मानसून फिर सक्रिय: यूपी के कई शहरों में तेज बारिश के आसार, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र ने मानसून को फिर सक्रिय कर दिया है। गुरुवार को शाम को नमी बढ़ते ही बारिश होने लगी।
UP News Today Live: उत्तर प्रदेश ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 25 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचार
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धार कोठी क्षेत्र में ड्रग विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक दवा गोदाम पर छापा मारकर बड़ी मात्रा में गर्भपात में इस्तेमाल होने वाली दवाएं जब्त की हैं। कार्रवाई में 10 हजार से अधिक गर्भपात किट मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा सिडेनफिल साइट्रेट और 'सेफ्टी पिल' ब्रांड की दवाएं भी बरामद की गई हैं। जब्त दवाओं की कीमत 52 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। कार्रवाई गुरुवार रात सेंट रेफियल स्कूल के पास धार कोठी स्थित क्वालिटी फार्मा से जुड़े गोदाम पर की गई। विभाग के अनुसार फर्म लाइसेंसी है, लेकिन जांच के दौरान गोदाम में दवाओं के भंडारण और बिक्री से संबंधित जरूरी रिकॉर्ड और दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं कराए जा सके। इसके बाद टीम ने दवाओं को जब्त कर जांच शुरू कर दी। करीब 9 हजार किट पहले ही बेचने की जानकारी जांच के दौरान विभाग को यह जानकारी भी मिली कि संबंधित फर्म से अब तक करीब 9 हजार गर्भपात किट की बिक्री की जा चुकी है। हालांकि बिक्री का पूरा रिकॉर्ड अभी जांच के दायरे में है। विभाग ने संबंधित पक्ष से दस्तावेज और बिक्री का हिसाब उपलब्ध कराने को कहा है। अब अधिकारियों की जांच इस दिशा में भी आगे बढ़ रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में दवाएं कहां से लाई गईं और इन्हें किन लोगों या संस्थानों को बेचा गया। दो लोगों से जुड़ा मामला विभागीय कार्रवाई में जावेद खान और अजय सवडतकर नामक व्यक्तियों से संबंधित दवाएं जब्त की गई हैं। अधिकारियों के अनुसार दवाओं के अवैध भंडारण और बिक्री से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित लोगों की भूमिका स्पष्ट होगी। बिना निर्धारित प्रक्रिया बिक्री पर विभाग की नजर औषधि विभाग के अधिकारियों के अनुसार गर्भपात संबंधी दवाओं की बिक्री निर्धारित चिकित्सकीय प्रक्रिया और वैध प्रिस्क्रिप्शन के अनुसार ही की जानी चाहिए। विभाग को आशंका है कि नियमों का उल्लंघन कर इन दवाओं की बिक्री की गई हो सकती है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच और रिकॉर्ड की पड़ताल के बाद ही सामने आएगा। ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत कार्रवाई मामले में ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी है। जब्त दवाओं और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक अगले चरण में जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई ड्रग इंस्पेक्टर सारिका अग्रवाल, योगेश गुप्ता और लोकेश गुप्ता की टीम ने की।
इंदौर के मोती तबेला इलाके में शासकीय भूमि पर छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापना के लिए तैयार किए जा रहे ढांचे को नगर निगम द्वारा हटाए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। कार्रवाई से नाराज स्थानीय रहवासी, क्षेत्रीय पार्षद और हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता गुरुवार रात पंढरीनाथ थाने पहुंचे। यहां उन्होंने नारेबाजी कर चबूतरा तोड़ने वालों पर कार्रवाई की मांग की। सरकारी जमीन पर बनाया था चबूतरा जानकारी के अनुसार, मोती तबेला क्षेत्र स्थित सरकारी जमीन पर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी की जा रही थी। इसके लिए मौके पर चबूतरा तैयार किया गया था। गुरुवार को नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और बिना पूर्व सूचना के निर्माणाधीन ढांचे को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में विरोध शुरू हो गया। क्षेत्रीय पार्षद रूपाली पंडित के नेतृत्व में बड़ी संख्या में रहवासी और विभिन्न हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता एकत्रित हुए। सभी जुलूस के रूप में पंढरीनाथ थाने पहुंचे और चबूतरा तोड़ने वालों पर कार्रवाई की मांग की। प्रतिमा स्थापना की अनुमति देने की मांग पार्षद रूपाली पंडित और प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापना के लिए विधिवत अनुमति दी जाए। साथ ही बिना संवाद के कार्रवाई करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर मामला शांत कराया। पार्षद ने मामले को लेकर पुलिस को लिखित शिकायत भी दी है।
भोपाल में बांग्लादेशी फर्जी पासपोर्ट केस:75 आरोपी चिह्नित, 19 फरार आरोपियों पर 20-20 हजार का इनाम
भोपाल में बांग्लादेशी नागरिकों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारतीय पासपोर्ट दिलाने वाले नेटवर्क की जांच में एसटीएफ अब तक 75 आरोपियों को चिह्नित कर चुकी है। इनमें बांग्लादेशी नागरिकों के साथ फर्जी दस्तावेज, पते और गवाह उपलब्ध कराने वाले लोग शामिल हैं। 19 आरोपी अभी फरार हैं। इन पर 20-20 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। फरार आरोपियों में डबरा का गुलाब राय समेत दो, भोपाल के 14 और बैतूल के तीन आरोपी शामिल हैं। एसटीएफ डीआईजी राहुल लोढ़ा के मुताबिक, आरोपियों ने भोपाल, बैतूल, छिंदवाड़ा, डबरा और पाहुर्ना के मठों के पते का इस्तेमाल कर पासपोर्ट बनवाए। जांच में कुछ अफसरों और कर्मचारियों की मदद से पासपोर्ट तैयार होने की बात भी सामने आई है। अब पासपोर्ट सेवा केंद्र से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। 70 में से 50 पासपोर्ट में तीन ही गवाह जांच में सामने आया कि करीब 70 फर्जी पासपोर्ट में से 50 में गयाप्रसाद गौतम, गुलाब राय और रियाल चौधरी उर्फ भंते मेतानंद ही गवाह बने। ज्यादातर पासपोर्ट में इन्हीं के मोबाइल नंबर भी दर्ज मिले हैं। मठों के पते के बार-बार इस्तेमाल होने से इनकी भूमिका जांच के केंद्र में है। शिविर में हुई थी गुलाब और भंते की मुलाकात फरार आरोपी गुलाब राय की मुलाकात रियाल चौधरी से बैतूल के आमला में लगे शिविर में हुई थी। इसके बाद झांसी के शिविर में भी दोनों मिले। वर्ष 2022 में डबरा के आंबेडकर पार्क में लगे शिविर में गुलाब अपने साथियों के साथ पहुंचा था। बाद में बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए विदेश जाने की बात सामने आई और इसी आधार पर पासपोर्ट बनवाए गए। एसटीएफ को उसके झांसी में होने की जानकारी मिली है। छह राज्यों में तलाश फरार आरोपियों के मध्यप्रदेश के अलावा असम, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, दिल्ली और पंजाब में छिपे होने की जानकारी मिली है। एसटीएफ की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश की तैयारी कर रही हैं। 1994 में सरपंच, 2019 में ली बौद्ध दीक्षा गयाप्रसाद गौतम बनवार का पूरा, चिनोर का रहने वाला है। वह 1994 में गांव का सरपंच रह चुका है। वर्ष 2019 में बौद्ध धर्म की दीक्षा लेने के बाद 2021-22 में डबरा के सिमरिया टेकरी स्थित आंबेडकर पार्क में भंते के रूप में रहने लगा। एसटीएफ ने उसे 23 सितंबर को गिरफ्तार किया। भोपाल से सबसे ज्यादा मामले एसटीएफ ने भोपाल के अन्नानगर से 40, डबरा से 17, बैतूल के आमला बौद्ध मठ से 11 और छिंदवाड़ा-पाहुर्ना से दो फर्जी पासपोर्ट से जुड़े मामले चिह्नित किए हैं। मामले में अब तक छह आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। 25 अगस्त को रियाल चौधरी, 7 सितंबर को विप्लब अधिकारी, 10 सितंबर को प्रियान रॉय और जॉय चौधरी, 18 सितंबर को नसीम अख्तर और 23 सितंबर को गयाप्रसाद गौतम गिरफ्तार किया गया। ये खबर भी पढ़ें… मठ के पते से बने 40+ पासपोर्ट...वेरिफिकेशन तक नहीं हुआ मध्यप्रदेश में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवाने के मामले की जांच अब डबरा से भोपाल तक पहुंच गई है। STF का दावा है कि भोपाल के गोविंदपुरा क्षेत्र स्थित अशोक बुद्ध विहार मठ के एक ही पते का इस्तेमाल 40+ पासपोर्ट बनवाने में हुआ। अब जांच एजेंसी यह पता कर रही है कि इतनी बड़ी संख्या में पासपोर्ट के लिए पुलिस वेरिफिकेशन किस तरह हुआ।पूरी खबर पढ़ें
चिराग पासवान से लड़की ने पूछ लिया- सीएम बना दिया जाए तो क्या करेंगे, बोले- भैया उससे बड़ी पदवी
पटना में जेन-जी यूथ से संवाद कार्यक्रम में चिराग पासवान से एक लड़की ने पूछा कि अगर वह मुख्यमंत्री बन जाए तो क्या करेंगे। केंद्रीय मंत्री ने इसका मजेदार जवाब दिया।
राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की 118वीं जयंती पर दिनकर स्मृति विकास समिति की ओर से आयोजित 12 दिवसीय समारोह का आज समापन हो गया। समारोह के अंतिम दिन दिनकर पुस्तकालय सिमरिया के दिनकर स्मृति सभागार में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए। दिनकर की कविताओं पर आधारित नाटक का मंचन अंतरराष्ट्रीय रंग निर्देशक प्रवण मुखर्जी के निर्देशन में सनबीम स्कूल वाराणसी के कलाकारों ने किया। इसके बाद 'दिनकर और हमारा समय विषय' पर राष्ट्रीय संगोष्ठी, स्मारिका समर शेष है- 14, जीवन का लक्ष्य पुस्तक का विमोचन और राष्ट्रकवि दिनकर सृजनात्मक प्रतियोगिता के सफल प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। संगोष्ठी में अलीगढ़ मुस्लिम विश्विद्यालय के हिंदी विभाग के प्रो. कमलानंद झा, जामिया मिलिया इस्लामिया नई दिल्ली में उर्दू विभाग के प्रो. सरवरूल हुदा, लेखक अभय कुमार ठाकुर और आरसीएस कॉलेज के प्राचार्य प्रो. कमलेश कुमार ने विचार रखे। युद्ध के समय में दिनकर की चिंतन को समझने की जरूरत है अलीगढ़ मुस्लिम विश्विद्यालय के हिंदी विभाग के प्रो. कमलानंद झा ने कहा कि दिनकर के राष्ट्रवाद के केंद्र में मनुष्य, दलित, मजदूर और किसान हैं। आज पूरी दुनियां युद्ध में जल रही है और तीसरा विश्वयुद्ध के कगार पर है। युद्ध के समय में दिनकर की चिंतन को समझने की जरूरत है। वे युद्ध के घोर विरोधी थे। दिनकर युद्ध के नहीं, युद्ध के पश्चाताप के कवि हैं, दिनकर युद्ध के नहीं युद्ध के बाद सवालात के कवि हैं। दिनकर की रचनाओं से पूरा गांव भरा पड़ा है। उर्वशी उनकी अद्भुत रचना है। दिनकर के हुंकार में आम जनता का हाहाकार सुनाई देती है। दिनकर का राष्ट्रवाद आज का राष्ट्रवाद नहीं है। दिनकर के राष्ट्रवाद का केंद्र मनुष्य हैं। दिनकर उत्तर के कवि नहीं, दिनकर सवालों के कवि हैं। दिनकर की रचनाओं से लगातार संवाद करने की जरूरत है जामिया मिलिया इस्लामिया नई दिल्ली उर्दू विभाग के प्रो. सरवरूल हुदा ने कहा कि दिनकर और नेहरू के समय के जैसे अब साहित्यकार-राजनीतिक की सुंदरता समाप्त हो रही है। प्रख्यात लेखक अभय कुमार ठाकुर ने कहा कि समय-व्यक्ति का संवाद ही दिनकर की रचना है। दिनकर की चिंतन की भूमिका की समझने की जरूरत है। हमें दिनकर की रचनाओं से लगातार संवाद करने की जरूरत है। आज दिनकर की रचना पर गंभीरतापूर्वक बात करने की जरूरत है। बिहार सरकार की ओर से बेगूसराय में दिनकर यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा का स्वागत है, लेकिन विश्वविद्यालय में चिंतन दिनकर आधारित हो, दिनकर पीठ की स्थापना होनी चाहिए। आरसीएस कॉलेज मंझौल के प्राचार्य प्रो. कमलेश कुमार ने कहा कि बच्चों को दिनकर की कविता पढ़ने के लिए प्रेरित करें। दिनकर हिंदी साहित्य की अनुपम उपलब्धि हैं। उनकी रचनाओं में देश को पूरे विश्व में आगे ले जाने की चेतना है। आज राजनीति की दिशा भटक गई है राष्ट्रीय संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए बीएचयू के प्रो. रामाज्ञा शशिधर ने कहा कि आज राजनीति की दिशा भटक गई है, ऐसे में केवल दिनकर की कविता ही सहारा है। उन्होंने कहा कि हिंदी प्रदेश में लेखकों को जो सम्मान मिलना चाहिए सिमरिया उससे कहीं अधिक पूरा कर रहा है। मंच संचालन प्रवीण प्रियदर्शी एवं राजेश कुमार ने संयुक्त रूप से किया। अतिथियों ने समर शेष है- 14 स्मारिका और चंद्रप्रभा देवी की ओर से लिखित कविता संग्रह जीवन का लक्ष्य पुस्तक का विमोचन किया गया। अतिथियों का स्वागत चादर और मोमेंटो से किया गया। राष्ट्रीय साहित्यिक संगोष्ठी से पूर्व अंतरराष्ट्रीय रंग निर्देशक प्रणव मुखर्जी के निर्देशन में सनबीम स्कूल वाराणसी के कलाकारों की ओर से राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कविताओं पर आधारित नाटक का मंचन किया गया। जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पैतृक गांव सिमरिया के लिए रवाना हुए सभी अतिथियों ने जीरोमाइल स्थित राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पैतृक गांव सिमरिया के लिए रवाना हुए। ग्रामीणों ने भारी बारिश के बीच अतिथियों को सिमरिया पहुंचने पर भव्य स्वागत किया। यहां अतिथियों ने सिमरिया पंचायत भवन के समीप दिनकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दिनकर के पैतृक घर पहुंचे जहां दिनकर की तैल चित्र, उनकी बिछावन, छड़ी और जिस दलान पर बैठ दिनकर कविताओं का सृजन करते थे, उस दलान का भी दीदार किया। मौके पर दिनकर के पौत्र ऋतिविक उदयन एवं अरविंद कुमार सिंह, पूर्व सांसद शत्रुघ्न प्रसाद सिंह, कला संस्कृति अधिकारी श्याम कुमार सहनी, कृष्ण कुमार शर्मा, कमल वत्स, ललन लालित्य, पुष्कर सिंह, शंभु सिंह, रामनाथ सिंह, संजीव फिरोज, एस. मनोज, राजकिशोर सिंह, विश्वम्भर सिंह, कन्हाई पंडित, विनोद बिहारी, अमरदीप सुमन, कृष्ण मुरारी, जितेंद्र, दीनबंधु, प्रदीप कुमार, कुंदन कुमार, विद्यासागर ब्रह्मचारी, एके मनीष, निशाकर एवं कुलदीप यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। अभ्यर्थियों को अतिथियों ने सम्मानित किया राष्ट्रकवि दिनकर सृजनात्मक प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को अतिथियों ने सम्मानित किया गया। प्रवीण प्रियदर्शी और संजीव फिरोज ने बताया कि मध्य स्तर में उत्क्रमित मध्य विद्यालय प्रेमनगर के कुंज बिहारी ने प्रथम, मध्य विद्यालय खरमौली के जिशान ने दूसरा और उत्क्रमित मध्य विद्यालय प्रेमनगर के लोकेश ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। माध्यमिक स्तर में वैष्णवी कोचिंग रुपनगर के आशीर्वाद ने प्रथम, उच्चतर विद्यालय खरमौली के दिव्यांशु ने दूसरा और उच्चतर विद्यालय पर्रा के अभिषेक ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। पूर्व सीएम विजय सिन्हा भी पैतृक आवास पहुंचे दूसरी तरफ राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर को नमन करने बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा गुरुवार की शाम उनके पैतृक गांव बेगूसराय के सिमरिया पहुंचे। यहां उन्होंने राष्ट्रकवि की प्रतिमा एवं चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद दिनकर जी के पैतृक घर में रखे स्मृति चिह्नों का अवलोकन किया। इस मौके पर दिनकर जी के पौत्र, स्थानीय विधायक रजनीश कुमार और विकास समिति के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। इस मौके पर पत्रकारों से विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राष्ट्रकवि दिनकर की रचनाएं और विचार केवल बिहारियों को ही नहीं, बल्कि पूरे देशवासियों को प्रेरित करते हैं। दिनकर जी की कालजयी कृति रश्मिरथी की प्रसिद्ध पंक्तियों का पाठ करते हुए उन्होंने कहा कि सच है, विपत्ति जब आती है, कायर को ही दहलाती है, सुरमा नहीं विचलित होते, क्षण एक नहीं धीरज खोते, विघ्नों को गले लगाते हैं, कांटों में राह बनाते हैं। उन्होंने कहा कि ये पंक्तियां संकट के समय में हर व्यक्ति को अदम्य साहस और संबल प्रदान करती है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में बेगूसराय में दिनकर विश्वविद्यालय के स्थापना को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। कैबिनेट बैठक में ही यह निर्णय लिया था कि इस ऐतिहासिक स्वीकृति के तुरंत बाद वे सिमरिया जाकर राष्ट्रकवि के चरणों में श्रद्धा-सुमन अर्पित करेंगे।
भोपाल से चल रहा था MBBS एडमिशन घोटाला, किसी को पता ही नहीं, छत्तीसगढ़ पुलिस ने पकड़ा
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पैर टूटा तो आरोपी कैसे दौड़ने लगा, गोली चली तो बंदूक कहां है? जमुई एनकाउंटर पर ABVP ने उठाए सवाल
एबीवीपी ने सवाल किया है कि जमुई में छात्रा से छेड़खानी के आरोपी का एनकाउंटर हुआ तो बंदूक बरामद क्यों नहीं हुई। साथ ही जिस आरोपी के पैर टूटने की बात कही गई, वो अगले दिन दौड़ते-भागते कैसे नजर आया।
भोपाल में आदतन अपराधियों की गैंग सरेआम फायरिंग करती रही, पुलिस पकड़ नहीं पाई
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एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मध्यप्रदेश (AIMP) के कार्यकारिणी वर्ष 2026-28 के लिए हुए चुनाव में प्रोग्रेसिव पैनल के सभी 15 उम्मीदवार विजयी रहे। चुनाव परिणाम जारी होने के बाद एसोसिएशन परिसर में समर्थकों और सदस्यों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। चुनाव अधिकारियों प्रभु सक्सेरिया, विजय गोयल, नितिन तेंदुलकर और डॉ. शरद डोसी के नेतृत्व में चुनाव प्रक्रिया संपन्न हुई। जारी परिणाम के अनुसार एसोसिएशन के कुल 854 वैध मतदाताओं में से 636 ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इनमें से 36 मत अवैध घोषित किए गए। मतदान प्रतिशत करीब 75 रहा। प्रोग्रेसिव पैनल के उम्मीदवारों को मिले वोट निर्दलीय प्रत्याशियों में अभय कुमार अग्रवाल को 190 और दिलीप बराल को 174 मत मिले। परिणाम के बाद समर्थकों में उत्साह परिणाम घोषित होने के बाद प्रोग्रेसिव पैनल के समर्थकों और सदस्यों में उत्साह नजर आया। परिसर में जश्न का माहौल रहा। पैनल के संयोजक ओम धूत, मोहनसिंह रघुवंशी, दिनेश भट्ट सहित नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों ने मतदाताओं और समर्थकों के प्रति आभार जताया। पैनल की ओर से कहा गया कि मतदाताओं ने जिस विश्वास के साथ उन्हें दोबारा जिम्मेदारी सौंपी है, उसे कायम रखने के लिए संगठन और उद्योगजगत के हित में पूरी निष्ठा से काम किया जाएगा। प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशियों से भी सहयोग की अपील प्रोग्रेसिव पैनल के संयोजक और विजयी उम्मीदवारों ने चुनाव में शामिल निर्दलीय प्रत्याशी दिलीप बराल और अभय कुमार अग्रवाल के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया अब समाप्त हो चुकी है और आगे संगठन तथा उद्योगजगत के हितों को प्राथमिकता देते हुए सभी को मिलकर काम करना चाहिए।
जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ बदसलूकी और औरंगाबाद जिले के दुधमी क्षेत्र में नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म के विरोध में भाकपा माले के महिला संगठन अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (एपवा) ने प्रतिवाद मार्च निकाला। मार्च में शामिल महिलाओं ने बिहार में बेटियों की सुरक्षा को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। महिलाओं ने “बिहार में बेटियां सुरक्षित क्यों नहीं, बिहार सरकार जवाब दो”, “बेटियों को सुरक्षा देने में नाकाम सरकार जवाब दो” और “बलात्कारियों को फांसी दो” जैसे नारे लगाए। मार्च का नेतृत्व एपवा की जिला अध्यक्ष कॉमरेड रिंकू देवी, महिला नेत्री कॉमरेड मीणा सिंह और मनोरमा देवी ने किया। मार्च के दौरान नेताओं ने कहा कि महिलाओं और नाबालिग बेटियों के खिलाफ लगातार सामने आ रही घटनाओं से समाज में चिंता का माहौल है। जमुई की घटना को लेकर बिहार के कई जिलों में महिला संगठनों की ओर से विरोध-प्रदर्शन भी किए गए हैं। एपवा नेताओं ने कहा कि छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। संगठन ने आरोप लगाया कि सरकार महिला सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर बेटियों को सुरक्षा का भरोसा नहीं मिल रहा है। एपवा नेताओं ने सरकार से पूछे सवाल एपवा जिला अध्यक्ष कॉमरेड रिंकू देवी और महिला नेत्री मीणा सिंह ने बिहार सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जमुई में कोचिंग से अपने दोस्त के साथ लौट रही नाबालिग छात्रा के साथ कथित बदसलूकी की घटना बेहद गंभीर है। इस मामले को लेकर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू की है और कई आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। नेताओं ने कहा कि महिलाओं और छात्राओं के साथ होने वाली घटनाओं को किसी भी स्थिति में हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार के मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों के कथित बयानों पर भी सवाल उठाए और कहा कि पीड़िताओं को न्याय दिलाने के बजाय यदि ऐसी घटनाओं को छोटा बताने की कोशिश होती है तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जांच अधिकारी को हटाने और मेडिकल रिपोर्ट की जांच की मांग एपवा नेताओं ने दुधमी की नाबालिग छात्रा से जुड़े मामले में जांच की निष्पक्षता को लेकर भी सवाल उठाए। संगठन ने मांग की कि मामले के अनुसंधानकर्ता को तत्काल हटाया जाए और पूरे मामले की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी में कराई जाए। नेताओं ने मेडिकल रिपोर्ट में कथित हेराफेरी के आरोपों की भी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि यौन हिंसा से जुड़े मामलों में पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए पुलिस जांच और चिकित्सकीय प्रक्रिया दोनों निष्पक्ष-पारदर्शी होनी चाहिए। एपवा नेताओं ने कहा कि किसी भी पीड़िता या उसके परिवार पर दबाव नहीं होना चाहिए और आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने राजनीतिक या सामाजिक दबाव के जरिए किसी आरोपी को लाभ पहुंचाने के प्रयासों की जांच कराने की भी मांग की। मार्च में ये रहे शामिल प्रतिवाद मार्च में कलावती देवी, सुनीता देवी, सरिता देवी और सावित्री देवी समेत बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। इसके अलावा भाकपा माले के देव प्रखंड सचिव कॉमरेड सुनील यादव, औरंगाबाद प्रखंड सचिव कॉमरेड कैलाश पासवान, युवा नेता व नवीनगर प्रभारी कॉमरेड वीरेंद्र मेहता, नरेश मेहता और मथुरा मेहता सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। मार्च और कार्यक्रम की देखरेख एवं मार्गदर्शन भाकपा माले जिला सचिव कॉमरेड मुनारिक राम ने किया।
छतरपुर में हीरा, सिंगरौली-कटनी में सोना खोजेगी सरकार:सीएम ने 62 खनिज निरीक्षकों को दिए नियुक्ति पत्र
मध्यप्रदेश में सरकार अब खनिज संपदा की नई संभावनाएं तलाशने पर फोकस कर रही है। छतरपुर में दो नए क्षेत्रों में हीरे की खोज का काम चल रहा है, जबकि सिंगरौली और कटनी में छह स्वर्ण ब्लॉक नीलाम किए जा चुके हैं। इसी बीच खनन गतिविधियों की निगरानी और खनिज राजस्व बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को 62 नवनियुक्त खनि निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे। सरकार के मुताबिक प्रदेश की खनिज आय अब 8-9 हजार करोड़ से बढ़कर 12 हजार करोड़ रुपए हो गई है। मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश खनिज संपदा के मामले में अग्रणी राज्य है। प्रदेश की धरती से हीरा निकलता है और कोयले के मामले में भी प्रदेश समृद्ध है। उन्होंने नवनियुक्त खनि निरीक्षकों से पारदर्शिता और दक्षता के साथ काम करते हुए प्रदेश की आर्थिक समृद्धि में योगदान देने की अपेक्षा की। जहां जमीन के नीचे खजाना, वहां बढ़ेगी विभाग की निगरानी प्रदेश में खनिज गतिविधियों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। केंद्र सरकार ने नीलामी के जरिए 33 कोयला खनन ब्लॉक आवंटित किए हैं। इनमें से 8 ब्लॉक में उत्पादन शुरू हो चुका है, जबकि 6 अन्य ब्लॉकों में उत्पादन शुरू करने के लिए माइन डेवलपमेंट का काम चल रहा है। इसी तरह छतरपुर के दो नए क्षेत्रों में हीरे की खोज के लिए अन्वेषण चल रहा है। पन्ना में एक हीरा ब्लॉक आवंटित किया गया है। यानी हीरे के लिए प्रदेश में पुराने क्षेत्रों के अलावा नए इलाकों में भी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। सोने पर भी फोकस, सिंगरौली में लगेगी प्रोसेसिंग यूनिट प्रदेश में खनिज गतिविधियों में अब सोने का हिस्सा भी बढ़ रहा है। सिंगरौली में स्वर्ण अयस्क की प्रोसेसिंग के लिए ग्रीनफील्ड गोल्ड कंसंट्रेट प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जा रही है। इसके अलावा सिंगरौली और कटनी में 6 स्वर्ण ब्लॉक नीलाम किए गए हैं। ऐसे में नए खनि निरीक्षकों की नियुक्ति को खनन गतिविधियों के बढ़ते दायरे से जोड़कर देखा जा रहा है। वित्त वर्ष 2026-27 में सरकार ने 72 खनि निरीक्षकों की नियुक्ति की पहल की है। गुरुवार को इनमें से 62 को नियुक्ति पत्र दिए गए। खनिज आय 12 हजार करोड़, अब और बढ़ाने की जिम्मेदारी प्रमुख सचिव खनिज साधन विवेक पोरवाल ने बताया कि प्रदेश में खनिजों से मिलने वाली आय 8-9 हजार करोड़ से बढ़कर 12 हजार करोड़ रुपए हो गई है। नवनियुक्त खनि निरीक्षकों की भूमिका इस राजस्व को और बढ़ाने में महत्वपूर्ण बताई गई है। सरकार के अनुसार नीलामी प्रक्रिया और खनन क्षेत्र में किए गए सुधारों के कारण मध्यप्रदेश ने इस क्षेत्र में अग्रणी राज्य की पहचान बनाई है। भारत सरकार ने भी खनन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए मध्यप्रदेश को सम्मानित किया है। सीएम बोले- सरकारी नौकरी नहीं बल्कि सेवा का नया मौका मिल रहा मुख्यमंत्री ने कहा कि नवनियुक्त खनि निरीक्षक सिर्फ सरकारी नौकरी हासिल नहीं कर रहे, बल्कि उन्हें सेवा का नया अवसर मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदर्भ में उन्होंने कहा कि युवाओं को सरकारी सेवा में आने पर कर्मचारी नहीं बल्कि कर्मयोगी माना जाता है। मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र के साथ नवनियुक्त खनि निरीक्षकों को 'विश्वास पत्र' भी सौंपा। उन्होंने कहा कि सुशासन और लोक कल्याण के उद्देश्य से काम करते हुए ये युवा प्रदेश के लिए गर्व का कारण बनेंगे। कार्यक्रम में नवनियुक्त निरीक्षकों ने कहा कि नियुक्ति मिलने का दिन उनके लिए होली और दीपावली दोनों की खुशी जैसा है। मुख्यमंत्री ने पांच चयनित अभ्यर्थियों को मंच से नियुक्ति पत्र प्रदान किए।
