Saharanpur News: कलक्ट्रेट स्थित 100 साल से ज्यादा पुरानी मस्जिद को कोर्ट द्वारा अवैध करार देने पर ध्वस्त करा दिया गया। मस्जिद के नीचे एक 20 फीट गहरा कुआं मिला है, जिसकी जांच पुरातत्व विभाग से कराई जा रही है।
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Saharanpur News: कलक्ट्रेट स्थित 100 साल से ज्यादा पुरानी मस्जिद को कोर्ट द्वारा अवैध करार देने पर ध्वस्त करा दिया गया। इसे लेकर सपा समेत विपक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। अब इस मामले को हाईकोर्ट ले जाने की तैयारी हो रही है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि पुलिस द्वारा अंतिम रिपोर्ट (फाइनल/क्लोजर रिपोर्ट) दाखिल किए जाने के बावजूद मजिस्ट्रेट केस डायरी की सामग्री के आधार पर सीधे संज्ञान ले सकता है और आरोपियों को तलब कर सकता है। इसके लिए मजिस्ट्रेट पर सीआरपीसी की धारा 200 व 202 के तहत शिकायत प्रक्रिया अपनाने की बाध्यता नहीं है। यह आदेश न्यायमूर्ति संदीप जैन ने जीतू सोनी की याचिका पर उनके अधिवक्ता व अन्य को सुनकर दिया है। इसी के साथ कोर्ट ने सत्र अदालत के आदेश को रद्द करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट औरैया के तलब करने के आदेश को बहाल रखा। जानिये क्या है पूरा मामला मामले के तथ्यों के अनुसार 18 मार्च 2015 को बिधूना (औरैया) में सर्राफा दुकान बंद कर लौट रहे अनिल सोनी पर लाल रंग की पल्सर से आए सत्येंद्र उर्फ चुनमुन व नारायण ने जानलेवा हमला कर गोली मार दी थी। पुलिस जांच के दौरान घायल अनिल व वादी जीतू सोनी ने आरोपियों की पहचान की और मेडिकल रिपोर्ट में भी गोली लगने की पुष्टि हुई। इसके बावजूद जांच अधिकारी ने मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। वादी ने इसके खिलाफ प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल की। न्यायिक मजिस्ट्रेट औरैया ने रिपोर्ट खारिज की न्यायिक मजिस्ट्रेट औरैया ने क्लोजर रिपोर्ट खारिज कर सीआरपीसी की धारा 190(1)(बी) के तहत संज्ञान लेते हुए आरोपियों को आईपीसी की धारा 307 में तलब कर लिया। सत्र न्यायाधीश औरैया ने पुनरीक्षण याचिका स्वीकार करते हुए मजिस्ट्रेट के आदेश को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि मजिस्ट्रेट ने केस डायरी के आधार पर अपराध बनने का स्पष्ट निष्कर्ष दर्ज नहीं किया था। याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट सुप्रीम कोर्ट के नज़ीरों का हवाला देते हुए कहा कि पुलिस रिपोर्ट पर मजिस्ट्रेट पुलिस के निष्कर्षों से बंधा नहीं होता। वह सीआरपीसी की धारा 190(1)(बी) के तहत केस डायरी में मौजूद गवाहों के बयानों और मेडिकल साक्ष्यों पर खुद स्वतंत्र रूप से विचार कर आरोपियों को सम्मन जारी कर सकता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संज्ञान लेने और सम्मन जारी करने के चरण में अदालत को केवल यह देखना होता है कि प्रथम दृष्टया मामला बनता है या नहीं। इस स्तर पर सबूतों के विस्तृत मूल्यांकन या आरोपी के बचाव पर विचार करने की आवश्यकता नहीं होती। इसी के साथ हाईकोर्ट ने सत्र अदालत के आदेश को त्रुटिपूर्ण मानते हुए रद्द कर दिया और न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा आरोपियों को मुकदमे के लिए तलब करने के आदेश को पूरी तरह सही ठहराया।
प्रयागराज के मुट्ठीगंज में लाठी-डंडों व लोहे की रॉड से लैस होकर हमला करने के मामले का मुख्य आरोपी विशाल केसरवानी सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। सूत्रों के मुताबिक वह एक मौजूदा विधायक का करीबी है और इसी को लेकर मोहल्ले में दबंगई करते फिरता था। उधर मारपीट में घायल दोनों युवकों की हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें लेकर लखनऊ चले गए हैं। यह पूरा प्रकरण मुट्ठीगंज में 6 और 7 सितंबर को लगातार दो दिन हुए उपद्रव से संबंधित है। 6 सितंबर को रामभवन चौराहे पर आयोजित मटकीफोड़ प्रतियोगिता के दौरान विशाल केसरवानी व उसके साथियों ने दूसरे पक्ष से मारपीट की थी। अगले दिन फिर रात 9:30 बजे उसने अपने साथियों के साथ मिलकर दूसरे पक्ष पर लाठी-डंडों, लोहे की रॉड और ईंट-पत्थर से हमला किया। इसमें विशाल अग्रहरि और नितेश अग्रहरि गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। इनमें से एक का जबड़ा टूट गया है, जबकि दूसरे के हाथ-पैर व सिर में गंभीर चोट पहुंची है। पुलिस देर रात तक अन्य नामजद आरोपियों की तलाश में दबिश देती रही। 3 तस्वीर देखिए… लोहे की रॉड लेकर पहुंचे, देखते ही देखते एक-दूसरे पर हमला घटना रविवार रात 9:30 बजे के करीब हुई थी। यहां 15-20 युवक लाठी-डंडों और लोहे की रॉड लेकर रामभवन चौराहे पर पहुंचे और मोहल्ले में ही रहने वाले स्थानीय लड़कों को ललकारने लगे। इस पर दूसरी ओर से भी बड़ी संख्या में युवक जुट गए। इसके बाद दोनों पक्षों में गाली-गलौज शुरू हुई और फिर देखते ही देखते दोनों पक्ष एक-दूसरे पर टूट पड़े। दोनों पक्ष के युवकों ने एक दूसरे को लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। इससे भी मन नहीं भरा तो ईंट-पत्थर चलाने लगे। करीब 15 मिनट तक दोनों ओर से पथराव होता रहा। इस दौरान सड़क जंग का मैदान बनी रही। सरेआम हुई इस घटना से मोहल्ले में दहशत फैल गई और स्थानीय लोग भी घरों में दुबक गए। करीब 15 मिनट बाद मामला शांत हुआ तो मोहल्ले के ही विशाल और नितेश गंभीर रूप से जख्मी हाल में सड़क पर पड़े मिले थे। सूचना पर पुलिस पहुंची और फिर दोनों को निजी अस्पताल में ले जाया गया जहां गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती कर लिया था। थानाध्यक्ष मुट्ठीगंज मनोज कुमार सिंह ने बताया कि वीडियो फुटेज से मुख्य आरोपी विशाल केसरवानी को गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया गया है। उस पर पांच मुकदमे पहले से दर्ज हैं। 9 नामजद समेत 24 पर एफआईआर इस मामले में आयोजन कमेटी के सचिन कुमार अग्रहरि की तहरीर पर रविवार देर रात 9 नामजद समेत 24 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। तहरीर में उसने बताया, पांच सितंबर को रामभवन चौराहे पर जनमाष्टमी का कार्यक्रम कराया जा रहा था। वहीं पर कुछ अराजक लोग आकर कमेटी के सदस्यों के साथ मारपीट करने लगे तो कमेटी के सदस्यों ने किसी तरह मामला शांत कराया। 6 सितंबर की रात लगभग 9:30 बजे फिर से 20-25 लोग लाठी डंडा, धारदार औजार, लोहे की रॉड व असलहा लेकर आए और मारपीट करने लगे। इनमें ऋषि केसरवानी, श्रीराम जी केसरवानी (घोन्टू), हर्ष केसरवानी, लक्ष्य केसरवानी, राज कुमार केसरवानी (गुड्डू रावण), वंश केसरवानी, गोपाल केसरवानी, विशाल केसरवानी, उत्कर्ष केसरवानी व अन्य 15 लोग शामिल थे। मारपीट में नितेश अग्रहरि , विशाल अग्रहरि गंभीर रूप से चोटिल हुए और उन्हें ICU में भर्ती कराना पड़ा है। घटना में प्रदीप कुमार अग्रहरि, सेजल अग्रहरि, अनु अग्रहरि, नगीना अग्रहरि , साक्षी जायसवाल व अमिता अग्रहरि भी चोटिल हुए। वीडियो भी सामने आया सरेआम हुए इस तांडव का वीडियो भी सामने आया है। इसमें दाेनों गुट हाथों में लाठी-डंडे और लोहे की रॉड लेकर एक-दूसरे पर हमला करते नजर आ रहे हैं। कुछ देर बाद यही युवक ईंट-पत्थर चलाने लगते हैं। इस दौरान मौके से गुजरने वाले राहगीरों में अफरातफरी मचते भी दिखाई देती है। पहले भी हुआ था झगड़ा बताया जा रहा है रविवार को हुए खूनी संघर्ष की वजह एक दिन पहले इसी चौराहे पर हुआ विवाद रहा। शनिवार रात मटकी फोड़ प्रतियोगिता के दौरान यहां युवकों के दो गुट आपस में भिड़ गए और पुर उनमें जमकर मारपीट हुई थी। युवकों ने एक-दूसरे पर लात-घूंसे और थप्पड़ बरसाए। दोनों गुटों के बीच सड़क पर काफी देर तक मारपीट होती रही। इससे कार्यक्रम में मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हजारों की भीड़ के बीच शुरू हुआ था विवादमटकी फोड़ प्रतियोगिता देखने के लिए आसपास के इलाके से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। देर रात कार्यक्रम चल ही रहा था, इसी दौरान युवकों के दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। पहले दोनों पक्षों में कहासुनी हुई और देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया था। दोनों गुटों के युवक एक-दूसरे पर टूट पड़े। किसी ने थप्पड़ मारे तो किसी ने लात-घूंसे चलाए। मारपीट के दौरान युवक एक-दूसरे को दौड़ाकर पीटते नजर आए। अचानक हुए इस बवाल से कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। लोग इधर-उधर हटने लगे और कुछ देर के लिए प्रतियोगिता भी प्रभावित हुई। पुलिसकर्मियों के सामने करते रहे थे मारपीटबवाल की सूचना मिलने पर मुट्ठीगंज पुलिस मौके पर पहुंची थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पुलिसकर्मियों के पहुंचने के बाद भी कुछ युवक मारपीट करते रहे। बताया जा रहा है कि विवाद में शामिल कुछ युवक नशे की हालत में थे। पुलिस ने स्थिति संभालने के बाद कुछ युवकों को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। हालांकि, मामला थाने पहुंचने के बाद किसी भी पक्ष ने पुलिस को लिखित तहरीर नहीं दी। दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौते की बात सामने आने के बाद पुलिस ने हिरासत में लिए गए युवकों को थाने से छोड़ दिया था। पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ी थी प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हालात इस कदर बेकाबू हुए कि पुलिसकर्मियों के पहुंचने के बाद भी दोनों गुट नहीं रुके। इस पर पहले उन्हें रोकने की कोशिश की गई। नहीं मानने पर पुलिसकर्मियों ने उपद्रव कर रहे युवकों की धुनाई शुरू कर दी। एक पुलिसकर्मी ने थप्पड़ बरसाए तो दूसरे ने लाठियां भांजकर उपद्रवियों को खदेड़ा। यह पूरी घटना कैमरे में भी कैद हुई।
सितंबर 2025 में बरेली में हुई हिंसा के मामले में मौलाना तौकीर रज़ा खान की ज़मानत अर्ज़ी खारिज करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि गुस्ताख-ए-नबी की एक ही सज़ा, सर तन से जुदा, सर तन से जुदा नारे की तुलना नारा-ए-तकबीर, अल्लाह-हू-अकबर, जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल, जय श्री राम या हर हर महादेव जैसे धार्मिक नारों से नहीं की जा सकती। जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव की बेंच ने कहा कि जहां ये नारे संबंधित भगवान या गुरु के प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं, वहीं सर तन से जुदा नारा कानून के अधिकार के साथ-साथ भारत की संप्रभुता और अखंडता के लिए एक चुनौती के अलावा और कुछ नहीं था और इसने लोगों को हथियारबंद विद्रोह के लिए उकसाया, जो कानून के तहत दंडनीय है। कोर्ट ने जमानत देने से इंकार किया कोर्ट ने रज़ा को ज़मानत देने से इनकार कर दिया और कहा कि वह इस चरण में आवेदक को ज़मानत पर रिहा करने के पक्ष में नहीं है। रज़ा पर 26 सितंबर 2025 को हुई हिंसा के सिलसिले में बरेली में दर्ज एफआईआर का मामला चल रहा है। वह 27 सितंबर 2025 से जेल में हैं। अभियोजन पक्ष के अनुसार, मुस्लिम समुदाय के सदस्यों से इस्लामिया इंटर कॉलेज के मैदान में इकट्ठा होने और अपने खिलाफ कथित अत्याचारों और झूठे मामलों का विरोध करने के लिए कहा गया। रोक के बावजूद जुटी भीड़ इसके बाद स्थानीय प्रशासन ने बीएनएसएस की धारा 163 के तहत आदेश जारी कर सार्वजनिक स्थान पर पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगाई। राज्य ने आरोप लगाया कि रोक के बावजूद, लगभग 200-250 लोग इस्लामिया इंटर कॉलेज के मैदान की ओर बढ़े। जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो भीड़ ने कथित तौर पर सर तन से जुदा के नारे लगाए, पत्थर और पेट्रोल बम फेंके और पुलिस पार्टी पर गोलीबारी की, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा। तौकरी रजा दंगों का मुख्य आरोपी राज्य सरकार ने रज़ा को बरेली दंगों का मुख्य सूत्रधार और मास्टरमाइंड भी बताया। रज़ा का कहना था कि वह इसके आयोजन या इसमें शामिल होने में शामिल नहीं थे, क्योंकि उन्हें 26 सितंबर को सुबह लगभग 10 बजे नज़रबंद कर दिया गया, इसलिए वे घटना स्थल पर मौजूद नहीं थे। यह तर्क दिया गया कि उन्होंने न तो कोई भाषण दिया और न ही कोई ऐसी अपील की जिसे हिंसा, अव्यवस्था या सार्वजनिक शांति भंग करने के लिए उकसाने वाला माना जा सके। इंटर कालेज में इकट्ठा होने को कहा हाईकोर्ट ने कहा कि रज़ा घटना स्थल पर मौजूद नहीं हैं और सह-आरोपी फरहत अली के घर पर नज़रबंद हैं। हालांकि, कोर्ट ने गौर किया कि आवेदक ने मुस्लिम समुदाय के सदस्यों से शुक्रवार की नमाज़ के बाद इस्लामिया इंटर कॉलेज में इकट्ठा होने का आह्वान किया था, ताकि सरकारी कार्रवाई का विरोध किया जा सके और बरेली के ज़िला मजिस्ट्रेट के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जा सके। रज़ा के ख़िलाफ़ आरोपों पर विचार करते हुए हाईकोर्ट ने विशेष रूप से सर तन से जुदा नारे की प्रकृति पर बात की। जय श्री राम से बराबरी नहीं कोर्ट ने कहा: उक्त नारे की तुलना 'नारा-ए-तकबीर, अल्लाहु-अकबर', 'जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल', या 'जय श्री राम' या 'हर हर महादेव' जैसे अन्य नारों से नहीं की जा सकती। कोर्ट ने समझाया कि ये अन्य नारे संबंधित ईश्वर या गुरु के प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं। इसके विपरीत, कोर्ट ने टिप्पणी की कि सर तन से जुदा नारा कानून के अधिकार के साथ-साथ भारत की संप्रभुता और अखंडता के लिए एक चुनौती के अलावा और कुछ नहीं है और यह लोगों को सशस्त्र विद्रोह के लिए उकसाता है जो कानून के तहत दंडनीय है। कोर्ट ने गौर किया कि इतनी बड़ी सभा के लिए स्थानीय प्रशासन से अनुमति लिए बिना ही लोगों को इकट्ठा होने का आह्वान किया गया। हालांकि, आवेदक ने दावा किया कि अनुमति न मिलने और बीएनएसएस की धारा 163 लागू होने के बाद यह आह्वान रद्द कर दिया गया, लेकिन कोर्ट ने पाया कि इसके बावजूद समुदाय के सदस्य इस्लामिया मैदान की ओर बढ़े। कोर्ट ने आगे कहा कि जब पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोका तो भीड़ ने कथित तौर पर दंगा किया और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, जिससे पुलिसकर्मी घायल हो गए। कोर्ट ने यह भी देखा कि घटना के बाद आवेदक का व्यवहार - जिसमें उन्होंने अपनी अपील पर प्रतिक्रिया देने के लिए लोगों को धन्यवाद देते हुए भाषण दिया और उनके कार्यों की सराहना की - जिसे कोर्ट ने स्वीकार्य नहीं किया। परिणामस्वरूप कोर्ट ने ज़मानत अर्जी खारिज कर दी।
नई दिल्ली में सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के बाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ दिल्ली-MCD ने पूरी दिल्ली में इमारतों की जांच के आदेश दिए हैं। MCD ने सभी जोन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियरों (बिल्डिंग) से अपने क्षेत्र की इमारतों का निरीक्षण कर 10 सितंबर तक रिपोर्ट देने को कहा है। सत्य निकेतन में रविवार को एक बिल्डिंग गिरने से 7 लोगों की मौत हुई थी और कम से कम 6 लोग घायल हुए थे। इसी हादसे के बाद यह आदेश जारी किया गया है। जांच के दौरान जुटाई गई जानकारी को दिल्ली हाईकोर्ट में 10 दिन के भीतर दाखिल किए जाने वाले हलफनामे में शामिल किया जाएगा। हादसे के 3 आरोपी गिरफ्तार, दंपती 14 दिन की रिमांड पर पुलिस के मुताबिक, सत्य निकेतन में पांच मंजिला बिल्डिंग गिरने के मामले में प्रॉपर्टी मालिक उर्मिला गुप्ता, उनके पति हरिराम गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि प्रॉपर्टी उर्मिला गुप्ता के नाम पर रजिस्टर्ड है, लेकिन इसका प्रबंधन और संचालन उनके पति और बेटे के पास था। सोमवार रात इन तीनों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। जस्टिस भव्य खराल ने हरिराम और उर्मिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, जबकि महेश को 2 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने PG संचालकों और लेबर कॉन्ट्रैक्टर को पकड़ने के लिए भी तलाश शुरू कर दी है। उनकी भूमिका की जांच की जाएगी। मैप के जरिए समझिए हादसे की लोकेशन… MCD ने साउथ जोन के 5 अधिकारी सस्पेंड किए हादसे के बाद MCD ने साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार को सोमवार को सस्पेंड कर दिया। उनके साथ चार इंजीनियरिंग अधिकारियों को भी विभागीय कार्रवाई पूरी होने तक सस्पेंड किया गया है। इसके बाद IAS अधिकारी शाश्वत सौरभ को MCD के साउथ जोन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। 2016 बैच के AGMUT कैडर के IAS अधिकारी सौरभ अभी साउथ वेस्ट जोन के डिप्टी कमिश्नर हैं।
लखनऊ के मोहिबुल्लापुर स्थित मारुति नंदन श्री कृष्ण लीला मैदान ट्रस्ट की ओर से कृष्ण जन्मोत्सव के चौथे दिन सोमवार को माता रानी के जागरण का आयोजन किया गया। जागरण में देर रात तक भक्तों ने माता रानी के भजनों का आनंद लिया और जयकारे लगाए। जागरण में कलाकार आदित्य मधुर, सिद्धेश्वर अवस्थी, मयंक शुक्ला और आरती सोनी ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति दी। कलाकारों ने मेरी मैया का दरबार, छोड़ेंगे ना तेरा साथ मैया मरते दम तक,चलो बुलावा आया है, तूने मुझे बुलाया शेरावालिए, अंबे तू है जगदंबे काली और भोर भई दिन चढ़ गया जैसे भजनों से माहौल भक्तिमय कर दिया। बाल कलाकारों ने भी दी प्रस्तुति दी आर्गन पर शिवांश पांडेय, ढोलक पर अभिषेक सिंह और पैड पर नवीन ने संगत की। भजनों के दौरान श्रद्धालु माता रानी के जयकारे लगाते हुए झूमते नजर आए। कार्यक्रम में क्षेत्र के स्थानीय बाल कलाकारों ने भी प्रतिभाग किया। आशी शर्मा, अंजलि शर्मा, माही गुप्ता, अन्विका शर्मा और अद्विक सहित अन्य बाल कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का ध्यान खींचा। क्षेत्र के लोगों को एकजुट करने का प्रयास ट्रस्ट के संरक्षक प्रदीप शुक्ल टिंकू ने कहा कि कृष्ण जन्मोत्सव के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के जरिए क्षेत्र के लोगों को एकजुट करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों और युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ने का काम करते हैं। अध्यक्ष ओमप्रकाश लोधी ने कहा कि जागरण में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शामिल होकर माता रानी का आशीर्वाद लिया। ट्रस्ट की ओर से आगे भी धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। क्षेत्र में आपसी भाईचारा का संदेश उपाध्यक्ष अजीत सिंह ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य क्षेत्र में आपसी भाईचारा और धार्मिक वातावरण को बढ़ावा देना है। जागरण में शामिल सभी कलाकारों और भक्तों का ट्रस्ट की ओर से आभार जताया गया। कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष राजेश शर्मा, संगठन प्रचार मंत्री विपिन गुप्ता, संयुक्त सचिव राजू पांडे सहित बड़ी संख्या में भक्त और ट्रस्ट परिवार के सदस्य शामिल हुए।
इंदौर में DCP जोन-2 कार्यालय में पदस्थ महिला पुलिसकर्मी निकिता जोशी ने अपनी सतर्कता और सूझबूझ से 6 साल के बच्चे की जान बचा ली। ड्यूटी खत्म होने के बाद शाम को घर पहुंचीं निकिता को घर के सामने स्थित मंदिर परिसर से बच्चों के लगातार चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। बच्चों की आवाज में घबराहट महसूस होते ही वह तुरंत मंदिर परिसर की ओर दौड़ीं। मंदिर के पीछे झाड़ियों में एक करीब 6 साल का बच्चा अचेत अवस्था में पड़ा था। आवाज देने पर भी वह कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था। निकिता ने देखा कि बच्चे के हाथ में बिजली का तार था। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने सूझबूझ से बच्चे को बिजली के तार से अलग किया। तार हटते ही बच्चे ने आंखें खोलीं और रोते हुए कहा, “दीदी, मुझे अस्पताल ले चलो… नहीं तो मैं मर जाऊंगा।” इसके बाद निकिता ने बच्चे को गोद में उठाया और परिजनों की मदद से तुरंत अस्पताल पहुंचाया। समय पर इलाज मिलने से बच्चे की जान बच गई। बच्चों की आवाज सुनते ही दौड़ीं निकिताशाम को ड्यूटी समाप्त कर घर पहुंचीं निकिता जोशी को मंदिर परिसर से बच्चों के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। बच्चों की घबराहट देखकर उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। वह तुरंत मौके पर पहुंचीं तो मंदिर के पीछे झाड़ियों में बच्चा अचेत पड़ा मिला। बच्चे के हाथ में बिजली का तार होने से मामला गंभीर था। निकिता ने बिना घबराए स्थिति को संभाला और बच्चे को तार से अलग किया। बोला- अस्पताल ले चलो, नहीं तो मर जाऊंगा बिजली के तार से अलग होते ही बच्चे ने आंखें खोलीं। वह रोते हुए निकिता से अस्पताल ले चलने की गुहार लगाने लगा। बच्चे की हालत गंभीर देखकर निकिता ने तुरंत उसे गोद में उठाया। परिजनों की मदद से उसे बिना देरी अस्पताल पहुंचाया गया। समय पर इलाज मिलने से बच्चे की जान बच गई। परिजनों ने जताया महिला पुलिसकर्मी का आभार मासूम के परिजनों ने निकिता जोशी की तत्परता, साहस और मानवीय संवेदना के लिए उनका आभार जताया। एक पुलिसकर्मी की सतर्क नजर और सही समय पर लिया गया फैसला बच्चे के लिए जीवनरक्षक साबित हुआ। निकिता की त्वरित कार्रवाई से बच्चे को समय पर इलाज मिल सका।
