केंद्रीय राज्यमंत्री जॉर्ज कुरियन ने इस्तीफा दे दिया। उनका राज्यसभा का कार्यकाल 21 जून को खत्म हो गया था। भाजपा ने उन्हें दोबारा राज्यसभा की टिकट नहीं दी। कुरियन जैसी स्थिति केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू की भी है। लुधियाना के पूर्व सांसद बिट्टू का राज्यसभा कार्यकाल भी 21 जून को खत्म हो चुका है। उन्हें भी दूसरी बार राज्यसभा की टिकट नहीं दी। उनकी जगह अमृतसर से हिंदू नेता तरूण चुघ को राज्यसभा भेजा गया है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या रवनीत बिट्टू भी मंत्रिपद से इस्तीफा देंगे या नहीं। उनके मंत्रीपद पर बने रहने पर सस्पेंस बना हुआ है। हालांकि अभी इसकी संभावना नहीं लग रही क्योंकि पंजाब में करीब 8 महीने बाद विधानसभा चुनाव हैं, ऐसे में भाजपा उन्हें हटाने या उनके पोर्टफोलियो में किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं करेगी। क्या मंत्री बने रह सकते हैं बिट्टूरवनीत बिट्टू राजस्थान से राज्यसभा सांसद चुने गए थे। 21 जून को कार्यकाल खत्म हो गया। हालांकि नियमों के मुताबिक बिट्टू बिना सांसद बने भी 6 महीने तक मंत्री बने रह सकते हैं। बिट्टू किस नियम के तहत 6 महीने मंत्री बने रह सकते हैं?भारत में कोई व्यक्ति सांसद (लोकसभा या राज्यसभा सदस्य) न होते हुए भी मंत्री बन सकता है, लेकिन वह अधिकतम 6 महीने तक ही मंत्री पद पर रह सकता है। संविधान के अनुच्छेद 75(5) के अनुसार: बिट्टू को मंत्रीपद कब छोड़ना होगाअगर बिट्टू को राज्यसभा नहीं भेजा जाता तो वह 21 दिसंबर तक ही मंत्री रह सकते हैं। इस दिन उनके राज्यसभा सांसद का कार्यकाल खत्म हुए 6 महीने हो जाएंगे। तब उन्हें इस्तीफा देना ही पड़ेगा। बिट्टू ने इसको लेकर क्या कहा?राज्यसभा उम्मीदवार न बनाए जाने को लेकर बिट्टू ने खुलकर कुछ नहीं कहा। हालांकि इसका संकेत उन्हें पहले ही मिल चुका था। इस वजह से उन्होंने उम्मीदवारों की लिस्ट आने से पहले ही कह दिया था कि मैं लोकसभा और राज्यसभा में 17 साल लगा चुका हैं। अब दिल्ली से लौटकर पंजाब में काम करना चाहता हूं। इसके लिए दिल्ली से अटैचियां भी पैक करके ला चुका हूं। ****************ये खबर भी पढ़ें तरुण चुघ को राज्यसभा टिकट:जाखड़-अश्विनी को हटाने का डैमेज कंट्रोल; बिट्टू को BJP का झटका पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने राज्यसभा उम्मीदवारी के बहाने बड़ा उलटफेर किया है। केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू को झटका देते हुए राज्यसभा नहीं भेजा जा रहा। उनके बजाय अब भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया गया है। राज्यसभा मेंबर न रहने से पंजाब चुनाव से पहले ही रवनीत बिट्टू की केंद्रीय मंत्रिमंडल से भी छुट्टी हो सकती है (पढ़ें पूरी खबर)
बड़हलगंज थाना क्षेत्र के अहिरौली में ससुराल आए गगहा क्षेत्र के मझगावां निवासी 40 वर्षीय राजू की छत से गिरकर मौत हो गई। मृतक की पत्नी अनीता ने गगहा पुलिस को तहरीर देकर पति के शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। राजू अपनी पत्नी अनीता के साथ सोमवार को बड़हलगंज के अहिरौली स्थित अपनी ससुराल में एक पूजा कार्यक्रम में शामिल होने गया था। मृतक की पत्नी अनीता ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि राजू रात में छत पर सो रहे थे। मंगलवार सुबह करीब तीन बजे आई आंधी के दौरान वह छत से नीचे गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। अनीता के परिजनों ने घायल राजू को इलाज के लिए बड़हलगंज के एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गगहा पुलिस ने अनीता की तहरीर के आधार पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
भिवानी पुलिस की CIA-2 ने भारत-साउथ अफ्रीका क्रिकेट मैच पर मोबाइल के माध्यम से सट्टा लगवाने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 1 लाख 65 हजार रुपए कैश, 5 मोबाइल और एक रजिस्टर बरामद हुआ है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार के निर्देश पर की गई। सहायक उप निरीक्षक सुभाष चंद के नेतृत्व में CIA-2 की टीम बावड़ी गेट क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान उन्हें गुप्त सूचना मिली कि एक व्यक्ति बावड़ी गेट स्थित एक होटल के कमरे में बैठकर क्रिकेट मैच पर सट्टा लगवा रहा है। होटल के कमरे से पकड़ा गया आरोपी सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत होटल पर दबिश दी और कमरे से मोबाइल के जरिए सट्टा लगवा रहे व्यक्ति को मौके पर ही पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान भिवानी के रामगंज मोहल्ला, दादरी गेट निवासी तिलक पुत्र महेंद्र कुमार के रूप में हुई है। जुआ अधिनियम के तहत केस दर्ज पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 1 लाख 65 हजार रुपए कैश, पांच मोबाइल और सट्टे के हिसाब-किताब से संबंधित एक रजिस्टर जब्त किया है। आरोपी तिलक के खिलाफ थाना शहर भिवानी में जुआ अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
52 गज का दामन और ‘चटक मटक’ जैसे सुपरहिट गीतों से सुर्खियां बटोरने वाली हरियाणवी सिंगर रेणुका पंवार एक बार फिर चर्चा में है। रेणुका पंवार अगले महीने 30 दिन के लिए USA भी जाने वाली हैं, जहां वे हरियाणवी गीतों के माध्यम से लाइव परफॉर्मेंस देंगी। उनके पांच अलग-अलग लोकेशन पर लाइव शो होंगे। रविवार को वे वृंदावन में धार्मिक यात्रा पर रहीं। इस दौरान उन्होंने प्रसिद्ध कथावाचक देवी चित्रलेखा, देवकीनंदन ठाकुर, अनिरुद्ध आचार्य से आशीर्वाद लिया। देवी चित्रलेखा के साथ जहां उन्होंने गौ सेवा की, वहीं देवकीनंदन ठाकुर ने उनके साथ एक गीत गाने की इच्छा जताई। अनिरुद्ध आचार्य ने उन्हें अमेरिका टूर की शुभकामनाएं दीं। साथ ही इसी प्रकार हरियाणवी संस्कृति को आगे बढ़ाने और अच्छे कंटेंट के माध्यम से संस्कृति को बदनाम होने से भी बचाने की सलाह दी। बातचीत में देवी चित्रलेखा ने तो रेणुका को हरियाणवी भाषा में भजन लिखने और कोलैब करने की पेशकश भी की। आगामी दिनों में रेणुका उनके साथ भजन में नजर आ सकती हैं। अब जानिए हरियाणवी सिंगर ने धार्मिक यात्रा पर क्या किया… देवी चित्रलेखा के गौ सेवा धाम में पहुंचीं, गुड़ खिलाया रेणुका पंवार अपने दो भाइयों और टीम के साथ रविवार यानी 21 जून को सुबह 11 बजे से लेकर रात 8 बजे तक वृंदावन क्षेत्र में अलग-अलग कथावाचकों के दरबार में पहुंचीं। सबसे पहले करीब 11 बजे देवी चित्रलेखा के पास पहुंचीं। जहां उन्होंने देवी चित्रलेखा के गौ सेवा धाम अस्पताल में करीब एक घंटे तक घायल, बीमार और असहाय गौवंश की सेवा की और उन्हें गुड़ भी खिलाया। देवी चित्रलेखा ने रेणुका पंवार, विक्की पंवार और उनके छोटे भाई सागर पंवार को शॉल और मोमेंटो देकर सम्मानित किया। करीब 30 मिनट की इस मुलाकात में देवी चित्रलेखा ने रेणुका से करियर और परिवार के बारे में भी जानकारी हासिल की। कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने सुने दो भजन इसके बाद करीब 3 बजे रेणुका पंवार की कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर से मुलाकात हुई। रेणुका पंवार ने बताया कि वे करीब 2 बजे ही वहां पहुंच गई थीं और इस दौरान आश्रम में विश्राम किया। देवकीनंदन ठाकुर ने रेणुका से दो भजन सुने। इनमें एक भजन राधिका पर आधारित था, जबकि दूसरा भगवान श्रीराम द्वारा धनुष तोड़ने के प्रसंग पर आधारित था। भजन सुनने के बाद देवकीनंदन ठाकुर ने रेणुका के गायन की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके कंठ पर साक्षात सरस्वती मां का वास है। करीब तीन महीने पहले भी रेणुका पंवार की उनसे मुलाकात हुई थी। देवकीनंदन ठाकुर ने भी रेणुका पंवार से एक गीत लिखने की फरमाइश की। रेणुका ने बताया कि देवकीनंदन महाराज स्वयं ब्रजभाषा में गीत लिखते हैं। अनिरुद्ध आचार्य ने दी USA टूर के लिए शुभकामनाएं करीब 7 बजे रेणुका पंवार अनिरुद्ध आचार्य महाराज के आश्रम में पहुंचीं, जहां उन्हें पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। अनिरुद्ध आचार्य से उनकी करीब 30 से 40 मिनट तक बातचीत हुई। इस दौरान उनके USA टूर को लेकर भी चर्चा हुई। अनिरुद्ध आचार्य ने उन्हें आगामी पांच लाइव शो के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने रेणुका पंवार के गायन की सराहना की और इसके बाद उन्हें वृद्धाश्रम में रह रही माताओं के दर्शन कराने के लिए भी लेकर गए। बिहारी कुंज बिहारी दास के दरबार में भी पहुंचीं रेणुका पंवार ने बताया कि वे बिहारी कुंज बिहारी दास के दरबार में भी पहुंचीं। यहां भी उनकी आगामी योजनाओं को लेकर चर्चा हुई। रेणुका ने बताया कि आने वाले समय में उनके चार हरियाणवी भजन भी रिलीज होंगे। इस दौरान रेणुका पंवार एक ऐसे तटीय स्थान पर पहुंचीं, जिसके बारे में मान्यता है कि वहां आज भी कलियुग का प्रभाव नहीं है और पुरानी संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। रेणुका ने वहां भजन सुने और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया। इसके बाद उन्होंने राधावल्लभ मंदिर में भी दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। अब जानिए कौन हैं हरियाणवी सिंगर रेणुका पंवार... यूपी में जन्म, फिलहाल चंडीगढ़ में रहती हैं रेणुका पंवार का जन्म वर्ष 2002 में उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के खेकड़ा क्षेत्र में हुआ था। उनका परिवार आज भी गांव में रहता है, जबकि रेणुका इन दिनों चंडीगढ़ में रह रही हैं। उन्होंने बागपत से ग्रेजुएशन की है। रेणुका पंवार को संगीत विरासत में नहीं मिला, बल्कि बचपन से ही उन्हें स्टेज पर गाने का शौक था। उनके भाई ने उन्हें लगातार प्रोत्साहित किया। उन्होंने पहली बार पानीपत में टीआर पानीपत के साथ सुन सोनिए गीत गाया था। इसके बाद उनका ऊंची हवेली गीत रिलीज हुआ, जिससे उन्हें काफी पहचान मिली। । ‘52 गज का दामन’ ने रचा इतिहास साल 2020 में उनका सुपरहिट हरियाणवी सॉन्ग 52 गज का दामन यूट्यूब पर रिलीज हुआ। इस गाने ने रेणुका पंवार को देशभर में लोकप्रियता दिलाई। गीत में अभिनय करने वाले कलाकार प्रांजल दहिया और अमन जाजी को भी इससे बड़ी पहचान मिली। इस गीत को मुकेश जाजी ने लिखा था। यह गाना लगातार 12 हफ्ते तक यूट्यूब पर नंबर-1 स्थान पर बना रहा और 1 बिलियन व्यूज तक सबसे तेज पहुंचने वाला भारतीय म्यूजिक वीडियो बना। सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इस गाने को 4 बिलियन से अधिक व्यूज और स्ट्रीम्स मिल चुके हैं। ‘चटक मटक’ ने भी पार किया एक बिलियन व्यूज का आंकड़ा ‘52 गज का दामन’ की सफलता के बाद रेनुका पंवार का गाना ‘चटक मटक ’ भी यूट्यूब पर 1 बिलियन व्यूज का आंकड़ा पार कर गया। इसके साथ ही वह ऐसी पहली क्षेत्रीय गायिका बन गईं जिनके दो गानों ने एक-एक बिलियन व्यूज हासिल किए हैं। यूट्यूब इंडिया के #CreatingForIndia अभियान के तहत रेनुका पंवार को उन कलाकारों में शामिल किया गया, जो भारतीय संस्कृति और परंपराओं को दुनिया तक पहुंचा रहे हैं। यूट्यूब ने उनकी संघर्षपूर्ण यात्रा और सफलता पर एक विशेष डॉक्यूमेंट्री भी बनाई। ‘यांता’ में नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ गाया गीत ‘यांता’ में रेनुका पंवार ने बॉलीवुड अभिनेता नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी के साथ एक गाना किया। यह पहली बार था जब किसी लोकप्रिय हरियाणवी गायिका और बॉलीवुड अभिनेता ने इस तरह एक म्यूजिक वीडियो में साथ काम किया। गीत में रेनुका की लोक शैली की गायकी और आधुनिक संगीत का शानदार मिश्रण देखने को मिला, जबकि नवाजुद्दीन की मौजूदगी ने इसे और खास बना दिया। रेनुका पंवार ने अपने सुपरहिट गीत ‘52 गज का दामन’ के हिंदी संस्करण की रिलीज के बाद एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्हें न्यूयॉर्क के प्रसिद्ध Times Square बिलबोर्ड पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। यह सम्मान उन्हें स्पॉटफाई के इक्वल अभियान के तहत मिला, जिसने उन्हें वैश्विक स्तर पर भारतीय महिला कलाकारों की प्रतिनिधि के रूप में स्थापित किया। इल्लीगल हथियार सॉन्ग ने भी मचाई धूम रेनुका पंवार का 'इल्लीगल हथियार’ सॉन्ग भी युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हुआ। इस गाने में उनकी आवाज के साथ लोकप्रिय कंटेंट क्रिएटर एल्विश यादव नजर आए। लोक संगीत और आधुनिक बीट्स के मेल से तैयार इस गाने ने कम समय में बड़ी लोकप्रियता हासिल की और रेनुका की बहुमुखी प्रतिभा को एक बार फिर साबित किया। -----------------------------ये खबर भी पढ़ें…एक्ट्रेस दिशा पाटनी ने पिता से एयरपोर्ट पर मंगाया खाना:अक्षय कुमार ने अक्षरा और राजपाल के साथ खाया, बरेली में बोले- मजा आ गया बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी ने सोमवार को बरेली एयरपोर्ट पर अपने पिता से पसंदीदा खाना मंगवाया। अपनी अपकमिंग फिल्म 'वेलकम टू द जंगल’ के प्रमोशन लिए मुंबई जाते वक्त उनका चार्टर्ड प्लेन बरेली एयरपोर्ट पर लैंड हुआ। उनके साथ एक्टर अक्षय कुमार, राजपाल यादव और अक्षरा सिंह भी थे। पढ़िए पूरी खबर
कटनी के स्लीमनाबाद तहसील के ग्राम कौड़िया से आए दर्जनों ग्रामीणों ने मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी समस्या प्रशासन के सामने रखी। ग्रामीणों ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि उन्हें उस भूमि से बेदखल किया जा रहा है, जिस पर वे पिछले दो दशकों से अधिक समय से खेती कर जीवनयापन कर रहे हैं। 21 साल से खेती करने का दावा ग्रामीणों ने बताया कि वे ग्राम कौड़िया के खसरा नंबर 1817, 1824, 1825, 1916, 1918, 1922, 1923, 1936, 1937 और 1938 सहित अन्य भूमि पर पिछले 21 वर्षों से काबिज हैं। उनका कहना है कि वे इसी भूमि पर खेती-किसानी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, स्लीमनाबाद तहसीलदार द्वारा समय-समय पर अतिक्रमण के नाम पर उनसे जुर्माना भी वसूला जाता रहा है। जबरन कब्जा कराने का आरोप ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कटनी निवासी अनिल पाठक तथा उनके सहयोगियों विजय पौराणिक, विवेक मिश्रा, संतोष कुशवाहा, गुड्डू हल्दकार, केशव बर्मन और जितेंद्र जायसवाल ने संबंधित भूमि पर कब्जा कर लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि भूमि को घेरकर वहां गेट भी लगाया गया है, जिसे वे गैर-कानूनी बता रहे हैं। पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल ग्रामीणों ने स्लीमनाबाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस उनकी बात सुनने के बजाय दूसरे पक्ष का समर्थन कर रही है। विरोध करने पर ग्रामीणों के खिलाफ धारा 107 और 116 के तहत कार्रवाई की गई तथा उन्हें जेल भेजने की धमकी दी गई। महिलाओं के साथ अभद्रता का आरोप पीड़ित परिवारों ने स्लीमनाबाद थाने में पदस्थ एक महिला अधिकारी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भूमि पर गेट लगाए जाने के दौरान महिलाओं ने विरोध किया तो उन्हें थाने ले जाकर घंटों बैठाया गया। साथ ही जेल भेजने की धमकी देकर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। तहसीलदार ने रखा प्रशासन का पक्ष इस मामले में स्लीमनाबाद तहसीलदार अक्षय दीप ने बताया कि संबंधित भूमि लंबे समय से 'माटौर एग्रोटेक' और 'सोनू एग्रोटेक' नामक कंपनियों के नाम पर दर्ज है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने इसे शासकीय भूमि समझकर कब्जा कर लिया था। अब संबंधित कंपनी अपनी भूमि का कब्जा वापस लेने की कार्रवाई कर रही है। फिलहाल, जिला प्रशासन के अधिकारियों ने ग्रामीणों को मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
लखनऊ की घटना के बाद मंगलवार को मेरठ प्रशासन की नींद भी टूट गई। फायर डिपार्टमेंट की टीम ने प्रशासनिक अफसर के साथ शहर के कोचिंग सेंटरों का रुख किया और वहां की अग्नि सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्था को परखा। कई बिंदुओं पर यह निरीक्षण किया गया। लखनऊ में सोमवार को एक भीषण अग्निकांड में 15 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री ने घटना का संज्ञान लिया और प्रदेश भर में सख़्ती के साथ अभियान चलाने के निर्देश दिए। मंगलवार सुबह जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह के निर्देश पर मेरठ में भी सरकारी अमला एक्शन में दिखाई दिया।मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुरेंद्र सिंह के अलावा एसीएस सिविल लाइन प्रभाकर त्रिपाठी भी अमले के साथ मौजूद रहे। बड़े कोचिंग सेंटर से शुरुआत अग्निकांड के बाद देर रात तक दमकल विभाग और प्रशासन रणनीति तैयार करने में जुटा रहा। सुबह होते ही टीमों ने शहर के बड़े कोचिंग सेंटरों का रुख किया। निरीक्षण की शुरुआत मंगल पांडे नगर स्थित कोचिंगों से की गई। यहां के दो बड़े कोचिंग में टीम पहुंची और वहां लगे अग्नि सुरक्षा उपकरण स्प्रिंकलर, होज पाइप आदि चेक किये। खबर अपडेट हो रही है...