जमुई और समस्तीपुर के बाद अब बांका में नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। बांका के बौंसी थाना क्षेत्र के पर्यटन स्थल मंदार पर्वत पर लड़की के साथ छह लड़कों ने अभद्र व्यवहार और अश्लील हरकत की। लड़की और उसके फ्रेंड के साथ मारपीट की गई। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वायरल वीडियो में छह युवक दिख रहे हैं, जो लड़का-लड़की के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे हैं। चप्पल से मारपीट करते भी दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में एक युवक के हाथ में डंडा भी दिख रहा है। वायरल वीडियो में 'करेंगे गुंडागर्दी, क्या कर लेगी सरकार, वर्दी' गाना लगाया गया है। वीडियो में 3 सितंबर की तारीख दिखाई दे रही है। हालांकि, पुलिस की जांच में यह वीडियो करीब छह माह पुराना बताया जा रहा है। पुलिस अब वीडियो की रियल डेट और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है। पहले दो तस्वीर देखिए… जानिए वायरल वीडियो में क्या दिख रहा है वीडियो में एक युवक लड़की का हाथ मरोड़ते हुए उसके साथ छेड़छाड़ करता दिख रहा है। आरोपी के हाथ में चप्पल है और वह मारपीट करने की कोशिश कर रहा है। 'हम करेंगे गुंडागर्दी, क्या कर लेगी सरकारी वर्दी' गाने की लाइन पर REEL बनाकर वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर किया है। थानाध्यक्ष बोले- 22 सितंबर को मिला वीडियो बौंसी थानाध्यक्ष पंकज कुमार झा ने बताया कि 22 सितंबर को करीब 2:45 बजे सोशल मीडिया सेल के माध्यम से व्हाट्सऐप पर वीडियो मिला। वरीय अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम वीडियो की सत्यता की जांच की। वीडियो में दिख रहा लोकेशन मंदार पर्वत है। इसके बाद हम अपने बयान पर छह अज्ञात युवकों के खिलाफ FIR दर्ज की है। प्राथमिकी में BNS की धारा 74, 75, 76, 3(5) और आईटी एक्ट की धारा 66E व 67A लगाई गई है। ग्रामीणों और दुकानदारों से पूछताछ पुलिस ने वीडियो में नजर आ रहे युवकों के साथ पीड़ित दोनों नाबालिग की पहचान के लिए मंदार पर्वत के आसपास के ग्रामीणों और दुकानदारों से पूछताछ की है। लेकिन, स्थानीय लोगों ने उसकी पहचान नहीं बताई है। पुलिस के अनुसार अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वीडियो में दिख रही लड़की और दोनों युवक कहां के रहने वाले हैं। आरोपित युवक भी कहां के रहने वाले हैं, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है। पुलिस वीडियो के आधार पर सभी की पहचान करने में जुटी है। एसडीपीओ बोले- वीडियो की जांच जारी एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा ने बताया कि पुलिस वायरल वीडियो की जांच कर रही है। वीडियो के आधार पर आरोपित युवकों की पहचान की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ---------------- ये भी पढ़ें… चिराग ने कानून व्यवस्था और प्रशासन पर उठाए सवाल:कहा- सरेआम बच्चियों के साथ अमानवीय व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण; तेजस्वी बोले- बिहार में जंगल नहीं राक्षस राज जमुई के बाद समस्तीपुर में कुछ लड़कों ने बीच सड़क एक लड़की से छेड़खानी की। उसका वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इस मामले को लेकर बिहार की सियासत गरम है। बयानबाजी तेज हो गई है। लोजपा (आर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि जमुई और समस्तीपुर में जो छेड़खानी की घटना हुई है, वो बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है। पूरी खबर पढ़ें
मध्यप्रदेश में लंबे अंतराल के बाद पुलिस मुख्यालय की ओर से शुरू की गई पुलिस बैंड भर्ती प्रक्रिया को लेकर दायर तीन याचिकाओं पर इंदौर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है। जस्टिस पवन कुमार द्विवेदी की एकल पीठ ने तीनों याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी या धांधली के ठोस प्रमाण पेश नहीं कर सके। हालांकि, इसी भर्ती से जुड़ी एक अन्य याचिका जबलपुर हाईकोर्ट में लंबित है। ऐसे में अंतिम चयन प्रक्रिया पूरी तरह आगे बढ़ने का रास्ता उस मामले के निराकरण के बाद ही स्पष्ट होगा। 679 पदों पर हुई थी भर्ती प्रक्रिया पुलिस मुख्यालय ने अप्रैल 2026 में प्रदेश में पुलिस बैंड के 679 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। भर्ती के दूसरे चरण यानी वादन टेस्ट के बाद अगस्त में 1271 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए पात्र घोषित किया गया। इस दौरान उनके अंकों का खुलासा नहीं किया गया था, जिसे लेकर विवाद शुरू हुआ। याचिकाकर्ता नीलेश सिंह, विपिन बैरवा और योगेंद्र पंवार ने हाईकोर्ट में भर्ती प्रक्रिया को चुनौती दी थी। उनका तर्क था कि नियम के अनुसार उपलब्ध पदों की संख्या के तीन गुना अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना चाहिए था। इसके अलावा याचिकाओं में प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के साथ भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और बैकडोर एंट्री जैसे आरोप भी लगाए गए थे। न्यूनतम अंक पूरा करने वालों की संख्या रही कम सरकार और पुलिस मुख्यालय की ओर से अदालत में बताया गया कि तीन गुना अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाने का प्रावधान निर्धारित न्यूनतम अंकों की पात्रता से जुड़ा था। 75 अंकों के वादन टेस्ट में अनारक्षित, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक, जबकि एससी-एसटी वर्ग के लिए 40 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए थे। अधिकारियों के अनुसार, ओबीसी वर्ग में 95 पदों के लिए 207 अभ्यर्थी ही निर्धारित मानक पूरा कर सके। एसटी वर्ग में 36 पदों के लिए 137 और ईडब्ल्यूएस वर्ग में 68 पदों के लिए सिर्फ 26 अभ्यर्थी पात्र पाए गए। वहीं, अनारक्षित वर्ग में 184 पदों के लिए 552 और एससी वर्ग में 106 पदों के लिए 325 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए पात्र घोषित किए गए। छह कमेटियों ने लिया वादन टेस्ट पुलिस मुख्यालय ने अदालत के समक्ष भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी भी दी। वादन टेस्ट के लिए छह अलग-अलग कमेटियां गठित की गई थीं। प्रत्येक कमेटी की अध्यक्षता आईपीएस अधिकारी कर रहे थे, जबकि एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारी और संबंधित विशेषज्ञ भी इसमें शामिल थे। परीक्षण के दौरान कमेटी के सदस्यों के पास बॉडी-वॉर्न कैमरे मौजूद थे। इनके जरिए वादन टेस्ट की पूरी प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग किए जाने की बात पुलिस मुख्यालय ने अदालत को बताई। तीन चरणों में पूरा होना है चयन पुलिस बैंड भर्ती की चयन प्रक्रिया तीन चरणों में निर्धारित की गई है। पहला चरण क्वालिफाइंग स्किल टेस्ट: इस चरण में अभ्यर्थी द्वारा चुने गए पसंदीदा वाद्य यंत्र का परीक्षण किया गया। इसके अंक अंतिम मेरिट में शामिल नहीं किए जाने हैं। दूसरा चरण : बैंड वादन टेस्ट: यह चरण 60 अंकों का है। इसके अलावा तीन अलग-अलग वाद्य यंत्र बजाने पर पांच-पांच बोनस अंक का प्रावधान है। इस तरह वादन टेस्ट के अधिकतम अंक 75 निर्धारित हैं। तीसरा चरण : इंटरव्यू: इंटरव्यू के लिए 25 अंक निर्धारित किए गए हैं। अंतिम मेरिट वादन टेस्ट के 75 और इंटरव्यू के 25, यानी कुल 100 अंकों के आधार पर तैयार की जानी है। जबलपुर हाई कोर्ट में लंबित है एक और याचिका इंदौर हाईकोर्ट ने फिलहाल तीन याचिकाओं को खारिज कर दिया है। कोर्ट के समक्ष याचिकाकर्ताओं की ओर से लगाए गए चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी और धांधली के आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए जा सके। हालांकि, भर्ती से संबंधित एक अन्य मामला जबलपुर हाईकोर्ट में लंबित है। इसलिए पुलिस बैंड भर्ती की अंतिम चयन प्रक्रिया पर पूरी तरह स्पष्ट स्थिति उस याचिका के निर्णय के बाद ही सामने आएगी।
देश में स्वामित्व योजना के करीब 50 लाख हितग्राहियों को मुफ्त रजिस्ट्री देने के काम में पटवारियों की भूमिका को लेकर बना गतिरोध खत्म नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गुरुवार को पांच कैबिनेट मंत्रियों और अधिकारियों के साथ पटवारी संघ के प्रतिनिधिमंडल की करीब दो घंटे बैठक हुई, लेकिन इसमें भी सहमति नहीं बन सकी। बैठक के बाद पटवारी संघ ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर लिखित आदेश नहीं मिलता, वे स्वामित्व योजना की मुफ्त रजिस्ट्री के काम में शामिल नहीं होंगे। बैठक में मंत्री उदय प्रताप सिंह, गोविंद सिंह राजपूत, चैतन्य काश्यप, विश्वास सारंग और करण सिंह वर्मा के साथ राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव ई. रमेश कुमार, राजस्व सचिव, सीएलआर निधि निवेदिता और पंजीयन आईजी आलोक कुमार सिंह मौजूद रहे। पटवारी बोले- निष्पादक की भूमिका से हटाएं बैठक में प्रांतीय पटवारी संघ और मप्र पटवारी संघ के प्रतिनिधियों ने अपनी पुरानी मांग दोहराते हुए कहा कि पटवारियों को रजिस्ट्री प्रक्रिया में निष्पादक की भूमिका से हटाया जाए। अधिकारियों की ओर से बताया गया कि पूर्व में तय व्यवस्था में संशोधन किए गए हैं। प्रमुख सचिव राजस्व ने पटवारियों की आशंकाओं और व्यवस्था में किए गए बदलावों को पीपीटी प्रजेंटेशन के जरिए समझाया। सर्कुलर और ड्राफ्ट की कॉपी मांगी पटवारी संघ पदाधिकारियों उपेंद्र सिंह और सैनी के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों से संशोधनों की जानकारी लिखित सर्कुलर के रूप में देने और संबंधित ड्राफ्ट की प्रति उपलब्ध कराने की मांग की। संघ का कहना है कि बैठक में बताया गया कि पटवारी को निष्पादक की भूमिका से अलग किया गया है, लेकिन दूसरी ओर उसे पदेन निष्पादक घोषित किए जाने की बात भी सामने आई। इस पर संघ ने लिखित आदेश मांगा। लिखित आदेश मिलने तक काम नहीं करेंगे पटवारी संघ के अनुसार, मंत्रियों ने सर्कुलर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है, लेकिन बैठक के बाद तक उन्हें संबंधित सर्कुलर नहीं मिला। इसलिए संघ ने प्रदेशभर के पटवारियों से कहा है कि स्वामित्व योजना की मुफ्त रजिस्ट्री से जुड़ा काम फिलहाल नहीं किया जाए। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार की ओर से लिखित आदेश मिलने और आगे की चर्चा के बाद ही अगला निर्णय लिया जाएगा।
जीतू पटवारी कह नहीं पाए कि, इलेक्शन फेयर होता तो कमलनाथ मुख्यमंत्री होते
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सांवेर में फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर खुद को शहर काजी घोषित कराने का प्रयास करने के आरोप में पुलिस ने गुरुवार को केस दर्ज किया है। आरोपी की पहचान मोहम्मद सलामुद्दीन बरकाती पुत्र काजी जैनुद्दीन, निवासी वार्ड नंबर-1, सांवेर के रूप में हुई है। ग्रामीण डीसीपी उमाकांत चौधरी के मुताबिक, आरोपी पर वास्तविक तथ्यों को छिपाकर और असत्य आधार पर न्यायालयीन आदेशों का दुरुपयोग करते हुए कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का आरोप है। इन दस्तावेजों के आधार पर उसने तहसील सांवेर में खुद को शहर काजी के रूप में स्थापित कराने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजे थे। मामले में संबंधित लोगों ने कलेक्टर और एसपी ग्रामीण से शिकायत की थी। प्रशासनिक जांच में सामने आए तथ्य सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, इंदौर की जांच रिपोर्ट 7 सितंबर 2026 को तैयार हुई। इसके बाद एसपी ग्रामीण कार्यालय की 11 सितंबर 2026 की रिपोर्ट में आरोपी की ओर से प्रस्तुत तथ्यों को मिथ्या, भ्रामक और नियम विरुद्ध बताया गया। जांच रिपोर्टों के आधार पर इंदौर कलेक्टर और एसपी ग्रामीण के अनुमोदन के बाद 24 सितंबर को थाना सांवेर में आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया। पुलिस मामले में दस्तावेजों और उनसे संबंधित तथ्यों की जांच कर रही है।
नशे के खिलाफ योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति, लगातार तेज हुई कार्रवाई
लखनऊ, 24 सितंबर। योगी सरकार की नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का असर उत्तर प्रदेश में लगातार दिखाई दे रहा है। यूपी पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के साथ उनकी अवैध संपत्तियों पर भी शिकंजा कसा है। मादक पदार्थों के तस्करों के विरुद्ध निरुद्धीकरण की कार्रवाई में तेजी आई है। वर्ष 2026 में 23 सितंबर तक प्रदेश में 71 तस्करों के खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।यूपी डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि नशे के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य केवल तस्करों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क को तोड़ना और नशे के कारोबार से अर्जित अवैध संपत्ति को जब्त करना भी है। उत्तर प्रदेश को वर्ष 2029 तक नशामुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में कार्रवाई तेज की जा रही है।अवैध संपत्ति जब्ती में भी बड़ी कार्रवाईनशे के कारोबार से कमाई गई अवैध संपत्ति को जब्त कर तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने पर भी जोर दिया गया। वर्ष 2025 में 29 मामलों में करीब 19 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त हुई। वहीं वर्ष 2026 में 23 सितंबर तक 69 मामलों में करीब 80 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की गई।लगातार कार्रवाई से दिखा योगी सरकार का सख्त रुखयोगी सरकार में पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत वर्ष 2024 में प्रदेश में सात तस्करों के खिलाफ कार्रवाई हुई, जिसमें एएनटीएफ की पांच कार्रवाई शामिल थीं। वर्ष 2025 में प्रदेश में 19 और वर्ष 2026 में 71 तस्करों के खिलाफ निरुद्धीकरण की कार्रवाई की गई। इनमें वर्ष 2026 में एएनटीएफ ने 33 तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की। प्रदेश में अवैध संपत्ति जब्ती के मामले में भी कार्रवाई लगातार बढ़ी है। वर्ष 2024 में एएनटीएफ ने चार मामलों में करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की। वर्ष 2025 में 28 मामलों में करीब 17 करोड़ रुपये और वर्ष 2026 में 40 मामलों में करीब 13 करोड़ रुपये की कार्रवाई एएनटीएफ ने की। पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त कार्रवाई के आंकड़ों में वर्ष 2026 में कुल जब्ती करीब 78.5 करोड़ रुपये हुई।कुख्यात तस्करों के नेटवर्क पर सीधा प्रहारपीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत गुरुमेल सिंह, भोला प्रसाद, संजीव राणा, विभोर राणा, शेरमणि पटेल और परमानंद उर्फ पप्पू जैसे कुख्यात मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ निरुद्धीकरण (गिरफ्तारी) की कार्रवाई की गई है।नशे के कारोबार की जड़ पर वारडीजीपी ने कहा कि हमारी कार्रवाई केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। एनडीपीएस एक्ट की धारा 68(ई) और 68(एफ) के तहत नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध संपत्ति को पहले अस्थायी रूप से फ्रीज और जांच व सुनवाई के बाद स्थायी रूप से जब्त किया जा रहा है। इसके जरिए तस्करों को आर्थिक रूप से कमजोर भी किया जा रहा है।
किशनगंज में बंगाल से सटे सीमावर्ती इलाकों में अवैध लॉटरी के कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में गुरुवार को ठाकुरगंज थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक कथित अवैध लॉटरी कारोबारी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके पास से डियर कंपनी की 1690 पीस लॉटरी टिकट बरामद की है। 1690 लॉटरी टिकट के साथ गिरफ्तारी थानाध्यक्ष अंजय अमन ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान 38 वर्षीय गोविंद चंद्र मंडल के रूप में हुई है। वह परेशन मंडल का पुत्र है और पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के मुरलीगाछ चेकपोस्ट गोविंदपुर, थाना फाराबिदुआ का निवासी बताया गया है। नकदी और मोबाइल समेत सामान जब्त पुलिस ने आरोपी के पास से 1690 पीस डियर कंपनी की लॉटरी टिकट के अलावा 2765 रुपये नकद, एक पोको एंड्रॉयड मोबाइल, एक स्टेपलर और बिना नंबर प्लेट का एक टोटो (ई-रिक्शा) बरामद किया है। ठाकुरगंज क्षेत्र में कारोबार का आरोप पुलिस के अनुसार आरोपी ठाकुरगंज क्षेत्र में अवैध लॉटरी का कारोबार कर रहा था। कार्रवाई के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। नेटवर्क में शामिल लोगों की तलाश पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के अलावा इस कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। लॉटरी टिकट कहां से मंगाए जा रहे थे और इसे किन इलाकों में खपाया जा रहा था, इसकी भी जांच की जा रही है। सीमावर्ती इलाकों में कारोबार पर नजर किशनगंज के पश्चिम बंगाल से सटे इलाकों में अवैध लॉटरी के कारोबार को लेकर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार एसपी के निर्देश पर अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
किशनगंज में पहाड़कट्टा थाना क्षेत्र से जुड़े युवती के अपहरण मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने 22 वर्षीय अनामिका कुमारी को गुरुवार को किशनगंज बस स्टैंड के पास से सुरक्षित बरामद कर लिया। प्रारंभिक जांच और युवती के बयान के आधार पर पुलिस ने कहा है कि अब तक अपहरण की पुष्टि नहीं हुई है। 15 सितंबर को दर्ज हुई थी FIRछतरगाछ निवासी अनामिका की मां दयाल देवी ने 15 सितंबर को पहाड़कट्टा थाना में आवेदन दिया था। उन्होंने बताया था कि उनकी बेटी 13 सितंबर को छतरगाछ बाजार स्थित कपड़ा मॉल में काम करने गई थी। मॉल संचालक के अनुसार, दोपहर करीब 1:30 बजे तबीयत खराब होने की बात कहकर वह वहां से निकल गई थी। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने खोजबीन की और अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका जताई थी। मुंबई में मिली लोकेशन, दो युवकों की तलाशFIR के बाद पुलिस ने तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच में युवती के मुंबई में होने की जानकारी मिली। पुलिस ने पहाड़कट्टा थाना क्षेत्र के मन्नाटोला मोटाबाड़ी निवासी आदिल हुसैन और उसके दोस्त रहीम की भूमिका की जानकारी मिलने के बाद दोनों की तलाश में छापेमारी शुरू की। 19 सितंबर को मुंबई से लौटने के लिए निकली थी युवतीपुलिस के अनुसार, लगातार कार्रवाई के बीच अनामिका 19 सितंबर को ही मुंबई से किशनगंज के लिए निकल चुकी थी। पुलिस उसके मूवमेंट पर तकनीकी माध्यम से नजर रख रही थी। इसी दौरान 24 सितंबर को तकनीकी सूचना के आधार पर उसे किशनगंज बस स्टैंड के पास से सुरक्षित बरामद कर लिया गया। युवती ने बताया- तीन साल से आदिल से प्रेम संबंधबरामदगी के बाद महिला थाना में महिला पुलिसकर्मी ने युवती का बयान दर्ज किया। पुलिस के अनुसार, अनामिका ने बताया कि वह अपनी इच्छा से 13 सितंबर को किशनगंज से पटना होते हुए मुंबई गई थी। उसने आदिल हुसैन के साथ पिछले तीन वर्षों से प्रेम संबंध होने और करीब चार महीने पहले दोनों के कोर्ट मैरिज करने की बात कही। परिजन दूसरी जगह शादी कराना चाहते थेयुवती के अनुसार, उसके परिजन उसकी शादी किसी अन्य स्थान पर कराना चाहते थे। इसी वजह से वह आदिल के बुलावे पर मुंबई चली गई थी। पुलिस द्वारा आदिल और उसके दोस्त रहीम की तलाश में छापेमारी किए जाने की जानकारी मिलने के बाद वह खुद अपना बयान देने के लिए मुंबई से वापस लौट रही थी। मेडिकल जांच और कोर्ट में बयान की प्रक्रियापुलिस ने बताया कि युवती का विधिवत चिकित्सीय परीक्षण कराया जा रहा है। साथ ही न्यायालय में उसका बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, अब तक की जांच और युवती के बयान से अपहरण की घटना की पुष्टि नहीं हुई है। भ्रामक खबरों पर कार्रवाई की चेतावनीकिशनगंज पुलिस ने सोशल मीडिया और कुछ न्यूज प्लेटफॉर्म पर प्रसारित अपहरण संबंधी खबरों को भ्रामक बताया है। पुलिस ने कहा है कि तथ्यों की पुष्टि किए बिना गलत या भ्रामक खबरें प्रसारित करने वाले सोशल मीडिया हैंडल और न्यूज चैनलों के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
बीच सड़क दुपट्टा खींचा, मारपीट की कोशिश; समस्तीपुर में एक और लड़की से बदसलूकी का वीडियो वायरल
समस्तीपुर जिले से एक और लड़की से सरेआम बदसलूकी का वीडियो वायरल हुआ है। वायरल वीडियो में कुछ युवक सड़क पर लड़की का दुपट्टा खींच बदतमीजी करते नजर आ रहे हैं। वीडियो कब और कहां का है, यह पता नहीं चल पाया है। पुलिस जांच में जुटी है। इससे पहले जिले के कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र से भी ऐसी ही घटना सामने आई।
एटा के पिलुआ थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। गुलाबपुर गांव के पास तेज रफ्तार कैंटर ने बाइक सवार पति-पत्नी को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि पति को भी गंभीर चोटें आईं। दोनों को तत्काल मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार, हाथरस जिले के सिकंदराऊ थाना क्षेत्र के गांव अग्रना निवासी राजकुमार (35) अपनी पत्नी राजकुमारी (33) के साथ एटा आए थे। दोनों कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव सिराव में रिश्तेदार के यहां आयोजित एक देहांत कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। शाम करीब 5 बजे कार्यक्रम समाप्त होने के बाद दोनों बाइक से अपने गांव वापस लौट रहे थे। सड़क पर गिरे दंपति, चीख-पुकार सुनकर जुटी भीड़ जैसे ही दंपति की बाइक पिलुआ क्षेत्र के गुलाबपुर गांव के पास पहुंची, पीछे से आ रहे तेज रफ्तार कैंटर ने बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। अस्पताल पहुंचने पर महिला को मृत घोषित किया सूचना मिलते ही एंबुलेंस मौके पर पहुंची और दोनों को वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज एटा पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद राजकुमारी को मृत घोषित कर दिया। वहीं, राजकुमार के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं, जिनका इलाज जारी है। घायल राजकुमार के भतीजे यादराम सिंह ने बताया कि राजकुमारी उनकी बुआ थीं और दोनों देहांत कार्यक्रम से लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। पिलुआ थाना प्रभारी संदीप राणा ने बताया कि महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और कैंटर चालक के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
जल सेवाएं मंडल हिसार में जिलेदार राजेश कुमार को एसीबी की उपकेंद्र हांसी टीम ने ₹3 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी राजगढ़-चंडीगढ़ हाईवे के पास स्थित कृषि भूमि की कॉलोनी के लिए नहर के पानी की सिंचाई व्यवस्था से संबंधित COO तैयार करने की एवज में शिकायतकर्ता से रिश्वत मांग रहा था। शिकायतकर्ता ने एसीबी को बताया कि कृषि भूमि की कॉलोनी के लिए जरूरी प्रक्रिया के तहत नहर के पानी की सिंचाई व्यवस्था से संबंधित COO तैयार करवाना था। इसके लिए जल सेवाएं मंडल में जिलेदार राजेश कुमार ने उससे ₹3 हजार की रिश्वत मांगी। आरोपी से रिश्वत की रकम भी बरामद शिकायत मिलने के बाद एसीबी टीम ने पहले आरोपों का सत्यापन किया। रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए ट्रैप लगाया। स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में एसीबी टीम ने शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम देकर आरोपी के पास भेजा। जैसे ही राजेश कुमार ने शिकायतकर्ता से ₹3 हजार लिए, टीम ने मौके पर दबिश देकर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी से रिश्वत की रकम भी बरामद की गई। आरोपी के खिलाफ केस दर्ज एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हिसार में केस दर्ज किया है। मामले में आरोपी से पूछताछ और आगे की जांच की जा रही है।