सागर में जहरीली शराब से हुई 20 से अधिक मौतों के बाद आबकारी विभाग ने अब अवैध शराब के साथ-साथ इसके निर्माण और परिवहन से जुड़े नेटवर्क पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। सभी कलेक्टरों से जिलों में संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित जांच, अचानक छापेमारी और संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने सभी कलेक्टरों को दिए निर्देश में कहा है कि प्रदेश में अवैध मदिरा के निर्माण, स्टोरेज, बिक्री और अवैध परिवहन पर सख्ती से एक्शन लिया जाए और इसके लिए प्रदेशभर में स्पेशल ड्राइव चलाया जाए। कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों, अपर आबकारी आयुक्त, राज्य स्तरीय उड़नदस्ता तथा संभागीय उड़नदस्ता को अपने स्तर पर आवश्यक सूचना एवं कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें साफ कहा गया है कि अवैध शराब के साथ-साथ इसके निर्माण और परिवहन से जुड़े नेटवर्क पर भी लगातार निगरानी रखी जाए। संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित जांच, अचानक छापेमारी और संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। 1. संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और निगरानी हर जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण, परिवहन एवं बिक्री के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित किया जाएगा। इन क्षेत्रों में नियमित और आकस्मिक चेकिंग के साथ संदिग्ध व्यक्तियों एवं स्थानों पर निगरानी रखी जाएगी। 2. सूचना तंत्र को मजबूत किया जाएगा अवैध शराब से संबंधित प्राप्त सूचनाओं का तत्काल सत्यापन कराया जाएगा। सूचना सही पाए जाने पर मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 तथा लागू नियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखने के भी निर्देश हैं। 3. दबिश, तलाशी और जब्ती पर जोर अवैध मदिरा के निर्माण स्थल, भट्ठियों, अड्डों, संग्रहण एवं बिक्री स्थलों पर विशेष अभियान के तहत प्रभावी दबिश दी जाएगी। तलाशी और जब्ती की कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी। पंचनामा, जब्ती और अन्य दस्तावेजी कार्रवाई नियमानुसार करने के निर्देश दिए गए हैं। 4. अवैध परिवहन पर कड़ी नजर संवेदनशील मार्गों, जिला सीमाओं और चिन्हित स्थानों पर वाहनों की आकस्मिक जांच की जाएगी। संदिग्ध वाहनों में अवैध मदिरा अथवा अन्य प्रतिबंधित, संदिग्ध सामग्री मिलने पर नियमों के अनुसार तत्काल कार्रवाई होगी। वाहन की स्थिति में वाहन क्रमांक, चालक, स्वामी का विवरण सहित आवश्यक जानकारी दर्ज करने को कहा गया है। 5. हर प्रकरण में साक्ष्य की गुणवत्ता महत्वपूर्ण अपराध सामने आने पर आबकारी अधिनियम और लागू नियमों के अनुसार तत्काल प्रकरण दर्ज किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्रवाई के दौरान साक्ष्य की गुणवत्ता और दस्तावेजीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि न्यायालयीन प्रक्रिया में प्रकरण मजबूती से प्रस्तुत हो सके। 6. लंबित मामलों की समीक्षा जिन मामलों में गिरफ्तारी की कार्रवाई लंबित है, उनकी समीक्षा कर प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं। फरार और वांछित आरोपियों की अलग सूची तैयार कर उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जाएगी। लंबित आबकारी प्रकरणों, जमानत, राजसात, अभिरक्षा संबंधी मामलों और महत्वपूर्ण न्यायालयीन प्रकरणों की भी समीक्षा कर लंबित कार्रवाई पूरी करने को कहा गया है। 7. लाइसेंसी परिसरों की जांच लाइसेंसी परिसरों में अवैध मदिरा के विक्रय, भंडारण, लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन या अन्य गंभीर अनियमितता की सूचना मिलने पर नियमानुसार निरीक्षण और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि गंभीर अनियमितताओं को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाए। 8. विशेष गश्त और समन्वित कार्रवाई संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार रात्रिकालीन गश्त, आकस्मिक निरीक्षण और विशेष वाहन जांच की जाएगी। अंतर-जिला एवं अंतर-राज्यीय अवैध मदिरा परिवहन की संभावना वाले मार्गों पर संबंधित जिलों के बीच समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर पुलिस विभाग के साथ संयुक्त प्रवर्तन कार्रवाई भी की जाएगी। 9. गंभीर प्रकरणों की विशेष रिपोर्ट बड़े पैमाने पर अवैध शराब की बरामदगी, संगठित अवैध निर्माण, व्यवसाय, अंतर-जिला या अंतर-राज्यीय परिवहन, बड़ी मात्रा में लाहन, स्प्रिट की बरामदगी, संगठित आपराधिक गतिविधि या जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम वाले मामलों की पृथक एवं विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर तत्काल वरिष्ठ कार्यालय को भेजी जाएगी। 10. दैनिक प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य विशेष अभियान के दौरान प्राप्त सूचनाओं, सत्यापन, दबिश, तलाशी, वाहन जांच, जब्ती, पंजीबद्ध प्रकरण, गिरफ्तार, फरार आरोपियों, न्यायालयीन कार्रवाई तथा जब्त मदिरा, लाहन एवं अन्य सामग्री का विवरण निर्धारित प्रारूप में प्रतिदिन दर्ज करना होगा। यदि किसी मद में कार्रवाई या जानकारी उपलब्ध नहीं है तो संबंधित कॉलम में ‘शून्य’ अंकित करने के निर्देश हैं। कोई भी कॉलम खाली नहीं छोड़ा जाएगा। जिला प्रभारी अधिकारियों को दैनिक समीक्षा के बाद प्रगति रिपोर्ट आबकारी आयुक्त, राज्य स्तरीय उड़नदस्ता और भोपाल को भेजनी होगी। 11. जवाबदेही तय करने के निर्देश विश्वसनीय सूचना पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं करने, गंभीर अनियमितता की उपेक्षा करने अथवा सौंपे गए दायित्व के निर्वहन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी, कर्मचारी की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी और नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी। 12. व्यक्तिगत पर्यवेक्षण जरूरी सहायक आबकारी आयुक्त, जिला आबकारी अधिकारी को अपने जिले में व्यक्तिगत रूप से निगरानी एवं समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को क्षेत्रवार जिम्मेदारी देते हुए प्रभावी एवं पर्यवेक्षित कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। बड़े पैमाने पर अवैध शराब की बरामदगी होने पर वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल अवगत कराना होगा।
नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से रूदौली विधायक रामचंद्र यादव ने सोमवार, 7 सितंबर की शाम मुलाकात की। यह मुलाकात रुदौली विधानसभा क्षेत्र के विकास और जनसुविधाओं के विस्तार को लेकर हुई। इस दौरान विधायक ने क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं और विकास योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने एक मांग पत्र भी सौंपा और जरूरी कार्रवाई की मांग की। विधायक रामचंद्र यादव ने केंद्रीय मंत्री से अयोध्या-बाराबंकी सीमा पर राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर एक भव्य प्रवेश द्वार बनाने की मांग की। उन्होंने बताया कि अयोध्या भगवान श्रीराम की नगरी है। यह विश्व की धार्मिक और सांस्कृतिक राजधानी बन रही है। हर दिन लाखों श्रद्धालु और रामभक्त अयोध्या आते हैं। उन्होंने कहा कि लखनऊ की तरफ से अयोध्या में प्रवेश करते ही एनएच-27 पर एक भव्य और आकर्षक प्रवेश द्वार बनना चाहिए। यह द्वार अयोध्या की पौराणिक महिमा के अनुरूप होगा। यह बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत का प्रतीक भी बनेगा। विधायक ने मंत्री से अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश देने का अनुरोध किया। विधायक ने दूसरी अहम मांग एनएच-27 पर लखनऊ से अयोध्या के बीच भेलसर ओवरब्रिज से जुड़ी उठाई। यह ओवरब्रिज किलोमीटर संख्या 90से 92 के बीच स्थित है। उन्होंने बताया कि ओवरब्रिज के दोनों तरफ ऊंची दीवारें बनी हैं। इन दीवारों के कारण स्थानीय लोगों, राहगीरों और अयोध्या जाने वाले श्रद्धालुओं को आने-जाने में बहुत दिक्कत होती है।सर्विस रोड बंद होने से जाम लगता है। आपात स्थिति में भी परेशानी होती है। विधायक ने लोगों के हित को देखते हुए इन दीवारों को हटाने या कोई दूसरा इंतजाम करने की मांग की। इसके अलावा,विधायक ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को एक समारोह के लिए आमंत्रित किया। यह समारोह नवसृजित नगर पंचायत माँ कामाख्या धाम में होगा। यहां भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। विधायक ने गडकरी को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया। उन्होंने कहा कि मंत्री जी का आना क्षेत्र के लोगों के लिए गर्व की बात होगी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने विधायक की सभी मांगें ध्यान से सुनीं।उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जांच करने और उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
लखनऊ के महानगर थाने में शिकायत लेकर पहुंची एक प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका पर महिला दरोगा से मारपीट करने और थप्पड़ मारने का आरोप लगा है। महिला दरोगा की तहरीर पर शिक्षिका के खिलाफ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं, शिक्षिका ने महिला दरोगा पर उनकी शिकायत की सुनवाई न करने का आरोप लगाया है। इंस्पेक्टर महानगर अखिलेश कुमार मिश्र के मुताबिक विज्ञानपुरी हल्का प्रभारी महिला दरोगा सान्या निरंजन शनिवार को क्षेत्र में गश्त पर थीं। इसी दौरान उन्नाव के सर्वोदयनगर निवासी शिक्षिका अंजली का विज्ञानपुरी क्षेत्र में किसी व्यक्ति से विवाद हो गया था। विवाद के बाद शिक्षिका शिकायत लेकर महानगर थाने पहुंची थीं। शिकायत सुनाने के दौरान भड़की शिक्षिका पुलिस के अनुसार, महिला दरोगा कुछ देर बाद थाने पहुंचीं। शिक्षिका ने उन्हें अपनी शिकायत बताई, जिस पर दरोगा कार्रवाई कर रही थीं। आरोप है कि इसी दौरान शिक्षिका अचानक भड़क गईं और दरोगा से हाथापाई करने लगीं। वह जोर-जोर से चिल्लाने लगीं। पुलिस का आरोप है कि अन्य पुलिसकर्मियों के पहुंचने से पहले शिक्षिका ने महिला दरोगा को थप्पड़ मार दिया और उनकी वर्दी फाड़ने का प्रयास किया। इसके बाद महिला पुलिसकर्मियों ने दोनों को अलग किया। घटना के बाद दरोगा ने शिक्षिका के खिलाफ तहरीर दी। सरकारी कार्य में बाधा का भी केस दर्ज इंस्पेक्टर के मुताबिक दरोगा की तहरीर पर शिक्षिका के खिलाफ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। शिक्षिका पीलीभीत जिले के एक प्राथमिक विद्यालय में तैनात हैं। शिक्षिका बोलीं- मेरी शिकायत नहीं सुनी गई वहीं, शिक्षिका का आरोप है कि वह अपनी शिकायत लेकर थाने पहुंची थीं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि महिला दरोगा थाने पहुंचने के बाद उनकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय दूसरे काम में व्यस्त हो गईं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि प्राथमिक जांच में शिक्षिका के आरोप निराधार पाए गए हैं। पुलिस के मुताबिक महिला दरोगा उनकी बात सुन रही थीं, लेकिन इसी दौरान शिक्षिका अचानक आक्रोशित होकर हाथापाई करने लगीं। इंस्पेक्टर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ में आरएसएस, भाजपा और बजरंग दल को लेकर सार्वजनिक मंच से कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में आजाद समाज पार्टी के नेता बदर अली के खिलाफ आखिरकार छह दिन बाद मुकदमा दर्ज हो गया। रेलवे रोड पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर बीएनएस की धारा 353(2), 197, 190 और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। मामले में अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही की ओर से लगातार कार्रवाई की मांग की जा रही थी। रविवार को मुकदमा दर्ज नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दिए जाने के अगले ही दिन सोमवार सुबह पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली। मामला बदर अली के एक 29 सेकेंड के वायरल वीडियो से जुड़ा है। वीडियो को किसी सार्वजनिक सभा का बताया जा रहा है, जिसमें वह लोगों को संबोधित करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में बदर अली अपनी पार्टी की राजनीतिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहते दिखाई देते हैं कि उनकी पार्टी के पास न सांसद हैं, न विधायक और न ही पैसे वाले लोग हैं। इसके बावजूद वे शहर और लोगों के लिए लठ लेकर खड़े हैं। इसके बाद वह सभा में मौजूद लोगों से कहते हैं कि जिस दिन उन्होंने ताकत दे दी और उनके हाथों को वजूद मिल गया, उस दिन भाजपा, बजरंग दल और आरएसएस से जुड़े लोग कई बार सोचेंगे कि अब किसी टोपी वाले को नहीं मारना है। वीडियो सामने आने के बाद बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया। सचिन सिरोही ने जताया विरोधअखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने इसका विरोध किया। उन्होंने बदर अली पर भड़काऊ भाषण देने और सांप्रदायिक टकराव की स्थिति पैदा करने की साजिश का आरोप लगाया। सिरोही ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर वायरल वीडियो के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। शिकायत के बाद भी तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं होने पर मामला यहीं नहीं रुका। सचिन सिरोही एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति, डीआईजी कलानिधि नैथानी समेत कई अधिकारियों से मिले। उन्होंने अधिकारियों के सामने पूरे मामले को रखा और कार्रवाई की मांग की। छह दिन तक नहीं हुई एफआईआरलगातार शिकायतों के बावजूद करीब छह दिन तक पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। इस दौरान वीडियो को लेकर दोनों पक्षों में बयानबाजी भी चर्चा में रही। सचिन सिरोही ने रविवार को पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस दबाव में काम कर रही है। उन्होंने साफ कहा कि यदि बदर अली के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। इसके बाद सोमवार सुबह रेलवे रोड पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। इससे मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। वीडियो की जांच करेगी पुलिसपुलिस ने वायरल वीडियो को मुकदमे का आधार बनाया है। अब वीडियो की सत्यता, उसकी रिकॉर्डिंग की जगह और समय के साथ ही बयान के पूरे संदर्भ की जांच की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि वीडियो किस सार्वजनिक सभा का है और इसमें बदर अली ने पूरा भाषण किस संदर्भ में दिया था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा है। यह जवाब एक मृत व्यक्ति के आधार नंबर का इस्तेमाल कर लर्निंग लाइसेंस जारी होने के दावे पर मांगा गया है। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि अगर ऐसा DL (ड्राइविंग लाइसेंस) जारी हुआ है, तो ऑनलाइन सिस्टम में यह कैसे संभव हुआ। इस सवाल पर सरकार की ओर से अभी तक कोई साफ जवाब नहीं दिया जा सका है। जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस सैयद कमर हसन रिजवी की बेंच ने यह आदेश संतोष मिश्रा की जनहित याचिका पर दिया। याचिका में आधार कार्ड के आधार पर लर्निंग और ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की मौजूदा ऑनलाइन व्यवस्था को चुनौती दी गई है। इसमें केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 11 और आधार वेरिफिकेशन से जुड़े नियमों को भी चुनौती दी गई है। कोर्ट ने नियम 11 के मामले में अटॉर्नी जनरल ऑफ इंडिया को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। आधार कार्ड उम्र का सही प्रमाण नहीं याचिका में कहा गया है कि लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में आधार में दर्ज जानकारी का इस्तेमाल हो रहा है। जबकि, आधार कार्ड उम्र का सही प्रमाण नहीं है। ऐसे में सिर्फ आधार जानकारी के आधार पर लाइसेंस जारी करने से कम उम्र के लोगों को भी लाइसेंस मिलने की आशंका है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट में दस्तावेज पेश कर दावा किया कि एक मृत व्यक्ति के आधार नंबर का इस्तेमाल कर उसके नाम से लर्निंग लाइसेंस जारी कर दिया गया। एक और उदाहरण देते हुए बताया गया कि आधार जानकारी के साथ अश्लील तस्वीरें ऑनलाइन अपलोड होने के बावजूद लर्निंग लाइसेंस जारी हो गया। याचिकाकर्ता ने इसे व्यवस्था की कमी बताते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जोड़ा है। सरकार ने याचिका में लगाए गए आरोपों का विरोध किया। सरकार ने कहा कि सिर्फ आधार नंबर देने से लाइसेंस अपने आप जारी नहीं होता। लाइसेंस के लिए दूसरी औपचारिकताएं भी पूरी करनी पड़ती हैं। हालांकि, मृत व्यक्ति के नाम लाइसेंस जारी होने के दावे पर कोर्ट के सवाल का सरकार की ओर से कोई साफ जवाब नहीं दिया जा सका। मामले की अगली सुनवाई छह हफ्ते बाद होगी।
शाहजहांपुर में राज्य कर विभाग की विशेष जांच शाखा (SIB) बरेली की टीम ने सोमवार दोपहर करीब 2 बजे जमौर क्षेत्र स्थित सर्वश्री प्लाई वेड प्रोडक्ट्स की प्लाईवुड फैक्टरी पर छापा मारा। फर्म पर बिना बिल और कच्चे बिल के जरिए माल बेचकर टैक्स चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। करीब 20 सदस्यीय टीम ने पुलिस की मदद से फैक्टरी और व्यापार स्थल पर एक साथ तलाशी ली। कार्रवाई कई घंटे तक चली। घोषित कारोबार और टैक्स भुगतान में अंतर SIB अधिकारियों के मुताबिक, फर्म की गोपनीय रेकी और शुरुआती जांच में घोषित कारोबार, वास्तविक व्यापारिक गतिविधियों और टैक्स भुगतान में अंतर सामने आया था। इसके बाद अधिकारियों से सर्च वारंट लेकर कार्रवाई की गई। तलाशी के दौरान फैक्टरी में 100 से अधिक कर्मचारी काम करते मिले। शुरुआती रिकॉर्ड की जांच में पता चला कि फर्म ने पिछले साल 70 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री दिखाई थी। इसके मुकाबले करीब 34 लाख रुपये का टैक्स जमा किया गया। 55 करोड़ की सब्जी-दाल की बिक्री पर सवाल जांच में अधिकारियों को रिकॉर्ड में करीब 55 करोड़ रुपये की सब्जी, दाल और अन्य टैक्स-फ्री या कम टैक्स वाली वस्तुओं की बिक्री भी दर्ज मिली। इन वस्तुओं पर टैक्स देनदारी नहीं बनी थी। अधिकारियों के मुताबिक, फर्म का मुख्य कारोबार प्लाईवुड और उससे जुड़े उत्पादों का निर्माण व बिक्री है। तलाशी के दौरान फैक्टरी और व्यापार स्थल पर सब्जी, दाल या ऐसी अन्य वस्तुओं के कारोबार से जुड़ी गतिविधियां नहीं मिलीं। असली कारोबार छिपाने की आशंका SIB अधिकारियों को शुरुआती जांच में आशंका है कि टैक्स योग्य प्लाईवुड कारोबार को टैक्स-फ्री या कम टैक्स देनदारी वाली वस्तुओं की बिक्री के रूप में दिखाकर टैक्स देनदारी कम करने की कोशिश की गई हो सकती है। हालांकि, अधिकारियों ने इसे अभी प्रारंभिक जांच का मामला बताया है। वास्तविक कारोबार और रिकॉर्ड में दर्ज बिक्री के बीच अंतर की विस्तृत जांच की जा रही है। अकाउंट और बिल बुक समेत रिकॉर्ड जब्त तलाशी के दौरान टीम ने फैक्टरी और व्यापार स्थल से अकाउंट बुक, बिल बुक, खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज और अन्य जरूरी रिकॉर्ड जब्त किए हैं। परिसर में मौजूद माल के स्टॉक का भी मिलान किया जा रहा है। SIB अधिकारियों ने बताया कि जांच अभी जारी है। अभिलेखों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण करने के बाद वास्तविक कर अपवंचन की राशि निर्धारित की जाएगी। इसके आधार पर नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
SGPGI के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने कैंसर से जूझ रहे दो मासूमों की जटिल सर्जरी कर नया जीवन दिया है। मौजूदा समय में दोनों की स्थिति स्थिर है। वे अच्छी तरह स्वस्थ हो रहे हैं। इनमें ढाई वर्षीय बच्ची गुर्द के कैंसर और चार वर्षीय बच्चा का पैंक्रियाज कैंसर से पीड़ित था। पीडियाट्रिक जर्सरी विभाग के प्रमुख डॉ.बसंत कुमार के निर्देशन में दोनों बच्चों के जटिल ऑपरेशन किये गए हैं। गंभीर कंडीशन में थे दोनों बच्चे डॉ.बसंत कुमार के मुताबकि बिहार की चार वर्षीय बच्ची के परिजन पेट में बड़ी गांठ की शिकायत लेकर ओपीडी में आए थे। जांच में उसे विल्म्स ट्यूमर (किडनी का कैंसर) निकला। ट्यूमर मुख्य नस के रास्ते ऊपर चढ़कर सीधे हदय के दाहिने हिस्से तक पहुंच गया था। पीडियाट्रिक सर्जरी, सीटीवीएस और एनेस्थीसिया विभाग की टीम ने हार्ट-लंग मशीन की मदद से हदय और मुख्य नस से ट्यूमर को सुरक्षित बाहर निकाला। यह छोटे बच्चों में होने वाला एक प्रकार का गुर्दे का कैंसर है। इसे समय पर इलाज से पूरी तरह ठीक हो सकता है। वहीं, शाहजहांपुर का चार वर्षीय बालक के पैंक्रियाज में बड़ा ट्यूमर था। यह आसपास के अंगों को प्रभावित कर रहा था। डॉक्टरों ने जटिल व्हिपल सर्जरी कर ट्यूमर ग्रसित अंगों को निकालकर पाचन तंत्र को दोबारा बनाया। इन डॉक्टरों की टीम ने किया ऑपरेशन पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. बसंत कुमार, डॉ.अंकुर मंडेलिया, डॉ. अंजू वर्मा, डॉ. तरुण कुमार, सीटीवीएस विभाग के डॉ.शांतनु पांडे, डॉ. अरीब खान और एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. आशीष कन्नौजिया, डॉ. पल्लव सिंह व डॉ. कोमल पासवान शामिल रहे।
कौशांबी में सोमवार रात शराब के नशे में एक युवक ने पत्नी और ससुर पर हमला कर दिया। घटना में पति-पत्नी और ससुर तीनों घायल हो गए। पुलिस ने सभी को सीएचसी करारी पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। मामला करारी थाना क्षेत्र के जमदुआ गांव का है। गेहूं बेचने को लेकर हुआ विवाद जमदुआ निवासी रमेश शराब पीने का आदी बताया जा रहा है। सोमवार शाम वह घर में रखा गेहूं चोरी करके बेचने जा रहा था। उसकी पत्नी शोभा देवी ने उसे रोकने की कोशिश की। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि रमेश ने शोभा देवी के सिर पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गईं। बेटी को बचाने पहुंचे ससुर पर चाकू से वार बेटी के साथ मारपीट की जानकारी मिलने पर शोभा देवी के पिता पंचम मौके पर पहुंचे। आरोप है कि रमेश ने पंचम पर भी चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद शोभा देवी और पंचम ने भी रमेश पर पलटवार किया। मारपीट में तीनों घायल हो गए। तीनों जिला अस्पताल रेफर घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को सीएचसी करारी ले गई। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने तीनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घायलों की पहचान पंचम पुत्र कल्लू, शोभा देवी पत्नी रमेश सरोज और रमेश पुत्र राजा के रूप में हुई है। तीनों जमदुआ गांव के रहने वाले हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बागपत में एक अदालत ने 5 साल के बच्चे से यौन उत्पीड़न के आरोपी को 10 साल की कठोर जेल की सजा सुनाई है। उस पर 13 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। यह फैसला घटना के करीब 3 साल बाद आया है। पीड़ित बच्चे के पिता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। आरोपी माना उर्फ खालिद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। यह मामला तभी से अदालत में चल रहा था। मामला खेकड़ा कोतवाली क्षेत्र का है। आरोपी ने 5 साल के बच्चे को बहला-फुसलाकर उसका यौन उत्पीड़न किया था। बच्चे ने घर जाकर अपने माता-पिता को पूरी बात बताई थी। सभी गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। एडीजीसी नरेंद्र पवार के मुताबिक, अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों के बयान के बाद अपना फैसला सुनाया है। अगर आरोपी जुर्माना जमा नहीं करता है, तो उसे 2 महीने और जेल में रहना होगा।
गुजैनी पुलिस ने सिलाई कारीगर के बंद मकान से 10 लाख की चोरी में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका सगा भाई फरार है। पकड़े गए आरोपी की पहचान रेउना के रूप नगर घुघुवा निवासी शिवम सोनकर उर्फ प्रिंशु के रूप में हुई है। करीब 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस ने आरोपी को एकता पार्क से पकड़ा। 13 अगस्त को बंद मकान में घुसकर की चोरी डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि मूलरूप से औरैया के अजीतमल निवासी सिलाई कारीगर अनिरुद्ध सिंह पिछले 15 वर्षों से परिवार समेत पिपौरी बिहारीपुरवा में रह रहे है। उनकी पत्नी सरिता मेहरबान सिंह का पुरवा स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल के सामने स्टेशनरी की दुकान चलाती है। 13 अगस्त की दोपहर में चोरों ने बंद मकान में घुसकर करीब ढाई लाख रुपये नकद व साढ़े सात लाख जेवर पार कर दिए थे। सूचना के बाद पुलिस ने करीब 150 सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो आरोपियों की पहचान हो गई। डीसीपी ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी शिवम अपने भाई सत्यम सोनकर उर्फ प्रद्युम के साथ मिलकर चोरी और लूट की घटनाओं को अंजाम देता था। आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में होगी कार्रवाई सिलाई कारीगर के यहां चोरी से पहले पास के एक निर्माणाधीन मकान में दोनों राजमिस्त्री का काम कर रहे थे। काम के दौरान उन्होंने रेकी और फिर घटना को अंजाम दिया। पकड़े गए शिवम पर नौबस्ता और हनुमंत विहार में पहले से ही लूट और चोरी के तीन मामले दर्ज हैं। इसके पास से 5500 रुपए नकद, दो अंगूठी, एक चेन, एक मंगलसूत्र व चांदी का सामान समेत करीब छह लाख रुपये का माल बरामद किया गया है। आरोपियों के गैंग्स्टर की कार्रवाई के साथ ही इनकी हिस्ट्रीशीट भी खोली जाएगी।
पीलीभीत में पति को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मुकदमे का सामना कर रही महिला को सत्र अदालत से राहत मिली है। सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी रेखा देवी की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद यह आदेश दिया। फोन कॉल को लेकर पति-पत्नी में हुआ था विवाद पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, यह मामला 4 जून 2026 की रात का है। मृतक धर्मेंद्र कुमार की मां माया देवी ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि रात करीब 8 बजे धर्मेंद्र ने अपनी पत्नी रेखा को किसी अन्य व्यक्ति से फोन पर बात करते हुए पकड़ लिया था। इसको लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई। शिकायत के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर पति-पत्नी के बीच मारपीट और झगड़ा भी हुआ। पत्नी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप मृतक की मां ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान रेखा ने धर्मेंद्र को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और उसे जलील करते हुए आत्महत्या करने के लिए उकसाया। परिजनों का आरोप है कि पत्नी की कथित प्रताड़ना से परेशान होकर धर्मेंद्र ने आत्महत्या कर ली। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की थी। बचाव पक्ष ने आरोपों को बताया गलत मामले में आरोपी रेखा देवी की ओर से सत्र अदालत में जमानत याचिका दाखिल की गई। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि रेखा ने अपने पति को प्रताड़ित नहीं किया और उसे मामले में बेवजह फंसाया गया है। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि मुकदमा दर्ज कराने में देरी हुई, जिससे अभियोजन की कहानी पर सवाल उठते हैं। अदालत ने मंजूर की जमानत दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार की अदालत ने आरोपी रेखा देवी की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। अदालत ने उसे रिहा करने का आदेश दिया।
