यमुनानगर शहर के विश्वकर्मा चौक स्थित पंजाब नेशनल बैंक के बाहर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने बैंक के मुख्य गेट पर ताला जड़कर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे किसानों का आरोप है कि बैंक 77 वर्षीय किसान मोहन सिंह को होम लोन की रिकवरी के नाम पर लगातार प्रताड़ित कर रहा है, जबकि उनके दोनों बेटों की मौत हो चुकी है और अब उनके पास आय का कोई साधन नहीं बचा है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस धरने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। उनका कहना है कि जब तक बैंक प्रबंधन लोन का मानवीय आधार पर सेटलमेंट नहीं करता, तब तक धरना जारी रहेगा। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने बताया कि किसान मोहन सिंह के बेटे ने पंजाब नेशनल बैंक से होम लोन लिया था। बेटे की मौत के बाद पूरा परिवार आर्थिक संकट में आ गया। इसके बावजूद मोहन सिंह ने धीरे-धीरे करीब साढ़े चार लाख रुपये बैंक में जमा करा दिए, लेकिन अब शेष राशि चुकाने की स्थिति में नहीं हैं। अधिकारियों ने नहीं कर सुनवाई उन्होंने आरोप लगाया कि किस्तें रुकने के बाद बैंक की ओर से रिकवरी के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। कर्मचारियों को घर भेजा जा रहा है और प्लॉट पर बार-बार नोटिस चस्पा किए जा रहे हैं। सुभाष गुर्जर ने बताया कि चार दिन पहले किसान यूनियन का प्रतिनिधिमंडल बैंक प्रबंधक से मिला था। वहां से उन्हें करनाल स्थित अधिकारियों के पास भेजा गया, लेकिन वहां भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी के विरोध में किसानों ने सोमवार को बैंक के बाहर ताला जड़कर धरना शुरू कर दिया।उन्होंने कहा कि जिस प्लॉट पर बैंक ने नोटिस लगाए हैं, वहां भारतीय किसान यूनियन ने अपना झंडा लगा दिया है। यदि बैंक ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। दोनों बेटों की मौत के बाद टूट गया परिवार 77 वर्षीय किसान मोहन सिंह ने बताया कि उनके बेटे ने पंजाब नेशनल बैंक से करीब 10 लाख रुपये का होम लोन लिया था। कुछ समय बाद बेटे की मौत हो गई। उनके दोनों बेटों का निधन हो चुका है, जिससे परिवार पूरी तरह आर्थिक संकट में आ गया। उन्होंने बताया कि बड़ी मुश्किल से साढ़े चार लाख रुपये बैंक में जमा कराए, लेकिन अब शेष राशि चुकाने की उनकी क्षमता नहीं है। उन्होंने बैंक से मानवीय आधार पर लोन का सेटलमेंट करने की मांग की। फिलहाल पुलिस और बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में किसानों को समझाने का प्रयास जारी है।
बहराइच में सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह कमेटी पर हाल ही में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। सोमवार को बड़ी संख्या में दरगाह के खुद्दाम जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि दरगाह की जमीनों पर कब्जा करने वाले लोग ही गलत आरोप लगा रहे हैं। खुद्दामों ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें दरगाह शरीफ की जमीन पर कब्जे और भ्रष्टाचार के आरोपों का जिक्र था। खुद्दामों का आरोप है कि कुछ ठेकेदार दरगाह की करोड़ों रुपये की जमीन पर कब्जा करके बैठे हैं और समिति पर बेबुनियाद भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। खुद्दामों के अनुसार, ये ठेकेदार पिछले 8-10 वर्षों से दरगाह का बकाया पैसा नहीं दे रहे हैं। दरगाह ने उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया है। खुद्दामों ने बताया कि उन पर लगे आरोपों के पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा है, जिसका उद्देश्य दरगाह की छवि खराब करना है। उन्होंने दावा किया कि ठेकेदारों पर दरगाह का लगभग ढाई करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है। खुद्दामों ने जिला प्रशासन से दरगाह की जमीन को कब्जा मुक्त कराने और बकाया धनराशि वसूलने की मांग की। जिलाधिकारी को संबोधित यह ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद को सौंपा गया।
बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा ने बूंदी नगर परिषद में आयोजित शहरी सेवा शिविर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें शिविर में कई कमियां मिलीं। विधायक शर्मा ने इस अभियान को 'पूर्णतया विफल' बताया। शर्मा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने बिना पर्याप्त तैयारी के जल्दबाजी में यह अभियान शुरू किया है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के अभियानों में जैसी तैयारी होती थी, वैसी वर्तमान में नहीं दिख रही। अधिकारियों को भी परेशानी हो रही है और केवल औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। अभियान को बंद करने की दी सलाहउन्होंने बताया कि पिछली सरकार में लाखों पट्टे दिए गए थे, जबकि वर्तमान अभियान में सैकड़ों की संख्या भी पार नहीं हुई है। विधायक ने सरकार को बिना तैयारी के चल रहे इस अभियान को बंद करने की सलाह दी। विधायक शर्मा के शिविर में पहुंचते ही, कई आवेदनकर्ताओं ने अपने काम नहीं होने की शिकायत की। उन्होंने विधायक को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रार्थना पत्र सौंपे। इस पर विधायक शर्मा ने नगर परिषद आयुक्त को तत्काल इन कार्यों को पूरा करने का निर्देश दिया। विधायक ने आयुक्त को दिए निर्देशविधायक शर्मा ने आयुक्त से शिविर में विभिन्न योजनाओं से संबंधित आंकड़े भी मांगे। उन्होंने आयुक्त को निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त सभी पट्टों और अन्य कार्यों के आवेदनों का जल्द से जल्द समाधान किया जाए। आयुक्त ने विधायक शर्मा को आश्वासन दिया कि नियमानुसार प्राप्त सभी आवेदनों का शीघ्र समाधान किया जाएगा।निरीक्षण के दौरान वार्ड पार्षद प्रेम प्रकाश एवरग्रीन, समाजसेवी संजय शर्मा और विशाल शर्मा भी विधायक के साथ मौजूद रहे।
सीतापुर के खजुन्ना गांव में रविवार देर रात करीब 2 बजे के बीच घर में घुसकर फरसे से किए गए हमले में एक 52 वर्षीय अधेड़ की सोमवार सुबह करीब 9 बजे इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मृतक के बेटे की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश में दबिश दे रही है। जानकारी के अनुसार खजुन्ना गांव निवासी पवनेश कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि रविवार रात करीब 2 बजे वह अपने पिता सुरेश कुमार (52) के साथ घर में सो रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान गांव निवासी कन्हैया लाल फरसा लेकर घर में घुस आया और सो रहे सुरेश कुमार पर वार कर दिए। शोर सुनकर पवनेश की नींद खुली तो उसने आरोपी को हमला करते देखा। उसने साहस दिखाते हुए आरोपी के हाथ से फरसा छीन लिया, लेकिन बाहर खड़े उसके साथियों ने कन्हैया लाल को छुड़ाकर मौके से फरार करा दिया। घटना में प्रयुक्त फरसा घटनास्थल पर ही छूट गया। आरोपियों ने घर में घुसकर मारपीट की गंभीर रूप से घायल सुरेश कुमार को परिजन तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिसावां ले गए। जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक के बेटे का आरोप है कि करीब एक वर्ष पहले भी आरोपियों ने उनके घर में घुसकर मारपीट की थी। जिसका मुकदमा दर्ज कराया गया था। उसी मामले में समझौते का दबाव बनाया जा रहा था। समझौता न करने की वजह से पुरानी रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया। पवनेश ने बताया कि वह तीन भाइयों में सबसे बड़ा है। परिवार खेती-किसानी कर जीवनयापन करता है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। थाना प्रभारी सुनीत कुमार ने बताया कि पहले मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
शामली में तालाब पर अवैध कब्जे से जलभराव:ग्रामीणों ने DM से लगाई गुहार, बरसाती पानी की निकासी ठप
शामली जिले के कैराना तहसील स्थित ग्राम किशोरपुर मजरा ऊंचागांव के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से गांव के तालाब से अवैध अतिक्रमण हटवाने की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रार्थना पत्र देकर नालियों और बरसात के पानी की निकासी तालाब में सुनिश्चित कराने का आग्रह किया है। यह प्रार्थना पत्र सलेमचंद सहित समस्त ग्रामवासियों के हस्ताक्षर के साथ 6 जुलाई 2026 को सौंपा गया। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में स्थित खसरा संख्या 306, रकबा 0.5220 हेक्टेयर वाले तालाब की लगभग 90 प्रतिशत भूमि पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर मकान और घेर बना लिए हैं। इस अतिक्रमण के कारण गांव की नालियों और बरसात का पानी तालाब तक नहीं पहुंच पा रहा है। नतीजतन, सड़कों पर गंदा पानी जमा रहता है, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों, राहगीरों और अन्य ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीमारियों के फैलने का खतरा प्रार्थना पत्र में यह भी बताया गया है कि जलभराव के कारण कई घरों में गंदा पानी भर जाता है, जिससे मकानों में दरारें आ गई हैं। इसके अतिरिक्त, गंदगी के कारण गांव में बीमारियों के फैलने का खतरा भी बना हुआ है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से तत्काल तालाब की भूमि से अवैध कब्जा हटवाकर नालियों और बरसात के पानी की निकासी तालाब में सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि गांव को जलभराव और गंदगी की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।
शामली जनपद के थाना भवन थाना क्षेत्र में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर स्थित एक जियो पेट्रोल पंप पर लूट की वारदात हुई है। 4 जून को देर रात करीब 1:51 बजे, बिना नंबर की स्कॉर्पियो गाड़ी में आए अज्ञात बदमाशों ने हथियारों के बल पर पेट्रोल पंप के दो सेल्समैन को बंधक बना लिया। बदमाशों ने सेल्समैन गौरव और अनिल को अवैध हथियारों के दम पर ऑफिस में रखे कैश लॉकर को खोलने का प्रयास किया। जब वे लॉकर नहीं खोल पाए, तो उसे ही उठाकर अपने साथ ले गए और फरार हो गए। घटना के बाद जियो पेट्रोल पंप के मैनेजर हेमंत संगल, पुत्र स्वर्गीय सुनील संगल (निवासी वी वी इंटर कॉलेज शामली) ने थाना भवन पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरतलब है कि पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रत्येक पेट्रोल पंप पर पुलिस कांस्टेबल की तैनाती के निर्देश दिए गए थे।
तीन राज्यों छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र की सीमाओं से लगा बीजापुर अब अवैध नशे की तस्करी के लिए संवेदनशील मार्ग बनता जा रहा है। पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद जिले में नशीली गोलियों और गांजे का अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्थानीय लोगों और नशे की लत से जूझ रहे कुछ युवाओं का दावा है कि शहर के कई इलाकों में आज भी खुलेआम नशीले पदार्थ बेचे जा रहे हैं। बीते कुछ महीनों में कोतवाली पुलिस ने लाखों रुपये की नशीली गोलियां जब्त कर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बड़े पैमाने पर नशे का कारोबार करने के आरोप में आकाश ठाकुर को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बावजूद स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध कारोबार पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। इन इलाकों में बिक्री का दावा स्थानीय लोगों के अनुसार न्यू बस स्टैंड, उसके पीछे चट्टानपारा, पुराना बस स्टैंड, शांतिनगर और कलेक्ट्रेट के आसपास आज भी नशीले पदार्थों की बिक्री हो रही है। आरोप है कि पहले जिस मार्ग से तेलंगाना के वेंकटापुरम से भोपालपटनम होते हुए बीजापुर तक नशे की खेप पहुंचती थी, उसी रास्ते का अब भी इस्तेमाल किया जा रहा है। अब अधेड़ उम्र के लोग भी चपेट में कुछ युवाओं ने बताया कि पहले नशे का सेवन मुख्य रूप से 18 से 30 वर्ष के युवाओं तक सीमित था, लेकिन अब 50 से 55 वर्ष तक के लोग भी इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं। उनका दावा है कि बस स्टैंड और कुछ चाय ठेलों के आसपास नशे का सेवन और बिक्री दोनों खुलेआम हो रहे हैं। स्कूली छात्रों तक पहुंचने का दावा, बढ़ी चिंता स्थानीय लोगों का सबसे गंभीर दावा यह है कि अब 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षा के कुछ छात्र भी नशीली गोलियों के संपर्क में आ रहे हैं। यदि यह दावा सही है, तो यह केवल कानून-व्यवस्था का नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था और समाज के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है। घरों से भी हो रही बिक्री का आरोप स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिले में कई अलग-अलग नेटवर्क सक्रिय हैं। कुछ लोग अपने घरों से भी नशीली गोलियों की बिक्री कर रहे हैं, जिससे उन्हें मोटा मुनाफा हो रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी बोले- ऐसी कोई प्रमाणित जानकारी नहीं जिला शिक्षा अधिकारी राजेश पांडेय ने बताया कि हाल ही में नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर सभी स्कूलों को निर्देश जारी किए गए थे कि बच्चों को नशे के दुष्प्रभाव, उससे होने वाले नुकसान और बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया जाए। जिला प्रशासन भी लगातार नशा मुक्ति अभियान चला रहा है। स्कूली बच्चों के नशे की गिरफ्त में आने जैसी कोई प्रमाणित स्थिति अभी तक हमारे संज्ञान में नहीं आई है। इसके बावजूद स्कूलों के माध्यम से सतर्कता और जागरूकता अभियान लगातार संचालित किए जा रहे हैं। एसपी बोले- नशा बेचने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई बीजापुर पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव ने कहा कि पूर्व में भी कार्रवाई की गई है। सूचना मिलने पर नशीली दवा बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। युवाओं को नशे की ओर धकेलने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
दुनिया के सातवें अजूबे ताजमहल से चंद कदम दूर सीवर उफना रहे हैं। गलियां कीचड़ से भरी हैं। नाले चोक हैं। सार्वजनिक शौचालय जर्जर हैं, इनकी सीट भी गायब है। ताज की खूबसूरती निहारने वाले पर्यटक यहां से खराब अनुभव लेकर लौट रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि बाजार में सुविधाएं नहीं हैं। इसलिए पर्यटक आते तो हैं, लेकिन समय नहीं बताते। दुकानदारी भी प्रभावित हो रही है। दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा में वार्डवासियों व दुकानदारों का गुस्सा खुलकर सामने आया। लोगों ने बताया कि हर दिन 30 हजार से अधिक पर्यटक ताजमहल देखने आते हैं, लेकिन उनकी सुविधाओं का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। ताज के आसपास की गलियों में गंदगी और बदबू है। सुविधाएं बढ़ाई जाएं तो पर्यटक अधिक समय यहां बिताएं। इससे व्यापार भी बढ़ेगा। दैनिक भास्कर वार्ड परिक्रमा अभियान चला रहा है। इस कड़ी में वार्ड-45 का जायजा लिया गया... ताजमहल के पूर्वी गेट के पास बने सार्वजनिक शौचालय की सीट गायब है। गंदगी पसरी है। तांगा स्टैंड पर अवैध ऑटो स्टैंड बना लिया गया है। बारिश के बाद ताजमहल के प्रवेश मार्ग पर कई दिनों तक कीचड़ जमा रहता है। ताजमहल के आसपास फुटपाथों पर अतिक्रमण नजर आता है। लोगों का कहना है कि सुविधाओं के अभाव में यहां आने वाले विदेशी पर्यटक परेशान होते हैं। पहले ये नजारा देखिए... तांगा स्टैंड बना कूड़ाघर, पर्यटक नाक बंद कर गुजरते हैं ताजमहल के तांगा स्टैंड पर अवैध ऑटो स्टैंड संचालित हो रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम के कर्मचारी भी मोहल्ले का कूड़ा वहीं डाल देते हैं। कूड़े के ढेर से उठने वाली बदबू के कारण विदेशी पर्यटक मुंह पर कपड़ा रखकर निकलने को मजबूर हैं। फैजान ने बताया कि ताजमहल की 100 से 500 मीटर की परिधि अब डंपिंग जोन बनती जा रही है। निर्माण संबंधी प्रतिबंधों के कारण जर्जर मकान खाली पड़े हैं, जिन्हें लोगों ने कूड़ा फेंकने की जगह बना दिया है। इससे मच्छर और दुर्गंध की समस्या लगातार बढ़ रही है। ताजमहल के पास ही बदहाल सार्वजनिक शौचालय ताजमहल के पूर्वी गेट और थाना ताजगंज के पास बने सार्वजनिक शौचालयों की हालत बेहद खराब मिली। कहीं सीट गायब थी तो कहीं मल-मूत्र और गंदगी फैली हुई थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि महीनों तक सफाई नहीं होती। खुले होने के कारण रात में असामाजिक तत्व भी इनका इस्तेमाल कर जाते हैं, जिससे पूरे इलाके में बदबू फैली रहती है। लोगों का कहना है कि कई सार्वजनिक शौचालय बंद पड़े हैं, जबकि जो निजी शौचालय संचालित हैं वहां शौच के लिए 10 से 20 रुपये तक वसूले जाते हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को परेशानी उठानी पड़ती है। टूटी सड़कों और गंदगी से मेहमानों ने आना किया बंद स्थानीय लोगों का कहना है कि वार्ड की अधिकांश गलियां जर्जर हैं। बड़े-बड़े गड्ढों में बारिश का पानी भर जाता है, जिससे आए दिन हादसे होते हैं। वर्षों से गली नहीं बनी। बच्चे और बुजुर्ग रोज गिरकर चोटिल होते हैं। पहले रिश्तेदार और मेहमान आते थे, लेकिन अब इलाके की गंदगी और बदहाल सड़कें देखकर आने से कतराते हैं। महिला दुकानदारों ने बताया कि पर्यटक बाजार में रुकना पसंद नहीं करते। यदि सड़क और सफाई व्यवस्था सुधर जाए तो स्थानीय कारोबार को भी फायदा होगा। लोग बोले- खराब हो रही शहर की छवि स्थानीय लोगों ने बताया कि शौचालय की नियमित सफाई नहीं होने से बाजार आने वाले लोगों और स्कूल के बच्चों को बदबू का सामना करना पड़ता है। विदेशी पर्यटक भी इसी रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन सफाई व्यवस्था बेहद खराब है। खुले सीवर का पानी सड़क पर बहता रहता है। विदेशी पर्यटक वीडियो बनाकर गंदगी दिखाते हैं और इससे शहर की छवि खराब होती है। वार्ड की बड़ी समस्याएं सार्वजनिक शौचालय बदहाल – कई शौचालय बंद हैं, कहीं सीट और दरवाजे टूटे हैं, नियमित सफाई नहीं होती। सीवर ओवरफ्लो और चोक नालियां – गंदा पानी सड़कों पर बहता है और बदबू बनी रहती है। अवैध अतिक्रमण और ऑटो स्टैंड – तांगा स्टैंड और फुटपाथों पर अतिक्रमण से यातायात और पर्यटन प्रभावित। जर्जर सड़कें और जलभराव – टूटी सड़कें, गड्ढे और बारिश में कीचड़ लोगों की परेशानी बढ़ाते हैं। पेयजल संकट – कई मोहल्लों में गंगाजल की लाइन नहीं, जहां लाइन है वहां पर्याप्त प्रेशर नहीं मिलता। कूड़ा और बंदरों का आतंक – नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी बढ़ रही है और बंदरों की समस्या भी बनी हुई है। बारिश के बाद कई दिन रहता कीचड़ बारिश के बाद ताजमहल के प्रवेश मार्गों पर कई दिनों तक कीचड़ जमा रहता है। लोगों का कहना है कि बुजुर्ग, बच्चे और पर्यटक अक्सर फिसलकर गिर जाते हैं। सफाईकर्मियों को कीचड़ हटाने में दो से तीन दिन लग जाते हैं। तब तक कीचड़ सूखकर धूल बन जाती है और पूरा इलाका धूल से भर जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ताजमहल जैसे विश्व धरोहर स्थल के आसपास ऐसी स्थिति शहर की छवि पर भी सवाल खड़े करती है। ताज के साए में भी पानी के लिए तरस रहे लोग गुड़ियाई मंडी और आसपास के मोहल्लों में गंगाजल की लाइन होने के बावजूद लोगों को नियमित पानी नहीं मिल रहा। कई इलाकों में पाइपलाइन ही नहीं पहुंची है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पानी का प्रेशर नहीं बनता। दानिश खान ने बताया कि उनके मोहल्ले में आज तक गंगाजल की लाइन नहीं डाली गई। कई बार पीने के पानी तक के लिए बाहर से पानी खरीदना पड़ता है। ----------- ये खबर भी पढ़िए… 10 साल से ‘गंगाजल’ का इंतजार कर रहे वार्डवासी:आगरा के वार्ड-96 में गलियों में बह रहा सीवर का पानी ,पार्षद बोले-दो साल में सीवर समस्या खत्म करेंगे वार्ड-96 धनकोट फुव्वारा में पिछले 10 साल से लोग साफ पानी को तरस रहे हैं। ये हालात तब हैं जब आगरा नगर निगम गंगाजल परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करता है। महिलाएं आधा किलोमीटर दूर से पानी ढोकर लाने को मजबूर हैं। घरों का मल-मूत्र खुली नालियों में बह रहा है। सीवर जाम हैं और गलियों में कूड़े के ढेर लगे हैं। दूसरी ओर पार्षद 100% विकास का दावा कर रही हैं। दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा में जमीनी तस्वीर इन दावों से बिल्कुल उलट मिली। कहीं खुला सीवर हादसे को दावत दे रहा है, कहीं टूटी सड़कें और अवैध तबेले लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… ----------- ये खबर भी पढ़िए… वार्ड-95 में विधायक के घर के सामने कूड़े का ढेर:बादशाह शाहजहां ने बसाया था बाग फरजाना वार्ड, लोग बोले-कभी नवाबी थे ठाठ आगरा के बाग फरजाना वार्ड में रहने वालों के कभी नवाबी ठाठ हुआ करते थे। यहां के लोग बताते हैं कि शहर के इस हिस्से में हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध थी। मुगलकाल में बादशाह शाहजहां ने अपनी बेगम की याद में इसे बसाया था। अब हालात ऐसे हैं कि सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। विधायक के आवास के सामने भी कूड़े का ढेर और टूटी सड़कें नजर आती हैं। यहां की हवा में सीवर की सड़ांध है। पूरी खबर पढ़ें…
भदोही में बारिश ने गर्मी से दिलाई राहत:वार्ड-13 और सुरियावां स्कूल में जलभराव ने बढ़ाई मुसीबत
जिले में सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे हल्की हवा के साथ बारिश हुई। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली और किसानों के चेहरे खिल उठे। हालांकि, इस बारिश के कारण घोसिया नगर पंचायत के वार्ड नंबर 13 और सुरियावां स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय परिसर में जलजमाव हो गया, जिससे आवागमन में परेशानी हुई। यह मानसून की पहली बारिश थी, जो जिले के हर क्षेत्र में दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले वर्ष जून माह में 70 एमएम बारिश हुई थी, जबकि इस वर्ष अब तक केवल 5 एमएम बारिश ही दर्ज की गई है, जो पिछले साल की तुलना में 65 एमएम कम है। सोमवार को भी 5 एमएम बारिश हुई। बारिश के कारण घोसिया नगर पंचायत के वार्ड नंबर 13 की सड़कों पर पानी भर गया, जिससे स्थानीय निवासियों को आवागमन में दिक्कतें आईं। इसी तरह, सुरियावां स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय परिसर में भी लगातार बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बन गई है। विद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर परिसर के अंदर तक पानी जमा होने से आने-जाने में कठिनाई हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो विद्यालय खुलने पर छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। परिसर में जमा पानी से फिसलने की आशंका के साथ-साथ मच्छरों के पनपने का खतरा भी बढ़ गया है। क्षेत्रीय नागरिकों ने संबंधित विभाग और शिक्षा अधिकारियों से विद्यालय परिसर में जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराने तथा जलभराव की समस्या का शीघ्र समाधान करने की मांग की है, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
पंजाब में 5178 शिक्षक भर्ती से वंचित उम्मीदवारों ने रविवार को मोगा में पंजाब सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। विभिन्न जिलों से आए बेरोजगार शिक्षकों ने मंत्रियों और विधायकों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग की। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने पंजाब सरकार की 'मावां-धीआं सत्कार योजना' के तहत मिलने वाली 1000 और 1500 रुपये की राशि लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके लिए असली सम्मान नकद सहायता नहीं, बल्कि उनका नियुक्ति पत्र है। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष इंद्रपाल कौर ने बताया कि 5178 शिक्षक भर्ती में उच्च मेरिट होने के बावजूद सैकड़ों योग्य उम्मीदवार नियुक्ति से वंचित रह गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2011 के PSTET पेपर और उसके परिणाम में हुई त्रुटियों के कारण लगभग 300 उच्च मेरिट वाले उम्मीदवार भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो गए, जिसे सरकार ने अब तक ठीक नहीं किया है। इंद्रपाल कौर बोले- पहली कैबिनेट बैठक में नियुक्ति पत्र देने का वादा किया था इंद्रपाल कौर ने यह भी कहा कि जब आम आदमी पार्टी विपक्ष में थी, तब मौजूदा शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां और विधायक अनमोल गगन मान ने उनके धरनों में पहुंचकर सरकार बनने पर पहली कैबिनेट बैठक में नियुक्ति पत्र देने का वादा किया था। हालांकि, साढ़े चार साल बीत जाने के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला है। कौर ने बताया कि इस लंबे संघर्ष के कारण कई परिवार मानसिक और आर्थिक रूप से प्रभावित हुए हैं, और कई युवतियों के विवाह भी प्रभावित हुए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। बेरोजगार शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए, तो वे घर-घर जाकर सरकार के कथित झूठे वादों का पर्दाफाश करेंगे और लोगों को जागरूक करेंगे।