फर्रुखाबाद में गणेश महोत्सव पूरे जिले में मनाया जाता है, लेकिन कमालगंज में इसका बड़ा आयोजन होता है। शुक्रवार को कमालगंज से गणेश विसर्जन यात्रा शहर के पांचाल घाट के लिए निकलेगी। इस यात्रा में 20 हजार से ज्यादा श्रद्धालु शामिल होंगे। इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। कमालगंज में गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई थी। शुक्रवार को उनका विसर्जन होगा। यात्रा सुबह 9 बजे शुरू होगी और शहर के पांचाल घाट के लिए रवाना होगी। यह शाम तक पांचाल घाट पहुंचेगी। श्रद्धालु 10 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करेंगे। यात्रा के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि शोभा यात्रा के लिए पुलिस ने पूरी तैयारी कर ली है। 10 से ज्यादा निरीक्षक और 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पीएसी और दमकल की टीम भी लगाई गई है। ड्रोन से भी निगरानी की जाएगी। आयोजकों ने भी अपने वॉलंटियर लगाए हैं। यात्रा के दौरान रूट भी डायवर्ट किया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि फर्रुखाबाद के आसपास के जिलों के पुलिस अधिकारियों से भी बात हो चुकी है। यह डायवर्जन शुक्रवार सुबह 5 बजे से रात 12 बजे तक लागू रहेगा। कन्नौज से गुरसहायगंज होते हुए फर्रुखाबाद आने वाले वाहनों को गुरसहायगंज से छिबरामऊ की तरफ मोड़ा जाएगा। छिबरामऊ से जहानगंज होकर फतेहगढ़ आने वाले मालवाहक वाहनों को मैनपुरी के बेवर की तरफ डायवर्ट किया गया है। बेवर (मैनपुरी) की ओर से फतेहगढ़ आने वाले वाहनों को बेवर में ही रोका जाएगा। एटा से फर्रुखाबाद आने वाले वाहनों को एटा जिले की अलीगंज कोतवाली क्षेत्र के बॉर्डर पर रोका जाएगा। शाहजहांपुर से फर्रुखाबाद आने वाले मालवाहक वाहनों को अल्लाहगंज और हुल्लापुर में रोका जाएगा। शमशाबाद आने वाले मालवाहक वाहनों को जरियनपुर में रोका जाएगा। हरदोई जनपद से फर्रुखाबाद आने वाले वाहनोंको सवायजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत रूपापुर में रोका जाएगा।
बलरामपुर में गणपति विसर्जन शोभायात्रा के दौरान डिवाइन पब्लिक स्कूल की सात वर्षीय छात्रा वैष्णवी तिवारी की मौत का मामला अब कई पहलुओं से जांच के दायरे में आ गया है। घटना के बाद तेज आवाज में बज रहे डीजे को छात्रा की मौत से जोड़कर चर्चा हुई थी। हालांकि, मेडिकल जांच में अभी तक तेज आवाज को मौत का सीधा कारण साबित नहीं किया गया है। ऐसे में प्रशासन ने किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले घटना से जुड़ी हर कड़ी की जांच कराने का फैसला किया है। डीएम विपिन कुमार जैन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ डॉ. मुकेश रस्तोगी की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की है। कमेटी घटना के समय स्कूल के हालात, छात्रा की तबीयत बिगड़ने की स्थिति, उसे दी गई तत्काल मेडिकल मदद और मौत तक की पूरी परिस्थितियों की जांच करेगी। डीजे की तेज आवाज से जोड़ा गया था मामला बीते सोमवार को गणपति प्रतिमा विसर्जन के लिए शोभायात्रा निकाली जा रही थी। इसी दौरान स्कूल के बाहर तेज आवाज में डीजे बज रहा था। बताया गया कि इसी दौरान सात वर्षीय वैष्णवी की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। शुरुआत में घटना को डीजे की तेज आवाज से जोड़ा गया, लेकिन अभी तक की मेडिकल जांच में दोनों के बीच सीधा संबंध सामने नहीं आया है। प्रशासन अब यह भी जांच करेगा कि घटना के समय स्कूल में क्या स्थिति थी और छात्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे किस तरह की तत्काल मदद दी गई। स्कूल की व्यवस्थाओं की भी जांच इस मामले में बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूल की व्यवस्थाओं की अलग से जांच शुरू कर दी है। बीएसए विकास चंद्र श्रीवास्तव स्कूल भवन के स्वीकृत नक्शे और मौके पर बनी इमारत का मिलान करा रहे हैं। इसके साथ ही खेल मैदान, मान्यता से जुड़े दस्तावेज और कक्षाओं के संचालन से संबंधित निर्धारित नियमों की भी जांच की जा रही है। इससे छात्रा की मौत की जांच अब सिर्फ डीजे की आवाज तक सीमित नहीं रह गई है। स्कूल की व्यवस्थाओं और घटना के दौरान मौजूद परिस्थितियों को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है। दो आरोपी गिरफ्तार, सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित मामले में पुलिस नामजद डीजे संचालक चंद्र प्रकाश वर्मा और ऑपरेटर रामपाल सैनी को गिरफ्तार कर चुकी है। घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज भी सुरक्षित करा लिए गए हैं। पुलिस की ओर से डीजे म्यूजिक सिस्टम संचालकों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई भी की जा रही है। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि वैष्णवी की तबीयत अचानक क्यों बिगड़ी, उस समय स्कूल और आसपास का माहौल कैसा था और किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इंटरनेशनल ट्रेड शो में दुनिया देखेगी यूपी के युवाओं का कौशल
लखनऊ, 24 सितम्बर। इंटरनेशनल ट्रेड शो में दुनिया उत्तर प्रदेश के हुनर और युवाओं की प्रतिभा से रूबरू होगी। योगी सरकार के युवाओं को कौशल, करियर और रोजगार से जोड़ने के प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए पहली बार यूपी कौशल विकास मिशन (UPSDM) के पवेलियन में ‘स्किल मंच’ की शुरुआत होगी। यहां शिक्षाविद, कौशल विशेषज्ञ और उद्योग प्रतिनिधि युवाओं से संवाद करेंगे, वहीं 16 कौशलों के लाइव प्रदर्शन, गतिविधियों और बी2बी संवाद के जरिए आगंतुक हुनर को देखने के साथ स्वयं करके सीख सकेंगे। सबसे खास बात युवा उद्यमी अपनी सफलता की कहानियां साझा कर कौशल से रोजगार और उद्यमिता तक की राह भी दिखाएंगे।उत्तर प्रदेश के युवाओं के कौशल, प्रतिभा और हुनर को देश-दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन इस वर्ष उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में अपने पवेलियन को और अधिक व्यापक एवं इंटरैक्टिव स्वरूप में प्रस्तुत करेगा। 25 से 29 सितम्बर तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल ट्रेड शो में कौशल विकास मिशन का पवेलियन आगंतुकों को प्रदेश के पारंपरिक कौशलों के साथ आधुनिक एवं उभरते कौशलों की जानकारी देने के साथ ही उन्हें स्वयं गतिविधियों में भाग लेकर कौशल को समझने का अवसर भी प्रदान करेगा।इस वर्ष कौशल विकास मिशन के पवेलियन में 16 कौशल स्टॉल लगाए जा रहे हैं। इस प्रकार इस बार पारंपरिक कारीगरी के साथ-साथ नए एवं उभरते कौशलों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। पवेलियन में विभिन्न कौशलों के लाइव डेमो होंगे, जिससे आगंतुक कौशल की बारीकियों और उससे जुड़ी कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से देख सकेंगे। पवेलियन का आकार भी इस वर्ष उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया गया है। इस बार 360 वर्ग मीटर का स्थान मिला है। यह पवेलियन हॉल नंबर-7, ग्राउंड फ्लोर पर स्थापित किया जा रहा है।इस वर्ष कौशल विकास मिशन के पवेलियन में इंटरैक्टिव खुद करें जैसी गतिविधियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। अधिकांश स्टॉल पर आगंतुक केवल कौशल का प्रदर्शन देखने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि स्वयं गतिविधियों में हिस्सा लेकर संबंधित कौशल की बारीकियों को समझ सकेंगे। पहली बार ‘स्किल मंच’ की शुरुआत की जा रही है। इस मंच पर शिक्षाविद, कौशल विशेषज्ञ, उद्योग प्रतिनिधि और सॉफ्ट स्किल कम्युनिकेटर अपने अनुभव एवं व्यावहारिक जानकारी साझा करेंगे। इसका उद्देश्य युवाओं को कौशल विकास, करियर निर्माण और रोजगार की बदलती संभावनाओं से जोड़ना है।पवेलियन में उद्योगों और शिक्षण संस्थानों के साथ बी टू बी गतिविधियों को भी स्थान दिया गया है। इसके माध्यम से कौशल विकास से जुड़े विभिन्न हितधारकों के बीच संवाद, सहयोग और संभावित साझेदारी के अवसरों पर चर्चा की जाएगी। कौशल विकास मिशन से प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने-अपने क्षेत्रों में आगे बढ़ चुके प्रशिक्षित युवा उद्यमी भी पवेलियन का हिस्सा होंगे। उनके अनुभव, सफर और उपलब्धियों को प्रदर्शित कर यह बताया जाएगा कि कौशल विकास केवल प्रशिक्षण प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के अवसरों का मजबूत आधार भी बन सकता है।व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल पवेलियन के साथ ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ पोर्टल का शुभारंभ करेंगे। इस चैलेंज के माध्यम से युवाओं, विद्यार्थियों, स्टार्टअप्स, प्रोफेशनल्स और इनोवेटर्स को नए समाधान एवं नवाचार प्रस्तुत करने का अवसर उपलब्ध कराया जाएगा।मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि इस वर्ष पवेलियन में 16 कौशल स्टॉल, गतिविधियां, लाइव डेमो, ‘स्किल मंच’, B2B संवाद, प्रशिक्षित युवाओं की उपलब्धियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को एक साथ जोड़ा गया है। इससे आगंतुकों को उत्तर प्रदेश के कौशल और प्रतिभा की विविधता को देखने, समझने और अनुभव करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि पवेलियन का उद्देश्य कौशल को केवल प्रदर्शित करना नहीं, बल्कि उसे अनुभव, संवाद और नवाचार से जोड़ना है।
सीएम ग्रिड योजना के तहत बन रही शहर की 5 प्रमुख सड़कों की धीमी रफ्तार पर शासन ने नाराजगी जताई है। सर्किट हाउस में गुरुवार को हुई समीक्षा बैठक में नगर विकास विभाग के विशेष सचिव महेंद्र बहादुर सिंह ने अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। इन सड़कों के निर्माण की निर्धारित समयसीमा पहले ही पूरी हो चुकी है, लेकिन काम अब तक अधूरा है। निर्माण कार्यों के चलते कई इलाकों में जाम, धूल और यातायात की समस्या से लोगों को परेशानी हो रही है। इस बैठक में महापौर प्रमिला पांडेय, सांसद रमेश अवस्थी, नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय, विधायक सुरेंद्र मैथानी, नीलिमा कटियार और सलिल विश्नोई के साथ यूरिडा के अधिकारी मौजूद रहे। सड़क बनाने की धीमी रफ्तार पर जताई नराजगी सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि सड़कें समय पर नहीं बनीं तो जनता की नाराजगी जनप्रतिनिधियों को झेलनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि जहां सड़क का निर्माण पूरा हो रहा है, वहां फुटपाथ का काम भी साथ-साथ कराया जाए। विधायकों ने भी निर्माण की धीमी गति और इससे जनता को हो रही दिक्कतों का मुद्दा उठाया। इसके बाद अधिकारियों को सभी 5 सड़कों का काम 30 नवंबर तक पूरा कराने के निर्देश दिए गए। तीन सड़कों का किया निरीक्षण वहीं समीक्षा बैठक से पहले विशेष सचिव और यूरिडा के अधिकारियों ने सीएम ग्रिड के तहत बन रही घंटाघर-परेड, बगिया क्रॉसिंग और स्वरूप नगर की सड़कों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण में आ रही बाधाओं की जानकारी ली गई। जल निगम को अपने लंबित कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए, ताकि सड़क निर्माण में और देरी न हो। महापौर बोलीं- सख्ती के बाद रातों-रात बनने लगी सड़कें समीक्षा बैठक के बाद महापौर प्रमिला पांडेय ने निर्माण कार्यों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि शासन के अधिकारियों के निरीक्षण और सख्ती की जानकारी मिलते ही कुछ स्थानों पर रातों-रात सड़क निर्माण तेज हो गया। महापौर ने कहा कि इससे साफ है कि काम पहले भी तेजी से कराया जा सकता था, लेकिन इसमें लापरवाही बरती गई।
विश्व पर्यटन दिवस पर सराय काले खां स्थित डीडीए के बांसेरा पार्क में 26 और 27 सितंबर को 'रंग रस रूह' महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। इसमें बच्चों के लिए मैजिक शो, टॉय ट्रेन और गेम्स जैसे कई आकर्षण हैं।
जोधपुर में राईकाबाग रेलवे स्टेशन टैक्सी स्टैंड के पास गुरुवार को एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेकर शव को कब्जे में लिया। पुलिस के अनुसार- मृतक की पहचान लोहावट निवासी पन्ने सिंह (65) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पन्ने सिंह ने स्टेशन परिसर में दीवार पर लगी जाली से कपड़े का फंदा लगाकर आत्महत्या की। घटना की सूचना मिलने के बाद जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। मौत के कारणों का नहीं लग पाया पता स्टेशन परिसर में शव मिलने की सूचना से कुछ समय के लिए मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। जीआरपी ने शव को अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। पुलिस अब मृतक के परिजनों से संपर्क करने में जुटी है। जीआरपी की ओर से घटना के संबंध में आवश्यक जांच की जा रही है। परिजनों के पहुंचने और आगे की कार्रवाई के बाद ही घटना से जुड़ी अन्य जानकारी सामने आ सकेगी। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
खगड़िया शहर में गुरुवार को एनएच के लिए अधिग्रहित जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। सदर सीओ पुनीत कौशल के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम जेसीबी और चित्रगुप्त नगर थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने एनएच की जमीन पर बने अस्थायी निर्माण को हटाने की कोशिश की। करीब एक घंटे तक प्रशासन और संबंधित लोगों के बीच बहस होती रही। इसके बाद प्रशासन ने खुद अतिक्रमण हटाने के लिए दो दिन की मोहलत दी। युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष के मकान के आगे बने शेड पर कार्रवाई प्रशासन के अनुसार, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष नवीन कुमार का स्थायी मकान निजी जमीन पर बना है। हालांकि, मकान के आगे बना अस्थायी शेड एनएच के लिए अधिग्रहित जमीन पर पाया गया। इसी शेड को हटाने के लिए प्रशासनिक टीम जेसीबी लेकर पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और निर्माण हटाने को लेकर बहस हुई। लोगों ने पूछा- सभी अतिक्रमण पर समान कार्रवाई क्यों नहीं मौके पर मौजूद लोगों ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि एनएच की जमीन पर अतिक्रमण है तो शहर में ऐसी सभी जगहों पर समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए। लोगों ने यह भी मांग की कि निर्माण हटाने से पहले संबंधित लोगों को नोटिस दिया जाए और पर्याप्त समय दिया जाए। सीओ बोले- एनएच की जमीन पर निर्माण मिला तो हटेगा सदर सीओ पुनीत कौशल ने कहा कि एनएच के लिए अधिग्रहित जमीन पर किसी भी व्यक्ति ने घर, पक्का निर्माण, अस्थायी शेड या अन्य निर्माण कर अतिक्रमण किया है तो उसे नियमानुसार हटाया जाएगा। संबंधित लोगों को दो दिन का समय दिया गया है। इस अवधि में वे स्वयं अतिक्रमण हटा सकते हैं। समय सीमा समाप्त होने के बाद प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई करेगा। रसीद कटने का दावा भी अतिक्रमण से नहीं बचाएगा सीओ ने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति के नाम से अंचल कार्यालय की रसीद कट रही है या वह अपनी जमीन की सीमा में निर्माण होने का दावा करता है, लेकिन जांच में निर्माण एनएच की अधिग्रहित जमीन पर पाया जाता है तो उसे अतिक्रमण माना जाएगा। किसी व्यक्ति की ओर से आपत्ति या आवेदन मिलने पर उसकी जांच की जाएगी। जांच में निर्माण अधिग्रहित जमीन पर मिलने पर कानून के तहत कार्रवाई होगी। दो दिन पहले कांग्रेस के धरने से जोड़कर भी चर्चा गुरुवार की कार्रवाई को लेकर शहर में अलग-अलग चर्चाएं भी हैं। कुछ लोगों का कहना है कि कार्रवाई दो दिन पहले हुए कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन की घटना से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, प्रशासन ने कार्रवाई का आधार एनएच के लिए अधिग्रहित जमीन पर अतिक्रमण बताया है। दोनों घटनाओं के बीच सीधे संबंध की प्रशासन की ओर से पुष्टि नहीं की गई है। सरकारी बैनर-पोस्टर पर कालिख पोतने के मामले में केस गौरतलब है कि दो दिन पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया था। इस दौरान सरकारी बैनर-पोस्टर पर कथित रूप से कालिख पोते जाने के मामले में पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने और बाद में थाना से छोड़ने की बात भी सामने आई थी। हालांकि, इस मामले और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बीच कोई सीधा संबंध अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई, दो दिन बाद फिर हो सकती है कार्रवाई प्रशासनिक टीम के पहुंचने के बाद मौके पर भीड़ जुट गई। कहासुनी के दौरान चित्रगुप्त नगर थाना पुलिस मौजूद रही और स्थिति को नियंत्रित रखा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि एनएच के लिए अधिग्रहित जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराने की कार्रवाई नियमानुसार जारी रहेगी। संबंधित लोगों को दी गई दो दिन की मोहलत के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सोनीपत जिले के गोहाना में खुद को भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) का निरीक्षक बताकर सस्ते दाम पर गैस सिलेंडर दिलाने का झांसा देकर पुजारी और महिला से 21 हजार रुपए ठगने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में पानीपत के विराट नगर निवासी राजू को गिरफ्तार किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। मेन बाजार निवासी दीपक ने शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह बाबा नागा शिव मंदिर में पुजारी है। 21 सितंबर को एक व्यक्ति उसके पास आया और खुद को एफसीआई का निरीक्षक बताया। उसने सस्ते दाम पर गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाने की बात कही। उसकी बातों में आकर दीपक ने आरोपी को 17 हजार रुपए दे दिए। इसी दौरान गीता रानी नाम की महिला ने भी उसे 4 हजार रुपए दे दिए। सिलेंडर दिलाने के बहाने सेक्टर-7 मोड़ पर ले गया आरोपी दोनों को गैस सिलेंडर दिलाने के नाम पर सेक्टर-7 के मोड़ पर ले गया। वहां पहुंचने के बाद आरोपी ने दोनों को वहीं रुकने के लिए कहा और सिलेंडर लेने जाने की बात कहकर चला गया। काफी देर तक उसके वापस नहीं आने पर दोनों को ठगी का पता चला। इसके बाद दीपक ने शहर थाना पुलिस को शिकायत दी। पुलिस जांच में पानीपत का निकला आरोपी शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी की पहचान पानीपत के विराट नगर निवासी राजू के रूप में हुई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से 2 दिन का रिमांड मिला है। करनाल समेत अन्य जगह भी अधिकारी बनकर ठगी का आरोप पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी पहले भी करनाल समेत अन्य स्थानों पर खुद को अधिकारी बताकर लोगों से ठगी कर चुका है। अब पुलिस रिमांड के दौरान उससे पूर्व की वारदातों के बारे में पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उसने इसी तरीके से और कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। शहर थाना प्रभारी सुभाष चंद्र ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है।
सुल्तानपुर में भारी बारिश, आंधी और वज्रपात का अलर्ट:डीएम ने 25 और 26 सितंबर के लिए जारी की एडवाइजरी
सुल्तानपुर के डीएम इंद्रजीत सिंह ने गुरुवार शाम 8 बजे मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। यह अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग, लखनऊ के पूर्वानुमान पर आधारित है। यह मौसम अलर्ट 25 सितंबर 2026 की सुबह 08:30 बजे से 26 सितंबर 2026 की सुबह 08:30 बजे तक लागू रहेगा। मौसम विभाग ने 25 और 26 सितंबर को कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इनमें बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर और अयोध्या शामिल हैं। इसके अलावा, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, अंबेडकर नगर, हमीरपुर और महोबा में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। इन हवाओं की रफ्तार 40-50 किमी/घंटा हो सकती है, जो बढ़कर 60 किमी/घंटा तक भी पहुंच सकती है। वज्रपात और तेज हवाओं से प्रभावित होने वाले जिलों में बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, मैनपुरी, इटावा, औरैया, पीलीभीत, शाहजहांपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर शामिल हैं। विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे सतर्क रहें। वज्रपात के समय खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे न रुकें। बहुत जरूरी होने पर ही यात्रा करें और इस दौरान खास सावधानी बरतें।
अंबिकापुर के चोपड़ापारा में एक वर्ष पूर्व पेट्रोल पंप की सेल्सगर्ल की चाकू मारकर हत्या करने के आरोपी युवक को सश्रम आजीवन कारावास की सजा हुई है। सेल्सगर्ल द्वारा बातचीत नहीं करने से नाराज होकर युवक ने दिनदहाड़े उसपर हमला कर चाकू से कई वार किया। युवती की मौके पर मौत हो गई थी। चोपड़ापारा के श्री कृपा पेट्रोल पंप में सेल्सगर्ल विद्यावती टोप्पो उर्फ भारती की 2 अक्टूबर 2025 पर सुबह करीब 11.30 बजे युवक जोगेंद्र पैकरा उर्फ लादेन ने हमला कर दिया था। आरोपी बाइक से पेट्रोल पंप पहुंचा था। उसने अपने पास चाकू और एयरगन रखा हुआ था। आरोपी ने सेल्सगर्ल पर चाकू से कई बार वार किया। विद्यावती टोप्पो जान बचाने के लिए भागी, लेकिन वह ज्यादा दूर नहीं भाग सकी। बीच-बचाव करने आए पेट्रोल पंप के कर्मी संतोष यादव पर भी युवक ने चाकू से हमला कर उसे घायल कर दिया था। पास ही दुकान चलाने वाले गुरदेव सिंह ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की थी तो आरोपी ने एयर पिस्टल से फायर किया था। आसपास के लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। सुनियोजित तरीके से की थी हत्या पकड़ा गया आरोपी जोगेंद्र पैकरा उर्फ लादेन मूलतः भुलसीकला कुसमी बलरामपुर का रहने वाला था। मृतका भी कुसमी की थी। घटना से कुछ दिन पहले ही दोषी जोगेंद्र बस स्टैंड के पास श्याम लॉज में आकर रुका हुआ था। अपने परिचित की मोटरसाइकिल से अंबिकापुर आया था। उसने शहर के एक दुकान से नया चाकू खरीदा था। आरोपी ने पुलिस को दिए बयान में स्वीकार किया था कि मृतका विद्यावती टोप्पो से उसका प्रेम संबंध था। कुछ दिनों से विद्यावती उससे बात नहीं कर रही थी। घटना के एक दिन पूर्व भी आरोपी पेट्रोल पंप पहुंचा था और उसके मोबाइल की जांच की थी। उसके मोबाइल को भी आरोपी ने पटक दिया था। एक वर्ष में आया फैसला, आरोपी को आजीवन कारावास पुलिस ने जांच के बाद चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया था। सप्तम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश महेश कुमार राज की अदालत ने गुरुवार को फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी जोगेंद्र पैकरा उर्फ लादेन को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के आरोप में आजीवन सश्रम कारावास, धारा 117(2) के आरोप में पांच वर्ष सश्रम कारावास, धारा 25 तथा 27 आर्म्स एक्ट के तहत तीन-तीन वर्ष का सश्रम कारावास तथा सभी धाराओं में अर्थदंड से दंडित किया गया है। पेट्रोल पंप की सेल्सगर्ल की हत्या के आरोपी जोगेंद्र पैकरा उर्फ लादेन के विरुद्ध पूर्व में थाना कुसमी में धारा 302 ,201 में अन्य आरोपियों के साथ नाम दर्ज था। इसके अलावे चोरी के मामले में भी वह जेल जा चुका था। अपर लोक अभियोजक विनोद कुमार दुबे ने बताया कि मामले में 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पेट्रोल पंप में हत्या का सीसीटीवी फुटेज भी रिकार्ड हुआ था, जिसे पुलिस ने अदालत में बतौर साक्ष्य पेश किया गया। अपर लोक अभियोजक ने जघन्य हत्याकांड के आरोपी को मृत्युदंड दिए जाने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने सर्वोच्च न्यायालय के न्याय दृष्टांतों का उल्लेख करते हुए कहा कि अभियोजन के द्वारा दोषी के विरुद्ध पूर्व में किए गए अपराध में दंडित होने के संबंध में कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए हैं केवल अपराध दर्ज हो जाना यह इंगित नहीं करता है कि आरोपित में सुधारने की संभावना नहीं है। अदालत ने मृतका के पिता एवं माता को क्षतिपूर्ति नियम के अंतर्गत पांच लाख रुपये क्षतिपूर्ति प्रदान किए जाने की अनुशंसा की है। यहां पढ़ें संबंधित खबर... गर्लफ्रेंड को चाकू गोदकर मार डाला..LIVE VIDEO:पेट्रोल-पंप पहुंचा, एयर पिस्टल-चाकू निकाला; बचने के लिए भागी, दौड़ाकर बीच सड़क किया मर्डर, ब्रेकअप से नाराज था छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में बॉयफ्रेंड ने गर्लफ्रेंड को चाकू से गोदकर मार डाला। युवक ब्रेकअप से नाराज था। युवती पेट्रोल पंप में काम करती थी। गुरुवार सुबह 11:40 बजे वह एयर पिस्टल और चाकू लेकर पेट्रोल पंप पहुंचा। युवती को देखते ही उसने चाकू निकाला और मारने के लिए दौड़ा। युवती जान बचाने के लिए भागी, लेकिन सड़क किनारे युवक ने उसे पकड़ लिया। आरोपी ने युवती के पेट में चाकू घोंप दिया। घटना CCTV कैमरे में कैद हो गई। पुलिस ने आरोपी बॉयफ्रेंड को गिरफ्तार कर लिया है। मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर...