मांग पूरी न होने पर की थी दामाद की हत्या:ससुरालियों ने नकद लेकर बुलाया था, 15 महीने बाद मुकदमा दर्ज
लखनऊ में एक महिला ने बहू और उसके परिजनों पर पांच लाख रुपए की मांग को लेकर बेटे को प्रताड़ित करने और उसकी मौत का आरोप लगाया है। कैंट थाने में सुनवाई न होने पर पीड़िता ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फतेहपुर चौरासी के ओसिया उन्नाव निवासी ममता सिंह के मुताबिक, उनके बेटे ज्ञानेन्द्र प्रताप की शादी 30 नवंबर 2020 को नीलमथा निवासी युतिका से हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद युतिका और उसके परिजन ज्ञानेन्द्र पर परिवार से अलग रहने का दबाव बनाने लगे। ममता का आरोप है कि बहू और उसके परिजन आंगनबाड़ी में नौकरी लगवाने के नाम पर पांच लाख रुपए की मांग कर रहे थे। 25 मई 2025 को ज्ञानेन्द्र को रुपए लेकर चलने की बात कहकर अपने साथ ले गए। इस दौरान परिवार ने करीब साढ़े तीन लाख रुपए की व्यवस्था भी की थी। इसके बाद ममता को वापस भेज दिया गया। 29 मई को उन्हें बेटे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना मिली। मामले में कैंट पुलिस से शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर ममता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इंस्पेक्टर कैंट के अनुसार, कोर्ट के आदेश पर युतिका समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।
संभल में बनाए गए अस्थाई पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में सोमवार शाम ट्रेनिंग के दौरान दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। दोनों को नाक, आंख और छाती में चोट आई है। प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया। बाद में दोनों को बहजोई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना शाम करीब 6 बजे की बताई जा रही है। मामला बहजोई क्षेत्र के ईश्वरदास टेक्निकल इंस्टीट्यूट का है। दौड़ के दौरान हुआ विवाद ट्रेनिंग सेंटर में गगन उपाध्याय पुत्र ओमप्रकाश उपाध्याय और अंकित सिंह पुत्र मन्नू सिंह ट्रेनिंग ले रहे हैं। बताया जा रहा है कि शाम की शिफ्ट में दौड़ के दौरान दोनों के आगे-पीछे होने को लेकर कहासुनी हुई। इसके बाद दोनों के बीच विवाद की बात सामने आई। घटना के बाद ट्रेनिंग सेंटर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। दोनों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहजोई लाया गया। इसके बाद मामले की जानकारी सामने आई और अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी। डॉक्टर ने चोटों की पुष्टि की सीएचसी बहजोई के डॉ. सचिन वर्मा ने बताया कि ट्रेनिंग सेंटर से दो ट्रेनी पुलिसकर्मी गगन और अंकित को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था। दोनों के नाक, आंख और छाती में चोट थी। चोट कैसे लगी, इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी। प्राथमिक इलाज के बाद दोनों को हायर सेंटर रेफर किया गया। दोनों के परिजनों को भी घटना की जानकारी दे दी गई है। एसपी बोले- गिरने से घायल हुए सोमवार रात करीब 9:30 बजे एसपी विकास चंद्र पांडेय ने मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अस्थाई ट्रेनिंग सेंटर में पुलिसकर्मी की ट्रेनिंग चल रही थी। शाम की शिफ्ट में दौड़ लगाते समय आगे-पीछे होने के दौरान दोनों जमीन पर गिरकर घायल हुए। एसपी ने कहा कि दोनों को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया था। अभी तक झगड़े की बात सामने नहीं आई है और पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रेनिंग सेंटर में किसी भी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लखनऊ के फैजुल्लागंज की मामा कॉलोनी, पवन बिहार कॉलोनी और गोमती बिहार में जलभराव की समस्या से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कालोनियों में जलभराव के बावजूद एंटीलार्वा का छिड़काव और फागिंग नहीं कराई जा रही है। इससे 12 से ज्यादा लोग बुखार, उल्टी-दस्त की चपेट में हैं। ये हुए बीमार सामाजिक कार्यकर्ता ममता त्रिपाठी ने बताया कि पवन बिहार कॉलोनी में सरिता (12), गुड्डू (7), विपिन (10), नेहा (8), जान्हवी (14), सूरज साहू (22), नितिन (14), रीता (10), संगीता (12), अनिल (9), राहुल (20) और राघवेंद्र (17) तेज बुखार से पीड़ित हैं। इसके अलावा कई लोगों के शरीर, खासकर पैरों में खुजली वाले दाने निकल आए हैं। लोगों ने जलभराव दूर कराने, साफ पानी की आपूर्ति, नियमित फागिंग और एंटीलार्वा छिड़काव कराने की मांग की है। जलभराव के कारण कालोनियों में गंदगी और दुर्गंध बनी हुई है। सबमर्सिबल से भी बदबूदार पानी आने की शिकायत है। मार्ग प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से रात में लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। जलभराव के कारण घरों में जीव-जन्तु घुसने की घटनाएं भी हो रही हैं। समस्या के बावजूद कॉलोनी के अंदर मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंच रही हैं। 80 घरों का लिया जायजा जल भराव व संक्रामक रोग प्रभावित क्षेत्र का सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जायजा लिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुराना दाऊदनगर पहुंचकर 80 घरों का भ्रमण किया। टीम ने लोगों की सेहत का हाल जाना। बीमारी से बचाव के लिए जरूरी एहतियात बरतने की सलाह दी। स्वास्थ्य टीम ने लिया जायजा अलीगंज नगरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी शालिनी, फैजुल्लागंज नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की डॉ.आसमा ने टीम के साथ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। घर-घर जाकर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी। जरूरत के अनुसार क्लोरीन की गोलियां और ओआरएस के पैकेट वितरित किए गए। संक्रमण से प्रभावित लोगों की स्थिति की जानकारी लेने के साथ जरूरी जांच और दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
इंदौर से आगरा जा रही बस पलटी, 7 लोग घायल:शाजापुर में टायर फटने से हादसा, 15 यात्री सवार थे
शाजापुर में नेशनल हाईवे 52 पर सोमवार रात करीब 9 बजे एक यात्री बस पलट गई। यह हादसा मझानिया के पास हुआ। बस में सवार सात लोग घायल हो गए। घटना के समय बस में कुल 15 यात्री सवार थे। यह बस इंदौर से आगरा की ओर जा रही थी। यात्रियों ने बताया कि बस का टायर फटने से यह हादसा हुआ और बस सड़क पर तेजी से पलट गई। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 और सुनेरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारी मौके पर पहुंचे सड़क हादसे की जानकारी मिलने पर एसपी प्रियंका शुक्ला और एडिशनल एसपी घनश्याम मालवीय भी घटनास्थल पर पहुंचे और जायजा लिया। जिला अस्पताल में नायब तहसीलदार ने घायलों के बारे में जानकारी ली। राहत की बात यह है कि इस हादसे में सभी यात्रियों की हालत फिलहाल सामान्य है और किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। घायलों का शाजापुर जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसे में ये लोग घायल हुए अंकुश (21 वर्ष, मुरैना), जितेंद्र (40 वर्ष, हाथरस यूपी), सोनू (25 वर्ष, मुरैना), गंगा सिंह (28 वर्ष, आगरा), दीपक (27 वर्ष, मुरैना), मीना (50 वर्ष, इंदौर) और बरनिया (40 वर्ष, रसगांव)।
अयोध्या के कारसेवकपुरम सभागार में सोमवार को विश्व हिन्दू परिषद (VHP) का 62वां स्थापना दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में VHP के केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय मुख्य वक्ता रहे। इस दौरान उन्होंने कहा- देश के 15 हजार से ज्यादा संतों ने हिन्दू समाज में जागरूकता पैदा करने का काम किया, जिसका परिणाम श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के रूप में सामने आया। चंपत राय ने कहा-हिन्दू समाज को किसी एक परिभाषा, वेशभूषा या पूजा पद्धति तक सीमित नहीं किया जा सकता। त्योहार और उत्सव लोगों को एक सूत्र में जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने विश्व हिन्दू परिषद की स्थापना के पीछे की सोच बताते हुए कहा कि साल 1964 में जन्माष्टमी के दिन मुंबई स्थित सांदीपनी साधनालय में स्वामी चिन्मयानंद के आश्रम में संगठन की नींव रखी गई थी। 200 साल पहले विदेश ले जाए गए मजदूरों का दिया उदाहरण चंपत राय ने कहा-अंग्रेज बड़ी संख्या में भारतीय समाज के लोगों को पानी के जहाजों से दुनिया के अलग-अलग समुद्री द्वीपों में मजदूरी के लिए ले गए और वहीं छोड़ दिया। ये लोग अपने साथ गोस्वामी तुलसीदास की रामचरितमानस और गीता जैसी धार्मिक पुस्तकें लेकर गए थे। यही परंपरा आज भी उन लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ती है। चंपत राय ने मॉरिशस, त्रिनिडाड, म्यांमार, सूरीनाम और फिजी का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां रहने वाले लोग भारत से दूर होने और हिन्दी नहीं जानने के बावजूद खुद को हिन्दू मानते हैं। हिन्दुओं को एक सूत्र में जोड़ने के लिए बना संगठन चंपत राय ने बताया-गुरु गोलवलकर के मन में विश्व के हिन्दुओं को एक सूत्र में जोड़ने के लिए एक गैर-राजनीतिक संगठन बनाने का विचार आया था। इसका उद्देश्य हिन्दू समाज के हित में काम करना था। इसी सोच के साथ 1964 में विश्व हिन्दू परिषद की स्थापना हुई। संगठन ने हिन्दू समाज में धर्मांतरण रोकने, परावर्तन, छुआछूत जैसी कुरीतियों को दूर करने और समाज को साक्षर, संस्कारवान तथा आर्थिक रूप से सक्षम बनाने को अपने प्रमुख उद्देश्यों में रखा। 75 हजार से ज्यादा गांवों और 25 देशों में किया काम चंपत राय के मुताबिक, विश्व हिन्दू परिषद आज भारत के 75 हजार से ज्यादा गांवों और शहरों के अलावा दुनिया के 25 देशों में वहां के कानूनों का पालन करते हुए काम कर रही है। संगठन के मार्गदर्शन के लिए संतों को प्रमुख भूमिका दी गई है। देशभर में संतों की ओर से जगाई गई जागरूकता का परिणाम श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के रूप में दिखाई दे रहा है। दीप प्रज्ज्वलन से शुरू हुआ कार्यक्रम कार्यक्रम की शुरुआत रामवल्लभा कुंज के प्रमुख स्वामी राजकुमार दास और चंपत राय ने भारत माता तथा राम परिवार के चित्र के सामने दीप प्रज्ज्वलित कर की। VHP के केंद्रीय मंत्री हरिशंकर ने कार्यक्रम की विषय अवधारणा प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन आचार्य ऋषभ और प्रदीप ने किया। वेद विद्यालय के बटुकों ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। इस दौरान स्वामी राजकुमार दास ने कहा- सभी को देश के वैभव और समाज के लिए निरंतर काम करने का संकल्प लेना चाहिए। ये लोग रहे मौजूद कार्यक्रम में महानगर संघ चालक विक्रमा प्रसाद पाण्डेय, कारसेवकपुरम प्रभारी शिवदास सिंह, क्षेत्रीय गो सेवा प्रमुख प्रेमशंकर भारद्वाज, उमेश पोरवाल, वीरेंद्र वर्मा और वेद विद्यालय के सभी आचार्य मौजूद रहे। अब जानिए कौन हैं चंपत राय?
बालोद जिला मुख्यालय में पहली बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर दही लूट और मटकी फोड़ प्रतियोगिता हुई। यह आयोजन रविवार को सरदार पटेल मैदान में कृष्णा जन्मोत्सव समिति ने किया। देर रात तक चले इस उत्सव में गोविंदाओं ने 35 फीट ऊंची क्रेन पर बंधी मटकी फोड़ी। प्रतियोगिता में डोंगरगढ़ के मनमोहना ग्रुप सलोनी ने पहला स्थान हासिल किया। उन्हें 60 हजार रुपए का इनाम मिला। रायपुर की जय मां शीतला संजारी दही लूट समिति दूसरे नंबर पर रही और 30 हजार रुपए जीते। मध्यप्रदेश के मलाजखंड से आई टीम को तीसरा पुरस्कार दिया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश भाजपा महामंत्री यशवंत जैन, पूर्व भाजपा मंत्री राकेश यादव और भाजपा जिला महामंत्री सौरभ लुनिया ने विजेता टीमों को पुरस्कार दिए। पहले देखिए तस्वीरें 20 हजार से अधिक दर्शक हुए शामिल भाजयुमो जिलाध्यक्ष एवं आयोजन समिति प्रमुख गुलशन साहू ने बताया कि दही हांडी लूट प्रतियोगिता का यह पहला वर्ष था। ऐतिहासिक रूप से जिलेभर से करीब 20 हजार से अधिक लोग कार्यक्रम देखने पहुंचे। लक्की डीजे और अंकित धुमाल की जुगलबंदी के बीच गोविंदाओं ने मटकी फोड़ी। कार्यक्रम के दौरान आयोजन समिति की ओर से तहसीलदार संध्या नामदेव, बालोद टीआई शिशुपाल सिन्हा, साइबर प्रभारी धरम सिंह भुआर्य, महिला थाना टीआई गायत्री शर्मा, सीता गोस्वामी, अंकित धुमाल के संचालक अंकित देशमुख, लक्की DJ के संचालक लक्की साहू, DJ यम के संचालक सहित कार्यक्रम में सहयोग प्रदान करने वाले अन्य लोगों को सम्मानित किया गया। युवक-युवती थिरकते नजर आए, सड़कें रहीं बंद कार्यक्रम की शुरुआत रात 8 बजे हुई। इससे पहले ही जय स्तंभ चौक से दल्ली चौक तक रास्ते को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया था। इस दौरान राजनांदगांव से धमतरी की ओर जाने वाले वाहनों को पाररास बायपास से डायवर्ट कर दिया गया। कार्यक्रम में इतनी भीड़ रही कि लोग पटेल मैदान के सामने डिवाइडर पर बैठकर भी कार्यक्रम देखते नजर आए। युवक-युवतियां डीजे-धुमाल की धुन पर थिरकते नजर आए। यह आयोजन ऐतिहासिक रहा - राकेश यादव उत्सव के दौरान संबोधित करते हुए भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री राकेश यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव इतने वृहद स्तर पर करना बालोद के लिए ऐतिहासिक रहा है। भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव को कृष्णा जन्मोत्सव समिति ने ऐतिहासिक बना दिया। उन्होंने गुलशन साहू और उनकी पूरी टीम को सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने पर बधाई दी। कार्यक्रम के दौरान हिमांशु साहू, सौरभ जैन, अभिन्न यादव, कमल बजाज, समकित सांखला, रजत जैन, जागेश्वर ढीमर, आशुतोष कौशिक, राहुल सोनी, सुमित जैन, राहुल साहू, धनंजय साहू, नितेश सोनकर, जीत यदु, चित्रांश देशमुख, तेषांत देशमुख, अमित बिसाई, सचिन, पुष्कर, अर्पित दुबे और नमन साहू मौजूद रहे।
आगरा एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में रविवार से प्रदेशीय सब-जूनियर बालक फुटबॉल प्रतियोगिता का आगाज हो गया। खेल निदेशालय और यूपी फुटबॉल संघ के संयुक्त तत्वावधान में 7 से 14 सितंबर तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में 18 मंडलों के अलावा लखनऊ और सैफई स्पोर्ट्स कॉलेज सहित कुल 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं। प्रतियोगिता का उद्घाटन मुख्य अतिथि एत्मादपुर विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने किया। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी संजय शर्मा और आगरा फुटबॉल संघ के अध्यक्ष बिल्लू चौहान ने बुके देकर उनका स्वागत किया। राजेश यादव ने बैज और पटका पहनाया। मुख्य अतिथि ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया और आशीर्वचन दिए। पहले दिन 6 मुकाबले, बरेली-प्रयागराज और बस्ती जीतेलीग कम नॉकआउट आधार पर खेली जा रही प्रतियोगिता में पहले दिन 6 मैच खेले गए। पहले मैच में बरेली ने मिर्जापुर को 4-1 से हराया। बरेली के लिए राघव ने 2, ईशान और देव ने 1-1 गोल किया। दूसरा मैच सबसे एकतरफा रहा, जिसमें वाराणसी ने झांसी को 12-0 से रौंद दिया। वाराणसी के तनुष पाल ने 4 गोल दागे। तीसरे मैच में प्रयागराज ने अयोध्या को 6-0 से शिकस्त दी। चौथे मैच में बस्ती ने सहारनपुर को 8-0 से हराया, आदित्य ने हैट्रिक लगाई। पांचवें मैच में आजमगढ़ ने देवीपाटन को 4-0 से हराया, जबकि दिन के आखिरी मैच में मेजबान आगरा मंडल ने चित्रकूट को 6-0 से हराकर शानदार शुरुआत की। आगरा के हरमन सिंह ने 4 गोल किए। इस मौके पर पूर्व क्रीड़ाधिकारी एसएस चौहान, अंतरराष्ट्रीय रेफरी देवोजीत यादव सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। संचालन हरदीप सिंह ने किया।
बाढ़ ने ट्रेनों पर लगाया ब्रेक, पटना-गया रेलखंड पर 10 मेमू मंगलवार को भी कैंसिल; कई के रूट बदले
बाढ़ की वजह से मंगलवार को गया-पटना और पटना-गया के बीच चलने वाली 10 मेमू ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। वहीं, आठ ट्रेनों का मार्ग बदलकर चलाने का फैसला लिया गया है।
कौशांबी में अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के दौरान 14 लोगों की मौत बाद कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने सोमवार से अवैध पटाखा भंडारण करने वालों के खिलाफ अभियान की शुरुआत की। जिसके तहत मूलगंज पुलिस ने एक गोदाम में छापा मारकर करीब 5.80 कुंतल पटाखा बरामद किया। पुलिस ने आरोपी दुकानदार के खिलाफ मुकदमा दर्जकर कार्रवाई शुरू की। मूलगंज थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि अवैध पटाखा का भंडारण और बिक्री करने वालों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान के तहत सोमवार को रोटी वाली गली निवासी मो. सुफियान के गोदाम में छापेमारी की गई। इस दौरान गोदाम से 5.80 कुंतल से अधिक पटाखा बरामद किया गया। जिसके बाद सुफियान को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह उन्नाव से पटाखा खरीदकर दीपावली के त्यौहार पर बेचने के लिए लाया था। जिसके बाद पटाखा बचने पर उसने गोदाम रख दिया था। फिलहाल मौके से रिंग कैप, वन्डर थ्रो, रेड क्रैकर, रोलिंग कैप, ओरिजनल पॉप-पॉप, विशाल कलर रेड क्रैकर, ओरिजनल मैजिक शॉट, विशाल कलर स्पार्कल, वाल गेट, रोल कैप आदि पटाखे बरामद किए। आरोपी के खिलाफ अवैध पटाखा भंडारण का मुकदमा दर्जकर कार्रवाई की जा रही है।
गोरखपुर में सोमवार को बीजेपी महानगर की नई कार्यसमिति की घोषणा की गई। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की निर्देश के बाद महानगर कार्यसमिति में अलग-अलग पदों पर पदाधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। कार्यसमिति में संगठन, मीडिया, सोशल मीडिया, आईटी और कार्यालय से जुड़े पदों के साथ बड़ी संख्या में सदस्यों को भी शामिल किया गया है। संगठन में अलग-अलग जिम्मेदारियां घोषित कार्यसमिति में सचिन गुप्ता को जिला सह कोषाध्यक्ष और राहुल साहनी को जिला मीडिया संयोजक बनाया गया है। अखिलानन्द त्रिपाठी और अनुराग गुप्ता को जिला मीडिया सह संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है। सोशल मीडिया से जुड़े दायित्वों में प्रियम शर्मा को जिला सोशल मीडिया संयोजक बनाया गया है। प्रखर पाण्डेय, रोहित सोनकर और किशन गुप्ता को जिला सोशल मीडिया सह संयोजक की जिम्मेदारी मिली है। आईटी और कार्यालय की जिम्मेदारी आईटी विभाग में समीर श्रीवास्तव को जिला संयोजक आईटी बनाया गया है। सत्यम चौधरी और जयदिन्यनाथ सिंह को जिला सह संयोजक आईटी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, विपुल त्रिपाठी और दिव्य प्रताप सिंह को जिला सह कार्यालय मंत्री बनाया गया है। बड़ी संख्या में सदस्यों को मिली जगह महानगर कार्यसमिति में संगठन के काम को आगे बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में सदस्यों को भी शामिल किया गया है। इनमें गौरव गुप्ता, मनोज सिंह, डी.एन. सिंह, राजन गुप्ता, पंकज सैनी, अविनाश राय चिंटू, राजेश तिवारी, सुनीशा श्रीवास्तव, सिद्धार्थ चक्रवर्ती, नागेन्द्र मिश्रा और रमेश चन्द्र गुप्ता शामिल हैं। इसके अलावा अरुण राय, मोहित बहाल, श्याम जी श्रीवास्तव, अरविन्द निषाद, पदमा गुप्ता, संदीप श्रीवास्तव, मिथिलेश श्रीवास्तव, कृष्ण कुमार गुप्ता, सोनिका खरवार और कृष्णचन्द वर्मा को भी सदस्य बनाया गया है। इन लोगों को भी मिली जिम्मेदारी कार्यसमिति के सदस्यों में डॉ. सुमन पाण्डेय, संजय कुमार सिंह (सोनू), किसन चौबे, भोलेन्द्र नारायण दूबे, अष्टभुजा शुक्ला, आशीष गुप्ता, पंकज पाण्डेय, सौरभ कुमार सिंह और प्रविण सिंह के नाम शामिल हैं। इसके साथ ही डॉ. विवेकानन्द सिंह, विष्णुकान्त शुक्ला, राजारमन गुप्ता, कौशल किशोर मल्ल, मिथलेश मल्ल, रमेश कुमार मिश्रा, सत्येन्द्र जायसवाल, प्रदीप निषाद और संतोष गोयल को भी कार्यसमिति का सदस्य बनाया गया है। कार्यसमिति में कई अन्य नाम भी शामिल कार्यसमिति में कृष्णपाल यादव, हरिजी पाण्डेय, गिरधारी अग्रहरी, सुरेश तिवारी, प्रकाश शुक्ला, कृष्ण कुमार मिश्रा, दिलिप जायसवाल, अभिषेक कुशवाहा और नवोदित त्रिपाठी को भी सदस्य की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा डॉ. सुनिल त्रिपाठी, रवि प्रताप सोनकर, होशिला सिंह, अशोक गुप्ता, राजेश कुमार श्रीवास्तव, अमितेश्वर पाण्डेय, संजीव सिंह सोनू, राजू प्रताप सिंह और अनिल सिंह को भी कार्यसमिति में सदस्य बनाया गया है। संगठन को मजबूत करने पर जोर नई कार्यसमिति में संगठन के अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारी देकर काम को व्यवस्थित करने की कोशिश की गई है। मीडिया और सोशल मीडिया के लिए अलग पदाधिकारी बनाए जाने के साथ आईटी और कार्यालय से जुड़े दायित्व भी तय किए गए हैं। बड़ी संख्या में सदस्यों को कार्यसमिति में शामिल किए जाने से संगठनात्मक गतिविधियों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
घाटमपुर के हिरनी गांव में रविवार को कच्चा मकान गिरने से पिता समेत तीन बेटियों की मौत हो गई, वही एक बेटी को गंभीर हालत में कानपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया। परिजनों ने डॉक्टर और साढ़ पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा हंगामा किया। डीएम ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया, 24 घंटे में पतारा सीएचसी में बड़ा फेरबदल होने के साथ घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। टीम घटना की एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट कानपुर डीएम को सौंपेगी। साढ़ थाना क्षेत्र के हिरनी गांव निवासी मृतक मुकेश के चेहरे भाई तेज बहादुर सिंह ने साढ़ पुलिस पर समय से न पहुंचने का आरोप लगाने के साथ पतारा सीएचसी के डॉक्टर समेत स्टॉप पर लापरवाही का आरोप लगाया था, सोमवार शाम पहुंचे कानपुर डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। डीएम ने घटना की जांच के लिए डिप्टी सीएमओ,घाटमपुर SDM और ACP समेत तीन सदस्यीय टीम गठित की है। टीम अपनी जांच रिपोर्ट एक सप्ताह में कानपुर डीएम को सौंपेगी, जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। पतारा CHC में कार्रवाई हिरनी गांव में मकान ढहने से पिता समेत तीन बेटियों की मौत एक को गंभीर हालत में कानपुर रेफर मामले में कानपुर मुख्यचिकित्साधिकारी डॉ हरिदत्त नेमी ने पतारा सीएचसी में बड़ा फेर बदल किया है। घायलऔर मृतकों को समय पर प्राथमिक इलाज न मिलने के आरोप पर ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर पतारा चिकित्साधीक्षक डॉ अभिषेक कटियार को पद से हटाकर बिल्हौर सीएचसी में (MO) के पद पर स्थानांतरित किया गया। वहीं, डॉ शशांक मिश्रा को घाटमपुर सीएचसी भेजा गया। फार्मासिस्ट मनीष त्रिपाठी का तबादला किया वही जांच में लापरवाही के मुख्य दोषी पाए गए स्वास्थ्य कर्मचारी वार्ड ब्वॉय शिवनाथ को निलंबित कर दिया गया है। घाटमपुर सीएचसी में तैनात डॉ जय प्रकाश प्रजापति को पतारा चिकित्साधीक्षक बनाया गया है। सीएमओ बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं कानपुर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ हरिदत्त नेमी ने बताया कि आपदा या आपातकालीन स्थिति में मरीजों की जान के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रोडवेज बस ने 3 दोस्तों को रौंदा, तीनों की मौत:बदायूं के बिसौली से घर लौट रहे थे, सभी संभल के निवासी
बदायूं के फैजगंज बेहटा थाना इलाके में मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर सैंडोला गांव के पास सोमवार रात करीब 8:30 बजे एक तेज गति रोडवेज बस ने बाइक को सामने से टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार तीन दोस्तों की मौत हो गई। तीनों दोस्त बदायूं के बिसौली से अपने घर लौट रहे थे। मृतकों की पहचान संभल के गांव भटोर, नरोली चंदौसी निवासी अचिन (24 वर्ष) पुत्र अशोक, विशाल (26 वर्ष) पुत्र प्रताप और नितिन (28 वर्ष) पुत्र रामोतार के रूप में हुई है। ये तीनों आपस में दोस्त थे। जानकारी के मुताबिक, तीनों सोमवार को बिसौली क्षेत्र के गांव रामनगर में विशाल की बुआ के घर गए थे। देखें, 2 तस्वीरें… वहां से तीनों एक ही बाइक पर सवार होकर अपने गांव लौट रहे थे। एमएफ हाईवे पर सैंडोला गांव के पास सामने से आ रही रोडवेज बस ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर फैजगंज बेहटा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों घायलों को एंबुलेंस से बिसौली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे में जान गंवाने वाला नितिन एसएम कॉलेज में बीए का छात्र था। तीन युवकों की एक साथ मौत की खबर उनके गांव पहुंची तो परिवारों में मातम छा गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और हादसे की जांच शुरू कर दी है।
शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों एवं शिक्षाविदों के सम्मान में प्रिंसिपल्स एंड टीचर्स अवॉर्ड 2026 के 15वें संस्करण का आयोजन किया गया। थार सर्वोदय संस्थान, सिम्पली जयपुर एवं रघु सिन्हा माला माथुर चैरिटी ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित समारोह में देशभर के शिक्षकों को सम्मानित किया गया। समारोह की मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार की पूर्व मंत्री एवं अभिनेत्री बीना काक रहीं। उन्होंने शिक्षकों के योगदान को नमन करते हुए कहा कि “शिक्षकों का सम्मान अपनी संस्कृति का सम्मान है।” उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे समाज के संस्कार, मूल्यों और भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जयपुर के 68 शिक्षक हुए सम्मानित आयोजक सोमेंद्र हर्ष ने कहा कि प्रिंसिपल्स एंड टीचर्स अवॉर्ड का 15वां संस्करण शिक्षकों की मेहनत, समर्पण और उपलब्धियों को सम्मान देने की महत्वपूर्ण पहल है। शिक्षक विद्यार्थियों में ज्ञान विकसित करने के साथ उन्हें प्रेरित करते हैं और रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करते हैं। इस वर्ष प्री-स्कूल, सरकारी एवं निजी विद्यालयों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों की अलग-अलग श्रेणियों में कुल 148 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इनमें जयपुर के 68 शिक्षक शामिल रहे। इसके अलावा जोधपुर, अजमेर, बाड़मेर, सिरोही, पाली, भीलवाड़ा, ब्यावर, करौली, सीकर, किशनगढ़, लक्ष्मणगढ़, हनुमानगढ़, जैसलमेर और जालोर सहित अन्य शहरों के शिक्षकों को भी सम्मान मिला। वहीं दिल्ली, लखनऊ, वृंदावन, छत्तीसगढ़ और बहरोड़ से आए शिक्षकों को भी उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए अवॉर्ड प्रदान किए गए। सात वरिष्ठ शिक्षकों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड रघु सिन्हा माला माथुर चैरिटी ट्रस्ट के ट्रस्टी सुधीर माथुर ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में अपना जीवन समर्पित करने वाले सात वरिष्ठ शिक्षकों को विशेष रूप से माला माथुर मेमोरियल ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड फॉर एक्सीलेंस इन एजुकेशन’ से सम्मानित किया गया। इस वर्ष प्रो. बी.के. शर्मा, डॉ. दीपक सक्सेना, डॉ. रश्मि पाटनी, डॉ. जयश्री भार्गव, अनुराधा टंडन, डॉ. सिद्धार्थ मोथड़िया और लवलीना सोगानी को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्रदान किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां समारोह में विद्यार्थियों ने शिक्षकों के सम्मान में आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। एम.जी.डी. स्कूल की छात्राओं ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। मान्या लखानी ने हुला हूप की शानदार प्रस्तुति दी, जबकि पदमा ने राजस्थानी लोक नृत्य पेश कर दर्शकों की तालियां बटोरीं। अन्य विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भी विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता, सम्मान और स्नेह व्यक्त किया। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. ज्योति जोशी ने किया।
नवादा के हिसुआ थाना क्षेत्र के पाचुंगढ़ स्थित चंद्रवंशी नगर में 1 सितंबर 2026 को दो पक्षों के बीच गोलीबारी हुई थी। इस घटना में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हुए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए नवादा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई। SIT ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीं, मुख्य आरोपी नीरज कुमार उर्फ कारू डॉन के खिलाफ वारंट, इश्तेहार और कुर्की की कार्रवाई की गई। पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई के 72 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। 10 अन्य आरोपियों के खिलाफ भी वारंट जारी पुलिस ने बताया कि इस मामले में शामिल 10 अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कोर्ट से वारंट मिल चुका है। सभी आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने विवादित, भ्रामक और भड़काऊ सामग्री फैलाई। पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम ऐसे पोस्ट पर लगातार नजर रख रही है। साइबर थाने में दो FIR, हिसुआ थाने में भी पांच मामले दर्ज इस मामले में साइबर थाने में 4 सितंबर 2026 को कांड संख्या 82/26 और 83/26 दर्ज किए गए हैं। वहीं, हिसुआ थाने में पांच और FIR दर्ज हैं, जिनमें कांड संख्या शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, सभी मामलों की जांच जारी है। विवादित पोस्ट हटाने के लिए जरूरत के हिसाब से आर्थिक अपराध इकाई (EOU) से भी तालमेल किया जा रहा है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए SDO सदर के आदेश पर धारा 163 BNS लागू की गई है। बगोदर, विश्वशांति चौक और अन्य संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल और सीनियर अधिकारियों को तैनात किया गया है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों और गलत जानकारियों पर भरोसा न करें। साथ ही, भड़काऊ पोस्ट को शेयर या फॉरवर्ड न करें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दोनों पक्षों पर मुकदमा, पूर्व एमएलसी अशोक चंद्रवंशी भी नामजद साइबर थाना पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। साइबर डीएसपी शाहनवाज अख्तर ने बताया कि एक मामले में पूर्व एमएलसी अशोक चंद्रवंशी और दूसरे में मोनू सिंह को नामजद किया गया है। पुलिस के अनुसार, एक पक्ष ने बहुजन समाज, जबकि दूसरे पक्ष ने सवर्ण समाज के प्रति आपत्तिजनक और भड़काऊ बयान दिए। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अनुसंधान के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आने पर उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पानीपत में कार की टक्कर से 2 महिलाओं की मौत:सड़क पार करते समय हादसा; काम के बाद घर लौट रही थीं
हरियाणा के पानीपत जिले में इसराना थाना क्षेत्र के अंतर्गत गांव नौल्था के पास एक सड़क हादसा हो गया। नेशनल हाईवे पार कर रही दो महिला मजदूरों को एक तेज रफ्तार अज्ञात कार ने टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में दोनों महिलाओं की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि आरोपी चालक घटना के बाद गाड़ी सहित मौके से फरार हो गया। मृतका महिलाओं की पहचान रेशमा (47) पत्नी रिंकू और सोनिया (42) पत्नी धर्मपाल के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दोनों महिलाएं इसराना की निवासी थीं और नौल्था स्थित एक फैक्ट्री में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करती थीं। दोनों महिलाएं अपना काम निपटाकर नेशनल हाईवे पार कर घर लौट रही थीं। इसी दौरान गोहाना ओर से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम बताया जा रहा है कि टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों महिलाएं गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ीं। आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए दोनों को इसराना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि, उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें पानीपत के सिविल अस्पताल रेफर कर दिया। सिविल अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने स्वास्थ्य जांच के बाद दोनों महिलाओं को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शुरू की जांच, कल होगा पोस्टमॉर्टम घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम करवाकर उन्हें शवगृह में रखवा दिया है। पुलिस का कहना है कि मंगलवार को शवों का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
दरभंगा में हर सोमवार की तरह इस सोमवार को भी जिलाधिकारी कौशल कुमार के कार्यालय में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में फरियादी अपनी-अपनी समस्याएं और शिकायतें लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी ने एक-एक कर लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मामलों की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जनता दरबार में पहुंचे फरियादियों से बातचीत करने पर सामने आया कि अधिकांश शिकायतें जमीन से जुड़े विवाद, अतिक्रमण, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने और भूमिहीन परिवारों को आवासीय जमीन उपलब्ध कराने से संबंधित थीं। कई फरियादियों ने लंबे समय से कार्यालयों और अंचल का चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने की बात कही। हायाघाट अंचल क्षेत्र की शाइस्ता ने बताया कि उनके दादाजी के नाम पर जमीन है। आरोप लगाया कि उनके चाचा जमीन पर कब्जा कर उन्हें हिस्सा देने से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जमीन को लेकर विवाद के दौरान उनकी अम्मी के साथ मारपीट भी की गई, जिसमें उनका सिर फोड़ दिया गया और मोबाइल तोड़ दिया गया। आवेदन दिया पर, कार्रवाई नहीं हुई शाइस्ता के अनुसार, मामले को लेकर थाना में भी आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। अंचल कार्यालय में भी आवेदन दिया गया था। 22 अगस्त को दोनों पक्षों को बुलाया गया था, लेकिन इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि न्याय की उम्मीद लेकर वह डीएम के जनता दरबार में पहुंची हूं। 70 साल की उम्र में भूमिहीन महिला ने मांगी जमीन बेनीपुर नगर क्षेत्र के वार्ड नंबर-14 की रहने वाली 70 वर्षीय हीरा देवी भी अपनी समस्या लेकर जनता दरबार पहुंचीं। उन्होंने बताया कि वह भूमिहीन हैं और सरकारी जमीन पर घर बनाकर रह रही थीं। उनका आरोप है कि वहां से उनका घर उजाड़ दिया गया और स्थानीय स्तर पर उनका गेट भी बंद कर दिया गया है, जिससे उनके सामने रहने की समस्या उत्पन्न हो गई है। हीरा देवी ने कहा कि इस उम्र में वह जाएं तो जाएं कहां। उन्होंने जिलाधिकारी से गुहार लगाते हुए कहा कि उन्हें सरकार की योजना के तहत रहने के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाए और यदि संभव हो तो उन्हें उसी स्थान पर रहने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि भूमिहीन होने के कारण उनके पास रहने का कोई दूसरा ठिकाना नहीं है। रामसेवक बोले- झोपड़ी में गुजर रही जिंदगी दरभंगा शहर के वार्ड नंबर-34 निवासी 72 वर्षीय रामसेवक सिंह ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि उनकी उम्र 72 वर्ष हो चुकी है, लेकिन आज तक उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। वर्तमान में वह झोपड़ी में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग करते हुए कहा कि यदि सरकार की योजना से उन्हें आवास मिल जाए तो वह अपने जीवन के बाकी दिन सुरक्षित तरीके से गुजार सकेंगे। उन्होंने बताया कि इसी उम्मीद से वह जनता दरबार में अपनी फरियाद लेकर पहुंचे हैं। गुजरात से गांव पहुंचे, सड़क अतिक्रमण की शिकायत हनुमाननगर प्रखंड के पंचोभ गांव निवासी लालू साह ने बताया कि वह गुजरात में रहते हैं और करीब 10 दिन पहले गांव आए हैं। गांव की सड़क को लोगों की ओर से अतिक्रमित कर लिए जाने के कारण आवागमन में परेशानी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोग सड़क पर गाड़ियां, ठेला और मवेशी खड़े कर देते हैं, जिससे रास्ता संकरा हो गया है और आने-जाने में दिक्कत होती है। उन्होंने जिलाधिकारी को आवेदन देकर सड़क को अतिक्रमणमुक्त कराने और आवागमन की समस्या का समाधान कराने की मांग की। दो साल से आवास के लिए कार्यालयों का चक्कर काट रही खैतून अभण्डागाछी की बुजुर्ग महिला खैतून ने भी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत की। उन्होंने कहा कि आवास योजना की राशि मिलने की उम्मीद में वह कभी नगर निगम तो कभी जिलाधिकारी कार्यालय का चक्कर लगाती रही हैं। लगातार कार्यालयों का चक्कर लगाने के कारण उनका पैर तक टूट गया, लेकिन अभी तक उन्हें आवास योजना का लाभ नहीं मिला। खैतून ने बताया कि उनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची से काट दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि जीवित होने के बावजूद उनका नाम मृत्यु वाली सूची में दर्ज कर दिया गया था, जिसके कारण उनका नाम आवास योजना की सूची से हट गया। उन्होंने कहा कि करीब दो वर्षों से लगातार कार्यालयों का चक्कर लगाने के बाद उनका नाम मृत्यु वाली सूची से हटाया गया है, लेकिन अब आवास योजना का लाभ कब मिलेगा, इसकी जानकारी नहीं है। जमीन और आवास से जुड़ी शिकायतें अधिक जनता दरबार में सोमवार को जमीन विवाद और आवास से जुड़ी शिकायतें प्रमुखता से सामने आईं। कई लोगों ने जमीन पर कब्जा, पारिवारिक भूमि विवाद और अतिक्रमण से संबंधित समस्याएं रखीं। वहीं, आवास योजना के पात्र लोगों ने योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत की। कुछ भूमिहीन लोगों ने रहने के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग भी की। इसके अलावा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर सड़क मार्ग बाधित करने की शिकायत भी सामने आई। फरियादियों ने बताया कि सड़क पर वाहन, ठेला और मवेशी खड़े किए जाने के कारण आम लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। डीएम ने कार्रवाई के निर्देश दिए जिलाधिकारी ने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जनता दरबार में पहुंचे लोगों ने उम्मीद जताई कि जिलाधिकारी के हस्तक्षेप से लंबे समय से लंबित उनकी समस्याओं का समाधान होगा और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ तथा अपने अधिकार के अनुसार न्याय मिल सकेगा।
उज्जैन में महाकाल की राजसी सवारी लौटने के बाद मंदिर के सभामंडप में भगवान चंद्रमोलेश्वर की आरती के दौरान पुजारी आशीष शर्मा अचानक बेहोश हो गए। इससे मंदिर में हड़कंप मच गया। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत आकस्मिक चिकित्सा केंद्र पहुंचाया। मंदिर के डॉक्टरों ने उनका बीपी और शुगर चेक किया। दोनों रिपोर्ट सामान्य आने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें घर पर आराम करने की सलाह दी। इसके बाद उन्हें घर भेज दिया गया। फिलहाल उनकी हालत ठीक है। देखें तस्वीरें… सवारी के दौरान पालकी के पास ही रहे पुजारी संजय ने बताया कि आशीष शर्मा दोपहर करीब एक बजे से सवारी की तैयारियों में जुटे थे। पूरी सवारी के दौरान वे पालकी के पास रहे। भारी भीड़ और उमस भरे मौसम के कारण संभवतः आरती के दौरान उन्हें चक्कर आ गए। ------------- यह खबरें भी पढ़ें 6 स्वरूपों में निकली महाकाल की सवारी, 7KM में भीड़ उज्जैन में भादौ के दूसरे सोमवार पर बाबा महाकाल प्रजा का हाल जानने राजसी सवारी पर निकले। करीब 7 किलोमीटर लंबे सवारी मार्ग पर बाबा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। शिप्रा नदी के रामघाट पर पूजा-अर्चना के बाद सवारी वापस महाकाल मंदिर पहुंच गई। सवारी में बाबा महाकाल के 6 स्वरूप शामिल रहे। पढ़ें पूरी खबर
मंदसौर जिले के सीतामऊ में सोमवार देर शाम किराना दुकान के बाहर खड़ी गाड़ी से ₹1.50 लाख से भरी थैली चोरी हो गई। घटना इंदु बालोद्यान के सामने पीयूष नीमा की किराना दुकान के बाहर हुई। वारदात दुकान के बाहर लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। कल्याणपुर निवासी किसान उमराव सिंह डांगी ने SBI से ₹1.50 लाख निकाले थे। उन्होंने रुपए एक थैली में रखे और किराना दुकान पर सामान लेने पहुंचे। किसान ने गाड़ी दुकान के बाहर खड़ी की। सामान खरीदने के लिए अंदर चले गए। इसी दौरान एक व्यक्ति गाड़ी के पास पहुंचा। CCTV फुटेज में व्यक्ति गाड़ी के पास पहुंचकर रुपए से भरी थैली निकालते हुए दिखाई दे रहा है। थैली लेने के बाद वह मौके से चला गया। किसान को घटना की जानकारी होने पर पुलिस को सूचना दी गई। तस्वीरें देखें… आसपास के CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुकान के बाहर लगे CCTV फुटेज की जांच शुरू की। आसपास के अन्य CCTV कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि थैली ले जाने वाले व्यक्ति की पहचान की जा सके।
किशनगंज पुलिस और सीमा सशस्त्र बल (एसएसबी) ने मिलकर एक इंटरनेशनल ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में 308.45 ग्राम हेरोइन के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया। जब्त की गई हेरोइन की इंटरनेशनल मार्केट में कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई जा रही है। एसपी संतोष कुमार के निर्देश पर जिले में ड्रग तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चल रहा है। इसी के तहत एसडीपीओ मनोज कुमार सिंह की अगुवाई में किशनगंज पुलिस और एसएसबी ने खुफिया जानकारी मिलने पर ठाकुरगंज के हैदर नगर मस्जिद के पास गाड़ियों की चेकिंग शुरू की। पुलिस को देखकर भागने लगे बाइक सवार, तलाशी में खुला राज चेकिंग के दौरान तैयबपुर की तरफ से आ रही एक मोटरसाइकिल पर दो लोग सवार थे। उन्होंने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की। शक होने पर पुलिस ने उन्हें रोका और तलाशी ली। इसमें मो. मोहसीन (35), जो फुलहारा, थाना पोठिया, जिला किशनगंज का रहने वाला है, और जयरूल (29), जो कालुगंज, थाना इस्लामपुर, जिला उत्तर दिनाजपुर (पश्चिम बंगाल) का रहने वाला है, को गिरफ्तार किया गया। 308.45 ग्राम हेरोइन और बाइक समेत 1840 रुपये बरामद उनके पास से कुल 308.45 ग्राम हेरोइन, एक मोटरसाइकिल और 1840 रुपये भारतीय करेंसी मिली। पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि वे मिलकर अवैध ड्रग्स की खरीद-बिक्री करते हैं। गैंग के दूसरे सदस्यों और हेरोइन के कनेक्शन की जांच पुलिस अब इस गैंग में शामिल दूसरे अपराधियों और जब्त हेरोइन के पीछे और आगे के कनेक्शन का पता लगा रही है। इसके साथ ही, ड्रग तस्करी में शामिल अपराधियों की अवैध संपत्ति का पता लगाकर उसे नियम के हिसाब से जब्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी। एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज, आगे की कार्रवाई जारी इस मामले में ठाकुरगंज थाने में केस नंबर 266/26, धारा 8(c)/21(c)/29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई हो रही है। इस रेड टीम में एसडीपीओ मनोज कुमार सिंह, थानाध्यक्ष ठाकुरगंज अंजय अमन, नवनीत कुमार नमन, आनंद मोहन, एसएसबी 19वीं वाहिनी ठाकुरगंज के जवान और ठाकुरगंज थाने के सशस्त्र बल व ड्राइवर शामिल थे।
मुजफ्फरपुर जिला नियोजनालय में सोमवार को रोजगार कैंप लगा। जिसमें सिर्फ 25 पदों के लिए 150 से ज्यादा अभ्यर्थी पहुंच गए। कस्टोडियन के इन पदों के लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं पास रखी गई थी, लेकिन नौकरी की तलाश में बीसीए, सीटीईटी, डीएलएड, लाइब्रेरी साइंस समेत कई डिग्री हासिल कर चुके युवा भी पहुंचे। किसी को नौकरी की तत्काल जरूरत है तो कोई अपने क्वालिफिकेशन के मुताबिक अवसर की तलाश में है। कैंप का आयोजन सीएमएस इंफोसिस्टम लिमिटेड की ओर से जिला नियोजनालय परिसर में किया गया। कंपनी ने कस्टोडियन के 25 पदों पर बहाली के लिए अभ्यर्थियों से आवेदन लिए। नौकरी का लोकेशन मुजफ्फरपुर ही रखा गया है और वेतन करीब 11,752 रुपए प्रतिमाह है। कंपनी की ओर से पीएफ, ईएसआई और इंसेंटिव जैसी सुविधाएं भी बताई गई हैं। युवक-युवतियों ने रिज्यूम जमा किया सुबह से ही जिला नियोजनालय परिसर में अभ्यर्थियों की भीड़ जुटने लगी। युवक-युवतियों ने फॉर्म भरा और अपना रिज्यूम जमा किया। इसके बाद कंपनी की टीम ने इंटरव्यू की प्रक्रिया शुरू की। कंपनी के पदाधिकारी के अनुसार कस्टोडियन की नौकरी जिम्मेदारी वाली है। इसमें कैश को एटीएम तक पहुंचाने और उसका मिलान समेत कई जिम्मेदारियां होती हैं। इसलिए सिर्फ सीट भरने के बजाय कंपनी बेहतर अभ्यर्थियों का चयन करना चाहती है। 12वीं पास की नौकरी, पहुंच गए हाई क्वालिफाइड युवा इस रोजगार कैंप की सबसे बड़ी तस्वीर यह रही कि जिस पद के लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं पास थी, उसके लिए भी उच्च शिक्षित अभ्यर्थी पहुंचे। मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा निवासी रौनक कुमार बीसीए कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि वह सिर्फ यह देखने और समझने पहुंचे थे कि नियोजनालय में नौकरी की प्रक्रिया किस तरह होती है। उनका कहना था कि बीसीए करने के बाद वह कंप्यूटर से जुड़े क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, इसलिए इस नौकरी में उन्हें अपने करियर की संभावना कम दिख रही है। उनके मुताबिक, इस तरह की नौकरी उन युवाओं के लिए उपयोगी हो सकती है जिन्हें तत्काल रोजगार की जरूरत है, लेकिन अपनी योग्यता के अनुसार नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं की अपेक्षाएं इससे अलग हैं। कई डिग्रियां, फिर भी मनपसंद नौकरी का इंतजार कैंप में पहुंची देवम ने बताया कि उनके पास कई डिग्रियां हैं। उन्होंने डीएलएड के साथ कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव का कोर्स, एडीसी और लाइब्रेरी साइंस की पढ़ाई की है। वह सीटीईटी भी क्वालिफाइड हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल उनके प्रोफाइल के मुताबिक यहां कोई नौकरी उपलब्ध नहीं है। आज की कंपनी में मुख्य रूप से पुरुष अभ्यर्थियों की भर्ती हो रही है, क्योंकि काम में सुरक्षा से जुड़े कारणों के साथ कभी-कभी नाइट ड्यूटी भी हो सकती है। देवम ने कहा कि नियोजन पदाधिकारी की ओर से आगे महिला अभ्यर्थियों के लिए भी कंपनियां और टीचिंग सेक्टर से जुड़े अवसर आने की बात कही गई है। ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि आगे उनकी योग्यता के मुताबिक नौकरी का अवसर मिलेगा। किसी के लिए कम सैलरी, किसी के लिए अच्छा मौका पारू थाना क्षेत्र से पहुंचे अजीत कुमार पांडेय ने बताया कि उन्होंने अपना रिज्यूम जमा कर दिया है और इंटरव्यू के लिए कंपनी की ओर से कॉल किए जाने की बात कही गई है। उन्होंने नौकरी में पीएफ, ईएसआई, इंसेंटिव और बोनस जैसी सुविधाओं को सकारात्मक बताया। उनके अनुसार, करीब 8 घंटे की ड्यूटी है और अतिरिक्त काम करने पर अलग भुगतान की बात भी बताई गई है। सकरा के बरियारपुर से पहुंचे अरमान अंसारी ने बताया कि उन्हें इंटरव्यू के लिए रिज्यूम जमा करने को कहा गया है। उनका कहना था कि अगर रिज्यूम और प्रोफाइल कंपनी के मुताबिक रहा तो चयन हो सकता है। नियोजन पदाधिकारी बोलीं- नौकरी नहीं मिली तो निराश न हों जिला नियोजन पदाधिकारी शिखा राय ने कहा कि बच्चों में रोजगार को लेकर उत्साह देखकर खुशी हो रही है। जिला नियोजनालय के माध्यम से लगातार रोजगार कैंप लगाए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार का अवसर मिल सके। उन्होंने बताया कि हर महीने जिला नियोजनालय के माध्यम से चार रोजगार कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। इसके अलावा 18 सितंबर को आईटीआई कैंपस में नियोजन मेला आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं के भाग लेने की संभावना है। उन्होंने अभ्यर्थियों से कहा कि किसी एक कैंप में चयन नहीं होने पर निराश होने की जरूरत नहीं है। लगातार रोजगार कैंप लगाए जा रहे हैं और कोशिश है कि युवाओं को उनकी योग्यता और उपलब्ध अवसर के अनुसार रोजगार दिलाया जा सके।
