भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) समेत अन्य प्रोजेक्ट के तहत बड़े पैमाने पर हुई पेड़ों की कटाई के बदले किए जाने वाले क्षतिपूर्ति पौधरोपण मामले में नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (NGT) ने कड़ा रुख अपनाया है। एनजीटी ने 80 हजार पौधों के रोपण, करोड़ों के फंड का हिसाब मांगा है। इसकी रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है। पर्यावरणविद् नितिन सक्सेना विरुद्ध एनएचएआई व अन्य से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति श्योकुमार सिंह, विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने मंगलवार को आदेश पारित किया। जिसमें राज्य शासन, वन विभाग और भोपाल नगर निगम के रवैये पर कड़ी असंतुष्टि व्यक्त की। एनजीटी का बजटीय कोष के इस्तेमाल पर सवालएनजीटी ने वन विकास और डीएफओ (पर्यावरण वानिकी मंडल) से सीधा सवाल किया है कि वर्ष 2025 में पौधारोपण के लिए जो राशि जमा कराई गई थी, उससे वर्ष 2026 के मानसून सत्र में पौधरोपण की कार्रवाई क्यों नहीं की गई? पीसीसीएफ और वन बल प्रमुख को यह आदेश अभियान और कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिएपीठ ने भोपाल नगर निगम और डीएफओ को निर्देश दिए कि पिछले 5 वर्षों में रोपे गए उन सभी पौधों का हिसाब लगाया जाए, जो पानी या रखरखाव के अभाव में सूख गए हैं। उपलब्ध बजट की बचत राशि से तुरंत कैजुअल्टी रिप्लेसमेंट (मृत पौधों के स्थान पर नए पौधे) किया जाए, ताकि 100% उत्तरजीविता सुनिश्चित हो सके। पौधों के पूरी तरह स्थापित और बड़े होने तक नियमित पानी देने की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं। संबंधित विभागों के लिए सख्त समय-सीमापूर्व आदेश के बावजूद कोई जवाब पेश न करने पर ट्रिब्यूनल ने बीएमसी को अगली सुनवाई से पूर्व अनिवार्य रूप से जवाब देने का अंतिम अवसर दिया है। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 10 कार्य दिवस के भीतर अपनी स्थिति रिपोर्ट पेश करेगा। वन विभाग पेड़ों की कटाई के बदले जमा राशि के सत्यापन और एसडीओ द्वारा उठाए गए सवालों के निवारण के साथ 4 सप्ताह के भीतर अंतिम विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगा। 29 अक्टूबर को होगी सुनवाईमामले की गंभीरता को देखते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने सभी जिम्मेदार एजेंसियों को समय-सीमा के भीतर ठोस और सत्यापित रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। प्रकरण की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को नियत की गई है।
सोनीपत के सेक्टर-27 थाना क्षेत्र में एक महिला ने एक युवक पर कथित तौर पर हिंदू नाम और पहचान छिपाकर उससे दोस्ती करने, मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से शादी करने और बाद में मुस्लिम होने की जानकारी सामने आने के बाद मानसिक व शारीरिक शोषण करने के आरोप लगाए हैं। महिला ने आरोपी के परिजनों पर भी धमकी देने और उसके साथ दुर्व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर रक्षक सेना के प्रमुख मनजीत सिंह तिहाड़ा के नेतृत्व में 20 से अधिक सामाजिक व धार्मिक संगठनों का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को सेक्टर-27 थाने पहुंचा और SHO सवित कुमार से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की। महिला अपने करीब डेढ़ साल के बच्चे के साथ थाने पहुंची और पुलिस को अपने बयान दर्ज करवाए। इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी से दोस्ती कराने का आरोप शिकायत के अनुसार महिला मूल रूप से गांव पलड़ी, बड़ौत, जिला बागपत की रहने वाली है। वर्ष 2015 में उसकी शादी अमित नामक युवक से हुई थी। उसके तीन बच्चे हैं। पति से वर्ष 2022 में पंचायती तलाक होने के बाद वह बच्चों के साथ सोनीपत आकर रहने लगी। महिला का आरोप है कि सेक्टर-15 हाउसिंग बोर्ड में उसके मकान के ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाली रूबी और कल्पना ने उसकी परिस्थितियों का फायदा उठाया। रूबी ने इंस्टाग्राम पर ‘जैश’ नाम की आईडी के जरिए उसकी ‘जॉनी’ नाम के युवक से दोस्ती कराई। मंदिर में शादी के चार महीने बाद सामने आई पहचान महिला के अनुसार 29 जून 2023 को कामी रोड स्थित एक गैराज में उसकी आरोपी से पहली मुलाकात हुई। आरोपी ने खुद को हिंदू और अविवाहित बताते हुए उससे शादी करने तथा उसके बच्चों को अपना नाम देने की बात कही। इसके बाद 29 जुलाई 2023 को मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से सात फेरे लिए गए। महिला का आरोप है कि शादी के करीब चार महीने बाद आरोपी की पहली पत्नी कनीज तीन बच्चों के साथ कमरे पर पहुंची। इसके बाद उसे पता चला कि जॉनी का असली नाम जावेद है और वह पहले से शादीशुदा है। मकान किराए पर लेने में भी गलत पहचान बताने का आरोप महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी ने मकान किराए पर लेते समय मकान मालिक को अपना नाम अमित बताया और कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल किया। महिला के अनुसार बाद में उसे उत्तर प्रदेश के बुढ़ाना ले जाया गया, जहां वह गर्भवती हुई और उसने एक बेटे को जन्म दिया। महिला का यह भी आरोप है कि उसने अपनी मां से जमीन बिकवाकर आरोपी के इलाज में लाखों रुपये खर्च किए। जेठों पर छेड़छाड़ और जबरन संबंध बनाने के दबाव का आरोप महिला ने आरोपी के दो बड़े भाइयों इमरान खान और मोमिन खान पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि जब वह घर में अकेली होती थी तो दोनों उसके साथ छेड़छाड़ करते और जबरन शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालते थे। विरोध करने पर मारपीट करने का भी आरोप लगाया गया है। महिला के इन आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही पुष्टि हो सकेगी। धमकी मिलने का आरोप, सुरक्षा की मांग महिला ने पुलिस को बताया कि आरोपी की पहली पत्नी कनीज के मायके पक्ष के लोग, उसके भाई और अन्य लोग उसे फोन पर तथा घर आकर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। रक्षक सेना ने महिला और उसके चार नाबालिग बच्चों को पुलिस सुरक्षा देने तथा महिला सुरक्षा सेल के माध्यम से उसके बयान दर्ज करवाने की मांग की। 20 से अधिक संगठनों ने की कार्रवाई की मांग प्रतिनिधिमंडल में विश्व हिंदू परिषद, आर्य समाज, हिंदू सेना परिषद, रामराज सेवा समिति, गौरक्षा दल, अखंड हिंदू परिषद, अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद, शिवसेना, मंदिर रक्षा समिति, जन सेवा परिषद, बजरंग दल समेत 20 से अधिक सामाजिक व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। संगठनों ने मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ शिकायत के आधार पर निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। तिहाड़ा ने कहा- कार्रवाई नहीं हुई तो महापंचायत करेंगे रक्षक सेना प्रमुख मनजीत सिंह तिहाड़ा ने कहा कि यदि मामले में पुलिस या प्रशासन की ओर से लापरवाही बरती गई और समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो हिंदू संगठनों व सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर हिंदू महापंचायत बुलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। मामले में महिला द्वारा लगाए गए पहचान छिपाने, विवाह, शोषण, धमकी और मारपीट संबंधी आरोपों की पुलिस जांच करेगी। प्रतिनिधिमंडल ने थाना प्रभारी से शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई और पीड़िता को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
डूंगरपुर के वसी जीएसएस से जुड़े गांवों में बुधवार को 4 घंटे बिजली बंद रहेगी। मेंटेनेंस के काम के चलते सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक बिजली सप्लाई ठप रहेगी। बिजली कंपनी 33/11 केवी वसी जीएसएस पर जरूरी मेंटेनेंस का काम करेगी। एमएस पावर एंड इंस्ट्रूमेंटेशन (गुजरात) लिमिटेड आरडीएसएस टीएन-102 योजना के तहत गड़ा मोरैया फीडर पर काम कर रही है। इसी काम को पूरा करने के लिए वसी जीएसएस पर शटडाउन लिया जाएगा। इस दौरान जीएसएस से जुड़े सभी गांवों में बिजली नहीं आएगी। बिजली कंपनी ने ग्रामीणों से गुजारिश की है कि वे इस समय को ध्यान में रखकर अपने जरूरी काम पहले ही निपटा लें। अधिकारियों ने बताया कि काम पूरा होने के बाद बिजली सप्लाई फिर से शुरू कर दी जाएगी।
कोरबा के मलदा घाट में कुछ दिन पहले एक प्लॉट के पास बनी डबरी के पास अज्ञात व्यक्ति की सड़ी-गली लाश मिली थी। शव काफी पुराना होने के कारण उसकी हालत खराब हो चुकी थी। पुलिस ने जांच शुरू कर शव की पहचान कराने की कोशिश की। अब मृतक की पहचान बुधराम गोंड के रूप में हुई है। यह मामला कटघोरा थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक, बुधराम करीब 50 से 55 साल का था और जुराली गांव में अपनी पत्नी के साथ रहता था। उसकी पत्नी कटघोरा में मजदूरी करती है। एडिशनल एसपी लखन पटले ने बताया कि बुधराम की तबीयत पिछले कुछ दिनों से ठीक नहीं थी। उसे लकवे की शिकायत थी और चलने-फिरने में भी परेशानी होती थी। वह घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। बाद में उसकी लाश मलदा घाट के एक प्लॉट में बनी डबरी के पास मिली। शव मिलने के बाद पुलिस ने पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। आसपास के थाना क्षेत्रों में सूचना देकर गुमशुदा लोगों की जानकारी भी जुटाई गई, जिसके बाद मृतक की पहचान हो सकी। एडिशनल एसपी ने बताया कि प्रथम दृष्टया बीमारी के कारण मौत होने की आशंका है, लेकिन पुलिस किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों को सूचना दे दी गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
अजमेर पुलिस ने 26 साल से फरार डकैती के आरोपी को मध्यप्रदेश से गिरफ्तार किया है। आरोपी को पकड़ने के लिए टीम एमपी के अलग-अलग गांवों में मजदूर और पोस्टमैन का भेष बदलकर घूमी। इसके बाद उसे पकड़कर अजमेर लेकर आई। आरोपी के खिलाफ कोर्ट से स्थायी गिरफ्तारी वारंट भी जारी था। मामला मांगलियावास थाने का है। पेट्रोल पंप पर डकैती कर भागा था आरोपी थाना प्रभारी हरीश चौधरी ने बताया कि डकैत दल्ला उर्फ रमेश बारिया (50) निवासी नेगड़िया, थाना कल्याणपुर, जिला झाबुआ, मध्यप्रदेश को पकड़कर अजमेर लेकर आए है। आरोपी ने 3 अप्रैल 2000 को एनएच-8 स्थित बैणा देवी पेट्रोल पंप, सरहद मांगलियावास पर साथियों के साथ डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। मामले में उसके कुछ साथी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं और कोर्ट में चालान पेश किया जा चुका है। आरोपी दल्ला वारदात के बाद से फरार चल रहा था। तब से पुलिस को उसकी तलाश थी। पुलिस से अपनी पहचान छुपाने की कोशिश की फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए थाना प्रभारी हरीश चौधरी के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। टीम मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में मजदूर और पोस्टमैन का भेष बदलकर घूमी और आरोपी की तलाश की। आरोपी ने पकड़े जाने के बाद भी पुलिस टीम को गुमराह करने और भागने की कोशिश की। पूछताछ, स्थानीय थाना और ग्रामीणों के जरिए उसकी पहचान दल्ला उर्फ रमेश के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने कोर्ट से जारी स्थायी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
मुरादाबाद में सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज गुलाबबाड़ी में मंगलवार को स्वच्छता दिवस मनाया गया। इसके साथ स्वदेशी उद्यमिता सप्ताह भी मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को स्वदेशी वस्तुएं अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देने की अपील वंदना सत्र में नगर करवाह, पीतल नगरी हंसराज सैनी और सह नगर संघचालक पीतल नगरी धनसिंह ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। धनसिंह ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत करने के लिए स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से देश में बनी चीजों का इस्तेमाल करने की अपील की। कला प्रतियोगिता और सफाई अभियान कार्यक्रम के दौरान कला प्रतियोगिता भी कराई गई। इसका आयोजन आचार्य शैलेंद्र कुमार ने किया। इसके बाद आचार्य नीरज कुमार के नेतृत्व में विद्यार्थी और शिक्षक अटल घाट पहुंचे। यहां सफाई अभियान चलाया गया। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने घाट परिसर की सफाई की। अभियान के दौरान लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया गया।
अयोध्या में सेवा कार्य आयोजित:जिला उपाध्यक्ष ने अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों को फल वितरित किए
अयोध्या में पिछड़ा मोर्चा के अयोध्या जिला उपाध्यक्ष अजीत मौर्य ने स्वर्गीय श्यामलाल मौर्य की पुण्यतिथि पर सेवा कार्य किया। उन्होंने नगर पंचायत कुमारगंज स्थित 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय पहुंचकर मरीजों और उनके तीमारदारों को फल वितरित किए। अजीत मौर्य ने फल की किट तैयार कर मरीजों और तीमारदारों को केले व सेब बांटे। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय श्यामलाल मौर्य की पुण्यतिथि पर जरूरतमंद और बीमार लोगों के बीच पहुंचकर उनकी सेवा करना उन्हें याद करने का बेहतर माध्यम है। उन्होंने कहा कि श्यामलाल मौर्य हमेशा गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए तत्पर रहते थे। उनके निधन के बाद भी उनकी स्मृतियां और सेवा भाव लोगों के बीच जीवित हैं। इस दौरान अस्पताल में मौजूद मरीजों और तीमारदारों ने फल वितरण की सराहना की। कार्यक्रम में लोगों ने स्वर्गीय श्यामलाल मौर्य के चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। इस अवसर पर राघवेंद्र सिंह विक्की, सुरेंद्र पांडे, इसौली भारी के प्रधान आशीष सिंह, भाजपा नेता अजय सिंह, शिवम मौर्य, डॉ. संतोष सिंह, डॉ. अरविंद मौर्य, डॉ. गणेश लाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
जींद में नरवाना के एमएम कॉलेज में टैलेंट सर्च शो के दौरान दो छात्र गुट आपस में भिड़ गए। छात्रों ने एक दूसरे पर कुर्सियां फेंकी। विवाद बढ़ने पर कॉलेज प्रशासन को कार्यक्रम बीच में रोककर पुलिस बुलानी पड़ी। मामला शांत होने के बाद दोबारा कार्यक्रम शुरू करना पड़ा। कॉलेज प्राचार्या इसे बाहर से आए लोगों की शरारत बताया है। हालांकि कॉलेज प्रशासन की तरफ से पुलिस को मामले की लिखित शिकायत नहीं दी गई है। आपस में भिड़े छात्र गुट जानकारी के अनुसार मंगलवार को एमएम राजकीय महाविद्यालय में टैलेंट शो कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। इसी दौरान दो छात्र गुटों में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसमें दोनों तरह से थप्पड़ मुक्कों व लात घुसों के साथ एक दूसरे पर कुर्सियां फेंकी गई। जिससे कार्यक्रम में भगदड़ मच गई। जिससे कॉलेज प्रशासन को कार्यक्रम बीच में रोककर स्थिति को कंट्रोल करने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। जिसके बाद कार्यक्रम दोबारा शुरू हो पाया। आउट साइडरों का विवाद कॉलेज प्राचार्या डॉ. मीनू सिंह ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान कॉलेज की दीवार फांदकर कुछ आउटसाइडर अंदर घुस आए थे। जिन्होंने कार्यक्रम में पहुंचकर विवाद किया। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने सभी को पकड़कर कॉलेज से बाहर निकाल दिया। कुछ समय के लिए कार्यक्रम रोकना पड़ा था। कार्यक्रम पूरा हुआ और तीन बजे तक चला। नहीं मिली लिखित शिकायत नरवाना शहर थाना प्रभारी पूर्ण दास ने कहा कि कॉलेज में छात्र गुटों का विवाद हुआ था। सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को कंट्रोल कर लिया था। कॉलेज प्रशासन की तरफ से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है।
सीहोर जिले में जनभागीदारी के तहत हुई कथित संदिग्ध और फर्जी भर्तियों के विरोध में NSUI का अनिश्चितकालीन धरना और अनशन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। जिला अध्यक्ष हरिओम सिसोदिया के नेतृत्व में चल रहे प्रदर्शन में संगठन ने नियुक्तियों की निष्पक्ष जांच कराने और नियमविरुद्ध तरीके से की गई नियुक्तियों को रद्द करने की मांग की है। नियुक्तियों में धांधली का लगाया आरोप NSUI ने आरोप लगाया कि जनभागीदारी की भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं। संगठन ने मांग की कि संदिग्ध नियुक्तियों को तत्काल रद्द किया जाए और पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए। NSUI का कहना है कि योग्य और शिक्षित युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर रोजगार के अवसर मिलना चाहिए। पारदर्शी प्रक्रिया और जांच की मांग NSUI की प्रमुख मांगों में संदिग्ध भर्तियों को रद्द करना, भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता लाना और सामने आई अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराना शामिल है। संगठन ने कहा कि जब तक मामले की जांच पूरी नहीं होती, तब तक संबंधित नियुक्तियों को लेकर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने धरने को दिया समर्थन NSUI ने वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से प्रदर्शन में शामिल होकर युवाओं की मांगों का समर्थन करने की अपील की है। धरना स्थल पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती, शहर कांग्रेस अध्यक्ष घनश्याम यादव समेत कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बुलंदशहर में मंगलवार शाम 5 बजे फिल्म ‘हनुमान अंश’ के मुख्य अभिनेता शोभिनव सत्या ने भाजपा जिला कार्यालय पर पत्रकार वार्ता की। उनके साथ अभिनेत्री पूर्णिमा तिवारी भी मौजूद रहीं। शोभिनव ने फिल्म से जुड़े अनुभव साझा किए। शूटिंग के दौरान आई चुनौतियों और फिल्म के उद्देश्य पर भी बात की। प्रशंसकों ने किया गर्मजोशी से स्वागत शोभिनव सत्या के आने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में प्रशंसक और स्थानीय लोग जुट गए। अभिनेता ने प्रशंसकों से मुलाकात की। उनसे बातचीत की और तस्वीरें खिंचवाईं। इसके पहले बुलंदशहर में मंगलवार दोपहर 1 बजे रोड शो निकाला गया। इसमें बड़ी संख्या में प्रशंसक शामिल हुए और जगह-जगह उनका स्वागत किया। बोले- किरदार के लिए दिव्य आशीर्वाद जरूरी पत्रकारों से बातचीत में शोभिनव सत्या ने कहा कि इस किरदार को निभाने के लिए उन्हें अलग से कोई विशेष प्रयास नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि सामान्य किरदार के लिए प्रतिभा और कौशल जरूरी है। किसी महान संत का चरित्र निभाने के लिए उनका दिव्य आशीर्वाद भी जरूरी होता है। निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी के सहज व्यवहार और सहयोगी माहौल से उन्हें काम करने में आसानी हुई। बॉक्स ऑफिस से ज्यादा शिक्षाओं को पहुंचाना उद्देश्य शुरुआती बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को लेकर शोभिनव ने कहा कि फिल्म का उद्देश्य व्यावसायिक लाभ कमाना नहीं था। फिल्म के जरिए महान संत की शिक्षाओं को घर-घर तक पहुंचाना मकसद था। उन्होंने कहा कि बाबा के आशीर्वाद और जनता के प्यार से फिल्म को यह मुकाम मिला है। संत की शिक्षाओं को अपनाकर समाज के कई दुख-दर्द दूर किए जा सकते हैं। सहायक निर्देशक से मुख्य अभिनेता बनने का सफर शोभिनव सत्या ने बताया कि वे हनुमान अंश फिल्म में सहायक निर्देशक के तौर पर काम कर रहे थे। पहले से तय मुख्य कलाकार की तबीयत खराब होने के कारण शूटिंग रुकने की स्थिति बन गई थी। फिल्म से कई लोगों की मेहनत और उम्मीदें जुड़ी थीं। निर्देशक और टीम को लगा कि उनका चेहरा और व्यक्तित्व बाबा के स्वरूप से मिलता है। निर्देशक के आग्रह और बाबा की प्रेरणा से उन्होंने ऑडिशन दिया। इसके बाद उन्होंने मुख्य भूमिका स्वीकार कर ली।
करनाल पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम ने रामनगर थाना क्षेत्र से एक आरोपी को 1 किलो 307 ग्राम गांजा फूल-पत्ती सहित गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ रामनगर थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को मंगलवार को कोर्ट में पेश कर पुलिस हिरासत रिमांड लिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक करनाल करन गोयल के मार्गदर्शन में जिले में नशा तस्करों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स सेल के प्रभारी सब- इंस्पेक्टर राजन के नेतृत्व में टीम रामनगर थाना क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने मोहम्मद नौशाद निवासी शिव कॉलोनी, थाना रामनगर, करनाल को काबू किया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 1 किलो 307 ग्राम गांजा फूल-पत्ती बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी को नियमानुसार गिरफ्तार कर लिया। सप्लाई से जुड़े पहलुओं पर होगी पूछताछ पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रामनगर थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर पुलिस हिरासत रिमांड लिया जाएगा। रिमांड के दौरान पुलिस नशीले पदार्थ की सप्लाई से जुड़े अन्य पहलुओं और इसमें शामिल लोगों के बारे में पूछताछ करेगी। मामले में आगामी जांच जारी है। नशे की जानकारी पुलिस को देने की अपील करनाल पुलिस ने आमजन से अपील की है कि जिले में कहीं भी नशे की तस्करी या अन्य अवैध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें। पुलिस ने कहा कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
