सस्ती दवाओं और बेहतर इलाज के लिए सरकार के बड़े कदम: कोई ज्यादा पैसे मांगे तो शिकायत करें
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दिल्ली के राणा प्रताप बाग में भरभराकर गिरी पुराने मकान की छत, हादसे में कोई हताहत नहीं
मंगलवार दोपहर राणा प्रताप बाग में एक पुराने दो मंजिला मकान की छत के कुछ स्लैब अचानक गिर गए, जिससे अफरातफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ और न ही किसी की जान गई।
आमेर किला: इतिहास, वास्तुकला और राजपूत-मुगल विरासत की शानदार कहानी
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पुरानी रंजिश में हुई थी किसान की हत्या, सागर के बाद अब जगपाल गिरफ्तार
फाइनेंसर जगपाल को 22 साल पुरानी रंजिश में किसान दीपक डबास की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। जगपाल ने स्कॉर्पियो से दीपक के स्कूटर को टक्कर मारकर उसे कई बार कुचला, इस मामले में पहले सागर गिरफ्तार हुआ था।
बालाघाट में 50 स्थानों पर बिजली कटौती:सुबह 8 से 10:30 बजे तक नया ट्रांसफार्मर और केबल बदली जाएगी
बालाघाट शहर में कल यानी 12 अगस्त को 50 से अधिक जगहों पर ढाई घंटे के लिए बिजली बंद रहेगी। यह कटौती नए ट्रांसफार्मर लगाने और बिजली की लाइनों पर तार की जगह केबल बिछाने के काम की वजह से की जा रही है। बिजली सुबह 8 बजे से 10:30 बजे तक बंद रहेगी। बिजली दफ्तर के मुताबिक यह काम रेलवे स्टेशन फीडर (कोड 15668) के तहत किया जा रहा है। इसलिए इस फीडर से जुड़े इलाकों में सप्लाई ठप रहेगी। प्रभावित होने वाले मुख्य इलाके बिजली कटौती से आईजी ऑफिस, एमएलबी स्कूल, सीएम राइज स्कूल, पवार हॉस्टल, मिताली अस्पताल, आयुष्मान अस्पताल, सोगा पथ, मार्डिकल गली, मोतीनगर, ऋषि कॉम्प्लेक्स, हनुमान चौक, लक्ष्मी पथ, झूलेलाल धर्मशाला, नया राम मंदिर, रेलवे स्टेशन, श्याम मॉल, महाराणा प्रताप चौक, स्नेह नगर, एक्सिस बैंक, केशर प्लाजा, गोंदिया रोड और आसपास के इलाकों में बिजली बंद रहेगी। बिजली विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अपने जरूरी काम समय रहते निपटा लें।
राजगढ़ खिलचीपुर में पुलिस ने घर में घुसकर लूट करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से 2 लाख 79 हजार 600 रुपए नकद और सोने-चांदी के जेवर बरामद किए हैं। वारदात में इस्तेमाल चाकू और दो मोटरसाइकिल भी जब्त की गई हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को हथकड़ी और नकाब पहनाकर बाजार में पैदल घुमाया। 31 जुलाई की रात घर में घुसे थे बदमाश घटना 31 जुलाई की रात करीब 12:30 बजे वार्ड-8 निवासी ममता जादौन के घर हुई थी। तीन बदमाश पीछे की खिड़की से घर में घुसे थे। उन्होंने महिला को चाकू दिखाकर डराया और मारपीट की। इसके बाद अलमारी में रखी नकदी और सोने-चांदी के जेवर लेकर फरार हो गए थे। घटना के 11 दिन बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया। तकनीकी सुराग से आरोपियों तक पहुंची पुलिस थाना प्रभारी कमल सिंह गेहलोत ने बताया कि महिला द्वारा बताए गए हुलिए और तकनीकी सुरागों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने लखन मोगिया (25) को उसकी ससुराल ग्राम गादिया, थाना अकलेरा से गिरफ्तार किया। पूछताछ में लखन ने अपने साथी अंसार खान (43) और जाकिर खान (40) के साथ मिलकर लूट करना स्वीकार किया। लखन की निशानदेही पर अंसार खान को ग्राम हिनोतिया, थाना कामखेड़ा, जिला झालावाड़ स्थित उसकी ससुराल से पकड़ा गया। वहीं जाकिर खान को आगर जिले के ग्राम सामगीमाना से गिरफ्तार किया गया। नकदी और सोने-चांदी के जेवर बरामद पुलिस ने तीनों आरोपियों से पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर लूट की रकम और जेवर बरामद किए। आरोपियों के कब्जे से 2,79,600 रुपए नकद, सोने की चेन, कान के टॉप्स, चांदी का कड़ा और अन्य जेवर मिले हैं। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल चाकू और दो मोटरसाइकिल भी जब्त की हैं। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक केएल बंजारे के मार्गदर्शन और एसडीओपी डीवीएस नागर के नेतृत्व में की गई। मामले के खुलासे में थाना प्रभारी कमलसिंह गेहलोत सहित पुलिस टीम और साइबर सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
शबरी जलप्रपात में सेल्फी लेते युवक डूबा:सतना में दोस्तों संग पिकनिक पर आया था, तलाश कर रही पुलिस
सतना के मझगवां थाना क्षेत्र स्थित शबरी जलप्रपात में मंगलवार शाम सेल्फी लेते समय 25 वर्षीय युवक गहरे पानी में चला गया। युवक अपने सात दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने आया था। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसकी तलाश शुरू की, लेकिन अंधेरा होने के कारण मंगलवार शाम सर्च ऑपरेशन रोकना पड़ा। बुधवार सुबह से दोबारा तलाश शुरू की जाएगी। लापता युवक की पहचान सुनील कोरी पुत्र मोतीलाल कोरी, निवासी किटहा, थाना जैतवारा के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, सुनील अपने सात दोस्तों के साथ शबरी जलप्रपात घूमने पहुंचा था। सेल्फी लेने के दौरान वह कुंड में उतर गया। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और लापता हो गया। अंधेरा होने से तलाशी रोकनी पड़ी सुनील के साथ मौजूद दोस्तों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद मझगवां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक की तलाश शुरू की। पुलिस के मुताबिक, अंधेरा होने के कारण मंगलवार शाम तलाशी अभियान को आगे बढ़ाना संभव नहीं हो सका। अब बुधवार सुबह पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से दोबारा सर्च अभियान शुरू किया जाएगा।
सफाईकर्मियों की हड़ताल, पलवल में लगे कूड़े के ढेर:शहर में जगह-जगह बदबू; लोगों को हो रही परेशानी
पलवल में नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा की राज्यव्यापी हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था बिगड़ गई है। कई दिनों से कूड़ा नहीं उठाए जाने के कारण जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर के बस अड्डा स्थित बाजार, मीनार गेट बाजार और जिला नागरिक अस्पताल के सामने भी कई दिनों से कूड़ा जमा है। इन कूड़े के ढेरों से उठने वाली दुर्गंध के कारण आसपास के दुकानदारों और राहगीरों को भारी असुविधा हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर कूड़ा नहीं उठाए जाने से स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। कर्मचारी लंबित मांगों को लेकर हड़ताल पर नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान अशोक नगर ने बताया कि कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर यह हड़ताल की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार कर्मचारियों की मांगों पर बातचीत नहीं करती और समाधान की दिशा में कोई कदम नहीं उठाती, तब तक कर्मचारी काम पर वापस नहीं लौटेंगे। आम लोगों को हो रही दिक्कत लोगों ने रोष जताते हुए कहा कि नगर परिषद पलवल ने कूड़ा उठाने का टेंडर तो बढ़ा दिया है, लेकिन डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां सार्वजनिक स्थानों पर लगे इन बड़े ढेरों को नहीं उठा रही हैं। इस स्थिति से अधिकारियों और नेताओं को भले ही कोई दिक्कत न हो, लेकिन आम नागरिक इस बदबूदार माहौल में रहने को मजबूर हैं।
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं अजमेर संभाग चुनाव प्रभारी अरुण चतुर्वेदी ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा आरएसएस और भाजपा पर किए जा रहे राजनीतिक हमलों पर पलटवार किया। टोंक दौरे पर आए चतुर्वेदी ने कहा कि डोटासरा का इसमें कोई दोष नहीं है। आजादी के समय से ही कांग्रेस आरएसएस पर हमले करती रही है। संघ पर दो बार प्रतिबंध लगाया गया और तीसरी बार आंशिक प्रतिबंध लगाया गया, लेकिन हर हमले के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विचार परिवार के सभी संगठन और अधिक मजबूती और ताकत के साथ सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि संघ राष्ट्रवाद की भावना के साथ काम करता है और भाजपा को इसकी कोई चिंता नहीं है। चतुर्वेदी ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर निशाना साधते हुए कहा कि वे पहले अपने घर को संभालें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के ही एक विधायक उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं, जिन्हें पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सार्वजनिक रूप से 'निकम्मा' और 'नकारा' तक कहा था। उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस के नेता अपने ही नेताओं को नकारा और निकम्मा बताते हैं, वहीं पेपर लीक के मामले में सचिन पायलट कांग्रेस सरकार के खिलाफ पदयात्रा पर निकले थे, लेकिन उस समय भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि आज भी कांग्रेस नेताओं के बीच अंतर्द्वंद्व और मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आ रहे हैं। कांग्रेस को इन मामलों को संभालना चाहिए। भाजपा की ओर से उन्हें शुभकामनाएं हैं। पंचायत राज और निकाय चुनाव में भाजपा की जीत का दावाआगामी पंचायत राज एवं नगर निकाय चुनावों को लेकर अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इन चुनावों में भी जीत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी के कोई कार्यकर्ता या पदाधिकारी नाराज हैं तो उनसे संवाद कर उन्हें मना लिया जाएगा। संगठन सभी को साथ लेकर चुनाव मैदान में उतरेगा और कार्यकर्ताओं की मेहनत के दम पर भाजपा मजबूत प्रदर्शन करेगी। झारखंड में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन पर चतुर्वेदी ने कहा कि आंदोलन अलग-थलग पड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भी इसमें शामिल नहीं हुए और इससे कांग्रेस का दोहरा चरित्र सामने आता है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकारों ने नीट पेपर लीक मामले में कड़ी कार्रवाई की और जांच भी कराई। नीट पेपर लीक के विरोध में हुए आंदोलनों के बाद भाजपा शासित राज्यों में आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की कार्रवाई भी की गई है। टोंक में सचिन पायलट की चुनौती को लेकर पूछे गए सवाल पर अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत और संगठन की मजबूती के आधार पर पार्टी आगामी चुनावों में जीत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ चुनाव की तैयारियों में जुटे हुए हैं। निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा की बैठकइससे पहले अरुण चतुर्वेदी ने भारतीय जनता पार्टी कार्यालय टोंक में जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में आगामी नगर निकाय चुनावों की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान संगठन को और अधिक मजबूत करने, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा आगामी चुनावी रणनीति को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में वार्डवार संगठनात्मक स्थिति, स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क अभियान, मतदाताओं से संवाद तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। कार्यकर्ताओं से आपसी समन्वय के साथ पूरी मजबूती से चुनावी तैयारियों में जुटने का आह्वान किया गया। ये रहे मौजूदबैठक में जिला सह प्रभारी रामानंद गुर्जर, देवली-उनियारा विधायक राजेंद्र गुर्जर, निवाई विधायक रामसहाय वर्मा, पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया, पूर्व जिलाध्यक्ष राजेंद्र पराणा, सतीश चंदेल, गणेश माहुर, सत्यनारायण चौधरी, विजय बैंसला, पूर्व सभापति लक्ष्मी जैन, जिला महामंत्री विष्णु शर्मा, प्रभु बाड़ोलिया, संत कुमार जैन, जिला उपाध्यक्ष शैलेंद्र चौधरी, रामचंद्र गुर्जर, राजेश शर्मा, बबलू टैंकर, प्रधान काबरा, राजेंद्र राणावत, ममता जाट की मौजूदगी रही। जबकि जिला मंत्री शीला मीणा, बीना छामुनिया, रामकिशन गुर्जर, नीलिमा आमेरा, शकुंतला वर्मा, राधेश्याम चांवला, प्रवक्ता रामावतार धाभाई, रत्तीराम पहाड़िया, दशरथ राजावत, विजय मालवानी, शिवसिंह मीणा, कमलेश यादव, राजेश मंगल, लोकेश गुप्ता, गणेश सैनी, शंभू शर्मा, एससी मोर्चा अध्यक्ष मनीष सिसोदिया, एसटी मोर्चा अध्यक्ष मुकलेश मीणा, बलवंत मराठा, आरव सिसोदिया, गणेश शर्मा, मंडल अध्यक्ष नंदलाल छान, अंजलि गुप्ता, चरण सिंह चौधरी, नरेंद्र चोपड़ा, पंकज पहाड़िया सहित भाजपा के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
एमपी के नर्सिंग कॉलेज मान्यता फर्जीवाड़ा मामले में एमपीएनसी रजिस्ट्रार रिकार्ड सहित तलब
पूर्व में नर्सिंग काउंसिल की ओर से लंबित परीक्षाएं कराने और परीक्षा परिणाम घोषित करने की अनुमति मांगते हुए आवेदन पेश किया गया था।
दतिया बिजली लाइनों और सबस्टेशनों पर काम के चलते बुधवार को दतिया शहर समेत आसपास के कई इलाकों में बिजली सप्लाई प्रभावित रहेगी। सुबह 6 से 11 बजे तक अलग-अलग फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में बिजली बंद रहेगी। कुछ ग्रामीण फीडरों पर सुबह 9 से 11 बजे तक सप्लाई बंद रहेगी। शहर के इन इलाकों में रहेगी बिजली बंद शहर में भांडेरी फाटक, गाड़ीखाना, छोटा बाजार, छल्लापुरा, रबदापुरा, सिंधी मंदिर, साहनी मोहल्ला, भांडेर रोड, देहात थाना, करन सागर, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी और बस स्टैंड क्षेत्र में बिजली सप्लाई प्रभावित रहेगी। इसके अलावा गल्ला मंडी, हवाई पट्टी, होलीपुरा, एयरपोर्ट और स्टेडियम फीडर से जुड़े इलाकों में भी बिजली बंद रहेगी। इन फीडरों पर भी कटौती राजघाट, डगरई और नयाखेड़ा फीडर से जुड़े क्षेत्रों में भी अलग-अलग समय पर बिजली बंद रहेगी। वहीं रिछारी पंप, घुगसी पंप, भांसड़ा पंप, सहिड़ा पंप और लमकना आबादी फीडर पर सुबह 9 से 11 बजे तक बिजली सप्लाई प्रभावित रहेगी। बिजली कंपनी के अनुसार, काम की स्थिति के आधार पर बिजली कटौती का समय घट-बढ़ सकता है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि पत्नी को अंतरिम गुजारा-भत्ता सिर्फ पति की आय के आधार पर नहीं दिया जा सकता। अदालत ने एक मामले में 30 हजार रुपये के भरण-पोषण को संशोधित कर 25 हजार रुपये प्रति माह कर दिया।
कानपुर के कर्नलगंज थाना क्षेत्र में बृजेन्द्र स्वरूप पार्क टीएसएच के सामने तेज रफ्तार हांडा सिटी कार ने अधेड़ उम्र के व्यक्ति को कुचल दिया। मौके पर मौजूद भीड़ ने कार चालक को दबोच लिया और उसकी गाड़ी से चांदनी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां जांच के बाद गंभीर रूप से घायल को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस दौरान कार चालक मौका पाकर वहां से भाग निकला। पुलिस ने कार को कब्जे में लिया है। कार चालक की तलाश में जुटी है। पुलिस के सामने आरोपी हॉस्पिटल से भाग निकला बृजेन्द्र स्वरूप पार्क के पास मंगलवार दोपहर को एक तेज रफ्तार हांडा सिटी कार ने बेनाझाबर निवासी गोपाल (55) को कुचल दिया। वहां मौजूद लोगों ने कार चालक को दबोच लिया और घायल को कार से चांदनी हॉस्पिटल आर्य नगर लेकर पहुंचे। यहां कुछ देर में ही इलाज के दौरान गोपाल की मौत हो गई। इस दौरान कार चालक मौके से भाग निकला। पुलिस ने उसकी कार को कब्जे में लिया है। मामले की जानकारी मिलते ही मृतक के भाई मदन और पत्नी मौके पर पहुंची। भाई ने बताया कि कार चालक की लापरवाही से हादसा हुआ है। पुलिस की मौजूदगी में आरोपी हॉस्पिटल से भाग निकला, पुलिस आरोपी कार चालक को बचा रही है। थाना प्रभारी विनीत चौधरी ने बताया कि टीएसएच द स्पोर्ट्स हब व गैंजेस क्लब के बीच बेनाझावार कॉलोनी की ओर जाने वाली सड़क किनारे लेटे बेनाझाबर निवासी गोपाल की हादसे में मौत हुई है। जांच के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। कार को कब्जे में लेकर आरोपी चालक की तलाश की जा रही है।
लखनऊ के शिया कॉलेज में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बीए प्रथम सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं का ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कॉलेज के शिक्षकों और अधिकारियों ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के गुर और करियर में सफलता पाने के मंत्र दिए। वित्त अधिकारी एमएम एजाज अब्बास ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब एक बालिका शिक्षा प्राप्त करती है, तो उससे पूरा समाज शिक्षित होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि कॉलेज की खतीब-ए-अकबर लाइब्रेरी में 1 लाख से अधिक किताबें उपलब्ध हैं, जहां वातानुकूलित माहौल में पढ़ाई की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि बीए का पहला साल सिर्फ अंक लाने के लिए नहीं, बल्कि अपनी स्किल और प्रतिभा को निखारने का समय है। उन्होंने छात्रों को सवाल पूछने, वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने और अपनी कम्युनिकेशन स्किल बेहतर बनाने की सलाह दी। परीक्षाओं में सबसे ज्यादा लोकप्रिय और मददगार कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सैयद शबीहे रजा बाकरी ने अपने संबोधन में कहा कि 21वीं सदी में हर क्षेत्र में ढेरों अवसर हैं। उन्होंने बताया कि मानविकी (ह्यूमैनिटीज) विषय इंसान में समाज को समझने की गहरी सोच विकसित करते हैं, और ये विषय प्रतियोगी परीक्षाओं में सबसे ज्यादा लोकप्रिय और मददगार साबित होते हैं। एससीडीआरसी निदेशक प्रदीप शर्मा ने विद्यार्थियों से कहा कि मानविकी को सिर्फ डिग्री लेने का जरिया न समझें, बल्कि यह समाज और मानव व्यवहार को जानने का एक माध्यम है। उन्होंने नोट्स रटने के बजाय विषय को समझने और सवाल पूछने में झिझक न करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि बीए के बाद सिविल सर्विसेज, पत्रकारिता, कानून, शिक्षण, कंटेंट राइटिंग और सोशल वर्क जैसे क्षेत्रों में शानदार करियर बनाया जा सकता है। महाविद्यालय में गुरु-शिष्य परंपरा को पूरी तरह जीवंत रखा बीए गर्ल्स सेक्शन की इंचार्ज प्रो. जर्रीन जेहरा रिजवी ने कहा कि महाविद्यालय में गुरु-शिष्य परंपरा को पूरी तरह जीवंत रखा गया है। उन्होंने विद्यार्थियों को हर तरह से ज्ञान पाने के लिए तैयार रहने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम का सफल संचालन सीमा राना ने किया। इस दौरान नगीना बानो, कनीज मेंहदी जैदी, मधुलिका चौधरी, सायमा मेंहदी और नफीस हासिम रिजवी समेत कई शिक्षक उपस्थित रहे।
मोहाली के जीरकपुर में 16 वर्षीय नाबालिग किशोरी से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस तफ्तीश के दौरान एक नया मोड़ सामने आया है। घटना के बाद पुलिस द्वारा खंगाले गए वारदात स्थल और उसके आसपास के सीसीटीवी फुटेज में किशोरी खुद एक कार में बैठती हुई दिखाई दे रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, किशोरी ने अपने आधिकारिक बयान में भी स्वेच्छा से कार में बैठने की बात स्वीकार की है। इसके आधार पर पुलिस ने शुरुआती तौर पर जबरन अपहरण किए जाने की संभावना से इनकार कर दिया है, हालांकि सामूहिक दुष्कर्म के गंभीर आरोपों की गहनता से जांच अभी भी जारी है। सीसीटीवी और बयानों के आधार पर जांच की दिशा बदली मामला सामने आने के बाद से पुलिस की कई टीमें अलग-अलग रूटों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुटी हुई थीं। एक महत्वपूर्ण फुटेज में नाबालिग किशोरी खुद चलकर कार के पास जाती और उसमें प्रवेश करती दिखाई दी। पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज कर लिया है। अब जांच का मुख्य बिंदु यह है कि कार में बैठने के बाद किशोरी को कहाँ ले जाया गया और उसके साथ क्या-क्या घटित हुआ। चूंकि मामला एक नाबालिग लड़की से जुड़ा हुआ है, इसलिए पुलिस बेहद संवेदनशीलता और गंभीरता से हर पहलू की कड़ियां जोड़ने में लगी है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण (Medical Examination) भी करवाया जा चुका है। पुलिस अब मेडिकल रिपोर्ट के तकनीकी साक्ष्यों का इंतजार कर रही है ताकि सामूहिक दुष्कर्म के आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। वारदात के 3 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, कार और तीनों आरोपित फरार इस सनसनीखेज मामले को सामने आए करीब तीन दिन का समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। मामले में नामजद तीनों आरोपित पुलिस की गिरफ्त से पूरी तरह बाहर हैं। पुलिस न तो अभी तक आरोपितों के ठिकानों का पता लगा पाई है और न ही वारदात में इस्तेमाल की गई उस कार को ट्रेस कर सकी है।स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है। संदिग्ध रूटों के सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल डंप डेटा जैसे तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपितों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही कार को बरामद कर तीनों आरोपितों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया जाएगा और पूरे मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।
नाबालिग से रेप के दोषी को 20 साल की कैद:हरदोई कोर्ट ने 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया
हरदोई के कछौना कोतवाली क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म और उसे बहला-फुसलाकर ले जाने के चार साल पुराने मामले में अदालत ने आरोपी दिनेश को दोषी करार दिया है। मंगलवार को हरदोई के एडीजे-14/पॉक्सो एक्ट न्यायालय ने उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। पुलिस ने मंगलवार देर शाम करीब 6:31 बजे इसकी जानकारी दी। 16 वर्षीय किशोरी को घर से ले गया था आरोपी मामला जून 2022 का है। कछौना कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 12 जून 2022 को पुलिस को तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि 10 जून की रात करीब 1 बजे आरोपी दिनेश उनकी 16 वर्षीय बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। किशोरी अपने साथ मोबाइल फोन और सोने के जेवरात भी ले गई थी। पुलिस ने दर्ज किया था मुकदमा पीड़ित पिता की तहरीर पर पुलिस ने 12 जून 2022 की शाम करीब 5:20 बजे आरोपी दिनेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना के दौरान मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366 और 376 के साथ पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाई गईं। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। गवाहों और साक्ष्यों से साबित हुए आरोप मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष साक्ष्य और गवाहों के बयान प्रस्तुत किए। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को सिद्ध माना। कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा मंगलवार को एडीजे-14/पॉक्सो एक्ट न्यायालय ने सुनवाई पूरी करते हुए दिनेश को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 50 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।