अजमेर के रीट कार्यालय में मंगलवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिला कलेक्टर लोकबंधु सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने स्मार्ट सिटी परियोजना और आनासागर झील में गिर रहे सीवरेज के मुद्दे पर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक की शुरुआत में ही केंद्रीय राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने स्मार्ट सिटी परियोजना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी हमारे लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं अभी वडोदरा से होकर आया हूं, वहां स्मार्ट सिटी के तहत बेहद खूबसूरत काम हुआ है, लेकिन अजमेर में स्मार्ट सिटी के नाम पर कहीं निर्माण हो रहा है तो कहीं तोड़फोड़ की जा रही है। ऐसी नौबत क्यों आई, इसका जवाब अधिकारियों को देना होगा। अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर जताई नाराजगी बैठक के दौरान जब आरएसआरडीसी से जुड़े कार्यों को लेकर जवाब मांगा गया तो संबंधित विभाग के अधिकारी बैठक में मौजूद नहीं थे। इस पर केंद्रीय मंत्री ने नाराजगी जताई और पूछा कि क्या सभी विभागों के अधिकारी बैठक में पहुंचे हैं। बाद में संबंधित अधिकारियों को बैठक में बुलाया गया। आनासागर पर बोले- यह अजमेर की पहचान, इसे बचाना जरूरी बैठक में सबसे ज्यादा चिंता का विषय आनासागर झील में गिर रहा सीवरेज और गंदा पानी रहा। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों से सवाल किया कि क्या आनासागर में जा रहे गंदे पानी को रोकने के लिए कोई ठोस योजना बनाई गई है? इस पर अजमेर विकास प्राधिकरण (एडीए) के उपायुक्त नित्य के. ने बताया कि करीब 13 नालों का पानी आनासागर में पहुंच रहा है। वर्ष 2021 से सीवरेज कनेक्शन का कार्य चल रहा है और लगातार सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। इस जवाब से असंतुष्ट केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आनासागर एक प्रसिद्ध झील है और अजमेर की पहचान है। यदि इसमें सीवरेज का पानी जाता रहेगा तो इसका महत्व समाप्त हो जाएगा। गंदे नाले सीधे झील में जा रहे हैं। मेरे साथ चलिए, मैं आपको दिखाता हूं कि किस तरह सीवरेज का गंदा पानी सीधे आनासागर में पहुंच रहा है। 9 हजार कनेक्शन में 4 हजार लंबित, जल्द काम पूरा करने के निर्देश बैठक में उपयुक्त नित्य के ने बताया कि सीवरेज से जुड़े करीब 9 हजार कनेक्शन प्रस्तावित हैं, जिनमें से लगभग 4 हजार कनेक्शन का कार्य अभी लंबित है। इस पर केंद्रीय मंत्री ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित विभागों को लंबित कार्य शीघ्र पूरा करने और आनासागर में गंदा पानी जाने से रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में पीडब्ल्यूडी सहित अन्य विभागों की योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यों की भी समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति पर अधिकारियों से जवाब-तलब किया और लापरवाही बरतने वाले विभागों को फटकार लगाते हुए समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
बुलन्दशहर प्रशासन ने लखनऊ में हुई एक घटना के बाद जिले के सभी कोचिंग संस्थानों में सघन सुरक्षा जांच अभियान चलाया है। इसका उद्देश्य छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस अभियान के दौरान कोचिंग सेंटरों में अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास व्यवस्था, विद्युत सुरक्षा, भवन मानक और अन्य आवश्यक सुरक्षा इंतजामों का गहनता से निरीक्षण किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह के निर्देशन में यह संयुक्त अभियान चलाया गया। इसमें क्षेत्राधिकारी नगर प्रखर पाण्डेय, प्रभारी निरीक्षक यातायात, अग्निशमन विभाग के अधिकारी और थाना कोतवाली नगर व देहात के प्रभारी निरीक्षक शामिल थे। निरीक्षण के दौरान कई संस्थानों को सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक किया गया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिन संस्थानों में कमियां मिलीं, उन्हें तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। जनपद पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेंगे। सुरक्षा मानकों में लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गाजियाबाद में आज फिर धूप में तेजी देखने को मिली है। जहां दिन में 16 किमी प्रति घंटा की गति से गर्म हवाएं चल रहीं हैं। लोगों को लगातार उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। आज सुबह न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि दिन में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले 21 जून को भीषण गर्मी से थोड़ी राहत मिली थी। अगले 2 दिनों में हल्की बारिश की संभावना मौसम विभाग का कहना है कि अगले 2 दिनों में मौसम बदलने का अनुमान है, 25 जून से मौसम में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। आज शाम को भी बीच बीच में जिले में बादल छाए रहेंगे। जहां 25 जून को कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी या बारिश हो सकती है। हालांकि इससे तापमान में ज्यादा गिरावट आने की संभावना नहीं है। पिछले 2 दिन से बढ़ी गर्मी 17 जून के बाद से लगातार तापमान बढ़ा। लेकिन 21 जून को बादल छाने से फिर मौसम में गर्मी से राहत मिली। लेकिन आज सुबह से तेज धूप निकलने के कारण दोपहर तक गर्मी काफी बढ़ी। दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच सबसे ज्यादा गर्मी पड़ रही है, जहां हवा की गति भी तेज है और गर्म हवाएं हैं। गर्मी के कारण बाजारों और सड़कों पर भी लोगों की आवाजाही देखने को मिल रही है। गर्मी से बचने के लिए रखें ध्यान दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें। खूब पानी और अन्य तरल पदार्थ पीते रहें। बाहर जाते समय सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढकें। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखें। लू लगने के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर में राहुल गांधी का चार घंटे का दौरा कई राजनीतिक संदेश छोड़ गया। बंद कमरे में जिलाध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने साफ संकेत दिया कि पार्टी अब केवल पुराने चेहरों के भरोसे नहीं रहना चाहती और आने वाले समय में नया नेतृत्व तैयार करना प्राथमिकता है। वरिष्ठ नेताओं से ज्यादा राहुल का फोकस जिलाध्यक्षों पर रहा, करीब ढाई घंटे तक 41 जिलाध्यक्षों के साथ चली बातचीत में राहुल गांधी ने तीन जिलाध्यक्षों को उदाहरण के तौर पर खड़ा किया और कहा कि अगर संगठन के लिए ईमानदारी से काम किया जाए तो पार्टी किसी भी कार्यकर्ता को बड़ी जिम्मेदारी देने से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि भविष्य का भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव या चरणदास महंत जिलाध्यक्षों की इसी कतार से निकल सकता है। दिल्ली नहीं, जिलों से तय होगी टिकट राहुल गांधी का सबसे बड़ा संदेश यही था कि भविष्य का राजनीतिक कद दिल्ली में लॉबिंग से नहीं, बल्कि जिले में किए गए काम से तय होगा। उन्होंने जिलाध्यक्षों से कहा कि जनता के बीच सक्रिय रहने वाले नेताओं को ही पार्टी आगे बढ़ाएगी। पिछले एक दशक से प्रदेश कांग्रेस की राजनीति कुछ बड़े चेहरों के इर्द-गिर्द घूमती रही है। ऐसे में राहुल का यह संदेश संगठन के भीतर नई महत्वाकांक्षाओं को भी जन्म दे सकता है। गुटबाजी पर राहुल की सबसे बड़ी चिंता राहुल गांधी ने नेताओं के साथ हुई बैठकों में गुटबाजी और सार्वजनिक बयानबाजी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने वरिष्ठ नेताओं से कहा कि मीडिया के जरिए एक-दूसरे पर निशाना साधने से संगठन कमजोर होता है और इसका सीधा फायदा भाजपा को मिलता है। राहुल ने नेताओं को आपसी तालमेल बढ़ाने और सार्वजनिक मंचों पर एकजुटता दिखाने की सलाह दी। पार्टी के भीतर इसे हाल के महीनों में सामने आई खींचतान और बयानबाजी पर अप्रत्यक्ष नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है। दो डेलिगेशन, अलग-अलग संदेश अभनपुर पहुंचने के बाद राहुल गांधी ने सबसे पहले प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव, चरणदास महंत समेत पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इसके बाद उन्होंने पूर्व विधायकों और संगठन पदाधिकारियों के अलग डेलीगेशन से मुलाकात की। दोनों बैठकों में संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और आगामी चुनावों की तैयारी पर चर्चा हुई। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक राहुल गांधी का फोकस इस बार चुनावी रणनीति से ज्यादा संगठनात्मक अनुशासन और कार्यकर्ताओं के मनोबल पर था। सिर्फ प्रशिक्षण नहीं, 2028 की तैयारी अभनपुर का यह प्रशिक्षण शिविर केवल संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं माना जा रहा। कांग्रेस इसे 2028 विधानसभा चुनाव की शुरुआती तैयारी के रूप में देख रही है। शिविर में जिलाध्यक्षों को गांवों में रुकने, ग्रामीणों से संवाद करने, मनरेगा की स्थिति समझने और नशे जैसी सामाजिक समस्याओं पर काम करने की जिम्मेदारी दी गई है। योग, मार्शल आर्ट्स और नेतृत्व विकास के सत्रों के जरिए उन्हें मैदान की राजनीति के लिए तैयार किया जा रहा है। जल-जंगल-जमीन पर आंदोलन की तैयारी प्रशिक्षण शिविर में आने वाले जन आंदोलन की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस आदिवासी इलाकों में जल, जंगल और जमीन के मुद्दे को लेकर बड़ा अभियान चलाने की तैयारी कर रही है। जिलाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे स्थानीय मुद्दों की पहचान करें और उन्हें संगठन के एजेंडे में शामिल करें। पार्टी का मानना है कि सत्ता विरोधी माहौल बनाने के लिए जमीनी आंदोलनों की जरूरत होगी। चार घंटे में छोड़ गए कई संकेत राहुल गांधी का यह दौरा भले ही चार घंटे का था, लेकिन उन्होंने संगठन को कई स्पष्ट संदेश दिए। पहला, कांग्रेस में आगे बढ़ने का रास्ता अब केवल वरिष्ठता नहीं, प्रदर्शन से तय होगा। दूसरा, गुटबाजी और बयानबाजी बर्दाश्त नहीं होगी। और तीसरा, पार्टी अब नए नेतृत्व को तैयार करने के मिशन पर काम करेगी। अभनपुर शिविर के बाद कांग्रेस के भीतर सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की है कि राहुल गांधी ने जिलाध्यक्षों को केवल संगठन चलाने का प्रशिक्षण नहीं दिया, बल्कि उन्हें भविष्य का बड़ा नेता बनने का सपना भी दिखाया। संभावित राजनीतिक संकेत राहुल गांधी ने जिलाध्यक्षों से कहा कि अगला बड़ा नेता आप में से कोई भी हो सकता है, इसे संगठन में पुराने बनाम नए नेतृत्व के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों से कांग्रेस में भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव और चरणदास महंत के इर्द-गिर्द राजनीति घूमती रही है। राहुल का संदेश बताता है कि पार्टी अब चौथी लाइन के नेतृत्व को तैयार करना चाहती है। जिलाध्यक्षों के साथ ढाई घंटे और वरिष्ठ नेताओं के साथ सिर्फ सीमित समय की चर्चा को भी कई नेता संगठन में पावर शिफ्ट के संकेत के रूप में देख रहे हैं। राहुल ने मीडिया में एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी रोकने की सलाह दी। इसे कांग्रेस के भीतर हाल के महीनों में सामने आए अंतर्कलह और खेमेबाजी पर अप्रत्यक्ष नाराजगी माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक राहुल ने स्पष्ट किया कि भविष्य में टिकट, संगठनात्मक पद और जिम्मेदारियां केवल वरिष्ठता नहीं, बल्कि ग्राउंड रिपोर्ट और प्रदर्शन के आधार पर तय होंगी। जिलाध्यक्षों को गांवों में रुकने और सीधे जनता से जुड़ने का निर्देश यह संकेत देता है कि कांग्रेस 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारी अभी से शुरू कर रही है। संगठन के भीतर यह भी चर्चा है कि राहुल गांधी ने अप्रत्यक्ष रूप से नेताओं को यह संदेश दिया कि दिल्ली लॉबिंग नहीं, जमीनी काम ही राजनीतिक भविष्य तय करेगा।
दिल्ली में हैवानियत: 11 साल की बच्ची को अगवा कर किया दुष्कर्म, फिर बेरहमी से ले ली जान
बच्ची के लापता होने के बाद उसके परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। चूंकि मामला एक नाबालिग के गायब होने से जुड़ा था, इसलिए महरौली थाना पुलिस ने तत्काल खोजबीन शुरू कर दी।
अयोध्या जिले की मिल्कीपुर तहसील में उप जिलाधिकारी के खिलाफ अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को जारी। बार एसोसिएशन अध्यक्ष अमित कुमार मिश्रा के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने एसडीएम पर भ्रष्टाचार, पक्षपातपूर्ण कार्यशैली और जनसमस्याओं के निस्तारण में उदासीनता बरतने के गंभीर आरोप लगाए हैं। विरोध स्वरूप, अधिवक्ताओं ने सभी न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्यों का बहिष्कार कर दिया। इसमें स्टांप विक्रेता, बैनामा लेखक और टाइपिस्ट भी शामिल रहे, जिससे तहसील में न्यायिक कार्य पूरी तरह प्रभावित हुए। अधिवक्ताओं का आरोप- शिकायत पर कार्रवाई नहीं होती अधिवक्ताओं का आरोप है कि तहसील में आने वाली शिकायतों और प्रार्थना पत्रों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती। उनके अनुसार, एसडीएम केवल औपचारिक आदेश जारी करते हैं, जिनका संबंधित विभाग पालन नहीं करते। शिकायत करने पर एसडीएम यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि ऐसे आदेश आते-जाते रहते हैं। बार एसोसिएशन द्वारा एसडीएम को पत्र भेजा गया में तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार, अव्यवस्था, पक्षपात और वादकारियों को हो रही असुविधाओं का मुद्दा उठाया गया। अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सार्वजनिक और बैनामा भूमि पर कब्जों के मामलों में प्रशासन की भूमिका संदिग्ध रही है और दबंगों को संरक्षण दिया जा रहा है। भूमि विवाद का निस्तारण नहीं पत्र में कई अधिवक्ताओं के व्यक्तिगत मामलों का भी उल्लेख किया गया। अधिवक्ता राम केवल मिश्रा ने आरोप लगाया कि उनकी भूमि से अवैध गुमटी हटने के बाद भी लेखपाल को भूमि के उपयोग और सुरक्षा से रोक दिया गया। अध्यक्ष अमित कुमार मिश्रा ने अपनी पत्नी की भूमि से जुड़े कब्जा विवाद में प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। हड़ताल के कारण तहसील आने वाले आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत पत्र लिखवाने और अन्य कार्यों के लिए लोगों को तहसील परिसर से बाहर जाना पड़ रहा है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो एसडीएम के स्थानांतरण तक आंदोलन और कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
खंडवा जिले में लगातार दूसरे दिन प्री-मानसून बारिश का दौर जारी है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है। सोमवार शाम आई तेज आंधी के कारण रेलवे लाइन का ओएचई पोल क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे पठानकोट एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें ढाई घंटे तक लेट हो गईं। वहीं, मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को खेत में पर्याप्त नमी होने तक बोवनी से बचने की एडवाइजरी जारी की है। खंडवा में मंगलवार सुबह धूप निकलने के बाद दोपहर 12 बजे से रुक-रुककर बारिश शुरू हो गई। आकाशीय बिजली की गरज के साथ हुई इस प्री-मानसून बारिश ने पूरे जिले को कवर नहीं किया। शहरी क्षेत्र में कहीं पानी गिरा तो कहीं धूप खिली रही। इससे पहले सोमवार शाम को तेज आंधी के साथ बारिश हुई थी, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों में पेड़ गिरने के मामले भी सामने आए थे। ओएचई पोल टूटने से ट्रेन यातायात हुआ प्रभावितसोमवार रात को हुई तेज आंधी और बारिश का असर रेल यातायात पर भी देखने को मिला। रेलवे लाइन पर एक ओएचई (OHE) पोल टूटकर क्षतिग्रस्त हो गया। इसके चलते पठानकोट एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनों को रोकना पड़ा और ये ट्रेनें अपने निर्धारित समय से आधे से लेकर ढाई घंटे तक की देरी से चलीं। जुलाई के पहले या दूसरे हफ्ते में आएगा मानसूनमौसम विशेषज्ञों के अनुसार, महाराष्ट्र में मानसून की रुकावट के कारण मध्य प्रदेश में वर्तमान में यह प्री-मानसून एक्टिविटी बन रही है। खंडवा जिले में मानसून की विधिवत दस्तक जुलाई के पहले या दूसरे सप्ताह में होने का अनुमान जताया गया है। किसानों के लिए एडवाइजरी- जमीन में 9 इंच नमी होने पर ही करें बोवनीकृषि और मौसम विशेषज्ञों ने किसानों के लिए खास एडवाइजरी जारी की है। किसानों को सख्त सलाह दी गई है कि वे प्री-मानसून की इस हल्की बारिश के आधार पर जल्दबाजी में बोवनी न करें। जब तक जमीन के भीतर 9 इंच तक की पर्याप्त नमी न हो जाए, तब तक खेतों में बीज बिल्कुल न डालें। पिछले साल के मुकाबले अब तक साढ़े तीन इंच कम बारिशभू-अभिलेख विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को जिले में कुल 14.4 एमएम (करीब आधा इंच) बारिश दर्ज की गई। इसमें सबसे ज्यादा 32 एमएम बारिश पंधाना क्षेत्र में हुई है। पिछले साल आज की तारीख तक जिले में 98.8 एमएम (4 इंच) बारिश दर्ज की गई थी, जिसकी तुलना में इस साल अब तक साढ़े तीन इंच कम बारिश हुई है।
पठानकोट के माधोपुर में भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस मनाया गया। भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं ने माधोपुर स्थित 'एकता स्थल' स्मारक पर पहुंचकर डॉ. मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया।इस अवसर पर पठानकोट के पूर्व मेयर अनिल वासुदेवा ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी राष्ट्रीय अस्मिता के प्रतीक थे और युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।वासुदेवा ने डॉ. मुखर्जी के जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण के लिए किए गए संघर्ष को भी याद किया। उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता के लिए उनका योगदान अविस्मरणीय है, और उनके बलिदान के कारण ही जम्मू-कश्मीर आज भारत का अभिन्न अंग है। वासुदेवा के अनुसार, इस कदम से विकास और प्रगति के नए द्वार खुले हैं, और यह डॉ. मुखर्जी के सपने की साकारता है। सबसे कम उम्र के कुलपति बने थे मुखर्जी वहीं, पूर्व डिप्टी स्पीकर ठाकुर दिनेश सिंह बब्बू ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कम उम्र में ही शिक्षा के क्षेत्र में पहचान बनाई और वे केवल 33 वर्ष की आयु में कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे कम उम्र के कुलपति बने। वे स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में राजनीति में सक्रिय हुए और बाद में भारत सरकार में पहले उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री बने। उन्होंने देश के आर्थिक विकास, उद्योगों के विस्तार और राष्ट्रीय हितों से जुड़े मुद्दों पर काम किया।1951 में उन्होंने भारतीय जनसंघ की स्थापना की, जो आगे चलकर भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण धारा बनी। उनका मानना था कि देश की नीतियां राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाली होनी चाहिए।जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर उन्होंने विशेष प्रावधानों का विरोध किया और एक देश में दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे का नारा दिया। इसी आंदोलन के दौरान 1953 में उन्हें जम्मू-कश्मीर में गिरफ्तार किया गया। कुछ समय बाद 23 जून 1953 को उनका निधन हो गया। श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन शिक्षा, राजनीति और राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों के लिए जाना जाता है। उनके समर्थक उन्हें देश की एकता के लिए संघर्ष करने वाला नेता मानते हैं और उनके विचारों को भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण योगदान के रूप में देखते हैं।इस कार्यक्रम में भाजपा के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
लखनऊ अग्निकांड के चश्मदीद ने कहा- बचने का कोई रास्ता नहीं था, आग बहुत तेजी से फैली
लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर चश्मदीद माला निगम ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों के लिए जान बचाना लगभग असंभव हो गया था।
उन्नाव में विवाहिता का फांसी पर मिला शव:मायके वालों ने ससुराल पर दहेज हत्या का आरोप लगाया
उन्नाव के हसनगंज थाना क्षेत्र के बक्शीखेड़ा गांव में एक नवविवाहिता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी के फंदे पर लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए उन्नाव भेज दिया। मंगलवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। मृतका की पहचान 22 वर्षीय निशा पत्नी सोनू, निवासी बक्शीखेड़ा गांव, थाना हसनगंज के रूप में हुई है। बताया गया है कि निशा की शादी लगभग एक साल पहले हुई थी। मृतका की रिश्तेदार निर्मला ने बताया कि उन्हें पुलिस के माध्यम से घटना की जानकारी मिली थी। जब वे मौके पर पहुंचे, तो घर पर कोई मौजूद नहीं था। निर्मला ने आरोप लगाया कि निशा को पहले मारा-पीटा गया और बाद में उसे फांसी के फंदे पर लटका दिया गया। निर्मला के अनुसार, ससुराल पक्ष में पति, सास, ससुर और ननद सहित कई लोग शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि दहेज की मांग को लेकर निशा को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। परिजनों ने बताया कि दहेज में अंगूठी न देने को लेकर अक्सर विवाद होता था। परिजनों ने बताया कि निशा की दो बहनें और एक भाई है। उनके पिता खेती-किसानी का काम करते हैं। परिवार ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच जारी है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