बलौदाबाजार पलारी ब्लॉक के लच्छनपुर इलाके में एक पागल कुत्ते ने दहशत फैला दी। गदीडीह गांव से आए इस कुत्ते ने गलियों में खेल रहे बच्चों समेत सात लोगों को काटकर घायल कर दिया। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। कुत्ता खासकर छोटे बच्चों पर हमला कर रहा था। हमले में कुछ बच्चों के नाक, आंख और हाथ में चोटें आई हैं। घटना के बाद इलाके के लोगों में डर का माहौल है। पागल कुत्ते ने 7 बच्चों को काटा कुत्ते के हमले में वीरेंद्र मनहरे (3), सौरभ मार्कण्डेय (5), टीकम साहू (3), यामनी साहू (11), पुष्कर (9), यशिका (5) और रिहान साहू (7) घायल हुए हैं। बताया गया कि सभी अपने घरों के पास खेल रहे थे, तभी कुत्ते ने अचानक उन पर हमला कर दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद घायलों को तुरंत लच्छनपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। यहां आरएमए वीणा वर्मा ने सभी को एंटी रैबीज का टीका लगाया और प्राथमिक उपचार किया। कुत्ते के पागल होने की आशंका को देखते हुए सभी घायलों को आगे के इलाज और निगरानी के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। फिलहाल सभी का इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
मध्य प्रदेश के सागर में नकली शराब पीने से 22 लोगों की मौत और 150 से ज्यादा लोगों के बीमार होने के मामले में ललितपुर कनेक्शन को लेकर दोनों जिलों की पुलिस के बीच बयान सामने आए हैं। सागर एसपी के शराब का कनेक्शन ललितपुर से होने के बयान के करीब 30 घंटे बाद ललितपुर के अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सागर पुलिस से ललितपुर से जुड़े सबूत साझा करने को कहा है। एएसपी बोले- मीडिया में भ्रामक बातें न फैलाएं सोमवार शाम जारी बयान में एएसपी कालू सिंह ने कहा कि सागर पुलिस मीडिया में यह बात कह रही है कि जहरीली शराब का संबंध ललितपुर से है। उन्होंने कहा कि ललितपुर में अवैध शराब नहीं बनाई जा रही है। अगर सागर पुलिस को ललितपुर से जुड़ा कोई ठोस सबूत मिला है तो उसे ललितपुर पुलिस के साथ साझा किया जाना चाहिए। 4 मई को पकड़ा गया था शराब गिरोह एएसपी ने बताया कि ललितपुर पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने 4 मई 2026 को एक गैंग को पकड़ा था। पुलिस के मुताबिक, गैंग का सरगना रवि लखेरा मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के महेबा गांव का रहने वाला है। उसके साथ पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। सभी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई भी चल रही है। पुलिस के अनुसार, रवि लखेरा के मध्य प्रदेश में शराब के ठेके के लाइसेंस हैं। उसके खिलाफ मध्य प्रदेश के कई थानों में शराब से जुड़े आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। बंडा केस में आरोपी एमपी के रहने वाले एएसपी ने बताया कि बंडा थाने में 6 सितंबर को दर्ज मामले में नामजद सभी आरोपी मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। इनमें सिर्फ आकाश राय को मड़ावरा का निवासी बताया गया है, लेकिन पुलिस के मुताबिक वह भी पिछले करीब 10 साल से बंडा क्षेत्र में रह रहा है। ललितपुर पुलिस का कहना है कि सागर जहरीली शराब मामले में यदि ललितपुर से कोई कनेक्शन सामने आया है तो उससे जुड़े साक्ष्य साझा किए जाएं, ताकि उसकी भी जांच की जा सके। नकली शराब कांड के बाद 120 दुकानों की जांच शराब पीने से 22 से ज्यादा लोगों की मौत और 150 से अधिक लोगों के बीमार होने के बाद ललितपुर प्रशासन अलर्ट हो गया। सोमवार को पुलिस, प्रशासन और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने जिलेभर में शराब की दुकानों, हाईवे और ढाबों पर चेकिंग अभियान चलाया। अभियान रात 10 बजे तक जारी रहा। जिलाधिकारी सत्यप्रकाश के निर्देश पर जिला आबकारी अधिकारी सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में आबकारी विभाग की चार टीमें गठित की गईं। टीमों ने रात 10 बजे तक करीब 120 देशी और अंग्रेजी शराब की दुकानों की जांच की। अधिकारियों ने दुकानों में उपलब्ध शराब के स्टॉक और बिक्री के लिए अनुमन्य ब्रांडों की जांच की। चेकिंग के दौरान किसी भी दुकान पर संदिग्ध शराब या स्टॉक में कमी नहीं मिली। बॉर्डर पर ट्रकों को भी रोका अभियान के दौरान हाईवे पर वाहनों और ढाबों की भी जांच की गई। यूपी-एमपी बॉर्डर पर ट्रकों को रोककर उनकी भी चेकिंग की गई। प्रशासन का फोकस अवैध या संदिग्ध शराब की आवाजाही रोकने पर रहा। जिले में 160 शराब की दुकानें ललितपुर जिले में कुल 160 शराब की दुकानें हैं। इनमें 99 देशी शराब, 55 अंग्रेजी शराब और 5 मॉडल शॉप शामिल हैं। प्रशासन और आबकारी विभाग की टीमें इन दुकानों पर निगरानी और जांच जारी रखे हुए हैं।
रायसेन जिला जेल में 2 सितंबर को प्रहरी को गोली मारकर भागने की कोशिश के मामले में पुलिस ने सोमवार शाम जेल से फरार होने की कथित साजिश का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, रिमांड पर लिए गए आरोपी निलेश उर्फ छोटेल से पूछताछ में सामने आया कि जेल के अंदर कट्टा और कारतूस पहुंचाने के बाद भागने की योजना बनाई गई थी। हथियार जेल की बाहरी दीवार के पास से एक पैकेट में फेंककर अंदर पहुंचाया गया था। पुलिस ने बताया कि निलेश करीब 11 महीने से रायसेन जेल में बंद था। वह पठारी के नेपाल सिंह की हत्या के मामले में जेल में था। इससे पहले बरेली के राजकुमार राजपूत की हत्या के मामले में उसे सजा हो चुकी थी। पुलिस को निलेश और राहुल बेदी की जेल में हुई दोस्ती के बारे में जानकारी मिली। निलेश ने राहुल से जेल से भागने के लिए हथियार की व्यवस्था कराने की बात कही। राहुल ने दोस्त के जरिए हथियार पहुंचाने की बात कही पुलिस के अनुसार, राहुल बेदी ग्राम पठारी का रहने वाला है। उसे जेल की उस तरफ की जानकारी थी, जहां से बाहर से सामान अंदर पहुंचाया जा सकता था। दोनों ने जेल के अंदर हथियार पहुंचाने के लिए एक स्थान तय किया। राहुल ने निलेश को बताया कि वह जिलाबदर है, इसलिए खुद यह काम नहीं कर सकता। इसके बाद उसने अपने दोस्त शुभम बेदी के जरिए कट्टा जेल के अंदर पहुंचाने की बात कही। 19 अगस्त को जेल के अंदर फेंका गया पैकेट पुलिस के मुताबिक, 19 अगस्त को निलेश के मामा सुपियार सिंह ने शुभम बेदी को कट्टा और कारतूस दिए। इसके बाद शुभम ने जिला जेल के बाहर से तय स्थान पर एक पैकेट जेल के अंदर फेंका। निलेश ने पैकेट उठाया। इसमें 315 बोर का देशी कट्टा और 5 जिंदा कारतूस थे। निलेश ने हथियार और कारतूस जेल के अंदर छिपा दिए । भागने के मौके का इंतजार करने लगा। अधीक्षक के छुट्टी पर होने पर भागने की कोशिश 2 सितंबर को जेल अधीक्षक के छुट्टी पर होने की जानकारी मिलने के बाद निलेश ने भागने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, वह फल खाने का बहाना बनाकर जेल के मेन गेट के पास पहुंचा। उसने प्रहरी दिग्विजय सिंह को कट्टा दिखाकर ताला खोलने के लिए कहा। प्रहरी ने विरोध किया तो दोनों के बीच झूमाझटकी होने लगी। इसी दौरान निलेश ने फायर कर दिया। गोली प्रहरी को लग गई। गोली चलने की आवाज सुनकर जेल का अन्य स्टाफ मौके पर पहुंचा और निलेश को पकड़ लिया। झूमाझटकी के दौरान उसके पास से देशी कट्टा, 4 जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन नीचे गिर गए। तीन आरोपी जेल में, निलेश का मामा फरार एसपी आशुतोष गुप्ता के निर्देश पर जिलाबदर आरोपी राहुल बेदी और उसके सहयोगी शुभम बेदी को थाना कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक नायक ने बताया कि मामले की जांच के दौरान पूछताछ में जेल से फरार होने की साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस के मुताबिक, मामले में निलेश उर्फ छोटेल पिता निर्भय सिंह (38), राहुल बेदी पिता रतन सिंह बेदी (27) और शुभम बेदी पिता भंवरलाल बेदी (26) आरोपी हैं। तीनों वर्तमान में जेल में निरुद्ध हैं। वहीं, निलेश का मामा सुपियार सिंह पिता भाईजी पुरवीया (55), निवासी किबली थाना बरेली, फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
जयपुर में मोती डूंगरी थाना पुलिस ने घरेलू नौकरानी द्वारा करीब 10 लाख रुपए कीमत की सोने की चेन और हीरे जड़ित पेंडेंट चोरी करने के मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में 36 वर्षीय वर्षा तोलानी को गिरफ्तार कर चोरी किए गए आभूषण बरामद कर लिए हैं। डीसीसी ईस्ट रंजिता शर्मा ने बताया कि आदर्श नगर निवासी स्नेहा गुलाबराय ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 3 सितंबर को उनके परिवार ने शीतला सप्तमी की पूजा के लिए सोने की चेन और उसमें लगा हीरे जड़ित पेंडेंट इस्तेमाल किया था। पूजा के बाद आभूषण रसोई में रखे हुए थे। वेतन लेने के बहाने घर पहुंची थी परिवादिया के अनुसार, घरेलू सहायिका वर्षा तोलानी लंबे समय से उनके घर पर खाना बनाने का काम करती थी, लेकिन 29 अगस्त से काम पर नहीं आ रही थी। 3 सितम्बर की शाम वह पूर्व में किए काम की मजदूरी लेने घर पहुंची। मजदूरी लेने के बाद जाने के बजाय उसने रसोई में काम करने की बात कही। परिवार ने उसे काम करने से मना किया, लेकिन वह रसोई में चली गई। इसी दौरान उसकी बेटी भी उसे लेने पहुंची थी। कुछ देर बाद परिवार की महिला सदस्य रसोई में गई तो सोने की चेन और हीरे जड़ित पेंडेंट गायब मिला। घर में तलाश करने के बावजूद आभूषण नहीं मिले। मामले में मोती डूंगरी थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने मोबाइल कॉल डिटेल, तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर वर्षा तोलानी को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान पुलिस को उसके बयानों में विरोधाभास मिला। मौका देखकर वारदात को दिया अंजाम मोतीडूंगरी थानाधिकारी मोहन सिंह ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी महिला साल 2015 से परिवार के घर पर घरेलू सहायिका के रूप में काम कर रही थी। लंबे समय से घर में काम करने के कारण उसे परिवार के सामान और आभूषणों की जानकारी थी। पुलिस के अनुसार महिला वेतन लेने के बहाने घर पहुंची और मौका देखकर सोने की चेन और हीरे जड़ित पेंडेंट चोरी कर लिया। इसके बाद वह परिवार के साथ मिलकर चोरी हुए सामान को तलाश करने का दिखावा करती रही। पुलिस का कहना है कि आरोपी चोरी किए गए आभूषणों को बेचने की फिराक में थी। पुलिस ने बरामद किए दोनों आभूषण पुलिस ने आरोपी के कब्जे से सोने की चेन और उसमें लगा हीरे जड़ित पेंडेंट बरामद कर लिया है। दोनों आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपए बताई गई है। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल में भेज दिया गया है।
सहरसा शहर को प्रदूषण से मुक्त और सुरक्षित ईंधन व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में सोमवार शाम एक नई सुविधा शुरू हुई। शहरवासियों को अब व्यावसायिक उपयोग के लिए भी पाइपलाइन से सस्ती और सुरक्षित प्राकृतिक गैस (पीएनजी) मिलने लगी है। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने डी.बी. रोड स्थित जिला व्यापार संघ के अध्यक्ष अर्जुन चौधरी के व्यावसायिक प्रतिष्ठान में पहले कमर्शियल पीएनजी कनेक्शन का फीता काटकर शुभारंभ किया। यह सुविधा इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) द्वारा दी जा रही है। उद्घाटन के बाद व्यापारियों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कहा कि पीएनजी पारंपरिक ईंधन (कमर्शियल सिलेंडर) से ज्यादा सुरक्षित, सुविधाजनक और पर्यावरण के लिए अच्छी है। उन्होंने बताया कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इसके इस्तेमाल से बार-बार सिलेंडर मंगाने, बदलने और उनके भंडारण के झंझट से छुटकारा मिलेगा। पाइपलाइन के जरिए 24 घंटे लगातार गैस सप्लाई मिलेगी, जिससे शहर के होटल, रेस्टोरेंट, रिसॉर्ट, अस्पताल और अन्य छोटे-बड़े संस्थानों को काम करने में आसानी होगी और व्यापार बढ़ेगा। चिन्हित प्रतिष्ठानों को कनेक्शन देने का लक्ष्य डीएम ने मौके पर मौजूद आईओसीएल के अधिकारियों को निर्देश दिया कि पाइपलाइन बिछाने का काम तेज किया जाए। उन्होंने समय-सीमा तय करते हुए कहा कि 31 मार्च 2027 तक सहरसा शहर के सभी चिन्हित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कमर्शियल कनेक्शन से जोड़ा जाए। इसके साथ ही उन्होंने कंपनी को सुरक्षा नियमों का पूरा ध्यान रखने, उपभोक्ताओं की समस्याओं को जल्दी हल करने और लगातार सेवा देने को कहा। 1,200 घरों में पहले से चालू है घरेलू पीएनजी कनेक्शन गौरतलब है कि आईओसीएल द्वारा सहरसा शहर में अब तक लगभग 1,200 घरों में घरेलू पीएनजी कनेक्शन सफलतापूर्वक चालू हो चुके हैं। घरों की रसोई के बाद अब बाजार और व्यावसायिक केंद्रों तक गैस पाइपलाइन पहुंचने से शहर को बेहतर ऊर्जा मिलेगी और आधुनिक शहरी सुविधाएं बढ़ेंगी। इस अवसर पर जिला प्रशासन और आईओसीएल के कई अधिकारी और स्थानीय व्यापारी मौजूद थे।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को जान से मारने की धमकी, मंत्रालय में आई चिट्ठी; बेगूसराय में FIR दर्ज
धमकी भरा पत्र नई दिल्ली स्थित केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के मंत्रालय के पते पर तीन सितम्बर को नेताजी नगर नई दिल्ली में डाक के माध्यम से आया। बेगूसराय एसपी को पत्र भेजे जाने पर नगर थाने में एफआईआर दर्ज किया गया है।
कोरबा के बालको स्थित लालघाट क्षेत्र में एक पोल्ट्री फार्म में सोमवार को नाग घुस गया। इससे फार्म में अफरा-तफरी मच गई। सैकड़ों मुर्गियां शोर मचाने लगीं, जिससे संचालक उदय कुमार मौके पर पहुंचे। नाग को देखकर वह डर गए। उदय कुमार ने सांप को मारने की बजाय समझदारी दिखाते हुए स्नैक कैचर और वन विभाग को सूचना दी। जानकारी मिलते ही RCRS टीम के सदस्य मानस और उमेश मौके पर पहुंचे। टीम ने पोल्ट्री फार्म में सावधानी से सांप की तलाश की। मुर्गियों पर हमला करने की कोशिश कर रहा था नाग बताया गया कि नाग फार्म के अंदर मुर्गियों पर हमला करने की कोशिश कर रहा था। मुर्गियों की चीख-पुकार से पूरे फार्म में हड़कंप मच गया था। संचालक ने तुरंत सभी कर्मचारियों को फार्म से बाहर निकालकर सुरक्षित दूरी बनाए रखने को कहा। कुछ देर की कोशिश के बाद RCRS टीम ने नाग को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। रेस्क्यू के दौरान टीम ने वहां मौजूद लोगों को समझाया कि सांप से दूर रहें और उसे कोई नुकसान न पहुंचाएं। मुर्गियों के शिकार से पहले पकड़ा गया सांप स्नेक कैचर उमेश यादव और मानस कुमार ने बताया कि सांप किसी भी मुर्गी को अपना शिकार नहीं बना पाया था। समय रहते उसे पकड़ लिया गया। रेस्क्यू किए गए नाग को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया। वन विभाग और RCRS की इस पहल से मानव और वन्यजीवों के सह-अस्तित्व का संदेश एक बार फिर सामने आया। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि घर, खेत या पोल्ट्री फार्म में सांप दिखने पर उसे मारने या खुद पकड़ने की कोशिश न करें। इसके बजाय तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें। बरसात के मौसम में सांप अक्सर भोजन की तलाश में इंसानी बस्तियों में आ जाते हैं, इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है। पोल्ट्री संचालक ने RCRS टीम और वन विभाग का धन्यवाद दिया है, जिनकी जल्दी कार्रवाई से बड़ा नुकसान होने से बच गया।
सहारनपुर में सोमवार शाम करीब 7 बजे दामाद ने अपने 65 साल के ससुर को पीट-पीट मार डाला। दामाद अपने ससुर से घर एक हिस्सा बेचने को लेकर नाराज था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते दामाद ने ससुर को उठाकर जमीन पर पटक दिया। फिर ऊपर बैठकर सीने पर लात-घूसे मारे। ससुर की तबीयत बिगड़ गई। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उसे छुड़वाया। इसके बाद आरोपी दामाद फरार हो गया था। लोगों ने घायल अवस्था में ससुर को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां पर उनकी मौत हो गई। घटना कोतवाली मंडी क्षेत्र की की है। मृतक की पहचान हयात कॉलोनी निवासी इरशाद (65) के रूप में हुई है। इरशाद की बेटी और आरोपी की पत्नी शबाना ने अपने पति जुबैर पर पिता की हत्या करने का आरोप लगाया है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला… मकान को लेकर चल रहा था विवाद हयात कॉलोनी निवासी इरशाद की 4 बेटियां हैं। तीन बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि सबसे छोटी बेटी अपने पिता के साथ रहती थी। इरशाद ने अपनी तीसरे नंबर की बेटी शबाना की शादी बाल्लेवाली निवासी जुबैर से की थी। शादी के बाद जुबैर भी अपने ससुराल में ही रहने लगा था। वह ट्रक चलाने का काम करता है। शबाना ने बताया- जिस मकान में मैं अपने पिता के साथ रहती हूं, उसे मेरे पिता ने मेरे और मेरे पति जुबैर के नाम कर रखा था। मेरे पति ने मकान में अपने हिस्से को किसी व्यक्ति को बेच दिया था। इसी बात को लेकर मेरे पिता और जुबैर के बीच विवाद चल रहा था। करीब 5 से 7 दिन पहले भी दोनों के बीच इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। उस समय किसी तरह मामला शांत हो गया था। सोमवार को फिर हुआ झगड़ा शबाना ने बताया- सोमवार को मेरे पति जुबैर फिर घर पहुंचे। इस दौरान मकान के हिस्से को लेकर मेरे पिता और जुबैर के बीच दोबारा विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। जुबैर ने मेरे पिता इरशाद के सीने पर लात और घूंसे मारे। मारपीट के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। घर में शोर सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। लोगों को आता देख जुबैर वहां से फरार हो गया। अस्पताल ले जाते समय हुई मौत शबाना ने बताया- पड़ोसियों की मदद से मैं और मेरी बहनें पिता को घायल हालत में जिला अस्पताल लेकर जा रहे थे। लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इसके बाद हम शव को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां उसे मर्चरी में रखवा दिया गया। पिता की मौत के बाद पति पर लगाया हत्या का आरोप घटना के बाद से आरोपी जुबैर फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। पिता की मौत के बाद शबाना ने अपने पति जुबैर पर सीधे तौर पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मकान के हिस्से को बेचने को लेकर पहले भी मेरे पिता और जुबैर के बीच विवाद हुआ था। सोमवार को भी इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ और मेरे पति ने मेरे पिता के साथ मारपीट की। बीमारी से हुई मौत, अभी तक नहीं मिली शिकायत इस मामले में सीओ प्रथम रविकांत पाराशर ने बताया- इरशाद की मौत बीमारी के चलते हुई है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में अभी तक कोई शिकायत भी पुलिस को नहीं दी गई है।
सहारनपुर में कलेक्ट्रेट में स्थित मस्जिद पर बुलडोजर चलने के बाद अब मुरादाबाद की मुस्तफा मस्जिद पर भी बुलडोजर का खतरा मंडरा रहा है। लखनऊ-दिल्ली हाईवे के किनारे ये मस्जिद एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी के फ्रंट पर है। इसे हटाने के लिए पिछले काफी समय से कोशिशें की जा रही थीं। अब मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने करीब 300 वर्ग मीटर एरिया में बनी इस मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्यवाही शुरू कर दी है। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के विहित अधिकारी की ओर से मुस्तफा मस्जिद के प्रबंधक को उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम 1973 की धारा 27 के अंतर्गत नोटिस भेजा गया है। इस धारा के तहत प्राधिकरण अवैध बताए गए निर्माणों को ध्वस्त करने की कार्यवाही करता है। मस्जिद के प्रबंधक को ये नोटिस एमडीए की ओर से 21 अगस्त 2026 को जारी किया गया था। नोटिस में एमडीए अधिकारियों ने कहा था कि, जोन-1, एसजेड - 1, मोहल्ला ईदगाह दिल्ली रोड टीएमयू के पास पाकबड़ा में लगभग 300 वर्ग मीटर में मुस्तफा मस्जिद का निर्माण किया गया है। लेकिन एमडीए की टीम को स्वीकृति संबंधी कोई भी दस्तावेज मौके पर नहीं दिखाया गया। टीएमयू यूनिवर्सिटी के फ्रंट से सटी ये मुस्तफा मस्जिद कई दशक पुरानी है। लेकिन एमडीए ने अपने नोटिस में इस कथित अवैध और अनाधिकृत निर्माण के शुरू होने की तारीख 20 अगस्त 2026 दर्ज कर रखी है। नोटिस में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम 1973 की धारा 14 एवं धारा 15 के आदेशानुसार विकास प्राधिकरण की अनुज्ञा प्राप्त किए बगैर उक्त निर्माण किया गया है। नोटिस की आखिरी लाइन में कहा गया है कि, मस्जिद के प्रबंधक मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के सक्षम प्राधिकारी के समक्ष 3 सितंबर 2026 को दोपहर एक बजे तक यह बताएं कि इस अवैध निर्माण को गिराने के आदेश क्यों न दिए जाएं। 7 जुलाई को बाबा फौलाद शाह की मजार पर चला था बुलडोजर सात जुलाई को टीएमयू के पास बनी बाबा फौलाद शाह की मजार को बुलडोजर चलाकर प्रशासन ने जमींदोज कर दिया था। प्रशासन का कहना था कि मजार तालाब की जमीन पर अवैध कब्जा करके बनाई गई थी।
इंदौर में सिस्टरहुड इकोनॉमी सीजन-4 में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। रैंप पर एक के बाद एक महिलाएं उतरीं। किसी ने पारंपरिक परिधान में भारतीय संस्कृति की झलक दिखाई तो किसी ने मॉडर्न आउटफिट में अपना अंदाज पेश किया। तालियों के बीच हुए इस फैशन वॉक में खास बात यह रही कि रैंप पर मॉडल्स नहीं, बल्कि शहर की अलग-अलग क्षेत्रों में पहचान बना चुकीं महिला उद्यमी थीं। आयोजक सुप्रिया मदान और मौसमी तिवारी ने बताया कि कार्यक्रम की थीम रंगों का त्योहार बाय मौसमी थी। त्योहारों के रंगों से सजे परिधानों ने रैंप पर भारतीय संस्कृति और उत्सव का माहौल बना दिया। रैंप पर दिखा त्योहारों का रंगफैशन वॉक में पारंपरिक रंगों और डिजाइनों के साथ मॉडर्न स्टाइल का भी मेल देखने को मिला। महिलाओं ने अलग-अलग परिधानों में रैंप वॉक किया। हर प्रस्तुति के साथ दर्शकों की तालियां गूंजती रहीं। कार्यक्रम का खास आकर्षण मिसेज यूनिवर्स की शो स्टॉपर प्रस्तुति रही। उन्होंने अपनी प्रस्तुति से रैंप पर मौजूद दर्शकों का ध्यान खींचा। बिजनेस से रैंप तक, महिलाओं ने मनाया अपना दिनकार्यक्रम में डॉ. गिन्नी छाबरिया, श्वेता अग्रवाल, लीज़ा स्वामने, आयुषी अग्रवाल, गुलनाज़ खान, मीनल माहेश्वरी, गुरप्रीत टुटेजा, शालिनी अत्रे, रोशनी केशवानी, पलक नीमा, डॉ. मोनिका जैन, अंकिता हेमनानी, मेघा मेहरा, रुचि मूंदड़ा, वीणा ददवानी और निकिता कुशवाहा सहित कई महिलाएं शामिल हुईं। आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम का मकसद महिलाओं को रोजमर्रा की जिम्मेदारियों से कुछ समय निकालकर खुद के लिए समय देने और अपनी उपलब्धियों का जश्न मनाने का मौका देना है। इसी वजह से यहां फैशन वॉक को प्रतियोगिता के बजाय खुद को सेलिब्रेट करने के मंच के रूप में रखा गया। ‘एक-दूसरे का साथ महिलाओं की ताकत बढ़ाता है’मुख्य अतिथि डॉ. सरिता राव, डॉ. योगिता परिहार और डॉ. रेखा अग्रवाल ने महिलाओं की प्रस्तुतियां देखीं और उनके आत्मविश्वास की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए ऐसे मंच जरूरी हैं, जहां वे अपनी पहचान के साथ आगे बढ़ने के साथ अपनी उपलब्धियों को भी सेलिब्रेट कर सकें।
जहानाबाद में नहर में डूबने से बुजुर्ग की मौत:पुल पार करते समय पैर फिसला, पानी बहने से हादसा
जहानाबाद में मोरहर नदी समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण इलाकों में लोगों की परेशानी बढ़ गई है। सोमवार शाम एक बुजुर्ग व्यक्ति की नहर में डूबने से मौत हो गई। यह घटना मुस्तीचक से जगन बीघा को जोड़ने वाले पुल पर हुई। जानकारी के अनुसार, मुस्तीचक निवासी राम सृष्टि यादव (बुजुर्ग) दूसरे गांव में भोज खाने जा रहे थे। पुल पर पानी चढ़ जाने के कारण वह फिसलन भरा हो गया था। पुल पार करते समय उनका पैर फिसल गया और वे पानी में गिर गए। पानी का बहाव तेज होने के कारण वे डूब गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने बुजुर्ग को पानी से बाहर निकाला। उन्हें तुरंत जहानाबाद सदर अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टर सुनील कुमार राय ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में दुख छा गया। झुनाठी थाना पुलिस को इसकी जानकारी दी गई। थाना प्रभारी अजीत कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने शव को अपने पास लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की पूरी जानकारी मिल पाएगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलस्तर बढ़ने के बावजूद पानी में डूबे पुलों पर सुरक्षा की जानकारी नहीं होने से ऐसी घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसे रास्तों पर सुरक्षा के इंतजाम करने और लोगों को सावधान करने की मांग की है।
'शुद्धीकरण' विवाद: राहुल गांधी पर FIR करवाने वाला अब खुद घिरा, हल्द्वानी में शिकायत दर्ज; क्या मांग?