समस्तीपुर के सिंघिया थाना क्षेत्र में सांप के डंसने से 9 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। परिजनों की ओर से झाड़फूंक के चक्कर में समय पर इलाज न मिलने के कारण बच्चे की जान चली गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल समस्तीपुर भेज दिया है। मृत बच्चे की पहचान सिंघिया थाना क्षेत्र के श्यामपुर वार्ड 8 निवासी कुंदन दास के पुत्र रजनीश कुमार के रूप में हुई है। रजनीश अपने दो भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। सोमवार और मंगलवार की मध्यरात्रि करीब 2 बजे वह अपने भाई-बहनों के साथ सोया हुआ था, तभी उसे सांप ने डस लिया। बच्चे ने चिल्लाकर अपने माता-पिता को घटना की जानकारी दी। माता-पिता तुरंत बच्चे को पड़ोस में रहने वाले भगत राम कृपाल पंडित के पास ले गए। भगत ने लगभग एक घंटे तक झाड़फूंक की और परिजनों को बताया कि बच्चे में विष नहीं है। भगत की बात मानकर परिजन बच्चे को लेकर घर लौट आए। 4 बजे पेटदर्द की शिकायत की, दोपहर एक बजे दरभंगा में मौत सुबह करीब 4 बजे बच्चे ने पेट दर्द की शिकायत की और अपनी मां को जगाया। जब मां ने बच्चे का मुंह पोंछा, तब तक उसका मुंह और गला जाम हो चुका था। परिजन तुरंत बच्चे को बगल के एक निजी नर्सिंग होम ले गए, जहां सुबह करीब 5 बजे इलाज शुरू हुआ। डॉक्टरों ने तीन घंटे तक बच्चे का इलाज किया, लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और वह बिगड़ती चली गई। डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए बच्चे को हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन सुबह लगभग 8 बजे बच्चे को दरभंगा के एक निजी नर्सिंग होम ले गए। वहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन दोपहर करीब 1 बजे बच्चे की जान नहीं बचाई जा सकी और उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद परिजन शव को घर ले आए। दोपहर करीब 2 बजे सिंघिया थाने की पुलिस को घटना की सूचना दी गई। सिंघिया थाने की पुलिस मौके पर पहुंची, मृत बच्चे के शव का पंचनामा तैयार किया और उसे पोस्टमार्टम के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल भेज दिया। सदर अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में तैनात डॉक्टर आर पी मंडल के देखरेख में मृत बच्चा रजनीश कुमार के शव का पोस्टमार्टम किया गया पोस्टमार्टम के बाद दाह संस्कार के लिए बच्चे का शव परिजनों को सौंप दिया गया है। समस्तीपुर में 2 महीने में सांप के काटने से 9 लोगों की मौत समस्तीपुर जिले में पिछले 2 महीने में सांप के काटने से 9 लोगों की मौत हो चुकी है। 14 जून को कल्याणपुर थाना क्षेत्र के तिरा जटमलपुर वार्ड 10 के रहने वाले विश्ववीरेंद्र कुमार के 22 साल की बेटी आंचल कुमारी, 19 जून को बिथान थाना क्षेत्र के मथुरापुर गांव के रहने वाले वकील राय की 9 साल की बेटी श्रद्धा कुमारी, 20 जून को को कर्पूरी ग्राम थाना क्षेत्र के आधारपुर गांव के रहने वाले कलेश्वर भगत के बेटे विपिन कुमार, 10 जुलाई को मोहिउद्दीन नगर थाना क्षेत्र के चक्र जोहरा वार्ड 3 के रहने वाले बिरजू महतो की 9 साल की बेटी शिवानी कुमारी, 15 जुलाई को कल्याणपुर थाना क्षेत्र के चांधर मुक्तापुर के रहने वाले संजय कुमार रावत के 5 साल की बेटी सुरुचि कुमारी, 17 जुलाई को खानपुर थाना क्षेत्र के शोभन वार्ड 3 के रहने वाले प्रदीप सहनी के 10 साल के बेटे आयुष कुमार, 20 जुलाई को रोसरा थाना क्षेत्र के दरगाह रोड के रहने वाले रंजीत कुमार यादव की 37 साल की पत्नी नीलम देवी, 9 अगस्त को पटोरी थाना क्षेत्र के ताराधर्मोनगांव के रहने वाले भगवत शाह के 15 साल की बेटी करीना कुमारी और 10 अगस्त को बेगूसराय नाव कोठी के रहने वाले सरलू दास की 17 साल की बेटी सोनी कुमारी की मौत सांप के काटने से हो चुकी है।
मधुबनी पुलिस ने 1350 अपराधी जेल भेजे:मासिक अपराध समीक्षा में एसएसपी ने दिए सख्त निर्देश
मधुबनी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) योगेंद्र कुमार की अध्यक्षता में मासिक अपराध समीक्षा बैठक हुई। इसमें जुलाई माह में पुलिस के प्रदर्शन की समीक्षा की गई और स्वतंत्रता दिवस की सुरक्षा तैयारियों पर चर्चा हुई। बैठक में 1350 कुख्यात अपराधियों की गिरफ्तारी और जेल भेजने की जानकारी दी गई। यह बैठक मंगलवार शाम 5:00 से मधुबनी समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में आयोजित की गई। इसमें अपर पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, यातायात पुलिस उपाधीक्षक, सभी थानाध्यक्ष और अंचल निरीक्षक सहित जिले के अन्य पुलिस अधिकारी शामिल हुए। एसएसपी योगेंद्र कुमार ने जुलाई माह में मधुबनी पुलिस के प्रदर्शन को सराहनीय बताया। उन्होंने बताया कि जुलाई में जिले के विभिन्न थानों में कुल 1300 नए मामले दर्ज किए गए। पुलिस ने इन दर्ज मामलों की तुलना में कई गुना अधिक मामलों में आरोप-पत्र दाखिल कर उनके निष्पादन की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई की। इस दौरान कुल 1350 कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। इनमें हत्या, दुष्कर्म, मोटरसाइकिल चोरी और शस्त्र अधिनियम जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त 300 से अधिक शातिर अपराधी शामिल थे। बैठक में विभिन्न निर्धारित लक्ष्यों के आधार पर थानों के कार्यों की भी समीक्षा की गई। बाबूबरही थाना पुलिस का प्रदर्शन जिले में सबसे बेहतर पाया गया, जिसके लिए थानाध्यक्ष को सम्मानित किया गया। हालांकि, एसएसपी ने अनुसंधानकर्ताओं की कार्यशैली पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि 55 अनुसंधानकर्ताओं को विशेष लक्ष्य दिए गए थे, जिनमें से केवल 15 ने ही बेहतर प्रदर्शन किया। इन 15 अधिकारियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया, जबकि लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले अनुसंधानकर्ताओं के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने सभी थानाध्यक्षों और अनुसंधानकर्ताओं को लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि निर्धारित लक्ष्य से अधिक मामलों का निष्पादन करने वाले पुलिस पदाधिकारियों के प्रदर्शन की सराहना की गई है और शीर्ष दस उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया गया है।
मैहर में पत्थर से लदा ट्रक पलटा:ड्राइवर सुरक्षित, सड़क किनारे घर की बाउंड्री पर गिरा
मैहर जिले के सलैया गांव के पास मंगलवार रात करीब 8 बजे पत्थरों से भरा एक ओवरलोड ट्रक बेकाबू होकर सड़क किनारे बने एक घर की बाउंड्री से टकराकर पलट गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में ड्राइवर बाल-बाल बच गया और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। जानकारी के मुताबिक, ट्रक में पत्थर भरकर ड्राइवर अर्जुन बुनकर (25, निवासी भदनपुर, मैहर) भटूरा से सतना की तरफ जा रहा था। जैसे ही ट्रक सलैया गांव के पास पहुंचा, सामने से एक ट्रैक्टर आ गया। उसे बचाने के चक्कर में ड्राइवर का स्टैयरिंग से संतुलन बिगड़ गया और ट्रक सीधे मुन्नूलाल कुशवाहा के घर की बाउंड्री से टकराकर पलट गया। सड़क पर फैले पत्थर, बाल-बाल बचे लोग ट्रक पलटते ही उसमें भरे भारी पत्थर सड़क पर बिखर गए। तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर इकट्ठे हो गए। गनीमत यह रही कि जिस वक्त ट्रक पलटा, उस जगह पर कोई मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। ड्राइवर सुरक्षित, जांच में जुटी पुलिस हादसे में ड्राइवर अर्जुन बुनकर को कोई गंभीर चोट नहीं आई है और न ही कोई दूसरा व्यक्ति घायल हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रक में क्षमता से काफी ज्यादा पत्थर भरे हुए थे। फिलहाल पुलिस घटना की जांच कर रही है।
जुगाड़ू वाहन को बचाने के प्रयास में हादसा:फाजिल्का में बस बिजली के खंभे और दीवार से टकराई, दो घायल
फाजिल्का जिले के गांव छप्पड़ी वाला में एक सड़क हादसे में प्राइवेट बस और मोटरसाइकिल ट्राली जुगाड़ू वाहन की टक्कर के बाद बस बिजली के खंभे और दीवार से जा टकराई। हादसे में बस चालक और जुगाड़ू वाहन चालक घायल हो गए, जबकि बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित बच गए। जानकारी के अनुसार, जलालाबाद से फाजिल्का जा रही एक प्राइवेट बस गांव छप्पड़ी वाला के पास पहुंची थी। इसी दौरान एक व्यक्ति मोटरसाइकिल ट्राली जुगाड़ू वाहन पर करीब 10 गट्टे खाद लादकर सड़क पार करने का प्रयास कर रहा था। वाहन पर अधिक सामान लदा होने के कारण वह समय रहते सड़क पार नहीं कर सका। सामने से आ रही बस को देखकर चालक ने टक्कर से बचने के लिए बस को एक तरफ मोड़ दिया। पूरी घटना CCTV में कैद बस चालक की इस कोशिश के बावजूद बस सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे और एक दीवार से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि बिजली का खंभा टूट गया और दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में बस के अगले हिस्से को भी काफी नुकसान पहुंचा है। घटना में बस चालक और जुगाड़ू वाहन चालक घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय बस में केवल 5 से 6 यात्री सवार थे और सभी सुरक्षित रहे। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है और मामले की जांच की जा रही है।
शिवपुरी में नदी में नहाते समय डूबा युवक, मौत:रिशतेदारों के साथ नहाने गया था, पुलिस ने मर्ग कायम किया
शिवपुरी के तेंदुआ थाना क्षेत्र में मंगलवार को नदी में नहाते समय 22 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई। युवक अपने साले और साडू के साथ बाइक से लौट रहा था। केनवाया गांव के पास तीनों नदी में नहाने के लिए रुके थे। इसी दौरान युवक नदी के बीच गहरे पानी में चला गया और डूब गया। ग्रामीणों की मदद से उसे बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान श्योपुर जिले के गसमानी थाना क्षेत्र के सहसराम गांव निवासी 22 वर्षीय छोटू जाटव के रूप में हुई है। वह अपनी ससुराल कड़ेशरा गांव आया हुआ था। धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने गया था मंगलवार को छोटू अपने साडू के गांव ख्यावदा में कांवड़ के कार्यक्रम में शामिल होने गया था। कार्यक्रम के बाद दोपहर में वह अपने साले और साडू के साथ बाइक से कड़ेशरा स्थित ससुराल लौट रहा था। गहरे गड्ढे में चला गया था युवक कड़ेशरा गांव से करीब तीन किलोमीटर पहले केनवाया गांव के पास तीनों नदी में नहाने के लिए रुक गए। नहाते समय छोटू नदी के बीच गहरे पानी में चला गया। पानी के अंदर गहरे गड्ढे में जाने से वह डूबने लगा। उसके साले और साडू ने उसे बचाने का प्रयास किया। आसपास के ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद छोटू को नदी से बाहर निकाला गया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने मर्ग कायम किया घटना की सूचना मिलते ही तेंदुआ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
हरिद्वार से कांवड़ लाया मुस्लिम युवक, शिव का किया जलाभिषेक, परिवार बोला-घर मत आना
उत्तर प्रदेश के बागपत में मुस्लिम युवक हरिद्वार से कांवड़ लाया। शिव मंदिर में जलाभिषेक किया। उधर, कांवड़ लाने से नाराज उसके परिवार वालों ने युवक को घर में आने से मना कर दिया।
ग्वालियर के गोले का मंदिर थाना क्षेत्र में शराब व्यवसाय को लेकर मारपीट और हत्या के मामले में आरोपी योगेश शिवहरे के पिता ने मंगलवार को डीआईजी ग्वालियर को आवेदन देकर बेटे को झूठा फंसाए जाने का आरोप लगाया है। रोशनी घर रोड निवासी हरीशंकर शिवहरे ने पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) ग्वालियर रेंज को आवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और योगेश को प्रकरण से मुक्त करने की मांग की है। उन्होंने घटना के समय के कुछ सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन से जुड़े साक्ष्य भी पुलिस को सौंपे हैं। 9 दिन पहले हुई थी हत्या आवेदन में हरीशंकर शिवहरे ने बताया कि 2 अगस्त की रात मंघाराम फैक्ट्री के सामने पुराने विवाद को लेकर शिवम वाजपेयी उर्फ सुक्खा पंडित और उसके भाई अनुज के साथ मारपीट हुई थी। अगले दिन 3 अगस्त को दर्ज एफआईआर में जीतू गुर्जर, भोलू घुरैया और दो अज्ञात लोगों के नाम दर्ज किए गए थे। घायल अनुज वाजपेयी की इलाज के दौरान मौत होने के बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धारा बढ़ा दी। इसके साथ ही योगेश शिवहरे का नाम भी आरोपी के तौर पर जोड़ दिया गया। पिता का आरोप है कि घटना के समय योगेश मौके पर मौजूद नहीं था। CCTV फुटेज और मोबाइल टावर लोकेशन का दिया हवाला हरीशंकर शिवहरे का दावा है कि प्रारंभिक पुलिस रिपोर्ट में योगेश का नाम नहीं था और बाद में रंजिश के चलते उसे मामले में जोड़ा गया। डीआईजी को दिए आवेदन में उन्होंने बताया कि घटना के समय योगेश चार शहर का नाका (संजय नगर) स्थित अपनी दुकान पर मौजूद था। दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरों में उसकी मौजूदगी दर्ज है। उन्होंने कहा कि मोबाइल टावर लोकेशन से भी इसकी पुष्टि हो सकती है। रंजिश के चलते नाम घसीटने का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग हरीशंकर ने डीआईजी से मांग की है कि घटनास्थल, स्मार्ट सिटी और मंघाराम फैक्ट्री के सीसीटीवी फुटेज तत्काल सुरक्षित कराए जाएं। साथ ही योगेश के मोबाइल की टावर लोकेशन को भी जांच में शामिल किया जाए। उन्होंने बताया कि जून में योगेश पर हुई फायरिंग की घटना के बाद से दोनों पक्षों के बीच रंजिश चल रही है। आरोप है कि इसी रंजिश के चलते योगेश को हत्या के मामले में फंसाया गया है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराकर योगेश का नाम प्रकरण से हटाने की मांग की है।
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि टीचर ट्रांसफर में यूपी के शिक्षकों से भेदभाव नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही, शिक्षकों के तबादलों में किसी तरह की पैरवी या सिफारिश नहीं चलेगी।
कांग्रेस का केंद्र पर हमला - झारखंड मुद्दे से दिल्ली पुलिस ज्यादती नहीं छिप सकती
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने झारखंड में विधानसभा घेराव के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की निंदा की। साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह झारखंड का मुद्दा उठाकर 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुई कथित पुलिस ज्यादती से ध्यान नहीं भटका सकती।
त्योहारी सीजन में ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए रेल प्रशासन ने यात्रियों को कंफर्म बर्थ उपलब्ध कराने के लिए प्रयागराज और विशाखापटनम के बीच साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। दोनों दिशाओं में यह ट्रेन 16-16 फेरे लगाएगी। इससे प्रयागराज, बिलासपुर, रायगढ़ समेत रास्ते के कई शहरों के यात्रियों को अतिरिक्त रेल सुविधा मिलेगी। रेलवे के अनुसार, गाड़ी संख्या 04159 प्रयागराज-विशाखापटनम साप्ताहिक स्पेशल 14 अगस्त से 27 नवंबर तक प्रत्येक शुक्रवार को प्रयागराज से चलेगी। इस दौरान ट्रेन के कुल 16 फेरे होंगे। ट्रेन प्रयागराज से सुबह 10:15 बजे रवाना होकर अगले दिन शनिवार को दोपहर 1:30 बजे विशाखापटनम पहुंचेगी। 15 अगस्त से हर शनिवार चलेगी ट्रेन वहीं, गाड़ी संख्या 04160 विशाखापटनम-प्रयागराज साप्ताहिक स्पेशल 15 अगस्त से 28 नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को चलेगी। यह विशाखापटनम से दोपहर 3:40 बजे रवाना होकर अगले दिन रविवार को शाम 5:30 बजे प्रयागराज पहुंचेगी। बिलासपुर समेत इन स्टेशनों पर ठहराव दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल के महत्वपूर्ण स्टेशनों शहडोल, अनूपपुर, पेंड्रारोड, बिलासपुर और रायगढ़ में ट्रेन का स्टॉपेज रहेगा। इसके अलावा झारसुगुड़ा रोड, संबलपुर, बरगढ़ रोड, बलांगीर, टिटिलागढ़, केसिंगा, मुनिगुड़ा, रायगढ़ा, कूनेरु, पार्वतीपुरम, बोब्बिली और विजयनगरम में भी व्यावसायिक ठहराव दिया गया है। बिलासपुर में रात 10:15 बजे पहुंचेगी प्रयागराज से चलने वाली ट्रेन के निर्धारित समय के अनुसार शहडोल शाम 6:15 बजे, अनूपपुर 6:55 बजे, पेंड्रारोड 7:38 बजे और बिलासपुर रात 10:15 बजे पहुंचेगी। बिलासपुर में 10 मिनट रुकने के बाद ट्रेन 10:25 बजे रवाना होगी। इसके बाद रायगढ़ रात 12:25 बजे पहुंचेगी और 12:30 बजे रवाना होगी। वापसी दिशा में विशाखापटनम से चलने वाली ट्रेन रायगढ़ सुबह 3:55 बजे, बिलासपुर सुबह 6 बजे, पेंड्रारोड 8:33 बजे, अनूपपुर 9:20 बजे और शहडोल सुबह 10 बजे पहुंचेगी। इसके बाद ट्रेन शाम 5:30 बजे प्रयागराज पहुंचेगी 22 कोच की होगी स्पेशल ट्रेन स्पेशल ट्रेन में कुल 22 कोच होंगे। इनमें 1 पावरकार, 1 एसएलआरडी, 5 जनरल, 7 स्लीपर, 1 एसी-2, 4 एसी-3 और 3 एसी-3 इकोनॉमी कोच शामिल हैं। इससे अलग-अलग श्रेणी के यात्रियों को यात्रा के लिए अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे। रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन के समय और ठहराव की ताजा जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट Indian Railways Enquiry पर देखकर ही यात्रा की योजना बनाएं।
केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित परिवारों के लिए छतरपुर जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। नवागत कलेक्टर मृणाल मीणा ने जिले के 14 प्रभावित गांवों में दोबारा सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि कोई पात्र व्यक्ति मुआवजे और पुनर्वास के लाभ से वंचित न रहे। कलेक्टर मृणाल मीणा ने पदभार संभालने के बाद पुनर्वास से जुड़े कामों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने परियोजना से प्रभावित 5 गांवों के 59 लोगों के लिए कुल 7 करोड़ 37 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की है। जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह राशि पात्र हितग्राहियों को दी जाएगी। जमीन-मकान से लेकर पेड़-पौधों का होगा आकलन री-सर्वे के दौरान राजस्व विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में मौके पर जाएंगी। यहां जमीन, मकान, पेड़-पौधे और अन्य संपत्तियों का दोबारा आकलन किया जाएगा। इसका उद्देश्य पुराने सर्वे में छूट गए या किसी कारण से लाभ से वंचित रह गए पात्र लोगों की पहचान करना है। कलेक्टर बोले- पारदर्शी तरीके से होगा सर्वे कलेक्टर ने अधिकारियों को री-सर्वे की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों की पात्रता और उनकी संपत्तियों का सही आकलन किया जाए। इसके बाद पुनर्वास नीति के तहत मिलने वाले लाभ तय समय में उपलब्ध कराए जाएं। जिला प्रशासन अब केन-बेतवा लिंक परियोजना से जुड़े पुनर्वास और मुआवजे के कामों पर विशेष नजर रख रहा है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि री-सर्वे का उद्देश्य केवल आंकड़े जुटाना नहीं है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि परियोजना से प्रभावित हर पात्र परिवार को उसका वैधानिक हक मिले। विरोध में हुआ था आंदोलन केन-बेतवा लिंक परियोजना के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों और आदिवासियों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन और अनोखा 'चिता व जल सत्याग्रह' किया जा रहा है। जुलाई 2026 में छतरपुर जिले के कुपी गांव के पास बराना नदी में यह आंदोलन तब चर्चा में आया जब प्रदर्शनकारियों ने गले में फंदे और प्रतीकात्मक चिताओं पर लेटकर न्याय की गुहार लगाई, जिसे 19 जुलाई 2026 को पुलिस ने बलपूर्वक समाप्त कर दिया गया इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… केन-बेतवा लिंक परियोजना प्रभावितों का चिता आंदोलन खत्म छतरपुर के कुपी गांव में बराना नदी के घाट पर केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित परिवारों के 'चिता आंदोलन' ने रविवार तड़के नया मोड़ ले लिया। आंदोलन के 17वें दिन और जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर के आमरण अनशन के 14वें दिन भारी पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर सभी आंदोलनकारियों को हिरासत में ले लिया। पूरी खबर पढ़ें…
जालंधर के नकोदर सदर थाना के अंतर्गत आते गांव कुलार में अज्ञात चोरों द्वारा एक किसान के खेतों में बने बाड़े से मवेशी चुरा ले जाने का मामला सामने आया है। चोरों ने बाड़े में सेंध लगाकर एक भैंस और दो कटड़े (भैंस के बच्चे) चोरी कर लिए। पीड़ित किसान की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। पीड़ित किसान कुलदीप सिंह ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि यह घटना 9 अगस्त की रात को हुई। रोज की तरह उन्होंने अपने पशुओं को खेतों में बने बाड़े में बांधा था। रात के समय अज्ञात चोरों ने अंधेरे और सूनेपन का फायदा उठाया और बाड़े में घुसकर एक भैंस व दो कटड़ों को चुराकर रफूचक्कर हो गए। सुबह चारा डालने पहुंचे तो उड़े होश घटना का खुलासा अगली सुबह हुआ, जब कुलदीप सिंह रोजाना की तरह अपने पशुओं को चारा डालने के लिए खेतों में स्थित बाड़े पर पहुंचे। बाड़े से मवेशियों को गायब देख उनके होश उड़ गए। उन्होंने अपने स्तर पर आसपास के खेतों और रास्तों में पशुओं की काफी खोजबीन की, लेकिन जब उनका कहीं कोई सुराग नहीं मिला, तो उन्होंने तुरंत इसकी सूचना नकोदर सदर थाना पुलिस को दी। पुलिस ने दर्ज किया केस, चोरों की तलाश जारी मामले की जानकारी देते हुए जांच अधिकारी बूटा राम ने बताया कि पीड़ित किसान कुलदीप सिंह की शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की एक टीम इलाके के आसपास के रास्तों और संदिग्धों की पड़ताल कर रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही चोरों को गिरफ्तार कर चोरी किए गए मवेशी बरामद कर लिए जाएंगे।