आगामी धान की आवक और खरीद सीजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए एसडीएम मोगा सतविंदर सिंह ने प्रशासनिक अधिकारियों और आढ़ती एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य खरीद सीजन के दौरान किसानों, आढ़तियों और मंडियों में काम करने वाले मजदूरों को किसी भी तरह की समस्या से बचाना है। बैठक में मोगा सब-डिवीजन के अंतर्गत आने वाली मंडियों में बिजली आपूर्ति, स्वच्छता, सड़कों की स्थिति, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, श्रम बल, बारदाने की उपलब्धता, नमी मापने के उपकरण, किसानों के समयबद्ध भुगतान और धान की समय पर लिफ्टिंग जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। विभिन्न विभागों को जारी मुख्य निर्देश: बिजली एवं सड़क व्यवस्था: पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के अधिकारियों को मंडियों में 24 घंटे निर्बाध बिजली सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं, लोक निर्माण विभाग (PWD) को मंडियों तक पहुंचने वाले मुख्य मार्गों की तत्काल मरम्मत करने को कहा गया ताकि वाहनों के आवागमन में बाधा न आए। सफाई और सुरक्षा प्रबंध: नगर निगम अधिकारियों को मंडी परिसरों में साफ-सफाई के कड़े इंतजाम करने के निर्देश दिए गए। पुलिस प्रशासन को आवक के दौरान मंडियों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के आदेश दिए गए। समय पर भुगतान: किसानों को उनकी फसल का भुगतान समय पर मिलना सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके लिए लीड बैंक मैनेजर (LBM) को संबंधित बैंकों के साथ समन्वय बनाकर वित्तीय रुकावटों को समय रहते दूर करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य व अग्निशमन सेवाएं: स्वास्थ्य विभाग को मंडियों में आवश्यकतानुसार मेडिकल टीमें तैनात करने और फायर ब्रिगेड विभाग को मार्केट कमेटियों की मांग पर त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। एसडीएम सतविंदर सिंह ने जिला मंडी अधिकारी को पूरी प्रक्रिया पर दैनिक नजर रखने और किसी भी समस्या की स्थिति में उच्च अधिकारियों को तुरंत सूचित करने का आदेश दिया। साथ ही, आढ़ती एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों से ट्रैफिक प्रबंधन के लिए मंडियों में प्रवेश द्वार (एंट्री पॉइंट) तय करने का आग्रह किया गया। संबंधित अधिकारियों को धान की दैनिक आवक और लिफ्टिंग की रिपोर्ट नियमित रूप से भेजने के भी निर्देश दिए गए हैं।
जयपुर नगर निगम में नए मेयर के चुनाव को लेकर गुरुवार शाम तैयारियां तेज हो गई। मेयर के शुक्रवार को होने वाले चुनाव से पहले नगर निगम मुख्यालय और मेयर कक्ष की सफाई का काम शुरू किया गया। मेयर कक्ष को नए महापौर के पदभार ग्रहण करने के लिए तैयार किया जा रहा है। बता दें कि शुक्रवार सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मेयर पद के लिए मतदान होगा। मतदान खत्म होने के तुरंत बाद मतगणना शुरू होगी। इसके बाद परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। मेयर पद के लिए भाजपा के सुनील कोठारी और कांग्रेस की सुनीता मावर आमने-सामने हैं। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब दोनों ही प्रत्याशी मैदान में हैं। इसे लेकर भाजपा पार्षदों को पुष्कर से जयपुर के बगरू के रिसोर्ट में शिफ्ट कर दिया गया है। मेयर कक्ष की सफाई, नए मेयर कल लेंगे पदभार चुनाव परिणाम आने के बाद शुक्रवार को नए मेयर का नाम साफ हो जाएगा। इसके बाद मेयर के पदभार ग्रहण की तैयारी शुरू होगी। ऐसे में लंबे समय से खाली पड़े मेयर कक्ष में अब नए महापौर के आने का इंतजार है। 150 पार्षद करेंगे मतदान, बहुमत का आंकड़ा 76 जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में भाजपा के 78, कांग्रेस के 57 और निर्दलीय 15 पार्षद हैं। मेयर चुनाव में बहुमत का आंकड़ा 76 है। संख्या बल के लिहाज से भाजपा के पास बहुमत से दो सीट ज्यादा हैं, जबकि कांग्रेस के पास 57 पार्षद हैं। वहीं 15 निर्दलीय पार्षद दोनों प्रमुख दलों के लिए अहम माने जा रहे हैं। हालांकि मेयर का चुनाव पार्षदों के मतदान से होगा। ऐसे में सिर्फ संख्या बल ही पूरी तस्वीर तय नहीं करता। दोनों दलों ने अपने-अपने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए बाड़ेबंदी की। अब शुक्रवार को सभी पार्षद नगर निगम मुख्यालय पहुंचकर मतदान करेंगे। मतदान के बाद मतगणना में साफ होगा कि किस प्रत्याशी को कितने वोट मिले। कोठारी बनाम मावर अब सीधा मुकाबला मेयर पद के लिए भाजपा ने वार्ड 112 से पार्षद सुनील कोठारी को मैदान में उतारा है। वहीं कांग्रेस ने वार्ड 118 से पार्षद सुनीता मावर को प्रत्याशी बनाया है। नाम वापसी के अंतिम दिन दो अन्य प्रत्याशियों के नाम वापस लेने के बाद मुकाबला अब पूरी तरह भाजपा और कांग्रेस के बीच रह गया है। सुनील कोठारी भाजपा के पूर्व जयपुर शहर अध्यक्ष रह चुके हैं। संगठन में कई जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। वार्ड 112 के चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी आशीष शर्मा को 905 वोटों से हराया था। अब पार्टी ने संगठन के पुराने चेहरे को शहर की सबसे बड़ी स्थानीय राजनीतिक कुर्सी के लिए मैदान में उतारा है। वहीं कांग्रेस ने वार्ड 118 की पार्षद सुनीता मावर को प्रत्याशी बनाया है। वे लंबे समय से जयपुर की स्थानीय राजनीति में सक्रिय हैं। कांग्रेस ने उनके जरिए भाजपा के सामने सीधी चुनौती पेश की है। कल मेयर, शनिवार को डिप्टी मेयर के लिए चुनाव जयपुर नगर निगम में शुक्रवार को मेयर का चुनाव होने के बाद 26 सितंबर को डिप्टी मेयर का चुनाव होगा। ऐसे में अगले दो दिन नगर निगम की नई सत्ता का समीकरण साफ हो जाएगा। मेयर की कुर्सी के मुकाबला के बाद भाजपा और कांग्रेस की नजर डिप्टी मेयर के पद पर रहेगी।
सोनभद्र में पुलिस ने हेरोइन तस्करी के मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, उसके कब्जे से 49.20 ग्राम अवैध हेरोइन और एक स्क्रीनटच मोबाइल फोन बरामद हुआ है। बरामद हेरोइन की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपए बताई गई है। एसपी अभिषेक वर्मा के निर्देश पर वांछित आरोपियों की तलाश की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि चोपन थाने में दर्ज मुकदमे में वांछित अफजाल ट्रेन से हेरोइन लेकर सोनभद्र पहुंचा है। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसकी तलाश शुरू की। 24 सितंबर की सुबह करीब 5:50 बजे डाला चढ़ाई स्थित अल्ट्राटेक पार्किंग के पास पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक व्यक्ति पुलिस को देखकर झाड़ियों की ओर भागने लगा। पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। तलाशी में मिली 49.20 ग्राम हेरोइन पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मो. अफजाल पुत्र मो. इकबाल निवासी टिकरा उस्मान, थाना जैदपुर, बाराबंकी बताया। पुलिस ने उसकी तलाशी ली तो 49.20 ग्राम हेरोइन और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने मादक पदार्थों की सप्लाई करने की बात स्वीकार की है। पुलिस का दावा है कि उसने बताया कि वह मणिपुर से कच्चा माल लाकर हेरोइन तैयार करता था और जरूरत के अनुसार स्थानीय स्तर से भी मादक पदार्थ लेकर उसकी सप्लाई करता था। कई जिलों में मुकदमे दर्ज होने का दावा पुलिस अब आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर मादक पदार्थों की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ चोपन थाने में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई है। पुलिस के मुताबिक, अफजाल के खिलाफ बाराबंकी और अयोध्या समेत विभिन्न थानों में एनडीपीएस एक्ट, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के कई मुकदमे दर्ज हैं।
बरेली के भुता थाना क्षेत्र के फरीदापुर गांव में गुरुवार दोपहर दर्दनाक हादसा हो गया। धान के खेत की सिंचाई के दौरान निजी ट्यूबवेल में करंट उतरने से खेत मालिक और उन्हें बचाने पहुंचे एक युवक की मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है। जानकारी के मुताबिक, फरीदापुर निवासी किसान सरदार रतन सिंह (60) अपने निजी ट्यूबवेल से धान की फसल में पानी लगा रहे थे। इसी दौरान वह अचानक करंट की चपेट में आ गए। रतन सिंह को तड़पता देख पास में ही काम कर रहा मजदूर जाहिद खान (23) पुत्र सज्जन खान उन्हें बचाने के लिए आगे बढ़ा, लेकिन वह भी तेज करंट की चपेट में आ गया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही टूटीं सांसें घटना के बाद मौके पर पहुंचे परिजन और ग्रामीण दोनों को गंभीर हालत में तुरंत बरेली के एक निजी अस्पताल ले गए। हालांकि, जांच के बाद डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। दोनों परिवारों में मचा कोहराम मृतक रतन सिंह के दो बेटे हैं, जो बाहर रहकर नौकरी करते हैं। वहीं जाहिद तीन भाइयों में सबसे छोटा था और मजदूरी करके परिवार का हाथ बटाता था। हादसे की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची भुता थाना पुलिस ने मौके पर मुआयना कर घटना की जानकारी ली। थाना प्रभारी रविन्द्र कुमार ने बताया कि दोनों मृतकों के परिजनों ने पंचनामा और पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। फिलहाल करंट लगने के सही कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
मुरादाबाद नगर निगम में पिछले करीब पौने तीन साल से नगर आयुक्त की जिम्मेदारी संभाल रहे 2017 बैच के तेजतर्रार आईएएस अधिकारी दिव्यांशु पटेल का बागपत जिलाधिकारी (DM) के पद पर स्थानांतरण हो गया है। शासन के इस फैसले के बाद गुरुवार को मुरादाबाद नगर निगम परिसर में उनके सम्मान में एक भव्य और बेहद भावुक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। विदाई समारोह के दौरान नगर निगम के कर्मचारियों, पार्षदों और शहर के गणमान्य नागरिकों के हुजूम ने नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल को विदाई देते समय सम्मानपूर्वक अपने कंधे पर बैठा लिया। कर्मचारी इसी तरह उन्हें कार तक लेकर गए। फूलों की वर्षा और ढोल-नगाड़ों के बीच उन्हें विदा करते हुए नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की आँखें नम हो गईं। मुरादाबाद के प्रशासनिक इतिहास में किसी अधिकारी के लिए जनता और सहकर्मियों का ऐसा अप्रत्याशित स्नेह व सम्मान लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहेगा। मेयर विनोद अग्रवाल की मौजूदगी में पार्षदों व कर्मियों ने साझा किए अनुभव विदाई कार्यक्रम में मुरादाबाद के महापौर (मेयर) विनोद अग्रवाल, अपर नगर आयुक्त अजीत सिंह समेत नगर निगम के तमाम विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, सभी वार्डों के पार्षद और शहर के प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। महापौर और पार्षदों ने माला पहनाकर व स्मृति चिह्न भेंट कर उनके शानदार कार्यकाल की सराहना की। कार्यक्रम में उपस्थित सहयोगियों ने बताया कि दिव्यांशु पटेल के नेतृत्व में नगर निगम ने सिर्फ एक प्रशासनिक संस्था के रूप में नहीं, बल्कि जन-सहभागिता के एक नए मॉडल के रूप में काम किया. '5 बजे वाले आईएएस': स्वच्छता रैंकिंग में लगाई 120+ स्थानों की छलांग मुरादाबाद में ढाई साल के कार्यकाल (29 जनवरी 2024 से 22 सितंबर 2026) के दौरान दिव्यांशु पटेल '5 बजे वाले आईएएस' के नाम से बेहद चर्चित रहे। दिव्यांशु अक्सर सुबह 5:15 बजे खुद सड़कों पर निकलकर सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण करते थे। वे ग्राउंड जीरो से तस्वीरें म्युनिसिपल व्हाट्सएप ग्रुप्स में डालते थे, जिससे पूरे महकमे में जवाबदेही तय हुई। दिव्यांशु के प्रयासों से स्वच्छता में ऐतिहासिक सुधारदिव्यांशु पटेल के अनूठे प्रयास का नतीजा रहा कि मुरादाबाद देश के स्वच्छता सर्वेक्षण में 131वें स्थान से लंबी छलांग लगाकर सीधे टॉप-10 शहरों में शामिल हो गया। नगर निग के राजस्व में रिकॉर्ड बढ़ोतरीदिव्यांशु पटेल के कुशल वित्तीय प्रबंधन के चलते नगर निगम का टैक्स कलेक्शन 38 करोड़ रुपये से बढ़कर रिकॉर्ड 165 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। यह पहला मौका था जब मुरादाबाद नगर निगम इतना बड़ा रेवेन्यू कलैक्ट किया हो। कार्यकाल के प्रमुख विकास कार्य और ऐतिहासिक सौगातें नगर आयुक्त के रूप में दिव्यांशु पटेल ने मुरादाबाद को पर्यटन और आधुनिक शहरी बुनियादी ढांचे का एक बेहतरीन मॉडल बनाया। उनके कार्यकाल के मुख्य कार्य- देश का पहला अत्याधुनिक युद्ध संग्रहालय दिव्यांशु ने भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के गौरवशाली इतिहास को दर्शाने वाले एक बेहद आधुनिक वॉर म्यूजियम का निर्माण कराया, जिसमें रक्षा मंत्रालय के सहयोग से असली टैंक व सैन्य उपकरण स्थापित किए गए। संविधान पार्क: शहर के मध्य में भारतीय संविधान के निर्माण, उसके मूल तत्वों और अधिकारों को रेखांकित करता हुआ बेहद खूबसूरत 'संविधान पार्क' विकसित किया गया। पर्यावरण व सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट्सशहर की ऐतिहासिक कंपनी बाग का मुकम्मल कायाकल्प करने के साथ-साथ 'खेलो इंडिया पार्क', 'श्रीराम वाटिका' और 'हनुमान वाटिका' जैसे हरित क्षेत्रों का निर्माण कराया। वेस्ट अवेयरनेस सेंटर देश का पहला अनूठा कचरा जागरूकता केंद्र स्थापित किया, जिसने कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण और रीसाइक्लिंग मॉड्यूल में शहरवासियों को जागरूक किया। भावुक होकर बोले दिव्यांशु पटेल– मुरादाबाद हमेशा दिल में रहेगा अपनी विदाई के अवसर पर संबोधित करते हुए नव-नियुक्त डीएम बागपत दिव्यांशु पटेल बेहद भावुक नजर आए. उन्होंने महापौर, पार्षदों और पूरी म्युनिसिपल टीम का धन्यवाद करते हुए कहा, मुरादाबाद में काम करने का अनुभव मेरे जीवन की सबसे बेहतरीन पूंजी है। यहां की जनता से जो अगाध प्रेम और टीम से जो सहयोग मिला, उसके बिना स्वच्छता और विकास की यह लंबी छलांग संभव नहीं थी। पीतल नगरी की यादें हमेशा मेरे दिल में जिंदा रहेंगी। समारोह के अंत में सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य और बतौर जिलाधिकारी उनकी नई पारी के लिए ढेरों मंगलकामनाएं प्रेषित कीं।
आजमगढ़ जिले के अहिरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर में अरविंद कुमार सिंह द्वारा अपनी पत्नी बेटे और दो पुजारी की गोली मारकर हत्या की जाने के बाद पुलिस मुठभेड़ में आरोपी की मौत हो गई। आरोपी ने अपने तीन बच्चों को बंधक बना लिया था और जब पुलिस की एसओजी टीम और एटीएस ने आंसू गैस का प्रयोग किया तो आरोपी ने गोली चला दी जिससे बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया था और इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।ऐसे में इस परिवार में मात्र एक बूढी मां और दो मासूम बच्चियां बची हुई हैं। जिसमें एक 10 वर्ष की बेटी परी है। जबकि एक नौ महीने की बच्ची शांभवी है। ऐसे में आजमगढ़ के एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार इन दोनों अनाथ बच्चियों के सहारा बने हैं। जिले के एसपी डॉक्टर अनिल कुमार ने अपना एक महीने का वेतन दोनों बच्चियों को देने का निर्णय किया है। इसके साथ ही आजमगढ़ जिले के सभी पुलिसकर्मी इन दोनों मासूम बच्चियों को अपना एक-एक दिन का वेतन देंगे। इस बात की पुष्टि जिले के एसपी डॉक्टर अनिल कुमार ने की है। इसके साथ ही इस घटना में मृतक पुजारी अखिलेश कुमार मिश्रा और महेंद्र पाठक के परिजनों के संबंध में भी जिले के डीएम और शासन से बात कर ली गई है इन दोनों परिवार के लोगों को भी आर्थिक मदद दिलाई जाएगी। पुलिस और परिजन करीब सात घंटे तक उसे समझाते रहे तथा बच्चों को सुरक्षित बाहर भेजने की अपील करते रहे, लेकिन उसने बच्चों को बाहर नहीं आने दिया। इसी दौरान वह लगातार बच्चों को गोली मारने की धमकी भी दे रहा था। देर रात कमरे के भीतर से गोली चलने की आवाज आने पर बच्चों की जान पर तत्काल खतरा देखते हुए एसएसपी आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार ने जान जोखिम में डालकर दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया। कमरे में नौ वर्षीय शौर्य गोली लगने से गंभीर रूप से घायल मिला। पुलिस टीम उसे तत्काल अस्पताल ले गई, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इस अवसर पर जिले के एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार और एसपी ग्रामीण चिराग जैन मासूम बच्चियों को प्यार करते और दुलारते नजर आए। गोली लगने की दूरी से संबंधित तथ्यपोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार बच्चे के एंट्री वुंड पर ब्लैकनिंग, टैटूइंग एवं स्कॉर्चिंग के चिह्न पाए गए हैं। ये चिह्न सामान्यतः बहुत नजदीकी दूरी से गोली चलने की स्थिति में पाए जाते हैं। घटनास्थल पर पुलिस टीम और बच्चे के बीच की दूरी लगभग 8-10 फीट थी। इस दूरी से गोली लगने पर एंट्री वुंड पर इस प्रकार के चिह्नों की संभावना नहीं होती। साथ ही, आरोपी को न्यूट्रलाइज करने से पहले पुलिस टीम का बच्चों के इतने नजदीक पहुंचना संभव नहीं था, क्योंकि पुलिस टीम कमरे के एक छोर पर तथा आरोपी बच्चों के साथ दूसरे छोर पर था। पुलिस टीम बच्चों तक आरोपी को न्यूट्रलाइज किए जाने के बाद ही पहुंच सकी। गोली की ट्रैजेक्टरी से संबंधित तथ्यपोस्टमार्टम में बच्चे के शरीर में गोली की ट्रैजेक्टरी तिरछी एवं ऊपर की दिशा में पाई गई है। बच्चे की कम ऊंचाई को देखते हुए इस प्रकार की ट्रैजेक्टरी तभी संभव है जब गोली अपेक्षाकृत नीचे से ऊपर की ओर बैरल करके बहुत नजदीक से चलाई गई हो। उपलब्ध परिस्थितियां इस तथ्य की ओर संकेत करती हैं कि गोली बच्चे को आरोपी द्वारा अत्यंत नजदीक से मारे जाने की स्थिति में लगी। एंट्री वुंड के आकार से संबंधित तथ्यमृतक शौर्य के शरीर में गोली का प्रवेश बच्चे के गाल से तथा निकासी उसके सिर से हुआ है। पोस्टमार्टम में दर्ज एंट्री वुंड का आकार आरोपी के कब्जे में रहे .32 बोर रिवाल्वर से संबंधित गोली के अनुरूप पाया गया है। इसके विपरीत 9 एमएम पिस्टल से लगी गोली के एंट्री वुंड का आकार अपेक्षाकृत बड़ा होने की संभावना रहती है। घटनास्थल से बरामद आरोपी के .32 बोर रिवाल्वर एवं अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। आरोपी द्वारा बच्चों को गोली मारने की धमकीपुलिस एवं परिजनों द्वारा आरोपी को समझाने के दौरान भी वह अपनी मां, चाचा, भतीजियों एवं बहनों को बच्चों को गोली मारने की धमकी दे रहा था। इससे स्पष्ट था कि कमरे के अंदर मौजूद बच्चों पर तत्काल खतरा बना हुआ था। रेस्क्यू की गई बच्ची का प्रत्यक्ष कथनपुलिस टीम द्वारा सकुशल रेस्क्यू की गई 11 वर्षीय परी ने पुलिस को बताया कि उसके पिता अरविंद ने ही उसके भाई शौर्य को गोली मारी थी। परी घटनाक्रम के दौरान आरोपी के साथ कमरे में मौजूद थी और उसने स्वयं पूरी घटना देखी। उसने यह भी बताया कि अरविंद बच्चों को जान से मारने की धमकी दे रहा था। उसका यह कथन घटनास्थल की परिस्थितियों एवं उपलब्ध अन्य साक्ष्यों से भी महत्वपूर्ण रूप से संबंधित है।
DDA ने पुराने भवनों के लिए अनिवार्य स्ट्रक्चरल ऑडिट का आदेश दिया है। अब 21 मार्च 2001 से पहले स्वीकृत 15 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले भवनों का ऑडिट कराना ही होगा।
तेज रफ्तार कार ने खेत से पैदल घर लौट रही तीन महिलाओं को टक्कर मार दी। हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक लड़की गंभीर घायल हो गई। घायल को सादुलशहर के सरकारी हॉस्पिटल में प्राथमिक उपचार के बाद श्रीगंगानगर रेफर किया गया। टक्कर के बाद कार ड्राइवर गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गया, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। हादसा गुरुवार शाम सादुलशहर थाना क्षेत्र में अबोहर-हनुमानगढ़ स्टेट हाईवे पर 9 केआरडब्ल्यू के पास हुआ। खेत से काम पूरा कर पैदल घर लौट रही थींश्रीगंगानगर जिले के सादुलशहर में वार्ड नंबर 12 निवासी सलो (55) पत्नी साहबराम ओड़, कलो (55) पत्नी दुलीचंद ओड़ और सलो की करीब 30 साल की बेटी गुरुवार शाम खेतों में नरमा चुगाई का काम पूरा करने के बाद पैदल घर लौट रही थीं। तीनों महिलाएं सड़क किनारे चल रही थीं। दिनभर खेत में काम करने के बाद वे घर जा रही थीं। हनुमानगढ़ की ओर से आई कार ने तीनों को टक्कर मारीइसी दौरान अबोहर-हनुमानगढ़ स्टेट हाईवे पर 9 केआरडब्ल्यू के पास हनुमानगढ़ की ओर से सामने से तेज रफ्तार कार आई। कार ने सड़क किनारे पैदल चल रही तीनों महिलाओं को टक्कर मार दी। हादसे में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना सादुलशहर थाना क्षेत्र की है। हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और तीनों घायलों को इलाज के लिए सादुलशहर के सरकारी हॉस्पिटल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने सलो और कलो को मृत घोषित कर दिया। वहीं सलो की बेटी की हालत गंभीर होने पर उसे प्राथमिक उपचार के बाद श्रीगंगानगर रेफर कर दिया गया। टक्कर के बाद कार ड्राइवर गाड़ी लेकर फरारटक्कर के बाद कार ड्राइवर मौके पर नहीं रुका और कार लेकर फरार हो गया। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। फिलहाल पुलिस ने कार ड्राइवर और कार की तलाश शुरू कर दी है। तीनों महिलाएं खेतों में नरमा चुगाई का काम करती थीं। दिनभर खेत में काम करने के बाद घर लौटते समय हुए हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि सलो की बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। घटना के बाद वार्ड नंबर 12 में शोक का माहौल है।
रायपुर में कथावाचक इंद्रेश महाराज ने गुरुवार को Gen-Z से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने युवाओं से रिलेशनशिप, पढ़ाई, सफलता, भक्ति और जीवन के उद्देश्य पर खुलकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि आज इंसानों को जाति, वर्ग और अलग-अलग पहचान के नाम पर बांटा जा रहा है। आने वाले समय में यही लड़ाई Gen-Z और Gen-Alpha के नाम पर भी हो सकती है। उन्होंने युवाओं से कहा कि इन पहचान से पहले मानव बनना और इंसानियत को समझना जरूरी है। इंद्रेश महाराज ने कहा कि पहले लोगों का विनाश बम और हथियारों से किया जाता था, लेकिन आज सोशल मीडिया के जरिए लोगों के मन और बुद्धि को प्रभावित किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर राग-द्वेष, ईर्ष्या और नकारात्मकता बढ़ रही है। इसका असर सीधे लोगों की सोच और रिश्तों पर पड़ रहा है। रिलेशनशिप में निष्ठा और स्पष्टता जरूरी इंद्रेश महाराज ने रिलेशनशिप पर बात करते हुए युवाओं से कहा कि रिश्तों में निष्ठा और स्पष्टता जरूरी है। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी का एक किस्सा सुनाते हुए रिलेशनशिप की अलग-अलग स्थितियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक स्थिति ऐसी है, जब दो लोग साथ रहते हैं, लेकिन शादी नहीं करते। दूसरी स्थिति में कोई व्यक्ति एक रिश्ते में रहते हुए दूसरे व्यक्ति से भी उसी तरह बात करता है और दोनों को बराबर प्राथमिकता देता है। उन्होंने तीसरी स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि कई बार कोई व्यक्ति किसी रिश्ते में रहता है और दूसरा उसके रिश्ता टूटने का इंतजार करता रहता है कि वह उसके पास आ जाए। ऐसी स्थिति को रिश्ता कहना ही ठीक नहीं है। उन्होंने युवाओं से कहा कि रिश्तों को खेल या विकल्प की तरह नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और भावनाओं के साथ समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज कॉलेजों में भी युवाओं का ध्यान पढ़ाई से ज्यादा रिलेशनशिप पर जा रहा है। ऐसे में युवाओं को अपने भविष्य और जीवन के उद्देश्य को लेकर भी गंभीर होना चाहिए। भारत में सोमवार, मंगलवार, एकादशी और प्रदोष जैसे कई व्रत रखे जाते हैं। लेकिन सबसे बड़ा व्रत पति-पत्नी की एक-दूसरे के प्रति निष्ठा का है। पति अपनी पत्नी के प्रति ईमानदार रहे और पत्नी भी अपने पति का साथ निभाए। जीवनभर एक-दूसरे के प्रति प्रेम, विश्वास और समर्पण बनाए रखना ही सच्चे रिश्ते की पहचान है। जाति के बाद अब Gen-Z की लड़ाई न शुरू हो जाए इंद्रेश महाराज ने कहा कि इंसानों को पहले ही जाति और दूसरी पहचानों में बांटा जा चुका है। आज ब्राह्मणवाद, बनियावाद, क्षत्रिय, दलित जैसे नामों पर बहस होती है। आने वाले समय में यह लड़ाई भी हो सकती है कि कौन Gen-Z है, कौन मिलेनियल है और कौन Gen-Alpha है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग पीढ़ियों के पास अपने समय के हिसाब से सुविधाएं और परिस्थितियां रही हैं। उसी के अनुसार उनकी सोच बनी है। इसका मतलब यह नहीं कि कोई बड़ा या छोटा है। पहले मानव बनिए, इंसान बनिए । सवाल- क्या मॉडर्न सक्सेस और भक्ति साथ-साथ चल सकते हैं? जवाब- क्यों नहीं चल सकते? लेकिन पहले यह समझना होगा कि आप स्वतंत्रता को किस रूप में देखते हैं। फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस का मतलब सिर्फ यह नहीं है कि आपके पास पैसा आने लगे तो आप अपनी मर्जी से खा-पहन सकें और माता-पिता पर निर्भर न रहें। आज कई युवा क्लब जाना नहीं चाहते, वहां का माहौल भी उन्हें पसंद नहीं आता, लेकिन सिर्फ इस डर से जाते हैं कि कहीं उनका फ्रेंड सर्कल उन्हें अपने से दूर न कर दे या उन्हें पुराने विचारों वाला न समझे। यह कैसी स्वतंत्रता है? आप उन चार दोस्तों की गुलामी कर रहे हैं। इंडिपेंडेंट होने का मतलब है कि आपकी बुद्धि और विचार संकीर्ण न रहें, बल्कि विकसित हों। जिस सुख और आनंद को आप क्लब में ढूंढने जाते हैं, उससे कहीं अधिक आनंद आपको संकीर्तन और कथा में मिल सकता है। मेरे पास एक लड़की आई थी। वह 21-22 साल की थी और उसने कहा कि वह झांसी में मेरी कथा कराना चाहती है, लेकिन पहले आईएएस अधिकारी बनना चाहती है। उसका उद्देश्य था कि अपनी जगह का उत्थान कर सके और अपनी पहली सैलरी से कथा कराए। बाद में उसने आईएएस अधिकारी बनने के बाद अपने माता-पिता को दोस्त की तरह बुलाकर कथा कराई। इसलिए अपनी जिंदगी में ऐसे दोस्तों को चुनिए, जो आपको कथा, सत्संग और वृंदावन लेकर जाएं। सिर्फ इसलिए किसी काम को मत कीजिए कि दोस्त आपसे दूर न हो जाएं। सवाल: हम अपनी जिंदगी की तुलना दूसरों से करने लगते हैं। इसे कैसे रोकें? जवाब- यह मानव स्वभाव है। इंसान को अक्सर अपने से ज्यादा खुश दूसरा व्यक्ति दिखाई देता है। हमें लगता है कि सामने वाला हमसे ज्यादा सुखी है। इसका एक उदाहरण मैं खुद हूं। आपको लगता है कि मैं कितना आनंद में हूं, लेकिन मेरे ऊपर 10 हजार लोगों के सामने कथा करने का दबाव है। लाइव टेलीकास्ट होता है, आलोचनाएं सहनी पड़ती हैं। परिवार के लोग फोन करते हैं और कई बार मैं फोन तक नहीं उठा पाता। फिर भी हमें लगता है कि सामने वाला हमसे ज्यादा खुश है। इसे पूरी तरह बदलना मुश्किल है। इसका रास्ता भक्ति है। भक्ति के बाद भावना बदलने लगती है। फिर यह नहीं लगता कि सामने वाला मुझसे ज्यादा खुश क्यों है, बल्कि मन में आता है—“हे ठाकुर जी, इसे और प्रसन्न कर दो, इसे और आनंद दो।” सबके सुखी होने की भावना ही साधु स्वभाव है। सवाल: जब पता है कि एक दिन चले जाना है तो फिर संसार में इतना क्यों लगे रहते हैं? जवाब क्योंकि यह कर्म का बंधन है। हम कुछ कर्म करके आए हैं और उनका परिणाम भी हमें भुगतना है। संसार भी तभी आगे बढ़ेगा, जब हर व्यक्ति अपना कर्म करेगा। अगर हम यह सोचकर बैठ जाएं कि एक दिन मरना ही है, इसलिए कुछ करने की जरूरत नहीं, तो यह भी सही नहीं है। हमें इस संसार में कुछ करके, कुछ विकास करके और दूसरों को प्रेरणा देकर जाना है।