सरकार ने ट्रांसफर-पोस्टिंग से हटाई रोक:सरकार ने जारी किए आदेश, 15 जुलाई तक का समय किया निर्धारित
राज्य सरकार ने एक आदेश जारी करके सरकारी कर्मचारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग से बैन हटा दिया है। ये रोक 15 जुलाई तक के लिए हटाई गई है। इसमें थर्ड ग्रेड टीचर को शामिल नहीं किया है। पिछले लम्बे समय से सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों में इसे लेकर चर्चा थी। आज सरकार ने इन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए 16 दिन के लिए ट्रांसफर-पोस्टिंग पर लगे बैन को हटा दिया है। खबर अपडेट की जा रही है…
आज शिवसेना का 60वां स्थापना दिवस है। इस मौके पर एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे गुट मुंबई में अलग-अलग रैली करेंगे। उद्धव गुट का कार्यक्रम सायन के षणमुखानंद हॉल में होगा, जबकि शिंदे गुट गोरेगांव के नेस्को सेंटर में रैली करेगा। यह स्थापना दिवस ऐसे समय हो रहा है, जब शिवसेना (UBT) के 9 में से 6 सांसदों ने बगावत कर दी है। गुरुवार को इन सांसदों ने पार्टी की संसदीय दल की बैठक का बहिष्कार किया। लोकसभा स्पीकर को पत्र सौंपकर अलग होने की वजह बताई। शिंदे गुट के कार्यक्रम में पहुंच सकते हैं बागी सांसद शिंदे गुट के कार्यक्रम को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इन 6 सांसदों की है। माना जा रहा है कि वे नेस्को सेंटर में होने वाले कार्यक्रम में पहुंच सकते हैं। हालांकि, इसे लेकर अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। स्थापना दिवस से पहले मुंबई में शिंदे गुट ने बड़े पैमाने पर पोस्टर और बैनर लगाए हैं। इनमें बालासाहेब ठाकरे, आनंद दिघे, छत्रपति शिवाजी महाराज और एकनाथ शिंदे की तस्वीरें लगाई गई हैं। इधर, उद्धव ठाकरे गुट ने भी राज्यभर से कार्यकर्ताओं को मुंबई बुलाया है। उद्धव ठाकरे की बैठक में 3 सांसद नहीं पहुंचे सांसदों ने अलग होने की क्या वजह बताई बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को सौंपे पत्र में दावा किया है कि ठाकरे गुट के कुछ वरिष्ठ नेता शिवसेना का कांग्रेस में विलय चाहते थे। उनका कहना है कि उद्धव ठाकरे पार्टी की मूल विचारधारा से दूर चले गए हैं, इसलिए पार्टी का अस्तित्व बचाने के लिए अलग होना जरूरी है। शिवसेना नेता चंद्रकांत खैरे ने दावा किया है कि ये सांसद शिंदे गुट में शामिल हो चुके हैं। इसे उन्होंने महाराष्ट्र में चल रहे ऑपरेशन टाइगर का हिस्सा बताया। पार्टी में 4 साल में दूसरी बार टूट जून 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में 39 विधायकों ने बगावत कर शिवसेना को दो हिस्सों में बांट दिया था। इसके बाद चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को शिवसेना नाम और धनुष-बाण चुनाव चिह्न दिया था। अब 6 सांसदों की बगावत को पिछले चार साल में पार्टी के लिए दूसरी बड़ी टूट माना जा रहा है। 6 सांसदों के गुट को दल-बदल कानून से मिल सकती है राहत लोकसभा में शिवसेना (UBT) के 9 सांसद हैं। दल-बदल कानून के तहत किसी दल में टूट के बाद अयोग्यता से बचने के लिए कम से कम दो-तिहाई सांसदों का साथ होना जरूरी है। यानी अगर 9 में से 6 सांसद एक साथ अलग होने का फैसला करते हैं, तो वे खुद को वैध गुट बताने का दावा कर सकते हैं। इसी वजह से 6 सांसदों के बगावत करने की खबर राजनीतिक और कानूनी, दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जानकारों के मुताबिक, सिर्फ अलग गुट बनाना ही काफी नहीं होगा। आगे चलकर इन सांसदों को किसी दूसरे दल में विलय की प्रक्रिया भी पूरी करनी पड़ सकती है, ताकि उनकी स्थिति कानूनी रूप से और मजबूत हो सके। पिछले चार दिन में क्या-क्या हुआ… 18 जून: उद्धव ठाकरे की बुलाई संसदीय दल की बैठक से 6 सांसद दूर रहे। सांसदों ने स्पीकर को पत्र सौंपकर अलग होने की वजह बताई। 17 जून: शिंदे गुट के नेताओं ने दावा किया कि 6 सांसद अलग गुट बनाने के लिए सहमत हो चुके हैं। इसके बाद संजय राउत, अनिल देसाई और अरविंद सावंत ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की। 16 जून: अलग-अलग शहरों से सांसदों को दिल्ली लाया गया। संजय राउत ने आरोप लगाया कि सांसदों को तोड़ने के लिए 50 करोड़ रुपए तक का ऑफर दिया गया। 15 जून: 'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चा शुरू हुई। दावा किया गया कि उद्धव गुट के 6 सांसद शिंदे गुट में जा सकते हैं। संजय राउत ने इन दावों को खारिज किया था। -------------------- ये खबर भी पढ़ें… बागी सांसद बोले- ठाकरे गुट कांग्रेस में विलय चाहता है:इसलिए अलग हुए; स्पीकर को चिट्ठी सौंपी, शिवसेना शिंदे गुट में शामिल होंगे शिवसेना में उसके स्थापना दिवस यानी 19 जून से ठीक एक दिन पहले बड़ी टूट हो गई। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 ने बगावत कर दी है। एक दिन पहले इन सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को चिट्ठी सौंपी थी। पूरी खबर पढ़ें…
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने गहन पुनः निरीक्षण (एसआईआर) कार्य के दौरान बीएलओ और टीचरों पर दबाव बनाने का विरोध किया है। संघ ने प्रशासन से कार्यप्रणाली में सुधार की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो 25 जून को जिला स्तरीय धरना दिया जाएगा। संघ के राज्य वरिष्ठ उपप्रधान गुरमीत सिंह, राज्य सचिव कृष्ण कायत, जिला प्रधान वीर सिंह, उपप्रधान बूटा सिंह और जिला सचिव देवेंद्र कुमार ने एक संयुक्त बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि एसआईआर कार्य में बड़ी संख्या में अध्यापकों की ड्यूटी लगाई गई है, जिससे स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रपत्र भरने के लिए समय निर्धारित संघ नेताओं ने बताया कि नियमों के अनुसार गणना प्रपत्र भरने के लिए एक माह का समय निर्धारित है। हालांकि, अधिकारियों द्वारा यह कार्य चार-पांच दिन में ही पूरा करने का दबाव बनाया जा रहा है। कर्मचारियों से दिन में दो बार गूगल शीट के माध्यम से रिपोर्ट मांगी जा रही है, जिससे उन पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ गया है। बीएलओ को निभानी पड़ रही जिम्मेदारी संघ नेताओं ने कहा कि अधिकांश मतदाता स्वयं गणना प्रपत्र नहीं भर पाते हैं, जिसके कारण यह जिम्मेदारी बीएलओ को निभानी पड़ रही है। बिना किसी सहायक या तकनीकी कर्मचारी के यह कार्य करना बेहद चुनौतीपूर्ण है। इसके अतिरिक्त, स्कूल प्राचार्यों, पीजीटी और टीजीटी शिक्षकों को कंट्रोल रूम में नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है, जिससे वे स्कूलों से बाहर हैं और शिक्षण कार्य बाधित हो रहा है। बेरोजगार युवाओं को नियुक्त करने की मांग अध्यापक संघ ने चिंता व्यक्त की कि इस प्रकार के अत्यधिक दबाव के कारण पहले भी अन्य राज्यों में गंभीर घटनाएं सामने आ चुकी हैं। संघ ने प्रशासन से एसआईआर कार्य की समय-सीमा बढ़ाने और इस कार्य में सक्षम बेरोजगार युवाओं को नियुक्त करने की मांग की है। इससे न केवल रोजगार के अवसर मिलेंगे, बल्कि स्कूलों की पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी। 25 जून को जिला स्तरीय विरोध प्रदर्शन संघ ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर जल्द ही जिला शिक्षा अधिकारी और जिला प्रशासन से मुलाकात की जाएगी। यदि मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो 25 जून को जिला स्तरीय विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ राज्य स्तर पर बड़ा आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
उन्नाव के गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र में एक किसान ने दबंगों पर उसके खेत से जबरन मिट्टी खोदकर बेचने का आरोप लगाया है। पीड़ित किसान रिंकू ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। उसका कहना है कि बिना सूचना के जेसीबी और डंपर लगाकर उसकी करीब सात बीघा जमीन से कई फीट गहरी मिट्टी निकाल ली गई। कलिका मऊ निवासी रिंकू के अनुसार, यह घटना रात करीब 11 बजे हुई। उसे इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई थी। सुबह करीब छह बजे जब वह खेत पर पहुंचा, तो वहां से मशीनें और डंपर जा चुके थे। रिंकू ने बताया कि रात में लगभग 20 से 25 डंपर मिट्टी भरकर ले जाए गए और दो बड़ी मशीनों से खुदाई की गई। रिंकू ने अर्जुन और सतपाल नामक व्यक्तियों पर उसकी जमीन से लगभग सौ डंपर मिट्टी निकलवाने और उसे बेचने का आरोप लगाया है। उसने बताया कि करीब सात बीघा खेत में कई स्थानों पर 5 से 10 फीट तक गहरी खुदाई की गई है, जिससे खेत की स्थिति खराब हो गई है। पीड़ित ने बताया कि जब उसने मिट्टी उठाने के बारे में जानकारी मांगी, तो उससे पैसे लेने को कहा गया। रिंकू ने पैसे लेने से इनकार करते हुए अपनी जमीन को पहले जैसी स्थिति में लाने और मेड़ की मरम्मत कराने की मांग की। रिंकू का आरोप है कि विरोध करने पर उसे धमकाया गया। आरोपियों ने उसे दबाव में लेने का प्रयास करते हुए कहा कि ज्यादा बोलोगे तो इसी में दबवा देंगे। पीड़ित ने इस धमकी की शिकायत भी अधिकारियों से की है। उसने जिलाधिकारी कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर अवैध रूप से निकाली गई मिट्टी की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, उसने खेत की मेड़ और जमीन को पूर्ववत करने की भी अपील की है।
बलिया में नीट परीक्षा 21 जून को:7 केंद्रों पर 480 छात्र परीक्षा देंगे, सीसीटीवी से होगी निगरानी
बलिया में 21 जून को होने वाली नीट (NEET) परीक्षा की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने अधिकारियों और केंद्र व्यवस्थापकों के साथ बैठक की। इसका उद्देश्य परीक्षा को नकलविहीन, शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराना है। जिले में कुल 07 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ 480 छात्र परीक्षा देंगे। परीक्षा एक पाली में दोपहर 02 बजे से शाम 05 बजे तक आयोजित होगी। जिलाधिकारी ने सभी केंद्रों पर एंबुलेंस, सीसीटीवी कैमरे, पेयजल, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। परीक्षा केंद्रों के अंदर किसी भी अधिकारी, कर्मचारी या परीक्षार्थी का मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी। परीक्षार्थियों के लिए प्रत्येक केंद्र पर क्लॉक रूम बनाने और उनके बैग व उपकरणों को वहीं जमा कराने के निर्देश दिए गए। केंद्र के बाहर स्पष्ट सूचना वाला बैनर भी लगाया जाएगा। डीएम ने निर्देश दिया कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर केवल एक प्रवेश द्वार बनाया जाए और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रखी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को बिना उनकी अनुमति के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अंदर न ले जाने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराने के लिए पूरी सतर्कता बरतने को कहा। बैठक में एडीएम अनिल कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम शर्मा और अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।
फतेहपुर में 18 साल पुराने दोहरे हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने 14 आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह मामला बसपा नेता मज्जू मियां के बेटे और उनके अंगरक्षक की हत्या से जुड़ा है। यह घटना वर्ष 2008 में हथगाम थाना क्षेत्र के पट्टीशाह गांव में हुई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, गांव में मातमी जुलूस निकल रहा था, तभी बसपा नेता मज्जू मियां, उनके बेटे रेयाज अतहर और निजी अंगरक्षक शमशाद पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। पुलिस कर रही मामले की जांच हमले में रेयाज अतहर की मौके पर ही मौत हो गई थी। गंभीर रूप से घायल अंगरक्षक शमशाद ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी तनाव फैल गया था, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। लगभग 18 वर्षों तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने शरीफ, मोईन, नेहाल, रईश, सगीर, इसराइल, अशोक, शफीक, साबिर, सादिक, वाजिद, संजय और मुन्नू सिंह सहित कुल 14 आरोपियों को दोषी ठहराया। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 38-38 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पीड़ित पक्ष ने अदालत के इस फैसले को एक बड़ी कानूनी जीत बताया है।
सचेंडी में बाइक से जा रहे दोस्तों को तेज रफ्तार ड्रमों से लदा टेंपो रौंदते हुए निकल गया। हादसे में दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी पर मृतकों के घरों पर पहुंची तो कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। कैंधा के साप्ताहिक बाजार गए थे सचेंडी के ठाकुर प्रसाद का पुरवा निवासी किसान गौतम सिंह का इकलौता बेटा नीरज सिंह(20) गुरुवार शाम इलाके के दोस्त चेतन सिंह (18) के साथ कैंधा में लगने वाले साप्ताहिक बाजार गया था। दोनों खरीददारी कर घर लौट रहे थे। कैंधा के गज्जापुरवा के पास पहुंचे ही थे, कि पीछे से आए तेज रफ्तार टेंपो ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में दोनों उछल कर सड़क पर जा गिरे, इसके बाद वाहन उन्हें रौंदता हुआ निकल गया। घटना के बाद राहगीरों और इलाकाई लोगों की भीड़ जुट गई। इसी दौरान यूपी-112 के माध्यम से पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस को बुलाया, हालांकि तबतक दोनों की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने जेब में मिले मोबाइल से नीरज के घर सूचना दी, इकलौते बेटे की मौत से मां सुषमा बेसुध होकर गिर पड़ीं। किसी तरह परिजनों ने उन्हें संभाला। सचेंडी इंस्पेक्टर दीनानाथ मिश्र ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। टेंपो की तलाश की जा रही है। 5 माह पहले दिलाई थी बाइक परिजनों ने बताया कि, नीरज जब से 18 वर्ष का हुआ था तब से वह बाइक दिलाने की जिद करने लगा था। खुद लर्निंग लाइसेंस भी बनवा लिया। करीब 5 माह पहले नई स्पोर्ट्स बाइक आई थी। क्या पता था कि यही बाइक उसकी मौत का कारण बन जाएगी। डेढ़ माह बाद 31 जुलाई को उसे 19वां जन्मदिन मनाना था।
कन्नौज में एक युवक ने अपनी पत्नी और पांच वर्षीय बेटे की तलाश के लिए पुलिस अधीक्षक (एसपी) से गुहार लगाई है। युवक का आरोप है कि उसकी पत्नी अपने प्रेमी के साथ घर से चली गई है और अपने साथ 16 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और बेटे को भी ले गई है। यह मामला छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। पीड़ित युवक ने एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसकी पत्नी 9 जून को बाजार जाने की बात कहकर घर से निकली थी। वह अपने साथ घर में रखे कीमती जेवरात और अपने पांच वर्षीय बेटे को भी ले गई। युवक के अनुसार, चार दिन पहले उसकी पत्नी ने फोन पर बात करते हुए दिल्ली में होने की जानकारी दी थी। उसने घर वापस लौटने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन वह अब तक नहीं लौटी है। युवक ने अपने प्रार्थना पत्र में पास के ही गांव के एक युवक पर पत्नी को भगाने और इसमें सहयोग करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर पत्नी, बेटे और जेवरात की बरामदगी की मांग की है। एसपी के निर्देश पर छिबरामऊ कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
नूंह में मिला गुरुग्राम के युवक का शव:दिल्ली- अलवर रोड पर झाड़ियों में पड़ा, नशे की ओवरडोज लेने का शक
नूंह जिले से गुजरने वाले एनएच-248ए (दिल्ली-अलवर रोड) पर गांव कांवर्सिका के पास शुक्रवार सुबह सड़क किनारे झाड़ियों में एक युवक का शव मिला। राहगीरों ने शव देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही रोजका मेव थाना पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस जांच में मृतक की पहचान गुरुग्राम जिले के सांचोली गांव निवासी 32 वर्षीय अब्दुल के रूप में हुई। पहचान होने के बाद पुलिस ने परिजनों को सूचित किया, जिसके बाद परिवार के सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। रोजका मेव थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगा मौत के कारणों का खुलासा प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि युवक की मौत अधिक नशा करने के कारण हुई हो सकती है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। पुलिस ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास के लोगों से भी पूछताछ शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि युवक वहां किन परिस्थितियों में पहुंचा और उसकी मौत कैसे हुई। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की गहनता से जांच कर रही है।
डिंडौरी जिले में पेयजल संकट से परेशान ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। जिला मुख्यालय से करीब चार किलोमीटर दूर कनई सांगवा ग्राम पंचायत के महिला-पुरुष सुबह करीब 9:30 बजे सड़क पर बर्तन रखकर बैठ गए। इसके चलते हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात प्रभावित हो गया। ग्रामीणों का कहना था कि कई महीनों से पानी की समस्या बनी हुई है, लेकिन शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं किया गया। इसी कारण उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा। नल कनेक्शन होने के बावजूद नहीं मिल रहा पानी ग्रामीणों ने बताया कि गांव में नल जल योजना के तहत घरों में कनेक्शन दिए गए हैं, लेकिन पिछले तीन महीने से नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। ग्रामीण महिला सरोज बाई ने बताया कि कभी-कभी पानी आता भी है तो उसकी मात्रा पर्याप्त नहीं होती। ग्रामीणों के अनुसार, गांव के कई हैंडपंप भी खराब पड़े हैं, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। पानी के लिए उन्हें दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है। अधिकारियों ने पहुंचकर कराया जाम समाप्त हाईवे जाम की सूचना मिलते ही पुलिस, राजस्व और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब दो घंटे बाद जाम समाप्त कराया जा सका। मौके पर नायब तहसीलदार शैलेश गौर, कोतवाली निरीक्षक दुर्गा प्रसाद नगपुरे, यातायात निरीक्षक सुभाष उईके सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। विभाग ने दिए सुधार के निर्देश लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के एसडीओ वी.के. कोल ने बताया कि विभाग को पहले इस समस्या की जानकारी नहीं मिली थी। अब अधिकारी गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं और ग्रामीणों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पंचायत सचिव को पानी सप्लाई का समय बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही खराब हैंडपंपों की मरम्मत कराई जाएगी। खराब पाइपलाइन को सुधारने के लिए पंचायत से कार्ययोजना तैयार कर प्रस्ताव भेजने को भी कहा गया है। शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ समाधान ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने जल संकट को लेकर सरपंच, सचिव और अन्य अधिकारियों को कई बार शिकायतें दी थीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि समस्या के निराकरण में देरी के कारण उन्हें विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा।
ग्वालियर के पुरानी छावनी थाना क्षेत्र के बरा गांव में 8 साल की एक मासूम बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बच्ची शुक्रवार सुबह अपने घर में बिस्तर पर मृत मिली। उसके शरीर पर चोटों के निशान मिलने के बाद परिजनों ने पड़ोसी पर मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी पड़ोसी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। जानकारी के अनुसार मृतक बच्ची अमीना पिता और दो भाई-बहनों के साथ रहती थी। गुरुवार शाम वह अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान वह पड़ोस में रहने वाले आमीन खान के घर में घुस गई और वहां रखी गुल्लक से कुछ रुपए निकाल लिए। चोरी का पता चलने पर हुई पूछताछ बताया जा रहा है कि जब आमीन खान घर लौटा तो उसे रुपए गायब मिले। आसपास पूछताछ करने पर उसे बच्ची पर शक हुआ। बाद में बच्ची पास की एक दुकान पर कोल्ड ड्रिंक पीते हुए मिली। सख्ती से पूछने पर उसने रुपए लेने की बात कबूल कर ली और रुपए छिपाने की जगह भी बता दी। परिजनों का आरोप है कि पूछताछ के दौरान पड़ोसी ने बच्ची के साथ मारपीट की और उसे बुरी तरह प्रताड़ित किया। हालांकि आसपास के कुछ लोगों का कहना है कि उन्होंने पूछताछ होते देखी थी, लेकिन मारपीट होते नहीं देखी। सुबह नहीं उठी बच्ची शुक्रवार सुबह जब अमीना नहीं उठी तो परिजनों ने देखा कि उसकी मौत हो चुकी है। इसके बाद पिता ने पुलिस को सूचना दी और पड़ोसी पर बेटी की हत्या का आरोप लगाया। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शरीर पर मिले चोट के निशान मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. कोक सिंह को भी मौके पर बुलाया गया। शुरुआती जांच में बच्ची के शरीर पर चोटों के निशान मिलने की बात सामने आई है। पुलिस ने पैनल से पोस्टमार्टम कराने का निर्णय लिया है ताकि मौत की वास्तविक वजह सामने आ सके। पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही पुरानी छावनी थाना प्रभारी डॉ. संतोष यादव ने बताया कि 8 साल की बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं। चोरी की घटना के बाद पड़ोसी द्वारा बच्ची से पूछताछ किए जाने की बात सामने आई है। पिता ने मारपीट का आरोप लगाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण और आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
सिरसा जिले के डबवाली में भारतीय किसान एकता (बीकेई) ने किसानों के लिए निर्धारित यूरिया खाद की कालाबाजारी का भंडाफोड़ किया है। आरोप है कि यह खाद टेक्निकल ग्रेड यूरिया के नाम पर फैक्ट्रियों में सप्लाई की जा रही थी। कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 500 कट्टों से भरा एक ट्रक पकड़ा गया है। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बीकेई के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने बताया कि उनकी टीम ने पहले भी कृषि ग्रेड यूरिया को टेक्निकल ग्रेड यूरिया के कट्टों में भरकर राजस्थान की एक फैक्ट्री में भेजने वाले गिरोह का खुलासा किया था। उसी जांच के दौरान बरवाला (पंचकूला) स्थित अर्पित इंटरप्राइजेज के संचालक नरेंद्र कुमार के बारे में जानकारी मिली। आरोप है कि नरेंद्र कुमार किसानों के हिस्से की यूरिया खाद को टेक्निकल ग्रेड यूरिया बताकर विभिन्न राज्यों की फैक्ट्रियों में भेज रहा था। बीकेई ने फर्जी ग्राहक भेज किया सौदा सूचना की पुष्टि के लिए बीकेई कार्यकर्ताओं ने फर्जी ग्राहक बनकर 500 कट्टे यूरिया खाद का सौदा किया। उन्होंने आरोपी के खाते में 20 हजार रुपये अग्रिम राशि जमा करवाई। इसके बाद आरोपी ने कथित टेक्निकल ग्रेड यूरिया लिखे कट्टों में भरी खाद को ट्रक में लोड करते हुए एक वीडियो भेजी और शेष भुगतान की मांग की। भावदीन टोल प्लाजा तक किया पीछा बीकेई टीम ने ट्रक ड्राइवर का मोबाइल नंबर, वाहन की लोकेशन और अन्य जानकारी जुटाई। उन्होंने वाहन का पीछा करते हुए भावदीन टोल प्लाजा तक उसका पीछा किया। बाद में ट्रक गांव मोरीवाला पहुंचा, जहां पहले से मौजूद किसान साथियों ने उसे रुकवा लिया। सूचना मिलने पर कृषि विभाग की टीम और थाना डिंग पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। खाद की अनुमानित कीमत करीब 9.44 लाख औलख ने बताया कि ट्रक से 500 कट्टे कथित टेक्निकल ग्रेड यूरिया बरामद हुई है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 9.44 लाख रुपए बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि किसानों के लिए निर्धारित कृषि ग्रेड यूरिया को कथित रूप से टेक्निकल ग्रेड यूरिया के कट्टों में भरकर सप्लाई किया जा रहा था। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस इस संबंध में थाना डिंग में एफआईआर नंबर 125 18 जून 2026 दर्ज की गई है। पुलिस ने आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955, उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। बीकेई की सरकार और विभाग से मांग बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंद्र सिंह औलख ने हरियाणा सरकार और कृषि विभाग से मांग की है कि किसानों के हिस्से की खाद की कालाबाजारी में शामिल पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसानों के अधिकारों का हनन न हो सके।