रामपुर में खाद एवं बीज विक्रेताओं ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर यूरिया और डीएपी उर्वरकों पर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने तथा यूरिया पर अनावश्यक टैगिंग की शिकायत की है। विक्रेताओं ने इन समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की है। शिकायत के अनुसार, सरकार द्वारा यूरिया का अधिकतम खुदरा मूल्य 266 रुपये प्रति बैग निर्धारित है, लेकिन यह 290 रुपये प्रति बैग की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक 500 कट्टों पर लगभग एक लाख रुपये की दवाइयों की अनिवार्य टैगिंग भी की जा रही है, जिससे विक्रेताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। प्रार्थना पत्र में यह भी बताया गया है कि डीएपी उर्वरक का निर्धारित मूल्य 1350 रुपये प्रति बैग है, जबकि कुछ थोक विक्रेता इसे 1650 रुपये प्रति बैग की दर से बेच रहे हैं। खाद विक्रेताओं का कहना है कि इस प्रकार की मनमानी से उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इन समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो उन्हें अपना कारोबार बंद करने पर मजबूर होना पड़ सकता है। विक्रेताओं ने संबंधित थोक विक्रेताओं की जांच कर उचित कार्रवाई करने और निर्धारित दरों पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग की है। साथ ही, यूरिया पर अनावश्यक टैगिंग को तत्काल बंद करने के निर्देश जारी करने की भी अपील की है। जिला कृषि अधिकारी कुलदीप सिंह राणा ने खाद एवं बीज विक्रेताओं की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि अब तक दुकानदारों की ओर से कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी, लेकिन वर्तमान शिकायत के आधार पर विधि सम्मत परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश सरकार द्वारा जारी की गई उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन एरिया की अधिसूचना अब कानूनी दांवपेंच में फंस गई है। इस संबंध में मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में याचिका दायर की गई है, जिस पर मंगलवार को सुनवाई होगी। मामले की सुनवाई जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की डिवीजन बेंच करेगी। याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट अक्षत पहाड़िया ने अधिसूचना को चुनौती देते हुए कई कानूनी और प्रक्रियागत सवाल उठाए हैं। याचिका में दावा किया गया है कि मेट्रोपॉलिटन एरिया के गठन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधानों और आवश्यक कानूनी पहलुओं की अनदेखी कर अधिसूचना जारी की गई है। नामकरण पर भी उठे सवाल याचिका में एक प्रमुख आपत्ति मेट्रोपॉलिटन एरिया के नाम को लेकर भी दर्ज की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि प्रदेश के सबसे बड़े शहरी और आर्थिक केंद्र इंदौर का नाम उज्जैन के बाद रखा गया है, जिस पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। 16 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को किया गया शामिल गौरतलब है कि नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के तहत लगभग 16 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाले विशाल मेट्रोपॉलिटन एरिया का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसमें इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, शाजापुर और रतलाम जिलों की 38 तहसीलों तथा 2781 गांवों को शामिल किया गया है। 75 लाख से अधिक आबादी को मिलेगा लाभ प्रस्तावित मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र की अनुमानित आबादी 75.34 लाख बताई गई है। योजना को चार चरणों में विकसित करने की रूपरेखा तैयार की गई है। अधिसूचना के अनुसार अंतिम रूप से 16,000.87 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को मेट्रोपॉलिटन एरिया में शामिल किया गया है। इंदौर का पूरा क्षेत्र, उज्जैन का 59 प्रतिशत हिस्सा शामिल अधिसूचना के मुताबिक इंदौर जिले का 100 प्रतिशत क्षेत्रफल, यानी 3901.63 वर्ग किलोमीटर, मेट्रोपॉलिटन एरिया में शामिल किया गया है। वहीं उज्जैन जिले के कुल 6097.99 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में से 3595.24 वर्ग किलोमीटर हिस्सा शामिल किया गया है, जो जिले के कुल क्षेत्रफल का लगभग 59 प्रतिशत है। सुनवाई पर टिकीं निगाहें मेट्रोपॉलिटन एरिया प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी शहरी विकास योजनाओं में शामिल है। ऐसे में हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर प्रशासनिक, राजनीतिक और शहरी विकास से जुड़े सभी पक्षों की निगाहें टिकी हुई हैं।
बुलंदशहर को मिलेगा नया बाईपास:92 करोड़ की परियोजना को मंजूरी, 400 किसानों की जमीन होगी अधिग्रहित
बुलंदशहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रस्तावित 3.25 किलोमीटर लंबे जरगवां बाईपास के निर्माण को शासन से मंजूरी मिल गई है। करीब 92 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने काम शुरू करने की तैयारियां तेज कर दी हैं। बाईपास बनने से क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी और भारी वाहनों को शहर के भीतर से नहीं गुजरना पड़ेगा। परियोजना के लिए करीब 9.75 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इससे लगभग 400 किसान प्रभावित होंगे। भूमि अधिग्रहण पर करीब 23 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पेड़ कटान पर भी होगा खर्च बाईपास निर्माण से पहले मार्ग में आने वाली बिजली लाइनों को स्थानांतरित किया जाएगा। इसके अलावा सड़क निर्माण की जद में आने वाले पेड़ों की कटाई भी कराई जाएगी। इन दोनों कार्यों पर करीब 2.5 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च आएगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इन प्रारंभिक कार्यों के पूरा होने के बाद ही मुख्य निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा। शहर को जाम से मिलेगी राहत जरगवां बाईपास बनने के बाद भारी वाहनों का दबाव शहर की सड़कों पर कम होगा। इससे स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी। साथ ही यात्रा का समय भी कम होने की उम्मीद है। जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग का लक्ष्य है कि भूमि अधिग्रहण समेत सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी कर ली जाएं, ताकि निर्माण कार्य निर्धारित समय पर शुरू किया जा सके। परियोजना पूरी होने के बाद बुलंदशहर के यातायात ढांचे को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
गोरखपुर में हज-2027 के लिए आवेदन शुरू:20 जुलाई तक मौका, पासपोर्ट समेत जरूरी डॉक्यूमेंट रखें तैयार
गोरखपुर से हज यात्रा पर जाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। हज कमेटी ऑफ इंडिया ने हज सत्र 2027 (1448 हिजरी) के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक हज यात्री 20 जुलाई तक अपना आवेदन पूरा कर सकते हैं। आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से की जाएगी। गोरखपुर के हज यात्रियों को आवेदन के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। नेहाल अहमद ने बताया कि यात्री हज कमेटी ऑफ इंडिया के ऑनलाइन पोर्टल और ‘हज सुविधा’ मोबाइल एप के जरिए आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ ही ई-सुविधा केंद्र और साइबर कैफे से भी फॉर्म भरने की सुविधा मिलेगी। हाथ से बने पासपोर्ट नहीं होंगे मान्य हज-2027 के लिए आवेदन करने वालों को पासपोर्ट से जुड़े नियमों का खास ध्यान रखना होगा। आवेदन के लिए मशीन रीडेबल पासपोर्ट अनिवार्य किया गया है। पासपोर्ट 20 जुलाई 2026 या उससे पहले जारी होना चाहिए। साथ ही उसकी वैधता 31 दिसंबर 2027 तक होना जरूरी है। आवेदन प्रक्रिया के दौरान यात्रियों को सफेद बैकग्राउंड की पासपोर्ट साइज फोटो, पासपोर्ट के पहले और आखिरी पेज की कॉपी, पता प्रमाण पत्र, कैंसिल चेक या बैंक पासबुक की कॉपी अपलोड करनी होगी। जल्दबाजी में फॉर्म न भरें, पहले पढ़ लें नियम हाजी मुहम्मद वसीम ने गोरखपुर के हज यात्रियों से अपील की है कि आवेदन करने से पहले सभी गाइडलाइन को ध्यान से पढ़ लें। आवेदन जमा होने के बाद केवल मृत्यु या गंभीर बीमारी जैसी परिस्थितियों में ही फॉर्म रद्द किया जा सकेगा। दूसरे कारणों से आवेदन वापस लेने पर निर्धारित शुल्क की कटौती होगी। हज-2027 के लिए चयनित यात्रियों को 10 अगस्त तक पहली किस्त के रूप में 1 लाख 52 हजार 300 रुपये जमा करने होंगे। हज कमेटी ने गोरखपुर के इच्छुक यात्रियों से अंतिम समय की परेशानी से बचने के लिए जल्द आवेदन पूरा करने की अपील की है।
महोबा में लकड़ी टाल संचालक के घर चोरी:3 लाख कैश, 1 किलो चांदी पार, चोर छोड़ गए चप्पल और चाबियां
महोबा में एक लकड़ी टाल संचालक के घर चोरी की वारदात हुई है। अज्ञात चोरों ने शिवराम पाल के घर का ताला तोड़कर तीन लाख रुपये नकद और एक किलोग्राम चांदी चुरा ली। हालांकि, भागते समय चोर अपनी चप्पलें और अलमारी खोलने वाली चाबियां मौके पर ही छोड़ गए, जो पुलिस के लिए अहम सुराग बन गई हैं। यह घटना सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात को हुई। चोरों ने बड़ी चालाकी से शिवराम पाल के घर के मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ा और अंदर दाखिल हो गए। इसके बाद उन्होंने कमरे में रखी अलमारी का लॉक तोड़कर उसमें रखे तीन लाख रुपये नगद और लगभग एक किलोग्राम चांदी चुराई। चोरी की इस बड़ी वारदात को अंजाम देने के बाद चोर इतने हड़बड़ा गए कि रात के अंधेरे में भागते समय अपनी चप्पलें मौके पर ही छोड़ गए। इतना ही नहीं, अलमारी का लॉक खोलने के लिए इस्तेमाल की गई चाबियां भी वे जल्दबाजी में घर के भीतर ही भूलकर फरार हो गए। रोजाना की तरह जब सुबह पीड़ित शिवराम पाल की नींद खुली, तो घर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। अलमारी का ताला टूटा हुआ था, फर्श पर अनजान चप्पलें और चाबियां बिखरी थीं, और उनकी गाढ़ी कमाई गायब थी। उन्होंने तुरंत परिजनों और पड़ोसियों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। पीड़ित शिवराम पाल पेशे से लकड़ी का टाल चलाते हैं। उन्होंने बताया कि उनके टाल पर कई लोगों का आना-जाना लगा रहता है, इसलिए वह किसी एक व्यक्ति पर शक जाहिर करने में असमर्थ हैं। पीड़ित ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है और अपनी मेहनत की कमाई वापस दिलाने की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।
सिरसा में एक युवक पिता के द्वारा दिए गए 50 हजार रुपए से जुआं खेल गया। शुरू में उसने जुआं में दो लाख रुपए जीत लिए, परंतु बाद में वह हार गया। 60 रुपए बचे तो जुआंरियों के साथ झगड़ा हो गया। आरोप है कि जुआं खेलने वाले लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज की और मारपीट कर दी। उसके सिर फोड़ दिया और कमर व हाथों पर काफी चोटें मारी। जानकारी के अनुसार, यह घटना शहर के वाल्मीकि चौक के पास की है। घायल युवक को उसके पिता ने गोल्ड लोन चुकाने के लिए 50 हजार रुपए दिए थे। मगर वह गोल्ड लोन चुकाने से पहले जुआं खेलने चला गया। जुआंरियों ने युवक को लात-घुसों से पीट दिया, जिससे उसे काफी गहरी चोटें आई है। अभी घायल का अस्पताल में इलाज चल रहा है और पुलिस को कंप्लेंट कर दी है। इस मामले में सिटी थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में जांच जारी है। काका की दुकान पर खेलने गया था पुलिस को दी शिकायत में वाल्मीकि चौक से रजत ने बताया कि उसके पिता ने बैंक से गोल्ड लोन करवा रखा है। यह गोल्ड छुड़वाने के लिए शाम 6 बजे उसके पिता ने उसे 50 हजार रुपए दिए थे। उन पैसों को लेकर वह रात करीब 10 बजे रोहित व काका की दुकान पर चला गया। वहां पर उसने शराब पी ली और जुआं खेलने लगा। उसने दो लाख रुपए जीत लिए और उसके पास कुल 2.50 लाख रुपए हो गए। उस समय वह और उसके साथ दीपक पप्पू कालड़ा की दुकान पर गए। गाली देने पर बिगड़ी बात वहां रोहित, दीपांशु, बलु मेहता व निशांत संधू व काफी लोग जुआं खेल रहे थे। वह भी वहां जुआं खेलने लगा। खेल के बाद उसके पास 60-70 हजार रुपए बचे थे, बाकी रुपए वह हार गया। फिर निशांत ने उसे गाली दी तो आपस में बहस और झगड़ा हो गया। सभी ने मिलकर उसे चोटें मारी और झगड़े में गले में पहनी सोने की चैन वहीं गिर गई। उसने अपने भाई अशोक को फोन कर बुलाया और उसे अस्पताल में पहुंचाया।
शामली में जिला बार एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार द्वारा लागू की जा रही ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में एक बड़ा निर्णय लिया है। एसोसिएशन ने उपनिबंधक कार्यालय में होने वाले रजिस्ट्री संबंधी कार्यों का अनिश्चितकाल के लिए बहिष्कार करने का ऐलान किया है। जिला बार एसोसिएशन के महासचिव सतेंद्र कुमार एडवोकेट ने जानकारी दी कि 22 जून को मेरठ से प्राप्त निर्देशों के क्रम में अधिवक्ताओं और डीड राइटर्स की एक बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा, तब तक अधिवक्ता और डीड राइटर्स रजिस्ट्री से संबंधित कोई कार्य नहीं करेंगे। इस निर्णय की सूचना न्यायालय सहायक स्टांप आयुक्त शामली और उपनिबंधक कार्यालय को भी भेज दी गई है। बार एसोसिएशन के इस फैसले से जनपद में संपत्ति की खरीद-फरोख्त और रजिस्ट्री कार्य प्रभावित होने की संभावना है। अधिवक्ताओं का कहना है कि ई-रजिस्ट्री व्यवस्था से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।
डीग कलेक्टर मयंक मनीष ने मंगलवार को जिला मुख्यालय के विभिन्न शहरी क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने आगामी मानसून और शहरी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के मद्देनजर किशनपुर तलैया, कामां गेट, मेला ग्राउंड और शीश महल सहित कई स्थानों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जल भराव की समस्या से निपटने और शहरी सौंदर्यकरण बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कामां गेट पर जल भराव की स्थिति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को पंप सेट स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर दिया कि मानसून के दौरान निचले इलाकों में पानी भराव की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। इसके लिए बाढ़ बचाव और आपातकालीन निकासी कार्यों को समय रहते पूरा किया जाए। इसी क्रम में, मेला ग्राउंड का दौरा करते हुए उन्होंने सार्वजनिक भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमणों को तुरंत हटाने के निर्देश दिए। साथ ही, क्षेत्र के सभी छोटे-बड़े नालों की मुस्तैदी से साफ-सफाई कराने को कहा, ताकि वर्षा जल का प्रवाह सुचारू रूप से हो सके और मौसमी बीमारियों की आशंका को रोका जा सके। कलेक्टर ने शीश महल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को आगामी वर्षा ऋतु और व्यवस्थाओं के मद्देनजर पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश दिए। यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि यहां आने-जाने वाले आमजन को किसी भी प्रकार की हानि या नुकसान न हो। नगरपरिषद को निर्देशित किया गया कि वे सभी चिन्हित स्थानों पर चल रहे विकास कार्यों की नियमित निगरानी करें। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विभागीय शिथिलता के कारण आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इस अवसर पर नगरपरिषद आयुक्त कुलदीप सिंह सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
जौनपुर में 42 डिग्री तापमान, उमस से लोग बेहाल:प्री-मानसून बारिश न होने से खरीफ की खेती पर संकट
जौनपुर में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। जिले में भीषण गर्मी और उमस से जनजीवन प्रभावित है। रविवार रात को तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की मामूली गिरावट आई थी। हालांकि, मंगलवार दोपहर से फिर तीखी धूप और उमस बढ़ गई, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग प्री-मानसून बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। जून माह में प्री-मानसून की संतोषजनक बारिश न होने से किसान चिंतित हैं। महीने के अंत तक भी अच्छी वर्षा न होने के कारण खरीफ की खेती पिछड़ने का खतरा मंडरा रहा है। मृगशिरा नक्षत्र में भी गर्मी का प्रकोप जारी रहा। तेज धूप और उमस के कारण दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। राज्य मौसम केंद्र के प्रभारी अतुल कुमार ने बताया कि अगले दो-तीन दिनों तक तापमान में वृद्धि के साथ गर्मी जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्री-मानसून के सक्रिय होने पर ही लोगों को राहत मिल सकेगी।
पशुपालन विभाग की ओर से मई माह की जारी की गई की परफोरमेंस इंडीकेटर (KPI) रैंकिंग में अजमेर संभाग पूरे प्रदेश में अव्वल रहा है। पशु कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान और बजट घोषणाओं को धरातल पर उतारने में अजमेर अकेला ऐसा संभाग बना जिसे A कैटेगरी में जगह मिली है। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. नवीन परिहार ने बताया- जिला प्रशासन व पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने आपसी समन्वय से काम किया। नियमित मॉनिटरिंग हुई, इसलिए नतीजे बेहतर आए। हमारा प्रयास रहेगा कि आगे भी इससे अच्छा काम करें ताकि पशुपालकों को ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके। किस आधार पर बनी रैंकिंगपशुपालन विभाग हर महीने सभी संभागों और जिलों की परफॉर्मेंस की समीक्षा KPI के आधार पर करता है। इसमें मुख्य बिंदुओं पर अंक दिए जाते हैं, जिसमें पशु कल्याण योजनाएं, मुख्यमंत्री पशुधन निशुल्क दवा योजना, मोबाइल वेटरनरी यूनिट का संचालन, मुंह-खुर रोग, गलघोटू, लंपी जैसे रोगों के टीके शामिल है। इन पैमानों पर अजमेर संभाग ने 85% से ज्यादा अंक हासिल कर A ग्रेड पाया है। 4 संभाग B ग्रेड में, 2 फिसड्डी …… पढें ये खबर भी…. अजमेर में सरकारी जमीन पर अवैध 'आईलैंड' बनाया, घर बेचे:नाले के ऊपर सड़क बनाई, करोड़ों रुपए का प्रोजेक्ट, अधिकारी देखते रहे अजमेर में एक कॉलोनाइजर ने सरकारी नाले पर एक ‘आइलैंड’ भी बना दिया। इतना ही नहीं खुद की जमीन के साथ नाला और अजमेर विकास प्राधिकरण की सरकारी जमीन पर चारदीवारी बनाकर कब्जा कर लिया। नाले पर आवाजाही के लिए पुलिया बनाने के बजाय सीमेंट के पाइप डालकर सड़क भी बनाई है। मामला चाचियावास में ‘जीएस लेक एवेन्यू प्रोजेक्ट’ का है। दिलचस्प बात यह है कि यह सब उस सिस्टम की निगरानी में हुआ, जिसका काम ऐसे निर्माणों पर नजर रखना था। यही नहीं, पूरे सरकारी सिस्टम ने सेवन वंडर पार्क के टूटने से भी कोई सीख नहीं ली। (पूरी खबर पढे़ें)
भागलपुर में संदिग्ध हालत में तीन बच्चों की मां की मौत हो गई। तबीयत बिगड़ने के बाद परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे थे। मृतका की पहचान रंजीत कुमार की पत्नी प्रियंका कुमारी(27) के रूप में हुई है। मामला पुलिस जिला नवगछिया के इस्माइलपुर थाना क्षेत्र के कला कुंड गांव का है। रंजीत कुमार ने बताया कि सोमवार रात घर में खाना बना रही थी। अचानक उसको पेट में दर्द होने लगा। पहले से कोई समस्या नहीं थी। मैंने उसको आराम करने को कहा। बहन ने रोटी बनाई, सभी ने खाना खाया। प्रियंका को दवा खिलाने के बाद सभी सोने चले गए। घर में मचा कोहराम मृतका के तीन बच्चे हैं। पति मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है। करीब 10 वर्ष पहले शादी हुई थी। बरारी पुलिस ने कागजी कार्रवाई के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की छानबीन की जा रही है। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
लखनऊ अग्निकांड के बाद बांदा प्रशासन अलर्ट:अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों में मिलीं फायर सेफ्टी खामियां
लखनऊ में हुए कोचिंग सेंटर अग्निकांड के बाद बांदा जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मंडलायुक्त अजीत कुमार के नेतृत्व में शहर के विभिन्न अस्पतालों और कोचिंग सेंटरों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) मतलूब हुसैन और सिटी मजिस्ट्रेट भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की गहन जांच की। इसमें अग्निशमन यंत्रों की स्थिति, फायर अलार्म सिस्टम, पानी की उपलब्धता और आपातकालीन निकासी मार्गों का जायजा लिया गया। जांच में कई संस्थानों में अग्निशमन यंत्र मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं में गंभीर कमियां मिलीं। मंडलायुक्त अजीत कुमार ने बताया कि अस्पतालों और कोचिंग सेंटरों में अग्निशमन उपकरण पूरी तरह सक्रिय और प्रभावी होने चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं होनी आवश्यक हैं। जिन संस्थानों में खामियां पाई गईं, उन्हें तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान नरेंद्र गुप्ता हॉस्पिटल में भी फायर सेफ्टी उपकरणों में कमियां मिलीं। प्रशासन ने अस्पताल प्रबंधन को 24 घंटे के भीतर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का निर्देश दिया है। मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि मरीजों की स्थिति को देखते हुए अस्पताल को तत्काल बंद करना उचित नहीं है, लेकिन निर्धारित समय में व्यवस्थाएं ठीक न होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह, आकाश कोचिंग सेंटर में भी अग्निशमन यंत्र पूरी तरह सक्रिय नहीं पाए गए। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि जब तक सभी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता, तब तक कोचिंग में बच्चों की कक्षाएं संचालित नहीं की जाएंगी। आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। मंडलायुक्त ने बताया कि शहर के होटल, लाइब्रेरी और अन्य सार्वजनिक स्थानों की भी जांच कराई जा रही है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी लापरवाही के कारण भविष्य में कोई बड़ा हादसा न हो और आम जनता की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित की जा सके।
अमेठी में पारा 41 डिग्री पार:भीषण गर्मी से सड़कें सूनी, लोग घरों में दुबके
अमेठी में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। जिले का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। तेज धूप और हवा न चलने के कारण लोग बेहाल हैं, जिससे सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। सुबह से ही तेज धूप के कारण आवाजाही कम हो गई है। आवश्यक कार्य से निकलने वाले लोग अंगौछे, दुपट्टे और छाते का सहारा ले रहे हैं। स्कूली छात्र-छात्राएं भी सिर ढककर स्कूल पहुंच रहे हैं। दुपहिया वाहन चालक भी पूरी सुरक्षा के साथ सड़कों पर दिख रहे हैं। दोपहर में बाजारों में ग्राहकों की कमी के कारण दुकानदार भी परेशान हैं। शाम तक भी तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहता है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं जताई है। चिकित्सकों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है। इसके अतिरिक्त, खूब पानी, नींबू-शरबत और ओआरएस का सेवन करने, तथा हल्के कपड़े पहनने की हिदायत दी गई है। लू और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए सिर और आंखों को ढककर ही बाहर निकलने को कहा गया है।
धार में दोमुंहा सांप के साथ तस्कर गिरफ्तार:भूसे के ढेर से बरामद, अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच शुरू
