भी मौजूद रहे। स्विस-टाइप टर्निंग जैसी तकनीकों से लैस केंद्र नई सीएनसी सुविधा मेडिकल इम्प्लांट, सर्जिकल उपकरण, दंत चिकित्सा उपकरण और डायग्नोस्टिक कंपोनेंटसट्स की उच्च गुणवत्ता वाली सटीक मशीनिंग उपलब्ध कराएगी। मल्टी-एक्सिस मशीनिंग, हाई-स्पीड मिलिंग और स्विस-टाइप टर्निंग जैसी तकनीकों से लैस यह केंद्र रोगी-विशिष्ट और मानकीकृत उपकरणों के स्वदेशी निर्माण को गति देगा। वहीं स्टेरिलाइजेशन एवं पैकेजिंग प्रयोगशाला में एथिलीन ऑक्साइड, स्टीम आटोक्लेव, लेजर वेल्डिंग, वैक्यूम पैकेजिंग, रियल-टाइम पीसीआर, एचपीएलसी और अन्य आधुनिक परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। एक ही प्लेटफार्म पर पूरी होगी सभी प्रक्रियाएं इन प्रयोगशालाओं के जरिए मेडिकल उपकरणों के डिजाइन, परीक्षण, गुणवत्ता सत्यापन और व्यावसायिक उत्पादन की पूरी प्रक्रिया एक ही प्लेटफॉर्म पर पूरी हो सकेगी। इससे आयात पर निर्भरता कम होने के साथ आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी मजबूती मिलेगी। डॉ. राजीव बहल ने कहा, ये आधुनिक सुविधाएं चिकित्सा अनुसंधान को प्रयोगशाला से मरीजों तक तेजी से पहुंचाने में मदद करेंगी। इससे भारत में विश्व स्तरीय और स्वदेशी मेडिकल तकनीकों के विकास को नई गति मिलेगी।
लुधियाना के दुगरी स्थित 200 फुट रोड पर एक पौधों की नर्सरी में चोरी की कोशिश कर रहे युवक को लोगों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोप है कि उक्त नर्सरी में पहले भी कई बार मोटर चोरी हो चुकी है। गुस्साएं लोगों ने युवक को पेड़ से बांध दिया और पुलिस को सूचना दी। कई लोगों ने चोर की वीडियो भी बनाई। जानकारी के अनुसार दुगरी की 200 फुट रोड स्थित एक नर्सरी में दो युवक चोरी की नीयत से पहुंचे। दोनों मोटर चोरी करने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान नर्सरी में मौजूद एक महिला ने शोर मचाया और लोगों की मदद से एक युवक को काबू कर लिया, जबकि उसका साथी मौके से फरार हो गया। प्लास और पाइप हुआ बरामद पकड़े गए युवक के पास से एक प्लास और पाइप भी बरामद हुई। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि इसी नर्सरी में पहले भी चार बार मोटर चोरी हो चुकी है और इलाके में कई अन्य चोरी की घटनाओं में भी ऐसे ही युवकों का हाथ होने का संदेह है। नशे का मिला इंजेक्शन घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। लोगों ने युवक को एक पेड़ से बांध दिया। तलाशी के दौरान उसकी जेब से नशे का एक इंजेक्शन भी मिलने का दावा किया गया।स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस को सूचना देने के बावजूद करीब दो घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों का कहना था कि पुलिस पहले भी चोरी के आरोपियों को पकड़कर ले जाती है, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया जाता है, जिससे चोरों के हौसले बुलंद रहते हैं। युवक ने मांगी लोगों से माफी पकड़े गए युवक ने लोगों के सामने माफी मांगते हुए कहा कि वह पास के इलाके का रहने वाला है। उसने बताया कि पहले वह नशा करता था, लेकिन अब उसका इलाज सिविल अस्पताल में चल रहा है। युवक ने यह भी कहा कि उसका साथी उसे अपने साथ लेकर आया था। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को लोगों के कब्जे से छुड़ाकर अपने साथ ले गई।।
दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और ऑल इंडिया आई टी एफ ताइक्वांडो एसोसिएशन के बीच शुक्रवार को एक MoU हुआ। कुलपति ऑफिस में दोपहर 2 बजे दोनों पक्षों की ओर से हस्ताक्षर किए गए। इस मौके पर जर्मनी से आए इंटरनेशनल ताइक्वांडो फेडरेशन के प्रेसिडेंट ग्रैंड मास्टर पॉल वीलर और मलेशियाई ताइक्वांडो फेडरेशन के चीफ ग्रैंड मास्टर नाजमी बिन खास तौर पर मौजूद रहे। उनके साथ यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स काउंसिल के अध्यक्ष प्रो. विमलेश मिश्र, सचिव डॉ. राजवीर सिंह और AIITA के सचिव डॉ. संतोष कुमार यादव ने खेल गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर लंबी चर्चा की। सभी ने मिलकर कैंपस में ताइक्वांडो प्रतियोगिताएं कराने, सेमिनार आयोजित करने और जागरूकता अभियान चलाने पर सहमति जताई। इस पहल से अब डीडीयू के छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों से ट्रेनिंग और खेल की बारीकियां सीखने का मौका मिलेगा। इस समझौते पर यूनिवर्सिटी की ओर से कुलपति प्रो. पूनम टंडन और ऑल इंडिया आईटीएफ ताइक्वांडो एसोसिएशन की ओर से उनके अध्यक्ष प्रो. विजय चहल ने दस्तखत किए।
गाजियाबाद में 12 फीट से ऊंचे DJ पर रोक:होटलों पर लगेंगे QR कोड, कांवड़ यात्रा की तैयारियां तेज
गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए गाजियाबाद जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 30 जुलाई से 24 अगस्त तक चलने वाली यात्रा के दौरान करोड़ों शिवभक्तों के जिले से गुजरने की संभावना है। इसे देखते हुए पुलिस, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), नगर निगम, विद्युत विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग समेत सभी संबंधित विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ ने अधिकारियों के साथ शुक्रवार दोपहर तीन बजे समीक्षा बैठक कर तैयारियों को जाना। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ मार्ग पर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग तय समय सीमा में अपने कार्य पूरे करें। 1.20 करोड़ से गड्ढामुक्त होगा कांवड़ मार्ग डीएम ने बताया कि कांवड़ यात्रा को लेकर विभागों के साथ लगातार समन्वय बैठकें की जा रही हैं। प्रशासन की पहली प्राथमिकता कांवड़ मार्ग को पूरी तरह गड्ढामुक्त करना है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग को सड़क मरम्मत के लिए 1.20 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। निर्धारित समय में सभी मरम्मत कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। सफाई, रोशनी और बिजली सुरक्षा पर रहेगा फोकस नगर निगम को पूरे कांवड़ मार्ग पर नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं विद्युत विभाग को पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने के साथ बारिश के मौसम को देखते हुए बिजली के पोलों पर प्लास्टिक कवर लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि करंट लगने जैसी घटनाओं से बचा जा सके। छोटा हरिद्वार घाट पर विशेष इंतजाम मुरादनगर स्थित छोटा हरिद्वार घाट पर इस बार विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी। यहां बैरिकेडिंग, भीड़ नियंत्रण और अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती की जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। कांवड़ यात्रा के दौरान पूरे मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे। पुलिस और ट्रैफिक पुलिस की अतिरिक्त तैनाती के साथ बैरिकेडिंग और वॉच टावर बनाए जाएंगे। पूरे कांवड़ मार्ग की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जाएगी। 12 फीट से ऊंचे DJ पर रोक, होटलों पर लगेंगे QR कोड डीएम रविंद्र कुमार मॉंदड़ ने बताया कि इस बार 12 फीट से अधिक ऊंचाई वाले डीजे को अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं कांवड़ मार्ग पर स्थित होटल और रेस्टोरेंट में खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से क्यूआर (बार) कोड लगाए जाएंगे। श्रद्धालु कोड स्कैन कर संचालक का नाम और खाद्य पदार्थों की निर्धारित दरों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। डीएम ने कहा कि कांवड़ियों की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और यात्रा शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी।
झांसी में शुक्रवार को सांप के काटने से एक महिला की मौत हो गई। सुबह वह घर पर झाड़ू लगा रही थी। इस दौरान जहरीले सांप ने हाथ में डस लिया। परिजन उसे गुरसराय सीएचसी ले गए। जहां से महिला को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत 3 बजे उसे घोषित कर दिया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पूरा मामला ककरबई थाना क्षेत्र के बरमाइन गांव का है। पति दुकान पर गया था मृतका का नाम सुनीता यादव (28) पत्नी मानसिंह यादव था। वह ककरबई थाना क्षेत्र के बरमाइन गांव की रहने वाली थी। मृतका के पति मानसिंह यादव ने बताया कि शुक्रवार सुबह बारिश होने के बाद पत्नी घर पर झाडृू लगा रही थी। मैं दुकान पर सामान लेने गया था। इस दौरान जहरीले सांप ने पत्नी के हाथ में डस लिया। पत्नी के रोने चिल्लाने पर बेटी दुकान पर आई। तब मैं घर पहुंचा और पत्नी को गुरसराय अस्पताल ले गया। जहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। यहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने पत्नी को म़ृत घोषित कर दिया। छोटे-छोटे 3 बच्चे हैं सुनीता की मौत के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। सुनीता की शादी लगभग छह साल पहले हुई थी। उसकी दो बेटियां 4 साल की कविता और 2 साल की सविता व एक 9 महीने का बेटा रोशन है। पति पल्लेदारी का काम करता है।
जबलपुर के शीतला माई वार्ड में सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी है। कर्मचारी अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर संत रविदास भवन के सामने धरने पर बैठे हैं। उनका आरोप है कि शासन द्वारा निर्धारित मानदेय के बजाय उन्हें मात्र 5 से 6 हजार रुपए का मासिक वेतन दिया जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों की मुख्य शिकायत ठेकेदारों द्वारा कथित शोषण और नगर निगम की अनदेखी से है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उन्हें न तो समय पर वेतन मिलता है और न ही साप्ताहिक अवकाश दिया जाता है। इसके अतिरिक्त, भविष्य निधि (PF) जमा करने में भी अनियमितता बरती जा रही है। नियमानुसार 2,700 रुपए पीएफ जमा होना चाहिए, लेकिन कई कर्मचारियों के खाते में केवल 1,100 रुपए ही जमा किए जा रहे हैं। इस आंदोलन को अब राजनीतिक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का समर्थन भी मिल रहा है। कांग्रेस नेता कल्लन गुप्ता ने धरना स्थल पर पहुंचकर नगर निगम प्रशासन, कमिश्नर और महापौर पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान कर्मचारियों के बीच जाने वाले महापौर आज उनके शोषण पर मौन हैं। गुप्ता ने जोर देकर कहा कि ठेकेदारों की मनमानी रोकना और कर्मचारियों को न्याय दिलाना निगमायुक्त और महापौर की जिम्मेदारी है। शीतला माई वार्ड से शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब पूरे जबलपुर शहर में फैलने की आशंका है। जनप्रतिनिधियों और कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि इस शोषण पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई, तो शहर के सभी 79 वार्डों में जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे किसी भी बड़े आंदोलन के लिए नगर निगम प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा।
अमृतसर में निहंग सिंह जत्थेबंदियों और सत्कार कमेटी के सदस्यों ने कथित डेरावाद के एक मामले में न्याय की मांग की है। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब को एक मांग-पत्र सौंपा, जिसमें दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की गई है। पीड़ित चरणजीत सिंह गाजीपटोली गांव के किसान हैं, ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने अपने पैतृक घर में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश किया हुआ था। यहां आसपास की संगत भी आती थी। उनके भतीजे लवप्रीत सिंह पुत्र स्वर्ण सिंह उनके घर आया और धीरे-धीरे वहीं डेरा बनाकर रहने लगा। चरणजीत सिंह के अनुसार, लवप्रीत सिंह ने कथित तौर पर उनके घर पर कब्जा कर लिया और उनके पूरे परिवार को बेघर कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके परिवार के साथ मारपीट और लूटपाट की गई। चरणजीत सिंह बोले- जान का खतरा होने पर घर छोड़ा जान का खतरा महसूस होने पर चरणजीत सिंह को अपना घर छोड़कर किराए के मकान में रहना पड़ा। वह मधुमेह और हृदय रोग से भी पीड़ित हैं, जिससे उनकी परेशानियां बढ़ गई हैं। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब से न्याय और अपना घर वापस दिलाने की अपील की है। सत्कार कमेटी के सदस्य रविंदर सिंह खालिस्तानी ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही कमेटी के सदस्य मौके पर पहुंचे। उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूप को पूरे सम्मान के साथ एक सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।खालिस्तानी ने आरोप लगाया कि संबंधित कथित डेरावाद गुरबाणी के नाम पर लोगों को गुमराह कर रहा है और गुरु मर्यादा का उल्लंघन कर रहा है। सत्कार कमेटी ने स्पष्ट किया कि गुरु मर्यादा की रक्षा, बेअदबी के मामलों के खिलाफ संघर्ष और संगत को गुमराह करने वाली गतिविधियों को रोकने के लिए उनका अभियान लगातार जारी रहेगा। भाई मनदीप सिंह अमृतसर ने कहा कि गुरु मर्यादा की रक्षा करना प्रत्येक सिख का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी गुरु मर्यादा का उल्लंघन होता है तो संगत और पंथक जत्थेबंदियां उसके खिलाफ आवाज उठाती रहेंगी। उन्होंने अकाल तख्त साहिब से अपील की कि इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर उचित पंथक और धार्मिक कार्रवाई की जाए।
ऋतिक पर हत्या का केस:SIT जांच में सामने आया- उसी ने घटना को अंजाम दिया; कार में मिले थे शव
अशोकनगर के ईसागढ़ रोड पर कार में युवक-युवती के शव मिलने के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा किया है। एसआईटी की शुरुआती जांच के बाद ऋतिक सोनी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यह घटना 24 जून को सामने आई थी। उस दिन मुस्कान जैन और ऋतिक सोनी कार में मृत मिले थे। घटनास्थल से पिस्टल, कुल्हाड़ी, सल्फास का पैकेट, सुसाइड नोट, तीन मोबाइल फोन और एक लाइटर मिला था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एसआईटी बनाई थी। टीम का नेतृत्व एसडीओपी विवेक शर्मा ने किया। एसआईटी ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की जांच की। तकनीकी जानकारी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी अध्ययन किया गया। शुरुआती जांच में पुलिस को लगा कि घटना ऋतिक सोनी ने अंजाम दी थी। इसके बाद उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया। पुलिस का कहना है कि सभी वैज्ञानिक और भौतिक साक्ष्यों की जांच अलग-अलग फॉरेंसिक लैब में चल रही है। अंतिम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हाथरस में आगरा-अलीगढ़ नेशनल हाईवे पर शुक्रवार दोपहर 2:30 बजे के लगभग एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। हाथरस में चंदपा कोतवाली क्षेत्र के नगला भुस के निकट अज्ञात वाहन ने एक बाइक को टक्कर मार दी। मृतक की पहचान कोतवाली सहपऊ क्षेत्र के गांव चौबारा निवासी 35 वर्षीय अजीत सिंह पुत्र बहादुर सिंह के रूप में हुई है। हादसे में घायल हुए दूसरे युवक बंटी को गंभीर हालत में आगरा रेफर किया गया है। बंटी भी इसी गांव का रहने वाला है। अजीत सिंह और बंटी हाथरस न्यायालय से तारीख पर वापस अपने गांव जा रहे थे। अज्ञात वाहन चालक टक्कर मारने के बाद वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा पुलिस ने मृतक अजीत सिंह के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है। घायल बंटी को प्राथमिक उपचार के बाद आगरा रेफर किया गया। मृतक अजीत सिंह अविवाहित था और खेती-बाड़ी का काम करता था। घटना की सूचना मिलने पर परिवार के लोग भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है।
हरदोई में ऑल उत्तर प्रदेश ड्राइवर एसोसिएशन ने शुक्रवार दोपहर 2 बजे मुख्यमंत्री को संबोधित एक 14 सूत्रीय ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। संगठन के सदस्यों ने चालकों की सुरक्षा, सामाजिक सम्मान और कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के लिए अपनी आवाज उठाई। ज्ञापन के माध्यम से एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अबेद अली ने बताया कि वे पिछले 35 वर्षों से दिन-रात गाड़ियां चलाकर देश-प्रदेश की सेवा कर रहे हैं। हालांकि, सड़क पर उनकी सुरक्षा के लिए आज भी कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। चालकों के साथ आए दिन मारपीट और अभद्रता होती है, जिस पर पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई नहीं की जाती। ज्ञापन में चालकों को 'द्वितीय श्रेणी के सैनिक' जैसी मान्यता देने की प्रमुख मांग की गई है। इसके साथ ही, दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिवार को 20 लाख रुपये, अपंग होने पर 10 लाख रुपये और इलाज के लिए 5 लाख रुपये की सहायता राशि सुनिश्चित करने की बात कही गई। अन्य मांगों में 55 वर्ष की आयु के बाद चालकों के लिए पेंशन योजना शुरू करना और 'ड्राइवर कल्याण बोर्ड' का गठन करना शामिल है। एसोसिएशन ने वृद्ध पेंशन को बढ़ाकर 5000 रुपये मासिक करने की भी मांग की है। चालकों ने ड्राइविंग लाइसेंस की फीस कम करने की भी अपील की। इसके अलावा, दुर्घटना की स्थिति में चालक के लाइसेंस और पहचान पत्र (आधार कार्ड) को ही जमानत के तौर पर मान्य करने की व्यवस्था करने की मांग की गई। बुनियादी सुविधाओं के तहत, राजमार्गों पर ड्राइवरों के लिए पार्किंग, विश्राम गृह और शौचालय की व्यवस्था करने की मांग की गई। साथ ही, आवास योजना के तहत 5 लाख रुपये की मदद और बेटियों की शादी के लिए 1 लाख रुपये का अनुदान देने की भी बात कही गई। इस अवसर पर उमेशकर त्रिपाठी, लालविहारी, ललित गुप्ता, नौशाद, श्रीकान्त, हरिपाल, पंकज, विकास गुप्ता, आशीष तिवारी, नफीस खान, गुफरान, सर्वेश, विजय, सरोज कुमार, अतुल कुमार, भैया लाल और आबिद सहित बड़ी संख्या में एसोसिएशन के सदस्य मौजूद रहे।
बड़वानी जिले के पाटी क्षेत्र में गुरुवार रात जहरीले सांप के काटने से दो युवकों की मौत हो गई। यह हादसा मेघा गांव में उस समय हुआ, जब दोनों युवक घर के अंदर एक ही बिस्तर पर सो रहे थे। सांप के डसने से एक युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। राकेश और धरमिया पर रात में किया हमला मेघा निवासी 20 वर्षीय राकेश और उनके बुआ का लड़का, चंदनदेवी निवासी 21 वर्षीय धरमिया रात को एक साथ सो रहे थे। देर रात सांप ने दोनों को काट लिया। होश में आने पर धरमिया ने राकेश को जगाने की कोशिश की, लेकिन तब तक राकेश की मौत हो चुकी थी। इसके बाद जहर फैलने के कारण धरमिया ने भी अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में ही दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया। थाना प्रभारी रामदास यादव की टीम ने दर्ज किया मर्ग घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को अपने कब्जे में लिया। थाना प्रभारी रामदास यादव ने बताया कि पुलिस ने शवों का पंचनामा भरकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की आगे की वैधानिक कार्रवाई और जांच शुरू कर दी है। दोनों मृतकों का उनके पैतृक गांवों में अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