45 लाभार्थियों का गृह प्रवेश:प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पीथमपुर में मिले पक्के मकान
औद्योगिक नगर पीथमपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत 45 लाभार्थियों को उनके नए पक्के मकानों की चाबियां सौंपी गईं। शहर के कई इलाकों में आयोजित एक कार्यक्रम में इन लाभार्थियों का विधिवत गृह प्रवेश कराया गया। यह कार्यक्रम पीथमपुर नगर पालिका के तत्वावधान में आयोजित किया गया। इस अवसर पर नगर पालिका अधिकारी आरती गरवाल, वरिष्ठ नेता सुरेश पटेल और नगर पालिका उपाध्यक्ष पप्पू असोलिया प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। एक साथ सभी 45 घरों में अतिथियों की मौजूदगी में सभी 45 स्थानों पर वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ हितग्राहियों ने अपने नए घरों में प्रवेश किया। वरिष्ठ नेता सुरेश पटेल ने बताया, नगर पालिका प्रशासन ने आज शहर के अलग-अलग वार्डों और इलाकों में कुल 45 लाभार्थियों का योजनाबद्ध तरीके से गृह प्रवेश कराए हैं। हमारा उद्देश्य हर पात्र व्यक्ति को उसका हक और पक्का मकान दिलाना है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को अपने घर का सपना साकार करने में मदद मिल रही है। नगर पालिका अधिकारी आरती गरवाल और उपाध्यक्ष पप्पू असोलिया ने सभी गृह स्वामियों को बधाई दी। स्थानीय निवासियों ने इस प्रक्रिया के लिए नगर पालिका प्रशासन और सरकार का आभार व्यक्त किया।
दमोह शहर के घंटाघर के पास सड़क किनारे लगी दुकानों पर शुक्रवार दोपहर नगर पालिका ने अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की। इस दौरान छोटे दुकानदारों ने कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन नगर पालिका ने सख्ती दिखाते हुए सभी दुकानों को हटा दिया। घंटाघर के आसपास दर्जनों की संख्या में मिट्टी के मटके, फल और फूल बेचने वाले छोटे दुकानदार अपनी दुकानें लगाते थे। कुछ दुकानदारों ने अपना सामान सड़क तक फैला रखा था, जिससे आए दिन जाम की स्थिति बनती थी। नगर पालिका ने अतिक्रमण हटाने से पहले मुनादी भी कराई थी। बंद पड़े ट्रैफिक सिग्नल को भी हटाया इस कार्रवाई के दौरान नगर पालिका सीएमओ राजेंद्र सिंह, यातायात थाना प्रभारी दलबीर सिंह मार्को, नायब तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी और नगर पालिका के कर्मचारी मौजूद रहे। नगर पालिका कर्मचारियों ने मिट्टी के सामान बेचने वाले दुकानदारों को बलपूर्वक हटाया, क्योंकि वे हटने को तैयार नहीं थे। इस दौरान कुछ दुकानदारों का सामान सड़क पर बिखर गया और उन्हें नुकसान भी हुआ। आम और जामुन बेचने वाले दुकानदारों को भी यहां से हटाया गया। अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ घंटाघर पर लगे बंद पड़े ट्रैफिक सिग्नल को भी हटाने की कार्रवाई की गई।
विदिशा कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने मंगलवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ केवल सुरक्षा गार्ड मौजूद थे। कलेक्टर के अचानक अस्पताल पहुंचने से अस्पताल प्रशासन में हलचल मच गई। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ओपीडी सहित विभिन्न वार्डों का दौरा किया। उन्होंने अस्पताल में मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। कलेक्टर गुप्ता ने मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत की। उन्होंने इलाज की स्थिति, डॉक्टरों की उपलब्धता और दवाइयों के वितरण के बारे में जानकारी ली। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या उन्हें समय पर उपचार और आवश्यक दवाइयां मिल रही हैं। इसके अतिरिक्त, कलेक्टर ने मरीजों और परिजनों के लिए उपलब्ध वाटर कूलर, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का भी अवलोकन किया। उन्होंने ओपीडी में जांच के इंतजार की व्यवस्था का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने अस्पताल प्रबंधन को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य प्रवेश द्वार पर व्हीलचेयर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन डॉ. अनूप वर्मा भी मौजूद रहे। कुछ आवश्यक सुधार संबंधी निर्देश देने के बाद कलेक्टर ने जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर संतुष्टि व्यक्त की।
शरीर पर टेप से शराब बांधकर तस्करी:किशनगंज में 3 तस्कर गिरफ्तार, नेटवर्क का पता लगा रही गलगलिया पुलिस
किशनगंज में शराब तस्करी का एक अनोखा मामला सामने आया है। गलगलिया थाना पुलिस ने तीन शराब तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो अपने शरीर पर टेप से शराब की बोतलें बांधकर बिहार में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे। यह घटना ठाकुरगंज प्रखंड के गलगलिया थाना क्षेत्र की है। गलगलिया थाना पुलिस और एसएसबी को पश्चिम बंगाल से बिहार में शराब लाए जाने की गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर एक संयुक्त जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान, संदेह के आधार पर तीन व्यक्तियों को रोका गया। उनकी तलाशी लेने पर पुलिसकर्मी हैरान रह गए, क्योंकि तीनों ने अपने शरीर के विभिन्न हिस्सों पर टेप से अंग्रेजी शराब की बोतलें कसकर बांध रखी थीं। 14.04 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद पुलिस ने कुल 14.04 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अर्पण साह (38 वर्ष, निवासी गुजरी बाजार, समस्तीपुर), सोनी लाल दास (55 वर्ष, निवासी गौशाला चौक, कटिहार) और संजीव कुमार सिंह (48 वर्ष, निवासी माधवपाड़ा, बंगाली मोहल्ला, पूर्णिया) के रूप में हुई है। गलगलिया थाना अध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि तीनों आरोपी पश्चिम बंगाल से शराब लेकर बिहार में प्रवेश कर रहे थे। जांच के दौरान उनके कपड़ों के अंदर टेप से बंधी शराब की बोतलें मिलीं, जिसके बाद उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह शराब किसके लिए लाई जा रही थी और क्या इसके पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क सक्रिय है। इधर, इस घटना की तस्वीरें और जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग शराब तस्करों द्वारा अपनाए जा रहे इस अनोखे तरीके को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। वहीं पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए सीमा क्षेत्रों में लगातार निगरानी और अभियान जारी रहेगा।
कैमूर के चांद थाना क्षेत्र के ढेंढुआ गांव में तालाब में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। इसके बाद सदर अस्पताल भभुआ में उनके पोस्टमॉर्टम के लिए 4,000 रुपए की रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। ढेंढुआ गांव निवासी बबलू अंसारी के बेटे रिजवान और जीशान अपने अभिभावकों के साथ खेत गए थे। खेलते समय पैर फिसलने से दोनों तालाब में डूब गए। उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एक बॉडी के पोस्टमॉर्टम के लिए मांगा गया 2000 परिजनों के मुताबिक, कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद जब वे शवों के पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भभुआ पहुंचे, तो वहां तैनात कर्मियों ने प्रति शव 2,000 रुपए यानी कुल 4,000 रुपए की मांग की। मृतक बच्चों के पड़ोसी ददन सिंह ने इस घटना पर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की यह हरकत न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि अमानवीय भी है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर दोषी कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में सदर अस्पताल भभुआ के मैनेजर ने बताया कि पोस्टमार्टम के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कोई मामला सामने आया है, तो वे इसकी जांच करवाएंगे।
अनूपपुर जिले में मानसून की देरी से किसानों की चिंता बढ़ गई है। इस साल जिले में लगभग 1 लाख 85 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती का लक्ष्य रखा गया है। मानसून अपने निर्धारित समय से लगभग 15 दिन पीछे चल रहा है, जिसके कारण किसानों के खेत अभी तक पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाए हैं। खेतों में नमी की कमी के चलते किसानों ने पहले की गई जुताई के बाद दोबारा जुताई नहीं की है। कुछ बड़े किसानों ने सिंचाई संसाधनों का उपयोग कर नर्सरी तैयार कर ली है, लेकिन उन्हें खेतों में अधिक पानी की आवश्यकता को लेकर चिंता है। दैनिक भास्कर टीम ने शुक्रवार को पिपरिया गांव का जायजा लिया। किसानों ने बताया कि आसमान में काले बादल छाए होने के बावजूद खेतों में नमी की कमी के कारण धूल उड़ रही है। धान की खेती के लिए अधिक पानी की जरूरत होती है, लेकिन वर्तमान में बिजली कंपनी की ओर से केवल 8-10 घंटे की आपूर्ति किसानों के लिए समस्या बनी हुई है। किसान अच्छी मानसूनी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। खरीफ की फसल में पिछड़ जाएंगे किसान किसान गुलाब पटेल के अनुसार, जून महीने में अब तक दो बार बारिश हुई है, लेकिन यह खेतों की नमी की कमी को दूर करने के लिए पर्याप्त नहीं है। खरीफ की फसल पूरी तरह से मानसून के पानी पर निर्भर करती है। पिपरिया गांव के किसान सत्य भुवन पटेल ने कहा कि यदि मानसून में और देरी होती है, तो छोटे और बड़े दोनों किसानों की खरीफ की फसल पिछड़ जाएगी। समय पर बारिश न होने से बुआई और रोपाई में देरी होगी, जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा। बारिश का बेसब्री से इंतजार कृषि उपसंचालक वर्षा त्रिपाठी ने बताया कि किसान बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। पानी के अभाव में बुआई की गति धीमी बनी हुई है। जिले में 1.85 लाख हेक्टेयर खरीफ की फसल में धान की 98 हजार हेक्टेयर रकबे पर किया जाना है। जून के अंतिम सप्ताह तक अच्छी बारिश होना जरूरी है। यदि मानसून और देर से सक्रिय हुआ तो रोपाई का समय प्रभावित हो सकता है। जिले में 99.3 मिली बारिश अधीक्षक भू अभिलेख कार्यालय अधिकारी प्रदीप मोगरे ने बताया कि जिले में 1 से 16 जून तक औसत मात्र 21 मिली बारिश दर्ज की गई है, जबकि आज तक मानक औसत वर्षा 99.3 मिली. हो जाना चाहिए था। अनूपपुर जिले में गेहूं और धान की ही मुख्य फसल उपजाई जाती है, लेकिन मानसून की विलंबता और मौसम विभाग के पूर्वानुमान में कम बर्षा की बात ने किसानों को सकते में डाल दिया है। फिलहाल किसान आसमान की ओर आस लगाए बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
राहुल गांधी का जन्मदिन मनाया गया:अमेठी में कार्यकर्ताओं ने केक काटा, शरबत बांटा
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का जन्मदिन गौरीगंज स्थित केंद्रीय कांग्रेस कार्यालय में मनाया गया। अमेठी कांग्रेस परिवार ने इस अवसर पर केक काटकर उनका जन्मदिन मनाया। इस कार्यक्रम में अमेठी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष प्रदीप सिंघल और यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष शुभम सिंह सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष शुभम सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राहुल गांधी देश के दलितों, पिछड़ों, वंचितों, किसानों, मजदूरों और युवाओं सहित सभी वर्गों की मजबूत आवाज हैं। उन्होंने हमेशा अन्याय, बेरोजगारी और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष किया है। विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया शुभम सिंह ने आगे कहा कि राहुल गांधी सत्ता के दबाव के सामने कभी नहीं झुके और न डरे, बल्कि देशहित व संविधान की रक्षा के लिए निरंतर लड़ते रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी को संघर्ष, साहस और जनसेवा की प्रेरणा बताया।राहुल गांधी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में उपस्थित कार्यकर्ताओं और आमजन के बीच शरबत वितरण भी किया गया। इस दौरान नफरत के दौर में मोहब्बत की दुकान के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया गया। कार्यकर्ताओं ने लोगों के साथ प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश साझा किया। उन्होंने राहुल गांधी का जन्मदिन मनाया और उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। सभी कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और जनसेवा के उनके संकल्प की सफलता के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व में सामाजिक न्याय, भाईचारे और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का संकल्प दोहराया।
पलवल में मिड-डे मील वर्कर्स और किसान संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन किया। ताऊ देवीलाल पार्क में हुए प्रदर्शन के बाद उन्होंने शिक्षा मंत्री का पुतला जलाया। यूनियन नेताओं ने सरकार पर वायदाखिलाफी और गरीब वर्ग के शोषण का आरोप लगाया है। प्रदर्शन की अध्यक्षता सीटू की जिला प्रधान रामरती चौहान, अखिल भारतीय किसान सभा के जिला प्रधान रूपराम तेवतिया और रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान बलजीत शास्त्री ने की। शिक्षा मंत्री की कार्यशैली से नाराज प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार मिड-डे मील वर्कर्स की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज कर रही है। उनकी प्रमुख मांगों में वर्कर्स को 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन देना शामिल है। उन्होंने वर्तमान मानदेय को बहुत कम बताते हुए इसे बढ़ाकर 12 महीने का भुगतान सुनिश्चित करने और सेवानिवृत्ति पर उचित लाभ व सुविधाएं प्रदान करने की मांग की। वर्कर्स के मानदेय में कोई वृद्धि नहीं सीटू की प्रधान रामरती चौहान और सचिव उर्मिला रावत ने बताया कि जब मिड-डे मील वर्कर्स का मानदेय तय किया गया था, तब हरियाणा का न्यूनतम वेतन 9,000 रुपए था। अब यह बढ़कर 15,220 रुपए हो गया है, लेकिन इन वर्कर्स के मानदेय में कोई वृद्धि नहीं की गई है। किसान नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान और धर्मचंद ने सरकार की बिजली नीति की आलोचना की। सरकार बिजली का निजीकरण कर रही उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिजली का निजीकरण कर रही है और 'एग्री डिस्काम' नाम से पांचवीं कंपनी बना रही है। इससे किसानों को मिलने वाली क्रॉस सब्सिडी समाप्त हो जाएगी। उन्होंने स्मार्ट और प्रीपेड मीटरों को जबरन थोपे जाने का भी कड़ा विरोध किया। नेताओं ने तेल, गैस और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे गरीब जनता के साथ अन्याय बताया। प्रदर्शन में ये रहे शामिल प्रदर्शन के दौरान सर्वसम्मति से भविष्य की रणनीति तय की गई। इसके तहत, 4 अगस्त को कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास का घेराव और पड़ाव किया जाएगा। दस अगस्त को जिला स्तर पर जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रदर्शन को संबोधित करने वालों में किसान नेता दरियाब सिंह, किशनचंद शर्मा, समयराम कुंडू, हरिचंद वर्मा, रमेशचंद, भागीरथ, कर्ण सिंह आर्य व नंद किशोर शर्मा आदि मौजूद रहे।
राज्य सरकार की ओर से संचालित मुख्यमंत्री दिव्यांग स्कूटी योजना के तहत पात्र दिव्यांगजनों को निःशुल्क स्कूटी प्रदान की जाएगी। इस योजना के लिए 31 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं। इसका उद्देश्य चलने-फिरने में असमर्थ विशेष योग्यजनों को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में प्रोत्साहित करना है। जिला परिवीक्षा एवं समाज कल्याण अधिकारी जयपाल सिंह ने बताया कि बजट घोषणा 2026-27 के अंतर्गत यह योजना संचालित है। इसके तहत राजकीय या मान्यता प्राप्त कॉलेजों में नियमित अध्ययनरत दिव्यांग विद्यार्थी और रोजगार करने वाले पात्र युवाओं को निःशुल्क स्कूटी उपलब्ध करवाई जाएगी। 40 प्रतिशत दिव्यांग का सर्टिफिकेट होना जरूरीयोजना का लाभ लेने के लिए आवेदक के पास 40 प्रतिशत या उससे अधिक चलन निःशक्तता का ऑनलाइन दिव्यांग प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। यदि आवेदक दिव्यांग पेंशन प्राप्त कर रहा है, तो उसे पेंशन पीपीओ की प्रति संलग्न करनी होगी। पेंशन प्राप्त नहीं करने वाले आवेदकों के लिए स्वयं अथवा माता-पिता/अभिभावक की वार्षिक आय 2 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। यह डॉक्यूमेंट है जरूरीआवेदन करते समय आधार कार्ड, जनाधार कार्ड, ऑनलाइन दिव्यांग प्रमाण पत्र, स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस, मूल निवास प्रमाण पत्र, दिव्यांगता दर्शाती फोटो, पिछले 8 साल में केंद्र या राज्य सरकार की किसी भी स्कूटी योजना का लाभ नहीं लेने संबंधी शपथ पत्र, रोजगार प्रमाण पत्र या नियमित अध्ययनरत होने का प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र या पेंशन पीपीओ, 10वीं की अंकतालिका या जन्म प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज संलग्न करने होंगे। बीमा जागरूकता बढ़ाने पर जोर, अधिकारियों ने दिए सुझावइधर डीडवाना में 'सबको बीमा अभियान 2047' के प्रभावी क्रियान्वयन और आमजन तक बीमा योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से एक जिला स्तरीय बैठक हुई। एडीएम विकास मोहन भाटी ने बैठक की अध्यक्षता की। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों और बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और अभियान को सफल बनाने के लिए सुझाव दिए। बैठक में प्रशासनिक अधिकारी नरेंद्र कुमार सोनी, वरिष्ठ सहायक प्रकाश पाराशर, शिव भगवान, यूनाइटेड इंडिया जनरल इंश्योरेंस के रोहताश कुमार, कोऑपरेटिव सोसायटी इंस्पेक्टर रामरतन बटेश्वर, कोषाधिकारी भंवरलाल और अग्रणी बैंक प्रबंधक नवेंदु कुमार सहित कई अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास और सुरक्षा घटाने के विवाद पर राजनीति तेज हो गई है। बीते कल RJD सुप्रीमो लालू यादव ने मीडियो को दिए बयान में कहा था कि, ‘सब नीतीश कुमार करवा रहे हैं।’ अब सरकार की ओर से डिप्टी सीएम और मंत्रियों की प्रतिक्रिया सामने आ रही है। डिप्टी सीएम बिजेंद्र यादव ने कहा कि, ‘सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नियमों के तहत तय की जाती है। अगर कोई व्यक्ति सुरक्षा नहीं लेना चाहता है, तो उसे जबरदस्ती सुरक्षा देने का कोई प्रावधान नहीं है। जिसे सुरक्षा की आवश्यकता होगी, उसे सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।’ उन्होंने लालू यादव के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि, ‘पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवास आवंटित करने से जुड़े नियम को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इसके बावजूद सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी नहीं की है।’ तेजस्वी यादव पर बिजेंद्र यादव का तंज डिप्टी सीएम बिजेंद्र यादव ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर भी हमला बोला। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि, ‘तेजस्वी यादव को दो-दो बार डिप्टी सीएम बनाने का काम भी पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ही किया था।’ सरकारी खजाना खाली होने को लेकर सवाल पर उन्होंने कहा कि, ‘सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है, तभी कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल रहा है।’ अशोक चौधरी ने कहा- लालू जी मेंटली गड़बड़ा गए हैं इससे पहले लालू के आरोपों पर बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने लालू यादव पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा कि, ‘लालू जी मेंटली गड़बड़ा गए हैं। जब तक नीतीश कुमार सत्ता ने थे, तो आप राबड़ी आवास में रहे। अब जब सरकार ने आपको एक व्यवस्थित जगह अलग से दे दिया है, तब आप जबरदस्ती दबाव बना रहे हैं। कह रहे हैं कि सब नीतीशवे करवा रहा है।' सुरक्षा घटाने के आरोपों और जवानों को लौटाने के सवाल पर मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि, 'सुरक्षा और आवास का सभी निर्णय तो सुरक्षा समिति और पुलिस विभाग करती है न। इसमें किसी तरह का कोई राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं है।' राबड़ी आवास और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर राजद सुप्रीमो लालू यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, हां, हमारी सुरक्षा हटा ली गई है। सब कुछ नीतीश कुमार करवा रहे हैं। इससे पहले सिंगापुर से लौटने के दौरान दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षा घटाने और बंगला खाली करने के नोटिस को लेकर उन्होंने कहा था, “सब पागल हो गए हैं। घृणा कर रहे हैं। मुझे उन लोगों से कोई फर्क नहीं पड़ता।” वहीं बंगला विवाद और सुरक्षा में कटौती को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सीएम सम्राट चौधरी पर निशाना साधा था। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया था कि सम्राट चौधरी बदला ले रहे हैं। बिहार पुलिस ने सुरक्षा को लेकर दी जानकारी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा को लेकर बिहार पुलिस ने x पर पोस्ट कर जानकारी दी हैं। यह बयान बिहार पुलिस ने तब दिया हैं, जब दोनों पूर्व मुख्यमंत्री ने सुरक्षा में कटौती के बाद अपनी पूरी सुरक्षा लौटा दी थी। बिहार पुलिस ने कहा है कि दोनों माननीय को सुरक्षा सरकार के तरफ़ से प्रदान की गई है। दोनों नेताओं को वर्तमान में विशेष सुरक्षा दल अधिनियम 2010 के अनुसार सुरक्षा प्रदान किया गया है, जिसमें अंगरक्षक/ आवास गार्ड/ स्कॉट गार्ड/ पायलट के अतिरिक्त BR Car भी उपलब्ध कराया गया है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए बंगला और सुरक्षा घटाने के बाद अब तक क्या-क्या हुआ मीसा बोलीं- 15 दिन के अंदर बंगला खाली कर देंगे रविवार रात लालू यादव के साथ उनकी बेटी और सांसद Misa Bharti भी मौजूद थीं। बंगला खाली करने के सवाल पर उन्होंने कहा, हम 15 दिन के अंदर बंगला खाली कर देंगे। वहीं, लालू परिवार की सुरक्षा घटाए जाने के मुद्दे पर मीसा भारती ने कहा, लालू जी और राबड़ी जी को सुरक्षा की जरूरत नहीं है। लालू-राबड़ी के साथ उनके चाहने वाले बहुत हैं। मैं भी अपनी सुरक्षा लौटा रही हूं। इधर, बीते रविवार को राबड़ी देवी पटना के कौटिल्य नगर स्थित घर का कामकाज देखने पहुंची थीं। बताया जा रहा है कि सरकारी आवास खाली करने के बाद लालू परिवार इसी घर में शिफ्ट होगा। विवाद बंगला खाली करने के नोटिस से शुरू हुआ 29 मई को भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को बंगला खाली करने के लिए तीसरा नोटिस दिया। दिल्ली से पटना लौटते ही पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के तेवर बेहद आक्रामक नजर आए। उन्होंने सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा, '10, सर्कुलर रोड वाला आवास किसी भी कीमत पर खाली नहीं करेंगे। सम्राट चौधरी अभी नए-नए मुख्यमंत्री बने हैं। हम तो चाहते हैं कि वह फोर्स बुला लें और बलपूर्वक हमें यहां से हटा दें, पर हम खुद से नहीं जाएंगे।' CM बोले- बंगला खाली होने से कोई माई का लाल नहीं रोक सकता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राबड़ी देवी के बयान का जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'कुछ लोगों को लगता है मेरा घर खाली हो जाएगा। पक्का खाली होगा। धरती पर कोई रोक नहीं सकता है। कोई माई का लाल रोक नहीं सकता है। कोई राजतंत्र नहीं है। लोकतंत्र है। मां को अलग घर चाहिए। बेटे को अलग घर चाहिए। मां-बेटे और पति को अलग-अलग सुरक्षा चाहिए। बिहार में हरा गमछा, हरा गमछा शांति का प्रतीक है। जो गुंडागर्दी करेगा उसे तो जेल में डालेंगे ही ना। जो गुंडागर्दी करेगा उसके लिए एक ही जगह है मुजफ्फरपुर की जेल।' CM बोले- बंगला किसी की बपौती नहीं है CM सम्राट चौधरी ने कहा, बंगला किसी की बपौती नहीं है। लोगों को बंगले से मोह हो गया है। बेटे को अलग घर चाहिए, मां को अलग घर चाहिए। कुछ लोगों को चिंता है कि हमारा घर बचा रहे। मैं कई बार मंत्री बना, बिहार का गृहमंत्री भी बना, लेकिन मैं 2400 स्कव्यार फीट में रहा। मैं जब मुख्यमंत्री आवास में गया तो मैंने कहा, आप बाहर लिखवा दीजिए ये लोकसेवक का आवास है। यहां किसी की बपौती नहीं होती। मैं 1999 में सरकार में मंत्री के तौर पर आया, ये मेरा 11वां घर है। तेजप्रताप बोले- भाषा की मर्यादा रखिए CM के बयान के बाद तेजप्रताप ने X पर लिखा- मैं यही कहना चाहता हूं कि राज्य के नेताओं को, विशेषकर मुख्यमंत्री और वरिष्ठ पदों पर बैठे लोगों को, हमेशा संयमित और मर्यादित भाषा का प्रयोग करना चाहिए। किसी भी व्यक्ति पर टिप्पणी करते समय उसकी उम्र, सम्मान और सामाजिक गरिमा का ध्यान रखना आवश्यक है। हमारी माता श्री हमारे लिए सम्मान का विषय हैं। इसलिए किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत टिप्पणी उचित नहीं मानी जा सकती। लोकतंत्र में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन संवाद हमेशा शालीन और सम्मानजनक होना चाहिए। मर्यादित भाषा और आपसी सम्मान ही राजनीति की सबसे बड़ी पहचान है। राबड़ी को बंगला खाली करने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम मिला इसके बाद सम्राट सरकार ने लालू परिवार को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने के लिए 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया। 