सरदारपुर वन परिक्षेत्र की टीम ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक दुर्लभ रेड सेंड बोआ (दोमुंहा सांप) को सुरक्षित बरामद किया है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। वन विभाग को आशंका है कि इस प्रकरण के तार किसी अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी गिरोह से जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। वन विभाग को मिली थी तस्करी की सूचना वन विभाग को सूचना मिली थी कि बदनावर क्षेत्र में एक दुर्लभ वन्यजीव की खरीद-फरोख्त की जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए सरदारपुर वन परिक्षेत्र की टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई और संदिग्ध व्यक्ति की तलाश शुरू की। आरोपी को हिरासत में लेकर की पूछताछ कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम ने कानवन क्षेत्र के समीप ग्राम दुधवाल निवासी कमल पिता विक्रम देवड़ा को हिरासत में लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी से वन्यजीव के संबंध में जानकारी जुटाई गई। पूछताछ के दौरान आरोपी कमल देवड़ा ने बताया कि उसने रेड सेंड बोआ को उज्जैन जिले के बड़नगर में अपने एक रिश्तेदार के घर छिपाकर रखा है। आरोपी ने बताया कि सांप को भूसे के ढेर के भीतर रखे एक मटके में छिपाया गया था ताकि किसी को इसकी भनक न लग सके। बड़नगर में दबिश देकर बरामद किया सांप आरोपी की निशानदेही पर वन विभाग की टीम तत्काल बड़नगर पहुंची। वहां बताए गए स्थान पर दबिश दी गई और भूसे के ढेर में रखे मटके से दुर्लभ रेड सेंड बोआ को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। बरामदगी के बाद वन विभाग की टीम ने वन्यजीव को अपने संरक्षण में ले लिया। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज वन अधिकारियों ने आरोपी कमल देवड़ा के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अधिकारियों के अनुसार रेड सेंड बोआ संरक्षित श्रेणी का वन्यजीव है और इसकी खरीद-फरोख्त या तस्करी कानूनन गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है। आरोपी रिमांड पर, पूछताछ जारी वन विभाग ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे रिमांड पर लिया गया है। अधिकारियों द्वारा उससे लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क की जानकारी सामने आ सके। वन विभाग यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि आरोपी रेड सेंड बोआ को कहां से लेकर आया था और इसे किस व्यक्ति या गिरोह को बेचने की तैयारी थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस मामले में कई अन्य लोगों की संलिप्तता भी हो सकती है। अंतरराज्यीय गिरोह की भूमिका की आशंका अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी नेटवर्क की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी कारण अन्य संदिग्धों की पहचान और तलाश का काम भी शुरू कर दिया गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाल के समय में वन्यजीव तस्करी के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। इसी को देखते हुए विभाग ने निगरानी और खुफिया तंत्र को और मजबूत किया है ताकि ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। अंधविश्वास के कारण होती है तस्करी रेड सेंड बोआ, जिसे आम बोलचाल में दोमुंहा सांप कहा जाता है, पूरी तरह गैर-विषैला होता है। यह खेतों में चूहों की संख्या नियंत्रित कर किसानों के लिए उपयोगी साबित होता है। इसके बावजूद अंधविश्वास, तांत्रिक मान्यताओं और अवैज्ञानिक धारणाओं के चलते इसकी अवैध तस्करी लंबे समय से की जाती रही है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि ऐसे अंधविश्वासों से दूर रहें और वन्यजीवों के संरक्षण में सहयोग करें।
प्रतापगढ़ में माहेश्वरी समाज ने मंगलवार को भगवान महेश की जयंती मनाई। इस अवसर पर समाज द्वारा विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों की शुरुआत सुबह हवन-पूजन के साथ हुई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए धान मंडी से भगवान महेश की शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा बैंड-बाजों, ढोल-नगाड़ों और झांकियों के साथ शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। यात्रा में बड़ी संख्या में समाज के सदस्य शामिल हुए। युवक-युवतियों ने भक्ति गीतों पर नृत्य किया और भगवान महेश के जयकारे लगाए। शहर के विभिन्न स्थानों पर सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने शोभायात्रा का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। माहेश्वरी समाज के जिला अध्यक्ष रजनीश माहेश्वरी ने बताया कि महेश नवमी का पर्व समाज द्वारा प्रतिवर्ष श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। उन्होंने इसे समाज की एकता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया। प्रतिभाओं का किया सम्मान शोभायात्रा के समापन के बाद एक समारोह आयोजित किया गया। इसमें शिक्षा, खेल, सामाजिक और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां भी दी गईं।
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे में कथित हेरफेरी और चोरी के मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है। यह रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव (गृह) एवं मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद को सौंपी गई है। हालांकि, जांच प्रक्रिया अभी जारी है और अंतिम रिपोर्ट बाद में प्रस्तुत की जाएगी।
प्रदेश के बड़े बांधों में शामिल बरगी बांध में जलस्तर लगातार घट रहा है। हालात यह हैं कि बांध में अब लगभग 13 प्रतिशत पानी ही बचा है। अगर जल्द ही अच्छी बारिश नहीं हुई तो आने वाले दिनों में पीने के पानी को लेकर संकट खड़ा हो सकता है। पानी की कमी का असर नर्मदा नदी पर भी दिखाई देने लगा है। कई घाटों पर चट्टानें नजर आने लगी हैं और नदी का बहाव कम होने से पानी गंदा भी होने लगा है। नर्मदा मध्य प्रदेश की जीवन रेखा मानी जाती है। इससे जबलपुर सहित कई शहरों और गांवों में जलापूर्ति होती है। कमजोर मानसून के चलते इस बार बरगी बांध और नर्मदा नदी की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। बरगी बांध की समुद्र तल से ऊंचाई 402 मीटर से शुरू होकर 422.75 मीटर तक है। बांध में 21 मीटर तक पानी का भराव हो सकता है। बरगी बांध परियोजना के अधिकारी शैलेंद्र राठौर के अनुसार वर्तमान में बांध का जलस्तर 407.65 मीटर है। यानी बांध में अब करीब 5 मीटर पानी ही बचा है, जबकि बरसात के मौसम में जलस्तर 422.75 मीटर तक पहुंच गया था। सीमित समय के लिए चलाई जा रही बिजली इकाई बरगी बांध से नर्मदा नदी में पानी बिजली संयंत्र के जरिए छोड़ा जाता है। लेकिन बिजली संयंत्र की एक इकाई मेंटेनेंस के कारण बंद है और दूसरी इकाई भी पानी की कमी के चलते सीमित समय के लिए चलाई जा रही है। इसका सीधा असर नर्मदा नदी के जल प्रवाह पर पड़ा है। अधिकारियों के मुताबिक तीन साल पहले भी ऐसी स्थिति बनी थी। वर्ष 2025 में इसी समय बरगी बांध का जलस्तर 409.95 मीटर था, जबकि इस साल यह घटकर 407.65 मीटर रह गया है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि मानसून सक्रिय होने पर केवल दो दिन में जलस्तर 410 मीटर तक पहुंच सकता है। बरगी बांध की बाईं तट नहर खोल दी गई गर्मी के मौसम में किसानों की मांग को देखते हुए मंगलवार सुबह से बरगी बांध की बाईं तट नहर (Bargi Left Bank Canal) खोल दी गई है। इससे करीब 10 क्यूमैक पानी छोड़ा जा रहा है। यह मुख्य नहर लगभग 137 किलोमीटर लंबी है और करीब 1.57 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की क्षमता रखती है।
डीडवाना-कुचामन के राजकीय बांगड जिला हॉस्पिटल में प्रसव के दौरान प्रसूता और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत के मामले में दूसरे दिन प्रशासन और परिजनों के बीच सहमति बन गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हॉस्पिटल परिसर में धरना दिया था। वार्ता के बाद डॉ. पूनम सोमरा को रिलीव कर दिया गया। वहीं मुआवजा और संविदा नौकरी की मांग सरकार को भेजने पर सहमति बनी, जिसके बाद परिजन मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार हो गए। प्रसव के दौरान हुई थी प्रसूता और गर्भस्थ शिशु की मौत जानकारी के अनुसार, अजमेर जिले में विवाहित 22 साल की मोनिका अपने ननिहाल खुनखुना आई हुई थी। सोमवार को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे डीडवाना के बांगड जिला हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि हॉस्पिटल में समय पर इलाज नहीं मिला, जिसके कारण प्रसव से पहले ही मोनिका और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए खुनखुना थाने में मामला दर्ज करवाया। इसके बाद दोनों के शव जिला हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाए गए थे। दूसरे दिन हॉस्पिटल परिसर में धरने पर बैठे परिजन घटना के बाद मंगलवार सुबह मृतका के परिजन और बंजारा समाज के लोग जिला हॉस्पिटल परिसर में एकत्र हो गए और धरने पर बैठ गए। परिजनों ने प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखीं और मांगें पूरी नहीं होने तक पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। धरने पर बैठे लोगों ने तीन प्रमुख मांगें रखीं। इनमें 20 लाख रुपए का आर्थिक मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को संविदा पर सरकारी नौकरी और लापरवाही बरतने वाले दोषी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग शामिल थी। अधिकारियों ने की समझाइश, वार्ता के बाद बनी सहमति धरने और बढ़ते विरोध की सूचना मिलने पर उपखंड अधिकारी विकास मोहन भाटी, डीएसपी जेठू सिंह और तहसीलदार ओमप्रकाश मेव भारी पुलिस जाब्ते के साथ जिला हॉस्पिटल पहुंचे। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने परिजनों और बंजारा समाज के प्रतिनिधियों से लगातार वार्ता की। समझाइश के बाद प्रशासन और परिजनों के बीच सहमति बन गई। डॉ. पूनम सोमरा रिलीव, मांगें सरकार को भेजी जाएंगी वार्ता के दौरान डॉ. पूनम सोमरा को रिलीव करने पर सहमति बनी। इसके साथ ही परिजनों की मुआवजा और संविदा नौकरी की मांग सरकार को भेजने का आश्वासन दिया गया। सहमति बनने के बाद परिजन मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराने के लिए तैयार हो गए। इसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
नई दिल्ली। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 73वें बलिदान दिवस पर दिल्ली भाजपा ने मंगलवार को दिल्ली गेट स्थित उनके स्मृति स्थल पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की। इस अवसर पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा स्मृति स्थल पर पौधारोपण किया। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय संगठक एवं वरिष्ठ नेता वी. सतीश, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा सहित कई सांसद, मंत्री, विधायक और निगम पार्षद मौजूद रहे। देश की अखंड़ता के लिए समर्पित रहा डा. मुखर्जी का जीवन : वी सतीश वी. सतीश ने कहा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन भारत की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के लिए समर्पित रहा। उन्होंने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया और जम्मू-कश्मीर में एक विधान- एक निशान और एक प्रधान के संकल्प के लिए संघर्ष करते हुए अपना जीवन राष्ट्र को समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद लंबे समय तक उनके योगदान को वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे अधिकारी थे। जनसंघ की स्थापना, राष्ट्रवाद की नींव रखी : रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आज का दिन उस पुण्य आत्मा को स्मरण करने का दिन है, जिसने जनसंघ की स्थापना कर राष्ट्रवाद की मजबूत नींव रखी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र प्रथम की भावना को जन-जन तक पहुंचाने में डॉ. मुखर्जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर उनके सपने को साकार किया गया। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा डॉ. मुखर्जी ने शिक्षा को राष्ट्रनिर्माण का माध्यम और उद्योग को आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला माना। उन्होंने सत्ता से अधिक सिद्धांतों को महत्व दिया और राष्ट्रहित में मंत्री पद तक छोड़ दिया। मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय जनसंघ की स्थापना और राष्ट्रीय एकता के लिए उनका संघर्ष देश के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
गुना के मृगवास थाना इलाके में 'झगड़ा प्रथा' की मांग पूरी न होने पर एक परिवार पर हमले का मामला सामने आया है। गूजर खेड़ी गांव में रात के समय राजस्थान से आए महिला के पूर्व पति और ससुर ने 45 वर्षीय संपतराम गुर्जर के घर के बाहर रखे 4000 गोबर के कंडों में आग लगा दी। इस आगजनी में पीड़ित को करीब 50 हजार रुपए का नुकसान हुआ है। सानई चौकी पुलिस ने शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। जानकारी के अनुसार, संपतराम के भाई सौराम गुर्जर के साले सुजान सिंह की शादी दो महीने पहले राजस्थान के सोरडीबे निवासी ममता बाई से हुई थी। ममता बाई के पहले पति जमनालाल गुर्जर और ससुर रामसिंह (निवासी धनवास, झालावाड़, राजस्थान) इस दूसरी शादी को लेकर सुजान सिंह से 'झगड़ा प्रथा' (हर्जाना) के पैसों की मांग कर रहे थे। घर के बाहर सो रहे किसान को दी नुकसान की धमकीपीड़ित संपतराम ने शिकायत में बताया कि रात करीब 11 बजे वह अपने घर के बाहर सो रहे थे। तभी जमनालाल और रामसिंह वहां पहुंचे और कहा कि समाज के हिसाब से सुजान सिंह को उन्हें झगड़े के पैसे देने होंगे। उन्होंने धमकी दी कि यदि सुजान सिंह ने पैसे नहीं दिए, तो वे संपतराम और उनके गांव वालों का भारी नुकसान करेंगे। विवाद के समय वहां गांव के समंदर सिंह और भैयालाल भी मौजूद थे। इंकार करने पर भड़के, गालियां देकर कंडों में लगाई आगसंपतराम ने जब आरोपियों से कहा कि उन्हें जो भी पैसे लेने हैं, वे सीधे सुजान सिंह से लें, उनका नुकसान क्यों कर रहे हैं। इस बात पर दोनों बाप-बेटे भड़क गए और गालियां देने लगे। संपतराम ने जब उन्हें ऐसा करने से रोका, तो दोनों ने आक्रोश में आकर पास ही रखे पशुडंडे (गोबर के कंडों के 2 बड़े ढेर) में आग लगा दी। इनमें करीब 4000 कंडे रखे हुए थे। 50 हजार का नुकसान, जान से मारने की धमकी देकर भागेआग लगने के बाद गांव वालों ने उसे बुझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन पानी का पर्याप्त साधन न होने के कारण सभी कंडे जलकर खाक हो गए। पीड़ित के अनुसार, इस आगजनी में उसे 50 हजार रुपए से ज्यादा का आर्थिक नुकसान हुआ है। जाते-जाते आरोपी बाप-बेटे यह धमकी दे गए कि यदि झगड़े के पैसे नहीं दिलवाए, तो वे उसे जान से मार देंगे। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोटा में तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित होकर हाइवे से 30 फीट नीचे गिर गया। घटना मंगलवार तड़के 3 बजे की कैथून थाना क्षेत्र में कोटा बारां NH 27 की ताथेड पुलिया के पास की है। हादसे में ट्रेलर ड्राइवर व खलासी को चोट लगी है। गनीमत रही कि घटना के समय पुलिया के नीचे या आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। हादसे से जुड़ी फोटो देखे स्थानीय लोगों ने बताया कि ट्रेलर बारां की तरफ से आ रहा था, और कोटा की तरफ जा रहा था। ताथेड पुलिया पर पहुंचने से पहले ट्रेलर अनियंत्रित हो गया। हाइवे किनारे लगी लोहे की रेलिंग को 150 फीट तोड़ता हुआ पुलिया से 30 फीट नीचे जाकर पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गईं। पुलिस मौके पर पहुंची। ड्राइवर व खलासी को बाहर निकाला। और इलाज के लिए हॉस्पिटल भिजवाया। हादसे के कारण कुछ समय के लिए हाईवे पर ट्रैफिक भी प्रभावित रहा। सुबह मौके पर ट्रेलर की हालत देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। कैथून थाना ASI हीरालाल ने बताया कि घटना देर रात की है। ट्रेलर कोलकाता से अहमदाबाद जा रहा था। अचानक से अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे गिर गया। हादसे में ड्राइवर व खलासी को हल्की चोट लगी है। ट्रेलर में क्या भरा था। इस बारें में जानकारी नही की। क्योंकि पहले घायलों का इलाज जरूरी था। फिलहाल हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
मानवाधिकार आयोग का बड़ा आदेश:फर्जी नशेड़ी' मामले में सिविल सर्जन निजी तौर पर तलब
पंजाब स्टेट ह्यूमन राइट्स कमीशन (PSHRC) ने आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल कर एक बेकसूर व्यक्ति को सरकारी रिकॉर्ड में 'नशेड़ी' दिखाने के गंभीर मामले में अब तक का सबसे सख्त रुख अपनाया है। कमीशन ने 15 जून 2026 को एक नया और बड़ा आदेश जारी करते हुए लुधियाना के सिविल सर्जन को अगली सुनवाई पर खुद पेश होने का फरमान सुनाया है। कमीशन का कड़ा रुख: 14 अगस्त को होना होगा हाजिर कमीशन के इस नए आदेश पर देखी जा सकती है ने स्वास्थ्य विभाग के ढीले रवैये की पोल खोल कर रख दी है अधिकारियों ने नहीं दी कोई रिपोर्ट: आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि कमीशन ने इससे पहले 9 जनवरी 2026 और 12 मार्च 2026 को डायरेक्टर (हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर, पंजाब) और सिविल सर्जन (लुधियाना) को एक्शन टेकन रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे। लेकिन दोनों में से किसी भी अधिकारी ने अब तक कोई रिपोर्ट जमा नहीं की। अब खुद आना पड़ेगा: विभाग की इस लापरवाही को देखते हुए कमीशन ने लुधियाना के सिविल सर्जन को सख्त आदेश दिया है कि वे अगली सुनवाई की तारीख 14 अगस्त 2026 को पूरी रिपोर्ट के साथ निजी तौर पर (In Person) कमीशन के सामने हाजिर हों।हाई-लेवल कॉपियां जारी: इस कड़े आदेश की एक-एक कॉपी सिविल सर्जन लुधियाना, डायरेक्टर (हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर, पंजाब) और शिकायतकर्ता तरसेम भारद्वाज को आगे की कार्रवाई के लिए भेज दी गई है। बीजा गांव (खन्ना) के रहने वाले तरसेम भारद्वाज जब अपने असला लाइसेंस के लिए डोप टेस्ट' करवाने गए तो उन्हें पता चला कि उनके आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल करके एक नशा मुक्ति केंद्र ने उनके नाम पर 98 गोलियां जारी कर दीं और उन्हें सरकारी पोर्टल पर नशेड़ी दिखा दिया। इसके बाद पीड़ित ने मानवाधिकार आयोग और डीआईजी लुधियाना रेंज से न्याय की गुहार लगाई थी। अब 15 जून के इस नए अदालती आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। तरसेम भारद्वाज ने मांग की है कि दोषियों को जेल भेजी जाए, उनका आधार नंबर [Aadhaar Redacted] इस फर्जी पोर्टल से तुरंत डिलीट किया जाए और उनकी साख खराब करने के लिए मुआवजा मिले।
गोगुंदा में सूने मकान के ताले टूटे:सूरत में रहता हैं परिवार, अलमारी से लाखों के गहने और नकदी गायब
उदयपुर जिले के गोगुंदा इलाके में चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाय। चोर घर के ताले तोड़कर अलमारी में रखे लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी चुरा ले गए। घटना गोगुंदा थाना क्षेत्र के नरसिंगदास जी का गुड़ा गांव में वीरेंद्र सिंह मोजावत के घर हुई। मोजावत ने इस मामले को लेकर गोगुंदा थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि चोर उनके घर से करीब 2 लाख रुपए से ज्यादा का सामान चोरी कर ले गए। वीरेंद्र सिंह मोजाव मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं, लेकिन फिलहाल वो धंधे के सिलसिले में गुजरात के सूरत शहर में रहते हैं। उनका गांव वाला यह मकान पिछले कुछ समय से सूना पड़ा था। सोमवार सुबह वीरेंद्र सिंह के पास उनके अंकल भंवर सिंह राजपूत का फोन आया। भंवर सिंह ने उन्हें बताया कि उनके गांव वाले घर के मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ है और कुंडी बाहर लटकी है। घर का ताला टूटने की खबर मिलते ही वीरेंद्र सिंह तुरंत सूरत से अपने गांव नरसिंगदास जी का गुड़ा पहुंचे। जब वीरेंद्र सिंह अपने घर के अंदर गए तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए। चोरों ने घर के कमरों और अलमारियों के ताले बेरहमी से तोड़ रखे थे। अलमारियों में रखा सारा सामान और कपड़े पूरे कमरों में बिखरे पड़े थे। चोरों ने पूरे घर को बिखेर दिया। पीड़ित ने जब अपने सामान की जांच की तो पता चला कि चोर अलमारी में रखे करीब आधा तोला सोने की रखड़ी और एक तोला सोने की चैन ले गए। इसके अलावा शादी-ब्याह में मिले शगुन के लिफाफों में रखी नकदी, करीब दस हजार रुपए के चिल्लर (सिक्के) और आधा किलो चांदी की पायजेब भी गायब थी। चोरी की सूचना मिलते ही गोगुंदा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और वहां से जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने चेारी का मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश के लिए इलाके में संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटा रही है। इनपुट - गोपाल लोढ़ा, गोगुंदा।
पंजाब सरकार के 'नशे के खिलाफ युद्ध' अभियान के तहत बरनाला के हंडियाया में नशा तस्करों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में एक भगोड़े नशा तस्कर के अवैध रूप से निर्मित घर पर बुल्डोजर चलाया। यह कार्रवाई हंडियाया निवासी रिंकू सिंह पुत्र गुलजार सिंह के घर पर की गई। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, रिंकू सिंह नशा तस्करी के 12 गंभीर मामलों में आरोपी है और अदालत द्वारा उसे 'भगोड़ा' (पीओ) घोषित किया जा चुका है। प्रशासन की इस कार्रवाई से इलाके के अन्य नशा तस्करों में दहशत फैल गई है। पुलिस के अनुसार, रिंकू सिंह का पूरा परिवार भी नशे के कारोबार में लिप्त है। राणो नामक व्यक्ति पर 17 मामले, गुलजार सिंह पर 4 मामले और मीना रानी पर भी 4 मामले दर्ज हैं। ये सभी फिलहाल अलग-अलग मामलों में जमानत पर बाहर हैं। अवैध कमाई से बनी संपत्ति पर आगे भी होगी कार्रवाई इस संबंध में अधिकारियों ने कहा कि नशा तस्करों द्वारा नशा बेचकर बनाई गई अवैध संपत्ति को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि यह कार्रवाई तो सिर्फ एक शुरुआत है और आने वाले दिनों में उन सभी लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी जो नशे के कारोबार में शामिल हैं। सख्त कार्रवाई समाज से नशे की बुराई को खत्म सकेंगे लोगों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी सख्त कार्रवाइयों से ही समाज से नशे की बुराई को खत्म किया जा सकता है। फिलहाल पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और भगोड़े आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी जारी है।
मेरठ मंडल में कांवड़ यात्रा की तैयारियों और कानून व्यवस्था को लेकर एक मंडलीय समीक्षा बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी और डीआईजी कलानिधि नैथानी ने आयुक्त सभागार में की। बैठक में आगामी त्योहारों के मद्देनजर जनपदों में शांति, सुरक्षा और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को अपराध नियंत्रण प्रभावी बनाने और संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्क निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। आपराधिक मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। आयुक्त ने कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले ही जनपद स्तर पर तैयारियां पूरी करने को कहा। उन्होंने रूट प्लान, ट्रैफिक डायवर्जन और पिछले वर्ष की गई कार्रवाइयों की बिंदुवार समीक्षा करने के निर्देश दिए। संबंधित अधिकारियों को रूट का भ्रमण कर सड़क मरम्मत, पानी, स्ट्रीट लाइट, साफ-सफाई, शौचालय, मोबाइल टॉयलेट, बिजली के तार व पोल कवर करने जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके अतिरिक्त, मेडिकल कैंप, मोबाइल बाइक एंबुलेंस, मोबाइल लाइट वैन, सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, साइनेज, वीआईपी विजिट स्थानों का चिह्नांकन, संवेदनशील स्थानों का चिह्नांकन और शिविर आयोजकों के साथ बैठक जैसे बिंदुओं पर भी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने आगामी पर्वों को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों को आगे बढ़ाने पर बल दिया। जनपद की सीमाओं, मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर सतर्कता और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इस अवसर पर मंडल के सभी जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक, अपर आयुक्त मेरठ मंडल सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