किसान नेता और किसान मसीहा के रूप में पहचान रखने वाले बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की 91वीं जयंती पर मंगलवार को सिसौली में कार्यक्रम आयोजित किया गया। उनकी जन्मस्थली सिसौली में आयोजित कार्यक्रम में मेरठ से जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता पहुंचे। कार्यकर्ता सबसे पहले भुनी टोल प्लाजा पर एकत्र हुए। यहां से सभी सिसौली के लिए रवाना हुए और जयंती कार्यक्रम में शामिल हुए। सिसौली में गुरु ग्रंथ साहिब का अखंड पाठ और हवन-यज्ञ आयोजित किया गया। कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में शामिल होकर बाबा टिकैत को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी समेत कार्यकर्ताओं ने बाबा टिकैत के दिखाए रास्ते पर चलने और किसानों के हितों के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया। जयंती के अवसर पर आयोजित रक्तदान शिविर में कार्यकर्ताओं ने 51 यूनिट रक्तदान किया। जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने कहा कि बाबा टिकैत ने किसानों की आवाज को मजबूती से उठाया और उनके अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष किया। उनके विचार और संघर्ष आज भी किसानों के लिए प्रेरणा हैं।
न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदे गए गेहूं का भुगतान नहीं होने से परेशान किसानों ने मंगलवार को उपखंड अधिकारी श्याम सुंदर बेनीवाल से मुलाकात कर जल्द भुगतान करवाने की मांग की। किसान प्रतिनिधियों ने बताया कि हनुमानगढ़ जंक्शन धानमंडी में एमएसपी पर खरीदे गए गेहूं का करीब साढ़े सात करोड़ रुपए का भुगतान अभी तक किसानों को नहीं मिला है। किसानों ने कहा कि कई महीने से भुगतान अटका होने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रेशम सिंह माणुका ने बताया कि इस वर्ष अप्रैल माह से किसान अपना गेहूं धानमंडी में लेकर आने लगे थे। जंक्शन धानमंडी में एमएसपी पर खरीदे गए गेहूं का करीब साढ़े सात करोड़ रुपए का भुगतान बकाया है। उन्होंने बताया कि कई बार जिला कलेक्टर और जिला रसद अधिकारी को इस समस्या से अवगत करवाया गया, लेकिन हर बार जल्द भुगतान होने और जांच चलने की बात कही गई। उन्होंने मांग की कि जिन किसानों ने एमएसपी पर सरकार को गेहूं बेचा है, उन्हें जल्द भुगतान किया जाए। साथ ही जिन मामलों में भ्रष्टाचार या अनियमितता सामने आई है, उनमें दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। माणुका ने कहा कि पहले बताया गया था कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी और किसानों का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा, लेकिन अब किसानों का भुगतान ही अटक गया है। उन्होंने बताया कि कई किसानों के 21-21 लाख रुपए तक अटके हुए हैं। ऐसे किसान पिछले चार-पांच महीने से इस राशि पर करीब 42 हजार रुपए ब्याज का भार भी उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से अब किसानों को व्यक्तिगत रूप से अपनी समस्या बताने के लिए कहा जा रहा है, जबकि सरकार के पास पर्याप्त कर्मचारी और सिस्टम होने के बावजूद अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है। एक ही परिवार के किसानों के भुगतान में भी अड़चन रेशमसिंह माणुका ने बताया कि कई किसानों ने अलग-अलग खरीद एजेंसियों में अपना पंजीयन करवाया था, लेकिन गेहूं एक ही बार बेचा। ऐसे मामलों को धोखाधड़ी नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में दो भाई एक ही खाते में हैं। एक भाई ने पहले पंजीयन करवाकर अपने दस्तावेजों के आधार पर गेहूं बेचा। बाद में दूसरे भाई ने अपने हिस्से की गेहूं की फसल बेच दी, लेकिन उसका भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में किसानों से पांच सौ रुपए के स्टाम्प पर दस्तावेज देने और अपने भाई के खिलाफ एफआईआर करवाने के लिए कहा जा रहा है। उनका कहना है कि जब दूसरे भाई ने अपने दस्तावेज दिए ही नहीं और अपने हिस्से की गेहूं अपने खाते में बेची है तो उसका भुगतान रोका जाना उचित नहीं है।‘भुगतान नहीं कर सकते तो गेहूं ही वापस करें’किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार ने किसानों से गेहूं खरीद लिया है, लेकिन भुगतान नहीं किया जा रहा। उन्होंने मांग की कि किसानों के मामलों का शीघ्र निस्तारण कर भुगतान करवाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार के पास भुगतान के लिए राशि नहीं है तो कम से कम किसानों का गेहूं ही वापस कर दिया जाए। इस पर एसडीएम श्याम सुंदर बेनीवाल ने किसान प्रतिनिधियों से कहा कि वे पूरी जानकारी लिखित रूप में उपलब्ध करवाएं। इसके आधार पर पत्र उच्च स्तर पर भेजकर आवश्यक कार्रवाई के लिए मामला रखा जाएगा। इस मौके पर सुभाष गोदारा सहित कई अन्य किसान प्रतिनिधि व किसान मौजूद रहे।
डॉलर का लालच दे महिला से 1.85 लाख की ठगी:पाकिस्तान के नंबर से आया फोन, डरा-धमकाकर बार-बार मांगे रुपए
कटनी के ग्राम उबरा की महिला ममता बाई कोल साइबर ठगी का शिकार हुईं। ठगों ने उन्हें डॉलर का झांसा देकर 1.85 लाख रुपए ऐंठ लिए। बाद में ठगों ने धमकाना भी शुरू कर दिया। करीब 20-22 दिन पहले ममता बाई को इंस्टाग्राम आईडी 'राजपूत फाज' और अज्ञात नंबर से कॉल आया। उन्हें बताया गया कि लकी ड्रॉ में उनके नाम 4 लाख रुपए के अमेरिकी डॉलर निकले हैं, जो मामूली फीस जमा कर खाते में आ जाएंगे। पैसों की जरूरत के कारण महिला ठगों के झांसे में आ गईं और 7 किस्तों में कुल 1.85 लाख रुपए दे दिए। इसके बाद भी ठग 30,000 रुपए और मांगते रहे। पीड़िता को पाकिस्तान (+92) के नंबर से कॉल कर कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया गया। एसपी से शिकायत पीड़िता ने कटनी एसपी अभिनव विश्वकर्मा को मंगलवार को शिकायत दी। एएसपी कमल मौर्य ने बताया कि मामले को साइबर सेल को सौंपा गया है। पुलिस यूपीआई आईडी, बैंक खातों और पाकिस्तानी नंबर की जांच कर रही है।
कृषि उपज मंडी में मंगलवार को जिंसों के भाव में उतार-चढ़ाव के बीच कई प्रमुख फसलों में तेजी नजर आई। जीरा, इसबगोल, सौंफ, मूंग, मोठ और तिल के भाव मजबूत रहे। जीरा 24,500 रुपए प्रति क्विंटल के उच्चतम स्तर पर पहुंचा, जबकि इसबगोल 16,800 और सौंफ 13,500 रुपए तक बिकी। विराट चमकी मूंग का भाव भी 9,050 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गया। जीरे में मजबूती, 24,500 रुपए तक पहुंचा भाव 6 अक्टूबर को मंडी में जीरे का भाव 20,000 से 24,500 रुपए प्रति क्विंटल रहा। इसका औसत भाव 23,000 रुपए दर्ज हुआ। सौंफ 8,000 से 13,500 रुपए और इसबगोल 12,000 से 16,800 रुपए प्रति क्विंटल तक बिका। इसबगोल का औसत भाव 14,000 रुपए रहा। मूंग और ग्वार में भी अच्छे भाव विराट चमकी मूंग के भाव 8,600 से 9,050 रुपए प्रति क्विंटल रहे। इसका औसत भाव 8,800 रुपए रहा। सामान्य मूंग 7,800 से 8,500 रुपए और ग्वार 6,000 से 6,780 रुपए प्रति क्विंटल बिका। मोठ 7,300 और तिल 12,500 रुपए तक मंडी में मोठ का भाव 6,000 से 7,300 रुपए और चना 6,000 से 6,750 रुपए प्रति क्विंटल रहा। ज्वार 5,000 से 5,950 रुपए तक बिका। काला तिल 10,000 से 11,500 रुपए और सफेद तिल 10,500 से 12,500 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंचा। असालिया के भाव 6,000 से 6,500 रुपए और दाना मैथी के 6,000 से 6,500 रुपए रहे। सिंधी सुवा 6,500 से 9,000 रुपए तथा तारामीरा 6,500 से 6,900 रुपए प्रति क्विंटल बिका। सरसों (रायड़ा) का 40 प्रतिशत फैट के आधार पर भाव 8,300 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। मंडी में सबसे ऊंचे भाव वाली जिंसें मंगलवार को मंडी में सबसे ऊंचा भाव जीरे का 24,500 रुपए रहा। इसके बाद इसबगोल 16,800, सौंफ 13,500, सफेद तिल 12,500 और काला तिल 11,500 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंचा। कुल मिलाकर मंडी में कई प्रमुख जिंसों में तेजी का रुख रहा, जबकि अलग-अलग क्वालिटी के अनुसार भावों में अंतर देखने को मिला।
जिला अस्पताल में एक दिन की नवजात बच्ची की गला दबाकर हत्या के मामले का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा कर दिया। कोतवाली पुलिस की जांच में सामने आया है कि नवजात की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसकी मां ने ही की थी।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर मंगलवार को सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ तहसील मुख्यालय पर विशाल 'वोट बचाओ - देश बचाओ मार्च' का आयोजन किया गया। समाजवादी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मणेन्द्र मिश्रा के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ताओं ने गड़ाकुल तिराहे से संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तक जोरदार पैदल मार्च निकाला। संविधान के अनुच्छेद 326 का किया सार्वजनिक पाठ मार्च के समापन पर कार्यकर्ताओं ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इसके उपरांत सभी ने राष्ट्रगान का गायन किया और लोकतंत्र तथा वोट के अधिकार की रक्षा के लिए संकल्प लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मणेन्द्र मिश्रा ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 का सार्वजनिक रूप से पाठ किया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को समझाते हुए कहा कि यह अनुच्छेद भारत के हर नागरिक को 'सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार' की गारंटी देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि निष्पक्ष चुनाव प्रणाली पर हमला करके देश के लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, जिसे समाजवादी पार्टी कभी सफल नहीं होने देगी। निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता बचाने के लिए सपा आंदोलनरत: मणेन्द्र मिश्रा सपा नेता मणेन्द्र मिश्रा ने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता और साख को बनाए रखने के लिए समाजवादी पार्टी सड़क से लेकर संसद तक आंदोलनरत है। जनता के वोट के अधिकार पर किसी भी तरह का डाका बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निष्पक्ष चुनाव ही लोकतंत्र की आत्मा हैं और इसके लिए सपा कार्यकर्ता अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ेंगे। इस मार्च की अगुवाई शोहरतगढ़ विधानसभा अध्यक्ष हरिनारायण यादव, अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष शकील शाह, छात्र सभा के राष्ट्रीय सचिव अजय चौरसिया, सैनिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष व पूर्व नगर पंचायत प्रत्याशी गोपाल फौजी, जोनल प्रभारी राकेश दुबे, घनश्याम यादव और संजय यादव ने संयुक्त रूप से की।
सीतापुर शहर के तामसेनगंज मोहल्ले में नजूल भूखंड पर बने ऐतिहासिक मुरली निवास को लेकर प्रशासन ने मंगलवार को कार्रवाई शुरू कर दी। नजूल भूमि पर कब्जे की शिकायत के बाद डीएम न्यायालय की ओर से संबंधित पट्टेदारों को नोटिस जारी किया गया है। मंगलवार को प्रशासनिक टीम ने परिसर में नोटिस चस्पा कर 15 दिन के भीतर अपना जवाब डीएम न्यायालय में दाखिल करने के निर्देश दिए। प्रशासन के अनुसार मुरली निवास करीब दो बीघा क्षेत्रफल में बना है। इसकी वर्तमान अनुमानित कीमत करीब चार करोड़ रुपए बताई जा रही है। मुरली निवास ऐतिहासिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। यह स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्व आचार्य नरेंद्र देव की जन्मभूमि रही है। 15 अगस्त को हुई थी नजूल भूमि पर कब्जे की शिकायत मुरली निवास स्थित नजूल भूमि पर कब्जे की शिकायत 15 अगस्त को दिनेश जायसवाल ने की थी। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की। जांच के बाद डीएम न्यायालय में प्रकरण चलाया जा रहा है और संबंधित पट्टेदारों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। जवाब और अभिलेखों के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई नायब तहसीलदार सदर विवेक तिवारी ने बताया कि मुरली निवास के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी। इसी आधार पर डीएम न्यायालय में प्रकरण चल रहा है। संबंधित पट्टेदारों को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया है। जवाब और उपलब्ध राजस्व अभिलेखों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की कार्रवाई के बाद मुरली निवास को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल नोटिस चस्पा कर संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। इसके बाद अभिलेखों और पट्टेदारों के जवाब के आधार पर मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र के नावाडीह जंगल में मंगलवार को लगातार तीन बम ब्लास्ट होने से इलाके में हड़कंप मच गया। ब्लास्ट की आवाज सुनकर ग्रामीण जब जंगल की ओर पहुंचे तो वहां तीन जानवर मृत अवस्था में मिले। इनमें एक ग्रामीण का पालतू सूअर, एक कुत्ता और एक जंगली सियार शामिल है। ग्रामीणों के अनुसार, प्रथम दृष्टया आशंका जताई जा रही है कि जंगल में शिकार के लिए बम का इस्तेमाल किया गया था। ग्रामीणों ने बताया कि ब्लास्ट के बाद घटनास्थल के आसपास दो संदिग्ध लोग घूमते दिखाई दिए। ग्रामीणों ने जब उन्हें पकड़ने का प्रयास किया तो दोनों जंगल के रास्ते भाग निकले। हालांकि, मौके पर उनकी एक स्कूटी, बैग और कुछ कपड़े छूट गए। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना कटकमदाग थाना पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल से बरामद स्कूटी तथा अन्य सामान को जब्त कर थाने ले आई। पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी वन विभाग को भी दी है। कटकमदाग थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी ने बताया कि मामले की सूचना वन विभाग को दे दी गई है और आगे की कार्रवाई वन विभाग की ओर से की जाएगी। वहीं, क्षेत्र के वनरक्षी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि घटना में एक जंगली जानवर की मौत हुई है। जंगल में बम के माध्यम से वन्यजीवों का शिकार करना पूरी तरह गैरकानूनी है। थाना पुलिस से सूचना प्राप्त हुई है और घटनास्थल से एक स्कूटी बरामद की गई है। वाहन और मौके से मिले सामान के आधार पर घटना में शामिल लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। वन विभाग की ओर से मामले में कठोर कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय ग्रामीण सर्वजीत कुमार ने बताया कि नावाडीह के जंगल में नीलगाय और जंगली सूअर बड़ी संख्या में मौजूद हैं। उनका आरोप है कि इन्हीं जानवरों के शिकार के लिए शिकारी जंगल में पहुंचते हैं। उन्होंने पुलिस और वन विभाग से मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
नोएडा के पांच स्कूलों को सोमवार सुबह बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिला। ई-मेल सुबह करीब सवा 9 बजे आया। इसमें फॉर्च्यून वर्ल्ड, एमिटी, खेतान और बाल भारती समेत पांच स्कूलों में धमाका करने की धमकी दी गई थी। स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉयड स्कूलों में पहुंचे। एहतियात के तौर पर स्कूलों में मौजूद बच्चों को इमारतों से बाहर निकालकर खुले और सुरक्षित स्थानों पर एकत्र किया गया। जांच पूरी होने तक विद्यार्थी वहीं रहे। शिक्षक और स्कूल स्टाफ भी पुलिस टीम के निर्देश पर सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करते रहे। कक्षाओं से लेकर स्टोर रूम तक जांच पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने स्कूल परिसर के अलग-अलग हिस्सों की बारीकी से जांच की। टीम ने कक्षाओं, स्टाफ रूम, प्रयोगशालाओं, गलियारों, सीढ़ियों, शौचालयों और स्टोर रूम समेत अन्य संवेदनशील स्थानों को चेक किया। स्कूल की इमारत के अंदर और बाहर रखे सामान की भी जांच की गई। परिसर में खड़े वाहनों और आसपास के हिस्सों को भी देखा गया। डॉग स्क्वॉयड की मदद से संदिग्ध वस्तुओं की तलाश की गई। कई घंटे चली जांच, कुछ संदिग्ध नहीं मिला कई घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस और सुरक्षा टीमों को स्कूल परिसरों से कोई बम या अन्य संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। जांच के बाद पुलिस ने धमकी को अफवाह बताया। इसके बाद स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थिति सामान्य की गई। ई-मेल भेजने वाले की तलाश धमकी भरा ई-मेल भेजने वाले की तलाश में पुलिस की साइबर टीम जुट गई है। टीम ई-मेल के तकनीकी विवरण की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ई-मेल किस माध्यम से भेजा गया और इसे भेजने के पीछे कौन व्यक्ति है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सभी सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए स्कूलों की जांच कराई गई है। तलाशी के दौरान किसी तरह की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।
चित्रकूट जेल में बंद रहे माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी और उसकी पत्नी निकहत बानो की जेल में कथित अवैध मुलाकात से जुड़े मामले में मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकी। एक अधिवक्ता के निधन पर आयोजित शोकसभा के चलते अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। अब मामले में अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी। मामला बांदा के भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में विचाराधीन है। इससे पहले 28 सितंबर को हुई सुनवाई में अब्बास अंसारी और निकहत बानो कोर्ट में पेश नहीं हुए थे। वहीं आगरा जेल में बंद तत्कालीन जेल वार्डर जगमोहन को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश किया गया था। मामले में फराज खान की ओर से दाखिल उन्मोचन (डिस्चार्ज) प्रार्थना पत्र पर भी सुनवाई हुई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद अगली सुनवाई के लिए 6 अक्टूबर की तारीख तय की गई थी। मंगलवार को एक अधिवक्ता के निधन पर न्यायालय परिसर में शोकसभा आयोजित की गई। अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। इसके बाद न्यायालय ने अगली तारीख 15 अक्टूबर निर्धारित कर दी। 10 फरवरी 2023 की छापेमारी से सामने आया था मामला यह मामला 10 फरवरी 2023 को चित्रकूट जेल में तत्कालीन डीएम और एसपी की संयुक्त छापेमारी के बाद सामने आया था। छापेमारी के दौरान निकहत बानो के जेल अधीक्षक के कमरे में मिलने की बात सामने आई थी। आरोप था कि वह जेल में बंद अपने पति अब्बास अंसारी से नियमों को दरकिनार कर मुलाकात करती थी। मामले की जांच एसआईटी ने की थी। प्रकरण में अब्बास अंसारी और निकहत बानो के अलावा जेल से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों समेत अन्य लोगों को भी आरोपित बनाया गया है। मामले में आरोपितों की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्रों और अन्य कानूनी बिंदुओं पर न्यायालय में सुनवाई चल रही है। अब मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी। उस दिन न्यायालय में मामले से जुड़े लंबित प्रार्थना पत्रों और अन्य कानूनी बिंदुओं पर सुनवाई आगे बढ़ने की उम्मीद है।