गयाजी पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ अभियान तेज करते हुए मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। विष्णुपद थाना पुलिस ने घुघरीटांड़ बाइपास के पास से 265.755 लीटर विदेशी शराब के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया। गिरफ्तार युवक की पहचान सुमित कुमार उर्फ बंडा के रूप में हुई है, जो मनोज राउत का पुत्र और गया जिले के रामपुर थाना अंतर्गत गोदावरी भैरोंस्थान का निवासी है। विष्णुपद थाना अध्यक्ष परमानंद लाल कर्ण ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। बाइक पर भारी मात्रा में विदेशी शराब लेकर जाने की मिली थी सूचना सूचना के अनुसार, घुघरीटांड़ बाइपास से एक व्यक्ति मोटरसाइकिल पर भारी मात्रा में विदेशी शराब लेकर गुजरने वाला था। सूचना मिलते ही पुलिस टीम को अलर्ट किया गया और बताए गए स्थान पर वाहन चेकिंग शुरू कर दी गई। पुलिस टीम संदिग्ध वाहनों और लोगों पर लगातार नजर रख रही थी। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति वहां पहुंचा। पुलिस टीम को देखते ही उसने अचानक मोटरसाइकिल मोड़कर भागने का प्रयास किया। उसकी संदिग्ध गतिविधि देखकर पुलिस को शक हुआ और तत्काल उसका पीछा शुरू कर दिया गया। तलाशी के दौरान आरोपी का मोबाइल भी पुलिस ने किया जब्त सशस्त्र बल के सहयोग से घेराबंदी कर युवक को पकड़ लिया गया। पूछताछ और तलाशी के दौरान उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। मोटरसाइकिल और उस पर रखे सामान की जांच करने पर कुल 265.755 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई। विष्णुपद थाना अध्यक्ष परमानंद लाल कर्ण ने बताया कि पुलिस अब इस मामले की गहन जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शराब की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे गया में किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। पुलिस शराब के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। साथ ही इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। थाना अध्यक्ष परमानंद लाल कर्ण ने बताया कि गिरफ्तार युवक से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के आधार पर शराब के सप्लायर और खरीदार तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि अवैध शराब के कारोबार में किसी भी स्तर पर शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। आरोपी के खिलाफ पहले से भी दर्ज है आपराधिक मामला जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार सुमित कुमार उर्फ बंडा का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके विरुद्ध विष्णुपद थाना कांड संख्या-373/26, दिनांक 24 जुलाई 2026 दर्ज होने है। ऐसे में शराब की बड़ी खेप के साथ उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी पहले से किसी संगठित आपराधिक या शराब तस्करी गिरोह से जुड़ा है या नहीं। केस दर्ज, आगे की कार्रवाई जारी इस मामले में विष्णुपद थाना कांड संख्या-395/26 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बरामद शराब, मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन को पुलिस ने जब्त कर लिया है। मोबाइल फोन की जांच के जरिए भी पुलिस शराब तस्करी से जुड़े संभावित संपर्कों की जानकारी जुटा सकती है। गयाजी पुलिस के अनुसार, वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में अवैध शराब के सेवन, निर्माण, बिक्री, भंडारण और परिवहन के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों और तस्करी के रास्तों पर निगरानी रख रही है। तस्करों के नेटवर्क पर पुलिस की नजर घुघरीटांड़ बाइपास जैसे रास्तों का इस्तेमाल शराब की खेप को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए किए जाने की आशंका को देखते हुए पुलिस की कार्रवाई को अहम माना जा रहा है। एक तरफ पुलिस ने मौके पर ही शराब की बड़ी खेप पकड़ ली, वहीं अब कार्रवाई का अगला लक्ष्य इस नेटवर्क के पीछे मौजूद लोगों तक पहुंचना है। थाना अध्यक्ष परमानंद लाल कर्ण ने स्पष्ट किया कि अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके बताए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जयपुर को मिली 16 नई ई-बसें:CM भजनलाल ने दिखाई हरी झंडी: बोले- धुआं और शोर नहीं
जयपुर के सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने की दिशा में मंगलवार को 16 नई इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इन ई-बसों को हरी झंडी दिखाकर जयपुर के लिए रवाना किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विजन और क्लीन मोबिलिटी की सोच के तहत प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसें प्रदूषण कम करने के साथ शहरों में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि बिना धुएं और कम शोर के चलने वाली ये बसें आने वाली पीढ़ियों को बेहतर पर्यावरण उपलब्ध कराने के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। 8 शहरों में 110 ई-बसों का संचालन शुरू प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत मंगलवार को राजस्थान के 8 शहरों में एक साथ 110 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया गया। इनमें जयपुर के लिए 16 ई-बसें शामिल हैं। इन बसों के संचालन से शहरों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और बेहतर बनाने के साथ यात्रियों को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। ई-बसों के संचालन से शहरी परिवहन व्यवस्था में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ेगी। इससे पारंपरिक ईंधन से चलने वाले वाहनों पर निर्भरता कम करने और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। क्लीन मोबिलिटी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में क्लीन मोबिलिटी को बढ़ावा दिया जा रहा है। इलेक्ट्रिक बसें इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम हैं। इन बसों के संचालन से यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन शहरों की जरूरत है। इलेक्ट्रिक बसें इस जरूरत को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
बांका के फुल्लीडुमर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में मंगलवार देर शाम 25 वर्षीय प्रसूता टीना देवी की इलाज के दौरान मौत हो गई। खेसर थाना क्षेत्र के बजरतार गांव निवासी रूपेश दास की पत्नी टीना देवी की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। उन्होंने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषी चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। परिजनों के अनुसार, टीना देवी को मंगलवार सुबह प्रसव के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया था, जहां उनका सामान्य प्रसव हुआ। प्रसव के बाद कुछ समय तक उनकी स्थिति सामान्य रही, लेकिन बाद में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन बोले-समय से रेफर नहीं किया परिजनों का आरोप है कि स्थिति गंभीर होने के बावजूद उन्हें समय पर किसी बड़े अस्पताल में रेफर नहीं किया गया, जिसके कारण इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। प्रसूता की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में परिजनों और ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों ने चिकित्सकीय व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए लापरवाही की जांच की मांग की। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया। मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी पर कार्रवाई हो इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जदयू अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष सह जिला बीस सूत्री सदस्य अजय कुमार भारती ने बांका के सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार से शिकायत की है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, प्रसूता की मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों तथा परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फाजिल्का में अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे छात्रों ने आवश्यक प्रमाण पत्र जारी न होने के विरोध में मंगलवार को फाजिल्का-फिरोजपुर फ्लाईओवर पर हाईवे जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सड़क पर लेटकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर रोष जताया। हाईवे जाम होने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट कराया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों कुलदीप सिंह और कुलविंदर सिंह ने बताया कि वे पिछले करीब ढाई महीने से अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया 19 अगस्त से शुरू होने वाली है। भर्ती में आवेदन और दस्तावेज सत्यापन के लिए उन्होंने जाति प्रमाण पत्र, रेजिडेंस सर्टिफिकेट और अन्य जरूरी दस्तावेजों के लिए आवेदन किया था, लेकिन अब तक उन्हें प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए हैं। छात्र बोले- उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा छात्रों का आरोप है कि पिछले चार से पांच दिनों से वे संबंधित सरकारी कार्यालयों के लगातार चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा। उन्होंने तहसीलदार कार्यालय के कुछ कर्मचारियों पर दुर्व्यवहार करने के आरोप भी लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्या को लेकर डिप्टी कमिश्नर से भी मुलाकात की, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए तो वे अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने से वंचित रह सकते हैं। उनका कहना है कि इससे उनके भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्रों से बातचीत कर मामला शांत कराने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से उनके दस्तावेज प्राथमिकता के आधार पर जारी करने की मांग की है।
कानपुर में बीजेपी उत्तर 13 अगस्त को कानपुर में तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा फूलबाग स्थित गांधी प्रतिमा से शुरू होकर बिरहाना रोड होते हुए घंटाघर स्थित भारत माता प्रतिमा तक पहुंचेगी। भाजपा ने इस यात्रा में 5 हजार से ज्यादा लोगों को शामिल करने का लक्ष्य रखा है। यात्रा की तैयारियों को लेकर मंगलवार को नवीन मार्केट स्थित भाजपा कार्यालय में बैठक हुई। बैठक में हर घर तिरंगा और तिरंगा यात्रा अभियान के संयोजक अभिनव दीक्षित और भाजपा उत्तर जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने युवाओं को यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। शाम 3 बजे फूलबाग से शुरू होगी यात्राजिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने बताया कि 10 अगस्त से शहर में मंडल स्तर पर तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही हैं। इसी क्रम में 13 अगस्त को भाजपा उत्तर की ओर से बड़ी तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी।उन्होंने बताया कि यात्रा 13 अगस्त को शाम 3 बजे फूलबाग गांधी प्रतिमा से शुरू होगी। इसके बाद यात्रा बिरहाना रोड होते हुए घंटाघर स्थित भारत माता प्रतिमा पर पहुंचेगी, जहां इसका समापन किया जाएगा। राष्ट्रीय मंत्री महेंद्र सिंह करेंगे नेतृत्वभाजपा के राष्ट्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश के प्रभारी एवं पूर्व जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह यात्रा में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। तिरंगा यात्रा का नेतृत्व भी महेंद्र सिंह करेंगे। अब तक 1 लाख तिरंगे बांटेअनिल दीक्षित ने बताया कि मंगलवार तक तिरंगा यात्रा में शामिल होने वाले लोगों के बीच करीब 1 लाख तिरंगे वितरित किए जा चुके हैं। 13 अगस्त की यात्रा में 5 हजार लोगों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि लोगों में तिरंगा यात्रा को लेकर उत्साह दिखाई दे रहा है। ऐसे में उम्मीद है कि तय लक्ष्य से ज्यादा लोग यात्रा में शामिल होंगे।बैठक में ये पदाधिकारी रहे मौजूदतैयारी बैठक में जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित और अभियान संयोजक अभिनव दीक्षित के अलावा भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व जिला संयोजक अक्षय त्रिवेदी और मीडिया प्रभारी अनुराग मौजूद रहे।
हरदोई में मिड-डे मील के खराब खाने का वीडियो सामने आया है। वीडियो में बच्चों की थाली में जले हुए चावल, बेहद पतली दाल और आलू की सब्जी दिखाई दे रही है। बीएसए प्रभात मिश्रा ने दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। वीडियो मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे का बताया जा रहा है। वीडियो में बच्चों को परोसे गए भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए। वीडियो में तहरी के दिन चावल के साथ सोयाबीन की बड़ी नहीं दिए जाने का भी दावा किया गया। मामला टड़ियावां विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय कोटरा का है। स्कूल में कुल 231 बच्चे रजिस्टर्ड हैं। इनमें करीब 30 आंगनबाड़ी के बच्चे शामिल हैं। रोजाना औसतन 170 बच्चे स्कूल आते हैं। सहायक शिक्षक ने लगाए थे आरोप वीडियो बनाने वाले सहायक शिक्षक विनोद कुमार ने प्रभारी प्रधानाचार्य राजेश कुमार पर मिड-डे मील में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। विनोद कुमार का दावा है कि मानक के अनुसार तहरी में सोयाबीन की बड़ी दी जानी चाहिए, लेकिन करीब दो साल से इसे भोजन में शामिल नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ बच्चियां दाल नहीं मिलने की शिकायत लेकर उनके पास पहुंची थीं। इसके बाद उन्होंने भोजन का वीडियो बनाया। शिक्षक ने पहले भी बीईओ, बीएसए और जिलाधिकारी से शिकायत करने का दावा किया। प्रधानाचार्य ने आरोपों को बताया गलत प्रभारी प्रधानाचार्य राजेश कुमार ने आरोपों को खारिज किया। उनका कहना है कि स्कूल में मानक के अनुसार पूरा राशन उपलब्ध कराया जाता है और राशन में किसी तरह की कटौती नहीं होती। उन्होंने कहा कि भोजन बनाते समय रसोइयों से पानी अधिक हो गया होगा। प्रधानाचार्य ने सहायक शिक्षक विनोद कुमार पर स्कूल का प्रभार लेने की कोशिश में विवाद खड़ा करने का आरोप भी लगाया। वहीं, अभिभावक गोरेलाल पाल ने भी भोजन की गुणवत्ता और स्कूल में पढ़ाई की व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। बीएसए ने खुद पहुंचकर की जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएसए प्रभात मिश्रा खुद प्राथमिक विद्यालय कोटरा पहुंचे। उन्होंने मिड-डे मील की गुणवत्ता, उपलब्ध राशन, भोजन वितरण व्यवस्था और अन्य संबंधित बिंदुओं की जांच की। जांच के बाद विभाग ने दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
13 अगस्त को लाल किला जाना पड़ सकता है भारी, बंद रहेंगे ये रास्ते; देखें रूट डायवर्जन की पूरी लिस्ट
स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले 13 अगस्त को लाल किले पर फुल ड्रेस रिहर्सल के कारण दिल्ली में व्यापक यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू रहेंगे।
कोटा की राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी (RTU) का फर्जी प्रोफेसर जयपुर में गिरफ्तार हुआ। जयपुर पुलिस ने सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर लोगों से लाखों रुपए की ठगी करने वाले शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी कभी खुद को राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी (RTU) का प्रोफेसर, कभी स्पेशल स्टाफ का पुलिसकर्मी और कभी नर्सिंग अधिकारी बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। RTU की ओर से आरोपी के खिलाफ कोटा के दादाबाड़ी थाने में भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आरोपी इंजीनियरिंग छात्रों को फेल विषयों में पास कराने, बैक और रिवेल का फॉर्म भरवाने तथा नंबर बढ़वाने का झांसा देकर रुपए ऐंठता था। मुहाना थाना पुलिस ने आरोपी अरुण शर्मा उर्फ आलू उर्फ दातार सिंह उर्फ सुनील शर्मा उर्फ इंजीनियर सुनील मीणा उर्फ विजय शर्मा (33) निवासी कागदीवाड़ा, ब्रह्मपुरी जयपुर को गिरफ्तार किया है। फेसबुक पर फर्जी प्रोफेसर बनकर भेजता था फ्रेंड रिक्वेस्ट डीसीपी दक्षिण राजर्षि राज ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले से नौकरी दिलाने, पुलिसकर्मी बनकर वसूली, मारपीट और धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं। जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद वह दोबारा ठगी की वारदातों में सक्रिय हो गया था। पूछताछ में आरोपी ने जयपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्र में करीब दो दर्जन ठगी और लूट की वारदातें करना स्वीकार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी फेसबुक पर ‘इंजीनियर सुनील मीणा’, ‘इंजीनियर सुनील शर्मा’ और ‘इंजीनियर विजय शर्मा’ के नाम से फर्जी आईडी बनाता था। इन आईडी से इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्रोफेसरों और छात्रों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजता था। प्रोफाइल में वह खुद को पूर्णिमा इंस्टीट्यूट का पूर्व छात्र और RTU में इंजीनियर-प्रोफेसर बताता था। प्रोफाइल पर किसी अन्य व्यक्ति की फोटो लगा रखी थी। बैक, रिवेल और नंबर बढ़वाने का देता था झांसा आरोपी बातचीत के दौरान छात्रों को RTU में बैक और रिवेल का फॉर्म भरवाने, नंबर बढ़वाने या विश्वविद्यालय से जुड़े अन्य काम करवाने का झांसा देता था। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में रुपए ट्रांसफर करवा लेता था। नौकरी लगवाने के नाम पर भी उसने कई लोगों से लाखों रुपए ठगे। रुपए लेने के बाद खुद ही बन जाता था फर्जी पुलिसकर्मी पुलिस के अनुसार आरोपी की ठगी का तरीका यहीं खत्म नहीं होता था। रुपए लेने के बाद वह पीड़ित का पता हासिल कर उसके घर पहुंच जाता था। वहां खुद को गांधी नगर थाने या स्पेशल स्टाफ का पुलिसकर्मी बताता था। वह पीड़ित से कहता कि जिस व्यक्ति को रुपए दिए हैं, वह अपराधी है और अब वह भी जेल जाएगा। गिरफ्तारी का डर दिखाकर आरोपी पीड़ित से दोबारा नकदी वसूल कर फरार हो जाता था। नर्सिंग अधिकारी बनकर भी की ठगी आरोपी ने कई लोगों को खुद को नर्सिंग अधिकारी बताकर सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया। वहीं सट्टा कारोबारियों को पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर खुद को स्पेशल स्टाफ का पुलिसकर्मी बताता और उनसे वसूली करता था। तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने पकड़ा मुहाना थाना प्रभारी मुकेश कुमार खारड़िया के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, फर्जी फेसबुक आईडी, मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। इसके बाद आरोपी की पहचान कर ब्रह्मपुरी क्षेत्र से उसे गिरफ्तार किया गया। 2.50 लाख से लेकर 20 हजार रुपए तक ठगे पूछताछ में आरोपी ने अलग-अलग लोगों से ठगी करना स्वीकार किया है। पुलिस के अनुसार उसने 2.50 लाख, 1.50 लाख, 1.21 लाख, 90 हजार, 62 हजार, 60 हजार, 50 हजार, 35 हजार, 25 हजार और 20 हजार रुपए सहित कई रकम ठगी है। पुलिस अब अन्य पीड़ितों की पहचान करने के साथ आरोपी के बैंक खातों और पुराने मामलों का रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।
कानपुर में जिला अस्पताल उर्सला में जाजमऊ निवासी रिमशा की इंप्लांट हटाने की सर्जरी के दौरान पैर की हड्डी टूटने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार को सपा विधायक हसन रूमी ने उर्सला अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन से मुलाकात की और बच्ची के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उर्सला अस्पताल में कूल्हे की रॉड निकलवाने आई 15 वर्षीय किशोरी के ऑपरेशन के दौरान सीनियर ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. सुनील गुप्ता की लापरवाही से जांघ की हड्डी टूट गई थी। इसके बाद डॉक्टर के भागने पर तीमारदारों ने उन्हें घेर लिया और काफी हंगामे और आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। बच्ची के इलाज की जानकारी ली विधायक हसन रूमी ने अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों से बच्ची के इलाज के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्ची से मिलकर हालचाल जाना। उन्होंने कहा कि रिमशा के परिवार को न्याय दिलाने और बच्ची के इलाज के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी की गई है। उन्होंने कहा कि अगर किसी मरीज के इलाज में लापरवाही बरती गई या उससे अनावश्यक धनराशि वसूली गई तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शामली के सदाशिव मंदिर में शिव महापुराण कथा:पांचवें दिन शिव-पार्वती विवाह प्रसंग पर झूमे श्रद्धालु
शामली के प्राचीन सदाशिव मंदिर में चल रही शिव महापुराण कथा के पांचवें दिन मंगलवार को शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का वर्णन किया गया। इस दौरान कथाव्यास पं. दिनेश पाठक ने भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह तथा भगवान कार्तिकेय द्वारा तारकासुर के वध की कथा सुनाई। कथा सुनकर श्रद्धालु भक्तिभाव में झूम उठे। पं. दिनेश पाठक ने बताया कि माता पार्वती की कठोर तपस्या पूरी होने के बाद देवताओं को तारकासुर राक्षस के अत्याचारों से मुक्ति की चिंता सताने लगी थी। देवताओं की प्रार्थना पर भगवान शिव ने माता पार्वती से विवाह किया। उनके पुत्र भगवान कार्तिकेय ने तारकासुर का वध कर देवताओं को भयमुक्त किया। कथाव्यास पं. दिनेश पाठक ने भगवान शिव के स्वरूप और उनके विवाह से जुड़े आध्यात्मिक संदेशों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भगवान शिव ने विवाह के बाद भी धर्म का त्याग नहीं किया। शरीर पर भस्म धारण करना संसार की नश्वरता का प्रतीक है, जबकि गले में नाग धारण करना उनके निर्भय स्वरूप और काल पर नियंत्रण को दर्शाता है। कथा के दौरान शिव-पार्वती विवाह की झांकी भी प्रस्तुत की गई। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर भगवान शिव और माता पार्वती का स्वागत किया। शिव बारात की महिमा सुनकर श्रद्धालु भक्तिभाव में झूम उठे और नृत्य करने लगे। मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और भगवान शिव के जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक महाराज सिंह के दामाद और नगर पालिका परिषद के चेयरमैन अरविंद संगल सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. हरिओम पाठक ने किया। आयोजन में कॉलोनीवासियों और श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा। सचिन, विलियम, निर्वाल, भम्पी वधवा, संजय बनाम और गोपाल तोमर समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने पहुंचे।