दूधेश्वर महादेव मंदिर, गाजियाबाद के पीठाधीश्वर पूज्य श्रीमहंत नारायण गिरी जी महाराज जसोल ने प्राचीन काली माता मंदिर में दर्शन कर पूजन-आरती की। इस दौरान भाजपा के राजस्थान प्रदेश कार्यसमिति सदस्य हरिशचंद्र सिंह जसोल भी मौजूद रहे। हरिशचंद्र सिंह जसोल ने मां काली से राष्ट्र की उन्नति, सनातन संस्कृति के संरक्षण, सामाजिक समरसता और विश्व कल्याण की मंगलकामना की। मंदिर आगमन पर महंत वशिष्ठ गिरी जी, महंत महादेवानंद गिरी जी, महंत महेश गिरी जी, श्रीमहंत महाकाल गिरी जी महाराज, श्रीमहंत गिरीशानंद गिरी जी महाराज एवं श्रीमहंत आनंदेश्वरानंद गिरी जी महाराज सहित संत-महात्माओं ने श्रीमहंत नारायण गिरी जी महाराज एवं हरिशचंद्र सिंह जसोल का माला पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान श्रीमहंत नारायण गिरी जी महाराज ने कहा - मां काली शक्ति, साहस, धर्म और लोकमंगल की अधिष्ठात्री हैं। उनकी कृपा से जीवन में आत्मविश्वास, सकारात्मक ऊर्जा, सुख, शांति और समृद्धि का संचार होता है। उन्होंने राष्ट्र की प्रगति, सनातन संस्कृति के संवर्धन, सामाजिक सद्भाव, विश्व शांति तथा समस्त मानवता के कल्याण की प्रार्थना की। हरिशचंद्र सिंह जसोल ने कहा - संत-महात्माओं का सान्निध्य और प्राचीन देवस्थलों के दर्शन भारतीय संस्कृति की अमूल्य परंपरा हैं। ऐसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में धर्म, संस्कार, सेवा, समर्पण और राष्ट्रीय चेतना को सुदृढ़ करते हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रेरणास्रोत बनते हैं। कृष्णानंद गिरि जी महाराज की 23वीं पुण्यतिथि उल्लेखनीय है कि ब्रह्मलीन श्रीमहंत कृष्णानंद गिरी जी महाराज की 23वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हो रहा है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में संत-महात्मा, श्रद्धालु उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 26 जून को प्रस्तावित देवरिया दौरे को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। सोमवार को डीएम मधुसूदन हुल्गी और पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने मदनपुर थाना क्षेत्र के बरांव स्थित प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री का संभावित कार्यक्रम बरहज और रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्रों के मध्य स्थित श्रीहनुमान विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के खेल मैदान में प्रस्तावित है। प्रशासनिक अधिकारियों ने पकड़ी-बरांव मार्ग के समीप जनसभा स्थल, हेलिपैड, मंच, पार्किंग, वीआईपी बैठक व्यवस्था, मीडिया गैलरी और सुरक्षा इंतजामों की विस्तृत समीक्षा की। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने बताया कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित आगमन के मद्देनजर सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, यातायात प्रबंधन और आमजन की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री अपने दौरे के दौरान बरहज और रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्रों की करोड़ों रुपये लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण कर सकते हैं। हालांकि, कार्यक्रम की अंतिम स्वीकृति अभी प्रतीक्षित है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल से सटे प्राथमिक विद्यालय, आसपास के भवनों तथा सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों का भी जायजा लिया। बताया जा रहा है कि जनसभा, हेलिपैड और अन्य व्यवस्थाओं के लिए लगभग 70 हजार वर्गमीटर क्षेत्र का उपयोग किया जा सकता है, जिसमें आसपास की कृषि भूमि भी शामिल होगी। पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संवेदनशील बिंदुओं की पहचान कर विस्तृत सुरक्षा योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के संभावित आगमन को देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष रूट प्लान लागू किया जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने मदनपुर थाना और विद्यालय परिसर में अलग-अलग बैठकें भी कीं। बैठक में एएसपी आनंद प्रकाश पांडेय, एसडीएम बरहज हरिशंकर लाल, तथा राजस्व, लोक निर्माण विभाग, विकास, स्वास्थ्य, विद्युत एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को आवश्यक जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
फर्जी दस्तावेजों से पुलिस भर्ती का आरोप:मेरठ में सिपाही समेत 6 नामजद, कार्रवाई न होने पर उठे सवाल
उत्तर प्रदेश पुलिस में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भर्ती का एक गंभीर मामला सामने आया है। मेरठ के किठौर थाना क्षेत्र के फतेहपुर नारायण निवासी राहुल पुत्र सतीश पर आरोप है कि उसने अपने पिता सतीश पुत्र नैन सिंह और माता सुमन की मदद से जन्मतिथि में हेरफेर कर पुलिस में नौकरी हासिल की। इस संबंध में एक मुकदमा भी दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, किठौर पुलिस ने इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। राहुल, उसके माता-पिता के अलावा दो जन्म प्रमाण पत्र और दो आधार कार्ड बनाने वाले अधिकारी, साथ ही दसवीं और बारहवीं में दो बार दाखिला देने वाले प्रधानाचार्य भी इस प्रकरण में शामिल बताए जा रहे हैं, लेकिन किसी पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। आरोप है कि इस गिरोह का सरगना सतीश खुलेआम कहता है कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में उसकी गहरी पैठ है। वह दावा करता है कि कोई उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता, उसकी गिरफ्तारी नहीं होगी और एफआईआर से भी उसका नाम हटवा दिया जाएगा। सतीश कथित तौर पर दूसरों को भी अपने परिचितों को पुलिस में भर्ती करवाने का प्रस्ताव देता है। अवनीश कुमार ने इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने एक पेन ड्राइव भी सौंपी है। इस पेन ड्राइव में उत्तर प्रदेश पुलिस के हेड कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह के चार कॉल रिकॉर्डिंग हैं। इन रिकॉर्डिंग में हेड कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह कथित तौर पर राहुल, सतीश और सुमन सहित अन्य अपराधियों को बचाने की बात कर रहे हैं और गलत काम करने वालों के उदाहरण भी दे रहे हैं।
अलवर के लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र के मौजपुर कंडान का बास में 22 साल की नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान शाबिरा पत्नी साहिल के रूप में हुई है। मृतक के पीहर पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ित और हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। 11 मई 2025 को हुई थी शादी जानकारी के अनुसार, सिरमौर (रामगढ़) की रहने वाली शाबिरा की शादी पिछले साल 11 मई 2025 को मौजपुर निवासी साहिल पुत्र किडू खान के साथ हुई थी। परिजनों ने बताया कि हैसियत के मुताबिक दान-दहेज देकर बेटी को विदा किया था, लेकिन उन्हें क्या पता था कि शादी के महज एक साल के भीतर ही उनकी बेटी इस दुनिया से चली जाएगी। बोलेरो गाड़ी की डिमांड कर रहे थे ससुराल वाले' मृतक के पिता अयूब खान और भाई जुबेर ने बताया कि निकाह के कुछ समय बाद से ही शाबिरा को कम दहेज लाने के ताने दिए जाने लगे थे। हाल ही में शाबिरा ने एक बच्चे को जन्म दिया था। आरोप है कि बच्चे के जन्म के बाद से ससुराल पक्ष के हौसले और बढ़ गए और उन्होंने दहेज में 'बोलेरो' गाड़ी की मांग शुरू कर दी। मांग पूरी नहीं होने पर शाबिरा को मानसिक और शारीरिक रूप से बेरहमी से प्रताड़ित किया जाता था। परिजनों का यह भी कहना है कि शाबिरा की बड़ी बहन आयशा का निकाह भी इसी परिवार में हुआ है। ससुराल वाले शाबिरा के साथ-साथ आयशा को भी परेशान कर रहे हैं। पुलिस ने शव का कराया पोस्टमार्टम, जांच शुरू घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर स्थानीय अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाया, जहां मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को दिया जाएगा।
सीतापुर के पिसावां थाना क्षेत्र के बिजौली गांव में एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। मंगलवार सुबह गांव के दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्थित एक यूकेलिप्टस (लिप्टिस) के बाग में युवक का शव मिलने की सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार बिजौली गांव निवासी 38 वर्षीय रविंद्र राठौर पुत्र स्वर्गीय राजकुमार सोमवार शाम करीब सात बजे घर से निकला था। परिजनों के मुताबिक रविंद्र ने सीतापुर जाने की बात कही थी, लेकिन देर रात तक घर वापस नहीं लौटा। इसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। मंगलवार सुबह ग्रामीणों ने गांव के पास स्थित विवेक नामक व्यक्ति के यूकेलिप्टस के बाग में एक व्यक्ति का शव पड़ा देखा। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और शव की पहचान रविंद्र राठौर के रूप में की। शव मिलने की खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना पर पिसावां पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। वहीं जिला मुख्यालय से पहुंची फोरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए और आवश्यक जांच-पड़ताल की। मृतक के भाई दयाशंकर ने पुलिस को दी सूचना में बताया कि रविंद्र शराब पीने का आदी था, लेकिन उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर सच्चाई सामने लाने की मांग की है। थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि प्रथम दृष्टया शव पर किसी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। घटना के बाद से परिवार में मातम पसरा हुआ है और गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।
मेरठ में नाले में मिला युवक का शव:पहचान नहीं हुई, ग्रामीण बोले- सफाई के बाद खुला छोड़ दिया था नाला
मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित नगला तासी गांव में मंगलवार सुबह एक नाले में अज्ञात युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को नाले से बाहर निकलवाया। पुलिस ने शव की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन काफी देर तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष प्रतीत हो रही है। उसने लोअर और हरे रंग की शर्ट पहनी हुई थी। पुलिस के अनुसार, शव पर किसी प्रकार के चोट या संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं। पहचान न होने पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया। आसपास के लोगों ने आशंका जताई है कि युवक नशे की हालत में नाले में गिरा होगा और अधिक नशे के कारण बाहर नहीं निकल पाया, जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि, मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि सोमवार को नाले की सफाई जेसीबी से कराई गई थी, लेकिन सफाई के बाद नाले को खुला छोड़ दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि नाले को ढक दिया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था। घटना के बाद क्षेत्र में नगर निगम के प्रति नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों ने खुले नालों को हादसों का कारण बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने की मांग की है। पुलिस मृतक की पहचान कराने और मामले की आगे की जांच में जुटी है।
फिरोजाबाद के मैनपुरी रोड स्थित आगंगा रोड-बुड़रई मार्ग पर जलभराव और अधूरे निर्माण कार्य से परेशान स्थानीय लोगों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चेतावनी दी कि यदि दो दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे भूख हड़ताल शुरू कर देंगे। निवासियों का आरोप है कि नगर पालिका ने नाले और सड़क निर्माण का कार्य शुरू तो किया, लेकिन उसे अधूरा छोड़ दिया। इसके परिणामस्वरूप जल निकासी बाधित हो गई है और सड़क पर दो से तीन फीट तक पानी भर गया है। नालों में गंदगी और जलभराव के कारण लोगों का आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान सांसद अक्षय यादव और विधायक डॉ. मुकेश वर्मा के खिलाफ भी नारेबाजी की। वे अक्षय यादव सांसद जी आंखें खोलो, संज्ञान लो और विधायक मुकेश वर्मा शर्म करो जैसे नारे लिखे पोस्टर लेकर धरने पर बैठे थे। स्थानीय निवासियों के अनुसार, जलभराव की इस समस्या को लेकर नगर पालिका, सांसद और विधायक से कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। उनका दावा है कि यह समस्या वर्ष 2021 से बनी हुई है। प्रदर्शनकारियों ने जनवरी 2021 में हुई रिंकू प्रजापति की मौत का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि 19 जनवरी, 2021 को रिंकू एक खुले नाले में गिर गया था, जिससे उसकी गर्दन टूट गई और 21 जनवरी को उसकी मौत हो गई थी। इसके बावजूद नाले को आज तक ढका नहीं गया है। मोहल्लेवासियों ने शासन-प्रशासन से तत्काल सड़क और नाले का निर्माण कार्य पूरा करने की मांग की है।
फतेहाबाद जिले के जाखल में कॉपर तार और स्टार्टर चोरी के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई चोरी की शिकायत मिलने के 48 घंटे के भीतर की गई। पुलिस ने मास्टर कॉलोनी जाखल निवासी प्रदीप उर्फ खब्बू और बाजीगर बस्ती जाखल निवासी अजय को पकड़ा है। थाना जाखल प्रभारी उपनिरीक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि जाखल मंडी निवासी अनिल कुमार ने पुलिस को दी शिकायत बताया था कि वह बलरां रोड स्थित भारत कॉटन फैक्ट्री परिसर में राइस शैलर का संचालन करते हैं। उन्होंने बताया कि 20 जून की रात करीब 8 बजे फैक्ट्री बंद कर वह घर चले गए थे। दीवार तोड़कर अंदर घुसे थे चोर अगली सुबह 21 जून को जब अनिल कुमार फैक्ट्री पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि अज्ञात चोर दीवार में बने रास्ते से अंदर घुसे थे। चोरों ने वहां से लगभग 65 फीट लंबी 25 एमएम कॉपर तार और एक स्टार्टर चोरी कर लिया था। चोरी हुए सामान की अनुमानित कीमत करीब 55 हजार रुपए बताई गई है। शिकायत मिलने के बाद थाना जाखल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान, पुलिस टीम ने तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस अब चोरी किए गए सामान की बरामदगी और मामले के अन्य संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।
लखनऊ की कोचिंग में आग लगने से 15 लोगों की मौत के बाद जयपुर में प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। स्टूडेंट्स की सुरक्षा के लिए मंगलवार को जयपुर नगर निगम और पुलिस की टीमों ने अभियान चलाया। कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की जांच की। इस दौरान जयपुर के गोपालपुरा बाईपास के पास स्थित दृष्टि कोचिंग सेंटर को नोटिस दिया गया। मदर्स एजुकेशन हब को भी फायर सेफ्टी का नोटिस दिया गया। रिद्धि सिद्धि चौराहे के नजदीक कृतिका कंपटीशन संस्थान को सीज कर दिया है। बता दें कि नगर निगम के अधिकारी और पुलिस प्रशासन फायर सेफ्टी उपकरणों, आपातकालीन स्थिति में बाहर निकलने के रास्तों और फायर एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) की जांच कर रहा है। निगम अधिकारियों के अनुसार, शहर में बड़ी संख्या में छात्र विभिन्न कोचिंग संस्थानों में तैयारी करते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से नगर निगम और पुलिस की टीमों ने संयुक्त रूप से कई संस्थानों का निरीक्षण कर रहे हैं। इन चीजों की जांच की जा रही जांच के दौरान अधिकारी देखे रहे हैं कि भवनों में फायर फाइटिंग सिस्टम सही से काम कर रहा है या नहीं, फायर सेफ्टी यंत्र एक्सपायर तो नहीं हो चुकी है, आपातकालीन निकास मार्ग खुले और सुगम हैं या नहीं। इसके साथ ही भवन में सुरक्षा संबंधी अन्य आवश्यक चीजें मौजूद हैं या नहीं। इसके साथ ही संस्थानों से फायर एनओसी से जुड़े दस्तावेज भी मांगे गए। आगे भी जारी रहेगा निरीक्षण प्रशासन का कहना है कि यह अभियान केवल औपचारिक जांच तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगामी दिनों में भी विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, कोचिंग सेंटरों और भीड़भाड़ वाले भवनों में निरीक्षण जारी रहेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शहर के सभी संस्थान निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में स्टूडेंट और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
पंजाब पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने अमृतसर के दो युवकों को भारी मात्रा में हेरोइन और ड्रग मनी के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, अबोहर-श्रीगंगानगर रोड पर गांव पन्नीवाला महला के पास संदिग्धों को रोककर उनकी तलाशी ली गई। इस दौरान उनके कब्जे से 1 किलो 5 ग्राम हेरोइन और 3 लाख 90 हजार रुपए की ड्रग मनी बरामद हुई। हेरोइन की कीमत अंतरराष्ट्रीय मार्केट में 5 से 7 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमृतसर में रांझा दी हवेली के रहने वाले युवराज सिंह और गोल्डन के निवासी जगजीत सिंह के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जगजीत सिंह ने सूरतगढ़-बीकानेर रोड के पास एक ढाबा खोल रखा था और कथित रूप से वहां पोस्त की तस्करी में भी शामिल था। इसी दौरान उसकी मुलाकात अमृतसर के एक गुरुद्वारे में युवराज सिंह से हुई। पढ़ें पूरी खबर… अमृतसर में पुलिस और बदमाशों के बीच एनकाउंटर, एक को गोली लगी अमृतसर देहात पुलिस ने खलचियां क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान एक बदमाश को गोली मारकर जख्मी कर दिया। पैर पर गोली लगने से हीरा सिंह नाम का आरोपी जख्मी हुआ है। पुलिस ने इस मामले में हीरा सिंह और उसके साथी लवजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला है कि दोनों बदमाश विदेश बैठे गैंगस्टर अमन गोत के लिए गोलियां चला कर रंगदारी मांगने का काम कर रहे थे। घायल हुए हीरा सिंह के खिलाफ पहले से 3 मामले दर्ज हैं। हीरा सिंह को अस्पताल ले जाया गया। विदेश में बैठा गैंगस्टर अमन गोत मूल रूप से गुरदासपुर का रहने वाला है और लगभग 3 साल पहले वह सुरक्षा एजेंसी को बच्चा देकर विदेश भाग गया था। पढ़ें पूरी खबर…
इंडो-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने एक संयुक्त अभियान में 5 किलो 270 ग्राम अवैध चरस जब्त की है। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 13 लाख रुपये बताई जा रही है। इस मामले में एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। जो श्रावस्ती का निवासी बताया जा रहा है। दरअसल तस्कर की गिरफ्तारी की जानकारी SSB ने 22 जून को मिडिया को थी। पहले एसएसबी ने बरामद चरस की कीमत नहीं बताई थी, लेकिन अब पुलिस ने बयान जारी कर इसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत का खुलासा किया है। तस्करी में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई है। थानाध्यक्ष सिरसिया सौरभ सिंह के नेतृत्व में थाना सिरसिया पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। टीम इंडो-नेपाल बॉर्डर पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन जांच कर रही थी। एसएसबी की 62वीं वाहिनी से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम एसएसबी कैंप गुर्जर गौरी पहुंची। वहां से संयुक्त टीम ने गजरी नाला जंगल क्षेत्र, बीपी नंबर 631 के पास घेराबंदी की। नेपाल की ओर से भारत आ रहे एक संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार को रोककर उसकी तलाशी ली गई। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान तलाशी के दौरान मोटरसाइकिल में छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में चरस बरामद हुई। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान मेहताब पुत्र निजामुद्दीन, निवासी मछरीहवा, थाना भिनगा, जनपद श्रावस्ती के रूप में हुई है। गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर थाना सिरसिया में मुकदमा अपराध संख्या 167/26, धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसी अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
भागीरथपुरा में हुए जलकांड के बाद निगम के अधिकारी लगातार यहां पानी की सप्लाई को लेकर मुस्तैद हैं। मंगलवार को नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल भागीरथपुरा पहुंचे और पानी की क्लोरीन टेस्टिंग कराई। साथ ही यहां के रहवासियों के बातचीत कर पानी सप्लाई को लेकर जानकारी ली। निगम कमिश्नर ने यहां चल रहे निर्माण कार्यों और पानी की सप्लाई और लाइनें डालने के बाद रोड के रेस्टोरेशन के कामों को चेक किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों व ठेकेदारों को क्वालिटी का काम करने और काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। वे बोले कि लोगों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए विकास कामों को तेजी से किया जाए, ताकि आम लोगों को आने जाने में परेशानी का सामना ना करना पड़े। क्लोरीन टेस्टिंग कराई निगम कमिश्नर भागीरथपुरा पानी की टंकी, शासकीय विद्यालय परिसर और आसपास के इलाकों में पानी सप्लाई और सफाई व्यवस्था को चेक करने पहुंचे। उन्होंने रहवासियों से बातचीत की और पानी की सप्लाई को लेकर आ रही परेशानियों के बारे में जानकारी ली। यहां पर उन्होंने मौके पर ही पानी की क्लोरीन टेस्टिंग कराई और पानी की गुणवत्ता व शुद्धता की जांच की गई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इलाके में क्लोरीन टेस्टिंग लगातार की जाती रहे। साथ ही कहा कि नियमित रूप से जांच करें और किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर तुरंत जरूरी कार्रवाई करें। वार्ड 39 में पहुंचे, कॉलोनियों में देखी पानी की व्यवस्था निगम कमिश्नर वार्ड 39 में खुदाबक्श और हबीब कॉलोनी में भी पहुंचे। यहां पानी सप्लाई की व्यवस्था, स्वच्छता और ड्रेनेज व्यवस्था को चेक किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लोगों को नियमित और स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के साथ ही ड्रेनेज व्यवस्था की भी लगातार मॉनिटरिंग करें, ताकि किसी प्रकार की समस्या पैदा न हो। निगम कमिश्नर ने यहां के रहवासियों से सीधे बात की और पानी सप्लाई व सफाई व्यवस्था का फीडबैक लिया। उन्होंने जोनल अधिकारी व अन्य अधिकारियों को इलाके में लोगों से संवाद बनाए रखने और कोई समस्या होने पर निराकरण करने के निर्देश दिए।