करनाल शहर में एक विवाहिता संदिग्ध हालातों में लापता हो गई है। चार दिन पहले उसकी स्कूटी पश्चिमी यमुना नहर के किनारे खड़ी मिली। स्कूटी में चाबी लगी थी और मोबाइल भी वहीं रखा मिला। घटना के बाद से परिवार लगातार तलाश में जुटा है। आशंका जताई जा रही है कि विवाहिता ने नहर में छलांग लगा ली हो। गोताखोरों की टीम मौके पर लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। लव मैरिज के बाद बिगड़े रिश्ते, दो साल से मायके में रह रही थीकरनाल ज्योतिनगर की प्रिया नरवाल (उम्र करीब 25 साल) ने साल 2022 में शेखपुरा गांव के हरमिंद्र सिंह के साथ लव मैरिज की थी। शादी के बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया था। परिवार के अनुसार झगड़ों के चलते प्रिया पिछले करीब दो साल से अपने मायके में रह रही थी। इस दौरान पति-पत्नी के बीच तनाव लगातार बना हुआ था और मामला कोर्ट तक पहुंच गया था। कोर्ट में पति की दूसरी पत्नी को देखकर बढ़ी परेशानीपरिजनों ने बताया कि एक जून को प्रिया कोर्ट में तारीख पर गई थी। वहां उसने अपने पति के साथ दूसरी पत्नी और बच्ची को देखा। इससे वह काफी परेशान हो गई थी। परिवार का कहना है कि हरमिंद्र सिंह ने बिना तलाक लिए दूसरी शादी कर ली थी। कोर्ट से लौटने के बाद प्रिया मानसिक रूप से तनाव में रहने लगी थी। अगले ही दिन उसके चेहरे पर पैरालाइसिस की समस्या भी हो गई थी, जिससे उसकी हालत और खराब हो गई थी। स्कूटी के पास छोड़ा मोबाइल, भाई को किया आखिरी फोनपरिजनों के मुताबिक 3 जुलाई की शाम करीब साढ़े 7 बजे प्रिया की स्कूटी घोघड़ीपुर के पास नहर किनारे खड़ी मिली। स्कूटी में चाबी लगी हुई थी और मोबाइल भी वहीं रखा था। प्रिया ने स्कूटी खड़ी करने के बाद अपने छोटे भाई को फोन किया था। उसने भाई से कहा कि स्कूटी यहां खड़ी है, इसे ले जाना और वह नहर में छलांग लगाने जा रही है। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला। नहर में लगातार चल रहा सर्च ऑपरेशनगोताखोर प्रगट सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंच गई थी। नहर में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया और स्कूटी मिलने वाले स्थान से आगे और पीछे दोनों दिशाओं में तलाश की गई। मुनक हेड और पिचौलिया हेड पर भी टीम ने जांच की है। परिजन भी मौके पर मौजूद रहकर तलाश में लगे हैं, लेकिन अभी तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। पति पर मानसिक रूप से परेशान करने के आरोपपरिजनों ने प्रिया के पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि हरमिंद्र सिंह के अन्य महिलाओं के साथ संबंध थे और वह प्रिया को मानसिक रूप से परेशान करता था। परिवार का आरोप है कि दूसरी शादी के कारण प्रिया काफी तनाव में थी और इसी वजह से उसने यह कदम उठाया हो सकता है। परिवार और पुलिस की तलाश जारीघटना के बाद से परिवार के लोग लगातार नहर किनारे और आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन कर रहे हैं। पुलिस और गोताखोरों की टीम अलग-अलग स्थानों पर सर्च कर रही है। चार दिन बीत जाने के बावजूद कोई सुराग नहीं मिलने से परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है। फिलहाल सभी की नजर नहर और उसके आसपास के इलाकों पर टिकी हुई है।
गिरिडीह जिले के पीरटांड़ थाना क्षेत्र में नवविवाहिता की हत्या के मामले का पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। हरकटवा नाला से सड़े-गले अवस्था में शव बरामद होने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार के निर्देश पर एसडीपीओ आबिद खान के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मृतका के पति मुन्नालाल किस्कू को गिरफ्तार कर लिया। पीरटांड़ थाना में 5 जुलाई 2026 को कांड संख्या 23/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई और पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश किया। प्रेम विवाह के बाद बढ़ा शक जांच के दौरान आरोपी मुन्नालाल किस्कू ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि 9 मार्च 2026 को उसने प्रेम प्रसंग के बाद भावनपुर की युवती से विवाह किया था। शादी के बाद से ही उसे अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह था और वह अक्सर उसे लेकर शंकित रहता था। घटना वाले दिन पत्नी के मोबाइल पर किसी अन्य युवक का फोन आया, जिससे वह आक्रोशित हो गया। गुस्से में आकर उसने अपनी पत्नी का गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने शव को हरकटवा नाला में ले जाकर घास से ढंक दिया, ताकि किसी को शक न हो। इसके बाद वह घर लौटकर सामान्य व्यवहार करता रहा, जिससे किसी को घटना की भनक नहीं लगी। पुलिस ने बरामद किए साक्ष्य, जेल भेजा गया आरोपी पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या स्थल को चिन्हित किया और आसपास की झाड़ियों से मृतका की गुलाबी रंग की चप्पल भी बरामद की। इसके अलावा आरोपी का ओप्पो कंपनी का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है, जो जांच में अहम साक्ष्य माना जा रहा है। गिरफ्तार आरोपी 19 वर्षीय मुन्नालाल किस्कू है। उसके पिता का नाम गोराचंद किस्कू है। वह धावाटांड, टोला हरकटवा का निवासी है। छापेमारी दल में एसडीपीओ आबिद खान, थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह सहित कई पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
हरदोई जनपद में सोमवार की सुबह 9 और 10 बजे के बीच एक घंटे के भीतर हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में ड्यूटी पर तैनात एक महिला और एक पुरुष सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को जिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलने पर संबंधित अधिकारियों ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। पहला हादसा सुबह करीब 9 से 10 बजे के बीच बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र में हुआ। झांसी जनपद के 24 वर्षीय सिपाही मयंक कुमार अपने साथी सिपाही कल्याण यादव के साथ बाइक से सुरजीपुर हल्का क्षेत्र की ओर जा रहे थे। बाइक कल्याण यादव चला रहे थे और उन्होंने हेलमेट पहन रखा था। बाइक को जोरदार टक्कर मारी खटौनाखेड़ा के पास पहुंचते ही सामने से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मयंक उछलकर सिर के बल सड़क पर जा गिरे, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। हेलमेट पहनने के कारण कल्याण यादव को मामूली खरोंचें ही आईं। बेहटा गोकुल थानाध्यक्ष मार्कंडेय सिंह ने तत्काल मौके पर पहुंचकर मयंक को टोडरपुर सीएचसी भिजवाया, जहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। दूसरा हादसा सवायजपुर कोतवाली के सामने घटित हुआ। संभल निवासी 26 वर्षीय महिला सिपाही कोमल, जो कोतवाली में तैनात हैं, सोमवार सुबह अपनी स्कूटी से बाजार जाने के लिए निकली थीं। मेडिकल कॉलेज रेफर किया जैसे ही वह कोतवाली से बाहर मुख्य सड़क पर आईं, एक अनियंत्रित कार ने उनकी स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में कोमल भी सिर के बल सड़क पर गिर पड़ीं और गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें सवायजपुर सीएचसी से प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। हादसों की जानकारी मिलते ही हरपालपुर सीओ प्रवीण कुमार यादव और बेहटा गोकुल थानाध्यक्ष मार्कंडेय सिंह मेडिकल कॉलेज पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने घायल सिपाहियों मयंक और कोमल का हाल जाना। उन्होंने इमरजेंसी प्रभारी डॉ. अमित आनंद से दोनों घायलों की स्थिति और इलाज के संबंध में विस्तृत चर्चा की।
सिरसा जिले में नाथूसरी चोपटा क्षेत्र के कुम्हारिया गांव में भीषण गर्मी के बीच गहराते पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों ने जलघर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। लगभग 150 घरों में जन स्वास्थ्य विभाग की पेयजल लाइन से पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा है, जिससे ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले 2 महीने से जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा पानी की आपूर्ति बिल्कुल नहीं हो पा रही है। गांव के जलघर में 3 पानी के टैंक होने के बावजूद भी पीने का पानी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। यह समस्या पिछले एक साल से करीब 150 घरों में गंभीर बनी हुई है। टैंकर मंगवाने को मजबूर है ग्रामीण ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए मजबूरन 500 रुपए देकर पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। एक टैंकर का पानी मात्र 2 से 5 दिन ही चल पाता है। ग्रामीणों ने बताया कि दिहाड़ी मजदूरी कर वे 400 से 500 रुपए कमाते हैं, लेकिन शाम को पीने का पानी न मिलने पर टैंकर पर 500 रुपए खर्च हो जाते हैं। ग्रामीणों ने कई बार विभागीय अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया है, लेकिन बार-बार चक्कर कटवाने के अलावा कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने जन स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को कई बार पीने के पानी की समस्या हल करने के लिए अवगत करवाया गया। ग्रामीण बोले- समाधान नहीं होने तक जारी रहेगा धरना लेकिन अधिकारियों ने बार-बार चक्कर कटवाने के अलावा इस समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। उन्हें मजबूरन जल घर पर धरना शुरू किया है, और जब तक पीने के पानी की समस्या का समाधान नहीं होगा तब तक धरना जारी रहेगा। धरने पर बैठे ग्रामीणों में बलबीर डारा, कृष्ण कुमार डारा, अमर सिंह, रामचंद्र, मदन डारा, धर्मपाल, सुरेश कुमार, अर्जुन मेव, विक्रम सिंह, महेंद्र, हनुमान, मनीराम, साधु राम, पवन, जनक राज और धर्मपाल सहित कई लोग शामिल हैं।
तरनतारन के गांव सोहल में घरेलू विवाद सुलझाने गई पुलिस पार्टी पर परिवार के मुखिया ने नशे की हालत में हमला कर दिया। इस हमले में एएसआई और कांस्टेबल घायल हो गए। सूचना पर जबतक थाने की पुलिस फोर्स पहुंची आरोपी फरार हो चुका था। आरोपी पर अपने परिवार को कमरे में बंद कर मारपीट करने और गाली गालौज करने का आरोप है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस आरोपी की तलाश में इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है। बेटी की शिकायत पर पहुंची पुलिस, परिवार को कमरे बंद कर दिया था पुलिस यह घटना तब हुई जब गांव सोहल निवासी प्रभजीत सिंह की बेटी सिमरन ने पुलिस को ऑनलाइन शिकायत की थी। उसने अपनी शिकायत में बताया था कि उसके पिता प्रभजीत सिंह नशे की हालत में सभी को गाली-गलौज कर रहे थे और परिवार के सदस्यों को एक कमरे में बंद कर दिया था। इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए थाना झब्बाल के प्रभारी सब इंस्पेक्टर बलजिंदर सिंह बाजवा ने एएसआई प्रगट सिंह के नेतृत्व में एक पुलिस टीम को मौके पर भेजा। जब पुलिस पार्टी वहां पहुंची, तो आरोपी प्रभजीत सिंह अपने परिवार के साथ हाथापाई कर रहा था। पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की। समझाने पर कर दिया पुलिस कर्मियों पर हमला आरोपी प्रभजीत सिंह ने गुस्से में एएसआई प्रगट सिंह पर हमला कर दिया। उसने उनको घायल कर दिया। उनकी वर्दी फाड़ दी और उनकी पगड़ी भी उतार दी। पुलिस पार्टी में शामिल कांस्टेबल कुलदीप सिंह पर भी हमला किया गया, जिससे उनके हाथ की एक उंगली टूट गई। घटना की सूचना मिलते ही सब डिवीजन तरनतारन के डीएसपी सुखबीर सिंह, थाना प्रभारी बलजिंदर सिंह बाजवा और ड्यूटी अधिकारी सब इंस्पेक्टर करनदीप मौके पर पहुंचे। हालांकि, तब तक आरोपी प्रभजीत सिंह वहां से भागने में सफल रहा। एएसआई प्रगट सिंह के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।एसएसपी सुरेंद्र लांबा ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें छापेमारी कर रही हैं। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है।
हरदा में सोमवार को सैकड़ों आशा और आशा संगिनी कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार बी.डी. तमखाने को ज्ञापन सौंपकर लंबित मानदेय और अन्य बकाया भुगतान जल्द जारी करने की मांग की। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ नाराजगी भी जताई। कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें पिछले तीन माह से मानदेय का भुगतान नहीं मिला है। साथ ही विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि और अन्य बकाया भुगतान भी लंबित हैं। इससे उन्हें गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से मानदेय बढ़ाने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। उन्होंने मांग की कि बढ़े हुए मानदेय का लाभ तत्काल प्रभाव से दिया जाए और लंबित राशि का भुगतान भी शीघ्र किया जाए। 2000 रुपए के मानदेय में हो रही परेशानी कार्यकर्ताओं ने बताया कि वर्तमान में उन्हें मात्र 2 हजार रुपए मासिक मानदेय मिलता है। ऐसे में कई महीनों तक भुगतान नहीं मिलने से परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि समय पर भुगतान नहीं होने से आर्थिक संकट लगातार गहराता जा रहा है। आशा और आशा संगिनी कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं और विभिन्न सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही हैं। इसके बावजूद समय पर मानदेय नहीं मिलने से उनका मनोबल प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सीएचसी प्रभारी और जिला प्रशासन से लंबित भुगतान शीघ्र जारी कराने की मांग की, ताकि वे बिना आर्थिक दबाव के अपनी सेवाएं जारी रख सकें।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को राजधानी भोपाल के सतगढ़ी में बनने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन किया। इस दौरान देश और प्रदेश के 200 से अधिक उद्योगपति, निवेशक और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सरकार का कहना है कि यह परियोजना भोपाल को औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनाएगी। 173 एकड़ में होगा आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र करीब 173 एकड़ में बनने वाला यह स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क 'वर्क-लिव-ग्रो' मॉडल पर विकसित किया जाएगा। यानी यहां उद्योगों के साथ कर्मचारियों के रहने, कौशल विकास, नवाचार और अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। इससे उद्योगों को बेहतर माहौल मिलेगा और निवेश बढ़ने की उम्मीद है। आईटी, एआई समेत कई सेक्टर की कंपनियां आएंगी पार्क में हाई वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग, गारमेंट, टॉयज, आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), लॉजिस्टिक्स और नई तकनीक से जुड़े उद्योग स्थापित किए जाएंगे। इससे भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी। 15 हजार से ज्यादा लोगों को मिलेगा रोजगार सरकार के अनुसार, इस परियोजना से 15 हजार से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसका सबसे ज्यादा फायदा भोपाल और आसपास के युवाओं को मिलेगा। साथ ही स्थानीय व्यापार और अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार मिलेगी। 10 हजार लोगों की क्षमता वाला कन्वेंशन सेंटर बनेगा परियोजना के तहत करीब 25 एकड़ में विश्वस्तरीय कन्वेंशन एवं एग्जिबिशन सेंटर भी बनाया जाएगा। इसकी क्षमता 10 हजार से अधिक लोगों की होगी। यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के निवेशक सम्मेलन, औद्योगिक प्रदर्शनियां, व्यापार मेले और बड़े व्यावसायिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे।
जयपुर डिस्कॉम के बिजली उपभोक्ताओं को अब नया कनेक्शन, बिजली लोड बढ़ाने और कनेक्शन डिस्कनेक्ट करने के लिए बिजली दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। डिस्कॉम ने इन सुविधओं को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए नया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू किया है। इसके तहत अब बिजली का नया कनेक्शन, बिजली लोड बढ़ाने और कनेक्शन डिस्कनेक्ट करने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। सभी आवेदन निगम के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किए जाएंगे और हर स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है।नई व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ताओं को कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाना, फाइलों में होने वाली देरी खत्म करना और तय समय में सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए आवेदन से लेकर स्वीकृति और कार्य पूरा होने तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से मॉनिटर की जाएगी।ऑनलाइन मिलेगी ये सुविधाएंनई SOP के तहत उपभोक्ता अब ऑनलाइन माध्यम से नया बिजली कनेक्शन लेने, मौजूदा कनेक्शन का लोड बढ़ाने और आवश्यकता होने पर कनेक्शन डिस्कनेक्ट कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन की स्थिति भी ऑनलाइन ट्रैक की जा सकेगी, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी।आवेदन के बाद ऐसे होगी कार्रवाईऑनलाइन आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित अधिकारी दस्तावेजों की जांच करेंगे। आवश्यकता होने पर मौके का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण में बिजली लाइन, ट्रांसफार्मर की उपलब्ध क्षमता और तकनीकी मानकों की जांच होगी। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ऑनलाइन स्वीकृति जारी की जाएगी और निर्धारित समय में कार्य पूरा कराया जाएगा।हर अधिकारी की तय होगी जिम्मेदारीSOP में सहायक अभियंता (AEN), कनिष्ठ अभियंता (JEN), कार्यालय स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों की जिम्मेदारियां स्पष्ट की गई हैं। किस अधिकारी को आवेदन जांचना है, किसे निरीक्षण करना है और किसे अंतिम स्वीकृति देनी है, इसकी पूरी कार्यप्रणाली निर्धारित कर दी गई है। इससे किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी होने पर जवाबदेही तय की जा सकेगी।इन बातों पर रहेगा विशेष फोकससभी आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।डॉक्यूमेंट्स का डिजिटल सत्यापन किया जाएगा।जरूरत होने पर साइट निरीक्षण अनिवार्य होगा।निर्धारित समय सीमा में आवेदन का निस्तारण किया जाएगा।पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड ऑनलाइन सुरक्षित रहेगा।उपभोक्ता आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे।शिकायतों के निस्तारण पर भी जोरनई व्यवस्था में केवल आवेदन प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि शिकायतों के समाधान पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का समयबद्ध समाधान किया जाए और सभी रिकॉर्ड ऑनलाइन अपडेट किए जाएं।उपभोक्ताओं को क्या होगा फायदानई SOP लागू होने से नए कनेक्शन और लोड बढ़ाने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान और पारदर्शी होगी। उपभोक्ताओं को बार-बार बिजली कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा, आवेदन की स्थिति ऑनलाइन पता चल सकेगी और तय समय में सेवाएं मिलने से अनावश्यक देरी और शिकायतों में कमी आने की उम्मीद है।
अबोहर में 45 दिन से लापता नाबालिग लड़की का सुराग न मिलने पर सोमवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। विभिन्न संगठनों और बड़ी संख्या में लोगों ने रोष मार्च निकालकर सिटी थाने के बाहर धरना दिया। इस दौरान पुलिस ने मामले की जांच के लिए सात दिन का समय मांगा, जिसे परिजनों ने अस्वीकार कर दिया। गोबिंद नगरी की नाबालिग लड़की की बरामदगी की मांग को लेकर व्यापारिक, सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के सदस्य और पीड़ित परिवार के लोग एकजुट हुए। उन्होंने पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। धरने में व्यापार मंडल के प्रधान सुरेश सतीजा, किसान नेता सुखजिंदर राजन, भाजपा नेता धनपत सियाग, दीपक छापोला, पार्षदा पति पुनीत अरोड़ा, राजेश गुप्ता, किसान नेता गुरमीत प्रजापति और ललित सोनी सहित कई प्रमुख लोग शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि 45 दिन बीत जाने के बावजूद नाबालिग का कोई पता नहीं चल पाया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने आरोपी युवक के परिजनों और रिश्तेदारों से पूछताछ की है, लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। पुलिस पर मामले को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप उनका आरोप था कि पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।इससे पहले रविवार को व्यापार मंडल और विभिन्न संगठनों की बैठक में बाजार बंद कराने का प्रस्ताव आया था। हालांकि, व्यापार मंडल के प्रधान सुरेश सतीजा ने कहा कि दुकानें बंद करना स्थायी समाधान नहीं है। उन्होंने पीड़ित परिवार के समर्थन में पुलिस पर लोकतांत्रिक तरीके से दबाव बनाने का फैसला किया।थाना प्रभारी ने बताया कि जिले के एसएसपी के निर्देश पर पुलिस लगातार मामले की जांच कर रही है। अब तक 11 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया जा चुका है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि नाबालिग ने सुनील नामक युवक के जरिए अपने रिश्तेदारों से फोन पर बात की थी। इसके बाद पुलिस ने राजस्थान से उस युवक को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। थाना प्रभारी ने कहा कि जांच से जुड़ी कई तकनीकी जानकारियां सार्वजनिक नहीं की जा सकतीं, क्योंकि इससे कार्रवाई प्रभावित हो सकती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस हर अपडेट परिजनों को दे रही है। पुलिस ने मांगा एक सप्ताह पुलिस अधिकारियों ने सामाजिक संगठनों और पंचायत से एक सप्ताह का समय मांगा और भरोसा दिया कि नामजद आरोपी व नाबालिग को तलाश लिया जाएगा। साथ ही आरोपी के नाना नंद सिंह को भी दो-तीन दिन में गिरफ्तार करने और जमानत दिलाने वाले व्यक्ति के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद सामाजिक संगठन और पंचायत के प्रतिनिधि लौट गए, लेकिन नाबालिग के माता-पिता और परिवार के सदस्य अपनी मांग पर अड़े रहे। वे थाने परिसर में पेड़ के नीचे धरने पर बैठ गए। परिवार का कहना है कि जब तक उनकी बेटी सकुशल नहीं मिल जाती और उन्हें न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले दतिया की सियासत में बयानबाजी और तेज हो गई है। पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने रावतपुरा कॉलेज में व्यापारियों के कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व विधायक राजेंद्र भारती पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दोनों नेताओं को फेसबुकिया नेता बताते हुए कहा कि उनका जनता के बीच कोई जनाधार नहीं है और वे सिर्फ सोशल मीडिया की राजनीति कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं के हालिया आरोपों पर पलटवार करते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कहा, पटवारी साहब, मैं 15 साल से पेड न्यूज के आरोप झेल रहा हूं, लेकिन कभी रोना नहीं रोया। आप लोग तो छोटी-सी बात पर ही रोने लगते हैं। “ये सिर्फ फेसबुक और व्हाट्सएप के नेता”राजेंद्र भारती के उस दावे पर भी उन्होंने सवाल उठाए, जिसमें केंद्रीय मंत्री की ओर से ऑफर दिए जाने की बात कही गई थी। मिश्रा ने कहा कि वे पहले भी इस मामले में गवाही देने की बात कह चुके हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, बताइए कौन-से केंद्रीय मंत्री के पीए ने ऑफर दिया था? अगर दावा किया है तो सबूत भी सामने लाना चाहिए। व्यापारियों को संबोधित करते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस नेतृत्व पर तंज कसते हुए कहा कि ये सिर्फ फेसबुक और व्हाट्सएप के नेता हैं। जनता के बीच इनका कोई आधार नहीं है। ये केवल तेरहवीं और पंगत में दिखाई देने वाले नेता हैं। “वो नहीं जीता था, मैं हारा था”उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि दतिया में कांग्रेस की जीत किसी लहर की वजह से नहीं हुई थी। “मैं पहले भी कह चुका हूं कि वो नहीं जीता था, मैं हारा था। आज भी उसी बात पर कायम हूं। दतिया की जनता मेरा परिवार है और उनके बीच मेरा रिश्ता हमेशा बना रहेगा।”
अजमेर नगर निगम में कार्यरत स्थाई और अस्थाई सफाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक बार फिर आंदोलन पर उतर चुके है। सोमवार को वाल्मीकि समाज संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों सफाई कर्मचारियों ने डाक बंगले से कलेक्ट्रेट तक आक्रोश रैली निकाली। कलेक्ट्रेट पहुंचकर कर्मचारियों ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए 24 घंटे के भीतर मांगों पर निर्णय लेने का अल्टीमेटम दिया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि तय समय में मांगें नहीं मानी गईं तो पूरे शहर की सफाई व्यवस्था ठप कर दी जाएगी। इसके तहत सामूहिक अवकाश, झाड़ू डाउन आंदोलन, अधिकारियों का घेराव और पूर्ण हड़ताल जैसे कदम उठाए जाएंगे। तबादलों और वेतन कटौती पर जताया विरोध संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि नगर निगम प्रशासन सफाई कर्मचारियों की समस्याओं की लगातार अनदेखी कर रहा है। ज्ञापन में मांग की गई कि स्थाई और अस्थाई सफाई कर्मचारियों को 1 जून 2026 से पहले की तरह उनके मूल वार्डों और मुख्य मार्गों पर ही तैनात किया जाए। इसके साथ ही 2 जुलाई 2026 को उपायुक्त द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश को तत्काल निरस्त करने, अस्थाई कर्मचारियों के लंबित भुगतान की व्यवस्था करने और ठेकेदार द्वारा वेतन से काटे गए दो-दो हजार रुपए वापस दिलाने की मांग भी की गई। कर्मचारियों ने पूर्व में जिलाधीश की मौजूदगी में हुए समझौते का हवाला देते हुए बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था समाप्त कर पहले की तरह उपस्थिति दर्ज करने की मांग रखी। वहीं स्वास्थ्य निरीक्षक, जमादार और सफाई कर्मचारियों के स्थानांतरण से पहले ट्रेड यूनियन को विश्वास में लेने की भी मांग की गई। 5000 में घर चलाएं या ₹3000 किराया दें' कर्मचारी नेता सन्नी गोयर ने कहा कि नगर निगम प्रशासन लगातार वाल्मीकि समाज के सफाई कर्मचारियों पर अत्याचार कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों के कार्यस्थल दूर-दराज के क्षेत्रों में बदल दिए गए हैं, जिससे आने-जाने में ही करीब तीन हजार रुपए खर्च हो जाएंगे।उन्होंने कहा, एक कच्चा कर्मचारी पांच हजार रुपए में अपना घर चलाए, बच्चों का पालन-पोषण करे या आने-जाने का किराया दे? प्रशासन कर्मचारियों की समस्याएं सुनने को तैयार नहीं है। गोयर ने कहा कि प्रशासन को 24 घंटे का समय दिया गया है। यदि समाधान नहीं हुआ तो होटल, अस्पताल सहित पूरे शहर में सफाई कार्य बंद कर दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी। उग्र आंदोलन की चेतावनी संघर्ष समिति के अध्यक्ष मुकेश हेनवाल, उपाध्यक्ष विजय कुमार धंजा, सन्नी गोयर, सुमित गोडाले और महामंत्री संजय सोनवाल सहित अन्य पदाधिकारियों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि मांगें पूरी नहीं होने पर सफाई कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेकर पूर्ण हड़ताल करेंगे। इसके अलावा अधिकारियों का घेराव, गेट मीटिंग और झाड़ू डाउन आंदोलन भी किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