सोनीपत जिले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और बाहरी लोगों की पहचान पुख्ता करने के लिए पुलिस ने बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है। पुलिस आयुक्त ममता सिंह (IPS, ADGP) के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान के तहत किराएदारों, कर्मचारियों और अन्य बाहरी व्यक्तियों के कुल 1173 'पर्चे अजनबी' (Stranger Roll) जारी किए गए हैं। इसका उद्देश्य जिले में संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखना और गैर कानूनी गतिविधियों पर अंकुश लगा कर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाना है। पुलिस प्रवक्ता रविंद्र सिंह ने मंगलवार को बताया कि सोनीपत पुलिस की अलग-अलग टीमों ने जिले के तीनों जोन में कार्रवाई करते हुए संदिग्ध हालात में दिखे कुछ बाहरी व्यक्तियों का रिकॉर्ड तैयार किया है। अब इन व्यक्तियों को अपनी पुख्ता पहचान बताते हुए सत्यापन कराना होगा। इसके लिए ये अपने मालिकों, जहां पर काम करते हैं या रहते हैं को साथ लेकर पुलिस थाने आना होगा। पुलिस पता लगाएगी की यहां आने का इनका मकसद क्या है। जाने किस क्षेत्र में कितने पर्चे अजनबी जारी किए गए ईस्ट जोन में 657 पर्चे अजनबी : बहालगढ़ में 121, कुंडली में 117, राई में 115, HSIIDC बड़ी में 103, गन्नौर में 101 और मुरथल में 100 पर्चे अजनबी जारी किए गए हैं। वेस्ट जोन 316 पर्चे अजनबी: सेक्टर-27 में 113, खरखौदा मे 75, सिविल लाइन में 73, सदर सोनीपत में 37 और सिटी सोनीपत में 18 पर्चे अजनबी जारी किए गए हैं। गोहाना जोन में 200 पर्चे अजनबी: सदर गोहाना में 65, सिटी गोहाना में 50, मोहाना में 50, बरोदा में 25 और महिला थाना खानपुर क्षेत्र में 10 पर्चे अजनबी जारी किए गए हैं। मालिक को साथ लेकर थाने जाना होगा पुलिस प्रवक्ता रविंद्र सिंह ने मंगलवार को बताया कि जिन व्यक्तियों के पर्चे अजनबी जारी किए गए हैं, उन्हें अब अपने मकान मालिक या प्रतिष्ठान मालिक के साथ संबंधित पुलिस थाने जाना पड़ेगा। वहां उन्हें अपने पहचान पत्र प्रस्तुत कर अपना सत्यापन (वेरिफिकेशन) पूरा करवाना होगा। मूल थाने से भी मांगी जाएगी पूरी डिटेल पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि सत्यापन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सख्त बनाने के लिए सोनीपत पुलिस संबंधित व्यक्ति के दिए गए पहचान पत्रों के आधार पर उसके गृह राज्य या मूल निवास वाले थाने से भी उसका आपराधिक रिकॉर्ड और पहचान की डिटेल मांगेगी। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान का मकसद किसी नागरिक या व्यापारी को परेशान करना नहीं, बल्कि शहर में अपराध रोकना है।
अररिया में मंगलवार को आशा दीदी और आशा फैसिलिटेटरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता समाहरणालय गेट पर जमा हुईं और नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद उन्होंने जिला पदाधिकारी को सात सूत्री ज्ञापन सौंपा। आशा कार्यकर्ताओं ने बकाया प्रोत्साहन राशि का तुरंत भुगतान करने की मांग की। उन्होंने राशि भुगतान में पारदर्शिता बरतने और किस मद में कितनी राशि भेजी गई है, इसका स्पष्ट उल्लेख करने की मांग भी रखी। अतिरिक्त काम का बोझ कम करने की मांग आशा कार्यकर्ताओं ने आभा कार्ड, एनसीडी और एनीमिया मरीजों की खोज जैसे कामों का अतिरिक्त बोझ सिर्फ आशा कार्यकर्ताओं पर नहीं डालने की मांग की। उन्होंने इन कार्यों में प्रशिक्षित एएनएम, सीएचओ और डाटा ऑपरेटर को भी लगाने की बात कही। सेवानिवृत्ति के नियम में बदलाव की मांग आशा कार्यकर्ताओं ने आधार कार्ड को उम्र का आधार मानकर सेवानिवृत्ति रोकने की मांग की। साथ ही पहले की गई सेवानिवृत्तियों की जांच कर योग्य कर्मियों को वापस लेने की मांग रखी। फैसिलिटेटरों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने की मांग आशा फैसिलिटेटरों ने अपनी सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष करने की मांग की। इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा घोषित मानदेय बढ़ोतरी को लागू कराने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्ताव भेजने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
देवास के सीतापुरी गांव में मंगलवार सुबह कुत्ते के हमले में 4 साल की बच्ची गंभीर घायल हो गई। बच्ची के चेहरे, गले पर गहरे घाव हुए हैं। गंभीर घाव के कारण उसे रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन (RIG) लगाने के लिए उदयनगर स्वास्थ्य केंद्र से देवास जिला अस्पताल रेफर किया गया। परिजन करीब 115 किलोमीटर दूर उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। सीतापुरी निवासी मीनाक्षी गुर्जर (4) मंगलवार सुबह घर में थी। मवेशियों के आने से बच्ची घबरा गई। घर में मौजूद कुत्ते पर गिर गई। इसके बाद कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया। परिजन उसे तुरंत उदयनगर स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां शुरुआती इलाज के बाद उसे देवास जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई। चेहरे पर गहरे घाव, RIG लगाया गया देवास जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने बच्ची के घाव पर रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन (RIG) लगाया। परिजन ज्ञान सिंह ने बताया कि गंभीर घाव होने के बाद बच्ची को यह इंजेक्शन लगाया गया। फिलहाल बच्ची को अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। डॉक्टर ने बताया- यह कैटेगरी-3 का घाव बच्ची का इलाज कर रहे ड्यूटी डॉक्टर अश्विनी सोनगरा ने बताया कि जानवर के काटने या हमले से हुए घावों को कैटेगरी-1, 2 और 3 में बांटा जाता है। कैटेगरी-3 के घाव में रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन दिया जाता है। इसे घाव के अंदर लगाया जाता है। डॉक्टर ने बताया कि बच्ची के चेहरे पर ज्यादा गहरा घाव था । इसे कैटेगरी-3 का घाव माना गया। इसी वजह से उसे RIG लगाने के लिए देवास जिला अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल में बच्ची को इंजेक्शन लगा दिया गया है। उसे भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
चंडीगढ़ में इंडिया गठबंधन के “वोट बचाओ, देश बचाओ” मार्च के दौरान एक युवक की पिटाई की गई। कांग्रेस का कहना है कि जिस युवक के साथ मारपीट की गई, वह पार्टी का कार्यकर्ता नहीं था। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वह प्रदर्शन के दौरान पार्टी के खिलाफ नारेबाजी कर रहा था। वहीं, मारपीट का शिकार हुए युवक ने खुद को कांग्रेस कार्यकर्ता बताया। चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लक्की के नेतृत्व में मंगलवार को इंडिया गठबंधन ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ के आह्वान के साथ मार्च निकाला। मार्च में कांग्रेस के पार्षदों, वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लेकर प्रदर्शनकारी डीसी कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे। डीसी कार्यालय से कुछ दूरी पहले चंडीगढ़ पुलिस ने बैरिकेडिंग कर मार्च को रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने वहीं जोरदार नारेबाजी करते हुए चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
बिलासपुर के भटचौरा गांव में बहन से विवाद के बाद 21 साल की एलएलबी छात्रा ने कीटनाशक पी लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। गंभीर हालत में उसे सिम्स अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। यह पचपेड़ी थाना क्षेत्र का है। एलएलबी सेकेंड सेमेस्टर की छात्रा मृतका की पहचान संध्या कुमारी (21) के रूप में हुई है। वह बलौदाबाजार में एलएलबी सेकेंड सेमेस्टर की पढ़ाई कर रही थी। पुलिस के मुताबिक, घर में खाना बनाने की बात को लेकर संध्या का अपनी बहन से विवाद हुआ था। विवाद के बाद उसने कीटनाशक का सेवन कर लिया। कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। संध्या की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे सिम्स अस्पताल रेफर कर दिया। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद पचपेड़ी पुलिस ने मर्ग कायम किया है। पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर रही है। साथ ही विवाद की वजह और छात्रा के इस कदम से जुड़े दूसरे पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जल सप्लाई एवं सेनीटेशन विभाग, कपूरथला में तैनात सब-डिवीजनल इंजीनियर (एसडीई) अगमजोत सिंह को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी ने एक कर्मचारी का तबादला रद्द करने के एवज में कुल 1,25,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। विजिलेंस की टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को पहली किस्त के रूप में 30,000 रुपये लेते हुए मौके पर ही दबोच लिया।विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने दी जानकारी विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी अधिकारी की गिरफ्तारी जल सप्लाई एवं सेनीटेशन विभाग, सब-डिवीजन नंबर 2, कपूरथला में तैनात एक सब-डिवीजनल क्लर्क की शिकायत के आधार पर की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी एसडीई अगमजोत सिंह ने 5 अक्टूबर 2026 को शिकायतकर्ता क्लर्क का तबादला कपूरथला जिले के गांव चक्कोकी स्थित जल सप्लाई योजना पर कर दिया था। चूंकि नई तैनाती का स्थान शिकायतकर्ता के घर से काफी दूर था, इसलिए उसने अपने स्तर पर एसडीई अगमजोत सिंह से मुलाकात की। उसने अधिकारी से जुबानी तौर पर आग्रह किया कि उसका तबादला रद्द किया जाए या फिर इस पर रोक लगाई जाए।अमरिंदर सिंह ने बातचीत को किया रिकॉर्ड इसके बाद, शिकायतकर्ता के साथी कर्मचारी और फिटर हेल्पर अमरिंदर सिंह ने उसे बताया कि एसडीई अगमजोत सिंह तबादला रोकने के लिए रिश्वत की मांग कर रहा है। मामले को आगे बढ़ाते हुए अमरिंदर सिंह ने जब एसडीई से फोन पर बात की, तो अधिकारी ने स्पष्ट रूप से 1,25,000 रुपये की रिश्वत मांगी और इसे किस्तों में देने के लिए कहा। अमरिंदर सिंह ने इस पूरी बातचीत को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में अहम सबूत बना।शिकायतकर्ता ने जालंधर रेंज विजिलेंस ब्यूरो किया संपर्क शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था, इसलिए उसने तुरंत विजिलेंस ब्यूरो रेंज, जालंधर से संपर्क किया और पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर विजिलेंस ब्यूरो जालंधर की टीम ने तुरंत एक योजना बनाई। दो सरकारी गवाहों की उपस्थिति में विजिलेंस की टीम ने आरोपी एसडीई अगमजोत सिंह को शिकायतकर्ता से पहली किस्त के रूप में 30,000 रुपये लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस की टीम ने मौके पर ही रिश्वत की पूरी राशि (30,000 रुपये) बरामद कर ली है। इस संबंध में आरोपी एसडीई के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो के जालंधर रेंज थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
बहराइच में मंगलवार दोपहर छात्र-छात्राओं ने नंदा इंस्टीट्यूट के खिलाफ कलेक्ट्रेट के धरनास्थल पर प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि इंस्टीट्यूट उन्हें डिग्री और रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं दे रहा है। उन्होंने इंस्टीट्यूट को सीज करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं होने का आरोप छात्रों ने बताया कि इंस्टीट्यूट की समस्याओं को लेकर वे कई बार शिकायत कर चुके हैं। उनका आरोप है कि इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस से शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं होने पर छात्र धरने पर बैठ गए। दस्तावेज नहीं मिलने से भविष्य की चिंता छात्रों का कहना है कि पढ़ाई पूरी करने के बाद भी उन्हें जरूरी दस्तावेज नहीं मिल रहे हैं। इससे आगे की पढ़ाई और रोजगार से जुड़ी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। छात्रों ने कहा कि उनका भविष्य खराब हो रहा है। समस्या हल होने तक धरना जारी रखने की चेतावनी प्रदर्शन के दौरान छात्रों की पुलिसकर्मियों से नोकझोंक हुई। छात्रों ने कहा कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, धरना जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कराने, इंस्टीट्यूट पर कार्रवाई करने और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की।
रोहतक की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर भगत सिंह राठी के खिलाफ छात्र संगठनों ने विरोध प्रकट किया और वीसी ऑफिस पहुंचकर नारेबाजी की। छात्र संगठनों ने वीसी को स्पष्ट कहा कि प्रोफेसर भगत सिंह राठी को ज्वाइन करने नहीं देंगे। अगर ऐसा हुआ तो वह विभाग पर ताला जड़ने को विवश हो जाएंगे। एएमवीए के अध्यक्ष विक्रम डूमोलिया ने कहा कि शारीरिक शिक्षा विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर भगत सिंह राठी पर छात्रों से अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगे थे। इसके बाद उन्हें सस्पेंड किया गया और उनके कमरे से नए एचओडी की मौजूदगी में कमेटी ने ताला खोलकर 36830 रुपए बरामद किए थे। जिन्हें एमडीयू के फंड में जमा करवाया गया था। महिलाओं से पीरियड्स के सबूत मांगने में भी आया था नामविक्रम डूमोलिया ने कहा कि प्रोफेसर भगत सिंह राठी का नाम सफाई कर्मचारियों से पीरियड्स के सबूत मांगने के मामले में भी आया था। जिसमें भी एमडीयू की कमेटी ने उन्हें पहले सस्पेंड किया और बाद में क्लीन चिट देकर बहाल कर दिया। पेपर बेचने के मामले में भी आया नाम विक्रम डूमोलिया ने कहा कि एमडीयू में मर्सी चांस के पेपर चल रहे है, जिनके एग्जाम पेपर पहले ही बेचे जा रहे है। इस मामले में भी प्रोफेसर भगत सिंह राठी का नाम ही सामने आया है। इतने गंभीर आरोप लगने के बाद भी उन्हें कोर्ट से स्टे केवल एमडीयू की तरफ से उचित पक्ष न रखने के कारण मिला है। एक सप्ताह का दिया अल्टीमेटम छात्र संगठन एनएसओ के अध्यक्ष सुधीर सहारण ने कहा कि प्रोफेसर भगत सिंह राठी को शारीरिक शिक्षा विभाग में दोबारा ज्वाइन करने नहीं देंगे। भले ही उसके पास हाई कोर्ट का ऑर्डर हो। अगर एमडीयू प्रशासन ने इस मामले में एक सप्ताह के अंदर सख्त कदम नहीं उठाया तो विभाग में परमानेंट ताला जड़ देंगे। भूख हड़ताल पर बैठने को विवश होंगे छात्रसुधीर सहारण ने कहा कि प्रोफेसर भगत सिंह राठी ने बच्चों का काफी नुकसान किया है। अगर वह दोबारा ज्वाइन करते हैं तो बच्चों से अपनी दुश्मनी निकालेंगे। पहले भी कई गंभीर आरोप लगे हुए है। उन्हें ज्वाइन करने नहीं देंगे, इसके लिए भूख हड़ताल भी शुरू करनी पड़ी तो पीछे नहीं हटेंगे।
प्रयागराज में होलागढ़ थाना क्षेत्र के दहियावां गांव में 24 वर्षीय रितेश गौतम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिवार ने आरोप लगाया है कि उसे जहर देकर मारा गया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। रितेश की तबीयत अचानक खराब हो गई थी, जिसके बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सांगीपुर ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार का कहना है कि उसे खाने या पीने की किसी चीज में जहरीला पदार्थ दिया गया था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। आज दोपहर करीब 3 बजे रितेश का शव उसके ननिहाल दहियावां पहुंचा, जिससे परिवार में गहरा दुख छा गया। रितेश की मां रेखा देवी ने बताया कि किसी ने उनके बेटे को जहर देकर मार डाला। रितेश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और मेडिकल की पढ़ाई की तैयारी कर रहा था।
करनाल के डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने मंगलवार को निसिंग और जुंडला अनाज मंडियों का दौरा कर धान खरीद व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित मानकों के अनुसार खरीद सुनिश्चित करने और धान के उठान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को फसल बेचने में परेशानी नहीं होनी चाहिए और मंडियों में आवक के अनुसार उठान होता रहे, ताकि फसल का अनावश्यक जमाव न हो। धान की नमी और गुणवत्ता जांची उपायुक्त ने मंडियों में धान की ढेरियों पर नमी की जांच भी करवाई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि धान की गुणवत्ता और नमी की जांच निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जाए। इसके लिए प्रेशर मीटर का उचित इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाए। सरकारी खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को आपसी तालमेल से काम करते हुए निर्धारित मानकों के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदने के निर्देश दिए। किसानों और आढ़तियों से बातचीत की निरीक्षण के दौरान डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने किसानों, आढ़तियों और व्यापारियों से बातचीत कर खरीद प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं और मंडियों में उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि धान खरीद सीजन में किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। अधिकारियों को मंडियों की सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुचारू रखने और किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करने के निर्देश दिए। सुखाकर धान मंडी लाने की अपील उपायुक्त ने किसानों से अपील की कि वे धान की फसल को अच्छी तरह सुखाकर ही मंडी में लेकर आएं, ताकि बिक्री के समय किसी तरह की दिक्कत न हो। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन किसानों की सुविधा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और खरीद सीजन के दौरान व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जाएगी। इस दौरान एडीसी डॉ. राहुल रईया, डीएफएससी मुकेश सहित विभिन्न सरकारी खरीद एजेंसियों के अधिकारी, आढ़ती, व्यापारी और किसान मौजूद रहे।
अमृतसर में प्रीगाबालिन दवा के बढ़ते दुरुपयोग को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिला मजिस्ट्रेट की ओर से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी कर 75 मिलीग्राम से ज्यादा क्षमता वाली प्रीगाबालिन दवाओं के स्टॉक और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। 150-300 मिलीग्राम प्रीगाबालिन के दुरुपयोग की शिकायतें वहीं, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट पल्लवी मिश्रा ने बताया कि 150 और 300 मिलीग्राम क्षमता वाली प्रीगाबालिन दवाओं के नशे के तौर पर दुरुपयोग की शिकायतें सामने आई हैं। प्रशासन के मुताबिक आम तौर पर डॉक्टर मरीजों को 75 मिलीग्राम तक की प्रीगाबालिन लिखते हैं। इसी को देखते हुए 75 मिलीग्राम से ज्यादा क्षमता वाली दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने का फैसला लिया गया है। दवा बिक्री का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा आदेश के अनुसार केमिस्ट, मेडिकल स्टोर, थोक विक्रेता और अस्पतालों की फार्मेसी केवल 75 मिलीग्राम तक की प्रीगाबालिन दवा ही बेच सकेंगे। इसके लिए मरीज के पास डॉक्टर की असली पर्ची होना जरूरी होगा। दवा बेचने वाले दुकानदारों को हर बिक्री का पूरा रिकॉर्ड भी रखना होगा। डॉक्टर की पर्ची पर केमिस्ट का नाम, दवा जारी करने की तारीख और दी गई गोलियों या कैप्सूल की संख्या दर्ज करना जरूरी होगा। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उसी पर्ची के आधार पर दवा पहले किसी दूसरे मेडिकल स्टोर से जारी न की गई हो। पर्ची से ज्यादा प्रीगाबालिन देने पर कार्रवाई प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि डॉक्टर की पर्ची में लिखी मात्रा से ज्यादा प्रीगाबालिन नहीं दी जा सकेगी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भोजपुर के सिकरहट्टा थाना क्षेत्र में कोयल-कुसमी मोड़ के पास बड़ी नहर से एक युवक की लाश बरामद की गई है। नहर में ही युवक की बाइक भी बरामद की गई है। घटना की जानकारी के बाद मृतक के ससुराल पक्ष ने हत्या के बाद लाश को बाइक समेत नहर में फेंके जाने की आशंका जताई है। मृतक की पहचान शाहपुर थाना क्षेत्र के बरीसवन गांव वार्ड नंबर-16 के रहने वाले वीरेंद्र तिवारी के 30 साल के बेटे संतोष तिवारी उर्फ खरखरी के रूप में हुई है। वो पेशे से ड्राइवर था। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीण एवं उसके ससुराल वालों का आक्रोश भड़क उठा। आक्रोशित लोगों ने कोयल-कुसमी मोड़ के समीप सड़क जाम कर दिया कर दिया और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग के साथ भोजपुर एसपी को घटनास्थल पर बुलाने की मांग करने लगे। तीन घंटे तक लाश को रखकर सड़क किया जाम मृतक के परिजन ने करीब तीन घंटे तक लाश को रखकर सड़क जाम किया। सड़क जम के कारण सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गई एवं आवागमन पूरी तरह ठप्प रहा। सड़क जाम की सूचना पाकर पीरो एसडीपीओ कन्हैया कुमार एवं सिकराहटा थानाध्यक्ष सनोज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस के काफी मशक्कत के बाद उन्हें समझा-बुझाकर जाम को हटाया। तब परिचालन शुरू हो सका। इसके पश्चात पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में करवाया। संतोष की पत्नी की नानी की मौत हुई थी, ससुराल गया था मृतक के भाई सरोज तिवारी ने बताया कि कुछ दिन पहले संतोष की पत्नी नेहा कुमारी की नानी की मौत हो गई थी। इसलिए संतोष गांव के ही विश्वास नाम के लड़के के साथ सोमवार शाम छह बजे बाइक से अपने ससुराल कोयल गांव जाने के लिए निकला था। सरोज तिवारी ने बताया कि जब मैंने शाम करीब 7 बजे संतोष के मोबाइल पर कॉल किया तो उसने बताया कि अभी मैं फतेहपुर में हूं। इसके बाद जब रात 10 बजे दोबारा उनके ससुराल वालों के पास फोन किया गया तो जानकारी मिली कि संतोष अभी तक कोयल गांव नहीं पहुंचा है। मंगलवार सुबह नहर के पास मिली लाश मंगलवार की सुबह जब संतोष की खोजबीन की जाने लगी, तो इसकी जानकारी सिकराहटा थाना की पुलिस को भी दी गई। इसी बीच संतोष के ससुराल वालों की ओर से फोन पर बताया गया कि कोयल-कुसमी मोड़ के पास नहर से एक व्यक्ति का शव और बाइक बरामद हुआ है। जब हम लोग वहां पहुंचे और शव को देखकर संतोष की पहचान की। मृतक के भाई सरोज तिवारी ने संतोष के बाइक समेत नहर में गिरकर डूबने की बात कही है। उसने किसी भी व्यक्ति पर किसी प्रकार का कोई आरोप या आशंका नहीं जताया है। पुलिस की ओऱ से बनाए गए मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, मृतक युवक की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा। बहरहाल पुलिस अपने स्तर से मामले की छानबीन कर रही है। बताया जाता है कि मृतक की शादी वर्ष 2017 में हुई थी। वह अपने तीन भाई व एक बहन में दूसरे स्थान पर था। उसके परिवार में पत्नी नेहा कुमारी एवं एक पुत्र नारायण तिवारी है। घटना के बाद मृतक के घर में कोहराम मच गया। उसकी पत्नी नेहा कुमारी एवं परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