सुल्तानपुर में मानसून के तीसरे दिन शुक्रवार शाम को हल्की बारिश हुई। जिला प्रशासन ने तेज़ हवाओं (30-40 किमी/घंटा) और बिजली कड़कने के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके बाद लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। मौसम विभाग ने देर रात मौसम में बदलाव का अनुमान जताया है। रात 12 बजे के बाद हल्के तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें लगभग 5.4 मिलीमीटर वर्षा की संभावना है। बीती रात 9 बजे के बाद से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में हुई बारिश से मौसम में काफी राहत मिली है। धनपतगंज विकासखंड में शुक्रवार को बारिश का असर अलग-अलग रहा। कुछ क्षेत्रों में अच्छी वर्षा होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन कई गांवों में बादल छाए रहने के बावजूद बारिश नहीं हुई। किसान और आमजन अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, ताकि कृषि कार्य गति पकड़ सकें। भदैया क्षेत्र में शुक्रवार शाम को आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। इस वर्षा से उमस भरी गर्मी से राहत मिली और कृषि कार्यों में तेजी आने लगी है। क्षेत्र के खेतों में किसानों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। हालांकि, सड़कों के किनारे और बाजारों में जलभराव की स्थिति भी देखी गई। कूरेभार क्षेत्र में शुक्रवार शाम को 10 मिनट की बारिश हुई, जिससे उमस भरी गर्मी से राहत मिली। यहां भी मौसम के इस बदलाव से खेती-किसानी के कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है और खेतों में किसानों की चहलकदमी बढ़ गई है।
अयोध्या में रुदौली तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत हलीमनगर निवासी एक महिला ने सामुदायिक शौचालय में वर्षों तक काम कराने के बावजूद मजदूरी नहीं मिलने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि जब उसने मेहनताना मांगा तो पहले समझौते का दबाव बनाया गया और बाद में जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़िता का आरोप है कि 23 अप्रैल 2026 को रुदौली कोतवाली में शिकायत देने के बावजूद दो महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। महिला ने बताया कि वह आर्थिक रूप से कमजोर है और परिवार का पालन-पोषण करने के लिए गांव के एक व्यक्ति के कहने पर सामुदायिक शौचालय में लगातार काम करती रही। उसे स्थायी नौकरी दिलाने का भी भरोसा दिया गया था। काम उसने किया, भुगतान दूसरे के खाते में गया पीड़िता का आरोप है कि बाद में उसे पता चला कि शौचालय की केयरटेकर किसी दूसरी महिला को बनाया गया है। सरकारी मानदेय उसी महिला के खाते में भेजा जाता रहा, जबकि शौचालय का संचालन और साफ-सफाई का काम वह खुद करती थी। मजदूरी मांगने पर धमकी का आरोप महिला का कहना है कि जब उसने अपनी मजदूरी की मांग की तो पहले 40 से 50 हजार रुपये लेकर समझौता करने का प्रस्ताव दिया गया। प्रस्ताव ठुकराने पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया और जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़िता ने बताया कि उसने इस संबंध में खंड विकास अधिकारी, रुदौली कोतवाली और अन्य अधिकारियों को लिखित शिकायत दी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उसका आरोप है कि शिकायत के बाद भी आरोपी पक्ष लगातार उसके घर पहुंचकर दबाव बना रहा है, जिससे वह और उसका परिवार मानसिक तनाव में है। शौचालय पर लटका ताला महिला ने दावा किया कि जिस दिन से उसने काम करना बंद किया है, उसी दिन से सामुदायिक शौचालय पर ताला लगा हुआ है। इससे गांव के लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। SDM बोले- जांच में सही मिला तो होगी कार्रवाई इस मामले में उपजिलाधिकारी रुदौली संतोष कुमार ने शुक्रवार को कहा कि यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि उन्होंने इस प्रकरण की जानकारी होने से इनकार किया। वहीं, पीड़िता का कहना है कि उसने एसडीएम को भी लिखित प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग की है।
बुरहानपुर के धूलकोट क्षेत्र में भारी बारिश के कारण आदिवासी फालियों में आवागमन बाधित हो गया है। रूपारेल नदी पर पुलिया क्षतिग्रस्त होने से गाडरिया फालिया, चारण फालिया, सैलानी बाबा, मिट्ठू माल और सामर फालिया के रास्ते कीचड़ से भर गए हैं। इससे स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को आवाजाही में भारी परेशानी हो रही है। बच्चों को कीचड़ भरे रास्तों से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है। कई बार तेज बारिश और कीचड़ के कारण वे स्कूल जाने से वंचित रह जाते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। यह समस्या कई सालों से बनी हुई है। इस संबंध में नेपाननगर एसडीएम सृजन श्रीवास्तव ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि तहसीलदार को भेजकर स्थिति का पता लगाया जाएगा और जल्द ही सुधार कार्य कराया जाएगा।
कांग्रेस 14 और 15 जुलाई को 'युवा स्वाभिमान GenZ साइक्लोथॉन' का आयोजन करेगी। यह यात्रा इंदौर से शुरू होकर भोपाल पहुंचेगी, जहां हजारों युवा मुख्यमंत्री निवास का घेराव कर रोजगार और शिक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार से अपनी मांग रखेंगे। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने शुक्रवार को उज्जैन के एक निजी होटल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। इस दौरान जिला शहर एवं जिला ग्रामीण कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद थे। उन्होंने कांग्रेस की प्रस्तावित साइकिल यात्रा, युवाओं के मुद्दों और भाजपा सरकार की कार्यशैली पर अपनी बात रखी। इंदौर से देवास होते हुए भोपाल पहुंचेगी वर्मा ने बताया कि 'युवा स्वाभिमान GenZ साइक्लोथॉन' इंदौर से शुरू होकर देवास, आष्टा और सीहोर होते हुए भोपाल पहुंचेगी। यात्रा का मुख्य उद्देश्य युवाओं के बीच जागरूकता फैलाना तथा बेरोजगारी, शिक्षा और उनके भविष्य से संबंधित मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता इस यात्रा में शामिल होंगे। हजारों युवा और कांग्रेस कार्यकर्ता भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव कर प्रदेश के युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब तलब करेंगे। रोजगार और शिक्षा को लेकर युवा चिंतित सज्जन सिंह वर्मा ने आरोप लगाया कि प्रदेश का युवा आज रोजगार और शिक्षा को लेकर चिंतित है, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस यात्रा के माध्यम से युवाओं की आवाज सरकार तक पहुंचाएगी। राहुल गांधी द्वारा कांग्रेस में 'स्लीपर सेल' संबंधी दिए गए बयान पर वर्मा ने कहा कि पार्टी संगठन को अंदर से कमजोर करने वाले लोगों की पहचान कर उसे मजबूत करने का काम कर रही है। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि प्रदेश में जनप्रतिनिधियों की भी अनदेखी हो रही है। कई मंत्री और विधायक अपनी बात सरकार तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं।
बालाघाट में मुस्लिम समाज का नाजिया खान के खिलाफ प्रदर्शन जारी है। शुक्रवार को एमआईएम (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) ने मुस्लिम समाज के साथ मिलकर आंबेडकर चौक पर नाजिया खान का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने नाजिया खान पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत मामला दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि नाजिया खान की आपत्तिजनक टिप्पणियों से मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी धर्म के बारे में गलत बयानबाजी कर देश की शांति और भाईचारे को खत्म करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। अपमानजनक और शर्मनाक टिप्पणी का मामला एमआईएम जिलाध्यक्ष सैयद लियाकत अली ने इस संबंध में बयान दिया। उन्होंने कहा कि नाजिया खान ने इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद साहब और उनकी धर्मपत्नी हजरत आयशा सिद्दीका के खिलाफ अपमानजनक और शर्मनाक टिप्पणी की है, जिसे मुस्लिम समाज अपनी धार्मिक भावनाओं पर हमला मानता है। लियाकत अली ने आरोप लगाया कि नाजिया खान अपने बयानों में लगातार मुसलमानों और इस्लाम के प्रति जहर उगलती रही हैं। उन्होंने कहा कि यह बयान दो समुदायों को आपस में लड़ाने का प्रयास है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने शासन-प्रशासन से नाजिया खान के खिलाफ रासुका के तहत मामला दर्ज कर तुरंत गिरफ्तार करने की मांग दोहराई। पुतला दहन से पहले, एमआईएम और मुस्लिम धर्मावलंबियों ने नाजिया खान के पुतले के साथ एक रैली निकाली। इस दौरान उन्होंने नाजिया खान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) राज्य कार्यालय के निर्देश पर सामुदायिक संस्थाओं को और अधिक सशक्त, सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से दो दिवसीय जीरो ऑफिस डे कार्यक्रम आयोजित हुआ। बेगूसराय में आज इसका समापन हो गया। विभिन्न विभागों के कार्यों में गति और प्रभावशीलता लाने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। दो दिवसीय जीरो ऑफिस डे कार्यक्रम के तहत राज्य, जिला और प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों और मेंटर्स की ओर से विभिन्न स्वयं सहायता समूहों, ग्राम संगठनों और संकुल स्तरीय संघों का क्षेत्र भ्रमण कर उनकी कार्यप्रणाली का मूल्यांकन किया गया और आवश्यक मार्गदर्शन किया गया। इसके तहत राज्य प्रतिनिधि सह जिला मेंटर परियोजना प्रबंधक आशा, जिला परियोजना प्रबंधक अविनाश कुमार, जिला स्तरीय अन्य प्रबंधक, प्रखंड परियोजना प्रबंधक तथा अन्य कर्मियों ने चयनित सामुदायिक संस्थाओं का दौरा कर उनके संचालन, वित्तीय प्रबंधन, बैठक व्यवस्था, आजीविका गतिविधियों एवं विभिन्न मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुपालन की समीक्षा की। आवश्यक सुझाव और मार्गदर्शन भी दिया संस्थाओं की वर्तमान स्थिति का आकलन करते हुए, उन्हें आवश्यक सुझाव और मार्गदर्शन भी दिया गया। जिला एवं प्रखंड स्तर के अधिकारियों ने रैंडम आधार पर चयनित स्वयं सहायता समूहों, ग्राम संगठनों और संकुल स्तरीय संघों का भ्रमण किया। इसके साथ ही कमजोर एवं कम सक्रिय सामुदायिक संस्थाओं की पहचान कर उन्हें सुदृढ़ बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने पर विशेष बल दिया गया। जिला परियोजना प्रबंधक अविनाश कुमार ने बताया कि जीरो ऑफिस डे के आयोजन का मुख्य उद्देश्य सामुदायिक संस्थाओं को आत्मनिर्भर और सुदृढ़ बनाना, उनकी कार्यप्रणाली का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन करना है। जमीनी स्तर पर उनकी चुनौतियों एवं उपलब्धियों को समझते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम सुनिश्चित करना है। इससे सामुदायिक संस्थाओं की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी।
उज्जैन जिले के राघवी थाना क्षेत्र के ग्राम घोसला में जमीन विवाद को लेकर हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। एक निजी जमीन पर कथित रूप से भैरू महाराज का चबूतरा बनाने का विरोध करने पर एक परिवार पर आठ लोगों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। इस हमले में दो महिलाओं सहित पांच लोग घायल हो गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर होने पर उन्हें चरक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित संजय चौधरी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे वह अपने घर पर खाना खा रहे थे। इसी दौरान गांव के दीपक गोस्वामी, राहुल गोस्वामी और नारायण गोस्वामी वहां पहुंचे और उनकी निजी जमीन पर भैरू महाराज का चबूतरा बनाने की बात कही। संजय ने जब इसे अपनी निजी जमीन बताते हुए निर्माण का विरोध किया, तो आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। शिकायत के अनुसार, विरोध करने पर दीपक गोस्वामी ने पत्थर से हमला कर दिया, जिससे संजय के माथे और बाईं आंख के पास गंभीर चोट लगी। इसके बाद राधेश्याम गोस्वामी, रोहित गोस्वामी और महेश गोस्वामी सहित अन्य लोग भी मौके पर पहुंच गए और लाठी-डंडों तथा पत्थरों से हमला कर दिया। मारपीट के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे परिवार के अन्य सदस्य भी हमले का शिकार हो गए। आरोप है कि राधेश्याम गोस्वामी ने संजय की मां प्रेमबाई पर डंडे से हमला किया, जिससे उनके सिर और हाथ में चोट आई। रोहित गोस्वामी ने संजय की पत्नी सुनीता पर पत्थर फेंका, जिससे उनके सीने में चोट लगी। वहीं महेश गोस्वामी ने पिता नानूराम चौधरी पर डंडे से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। इस घटना में अजय चौधरी सहित कुल पांच लोग घायल हुए, जिनमें से तीन को गंभीर चोटें आने पर चरक अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के दौरान पीड़ित परिवार के सदस्य मोबाइल से वीडियो बना रहे थे। संजय चौधरी का आरोप है कि हमलावरों ने वीडियो बनाने से रोकते हुए जान से मारने की धमकी दी और एक मोबाइल छीनकर ले गए।
स्वास्थ्य जांच के लिए आज पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ जयपुर पहुंचे। एयरपोर्ट से सीधे जवाहर सर्किल स्थित प्राइवेट हॉस्पिटल पहुंचे धनखड़ की जांचे की गई, जांच के बाद धनखड़ की एंजियोप्लास्टी की गई। इस दौरान जयपुर सीएमएचओ टीम की एक बड़ी चूक भी सामने आई। सरकार की तरफ से धनखड़ के लिए विशेष मेडिकल टीम लगाई, जिसमें ब्लड के रिजर्वेशन में बड़ी गलती पकड़ी गई। धनखड़ के निजी सचिव की तरफ से आए प्रोटोकॉल पत्र में धनखड़ के लिए A पॉजिटिव ब्लड की व्यवस्था करने के निर्देश दिए, लेकिन सीएमएचओ ने जो SMS हॉस्पिटल प्रशासन को ब्लड रिजर्व रखने के लिए पत्र लिखा, उसमें O नेगेटिव का जिक्र कर किया। जयपुर सीएमएचओ डॉ. रवि शेखावत ने इस चूक को टाइपिंग मिस्टेक बताया- उन्होंने कहा कि o नेगेटिव ब्लड धनखड़ जी की पत्नी का है और गलती से पूर्व उपराष्ट्रपति के लिए उस ग्रुप का ब्लड आरक्षित करने के लिए लिख दिया। हमने पत्र में संशोधन करके दोबारा एसएमएस हॉस्पिटल भिजवा दिया था। एयरपोर्ट से सीधे हॉस्पिटल पहुंचे पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ आज जयपुर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद एयरपोर्ट से सीधे हॉस्पिटल गए, जहां प्रारंभिक जांच के लिए उन्हें भर्ती किया और रूटिन जांचे की गई। बताया जा रहा है कि धनखड़ की यह विजिट पहले से तय कार्डियक फॉलो-अप का हिस्सा है। धनखड़ के हृदय संबंधी जांच के बाद दोपहर बाद उनकी एंजियोप्लास्टी की गई। सूत्रों के मुताबिक उनके दो स्टेंट लगाए गए है। एंजियोग्राफी वरिष्ठ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. समीन के. शर्मा की देखरेख में की गई। पूर्व उपराष्ट्रपति के हॉस्पिटल में भर्ती होने की जानकारी मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कई राजनेता हॉस्पिटल पहुंचे और उनकी कुशलक्षेम पूछी और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। आपको बता दें कि इससे पहले मार्च 2025 में भी हृदय संबंधी समस्या के चलते जगदीप धनखड़ को नई दिल्ली स्थित एम्स हॉस्पिटल में भर्ती करवाया था, जहां उनका कार्डियक प्रोसीजर हुआ था। इसके अलावा इसी वर्ष 12 जनवरी को अचानक बेहोश होने की शिकायत के बाद उन्हें दिल्ली एम्स में भर्ती कर एमआरआई जांच कराई गई थी। 5 जुलाई को वापस लौटेंगे दिल्ली धनखड़ दो दिन 3 और 4 जुलाई को जयपुर में ही रहेंगे। कल वे पूरे दिन लोकभवन में ही ठहरेंगे। 5 जुलाई की सुबह करीब 8 बजे वे दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
गुरुदासपुर के बटाला के कराटे खिलाड़ी रियान रंधावा ने मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में आयोजित 25वीं मिलो इंटरनेशनल ओपन कराटे चैंपियनशिप-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम चमकाकर लौटने पर रियान का उनके परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने फूलों के हार पहनाकर स्वागत किया। मलेशिया में 25 से 28 जून तक चली इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दुनिया के कई देशों के दिग्गज खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। पदक विजेता रियान रंधावा ने बताया कि प्रतियोगिता का स्तर बेहद ऊंचा था और सभी देशों के एथलीटों ने शानदार खेल दिखाया। चीन के खिलाड़ी के खिलाफ रहा सबसे कठिन मुकाबला रियान रंधावा ने बताया कि चैंपियनशिप के दौरान मेरे लिए सबसे कठिन और कड़ा मुकाबला चीन के खिलाड़ी के खिलाफ रहा। लेकिन देश के लिए कुछ हासिल करने के जुनून, कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास की बदौलत मैंने हार नहीं मानी और अंततः कांस्य पदक जीतकर तिरंगा लहराने में कामयाब रहा। स्कूल की पढ़ाई के साथ कड़ा अभ्यास और अनुशासन रियान ने अपनी इस ऐतिहासिक उपलब्धि का पूरा श्रेय अपने परिवार और कोच के अथक परिश्रम व मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने अपनी दिनचर्या और संघर्ष के बारे में बताते हुए कहा कि रोजाना दोपहर करीब ढाई बजे स्कूल से घर लौटने के बाद पढ़ाई, भोजन और फिर नियमित रूप से कराटे के कड़े अभ्यास के लिए समय निकालना काफी चुनौतीपूर्ण था। लेकिन इसी अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ने आज उन्हें इस मुकाम पर पहुंचाया है। रियान की इस अंतरराष्ट्रीय कामयाबी के बाद उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। खेल प्रेमियों और इलाके के लोगों का कहना है कि रियान ने न केवल बटाला और पंजाब बल्कि पूरे भारतवर्ष का नाम वैश्विक स्तर पर रोशन किया है और वे भविष्य के एक बड़े स्टार हैं।
फर्रुखाबाद के शमशाबाद विकासखंड क्षेत्र में लकड़ी ठेकेदारों ने बिना अनुमति 100 से अधिक सागौन के पेड़ काट डाले। ग्रामीणों की शिकायत के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जिला वन अधिकारी (डीएफओ) ने शुक्रवार को बताया मामले की जांच के लिए एक टीम का गठन किया है। रिपोर्ट आने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना शमशाबाद विकासखंड के नगला दमू गांव की है, जिसका थाना क्षेत्र नवाबगंज पड़ता है। बताया गया कि यहां तीन बीघा भूमि पर सागौन के पेड़ लगे थे। तीन दिन पहले रात के समय ठेकेदारों ने बिना अनुमति पेड़ों का कटान शुरू कर दिया। रविवार को ग्रामीणों ने इसकी शिकायत वन दरोगा से की, जिसके बाद मौके पर पहुंचकर कटान रुकवाया गया। हालांकि, दोबारा कटान रोकने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसका नतीजा यह हुआ कि सोमवार रात को भी पेड़ों का कटान जारी रहा। ग्रामीणों का दावा है कि तीन दिनों में 100 से अधिक पेड़ काट दिए गए हैं। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी लगातार कटान होने पर ग्रामीणों ने जिला वन अधिकारी से शिकायत की। उच्च अधिकारियों की शिकायत के बाद एक टीम मौके पर पहुंची और पेड़ों की जड़ों की गिनती कर उनकी मोटाई मापी। क्षेत्रीय वन अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि लगभग 70 पेड़ काटे गए हैं, जिनकी मोटाई कम है। इससे पहले भी ₹35,000 का जुर्माना लगाया गया था। इस मामले में डीएफओ राजीव कुमार ने बताया कि उन्होंने क्षेत्रीय वन अधिकारी, फर्रुखाबाद के नेतृत्व में एक जांच कमेटी गठित की है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
नौगांव में करंट से 3 गायों की मौत:ग्रामीणों ने बिजली कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाया
छतरपुर जिले के नौगांव थाना क्षेत्र के सिंगरावन कलां गांव में पहली बारिश के दौरान करंट फैलने से तीन गायों की मौत हो गई। इस घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। उन्होंने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पशुपालकों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि बारिश के दौरान बिजली व्यवस्था में आई खामियों और खुले विद्युत तारों के कारण करंट फैला, जिसकी चपेट में आने से तीनों गायों की मौके पर ही मौत हो गई। उनका यह भी दावा है कि विभाग आर्थिक लाभ के लिए मध्य प्रदेश की सीमा से उत्तर प्रदेश तक बिजली की आपूर्ति करता है, जिससे स्थानीय बिजली व्यवस्था प्रभावित हो रही है। हालांकि, इस दावे की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना की सूचना मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया। फिलहाल पुलिस और बिजली विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कटनी कलेक्टर आशीष तिवारी ने शुक्रवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर इमरजेंसी वार्ड, रजिस्ट्रेशन काउंटर और विभिन्न ओपीडी विभागों का बारीकी से जायजा लिया। परिसर की गंदगी देखकर भड़के अधिकारी कलेक्टर ने अस्पताल परिसर की नालियों के कारण हुए जलभराव और गंदगी पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने सिविल सर्जन और पीआईयू के कार्यपालन यंत्री को तीन दिन के भीतर पूरी ड्रेनेज व्यवस्था ठीक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में परिसर में पानी भरने की स्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉक्टरों के लिए समय सीमा तय की कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रतिदिन सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक सभी ओपीडी में डॉक्टरों की मौजूदगी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। शल्य चिकित्सा ओपीडी के डॉक्टर के वार्ड राउंड पर होने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने सिविल सर्जन को यह व्यवस्था सुधारने को कहा ताकि मरीजों को इंतजार न करना पड़े। प्रतीक्षालयों में अतिरिक्त बेंच लगाने के निर्देश अस्पताल पहुंचे मरीजों और उनके तीमारदारों के बैठने की व्यवस्था को देखते हुए कलेक्टर ने ओपीडी तथा प्रतीक्षालयों में अतिरिक्त बेंच उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इलाज के लिए आने वाले हर व्यक्ति को अस्पताल में सम्मानजनक और सुविधाजनक माहौल मिलना चाहिए। भर्ती लोगों से मिलकर लिया इलाज का हाल कलेक्टर तिवारी ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत की। उन्होंने अस्पताल की ओर से मिलने वाले मुफ्त इलाज, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई और डॉक्टरों के व्यवहार के संबंध में जमीनी फीडबैक लिया। निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर ब्लॉक का काम देखा उन्होंने परिसर में बन रहे नए क्रिटिकल केयर ब्लॉक का भी निरीक्षण किया और निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने नए भवन के आसपास पानी का भराव रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम करने और निर्माण कार्य में गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
रोहतक जिले में अतिरिक्त उपायुक्त एवं कलानौर विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी नरेंद्र कुमार ने जिले में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य का मतदान केंद्रों पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने बूथ स्तर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एडीसी नरेंद्र कुमार ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मतदाता सूचियों को त्रुटिरहित और अद्यतन (अपडेट) बनाने के लिए यह विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना फॉर्म वितरित कर रहे हैं। भरे हुए फॉर्म एकत्रित कर उनका डिजिटलीकरण किया जा रहा है, साथ ही बीएलओ इन फॉर्म का सत्यापन भी कर रहे हैं। कलानौर में 71 हजार 268 मतदाता सत्यापित : एडीसी अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने कलानौर (अ.जा.) विधानसभा क्षेत्र के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि यहां कुल 2 लाख 21 हजार 236 मतदाता हैं। इनमें से 2 लाख 15 हजार 501 फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं, 71 हजार 640 डिजिटाइज किए गए हैं और 71 हजार 268 सत्यापित हो चुके हैं। उन्होंने बूथ स्तर अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विशेष गहन पुनरीक्षण के कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करें। उन्होंने मतदाताओं से भी अपील की कि वे इस अभियान में पूर्ण सहयोग दें और मतदाता गणना प्रपत्र में सही जानकारी उपलब्ध कराएं। ये प्रपत्र 14 जुलाई 2026 से पहले अवश्य जमा करवाएं। यदि किसी मतदाता को इस कार्य में सहायता की आवश्यकता है, तो वे अपने बूथ स्तर अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। समय पर प्रपत्र भरकर लोकतंत्र को और सुदृढ़ करने में योगदान दें।
खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड स्थित राजकीय कृत जगन्नाथ राम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सलारपुर में भवन की कमी के कारण 1100 छात्र-छात्राएं फर्श पर दरी बिछाकर परीक्षा देने को मजबूर हैं। यह स्थिति विद्यालय में आयोजित प्रथम सावधिक परीक्षा के दौरान सामने आई। विद्यालय में कक्षा 9वीं, 10वीं और 12वीं की प्रथम सावधिक परीक्षा चल रही है। छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन विद्यालय भवन का विस्तार नहीं हो सका है। पर्याप्त कमरों के अभाव में सभी परीक्षार्थियों को बैठाना संभव नहीं हो पा रहा है। परीक्षा कक्षों के बाहर और बरामदों में दरी पर बैठे छात्र-छात्राएं पूरी एकाग्रता से अपनी उत्तर पुस्तिकाएं लिखते दिखे। यह दृश्य एक ओर संसाधनों की कमी को दर्शाता है, तो दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के शिक्षा के प्रति समर्पण को भी उजागर करता है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक नवीन कुमार ने बताया कि वर्तमान में कक्षा 9वीं, 10वीं और 12वीं को मिलाकर लगभग 1100 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। हर वर्ष नामांकन बढ़ रहा है, लेकिन भवन का विस्तार न होने से परेशानी बढ़ रही है। उन्होंने नए भवन निर्माण के लिए शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों को कई बार पत्र भेजा है। प्रधानाध्यापक के अनुसार, विद्यालय परिसर में पर्याप्त सरकारी जमीन उपलब्ध है, जिससे भूमि की कोई समस्या नहीं है। उन्होंने विभाग से जल्द स्वीकृति मिलने पर छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की उम्मीद जताई। जिला परिषद सदस्य जयप्रकाश यादव ने भी विद्यालय की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह विद्यालय पूरे इलाके में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए जाना जाता है और आसपास के कई गांवों के विद्यार्थी यहां पढ़ने आते हैं। ऐसे प्रतिष्ठित विद्यालय में भवन की कमी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग से शीघ्र नए भवन का निर्माण कराने की मांग करते हुए कहा कि इससे न केवल छात्रों को सुविधा मिलेगी, बल्कि विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता भी और बेहतर होगी।विद्यालय में बढ़ती छात्र संख्या का अंदाजा छुट्टी के समय लगने वाली भीड़ से भी लगाया जा सकता है। छुट्टी के बाद विद्यालय परिसर का नजारा किसी मेले जैसा दिखाई देता है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चे कठिन परिस्थितियों में भी पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन सरकार को उनकी मूलभूत सुविधाओं की ओर भी गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। उनका कहना है कि यदि समय रहते अतिरिक्त भवन और कक्षाओं का निर्माण नहीं कराया गया, तो भविष्य में समस्या और गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने सरकार एवं शिक्षा विभाग से मांग की है कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को देखते हुए राजकीय कृत जगन्नाथ राम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सलारपुर में जल्द से जल्द अतिरिक्त भवन का निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों को दरी पर बैठकर परीक्षा देने जैसी मजबूरी से छुटकारा मिल सके और उन्हें सम्मानजनक एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्राप्त हो सके।
हरियाणा की सोनीपत पुलिस ने राई थाना क्षेत्र में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड में बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए हत्या की वारदात में शामिल दो और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। पुलिस इस मामले में पहले ही दो नाबालिगों को हिरासत में ले चुकी है। शक ने ली जान: क्या था पूरा मामला? मूल रूप से मेरठ (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले शिव ने राई थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका बेटा विशाल राई इंडस्ट्रियल एरिया की एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था और जठेड़ी गांव में किराए पर रहता था। पड़ोस में रहने वाले ओमवीर के परिवार से उनके अच्छे संबंध थे। मार्च 2026 से ओमवीर को अपनी पत्नी के चरित्र पर शक होने लगा था। उसे अंदेशा था कि उसकी पत्नी और विशाल के बीच प्रेम-प्रसंग चल रहा है। इसी बात को लेकर ओमवीर ने विशाल के पिता को फोन पर धमकी भी दी थी कि अपने बेटे को समझा लो, वरना उसे जान से मार दूंगा। फोन पर गूंजी चीखें: तुम्हारे बेटे को खत्म कर दिया है... बीती 27 जून 2026 की रात करीब 8:04 बजे विशाल के पिता के पास एक फोन आया। फोन पर अनुज नाम का लड़का बोल रहा था और बैकग्राउंड में विशाल के रोने और चिल्लाने की भयानक आवाजें आ रही थीं। साथ ही कुछ अन्य लोग पीछे से चिल्ला रहे थे कि—तुम्हारे लड़के को खत्म कर दिया है, आकर लाश उठा लो। जब परिवार राई पहुंचा, तो पता चला कि ओमवीर के बेटे तनुज उर्फ अनुज ने अपने साथियों के साथ मिलकर विशाल को लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया है। पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन: दो और आरोपी सलाखों के पीछे राई थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए सब-इंस्पेक्टर राहुल की अगुवाई में पुलिस टीम ने तुरंत जाल बिछाया। अब तक की कार्रवाई: पुलिस इस मामले में पहले ही दो अपचारी बालकों (नाबालिगों) को उनके परिजनों की मौजूदगी में हिरासत में ले चुकी थी। अब पुलिस ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए वारदात में शामिल दो और मुख्य आरोपियों सोमबीर और सुनील (निवासी: गांव जठेड़ी, सोनीपत) को भी दबोच लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। आरोपी सुनील की रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद उसे भी जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच कर रही है।
सोनभद्र के तियरा स्टेडियम के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण पर 6.73 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च की जाएगी। जिला प्रशासन ने इस संबंध में एक प्रस्ताव खेल निदेशालय को भेजा है। धनराशि आवंटित होते ही स्टेडियम के कायाकल्प का कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि जनपद में खेल प्रतिभाओं को निखारने के उद्देश्य से तियरा स्टेडियम में सभी आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। प्रदेश सरकार का लक्ष्य खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना और उत्तर प्रदेश को खेल क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल करना है। शासन द्वारा तियरा स्टेडियम में सुविधाओं के विकास के संबंध में प्रस्ताव मांगा गया था, जिसके बाद 6.73 करोड़ रुपये का प्रस्ताव खेल निदेशालय को भेजा गया है। इस जीर्णोद्धार से स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर अवसर और सुविधाएं प्राप्त होंगी। योजना के तहत पवेलियन बिल्डिंग का जीर्णोद्धार किया जाएगा और क्षतिग्रस्त छत की मरम्मत होगी। वॉलीबॉल कोर्ट की फेंसिंग दुरुस्त की जाएगी और सिंथेटिक फ्लोरिंग लगाई जाएगी। बाउंड्रीवॉल पर कटीले तारों की फेंसिंग भी की जाएगी। इसके अतिरिक्त, दर्शक दीर्घा का सुदृढ़ीकरण और छात्रावासों व दर्शक दीर्घा का रंगरोगन कराया जाएगा। हॉकी के लिए विश्वस्तरीय टर्फ का निर्माण होगा। समुचित जल निकासी के लिए नाली का निर्माण और रेन वाटर हार्वेस्टिंग की सुविधा भी सुनिश्चित की जाएगी। खिलाड़ियों के लिए आवश्यक फर्नीचर की खरीद भी इस बजट से की जाएगी।
महोबा में अधिवक्ता सतीश अवस्थी पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में वकीलों ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। घटना के तीन दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज वकीलों ने सदर तहसील का घेराव किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। यह हमला तीन दिन पहले शहर कोतवाली क्षेत्र के बारात पहाड़ी गांव के पास अधिवक्ता सतीश अवस्थी पर हुआ था। इस घटना के बाद से ही जिले में तनाव का माहौल है, लेकिन पुलिस अभी तक हमलावरों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। जिला अधिवक्ता समिति के नेतृत्व में सैकड़ों वकीलों ने आज सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कचहरी परिसर से पैदल मार्च निकालते हुए सदर तहसील पहुंचकर घेराव किया। इस दौरान वकीलों ने पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। वकीलों का आरोप है कि हमलावर बदमाशों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण पुलिस उन पर कार्रवाई करने से कतरा रही है। जिला अधिवक्ता समिति के अध्यक्ष बालेंद्र पाराशर ने चेतावनी दी है कि जब तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वकीलों की हड़ताल और कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। अधिवक्ताओं ने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अगले दिन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर धरना देंगे। वकीलों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए प्रशासन हरकत में आया। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर शिवध्यान पाण्डेय ने घटना को दुखद बताया।
भोपाल संभाग के कमिश्नर कर्मवीर शर्मा ने रायसेन कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के सभी विभागों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ आम नागरिकों तक पारदर्शिता और समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और संवेदनशील निराकरण पर जोर दिया। बैठक में कमिश्नर शर्मा ने नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे जैसे राजस्व प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा से पहले निपटाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, 50 दिन से अधिक समय से लंबित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण के लिए एक विशेष अभियान चलाने को भी कहा गया। ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के अधूरे मकानों को जल्द पूरा करने और समय पर किस्तों के वितरण पर बल दिया गया। मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना की प्रगति पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। नगरीय निकायों में पीएम स्वनिधि, संबल 2.0, श्रमयोगी मानधन योजना और स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों की समीक्षा कर लंबित मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। आगामी बारिश के मौसम को देखते हुए, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) और स्वास्थ्य विभाग को पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच करने के निर्देश दिए गए। उन्हें दूषित जल स्रोतों की पहचान करने और जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा गया। कृषि विभाग की समीक्षा में मूंग उपार्जन केंद्रों पर बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा खरीफ सीजन के लिए खाद की उपलब्धता और सुरक्षित भंडारण पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पशुपालन, परिवहन, वन, मत्स्य, उद्योग सहित अन्य विभागों की योजनाओं की भी समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। इस महत्वपूर्ण बैठक में कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा, अपर कलेक्टर मनोज उपाध्याय, डीएफओ प्रतिभा शुक्ला और डीएफओ हेमंत रायकवार सहित सभी जिला अधिकारी एवं एसडीएम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।
मैहर में बारिश से कच्चा मकान ढहा:80 वर्षीय बुजुर्ग समेत तीन बाल-बाल बचे, PM आवास न मिलने का आरोप
मैहर जिले के अमरपाटन नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 3 स्थित नादन टोला पड़क्का में शुक्रवार सुबह लगातार बारिश के बीच एक कच्चा मकान ढह गया। हादसे के समय घर के अंदर मौजूद 80 वर्षीय साधू कोल, सुशीला कोल और शुभम कोल सुरक्षित बच गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर तीनों को मलबे से बाहर निकाला। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 5 से 6 बजे के बीच लगातार बारिश के कारण मकान की दीवारें कमजोर हो गईं और पूरा मकान अचानक गिर गया। समय रहते राहत कार्य शुरू होने से बड़ा हादसा टल गया। आवास योजना का लाभ नहीं मिलने का आरोप पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कई बार ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन किया, लेकिन अब तक उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला। परिवार का आरोप है कि यदि समय पर पक्का मकान मिल जाता तो यह स्थिति नहीं बनती। मकान गिरने से घर में रखा सामान भी क्षतिग्रस्त हो गया। सुशीला कोल ने बताया कि अब परिवार के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है। आर्थिक सहायता की मांग घटना की जानकारी वार्ड पार्षद को दे दी गई है। परिवार ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि सूचना देने के बावजूद खबर लिखे जाने तक नगर परिषद का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था।
चित्रकूट जिले में मोहन नदी के पुनर्जीवन का कार्य पूरा हो गया है। बरगढ़ क्षेत्र स्थित इस परियोजना पर जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) फाउंडेशन की ओर से लगभग 88 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और मऊ-मानिकपुर विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने शुक्रवार को संयुक्त रूप से पूर्ण कार्य का निरीक्षण किया। इस अवसर पर दोनों जनप्रतिनिधियों ने फावड़ा उठाकर श्रमदान किया और वृक्षारोपण कर अभियान की शुरुआत की। यह पहल जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मोहन नदी का उद्गम कोटवा क्षेत्र की विंध्य पहाड़ियों से होता है। समय के साथ इसका जलस्तर लगातार घटता गया था, जिससे नदी कई स्थानों पर लगभग सूखने की स्थिति में पहुँच गई थी। जिला प्रशासन ने डीएमएफ फंड से इसके पुनर्जीवन के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की थी। इस योजना के तहत नदी की सफाई, गहरीकरण और जल संरक्षण संबंधी कार्य किए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि नदी के पुनर्जीवित होने से कोटरा माफी, डोडिया माफी, उसरी माफी और बरगढ़ सहित दर्जनों ग्राम पंचायतों में भूजल स्तर में सुधार होगा। इसके परिणामस्वरूप वर्षा का पानी अधिक मात्रा में संचित हो सकेगा, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर जल उपलब्ध होगा। साथ ही, क्षेत्र में पेयजल संकट से भी राहत मिलने की उम्मीद है। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने इस दौरान कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही सफल हो सकता है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने भी नदी संरक्षण को भविष्य की पीढ़ियों के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक जल स्रोतों को बचाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण लाभ यह भी रहा कि पुनर्जीवन कार्यों में स्थानीय मजदूरों को रोजगार मिला। इससे ग्रामीणों की आय बढ़ने के साथ-साथ विकास कार्यों में उनकी सहभागिता भी सुनिश्चित हुई। स्थानीय लोगों ने मोहन नदी पुनर्जीवन अभियान की सराहना की है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि यह नदी एक बार फिर पूरे क्षेत्र की जीवनदायिनी बनेगी।