25 नवंबर 2025 को आवास खाली करने को लेकर आदेश जारी किया गया था, लेकिन लालू परिवार की ओर से अब तक बंगला खाली नहीं किया गया है। ऐसे में सरकार ने दोबारा सख्त रुख अपनाते हुए अब 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। 10 सर्कुलर रोड यानी राबड़ी आवास में पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव रहते हैं। राबड़ी देवी के अलावा हारे हुए विधायकों को भी नोटिस भेजा गया। सरकारी बंगला खाली करने को कहा गया। भवन निर्माण विभाग के अधिकारी ने नोटिस जारी किया है। रविवार को राबड़ी कौटिल्य नगर वाले घर का कामकाज देखने पहुंचीं 10 सर्कुलर रोड खाली करने के अल्टीमेटम के बीच रविवार को राबड़ी देवी कौटिल्य नगर स्थित अपने आवास पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने नए आवास की व्यवस्था और अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। 2005 से 10 सर्कुलर रोड में रह रहा है लालू परिवार लालू परिवार साल 2005 से 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास में रह रहा है। विभाग के मुताबिक पिछले छह महीनों के दौरान कई बार आग्रह किया गया कि परिवार 39 हार्डिंग रोड स्थित नए आवास में स्थानांतरित हो जाए, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ। बंगला विवाद के बीच घटाई गई लालू फैमिली की सुरक्षा बिहार सरकार ने बंगला विवाद के बीच 4 दिन पहले लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की Z+ श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली है। इसके विरोध में राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपनी Y+ श्रेणी की सुरक्षा लौटाने का निर्णय लिया है। सुरक्षा घटाने से नाराज राबड़ी देवी ने शनिवार सुबह अपने आवास से सारी सुरक्षा हटा दी। यहां तक की बंगले के बाहर तैनात सभी पुलिसकर्मियों को भी लौटा दिया। इसके बाद रोहिणी ने पार्टी नेताओं से राबड़ी आवास पहुंचने की अपील की। कार्यकर्ताओं का राबड़ी आवास पर जुटना शुरू हो गया है। गेट पर एक कार्यकर्ता हाथ में डंडा लिए खड़ा है। जहां कभी पुलिसकर्मी बैठते थे वहां पार्टी के नेता बैठे है। राबड़ी के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपनी Y+ श्रेणी की सुरक्षा को वापस कर दिया है। रोहिणी आचार्य ने कार्यकर्ताओं से की अपील रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर राजद कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में राबड़ी आवास पहुंचने की अपील की थी। उन्होंने लिखा था कि, 'लालू परिवार की असली सुरक्षा और ढाल राजद के कार्यकर्ता और जनता हैं। साथ ही आरोप लगाया कि बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री और उनके परिवार को परेशान किया जा रहा है, जिसका जवाब जनता देगी।' राबड़ी आवास के बाहर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर के कार्यकर्ताओं का जुटान जारी है। कार्यकर्ता कल से ही आवास के बाहर डटे हुए हैं। अब राबड़ी आवास के बाहर की 3 तस्वीरें देखिए…
पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन ने शुक्रवार को जिला परिषद, श्रीगंगानगर में सरकार को 'सद्बुद्धि' दिलाने के लिए महायज्ञ किया। मंत्रोच्चारण के बीच आहुतियां डालते हुए कर्मचारियों ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन भी किया। संगठन का आरोप है कि विभाग पिछले दो साल से संस्थागत मंत्रालयिक संवर्ग के 16 हजार कर्मचारियों के साथ लगातार पक्षपातपूर्ण व्यवहार कर रहा है। न्याय की मांग पर लगातार अनदेखी संगठन के जिलाध्यक्ष पंकज कुमार ने कहा- पंचायती राज विभाग ने संस्थागत मंत्रालयिक संवर्ग के कर्मचारियों के प्रति लगातार पक्षपात किया है। कनिष्ठ लिपिक भर्ती 2013 की जांच के नाम पर हमारे न्याय के अधिकारों को लंबित रख दिया गया है। आज तक किसी भी संवर्ग में ऐसा नहीं हुआ कि एक भर्ती के नाम पर कर्मचारियों की जायज मांगों को ही नजरअंदाज कर दिया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग ने एक ही भर्ती की अलग-अलग स्तर पर जांच करवाई। मुख्य जांच अधिकारी को मंत्रालयिक कर्मचारियों के मामलों से अलग करने की मांग को पूरी तरह नजरअंदाज कर गलत तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार कराई गई। कर्मचारियों का सीधा आरोप है कि शासन संवर्ग विशेष के प्रभाव में आकर मंत्रालयिक कर्मचारियों के हितों को कुचल रहा है। आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे कर्मचारियों ने विभाग पर संगठनिक मिलीभगत का भी आरोप लगाया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि सरकार का यह रवैया अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदेशभर के लाखों कर्मचारियों ने आंदोलन का बिगुल बजा दिया है। कर्मचारी अब सरकार से आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। आज जिला परिषद में सद्बुद्धि महायज्ञ किया गया है। इसके बाद जयपुर के शहीद स्मारक में भी सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन होगा। हम शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
जयपुर नगर निगम में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को ट्रैप की कार्रवाई की। एसीबी टीम ने एक पशुधन निरीक्षक को 6 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पशुधन निरीक्षक सुरेंद्र कुमावत ने एक दुकान का लाइसेंस जारी करने की एवज में परिवादी से रिश्वत की मांग की थी। लाइसेंस जारी करने की एवज में मांगी घूस एसीबी को शिकायत मिली थी कि लाइसेंस जारी करने के बदले अधिकारी द्वारा अवैध रूप से पैसे मांगे जा रहे हैं। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी की टीम ने ट्रैप कार्रवाई की और सुरेंद्र कुमावत को 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। एसीबी आरोपी से कर रही पूछताछ कार्रवाई के बाद एसीबी ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
जयपुर नगर निगम में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पशुधन निरीक्षक को 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी पशुधन निरीक्षक सुरेंद्र कुमावत ने एक दुकान का लाइसेंस जारी करने की एवज में परिवादी से रिश्वत की मांग की थी। एसीबी को शिकायत मिली थी कि लाइसेंस जारी करने के बदले अधिकारी द्वारा अवैध रूप से पैसे मांगे जा रहे हैं। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी की टीम ने ट्रैप कार्रवाई की और सुरेंद्र कुमावत को 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद एसीबी ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
पूर्णिया में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा है। बिहार सरकार की मंत्री लेसी सिंह के आवास पर प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि पीएम का संकल्प देश को साल 2047 तक एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाना है। बीते 10 तारीख को पीएम नरेंद्र मोदी ने एक निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में अपने 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इससे पहले देश के किसी भी प्रधानमंत्री ने लगातार इस रूप में काम नहीं किया है।सत्ता संभालने के पहले ही दिन से खुद को देश का शासक नहीं, बल्कि जनता का 'प्रधान सेवक' माना है। इसी सेवा भाव के कारण पिछले 12 वर्षों में देश की जनता का भरोसा उन पर अटूट रहा है। पूर्ववर्ती सरकार से देश की छवि को नुकसान हुआ कांग्रेस और यूपीए सरकार के कार्यकाल पर कड़ा प्रहार करते हुए ललन सिंह ने कहा कि पहले के दौर में सत्ता अस्थिरता और भ्रष्टाचार के बीच झूलती रहती थी। पूर्ववर्ती सरकारों के समय हर दो-तीन महीने में कोई न कोई बड़ा भ्रष्टाचार या घोटाला सामने आता था, जिसने देश की छवि को नुकसान पहुंचाया। पुराने जमाने में प्रधानमंत्री के हाथ में वास्तविक शासन नहीं होता था। प्रधानमंत्री केवल पद पर बैठते थे, जबकि उनका रिमोट कंट्रोल कहीं और रहता था। अगर प्रधानमंत्री कुछ सोचकर फैसला लेना भी चाहते, तो रिमोट कंट्रोल से उनका 'चैनल' बदल दिया जाता था। 'बदला देश की राजनीति का परिदृश्य' ललन सिंह ने कहा कि साल 2014 के बाद से प्रधानमंत्री मोदी ने देश की राजनीति की पूरी परिभाषा बदल दी है। अब नीतियां रिमोट कंट्रोल से नहीं बल्कि देशहित और विकास को ध्यान में रखकर सीधे तय की जाती हैं। यही कारण है कि आज भारत 2047 तक विकसित बनने के मार्ग पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
जमानत पर छूटे आरोपियों पर घर में घुसकर हमला:छपरौली में पीड़ित ने एसपी से कार्रवाई की मांग की
बागपत के छपरौली थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने जमानत पर छूटे आरोपियों पर घर में घुसकर हमला करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक बागपत को शिकायती पत्र सौंपकर मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि आरोपियों ने परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। पट्टी जगमाल निवासी राजीव पुत्र रामपाल ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि वर्ष 2021 में उनके चाचा के बेटे गुलाब उर्फ कोनी की हत्या हुई थी। इस हत्या के मामले में दर्ज मुकदमा वर्तमान में न्यायालय में अंतिम चरण में है, जिसमें राजीव और उनके परिजन प्रमुख गवाह हैं। राजीव के अनुसार, हत्या के मुकदमे में नामजद आरोपी मुन्ना उर्फ धनपाल और उसके परिजन जमानत पर रिहा होने के बाद 12 जून 2026 को शाम करीब साढ़े चार बजे उनके घर पहुंचे। आरोपियों ने परिवार पर मुकदमे में अपने पक्ष में फैसला करने का दबाव बनाया। जब परिवार ने आरोपियों की बात मानने से इनकार कर दिया, तो उन्होंने कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इस हमले में राजीव के परिवार के कई सदस्य घायल हो गए। आरोपियों ने घर में रखी ईंटों से भी पथराव किया। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। राजीव का आरोप है कि घटना के बाद वह घायलों को लेकर छपरौली थाने पहुंचे थे, जहां पुलिस ने घायलों का उपचार तो कराया, लेकिन अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। पीड़ित राजीव ने पुलिस अधीक्षक से मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने, आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। इस पूरे मामले पर अब पुलिस प्रशासन की आगामी कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।
अशोकनगर जिले में शुक्रवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। सड़क पर अचानक आए भैंसों के झुंड को बचाने के प्रयास में एक यात्री बस सड़क से नीचे उतर गई। बस में सवार करीब 30 से 40 यात्री सुरक्षित बच गए। चालक की सूझबूझ के चलते बस पलटने से बच गई और कोई जनहानि नहीं हुई। घटना बरखेड़ा जमाल गांव के पास सुबह करीब 11 बजे की है। तिरुपति बस बंगला चौराहा से सिरोंज के लिए बमोरीशाला मार्ग से जा रही थी। इसी दौरान सड़क पर अचानक भैंसों का झुंड आ गया। पशुओं को बचाने के लिए चालक ने तत्काल बस को मोड़ा, जिससे बस सड़क से नीचे उतर गई। चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस सड़क से नीचे उतरने के बाद कुछ दूरी पर जाकर रुक गई और एक ओर तिरछी हो गई। हालांकि चालक ने वाहन पर नियंत्रण बनाए रखा, जिससे बस पलटी नहीं और बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद बस में सवार यात्रियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सभी यात्री सुरक्षित बस से नीचे उतर गए। हादसे में किसी भी यात्री को चोट नहीं आई। स्थानीय लोगों की मदद से यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और कुछ समय के लिए वहां भीड़ जमा रही। यात्रियों और ग्रामीणों ने चालक की सतर्कता और सूझबूझ की सराहना करते हुए कहा कि उसकी समझदारी के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।
अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने सिख समुदाय और पंजाब के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें बदनाम करने के लिए धर्म का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऐसे प्रयासों से सावधान रहें और किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार का शिकार न बनें।
मृतक अब्दुल के परिवार का हंगामा:मेरठ नाले में मिली थी किशोर की लाश, हत्या के लगाए आरोप
मेरठ के लोहियानगर थानाक्षेत्र के जाहिदपुर गांव में गुरुवार को नाले में 15 साल के किशोर अब्दुल समद की लाश मिली। अब्दुल 15 जून की रात से लापता था। 2 दिन बाद 18 जून को उसकी लाश नाले में मिली। ऐसे में घरवालों ने बेटे की हत्या कर लाश को नाले में बहाने का आरोप लगाया। घरवालों ने पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचकर हंगामा किया और बेटे के लिए न्याय की मांग की है। आते-जाते लोगों ने देखी थी डेडबॉडी कन्या पाठशाला के पास जाकिर कालोनी निवासी गुरुवार 15 जून को अब्दुल समद की लाश नाले में सड़ी-गली हालत में मिली थी। आते-जाते लोगों ने लाश को देखा था। इसके बाद पुलिस को बताया। सूचना पर थाना पुलिस स्थानीय पार्षद मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लाश को नाले से निकलवाकर पहचान कराई। शिनाख्त अब्दुल के रूप में हुई थी। इसके बाद पुलिस ने लाश पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घरवाले वाले बेटे की हत्या हुई लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र की जाकिर कॉलोनी निवासी अबरार ने बताया कि उनका बेटा अब्दुल समद चमड़ा पैठ क्षेत्र में एक दुकान पर काम करता था। वह 15 जून की रात दुकान से गांव जाहिदपुर स्थित अपनी रिश्तेदारी में आया था। इसके बाद वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजनों ने थाना लोहिया नगर में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। वहीं घरवालों का आरोप है कि उनके बेटे की हत्या की गई है, घटना का सही खुलासा होना चाहिए। परिजनों ने कपड़ों की पहचानपीड़ित परिजन गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद से ही किशोर की तलाश कर रहे थे। बृहस्पतिवार उन्हें सूचना मिली की एक किशोर का शव जाहिदपुर गांव में बरामद हुआ है। सूचना मिलने पर घटना स्थ्ल के पास पहुंचे। परिजनों ने शव के कपड़ों के आधार पर समद की पहचान की। बेटे के शव को देखकर पिता बेहोश हो गए। अन्य रिश्तेदारों ने किसी तरह पीड़ित पिता को संभाला।एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले का कहना है कि मौत के कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
शाजापुर में मानसून 15-20 दिन लेट:किसानों बोले-सोयाबीन की बोवनी और उत्पादन पर संकट; बढ़ी चिंता
शाजापुर जिले में मानसून की 15 से 20 दिन की देरी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिले में हर साल लगभग 3 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की बुवाई होती है, लेकिन इस बार पर्याप्त बारिश न होने के कारण किसान अभी तक बोवनी शुरू नहीं कर पाए हैं। कई किसानों ने अपने खेत तैयार कर लिए हैं और अब वे बारिश का इंतजार कर रहे हैं। किसान पप्पू ठाकुर ने बताया कि इस बार उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बारिश की कमी के साथ-साथ बीज और डीजल की उपलब्धता भी एक चुनौती बनी हुई है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय पर बारिश नहीं हुई तो सोयाबीन का अंकुरण प्रभावित होगा और फसल ठीक से उग नहीं पाएगी। पप्पू ठाकुर लगभग 40 बीघा क्षेत्र में सोयाबीन की खेती की तैयारी कर रहे हैं। फसल में अंकुरण और पौधों के सूखने का खतरा बढ़ा एक अन्य किसान रूपेश ठाकुर ने बताया कि मानसून में देरी का सीधा असर सोयाबीन की फसल की गुणवत्ता और मात्रा पर पड़ेगा। कम बारिश के कारण पौधे कमजोर रह सकते हैं, जिससे फलियां ठीक से नहीं भरेंगी और उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि कई किसानों ने महंगे दामों पर बीज खरीदे हैं, और यदि बारिश नहीं हुई तो उनका यह निवेश भी खतरे में पड़ जाएगा। जिन किसानों ने शुरुआती बारिश के भरोसे बोवनी कर दी थी, उनकी फसल में अंकुरण और पौधों के सूखने का खतरा बढ़ गया है। वहीं, जिन किसानों ने अभी तक बुवाई नहीं की है, वे अब भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। कृषि प्रधान शाजापुर जिले में मानसून की यह देरी हजारों किसानों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। यदि आने वाले दिनों में पर्याप्त बारिश नहीं होती है, तो न केवल बोवनी प्रभावित होगी, बल्कि सोयाबीन के उत्पादन में भी बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष राखी राठौड़ का शुक्रवार को जोधपुर सर्किट हाउस पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए महिला सशक्तिकरण, पंचायत एवं निकाय चुनावों में महिलाओं की भागीदारी, महिला सुरक्षा, संगठन में महिलाओं के प्रतिनिधित्व, कांग्रेस सरकार के कार्यकाल, पेपर लीक प्रकरण तथा राहुल गांधी के कोटा दौरे सहित कई मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी। महिलाओं की भागीदारी होगी मजबूत राखी राठौड़ ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू होने के बाद देश और प्रदेश की महिलाओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने का कार्य किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी पंचायत और निकाय चुनावों में महिलाओं को वर्तमान आरक्षण से भी बेहतर प्रतिनिधित्व मिलेगा। उन्होंने कहा कि निकायों में 33 प्रतिशत और पंचायतों में 50 प्रतिशत आरक्षण के साथ महिलाओं की भागीदारी और मजबूत होगी। मोदी ने महिलाओं को सशक्त बनाने का काम किया उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने का काम किया है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना, मातृ वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, इज्जत घर, हर घर जल योजना, लखपति दीदी अभियान जैसी अनेक योजनाओं ने महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाया है। आज महिलाएं केवल लाभार्थी नहीं बल्कि नेतृत्वकर्ता की भूमिका में भी सामने आ रही हैं। आने वाले समय में विधानसभा और लोकसभा की नीति निर्माण प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी और अधिक दिखाई देगी। युवा मोर्चा में महिला पदाधिकारियों की बढ़ेगी संख्या संगठन में महिलाओं को अपेक्षाकृत कम प्रतिनिधित्व मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हाल ही में जारी भाजपा युवा मोर्चा की कार्यकारिणी सूची अभी पूर्ण नहीं है। कुछ उपाध्यक्ष पद अभी रिक्त हैं और उन पदों पर महिलाओं को अवसर देने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाज में बड़ा परिवर्तन धीरे-धीरे आता है। पंद्रह वर्ष पहले राजनीतिक क्षेत्र में महिला नेतृत्व को जिस तरह स्वीकार नहीं किया जाता था, आज स्थिति बदल रही है। समाज महिलाओं को नेतृत्वकर्ता के रूप में स्वीकार कर रहा है और आने वाले समय में संगठन में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। राहुल गांधी के दौरे पर उठाए सवाल राहुल गांधी के हालिया राजस्थान दौरे और कोटा में युवाओं के साथ संवाद कार्यक्रम पर निशाना साधते हुए राखी राठौड़ ने कहा कि राहुल गांधी केवल प्रस्तुतीकरण देने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में रीट सहित अनेक भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया। ऐसे में कांग्रेस और उसके नेताओं पर युवा कैसे विश्वास करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में 18 परीक्षाएं हुईं और उनमें से 17 में पेपर लीक की घटनाएं सामने आईं। वहीं वर्तमान भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राजस्थान देश का पहला राज्य बना जिसने भर्ती परीक्षाओं का विस्तृत कैलेंडर जारी किया, जिससे युवाओं को पहले से तैयारी का अवसर मिल सके। राहुल गांधी द्वारा कार्यक्रम में एक छात्र का कथित आत्महत्या पत्र पढ़े जाने पर भी उन्होंने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि परीक्षा से ठीक पहले विद्यार्थियों के सामने इस प्रकार की बातें करना उनके मनोबल को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने कहा कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा से पहले विद्यार्थी पहले ही मानसिक दबाव से गुजर रहे होते हैं और ऐसे समय में भावनात्मक विषयों को मंच से उठाना उचित नहीं है। सरकार समस्याओं के समाधान पर काम कर रही है राखी राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए लगातार कड़े कदम उठा रही है। परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार समस्याओं को नकारने के बजाय उनका समाधान करने की दिशा में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार ने चार लाख सरकारी नौकरियां और छह लाख रोजगार देने का संकल्प लिया है, जिसे पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं और महिलाओं दोनों के हितों के लिए लगातार कार्य कर रही है तथा आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम प्रदेशवासियों को दिखाई देंगे।
फतेहाबाद जिले के टोहाना में गांव अमानी से पहले रेलवे फाटक के पास हुए एक सड़क हादसे में भीम आर्मी के पूर्व जिला उपाध्यक्ष कुलविंदर सिंह (34) की मौत हो गई। इस दुर्घटना में बाइक चला रहा उनका दोस्त पवन कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। बता दें कि कुलविंद्र सिंह गांव बोस्ती के निवासी थे और भीम आर्मी फतेहाबाद जिले के पूर्व उपाध्यक्ष रह चुके थे। डुल्ट निवासी नरेश ने बताया कि कुलविंद्र अविवाहित थे और उनका एक बड़ा भाई है। वह अपने दोस्त पवन के साथ दवाई लेने टोहाना आए थे। रेलवे फाटक पर बेकाबू हुई बाइक वापसी में बोस्ती जाते समय अमानी रेलवे फाटक के पास उनकी बाइक अचानक बेकाबू हो गई। हादसे में पीछे बैठे कुलविंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल पवन कुमार को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने परिजनों को सौंपा शव सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। जांच अधिकारी फूल सिंह ने बताया कि परिजनों के बयान के अनुसार, बाइक का संतुलन बिगड़ने से यह हादसा हुआ। पुलिस ने इत्तेफाकिया कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