आलीराजपुर में मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में अलग-अलग समस्याओं को लेकर कुल 40 आवेदन पहुंचे। किसी ने जमीन के बंटवारे की समस्या बताई तो किसी ने बच्चों के आधार कार्ड और समग्र आईडी नहीं बनने की शिकायत रखी। इन आवेदनों के बीच रिछवी गांव के एक पति की पारिवारिक समस्या ने ध्यान खींचा। वह अपनी पत्नी को मायके से वापस ससुराल बुलाने की गुहार लेकर कलेक्टर के पास पहुंचा। रिछवी गांव के कनासाया फलिया निवासी ढेडु पिता भंगडा ने आवेदन देकर बताया कि उसकी पत्नी अजमा करीब एक माह पहले मायके गई थी। इसके बाद वह वापस ससुराल नहीं लौटी। पति ने बताया कि पत्नी के मायके में उसके पिता जगलिया, भाई नरतु और मां केशरी रहते हैं। उसने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर पत्नी को समझाइश देकर घर वापस भेजने में सहयोग करने की मांग की। ‘बच्चे रोज मां को याद कर रोते हैं’ ढेडु ने आवेदन में अपने दो बच्चों का हवाला देते हुए कहा कि मां के घर नहीं होने से दोनों बच्चे उसे याद कर रहे हैं। उसके अनुसार बच्चे रोज अपनी मां की राह देखते हैं और उसके लिए रोते हैं। पति ने कलेक्टर से गुहार लगाई कि दोनों पक्षों से बात कर मामले का समाधान कराया जाए और पत्नी को जल्द घर वापस आने के लिए समझाइश दी जाए। चार साल से आधार कार्ड का इंतजार जनसुनवाई में आए अन्य आवेदनों में भी लोगों की लंबे समय से चली आ रही समस्याएं सामने आईं। कुछ आवेदकों ने जमीन के बंटवारे को लेकर आवेदन दिया। वहीं बच्चों के चार साल से आधार कार्ड नहीं बनने की शिकायत भी सामने आई। आवेदकों ने बताया कि आधार नहीं बनने से बच्चों को जरूरी दस्तावेजों और योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो रही है। दो साल से समग्र आईडी नहीं बनी इसी तरह कुछ लोगों ने दो साल से समग्र आईडी नहीं बनने की समस्या बताई। महिला समूह का संचालन करने के लिए आवेदन भी दिया गया। जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों को भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पत्नी को लेकर दिए गए आवेदन में दोनों पक्षों की बात सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
कलेक्ट्रेट में प्रतिबंधित मांझे से कबूतर की मौत:रामपुर प्रशासन ने जेसीबी-क्रेन से बचाने की कोशिश की
रामपुर। जिला कलेक्ट्रेट में मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे प्रतिबंधित मांझे में फंसे एक कबूतर की दर्दनाक मौत हो गई। कबूतर को बचाने के लिए प्रशासन ने जेसीबी और बड़ी क्रेन मंगाई, लेकिन बचाव दल के पहुंचने तक बेजुबान पक्षी दम तोड़ चुका था। घटना अपर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के ठीक सामने हुई। अधिवक्ता सुधीर शर्मा ने बताया कि एक जंगली कबूतर प्रतिबंधित मांझे में बुरी तरह उलझ गया था। मांझे में फंसने के बाद वह काफी देर तक छटपटाता और फड़फड़ाता रहा। जान बचाने के लिए उसने खुद को छुड़ाने की काफी कोशिश की, लेकिन इस दौरान मांझा उसके शरीर में और अधिक कसता चला गया। कुछ ही देर में उसकी हालत गंभीर हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने कबूतर को बचाने के लिए प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद उसे नीचे उतारकर सुरक्षित बचाने के लिए जेसीबी और बड़ी क्रेन मंगाई गई। प्रशासनिक अमला बचाव की तैयारी कर ही रहा था, लेकिन तब तक कबूतर की सांसें थम चुकी थीं। बेजुबान पक्षी को बचाने की कोशिश हुई, मगर समय पर मदद नहीं पहुंच पाने से उसकी जान नहीं बच सकी। सुधीर शर्मा ने कहा कि प्रतिबंधित मांझा केवल पक्षियों के लिए ही नहीं, बल्कि इंसानों के लिए भी जानलेवा साबित हो रहा है। आए दिन इसके कारण लोग घायल होते हैं और कई घटनाओं में लोगों की जान तक जा चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन समय-समय पर अभियान चलाकर प्रतिबंधित मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर कार्रवाई करता है, लेकिन इसकी रोकथाम के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि प्रतिबंधित मांझे पर पूरी तरह पाबंदी सुनिश्चित हो और इसकी बिक्री करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो तो इंसानों के साथ बेजुबान पक्षियों की जान भी बचाई जा सकती है। अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने कहा कि प्रतिबंधित मांझा पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है।
मवेशी चोरी करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार:दोबारा चोरी की फिराक में थे, पिकअप और 45 हजार रुपये बरामद
बस्ती में मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे पुलिस ने मवेशी चोरी के मामले का खुलासा किया। पुरानी बस्ती पुलिस, SOG और एंटी थेफ्ट टीम ने संयुक्त कार्रवाई की। तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी दोबारा चोरी की वारदात की योजना बना रहे थे। 29 सितंबर की रात गाय-भैंस चोरी का प्रयास पुलिस के अनुसार 29 सितंबर की रात पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में तीन चोरों ने गाय और भैंस चोरी करने का प्रयास किया था। दोनों पशुओं को पिकअप में लादा गया था। इसी दौरान गाय पिकअप से कूदकर भाग गई। आरोपी भैंस को अपने साथ ले गए थे। रास्ते में लगे CCTV कैमरों में आरोपियों की गतिविधियां भी रिकॉर्ड हुई थीं। जंगल में चोरी की योजना बनाते पकड़े गए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने हथियागढ़ गांव से पहले जंगल क्षेत्र में दबिश दी। यहां दोबारा चोरी की योजना बना रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनकी पहचान राशिद (22), कामिल खान (21) और मो. आसिफ (21) के रूप में हुई। तीनों अयोध्या के फतेहगंज कसाबबाड़ा, थाना कोतवाली नगर के रहने वाले हैं। पूछताछ में पुरानी वारदात कबूली पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने 29 सितंबर की रात पुरानी बस्ती क्षेत्र से गाय और भैंस चोरी करने का प्रयास करने की बात स्वीकार की। आरोपियों ने बताया कि गाय के भाग जाने के बाद वे भैंस को पिकअप में लादकर ले गए थे। इसके बाद दोबारा चोरी करने के लिए बस्ती आए थे। पिकअप, नकदी और 4 मोबाइल बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पिकअप वाहन संख्या यूपी42 बीटी 6821 बरामद किया। इसके अलावा 45 हजार रुपए नकद और चार एंड्रायड मोबाइल भी मिले हैं। अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत ने मंगलवार दोपहर प्रेस नोट जारी कर कार्रवाई की जानकारी दी। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
नागौर में जमानत की पैरवी करने जा रहे एक वकील के साथ कुछ लोगों ने मारपीट कर दी। आरोप है कि बोलेरो सवार लोगों ने बालवा रोड पर वकील की बाइक को टक्कर मारकर उन्हें सड़क पर गिरा दिया। इसके बाद लाठियों से हमला किया। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे राहगीरों ने बीच-बचाव कर वकील को हमलावरों से छुड़ाया। घटना के बाद वकील ने कोतवाली थाने पहुंचकर शिकायत दी। पैरवी नहीं करने का दबाव बनाने का आरोप वकील रामकिशोर बाना ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया- वे सुरपालिया थाना क्षेत्र से जुड़े एक मामले में बाल अपचारी की पैरवी कर रहे हैं। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे कुछ लोग न्यायालय परिसर में उनके ऑफिस पहुंचे और बाल अपचारी की पैरवी नहीं करने के लिए दबाव बनाया। आरोप है कि इस दौरान केसाराम ने ऑफिस में रखी केस की फाइलें फाड़ दीं और बहस करते हुए मारपीट का प्रयास किया। मौके पर मौजूद साथी वकीलों ने बीच-बचाव किया और केसाराम को न्यायालय परिसर से बाहर निकलवाया। बोलेरो से बाइक को मारी टक्कर वकील रामकिशोर ने आगे बताया- दोपहर करीब 2 बजे बालवा रोड स्थित किशोर न्याय बोर्ड में पैरवी के लिए जा रहा था। इसी दौरान केसाराम, राजूराम सहित 5-7 अन्य लोग बोलेरो में सवार होकर वहां पहुंचे और बोलेरो से मेरी बाइक को टक्कर मार दी। इससे में सड़क पर गिर गया। इसके बाद आरोपियों ने लाठियों से मेरे साथ मारपीट की। मौके पर राहगीरों के पहुंचने के बाद हमलावर वहां से चले गए। मामला दर्ज, जांच शुरू कोतवाली थाना प्रभारी नंदकिशोर रिणवा ने बताया- वकील की ओर से दी गई शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। पुलिस घटनास्थल और आरोपों से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
सहारनपुर के नागल थाना क्षेत्र में बुलेट सवार युवक को कार से टक्कर मारकर गिराने, लोहे की रॉड और लाठी-डंडों से मारपीट करने, कनपटी पर पिस्टल लगाकर अपहरण करने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल दो कारें भी बरामद की हैं। गिरफ्तार आरोपियों में तीन हरिद्वार के अलग-अलग गांवों के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार, थाना गागलहेड़ी क्षेत्र के हसरत अली ने 6 जून 2026 को नागल थाने में तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि शाहनवाज निवासी बुड्ढाहेड़ी, थाना पथरी, हरिद्वार और उसके साथियों ने उसके भाई इसराइल की बुलेट बाइक की स्विफ्ट कार से टक्कर मार दी। टक्कर लगने से इसराइल सड़क पर गिर गया। आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से इसराइल के साथ लोहे की रॉड और लाठी-डंडों से मारपीट की। उसकी कनपटी पर पिस्टल लगाई और जबरन उसे कार में डालकर अपने साथ ले गए। तहरीर के आधार पर नागल थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस के मुताबिक, 5 अक्टूबर को टीम ने नंदनपुर गांव के सामने मंदिर के पास से चार आरोपियों को अरेस्ट कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान शहनवाज, गुलफाम उर्फ गुल्लू, महबूब और मुजम्मिल के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल दो सफेद रंग की कारें भी बरामद की हैं। इनमें एक स्विफ्ट कार और दूसरी बलेनो कार है। पुलिस का कहना है कि दोनों वाहन मुकदमे से संबंधित घटना में इस्तेमाल किए गए थे।
मोगा में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस और नगर निगम ने मंगलवार को परवाना नगर में कार्रवाई करते हुए नशा तस्करी के आरोपी बलराज सिंह की प्रॉपर्टी को तोड़ दिया। बलराज सिंह गांव बुक्कनवाला का रहने वाला है और परवाना नगर में रहता है। कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक बलराज सिंह के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में कुल 9 मामले दर्ज हैं। इसी रिकॉर्ड के आधार पर उसकी संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई की गई। नगर निगम की टीम ने पुलिस सुरक्षा के बीच प्रॉपर्टी को ध्वस्त किया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर करीब 100 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इलाके में नाकाबंदी करने के साथ यातायात व्यवस्था को भी नियंत्रित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने पूरे ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रखी। कार्रवाई के दौरान स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण रही और किसी तरह की अप्रिय घटना सामने नहीं आई। एसएसपी मोगा घटनास्थल पर पहुंचा एसएसपी मोगा सरताज सिंह चहल समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि नशा तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए आरोपियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और नियमों के तहत आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
झांसी में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर:जरूरतमंदों को मिले निशुल्क चश्मे, मोतियाबिंद मरीजों की हुई पहचान
झांसी में गुरसराय ब्लॉक की ग्राम पंचायत चौकरी में शार्प साइट नेत्र चिकित्सालय, झांसी के तत्वावधान में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर का संयोजन भगवती शरण कौशिक और समाजसेवी चिंतामन जायसवाल ने किया। शिविर में 105 लोगों की आंखों की जांच की गई। इनमें 20 लोगों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए, जबकि 25 लोगों में मोतियाबिंद की पहचान हुई। इनमें से 15 लोगों को ऑपरेशन के लिए झांसी भेजा गया। शिविर में भूपेंद्र यादव, आदर्श खरे, विष्णु दुबे और डॉ. राम यादव ने मरीजों की जांच की। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित और माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर रमाकांत पटेल, हिमांशु पटेल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
बहराइच में मंगलवार सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक गेंदघर परिसर में श्रमिक सम्मान स्वास्थ्य शिविर लगा। इसमें करीब 700 श्रमिक शामिल हुए। 471 श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। 51 श्रमिकों को कन्या विवाह और मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना के तहत 19 लाख 30 हजार रुपए के स्वीकृति पत्र दिए गए। जनप्रतिनिधियों ने किया शिविर का उद्घाटन शिविर का उद्घाटन जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू सिंह, सदर विधायक अनुपमा जायसवाल, बलहा विधायक सरोज सोनकर, नानपारा विधायक राम निवास वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेश पाण्डेय और पयागपुर विधायक के प्रतिनिधि निशंक त्रिपाठी ने किया। मुफ्त दवाएं और स्वास्थ्य संबंधी सलाह दी चिकित्सा विभाग के डॉक्टरों ने श्रमिकों की जांच की। उन्हें मुफ्त दवाएं दी गईं। डॉक्टरों ने स्वास्थ्य संबंधी जरूरी सलाह भी दी। शिविर में श्रमिकों को विभिन्न श्रम योजनाओं की जानकारी भी दी गई। 271 श्रमिकों का हुआ पंजीयन और नवीनीकरण शिविर में 271 श्रमिकों का पंजीयन और नवीनीकरण किया गया। श्रमिकों को योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया और पात्रता के बारे में भी जानकारी दी गई। 7 और 8 अक्टूबर को चीनी मिलों में लगेंगे शिविर सहायक श्रमायुक्त राजबहादुर यादव ने बताया कि 7 अक्टूबर को आईपीएल चीनी मिल, जरवल रोड में शिविर लगेगा। 8 अक्टूबर को पारले चीनी मिल, परसेण्डी में शिविर लगाया जाएगा। उन्होंने श्रमिकों से शिविरों में पहुंचकर योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने की अपील की।
अशोकनगर जिले में विद्युत तार चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह का सेहराई पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चोरी के विद्युत तार, तार काटने के उपकरण, एक बोलेरो कार, एक बोलेरो पिकअप और एक एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल बरामद की गई है। जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत करीब 21.50 लाख रुपए बताई गई है। खिरिया पठारी रोड पर संदिग्धों को पकड़ा पुलिस के अनुसार, फरियादी महेश्वर धुर्वे की रिपोर्ट पर सेहराई थाने में अपराध क्रमांक 246/2026 दर्ज किया गया था। मामले में बीएनएस की धारा 303(2) और भारतीय विद्युत अधिनियम की धारा 136 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने थाना प्रभारी को आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। जांच के दौरान पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। सूचना के आधार पर खिरिया पठारी रोड से संदिग्धों को पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपियों ने विद्युत खंभों से तार काटकर बोलेरो पिकअप में ले जाने की बात स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर चोरी के तार, उपकरण और वारदात में इस्तेमाल वाहन जब्त किए गए। 6 थाना क्षेत्रों में वारदातों में शामिल होने की बात कही प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने चंदेरी के कुंवरपुर और विक्रमपुर, पिपरई, बहादुरपुर, कचनार और नईसराय थाना क्षेत्रों में भी विद्युत तार चोरी की घटनाओं में शामिल होना बताया है। पुलिस इन वारदातों को लेकर आरोपियों से पूछताछ कर विस्तृत जांच कर रही है। एक आरोपी फरार, पुलिस तलाश में जुटी मामले में शिवराम सेन निवासी सिरसी, थाना जखौरा की भूमिका भी सामने आई है। वह फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है, जिसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। कार्रवाई में सेहराई थाना पुलिस के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ साइबर सेल की टीम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कटिहार में बिहार अग्निशमन सेवा ने आज अपने परिसर में दुर्गा पूजा समितियों के साथ बैठक की। इसमें शहर और गांवों के पूजा पंडालों में आग से बचाव पर चर्चा हुई। जिला अग्निशमन अधिकारी की अगुवाई में हुई इस बैठक में शहरी और ग्रामीण इलाकों की सभी दुर्गा पूजा समितियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। अधिकारियों ने पंडाल बनाने और आग से बचाव के लिए जरूरी निर्देश दिए। फायर एक्सटिंग्विशर रखना होगा जरूरी निर्देशों में पंडाल की ऊंचाई-जगह मानक के अनुसार रखने, दो अलग प्रवेश-निकास गेट बनाने, सही बिजली वायरिंग, ज्वलनशील कपड़ों से तार दूर रखने और ऐसे कपड़े इस्तेमाल न करने को कहा गया। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पूरे इंतजाम हों। हर पंडाल में कम से कम 2 से 4 बोरी बालू, 2 ड्रम पानी और 4 ABC व CO2 टाइप के फायर एक्सटिंग्विशर रखना जरूरी होगा। निर्देशों का पालन करने का भरोसा अधिकारी ने बताया कि दुर्गा पूजा में भीड़ ज्यादा होने से आग लगने पर तुरंत काबू पाने के लिए ये इंतजाम जरूरी हैं। विभाग गाड़ियां और कर्मचारी भी तैनात करेगा। पूजा समिति ने पहल की तारीफ कर निर्देशों का पालन करने का भरोसा दिया।
छत्तीसगढ़ के गांवों में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने नया पुरस्कार शुरू किया है। ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ के तहत ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में अच्छा काम करने वाले व्यक्ति या संस्था को 1 लाख रुपए और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। विजेता को राज्योत्सव के दौरान सम्मानित किया जाएगा। पर्यटन विभाग ने इसके लिए ‘चेन्दरू, राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार नियम, 2025’ लागू किए हैं। पुरस्कार के जरिए गांवों की संस्कृति, परंपरा, खान-पान, हस्तशिल्प, लोककला और प्राकृतिक स्थलों को पर्यटन से जोड़ने वाले लोगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। गांव में पर्यटक आएंगे तो स्थानीय लोगों की भी होगी कमाई सरकार का फोकस केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाने पर नहीं, बल्कि पर्यटन से होने वाली कमाई को गांवों तक पहुंचाने पर है। इसके लिए होमस्टे, स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प, लोककला और सामुदायिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे स्थानीय युवा, महिलाएं, स्व-सहायता समूह, कारीगर और ग्रामीण उद्यमी पर्यटन से जुड़कर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर हासिल कर सकेंगे। पुरस्कार के लिए जारी होगा विज्ञापन ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ के लिए छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड प्रमुख समाचार पत्रों में विज्ञापन जारी कर प्रविष्टियां आमंत्रित करेगा। आवेदन के साथ आवेदक को अपनी प्रोफाइल, फोटो, छत्तीसगढ़ का स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में किए गए काम और उपलब्धियों से जुड़े दस्तावेज देने होंगे। 6 सदस्यीय जूरी करेगी चयन पुरस्कार के लिए आने वाली प्रविष्टियों का मूल्यांकन 6 सदस्यीय निर्णायक मंडल करेगा। इसकी अध्यक्षता छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक करेंगे। जूरी में पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ और अधिकारी शामिल होंगे। चयन में ग्रामीण पर्यटन के लिए किए गए काम के साथ उसके स्थानीय लोगों पर प्रभाव, रोजगार सृजन, समुदाय की भागीदारी और संस्कृति व प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण को भी देखा जाएगा। एक व्यक्ति को जीवन में एक ही बार मिलेगा पुरस्कार नियमों के मुताबिक किसी व्यक्ति को यह पुरस्कार जीवनकाल में केवल एक बार दिया जाएगा। पुरस्कार हर साल दिया जाएगा। चयनित व्यक्ति या संस्था को 1 लाख रुपए के साथ प्रशस्ति पत्र मिलेगा। ‘चेन्दरू’ नाम से बस्तर की पहचान को भी जोड़ा पुरस्कार का नाम ‘चेन्दरू’ रखा गया है। इसका संबंध बस्तर और वहां के प्राकृतिक जीवन की उस पहचान से है, जिसने छत्तीसगढ़ को देश-दुनिया में पहचान दिलाई। इसी नाम से अब गांवों में पर्यटन के लिए जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोगों को राज्य स्तर पर पहचान दी जाएगी। विजेता के काम की स्मारिका भी बनेगी राज्योत्सव में पुरस्कार देने के साथ विजेता के काम, नवाचार और उपलब्धियों पर आधारित सचित्र स्मारिका भी जारी की जाएगी। इससे दूसरे गांवों और समुदायों को भी पर्यटन के नए मॉडल अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। बस्तर से सरगुजा तक पर्यटन की बड़ी संभावना छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक खान-पान, लोककला, हस्तशिल्प, मेले-पर्व और प्राकृतिक स्थल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं। सरकार का प्रयास है कि पर्यटक केवल किसी जगह को देखकर वापस न लौटें, बल्कि गांव में रुककर वहां की संस्कृति, भोजन और जीवनशैली का अनुभव भी करें। इसके लिए होमस्टे और सामुदायिक पर्यटन को विस्तार देने पर जोर रहेगा। मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि, गांवों की संस्कृति, परंपरा और प्रकृति को पर्यटन से जोड़कर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और समृद्धि के नए रास्ते खोले जा सकते हैं। पर्यटन का लाभ बड़े पर्यटन स्थलों तक सीमित न रहकर दूरस्थ ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंचे, यही सरकार का प्रयास है।