गोंडा जिले में देहात कोतवाली क्षेत्र के जमदरा ग्राम पंचायत में लालनगर नहर के पास एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सरयू नहर में पलट गया। यह घटना आज सुबह करीब 11 बजे हुई। राहगीरों ने तुरंत नहर में कूदकर ट्रैक्टर चालक रोहित पाल की जान बचाई। रोहित पाल खेत की जुताई कर अपने ट्रैक्टर से घर लौट रहे थे। इसी दौरान लालनगर सरयू नहर के पास उनका ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया और नहर में जा गिरा। स्थानीय राहगीरों ने बिना देर किए नहर में छलांग लगाई और रोहित पाल को सुरक्षित बाहर निकाला। उन्हें तत्काल इलाज के लिए एक स्थानीय डॉक्टर के पास ले जाया गया। नहर में पलटा हुआ ट्रैक्टर अभी भी वहीं फंसा है। उसे निकालने के लिए जेसीबी मशीन बुलाई गई है और प्रयास जारी हैं। देहात कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि रोहित पाल खेत की जुताई के बाद घर लौटते समय ट्रैक्टर पर नियंत्रण खो बैठे, जिससे वह नहर में पलट गया। देहात कोतवाल ने बताया कि स्थानीय लोगों ने समय रहते रोहित पाल को बचा लिया। यदि राहगीर तुरंत कार्रवाई न करते, तो नहर में पानी अधिक होने के कारण एक बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। ग्रामीण अब जेसीबी की मदद से ट्रैक्टर को बाहर निकालने का काम कर रहे हैं।
अलवर शहर के यशवंत सीनियर सैकंडरी स्कूल में सोमवार सुबह तिजारा फाटक निवासी महिला मिथलेश सुबह करीब 11 बजे पानी की टंकी पर चढ़ गई। महिला का आरोप था कि बोधन कॉलोनी निवासी एक आर्मी अफसर के पिता ने उसके और उसके बेटे के साथ मारपीट की और जबरन उनका मोबाइल व लैपटॉप छीन लिया। अरावली विहार थाने में 2 महीने पहले शिकायत देने के बावजूद जब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो तंग आकर उसे यह कदम उठाना पड़ा। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने महिला को समझाइश कर टंकी से नीचे उतारा। पीड़ित पक्ष का आरोप: 2 घंटे बंधक बनाया टंकी से नीचे उतरने के बाद रोते हुए मिथलेश ने अपनी आपबीती सुनाई। महिला के बेटे दीपक ने बताया कि 30 अप्रैल को आर्मी कैप्टन की शादी में केवल अलवर के कार्यक्रम के लिए फोटोग्राफी की बुकिंग तय हुई थी, जिसे मैंने पूरा कर दिया। आखिरी वक्त में उन्होंने गुरुग्राम चलने का दबाव बनाया। शादी के बाद डाटा देने के लिए उन्होंने मुझे घर बुलाया। वहां कैप्टन के पिता ने मुझे धमकाया कि 'CO से फोन करवाकर थाने में इलाज करवा दूंगा'। उन्होंने मेरा आईफोन, लैपटॉप और डाटा पेन ड्राइव छीन लिया। इसके बदले में मुझसे 2 लाख रुपए का चेक मांगा गया। जब मैंने मना किया तो मारपीट कर खाली कागज पर जबरन लिखवा लिया कि मैं अपनी मर्जी से सामान छोड़ कर जा रहा हूं। पीड़ित महिला का आरोप है कि अरावली विहार थाने में रिपोर्ट देने के बावजूद पुलिस ने मदद करने के बजाय उन्हें फटकार कर भगा दिया। डेढ़-दो महीने तक कोई सुनवाई नहीं होने पर मजबूरी में मां को टंकी पर चढ़ना पड़ा। आरोपी पक्ष का दावा: डेढ़ लाख के हिसाब का वीडियो हमारे पास दूसरी ओर, आरोपी पक्ष की महिला प्रेमवती (कैप्टन की मां) ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए फोटोग्राफर पर ही धोखा देने का आरोप लगाया है। महिला ने कहा कि “मेरा बेटा कैप्टन है और बहू लेफ्टिनेंट। फोटोग्राफी के लिए 71 हजार रुपए तय हुए थे, जिसमें से हमने 55 हजार रुपए (40 हजार लग्न पर, 11 हजार एडवांस और बाकी बारात के दिन) दे दिए थे। इसके बावजूद बारात जब बड़ौदामेव पहुंची, तो उसने और पैसों की मांग की और फिर फोन बंद कर दिया।”दीपक के फोन बंद करने के कारण हमें गुरुग्राम में ऐन वक्त पर दूसरा फोटोग्राफर एडवांस देकर बुलाना पड़ा, जिससे हमारा नुकसान हुआ। प्रेमवती का दावा है कि दीपक का सामान उनके पास सुरक्षित है। तीनों मां-बेटे खुद हिसाब करने आए थे और दीपक ने खुद लिखकर दिया था कि वह 'डेढ़ लाख रुपए देकर अपना सामान ले जाएगा।' ऐसा लिखते हुए उनका वीडियो भी बनाया गया है।
प्रयागराज में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के ऊपर कांच का एक ब्रिज बनाया जाएगा। दुनियाभर से आने श्रद्धालु अब इस ब्रिज से संगम का दीदार कर सकेंगे। इस ब्रिज का प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग ने तैयार किया है। इसकी मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को प्रयागराज आ रहे हैं। इसके साथ ही वह लोक निर्माण विभाग (PWD) की 9,668.26 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को मंजूरी देंगे। इस विकास पैकेज का सबसे प्रमुख आकर्षण गंगा और यमुना नदियों पर प्रस्तावित नए पुल हैं, जो शहर की यातायात व्यवस्था की तस्वीर बदल देंगे। नदियों पर पुलों का नया नेटवर्कगंगा और यमुना से तीन ओर से घिरे प्रयागराज के भौगोलिक स्वरूप को ध्यान में रखते हुए शहर के तीनों ओर पुलों का एक मजबूत जाल बिछाया जाएगा। संगम पर बनेगा कांच का पुल: पर्यटन और आधुनिक इंजीनियरिंग के अनूठे उदाहरण के रूप में संगम के ऊपर अरैल से झूंसी को जोड़ने के लिए एक भव्य 'ग्लास ब्रिज' (कांच का पुल) का निर्माण किया जाएगा। शास्त्री ब्रिज को मिलेगा विकल्पदारागंज और झूंसी के बीच गंगा नदी पर शास्त्री ब्रिज के समानांतर एक नया पुल बनाया जाएगा। यह परियोजना वाराणसी रूट पर झूंसी से आने-जाने वाले वाहनों को लगने वाले भीषण जाम से शहर को स्थायी मुक्ति दिलाएगी। यमुना पर नया संपर्कशहर के पश्चिमी और दक्षिणी छोर को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए करैलाबाग से नैनी मड़ौका के बीच यमुना नदी पर एक और पुल का निर्माण प्रस्तावित है।इन तीनों प्रमुख पुलों के साथ ही जिले में कुल 128 पुल, फ्लाईओवर और बाईपास का निर्माण किया जाएगा, जिससे शहर के भीतर और बाहरी इलाकों में आवागमन सुगम होगा। मुख्यमंत्री का दौरा और विकास का संकल्पमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दौरे की शुरुआत यमुना बैंक रोड स्थित बोट क्लब के निकट नवनिर्मित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा के अनावरण के साथ करेंगे। इसके बाद मेला ऑफिस सभागार में वे एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसमें उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, पीडब्ल्यूडी राज्य मंत्री बृजेश सिंह, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और सांसद कृष्णा पासवान की उपस्थिति में 9,668.26 करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं को आधिकारिक हरी झंडी दी जाएगी। सड़क सुरक्षा और बुनियादी ढांचे का कायाकल्पजनप्रतिनिधियों के सुझावों और शिकायतों के आधार पर तैयार की गई इस कार्ययोजना में सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। सड़कों का जाल पर लगभग 4,022 करोड़ रुपये की लागत से 1,355 किलोमीटर से अधिक लंबी 880 नई सड़कों का जाल बिछाया जाएगा। 1,254 करोड़ रुपये खर्च कर 430 किलोमीटर से लंबी 34 प्रमुख सड़कों को चौड़ा और मजबूत किया जाएगा।सड़क सुरक्षा: यात्रा को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से 831 किलोमीटर लंबी सड़कों पर 106 रोड सेफ्टी कार्यों पर लगभग 29 करोड़ रुपये खर्च होंगे। योजना में प्रशासनिक सुधार और सुविधा विस्तार के तहत 5 नए हेलीपैड और 15 नए भवनों का निर्माण भी शामिल है। निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने का लक्ष्यप्रयागराज के जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों के गहन अध्ययन के बाद विभाग ने यह विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। शासन का स्पष्ट निर्देश है कि मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलते ही टेंडर और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं युद्धस्तर पर शुरू कर दी जाएं। सरकार का लक्ष्य है कि इन सभी परियोजनाओं को इसी वित्तीय वर्ष के भीतर पूरा कर लिया जाए, ताकि प्रयागराज की कनेक्टिविटी और बुनियादी सुविधाएं विश्वस्तरीय बन सकें।
प्रयागराज में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के ऊपर कांच का एक ब्रिज बनाया जाएगा। दुनियाभर से आने श्रद्धालु अब इस ब्रिज से संगम का दीदार कर सकेंगे। इस ब्रिज का प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग ने तैयार किया है। इसकी मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को प्रयागराज आ रहे हैं। इसके साथ ही वह लोक निर्माण विभाग (PWD) की 9,668.26 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को मंजूरी देंगे। इस विकास पैकेज का सबसे प्रमुख आकर्षण गंगा और यमुना नदियों पर प्रस्तावित नए पुल हैं, जो शहर की यातायात व्यवस्था की तस्वीर बदल देंगे। नदियों पर पुलों का नया नेटवर्कगंगा और यमुना से तीन ओर से घिरे प्रयागराज के भौगोलिक स्वरूप को ध्यान में रखते हुए शहर के तीनों ओर पुलों का एक मजबूत जाल बिछाया जाएगा। संगम पर बनेगा कांच का पुल: पर्यटन और आधुनिक इंजीनियरिंग के अनूठे उदाहरण के रूप में संगम के ऊपर अरैल से झूंसी को जोड़ने के लिए एक भव्य 'ग्लास ब्रिज' (कांच का पुल) का निर्माण किया जाएगा। शास्त्री ब्रिज को मिलेगा विकल्पदारागंज और झूंसी के बीच गंगा नदी पर शास्त्री ब्रिज के समानांतर एक नया पुल बनाया जाएगा। यह परियोजना वाराणसी रूट पर झूंसी से आने-जाने वाले वाहनों को लगने वाले भीषण जाम से शहर को स्थायी मुक्ति दिलाएगी। यमुना पर नया संपर्क: शहर के पश्चिमी और दक्षिणी छोर को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए करैलाबाग से नैनी मड़ौका के बीच यमुना नदी पर एक और पुल का निर्माण प्रस्तावित है।इन तीनों प्रमुख पुलों के साथ ही जिले में कुल 128 पुल, फ्लाईओवर और बाईपास का निर्माण किया जाएगा, जिससे शहर के भीतर और बाहरी इलाकों में आवागमन सुगम होगा। मुख्यमंत्री का दौरा और विकास का संकल्पमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दौरे की शुरुआत यमुना बैंक रोड स्थित बोट क्लब के निकट नवनिर्मित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा के अनावरण के साथ करेंगे। इसके बाद मेला ऑफिस सभागार में वे एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसमें उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, पीडब्ल्यूडी राज्य मंत्री बृजेश सिंह, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और सांसद कृष्णा पासवान की उपस्थिति में 9,668.26 करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं को आधिकारिक हरी झंडी दी जाएगी। सड़क सुरक्षा और बुनियादी ढांचे का कायाकल्पजनप्रतिनिधियों के सुझावों और शिकायतों के आधार पर तैयार की गई इस कार्ययोजना में सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। सड़कों का जाल पर लगभग 4,022 करोड़ रुपये की लागत से 1,355 किलोमीटर से अधिक लंबी 880 नई सड़कों का जाल बिछाया जाएगा। 1,254 करोड़ रुपये खर्च कर 430 किलोमीटर से लंबी 34 प्रमुख सड़कों को चौड़ा और मजबूत किया जाएगा।सड़क सुरक्षा: यात्रा को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से 831 किलोमीटर लंबी सड़कों पर 106 रोड सेफ्टी कार्यों पर लगभग 29 करोड़ रुपये खर्च होंगे। योजना में प्रशासनिक सुधार और सुविधा विस्तार के तहत 5 नए हेलीपैड और 15 नए भवनों का निर्माण भी शामिल है। निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने का लक्ष्यप्रयागराज के जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों के गहन अध्ययन के बाद विभाग ने यह विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। शासन का स्पष्ट निर्देश है कि मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलते ही टेंडर और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं युद्धस्तर पर शुरू कर दी जाएं। सरकार का लक्ष्य है कि इन सभी परियोजनाओं को इसी वित्तीय वर्ष के भीतर पूरा कर लिया जाए, ताकि प्रयागराज की कनेक्टिविटी और बुनियादी सुविधाएं विश्वस्तरीय बन सकें।
शाजापुर में मध्यप्रदेश आशा-आशा सहयोगिनी श्रमिक संघ ने सोमवार को अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शाजापुर विधायक अरुण भीमावद को ज्ञापन देकर तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम भी ज्ञापन भेजा। संगठन का कहना है कि साल 2023 में सरकार द्वारा की गई कई घोषणाएं अब तक लागू नहीं हुई हैं, जिससे प्रदेश की करीब 84 हजार आशा एवं आशा पर्यवेक्षक कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। मानदेय वृद्धि और स्वास्थ्य बीमा की मांग संघ की जिला अध्यक्ष मोना प्रजापति ने बताया कि ज्ञापन में आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में हर साल एक हजार रुपये की बढ़ोतरी लागू करने की मांग की गई है। इसके अलावा पर्यवेक्षकों को 15 हजार रुपए मानदेय के साथ अलग से यात्रा भत्ता देने, पांच लाख रुपए का कैशलेस स्वास्थ्य व दुर्घटना बीमा करने, आकस्मिक एवं साप्ताहिक अवकाश की सुविधा देने और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के अनुसार लंबित एरियर का भुगतान करने की मांग शामिल है। गैर-विभागीय काम और वेतन कटौती का विरोध कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि आयुष्मान कार्ड बनाने सहित अन्य गैर-विभागीय कार्यों का अतिरिक्त भार उन पर न डाला जाए। इसके साथ ही हर महीने समय पर वेतन का भुगतान करने, वेतन कटौती पर रोक लगाने, ऑनलाइन पारदर्शी प्रोत्साहन राशि व्यवस्था लागू करने और रिक्त पदों पर नियुक्तियां करने की बात कही गई है। संघ ने अधिकारियों ने मनमाने ढंग से सेवा समाप्ति और अभद्र व्यवहार पर भी रोक लगाने की मांग की है। 20 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी संघ ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी इन मांगों का जल्द निराकरण नहीं किया गया, तो 20 जुलाई से भोपाल में प्रदेश स्तरीय आंदोलन शुरू किया जाएगा। कार्यकर्ताओं के मुताबिक इस आंदोलन के बाद सभी आशा और सहयोगी कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है।
चित्तौड़गढ़ जिले की बस्सी सेंचुरी में जंगल बढ़ाने के लिए इस बार पारंपरिक पौधारोपण की जगह नई तकनीक अपनाई गई है। वन विभाग ने ऐसे इलाके को चुना, जहां पहुंचना ही सबसे बड़ी चुनौती है। सेंचुरी के बिछोर नाका क्षेत्र की खड़ी पहाड़ी पर ड्रोन के जरिए हजारों सीड बॉल और अलग-अलग प्रजातियों के बीज गिराए गए हैं। उम्मीद है कि बारिश के साथ ये बीज अंकुरित होंगे और आने वाले समय में यहां फिर से हरियाली बढ़ेगी। इस पूरे अभियान का मकसद सिर्फ पेड़ लगाना नहीं, बल्कि ऐसे दुर्गम इलाकों में भी जंगल तैयार करना है, जहां अब तक पौधारोपण करना लगभग नामुमकिन माना जाता था। यह काम डीएफओ राहुल झाझरिया के निर्देशन में किया गया और वन विभाग इसे एक प्रयोग के रूप में देख रहा है, जिसके नतीजे आने वाले महीनों में सामने आएंगे। 20 हेक्टेयर क्षेत्र चुना, जहां पेड़ों की संख्या सबसे कम थी वन विभाग ने इस अभियान के लिए बस्सी सेंचुरी के बिछोर नाका का करीब 20 हेक्टेयर क्षेत्र चुना। इस हिस्से में पेड़ों की संख्या काफी कम है और प्राकृतिक रूप से हरियाली भी कमजोर हो चुकी है। विभाग का मानना है कि अगर यहां बीज सफलतापूर्वक उगते हैं तो आने वाले सालों में यह इलाका फिर से हरा-भरा हो सकता है। इस प्रोजेक्ट के तहत करीब 7 हजार सीड बॉल तैयार किए गए। इनके अलावा 20 से 25 किलो स्थानीय पौधों के बीज और 30 से 35 किलो घास के बीज भी ड्रोन के जरिए पूरे इलाके में फैलाए गए। बीजों का चयन भी स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया गया, ताकि अंकुरित होने के बाद पौधे आसानी से बढ़ सकें और जंगल का प्राकृतिक स्वरूप विकसित हो। पहले तैयार किए गए सीड बॉल, फिर बारिश शुरू होते ही शुरू हुआ अभियान बस्सी के एसीएफ यशवंत कंवर ने बताया कि इस अभियान की तैयारी कई दिन पहले शुरू कर दी गई थी। सबसे पहले मिट्टी और सूखी घास की मदद से सीड बॉल तैयार किए गए। हर बॉल के बीच में जगह छोड़ी गई ताकि बाद में उसमें बीज डाले जा सकें। बारिश का मौसम शुरू होने से पहले खैर, बेर और क्षेत्र में प्राकृतिक रूप से मिलने वाली अन्य स्थानीय प्रजातियों के बीज इन बॉल में भरकर उन्हें फिर से मिट्टी से बंद कर दिया गया। कुल मिलाकर करीब 7 हजार सीड बॉल तैयार हुए। इसके बाद 27 और 28 जून को ड्रोन की मदद से इन्हें पहाड़ियों पर गिराया गया। एक बार में ड्रोन करीब 15 से 20 किलो वजन लेकर उड़ान भरता था और पूरे इलाके में अलग-अलग स्थानों पर बीज फैलाता गया। सीड बॉल के साथ बिना बॉल वाले सामान्य बीज और घास के बीज भी डाले गए, ताकि अलग-अलग स्तर पर हरियाली विकसित हो सके। तीन स्तर पर हरियाली बढ़ाने की कोशिश, पहाड़ी पर पहुंचना भी आसान नहीं था उन्होंने बताया कि इस अभियान की योजना सिर्फ बड़े पेड़ उगाने तक सीमित नहीं है। कोशिश यह है कि जंगल की पूरी प्राकृतिक संरचना तैयार हो। यानी ऊंचे पेड़ों के साथ बीच में झाड़ियां और सबसे नीचे घास भी विकसित हो। इससे जमीन को बेहतर सुरक्षा मिलेगी और वन्यजीवों के लिए भी अनुकूल वातावरण तैयार होगा। जिस पहाड़ी पर यह काम किया गया, वहां ढलान 60 से 70 डिग्री तक है। आम लोगों का वहां पहुंचना लगभग असंभव है। वन विभाग की टीम भी ट्रैक करके बड़ी मुश्किल से ऊपर पहुंची और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। रास्ता नहीं होने के कारण टीम को खुद रास्ता बनाते हुए आगे बढ़ना पड़ा। निरीक्षण के बाद ही तय किया गया कि इस इलाके में ड्रोन के जरिए बीज डालना सबसे बेहतर विकल्प रहेगा। पहले ड्रोन से सर्वे, फिर बीजारोपण... अब सितंबर और फरवरी में होगी जांच वन विभाग ने इस अभियान को पूरी तरह वैज्ञानिक तरीके से करने की कोशिश की है। बीज डालने से पहले 27 जून को ड्रोन से पूरे क्षेत्र की फोटोग्राफी कराई गई, ताकि यह रिकॉर्ड रहे कि अभियान शुरू होने से पहले इलाके में हरियाली कितनी थी और पेड़ों की कैनोपी कितनी खुली हुई थी। अगले दिन पूरे क्षेत्र में सीड बॉल और अन्य बीजों की ड्रोन से सीडिंग कराई गई। अब विभाग सितंबर में पहली बार इस इलाके का सर्वे करेगा और देखा जाएगा कि कितने बीज अंकुरित हुए हैं और कितना असर दिखाई दे रहा है। इसके बाद फरवरी 2027 में दोबारा निरीक्षण किया जाएगा। दोनों चरणों के परिणामों की तुलना करके यह तय होगा कि ड्रोन से सीड बॉल गिराने का यह प्रयोग कितना सफल रहा। फिलहाल वन विभाग इसे जंगल बढ़ाने की नई पहल के रूप में देख रहा है। अगर रिजल्ट अच्छे रहे तो भविष्य में बस्सी सेंचुरी के अन्य दुर्गम इलाकों और दूसरे वन क्षेत्रों में भी इसी तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है।
अपनी लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे राज्य अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) सोमवार को आंदोलन के छठे दिन भी डटे रहे। लगातार हो रही बारिश के बीच शिक्षकों ने धरना स्थल नहीं छोड़ा और सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करने के लिए एक पैर पर खड़े होकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। राज्य अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) कल्याण संघ छत्तीसगढ़ के आह्वान पर 1 जुलाई से प्रदेशभर में हड़ताल चल रही है। दुर्ग में भी बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक धरने पर बैठे हैं। सोमवार को शिक्षकों ने एक पैर पर खड़े होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि वर्षों से प्रदेश के शासकीय स्कूलों में नियमित शिक्षकों की तरह सेवाएं देने के बावजूद उन्हें न तो समान वेतन मिल रहा है और न ही सेवा सुरक्षा। शिक्षा मंत्री के निवास का किया घेरावइससे पहले रविवार को आंदोलन ने और उग्र रूप ले लिया था। बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक पैदल मार्च करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के निवास पहुंचे और उनके बंगले का घेराव किया। इस दौरान शिक्षकों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कई वर्षों से वे सरकार के समक्ष अपनी समस्याएं रख रहे हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। 10 वर्षों से आदिवासी क्षेत्रों में दे रहे हैं सेवासंघ के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश के राज्य अतिथि शिक्षक पिछले करीब 10 वर्षों से दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों सहित विभिन्न शासकीय स्कूलों में विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें केवल 20 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है, वह भी साल में सिर्फ 10 महीने के लिए। जबकि नियमित शिक्षकों को समान कार्य के बदले कई गुना अधिक वेतन, सेवा सुरक्षा और अन्य शासकीय सुविधाएं मिलती हैं। शिक्षकों का कहना है कि हर नए शैक्षणिक सत्र में उन्हें दोबारा नियुक्ति का इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनके भविष्य को लेकर हमेशा असमंजस बना रहता है। उनका कहना है कि इतने कम मानदेय में परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है। इसके साथ ही ग्रीष्मकालीन अवकाश का मानदेय, नियमित अवकाश, मातृत्व एवं पितृत्व अवकाश जैसी सुविधाएं भी उन्हें नहीं मिलतीं। आश्वासन के बाद भी नहीं निकला समाधानअतिथि शिक्षकों का कहना है कि चुनाव के दौरान सरकार की ओर से संविलियन अथवा समायोजन का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन सरकार बनने के बाद भी इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी कारण प्रदेशभर के हजारों शिक्षक आंदोलन करने को मजबूर हुए हैं। धरने पर बैठे शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार उनकी प्रमुख मांगों संविलियन या समायोजन, समान कार्य के लिए समान वेतन, सेवा सुरक्षा और अन्य लंबित सुविधाओं—पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा।
नवादा में विवाहिता का शव पंखे से लटका मिला:4 साल पहले हुआ था लव मैरेज, कपड़े की दुकान पर करती थी काम
नवादा शहर के न्यू एरिया में सोमवार को एक 23 साल की विवाहित युवती का शव पंखे से लटका मिला है। मृतका की पहचान काजल कुमारी के रूप में हुई है, जो राजा बीघा की निवासी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। काजल ने चार साल पहले छोटू सिंह से प्रेम विवाह किया था, जो रूपौ का रहने वाला है। शादी के बाद से दोनों नवादा के न्यू एरिया में किराए के मकान में रह रहे थे। वे लगभग 15 दिन पहले ही रूपौ गांव से यहां शिफ्ट हुए थे। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. अब जानिए पूरी घटना…. काजल एक कपड़े की दुकान पर काम करती थी, जबकि छोटू डीजे-टेंट की दुकान चलाता है। घटना के दिन छोटू डीजे बजाने के लिए बाहर गया हुआ था। रात में लौटने पर उसने काजल का शव पंखे से लटका देखा। बताया जा रहा है कि लव मैरेज के बाद से मृतका के मायके वालों ने उससे रिश्ता तोड़ दिया था, इसके बाद से मृतका काफी परेशान रहने लगी जिससे वह डिप्रेशन में चली गई। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला - नगर थाना प्रभारी नगर थाना प्रभारी उमाशंकर सिंह के नेतृत्व में पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया है और मृतका का मोबाइल भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस तीन पहलुओं पर जांच कर रही है: आत्महत्या, हत्या की आशंका और प्रेम विवाह से जुड़ा पारिवारिक विवाद। मृतका के परिवार ने प्रेम विवाह के कारण उससे संबंध तोड़ लिए थे, इसलिए सूचना मिलने पर भी कोई सदस्य मौके पर नहीं पहुंचा। वहीं, छोटू के पिता पारस सिंह ने बताया कि वे दोनों की खुशी में शामिल थे और बगल में ही रहते थे। मौत का सही कारण साफ़ नहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे मौत का सही कारण स्पष्ट हो सकेगा। मृतक की दरवाजा अंदर से बंद था और उसे तोड़कर पुलिस ने अंदर से बाहर निकाला है।
कटिहार में मद्य निषेध विभाग की टीम ने सोमवार, 6 जुलाई को बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शराब तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की गई है। गुप्त सूचना पर हुई छापेमारी जानकारी के अनुसार, विभाग को सूचना मिली थी कि मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के ताजगंज फंसिया इलाके में अवैध रूप से विदेशी शराब की तस्करी की जा रही है। सूचना के सत्यापन के बाद मद्य निषेध टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की और मौके से पप्पू कुमार मंडल को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 34.500 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई। शराबबंदी कानून के तहत कार्रवाई अधिकारियों ने बताया कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है और इसके उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी की जा रही है। अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद शराब कहां से लाई गई थी और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। इस मामले में अन्य तस्करों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। कटिहार प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि अवैध शराब से जुड़ी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या मद्य निषेध विभाग को दें, ताकि शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू किया जा सके।