सीकर जिले के राजपूत समाज ने BJP से गहरी नाराजगी जताई है। आज राजपूत सभा की जिला इकाई की बैठक में समाज के लोगों ने सीकर भाजपा जिलाध्यक्ष पर राजपूत समाज के वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा का आरोप लगाया है। राजपूत सभा की बैठक में अध्यक्ष रामसिंह पिपराली ने कहा कि सीकर भाजपा जिलाध्यक्ष ने समाज को कमतर आंका है, इसका परिणाम आगामी निकाय चुनावों में दिया जाएगा। राजपूत समाज के जिला महामंत्री गजेंद्र सिंह राजावास ने बैठक में कहा कि सीकर जिले में हमेशा से BJP संगठन में राजपूत समाज को उचित पद मिलता रहा है। पहले जिला कार्यकारिणी में राजपूत समाज से कम से कम एक महामंत्री बनाया जाता था। वर्तमान जिलाध्यक्ष ने पदभार संभालने के बाद और मंडल अध्यक्षों की घोषणा के बाद कार्यकारिणी विस्तार में पहली बार समाज से किसी को महामंत्री नहीं बनाया। राजपूत सभा की महिला विंग अध्यक्ष बीनू शेखावत ने कहा कि लक्ष्मणगढ़ तहसील के बाटड़ानाऊ गांव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया गया कि लक्ष्मणगढ़ में पद खाली होने के बावजूद तहसील के एकमात्र राजपूत पटवारी का द्वेषतापूर्ण रवैये से नीमकाथाना ट्रांसफर कर दिया गया। समाज के सज्जन सिंह चिड़ासरा ने कहा कि नाराजगी का सबसे बड़ा कारण हाल ही में गठित जन अभाव अभियोग निराकरण समितियां हैं। जिला स्तरीय 10 सदस्यीय समिति में समाज का एक भी प्रतिनिधि शामिल नहीं किया गया। यही स्थिति उपखंड स्तरीय समितियों की है, जहां कुल 49 सदस्यों में से राजपूत समाज के एक भी कार्यकर्ता को स्थान नहीं मिला। अमर सिंह दीनवा ने कहा कि सोशल मीडिया पर शेयर हो रही लक्ष्मणगढ़, रींगस और रामगढ़ शेखावाटी की सूचियों को लेकर जब राजपूत सभा के प्रतिनिधियों ने पूर्व विधायकों, पूर्व लोकसभा प्रत्याशियों और क्षेत्रीय महामंत्री से बात की, तो सामने आया कि इन सूचियों को बनाने में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों से राय तक नहीं ली गई। राजपूत सभा ने स्पष्ट किया है कि यदि जिलाध्यक्ष को पदमुक्त नहीं किया गया, विवादित सूचियों को रद्द नहीं किया गया और आगामी सूचियों पर रोक नहीं लगाई गई तो राजपूत समाज BJP के खिलाफ कड़ा रुख अपनाएगा। समाज के नेताओं को संगठन में उचित प्रतिनिधित्व ना मिलने पर आने वाले नगर निकाय और पंचायत चुनावों में भाजपा को इसके गंभीर राजनीतिक परिणाम भुगतने पड़ेंगे। इस मौके पर हेम सिंह धमोरा, तेज सिंह बगड़ी, भवानी सिंह सामी, बाल सिंह मुड़वारा, गिरधारी सिंह हीरना, भवानी सिंह, विश्वदीप सिंह नरुका और जैनेंद्र सिंह ठिमोली समेत राजपूत समाज के काफी लोग मौजूद थे।
देवास के कन्नौद क्षेत्र के 150 से ज्यादा किसानों ने मंगलवार को लंबित फसल बीमा राशि को लेकर कलेक्टर कार्यालय में प्रदर्शन किया। किसान जनसुनवाई में शिकायत लेकर पहुंचे थे। मुहाई, भिलाई, नादौन, डाबरी और कोलारी बड़ा खेत समेत कई गांवों के किसानों ने 2023, 2024 और 2025 की फसल बीमा राशि जारी करने की मांग की। किसानों ने प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। समाधान नहीं होने पर चक्काजाम और आंदोलन की चेतावनी दी है। किसानों ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसलों का बीमा कराया था। प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलें खराब हुईं, लेकिन उन्हें अब तक बीमा राशि का लाभ नहीं मिला। किसानों ने आरोप लगाया कि वे बैंक, कृषि विभाग और बीमा कंपनी से संपर्क करते रहे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्हें आश्वासन ही मिलते रहे। 15 दिन का अल्टीमेटम, चक्काजाम की चेतावनी किसानों ने प्रशासन से 2023, 2024 और 2025 की लंबित फसल बीमा राशि का जल्द भुगतान कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि 15 दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे सड़क पर उतरकर चक्काजाम और आंदोलन करेंगे।इसी जनसुनवाई में ग्राम मोहाई के ग्रामीणों ने भी अलग समस्या रखी। उन्होंने बताया कि उनका गांव ग्राम पंचायत भिलाई के अंतर्गत आता है, लेकिन शासकीय पोर्टल पर गांव की जानकारी गलत दर्ज है। ग्रामीणों के मुताबिक, पोर्टल पर दर्ज गलत जानकारी के कारण उन्हें शासकीय योजनाओं, दस्तावेजों और ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े काम में परेशानी हो रही है। उन्होंने कलेक्टर से पोर्टल में दर्ज जानकारी तत्काल ठीक कराने और स्थायी समाधान की मांग की। डिप्टी कलेक्टर बोले- कृषि विभाग के जरिए शासन को भेजेंगे डिप्टी कलेक्टर कन्हैयालाल तिलवारी ने बताया कि किसानों ने ज्ञापन दिया है। उन्होंने कहा कि मामले को कृषि विभाग के माध्यम से शासन स्तर पर भेजा जाएगा।
पंजाब के गुरदासपुर जिले में बिजली विभाग द्वारा लगाए जा रहे नए 'चिप वाले (स्मार्ट) मीटरों' के खिलाफ किसान संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। विभिन्न गांवों में इन मीटरों को लगाने का पुरजोर विरोध किया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन अब केवल रोकने तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि जिन घरों में यह मीटर पहले ही इंस्टॉल किए जा चुके हैं, किसान अब उन्हें जबरन हटवाने पर उतर आए हैं। बथवाला गांव में किसान यूनियन का एक्शन इसी कड़ी में आज गुरदासपुर के गांव बथवाला और उसके आसपास के कई अन्य गांवों में ग्रामीणों की भारी शिकायतों के बाद किसान यूनियन ने बड़ा कदम उठाया। किसान नेता इंदरपाल सिंह बैंस की अगुवाई में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर कई उपभोक्ताओं के घरों के बाहर लगे चिप वाले मीटरों को अपने स्तर पर ही पोल और दीवारों से उतरवा दिया। 'जबरदस्ती थोपे जा रहे मीटर, बिलों में भारी उछाल' चिप वाले मीटरों को हटवाने की इस सीधी कार्रवाई के पीछे उपभोक्ताओं का आर्थिक नुकसान बताया जा रहा है। किसान नेता इंदरपाल सिंह बैंस का आरोप है कि बिजली विभाग द्वारा ये नए चिप वाले मीटर आम जनता पर जबरदस्ती थोपे जा रहे हैं। जिन-जिन गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के घरों में ये मीटर लगाए गए हैं, वहां बिजली की खपत पहले जैसी होने के बावजूद इस महीने का बिल कई गुना बढ़कर आया है। यह सीधे तौर पर जनता की जेब पर डाका है। आगे भी जारी रहेगी मीटर हटाओ मुहिम किसान नेता ने बिजली विभाग को दो टूक चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया कि जो भी ग्रामीण या उपभोक्ता बढ़े हुए बिलों की समस्या को लेकर किसान यूनियन से संपर्क करेगा, उनके घरों से इन विवादित मीटरों को तुरंत हटवा दिया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि जब तक सरकार और विभाग इस व्यवस्था को ठीक नहीं करते, तब तक किसानों की यह 'मीटर हटाओ मुहिम' इसी तरह आगे भी आक्रामक रूप से जारी रहेगी। इस घटना के बाद से ग्रामीण इलाकों में बिजली विभाग के कर्मचारियों और किसान संगठनों के बीच टकराव बढ़ने की आशंका गहरा गई है।
नूंह शहर थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपनी 31 वर्षीय बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने और घर से लाखों की नकदी और सोने-चांदी के आभूषण गायब होने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में पिता ने बताया कि उनकी बेटी 9 अगस्त की शाम करीब सात बजे अचानक घर से लापता हो गई। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। शिकायतकर्ता का आरोप है कि नूंह शहर के वार्ड नंबर-8 निवासी शाहिर, जो शादीशुदा है और आठ बच्चों का पिता बताया गया है, उनकी बेटी को कथित तौर पर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। 10 लाख की एफडी भी ले गई युवती पिता के अनुसार, बेटी के घर से जाने के बाद करीब 10 लाख रुपए की दो एफडी, लगभग 1.50 लाख नकद और सोने-चांदी के आभूषण भी गायब मिले। परिजनों को आशंका है कि आरोपी ने रुपए और आभूषण हड़पने के इरादे से युवती को अपने साथ ले जाया है। परिवार ने पुलिस से बेटी को जल्द बरामद करने और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शहर थाना प्रभारी कुलदीप ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस युवती की तलाश कर रही है और लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है।
वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत:हाथरस-मथुरा रोड पर हादसा, पुलिस वाहन की तलाश में जुटी
हाथरस में मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। हादसा हाथरस गेट कोतवाली क्षेत्र में मथुरा रोड पर नगला नंदू के पास हुआ। युवक को गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है। पीछे से वाहन ने बाइक में मारी टक्कर मृतक की पहचान 36 वर्षीय राजेंद्र सिंह पुत्र मवासीराम निवासी ढेंगरा, थाना मुरसान के रूप में हुई है। राजेंद्र नल की बोरिंग आदि का काम करते थे। मंगलवार शाम वह मुरसान से बाइक से हाथरस की ओर आ रहे थे। नगला नंदू के पास पीछे से आए किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही राजेंद्र सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और पुलिस को सूचना दी गई। अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल राजेंद्र को जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कुछ देर बाद राजेंद्र के परिजन भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने शव की पहचान की। पुलिस अब हादसे के लिए जिम्मेदार अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश कर रही है। चार बच्चों को छोड़ गए राजेंद्र राजेंद्र सिंह की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। वह अपने पीछे चार बच्चों को छोड़ गए हैं। अचानक हुए हादसे से परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
नालंदा के परवलपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत अलांवा पंचायत के लढ़ुआरी मठियापर गांव में मंगलवार को 24 साल की विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला का शव उसके घर में फंदे से लटकता मिला। मृतका की पहचान गांव के ही पिंटू कुमार की पत्नी प्रीति कुमारी के रूप में हुई है। घटना के पीछे पति के अवैध संबंध को लेकर चल रहा विवाद मुख्य कारण बताया जा रहा है। मायके वालों की शिकायत पर पुलिस ने हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर आरोपित प्रेमिका को गिरफ्तार कर लिया है। अवैध संबंध को लेकर पति-पत्नी में होता था विवाद ग्रामीणों और परिजनों के अनुसार, प्रीति के पति पिंटू कुमार का गांव की ही एक अन्य शादीशुदा महिला के साथ शादी से पहले से ही अवैध संबंध था। पिंटू चेन्नई में मजदूरी करता था और 10 दिन पहले ही गांव लौटा था। मृतका की (चाची सास) संजू देवी ने बताया कि प्रीति अक्सर अपने पति को उस महिला से मिलने और उसके घर जाने से मना करती थी, जिसका वह विरोध करती थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता रहता था। प्रेमिका के घर जाकर हुआ था विवाद संजू देवी ने बताया कि घटना की सुबह भी प्रीति अपने पति को बुलाने के लिए उस प्रेमिका के घर गई थी। वहां दोनों के बीच जमकर मारपीट और हाथापाई हुई। इसके बाद प्रीति अपने घर लौट आई। कुछ ही देर बाद उसका शव घर में फंदे से लटकता मिला। मृतका की एक बेटी भी है। प्रीति का मायका जहानाबाद जिले के हुलासगंज थाना क्षेत्र के रुस्तमपुर गांव में है। पति सहित चार पर हत्या की प्राथमिकी, प्रेमिका गिरफ्तार घटना की सूचना मिलते ही परवलपुर थानाध्यक्ष रौशन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में ले लिया। मृतका के मायके वालों ने पति और उसके सहयोगियों पर हत्या कर शव को फंदे से लटकाने का आरोप लगाया है। थानाध्यक्ष रौशन कुमार ने बताया कि मायके पक्ष के आवेदन के आधार पर पति समेत कुल चार लोगों के खिलाफ हत्या की नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित प्रेमिका को गिरफ्तार कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस मामले की सभी बिंदुओं पर गहन छानबीन कर रही है और फरार आरोपितों की तलाश जारी है।
किशनगंज के टेंगरमारी गांव में मंगलवार को रमजान नदी में नहाने के दौरान 15 वर्षीय राहुल अंसारी की डूबने से मौत हो गई। राहुल टेंगरमारी गांव के वार्ड संख्या-03 निवासी खतेबुल अंसारी का पुत्र था। मिली जानकारी के अनुसार, राहुल अंसारी टेंगरमारी और काशीपुर के बीच बहने वाली रमजान नदी में नहाने गया था। नहाते समय वह गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत परिजनों और स्थानीय लोगों को इसकी सूचना दी। घटना की जानकारी अंचलाधिकारी राहुल कुमार को भी दी गई, जिसके बाद प्रशासन ने एसडीआरएफ टीम को सूचित किया। हालांकि, एसडीआरएफ टीम के पहुंचने से पहले ही स्थानीय गोताखोरों ने नदी में राहुल की तलाश शुरू कर दी थी। काफी मशक्कत के बाद स्थानीय गोताखोर राहुल अंसारी को पानी से बाहर निकालने में सफल रहे। परिजनों ने बताया कि नदी से बाहर निकालने के समय राहुल की सांस चल रही थी। इसके बाद परिजन उसे तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल ले गए। सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद राहुल अंसारी को मृत घोषित कर दिया। किशोर की मौत की खबर मिलते ही परिवार में दुख छा गया। घटना की सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस भी सदर अस्पताल पहुंची। पुलिस ने आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया और फिर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने नदी में नहाने के दौरान सावधानी बरतने और गहरे पानी वाले स्थानों से दूर रहने की अपील की है।
भारत में व्हाट्सएप के माध्यम से भी पुलिस थाने में FIR दर्ज करवा सकते हैं
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गाजीपुर के कासिमाबाद स्थित सोनबरसा गांव की चौहान बस्ती के ग्रामीण मंगलवार को नाली निर्माण और जल निकासी की समस्या को लेकर करीब साढ़े सात घंटे तक ब्लॉक मुख्यालय पर धरने पर बैठे रहे। मंगलवार दोपहर 12 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन शाम करीब 7:30 बजे जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ। डीएम ने एसडीएम को बुधवार से नाली निर्माण का काम शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। बारिश के बीच धरने पर डटे रहे ग्रामीण बीडीसी ओमप्रकाश यादव के नेतृत्व में दोपहर करीब 12 बजे धरना शुरू हुआ। इसमें 25 से 30 ग्रामीण शामिल हुए, जिनमें 5-6 महिलाएं भी थीं। बारिश के बावजूद ग्रामीण अपनी मांग को लेकर ब्लॉक मुख्यालय पर डटे रहे। 50-60 घरों के सामने जलभराव की समस्या ग्रामीणों के मुताबिक, चौहान बस्ती के करीब 50 से 60 घरों के नाबदान और बारिश के पानी की निकासी पहले नाली के जरिए होती थी। नाली निर्माण को लेकर हुए विवाद के बाद जल निकासी बाधित हो गई। बारिश होते ही बस्ती में पानी जमा हो जाता है, जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सार्वजनिक जमीन पर कब्जे का आरोप ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में गाटा संख्या 277 की गड्ढी/आबादी और सार्वजनिक जमीन पर कथित कब्जे का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक जमीन पर किए गए कथित अवैध निर्माण के कारण नाली निर्माण में बाधा आ रही है। उन्होंने मौके की जांच, जमीन की पैमाइश और नाली निर्माण कराने की मांग की। अधिकारियों ने समझाने का किया प्रयास धरने की जानकारी मिलने पर खंड विकास अधिकारी ने ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी समस्या समझने का प्रयास किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे तत्काल नाली निर्माण शुरू कराने की मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि नाली बनने के बाद ही जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा। डीएम ने मौके पर पहुंचकर सुनी समस्या करीब छह घंटे बाद शाम 6 बजे जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला कासिमाबाद ब्लॉक मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने धरने पर बैठे ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने उन्हें नाली निर्माण में आ रही कथित बाधा और जलभराव की स्थिति से अवगत कराया। बुधवार से नाली निर्माण के निर्देश डीएम ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया और एसडीएम को निर्देश दिए कि बुधवार से ही नाली निर्माण का काम शुरू कराया जाए। उन्होंने कहा कि जल निकासी की समस्या के कारण ग्रामीणों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। डीएम के आश्वासन के बाद ग्रामीणों में संतोष नजर आया। करीब साढ़े सात घंटे चले धरने को शाम 7:30 बजे ग्रामीणों ने समाप्त कर दिया। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि बुधवार से नाली निर्माण शुरू होने के बाद बस्ती में जलभराव की समस्या का समाधान हो सकेगा।
साढ़े तीन साल की मासूम अनिका की जिंदगी इन दिनों करोड़ों रुपए के इलाज की चुनौती के बीच अटकी हुई है। वह Spinal Muscular Atrophy (SMA) Type-2 जैसी दुर्लभ बीमारी से जूझ रही है। बीमारी के इलाज के लिए जरूरी इंजेक्शन की कीमत करीब 9.55 करोड़ रुपए है। इतनी बड़ी रकम जुटाना परिवार के लिए लगभग असंभव था, लेकिन बेटी की जिंदगी बचाने की उम्मीद में परिवार के साथ सामाजिक संस्थाएं और मददगार भी आगे आए। कई महीनों की कोशिशों के बाद करीब 8 करोड़ रुपए की क्राउडफंडिंग जुटाई जा चुकी है। अब अनिका के इलाज की इस लड़ाई में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच अब उम्मीद की एक नई किरण बनकर सामने आई है। मामले में एडवोकेट चंचल गुप्ता और लखन शर्मा की ओर से दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने अनिका की स्थिति को देखते हुए सरकार से मौजूदा 50 लाख रुपए की सहायता से आगे भी आर्थिक मदद की संभावनाएं तलाशने की अपेक्षा की है। इलाज 9.55 करोड़ का, सरकारी सहायता की सीमा 50 लाख सुनवाई के दौरान AIIMS की ओर से बताया गया कि दुर्लभ बीमारी से पीड़ित बच्चों के लिए संबंधित योजना के तहत अधिकतम 50 लाख रुपए तक की सहायता उपलब्ध है। केंद्र सरकार इलाज संभव होने की स्थिति में यह सहायता देने को तैयार है लेकिन अनिका के इलाज की अनुमानित लागत करीब 9.55 करोड़ रुपए है। ऐसे में 50 लाख रुपए की सहायता उसके इलाज की पूरी जरूरत के मुकाबले काफी कम है। इसी वजह से अब कोर्ट के सामने सबसे बड़ी चुनौती बाकी रकम की व्यवस्था को लेकर है। बेटी के लिए लोगों ने खोला मदद का हाथ, जुटे करीब 8 करोड़ अनिका के परिवार की अपील पर विभिन्न गैर-सरकारी संस्थाओं और चैरिटी संगठनों के माध्यम से करीब 8 करोड़ रुपये जुटाए जा चुके हैं। यह रकम फिलहाल संबंधित संस्थाओं के पास है। यानी अनिका के इलाज के लिए उम्मीद की सबसे बड़ी डोर अब भी लोगों की मदद से जुड़ी हुई है। अब यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि यह राशि इलाज के लिए समय पर उपलब्ध हो सके और बाकी रकम की भी व्यवस्था हो जाए। कोर्ट ने कहा इसे असाधारण मामला मानकर रास्ता तलाशे अनिका की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने सरकार से इस मामले को असाधारण मामला (Exceptional Case) मानकर 50 लाख रुपये से अधिक अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की संभावना तलाशने की अपेक्षा की है। कोर्ट ने राज्य सरकार के लिए भी इलाज के लिए आर्थिक सहायता के दूसरे रास्ते तलाशने की गुंजाइश रखी है। कोर्ट ने अगली सुनवाई से पहले उन सभी संस्थाओं का विवरण और उनकी सहमति से जुड़े दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए हैं, जिन्होंने अनिका के इलाज के लिए राशि जुटाई है। Novartis का Invoice आते ही AIIMS में जमा होगी रकम कोर्ट के सामने यह भी स्पष्ट करना होगा कि जिन संस्थाओं के पास क्राउडफंडिंग की रकम है, वे Novartis का invoice जारी होने पर संबंधित राशि AIIMS में जमा करने के लिए तैयार हैं या नहीं यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि करीब 8 करोड़ रुपये जुटने के बावजूद इलाज की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए राशि की उपलब्धता और उसके उपयोग की औपचारिकता पूरी होना जरूरी है। अब नजर 18 अगस्त की सुनवाई पर अनिका के इलाज के लिए अनुमानित 9.55 करोड़ रुपये की जरूरत है। इसमें करीब 8 करोड़ रुपये क्राउडफंडिंग से जुटाए जा चुके हैं, जबकि केंद्र की ओर से संभावित 50 लाख रुपए की सहायता भी मिलने की उम्मीद है। इसके बाद भी इलाज के लिए शेष रकम की व्यवस्था करना चुनौती बनी हुई है। मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्तको होगी। उस दिन जुटाई गई रकम, संबंधित संस्थाओं की सहमति और इलाज के लिए बची राशि की व्यवस्था पर विचार किया जाएगा। साढ़े तीन साल की अनिका के लिए यह सिर्फ करोड़ों रुपए जुटाने की लड़ाई नहीं है। यह उस मासूम की जिंदगी बचाने की कोशिश है, जिसकी बीमारी के सामने उसके परिवार की आर्थिक क्षमता छोटी पड़ गई। लेकिन लोगों की मदद से जुटी रकम और अब हाईकोर्ट की पहल ने इस मुश्किल लड़ाई में परिवार को उम्मीद की एक नई वजह जरूर दी है। ये खबर भी पढ़ें… अनिका के लिए लगातार संघर्ष कर रहे माता-पिता इंदौर की मासूम अनिका को दुर्लभ बीमारी से बचाने के लिए माता-पिता लगातार संघर्ष कर रहे हैं। जगह-जगह वह लोगों के साथ मिलकर क्राउड फंडिंग यहां तक की जिन लोगों से मदद की उम्मीद है उनके यहां तक पहुंच रहे हैं। अनिका की मां सरिता शर्मा और पिता प्रवीण शर्मा लगातार अपनी बेटी को बीमारी से बचाने के लिए रात-दिन लगे हुए हैं।पूरी खबर पढ़ें