झुंझुनू शहर और आसपास के इलाकों में आज मौसम ने अचानक करवट बदल ली। सुबह से ही उमस और गर्मी से परेशान लोगों को दोपहर होते-होते राहत तो मिली, लेकिन अचानक आई तेज मूसलाधार बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। करीब आधे घंटे तक हुई इस तेज बारिश से मौसम खुशनुमा हो गया। 11 बजे से ही छाने लगे थे काले बादल शहर में सुबह के समय धूप खिली हुई थी, लेकिन सुबह करीब 11 बजे से ही आसमान में अचानक बदलाव देखने को मिला। देखते ही देखते काले-घने बादल छा गए और चारों तरफ अंधेरा सा छा गया। उमस के बीच ठंडी हवाएं चलने लगीं, जिससे लोगों को यह अहसास हो गया था कि बारिश होने वाली है। बादल छाने के करीब 30 मिनट बाद पहले तो हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई। लेकिन यह राहत ज्यादा देर शांत नहीं रही। कुछ ही मिनटों में बूंदाबांदी ने विकराल रूप ले लिया और तेज धूलभरी आंधी जैसी हवाओं के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया। हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि पेड़ और सड़कों पर लगे बोर्ड हिलने लगे। संभलने का मौका तक नहीं मिला, मची अफरा-तफरी अचानक आई इस तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने सड़क पर चल रहे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। सबसे ज्यादा परेशानी दुपहिया वाहन चालकों और फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले रेहड़ी (ठेले) वालों को हुई। अचानक तेज बारिश शुरू होने से दुपहिया वाहन चालकों के कपड़े पूरी तरह भीग गए। हवा इतनी तेज थी कि बाइक संतुलित करना मुश्किल हो रहा था।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम विजय चौधरी मंगलवार को एक दिवसीय दौरे पर नालंदा पहुंचे। सबसे पहले सालेपुर-राजगीर निर्माणाधीन मार्ग के प्रथम खंड का गहन निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद निर्माण एजेंसी और वरीय अधिकारियों को कार्य में तेजी लाते हुए इसे समय सीमा के अंदर पूरा करने का निर्देश दिया। बिहार के विकास के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही इस सड़क परियोजना के पूरा होने के बाद राजगीर से पटना की दूरी कम हो जाएगी। लोग मात्र दो घंटों में आसानी से सफर तय कर सकेंगे। इस नए प्रोजेक्ट के चालू होने से क्षेत्र के अन्य वैकल्पिक मार्गों पर वाहनों का दबाव काफी कम हो जाएगा। राजगीर सीधे राजधानी पटना से जुड़ जाएगा, जिससे स्थानीय पर्यटन और व्यापार को भारी बढ़ावा मिलेगा। विकास कार्यों की समीक्षा सालेपुर-राजगीर मार्ग का जायजा लेने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री का काफिला राजगीर पहुंचा। जहां करीब एक घंटे तक चले मैराथन निरीक्षण के दौरान क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की। नीतीश कुमार ने राजगीर के ऐतिहासिक सोन भंडार, इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर और सर्किट हाउस समेत अन्य प्रमुख स्थलों का घूम-घूमकर जायजा लिया। अधिकारियों को बचे हुए शेष कार्यों को गुणवत्ता के साथ जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। सुरक्षा के कड़े इंतजाम हाई-प्रोफाइल वीआईपी दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के चाक-चौबंद प्रबंध किए गए थे। सभी कार्यक्रम स्थलों पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। इस ऐतिहासिक निरीक्षण के दौरान स्थानीय विधायक, जदयू के राष्ट्रीय महासचिव इंजीनियर सुनील कुमार सहित पार्टी पदाधिकारी और प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद रहे। दौरे के अंतिम चरण में सर्किट हाउस में पूर्व मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम ने आम कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और उनकी बातें भी सुनीं। इसके बाद काफिला पटना की ओर रवाना हो गया।
जमुई के टाउन थाना क्षेत्र के खरगोर के समीप सोमवार देर रात हुए सड़क हादसे में एक युवा वीडियोग्राफर की दर्दनाक मौत हो गई। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक सवार युवक को सामने से जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद स्कॉर्पियो चालक वाहन लेकर फरार हो गया। मृतक की पहचान शहर के माहिसौड़ी मोहल्ला निवासी 25 वर्षीय कुणाल कुमार साह के रूप में हुई है। कुणाल पेशे से वीडियोग्राफर था और शादी-विवाह समेत अन्य कार्यक्रमों की शूटिंग कर परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। हल्दी-मेहंदी समारोह की शूटिंग कर लौट रहा था घर परिजनों के अनुसार, कुणाल सोमवार को सिकंदरा थाना क्षेत्र के मंजोष गांव में आयोजित एक हल्दी-मेहंदी समारोह की वीडियोग्राफी करने गया था। देर रात कार्यक्रम खत्म होने के बाद वह अपनी बाइक से वापस जमुई स्थित घर लौट रहा था। इसी दौरान खरगोर के समीप विपरीत दिशा से आ रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उसकी बाइक में जबरदस्त टक्कर मार दी। टक्कर के बाद कुणाल सड़क पर गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। कुछ ही देर में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। डायल-112 की टीम पहुंची, अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और घायल युवक को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और रिश्तेदार अस्पताल पहुंचे। युवक की मौत की खबर सुनकर परिवार में मातम पसर गया। तीन साल पहले हुई थी शादी, परिवार का था सहारा बताया जाता है कि कुणाल की शादी करीब तीन वर्ष पहले हुई थी। उसने लव मैरिज की थी। वह तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था और घर की आर्थिक जिम्मेदारी संभाल रहा था। उसके पिता भी लंबे समय से बीमार चल रहे हैं। कुणाल की मौत के बाद पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोगों ने बताया कि वह काफी मेहनती और मिलनसार स्वभाव का युवक था। शादी समारोहों की वीडियोग्राफी कर वह अपनी पहचान बना रहा था। सहयोगी को छोड़कर अकेले लौट रहा था कुणाल जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम से लौटने के दौरान कुणाल ने अपने एक सहयोगी को उसके घर चौड़िहिया के पास छोड़ दिया था। इसके बाद वह अकेले बाइक से अपने घर की ओर जा रहा था। तभी खरगोर के पास यह हादसा हो गया। फरार चालक की तलाश में जुटी पुलिस घटना के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। वहीं, पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, ताकि फरार स्कॉर्पियो चालक की पहचान की जा सके। स्थानीय जनसुराज नेता अनिल साव ने कहा कि कुणाल मेहनती और व्यवहार कुशल युवक था। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द वाहन चालक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। इस हादसे के बाद माहिसौड़ी मोहल्ले समेत पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
उन्नाव में जीआरपी जवानों ने एक घायल यात्री की जान बचाई। चलती ट्रेन से गिरे बिहार निवासी यात्री को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे उसे तत्काल उपचार मिल सका। जानकारी के अनुसार, बिहार के मोहम्मदपुर थाना, जिला बुझा निवासी सोराज पुत्र नागेश्वर ट्रेन से यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान वह चलती ट्रेन से गिरकर रेलवे ट्रैक के पास गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही जीआरपी टीम तुरंत मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर रेलवे ट्रैक दुर्गम होने और वाहन की अनुपलब्धता के कारण घायल को अस्पताल पहुंचाना चुनौतीपूर्ण था। ऐसे में उन्नाव जीआरपी में तैनात आरक्षी सचिन ने साहस दिखाते हुए घायल यात्री को अपने कंधों और गोद में उठाया। वह करीब 1.5 किलोमीटर पैदल चलकर उसे अस्पताल ले गए। इस दौरान जीआरपी के उपनिरीक्षक सूरज कन्नौजिया, मुख्य आरक्षी संजीव कुमार और आरक्षी पंकज यादव ने भी सक्रिय सहयोग किया। पूरी टीम के सामूहिक प्रयासों से घायल यात्री को समय रहते चिकित्सकीय सहायता मिल पाई। जीआरपी कर्मियों की इस तत्परता और सेवा भावना की घायल यात्री और उनके परिजनों ने सराहना की। परिजनों ने बताया कि पुलिसकर्मियों की समय पर की गई मदद से घायल को बेहतर इलाज मिल सका। जीआरपी थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि जवानों का कर्तव्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों की सहायता करना भी है। उन्होंने बताया कि जीआरपी टीम ने घायल यात्री की मदद कर पुलिस की मानवीय छवि को मजबूत किया है।
रोहतक में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घुटने टेककर देश के हितों को दांव पर लगा दिया है। ऐसा पहले किसी पीएम ने नहीं किया। नरेंद्र मोदी देश के सबसे डरपोक व झुके हुए प्रधानमंत्री साबित हुए है। अनुराग ढांडा ने कहा कि भाजपा ने दो तिहाई बहुमत पाने के लिए पूरे देश में सांसदों को खरीदने की मंडी लगा दी है। सरकार गिरने के डर से भाजपा लोकतांत्रित तरीके को छोड़कर तानाशाह रवैया अपनाए हुए है। पैसे व फोर्स का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। रामलला के घर से चोरी करके सांसदों को खरीदा जा रहा है। अनुराग ढांडा ने एक माह के लिए मांगी ईडी आप प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने कहा कि ईडी व सीबीआई के बल पर भाजपा सांसदों को तोड़ने का काम कर रही है। एक माह के लिए आम आदमी पार्टी को ईडी दिलवा दो, भाजपा का पटका पहनने वाला भी कोई नहीं दिखेगा। 2014 में जैसे दिल्ली में भाजपा के विजय रथ को रोका था, वैसे ही अब पंजाब भी रोका जाएगा। भूपेंद्र हुड्डा की भाजपा के साथ सेटिंग अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा की भाजपा के साथ लांग टर्म सेटिंग है। इसलिए भाजपा जनता पर कोई अन्याय करती रहे, भूपेंद्र हुड्डा अपने एसी कमरे से बाहर नहीं निलकते। पूरे हरियाणा में एक ही चर्चा चल रही है कि जब तक भूप्पी, तब तक बीजेपी। जब तब भूपेंद्र हुड्डा कांग्रेस के नेता व विपक्ष के नेता बने रहेंगे, तब तक हरियाणा में भाजपा को चिंता करने की जरूरत नहीं है। भाजपा से मिलकर सरकार चला रहे भूपेंद्र हुड्डा अनुराग ढांडा ने कहा कि भूपेंद्र हुड्डा की सरकार में हिस्सेदारी है। भूपेंद्र हुड्डा तो भाजपा के साथ मिलकर सरकार चला रहे है। विपक्ष की भूमिका में कांग्रेस और सरकार चलाने में नायब सिंह सैनी विफल साबित हुए है। नायब सैनी 90 प्रतिशत समय हरियाणा से बाहर रहते हैं और विपक्ष उसे रोकने में नाकाम है। भाजपा पिछले दरवाजे से बहुमत बढ़ाने में लगी अनुराग ढांडा ने कहा कि भाजपा को देश की जनता ने अल्पमत सरकार बनाने के लिए सीटें दी, दूसरे दलों के सहारे सरकार बनाई। अब भाजपा जनता से वोट लेने की बताय पिछले दरवाजे से बहुमत बढ़ा रही है। दो तिहाई बहुमत करके संविधान को बदलने का प्रयास किया जा रहा है। सांसदों की खरीद फरोख्त करके संविधान बदलने का प्रयास कर रहे, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। भाजपा राज में राम मंदिर में हुई चोरीअनुराग ढांडा ने कहा कि भाजपा सरकार के 12 साल में राम मंदिर के अंदर चोरी हुई। इतने पेपर लीक करवा दिए, जितने कांग्रेस राज में भी नहीं हुए। राज्यों से पैसो इकट्ठा करके केंद्र सरकार को भेजा जा रहा है, जिससे सांसदों की खरीद फरोख्त हो रही है। यह भाजपा की उवलब्धियां है।
फतेहपुर के किशनपुर थाना क्षेत्र के विजईपुर कस्बे में ओवरलोड ट्रकों के खिलाफ चलाए जा रहे टास्क फोर्स अभियान के दौरान विवाद हो गया। कार्रवाई का वीडियो बनाने को लेकर पुलिसकर्मियों और एक युवक के बीच कहासुनी हुई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। राजस्व निरीक्षक विवेक तिवारी और सब इंस्पेक्टर जितेंद्र दुबे की टीम ओवरलोड वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक तेज रफ्तार ओवरलोड ट्रक ने चेकिंग बैरियर को टक्कर मार दी। टीम ने उसके पीछे चल रहे दूसरे ट्रक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने दरवाजा नहीं खोला। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने ट्रक के दरवाजे पर डंडे बरसाए। विजईपुर निवासी आयुष यादव ने आरोप लगाया है कि वीडियो बनाने के दौरान दारोगा जितेंद्र दुबे ने उनके साथ अभद्रता की और उनका मोबाइल फोन छीन लिया। इस घटना को लेकर मौके पर मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। किशनपुर थाना प्रभारी योगेश कुमार ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पटना की सबसे व्यस्त सड़क बेली रोड के एक लेन को तीन साल के लिए बंद किया जाएगा। मेट्रो निर्माण के कारण ये बदलाव किया जा रहा है। मेट्रो स्टेशन निर्माण को लेकर बेली रोड पर बैरिकेडिंग का काम शुरू हो चुका है। चिड़ियाघर के गेट नंबर 1 से इनकम टैक्स गोलंबर तक तीन साल तक ऑटो, ई-रिक्शा और बसों के परिचालन पर रोक रहेगी। पहले फेज में चिड़ियाघर के गेट नंबर एक से विकास भवन तक रोक लगेगी। फिर दो-तीन महीने बाद दूसरे फेज में विकास भवन से इनकम टैक्स गोलंबर तक रोक बढ़ाई जाएगी। 27 जून को इसके लिए ट्रायल होगा। इससे पहले 21 और 22 जून को ही ट्रायल होना था, लेकिन नीट परीक्षा की वजह से इसे टाल दिया गया है। इस मार्ग पर बड़ी संख्या में परीक्षा केंद्र स्थित थे। पटेल भवन से विकास भवन तक 'वन वे' रहेगा निजी गाड़ियों के लिए पटेल भवन से विकास भवन तक 'वन वे' रहेगा। पैसेंजर वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए जा रहे हैं। इस मार्ग से करीब रोजाना 1.50 लाख से 2 लाख गाड़ियां गुजरती हैं, जिनमें 5 हजार से अधिक ऑटो, 1 हजार ई-रिक्शा और 60 से अधिक बसें शामिल हैं। यहां सुबह 9 से 11:30 बजे और शाम 5:30 से रात 8:30 बजे के बीच सबसे ज्यादा ट्रैफिक रहती है। लॉन्चिंग शॉफ्ट तैयार होने के बाद बोरिंग मशीनें उतारी जाएंगी लॉन्चिंग शॉफ्ट तैयार होने के बाद नवंबर में जमीन के अंदर चार टनल बोरिंग मशीनें उतारी जाएंगी। इनमें से दो मशीनें पटना जंक्शन तक, जबकि 2 रुकनपुरा तक सुरंग की खुदाई करेंगी। इसके बाद रैंप का निर्माण कर पाटलिपुत्र स्टेशन स्थित एलिवेटेड मेट्रो ट्रैक को रुकनपुरा स्थित अंडरग्राउंड ट्रैक से जोड़ा जाएगा। इन काम के कारण बेली रोड के हिस्से में वाहनों का परिचालन बंद रहेगा और यातायात के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं।
झारखंड में 8 लाख से अधिक राशन कार्डधारियों के राशन कार्ड रद्द करने की तैयारी चल रही है। राज्य सरकार ने ऐसे 8,02,685 कार्डधारियों की पहचान की है, जिन्होंने पिछले छह महीने से लेकर एक साल या उससे भी अधिक समय से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन नहीं लिया है।
कांग्रेस लखनऊ में करेगी 'छात्रों की गूंज' रैली:कोटा के बाद पेपर लीक पर छात्रों की आवाज उठाएगी
कांग्रेस ने राजस्थान के कोटा में हुई 'छात्रों की गूंज' रैली की तर्ज पर जल्द ही लखनऊ में भी एक प्रदेश स्तरीय रैली आयोजित करने की घोषणा की है। हापुड़ में मंगलवार को दिल्ली रोड स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी और शहर अध्यक्ष इरफान अहमद ने यह जानकारी दी। जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी ने बताया कि NEET, JEE और SSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने से करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन परीक्षाओं की तैयारी में छात्रों और उनके परिवारों को लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन भ्रष्टाचार और पेपर लीक के कारण उनकी वर्षों की मेहनत व्यर्थ हो जाती है। त्यागी ने कहा कि राहुल गांधी छात्रों की समस्याओं को समझने के लिए विभिन्न राज्यों में 'छात्रों की गूंज' रैलियां आयोजित करेंगे। लखनऊ के बाद पटना में भी ऐसी ही रैली प्रस्तावित है। शहर अध्यक्ष इरफान अहमद ने बताया कि कोटा रैली में राहुल गांधी ने छात्रों से भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार को समाप्त किए बिना छात्रों को न्याय नहीं मिल सकता। प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए हादसे पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने हापुड़ में बिना आवश्यक अनुमति संचालित कोचिंग संस्थानों की जांच की मांग की। नेताओं ने कहा कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी भविष्य में बड़े हादसों का कारण बन सकती है। इसी क्रम में राकेश त्यागी ने अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे और सोने-चांदी के आभूषणों में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कांग्रेस कार्यकर्ता 24 जून को राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपेंगे। प्रेसवार्ता में पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
सरगुजा में रेत माफियाओं ने गांधी चौक में रेत से भरी टीपर को कार्रवाई के लिए लेकर जा रहे माइनिंग कांस्टेबल के साथ मारपीट कर दी और रेत से भरी टीपर वाहन को लेकर फरार हो गए। अवैध रेत से भरी चार टीपर वाहनों को रायपुर से आई फ्लाइंग स्क्वायड की टीम ने पकड़ा था। मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया है। मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, कोरिया जिले में रेत तस्करी के विवाद पर भाजपा नेता सहित तीन की हत्या और दो अन्य पर जानलेवा हमले की घटना के बाद रायपुर की खनिज विभाग के फ्लाइंग स्क्वायड की टीम संभाग में अवैध रेत परिवहन व माइनिंग की जांच कर रही है। कोरिया, एमसीबी सहित सूरजपुर जिलों में ड्रोन कैमरे से रेत के माइनिंग, डंपिग की जांच चल रही है। माइनिंग कांस्टेबल को पीटा, टीपर छुड़ाकर ले भागे तस्कर बीती रात रायपुर से आई माइनिंग विभाग की टीम ने चार टीपरों को अंबिकापुर की ओर अवैध रेत लेकर आते हुए पकड़ा। टीम ने टीपरों के नंबर नोट किए और माइनिंग कांस्टेबल तारकेश्वर वर्मा को टीपर वाहन में बैठाकर सभी वाहनों को लेकर अंबिकापुर कलेक्टोरेट परिसर में खड़ा करने के लिए भेजा गया। माइनिंग का आरक्षक चारों वाहनों के साथ अंबिकापुर आ रहा था। चारों टीपर जैसे ही गांधी चौक में पहुंचे, रेत के कारोबार से जुड़े लहटन खान और उसके साथियों ने गाड़ियों को गांधी चौक में रोक लिया। युवकों ने एक टीपर को ले जाने की कोशिश की। विरोध करने पर उन्होंने माइनिंग कांस्टेबल तारकेश्वर वर्मा के साथ मारपीट की और एक टीपर वाहन को लेकर भाग निकले। तीन वाहनों को कलेक्टोरेट में खड़ा कराया गया है। पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच जारी घटना की सूचना मिलने पर माइनिंग टीम गांधी चौक पहुंची। पुलिस ने कांस्टेबल को गांधीनगर थाने भेजकर एफआईआर दर्ज कराई। कांस्टेबल माइनिंग की फ्लाइंग स्क्वायड टीम के साथ अंबिकापुर आया था। मामले में पुलिस ने लहटन खान सहित चार, पांच अन्य के खिलाफ FIR दर्ज कर लिया है। गांधीनगर थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी ने बताया कि शिकायत पर लहटन खान, टीपर के चालक सोनू, खलासी सहित तीन अन्य युवकों के खिलाफ धारा 191(2), 221, 121(2), 123, 296, 351(3) के तहत एफआईआर दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। अवैध माइनिंग की जांच में जुटी फ्लाइंग स्क्वायडरायपुर की फ्लाइंग स्क्वायड की टीम ने कोरिया एवं एमसीबी जिलों में अवैध रेत उत्खनन करते हुए कई वाहनों को पकड़ा है और रेत घाटों व भंडारण की वीडियोग्राफी की। आज टीम सूरजपुर के रेत घाटों की जांच कर रही है। सरगुजा में भी रेत घाटों की जांच की जाएगी। 10 जून के बाद रेत उत्खनन में रोक के बावजूद बड़ी मात्रा में रेत रोज नदियों से निकाला जा रहा है।
लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद बरेली में भी प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शहर भर में चल रहे कोचिंग सेंटरों, होटल, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू कर दी गई है। सोमवार को बीडीए वीसी सौम्या पांडेय ने फायर विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम के साथ कई प्रमुख संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान सेटेलाइट रोड स्थित 2 होटलों को सील कर दिया गया। रजनी होटल और सेटेलाइट होटल को सील किया गया। रघुवंशी कॉम्प्लेक्स से शुरू हुआ चेकिंग अभियान निरीक्षण अभियान के तहत टीम सबसे पहले रघुवंशी कॉम्प्लेक्स स्थित विद्यापीठ कोचिंग सेंटर पहुंची। यहां भवन की सुरक्षा व्यवस्था, फायर फाइटिंग सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट और अन्य व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की गई। इसके बाद टीम चौकी चौराहा स्थित रतनदीप कॉम्प्लेक्स में संचालित आकाश कोचिंग सेंटर पहुंची और वहां भी सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया। सिटी सेंटर एलए मॉल भी जांच के दायरे में कोचिंग सेंटरों के निरीक्षण के बाद संयुक्त टीम सिटी सेंटर एलए मॉल पहुंची। यह वही मॉल है जहां रविवार को लिफ्ट में 13 लोग फंस गए थे और काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। हालिया घटना को देखते हुए मॉल की लिफ्ट व्यवस्था, आपातकालीन सुरक्षा सिस्टम और अन्य सुविधाओं का भी निरीक्षण किया गया। लिफ्ट हादसे पर मॉल प्रबंधन को लगाई फटकार निरीक्षण के दौरान बीडीए वीसी सौम्या पांडेय ने मॉल प्रबंधन से लिफ्ट हादसे को लेकर जवाब मांगा। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि लिफ्ट संचालन के दौरान वहां ऑपरेटर क्यों मौजूद नहीं था। इस लापरवाही पर उन्होंने मॉल अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने की चेतावनी दी। कमर्शियल बिल्डिंग्स की भी हो रही है जांच बीडीए वीसी सौम्या पांडेय ने बताया कि अभियान सिर्फ कोचिंग सेंटरों तक सीमित नहीं है। शहर की सभी प्रमुख कमर्शियल बिल्डिंग्स, मॉल, कॉम्प्लेक्स और सार्वजनिक उपयोग की इमारतों का भी निरीक्षण किया जा रहा है। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी भवन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी न हो और किसी संभावित हादसे को समय रहते रोका जा सके। कई जगह मिलीं फायर सेफ्टी से जुड़ी गंभीर कमियां निरीक्षण के दौरान कई संस्थानों में फायर सेफ्टी और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी के मानकों में गंभीर खामियां सामने आईं। कई स्थानों पर पर्याप्त फायर एक्सटिंग्विशर नहीं मिले, जबकि कुछ इमारतों में स्प्रिंकलर सिस्टम तक स्थापित नहीं था। अधिकारियों ने इसे सुरक्षा के लिहाज से बेहद चिंताजनक माना। बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी उठे सवाल कई कोचिंग सेंटरों में इमरजेंसी स्थिति के दौरान छात्रों की निकासी के लिए पर्याप्त और सुरक्षित रास्ते नहीं मिले। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी हादसे की स्थिति में सबसे बड़ी चुनौती बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की होती है। ऐसे में निकासी मार्गों का मानकों के अनुरूप होना बेहद जरूरी है। तत्काल सुधार के निर्देश, फायर एनओसी पर जोर बीडीए वीसी ने संबंधित संस्थानों के संचालकों को सभी कमियों को जल्द दूर करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिन संस्थानों के पास फायर एनओसी नहीं है या जिनकी एनओसी की वैधता समाप्त हो चुकी है, उन्हें तत्काल आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है। नियम तोड़े तो होगी सख्त कार्रवाई सौम्या पांडेय ने साफ कहा कि सभी कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक इमारतों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन करना होगा। यदि किसी संस्थान में लापरवाही पाई गई तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शहर में लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी इस तरह के निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेंगे।