राहुल गांधी पर मुकदमे को लेकर नया मोड़ सामने आया है। हल्द्वानी में वाल्मीकि समाज ने राहुल के खिलाफ शिकायत करवाने वाले के खिलाफ मोर्च खोल दिया है। पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई है।
सागर शराब कांड: 30 आरोपियों को मृत्युदंड तक की सजा हो सकती है, धारा 49-ए के तहत मामला दर्ज
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बिल्हौर। नानामऊ रोड स्थित सोनामती महाविद्यालय के पास सोमवार देर शाम तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से स्कूटी सवार मां-बेटे की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर मौके से फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर ट्रक और चालक की तलाश शुरू कर दी। पिता की मौत पर गांव आए थे सूरज कुदौरा गांव निवासी 45 वर्षीय सूरज गौतम मुंबई में प्राइवेट नौकरी करते थे। करीब 15 दिन पहले उनके पिता ओमप्रकाश गौतम का निधन हो गया था। पिता की मौत के बाद सूरज गांव आए थे। सोमवार शाम वह अपनी 65 वर्षीय मां राजेश्वरी को स्कूटी पर बैठाकर नानामऊ गंगा घाट पर दीपदान की रस्म करने गए थे। उनके भाई जगत सिंह भी दूसरी बाइक से साथ गए थे। लौटते समय पीछे से ट्रक ने मारी टक्कर दीपदान करने के बाद सूरज मां के साथ स्कूटी से घर लौट रहे थे। नानामऊ रोड पर सोनामती महाविद्यालय के पास पीछे से आए ट्रक ने उनकी स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही मां-बेटे सड़क पर गिर गए। इसी दौरान ट्रक का पहिया दोनों के सिर के ऊपर से निकल गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। भाई ने अपनी आंखों से देखा हादसा, चालक फरार पीछे बाइक से आ रहे जगत सिंह ने हादसा अपनी आंखों से देखा। उन्होंने शोर मचाकर आसपास के लोगों को जानकारी दी। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन समेत मौके से भाग निकला। सूचना पर स्वजन पहुंचे तो मां-बेटे के शव देखकर परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ट्रक और चालक की तलाश में जुटी पुलिस इंस्पेक्टर सुधीर कुमार ने बताया कि हादसे में मां-बेटे की मौके पर ही मौत हुई है। टक्कर मारने वाले ट्रक और उसके चालक की तलाश की जा रही है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
केंद्र के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में दिल्ली ने श्रीनगर और बेंगलुरु से बेहतर रैंक हासिल की है। 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में दिल्ली 21वें स्थान पर रही, जबकि श्रीनगर 26वें और बेंगलुरु 32वें स्थान पर हैं। मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी नतीजों के मुताबिक, लखनऊ 198 अंकों के साथ पहले स्थान पर रहा। इंदौर दूसरे और जबलपुर 195 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। यह रैंकिंग सिर्फ हवा की गुणवत्ता के आधार पर नहीं बनी है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने प्रदूषण रोकने की कोशिशों और उनके अमल को भी इसमें शामिल किया है। मुबंई 28वें स्थान पर मुंबई 160.8 अंकों के साथ 28वें, चेन्नई 147.7 अंकों के साथ 35वें और कोलकाता 142.2 अंकों के साथ 38वें स्थान पर रहा। हैदराबाद 19वें स्थान पर रहकर दिल्ली से आगे रहा। भोपाल और आगरा 192-192 अंकों के साथ संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर रहे। रैंकिंग किस आधार पर बनी केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत स्वच्छ वायु सर्वेक्षण कराया गया। इसमें सड़क की धूल रोकने, ठोस कचरा प्रबंधन, वाहनों और उद्योगों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण, निर्माण कचरा प्रबंधन और लोगों के बीच जागरूकता जैसे कामों का आकलन किया गया। शहरों ने पहले अपना आकलन किया। इसके बाद राज्य स्तरीय निगरानी समितियों ने उसे मंजूरी दी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मूल्यांकन किया और स्वतंत्र पैनल ने मौके पर जाकर इसकी जांच की। दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) सर्दियों में अक्सर 400 के पार चला जाता है। यह स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है और कभी-कभी AQI 450 से भी ऊपर पहुंच जाता है। दिल्ली की रैंकिंग इसलिए हैरान करने वाली लग सकती है, क्योंकि वह भारत के सबसे प्रदूषित शहरी इलाकों में बनी हुई है। सरकार के मुताबिक, 2025 दिल्ली के लिए प्रदूषण के लिहाज से 2018 के बाद सबसे अच्छा साल रहा। इसमें कोविड से प्रभावित 2020 को शामिल नहीं किया गया है। इसके बावजूद दिल्ली में PM10 की सालाना औसत मात्रा 198 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और PM2.5 की मात्रा 97 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रही। -------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें…. क्लीन एयर इकोनॉमिक्स; साफ हवा, अब आर्थिक समृद्धि:देश में वायु प्रदूषण 20% घटा, तो मिलेंगे 20 लाख करोड़ और 14 लाख नौकरियां देश में हवा जितनी जहरीली, उतनी ही महंगी भी साबित हो रही है। लेकिन इसे साफ करने में बड़ा मुनाफा छिपा है। पूरी खबर पढ़ें…
कोटा जिले में निकाय चुनाव को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी पीयूष सामरिया ने स्ट्रांग रूम का निरीक्षण कर EVM की जांच की और अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया में पूरी सावधानी बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने मतदान केंद्रों पर मॉक-पोल निर्धारित समय पर कराने के निर्देश दिए। साथ ही 5 नगरपालिकाओं के मतदान दलों का रेंडमाइजेशन किया गया, ताकि मतदान ड्यूटी में पारदर्शिता बनी रहे। दरअसल, कोटा जिले की पांच नगरपालिकाओं सुल्तानपुर, इटावा, रामगंजमंडी, सुकेत और सांगोद में 9 सितंबर को मतदान होगा। वहीं कोटा नगर निगम के 100 वार्डों के लिए 11 सितंबर को वोटिंग कराई जाएगी। दोनों चुनावों की मतगणना 14 सितंबर को होगी। सोमवार को पांचों नगरपालिकाओं के लिए मतदान दलों का तीसरा रेंडमाइजेशन किया गया। इलेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के तहत मतदान दलों को संबंधित पोलिंग बूथ आवंटित किए गए। इस दौरान उप निर्वाचन अधिकारी राजेश जोशी, मतदान दल प्रभारी मुकेश चौधरी और जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मनीष शर्मा मौजूद रहे। इधर, जिला निर्वाचन अधिकारी पीयूष सामरिया ने सोमवार देर शाम जेडीबी कॉलेज पहुंचकर कोटा नगर निगम चुनाव की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने स्ट्रांग रूम में रखी ईवीएम का निरीक्षण किया और ईवीएम कमीशनिंग की प्रक्रिया देखी। समारिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ईवीएम सील करते समय सभी डिटेल्स की अच्छी तरह जांच की जाए। किसी मशीन में तकनीकी खामी मिलने पर अतिरिक्त ईवीएम उपलब्ध रखने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मतदान से पहले निर्धारित समय पर मॉक-पोल कराने और राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार समय पर मतदान शुरू कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश जोशी, एडीएम सीलिंग रवि वर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
राज्य में कर अपवंचना और अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के मामलों पर कॉमर्शियल टैक्स डिपार्टमेंट ने कार्रवाई की है। विभाग ने सोमवार को जयपुर में एक निर्दलीय प्रत्याशी और कारोबारी पर कार्रवाई की। इसके अलावा विभाग की प्रवर्तन टीमों ने पिछले दिनों जयपुर, अलवर, सवाई माधोपुर और डीडवाना-कुचामन में विभिन्न कारोबारियों के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान संदिग्ध लेन-देन, अपात्र ITC, बिना वास्तविक आपूर्ति के बिलिंग और रिटर्न में विसंगतियों से जुड़े मामलों की जांच की। टीमों ने ट्रैवल्स एंड कार्गो, तेल कारोबारी, स्टोन क्रशर, टिम्बर्स आदि प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। हाल ही हुई कार्रवाई में करीब 1.93 करोड़ रुपए की संभावित टैक्स लायबिलिटी सामने आई है। संबंधित मामलों में करदाताओं की ओर से 1.74 करोड़ रुपए से अधिक की राशि स्वैच्छिक रूप से जमा या रिवर्स की गई है। कई मामलों में दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त कर जांच शुरू की गई। जयपुर में निर्दलीय प्रत्याशी पर यहां की कार्रवाई, दुकान सीज जीएसटी विभाग ने सोमवार को जयपुर में निर्दलीय प्रत्याशी और कारोबारी बनवारी लाल सैनी पर कार्रवाई की। सैनी ने बताया- जीएसटी विभाग ने आज शाम 5 बजे मेरी झोटवाड़ा थाने के पास स्थित एशियन पेंट की दुकान को सीज किया। मेरे पास एशियन पेंट की डीलरशीप थी। नगर निगम चुनाव में मैं वार्ड 12 से चुनाव लड़ रहा हूं। निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहा हूं। जीत के समीकरण मेरे पक्ष में है, इसलिए सरकार बौखलाई हुई है। मुझ पर प्रेशर बनाने के लिए इस हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा- जीएसटी को यदि कोई कार्रवाई करनी थी तो पहले मुझे नोटिस दिया जाता। मुझे कहा गया कि आपकी शिकायत आई है, लेकिन जब मैंने शिकायत करने वाले के बारे में पूछा तो कहा गया आप चुनाव लड़ रहे हो आपको तो पता होगा। बनवारी लाल ने कहा- सरकार एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। चुनाव के बाद मामले की मैं जांच करवाऊंगा और आवश्यकता पड़ी तो कोर्ट भी जाऊंगा। पद्मावती ट्रैवल्स एंड कार्गो से 1.39 करोड़ की ITC रिवर्सल जयपुर स्थित M/s Padmawati Travels and Cargo पर 1 सितंबर को निरीक्षण किया गया। जांच में 1,38,88,072 रुपए की IGST ITC का नियमानुसार रिवर्सल नहीं किया जाना सामने आया। विभाग द्वारा प्रावधानों से अवगत कराने के बाद करदाता ने पूरी राशि 1,38,88,072 रुपए जमा कर दी। संबंधित अवधि के रिटर्न और अभिलेखों की जांच जारी है। अलवर में तेल कारोबारी के यहां जांच अलवर स्थित Alwar Solvex के यहां 2 सितंबर को निरीक्षण किया गया। जांच में करीब 30 लाख रुपए की संभावित कर देयता सामने आई। मामला 15 अगस्त को प्रतिष्ठान में हुई आग की घटना के दौरान स्टॉक और उससे संबंधित ITC के नुकसान से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि प्रतिष्ठान पर M/s AWL Agri Business Limited के लिए सरसों तेल की पैकिंग का जॉबवर्क किया जाता है। आग के समय परिसर में मौजूद स्टॉक उक्त फर्म का था। मौके पर गवाहों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार किया गया। दस्तावेज और लेखा पुस्तकों की जांच के लिए करदाता को 11 सितंबर को उपस्थित होने के लिए समन जारी किया है। खेरलीवाला प्रोडक्ट्स ने जमा किए 10 लाख अलवर स्थित Kherliwala Products Pvt. Ltd. के यहां 1 सितंबर को निरीक्षण किया गया। जांच में ब्लॉक ITC का दावा किए जाने की संभावना सामने आई और करीब 12 लाख रुपए की संभावित राशि निर्धारित की गई। करदाता ने जांच के दौरान 10 लाख रुपए जमा किए। गायत्री स्टोन क्रशर में सर्कुलर ट्रेडिंग की आशंका सुजानगढ़ क्षेत्र स्थित Gayatri Stone Crusher के यहां 1 सितंबर को निरीक्षण किया गया। विभागीय डेटा विश्लेषण में सर्कुलर ट्रेडिंग, बिना वास्तविक माल या सेवा की आपूर्ति के इनवॉइस जारी करने, RCM में अंतर और टर्नओवर छिपाने जैसी विसंगतियों की आशंका सामने आई। प्रकरण में करीब 10.15 लाख रुपए की संभावित राशि का आकलन किया गया है। जांच के दौरान दस्तावेज जब्त किए गए। शिव ऑयल इंडस्ट्रीज में 28.98 लाख की ITC जांच सवाई माधोपुर के खंडार स्थित M/s Shiv Oil Industries के यहां 2 सितंबर को निरीक्षण किया गया। प्रारंभिक जांच में वर्ष 2022-23 में 16 लाख 61 हजार 504 रुपए और वर्ष 2023-24 में 12,37,080 रुपए यानी कुल 28,98,584 रुपए की ITC के उपयोग का मामला सामने आया। राधे कृष्णा टिम्बर्स में दस्तावेज जब्त, 10 लाख जमा विभाग ITC की पात्रता की जांच कर रहा है। मौके पर पंचनामा और बयान स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में तैयार किए गए। मामले में 15 लाख रुपए की स्वैच्छिक जमा राशि भी प्राप्त हुई। डीडवाना-कुचामन जिले के मकराना स्थित M/s Radhe Krishna Timbers के यहां 2 सितंबर को निरीक्षण किया गया। विभाग को बिना उचित बिलिंग के खरीद-बिक्री तथा ITC के माध्यम से कर देयता कम किए जाने की आशंका मिली। प्रकरण में करीब 12 लाख रुपए की संभावित राशि का आकलन किया गया है। करदाता ने कैश लेजर से 10 लाख रुपए जमा किए। खरीद-बिक्री के बिल, लेखा पुस्तकें और अन्य अभिलेखों की विस्तृत जांच की जा रही है।
पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सुरक्षा में लापरवाही बरतने के मामले में महिला सिपाही निशा कुमारी और गृह रक्षक रुचि कुमारी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। दोनों की ड्यूटी बाटा मोड़ के पास मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर लगाई गई थी। लेकिन जांच के दौरान दोनों अपने निर्धारित ड्यूटी स्थल से गायब मिलीं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का चैंबर ऑफ कॉमर्स में कार्यक्रम था। कार्यक्रम को देखते हुए संबंधित रूट लाइन पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिसकर्मियों और गृह रक्षकों की तैनाती की गई थी। इसी क्रम में कांस्टेबल निशा कुमारी और गृह रक्षक रुचि कुमारी की भी ड्यूटी लगाई गई थी। बिना इंफॉर्म किए गायब हुईं थी जांच के दौरान पाया गया कि दोनों महिला कर्मी बिना किसी सूचना के ड्यूटी से गायब थीं। सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण काम में लापरवाही सामने आने के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया।कांस्टेबल निशा कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, गृह रक्षक रुचि कुमारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए पटना डीएम को अलग से प्रतिवेदन भेजा गया है। डीएम स्तर से मामले की समीक्षा के बाद उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। बाकरगंज, कारगिल यातायात ट्रैफिक पोस्ट कर्मियों पर कार्रवाई इसके अलावा बाकरगंज यातायात ट्रैफिक पोस्ट पर ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हुई है वेतन रोक दिया गया है और स्पष्टीकरण 7 दिन के भीतर देने के लिए कहा गया है। दरअसल ड्यूटी के दौरान ASI रविंद्र कुमार मंडल महिला सिपाही गीता कुमारी और गृह रक्षक सूरज कुमार निरीक्षण में मोबाइल चलाते पकड़े गए हैं। इसके अलावा कारगिल चौक यातायात पोस्ट पर तैनात कर्मियों पर भी लापरवाही बरतने के मामले कार्रवाई हुई है। इनके भी वेतन रोक दिए गए हैं।
सीतामढ़ी की कल्याणी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। उन्होंने पंजाब के लुधियाना में 4 से 6 सितंबर तक हुई 10वीं जूनियर राष्ट्रीय कुराश चैंपियनशिप-2026 में बिहार का प्रतिनिधित्व किया। कल्याणी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। उनकी इस जीत से सीतामढ़ी जिले के खेलप्रेमियों में खुशी है। कल्याणी ने फाइनल मुकाबले में बेहतरीन खेल कौशल और आत्मविश्वास दिखाया। उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी को हराकर स्वर्ण पदक जीता। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बिहार के लिए गोल्ड जीतकर उन्होंने अपने परिवार और पूरे सीतामढ़ी जिले को गौरवान्वित किया है। गांव से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचीं कल्याणी कल्याणी डुमरा प्रखंड के विश्वनाथपुर गांव की रहने वाली हैं। वह रामनरेश यादव की पौत्री और शत्रुघ्न यादव की बेटी हैं। गांव से निकलकर राष्ट्रीय मंच पर यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण को दिखाती है। कोच विकास कुमार के मार्गदर्शन में की तैयारी उनकी इस सफलता में कोच विकास कुमार का मार्गदर्शन और प्रशिक्षण अहम रहा। नियमित अभ्यास और कठिन प्रशिक्षण से कल्याणी फाइनल तक पहुंचीं। उन्होंने वहां शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। खेल संघों और खेलप्रेमियों ने दी बधाई कल्याणी की सफलता पर कई लोगों ने बधाई दी है। इनमें सीतामढ़ी जिला भारोत्तोलन संघ के संरक्षक प्रो. राजकुमार गुप्ता, अध्यक्ष अतुल कुमार और सचिव सतीश कुमार शामिल हैं। खो-खो संघ के सचिव हरिशंकर प्रसाद, फुटबॉल संघ के सचिव सुरेश कुमार और संयुक्त सचिव राहुल यादव ने भी बधाई दी। अरविंद कुमार, शिक्षक अरविंद हेराम कुमार, सैनिक चुनचुन कुमार और नवीन यादव सहित अन्य खेलप्रेमियों ने भी खुशी जताई। सीतामढ़ी की बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा खेलप्रेमियों ने कहा कि कल्याणी की यह उपलब्धि सीतामढ़ी की बेटियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने साबित किया कि प्रतिभा गांव में भी होती है। जरूरत सिर्फ उसे सही मंच और मार्गदर्शन देने की है।
स्कूल में घुसकर छात्रों पर दबंगों का हमला: लाठी-डंडों से मारपीट की घटना CCTV में कैद
ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर थाना क्षेत्र के खेड़ी गांव स्थित एमसी गोपीचंद इंटर स्कूल में छात्रों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि आधा दर्जन से अधिक दबंग स्कूल परिसर में घुस आए और 12वीं कक्षा के छात्रों के साथ जमकर मारपीट की। इस दौरान कई छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं। स्कूल के अंदर हुई मारपीट की पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना के बाद घायल छात्रों और उनके परिजनों में नाराजगी है।
9 निकायों के लिए कल रवाना होंगे मतदान दल:9 को होगी वोटिंग, एक साथ 9 निकायों में मतदान
जिले में प्रथम चरण के नगरीय निकाय आम चुनाव को लेकर चुनावी तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। 9 सितंबर को होने वाले मतदान के लिए (8 सितंबर) को झुंझुनूं नगर परिषद सहित जिले के 9 नगरीय निकायों के मतदान दलों को उनके मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया जाएगा। रवाना होने से पहले सभी मतदान कर्मियों को द्वितीय प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सके। इन सेंटर पर होगा मतदान जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने बताया कि प्रथम चरण के तहत झुंझुनूं नगर परिषद तथा नगर पालिका बगड़, सुल्ताना, नवलगढ़, जाखल, मुकुंदगढ़, डूंडलोद, खेतड़ी और उदयपुरवाटी में 9 सितंबर (बुधवार) को मतदान होगा। इसके लिए सभी मतदान दलों को 8 सितंबर को संबंधित रवानगी केंद्रों पर सुबह 10 बजे अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा। प्रशासन ने मतदान दलों की रवानगी के लिए अलग-अलग निकायों के अनुसार केंद्र निर्धारित किए हैं-
सहरसा के प्रसिद्ध संत बाबा कारू खिरहरी से जुड़े धार्मिक न्यास में न्यासधारी की नियुक्ति को लेकर विवाद चल रहा है। इस बीच, वर्तमान न्यासधारी निरंजन कुमार ने सोमवार की शाम महपुरा मे प्रेस वार्ता कर अपनी स्थिति साफ की है। उन्होंने अपनी नियुक्ति को पूरी तरह वैध बताया है। निरंजन कुमार ने कहा कि उनकी नियुक्ति 1889 के ऐतिहासिक वसीयतनामे, पारिवारिक वंश परंपरा और वैध उत्तराधिकार दस्तावेजों के आधार पर धार्मिक न्यास परिषद ने की है। उन्होंने ग्रामीणों द्वारा लगाए गए वित्तीय गड़बड़ी और पद के गलत इस्तेमाल के सभी आरोपों को खारिज कर दिया। संत कारू खिरहरी के छोटे भाई के वंशज होने की बात कही महिषी प्रखंड के महपुरा स्थित संत बाबा कारू स्थान परिसर में यह प्रेस वार्ता हुई। निरंजन कुमार ने बताया कि संत कारू खिरहरी उनके पूर्वज थे। चूंकि कारू खिरहरी का कोई वंश आगे नहीं बढ़ा, इसलिए उनकी पूरी संपत्ति और पारिवारिक उत्तराधिकार उनके छोटे भाई लक्षण खिरहरी को मिला था। निरंजन कुमार खुद लक्षण खिरहरी के ही वंशज हैं। 1889 के वसीयतनामे में उत्तराधिकार की व्यवस्था का जिक्र निरंजन कुमार ने ऐतिहासिक दस्तावेजों का जिक्र करते हुए बताया कि लक्षण खिरहरी के दो बेटे थे - निर्मल खिरहरी और झामन खिरहरी। 5 मार्च 1889 को निर्मल खिरहरी द्वारा लिखे गए मूल वसीयतनामे में साफ लिखा है कि महंत और प्रबंधक की नियुक्ति निर्मल और झामन खिरहरी के खानदान से ही होगी। 1889 से 2024 तक सिलसिलेवार बताया उत्तराधिकार उन्होंने सिलसिलेवार उत्तराधिकार का ब्योरा भी दिया। 5 मार्च 1889 को निर्मल खिरहरी ने बोलत खिरहरी को जिम्मेदारी सौंपी थी। 1 जनवरी 1902 को बोलत खिरहरी ने बीरू खिरहरी को नियुक्त किया। 11 मई 1931 को बीरू खिरहरी ने मुसो खिरहरी को उत्तराधिकारी बनाया। इसके बाद, 16 नवंबर 1940 को मुसो खिरहरी ने बुची खिरहरी और गेजा खिरहरी को संयुक्त प्रभार दिया। 16 मार्च 1974 को बुची खिरहरी और गेजा खिरहरी ने तारणी खिरहरी को प्रबंधक नियुक्त किया। आखिर में, 3 जून 2024 को तारणी खिरहरी ने विधिवत रूप से निरंजन कुमार को अपना उत्तराधिकारी और प्रबंधक नियुक्त किया। जांच के लिए सभी साक्ष्य उपलब्ध न्यासधारी ने दावा किया कि 1889 से लेकर 2024 तक की यह वसीयत व उत्तराधिकार श्रृंखला पूरी तरह दस्तावेजी साक्ष्यों से प्रमाणित है। इन्हीं पुख्ता कागजातों की जांच के बाद बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद ने उन्हें न्यासधारी नियुक्त किया है। उन्होंने कहा कि उनके पास सभी मूल दस्तावेज और वंशावली सुरक्षित हैं, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर सक्षम प्रशासनिक एवं न्यायिक अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है। ग्रामीणों ने बैठक कर लगाए थे गंभीर आरोप उल्लेखनीय है कि बीते दिनों स्थानीय ग्रामीणों ने एक बैठक आयोजित कर वर्तमान न्यासधारी निरंजन कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि मंदिर के विकास कोष में भारी घोटाला और राशि का गबन किया गया है। साथ ही, निरंजन कुमार पर गलत तथ्यों के आधार पर गैर-कानूनी तरीके से न्यासधारी बनने का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई थी। इसी विवाद की पृष्ठभूमि में न्यासधारी ने यह प्रेस वार्ता कर अपना पक्ष रखा है।
कलेक्शन एजेंट से लूट के प्रयास का खुलासा, एक अभियुक्त गिरफ्तार
तमंचा, कारतूस व दो मोटरसाइकिल बरामद; तीन बाल अपचारियों के नाम भी सामने आए
धमतरी में बिजली बिल का भुगतान नहीं होने पर बिजली विभाग ने करीब 25 सरकारी विभागों के कनेक्शन काट दिए हैं। इन दफ्तरों में काम कराने पहुंचे लोगों को बिना पंखे के गर्मी में बैठना पड़ रहा है। सोमवार को जिला पंजीयन कार्यालय का भी कनेक्शन काट दिया गया, जिससे जमीन रजिस्ट्री का काम प्रभावित हुआ। बिजली विभाग के मुताबिक, जिले के 56 सरकारी विभागों पर करीब 47 करोड़ 42 लाख रुपए का बिजली बिल बकाया है। बिजली विभाग के मुताबिक, जून महीने से कई सरकारी विभागों के बिजली बिल का भुगतान नहीं हुआ है। इसके बाद विभाग ने बकाया बिल की वसूली के लिए कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू की है। सोमवार को जिला पंजीयन कार्यालय का भी बिजली कनेक्शन काट दिया गया। यहां जमीन की रजिस्ट्री से जुड़े काम होते हैं। बिजली बंद होने के कारण सुबह से पहुंचे लोगों के रजिस्ट्री के काम अटक गए। उप पंजीयक कार्यालय पहुंचे लोगों ने बताया कि वे अपना काम कराने आए थे, लेकिन कई घंटे से बिजली बंद है। इसके चलते उन्हें कार्यालय के बाहर इंतजार करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि समय पर बिजली बिल का भुगतान होना चाहिए, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो और उनके काम समय पर पूरे हो सकें। धमतरी बिजली विभाग के कार्यपालन अभियंता अनिल सोनी ने बताया कि जिले के 56 सरकारी विभागों पर करीब 47 करोड़ 42 लाख 19 हजार 928 रुपए का बिजली बिल बकाया है। सभी संबंधित विभागों को पहले ही नोटिस जारी किए गए थे। इसके बाद 25 विभागों के बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू की गई है। वहीं, कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने कहा कि सरकारी विभागों के बिजली बिल का भुगतान प्रीपेड व्यवस्था के तहत किया जाना है। इसके लिए राज्य सरकार से फंड मिलता है। फंड मिलते ही बकाया बिजली बिल का भुगतान कर दिया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि आगे बिजली कनेक्शन काटने की स्थिति न बने, इसके लिए समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
कल सीएम करेंगे पाली में रोड शो:भाजपा के प्रत्याशी भी शामिल होंगे, सोमनाथ मंदिर के दर्शन भी करेंगे
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मंगलवार को भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में पाली दौरे पर रहेंगे। इस दौरान शहर में मंगलवार सुबह 10 बजे से रोड शो करेंगे। जिसकी तैयारियों में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता जुटे हैं। भाजपा मीडिया संयोजक प्रवीण गोलेच्छा ने बताया कि मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर मंगलवार सुबह 10 बजे गर्ल्स कॉलेज में हेलीपैड पर उतरेगा। यहां भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत, सांसद पी.पी. चौधरी, पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख, पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा, जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी सहित पार्टी के पदाधिकारी उनका स्वागत करेंगे। यहां से निकलेगा रोड शो इसके बाद मुख्यमंत्री सीधे सूरजपोल पहुंचेंगे। यहां भाजपा प्रत्याशियों से मुलाकात के बाद रोड शो शुरू होगा। जो सूरजपोल से शुरू होकर सोमनाथ मंदिर पहुंचेगा। यहां मुख्यमंत्री भगवान महादेव के दर्शन करेंगे। इसके बाद रोड शो सर्राफा बाजार, फतेहपुरिया बाजार और पानी दरवाजा होते हुए सिन्धी कॉलोनी पहुंचेगा। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर भाजपा कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों की ओर से मुख्यमंत्री का स्वागत किया जाएगा तथा पुष्पवर्षा की जाएगी। इसको लेकर सोमवार शाम को ADM डॉ बजरंगसिंह के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासिनक अधिकारियों ने शहर के भीतरी क्षेत्र का राउंउ लिया। सोनमाथ मंदिर सहित आस-पास की व्यवस्था देखी एवं मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
