रणथंभौर दुर्ग में आज एक बार फिर बाघिन की दस्तक दिखाई दी। जिससे यहां एक बारगी यहां भय का माहौल बन गया। श्रद्धालुओं ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलने के बाद वन विभाग टीम मौके पर पहुंची। यहां पहुंचकर वन विभाग की टीम ने एतिहात के तौर पर सभी श्रद्धालुओं को बाघिन के मूवमेंट से दूर किया। इस दौरान यहां करीब 2 घंटे तक श्रद्धालुओं की आवाजाही रोक दी गई। जब बाघिन का मूवमेंट जंगल की ओर हो गया तो रणथंभौर दुर्ग में प्रवेश फिर से शुरू कर दिया गया। दो घंटे के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही रोकी रणथंभौर टाइगर रिजर्व फर्स्ट के डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि रणथंभौर किले क्षेत्र में बाघिन रिद्धी की बेटी RBT-2504 का मूवमेंट देखा गया। जिसकी सूचना श्रद्धालुओं ने वन विभाग को दी। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर तैनात किया गया। यहां टीम गणेश मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित करते हुए बाघिन के मूवमेंट से दूर किया। इस दौरान वन विभाग की टीम ने बाघिन के मार्ग को पूरी तरह क्लियर कराया गया और रणथंभौर दुर्ग के नौलखा गेट को बंद कर दिया। जिसके बाद वन विभाग की टीम की निगरानी में टाइग्रेस शांति से वापस वन क्षेत्र की ओर लौट गई। डीएफओ सिंह ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और किसी प्रकार की जनहानि या नुकसान नहीं हुआ। एहतियातन क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। आपको बता दें कि इससे पहले रणथंभौर दुर्ग के अंदर बाघ के हमले में जैन मंदिर के गार्ड की मौत हो चुकी है। जिसके बाद अब फिर से यहां टाइगर मूवमेंट देखा गया है। ऐसे वन विभाग ने श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील की है।
हरदा कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने बुधवार को हंडिया तहसील का औचक भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें प्राथमिक स्कूल नांदरा में दोनों शिक्षक अनुपस्थित मिले। वहीं, ग्राम आलनपुर में आंगनवाड़ी केंद्र बंद पाया गया। कलेक्टर ने इन लापरवाहियों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। नांदरा के प्राथमिक स्कूल में शिक्षकों की अनुपस्थिति पर कलेक्टर जैन ने जिला शिक्षा अधिकारी को दूरभाष पर निर्देश दिए। उन्होंने दोनों शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और गंभीर रूप से लापरवाह शिक्षक को निलंबित करने के आदेश दिए। आलनपुर में कार्यकर्ता का वेतन काटा जाएगा आलनपुर में आंगनवाड़ी केंद्र बंद मिलने पर कलेक्टर ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का वेतन काटने के निर्देश दिए। साथ ही, सीडीपीओ और सुपरवाइजर को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए हैं। भ्रमण के दौरान कलेक्टर ने नांदरा की आंगनवाड़ी और आलनपुर की प्राथमिक शाला का भी निरीक्षण किया। आलनपुर में मध्यान्ह भोजन पकाने की व्यवस्था का जायजा लेते हुए उन्होंने शिक्षक और रसोइया को भोजन की उत्तम गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम अशोक डेहरिया भी मौजूद थे।
शहर की एक निजी फाइनेंस कंपनी के पूर्व कर्मचारियों द्वारा ग्राहकों से किश्तों की रकम वसूल कर कंपनी में जमा नहीं कराने का मामला सामने आया है। आरोप है कि अभियुक्तों ने आपसी साजिश के तहत करीब 10 लाख रुपये की राशि हड़प ली। मामले में बैंक ने जरिये इस्तगासे के कोतवाली थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिवादी मैसर्स एस.जी. रॉयल कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड ने न्यायालय में प्रस्तुत परिवाद में बताया कि कंपनी के पूर्व कर्मचारी हिमांशु शर्मा (पूर्व ब्रांच मैनेजर), दुर्गेश सिंह नरूका और रोहित कुमार मुदगल (पूर्व रिलेशनशिप मैनेजर) और विवेक सिंह नरूका (पूर्व फील्ड सेल्स एग्जीक्यूटिव) ने मार्च, अप्रैल और मई माह में ग्राहकों से किश्तों की राशि तो वसूल ली, लेकिन वह रकम कंपनी के खाते में जमा नहीं कराई। कंपनी के अनुसार जब बकाया किश्तों को लेकर ग्राहकों से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि वे भुगतान पहले ही अभियुक्तों को कर चुके हैं। इससे कंपनी को आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी भी हुई। आरोप है कि वसूली गई राशि अभियुक्तों ने अपने निजी उपयोग में ले ली। परिवाद में यह भी कहा गया है कि रकम वापस मांगने पर अभियुक्तों द्वारा कंपनी के कर्मचारियों को धमकियां दी गईं। इसके अलावा 24 मई 2025 को एक कर्मचारी के साथ मारपीट कर उसकी गाड़ी का शीशा तोड़ने और वाहन को क्षतिग्रस्त करने का भी आरोप लगाया गया है। कंपनी का आरोप है कि सेवा से पृथक किए जाने के बाद भी अभियुक्त अवैध रूप से ग्राहकों से किश्तों की वसूली करते रहे और राशि अपने निजी खातों में जमा कराते रहे। इस संबंध में नोटिस जारी किए जाने के बावजूद उनकी गतिविधियां नहीं रुकीं। परिवादी द्वारा पहले कोतवाली थाना और बाद में पुलिस अधीक्षक अलवर को शिकायत भेजी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय की शरण ली गई। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कासगंज जनपद की कोतवाली सोरों क्षेत्र में एक 16 वर्षीय किशोर शव मिलने से इलाके में सनसनी फैहल गई। किशोर का शव गांव में उसके ही घर के पास संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला। वहीं इस घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौक़े पर पहुंची। जंहा पुलिस ने मृतक किशोर के शव को कब्जे में लेकर पीएम को भेज दिया है। किशोर की मौत के बाद उसके परिवार में मातम का माहौल छाया हुआ है। आपको बता दें मृतक 16 वर्षीय किशोर का नाम श्याम सुंदर पुत्र किशन लाल था। जोकि कासगंज जिले की सोरों कोतवाली क्षेत्र के गांव कंडेलगंज का रहने वाला था। मृतक के परिजनों के अनुसार उनके गांव के रहने वाले यशेंद्र के यहां बीते दिवस बेटी की शादी समारोह चल रहा था। जिसमें श्याम सुंदर घरेलू कार्य करने गया हुआ था, गांव में बारात चढ़ने के बाद ग्रामीणों ने श्याम सुंदर को उसके घर के पास गली में मृत अवस्था में पड़ा देखा, तो इसकी जानकारी श्याम सुंदर के परिजनों को दी। सूचना मिलते ही श्याम सुंदर के परिजन मौके पर जा पहुंचे,जंहा किशोर के परिवार वालों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौक़े पर पहुंची।और पुलिस ने मृतक किशोर के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं श्यामसुंदर की मौत के बाद से उसकी मां शीला, भाई देवेंद्र व गौतम का रो-रोकर बुरा हाल है। इंस्पेक्टर सोरों के प्रभारी जगदीश चंद्र के मुताविक किशोर के शव को पीएम को भेजा गया है। और पीएम रिपोर्ट आने के बाद किशोर की मौत का सही कारण पता चल सकेगा। और पुलिस किशोर की मौत होने के मामले में गांव में लोगों से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है।
त्रिलोकपुर पुलिस ने एक नाबालिग के अपहरण के आरोपी को मात्र 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने पीड़िता को भी सुरक्षित बरामद कर लिया है। यह कार्रवाई त्रिलोकपुर पुलिस और सर्विलांस टीम के संयुक्त प्रयास से हुई। आरोपी ऋषभ कुमार शुक्ला, जो सेमरा बनकसिया का निवासी है, उसे बुधवार को ग्राम गौरी बड़हरी से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद, नाबालिग पीड़िता को सुरक्षित बरामद किया गया और आरोपी को आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं के बाद न्यायालय में पेश किया गया। इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थानाध्यक्ष चंद्रकांत पांडेय के नेतृत्व में उपनिरीक्षक गणेश कुमार, उपनिरीक्षक हरेंद्र चौहान, हेड कांस्टेबल अदनान शेख, कांस्टेबल सत्य वेदी सिंह और महिला कांस्टेबल इंद्रा तिवारी शामिल थे। स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि टीम की त्वरित कार्रवाई ने अपहरण जैसे गंभीर अपराधों पर पुलिस की तत्परता और प्रभावी नियंत्रण को प्रदर्शित किया है। अधिकारियों ने नागरिकों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है। त्रिलोकपुर पुलिस की यह सफलता नाबालिगों की सुरक्षा और क्षेत्र में अपराध नियंत्रण के प्रति उनकी गंभीर प्रतिबद्धता को उजागर करती है।
सीतापुर के कोतवाली देहात क्षेत्र के धर्मदास कॉलोनी में चोरों ने एक मकान को निशाना बनाते हुए लाखों की चोरी की वारदात को अंजाम दे दिया। मकान मालिक परिवार सहित शादी समारोह में शामिल होने बाहर गए हुए थे, जबकि दूसरी मंजिल पर किरायेदार सो रहे थे। इसी दौरान चोरों ने घर का ताला तोड़कर नगदी और जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। चोरों की कारतूस वहां लगे सीसीटीवी में कैद हो गई। जानकारी के अनुसार धर्मदास कॉलोनी निवासी प्रदीप कुमार सोनी अपने परिवार के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने शहर से बाहर गए थे। देर रात अज्ञात चोरों ने उनके मकान का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और करीब 75 हजार रुपये की नगदी तथा सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए। गृहस्वामी के मुताबिक चोर करीब तीन लाख रुपये मूल्य के सोने चांदी के जेवरात समेट ले गए। हैरानी की बात यह रही कि वारदात के समय मकान की दूसरी मंजिल पर किरायेदार मौजूद थे और सो रहे थे, उन्हें घटना की भनक तक लगी तो मामल की सूचना रिश्तेदारों को दी घटना की जानकारी होने पर किरायेदारों ने रात में ही पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कोतवाली देहात पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में दो संदिग्ध चोरों की गतिविधियां कैद हो गई हैं, जिसके आधार पर पुलिस उनकी पहचान करने में जुटी है। सीओ सदर नेहा त्रिपाठी और प्रभारी निरीक्षक अमर सिंह ने मौके का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। घटना के बाद कॉलोनी में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। फिलहाल पुलिस मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
बागपत: फाल्गुन मास की महाशिवरात्रि मेले से पहले ऐतिहासिक पुरा महादेव परशुरामेश्वर मंदिर में सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। बागपत के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सूरज राय ने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों व मुख्य पुजारी से बातचीत की। एसपी सूरज राय ने पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मेले के दौरान सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से मेला परिसर तथा कांवड़ मार्गों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग, मार्गों की सुरक्षा, प्रवेश व निकासी द्वार, पार्किंग व्यवस्था और ड्यूटी पॉइंट सहित सभी इंतजामों की समीक्षा की गई। 3 तस्वीरें देखिए… यह ऐतिहासिक पुरा महादेव परशुरामेश्वर मंदिर लाखों शिव भक्तों की आस्था का केंद्र है, जहां साल भर श्रद्धालु जलाभिषेक करने आते हैं। श्रावण मास और फाल्गुन मास में यहां तीन दिवसीय मेले का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिव भक्तों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए विशेष ध्यान रखा जा रहा है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहेगा।
फिरोजाबाद में युवक का शव पेड़ से लटका मिला:परिजन आत्महत्या मान रहे, रात को पड़ोसी से हुआ था विवाद
फिरोजाबाद के नगला पान सहाय इलाके में बुधवार सुबह सड़क किनारे एक पेड़ से एक युवक का शव लटका मिला। शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की। स्थानीय लोगों ने बुधवार सुबह नगला पान सहाय के पास पेड़ से शव लटका देखा, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचित किया। थाना उत्तर पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर उसकी पहचान की। मृतक की पहचान 23 वर्षीय सोनू के रूप में हुई है, जो मीतपुर का निवासी था और वर्तमान में दयालनगर में रहता था। परिजनों के अनुसार, सोनू का आत्महत्या से पहले अपने पड़ोसी से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद वह मानसिक तनाव में था। परिजन इसे आत्महत्या का मामला मान रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया और परिजन मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस घटनास्थल के आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और आत्महत्या, दुर्घटना या किसी अन्य संभावित कारण सहित सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। थाना उत्तर के इंस्पेक्टर अंजीश कुमार ने बताया कि युवक का शव पेड़ से लटका मिला है। प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। पुलिस मामले के हर बिंदु की गंभीरता से पड़ताल कर रही है।
अजमेर जिले के मांगलियावास थाना अंतर्गत डुमाडा गांव में बुधवार को सार्वजनिक रास्ते में अतिक्रमण का विरोध कर रहे ग्रामीणों पर वार्डपंच के परिजनों ने बोलेरो चढ़ा दी। जिससे पूर्व सरपंच गोविंद राम गुर्जर सहित तीन अन्य ग्रामीण भी घायल हो गए। जिन्हें इलाज के लिए अजमेर के जेएलएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के समय पूर्व सरपंच गोविंदराम समेत ग्रामीण मौके पर अतिक्रमण कर रहे छगन पुत्र हजारी गुर्जर, सरपंच प्रतिनिधि गुरुदयाल गुर्जर तथा उसके पक्ष के साथ रास्ता रोके जाने पर ग्रामीण समझाइश कर रहे थे। इसी दौरान छगन गुजर ने फोन करके अपने लड़कों को बुला लिया। उसका लड़का गोपाल, परमेश्वर एक बोलेरो में सवार होकर आए और समझाइश के लिए मौके पर खड़े पूर्व सरपंच गोविंदराम गुर्जर और ग्रामीणों पर बोलेरो चढ़ा दी। जिससे मौके पर हड़कंप मच गया। बोलेरो चढ़ाने से गोविंद गुर्जर के दोनों हाथ फैक्चर हो गए रीड की हड्डी, पसलियां टूट गई, सिर में चोट पहुंची, वहीं कान में टांके आए। उन्हें गंभीर रूप से घायल अवस्था में इलाज के लिए अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। हादसे में ग्रामीण सेवा पुत्र छोगा, कालू पुत्र हीरा, गोविंद पुत्र देव भी घायल हो गए। उन्हें भी इलाज के लिए अजमेर जेएलन अस्पताल भर्ती कराया गया है। इधर सूचना पाकर मांगलियावास थाने से एएसआई गोपाराम जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान आरोपी मौके से फरार हो गए। सेवानिवृत्ति विकास अधिकारी उगमचंद गुर्जर, सरपंच के भाई सत्यनारायण गुर्जर समेत ग्रामीणों ने घायल गोविंद राम तथा ग्रामीणों को अजमेर जेएन अस्पताल पहुंचाया। जहां गोविंदराम की हालत नाजुक बताई जा रही है। इधर मांगलियावास पुलिस घटना के बाद फरार आरोपियों की तलाश तथा मामले की जांच में जुटी हुई है। पूर्व विकास अधिकारी उगम चंद गुर्जर समेत ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर वार्ड पंच हरदयाल गुर्जर के पिता छगन पुत्र हजारी गुर्जर और उसके लड़के परमेश्वर, गोपाल जबरन मौके पर सार्वजनिक रास्ते पर दीवार खींचकर उसे पर अतिक्रमण करने का प्रयास कर रहे थे। घटना का पता चलने पर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। पूर्व सरपंच गोविंदराम समेत ग्रामीण मौके पर पहुंचे। समझाइस के दौरान छगन गुर्जर आवेश में आ गया और उसने फोन पर सूचना कर अपने लड़कों को मौके पर बुला लिया। इस दौरान परमेश्वर ने मौके पर मौजूद लोगों पर बोलेरो चढ़ा दी और मौके से फरार हो गए। सरपंच जगदेव गुर्जर ने बताया कि उनके बड़े पिता पर लगाए जा रहे आप बिल्कुल निराधार है। बड़े पिता को और सरपंच ने खुद ने फोन करके मौके पर बुलाया था। वहां पहले से ही लोग इकट्ठा हो रखे थे। गांव के दो पक्ष आपस में रास्ते को लेकर झगड़ रहे हैं। वर्तमान में रास्ते से संबंधित कोई काम नहीं चल रहा है।
करनाल के उत्तम नगर में सामान वापसी को लेकर हुआ मामूली विवाद हिंसक झगड़े में बदल गया। एक दुकान से खरीदे गए चावल लौटाने पहुंची महिला से दुकानदार की कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि दुकानदार महिला ग्राहक के घर तक पहुंच गई और वहां तीन युवकों को बुलाकर महिला और उसके पति पर चाकू से हमला करवा दिया। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल महिला की पहचान सोनी और उसके पति की पहचान अजय दास के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और करनाल के उत्तम नगर में रहते हैं। सोनी ने बताया कि बीती रात वह एक दुकान से 200 रुपए के चावल लेकर आई थी। घर पहुंचने पर पता चला कि चावल मोटा है, जो उन्हें पसंद नहीं था। इसी वजह से वह साइकिल पर वापस दुकान पर चावल लौटाने पहुंची। पचास रुपए काटने की बात पर बढ़ा विवाद सोनी के अनुसार, उसने दुकानदार से कहा कि वह मोटा चावल नहीं खाती, इसलिए चावल वापस ले लिया जाए। इस पर दुकानदार ने कहा कि पचास रुपए काटे जाएंगे। सोनी ने विरोध किया और कहा कि जब चावल का इस्तेमाल ही नहीं किया तो पैसे क्यों काटे जाएं। दुकानदार ने यह कहते हुए विवाद बढ़ा दिया कि चावल आधा किलो कम है। सोनी ने कहा कि पैसे काटकर बाकी रकम लौटा दो, लेकिन इस पर दुकानदार गुस्से में आ गई और चावल का थैला बाहर फेंक दिया। घर के बाहर बुलाए तीन युवक, चाकू से हमला सोनी ने खाली थैला उठाया और साइकिल से घर लौट आई। जब वह घर पहुंची तो महिला दुकानदार पहले से वहां खड़ी थी। साइकिल का स्टैंड लगाते ही दुकानदार ने उसके मुंह पर थप्पड़ मार दिया। जवाब में सोनी ने भी थप्पड़ मार दिया। इसके बाद दुकानदार वहां से तीन लड़कों को बुलाकर लाई। इन तीनों ने सोनी और उसके पति अजय दास पर चाकू से हमला कर दिया। दोनों गंभीर घायल, अस्पताल में भर्ती हमले में सोनी गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि उसके पति अजय दास को भी चोटें आईं। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और दोनों को घायल अवस्था में करनाल के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस जांच में जुटी सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। घायल महिला के बयान के आधार पर शिकायत दर्ज कर ली गई है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और हमले में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गोंडा पुलिस ने 32 वर्षीय शिव शंकर उर्फ लल्ला दुबे हत्याकांड का खुलासा किया है। इस मामले में मृतक के सगे छोटे भाई UPSC छात्र अमरनाथ दुबे को गिरफ्तार किया गया है, जो यूपीएससी का छात्र है। घटना गोंडा जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत नारायणपुर माझा ग्राम पंचायत के दुल्हिन पुरवा गांव में बीते 3 फरवरी को देर रात्रि में हुई थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि अमरनाथ दुबे ने अपनी प्रेमिका के शौक पूरे करने के लिए पैसों की कमी के चलते यह हत्या की। वह दिल्ली और बाद में लखनऊ में यूपीएससी की तैयारी कर रहा था, जहां उसका एक लड़की से प्रेम संबंध हो गया। घर से मिलने वाला सारा पैसा वह प्रेमिका पर खर्च कर रहा था, लेकिन सफलता न मिलने पर परिवार ने उसे पैसे देने से मना कर दिया था। परिवार के कामकाज और पैसों का हिसाब-किताब बड़े भाई शिव शंकर दुबे के पास था। अमरनाथ को जब भी पैसों की जरूरत होती थी, शिव शंकर ही उसे पैसे देते थे। जब शिव शंकर ने पैसे देने से इनकार किया, तो अमरनाथ को लगा कि उसका भाई जानबूझकर उसके करियर को खराब कर रहा है। इसी बात को लेकर अमरनाथ ने हत्या की योजना बनाई। उसने देखा कि उसके माता-पिता 2 जनवरी को एक महीने के कल्पवास के लिए प्रयागराज गए थे और 3 फरवरी को लौटने वाले थे। अमरनाथ ने माता-पिता के लौटने से पहले ही हत्याकांड को अंजाम देने की ठानी। योजना के तहत, अमरनाथ ने 27 जनवरी को करनैलगंज कस्बे से एक साइकिल विक्रेता से 60 रुपये में चाकू खरीदा। चार दिन बाद, 31 जनवरी को, वह पड़ोस की भाभी को बैंक ले जाने के बहाने करनैलगंज गया और एक दुकान से 20 रुपये देकर उस चाकू की धार लगवाई। इसके बाद तीन दिन बाद 3 फरवरी को रात्रि 11:00 बजे खेत में पानी लगाने का बहाना बनाया और अपने भाई को घर से कुछ ही दूरी पर ले गया। वहां अपने भाई के आंख में पहले अपने जेब में रखें मिर्ची के पाउडर को डाला जब उसे कुछ दिखाई नहीं दिया। तो अपने जेब में रखें चाकू से ताबड़तोड़ 17 बार वार करके उसकी निर्मम तरीके से हत्या कर दी थी।हत्याकांड को अंजाम देने के बाद खुद भी चाकू से वार करके घायल हो गया था और मृतक के जेब में रखे 31 हजार 500 रुपए निकाल कर खेत की मेड़ में मिट्टी से दबा दिया। घरवालों को बताया कि अज्ञात लोगों ने हत्या की है। गांव के ही पांच लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया गया। पुलिस ने गिरफ्तार करके आरोपी को जेल भेज दिया है खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 25000 का इनाम भी दिया है।
कानपुर के लालबंगला स्थित दुलारे ज्वैलर्स में बुधवार दोपहर करीब 1:30 बजे आयकर विभाग की टीम ने पहुंचकर जांच शुरू कर दी। टीम ने दुकान के साथ ही सामने स्थित मकान में भी दस्तावेज खंगालने और पूछताछ की कार्रवाई शुरू की है। हालांकि देर शाम तक यह स्पष्ट नहीं हो सका कि कार्रवाई सर्वे के तहत है या छापेमारी के रूप में की जा रही है। दुकान के बाहर भारी पुलिस फोर्स तैनातआयकर विभाग की टीम पांच लग्जरी गाड़ियों से पहुंची, जिसके बाद पूरे बाजार में हड़कंप मच गया। दुकान के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया, जिसमें पीएसी के जवान भी शामिल हैं। मुख्य गेट पर सुरक्षा घेरा बनाकर किसी भी बाहरी व्यक्ति की एंट्री रोक दी गई। कर्मचारियों को अंदर रोका, घर में भी जांचअधिकारियों ने दुकान के कर्मचारियों को अंदर ही रोक लिया है। किसी को बाहर जाने या अंदर आने की अनुमति नहीं दी जा रही। सूत्रों के मुताबिक, आयकर विभाग की दो टीमें दुकान के सामने स्थित घर में भी दस्तावेजों की जांच और पूछताछ कर रही हैं। कार्रवाई एक-दो दिन तक चलने की संभावना है। तथ्यों के आधार पर आगे संयुक्त कार्रवाई की भी तैयारी की जा सकती है।