लुधियाना के पॉश एरिया अग्र नगर की रेजिडेंट सोसाइटी के एक डायरेक्टर व श्री रघुनाथ अस्पताल प्रबंधन में चल रहा विवाद गहराता जा रहा है। श्री रघुनाथ अस्पताल मैनेजमेंट कमेटी के सेक्रेटरी रजनीश कुमार की शिकायत पर सोसाइटी के डायरेक्टर नवीन गुप्ता समेत तीन पर संगीन धाराओं के तहत FIR दर्ज हो गई। सेक्रेट्री रजशनी कुमार का का आरोप है कि आरोपी नवीन गुप्ता, विनय गुप्ता और अरविंद गोयल ने अस्पताल के बाहर आकर लेडिज स्टाफ, नर्स की वीडियो बनानी शुरू की। सिक्योरिटी गार्ड ने जब उन्हें रोका तो उसके साथ मारपीट करनी शुरू कर दी और फिर धमकियां देते हुए चले गए। उधर, डायरेक्टर नवीन गुप्ता के भाई विनय गुप्ता का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ उन्होंने एक याचिका एनजीटी में दायर की है। एनजीटी को प्रमाण देने के लिए बाहर खड़े होकर बिल्डिंग की फोटो की। जिसके बाद मैनेजमेंट के बाउंसरों ने उन पर अटैक किया। 'गेट पर खड़े होकर नर्सों से करते थे बदसलूकी, पुलिस ने यह कार्रवाई श्री रघुनाथ अस्पताल के 66 वर्षीय सेक्रेटरी रजनीश कुमार (पुत्र पदमनाथ जैन, निवासी अग्र नगर, लुधियाना) के बयानों के आधार पर की है। पुलिस को दिए बयानों में रजनीश कुमार ने आरोप लगाया कि नामजद आरोपी अक्सर बिना किसी काम के अस्पताल परिसर के आसपास चक्कर काटते रहते हैं। वे अस्पताल के मुख्य गेट के पास खड़े होकर वहां ड्यूटी पर आने-जाने वाली लड़कियों और नर्सिंग स्टाफ को गलत नजर से देखते हैं और उनके साथ अश्लील व गलत इशारे करते हैं। सुरक्षाकर्मियों के साथ की मारपीट और गाली-गलौज शिकायतकर्ता के अनुसार 19 अप्रैल 2026 को इन आरोपियों ने अस्पताल के बाहर खड़े होकर गैर-कानूनी तरीके से वहां की महिला नर्सिंग स्टाफ की वीडियो बनानी शुरू कर दी। जब अस्पताल के स्टाफ ने इस बात का कड़ा विरोध किया, तो आरोपियों ने वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर दिया, उनके साथ जमकर झगड़ा किया और गाली-गलौज की। इसके बाद आरोपी अस्पताल की लड़कियों और नर्सिंग स्टाफ को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां देते हुए मौके से फरार हो गए। 'अस्पताल ने ग्रीन बेल्ट पर किया है कब्जा मामले में नामजद किए गए विनय गुप्ता ने अस्पताल प्रबंधन के इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि उनका भाई नवीन गुप्ता अग्र नगर की रेजिडेंट वेलफेयर सोसाइटी के मेंबर व डायरेक्टर हैं। वो अस्पताल प्रबंधन की मनमर्जी के खिलाफ आवाज उठाते हैं इसलिए उनको चुप करवाने के लिए यह सब कराया जा रहा है। विनय गुप्ता ने बताया कि श्री रघुनाथ अस्पताल अग्र नगर सोसाइटी की जमीन पर है। अस्पताल प्रबंधन ने नियमों को ताक पर रखकर वहां की ग्रीन बेल्ट पर अवैध कब्जा किया हुआ है और वहां अवैध कंस्ट्रक्शन करवाई है। इसके संबंध में उनहोंने एनजीटी में केस किया है। इसी बात को लेकर उन्होंने झूठी शिकायत दी है। हमारी शिकायत पर नहीं हुई कार्रवाई विनय गुप्ता का कहना है कि उन्होंने भी अप्रैल माह में ही पुलिस को शिकायत दे दी थी। उस दौरान दोनों पक्षों में कंप्रोमाइज हो गया था। कंप्रोपाइज के बाद हमारी शिकायत वापस हो गई और दूसरे पक्ष की शिकायत वहीं रह गई। उसी शिकातय पर पुलिस ने पर्चा दर्ज किया है। उनका कहना है कि उस दिन अस्पताल प्रबंधकों ने उन्हें पीटा था। नगर निगम से लेकर एनजीटी (NGT) तक चल रहा है केस विनय गुप्ता ने बताया, हमने इस अवैध कब्जे की शिकायत पहले नगर निगम (MC) को दी थी, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो हमने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) का दरवाजा खटखटाया। इस समय एनजीटी में यह केस चल रहा है। अस्पताल प्रबंधन जो आरोप लगा रहा है कि हमने स्टाफ की वीडियो बनाई, वह सरासर झूठ है। हमने अस्पताल की बिल्डिंग के बाहर से वीडियो बनाई थी, ताकि अवैध कंस्ट्रक्शन के पुख्ता सबूत एनजीटी और नगर निगम को भेजे जा सकें। आठ जुलाई को एनजीटी में अभी इस केस की सुनवाई होनी है।
जौनपुर में नीट परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की सुविधा के लिए जौनपुर डिपो द्वारा विशेष बस सेवाएं संचालित की जाएंगी। ये बसें जौनपुर से विभिन्न जिलों और शहरों के लिए उपलब्ध होंगी। एआरएम स्नेहलता ने बताया कि जौनपुर डिपो ने विभिन्न मार्गों पर कुल 66 बसें आवंटित की हैं। छात्रों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 34 अतिरिक्त बसें भी चलाई जाएंगी। डिपो के पास 7 स्पेयर बसें भी उपलब्ध रहेंगी, जिससे बसों का कुल बेड़ा 107 हो जाएगा। ये बसें जौनपुर-प्रयागराज-आजमगढ़-गोरखपुर, जौनपुर-सुल्तानपुर-लखनऊ-कानपुर, जौनपुर-वाराणसी-शाहगंज, जौनपुर-अकबरपुर-अयोध्या-रूपईडिहा, जौनपुर-मिर्जापुर-शक्तिनगर, जौनपुर-केराकत-चंदवक-वाराणसी, रामनगर-बदलापुर-जौनपुर-वाराणसी, कंन्धी-बदलापुर-जौनपुर-वाराणसी, रानीपुर-जौनपुर-प्रयागराज और जौनपुर-मऊ जैसे प्रमुख मार्गों पर संचालित होंगी। इन बसों के अतिरिक्त, आवश्यकता पड़ने पर अन्य डिपो और क्षेत्रों से भी बसें जौनपुर के लिए संचालित की जा सकती हैं। परीक्षार्थियों की उपलब्धता के अनुसार इन वाहनों के फेरे भी बढ़ाए जाएंगे, ताकि किसी भी छात्र को आवागमन में कोई परेशानी न हो।
धार जिले में मानसून की सुस्त रफ्तार किसानों के लिए चिंता का विषय बन गई है। जून का आधा महीना बीत जाने के बावजूद जिले के अधिकांश इलाकों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। बारिश की कमी के कारण किसान खरीफ फसलों की बोवनी शुरू नहीं कर पा रहे हैं, जबकि उनके खेत पूरी तरह तैयार हैं। आमतौर पर इस समय तक किसान खरीफ फसलों की बोवनी का काम लगभग पूरा कर लेते हैं। हालांकि, इस साल मानसून की बेरुखी के कारण स्थिति अलग है। किसानों ने खेतों की जुताई, बखरनी और अन्य सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं, लेकिन बारिश के अभाव में वे बोवनी शुरू नहीं कर पा रहे हैं। किसान विष्णु मुकाती ने बताया कि सामान्यतः जून के मध्य तक बोवनी का कार्य शुरू हो जाता है। इस बार बारिश न होने से बोवनी में लगातार देरी हो रही है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई, तो इसका सीधा असर फसल की पैदावार पर पड़ेगा और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। किसानों की चिंता बढ़ती जा रहीवहीं, किसान श्याम पाटीदार ने बताया कि उन्होंने अपने खेत पूरी तरह तैयार कर लिए हैं और बीज व अन्य कृषि सामग्री की भी व्यवस्था कर ली है। लेकिन बारिश न होने के कारण बोवनी शुरू नहीं हो पा रही है। उनके अनुसार, समय बीतता जा रहा है और किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। किसान सुंदरलाल पाटीदार ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस समय किसानों की निगाहें केवल आसमान पर टिकी हैं। खेत तैयार हैं और बारिश होते ही बोवनी शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि चिंता केवल बोवनी की नहीं है, बल्कि यदि बोवनी के बाद भी पर्याप्त बारिश नहीं हुई, तो फसल सूखने का खतरा रहेगा, जिससे किसानों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों का मानना है कि खरीफ सीजन की सफलता समय पर और पर्याप्त वर्षा पर निर्भर करती है। यदि मानसून ने जल्द रफ्तार नहीं पकड़ी, तो जिले में सोयाबीन, मक्का, कपास और अन्य खरीफ फसलों के उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है।
बंबूली के 2 छात्र पहली बार हवाई जहाज में बैठे:खिड़की से बाहर के नजारों को देखकर हो उठे रोमांचित
बूंदी के नैनवां क्षेत्र स्थित बंबूली गांव के 2 मेधावी छात्रों ने हाल ही में अपनी पहली हवाई यात्रा की। पूर्व सरपंच प्रहलाद नागर के बेटे मुकेश धाकड़ ने अपनी 'चैन बंबूली उड़ान योजना' के तहत इन छात्रों को दिल्ली का शैक्षणिक भ्रमण कराया, जहां उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से भी मुलाकात की। यह पहल बूंदी जिले में अपनी तरह का पहला अवसर है। मुकेश धाकड़ ने अपने निजी खर्च पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बंबूली के सत्र 2025-26 के 2 सर्वश्रेष्ठ छात्रों का चयन किया। इनमें कक्षा 12वीं के अवधेश नागर ने 87 प्रतिशत और कक्षा 10वीं के सलीम मोहम्मद ने 86 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। इस योजना का उद्देश्य बच्चों में शिक्षा के प्रति नई ललक पैदा करना है। 'बादल तो सच में रुई के गुब्बारे जैसे है'यह यात्रा 14 जून को जयपुर एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए शुरू हुई। फ्लाइट में पहली बार बैठे दोनों छात्र खिड़की से बाहर के नज़ारों को देखकर रोमांचित हो उठे। जब विमान ऊंचाई पर पहुंचा तो अवधेश नागर ने कहा, बादल तो सच में रुई के गुब्बारे जैसे दिख रहे हैं! नीचे सब कुछ खिलौने जैसा... कारें चींटी सी चल रही हैं। 'सपने में भी नहीं सोचा था कि हवाई जहाज में बैठूंगा'सलीम मोहम्मद ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा, मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं कभी हवाई जहाज में बैठूंगा। आज लगता है पढ़ाई का असली इनाम मिल गया। इस पहल से न सिर्फ बंबूली, बल्कि पूरे नैनवां क्षेत्र के बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ा है। दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष ने बढ़ाया हौसलादिल्ली पहुंचने पर छात्रों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की और उनसे उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद लिया।दिल्ली में इन बच्चों ने राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री संग्रहालय, नया संसद भवन, लाल किला और इंडिया गेट का भ्रमण किया। प्रधानमंत्री संग्रहालय में देश के निर्माण की गाथा देखकर बच्चे गर्व से भर उठे। बच्चों ने लोकसभा अध्यक्ष से गांव की चर्चा कीमुकेश धाकड़ के नेतृत्व में छात्रों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से गांव के विकास पर विस्तृत चर्चा की। बच्चों ने कृतज्ञता जताते हुए कहा— गांव में पंचायत भवन, स्कूल सब आपके आशीर्वाद से बने हैं। अब गांव में एक अस्पताल, आंगनबाड़ी केंद्र और स्कूल के नए कमरों की जरूरत है।लोकसभा अध्यक्ष ने बच्चों को आश्वस्त किया कि बंबूली के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और सभी प्रस्तावों पर प्राथमिकता से काम होगा। जयपुर में भी घूमे बच्चेदिल्ली के बाद दल जयपुर पहुंचा, जहां वर्ल्ड ट्रेड पार्क की चमक, अल्बर्ट हॉल की विरासत, जीटी बाजार की रौनक और सिटी पार्क की हरियाली ने बच्चों का मन मोह लिया।अल्बर्ट हॉल में राजस्थान के गौरवशाली इतिहास को जाना। वर्ल्ड ट्रेड पार्क को देखकर बच्चों को लगा मानो वे मुंबई में आ गए हों।? गांव में यात्रा की चर्चा का माहौलयात्रा से लौटने पर बंबूली गांव में दोनों छात्रों ने अपने अनुभव अन्य छात्रों से साझा किए। प्रिंसिपल सोहनलाल प्रजापत ने कहा, “मुकेश धाकड़ ने शिक्षा के क्षेत्र में जो मिसाल कायम की है, वो पूरे राज्य के लिए प्रेरणा है। अब स्कूल का हर बच्चा 85 प्रतिशत से ऊपर लाने का लक्ष्य लेकर पढ़ेगा।”
होशियारपुर में एक प्रवासी मजदूर ने अपनी पत्नी की चाकू मारकर हत्या कर दी। यह घटना थाना हाजीपुर के अंतर्गत गांव दगन के पास एक ईंट भट्ठे पर हुई। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मजदूर लक्ष्मी नारायण अपनी पत्नी (27 साल) ज्योति के साथ दगन ईंट भट्ठे पर काम करता था। दोनों छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के रहने वाले हैं। शुक्रवार सुबह करीब 2 बजे लक्ष्मी नारायण का अपनी पत्नी से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। गुस्से में आकर उसने ज्योति के पेट में कई बार चाकू से वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। चारपाई के नीचे शव छिपाने की कोशिश हत्या के बाद लक्ष्मी नारायण ने अपनी पत्नी के शव को चारपाई के नीचे छिपाने की कोशिश की। इसी दौरान पास रखा एक पंखा गिर गया, जिसकी आवाज सुनकर पड़ोसियों को वारदात का पता चला। पड़ोसियों ने तुरंत हाजीपुर पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही फोरेंसिक टीम और हाजीपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। मामले की जांच में जुटी पुलिस जानकारी देते हुए थाना मुखी हरप्रेम सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि दगन नजदीक ईंट भट्ठे पर महिला का कत्ल हुआ है। मौके पर पहुंचकर देखा तो मृतक महिला पूजा पत्नी लक्ष्मी नारायण जिसका कत्ल उसके पति लक्ष्मी नारायण ने कर दिया । मौके पर हमने फॉरेंसिक टीम बुलाकर जांच की जा रही है और जल्द ही फरार आरोपी पति लक्ष्मी नारायण को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। झुग्गी से कुछ गिरने की आवाज आई तो हुई जानकारी मृतक महिला पूजा के भांजे अजय कुमार ने बताया कि मेरी मौसी को देर रात मेरे मौसा लक्ष्मी नारायण ने चाकू मारकर मौत के घाट उतार दिया। वारदात का तब पता चला जब रात को उनकी झुग्गी से कुछ गिरने की आवाज आई उठकर देखा तो मौसा ने मौसी का कत्ल कर दिया था और उसकी लाश को चारपाई के नीचे छुपाने की कोशिश कर रहा था। जब हमने शोर मचाया तो वह भाग गया।फिर हमने इसकी सूचना हाजीपुर पुलिस को दी। जानकारी देते हुए थाना मुखी हरप्रेम सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी के दगन नजदीक ईंट भट्ठे पर महिला का कत्ल हुआ है । मौके पर पहुंचकर देखा तो मृतक महिला पूजा पत्नी लक्ष्मी नारायण जिसका कत्ल उसके पति लक्ष्मी नारायण ने कर दिया । मौके पर हमने फ्रेंसिक टीम बुलाकर जांच की जा रही है और जल्द ही फरार आरोपी पति लक्ष्मी नारायण को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
रीवा जिले के सगरा थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक कुएं में युवती का शव मिला है। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीईआरएफ टीम मौके पर पहुंची। करीब दो घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शव को कुएं से बाहर निकाला गया। परिजनों ने युवती की हत्या कर शव कुएं में फेंकने का आरोप लगाया है। सगरा थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा ने बताया कि थाना क्षेत्र के एक कुएं में युवती का शव दिखाई देने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही एसडीईआरएफ टीम को मौके पर भेजा गया। टीम ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद सुबह करीब 9 बजे शव को कुएं से बाहर निकालकर पुलिस के सुपुर्द किया। पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान दिपाली कोरी उम्र 21 वर्ष (परिवर्तित नाम) के रूप में हुई है। शव बरामद होने के दौरान युवती का मुंह कपड़े से बंधा हुआ मिला। परिजनों ने बताया कि 13 जून को दोपहर करीब 12 बजे घर से निकली थी, जिसके बाद से वह लापता थी। परिजनों ने लगाए हत्या के आरोप मृतका के भाई ने आरोप लगाया कि उसकी बहन की हत्या कर शव कुएं में फेंक दिया। भाई ने दावा किया कि हत्या से पहले रेप किया गया है। परिजनों का यह भी कहना है कि आरोपी ने शिवानी को एक मोबाइल फोन दिया था। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा ने कहा कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
अजमेर संभाग के सबसे बड़े हॉस्पिटल जेएलएन में पहली बार रोबोटिक हार्ट सर्जरी कर डॉक्टरों ने नया इतिहास रच दिया है। पुष्कर की 28 साल की महिला के जन्म से दिल में 1.79 सेंटीमीटर का छेद (एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट-एएसडी) था, लेकिन 28 साल बाद इसका पता चला। पिछले 4-5 सालों से महिला घर का काम करते समय सांस फूलने, धड़कन अनियमित होने, पैरों में सूजन और बार-बार खांसी की समस्या से परेशान थी। जांच में दिल में बड़ा छेद मिलने के बाद जेएलएन हॉस्पिटल के सीटीवीएस विभाग ने रोबोट की मदद से सफल ऑपरेशन कर महिला को नई जिंदगी दी। मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ है, उसे अस्पताल से डिस्चार्ज किया जा रहा है। शुक्रवार को जेएलएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अनिल सामरिया, अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे, उपाध्यक्ष डॉ अमित यादव और सर्जरी करने वाली टीम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस ऑपरेशन की जानकारी दी। मुख्य सर्जन डॉ. अनुराग गोयल ने बताया- महिला को जन्मजात दिल की बीमारी थी, लेकिन कभी इसकी जांच नहीं हो पाई। हाल ही में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. मोनिका माहेश्वरी के पास पहुंचने पर इको जांच में खुलासा हुआ। मरीज के पति राजेश गुर्जर ने बताया- उन्हें इस बीमारी के बारे में सिर्फ 9 दिन पहले ही पता चला था। डॉ. गोयल ने बताया- अगर इस बीमारी का समय पर पता नहीं चलता। 8 से 15 साल तक स्थिति ऐसी ही बनी रहती है। मरीज को आइजनमेंगर सिंड्रोम हो सकता था। उस स्थिति में फेफड़ों की खून की नलियों पर दबाव इतना बढ़ जाता कि ऑपरेशन करना भी संभव नहीं रहता। बिना छाती की हड्डी काटे हुआ ऑपरेशन डॉक्टरों ने बताया- सामान्य हार्ट सर्जरी में छाती की हड्डी को काटना पड़ता है, जबकि रोबोटिक सर्जरी में छाती के साइड में सिर्फ 1 से 1.5 सेंटीमीटर के 3-4 छोटे छेद कर दूरबीन और रोबोटिक आर्म्स की मदद से पूरा ऑपरेशन किया गया। तीसरे दिन बाद घर जाने की तैयारी रोबोटिक तकनीक के कारण महिला को ऑपरेशन के दिन ही वेंटिलेटर से हटा दिया गया। अगले दिन उसने खाना शुरू कर दिया, दूसरे दिन चलने लगी और तीसरे दिन डिस्चार्ज की तैयारी कर ली गई। राजस्थान के लिए बड़ी उपलब्धि प्रिंसिपल डॉ. अनिल सामरिया ने बताया कि जेएलएन अस्पताल में स्थापित एडवांस्ड रोबोट से अब तक तीन सफल ऑपरेशन किए जा चुके हैं, जिनमें एक हार्ट सर्जरी और दो अन्य सर्जरी (गॉल ब्लैडर और हर्निया) शामिल हैं। सरकारी अस्पताल में इस तरह की अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी का सफल होना पूरे राजस्थान के लिए गर्व की बात है।
21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाए जाने की तैयारी चल रही है। जिला प्रशासन के निर्देशन में संबंधित अधिकारियों को इसके जिम्मेदारी दी गई है। यह आयोजन जनपद के सभी स्कूल व कालेजों में भी होगा। इसी क्रम में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में शुक्रवार से योग के लिए विशेष शिविर आयोजित किया जा रहा है। तीन दिनों तक चल रहे इस योग शिविर में योग प्रशिक्षकों द्वारा पूरी टीम को योगाभ्यास कराया जा रहा है। कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा, भारतीयक संस्कृति की आत्मा, ऋषियों की तपःपूत साधना तथा मानव कल्याण का सार्वभौम संदेश योग आज सम्पूर्ण विश्व के लिए आशा, स्वास्थ्य और शान्ति का आधार बन चुका है। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि आत्मा, मन और शरीर के दिव्य समन्वय का विज्ञान है, जो मानव जीवन को संतुलित, स्वस्थ एवं सार्थक बनाता है।इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में योग सप्ताह के क्रम में विशेष योगाभ्यास एवं जनजागरण कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के दीक्षांत लॉन में सुबह 06:00 बजे से 07:00 बजे तक किया जा रहा है।
बुलंदशहर में गोलीबारी, एक युवक की मौत:दो पक्षों के विवाद के बाद तनाव, भारी पुलिस बल तैनात
बुलंदशहर के औरंगाबाद क्षेत्र स्थित पाली मोड़ पर दो समुदायों के बीच हुए विवाद के बाद हिंसक झड़प और गोलीबारी हुई। इस घटना में गोली लगने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। जानकारी के अनुसार, पाली मोड़ पर किसी बात को लेकर दो पक्षों में कहासुनी शुरू हुई थी। विवाद बढ़ने पर दोनों ओर से पथराव और फायरिंग होने लगी। इसी दौरान एक युवक को गोली लगी और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना प्रभारी असलम मोहम्मद सहित पुलिस के आलाधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लिया और हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराया। एहतियात के तौर पर गांव और आसपास के इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि स्थिति दोबारा न बिगड़े। पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने मृतक युवक के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। सीओ सिटी प्रखर पांडेय ने बताया कि मौके पर शांति व्यवस्था कायम है। घटना के कारणों की बारीकी से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी कानून व्यवस्था हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
पलवल जिला सीआईए होडल टीम ने नशा तस्करी के दो अलग-अलग मामलों में गहनता से जांच करते हुए नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। टीम ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। दोनों मुख्य सप्लायरों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। सीआईए होडल प्रभारी जगमिंदर सिंह ने बताया कि पहला मामला 4 जून का है। बहीन थाना क्षेत्र में पुलिस ने नाकेबंदी के दौरान बाइक सवार आबिद और अकीम को 50 ग्राम स्मैक के साथ पकड़ा था। मामले की जांच के दौरान, पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर स्मैक सप्लाई करने वाले मुख्य आरोपी अजरुद्दीन को गिरफ्तार किया गया है। अजरुद्दीन गुराकसर गांव का निवासी है। हसनपुर के झुंडवास का रहने वाला वहीं दूसरा मामला 6 अप्रैल, 2025 का है। होडल थाना क्षेत्र में रेलवे रोड सर्विस रोड के पास से प्रकाश सिंह नामक आरोपी को बाइक पर 17 किलो 300 ग्राम गांजा पत्ती के साथ गिरफ्तार किया गया था। मामले में भी गहनता से जांच करते हुए, विवेचना टीम ने गांजे के मुख्य सप्लायर रफीक को गिरफ्तार किया। रफीक हसनपुर के झुंडवास गांव का रहने वाला है। मादक पदार्थ तस्करी के कई केस दर्ज पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान उनकी निशानदेही पर कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी रफीक एक शातिर नशा तस्कर है। उसके खिलाफ पहले भी विभिन्न थानों में मादक पदार्थ तस्करी के कई मामले दर्ज हैं।
बदायूं में चोरी के आरोपी को ग्रामीणों ने पीटा:बिजली के पोल से बांधकर मारपीट का वीडियो
बदायूं के दुगरैया गांव में चोरी के आरोप में पकड़े गए एक युवक को ग्रामीणों द्वारा बिजली के पोल से बांधकर पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। अब पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर मारपीट करने वालों की पहचान कर रही है। गांव निवासी सुभाष ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह पंजाब में सब्जी का काम करता है। करीब दो माह पहले उसके घर से एक लाख रुपये नकद और एक मोबाइल चोरी हो गया था। उस समय ग्रामीणों के समझाने पर उसने शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। तहरीर के अनुसार, 18 जून को सुभाष अपने घर में सो रहा था। इसी दौरान राजेश पुत्र ताराचंद्र उसके घर से पीतल का एक थाल चोरी कर ले जा रहा था। आहट सुनकर सुभाष की नींद खुल गई और उसने राजेश को थाल ले जाते देख शोर मचाया। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर आरोपी राजेश को पकड़ लिया। पोल से बांधकर उसकी पिटाई इसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने आरोपी राजेश को बिजली के पोल से बांधकर उसकी पिटाई कर दी। इस घटना का वीडियो अब सामने आया है। पुलिस ने चोरी के मामले में आरोपी राजेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, वायरल वीडियो के आधार पर आरोपी की पिटाई करने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
सागर जिले किसानों को मानसून का इंतजार है। खरीफ फसल की बोनी के लिए किसानों ने अपने खेत तैयार कर लिए हैं। खेतों की जुताई लगभग पूरी हो चुकी है। अब बारिश होगी और खेतों में नमी आएगी। जिसके बाद किसान बोनी का काम शुरू करेंगे। किसानों का कहना है कि 22 जून तक मानसून आएगा तो बोनी समय पर हो सकती है। लेकिन मानसून में देरी हुई और बारिश नहीं हुई तो बोनी पिछड़ेगी और फसलों को आने वाले समय में नुकसान हो सकता है। शुक्रवार को सुबह से सागर के आसमान में बादलों की आवाजाही जारी है। हवाएं चल रही हैं। जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। हालांकि इस समय दिन और रात के तापमान में उछाल आया है। दिन का पारा 38.9 डिग्री और न्यूनतम पारा 25.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, मध्य भारत में पिछले कुछ वर्षों में प्री-मानसून गतिविधियों की तीव्रता बढ़ी हैं। इसके पीछे अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार मिल रही नमी, पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ लाइन की सक्रियता, स्थानीय स्तर पर सतह का अत्याधिक गर्म होना और जलवायु परिवर्तन जैसे कारण जिम्मेदार हैं। यही कारण है कि जून में मौसम असामान्य होने लगा है। शुक्रवार को जिले के कुछ हिस्सों में हवा-आंधी के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है। पिछले साल की तुलना में 35.49% कम बारिशजिले में बारिश के इस सीजन में 1 जून से अब तक 23.3 मिमी यानी 0.9 इंच औसत बारिश हो चुकी है। जबकि पिछले साल 19 जून तक जिले में 36.2 मिमी यानी 1.4 इंच बारिश हुई थी। इस प्रकार जिले में पिछले साल की तुलना में इस बार 35.49% बारिश कम हुई है।