बिहार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के विपक्ष के आरोपों के बीच एनडीए सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। शुक्रवार को बिहार सरकार के मंत्री लखेंद्र पासवान ने नालंदा के हिलसा प्रखंड स्थित पारबीगहा कोरमा गांव पहुंचकरको मृतक सूरत पासवान के पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इस दौरान मंत्री ने न सिर्फ पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी का भरोसा दिया, बल्कि जंगलराज का जिक्र कर विरोधियों पर तीखा राजनीतिक हमला भी बोला। 'बिहार को बदनाम करने की साजिश, एनडीए सरकार परिवार के साथ सूरत पासवान की गोली मारकर की गई हत्या को मंत्री लखेंद्र पासवान ने एक गहरी साजिश का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बिहार को बदनाम करना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि बिहार में फिर से 'जंगलराज' स्थापित हो जाए। लेकिन मैं उन्हें बता देना चाहता हूं कि बिहार में अब कभी जंगलराज नहीं आएगा और उनकी यह मनोकामना कभी पूरी नहीं होगी। उन्होंने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उनका मंत्रालय और पूरी एनडीए सरकार मजबूती से इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ी है। 4 लाख 12 हजार 650 रुपये का मुआवजा दिया मंत्री ने मृतक की पत्नी उम्दा देवी और अन्य परिजनों से घटना की पूरी जानकारी ली। उन्होंने मौके पर ही सरकार की ओर से 4 लाख 12 हजार 650 रुपये की सहायता राशि का चेक परिवार को सौंपा। साथ ही घोषणा की कि जल्द ही दूसरी किस्त के रूप में इतनी ही राशि और दी जाएगी। मंत्री ने मृतक के एक आश्रित को सरकारी नौकरी और मृतक की मां को जीवन-यापन के लिए प्रतिमाह 8000 रुपये पेंशन देने का भी ऐलान किया। एक आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है, शेष फरार आरोपियों को जल्द जेल की सलाखों के पीछे भेजने का भरोसा दिलाया गया। पुलिस-प्रशासन पर बरसे मंत्री, एसपी को लगाई फटकार नालंदा में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं को लेकर मंत्री लखेंद्र पासवान ने कड़ा एतराज जताया। मौके पर मौजूद डीएसपी, एडीएम और फोन पर जिले के एसपी को कड़ी फटकार लगाते हुए उन्होंने कहा कि यह दूसरी बार है, जब मुझे ऐसी घटना के कारण नालंदा आना पड़ा है। गिरफ्तारी होना अच्छी बात है, लेकिन प्रशासन का खौफ दिखना चाहिए। यहां का सिस्टम थोड़ा टाइट कीजिए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि पीड़ित परिवार में जो भय का वातावरण है, उसे तत्काल दूर कर उन्हें पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाए। वे शुक्रवार शाम 7 बजे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात करेंगे। इस उच्चस्तरीय बैठक में वे मुख्यमंत्री के साथ नालंदा की कानून-व्यवस्था और इसे पूरी तरह सुरक्षित बनाने की रणनीति पर गंभीर चर्चा करेंगे।
प्रयागराज में बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के चुनाव की मतगणना शुक्रवार को सातवें दिन भी प्रयागराज में जारी रही। सातवें दिन कुल 2,516 मतों की गिनती हुई, जिनमें 2,388 वैध और 128 अवैध मत शामिल रहे। इसके साथ ही अब तक 1,46,542 वैध मतों की गणना पूरी हो चुकी है। प्रयागराज के प्रत्याशियों की मजबूत स्थितिसातवें दिन की मतगणना के बाद भी प्रयागराज के प्रत्याशियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रयागराज के देवेंद्र मिश्र नगरहा सबसे मजबूत स्थिति में बने हुए हैं। उन्हें सातवें दिन 173 नए मत मिले और उनका कुल मत आंकड़ा 2,895 तक पहुंच गया। वहीं पंचू राम मौर्य 2,444 मतों के साथ दूसरे प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं। जय यादव 2,336 मत, आई.एम. खान (इमरान मबूद खान) 2,260 मत, इमरान उल्लाह 1,807 मत, अमरेंद्र नाथ सिंह 1,967 मत तथा राकेश पाठक 1,690 मतों के साथ मजबूत स्थिति में बने हुए हैं। प्रदेश स्तर पर कौन आगेपूरे उत्तर प्रदेश की बात करें तो अब तक की मतगणना में अनुराग पांडेय (कानपुर नगर) सबसे आगे चल रहे हैं। उन्हें अब तक 4,033 मत प्राप्त हो चुके हैं। दूसरे स्थान पर शिव पुजन सिंह गौतम (वाराणसी) 3,442 मतों के साथ हैं, जबकि प्रशांत सिंह अटल (लखनऊ) 3,432 मत लेकर तीसरे स्थान पर बने हुए हैं। इनके बाद शिरीष कुमार मेहरोत्रा (बरेली) 2,813 मत और देवेंद्र मिश्र नगरहा (प्रयागराज) 2,895 मतों के साथ शीर्ष दावेदारों में शामिल हैं। मतगणना जारी, मुकाबला कड़ामतगणना अभी जारी है और प्रत्येक चरण के साथ उम्मीदवारों के मतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अंतिम परिणाम आने तक शीर्ष स्थानों पर कड़ा मुकाबला बना रहने की संभावना है। प्रयागराज के अधिवक्ताओं की निगाहें विशेष रूप से स्थानीय प्रत्याशियों के प्रदर्शन पर टिकी हुई हैं, जहां नगरहा सहित कई उम्मीदवार जीत की दौड़ में मजबूती से बने हुए हैं।
सीतामढ़ी जिले के रीगा-परसौनी पथ पर शनिवार को एक सड़क हादसे में गणेशपुर बभनगामा निवासी श्यामबाबू पटेल की मौके पर ही मृत्यु हो गई। यह घटना खरसान गांव के समीप हुई, जब एक तेज रफ्तार हाईवा ने सड़क किनारे खड़ी उनकी कार को टक्कर मार दी। जानकारी के अनुसार, श्यामबाबू पटेल अपनी कार से रीगा-परसौनी पथ से गुजर रहे थे। खरसान गांव के पास उन्होंने किसी कारणवश अपनी कार सड़क किनारे रोक दी थी। इसी दौरान, पीछे से आ रहे एक हाईवा ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि हाईवा अनियंत्रित हो गया और कार सड़क किनारे स्थित एक पेड़ से जा टकराई। इस हादसे में श्यामबाबू पटेल ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सीतामढ़ी सदर अस्पताल भेज दिया गया। हादसे के बाद हाईवा चालक वाहन लेकर फरार हो गया। पुलिस उसकी पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है। मृतक के परिजनों को सूचना मिलने पर घर में शोक का माहौल है।
अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बाद अब श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की व्यवस्था पर वकीलों ने सवाल उठाया है। बनारस बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री ने आरोप लगाया है कि मंदिर में कार्यरत कर्मचारियों के आय की जांच हो और इस जांच में ट्रस्टियों को भी शामिल किया जाए। इसके साथ ही मंदिर में चढ़ावे की गिनती के लिए प्राइवेट नहीं, बल्कि सरकारी कर्मचारियों की नियुक्ति करने की मांग की है। शुक्वार को 4 बजे इसको लेकर उन्होंने वाराणसी के जिला अधिकारी को ज्ञापन दिया है। विश्वनाथ मंदिर प्रबंधन पर गंभीर आरोप अधिवक्ता नित्यानंद राय ने कहा कि विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर का जब निर्माण हो रहा था, उस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में श्री राम मंदिर बनाने का आदेश दिया, जिसके बाद ट्रस्ट का गठन हुआ। लेकिन कुप्रबंधन के चलते चढ़ावा चोरी जैसे आरोप लगे। उन्होंने आरोप लगाया है कि विश्वनाथ धाम वाराणसी का प्रबंधन भी पूरी तरह से भ्रष्टाचार से ग्रसित है और प्राइवेट व्यक्तियों के हाथों चढ़ावे और चंदे की रकम की गिनती की जा रही है, जो पूरी तरीके से गलत है। उन्होंने कहा कि मंदिर के चारों गेट पर कैमरा लगे जिसका लाइव प्रसारण भी सार्वजनिक किया जाये। वकीलों द्वारा पत्र में किया गया मांग • श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर बोर्ड ऑफ ट्रस्टी का गठन सर्वोच्च न्यायाल के आदेश दिनांक 14.03.1997 की मंसा के अनुरूप किया जाये। • काशी विश्वनाथ मन्दिर के प्रबन्धन में जुड़े हर अधिकारी, कर्मचारी, प्राइवेट कर्मचारी, सिक्योरिटी ऐजेन्सी के कर्मचारी का नाम, पता, आय सार्वजनिक किया जाय। • काशी विश्वनाथ मन्दिर के प्रबन्धन से पिछले 5 साल से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी, प्राइवेट कर्मचारी, सिक्योरिटी ऐजेन्सी के कर्मचारी के आय व सम्पत्ति की गहनता से जाँच की जाय। • काशी विश्वनाथ मन्दिर के गर्भ गृह के चारों तरफ प्रवेश द्वारा पर CCTV कैमरे लगायें जाय और सार्वजनिक रूप से डिस्प्ले किया जाय ताकि कौन लोग किसको और किसी तरीके से बाबा विश्वनाथ का दर्शन करा रहा है यह देख सकें और पारदर्शिता बनी रहे। • श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए VIP व्यवस्था पूरी तरह से बन्द किया जाय और काशी वाशियों के लिए एक अलग गेट निर्धारित किया जाय ताकि विश्वनाथ धाम बनने से पहले जिस प्रकार से काशी वाशी बाबा विश्वनाथ का दर्शन पूजन करते रहे उसी प्रकार करते रहें। मंडलायुक्त ने विश्वनाथ मंदिर में चढ़ावा गिनती के तरीके को बताया विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के अध्यक्ष और वाराणसी के कमिश्नर एस राजलिंगम ने बताया कि मंदिर में अलग-अलग तरह से दान आते है। इसमें सीधे दान पात्र में दान के अलावा, क्यूआर कोड के माध्यम से भी डोनेशन होता है। ऑफिस में आकर डोनेट करके भी रसीद ले सकते हैं। दान के लिए परिसर में कुल 56 कुंडे लगाये गये हैं। कुंडे के माध्यम से जिस दान की प्राप्त होती है, उसकी गिनती की जाती है। ये गिनती सप्ताह में प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को मंदिर प्रांगण में मौजूद सत्यनारायण मंदिर परिसर में ओपन में की जाती है। महिलाएं करती है शॉर्टिंग का काम बताया कि, गिनती में मौके पर एक गजटेड अधिकारी एसडीएम होते हैं। कुछ वालंटियर होते हैं, जो मंदिर की सेवा करते हैं। इसके साथ ही परिसर में माैजूद मुमुक्षु भवन और काशी में निवास करने वालीं 20 से 25 माताएं रहती है, जो शॉर्टिंग का काम करती हैं। शॉर्टिंग के बाद जो बैंक कर्मचारी होते हैं, उनके जरिए अकाउंटिंग की जाती है और उसके लेजर की एंट्री होती है। इसके बाद में बैंक में पैसे जमा होते हैं। उसकी रसीद वापस से रजिस्टर में रखी जाती है।
फतेहपुर जिले में बाइक की मामूली टक्कर के बाद दो युवकों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो अब जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह मारपीट गुरुवार रात करीब 11 बजे की बताई जा रही है। वीडियो शुक्रवार शाम 4 बजे सामने आया। यह घटना जिला अस्पताल के आसपास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों युवक बाइक से जा रहे थे तभी उनकी आपस में टक्कर हो गई। शुरुआत में उनके बीच कहासुनी हुई, लेकिन देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों एक-दूसरे पर लात-घूंसे बरसाने लगे। सड़क पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर किसी तरह दोनों को अलग कराया। वायरल वीडियो में दोनों युवक एक-दूसरे से भिड़ते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि इसी स्थान पर कुछ दिनों पहले भी इसी तरह की मारपीट की एक घटना हुई थी, जिससे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। घटना की जानकारी मिलने पर जिला अस्पताल पुलिस चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर दोनों युवकों की पहचान करने में जुटी है। कोतवाली प्रभारी हेमंत कुमार मिश्रा ने बताया कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी पक्ष की ओर से तहरीर मिलती है, तो मुकदमा दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गोपालगंज के गोपालपुर थाना क्षेत्र के दुबे खरेया गांव में सांप के काटने से 11 वर्षीय बच्ची रिया कुमारी की मौत हो गई। इलाज के दौरान सदर अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से गांव में शोक का माहौल है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। घटना के संबंध में बताया गया कि दुबे खरेया गांव निवासी रिया कुमारी अपने घर की खिड़की के पास खड़ी थी। इसी दौरान एक सांप खिड़की के रास्ते आया और उसके पैर में डंस लिया। बच्ची के चीखने की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे। सांप के काटने का पता चलने पर परिजनों ने बिना देर किए बच्ची को इलाज के लिए गोपालगंज के मॉडल सदर अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में डॉक्टरों की टीम ने तुरंत इलाज शुरू किया और उसे बचाने की हरसंभव कोशिश की। हालांकि, जहर शरीर में पूरी तरह फैल जाने के कारण काफी प्रयासों के बाद भी बच्ची की जान नहीं बचाई जा सकी। इलाज के दौरान ही उसने दम तोड़ दिया, जिसके बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया गया है कि मृत बच्ची के पिता प्रमोद यादव अपने परिवार के बेहतर भविष्य और रोजगार के लिए महज तीन दिन पहले ही विदेश गए थे। उनके विदेश पहुंचने के कुछ ही दिनों बाद घर पर इस दुखद घटना की खबर आ गई। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
छिंदवाड़ा जिले की चौरई तहसील के चंदनवाड़ा क्षेत्र में चोरी के शक में दो युवकों को खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो शुक्रवार दोपहर का बताया जा रहा है, जो अब सामने आया है। वीडियो वायरल होने के बाद इलाके में नाराजगी का माहौल है। प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, दोनों युवक त्रिमूर्ति ट्रेडर्स में काम करते थे। उन पर चोरी का संदेह जताते हुए कुछ लोगों ने कथित तौर पर उन्हें खंभे से बांध दिया और बेल्ट से जमकर मारपीट की। वीडियो में दोनों युवक बंधे हुए नजर आ रहे हैं, जबकि कुछ लोग उनकी पिटाई करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में पुलिसकर्मी की मौजूदगी पर उठे सवालघटना का सबसे गंभीर पहलू यह है कि वायरल वीडियो में एक पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद दिखाई दे रहा है। फुटेज में वह कैमरे से बचने की कोशिश करता नजर आता है। वीडियो में सुनाई दे रही कुछ आवाजों को लेकर भी पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोग बोले- कानून हाथ में लेना गलतघटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यदि युवकों पर चोरी का शक था तो उन्हें पुलिस के हवाले किया जाना चाहिए था। कानून अपने हाथ में लेकर इस तरह की मारपीट करना गंभीर अपराध है। अब पूरे मामले को लेकर पुलिस की भूमिका और मारपीट करने वालों की पहचान पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
खुर्रम नगर पेट्रोल पंप परिसर में संचालित पंजाबी फ्लेवर्ड फूड हब रेस्टोरेंट में शुक्रवार शाम को भीषण आग लग गई। आग की लपटें करीब 10 फीट ऊपर तक उठीं। इससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग एसी के कंप्रेसर में विस्फोट होने के बाद लगी। देखते ही देखते लपटों ने रेस्टोरेंट को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना पर दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। एसडीआरएफ की टीम भी राहत एवं बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, आग से फूड हब में रखा सामान जलकर नुकसान होने की बात सामने आई है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती तौर पर एसी कंप्रेसर फटने को आग की वजह माना जा रहा है। रेस्टोरेंट पेट्रोल पंप परिसर में अवैध रूप से चल रहा था। देखिए 3 तस्वीरें… ------------------- यह खबर लगातार अपडेट की जा रही है।
बूंदी में मुस्लिम समाज ने सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में शुक्रवार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। समाज के लोग बड़ी संख्या में शहर के मीरा गेट पर एकत्रित हुए और नारेबाजी करते हुए जिला कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर नाजिया इलाही के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और उनकी गिरफ्तारी की मांग की। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। कलेक्ट्रेट परिसर और रैली मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शन का नेतृत्व मुफ्ती आलम राजा गोरी और मुफ्ती नदीम अख्तर सकाफी सहित मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर पैगंबर मोहम्मद और उनके परिवार के संबंध में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि धार्मिक आस्थाओं का सम्मान हर नागरिक का दायित्व है। किसी भी धर्म के पूजनीय व्यक्तित्व के खिलाफ अभद्र या अपमानजनक टिप्पणी समाज में तनाव का कारण बन सकती है। प्रदर्शन के दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने केवल इस मामले में कार्रवाई की मांग नहीं की, बल्कि सभी धर्मों के सम्मान की रक्षा के लिए एक समान और सख्त कानून बनाने की भी मांग उठाई। उन्होंने ऐसे कानून की वकालत की, जिसके तहत किसी भी धर्म, देवी-देवता, पैगंबर, गुरु या धार्मिक महापुरुष के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वाले व्यक्ति पर बिना किसी भेदभाव के कठोर कानूनी कार्रवाई हो। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि प्रदेशभर में मुस्लिम समाज इसी मांग को लेकर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहा है। बूंदी का यह प्रदर्शन भी उसी अभियान का हिस्सा था, जो शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
टोंक में कोतवाली थाने से करीब 100 मीटर दूरी पर अज्ञात बदमाशों ने गुरुवार रात को एक दुकान का ताला तोड़कर गल्ले से 20 हजार रुपए चुराकर ले गए। चोरी का पता शुक्रवार सुबह चला। जब पड़ोसी दुकानदारों ने दुकान का ताला टूटा देखा तो मालिक को फोन कर चोरी की सूचना दी। दुकानदार जब दुकान खोलकर देखा तो सारा सामान बिखरा हुआ पड़ा था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार चोर कैश के अलावा दुकान में रखा सामान भी ले गए। दुकानदार ने कोतवाली पुलिस थाने में रिपोर्ट दी है। चोरों ने दुकान में लगे सीसीटीवी और वायरिंग को भी तोड़ गए। कोतवाली थाने से करीब 100 मीटर दूरी पर हुई चोरी सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर जायजा किया। खास बात यह है कि दुकान कोतवाली थाने से करीब 100 मीटर की दूरी पर है। चोरों ने रात के समय बेखौफ होकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। स्थानीय लोगों ने कहा- कोतवाली थाने के पास की दुकान से चोर चोरी कर चला गया तो फिर गली मोहल्ले की दुकानें कैसे सुरक्षित रहेगी। पीड़ित दुकानदार महसूद अहमद ने रात्रि गश्त बढ़ाने और चोरी के आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी का माल बरामद करने की मांग की है। चोरों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग व्यापार मंडल अध्यक्ष मनीष बंसल ने कहा- इस घटना पर नाराजगी जाहिर की है। कहा- जल्द चोरों को गिरफ्तार कर उनसे चुराया गया माल बरामद करके पीड़ित को सौंपे। पीड़ित दुकानदार महसूद अहमद ने बताया- उसकी सुभाष बाजार से पांच बत्ती के बीच मुख्य बाजार में कोतवाली से करीब 100 मीटर दूरी पर 'RM लाइनिंग डोरा बटन' की दुकान है। बीती रात अज्ञात चोरों ने शटर काट कर दुकान में रखें गल्ले से नकदी चुरा ले गए। चोरों ने पहचान छुपाने के लिए दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे और उनकी वायरिंग भी तोड़ दी। लगातार बढ़ती चोरियों से नाराज़ व्यापार मंडल के अध्यक्ष मनीष बंसल ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा- अगर चोरी की घटनाओं पर तुरंत अंकुश नहीं लगा, तो व्यापारी चुप नहीं बैठेंगे और शहर में आंदोलन किया जाएगा।
पाक कला, हॉस्पिटैलिटी और फूड इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से आयोजित फूडक्राफ्ट सीजन-2 का आयोजन रविवार को अशोक कॉसमॉस मॉल में हुआ। कार्यक्रम में देश के विभिन्न होटल, रेस्टोरेंट और हॉस्पिटैलिटी संस्थानों से जुड़े शेफ, बारटेंडर, होम शेफ और मॉडल्स ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिताओं के साथ स्टार होटल के शेफ और प्रोफेशनल मॉडल्स की रैंप वॉक आकर्षण का केंद्र रही। अर्पण इवेंट्स की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम के टाइटल स्पॉन्सर स्मार्ट बाजार रहे। आयोजन में पाक कला, मिक्सोलॉजी और हॉस्पिटैलिटी से जुड़े विभिन्न मुकाबले आयोजित किए गए, जिनमें प्रतिभागियों ने अपने कौशल का प्रदर्शन किया। अल्टीमेट शेफ शोडाउन में फेयरफील्ड बाय मैरियट, कोर्टयार्ड बाय मैरियट, जेपी होटल, गोल्डन ट्यूलिप, मेट्रो होटल, अमेर विला और किस्की व्हिस्की सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों के शेफ शामिल हुए। वहीं सीक्रेट शेफ प्रतियोगिता में होम शेफ और गृहिणियों ने अपने व्यंजन प्रस्तुत किए। बार वॉर प्रतियोगिता में बारटेंडर्स ने अपनी मिक्सोलॉजी स्किल्स का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिताओं के बाद स्टार होटलों के शेफ ने प्रोफेशनल मॉडल्स के साथ रैंप वॉक की, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम के दौरान हॉस्पिटैलिटी और फूड इंडस्ट्री में बेहतर कार्य करने वाले संस्थानों और प्रतिष्ठानों को भी सम्मानित किया गया। इसमें किंग्स बेकरी को बेस्ट बेकरी अवॉर्ड, बेकहाउस फेयरफील्ड को बेस्ट बेकरी (स्टार कैटेगरी), पतीराम कालीचरण कैटरर्स को बेस्ट हेरिटेज कैटरर्स, ग्लास कूचर को बेस्ट प्रोडक्ट इनोवेशन, करामत ग्रेवी को बेस्ट फूड सर्विस, आर्ट ऑफ बार को बेस्ट आउटडोर बार काउंटर सर्विस, एंबर एडवरटाइज को बेस्ट आउटडोर सर्विस, मेट्रो होटल को बेस्ट हेरिटेज होटल, किस्की व्हिस्की को बेस्ट नाइट बार, कॉसमॉस कैफे एंड बार को बेस्ट मल्टी क्यूजीन रेस्टोरेंट, वेदा इंस्टीट्यूट ऑफ होटल एंड ट्रेनिंग को बेस्ट होटल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट और स्मार्ट बाजार को स्पेशल अप्रिसिएशन अवॉर्ड दिया गया। आयोजकों ने बताया कि फूडक्राफ्ट सीजन-2 का उद्देश्य फूड, हॉस्पिटैलिटी और बेवरेज इंडस्ट्री से जुड़ी प्रतिभाओं को एक मंच उपलब्ध कराना और नए प्रतिभागियों को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर देना है। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों, निर्णायकों, प्रायोजकों, सहयोगी संस्थाओं और मीडिया का आभार भी व्यक्त किया गया।