मिर्जापुर के लालगंज थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह एक सड़क हादसे में बीटेक छात्र समेत दो लोगों की मौत हो गई। वाराणसी-रीवा हाईवे पर बसही कला गांव के पास एक अज्ञात वाहन की टक्कर से उनकी बाइक डिवाइडर से टकरा गई थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान लालगंज थाना क्षेत्र के परसिया गांव निवासी 26 वर्षीय बीटेक छात्र दिलीप कुमार मिश्र और प्रयागराज जिले के कोरांव थाना क्षेत्र के नथऊपुर गांव निवासी 70 वर्षीय आनंद प्रसाद तिवारी के रूप में हुई है। यह हादसा सुबह करीब नौ बजे हुआ, जब दोनों मीरजापुर के भुईली गांव में एक रिश्तेदारी से अपने घर वापस लौट रहे थे। बसही कला गांव के पास अज्ञात वाहन की टक्कर के बाद बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। दिलीप कुमार मिश्र परसिया गांव के चंद्रमणि मिश्रा के तीन बेटों में सबसे छोटे थे और अविवाहित थे। वह लखनऊ से बीटेक की पढ़ाई कर रहे थे। आनंद प्रसाद तिवारी के एक पुत्र और पांच पुत्रियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। मृतक आनंद तिवारी के जीजा और नंदौली पटेहरा गांव निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता विजय नारायण मिश्र ने बताया कि दोनों लोग मीरजापुर के भुईली गांव में एक शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे।
भाजपा ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय का समर्पण दिवस मनाया:सम्भल जिला कार्यालय में कार्यक्रम आयोजित
भारतीय जनता पार्टी की ओर से बुधवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर ‘समर्पण दिवस’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम भाजपा जिला कार्यालय, एकता बिहार कॉलोनी में संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राजेश यादव मुख्य अतिथि और पूर्व जिला महामंत्री हरिओम शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष चौधरी हरेंद्र सिंह ने की, जबकि संचालन जिला उपाध्यक्ष मनोज कठेरिया ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्रों पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। जिलाध्यक्ष चौधरी हरेंद्र सिंह ने बताया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि प्रत्येक वर्ष 11 फरवरी को मनाई जाती है, जिसे भाजपा ‘समर्पण दिवस’ के रूप में श्रद्धापूर्वक मनाती है। उन्होंने बताया कि उपाध्याय का निधन 11 फरवरी 1968 को हुआ था। वे भारतीय जनसंघ के सह-संस्थापक और प्रमुख राष्ट्रवादी विचारक थे। ‘अंत्योदय’ सिद्धांत पर दिया जोर मुख्य वक्ता हरिओम शर्मा ने अपने संबोधन में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के ‘अंत्योदय’ सिद्धांत पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उपाध्याय समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के पक्षधर थे। शर्मा ने कहा कि जब तक सबसे कमजोर और वंचित व्यक्ति का उत्थान नहीं होता, तब तक विकास अधूरा रहता है। वास्तविक प्रगति का आकलन गरीब और वंचित वर्ग को मिल रहे लाभ के आधार पर ही किया जाना चाहिए। ‘एकात्म मानववाद’ को बताया देश के लिए मार्गदर्शक मुख्य अतिथि राजेश यादव ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के ‘एकात्म मानववाद’ की विचारधारा को देश के लिए नई दिशा देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि उपाध्याय स्वदेशी और लघु उद्योगों के प्रबल समर्थक थे और आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प कार्यक्रम में परमेश्वर लाल सैनी, मंजू दिलेर, प्रभात शर्मा, योगेंद्र त्यागी, जयप्रकाश प्रजापति, सतीश अरोड़ा, मुकुल रस्तोगी सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अंत में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के आदर्शों पर चलने और उनके सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लेते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मंगलवार को SGSITS कॉलेज के पास से दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 10.46 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1 लाख 10 हजार रुपए बताई जा रही है। एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि अवैध मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसी क्रम में मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक इलाके में ब्राउन शुगर की सप्लाई करने की फिराक में हैं। सूचना के आधार पर मंगलवार को क्राइम ब्रांच की टीम SGSITS कॉलेज के पास सार्वजनिक शौचालय के सामने पहुंची। यहां दो युवक संदिग्ध अवस्था में नजर आए। पुलिस टीम को देखकर दोनों भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया। तलाशी लेने पर आरोपियों के पास से 10.46 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई। प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने अपना नाम सौरभ सोनकर निवासी पालदा और गौरव मालवीय निवासी पालदा बताया। केस दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि सौरभ हम्माली करता है और 11वीं तक पढ़ा हुआ है, वहीं गौरव गाड़ी चलाता है और ग्रेजुएट है। दोनों ज्यादा पैसा कमाने की लालच में ब्राउन शुगर की सप्लाई कर रहे थे। उनसे पूछताछ कर जानकारी निकाली जा रही है कि वे ब्राउन शुगर कहां से लाए और किन-किन लोगों को सप्लाई करते थे।
प्रयागराज के काल्विन अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ताला:ओपीडी का रास्ता बंद, मरीज और तीमारदार परेशान
प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू मण्डलीय चिकित्सालय, काल्विन अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ताला लगाने से मरीजों और तीमारदारों को गंभीर परेशानी झेलनी पड़ रही है। ओपीडी की ओर आने-जाने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है, जिससे रोजाना सैकड़ों लोग भटक रहे हैं। इस वार्ड में कुल 42 बेड उपलब्ध हैं, जिनमें एक कोने में लावारिस मरीजों के लिए 10 बेड विशेष रूप से आरक्षित हैं। वर्तमान में इनमें चार लावारिस मरीज भर्ती हैं। प्रशासन ने लावारिस वार्ड को मजबूत गेट लगाकर इमरजेंसी वार्ड से अलग कर दिया है। जिससे ओपीडी से कोई भी प्रवेश नहीं कर पा रहा। तीमारदारों ने शिकायत की है कि वार्ड से दवा, खाना या अन्य जरूरी कामों के लिए बार-बार बाहर जाना पड़ता है। ताला बंद होने से हर बार चक्कर लगाने पड़ते हैं, जो बुजुर्गों और गंभीर मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। एक तीमारदार ने कहा कि इमरजेंसी में समय की कीमत होती है। मरीजों की सुविधा पर असर डाल रहा है। यह ताला हमारी जान ले लेगा। वैकल्पिक गेट या रास्ता बनवाएं। कार्यवाहक मुख्य अधीक्षक डॉ. माया देवी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि लावारिस मरीज अक्सर वार्ड से फरार हो जाते हैं। वे सड़कों पर भटकते हैं और दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। इसलिए सुरक्षा के मद्देनजर गेट बंद किया गया है। हम जल्द ही अलग प्रवेश द्वार की व्यवस्था करेंगे।
रामपुर जिला पंचायत कार्यालय में दिनदहाड़े गोली मारकर वकील की हत्या कर दी गई। उनकी एक बाबू से कहासुनी हुई थी। इसी दौरान फायरिंग हुई। अधिवक्ता के भाई का आरोप है कि बाबू ने गोली मारकर हत्या की है। बाद में अपने बचाव के लिए खुद को घायल कर लिया है। मृतक अधिवक्ता का नाम फारुख है। जबकि जिला पंचायत बाबू असगर अली हैं। वारदात करीब डेढ़ बेज की है। खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है…
करौली ACB ने जनाना की ब्लड बैंक में कार्रवाई करते हुए लैब टेक्नीशियन को गिरफ्तार किया है। लैब टेक्नीशियन ने परिवादी को अस्पताल में ट्रॉली पुलर लगवाने के लिए 25 हजार रुपये की रिश्वत की डिमांड की थी। आज परिवादी जैसे ही लैब टेक्नीशियन को पैसे देने के लिए गया। तभी ACB ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। 25 हजार की रिश्वत लेते ट्रैप करौली ACB चौकी के इंचार्ज जगदीश भारद्वाज ने बताया कि परिवादी ने 3 दिन पहले चौकी पर शिकायत की थी। इसमें बताया था कि भरतपुर के जनाना अस्पताल के ब्लड बैंक में तैनात लैब टेक्नीशियन राम कुमार उसे ट्रॉली पुलर की जगह लगाने के लिए 25 हजार की डिमांड कर रहा है। राम कुमार कह रहा है कि वह PMO से उसके फॉर्म पर साइन करवा लाएगा। आरोपी से पूछताछ जारी जिसके बाद परिवादी की शिकायत का सत्यापन करवाया गया। आज परिवादी को पैसे देने के लिए ब्लड बैंक पहुंचा तो, आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
लखीमपुर खीरी जिले में एक सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई। मृतकों में से एक की बुधवार यानी आज को सगाई होनी थी, जिससे परिवार में शोक का माहौल है। यह घटना खीरी कस्बे के बाहर एक पेट्रोल पंप के पास हुई। पुलिस के अनुसार, सलेमपुर कोन सदर कोतवाली निवासी मनीष कश्यप (25 वर्ष) पुत्र संकटा प्रसाद अपने साथी नन्नू के साथ 10 फरवरी की शाम बाइक से खीरी कस्बा जा रहे थे। खीरी कस्बे के बाहर पेट्रोल पंप के पास एक अज्ञात कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को तत्काल जिला अस्पताल ओयल, लखीमपुर ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने मनीष कश्यप को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल नन्नू को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया गया, लेकिन लखनऊ ले जाते समय उसकी भी मौत हो गई। मृतक नन्नू की आज 11 फरवरी को सगाई होनी थी। घर में खुशी का माहौल था, जो इस हादसे के बाद शोक में बदल गया। मनीष कश्यप अविवाहित थे और जीवन ट्रांसपोर्ट कंपनी में ट्रक बॉडी रिपेयरिंग का काम करते थे। उनके परिवार में छह भाई-बहन हैं। मनीष कश्यप के भाई रामू कश्यप ने 11 फरवरी 2026 को घटना की जानकारी दी उन्होंने बताया पुलिस ने अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है।
उन्नाव में व्यक्ति की जहरीला पदार्थ खाने से मौत:घरेलू कलह के बाद घटना, जिला अस्पताल में दम तोड़ा
उन्नाव के फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र के कोलवा गांव में एक व्यक्ति की जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो गई। मंगलवार शाम जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार, कोलवा गांव निवासी राजेश कश्यप (पुत्र गंगाराम कश्यप) ने कथित तौर पर घरेलू कलह के चलते जहरीला पदार्थ खा लिया था। पदार्थ का सेवन करने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजनों ने राजेश की गंभीर हालत देखते हुए तत्काल एंबुलेंस की सहायता से उन्हें उपचार के लिए उन्नाव के जिला अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने राजेश कश्यप का उपचार शुरू किया, लेकिन उनकी हालत लगातार नाजुक बनी रही। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद मंगलवार शाम को उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया। बुधवार को पोस्टमार्टम हाउस पर मृतक के परिजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे। मृतक राजेश कश्यप अपने पीछे तीन छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं, जिनमें दो बेटे और एक बेटी शामिल हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य बताई जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी में घरेलू विवाद को घटना का कारण बताया जा रहा है। मौत के सही कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।
शिवपुरी में अज्ञात चोरों ने इंदार गांव के दो घरों को निशाना बनाते हुए करीब डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक की चोरी कर ली। चोर लगभग 1 किलो सोना, ढाई किलो चांदी और करीब 20 लाख रुपए नकद लेकर फरार हो गए। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार, सबसे बड़ी चोरी इंदार गांव निवासी चंद्रभान रघुवंशी के घर हुई। परिजन आशीष रघुवंशी ने बताया कि परिवार के सभी सदस्य रात करीब 12 बजे सो गए थे। इसी दौरान अज्ञात चोर छत के रास्ते घर में घुसे और एक कमरे का ताला तोड़कर अंदर दाखिल हो गए। तीन बक्सों के ताले तोड़ेचोरों ने कमरे में रखे तीन बक्सों के ताले तोड़ दिए। इनमें रखी 17 सोने की अंगूठियां, 3 सोने के हार, 4 सोने की चेन, पुरानी सोने की मोहरें और करीब दो किलो चांदी के जेवरात चोरी कर लिए। बताया गया है कि करीब 50–60 तोला सोना नया था, जबकि लगभग 50 तोला सोना पुस्तैनी था, जिसे एक ही स्थान पर रखा गया था। 20 लाख नकद भी ले गए चोरआशीष रघुवंशी ने बताया कि उन्होंने हाल ही में मक्का बेचकर 15 लाख रुपए घर पर रखे थे। इसके अलावा करीब 5 लाख रुपए पहले से घर में मौजूद थे। इस तरह चोर कुल 20 लाख रुपए नकद भी अपने साथ ले गए। दूसरे घर में भी चोरीइसी रात चोरों ने गांव के ही रामवीर सिंह रघुवंशी के घर को भी निशाना बनाया। परिजन शिवकुमार रघुवंशी के अनुसार, चोर कमरे का ताला तोड़कर अंदर घुसे और करीब 12 तोला सोने के जेवरात, लगभग 500 ग्राम चांदी के आभूषण और 3 से 4 हजार रुपए नकद चोरी कर ले गए। पुलिस जांच में जुटीघटना की सूचना मिलते ही इंदार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है।
उत्तर प्रदेश सरकार के बजट-2026 में मेरठ के लिए कोई विशेष सौगात तो नहीं मिली लेकिन कई क्षेत्र में बेहतरी की संभावना दर्शायी गई है। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने खोली यूनिवर्सिटी सालावा मेरठ का जिक्र जरूर किया। मेरठ के सलावा में निर्माणाधीन मेजर ध्यानचंद खेल यूनिवर्सिटी का जिक्र भी बजट की प्रस्तुति के दौरान वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा किया गया। लगभग 100 एकड़ में यह विकसित हो रही है, जिसका अनुमानित बजट 700 करोड़ माना जा रहा है। सलावा खेल यूनिवर्सिटी की घोषणा वर्ष 2025 के बजट में की गई थी। यूनिवर्सिटी के निर्माण में 700 करोड़ की अनुमानित लागत दर्शाई गई थी। वर्ष 2025-26 के बजट में पहले चरण में 230 करोड रुपए का आवंटन हुआ था।दूसरे फेज में लगभग 200 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है, जिससे 31 मई, 2026 तक काम पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
काशी-विन्ध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन:गाजीपुर, जौनपुर समेत छह जिलों के विकास को मिलेगी गति
पूर्वांचल के संतुलित और योजनाबद्ध विकास के लिए काशी-विन्ध्य क्षेत्र क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है। इस प्राधिकरण में जौनपुर, चंदौली, गाजीपुर, मिर्जापुर, भदोही और सोनभद्र जिले शामिल किए गए हैं। इसका उद्देश्य इन जिलों का समेकित और दीर्घकालिक नियोजित विकास सुनिश्चित करना है। सरकार का लक्ष्य इस क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को मजबूत करना, औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना, पर्यटन की संभावनाओं का विस्तार करना तथा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच विकास का संतुलन स्थापित करना है। प्राधिकरण के गठन से क्षेत्रीय स्तर पर एकीकृत विकास योजनाएं तैयार होंगी। इससे सड़क, बिजली, पानी और परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाओं में सुधार आएगा। साथ ही, औद्योगिक गलियारों और निवेश को भी प्रोत्साहन मिलेगा। पर्यटन स्थलों का व्यवस्थित विकास किया जाएगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है। यह प्राधिकरण विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों में तेजी लाएगा, जिससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ेगी। इसी क्रम में प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्र क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण का गठन भी प्रक्रियाधीन है। इसके अस्तित्व में आने के बाद प्रयागराज और चित्रकूट मंडल के जिलों को भी एकीकृत विकास की नई दिशा मिलेगी।
मुरादाबाद के कटघर थाना क्षेत्र में बजरंग दल कार्यकर्ता शोभित ठाकुर उर्फ भूरा की हत्या के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि व्हाट्सएप पर की गई टिप्पणी को लेकर विवाद बढ़ा था, जिसके बाद यह वारदात हुई। गुलाबबाड़ी, सूरज नगर निवासी शोभित ठाकुर बजरंग दल के सूरज नगर खंड के संयोजक थे। 29 सितंबर 2025 की शाम करीब पांच बजे बलदेवपुरी चौराहे के पास हमलावरों ने उन पर फायरिंग कर दी थी। इस हमले में शोभित की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद इलाके में आक्रोश देखा गया था। मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने पीतल नगरी कच्ची बस्ती निवासी जतिन उर्फ लाला, मुस्तफाबाद निवासी अक्कू उर्फ अनुकल्प शर्मा, बसंत विहार निवासी सोहित सागर और पीतल बस्ती निवासी अविनाश के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने चारों आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जांच के दौरान देहरी गांव निवासी हिमांशु यादव की संलिप्तता भी सामने आई, जिसे बाद में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि मामले की विवेचना पूरी कर ली गई है। साक्ष्यों के आधार पर सभी पांचों आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में चार्जशीट प्रस्तुत की गई है। सभी आरोपी इस समय जेल में बंद हैं और आगे की कानूनी कार्यवाही न्यायालय में विचाराधीन है।
फाजिल्का में बुधवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया पहुंचे। उन्होंने फाजिल्का के संजीव सिनेमा चौक से लेकर चौक घंटाघर तक नशे के खिलाफ पैदल यात्रा निकाली। इसमें इलाके के भाजपा नेता, स्कूली बच्चों और प्रशासन सहित समाजसेवियों ने भाग लिया। हालांकि इस यात्रा पर हो रही राजनीति को लेकर सवाल किया गया तो राज्यपाल ने कहा कि वह संविधान की मर्यादा का पालन कर रहे हैं। वह चाहते हैं कि कोई भी सियासी पार्टी हो, सभी नेता और आमलोग एकजुट होकर नशे के खिलाफ हल्ला बोले, ताकि समाज से नशा खत्म किया जा सके। अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि नशे के खिलाफ शुरू किया गया यह अभियान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि जनता का आंदोलन है। जब कोई आंदोलन जनता का बन जाता है, तभी उसकी सफलता सुनिश्चित होती है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे इस लड़ाई को अपनी जिम्मेदारी समझें और समाज के हर वर्ग तक यह जागृति पहुंचाएं। देश की शार रहा है पंजाब : कटारिया राज्यपाल ने कहा कि पंजाब हमेशा देश की शान रहा है, यह बहादुरों, बलिदानियों और किसानों की धरती है। पंजाब ने हमेशा देश के लिए कुर्बानियां दी हैं। यह भूमि साहस का प्रतीक है। प्रभु ने ऐसी कोई चीज नहीं बनाई जिसे असंभव कहा जाए। अगर हम सब मिलकर ईमानदारी से प्रयास करें तो नशे जैसी बुराई को जड़ से मिटाया जा सकता है। उन्होंने उपस्थित युवाओं, महिलाओं, सामाजिक संस्थाओं और प्रशासन को नशे के खिलाफ एकजुट होकर काम करने की अपील की। राज्यपाल ने कहा कि नशा सिर्फ व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को खोखला कर देता है और इसकी रोकथाम में समाज की सक्रिय भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। राज्यपाल ने लोगों को संकल्प दिलाते हुए कहा कि आज हम यह प्रण करें कि आने वाले एक वर्ष में ऐसी जागृति पैदा करेंगे कि इसका असर साफ तौर पर दिखे। हम अपने गांव, शहर और मोहल्लों को नशा मुक्त बनाने की दिशा में वास्तविक बदलाव लाएंगे। नहीं पहुंचे सत्ताधारी दल के नेता सत्ताधारी नेताओं की गैरहाजिरी के सवाल पर राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने सबको खुद फोन किया है, चाहे किसी भी सियासी पार्टी का हो। इस दौरान फाजिल्का से पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री भाजपा नेता सुरजीत जियानी, भाजपा नेता राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी, समाजसेवी करण गिलहोत्रा, मनोज नागपाल, दीपक नागपाल, प्रसिद्ध क्रिकेटर शुभमन गिल के पिता लखविंदर सिंह, इलाके के स्कूली बच्चे, जिला प्रशासन सहित इलाके के समाजसेवी लोग हाजिर रहे।
400 पुलिसकर्मियों के साथ भोपाल में काम्बिंग गश्त:ईरानी गिरोह के तीस सहित 408 बदमाश गिरफ्तार
भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के निर्देश पर मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात ईरानी डेरे सहित शहर के अलग-अलग इलाकों में कॉम्बिंग गश्त की गई। यह गश्त आने वाले त्यौहारों को देखते हुए की गई। कांबिंग गश्त के दौरान पुलिस ने में 283 स्थाई वारंटी एवं 125 गिरफ्तारी वारंटी समेत 408 आरोपियों को किया गया है। सभी गिरफ्तार आरोपी गंभीर मामलों में फरार चल रहे थे। इनके खिलाफ वाहन चोरी, नकब्जनी जैसे केस दर्ज हैं। वहीं जिला बदर 21 अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के मुताबिक रात लगभग दो बजे भोपाल पुलिस ने इलाके में ‘कॉम्बिंग गश्त’की। इस कार्रवाई में शहर के चुनिंदा पुलिस थाने के प्रभारी शामिल हुए। ईरानी डेरे में 400 पुलिसकर्मियों के साथ गश्त किया गया था। बता दें कि ईरानी डेरे के सदस्यों पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने बीती रात कॉम्बिंग गश्त के दौरान इस गैंग के 30 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ईरानी गैंग के सरगना राजू ईरानी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। ईरानी गैंग के सदस्यों पर जालसाजी, चेन स्नेचिंग, गाड़ी चुराने समेत कई अपराधों में लिप्त होने का आरोप हैं। 6 राज्यों में अपराध को अंजाम देते थे गैंग के सदस्य
होली पर्व के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने विशेष ट्रेनों के परिचालन का निर्णय लिया है। यात्रियों को सुगम और सुरक्षित यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दुर्ग–मधुबनी–दुर्ग होली स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। 1 मार्च को दुर्ग से, 2 मार्च को मधुबनी से चलेगी ट्रेन रेलवे के अनुसार गाड़ी संख्या 08753 दुर्ग–मधुबनी होली स्पेशल दुर्ग से 01 मार्च 2026 को चलाई जाएगी। गाड़ी संख्या 08754 मधुबनी–दुर्ग होली स्पेशल मधुबनी से 02 मार्च 2026 को रवाना होगी। इन ट्रेनों का संचालन होली के दौरान अतिरिक्त भीड़ को नियंत्रित करने के लिए किया जा रहा है। दुर्ग–मधुबनी होली स्पेशल का समय गाड़ी संख्या 08753 दुर्ग से रात 12:30 बजे रवाना होकर रायपुर (01:20), बिलासपुर (03:30), चांपा (04:30), रायगढ़ (05:28), झारसुगुड़ा (07:15), राउरकेला (08:35), हटिया (12:10), रांची (12:30), मूरी (13:53), बोकारो स्टील सिटी (15:10), चंद्रपुरा (15:38), कतरासगढ़ (16:10), धनबाद (17:00), चितरंजन (18:24), मधुपुर (19:30), जसीडीह (20:25), झाझा (22:10), क्यूल (22:48), बरौनी (00:40), समस्तीपुर (02:15), दरभंगा (03:15), सकरी (03:53) होते हुए 02 मार्च 2026 की सुबह 04:45 बजे मधुबनी पहुंचेगी। मधुबनी–दुर्ग होली स्पेशल का समय गाड़ी संख्या 08754 मधुबनी से 02 मार्च 2026 को सुबह 06:15 बजे रवाना होकर सकरी (06:30), दरभंगा (07:20), समस्तीपुर (08:40), बरौनी (10:00), क्यूल (12:00), झाझा (13:55), जसीडीह (14:31), मधुपुर (15:08), चितरंजन (16:05), धनबाद (18:20), कतरासगढ़ (19:05), चंद्रपुरा (20:40), बोकारो स्टील सिटी (21:35), मूरी (22:32), रांची (00:02), हटिया (00:25), राउरकेला (03:18), झारसुगुड़ा (05:15), रायगढ़ (07:08), चांपा (08:39), बिलासपुर (09:50), रायपुर (11:40) होते हुए 03 मार्च 2026 को दोपहर 12:45 बजे दुर्ग पहुंचेगी। 18 कोच की होगी व्यवस्था इस होली स्पेशल ट्रेन में कुल 18 कोच रहेंगे, जिनमें 02 एसएलआरडी 05 जनरल कोच 09 स्लीपर कोच 02 एसी थ्री टियर कोच शामिल हैं। रेलवे ने की यात्रियों से अपील रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे होली स्पेशल ट्रेनों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। यात्रा से संबंधित विस्तृत जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है।
समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व जिलाध्यक्ष विपिन चौधरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने हिंदुजा फाइनेंस ग्रुप के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कंपनी के एजेंट लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान वर्षा पत्नी रविंद्र कुमार, निवासी ग्राम घाट, परतापुर ने अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि हिंदुजा हाउसिंग फाइनेंस गाजियाबाद के एजेंट मोहित पुत्र गोवर्धन और पंकज पुत्र अज्ञात ने उन्हें और उनके पति को हाउस लोन दिलाने का झांसा दिया था। वर्षा के अनुसार, बैंक कर्मचारी और मोहित ने मिलकर धोखाधड़ी की। इस संबंध में परतापुर थाने में पंकज और मोहित के खिलाफ मुक़दमा दर्ज हैं। उसके बावजूद भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। अब वह उनका कब्ज़ाने का दबाव बना रहे हैं। पीड़ित वर्षा ने आरोप लगाया कि फाइनेंस कंपनी अब उनसे लोन की वसूली के लिए दबाव बना रही है। कंपनी उनके मकान को जबरदस्ती खाली कराकर सील करने की धमकी दे रही है। मेरठ के कार्यालय पर ताला लगाने की चेतावनी वर्षा का यह भी आरोप है कि कंपनी अधिकारियों को गुमराह कर रही है और परतापुर पुलिस को झूठे प्रार्थना पत्र देकर उन पर अवैधानिक दबाव बना रही है। पुलिस भी उन्हें और उनके परिवार को मकान खाली करने के लिए धमका रही है। वर्षा ने मांग की है कि जब तक मुकदमे का निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक फाइनेंस कंपनी और पुलिस उनसे कोई वसूली न करें और न ही उन्हें परेशान करें। उन्होंने बताया कि इस आवास के अलावा उनके पास कोई अन्य संपत्ति नहीं है। हिंदुजा फाइनेंस ग्रुप के मैनेजर ने कहा हमारा आरोपी से कोई कनेक्शन नहीं हिंदूजा फाइनेंस ग्रुप के स्थानीय मैनेजर चिराग सिंह ने कहा कि घटना के संबंध में हमें कोई जानकारी नहीं है। इसके अलावा आरोपियों से हमारा कोई लेना-देना नहीं हैं। उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया गया है। यदि किसी के साथ कोई धोखाधड़ी हुई है तो उसकी जांच पुलिस करें। यदि कार्यालय पर ताला लगाने की बात है तो उनके द्वारा भी पुलिस से शिकायत की जाएगी।
दतिया में इंदरगढ़ नगर के मेन बाजार क्षेत्र में बढ़ते अस्थायी अतिक्रमण और लगातार लगने वाले जाम को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। ग्वालियर रोड और सेवड़ा रोड पर दुकानदारों द्वारा सड़क पर किए गए अस्थायी अतिक्रमण के कारण रोजाना जाम की स्थिति बन रही थी, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। प्रशासन ने पुलिस बल और नगर परिषद के कर्मचारियों के साथ संयुक्त अभियान चलाकर सड़क पर रखे हाथ ठेले, फल-सब्जी की दुकानें और अन्य अस्थायी अतिक्रमण हटवाए। कार्रवाई के दौरान सड़क पर अवैध रूप से खड़ी 6 बसों, एक लोडिंग वाहन और एक ट्रैक्टर पर चालानी कार्रवाई करते हुए कुल 4 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। कार्रवाई के बाद दुकानदारों ने प्रशासन पर पक्षपात के आरोप लगाए। दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन केवल खानापूर्ति कर रहा है और गरीब ठेले वालों व छोटे दुकानदारों को परेशान किया जा रहा है, जबकि रसूखदार दुकानदारों पर कार्रवाई करने से बचा जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बार-बार अतिक्रमण हटाने से उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है। 2 घंटे तक चलती रही कार्रवाई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ग्वालियर चौराहे से शुरू की गई, जो करीब दो घंटे तक चली। इस दौरान सड़क पर लगे फल-सब्जी के हाथ ठेले वालों पर चालानी कार्रवाई की गई। हालांकि सड़क की केवल एक साइड में ही कार्रवाई होने से नगरवासियों ने नाराजगी जाहिर की और समान रूप से कार्रवाई करने की मांग उठाई। मेन रोड पर रॉ मैटेरियल से बढ़ रहा हादसों का खतरा बावड़ी सरकार मंदिर कामत रोड, ग्वालियर रोड और भांडेर रोड पर दुकानदारों द्वारा सीमेंट, गिट्टी और ईंट जैसे रॉ मैटेरियल सड़क पर रखे जाने से आए दिन जाम और दुर्घटनाएं हो रही हैं। प्रशासन ने बावड़ी सरकार मंदिर क्षेत्र में कुछ दुकानदारों का रॉ मैटेरियल जब्त कर चालानी कार्रवाई की और सख्त चेतावनी दी कि दोबारा सड़क पर सामग्री रखी गई तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई लगातार जारी रहेगी: तहसीलदार तहसीलदार दीपक यादव ने बताया कि, नगर में बढ़ते ट्रैफिक और जाम की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल और नगर परिषद के कर्मचारियों के साथ अस्थायी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई है। कुछ अतिक्रमण हटाए गए हैं और चालान काटे गए हैं। यह कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी ताकि नगर में जाम की समस्या न हो।उन्होंने बताया कि बाइक, चारपहिया वाहन और बसों के सड़क पर खड़े रहने से जाम की स्थिति ज्यादा बन रही है। इसी क्रम में मेन रोड पर खड़ी 6 बसों सहित अन्य छोटे-बड़े वाहनों पर चालानी कार्रवाई की गई है।
सुल्तानपुर के पंत स्पोर्ट्स स्टेडियम में बुधवार को दो दिवसीय मंडलीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक समारोह का शुभारंभ हुआ। इस आयोजन में अयोध्या मंडल के पांच जिलों के विजेता खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एसपी मायाराम और विशिष्ट अतिथि कौतुभ कुमार सिंह मौजूद रहे। यह प्रतियोगिता 11 और 12 फरवरी को आयोजित की जा रही है। इसमें अयोध्या मंडल के अंबेडकर नगर, बाराबंकी, अयोध्या, सुल्तानपुर और अमेठी जनपदों से आए प्रथम स्थान प्राप्त खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। जिला क्रीड़ाधिकारी राजेश सोनकर भी उपस्थित थे। प्रतियोगिता में खो-खो, कबड्डी और 100 मीटर दौड़ जैसी प्रमुख खेल स्पर्धाएं शामिल हैं। इन आयोजनों के माध्यम से बच्चों को अपनी शारीरिक क्षमताओं का प्रदर्शन करने का अवसर मिल रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों की उपस्थिति में हुआ। बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) उपेंद्र गुप्ता ने मीडिया को प्रतियोगिता की रूपरेखा के बारे में जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (SP) मायाराम और अपर निदेशक (AD) बेसिक कौतुभ कुमार सिंह ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस आयोजन को सफल बनाने में जिले और ब्लॉक स्तर के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO), शिक्षक साथियों और शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। मीडिया से बातचीत के दौरान बीएसए उपेंद्र गुप्ता ने खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। खेलकूद से न केवल शारीरिक विकास होता है, बल्कि मानसिक दृढ़ता और स्थिरता भी आती है। गुप्ता ने आज की डिजिटल जीवनशैली का जिक्र करते हुए कहा कि बच्चों के लिए मोबाइल की दुनिया से बाहर निकलकर मैदान पर पसीना बहाना बेहद जरूरी है। यह उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखने में सहायक होगा।
सपा छात्र सभा के जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह ने बुधवार को बलिया कलक्ट्रेट में सिटी मजिस्ट्रेट को एक पत्रक सौंपा। पत्रक में उन्होंने पुलिस उत्पीड़न और राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाइयों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह पत्रक जिलाधिकारी को संबोधित था। छात्र नेता प्रवीण कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि पिछले लगभग पांच वर्षों से उनके खिलाफ स्थानीय पुलिस द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना या पक्ष रखने का अवसर दिए विभिन्न मुकदमे दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन मुकदमों की जांच के दौरान उन्हें न तो कोई नोटिस दिया गया और न ही उनसे संपर्क किया गया, जिससे उन्हें अपने बचाव का संवैधानिक अधिकार नहीं मिल सका। प्रवीण सिंह ने यह भी बताया कि उनके खिलाफ राजनीतिक दबाव और पूर्वाग्रह के तहत गुंडा अधिनियम की कार्रवाई भी शुरू की गई है। उनके अनुसार, उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और न ही उन्होंने ऐसा कोई कृत्य किया है जिससे जनशांति भंग होने का आरोप न्यायसंगत रूप से सिद्ध हो सके। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाइयों से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा, आजीविका और पारिवारिक जीवन पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। प्रवीण सिंह ने इसे संविधान द्वारा प्रदत्त न्याय के अधिकार, निष्पक्ष जांच और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन बताया, जिससे प्रशासन की निष्पक्षता पर भी सवाल उठते हैं। छात्र नेता ने मांग की है कि उनके खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों और गुंडा एक्ट की कार्रवाई की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कार्रवाई में मनमानी, पक्षपात या प्रक्रिया का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ उचित विभागीय कार्रवाई की जाए। प्रवीण सिंह ने अनावश्यक उत्पीड़न से तत्काल संरक्षण और अपने वैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की।
दरभंगा में 6 साल की बच्ची को कुचला, मौत:सीने के ऊपर से गुजर गई गाड़ी, हादसे के बाद चालक मौके से फरार
दरभंगा जिले के बहादुरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत तारालाही वार्ड नंबर-7 में तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से 6 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। मृतक बच्ची की पहचान रूपा कुमारी के रूप में हुई है। वह अपने 3 भाइयों की इकलौती बहन थी।रूपा कुमारी मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे अपनी मां के साथ घर का राशन लेने निकली थी। राशन लेकर लौटने के दौरान उसकी मां शौच के लिए खेत की ओर जा रही थी। इसी दौरान समस्तीपुर की ओर से तेज रफ्तार में आ रहे एक अज्ञात वाहन ने बच्ची को जोरदार टक्कर मार दी। वाहन बच्ची के सीने के ऊपर से गुजर गया और चालक मौके से फरार हो गया। दोषी की गिरफ्तारी की मांगस्थानीय लोगों और परिजनों ने गंभीर रूप से घायल बच्ची को आनन-फानन में दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना स्थल लोहरसारी चौक से लगभग 200 मीटर आगे बताया जा रहा है। सूचना मिलते ही 112 नंबर की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। बच्ची के पिता कपिलदेव यादव, जो मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, उन्होंने बताया कि उनके घर में शौचालय की व्यवस्था नहीं है। उन्होंने सरकार से उचित मुआवजा और दोषी चालक की गिरफ्तारी की मांग की है। इस संबंध में बहादुरपुर थानाध्यक्ष प्रशून्जय कुमार ने बताया कि सड़क दुर्घटना में बच्ची गंभीर रूप से घायल हुई थी, जिसे इलाज के लिए DMCH भेजा गया था। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस फरार वाहन और चालक की तलाश में जुट गई है।
उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता और आरक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग को लेकर भारतीय दलित पैंथर सहित कई अंबेडकरवादी संगठनों ने आज जिलाधिकारी कानपुर देहात के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि यूजीसी-2026 विनियमों पर लगी रोक तुरंत नहीं हटाई गई, तो देशव्यापी जनांदोलन शुरू किया जाएगा। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पैंथर धनीराम बौद्ध के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि यूजीसी विनियम-2026 सामाजिक न्याय की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाए गए स्टे के कारण इसका लाभ वंचित वर्गों तक नहीं पहुंच पा रहा है। इससे उच्च शिक्षा संस्थानों में व्याप्त भेदभाव, असमानता और उत्पीड़न लगातार बढ़ रहा है। ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी विनियमों पर लगाए गए स्टे को तत्काल हटाया जाए। साथ ही, समता समिति का गठन सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के अनुसार हो, जिसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग, अल्पसंख्यक और सामान्य वर्ग का समुचित प्रतिनिधित्व अनिवार्य हो। अन्य मांगों में समता दूत, ओम्बुड्समैन और मॉनिटरिंग कमेटियों के लिए पारदर्शी रोस्टर प्रणाली लागू करना शामिल है। इसके अलावा, सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में आरक्षण व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराया जाए। संगठनों ने यह भी मांग की कि आईआईटी, आईआईएम सहित सभी केंद्रीय, राज्य व निजी संस्थानों में इन विनियमों को अनिवार्य रूप से लागू करने हेतु संसद से एक विशेष कानून पारित कराया जाए। संगठनों ने जोर दिया कि संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16 और 21 की मूल भावना की रक्षा के लिए यह कदम आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया, तो दलित और पिछड़े समाज के साथ खुला अन्याय होगा। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। जिलाधिकारी से अनुरोध किया गया कि इस ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार तक तत्काल भेजा जाए और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए।
बारां शहर स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में 29 एफएमजीई (फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन) इंटर्न डॉक्टरों ने अपनी इंटर्नशिप पूरी कर ली है। इस अवसर पर कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सीपी मीणा ने इन सभी डॉक्टरों को इंटर्नशिप पूर्णता प्रमाण पत्र वितरित किए। प्रमाण पत्र वितरण समारोह के दौरान इंटर्न डॉक्टरों में उत्साह देखा गया। उन्होंने संस्थान के प्रति आभार और अपने पेशे के प्रति जिम्मेदारी का भाव व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ. सीपी मीणा के साथ मनोरोग विभागाध्यक्ष डॉ. विशाल नागर, शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अंजू मीणा, पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष एवं एफएमजीई नोडल अधिकारी डॉ. पूजा मीणा सहित अन्य फैकल्टी सदस्य भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में, प्रिंसिपल डॉ. सीपी मीणा ने सभी नव प्रशिक्षित डॉक्टरों को संबोधित किया। उन्होंने उन्हें तनावमुक्त जीवनशैली अपनाने और अपने कर्तव्य पथ पर समाज के प्रति अपनी बड़ी जिम्मेदारी को कुशलता व निष्ठा से निभाने के लिए प्रेरित किया। डॉ. मीणा ने जोर दिया कि चिकित्सा एक सतत सीखने की प्रक्रिया है और डॉक्टरों को मेडिकल कॉलेज से प्राप्त प्रशिक्षण और ज्ञान को लगातार बढ़ाना चाहिए। प्रधानाचार्य ने सभी इंटर्न डॉक्टरों को चिकित्सा के क्षेत्र में उच्च आयाम स्थापित करने और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
जहानाबाद जिले में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के दौरान एक ही परिवार के सात लोग दवा खाने के बाद बीमार पड़ गए। इनमें तीन महिलाएं और चार बच्चे शामिल हैं, जिन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना परस बीघा थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव में हुई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा फाइलेरिया से बचाव के लिए घर-घर जाकर दवा खिलाने का अभियान चलाया जा रहा है। शाहपुर गांव में आशा कार्यकर्ता द्वारा परिवार को एल्बेंडाजोल दवा दी गई थी। दवा के सेवन के कुछ ही देर बाद परिवार के सदस्यों को सिर दर्द, चक्कर और बेहोशी जैसी शिकायतें होने लगीं। परिवार ने दवा खिलाने वाली टीम को किया सूचित परिवार के मुखिया के घर पहुंचने पर उन्होंने परिजनों की खराब हालत देखी। उन्होंने तुरंत दवा खिलाने वाली टीम को सूचित किया। इसके बाद एंबुलेंस बुलाकर सभी बीमार लोगों को सदर अस्पताल पहुंचाया गया। सदर अस्पताल में उनका इलाज जारी है। इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि सभी मरीजों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है और वे चिकित्सकीय निगरानी में हैं। जिले में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की शुरुआत दो दिन पहले ही की गई थी। इस अभियान के तहत स्कूलों में बच्चों को दवा खिलाने के साथ-साथ घरों में भी एल्बेंडाजोल दवा दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और ग्रामीणों को दवा सेवन को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।
दतिया जिले के बडौनी थाना क्षेत्र अंतर्गत सहिड़ाखुर्द गांव में 28 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में बुधवार को बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि महिला को उसका पति और सास लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। प्रताड़ना से परेशान होकर महिला ने जहर खा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतका की पहचान मनीषा रावत (28) पत्नी रामअवतार रावत, निवासी सहिड़ाखुर्द के रूप में हुई है। प्रारंभ में यह मामला झांसी रोड थाना क्षेत्र, ग्वालियर में मर्ग के रूप में दर्ज किया गया था, जिसकी केस डायरी बाद में जांच के लिए बडौनी थाना भेजी गई। जांच के दौरान पुलिस ने मृतका के पिता, मां और भाइयों के बयान दर्ज किए। परिजनों ने आरोप लगाया कि मनीषा का पति रामअवतार रावत और उसकी सास मीरा रावत आए दिन उसके साथ मारपीट करते थे और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। परिजनों का यह भी आरोप है कि दोनों उसे आत्महत्या के लिए उकसाते थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला द्वारा जहर सेवन किए जाने की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों ने विसरा सुरक्षित रखकर जांच के लिए भेजा है। वहीं, पंचनामा के दौरान मृतका के शरीर पर चोट के निशान भी पाए गए थे। परिजनों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पति और सास के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का प्रकरण दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