सोनीपत में कांग्रेस जिलाअध्यक्ष कमल दिवान ने अपने कार्यालय पर प्रैसवार्ता की। जहां वोट चोरी, मतदाता सूची में कथित हेरफेर, वोटर लिस्ट सॉफ्टवेयर के दुरुपयोग और एसआईआर (SIR) के मुद्दे को लेकर कांग्रेस व इंडिया गठबंधन के नेता 8 अक्टूबर को सोनीपत में प्रदर्शन करेंगे। गांधी चौक से डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क तक ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ प्रदर्शन यात्रा निकाली जाएगी। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव कुमारी सैलजा मार्च का नेतृत्व करेंगी। मंगलवार को कांग्रेस नेताओं ने मॉडल टाउन स्थित कार्यालय में पत्रकार वार्ता कर प्रदर्शन की जानकारी दी। 8 अक्टूबर को गांधी चौक से निकलेगा मार्च शहरी जिला अध्यक्ष कमल दिवान ने बताया कि कांग्रेस ‘इंडिया’ गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ मिलकर 8 अक्टूबर को प्रदर्शन करेगी। उन्होंने आमजन, सामाजिक संगठनों और गठबंधन के सभी दलों के कार्यकर्ताओं से गांधी चौक पहुंचकर मार्च में शामिल होने का आह्वान किया। उनके अनुसार यात्रा गांधी चौक से शुरू होकर डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क तक जाएगी। चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाने का आरोप कमल दिवान ने कहा कि हाल में सामने आई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार निर्वाचन आयोग के भीतर चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में 14 बार गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद चुनाव आयोग की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं की गई। कमल दिवान ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट के सॉफ्टवेयर के केंद्रीकृत एक्सेस का गलत इस्तेमाल किया गया और देशभर में करोड़ों मतदाताओं के नाम मनमाने तरीके से काटे गए। ‘लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरेंगे’ कमल दिवान ने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन ने देशभर में ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान शुरू किया है। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा, पश्चिम बंगाल और बिहार समेत कई राज्यों में मतदाता सूचियों में भारी हेरफेर के मुद्दे उठे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष इन मामलों में तथ्यों के आधार पर सवाल उठा रहा है। भाजपा नेताओं की ओर से विदेशी एजेंडे और पुराने मुद्दों को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वायत्त संस्था है, इसलिए भाजपा को उसका बचाव करने के बजाय स्थिति स्पष्ट करने की मांग करनी चाहिए। एसडीएम के अधिकार केंद्रीकृत करने का आरोप माकपा नेता श्रद्धानंद सोलंकी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया का अधिकार स्थानीय स्तर पर एसडीएम के पास होता है, लेकिन इसे केंद्रीकृत कर दिल्ली से संचालित किया गया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उच्चतम न्यायालय में भी गलत दावे किए गए। सोलंकी के अनुसार गरीब, पिछड़े और वंचित वर्ग के लोगों से पुराने दस्तावेज मांगकर उनके मतदान के अधिकार को प्रभावित किया जा रहा है। विपक्षी दलों से एकजुट होकर पहुंचने का आह्वान नेताओं ने कहा कि 8 अक्टूबर को होने वाले मार्च में इंडिया गठबंधन के विभिन्न दलों के नेता और कार्यकर्ता एकजुट होकर शामिल होंगे। उन्होंने आमजन और सामाजिक संगठनों से भी गांधी चौक पहुंचने की अपील की। पत्रकार वार्ता में कांग्रेस के ग्रामीण जिला अध्यक्ष संजीव दहिया के अलावा सत्येंद्र गिरी, तिलक राम, जसवंत दहिया, जयवीर राठी और ऋतुराज समेत अन्य नेता मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में ग्रामीण क्षेत्र की कई महिलाओं से धोखाधड़ी का मामला सामने आया है जिसमें शेयर मार्केट में पैसा दोगुना करने का झांसा देकर 70.77 लाख की ठगी की गई है। जब महिलाओं को इसका एहसास हुआ तो उन्होंने थाना में शिकायत की। मामले में पुलिस ने अपराध दर्ज करते हुए आरोपी महिला को सक्ति से गिरफ्तार किया है। घटना कुछ और थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम जतरी निवासी हारा बाई निषाद 36 साल ने गांव की अन्य महिलाओं के साथ थाना में शिकायत करते हुए बताई कि जतरी की रहने वाली मेनका सारथी 37 साल, जिसका शादी ग्राम बरतुंगा जिला सक्ती निवासी अक्षय सारथी से हुआ है। जब भी मेनका अपने मायके आती थी तो महिलाओं को बताती थी कि वह और उसका पति शेयर मार्केट में पैसा निवेश कर अच्छा खासा मुनाफा कमा रहे हैं। मेनका सारथी ने गांव की महिलाओं को विश्वास में लेते हुए यह प्रचार करना शुरू कर दिया कि यदि वे उसके बताए अनुसार शेयर मार्केट में पैसा लगाएंगी तो उन्हें कम समय में मोटा मुनाफा मिलेगा और निवेश की गई रकम दोगुनी हो जाएगी। इतना ही नहीं, उसने महिलाओं को यह भरोसा भी दिलाया कि यदि शेयर मार्केट से उनकी रकम दोगुनी नहीं हुई तो वह और उसका पति अपनी गारंटी पर उन्हें दोगुनी रकम वापस दिलाएंगे। ऐसे में मेनका के झांसे में आकर ग्राम जतरी की कई महिलाओं ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर उसे रकम देना शुरू कर दिया। 6 अप्रैल 2025 से 24 अक्टूबर 2025 के बीच कैश व ऑनलाइन माध्यम से रुपए दी गई। इन महिलाओं से इतना रकम लिया शिकायत के अनुसार हारा बाई निषाद से 17 लाख 53 हजार रुपये, आरती सिदार से 3 लाख रुपये, अनिता निषाद से 17 लाख 24 हजार रुपये, दुजकुंवर यादव से 5 लाख रुपये, सुशीला निषाद से 1 लाख 80 हजार रुपये, मोहनमती सिदार से 3 लाख 30 हजार रुपये, मुन्नी बाई सारथी से 3 लाख 40 हजार रुपये, पुष्पा सिदार से 9 लाख रुपये, फुलबाई यादव से 3 लाख रुपये, विष्णु प्रिया निषाद से 7 लाख 50 हजार रुपये व अन्य महिलाओं से भी रकम लेकर कुल 70 लाख 77 हजार 901 रुपये निवेश के नाम पर प्राप्त किए गए। शुरूआत में मेनका ने कुछ निवेशकों को प्राफिट रकम भी दी और विश्वास में ली, फिर लंबे समय तक महिलाओं को न तो निवेश से कोई मुनाफा मिला और न ही उनकी मूल रकम वापस की गई। रुपए मांगने पर उल्टे फँसाने की धमकी जब पीड़ित महिलाओं ने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की तो उन्हें जानकारी मिली कि उनके द्वारा दी गई राशि शेयर मार्केट में निवेश करने के बजाय मेनका व उसके सहयोगियों के द्वारा निजी उपयोग में ली गई है। बाद में उनके द्वारा रकम लौटाने से इनकार किया गया और शिकायत करने पर उल्टा उन्हें जेल भिजवाने की धमकी देने का भी आरोप है। आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया जब मामले में पुलिस ने जांच शुरू की तो जांच में यह सामने आया कि कुछ पीड़ित महिलाओं ने दूसरे बैंकों से लोन लेकर आरोपी महिला को रकम दी थी और अब वे स्वयं उस लोन की किश्तें चुका रही हैं। जांच में लाखों रुपये के लेनदेन और धोखाधड़ी के महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने के बाद थाना साइबर में 22 जुलाई मेनका सारथी, उसके पति अक्षय सारथी व मीरा सोनवानी के खिलाफ अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई की गई है। अलग अलग खातों से लेनदेन का पता चला विवेचना के दौरान साइबर पुलिस ने पीड़ित महिलाओं के बैंक खातों के साथ-साथ आरोपियों के बैंक खातों की विस्तृत जानकारी जुटाई। बैंक खातों की जांच में आरोपी महिला के तीन अलग-अलग बैंक खातों में लाखों रुपये के लेनदेन का पता चला। आरोपी महिला की सक्ति से रायगढ़ लाया गया बैंक ट्रांजेक्शन, पीड़ितों के बयान व अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपी महिला की गिरफ्तारी के लिए जिला सक्ती के ग्राम बरतुंगा में दबिश दी और मेनका सारथी को हिरासत में लेकर रायगढ़ लाया गया। पूछताछ में आरोपी महिला ने बताया कि उसने अपने एक पुरुष मित्र के साथ मिलकर लोगों को शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर ठगी करने की योजना बनाई थी। आरोपी का पति ट्रांजेक्शन की जानकारी रखता था इसके बाद उसने अपने पति अक्षय सारथी और मां मीरा सोनवानी को भी इस काम में शामिल किया। आरोपी का पति महिलाओं को शेयर मार्केट में निवेश कर मोटा मुनाफा मिलने का लालच देने के साथ-साथ पीड़ितों द्वारा की जा रही रकम के ट्रांजेक्शन की जानकारी रखता था। बाद में रकम लौटाना बंद कर दिया वहीं आरोपी की मां मीरा सोनवानी भी गांव की महिलाओं को अपनी बेटी के माध्यम से शेयर मार्केट में पैसा लगाने के लिए प्रेरित करती थी और रकम नगद लेने व खातों में जमा कराने में सहयोग करती थी। पूछताछ में आरोपी महिला ने यह भी बताया कि ग्रामीण महिलाओं से प्राप्त रकम को अलग-अलग लोगों के बीच रोटेशन में चलाया जा रहा था। कुछ समय तक मुनाफे और मूलधन की राशि लौटाई गई, लेकिन बाद में रकम लौटाना बंद कर दिया गया। आरोपी महिला के पति और मां की गिरफ्तारी शेष पुलिस ने आरोपी महिला के कब्जे से लेनदेन में प्रयुक्त मोबाइल फोन, तीन बैंक खाते व एटीएम कार्ड जब्त किए हैं। मामले में आरोपी के पति अक्षय सारथी और उसकी मां मीरा सोनवानी की गिरफ्तारी शेष है। साथ ही पुलिस को अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता के भी साक्ष्य मिले हैं, जिनके संबंध में आगे जांच की जा रही है। तत्काल पुलिस से संपर्क करे SSP शशि मोहन सिंह ने बताया कि शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर कम समय में दोगुना-तिगुना मुनाफा देने व निश्चित लाभ की गारंटी देने वाले व्यक्तियों के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई न लगाएं। किसी भी व्यक्ति या संस्था के माध्यम से निवेश करने से पहले उसकी विश्वसनीयता और वैधता की पूरी जानकारी प्राप्त करें। यदि किसी प्रकार की धोखाधड़ी होती है तो तत्काल पुलिस से संपर्क करें।
हापुड़ में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक 'सेवा संकल्प अभियान' चलाया जा रहा है। इसके तहत मंगलवार को कई विकास खंडों में जनकल्याणकारी कार्यक्रम हुए। अभियान में जिला प्रोबेशन, स्वास्थ्य, पंचायत राज और विद्युत विभाग समेत अन्य विभागों ने शिविर लगाए। यहां लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने पात्रता और लाभ लेने की प्रक्रिया समझाई। इस अभियान के तहत गांवों में लगातार स्वच्छता अभियान भी चल रहा है। ग्रामीण इलाकों में साफ-सफाई और स्वच्छ माहौल बनाने के लिए गतिविधियां की जा रही हैं। इसी कड़ी में बाल पुष्टाहार विभाग ने गर्भवती महिलाओं को पोषण पोटली और प्रशस्ति पत्र बांटे। उन्हें पोषण के महत्व और विभागीय योजनाओं के बारे में भी बताया गया।
गोपालगंज। थावे थाना क्षेत्र के पडरौना पट्टी गांव में बीती रात अज्ञात चोरों ने दो बंद घरों के ताले तोड़कर नकदी और आभूषण समेत लाखों रुपये की संपत्ति चोरी कर ली। दोनों घरों में परिवार के सदस्य नियमित रूप से नहीं रहते थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव में सनसनी फैल गई। पडरौना पट्टी गांव निवासी स्व. नागेंद्र सिंह के बेटे अशोक सिंह विदेश में रहते हैं और उनका परिवार लखनऊ में रहता है। वहीं, स्व. धर्मदेव सिंह के बेटे और सेवानिवृत्त सैनिक जोगिंदर सिंह कोलकाता में रहते हैं। जोगिंदर सिंह के बेटे रवि कुमार आयकर विभाग में कार्यरत हैं और वर्तमान में कोलकाता में पदस्थापित हैं। दोनों परिवारों के सदस्यों की घर पर नियमित मौजूदगी नहीं थी। इसी का फायदा उठाकर चोरों ने दोनों मकानों के ताले तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की घटना की सूचना मिलने के बाद थावे थानाध्यक्ष विभा कुमारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने दोनों मकानों का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाने के लिए जांच-पड़ताल की। चोरों की पहचान और उनके भागने के रास्ते का पता लगाने के लिए पुलिस आसपास के घरों और रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। 15 से 20 लाख की संपत्ति चोरी होने का अनुमान अशोक सिंह के नाती रिषभ कुमार ने बताया कि दोनों घरों से करीब 15 से 20 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और कीमती सामान चोरी होने का अनुमान है। हालांकि, चोरी गई कुल संपत्ति का सटीक आकलन परिजनों के लौटने और सामान की पूरी गिनती के बाद ही हो सकेगा। रात्रि गश्ती बढ़ाने की मांग घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। धतिवना पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सत्य प्रकाश सिंह ने पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्ती बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुलिस की नियमित गश्ती नहीं होने से अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मामले का जल्द उद्भेदन करने और इलाके में गश्ती व्यवस्था दुरुस्त करने की अपील की है।
हरियाणा के खाद्य मंत्री राजेश नागर ने पलवल अनाज मंडी में अपने दौरे के दौरान गैरहाजिर मिले दो कर्मचारियों पर कार्रवाही की है। मंत्री के आदेश पर दोनों को शो कॉज नोटिस जारी किया गया है। नोटिस का रिप्लाई देने के लिए 2 दिन का समय दिया गया है। इसमें जय यादव AFSO और दिनेश कुमार SIFS शामिल है। जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक पलवल की ओर से जारी पत्र के अनुसार, 29 सितंबर 2026 को जारी आदेश में स्पष्ट किया गया था कि खरीद सीजन समाप्त होने तक किसी भी कर्मचारी का किसी भी प्रकार का अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। साथ ही कर्मचारियों को स्टेशन नहीं छोड़ने के निर्देश भी दिए गए थे। मंत्री के निरीक्षण में सामने आई गैरहाजिरी पत्र में बताया गया है कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के मंत्री के निरीक्षण के दौरान पीआर केंद्र पलवल पर कुछ कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इस पर मंत्री ने नाराजगी जाहिर की। इसके बाद जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक कार्यालय की ओर सेजय यादव AFSO और दिनेश कुमार SIFS स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया। दो दिन में स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दोनों कर्मचारियों अगले 2 दिन में इसका रिप्लाई देना होगा। दोनों कर्मचारी अगर दो दिन में रिप्लाई नही करते है तो आगे की कानूनी कार्रवाही की जायेगी। मंत्री राजेश नागर ने कहा कि सरकार के आदेशों की सबको पालना करनी होगी। ये समय किसानों का है ऐसे में बिनी किसी ठोस कारण के गैरहाजिर होना पूरी तरह से गलत है। दोनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाही की जाएगी।
महाकाल मंदिर में दो दिन से बंद ई-कार्ट सेवा मंगलवार को भी पूरी तरह शुरू नहीं हो पाई। जो ई-कार्ट चल रही हैं, उनमें से भी अधिकांश वीआईपी श्रद्धालुओं की सेवा में लगी हैं। ऐसे में आम बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को गर्मी और उमस के बीच लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है। बताया जा रहा है कि पिछले दो दिनों से श्री महाकालेश्वर मंदिर में ई-कार्ट सेवा बंद थी। चार्जिंग के दौरान कुछ गाड़ियों में तकनीकी खराबी आने के कारण यह स्थिति बनी। महाकाल मंदिर में ई-कार्ट की व्यवस्था को लेकर उज्जैन सांसद भी नाराजगी जता चुके हैं। उन्होंने कहा था कि मंदिर में ई-कार्ट की सुविधा आम श्रद्धालुओं के बजाय केवल वीआईपी भक्तों को मिल रही है। इसके बाद उन्होंने मंदिर प्रशासक से भी इस संबंध में चर्चा की थी। महाकाल मंदिर समिति के पास दान में मिली करीब 42 ई-कार्ट हैं। इन्हें तीन अलग-अलग पालियों में 12-12 गाड़ियों के स्लॉट में चलाया जाता है। इनमें से कई गाड़ियां पहले से खराब पड़ी हैं। मंदिर प्रशासन की ओर से इन पर ध्यान नहीं दिए जाने के कारण कुछ गाड़ियां लंबे समय से खड़ी हैं। दो दिन पहले चार्जिंग के दौरान कुछ और गाड़ियों में तकनीकी खराबी आ गई, जिससे श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ गई। रविवार से महाकाल मंदिर कॉरिडोर में चलने वाली ई-कार्ट सेवा बंद थी। यह सुविधा महाकाल महालोक (त्रिवेणी संग्रहालय) द्वार, नीलकंठ द्वार और हरसिद्धि द्वार से श्रद्धालुओं के लिए संचालित की जाती है। खासतौर पर बुजुर्ग, दिव्यांग और चलने-फिरने में असमर्थ श्रद्धालुओं को इससे राहत मिलती है। मंगलवार को कुछ गाड़ियां ठीक होने के बाद संचालन शुरू किया गया, लेकिन आम श्रद्धालुओं को इसका पर्याप्त लाभ नहीं मिल पाया। चल रही अधिकांश गाड़ियां वीआईपी और वीवीआईपी श्रद्धालुओं के लिए उपयोग की जा रही हैं। श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति की उप प्रशासक सिम्मी यादव ने बताया कि चार्जिंग के दौरान तकनीकी गड़बड़ी के कारण कुछ ई-कार्ट में दिक्कत आई थी। इन्हें ठीक कराया जा रहा है। मंगलवार से गाड़ियों का संचालन शुरू कर दिया गया है।
भारतीय मजदूर संघ जिला ब्यावर और नगर परिषद कर्मचारी संघ की ओर से मंगलवार को नव नियुक्त सभापति पुष्पा बल्दुआ और उनके पति जयकिशन बल्दुआ का फूलमालाओं और बुके भेंट कर स्वागत किया गया। इस दौरान पार्षद रवि टांक और दिनेश कुमावत भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में शहर की साफ-सफाई, बिजली-पानी और श्रमिकों से जुड़ी समस्याओं को लेकर सभापति से चर्चा की गई। संगठन की रीति-नीति बताई जिला मंत्री दिलीप कुमार जांगिड़ ने भारतीय मजदूर संघ की रीति-नीति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संगठन राष्ट्रहित, उद्योग हित और श्रमिक हित को सबसे ऊपर रखता है। इस दौरान संगठन की ओर से श्रमिक हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर सभापति के साथ चर्चा की गई। शहर की समस्याओं के समाधान का भरोसा सभापति पुष्पा बल्दुआ ने ब्यावर शहर की साफ-सफाई, बिजली और पानी से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता से सुलझाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने श्रमिकों से जुड़ी समस्याओं पर भी जल्द समाधान का प्रयास करने की बात कही। पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद इस मौके पर भारतीय मजदूर संघ के संभाग सह संगठन मंत्री दिलीप टांक, जिला संरक्षक दिलीप सेन, सीमेंट महासंघ महामंत्री शंकर सिंह लगेत, ऑटो संघ अध्यक्ष घनश्याम सिंह भाट और नगर परिषद कर्मचारी संघ अध्यक्ष गोपाल गोयर सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर ने मंगलवार को पलवल अनाज मंडी का दौरा किया। उन्होंने यहां फसल खरीद की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उपायुक्त डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर, भाजपा जिलाध्यक्ष विपिन बैंसला और मार्केट कमेटी चेयरमैन पंकज विरमानी भी मौजूद थे। मंत्री नागर ने मंडी में नमी जांच मशीन, इलेक्ट्रॉनिक कांटे, गेट पास, खरीद, उठान और भुगतान प्रक्रिया को देखा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों से अच्छा व्यवहार करें और खरीद प्रक्रिया तय समय पर पूरी हो। उन्होंने कहा कि किसानों को गेट पास से लेकर भुगतान तक कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। अटल कैंटीन का भी किया निरीक्षण निरीक्षण के दौरान मंत्री राजेश नागर अटल किसान कैंटीन भी गए। उन्होंने वहां खाने की क्वालिटी, साफ-सफाई और सुविधाओं को परखा। शौचालयों की सफाई भी देखी। अधिकारियों को कैंटीन को ठीक से चलाने और साफ-सफाई पर ध्यान देने के निर्देश दिए।