इसलिए जीवन को सफल बनाने के लिए हम यहां आए हैं। सिर्फ मरने के लिए नहीं, बल्कि अपने हिस्से का काम करके जाने के लिए। सवाल- अगर सब कुछ पहले से लिखा है तो फिर मेहनत क्यों करें? और मनचाहा परिणाम न मिले तो क्या करें? जवाब- हमें यह पता नहीं है कि क्या लिखा हुआ है। इसलिए हमें प्रयास करना ही होगा।मान लीजिए मुझे कोई विश्वविद्यालय जाना है। मुझे मंजिल पता है, लेकिन रास्ते में कितने गड्ढे हैं, कहां मोड़ आएगा, बारिश होगी या तूफान आएगा, यह मुझे नहीं पता। अगर मैं रास्ते की सारी परेशानियों के बारे में सोचता रहूंगा तो मंजिल तक कभी नहीं पहुंच पाऊंगा। इसलिए मंजिल को ध्यान में रखकर चलते रहिए। रास्ते में जो आएगा, उसका सामना करते हुए आगे बढ़िए। यह भी जरूरी नहीं कि जिस मंजिल की आपने कल्पना की है, वहां बिल्कुल वही परिणाम मिले। जिंदगी में थोड़ी अनिश्चितता रहेगी ही। इसलिए पूरी मेहनत कीजिए, लेकिन अपनी इच्छाओं का बोझ बहुत ज्यादा मत रखिए। खुश रहने की इच्छा जरूर रखिए। चाहे जिंदगी में कोई दिल तोड़कर चला जाए या कोई मुश्किल आ जाए, फिर भी हंसते-मुस्कुराते रहिए और अपने उद्देश्य पर काम करते रहिए। सवाल- दिनभर कॉन्फिडेंट रहता हूं, लेकिन अकेले में डर लगता है कि अगर मैं सफल नहीं हुआ तो क्या होगा? जवाब- आपने खुद बताया कि जो काम उठाते हैं, उसे कर भी लेते हैं। फिर भी मन में डर रहता है कि अगर यह काम नहीं हुआ तो क्या होगा।यहां सबसे पहले आपको यह समझना होगा कि आप अपने लिए जी रहे हैं या किसी दूसरे की इच्छा पूरी करने के लिए। अगर आपके पिता चाहते हैं कि आप डॉक्टर बनें और आप केवल उनकी इच्छा के लिए यह कर रहे हैं, तो कहीं न कहीं आपने खुद को पीछे कर दिया है। मेरे पिता कभी नहीं चाहते थे कि मैं कथावाचक बनूं। मैं सिंगर बनना चाहता था। मैंने उनसे कहा तो उन्होंने कहा कि अगर गायक बनना चाहते हो तो वृंदावन में क्या कर रहे हो? मुंबई जाओ। मैं वहां गया, म्यूजिक डायरेक्टर से मिला और ऑडिशन दिए। बाद में मेरे नाना जी ने सिर्फ एक बात कही “सिंगर बनकर संसार के लोगों को रिझाओगे, लेकिन संसार आज रिझेगा और कल नहीं। अगर परमात्मा को रिझा लिया तो वह हमेशा प्रसन्न रहेंगे। इसलिए पहले यह तय कीजिए कि आप जिंदगी में करना क्या चाहते हैं। सिर्फ फाइनेंशियली फ्री होना कोई उद्देश्य नहीं है। उद्देश्य तय कीजिए और उस दिशा में आगे बढ़िए। डर लगे तो थोड़ा एकांत में बैठकर भगवान का स्मरण कीजिए। “हरे कृष्ण, हरे कृष्ण...” का जाप कीजिए और फिर आगे बढ़ जाइए। अगर कोई काम नहीं हुआ तो भी यह मानिए कि शायद उसमें आपकी भलाई रही होगी। सवाल-हमें पता होता है कि कोई काम गलत है, फिर भी हम उसे छोड़ नहीं पाते। इससे कैसे बचें? जवाब- महाभारत में धृतराष्ट्र ने भी यही बात कही थी—वह जानते थे कि धर्म क्या है, लेकिन फिर भी धर्म के रास्ते पर चल नहीं पा रहे थे।हमारे आसपास का वातावरण हमारे व्यवहार को प्रभावित करता है। अगर आसपास के लोग लगातार गलत काम कर रहे हैं और हमें यह भरोसा दिलाते रहते हैं कि “एक बार करके देख लो, कुछ नहीं होगा”, तो धीरे-धीरे हमें भी वही सही लगने लगता है। गलत काम का असर तुरंत दिखाई नहीं देता। वह धीरे-धीरे दीमक की तरह मन और विचारों को कमजोर करता है। बाद में व्यक्ति सोचता है कि पहले मैं इतना दयालु था, अब मेरे अंदर इतनी कठोरता और कपट क्यों आ गया?इसलिए अपने आसपास के वातावरण को थोड़ा ठीक कीजिए। ऐसे लोगों के साथ कम बैठिए, कम बात कीजिए और कम समय बिताइए, जो लगातार गलत कामों में लगे रहते हैं। अगर उनसे पूरी तरह दूर रहना संभव नहीं है तो अकेले में ध्यान और भगवान का स्मरण कीजिए। जिस नाम में आपकी श्रद्धा हो, उसका जाप कर सकते हैं। इससे मन को स्थिर रखने में मदद मिलती है। सवाल-भक्त व्यक्ति को भी जीवन में दुख क्यों सहना पड़ता है? जवाब- अगर भगवान श्रीराम स्वयं परमात्मा होते हुए 14 वर्ष के लिए वन गए, तो हमारे जीवन में दुख आने पर सवाल क्यों होना चाहिए? भगवान श्रीकृष्ण के जीवन में भी ऐसी परिस्थितियां आईं, जब उन्हें ब्रजवासियों से दूर जाना पड़ा और रणभूमि छोड़नी पड़ी। संसार का असली स्वरूप ही “दुःखालयम् शाश्वतम्” बताया गया है। यहां हम केवल सुख भोगने नहीं आए हैं। हमें अपने कर्मों के परिणाम भी भुगतने पड़ते हैं। कई बार हम पूछते हैं कि पिछले जन्म में हमने क्या किया, हमें तो याद भी नहीं। लेकिन यही कर्म का चक्र है। इसीलिए जीवन में आने वाले हर दुख का कारण हमें पता हो, यह जरूरी नहीं। भक्ति दुख को जीवन से पूरी तरह खत्म नहीं करती, लेकिन व्यक्ति को इतना सक्षम बना सकती है कि दुख उसे तोड़ न पाए, बिखेर न पाए।इसे ऐसे समझिए भक्ति एनेस्थीसिया की तरह है। ऑपरेशन तो होगा, लेकिन दर्द कम महसूस होगा।
मुंगेर में रामाधीन महाविद्यालय, शेखपुरा और बीएनएम कॉलेज, बड़हिया के छात्रों ने गुरुवार को मुंगेर विश्वविद्यालय में प्रदर्शन किया। वे परीक्षा केंद्र बदलने समेत कई मांगें कर रहे थे। छात्रों का आरोप है कि एसकेआर कॉलेज, बरबीघा को परीक्षा केंद्र बनाने के बाद 23 सितंबर को परीक्षा के दौरान उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज और गलत व्यवहार किया गया। इसके विरोध में छात्रों ने दोनों पालियों की परीक्षा छोड़ दी थी। अपनी मांगों को लेकर छात्र मुंगेर विश्वविद्यालय पहुंचे। कुलपति के न मिलने पर छात्रों ने उनके आवास को करीब दो से तीन घंटे तक घेरा। छात्रों का कहना है कि इसके बाद भी कुलपति उनसे बात करने नहीं आए। इसके बाद एबीवीपी के नेतृत्व में छात्रों ने विश्वविद्यालय में तालाबंदी कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। गलत व्यवहार के मामले में कार्रवाई की भी मांग छात्रों और एबीवीपी की मुख्य मांगों में रामाधीन महाविद्यालय और बीएनएम कॉलेज का परीक्षा केंद्र एसकेआर कॉलेज, बरबीघा से बदलकर किसी दूसरे कॉलेज में करना शामिल है। वे 23 सितंबर को छूटी हुई दोनों पालियों की परीक्षा दोबारा कराने की मांग कर रहे हैं। साथ ही, एसकेआर कॉलेज के सहायक प्राध्यापक मनीष कुमार के खिलाफ गलत व्यवहार के मामले में कार्रवाई की भी मांग की गई है। ठोस फैसला होने तक जारी रहेगा धरना देर शाम प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई की मांग की। परीक्षा नियंत्रक ने आश्वासन दिया कि वे कुलपति से बात करेंगे और उनके आदेश के हिसाब से आगे फैसला लिया जाएगा। ABVP कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं होता, तब तक धरना जारी रहेगा। इस प्रदर्शन में एबीवीपी शेखपुरा के जिला संयोजक निशांत यादव, आकाश, बिक्की आनंद, मुंगेर जिला संयोजक सचिन कुमार, सुभाष मंडल, साकेत सम्राट, बबन राय, अंशु राज और श्याम कुमार समेत सैकड़ों छात्र मौजूद थे।
सोनभद्र में पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 6 क्विंटल 25 किलोग्राम यानी 625 किलो अवैध गांजा बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, बरामद गांजे की कीमत करीब 3 करोड़ 10 लाख रुपए है। तस्करी में इस्तेमाल टाटा छह पहिया कंटेनर, दो मोबाइल फोन और 10 हजार रुपए नकद भी बरामद किए गए हैं। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 3 करोड़ 30 लाख रुपए बताई गई है। चेकिंग के दौरान कंटेनर लेकर भागे एसपी अभिषेक वर्मा के मुताबिक, 23/24 सितंबर की रात शाहगंज पुलिस क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एसओजी प्रभारी निरीक्षक राम स्वरूप वर्मा को सूचना मिली कि जैत गांव के पास एक संदिग्ध कंटेनर को रोकने की कोशिश की गई है, लेकिन चालक गाड़ी लेकर शाहगंज की ओर भाग गया। सूचना के बाद पुलिस टीम ने रॉबर्ट्सगंज-घोरावल मार्ग पर गौरीशंकर मंदिर के आगे पुलिया के पास चेकिंग शुरू कर दी। पुलिस को देखकर चालक ने पुलिया से पहले कंटेनर रोक दिया और गाड़ी से उतरकर भागने लगा। एसओजी टीम ने पीछा किया और करीब 3:05 बजे नहर के भीटे के पास से दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। आगे से खाली, पीछे बनाया था गुप्त केबिन पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम दिलीप कुमार देहुरी और संतोष कुमार साहू बताए। दोनों ओडिशा के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक, कंटेनर की तलाशी लेने पर उसका पिछला हिस्सा सामान्य तौर पर खाली मिला। इसके बाद पुलिस को कंटेनर के आगे के हिस्से में लोहे की चादरों से वेल्डिंग कर बनाया गया विशेष केबिन मिला। दिलीप की निशानदेही पर केबिन खुलवाया गया तो उसके अंदर छिपाकर रखा 625 किलो गांजा बरामद हुआ। कटक से मिर्जापुर पहुंचाना था गांजा पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि वे ओडिशा के कटक निवासी एक व्यक्ति के लिए गांजा ले जाते थे। इस खेप को मिर्जापुर निवासी एक व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था। पुलिस अब पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। मामले में शाहगंज थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने कंटेनर को एनडीपीएस एक्ट और एमवी एक्ट की धारा 207 के तहत जब्त किया है। पुलिस का कहना है कि बरामदगी और पूछताछ के आधार पर अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
जालंधर के नकोदर सदर थाने की पुलिस ने राहगीरों से तेजधार हथियारों के बल पर लूटपाट करने वाले दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पकड़े गए दोनों आरोपी सगे भाई हैं, जिन्होंने गांव पंदेर के पास एक राहगीर को घेरकर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। मामले की जानकारी देते हुए जांच अधिकारी बूटा राम ने बताया कि पुलिस को दी शिकायत में गांव बिल्ली चाओ निवासी निर्मल सिंह ने पूरी घटना बताई थी। पीड़ित के अनुसार, जब वह गांव पंदेर के पास से गुजर रहा था, तो आरोपियों ने उसका रास्ता रोक लिया। इसके बाद बदमाशों ने तेजधार हथियार निकालकर उसे जान से मारने की धमकी दी और डरा-धमकाकर उससे 5,000 रुपये की नकदी और मोबाइल फोन छीनकर मौके से फरार हो गए। कपूरथला के रहने वाले हैं दोनों आरोपी पीड़ित निर्मल सिंह की शिकायत पर तुरंत संज्ञान लेते हुए पुलिस ने मामला दर्ज किया और आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान जोगा सिंह और उसके भाई हुकम सिंह उर्फ सोनू उर्फ आत्मा सिंह (पुत्रगण लखवंत सिंह) के रूप में हुई है। दोनों आरोपी जिला कपूरथला के गांव लट्टियांवाल के रहने वाले हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और उनसे अन्य आपराधिक वारदातों के संबंध में भी पूछताछ जारी है।
जमुई की घटना के विरोध में राजद का प्रदर्शन:सीएम का पुतला फूंका; दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
जमुई सदर थाना क्षेत्र के मड़वा पहाड़ी इलाके में नाबालिग छात्रा-छात्र के साथ हुई घटना के विरोध में गुरुवार को कचहरी चौक पर राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला जलाकर अपना विरोध जताया। इस दौरान नेताओं ने बिहार में बढ़ते अपराध का आरोप लगाते हुए सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में पूर्व राजद प्रत्याशी शमशाद आलम, डॉ. त्रिवेणी यादव, बाबू साहब और रामदेव यादव समेत कई अन्य नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। राजद नेता डॉ. त्रिवेणी यादव ने कहा कि पूरे बिहार में अराजकता का माहौल है। उन्होंने मुख्यमंत्री के एक पुराने बयान का जिक्र किया, जिसमें महिलाओं के साथ किसी भी घटना पर कार्रवाई की बात कही गई थी। यादव ने बताया कि जमुई के अलावा नवादा, पटना, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, गया, भागलपुर, मुंगेर, खगड़िया, कटिहार, पूर्णिया, सहरसा और सुपौल जैसे कई जिलों में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं। त्रिवेणी यादव ने मांग की कि अपराधियों पर सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने जमुई की घटना में शामिल सभी आरोपियों को फांसी की सजा देने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय, दोषियों को कानून के तहत सजा मिलनी चाहिए। यादव ने कोर्ट परिसर में पुलिस हिरासत में आरोपी के साथ वकील द्वारा की गई मारपीट की घटना की जांच की भी मांग की। उन्होंने कहा कि अदालत में पेश होने के बाद आरोपी की सुरक्षा पुलिस और जिला प्रशासन की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था में चूक का आरोप लगाते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग की। यादव ने साफ किया कि किसी भी आरोपी को सजा देने का अधिकार सिर्फ न्यायालय को है। दोषी को संविधान और कानून के तहत ही सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कार्रवाई की मांग की।
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक पुलिसकर्मी को बिना उचित विभागीय जांच और कानूनी प्रक्रिया के नौकरी से निकालने को गलत माना है। कोर्ट ने उसे वापस सेवा में लेने का आदेश दिया है। जस्टिस कुलदीप माथुर की एकलपीठ ने हैड कॉन्स्टेबल रमनलाल को बर्खास्तगी की अवधि का 50 प्रतिशत वेतन देने के भी निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता के वकील वरदाराम चौधरी ने कोर्ट को बताया कि रमनलाल राजस्थान पुलिस में हैड कॉन्स्टेबल था। वह कुछ समय के लिए ड्यूटी से गैरहाजिर रहा था। विभाग ने उसकी करीब 31 साल की सेवा में कुल 1400 दिन की गैरहाजिरी मानी। इसके बाद बिना उचित विभागीय कार्यवाही के उसे नौकरी से निकाल दिया। याचिका में कहा गया कि विभाग को बर्खास्तगी से पहले नियमानुसार जांच करनी चाहिए थी। कर्मचारी को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका देना चाहिए था। विभाग ने जांच न कराने के पीछे यह तर्क दिया कि जांच कराना संभव नहीं था। हाईकोर्ट ने विभाग के इस तर्क को नहीं माना। कोर्ट ने बर्खास्तगी की कार्रवाई को सही प्रक्रिया के मुताबिक नहीं पाया। अदालत ने रमनलाल को तुरंत सेवा में बहाल करने का आदेश दिया। साथ ही बर्खास्तगी से बहाली तक की अवधि के लिए 50 प्रतिशत वेतन और अन्य लाभ देने को भी कहा।
मोगा के बाघापुराना में घर में अवैध रूप से घुसकर पति-पत्नी के साथ मारपीट करने और उन्हें गंभीर चोटें पहुंचाने के आरोप में बाघापुराना पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई गांव नत्थूवाला गरबी निवासी पीड़ित हरपाल सिंह की शिकायत पर की है। पुलिस को दी शिकायत में हरपाल सिंह (29) ने बताया कि 30 मार्च 2026 की रात करीब 10:30 बजे वह अपने घर पर मौजूद था। इसी दौरान गांव नत्थूवाला गरबी निवासी फकीर सिंह (पुत्र अजीत सिंह), उसका बेटा वीरा सिंह और फरीदकोट के गांव बग्गेयाना निवासी करनवीर सिंह (पुत्र रणजीत सिंह) जबरन उनके घर में दाखिल हो गए। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया और बीच-बचाव करने आई उसकी पत्नी हरमनप्रीत कौर को बांधकर दोनों के साथ जमकर मारपीट की, जिससे उन्हें काफी चोटें आईं। पैसे लगाने से मना करने पर बनाई रंजिश पीड़ित हरपाल सिंह ने बताया कि हमले के पीछे पुरानी रंजिश थी। दरअसल, हरपाल सिंह और उनके परिवार ने अपनी बुआ के ससुराल पक्ष से जुड़े रणजीत सिंह (निवासी बग्गेयाना) के एक मामले में पैसे लगाने से इनकार कर दिया था। इसी बात को लेकर आरोपी पक्ष उनसे रंजिश रखने लगा था और इसी रंजिश के तहत घटना को अंजाम दिया गया। विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद बाघापुराना पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 117(2), 3(5) और आईपीसी की धारा 323, 325, 34 के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों को पकड़ने के लिए कार्रवाई की जा रही है।
टोंक जिला मुख्यालय स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन नसिया अमीरगंज में भूगर्भ से प्राप्त 26 जिन-प्रतिमाओं का 73वां प्रकट उत्सव गुरुवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान आदिनाथ की विशेष पूजा-अर्चना कर विश्वशांति एवं जगत कल्याण की मंगल कामना की। समाज के प्रवक्ता पवन कंटान, मंत्री धर्मेंद्र जैन पासरोटिया एवं कमल सर्राफ ने बताया कि प्रात:काल जैन नसिया के मूलनायक बड़े बाबा आदिनाथ भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा की गई। इसके बाद दूध, दही, घी, केसर, फलों के रस एवं सर्वौषधि आदि से स्वर्ण एवं रजत झारियों द्वारा महापंचामृत अभिषेक किया गया। दुग्ध शांतिधारा का सौभाग्य त्रिलोकचंद, ज्ञानचंद, राजेश कुमार, अशोक कुमार, पुनीत कुमार, मोहित कुमार एवं अंशुल कुमार बोरदा परिवार को प्राप्त हुआ। चरण छत्री पर दुग्ध अभिषेक विवेक काला ने किया। चंदन लेपन का सौभाग्य टोनी कुमार एवं जम्मू कुमार आडरा तथा हल्दी लेपन का सौभाग्य महावीर प्रसाद, धर्मेंद्र कुमार पासरोटिया एवं वीरेंद्र कुमार अंकुर पाटनी परिवार को मिला। इसके बाद भगवान आदिनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने विभिन्न प्रकार के नैवेद्य अर्पित कर भक्तिभाव से आराधना की। दशलक्षण महापर्व के नौवें दिन उत्तम आकिंचन्य धर्म की आराधना की गई। इस दौरान बताया गया कि बहिरंग एवं अंतरंग परिग्रह से मुक्त होकर अपनी शुद्ध आत्मा का चिंतन करना ही आकिंचन्य धर्म है। अभिषेक एवं शांतिधारा के बाद तीनलोक महामंडल विधान की विधिवत पूजा की गई। प्रतिष्ठाचार्य पंडित बृजेश शास्त्री, महुआ के सानिध्य में श्रद्धालु प्रतिदिन विधान में शामिल होकर धर्मलाभ ले रहे हैं।
गोपालगंज में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने जिले के 188 भूमिहीन और भवनहीन विद्यालयों की स्थिति की समीक्षा करते हुए भवन निर्माण और भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। 188 स्कूलों को जमीन और भवन की सुविधा देने पर जोर जिन विद्यालयों के पास अपनी जमीन या भवन नहीं है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जमीन उपलब्ध कराकर शिफ्ट करने या नया भवन बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। समीक्षा में सामने आया कि 37 विद्यालयों के भवन निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध हो चुकी है। इनमें 17 नए प्राथमिक विद्यालय और 20 अपग्रेड किए गए हाई स्कूल शामिल हैं। 1 सप्ताह में जमीन की कार्रवाई पूरी करने का निर्देश डीएम ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (एसएसए) और जिला शिक्षा पदाधिकारी को संबंधित अंचलाधिकारियों के साथ समन्वय कर काम करने को कहा। उन्होंने एक सप्ताह के अंदर भूमि उपलब्धता से संबंधित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि भवन निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सके। विषयवार शिक्षक नहीं तो स्मार्ट क्लास में होगी कठिन विषयों में कमजोर छात्रों की पढ़ाई सुधारने के लिए स्मार्ट क्लासरूम का इस्तेमाल किया जाएगा। जिन स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की कमी है, वहां लाइव क्लास के जरिए विशेषज्ञ शिक्षकों से पढ़ाई कराने की व्यवस्था की जाएगी। इससे दूर-दराज के विद्यालयों के छात्रों को भी विशेषज्ञ शिक्षकों की कक्षाओं का लाभ मिल सकेगा। शिक्षक-अधिकारी होंगे कार्रवाई के दायरे में डीएम ने स्पष्ट किया कि शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों के भविष्य से किसी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति, मिड-डे मील की गुणवत्ता और साफ-सफाई की अचानक जांच जारी रहेगी। पढ़ाई में लापरवाही मिलने पर संबंधित शिक्षक और अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं बेहतर काम करने वाले शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को चिन्हित कर प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया गया। जर्जर भवन, छत और शौचालय की होगी मरम्मत जिन स्कूलों के भवन, छत, शौचालय या दरवाजे खराब हैं, वहां तत्काल मरम्मत का प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी विद्यालयों में पीने का पानी, चालू शौचालय, बाउंड्रीवॉल और साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त रखने का निर्देश दिया गया। स्कूल परिसर के आसपास उगी झाड़ियों और जंगल की भी सफाई कराने को कहा गया। सैनिक स्कूल के निर्माण में गुणवत्ता पर सख्ती बैठक में सैनिक स्कूल कुचायकोट में चल रहे निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। डीएम ने कहा कि निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान गुणवत्ताविहीन निर्माण मिलने पर संबंधित अभियंताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यूपी में छेड़खानी के आरोपी की सामूहिक पिटाई से मौत, कौशाम्बी की घटना, 5 पर FIR, 2 हिरासत में
बिहार में छेड़खानी को लेकर मचे बवाल के बीच यूपी में छेड़खानी के आरोपी को पीट-पीटकर मार डाला गया है। घटना कौशांबी के संदीपन घाट के उजिहनी खालसा गांव में हुई है। पुलिस ने पांच लोगों पर एफआईआर दर्ज कर दो लोगों को हिरासत में लिया है।
जवाई क्षेत्र के सैकड़ों किसान और रहवासी गुरुवार को अपनी मांगों को लेकर पाली पहुंचे। यहां कलेक्ट्रेट के सामने सांकेतिक धरना दिया और इसके बाद जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने कहा कि जवाई बांध क्षेत्र में तेंदुए की गुफाओं से एक किलोमीटर के दायरे को प्रतिबंधित करना व्यावहारिक नहीं है। इस फैसले को लेकर स्थानीय ग्रामीणों, किसानों और पशुपालकों में आक्रोश है। उच्च न्यायालय के आदेश और वन विभाग की नई एसओपी (SOP) के विरोध में ग्राम पंचायत सेणा, बीसलपुर और दूदनी सहित जवाई क्षेत्र के निवासियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया तो वे अनिश्चितकालीन अनशन और उग्र प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे। 1 किमी की सीमा अव्यावहारिक, 80 मीटर करने की मांग किसान नेता जयेन्द्रसिंह गलथनी ने कहा कि गुफा से 1 किलोमीटर (1000 मीटर) की पाबंदी पूरी तरह अव्यावहारिक है। इससे किसानों के खेत, कुएं और रिहायशी मकान प्रतिबंधित क्षेत्र में आ गए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस सीमा को घटाकर 80 मीटर किया जाए। किसानों को अपनी निजी भूमि पर आधुनिक खेती, कुएं खोदने, पॉलीहाउस, डेयरी फार्म, गोट फार्मिंग और केटल शेड बनाने की पूर्ण छूट मिलनी चाहिए। स्थानीय लोगों पर रोक, बाहरी होटलों को लेकर सवाल ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाया। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों पर कड़े प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं, जबकि कोठार में लिलोड़ा पहाड़ी के पास बहुमंजिला होटल का निर्माण तेंदुए की गुफा से शून्य मीटर की दूरी पर चल रहा है। ग्रामीणों ने इस अवैध निर्माण को तुरंत ध्वस्त करने और बाहरी पूंजीपतियों के बड़े होटलों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इसके विपरीत स्थानीय निवासियों को होम-स्टे और रूरल टूरिज्म की विशेष छूट देने की वकालत की गई है। 80% जमीन जवाई डूब क्षेत्र में जाने का दावा प्रभावित ग्राम पंचायतों सेणा, बीसलपुर और दूदनी की स्थिति का हवाला देते हुए ग्रामीणों ने कहा कि इन गांवों की 80% भूमि पहले ही जवाई डूब क्षेत्र में जा चुकी है। बची हुई भूमि में से अधिकांश पहाड़ियां हैं। ग्रामीणों के अनुसार मात्र 5 वर्ग किलोमीटर के सीमित क्षेत्र में रहने वाली आबादी पर 1 किलोमीटर का प्रतिबंध लगाना उनके अस्तित्व को मिटाने जैसा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि वन विभाग ने बिना किसी ग्राम सभा या स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहमति के एकतरफा एसओपी तैयार की है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन है। 2013 के समझौते को लागू करने की मांग ग्रामीणों ने मांग की है कि वर्ष 2013 में हुए कम्युनिटी रिजर्व समझौते के अनुरूप ही कार्य किया जाए। साथ ही बाहरी होटल व्यवसायियों द्वारा सरकारी और गोचर भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को तुरंत हटाकर जमीन मवेशियों के लिए मुक्त कराने की मांग की गई। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने समय रहते उनकी आजीविका और अधिकारों की रक्षा नहीं की तो पूरा जवाई क्षेत्र सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा। ये रहे मौजूद इस दौरान किसान संघर्ष समिति अध्यक्ष जयेन्द्रसिंह गलथनी, रघुवीरसिंह बिसलपुर, मनमोहन सिंह बिलसपुर, संग्राम सिंह वेलार, विक्रमसिंह बीजापुर, विक्रमसिंह जीवंदा, लालाराम देवासी, राजेंद्रसिंह राणावत सेणा, विकासपाल सिंह सेणा, भूपेन्द्रसिंह सेणा, डूंगरसिंह सेणा, हनवत सिंह जीवदा, अजयपालसिंह हेमावास, महावीरसिंह टेवाली सहित कई जने मौजूद रहे।