गोपालगंज के नगर थाना क्षेत्र के आरार मोड़ के पास दो पक्षों के बीच मारपीट हुई। इस घटना में एक महिला सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों की पहचान सुपौल जिले के पिपरा बाजार गांव के दीपनारायण यादव के बेटे अर्जुन कुमार, ललन कुमार और अर्जुन की पत्नी प्रिया यादव के रूप में हुई है। नया आरओ प्लांट लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद घायलों ने बताया कि अर्जुन कुमार और उनका परिवार 2020 से गोपालगंज में रहकर एक आरओ पानी प्लांट में काम कर रहा था। विवाद तब शुरू हुआ जब अर्जुन ने अपना खुद का नया आरओ प्लांट लगाने की योजना बनाई। नया व्यवसाय शुरू करने के लिए उन्होंने पुराने मालिक का काम छोड़ दिया, जिससे प्लांट मालिक नाराज हो गया। सामान मांगने पर बढ़ा विवाद, घर में घुसकर मारपीट का आरोप पीड़ित पक्ष का आरोप है कि काम छोड़ने के बाद भी उनका कुछ निजी सामान और उपकरण पुराने आरओ प्लांट में रह गया था। जब अर्जुन और उनके परिवार ने अपना सामान वापस मांगा, तो प्लांट मालिक ने देने से मना कर दिया और बहस करने लगा। यह विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी अपने समर्थकों के साथ पीड़ित के घर में घुस आए। लाठी-डंडों से हमला और घर में तोड़फोड़ का आरोप हमलावरों ने लाठी-डंडों से उन पर हमला किया और घर में तोड़फोड़ की। उन्होंने परिजनों के साथ बेरहमी से मारपीट भी की। आरोप है कि जाते समय हमलावर घर के बाहर खड़े ऑटो की बैटरी भी खोलकर ले गए।
सीतामढ़ी में सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति और कार्य व्यवस्था की जांच के लिए जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया ने सोमवार को डुमरा और बथनाहा अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों कार्यालयों में कुल 17 कर्मचारी अपने कार्यस्थल से अनुपस्थित मिले। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी गैरहाजिर कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने और उनसे स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया। बथनाहा अंचल में 10 कर्मचारी गैरहाजिर डीएम ने सुबह 10:45 बजे बथनाहा अंचल कार्यालय पहुंचकर कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच की। इस दौरान 10 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इनमें संविदा लिपिक शत्रुध्न राम, निम्नवर्गीय लिपिक तौसीफ रजा और खुशबू कुमारी, अंचल अमीन शबनम कुमारी, डेटा एंट्री ऑपरेटर क्षितिज राज श्रीवास्तव, कुमुद कुमार व सुमन कुमारी, कार्यपालक सहायक नयन कृष्णानी व प्रवीण कुमार और कार्यालय परिचारी कमलेश पासवान शामिल हैं। डुमरा अंचल में सात कर्मचारी गायब इसके बाद डीएम ने डुमरा अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। यहां भी सात कर्मचारी अपने कार्यस्थल से अनुपस्थित मिले। इनमें डेटा एंट्री ऑपरेटर अमित वर्मा व संजीव कुमार, अमीन शिखा कुमारी व पल्लवी जोशी तथा कार्यपालक सहायक आरती कुमारी, रागिनी कुमारी और संजीत कुमार शामिल हैं। बिना सूचना अनुपस्थिति पर होगी कार्रवाई निरीक्षण के दौरान डीएम ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में समय पर उपस्थित होकर जिम्मेदारी के साथ काम करना प्रशासन की कार्यसंस्कृति का अहम हिस्सा है। आम लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ समय पर मिले, इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी जिम्मेदारी से काम करना होगा। स्पष्टीकरण के बाद आगे की कार्रवाई डीएम ने स्पष्ट किया कि बिना सूचना ड्यूटी से गायब रहना गंभीर मामला है। ऐसे मामलों में नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को सभी गैरहाजिर कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लेने, नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने और इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
दिल्ली और हलवारा के बीच एयर इंडिया की हवाई सेवा एक बार फिर यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी। सोमवार सुबह दिल्ली जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI-482 परिचालन कारणों के चलते रद्द कर दी गई। उड़ान पकड़ने के लिए हलवारा एयरपोर्ट पहुंचे करीब 60 यात्रियों को बिना यात्रा किए ही वापस लौटना पड़ा। कई यात्रियों ने अपनी यात्रा की तारीख बदल दी। एयर इंडिया की ओर से यात्रियों को फ्लाइट रद्द होने की सूचना सोमवार तड़के करीब 3:30 बजे दे दी गई थी। इसके बावजूद कई यात्री निर्धारित समय के अनुसार एयरपोर्ट पहुंच गए। एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उन्हें उड़ान रद्द होने की जानकारी मिली। एक विमान के रोटेशन पर निर्भर है पूरी सेवा दिल्ली से हलवारा आने और फिर हलवारा से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट एक ही विमान के रोटेशन पर निर्भर रहती है। ऐसे में दिल्ली से विमान हलवारा नहीं पहुंचा तो यहां से दिल्ली जाने वाली उड़ान भी रद्द हो गई। इसका सीधा असर दोनों तरफ के यात्रियों पर पड़ा। यात्रियों का कहना है कि उड़ान रद्द होने की स्थिति में एयरलाइन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था और अगली उड़ान को लेकर स्पष्ट जानकारी समय पर मिलनी चाहिए, ताकि उन्हें एयरपोर्ट तक आने-जाने में अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े। पहले भी तकनीकी खराबी से परेशान हो चुके हैं यात्री हलवारा एयरपोर्ट से एयर इंडिया की उड़ानों को लेकर यात्रियों की परेशानी नई नहीं है। इससे पहले भी तकनीकी खराबी के कारण उड़ानों में देरी हो चुकी है। यात्रियों को घंटों एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा था। अब परिचालन कारणों से फ्लाइट रद्द होने के बाद नियमित यात्रियों में नाराजगी बढ़ रही है। यात्रियों का सवाल है कि तकनीकी या परिचालन संबंधी दिक्कत आने पर उन्हें पर्याप्त समय पहले सूचना क्यों नहीं मिलती और वैकल्पिक यात्रा की व्यवस्था के बारे में स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी जाती। दिल्ली में बारिश से भी प्रभावित हुआ हवाई परिचालन दिल्ली में हाल में हुई भारी बारिश का असर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के परिचालन पर भी पड़ा था। 4 सितंबर को भारी बारिश के कारण टर्मिनल-2 और टर्मिनल-3 के आसपास जलभराव की स्थिति बनी थी। खराब मौसम, कम दृश्यता और तेज हवाओं के कारण कई उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ था और कम से कम 11 उड़ानों को दूसरे एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया था। हालांकि, सोमवार को हलवारा-दिल्ली फ्लाइट रद्द होने का कारण एयर इंडिया ने परिचालन संबंधी बताया है। अगस्त में करीब एक हजार यात्रियों की कमी उड़ानों में लगातार आ रही दिक्कतों के बीच हलवारा एयरपोर्ट के यात्री आंकड़े भी चिंता बढ़ा रहे हैं। अगस्त में सुबह और शाम की उड़ानों से दिल्ली से हलवारा 4,976 यात्री पहुंचे, जबकि हलवारा से दिल्ली 5,780 यात्रियों ने सफर किया। हलवारा एयरपोर्ट के निदेशक जागीर सिंह के अनुसार, जून और जुलाई में छुट्टियों के कारण यात्रियों की संख्या अधिक रही थी, लेकिन अगस्त में करीब एक हजार यात्रियों की कमी दर्ज की गई। एयरपोर्ट आने-जाने का महंगा किराया भी परेशानी यात्रियों के मुताबिक, केवल हवाई टिकट ही नहीं, बल्कि हलवारा एयरपोर्ट तक पहुंचने और वापस आने का खर्च भी बड़ी चुनौती है। एयरपोर्ट के आसपास टैक्सी के सीमित विकल्प होने के कारण कुछ ऑपरेटर अधिक किराया वसूल रहे हैं। 10 सितंबर से शाम की फ्लाइट का समय बदलेगा हलवारा एयरपोर्ट से शाम की उड़ान के समय में 10 सितंबर से बदलाव किया जाएगा। अभी यह उड़ान दोपहर 2:40 बजे हलवारा से रवाना होती है। नए शेड्यूल के अनुसार यह उड़ान अब शाम 4:05 बजे रवाना होगी। सुबह की उड़ान के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
मोतिहारी के पहाड़पुर थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में 10 साल के छात्र की जान चली गई। पश्चिमी सरेया पंचायत के मिश्राईन टोला चौक के पास सोमवार दोपहर एक हाइवा ट्रक ने साइकिल सवार छात्र को टक्कर मार दी। मृतक की पहचान कोहड़गढ़ गांव निवासी कृष्ण उर्फ भूसा साह के बेटे राजकुमार के रूप में हुई है। वह राजकीय मध्य विद्यालय सरेया खास मिश्राईन टोला में तीसरी कक्षा का छात्र था। जानकारी के अनुसार, सोमवार को स्कूल में टिफिन के दौरान राजकुमार साइकिल से खाना खाने अपने घर गया था। उसका घर स्कूल से करीब पांच सौ मीटर दूर है। खाना खाने के बाद वह साइकिल से वापस स्कूल लौट रहा था। इसी दौरान मिश्राईन टोला चौक के पास मलाही-बेतिया मुख्य मार्ग पर बेतिया की ओर जा रहे तेज रफ्तार हाइवा ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क जाम की घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। गुस्साए लोगों ने मुआवजे और कार्रवाई की मांग को लेकर मलाही-बेतिया मुख्य मार्ग जाम कर दिया। सड़क जाम होने से दोनों ओर गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई और कुछ देर तक आवाजाही पूरी तरह बंद रही। इस बीच हाइवा चालक ट्रक लेकर मौके से भाग गया। पुलिस ने समझाकर जाम कराया समाप्त सूचना मिलते ही पहाड़पुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एसआई विवेक कुमार, चंद्रकांत सिंह मौर्य, अमित कुमार और सरपंच प्रतिनिधि रामएकबाल प्रसाद ने गुस्साए लोगों और मृतक के परिवार वालों को समझाकर शांत किया। काफी समझाने के बाद जाम खत्म कराया गया और आवाजाही शुरू हुई। मां का रो-रोकर बुरा हाल, पिता बाहर करते हैं मजदूरी इधर, छात्र की मौत के बाद परिवार में मातम छा गया है। मां चंदा देवी समेत अन्य परिवार वालों का बुरा हाल है। बताया जाता है कि राजकुमार के पिता प्रदेश से बाहर मजदूरी करते हैं और घटना के समय घर पर नहीं थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और फरार हाइवा चालक की तलाश कर रही है।
देवास से इंदौर आ रही एक बस के ड्रायवर और क्लीनर के शराब के नशे में होने और यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार करने की सूचना पर यातायात पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। सूचना मिलते ही वायरलेस के जरिए कंट्रोल रूम को जानकारी दी गई। इसके बाद खजराना पुलिस ने रोबोट चौराहे पर बस को रुकवाकर ड्रायवर और क्लीनर को नीचे उतारा। पुलिस ने बस जब्त कर दोनों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। यातायात पुलिस के प्रधान आरक्षक रितेश मंडलोई को सूचना मिली थी कि देवास से इंदौर आ रही बस का ड्रायवर और क्लीनर शराब के नशे में हैं और यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे हैं। सूचना के आधार पर खजराना पुलिस ने रोबोट चौराहे पर बस को रुकवाया और कार्रवाई की। तेज रफ्तार कार चलाने पर ड्रायवर पर FIR, गाड़ी जब्तट्रैफिक टीआई अरविंद दांगी ने तेज रफ्तार और लापरवाहीपूर्वक कार चलाकर आमजन के जीवन को संकट में डालने वाले अजय जायसवाल के खिलाफ थाना संयोगितागंज में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 185 और मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 177, 184 के तहत अपराध क्रमांक 0401/26 दर्ज किया है। अजय जायसवाल गीता भवन चौराहे पर रॉन्ग साइड से तेज रफ्तार में कार चलाकर आ रहा था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कार भी जब्त कर ली।
मोहन बड़ोदिया में 7.5 लीटर कच्ची शराब पकड़ी:5 ड्रम महुआ लहान नष्ट किया, दो महिलाओं के खिलाफ केस दर्ज
शाजापुर जिले की मोहन बड़ोदिया थाना पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई की है। सोमवार शाम निपानिया कंजर डेरा में पुलिस ने अचानक दबिश देकर हाथ भट्टी की बनी 7.5 लीटर कच्ची शराब पकड़ी। इसके साथ ही खेतों में बने छप्परों में छिपाकर रखा गया 5 ड्रम महुआ लहान मौके पर ही नष्ट कर दिया। मामले में पुलिस ने दो अलग-अलग केस दर्ज किए हैं। थाना प्रभारी मनीषा शर्मा की अगुवाई में पुलिस टीम ने कंजर डेरे में छापेमारी की। इस दौरान रामपति (58) के पास से 3 लीटर और पवित्रा बाई (45) के पास से 4.5 लीटर अवैध कच्ची शराब मिली। पुलिस ने शराब को अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। लाहन नष्ट किया कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आसपास के खेतों में बनी टपरियों की भी तलाशी ली। वहां अवैध शराब बनाने के लिए छिपाकर रखा गया 5 ड्रम महुआ लहान मिला, जिसे पुलिस टीम ने मौके पर ही बहाकर खत्म कर दिया। केस दर्ज पुलिस ने मौके से पकड़ी गई दोनों महिला आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(1) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी का कहना है कि इलाके में अवैध शराब बनाने और बेचने वालों पर आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
जोधपुर में बिजली लाइनों के मेंटनेंस को लेकर शहर के कुछ हिस्सों में कल साढ़े 3 घंटे बिजली बंद रहेगी। इस दौरान सुबह 8:30 बजे से कटौती शुरू हो जाएगी। सुबह 8:00 बजे से 11:30 बजे तक बिजली कटौती डिस्कॉम के अनुसार, सुबह 8:00 बजे से 11:30 बजे तक पार्श्वनाथ सिटी जीएसएस से जुड़े संबंधित फीडर में ये कटौती होगी। इस दौरान पार्श्वनाथ कॉलोनी, पार्श्वनाथ सिटी, सांगरिया फांटा, सेंट्रल एकेडमी स्कूल और आशियाना द्वारका के आस-पास पूरे इलाके में साढ़े तीन घंटे की कटौती की जाएगी।
सीतामढ़ी के बैरगनिया थाना क्षेत्र में लालबकैया नदी से सोमवार को एक 80 साल के बुजुर्ग का शव मिला। शव जमुआ इलाके में नदी के पानी में तैरता हुआ मिला था। मृतक की पहचान जमुआ निवासी इसराईल मंसूरी (80) के तौर पर हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, इसराईल मंसूरी जुम्मा के दिन अपने घर से मवेशियों के लिए चारा लेने निकले थे। इसके बाद वे घर वापस नहीं लौटे। जब वे काफी देर तक घर नहीं पहुंचे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में भी हुई तलाश रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में भी खोजबीन की गई, लेकिन बुजुर्ग का कोई पता नहीं चला। परिजनों ने उनके लापता होने की सूचना पुलिस को भी दी थी। नदी में शव तैरता देख जुटी भीड़ वहीं, सोमवार को जमुआ के पास लालबकैया नदी में लोगों ने पानी में एक शव तैरता हुआ देखा। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ लग गई। सूचना मिलने पर परिजन भी मौके पर पहुंचे। शव की पहचान इसराईल मंसूरी के तौर पर होते ही परिवार में दुख का माहौल छा गया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच शुरू की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में आशंका है कि मवेशियों के लिए चारा लेने के दौरान बुजुर्ग किसी तरह नदी में गिर गए होंगे और डूबने से उनकी मौत हो गई। मौत के बाद गांव में पसरा मातम पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है। बुजुर्ग की मौत के बाद परिवार के साथ-साथ पूरे गांव में दुख का माहौल है।
नाबालिग आदिवासी बच्ची की संदिग्ध मौत के मामले में सूरजपुर पुलिस ने ठेकेदार श्रवण कुमार जायसवाल को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नाबालिग को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। परिजनों ने बालिका के साथ यौन उत्पीड़न की आशंका जताई थी और शव लेकर आईजी कार्यालय पहुंच गए थे। आईजी के निर्देश पर दोबारा पीएम कराया गया था, लेकिन अभी पीएम रिपोर्ट नहीं आई है। जानकारी के मुताबिक, बलरामपुर जिले के ग्राम चांदो क्षेत्र की 12 साल की आदिवासी बच्ची एक माह से भटगांव कोरंधा के श्रवण कुमार जायसवाल के घर रहकर घरेलू काम करती थी। 1 सितंबर को उसका शव संदिग्ध हालत में मिला था। ठेकेदार के परिवार ने बताया कि नाबालिग ने घर के कमरे में दुपट्टे से फांसी लगा ली थी। शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम, पुलिस ने दर्ज की FIR मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का कार्यपालिक मजिस्ट्रेट जरही की मौजूदगी में पंचनामा कराया था। इसके बाद सीएचसी भटगांव में पोस्टमॉर्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया था। पहली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से परिजन और आदिवासी समाज संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने बच्ची की हत्या और यौन दुर्व्यवहार की आशंका जताई थी। इसके बाद वे शव लेकर आईजी कार्यालय पहुंच गए थे। परिजनों का कहना था कि बच्ची के गले पर फांसी के निशान नहीं थे और उसके प्राइवेट पार्ट में सूजन थी। इसके बाद 4 सितंबर को सरगुजा आईजी दीपक कुमार झा के निर्देश पर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराया गया। हालांकि, दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है। पुलिस की मर्ग जांच, घटनास्थल के निरीक्षण और लोगों के बयान में सामने आया कि बच्ची वापस अपने घर जाना चाहती थी। आरोप है कि मकान मालिक श्रवण कुमार उसे घर नहीं जाने दे रहा था और उससे जबरन घर का काम करवाता था। पुलिस के मुताबिक, दुर्व्यवहार और प्रताड़ना से परेशान होकर नाबालिग ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में पुलिस ने 67 वर्षीय श्रवण कुमार के खिलाफ बीएनएस की धारा 107, जेजे एक्ट की धारा 75, बाल किशोर श्रम अधिनियम की धारा 14 और एसटी-एससी एक्ट की धारा 3(2)(ट) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी श्रवण कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
कोरबा के मुड़ापार स्थित आरजी पेट्रोल पंप पर एक कर्मचारी का शव पानी की टंकी में मिला है। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। मृतक की पहचान 39 वर्षीय ओम प्रकाश यादव के रूप में हुई है। वह राताखार में रहता था और मूल रूप से जांजगीर-चांपा जिले का रहने वाला था। ओम प्रकाश पेट्रोल पंप पर पेट्रोल डालने का काम करता था और अपनी दूसरी शिफ्ट की ड्यूटी पर आया था। पहले देखिए तस्वीरें अब जानिए पूरा मामला जानकारी के मुताबिक, पंप पर तीन कर्मचारी ड्यूटी पर थे। ड्यूटी के दौरान ओमप्रकाश अचानक गायब हो गया। काफी देर तक वह नजर नहीं आया, तो साथी कर्मचारी खुशी मिश्रा ने पंप संचालक को इसकी जानकारी दी। जब खोजबीन शुरू हुई, तो पेट्रोल टंकी से लगी पानी की टंकी में उसका शव मिला। बताया जा रहा है कि पानी की टंकी में पानी के साथ पेट्रोल भी मिला हुआ था। मृतक के शरीर से पेट्रोल की तेज गंध आ रही थी। पुलिस को आशंका है कि मृतक शराब के नशे में था, क्योंकि वह शराब पीने का आदी बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही मानिकपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को टंकी से बाहर निकलवाया और पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ड्यूटी के दौरान गायब हुआ कर्मचारी पेट्रोल पंप कर्मचारी खुशी मिश्रा ने पुलिस को बताया कि ड्यूटी पर तीन लोग थे। ओमप्रकाश अचानक गायब हो गया था। संचालक को सूचना देने के बाद तलाश की गई, तब टंकी में उसका शव मिला। पुलिस का कहना है कि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। पहली नजर में डूबने से मौत की आशंका है। हालांकि, टंकी में पेट्रोल कैसे आया और मृतक वहां तक कैसे पहुंचा, इसकी जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज भी देखे जा रहे हैं। घटना के बाद पेट्रोल पंप पर कुछ देर के लिए काम बंद रहा। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
मध्य प्रदेश में कॉन्स्टेबल (बैंड) पद की भर्ती प्रक्रिया को लेकर हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में सोमवार को सुनवाई हुई। मामले में शासन की ओर से अपना जवाब कोर्ट के समक्ष पेश कर दिया गया। हालांकि, याचिकाकर्ताओं की ओर से शासन के जवाब को संतोषप्रद नहीं बताया गया और उसमें कई कमियां होने की बात रखी गई। मामले में अब अगले सप्ताह अंतिम सुनवाई होगी। याचिकाकर्ता निलेश सिंह की ओर से एडवोकेट गगन बजाड ने पैरवी की। उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया को चुनौती देने वाली बाद में दायर की गई अन्य याचिकाओं को भी कोर्ट ने मूल प्रकरण के साथ जोड़ दिया है। अब सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई होगी। शासन ने पेश किया जवाब, याचिकाकर्ताओं ने जताई आपत्ति एडवोकेट बजाड के मुताबिक, पिछली सुनवाई में कोर्ट ने शासन से भर्ती प्रक्रिया से संबंधित जानकारी और अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा था। सोमवार को शासन की ओर से जवाब पेश किया गया। याचिकाकर्ताओं की ओर से इस जवाब को संतोषप्रद नहीं बताते हुए उसमें सामने आई कमियों और आपत्तियों को कोर्ट के समक्ष रखा गया। इन बिंदुओं पर अब अंतिम सुनवाई के दौरान विस्तार से दलीलें रखी जाएंगी। भर्ती प्रक्रिया को लेकर मूल विवाद क्या है? मामले की मूल याचिका कॉन्स्टेबल (बैंड) भर्ती प्रक्रिया को लेकर दायर की गई है। याचिका में भर्ती के लिए अपनाई गई प्रक्रिया और अभ्यर्थियों के चयन को लेकर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से भर्ती प्रक्रिया में निर्धारित नियमों के पालन को लेकर आपत्ति जताई गई है। उनका कहना है कि भर्ती विज्ञापन में जिस प्रक्रिया का उल्लेख किया गया था, उसके अनुरूप कार्रवाई नहीं की गई। इसी आधार पर भर्ती प्रक्रिया को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया गया है। अन्य याचिकाएं भी मूल केस में शामिल इस मामले में बाद में अन्य अभ्यर्थियों की ओर से भी याचिकाएं दायर की गई थीं। सोमवार की सुनवाई में इन याचिकाओं को मूल प्रकरण के साथ क्लब कर दिया गया। अब सभी मामलों की सुनवाई एक साथ होगी। इससे भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अलग-अलग अभ्यर्थियों की आपत्तियां भी इसी मामले में सामने आएंगी और कोर्ट एक साथ इन पर विचार करेगा। इंटरव्यू रिजल्ट जारी करने पर रोक बरकरार गौरतलब है कि पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने कॉन्स्टेबल (बैंड) भर्ती के इंटरव्यू के परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी थी। सोमवार की सुनवाई के बाद भी यह रोक बरकरार है। अब अगली सुनवाई में शासन के जवाब और याचिकाकर्ताओं की ओर से बताई गई कमियों पर अंतिम दलीलें सुनी जाएंगी। इसके बाद कोर्ट भर्ती प्रक्रिया को लेकर आगे का फैसला कर सकता है। अगले सप्ताह होगी अंतिम सुनवाई मामले में अब अंतिम सुनवाई के लिए अगले सप्ताह का समय निर्धारित किया गया है। इस दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से शासन के जवाब में बताई गई कमियों और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी आपत्तियों पर विस्तार से तर्क रखे जाएंगे। फिलहाल कॉन्स्टेबल (बैंड) भर्ती के इंटरव्यू परिणाम पर हाईकोर्ट की रोक जारी है। अगले सप्ताह होने वाली सुनवाई में भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। ये खबर भी पढ़ें… '5 बजे की ट्रेन' वाले पुलिस बैंड प्रभारी कटारे दोषी मध्य प्रदेश पुलिस बैंड भर्ती में सिलेक्शन के नाम पर '5 बजे की ट्रेन' यानी 5 लाख रुपए की डील करने वाले प्रभारी सुनील कटारे को पुलिस मुख्यालय (PHQ) की जांच में दोषी पाया गया है। दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन के बाद शुरू हुई जांच की रिपोर्ट सामने आने के बाद अब 7वीं बटालियन के कमांडेंट हितेश चौधरी को कटारे के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई तय करनी है।पूरी खबर पढ़ें
गोपालगंज के थावे थाना क्षेत्र में एक 60 साल की महिला की खेत में काम करते समय करंट लगने से मौत हो गई। महिला की पहचान जैबुन नेसा के रूप में हुई है। परिजनों ने पड़ोसी खेत मालिक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यह घटना अमेठी कला गांव में हुई। जैबुन नेसा रोज की तरह अपने खेत में कृषि का काम करने गई थीं। परिजनों का आरोप है कि पड़ोसी खेत मालिक ने अपनी फसलों को जानवरों से बचाने के लिए खेत के चारों ओर खुले लोहे के तार बिछा रखे थे। इनमें अवैध तरीके से बिजली छोड़ी गई थी। तार के संपर्क में आते ही महिला को लगा तेज झटका महिला को इस बात की जानकारी नहीं थी। काम करते समय जैसे ही उनका हाथ या शरीर तार के संपर्क में आया, उन्हें तेज झटका लगा और मौके पर ही उनकी जान चली गई। शव दूसरी जगह फेंकने का परिजनों ने लगाया आरोप परिजनों का कहना है कि हादसे के बाद आरोपी खेत मालिकों ने पुलिस को सूचना देने या मदद करने के बजाय सबूत मिटाने की कोशिश की। उन्होंने महिला के शव को घटना वाली जगह से उठाकर करीब 300 मीटर दूर दूसरे खेत में फेंक दिया। उनका मकसद मामले को संदिग्ध बनाना और कानूनी कार्रवाई से बचना था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा घटना की जानकारी मिलते ही थावे थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बयानों के आधार पर होगी कार्रवाई पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि परिजनों के बयानों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की असलियत और दोषियों की भूमिका साफ हो पाएगी।
मिर्जापुर में ट्रेनों में बिना वजह अलार्म चेन खींचकर ट्रेन रोकने वालों के खिलाफ रेलवे ने सख्ती बढ़ा दी है। प्रयागराज मंडल में 1 जनवरी से 31 अगस्त 2026 तक अभियान चलाकर 2,528 लोगों के खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। इनमें मिर्जापुर आरपीएफ पोस्ट क्षेत्र के 136 और चुनार के 55 लोग शामिल हैं। जून में सबसे ज्यादा कार्रवाई रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी में 274, फरवरी में 244, मार्च में 341, अप्रैल में 318, मई में 386, जून में 397, जुलाई में 289 और अगस्त में 279 लोगों पर कार्रवाई हुई। जून में सबसे ज्यादा 397 मामले सामने आए। आरपीएफ पोस्ट के हिसाब से कानपुर सेंट्रल में सबसे ज्यादा 392 लोगों पर कार्रवाई हुई। इसके बाद टूंडला में 250, इटावा में 199, अलीगढ़ में 191, प्रयागराज जंक्शन में 182, फतेहपुर में 170, नैनी में 162 और फफूंद में 139 लोगों पर कार्रवाई की गई। मिर्जापुर में 136 मामले दर्ज हुए। इमरजेंसी में ही इस्तेमाल करें चेन रेल प्रशासन के मुताबिक, ट्रेनों में अलार्म चेन की सुविधा केवल आपात स्थिति में ट्रेन रोकने के लिए दी गई है। बिना उचित कारण चेन खींचने से ट्रेन रुक जाती है, जिससे संचालन प्रभावित होता है और दूसरे यात्रियों को भी परेशानी होती है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि अलार्म चेन का इस्तेमाल केवल इमरजेंसी में ही करें। बिना वजह चेन पुलिंग करने वालों की पहचान कर रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। यह जानकारी प्रयागराज मंडल, उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने दी।