कोटा में मंदिर मे चोरी:8 मिनट मे 5 वें प्रयास मे लॉक तोड़ अंदर घुसा, दान पेटी से नगदी लेकर फरार हुआ
कोटा में महावीर नगर विस्तार योजना में बदमाश ने मंदिर को निशाना बनाया हैं। बदमाश मंदिर का लॉक तोड़कर अंदर घुसा। दान पेटी से नगदी चोरी करके फरार हो गया। चोरी की घटना मंदिर के पास मकानों के लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई हैं। बदमाश ने 8 मिनट में 5 वें प्रयास में मंदिर के गेट का लॉक तोड़ा। फिलहाल मंदिर समिति की और से थाने में शिकायत नहीं दी हैं। देखें, मंदिर में चोरी की तस्वीर.. मंदिर समिति से जुड़े रामरतन ने बताया कि महावीर नगर विस्तार योजना सेक्टर A में सिद्धेश्वर मंदिर हैं। बदमाश ने सोमवार तड़के 2.15 बजे से 2.27 बजे के बीच चोरी की। इस दौरान बदमाश ने 8 मिनट में चार बार मंदिर के गेट का लॉक तोड़ने की कोशिश की। हर बार प्रयास के बाद वो इधर उधर चला जाता। पांचवें प्रयास में बदमाश ने लॉक तोड़ा और मंदिर के अंदर घुस गया। उसने मंदिर में रखी दान पेटी से नगदी निकाली और फरार हो गया। हालांकि कि समिति सदस्यों ने शुक्रवार को ही दान पेटी खोलकर नगदी निकाल ली थी। बदमाश के हाथ दान पेटी मेंआया दो दिन का पैसा ( लगभग 200/300 रूपए ) ही लगा हैं। इस मंदिर में डेढ़ साल में ये तीसरी चोरी हैं। पहले हुई दो चोरियों की शिकायत थाने में दी थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बार मंदिर समिति ने चोरी की शिकायत नहीं देने का निर्णय लिया हैं। सुरक्षा के लिहाज से मंदिर के आसपास के मकानों में 4 सीसीटीवी कैमरे लगा रखे हैं।
उज्जैन-जावरा स्टेट हाईवे पर उन्हेल थाना क्षेत्र में मंगलवार को सड़क हादसा हो गया। नागझिरी-नागदा रोड पर सांई कृपा ढाबे के पास तेज रफ्तार एंबुलेंस ने आगे चल रही दो अर्टिगा कारों को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद एंबुलेंस सड़क से उतर नीचे चली गई। हादसे में कारों को भी काफी नुकसान हुआ। हादसे के बाद एंबुलेंस चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एंबुलेंस ने आगे चल रही कार को मारी टक्कर उन्हेल पुलिस के अनुसार- नागदा की दयानंद कॉलोनी निवासी दीपक चौहान अपनी अर्टिगा कार से इंदौर जा रहे थे। उनके आगे एक अन्य अर्टिगा चल रही थी। सुबह करीब 10 बजे सांई कृपा ढाबे के पास उज्जैन की ओर से आ रही एंबुलेंस के चालक ने तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए पहले आगे चल रही कार को टक्कर मारी। इसके बाद एंबुलेंस ने पीछे चल रही दीपक की कार को भी टक्कर मार दी। एंबुलेंस में नहीं था कोई मरीज हादसे में दीपक के दाहिने हाथ की कलाई पर चोट आई। उनकी कार के दोनों ड्राइवर साइड गेट, रियर व्यू मिरर, डिक्की, टायर और पीछे का कांच क्षतिग्रस्त हो गया। दूसरी कार के गेट, टायर और चेसिस को नुकसान पहुंचा। घटना के समय एंबुलेंस में कोई मरीज नहीं था। न्हेल पुलिस ने चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शेखपुरा में बिहार विधान परिषद के कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक चुनाव के लिए मंगलवार को मतदान दलों को ट्रेनिंग दी गई। यह कार्यक्रम स्थानीय कलेक्ट्रेट परिसर के मंथन सभागार में अपर समाहर्ता लखींद्र पासवान की अध्यक्षता में हुआ। नियमों का पूरी तरह पालन करने को कहा ट्रेनिंग में पीठासीन, प्रथम और द्वितीय मतदान पदाधिकारी को मतदान प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी गई। इसमें केंद्र पर अपनाए जाने वाले तरीके, वोट की गोपनीयता, मतदाताओं की पहचान, मतपत्र और मतदान सामग्री के इस्तेमाल व रखरखाव के बारे में बताया गया। अधिकारियों को चुनाव आयोग के नियमों का पूरी तरह पालन करने को कहा गया। मौके पर मौजूद रहे कई अधिकारी साथ ही, मतदान प्रक्रिया के दौरान कोई दिक्कत आने पर तय नियमों के हिसाब से कार्रवाई करने की जानकारी भी दी गई। अपर समाहर्ता ने सभी मतदान पदाधिकारियों से ट्रेनिंग की जानकारी को गंभीरता से समझने और चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष व शांतिपूर्ण तरीके से कराने में अपनी भूमिका निभाने को कहा। इस ट्रेनिंग शिविर में जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी गुलाब लकड़ा, अवर निर्वाचन पदाधिकारी, जिला अल्पसंख्यक पदाधिकारी मो खिलाफत अंसारी और अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
चार में तीन विधायक साथ तो RLM में टूट कैसी; माधव आनंद की चाल में फिर उलझे उपेंद्र कुशवाहा
उपेंद्र कुशवाहा अपनी ही पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा में साइडलाइन कर दिए गए हैं। कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता को छोड़ रालोमो के चार में से तीन विधायक एमएलसी चुनाव में एकजुट हो गए हैं। अब माधव आनंद ने दो-टूक कह दिया है कि पार्टी को बचाने के लिए जहर का घूंट भी पीना पड़े, तो वे तैयार हैं।
बारां में वैष्णव अग्रवाल पंचायत अग्रसेन जन्मोत्सव मना रही है। इस मौके पर कई सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम किए जा रहे हैं। मंगलवार को महिलाओं के लिए क्रोशिया से फूल बनाना, ईको-फ्रेंडली गणेशजी बनाना, मांडना और अंताक्षरी जैसी कई प्रतियोगिताएं हुईं। पंचायत के प्रवक्ता अरुण गर्ग ने बताया कि 5 अक्टूबर को अग्रवाल महिला जागृति संगठन ने सब खेलो, सब जीतो कार्यक्रम रखा था। इसमें समाज की महिलाओं ने उत्साह से हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा दिखाई। 6 अक्टूबर को महिलाओं के लिए क्रोशिया से फूल बनाना, ईको-फ्रेंडली गणेशजी बनाना, मांडना और अंताक्षरी जैसी कई प्रतियोगिताएं हुईं। महिलाओं ने अपनी कला और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। गर्ग ने बताया कि 7 अक्टूबर को नानी बाई रो मायरो का आयोजन होगा। अग्रसेन जयंती तक 11 अक्टूबर तक ऐसे ही कार्यक्रम चलते रहेंगे। पंचायत अध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता ने कहा कि अग्रसेन जन्मोत्सव समाज की एकता और परंपराओं को मजबूत करता है। महामंत्री सतीश अग्रवाल ने बताया कि सभी कार्यक्रमों में समाज के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
रिटायर्ड एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (XEN) कुमार संभव अवस्थी की अलवर UIT में फिर से हुई नियुक्ति को निरस्त कर दिया गया है। सरकार ने मई में एक्सईएन कुमार संभव अवस्थी को नियुक्त करने के आदेश जारी किए थे। लेकिन कुमार संभव की कार्यशैली के विरोध में यूआईटी के ठेकेदारों ने ऑफिस के बाहर धरना दिया था। एक्सईएन पर रिश्वत के गंभीर आरोप भी लगाए थे। आरोपों के बाद नगरीय विकास एवं आवासन (UDH) विभाग ने नगर विकास न्यास (UIT) अलवर में काम कर रहे कुमार संभव अवस्थी की नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। UDH विभाग के शासन उप सचिव-तृतीय डॉ. राष्ट्रदीप यादव ने इसके आदेश जारी किए। ये आरोप लगाए थे ठेकेदारों ने UIT के ठेकेदार लोकेश धारवाल और अतुल ने सीधे तौर पर एक्सईएन कुमार संभव अवस्थी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि अवस्थी वर्क ऑर्डर जारी करने से पहले ही 2 प्रतिशत कमीशन एडवांस लेते हैं। काम चलने के दौरान भी कई बार अलग-अलग बहानों से कमीशन वसूला जाता है। जब काम पूरा हो जाता है, तो फाइनल बिल जारी करने और भुगतान क्लियर करने के बदले फिर से मोटा कमीशन लिया जाता है।
सलूंबर में किशोरी सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत जिले के सरकारी स्कूलों में किशोरी मेले का आयोजन हुआ। मेले का उद्देश्य किशोरियों को स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा एवं बाल अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनने के लिए प्रेरित करना रहा।छात्रों ने किशोरी स्वास्थ्य,स्वच्छता, शिक्षा और बाल अधिकार जैसे विषयों पर तैयार किए गए पोस्टर,पहेलियां एवं अन्य रचनात्मक प्रस्तुतियां प्रदर्शित कीं। छात्रों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों और अभिभावकों का ध्यान आकर्षित किया। ‘स्वस्थ और शिक्षित किशोरी ही सशक्त देश की आधारशिला’ कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्था प्रधान भावना गुप्ता ने कहा कि स्वस्थ और शिक्षित किशोरी ही सशक्त देश की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि यदि देश के किशोर-किशोरियां स्वास्थ्य की दृष्टि से जागरूक और शिक्षा के क्षेत्र में आगे हैं, तो देश की प्रगति को कोई नहीं रोक सकता। कार्यक्रम में किशोरी सशक्तिकरण से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी भी दी गई। छात्रों को मीना-राजू मंच,गार्गी मंच,अध्यापिका मंच,किशोरी मेला,राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस समारोह, माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता प्रबंधन सहित बालिकाओं के लिए संचालित विभिन्न कार्यक्रमों के बारे में बताया गया। ‘बेटा-बेटी एक समान’ का दिलाया संकल्प कार्यक्रम के समापन पर संस्था प्रधान एवं शिक्षकवृंद ने छात्रों, अभिभावकों और उपस्थित लोगों को ‘बेटा-बेटी एक समान’ का भाव समाज में मजबूत करने का संकल्प दिलाया। साथ ही छात्राओं को उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के समान अवसर उपलब्ध कराने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
मेरठ के चन्द्रलोक पार्क में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा व्यास आचार्य जनार्दन तिवारी ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म एवं उनकी बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग आते ही कथा पंडाल में श्रद्धालुओं ने हर्ष और उल्लास के साथ भगवान के जयकारे लगाए। मुख्य यजमान जयभगवान मित्तल रहे। कथा व्यास ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा सुनाते हुए कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है और अत्याचार अपनी सीमा पार करता है, तब भगवान धर्म की स्थापना एवं भक्तों की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं। उन्होंने वसुदेव-देवकी, कंस के अत्याचार तथा भगवान श्रीकृष्ण के गोकुल पहुंचने की कथा का वर्णन किया। इसके बाद नंद बाबा के घर भगवान के आगमन, माता यशोदा के वात्सल्य और गोकुल में मनाए गए आनंदोत्सव का प्रसंग सुनाया गया।
पन्ना-अमानगंज घाटी में मंगलवार 6 अक्टूबर को एक ट्रक सड़क किनारे खाई में उतर गया। यह हादसा सामने से आ रही एक तेज रफ्तार कार को बचाने के दौरान हुआ। चालक और हेल्पर ने कूदकर जान बचाई। ट्रक पलटा नहीं, जिससे कोई हताहत नहीं हुआ। अमानगंज से आ रहा ट्रक घाटी के मोड़ पर सामने से आई कार को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित हो गया। चालक ने गाड़ी से नियंत्रण खो दिया और ट्रक खाई में उतर गया। चालक और हेल्पर चलती गाड़ी से कूदकर सुरक्षित बच गए। स्थानीय निवासियों विजय साहू और अजित के अनुसार, पन्ना-अमानगंज घाटी मार्ग पर कई सुरक्षा डिवाइडर और बाउंड्री वॉल क्षतिग्रस्त हैं। सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण इस मार्ग पर अक्सर हादसे होते रहते हैं। क्षेत्रीय ग्रामीणों और वाहन चालकों ने लोक निर्माण विभाग और प्रशासन से क्षतिग्रस्त डिवाइडरों व सुरक्षा दीवारों की तुरंत मरम्मत की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
ब्यौहारी थाना के ग्राम कोठिया में बेटे सिंघरराज सिंह गोंड की कुल्हाड़ी से हत्या करने के बाद फरार पिता नंदकुमार सिंह गोंड (55) ने पांचवें दिन खुदकुशी कर ली। उसका शव मंगलवार सुबह हत्या वाली जगह से करीब तीन किलोमीटर दूर रेलवे ट्रैक पर मिला। पुलिस 2 अक्टूबर से उसकी तलाश कर रही थी। मामूली विवाद के हत्या तक बढ़ा पुलिस के मुताबिक, 2 अक्टूबर को नंदकुमार का बेटे सिंघरराज से मामूली बात पर विवाद हुआ। विवाद बढ़ने पर नंदकुमार ने कुल्हाड़ी से हमला किया, जिससे सिंघरराज की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी पिता जंगल में छिप गया।ब्यौहारी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कार्रवाई की। भांजे से बोला- घटना का अफसोस है थाना प्रभारी अभिलाष मिश्रा ने बताया कि पुलिस टीमों ने 100 से ज्यादा ग्रामीणों के साथ रात 2 बजे तक तलाश की, पर घना जंगल होने से वह नहीं मिला। जंगल में छिपे नंदकुमार ने अपने भांजे से फोन पर बात कर घटना पर अफसोस जताया था। सुबह रेलवे ट्रैक पर मिला शव थाना प्रभारी ने बताया कि मंगलवार सुबह पुलिस को रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति के ट्रेन की चपेट में आने की सूचना मिली। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों और रेलवे कर्मचारियों की मदद से शव की पहचान कराई। मृतक नंदकुमार सिंह गोंड ही निकला। प्रारंभिक जानकारी में उसके ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या करने की बात सामने आई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल के पास हत्या में इस्तेमाल की गई टांगी मिलने की भी जानकारी सामने आई है।
गुना की मृगवास थाना पुलिस ने राजस्थान से स्मैक लेकर आ रहे दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 20.61 ग्राम स्मैक जब्त की है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2.10 लाख रुपए है। तस्करी में इस्तेमाल बिना नंबर की मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। वाहन की कीमत करीब 1 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने कुल 3.10 लाख रुपए का मशरूका जब्त किया है। धर्मकांटे के पास नाकाबंदी कर पकड़ा पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि राजस्थान के छबड़ा की ओर से दो व्यक्ति बिना नंबर की मोटरसाइकिल पर स्मैक लेकर सानई होते हुए बीनागंज की ओर जाने वाले हैं। सूचना पर सानई चौकी से पुलिस टीम कार्रवाई के लिए रवाना हुई। टीम ने कुंभराज-सानई रोड पर जयश्रीराम धर्मकांटे के पास नाकाबंदी की। कुछ देर बाद मुखबिर के बताए हुलिए की मोटरसाइकिल पर दो युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को मौके पर पकड़ लिया। तलाशी में 20.61 ग्राम स्मैक मिली पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम रामराज पुत्र मुकेश मीना (19), निवासी पचबाड़ा, थाना छबड़ा, जिला बारां और मनोज पुत्र चम्पालाल मीना (28), निवासी तुर्कीबाड़ा, थाना छबड़ा, जिला बारां बताए। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से 20.61 ग्राम स्मैक बरामद हुई। पुलिस ने स्मैक और तस्करी में इस्तेमाल मोटरसाइकिल को जब्त कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। NDPS एक्ट में केस, नेटवर्क की जानकारी जुटा रही पुलिस मृगवास थाने में अपराध क्रमांक 120/26 दर्ज कर दोनों के खिलाफ धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मादक पदार्थ के स्रोत और तस्करी से जुड़े संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
हरदोई के बावन में मंगलवार सुबह शारदा नहर पुल के पास एक नवजात शिशु का शव मिला। शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। नहर में शव दिखाई देते ही लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। लोनार पुलिस को सूचना मिली और वे तुरंत पहुंचे। सुबह करीब आठ बजे लोगों ने शारदा नहर में नवजात का शव देखा। खबर फैलते ही बावन पुल पर भीड़ लग गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लिया। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नवजात का शव नहर तक कैसे पहुंचा और उसे किसने छोड़ा। आसपास के लोगों से पूछताछ के साथ अन्य पहलुओं की जांच भी चल रही है। थाना प्रभारी सुनील कुमार मिश्र ने बताया कि शव को अस्पताल भेज दिया गया है। नवजात की पहचान कराने की कोशिशें जारी हैं। जांच के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
19 ग्रामीणों पर FIR के बाद विवाद बढ़ा:एसपी कार्यालय के सामने प्रदर्शन, पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोका
उमरिया के गिठौरी गांव में बजरंग पावर इस्पात कंपनी और ग्रामीणों का जमीन विवाद अब एसपी कार्यालय तक पहुंच गया है। मंगलवार को ग्रामीण कांग्रेस जिलाध्यक्ष के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने धरना प्रदर्शन कर अपनी शिकायत पर कार्रवाई मांगी। शुक्रवार को कंपनी अपनी जमीन पर मशीनों से सफाई करा रही थी। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें मुआवजा नहीं मिला। इस पर कंपनी कर्मचारियों और ग्रामीणों में झड़प हुई। कंपनी की शिकायत पर 19 नामजद ग्रामीणों और 20 अन्य महिलाओं पर मामला दर्ज हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं हुई। शनिवार को बिरसिंहपुर पाली थाने के सामने धरना दिया गया था। एक महिला का आवेदन लेकर मेडिकल कराया गया, पर एफआईआर नहीं हुई। एसपी विजय बागवानी ने बताया कि सुमित्रा की शिकायत की जांच डीएसपी अजाक को सौंपी गई है। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई होगी।
सीकर में रिटायर्ड BSF कर्मचारी से साइबर फ्रॉड होने का मामला सामने आया है। ठगों ने इनके अकाउंट से 1 लाख रुपए निकाल लिए। पीड़ित ने सीकर के उद्योग नगर पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। रिटायर्ड BSF कर्मचारी ने पुलिस को बताया कि उनके अकाउंट से पहले 50 हजार रुपए डेबिट होने का मैसेज आया था। मैसेज आते ही उन्होंने तुरंत बैंक के टोल फ्री नंबर पर कांटेक्ट करने की कोशिश की। लेकिन कोई कांटेक्ट नहीं हो पाया। इसके बाद उन्होंने बैंक में अपने परिचित कर्मचारी को कॉल करके इस बारे में बताया। जब तक बैंक कर्मचारी ने अकाउंट ब्लॉक करने की कोशिश की। उतनी ही देर में अकाउंट से 50 हजार रुपए और निकल गए। हालांकि इसके बाद बैंक अकाउंट लॉक हो गया। ऐसे में अकाउंट से ज्यादा रुपए निकलने से बच गए। अभी तक यह पता नहीं चल पाया कि आखिरकार किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने या किसी फाइल को डाउनलोड करने के चलते रिटायर्ड BSF कर्मचारी का मोबाइल या बैंक अकाउंट हैक हुआ हो। जानकारी के अनुसार रिटायर्ड BSF कर्मचारी के बैंक अकाउंट से निकली राशि एक ही अकाउंट में ट्रांसफर हुई है। इस अकाउंट की डिटेल के आधार पर अब पुलिस आरोपी का पता लगा रही है।
शेखपुरा में दुर्गा पूजा के दौरान शॉर्ट सर्किट से होने वाले खतरे को रोकने के लिए मंगलवार को फायर ब्रिगेड और बिजली विभाग के अधिकारियों ने पूजा पंडालों की जांच की। टीम ने लाइसेंस वाले पूजा पंडालों में बिजली के लोड की जांच की और समिति पदाधिकारियों व कारीगरों को जरूरी सावधानियां बरतने के निर्देश दिए। सभी पंडालों में आग बुझाने के यंत्र लगाने का निर्देश जांच टीम में शेखपुरा फायर ब्रिगेड के सब-डिविजनल फायर ऑफिसर सुधीर कुमार सिंह, सब अधिकारी सौरभ कुमार और बिजली विभाग के सहायक अभियंता राजीव कुमार शामिल थे। सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि सभी पंडालों में आग बुझाने वाले यंत्र लगाने के भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। जिले में 45 पूजा समितियों की पहचान जिले में कुल 45 पूजा समितियों की पहचान की गई है। इनमें 30 शेखपुरा और बरबीघा जैसे शहरी इलाकों में हैं, जबकि बाकी ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। इन सभी पंडालों में बिजली के लोड की जांच की जा रही है। हर पूजा समिति से शपथ पत्र भी भरवाया जा रहा है।
राजसमंद में पंचायतीराज चुनाव लड़ने वाले ग्राम पंचायत प्रशासकों को नामांकन दाखिल करने से पहले अपने प्रशासक पद से इस्तीफा देना होगा। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत ग्राम पंचायत प्रशासक का पद लाभ का पद माना गया है। ऐसे में चुनाव लड़ने के लिए पहले पद से त्यागपत्र देना और सक्षम अधिकारी से उसे स्वीकार करवाना अनिवार्य होगा। निर्वाचन अधिकारी को इस्तीफा दे सकेंगे जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा को ग्राम पंचायत प्रशासकों के इस्तीफे स्वीकार करने के लिए अधिकृत किया गया है। चुनाव लड़ने के इच्छुक प्रशासक कार्य दिवसों में शाम 4 से 5 बजे तक जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपना त्यागपत्र प्रस्तुत कर सकेंगे। पंचायतीराज विभाग के आदेश के अनुसार प्रशासक द्वारा स्वेच्छा से इस्तीफा देने पर जिला कलक्टर त्यागपत्र स्वीकार कर पदमुक्त करने के आदेश जारी करेंगे और इसकी सूचना पंचायतीराज विभाग को भेजी जाएगी। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि ग्राम पंचायत प्रशासक का नाम संबंधित नगरीय निकाय की निर्वाचक नामावली में दर्ज है और वह चुनाव लड़ना चाहता है, तो नामांकन दाखिल करने से पहले पद से इस्तीफा देना जरूरी है। कलक्टर हसीजा ने इच्छुक प्रशासकों से निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर इस्तीफा प्रस्तुत करने की अपील की है।