सुल्तानपुर पुलिस ने जून माह में साइबर ठगी के शिकार हुए 19 पीड़ितों को बड़ी राहत दी है। पुलिस ने विभिन्न मामलों में कुल 10 लाख 33 हजार 140 रुपये की धनराशि सफलतापूर्वक उनके बैंक खातों में शुक्रवार को वापस कराई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक चारू निगम के कुशल निर्देशन में की गई। नोडल अधिकारी एएसपी बृजनरायण सिंह और क्षेत्राधिकारी, साइबर क्राइम थाना आलोक कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में, प्रभारी निरीक्षक, साइबर क्राइम थाना के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया। पुलिस ने ऑनलाइन मार्केटिंग, गेमिंग ऐप, लिंक भेजकर, ओटीपी साझा कराकर, डिजिटल अरेस्ट के नाम पर और डरा-धमकाकर की गई ठगी से संबंधित मामलों पर तत्काल वैधानिक कार्यवाही और गहन तकनीकी जांच की। जांच के दौरान, संबंधित बैंक, भुगतान सेवा प्रदाताओं, दूरसंचार कंपनियों और अन्य एजेंसियों से समन्वय स्थापित किया गया। जालसाजों के बैंक खातों को समयबद्ध रूप से फ्रीज कराया गया और आवश्यक पत्राचार किया गया, जिसके परिणामस्वरूप यह धनराशि वापस मिल सकी। छोटे अमाउंट वाले पीड़ितों को मिलेगी बड़ी राहत इस सफलता पर जिले की पुलिस कप्तान चारू निगम ने एक वीडियो बयान जारी कर जनता से अपील की है। उन्होंने बताया कि साइबर धोखाधड़ी होने के बाद शुरुआती 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि पीड़ित तुरंत शिकायत करता है, तो पैसा दूसरे खातों में ट्रांसफर होने से पहले ही होल्ड कर दिया जाता है। एसपी निगम ने स्पष्ट किया कि ठगी का अहसास होते ही सीधे थाने या पुलिस के पास जाने के बजाय, तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने बताया कि नए मॉड्यूल के तहत अब साइबर थाने के एसएचओ को यह अधिकार दिया गया है कि वे 50,000 रुपये तक की होल्ड राशि को जांच के बाद बिना अदालती चक्कर के सीधे पीड़ित के खाते में वापस ट्रांसफर करा सकते हैं। इससे छोटे अमाउंट वाले पीड़ितों को बड़ी राहत मिल रही है।
छतरपुर जिले के लवकुशनगर अनुभाग में शुक्रवार को सेफ क्लिक 2.0 अभियान के तहत एक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान ऑपरेशन विश्वास के तहत बरामद किए गए 42 गुम मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए गए। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 6 लाख रुपए है। लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल और संदिग्ध लिंक से बचने के तरीके बताए गए। एसडीओपी नवीन दुबे ने क्षेत्रवासियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए सलाह दी कि वे किसी भी स्थिति में ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। उन्होंने संदिग्ध लिंक और फर्जी कॉल से सतर्क रहने तथा किसी भी साइबर ठगी की तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की। पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के निर्देशन में ऑपरेशन विश्वास चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत लवकुशनगर अनुभाग क्षेत्र से विभिन्न कंपनियों के कुल 42 गुम मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। इनकी अनुमानित कीमत लगभग 6 लाख रुपए आंकी गई है। अनुभाग कार्यालय लवकुशनगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एसडीओपी नवीन दुबे ने सभी बरामद मोबाइल उनके वास्तविक धारकों को सौंपे। लंबे समय बाद अपने खोए हुए मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने खुशी व्यक्त की और पुलिस की इस पहल की सराहना की।
राजधानी के रामनगरिया थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक बंद मकान से पिता-पुत्री के सड़े-गले शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। दोनों शव करीब पांच दिन पुराने बताए जा रहे हैं और डिकंपोज (सड़ी-गली) अवस्था में मिले हैं। घटना जगतपुरा स्थित रेलवे कॉलोनी आनंद विहार के मकान संख्या डी-49 की है। पड़ोसियों ने मकान से तेज दुर्गंध आने पर पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना पर रामनगरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मकान अंदर से बंद होने के कारण पुलिस ने मृतक के दोनों बेटों महेश शर्मा और राकेश शर्मा की मौजूदगी में दरवाजा खुलवाया। रामनगरिया थानाधिकारी चंद्रभान ने बताया कि मकान में 90 वर्षीय महावीर शर्मा और उनकी 55 वर्षीय बेटी प्रीति शर्मा के शव डिकंपोज अवस्था में मिले। प्रारंभिक जांच में दोनों की मौत करीब पांच दिन पहले होना प्रतीत हो रही है। पुलिस के अनुसार, प्रीति शर्मा तलाकशुदा थीं और लंबे समय से अपने पिता महावीर शर्मा के साथ इसी मकान में रह रही थीं। फिलहाल मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस ने मामले में मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जेएनयू अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
बिजनौर में 3 जुलाई को जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में जिला विद्यालय वाहन परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक हुई। शाम 4:00 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस बैठक में जनपद में संचालित स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था, परिवहन मानकों के अनुपालन और विद्यार्थियों के सुरक्षित आवागमन की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) और बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को निर्देश दिए कि वे जनपद के सभी विद्यालयों में संचालित चार पहिया स्कूली वाहनों की फिटनेस, वैध दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों की विशेष जांच सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों द्वारा अनफिट या निर्धारित मानकों के विपरीत वाहन चलाए जा रहे हैं, उन्हें तत्काल नोटिस जारी किया जाए। डीएम ने स्पष्ट किया कि यदि नोटिस के बाद भी ऐसे वाहन संचालित पाए जाते हैं, तो उनके विरुद्ध नियमानुसार तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित वाहनों का संचालन रद्द किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी स्थिति में अनफिट या असुरक्षित स्कूली वाहनों का संचालन स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि प्रत्येक स्कूली वाहन में सीसीटीवी कैमरा, फर्स्ट-एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) और जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। इसके अतिरिक्त, वाहन चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस, पुलिस सत्यापन और निर्धारित योग्यता होनी चाहिए, साथ ही वाहन में परिचालक (अटेंडेंट) की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए। सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी दशा में स्वीकार नहीं की जाएगी और उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित विद्यालय एवं वाहन संचालक के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, पुलिस विभाग, परिवहन विभाग के अधिकारी और विभिन्न विद्यालयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
नाबालिग से रेप का आरोपी गिरफ्तार:बूंदी पुलिस ने किया दस्तयाब, पोक्सो एक्ट में कोर्ट में पेश
बूंदी पुलिस ने डाबी थाना क्षेत्र में नाबालिग से रेप के आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने नाबालिग पीड़िता को भी दस्तयाब किया है। यह कार्रवाई पोक्सो एक्ट के तहत की गई है। जिला पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा ने महिला अत्याचार और पोक्सो एक्ट के मामलों में त्वरित अनुसंधान तथा फरार अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों के तहत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय सिंह चंपावत के मार्गदर्शन और वृताधिकारी तालेड़ा राजेश कुमार टेलर के सुपरविजन में थानाधिकारी हेमराज शर्मा के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। गठित पुलिस टीम ने नाबालिग बालिका को दस्तयाब कर उसका मेडिकल मुआयना करवाया। अनुसंधान के दौरान, यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 64(2), 65(1), 87 और पोक्सो एक्ट की धारा 5L, 6 के तहत प्रमाणित पाया गया। इसके बाद, आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। इस कार्रवाई में थानाधिकारी हेमराज शर्मा (पुलिस निरीक्षक), जितेंद्र सिंह (सहायक उपनिरीक्षक), दामोदर प्रसाद (सहायक उपनिरीक्षक), ओंकार (कांस्टेबल 518) और नीतू (महिला कांस्टेबल 767) सहित डाबी थाना पुलिस टीम शामिल रही।
मध्यप्रदेश कांग्रेस में वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को लेकर सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों के बाद संगठन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश महासचिव एवं पूर्व सांसद सत्यव्रत चतुर्वेदी की बेटी निधि चतुर्वेदी और महिला उत्पीड़न प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष प्रियंका किरार को अलग-अलग कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। दोनों से सात दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। प्रदेश कांग्रेस के संगठन प्रभारी महासचिव डॉ. संजय कामले की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया पर ऐसी पोस्ट की हैं, जो पार्टी की रीति-नीतियों और अनुशासन के विरुद्ध मानी गई हैं। निधि चतुर्वेदी को क्यों मिला नोटिस 3 जुलाई 2026 को जारी नोटिस में कहा गया है कि निधि चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के खिलाफ पोस्ट की थी, जो पार्टी की रीति-नीतियों और नियमों के खिलाफ है। इसे अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना गया है। उन्हें सात दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रदेश कांग्रेस कमेटी को देने के निर्देश दिए गए हैं। निधि चतुर्वेदी ने फेसबुक पर दिग्विजय को घेरा था दिग्विजय ने 'प्रदेश अध्यक्ष को सार्वजनिक रूप से कमजोर किया' निधि चतुर्वेदी ने लिखा कि दिग्विजय सिंह जैसे वरिष्ठ नेता को जीतू पटवारी से असहमति होने पर सार्वजनिक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के बजाय संगठन के अंदर बात करनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया के सामने प्रदेश अध्यक्ष के बयान को खारिज करना और उनके लिए अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना पार्टी अनुशासन के खिलाफ है। 'जयवर्धन को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की महत्वाकांक्षा' निधि ने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह का पूरा रवैया 'पुत्र-मोह' से प्रेरित है। उनके अनुसार, वे अपने बेटे जयवर्धन सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाना चाहते हैं और इसी महत्वाकांक्षा के कारण उन्होंने पार्टी अनुशासन की मर्यादा तोड़ी। 'अपनी पार्टी को कमजोर कर विपक्ष को ऑक्सीजन दे रहे' पोस्ट में कहा गया कि जब राहुल गांधी और कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा-आरएसएस के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं, तब दिग्विजय सिंह के सार्वजनिक बयान कांग्रेस नेतृत्व को कमजोर करते हैं और इससे सीधे तौर पर भाजपा को राजनीतिक फायदा मिलता है। 'राहुल गांधी की चेतावनी सही साबित हो रही' निधि चतुर्वेदी ने लिखा कि पार्टी को भीतर से कमजोर करने वाले ऐसे 'स्लीपर सेल' से बचने के लिए राहुल गांधी लगातार चेताते रहे हैं। उनका दावा है कि मध्यप्रदेश में यह चेतावनी अब सही साबित होती दिख रही है। '2020 से लेकर राज्यसभा चुनाव तक निशाना' पोस्ट में आरोप लगाया गया कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं और अंदरूनी खींचतान के कारण 2020 में कांग्रेस सरकार गिरी, 2023 और 2024 के चुनावों में पार्टी को हार मिली और हालिया राज्यसभा चुनाव में भी नुकसान हुआ। निधि ने कांग्रेस नेतृत्व से मांग की कि पार्टी की साख और कार्यकर्ताओं का मनोबल बचाने के लिए दिग्विजय सिंह के खिलाफ तत्काल कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। प्रियंका किरार पर क्या आरोप 2 जुलाई 2026 को जारी नोटिस में कहा गया है कि प्रियंका किरार ने अपने जिला कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट की। चूंकि वह पार्टी के प्रमुख पद पर हैं, इसलिए यह आचरण पार्टी की नीतियों के विरुद्ध और अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। उनसे भी सात दिन में जवाब मांगा गया है।
पलवल के नेताजी सुभाषचंद बोस स्टेडियम में आयोजित मेगा रोजगार मेले में 152 युवाओं को मौके पर नियुक्ति पत्र सौंपे गए। मेले का उद्घाटन खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम ने अपने जन्मदिन के अवसर पर रिबन काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मेगा जॉब फेयर में 214 राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने भाग लिया, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्रदान किए। मेले में 10वीं, 12वीं, आईटीआई, डिप्लोमा, स्नातक, बीटेक, एमबीए सहित अन्य तकनीकी एवं व्यावसायिक योग्यता वाले अभ्यर्थियों के लिए व्यापक अवसर उपलब्ध थे। मेले में लगभग 8530 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। विभिन्न कंपनियों द्वारा 2191 अभ्यर्थियों का प्रारंभिक चयन किया गया, जिनमें से 152 को मौके पर ही नियुक्ति पत्र दिए गए। शेष चयनित अभ्यर्थियों को आगे की चयन प्रक्रिया के लिए संबंधित कंपनियों में बुलाया गया है। हरियाणा सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध : गौरव गौतम खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल द्वारा शुरू की गई 'बिना खर्ची, बिना पर्ची' रोजगार व्यवस्था का उल्लेख किया। मंत्री ने बताया कि यह व्यवस्था एक पारदर्शी और ईमानदार भर्ती प्रक्रिया का प्रतीक है, जिसमें उम्मीदवारों का चयन केवल उनकी योग्यता, मेहनत और प्रतिभा के आधार पर होता है। उन्होंने जोर दिया कि केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को पूरी निष्पक्षता, विश्वास और पारदर्शिता के साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कंपनी प्रतिनिधियों ने किया अभ्यर्थियों से संवाद किया मेगा रोजगार मेले में अनेक प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया। मेले में विभिन्न क्षेत्रों जैसे बैंकिंग, मेट्रो रेल कॉरपोरेशन, ऑटोमोबाइल, मैन्युफैक्चरिंग, आईटी, हेल्थकेयर, रिटेल, लॉजिस्टिक्स, सुरक्षा सेवाएं से जुड़ी कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाए। अभ्यर्थियों ने कंपनियों के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद किया, अपने बायोडाटा जमा किए तथा साक्षात्कार दिए। कंपनियों द्वारा मौके पर ही योग्य उम्मीदवारों का चयन कर नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर रोजगार अधिकारी शक्तिपाल सिंह विशेष रुप से मौजूद रहे।
कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम बीरनपुर कला में खेत में लगाए गए झटका तार की चपेट में आने से पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब दोनों खेत में बुआई का काम कर रहे थे। घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। जानकारी के अनुसार, किसान गोकरण पटेल अपने 22 वर्षीय बेटे परमेश पटेल के साथ खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान परमेश खेत में लगाए गए झटका तार की चपेट में आ गया। बेटे को तड़पता देख गोकरण उसे बचाने के लिए दौड़े, लेकिन वे भी करंट की चपेट में आ गए। तेज करंट लगने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। पत्नी भोजन लेकर पहुंची तो सामने आया हादसा घटना का पता काफी देर बाद चला। गोकरण की पत्नी जब दोनों के लिए भोजन लेकर खेत पहुंचीं, तो उन्होंने पिता-पुत्र को जमीन पर मृत पड़ा देखा। यह दृश्य देखकर उन्होंने शोर मचाया, जिसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शुरू की जांच सूचना मिलते ही सहसपुर लोहारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। अवैध झटका तार पर कार्रवाई की मांग घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि खेतों में फसल बचाने के नाम पर अवैध रूप से झटका तार लगाए जा रहे हैं, जिससे पहले भी हादसे हो चुके हैं। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और किसानों के लिए सुरक्षित फसल सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
मणिनगर में पाइप लाइन लीकेज बहा पानी:इधर हाईवे पर वॉल्व लीकेज होने से रोजाना व्यर्थ बह रहा पानी
पाली शहर के मणि नगर में पानी की पाइप लाइन लीकेज होने से सैकड़ो लीटर पानी शुक्रवार को व्यर्थ बह गया। इधर हाईवे पर बाल संप्रेक्षण गृह के सामने की तरफ पाइप लाइन के वॉल्व में लीकेज से पिछले कई दिनों से पानी व्यर्थ बह रहा है लेकिन जिम्मेदार कोई ध्यान नहीं दे रहे। पूर्व पार्षद मुकेश गोस्वामी ने बताया कि पाली शहर के मणि नगर में सोमनाथ मंदिर झुंझार मंदिर के पास शुक्रवार सुबह पाइप लाइन लीकेज होने के चलते सैकड़ों लीटर पानी व्यर्थ बह गया। सड़क और गली में पानी फैल गया। इसको लेकर उन्होंने जलदाय विभाग में शिकायत की। हाईवे पर पाइप लाइन का वॉल्व में लीकेजइधर हाईवे पर नया गांव से पणिहारी की तरफ जाने वाले हाईवे पर बाल संप्रेक्षण गृह के सामने की तरफ पेयजल पाइप लाइन का वॉल्व पिछले कई दिनों से लीकेज है। ऐसे में 24 घंटे इस पाइप लाइन से पानी व्यर्थ बहता रहता है। नितेश गुर्जर का कहना है कि इसको लेकर उन्होंने जलदाय विभाग में शिकायत की है ताकि पानी की व्यर्थ बहने से रोका जा सके।
दो भाइयों को बाइक ने मारी टक्कर, एक की मौत:छोटा भाई भी गंभीर घायल; शोक कार्यक्रम से लौट रहे थे