मधेपुरा सिविल कोर्ट में 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियां तेज हो गई हैं। बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) सभागार में बैंक अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता डीएलएसए की सचिव-सह-सीनियर जज पूजा कुमारी साह ने की। पूजा कुमारी साह ने बताया कि लोक अदालत में सुलहनीय आपराधिक मामले, चेक बाउंस, बैंक लोन, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण, राजस्व, बिजली-पानी, सेवानिवृत्ति से संबंधित और अन्य सिविल मामलों का निपटारा सुलह के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लोक अदालत द्वारा दिए गए एवार्ड को सिविल कोर्ट की डिग्री के समान कानूनी मान्यता प्राप्त है। इस लोक अदालत के लिए कुल 5,058 लोगों को नोटिस भेजने की तैयारी है। जिले के 18 थाना क्षेत्रों में सुलहनीय मामलों से जुड़े 1,522 लोगों को नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिनमें से 168 नोटिस का तामिला हो चुका है और 1,354 लंबित हैं। इसके अतिरिक्त, बैंक लोन और अन्य बैंकिंग मामलों में 3,754 लोगों को नोटिस भेजे जाएंगे। स्थायी लोक अदालत में ट्रैफिक मामलों के निष्पादन की तैयारी भी शुरू हो गई है। ट्रैफिक उल्लंघन मामलों की भी सुनवाई अध्यक्ष-सह-पूर्व जिला जज अजीत कुमार मिश्र की अध्यक्षता में हुई बैठक में 31 मार्च 2026 तक के लंबित ई-चालान मामलों के निपटारे पर चर्चा की गई। बिना हेलमेट, ट्रिपल लोडिंग, सीट बेल्ट नहीं लगाने, नो-पार्किंग और नंबर प्लेट से छेड़छाड़ जैसे ट्रैफिक उल्लंघन के मामलों का भी लोक अदालत में निपटारा किया जाएगा।
बदायूं के भगवान नीलकंठ महादेव बनाम जामा मस्जिद मामले में मंगलवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के बीच करीब 20 मिनट तक बहस हुई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने अगली तारीख 13 अगस्त तय की है। उस दिन सुबह 10:30 बजे से मामले की सुनवाई होगी। जामा मस्जिद की इंतजामिया कमेटी की ओर से अधिवक्ता अनवर आलम और असरार अहमद कोर्ट में मौजूद रहे। वहीं नीलकंठ महादेव पक्ष से अधिवक्ता वेदप्रकाश साहू, नंदकिशोर गुप्ता, प्रेम स्वरूप वैश्य और विवेक रेंडर ने पैरवी की। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का दिया हवाला नीलकंठ महादेव पक्ष के अधिवक्ता वेदप्रकाश साहू के मुताबिक, बहस के दौरान इंतजामिया कमेटी के वकील ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए मामले की सुनवाई पर रोक लगाने की मांग की। इसके जवाब में हिंदू पक्ष ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में इस मामले की पोषणीयता यानी सुनवाई योग्य होने को लेकर कोई निर्देश नहीं है।इस पर कोर्ट ने इंतजामिया कमेटी को सुप्रीम कोर्ट का लिखित आदेश पेश करने का निर्देश दिया है। मुस्लिम पक्ष ने सुनवाई रोकने के लिए दिया आवेदन इंतजामिया कमेटी के अधिवक्ता असरार अहमद ने बताया कि उनकी ओर से कोर्ट में आवेदन देकर मामले की सुनवाई रोकने का अनुरोध किया गया है। उनका तर्क है कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश अभी प्रभावी है और उसके तहत निचली अदालतों में इस तरह के मामलों की सुनवाई नहीं की जा सकती। 2022 में कोर्ट पहुंचा था मामला यह मामला वर्ष 2022 में न्यायालय पहुंचा था। अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश पटेल इस मुकदमे के मुख्य वादी हैं। हिंदू पक्ष का दावा है कि वर्तमान जामा मस्जिद परिसर में पहले नीलकंठ महादेव का मंदिर था, जिसे आक्रमणकारियों ने मस्जिद में बदल दिया। हिंदू पक्ष का यह भी दावा है कि वहां से प्राप्त शिवलिंग वर्तमान में शहर के दरीबा मंदिर में स्थापित है। इस मामले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की रिपोर्ट भी पहले न्यायालय में दाखिल की जा चुकी है। मुस्लिम पक्ष का दावा- यहां हमेशा से मस्जिद थी मामले में फिलहाल मुस्लिम पक्ष की ओर से बहस जारी है। इंतजामिया कमेटी का दावा है कि संबंधित स्थान पर हमेशा से मस्जिद ही रही है और वहां किसी मंदिर के अस्तित्व का कोई प्रमाण नहीं है। मुस्लिम पक्ष की ओर से यह भी तर्क दिया जा रहा है कि मामला सुनवाई योग्य नहीं है। अब 13 अगस्त को होने वाली सुनवाई में इंतजामिया कमेटी की ओर से सुप्रीम कोर्ट का लिखित आदेश पेश किया जाएगा। इसके बाद कोर्ट इस संबंध में आगे की कार्यवाही पर विचार करेगा।
दिल्ली मेट्रो एआई-आधारित तकनीक का उपयोग करके परिचालन, यात्री सेवाओं और रखरखाव में सुधार कर रही है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। 'पूछो चेतना' चैटबॉट जैसी पहल से जानकारी प्राप्त करना और शिकायतों का समाधान करना आसान हो गया है।
लुधियाना के जगराओं के व्यस्ततम इलाके तहसील चौक के पास स्थित एक लॉटरी स्टॉल पर मंगलवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब ₹3 लाख के इनाम की राशि को लेकर एक ग्राहक और दुकानदार आमने-सामने आ गए। इनाम न मिलने से नाराज ग्राहक ने स्टॉल पर जमकर बवाल काटा, जिसे देखने के लिए मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मामले में धोखाधड़ी और टिकट रद्दीकरण के गंभीर आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं। गांव मेहतपुर के रहने वाले गुरशरणजीत सिंह ने लॉटरी स्टॉल संचालक पर उनका ₹3 लाख का इनाम हड़पने का सीधा आरोप लगाया है। गुरशरणजीत सिंह के अनुसार वे पिछले 6 महीनों से सिधवां बेट में इसी दुकानदार के बेटे द्वारा संचालित लॉटरी स्टॉल से ऑनलाइन लॉटरी के नंबर चुन रहे थे और समय-समय पर टिकटों के पैसे भी ऑनलाइन ट्रांसफर या नकद देते रहे हैं। इनाम निकलते ही आया कैंसिलेशन मैसेज इस बार भी उन्होंने ऑनलाइन लॉटरी के लिए अपने नंबर चुने थे। बाद में जब उन्हें पता चला कि उनके चुने हुए नंबरों पर ₹3 लाख का बंपर इनाम निकला है, तो दुकानदार ने कथित तौर पर उन्हें एक मैसेज भेजा कि उनका टिकट रद्द (Cancel) कर दिया गया है। गुरशरणजीत का दावा है कि इनाम हड़पने की नीयत से दुकानदार ने टिकट खरीदने से संबंधित जो मैसेज पहले भेजे थे, उन्हें भी बाद में चैट से डिलीट (हटा) कर दिया। दुकानदार का पलटवार: ग्राहक ने टिकट के पैसे ही नहीं दिए दूसरी ओर, लॉटरी स्टॉल संचालक ने गुरशरणजीत सिंह के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। दुकानदार का कहना है कि हम ऑनलाइन लॉटरी टिकट नहीं बेचते हैं। ग्राहकों को केवल अपनी पसंद के नंबर चुनने के लिए लिस्ट भेजी जाती है। गुरशरणजीत सिंह ने नंबर तो जरूर चुने थे, लेकिन उन्होंने उस संबंधित टिकट को फाइनल बुक (खरीदा) नहीं किया था और न ही उस टिकट की निर्धारित राशि हमें दी थी। दुकानदार ने आगे दावा किया कि चूंकि गुरशरणजीत ने टिकट के पैसे नहीं दिए थे, इसलिए नियमानुसार वह टिकट किसी अन्य ग्राहक को बेच दिया गया था। अब इनाम निकलने के बाद वे जबरन पैसे ऐंठने के लिए हंगामा कर रहे हैं। जांच के बाद ही साफ होगी हकीकत फिलहाल इस मामले में दोनों ही पक्षों की तरफ से विरोधाभासी दावे किए जा रहे हैं। जहां एक तरफ पीड़ित ग्राहक ₹3 लाख की लॉटरी निकलने के बावजूद इनामी राशि न देकर धोखाधड़ी करने की बात कह रहा है, वहीं दुकानदार टिकट की खरीद-फरोख्त न होने की बात पर अड़ा है। चैट डिलीट होने और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के दावों के बीच अब इस मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस या संबंधित विभाग की निष्पक्ष जांच के बाद ही साफ हो पाएगी।
गुरुग्राम में एक फर्जी डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया है। मंगलवार को पुलिस ने बताया कि बिनौला गांव में बिना लाइसेंस क्लिनिक चलाने वाले मुकेश कुमार को सीएम फ्लाइंग स्क्वॉड और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त छापेमारी के बाद पकड़ा गया। टीम ने मौके से दवाएं और मेडिकल उपकरण जब्त किए हैं। सीएम फ्लाइंग स्क्वॉड के अधिकारियों को सूचना मिली थी कि मुकेश कुमार नामक व्यक्ति बिना लाइसेंस के मरीजों का इलाज कर रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए, सोमवार शाम को सीएमओ कार्यालय के चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप को सीएम फ्लाइंग स्क्वॉड के साथ छापेमारी में शामिल होने का निर्देश दिया गया। क्लिनिक में मरीजों का इलाज करते हुए मिला आरोपी सूचना के आधार पर, टीम बिनौला गांव में टेरी शॉप के पास स्थित सैनी क्लिनिक पहुंची। क्लिनिक में मुकेश कुमार मरीजों का इलाज करते हुए मिला। जब टीम ने उससे उसकी डिग्री और लाइसेंस मांगे, तो वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। निरीक्षण के दौरान, टीम को क्लिनिक से तीन बेड, एक स्टेथोस्कोप, एक ब्लड प्रेशर मशीन, एक थर्मामीटर, इंजेक्शन, दवाइयां, इस्तेमाल की हुई सिरिंज और सुई, अन्य मेडिकल उपकरण, प्रिस्क्रिप्शन स्लिप, लैब रिपोर्ट और क्लिनिक का रजिस्टर मिला। पुलिस ने एक डॉक्टर की मुहर भी जब्त की, जिसका कथित तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस ने आरोपी को किया अरेस्ट स्वास्थ्य विभाग की शिकायत के बाद, नकली डॉक्टर मुकेश कुमार के खिलाफ बिलासपुर पुलिस स्टेशन में एनएमसी अधिनियम की धारा 34 और बीएनएस की धारा 125 और 318 (4) के तहत एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच अधिकारी एएसआई राजेश कुमार ने बताया कि हम मामले की जांच कर रहे हैं और आरोपी से पूछताछ जारी है।
धार के सरदारपुर के ग्राम धुलेट निवासी हरिराम गेहलोत हत्याकांड में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर विरोध तेज हो गया है। घटना के 10 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज सर्वसमाज के लोगों ने मंगलवार को राजगढ़ में प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल के नेतृत्व में दोपहर करीब 2 बजे नगर पालिका परिसर से रैली निकाली गई। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए थाना राजगढ़ के सामने स्थित मैला मैदान पहुंची। यहां करीब दो घंटे तक धरना दिया गया। प्रदर्शन में हरिराम गेहलोत के परिजन, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी में देरी पर सवाल धरने को संबोधित करते हुए विधायक प्रताप ग्रेवाल ने मुख्य आरोपी भाजपा नेता और जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि देवा सिंगार की गिरफ्तारी में देरी पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि घटना को 10 दिन हो चुके हैं, लेकिन मुख्य आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उन्होंने सवाल किया कि जब कानून के हाथ लंबे बताए जाते हैं तो पुलिस आरोपी तक क्यों नहीं पहुंच पा रही है। कुक्षी विधायक सुरेंद्रसिंह हनी बघेल ने भी मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस विधायक इस मुद्दे को विधानसभा के आगामी सत्र में उठाएंगे। जिला कांग्रेस अध्यक्ष स्वतंत्र जोशी ने भी निष्पक्ष जांच और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। एसआईटी जांच और फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग प्रदर्शन के बाद सर्वसमाज की ओर से राज्यपाल, मुख्यमंत्री और पुलिस अधिकारियों के नाम एसडीएम अजमेरसिंह गौड़ को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मामले की एसआईटी जांच कराने, मृतक के मृत्यु पूर्व बयान को जांच में शामिल करने और गिरफ्तार आरोपी की उम्र की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई। इसके अलावा आरोपियों की संपत्ति की जांच और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग भी रखी गई। पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने और प्रकरण में अन्य धाराएं जोड़ने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। सर्वसमाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि हरिराम के परिवार को न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। देखें तस्वीरें…
स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के मद्देनजर कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मंगलवार को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) कानपुर सेंट्रल और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) कानपुर सेंट्रल ने संयुक्त रूप से स्टेशन परिसर में व्यापक सुरक्षा चेकिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान स्टेशन के संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई। सुरक्षा बलों ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संदिग्ध गतिविधियों और लावारिस वस्तुओं की जांच की। संदिग्ध वस्तु दिखने पर जांच की गई संयुक्त टीम ने स्टेशन के पार्सल ऑफिस, आरएमएस, सिटी साइड, सर्कुलेटिंग एरिया, वेटिंग हॉल और वीआईपी वेटिंग हॉल समेत अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की सघन जांच की। प्लेटफॉर्म और यात्रियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में भी जवानों ने निगरानी रखी। संदिग्ध व्यक्ति अथवा वस्तु दिखाई देने पर तत्काल जांच की गई। लगातार गश्त की जा रही अभियान के दौरान आरपीएफ और जीआरपी के अधिकारी व जवान पूरी सतर्कता के साथ स्टेशन परिसर में तैनात रहे। यात्रियों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ स्टेशन के विभिन्न हिस्सों में लगातार गश्त की गई। सुरक्षा बलों ने यात्रियों को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए विशेष सतर्कता बरती। अधिकारियों के मुताबिक स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर कानपुर सेंट्रल समेत प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। स्टेशन परिसर में आने-जाने वाले यात्रियों और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में भी इसी तरह के सघन चेकिंग अभियान चलाए जाएंगे। संदिग्ध चीज दिखे तो छुएं नहीं आरपीएफ और जीआरपी ने यात्रियों से अपील की है कि स्टेशन परिसर में कोई संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या लावारिस सामान दिखाई देने पर उसे छुएं नहीं और तत्काल इसकी सूचना रेलवे सुरक्षा बल अथवा जीआरपी को दें। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में यात्रियों से सहयोग की अपील की गई है।
चित्रकूट में श्रावण मास की हरियाली अमावस्या मेले में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने सीतापुर स्थित मंदाकिनी भवन में मेला ड्यूटी में तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की ब्रीफिंग की। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और सुगम दर्शन पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। एसपी ने निर्देश दिए कि सभी पुलिसकर्मी अपने निर्धारित ड्यूटी स्थल पर समय से पहुंचकर पूरी सतर्कता के साथ तैनात रहें। प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी के पास वायरलेस हैंडसेट और लाउड हेलर होना अनिवार्य किया गया है, ताकि आपात स्थिति में तत्काल सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा सके। जोनल और सेक्टर प्रभारी लगातार अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी और कार्यशैली की निगरानी करेंगे। मेले के दौरान मंदाकिनी नदी के स्नान घाटों, मंदिर परिसरों, पार्किंग स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी। संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। महिला श्रद्धालुओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए निर्धारित डायवर्जन प्लान का सख्ती से पालन कराया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए मेला क्षेत्र को 5 जोन और 15 सेक्टर में विभाजित किया गया है। ड्यूटी में 7 सीओ, 9 प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष, 27 निरीक्षक, 118 उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस, 3 यातायात उपनिरीक्षक और 3 एलआईयू उपनिरीक्षक शामिल हैं। इसके अलावा 367 हेड कांस्टेबल/कांस्टेबल नागरिक पुलिस, 76 महिला कांस्टेबल, 30 यातायात कर्मी और 14 एलआईयू कर्मी भी तैनात रहेंगे। सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए डॉग स्क्वायड, बीडीएस टीम, एसचेक टीम, पीएसी की एक प्लाटून और फ्लड कंपनी की एक प्लाटून को भी तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारी सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट के साथ समन्वय बनाकर मेला व्यवस्था संभालेंगे। ब्रीफिंग के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक पीयूष कांत राय सहित अन्य क्षेत्राधिकारी और मेला ड्यूटी में तैनात अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। एसपी अरुण कुमार सिंह ने सभी पुलिसकर्मियों को आपसी समन्वय और तत्परता के साथ ड्यूटी निभाने तथा श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम दर्शन कराने के निर्देश दिए।
बालाघाट जिले के बैगा आदिवासी अंचल मछुरदा के गठिया गांव में बीमारी से पीड़ित एक और 5 वर्षीय बच्ची मंगली मरकाम की मंगलवार को मौत हो गई। इसके साथ ही महामारी से मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। हालांकि, सीएमएचओ डॉ. परेश उपलप ने सोमवार को बोंदारी निवासी 16 वर्षीय बालक रूपल धुर्वे की मौत का कारण फूड पॉइजनिंग बताया है। बैगा आदिवासी क्षेत्र के अडोरी, कुंडेकसा, बोंदारी, कोरका और गठिया जैसे गांवों में फैली इस महामारी के कारण लगातार बच्चों के बीमार होने और मौतों ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मेडिकल टीम एक्टिव, फिर भी हो रहीं मौतें स्वास्थ्य अमला गांवों में तैनात है और आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं। इसके बावजूद महामारी से होने वाली मौतें रुक नहीं रही हैं। बच्चों में फैल रही इस बीमारी का कोई ठोस कारण अब तक सामने नहीं आया है। डॉक्टरों के अनुसार, पुणे भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह का पता चल पाएगा। वर्तमान में केवल मलेरिया, त्वचा रोग, खून की कमी और निमोनिया जैसी बीमारियों का इलाज किया जा रहा है। पूर्व सीएम ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र इस महामारी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक पत्र लिखा है। पत्र में कमलनाथ ने बैगा आदिवासी अंचल में बच्चों की मौत पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने लिखा है कि बैगा समाज एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील आदिवासी समुदाय है। ऐसे में बच्चों के लगातार बीमार होने और मृत्यु की घटनाओं को केवल सामान्य स्वास्थ्य समस्या मानकर नहीं छोड़ा जाना चाहिए। कमलनाथ ने प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं, पोषण, स्वच्छ पेयजल, संक्रमण की स्थिति और अन्य संभावित कारणों की गंभीरता से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि बीमारी की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। उन्होंने सरकार से इस मामले को संज्ञान में लेकर मानवीय संवेदनशीलता के साथ निष्पक्ष जांच कराने और पीड़ित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता राशि जारी करने का शीघ्र आदेश देने का आग्रह किया है। मौतों की वजह स्पष्ट नहीं बहरहाल घटना को लेकर जबलपुर मेडिकल कॉलेज से पहुंचे महामारी विशेषज्ञ डॉ. रविन्द्र विश्नोई ने सोमवार को दिए बयान में बताया था कि बच्चों की मौत के लिए कई फैक्टर वजह हो सकते हैं। दरअसल, शुरूआत में बच्चों के शरीर में दाने, बुखार, मुंह में झाले और बिना खाना छूट जाने और झटके जैसी शिकायतें हो रही थी। जिसको लेकर डॉ. विश्नोई बताते हैं कि बच्चों के शरीर में दाने जैसी बीमारी को देखते हुए, सैंपल जांच के लिए पुणे भेजे गए सैंपल रिपोर्ट के बाद ही बीमारी का पता चल पाएगा। वर्तमान में अभी भी 47 बच्चे, बैहर और बालाघाट जिला अस्पताल में भर्ती है। इन 7 बच्चों की हो चुकी मौत एक महीने में एक से 13 साल के 6 बच्चों की मौत हो गई। आखिरी 7 वें बच्चे मंगली मरकाम की मौत 11 अगस्त को हुई। जबकि इससे पहले 26 जून से 22 जुलाई तक बोंदारी निवासी भाई बहन लमनिन पिता समारू धुर्वे (13), साहिल पिता समारू धुर्वे (1), पूजा पिता चमरू धुर्वे (एक साल 9 माह) सचिन पिता चैनसिंह मरकाम (5) और कुंडेकसा निवासी प्रिती पिता नेहरू मरकाम (4) और 6 अगस्त को अरविंद पिता चैतु धुर्वे (4) की मौत हुई थी।
जयपुर में आयोजित तीसरे ऑल इंडिया काजू कन्वेंशन का सफलतापूर्वक समापन हुआ। ऑल इंडिया काजू एसोसिएशन (AICA) और इवेंटली ग्लोबल एडवाजरी की ओर से एपीईडीए के सहयोग से आयोजित इस कन्वेंशन में देशभर से काजू उद्योग से जुड़े 845 से अधिक डेलीगेट्स, 1000 से अधिक विजिटर्स और 100 से ज्यादा प्रदर्शकों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में काजू उद्योग की नई तकनीकों, प्रोसेसिंग, निर्यात, आधुनिकीकरण और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा हुई। कन्वेंशन में 100 से अधिक प्रदर्शकों ने काजू उद्योग से जुड़े नवीनतम उत्पाद, तकनीक और समाधान प्रदर्शित किए। वहीं काजू प्रोसेसिंग को आधुनिक बनाने वाली 10 नई मशीनरी तकनीकों का लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी किया गया। इससे उद्योग से जुड़े लोगों को नई तकनीकों को करीब से देखने और उनकी कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिला। इस बार कन्वेंशन में पहली बार आम उपभोक्ताओं को जोड़ने के उद्देश्य से ‘काजू महोत्सव’ का आयोजन किया गया। NDFCI के सहयोग से आयोजित इस पहल का उद्देश्य लोगों को काजू के पोषण, उपयोगिता और इसके अलग-अलग खाद्य प्रयोगों के बारे में जानकारी देना था। काजू महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण 8 सेलिब्रिटी शेफ्स रहे। शेफ्स ने काजू को अलग-अलग व्यंजनों में प्रयोग करते हुए 80 से अधिक इनोवेटिव डिशेज तैयार कर प्रस्तुत कीं। इस दौरान लोगों को यह देखने और समझने का अवसर मिला कि काजू का इस्तेमाल केवल मिठाइयों या स्नैक्स तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे कई तरह के आधुनिक और प्रयोगात्मक व्यंजनों में भी शामिल किया जा सकता है।