बिहारशरीफ शहर के मंगल कुआं स्थित गुरुद्वारा में सिखों के पांचवें गुरु श्री गुरु अर्जन देव जी का 420वां शहीदी दिवस पूरी श्रद्धा, भक्ति और सेवा भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संगत मौजूद रहे। गुरु साहिब के दरबार में मत्था टेककर उन्हें नमन किया। कीर्तन और गुरबाणी से गूंजा परिसर शहीदी दिवस के अवसर पर सुबह 5 बजे गुरुद्वारा परिसर में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का विधिवत प्रकाश किया गया। इसके बाद पंचवाणी और सुखमणि साहिब(जो गुरु अर्जन देव जी की ही बाणी है) का पाठ हुआ। मुख्य ग्रंथी भाई रवि सिंह की ओर से प्रस्तुत शबद कीर्तन से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने गुरबाणी का श्रवण कर गुरु साहिब के बताए सत्य, सेवा और मानवता के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। 'तेरा कीआ मीठा लागै' ग्रंथी रवि सिंह ने कहा कि गुरु अर्जन देव जी ने धर्म और कौम की खातिर हंसते-हंसते अपनी शहादत दे दी। मुगल शासक जहांगीर द्वारा उन्हें अमानवीय यातनाएं दी गई। उन्हें गर्म तवे पर बिठाया गया, खौलते पानी में रखा गया और शरीर पर गर्म रेत डाली गई। इसके बावजूद गुरु साहिब टस से मस नहीं हुए। परमात्मा का ध्यान करते हुए कहा, 'तेरा कीआ मीठा लागै, हरि नामु पदारथु नानकु मांगै।' बांटी गई ठंडे मीठे जल की छबील कार्यक्रम के अंत में अरदास और हुकमनामा का पाठ किया गया। गुरु साहिब को दी गई कष्टदायक और तपती यातनाओं को याद करते हुए, इस भीषण गर्मी में लोगों को राहत देने के लिए गुरुद्वारा परिसर और मुख्य मार्ग पर श्रद्धालुओं व राहगीरों के बीच ठंडे-मीठे जल की छबील लगाई गई। साथ ही कड़ाह प्रसाद और चने का वितरण किया गया। इस मौके पर सरदार बीर सिंह, सरदार सतनाम सिंह, सरदार दीप सिंह सहित बड़ी संख्या में मोहल्लेवासी व सिख समाज के लोग मौजूद रहे।
कोटा विश्वविद्यालय द्वारा सेमेस्टर परीक्षाओं के ऑनलाइन आवेदन 18 जून से शुरू किए जाने के बावजूद स्नातक चतुर्थ और छठे सेमेस्टर के छात्रों के लिए परीक्षा आवेदन पोर्टल अभी तक शुरू नहीं हुआ है। इस स्थिति से छात्रों में असंतोष और चिंता का माहौल है। इसी समस्या को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने शुक्रवार को पीजी कॉलेज झालावाड़ के प्रिंसिपल को ज्ञापन सौंपा। एबीवीपी ने विश्वविद्यालय प्रशासन से इस समस्या का शीघ्र समाधान करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि विश्वविद्यालय ने आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा तो कर दी है, लेकिन स्नातक चतुर्थ और छठे सेमेस्टर के छात्रों के लिए पोर्टल अब तक सक्रिय नहीं किया गया है। इससे छात्रों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। आवेदन की निर्धारित समय-सीमा लगातार कम होती जा रही है, जिससे कई छात्र आवेदन प्रक्रिया को लेकर असमंजस में हैं और अपने शैक्षणिक भविष्य को लेकर चिंतित हैं। एबीवीपी के जिला संयोजक दीपेन्द्र सिंह राठौड़ ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में इस तरह की लापरवाही उचित नहीं है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द संज्ञान लेकर पोर्टल शुरू करने की अपील की, ताकि छात्रों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। नगर सह मंत्री प्रियंशु पाटीदार ने बताया कि बड़ी संख्या में छात्र परिषद से संपर्क कर अपनी समस्या बता रहे हैं। आवेदन तिथि घोषित होने के बावजूद पोर्टल का उपलब्ध न होना छात्रों की चिंता बढ़ा रहा है। परिषद ने मांग की है कि विश्वविद्यालय प्रशासन शीघ्र स्थिति स्पष्ट करे और पोर्टल शुरू करे। एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो छात्रों के हित में व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान अजय कुमार, दीपक शर्मा, वैभव, जुनैद चौधरी सहित परिषद के अन्य कार्यकर्ता और छात्र उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शिक्षा विभाग की ओर से खरीदी गई कुर्सियों को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि GeM पोर्टल के जरिए 200 रुपए की कुर्सी 2000 रुपए में खरीदी गई। इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने सोशल मीडिया पर फैलाई गई जानकारी पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया। उन्होंने कहा कि विभाग ने 200 रुपए वाली प्लास्टिक कुर्सी की कोई खरीद नहीं की है। 1500-1500 रुपए में 100 स्टील फ्रेम कुशन चेयर खरीदी गईं। वहीं, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कांग्रेस के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि बिना जांच के इस तरह के आरोप लगाना उचित नहीं है। बाजार में सामान्य कुर्सियों की कीमत भी हजार रुपये से अधिक होती है। जानिए क्या है पूरा मामला ? जानकारी के मुताबिक दुर्ग शिक्षा विभाग ने अक्टूबर 2025 को कुर्सी खरीदी थी। इसके ठीक 9 महीने बाद यानी 16 जून 2026 को कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा- 'दुर्ग शिक्षा विभाग में GeM पोर्टल के जरिए 200 रुपए की कुर्सी 2000 रुपए में खरीदने का मामला भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार के पाल खोल रहा है। एक तरफ जनता महंगाई से पिस रही है। दूसरी तरफ पारदर्शिता के नाम पर बनाए गए GeM पोर्टल के जरिए सरकारी खजाने को खुलआम लूटने का काम चल रहा है'। DEO बोले- आरोप पूरी तरह गलत जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाई गई जानकारी पूरी तरह गलत और भ्रामक है। विभाग ने 200 रुपये वाली प्लास्टिक कुर्सी की कोई खरीद नहीं की है। 27 जून 2025 को कलेक्टर और आयुक्त ने जिला ग्रंथालय का निरीक्षण किया था। उस समय बैठने की व्यवस्था अपर्याप्त पाई गई, जिसके बाद अतिरिक्त कुर्सियों की खरीद का प्रस्ताव तैयार किया गया। स्टील कुशन चेयर खरीदी का दावा शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार ग्रंथालय के लिए 100 स्टील फ्रेम कुशन चेयर खरीदी गईं। हर चेयर की कीमत 1500 रुपए तय की गई। पूरी खरीद GeM पोर्टल के जरिए नियमों के अनुसार की गई। विभाग ने कहा कि इस खरीद से जुड़े सभी दस्तावेज, भुगतान रिकॉर्ड, फोटो और वीडियो उपलब्ध हैं। जरूरत पड़ने पर इनका परीक्षण किया जा सकता है। शिक्षा मंत्री बोले- बिना जांच आरोप लगाना गलत शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कांग्रेस के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि बिना जांच के इस तरह के आरोप लगाना उचित नहीं है। बाजार में सामान्य कुर्सियों की कीमत भी हजार रुपये से अधिक होती है। संबंधित कुर्सी स्टील फ्रेम और कुशन वाली है, जिसकी कीमत 1500 रुपये या उससे अधिक रहती है। मंत्री ने यह भी कहा कि मामले की जानकारी लेने के बाद उन्हें पूरा भरोसा है कि खरीद नियमों के अनुसार हुई है। उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि किसी भी आरोप से पहले तथ्य जांचे जाएं। …………….. यह खबर भी पढ़िए… बिना CGMC मंजूरी छत्तीसगढ़ में काम कर सकेंगे बाहरी डॉक्टर: जूडा बोला- फर्जीवाड़ा बढ़ेगा, लोकल्स की नौकरी खतरे में; स्वास्थ्य मंत्री बोले- व्यवस्था सुधरेगी छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल काउंसिल की ओर से जारी नोटिफिकेशन के बाद प्रदेश में विवाद छिड़ गया है। दोनों नोटिफिकेशन 15 दिन के भीतर जारी किए हैं। पहला नोटिफिकेशन 27 मई को छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल ने जारी किया। पढ़ें पूरी खबर…
आईआईटी बीएचयू के जैव रासायनिक अभियंत्रिकी विभाग ने एक विशेष बायो-कन्वर्टर डस्टबिन विकसित किया है, जो घरों से निकलने वाले किचन वेस्ट को मात्र 30 दिनों में जैविक खाद में बदल देता है। वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक सुरेश ढोबले ने बताया कि बड़े स्तर पर कचरे को खाद में बदलने वाले संयंत्र पहले भी बनाए गए हैं, लेकिन घरेलू उपयोग के लिए इस प्रकार का माइक्रो-लेवल समाधान पहली बार सफलतापूर्वक विकसित किया गया है। कचरे से खाद बनने में लगेगा 30 दिन डॉ. ढोबले के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में फल और सब्जियों के छिलके, बचा हुआ भोजन तथा अन्य जैविक कचरा खाद में बदलने में लगभग 90 दिन का समय लेते हैं। लेकिन इस विशेष डस्टबिन में ऑक्सीजन आपूर्ति की वैज्ञानिक तकनीक अपनाकर यह समय घटाकर मात्र 30 दिन कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक परीक्षण प्लास्टिक कंटेनर में किए गए थे। लेकिन खाद में प्लास्टिक के सूक्ष्म अंश और गंध मिलने की संभावना को देखते हुए बाद में स्टील कंटेनर और मिट्टी के बर्तनों पर प्रयोग किए गए। डस्टबिन में छोटे-छोटे छिद्र और एक विशेष एयर पाइप लगाया गया है, जिसके माध्यम से सामान्य एयर पंप या एक्वेरियम में उपयोग होने वाले ऑक्सीजन पंप से हवा की आपूर्ति की जाती है। इससे जैविक अपघटन की प्रक्रिया तेज हो जाती है। नगर निगम और स्मार्ट सिटी की मदद से घर-घर तक पहुंचेगा उपकरण डॉ. ढोबले ने बताया कि कचरे से दुर्गंध न फैले, इसके लिए विशेष जैव-रासायनिक तत्वों का भी उपयोग किया गया है। इससे कचरा जल्दी विघटित होता है और खाद बनने की प्रक्रिया भी तेज हो जाती है। इस तकनीक को हाल ही में पेटेंट भी प्राप्त हो चुका है। पेटेंट स्वीकृति मिलने के बाद अब इसे बाजार में उतारने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए निवेशकों की तलाश की जा रही है। तब तक आईआईटी बीएचयू के स्टार्टअप सेल के माध्यम से इसका प्रचार-प्रसार किया जाएगा। डॉ. ढोबले ने कहा कि भविष्य में स्मार्ट सिटी परियोजना और नगर निगम के सहयोग से इस तकनीक को घर-घर तक पहुंचाने की योजना है। यदि बड़े पैमाने पर लोग इस तरह के बायो-कन्वर्टर डस्टबिन का उपयोग करने लगें तो शहरों में कूड़े के बढ़ते पहाड़ों को कम करने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।
रोहतक पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले 12 आरोपियों को काबू किया है, जिनमें से दो आरोपी महाराष्ट्र व 10 आरोपियों को देहरादून से पकड़ा है। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है, ताकि साइबर ठगी के अन्य मामलों का खुलासा किया जा सके। SP गौरव राजपुरोहित ने बताया कि साइबर ठगी का 9 जून को एक केस दर्ज हुआ था, जिसमें 17 लाख रुपए का फ्रॉड सामने आया था। इस मामले में श्री विष्णु प्रिया फाइनेंसियल यूजिंग फर्म के मालिक की तरफ से मैनेजर को व्हाट्सएप से मैसेज गया कि मैं एक मीटिंग में हुं और मुझे 17 लाख रुपए अर्जेंट चाहिए। एसपी ने बताया कि फर्म के मालिक का एक साथी झज्जर का रहने वाला है, जिसका लैपटॉप एक रिमोट के एक्सेस से हैक हो गया था। लैपटॉप से एक मैसेज भेजा गया, जो इनके लैपटॉप में ओपन करते ही सारा डेटा अपराधियों तक पहुंच गया। साइबर ठगी का पता चलने के बाद शिकायत दी गई। महाराष्ट्र से पकड़े 2 आरोपी, कोलकाता करेंगे रेड एसपी गौरव राजपुरोहित ने बताया कि साइबर क्राइम टीम ने जांच करते हुए महाराष्ट्र के नापुर जिले से दो आरोपियों को पकड़ा है। इनमें एक आरोपी खाता धारक है और दूसरा खाताधारक से खाता लेकर दूसरे को देता था। जिसे खाता पहुंचाया गया, वह कोलकाता की टीम है, जिसे पकड़ने के लिए कार्रवाई कर रहे है। इनकी फाइनेंसियल टीम को पकड़ा है, अब टैक्नीकल टीम को जल्द पकड़ेंगे। देहरादून से पकड़ा कॉल सेंटर एसपी गौरव राजपुरोहित ने बताया कि दो मामलों में टीम ने देहरादून के कॉल सेंटर पर रेड मारते हुए 10 लोगों को पकड़ा है। आरोपी क्रेडिट कार्ड को अपडेट करवाने का मैसेज करते थे और लिंक भेजकर साइबर ठगी का शिकार बनाते थे। रोहतक के अलावा हरियाणा व अन्य राज्यों की शिकायत पर भी कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों के कब्जे से पकड़े 15 मोबाइल एसपी ने बताया कि देहरादून से पकड़े आरोपियों के पास से 15 मोबाइल फोन बरामद किए गए है। साइबर क्राइम में कई लोग शामिल होते है, जिन्हें पकड़ने के लिए टीम कार्रवई कर रही है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ चल रही है, जिससे कई मामलों का खुलासा होगा।
भिवानी में घंटा घर चौक से लेकर रेलवे रोड तक लगने वाली रेहड़ियों को हटाने के विरोध में शुक्रवार को नेहरू पार्क में शहीद स्मारक के सामने रेहड़ी संचालकों ने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि उन्हें रेहड़ी लगाने की अनुमति दी जाए। रेहड़ी संचालक संजय ने कहा कि उनकी रेहड़ी हटा दी गई है और उनके साथ गाली-गलौज किया जाता है। उन्होंने कहा कि गरीबों को गाली ना दी जाए और उन्हें रेहड़ी लगाकर परिवार का पालन पोषण करने की अनुमति दी जाए। सभी गरीब व्यक्ति हैं और रेहड़ी लगाकर कमाकर खा रहे हैं। रेहड़ी संचालिका ऊषा ने कहा कि वह कपड़े की रेहड़ी जिला अस्पताल के नजदीक लगाती है। जब प्रशासन की टीम आई तो उसने 2 बार रेहड़ी हटाई थी। लेकिन उन्हें धमकी दी कि रेहड़ी हटा लो अन्यथा उठाकर ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें सरकार द्वारा रेहड़ी लगाने की अनुमति दी जाए या फिर सरकार कोई ऐसा काम बताए, जिसे करके हम अपने बच्चों का पालन-पोषण कर पाएं। मांग नहीं मानी तो नगर परिषद का करेंगे घेराव भिवानी व्यापाल मंडल के अध्यक्ष जेपी कौशिक ने कहा कि रेहड़ी वाले व फल-फ्रूट के व्यापारियों के साथ अत्याचार किया जा रहा है। बीच में सीएम के दौरे के दौरान शांति हो रखी थी। लेकिन अब फिर से इन्हें नगर परिषद के अधिकारी व कर्मचारी परेशान कर रहे हैं। नगर परिषद के कर्मचारी इनकी रेहड़ी तोड़ देते हैं और गाली-गलौज करते हैं। विरोध स्वरूप किसी ने भी रेहड़ी नहीं लगाई। उनकी मांग है कि रेहड़ी लगाने की अनुमति दी जाए या फिर उनका कोई रेहड़ी लगाने के लिए स्थान निश्चित किया जाए। इसके अलावा नगर परिषद इन रेहड़ी वालों का टोकन काटकर दे, जिससे नगर परिषद की कमाई होगी और इनका रोजगार भी चलता रहेगा। अगर उनकी मांग नहीं मानी तो वे नगर परिषद का घेराव करेंगे और धरना देंगे। विधायक घनश्याम सर्राफ व सांसद धर्मबीर सिंह का भी घेराव किया जाएगा। अगर रेहड़ी वालों के साथ अत्याचार किया गया तो उसका उल्टा जवाब देने से पीछे नहीं हटेंगे। जल्द समाधान करें- विजय पंचगावा इनेलो नेता एवं नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन विजय पंचगावा भी रेहड़ी वालों से मिलने पहुंचे और समर्थन देकर कहा कि वे इनकी मांग डीसी व अधिकारियों के समक्ष उठाएंगे। विजय पंचगावा ने कहा कि जब वे चेयरमैन थे तो उस समय भी रेहड़ी वालों के समक्ष ऐसी ही समस्या आई थी। उस दौरान डीसी के साथ बैठकर एक नियम बनाया और सभी रेहड़ी वालों के 100-100 रुपए की रसीद काटकर एक साल का परमिट दिया था और उनकी जगह निश्चित की थी। जिससे व्यवस्था बनी। उसी तरह व्यवस्था अभी भी बन सकती है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद व डीसी इनकी समस्या का समाधान करें। जहां रेहड़ी संचालक अपनी रेहड़ी लगाकर कमाई कर पाएं। रेहड़ी वालों को हटाने की बजाया तोड़ाफोड़ की जा रही है। जो बिल्कुल गलत है। अगर जरूरत है तो रेहड़ी वालों को चेतावनी देकर हटा दें। यह सरकार अंग्रेजों की तरह शासन ना करें, अंग्रेजों में भी सुनवाई होती थी। लेकिन अब सुनवाई नहीं हो रही।
किशनगंज पुलिस ने बिहार में शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की है। कोचाधामन थाना क्षेत्र में पुलिस ने 98.52 लीटर विदेशी शराब के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। शराब तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे टेम्पो को भी जब्त कर लिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सागर कुमार के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान का हिस्सा थी। यह घटना धनपुरा पुलिस पिकेट क्षेत्र की है। गुरुवार शाम रहमतपाड़ा के पास वाहनों की सघन जांच की जा रही थी। इसी दौरान किशनगंज की ओर से आ रहे एक टेम्पो को रोकने का इशारा किया गया। पुलिस को देखते ही चालक ने भागने का प्रयास किया, लेकिन सतर्क जवानों ने उसे घेरकर पकड़ लिया। डेढ़ लाख की शराब बरामद टेम्पो संख्या BR11F1405 की तलाशी लेने पर उसके अंदर से पश्चिम बंगाल निर्मित विभिन्न ब्रांड की कुल 98.52 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब डेढ़ लाख रुपए हैं। पुलिस ने मौके से टेम्पो चालक सुकेश कुमार ( 25) को गिरफ्तार कर लिया। सुकेश कुमार पूर्णिया जिले के मुफ्फसिल रानीपत्रा थाना अंतर्गत चांदी कठवा निवासी मागन मेहता का पुत्र है। इस मामले में कोचाधामन थाना में कांड संख्या 332/26, धारा 30 (ए) बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम 2022 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तार तस्कर को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। पुलिस अब इस तस्करी के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज की जांच कर रही है। अवैध संपत्ति को पुलिस ने किया जब्त चालक से पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर, शराब तस्करी से अर्जित अवैध संपत्ति को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 107 के तहत जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस कार्रवाई को कोचाधामन थानाध्यक्ष इजहार आलम के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। टीम में धनपुरा पिकेट प्रभारी प्रदीप कुमार, प्रतीक्षा कुमार, पी.टी.सी. राजू कुमार साह के साथ सशस्त्र बल के जवान और चालक शामिल थे।
मधुबनी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर शुक्रवार सुबह 09151 उदना स्पेशल ट्रेन की एक बोगी से अचानक धुआं उठने से यात्रियों और रेलकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, रेल अधिकारियों की तत्परता और सूझबूझ से स्थिति पर तुरंत नियंत्रण पा लिया गया और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। जानकारी के अनुसार, 09151 उदना स्पेशल ट्रेन शुक्रवार सुबह 6:17 बजे मधुबनी स्टेशन पहुंची थी। इसे 6:50 बजे 09152 उदना स्पेशल के रूप में उदना के लिए रवाना होना था। सुबह लगभग 6:40 बजे ट्रेन की एस-4 बोगी से अचानक धुआं निकलने लगा, जिससे यात्रियों में हलचल मच गई और स्टेशन परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही रेल अधिकारी और कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और धुएं के स्रोत का पता लगाने में जुट गए। अधिकारियों की तत्परता से कुछ ही देर में धुएं पर काबू पा लिया गया। बताया गया कि घटना के समय एस-4 बोगी में लगभग पांच यात्री मौजूद थे, जिन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा। घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने एहतियातन एस-4 बोगी को ट्रेन से अलग कर दिया। उसकी गहन जांच शुरू कर दी गई है। तकनीकी कर्मियों द्वारा ट्रेन की मरम्मत और अन्य बोगियों की जांच का कार्य भी जारी है। इस संबंध में मधुबनी रेलवे स्टेशन के रेल अधीक्षक राजेश कुमार ने शुक्रवार दिन के 11:30 बजे बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि वरीय अधिकारी भी मौके पर पहुंच रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही धुआं उठने के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। समाचार लिखे जाने तक, शुक्रवार दिन के 11:30 बजे तक ट्रेन प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर ही खड़ी थी और उसकी मरम्मत तथा तकनीकी जांच का कार्य जारी था। रेलवे प्रशासन पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है।
सिंगरौली पुलिस लाइन में शुक्रवार को जनरल परेड का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक सिंगरौली शियाज के.एम. (IPS) ने परेड की सलामी ली और पुलिस बल की तैयारियों, अनुशासन तथा कार्यक्षमता का निरीक्षण किया। परेड में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने निर्धारित ड्रिल के अनुसार अनुशासित प्रदर्शन किया। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने टोलीवार परेड, टर्न आउट, वर्दी की साफ-सफाई, चाल-ढाल, कमांड, अनुशासन और ड्रिल प्रदर्शन का बारीकी से अवलोकन किया। टोली कमांडरों ने क्रमवार उन्हें सलामी दी। एसपी ने परेड की समग्र गुणवत्ता का मूल्यांकन करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। परेड के बाद पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि परेड पुलिस बल के अनुशासन, एकता, सजगता और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक पुलिसकर्मी का व्यवहार, समयपालन, वर्दी और कार्यशैली विभाग की गरिमा को दर्शाती है। इसलिए सभी को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए। इस अवसर पर उत्कृष्ट टर्न आउट, बेहतर अनुशासन और श्रेष्ठ परेड प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। एसपी ने कहा कि अच्छे कार्यों को प्रोत्साहन मिलने से पुलिस बल में सकारात्मक ऊर्जा, आत्मविश्वास और सेवा भावना का विकास होता है। उन्होंने पुलिस कर्मियों को आमजन के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहने और वर्दी की गरिमा बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही जनता के विश्वास को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। जनरल परेड के माध्यम से पुलिस बल की तैयारी, टीम भावना, अनुशासन और कार्यक्षमता का प्रभावी प्रदर्शन देखने को मिला। कार्यक्रम में शामिल सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साह एवं पूर्ण अनुशासन के साथ भागीदारी निभाई।
चंदेसरा में अंकलेश्वर मित्र मंडल की ओर से द्वारिका स्टेडियम अडवाणिया में आयोजित NPL (नागदा प्रीमियम लीग) क्रिकेट प्रतियोगिता का समापन हो गया। सात दिवसीय इस प्रतियोगिता में नागदा समाज सोलह खेड़ा की 20 टीमों ने भाग लिया। सोमेश्वर ग्रुप नूरड़ा और अंकलेश्वर अडवाणिया के बीच फाइनल प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला सोमेश्वर ग्रुप नूरड़ा और अंकलेश्वर अडवाणिया के बीच हुआ। सोमेश्वर ग्रुप नूरड़ा ने यह खिताब जीता, जबकि अंकलेश्वर अडवाणिया की टीम उपविजेता रही। समापन समारोह में विजेता टीम सोमेश्वर ग्रुप नूरड़ा को 15 हजार रुपए नकद और ट्रॉफी प्रदान की गई। उपविजेता टीम अंकलेश्वर अडवाणिया को 7,500 रुपए नकद और ट्रॉफी मिली। अंकलेश्वर मित्र मंडल के कार्यकर्ताओं ने बताया कि प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य समाज के युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाना, प्रतिभाओं को मंच देना और विभिन्न गांवों के युवाओं के बीच भाईचारा और एकता मजबूत करना है। इस प्रतियोगिता में बामनहेड़ा, घासा, मानकावास, नूरड़ा, उदयपुर सहित आसपास के कई क्षेत्रों की टीमों ने भाग लिया। आयोजकों के अनुसार, खेल युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करते हैं। ऐसे आयोजन समाज में एकता और सद्भाव का संदेश देते हैं। प्रतियोगिता के सफल आयोजन पर समाज के लोगों और खिलाड़ियों ने अंकलेश्वर मित्र मंडल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की उम्मीद जताई।
बांका में दहेज की मांग पूरी न होने पर युवती की पिटाई के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना बाराहाट थाना क्षेत्र के केनवाटीकर गांव में मृतका की पहचान रजौन थाना क्षेत्र के संझा गांव निवासी विभाष यादव की बेटी ब्यूटी कुमारी(25) के रूप में हुई है। इस मामले में पति समेत छह लोगों पर आरोप लगाया गया है। मृतका के पिता विभाष यादव ने बताया कि उनकी बेटी की शादी साल 2022 में केनवाटीकर गांव निवासी प्रीतम यादव के साथ हुई थी। शादी के समय दहेज के रूप में नगद पैसे और अन्य सामान दिए गए थे। हालांकि,शादी के कुछ समय बाद से ही पति प्रीतम यादव और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्य वाहन खरीदने के लिए दो लाख रुपए नगद दहेज की मांग करने लगे। दहेज की मांग पूरी न होने पर ब्यूटी कुमारी को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी जाती थी। लोहे की रॉड से पति ने की थी पिटाई परिजन के अनुसार, बीते 2 अप्रैल को पति समेत ससुराल पक्ष के छह लोगों ने मिलकर ब्यूटी कुमारी की लोहे की रॉड से बेरहमी से पिटाई की थी। इस हमले में ब्यूटी की आंख, सिर और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद वह ठीक से चलने-फिरने में भी असमर्थ हो गई थी। घटना की जानकारी मिलने पर पिता विभाष यादव घायल बेटी को अपने घर ले आए और उसका इलाज शुरू कराया।पिछले करीब दो महीने से उसका लगातार उपचार चल रहा था। गुरुवार शाम अचानक उसकी तबीयत फिर बिगड़ गई। परिजन उसे इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत से पहले युवती ने थाने में की थी शिकायत मृतका के पिता ने बताया कि 2 अप्रैल को हुई मारपीट की घटना के बाद उनकी बेटी ने घायल अवस्था में दहेज प्रताड़ना और मारपीट को लेकर बाराहाट थाना तथा बांका महिला थाना में आवेदन भी दिया था। इसके बावजूद ससुराल पक्ष का रवैया नहीं बदला। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को अक्सर दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था और उसका पति दूसरी शादी करने की धमकी देता था। मामले को लेकर कई बार पंचायत भी बुलाई गई, लेकिन ससुराल पक्ष ने पंचायत की बातों को नजरअंदाज कर दिया। परिजनों ने पति सहित ससुराल पक्ष के सभी आरोपितों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और न्याय की मांग की है। उनका कहना है कि दहेज लोभियों ने उनकी बेटी की पीट-पीटकर हत्या कर दी है।इधर, एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा ने बताया कि मामले में फर्द बयान प्राप्त होने के बाद पुलिस द्वारा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शामली में गोमांस दावत पर पुलिस की छापेमारी:दूल्हा सहित दो गिरफ्तार, 40 भगोने गोमांस बरामद