कोटा ग्रामीण के देवली मांझी थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में घायल दो भाइयों में से बड़े भाई की इलाज के दौरान शुक्रवार को मौत हो गई। जबकि छोटा भाई गंभीर घायल है। उसका एमबीएस अस्पताल में इलाज चल रहा है। देवली मांझी थाने के एएसआई सत्यनारायण ने बताया- यह हादसा 1 जुलाई को खजूरी के पास हुआ था। बड़ा भाई बादल और छोटा भाई विशाल बाइक से गांव लटूरी लौट रहे थे। दोनों रिश्तेदारी में शोक कार्यक्रम में शामिल होकर घर आ रहे थे। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आए बाइकसवार ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों भाई सड़क पर गिरकर गंभीर घायल हो गए। पुलिस ने मामला किया दर्ज, बाइक सवार की तलाश हादसे के बाद दोनों भाइयों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था। गंभीर चोटों के कारण बडे़ भाई बादल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं विशाल की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में बादल के शव का शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अज्ञात बाइक सवार की तलाश में जुटी है। पुलिस ने कहा- आरोपी की जल्द पहचान कर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा महिला आयोग की नवनियुक्त सदस्य भारती सैनी ने शुक्रवार को नारनौल में महिला सुरक्षा और बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने महिला थाना, जिला बाल संरक्षण कार्यालय, वन स्टॉप सेंटर तथा एसडीएम कार्यालय का दौरा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और अधिकारियों से महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित मामलों की जानकारी ली। भारती सैनी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। प्रत्येक पीड़िता को समयबद्ध न्याय और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना हरियाणा महिला आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। महिला थाने गई महिला थाना में उन्होंने महिलाओं से जुड़े मामलों के पंजीकरण, उनकी सुनवाई की प्रक्रिया और पीड़ित महिलाओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने थाने में महिलाओं के लिए बनाए गए अस्थायी विश्राम कक्ष का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायत लेकर आने वाली प्रत्येक महिला के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार किया जाए, ताकि वह बिना किसी भय के अपनी बात रख सके। बाल संरक्षण कार्यालय का निरीक्षण इसके बाद उन्होंने हुडा स्थित जिला बाल संरक्षण कार्यालय का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज मामलों, बाल संरक्षण योजनाओं तथा बालिकाओं की सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बच्चों, विशेषकर बालिकाओं की सुरक्षा समाज और प्रशासन की साझा जिम्मेदारी है तथा ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। वन स्टॉप सेंटर में पूछताछ महिला आयोग सदस्य ने वन स्टॉप सेंटर का भी दौरा किया, जहां घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, यौन उत्पीड़न और अन्य प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही कानूनी, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक सहायता की समीक्षा की। सेंटर की इंचार्ज वंदना ने उन्हें मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता से अवगत कराया। इस पर भारती सैनी ने संबंधित मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने का आश्वासन दिया। एसडीएम से मिली उन्होंने एसडीएम नारनौल अनिरुद्ध यादव से भी मुलाकात कर महिलाओं से जुड़े मामलों, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि महिला हितों से जुड़े मामलों में सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। ये रहे मौजूद इस अवसर पर एसडीएम अनिरुद्ध यादव, महिला थाना प्रभारी लेडी इंस्पेक्टर मंजूशा, पीएसआई सवीना, एएसआई राकेश, एएसआई आशा, एलएचसी प्रीता, जिला बाल संरक्षण अधिकारी सरिता शर्मा, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति महेंद्रगढ़ राजेश गोयल, वन स्टॉप सेंटर की इंचार्ज वंदना सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
रीवा में पेट्रोल-डीजल को लेकर इन दिनों असमंजस की स्थिति बनी हुई है। शहर में कई वाहन चालकों का कहना है कि ईंधन में एथेनॉल के अत्यधिक मिश्रण की वजह से उनकी गाड़ियों में तकनीकी खराबियां सामने आ रही हैं। लोगों का आरोप है कि पेट्रोल भरवाने के बाद गाड़ियों का माइलेज प्रभावित हुआ है, इंजन में झटके महसूस हो रहे हैं और कई बार वाहन चलते-चलते बंद भी हो रहे हैं। इसी बीच शहर में एक अफवाह भी तेजी से फैलने लगी कि रीवा में पेट्रोल-डीजल की किल्लत हो गई है। चर्चा यह होने लगी कि कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कमी है, जिससे वाहन चालकों में चिंता बढ़ गई। हालांकि प्रशासन ने इस तरह की खबरों को पूरी तरह निराधार बताया है। रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि जिले में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है और सप्लाई सामान्य रूप से जारी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और पैनिक होने की जरूरत नहीं है। स्थानीय निवासी अमित तिवारी ने बताया, “पिछले कुछ समय से गाड़ी के परफॉर्मेंस में फर्क साफ दिख रहा है। पेट्रोल भरवाने के बाद माइलेज कम हो गया है और इंजन में झटके भी महसूस हो रहे हैं। कई बार अचानक गाड़ी बंद होने जैसी समस्या आई।” वहीं राजेश पटेल का कहना है, “मेरी बाइक पहले बिल्कुल ठीक चल रही थी, लेकिन पिछले कुछ दिनों से स्टार्ट होने में दिक्कत आ रही है। चलते-चलते इंजन मिसफायर करने लगता है और पिकअप भी कम हो गया है। आसपास के कई लोग भी ऐसी ही शिकायत कर रहे हैं।” स्थानीय मैकेनिक संदीप विश्वकर्मा ने बताया, “हाल के दिनों में वर्कशॉप पर ऐसे कई वाहन आ रहे हैं जिनमें इंजन से जुड़ी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। एथेनॉल मिश्रित ईंधन के कारण कई गाड़ियों में कार्बन जमने, पिकअप कम होने, स्टार्टिंग समस्या और इंजन मिसफायर जैसी दिक्कतें सामने आ रही हैं। खासकर पुराने वाहनों में इसका असर ज्यादा देखा जा रहा है।” फिलहाल प्रशासन ने साफ किया है कि जिले में ईंधन की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य है। वहीं एथेनॉल मिश्रण को लेकर उठ रहे सवालों पर वाहन चालकों की चिंताएं बनी हुई हैं।
हज 2027 के आवेदन 20 जुलाई तक भरें:संभल में पासपोर्ट की वैधता 31 दिसंबर 2027 तक अनिवार्य
सम्भल। हज कमेटी ऑफ इंडिया ने वर्ष 2027 की हज यात्रा के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक आवेदक 20 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सम्भल के हज ट्रेनर तकी अशरफ़ एडवोकेट ने बताया कि पासपोर्ट की वैधता कम से कम 31 दिसंबर 2027 तक होनी अनिवार्य है। जिन आवेदकों के पास मौजूदा पासपोर्ट है, उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि उसकी वैधता 31 दिसंबर 2027 तक हो। जिन लोगों का पासपोर्ट अभी तक नहीं बना है, वे तत्काल श्रेणी में पासपोर्ट बनवाकर समय रहते आवेदन कर सकते हैं। तकी अशरफ़ ने बताया कि 65 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों के साथ 60 वर्ष से कम आयु का एक सहयात्री होना आवश्यक है। इस बार हज कमेटी ने लगभग 20 दिनों की अवधि वाला सीमित हज पैकेज भी उपलब्ध कराया है। यदि इस श्रेणी में अधिक आवेदन आते हैं, तो चयन ड्रॉ के माध्यम से होगा। सामान्य हज यात्रा की अवधि 38 से 45 दिनों की होती है, और यात्री इसे भी चुन सकते हैं। उन्होंने साइबर कैफे और जन सेवा केंद्रों से अपील की कि आवेदन भरने से पहले मरकज़ी मदरसा से जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें, क्योंकि छोटी त्रुटियों के कारण बाद में आवेदकों को परेशानी होती है। सम्भल ज़िले के आवेदकों के हज फ़ॉर्म उत्तर प्रदेश हज कमेटी द्वारा अधिकृत हज ई-सुविधा केंद्र मरकज़ी मदरसा अहले सुन्नत अजमल-उल-उलूम, तेल मंडी, सम्भल में भरे जाएंगे। तकी अशरफ़ एडवोकेट ने यह भी बताया कि वर्ष 2026 में सम्भल ज़िले से लगभग 506 लोग हज यात्रा पर गए थे। सभी यात्रियों ने सकुशल हज पूरा किया और उनकी वापसी भी शुरू हो चुकी है। उन्होंने पुष्टि की कि सभी यात्री सुरक्षित रहे और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
बिजनौर के नजीबाबाद क्षेत्र के गांव आलोपुर में भूमि विवाद और उससे जुड़े आत्महत्या प्रकरण को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) ने नगीना सांसद चंद्रशेखर और जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यूनियन के राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में किसान परिवार के साथ अन्याय हो रहा है और राजनीतिक दबाव में कार्रवाई की जा रही है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मामले का निष्पक्ष समाधान नहीं हुआ तो 6 जुलाई को नजीबाबाद में होने वाली महापंचायत से एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। यह घोषणा शुक्रवार को गत्रा समिति बिजनौर कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाकियू (अराजनीतिक) के राष्ट्रीय संरक्षक बाबा राजेंद्र मलिक, राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौ. मांगेराम त्यागी, प्रदेश उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह रंधावा, युवा प्रदेश अध्यक्ष चौ. दिगंबर सिंह, मुजफ्फरनगर जिलाध्यक्ष सुधीर पवार, मेरठ जिलाध्यक्ष कालू प्रधान, बिजनौर जिलाध्यक्ष नितिन सिरोही और प्रदेश उपाध्यक्ष अतुल बालियान सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। नेताओं ने आरोप लगाया कि गांव आलोपुर में दलित समाज के कुछ लोग एक किसान के खेत से जबरन रास्ता निकालने का प्रयास कर रहे थे। किसान की शिकायत पर लेखपाल ने जांच में भूमि किसान की बताते हुए वहां रास्ता बनाने की अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद विवाद जारी रहने पर किसान ने सिविल कोर्ट से स्थगन आदेश (स्टे) भी प्राप्त कर लिया था। भाकियू नेताओं का आरोप है कि इसी बीच दलित समाज के एक व्यक्ति ने कथित रूप से जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की जेब से मिले कथित सुसाइड नोट में एसडीएम, कोतवाल और किसान परिवार के सदस्यों के नाम दर्ज थे। इसके बावजूद पुलिस ने किसान परिवार के नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर एक व्यक्ति को जेल भेज दिया, जबकि सुसाइड नोट में नामजद प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई। यूनियन नेताओं ने सवाल उठाया कि यदि पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है तो उसमें नामजद अन्य अधिकारियों को आरोपी क्यों नहीं बनाया गया। उन्होंने मांग की है कि जांच निष्पक्ष होनी चाहिए। आत्महत्या के लिए कथित रूप से उकसाने इस अवसर पर संगठन ने 6 जुलाई को नजीबाबाद में पंचायत में लगभग 20 हजार किसान शामिल होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि यदि किसान परिवार खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस नहीं लिया गया और किसान को बिना शर्त रिहा नहीं किया गया तो महापंचायत की जायेगी किसान नेताओ ने जिम्मेदार अधिकारियों कोदेते चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वह निष्पक्ष कार्रवाई नही कर सकते तो अपना तबादला करा लेना चाहिए। पत्रकार वार्ता के दौरान कुछ नेताओं ने सांसद और प्रशासन के खिलाफ तीखी टिप्पणियां भी कीं।
रामपुर में 'स्कूल चलो अभियान' के दूसरे चरण का शुभारंभ किया गया। शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे विकास भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने शिक्षकों, ग्राम प्रधानों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि हर बच्चे का विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने इन सभी से घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करने और बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। जिलाधिकारी ने स्वच्छता को लेकर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालय परिसर और मुख्य गेट के बाहर किसी भी प्रकार की गंदगी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान गंदगी पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी विद्यालयों में नियमित साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल, शौचालयों की व्यवस्था और आकर्षक वातावरण बनाए रखने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को ग्राम प्रधानों के सहयोग से प्रत्येक विद्यालय में मानदेय के आधार पर सफाई कर्मी की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। उन्होंने मिशन कायाकल्प के अंतर्गत स्वीकृत सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने, जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में तेजी लाने और मिड-डे मील की गुणवत्ता व स्वच्छता बनाए रखने पर भी जोर दिया। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी गुलाब चंद्र ने भी अभियान को जन आंदोलन बनाने की अपील की। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों, ग्राम प्रधानों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। मॉडल मॉन्टेसरी विद्यालय के दो नवप्रवेशी बच्चों को पाठ्य पुस्तकें भी वितरित की गईं। अंत में सभी उपस्थित लोगों ने जिले के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ने और 'स्कूल चलो अभियान' को सफल बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
बालाघाट में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिले के किरनापुर थाना क्षेत्र में देवनदी की बाढ़ में फंसे 16 ग्रामीणों को पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। कई गांवों का सड़क संपर्क भी टूट गया है। किरनापुर थाना क्षेत्र के भगतपुर में देवनदी में आई बाढ़ से एक छोटा पुल डूब गया था, जिसके कारण 16 ग्रामीण अपने खेतों में फंस गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। इन रास्तों से संपर्क कटा बारिश के कारण जिले के कई प्रमुख मार्गों पर आवागमन बाधित हुआ है। भानपुर और जरेरा का बालाघाट से सड़क संपर्क टूट गया है। लिंगा से होकर बहने वाली घिसर्री नदी की पुलिया डूब जाने से लिंगा-हट्टा मार्ग भी बंद हो गया है। बैहर की किस नदी में उफान के कारण बिठली से सोनगुड्डा मार्ग पर भी आवागमन बाधित है। कान्हा टाइगर रिजर्व के कोर जोन में आने वाला गढ़ी-चिल्पी मार्ग भी प्रभावित हुआ है। यहां एक पुरानी पुलिया क्षतिग्रस्त होने के कारण यह मार्ग पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन ने जिले के लोगों से अपील की है कि वे बाढ़ प्रभावित और जलमग्न मार्गों को पार करके अपने जीवन को खतरे में न डालें। सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है। लिंगा और हट्टा के बीच 2023 से बन रही पुलिया का अधूरा निर्माण भी समस्या को बढ़ा रहा है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इस मार्ग पर चार पहिया वाहनों के आवागमन पर आगामी आदेश तक प्रतिबंध लगा दिया है। यहां हुई पुलिया क्षतिग्रस्तबैहर के एसडीएम अर्पित गुप्ता ने बताया कि गढ़ी-चिल्पी राज्य राजमार्ग के किलोमीटर 14 पर, टोपला के आगे और कुरकुटी बैरियर के पहले स्थित पुरानी पुलिया वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है। संभावित दुर्घटनाओं से बचाव के लिए तत्काल प्रभाव से इस मार्ग से सभी चार पहिया वाहनों का आवागमन रोक दिया गया हैं। नागरिकों एवं वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे सुरक्षा की दृष्टि से इस मार्ग का उपयोग न करें तथा वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें। संबंधित एजेंसी एमपीआरडीसी द्वारा क्षतिग्रस्त पुलिया की मरम्मत का कार्य शीघ्र कराया जाएगा। पुलिया की मरम्मत पूर्ण होने के बाद मार्ग पर यातायात पुनः प्रारंभ किए जाने की सूचना अलग से जारी की जाएगी। जिले में अब तक तहसीलवार वर्षा1 जून से प्रारंभ मानसुन सत्र में 3 जुलाई तक 182 मिमी (6 इंच से ज्यादा) बारिश हो गई है। जिसमें सबसे अधिक 311 मिलीमीटर वर्षा बालाघाट तहसील और सबसे कम 57 मिलीमीटर वर्षा बिरसा तहसील में रिकॉर्ड की गई है। वारासिवनी तहसील में 300 मिलीमीटर, बैहर में 218 मिलीमीटर, लांजी में 149 मिलीमीटर, कटंगी में 93 मिलीमीटर, किरनापुर में 236 मिलीमीटर, खैरलांजी में 78 मिलीमीटर, लालबर्रा में 219 मिलीमीटर, परसवाड़ा में 180 मिलीमीटर एवं तिरोड़ी में 163 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। बाढ़ की अन्य तस्वीरें…
डकैती की साजिश नाकाम, दो अपराधी गिरफ्तार:अवैध हथियार और जिंदा कारतूस बरामद, चार आरोपी फरार
देवघर के कुंडा थाना पुलिस ने डकैती की बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से अवैध हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। यह कार्रवाई चांदीडीह-सरकंडा जंगल में की गई, जहां अपराधी डकैती की योजना बना रहे थे। पुलिस को 2 जुलाई की रात गुप्त सूचना मिली थी कि चांदीडीह रोड स्थित पुल के पास चांदीडीह-सरकंडा जंगल में छह अपराधी हथियारों के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने जंगल में घेराबंदी कर दो अपराधियों को मौके से दबोच लिया। हालांकि, अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर चार अन्य आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे। पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और पूरे गिरोह के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान चांदीडीह बसमत्ता निवासी अविनाश साह (22) और कुरमाटांड़ निवासी अमर पासवान (26) के रूप में हुई है। पूछताछ में पता चला कि सभी आरोपी डकैती की योजना बनाने के लिए एकत्र हुए थे। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह पहले भी डकैती, लूटपाट और छिनतई जैसी कई घटनाओं को अंजाम दे चुका है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक लोहे का देसी कट्टा, 8 एमएम केएफ अंकित दो जिंदा कारतूस, दो मोबाइल फोन और तीन मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।
मुज़फ़्फ़रनगर। अयोध्या स्थित राम मंदिर में सामने आए चंदा चोरी के मामले पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे अपने आवास पर उन्होंने इस घटना को दुखद बताते हुए कहा कि यह केवल चोरी का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर चोरी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने की मांग की। मुज़फ़्फ़रनगर में मीडिया से बातचीत के दौरान राकेश टिकैत ने कहा, राम मंदिर में चंदा चोरी की घटना दुखद है। यह आस्था का सवाल है। लोगों ने श्रद्धा से दान दिया है। ऐसे में जो भी लोग इस चोरी में शामिल हैं, पुलिस उनकी पूरी जांच करे और उन्हें चिन्हित कर सख्त कार्रवाई करे। उन्होंने देश में आर्थिक अपराधों पर सवाल उठाते हुए कहा कि फाइनेंशियल क्राइम को यहां बड़ा अपराध नहीं माना जाता। चाहे कोई कितना भी बड़ा आर्थिक अपराध कर ले, उसे वैसी सजा नहीं मिलती जैसी मिलनी चाहिए। टिकैत ने तंज कसते हुए कहा, जनाना और खजाना पहरे में भी लूट लिए जाते हैं। जिसकी जहां ड्यूटी लगी, वहीं से माल गायब हो गया। इसलिए केवल छोटे कर्मचारियों तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि पूरे गैंग की जांच होनी चाहिए कि इसमें कौन-कौन शामिल है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की है, कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है और एसआईटी का गठन भी किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि जांच पूरी पारदर्शिता से होनी चाहिए ताकि सच सामने आ सके। टिकैत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस घटना से लोगों की भगवान राम के प्रति आस्था कम नहीं होगी। उन्होंने कहा, राम में सबकी आस्था है। चोरी करने वालों और आस्था को ठेस पहुंचाने वालों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
'नाबालिग ऑटो ड्राइवर पकड़कर लाएं थाने':सीतामढ़ी में ट्रैफिक पुलिस को थानाध्यक्ष के सख्त निर्देश