गोंडा में नगर निकायों में चल रहे विकास कार्यों में लापरवाही और खराब प्रगति पर डीएम प्रियंका निरंजन ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार शाम कलेक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने नगर पालिका गोंडा में समय से नाला निर्माण पूरा नहीं होने और कई वार्डों में काम शुरू न किए जाने पर नाराजगी जताई। डीएम ने नगर पालिका गोंडा के अधिशासी अधिकारी संतराम का वेतन रोकने के निर्देश दिए। साथ ही जिन संस्थाओं ने कार्य शुरू नहीं किए हैं, उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई करने को कहा। समीक्षा के दौरान नगर पंचायत धानेपुर में कराए गए विकास कार्य भी संतोषजनक नहीं पाए गए। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए अधिशासी अधिकारी रागिनी वर्मा को शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। संबंधित कार्यों की जांच कराने को भी कहा गया। तरबगंज ईओ का वेतन रोकने के निर्देश नगर पंचायत तरबगंज में कराए गए कार्यों की स्थिति भी ठीक नहीं मिली। डीएम ने अधिशासी अधिकारी अमरनाथ को शोकाज नोटिस जारी करने के साथ वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर पंचायत में पहले कराए गए और वर्तमान में चल रहे सभी कार्यों की जांच कराने की जिम्मेदारी अपर जिलाधिकारी को सौंपी। परसपुर के अन्त्येष्टि स्थल की स्थिति पर भी नाराजगी नगर पंचायत परसपुर में निर्माणाधीन अन्त्येष्टि स्थल का काम भी संतोषजनक नहीं पाया गया। डीएम ने इस पर नाराजगी जताते हुए अधिशासी अधिकारी बेलसर अनुराग शुक्ला को शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही परसपुर में कराए गए और चल रहे सभी विकास कार्यों की जांच कराने को कहा। जियो-टैग फोटो और स्थलीय निरीक्षण पर जोर डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे कराए जाएं। जनहित से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। कार्यों की वास्तविक स्थिति की निगरानी के लिए जियो-टैग फोटोग्राफ और स्थलीय निरीक्षण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। योजनाओं के कार्यों की वार्डवार हुई समीक्षा बैठक में सीवरेज एवं जल निकासी योजना, पं. दीन दयाल उपाध्याय नगर विकास योजना, पेयजल व्यवस्था, आकांक्षी नगर योजना, अन्त्येष्टि स्थल योजना, नगरीय झील-तालाब-पोखर संरक्षण योजना, वंदन योजना और मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई। मोहल्ला और वार्डवार नाली-नाला निर्माण, पार्क, कवर आरसीसी रोड, हाईमास्ट लाइट, ओपन जिम और तालाब सौन्दर्यीकरण समेत अन्य कार्यों की प्रगति देखी गई। अधिकारियों ने कार्य शुरू होने से पहले और पूरा होने के बाद की जियो-टैग फोटोग्राफ के जरिए पीपीटी प्रस्तुति दी। डीएम ने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रमोद झा, नगर पालिका गोंडा, करनैलगंज व नवाबगंज के अधिशासी अधिकारियों के साथ नगर पंचायत परसपुर, बेलसर, खरगूपुर, तरबगंज, मनकापुर, धानेपुर और कटरा बाजार के अधिशासी अधिकारी तथा एलबीसी अनिल सिंह समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
सतना जिले के नागौद विकासखंड में डालमिया सीमेंट की प्रस्तावित लाइम स्टोन लीज का किसान विरोध कर रहे हैं। मंगलवार को प्रभावित गांवों के किसानों ने सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ रैली निकाली।किसान मौहरी टोल प्लाजा के पास जमा हुए। इसके बाद वे ट्रैक्टरों से सतना पहुंचे और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने प्रस्तावित लीज पर फिर से विचार करने की मांग की।रैली में वसुधा, रजरवारा, महकोना, सप्ती, नौबस्ता, कोलाड, हिलौंधा, डाम्हा और छींदा समेत कई गांवों के किसान शामिल थे। किसानों का कहना है कि लीज से उनकी उपजाऊ कृषि भूमि प्रभावित होगी, जो उनकी आजीविका का मुख्य आधार है।किसानों ने साफ किया कि वे अपनी जमीन किसी सीमेंट प्लांट या खनन परियोजना के लिए नहीं देंगे। उन्होंने प्रशासन से कृषि भूमि अधिग्रहण से पहले किसानों की आपत्तियों को सुनने और लीज प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है।
निर्वाचन विभाग ने मंगलवार को जारी किए दूसरे आदेश में सलूंबर जिले की 7 में से 4 पंचायत समितियों में चुनाव तीसरे चरण में शिफ्ट कर दिए हैं। पहले जिले की सभी 7 पंचायत समिति में चौथे चरण में मतदान होना था। नए कार्यक्रम के अनुसार- लसाड़िया, सेमारी, सलूंबर, गींगला पंचायत समिति में अब 3 नवंबर को पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य और 5 नवंबर को पंच और सरपंच के चुनाव होंगे। यहां उपसरपंच के चुनाव 6 नवंबर को होंगे। वहीं झल्लारा, जयसमंद और सराड़ा पंचायत समिति में पहले की तरह चौथे चरण में वोटिंग होगी। यहां 14 नवंबर को पंचायत समिति और जिला परिषद और 16 नवंबर को पंच सरपंच के चुनाव होंगे। उपसरपंच के चुनाव 17 नवंबर को होंगे। सभी पंचायत समिति और जिला परिषद सीटों की मतगणना 20 नवंबर को की जाएगी। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान EVM से कराया जाएगा, जबकि पंच और सरपंच पद के लिए बैलेट पेपर से मतदान होगा।
नगर परिषद पलवल में तैनात बिल्डिंग इंस्पेक्टर को स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो की पलवल यूनिट ने 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान चिम्मन लाल तेवतिया के रूप में हुई है।एंटी करप्शन ब्यूरो के अनुसार एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि बिल्डिंग इंस्पेक्टर उसके मकान को गिराने की कार्रवाई न करने के बदले 50 हजार रुपए मांग रहा है। आरोपी 5 अक्टूबर को 25 हजार रुपए पहले ही ले चुका था और बाकी 25 हजार की मांग कर रहा था। पशुपालन विभाग के अधिकारी भी रहे मौजूद शिकायत पर एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने 6 अक्टूबर को ट्रैप लगाया। इंस्पेक्टर राजकुमार के नेतृत्व में टीम ने आरोपी चिम्मन लाल तेवतिया को शेष 25 हजार रुपए लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान पशुपालन विभाग के डॉ. महेंद्र सिंह बतौर गजटेड ऑफिसर स्वतंत्र गवाह के रूप में मौजूद रहे। टीम ने बीएनएसएस-2023 की धारा 105 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की। आरोपी के खिलाफ थाना फरीदाबाद में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। विजिलेंस ने लोगों से अपील की है कि रिश्वत मांगने की सूचना 1064 हेल्पलाइन या 'सतर्क-हरियाणा' ऐप पर फोटो-वीडियो के साथ दें।
बूंदी की सदर थाना पुलिस ने बाइक चोरी के मामले में आरोपी गणेश कुमार मीणा (23) को गिरफ्तार कर चोरी की बाइक बरामद की है। पुलिस ने आरोपी को नानकपुरिया चौराहे पर नाकाबंदी के दौरान पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने बाइक चोरी की वारदात कबूल की। खेल संकुल के सामने खड़ी की थी बाइक फरियादी कुशाल सुमन ने 25 सितंबर 2026 को सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि शाम करीब 6 बजे वह अपनी बाइक खेल संकुल के सामने खड़ी कर रनिंग करने गए थे। वापस लौटे तो बाइक वहां नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। नाकाबंदी में पकड़ में आया आरोपी पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए नानकपुरिया चौराहे पर नाकाबंदी की। इस दौरान पुलिस ने लाडपुर, थाना के.पाटन निवासी गणेश कुमार मीणा को पकड़ा। उसके पास मिली आरसी के नंबर का बाइक के इंजन और चेचिस नंबर से मिलान नहीं हुआ। पूछताछ में कबूली चोरी की वारदात पुलिस के अनुसार पूछताछ में गणेश कुमार मीणा ने बाइक चोरी करना स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने चोरी की बाइक बरामद कर ली। संपत्ति संबंधी अपराधों पर पुलिस की कार्रवाई यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा के निर्देश पर संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। पुलिस आरोपी से मामले में आगे की पूछताछ कर रही है।
राज्य सरकार की स्वामित्व योजना के तहत होने वाली रजिस्ट्री प्रक्रिया का विरोध कर रहे पटवारियों ने आज जिला अध्यक्षों को भोपाल बुलाकर बैठक की। बैठक में तय किया गया कि पटवारी इस योजना में रजिस्ट्री के निष्पादक (एग्जीक्यूटर) के रूप में काम नहीं करेंगे। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में अभी भी उनके कानूनी मामले में फंसने की आशंका है। पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि इस काम में अब राजस्व निरीक्षक, तहसीलदार और नायब तहसीलदार भी शामिल हैं। उन्हें योजना के तहत पंजीयक के अधिकार दिए गए हैं। मप्र पटवारी संघ के प्रांताध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल और प्रांतीय पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अश्विन सैनी ने संयुक्त प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। उपेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि इस मामले में लीगल एडवाइस भी ली गई है। पटवारियों को निष्पादक की भूमिका से हटाए जाने के बाद ही उन्हें राहत मिलेगी। बघेल ने कहा कि यदि सरकार इस मामले में पटवारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई करती है तो सभी की राय लेकर आगे के कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पिछले महीनों में सरकार ने उनकी कुछ मांगें स्वीकार की हैं, लेकिन आदेश जारी होने के बाद उन पर आगे की कार्रवाई नहीं हुई। बैठक में पंचायत सचिव और पटवारियों को दिए जाने वाले ग्रेड पे पर भी चर्चा हुई। संघ का आरोप- सरकार पटवारियों से अतिरिक्त काम करा रही पटवारी संघ के अनुसार, अभी पटवारी को 2100 रुपए का ग्रेड पे दिया जा रहा है, जबकि पंचायत सचिव को 2400 रुपए का ग्रेड पे मिलता है। संघ का आरोप है कि सरकार पटवारियों से अतिरिक्त काम करा रही है। इसलिए अब यह काम नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि, सीएम किसान सम्मान योजना और फार्मर आईडी योजना का काम कृषि विभाग से संबंधित है। संघ की मांग है कि ये काम भी उसी विभाग को सौंपे जाएं। इन्हीं मुद्दों को लेकर आगे की रणनीति बनाई जा रही है। सैनी बोले- जिस काम के लिए टाइटल्ड नहीं, वह करा रहे प्रांतीय पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अश्विन सैनी ने कहा कि योजना में पटवारी को निष्पादक बनाने के अलावा किसी अन्य बात का विरोध नहीं है। उन्होंने कहा कि लीज डीड में पटवारी का नाम शामिल किए जाने पर आपत्ति है, क्योंकि पटवारी टाइटल्ड नहीं है। सैनी ने कहा कि यदि रजिस्ट्री के बाद कोई व्यक्ति कोर्ट चला जाए और दावा करे कि जमीन पहले से उसके नाम पर थी, तो पटवारी उसकी रजिस्ट्री कैसे करा सकते हैं? ऐसी स्थिति में इसका जवाब सरकार के पास भी नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा और राजस्थान में भी अधिकार अभिलेख दिए जा रहे हैं, लेकिन मध्यप्रदेश में रजिस्ट्री के नाम पर अनावश्यक दबाव बनाकर गलत काम कराया जा रहा है। शासकीय भूमि के निष्पादन का अधिकार राज्यपाल की ओर से अधिकृत अधिकारी को ही है। भविष्य में किसी तरह का विवाद होने पर पटवारियों को भी मामले में पक्षकार बनाया जा सकता है।
बदायूं के सहसवान में मंगलवार दोपहर 3 बजे सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दिल्ली में अखिलेश यादव समेत विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में किया गया। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा। SDM के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के जिला महासचिव सोनू यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ता उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने सहसवान एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। इसमें दिल्ली की घटना का संज्ञान लेने की मांग की गई। जनप्रतिनिधियों के अधिकारों की रक्षा की मांग ज्ञापन में हिरासत में लिए गए जनप्रतिनिधियों के लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग की गई। सोनू यादव ने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों की आवाज दबाने के बजाय उनके सवालों का जवाब संवैधानिक प्रक्रिया के तहत दिया जाना चाहिए। हिरासत की कार्रवाई पर उठाए सवाल सोनू यादव ने कहा कि सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण मार्च कर रहे थे। ऐसे में अखिलेश यादव समेत विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया जाना लोकतांत्रिक अधिकारों के सम्मान पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का सम्मान करने की मांग की। निष्पक्ष कार्रवाई की मांग सपा कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति से पूरे प्रकरण का संज्ञान लेने और आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया। उन्होंने मामले में निष्पक्ष और विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। ये कार्यकर्ता रहे मौजूद प्रदर्शन के दौरान नगर अध्यक्ष आमिर अली, एडवोकेट गौरव यादव, एडवोकेट रवींद्र प्रताप सिंह, दानिश अली, जयवीर सिंह, पोखी, तोताराम, फैसल, रिहान, मोसिन और असरद समेत दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
यूथ कांग्रेस के संगठन चुनाव में थानवीर यादव कोटपूतली-बहरोड़ के जिलाध्यक्ष चुने गए हैं। उनकी जीत के बाद जिलेभर में समर्थकों ने जगह-जगह उनका स्वागत किया और जश्न मनाया। थानवीर यादव को जिलाध्यक्ष पद के चुनाव में 11,844 वोट मिले। उन्होंने अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी को 5,499 वोटों के अंतर से हराया। चुनाव में करीब 96 हजार वोट पड़े, जिनमें से 41,391 वोट वैध थे। जीत के बाद यादव के जिले में पहुंचने पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका स्वागत किया। फूलमालाएं पहनाकर और मिठाई खिलाकर उन्हें बधाई दी गई। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर खुशी जताई। समर्थकों का कहना है कि थानवीर यादव की जीत से जिले में युवा कांग्रेस को नई मजबूती मिलेगी। यादव ने कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए संगठन को मजबूत करने और युवाओं को कांग्रेस से जोड़ने की बात कही।
झालावाड़ कोतवाली पुलिस ने बस स्टैंड से एक युवक को 248 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है। जब्त स्मैक की अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपए बताई गई है। आरोपी की पहचान नीमखेड़ा, घाटोली निवासी रामचंद्र (19) पुत्र पप्पूलाल के रूप में हुई है। पुलिस ने 6 अक्टूबर को जिला स्पेशल टीम की सूचना पर यह कार्रवाई की। एसपी अमित कुमार ने बताया कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। एडिशनल एसपी भागचंद्र मीणा और डीवाईएसपी हर्षराज सिंह के निर्देश पर यह कार्रवाई हुई। थानाधिकारी मुकेश कुमार मीणा के नेतृत्व में टीम ने आरोपी को पकड़ा। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी से स्मैक के नेटवर्क के बारे में पूछताछ जारी है।
वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट: दुनिया ने जितना रोका, भारत उतना मजबूत हुआ, आर्थिक वृद्धि दर 7.1%
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जैसलमेर में कॉन्स्टेबल ने नहर में कूदकर अपनी जान दे दी। परिजनों का आरोप है कि मरने से पहले कॉन्स्टेबल ने गाड़ी में बैठकर एक वीडियो भी बनाया। इसमें उसने अपनी पत्नी, ससुर, साले और सास पर परेशान करने का आरोप लगाया है। इसमें कॉन्स्टेबल कहते नजर आ रहे हैं कि ये सब मेरी मौत के जिम्मेदार हैं, इन्होंने मुझे इतना परेशान किया कि मुझे सुसाइड करना पड़ रहा है। मेरे परिवार को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी है। मेरे परिवार को कुछ मत कहना। मुझे कहा गया कि तू मर जा…मैं इतने समय से इसलिए जीवित हूं क्योंकि मेरे मां-बाप बुजुर्ग हैं। मामला मंगलवार को मोहनगढ़ थाना इलाके का है। जैसलमेर एसपी अभिषेक शिवहरे में बताया- पुलिसकर्मी की पहचान कॉन्स्टेबल अनिरुद्ध सिंह निवासी इंदिरा कॉलोनी, बाड़मेर के रूप में हुई है। अनिरुद्ध सिंह सिरोही के आबूरोड थाने में पोस्टेड थे। वे यहां मोहनगढ़ अपने बुआ के यहां आए हुए थे। मंगलवार को उनकी बॉडी नहर में मिली है। पुलिस मौत के कारणों की पड़ताल कर रही है। अब पढ़िए वीडियो में कॉन्स्टेबल ने क्या कहा मुझे मेरी पत्नी राज लक्ष्मी और ससुर नरपत सिंह, मेरे साले कुशाल सिंह, लक्ष्मण सिंह, मेरी सास विनोद कंवर और मेरे साले लक्ष्मण सिंह के ससुर महेंद्र सिंह और उनके लड़के ने मुझे इतना प्रताड़ित किया है। साले के ससुर महेंद्र सिंह ने नाथद्वारा में मुझे अपने होटल में बुलाकर मेरे साथ बदतमीजी की और इतना परेशान किया। मुझे मारने की कोशिश की। मैं वहां से जैसे-तैसे हाथ-जोड़कर निकला। उन्होंने मुझसे कहां कि तू मर और हमारे रास्ते से हट, अगर तू नहीं मरेगा तो तेरे परिवार के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराएंगे। पूरे परिवार को जेल में डालेंगे। अब भी मुझे प्रताड़ित कर रहे हैं। अब मुझसे सहन नहीं होता है, इसलिए मैं सुसाइड कर रहा हूं। कॉन्स्टेबल ने सभी को अपने मौत का जिम्मेदार बताया है। साथ ही कहा कि मैं यह चाहता हूं कि मेरे मरने के बाद मेरे माता-पिता को परेशान न करें। हमने बहुत सहा और सालों हो गए सहते हुए, लेकिन सुसाइड के अलावा मेरे पास कोई रास्ता नहीं था। 2008 में नौकरी लगी थी, तभी से सिरोही में ही पोस्टेड अनिरुद्ध सिंह के बुआ के लड़के मोहनगढ़ निवासी विक्रम सिंह ने बताया- अनिरुद्ध सिंह की 2008 में नौकरी लगी थी। तभी से वो सिरोही में पोस्टेड थे। उनकी 2012 में शादी हुई थी। उनके एक 8 साल का लड़का है। शादी के एक साल बाद से ही घरेलू कलह होने शुरू हो गए थे। करीब पांच साल से पत्नी मायके में ही रह रही थी। इसके बाद से परिवार को धमकी देना और प्रताड़ित करना शुरू किया। विक्रम सिंह ने आगे बताया कि बाड़मेर से नेहड़ाई होते हुए अपनी कार में मोहनगढ़ स्थित नहर पहुंचा। वहां से वीडियो बनाकर सुबह 8 बजे सबको परिजनों को भेजा, हमने वीडियो देखकर इसको फ़ोन किया फोन नहीं उठाया। छोटे भाई ने कोतवाली बाड़मेर से इसकी लोकेशन निकाली जो मोहनगढ़ बताई, नहर के पास कार मिली, फोन और जूते नहर पास में मिले। रिश्तेदार सुबह 9 बजे नहर के पास पहुंचे। करीब आधे घंटे के बाद बॉडी को निकाला गया। इसके बाद बॉडी को मॉर्च्युरी में रखकर परिजन ने मोहनगढ़ थाने में सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की है।
जशपुर पुलिस गौवंश तस्करी के खिलाफ 'ऑपरेशन शंखनाद' चला रही है। सिटी कोतवाली पुलिस ने ग्राम फतेहपुर में कार्रवाई कर झारखंड ले जाए जा रहे 9 गौवंशों को तस्करों से मुक्त कराया। पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई 5 अक्टूबर की रात करीब 9.30 बजे मुखबिर की सूचना पर हुई। पुलिस टीम फतेहपुर पहुंची, जहां तीन लोग गौवंशों को हांकते और मारते हुए दिखे। घेराबंदी कर तीनों को पकड़ा गया और 9 गौवंश सुरक्षित छुड़ाए गए। पकड़े गए आरोपियों में धनसाय नगेशिया (25), सरवर आलम (26) और मुर्शिद खान (38) शामिल हैं। ये गुमला (झारखंड) और जशपुर के रहने वाले हैं। आरोपियों के पास गौवंशों के कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। सिटी कोतवाली जशपुर में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ। जुर्म कबूलने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि जशपुर पुलिस गौ तस्करी पर लगातार नजर रख रही है। इसके लिए मुखबिर तंत्र को भी मजबूत किया गया है। कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 9 गौवंशों को तस्करों के कब्जे से छुड़ाया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उन्होंने कहा कि गौ तस्करी के खिलाफ ऑपरेशन शंखनाद लगातार जारी रहेगा और इस तरह के अपराध करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