शामली जनपद के कैराना कोतवाली क्षेत्र में एक वैवाहिक समारोह के दौरान प्रतिबंधित गोमांस परोसे जाने की सूचना पर पुलिस ने देर रात मुगल गार्डन मैरिज होम में छापेमारी की। इस कार्रवाई में दूल्हा फरमान और सलमान नामक दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस को कैराना के खद्दर क्षेत्र में गोकशी की सूचना मिली थी, जहां से अवशेष और अन्य सामग्री बरामद हुई थी। टायर के निशानों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने एक गाड़ी का पीछा किया, जो उन्हें मैरिज होम तक ले गई। मैरिज होम में दबिश के दौरान पुलिस टीम ने 40 बड़े भगोने गोमांस से भरे हुए और कुछ गोवंश बरामद किया। पुलिस ने मौके से दूल्हा फरमान पुत्र फुरकान और सलमान पुत्र दिलशाद को गिरफ्तार किया। मैरिज होम का संचालक अनीस अंसारी मौके से फरार होने में सफल रहा। उपनिरीक्षक गौरव चौहान की ओर से कैराना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार दूल्हा फरमान चंडीगढ़ में लेडीज सूट की दुकान चलाता है और अपनी शादी के लिए 20 दिन पहले ही कैराना आया था। फरमान के पिता फुरकान भी कस्बे में लेडीज सूट की दुकान चलाते हैं। चर्चा है कि किसी दुकानदार इमरान के माध्यम से गोमांस लाने और गोकशी की योजना बनाई गई थी। पुलिस द्वारा इसका खुलासा किया गया है। आरोपी दूल्हा फरमान अपनी शादी में मिली स्कॉर्पियो गाड़ी से गोवंश (मांस) को मैरिज होम तक लाया था।
भास्कर खबर के 4 घंटे बाद बर्डपुर के बीडीओ हटे:डीडीओ कार्यालय से संबद्ध, अजय प्रताप को मिला प्रभार
सिद्धार्थनगर के बर्डपुर विकासखंड के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) ओमप्रकाश यादव को उनके पद से हटा दिया गया है। उन्हें जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। उनकी जगह अजय प्रताप को बर्डपुर का नया खंड विकास अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह कार्रवाई उस समय हुई है, जब विकासखंड से जुड़ी अनियमितताओं को लेकर प्रकाशित खबर के बाद प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई थी। दैनिक भास्कर ने 18 जून को प्रकाशित खबर में बर्डपुर विकासखंड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। रिपोर्ट में बताया गया था कि सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) कार्यालय में रहमान नाम का एक व्यक्ति कंप्यूटर पर कार्य करता पाया गया। साथ ही उसकी फर्म मेसर्स रहमान ट्रेडर्स को विभिन्न ग्राम पंचायतों से लाखों रुपये के भुगतान किए जाने का मामला भी सामने आया था। इसके अलावा सिंहोरवा बुजुर्ग ग्राम पंचायत में तैनात सफाई कर्मचारी फूलचंद के ब्लॉक कार्यालय में कार्यरत रहने को लेकर भी सवाल खड़े किए गए थे। खबर के बाद बढ़ी प्रशासनिक हलचल खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासनिक और विभागीय हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। इसी बीच कुछ ही घंटों के भीतर बीडीओ ओमप्रकाश यादव को हटाकर डीडीओ कार्यालय से संबद्ध करने का आदेश जारी कर दिया गया। तेजी से हुए इस घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। चर्चा इस बात को लेकर भी है कि जिस विकासखंड को लेकर गंभीर आरोप और सवाल उठ रहे थे, वहां के जिम्मेदार अधिकारी का स्थानांतरण इतनी जल्द क्यों किया गया। सीडीओ बोले- प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा इस मामले में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) बलराम सिंह ने कहा कि खंड विकास अधिकारी का स्थानांतरण पूरी तरह प्रशासनिक आधार पर किया गया है। उन्होंने इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया। मूल सवालों के जवाब का इंतजार उधर, बर्डपुर विकासखंड से जुड़े मूल मुद्दे अभी भी अनुत्तरित हैं। मेसर्स रहमान ट्रेडर्स को हुए भुगतानों की प्रक्रिया क्या थी, कार्यालय में कार्य करते दिखे व्यक्ति की अधिकृत भूमिका क्या थी और ग्राम पंचायत में तैनात सफाई कर्मचारी ब्लॉक कार्यालय में किस आदेश के तहत कार्य कर रहा था, इन सभी बिंदुओं पर अब भी स्पष्ट जवाब सामने नहीं आए हैं।
बुलंदशहर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान के नेतृत्व में डीएवी कॉलेज में राहुल गांधी का जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर बैंड-बाजे की धुन पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यकर्ताओं ने बैंड की धुन पर नृत्य किया और केक काटकर एक-दूसरे को खिलाया। कांग्रेसजनों ने राहुल गांधी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की। जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान एडवोकेट ने कहा कि राहुल गांधी देश में लोकतंत्र, संविधान, सामाजिक न्याय और आम जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने नफरत के माहौल में मोहब्बत और भाईचारे का संदेश देकर देश की राजनीति को नई दिशा दी है। पूर्व जिलाध्यक्ष सुभाष गांधी, राकेश भाटी, राजकुमार पंडित, भजनलाल और साजिद गाजी ने कहा कि राहुल गांधी आज देश के करोड़ों युवाओं, किसानों, मजदूरों, महिलाओं और वंचित वर्गों की आवाज बन गए हैं। उन्होंने पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने और संगठन को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। कांग्रेस नेता वीरेंद्र शर्मा, नरेंद्र चौधरी, मनोज शर्मा, मनीष चतुर्वेदी और नईम मंसूरी ने बताया कि राहुल गांधी का संघर्ष केवल सत्ता प्राप्ति के लिए नहीं, बल्कि देश के संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक सद्भाव की रक्षा के लिए है। कार्यक्रम में उपस्थित कांग्रेस नेताओं ने एकजुट होकर राहुल गांधी को देश का प्रधानमंत्री बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने आगामी चुनावों में कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने का निर्णय भी लिया। इस अवसर पर सुभाष गांधी, राकेश भाटी, नरेंद्र चौधरी, किशन चौधरी, राजकुमार पंडित, भजनलाल, आदर्श देव शर्मा, नईम मंसूरी, साजिद गाजी, सचिन वशिष्ठ, लुकमान चौहान, विनेश बाल्मिकी, देशदीपक भारद्वाज, अनुपम भारद्वाज, इस्लामुद्दीन सैफी, इशू शर्मा, गुरुबचन सिंह राजकुमार बघेल, जुबेर फारूकी, अभिलाष बाल्मिकी, हाफिज जीशान तालिब सैफी, रवि बाल्मिकी, शादाब, जावेद चौहान, राजकुमार बघेल, आरजू, डॉ शुजात, अनिल शर्मा, रहमत अली, सुरेंद्र उपाध्याय, कासिम, साहिल खान, अब्दुल रहमान, जुबेर राणा सहित कई अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
30 जुलाई से 28 अगस्त तक श्रावणी मेला रहेगा और 16 से 24 जुलाई तक पुरी में विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा समारोह होगा। इन दोनों आयोजनों में धनबाद व आसपास से बड़ी संख्या लोग शामिल होने ट्रेनों से जाते हैं। लेकिन, गोमो होकर पुरी और भुवनेश्वर जानेवाली सभी ट्रेनें 15 से 24 जुलाई के बीच पूरी तरह फुल हो गई हैं। सिर्फ धनबाद-भुवनेश्वर में सीटें उपलब्ध है। वनांचल में सीटें उपलब्ध हैं श्रावणी मेले के लिए सुल्तानगंज जाने वाली ट्रेनों के स्लीपर और एसी क्लास में टिकटों की बुकिंग भी तेज हो गई है। रांची-गोड्डा एक्सप्रेस की सभी क्लास में 15 अगस्त तक वेटिंग है। वनांचल में सीटें उपलब्ध हैं। जसीडीह जाने के लिए सिकंदराबाद-दरभंगा, पाटलिपुत्र और इंटरसिटी में सीटें उपलब्ध हैं। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, श्रावणी मेले में भीड़ वाले रूट पर स्पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी की जा रही है। धनबाद से सुल्तानगंज की ट्रेनों की स्थिति18603 रांची-गोड्डा, (मंगल, गुरु, शनि) 30 जुलाई से 15 अगस्त तक वेटिंग।18185 टाटा-गोड्डा, (सोमवार), 3 और 10 अगस्त को स्लीपर में वेटिंग, एसी में उपलब्ध।13403 वनांचल (वाया भागलपुर, प्रतिदिन), सभी श्रेणियों में सीटें उपलब्ध। धनबाद से जसीडीह जाने वाली ट्रेनों का हाल18619 रांची-गोड्डा, (प्रतिदिन), सभी श्रेणियों में सीटें उपलब्ध।18622 पाटलिपुत्र, (प्रतिदिन), सभी श्रेणियों में सीटें उपलब्ध।13331 धनबाद-पटना, (प्रतिदिन), सभी श्रेणियों में सीटें उपलब्ध।13320 रांची-दुमका, (प्रतिदिन), सभी श्रेणियों में सीटें उपलब्ध।18603 रांची-गोड्डा, (मंगल, गुरु, शनि) 15 अगस्त तक सभी श्रेणियों में वेटिंग।15027 मौर्य एक्सप्रेस, (प्रतिदिन) 1 अगस्त तक सभी श्रेणियों में वेटिंग। पुरी या भुवनेश्वर जाने वाली ट्रेनों की स्थिति12802 पुरुषोत्तम, (प्रतिदिन), 15 से 24 जुलाई तक सभी श्रेणियों में वेटिंग।12816 नंदन-कानन, (मंगल, गुरु, शुक्र, शनि), 15 से 24 जुलाई तक सभी श्रेणियों में वेटिंग।12876 नीलांचल, (बुध, शनि, रवि), 15 से 24 जुलाई तक सभी श्रेणियों में वेटिंग। सुल्तानगंज-देवघर के लिए अतिरिक्त बसें चलेंगीकांवरिए बड़ी संख्या में बसों से सुल्तानगंज जाते हैं। संचालकों ने कहा कि मांग होने पर सुल्तानगंज व देवघर के लिए अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी।
पीलीबंगा में 14 फर्मों के खिलाफ केस दर्ज:तिलम संघ के प्रभारी की रिपोर्ट पर कार्रवाई
हनुमानगढ़ जिले में पीलीबंगा थाना पुलिस ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के दौरान बारदाना वितरण में कथित अनियमितताओं के मामले में 14 व्यापारिक फर्मों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई खरीद एजेंसी तिलम संघ के जिला प्रभारी अनुपम कुमार की रिपोर्ट पर की गई है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि कुछ फर्मों ने निर्धारित मानकों के विपरीत बारदाना प्राप्त कर उसका अनुचित उपयोग किया। इससे किसानों के हित प्रभावित हुए और उन्हें उनके हिस्से का बारदाना उपलब्ध नहीं हो सका। पुलिस के अनुसार, संबंधित फर्मों ने निर्धारित मानकों से अधिक बारदाना आवंटित करवाकर अनुचित लाभ प्राप्त किया। जांच के आधार पर होगी आगे की कार्रवाईमामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच थाना प्रभारी जगदीश कड़वासरा कर रहे हैं। पुलिस खरीद रिकॉर्ड, बारदाना वितरण रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की गहनता से जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले, हनुमानगढ़ टाउन में भी बारदाना वितरण में गड़बड़ी का एक मामला सामने आया था। इसके अलावा रावतसर में ऑफलाइन गिरदावरी के आधार पर फर्जी तरीके से गेहूं बेचान के मामले में भी कार्रवाई जारी है। खरीद व्यवस्था रही प्रभावितअधिकारियों के मुताबिक, हनुमानगढ़ टाउन, जंक्शन, रावतसर, पीलीबंगा, संगरिया, टिब्बी मंडी के अलावा जाखड़ांवाली व तलवाड़ा गौण मंडियों में एमएसपी पर गेहूं बेचान के कई मामलों की जांच जारी है। प्रदेश में मिल रहे 150 रुपए बोनस के लालच में अन्य प्रदेशों से लाकर गेहूं बेचे जाने के मामले भी सामने आए हैं। बारदाने के अनियमित वितरण, किसानों व फर्मों द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक गेहूं के बेचान और बाहर से लाकर गेहूं बेचने के कारण पूरे सीजन में खरीद व्यवस्था प्रभावित रही। मंडियों से अभी भी लाखों क्विंटल गेहूं का उठाव नहीं हो पाया है।
हरियाणा के हांसी में भाखड़ा पाइपलाइन से टी-कनेक्शन की मांग को लेकर गांव चानौत में चल रहे धरने के बीच शुक्रवार को डीसी राहुल नरवाल ने प्रेस वार्ता की। उन्होंने ग्रामीणों से धरना समाप्त करने और अनशनकारियों का अनशन तुड़वाने की अपील की। उपायुक्त ने बताया कि अनशन पर बैठे एक बुजुर्ग की तबीयत काफी खराब है। उन्होंने धरना कमेटी से प्रशासन की मदद से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराकर उचित उपचार उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उपायुक्त ने चेतावनी दी कि यदि अनशनकारी के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी जिम्मेदारी धरना कमेटी और ग्रामीणों की होगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य चानौत गांव को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। इसके लिए राजली से पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू हो चुका है और अगले दो से तीन महीनों में पानी की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। उपायुक्त ने यह भी कहा कि यदि ग्रामीण अधिक क्षमता की पाइपलाइन चाहते हैं, तो प्रशासन उस पर भी विचार करने को तैयार है। डीसी बोले-चनौत जलघर का पानी जांच में सुरक्षित निकला डीसी ने बताया कि गुरुवार को जिला सचिवालय में अधिकारियों और कर्मचारियों ने चानौत जलघर से लाया गया पानी पिया था, जो पूरी तरह से जांचा गया और सुरक्षित पाया गया। राहुल नरवाल ने ग्रामीणों से धरना समाप्त कर प्रशासन के साथ मिलकर गांव के विकास में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार पानी के साथ-साथ गांव के शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विकास कार्यों पर भी बातचीत के लिए तैयार है। कानून व्यवस्था को नुकसान पहुंचा तो कार्रवाई होगी ग्रामीणों पर दर्ज पुलिस मामलों के सवाल पर उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर उनका और पुलिस अधीक्षक का एक ही रुख है। उन्होंने कहा कि यदि कोई कानून व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेगा, तो कानून अपना काम करेगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। शहर में गंदे पानी की आपूर्ति और जलभराव की समस्या पर उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन समाधान के लिए लगातार काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि जल्द ही पानी से संबंधित शिकायतों के लिए एक विशेष हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी। क्या है राजली-हांसी पेयजल पाइपलाइन परियोजना यह पेयजल पाइपलाइन बरवाला के गांव राजली स्थित राजली भाखड़ा हेड से हांसी शहर तक बिछाई जा रही है। इस परियोजना पर करीब 80 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। यह काम सरकार की अमृत योजना के तहत हो रहा है, जिसका उद्देश्य हांसी शहर में पेयजल की कमी को दूर करना है। करीब 30 किलोमीटर लंबी इस पाइपलाइन का निर्माण कार्य फिलहाल राजली से चैनत गांव तक पहुंच चुका है। पाइपलाइन को आगे हांसी तक ले जाने के लिए इसे चैनत गांव से होकर गुजरना है। हालांकि, ग्रामीणों की मांग है कि उनके गांव को भी इसी पाइपलाइन से पेयजल कनेक्शन दिया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जब पाइपलाइन उनके गांव से होकर गुजर रही है तो उन्हें भी इसका लाभ मिलना चाहिए। वहीं प्रशासन का तर्क है कि यह परियोजना विशेष रूप से हांसी शहर की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाई गई है, इसलिए योजना के तहत गांव को इससे पानी उपलब्ध नहीं कराया जा सकता।
नालंदा में चोरों ने बंद घर को निशाना बनाया है। एल्युमिनियम फैक्ट्री संचालक के घर से करीब 33 लाख की चोरी हुई है। मामले का खुलासा शुक्रवार की सुबह हुआ, जब पड़ोसियों ने मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ देखा। इसके बाद गृहस्वामी को सूचना दी गई। घटना बेन थाना क्षेत्र के कोल्हुआ गांव की है। पीड़ित गृहस्वामी सुनील सिंह ने पंजाब में एल्युमिनियम फैक्ट्री चलाते हैं। उन्होंने बताया कि मां के इलाज के सिलसिले में पूरा परिवार जून को घर में ताला लगाकर बिहारशरीफ गया हुआ था। भतीजे ने फोन पर बताया कि मेन डोर का लॉक टूटा हुआ है। जिसके बाद आनन-फानन में गांव पहुंचा। सभी कमरों के ताले टूटे थे। अलमारी और स्टोर बॉक्स में रखे करीब 30 लाख के जेवरात और 3.70 लाख कैश गायब थे। जांच के लिए एफएसएल की टीम को बुलाया जानकारी मिलते ही बेन पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी रवि राज ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए साक्ष्य डॉग स्क्वायड और एफएसएल की टीम को बुलाया गया है। घर बंद होने के कारण बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया है। वरीय अधिकारियों को सूचना दे दी गई है। पीड़ित परिवार की ओर से आवेदन मिलते ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सतना में उपयंत्री पर बंदूक लेकर निरीक्षण का आरोप:सीईओ ने नोटिस थमाया, 22 जून को तलब किया
सतना जिले की मझगवां जनपद की हिरौंदी पंचायत में पदस्थ आरईएस के संविदा उपयंत्री सतीश कुमार समेले पर गंभीर आरोप लगे हैं। उन पर निर्माण कार्यों का निरीक्षण बंदूक के दम पर करने का आरोप है। जिला पंचायत के सीईओ शैलेंद्र सिंह ने इन शिकायतों के बाद उपयंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी कर 22 जून को जवाब के साथ तलब किया है। सरपंचों, सचिवों और ग्रामीणों ने उपयंत्री समेले के खिलाफ शिकायतें की हैं। आरोपों के अनुसार, जब उपयंत्री पंचायत के तहत विकास एवं निर्माण कार्यों के भौतिक सत्यापन के लिए स्थल निरीक्षण पर निकलते हैं, तो उनके साथ बंदूक होती है। सीईओ ने अपने कारण बताओ नोटिस में उपयंत्री के इस कृत्य को अनुशासनहीनता, लापरवाही और वरिष्ठ कार्यालय के दिशा-निर्देशों व मनरेगा संविदा शर्तों का उल्लंघन बताया है। नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो उपयंत्री के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सम्मोहन विद्या की ट्रेनिंग भी देते हैंउपयंत्री सतीश कुमार समेले की पहचान केवल सिविल इंजीनियर तक ही सीमित नहीं है। वे लोगों को सम्मोहन विद्या की ट्रेनिंग भी देते हैं। उनका एक ट्रेनिंग सेंटर पन्ना जिले में संचालित है। सोशल मीडिया पर उनके सम्मोहन विद्या से जुड़े कई इंटरव्यू भी वायरल हैं।
मई 2026 में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कृषि विभाग की छापेमारी के दौरान UPL के बीज उपचार उत्पाद 'इलेक्ट्रॉन' (Electron) की 2,500 लीटर नकली खेप जब्त की गई है। 'इलेक्ट्रॉन' की निर्माता कंपनी UPL ने नकली कृषि उत्पादों की बढ़ती मौजूदगी को लेकर एक नई चेतावनी जारी की है। कंपनी ने किसानों से बीज उपचार उत्पाद खरीदते समय सावधानी बरतने का आग्रह किया है। 'इलेक्ट्रॉन' UPL का बीज उपचार समाधान है जिसे फसल उगने के शुरुआती चरणों में बीजों और अंकुरों की सुरक्षा के लिए बनाया गया है। यह उत्पाद फफूंदनाशक और कीटनाशक सुरक्षा का मिश्रण है, जो बीजों को शुरुआती कीटों और बीमारियों से बचाता है और साथ ही फसल के स्वस्थ विकास में मदद करता है। UPL का कहना है कि असली बीज उपचार उत्पादों का उपयोग फसल के सही विकास और खेत की दीर्घकालिक उत्पादकता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। असली और नकली का फर्क समझ लें किसान छापेमारी के दौरान जब्त किए गए नकली सामान में उत्पाद से जुड़ी कई बुनियादी जानकारियां गायब थीं, जो असली कृषि उत्पादों पर होनी चाहिए। इनमें निर्माण और एक्सपायरी की जानकारी और बैच नंबर शामिल हैं। UPL ने कहा कि ऐसी जानकारी का न होना किसानों के लिए खरीदारी से पहले एक चेतावनी का संकेत होना चाहिए और जोर दिया कि बिना सही लेबलिंग वाले उत्पाद खरीदने से बचना चाहिए। कंपनी ने कहा कि यह घटना किसानों के बीच मिलते-जुलते दिखने वाले कृषि-रसायन उत्पादों के बारे में अधिक जागरूकता की आवश्यकता को उजागर करती है। UPL लगातार ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों में जागरूकता को बढ़ावा दे रही है जिनका उद्देश्य उत्पादकों को जिम्मेदार कृषि पद्धतियों और सोच-समझकर उत्पाद चुनने के बारे में शिक्षित करना है। कंपनी का मानना है कि ऐसी पहल देश भर में चलाए जा रहे व्यापक किसान जागरूकता अभियानों की पूरक हैं, जिनका उद्देश्य सोच-समझकर निर्णय लेने और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करना है। UPL ने कहा कि बाजार में आने वाले नकली या मिलते-जुलते उत्पादों से किसानों को बचाने के लिए जागरूकता सबसे मज़बूत तरीकों में से एक है। कंपनी ने किसानों को सलाह दी कि वे उत्पादों के लेबल को ध्यान से देखें, एक्सपायरी डेट और मैन्युफैक्चरिंग की जानकारी चेक करें, सामग्री के बारे में जानकारी देखें, रिटेलर से इनवॉइस की कॉपी लें, असली होने की पुष्टि के लिए पैक पर मौजूद QR कोड को स्कैन करें, पैक की सील जांचें और यह पक्का करने के बाद ही उत्पाद खरीदें कि पैकेजिंग पर सभी जरूरी जानकारी मौजूद है। कंपनी ने चेतावनी दी कि बहुत सस्ते मिलने वाले उत्पाद आकर्षक लग सकते हैं। लेकिन ऐसे उत्पाद उम्मीद के मुताबिक काम नहीं करते और समय के साथ फसल की सेहत पर बुरा असर डाल सकते हैं। किसानों से सतर्कता बरतने की अपील UPL के एक प्रवक्ता ने कहा, नकली कृषि उत्पादों का बढ़ना किसान समुदाय के लिए गंभीर चिंता का विषय है। किसानों को सतर्क रहना चाहिए और यह पक्का करना चाहिए कि वे अपनी फसलों के लिए बीज उपचार से जुड़े सही और असली उत्पाद खरीदें। सस्ते विकल्प चुनने से मनचाहा नतीजा नहीं मिलता और ऐसे उत्पाद लंबे समय में उनकी पैदावार को नुकसान पहुंचा सकते हैं। कुछ भी खरीदने से पहले उसकी असलियत की जांच करना बहुत जरूरी है। मिलते-जुलते उत्पादों को बाजार में आने से रोकने और किसानों के मूल्यवान निवेश की सुरक्षा के लिए उनके बीच जागरूकता पैदा करना भी जरूरी है। हम किसानों से अपील करते हैं कि वे इस मामले में किसी भी मदद के लिए UPL के प्रतिनिधियों से संपर्क करें और अपने आसपास नजर आने वाले किसी भी संदिग्ध व्यापार के बारे में जानकारी दें। कंपनी ने दोहराया कि नकली कृषि उत्पादों से किसानों की सुरक्षा करना उसकी प्राथमिकता है। UPL नकली उत्पादों की चुनौती से निपटने के लिए अधिकारियों के साथ मिलकर काम करते हुए जागरूकता अभियानों में सहयोग करना जारी रखेगी। UPL का मानना है कि जानकारी के साथ खरीदारी के फैसले और किसानों के स्तर पर ज्यादा सतर्कता नकली उत्पादों की सप्लाई को रोकने और फसल की उत्पादकता सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। UPL SAS के बारे में UPL सस्टेनेबल एग्रीकल्चर सॉल्यूशंस (UPL SAS) भारत का सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड एग्री-टेक प्लेटफॉर्म है। यह किसानों को फसल सुरक्षा और पोषण, बीज उपचार, मिट्टी के पोषण, कृषि और डिजिटल सेवाओं में अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल करके कृषि से जुड़ी लगभग सभी जरूरतों के लिए एक ही जगह समाधान देता है। UPL SAS किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए भारतीय कृषि में बदलाव लाने पर काम कर रहा है। UPL ग्रुप के खास प्लेटफॉर्म में से एक होने के नाते, UPL SAS हर खाद्य उत्पाद को ज्यादा पर्यावरण हितैषी बनाकर भारत में सस्टेनेबल एग्रीकल्चर यानी टिकाऊ कृषि की ओर बदलाव में तेजी ला रहा है। अधिक जानकारी के लिए लॉग इन करें: https://www.upl-ltd.com/ ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------
हमीरपुर जिले के राठ कोतवाली क्षेत्र के चिल्ली गांव में घर के जेवरात बेचने का विरोध करने पर एक महिला के साथ उसके पति द्वारा मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने शुक्रवार को राठ कोतवाली पहुंचकर आरोपी पति के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए लिखित तहरीर दी है। चिल्ली गांव निवासी राजकुमारी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसके तीन बच्चे हैं और उसका पति शराब पीने और जुआ खेलने का आदी है। आरोप है कि अपनी लत को पूरा करने के लिए उसने घर में रखे जेवरात बेच दिए। जब उसने इसका विरोध किया तो पति ने गाली-गलौज करते हुए उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी और जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़िता का कहना है कि मारपीट में उसे चोटें आई हैं। घटना के बाद उसने राठ कोतवाली में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, राठ कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि महिला की तहरीर प्राप्त हुई है और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