उदयपुर में सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत, स्कूली बच्चों ने बुधवार को शहर के कोर्ट चौराहे पर वाहन चालकों को ट्रैफिक रूल्स का पाठ पढ़ाया। टू-व्हीलर पर हेलमेट नहीं पहनने और फोर-व्हीलर पर सीट बेल्ट नहीं लगाने वालों को बच्चों ने चिल्लाते हुए रोका और उन्हें इसकी पालना करने के लिए बार-बार कहा। वहीं, रॉन्ग साइड से आने वाले, तेज रफ्तार में चलाने वाले और ओवरलोडिंग करने वाले वाहन चालकों को भी रोककर पालना का संदेश दिया। साथ ही, ट्रैफिक रूल्स फॉलो करने वाले लोगों का तालियाँ बजाकर उत्साहवर्धन किया गया। शहर के गुरुनानक स्कूल सेक्टर-4,सेंट्रल पब्लिक स्कूल, द विजन एकेडमी स्कूल आदि के बच्चे इसमें शामिल थे। बच्चे यहां ट्रेफिक रूल्स पर आधारित संदेश लिखी तख्तियां हाथ में लिए खड़े थे। उन्होंने ट्रेफिक रूल्स फॉलो नहीं करने वालों को रोककर समझाया कि इन रूल्स को भार नहीं समझें। जीवन सुरक्षा के लिए इसकी पालना करें। इससे दुर्घटनाओं को रोक सकते हैं।
फिरोजाबाद के थाना दक्षिण क्षेत्र स्थित कर्बला गली नंबर 9/10 में बीती रात एक बंद मकान में चोरी की वारदात हुई। परिवार के सदस्य एक शादी समारोह में शामिल होने बाहर गए हुए थे, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने घर को निशाना बनाया। घटना की जानकारी बुधवार को समय हुई जब परिवार शादी समारोह से घर पहुंचा। मकान मालिक राम प्रकाश ने बताया कि जब वे देर रात परिवार सहित घर लौटे, तो मुख्य द्वार का ताला टूटा हुआ मिला। अंदर जाने पर घर का सारा सामान बिखरा पड़ा था। चोरों ने अलमारी और संदूक तोड़कर नकदी व कीमती सामान चुरा लिया। घटना की सूचना मिलते ही थाना दक्षिण पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने चोरी गए सामान का विवरण जुटाया और क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। इस मामले में इंस्पेक्टर योगेंद्र पाल सिंह ने बताया कि बंद मकान में चोरी की सूचना मिली है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और जल्द ही चोरों को पकड़कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रयागराज में SDO को एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा:ऑफिस से पकड़कर खुल्दाबाद थाने ले जाया गया, पूछताछ जारी
खुसरो बाग के SDO संजीव श्रीवास्तव को एंटी करप्शन टीम ने बुधवार को पकड़ लिया। टीम ने उन्हें उनके कार्यालय से हिरासत में लिया और आगे की कार्रवाई के लिए खुल्दाबाद थाने ले गई। सूत्रों के मुताबिक, एंटी करप्शन टीम को कुछ समय से शिकायतें मिल रही थीं, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई। हालांकि आधिकारिक तौर पर गिरफ्तारी के कारणों की विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। फिलहाल खुल्दाबाद थाने में SDO से पूछताछ जारी है। मामले को लेकर विभागीय और प्रशासनिक हलकों में हलचल बनी हुई है। टीम की ओर से आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
हरदोई में महिला केयर टेकर का प्रदर्शन:मानदेय भुगतान की मांग उठाई, जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
हरदोई में स्वच्छ भारत मिशन के तहत कार्यरत सामुदायिक शौचालय की महिला केयर टेकरों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। 'सामुदायिक शौचालय केयर टेकर एसोसिएशन' के बैनर तले इन महिलाओं ने अपने मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन के पदाधिकारियों और प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में निष्ठापूर्वक अपनी सेवाएं दे रही हैं, लेकिन उन्हें कई महीनों से मानदेय नहीं मिला है। मानदेय बकाया होने के कारण उनके परिवारों के सामने बच्चों की शिक्षा, इलाज और भोजन का संकट खड़ा हो गया है। महिलाओं ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि बार-बार अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद इस संबंध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पिछले कई महीनों का रुका हुआ मानदेय तत्काल जारी किया जाए। इसके साथ ही, भविष्य में हर महीने समय पर नियमित मानदेय सुनिश्चित किया जाए और केयर टेकरों को आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों के समान वेतन दिया जाए। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी न्यायोचित मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगी। इस प्रदर्शन में जिले भर से बड़ी संख्या में महिला केयर टेकर शामिल हुईं।
राजधानी लखनऊ में बुधवार को सामाजिक न्याय मोर्चा, उत्तर प्रदेश के बैनर तले यूजीसी विनियमावली 2026 के समर्थन में पैदल मार्च निकाला गया। यह मार्च स्वास्थ्य भवन चौराहे से शुरू होकर परिवर्तन चौक तक गया। इसके बाद कलेक्ट्रेट के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन भेजा गया। समानता और आरक्षण के समर्थन में उठी आवाज संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यूजीसी विनियमावली 2026 उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता और सामाजिक न्याय को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने मांग की कि विनियमावली को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए और सभी शिक्षण संस्थानों में आरक्षण व्यवस्था का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए। वाकीलो का कहना था कि सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण कोटा पूरी पारदर्शिता के साथ लागू होना चाहिए, ताकि वंचित वर्गों को उनका अधिकार मिल सके। न्यायपालिका में पारदर्शिता की भी मांग मार्च के दौरान उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग भी उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि न्यायपालिका में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए, ताकि सामाजिक न्याय की अवधारणा मजबूत हो सके।
झज्जर जिले के गांव खेतावास में शादी समारोह के बाद दो पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट की घटना सामने आई। झगड़े में अजय, राखी और शौकीना को चोट आई हैं। मामले को लेकर पीड़ित पक्ष ने एसपी से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार, 21 और 23 फरवरी को राजीव और करीना की शादी तय है। बताया जा रहा है कि इससे पहले एक अन्य शादी समारोह में सलमान अपने साले अनोद की शादी में शामिल होने आया था। शादी के अगले दिन किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद वह 10 फरवरी को खाना खाने के लिए शाम को खेतावास गांव में ही अपने मामा के घर चला गया। बीती रात घर में घुसकर मारपीट पीड़ित पक्ष का आरोप है कि 10 फरवरी की रात करीब 8 बजे, जब परिवार घर पर बैठकर खाना खा रहा था, तभी सलमान का साला अनोद पहले घर पहुंचा और उसके बाद परिवार के अन्य सदस्य भी आ गए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई और मामला मारपीट में बदल गया। झगड़े में दो महिलाओं सहित तीन घायल मारपीट की घटना में अजय को हल्की चोटें आई हैं, जबकि राखी और शौकीना को भी चोट लगी हैं। घायलों का उपचार कराया जा रहा है। पीड़ित परिवार की ओर से रामप्यारी ने बयान देते हुए न्याय की मांग की है। परिवार ने एसपी से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। एसपी कार्यालय से आश्वासन दिया गया है कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। सुबह फिर से की मारपीट रामप्यारी ने बताया कि रात को घर में घुसकर कई लोगों ने उन पर हमला बोल दिया, जिसमें दो को चोट लगी। आरोप है कि उसके बाद सुबह फिर से उनके घर में घुसकर शौकीना को चोट मारी गई हैं। रामप्यारी ने बताया कि कार्रवाई करवाने के लिए एसपी से मुलाकात की है। घर में चल रही शादी की तैयारियां वहीं उन्होंने बताया कि उनके घर में लड़की और लड़का की 21 और 23 फरवरी को शादी होनी है। जिसको लेकर परिवार तैयारियों में जुटा हुआ है। बीती देर शाम गांव के ही कुछ लोगों ने उनके घर में घुसकर मारपीट की है। रामप्यारी ने आरोप लगाया है कि दो महीने पहले उनके घर का एक सदस्य गायब हो गया था। उस पर भी मारपीट करने वालों ने कहा कि उसकी तरह ही ये लड़का भी गायब हो जाएगा। वहीं रामप्यारी ने आरोप लगाया कि उनके घर में घुसकर मारपीट के साथ तोड़फोड़ भी की है। वहीं मंगल सूत्र तोड़ने का भी आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
प्रदेश सरकार के बजट में चित्रकूट धाम नगरी के लिए 50 करोड़ रुपये का कॉरपस डेवलपमेंट फंड घोषित किया गया है। इस घोषणा के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सत्ताधारी दल इसे विकास की बड़ी सौगात बता रहा है, जबकि विपक्ष इसे केवल 'झुनझुना' करार दे रहा है। बताया जा रहा है कि इस फंड का उपयोग चित्रकूट धाम के समग्र विकास, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और नगरीय संरचना को मजबूत करने में किया जाएगा। स्थानीय विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस राशि को योजनाबद्ध तरीके से खर्च किया गया, तो यह क्षेत्र रियल एस्टेट और जमीन-मकान के निवेशकों के लिए बेहतर रिटर्न का अवसर प्रदान कर सकता है। बीजेपी अध्यक्ष बोले- फंड चित्रकूट को नई दिशा देगाभारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष महेंद्र कोटर ने बजट का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमेशा से चित्रकूट के विकास को लेकर सकारात्मक रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि 50 करोड़ रुपये का यह कॉरपस फंड चित्रकूट को नई दिशा देगा और धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा। सपा बोली- ये बस झुनझुनावहीं, समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अनुज यादव ने बजट पर सवाल उठाए। उन्होंने इसे 'झुनझुना' बताते हुए कहा कि जिले में रोजगार और उद्योग के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है। यादव ने आरोप लगाया कि चित्रकूट के युवा रोजगार के अभाव में प्रतिदिन पलायन कर रहे हैं और स्वास्थ्य सेवाएं भी चरमराई हुई हैं। उन्होंने कहा कि जब तक रोजगार और बुनियादी सुविधाओं पर ठोस काम नहीं होगा, तब तक ऐसे बजट का आम जनता को सीधा लाभ नहीं मिलेगा।इस संबंध में जब एडीएम चंद्रशेखर से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि बजट की घोषणा लखनऊ स्तर पर हुई है। जिले को अभी तक इसकी आधिकारिक जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि विस्तृत दिशा-निर्देश मिलने के बाद ही आगे की जानकारी दी जा सकेगी।बजट में 50 करोड़ रुपये के फंड की घोषणा के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह राशि धरातल पर किस तरह और कितनी तेजी से उपयोग में लाई जाती है।
करनाल में नेशनल हाइवे पर नीलोखेड़ी के पास तूड़ी से भरी एक ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्राली अचानक पलट गई। ट्राली के पलटते ही हाइवे पर तूड़ी बिखर गई और ट्रैफिक बाधित हो गया। गनीमत रही कि घटना के समय पास से गुजर रहे अन्य वाहन ट्राली की चपेट में नहीं आए, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात संभाले। राहगीर प्रवीन कुमार, रितेश कुमार, नितिन और राधेश्याम ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्राली चंडीगढ़ की तरफ जा रही थी। ट्राली तूड़ी से काफी ज्यादा भरी हुई थी। अचानक चलते समय ट्राली का एक टायर एक्सल से अलग हो गया और कुछ ही पलों में उसी साइड का दूसरा टायर भी निकल गया। संतुलन बिगड़ने से ट्राली हाइवे पर पलट गई। उसी दौरान पास से वाहन गुजर रहे थे, जो बाल-बाल बच गए। प्लास्टिक पल्ली फटने से हाइवे पर फैली तूड़ी एनएच-44 पर ट्राली पलटने के बाद उसकी प्लास्टिक की पल्ली फट गई। इससे तूड़ी का बड़ा हिस्सा सड़क पर फैल गया और दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हाइवे पर जाम की स्थिति बनते ही यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।जाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रैफिक को सर्विस रोड की तरफ डाइवर्ट कराया। इससे यातायात को नियंत्रित किया गया और वाहनों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य होने लगी। पुलिस जांच अधिकारी रामफल ने बताया कि ट्राली चार टायरी थी। एक साइड के दोनों टायर नट-बोल्ट टूटने के कारण निकल गए, जिससे ट्राली पलट गई। हादसे में किसी व्यक्ति को चोट नहीं आई। हाइड्रा और क्रेन की मदद से ट्राली को हाइवे से हटवाया गया, जिसके बाद रास्ता बहाल कर दिया गया।
जमशेदपुर के गोलमुरी थाना से सटे प्ले ग्राउंड में बुधवार को एक युवक कन्हैया यादव को अज्ञात अपराधियों ने गोली मार दी। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। कन्हैया यादव के साथ मौजूद रंजीत शर्मा ने बताया कि वे रोज़ की तरह पार्क से टहल कर निकल रहे थे। तभी पहले से घात लगाए बैठे तीन अपराधियों ने कन्हैया यादव पर फायरिंग कर दी। कन्हैया यादव फल का व्यवसाय करता है और उसे कुल तीन गोलियां लगी हैं। मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई यह घटना गोलमुरी थाना से महज 10 कदम की दूरी पर हुई। गोली चलने के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। किसी ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद गोलमुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू कर दी। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि अपराधी वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए हैं। उनकी पहचान और तलाश के लिए सीसीटीवी फुटेज की मदद ली जा रही है। पुलिस ने घटनास्थल से आवश्यक सबूत भी एकत्रित किए हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी ने घटना के समय कुछ देखा हो या संदिग्ध वाहन/व्यक्ति की जानकारी हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। इस घटना के कारण इलाके में तनाव का माहौल है, जिसके मद्देनजर गोलमुरी थाना पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।
मधेपुरा जिले में सरकारी विद्यालयों की मिड डे मील योजना में लापरवाही के मामले सामने आए हैं। बीते 15 दिनों में दो अलग-अलग घटनाओं में मध्याह्न भोजन खाने से सैकड़ों बच्चे बीमार पड़ गए, जिनमें से कई की हालत गंभीर हो गई थी। इन घटनाओं के बाद एनएसयूआई ने कार्रवाई की मांग की है। इसी मुद्दे पर एनएसयूआई का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश उपाध्यक्ष निशांत यादव के नेतृत्व में जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) संजय कुमार से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने वाली एजेंसी पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उसके विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की। बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त प्रदेश उपाध्यक्ष निशांत यादव ने कहा कि मिड डे मील में छिपकली निकलने जैसी घटनाएं भोजन तैयार करने और आपूर्ति करने वाली कंपनी की लापरवाही को दर्शाती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों के जीवन के साथ इस तरह का खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निशांत यादव ने मांग की कि मध्याह्न भोजन सप्लाई करने वाली एजेंसी को तत्काल ब्लैकलिस्ट किया जाए और दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई हो। उन्होंने पीड़ित बच्चों को 50-50 हजार रुपये का मुआवजा देने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया। 7 दिनों के भीतर होगी कार्रवाई निशांत यादव ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो एनएसयूआई चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी। इस प्रतिनिधिमंडल में एनएसयूआई जिला अध्यक्ष जितेंद्र कुमार मंडल, जिला महासचिव सोनू कुमार, प्रखंड अध्यक्ष रणधीर कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।
शाजापुर में बुधवार दोपहर करीब 1 बजे यातायात पुलिस ने आम नागरिकों को सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) का प्रशिक्षण दिया। यह प्रशिक्षण टंकी चौराहा और दुपाड़ा रोड पर आयोजित किया गया, जिसमें जिला अस्पताल शाजापुर के डॉक्टरों की टीम भी शामिल हुई। प्रशिक्षण के दौरान डॉक्टरों ने आपात स्थिति में जान बचाने के तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अचानक तबीयत बिगड़ने, दुर्घटना या हृदय गति रुकने पर सीपीआर कैसे दिया जाता है और शुरुआती मिनटों में सही कदम उठाकर कैसे किसी की जान बचाई जा सकती है। डॉक्टरों ने डेमो के जरिए पूरी प्रक्रिया समझाई और आम लोगों से इसका अभ्यास भी करवाया। लोगों ने वाहन रोककर प्रशिक्षण में लोगों ने भागीदारी दिखाई इस प्रशिक्षण को देखने के लिए चौराहे से गुजर रहे कई लोगों ने अपने वाहन रोककर कार्यक्रम में भाग लिया। लोगों ने इसमें गहरी रुचि दिखाई, सवाल पूछे और अपनी शंकाओं का समाधान किया। यातायात पुलिस और डॉक्टरों की टीम ने सभी प्रश्नों के उत्तर देकर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया। यातायात थाने में पदस्थ सूबेदार सौरभ सिंह चौहान ने बताया कि यह सीपीआर प्रशिक्षण अभियान पुलिस मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के तहत चलाया जा रहा है। सीपीआर प्रशिक्षण और 'रहवीर योजना' अभियान जारी उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस दौरान 'रहवीर योजना' का भी प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना है। पुलिस का लक्ष्य है कि आम नागरिक भी आपात स्थिति में प्राथमिक सहायता देकर कीमती जानें बचाने में सहयोग कर सकें। सीपीआर देने के मुख्य उपाय
कोरबा नगर निगम के सभापति नूतनसिंह ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर वायरल आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर एसपी सिद्धार्थ तिवारी को लिखित शिकायत दी है। उन्होंने कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है। शिकायत में बताया गया है कि वायरल पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बच्चों के यौन शोषण अपराधी जेफरी एप्सटीन का सहयोगी बताया जा रहा है। ‘राव साहब’ नामक फेसबुक आईडी से प्रधानमंत्री मोदी की एडिट की हुई तस्वीर पोस्ट कर उन्हें एप्सटीन फाइल से जोड़ने की कोशिश की गई है। इसी तरह, ‘मलिक साहब’ नामक फेसबुक आईडी से भी एडिटेड फोटो के साथ अभद्र टिप्पणी पोस्ट की गई है। एक अन्य फेसबुक आईडी ‘समाजवादी विचारधारा’ से बिना किसी प्रमाण के प्रधानमंत्री मोदी पर मानसी सोनी नामक महिला का शारीरिक शोषण करने और उसे गायब करने जैसा गंभीर आरोप लगाया गया है। सभापति ठाकुर ने बताया साजिश सभापति नूतनसिंह ठाकुर ने शिकायत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सम्मानित नेता हैं। बिना सबूत इस तरह के आरोप लगाने से जनता में असम्मान और नाराजगी का माहौल बन रहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि इन पोस्ट्स के जरिए कोरबा शहर और राज्य का सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक वातावरण बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई की मांग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री की तस्वीर एडिट कर झूठी खबरों में इस्तेमाल करना और अभद्र पोस्ट फैलाना भारतीय न्याय संहिता के तहत गंभीर अपराध है। उन्होंने फेसबुक इंडिया के सीईओ अजित मोहन को प्राथमिक रूप से जिम्मेदार बताते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी भी रहे मौजूद शिकायत के दौरान सभापति नूतनसिंह ठाकुर के साथ अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी लक्ष्मण पटेल, अशोक पाल, महेश्वर सिंह, हरिश्चंद्र भारती, दीपक साहू और उत्तम आदिले भी मौजूद रहे। सभी ने पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की मांग की। एसपी ने जांच का दिया आश्वासन एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
जयपुर में NIA स्कॉलर से ब्लैकमेलिंग कर 10 लाख रुपए ऐंठने वाले शातिर को ब्रह्मपुरी पुलिस ने अरेस्ट किया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए अश्लील वीडियो की कहकर वह धमका रहा था। पुलिस अरेस्टिंग का डर दिखाकर पिछले एक साल से ब्लैकमेल कर रहा था। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है। डीसीपी (नॉर्थ) करन शर्मा ने बताया- ब्लैकमेलिंग मामले में आरोपी सील्वेसटर मायकल फर्नाडीस (47) निवासी वसई वेस्ट पालघर मुम्बई को अरेस्ट किया है। मुम्बई से उसने फूड मैनेजमेंट का कोर्स कर रखा है। पिछले करीब डेढ़ साल से केशवपुरा भांकरोटा में रहकर फूड का काम कर रहा है। पुलिस टीम ने मंगलवार रात दबिश देकर आरोपी को अरेस्ट किया है। एक साल से ऐंठ रहा था रुपए10 फरवरी को NIA स्कॉलर ने ब्रह्मपुरी थाने में शिकायत दर्ज करवाई। करीब एक साल पहले उसकी आरोपी से मुलाकात हुई थी। बातचीत के दौरान आरोपी से उसका अच्छा परिचित हो गया। कुछ ही समय बाद आरोपी ने कहा- उसके अश्लील फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है। जिन्हें लेकर पुलिस तुम्हें अरेस्ट कर सकती है। पुलिस के नाम से डराने पर पीड़ित ने उसे बचाने के लिए कहा। जिसके बाद से आरोपी ने पुलिस के नाम से ब्लैकमेल कर धमकाना शुरू कर दिया। अश्लील फोटो-वीडियो से धमकाकर पिछले एक साल में 10 लाख रुपए ऐंठ लिए। ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर पीड़ित ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया।
