हनुमानगढ़ जंक्शन के वार्ड 51 में सड़क, सीवरेज और अधूरे विकास कार्यों को लेकर पूर्व पार्षद सुरेश धमीजा ने मंगलवार को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने एचपीसीएल द्वारा गैस पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों के गड्ढे तत्काल भरवाने और अधूरे इंटरलॉकिंग कार्य को पूरा कराने की मांग की। धमीजा ने बताया कि सेक्टर-6 में एचपीसीएल ने गैस पाइपलाइन डालने के लिए कई स्थानों पर सड़कें खोदी थीं। कंपनी ने पाइपलाइन का कार्य पूरा होने के बाद गड्ढे भरने का आश्वासन दिया था, लेकिन लगभग एक माह बीत जाने के बावजूद सड़कें अभी तक पूर्व स्थिति में नहीं लाई गई हैं। इससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। नगर परिषद में कई बार की शिकायत, नहीं हुआ एक्शनउन्होंने कहा कि इस संबंध में नगर परिषद में कई बार शिकायत की गई, लेकिन परिषद यह कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेती है कि गड्ढे भरने का कार्य एचपीसीएल के जिम्मे है। पूर्व पार्षद ने प्रशासन से मांग की कि कंपनी को तत्काल गड्ढे भरने के निर्देश दिए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक पुराने गड्ढों की मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक नए स्थानों पर खुदाई की अनुमति न दी जाए। पूर्व पार्षद ने यह भी बताया कि सेक्टर-6 में लगभग 600 मीटर सीसी सड़क और इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य शुरू किया गया था। सीसी सड़क का निर्माण तो पूरा हो गया है, लेकिन इंटरलॉकिंग का कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है। नगर परिषद को कई बार अवगत कराने के बावजूद केवल नए टेंडर जारी करने का आश्वासन मिलता रहा, जबकि धरातल पर कोई काम शुरू नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार द्वारा बनाई गई सीसी सड़क एक वर्ष के भीतर ही कई जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है, जबकि यह अभी भी गारंटी अवधि में है। सड़क पर 2 बार केमिकल डालकर मरम्मत का प्रयास किया गया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। धमीजा ने सड़क की गुणवत्ता की जांच कर गारंटी अवधि के तहत ठेकेदार से मरम्मत कराने की मांग की।
रेवाड़ी में हाइवे पर लगने वाले जाम से मुक्ति को लेकर अब जिला प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। इसके लिए एनएचएआई अधिकारियों को हाइवे पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज के पास सर्विस रोड की चौड़ाई बढ़ने के निर्देश दिए हैं। सड़क सुरक्षा समिति की मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक में एडीसी राहुल मोदी ने कहा कि आरओबी निर्माण के चलते हाइवे जाम एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। निर्माणाधीन आरओबी के सर्विस रोड के पास जमा मिट्टी को हटाकर उनकी चौड़ाई जाए। जिससे जाम से मुक्ति मिल सके। उन्होंने पीडब्ल्यूडी और अन्य एजेंसियों के अधिकारी भी अपने मार्गों पर लगने वाले जाम और नालों की सफाई बरसात का मौसम शुरू होने से पहले सुनिश्चित करें। सड़कों पर जाम सीवरों को तत्काल खोलें एडीसी ने मीटिंग में कहा कि सड़कों के साथ बनाई गई ड्रेन और नालों को सफाई सुनिश्चित की जाए। जहां- जहां भी नाले और ड्रेन जाम हैं, उन्हें तत्काल खोला जाए। जिससे बरसात के मौसम में सड़क पर जलभराव की स्थिति का सामना नहीं करना पड़े। सभी प्रमुख सडक़ मार्गोँ पर उचित साइनबोर्ड लगाने, डिवाइडर का निर्माण करवाने और बेसहारा पशुओं को नंदी शालाओं में भेजने के भी निर्देश दिए गए।बैठक में एसडीएम सुरेश कुमार, आरटीए सचिव मनोज कुमार, डीएसपी पवन कुमार, लोक निर्माण के कार्यकारी अभियंता सतेंद्र श्योराण, नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता अंकित इत्यादि मौजूद रहे। जानिए एडीसी ने बैठक में क्या कहा एडीसी राहुल मोदी ने कहा कि एनएच-48 पर जयसिंहपुरा खेड़ा से कापड़ीवास तक फ्लाइओवर का निर्माण किया जा रहा है। वहां सर्विस रोड तंग होने से अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे निपटने के लिए एनएचएआई के अधिकारी सड़कों से मिट्टी को हटाएं और सर्विस लेन की चौड़ाई बढ़ाएं। दिल्ली-जयपुर हाई-वे पर प्रेम भोजनालय के समीप एक पुलिया बनाई जानी है। जिसकी एनओसी पर सिंचाई विभाग को आपत्ति है। एनएचएआई जल्द इसका जवाब विभाग को भेजें, ताकि निर्माण कार्य प्रारंभ हो सके।
खन्ना पुलिस ने पंजाब सरकार के 'नशा विरोधी युद्ध' अभियान को सशक्त करते हुए एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. दर्पण आहलूवालिया के नेतृत्व में, 53 एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस) मामलों से संबंधित जब्त नशीले पदार्थों का कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद निस्तारण किया गया। यह कार्रवाई लुधियाना के फोकल प्वाइंट स्थित पुलिस चौकी ईश्वर नगर के सरकारी इंसीनरेटर में निर्धारित नियमों के तहत की गई। नष्ट किए गए नशीले पदार्थों में 10 किलोग्राम भुक्की, 3 किलोग्राम 300 ग्राम गांजा, 1 किलोग्राम 50 ग्राम हेरोइन और 60 नशीली गोलियां शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, 49 खाली कपड़े के थैले भी नष्ट किए गए। यह सभी सामग्री खन्ना पुलिस