भारतीय न्याय व्यवस्था और पारिवारिक अधिकारों के इतिहास में एक बेहद महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव डालने वाला फैसला सामने आया है, जो देश भर की उन लाखों बेटियों के लिए उम्मीद की एक नई किरण लेकर आया है जो अपने माता-पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा के आधार पर नौकरी पाने के कानूनी संघर्ष से गुजर रही हैं। झारखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट रूप से यह आदेश दिया है कि यदि कोई बेटी शादीशुदा है, तो केवल इस आधार पर उसका अनुकंपा नौकरी (Compassionate Appointment) पर से कानूनी हक नहीं छीना जा सकता। अदालत ने यह कड़ा रुख अपनाते हुए कोल माइंस प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (CMPFO) को यह सख्त निर्देश दिया है कि वह दिवंगत कर्मचारी की विवाहिता बेटी को मात्र आठ सप्ताह के भीतर नियुक्ति पत्र जारी करे। इस ऐतिहासिक फैसले ने रूढ़िवादी और संकीर्ण प्रशासनिक सोच पर एक बड़ा तमाचा जड़ा है, जिसमें यह मान लिया जाता था कि विवाह होने के बाद महिला का अपने मायके और माता-पिता के प्रति आर्थिक या सामाजिक आश्रितता का दायरा समाप्त हो जाता है। हाईकोर्ट की इस टिप्पणी से यह साबित हो गया है कि कानून की नजर में बेटी, चाहे वह विवाहित हो या अविवाहित, परिवार की जिम्मेदारी उठाने का बराबर का हक रखती है।झारखंड हाईकोर्ट का कड़ा रुख: पति की आय होने से पिता पर निर्भरता खत्म नहीं होतीइस पूरे मामले की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट के माननीय न्यायाधीश जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में हुई, जहाँ अदालत ने नियोक्ता संगठन की उस दलील को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें यह कहा गया था कि महिला के पति की अपनी आय है इसलिए उसे पिता पर आश्रित नहीं माना जा सकता। अदालत ने अपने विस्तृत फैसले में इस बात पर विशेष जोर दिया कि यदि कोई महिला अपने दिवंगत पिता के जीवनकाल में और उनकी मृत्यु के समय उन पर आर्थिक रूप से निर्भर थी, और उसके पास आय का कोई अन्य स्वतंत्र या स्थायी साधन नहीं है, तो केवल उसकी शादी हो जाने भर से उसका अनुकंपा नियुक्ति का दावा खारिज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस बात का भी संज्ञान लिया कि याचिकाकर्ता महिला अपनी बीमार और असहाय मां के साथ ही रहती है और पूरी तरह से उनकी देखभाल करती है। नियोक्ता संगठन द्वारा पति की मामूली आय को आधार बनाकर निर्भरता समाप्त बताने के तर्क को अदालत ने गलत और अनुचित करार दिया है, जिससे यह संदेश गया है कि प्रशासनिक निकायों को मामलों का निपटारा करते समय मानवीय दृष्टिकोण भी अपनाना चाहिए।वर्ष 2013 में हुई थी पिता की मृत्यु, साल 2017 से प्रशासनिक लालफीताशाही में उलझा था मामलायह पूरा कानूनी संघर्ष तेरह साल पुराना है, जो प्रशासनिक सुस्ती और नियमों के गलत अर्थ निकालने का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करता है। झारखंड के धनबाद स्थित कोयला खदान में सहायक (असिस्टेंट) के पद पर कार्यरत अर्जुन प्रसाद का 25 नवंबर 2013 को सेवाकाल के दौरान ही असामयिक निधन हो गया था। पिता की अचानक मृत्यु के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और उनकी विधवा पत्नी ने यह प्रस्ताव दिया कि परिवार की आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए उनकी बेटी को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी जाए। हालांकि, कोल माइंस प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (CMPFO) के अधिकारियों ने जुलाई 2017 में केवल यह बचकाना और संकीर्ण हवाला देकर उस योग्य बेटी का आवेदन खारिज कर दिया कि वह विवाहित है। इसके बाद न्याय पाने के लिए पीड़ित बेटी ने साल 2023 में झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने उसे नए सिरे से आवेदन करने की अनुमति प्रदान की, लेकिन प्रशासनिक अड़ंगेबाजी यहीं नहीं रुकी और अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान संगठन ने फरवरी 2024 में एक बार फिर से उसका दावा खारिज कर दिया। आखिरकार, महिला ने दोबारा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की जिसके बाद न्याय की जीत हुई।किडनी दान करने के कारण मां अस्वस्थ, भाइयों ने मोड़ा मुंह तो बेटी ने संभाली परिवार की जिम्मेदारीइस मामले के मानवीय पहलुओं ने अदालत को भी झकझोर कर रख दिया। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता रत्नेश कुमार ने अदालत के समक्ष बेहद मार्मिक और वास्तविक तथ्यों को रखते हुए बताया कि महिला की बुजुर्ग मां किसी भी प्रकार का शारीरिक श्रम करने में पूरी तरह असमर्थ हैं। इसका मुख्य कारण यह था कि अपनी बीमारी के दिनों में मां ने अपने पति (याचिकाकर्ता के पिता) को बचाने के लिए अपनी एक किडनी दान कर दी थी, जिससे उनका खुद का स्वास्थ्य कमजोर हो गया था। इसके अलावा, परिवार के दोनों बेटों (मृतक के पुत्रों) ने अपनी बीमार मां की जिम्मेदारी उठाने से साफ इनकार कर दिया था और वे परिवार से अलग रहकर अपनी जिंदगी गुजार रहे थे। ऐसी विकट और दयनीय परिस्थिति में पिता की मृत्यु के बाद बुजुर्ग मां की देखभाल का पूरा जिम्मा केवल इसी शादीशुदा बेटी ने उठाया है। वर्तमान में मां और बेटी केवल एक मामूली सी पारिवारिक पेंशन के सहारे किसी तरह अपना जीवन गुजार रही हैं। इसके विपरीत, सीएमपीएफओ की तरफ से पेश अधिवक्ता प्रशांत सिंह ने यह दलील दी थी कि चूंकि पिता की मृत्यु के समय बेटी विवाहित थी, उसका पति कमाता है और उसके भाई भी हैं, इसलिए उसे पूरी तरह आश्रित नहीं माना जा सकता, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और बड़ा मील का पत्थरकानूनी विशेषज्ञों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने झारखंड हाईकोर्ट के इस फैसले को लैंगिक समानता (Gender Equality) और भारतीय समाज में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी कदम बताया है। अक्सर देखा जाता है कि सरकारी विभागों या निजी संस्थानों में अनुकंपा नियुक्ति के नियमों को इस तरह से डिजाइन या व्याख्यायित किया जाता है जो पितृसत्तात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं। इस फैसले ने स्पष्ट कर दिया है कि विवाह किसी भी महिला की नागरिक, पारिवारिक और अनुकंपा संबंधी योग्यताओं और अधिकारों को समाप्त नहीं करता है। यदि एक बेटा अपने माता-पिता की देखभाल करने और उनकी नौकरी का हकदार होने की योग्यता रखता है, तो एक बेटी—चाहे उसकी शादी हो चुकी हो—वह भी उतने ही अधिकारों के साथ अपने परिवार का सहारा बन सकती है। कोर्ट के इस स्पष्ट निर्देश के बाद अब सीएमपीएफओ को आठ सप्ताह के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी करते हुए याचिकाकर्ता महिला को नियुक्ति पत्र सौंपना होगा, जिससे न केवल एक असहाय परिवार को स्थायी आर्थिक संबल मिलेगा, बल्कि देश की अन्य बेटियों के लिए भी न्याय का एक मजबूत कानूनी आधार तैयार हो गया है।
तेजस्वी यादव ने नरेंद्र मोदी से बिहार आने का आग्रह किया, पीएम से सम्राट सरकार की शिकायत भी की
तेजस्वी यादव ने कहा है कि दिवालिया हो चुकी बिहार सरकार बाढ़ पीड़ितों की सहायता करने में उदासीन है। प्रधानमंत्री को अविलंब बिहार का दौरा करके हर संभव सहायता उपलब्ध कराना चाहिए।
मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (MVDA) ने बिना अनुमति और स्वीकृत मानचित्र के हो रहे निर्माणों के खिलाफ सोमवार को कार्रवाई की। दोपहर करीब 3 बजे प्राधिकरण की टीम ने दो अलग-अलग स्थानों पर निर्माण और संचालन स्थलों को सील कर दिया। कार्रवाई उपाध्यक्ष लक्ष्मी नागप्पन के निर्देश और सचिव आशीष कुमार के मार्गदर्शन में की गई। इसकी जानकारी प्राधिकरण की ओर से शाम करीब 8 बजे दी गई। पहली कार्रवाई भादल-सौख क्षेत्र में हुई, जहां करीब 200 वर्ग मीटर के भूखंड पर चार दुकानें और व्यावसायिक निर्माण कराया जा रहा था। दूसरी कार्रवाई गोवर्धन क्षेत्र के जतीपुरा-गाठौली रोड पर हुई, जहां करीब 450 वर्ग मीटर में बिना स्वीकृति होटल अजीत पैलेस संचालित किया जा रहा था। दोनों जगह जरूरी स्वीकृति और दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। चार दुकानों के निर्माण पर पहले जारी हुआ था नोटिस भादल-सौख क्षेत्र में राम किशोर द्वारा करीब 200 वर्ग मीटर के भूखंड पर निर्माण कराया जा रहा था। प्राधिकरण के मुताबिक, मौके पर चार दुकानें और व्यावसायिक निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र के किया जा रहा था। इस मामले में उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा 27(1) के तहत पहले नोटिस जारी किए गए थे। प्राधिकरण की ओर से निर्माण से संबंधित स्वीकृत मानचित्र और अन्य दस्तावेज मांगे गए, लेकिन इन्हें प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद सोमवार को टीम ने निर्माण स्थल को सील कर दिया। मामले में वाद संख्या MTDA/Z4/ANI/2026/0000996 दर्ज है। बिना अनुमति चल रहा था होटल दूसरी कार्रवाई गोवर्धन इलाके में ग्राम जतीपुरा-गाठौली रोड पर की गई। यहां अजीत मोहन कौशिक द्वारा करीब 450 वर्ग मीटर क्षेत्र में होटल अजीत पैलेस का संचालन किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान होटल के निर्माण और संचालन से जुड़ी कोई स्वीकृति या स्वीकृत मानचित्र प्राधिकरण की टीम के सामने प्रस्तुत नहीं किया गया। जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने पर टीम ने होटल स्थल को भी सील कर दिया। इस मामले में वाद आईडी MTDA/Z2/00001269 दर्ज की गई है। प्राधिकरण बोला- आगे भी जारी रहेगा अभियान MVDA अधिकारियों ने बताया कि मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों और बिना स्वीकृति भवन निर्माण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। समय-समय पर ऐसे निर्माण चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि किसी भी भूखंड पर निर्माण शुरू करने से पहले मानचित्र स्वीकृत जरूर कराएं। अधिकारियों के मुताबिक, ऐसा करने से भविष्य में सीलिंग और दूसरी कानूनी कार्रवाई से बचा जा सकता है।
पटना के सचिवालय थाना क्षेत्र में विधानसभा परिसर से बाइक चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजकुमार उर्फ फंटूश और हर्ष राज उर्फ राज के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से चोरी की तीन बाइक बरामद की हैं। जानकारी के अनुसार, विधानसभा परिसर से दो बाइक चोरी होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए सेंट्रल एसपी ममता कल्याणी के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-01, सचिवालय, पटना और सचिवालय थानाध्यक्ष के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। एक लॉक तोड़ता दूसरा बाइक चुराता गठित टीम ने 6 सितंबर 2026 को गर्दनीबाग थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया। उसके पास से सचिवालय थाना कांड संख्या 182/26 में चोरी गई स्कूटी और कांड संख्या 184/26 में चोरी गई बाइक बरामद की गई। पुलिस जांच में गिरोह में दो लोगों की संलिप्तता सामने आई। हर्ष राज उर्फ राज बाइक और स्कूटी का लॉक तोड़ता था, जबकि राजकुमार उर्फ फंटूश चोरी की गाड़ी लेकर फरार हो जाता था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों का आपराधिक इतिहास पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों का पहले से आपराधिक इतिहास भी रहा है। फिलहाल पुलिस दोनों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और चोरी की घटनाओं के बारे में जानकारी जुटा रही है।
बैंक क्लर्क और ऑफिसर की 12000 से ज्यादा वैकेंसी आने वाली है, SBI के चेयरमैन ने कहा
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जोधपुर ग्रामीण की ओसियां थाना पुलिस ने बडला बासनी गांव में हुई नकबजनी की वारदात का सनसनीखेज खुलासा करते हुए गिरोह के मुख्य सरगना सहित दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि वारदात को अंजाम देने वाले कोई बाहरी नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार के पड़ोस में रहने वाले युवक ही निकले। आरोपी दिन में बंद मकानों की रेकी करते थे और रात होते ही चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। जिला पुलिस अधीक्षक जोधपुर ग्रामीण पंकज यादव ने बताया कि क्षेत्र में लगातार हो रही नकबजनी और चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 27 अगस्त 2026 की रात बडला बासनी निवासी भंवरकंवर पत्नी ईश्वरसिंह भाटी के मकान का मुख्य दरवाजा तोड़कर अज्ञात चोर सोने-चांदी के गहने और नकदी चुरा ले गए थे। पीड़िता की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया। मामले में पुलिस ने महेंद्रसिंह (27) पुत्र रामसिंह राजपूत, निवासी बडला बासनी, थाना ओसियां व छैलसिंह (30) पुत्र आमसिंह राजपूत, निवासी बडला बासनी, थाना ओसियां को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर चोरी की वारदातों को लेकर पूछताछ में जुटी है। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी महेंद्रसिंह और छैलसिंह दिन में देखते थे कि किस घर के मालिक बाहर गए हैं। बाद में मौका मिलते ही रात के अंधेरे में अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर घर का ताला तोड़ते थे।आरोपी पेशेवर शातिर नकबजन हैं, जिनसे अन्य वारदातों के खुलने की भी आशंका है।
राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है। इस नियुक्ति के बाद सोमवार को जोधपुर में उनके लिए विदाई समारोह रखा गया। यह कार्यक्रम राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन और राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन ने हाईकोर्ट ऑडिटोरियम में आयोजित किया। अधिवक्ताओं ने उनका अभिनंदन किया। एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रणजीत जोशी और लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिलीप सिंह उदावत ने जस्टिस भाटी का माला पहनाकर स्वागत किया। बोले-दिल से हमेशा जुडे रहेंगे समारोह को संबोधित करते हुए जस्टिस भाटी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि 1992 से अब तक करीब 35 सालों में उन्होंने जो कुछ भी कमाया, उससे कहीं ज्यादा सम्मान और प्यार उन्हें एक ही दिन में मिल गया है। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही वे अब आधिकारिक तौर पर जोधपुर की बार का हिस्सा नहीं रहेंगे, लेकिन दिल से हमेशा इससे जुड़े रहेंगे। यहां से मिल रहा प्यार और ताकत देश और संविधान की सेवा में उनके लिए एक बड़ी शक्ति बनेगी। जस्टिस भाटी ने हाईकोर्ट भवन की स्थिति को लेकर भी अधिवक्ताओं को भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि संस्था इतनी मजबूत है कि कोई उसे कमजोर नहीं कर सकता। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही भवन को ठीक कर दिया जाएगा और नई बिल्डिंग भी बनेगी। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं का भविष्य सुरक्षित रहेगा। उन्होंने युवा अधिवक्ताओं से अपील की कि वे हड़ताल से दूर रहें और ईमानदारी से काम करें। अपने पुराने दिनों को याद करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद कई हड़तालों में हिस्सा लिया था। हालांकि, उन्होंने कहा कि आज हालात बदल चुके हैं। मुकदमों की बढ़ती संख्या, जागरूक क्लाइंट और सोशल मीडिया के इस दौर में वकीलों को संयम और मर्यादा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। जस्टिस भाटी ने युवा वकीलों से तकनीक अपनाने और राजस्थान हाईकोर्ट को देश का सबसे तकनीकी रूप से सक्षम हाईकोर्ट बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जो युवा अधिवक्ता धैर्य, मेहनत और निरंतरता के साथ काम करेंगे, उनके लिए सफलता की कोई कमी नहीं है।
मुंगेर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नंदलालपुर में एलआईसी कार्यालय के सामने होली के दिन हुए विवाद में एएसआई संतोष कुमार सिंह की हत्या के मामले में अदालत ने आठ दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इनमें राजीव कुमार, रणवीर कुमार, राजू कुमार, गुड्डू कुमार, विकास कुमार, रेखा देवी, सरिता देवी और मौसम कुमारी शामिल हैं। एडीजे मनीषा कुमारी की अदालत ने 24 अगस्त को सुनवाई के दौरान सभी आठ आरोपियों को दोषी ठहराया था। सोमवार को अदालत ने सजा सुनाते हुए हर दोषी पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना नहीं देने पर उन्हें बीएनएस के तहत पांच साल की कठोर जेल होगी। होली के दिन विवाद की सूचना पर पहुंचे थे एएसआई यह घटना 14 मार्च 2025 की है। दोपहर करीब 2:05 बजे नंदलालपुर स्थित एलआईसी कार्यालय के सामने दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट की सूचना मिली थी। इस पर डायल-112 के एएसआई संतोष कुमार सिंह सिपाही दीपक कुमार के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया था। इसके बाद शाम करीब 7:30 बजे गश्ती के दौरान पुलिस टीम ने दोनों पक्षों को दोबारा गाली-गलौज करते हुए देखा। लोहे की रॉड, दबिया और हुक से हमला करने का आरोप जानकारी के अनुसार, एएसआई संतोष कुमार सिंह पहले एक पक्ष को समझाने के बाद दूसरे पक्ष के आंगन में पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान राजीव कुमार, रणवीर कुमार, राजू कुमार, गुड्डू कुमार, विकास कुमार, रेखा देवी, सरिता देवी और मौसम कुमारी ने मिलकर उन पर हमला कर दिया। हमले में लोहे की रॉड, दबिया, हुक और लात-घूंसों का इस्तेमाल किया गया। पटना के अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत घायल संतोष कुमार सिंह को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। बाद में उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना के पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सिपाही दीपक कुमार की सूचना पर मुफस्सिल थाना में एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले में सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। त्वरित विचारण से परिजनों को मिला न्याय राज्य की ओर से लोक अभियोजक मुंगेर संजय कुमार सिंह ने बताया कि एएसआई संतोष कुमार सिंह की हत्या के मामले में अदालत ने सभी आठ दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। उन्होंने बताया कि सभी दोषी एक ही परिवार के सदस्य हैं। मामले को त्वरित विचारण में रखा गया था। पुलिस और अभियोजन पक्ष की तत्परता से तेजी से पूरी हुई सुनवाई पुलिस पदाधिकारियों की तत्परता और अभियोजन पक्ष के गवाहों को समय पर प्रस्तुत कराने के कारण सुनवाई तेजी से पूरी हो सकी। उन्होंने कहा कि इस त्वरित विचारण में पुलिस अधीक्षक कार्यालय की अभियोजन त्वरित विचारण शाखा का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिससे मृतक पुलिस पदाधिकारी के परिजनों को न्याय दिलाना संभव हो पाया। कैमूर के पीपरिया गांव के रहने वाले थे संतोष सिंह एएसआई संतोष कुमार सिंह का पैतृक आवास कैमुर जिला अंतर्गत मोहनियां थाना क्षेत्र के पीपरिया गांव का रहने वाला था। जबकि वह पूर्व में वह अपने परिवार के साथ पटना में भुसौलचक एम्स गाेलंबर देवी स्थान के पिछे रहते थे। अब संतोष सिंह की मौत हो जाने के बाद उसकी पत्नी अपने मायके में पिता अरुण कुमार सिंह के घर मिल्लत कॉलोनी चक्रदाह मोड़, बड़ी खगौल पटना में रेलनीर प्लांट के समीप रह रही है।
नालंदा में सोमवार को शराबी पति ने पत्नी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। मृतका डबस गांव निवासी हरिदर्शन यादव की पत्नी प्रभावती देवी (41) है। भाई खुदागंज थाना क्षेत्र के रहने वाले प्रमोद कुमार ने कहा कि जीजा कोई काम नहीं करते थे। इसी बात पर दोनों के बीच हमेशा विवाद होता था। दिन-रात शराब के नशे में धुत्त रहते थे। शादी के 6 साल बाद बहन के साथ मारपीट करनी शुरू कर दी थी। घटना छबीलापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत अंडबस गांव की है। पति लाश के बगल में लेटा था मायके वालों के अनुसार, प्रभावती देवी जब रक्षा बंधन के बाद मायके से ससुराल लौटी थीं, आरोपी पति लगातार उनके साथ मारपीट कर रहा था। मृतका के भाई ने आरोप लगाया कि हरिदर्शन ने पीट-पीटकर और गला दबाकर उनकी बहन की हत्या कर दी। सूचना पाकर जब मायके वाले पहुंचे, तो प्रभावती का शव घर में पड़ा था और आरोपी पति पास में ही नशे की हालत में सो रहा था। दंपती की तीन बेटियां और एक बेटा है। मायके वालों के सहयोग से तीनों बेटियों की शादी पहले ही कराई जा चुकी है, जबकि बेटा मानसिक रूप से विक्षिप्त है। दामाद का अवैध संबंध था मृतका के पिता खुदागंज थाना क्षेत्र के विष्णु बगीचा गांव निवासी किशोरी यादव ने बताया कि प्रभा देवी के पति का करीब आठ वर्षों से रिश्ते की एक महिला के साथ अवैध संबंध था। उनकी बेटी इसका विरोध करती थी। विरोध करने पर पति उसके साथ अक्सर मारपीट करता था। इसी कारण वह अधिकतर समय मायके में ही रहती थी। रक्षाबंधन के बाद वह ससुराल आई थी। पुलिस को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार राजगीर डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी पति हरिदर्शन यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तारी के वक्त वह नशे की हालत में था, जिसके कारण उससे विस्तृत पूछताछ नहीं हो सकी है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मायके पक्ष से आवेदन प्राप्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
बरेली कॉलेज के सामने धंसी मुख्य सड़क:बारिश के बीच बना गहरा गड्ढा, बैरिकेडिंग कर रास्ता सुरक्षित किया
बरेली में लगातार बारिश के बीच बरेली कॉलेज के सामने मुख्य सड़क धंस गई है। इससे सड़क पर एक गहरा गड्ढा बन गया है। इस घटना ने नगर निगम के सड़क निर्माण और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राहगीरों और वाहन चालकों के लिए हादसे का खतरा बढ़ गया है। मौके पर सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग लगाई गई है। यह सड़क एक संवेदनशील और वीआईपी आवाजाही वाले इलाके में धंसी है। अधिकारियों के आवास और एक बड़े शिक्षण संस्थान के पास मुख्य सड़क पर गड्ढा बनने से व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह एक व्यस्त मार्ग है, इसलिए यहां तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। बरेली कॉलेज के छात्र-छात्राओं और स्थानीय नागरिकों ने सड़क की जल्द स्थायी मरम्मत की मांग की है। उनका कहना है कि रात में पर्याप्त रोशनी और मजबूत सुरक्षा न होने पर कोई भी वाहन गड्ढे में गिर सकता है। लोगों ने सड़क धंसने के मूल कारण की तकनीकी जांच कराकर वैज्ञानिक तरीके से मरम्मत कराने की बात कही है। सड़क धंसने की इस घटना ने शहर की सड़कों, भूमिगत नालों और जल निकासी व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि नगर निगम सिर्फ अस्थायी बैरिकेडिंग तक सीमित रहता है या सड़क धंसने के कारणों की जांच कर स्थायी हल निकालता है। नगर आयुक्त ने बताया कि भारी बारिश के बाद जलभराव वाले इलाकों में नगर निगम की टीमें लगातार काम कर रही हैं। डी-वॉटरिंग पंप और सक्शन मशीनों से पानी निकाला जा रहा है। नालों और पुलियों से कचरा व केबल हटाकर जल निकासी ठीक की गई है। संजय नगर, राजेंद्र नगर और कुर्लांचल नगर में समवेल और सब-मोटर चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बरेली कॉलेज के सामने धंसी सड़क की मरम्मत भी जल्द कराई जाएगी।
जबलपुर के रादुवि में छात्रों पर चला वाटर कैनन, बैरिकेडिंग फांद रहे छात्र हिरासत में; पुलिस से झड़प
एनएसयूआई नेता प्रतीक गौतम ने कहा कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्थाएं प्रभावित हैं। परीक्षाएं समय पर नहीं हो रही हैं और कई विद्यार्थियों के परिणाम लंबित हैं।
मुरादाबाद के महिला आर्य समाज में सोमवार शाम 6 बजे वेद कथा का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में वैदिक विद्वानों ने चारों वेदों के महत्व और मानव जीवन में उनकी उपयोगिता के बारे में बताया। इससे पहले सुबह देवयज्ञ और हवन का आयोजन किया गया। शाम के कार्यक्रम में मेरठ के युवा भजनोपदेशक अजय आर्य और सहारनपुर के वैदिक प्रवक्ता आचार्य वीरेंद्र शास्त्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। अजय आर्य ने भजन और संगीत की प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम का संचालन संरक्षक सुदेश आर्य ने किया। ऋग्वेद ज्ञान, यजुर्वेद कर्म और सामवेद उपासना प्रधान आचार्य वीरेंद्र शास्त्री ने चारों वेदों की विशेषताओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि ऋग्वेद ज्ञान प्रधान है, यजुर्वेद कर्म प्रधान, सामवेद प्रार्थना और उपासना प्रधान, जबकि अथर्ववेद विज्ञान प्रधान है। उन्होंने कहा कि वेद मानव जीवन को सफल और सुखी बनाने का रास्ता दिखाते हैं। श्रावणी पर्व के बाद चार महीने तक वेद कथा आयोजित करने की परंपरा रही है। इसका उद्देश्य लोगों को सुखी जीवन जीने की कला और वैदिक विचारों की जानकारी देना है। विद्वानों का पटके और फूल मालाओं से सम्मान कार्यक्रम में शामिल वैदिक विद्वानों को गायत्री मंत्र लिखे पटकों और फूल मालाओं से सम्मानित किया गया। सुबह के सत्र में प्रीता आर्य अध्यक्ष और शशी शोधन मुख्य अतिथि रहीं। वहीं शाम के सत्र में पूर्व प्रिंसिपल शशी शर्मा मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहीं। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रधान शन्नो गुप्ता, मंत्री प्रभा नारंग और कोषाध्यक्ष गायत्री आर्य का विशेष सहयोग रहा। इस दौरान संरक्षक सुदेश आर्य, आशा जैमिनी, उषा गुप्ता, भावना, पूनम कत्याल और मीरा क्रोमियम सहित विभिन्न आर्य समाजों से आए गणमान्य लोग मौजूद रहे। वैदिक विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने वैदिक विचारों और संस्कारों को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत बताई। उन्होंने लोगों से वेदों की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने और समाज में उनके संदेश को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