पानीपत जिले के समालखा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव चुलकाना में पुरानी रंजिश या किसी आपसी कहासुनी को लेकर एक ही परिवार पर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। दबंगों ने एक करियाणा दुकान को निशाना बनाते हुए महज आधे घंटे के भीतर दो बार धावा बोला। आरोपियों ने दुकान के अंदर घुसकर लाठी-डंडों, लकड़ी के खुट्टे और लोहे की रॉड से हमला कर एक ही परिवार के चार लोगों को लहूलुहान कर दिया। शोर सुनकर जब ग्रामीण मौके पर एकत्र होने लगे, तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। चुलकाना पुलिस चौकी ने पीड़ित की शिकायत पर नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहली बार आए तो गाली-गलौज कर दी देख लेने की धमकी चुलकाना पुलिस चौकी को दी गई लिखित शिकायत में गांव चुलकाना निवासी दीपक ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ गांव में ही रहता है। 2 जुलाई की शाम करीब 4 बजे वह अपने परिवार के साथ दुकान पर मौजूद था। इसी दौरान गांव का ही राजू, ललित और विजय उनकी दुकान पर आए। आते ही आरोपियों ने दुकान पर बैठे दीपक के चाचा के लड़के रमन को घेर लिया। आरोपियों ने रमन के साथ बिना किसी बात के मारपीट शुरू कर दी और गंदी-गंदी गालियां देते हुए आगे से देख लेने की धमकी दी। इसके बाद आरोपी वहां से चले गए। आधे घंटे बाद फिर हथियारों से लैस होकर आए 6-7 बदमाश, दुकान में घुसे पीड़ित दीपक ने बताया कि इस घटना के ठीक आधे घंटे बाद आरोपी राजू एक सोची-समझी साजिश के तहत अपने साथ भारी संख्या में साथियों को लेकर वापस आ गया। इस बार उसके साथ सचिन, आकाश और अन्य 2-3 अज्ञात साथी भी शामिल थे, जो हाथों में लाठी-डंडे और लोहे की रॉड (सरिया) लिए हुए थे। सभी आरोपी जबरन दुकान के अंदर घुस गए और वहां मौजूद दीपक, उसके पिता रणधीर, उसके चाचा और भाई रमन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। सिर पर किया लकड़ी के खुट्टे और रॉड से वार, रास्ता रोककर पीटा हमले के दौरान मुख्य आरोपी राजू ने अपने हाथ में लिए हुए एक भारी-भरकम लकड़ी के खुट्टे (पशु बांधने वाला डंडा) से सीधे रमन के सिर पर जोरदार वार कर दिया, जिससे रमन का सिर फट गया और वह लहूलुहान हो गया। इसी बीच आरोपी सचिन ने लोहे की रॉड से रमन और परिवार के अन्य सदस्यों पर कई वार किए। बाकी आरोपियों ने लाठी-डंडों से पूरे परिवार को बेरहमी से पीटा। जब पीड़ित अपनी जान बचाने के लिए दुकान से बाहर भागने लगे, तो आरोपियों ने उन्हें चारों तरफ से घेरकर उनका रास्ता रोक लिया और दोबारा बुरी तरह पीटा। ग्रामीणों को इकट्ठा होते देख हथियार लहराते हुए भागे आरोपी दुकान के अंदर मचे इस खूनी संघर्ष और पीड़ितों के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और दुकानदार भारी संख्या में मौके की तरफ दौड़ पड़े। लोगों की भारी भीड़ को अपनी तरफ आता देख आरोपी घबरा गए। वे ग्रामीणों को देखकर अपने हाथों में लिए हथियार लहराते हुए और पीड़ितों को जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से भाग खड़े हुए। परिजनों ने तुरंत लहूलुहान रमन और अन्य घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। चुलकाना चौकी पुलिस ने दीपक की शिकायत के आधार पर आरोपी राजू, ललित, विजय, सचिन, आकाश और उनके अन्य साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
भीलवाड़ा के दाता कला गांव में बीती रात तीन बदमाशों ने लूट की नीयत से एक घर में घुसकर चौक में सो रहे वृद्ध दंपती पर हमला कर दिया। बदमाश महिला के गले में पहनी रामनामी लूटकर फरार हो गए। विरोध करने पर बदमाशों ने लट्ठ व अन्य हथियारों से हमला कर वृद्ध को गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के दौरान बदमाशों ने कमरे में सो रहे बेटे के कमरे की बाहर से कुंडी भी बंद कर दी, जिससे वह बाहर निकलकर माता-पिता का बचा नहीं सके। बुजुर्ग दंपति से की मारपीट मामला मांडल थाना क्षेत्र का है,यहां दाता कला निवासी बालूलाल जाट (65) अपनी पत्नी रामू देवी (60) के साथ घर के चौक में सो रहे थे। देर रात तीन अज्ञात बदमाश घर में घुसे और रामू देवी के गले में पहनी रामनामी लूटकर भागने लगे। इसी दौरान बालूलाल की नींद खुल गई। उन्होंने शोर मचाया तो बदमाशों ने लट्ठ व अन्य हथियारों से उन पर हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आई रामू देवी के साथ भी मारपीट की गई। बेटे के कमरे की बाहर से कुंडी लगा दी घटना के दौरान कमरे में सो रहे पुत्र ओमप्रकाश के कमरे की बदमाशों ने बाहर से कुंडी बंद कर दी, जिससे वह बाहर नहीं निकल सका और माता-पिता को बचाने में असमर्थ रहा। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग जागने लगे तो तीनों बदमाश रामनामी लेकर मौके से फरार हो गए। जांच में जुटी पुलिस पीड़ित परिवार की ओर से मांडल थाने में दी गई लिखित रिपोर्ट में तीन अज्ञात बदमाशों के खिलाफ घर में घुसकर लूट और मारपीट का मामला दर्ज कराया गया है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा आसपास के लोगों से पूछताछ कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। घायल दंपत्ति का अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। इनपुट क्रेडिट: जितेंद्र सिंह गौड़, मांडल
राम जन्मभूमि चढ़ावा विवाद पर लखनऊ खंडपीठ का फैसला:जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई नहीं
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे के कथित गबन मामले की जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। न्यायालय ने सोमवार को यह आदेश दिया, जिसमें कहा गया कि इसी विषय पर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका पहले से विचाराधीन है। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने यह आदेश मोहित अशोक द्वारा दायर याचिका पर दिया। याचिका में राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए धन के कथित गबन की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई थी। इसके साथ ही, पूरे मामले का भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) से ऑडिट कराने का भी अनुरोध किया गया था।
गोरखपुर की एक महिला को कोलकाता ले जाकर 2 हफ्ते तक रेप करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। महिला 3 बच्चों की मां है। आरोपी ने उसे पति का एक्सीडेंट बताकर अपने जाल में फंसाया। इलाज करवाने के नाम पर गहने मंगवाएं और रास्ते में नशीला पदार्थ पिलाकर अपने साथ लेकर चला गया। पीड़िता जब होश में आई तो खुद को एक कमरे में बंद पाई। पीड़िता के अनुसार दो हफ्ते बाद आरोपी घर पहुंचाने के नाम पर फिर उसे सहजनवां लाकर एक होटल में बंद कर दिया। वहीं से किसी तरह उसने पति से संपर्क किया। मामले में शनिवार की रात 8 बजे गिरफ्तारी हुई और रविवार दोपहर 2 बजे कोर्ट में पेश कर आरोपी को जेल भेज दिया गया। पीपीगंज थाने की पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है। जानिए पूरा मामला… गोरखपुर के पीपीगंज थाना क्षेत्र के जंगल कौड़िया चौकी अंतर्गत एक गांव की रहने वाली 35 साल की महिला को पति के दोस्त शैलेश यादव ने अपने जाल में फंसाया। वह चिलुआताल थाना क्षेत्र का रहने वाला है। 19 जून को पीपगंज थाने में दी गई तहरीर में पीड़िता ने बताया कि बगल की गांव में रहने वाले पति के दोस्त 29 मई की देर शाम उसके घर आया। वहां पहुंच कर उसने बताया कि महिला की पति का मनीराम में भयंकर एक्सीडेंट हो गया है। पास के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती हैं। महिला को जल्द से जल्द वहां पहुंचना होगा। आरोपी की बात सुनकर महिला घबरा गई। वह रोने लगी। समझ नहीं आया कि क्या करना है। फिर आरोपी जैसा- जैसा कहते गया, महिला वैसा- वैसा करते गई। महिला के अनुसार, आरोपी ने कहा कि पति को गंभीर चोट लगी है। इलाज में बहुत खर्च लगेगा। इसलिए घर में गहने साथ ले ले। आरोपी ने महिला को नशीला पदार्थ पिलाया उसकी बातों पर विश्वास कर पीड़िता ने सोने-चांदी के गहने अपने साथ रख लिए और उसके साथ निकल गई। महिला रास्ते भर रोती रही। इसी का फायदा उठाकर आरोपी ने महेसरा पुल के नीचे पानी पिलाने के बहाने आरोपी ने उसे नशीला पदार्थ पिला दिया। महिला के अनुसार, पानी पीने के बाद वह बेहोश गई। इसके बीच में क्या हुआ उसे कुछ पता नहीं चला। होश आने पर पता चला कि वह कोलकाता के किसी अज्ञात स्थान पर एक कमरे में बंद है। आरोप है कि बेहोशी की हालत में आरोपी ने उसके साथ दो सप्ताह तक बार-बार संबंध बनाए। सहजनवां के होटल में भी किया शोषणबाद में उसे घर पहुंचाने की बात कहकर गोरखपुर के सहजनवां स्थित एक होटल में रखा, जहां फिर से यौन शोषण किया गया। इसी दौरान महिला किसी तरह अपने पति से संपर्क किया। पूरी आपबीती बताई। जिसके बाद पति होटल के सामने पहुंचे और महिला को वहां से अपने साथ ले गए। बेचने की कोशिश की महिला ने यह भी आरोप लगाया कि पति के दोस्त ने उसे बेचने की भी कोशिश की। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी और मारपीट की। जानकारी के मुताबिक महिला तीन बच्चों की मां है। घर से अचानक गायब हो जाने पर पहले इस मामले में पति ने गुमशुदगी की FIR दर्ज कराई थी। पत्नी के मिल जाने पर दूसरी तहरीर दी गई। जिसके आधार पर पुलिस ने खोजबीन शुरू किया और शनिवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। रविवार को कोर्ट में पेश उसे जेल भेजा गया है। जानकारी देते हुए सीओ कैंपियरगंज अनुराग कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जालंधर के व्यस्त क्षेत्र मेन रैणक बाजार में स्थित सरकारी हाई स्मार्ट स्कूल के बाहर से 5वीं कक्षा की एक 12 वर्षीय छात्रा संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गई है। यह घटना तब हुई जब बच्ची अपने अन्य साथियों के साथ स्कूल के लिए घर से निकली थी, लेकिन वह स्कूल के अंदर प्रवेश नहीं कर सकी। बच्ची के अचानक गायब होने से पूरे इलाके और स्कूल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है और आसपास के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है। घर से स्कूल के लिए निकले थे 4 बच्चेमामले की जानकारी देते हुए पीड़ित बच्ची की मां पूजा देवी ने बताया कि रोज की तरह उनके मोहल्ले से बच्चे स्कूल के लिए रवाना हुए थे। अली मोहल्ले से कुल 4 बच्चे एक साथ घर से स्कूल के लिए निकले थे। इनमें से 3 बच्चे तो सुरक्षित तरीके से स्कूल की बिल्डिंग के अंदर चले गए, लेकिन उनकी 12 वर्षीय बेटी सोनी कुमारी अचानक रास्ते से ही गायब हो गई। जब काफी देर तक बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। स्कूल प्रशासन का बयानपरेशान परिजनों ने तुरंत स्कूल पहुंचकर वहां के स्टाफ और प्रशासन से बच्ची के बारे में पूछताछ की। इस पर स्कूल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बच्ची आज स्कूल पहुंची ही नहीं थी। हाजिरी के दौरान भी वह अनुपस्थित पाई गई। स्कूल प्रबंधन के इस जवाब के बाद परिजनों के होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत इस पूरे मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी। सीसीटीवी में कैद हुई संदिग्ध गतिविधि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस जांच अधिकारी एएसआई (ASI) राजकुमार ने बताया कि प्राथमिक जांच और मिली जानकारी के अनुसार, अली मोहल्ले से चार बच्चे स्कूल आ रहे थे। इस दौरान 3 बच्चे स्कूल के मुख्य गेट के अंदर चले गए, जबकि 5वीं कक्षा की छात्रा सोनी कुमारी गेट के अंदर दाखिल नहीं हुई। शुरुआती जांच में यह बात सामने आ रही है कि बच्ची स्कूल के गेट के पास से ही अचानक पीछे की तरफ मुड़ गई। पुलिस कर रही है मामले की जांचएएसआई राजकुमार के मुताबिक, पुलिस ने पीड़ित बच्ची की मां पूजा देवी के बयान दर्ज कर लिए हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब स्कूल के आसपास और रैणक बाजार के रास्तों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बारीकी से चैक कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गेट से पीछे मुड़ने के बाद बच्ची किस दिशा में और किसके साथ गई। पुलिस प्रशासन और पीड़ित परिवार दोनों के बयानों के आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
ऑपरेशन के बाद बच्ची कोमा में गई:परिजनों ने DM से शिकायत की, CMO जांच करने हॉस्पिटल पहुंचे
रायबरेली में शाश्वत नर्सिंग होम में इलाज के दौरान एक 10 वर्षीय बच्ची कोमा में चली गई है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं और जिलाधिकारी से शिकायत की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) जांच के लिए अस्पताल पहुंचे हैं। पीड़ित पिता शरद कुमार सिंह के अनुसार, उन्होंने अपनी 10 वर्षीय बेटी शिवानी सिंह को 29 जून 2026 को शाश्वत नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। अगले दिन, 30 जून 2026 की सुबह ऑपरेशन के दौरान बच्ची जोर-जोर से चीखने-चिल्लाने लगी। इसके बावजूद उसे बिना स्ट्रेचर के बाहर लाकर परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों का आरोप है कि बच्ची की नाक से खून बह रहा था, जिसे अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारियों ने पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। चीखने पर बच्ची को एक इंजेक्शन दिया गया, जिसके बाद वह तुरंत बेहोश हो गई और उसकी धड़कन रुक गई। अस्पताल में ऑक्सीजन की व्यवस्था और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं का अभाव बताया गया है। परिजनों ने स्वयं वेंटिलेटर युक्त एम्बुलेंस का प्रबंध कर बच्ची को लखनऊ के अपोलो अस्पताल पहुंचाया, जहां वह वर्तमान में कोमा में है। डॉक्टरों ने उसे 'ब्रेन डैमेज' बताया है। शरद कुमार सिंह ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर अस्पताल के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
इंदौर के सबसे व्यस्त यातायात मार्गों में शामिल सत्यसाई चौराहे पर निर्माणाधीन 6-लेन फ्लायओवर अब लोगों के लिए सुविधा से ज्यादा परेशानी का कारण बनता जा रहा है। मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPRDC) की देखरेख में 62 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे इस फ्लायओवर की निर्धारित समय सीमा मार्च 2026 में समाप्त हो चुकी है, लेकिन तीन महीने से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद प्रोजेक्ट का केवल 40% का ही पूरा हो सका है। निर्माण काम की धीमी गति और एजेंसी की लापरवाही के चलते पूरा चौराहा गहरे गड्ढों, कीचड़ और निर्माण सामग्री के मलबे से अटा पड़ा है। इसका खामियाजा रोजाना हजारों वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है। बारिश ने बढ़ाई परेशानी, सड़कें बनी खतरे का कारण देवास नाका से विजयनगर की ओर जाने वाले मार्ग पर कई बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बारिश का पानी भरने से वाहन चालकों को उनकी गहराई का अंदाजा तक नहीं लग पाता। सत्यसाई स्कूल के समीप सड़क की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों का संतुलन बिगड़ने का खतरा बना रहता है। वहीं, एबी रोड से बसंत विहार कॉलोनी की ओर जाने वाले मार्ग पर 15 से 20 फीट लंबे और करीब दो फीट गहरे गड्ढे लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। सड़क पर फैली गिट्टी और निर्माण सामग्री के कारण वाहन फिसल रहे हैं और कीचड़ में फंस रहे हैं। कई स्थानों पर चैंबर के ढक्कन धंस जाने से दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। गर्डर लॉन्चिंग पूरी, फिर भी बंद पड़े रास्ते फ्लायओवर की गर्डर लॉन्चिंग का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद सर्विस रोड का बड़ा हिस्सा अब भी बैरिकेड्स से घिरा हुआ है। यदि निर्माण एजेंसी समय पर सड़क सुधार कर बैरिकेड्स हटा देती तो यातायात के लिए अतिरिक्त जगह उपलब्ध हो सकती थी और जाम की समस्या काफी हद तक कम हो जाती। स्थिति यह है कि विजयनगर से देवास नाका की ओर जाने वाले संकरे मार्ग पर दुकानदारों द्वारा सड़क किनारे पार्किंग कराए जाने से यातायात और अधिक प्रभावित हो रहा है। अधिकारियों के दावे और जमीनी हकीकत में फर्क एमपीआरडीसी अधिकारियों ने अप्रैल माह में बारिश से पहले सर्विस रोड को कांक्रीट से डेवलप कर मार्ग चौड़ा करने के निर्देश निर्माण एजेंसी को दिए थे। साथ ही सड़क की मरम्मत का दावा भी किया गया था। हालांकि मौके की स्थिति इन दावों की पोल खोल रही है। न तो सर्विस रोड का कार्य पूरा हुआ और न ही क्षतिग्रस्त सड़कों की प्रभावी मरम्मत की गई। 60% काम अब भी बाकी 15 मार्च 2024 को शुरू हुए इस महत्वाकांक्षी फ्लायओवर प्रोजेक्ट की लागत 62 करोड़ रुपए है। मार्च 2026 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन वर्तमान में करीब 60% काम अभी भी अधूरा है। ऐसे में शहरवासियों को आशंका है कि परियोजना के पूरा होने में अभी और लंबा समय लग सकता है।
हिरवाह में 63 लीटर अवैध शराब जब्त:दुकान से बेचे जाने की मिली थी शिकायत, आरोपी हुए फरार
सिंगरौली जिले के बैढ़न थाना क्षेत्र के हिरवाह गांव में पुलिस ने आज सोमवार को एक सामाजिक संगठन की सूचना पर कार्रवाई करते हुए 63 लीटर अवैध शराब जब्त की है। हालांकि, मौके से कोई आरोपी नहीं मिला। पुलिस ने दुकान संचालक के खिलाफ अवैध शराब बेचने का मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सामाजिक संगठन के अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने बताया कि गांव के एक तिराहे पर स्थित दुकान में लंबे समय से अवैध रूप से शराब बेची जा रही थी। इस कारण वहां शराबियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता था, जिससे ग्रामीणों को परेशानी हो रही थी। गुप्ता ने आरोप लगाया कि इस संबंध में पुलिस को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद संगठन को दुकान में भारी मात्रा में अवैध शराब होने की जानकारी मिली। सूचना की पुष्टि होने पर संगठन के सदस्यों ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तलाशी ली और 63 लीटर विभिन्न ब्रांडों की अवैध शराब बरामद कर जब्त कर ली। बैढ़न थाना प्रभारी अशोक सिंह परिहार ने पुष्टि की कि हिरवाह गांव में कार्रवाई के दौरान 63 लीटर अवैध शराब जब्त की गई है। उन्होंने बताया कि मौके पर कोई आरोपी नहीं मिला, लेकिन दुकान संचालक की पहचान कर उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश जारी है। ग्रामीणों ने अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई जारी रखने और ऐसे मामलों में लगातार निगरानी रखने की मांग की है।
मेरठ की भोला झाल में युवक की डूबने से मौत:चार बच्चों का पिता दोस्तों संग नहाने गया था;
मेरठ के जानी थाना क्षेत्र की भोला झाल में रविवार शाम एक 25 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई। युवक की पहचान लिसाड़ी गेट के तारापुरी निवासी समीर पुत्र बाबू के रूप में हुई है। समीर अपने पीछे चार बच्चों को छोड़ गया है। समीर स्क्रैप का कारोबार करता था। रविवार शाम वह अपने कुछ दोस्तों के साथ जानी क्षेत्र स्थित भोला झाल में नहाने गया था। बताया जा रहा है कि नहाने से पहले सभी दोस्तों ने शराब पी थी। इसी दौरान समीर गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। दोस्तों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके। सूचना मिलने पर जानी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने समीर के साथ मौजूद दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद समीर का शव उसके घर पहुंचा। मृतक अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और तीन बेटियों को छोड़ गया है। सबसे छोटी बेटी की उम्र महज दो महीने है। परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य होने के कारण परिवार पर आर्थिक संकट आ गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में नहाने के दौरान डूबने से मौत की बात सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह हादसा नहरों और झालों में लापरवाही से नहाने के खतरों को फिर से उजागर करता है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने कहा कि बिना किसी ठोस कारण के जांच और चार्जशीट में 6 साल से अधिक की देरी करना आरोपी को प्रताड़ित करने जैसा है। यह संविधान के आर्टिकल 21 के तहत मिलने वाले जल्द सुनवाई के अधिकार का सीधा उल्लंघन है। इस टिप्पणी के साथ ही डिवीजन बेंच ने मीडिया कर्मी के खिलाफ दर्ज एफआईआर और चार्जशीट को निरस्त कर दिया है। जानिए क्या है पूरा मामला ? बिलासपुर के सिरगिट्टी निवासी याचिकाकर्ता कैलाश यादव निजी चैनल में वीडियो जर्नलिस्ट का काम करता है। साल 2018 में पुलिसकर्मियों का आंदोलन चल रहा था। इस दौरान 20 जून 2018 को पुलिस अफसरों ने आंदोलनकारी पुलिसकर्मियों की पत्नी को महिला थाने में बैठा लिया था। उन्हें बिना वजह हिरासत में रखे जाने की खबर मिलने पर श्रिया अपनी टीम के साथ पड़ताल करने के लिए देर रात महिला थाना पहुंचा था। पुलिसकर्मियों ने किया मिसबिहेव, FIR भी दर्ज आरोप है कि जब उन्होंने पुलिस से इस मामले में जानकारी मांगी, तो पुलिसकर्मियों ने सहयोग करने के बजाय उनके साथ मिसबिहेव किया। बाद में पुलिस ने उनके खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने (धारा 186, 353), मारपीट (धारा 323) और मिलीभगत (धारा 34) के तहत झूठा केस दर्ज कर दिया था। न्याय के लिए हाईकोर्ट में लगाई याचिका पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ कैलाश यादव ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी। इस मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि घटना 2018 की है, जबकि पुलिस ने चार्जशीट नवंबर 2024 में पेश की। इस 6 साल की लंबी देरी का पुलिस विभाग के पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं था। हाईकोर्ट बोला- याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई सबूत नहीं सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसले में हाईकोर्ट ने कहा कि केस डायरी और चार्जशीट देखने से साफ है कि पूरा मामला सिर्फ पुलिसकर्मियों और उनके जुड़े हुए गवाहों के बयानों पर टिका है, मौके पर कोई भी स्वतंत्र गवाह मौजूद नहीं था। बयानों में काफी विरोध है और याचिकाकर्ता के खिलाफ किसी भी अपराध का कोई सीधा सबूत नहीं मिला है। ऐसे में मामले को आगे बढ़ाना कानून का गलत इस्तेमाल माना जाएगा
कैमूर के भभुआ सदर अस्पताल में अब हड्डी की जटिल सर्जरी संभव हो गई है। अस्पताल में अत्याधुनिक सी-आर्म मशीन स्थापित की गई है, जिससे गंभीर हड्डी रोग से पीड़ित मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। पहले इन मरीजों को इलाज के लिए वाराणसी या पटना के बड़े अस्पतालों में जाना पड़ता था, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होता था। लाइव स्कैन पर हड्डियों की स्थिति देखकर सटीक ऑपरेशन अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों के अनुसार, यह सी-आर्म मशीन ऑर्थोपेडिक सर्जनों को लाइव स्कैन पर हड्डियों की स्थिति देखकर सटीक ऑपरेशन करने में मदद करेगी। जहां पहले केवल प्लास्टर या फ्रैक्चर का सामान्य इलाज होता था, वहीं अब रॉड, प्लेट और स्क्रू लगाने जैसी जटिल सर्जरी भी स्थानीय स्तर पर कम समय में आसानी से की जा सकेंगी। ऑपरेशन अधिक सटीक, सुरक्षित और सफल होंगे इस लाइव इमेजिंग तकनीक की सहायता से ऑपरेशन अधिक सटीक, सुरक्षित और सफल होंगे। इससे मरीजों के जल्द स्वस्थ होने की संभावना काफी बढ़ जाएगी। यह सुविधा जिले के स्वास्थ्य ढांचे में एक महत्वपूर्ण सुधार है। कैमूर के डीपीएम ऋषिकेश जायसवाल ने बताया कि इस अत्याधुनिक मशीन के अभाव में पहले कई महत्वपूर्ण ऑपरेशन नहीं हो पाते थे। उन्होंने पुष्टि की कि अब विशेषज्ञ डॉक्टर और मशीन दोनों उपलब्ध हैं, और जल्द ही नियमित रूप से हड्डी के जटिल ऑपरेशन शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। स्वास्थ्य विभाग की यह पहल गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को महंगे इलाज और रेफरल के झंझट से मुक्ति दिलाएगी।
ललितपुर में आकाशीय बिजली से दो किसानों की मौत:18 घंटे बाद भी पंचनामा न होने पर परिजनों में आक्रोश
ललितपुर में रविवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला समेत दो किसानों की मौत हो गई। घटना के 18 घंटे बीत जाने के बाद भी सोमवार दोपहर 12:30 बजे तक पुलिस ने शवों का पंचनामा नहीं भरा, जिससे मृतकों के परिजनों में गहरा आक्रोश है। पहला मामला बानपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पाह के मजरा हंसगा का है। यहां 55 वर्षीय किस्सू कुशवाहा पुत्र रामलाल रविवार शाम करीब 5 बजे खेत से दवा छिड़ककर घर लौट रहे थे। खेत की मेड़ पर पहुंचते ही उन पर बिजली गिर गई। परिजन उन्हें शाम 7 बजे मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव को मोर्चरी में रखवाकर कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई थी। सूचना दिए जाने के 15 घंटे बाद भी सोमवार दोपहर 12 बजे तक पुलिसकर्मी पंचनामा भरने नहीं पहुंचे। हैरानी की बात यह है कि कोतवाली से मोर्चरी की दूरी मात्र 300 मीटर है। मृतक के परिजन सोमवार सुबह 8 बजे कोतवाली भी गए थे, जहां उन्हें 'अभी आ रहे हैं' कहकर टाल दिया गया। दूसरी घटना ग्राम अडवाहा के मजरा प्रतापपुरा में रविवार दोपहर 3:30 बजे हुई। यहां 43 वर्षीय पार्वती कुशवाहा पत्नी स्वर्गीय हरनारायण खेत पर चिरौल के पेड़ के नीचे बंधी भैंस को खोलने गई थीं। भैंस खोलते समय उन पर आकाशीय बिजली गिरी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजन शव को लेकर शाम 4 बजे ललितपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां भी शव को मोर्चरी में रखवाकर कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई थी। हालांकि, 18 घंटे बीत जाने के बाद भी सोमवार दोपहर 12:30 बजे तक पंचनामा भरने के लिए कोई पुलिसकर्मी नहीं पहुंचा।