नीमच कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने जिलेभर से पहुंचे 81 आवेदकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को सभी आवेदनों पर समय-सीमा के भीतर नियमानुसार निराकरण करने के कड़े निर्देश दिए। एक साल में 3,793 (80.1%) का समाधान जिला प्रशासन के अनुसार, बीते एक वर्ष में जनसुनवाई के कुल 4,734 आवेदनों में से 3,793 (80.1%) का समाधान किया जा चुका है। वहीं, पिछले ढाई वर्षों में प्राप्त 11,483 मामलों में से 10,531 शिकायतों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया है। जनसुनवाई में एसडीएम पराग जैन, जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव और अपर कलेक्टर बी.एस. कलेश सहित जिला स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे। जनसुनवाई में पहुंचे यह प्रमुख मामले 15 साल से जर्जर सड़क और जलभराव (द्वारिकापुरी): द्वारिकापुरी कॉलोनी के रहवासियों ने बताया कि पिछले 15 वर्षों से सड़क और नाली निर्माण न होने से बारिश में कीचड़ और जलभराव की गंभीर समस्या हो रही है। निवासियों ने मौके का निरीक्षण कर स्थायी समाधान की मांग की। खरीफ 2025 की फसल बीमा राशि (जावद): ग्राम जगेपुर मीणा के किसानों ने बताया कि खरीफ 2025 की फसल खराबे का मुआवजा मिल चुका है, लेकिन बीमा राशि अब तक खातों में नहीं आई है, जिससे उन्हें आर्थिक तंगी झेलनी पड़ रही है। संबल योजना व अंत्येष्टि सहायता (भोलियावास): ग्राम भोलियावास निवासी सपना माली ने बताया कि उनके दिवंगत पति नरेंद्र माली संबल योजना में पंजीकृत थे। अप्रैल 2026 में हादसे में उनकी मृत्यु के बाद भी पंचायत चक्कर लगाने पर उन्हें योजना की राशि व अंत्येष्टि सहायता नहीं मिली है। स्कूल भवन को तोड़ने पर रोक की मांग: आम आदमी पार्टी के जिला प्रभारी इब्राहिम खान ने शासकीय माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-2 के भवन को तोड़े जाने की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच पूरी होने तक रोक लगाने संबंधी ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने स्पष्ट किया कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से मिलना चाहिए और प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बाड़मेर में उधारी के रुपए मांगने पर रिश्तेदारों ने सरकारी स्कूल में ड्यूटी कर लौट रहे टीचर पर हमला कर दिया, जिसमें हाथ-पैरों की हड्डियों तक टूट गई। घेरकर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया, जिसमें टीचर के कंधे, दोनों पैरों, कोहनी और पीठ की हड्डियां कई जगह से टूट गई। वे खून से लथपथ होकर बेहोश हो गए, जिसके बाद आरोपी उन्हें छोड़कर फरार हो गए। पूरी घटना वहां लगी एक दुकान के CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो मंगलवार को सामने आया है। घटना जिले के धनाऊ थाना क्षेत्र में 'वादिया की धोरे' के पास 7 अगस्त को दोपहर करीब डेढ़ बजे हुई। धनाऊ थानाधिकारी दीपसिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा है, जिसकी जांच की जा रही है। पहले देखिए- टीचर पर हमले की 2 तस्वीरें धोरों में से आए हमलावर, ताबड़तोड़ वार किएधनाऊ क्षेत्र के कितनोरिया निवासी आमिर खान ने पुलिस को सौंपी रिपोर्ट में बताया कि उनके पिता मोहमद अली(42) गवर्नमेंट स्कूल 'बसंत की बस्ती सारणों की नाडी' में टीचर हैं। 7 अगस्त को दोपहर करीब 1:30 बजे, वे स्कूल से अपनी ड्यूटी खत्म कर पैदल घर लौट रहे थे। इसी दौरान 'वादिया की धोरे' के पास बाइक पर आए मुराद, सफरा और चांदना ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने पहले मुंह बांधकर रेकी की और फिर पूरी प्लानिंग के साथ धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार, टीचर पर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया, जिसमें टीचर के कंधे, दोनों पैरों, कोहनी और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोग उन्हें तुरंत धनाऊ अस्पताल ले गए, जहां से उन्हें बाड़मेर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। एक्स-रे रिपोर्ट भी सामने आई हैं, जिसमें टीचर के हाथ और पैरों में हड्डियां कई जगह से टूटी हुई दिखाई दे रही हैं। फिलहाल टीचर का धोरीमन्ना के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। पीड़ित ने कहा- उधार दिए रुपए मांगने से नाराज थे रिश्तेदारपीड़ित मोहमद अली का कहना है कि उसने आरोपियों के परिवार को करीब डेढ़ साल पहले एक लाख रुपए उधार दिए थे, लेकिन आरोपी लौटा नहीं रहे थे। इस कारण मैंने समाज के लोगों से कहलवाया था, लेकिन वे इस बात से नाराज हो गए और मेरे ऊपर हमला कर दिया। हमलावार रिश्तेदारी में ही हैं। थानाधिकारी बोले- मामला पुरानी रंजिश का हैधनाऊ थानाधिकारी दीपसिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। प्राथमिक जांच के अनुसार, पीड़ित और आरोपी एक ही समाज के हैं और मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा हुआ है। पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।
रोहतास के गुप्ता धाम जा रहे दो श्रद्धालुओं की पहाड़ से गिरकर मौत, तीसरा दोस्त सदमे में
औरंगाबाद जिले के रहने वाले तीन दोस्त गुप्ता धाम के लिए निकले। रास्ते में दो दोस्तों की पहाड़ से गिरने से मौत हो गई। तीसरा दोस्त सदमे में है। पुलिस का कहना है कि दोनों की तबीयत खराब होने से मौत हो गई।
पश्चिम चंपारण के गौनाहा थाना क्षेत्र के काला पकड़ी गांव के समीप मंगलवार सुबह एक जामुन के पेड़ से एक महिला का शव लटका मिला। यह घटना पहकौल से काला पकड़ी जाने वाली मुख्य सड़क के पश्चिम स्थित बोरिंग सरेह में नागेश्वर काजी के गन्ने के खेत के पास हुई। मृतका की पहचान काला पकड़ी गांव के वार्ड संख्या 14 निवासी जमादार मांझी की 40 वर्षीय पत्नी रजनी देवी के रूप में हुई है। उनके एक पुत्र गोपी कुमार और एक पुत्री संतरेशा देवी हैं। रजनी देवी के गले में साड़ी का फंदा लगा हुआ था। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ग्रामीणों की सूचना पर एसआई मधु कुमारी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचीं और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच बेतिया भेज दिया है। घटना की सूचना मिलने पर एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लैब) की टीम भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल की बारीकी से जांच की। इसके बाद शव को पेड़ से नीचे उतारा गया। डीएसपी जयप्रकाश सिंह ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और मृतका के परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी ली। परिजन बोले- पट्टीदारों ने की थी मारपीट मृतका के परिजनों ने हत्या कर शव को पेड़ से लटकाने का आरोप लगाया है। परिजनों ने बताया कि सोमवार रात करीब आठ बजे पट्टीदार सकल मांझी, शंभू मांझी और सुकई मांझी ने रजनी देवी और उनकी पुत्री संतरेशा देवी के साथ मारपीट की थी। इस मारपीट की सूचना पर रात करीब 10 बजे 112 की टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। इसके बाद रजनी देवी अचानक घर से गायब हो गईं। परिजनों ने उनकी काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। मंगलवार सुबह ग्रामीणों ने उनका शव पेड़ से लटका देखा और पुलिस तथा परिजनों को इसकी सूचना दी। आवेदन मिलने पर कार्रवाई -थानाध्यक्ष मृतका के पति जमादार मांझी ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी की हत्या कर शव को पेड़ से लटका दिया गया है। हालांकि पुलिस ने अभी हत्या या आत्महत्या की पुष्टि नहीं की है।डीएसपी जयप्रकाश सिंह ने बताया कि परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। शव को पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच, बेतिया भेजा गया है। प्रभारी थानाध्यक्ष मधु कुमारी ने बताया कि परिजनों की ओर से अभी तक थाने में आवेदन नहीं दिया गया है। आवेदन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) के अंतर्गत बनने वाले एलिवेटेड सेक्शन का काम अब और तेजी पकड़ने वाला है। नौबस्ता स्थित कास्टिंग यार्ड में एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए इस सेक्शन के पुल (वायाडक्ट) में इस्तेमाल होने वाले सभी 156 आई-गर्डर्स की ढलाई (कास्टिंग) का काम पूरा कर लिया गया है। लगभग 4.50 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड सेक्शन के निर्माण में यह एक बहुत बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। ट्रैक बदलने वाले पॉइंट पर मजबूती देंगे ये आई-गर्डर्स अंग्रेजी के 'I' अक्षर के आकार वाले इन गर्डर्स की मेट्रो पुल के निर्माण में बेहद अहम भूमिका होती है। इनका इस्तेमाल मुख्य रूप से क्रॉसओवर और ट्रैक चेंज पॉइंट के पास बने पुल को अतिरिक्त मजबूती और सपोर्ट देने के लिए किया जाता है। क्रॉसओवर वह जगह होती है जहां से मेट्रो ट्रेनें जरूरत पड़ने पर एक पटरी से दूसरी पटरी पर जाती हैं। कास्टिंग यार्ड में तैयार होने के बाद अब इन भारी-भरकम गर्डर्स को मजबूत क्रेनों की मदद से निर्माण स्थल पर ले जाकर पिलर के ऊपर स्थापित किया जाएगा। कास्टिंग यार्ड का काम खत्म, अब सिर्फ इरेक्शन पर फोकस मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक, निर्माण कार्य को रफ्तार देने के लिए सभी भारी कंक्रीट संरचनाओं को पहले ही कास्टिंग यार्ड में एडवांस में तैयार कर लिया जाता है। आई-गर्डर्स से पहले इस रूट के लिए जरूरी सभी 106 पियर कैप्स, 141 डबल टी-गर्डर्स और 220 यू-गर्डर्स की ढलाई का काम भी नौबस्ता यार्ड में पूरा किया जा चुका है। अब इंजीनियरों की टीम का पूरा ध्यान इन तैयार ढांचों को पिलर्स के ऊपर सही अलाइनमेंट के साथ फिट करने पर रहेगा। बर्रा-8 रूट पर तेजी से बढ़ रहा काम, सेंट्रल-नौबस्ता के बीच जल्द चलेगी मेट्रो कानपुर मेट्रो के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने बताया कि कॉरिडोर-2 का सिविल निर्माण कार्य बहुत तेज गति से चल रहा है। यार्ड में ढलाई का काम समय से पूरा होना यूपी मेट्रो की टीम की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो तय समय में शहरवासियों को मेट्रो सेवा देने के लिए दिन-रात काम कर रही है। गौरतलब है कि कानपुर में फिलहाल कॉरिडोर-1 के तहत आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक लगभग 15 किलोमीटर लंबे रूट पर मेट्रो ट्रेनें दौड़ रही हैं। वहीं, सेंट्रल से नौबस्ता के बीच बचे हुए हिस्से पर भी जल्द ही यात्री सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है। इसी के साथ अब 8.60 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-2 (सीएसए–बर्रा-8) के रूट को भी तेजी से तैयार किया जा रहा है।
गोंडा के तरबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत रघुनाथ गांव में एक मोटरसाइकिल एजेंसी से 20 हजार रुपये की 17 स्टील की टोटियां चोरी होने का मामला सामने आया है। इस घटना को ग्राहक बनकर आए आशीष पांडे ने अंजाम दिया था,जिसे पुलिस ने आज मंगलवार देर शाम 5.30 बजे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह घटना 10 अगस्त को दोपहर करीब 12 बजे हुई थी। आरोपी आशीष पांडे ग्राहक बनकर एजेंसी पर पहुंचा था और कई बाइकों के दाम पूछे थे। इसके बाद, बाहर जाते समय उसने एजेंसी के अंदर लगी ग्राहकों के लिए पानी की 17 टोटियां खोल लीं और बाउंड्री वॉल कूदकर फरार हो गया। चोरी का पता तब चला जब अगले दिन शाम को एजेंसी के कर्मचारी हाथ धोने गए और देखा कि बाथरूम तथा शौचालय से सारी टोटियां गायब थीं। तत्काल सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें आशीष पांडे टोटियां चोरी करते हुए स्पष्ट दिखाई दिया। एजेंसी मालिक अनिल कुमार शुक्ला ने तरबगंज थाने में आशीष पांडे के खिलाफ तहरीर दी थी। एजेंसी मालिक ने दी तहरीर जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया था। एजेंसी मालिक अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि इस तरीके से लोग चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। बहुत ही दुर्भाग्य है की स्टील की टोटी चोरी कर रहे हैं। मोटरसाइकिल खरीदने आया था हमें उम्मीद थी की मोटरसाइकिल खरीदेगा लेकिन यह तो चोर निकला। वहीं तरबगंज थाना अध्यक्ष श्रीधर पाठक ने बताया कि एजेंसी मालिक अनिल कुमार शुक्ला ने थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करवाया था आरोप लगाया था कि एक व्यक्ति उनके यहां मोटरसाइकिल खरीदने के लिए ग्राहक बनकर आया खुद को मिस्त्री बताया और बाथरूम सहित कई स्थानों पर लगी पानी पीने के लिए 17 टोटी वह चोरी कर ले गया है। तत्काल मुकदमा दर्ज करके सीसीटीवी कैमरे के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी की गई है यह चोरी की एक अलग तरह की घटना थी। आरोपी को गिरफ्तार कर आज मंगलवार शाम 5:30 बजे जेल भेज दिया गया है।
भभुआ में 300 छात्राओं की तिरंगा यात्रा, ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ से गूंजा शहर
11 अगस्त, मंगलवार: भभुआ में ‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ के तहत करीब 300 छात्राओं ने तिरंगा यात्रा निकाली। राजकीय कन्या मध्य विद्यालय से शुरू हुई यात्रा में छात्राएं ड्रम की धुन पर कदमताल करते हुए ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाती रहीं।
सीतामढ़ी जिले के डुमरा थाना क्षेत्र के कुम्हारा विशनपुर गांव में मंगलवार को आठ वर्षीय बच्चे का शव जेसीबी से खोदे गए एक गड्ढे से बरामद हुआ। बच्चे की पहचान गांव निवासी कालिचरण मंडल के पुत्र आदित्य कुमार के रूप में हुई है। परिजनों ने बच्चे की हत्या कर शव गड्ढे में फेंके जाने की आशंका जताई है, जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई। परिजनों के अनुसार, आदित्य सोमवार शाम करीब तीन से चार बजे स्कूल से घर लौटा था। इसके बाद शाम लगभग पांच बजे वह अचानक घर से लापता हो गया। परिजनों ने उसकी तलाश आसपास के इलाकों और रिश्तेदारों के यहां की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बता दें गड्ढा जमीन मालिक ने मिट्टी निकालने के लिए JCB से गड्ढा कराया था। मौके पर घटना के बाद ग्रामीणों की भीड़ जुटी मंगलवार को भी उसकी तलाश जारी रही। इसी दौरान शाम करीब तीन बजे घर से लगभग 500 मीटर दूर जेसीबी से खोदे गए एक गड्ढे में आदित्य का शव पड़ा मिला। शव मिलने की खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। आदित्य चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा था और गांव के एक निजी स्कूल में कक्षा एक का छात्र था। उसके पिता कालिचरण मंडल बाहर रहकर मजदूरी करते हैं। बच्चे की मौत की खबर से परिवार में मातम पसर गया है। मौत का कारण फिलहाल साफ़ नहीं डुमरा थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि बच्चे के शव को गड्ढे से बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। प्रथम दृष्टया मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। पुलिस घटनास्थल के आसपास से जानकारी जुटाने के साथ ही बच्चे के लापता होने से लेकर शव मिलने तक की पूरी कड़ी खंगाल रही है।
बैतूल में मंगलवार को स्वतंत्रता सेनानी सरदार विष्णुसिंह गोंड की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) और आदिवासी समाज द्वारा एक महारैली का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। महिला, पुरुष और युवा पारंपरिक वेशभूषा में रैली का हिस्सा बने, जो आदिवासी समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है। कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर में ऑडिटोरियम से हुई, जिसके बाद शहर में महारैली निकाली गई। रैली में पारंपरिक वाद्य यंत्रों और नारों के साथ समाज की सांस्कृतिक पहचान और एकजुटता का प्रदर्शन किया गया। जयस जिलाध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्य संदीप धुर्वे ने रैली का नेतृत्व किया। महारैली के समापन पर सरदार विष्णुसिंह गोंड की प्रतिमा पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार गोंगो पूजा की गई। महारैली के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी के चलते कुछ स्थानों पर जाम की स्थिति बनी, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस जवानों को तैनात किया गया था। 2024 में बस स्टैंड पर लगी थी प्रतिमाउल्लेखनीय है कि बैतूल बस स्टैंड पर 11 अगस्त 2024 को स्वतंत्रता सेनानी सरदार विष्णुसिंह गोंड की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया गया था। तब से प्रतिमा स्थापना दिवस और जयंती के अवसर पर महारैली का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष भी जयस जिलाध्यक्ष संदीप कुमार धुर्वे के नेतृत्व में यह रैली निकाली गई। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन से जुड़े थे सरदार विष्णुसिंह गोंडसरदार विष्णुसिंह गोंड का नाम 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन से जुड़े प्रमुख आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों में शामिल है। उन्होंने रानीपुर में अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व किया था। उनके संघर्ष में साथियों के साथ थाने पर हमला करना, हथियार लूटना और थाना भवन में आग लगाना जैसी घटनाएँ शामिल हैं। रानीपुर थाने में लकड़ी के दो खंभों पर आज भी कुल्हाड़ी के निशान मौजूद हैं, जो उस दौर के संघर्ष की याद दिलाते हैं। इस जयंती समारोह के माध्यम से आयोजकों ने सरदार विष्णुसिंह गोंड के संघर्ष और बलिदान को याद किया। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को उनके योगदान से परिचित कराना और आदिवासी संस्कृति, परंपराओं तथा सामाजिक एकजुटता को प्रदर्शित करना था।
पाली शहर में 'रन फोर वंदेमातरम':जोधपुर से पहुंचे पैदल संघ का स्वागत; देखें शहर की प्रमुख खबरें
पाली शहर में मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर कांग्रेस ने वीबी-जीरामजी योजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। वहीं जोधपुर से परशुराम महादेव जा रहा पैदल संघ शाम को पाली पहुंचा। शहरवासियों ने संघ का स्वागत किया। साथ ही, अखंड भारत संकल्प दिवस और वंदेमातरम के 150 साल पूरे होने पर विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल ने ‘रन फॉर वंदेमातरम’ का आयोजन किया। पढ़िए पाली शहर की प्रमुख खबरें- पाली में गूंजा वंदेमातरम, युवाओं ने लिया राष्ट्र एकता का संकल्प- अखंड भारत संकल्प दिवस और वंदेमातरम के 150 साल पूरे होने पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल (पाली) ने मंगलवार को ‘रन फॉर वंदेमातरम’ का आयोजन किया। बांगड़ स्कूल बास्केटबॉल मैदान से रन शुरू हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक किशन प्रजापत, प्रांत सुरक्षा प्रमुख अनिल चौहान, जिला अध्यक्ष नरेंद्र माछर, जिला मंत्री बाबूलाल कुमावत एवं नगर अध्यक्ष आनंदस्वरूप गुप्ता ने भारत माता और राम दरबार के चित्र के सामने दीपक जलाकर किया। मुख्य वक्ता किशन प्रजापत ने कहा- वंदेमातरम सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति सम्मान, राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना का प्रतीक है। संबोधन के बाद सामूहिक वंदेमातरम गीत हुआ। इसके बाद ‘रन फॉर वंदेमातरम्’ दौड़ शुरू हुई। दौड़ बांगड़ स्कूल मैदान से कलेक्टर चौराहा, सूरजपोल, लोढ़ा स्कूल रोड, रोटरी क्लब, हिंदू सेवा मंडल होते हुए वापस बांगड़ स्कूल बास्केटबॉल मैदान पहुंची। युवा तिरंगा और भगवा ध्वज लेकर दौड़े। समापन पर नगर अध्यक्ष आनंदस्वरूप गुप्ता ने आभार जताया। मंच संचालन प्रवीण परिवार ने किया। कार्यक्रम में प्रांत से भीमराज चौधरी, विजयराज सोनी, जगदीश सिंह, नीरज सोनी, पवम पांडे, बाबूदास वैष्णव, दुर्गेश चौहान, गणेशाराम कुमावत, परमेश्वर शर्मा, कैलाश कुमावत, श्रवण भीलवारा, प्रमोद गौड, प्रेम लोहानी, रमेश थावानी, मदन परिहार, प्रवीण सोनी, रविंद्र चौहान, प्रमोद गिरी, प्रताप सिंह, कमलेश मेवाड़ा, दीपक सोनी, भेरूसिंह राजपुरोहित, श्रवण रावल, दिनेश चौहान, गुलाब जांगिड़, सचिन कुमावत, गोविंद मेघवाल, नरेश पांडे, गौरव शर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। जोधपुर से पैदल संघ पहुंचा पाली - जोधपुर से रवाना हुआ परशुराम महादेव पैदल यात्रा संघ मंगलवार शाम को गाजे-बाजे के साथ पाली पहुंचा। यहां नगर निगम के पास समाजसेवी जगदीश माली सहित कई शहरवासियों ने संघ का स्वागत किया। संघ 8 अगस्त की शाम को जोधपुर हनुमान मंदिर से रवाना हुआ था। लाल सागर मंडोर में जागरण देने के बाद 9 अगस्त की सुबह रवाना हुआ जो मंगलवार शाम को पाली पहुंचा। पाली में नाइट होल्ड के बाद बुधवार सुबह संघ आगे परशुराम महादेव के लिए रवाना होगा। वीबीजी-रामजी योजना के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन- राजीव गांधी पंचायतीराज संगठन की ओर से मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान उन्होंने पुतला भी फूंका। जिलाध्यक्ष मदनसिंह जागरवाल ने बताया कि वीबीजी-रामजी योजना के नियमों में किए गए बदलावों का विरोध में यह प्रदर्शन किया गया। जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। पाली विधायक भीमराज भाटी ने कहा- वीबीजी-रामजी योजना के तहत श्रमिकों के साथ अन्याय हो रहा है। मजदूरों की दिन में दो बार आंखों की फोटो खींचकर उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था से मजदूर परेशान हैं। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शिशुपालसिंह राजपुरोहित ने कहा- मेट और श्रमिकों का भुगतान 3 से 6 माह तक लंबित रहने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन जिलाध्यक्ष मदनसिंह जागरवाल ने कहा कि तालाब खुदाई के साथ गांव-ढाणियों को जोड़ने वाली ग्रेवल सड़कों के कार्य भी स्वीकृत किए जाने चाहिए। इस दौरान संगठन महासचिव जोगाराम सोलंकी, प्रदेश प्रतिनिधि महावीरसिंह सुकरलाई, भंवर राव, शंकर बामणिया, पूर्व उप प्रधान नारायण मेघवाल, प्रकाश सांखला, मेहबूब टी, हकीम भाई सहित कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
खगड़िया के मानसी में खुटिया-घरारी सड़क का नाम शहीद धन्ना-माधव के नाम होगा
11 अगस्त, मंगलवार: खगड़िया के मानसी नगर पंचायत की सामान्य बोर्ड बैठक में खुटिया-घरारी सड़क का नामकरण शहीद धन्ना-माधव के नाम करने का सर्वसम्मति से फैसला लिया गया। बैठक में स्वतंत्रता दिवस समारोह, उत्कृष्ट कार्य करने वालों के सम्मान, सफाई, खराब लाइट और नल-जल योजना को लेकर भी निर्णय लिए गए।