औरंगाबाद के मदनपुर प्रखंड अंतर्गत आंजन थाना क्षेत्र अंतर्गत दक्षिणी उमगा पंचायत के पीतंबरा गांव में मंगलवार को खेल रहे चार मासूम बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। देखते ही देखते चारों बच्चे अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में सभी बच्चों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मदनपुर ले जाया गया। सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बच्चों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें सदर अस्पताल औरंगाबाद रेफर कर दिया। परिजन चारों बच्चों को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। इलाज के दौरान पांच वर्षीय मुस्कान कुमारी की मौत हो गई। वहीं तीन अन्य बच्चों की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, गया रेफर कर दिया गया। मृत बच्ची की पहचान पीतंबरा गांव निवासी सहेंद्र रिकियासन की पांच वर्षीय पुत्री मुस्कान कुमारी के रूप में हुई है। अचेत हुए बच्चों में सहेंद्र रिकियासन के चार वर्षीय पुत्र सूरज कुमार और सत्यम कुमार तथा सोहराई रिकियासन उर्फ मुन्ना के पांच वर्षीय पुत्र भोलू कुमार शामिल हैं। परिजन खेत में कर रहे थे काम, बच्चे पास में खेल रहे थे मृत बच्ची के पिता सहेंद्र रिकियासन ने बताया कि मंगलवार की सुबह परिवार के लोग खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान चारों बच्चे खेत के समीप एक साथ खेल रहे थे। कुछ देर बाद अचानक बच्चों के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। परिजन जब बच्चों के पास पहुंचे तो उनकी हालत देखकर घबरा गए। देखते ही देखते चारों बच्चे अचेत हो गए थे। इसके बाद परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से चारों बच्चों को तत्काल मदनपुर सीएचसी पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया और गंभीर स्थिति को देखते हुए सभी को सदर अस्पताल रेफर कर दिया।सदर अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने चारों बच्चों का इलाज शुरू किया। इसी दौरान मुस्कान की हालत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। तीन अन्य बच्चों की स्थिति गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन सूरज, सत्यम और भोलू को लेकर गया स्थित मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रवाना हो गए। घटना के बाद पीतंबरा गांव में मातम पसरा हुआ है। बच्ची की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चों के मुंह से निकल रहा था झाग, अचानक हुई घटना से बढ़ी चिंता चारों बच्चों के एक साथ अचेत होने की घटना के बाद कारण को लेकर कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं। परिजनों के अनुसार बच्चों के मुंह से झाग निकल रहा था। हालांकि, बच्चों की तबीयत अचानक किस वजह से बिगड़ी, इसका स्पष्ट कारण अब तक सामने नहीं आया है। परिजन भी इस संबंध में कोई निश्चित जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। परिजनों ने बताया कि बच्चे सामान्य रूप से खेल रहे थे। अचानक चीखने-चिल्लाने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। जिस स्थान पर बच्चे खेल रहे थे, उसके समीप धान का खेत भी बताया जा रहा है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि खेलने के दौरान बच्चे खेत की ओर चले गए होंगे और वहां किसी जहरीले कीड़े या जीव के संपर्क में आए होंगे। हालांकि जहरीले जीव के काटने की आशंका की अब तक पुष्टि नहीं हुई है। मुस्कान की मौत के बाद परिजन शव को पोस्टमार्टम कराए बिना ही घर ले गए। घटना की वास्तविक वजह चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। एक साथ चार बच्चों के अचेत होने और एक की मौत की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल तीन बच्चों का इलाज गया में कराया जा रहा है और उनकी स्थिति पर परिजनों की नजर बनी हुई है।
सीकर के जिला खेल स्टेडियम में अग्निवीर सेना भर्ती रैली का आज (मंगलवार) छठा दिन है। भर्ती रैली में मंगलवार को जयपुर ग्रामीण के 630 युवाओं ने दौड़ लगाई। बुधवार को रैली के 7वें दिन सीकर ग्रामीण और जयपुर ग्रामीण क्षेत्र के 630 युवा फिजिकल टेस्ट देंगे। ये भर्ती 23 अक्टूबर तक चलेगी। भर्ती रैली में सीकर और जयपुर जिले के करीब 12 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल होने की संभावना है। जयपुर आर्मी हेडक्वार्टर की ओर से आयोजित अग्निवीर सेना भर्ती रैली को लेकर सेना के अधिकारी और जिला प्रशासन पूरी संवेदनशीलता बरत रहे हैं। भर्ती रैली में कुल 12,270 अभ्यर्थियों ने अप्लाई आर्मी रिक्रूटमेंट ऑफिसर कर्नल हरीश चंद्र ने बताया कि सीकर के जिला खेल स्टेडियम में 1 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक अलग-अलग तारीखों में अग्निवीर सेना भर्ती रैली हो रही है। जयपुर, सीकर समेत झुंझुनूं, अलवर, कोटा और जोधपुर आर्मी रिक्रूटिंग ऑफिस एरिया से संबंधित अभ्यर्थियों की दौड़ और फिजिकल टेस्ट होंगे। भर्ती रैली में कुल 12,270 अभ्यर्थियों ने अप्लाई किया है। निदेशक (कर्नल) हरीश चंद्र ने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 6 अक्टूबर को जयपुर जिले के चौमूं, दूदू, जयपुर, माधोराजपुरा, सांगानेर और तुंगा क्षेत्र के 630 अभ्यर्थियों ने दौड़ लगाई। अब 7 अक्टूबर को जयपुर जिले के आमेर, आंधी, चाकसू, किशनगढ़ रेनवाल, कोटखावदा, मौजमाबाद, फागी, रामपुरा डाबड़ी, सांभर, सांगानेर व शाहपुरा क्षेत्र के 571 और सीकर जिले के श्रीमाधोपुर क्षेत्र के 59, कुल 630 अभ्यर्थी निर्धारित तिथि को भर्ती रैली में हिस्सा लेंगे।
शेखपुरा में दुर्गा पूजा को लेकर पुलिस लगातार शांति समिति की बैठकें कर रही है। इसी क्रम में मंगलवार को अरियरी थाना में एक बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता थाना अध्यक्ष राजकुमार शाह ने की। पुलिस-प्रशासन की तैयारियों की जानकारी दी इसमें अरियरी के बीडीओ मनोज अग्रवाल, सीओ सर्वेश कुमार, पीएसआई चंदन कुमार, एसआई अखिलेश कुमार सिंह, एएसआई गोपाल मांझी, रंजीत कुमार सहित दोनों समुदाय के गणमान्य लोग और पूजा समिति के सदस्य शामिल हुए। उन्हें शांतिपूर्ण दशहरा मनाने के लिए पुलिस-प्रशासन की तैयारियों की जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि दुर्गा पूजा समिति के सभी सदस्यों का पहचान पत्र बनाना और मूर्ति स्थापित करने के लिए लाइसेंस लेना जरूरी है। उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई पूजा पंडालों में अग्निशमन यंत्र, सीसीटीवी और महिला-पुरुषों के लिए अलग बैरिकेडिंग लगाने के निर्देश दिए गए। थाना अध्यक्ष ने साफ किया कि पूजा या प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे बजाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पूजा समितियों से शांति बनाए रखने में पुलिस-प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई।
लखीसराय में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने केआरके उच्च विद्यालय में ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। उन्होंने छात्रों से ‘रील’ नहीं, ‘रियल’ नायक बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित किया गया था। इसमें जिला शिक्षा पदाधिकारी यदुवंश राम, विद्यालय के शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। विद्यार्थियों ने विकसित भारत और अपने सपनों के भारत को लेकर विचार रखे। युवाओं से आदर्श अपनाने की अपील मंत्री सिन्हा ने कहा कि युवाओं को ऐसे आदर्श अपनाने चाहिए, जो समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान दें। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सेवा संकल्प और जीवन संघर्ष से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। राष्ट्र प्रथम और चरित्र निर्माण पर जोर उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र, राष्ट्र प्रथम की भावना, चरित्र निर्माण और स्वच्छता को जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। मंत्री ने कहा कि युवा पीढ़ी सेवा, अनुशासन और राष्ट्रहित को अपनाकर विकसित भारत के संकल्प को मजबूत कर सकती है।
पानीपत शहर के चौमुखी विकास और तेजी से बढ़ती आबादी को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर निगम की निर्धारित सीमा का विस्तार करने की कवायद तेज हो गई है। मंगलवार को मेयर कार्यालय में नगर निगम की मेयर कोमल सैनी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में नगर निगम के पार्षदों के अलावा जिला नगर योजनाकार (DTP) एवं योजनाकार विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान मेयर कोमल सैनी ने पानीपत शहर की भौगोलिक सीमा के विस्तार, बाहरी कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और आगामी 20 वर्षों के सुनियोजित विकास के रोडमैप पर विस्तार से चर्चा की। मेयर ने उपस्थित सभी वार्ड पार्षदों से उनके क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति व सीमावर्ती इलाकों की प्राथमिकताओं को लेकर सुझाव मांगे। इसके साथ ही योजनाकार विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सीमा विस्तार से संबंधित सभी तकनीकी व व्यावहारिक पहलुओं का विस्तृत अध्ययन कर जल्द से जल्द रिपोर्ट तैयार करें। हमारा लक्ष्य केवल कागजी सीमा बढ़ाना नहीं- महापौर कोमल सैनी महापौर कोमल सैनी ने कहा पानीपत एक अंतरराष्ट्रीय टेक्सटाइल हब और तेजी से बढ़ता हुआ औद्योगिक शहर है। पिछले कुछ वर्षों में शहर के चारों ओर रिहायशी और कमर्शियल कॉलोनियों का दायरा बहुत तेजी से बढ़ा है, लेकिन निगम सीमा से बाहर होने के कारण वहां के निवासियों को कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ता है। हमारा लक्ष्य केवल कागजी सीमा बढ़ाना नहीं, बल्कि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले हर नागरिक को स्वच्छ पानी, पक्की सड़कें, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट और डोर-टू-डोर कूड़ा उठान जैसी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराना है। मेयर ने आगे स्पष्ट किया कि योजनाकार विभाग की सर्वे रिपोर्ट आते ही इसे नगर निगम हाउस की बैठक में पारित कराया जाएगा और अंतिम मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेजा जाएगा। सीमा विस्तार से शहर को मिलेंगे ये प्रमुख लाभ: बैठक में निगम अधिकारियों ने मेयर को आश्वस्त किया कि सीमा विस्तार के तकनीकी मापदंडों का त्वरित सर्वे कर जल्द ही रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी जाएगी।
पंजाब पुलिस के एंटी-गंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई (ऑपरेशन) के दौरान गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े दो गुर्गों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपियों के कब्जे से एक अत्याधुनिक ग्लॉक 9एमएम पिस्तौल और 20 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। इस बात की जानकारी डीजीपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा की है। विदेशी हैंडलर्स के संपर्क में थे आरोपीप्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी विदेशों में बैठे अपने आकाओं (हैंडलर्स) के लगातार संपर्क में थे। इन्हें चंडीगढ़ और मोहाली के इलाके में रंगदारी वसूलने के मकसद से एक खास जगह पर फायरिंग (फायरिंग की घटना को अंजाम देने) का टारगेट सौंपा गया था। पुलिस ने समय रहते इनकी साजिश को नाकाम कर दिया, जिससे एक बड़ी वारदात टल गई। थाना डिवीजन नंबर-8 में दर्ज हुई FIR इस मामले को लेकर लुधियाना के थाना डिवीजन नंबर-08 में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर इनके बाकी साथियों और इस सिंडिकेट के अन्य ठिकानों के बारे में गहराई से छानबीन कर रही है। पंजाब पुलिस ने एक बार फिर दोहराया है कि राज्य में संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क को पूरी तरह नेस्तनाबूद करने तथा आम जनता की सुरक्षा व शांति बनाए रखने के लिए वे पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
मनासा तहसील के खेड़ीदायमा गांव का किसान कारू बंजारा मंगलवार को कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में पहुंचा। उसने मक्के के बीज की थैलियां दिखाते हुए बताया कि खेत का रास्ता बंद होने से वह बुआई नहीं कर पाया। अब बीज घर में पड़ा है और खेत खाली है। किसान ने आरोप लगाया कि गांव के गोपाल पिता चतरसिंह ने उसके खेत तक आने-जाने का मुख्य रास्ता बंद कर रखा है। तहसीलदार मनासा ने मप्र भू-राजस्व संहिता की धारा 131 के तहत रास्ता खोलने का आदेश भी दिया था, लेकिन दबंग ने फेंसिंग नहीं हटाई। कारू बंजारा की खेड़ी चंद्रावत में सर्वे नंबर 51/5 पर 0.797 हेक्टेयर जमीन है। तहसीलदार ने 31 अगस्त 2026 को सर्वे नंबर 51/2 और 51/5 की फेंसिंग हटाने का आदेश दिया था। क्या कहना है किसान का पीड़ित किसान का कहना है कि तहसीलदार के स्पष्ट आदेश के बावजूद दबंगई के चलते आज तक दीवार और फेंसिंग नहीं हटाई गई। रास्ता बंद रहने के कारण वे ट्रैक्टर और कृषि उपकरण खेत तक नहीं ले जा सके, जिससे इस सीजन में बुआई पूरी तरह ठप हो गई। हताश किसान ने कलेक्टर से मामले की जांच करवाकर 31 अगस्त के आदेश का कड़ाई से पालन कराने और खेत का रास्ता बहाल कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि जनसुनवाई में बीज की थैलियां लेकर पहुंचे किसान की फरियाद के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कड़ी कार्रवाई करता है।
सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को शिवसेना के चुनाव चिह्न विवाद पर सुनवाई हुई। CJI जस्टिस सूर्यकांत की बेंच एकनाथ शिंदे गुट को धनुष-बाण निशान देने के चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। जस्टिस बागची ने पूछा, “क्या चुनाव चिह्न की भावना उन लोगों के लिए लागू होगी, जिन्होंने संवैधानिक पाप किया है? या उन लोगों के लिए, जिन्होंने संवैधानिक पाप की शिकायत की है?” सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी पूछा था कि क्या चुनाव आयोग दोनों गुटों को आरक्षित धनुष-बाण निशान देने से इनकार कर सकता था। कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि जिन विधायकों की सदस्यता पर अयोग्यता की कार्यवाही चल रही हो, उनकी संख्या को बहुमत का सुरक्षित आधार माना जा सकता है या नहीं। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। मामले पर बुधवार को भी सुनवाई जारी रहेगी। शिंदे गुट बोला- विधायी बहुमत के आधार पर फैसला कानूनन सही सुनवाई के दौरान शिंदे गुट ने दलीलें दी कि चुनाव आयोग का विधायी बहुमत के आधार पर फैसला लेना कानूनी रूप से सही था। नीरज किशन कौल ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला दिया। उन्होंने चुनाव आयोग के विधायी बहुमत की कसौटी पर भरोसा करने का बचाव किया। कौल ने कहा कि चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश के तहत यह कसौटी तय करने में कानूनी रूप से सही और प्रासंगिक है कि कौन-सा गुट राजनीतिक दल है। कौल ने एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि उसमें अयोग्यता का असर जरूरी तौर पर पहले की तारीख से लागू होने की बात नहीं कही गई थी। उन्होंने कहा कि वह फैसला ऐसी स्थिति से जुड़ा था, जिसमें स्पीकर के अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला लेने से पहले ही पार्टी में विभाजन माना गया था। कोर्ट ने निर्देश दिया था कि अयोग्यता पर फैसला उस समय की स्थिति के आधार पर किया जाए, जब याचिकाएं दायर हुई थीं। कौल ने संविधान पीठ के सुभाष देसाई मामले के फैसले का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इस फैसले में विधायी बहुमत की कसौटी के इस्तेमाल पर रोक नहीं लगाई गई है। उन्होंने कहा कि संविधान की दसवीं अनुसूची के पैराग्राफ 2(1)(a) के तहत अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला करते समय स्पीकर को पहले यह तय करना पड़ सकता है कि विरोधी गुटों में कौन राजनीतिक दल है। कौल के मुताबिक, स्पीकर को पार्टी के संविधान और उसके नेतृत्व से जुड़े नियमों की जांच करनी चाहिए। अगर पार्टी संविधान के अलग-अलग संस्करण सामने आएं, तो गुटों के अलग होने से पहले चुनाव आयोग के पास जमा संस्करण पर विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी जरूरी पहलुओं की जांच के बाद कोई संवैधानिक प्राधिकारी उचित समझे, तो विधायी बहुमत की कसौटी लागू की जा सकती है। वरिष्ठ वकील ने कहा कि चुनाव चिह्न उस गुट को मिलना चाहिए, जो यह साबित करे कि वही असली राजनीतिक दल है। अगर कोई भी गुट यह दावा साबित नहीं कर पाए, तो स्थिति अलग होगी। बहुमत के आंकड़ों पर दलील कौल ने कहा कि शिंदे का समर्थन करने वाले 40 विधायक, 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में जीतने वाले शिवसेना के 55 विधायकों के पक्ष में पड़े कुल वोटों का 76% प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने लोकसभा के आंकड़ों का भी हवाला दिया। कौल ने कहा कि शिंदे का समर्थन करने वाले 13 सांसद, पार्टी के जीतने वाले 18 सांसदों के पक्ष में पड़े कुल वोटों का 73% प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ अयोग्यता की कार्यवाही लंबित होने से चुनाव आयोग को पैराग्राफ 15 के तहत पार्टी के चुनाव चिह्न विवाद पर फैसला लेने से नहीं रोका जा सकता। कौल ने यह भी कहा कि 2019 की महाराष्ट्र विधानसभा भंग हो चुकी है। 2024 के चुनाव के बाद नया सदन बन चुका है। याचिकाओं में क्या चुनौती मुख्य याचिका उद्धव ठाकरे गुट के सुनील प्रभु ने दायर की है। इसमें महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर के 10 जनवरी 2024 के फैसले को चुनौती दी गई है। स्पीकर ने दसवीं अनुसूची के तहत शिंदे गुट के विधायकों को अयोग्य ठहराने से इनकार किया था। उद्धव ठाकरे की ओर से दायर एक याचिका में चुनाव आयोग के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें शिंदे गुट को आधिकारिक शिवसेना माना गया था। इसी फैसले के तहत शिंदे गुट को पार्टी का धनुष-बाण चुनाव चिह्न भी दिया गया था।
अंबाला के गांव ब्राह्मण माजरा में चार माह पहले SC समाज की महिलाओं के साथ कथित मारपीट और अभद्र भाषा के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर मंगलवार को समाज के लोगों ने SP कार्यालय के बाहर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 2 जून को हुई घटना के मामले में FIR नंबर 183 दर्ज हुई थी, लेकिन अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, FIR में 15 लोगों को नामजद किया गया था। उनका आरोप है कि जांच के दौरान 10 लोगों के नाम हटा दिए गए, जबकि बचे आरोपियों की भी गिरफ्तारी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर वे पिछले चार माह में चौकी इंचार्ज से लेकर SHO, DSP और SP तक कई बार मिल चुके हैं। हर बार जल्द कार्रवाई का आश्वासन मिला, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। नवीन कुमार की शिकायत में भी कार्रवाई की मांग धरने पर पहुंचे लोगों ने नवीन कुमार से जुड़ी शिकायत का भी मुद्दा उठाया। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, विवाद के दौरान नवीन कुमार के मुंह पर लोहे के पंच से वार किया गया था, जिससे उसका दांत टूट गया। घटना की वीडियो होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि चार माह पहले शिकायत देने के बावजूद अभी तक इस मामले में FIR दर्ज नहीं हुई है। SP ने इस शिकायत में भी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अनिल कुमार को पीटने का भी आरोप प्रदर्शनकारियों ने गांव के ही अनिल कुमार से मारपीट का आरोप लगाते हुए कहा कि उन पर गोबर जलाने का आरोप लगाया गया और इसके बाद उनके साथ मारपीट कर कपड़े फाड़े गए तथा उन्हें अपमानित किया गया। इस मामले में भी शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, SP ने सभी शिकायतों पर एक सप्ताह में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। ट्रेनी IPS शिवम यादव करेंगे मामले की जांच पुलिस अधिकारियों के अनुसार, FIR नंबर 183 में जिन लोगों को जांच के बाद निर्दोष पाया गया है, उनके संबंध में प्रदर्शनकारियों को आपत्ति है। SP ने मामले की दोबारा जांच ट्रेनी IPS अधिकारी शिवम यादव को मार्क की है। पुलिस के मुताबिक, एक सप्ताह में जांच की जाएगी। यदि जांच में किसी व्यक्ति के खिलाफ तथ्य सामने आते हैं तो उसके खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस अधिकारी ने कहा कि मामले की पहले भी नियमानुसार जांच की गई है। उनका कहना था कि एक पक्ष जांच के नतीजे से असंतुष्ट हो सकता है, लेकिन पुलिस ने प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की है। अधिकारी ने यह भी बताया कि इसी विवाद से संबंधित FIR नंबर 182 को जांच के बाद कैंसिल किया गया है। यदि प्रदर्शनकारियों के पास कोई नए साक्ष्य हैं तो उन्हें भी नई जांच में शामिल किया जाएगा। एक सप्ताह बाद बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे चार माह से पुलिस प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं और अधिकारियों से लगातार मिलते रहे हैं। अब उन्हें एक सप्ताह में कार्रवाई का आश्वासन मिला है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह में आरोपियों की गिरफ्तारी और अन्य शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई तो हरियाणा स्तर पर समाज की बैठक बुलाकर बड़े आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांग किसी निर्दोष व्यक्ति को परेशान करने की नहीं, बल्कि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की है।