अलवर शहर के सेटेलाइट हॉस्पिटल में सोमवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। अस्पताल के ओपीडी रूम नंबर-7 में मरीज देखते समय अचानक छत का मोटा प्लास्टर और पंखा भरभराकर नीचे गिर गया। हादसे में सीनियर डॉक्टर सीताराम अग्रवाल और जांच कराने आई एक महिला मरीज गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। दोनों किसी तरह कमरे से बाहर निकले, जहां मौजूद डॉक्टरों और स्टाफ ने तत्काल प्राथमिक उपचार शुरू किया। घायल सीनियर डॉक्टर सीताराम अग्रवाल ने बताया कि सुबह करीब साढ़े 10 बजे वह एक महिला मरीज की जांच कर रहे थे। इसी दौरान अचानक छत से मोटा प्लास्टर और पंखा उनके ऊपर आ गिरा। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद वह और मरीज बड़ी मुश्किल से कमरे से बाहर निकल पाए। डॉक्टर के सिर फट गया, जिसके कारण कई टांके लगाने पड़े। पीएमओ डॉ. प्रमीला मीणा ने बताया कि हादसे के समय 25 वर्षीय टीना नाम की महिला मरीज भी कमरे में मौजूद थी। वह थायरॉयड की जांच कराने आई थी। टीना मूल रूप से लक्ष्मणगढ़ की रहने वाली है और वर्तमान में कालाकुआं क्षेत्र में रहती है। हादसे में उसकी नाक पर गंभीर चोट आई, जहां तीन टांके लगे हैं। इसके अलावा उसके दाहिने हाथ और दाहिने पैर में भी गंभीर चोट आई है। प्राथमिक इलाज के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जबकि डॉक्टर सीताराम अग्रवाल का इलाज अस्पताल में ही जारी है। डॉ. प्रमीला मीणा ने बताया कि अस्पताल भवन की जर्जर स्थिति को लेकर पिछले करीब 10 महीनों से सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को लगातार पत्र लिखे जा रहे हैं। करीब चार महीने पहले मरम्मत कार्य के लिए लगभग 15.5 लाख रुपये की राशि भी स्वीकृत कराकर विभाग को भेज दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद मरम्मत नहीं कराई गई। उनका कहना है कि समय रहते मरम्मत होती तो यह हादसा टाला जा सकता था। हादसे के बाद पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मौके पर पहुंचकर भवन का निरीक्षण कर रहे हैं।
भोजपुर में बिहिया-बिहटा स्टेट हाईवे पर तेज रफ्तार ट्रैक्टर पलट गई। गाड़ी के नीचे दबने से ड्राइवर की मौत हो गई। मृतक की पहचान इमादपुर के बिहटा गांव वार्ड-12 निवासी विजय बैठा के पुत्र सोनू कुमार बैठा(36) के तौर पर हुई है। घटना सिकरहटा स्थित दरगाह के पास की है। मृतक के चचेरे भाई प्रमोद कुमार ने बताया कि सोमवार की सुबह बालू अनलोड करने के लिए गया था। वापस लौटते समय रास्ते में विपरीत दिशा से आ रहे ट्रक वाले ने उन्हें चकमा दे दिया। जिसके कारण उनका संतुलन बिगड़ गया। गाड़ी अनियंत्रित होकर चार्ट में पलट गई। हादसे में उनकी जान चली गई। जांच में जुटी पुलिस हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। सदर अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करवाया। मामले की छानबीन की जा रही है। मृतक के परिवार में मां चुटिया देवी, पत्नी इंदू देवी, दो पुत्री सुषमा, आरती और पुत्र ऋषभ राज है। मौत के बाद परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने साल 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की इंप्रूवमेंट और कंपार्टमेंट परीक्षाओं की तिथियां घोषित कर दी हैं। ये परीक्षाएं 28 जुलाई को निर्धारित परीक्षा केंद्र बीएन इंटर कॉलेज में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की जाएंगी। हाईस्कूल इंप्रूवमेंट एवं कंपार्टमेंट परीक्षा पहली पाली में सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक होगी। वहीं, इंटरमीडिएट कंपार्टमेंट परीक्षा दूसरी पाली में दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक कौस्तुभ कुमार सिंह ने बताया कि परीक्षा की सभी तैयारियां समय पर पूरी की जा रही हैं। परीक्षा केंद्र पर केवल परीक्षार्थियों, केंद्र व्यवस्थापक, शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को ही प्रवेश मिलेगा। किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। परीक्षा शुरू होने से पहले और समाप्त होने के बाद केंद्र के बाहर अनावश्यक भीड़ जमा नहीं होने दी जाएगी। परीक्षा कक्षों में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। सभी कमरों में वॉयस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे और राउटर सक्रिय रखे जाएंगे। प्रश्नपत्रों को मुख्य परीक्षा की तरह डबल लॉक वाली स्ट्रांग रूम अलमारी में सुरक्षित रखा जाएगा। प्रश्नपत्रों के पैकेट केंद्र व्यवस्थापक, बाह्य केंद्र व्यवस्थापक और स्टेटिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में सीसीटीवी निगरानी के तहत ही खोले और वितरित किए जाएंगे। यूपी बोर्ड ने सभी जिलों को परीक्षा संबंधी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने और परीक्षाओं को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण तथा पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं।
महापौर के पैर तक छुए, लेकिन सीवर लाइन नहीं मिली। मेरी फाइलें फाड़ दी जाती हैं…। यह आरोप वार्ड-38 जूही हमीरपुर रोड के भाजपा पार्षद हरि स्वरूप तिवारी का है। उनके घर के बाहर ही मैनहोल का गंदा पानी रास्ते पर बहता मिला और सड़क उखड़ी हुई दिखाई दी। बारादेवी मंदिर तक जाने वाले रास्तों पर कीचड़ फैला है। वार्ड की नालियां बजबजा रही हैं। पेयजल संकट है। सड़कें खराब हैं। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। पार्षद का कहना है कि वे लगातार समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उन्हें सहयोग नहीं मिल रहा। दैनिक भास्कर के कैमरे के सामने लोगों ने भी अपनी बात खुलकर रखी। कहा कि वर्षों से सीवर लाइन, नियमित जलापूर्ति और साफ-सफाई से जुड़ी बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं हो सका है। यह वार्ड आस्था का बड़ा केंद्र है। यहीं सिद्धपीठ बारादेवी मंदिर है, जहां हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। लेकिन मंदिर तक जाने वाला रास्ता भी कीचड़ से सना है। कोई सुनवाई नहीं हो रही। दैनिक भास्कर वार्ड परिक्रमा अभियान चला रहा है। इस कड़ी में वार्ड-38 का जायजा लिया गया... पार्षद के घर के बाहर ही सड़क पर मैनहोल का गंदा पानी बहता मिला। जलकल का पानी न आने से सार्वजनिक पानी की टंकी पर लोगों की भीड़ लगी रही। बारादेवी मंदिर के पीछे जाने वाले रास्तों पर कीचड़ और गंदगी का कब्जा नजर आया, जबकि लुधौरा समेत कई इलाकों में बजबजाती नालियां और टूटी सड़कें लोगों की परेशानी बढ़ाती दिखीं। पहले ये नजारा देखिए... पार्षद के घर के बाहर रास्ते पर बह रहा गंदा पानी वार्ड की सबसे खराब तस्वीर कछियाना मोहाल में सामने आई, जहां भाजपा पार्षद हरि स्वरूप तिवारी का निवास है। उनके घर के सामने ही मैनहोल का गंदा पानी सड़क पर बहता मिला, जबकि सड़क भी पूरी तरह उखड़ी हुई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पार्षद के घर के बाहर ही यह हाल है तो बाकी वार्ड की स्थिति और खराब होगी। आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि वर्षों से सड़क और नाले की समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। बजबजाती नालियां और सीवर लाइन का इंतजार लक्ष्मणपुरवा, लुधौरा, नटवनटोला और बारादेवी मंदिर क्षेत्र में कई जगह नालियां गंदगी से भरी मिलीं। कई स्थानों पर नालियों का पानी सड़क पर बह रहा था और सड़कें भी जर्जर हालत में थीं। लोगों का कहना है कि वार्ड के कई हिस्सों में आज तक सीवर लाइन नहीं बिछी है। गंदे पानी की निकासी नालियों के भरोसे है, जिससे जलभराव और गंदगी की समस्या लगातार बनी रहती है। वार्ड की बड़ी समस्याएं सीवर लाइन का अभाव: कई मोहल्लों में आज भी सीवर लाइन नहीं है, जिससे गंदे पानी की निकासी प्रभावित रहती है। पेयजल संकट: जलकल की लाइन से नियमित पानी नहीं आता, लोग सार्वजनिक टंकियों और सबमर्सिबल पर निर्भर हैं। टूटी सड़कें और जलभराव: सड़कें उखड़ी हुई हैं और बरसात में कई स्थानों पर पानी भर जाता है। गंदगी और बजबजाती नालियां: नियमित सफाई नहीं होने से नालियां ओवरफ्लो रहती हैं और कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। बारादेवी मंदिर परिसर की बदहाली: मंदिर के आसपास कीचड़, गंदगी और खराब रास्तों के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। लोग बोले- पानी और सीवर व्यवस्था नहीं पप्पू बाजपेई ने बताया कि पार्षद के घर के सामने ही नाला बह रहा है और सड़क टूटी हुई है। उनका कहना है कि पार्षद खुद फंड न मिलने की बात कहते हैं। अन्नपूर्णा बाजपेई, अमित और वीरेंद्र कुमार तिवारी ने कहा कि वार्ड में पानी की भारी किल्लत है। कई-कई दिनों तक जलापूर्ति नहीं होती और लोगों को टंकियों या सबमर्सिबल के सहारे काम चलाना पड़ता है। श्रद्धालु और स्थानीय लोग दोनों परेशान धीरज और वीरेंद्र कुमार ने बताया कि नालियां हमेशा भरी रहती हैं, सफाई कर्मचारी नियमित नहीं आते और सीवर लाइन नहीं होने से बरसात में स्थिति और खराब हो जाती है। नागेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि बारादेवी मंदिर के आसपास गंदगी और कीचड़ के कारण श्रद्धालुओं को भारी परेशानी होती है। भक्तों को नालियों और कीचड़ के बीच से होकर मंदिर पहुंचना पड़ता है। पप्पी पांडेय ने कहा कि पूरे इलाके का गंदा पानी नालियों में बहता है और नियमित सफाई नहीं होती। वहीं बृजेश कुमार गुप्ता ने घर के सामने लगे जर्जर बिजली के खंभे को भी बड़ा हादसे का खतरा बताया। जलकल की लाइन सूखी, टंकियों का सहारा वार्ड के कई हिस्सों में जलकल की पाइपलाइन से नियमित पानी नहीं पहुंच रहा है। लोग सार्वजनिक टंकियों से पानी भरने को मजबूर हैं। वार्ड परिक्रमा के दौरान महिलाएं और बच्चे बाल्टी, कैन और डिब्बे लेकर लाइन में खड़े दिखाई दिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई-कई दिनों तक पानी नहीं आता। पीने और घरेलू जरूरतों के लिए पानी खरीदना या सबमर्सिबल के सहारे काम चलाना पड़ रहा है। बारादेवी मंदिर के रास्ते में कीचड़ धार्मिक आस्था का केंद्र बारादेवी मंदिर भी बदहाल व्यवस्था से अछूता नहीं है। मंदिर के पीछे की गलियों में कीचड़ और गंदगी फैली मिली। श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने के लिए गंदे और फिसलन भरे रास्तों से गुजरना पड़ता है। मंदिर परिसर के आसपास कई स्थानों पर कूड़े के ढेर और गंदगी दिखाई दी, जिससे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में नाराजगी है। समय पर नहीं उठता कूड़ा वार्डवासियों ने बताया कि नियमित सफाई नहीं होती और कूड़ा समय पर नहीं उठाया जाता। कई स्थानों पर लंबे समय तक कूड़े के ढेर पड़े रहते हैं, जिससे दुर्गंध और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। लोगों का कहना है कि बरसात के दौरान हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं तथा नालियां ओवरफ्लो होने लगती हैं। ------------------ ये खबर भी पढ़िए… वार्ड-54 बाहर से पॉश, अंदर देखिए कैसे जी रहे लोग:आवास विकास विनायकपुर में करंट के खतरे से जूझ रहे बाशिंदे, बोले- पोल हटने चाहिए बाहर से पॉश दिखने वाला आवास विकास विनायकपुर वार्ड-54 अंदर से मुसीबतों से भरा है। पार्कों की बदहाली, गंदा पानी और करंट के खतरे से लोग परेशान हैं। मध्यम और उच्चवर्गीय आबादी वाले इस वार्ड में बिजली के तारों का मकड़जाल नजर आता है। पोल और तार घरों के छज्जों से सटकर निकले हैं। वार्डवासी घर के अंदर भी अपने बच्चों की चिंता में दिन-रात परेशान रहते हैं। पार्कों में भी करंट का खतरा है। यहां के मुख्य पार्क में चार ट्रांसफार्मर रखे हैं। दैनिक भास्कर के कैमरे के सामने क्षेत्रवासियों ने विकास के दावों की पोल खोल दी। पूरी खबर पढ़ें… ------------------ ये खबर भी पढ़िए… कानपुर के VIP वार्ड-42 से विकास लापता, बदहाली हर तरफ:सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे, कूड़ा-कचरा; आनंदेश्वर मंदिर जाने में श्रद्धालुओं को होती दिक्कत कानपुर की मेयर प्रमिला पांडेय का निवास जिस वार्ड में है वहां भी विकास के दावे जमीन पर नहीं मिले। वार्ड-42 परमट 40 वर्षों से जलभराव की बीमारी झेल रहा है। लोगों ने बताया कि बारिश में सड़कें तालाब हो जाती हैं। पानी घरों और दुकानों में घुसता है। श्रद्धालुओं को गंदे पानी से होकर मंदिर तक पहुंचना पड़ता है। पढ़ें पूरी खबर…
दो बाइक की जोरदार टक्कर में 4 लोग घायल:पिता-बेटे की हालत गंभीर, खेड़ा बस स्टैंड के पास हुआ हादसा
डूंगरपुर जिले के सादर थाना क्षेत्र में खेड़ा बस स्टैंड के पास में बाइकों में जोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे में एक ही परिवार के पति-पत्नी और बेटे सहित कुल 4 लोग घायल हो गए। सभी घायलों को डूंगरपुर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर रूप से घायल पति और बेटे को उच्च केंद्र रेफर कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार भाटपुर निवासी गटू कटारा अपने बेटे सोहन और पत्नी ललिता के साथ डूंगरपुर से अपने दामड़ी स्थित दूसरे घर जा रहे थे।वहीं, पालोदा निवासी दिनेश मालीवाड अपनी बाइक पर अपने घर से अहमदाबाद की ओर जा रहे थे। तभी खेड़ा बस स्टैंड के निकट दोनों बाइकों के बीच टक्कर हो गई। पिता-बेटे को किया रेफरहादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी चारों घायलों को तुरंत डूंगरपुर अस्पताल पहुंचाया। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने गट्टू और सोहन की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। पालोदा निवासी दिनेश का उपचार फिलहाल जिला अस्पताल में ही चल रहा है।
पलवल जिले में एक दुकानदार ने कथित तौर पर मानसिक दबाव और झूठे मुकदमे से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। मृतक की जेब से 2 पेज का एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने अपनी मौत के लिए कुछ लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने मृतक के पिता की शिकायत पर 7 नामजद आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। बहीन थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार के अनुसार, आलीमेव गांव निवासी वाजिद अली ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका बेटा रिजवान नूंह जिले के नीमका गांव निवासी शकील की दुकान किराए पर लेकर वेल्डिंग का काम करता था। आरोप है कि आरोपी रिजवान से काम कराने के बाद पैसे नहीं देते थे और दुकान खाली करने की धमकी देते थे। धमकी देकर छेड़छाड़ का झूठा केस कराने के आरोप शिकायत के अनुसार, 30 जून को आरोपियों ने रिजवान के साथ मारपीट की और उसे जान से मारने की धमकी देते हुए दुकान का सामान बाहर फेंक दिया। इसके बाद आरोपियों ने रिजवान के खिलाफ एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ का झूठा मुकदमा भी दर्ज करा दिया। वाजिद अली ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने रिजवान को धमकी दी कि वे उसे दुकान से कोई सामान नहीं ले जाने देंगे। इन सब घटनाओं के कारण रिजवान मानसिक रूप से बेहद परेशान रहने लगा। आरोपियों ने कथित तौर पर रिजवान के साथ मारपीट भी की और उसे ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठे। इन सब दबावों और प्रताड़ना से दुखी होकर रिजवान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बहीन थाना पुलिस ने इस संबंध में नूंह जिले के नीमका गांव निवासी क्यूम, वकील, हाकम, जुनैद, स्शीद, सहनाज और असरू के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पढ़िए… सुसाइड नोट में क्या लिखा… मैं रिजवान पुत्र वाजिद अली गांव आलीमेव, मेरी वेल्डिंग की दुकान है, नीमका गांव होडल-पुन्हाना रोड पर। मैं पिछले 8 महीने से वेल्डिंग का काम कर रहा हूं। नीमका गांव में, मेरा काम बहुत अच्छा चल रहा है। नीमका गांव के कुछ लोग जिनके नाम वकील, जुनैद, हाकम, हाथी और उसका लड़का था, ये एक ही परिवार के आदमी है। एक दिन इन्होंने मेरे पास अपना काम कराया था, जिसकी लागत 32 हजार रुपए बनती थी। लेकिन इन्होंने मुझे केवल 13 हजार रुपए ही दिए। मैने जब अपना पूरा पैसा मांगा तो मुझे धमकाया गया। उसके बाद मैने वहां के मौजिज आदमियों से बात की और सारी कहानी बताई, लेकिन एक दिन फिर परेशान किया और गांव से दुकान हटाने की धमकी दी और मुझ से पैसे मांगे। उसके बाद रोज-रोज उसे ब्लैकमेल करना, धमकाना और उसके सामान को फैंकने की धमकी देते है। मैने अपने घर वालो को बताया, उन्होने जब उनसे हाथ जोडकर विनती की, लेकिन वो बदमाशी करने से बाज नहीं आ रहे। मैं गरीब परिवार से हूं, जैसे-तैसे कर्जा लेकर के मेरे घर वालों ने मेरी दुकान खुलवायी। लेकिन नीमका गांव के ये लोग मुझे रोज-रोज ब्लैकमेल करके मेरा सारा पैसा ले लेते थे और जब मैने दुकान बदलने का इंतजाम किया तो उन्होंने मुझे पीटा और मेरी जेब से हमेशा खर्चा करवाते थे। इनकी ब्लैकमेलिंग से और टॉर्चर से अच्छा तो मैने मौत को चुना। जिसके जिम्मेदार ये लोग है, मेरी मौत के। सरकार से अपील है इनेक ऊपर कार्रवाई की जाए।
प्रतापगढ़ में भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती रविवार, 6 जुलाई को मनाई गई। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने चिलबिला स्थित उनकी प्रतिमा पर संयुक्त रूप से श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में भाजयुमो के जिला अध्यक्ष अंशुमान सिंह के नेतृत्व में भाजपा जिला अध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव और सदर विधायक राजेंद्र मौर्य मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इन नेताओं ने डॉ. मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। वक्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्र के प्रति समर्पण, अखंड भारत के संकल्प और उनके आदर्शों को याद किया। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी के सिद्धांत आज भी देशवासियों और कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। इस अवसर पर भाजपा जिला महामंत्री नीतीश श्रीवास्तव, अविनाश सिंह, चंद्र प्रताप, शिव अग्रहरि, राहुल मौर्य, मनीष पांडेय सहित भाजपा और भाजयुमो के कई अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बिलासपुर में चाकूबाजी, मारपीट, नशे और असामाजिक गतिविधियों पर नकेल कसने पुलिस ने रविवार को एक साथ छापेमारी की। इस दौरान 80 संदिग्ध एवं आदतन अपराधियों को हिरासत में लेकर उनका सत्यापन किया गया। जिसके बाद उन्हें पुलिस लाइन लाकर अपराध छोड़ने की सख्त नसीहत दी गई। अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने निगरानी बदमाशों, गुंडा सूची में दर्ज व्यक्तियों, चाकूबाजी के आरोपियों सहित अन्य आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के घरों पर पहुंचकर उनकी मौजूदगी, गतिविधियों और वर्तमान स्थिति का सत्यापन किया। कई लोगों से उनके भविष्य की गतिविधियों को लेकर पूछताछ की गई, वहीं पुराने मामलों की भी समीक्षा की गई। इसके बाद सभी चिन्हित लोगों को पुलिस लाइन लाया गया, जहां अधिकारियों ने उन्हें स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाए गए तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस लाइन में लगी अपराध छोड़ने की क्लासअभियान का सबसे अलग पहलू यह रहा कि पुलिस ने केवल कानूनी कार्रवाई तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि अपराधियों और नशे के आदी लोगों की काउंसलिंग भी की। अधिकारियों ने उन्हें समझाया कि नशा और अपराध दोनों उनके परिवार और भविष्य को बर्बाद कर रहे हैं। पुलिस ने कहा कि यदि वे अपराध और नशे से दूर रहने का संकल्प लेते हैं तो पुलिस भी उन्हें मुख्यधारा में लौटने में हरसंभव सहयोग करेगी। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि कहीं सूखा नशा, मादक पदार्थों का कारोबार या कोई व्यक्ति चाकू लेकर घूमता दिखाई दे तो उसकी तत्काल सूचना पुलिस को दें। आधा दर्जन धारदार हथियारों के साथ गिरफ्तारअभियान के दौरान पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों से करीब आधा दर्जन लोगों को अवैध धारदार हथियारों के साथ गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से चाकू एवं अन्य धारदार हथियार बरामद किए गए हैं। इनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। इसके अलावा कई निगरानी बदमाशों और आदतन अपराधियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई, ताकि भविष्य में वे कानून-व्यवस्था के लिए खतरा न बन सकें। नहीं सुधरे तो अगला कदम होगा जिलाबदरपुलिस अधिकारियों ने अभियान के दौरान सभी चिन्हित बदमाशों और चाकूबाजों को स्पष्ट चेतावनी दी कि मारपीट, गुंडागर्दी, अवैध हथियार रखने, लोगों में दहशत फैलाने या किसी भी आपराधिक गतिविधि में दोबारा शामिल होने पर केवल एफआईआर ही नहीं, बल्कि जिलाबदर कार्रवाई और अन्य कठोर कानूनी प्रावधानों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। यह विशेष अभियान एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देशन में चलाया गया, जिसमें शहर के सभी थाना प्रभारियों, सीएसपी, एएसपी के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल ने एक साथ कार्रवाई की। रविवार की सुबह अचानक विभिन्न इलाकों में पुलिस वाहनों की आवाजाही और दबिश से अपराधियों में हड़कंप मच गया। एएसपी बोले- बदमाशों को दी चेतावनी, कुछ पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई एडिशनल एसपी सिटी पंकज पटेल ने बताया कि विशेष अभियान के दौरान करीब 80 संदिग्ध एवं आदतन अपराधियों का सत्यापन किया गया। जांच के बाद कई निगरानी बदमाशों और चाकूबाजों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई, जबकि कुछ लोगों को अवैध चाकू के साथ पकड़े जाने पर उनके विरुद्ध आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लेकर घूमने वालों, नशे और गुंडागर्दी के जरिए दहशत फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
बुलंदशहर पुलिस ने रविवार रात तीन गैंगस्टर भाइयों की 7.4 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति कुर्क की। इन संपत्तियों को अपराधियों ने अपनी पत्नियों के नाम पर खरीदा था। यह कार्रवाई योगी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत की गई है। जिलाधिकारी बुलंदशहर के आदेश और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) दिनेश कुमार सिंह के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। इसे थाना खुर्जा नगर और जहांगीरपुर पुलिस ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया। पुलिस ने जहांगीरपुर थाने में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के तहत गैंगस्टर अधिनियम की धारा 14(1) के अंतर्गत इन संपत्तियों को जब्त किया। जिन गैंगस्टर भाइयों की संपत्ति कुर्क की गई है, उनके नाम राहुल शर्मा, अभिलाष शर्मा और सचिन शर्मा हैं। ये तीनों नरेंद्र शर्मा के पुत्र हैं और मूल रूप से गौतमबुद्ध नगर के दनकौर थाना क्षेत्र स्थित ग्रीष्म विहार कॉलोनी, खेरली हफीजपुर के निवासी हैं। जब्त की गई संपत्तियों का कुल मूल्य 7.4 करोड़ रुपये है। इनमें तीन तीन मंजिला मकान, तीन आवासीय प्लॉट और एक व्यावसायिक दुकान शामिल हैं। अपराधियों ने कानून से बचने के लिए ये संपत्तियां अपनी पत्नियों के नाम पर खरीदी थीं। तीनों गैंगस्टर भाइयों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। इन पर धोखाधड़ी, जालसाजी, गैंगस्टर एक्ट और हत्या के प्रयास जैसे दर्जनों गंभीर मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं। एसपी देहात अंतरिक्ष जैन ने बताया कि राहुल शर्मा के खिलाफ बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, मेरठ और मथुरा के थानों में 26 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। इनमें SC/ST एक्ट, धोखाधड़ी (धारा 420) और गैंगस्टर एक्ट के मामले शामिल हैं। अभिलाष शर्मा पर लूट, रंगदारी, धोखाधड़ी और गैंगस्टर एक्ट सहित कुल 19 मामले दर्ज हैं। वहीं, सचिन शर्मा के खिलाफ बलात्कार (धारा 376), धोखाधड़ी (धारा 420), जालसाजी और गैंगस्टर एक्ट के तहत कुल 19 मुकदमे दर्ज हैं।
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) द्वारा कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) ग्रुप-डी के ऑनलाइन आवेदनों में करेक्शन (सुधार) का मौका दिया जाएगा। जिसके लिए करेक्शन पोर्टल दोबारा से खोला जाएगा। इस दौरान 2 दिन की अवधि में अभ्यार्थी अपने आवेदनों की जांच करके सुधार कर सकता हैं। इससे पहले अभ्यार्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। इच्छुक अभ्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन के लिए 5 जुलाई रात 11 बजकर 59 मिनट तक का समय दिया गया। एचएसएससी चेयरमैन हिम्मत सिंह ने सोशल मीडिया पर जानकारी सांझा करते हुए कहा कि CET ग्रुप-D के अभ्यर्थियों के लिए 9 जुलाई से 11 जुलाई (रात्रि 11:59 बजे तक) करेक्शन पोर्टल खोला जाएगा। इस अवधि के दौरान अभ्यर्थी अपने आवेदन पत्र की पुनः सावधानीपूर्वक जांच कर लें। यदि किसी प्रकार की गलती हो, तो उसे समय रहते सुधार लें। उन्होंने कहा कि यदि करेक्शन पोर्टल से संबंधित कोई सुझाव हो, तो गूगल फार्म के माध्यम से भेज सकते हैं। हालांकि आयोग द्वारा पहले ही अभ्यार्थियों से कहा गया था कि वे अपने फार्म को स्वयं भरें, फॉर्म भरने के बाद अच्छे से जांच करके ही फाइनल सबमिट करें। ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटी ना रहे। लेकिन जिन अभ्यार्थियों से किसी कारण से फार्म में गलती हो गई है, उनके लिए करेक्शन पोर्टल खोला जाएगा। 19 जून से शुरू हुए थे आवेदनसीईटी ग्रुप-डी भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 19 जून से शुरू हुई थी। जिसमें अभ्यार्थियों को पहले 3 जुलाई तक आवेदन करने का समय दिया और बाद में 2 दिन अतिरिक्त मौका देते हुए 5 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन करने का विकल्प दिया गया।