बक्सर जिले के कृष्णब्रह्म थाना क्षेत्र स्थित बड़का धकाईच के राम जानकी मठ से तीन साल पहले चोरी हुई रामदरबार की अष्टधातु की बहुमूल्य मूर्तियां आखिरकार मंदिर को वापस सौंप दी गई। मंगलवार को भोजपुर जिले के कोईलवर थाना के मालखाना में सुरक्षित रखी गई सातों मूर्तियों को विधिवत कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मुक्त कराया गया। सीजेएम न्यायालय में छह लाख रुपए का बेल बॉन्ड भरने के बाद कोईलवर थाना से सभी मूर्तियों को रिलीज किया गया। इसके बाद मठ समिति के सदस्य कन्हैया दुबे, सुधीर दुबे, रौशन पांडेय, नवीन कुमार सिंह और अधिवक्ता धनेश पांडेय विधिवत पूजा-अर्चना कर मूर्तियों को लेकर कृष्णब्रह्म के लिए रवाना हुए। 300 वर्ष पुरानी है सभी मूर्तियां अधिवक्ता धनेश पांडेय ने बताया कि ये सभी मूर्तियां करीब 300 वर्ष पुरानी और अत्यंत प्राचीन धरोहर हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी अनुमानित कीमत लगभग 68 करोड़ रुपये आंकी गई है। अष्टधातु से बनी ये मूर्तियां ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। यह मूर्तियां तीन साल पहले 21 जनवरी को राम जानकी मठ से चोरी हुई थीं। चोरी की गई मूर्तियों में राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान, लड्डू गोपाल समेत सात मूर्तियां और एक मुकुट शामिल थे। कार से सभी मूर्तियां बरामद घटना के अगले ही दिन 22 जनवरी को कोईलवर पुलिस ने आरा-छपरा मोड़ के पास एक कार से सभी मूर्तियां बरामद कर ली थीं और एक आरोपी को हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया था। तब से ये मूर्तियां मालखाना में सुरक्षित रखी गई थीं। यह पहली बार नहीं है जब इस मठ में चोरी की घटना हुई है। इससे पहले 6 जून 2011 को भी यहां से तीन मूर्तियां चोरी हुई थीं और उस दौरान पुजारी भुनेश्वर दास की हत्या कर दी गई थी। हालांकि, 2013 में वे मूर्तियां भी बरामद कर मंदिर में पुनः स्थापित की गई थीं। मठ के सचिव कन्हैया दुबे ने बताया कि करीब 300 साल पहले नेपाल के महाराजा ने इन मूर्तियों की स्थापना कराई थी। ऐसे में इनका धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व और भी बढ़ जाता है।तीन साल बाद अपने आराध्य की घर वापसी से श्रद्धालुओं में उत्सव जैसा माहौल है और मंदिर परिसर में विशेष पूजा-पाठ की तैयारी की जा रही है।
उमरिया जिले के मानपुर नगर में स्थित बस स्टैंड इन दिनों लगातार जाम की समस्या से जूझ रहा है। बस स्टैंड परिसर और मुख्य सड़क पर बसों, ट्रकों, कारों और बाइकों के खड़े होने से आवागमन बाधित हो रहा है। स्थिति यह है कि दिन के समय भी लोगों को लंबे इंतजार का सामना करना पड़ता है। बुधवार दोपहर को भी सड़क पर बसों के खड़े होने से जाम लग गया, जिससे बस स्टैंड से गुजरने वाले राहगीरों, स्कूली छात्रों और स्थानीय व्यापारियों को भारी परेशानी हुई। बस चालकों की मनमानी से मानपुर में बढ़ा जाम स्थानीय निवासी राकेश ने बताया कि मानपुर में अक्सर जाम और यातायात अव्यवस्था का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि यहां नियमित रूप से यातायात व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है। बताया जा रहा है कि बस चालकों की ओर मनमानी तरीके से सड़क पर वाहन खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे जाम की समस्या और बढ़ जाती है। पुलिस ने लगाया सुबह-शाम बल, जाम से राहत नहीं वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि सुबह और शाम के व्यस्त समय में पुलिस बल तैनात किया जाता है। थाना प्रभारी मुकेश मर्सकोले ने बताया कि यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए सुबह और शाम पुलिस बल लगाया जाता है, ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके बावजूद, स्थानीय लोगों का कहना है कि नगरवासियों को रोजाना जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए स्थायी समाधान हेतु ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव, झींकपानी और टोंटों प्रखंडों में जंगली हाथियों का खतरा बना हुआ है। पिछले एक माह में हाथियों के हमलों में 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इससे कई परिवार बेघर हो गए हैं और ग्रामीण रातभर जागकर पहरेदारी करने को मजबूर हैं। मंगलवार देर रात झुंड से भटका एक दंतैल हाथी सोनापोस पंचायत के बड़ाबेलम गांव में घुस गया। हाथी ने भानुमति चातार के घर की खिड़की तोड़ दी और घर में रखा लगभग एक क्विंटल धान और 25 किलो बिरई खा लिया। ग्रामीणों ने शोर मचाकर हाथी को वहां से खदेड़ा, लेकिन वह जंगल लौटने के बजाय घोड़ाबंधा गांव के बाइपी टोला की ओर चला गया। घर का सामान अस्त-व्यस्त कर दिया बाइपी टोला पहुंचकर हाथी ने तीन घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया। बसंती तिरिया के घर से करीब तीन क्विंटल धान खाया और घर का सामान अस्त-व्यस्त कर दिया। इसके अतिरिक्त, मोरा केराई और दामयंती केराई के घरों से भी चार से पांच क्विंटल धान और चावल नष्ट हो गया। हालांकि, ग्रामीणों ने हाथी के आने की सूचना समय रहते दे दी थी, जिससे प्रभावित परिवार सुरक्षित स्थानों पर चले गए। इस कारण कोई जनहानि नहीं हुई। स्थानीय निवासियों के अनुसार, हाथियों का झुंड नियमित रूप से रिहायशी इलाकों में प्रवेश कर रहा है, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से इस समस्या पर तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
भोपाल में ट्रक की टक्कर से युवक की मौत:देर रात काम से घर लौटते समय हादसा, पुलिस ने शुरू की जांच
भोपाल के आनंद नगर में मंगलवार रात 11:30 बजे एक आयसर ट्रक ने बाइक सवार युवक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में घायल युवक की इलाज के दौरान बुधवार सुबह मौत हो गई। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी चालक ट्रक सहित फरार हो गया है। पिपलानी पुलिस के मुताबिक प्रवेश जाटव (30) निवासी आनंद नगर के पास में स्थित एक टैंट हाउस में नौकरी करता था। मंगलवार रात वह काम से घर लौट रहा था। तभी आनंद नगर रायसेन रोड पर उसे एक आयसर ट्रक ने टक्कर मार दी। गंभीर हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया गया। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। तीन साल से भोपाल में रह रहा था प्रवेश दो मासूम बेटा और बेटी का पिता था। रोजगार के लिए वह बीते तीन सालों से भोपाल में रह रहा था। वह मूल रूप से रायसेन जिले के सुल्तानपुर का रहने वाला था।
स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक और कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर संभाग अध्यक्ष सूरज वर्मा के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से मुलाकात कर अपनी कई मांगों को रखा। इस दौरान शिक्षकों और कर्मचारियों के नियमितीकरण और वार्षिक वेतन वृद्धि जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। संघ की ओर से बताया गया कि शिक्षा मंत्री ने उनकी प्रमुख मांगों को गंभीरता से सुना और जल्द निराकरण का आश्वासन दिया। मंत्री ने कहा कि सरकार संविदा शिक्षकों की समस्याओं के समाधान को लेकर सकारात्मक रुख अपनाएगी। आंदोलन की चेतावनी संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि, यदि सरकार ने मांगों को लेकर सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो संघ आगामी शिक्षा सत्र से ‘कलम बंद, काम बंद’ हड़ताल और आंदोलन के लिए मजबूर होगा।
टीकमगढ़ में युवक पर कुल्हाड़ी-लाठी से हमला:पारिवारिक विवाद में चाचा-चाची सहित चार पर केस दर्ज
टीकमगढ़ के देहात थाना क्षेत्र की भगत नगर कॉलोनी में एक युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पारिवारिक विवाद के चलते युवक के चाचा, चाची और उनके दो बेटों ने उस पर लाठी और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। घटना में युवक के सिर में गंभीर चोट आई है, जिसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित रॉकी अहिरवार ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 8 बजे वह अपनी मां ममता अहिरवार के साथ खेत पर जा रहा था। तभी घर के बाहर रोशन अहिरवार, विशाल अहिरवार, हरिश्चंद अहिरवार और मीरा अहिरवार ने उन्हें रोका। रॉकी के अनुसार, आरोपियों ने पुरानी बुराई को लेकर मां और बहन को गालियां देना शुरू कर दिया। जब उसने गालियां देने से मना किया, तो विशाल अहिरवार ने उसके सिर में कुल्हाड़ी मार दी। इसके बाद रोशन अहिरवार ने डंडे से हमला किया। बीच-बचाव करने आईं मां ममता अहिरवार को भी मीरा अहिरवार ने लाठी से मारा, जिससे उन्हें भी चोटें आईं। इसी दौरान रॉकी के पिता तस्वीर अहिरवार मौके पर पहुंचे और उन्होंने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। पीड़ित युवक की शिकायत पर देहात थाना पुलिस ने रोशन अहिरवार, हरिश्चंद अहिरवार, मीरा अहिरवार और विशाल अहिरवार के खिलाफ मारपीट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
यूपी बजट 2026 में कानपुर के लिए कुछ खास ऐलान नहीं हुआ है। लेकिन, इंफ्रास्ट्रक्चर और फैसिलिटी डेवलपमेंट के नाम पर जारी बजट में शहर को रखा गया है। प्रदेश के 17 नगर निगम को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जाना है। इस योजना का लाभ कानपुर को भी मिलेगा। इससे बिजली को लेकर शहर आत्मनिर्भर बनेगा। इसके अलावा मेरठ, मथुरा-वृंदावन और कानपुर विकास प्राधिकरण के अंतर्गत अवस्थापना सुविधाओं के विकास की नई योजना लिए 750 करोड़ रुपए की पेशकश बजट में की गई है। बजट में जारी इस रकम से शहर में केडीए द्वारा विकसित योजनाओं में पार्क, बेहतर सड़कें व बेहतर आवास का सपना पूरा होने के आसार नजर आ रहे हैं। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहर में होंगे कामकानपुर को केंद्र सरकार के स्मार्ट सिटी मिशन योजना के तहत देश में चयनित 100 शहरों में रखा गया है। इस योजना में यूपी के 10 शहरों को शामिल किया गया है, जिसमें कानपुर भी है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत होने वाले विकास कार्यों में शहर का नाम शामिल होना विकास की रफ्तार को बढ़ाएगा। इससे पहले भी शहर में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत करोड़ों की लागत से विकास कार्य हो चुके हैं। ईवी स्टेशन, सेंट्रल आफ एक्सीलेंस समेत बहुत कुछसरकार ने अपने बजट में प्रदेश में ईवी चार्जिंग स्टेशन की स्थापना के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। संभावना है कि इस बजट से शहर में ईवी चार्जिंग स्टेशन बनेंगे। इसके अलावा पालिटेक्निक संस्थानों को सेंटर आफ एक्सीलेंस के रुप में स्थापित करने की बात कही गई है। इसके लिए बजट में 714 करोड़ रुपए रखे गए हैं। इस बजट से शहर के राजकीय पालिटेक्निक विकास नगर को विकसित किया जाएगा। इसके अलावा नए कौशल विकास केंद्र व जॉब प्लेसमेंट केंद्र खोलने की बात कही गई है। इस योजना के तहत भी शहर में केंद्र खुलेंगे। ------------------- बजट से जुड़ी मेन खबर पढ़िए- लड़कियों को शादी के लिए अब 1 लाख मिलेंगे: 14 नए मेडिकल कॉलेज, 3 यूनिवर्सिटी खुलेंगी, 400 करोड़ की स्कूटी बांटेंगे; 10 लाख को रोजगार योगी सरकार ने चुनाव से पहले अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया। 9 लाख 12 हजार करोड़ का ये बजट पिछले साल से 12% ज्यादा है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिलाओं, इंफ्रास्टक्चर पर खास फोकस किया गया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 43 हजार करोड़ रुपए की नई योजनाएं शुरू करने का ऐलान किया। अब बेटियों की शादी के लिए 51 हजार की जगह 1 लाख रुपए दिए जाएंगे। 10 लाख युवाओं को रोजगार दिए जाएंगे। प्रदेश में 60 मेडिकल कॉलेज हैं, 16 नए और खोले जाएंगे। 3 यूनिवर्सिटीज को भी शुरू किया जाएगा। केंद्र की तरह ही राज्य सरकार 7 शहरों को स्मार्ट सिटी डेवलप करेगी। पढ़ें पूरी खबर...
लखनऊ में विश्व हिंदू रक्षा परिषद का लगातार दूसरे दिन विरोध प्रदर्शन कर रहा । कार्यकर्ताओं को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद नहीं जाने दिया गया जिसके बाद प्रदर्शन जारी है । संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल के नेतृत्व में हुमायूं कबीर का पुतला फूंका गया। प्रदर्शनकारियों ने नारा लगाया 'हुमायूं हम आएंगे बाबरी फिर से गिराएंगे' हाथों में भगवा झंडा लेकर बाबरी मस्जिद निर्माण का विरोध किया। ‘बाबर के नाम से नहीं बनेगी मस्जिद’ गोपाल राय ने कहा कि हम बाबर के नाम से मस्जिद का निर्माण नहीं होने देंगे। जब एक बार बाबरी मस्जिद का नाम मिट चुका है तो फिर क्यों उसे जिंदा करके पूरे भारत का माहौल खराब किया जा रहा है। आज जो पश्चिम बंगाल के विधायक हुमायूं कबीर मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद का निर्माण शुरू करवा रहा है ये देश का माहौल खराब करने की सोची समझी साजिश है । उत्तर प्रदेश , मध्य प्रदेश और दिल्ली से हजारों की संख्या में हमारे कार्यकर्ता पश्चिम बंगाल के लिए कूच किए मगर उन्हें रोक लिया गया। पश्चिम बंगाल बॉर्डर पर 25000 कार्यकर्ता को रोका गया है। कोर्ट के जरिए मस्जिद को गिरवाएंगे हमने अपने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया है कि वह कानून के खिलाफ जाकर कोई भी काम ना करें और अपने घरों को वापस लौट आए। हम लोग कानून का सम्मान करने वाले लोग हैं कानून को तोड़ने वाले नहीं। यह भारत का संविधान है जिस पर हमें पूरा यकीन है। हम लोग सभी धर्म का सम्मान करने वाले भाईचारा को मानने वाले लोग हैं। अगर इस मस्जिद का निर्माण हो भी जाता है तो हम कोर्ट जाएंगे सुप्रीम कोर्ट के जरिए से इस मस्जिद को गिरवाएंगे। ‘ममता बनर्जी राजनीति के रही है’ गोपाल राय ने कहा कि कल हमें दिल्ली में हाउस अरेस्ट कर लिया गया था। आज हम लखनऊ आ गए हमें यहां से निकलने नहीं दिया जा रहा है अगर हमें रोका ना जाता तो हम दिखाते कि इस मस्जिद के निर्माण को रोकने के लिए क्या कर सकते हैं। AIMIM के नेता आने वाले चुनाव की वजह से बाबरी मस्जिद का समर्थन कर रहे हैं। ममता बनर्जी इस पूरे मामले पर राजनीति करके माहौल को खराब कर रही है। हम लोग न माहौल खराब होने देंगे और न मस्जिद का निर्माण होने देंगे। हुमायूं कबीर का कहना है कि पश्चिम बंगाल अयोध्या नहीं है तो हमको यह बताना चाहते हैं कि यह पाकिस्तान भी नहीं है जहां वह कानून तोड़कर कोई काम कर लेंगे। दूसरे के नाम पर मस्जिद बने VHRP करेगा मदद गोपाल राय ने कहा कि सैकड़ों मस्जिद बनाएं, हमें कोई आपत्ति नहीं है। हमारा संगठन ईंट, बालू , सीमेंट ,लेबर सब कुछ देगा हर तरीके से मदद भी करेगा मगर बाबर के नाम पर हम एक भी मस्जिद नहीं बनने देंगे। वीर अब्दुल हमीद , पूर्व राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम के नाम पर मस्जिद बनाई जाए, हमारा संगठन सहयोग करेगा। समर्थन देगा। हम खड़े होकर निर्माण करवाएंगे। उन्होंने कहा कि मस्जिद से कोई आपत्ति नहीं है, मगर बाबर नाम से आपत्ति है। बाबर का नाम लेकर देश में हिंदू-मुसलमान दंगा करवाने की कोशिश की जा रही है।
सोनीपत जिले के सेक्टर-7 स्थित भाजपा कार्यालय ‘स्वर्णकमल’ में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मूर्ति स्थापना और अनावरण कार्यक्रम के साथ सियासी माहौल भी गर्म रहा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने जन्म दिवस के अवसर पर मूर्ति का अनावरण करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय के जीवन, विचारधारा और अंत्योदय के सिद्धांतों को भाजपा की नीतियों का मूल आधार बताया। साथ ही हरियाणा में बुढ़ापा पेंशन, कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप, राहुल गांधी की बयानबाजी, प्रदेश की कानून व्यवस्था और आगामी बजट को लेकर भी विस्तार से अपनी बात रखी। दीनदयाल उपाध्याय के विचारों पर चल रही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने ऋषि-महर्षियों की तरह सादा और समर्पित जीवन जिया। साधारण परिवार में जन्म लेने के बावजूद उन्होंने संघ में सेवा भाव से कार्य करते हुए राजनीति को मूल्यों और सिद्धांतों से जोड़ने का काम किया। बड़ौली ने कहा कि उन्होंने राजनीति में आचरण का एक पैमाना तय किया और अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने की सोच दी। उन्होंने कहा कि भाजपा आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ‘अंत्योदय’ की भावना से कार्य कर रही है और दीनदयाल उपाध्याय के दिखाए मार्ग पर आगे बढ़ रही है। बुढ़ापा पेंशन पर कांग्रेस को घेरा हरियाणा में बुढ़ापा पेंशन काटे जाने के मुद्दे पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बयान का जवाब देते हुए बड़ौली ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में भेदभाव और भ्रष्टाचार होता था। उन्होंने आरोप लगाया कि पेंशन बनवाने के लिए बुजुर्गों को दलालों को रिश्वत देनी पड़ती थी। बड़ौली ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार ने नीति बनाकर काम किया है, जिसके तहत सालाना तीन लाख रुपए तक आय वाले बुजुर्गों को पेंशन क्राइटेरिया से बाहर रखा गया है। यदि किसी की पेंशन गलती से कटी है, तो जांच के बाद ब्याज सहित पूरी राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पात्र व्यक्ति की पेंशन न कटे और अपात्र को लाभ न मिले, इसी उद्देश्य से प्रक्रिया चल रही है। राहुल गांधी की बयानबाजी पर निशाना प्रदेश अध्यक्ष ने राहुल गांधी द्वारा एक पुस्तक के संदर्भ में दिए बयान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस किताब का प्रकाशन तक नहीं हुआ, उसकी बात संसद में उठाना संसदीय परंपराओं के खिलाफ है। बड़ौली ने दावा किया कि पुस्तक के लेखक ने भी बयानबाजी को संसदीय गरिमा के अनुरूप नहीं बताया है। उन्होंने राहुल गांधी को नसीहत देते हुए कहा कि कांग्रेस से जुड़ी कई किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं, उन पर चर्चा करनी चाहिए। कानून व्यवस्था पर सरकार का दावा हरियाणा में संगठित गैंग सक्रिय होने के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए बड़ौली ने कहा कि प्रदेश में भय का कोई माहौल नहीं है और लोग सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और फिरौती मांगने वाले भी जेल में हैं। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उनके शासनकाल में भ्रष्टाचार और गैंग पनपे। भाजपा सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और किसी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। आगामी बजट को बताया विकासोन्मुख आगामी विधानसभा सत्र और बजट को लेकर बड़ौली ने कहा कि हर वर्ष बजट का आकार बढ़ाया गया है और इस बार भी हरियाणा का बजट बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी वर्गों से चर्चा कर सुझाव लिए हैं।प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि आने वाला बजट ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने वाला होगा और हर वर्ग के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा।
चूरू में रतनगढ़ पुलिस ने कस्बे के स्पा सेंटर और कैफे में अनैतिक गतिविधियों की रोकथाम के लिए दबिश देकर कार्रवाई की। पुलिस ने कस्बे के 1 कैफे पर दबिश दी, जहां कैफे संचालक के साथ एक अन्य व्यक्ति भी मिला। इन दोनों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ के लिए थाने ले आई। पूछताछ के बाद दोनों व्यक्तियों को हिदायत देकर छोड़ दिया गया। डीएसपी इंसार अली के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि शहर में संचालित कैफे, स्पा सेंटर और होटलों में यदि अनैतिक या अवांछित गतिविधियां पाई गईं, तो उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।पुलिस की इस कार्रवाई से शहर में संचालित अन्य कैफे संचालकों में हड़कंप मच गया। रतनगढ़ थानाधिकारी गौरव खिड़िया ने बताया कि होटल, कैफे और स्पा सेंटर पर अनैतिक गतिविधियों की सूचना पर पुलिस की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्पा सेंटर या कैफे पर संदिग्ध हालत में कोई मिला तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कोटा शहर में अवैध इमारतें तो खड़ी हो ही गईं, लेकिन अब रेस्टोरेंट, ढाबे और अन्य व्यावसायिक जगहें भी बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के धड़ल्ले से चल रही हैं। निगम के संबंधित विभाग ने अब तक इस ओर आंखें मूंद रखी थीं। लेकिन हाल ही में एक तीन मंजिला इमारत के ढहने के बाद कोटा निगम का अग्निशमन विभाग जागा है और पूरे शहर में जांच अभियान चला रहा है। ज्यादातर जगहों पर टीमों को सुरक्षा में गंभीर खामियां मिल रही हैं, मगर हर बार की तरह सिर्फ नोटिस थमा कर खानापूर्ति की जा रही है। शहर में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, और जांच में हर बार लापरवाही उजागर होती है। फिर भी निगम की टीमें बड़े हादसे का इंतजार करती हैं। निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि निगम की टीम एक ओर शहर की जीर्ण-शीर्ण और निर्माणाधीन इमारतों की जांच कर रही है, वहीं दूसरी और अग्निशमन विभाग को रेस्टोरेंट और ढाबों की जांच में लगाया है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास के नेतृत्व में छह टीमें पूरे शहर में चेकिंग कर रही हैं। तलवंडी, विज्ञान नगर, रानपुर, दादाबाड़ी, नया कोटा, स्टेशन, छावनी जैसे इलाकों में रेस्टोरेंट और ढाबों में फायर सेफ्टी की जांच हो रही है। राकेश व्यास ने खुलासा किया कि दो दिनों की जांच में करीब 100 रेस्टोरेंट और ढाबे ऐसे मिले जहां आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं थे। निगम की ओर से एक दिन में ही 50 नोटिस जारी किए गए। लगातार अनियमितताएं सामने आ रही हैं। इनके संचालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि जल्द से जल्द नियमों के मुताबिक सभी सुरक्षा उपाय अपनाएं। उन्होंने बताया कि अगर नोटिस देने के बाद भी अब अगर अगली जांच में लापरवाही मिली, तो इन जगहों को सील कर दिया जाएगा।