गुरदासपुर के तिबड़ पुलिस स्टेशन को अवैध धंधों में शामिल लोगों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सफलता मिली है। पुलिस ने बब्बेहाली ब्रिज नहर पर नाकाबंदी के दौरान एक ज़ैन कार से 1.80 लाख मिलीलीटर अवैध शराब जब्त की है। डीएसपी शाहबाज सिंह ने बताया कि पुलिस टीम बब्बेहाली ब्रिज नहर पर संदिग्ध गाड़ियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक ज़ैन कार को रोका गया और उसकी तलाशी ली गई। कार से अवैध शराब के 6 कैन मिले, जिनकी कुल मात्रा 1,80,000 मिलीलीटर थी। पुलिस ने मौके पर ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। डीएसपी शाहबाज सिंह ने यह भी बताया कि इससे पहले भी तिबड़ थाना पुलिस ने अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 800 बोतल शराब बरामद की थी। इसकी कुल मात्रा 6 लाख मिलीलीटर थी। दोनों मामलों में गिरफ्तार आरोपी गांव मौजपुर के रहने वाले उन्होंने बताया कि दोनों मामलों में गिरफ्तार आरोपी गांव मौजपुर के रहने वाले हैं। पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी गांव मौजपुर से शराब लाकर अलग-अलग इलाकों में सप्लाई करते थे। सप्लाई नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि यह शराब कहां से लाई जा रही थी और किन इलाकों में इसकी सप्लाई की जानी थी। डीएसपी शाहबाज सिंह ने अवैध कामों में शामिल लोगों को चेतावनी दी कि कानून तोड़ने वाले लोग ऐसे कामों से दूर रहें। उन्होंने कहा कि अवैध शराब की तस्करी और दूसरे अवैध धंधों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
लखनऊ में गणेश उत्सव मनाया गया:कुटिया वाली गली में विशेष पूजा, भंडारे संग बप्पा को भावपूर्ण विदाई
लखनऊ के नटखेड़ा रोड, आलमबाग की कुटिया वाली गली में गणेश उत्सव मनाया गया। स्थानीय निवासी कंचन गंभीर पिछले 10 वर्षों से अपने घर पर गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना कर रही हैं। इस वर्ष 10 वर्ष पूरे होने पर विशेष पूजा का आयोजन किया गया। इसके बाद गली में भंडारे और प्रसाद वितरण हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और क्षेत्रवासी शामिल हुए। इस दौरान गणपति बप्पा के जयकारों से क्षेत्र गूंज उठा। पूजा-अर्चना के बाद गणपति प्रतिमा को भावपूर्ण विदाई दी गई। कार्यक्रम में आलमबाग नटखेड़ा रोड युवा व्यापार मंडल के मनीष अरोड़ा, सोनी, कंचन, पवन, संजय, मोनी, विकास, राजू, छोटू, रजत, चीकू और काका समेत कई लोग मौजूद रहे।
जोधपुर एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर राजनरेश यादव की मौत के बाद अस्पताल परिसर में चल रहा धरना गुरुवार को भी जारी रहा। गुरुवार सुबह सभी रेजिडेंट डॉक्टर्स ओपीडी पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। प्रबंधन के साथ बातचीत में अभी सहमति नहीं बन पाई। इसी दौरान एम्स डायरेक्टर डॉ. गोवर्धन पुरी धरनास्थल पर पहुंचे और डॉक्टरों के सामने हाथ जोड़कर उन्हें समझाने की कोशिश की। लेकिन, रेजिडेंट डॉक्टर्स इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे। इस पर वे हाथ जोड़कर वहां से निकल गए। एक दिन पहले निकाला था कैंडल मार्च इससे पूर्व बुधवार को भी डॉक्टर्स की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर धरना दिया गया था। उनकी मांग थी कि इस मामले में एडमिनिस्ट्रेशन सार्वजनिक रूप से माफी मांगे। इसके साथ ही परिवार को मुआवजा दिया जाए। उन्होंने इस्तीफे की भी मांग की थी। इसके बाद एम्स परिसर में ही कैंडल मार्च निकाला गया था। यहां सभी परिसर में बने खेल मैदान में पहुंचे थे। इस बीच मैनेजमेंट कमेटी के भी पदाधिकारी बातचीत के लिए वहां पहुंचे लेकिन सहमति नहीं बनने पर गुरुवार को दोबारा ओपीडी में शामिल होने का एलान किया। डॉक्टर्स ने किया था दावा-36-36 घंटे काम करवाया जा रहा है बुधवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान डॉक्टर्स का कहना था- हमारी मांग है कि डॉक्टर की मौत पर मैनेजमेंट माफी मांगे। जो भी जिम्मेदारा है, वो माफी मांगे। मृतक के परिवार को आर्थिक मदद मिलनी चाहिए। एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर का इस्तीफा होना चाहिए। उनकी वजह से ये हालात हुई है कि डॉक्टर की मौत हुई है। इसके साथ आरडीए बनना चाहिए। आरडीए की मांग मान ली गई है। बाकी दो मांग पर बात चल रही है। जब तक पूरी नहीं होंगी, हम बैठे रहेंगे। डॉक्टर 36-36 घंटे की ड्यूटी कर रहे हैं। उनकी कोई परवाह नहीं है। ------------- मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… रेस्ट रूम के बाथरूम में अचेत मिला एम्स का रेजीडेंट,मौत:इंजेक्शन के ओवरडोज की आशंका, एनस्थीसिया विभाग में ड्यूटी करने आया था जोधपुर एम्स में ड्यूटी करने पहुंचे रेजीडेंट की रेस्ट रूम के बाथरूम में अचेत मिलने के बाद मौत हो गई। वह एनस्थीसिया विभाग में ड्यूटी के लिए आया था। शुरुआती जानकारी में इंजेक्शन के ओवरडोज की आशंका जताई जा रही है, हालांकि, मौत की वास्तविक वजह जांच के बाद ही साफ होगी। (पूरी खबर पढ़ें…) डॉक्टर की मौत के बाद एम्स के रेजिडेंट का प्रदर्शन:कैंडल मार्च निकाला; बोले- एडमिनिस्ट्रेशन इस मामले में माफी मांगे जोधपुर एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर राजनरेश यादव की मौत के बाद एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर बैठ गए। मुआवजा और अन्य मांगों को लेकर ओपीडी के बाहर धरना शुरू किया। इस दौरान एम्स परिसर में ही कैंडल मार्च निकाला। (पूरी खबर पढ़ें…) जोधपुर एम्स के बाथरूम में मिला डॉक्टर का शव:चाचा का आरोप- 30 घंटे तक लगातार ड्यूटी से तनाव में थे, पैतृक गांव में अंतिम संस्कार
सेवा संकल्प अभियान के तहत वडनगर से वाराणसी के लिए निकली ‘जल जन सेवा यात्रा’ गुरुवार को बैतूल पहुंची। जिले में राइडर्स का ग्रामीणों ने स्वागत किया। यात्रा दल ने केंद्रीय योजनाओं के लाभार्थियों से बातचीत कर योजनाओं से उनके जीवन में आए बदलावों की जानकारी ली। भीमपुर के देसली गांव में करीब 30 जनजातीय कलाकारों ने पारंपरिक कोरकू लोकनृत्य ‘गदली सुसुन’ की प्रस्तुति देकर राइडर्स का स्वागत किया। कलाकार पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे थे। ग्रामीणों ने फूल बरसाकर यात्रा दल का स्वागत किया। नांदा स्कूल में छात्रों से की बातचीत यात्रा दल पीएम श्री विद्यालय नांदा पहुंचा। यहां राइडर्स ने छात्रों और स्कूल प्रबंधन से बातचीत की। उन्होंने शिक्षा, पढ़ाई से जुड़ी गतिविधियों और बच्चों के विकास के लिए किए जा रहे कामों की जानकारी ली। राइडर्स ने ग्रामीणों के साथ पौधे भी लगाए। चिरापाटला में पारंपरिक नृत्य से स्वागत चिरापाटला में ग्रामीणों और बच्चों ने जनजातीय वेशभूषा में पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया। ढोल की थाप और फूल बरसाकर यात्रा का स्वागत किया गया। यहां अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य मंगल सिंह धुर्वे समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। चिचोली में निकाली रैली, लाभार्थियों से संवाद चिचोली के जय स्तंभ चौक पर नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने फूल बरसाकर राइडर्स का स्वागत किया। इसके बाद चौक से पीएम श्री सरकारी माध्यमिक शाला तक रैली निकाली गई। मंगल भवन में हुए लाभार्थी संवाद में पीएम आवास और लाड़ली बहना योजना की लाभार्थी महिलाओं से बातचीत की गई। महिलाओं ने बताया कि योजनाओं से उन्हें आर्थिक मदद मिली और उनके परिवार की स्थिति में सुधार हुआ। राइडर्स को स्थानीय उत्पाद भेंट किए विधायक हेमंत खंडेलवाल ने राइडर्स का स्वागत किया। उन्होंने बैतूल की जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यात्रा दल को बैतूल में जनजातीय जीवन, प्रकृति और विकास को करीब से देखने का मौका मिलेगा। इस दौरान राइडर्स को नांदा का शहद, कूकरू कॉफी और महुआ कॉफी जैसे स्थानीय उत्पाद भेंट किए गए। यात्रा के राष्ट्रीय प्रभारी जयदेव सोलंकी, यात्रा दल के सदस्य, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, ग्रामीण और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
खेतों की बिगड़ती सेहत और बढ़ती खेती लागत के बीच किसान अब प्राकृतिक खेती की ओर लौट रहे हैं। इसी बदलाव के लिए जयपुर में देशभर से आए प्रतिभागियों ने प्राकृतिक खेती के गुर सीखे। करीब 50 मास्टर ट्रेनर तैयार हुए। ये प्रशिक्षक अब अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीक सिखाएंगे। जयपुर जिले के अजमेर रोड पर भैराना-बिचून स्थित रुद्र शिवम डेयरी और नेचुरल रिसर्च सेंटर में तीन दिवसीय प्राकृतिक खेती और डेयरी फार्मिंग मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और गुजरात सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। मिट्टी की उर्वरता बढ़ती, पानी बचाया जा सकता प्रशिक्षण का मुख्य संदेश रहा कि जल, जंगल, जमीन, जन और जानवर बचेंगे, तभी गांव बचेगा। विशेषज्ञों ने कहा- प्राकृतिक खेती केवल रासायनिक खाद और कीटनाशकों से दूरी बनाने की पद्धति नहीं है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने, पानी बचाने, पशुधन को खेती से जोड़ने और किसान की आय को टिकाऊ बनाने की समग्र व्यवस्था है। प्रशिक्षण के दौरान प्राकृतिक खेती, मिट्टी के स्वास्थ्य, डेयरी प्रबंधन, पशुपालन और ग्रामीण आजीविका से जुड़े विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग, जल संरक्षण, मिट्टी को जीवंत बनाए रखने और देसी पशुधन को खेती का हिस्सा बनाने पर विशेष जोर दिया। प्राकृतिक खेती की तकनीक की दी जानकारी इंजीनियर रत्नेश शर्मा, तानाजी निकम, मनवीर रेढू, कान सिंह निर्वाण, सुरेंद्र अवाना और डॉ. विनोद चौधरी ने विभिन्न विषयों पर प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। प्रशिक्षण के बाद तैयार हुए 50 मास्टर ट्रेनर अब अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों से सीधे जुड़कर प्राकृतिक खेती की तकनीक और इसके व्यावहारिक लाभों की जानकारी देंगे। आयोजकों के अनुसार- प्राकृतिक खेती का उद्देश्य केवल खेती की पद्धति में बदलाव करना नहीं, बल्कि किसान, पशुधन, मिट्टी और गांव की अर्थव्यवस्था को प्रकृति के साथ फिर से जोड़ना है। जयपुर में तैयार किए गए ये मास्टर ट्रेनर इस अभियान को खेत-खेत तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम के आयोजन एवं समन्वय में सुरेंद्र अवाना, भिकम चंद चौहान, सुनील दत्त खरगल और दीपक एस. राघव की प्रमुख भूमिका रही।
बांका के बौंसी थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक पर्यटन स्थल मंदार पर्वत से किशोरी और उसके साथ आए दो किशोर के साथ मारपीट, अभद्र व्यवहार और अश्लील हरकत का वीडियो सामने आया है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वायरल वीडियो में छह युवक किशोरी और दोनों किशोरों के साथ अभद्र व्यवहार करते और चप्पल से मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में एक युवक के हाथ में डंडा भी नजर आ रहा है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… वीडियो में लगाया गया आपत्तिजनक गाना वायरल वीडियो में 'करेंगे गुंडागर्दी, क्या कर लेगी सरकार, वर्दी' गाना लगाया गया है। वीडियो में 3 सितंबर की तारीख दिखाई दे रही है। हालांकि पुलिस की जांच में यह वीडियो करीब छह माह पुराना बताया जा रहा है। पुलिस अब वीडियो की वास्तविक तारीख और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है। थानाध्यक्ष बोले- 22 सितंबर को मिला वीडियो बौंसी थानाध्यक्ष पंकज कुमार झा के अनुसार, 22 सितंबर को करीब 2:45 बजे सोशल मीडिया सेल के माध्यम से उनके व्हाट्सऐप पर वीडियो भेजा गया। वरीय अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम वीडियो की सत्यता जांचने के लिए मंदार पर्वत पहुंची। जांच में वीडियो का स्थान मंदार पर्वत ही पाया गया। छह अज्ञात युवकों पर प्राथमिकी थानाध्यक्ष पंकज कुमार झा के बयान पर छह अज्ञात युवकों के खिलाफ बौंसी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्राथमिकी में BNS की धारा 74, 75, 76, 3(5) और आईटी एक्ट की धारा 66E व 67A लगाई गई है। वायरल वीडियो को पुलिस ने जांच में साक्ष्य के रूप में शामिल किया है। ग्रामीणों और दुकानदारों से पूछताछ पुलिस ने वीडियो में नजर आ रहे युवकों के साथ किशोरी और दोनों किशोरों की पहचान के लिए मंदार पर्वत के आसपास के ग्रामीणों और दुकानदारों से पूछताछ की। स्थानीय दुकानदारों ने पुलिस को बताया कि वीडियो में दिखाई दे रहे युवक नवयुवक हैं, लेकिन प्राथमिकी दर्ज होने तक किसी की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी। पीड़ितों और आरोपियों की पहचान नहीं पुलिस के अनुसार अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वीडियो में दिख रही किशोरी और दोनों किशोर कहां के रहने वाले हैं। आरोपित युवक भी कहां के निवासी हैं, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है। पुलिस वीडियो के आधार पर सभी की पहचान करने में जुटी है। एसडीपीओ बोले- वीडियो की जांच जारी एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा ने बताया कि पुलिस वायरल वीडियो की जांच कर रही है। वीडियो के आधार पर आरोपित युवकों की पहचान की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट की वकील और यूपी की मुस्लिम एक्टिविस्ट नाजिया इलाही खान को फिर धमकी दी गई है। इस बार उन्हें व्हाट्सएप कॉल पर धमकी दी गई है। नाजिया ने पूरा मामला गाजियाबाद और लखनऊ में सीनियर अधिकारियों को कॉल करके बताया है। नाजिया की सुरक्षा में यूपी पुलिस के 2 गनर हैं, वह गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में रह रही हैं, जिनसे बाहर का कोई भी व्यक्ति नहीं मिल सकता। साथ ही उनके आवास पर भी जेमर लगा हुआ है, जिससे वहां मोबाइल की नॉर्मल कॉल न आ सकती है न ही जा सकती है। इससे पहले 25 अगस्त को नाजिया इलाही ने इंदिरापुरम थाने में एफआईआर कराई थी, जहां शाहिल अहमद नाम के व्यक्ति ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर उन्हें गालियां दीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शाहिल ने उनके पोस्टर पर बच्चों से यूरिन कराई। साथ ही सर काटने की धमकी दी गई। जानिए धमकी में क्या कहा नाजिया अपने कान के सुराख के साथ साथ अपने जिस्म के सुराख को भी साफ साफ खोल ले। अच्छे तरह से खोलकर सुन ले। मैं राणा.. उफ राणा भाई.. तू अच्छे तरह से मुझे जानती भी है, हमें तेरी लोकेशन का भी पता चला गया है। तू कहां रहती है यह भी हमें पता चला गया है। जल्द ही तुझे जहन्नुम वासी करेंगे। नाजिया इलाही ने कहा कि मेरे साथ धमकी की ऑडियो भी सुरक्षित है, मेरी जान को खतरा है। सरकार की तरफ से गाजियाबाद में मेरे आवास पर 2 पुलिस के सिपाही सुरक्षा में हैं। जब भी वेस्ट बंगाल जाती हूं तो वहां भी मेरी सुरक्षा साथ में रहती है। शहजाद भट्टी का आदमी राणा बोल रहा हूं नाजिया इलाही ने बताया कि कॉल करने वाले ने कहा कि नाजिया मैं शहजाद भट्टी का आदमी राणा बोल रहा हूं। जिसने कई बार अपना नाम दोहराते हुए कहा कि सुन ले, शहजाद भट्टी को तो जानती होगी। नाजिया इलाही ने बताया कि करीब 30 सेकेंड कॉल पर मुझे धमकी मिली है। इसके बाद एक सिर कटा हुआ फोटो भेजा है। एक माह पहले भी धमकी मिली नाजिया इलाही ने 25 अगस्त 2025 को यूपी के गृह सचिव को शिकायत भेजी, शिकायत के मुताबिक, शाहिल अहमद नाम की इंस्टाग्राम आईडी से उनकी तस्वीर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। उन्हें गर्दन काटने की धमकी भी दी गई। आरोपी ने नाबालिग बच्चों के जरिए उन्हें परेशान करने और हिंसा के लिए उकसाने जैसी बातें कहीं। आरोपी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर उनकी तस्वीर वाले पोस्टर के साथ एक आपत्तिजनक वीडियो भी शेयर किया। नाजिया ने शिकायत में अपनी जान को खतरा बताया और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने धमकी और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर इंस्टाग्राम अकाउंट की जांच शुरू कर दी है। नाजिया ने 3 महीने पहले पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी की थी नाजिया खान ने जून, 2026 में एक पॉडकास्ट के दौरान मुस्लिम समाज, मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों, पैगंबर हजरत मोहम्मद और हजरत आयशा से जुड़े विषयों पर टिप्पणी की थी। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद कई मुस्लिम संगठनों और लोगों ने नाराजगी जताई थी। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि नाजिया ने जानबूझकर मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणियां कीं। इस मामले में 25 अगस्त को नाजिया के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई थी। कौन हैं नाजिया इलाही खान? वकील से राजनीति तक का सफर, ट्रिपल तलाक मामले से मिली पहचान नाजिया इलाही खान सुप्रीम कोर्ट में वकालत और महिला अधिकारों से जुड़े मामलों को लेकर चर्चा में रही हैं। उन्होंने राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाई। वह पहले तृणमूल कांग्रेस की प्रवक्ता रहीं और बाद में भाजपा में शामिल हो गईं। कोलकाता में जन्म, कानून की पढ़ाई नाजिया का जन्म 11 फरवरी 1989 को कोलकाता में हुआ बताया जाता है। उन्होंने कोलकाता विश्वविद्यालय से बीए और एलएलबी की पढ़ाई की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने वकालत शुरू की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता के तौर पर काम करती हैं। नाजिया इलाही खान का नाम इशरत जहां से जुड़े ट्रिपल तलाक मामले में भी सामने आया। उन्होंने इस मामले में महिलाओं के अधिकार और लैंगिक समानता से जुड़े मुद्दे उठाए। इसके बाद वह महिला अधिकारों से जुड़े मामलों पर मुखर रहने लगीं। TMC से BJP तक राजनीतिक सफर नाजिया ने राजनीतिक करियर की शुरुआत तृणमूल कांग्रेस की प्रवक्ता के तौर पर की। बाद में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। भाजपा में शामिल होने के बाद वह पश्चिम बंगाल में पार्टी के पक्ष को विभिन्न मंचों पर रखती रहीं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, नाजिया के पति का निधन तब हो गया था, जब वह करीब 20 साल की थीं। इसके बाद उन्होंने अपने बेटे यामिन खान की परवरिश की। यामिन भी वकालत के पेशे से जुड़े बताए जाते हैं। निजी जिंदगी को रखा सीमित नाजिया के माता-पिता और परिवार के दूसरे सदस्यों के बारे में सार्वजनिक जानकारी काफी सीमित है। वह अपनी निजी जिंदगी को सार्वजनिक चर्चा से दूर रखती हैं।
शामली में गुरुवार शाम करीब 7 बजे कैराना कस्बे के मोहल्ला आलदरम्यान में गैस सिलिंडर लीकेज होने से घर में अचानक आग लग गई। आग बुझाने पहुंचे तीन युवक झुलस गए। आग की चपेट में आने से फ्रिज, पंखा और अन्य घरेलू सामान जलकर नष्ट हो गया। घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। खाना बनाते समय लगी आग मोहल्ला आलदरम्यान निवासी कासिम की पुत्रवधू गैस चूल्हे पर खाना बना रही थी। इसी दौरान गैस सिलिंडर में लीकेज होने से अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें घर में रखे सामान तक पहुंच गईं। पुत्रवधू ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया। आग बुझाने पहुंचे तीन युवक झुलसे शोर सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और मिट्टी, रेत और पानी की मदद से आग बुझाने लगे। इसी दौरान अबरार, शाबान और शान इलाही आग की चपेट में आकर झुलस गए। काफी प्रयास के बाद लोगों ने आग पर काबू पाया। दो अस्पतालों में कराया इलाज घायल शान इलाही को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया। वहीं अबरार और शाबान को निजी अस्पताल ले जाकर उपचार कराया गया। फ्रिज-पंखा समेत घरेलू सामान जला आग से घर में रखा फ्रिज, पंखा और अन्य घरेलू सामान जलकर खराब हो गया। घटना के बाद मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। सिलिंडर नहीं फटा, टला बड़ा हादसा कासिम ने बताया कि गैस सिलिंडर में लीकेज के कारण आग लगी थी। गनीमत रही कि सिलिंडर में विस्फोट नहीं हुआ, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। कैराना के एसआई राजकुमार ने भी शुरुआती जांच में गैस लीकेज को ही आग लगने का कारण बताया है।
SGPGI लखनऊ के पेन क्लिनिक में 2 महिलाओं के चेहरे के दर्द की असली वजह पहचानकर उसे दूर किया गया। दोनों महिलाओं को सालों से हो रहे दर्द से राहत मिल गई है। महिलाओं की उम्र 45 और 51 साल है। उन दोनों को पहले ट्राइजेमिनल न्यूरालजिया मानकर इलाज दिया गया था। रायबरेली की 45 वर्षीय कमला देवी लंबे समय से चेहरे के तेज दर्द से परेशान थीं। दर्द इतना अधिक था कि उनके रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगे थे। कई जगह इलाज कराने के बाद उन्हें ट्राइजेमिनल न्यूरालजिया बताया गया और सर्जरी भी हुई, लेकिन कुछ समय बाद दर्द दोबारा लौट आया। एसजीपीजीआई के पेन क्लिनिक में जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि दर्द की वजह गर्दन में दब रही एक नस से जुड़ी थी। इसके बाद स्टर्नोक्लाइडोमास्टॉइड हाइड्रोडिसेक्शन के जरिए नस को दबाव से मुक्त किया गया। इसके साथ संबंधित नस पर स्फेनोपैलेटाइन गैंग्लियन रेडियोफ्रीक्वेंसी प्रक्रिया की गई। उपचार के बाद कमला देवी को दर्द में काफी राहत मिली। कान-जबड़े के दर्द को भी समझा गया था ट्राइजेमिनल न्यूरालजिया अयोध्या की 51 वर्षीय गीता पांडेय के मामले में भी लंबे समय से एक तरफ कान, जबड़े और कनपटी के आसपास दर्द था। ठंड लगने, हल्का स्पर्श होने या कुछ चबाने पर दर्द बढ़ जाता था। पहले इसे भी ट्राइजेमिनल न्यूरालजिया मानकर उपचार किया गया, लेकिन अपेक्षित राहत नहीं मिली। एसजीपीजीआई में दोबारा जांच के बाद डॉक्टरों ने इसे ऑरिक्युलोटेम्पोरल न्यूरालजिया से जुड़ा पाया। डॉक्टरों के अनुसार, इसकी जड़ भी गर्दन की नस पर दबाव से जुड़ी थी। इसी दिशा में उपचार करते हुए संबंधित नस पर रेडियोफ्रीक्वेंसी प्रक्रिया की गई। इसके बाद मरीज को लंबे समय तक राहत मिली और वह सामान्य गतिविधियों की ओर लौट सकीं। इलाज के बाद भी दर्द रहे तो दोबारा जांच जरूरी पेन क्लिनिक के प्रोफेसर डॉ. सुजीत गौतम के मुताबिक, चेहरे से जुड़े अलग-अलग प्रकार के न्यूरोपैथिक दर्द के लक्षण कई बार एक जैसे दिखाई देते हैं, जबकि उनकी वजह अलग-अलग नसों में हो सकती है। ऐसे में सही पहचान बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि किसी मरीज का दर्द उपचार के बावजूद बना रहता है, तो उसी उपचार को लगातार दोहराने के बजाय बीमारी के निदान पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए। दांतों के इलाज, पुरानी चोट या गर्दन की नस पर दबाव जैसी वजहें भी चेहरे के दर्द के पीछे हो सकती हैं। 26 सितंबर को दर्द जागरूकता कार्यक्रम एसजीपीजीआई का पेन क्लिनिक 26 सितंबर को क्रॉनिक पेन अवेयरनेस कार्यक्रम आयोजित करेगा। यह कार्यक्रम नवीन ओपीडी के कमरा नंबर 31 और 32 में होगा। आने वाले मरीजों को उनकी समस्या के अनुसार व्यक्तिगत सलाह देने की व्यवस्था भी की गई है। पेन क्लिनिक ओपीडी सोमवार से शुक्रवार सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक और शनिवार सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक डी ब्लॉक, नवीन ओपीडी के कमरा नंबर 31 और 32 में संचालित होती है।
नाबालिग से रेप के दोषी को 20 साल की सजा:70 हजार रुपए जुर्माना लगा, 3 साल बाद आया कोर्ट का फैसला
बिजनौर में विशेष पॉक्सो अदालत ने किशोरी से दुष्कर्म के मामले में आरोपी दाऊद को दोषी करार देते हुए 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कल्पना पांडेय ने आरोपी पर 70 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। मां ने धामपुर थाने में दर्ज कराई थी रिपोर्ट विशेष लोक अभियोजक योगेंद्र कुमार के मुताबिक, एक महिला ने धामपुर थाने में शिकायत देकर बताया था कि उसकी 16 वर्षीय बेटी कक्षा आठ में पढ़ती थी। आरोप था कि दाऊद उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। बेटी से मोबाइल पर बातचीत का था शक महिला ने पुलिस को बताया था कि उसे शक था कि दाऊद और उसकी बेटी मोबाइल पर आपस में बात करते थे। बेटी का पता लगाने के लिए जब वह दाऊद के पिता के पास पहुंची तो आरोप है कि उन्होंने उसे डांटकर वहां से भगा दिया। इसके बाद महिला ने दाऊद के भाई से भी बात की। भाई ने पता लगाकर जानकारी देने की बात कही थी। 7 दिसंबर 2023 को दर्ज हुआ मुकदमा महिला की शिकायत के आधार पर 7 दिसंबर 2023 को धामपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी दाऊद को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने किशोरी को भी बरामद कर उसके बयान न्यायालय में दर्ज कराए। पुलिस ने कोर्ट में दाखिल की चार्जशीट जांच के दौरान पुलिस ने किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के आरोपों में चार्जशीट दाखिल की। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों को अदालत के सामने रखा। कोर्ट ने दोषी मानकर सुनाई सजा साक्ष्यों के आधार पर विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कल्पना पांडेय ने दाऊद को दोषी माना। अदालत ने उसे 20 साल के कारावास और 70 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
अक्टूबर महीने में बिठूर नगर पंचायत में चेयरमैन पद के लिए होने वाले उपचुनाव में नामांकन के अंतिम दिन गुरुवार को प्रत्याशियों ने दमखम दिखाया। बिठूर से भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा के भाई राणा समरेंद्र सिंह को भाजपा ने अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं कांग्रेस ने अपने सिंबल से प्रदीप द्विवेदी को चुनावी मैदान में उतारा है। सपा व बसपा की ओर से किसी भी प्रत्याशी को नहीं उतारा गया है। उपचुनाव में सात प्रत्याशियों ने नामांकन कराया है, जिसमें दो महिलाएं व पांच पुरुष हैं। राजनीतिक पार्टियों में केवल भाजपा व कांग्रेस के प्रत्याशी उतरे हैं। राणा के साथ भाजपा तो प्रदीप के साथ कांग्रेस ग्रामीण भाजपा के प्रत्याशी व पूर्व चेयरमैन के बेटे राणा समरेंद्र सिंह अपनी मां की सल्तनत को बचाने के लिए चुनावी मैदान में डटकर खड़े हैं। वहीं, कांग्रेस से प्रदीप द्विवेदी चेयरमैन पद के लिए पूरी दमखम के साथ मैदान में उतरे हैं। राणा के साथ जहां उनके विधायक और भाजपा पूरी टीम लगी है। वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी के साथ भी कांग्रेस नगर ग्रामीण के कार्यकर्ता चुनाव में विजयी बनाने के लिए लगे हैं। 29 सितंबर को दिया जाएगा चुनावी चिन्ह नामांकन पत्रों की संवीक्षा 25 सितम्बर को होगी। नाम वापस लेने की कार्यवाही 28 सितम्बर तक की जाएगी। अभ्यर्थियों को 29 सितंबर तक चुनाव चिन्ह दिया जाएगा। इसके बाद उपचुनाव के लिए मतदान 13 अक्टूबर को व मतगणना 15 अक्टूबर को होगी। 22 जून को चेयरमैन का हुआ था निधन 22 जून को नगर पंचायत बिठूर की लगातार पांच बार की चेयरमैन व अध्यक्ष डॉ. निर्मला सिंह के निधन के बाद से यह पद खाली है। यह बिठूर विधानसभा से भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा की मां थी। अब इनके बड़े बेटे राणा समरेंद्र सिंह चुनावी मैदान में हैं।