राजधानी रायपुर में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के मुख्यालय नीर भवन के बाहर सोमवार को ठेकेदारों ने लंबित भुगतान को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। ठेकेदारों ने विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि उनके कामों का भुगतान अटका हुआ है। इससे वे गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और कर्मचारियों को समय पर वेतन तक नहीं दे पा रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल ठेकेदारों ने कहा कि उन्होंने विभाग के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं समेत कई विकास कार्य समय पर पूरे किए हैं। इसके बावजूद विभाग की ओर से उनके बिलों का भुगतान नहीं किया जा रहा। कई बार अधिकारियों से मुलाकात और लिखित आवेदन देने के बाद भी केवल आश्वासन मिल रहा है, लेकिन भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही। आर्थिक तंगी से परेशान ठेकेदारों का कहना है कि भुगतान नहीं मिलने से बैंक की किस्तें, मशीनों का किराया, निर्माण सामग्री आपूर्तिकर्ताओं का बकाया और मजदूरों की मजदूरी देना मुश्किल हो गया है। छोटे और मध्यम स्तर के कई ठेकेदार आर्थिक तंगी के कारण नए काम लेने की स्थिति में भी नहीं हैं। पुलिस ने रूट किया डायवर्ट पीएचई के बाहर प्रदर्शन होने के कारण सुभाष स्टेडियम से कटोरा तालब जाने वाले रास्ते का पुलिस ने रूट डायवर्ट किया है। पुलिस ने रूट डायवर्ट की एडवायजरी रविवार शाम को ही जारी कर दी थी। यातायात व्यवस्था बदहाल ना हो, इसलिए अफसरों ने अतिरिक्त बल लगाया है।
कानपुर देहात में पड़ोसियों ने महिला से की मारपीट:घर में जबरन घुसा, पुलिस ने दर्ज की एनसीआर
कानपुर देहात के सिकंदरा थाना क्षेत्र में पड़ोसियों के बीच हुए विवाद में एक महिला से मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़ित महिला ने पड़ोसियों पर घर में घुसकर गाली-गलौज और मारपीट करने का आरोप लगाया है। सिकंदरा थाना क्षेत्र के रोहनी डेरा निवासी सपना देवी, पत्नी राजू सिंह नायक, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि यह घटना 4 जुलाई की सुबह करीब 8 बजे हुई। उनका आरोप है कि पड़ोसी भूरा और पुनीत नशे की हालत में उनके घर के बाहर पहुंचे और अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे। महिला ने जब आरोपियों को वहां से जाने और गाली-गलौज बंद करने को कहा, तो उन्होंने सपना देवी के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि इसी दौरान एक आरोपी ने किसी भारी वस्तु से उनके सिर पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गईं। बीच-बचाव करने आईं परिवार की अन्य महिला के साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। पीड़िता ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की इस संबंध में सिकंदरा थाना प्रभारी जनार्दन प्रताप सिंह ने बताया कि मामले में एनसीआर (गैर-संज्ञेय रिपोर्ट) दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
टीकमगढ़ शहर के पुराने बस स्टैंड स्थित महाराजा होटल में रविवार देर रात चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। एक अज्ञात चोर ने होटल के किचन की दीवार में लगा एग्जॉस्ट (वेंटिलेशन) हटाकर अंदर घुसा और गल्ले में रखी करीब 1 लाख 40 हजार रुपए की नकदी लेकर फरार हो गया। पूरी वारदात होटल में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सुबह कर्मचारियों को चोरी का पता चला सोमवार सुबह जब होटल के कर्मचारी काम पर पहुंचे, तब उन्हें इस चोरी की जानकारी मिली। कर्मचारियों ने तुरंत इसकी सूचना होटल मालिक शिवम जैन को दी। होटल मालिक ने बताया कि सुबह करीब 9 बजे जब वे होटल पहुंचे, तो किचन की दीवार पर लगा एग्जॉस्ट टूटा हुआ था और काउंटर के गल्ले से नकदी गायब थी। सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ आरोपी होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में आरोपी चोरी करता हुआ साफ नजर आ रहा है। फुटेज में दिख रहा है कि आरोपी ने पकड़े जाने के डर से अपने चेहरे पर कपड़ा बांध रखा था। वह एग्जॉस्ट वाले रास्ते से होटल के अंदर दाखिल हुआ और गल्ले को साफ कर उसी रास्ते से बाहर भाग निकला। कर्मचारियों से पूछताछ कर रही पुलिस घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के साथ ही होटल संचालक और वहां काम करने वाले कर्मचारियों से पूछताछ की है। पुलिस ने होटल मालिक की शिकायत और सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी की पहचान के लिए आसपास के इलाकों में लगे अन्य कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
जोधपुर में टेंपो ट्रैवलर और क्रेटा कार की आपस में टक्कर हो गई। हादसे में महाराष्ट्र के एक स्टूडेंट की मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों वाहनों को कब्जे में लिया। महाराष्ट्र से स्टूडेंट्स ट्रैवल कंपनी के जरिए जैसलमेर घूमने जा रहे थे। यह हादसा सोमवार सुबह 5:30 बजे केरू-जैसलमेर रोड पर हुआ। हादसे में गंभीर रूप से घायल स्टूडेंट को मथुरादास माथुर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। राजीव गांधी नगर थाना अधिकारी रविंद्र पाल सिंह राजपुरोहित ने बताया- साहिल जाधव (20) पुत्र नंदकिशोर (निवासी पनवेल, जिला रायगढ़, महाराष्ट्र) की हादसे में मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। जोधपुर घूमने के बाद सभी स्टूडेंट्स जैसलमेर जा रहे थे। पुलिस हादसे की जांच कर रही है। सभी स्टूडेंट्स 19 से 25 साल के करीब के हैं। वे बांद्रा टर्मिनस से ट्रेन के जरिए आज सुबह 4:30 बजे के करीब जोधपुर पहुंचे थे। यहां से वे टूर एंड ट्रैवल्स कंपनी की गाड़ी लेकर रवाना हुए थे। गाड़ी में ड्राइवर समेत 13 लोग सवार थे, तभी जैसलमेर रोड पर हादसा हो गया। हादसे के बाद पुलिस ने घायल और मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है। उनके आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, घटना के बाद मृतक के साथी भी काफी घबराए हुए हैं। इनमें से एक स्टूडेंट को गंभीर चोट लगी है, जबकि बाकी अन्य को मामूली चोटें आई हैं।
बांदा के फूटाकुआं मोहल्ले की एक विवाहिता ने सोमवार सुबह पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता सोनी राजपूत का कहना है कि वह पिछले करीब 18 सालों से लगातार घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न और जान से मारने की धमकियों का सामना कर रही है। उसने न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और अपनी सुरक्षा की मांग की है। पीड़िता के अनुसार, उसके पति का दूसरी महिला से संबंध है। जब भी वह इसका विरोध करती है, उसके साथ बेरहमी से मारपीट की जाती है। उसने आरोप लगाया कि हाल ही में पति ने पूरी रात उसके साथ मारपीट की और हंसिया से गर्दन काटकर जान से मारने की धमकी दी। भयभीत होकर वह अपने बच्चे को लेकर घर से भागी, लेकिन रास्ते में भी कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की गई। पीड़िता का यह भी आरोप है कि उसे बचाने पहुंचे उसके मायके पक्ष के लोगों के साथ भी मारपीट की गई, जिसमें उसकी मामी और भाई को चोटें आईं। पीड़िता का कहना है कि उसके सास-ससुर भी पति का साथ देते हैं और शिकायत करने पर उसे धमकाते हैं। उसने यह भी आरोप लगाया कि पति खुलेआम दूसरी महिला को घर बुलाता है और विरोध करने पर उसे प्रताड़ित करता है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक को दिए गए ज्ञापन में अपनी और अपने बच्चे की सुरक्षा की मांग करते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील की है। उसने आशंका जताई है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उसके साथ कोई भी अप्रिय घटना हो सकती है। वहीं, इस पूरे मामले में पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने बताया कि मारपीट की शिकायत संज्ञान में आई है। मामले की जांच के लिए शहर कोतवाली पुलिस को निर्देश दे दिए गए हैं।
इंदौर में साइबर ठगी के तीन अलग-अलग मामले सामने आए हैं। ठगों ने पेंशन कार्ड बनवाने, मोबाइल हैक करने और सस्ती बाइक दिलाने का झांसा देकर तीन लोगों से कुल 4.57 लाख रुपए से अधिक की ठगी कर ली। तीनों मामलों में लसूडिया पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पेंशन कार्ड के नाम पर बुजुर्ग से 1.39 लाख की ठगी लसूडिया थाना क्षेत्र की सेटेलाइट टाउनशिप निवासी 75 वर्षीय अखिलेश गायकवाड़ के पास 15 जून की शाम एक व्यक्ति ने खुद को बैंक ऑफ इंडिया का अधिकारी बताते हुए फोन किया। उसने पेंशनधारकों के लिए पेंशन कार्ड जारी करने की बात कही। चूंकि अखिलेश पहले इस कार्ड के लिए आवेदन कर चुके थे, इसलिए उन्होंने कॉल करने वाले पर भरोसा कर लिया। आरोपी ने बैंक खाते, एटीएम कार्ड और अन्य व्यक्तिगत जानकारी लेने के साथ ऑनलाइन फोटो भी लिया। इसके बाद बुजुर्ग का मोबाइल उसके नियंत्रण में चला गया। कुछ देर बाद उनके खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए करीब 1.39 लाख रुपए निकाल लिए गए। घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। मोबाइल हैक कर खाते से उड़ाए 1.42 लाख रुपए एक अन्य मामले में स्लाइस-सी सेक्टर निवासी गोपाल वाकड़े के साथ साइबर ठगी हुई। 17 जून को उनका मोबाइल अचानक बंद हो गया। मोबाइल चालू करने पर उन्हें खाते से 44 हजार रुपए निकलने का पता चला। जब वह बैंक पहुंचे तो जानकारी मिली कि उनके खाते से 98 हजार रुपए का एक और ट्रांजेक्शन किया जा चुका है। इस तरह कुल करीब 1.42 लाख रुपए की ठगी हुई। गोपाल ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की, जिसके बाद रविवार को लसूडिया पुलिस ने मामला दर्ज किया। विज्ञापन देख छात्रा से 1.76 लाख की ठगी इधर, एक छात्रा के साथ ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। छात्रा ने इंस्टाग्राम पर दोपहिया वाहन खरीदने का एक विज्ञापन देखा, जिसके जरिए ठगों ने उससे करीब 1.76 लाख रुपए की ठगी कर ली। पुलिस के मुताबिक, पूजा झमेले राजाबाग कॉलोनी में किराये से रहती है और मूल रूप से गंधवानी की रहने वाली है। 14 जून को उसने इंस्टाग्राम पर दोपहिया वाहन का एक ऑनलाइन विज्ञापन देखा, जिसमें 25 हजार रुपए में गाड़ी देने का दावा किया गया था। विज्ञापन में दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर आरोपी ने बुकिंग के लिए 2 हजार रुपए जमा कराने को कहा। उसने बताया कि गाड़ी बाहर से ट्रांसपोर्ट के जरिए आएगी और डिलीवरी चार्ज नहीं लगेगा। इसके बाद आरोपी ने गाड़ी की फोटो भेजी और 11,500 रुपए ट्रांसपोर्ट चार्ज के नाम पर मांगे। इसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग बहाने बनाकर छात्रा से कई बार पैसे ट्रांसफर करवाए। इस तरह पूजा के खाते से कुल करीब 1.76 लाख रुपए आरोपियों के खातों में ट्रांसफर करा लिए गए। जब काफी समय तक गाड़ी की डिलीवरी नहीं हुई, तब छात्रा को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अयोध्या में 20 हजार रुपए से अधिक वाहन कर बकाया रखने वाले वाहन स्वामियों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने ऐसे 2818 वाहनों की सूची तैयार कर ली है और संबंधित वाहन स्वामियों को नोटिस जारी कर दी गई है। यदि नोटिस मिलने के 15 दिन के भीतर बकाया कर जमा नहीं किया गया तो उनके खिलाफ राजस्व वसूली प्रमाणपत्र (आरसी) जारी कर वसूली की कार्रवाई शुरू की जाएगी। यह जानकारी सोमवार, 6 जुलाई को सुबह 11 बजे सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) डॉ. आर.पी. सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि शासन स्तर से राजस्व वसूली को लेकर सख्त निर्देश मिलने के बाद विभाग ने बकायेदारों की पहचान का अभियान तेज कर दिया है। पिछले एक सप्ताह से कर बकायेदार वाहनों का सत्यापन कर सूची तैयार की गई और कर्मचारियों की टीम लगाकर नोटिस भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई। डॉ. सिंह के अनुसार, बकायेदार वाहनों में यात्री वाहन तथा विभिन्न प्रकार के व्यवसायिक वाहन शामिल हैं। कई वाहन स्वामियों ने लंबे समय से वाहन कर जमा नहीं किया है। ऐसे मामलों में विभाग को लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि कई वाहन स्वामियों के पते बदल चुके हैं या उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। पहले भेजी गई कई नोटिस भी वापस लौट आई थीं। उन्होंने बताया कि ऐसे सभी मामलों में इस बार पुनः नोटिस भेजी गई है ताकि वाहन स्वामियों को अंतिम अवसर दिया जा सके। विभाग का उद्देश्य पहले स्वैच्छिक रूप से कर जमा कराना है, लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर बकाया जमा नहीं होने पर राजस्व वसूली की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे 15 दिन की समय सीमा के भीतर अपना बकाया वाहन कर जमा कर दें, जिससे आरसी जारी होने जैसी कार्रवाई से बचा जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद किसी भी बकायेदार के खिलाफ नियमानुसार वसूली पत्र जारी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पटना के बांकीपुर विधानसभा सीट पर उप-चुनाव के ऐलान के बाद सियासी गलियारे में हलचल तेज हो गई है। एक ओर जहां जन सुराज ने प्रशांत किशोर को अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं, महागठबंधन की सहयोगी दल कांग्रेस ने भी इस सीट पर अपना दावा ठोक दिया है। कांग्रेस का मानना है कि बांकीपुर सीट कांग्रेस की पारंपरिक सीट रही है। इस पर कांग्रेस की सबसे मजबूत दावेदारी है। कांग्रेस ने राजद के दावे पर भी सवाल खड़े किए हैं। बिहार कांग्रेस के सूचना एवं पत्राचार विभाग के प्रभारी असित नाथ तिवारी ने कहा, ‘जो दल बिना बात किए दावा करे, वह गठबंधन का हिस्सा नहीं हो सकता। कांग्रेस ऐसे दलों की बात मानने को मजबूर नहीं है।’ कांग्रेस सहयोगी दल को महत्व देने के लिए मजबूर नहीं- आसित नाथ तिवारी असित नाथ तिवारी ने आगे कहा, ‘बांकीपुर सीट पर कांग्रेस का दावा सबसे मजबूत बनता है। बांकीपुर सीट कांग्रेस की पारंपरिक सीट रही है। इसलिए इंडिया गठबंधन के तमाम सहयोगी दलों को इस पर निर्णय लेना है।’ उन्होंने नसीहत देते हुए कहा, ‘अगर इंडिया गठबंधन का कोई भी दल बिना सहयोगी दलों से बातचीत किए बांकीपुर सीट पर अपना दावा कर रहा है या अपने उम्मीदवार की घोषणा कर रहा है। इसका मतलब ये है कि वह इंडिया गठबंधन से अलग है, वो बाकी दलों को महत्व नहीं दे रहा है।' राजद ने कहा- बांकीपुर सीट से उनकी पार्टी उम्मीदवार उतारेगी बांकीपुर सीट को लेकर महागठबंधन में तकरार की स्थिति बनती दिख रही है। राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, ‘बांकीपुर सीट से हमारी पार्टी उम्मीदवार उतारेगी।’ उनका तर्क है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 मेंं भी राजद ने यहां से अपना प्रत्याशी दिया था। महागठबंधन से राजद की रेखा कुमारी ने दांव आजमाया था। अनुशासनहीनता की जांच के लिए तीन सदस्यी कमिटी बनेगी दूसरी ओर बिहार कांग्रेस जिलाध्यक्षों की बैठक में वरिष्ठ नेताओं के द्वारा किए गए अनुशासनहीनता को लेकर आलाकमान सख्त हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, अनुशासनहीनता की जांच के लिए तीन सदस्यी कमिटी बनाये जाने की चर्चा है। कमिटी की रिपोर्ट के आधार आगे की कार्रवाई होगी। दरअसल, गुरुवार को हुए बैठक में प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और पूर्व विधायक दल के नेता शकील अहमद खान के बीच जमकर घमासान हुआ था। मंच पर ही दोनों नेताओं के बीच टिकट बेचने के आरोपों को लेकर जमकर झगड़ा हुआ। दोनों ने एक दूसरे पर संगीन आरोप लगाए। बवाल बढ़ता देख एक युवा जिलाध्यक्ष ने बीचबचाव कर दोनों को शांत किया था।
युवक ने रेजर से गले और पेट पर किए वार:शराब के नशे में खुद को किया घायल, अस्पताल में इलाज जारी
झालावाड़ जिले के बकानी थाना क्षेत्र के कुशलपुरा गांव में रविवार रात एक युवक ने कथित तौर पर शराब के नशे में रेजर से अपने गले और पेट पर कई वार कर खुद को गंभीर रूप से घायल कर लिया। खून से लथपथ हालत में वह अपनी बुआ के घर पहुंचा, जहां परिजनों की नजर पड़ने पर उसे पहले बकानी के सरकारी अस्पताल और बाद में गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया। पुलिस ने मामले की सूचना मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है और घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। नशे में खुद को किया घायल प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कुशलपुरा निवासी दयानंद पुत्र मांगीलाल तंवर ने शराब के नशे में अपने गले और पेट पर रेजर से कई बार वार किए। घटना के बाद वह अपनी बुआ के घर पहुंच गया। परिजनों ने देखा तो मच गई अफरा-तफरी रात करीब 8 बजे जब दयानंद सो रहा था, तब उसकी बुआ के बेटे ने उसके शरीर से खून बहता देखा। यह देखकर परिवार में अफरा-तफरी मच गई। परिजन तत्काल उसे बकानी के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर बकानी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे झालावाड़ के जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी है और उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस कर रही कारणों की जांच अस्पताल सूत्रों के अनुसार, घटना की सूचना संबंधित पुलिस थाने को दे दी गई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि युवक ने यह कदम किन परिस्थितियों में या किस वजह से उठाया। पुलिस अस्पताल पहुंचकर युवक और उसके परिजनों के बयान दर्ज करेगी। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारण सामने आ सकेंगे।
निवाड़ी जिले के लोगों को रीवा के लिए सीधी रेल सेवा की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो गई है। भारतीय रेल ने ग्वालियर-चित्रकूट-रीवा विशेष रेलगाड़ी के संचालन को मंजूरी दे दी है। इस ट्रेन के शुरू होने से निवाड़ी को पहली बार रीवा से सीधा रेल संपर्क मिलेगा। स्थानीय लोगों ने इस उपलब्धि का श्रेय क्षेत्रीय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार के प्रयासों को दिया है। उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के अनुसार, गाड़ी संख्या 04191/04192 का संचालन 8 जुलाई से 25 नवंबर तक प्रत्येक बुधवार को दोनों दिशाओं में होगा। यह ट्रेन निवाड़ी रेलवे स्टेशन पर दो मिनट रुकेगी, जिससे यात्रियों को ग्वालियर, चित्रकूट और रीवा के लिए सीधी यात्रा की सुविधा मिलेगी। हालांकि, 22 जुलाई को दोनों दिशाओं में इस ट्रेन का संचालन नहीं किया जाएगा। समय-सारिणी के अनुसार, गाड़ी संख्या 04191 सुबह 7:40 बजे ग्वालियर से रवाना होगी। यह 9:49 बजे निवाड़ी पहुंचेगी और शाम 7:40 बजे रीवा पहुंचेगी। वापसी में, गाड़ी संख्या 04192 रात 9:00 बजे रीवा से चलकर अगले दिन सुबह 5:23 बजे निवाड़ी पहुंचेगी और सुबह 9:40 बजे ग्वालियर पहुंचेगी। हालांकि, ग्वालियर-रीवा स्पेशल ट्रेन का ओरछा स्टेशन पर ठहराव न होने से स्थानीय नागरिकों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि विश्व प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन नगरी ओरछा में ट्रेन का स्टॉपेज होने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलेगी। उन्होंने रेलवे प्रशासन से इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। इस बीच, ललितपुर रेलवे स्टेशन पर तीसरी रेल लाइन और यार्ड मॉडलिंग के निर्माण कार्य के कारण 14 से 19 जुलाई तक 22129 तुलसी एक्सप्रेस बदले हुए मार्ग से संचालित होगी। इस अवधि में यह ट्रेन निवाड़ी सहित अपने नियमित मार्ग के स्टेशनों पर नहीं आएगी। इसके अतिरिक्त, 22163/22164 भोपाल-खजुराहो महामना एक्सप्रेस का संचालन 16 से 20 जुलाई तक निरस्त रहेगा। रेलवे ने यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेनों की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी है।
राजस्थान में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) अनिवार्य होने के बाद भी ट्रांसपोर्टरों को यह डिवाइस नहीं मिल रही है। ट्रांसपोर्ट संगठनों का दावा है कि इसके कारण 30 से 35 हजार ट्रक फिटनेस और परमिट की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं। इससे हजारों वाहन खड़े हैं और ट्रांसपोर्ट कारोबार पर बड़ा असर पड़ रहा है।विश्वकर्मा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने सरकार और परिवहन विभाग पर व्यवस्था नहीं होने का आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि वे व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जब डिवाइस ही उपलब्ध नहीं है तो वाहन मालिक नियमों का पालन कैसे करें। इसी मांग को लेकर 8 जुलाई को जयपुर के शहीद स्मारक पर धरना दिया जाएगा। समाधान नहीं होने पर पूरे राजस्थान में अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है।क्या है व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD)व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (Vehicle Location Tracking Device-VLTD) एक जीपीएस आधारित ट्रैकिंग सिस्टम है, जिससे वाहन की हर समय लोकेशन पता लगाई जा सकती है। यह AIS-140 मानकों के अनुसार काम करता है। कई वाहनों में इसके साथ इमरजेंसी पैनिक बटन भी लगाया जाता है, जिससे दुर्घटना या आपात स्थिति में तुरंत सूचना भेजी जा सके। इसका उद्देश्य वाहनों की निगरानी बढ़ाना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।कब से लागू हुआ नियमकेंद्र सरकार ने AIS-140 मानकों के तहत कई श्रेणी के वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाने का नियम बनाया। इसके बाद राजस्थान परिवहन विभाग ने भी साल 2022 से इस व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की। इसके तहत अधिकृत कंपनियों के माध्यम से वाहनों में डिवाइस लगाने और उसे विभाग के पोर्टल से जोड़ने की व्यवस्था की गई।ट्रांसपोर्टरों का आरोप- डिवाइस नहीं मिलने से बढ़ी परेशानीविश्वकर्मा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश चौधरी ने बताया- राज्य सरकार ने कॉमर्शियल ट्रकों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस अनिवार्य कर दिया है। नए नियमों के अनुसार जिस कंपनी का ट्रक है, उसी कंपनी के अधिकृत डिवाइस को लगाना जरूरी है। उनका आरोप है कि इससे कुछ कंपनियों तक ही व्यवस्था सीमित हो गई है।उन्होंने कहा कि जो डिवाइस पहले करीब तीन हजार रुपये में मिल जाती थी, अब उसकी कीमत 25 से 30 हजार रुपये तक वसूली जा रही है। उनका आरोप है कि बाजार में डिवाइस की कमी होने का फायदा उठाया जा रहा है। इससे वाहन मालिकों का खर्च कई गुना बढ़ गया है और फिटनेस प्रमाण पत्र भी जारी नहीं हो पा रहे हैं। 30 से 35 हजार ट्रक खड़े होने का दावाजगदीश चौधरी ने बताया- राजस्थान में अधिकृत कंपनियों के पास पर्याप्त संख्या में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस उपलब्ध नहीं हैं। इसके कारण करीब 30 से 35 हजार ट्रक राज्य से बाहर खड़े हैं। यदि ये वाहन बिना जरूरी प्रक्रिया पूरी किए राजस्थान आते हैं तो ई-डिटेक्शन के जरिए चालान हो सकता है। साथ ही नेशनल परमिट और फिटनेस की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पा रही है।हम नियम के खिलाफ नहीं, व्यवस्था ठीक करने की मांग कर रहे हैंट्रांसपोर्ट एसोसिएशन का कहना है कि दूसरे राज्यों में बड़ी संख्या में कंपनियां यह डिवाइस उपलब्ध करा रही हैं, जबकि राजस्थान में केवल 17 कंपनियां ही अधिकृत हैं। उनका कहना है कि सरकार ऐसी व्यवस्था करे जिससे सभी वाहन मालिकों को आसानी से डिवाइस मिल सके और परमिट व फिटनेस का काम समय पर हो सके।8 जुलाई को जयपुर में धरनाएसोसिएशन ने बताया कि इस मुद्दे पर पूरे राजस्थान में संघर्ष समितियां बनाई गई हैं। सभी ट्रांसपोर्ट कारोबारी 8 जुलाई को जयपुर के शहीद स्मारक पर शांतिपूर्ण धरना देंगे। यदि इसके बाद भी परिवहन विभाग और सरकार ने समाधान नहीं निकाला तो पूरे राजस्थान में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। उनका कहना है कि इससे प्रदेश में माल परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।
उन्नाव के पुरवा क्षेत्र से सोमवार सुबह दस बजे शिवभक्तों का एक जत्था पवित्र अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुआ। सावन से पहले बाबा बर्फानी के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया। इस दौरान पूरा वातावरण 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष से भक्तिमय हो उठा। जत्थे की रवानगी के अवसर पर प्रधान संघ अध्यक्ष प्रतिनिधि अमित त्रिवेदी ने शिवभक्तों का पट्टिका पहनाकर स्वागत एवं सम्मान किया। उन्होंने श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अमरनाथ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और भगवान शिव के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने बाबा बर्फानी से क्षेत्र में सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना करते हुए सभी यात्रियों की सुरक्षित यात्रा एवं सकुशल वापसी की प्रार्थना की। इस दौरान श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की अच्छी-खासी भीड़ मौजूद रही। सभी ने शिवभक्तों को शुभकामनाएं देते हुए बाबा बर्फानी के जयकारे लगाए। कई लोगों ने यात्रियों पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया और सफल यात्रा की कामना की। अमित त्रिवेदी ने अमरनाथ यात्रा को देश की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु कठिन प्राकृतिक परिस्थितियों के बावजूद बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने यात्रियों से प्रशासन द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सावधानियां बरतने की भी अपील की। इस पावन यात्रा पर रवाना होने वाले जत्थे में अभिषेक त्रिपाठी, ललित शुक्ला (राम जी), सुनील कुमार, कालू, सुशील, अनूप, सुरेंद्र, संदीप, बृजेंद्र, अमित और हिमांशु शामिल हैं। सभी श्रद्धालु पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए प्रस्थान कर चुके हैं।
उन्नाव में 16 जुलाई को जगन्नाथ रथ यात्रा:भव्य एवं दिव्य झांकियों संग दर्शन देंगे भगवान जगन्नाथ