BHU में शोध कर रहे छात्रों ने NON-NET फेलोशिप की धनराशि में वृद्धि को लेकर आवाज़ बुलंद कर दी है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों द्वारा एक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसके माध्यम से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC), नई दिल्ली को ज्ञापन भेजा गया है। छात्रों का कहना है कि वर्तमान में अधिकांश केंद्रीय विश्वविद्यालयों में NON-NET फेलोशिप की राशि मात्र 8,000 रुपये प्रतिमाह है, जिसका निर्धारण वर्ष 2008 में किया गया था। उस समय की आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए यह राशि तय की गई थी। वहीं, उस समय जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) की राशि 16,500 रुपये प्रतिमाह थी, जो NON-NET फेलोशिप से लगभग दोगुनी थी। आंदोलन की दी चेतावनी शिवम सोनकर ने कहा - हम लोग पूर्णकालिक शोध करते हैं और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय योगदान देते हैं। लेकिन 8,000 रुपये में आज के समय में गुजारा करना संभव नहीं है। हमारी मांग है कि NON-NET फेलोशिप को कम से कम 25,000 रुपये किया जाए और इसे महंगाई से जोड़ा जाए, ताकि शोधार्थियों को सम्मानजनक जीवन और बेहतर शोध का अवसर मिल सके। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो वे आगे भी लोकतांत्रिक तरीकों से आंदोलन जारी रखेंगे। छात्रों ने UGC से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं— 1. NON-NET फेलोशिप की राशि 8,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रतिमाह की जाए। 2. फेलोशिप को महंगाई सूचकांक से जोड़ा जाए, ताकि समय-समय पर इसमें स्वतः वृद्धि होती रहे। 3. देश के सभी केंद्रीय एवं राज्य विश्वविद्यालयों में प्रत्येक शोधार्थी को NON-NET फेलोशिप का लाभ सुनिश्चित किया जाए।
जमुई जिले के गिद्धौर प्रखंड की पतसंडा पंचायत के वार्ड नंबर तीन में एक सरकारी चापाकल पर मोटर पंप लगाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। आरोप है कि दबंगों द्वारा चापाकल पर कब्जा कर मोटर पंप लगाने से पूरे वार्ड में पेयजल संकट गहरा गया है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है। स्थानीय युवकों द्वारा बनाया गया यह 15 सेकंड का वीडियो तेजी से फैल रहा है। इसमें दो युवक सरकारी चापाकल पर मोटर पंप सेट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह चापाकल अवध साह के घर के पास पेयजल समस्या को देखते हुए पीएचईडी विभाग द्वारा लगाया गया था। चापाकल ने पानी देना कर दिया बंद ग्रामीणों का कहना है कि मोटर पंप लगाए जाने के बाद से चापाकल ने पानी देना बंद कर दिया है। वार्ड तीन के निवासी बिनोद यादव, अरविंद यादव, जीवन मांझी, दयावंती देवी, भानो देवी और खीरू शर्मा ने बताया कि वे अभी तक मुख्यमंत्री नल-जल योजना से वंचित हैं। ऐसे में यह चापाकल उनके लिए पानी का एकमात्र सहारा था, जिससे वार्डवासी और राहगीर दोनों पानी भरते थे। स्थानीय समाजसेवी लक्ष्मण साव ने इस मामले की शिकायत गिद्धौर के बीडीओ ई. सुनील कुमार से की। बीडीओ ने इसे पीएचईडी विभाग का विषय बताते हुए उनसे संबंधित विभाग से संपर्क करने को कहा। निरीक्षण कर होगी विभागीय कार्रवाई इधर, पीएचईडी की जेई वर्षा कुमारी ने बताया कि विभागीय चापाकल में मोटर लगाए जाने की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है और जल्द ही स्थल निरीक्षण कर आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
फिरोजाबाद पुलिस ने थाना रसूलपुर क्षेत्र से गुमशुदा हुए दो नाबालिग बच्चों को नई दिल्ली से सकुशल बरामद किया है। ये बच्चे गणित की परीक्षा के डर से घर छोड़कर दिल्ली चले गए थे। पुलिस ने उन्हें सुरक्षित रूप से उनके परिजनों को सौंप दिया है। 9 फरवरी 2026 को थाना रसूलपुर क्षेत्र के नींबू वाला बाग निवासी दिनेश कुमार और विमल कुमार ने पुलिस को सूचना दी थी। उन्होंने बताया कि उनके बेटे कृष (14) और शौर्य (11) सुबह करीब 9 बजे स्कूल जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। शौर्य 6 क्लास में पढ़ता है और कृष 7वीं में। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी सौरभ दीक्षित के निर्देशन में सीओ सिटी प्रवीण तिवारी के नेतृत्व में थाना रसूलपुर पर तीन विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। गठित पुलिस टीमों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 'ऑपरेशन मुस्कान' के अंतर्गत इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच की। इसके साथ ही बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। सीसीटीवी फुटेज के अवलोकन से पता चला कि दोनों बच्चे रेलवे स्टेशन की ओर जाते हुए दिखाई दिए थे। इसके बाद थाना रसूलपुर पुलिस ने जीआरपी और आरपीएफ के साथ समन्वय स्थापित कर तलाश को और तेज किया। जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि दोनों बच्चे ट्रेन में बैठकर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंच गए हैं। 10 फरवरी 2026 को पुलिस टीम ने फोटो और व्यापक सर्च अभियान के माध्यम से दोनों बच्चों को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद कर लिया। बच्चों को नई दिल्ली चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें सुरक्षित रूप से उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। पूछताछ के दौरान बच्चों ने बताया कि स्कूल में गणित की परीक्षा होनी थी, जिसके डर से वे स्कूल न जाकर घर से भागकर दिल्ली चले गए थे। बच्चों की सकुशल वापसी पर परिजनों ने फिरोजाबाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मानवीय प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया।
दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में देशभर के डीडीसी (जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति) अध्यक्षों की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की डीडीसी अध्यक्ष और जिला कांग्रेस अध्यक्ष गजमती भानु ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की। बैठक में डीडीसी अध्यक्षों ने अपने-अपने जिलों से संबंधित विकास कार्यों, केंद्र सरकार की योजनाओं की जमीनी स्थिति, मनरेगा, आदिवासी क्षेत्रों की समस्याओं, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। गजमती ने प्रियंका गांधी को बताई जिले की समस्याएं गजमती भानु ने गौरेला–पेंड्रा–मरवाही जिले की समस्याओं से प्रियंका गांधी को अवगत कराया। उन्होंने विशेष रूप से आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, बुनियादी सुविधाओं और केंद्र प्रायोजित योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही कठिनाइयों का उल्लेख किया। समस्याओं को संसद से सड़क तक उठाने का दावा प्रियंका गांधी वाड्रा ने सभी डीडीसी अध्यक्षों की बातों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस पार्टी जमीनी स्तर की समस्याओं को संसद से सड़क तक मजबूती से उठाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण भारत, आदिवासी समाज और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा कांग्रेस की प्राथमिकता है। जिले की आवाज राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का बताया अवसर इस अवसर पर गजमती भानु ने कहा कि यह मुलाकात जिले की आवाज को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण अवसर था। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पार्टी नेतृत्व के मार्गदर्शन में जनहित के मुद्दों को मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा। यह बैठक संगठनात्मक रूप से भी अहम थी, जिसमें आने वाले समय में कांग्रेस की रणनीति और जनआंदोलनों की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श किया गया।
शाजापुर की मोहन बड़ोदिया पुलिस ने NTPC सोलर प्लांट में हुई चोरी का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 31 सोलर प्लेटें और वारदात में इस्तेमाल किया गया टाटा मैजिक वाहन जब्त किया है। बरामद सामान की कुल कीमत 7 लाख 25 हजार 808 रुपए बताई गई है। चोरी का खुलासा बुधवार दोपहर करीब 1 बजे किया गया। 21-22 जनवरी की रात हुई थी वारदात पुलिस के अनुसार, 21-22 जनवरी 2026 की दरमियानी रात ग्राम देहरीपाल-बुरलाय स्थित NTPC सोलर प्लांट के ब्लॉक नंबर 12 से 31 सोलर प्लेटों का एक बंडल चोरी हो गया था। इस मामले में 22 जनवरी को करणी सील्ड कंपनी के सुपरवाइजर पंकज गुर्जर ने मोहन बड़ोदिया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने धारा 303(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के बाद चारों आरोपी पकड़े गए थाना प्रभारी भीम सिंह पटेल के नेतृत्व में टीम बनाई गई। जांच के दौरान पुलिस ने नितेश सोलंकी (24), धर्मेंद्र सिंह (23), विशाल कटारिया (19) और अर्जुन सूर्यवंशी (23) को हिरासत में लिया। पूछताछ में चारों ने चोरी करना स्वीकार कर लिया। जंगल में छिपाया था चोरी का सामान आरोपियों ने बताया कि चोरी की गई सोलर प्लेटों को टाटा मैजिक (एमपी 13 एल 5246) में भरकर बेचने के इरादे से बुरलाय के जंगल में छिपा दिया था। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर 2 लाख 75 हजार 808 रुपए कीमत की 31 सोलर प्लेटें और 4 लाख 50 हजार रुपए कीमत का वाहन बरामद किया। सीसीटीवी कैमरे लगाने की अपील पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ शाजापुर और आगर जिलों में पहले से चोरी के मामले दर्ज हैं। अन्य जिलों में हुई वारदातों को लेकर भी उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपने घरों और प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की अपील की है।
कांग्रेस ने डोर-टू-डोर कचरा शुल्क के विरोध में अभियान शुरू:आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया
ब्यावर में नगर परिषद द्वारा लगाए गए डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण शुल्क के विरोध में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने बुधवार से हस्ताक्षर अभियान शुरू किया। यह अभियान वार्ड नंबर 18 स्थित गजानंद जी मंदिर, चमन चौराहा से औपचारिक रूप से प्रारंभ हुआ। निवर्तमान पार्षद भरत बाघमार के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र के घर-घर जाकर लोगों से संपर्क किया। उन्होंने शुल्क के विरोध में हस्ताक्षर एकत्र किए। इस दौरान आम जनता ने भी नगर परिषद के निर्णय पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कांग्रेस के अभियान का समर्थन किया। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अशोक रांका ने इस अवसर पर कहा कि नगर परिषद द्वारा लगाया गया कचरा संग्रहण शुल्क आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ है। उन्होंने इसे वर्तमान महंगाई के दौर में अनुचित बताया। रांका ने चेतावनी दी कि यदि शुल्क वापस नहीं लिया गया, तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी। कांग्रेस प्रवक्ता राजेंद्र तुनगरिया ने बताया कि यह हस्ताक्षर अभियान पूरे शहर में चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा, जिसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को जोड़ना है। उन्होंने कहा कि एकत्रित हस्ताक्षरों को जल्द ही जिला प्रशासन को सौंपा जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी जनहित के मुद्दों पर हमेशा आमजन के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी जनविरोधी नीति का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रहेगा।
गुरुग्राम में अब सड़क किनारे, खाली प्लॉटों, नालों, झीलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने वालों पर सख्त आर्थिक दंड लगाया जाएगा। यह कार्रवाई राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के 26 जुलाई 2024 के आदेश के अनुपालन में की जा रही है, जिसमें हरियाणा राज्य में सार्वजनिक स्थानों पर ठोस कचरा फेंकने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया गया था। एनजीटी ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि अनियंत्रित कूड़ा फेंकना पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाता है, जिससे वायु और जल प्रदूषण बढ़ता है। यह नागरिकों के स्वच्छ वातावरण और स्वास्थ्य के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम गुरुग्राम ने अब सख्त प्रवर्तन (इन्फोर्समेंट) अभियान शुरू कर दिया है। पहली बार उल्लंघन करने पर 25 हजार जुर्माना नगर निगम गुरुग्राम द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, पर्यावरण क्षति करने वाले बल्क वेस्ट जनरेटर, संस्थानों या एजेंसियों पर पहली बार उल्लंघन पर 25,000 रुपये और दूसरी बार उल्लंघन पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। सामान्य (नॉन-बल्क) कूड़ा फेंकने वालों पर पहली बार 5,000 रुपये और दूसरी बार उल्लंघन पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगेगा। यह जुर्माना मौके पर ही अधिकृत अधिकारियों द्वारा लगाया जाएगा।नगर निगम गुरुग्राम के अतिरिक्त आयुक्त, संयुक्त आयुक्त, उप-नगर निगम आयुक्त, कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता, वरिष्ठ स्वच्छता निरीक्षक, कनिष्ठ अभियंता, स्वच्छता निरीक्षक और सहायक स्वच्छता निरीक्षक को पर्यावरण क्षति के लिए जुर्माना लगाने का अधिकार दिया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर वसूल की जाएगी राशि यदि कोई दोषी व्यक्ति या संस्था जुर्माना जमा नहीं करती है, तो यह राशि भूमि राजस्व बकाया की तरह कानून के तहत वसूल की जाएगी। वसूला गया जुर्माना नगर निगम द्वारा शहर में ठोस कचरा प्रबंधन और प्रसंस्करण सुधार पर खर्च किया जाएगा। नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने नागरिकों, संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से अपील की है कि वे कूड़ा निर्धारित स्थानों पर ही डालें, डोर-टू-डोर कलेक्शन सेवा का उपयोग करें और शहर को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन अब सीधे आर्थिक दंड में परिणत होगा।
सिंगरौली शहर के बैढ़न क्षेत्र के वार्ड क्रमांक-43 में बुधवार को एक लंगूर बिजली के खुले तारों में फंसकर घायल हो गया। करंट लगने से वह झुलस गया और नीचे गिर पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम, वन विभाग और गौसेवा संस्था सिंगरौली की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शी अतुल ने बताया कि लंगूर बिजली के तारों के जाल में उलझ गया था, जिससे उसे करंट लगा। स्थानीय नागरिकों ने इसकी सूचना नगर निगम को दी, जिसके बाद वन विभाग और गौसेवा संस्था को भी सूचित किया गया। बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद घायल लंगूर को सुरक्षित निकाला और प्राथमिक इलाज के लिए वन विभाग कार्यालय ले गया। करंट लगने से लंगूर को लगा सदमा पशु चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच में बताया कि लंगूर को करंट लगने से सदमा लगा है। उसे दर्द निवारक दवाएं, आवश्यक इंजेक्शन और तरल पदार्थ दिए गए हैं। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है और वन विभाग की निगरानी में उसका इलाज जारी है। गौसेवा संस्था के अभिषेक पांडेय ने जानकारी दी कि जिले में घायल और बेसहारा पशुओं के लिए आश्रय स्थल उपलब्ध है। हालांकि, वर्तमान में वहां नवीनीकरण का कार्य चल रहा है, जिसके कारण लंगूर को अस्थायी तौर पर वन विभाग कार्यालय में रखा गया है। संस्था और वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी घायल पशु या वन्यजीव दिखाई दे, तो तुरंत संबंधित विभाग या संस्था को सूचित करें, ताकि उनकी जान बचाई जा सके।
लोहारू में खुले में डाला जा रहा कचरा:बीमारियों का खतरा बढ़ा; लोग बोले- पशुओं के कारण डाल रहे
भिवानी जिले के लोहारू शहर में परशुराम चौक के पास खुले में कचरा डाला जा रहा है। इस कारण चारों ओर गंदगी फैल गई है, जिससे दुर्गंध और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। आवारा पशु इस कचरे को खा रहे हैं, जिससे सड़क पर राहगीरों को हादसे का डर सता रहा है। परशुराम चौक के पास निजी स्कूल, रिहायशी मकान और कमर्शियल बिल्डिंग हैं। कचरे से उठती दुर्गंध के कारण बच्चों, बुजुर्गों और स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पर पड़ा रहा है। उल्लेखनीय है कि लोहारू में आवारा पशुओं के कारण पहले भी कई लोगों की जान जा चुकी है और अनेक लोग घायल भी हो चुके हैं। लोग बोले- मजबूरी में कचरा डाल रहे स्थानीय निवासी राजेश सारसार, बादल, मुन्ना, रतन और पवन समेत कई लोगों ने बताया कि आवारा पशुओं के झुंड के कारण लोग मजबूरी में सड़क के बीचों-बीच भी कचरा डाल देते हैं। उन्होंने मांग की कि क्षेत्र में डस्टबिन या कचरा ट्रॉली की व्यवस्था की जाए, ताकि लोग निर्धारित स्थान पर कचरा डाल सकें। साथ ही, भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र से आवारा पशुओं को हटाया जाए ताकि बड़े हादसों से बचा जा सके। पार्षद बोले- बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा वार्ड नंबर 13 के पार्षद अजय शर्मा ने कहा कि स्थानीय लोगों द्वारा खुले में कचरा डालना गलत है। इससे सभी को बचना चाहिए। उन्होंने बताया कि आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए नगरपालिका की मासिक बैठक में प्रस्ताव रखा गया है।
यूनिवर्सिटी की थर्ड और फोर्थ ईयर की परीक्षाओं का काउंट डाउन शुरू हो गया है। 5 मार्च से शुरू होने जा रहे इस महाकुंभ में करीब 46 हजार स्टूडेंट्स बैठेंगे। नई शिक्षा नीति के बीच चौंकाने वाला ट्रेंड सामने आया है, फोर्थ ईयर (ऑनर्स) में छात्रों की संख्या पिछले साल के मुकाबले सीधे 50% गिर गई है। पिछले साल फोर्थ ईयर में 3000 छात्र थे, जो इस साल घटकर मात्र 1500 रह गए हैं। BA में सबसे ज्यादा 16 हजार स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी ने परीक्षा के सफल संचालन के लिए छात्रों की संख्या के आधार पर केंद्रों का वितरण किया है। फोर्थ ईयर से मोहभंग, 3 हजार से घटकर 1500 रह गए छात्र नई शिक्षा नीति के तहत 4 साल की डिग्री का विकल्प तो मिला, लेकिन छात्र इसे चुनने में कतरा रहे हैं। नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद ग्रेजुएशन में तीन वर्षीय पारंपरिक कोर्स और चार वर्षीय ऑनर्स, दोनों विकल्प उपलब्ध हैं। तीन साल का ग्रेजुएशन करने वाले छात्र जल्दी पीजी या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं और कुल पांच साल में पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा कर लेते हैं। वहीं, चार साल की डिग्री लेने वाले छात्रों के लिए पारंपरिक पीजी एक साल का रह जाता है और वे सीधे नेट परीक्षा देकर पीएचडी के पात्र हो सकते हैं। हालांकि, एमबीए, एमसीए, बीएड जैसे प्रोफेशनल पीजी कोर्स अभी भी दो साल के ही हैं। इसी कारण फोर्थ ईयर में छात्रों की संख्या इस बार तीन हजार से घटकर आधी रह गई है। छात्र जल्द से जल्द 3 साल की डिग्री लेकर कॉम्पिटिटिव एग्जाम में बैठना चाहते हैं। प्रोफेशनल कोर्सेज (एमबीए, एमसीए, बीएड्) में 4 साल की डिग्री के बाद भी 2 साल ही लग रहे हैं, जिससे छात्रों को एक्स्ट्रा साल देने में फायदा नहीं दिख रहा।
बालाघाट में महाशिवरात्रि पर महामृत्युंजय घाट पर लगने वाले मेले की तैयारियों का प्रशासनिक अधिकारियों ने निरीक्षण किया। सिंधी समाज पिछले 61 वर्षों से इस मेले का आयोजन करता आ रहा है, और इस वर्ष यह 62वां आयोजन होगा। इस मेले में बालाघाट सहित आसपास के जिलों और महाराष्ट्र से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। एसडीएम गोपाल सोनी ने बताया कि महाशिवरात्रि मेले के आयोजन स्थल का निरीक्षण किया गया है। इसमें 10 से 15 हजार सिंधी समाज के लोगों के शामिल होने की संभावना है। सुरक्षा सुनिश्चित करने लिए घाट पर इंतजाम निर्देश निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि आयोजन में कोई अव्यवस्था या सुरक्षा चूक न हो। उन्होंने बताया कि जागपुर घाट पर पुल का काम चल रहा है और वैनगंगा नदी में पानी का स्तर अधिक है, जिसे देखते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक व्यवस्थाएं बनाने के निर्देश दिए गए हैं। पूज्य सिंधी पंचायत अध्यक्ष अमर मंगलानी ने जानकारी दी कि समाज 61 वर्षों से प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि पर महामृत्युंजय घाट पर शिवपूजन और मेले का आयोजन करता आ रहा है। महाशिवरात्रि पर सुबह 5 बजे होगी पूजा, अर्चना और आरती इस वर्ष महाशिवरात्रि पर सुबह 05 बजे पूजा, अर्चना और आरती के बाद भक्तों को महाप्रसाद वितरित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस मेले में केवल बालाघाट जिले से ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिले सिवनी, नैनपुर और महाराष्ट्र के गोंदिया, तुमसर और भंडारा से भी सिंधी समाज के लोग शामिल होने आते हैं। निरीक्षण के दौरान एसडीएम गोपाल सोनी के साथ सीएसपी मयंक तिवारी, सीएमओ बी.डी. कतरोलिया, थाना प्रभारी कामेश धूमकेती, यातायात थाना प्रभारी यीना राहंगडाले, सिंधी समाज प्रतिनिधि रमेश रंगलानी और पूज्य सिंधी पंचायत अध्यक्ष अमर मंगलानी सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।