शिवपुरी जिले के बदरवास में सरकारी चावल के कथित अवैध भंडारण और परिवहन के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई की है। टीम ने रियांशी ट्रेडिंग कंपनी के गोदाम से करीब 300 क्विंटल सरकारी चावल जब्त किया। प्रशासन के मुताबिक, चावल को ट्रक में भरकर ले जाने की तैयारी थी। गोदाम को सील कर दिया गया। चावल से भरे ट्रक को भी जब्त कर बदरवास थाना पुलिस की निगरानी में रखवाया गया है। तहसीलदार सचिन भार्गव, जिला आपूर्ति अधिकारी तुलेश्वर कुर्रे, सहायक आपूर्ति अधिकारी जसराम जाटव और जयदीप सिंह लोधी तथा कृषि उपज मंडी सचिव नरेंद्र जाटव की टीम ने रियांशी ट्रेडिंग कंपनी के गोदाम पर जांच की। जांच के दौरान गोदाम में सरकारी चावल मिला। प्रशासन ने कंपनी के संचालक सचिन मंगल पिता ब्रजेश मंगल के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। ट्रक चालक समेत दो पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कार्रवाई के दौरान शांति भंग की आशंका के चलते ट्रक चालक हेमराज गुर्जर और मुकेश गुर्जर के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। दोनों को जेल भेजा गया। आटा मिल में भी मिला 8 क्विंटल चावल प्रशासनिक टीम ने स्टेशन रोड स्थित जय गुरुदेव आटा मिल का भी निरीक्षण किया। यहां करीब 8 क्विंटल सरकारी चावल मिला। टीम ने खाद्यान्न जब्त कर उसके सैंपल लिए हैं। संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। कलेक्टर बोले- सरकारी राशन की हेराफेरी बर्दाश्त नहीं कलेक्टर अर्पित वर्मा ने कहा कि सरकारी राशन जरूरतमंद लोगों के लिए होता है। इसके अवैध भंडारण, हेराफेरी या परिवहन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी राशन की कालाबाजारी में वाहन का इस्तेमाल पाए जाने पर वाहन जब्त करने के साथ संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
चित्तौड़गढ़ पंचायत समिति में तीन दशक में ग्राम पंचायतों की संख्या 39 से बढ़कर 53 हो गई है। 1994 में जहां 39 ग्राम पंचायतें थीं, वहीं 2019 में संख्या 40 हुई और परिसीमन के बाद 2026 में 13 नई पंचायतें जुड़ने से यह आंकड़ा 53 पहुंच गया। इसी के साथ सरपंच पदों के आरक्षण का स्वरूप भी बदला है। इस बार 26 ग्राम पंचायतों में महिला सरपंच होंगी, जबकि 9 सीटें एससी, 7 एसटी, 10 ओबीसी और 27 अनारक्षित वर्ग के लिए तय हुई हैं। यानी पंचायतों की बढ़ती संख्या के साथ गांवों में नेतृत्व और चुनावी समीकरण भी बदले हैं। नई पंचायतों ने बदल दिया गांवों का राजनीतिक नक्शा परिसीमन के बाद बनी नई ग्राम पंचायतों में आछोड़ा, बल्दरखां, बावड़ीखेड़ा, बोजुन्दा, डगलां का खेड़ा, दौलतपुरा, गणेशपुरा, लालजी का खेड़ा, पुरोहितों का सांवता, सिन्दवड़ी, सिरोड़ी, सोकिया और ठीकरिया शामिल हैं। इन पंचायतों के गठन से कई गांवों की सीमाएं बदली हैं। इसका सबसे बड़ा असर स्थानीय नेताओं पर पड़ेगा। पहले जो नेता एक बड़ी पंचायत में चुनाव लड़ते थे, अब उन्हें नए क्षेत्र और नए मतदाताओं के बीच अपनी पहचान बनानी होगी। कई जगह पुराने समीकरण टूटेंगे तो कई जगह पहली बार नए चेहरे सरपंच बनने का मौका पाएंगे। यही वजह है कि इस बार पंचायत चुनाव में परिसीमन सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा माना जा रहा है। महिला नेतृत्व पहले से कहीं ज्यादा मजबूत पिछले 32 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो पंचायत चुनाव में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ी है। साल 1994, 1999 और 2004 में सिर्फ 13 ग्राम पंचायतों में महिला सरपंच चुनी जाती थीं। साल 2009 में यह संख्या बढ़कर 21 हो गई। साल 2014 में 19 और 2019 में 20 महिला सीटें रहीं। अब 2026 में 53 ग्राम पंचायतों में से 26 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। यानी लगभग आधी पंचायतों का नेतृत्व महिलाओं के हाथ में होगा। यह बदलाव सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है। पिछले कुछ चुनावों में महिला सरपंचों की सक्रिय भूमिका बढ़ी है और अब गांवों की राजनीति में उनका प्रभाव पहले से कहीं ज्यादा दिखाई देने लगा है। आरक्षण का गणित भी समय के साथ बदला सरपंच पदों का आरक्षण भी हर चुनाव के साथ बदलता रहा है। साल 1994, 1999 और 2004 के चुनाव साल 1991 की जनगणना के आधार पर हुए थे। साल 2009 में पहली बार साल 2001 की जनगणना के अनुसार आरक्षण तय किया गया। इसके बाद 2014, 2019 और अब 2026 में साल 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों का आरक्षण किया गया है। इस बार अनुसूचित जाति के लिए 9, अनुसूचित जनजाति के लिए 7, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 10 और 27 पद अनारक्षित रखे गए हैं। महिलाओं के लिए कुल 26 सीटें आरक्षित हैं। जनसंख्या और पंचायतों की संख्या बढ़ने के साथ आरक्षण का स्वरूप भी बदलता गया है। चुनाव की राजनीति अब नए दौर में इस बार का पंचायत चुनाव पिछले चुनावों से कई मायनों में अलग रहेगा। एक तरफ नई ग्राम पंचायतें बनी हैं, दूसरी तरफ कई पंचायतों का आरक्षण बदल गया है। ऐसे में पुराने सरपंचों और दावेदारों को नई रणनीति बनानी होगी। कई पंचायतों में पहली बार नए परिवारों और नए चेहरों को मौका मिलेगा। राजनीतिक दल भले पंचायत चुनाव पार्टी चिन्ह पर नहीं लड़ते, लेकिन गांवों में उनके समर्थित उम्मीदवारों के बीच मुकाबला रहता है। ऐसे में परिसीमन, बढ़ी पंचायतें और बदला आरक्षण इस चुनाव के प्रमुख राजनीतिक फैक्टर बनकर सामने आए हैं। आने वाले दिनों में नामांकन के साथ इन बदलावों का असर गांव-गांव की चुनावी तस्वीर में साफ दिखाई देगा।
तरनतारन के पट्टी क्षेत्र में अपने साथियों के खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करवाने की मांग को लेकर बिजली कर्मचारियों ने सभरा पुलिस चौकी का घेराव किया। पावरकॉम के कर्मचारियों और संगठन के नेताओं ने पुलिस चौकी के मुख्य द्वार के बाहर धरना देकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और त्वरित कार्रवाई की मांग की। धरने में शामिल कर्मचारी मंगल सिंह, सतनाम सिंह और हरजीत सिंह ने कहा कि पावरकॉम के कर्मचारी विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी जान जोखिम में डालकर आम जनता को निर्बाध बिजली सप्लाई देने के लिए अपनी ड्यूटी निभाते हैं। कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा उनके सहकर्मियों पर दर्ज किया गया मामला पूरी तरह से गलत और निराधार है, जिसे तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाना चाहिए। नेता सतनाम सिंह ने चेतावनी दी कि जब तक यह झूठा केस वापस नहीं लिया जाता, तब तक कर्मचारियों का यह संघर्ष लगातार जारी रहेगा। उन्होंने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की कि मामले की पूरी निष्पक्षता से जांच की जाए और कर्मचारियों को न्याय दिया जाए। मृतक के परिजनों के बयानों के आधार पर हुई कार्रवाई: चौकी प्रभारी वहीं दूसरी ओर, सभरा पुलिस चौकी के प्रभारी गुरपाल सिंह ने पुलिस का पक्ष रखते हुए बताया कि बिजली कर्मचारियों के खिलाफ यह कार्रवाई एक मृतक के परिजनों द्वारा दर्ज कराए गए बयानों के आधार पर की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस मामले की गहनता और कानूनी नियमों के तहत जांच कर रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शाजापुर में प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के मकसद से राजस्व विभाग, पुलिस और नगर पालिका की एक टीम ने दूसरे दिन गुरुवार को भी कार्रवाई की। यह कार्रवाई शहरी हाईवे और कई मुख्य इलाकों में की गई। शाजापुर शहर को सुगम और अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए प्रशासन का अभियान जारी है। टीम ने शहरी हाईवे पर अवैध गुमटियां, ठेले और दुकानों के बाहर रखा सामान जब्त किया। रास्ते में रुकावट बन रहे अवैध कब्जों को मौके से हटाया गया। प्रशासन ने स्कूल और कॉलेजों के आसपास के माहौल को सुधारने पर भी ध्यान दिया है। शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू और धूम्रपान सामग्री बेचने वालों पर एसडीएम ने मौके पर ही चालानी कार्रवाई की। इस दौरान 4400 रुपए के गुटखा पाउच जब्त किए गए। यह कार्रवाई शाम 7.30 बजे तक चली। इस अभियान में 6 से ज्यादा गुमटियां भी हटाई गईं। मुहिम लगातार जारी रहेगी एसडीएम मनीषा वास्कले ने बताया कि शाजापुर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए यह खास अभियान चलाया जा रहा है। इसमें शहरी हाईवे और शहर के अंदरूनी इलाकों में किए गए अवैध अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मुहिम लगातार जारी रहेगी। इसके साथ ही, स्कूलों और कॉलेजों के पास धूम्रपान सामग्री बेच रहे दुकानदारों पर भी कार्रवाई की गई। इस दौरान 4400 रुपए के गुटखा पाउच बरामद किए गए।
वंदे भारत ट्रेन में गर्म पानी देते वक्त एक साल का बच्चा झुलस गया। पैर पर गर्म पानी गिर गया। बच्चे के पिता दीपांशु जाधव ने बताया कि अटेंडेंट जिस ग्लास में गर्म पानी दे रहा था वह डिस्पोजेबल ग्लास था, जिसमें गर्म पानी डालते ही वह फट गया और गर्म पानी बच्चे के पैर के ऊपर गिर गया। दरअसल, मध्यप्रदेश निवासी विनायक राव जाधव परिवार के साथ देवघर से गयाजी आ रहे थे। यात्रा के दौरान ट्रेन में जलपान परोसा जा रहा था। इसी दौरान यह हादसा हुआ। घटना ट्रेन नंबर 22499 में हुई। कर्मचारी के पास आईकार्ड तक नहीं थी विनायक राव जाधव के अनुसार, उन्होंने सर्विस अटेंडेंट से उसका आई-कार्ड दिखाने को कहा, लेकिन अटेंडेंट के पास आई-कार्ड नहीं था। इसके बाद उसके मैनेजर अंकित कुमार को मौके पर बुलाया गया। उसने भी न तो कोई संतोष जनक जवाब दिया और न ही कोई ठोस कार्रवाई की। रेल यात्री का आरोप है कि ट्रेन में यात्रियों को खाना परोसने वाला कर्मचारी कौन है, इसकी पहचान तक स्पष्ट नहीं हो सकी। पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई यात्री ने ट्रेन कंप्लेंट पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में पूरे मामले की जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही जिम्मेदार लोगों पर भी कार्रवाई की मांग की गई है। यात्री ने सवाल उठाया है कि यात्रियों, खासकर छोटे बच्चों को गर्म पानी और खाद्य सामग्री परोसते समय इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई। प्लास्टिक के ग्लास में गर्म पानी दिया ही क्यों गया। सर्विस अटेंडेंट के पास पहचान पत्र क्यों नहीं था। रेल अस्पताल में इलाज के लिए पर्ची दी गई है दीपांशु जाधव ने बताया कि नवादा में फर्स्ट ट्रीटमेंट दिया गया, लेकिन उससे कोई राहत नहीं मिली। गयाजी स्टेशन पर रेल अधिकारियों से सम्पर्क किया है। उनसे डॉक्टर की मदद की गुहार लगाई है। दीपांशु ने बताया कि उप स्टेशन प्रबंधक ने हमें पर्ची दी है। कहा कि आप रेलवे हॉस्पिटल चले जाएं। हमलोग रेलवे अस्पताल के लिए बच्चे के साथ जा रहे हैं। दीपांशु ने बताया कि हमने बेशक रेल मदद पोर्टल पर शिकायत की है, लेकिन उधर से अब तक कोई रेस्पॉन्स नहीं मिला है। वहीं, उप स्टेशन प्रबंधक विनोद कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवार के बच्चे के इलाज के लिए कार्रवाई की जा रही है।
लखनऊ में हजरतगंज चौराहे पर गुरुवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए काकोरी क्षेत्र में युवती अपहरण के मामले में कार्रवाई की मांग किया । साथ ही विश्वविद्यालय में सक्रिय रहे आलोक मिश्रा, प्रभात सिंह, मार्तण्ड सिंह, आकाश देव पाण्डेय, शक्ति दुबे, विनय सिंह समेत 15-20 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में कार्रवाई की मांग उठाई। निष्पक्ष कार्रवाई कि मांग प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि संबंधित लोगों ने असलहा दिखाकर शिकायतकर्ता और उसके साथियों को धमकाया। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत अन्य गंभीर मामलों में कार्रवाई करने की मांग की। संगठन ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी उठाए सवाल । बजरंग दल के जिला सह संयोजक अनुज शर्मा ने आरोप लगाया कि चाइना बाजार चौकी इंचार्ज ने उनके साथ गाली-गलौज और अभद्रता की। प्रदर्शनकारियों ने चौकी इंचार्ज के खिलाफ भी जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस पर लगे गंभीर आरोप अनुज शर्मा ने कहा कि एक पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए मजबूर होकर उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं से जुड़े मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की बात करती है। लेकिन पुलिस की कार्यप्रणाली इससे अलग नजर आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय शिकायत और विरोध करने वालों के साथ अभद्रता की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की।
मथुरा के छाता थाना क्षेत्र के गांव उमराया में बुधवार की आधी रात को चावल खाने के बाद 3 युवतियों की हालत बिगड़ गई। गंभीर रूप से बीमार हुई युवतियों को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां गुरुवार की देर शाम इलाज के दौरान 2 बहनों की मौत हो गई जबकि एक की हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं परिजनों का आरोप है कि पड़ोसी ने कोल्ड ड्रिंक में जहर देकर लड़कियों की हत्या की है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम हाउस भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी। चावल और कोल्ड ड्रिंक का किया सेवन छाता कोतवाली के उमराया गांव निवासी गुलाब सिंह की बेटियां 17 वर्षीय मुस्कान और 19 वर्षीय अरवाना बुधवार की रात अपने घर की छत पर थीं। युवतियों के पिता गुलाब का आरोप है कि आधी रात के समय पड़ोस में रहने वाले पप्पू की बेटी नगमा (15) चावल और कोल्ड ड्रिंक लेकर उनकी बेटियों के पास छत पर आई। उन्होंने चावल और कोल्ड ड्रिंक का सेवन किया, जिसके कुछ ही देर बाद अचानक तीनों की तबीयत बिगड़ने लगी और वे अचेत होने लगीं। परिजनों ने कराया अस्पताल में भर्ती युवतियों की हालत बिगड़ने पर परिजन आनन-फानन में मुस्कान और अरवाना को पहले कोसीकलां के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें रेफर कर दिया। इसके बाद दोनों बहनों को केडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान गुरुवार शाम को दोनों की मौत हो गई। वहीं, दूसरी ओर नगमा के परिजन उसे पहले एसकेएस अस्पताल ले गए थे, लेकिन बाद उसे भी केडी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। 20 साल से है रंजिश मृतकाओं के पिता गुलाब ने बताया कि पप्पू के साथ उनका पिछले 20 वर्षों से खेती की जमीन को लेकर विवाद था। इस दौरान पप्पू ने पत्नी के साथ मारपीट की जिसकी बजह से अभी तक उसकी 2 हड्डी टूटी थीं। गुलाब ने बताया कि 2017 में पप्पू होमगार्ड था उस दौरान चोरी भी की थी। इसके बाबजूद कुछ नहीं कहा। गुलाब ने बताया कि पप्पू उनके चाचा का बेटा है। गुलाब ने बताया कि उसने षड्यंत्र कर इस घटना की अंजाम दिया है। जांच में जुटी पुलिस मामले की जानकारी मिलते ही छाता पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अब इस मामले में यह पता करने की कोशिश कर रही है कि युवतियों की हत्या की गई है या फिर खाने में कोई विषाक्त पदार्थ मिलने से उनकी मौत हुई है। पुलिस फिलहाल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
बांदा जिले के एक गांव में झाड़फूंक के बहाने 13 साल की किशोरी से दुष्कर्म किया गया। यह घटना गुरुवार शाम 5 बजे हुई। किशोरी अपनी मां के साथ ननिहाल आई थी और कई दिनों से बीमार थी। आसपास के लोगों ने मां को बताया कि परशुराम यादव नाम का एक ओझा झाड़फूंक से बीमारी ठीक करने का दावा करता है। उनकी बात मानकर मां बुधवार रात अपनी बेटी को लेकर आरोपी ओझा के घर पहुंची। आरोप है कि झाड़फूंक के दौरान ओझा परशुराम किशोरी को उसकी मां से अलग एक जगह ले गया। वहां उसने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। किशोरी के शोर मचाने पर मां मौके पर पहुंची। मां को आता देख आरोपी मौके से भाग गया। इसके बाद किशोरी ने अपनी मां को घटना के बारे में बताया। महिला ने थाने पहुंचकर पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने गुरुवार शाम शिकायत के आधार पर आरोपी परशुराम यादव के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट समेत दूसरी धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस ने किशोरी का मेडिकल जांच भी कराया है। घटना के बाद से आरोपी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। सीओ कृष्णकांत त्रिपाठी ने बताया कि किशोरी की मां की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस की दो टीमें लगाई गई हैं। उसे जल्द गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है।
नीमच जिले के लासुर (रेडी) गांव के ग्रामीणों ने बदमाशों पर 23 सितंबर की रात घर में घुसकर हमला करने का आरोप लगाया है। पुलिस पर सुनवाई न करने का आरोप लगाते हुए पीड़ितों ने गुरुवार को एसपी दफ्तर पहुंचकर न्याय और सुरक्षा की मांग की। पीड़ित प्रभुलाल और हजारीलाल बंजारा ने बताया कि तस्कर राहुल बंजारा ने जमीन रंजिश के चलते 10-15 हथियारबंद बदमाशों को उनके घर भेजा था। लाठी, तलवार और लोहे की पाइप से लैस बदमाशों ने घर में घुसकर मारपीट की। शोर मचाने पर ग्रामीणों ने एक हमलावर को पकड़कर सरवानिया महाराज पुलिस चौकी के हवाले भी किया था। एसपी से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग ग्रामीणों का आरोप है कि चौकी पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और आरोपियों के दबाव में कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ितों का कहना है कि आरोपी आपराधिक और मादक पदार्थ तस्करी की गतिविधियों में शामिल हैं, जिससे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने एसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है।
झांसी में सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। वज गुजरात के राजकोट में जॉब करता था। 2 दिन पहले बाइक उठाने के लिए घर आया था। बुधवार को बाइक बस पर रखने के लिए जा रहा था। रास्ते में सामने से आ रही दूसरी बाइक ने टक्कर मार दी। हादसे में युवक गंभीर घायल हो गया। उसे सीएचसी से झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। जहां पर इलाज के दौरान आज युवक ने दम तोड़ दिया। जबकि दूसरी बाइक पर सवार युवक का इलाज चल रहा है। हादसा गरौठा थाना क्षेत्र में हुआ है। पूरा परिवार राजकोट में रहता है मृतक का नाम अमित सिंह (23) पुत्र राजीव सिंह था। वह गरौठा के मारकुआं गांव का रहने वाला था। वह तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। एक बहन काजल की शादी हो चुकी है, जबकि सबसे छोटा सुमित है। दोनों भाई अविवाहित थे। मृतक के जीजा अभिषेक सिंह तोमर ने बताया- मेरा साला अमित सिंह राजकोट में रहकर प्राइवेज जॉब करता था। उसके साथ पिता राजीव, मां और छोटा भाई भी राजकोट में रहते हैं। पिता एक कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं। बाइक उठाने गांव आया था जीजा ने आगे बताया- अमित की बाइक गांव में रखी थी। जिसे उठाने के लिए अमित दो दिन पहले राजकोट से गांव आया था। बुधवार को वह बाइक को राजकोट पहुंचाने के लिए बस पर रखने के लिए झांसी जा रहा था। रास्ते में केदारताई गांव के पास सामने से आ रही दूसरी बाइक से भिड़ंत हो गई। हादसे में साला और दूसरी बाइक पर सवार युवक घायल हो गया। दोनों को सीएचसी से झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। जहां पर इलाज के दौरान अमित की मौत हो गई।
डिंडौरी में गुरुवार शाम करीब 7 बजे मौसम ने अचानक करवट ली। जिला मुख्यालय में मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जिससे शहर की रफ्तार थम गई। लगभग एक घंटे तक हुई तेज बारिश से सड़कों पर पानी भर गया और कई जगहों पर पानी बहने लगा। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान करीब 2 इंच बारिश दर्ज की गई है। लगातार हो रही बारिश से तापमान में भी गिरावट आई है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिनभर बादल छाए रहे और शाम की तेज बारिश से मौसम सुहावना हो गया। जिले में अब तक 76% वर्षा दर्ज विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, जिले में अब तक औसत वर्षा का 76 प्रतिशत हिस्सा दर्ज किया जा चुका है। वातावरण में नमी का स्तर 95 प्रतिशत तक पहुंच गया है। हवा की गति लगभग 13 मील प्रति घंटे दर्ज की गई, जिससे बारिश के दौरान ठंडी हवाओं का असर भी महसूस किया गया। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान जिले में भारी बारिश की संभावना जताई है।
सोनीपत के रिढाऊ-फरमाना में लड़कों और लड़कियों के लिए हैवीवेट सर्कल कबड्डी महाकुंभ-2026 का आयोजन किया गया। जिसमें हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने मुख्य अतिथि के तौर पर हिस्सा लिया। मंत्री पंवार ने खिलाड़ियों को आशीर्वाद दिया और उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने विजेता टीम को सम्मानित भी किया। इस दौरान उन्होंने खेल प्रतिभाओं को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा भी दिलाया। इस मौके पर एशियन कबड्डी फेडरेशन के चेयरमैन गुलाब सिंह सैनी भी मौजूद रहे। खिलाड़ियों की उपलब्धियां पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय : कृष्ण लाल पंवार विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि हरियाणा की धरती ने हमेशा देश को बेहतरीन खिलाड़ी दिए हैं और प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जापान में आयोजित एशियन गेम्स में हिस्सा ले रही भारतीय कबड्डी की पुरुष एवं महिला टीमों में भी हरियाणा के खिलाड़ियों की महत्वपूर्ण भागीदारी है और हमारी दोनों टीमों ने सेमीफाइनल में जगह बना ली हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारी दोनों कबड्डी टीम गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करेंगी। उन्होंने खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि देश की बेटियां और बेटे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और सभी को उनके उज्ज्वल प्रदर्शन के लिए प्रार्थना करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब हरियाणा के खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व करते हैं तो यह पूरे प्रदेश के लिए गौरव का क्षण होता है। प्रतियोगिताएं खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का बेहतर माध्यम उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के खेल आयोजन प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। सरकार का प्रयास है कि गांवों में खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाए जाएं, ताकि ग्रामीण अंचल की प्रतिभाएं आगे बढ़कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश एवं देश का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने कहा कि खेलों में आगे बढ़ने के लिए मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास जरूरी है तथा सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। जिम सामान के लिए 10 लाख देने की की घोषणा मंत्री पंवार ने विकास कार्यों की घोषणा करते हुए कहा कि यदि रिढाऊ गांव की ग्राम पंचायत एक एकड़ भूमि का प्रस्ताव देती है, तो वहां करीब एक करोड़ रुपए की लागत से कम्युनिटी हॉल बनवाने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने रिढाऊ गांव के खेल मैदान में रिटेनिंग वॉल बनवाने की मांग पर भी विभाग की ओर से आवश्यक कार्य करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने रिढाऊ गांव में 10 लाख रुपए की लागत के जिम का सामान उपलब्ध करवाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि युवाओं को खेलों एवं व्यायाम से जोड़ने के लिए गांवों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना आवश्यक है। इससे युवाओं को अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का अवसर मिलेगा। जयंत गहलावत को जन्मदिन पर दी शुभकामनाएं मंत्री ने हैवीवेट सर्कल कबड्डी महाकुंभ-2026 के आयोजन के अवसर पर जयंत गहलावत को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने खेल प्रतियोगिता के आयोजन और खिलाड़ियों को मंच उपलब्ध करवाने के प्रयासों की सराहना करते हुए जयंत गहलावत को 21 हजार रुपये की सम्मान राशि देकर सम्मानित किया। बड़े स्तर पर सर्कल कबड्डी को बढ़ावा देने पर जोर मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि सर्कल कबड्डी को और बड़े स्तर पर बढ़ावा देने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि खेलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंच देने के लिए बड़े आयोजन किए जाने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं, जिनमें देश-विदेश से खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का अनुभव भी मिलेगा। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि चयन प्रक्रिया में प्रतिभा और प्रदर्शन को महत्व दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हाल ही होने वाले एशियन सर्कल कबड्डी खेलों में हरियाणा के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शिल्लू बल्हारा, विनय खत्री और रवि दयोरा का चयन किया जाएगा। उन्होंने खिलाड़ियों से निरंतर मेहनत और बेहतर प्रदर्शन करने का आह्वान किया। ग्रामीण स्तर पर ऐसे आयोजन जरूरी : गुलाब सिंह सैनी एशियन कबड्डी फेडरेशन के चेयरमैन गुलाब सिंह सैनी ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि गांवों में आयोजित होने वाले सर्कल कबड्डी के ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से अनुशासन के साथ खेल भावना को बनाए रखते हुए लगातार अभ्यास करने का आह्वान किया। इस अवसर पर नगर परिषद चेयरपर्सन मोनिका दहिया, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अनमोल, एसीपी जोगिंदर शर्मा, सर्कल कबड्डी खिलाड़ी सेठी फौजी व सुभाष रिढाऊ, अंतरराष्ट्रीय सर्कल कबड्डी खिलाड़ी विनय खत्री, दहिया खाप के प्रधान जयपाल दहिया, पूर्व एसीपी जोगिंदर दहिया, राजबीर दहिया, ब्लॉक समिति चेयरमैन सितेंद्र दहिया तथा अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी पूजा गहलावत सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