सीतामढ़ी में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस ने अभियान तेज करने की तैयारी की है। शनिवार को एसपी अमित रंजन के निर्देश पर यातायात थाना में पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार ने पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को विशेष ब्रीफिंग दी। इस दौरान उन्होंने यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। वाहनों के खिलाफ सघन अभियान चलाने को कहा ब्रीफिंग में थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार ने शहर और राष्ट्रीय राजमार्गों पर नियमित गश्ती करने के निर्देश दिए। उन्होंने हाईवे पर अतिक्रमण करने वाले वाहनों के खिलाफ सघन अभियान चलाने को कहा। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। अनावश्यक बल प्रयोग से बचने की हिदायत थानाध्यक्ष ने जवानों को स्पष्ट किया कि उन्हें दिया गया डंडा किसी पर बल प्रयोग के लिए नहीं है। इसका उपयोग केवल चेकिंग के दौरान दूर से वाहन चालकों को सुरक्षित तरीके से रोकने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार या अनावश्यक बल प्रयोग से बचने की हिदायत दी। नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से, यदि कोई नाबालिग ऑटो चलाते हुए पाया जाता है, तो उसे तुरंत पकड़कर यातायात थाना लाने और नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी थानाध्यक्ष ने बताया कि नाबालिगों के वाहन चलाने से सड़क हादसों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ब्रीफिंग के दौरान सभी पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को सड़क सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने तथा अपनी जिम्मेदारियों का सक्रियता से निर्वहन करने का निर्देश दिया गया। उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक पुलिस के जवानों के बीच ट्रैफिक जैकेट और लाठियों का भी वितरण किया गया। यातायात थाना ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में शहर और हाईवे पर विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। अतिक्रमण करने वाले वाहनों, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, गलत दिशा में वाहन चलाने वालों और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। नाबालिग चालकों पर विशेष नजर रखी जाएगी।
बरेली में तपती गर्मी के बाद बारिश:उमस से मिली राहत, सड़कों पर भरा पानी
बरेली में शुक्रवार को शाम 4 बजे मौसम ने अचानक करवट ली। आसमान में घने काले बादल छा गए। देखते ही देखते तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई, जिससे भीषण उमस और गर्मी से जूझ रहे शहरवासियों ने बड़ी राहत की सांस ली। पिछले कुछ दिनों से शहर भीषण गर्मी और उमस की चपेट में था। अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया, जिसके चलते दोपहर की चटख धूप और उमस ने लोगों का घरों से निकलना दुश्वार कर दिया था। हालांकि, आज की बारिश ने पूरे वातावरण को खुशनुमा बना दिया है। तेज बारिश के कारण राहगीर जहां थे वहीं फंस गए। कई लोग प्रतिष्ठानों के छज्जे के नीचे बारिश से बचते नजर आए, तो कुछ ने बारिश का आनंद लेते हुए अपनी राह तय की। जलभराव से बढ़ी मुश्किलें बारिश के चलते शहर की सड़कों पर जगह-जगह हल्के जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे आवागमन करने वाले लोगों को थोड़ी बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक शहर का मौसम इसी तरह खुशनुमा बने रहने की संभावना है।
प्रदेश सरकार के आदेश से ही गरीब का गेहूं अटक गया है। सरकार ने आदेश जारी कर दिया कि गरीबों को तीन महीने का राशन एक साथ बांटा जाए। जबकि राशन डीलर कह रहे कि उनके पास एक महीने का भी गेहूं नहीं है। ऐसे में कई जगहों पर डीलरों ने दुकानें बंद कर बाहर सूचना चस्पा कर दी कि डीएसओ के आदेश के बाद ही राशन वितरण होगा। उधर, डीएसओ विनोज जुनेजा का कहना है कि तीन महीने का एक साथ राशन वितरण होगा। इसलिए कुछ समय लग रहा है। जल्दी सबके पास पर्याप्त गेहूं पहुंच जाएगा। आदेश जारी हुए तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन अलवर के अधिकांश राशन डीलरों के पास तीन महीने का गेहूं तो दूर, एक महीने का भी पूरा स्टॉक नहीं पहुंचा है। नतीजा? डीलरों ने अपनी दुकानों पर ताले लटका दिए हैं, जिससे पूरे जिले में राशन वितरण ठप होने लगी हैं। दुकानों पर चस्पा किए नोटिस: 'स्टॉक नहीं, इसलिए वितरण बंद' डीलरों ने अपनी दुकानों के बाहर सरकारी आदेश का हवाला देते हुए सूचना चस्पा कर दी है। डीलरों का कहना है कि जब तक हमारे पास तीनों महीनों का पूरा गेहूं नहीं आ जाता, हम वितरण शुरू नहीं करेंगे। अगर हम आधा-अधूरा राशन बांटेंगे, तो बाद में जनता हमारे गले पड़ेगी और हमें उनके आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। चक्कर काट रही जनता, विभाग के दावे हवा-हवाई सुबह से ही उचित मूल्य की दुकानों के बाहर गरीब और पात्र उपभोक्ताओं की लाइनें लग रही हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। राशन लेने आए उपभोक्ताओं का कहना है कि न तो डीलर सही जानकारी दे रहे हैं और न ही विभाग। रोज मजदूरी छोड़कर आने के बाद भी सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। विभाग ने बिना बैकअप और पर्याप्त स्टॉक के इतना बड़ा फैसला ले तो लिया, लेकिन सप्लाई चेन पूरी तरह फेल साबित हुई। अधिकारियों का वही घिसा-पिटा राग मामले को लेकर जब रसद विभाग के अधिकारियों से बात की गई, तो उनके पास हमेशा की तरह एक ही रटा-रटाया जवाब था। विभाग का दावा है कि सभी उचित मूल्य की दुकानों पर पर्याप्त मात्रा में गेहूं भिजवाने की प्रक्रिया जारी है। बहुत जल्द व्यवस्था को सामान्य कर तीनों महीनों का एकमुश्त राशन वितरण शुरू करवा दिया जाएगा।
हरदोई में 4 जुलाई को प्रस्तावित सम्पूर्ण समाधान दिवस उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) के कारण स्थगित कर दिया गया है। यह आयोजन अब 6 जुलाई, सोमवार को जिले की सभी तहसीलों में संबंधित अधिकारियों की अध्यक्षता में होगा। जिलाधिकारी अनुनय झा ने 3 जुलाई को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशों के तहत 2 से 4 जुलाई तक यूपीटीईटी प्रस्तावित थी, जिसके मद्देनजर प्रशासनिक व्यवस्थाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। सभी संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। 6 जुलाई को तहसील संडीला में जिलाधिकारी अनुनय झा की अध्यक्षता में सम्पूर्ण समाधान दिवस आयोजित होगा। यहां विभिन्न विभागों से संबंधित जन शिकायतों की सुनवाई और उनका समयबद्ध निस्तारण किया जाएगा। अन्य तहसीलों में भी जनसुनवाई होगी: शाहाबाद में मुख्य विकास अधिकारी, सवायजपुर में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), बिलग्राम में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) और सदर में नगर मजिस्ट्रेट अध्यक्षता करेंगे। प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे समाधान दिवस में समय पर उपस्थित रहें। उन्हें शिकायतों का गंभीरता से निस्तारण करने और विभागीय अभिलेखों तथा आवश्यक कर्मचारियों के साथ मौजूद रहने को कहा गया है, ताकि अधिकतम मामलों का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जा सके। जिलाधिकारी ने बताया कि सम्पूर्ण समाधान दिवस शासन की एक महत्वपूर्ण जनसुनवाई व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य नागरिकों की शिकायतों का त्वरित और प्रभावी निस्तारण करना है। उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी राजस्व, पुलिस, विकास, समाज कल्याण, विद्युत, सिंचाई, शिक्षा या अन्य विभागों से संबंधित समस्याओं के लिए 6 जुलाई को संबंधित तहसील में पहुंचकर शिकायत दर्ज कराएं। शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए सभी विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनियुक्त रोहतक जिला प्रभारी एडवोकेट विजयपाल ने महम का दौरा किया। उन्होंने पूर्व राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा के निवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान काठ मंडी स्थित कार्यालय पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। जिला अध्यक्ष रणबीर ढाका भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। बैठक में संगठनात्मक विषयों पर चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त, महम क्षेत्र के विकास और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत समारोह को लेकर हुई चर्चा पूर्व राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने बताया कि 7 जुलाई को रोहतक की नई अनाज मंडी में भाजपा की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता का स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा। उन्होंने महम क्षेत्र के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों से बड़ी संख्या में पहुंचकर इस कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया। जांगड़ा ने महम क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 5 अप्रैल को महम कॉलेज में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की जनसभा के दौरान रखी गई विकास संबंधी मांगों पर सरकार ने गंभीरता से कार्रवाई शुरू कर दी है। 'विकास कार्यों को शीघ्र ही धरातल पर उतारा जाएगा' उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों को प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं और अधिकांश मांगों की व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार की जा रही है। कई परियोजनाओं पर प्रशासनिक प्रक्रिया भी प्रारंभ हो चुकी है। जांगड़ा ने विश्वास व्यक्त किया कि इन विकास कार्यों को शीघ्र ही धरातल पर उतारा जाएगा, जिससे महम क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलेगा। बैठक के अंत में सभी नेताओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने महम क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा जनहित के कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। साथ ही केंद्र एवं हरियाणा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा महम के विकास के लिए एकजुट होकर कार्य करने का विश्वास व्यक्त किया।
पिता-पुत्र को बाइक ने मारी टक्कर:4 साल के मासूम की मौत, इलाज के दौरान तोड़ा दम; आरोपी फरार
झालावाड़ के असनावर थाना क्षेत्र में गुरुवार रात एक तेज रफ्तार बाइक ने पिता-पुत्र को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में चार वर्षीय मयंक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने पिता की रिपोर्ट पर बाइक नंबर के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी है। रात 10 बजे हुआ दर्दनाक हादसा असनावर थाना क्षेत्र की नई आबादी में गुरुवार रात करीब 10 बजे शंकरलाल अपने चार वर्षीय पुत्र मयंक के साथ पैदल घर लौट रहे थे। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आई एक बाइक ने दोनों को टक्कर मार दी। हादसे में मयंक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसके पिता भी चोटिल हुए। अस्पताल में तोड़ा दम हादसे के तुरंत बाद घायल मयंक को असनावर से झालावाड़ जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मासूम की मौत से परिवार में मातम छा गया। बाइक नंबर के आधार पर केस दर्ज घटना की सूचना मिलने पर अस्पताल चौकी पुलिस ने असनावर थाना पुलिस को जानकारी दी। शुक्रवार को पुलिस ने जिला अस्पताल पहुंचकर परिजनों की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया। आरोपी चालक की तलाश जारी पुलिस ने पिता शंकरलाल की रिपोर्ट के आधार पर बाइक के नंबर से मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी चालक की तलाश की जा रही है और दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच जारी है।
सहरसा नगर निगम क्षेत्र के कोरलाही (वार्ड संख्या-44) में 7 करोड़ 77 लाख रुपये की लागत से निर्मित आधुनिक शवदाह गृह का संचालन शुक्रवार को शुरू हो गया। पहले ही दिन यहां पहला अंतिम संस्कार भी संपन्न कराया गया। नगर निगम प्रशासन का कहना है कि इससे शहरवासियों को अंतिम संस्कार के लिए बेहतर, सुगम और पर्यावरण अनुकूल व्यवस्था मिलेगी। इस नए शवदाह गृह में पहला अंतिम संस्कार शुक्रवार को सहरसा नगर निगम क्षेत्र के हटिया गाछी (वार्ड संख्या-29) निवासी स्वर्गीय दीप्ती देवी (75 वर्ष) का किया गया। 3500 के शुल्क को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी हालांकि, शवदाह गृह के उपयोग के लिए निर्धारित ₹3500 के शुल्क को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। नागरिकों का कहना है कि यह क्षेत्र आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों का है, और ₹3500 की राशि अंतिम संस्कार के लिए चुकाना उनके बजट से बाहर है। 'फ्रेंड्स ऑफ आनंद' के नेता रोहिन दास ने इस शुल्क का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इसे संवेदनहीन बताते हुए कहा, हमारे समाज में कई ऐसे गरीब परिवार हैं, जिनके पास कफन खरीदने के भी पैसे नहीं होते। ऐसे लोगों से अंतिम संस्कार के नाम पर ₹3500 वसूलना उचित नहीं है। गरीबों के हित में शुल्क को तुरंत कम करने की मांग की रोहिन दास ने नगर निगम प्रशासन से गरीबों के हित में शुल्क को तुरंत कम करने की मांग की है। स्थानीय लोग भी मांग कर रहे हैं कि गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) और जरूरतमंद परिवारों के लिए यह सुविधा पूरी तरह निःशुल्क या बेहद रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जाए। ईशा फाउंडेशन के मैनेजर अमरदीप ने कहा अंत्योदय कार्ड धारी को सिर्फ मुफ्त दाह संस्कार करने दिया जाएगा बाकी सभी लोगों को 3500 रुपए शुल्क जमा करने होंगे। सहरसा नगर निगम के नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा ने कहा कि बुडको के द्वारा बिल्डिंग का निर्माण कराया गया है। जिसको अब ईशा फाउंडेशन को सौंप दिया गया है। उनके ही देखरेख में संचालन संचालित रहेगा।
श्रावणी मेला क्षेत्र में कांवरियों के लिए मोबाइल नंबर वाले साइनेज लगाए जाएंगे। ये साइनेजेज पूरे कांवरिया पथ पर लगेंगे। सुल्तानगंज में उद्घाटन के दिन बाबा अजगैबीनाथ मंदिर के निकट ड्रोन शो और लेजर शो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का खास केंद्र होगा। श्रावणी मेला के शुभारंभ और समापन के अवसर पर राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों की प्रस्तुति होगी। ये सभी बातें पर्यटन सचिव लोकेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को श्रावणी मेला की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए समीक्षा बैठक में कही। कांवरिया पथ में विभिन्न स्थानों पर टेंट सिटी का निर्माण किया जाएगा 30 जुलाई से 28 अगस्त के बीच आयोजित होने वाले श्रावणी मेला का आयोजन होगा। लोकेश कुमार सिंह ने गंगा घाट के पास कांवरियों की सुरक्षा के लिए विशेष बैरिकेडिंग करने के भी निर्देश दिए। पथ पर समय से बालू बिछाने का कार्य, सुरक्षा हेतु पुलिस पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने को कहा। कांवरिया पथ में विभिन्न स्थानों पर टेंट सिटी का निर्माण किया जाना है, जहां स्नानघर, शुद्ध पेयजल, शौचालय, निर्बाध बिजली जैसी सभी आवश्यक सुविधाओं को व्यवस्थित की जाए। शिवमंत्रों के जाप की ध्वनि की गूंज रहेगी उन्होंने जीविका के सीइओ को निर्देशित करते हुए कहा कि दीदी की रसोई के लिए स्थान विभाग द्वारा दिया जाएगा, वहां स्वच्छ और सुरुचिपूर्ण भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करें, भोजन का रेट चार्ट भी अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने बताया कि बाबा अजगैबीनाथ मंदिर, सुल्तानगंज से बिहार सीमा दुम्मा तक मेला पथ में जगह-जगह भव्य गेट, विशेष लाइटिंग, साज-सज्जा और शिवमंत्रों के जाप की ध्वनि की गूंज हो, इसे ध्यान में रखते हुए अजगैबीनाथ, सुल्तानगंज सहित सभी टेंट सिटी में व्यवस्थाएं की जा रही है।
दमोह जिले के 256 तीर्थ यात्री शुक्रवार दोपहर तीर्थ दर्शन योजना के तहत हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए रवाना हुए। यात्रियों को दमोह रेलवे स्टेशन से विशेष ट्रेन के माध्यम से यात्रा पर भेजा गया। रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक तीन पर आयोजित कार्यक्रम में मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, मंत्री लखन पटेल, सांसद राहुल सिंह और विधायक जयंत मलैया मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों ने यात्रियों का फूल-माला पहनाकर स्वागत किया और उन्हें शुभ यात्रा की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद हरी झंडी दिखाकर विशेष ट्रेन को रवाना किया गया। एक पर्यवेक्षक और चार अनुरक्षक तैनात कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और भाजपा पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। यात्रियों की देखभाल के लिए एक पर्यवेक्षक और चार अनुरक्षकों की तैनाती की गई है। वहीं यात्रा के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस बल और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को देखते हुए एक चिकित्सा दल भी ट्रेन में साथ भेजा गया है।
जालंधर कमिश्नरेट पुलिस के सीआईए (CIA) स्टाफ ने नशा तस्करों और अवैध हथियारों का धंधा करने वाले अपराधियों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने दो अलग-अलग ऑपरेशनों में पांच शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 3 अवैध पिस्तौल, 6 जिंदा कारतूस और 101.57 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है। एसीपी क्राइम अमरबीर सिंह का कहना है कि पकड़े गए आरोपियों से गहनता से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ये अवैध हथियार कहाँ से लेकर आए थे। इनका इस्तेमाल किस वारदात को अंजाम देने के लिए किया जाना था। साथ ही, हेरोइन तस्करी के मामले में इनके बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज (नशा कहाँ से लाते थे और किसे सप्लाई करना था) को खंगाला जा रहा है। पहला ऑपरेशन: गांधी कैंप मोड़ से अवैध हथियारों के साथ 3 काबू मामले की जानकारी देते हुए एसीपी क्राइम अमरबीर सिंह ने बताया कि अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए सीआईए स्टाफ की एक विशेष टीम गांधी कैंप मोड़ के पास मुस्तैद थी। इसी दौरान संदिग्ध गतिविधि दिखने पर पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान तीन युवकों को दबोच लिया। शुभम (निवासी चरणजीतपुरा), गौरव (निवासी चरणजीतपुरा) और अमित कुमार (निवासी गुरु अमरदास कॉलोनी, कालिया कॉलोनी)। तलाशी लेने पर इन तीनों के कब्जे से 3 नाजायज पिस्तौल और 6 जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने तीनों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। दूसरा ऑपरेशन: लेदर कॉम्प्लेक्स रोड पर महिला समेत दो हेरोइन तस्कर गिरफ्तार सीआईए स्टाफ की दूसरी टीम लेदर कॉम्प्लेक्स रोड पर चेकिंग कर रही थी। टीम ने कपूरथला से जालंधर की तरफ आ रहे दो संदिग्धों को रोका। रणजीत सिंह (निवासी नवा पिंड भट्टे, कपूरथला) और एक महिला तस्कर प्रकाश कौर उर्फ कालो (निवासी बूटा गांव, कपूरथला) को गिरफ्तार किया। इनके पास से 101.57 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। दोनों पर नशा तस्करी की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
रोहतक जिले में महम के एसडीएम एवं महम विधानसभा के रिटर्निंग अधिकारी विपिन कुमार ने बूथ स्तर अधिकारियों (बीएलओ) को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का कार्य निर्धारित अवधि 14 जुलाई 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने महम स्थित अपने कार्यालय में बीएलओ की एक बैठक में यह निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि, यह अभियान भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूचियों को त्रुटिरहित और अद्यतन (अपडेट) करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। बैठक के दौरान, एसडीएम विपिन कुमार ने विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य की समीक्षा की और बीएलओ को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। एसडीएम बोले- प्रत्येक मतदाता तक पहुंचे गणना प्रपत्र उन्होंने कहा कि सभी बूथ अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि उनके बूथ पर पंजीकृत प्रत्येक मतदाता तक गणना प्रपत्र पहुंचे। साथ ही, मतदाताओं द्वारा भरे हुए प्रपत्रों को प्राप्त कर आवश्यक आगामी कार्रवाई पूरी की जाए। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र में कुल 217 बूथ स्तर अधिकारी तैनात हैं। अब तक लगभग 99 प्रतिशत मतदाता गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं। कुल 2 लाख 2391 मतदाताओं में से 2 लाख 83 मतदाताओं को ये प्रपत्र सौंपे गए हैं। इसके अतिरिक्त, 67,894 मतदाता गणना प्रपत्रों को डिजिटल किया जा चुका है। इस बैठक में संबंधित अधिकारी और बूथ स्तर अधिकारी भी उपस्थित रहे।