शाजापुर में मुरम से भरा डंपर नाले में धंसा:शॉर्ट कट से गली में घुसते समय मकान से टकराया
शाजापुर के काशी नगर क्षेत्र में एक मुरम से भरा एक डंपर मुख्य सड़क छोड़कर शॉर्टकट के रास्ते संकरी गली में घुसने की कोशिश कर रहा था। स्थानीय लोगों ने चालक को ऐसा न करने की समझाइश दी, लेकिन उसने चेतावनी को नजरअंदाज कर वाहन गली में मोड़ दिया। घटना बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे की है। नाले में धंसा पहिया, मकान से टकराया वाहन गली में एंट्री करते ही डंपर का एक पहिया सड़क किनारे बने नाले में धंस गया। इससे वाहन का संतुलन बिगड़ गया और वह पास के एक मकान से जा टकराया। उस समय मकान के बाहर मौजूद लोगों ने तुरंत हटकर अपनी जान बचाई। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने चालक की लापरवाही पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि मना करने के बावजूद चालक जबरन डंपर गली में ले गया। पुलिस ने शुरू की जांच सूचना मिलते ही लालघाटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने डंपर चालक और वाहन मालिक से पूछताछ कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
जिले के म्याना इलाके के पतलेरा गांव में रहने वाले एक ट्रक ड्राइवर ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। कुछ दिन पहले उसका ट्रक पलट गया था। इसके कारण वह घर पर ही था। उसने गाय बांधने वाले कमरे में फंदा बनाकर फांसी लगा ली। जानकारी के अनुसार मुंशीलाल कुशवाह (45) ग्राम पतलेरा थाना म्याना में रहते थे। उनके पास खुद का ट्रक था। उन्होंने ट्रक फाइनेंस कराया हुआ था। वह उसी पर ड्राइवर के रूप में काम करते थे। दस दिन पहले उनका ट्रक पलट गया था। हादसे में उन्हें भी मामूली चोटें आई थीं। इसी कारण वह घर पर ही थे। उनके भाई ने बताया कि मुंशीलाल रात में पानी पी कर सो गए थे। रात में ही फांसी लगा ली। परिवार वालों ने सुबह 5 बजे देखा। जिस कमरे में गाय बांधी जाती हैं, उसमें जाकर फांसी लगा ली। रस्सी से फंदा बनाकर फांसी लगाई। सुबह जब गाय निकालने गए, तब परिवार वालों ने देखा। वह फंदे पर लटके हुए थे। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा परिवार वालों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव नीचे उतरवाया और जिला अस्पताल भिजवाया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम किया गया। पीएम के बाद शव परिवार वालों को सौंप दिया गया है। उनके भाई ने बताया कि कुछ दिन पहले गाड़ी पलट गई थी। आठ दस दिन से गाड़ी खड़ी थी। उसकी टेंशन लेते थे। हर महीने गाड़ी की किश्त आती थी हर महीने। वो भर नहीं पा रहे थे, तो उसी से परेशान चल रहे थे। इसी कारण शायद उन्होंने ये कदम उठाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
रीवा में महाशिवरात्रि पर्व पर शहर में भव्य शिव बारात निकाली जाएगी। आयोजन समिति ने रूट चार्ट जारी कर दिया है। भगवान भोलेनाथ की बारात महाशिवरात्रि के दिन सुबह 9 बजे बेऊज धर्मशाला से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पचमठा आश्रम पहुंचेगी, जहां विधि-विधान के साथ शिव-पार्वती विवाह संपन्न होगा। 30 फीट लंबा 551 किलो का त्रिशूल सबसे खास होगा। जिसे देखने के लिए भी लोग दूर-दूर से पहुंचेंगे। अब जानिए त्रिशूल के बारे में आगामी महाशिवरात्रि के अवसर पर रीवा में इस वर्ष एक भव्य त्रिशूल स्थापित किया जाना है, जो आयोजन का मुख्य आकर्षण रहेगा। लगभग 30 से 31 फीट (करीब 9.1 से 9.4 मीटर) लंबा और करीब 551 किलो वजनी यह त्रिशूल आधार सामग्री सहित तैयार किया गया है। महाशिवरात्रि की भव्य शिव बारात और शोभायात्रा के दौरान इसे विशेष रूप से भक्तों के दर्शन और पूजा-आराधना के लिए रखा जाएगा। स्थानीय स्तर पर इसे शिव भक्ति और उत्सव का प्रतीक बताया जा रहा है। हिंदू परंपरा में त्रिशूल भगवान शिव का दिव्य अस्त्र माना जाता है, जो शक्ति, संतुलन और त्रिगुण—सात्विक, राजसिक और तामसिक—का प्रतीक है। ऐसे में आगामी महाशिवरात्रि पर इसकी स्थापना को धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक उत्साह से जोड़कर देखा जा रहा है। बारात बेऊज धर्मशाला से निकलकर खजरा चौराहा, स्टेच्यू चौक, साई मंदिर, टक्कर चौराहा, रीत सेंटर, राठौर मोहल्ला, शिल्पी प्लाजा, ब्लॉक रोड, स्वागत भवन, प्रकाश चौक, सिरमौर चौक और फोर्ट रोड होते हुए एसके स्कूल के पास से श्रमकल्याण केंद्र के समीप स्थित पचमठा आश्रम पहुंचेगी। 108 स्थानों पर पुष्पवर्षा और स्वागत आयोजन समिति के अध्यक्ष मनीष गुप्ता ने बताया कि शिव बारात का मार्ग में 108 स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा स्वागत किया जाएगा। बारात में धर्म ध्वजा, झांझ-मंजीरा, ढोल-नगाड़े, डमरू दल, बैंड, महाकाल की पालकी, 31 फीट का त्रिशूल, रुद्राक्ष की झांकी, काली माता, आदिशक्ति, केदारनाथ मंदिर, नरसिंह अवतार, राधा-कृष्ण रासलीला और शिव-पार्वती की सजीव झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। विभिन्न लोकनृत्य, डांडिया, घूमर और अखाड़ा प्रदर्शन भी शामिल रहेंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रम और विशाल भंडारा पचमठा आश्रम में शिव-पार्वती विवाह के बाद भक्ति संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकार भजन संध्या में प्रस्तुति देंगे। मंच पर राजस्थानी घूमर, फोक डांस, कृष्ण लीला और पारंपरिक लोकनृत्य आकर्षण का केंद्र रहेंगे। महाशिवरात्रि के अवसर पर दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजन समिति ने शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धार्मिक आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।
हांसी में रिटायर्ड सैनिक सतबीर सिंह की संदिग्ध मौत के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन जिला सचिवालय पहुंचे। सदर थाना क्षेत्र के गांव सिसाय बोलान से आए इन लोगों ने आरोप लगाया कि 65 वर्षीय सतबीर की मौत सामान्य नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश का परिणाम है। ग्रामीणों और परिजनों के अनुसार, सतबीर का इलाज गांव का ही एक व्यक्ति कर रहा था। आरोप है कि उपचार के दौरान गलत इंजेक्शन और भारी मात्रा में दवाएं देने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिससे बाद में उनकी मृत्यु हो गई। परिजनों का दावा है कि मेडिकल रिपोर्ट में भी दवाओं की ओवरडोज के संकेत मिले हैं। आरोपी ने रिटायर्ड सैनिक के नाम पर निकलवाई गाड़ी मृतक के बेटे सुनील ने आरोप लगाया कि आरोपी ने झाड़-फूंक और बहला-फुसलाकर सतबीर को अपने प्रभाव में ले लिया था। आरोपी ने उनके नाम पर एक गाड़ी भी निकलवा ली थी। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब गाड़ी में लगी रिकॉर्डिंग डिवाइस से आरोपी और उसकी पत्नी के बीच हुई बातचीत सामने आई। मामले को लेकर हुई थी पंचायत इस घटना को लेकर गांव में एक पंचायत भी बुलाई गई थी। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत के दौरान आरोपी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी थी। इसके बाद पंचायत ने उसे गांव में अपना मेडिकल स्टोर बंद करने का दंड सुनाया। वहीं मृतक की पत्नी संतोष देवी ने 31 जनवरी को पुलिस अधीक्षक अमित यशवर्धन को लिखित शिकायत दी थी। मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की संतोष देवी ने हत्या, धोखाधड़ी और बीमा राशि हड़पने की साजिश का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। जिला सचिवालय पहुंची महिलाओं ने आरोपी पर गांव की अन्य महिलाओं के साथ भी गलत व्यवहार और गलत इलाज करने के आरोप लगाए। न्याय की मांग पर अड़े परिजन ग्रामीणों ने कहा कि जिस व्यक्ति ने अपना पूरा जीवन देश सेवा में समर्पित किया, उसके साथ ऐसी घटना बेहद निंदनीय है। उन्होंने प्रशासन से एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की।फिलहाल, इस मामले को लेकर क्षेत्र में रोष व्याप्त है और परिजन न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं।
भोपाल के रातीबड़ इलाके में रहने वाले प्राइवेट कॉलेज के प्रोफेसर ने मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। बुधवार सुबह परिजनों ने बॉडी देखने के बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। मृतक के कमरे से पुलिस को सुसाइड नोट मिला है। जिसमें उसने बीमारी के चलते जान देने की बात लिखी है। हालांकि परिजनों ने उसे किसी भी तरह की गंभीर बीमारी होने से इनकार किया है। पुलिस सभी एंगल पर जांच कर रही है। एसआई गब्बर सिंह के मुताबिक 32 वर्षीय शैलेंद्र सिंह ठाकुर पुत्र महेंद्र सिंह ठाकुर गोल्डन सिटी रातीबड़ में किराए से रहते थे। वह मूल रूप से सीहोर जिले के आष्टा स्थित गोपालपुर गांव के रहने वाले थे। छह माह से किराए से रह रहा था बीते 6 महीने से भोपाल में किराए का कमरा लेकर रहते थे और रातीबड़ के ही प्राइवेट कॉलेज में बतौर प्रोफेसर जॉब कर रहे थे। उनके भाई ने पुलिस को बताया कि शैलेंद्र को किसी तरह की गंभीर बीमारी नहीं थी। जल्द हो जाता था मौसमी बीमारियों का शिकार बीते कुछ समय से उसे सर्दी और जुकाम जल्दी हो जाया करता था। इसके बाद होने वाली कमजोरी से वह परेशान रहता था। एसआई ने बताया कि शैलेंद्र के कमरे से मिले सुसाइड नोट में उसने लिखा कि बीमारी से तंग हूं...इसलिए जीना नहीं चाहता। सभी को बहुत प्यार करता हूं। अपना ध्यान रखें और स्वस्थ्य रहें। पत्नी को भी है कैंसर पुलिस के मुताबिक शैलेंद्र की पत्नी को बच्चेदानी का कैंसर है। जिसका इलाज बीते एक साल से चल रहा है। फिलहाल पत्नी अपने गोपालपुर स्थित मायके में रह रही है। मायके वाले ही उसका इलाज करा रहे हैं। इस बात को लेकर भी शैलेंद्र तनाव में रहता था।
बैतूल के प्रसिद्ध भोपाली मेले के प्रबंधन को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। ग्राम पंचायत सीताकामत की सरपंच शम्मी मंतु सलाम ने सोमवार को मेला प्रबंधन का अधिकार ग्राम पंचायत को सौंपने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। सरपंच शम्मी सलाम का कहना है कि भोपाली मेला क्षेत्र ग्राम पंचायत की सीमा में आता है, इसलिए कानूनन इसके संचालन और इससे होने वाली आय पर ग्राम सभा का पहला अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम सभा पिछले कई वर्षों से इस संबंध में प्रस्ताव भेज रही है, लेकिन जनपद पंचायत स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सरपंच ने अपने ज्ञापन में मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 58 एवं 80 तथा पेसा नियम 2022 के अध्याय-10, नियम-28 का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में मेलों और बाजारों का संचालन पंचायत के अधिकार क्षेत्र में आता है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि इस बार भी पंचायत के अधिकारों की अनदेखी की गई, तो ग्राम सभा आंदोलन करेगी। जानिए…पेसा एक्ट क्या कहता है पेसा एक्ट (PESA – पंचायत एक्सटेंशन टू शेड्यूल्ड एरियाज) वर्ष 1996 में बनाया गया कानून है, जो अनुसूचित यानी आदिवासी क्षेत्रों में ग्राम सभा को विशेष अधिकार देता है। इसके तहत गांव की जमीन, जल, जंगल, खनिज, मेला-बाजार और स्थानीय संसाधनों से जुड़े निर्णय लेने का अधिकार ग्राम सभा के पास होता है, ताकि स्थानीय लोग अपने विकास से जुड़े फैसले खुद ले सकें। भाजपा नेता पंचायत के समर्थन में मामले में भाजपा जनजाति मोर्चा के प्रदेश मंत्री दीपक उइके भी ग्राम पंचायत के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जनपद पंचायत अधिसूचित क्षेत्र में ग्राम पंचायत की शक्तियों का हनन कर रही है और पेसा एक्ट की मंशा को नजरअंदाज किया जा रहा है। उइके का कहना है कि मेला और पार्किंग ठेकों से लाखों रुपये की आमदनी होती है, लेकिन उसका लेखा-जोखा पारदर्शी नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। जनपद अध्यक्ष ने बताया मांग अनुचित वहीं, जनपद पंचायत अध्यक्ष राहुल उइके ने सरपंच और भाजपा नेता की मांग को अनुचित बताया है। उन्होंने कहा कि भोपाली मेले में हर साल लाखों लोग पहुंचते हैं। पूर्व में ग्राम पंचायत को मेला व्यवस्था सौंपी गई थी, लेकिन वह इसे ठीक से संभाल नहीं पाई। राहुल उइके ने यह भी कहा कि इस बार भी यह मांग अंतिम समय में रखी गई है। ऐसे मामलों पर पहले से चर्चा आवश्यक होती है, समय रहते मांग आती तो उस पर विचार किया जा सकता था।
हनुमानगढ़ के तलवाड़ा धान मंडी में राठीखेड़ा में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में महापंचायत शुरू हो गई है। सुबह से ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, महिलाएं और युवा महापंचायत स्थल पर पहुंचने लगे थे, और लोगों का आना लगातार जारी है। संघर्ष समिति के आह्वान पर आयोजित इस महापंचायत में ग्रामीणों ने अपनी मांगों पर अड़े रहने का संकल्प दोहराया है। उनकी मुख्य मांगें फैक्ट्री का एमओयू रद्द करना और किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेना हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक इन मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। मंच से वक्ताओं ने प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पूर्व में हुई वार्ता में प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासनों पर अब तक कोई अमल नहीं हुआ है, जिससे ग्रामीणों में रोष है। महापंचायत स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासनिक अधिकारी भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। जिला प्रशासन ने पहले ही आमजन से शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। सोशल मीडिया पर रेल रोकने और चक्का जाम की चर्चाओं के मद्देनजर प्रशासन विशेष रूप से सतर्क है। संघर्ष समिति के नेताओं ने मंच से स्पष्ट किया कि आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जाएगा। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई, तो आगे की रणनीति तय की जाएगी। तलवाड़ा धान मंडी में चल रही इस महापंचायत पर पूरे क्षेत्र की निगाहें टिकी हुई हैं।
सीकर रेलवे स्टेशन पर आज बम ब्लास्ट हुआ। इस घटना में पांच लोगों की मौत हो गई जबकि 13 लोग घायल हो गए। दरअसल यह कोई हादसा नहीं बल्कि सिविल डिफेंस की मॉक ड्रिल थी। इसमें बम ब्लास्ट होने का सीन क्रिएट किया गया था। बम ब्लास्ट होने की सूचना मिलने पर तुरंत सिविल डिफेंस,पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सीकर कलेक्टर मुकुल शर्मा ने कहा कि इमरजेंसी कंडीशन के दौरान हालातों से निपटने के लिए आज यह मॉकड्रिल की गई। इसमें सभी टीमों का रिस्पांस टाइम चेक किया गया। जब भी इस तरह की घटना होती है तो कैसे कुछ ही देर में सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा सके। साथ ही भीड़भाड़ वाली जगह से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए। इन सभी प्वाइंट्स को लेकर यह मॉकड्रिल की गई। कई बार देखा जाता है कि आपातकाल के हालात में घायलों को लाने के लिए स्ट्रेचर आने में थोड़ा समय लग सकता है। ऐसे में किस तरह से उन्हें कंबल में डालकर इलाज के लिए पहुंचाया जा सके। कम से कम समय में लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके। वहीं आज की मॉकड्रिल के दौरान एक बड़ी लापरवाही भी देखने को मिली। पुलिस के कई कार्मिक और प्रशासनिक अधिकारी पहले ही रेलवे स्टेशन पर पहुंच चुके थे। अब देखिए मॉकड्रिल से जुड़े फोटोज
इंदौर के द्वारकापुरी क्षेत्र में सोमवार को हुए विवाद का सीसीटीवी वीडियो सामने आया है। घटना में सात लड़कों ने मिलकर एक नाबालिग पर हमला कर दिया। बाद में घायल नाबालिग ने आरोपियों से चाकू छीनकर एक अन्य लड़के पर वार किया। पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि दोनों पक्ष के लड़के अवैध नशे के कारोबार से जुड़े हैं। इसी को लेकर विवाद होने की बात सामने आ रही है। द्वारकापुरी पुलिस के अनुसार, दो पक्षों के नाबालिगों के बीच विवाद हुआ था। पहले साहिल के साथ आए उसके नाबालिग साथियों ने सामने वाले पक्ष के एक नाबालिग को चाकू मार दिया। इसके बाद घायल नाबालिग ने आरोपियों से चाकू छीनकर उनके एक अन्य नाबालिग साथी विक्की पर हमला कर दिया। हमले के बाद एक पक्ष थाने पहुंचा, जबकि दूसरा पक्ष इलाज के लिए अस्पताल गया। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर कार्रवाई की है। दोनों नाबालिगों पर पहले से मामले दर्ज पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों के नाबालिगों पर द्वारकापुरी थाने में मारपीट और धमकी के करीब पांच मामले दर्ज हैं। वे अक्सर इलाके में घूमते रहते हैं। पहले भी पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। घटना के समय नाबालिग साहिल बाइक सर्विस कराने इलाके में गया था, तभी विवाद हो गया। फिलहाल दोनों नाबालिग जमानत पर बाहर हैं। अवैध नशे के कारोबार से जुड़े होने की आशंका स्थानीय जानकारी के अनुसार, दोनों गुट अवैध नशे के कारोबार से जुड़े हुए हैं। क्षेत्र के रहवासी उनसे परेशान बताए जा रहे हैं। मामले की जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बात अनमोल बहुत है, ये जिंदगी के लिएबता रहा हूं फलसफा मैं हर किसी के लिए। पोंछ सकते हो तो दुखियों के पोंछ लो आंसून जिएं आप फकत अपनी ही खुशी के लिए।। यह शायरी योगी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को बजट भाषण के दौरान पढ़ी। उन्होंने इन चार लाइनों में योगी सरकार की कार्यशैली सबके सामने रखी। खन्ना ने एक घंटा 17 मिनट में बजट पेश किया। 6 शायरी पढ़ी और सपा पर निशाना साधा। वे पिछली बार से 6 मिनट ज्यादा बोले। वित्त मंत्री ने पीएम मोदी और सीएम योगी के कुशल नेतृत्व का जिक्र किया। जिन योजनाओं का नाम मुख्यमंत्री से शुरू होता है, उनको छोड़ दिया जाए तो सुरेश खन्ना ने 7 बार सीएम योगी का जिक्र किया। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच वह कई बार सदस्यों और सीएम योगी की तरफ देखते नजर आए। इस दौरान कई रोचक मोमेंट्स दिखे। योगी बजट भाषण की बुकलेट पढ़ते रहे। खन्ना की शायरी पर मेज थपथपा देते। मंत्री नरेंद्र कश्यप झपकी तो बलदेव सिंह औलख मूंछों पर ताव देते नजर आए। विपक्ष शांत रहा। खन्ना ने यूपी और योगी सरकार की नीतियों का जिक्र शायराना अंदाज में किया। खन्ना ने बजट भाषण की शुरुआत प्रदेश के सर्वांगीण विकास, कानून व्यवस्था, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, युवा-किसान और गरीबों की खुशहाली का जिक्र करते हुए किया। 1- हर वर्ग और हर क्षेत्र का विकास- हमारे तेजस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने कार्यकाल के पहले दिन से ही प्रदेश के हर वर्ग और हर क्षेत्र के विकास के लिए अथक परिश्रम किया है, और उनका यह संकल्प है- यही जुनून, यही ख्वाब मेरा है।दिया जला के रोशनी कर दूं, जहां अंधेरा है।। 2- यूपी को आईटी हब बनाने के लिए शायरी पढ़ी- सितारा बनकर आसमां में वही चमकते हैं।डुबो देते हैं, जो अपने आप को पसीने में।। 3- प्राचीन संस्कृतिक धरोहरों पर- पिछली सरकारों के कार्यकाल में हमारी प्राचीन सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों की घनघोर उपेक्षा की गई है। अब स्थिति बदल चुकी है। सीएम के मार्गदर्शन में हमने अपने सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों का पुनरुत्थान किया है। इससे नए रोजगार सृजित हुए हैं। ये बात अलग है कि तुम ना बदलो, मगर जमाना बदल रहा है।गुलाब पत्थर पर खिल रहा है, चिराग आंधी में जल रहा है।। 4- प्रदेश की जनजातियों के उत्थान पर-प्रदेश की जनजनातियों के बारें में इससे पहले कभी नहीं सोचा गया। यह कहने में कोई हिचक नहीं है कि सदियों की रूढ़ियों को तोड़कर समाज को नई दिशा देना एक श्रमसाध्य और समसाध्य कार्य है। लेकिन दूरदृष्टि, दृढ़़संकल्प और अहर्निश श्रम से यह संभव हो रहा है। बड़े मुश्किल से कोई सुबह मुस्कुराती हैगम है कि शाम दबे पांव चली आती है।वक्त लगता ही नहीं जिंदगी बदलने मेंपर बदलने में वक्त जिंदगी लग जाती है।। 5- योगी मॉडल पर- हमारी सरकार ने सीएम योगी के मार्गदर्शन में हर क्षेत्र मे सराहनीय कार्य किया है। जिसका सकारात्मक मूलयांकन देश की शीर्षस्थ संस्थाओं नीति आयोग, भारत रिजर्व बैंक और सीएजी द्वारा किया गया। यूपी के विकास और कानून व्यवस्था की सराहना सर्वत्र हो रही है। काबिले तारीफ है, अंदाज एक-एक काम का।गा रहा है गीत यूपी योगीजी के नाम का।। ----------------------- यह खबर भी पढ़िए:- लड़कियों को शादी के लिए अब 1 लाख मिलेंगे:14 नए मेडिकल कॉलेज, 3 यूनिवर्सिटी खुलेंगी, 400 करोड़ की स्कूटी बांटेंगे; 10 लाख को रोजगार योगी सरकार ने चुनाव से पहले अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया। 9 लाख 12 हजार करोड़ का ये बजट पिछले साल से 12% ज्यादा है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिलाओं, इंफ्रास्टक्चर पर खास फोकस किया गया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 43 हजार करोड़ रुपए की नई योजनाएं शुरू करने का ऐलान किया। पढ़ें पूरी खबर…