देवास नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार ने मंगलवार को एमजी रोड पर निर्माणाधीन नाले के कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की और ठेकेदार को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। आयुक्त दलीप कुमार ने बताया कि बार-बार चेतावनी के बावजूद कार्य में सुधार नहीं हुआ। इस कारण संबंधित ठेकेदार पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना निर्धारित समय-सीमा से 15 से 20 दिन पीछे चल रही है। आयुक्त ने जानकारी दी कि अगले 2 से 4 दिनों में सुभाष चौक तक सड़क निर्माण कार्य शुरू करने की योजना है। निर्माणाधीन नाले का कार्य भी जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि एमजी रोड पर नाला निर्माण के कारण बारिश के दौरान स्थानीय लोगों को काफी परेशानी हो रही है। हाल ही में हुई बारिश के बाद कई स्थानों पर जलभराव और कीचड़ की स्थिति बन गई थी, जिससे व्यापारियों और राहगीरों की मुश्किलें बढ़ गई थीं। इसी समस्या के मद्देनजर आयुक्त ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान क्षेत्र के व्यापारियों ने भी अपनी समस्याएं आयुक्त के सामने रखीं। आयुक्त ने आश्वासन दिया कि निर्माण कार्य में तेजी लाकर लोगों को जल्द से जल्द राहत प्रदान की जाएगी।
जयपुर में इंस्टाग्राम फ्रेंड के एक नाबालिग लड़की से रेप करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने नाबालिग को मिलने के बहाने घर के पास बुलाया और फिर बहला-फुसलाकर अपने साथ दिल्ली ले गया। परिजनों की शिकात पर पुलिस ने पीछा करते हुए नाबालिग को ढूंढ निकाला। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल करवाकर पोक्सो एक्ट के तहत आरोपी को अरेस्ट कर सोमवार को जेसी भेज दिया। पुलिस ने बताया- मध्य प्रदेश के रहने वाले लड़के को पोक्सो एक्ट के तहत अरेस्ट किया गया है। जयपुर की रहने वाली 17 साल की लड़की से इंस्टाग्राम पर उसकी दोस्ती हुई थी। मोबाइल कॉल के जरिए दोनों की बातचीत होने लगी। आरोप है कि 10 दिन पहले आरोपी इंस्टाग्राम फ्रेंड ने नाबालिग लड़की पर मिलने का दबाव बनाया। मिलने जाने पर बहला-फुसलाकर उसका किडनैप कर अपने साथ दिल्ली ले गया। दिल्ली ले जाकर आरोपी ने उसके साथ रेप किया। नाबालिग की किडनैपिंग को लेकर पुलिस टीम ने उनका पीछा शुरू किया। पीछा कर रही पुलिस टीम ने तीसरे दिन नाबालिग को जयपुर आने वाली बस से ढूंढ निकाला। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल करवाकर पोक्सो एक्ट के तहत FIR दर्ज की। पुलिस ने दबिश देकर आरोपी इंस्टाग्राम फ्रेंड को धर-दबोचा। पुलिस ने सोमवार दोपहर आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेसी भेज दिया।
राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित तिमंजिला इमारत में लगी आग में दो जिगरी दोस्त जलकर खाक हो गए। हादसे के बाद दोनों की दोस्ती के किस्से हर किसी की जुबान पर थे, दोनों एक साथ खेले, बड़े हुए और एक साथ इस दुनिया से विदा हो गए। सोमवार के हुए अग्निकांड के बाद मंगलवार तड़के करीब 4:25 गोविंद नगर ए ब्लॉक निवासी संयम विज का शव आया, जबकि बर्रा सात निवासी 29 साल के सूरज सिंह का शव सुबह 6:45 पर घर आई। घरों में शव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार के सबसे बड़े बेटे सूरज का शव देख मां मीरा बेसुध होकर गिर पड़ी। बेटे के एक झलक पाने के लिए वह बार–बार चेहरे का कफन हटाने का प्रयास करती, लेकिन शव की स्थिति ऐसी थी जिससे चेहरा भी नहीं देखा जा सकता था। जिस कारण नाते–रिश्तेदारों ने कफन हटाने नहीं दिया। बेटे का शव देख मां मीरा बिलखते हुए बोली कि रविवार को ही घर से गया था, कह रहा था कि जल्दी आ जाऊंगा। अगर पता होता कि बेटे के साथ ऐसा होगा तो उसे घर से जाने न देती। सुबह 10:30 बजे संयम का अंतिम संस्कार बर्रा दो स्थित स्वार्गश्रम में किया गया। वहीं सूरज का शव छोटे भाई सम्राट का इंतजार करता रहा। किदवई नगर स्थित डॉ वीरेंद्र स्वरूप मैनेजमेंट कॉलेज से सम्राट MBA की पढ़ाई कर रहा था, जिसका सारा जिम्मा बड़े भाई सूरज के कंधों पर था। कुछ दिन पहले ही सम्राट अपने दोस्तों के साथ घूमने के लिए ऋषिकेश गया हुआ था, भाई की मौत की खबर पाकर वह आनन–फानन दिल्ली पहुंचा, जहां से फ्लाइट लेकर वह दोपहर 3:30 बजे चकेरी एयरपोर्ट पहुंचेगा। जिसके बाद सूरज का अंतिम संस्कार भैरवघाट में किया जाएगा। सूरज व संयम की मौत के बाद हर किसी की जुबान पर उनकी दोस्ती की मिसालें दी जा रही थीं। आवास विकास हंसपुरम निवासी जिओ मार्ट में कार्यरत सूरज के मामा जितेंद्र सिंह ने बताया कि सूरज और संयम जिगरी दोस्त थे। नवंबर 2025 में सूरज परिजनों के साथ बर्रा स्थित अपने मकान में रहने आया था। इससे पहले वह गोविंद नगर स्थित लाल क्वार्टर में रहते थे। जितेंद्र के मुताबिक संयम और सूरज ने एक साथ दून इंटरनेशनल स्कूल से इंटर किया। इंटर करने के बाद दोनों एक साथ काकादेव स्थित एनीमेशन का कोर्स किया, फिर पांच साल पहले एक ही दिन लखनऊ के हेड हॉपर मल्टीनेशनल एनीमेशन कंपनी में दोनों की जॉब लगी थी। इसके बाद दोनों एक साथ इस दुनिया से रुख्सत भी हो गए। घटना की जानकारी पर दोनों मृतकों के घरों में राजनैतिक नेताओं का जमावड़ा लगा रहा। सांसद रमेश अवस्थी, भाजपा विधायक सुरेंद्र मैथानी, पूर्व विधायक बालचंद्र मिश्रा, क्षेत्रीय पार्षद मृतकों के घरों में पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया। लखनऊ जाने के दौरान डंपर से भिड़ी मामा की कार सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड के बाद शाम सात बजे लखनऊ प्रशासन की ओर से परिजनों को सूरज के मौत की जानकारी दी गई। इस दौरान सूरज का छोटा भाई ऋषिकेश में था, उसने मामा जितेंद्र को घटना के बारे में बताया। जिसके बाद वह अपने बड़े भाई कृष्ण बिहारी, नारेंद्र व ड्राइवर गुड्डू के साथ लखनऊ के लिए रवाना हो गए। वह उन्नाव के सोहरामऊ थाने के पास पहुंचे ही थे, तभी उनकी कार आगे चल रहे डंपर से जा भिड़ी। गनीमत रही की हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। सूरज के पापा की भी आग लगने से हुई थी मौत मृतक के मामा जितेंद्र सिंह ने बताया कि सूरज के पिता शिवराम सिंह दादा नगर इंड्रस्ट्रियल एरिया स्थित मलिक पेट्रोल पंप में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। 8 मार्च 2023 को होली के दिन कोपो स्टेट के चेयरमैन विजय कपूर के पेट्रोल पंप के केबिन में शार्ट सर्किट से भीषण आग लग गई, जिसमें शिवराम सिंह भीषण रूप से झुलस गए थे। गंभीर हालत में उनको लखनऊ स्थित केजीएमयू अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। सूरज के शादी की चल रही थी तैयारियां परिजनों ने बताया कि पिता की मौत के बाद सूरज परिवार की जिम्मेदारियों को बखूबी से निभा रहा था। वह छोटे भाई को MBA करा रहा था। वहीं छोटी बहन सौम्या की पढ़ाई का भी खर्च उठा रहा था। जितेंद्र ने बताया कि बहन मीरा भांजे सूरज की शादी की तैयारी में जुटी थी, जिसके लिए हम लोग लड़की की तलाश कर रहे थे। सोचा था कि एक साल के भीतर उसकी शादी कर देंगे, लेकिन यह हादसा हो गया।
रायबरेली जिले के जगतपुर थाना क्षेत्र के छीछे मऊ ग्राम सभा में एक 65 वर्षीय बुजुर्ग का शव तालाब में मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान शंभू पुत्र रामदीन, निवासी पूरे दमन सिंह मंजरे रामगढ़ के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों और परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। जानकारी के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 10 बजे की है। तालाब के किनारे स्थित बाग में जानवर चराने गए बच्चों ने तालाब में शव देखा और शोर मचाना शुरू कर दिया। बच्चों की आवाज सुनकर गांव के लोग तालाब किनारे जमा हो गए और तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर डायल 112 और स्थानीय थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने 65 वर्षीय बुजुर्ग के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मामले में विधिक कार्यवाही शुरू कर दी है और जांच पड़ताल में जुट गई है। इस पूरे मामले पर जगतपुर थाना अध्यक्ष ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। शव को कब्जे में ले लिया गया है और पुलिस हर पहलू पर गहनता से जांच कर रही है।
आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही:देवरिया नगर पालिका ईओ को डीएम ने दी चेतावनी
जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने नगर पालिका परिषद देवरिया के अधिशासी अधिकारी (ईओ) को आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) प्रकरणों के गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण में लापरवाही पर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन शिकायतों के समाधान में किसी भी तरह की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि नगर पालिका परिषद देवरिया से संबंधित पांच शिकायतें आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज थीं। इन मामलों में नगर पालिका द्वारा निस्तारण की रिपोर्ट तो अपलोड कर दी गई थी, लेकिन शिकायतकर्ताओं के फीडबैक और जांच में निस्तारण प्रक्रिया में कमियां पाई गईं। इस पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए ईओ को कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए। शिकायतकर्ताओं में बृजेश कुमार सिंह (निवासी रामनाथ) ने सड़क और सीढ़ी पर हुए अतिक्रमण को हटाने की मांग की थी। वहीं, मनीष देव (निवासी कठिनइया) ने संजीवनी हॉस्पिटल के सामने जलभराव की समस्या तथा सड़क ऊंची कराने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके अतिरिक्त, रमन सिंह (निवासी पिंडरा नगर बाहर) ने सड़क से अतिक्रमण हटाने, सुजीत तिवारी (निवासी चकिया श्री मंगलमपुरम) ने सड़क पर मिट्टी कार्य कराने और मनीष कुमार पांडेय (निवासी तहसील रोड) ने नगर पालिका के अभिलेखों में नाम दर्ज किए जाने से संबंधित शिकायतें की थीं। इन सभी प्रकरणों में शिकायतकर्ताओं से प्राप्त फीडबैक संतोषजनक नहीं पाया गया। जिलाधिकारी ने जोर दिया कि आईजीआरएस शासन की एक महत्वपूर्ण जन शिकायत निस्तारण प्रणाली है, और इसमें दर्ज प्रत्येक शिकायत का समाधान पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता पूरी न की जाए, बल्कि मौके पर जांच कर वास्तविक समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर में तेज धूप और उमस से लोग बेहाल:25 जून से बारिश के आसार, 4-5°C तक गिरेगा तापमान
गोरखपुर में मंगलवार की शुरुआत तेज धूप और उमस भरी गर्मी के साथ हुई। सुबह से ही हवा में नमी का स्तर अधिक रहने के कारण लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ा। सूरज निकलने के कुछ देर बाद ही गर्मी का असर बढ़ने लगा और घर से बाहर निकलने वाले लोग पसीने से तर-बतर नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार दिन चढ़ने के साथ धूप और तेज होगी, जिससे गर्मी का एहसास और बढ़ सकता है। 38 डिग्री तक पहुंच सकता है तापमान मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार को शहर का अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। दोपहर के समय 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, लेकिन हवा में मौजूद नमी के कारण लोगों को अधिक राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। बारिश से पहले बढ़ेगी उमस गोरखपुर में अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। आसमान में बादलों की आवाजाही जारी रहेगी, लेकिन फिलहाल उमस से राहत मिलने के संकेत नहीं हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश से पहले वातावरण में नमी बढ़ने के कारण चिपचिपी गर्मी और ज्यादा महसूस हो सकती है। दिन में धूप निकलने से तापमान में बढ़ोतरी होगी और गर्मी का असर बना रहेगा। 25 जून से बदल सकता है मौसम मौसम विभाग के अनुसार 25 जून के आसपास गोरखपुर समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। इस दौरान आसमान में घने बादल छाने, गरज-चमक के साथ बारिश होने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। बारिश शुरू होने के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को लंबे समय से जारी गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। एक सप्ताह में 4 डिग्री बढ़ा पारा बीते एक सप्ताह के दौरान गोरखपुर में गर्मी ने लगातार तेवर दिखाए हैं। 16 जून को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो 20 जून तक बढ़कर 41 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इसके बाद भी गर्मी और उमस का असर लगातार बना हुआ है। दिन के साथ-साथ रात में भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है। बारिश के बाद घटेगा तापमान मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 24 जून को अधिकतम तापमान करीब 37 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। वहीं 25 जून से मौसम में बदलाव के बाद तापमान घटकर 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है। 26 से 29 जून के बीच अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। मानसूनी हवाओं के सक्रिय होने और बारिश का दौर शुरू होने के बाद मौसम सुहाना हो सकता है। बारिश से न केवल तापमान में कमी आएगी, बल्कि लोगों को कई दिनों से परेशान कर रही उमस भरी गर्मी से भी राहत मिलेगी।
लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड के बाद जौनपुर जिले में भी सुरक्षा मानकों को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन ने जिले में मानक के विपरीत संचालित कोचिंग सेंटरों की जांच के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के अनुपालन में, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) परमानंद झा के नेतृत्व में मुख्य अग्निशमन अधिकारी के साथ जिले के आठ कोचिंग सेंटरों की जांच की गई। एडीएम परमानंद झा ने बताया कि सुबह के समय अधिकतर कोचिंग सेंटर बंद पाए गए, जिसके कारण जांच लगभग 10 बजे के बाद शुरू हो सकी। जांच दल ने उन स्थानों का निरीक्षण किया जहां छात्र पढ़ाई करते हैं या लाइब्रेरी के रूप में उपयोग किए जाते हैं। सुरक्षा की दृष्टि से आपदा या किसी आपात स्थिति में निकासी मार्गों की उपलब्धता की भी जांच की गई। कुछ स्थानों पर व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, लेकिन अधिकांश कोचिंग सेंटर सुरक्षा मानकों के विपरीत संचालित होते मिले। एडीएम झा ने जानकारी दी कि जांचे गए सेंटरों में से केवल दो ने पंजीकृत होने का दावा किया, लेकिन वे कोई संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए। कई कोचिंग सेंटरों में सीढ़ियों के पास खुले तार जैसी गंभीर सुरक्षा खामियां भी पाई गईं। अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जहां भी खामियां मिली हैं, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एक विस्तृत जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी, जिसके बाद आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय अपनाए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित सेंटरों को नोटिस जारी किए जा सकते हैं या उन्हें बंद करने का आदेश भी दिया जा सकता है। जिले में कुल 37 कोचिंग सेंटर संचालित हैं। भविष्य में कोचिंग सेंटरों के अलावा अस्पतालों और होटलों की भी जांच की जाएगी।
कटनी कलेक्टर आशीष तिवारी ने जिलेवासियों, विशेषकर ग्रामीण अंचलों में रहने वाले लोगों से सर्पदंश या जहरीले कीड़े के काटने पर झाड़-फूंक से बचने की अपील की है। मंगलवार सुबह जारी इस अपील में उन्होंने तत्काल नजदीकी अस्पताल में इलाज कराने का आग्रह किया। यह अपील तेज गर्मी और मानसूनी मौसम में सर्पदंश की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए की गई है। कलेक्टर तिवारी ने स्पष्ट किया कि झाड़-फूंक से मरीज ठीक नहीं होता। सर्पदंश पीड़ित की जान केवल समय पर एंटी-वेनम इंजेक्शन लगने से ही बचाई जा सकती है। उन्होंने नागरिकों से ऐसी घटना होने पर मरीज को तुरंत उपचार के लिए निकटतम अस्पताल पहुंचाने का आग्रह किया। कलेक्टर ने बताया कि जिले के जिला चिकित्सालय सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। यदि पीड़ित को समय पर उपचार मिल जाए, तो उसकी जान बचाई जा सकती है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि गर्मियों और बारिश शुरू होने पर ग्रामीण क्षेत्रों से सर्पदंश के अधिक मामले सामने आते हैं। भीषण गर्मी और उमस के कारण जीव-जंतु अपने बिलों से बाहर निकलते हैं, जिससे खेतों में काम करने वाले लोग अनजाने में सर्पदंश का शिकार हो जाते हैं।
गिरिडीह जिले के डुमरी थाना क्षेत्र के बासोकांडो गांव में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में यह मामला जमीन विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। मृतक की पहचान बसगोड़ा निवासी बासुदेव मंडल के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, बासुदेव मंडल अपने ट्रैक्टर चालक को लेने के लिए बासोकांडो गए थे। इसी दौरान, मंगलवार सुबह करीब 2 से 4 बजे के बीच एक सुनसान जगह पर अज्ञात हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। हमलावरों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से उन पर वार किया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हमले के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने मृतक की बाइक झाड़ियों से बरामद की है। इसके अतिरिक्त, उनका चश्मा और हत्या में इस्तेमाल किए गए पत्थर व डंडे भी जब्त किए गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी घटनास्थल पर जमा हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ आबिद खान, डुमरी थाना प्रभारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल को सील कर जांच शुरू कर दी है। एसडीपीओ आबिद खान ने बताया कि बासुदेव मंडल अपने ट्रैक्टर चालक को लेने गए थे, तभी उन पर हमला हुआ। प्रथम दृष्टया यह मामला जमीन विवाद से संबंधित प्रतीत होता है। पुलिस सभी पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है और आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने मामले की वैज्ञानिक जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया है और जल्द ही घटना का खुलासा कर दोषियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है।
पीलीभीत जिले में एमपैक्स सोसायटी के सचिव पर एक महिला ने यौन उत्पीड़न और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला की शिकायत पर जहानाबाद कोतवाली पुलिस ने आरोपी सचिव के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि उसके पति ने 'बरहा विक्रम एमपैक्स सोसायटी' से 68,600 रुपये का लोन लिया था। इस लोन पर तीन प्रतिशत वार्षिक दर से लगभग 1,990 रुपये ब्याज बनता है। पीड़िता का आरोप है कि सोसायटी के सचिव जय प्रकाश शुक्ला पिछले छह वर्षों से लोन के नवीनीकरण के नाम पर हर साल उसके घर आकर जबरन 7,000 रुपये वसूलते थे। वह घर पर ही कागजातों पर फर्जी हस्ताक्षर भी करवा लेते थे। इस बार भी सचिव ने खाता जमा करने के नाम पर 7,000 रुपये की मांग की और पैसे न देने पर पूरी रकम बैंक में जमा करने की धमकी दी। यौन उत्पीड़न का प्रयास महिला ने बताया कि घटना के दिन उसका पति घर पर नहीं था और वह अकेली थी। इसी दौरान आरोपी सचिव जय प्रकाश शुक्ला उसके घर पहुंचा और रुपयों की मांग करने लगा। आरोप है कि बातचीत के दौरान सचिव ने महिला पर अश्लील टिप्पणियां कीं, गंदे इशारे किए और यौन उत्पीड़न का प्रयास किया। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई जब महिला ने इसका कड़ा विरोध किया और शोर मचाने की धमकी दी, तो आरोपी वहां से चला गया। जहानाबाद कोतवाली पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। प्रभारी निरीक्षक जयशंकर सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गुरुग्राम के हनुमान मंदिर से लाखों की चोरी:ऑटो में सवार होकर आए चोर, कटर से काटे दानपात्र के ताले
गुरुग्राम के सेक्टर 46 स्थित हनुमान मंदिर में मंगलवार को लाखों रुपए की चोरी हो गई। दिनदहाड़े हुई इस वारदात में चोरों ने मंदिर के दानपात्र को निशाना बनाया और कटर जैसी चीत से ताला तोड़कर नकदी लेकर फरार हो गए। यह पूरी घटना मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि ऑटो में सवार होकर आए चोरों ने किस तरह आसानी से दानपात्र का ताला तोड़ा और लाखों रुपए लेकर चले गए। चोरों ने वारदात को अंजाम देने के लिए एक विशेष कटर का इस्तेमाल किया। मौके पर पहुंच पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलते ही गुरुग्राम पुलिस और इन्वेस्टिगेशन टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मंदिर कमेटी के अनुसार, दानपात्र में लाखों रुपए जमा थे। पॉश इलाके में हुई इस चोरी की वारदात से स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
अमृतसर में पुलिस ने मुठभेड़ और क्रॉस फायरिंग के बाद दो गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से दो पिस्तौल और एक कार बरामद की गई है। मुठभेड़ अमृतसर के खलचियां इलाके के पास मंगलवार को हुई। इस दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच कुछ समय तक फायरिंग हुई। अमृतसर ग्रामीण पुलिस को संदिग्ध अपराधियों की गतिविधियों के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। इसी आधार पर पुलिस ने इलाके में नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोकने की कोशिश की। पुलिस को देखते ही वाहन में सवार बदमाशों ने भागने का प्रयास किया और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला, जिसके बाद दोनों ओर से क्रॉस फायरिंग हुई। मुठभेड़ की 2 PHOTOS देखिए:- कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने दो गैंगस्टरों को काबू कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। हालांकि पुलिस उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि और अन्य मामलों में संलिप्तता की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनसे महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है। इस कार्रवाई को क्षेत्र में अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे। थोड़ी देर में उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचकर पूरी जानकारी देंगे।
4 करोड़ के लेखा घोटाले में सीबीआई का शिकंजा:बीएसए, वरिष्ठ कोषाधिकारी से लखनऊ में घंटों पूछताछ
अमेठी के बेसिक शिक्षा विभाग में हुए 4 करोड़ रुपये के लेखा घोटाले की जांच सीबीआई ने तेज कर दी है। इस मामले में सीबीआई ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) संजय तिवारी और वरिष्ठ कोषाधिकारी रामेंद्र शर्मा से लखनऊ में घंटों पूछताछ की। यह पूछताछ 17 जून को हुई। सीबीआई अधिकारियों ने दोनों अधिकारियों से भुगतान प्रक्रिया, फाइलों की आवाजाही और शिक्षकों के एरियर-वेतन भुगतान से संबंधित विस्तृत जानकारी ली। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गबन में विभागीय अधिकारियों की क्या भूमिका रही है। जांच में सामने आया है कि लेखा विभाग में तैनात कनिष्ठ लिपिक मनोज मालवीय और कुछ संविदा कर्मचारियों ने मिलकर शिक्षकों के एरियर और वेतन भुगतान में 4 करोड़ रुपये से अधिक का गबन किया है। फर्जी तरीके से भुगतान कर यह रकम हड़पी गई। एक सप्ताह पहले, सीबीआई ने इस घोटाले के संबंध में अमेठी जिले में 8 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इस दौरान कई लोगों के आवासों से महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए थे। अब सीबीआई इन दस्तावेजों और अधिकारियों के बयानों के आधार पर लापरवाही व मिलीभगत के बिंदुओं की जांच कर रही है। आगे की कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।
भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में सियासी हलचल लगातार तेज बनी हुई है। मंगलवार को संदेश विधानसभा क्षेत्र के विधायक राधाचरण साह उर्फ राधाचरण सेठ परिवार से मिलने पहुंचे। परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। इस दौरान विधायक ने कहा कि घटना बेहद दुखद और संवेदनशील है, जिसकी निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। निष्पक्ष जांच और न्याय का दिलाया भरोसा विधायक राधाचरण साह ने कहा कि राज्य सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की है। इसके अलावा मानवाधिकार आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है। जांच की जिम्मेदारी डीआईजी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है। सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता के साथ देख रही है। जल्द ही जांच रिपोर्ट सामने आएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। सरकार की प्राथमिकता पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी। इस दौरान भरत तिवारी के परिवार के सदस्यों ने भी विधायक के समक्ष अपनी बातें रखीं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई। परिवार से मिलने पहुंच रहे हैं लोग भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर पिछले कई दिनों से राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों के बीच लगातार चर्चा और विरोध-प्रदर्शन का दौर जारी है। ऐसे में सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायक का पीड़ित परिवार से मिलना और न्याय का भरोसा दिलाना राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रीवा जिले स्थित अहीर गांव में मंगलवार सुबह कार और ऑटो की मामूली टक्कर के बाद बारातियों ने जमकर उत्पात मचाया। विवाद बढ़ने पर ऑटो सवार बारातियों ने कार चालक पर चाकू से हमला कर दिया और वाहन में भारी तोड़फोड़ की। इसके बाद आरोपियों ने मौके पर खड़ी एक अन्य बाइक में भी आग लगा दी। घटना की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और घायल कार चालक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। जानकारी के मुताबिक, सोंधिया परिवार की बारात मंगलवार सुबह अहीर गांव से रीवा आ रही थी। सुबह करीब 10:30 बजे गांव के पास बारात में शामिल एक ऑटो और कार के बीच टक्कर हो गई। कार सवार योगेंद्र सिंह बघेल सीधी से अपने जीजा से मिलकर अहीर गांव स्थित अपने घर लौट रहे थे। विवाद बढ़ने पर किया चाकू से हमलामामूली टक्कर के बाद दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी शुरू हुई, जिसने देखते ही देखते बड़े विवाद का रूप ले लिया। इस दौरान ऑटो में सवार बारातियों ने उग्र होकर योगेंद्र सिंह बघेल पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में योगेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। कार में तोड़फोड़ कर बाइक में लगाई आगहमलावरों ने घायल को छोड़ने के बाद कार में जमकर तोड़फोड़ की। इसके बाद उन्होंने पास खड़ी एक मोटरसाइकिल को भी आग के हवाले कर दिया। अचानक हुई इस हिंसक घटना और आगजनी से मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई। एडिशनल एसपी बोले- आरोपियों की जल्द होगी गिरफ्तारीहिंसा की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर हालात पर काबू पाया और घायल को अस्पताल भेजा। मामले को लेकर एडिशनल एसपी संदीप मिश्रा ने बताया, थाना प्रभारी को आरोपियों की जल्द पहचान कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। घटना में शामिल सभी आरोपियों को चिह्नित कर उनकी शीघ्र गिरफ्तारी की जाएगी।
बिलासपुर में सोमवार की शाम एक रिटायर्ड कर्मचारी की बाइक फिसल गई, जिससे गिरकर वो सड़क पर आ गए। इस दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार हाईवा ने उन्हें कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना रतनपुर थाना क्षेत्र की है। लखराम निवासी रामसनेही दिनकर इंजीनियरिंग कॉलेज के रिटायर कर्मचारी थे। सेवानिवृत्त होने के बाद परिवार के साथ कोनी स्थित अपने मकान में रहते थे। लखराम में उनका खेत है। इसके चलते खेती-किसानी और पारिवारिक काम से उनका लखराम आना-जाना लगा रहता था। NH पर फिसल गई बाइक, गिरते ही हाईवा ने कुचला सोमवार को भी वे किसी काम से लखराम गए थे। जिसके बाद शाम को बाइक से कोनी लौट रहे थे। अभी वो रानीगांव चौक के पास पहुंचे थे। तभी अचानक उनकी बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई। जिससे वे सड़क पर गिर गए। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें कुचल दिया। हाईवा का पहिया उनके सिर के ऊपर से गुजर गया। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। लोगों की जुटी भीड़, पुलिस ने परिजन को दी जानकारीइस हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। वहीं, घटना की जानकारी मिलते ही रतनपुर पुलिस भी वहां पहुंच गई। पुलिस ने शव की पहचान करने के बाद परिजन को हादसे की जानकारी दी। जिसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस इस मामले में मर्ग कायम कर जांच कर रही है।
फरीदाबाद के सिविल अस्पताल से संचालित रेड क्रॉस सोसाइटी के शव वाहन के एक ड्राइवर पर तय दर से अधिक किराया मांगने का आरोप लगा है। इस मामले का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ड्राइवर मृतक के जानकारों से शव को घर तक पहुंचाने के लिए 400 रुपए की मांग करता हुआ सुनाई दे रहा है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, यह मामला 6 जून का बताया जा रहा है। नागला रोड स्थित सुभाष चौक निवासी कालीचरण लंबे समय से बीमार चल रहा था। पड़ोसी उसे उपचार के लिए फरीदाबाद के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे थे। डॉयल 112 से मिला ड्राइवर का नंबर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक कालीचरण अकेला रहता था, इसलिए उसके पड़ोसी ही अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे हुए थे। अस्पताल से शव को घर ले जाने के लिए उन्हें बताया गया कि डायल-112 पर कॉल करके शव वाहन की व्यवस्था की जा सकती है। पड़ोसियों ने डायल-112 पर संपर्क किया तो उन्हें रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा संचालित शव वाहन का नंबर दिया गया। आरोप है कि जब उन्होंने ड्राइवर से सिविल अस्पताल से नागला रोड स्थित सुभाष चौक तक शव पहुंचाने की बात कही तो ड्राइवर ने इसके लिए 400 रुपए की मांग की। शव ले जाने के लिए निर्धारित किराया मृतक के जानकारों का कहना था कि उन्हें केवल 5 से 6 किलोमीटर की दूरी तय करनी थी और नियमों के अनुसार 10 किलोमीटर तक शव ले जाने का निर्धारित शुल्क 200 रुपए है। बताया गया है कि ड्राइवर लगातार 400 रुपए देने की बात कहता रहा और कहा कि अप-डाउन का इतना ही किराया बनता है। इस दौरान मौजूद लोगों ने उसकी बातचीत का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। शिकायत की बात कहने पर काटी 200 रुपए की रसीद वीडियो में चालक साफ तौर पर 400 रुपए की मांग करता हुआ सुनाई दे रहा है। जब लोगों ने उसे बताया कि निर्धारित किराया इससे कम है और उसकी शिकायत अधिकारियों से की जाएगी, तब ड्राइवर ने 200 रुपए लेकर शव को घर पहुंचाने की सहमति दी। बाद में उसने 200 रुपए की रसीद भी काटी, जो 10 किलोमीटर के दायरे के निर्धारित शुल्क के अनुसार थी। ड्राइवर नया था, नहीं पूरी जानकारी : विजेंद्र सिंह वीडियो सामने आने के बाद रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव विजेंद्र सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद ड्राइवर से बातचीत की गई। ड्राइवर नया था और उसे संबंधित क्षेत्र की दूरी की सही जानकारी नहीं थी। उसे लगा कि वहां तक जाने का किराया 400 रुपए बनता है। हालांकि ड्राइवर ने निर्धारित शुल्क से अधिक राशि नहीं ली और केवल 200 रुपए ही लिए गए, जिसकी बाकायदा रसीद भी दी गई। विजेंद्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 से रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा सिविल अस्पताल में शव वाहन सेवा संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि 10 किलोमीटर तक शव ले जाने का निर्धारित शुल्क 200 रुपए है। यदि दूरी इससे अधिक होती है तो 10 रुपए प्रति किलोमीटर के हिसाब से अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो लोग आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं, उनके लिए यह सेवा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती है।
कौशांबी में एक विवाहिता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में घर के भीतर फांसी पर लटका मिला है। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए हत्या करने और फिर शव को फांसी पर लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना कौशांबी के पिपरी थाना क्षेत्र के मुरादपुर गांव की है। बीती रात यहां 30 वर्षीय विवाहिता बबली देवी पत्नी सूरज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव कच्चे मकान की धन्नी में प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटका हुआ पाया गया। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। मृतका के भाई अरविंद कुमार ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उन्होंने अपनी बहन बबली की शादी दो साल पहले मुरादपुर निवासी सूरज पुत्र फूल चंद के साथ की थी। अरविंद के अनुसार, शादी के बाद से ही बबली की सास आशा देवी और पति सूरज उसे दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित करते थे और मारपीट भी करते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले ससुराल वालों ने बबली से 50 हजार रुपये नकद लाने की मांग की थी और ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। अरविंद का कहना है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उनकी बहन की हत्या कर दी गई और फिर शव को फांसी पर लटका दिया गया। परिजनों ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सूचना मिलने पर पिपरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थाना प्रभारी विकास सिंह ने बताया कि मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहनता से जांच कर रही है।
वाहन पर 'भौकाल' लिखा, यातायात पुलिस ने की कार्रवाई:नंबर प्लेट हटवाई, चालान कर दी सख्त चेतावनी
सीधी जिले के मड़रिया क्षेत्र में यातायात पुलिस ने एक चार पहिया वाहन पर कार्रवाई की है। वाहन की नंबर प्लेट की जगह 'भौकाल' लिखा होने पर पुलिस ने उसे हटवाया, वाहन का चालान किया और सख्त चेतावनी दी। यह कार्रवाई मंगलवार सुबह विशेष वाहन चेकिंग अभियान के दौरान की गई। जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 11 बजे यातायात थाना प्रभारी भूपेश वैश अपनी टीम के साथ मड़रिया क्षेत्र में वाहनों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें तेज रफ्तार से आ रही एक टोयोटा हाइराइडर कार दिखी। जांच में पाया गया कि वाहन के पीछे निर्धारित नंबर प्लेट की जगह बड़े अक्षरों में 'भौकाल' लिखा हुआ था, जो मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन है। पुलिस ने तत्काल वाहन को रोककर चालक शिवम सिंह से पूछताछ की। शिवम सिंह ने बताया कि वाहन उनके पिता शंकर सिंह परिहार का है, जो मड़रिया के निवासी हैं। यातायात पुलिस ने चालक के खिलाफ चालानी कार्रवाई करते हुए गाड़ी को यातायात थाने में खड़ा करा दिया और मौके पर ही अवैध रूप से लिखे गए शब्द को हटवा दिया। नियम विरुद्ध शब्द न लिखें यातायात थाना प्रभारी भूपेश वैश ने बताया कि वाहन पर निर्धारित नंबर प्लेट के स्थान पर किसी भी प्रकार के शब्द, पदनाम, जातिसूचक या प्रभाव दिखाने वाले शब्द लिखना नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि ऐसे वाहनों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। वैश ने स्पष्ट किया कि संबंधित वाहन पर वैध और निर्धारित मानकों वाली नई नंबर प्लेट लगाए जाने के बाद ही उसे छोड़ा जाएगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इसी वाहन या किसी अन्य वाहन पर दोबारा इस तरह के शब्द लिखे मिले, तो संबंधित चालक और वाहन मालिक के खिलाफ और अधिक कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई का समर्थन किया है। उनका कहना था कि कई लोग अपनी गाड़ियों पर 'भौकाल', 'दबंग', 'सरकार' जैसे शब्द लिखकर सड़कों पर चलते हैं, जिससे आम लोगों में अनावश्यक भय और गलत संदेश जाता है।
शादी के सपने और सुनहरा भविष्य... लखनऊ अग्निकांड ने छीन ली नीलेश और अनामिका की जिंदगी
नीलेश और अनामिका एक ही कोचिंग संस्थान में कार्यरत थे। साथ काम करते-करते दोनों के बीच दोस्ती हुई और समय के साथ यह रिश्ता गहरे प्रेम में बदल गया। दोनों ने अपने परिवारों को अपने रिश्ते के बारे में बताया और परिवारों ने भी इसे खुशी-खुशी स्वीकार कर लिया।
'घना की टिकट डॉलर के हिसाब से बढ़ती है':शेखावत बोले- पर्यटकों की संख्या में कमी की बात स्वीकार नहीं
केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत आज भरतपुर पहुंचे। उन्होंने बीजेपी कार्यालय में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर हुए कार्यक्रम में भाग लिया। साथ ही बीजेपी कार्यकर्ताओं की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने केवलादेव नेशनल पार्क की टिकट में बढ़ी हुई दरों को लेकर कहा कि टिकट की दर डॉलर के हिसाब बढ़ती है। इसलिए पर्यटकों की संख्या में कमी की बात को मैं स्वीकार नहीं करता। डॉलर के हिसाब से बढ़ती है घना की टिकट केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने घने की टिकट पर बढ़े हुए पैसों को लेकर कहा कि मैं इस बात को स्वीकार नहीं करता कि टिकट के पैसे बढ़ने के कारण विदेशी पर्यटकों की संख्या में कमी आई है। टिकट की रेट लर के साथ ही बढ़ती है। इंडिया के टूरिज्म में बढ़ोत्तरी हुई पर्यटकों ने मोनियुरटम टूरिज्म की जगह एक्सपीरियंस टूरिज्म को प्राथमिकता देना शुरू किया। इसको लेकर कुछ हद तक पर्यटकों की संख्या में कमी आई। ओवरऑल टूरिज्म ग्रोथ कर रहा है। भारत सरकार इस पर पूरी नजर बनाये हुए है।
बरेली के थाना भोजीपुरा क्षेत्र में सोमवार देर रात करीब 1:10 बजे पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में 20 हजार रुपए का इनामी बदमाश जाहिद उर्फ ‘अंडा’ घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की ओर से की गई फायरिंग में एक सिपाही घायल हो गया, जबकि पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में गोली लग गई। उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। जानकारी के अनुसार चौकी प्रभारी धौराटांडा पवन कुमार अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि गौकशी के मामलों में वांछित और 20 हजार रुपए का इनामी अपराधी जाहिद क्षेत्र से गुजरने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घुरसमसपुर रोड पर घेराबंदी कर चेकिंग अभियान शुरू कर दिया। फायरिंग में सिपाही विकास घायल पुलिस ने जब बाइक सवार दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने अवैध तमंचे से पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान आरक्षी विकास गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें जाहिद के दाहिने पैर में गोली लगी और वह मौके पर ही गिर पड़ा। पुलिस ने रात करीब 1:10 बजे उसे गिरफ्तार कर लिया। फरार आरोपी की पहचान अजीम के रूप में हुई है। गौकशी सहित छह मुकदमों में वांछित था आरोपी पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी जाहिद मूल रूप से टाह प्यारी नवादा, नवाबगंज का निवासी है और हाल में धौरा टांडा क्षेत्र में रह रहा था। उसके खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और हत्या के प्रयास सहित छह मुकदमे दर्ज हैं। उस पर एसएसपी द्वारा 20 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। तमंचा, कारतूस और बाइक बरामद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अवैध .315 बोर तमंचा, एक खोखा, तीन जिंदा कारतूस, एक मोबाइल फोन तथा घटना में प्रयुक्त हीरो स्प्लेंडर प्रो मोटरसाइकिल बरामद की है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कुंवर बहादुर सिंह, चौकी प्रभारी पवन कुमार, सर्विलांस सेल और अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
प्रतापगढ़ जिले में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो से बचाने के लिए 28 से 30 जून तक पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा। CMHO डॉ. जीवराज मीणा ने बताया- इस अभियान के तहत जिले के कुल 1 लाख 40 हजार 63 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए व्यापक तैयारियां की हैं। अभियान के पहले दिन जिले भर में 1172 पोलियो बूथों पर बच्चों को खुराक दी जाएगी। इसके बाद, छूटे हुए बच्चों तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए 1220 घर-घर भ्रमण टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएँगी। दूरस्थ और विशेष क्षेत्रों के लिए मोबाइल और ट्रांजिट टीमों की भी व्यवस्था की गई है, ताकि कोई भी बच्चा खुराक से वंचित न रहे। कर्मचारी मिलकर काम करेंगे सीएमएचओ डॉ. मीणा ने बताया- अभियान की सफलता के लिए जिले के स्वास्थ्यकर्मी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और अन्य विभागों के कर्मचारी मिलकर काम करेंगे। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएँ और अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें। उनका कहना था कि पोलियो से बचाव का एकमात्र प्रभावी उपाय समय पर खुराक दिलाना है, और अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र बच्चा छूटे नहीं। गौरतलब है कि पिछले वर्ष 1 लाख 36 हजार 819 बच्चों को खुराक पिलाने के लक्ष्य के मुकाबले 1 लाख 37 हजार 201 बच्चों को पोलियो की खुराक दी गई थी, जो 100.27 प्रतिशत की उपलब्धि थी।
मुंगेली में आबकारी विभाग की तेज रफ्तार गाड़ी की टक्कर से नाबालिग लड़के की मौत हो गई। इस हादसे में बाइक सवार उसके दो दोस्त घायल हो गए। वहीं, टक्कर के बाद बोलेरो नहर में गिर गई, जिससे उसमें सवार छह लोग भी घायल हो गए। घटना लोरमी के लालपुर थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, लालपुर तिराहे के पास आबकारी विभाग का बोलेरो वाहन गुजर रहा था। इसी दौरान रॉन्ग साइड से आ रही बाइक पर तीन नाबालिग बच्चे सवार थे। आबकारी विभाग के वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बैगाकापा निवासी अंकित यादव (14) को गंभीर चोटें आईं। अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया अंकित को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाइक पर सवार उसके दो अन्य साथी भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज जिला चिकित्सालय में चल रहा है। टक्कर के बाद आबकारी विभाग का बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरा। नहर में गिरी बोलेरो, छह कर्मचारी घायल इस वाहन में आबकारी विभाग के एएसआई सहित कुल छह लोग सवार थे, जिन्हें चोटें आई हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलने पर लालपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर आगे की जांच शुरू कर दी है। किराए की गाड़ी होने की बात सामने आई शुरुआती जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त बोलेरो आबकारी विभाग की ओर से किराए पर लिया गया था। थाना प्रभारी सुंदरलाल गोरले ने बताया कि शाम के समय आबकारी विभाग की गाड़ी से बाइक की टक्कर में एक नाबालिग की मौत हुई है और दो अन्य नाबालिग घायल हुए हैं। नहर में वाहन गिरने से आबकारी विभाग के छह कर्मचारी भी घायल हुए हैं। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और मामले की जांच जारी है।
पीथमपुर की रॉयल रेजीडेंसी कॉलोनी में सुरेश (41) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वे 'जेसिनोक्स प्राइवेट लिमिटेड' कंपनी में प्लांट हेड के पद पर कार्यरत थे। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है और मामले की जांच कर रही है। मृतक मूल रूप से आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा के निवासी थे। पत्नी से तलाक का केस लड़ रहे थे> उनकी एक 12 साल की बेटी है। जो विजयवादा में अपने दादा दादी के साथ रहती है। मृतक पीथमपुर में अकेले रहते थे। पत्नी ने 90 लाख एलिमनी का दावा किया था मृतक के पारिवारिक मित्र राम बाबू ने बताया कि सुरेश लंबे समय से पारिवारिक और अदालती विवादों के कारण गहरे तनाव में थे। उनकी पत्नी ने उन पर 90 लाख रुपए के गुजारा भत्ते (एलिमनी) का दावा किया हुआ था। इतनी बड़ी रकम के क्लेम और कानूनी विवाद के कारण वे बेहद परेशान थे। कंपनी प्रबंधन से जुड़े लोगों ने बताया कि सोमवार को सुरेश ने सुबह से फोन नहीं उठाया। जब हम उनके घर देखने पहुंच तो सर की तबियत बहुत खराब लग रही थी। हम उन्हें नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन कुछ देर में उन्होंने दम तोड़ दिया। विजयवाड़ा में अंतिम संस्कार किया जाएगा सुरेश की अचानक मौत से उनकी 12 वर्षीय बेटी के सिर से पिता का साया उठ गया है। कंपनी प्रबंधन और साथी कर्मचारियों की मदद से पोस्टमार्टम के बाद शव को विमान द्वारा उनके गृह नगर विजयवाड़ा भेजा जा रहा है, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
सागर जिले स्थित गढ़ाकोटा थाना क्षेत्र में देर रात एक तेज रफ्तार कार और बाइक की सीधी भिड़ंत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में बाइक सवार 60 वर्षीय बुजुर्ग की सिर में गंभीर चोट लगने से मौत हो गई। राहगीरों ने घायल अवस्था में उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया था, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान गढ़ाकोटा के आजाद वार्ड निवासी 60 वर्षीय केशव भौरहरि के रूप में हुई है। केशव देर रात अपनी बाइक पर सवार होकर सागर रोड से अपने घर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सागर-गढ़ाकोटा रोड पर पावर हाउस के सामने विपरीत दिशा से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि उछलकर सड़क पर गिरी बाइकप्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार की रफ्तार काफी तेज थी, जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक उछलकर सीधे सड़क पर जा गिरी। इस हादसे में बुजुर्ग केशव के सिर में गंभीर चोट आई थी। मौके पर मौजूद राहगीरों ने बिना समय गंवाए उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल भेजा, लेकिन जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवायाहादसे की सूचना मिलते ही गढ़ाकोटा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और यातायात सुचारू करने के लिए दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया। गढ़ाकोटा थाना प्रभारी शिवम दुबे ने बताया, कार और बाइक की भिड़ंत में एक व्यक्ति की मौत हुई है। पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम करा दिया है। मामले को दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