उन्नाव के शुक्लागंज में 26वीं श्रीमद् जगन्नाथ भगवान रथ यात्रा 16 जुलाई को निकाली जाएगी। यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए सोमवार को डीएसएम पब्लिक स्कूल में श्रीमद् जगन्नाथ भगवान रथ यात्रा समिति की क्षेत्रीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में समिति पदाधिकारियों ने यात्रा को सुरक्षित, अनुशासित और भव्य बनाने की व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष वीरेंद्र शुक्ला ने की, जबकि महामंत्री अंजनी कुमार अग्निहोत्री ने संचालन किया। इस दौरान आशुतोष शुक्ला और कोषाध्यक्ष प्रदीप शुक्ला सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। वीरेंद्र शुक्ला ने बताया कि यह यात्रा पिछले 25 वर्षों से क्षेत्र की धार्मिक पहचान बनी हुई है। इस वर्ष 26वें आयोजन को और अधिक आकर्षक तथा व्यवस्थित स्वरूप दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और विभिन्न समितियों का गठन कर सदस्यों को जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। समिति ने यात्रा मार्ग की जानकारी दी। रथ यात्रा मां बालेश्वरी स्मृति भवन (गिरधर ज्वेलर्स), नेहरू नगर से शुरू होगी। यह अंबिका मार्ग, अंबिका प्रसाद स्कूल, राजधानी बाग, गंगाघाट मुख्य मार्ग, पोनी रोड, लकी गारमेंट और मिश्रा कॉलोनी से होते हुए राजधानी मार्ग स्थित कमल ज्वेलर्स पर समाप्त होगी। पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी, जिसमें पुष्पवर्षा और जलपान शामिल हैं। इस वर्ष की रथ यात्रा में सात सुसज्जित बग्गियां, एक ट्रॉला और दो से तीन साउंड ट्रॉलियां शामिल होंगी। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की मनमोहक झांकियां श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण होंगी। सनातन परंपरा का संदेश इसके अतिरिक्त, विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक झांकियां भारतीय संस्कृति तथा सनातन परंपरा का संदेश देंगी। भजन-कीर्तन, संकीर्तन और जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय रहेगा। बैठक में यात्रा मार्ग की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, स्वयंसेवकों की तैनाती, चिकित्सा सहायता और श्रद्धालुओं की सुविधाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासनिक समन्वय सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। समिति के सदस्यों ने संकल्प लिया कि रथ यात्रा को पूरी गरिमा और अनुशासन के साथ संपन्न कराया जाएगा।
बेगूसराय में भाजपा जिला कार्यालय में जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों और तत्कालीन तुष्टिकरण की नीतियों पर तीखा हमला बोला। वहीं, केंद्र की मोदी सरकार की ओर से कश्मीर से धारा-370 हटाए जाने को डॉ. मुखर्जी के बलिदान का सच्चा सम्मान बताया। एक देश में नहीं चलेगा दो निशान, दो प्रधान और दो विधान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अपने संबोधन में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के कश्मीर संकल्प को याद करते हुए कहा कि डॉ. मुखर्जी देश के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के असली जनक थे। उन्होंने ही सबसे पहले देश को एकजुट करने का मंत्र दिया था। जब आजादी के बाद कश्मीर को विशेष दर्जा देकर देश से अलग करने की कोशिश की जा रही थी। तब डॉ. मुखर्जी ने नारा दिया था एक देश में दो निशान, दो प्रधान और दो विधान नहीं चलेंगे, नहीं चलेंगे। गिरिराज सिंह ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में भारतीय नागरिकों को भी कश्मीर जाने के लिए विशेष परमिट लेना पड़ता था। डॉ. मुखर्जी ने इस व्यवस्था का कड़ा विरोध किया और बिना परमिट के कश्मीर का रुख किया। 1953 में वहां की तत्कालीन सरकार ने उन्हें अवैध रूप से गिरफ्तार कर लिया, जहां रहस्यमयी परिस्थितियों में जेल में ही उनकी हत्या हो गई। नेहरू सरकार और तुष्टिकरण पर साधा निशाना गिरिराज सिंह ने तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर निशाना साधते हुए कहा कि नेहरू खुद को एक लोकतांत्रिक प्रधानमंत्री कहते थे, लेकिन डॉ. मुखर्जी की शहादत के बाद उनकी माताजी के बार-बार आग्रह करने पर भी नेहरू सरकार ने इस पूरे मामले की कोई निष्पक्ष जांच नहीं कराई। यह इस देश के इतिहास का एक काला अध्याय है, जहां तुष्टिकरण और राजनीतिक द्वेष के कारण एक महान देशभक्त के बलिदान को दबाने की कोशिश की गई। 66 साल बाद मोदी-शाह की जोड़ी ने पूरा किया संकल्प डॉ. मुखर्जी के अधूरे सपने को अमलीजामा पहनाने के लिए गिरिराज सिंह ने वर्तमान केंद्र सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का वह महान बलिदान कभी बेकार नहीं गया। उनकी शहादत के ठीक 66 वर्ष बाद 2019 में 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की साहसी जोड़ी ने कश्मीर से धारा-370 को हमेशा के लिए उखाड़ फेंका। आज कश्मीर से दो निशान, दो विधान और दो प्रधान की व्यवस्था पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। अब पूरे देश में सिर्फ एक देश, एक निशान, एक प्रधान और एक विधान मजबूती से स्थापित है। सच हो रही है राष्ट्रकवि दिनकर की कविता गिरिराज सिंह ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की एक प्रसिद्ध कविता की पंक्तियों को उद्धृत करते हुए कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का सांस्कृतिक पुनरुत्थान हो रहा है और दिनकर की कविता सच साबित हो रही है। दिनकर जी ने लिखा था एक हाथ में कमल लिए, एक हाथ में धर्म-दीप्त विज्ञान, लेकर उठने वाला है, इस धरती पर इंसान। राष्ट्रकवि दिनकर ने दशकों पहले भारत के जिस गौरवमयी भविष्य की कल्पना अपनी पंक्तियों में की थी, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस कल्पना के साक्षात प्रतीक बन चुके हैं। आज का भारत एक हाथ में अपनी सांस्कृतिक विरासत और दूसरे हाथ में आधुनिक विज्ञान व प्रगति लेकर दुनिया के सामने एक वैश्विक महाशक्ति के रूप में खड़ा हो रहा है। भारत फिर से सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का मुख्य केंद्र बन चुका है। IOCL पार्क को समर्पित किया डॉ. मुखर्जी के नाम गिरिराज सिंह ने कहा कि जिला मुख्यालय स्थित IOCL के पार्क को अब पूरी तरह से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर समर्पित कर दिया गया है। इसके रखरखाव के लिए नगर निगम की मेयर, नगर आयुक्त, डीएम और IOCL के ईडी के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता हुआ है। भविष्य में इस पार्क के भीतर डॉ. मुखर्जी की एक भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जो आने वाली पीढ़ियों को सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की प्रेरणा देती रहेगी। उन्होंने आह्वान किया कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के वास्तविक इतिहास और देश की एकता के लिए दिए गए उनके योगदान को देश के कोने-कोने तक पहुंचाया जाए। कार्यक्रम में बेगूसराय विधायक कुंदन कुमार, बछवाड़ा विधायक पूर्व मंत्री सुरेंद्र मेहता, तेघड़ा विधायक रजनीश कुमार, उप मेयर अनीता राय, भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव वर्मा एवं भाजयुमो जिलाध्यक्ष शशांक शेखर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
10 हजार का इनामी बदमाश दिलशाद घायल:मुजफ्फरनगर में पुलिस से मुठभेड़, पुलिस टीम पर फायरिंग की
मुजफ्फरनगर में सोमवार देर रात पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़ हुई। तितावी थाना क्षेत्र के चिरमत टिल्ला के पास जसोई कट पर हुई इस मुठभेड़ में 10 हजार रुपये का इनामी अपराधी दिलशाद उर्फ डीलर गोली लगने से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, सोमवार सुबह नियमित वाहन चेकिंग के दौरान तितावी पुलिस टीम ने जसोई कट पर एक संदिग्ध वाहन को रोकने का प्रयास किया। वाहन सवार व्यक्ति ने अचानक पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें आरोपी दिलशाद को गोली लगी। दिलशाद पुत्र खलील, बघरा का निवासी है। हरदोई पुलिस ने उस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिलशाद के खिलाफ गोकशी समेत आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह लंबे समय से विभिन्न जिलों में अवैध गतिविधियों में संलिप्त था। घायल अपराधी को प्राथमिक उपचार के बाद मुजफ्फरनगर के जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस उसके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है और मामले में वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सीओ फुगाना विश्वजीत सिंह ने बताया कि आरोपी के आपराधिक इतिहास की गहन जांच की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि उसके साथ अन्य साथी अपराधी भी हो सकते हैं, जिनकी तलाश में छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।
खरगोन की देवली ग्राम पंचायत में कुआं गहरीकरण कार्य में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने सरपंच रोहित निहाल और पंचायत सचिव पुष्पेंद्र मंडलोई पर करीब 1.30 लाख रुपए के घोटाले का आरोप लगाते हुए जनपद और जिला पंचायत सीईओ से शिकायत की है। ग्रामीणों का दावा है कि पंचायत दर्पण पोर्टल पर कार्य की लागत वास्तविक खर्च से दोगुनी दर्शाई गई है। ग्रामीणों के अनुसार, कुएं के 10 फीट गहरीकरण और 300 फीट आड़े होल (बोर) के लिए लगभग 1.29 लाख रुपए का खर्च होना चाहिए था। इसमें 90 हजार रुपए गहरीकरण और 39 हजार रुपए आड़े होल के लिए निर्धारित हैं। इसके बावजूद पंचायत दर्पण पोर्टल पर इस कार्य पर 2.60 लाख रुपए खर्च होना दर्शाया गया है, जिससे करीब 1.30 लाख रुपए की अनियमितता की आशंका जताई गई है। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग की शिकायतकर्ता कैलाश चौहान, अशोक गेहलोत, दशरथ राठौड़, राहुल कमलेश सहित अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि जलसंकट दूर करने के नाम पर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुराने कार्यों में भी गड़बड़ी के आरोप ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच और सचिव पर सीमेंट-कंक्रीट निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों में भी वित्तीय अनियमितताओं के आरोप पहले से लगते रहे हैं। उनका दावा है कि करीब सात महीने पहले हुई जांच में 1 लाख 70 हजार 266 रुपए की वसूली प्रस्तावित की गई थी, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सहायक यंत्री बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई गोगांवा जनपद पंचायत के सहायक यंत्री संजय पाटीदार ने बताया कि कुआं गहरीकरण कार्य का अभी मूल्यांकन नहीं हुआ है। उन्होंने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि वे दो दिन बाहर थे। अब मौके पर पहुंचकर कार्य का परीक्षण किया जाएगा और यदि अनियमितता पाई गई तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
संभल में भीषण आग से 40 लाख का नुकसान:टेंट-डीजे और ट्रैक्टर जलकर राख, भैंस की भी मौत
संभल जिले के रीठ गांव में एक टेंट व्यवसायी के घर में भीषण आग लगने से लगभग 40 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। इस घटना में टेंट का सारा सामान, डीजे उपकरण, एक ट्रैक्टर और इलेक्ट्रॉनिक सामान जलकर राख हो गया, जबकि एक भैंस की भी मौत हो गई। यह घटना रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे चंदौसी तहसील के कुढ़फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के रीठ गांव में हुई। टेंट का कारोबार करने वाले अतर सिंह पुत्र लेखराज के घर में आग लगने के बाद ग्रामीणों ने शोर मचाया और इकट्ठा होकर आग बुझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। हालांकि, दमकल विभाग की टीम घटना के लगभग दो घंटे बाद, रात 2:30 बजे गांव पहुंची। दमकलकर्मियों के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने छह समरसेबिल चलाकर आग पर लगभग 50 प्रतिशत काबू पा लिया था। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह नष्ट आग पर सुबह 5:30 बजे तक पूरी तरह से काबू पाया जा सका, लेकिन सुबह 7 बजे तक भी धुआं निकलता रहा। इस अग्निकांड में अतर सिंह का टेंट, डेकोरेशन, डीजे का सारा सामान, मशीनरी, ट्रैक्टर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह नष्ट हो गए। घर की इमारत को भी नुकसान पहुंचा है। आग में जलकर एक भैंस की मौत हो गई, जिसकी कीमत करीब एक लाख रुपये बताई गई है। अतर सिंह के बेटे सचिन को भी आग की लपटों से मामूली चोटें आई हैं। थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि घर के अंदर ही टेंट हाउस बना था। देर रात्रि में आग लग गई थी जिसमें सारा सामान जलकर राख हो गया है। ग्रामीण की ओर से भी कोई शिकायत नहीं दी गई है लेकिन पुलिस टीम को जांच करने के लिए गांव भेजा गया है। 30 लाख रुपये से अधिक का नुकसान अतर सिंह ने बताया कि आग लगने का कारण अज्ञात है। उन्होंने कहा, जब आंख खुली तो आग लग रही थी। उनके अनुसार, इस घटना में 30 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है, जिसमें टेंट, डेकोरेशन, डीजे का सारा सामान, ट्रैक्टर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं।
उदयपुर के रहने वाले अंतरराष्ट्रीय शिल्पकार डॉ. इकबाल सक्का ने भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के मौके पर दुनिया का सबसे छोटा सोने-चांदी का रथ बनाया है। यह अनोखा रथ न सिर्फ कला का बेजोड़ नमूना है, बल्कि यह देश में कौमी एकता और भाईचारे का बड़ा संदेश भी दे रहा है। डॉ. सक्का 211 वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। इस रथ की साइज महज 1 गुना 1 सेंटीमीटर है। डॉ. सक्का ने इस बेहद छोटे रथ को पुरी के विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर में भेंट करने का फैसला किया है। श्री जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट कमेटी को बाकायदा एक चिट्ठी भी लिख दी है। जैसे ही वहां से मंजूरी मिलेगी, वे पुरी जाकर इस रथ को सौंप देंगे। मूंग के दाने से भी छोटी भगवान जगन्नाथ की मूर्ति डॉ. सक्का ने बताया- रथ में चांदी का महज एक सेंटीमीटर का मंदिर और एक मिलीमीटर का कलश बनाया है। मंदिर के ऊपर केसरिया रंग का झंडा भी लगाया गया है, जिस पर बहुत ही बारीकी से 'ॐ' लिखा हुआ है। रथ के अंदर भगवान जगन्नाथ की जो मूर्ति विराजमान है, वह मूंग के दाने से भी छोटी है। चांदी से बनी इस मूर्ति को खुली आंखों से ठीक से देख पाना भी नामुमकिन है, इसे देखने के लिए लेंस की मदद लेनी पड़ती है। भगवान के इस रथ को आगे खींचते हुए दिखाने के लिए चांदी का एक सेंटीमीटर का छोटा सा घोड़ा भी बनाया गया है। 36 घंटे की कड़ी मेहनत से तैयार हुआ अनोखा रथ डॉ. सक्का ने बताया- रथ में 7 ग्राम चांदी और 300 मिलीग्राम सोने का इस्तेमाल किया है। रथ को आकार देने के लिए लगातार 36 घंटे तक कड़ी मेहनत करनी पड़ी, तब जाकर यह कलाकृति पूरी तरह तैयार हो सकी। भुवनेश्वर के कलाकार का रिकॉर्ड तोड़ा डॉ. इकबाल सक्का ने बताया- रथ ने एक पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। इससे पहले ओडिशा के भुवनेश्वर के एक कलाकार ने 3 गुणा 2 सेंटीमीटर का रथ बनाया था, जो इंटरनेशनल बुक में दर्ज है। अब मैंने ने महज 1 गुणा 1 सेंटीमीटर का रथ बनाकर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का दावा पेश किया है।
यूपी के करीब 1.60 लाख से अधिक होमगार्ड्स और उनके आश्रित परिजनों के लिए योगी सरकार ने 5 लाख रुपए तक की कैशलेस इलाज सुविधा को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगी। बैठक में कुल 28 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। प्रदेश में वर्तमान में करीब 1.18 लाख होमगार्ड कार्यरत हैं। इसके अलावा 41 हजार से अधिक होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। ऐसे में करीब 1.60 लाख से अधिक होमगार्ड और उनके आश्रित परिजन इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। कैबिनेट ने शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम परशुरामपुरी किया गया। यह जगह भगवान परशुराम की जन्मस्थली है। शासन ने 25 जून 2025 को अनुरोध किया था। भारत सरकार से एनओसी आने के बाद इस पर अब कैबिनेट की भी सहमति मिल गई है। अब विस्तार से जानिए कैबिनेट में पास हुए प्रस्तावों के बारे में… योगी कैबिनेट में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन डायरेक्टरेट की स्थापना, यूपी स्टार्टअप नीति-2026 और डेटा सेंटर पॉलिसी को भी मंजूरी मिली है। पशुपालकों के लिए मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना को भी मंजूरी दी गई है। यह योजना प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू होगी। इसमें प्रीमियम का 85% हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी, जबकि 15% राशि पशुपालकों को देनी होगी। कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि इससे किसानों और पशुपालकों पर आर्थिक बोझ कम होगा। गोरखपुर और मुरादाबाद में श्रमिकों के लिए 100-100 बेड के ईएसआईसी अस्पताल बनाए जाएंगे। वहीं, वाराणसी में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए निशुल्क भूमि आवंटन को मंजूरी दी गई है। कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में 50% सीटें श्रमिकों के बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगी। कैबिनेट ने अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों की सीधी भर्ती नियमावली-2022 में संशोधन को भी मंजूरी दी है। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकार सीधे नियुक्ति दे सकेगी। 3 प्राइवेट विश्वविद्यालय होंगे स्थापित, कानपुर में खुलेगा पहला प्राइवेट एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय इसके अलावा प्रदेश में तीन निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को भी मंजूरी मिली है। कानपुर के बिल्हौर में महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय, गाजियाबाद में अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय और फतेहपुर में ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएंगे। वहीं, रायबरेली में उद्यान महाविद्यालय एवं रिसर्च सेंटर की स्थापना के लिए 20 हेक्टेयर भूमि आवंटित करने और 50 करोड़ रुपए की धनराशि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। कैबिनेट के प्रमुख फैसले… खबर लगातार अपडेट हो रही…
हांसी जिले के नारनौंद क्षेत्र में सोमवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब गांव के बाहर मोठ रोड पर स्थित एक शीशम के पेड़ से एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में लटका हुआ मिला। सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। जिसके बाद पुलिस को मामले की सूचना दी। घटना की जानकारी मिलने पर डायल-112, नारनौंद थाना पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए हांसी के सामान्य अस्पताल के शवगृह में भिजवा दिया। खाना खाने के बाद देर घर से निकला था मृतक की पहचान गांव लोहारी राघो निवासी करीब 30 वर्षीय बिट्टू के रूप में हुई है, जो पेशे से हलवाई था। वह अविवाहित था और अपने तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। उसके पिता रामधारी मजदूरी करते हैं। परिजनों के अनुसार, बिट्टू गांव में ही अपने चाचा के पास रहता था। परिजनों ने बताया कि रविवार रात करीब 9 से 10 बजे के बीच बिट्टू खाना बनाकर घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। सोमवार सुबह करीब 5 बजे ग्रामीणों ने सूचना दी कि उसका शव गांव के बाहर शीशम के पेड़ पर लटका हुआ है। परिजन बोले- उसी की टी-शर्ट से पेड़ से बंधा था मृतक के परिजनों ने घटना को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि जब वे मौके पर पहुंचे तो बिट्टू के दोनों पैर जमीन पर टिके हुए थे और उसका शव उसी की टी-शर्ट के सहारे पेड़ से बांधा गया था। परिजनों ने यह भी दावा किया कि शव के पास एक डिश वायर भी पड़ी मिली। उनका कहना है कि घटनास्थल की परिस्थितियां आत्महत्या की ओर इशारा नहीं करतीं, इसलिए मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए। पुलिस कर रही मामले की जांच जांच अधिकारी एएसआई रविंदर ने बताया कि पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं। मामले में सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
मैरिज होम में 6 दबंगों ने युवक को घेरकर पीटा:जरा सी कहासुनी के बाद हुई मारपीट, जमीन पर गिराकर घसीटा
नोएडा के जेवर कस्बे स्थित एक मैरिज होम में युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। सोमवार सुबह 9 घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया। इसमें 6 युवक एक व्यक्ति के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस का कहना है कि अभी तक इस मामले में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि युवक एक व्यक्ति को घेर लेते हैं और उसके साथ लात-घूंसों से मारपीट शुरू कर देते हैं। युवक के जमीन पर गिरने के बाद भी हमलावर उसे पीटते रहते हैं। इस दौरान मौके पर मौजूद कुछ लोग बीच-बचाव का प्रयास करते भी नजर आते हैं। जानकारी के अनुसार, घटना जेवर के एक मैरिज होम में हुई, जहां किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ और देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।
हमीरपुर में छत से गिरकर किसान की मौत:रात में बैलेंस बिगड़ने से हादसा, सिर पर गंभीर चोट आने से मौत
हमीरपुर जिले में बिवार थाना क्षेत्र के न्यूरिया गांव में रविवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में किसान की छत से गिरकर मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, न्यूरिया गांव निवासी 51 वर्षीय शिवकरन रविवार रात अपने घर की छत पर सो रहे थे। देर रात वह टॉयलेट करने के लिए उठे, तभी अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह छत से नीचे सड़क पर जा गिरे। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे तो शिवकरन को खून से लथपथ पड़ा देख चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों की सूचना पर बिवार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पत्नी रानी ने बताया कि शिवकरन पांच भाइयों में एक थे और उनके नाम मात्र दो बीघा खेती थी। परिवार में दो बेटियां- 17 वर्षीय सपना और 6 वर्षीय साक्षी और 5 वर्षीय बेटा अर्पित हैं। पति की मौत के बाद अब बच्चों की परवरिश और बेटी की शादी की जिम्मेदारी अकेले उनके कंधों पर आ गई है। उन्होंने कहा कि परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बिवार थाना प्रभारी नन्दराम प्रजापति ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला छत से गिरने का प्रतीत हो रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बैतूल में सदर ओवरब्रिज पर 2 जुलाई को हुए हिट एंड रन हादसे में जान गंवाने वाले अज्ञात युवक की चार दिन बाद पहचान हो गई है। मृतक बैतूल बाजार थाना क्षेत्र के सोनारखापा निवासी 35 वर्षीय सुखदेव धुर्वे (पिता मुन्ना धुर्वे) था। परिजन बैतूल पहुंचे और शव की शिनाख्त की पुष्टि की। जानकारी के अनुसार, सुखदेव धुर्वे महाराष्ट्र में मजदूरी करता था। उसके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। बताया गया कि हादसे वाली रात वह गांव लौटने के लिए बस या ट्रेन से बैतूल पहुंचा था। सदर ओवरब्रिज पर किसी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक वाहन सहित फरार हो गया। सोशल मीडिया पोस्ट से मिली पहचान चार दिनों तक मृतक की पहचान नहीं होने पर पुलिस ने उसके फोटो और हुलिए की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की थी। पोस्ट देखने के बाद परिजनों को सुखदेव के हादसे की जानकारी मिली। इसके बाद वे बैतूल पहुंचे और शव की पहचान की। पहचान से पहले कराया गया अंतिम संस्कार मृतक की पहचान नहीं होने के कारण राष्ट्रीय हिंदू सेना ने दो दिन पहले पूरे विधि-विधान और रीति-रिवाज से उसका अंतिम संस्कार कराया था। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक मालवीय ने बताया कि पहचान होने के बाद परिजनों ने पुलिस और राष्ट्रीय हिंदू सेना के सहयोग पर संतोष जताते हुए आभार व्यक्त किया। एक और हिट एंड रन मामला अब भी अनसुलझा इधर, जिले के भडूस क्षेत्र में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले एक अज्ञात वृद्ध की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस उसकी शिनाख्त के प्रयास में जुटी हुई है।
जयपुर में दोस्त ने किया युवती से रेप:मिलने बुलाकर की जबरदस्ती, विरोध पर शादी का वादा
जयपुर में एक दोस्त के युवती से रेप करने का मामला सामने आया है। मिलने पर अकेला पाकर आरोपी दोस्त ने उसके साथ जबरदस्ती की। विरोध करने पर शादी करने का वादा कर देहशोषण किया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया- जयपुर की रहने वाली 26 साल की युवती ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। कुछ समय पहले उसकी मुलाकात आरोपी युवक से हुई थी। बातचीत के दौरान आरोपी ने उससे दोस्ती कर ली। दोस्त बनने पर मिलने-जुलने लगा। आरोप है कि कुछ समय पहले आरोपी से मिलने पर अकेला पाकर उसके साथ जबरदस्ती की। विरोध करने पर शादी करने का वादा किया। शादी करने का वादा कर आरोपी उसका देहशोषण करने लगा। शादी करने का दबाव बनाने पर आरोपी ने मना कर दिया। धोखे का एहसास होने पर पीड़िता ने आरोपी दोस्त के खिलाफ मामला दर्ज करवाया।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के गांव सोहड़ी के अग्निवीर शंकर का सोमवार को पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा, जहां सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनकी अंतिम यात्रा में सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए और पूरे गांव में शोक का माहौल रहा। शंकर की तैनाती जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के मंजाकोट थाना क्षेत्र स्थित तरकुंडी गली में थी। बीते शनिवार को वहां अचानक गोली चलने की आवाज सुनकर यूनिट के अन्य जवान मौके पर पहुंचे। वहां शंकर गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले। उन्हें तुरंत प्राथमिक इलाज देकर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रविवार शाम परिजनों को मिला शव घटना की सूचना मिलते ही सेना के वरिष्ठ अधिकारी और मंजाकोट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और सेना ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए तथा शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की। पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव शरीर रविवार शाम को परिजनों को सौंप दिया गया। पिस्तौल साफ करते समय चली गोली परिजनों के अनुसार शंकर अपनी सर्विस पिस्तौल की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान अचानक गोली चल गई, जो उन्हें लग गई और उनकी मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में भी यही तथ्य सामने आया है। हालांकि पुलिस और संबंधित सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही हैं। अंतिम दर्शन उमड़े लोग सोमवार को जब शंकर का पार्थिव शरीर गांव सोहड़ी पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए। पूरे गांव में गमगीन माहौल के बीच उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। ग्रामीणों ने भारत माता की जय और शंकर अमर रहे के नारे लगाए। राजपूता राइफल की एक टुकड़ी ने उन्हें सैन्य सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी। सेवा अवधि में 16 महीने थे शेष ग्रामीणों ने बताया कि शंकर की सेवा अवधि में अभी करीब 16 महीने शेष थे। उनके पिता दीप सिंह भी भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। बेटे का पार्थिव शरीर लेने के लिए वे स्वयं राजौरी गए थे। शंकर अपने पीछे माता-पिता, एक भाई और दो बहनों को छोड़ गए हैं। पत्नी की एक माह पहले हो चुकी मौत परिवार पर दुखों का पहाड़ इसलिए भी टूट पड़ा है क्योंकि उनकी पत्नी का करीब एक माह पहले ही निधन हो गया था। लगातार दो बड़े हादसों से परिवार पूरी तरह सदमे में है, जबकि पूरे गांव में शोक की लहर व्याप्त है।