छतरपुर शहर की चैतगिरी कॉलोनी में एक शादी समारोह के दौरान मारपीट का वीडियो शुक्रवार को वायरल हो रहा है। वीडियो में एक युवक कमर में पिस्टल लगाए हुए दूसरे युवक को थप्पड़ मारता दिख रहा है। वायरल वीडियो में शादी समारोह के बीच कुछ युवकों के बीच कहासुनी और विवाद होता दिखाई दे रहा है। इसी दौरान पिस्टल लगाए युवक ने दूसरे युवक को थप्पड़ जड़ दिया। मौके पर मौजूद अन्य लोग बीच-बचाव करते भी नजर आ रहे हैं। हालांकि, वीडियो में दिख रहे व्यक्तियों की पहचान अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। विवाद किस बात को लेकर हुआ और यह घटना कब की है, यह भी साफ नहीं है। वीडियो सामने आने के बाद शहर में इसकी चर्चा तेज हो गई है। अब तक पुलिस से शिकायत नहींमामले को लेकर सिटी कोतवाली थाना प्रभारी सतीश सिंह ने बताया कि वीडियो उनके संज्ञान में आया है। हालांकि, अभी तक किसी भी पक्ष द्वारा थाने में कोई शिकायत या रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। थाना प्रभारी के अनुसार, पुलिस वीडियो की सत्यता, घटना का स्थान और समय सहित इसमें शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि घटना किस जगह की है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने और तथ्यों के सामने आने के बाद ही मामले में स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा। यदि जांच में किसी प्रकार की आपराधिक गतिविधि या कानून व्यवस्था से जुड़ा मामला सामने आता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गुरुग्राम जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं त्वरित रिस्पांस के लिए पांच विशेष लॉ-एंड-ऑर्डर कंपनियों का गठन किया गया है। ये कंपनियां इमरजैंसी और संवेदनशील मौकों पर तुरंत एक्टिव होंगी। नवनियुक्त पुलिस कमिश्नर ने लॉ-एंड-ऑर्डर कंपनियों में 04 कंपनियां जोनवार बनाई हैं। जिनमें पुलिस की ईस्ट जोन, वेस्ट जोन, साउथ जोन तथा मानेसर जोन की एक-एक कंपनी शामिल है। इसके अतिरिक्त एक कंपनी पुलिस उपायुक्त मुख्यालय के अधीन कार्य करेगी। आवश्यकता पड़ने पर इन कंपनियों को जिले के किसी भी क्षेत्र में तत्काल तैनात किया जा सकेगा। एक कंपनी में 107 जवान प्रत्येक लॉ-एंड-ऑर्डर कंपनी में कुल 107 पुलिसकर्मी नियुक्त किए गए हैं। प्रत्येक कंपनी का नेतृत्व एसीपी रैंक के अधिकारी द्वारा कंपनी कमांडर के रूप में किया जाएगा, जबकि इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी असिस्टेंट कमांडर के रूप में कंपनी के संचालन एवं कॉर्डिनेशन की जिम्मेदारी निभाएंगे। कंपनी बनाने का उद्देश्य अराजक स्थिति कानून व्यवस्था संबंधी चुनौती धरना-प्रदर्शन भीड़ नियंत्रण साम्प्रदायिक तनाव वीआईपी ड्यूटी 24 घंटे हाई-अलर्ट मोड ये कंपनियां चौबीसों घंटे हाई-अलर्ट मोड पर रहेंगी। किसी भी आपात स्थिति, दंगे, विरोध-प्रदर्शन या संवेदनशील घटना की सूचना मिलते ही इन्हें तुरंत वायरलेस संदेश के जरिए एक्टिव किया जाएगा। जोन की कंपनियां अपने इलाके में तुरंत मोर्चा संभालेंगी, जबकि मुख्यालय की रिजर्व कंपनी बैकअप के रूप में तैनात रहेगी। मिलिट्री स्टाइल में होगा संचालन इनका संचालन मिलिट्री स्टाइल में होगा, जहां एसीपी रणनीति बनाएंगे और इंस्पेक्टर जमीन पर 107 जवानों के बल के साथ त्वरित एक्शन लेंगे। यह ढांचा गुरुग्राम पुलिस के रिस्पॉन्स टाइम को बेहद कम कर देगा। पांच कंपनियां और बनाई जाएंगी पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि गुरुग्राम में भविष्य की आवश्यकताओं एवं बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए पांच अतिरिक्त लॉ-एंड-ऑर्डर कंपनियों के गठन की भी योजना बनाई गई है। इन अतिरिक्त कंपनियों के गठन के बाद जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने, आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई करने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की क्षमता में और अधिक वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षित एवं संगठित स्वरूप में कार्य करने वाली ये कंपनियां गुरुग्राम पुलिस की कानून व्यवस्था बनाए रखने की क्षमता को और अधिक सशक्त करेंगी।
बालाघाट में पूर्व सांसद कंकर मुंजारे के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने का मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई राजाभोज पर उनकी टिप्पणी के बाद पंवार समाज के विरोध प्रदर्शन के बाद हुई। विवाद गर्रा ओवरब्रिज के नामकरण से जुड़ा है, जिसका उद्घाटन 13 जून को हुआ था। धारा 299 का मामला दर्ज सीएसपी मयंक तिवारी ने बताया कि पंवार समाज के जिलाध्यक्ष विशाल बिसेन की शिकायत पर पूर्व सांसद मुंजारे के खिलाफ धारा 299 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। यह विवाद गर्रा ओवरब्रिज का नाम पंवार समाज के आराध्य राजाभोज के नाम पर रखे जाने के बाद शुरू हुआ। इसके बाद सोशल मीडिया पर इसका विरोध होने लगा। इसी दौरान पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने ओवरब्रिज के निरीक्षण के दौरान राजाभोज के नामकरण पर टिप्पणी करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था। गुरुवार को हुआ था पुतला दहन मुंजारे की टिप्पणी से पंवार समाज ने खुद को आहत महसूस किया। इसके विरोध में गुरुवार को पंवार समाज ने एक रैली निकाली और पूर्व सांसद के निवास के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कंकर मुंजारे का पुतला भी फूंका और पुलिस अधीक्षक को शिकायत सौंपी। मुंजारे का माफी से इनकार हालांकि, पूर्व सांसद कंकर मुंजारे अपने बयान पर कायम हैं और उन्होंने माफी मांगने से इनकार कर दिया है। पुलिस ने शिकायत के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया। इस मामले में अब अवंतीबाई लोधी सेना भी सामने आ गई है। सेना के जिलाध्यक्ष सहेजलाल उपवंशी ने पंवार समाज के प्रदर्शन को प्रायोजित बताया है। उन्होंने इसे लोधी समाज का अपमान करार देते हुए इस मुद्दे पर आंदोलन की चेतावनी दी है। जिले में दो समाजों के बीच मौखिक और सोशल मीडिया पर चल रही यह बहस अब संघर्ष की स्थिति पैदा कर रही है। इससे आने वाले समय में तनाव बढ़ने की आशंका है।
परना पंचायत में सफाई व्यवस्था पर सवाल:ग्रामीणों ने नियमित साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन की मांग की
बेगूसराय सदर प्रखंड की परना पंचायत में सफाई व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। उनका आरोप है कि पंचायत के कई वार्डों में नियमित रूप से साफ-सफाई नहीं हो रही है, जिससे स्वच्छता व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से इस दिशा में तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है। स्थानीय निवासियों, जिनमें वीरेंद्र महतो, रामबदन महतो, रमेश कुमार, अमरेश कुमार और सुरेश महतो शामिल हैं, ने बताया कि वार्ड संख्या 9, 6, 4 और 3 में पिछले कई महीनों से सफाई कार्य नियमित रूप से नहीं हो रहा है। उनके अनुसार, विभिन्न स्थानों पर कचरा जमा रहता है और उसका समय पर उठाव नहीं होता। ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है कि इस गंदगी के कारण न केवल परेशानी हो रही है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने कचरा उठाव व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने मांग की कि पंचायत की अपशिष्ट प्रबंधन इकाई में कचरे के पृथक्करण और निस्तारण की प्रक्रिया को निर्धारित मानकों के अनुरूप लागू किया जाए। उनका मानना है कि नियमित निगरानी और समीक्षा के माध्यम से ही सफाई व्यवस्था में स्थायी सुधार लाया जा सकता है। पंचायत के विभिन्न वार्डों के लोग बेहतर स्वच्छता व्यवस्था की अपेक्षा रखते हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि नियमित सफाई और प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके। इस संबंध में, सफाई पर्यवेक्षक प्रीति कुमारी से संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने इस मामले पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। पंचायत की मुखिया ललिता देवी से भी संपर्क साधने का प्रयास किया गया, परंतु उनसे बात नहीं हो पाई। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेगा और आवश्यक कदम उठाएगा। अब सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
आजमगढ़ की साइबर सेल ने ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर साइबर ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर 925000 का फ्रॉड किया। इस मामले में पीड़ित मनोज यादव जो की मुबारकपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला है ने साइबर सेल को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि 51 GAME के नाम पर यह ठगी की घटना को अंजाम दिया गया। साइबर सेल ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जब विवेचना शुरू की तो पुलिस की विवेचना में विजय कुमार जो कि बिहार का रहने वाला है का नाम सामने आया। इसके साथ ही विजय कुमार ने अपने सहयोगी शशांक खन्ना का नाम भी बताया। शशांक खन्ना वाराणसी का रहने वाला है। आरोपियों से पूछताछ खातों का विश्लेषण और डीआर के विश्लेषण से यह बात सामने आई कि शशांक खन्ना और कमलेश शर्मा की साइबर फ्रॉड में संलिप्तता है। ऐसे में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन 13 एटीएम कार्ड, दो पैन कार्ड, दो आधार कार्ड इसके साथ ही ₹20500 नगद बरामद किए गए हैं। दो दिनों में हुआ है 4 करोड़ 64 लाख से अधिक का ट्रांजैक्शन आजमगढ़ की साइबर सेल ने जब आरोपियों से पूछताछ की तो यह बात निकल कर आई की ऑनलाइन गेमिंग के माध्यम से जो कमीशन मनाया गया है। उसमें शशांक शर्मा ने अपने सहयोगी कमलेश शर्मा के साथ मिलकर अपने केनरा बैंक के खाते में लगभग चार करोड़ 64 लाख की धनराशि का ट्रांजैक्शन दो दिनों में किया गया है। इस खाते पर देश के विभिन्न राज्यों से 52 साइबर शिकायतें दर्ज हैं। जिस पर कार्रवाई करते हुए 356000 फ्रीज कराया गया है। साइबर सेल की इस कार्रवाई में इंस्पेक्टर राजकुमार सिंह निरीक्षक विभा पांडेय सहित बड़ी संख्या में साइबर सेल और सर्विलांस सेल के कर्मचारी जुड़े रहे।
हाथरस जिला कांग्रेस कमेटी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का 56वां जन्मदिन नगला भुस स्थित वृद्धाश्रम में मनाया। इस अवसर पर वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों को फल वितरित किए गए। वृद्धाश्रम में निवास कर रहे बुजुर्गों ने केक काटकर राहुल गांधी के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की। यह कार्यक्रम सेवा एवं समर्पण के भाव के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व शहर अध्यक्ष अशोक गुप्ता ने की, जबकि जिला उपाध्यक्ष शशांक पचौरी ने इसका संचालन किया। इस मौके पर जिला कांग्रेस कमेटी हाथरस के अध्यक्ष विवेक उपाध्याय ने कहा कि राहुल गांधी देश के युवाओं, किसानों, मजदूरों, महिलाओं और वंचित वर्गों की आवाज बनकर निरंतर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी का जीवन संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के मूल्यों की रक्षा के लिए समर्पित है। उपाध्याय ने आगे कहा कि सभी कांग्रेसी उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों की सेवा करने के लिए संकल्पित हैं। कार्यक्रम में जिला कोषाध्यक्ष संजीव आंधीवाल, जिला महासचिव कपिल सिंह, जिला महासचिव कृष्ण, ब्लॉक अध्यक्ष हाथरस सांतुन सेंगर, प्रदीप तेनगुरिया, अवधेश बक्शी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे। वृद्धाश्रम की संचालिका नीतू मिश्रा का कार्यक्रम के सफल आयोजन में विशेष सहयोग एवं योगदान रहा, जिसके लिए जिला कांग्रेस कमेटी ने उनका आभार व्यक्त किया। अंत में, सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के नेतृत्व में लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और जनहित के मूल्यों को मजबूत करने का संकल्प लिया।
पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर की पति की हत्या:पुलिस ने 'अंधे कत्ल' का किया खुलासा; 3 आरोपियों को पकड़ा
पेटलावद पुलिस ने बामनिया में मिली एक अज्ञात शव की गुत्थी सुलझा ली है। मामले में मृतक की पत्नी ही मुख्य साजिशकर्ता निकली, जिसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की थी। पुलिस ने आज शुक्रवार को 'अंधे कत्ल' का पर्दाफाश करते हुए पत्नी, प्रेमी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसडीओपी अनुरक्ति साबनानी ने बताया कि 11 जून को बामनिया के बिजनीपाड़ा कच्चे मार्ग और रेलवे ट्रैक के पास अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। पेटलावद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और सोशल मीडिया की मदद से 12 जून को मृतक की पहचान सेमलिया निवासी बहादूर भूरिया (36) के रूप में हुई। पत्नी का किसी व्यक्ति से अवैध संबंध था पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक बहादूर की पत्नी समिता उर्फ सुमित्रा के गलिया निनामा नामक व्यक्ति से अवैध संबंध थे। इस बात को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। लगभग चार महीने पहले समिता अपने मायके चली गई थी, जहां से वह लगातार अपने प्रेमी के संपर्क में थी। दोनों ने मिलकर बहादूर को रास्ते से हटाने की साजिश रची। गमछे से गला घोंटकर हत्या की गई थी योजना के तहत, समिता ने अपने परिचित कमरू वसुनिया (रतलाम निवासी) के माध्यम से जहरीली गोलियां मंगवाईं। 9 जून को आरोपी गलिया निनामा ने बहादूर को फोन कर बामनिया बुलाया। सुनसान जगह पर उसे शराब में जहर मिलाकर पिलाया गया। इसके बाद उसके ही गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। साक्ष्य छिपाने के लिए शव को रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिया गया था। पुलिस ने अपराध क्रमांक 277/2026, धारा 103 (1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें गलिया पिता लालजी निनामा (निवासी कुण्डाल), मृतक की पत्नी समिता उर्फ सुमित्रा और कमरू पिता प्रभु वसुनिया शामिल हैं। वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक भी जब्त कर ली गई है। इस मामले को सुलझाने में पेटलावद थाना प्रभारी निरीक्षक निर्भयसिंह भूरिया, उप निरीक्षक हीरालाल मालीवाड और उनकी टीम के साथ साइबर सेल की भूमिका सराहनीय रही।
उन्नाव में सड़क हादसे में अधेड़ की मौत:ससुराल जाते समय अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर, हरदोई से आया था
उन्नाव के बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र में हुए एक सड़क हादसे में बाइक सवार 50 वर्षीय अधेड़ सूर्यपाल की मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब वह अपनी ससुराल जा रहे थे। रास्ते में एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई। मृतक की पहचान हरदोई जनपद के मल्लावां थाना क्षेत्र के पूरन मऊ गांव निवासी सूर्यपाल पुत्र श्यामलाल के रूप में हुई है। वह किसी काम से अपनी ससुराल जा रहे थे और बाइक से उन्नाव जनपद के बांगरमऊ क्षेत्र की ओर बढ़ रहे थे। अस्पताल ले जाने की तैयारी बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के गाजीपुर गांव के पास उनकी बाइक को एक अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि सूर्यपाल सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल ले जाने की तैयारी की, लेकिन तब तक सूर्यपाल की मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही सूर्यपाल के परिवार में कोहराम मच गया। परिजन मौके पर पहुंचे और शव देखकर बिलख पड़े। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बुधवार को परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, जहां आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की गई। परिजनों के अनुसार, सूर्यपाल अपने परिवार के एकमात्र भरण-पोषणकर्ता थे। उनकी अचानक हुई मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस टक्कर मारने वाले अज्ञात वाहन की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बलिया में ट्रैक्टर की टक्कर से युवक की मौत:रिश्तेदार को छोड़ने जा रहा था, त्रिकालपुर ढाले पर हादसा
बलिया के सहतवार थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक सड़क हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका एक रिश्तेदार घायल हो गया। त्रिकालपुर ढाले पर एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक को टक्कर मार दी। मृतक की पहचान कुम्हैला भगवानपुर निवासी राजेश तुरहा (40) पुत्र सुदर्शन तुरहा के रूप में हुई है। वह अपने रिश्तेदार जितेंद्र तुरहा, निवासी सोनवरषा, थाना बैरिया, को बाइक से सोनवरषा छोड़ने जा रहा था। शुक्रवार सुबह करीब 10:45 बजे त्रिकालपुर ढाले पर एक अनियंत्रित तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगने से राजेश तुरहा बाइक से नीचे गिर गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर का पहिया राजेश के सिर पर चढ़ गया, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इस हादसे में जितेंद्र तुरहा आंशिक रूप से घायल हो गए। घटना के बाद ट्रैक्टर चालक अपना वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर सहतवार थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की आवश्यक कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है।
राजस्थान सरकार अब विभागों में खरीदे जाने वाले सामान, माल सप्लाई और टेंडर में मेक इन इंडिया प्रोडक्ट को तवज्जो देगी। इसके लिए वित्त विभाग ने सर्कुलर जारी कर प्रावधान लागू किए हैं। वित्त विभाग ने दूसरे सभी डिपार्टमेंट्स से टेंडर की शर्तें इस तरह तय करने को कहा है, जिससे लोकल सप्लायर्स और देसी कंपनियों को फायदा मिले। टेंडर की शर्तों में स्वदेशी कंपनियों, लोकल सप्लायर्स के साथ भेदभाव और प्रतिबंध वाली शर्तें रखी तो दोषी अफसरों के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई होगी। इस प्रावधान का सभी विभागों को सख्ती से पालन करना होगा। इसका असर बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स पर भी होगा। बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स में कई विदेशी कंपनियां टेंडर में भाग लेती हैं, अब उनमें स्थानीय कंपनियों को तवज्जो मिलेगी। विदेशी प्रमाण पत्र मांगना स्थानीय कंपनियों से भेदभाव सर्कुलर के मुताबिक, सरकारी विभागों में निकाले जाने वाले टेंडर में कंपनी, फर्म का टर्नओवर, काम का अनुभव, उत्पादन और वित्तीय क्षमता से जुड़ी शर्तों को इस तरह तय करना होगा, जिससे स्वदेशी कंपनियां अनावश्यक रूप से बाहर नहीं हो। टेंडर दस्तावेज में विदेशी प्रमाण-पत्रों, अनुचित टेक्निकल स्पेशिफिकेशन, ब्रांड, मॉडल का उल्लेख करना स्थानीय कंपनियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक और भेदभावपूर्ण होगा। यदि किसी स्थिति में भारतीय मानक उपलब्ध नहीं होते तो विदेशी प्रमाण पत्रों का प्रावधान बिना सक्षम स्तर से मंजूरी के नहीं रखा जाएगा। मेक इन इंडिया का डॉक्यूमेंट में होगा उल्लेख सरकारी विभागों में सप्लाई किए जाने वाले आइटम्स में लोकल कंटेंट कम से कम 50 फीसदी होगा। मेक इन इंडिया को वरीयता देने की प्रक्रिया का उल्लेख टेंडर डॉक्यूमेंट में करना होगा। टेंडर प्रक्रिया में इसे लेकर कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। स्थानीय सामग्री का सर्टिफिकेट अनिवार्य 10 करोड़ से ज्यादा के टेंडर में सप्लाई करने वाली फर्म को चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) से स्थानीय सामग्री की मात्रा का सर्टिफिकेट देना होगा। हर टेंडर में भाग लेने वाली कंपनी या फर्म को सेल्फ डिक्लेरेशन देना होगा कि उसके प्रोडक्ट मेक इन इंडिया हैं। इन दावों की जांच की जाएगी। सर्टिफिकेट झूठा मिला तो फर्म दो साल के लिए ब्लैक लिस्ट बिड लगाते समय विक्रेता फर्म को स्थानीय सामग्री की पात्रता का डिक्लेरेशन देना होगा। 10 करोड़ से अधिक की खरीद के टेंडर में कंपनी के वैधानिक ऑडिटर (स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट) , कॉस्ट ऑडिटर या चार्टर्ड अकाउंटेंट से स्थानीय सामग्री का प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा। डिक्लेरेशन सर्टिफिकेट झूठा पाए जाने पर फर्म को दो साल तक के लिए ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा। स्थानीय सामग्री की परिभाषा तय की गई है। किसी टेंडर में एक से ज्यादा चीजों की खरीद होनी है और उसकी दरें अलग-अलग हैं। ऐसी स्थिति में स्थानीय विक्रेता फर्म, उस फर्म को माना जाएगा, जिसके कम से कम 50 प्रतिशत आइटम भारत में बने हुए हैं। विदेश से चीजें मंगवाकर रिफर्बिश करने को लोकल आइटम नहीं माना जाएगा विदेश से चीजें मंगवाकर रिफर्बिश (पुराने प्रोडक्ट की मरम्मत करना) करने को लोकल आइटम नहीं माना जाएगा। वित्त विभाग ने साफ किया है कि रिफर्बिश का मतलब आयातित उत्पाद की मरम्मत या उसे सुधार कर ठीक करना है। लेकिन मैन्युफैक्चरिंग के समान नहीं है। इसमें कोई नया माल अस्तित्व में नहीं आता है। इसे स्थानीय सामग्री में नहीं माना जाएगा। विदेश से आयात चीजों को रिसेल करने वालों को भी लोकल आइटम नहीं माना जाएगा। केंद्र सरकार की गाइडलाइन के बाद जारी किया सर्कुलर मेक इन इंडिया प्रोडक्ट को तवज्जो देने को लेकर केंद्र सरकार पहले ही गाइडलाइन जारी कर चुकी है। केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट्स में पहले से ही स्थानीय कंपनियों को तवज्जो देने का प्रावधान लागू है। केंद्र के बाद अब राज्य सरकार ने भी उसी तर्ज पर स्वदेशी कंपनियों को सरकारी कामों के टेंडर और सरकारी खरीद में तवज्जो देने का सर्कुलर जारी किया है। बड़ी विदेशी कंपनियों की भारतीय कंपनियां हैं, वे इसके दायरे में आएंगी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेशों के बाद भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल सीमा के 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले अतिक्रमणों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। बाड़मेर के गडरारोड उपखंड के मालाना गांव में गोचर भूमि पर बने धार्मिक स्थल को ध्वस्त किया गया। दैनिक भास्कर की टीम जब ग्राउंड जीरों पर पहुंची। भारी पुलिस का जाब्ता था। जहां अतिक्रमण ध्वस्त की कार्रवाई चल रही थी। उस रास्ते में पुलिस ने जगह-जगह नाके लगा रखे थे। आवाजाही बिल्कुल बंद कर दी। वहीं उस गांव के लोगों को घरों में रहने की अपील की। गुरुवार को गडरारोड के मालाना गांव में धार्मिक स्थल को ध्वस्त करने के बाद वहां पर भास्कर टीम पहुंची। वहां के लोगों से बातचीत की। मौलवी हासम खान ने बताया- धार्मिक स्थल का निर्माण दो साल पहले हुआ था। मदरसा 2009 से चल रहा है। उस समय में जमीन को आबादी भूमि में करवाया था। उस ग्राम पंचायत जैसिंधर थी। अब मालाना ग्राम पंचायत नई बनी है। ग्राम पंचायत का हमारे पास पट्टा भी है। मदरसे का गडरारोड पंचायत समिति से भी पट्टा जारी हुआ था। तत्कालीन सरकार के मंत्री साले मोहम्मद से 15 लाख रुपए स्वीकृत करवाएं। मदरसे की बिल्डिंग हमने खड़ी की। हमने किसी अन्य की फडिंग से तैयार नहीं करवाई है। सरकार के रुपए से मदरसा बिल्डिंग तैयार हुई है। धार्मिक स्थल सरकारी रुपए से नहीं बनी है। यह हमारी समाज के रुपए से बनी है। पूरे गांव से अलग-अलग पैसा लगाकर धार्मिक स्थल तैयार करवाया। आस पड़ोस के गांव रिश्तेदारों से भी चंदा लिया है। उस पैसों से हमने इस धार्मिक स्थल को खड़ा किया। यह धार्मिक स्थल अल्लाह का घर है। हमारी मेहनत का पैसा लगता है हराम का पैसा नहीं लगता है। हासम खान का कहना है कि प्रशासन ने नोटिस 17 तारीख को पटवारी रमेश ने शाम को नोटिस दिया। जारी डेट 11 जून को हुआ था। 18 जून तक जवाब देने को कहा गया। हम 18 जून को गडरारोड गए और पीछे प्रशासन व पुलिस की टीम ने कार्रवाई की है। 6-7 माह पहले हमें धार्मिक स्थल के लिए नोटिस दिया था। तब हमने लिखित में प्रशासन को जवाब दे दिया था। गांव में छप्पे-छप्पे पर पुलिस खड़ी थी। हमें हमारे घर से खिड़की खोलकर देखने तक नहीं दिया गया। तब हम लोग सब्र करके बैठ गए। पुलिस के डिप्टी मानाराम गर्ग आए थे हमने उनको बताया तो उन्होंने कहा कि आप लोग अंदर चले जाओ, यह आपके लिए अच्छा होगा। सरकार की ओर से धार्मिक स्थल हटाए गए लेकिन मदरसा को नहीं हटाया। मदरसे में तालिम और शिक्षा दोनों देते है। सरकार से 5 वीं तक मान्यता है। धार्मिक स्थल पर हम अपनी इबादत करते है। प्रशासन व सरकार हमें परेशान करने की नियत से ऐसा कर रही है। हमारे जैसा वफादार पूरे देश में नहीं मिलेगा। पड़ोसी मुल्क से हमारा कोई तालुक नहीं है। हम उस देश को बेकार और घटिया समझते है। इसकी कोई हद नहीं है। हमारा उनसे कोई लेना-देना नहीं है। यहां से हमारा एक परिवार गया है लेकिन वहां से कोई नहीं आया है। हम लोग इसी मिट्टी में जन्मे है और इसी मिट्टी में दफन होंगे। पाकिस्तान से सटे जिलो में अवैध निर्माण हटाने