दूदू के सेवा गांव की शकुंतला देवी सेठी 19 अगस्त को जैनेश्वरी दीक्षा ग्रहण करेंगी। मोक्ष सप्तमी के अवसर पर सीकर में आचार्य वर्धमान सागर महाराज के सानिध्य में दीक्षा समारोह आयोजित होगा। भीलवाड़ा जिले की शाहपुरा तहसील के कोठियां गांव निवासी शकुंतला देवी का वैराग्य के मार्ग पर यह महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। दीक्षा से पहले मंगलवार को कोठियां गांव में शकुंतला देवी के सम्मान में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें सेवा गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से जैन समाज के लोग और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। कार्यक्रम में दीक्षार्थी के आध्यात्मिक जीवन और अब तक की साधना यात्रा को लेकर चर्चा हुई। समाजजनों ने उनके दीक्षा के निर्णय पर शुभकामनाएं दीं। 1991 में विवाह के बाद से तेल-दही का त्याग शकुंतला देवी का जन्म 2 फरवरी 1969 को दूदू के सेवा गांव में महावीर जैन बड़जात्या और प्रभा देवी के घर हुआ था। उनके भाई शांतिलाल और निर्मल कुमार जैन बड़जात्या हैं। वर्ष 1991 में उनका विवाह कोठियां निवासी अशोक कुमार सेठी के साथ हुआ। विवाह के समय से ही उन्होंने तेल और दही का आजीवन त्याग कर रखा है। उनके एक पुत्र और एक पुत्री हैं। 2003 से आध्यात्मिक साधना की ओर बढ़ीं शकुंतला देवी की आध्यात्मिक यात्रा लंबे समय से जारी है। वर्ष 2003 में उन्होंने मुनि गौतम ऋषि से पांच प्रतिमा का संकल्प लिया था। वर्ष 2010 से वे लगातार ब्रह्मचर्य व्रत का पालन कर रही हैं। उन्होंने आचार्य वर्धमान सागर महाराज से सात प्रतिमा का संकल्प भी ग्रहण किया है। अब 19 अगस्त को जैनेश्वरी दीक्षा लेकर वे अपना जीवन मोक्ष मार्ग के लिए समर्पित करेंगी। पहले भी परिवार के सदस्य ले चुके हैं दीक्षा शकुंतला देवी के परिवार में धार्मिक और आध्यात्मिक परंपरा का गहरा प्रभाव रहा है। उनके चाचा ससुर नमीत सागर ने भी वर्ष 1999 में जयपुर में आचार्य वर्धमान सागर महाराज से दीक्षा ली थी। शकुंतला देवी की दीक्षा को लेकर परिवार और समाज में विशेष उत्साह है। 19 अगस्त को सीकर में होने वाले समारोह में जैन समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने रांची में छात्र आंदोलन को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी को अराजकता और झूठ का पोस्टर बॉय बताते हुए कहा कि वे जेन-जी की बात करते हैं, लेकिन खुद जेन-अल्फा जैसी बचकानी हरकत करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता होने के बावजूद संसद की कार्यवाही को बाधित करने का काम कर रहे हैं। संजय सरावगी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के रूप में राहुल गांधी की जिम्मेदारी है कि वे संसद में देश और जनता से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा करें और सरकार को रचनात्मक सुझाव दें। इसके बजाय वे सदन की कार्यवाही बाधित करने में लगे हैं। उन्होंने दावा किया कि संसद की कार्यवाही बाधित होने से देश का समय और प्रतिदिन करोड़ों रुपये का नुकसान होता है। उन्होंने रांची छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी छात्र आंदोलन के बहाने अपनी राजनीति चमका रहे हैं। उनके अनुसार, रांची में छात्रों पर लाठीचार्ज और कथित मारपीट की घटना की केवल निंदा करने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि राहुल गांधी वास्तव में छात्रों के साथ हैं तो झारखंड सरकार से समर्थन वापस लेने की पहल क्यों नहीं करते? उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार में कांग्रेस के 4-4 मंत्री हैं, लेकिन राहुल गांधी ने किसी मंत्री को छात्रों की समस्याएं सुनने और उनके बीच जाने के लिए नहीं भेजा। 'राहुल गांधी भाजपा का विरोध करते-करते देश का विरोध करने लगे हैं' सरावगी ने कहा कि राहुल गांधी भाजपा का विरोध करते-करते अब देश का विरोध करने लगे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के बजाय सदन की कार्यवाही बाधित करने की राजनीति से बचना चाहिए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राहुल गांधी के विदेश दौरों को लेकर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी साल में काफी समय विदेश में अपने ननिहाल में बिताते हैं और जिस तरह की बचकानी हरकतें वहां करते हैं, उसी तरह की हरकतें संसद में भी करते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि राहुल गांधी को इसी तरह की राजनीति करनी है तो उन्हें संसद के बजाय अपने ननिहाल चले जाना चाहिए। सरावगी ने कहा कि राहुल गांधी की राजनीतिक गंभीरता को लेकर जनता के बीच सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अराजकता फैलाने और झूठ की राजनीति करने के कारण राहुल गांधी को लोग गंभीरता से नहीं लेते। राम मंदिर के चंदा मामले पर भी राहुल गांधी को घेरा पत्रकारों द्वारा राम मंदिर से जुड़े चंदा मामले को लेकर राहुल गांधी द्वारा संसद में उठाए जा रहे सवालों के संबंध में पूछे जाने पर संजय सरावगी ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा।उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का राम मंदिर से क्या संबंध है? सरावगी ने आरोप लगाया कि जब राम मंदिर आंदोलन के दौरान कारसेवकों पर कार्रवाई हुई थी, तब समाजवादी पार्टी की सरकार पर गंभीर आरोप लगे थे। उन्होंने सवाल किया कि राहुल गांधी आज तक राम मंदिर दर्शन करने क्यों नहीं गए। सरावगी ने कहा कि जब भगवान राम टेंट में थे, तब भी राहुल गांधी वहां दर्शन करने नहीं गए और भव्य मंदिर बनने के बाद भी उन्होंने दर्शन नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में चुनाव नजदीक आने के कारण ही अब राहुल गांधी को राम मंदिर और उससे जुड़े मुद्दों की याद आ रही है। राम मंदिर चंदे से जुड़े मामले पर उन्होंने कहा कि मामले में आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो रही है और जांच के आधार पर दोषियों को चिन्हित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है। सरावगी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए बार-बार उठा रहे हैं। संजय सरावगी ने तेजस्वी यादव को बताया ‘मौसमी नेता’ संजय सरावगी ने बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर भी तीखा हमला बोला। बिहार सरकार के खजाने और भ्रष्टाचार को लेकर तेजस्वी यादव के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव के बयान में कोई नयापन नहीं है। वे पुराने आरोपों को ही बार-बार दोहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार का खजाना खाली नहीं है। कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल रहा है और विकास योजनाओं पर लगातार काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार बिहार में विकास की गति को लगातार आगे बढ़ा रही है। तेजस्वी यादव के विदेश दौरे पर भी सरावगी ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव करीब एक महीने तक यूरोप की हवा खाकर लौटे हैं और उन्होंने पहले ही कहा था कि लौटने के बाद कुछ बयान देंगे और फिर चले जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष होने के बावजूद तेजस्वी यादव विधानसभा की कार्यवाही में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते हैं। सरावगी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का पद संवैधानिक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वाला पद है। ऐसे में तेजस्वी यादव को बिहार और बिहार की जनता के मुद्दों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव “मौसमी नेता” बनकर रह गए हैं। भ्रष्टाचार के आरोपों पर गिरेबान में झांकने की सलाह तेजस्वी यादव की ओर से बिहार में भ्रष्टाचार और सरकारी खजाने की लूट के आरोप लगाए जाने पर संजय सरावगी ने कहा कि तेजस्वी यादव को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने राजनीतिक परिवार और अतीत पर नजर डालनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजद शासन के दौरान कई विभागों में भ्रष्टाचार और अपराध के मामले सामने आए थे तथा अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलने के आरोप लगते रहे हैं। सरावगी ने कहा कि जिनके परिवार और पार्टी के राजनीतिक अतीत पर भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोप और मामले रहे हैं, उन्हें दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। उन्होंने तेजस्वी यादव को सलाह देते हुए कहा कि वे नेता प्रतिपक्ष हैं, इसलिए उन्हें बिहार की चिंता करनी चाहिए और सदन में रहकर जनता के मुद्दों को उठाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव के विधानसभा में आने-जाने को लेकर भी स्पष्टता नहीं रहती और वे महत्वपूर्ण कार्यवाही से अनुपस्थित रहते हैं। सरावगी ने राजद नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जिस राजनीतिक परिवार पर लंबे समय से भ्रष्टाचार के आरोप और मुकदमे चर्चा में रहे हैं, उसके नेताओं को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने राजनीतिक अतीत का हिसाब देना चाहिए।पुरा परिवार बेल पर बाहर है।
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल चुनाव की मतगणना जारी है। मंगलवार को आठवें एलिमिनेशन राउंड में 10 और प्रत्याशी चुनावी दौड़ से बाहर हो गए। अब तक कुल 97 एलिमिनेशन राउंड पूरे हो चुके हैं, जिसमें कानपुर नगर के अनुराग पांडेय लगातार पहले स्थान पर बने हुए हैं। ताजा मतगणना के अनुसार, आठवें एलिमिनेशन राउंड के बाद अनुराग पांडेय के खाते में 4,633 वोट दर्ज हुए हैं। दूसरे स्थान पर लखनऊ के प्रशांत सिंह अटल 4,367 वोटों के साथ हैं, जबकि बुलंदशहर के शिव किशोर गौर 3,843 वोट लेकर तीसरे स्थान पर हैं। प्रयागराज के देवेंद्र मिश्रा नागराहा 3,811 वोटों के साथ चौथे और बरेली के शिरीष कुमार मेहरोत्रा 3,470 वोटों के साथ पांचवें स्थान पर बने हुए हैं। आठवें एलिमिनेशन राउंड में जिन 10 प्रत्याशियों को बाहर किया गया, उनमें हर्षवर्धन सिंह (लखनऊ), भूपेंद्र कुमार त्रिपाठी (प्रयागराज), कमलाकर त्रिपाठी (वाराणसी), जितेंद्र कुमार गौतम (गोरखपुर), धीरेंद्र सिंह (फतेहपुर), अब्दुल अहद (प्रयागराज), बिरेंद्र कुमार मिश्रा (सुल्तानपुर), मोहम्मद नजमुल हक मारूफी (गोरखपुर), विजय प्रताप यादव (आजमगढ़) और क्षितिज प्रियदर्शी (जौनपुर) शामिल हैं। मतगणना प्रक्रिया के तहत, प्रत्येक एलिमिनेशन के बाद बाहर होने वाले प्रत्याशी के मत शेष प्रत्याशियों में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार स्थानांतरित किए जाते हैं। इस प्रक्रिया से शीर्ष दावेदारों के वोटों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे मुकाबला और भी दिलचस्प होता जा रहा है। मतगणना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, दूसरे चरण की गिनती पूरी होने में अभी लगभग तीन से चार महीने का समय लग सकता है। ऐसे में अंतिम परिणाम आने में काफी समय लगेगा। फिलहाल, शीर्ष स्थानों पर बने प्रत्याशी अपनी बढ़त मजबूत करने में जुटे हैं, जबकि अधिवक्ता आगामी एलिमिनेशन राउंड और बदलते चुनावी समीकरणों पर नजर बनाए हुए हैं।
देवेंद्र महतो की भूख हड़ताल 10वें दिन भी जारी, अस्पताल से लिखी चिट्ठी; धन्यवाद देते हुए पूछे 2 सवाल
JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 10वें दिन भी जारी है। सदर अस्पताल में उपचाराधीन महतो ने चिट्ठी जारी कर विधानसभा घेराव को सफल बनाने वाले छात्रों, शिक्षकों और अन्य लोगों का धन्यवाद किया।
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर स्थित नई इमारत के निर्माण में सामने आई गंभीर खामियों के मामले में तत्कालीन प्रोजेक्ट डायरेक्टर और प्रोजेक्ट ऑफिसर को जारी चार्जशीट के खिलाफ दायर अपील हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस संदीप तनेजा की डिवीजन बेंच ने कहा कि चार्जशीट के स्तर पर न्यायिक हस्तक्षेप का दायरा बेहद सीमित है। अधिकारियों को चार्जशीट का जवाब देने और विभागीय जांच में अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर है। मामले में सुरेश शर्मा उस अवधि में आरएसआरडीसीएल यूनिट-द्वितीय जोधपुर में प्रोजेक्ट डायरेक्टर और जितेंद्र शर्मा प्रोजेक्ट ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे। हाईकोर्ट की नई इमारत के निर्माण में गंभीर कमियां सामने आने के बाद राज्य सरकार ने 30 मई 2025 को राजस्थान सिविल सर्विसेज नियमों के तहत दोनों को चार्जशीट जारी की थी। अधिकारियों ने चार्जशीट का जवाब देने के बजाय चुनौती दी अधिकारियों ने चार्जशीट का जवाब देने के बजाय इसे चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे सिंगल बेंच ने जनवरी 2026 में खारिज कर दिया। इसके बाद उन्होंने डिवीजन बेंच में अपील की। अपीलकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि चार्जशीट समय से पहले जारी की गई है। उनका कहना था कि उनकी भूमिका निर्माण कार्य की निगरानी तक सीमित थी और भवन में हुई क्षति की वास्तविक वजह स्ट्रक्चरल डिफेक्ट है या डिजाइन की कमी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कार्रवाई चयनात्मक है और चार्जशीट में उनके खिलाफ विशिष्ट आरोप नहीं हैं। सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने दलील दी कि दोनों अधिकारी निर्माण कार्य की गुणवत्ता, निर्धारित मानकों और ठेकेदारों द्वारा सही तरीके से काम कराने के लिए जिम्मेदार थे। गंभीर खामियों की रिपोर्ट आई सामने राज्य ने बताया कि निर्माण में गंभीर खामियों की रिपोर्ट सामने आई है और मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई है। चार्जशीट में निगरानी अधिकारियों की लापरवाही के विशिष्ट उदाहरणों का उल्लेख किया गया है। कोर्ट ने कहा कि सामान्य तौर पर चार्जशीट या शो-कॉज नोटिस के स्तर पर हस्तक्षेप नहीं किया जाता। केवल असाधारण स्थिति में, जैसे चार्जशीट अधिकार क्षेत्र से बाहर या दुर्भावना से जारी होने पर ही कोर्ट दखल दे सकता है। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि चार्जशीट अंतिम प्रतिकूल आदेश नहीं होती। कोर्ट ने भवन में हुई घटनाओं को भी गंभीर माना। 20 फरवरी 2023 को चैंबर नंबर 14 की छत की सीलिंग गिरी। 29 अप्रैल को डोम क्षेत्र की छत का हिस्सा गिरा। जून 2023 में अलग-अलग स्थानों पर प्लास्टर और फॉल्स सीलिंग गिरी। सितंबर 2024 में बारिश के दौरान कोर्ट रूम में पानी आने से न्यायिक कार्य प्रभावित हुआ। इसी महीने कोर्ट नंबर 19 की फॉल्स सीलिंग और मेडिएशन सेंटर के पास छत का हिस्सा भी गिरा। बेंच ने कहा कि निरीक्षण रिपोर्टों में प्रोजेक्ट डायरेक्टर को पूरे निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई थी। ऐसे में गंभीर खामियों के आधार पर चार्जशीट जारी करने को गलत नहीं माना जा सकता। अधिकारियों के चयनात्मक कार्रवाई के तर्क को भी कोर्ट ने खारिज किया, क्योंकि रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों सहित कुल नौ लोगों को चार्जशीट जारी की गई थी। चार्जशीट में निर्माण संबंधी घटनाओं और लापरवाही के आरोपों का पर्याप्त उल्लेख होने से इसे अस्पष्ट भी नहीं माना गया। डिवीजन बेंच ने कहा कि मामला ऐसा नहीं है, जिसमें चार्जशीट के स्तर पर हस्तक्षेप किया जाए। दोनों विशेष अपीलें मेरिट से रहित मानते हुए खारिज कर दी गईं।
विकासखंड भीतरगांव के महोलिया स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार को कई महीनों से चले आ रहे विवाद के बीच करीब चार घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। प्रधानाध्यापिका ने रसोइयों से जान का खतरा बताते हुए पुलिस को फोन किया और पुलिस के पहुंचने से पहले खुद को विद्यालय के एक कमरे में बंद कर लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन प्रधानाध्यापिका परिजनों के पहुंचने के बाद ही बाहर आने की बात पर अड़ी रहीं। करीब दो घंटे बाद बहन के पहुंचने पर उन्होंने कमरे का दरवाजा खोला। जानकारी के अनुसार विद्यालय में प्रधानाध्यापिका सत्यवती के अलावा दो शिक्षामित्र और तीन सहायक अध्यापक तैनात हैं। बताया गया कि मंगलवार सुबह प्रधानाध्यापिका स्कूल पहुंचीं। कुछ देर बाद उन्होंने पुलिस को फोन कर खुद की जान को खतरा बताते हुए मदद मांगी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही उन्होंने खुद को कमरे में बंद कर लिया। सूचना पर खंड शिक्षा अधिकारी पूनम वर्मा और खंड विकास अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रधानाध्यापिका को कमरे से बाहर आने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने परिजनों के आने के बाद ही दरवाजा खोलने की बात कही। करीब चार घंटे तक चले घटनाक्रम के दौरान विद्यालय में अफरा-तफरी का माहौल रहा। शिक्षकों के आपसी विवाद के चलते विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होने की बात सामने आई है। प्रधानाध्यापिका से त्रस्त शिक्षकों ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार उधर, प्रधानाध्यापिका से विवाद को लेकर शिक्षक, शिक्षामित्र और रसोइयों ने साढ़ थाने पहुंचकर पुलिस और उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई। उनका आरोप है कि प्रधानाध्यापिका आए दिन किसी न किसी बात को लेकर विवाद करती रहती हैं। पूर्व में शिक्षकों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा भी दर्ज कराया गया था, जिससे शिक्षक, शिक्षामित्र और रसोइये खुद को परेशान बता रहे हैं। शिक्षकों ने बताया कि मामले की शिकायत कई बार उच्चाधिकारियों से की गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका। थाना प्रभारी का बयान साढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक कृष्ण कुमार मिश्रा ने बताया कि जांच की जा रही है। रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी गई है।
सिख समुदाय के चौथे पवित्र तख्त, श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो) में नतमस्तक होने आए मोगा जिले के एक श्रद्धालु की किस्मत रातों-रात बदल गई है। धार्मिक स्थल पर दर्शन करने पहुंचे उपिंदरजीत सिंह नामक इस व्यक्ति ने ₹1.5 करोड़ (डेढ़ करोड़ रुपये) का बंपर लॉटरी पुरस्कार जीता है। यह भाग्यशाली टिकट उन्होंने तख्त साहिब के मुख्य मार्ग पर स्थित एक स्थानीय लॉटरी स्टॉल से खरीदा था। पारिवारिक जानकारी के अनुसार, मोगा निवासी उपिंदरजीत सिंह अपनी पत्नी सिंदरपाल कौर के साथ पहली बार श्री दमदमा साहिब में गुरु घर के दर्शन करने और माथा टेकने पहुंचे थे। इसी पावन यात्रा के दौरान उन्होंने मुख्य रास्ते पर चलते-चलते एक लॉटरी टिकट खरीद लिया था। उन्हें अंदाज़ा भी नहीं था कि गुरु नगरी से मिला यह टिकट उनकी जिंदगी बदल देगा। लॉटरी विक्रेता के फोन ने दी करोड़ों की खुशखबरी लॉटरी का ड्रा निकलने के कुछ दिनों बाद, संबंधित लॉटरी विक्रेता ने उपिंदरजीत सिंह के मोबाइल पर संपर्क किया। विक्रेता ने जैसे ही उन्हें फोन पर यह सूचना दी कि उनके टिकट ने ₹1.5 करोड़ का पहला इनाम जीता है, उपिंदरजीत और उनका परिवार खुशी से झूम उठा। इस बड़ी खुशखबरी के बाद से ही विजेता के घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। जीती हुई राशि से करेंगे जरूरतमंदों की सेवा अपनी इस अकल्पनीय जीत पर भावुक होते हुए उपिंदरजीत सिंह ने कहा, यह सब वाहेगुरु की अपार कृपा और आशीर्वाद का नतीजा है। हम तो केवल गुरु घर में शीश नवाने आए थे। इस जीती हुई पावन राशि का उपयोग हम अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ समाज के गरीब और जरूरतमंद लोगों की भलाई व सेवा के कार्यों के लिए करेंगे। वहीं, मोगा के इस साधारण परिवार की इतनी बड़ी जीत पर लॉटरी बेचने वाले दुकानदार ने भी अपनी प्रसन्नता व्यक्त की है और विजेता जोड़े को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
जालंधर में मंगलवार दोपहर अचानक मौसम बदलने से तेज बारिश हुई। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन शहर के कई इलाकों में गंभीर जलभराव हो गया। करीब एक घंटे की बारिश के बाद सड़कें पानी में डूब गईं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में पुरानी रेलवे रोड रही, जहां दो से तीन फीट तक पानी जमा हो गया। जलभराव के कारण पूरी मार्केट प्रभावित हुई और लगभग 80 दुकानदारों को अपनी दुकानें बंद करनी पड़ीं। बाजार में पानी भरने से ग्राहकों की आवाजाही भी पूरी तरह रुक गई। बारिश के दौरान सड़क पर खड़े पानी से गुजरने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। खासकर बाइक चालकों के लिए हालात बेहद मुश्किल रहे, कई दोपहिया वाहन पानी में बंद हो गए। पैदल चलने वालों को भी जलभराव के कारण लंबे समय तक जूझना पड़ा। स्थानीय दुकानदारों ने प्रशासन के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह समस्या नई नहीं है। उनका आरोप है कि पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से रेलवे रोड पर हर बारिश में जलभराव होता है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। दुकानदारों ने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से रेलवे रोड क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था में सुधार करने और इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में भी व्यापारियों और आम लोगों को ऐसी ही परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
जल संघर्ष समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को हिसार में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता और कार्यकारी अभियंता से मुलाकात की। यह बैठक टेल क्षेत्र के किसानों की नहरी पानी और पेयजल संबंधी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान पर केंद्रित थी। इसमें बालसमंद और आसपास के क्षेत्रों के किसानों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि किसानों की मांगों को लेकर 12 अगस्त को दोपहर 3 बजे उच्च अधिकारियों के साथ एक और महत्वपूर्ण बैठक होगी। इस बैठक में किसानों की सभी नहरी पानी से जुड़ी समस्याओं और मांगों को अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। समिति ने जोर दिया कि मांगों पर केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर ठोस कार्रवाई के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और समय-सीमा तय की जानी चाहिए। फिर से आंदोलन करने की चेतावनी जल संघर्ष समिति के प्रधान कुरड़ाराम नंबरदार ने कहा कि क्षेत्र के किसान नहरी पानी की समस्याओं को लेकर पहले भी आंदोलन कर चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार और सिंचाई विभाग ने इन समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया और किसानों की मांगों का समाधान नहीं किया, तो किसान एक बार फिर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। नंबरदार ने इस बात पर जोर दिया कि किसानों को उनके हिस्से का पर्याप्त नहरी पानी उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समिति बातचीत के माध्यम से समाधान चाहती है, लेकिन यदि किसानों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया गया, तो आने वाले समय में किसानों को मजबूर होकर बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा। समिति सदस्यों ने दोहराया कि टेल क्षेत्र के किसानों को उनके हिस्से का पर्याप्त नहरी पानी उपलब्ध करवाने और सभी लंबित मांगों के समाधान के लिए उनके प्रयास लगातार जारी रहेंगे। जल संघर्ष समिति की प्रमुख मांगें मीटिंग में ये रहे मौजूद सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की ओर से अधीक्षण अभियंता, हिसार एवं कार्यकारी अभियंता, हिसार तथा जल संघर्ष समिति के प्रधान कुरड़ाराम नंबरदार के नेतृत्व में अनिल लौरा, संदीप धीरणवास, भीम सिंह लौरा, पारस लौरा, वीरेंद्र पूनिया, प्रहलाद सुंडावास, पृथ्वी सिंह खारिया, ओम गढ़वाल बाण्डाहेड़ी, रमेश लौरा, बलराज बीजला, सुल्तान रावलवास कलां, ईश्वर नेहरा, अनूप सलेमगढ़, विनोद बासडा, राजेश सरपंच खारिया, सतबीर सिसवाला एवं पृथ्वी धायल सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