पंचकूला जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक सोमवार को सांसद वरुण मुलाना की अध्यक्षता में हुई। बैठक में विधायक चंद्रमोहन बिश्नोई, मेयर श्यामलाल बंसल, डीसी सतपाल शर्मा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। केंद्र सरकार की योजनाओं की समीक्षा के दौरान कई विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। सांसद ने पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। बैठक में सांसद वरुण मुलाना ने खुलासा किया कि तीर्थ कायाकल्प योजना के तहत माता मनसा देवी मंदिर में करीब दो वर्ष पहले सोलर पैनल लगाए गए थे, लेकिन आज तक उन्हें बिजली कनेक्शन से नहीं जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि कनेक्शन केबल नहीं होने के कारण पूरा सिस्टम दो साल से बेकार पड़ा है और मंदिर को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा। सांसद ने अधिकारियों से कहा कि जांच में सामने आया है कि सोलर पैनल गलत स्थान पर लगाए गए, जिससे कनेक्शन देने की लागत बढ़ गई और विभाग ने काम अधूरा छोड़ दिया। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि अब इस कार्य को मेयर के माध्यम से नगर निगम के सहयोग से पूरा कराया जाएगा, ताकि मंदिर को जल्द इसका लाभ मिल सके। गवर्नर स्कूलों के टॉयलेट जांचेंगे, इससे शर्मनाक क्या होगा बैठक में सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति भी चर्चा का विषय रही। सांसद ने कहा कि अब राज्यपाल (गवर्नर) हमें यह जांचकर बताएंगे कि स्कूलों के टॉयलेट किस हालत में हैं। इससे ज्यादा शर्मनाक बात हमारे लिए क्या हो सकती है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले गवर्नर पंचकूला के सरकारी स्कूलों के निरीक्षण पर आए थे। मुलाना ने बताया कि जिले के सरकारी स्कूलों में करीब 400 कमरों की कमी है, जबकि चार स्कूल ऐसे हैं जो आज भी मंदिर और गुरुद्वारों में संचालित हो रहे हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग को इस दिशा में गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए। जनऔषधि केंद्र पर भी जताई नाराजगी बैठक में जनऔषधि केंद्र की स्थिति को लेकर भी सांसद ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को फटकार लगाई। उन्होंने कहा, शवगृह के पास जनऔषधि केंद्र बनाओगे, तो दवा कौन लेने जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि ऐसी क्या वजह है कि सरकारी केंद्र पर दवाएं नहीं बिक रहीं, जबकि बाहर मेडिकल स्टोरों पर दवाओं की बिक्री हो रही है। सांसद ने निर्देश दिए कि जनऔषधि केंद्र की लोकेशन उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक केंद्र की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रमुख स्थानों पर दिशा-सूचक बोर्ड लगाए जाएं। बैठक में जनऔषधि केंद्र पर उपलब्ध दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ड्रग कंट्रोल ऑफिसर को नियमित सैंपलिंग करने के निर्देश भी दिए गए।
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 शुरू होने से पहले कैंपस स्थित श्रीविश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन मौजूद रहा। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ नया सत्र सभी के लिए शुभकारी हो, इसकी भी कामना की गई। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि आज भगवान विश्वनाथ की पूजा-अर्चना कर विश्वविद्यालय की उन्नति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की गई। उन्होंने कहा कि उनकी कामना है कि विश्वविद्यालय पूरे तन, मन और धन से अध्ययन-अध्यापन के कार्य में निरंतर समर्पित रहे। साथ ही, छात्रों, शिक्षकों और सभी कर्मचारियों के हित में कार्य होते रहें तथा विश्वविद्यालय लगातार प्रगति के पथ पर आगे बढ़े। शैक्षणिक माहौल और सुरक्षा होगा बेहतर पिछले महीने हुई छात्र से जुड़ी घटना के संबंध में पूछे गए सवाल पर कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन, छात्र और सभी संबंधित पक्ष मिलकर कार्य कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। उन्होंने विश्वास जताया कि आपसी सामंजस्य और संवाद के माध्यम से विश्वविद्यालय का शैक्षणिक माहौल और अधिक बेहतर बनाया जाएगा। क्षेत्रफल के लिहाज से एशिया का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय BHU क्षेत्रफल के लिहाज ये एशिया का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय है। 13 सौ एकड़ में बने इस विश्ववविद्यालय में 6 संस्थान 14 संकाय के साथ ही 140 से अधिक विभाग मौजूदा समय में कार्यरत है। कैंपस के मध्य में भगवान शंकर का विशाल मंदिर है। जिसे मशहूर उद्योगपति युगल किशोर बिरला ने बनवाया है।
गोपालगंज में रास्ते के विवाद पर मारपीट:2 पक्षों के 7 लोग घायल, अस्पताल में भर्ती
गोपालगंज जिले के महमदपुर थाना क्षेत्र के हरपुर टेंगराही गांव में रास्ते के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस मारपीट में कुल सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी घायलों को तत्काल इलाज के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। लंबे समय से भूमि विवाद चल रहा था जख्मी लोगों में एक पक्ष से बैजनाथ राय के बेटे हरेकृष्णा राय (58), हरेराम राय (65), छोटे लाल राय के बेटे बिपिन कुमार (21), हरेकृष्णा राय के बेटे विजय कुमार (30) और जयकिशुन राय के बेटे बृजेश कुमार (29) शामिल हैं। दूसरे पक्ष से खोपाड़ी राय के बेटे इकबाली राय और उनके बेटे रोशन कुमार घायल हुए हैं। दरअसल, दोनों पक्ष आपस में पट्टीदार हैं और उनके बीच लंबे समय से भूमि विवाद चल रहा था। घटना के संबंध में दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे हैं। एक पक्ष के इकबाली राय का आरोप है कि वे अपनी निजी भूमि पर तालाब का निर्माण करा रहे थे। विरोध करने पर लाठी-डंडों से हमला किया इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने उसे अपनी जमीन और रास्ता बताते हुए निर्माण कार्य रोक दिया। विरोध करने पर लाठी-डंडों से हमला किया गया, जिससे उनके पक्ष के दो लोग घायल हो गए। वहीं, दूसरे पक्ष का आरोप है कि उनकी पुश्तैनी राह को अवरुद्ध कर जबरन निर्माण कार्य कराया जा रहा था। जब उन्होंने इस अवैध निर्माण को रोकने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने लाठी-डंडों से उन पर हमला कर पांच लोगों को घायल कर दिया। फिलहाल, पुलिस ने अस्पताल में घायलों के बयान दर्ज करने शुरू कर दिए हैं। पुलिस घटना के सही कारणों का पता लगाने और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है। गांव में स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है।
औरंगाबाद में रास्ते के विवाद को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़े। लाठी-डंडे से एक-दूसरे पर हमला किया। मारपीट में एक पक्ष की महिला समेत चार लोग घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के तेंदुआ पोखर गांव की है। घायलों की पहचान संगीता देवी, रंजन कुमार, कांति कुमारी और राजू कुमार के रूप में हुई है। संगीता ने बताया पाटीदार के साथ लंबे समय से रास्ते को लेकर विवाद चला आ रहा है। पारिवारिक बंटवारे के दौरान सामने की जमीन दूसरे पक्ष के हिस्से में चली गई थी, जबकि उनके परिवार के आवागमन के लिए पीछे की ओर करीब पांच फीट चौड़ा रास्ता छोड़ा गया था। इसी रास्ते का उपयोग उनका परिवार वर्षों से करता आ रहा है। स्थानीय लोगों ने मामला शांत कराया घायलों के अनुसार रविवार की शाम दूसरे पक्ष के लोग उक्त रास्ते को बांस लगाकर बंद कर रहे थे। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से मारपीट शुरू हो गई। जिसमें चार लोग घायल हो गए। स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया गया। दूसरे पक्ष के कुछ लोगों को भी चोटें आई हैं। हालांकि उनकी ओर से पुलिस को आवेदन दिया गया है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। आवेदन के आधार पर की जाएगी कार्रवाई पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायत मिलने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद गांव में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस की टीम नजर बनाए हुए है।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक्सपायरी मिल्क पाउडर पीने नवजात बच्ची की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि, मेकाहारा चौक स्थित निजी मेडिकल स्टोर से मिल्क पाउडर खरीदा था। बच्ची को पिलाते ही उसकी जान चली गई। मौदहापारा थाने में लिखित शिकायत की गई है। परिजनों का दावा है कि, जांच के दौरान डॉक्टरों ने मिल्क पाउडर के डिब्बे पर एक्सपायरी डेट देखकर बताया कि, बच्ची की हालत एक्सपायरी मिल्क पाउडर पीने से तबीयत बिगड़ी है। इसके बाद परिजनों ने मेडिकल स्टोर पहुंचकर विरोध जताया। कर्मचारियों ने हाथ से एक्सपायरी पाउडर छीनकर दूसरा डिब्बा दे दिया। जानिए क्या है पूरा मामला पुलिस के मुताबिक, चंद्रशेखर कन्नोजे की पत्नी डागेश्वरी कन्नोजे ने 29 जून को जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया था। मां का दूध पर्याप्त नहीं होने पर डॉक्टर ने मिल्क पाउडर खरीदने की सलाह दी। इसके बाद 30 जून को चंद्रशेखर ने मेकाहारा गेट के पास स्थित मेडिकल स्टोर मिल्क पाउडर का डिब्बा खरीदा। आरोप है कि, दोनों बच्चियों में से एक को उसी मिल्क पाउडर से तैयार दूध पिलाया गया। 4 जुलाई को उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। गंभीर हालत में उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया। दो दिन तक इलाज के बाद नवजात बच्ची की मौत हो गई। कर्मचारियों ने हाथ से छीना एक्सपायरी पाउडर परिजनों का आरोप है कि, मेडिकल स्टोर पहुंचने पर उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई, तो स्टोर संचालक और उनके कर्मचारियों ने उनके हाथ से एक्सपायरी मिल्क पाउडर का डिब्बा छीन लिया। उसकी जगह दूसरा डिब्बा दे दिया। इसके बाद परिजनों ने मौदहापारा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। मेडिकल स्टोर को जारी किया नोटिस इस मामले में सहायक पुलिस आयुक्त दीपक मिश्रा ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मेडिकल स्टोर संचालक को सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का नोटिस जारी किया गया है। CMHO कार्यालय को मामले की जांच के लिए पत्र भेजा गया है। सभी पक्षों को नोटिस जारी कर बयान के लिए बुलाया गया है। इन बातों का रखना चाहिए ध्यान
दमोह जिले के नोहटा थाना क्षेत्र के रमपुरा गांव में सोमवार सुबह 24 वर्षीय गोविंद यादव की मौत हो गई। गोविंद को नदी किनारे बेहोशी की हालत में मिलने के बाद जिला अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के मामा ने अपने जीजा पर प्रॉपर्टी हड़पने के लिए भांजे को जहर देकर मारने का आरोप लगाया है, जबकि चाचा ने शादी के गम में कदम उठाने का संदेह जताया है। नदी किनारे बेहोश मिला था युवक मृतक के चाचा मोहन यादव ने बताया कि गांव के लोगों ने उन्हें फोन पर गोविंद के नदी किनारे बेहोश पड़े होने की सूचना दी थी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने देखा कि गोविंद कुछ भी बोल नहीं पा रहा था। इसके बाद उसे एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चाचा मोहन यादव के मुताबिक उन्हें नहीं पता कि भतीजे के साथ क्या हुआ, लेकिन उन्हें संदेह है कि गोविंद ने शादी के गम में कोई कदम उठाया होगा। प्रॉपर्टी हड़पने के लिए हत्या का आरोप मृतक के मामा हृदेश यादव ने आरोप लगाया कि उनके जीजा महेश यादव ने 15 साल पहले उनकी बहन को छोड़ दिया था, जिसके बाद जीजा के साथ एक दूसरी महिला रहने लगी थी। वह महिला गोविंद के साथ मारपीट करती थी। मामा का आरोप है कि भांजे की प्रॉपर्टी हड़पने के लिए जीजा महेश यादव ने अपनी दूसरी पत्नी के साथ मिलकर गोविंद को खाने में जहर देकर मार डाला। पीएम रिपोर्ट के बाद साफ होगी वजह नोहटा थाना प्रभारी अभिषेक पटेल ने बताया कि पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही युवक की मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।
मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। कर्जत-लोनावला के बीच भोर घाट सेक्शन में भूस्खलन होने के कारण मुंबई-पुणे रेल मार्ग पर ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुई हैं। इस संबंध में सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) स्वप्निल नीला ने जानकारी दी।
नई यूनिफॉर्म अनिवार्य किए जाने के विरोध में सोमवार को जबलपुर के होम साइंस कॉलेज की सैकड़ों छात्राएं सड़क पर उतर आईं। छात्राओं ने कॉलेज से निकलकर शहर के व्यस्त शास्त्री ब्रिज चौराहे पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के कारण चारों ओर का यातायात प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही पुलिस, कॉलेज प्रबंधन और उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्राओं को समझाने का प्रयास किया। आर्थिक कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ आ गया प्रदर्शन कर रही छात्राओं का कहना था कि उनकी वर्तमान यूनिफॉर्म पूरी तरह ठीक है और उसे बदलने की कोई आवश्यकता नहीं है। उनका आरोप था कि कॉलेज प्रबंधन ने नए शैक्षणिक सत्र से नई यूनिफॉर्म खरीदना अनिवार्य कर दिया है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा दुर्गा मेहरा ने कहा कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति हर साल नई यूनिफॉर्म खरीदने की अनुमति नहीं देती। उन्होंने कहा कि कॉलेज में बड़ी संख्या में ऐसे परिवारों की छात्राएं पढ़ती हैं, जिनके अभिभावक मजदूरी या निजी नौकरी करते हैं। ऐसे में फीस के साथ हर वर्ष नई यूनिफॉर्म खरीदना उनके लिए मुश्किल है। चौराहे पर लग गया जाम छात्रा सपना कुर्मी ने बताया कि प्रथम वर्ष में प्रवेश के समय कॉलेज प्रबंधन के निर्देश पर उन्होंने दो जोड़ी यूनिफॉर्म खरीदी थी। अब दूसरे वर्ष में प्रवेश के साथ फिर नई यूनिफॉर्म खरीदने का निर्देश दिया गया है। उनका कहना था कि जब पुरानी यूनिफॉर्म उपयोग योग्य है, तो उसे बदलने की कोई आवश्यकता नहीं है। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने स्पष्ट कहा कि जब तक कॉलेज प्रबंधन अपना निर्णय वापस नहीं लेता, वे नई यूनिफॉर्म नहीं खरीदेंगी। चक्काजाम के चलते शास्त्री ब्रिज चौराहे पर लंबा जाम लग गया और यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। कॉलेज से चर्चा करेंगे अतिरिक्त संचालक घटना की जानकारी मिलने पर उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त संचालक अल्केश चतुर्वेदी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि छात्राओं की मुख्य आपत्ति नई लाइट येलो रंग की यूनिफॉर्म को लेकर है। उन्होंने कहा कि कॉलेज प्राचार्य से चर्चा की जा रही है और प्रयास है कि ऐसा समाधान निकले, जिससे छात्राओं और कॉलेज प्रबंधन दोनों की सहमति बन सके। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि यूनिफॉर्म को वैकल्पिक (ऐच्छिक) बनाए जाने जैसे विकल्प पर विचार किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान मदनमहल, गढ़ा और ओमती थाना पुलिस का बल भी मौके पर तैनात रहा। सीएसपी एम.डी. नगोतिया ने बताया कि छात्राओं और कॉलेज प्रबंधन के बीच बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति सार्वजनिक चौराहे पर प्रदर्शन किए जाने के मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई पर भी विचार किया जाएगा।
झालावाड़ में छात्राओं के लिए आत्मरक्षा शिविर शुरू:सेल्फ डिफेंस की तकनीकें और दांव-पेंच सिखाए जा रहे
झालावाड़ में भारत विकास परिषद की झाला रानी शाखा ने छात्राओं के लिए 7 दिवसीय निःशुल्क आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया है। यह शिविर कोटा रोड स्थित सेंट जोसेफ निजी स्कूल में सोमवार को शुरू हुआ, जिसका उद्देश्य बालिकाओं को आत्मनिर्भर और निडर बनाना है। शाखा अध्यक्षा अर्चना मालपानी ने बताया कि यह प्रशिक्षण शिविर 7 दिनों तक चलेगा। इसमें छात्राओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकें और दांव-पेंच सिखाए जाएंगे। प्रशिक्षण का दायित्व पीटीआई कृष्णा को सौंपा गया है। आत्मविश्वास विकसित करना है उद्देश्यमालपानी के अनुसार शिविर का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास विकसित करना, संभावित खतरों को पहचानना और विपरीत परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा करना सिखाना है। एसआरजी अस्पताल की मनोचिकित्सक डॉ. रश्मि गुप्ता ने बताया कि प्रशिक्षण में आत्मरक्षा के साथ-साथ मानसिक मजबूती, आत्मसंयम, गुस्से पर नियंत्रण, कानूनी अधिकार और प्राथमिक चिकित्सा जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी जाएंगी। शाखा सचिव चेतना गर्ग ने बताया कि शिविर का लक्ष्य बालिकाओं को आत्मनिर्भर, जागरूक और निडर बनाना है, ताकि वे किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति का साहसपूर्वक सामना कर सकें। कार्यक्रम का शुभारंभ सेंट जोसेफ स्कूल की प्रिंसिपल कृतिका, विद्यालय की अध्यापिकाओं और भारत विकास परिषद की झाला रानी शाखा की सदस्यों की मौजूदगी में हुआ। इस अवसर पर रीना अग्रवाल, शशि अग्रवाल, रानी माहेश्वरी, ममता गुप्ता सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
कोडरमा के तिलैया थाना क्षेत्र अंतर्गत धनबाद-गया रेलखंड पर एक युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान बिहार के गया जिले के राजेंद्र पथ तेलबीघा निवासी 27 वर्षीय तुषार कुमार के रूप में हुई है। वह एक बैंककर्मी था। जानकारी के अनुसार, कोडरमा-गया रेलखंड के अप लाइन पर कार्य कर रहे चाभी मैन ने बिशुनपुर रोड स्थित लॉ कॉलेज के पीछे पोल संख्या 395/25 के पास युवक को मृत अवस्था में देखा। इसके बाद उसने तुरंत कोडरमा आरपीएफ को सूचना दी। पिता को फोन से मिली जानकारी जांच के दौरान पुलिस को मृतक के पास से उसका मोबाइल फोन और एक हेडफोन मिला। बताया जा रहा है कि जब पुलिस मौके पर पहुंची, उस समय हेडफोन में गाना बज रहा था। इसके अलावा लोअर की जेब से एक माचिस भी बरामद हुई है। इसी दौरान मृतक के मोबाइल पर उसके पिता का फोन आया। जिसके जरिए उन्हें घटना की जानकारी दी गई और कोडरमा बुलाया गया। तिलैया थाना प्रभारी विनय कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध जरूर है, लेकिन सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। ट्रेन से गिरने की आशंका, जांच जारी मृतक के पिता मदन मोहन कुमार ने बताया कि तुषार गया स्थित आईडीएफसी बैंक में कार्यरत था और रविवार शाम बिना बताए घर से निकला था, जिसके बाद उससे संपर्क नहीं हो पाया। पुलिस की प्रारंभिक आशंका है कि युवक ट्रेन के दरवाजे पर खड़ा होकर सिगरेट पीने का प्रयास कर रहा होगा, इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वह नीचे गिर गया। हालांकि, पुलिस इसे केवल एक संभावना मानते हुए अन्य बिंदुओं पर भी जांच कर रही है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। परिजनों के आने का इंतजार किया जा रहा है।
उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर बफर परिक्षेत्र में वृक्षारोपण को लेकर दो गांवों के ग्रामीण आमने-सामने आ गए हैं। पतरेई के कक्ष क्रमांक पीएफ-75 कुदराहार में चल रहे कार्य का टेकन गांव के कुछ ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। दूसरी ओर, पतरेई गांव के बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने वन विभाग को पत्र देकर फलदार पौधे लगाने की मांग का समर्थन किया है। वन विभाग ने बड़े क्षेत्र में यह वृक्षारोपण कराया जा रहा है। विभाग का कहना है कि इससे ग्रामीणों को वर्तमान में रोजगार मिल रहा है। भविष्य में उन्हें फलदार पौधों और दैनिक उपयोग की वन उपज का भी लाभ मिलेगा। वृक्षारोपण विवाद सुलझाने में जुटा वन विभाग पतरेई, झाला और अतरिया के ग्रामीणों ने बताया कि इस क्षेत्र में बाघ और अन्य वन्यजीव रहते हैं। उनका तर्क है कि गांव से दूर वृक्षारोपण होने से वन्यजीव आबादी वाले क्षेत्रों की ओर कम आएंगे। साथ ही, ग्रामीणों को जंगल से दैनिक उपयोग की सामग्री भी आसानी से मिल सकेगी। वहीं, टेकन गांव के लगभग 10 ग्रामीण लगातार वृक्षारोपण का विरोध कर रहे हैं। वे इस कार्य को रुकवाने का प्रयास कर रहे हैं। इस मामले को लेकर वन विभाग दोनों पक्षों से चर्चा कर समाधान निकालने की तैयारी में है। वृक्षारोपण से ग्रामीणों और पर्यावरण दोनों को लाभ धमोखर परिक्षेत्र अधिकारी सचिन सिंह ने बताया कि अधिकांश ग्रामीण वृक्षारोपण के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि कुछ विरोध करने वाले लोगों को समझाइश दी गई है। उनके साथ बैठक कर इस विवाद का निराकरण किया जाएगा। सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि वृक्षारोपण से ग्रामीणों और पर्यावरण दोनों को लाभ होगा।
बुरहानपुर जिले में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और होमगार्ड्स, नागरिक सुरक्षा व आपदा प्रबंधन विभाग मिलकर 'आपदा मित्र' तैयार कर रहे हैं। ये वालंटियर बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में बचाव कार्यों में सहायता करेंगे। होमगार्ड्स आपदा प्रबंधन के प्लाटून कमांडर जितेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि सोमवार को नेपानगर में 150 युवाओं का पंजीकरण किया गया। इन पंजीकृत युवाओं को अब सात दिवसीय आपदा सिविल डिफेंस वालंटियर प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण कलेक्टर और होमगार्ड डायरेक्टर जनरल के निर्देशों पर जिले में आयोजित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य बाढ़ और अन्य आपदाओं से निपटने के लिए सिविल डिफेंस वालंटियर तैयार करना है। जिले में कहीं भी कोई घटना होने पर ये वालंटियर मौके पर पहुंचकर प्राथमिक कार्रवाई में मदद करेंगे। नेपानगर में हुए पंजीकरण के बाद अब प्रशिक्षण शुरू हो गया है। निःशुल्क किट प्रदान की जाएगीयह कार्यक्रम भूकंप आपदा तैयारी और क्षमतावर्धन के तहत आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण में वालंटियरों को भूकंप आपदा, जोखिम प्रबंधन, ध्वस्त संरचनाओं में खोज और बचाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षित किया जाएगा। श्री तोमर ने बताया कि जिले में कुल 500 आपदा मित्र तैयार किए जाएंगे, जिन्हें केंद्र सरकार की ओर से निःशुल्क किट प्रदान की जाएगी। प्रशिक्षण का पहला चरण सोमवार को नेपानगर में पंजीकरण के साथ शुरू हुआ। इसके बाद बुरहानपुर और खकनार में भी इसी तरह के प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। ये 500 आपदा मित्र अपनी सेवाएं निःशुल्क प्रदान करेंगे। नेपानगर में प्रशिक्षण के लिए युवाओं में काफी उत्साह देखा गया।
सीतामढ़ी जिले के परिहार थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक सड़क हादसे में ई-रिक्शा चालक मनोज साह (45) की मौके पर ही मौत हो गई। सूतिहारा गांव के पास स्कॉर्पियो और ई-रिक्शा की आमने-सामने की टक्कर हुई। इस दुर्घटना में एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो को पुलिस द्वारा कब्जे में लेने का विरोध किया और उसे घटनास्थल से ले जाने से रोक दिया। ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे सूचना मिलने पर परिहार, सुरसंड सहित आसपास के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस मृतक के परिजनों को न्याय दिलाने और उचित कार्रवाई करने के बजाय दुर्घटनाग्रस्त वाहन को हटाने में अधिक रुचि दिखा रही है। इसी नाराजगी के कारण ग्रामीण कई घंटों तक मौके पर डटे रहे और स्कॉर्पियो को हटाने नहीं दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि ई-रिक्शा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि स्कॉर्पियो को भी भारी नुकसान पहुंचा। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया मौके पर तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। काफी देर तक चली बातचीत और समझाइश के बाद स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया गया। इस संबंध में परिहार थानाध्यक्ष पंकज यादव ने बताया कि दुर्घटना के बाद पुलिस पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