गोपालगंज जिले में सुरक्षा बेहतर करने और लोगों की सुविधा के लिए पुलिस प्रशासन ने एक पहल शुरू की थी, जो अब असर दिखा रही है। गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी के निर्देश पर नियमित रात्रि बस सेवा शुरू की गई है, जो यात्रियों के लिए बहुत मददगार साबित हो रही है। इस पहल से देर रात यात्रा करने वाले लोगों को बहुत राहत मिली है। साथ ही, जिले में अपराध रोकने और घटनाओं को कम करने में भी मदद मिल रही है। पहले देर रात रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड या अन्य प्रमुख चौराहों पर उतरने वाले यात्रियों को अपने ठिकाने तक जाने के लिए वाहनों की कमी होती थी। बस में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों के साथ सफर कर रहे परिवारों के लिए रात में कोई साधन न मिलना चिंता की बात बन जाती थी। सुनसान सड़कों पर ऑटो या निजी गाड़ियां न मिलने से यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता था, जिससे हमेशा किसी घटना या अपराध का डर रहता था। यात्रियों की इसी समस्या और सुरक्षा के खतरे को देखते हुए एसपी विनय तिवारी ने नियमित रात्रि बस सेवा शुरू करने का निर्देश दिया। यह बस सेवा स्टेशन और प्रमुख चौक-चौराहों से यात्रियों को उनके ठिकाने तक सुरक्षित पहुंचा रही है। बस में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिससे यात्री बिना किसी डर के देर रात मुफ्त में सफर कर रहे हैं। यात्री बोले - थैंक्स एसपी साहब! स्थानीय लोगों और दूर-दराज से आने वाले यात्रियों ने इस पहल की तारीफ की है। देर रात सुरक्षित घर पहुंच रहे यात्रियों का कहना है कि प्रशासन के इस कदम से उन्हें शांति और सुरक्षा महसूस हुई है। यात्रियों ने राहत महसूस करते हुए दिल से कहा, थैंक्स एसपी साहब! पुलिस की इस लोगों के लिए अच्छी पहल ने आम जनता और प्रशासन के बीच भरोसा बढ़ाया है। पुलिस द्वारा रात्रिकालीन रेल यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों को रेलवे स्टेशन से उनके गंतव्य तक सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार गोपालगंज रेलवे स्टेशन से बस स्टैंड, थावे एवं मीरगंज तक नियमित रात्रि बस सेवा का संचालन कराया जा रहा है। सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता देते हुए व्यवस्था सुनिश्चित ताकि यात्रियों को अनावश्यक रूप से पैदल अथवा असुरक्षित साधनों से आवागमन न करना पड़े तथा आपराधिक घटनाओं से उनका बचाव सुनिश्चित किया जा सके। एसपी विनय तिवारी ने बताया कि विशेष रूप से त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए रात्रि बस सेवा का संचालन किया जा रहा है, ताकि आमजन को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध हो तथा रात्रिकालीन आवागमन के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना, अप्रिय घटना अथवा सुरक्षा संबंधी समस्या की संभावना को न्यूनतम किया जा सके। रात्रि के समय अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता देते हुए यह व्यवस्था सुनिश्चित की गई है कि ट्रेन से उतरने के पश्चात यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए निर्धारित मार्गों पर सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सके। समस्या होने पर मोबाइल नंबर 9128425399 पर तुरंत सूचना दें बस सेवा के सुरक्षित एवं सुचारु संचालन हेतु वाहनों की फिटनेस, ब्रेक, लाइट, टायर एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों की जांच सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, वाहन में निर्धारित क्षमता के अनुरूप ही यात्रियों का परिवहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। गोपालगंज पुलिस आमजन एवं रेल यात्रियों से अपील करती है कि रात्रिकालीन यात्रा के दौरान निर्धारित रात्रि बस सेवा और निर्धारित मार्ग का ही उपयोग करें। विशेषकर अकेले यात्रा करने वाली महिलाएं, बच्चे एवं बुजुर्ग सुरक्षित आवागमन के लिए इस सुविधा का लाभ उठाएं। रात्रिकालीन यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा, असुरक्षा अथवा सुरक्षा संबंधी समस्या उत्पन्न होने पर मोबाइल नंबर 9128425399 पर तत्काल सूचना दें।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हैदरपुर में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत नि:शुल्क मेगा हेल्थ चेकअप कैंप का उद्घाटन किया। उन्होंने नागरिकों के लिए बेहतर स्वास्थ्य, आवास और सामुदायिक सुविधाओं के विकास पर जोर दिया।
कटिहार जिले में किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए शुक्रवार को एक बैठक हुई। संयुक्त कृषि भवन के सभागार में हुई इस बैठक में उर्वरक कंपनियों के अधिकारी शामिल हुए। जिला कृषि पदाधिकारी राजीव कुमार ने बैठक की अध्यक्षता की। इसमें उर्वरकों की उपलब्धता, आपूर्ति, परिवहन, एफओआर व्यवस्था, फ्रेट और बिक्री की विस्तार से समीक्षा की गई। जिला कृषि पदाधिकारी ने कंपनियों को निर्देश दिया कि आवंटित उर्वरकों की आपूर्ति में देरी न हो। रैक से उर्वरक उठाने के बाद उसे अधिकृत थोक और खुदरा बिक्री केंद्रों तक पहुंचाया जाए। इससे किसानों को उर्वरक के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। उन्होंने साफ किया कि सिर्फ रेलवे रैक प्वाइंट या जिला और प्रखंड मुख्यालय तक उर्वरक पहुंचाना काफी नहीं है। एफओआर (फ्रेट ऑन रोड) व्यवस्था के तहत इसे तय बिक्री केंद्र तक पहुंचाना कंपनियों की जिम्मेदारी है। हर रैक से संबंधित उर्वरक की मात्रा, रैक प्वाइंट, उठाने और आपूर्ति की तारीख, और तय जगह का रिकॉर्ड रखने को कहा गया। बैठक में उर्वरक के साथ दूसरे उत्पादों की जबरन टैगिंग पर भी सख्त निर्देश दिए गए। जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा कि डीएपी, यूरिया, एनपीके/एनपीकेएस, एमओपी और एसएसपी जैसे उर्वरकों के साथ जिंक, सल्फर, जैव उर्वरक या नैनो उर्वरक जैसे उत्पाद जबरन न बेचे जाएं। ऐसी शिकायत मिलने पर नियम के अनुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि किसानों की जरूरत के हिसाब से उर्वरक उपलब्ध कराना कंपनियों और बिक्री व्यवस्था की जिम्मेदारी है। आपूर्ति, परिवहन या बिक्री में किसी भी गड़बड़ी या बेवजह की देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस बैठक में सहायक निदेशक (शस्य)-सह-बीज उत्पादन एवं विपणन पदाधिकारी शालिनी कुमारी और उप परियोजना निदेशक आत्मा शशिकांत झा मौजूद थे। इनके अलावा इफको, आईपीएल, इंडोरामा, यारा, पीपीएल, कृभको, खेतान केमिकल और एनएसएस सहित कई कंपनियों के अधिकारी और प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
संभल में जहर खाने से किशोरी की मौत:युवक पर बहला-फुसलाकर जहर खिलाने का आरोप, पुलिस जांच में जुटी
संभल के धनारी थाना क्षेत्र के किशनपुर श्यामपुर गांव में गुरुवार 3 बजे एक 15 साल की किशोरी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। आरोप है कि किशोरी ने जहरीला पदार्थ खाया था। परिजनों ने गांव के ही एक युवक पर किशोरी को बहला-फुसलाकर खेत पर ले जाने और उसे जहरीला पदार्थ खिलाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। परिजनों ने बताया कि गुरुवार सुबह युवक किशोरी को अपने साथ खेत पर ले गया था। आरोप है कि वहीं उसने किशोरी को जहरीला पदार्थ खाने के लिए दिया। इसके बाद किशोरी की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों का यह भी आरोप है कि तबीयत खराब होने पर युवक मौके से भाग गया। किशोरी की हालत गंभीर होने पर परिजन उसे एक निजी अस्पताल ले जा रहे थे। लेकिन, रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। परिजनों ने पुलिस को बताया कि युवक और किशोरी के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। उनका आरोप है कि युवक पहले भी किशोरी को हरिद्वार ले गया था। हालांकि, इन आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी युवक के घर पर ताला लगा मिला है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस ने परिजनों के साथ-साथ आसपास के लोगों से भी पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि घटना की असल वजह और मौत के कारणों का पता चल सके। एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। किशोरी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। तहरीर मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही किशोरी की मौत की सही वजह साफ हो पाएगी।
सदर तरनतारन पुलिस स्टेशन के तहत आते रसूलपुर नहरों के पास एक तेज रफ्तार कार चालक की लापरवाही से दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोपी चालक गलत साइड से गाड़ी ला रहा था और उसने सामने से आ रही मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मालेरकोटला जिले के गांव खुर्द निवासी रणजीत सिंह (पुत्र सरबजीत सिंह) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपने दोस्त गुरमुख सिंह (पुत्र तरलोचन सिंह) के साथ मोटरसाइकिल (नंबर PB 28 S 8279) पर सवार होकर जा रहे थे। जब वे रसूलपुर नहरों के समीप पहुंचे, तो सामने से गलत दिशा में आ रही एक तेज रफ्तार गाड़ी (नंबर PB 46 AD 1001) ने उनकी मोटरसाइकिल को सीधी टक्कर मार दी। इस हादसे में रणजीत सिंह और गुरमुख सिंह दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद दोनों घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। अज्ञात चालक के खिलाफ केस दर्ज मामले की जांच कर रहे एएसआई (ASI) राजपाल सिंह ने बताया कि पीड़ित के बयानों के आधार पर गाड़ी नंबर PB 46 AD 1001 के अज्ञात चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस गाड़ी के पंजीकरण नंबर के जरिए आरोपी चालक की तलाश में जुटी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है
लखनऊ में स्टाइल वीक ग्रैंड ऑडिशनआयोजित:नए टैलेंट को मिला बड़ा मंच, मिस और मिस्टर लखनऊ भी पहुंचे
लखनऊ में फिल्मियागी प्रोडक्शन के संस्थापक अभिषेक द्रोहर की दूसरी कंपनी अवध इंटरनेशनल स्टाइल वीक (AISW) की ओर से 24 सितंबर को जन्नत एक्स, मिलेनियम पैलेस में ग्रैंड ऑडिशन आयोजित किया गया। आयोजन की ऑर्गनाइजर आकांक्षा सिंह और को-ऑर्गनाइजर तारुशी सिंह रहीं। ऑडिशन में मॉडल्स ने रैंप वॉक के साथ आत्मविश्वास और व्यक्तित्व का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में फैशन और मॉडलिंग जगत से जुड़े कई लोग शामिल हुए। इनमें मिस लखनऊ 2026 की विजेता उन्नति सिंह, मिस्टर लखनऊ 2026 के विजेता आदित्य निषाद और ट्रांस एक्टिविस्ट, मॉडल, अभिनेता व सामाजिक कार्यकर्ता प्रियंका सिंह रघुवंशी प्रमुख रहे। फिल्मियागी प्रोडक्शन की टीम ने आयोजन के संचालन में सहयोग किया। AISW का मुख्य आयोजन 8 अक्टूबर को क्लब गेस्टो, लखनऊ में प्रस्तावित है। इसमें फैशन, स्टाइल, ग्लैमर और मनोरंजन से जुड़े कार्यक्रम होंगे। इसके अलावा फिल्मियागी प्रोडक्शन का फिल्मियागी फैशन वीक सीजन-5 दिसंबर के अंत तक आयोजित होने की संभावना है। 17 और 18 अक्टूबर को एट ओशन इवेंट के सहयोग से डांडिया नाइट भी आयोजित की जाएगी। इसमें गरबा, डांडिया, संगीत और मनोरंजन के कार्यक्रम होंगे। अभिषेक द्रोहर ने कहा कि इन आयोजनों का उद्देश्य लखनऊ में फैशन, मॉडलिंग और मनोरंजन के क्षेत्र में प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराना है।
चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी और चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसायटी (क्रेस्ट) में हुए करोड़ों रुपए के कथित घोटालों के मामलों में CBI को बड़ी कामयाबी मिली है। दोनों मामलों में कुल छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी मिल गई है। इनमें स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की पूर्व चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नलिनी मलिक समेत चार और क्रेस्ट मामले के 2 आरोपी शामिल हैं। CBI ने अभियोजन मंजूरी से संबंधित आदेश सीबीआई कोर्ट में पेश कर दिए हैं। अब इन आरोपियों के खिलाफ चल रहे मामलों में अभियोजन पक्ष की कार्रवाई आगे बढ़ सकेगी। चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के IDFC बैंक में जमा करीब 116 करोड़ रुपए के फंड में कथित हेराफेरी के मामले में पूर्व CFO नलिनी मलिक के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी मिल गई है। यह मंजूरी स्मार्ट सिटी की ओर से CBI को दी गई है। इसके बाद नलिनी मलिक के खिलाफ चल रहे मामले में अभियोजन की कार्रवाई आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। 3 बैंक अधिकारियों पर भी चलेगा केस इसी मामले में तीन बैंक अधिकारियों के खिलाफ भी मुकदमा चलाने की मंजूरी मिल गई है। इनमें रिभव ऋषि, अभय कुमार और सीमा धीमान शामिल हैं। यानी स्मार्ट सिटी की पूर्व CFO नलिनी मलिक समेत इस मामले में कुल चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मिल चुकी है। मामले की सुनवाई CBI कोर्ट में चल रही है। अब अभियोजन मंजूरी के आदेश कोर्ट रिकॉर्ड का हिस्सा बन गए हैं। दूसरी ओर, चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसायटी यानी क्रेस्ट में करीब 83 करोड़ रुपए के कथित घोटाले के मामले में भी CBI को दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी मिल गई है। इनमें प्रियंका भटोआ और अनुज कौशल शामिल हैं। दोनों के खिलाफ मामले में अभियोजन मंजूरी मिलने के बाद CBI की कार्रवाई आगे बढ़ सकेगी। सीबीआई के सरकारी वकील ने कोर्ट में पेश किए आदेश CBI के सरकारी वकील नरेंद्र सिंह ने दोनों मामलों से संबंधित अभियोजन मंजूरी के आदेश CBI कोर्ट में पेश किए हैं। अब कोर्ट में इन मामलों की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष इन मंजूरियों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा। इस तरह स्मार्ट सिटी के 116 करोड़ रुपए के फंड में कथित हेराफेरी और क्रेस्ट के 83 करोड़ रुपए के मामले में कुल छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी मिल चुकी है। जानिए क्या है पूरा स्कैम
श्रावस्ती में भूमि विवाद के दौरान पुलिस वाहन से गिरकर घायल हुए कमलेश का गुरुवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। पोस्टमार्टम के बाद तीसरे दिन शव घर पहुंचा तो परिवार में मातम छा गया। मुंबई में रह रहा कमलेश का बड़ा बेटा भी घर पहुंच गया। गांव में तनाव को देखते हुए अंतिम संस्कार के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। मामला गिलौला थाना क्षेत्र के सिसवारा मदारपुरवा गांव का है। 22 सितंबर को भूमि विवाद सुलझाने पहुंची थी टीम घटना 22 सितंबर की है। पुलिस के मुताबिक, भूमि विवाद के निपटारे के लिए राजस्व टीम के साथ गिलौला पुलिस सिसवारा मदारपुरवा पहुंची थी। सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में पांच महिलाओं और एक पुरुष को सरकारी वाहन से थाने ले जाया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि इसी दौरान कमलेश ने वाहन का गेट खोल दिया और चलती गाड़ी से कूदने की कोशिश की। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिवार ने लगाया धक्का देने का आरोप मृतक के परिजनों का आरोप है कि विवादित जमीन का मामला अदालत में विचाराधीन था। उनका कहना है कि राजस्व टीम और पुलिस की मौजूदगी में विपक्षी पक्ष जमीन पर कब्जे का प्रयास कर रहा था, जिसका कमलेश और अन्य लोगों ने विरोध किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि इसी दौरान कमलेश को पुलिस वाहन से धक्का देकर गिराया गया। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने परिजनों के आरोप को खारिज करते हुए कहा है कि कमलेश खुद चलती गाड़ी से कूदे थे। लेखपाल और राजस्व निरीक्षक निलंबित मामले में पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। डीएम अन्नपूर्णा गर्ग के निर्देश पर लेखपाल और राजस्व निरीक्षक को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एसपी राहुल भाटी ने गिलौला थानाध्यक्ष आशीष कुमार, उपनिरीक्षक इंद्रदेव पटेल और आरक्षी परविंदर कुमार को पुलिस लाइन भेज दिया है। राजस्व और पुलिस की भूमिका की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई है। करीब दो बिस्वा जमीन को लेकर था विवाद स्थानीय लोगों के मुताबिक, कमलेश का करीब दो बिस्वा जमीन को लेकर देशराज वर्मा उर्फ गूठे से विवाद चल रहा था। कमलेश की पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में दो बेटे और दो बेटियां हैं। दोनों बेटियां अभी अविवाहित हैं। गांव में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन की जांच के बाद ही घटना में पुलिस और राजस्व टीम की भूमिका को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
नीमच में 22 साल की युवती तनीषा पड़िहार ने जहरीला पदार्थ खा लिया, उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिजन ने जिला अस्पताल में जमा होकर एक निजी अस्पताल की कार्यप्रणाली और युवती को अस्पताल लाने वाले अनजान व्यक्ति की भूमिका पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। रामपुरा निवासी और हाल मुकाम इंद्रानगर की रहने वाली तनीषा गुरुवार सुबह अपने पिता को बस पर छोड़ने गई थी, जिसके बाद उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजन के मुताबिक, एक व्यक्ति उसे पहले मनासा के सरकारी अस्पताल ले गया। वहां से रेफर होने पर वह परिजन को सूचना दिए बिना सीधे नीमच के ज्ञानोदय (निजी) अस्पताल ले गया और फिर बाद में जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने सवाल उठाया है कि गंभीर हालत में उदयपुर रेफर करने के बावजूद उसे वापस जिला अस्पताल क्यों लाया गया। अस्पताल प्रबंधन की सफाई ज्ञानोदय अस्पताल के प्रबंधक राजा चौरसिया ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एक व्यक्ति युवती को गंभीर हालत में लेकर आया था। डॉक्टरों ने स्थिति देखते ही उसे तुरंत उदयपुर ले जाने की सलाह दी थी। अस्पताल में युवती को न तो भर्ती किया गया था और न ही कोई इलाज शुरू हुआ था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले और उस व्यक्ति की मंशा की जांच कर रही है।
समाजवादी पार्टी बलिया के नए जिलाध्यक्ष सुनील कुमार मौर्य गुरुवार को लखनऊ से बलिया पहुंचे। जनपद की सीमा नदौली पहुंचने पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। स्वागत के बाद सैकड़ों गाड़ियों का काफिला बलिया की ओर बढ़ा। रास्ते में कई जगहों पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ अपने नए जिलाध्यक्ष का अभिनंदन किया। जनपद की सीमा में आते ही सुनील कुमार मौर्य सपा विधायक, पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेताओं के साथ खुली गाड़ी में सवार हुए। पूरे रास्ते कार्यकर्ताओं का जोश और उत्साह देखने लायक था। सुनील कुमार मौर्य के जिलाध्यक्ष बनने के बाद कार्यकर्ताओं में दिख रहा यह उत्साह संगठन की सक्रियता और आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए अहम माना जा रहा है। पार्टी कार्यालय पर स्वागत समारोह के बाद प्रेस से बात करते हुए नए अध्यक्ष सुनील कुमार मौर्य ने कहा कि कार्यकर्ताओं का सम्मान उनके लिए सबसे ऊपर है। इसके लिए वह कुछ भी करेंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन जैसे छोटे कार्यकर्ता पर जो भरोसा जताया है, उस पर वह सौ प्रतिशत खरा उतरेंगे। उनका लक्ष्य 2027 में बलिया की सातों सीटें जीतकर समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने में अहम योगदान देना है। इस मौके पर निवर्तमान अध्यक्ष संग्राम सिंह ने सुनील मौर्य को अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाया। इस दौरान अम्बिका चौधरी, मु. जियाउद्दीन रिज़वी, जयप्रकाश अंचल, श्रीमती मंजू सिंह, रंजीत चौधरी, संजय उपाध्याय, अरविन्द गिरी, यशपाल सिंह, डा. विश्राम यादव, सुशील पाण्डेय कान्हजी, राजेश गौड़, रामजी गुप्ता, रामजी यादव, बलजीत कुशवाहा, सुभाष चौहान, जय प्रकाश मुन्ना, धनंजय विशेन, विकेश सिंह सोनू, शशिकांत चतुर्वेदी, राजन कन्नौजिया, रामेश्वर पासवान, रोहित चौबे, आशुतोष ओझा, अनिल राय, जलालुद्दीन जे डी, अजय यादव, धनजी यादव, चंदन यादव, सर्वजीत यादव, विजय शंकर यादव, सुभाष यादव, गुरुज लाल राजभर, रवींद्र यादव, अखिलेश गुप्ता, मंटू साहनी, जगमोहन विंद, हरेन्द्र गोड, अटल पाण्डेय, रामनाथ पटेल, बलराम यादव, विनायक मौर्य, हरेंद्र राम और नीरज यादव मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन बीरबल राम ने किया।
उदयपुर में मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय (MLSU) के कर्मचारियों और शिक्षकों को गुरुवार काे राहत मिली। विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस सभागार में प्रबंध मंडल (बॉम) की बैठक हुई। कुलगुरु प्रो. कैलाश डागा की अध्यक्षता में हुई बैठक में यूनिवर्सिटी के विकास से लेकर कर्मचारियों के हितों से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए। यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता डॉ. कुंजन आचार्य ने बताया- बैठक में सबसे बड़ा फैसला बजट को लेकर हुआ। बॉम ने इस सत्र के लिए विश्वविद्यालय का 155 करोड़ रुपए का भारी-भरकम बजट पास कर दिया है। इस बजट से यूनिवर्सिटी में नए विकास कार्यों और छात्र सुविधाओं को विस्तार मिलेगा। कर्मचारियों को राहत: किसी भी SFAB कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी। सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी। समय पर प्रमोशन: शिक्षकों के करियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) के मामले अब पेंडिंग नहीं रहेंगे, समय पर लाभ मिलेगा। कमाई बढ़ाने का नया आइडिया: यूनिवर्सिटी की इनकम बढ़ाने के लिए स्टूडेंट्स से मांगे जाएंगे सुझाव, प्रतियोगिता होगी। SFAB कर्मचारियों के वेतन और नौकरी पर संशय खत्म बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा सेल्फ फाइनेंस एडवाइजरी बोर्ड (SFAB) के कर्मचारियों के वेतन और नौकरी को लेकर चल रहे विवाद पर हुई। बॉम ने इस गतिरोध को खत्म करते हुए कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाया। बैठक में तय किया गया कि इन सभी कर्मचारियों की सेवाएं बिना किसी रुकावट के लगातार जारी रहेंगी। कुलगुरु प्रो. कैलाश डागा ने कहा- फिलहाल किसी भी SFAB कर्मचारी की नौकरी प्रभावित नहीं होगी। नियमित करने के लिए बनेगी कमेटी इन कर्मचारियों को पक्का (नियमित) करने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन विशेष कमेटी का गठन करेगा। यह कमेटी आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई के लिए राज्य सरकार से मार्गदर्शन मांगेगी। सरकार से हरी झंडी मिलते ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। शिक्षकों के प्रमोशन समय पर करने के निर्देश बैठक में मौजूद राज्यपाल के प्रतिनिधि ग्यारसी लाल जाट और वित्त विभाग के प्रतिनिधि सीआर देवासी ने शिक्षकों के हक में आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के प्रमोशन (CAS) से जुड़े मामलों को बेवजह पेंडिंग न रखा जाए। जिस शिक्षक का जो भी लाभ बनता है, उसे समय पर दिया जाना चाहिए, ताकि वे बिना किसी तनाव के पढ़ा सकें। यूनिवर्सिटी की कमाई बढ़ाने के लिए छात्र देंगे आइडिया वित्त विभाग के प्रतिनिधि सीआर देवासी ने यूनिवर्सिटी को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बेहतरीन सुझाव दिया। उन्होंने कहा- यूनिवर्सिटी को अपने राजस्व (कमाई) के स्रोत बढ़ाने की जरूरत है। इसके लिए उन्होंने सुझाव दिया कि यूनिवर्सिटी के छात्रों के बीच प्रतियोगिता आयोजित की जाए। इस प्रतियोगिता के जरिए छात्रों से कमाई बढ़ाने के नए और इनोवेटिव आइडिया मांगे जाएं। इससे छात्रों की भागीदारी भी बढ़ेगी और यूनिवर्सिटी को नए रास्ते भी मिलेंगे।
हरदा जिला अस्पताल के पुराने गेट पर शुक्रवार को एक महिला ने बच्ची को जन्म दिया। प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद महिला को अस्पताल लाया जा रहा था। इसी दौरान गेट पर ही उसकी डिलीवरी हो गई। अस्पताल की महिला सफाईकर्मी और महिला गार्ड ने तुरंत मदद की। प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा दोनों को महिला वार्ड में भर्ती कराया गया। दोनों सुरक्षित हैं। महिला की पहचान सरस्वती धुर्वे के रूप में हुई है। वह खारपा गांव की रहने वाली हैं। सरस्वती जिस खेत में मजदूरी कर रही थीं, वहीं उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। इसके बाद खेत मालिक रामनिवास पटेल उन्हें निजी वाहन से हरदा जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल के पुराने गेट पर पहुंचते ही महिला की डिलीवरी हो गई। सफाईकर्मी और महिला गार्ड ने कराई डिलीवरी महिला की डिलीवरी गेट पर होती देख अस्पताल की महिला सफाईकर्मी और महिला गार्ड ने तुरंत मदद की। दोनों ने सुरक्षित प्रसव कराया। इसके बाद सरस्वती और नवजात बच्ची को महिला वार्ड में भर्ती कराया गया। सीएमएचओ बोले- समय से पहले शुरू हुई प्रसव पीड़ा सीएमएचओ डॉ. एचपी सिंह ने बताया कि सरस्वती धुर्वे की डिलीवरी अक्टूबर में होनी थी, लेकिन उन्हें समय से पहले ही प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। शुरुआत में महिला को अस्पताल लाने के लिए एम्बुलेंस नहीं पहुंचने की बात सामने आई थी। हालांकि, खेत मालिक रामनिवास पटेल ने बताया कि उन्होंने एम्बुलेंस के लिए कॉल नहीं किया था। उनका कहना है कि समय बचाने के लिए वे सरस्वती को अपने निजी वाहन से ही हरदा लेकर आए थे।
मैनपुरी में धूमधाम से विसर्जन यात्रा:अबीर गुलाल उड़ाते नहर पुल पहुंचे, नम आंखों से गणपति बप्पा विदाई
मैनपुरी के ग्राम सहन में भगवान गणेश की सुबह आरती के बाद हर्षोल्लास के साथ विसर्जन किया गया। बैंड-बाजे के साथ श्रद्धालु नहर पुल पहुंचे। इस दौरान अबीर-गुलाल उड़ाते हुए श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश का आशीर्वाद लिया और नहर में प्रतिमा का विसर्जन किया। विसर्जन के दौरान गांव के पुरुषों और महिलाओं ने नम आंखों से गणपति बप्पा को विदाई दी। इस अवसर पर लल्ली पांडेय, रोहित पांडेय, अनुराग पांडेय, गौरी शंकर पांडेय, भमर सिंह, संग्राम सिंह, सत्येंद्र सिंह, बिपिन चौहान, मोनू ठाकुर, शिवओम पांडेय सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे।