डिंडौरी में शुक्रवार को जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी ने मनरेगा परियोजना अधिकारी प्रदीप शुक्ला से प्रभार हटा दिया है। यह अतिरिक्त प्रभार एडिशनल सीईओ पंकज जैन को सौंपा गया है। प्रदीप शुक्ला ने इस संबंध में कलेक्टर और भोपाल स्थित वरिष्ठ कार्यालय को जानकारी भेजी है। कार्यालय की सीढ़ियों पर बैठे दिखे अधिकारी शुक्रवार सुबह जब प्रदीप शुक्ला कार्यालय पहुंचे, तो उनके कक्ष में ताला लगा मिला। वह दैनिक भास्कर के कैमरे में कार्यालय की सीढ़ियों पर बैठे हुए दिखाई दिए। उन्होंने बताया कि उन्हें दो दिन की जबलपुर ट्रेनिंग में जाने की अनुमति नहीं दी गई थी और न ही कोई नोटिस मिला। प्रभार बदलने का पत्र उन्हें व्हाट्सएप पर मिला। उन्होंने इसकी सूचना कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया और मनरेगा कमिश्नर को भेजी है। सीईओ बोले-परियोजना अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी ने बताया कि परियोजना अधिकारी प्रदीप शुक्ला की कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं थी। ई-केवाईसी और लेबर बजट जैसे कार्यों में उनकी कोई प्रगति नहीं थी और न ही वे रुचि ले रहे थे। इसी कारण उनसे प्रभार वापस लेकर एडिशनल सीईओ को दिया गया है। सीईओ ने यह भी कहा कि जल्द ही परियोजना अधिकारी के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रोहतक CIA टीम ने विदेशी हथियारों के साथ एक युवक को काबू किया है। आरोपी विदेशी हथियारों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का काम करता था। पुलिस ने आरोपी को दो दिन के रिमांड पर लिया है, जिससे पूछताछ की जा रही है, ताकि हथियारों को भेजने वाले व लेने वाले तक पहुंचा जा सके। एसपी गौरव राजपुरोहित ने बताया कि 2 विदेशी हथियारों के साथ पकड़े गए आरोपी की पहचान जनता कॉलोनी निवासी कृत के रूप में हुई, जिसके पास से एक चाइनिज हथियार व दूसरा विदेशी हथियार बरामद किया गया। साथ ही 8 गोलियां भी बरामद की गई है। आरोपी हथियारों को लेकर कहीं सप्लाई करने जा रहा था। ऑनलाइन गेमिंग में पैसे हारा तो विदेशी ऑपरेटर के चंगुल में फंसाएसपी गौरव राजपुरोहित ने बताया कि आरोपी ऑनलाइन गेमिंग के चक्कर में फंस गया, जिसमें पैसे हार गया। घरवालों को इसके बारे में नहीं बताया और एक विदेशी ऑपरेटर के चंगुल में फंस गया। आरोपी का काम केवल हथियारों को इधर से उधर करना था। जिसके लिए उसे एक सप्लाई के करीब एक लाख रुपए तक मिलते थे। फोन पर मैसेज आता, उसके बाद हथियार पहुंचाताएसपी गौरव राजपुरोहित ने बताया कि आरोपी के पास से दो विदेशी नंबर बरामद हुए है। इन्हीं नंबरों पर मैसेज आता था कि हथियार कहां से उठाने है। उसके बाद हथियारों को वह अपने पास रखता और अगला मैसेज आने के बाद हथियारों को सप्लाई कर देता। आरोपी 20 से अधिक बाद हथियारों को इधर-उधर कर चुका है। आरोपी की मां चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी एसपी ने बताया कि आरोपी की मां सरकारी विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। आरोपी के माता-पिता को नहीं पता था कि उनका बेटा अपराध की दुनिया में कदम रख चुका है। उन्हें अभी तक विश्वास नहीं हो रहा कि बेटी अपराधी बन चुका है। ऑनलाइन गेमिंग के चक्कर में फंसकर बीकॉम प्रथम वर्ष का छात्र अब एक अपराधी की जिंदगी जिएगा। जमानत करवाने वालों पर रहेगी नजर एसपी गौरव ने बताया कि आरोपी की जमानत करवाने वालों पर पुलिस की नजर रहेगी। जो लोग ऐसे आरोपियों की जमानत लेते है, उन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और हथियारों को विदेश से भेजने वाले व उन्हें लेने वालों का पता लगाया जा रहा है। आरोपी से पूछताछ चल रही है। 2026 में 2025 के मुकाबले अधिक केस किए ट्रेसएसपी गौरव राजपुरोहित ने बताया कि 2025 के मुकाबले 2026 में अधिक केसों को ट्रेस किया गया है। ऑर्म्स एक्ट के 2025 में 66 केस दर्ज किए, जिसमें 76 हथियार व 106 गोली बरामद की गई। वहीं, 2026 में अब तक 68 केस दर्ज करते हुए 125 हथियारों के साथ 514 गोलियों को बरामद किया गया है।
वाराणसी में एक बार फिर भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण काशी देश का सातवां सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया है। शुक्रवार को शहर का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक लू चलने की चेतावनी जारी की है, जिससे आमजन के साथ-साथ किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार वाराणसी में हवा की रफ्तार लगभग 11 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई, जबकि वातावरण में 32 प्रतिशत नमी बनी रही। वहीं शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 73 रहा, जिसे संतोषजनक श्रेणी में माना जाता है। हालांकि धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया है। अगले एक सप्ताह तक पूर्वांचल में पड़ेगी गर्मी यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार प्रदेश में मौसमी गतिविधियां केवल छिटपुट स्थानों तक सीमित हैं। इसी कारण तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि हो रही है। उन्होंने बताया कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी और लू का प्रभाव बना रह सकता है। बाबा को चढ़ाया गया लंगड़ा आम का रस भीषण गर्मी को देखते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। शुक्रवार को मंगला आरती के दौरान बाबा विश्वनाथ को मौसमी फलों का भोग अर्पित किया गया। विशेष रूप से लंगड़ा आम के रस का प्रसाद चढ़ाया गया तथा मां गंगा के पवित्र जल से उनका अभिषेक किया गया। श्रद्धालुओं और मंदिर प्रशासन ने बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना की कि जल्द ही प्रदेशवासियों को इस भीषण गर्मी से राहत मिले। धान की खेती पर असर वाराणसी समेत पूर्वांचल के कई जिलों में धान की रोपाई की तैयारी शुरू हो चुकी है। ऐसे में बढ़ती गर्मी किसानों के लिए चिंता का विषय बन गई है। विशेषज्ञों के अनुसार धान की नर्सरी तैयार करने के लिए पर्याप्त नमी और पानी की आवश्यकता होती है। लगातार लू चलने और तापमान बढ़ने से खेतों की नमी तेजी से कम हो सकती है, जिससे धान की पौध प्रभावित होने का खतरा रहता है।
मानसा जिले के कस्बा भीखी में नहर एक बार फिर टूट गई है। टूटी नहर की मरम्मत के बाद उसमें दोबारा पानी छोड़े जाने के कारण यह घटना हुई। नहर का पानी किसानों के खेतों और आसपास के घरों तक पहुंच गया, जिससे भारी नुकसान हुआ है। इस घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने पंजाब सरकार और नहरी विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। पंजाब में इस समय धान की रोपाई का सीजन चल रहा है, जिसके लिए किसानों को नहरी पानी की सख्त आवश्यकता है। भीखी में नहर की जर्जर हालत के कारण 13 जून को भी यह टूट गई थी। मरम्मत के दौरान दोबारा पानी छोड़े जाने से नहर में दरार आ गई और वह फिर से क्षतिग्रस्त हो गई। नहर टूटने से पानी किसानों की धान की फसल, नर्सरी (पनीरी) और आसपास के रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। घरों में पानी घुसने से मकानों को भी क्षति पहुंचने की आशंका है। भविष्य में इसके दोबारा टूटने की आशंका स्थानीय निवासियों अर्शदीप सिंह (माइकल गागोवाल), देशराज, मलकीत सिंह, सतपाल सिंह और धनजीत सिंह ने पंजाब सरकार और नहरी विभाग के खिलाफ रोष व्यक्त किया। उन्होंने आरोप लगाया कि नहर की हालत बेहद खराब है और भविष्य में इसके दोबारा टूटने की आशंका बनी हुई है, जिससे किसानों और घरों को और अधिक नुकसान हो सकता है। अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग उन्होंने आम आदमी पार्टी सरकार पर धान की बुवाई के दौरान किसानों को पर्याप्त नहरी पानी उपलब्ध कराने और नहर की समय पर मरम्मत में विफल रहने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि नहर टूटने से किसानों की धान की फसल और पनीरी को नुकसान हुआ है, जबकि घरों में पानी घुसने से मकानों को भी क्षति पहुंचने की आशंका है।
देवरिया मेडिकल कॉलेज में गलत प्लास्टर पर कार्रवाई:कर्मचारी हटाया गया, एक सप्ताह का वेतन रोका गया
देवरिया के महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज में एक छह वर्षीय बच्ची के गलत हाथ में प्लास्टर चढ़ाने के मामले में कार्रवाई की गई है। जांच समिति ने इसे मानवीय भूल और अत्यधिक भीड़ का परिणाम बताया है। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कर्मचारी को प्लास्टर कक्ष से हटा दिया गया है और उसका एक सप्ताह का वेतन रोक दिया गया है। यह घटना शहर के भुजौली कॉलोनी निवासी अल्पना उपाध्याय की बेटी साम्भवी के साथ हुई। कुछ दिन पहले खेलते समय गिरने से साम्भवी के दाहिने हाथ में फ्रैक्चर हो गया था। एक्स-रे रिपोर्ट में फ्रैक्चर की पुष्टि होने के बाद परिजन बच्ची को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लाए थे। हड्डी रोग विभाग के चिकित्सक ने जांच के बाद प्लास्टर कराने का निर्देश दिया। आरोप है कि प्लास्टर कक्ष में मौजूद कर्मचारी ने दाहिने हाथ के बजाय बच्ची के बाएं हाथ में प्लास्टर चढ़ा दिया। परिजनों की नजर पड़ने पर इस गलती का खुलासा हुआ, जिसके बाद उन्होंने तत्काल अस्पताल प्रशासन से शिकायत की। मामला सामने आते ही अस्पताल में हड़कंप मच गया। तत्काल गलत प्लास्टर हटाकर सही हाथ में प्लास्टर किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने डॉ. अजीत पाल, डॉ. ब्रजभूषण मल्ल और आर्थो विभाग के अध्यक्ष डॉ. रजनीश को शामिल करते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की। बच्ची के इलाज में सुधार कराया समिति ने पूरे प्रकरण की जांच कर देर रात अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी। महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. एच.के. मिश्र ने बताया कि जांच में अधिक भीड़ और मानवीय भूल के कारण यह गलती होना पाया गया है। उन्होंने पुष्टि की कि शिकायत मिलते ही बच्ची के उपचार में सुधार कराया गया और जिम्मेदार कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की गई। सीएमएस के अनुसार, संबंधित कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से उस कार्यस्थल से हटा दिया गया है और उसका एक सप्ताह का वेतन भी रोक दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद अस्पताल कर्मचारियों में खलबली मची हुई है।
समस्तीपुर के रामपुर जलालपुर गांव स्थित काली मंदिर से करीब 10 लाख की चोरी हुई है। देर रात चोर मंदिर के अंदर घुसे सोने-चांदी के जेवरात ले उड़े। सुबह जब स्थानीय लोग पूजा के लिए पहुंचे तो चोरी का पता चला। घटना दलसिंहसराय थाना क्षेत्र की है। स्थानीय ग्रामीण अरुण कुमार ने बताया कि गुरुवार शाम की आरती के बाद मंदिर में ताला लगा दिया गया था। आरती के बाद सभी अपने-अपने घर चले गए।। सुबह जब लोग पूजा करने के लिए पहुंचे तो देखा कि माता के गले की हार, मुकुट, कान की बाली, नथिया, पायल गायब। जिसकी कीमत करीब 10 से 15 लाख रुपए हैं। दान पेटी भी गायब थी। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी वहीं, इस संबंध में दलसिंहसराय के डीएसपी विवेक कुमार शर्मा ने बताया कि मंदिर में चोरी की सूचना पर पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया। केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है। जेवरात बरामदगी को लेकर छापेमारी शुरू कर दी गई है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने अम्बेडकरनगर जिले के नौ स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों की मान्यता रद्द कर दी है। यह कार्रवाई लगातार दो शैक्षिक सत्रों तक परिषदीय परीक्षाओं में छात्रों के शामिल न होने के कारण की गई है। परिषद के नियमानुसार, जिन विद्यालयों को हाईस्कूल या इंटरमीडिएट नवीन वर्ग की मान्यता प्राप्त है और वहां लगातार दो शैक्षिक सत्रों तक कोई छात्र परीक्षा में सम्मिलित नहीं होता अथवा कक्षाओं का संचालन नहीं किया जाता, उनकी मान्यता स्वतः समाप्त मानी जाएगी। हालांकि, यह प्रावधान इंटर वनटाइम, अतिरिक्त वर्ग अथवा वैकल्पिक विषयों की मान्यता पर लागू नहीं होता है। इसी क्रम में, शैक्षिक सत्र 2024-25 एवं 2025-26 के दौरान छात्र नामांकन और परीक्षा सहभागिता न होने के कारण जनपद के नौ विद्यालयों की मान्यता समाप्त की गई है। इन विद्यालयों में भीम ज्योति बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय इस्माइलपुर, राम दुलार इंटर कॉलेज अम्बरपुर, एसआर हाईस्कूल महमूदपुर, आईबी उच्च माध्यमिक विद्यालय राजेसुल्तानपुर, जेके मौर्य कन्या इंटर कॉलेज टांडा, श्रीराम बालिका इंटर कॉलेज बसखारी, एचएस हाईस्कूल शंकरा यूसुफपुर, पीएस बालिका इंटर कॉलेज दुहिया तथा अनारुल्लाह हबीबुल निशा इंटर कॉलेज अशरफपुर शामिल हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कौस्तुभ सिंह ने बताया कि लगातार दो वर्षों तक परिषदीय परीक्षा में छात्र-छात्राओं के सम्मिलित न होने पर बोर्ड ने मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई की है, जिसका अनुपालन कराया जाएगा। परिषद ने नियमों के अनुपालन और शिक्षा व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया है।
किशनगंज के दल्लेगांव क्षेत्र से एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें एक दूल्हा मेची नदी पार करने के लिए लोगों के कंधे पर सवार होकर जा रहा है। यह घटना बिहार-नेपाल सीमा पर स्थित इस क्षेत्र में पुल के अभाव को उजागर करती है। दल्लेगांव और आसपास के गांवों को जोड़ने वाली मेची नदी पर पुल निर्माण का कार्य लंबे समय से अधूरा है। बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने से लोगों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। हाल ही में एक शादी समारोह के दौरान बारात को नदी पार करने में भारी कठिनाई हुई। स्थानीय लोगों ने दूल्हे को कंधे पर बैठाकर सुरक्षित नदी के दूसरी ओर पहुंचाया। अधूरी विकास परियोजनाओं पर उठा सवाल इस घटना की तस्वीर किसी ने मोबाइल में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा कर दी, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गई। इस तस्वीर को देखकर लोग जहां एक ओर दूल्हे के नदी पार करने के तरीके पर चर्चा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में अधूरी विकास परियोजनाओं पर सवाल उठा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, मेची नदी पर पुल बनने से हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे आवागमन सुगम होगा और शिक्षा, स्वास्थ्य तथा व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, वर्षों से पुल निर्माण कार्य पूरा न होने के कारण लोगों को आज भी नाव, अस्थायी रास्तों या कंधों के सहारे नदी पार करनी पड़ती है। मरीजों को अस्पताल ले जाने में होती है दिक्कत ग्रामीणों ने यह भी बताया कि बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। मरीजों को अस्पताल ले जाने, बच्चों को स्कूल भेजने और दैनिक आवश्यकताओं के लिए नदी पार करना जोखिम भरा होता है। दूल्हे की यह तस्वीर क्षेत्र की उस जमीनी सच्चाई को दर्शाती है, जिससे स्थानीय लोग प्रतिदिन जूझ रहे हैं। वायरल तस्वीर ने एक बार फिर मेची नदी पर अधूरे पुल निर्माण का मुद्दा चर्चा में ला दिया है। अब स्थानीय लोगों की मांग है कि सरकार और संबंधित विभाग जल्द से जल्द पुल निर्माण कार्य पूरा कर क्षेत्रवासियों को इस समस्या से स्थायी राहत दिलाएं।
मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) रद्द होने पर अब वापस 21 जून को होगी। इसके लिए उदयपुर में 29 एग्जाम सेंटर बनाए गए हैं। परीक्षा पर निगरानी रखने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम बनाई गई है। एक समन्वयक के पास 16 और दूसरे के पास 13 केंद्र होंगे। हर सेंटर पर सीसीटीवी और जैमर भी लगाए जा रहे है। नीट एग्जाम को लेकर प्रशासन की और से एक समिति बना रखी है। जिला स्तरीय समिति में सदस्य के तौर पर उदयपुर के अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रशासन दीपेंद्र सिंह राठौड़, एडिशनल एसपी उमेश ओझा, केंद्रीय विद्यालय उदयपुर 2 के प्रधानाचार्य अरुण कुमार और केंद्रीय विद्यालय 1 के प्रधानाचार्य राजराजेश्वर सिंह शामिल हैं। इन दोनों प्रधानाचार्य को ही इस परीक्षा का समन्वयक बनाया गया है और इनको अलग-अलग परीक्षा केंद्रों की जिम्मेदारी दी है। परीक्षा की तैयारियों को लेकर पूरी टीम की एक बैठक होगी जिसमें परीक्षा को लेकर तैयारियों को फाइनल टच दिया जाएगा। परीक्षा केंद्रों के बाहर लगेंगे जैमर
हरियाणा में नारनौल के नांगल चौधरी में गुरुवार रात को नेशनल हाईवे 148 बी के पास राव तुलाराम चौक पर बने गड्ढे में गिरने से राजस्थान के दो युवकों की मौत हो गई। दोनों युवक यहां एक आइसक्रीम गाड़ी संचालक के पास काम करते थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल में रखवा दिया है। राजस्थान के भीलवाड़ा के राहुल व पिंटू ने बताया कि वे यहां पर शिव शक्ति नाम से आइसक्रीम का काम करते हैं। उनके पास कई गाड़ियां हैं। इन गाड़ियों में आइसक्रीम बेचने के लिए उन्होंने लड़के रखे हुए हैं। दस बजे आ गए थे कमरे पर उनके पास राजस्थान के नीमच के पास गांव पाटखेड़ा गगरोल का करीब 22 वर्षीय भैरूलाल तथा करीब 20 वर्षीय चितोड़गढ़ के पास जालपुरा के गांव खोर निवासी गिरधारी भी काम करते थे। बीती रात करीब 10 बजे वे दोनों आइसक्रीम की गाड़ियों को लेकर अपने कमरे में आ गए थे। बिना बताएं चले गए इसके बाद दोनों एक बाइक लेकर बिना किसी को बताए हुए कहीं पर चले गए। रात को साढ़े 11 बजे के करीब उनको सूचना लगी कि राव तुलाराम चौक पर बने गहरे गड्ढे में गिरने से भैरूलाल की मौत हो गई, जबकि गिरधारीलाल गंभीर रूप से घायल हो गया। नागरिक अस्पताल पहुंचाया सूचना मिलने के बाद राहुल मौके पर पहुंचा, जबकि पिंटू जो अपने गांव गया हुआ था। वह सुबह नागरिक अस्पताल पहुंचा। वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को गड्ढे से निकाला। जिसके बाद दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया। गिरधारी ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। सर्कल के बीच खोदा जा रहा गड्ढा यह गड्ढा राव तुलाराम चौक पर बीचों-बीच खोदा जा रहा है। हालांकि इसके लिए एक साइड संकेतक भी लगा हुआ है, मगर तीन साइड संकेतक नहीं हैं। जिसके कारण बाइक सवार दोनों को यह गड्ढा दिखाई नहीं दिया। करीब दस फुट है गड्ढा यह गड्ढा तिरंगा झंडा लगाने के लिए खोदा जा रहा है। गड्ढा करीब दस फुट गहरा है। वहीं यह करीब 15 फुट चौड़ा भी खोदा गया है। गड्ढे के अंदर लोहे के सरिये भी लगाए गए हैं। हो सकता है। इन सरियों की चपेट में आने से दोनों की मौत हुई हो। दोनों शादीशुदा पिंटू सुवालका ने बताया कि दोनों मृतक शादीशुदा हैं। भैरूलाल के एक छोटा बच्चा है, जबकि गिरधारी की करीब दो माह पहले ही शादी हुई थी। दोनों के परिवार अपने-अपने गांव में रहते हैं।
मैहर जिले के ताला मंडल में भाजपा के एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर हुए विवाद का वीडियो लगभग एक सप्ताह बाद शुक्रवार को सामने आया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में घटना को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। यह घटना 12 जून की शाम को ताला स्थित एक निजी होटल में भाजपा की ओर से आयोजित 12 साल बेमिसाल जनचौपाल कार्यक्रम के दौरान हुई थी। कार्यक्रम में भाजपा मंडल महामंत्री मनीष चतुर्वेदी और पूर्व मंत्री रामखेलावन पटेल के भाई विजय पटेल के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते यह कहासुनी धक्का-मुक्की और हाथापाई में बदल गई, जो मंच पर ही हुई। उस समय मंच पर सांसद गणेश सिंह, पूर्व मंत्री रामखेलावन पटेल सहित भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराया था। महामंत्री चतुर्वेदी पहुंचे थे थाने विवाद के बाद उसी रात, मनीष चतुर्वेदी अपने समर्थकों और भाजपा पदाधिकारियों के साथ ताला थाना पहुंचे। उन्होंने विजय पटेल के खिलाफ मारपीट और धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि मंच संचालन के दौरान उनके साथ अभद्रता की गई और मारपीट की गई थी। विजय पटेल ने किया था मारपीट से इनकार विजय पटेल ने उस समय अपना पक्ष रखते हुए वीडियो जारी कर कहा था कि यह घटना केवल धक्का-मुक्की तक सीमित थी और किसी प्रकार की मारपीट नहीं हुई थी। उन्होंने मारपीट की घटना से सीधा इनकार किया था। ये भी देखें मैहर में भाजपा कार्यक्रम के मंच हाथापाई:मंडल महामंत्री बोले- पूर्व मंत्री के भाई ने की हाथापाई; पटेल ने नकारा मैहर जिले की अमरपाटन विधानसभा के ताला मंडल में शुक्रवार देर शाम एक निजी होटल में भाजपा के एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर विवाद हो गया। यह घटना 'भाजपा सरकार के 12 साल बेमिसाल' नामक कार्यक्रम में हुई। इसमें पूर्व मंत्री के भाई और भाजपा मंडल महामंत्री के बीच हाथापाई हुई। भाजपा ताला मंडल के महामंत्री मनीष चतुर्वेदी ने ताला थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंच संचालन के दौरान पूर्व राज्यमंत्री के छोटे भाई विजय पटेल ने उनसे माइक छीन लिया और हाथापाई की। शिकायत में विजय पटेल पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।पूरी खबर पढ़ें
लखनऊ विश्वविद्यालय कैंपस में 18 दिन से जारी छात्रों का धरना आज, शुक्रवार को बड़ा होने वाला है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के विरोध में महापंचायत बुलाई है। छात्र गेट-1 पर स्लोगन लिखे पोस्टर लेकर पहुंचे हैं। धरना 3 छात्रों के निष्कासन के बाद 2 जून से शुरू हुआ था। 2 जून से लगातार धरना दे रहे स्टूडेंट्स को सपा और कांग्रेस का लगातार समर्थन मिल रहा है। छात्रसंघ के पूर्व पदाधिकारी भी खुलकर निष्काषित छात्रों के समर्थन में हैं। छात्रों को राजनीतिक पार्टियों का समर्थन छात्रसंघ के कई पूर्व पदाधिकारी भी धरना स्थल पर आकर छात्रों के साथ धरना दे चुके हैं। वहीं, सपा और कांग्रेस के कई विधायक और सांसद भी छात्रों के धरने में शामिल हुए हैं। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन फिलहाल छात्रों के निष्कासन वापसी को लेकर विचार करता नहीं दिख रहा। वहीं, छात्र निष्कासन वापसी के अलावा बढ़ी हुई फीस वृद्धि वापस लेने की मांग पर अड़े हैं। खबर अपडेट की जा रही है…
सीट को लेकर विवाद हुआ तो दूल्हे ने चलती ट्रेन में तलवार लहरा दी। इसके बाद हड़कंप मच गया। मुसाफिरों ने शिकायत कर दी। इसके बाद स्टेशन पर रेलवे पुलिस बस के जवान आए और दूल्हे और यात्रियों के समझाया। कुछ यात्रियों को दूसरे कोच में शिफ्ट किया तब विवाद सुलझा। घटना सूर्यनगरी एक्सप्रेस (12480) के जनरल कोच में गुरुवार रात 2.30 बजे हुई। पाली के मारवाड़ जंक्शन प्लेटफॉर्म पर ट्रेन रुकी तो RPF ने दोनों पक्षों को समझाकर शांत किया। तलवार का मुआयना करते RPF जवान.. अब सिलसिलेवार समझिए पूरा घटनाक्रम मारवाड़ जक्शन जीआरपी थाने के SHO हेमराज गुर्जर ने बताया- दूल्हे की बारात जवाई बांध (पाली) से जोधपुर जा रही थी। दूल्हे के साथ 40 से ज्यादा बाराती ट्रेन के जनरल कोच में सफर कर रहे थे। जवाई बांध से रवाना होने के बाद सीट को लेकर बारातियों और अन्य यात्रियों के बीच विवाद हो गया। यात्रियों ने इसकी ऑनलाइन शिकायत फालना आरपीएफ को कर दी। शिकायत में कहा गया कि दूल्हे ने धमकी देते हुए तलवार लहराई। फालना पुलिस ने मारवाड़ जंक्शन को इसकी सूचना दी। 121 किलोमीटर चलने के बाद रात 2.30 बजे पाली के मारवाड़ जंक्शन पर ट्रेन रेलवे पुलिस पहुंच गई। ट्रेन जैसे ही प्लेटफॉर्म पर पहुंची तो आरपीएफ जवान कोच में गए। दोनों पक्षों से सवाल जवाब किए और समझाया। प्लेटफॉर्म पर दूल्हे की तलवार को चेक किया गया। इसके बाद कुछ यात्रियों को दूसरे डिब्बे में शिफ्ट किया गया। पुलिस ने बताया कि किसी भी तरह का मामला दर्ज नहीं कराया गया। इसलिए किसी को भी हिरासत में नहीं लिया गया है। यात्रियों से बात करने के बाद पता चला कि मारपीट नहीं हुई और तलवार लहराने की बात भी साफ नहीं है।