सुपौल में 4 जुलाई से स्पेशल TB स्क्रीनिंग अभियान:DM ने डेली 7,250 लोगों की चेकअप का टारगेट तय किया
सुपौल जिले को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जिले में 100 प्रतिशत टीबी स्क्रीनिंग का लक्ष्य हर हाल में हासिल किया जाए। जिलाधिकारी ने बताया कि 4 जुलाई 2026 से जिले के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रेफरल अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल तथा सदर अस्पताल में प्रतिदिन व्यापक स्तर पर टीबी स्क्रीनिंग अभियान चलाया जाएगा। शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया अभियान के दौरान टीबी जांच के साथ एक्स-रे, टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी), डिफरेंशिएटेड टीबी केयर, निश्चय मित्र योजना तथा फूड बास्केट वितरण जैसे सभी निर्धारित मानकों पर शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर प्रतिनियुक्त वरीय अधिकारी अभियान की नियमित मॉनिटरिंग और निरीक्षण करेंगे। वहीं प्रखंड स्तर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, जीविका, शिक्षा, कृषि तथा बाल विकास विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से अभियान की निगरानी करेंगे। टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट के लिए प्रेरित करने की अपील जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि समुदाय स्तर पर विकास मित्र, आंगनबाड़ी सेविकाएं, जीविका दीदियां, कृषि सलाहकार और पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि लोगों को टीबी जांच के प्रति जागरूक करें। साथ ही आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर संभावित टीबी मरीजों और उनके संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उन्हें जांच केंद्र तक लाने तथा टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट के लिए प्रेरित करें। निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार प्रत्येक चलंत चिकित्सा दल प्रतिदिन कम से कम 150 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग करेगा। जिले के सभी 11 प्रखंडों में प्रतिदिन कुल 7,250 लोगों की टीबी जांच का लक्ष्य तय किया गया है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को अभियान को मिशन मोड में संचालित करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, सिविल सर्जन समेत स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
धमतरी जिले में पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने 12 पुलिसकर्मियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। सूची में दो निरीक्षक (टीआई), एक सहायक उप निरीक्षक (एएसआई), तीन प्रधान आरक्षक, चार आरक्षक और दो महिला आरक्षक शामिल हैं। इस फेरबदल में कुछ ऐसे अधिकारी भी शामिल हैं, जिन्हें कुछ महीने पहले ही थानों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इनमें भखारा थाना प्रभारी निरीक्षक शरद ताम्रकार को हटाकर रक्षित केंद्र धमतरी अटैच किया गया है, जबकि निरीक्षक तापेश्वर सिंह नेताम को रक्षित केंद्र से भखारा थाना प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। देखिये पूरी लिस्ट- एएसआई और प्रधान आरक्षकों के भी तबादले आदेश के अनुसार, सहायक उप निरीक्षक देवनाथ सिन्हा को रक्षित केंद्र से थाना केरेगांव भेजा गया है। प्रधान आरक्षकों में रेशम माण्डले का तबादला चौकी बिरेझर से थाना नगरी, शेखर सिन्हा का थाना मगरलोड से थाना सिहावा और ठाकुर राम सिन्हा का यातायात शाखा से रक्षित केंद्र धमतरी किया गया है। आरक्षक और महिला आरक्षक भी बदले गए आरक्षकों में गितेश्वर नेताम और धर्मेंद्र साहू को यातायात शाखा से रक्षित केंद्र धमतरी भेजा गया है। दिनेश साहू का तबादला थाना धमतरी से यातायात शाखा में किया गया है, जबकि इंद्र कुमार ध्रुव को चौकी करेलीबड़ी से रक्षित केंद्र धमतरी भेजा गया है। महिला आरक्षकों में भाग्यलक्ष्मी का तबादला थाना रूद्री से रक्षित केंद्र और मोहिनी गोस्वामी का यातायात शाखा से रक्षित केंद्र धमतरी किया गया है। पुलिस अधीक्षक के इस आदेश के बाद विभाग में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। खासकर भखारा थाना प्रभारी के बदलाव को लेकर पुलिस महकमे में चर्चा का माहौल है।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के आयुर्वेद संकाय में डायनामिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (डीएसीपी) योजना के क्रियान्वयन को लेकर जारी विवाद के बीच नियामकीय मानकों के पालन को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। दिल्ली में हुई सुनवाई के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि डीएसीपी योजना के तहत किसी भी प्रकार की पदोन्नति या करियर प्रोग्रेशन केवल राष्ट्रीय आयुर्वेद शिक्षा एवं अनुसंधान आयोग के नियमों के पूर्ण अनुपालन में ही किया जाए। पत्र के अनुसार, प्रोफेसर एवं अन्य उच्च पदों पर पदोन्नति के लिए निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता और शिक्षण अनुभव की अनिवार्य शर्तों का किसी भी स्थिति में उल्लंघन नहीं किया जा सकता। इसमें उल्लेख किया गया है कि एनसीआईएसएम (न्यूनतम मानक स्नातक आयुर्वेद शिक्षा विनियम-2022) के विनियम-17 के अनुसार प्रोफेसर पद के लिए कम से कम 10 वर्ष का नियमित शिक्षण अनुभव अथवा नियमानुसार अन्य निर्धारित योग्यताएं आवश्यक हैं। ऐसे में इन मानकों की अनदेखी कर की गई कोई भी पदोन्नति नियामकीय व्यवस्था के विपरीत मानी जाएगी। कोर्ट के आदेश का दिया हवालापत्र में यह भी कहा गया है कि वर्ष 1994 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दायर अपने शपथपत्र में बीएचयू ने स्वीकार किया था कि आयुर्वेद संकाय पर तत्कालीन सीसीआईएम (वर्तमान एनसीआईएसएम) के सभी नियम लागू होते हैं। इसके अलावा, बीएचयू की डीएसीपी अधिसूचना के क्लॉज-7 का हवाला देते हुए कहा गया है कि इस योजना के अंतर्गत आने वाले सभी शिक्षक संबंधित नियामक संस्था के नियमों के अधीन रहेंगे। नियम का पालन न करने पर होगी कार्रवाईनिर्देशों में विश्वविद्यालय से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि डीएसीपी योजना का क्रियान्वयन किसी भी परिस्थिति में एनसीआईएसएम के निर्धारित मानकों से इतर न हो। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो एनसीआईएसएम अधिनियम-2020 के प्रावधानों के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
रेहटी पुलिस ने हत्या के आरोपी गिरफ्तार किए:बुदनी एसडीओपी के निर्देशन में टीम ने किया खुलासा
सीहोर जिले की रेहटी पुलिस ने एक हत्या के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बुदनी एसडीओपी रवि शर्मा के निर्देशन में गठित टीम ने इस घटना का खुलासा किया। यह मामला 2 जुलाई को सामने आया, जब महागांवजदीद निवासी रमाबाई ने रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि संदीप, विनीत और उनके दो साथियों ने उनके भाई सुनील के साथ डंडों से मारपीट की, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने मृतक सुनील यदुवंशी की हत्या के आरोपी संदीप यदुवंशी और विनीत यदुवंशी से पूछताछ की। आरोपियों ने बताया कि उनकी सुनील से पुरानी रंजिश चली आ रही थी। 1 जुलाई की रात संदीप अपने चाचा के लड़के विनीत यदुवंशी और दोस्तों मोहित धनवारे व प्रदीप के साथ विनीत को उसकी नीले रंग की कार से महागांवजदीद स्थित उसके घर छोड़ने जा रहा था। संदीप के घर के सामने सुनील के जीजा सबर सिंह का घर है, जिसके सामने सड़क पर एक स्कूटी खड़ी थी। विनीत ने गाड़ी का हॉर्न बजाया। हॉर्न बजाने पर सुनील यदुवंशी घर से बाहर आया और गाली-गलौज करने लगा। इसके बाद संदीप, विनीत, मोहित धनवारे और प्रदीप यदुवंशी कार से नीचे उतरे। उन्होंने अपने पास रखे डंडों से सुनील यदुवंशी को मारना शुरू कर दिया। सुनील को बचाने के लिए उसके जीजा सबर सिंह और बहन रमाबाई आए। संदीप ने डंडे से सबर सिंह के सिर पर वार किया। गांव के पूनम यदुवंशी ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उसे भी मारपीट कर भगा दिया गया। इसके बाद चारों आरोपी विनीत की नीले रंग की कार से मौके से फरार हो गए।
समस्तीपुर के बंगरा थाना क्षेत्र के बॉर्डर बलीगांव के पास पुलिस मुठभेड़ में एक कुख्यात बदमाश अमन कुमार घायल हुआ है। भागने के क्रम में उसका एक साथी भी घायल हो गया है। दोनों घायल बदमाशों को पुलिस ने इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया है। इस मामले को लेकर सदर डीएसपी संजय कुमार पांडे की ओर से पूरी जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा है कि अमन कुमार पेशेवर अपराधी है। वो अभी हाल में ही जेल से छूट कर आया था। ये आज किसी अपराध को अंजाम देने की फिराक में था। अमन कुमार चकहैसी थाना इलाके का रहने वाला है और दूसरा साथी लक्ष्मी, जो मुजफ्फरपुर जिले के मुसहरी का रहने वाला है। एएसपी संजय पांडे ने बताया कि अमन कुमार का अलग आपराधिक गिरोह है। हाल ही के दिनों में ही वह जेल से छूट कर बाहर निकाला था। फिर से आपराधिक घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया था। आज वह बाइक से अपने साथी मुजफ्फरपुर के रहने वाले लक्ष्मी कुमार के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग-28 पर बंगरा थाना क्षेत्र से गुजर रहा था। पुलिस ने पिस्तौल और गोली भी रिकवर की सूचना मिली थी कि वो किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने वाला है। मिले इनपुट के आधार पर समस्तीपुर पुलिस और एसटीएफ की टीम ने उसका पीछा किया। इसी दौरान वैशाली के बलीगांव थाना से पहले उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई। एक गोली अमन के दाहिने पैर में लगी है। इस दौरान बाइक के दुर्घटनाग्रस्त होने से लक्ष्मी नाम का बदमाश भी जख्मी हो गया। मौके से पुलिस ने पिस्तौल और गोली भी रिकवर की है। बाद में दोनों को सदर अस्पताल लाया गया। घायल बदमाश अमन कुमार और लक्ष्मी कुमार को पुलिस अभिरक्षा में सदर अस्पताल के ओपीडी भवन में एक्स-रे कराने के लिए लाया गया है। वही इस घटना की सूचना दोनों अपराधकर्मी के परिजनों को दी गई है। सदर अस्पताल पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। बता दें कि समस्तीपुर में 19 जून को भी उजियारपुर थाना क्षेत्र में पुलिस एनकाउंटर हुआ था। इससे जिले के उजियारपुर थाना क्षेत्र के भगवानपुर देसुआ गांव के आम बगीचे में दलसिंहसराय सरदार गंज के रहने वाले प्रिंस कुमार नाम के बदमाश को पैर में गोली लगी थी। गोलीबारी की उस घटना के बाद समस्तीपुर में नई एनडीए सरकार में एनकाउंटर की ये दूसरी घटना है।
बूंदी जिले में वाहन चोरी करने वाले एक शातिर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) और दबलाना थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई 15 बाइकें बरामद की गई हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी बूंदी, टोंक और जयपुर के विभिन्न थाना क्षेत्रों से बाइक चोरी कर उन्हें सस्ते दामों में बेच देते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 112 के तहत संगठित अपराध का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूछताछ में कई और वारदातों के खुलासे की संभावना जताई जा रही है। तकनीकी जांच और सीसीटीवी से मिले सुराग जिले में लगातार हो रही वाहन चोरी और नकबजनी की वारदातों के खुलासे के लिए गठित संयुक्त टीम ने तकनीकी सूचना और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। कार्रवाई के दौरान लोकेश गुर्जर (19), धर्मराज गुर्जर (18) निवासी सूहरी तथा विक्रम गुर्जर (21) निवासी गोरस्या का खेड़ा को गिरफ्तार किया गया। इन क्षेत्रों से चोरी की थीं बाइक पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 15 बाइकें बरामद की हैं। ये वाहन दबलाना, हिंडोली, कोतवाली बूंदी, सदर बूंदी, नैनवां, दूनी (टोंक), विद्याधर नगर (जयपुर), अशोक नगर (जयपुर) और मुहाना (जयपुर) थाना क्षेत्रों से चोरी किए गए थे। आरोपी सार्वजनिक और सुनसान स्थानों पर खड़ी मोटरसाइकिलों को निशाना बनाते थे। मौज-मस्ती के लिए करते थे चोरी पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने शौक और मौज-मस्ती का खर्च पूरा करने के लिए वाहन चोरी करते थे। पहले वे ऐसे स्थानों की रेकी करते, जहां वाहन लंबे समय तक खड़े रहते थे। मौका मिलते ही बाइक चोरी कर लेते और बाद में उन्हें सस्ते दामों पर बेच देते थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी धर्मराज के खिलाफ पहले से नैनवां थाने में एक मामला दर्ज है। संगठित अपराध की धारा में कार्रवाई पुलिस ने गिरोह के खिलाफ बीएनएस की धारा 112 के तहत संगठित अपराध का मामला दर्ज किया है। आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ में वाहन चोरी की कई अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है। इनकी रही अहम भूमिका इस कार्रवाई में जिला स्पेशल टीम और दबलाना थाना पुलिस की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम में डीएसटी प्रभारी राजाराम, रणवीर सिंह, सत्यनारायण, हरिराम गुर्जर, शैलेन्द्र सिंह, विक्रम सिंह, गोपाल, संजय, लक्ष्मीकांत सहित दबलाना थाना प्रभारी प्रिया व्यास और उनकी टीम के अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
सोनभद्र पुलिस ने अवैध खनन और माफिया गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। राबर्ट्सगंज पुलिस और एसओजी टीम ने गैंगस्टर एक्ट में वांछित अवैध खनन पासर गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को मुखबिर की सूचना पर चुर्क कॉलोनी के पास से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे तीन चार पहिया वाहनों को भी जब्त कर लिया गया है,क्योंकि उनके वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। जांच में सामने आया है कि ये सभी आरोपी अवैध खनन और खनिज परिवहन के जरिए आर्थिक लाभ कमाने वाले एक संगठित गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं। वे पहले भी कई गंभीर आपराधिक घटनाओं में शामिल रहे हैं। इन अभियुक्तों पर 12 सितंबर 2025 को भी एक गंभीर आरोप है। उस दिन जिला खनिज कार्यालय, सोनभद्र के सर्वेक्षक योगेश शुक्ला और पुलिस टीम गिट्टी व बालू का परिवहन कर रहे वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान अभियुक्तों ने पुलिस और खनिज विभाग की टीम पर ट्रक चढ़ाकर जान से मारने का प्रयास किया था। 4 आरोपियों का लंबा इतिहास आया सामने इतना ही नहीं,आरोपियों ने चेकिंग बैरियर तोड़ते हुए तेज रफ्तार में गलत दिशा से वाहन भगाकर सार्वजनिक मार्ग पर अराजकता और भय का माहौल पैदा किया था। इस घटना के संबंध में राबर्ट्सगंज थाने में बीएनएस और 7 सीएलए एक्ट के तहत मामला दर्ज है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान अरमान खान (32 वर्ष,निवासी मारकुण्डी, चोपन,सोनभद्र),आरिफ खान (37 वर्ष, निवासी परही, राबर्ट्सगंज, सोनभद्र), रंजीत कुमार उर्फ नेता यादव (20 वर्ष,निवासी लूसा, राजगढ़, मिर्जापुर,हाल पता- मारकुण्डी,चोपन) और दिनेश्वर केशरी उर्फ भोनू केशरी (35 वर्ष,निवासी दारानगर, मड़िहान,मिर्जापुर,हाल पता- ब्रह्मनगर कॉलोनी, राबर्ट्सगंज) के रूप में हुई है। गैंगस्टर एक्ट में गिरफ्तार किए गए चार अभियुक्तों का लंबा आपराधिक इतिहास सामने आया है। इन पर चोपन और रॉबर्ट्सगंज थाने में अवैध खनन, लोक संपत्ति को क्षति, मारपीट, फायरिंग और सरकारी काम में बाधा के दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। जिसमे अरमान खान पुत्र सलाउद्दीन पर कुल 8 मुकदमे दर्ज है,आरिफ खान पुत्र निजामुद्दीन पर कुल 3 मुकदमे दर्ज हैं। जबकि रंजीत कुमार उर्फ नेता यादव पर कुल 2 मुकदमे और दिनेश्वर केशरी उर्फ भोनू केशरी पर कुल 4 मुकदमे दर्ज हैं।
मंडला जिले के मवई थाना क्षेत्र में एक माह पहले हुई 16 वर्षीय किशोरी की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ आया है। परिजनों की मांग पर प्रशासन ने एसडीएम के आदेश से मृतिका का शव कब्र से निकलवाकर दोबारा पोस्टमार्टम शुरू कराया है। शुक्रवार को बिछिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में यह प्रक्रिया की जा रही है। मृतिका की पहचान करुणा बघेल (16) के तौर पर हुई है। उसका शव 2 जून को मवई-सारसडोली मार्ग पर मडवा गांव के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। शुरुआती जांच में इसे सड़क दुर्घटना माना गया था, लेकिन परिजनों ने शुरू से ही हत्या की आशंका व्यक्त की थी। परिजन बोले- गला घोंटकर हत्या हुई मृतिका के पिता आशाराम बघेल और बहन समीक्षा बघेल का आरोप है कि करुणा की गला घोंटकर हत्या की गई थी। उनके अनुसार, करुणा के गले पर निशान और एड़ी में चोट थी, जिसका उल्लेख पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नहीं किया गया। इसके अलावा, जिस स्कूटी से दुर्घटना होने की बात कही जा रही थी, उस पर भी दुर्घटना के स्पष्ट निशान नहीं थे। इन्हीं तथ्यों के आधार पर परिजनों ने एसडीएम को आवेदन देकर निष्पक्ष जांच और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की थी। गुरुवार को निकाला शव, शुक्रवार को पीएम गुरुवार को प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में शव को कब्र से बाहर निकाला गया। लगातार बारिश के कारण मवई में पोस्टमार्टम संभव नहीं हो सका, जिसके बाद शव को बिछिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। यहीं शुक्रवार को विशेषज्ञों की निगरानी में दोबारा पोस्टमार्टम किया जा रहा है। एफएसएल और पीएम रिपोर्ट का इंतजार एसडीओपी सौरभ तिवारी ने जानकारी दी कि मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। एफएसएल रिपोर्ट, दोनों पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।परिजनों का आरोप है कि करुणा को बहला-फुसलाकर बुलाया गया था, उसकी हत्या कर शव सड़क पर फेंक दिया गया। अब दोबारा पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से ही मौत की असली वजह और मामले की आगे की दिशा स्पष्ट हो सकेगी। मवई थाना प्रभारी आरती तेकाम ने बताया कि परिजनों की आपत्ति के बाद एसडीएम के आदेश पर दोबारा पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। चार बहन और एक भाई परिवार में मृतिक करुणा बघेल (16) के पिता आशाराम बघेल सिवनी जिले के घंसौर में राजस्व निरीक्षक (आरआई) के पद पर पदस्थ हैं। परिवार मूल रूप से मंडला जिले के मवई क्षेत्र के घुटास (जमगांव) गांव का रहने वाला है, लेकिन नौकरी के कारण पूरा परिवार घंसौर में रहता है। करुणा की मां गृहिणी हैं। परिवार में चार बेटियां और एक छोटा बेटा है। करुणा चार बहनों में चौथे नंबर की थी। गर्मी की छुट्टियों में पूरा परिवार अपने गांव घुटास आया हुआ था, इसी दौरान 2 जून को उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। ये भी देखें… मवई-सारसडोली मार्ग पर घायल मिली किशोरी, अस्पताल में मृत घोषित:परिजनों ने जताई हत्या की आशंका, पुलिस बोली-हर पहलू से होगी जांच मंडला जिले के मवई थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम एक 16 वर्षीय किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शुरुआत में मामला सड़क दुर्घटना जैसा प्रतीत हुआ, लेकिन बाद में परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। जानकारी के अनुसार, मवई-सारसडोली मार्ग पर किशोरी घायल अवस्था में मिली थी। सूचना मिलने पर मवई पुलिस मौके पर पहुंची और उसे मवई स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।पूरी खबर पढ़ें