मंडला जिले के अंजनिया चौकी क्षेत्र में एक 12 वर्षीय मूक-बधिर नाबालिग से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। मंगलवार को पुलिस ने 45 वर्षीय पड़ोसी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। जहां से उसे जेल भेजा है। घटना 7 अगस्त की शाम की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, घटना के समय नाबालिग अपने घर में अकेली थी। आरोप है कि इसी दौरान आरोपी घर में घुस आया और नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। बच्ची की मां के घर पहुंचने पर आरोपी मौके से फरार हो गया। पीड़िता की मां ने अंजनिया चौकी पहुंचकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने 7 अगस्त की रात आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी की तलाश कर 11 अगस्त को उसे गिरफ्तार कर लिया। बताया गया है कि आरोपी और पीड़ित परिवार एक ही गांव में रहते हैं। आरोपी का घर नाबालिग के घर के सामने ही है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। एसपी ने क्या बताया एसपी राजेश रघुवंशी ने बताया कि अंजनिया चौकी क्षेत्र में कुछ दिन पहले यह घटना हुई थी। उन्होंने पुष्टि की कि नाबालिग के घर में अकेले होने के दौरान आरोपी ने घर में घुसकर गलत काम किया था और बच्ची की मां के आने पर वह भाग गया था।
सतना चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र में सड़कों की खराब स्थिति और निर्माण कार्यों में कथित गड़बड़ी को लेकर भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार मंगलवार को लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने मुख्य अभियंता पंकज खड़ारे के सामने विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। विधायक गहरवार ने कहा कि क्षेत्र में सड़क निर्माण की स्थिति इतनी खराब है कि “विधायक जी मर जाएं या पांच साल पूरे हो जाएं, तब काम होगा।” उन्होंने सड़कों के निर्माण और विभागीय कामकाज को लेकर अधिकारियों पर सवाल उठाए। 1100 करोड़ की सड़कें स्वीकृत, गुणवत्ता पर सवाल विधायक ने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों में चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र के लिए करीब 1100 करोड़ रुपए की सड़कों को मंजूरी मिली है। उनका आरोप है कि कई सड़कें निर्माण के कुछ समय बाद ही खराब होने लगीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ सड़कों का काम कागजों में पूरा दिखाया गया, लेकिन मौके पर निर्माण नजर नहीं आता। विधायक ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी में लापरवाही का आरोप लगाया। मझगवां SDO की कार्यप्रणाली पर भी सवाल गहरवार ने PWD के मझगवां में प्रभारी SDO अश्वनी निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की खराब सड़कों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। विधायक ने विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी विकास कार्यों से ज्यादा वसूली पर ध्यान दे रहे हैं। विरोध के बाद SDO हटाए गए विधायक की नाराजगी के बाद PWD के मुख्य अभियंता पंकज खड़ारे ने मझगवां के प्रभारी SDO अश्वनी निगम को पद से हटा दिया। उनके स्थान पर सहायक इंजीनियर को मझगवां का प्रभार सौंपा गया है। मुख्य अभियंता ने विधायक को भरोसा दिलाया कि उनके द्वारा उठाई गई समस्याओं का परीक्षण किया जाएगा और जल्द समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। अब विधायक के आरोपों के बाद 1100 करोड़ रुपए की लागत से स्वीकृत सड़कों की गुणवत्ता और निर्माण की स्थिति पर भी सवाल उठ रहे हैं। कागजों में पूर्ण बताई जा रही सड़कों की वास्तविक स्थिति की जांच होती है या नहीं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
अपने ही पिता के खिलाफ थाने पहुंची बेटी, बोली-शादी तुड़वा दी; अब बेच देंगे हमें
एक बेटी अपने ही पिता के खिलाफ पुलिस के पास पहुंच गई। इस बेटी ने अपने पिता पर ऐसे संगीन इल्जाम लगाए कि पुलिस भी हैरान रह गई। बेटी ने कहा कि पिता ने उसकी शादी का रिश्ता तुड़वा दिया। अब उसे और उसकी बहनों को बेचने की धमकी दे रहा है। बेटी की शिकायत पर पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
बिना कानूनी प्रक्रिया के गाड़ी जब्त नहीं कर सकतीं प्राइवेट फाइनेंस कंपनियां, हाईकोर्ट सख्त
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि प्राइवेट फाइनेंस कंपनियां बिना कानूनी प्रक्रिया के गाड़ी जब्त नहीं कर सकती हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पड़िया और न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने कौशाम्बी के रितिक शर्मा की याचिका पर दिया है।
कलेक्टर की दो टूक: भोपाल में पहले से बड़े तालाब हैं, गलियों में पानी नहीं भरना चाहिए
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बरनाला में व्यापारी पर जानलेवा हमला:लोहे की रॉड से सिर फोड़ा; 33 हजार रुपए लूटकर बदमाश फरार
बरनाला के गरचा रोड पर देर रात एक व्यापारी से लूटपाट और जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। अज्ञात बदमाशों ने व्यापारी संदीप सिंह पर हमला कर उसके सिर पर लोहे की रॉड से वार किया और 33 हजार रुपये नकद लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार, यह वारदात 6 अगस्त की रात करीब 10 बजे हुई। संदीप सिंह पुत्र माखन सिंह, निवासी सलानी पत्ती (हंडियाया), अपनी कार की मरम्मत करवाने के बाद गरचा रोड स्थित गोदाम में खाली सिलेंडर रखने जा रहे थे। इसी दौरान सुनसान रास्ते में आधा दर्जन के करीब अज्ञात बदमाशों ने उनकी गाड़ी को रोक लिया। पीड़ित बोला- बदमाशों ने उन्हें जबरन गाड़ी से बाहर खींच लिया पीड़ित की शिकायत के मुताबिक, बदमाशों ने उन्हें जबरन गाड़ी से बाहर खींच लिया और लोहे की रॉड से सिर पर हमला कर दिया। हमले में संदीप सिंह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और उनके पास मौजूद 33 हजार रुपये नकद से भरा बैग छीन लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही थाना सिटी-2 बरनाला पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने पीड़ित के बयानों के आधार पर अज्ञात लुटेरों के खिलाफ लूट और जानलेवा हमले की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। थाना सिटी-2 के प्रभारी इंस्पेक्टर चरणजीत सिंह ने बताया कि आरोपियों की पहचान के लिए गरचा रोड और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
उदयपुर की झीलों, मंदिरों, हवेलियों और ऐतिहासिक विरासत ने 18 देशों से आए मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स ने खासा प्रभावित किया। मंगलवार को मेहमानों ने उदयपुर की गलियों और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया और सहेलियों की बाड़ी में रील्स भी बनाईं। उदयपुर की प्राकृतिक खूबसूरती और सांस्कृतिक विरासत से प्रभावित इन्फ्लुएंसर्स ने कहा कि वे अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए शहर की खूबसूरती और विरासत को दुनिया तक पहुंचाएंगे। विदेशी मेहमानों ने शहर की झीलों, मंदिरों, हवेलियों और राजस्थानी संस्कृति को कैमरे में कैद किया। वे जहां भी पहुंचे, वहां की विरासत और खूबसूरती को देखकर उत्साहित नजर आए और जमकर फोटो-वीडियो बनाए। इन्फ्लुएंसर्स ने दूधतलाई के पास रोप-वे की सवार की। उन्होंने रोप-वे के अंदर से प्रकृति और पिछोला झील के वीडियो शूट किए और करणीमाता मंदिर पहुंचकर मंदिर और इसके इतिहास की जानकारी ली। वे ओल्ड सिटी में जगदीश मंदिर पहुंचे और मंदिर की स्थापत्य कला व वैभव को देखकर प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि यहां की संस्कृति और विरासत को वे अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से विदेशों तक पहुंचाएंगे। पहले देखिए ये 4 PHOTO'S शहर की पुरानी गलियों और बाजारों में घूमे इन्फ्लुएंसर हेरिटेज वॉक के दौरान बागोर की हवेली से गणगौर घाट तक शहर की पुरानी गलियों और बाजारों का अनुभव लिया। बाजार में उन्होंने जमकर शॉपिंग की। मेहंदी की डिजाइन में रुचि दिखाई और चूड़ी बाजार में भी खरीदारी की। इस दौरान कई विदेशी इन्फ्लुएंसर्स ने साफे पहनकर खुद को मेवाड़ी रंग में रंग लिया। विंटेज कार म्यूजियम भी देखा। सखियों के बाग में महिला इन्फ्लुएंसर की पहले एंट्री... सहेलियों की बाड़ी में पहुंचते ही माहौल और भी खुशनुमा हो गया। हल्की बारिश के बीच फाउंटेन और छतरियों के बीच इन्फ्लुएंसर्स ने पानी से अठखेलियां कीं और रील्स बनाईं। गाइड ने जब उन्हें सहेलियों की बाड़ी का इतिहास बताते हुए आगे बढ़ने के लिए मजाकिया अंदाज में कहा कि यह सखियों का बाग है, तो सभी खूब हंसे। इसके बाद महिला इन्फ्लुएंसर को सबसे पहले आगे बढ़ाया गया। यहां गाइड चिन्मय दीक्षित और मांगू खान ने इस बाग के बारे में उनको विस्तार से जानकारी दी। बहुत अच्छा लगा उदयपुर दक्षिण अमरीका महाद्वीप के उत्तर में स्थित सूरीनाम से आईं गेल ने कहा कि वे पहली बार उदयपुर आई हैं। उन्हें यहां के पर्यटन स्थल बहुत शानदार लगे। मंदिरों की सुंदरता और शहर की विरासत ने उन्हें काफी प्रभावित किया। इसी देश से आए एक अन्य इन्फ्लुएंसर ने बताया कि उदयपुर बहुत अच्छा लगा। चित्तौड़गढ़ का किला और वहां की विरासत भी उन्हें काफी पसंद आई। उन्होंने सहेलियों की बाड़ी को बेहद खूबसूरत और रोमांटिक जगह बताया। 12 अगस्त को जाएंगे जगमंदिर और बाहुबली हिल्स पर्यटन विभाग की उप निदेशक शिखा सक्सेना ने बताया कि 16 देशों से 32 इन्फ्लुएंसर्स उदयपुर आए हैं। 9 अगस्त को उदयपुर पहुंचने के बाद 10 अगस्त को उन्होंने चित्तौड़गढ़ की गौरव गाथाएं देखीं। सक्सेना ने बताया कि बुधवार को वे सिटी पैलेस और जगमंदिर का भ्रमण करेंगे। इसके बाद बाहुबली हिल्स जाएंगे। इन देशों के इन्फ्लुएंसर्स आए विदेश मंत्रालय के इस दल में जमैका और सूरीनाम देश से सबसे ज्यादा 3-3 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स आए हैं। वहीं बारबाडोस, बेलिज, कोस्टा रिका, क्यूबा, डोमिनिका, डोमिनिकन रिपब्लिक, मेक्सिको, निकारागुआ, पनामा, पेरू और त्रिनिदाद एंड टोबैगो से 2-2 सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा बोलीविया, सेंट लूसिया और सेंट विंसेंट देश से 1-1 क्रिएटर आया है। 13 अगस्त को जयपुर में घूमेंगे 13 अगस्त को जयपुर पहुंचकर हवामहल, सिटी पैलेस और जंतर-मंतर घूमेंगे। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा लेंगे और 16 अगस्त को स्वदेश लौट जाएंगे। ये खबर भी पढ़े… उदयपुर पहुंचे 18 देशों के 32 विदेशी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स:महलों में घूमने के साथ झील में बोट राइड करेंगे; जयपुर में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में लेंगे हिस्सा उदयपुर में 18 देशों के 32 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स पहुंचे। यह ग्रुप उदयपुर के ऐतिहासिक महलों, पिछोला झील में बोट राइड और बाहुबली हिल्स पर ट्रैकिंग का आनंद लेगा। इसके बाद 12 अगस्त को चित्तौड़गढ़ दुर्ग देखने के बाद यह दल जयपुर के लिए रवाना होगा, जहां वे 15 अगस्त को भारत के स्वतंत्रता दिवस समारोह के साक्षी बनेंगे। (पूरी खबर पढ़ें…)
बलिया में जनेश्वर मिश्र सेतु के नीचे सोमवार शाम गंगा नदी में पूजा सामग्री विसर्जित करते समय डूबे पति-पत्नी डूब गए। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे पत्नी का शव बरामद हुआ। वहीं अधिवक्ता की तलाश में एनडीआरएफ की टीम मंगलवार देर शाम तक अभियान चलाती रही, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल सका। मामला दुबहर थाना क्षेत्र का है। बांसडीह थाना क्षेत्र के फरसाटार(छितौनी) निवासी ओमप्रकाश दुबे अपनी पत्नी इंदू देवी (53) के साथ शहर के टैगोर नगर में रहते थे। बताया गया कि सोमवार को उनके घर में सुख-समृद्धि के लिए रुद्राभिषेक कराया गया था। इसके बाद शाम करीब 7:30 बजे दोनों पूजा सामग्री गंगा में विसर्जित करने के लिए जनेश्वर मिश्र सेतु पहुंचे थे। गंगा नदी में बाढ़ के चलते जलस्तर बढ़ा हुआ था। सेतु के नीचे पूजा सामग्री विसर्जित करते समय अचानक पैर फिसलने से दोनों गहरे पानी में चले गए। एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में दोनों नदी की तेज धारा में समा गए। गंगा नदी के किनारे मिला महिला का शव देर रात तक दोनों के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने आसपास तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। मंगलवार सुबह परिजनों ने सदर कोतवाली पुलिस को दोनों के लापता होने की सूचना दी। इसी बीच दुबहर क्षेत्र में गंगा नदी में एक महिला का शव उतराता मिला। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान इंदू देवी के रूप में की। पत्नी का शव मिलने के बाद प्रशासन ने ओमप्रकाश दुबे की तलाश के लिए एनडीआरएफ की टीम को बुलाया। टीम ने मंगलवार देर शाम तक गंगा नदी में सघन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन उन्हें तलाशने में सफलता नहीं मिली। थानाध्यक्ष अनुपम जायसवाल ने बताया- नदी से बरामद महिला के शव की शिनाख्त परिजनों ने इंदू देवी के रूप में की है। परिजनों की सूचना पर ओमप्रकाश दुबे की तलाश एनडीआरएफ टीम कर रही है। टीम के साथ पुलिसकर्मी भी नदी तट पर मौजूद हैं और तलाश अभियान जारी है।
शिवपुरी एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया ने 3 पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की है। खनियाधाना टीआई केदार सिंह यादव और महिला एसआई छाया राय को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। वही, नरवर टीआई विनय यादव को पुलिस लाइन अटैच किया गया है। इस कार्रवाई के बाद तीनों अधिकारी अब पुलिस लाइन में रहेंगे। फिलहाल खनियाधाना और नरवर थानों में नए प्रभारियों की नियुक्ति नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार, खनियाधाना टीआई केदार सिंह यादव और एसआई छाया राय पर नाबालिग से जुड़े एक मामले में कार्रवाई की गई है। यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा था। उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद दोनों को निलंबित किया गया। सट्टेबाजी की शिकायत के बाद की गई कार्रवाई वहीं, नरवर क्षेत्र में सट्टेबाजी को लेकर एसपी को शिकायतें मिली थीं। जांच के लिए कोतवाली से एक टीम बिना सूचना भेजी गई थी। जांच शिकायत सही पाई गई। इसके बाद एसपी द्वारा नरवर थाना प्रभारी पर कार्रवाई की गई। हालांकि, पुलिस विभाग की ओर से कार्रवाई का आधिकारिक कारण ‘प्रशासनिक दृष्टि’ बताया गया है। दोनों थानों में नए प्रभारी नियुक्त नहीं बताया जा रहा है कि खनियाधाना टीआई केदार सिंह यादव और नरवर टीआई विनय यादव करीब एक साल से अपने-अपने थानों में तैनात थे। दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई के बाद खनियाधाना और नरवर थानों में नए थाना प्रभारियों की नियुक्ति नहीं हुई है।
लखनऊ के सीतापुर रोड स्थित केशव नगर से 6 अगस्त की शाम लापता हुए प्रॉपर्टी डीलर मोहम्मद रफी का शव मंगलवार दोपहर घैला के पास गोमती नदी से मिला। शव मिलने की सूचना पुलिस ने परिजनों को दी। भाई मोहम्मद शमी और अन्य परिजनों ने कपड़ों के आधार पर शव की पहचान की। 5 दिन पहले घर से बाल कटवाने की बात कहकर निकले थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। परिजनों ने मामले की जांच कर घटना की सच्चाई सामने लाने की मांग की है। बाल कटवाने की बात कहकर पैदल निकले थे केशव नगर के बारी एन्क्लेव निवासी मो. रफी (50) प्रॉपर्टी डीलिंग करते थे। छह अगस्त की शाम करीब चार बजे पत्नी शहला से बाल कटवाने की बात कहकर घर से पैदल निकले थे। उन्होंने मोबाइल फोन और अन्य सामान घर पर ही छोड़ दिया था। देर रात तक वापस नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिवार ने मड़ियांव थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। घैला के पास मिला अज्ञात शव मंगलवार दोपहर घैला के पास गोमती नदी में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। पुलिस ने शव की जानकारी रफी के परिवार को दी। परिजन मौके पर पहुंचे और कपड़ों के आधार पर शव की पहचान की। परिवार ने की जांच की मांग रफी की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका अभी पता नहीं चल सका है। परिवार ने घटना की जांच कराने की मांग की है। मड़ियांव इंस्पेक्टर ने बताया कि परिवार की ओर से अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने के बाद मामले की जांच की जाएगी।
पूर्व पंचायत समिति सदस्य की करंट लगने से मौत:मोतिहारी में नीलगाय से फसल बचाने लगे वायर में था करंट
मोतिहारी जिले में जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए खेत में लगाए गए बिजली के नंगे तार की चपेट में आने से एक पूर्व पंचायत समिति सदस्य की मौत हो गई। मृतक की पहचान अखिलेश साह (50) के रूप में हुई है, जो जितपुर पंचायत से पूर्व पंचायत समिति सदस्य रह चुके थे। उनकी पत्नी भी पंचायत की मुखिया रह चुकी हैं। यह घटना जितना थाना क्षेत्र में हुई। जानकारी के अनुसार, मंगलवार को अखिलेश साह अपनी फसल देखने खेत गए थे। इसी दौरान खेत की मेड़ पर उनका पैर फिसल गया और वे खेत के चारों ओर लगाए गए नंगे बिजली के तार की चपेट में आ गए। मौके पर ही गई जान ग्रामीणों का आरोप है कि इस तार में बिजली का करंट प्रवाहित किया जा रहा था, जिससे अखिलेश साह की मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक, एक किसान ने नीलगाय सहित अन्य जंगली जानवरों से अपनी लौकी और बोड़ी की फसल को बचाने के लिए खेत के चारों ओर नंगे तार से घेराबंदी की थी। आरोप है कि फसल की सुरक्षा के लिए इस तार में अवैध रूप से बिजली का करंट छोड़ा गया था, जिसकी चपेट में अखिलेश साह आ गए। घटना की सूचना मिलते ही जितना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल भेज दिया। 5 साल पंचायत समिति सदस्य रहे थे घटना के बाद संबंधित किसान अपने परिवार सहित घर छोड़कर फरार हो गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जितना थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परिजनों से आवेदन मिलने और जांच में अवैध रूप से करंट प्रवाहित करने की पुष्टि होने के बाद संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अखिलेश साह वर्ष 2011 से 2016 तक जितपुर पंचायत से पंचायत समिति सदस्य रहे थे। वहीं उनकी पत्नी सविता देवी वर्ष 2016 से 2021 तक पंचायत की मुखिया रही थीं। आवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई परिवार में सोमवार को ही नवजात के जन्म से खुशी का माहौल था। लेकिन कुछ ही घंटों बाद अखिलेश साह की मौत की खबर से परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के आवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। घटना के बाद ग्रामीणों में भी खेतों में इस तरह अवैध तरीके से करंट प्रवाहित किए जाने को लेकर आक्रोश है।
बरेली में फर्जी इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (आईएसटीपी) के जरिए खनिज परिवहन का मामला सामने आया है। खनन विभाग की जांच में वाहन का आईएसटीपी एम-चेक एप पर अमान्य मिला। इसके बाद खनन अधिकारी बरेली की ओर से वाहन चालक, वाहन मालिक और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि वाहन में कौन-सा खनिज लदा था और उसे कहां से लाकर कहां ले जाया जा रहा था। डीएम अविनाश सिंह के निर्देश पर बरेली में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत 11 अगस्त को खनन विभाग की टीम ने वाहन संख्या यूपी25ईटी5358 की जांच की। जांच के दौरान चालक ने खनिज परिवहन से संबंधित इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (आईएसटीपी) दिखाया। टीम ने पास की ऑनलाइन जांच एम-चेक एप के जरिए की। जांच में आईएसटीपी अमान्य पाया गया। उत्तराखंड से बरेली लाने का दर्ज था रिकॉर्ड जांच में सामने आया कि वाहन के दस्तावेज में आईएसटीपी संख्या 6863202601942701145 दर्ज थी। इसके साथ ओरिजिन ट्रांजिट पास संख्या ओजे00422222394 और 11 अगस्त 2026 की तारीख दर्ज थी। दस्तावेज में खनिज का मूल स्थान हाथीखाल, तहसील लालकुआं, जिला नैनीताल, उत्तराखंड दर्ज था। प्रवेश और गंतव्य जिला बरेली अंकित था। यानी दस्तावेज के मुताबिक खनिज उत्तराखंड के नैनीताल से बरेली लाया जा रहा था। पास अमान्य मिला तो दर्ज कराया मुकदमा एम-चेक एप पर आईएसटीपी अमान्य पाए जाने के बाद खनन विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। खनन अधिकारी बरेली की ओर से वाहन चालक, वाहन मालिक और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। अब विभाग यह भी जांच कर रहा है कि वाहन में किस प्रकार का खनिज लदा था, उसकी मात्रा कितनी थी और उसे किन परिस्थितियों में बरेली लाया जा रहा था। वैध आईएसटीपी के बिना परिवहन पर कार्रवाई खनन विभाग के अनुसार, एक राज्य से दूसरे राज्य में खनिज परिवहन के लिए वैध आईएसटीपी और जरूरी दस्तावेज होना अनिवार्य है। ऑनलाइन जांच में दस्तावेज अमान्य पाए जाने पर उसे वैध परिवहन दस्तावेज नहीं माना जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अमान्य आईएसटीपी, फर्जी दस्तावेज या जरूरी अभिलेखों के बिना खनिज परिवहन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। डीएम के निर्देश पर अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