KGMU में दा विंची तकनीक की एंट्री:अब ऑपरेशन में ज्यादा सटीकता, मरीजों को तेज रिकवरी का भरोसा
KGMU में दा विंची रोबोटिक सर्जरी की सुविधा का आगाज हो गया है। इस नई तकनीक के शुरू होने से अब मरीजों को कम दर्द, कम रक्तस्राव और जल्दी रिकवरी का लाभ मिलेगा। अब तक संस्थान में एसएसआई मंत्रा रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन दा विंची सिस्टम जुड़ने के बाद KGMU प्रदेश के उन चुनिंदा सरकारी संस्थानों में शामिल हो गया है, जहां विश्वस्तरीय रोबोटिक सर्जरी की सुविधा मिल रही है। इस खूबी से लैस हैं रोबोटिक मशीन दा विंची रोबोटिक सिस्टम एक एडवांस सर्जिकल प्लेटफॉर्म है, जिसमें सर्जन कंसोल पर बैठकर रोबोटिक आर्म्स की मदद से ऑपरेशन करते हैं। इसमें हाई-डेफिनिशन 3D विज़न मिलता है, जिससे शरीर के अंदरूनी हिस्सों को बेहद स्पष्ट देखा जा सकता है।छोटे-छोटे चीरे लगाकर की जाने वाली इस सर्जरी से संक्रमण का खतरा कम होता है और मरीज को पारंपरिक सर्जरी की तुलना में कम तकलीफ होती है। KGMU के ये विभाग करेंगे प्रयोग यह सुविधा गैस्ट्रो सर्जरी, यूरोलॉजी, कार्डियोथोरेसिक सर्जरी, जनरल सर्जरी और पीडियाट्रिक सर्जरी में इस्तेमाल की जाएगी। डॉक्टरों का कहना है कि जटिल और संवेदनशील ऑपरेशन अब अधिक नियंत्रित और सुरक्षित तरीके से किए जा सकेंगे। पीपीपी मॉडल पर होगा संचालन दा विंची रोबोटिक सर्जरी को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत शुरू किया गया है। इससे संस्थान को आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराने में सहयोग मिला है और मरीजों को सरकारी संस्थान में ही हाईटेक सुविधा का लाभ मिल सकेगा। तय की गई सर्जरी फीसदो पोर्ट सर्जरी - 58,100तीन पोर्ट सर्जरी - 79,620चार पोर्ट सर्जरी - 1,08,810 जल्दी सामान्य जीवन में वापसी नई सुविधा के साथ KGMU ने आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है। इससे न सिर्फ लखनऊ बल्कि पूरे प्रदेश के मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
हिंदू शिवभवानी सेना ने 14 फरवरी वेलेंटाइन डे को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन से सार्वजनिक स्थानों पर विशेष निगरानी रखने की मांग की है। संगठन ने कहा है कि पार्कों, कॉलेज परिसरों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर वेलेंटाइन डे के नाम पर किसी भी प्रकार की अश्लीलता या फूहड़ता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि वेलेंटाइन डे के बहाने कुछ लोग समाज में गलत प्रवृत्तियों को बढ़ावा देते हैं। हालांकि, प्रशासन की ओर से अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। वेलेंटाइन डे भारतीय संस्कृति और संस्कारों के अनुरूप नहीं- लव कुमार सिंह हिंदू शिवभवानी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष लव कुमार सिंह ने बयान जारी कर कहा कि, वेलेंटाइन डे भारतीय संस्कृति और संस्कारों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि, पश्चिमी संस्कृति के प्रभाव में कुछ लोग सार्वजनिक स्थानों पर अभद्र व्यवहार करते हैं, जिससे सामाजिक वातावरण दूषित होता है। प्रशासन से मांग है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। - लव कुमार सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष, हिंदू शिवभवानी सेना अश्लील गतिविधियों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई लव कुमार सिंह ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि, यदि 14 फरवरी को सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील गतिविधियां करते हुए लोग पाए गए तो संगठन सामाजिक और नैतिक स्तर पर उसका प्रतिकार करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बार-बार चेतावनी के बावजूद यदि कोई सामाजिक मर्यादा का उल्लंघन करेगा, तो उसके खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया दी जाएगी। प्रशासन की तैयारी पर नजर हर साल वेलेंटाइन डे को लेकर शहर के प्रमुख पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस की निगरानी बढ़ाई जाती है। वेलेंटाइन डे को लेकर कई सामाजिक संगठनों की सक्रियता भी बढ़ गई है। कुछ संगठन इसे भारतीय संस्कृति के खिलाफ बताते हुए विरोध करते हैं।
पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के लीक मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पेंगुइन इंडिया को नोटिस भेजा है। ANI के मुताबिक, पुलिस ने नोटिस के जरिए कंपनी से कई सवाल पूछे हैं और जवाब मांगा है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने दर्ज FIR में आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराएं भी जोड़ी गई हैं। यह कार्रवाई सोशल मीडिया और कुछ ऑनलाइन न्यूज फोरम पर मिले इनपुट के आधार पर की गई, जिनमें दावा था कि किताब की प्री-प्रिंट कॉपी सर्कुलेट हो रही है। इधर, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद के बाहर कहा कि यह मामला देश के सामने है कि एक सांसद (राहुल गांधी) सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। कंपनी बोली- नरवणे की किताब पब्लिश नहीं हुई इससे पहले मंगलवार को पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने कहा था कि किताब अभी तक प्रकाशित नहीं हुई। इसका कोई हिस्सा सार्वजनिक नहीं किया गया। पब्लिशिंग के सभी राइट्स हमारे पास हैं। अब तक किताब की न तो कोई छपी हुई कॉपी आई है और न ही डिजिटल कॉपी सामने आई है। 24 घंटे में कंपनी ने X पर दूसरा पोस्ट भी किया। इसमें पब्लिश्ड बुक और प्री-ऑर्डर कॉपी का अंतर समझाया गया। पोस्ट में कहा गया कि किताब की योजना बनी है, लेकिन फिलहाल बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है। राहुल बोले- कंपनी या आर्मी चीफ झूठ बोल रहे राहुल गांधी ने मंगलवार को लोकसभा के बाहर कहा- एमएम नरवणे ने X पर पोस्ट किया है, ‘हेलो दोस्तों, मेरी किताब अब अवेलेबल है। लिंक फॉलो करें। हैप्पी रीडिंग’। या तो एमएम नरवणे झूठ बोल रहे हैं, या पेंगुइन झूठ बोल रहा है। मैंने आर्मी चीफ पर विश्वास करना चुना। उन्होंने आगे कहा कि क्या आप एमएम नरवणे के बजाय पेंगुइन पर विश्वास करेंगे? किताब में कुछ ऐसी बातें हैं जो सरकार के लिए असुविधाजनक हैं। कांग्रेस का दावा- कंपनी ने दवाब में पोस्ट डिलीट किया कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने X पर लिखा कि पेंगुइन इंडिया ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया है, जाहिर है वे भारी दबाव में हैं। पेंगुइन ने जो उचित समझा वो किय, लेकिन चीफ अभी भी सच्चाई के साथ खड़े हैं। यह किताब 2024 में प्रकाशित हुई थी और अमेजन पर बिक्री के लिए उपलब्ध थी। पवन खेड़ा ने आर्मी चीफ नरवणे का एक पोस्ट भी शेयर किया है, जिसमें नरवणे ने पेंगुइन इंडिया की पोस्ट शेयर करते हुए लिखा था- मेरी किताब अब अवेलेबल है। लिंक फॉलो करें। बुक की टाइपसेट पीडीएफ कॉपी लीक पुलिस के मुताबिक इस किताब के पब्लिकेशन के लिए अभी संबंधित अधिकारियों से आवश्यक मंजूरी नहीं मिली है। पुलिस जांच में सामने आया कि इसी टाइटल वाली किताब की PDF कॉपी कुछ वेबसाइट्स पर उपलब्ध थी। आशंका जताई गई है कि पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने जो कॉपी तैयार की थी, यह वही हो सकती है। इसके अलावा, कुछ ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म्स पर किताब के कवर को इस तरह दिखाया गया, जैसे वह खरीद के लिए उपलब्ध हो। इस पूरे मामले की जांच के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने केस दर्ज किया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अप्रकाशित और बिना मंजूरी वाली किताब की सामग्री कैसे सार्वजनिक हुई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। राहुल गांधी ने संसद में उठाया किताब का मुद्दा लोकसभा में 2-3 फरवरी को राहुल गांधी ने एक मैगजीन में छपे आर्टिकल को पढ़ने की कोशिश की थी। उन्होंने दावा किया था कि इसमें नरवणे की बुक के अंश हैं। स्पीकर ओम बिरला ने इसकी इजाजत नहीं दी। इसके बाद लोकसभा में हंगामा हो गया था, जिससे कार्यवाही स्थगित कर दी गई थी। वहीं, हंगामा करने वाले आठ सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया था। तब से किताब चर्चा में है। किताब चीन से झड़प और अग्निवीर योजना का रिव्यू 4 फरवरी को राहुल किताब की कॉपी लेकर संसद पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगर आज पीएम आए तो उन्हें यह किताब दूंगा। राहुल ने किताब का वह पेज खोलकर दिखाया, जिसमें लिखा है कि प्रधानमंत्री ने आर्मी चीफ से कहा था- जो उचित समझो वह करो!। राहुल ने कहा कि सरकार और रक्षा मंत्री कह रहे है कि किताब का अस्तित्व नहीं है। देखिए यह रही किताब। नरवणे की इस अनपब्लिश बुक में चीन के साथ भारतीय सेना की 2020 की झड़पों के साथ-साथ अग्निवीर योजना का रीव्यू किया गया है। नरवणे 2019 से 2022 तक सेना प्रमुख रहे नरवणे 2019 से 2022 तक सेना प्रमुख रहे हैं। उन्होंने पिछले साल कसौली में आयोजित खुशवंत सिंह लिस्टरेचर फेस्टिवल में बताया था कि उन्होंने अपनी किताब पेंगुइन पब्लिशर ग्रुप को छपने के लिए दे दी है। अब यह पब्लिशर्स और सरकार के बीच का मामला है। किताब रक्षा मंत्रालय को मंजूरी के लिए भेजी गई है। एक साल से ज्यादा हो चुका है, लेकिन इसे पब्लिश करने की मंजूरी नहीं मिली है। कांग्रेस ने किताब के पन्ने शेयर किए, चीनी टैंक घुसपैठ के वक्त का घटनाक्रम कांग्रेस ने एक मैगजीन में पब्लिश आर्टिकल के पेज सोशल मीडिया एक्स पर शेयर किए। इसमें पूर्व आर्मी चीफ की अनपब्लिश बुक Four Stars of Destiny के अंश हैं। इसमें 31 अगस्त 2020 को लद्दाख सीमा पर भारत-चीन के बीच बने हालात का जिक्र है। बताया जब चीनी टैंक पूर्वी लद्दाख में बढ़ रहे थे तब क्या हुआ? तारीख: 31 अगस्त, 2020 रात 8.15 बजे: भारतीय सेना की नॉर्दर्न कमांड के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल योगेश जोशी को फोन पर जानकारी मिली कि चीन की पैदल सेना के समर्थन के साथ चार चीनी टैंक पूर्वी लद्दाख में रेचिन ला की ओर जाती एक खड़ी पहाड़ी पगडंडी पर आगे बढ़ रहे हैं। रात 8.15–8.30 बजे के बीच: लेफ्टिनेंट जनरल योगेश जोशी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे को जानकारी दी। चीनी टैंक कैलाश रेंज पर भारतीय ठिकानों से कुछ सौ मीटर की दूरी पर थे। इसके बाद भारतीय सैनिकों ने चेतावनी के तौर पर एक रोशनी वाला गोला दागा, लेकिन इसका चीनी टैंकों पर कोई असर नहीं हुआ और वे आगे बढ़ते रहे। रात 8.30 बजे के बाद: सेना प्रमुख नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से संपर्क कर स्पष्ट निर्देश मांगे। रात 9.10 बजे: लेफ्टिनेंट जनरल योगेश जोशी ने फिर फोन किया। बताया गया कि चीनी टैंक अब दर्रे से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर रह गए हैं। रात 9.25 बजे: सेना प्रमुख नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को दोबारा फोन कर “स्पष्ट निर्देश” मांगे, लेकिन कोई फैसला नहीं मिला। इसी दौरान PLA कमांडर मेजर जनरल ल्यू लिन का संदेश आया, जिसमें तनाव कम करने का प्रस्ताव दिया गया—दोनों पक्ष आगे की गतिविधियां रोकें और अगले दिन सुबह 9.30 बजे स्थानीय कमांडरों की बैठक हो। रात 10.00 बजे: नरवणे ने चीनी कमांडर का प्रस्ताव रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और एनएसए अजित डोभाल तक पहुंचाया। रात 10.10 बजे: नॉर्दर्न कमांड से फिर सूचना मिली कि चीनी टैंक नहीं रुके हैं और अब चोटी से सिर्फ 500 मीटर दूर हैं। जोशी ने बताया कि उन्हें रोकने का एकमात्र तरीका मीडियम आर्टिलरी से फायर खोलना है। रात 10.10 बजे –10.30 बजे के बीच: सेना मुख्यालय में विकल्पों पर चर्चा होती रही। पूरा नॉर्दर्न फ्रंट हाई अलर्ट पर रखा गया। रात 10.30 बजे: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वापस फोन किया और बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की है। प्रधानमंत्री का निर्देश सिर्फ एक वाक्य में था- जो उचित समझो, वो करो।नरवणे ने कहा, ‘यह पूरी तरह से एक सैन्य फैसला होने वाला था। मोदी से सलाह ली गई थी। उन्हें ब्रीफ किया गया था, लेकिन उन्होंने फैसला लेने से मना कर दिया था। अब पूरी जिम्मेदारी मुझ पर थी।’ --------------- ये खबर भी पढ़ें… राहुल बोले- स्पीकर ने कमिट किया, क्या आप बोलने देंगे, रिजिजू बोले- कोई कमिटमेंट नहीं राहुल गांधी ने 9 फरवरी को लोकसभा में कहा कि हम स्पीकर के पास गए, स्पीकर ने हमें कमिट किया कि मुझे बजट डिस्कशन से पहले बोलने दिए जाएगा, आप मुझे बोलने नहीं दे रही हैं। मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि आप मुझे बोलने देंगी या नहीं। राहुल की बात के जवाब में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मैं भी स्पीकर के केबिन में मौजूद था। पूरी खबर पढ़ें…
खरगोन जिले के दोमवाडा गांव में आवारा कुत्तों के झुंड ने एक पशुबाड़े में घुसकर हमला कर दिया। इस हमले में पांच बकरियों की मौत हो गई, जिससे पशुपालक परिवार को करीब एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है। यह घटना सेगांव पुलिस चौकी क्षेत्र में मंगलवार को हुई। पीड़ित कदम सोलंकी ने बुधवार को मामले की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि मंगलवार को वे अपने परिवार के साथ खेत में मजदूरी करने गए थे। इसी दौरान आवारा कुत्तों ने पशुबाड़े में बंधी बकरियों पर हमला कर उन्हें नोंचकर मार डाला। पीड़ित परिवार के लिए बकरीपालन मजदूरी के अलावा आय का एक महत्वपूर्ण साधन था। इस घटना से परिवार को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने शासन से उचित मुआवजा राशि दिए जाने की मांग की है। वहीं, स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने परिवार को आवश्यक कार्रवाई और सहयोग का आश्वासन दिया है।
चितरंगी रेही में दिव्यांग की जिंदा जलकर मौत:घास-फूस की झोपड़ी में आग लगी, पुलिस ने मर्ग कायम किया
सिंगरौली जिले के चितरंगी क्षेत्र के ग्राम रेही में मंगलवार देर रात एक दिव्यांग व्यक्ति की झोपड़ी में आग लगने से मौत हो गई। घास-फूस से बनी झोपड़ी में आग लगने के कारण वह जिंदा जल गया। मृतक की पहचान जगनारायण कोल (पिता सूरज कोल) के रूप में हुई है। जगनारायण दिव्यांग थे और चलने-फिरने में असमर्थ थे। वह अपने मुख्य घर से कुछ दूरी पर घास-फूस की एक झोपड़ी बनाकर रहते थे। मंगलवार रात वह झोपड़ी के पास आग ताप रहे थे। उनके पिता सूरज कोल भी कुछ समय तक वहीं मौजूद थे, जिसके बाद वे घर चले गए। कुछ देर बाद अज्ञात कारणों से झोपड़ी में आग लग गई। आग तेजी से फैली और दिव्यांग होने के कारण जगनारायण समय रहते झोपड़ी से बाहर नहीं निकल सके। आग में फंसने के कारण उनकी मौके पर ही जलकर मौत हो गई। जब तक आसपास के लोगों को घटना की जानकारी मिली, तब तक झोपड़ी पूरी तरह जल चुकी थी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई की। एसडीओपी राहुल सैयाम ने बताया कि यह घटना मंगलवार रात की है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, आग तापने के दौरान ही आग लगने की आशंका है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
राजगढ़ कोतवाली थाना क्षेत्र में एक 19 वर्षीय विवाहिता ने अपने जेठ पर दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने आरोपी द्वारा जान से मारने की धमकी दिए जाने की बात भी शिकायत में कही है। पीड़िता की शिकायत के अनुसार घटना 1 दिसंबर 2025 को सुबह करीब 11 बजे की है। आरोप है कि जेठ ने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। जब उसने विरोध किया तो आरोपी ने उसे चुप रहने और किसी को कुछ बताने पर जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद भय और सामाजिक दबाव के चलते पीड़िता कुछ समय तक चुप रही। बाद में हिम्मत जुटाकर उसने 10 फरवरी 2026 को राजगढ़ कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 85/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 87, 64(1), 64(2)(एफ), 127(2) एवं 351(3) के तहत प्रकरण कायम किया है। थाना प्रभारी मंजू मखेनिया ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। हरदोई रोड स्थित अंधे की चौकी के पास मछली मंडी गेट के सामने ईंटों से लदी एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने मारुति वैन को जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। वैन टक्कर से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग फंस गए थे। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को वैन से निकालकर तत्काल ट्रॉमा सेंटर भिजवाया। वरिष्ठ उपनिरीक्षक राकेश पटेल ने बताया कि हादसे में घायल संजय सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई। अन्य घायलों में पप्पू कश्यप, पप्पू सिंह सैगर और हर्ष सिंह शामिल हैं। हर्ष की हालत नाजुक बताई जा रही है और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है, जबकि अन्य दो घायलों का भी गंभीर अवस्था में उपचार जारी है। पुलिस के अनुसार, मारुति वैन कानपुर देहात के मैथा क्षेत्र से बाराबंकी की ओर जा रही थी, तभी हरदोई रोड पर सामने से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से उसकी टक्कर हो गई। प्राइवेट ड्राइवरी करता था मृतक शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में ले लिया है और उसके चालक की तलाश कर रही है। मृतक संजय सिंह कानपुर देहात के कन्हैया पुरवा गांव के थे और निजी वाहन चालक के रूप में कार्यरत थे। उनके परिवार में पत्नी संध्या सिंह और एक पुत्र हैं। हादसे की सूचना मिलने पर परिजनों को सूचित किया गया। मृतक के दामाद आदित्य प्रताप ने आरोप लगाया कि हरदोई रोड पर तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क चौड़ीकरण के बावजूद बीच में डिवाइडर न होने से हादसों की संख्या बढ़ रही है। आदित्य प्रताप ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग की है।पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
नूंह जिले के सदर थाना क्षेत्र से बहला-फुसलाकर भगाई गई एक नाबालिग लड़की को पुलिस ने तीन दिन बाद सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में लड़की का बयान आज कोर्ट में दर्ज कराया जाएगा। जानकारी के अनुसार, यह घटना 7 फरवरी की बताई जा रही है। लड़की के परिजनों ने आरोप लगाया है कि गांव का ही एक युवक उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। घटना के बाद परिवार में हड़कंप मच गया था। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो उन्होंने सदर थाना नूंह में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुुलिस ने तलाश शुरू की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर लड़की की तलाश शुरू कर दी। पुलिस टीम ने विभिन्न संभावित स्थानों पर दबिश दी और तकनीकी सहायता का उपयोग कर जांच को आगे बढ़ाया। करीब तीन दिन की गहन मशक्कत के बाद पुलिस ने नाबालिग लड़की को सुरक्षित ढूंढ निकाला। लड़की के मिलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। मामले को लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष यादव ने बताया कि लड़की को बरामद कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि नाबालिग को आज कोर्ट में पेश कर उसका बयान दर्ज कराया जाएगा। बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आरोपी युवक की भूमिका की भी जांच कर रही है और मामले के सभी पहलुओं को गंभीरता से खंगाला जा रहा है।
सिरसा जिले के पंजुआना गांव में गुरुद्वारा सिंह सभा में देर रात गुल्लक चोरी हो गया। चोर खिड़की तोड़कर दरबार में घुसा और गुल्लक लेकर फरार हो गया। इस घटना की जानकारी हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGPC) के सदस्य प्रकाश सिंह साहुवाला और लखविंदर सिंह औलख ने दी। सेवादार बाबा हिम्मत सिंह ने बुधवार सुबह 4:15 बजे नितनेम के लिए दरबार खोला तो गुल्लक गायब मिला। उन्होंने देखा कि साइड वाली खिड़की की जाली टूटी हुई थी। इसके बाद उन्होंने तुरंत पंजुआना ढाणी के इंद्रजीत सिंह और गांव के सरपंच प्रतिनिधि को घटना की सूचना दी। पुलिस पर लगाया आरोप घटना की जानकारी मिलते ही सिख समुदाय के लोग गुरुद्वारा साहिब में पहुंचे। पुलिस को 112 पर डायल कर बुलाया गया। लोगो का आरोप है कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद पुलिस प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। सिरसा SP को भी फोन किया प्रकाश सिंह साहुवाला ने बताया कि जब वे गुरुद्वारा साहिब पहुंचे तो संगत में पुलिस प्रशासन के प्रति भारी रोष था। उन्होंने सिरसा के SP को भी फोन किया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा।