द्वारा विभिन्न एनडीपीएस मामलों में जब्त की गई थी। एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने बताया कि खन्ना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता नशा तस्करों के नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म करना और युवा पीढ़ी को नशे के चंगुल से बचाना है। SSP बोली- केवल तस्करों की गिरफ्तारी ही पर्याप्त नहीं उन्होंने जोर दिया कि केवल तस्करों की गिरफ्तारी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जब्त किए गए नशीले पदार्थों का समय पर और कानूनी प्रक्रिया के तहत निस्तारण करना भी पुलिस की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, ताकि इनके दोबारा दुरुपयोग की कोई संभावना न रहे। डॉ. आहलूवालिया ने आगे कहा कि खन्ना पुलिस पंजाब सरकार की नशा विरोधी नीति को पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और दृढ़ता के साथ लागू कर रही है। जिले में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान जारी है और कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने आम जनता से भी नशा मुक्त समाज के निर्माण में पुलिस का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसी को नशा तस्करी से संबंधित कोई भी जानकारी मिलती है, तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करे। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि खन्ना पुलिस की यह कार्रवाई एक बार फिर दर्शाती है कि एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया के नेतृत्व में जिले में नशे के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति को पूरी सख्ती से लागू किया जा रहा है। इससे नशा तस्करों में कानून का भय बढ़ रहा है और आम जनता का पुलिस पर विश्वास मजबूत हो रहा है।
सिंगरौली जिले के देवसर में जमीनी विवाद के चलते सोमवार की देर रात एक परिवार का मकान जेसीबी मशीन से ढहा दिया गया। पीड़ित परिवार ने इस पूरी वारदात का सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंपकर कार्रवाई की मांग की। जियावान थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, पीड़ित रंगनाथ गुप्ता ने बताया कि सोमवार देर रात करीब 2 बजे रामायण बसोर नाम का व्यक्ति लगभग एक दर्जन लोगों को लेकर उनके घर धमक गया। इन लोगों ने बिना कुछ सोचे-समझे जेसीबी मशीन से रंगनाथ का पूरा मकान तोड़ दिया। आधी रात को हुई इस गुंडागर्दी से पूरा परिवार दहशत में आ गया। मंगलवार को पीड़ित ने इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस के हवाले किया है। पीड़ित ने क्या बताया? पीड़ित रंगनाथ गुप्ता का आरोप है कि इतनी बड़ी वारदात होने और शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस एक्शन नहीं लिया गया है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। पुराना है जमीनी विवाद, सीमांकन के लिए रेवेन्यू टीम को पत्र देवसर एसडीओपी गायत्री मिश्रा ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच जमीन की सीमा को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही है और पहले भी इनके बीच कई बार झगड़े हो चुके हैं। उन्होंने पुष्टि की कि पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और मामले की छानबीन की जा रही है। एसडीओपी ने आगे बताया कि इस विवाद को हमेशा के लिए सुलझाने के लिए राजस्व विभाग को भी पत्र भेजा गया है, ताकि संबंधित जमीन का सरकारी सीमांकन (नापजोख) कराया जा सके। पुलिस फिलहाल सीसीटीवी फुटेज और अन्य गवाहों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है, और राजस्व विभाग की रिपोर्ट आते ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
श्रीगंगानगर में मंगलवार सुबह आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग की टीम ने श्रीगंगानगर के ऑरबिट रिजॉर्ट पर अचानक छापेमारी कर दी। जोधपुर और बीकानेर से आई विशेष टीम की कई गाड़ियां सुबह-सुबह रिजॉर्ट परिसर में पहुंचीं और अधिकारियों ने चारों तरफ से मोर्चा संभालते हुए कार्रवाई शुरू कर दी। इस गोपनीय छापे से रिजॉर्ट प्रबंधन और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी अनुसार आयकर विभाग को रिजॉर्ट के संचालन और वित्तीय लेन-देन से जुड़े करोड़ों रुपए के कथित काले धन तथा आय छिपाने की पुख्ता सूचना मिली थी। प्रारंभिक सत्यापन के बाद उच्च अधिकारियों की अनुमति लेकर विभाग ने योजनाबद्ध तरीके से यह बड़ी कार्रवाई अंजाम दी। टीम ने पहुंचते ही जरूरी दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड, निवेश संबंधी कागजात और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख अपने कब्जे में ले लिए और उनकी गहन जांच शुरू कर दी। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने रिजॉर्ट परिसर में आने-जाने वालों पर निगरानी रखी। टीम वित्तीय लेन-देन, संपत्ति और कारोबारी रिकॉर्ड का बारीकी से मिलान कर रही है। जांच के दौरान मिलने वाले हर तथ्य की जानकारी लगातार उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की फोरेंसिक जांच भी कराई जा सकती है। छापे की सूचना फैलते ही रिजॉर्ट के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई। हालांकि, आयकर विभाग के अधिकारियों ने इस कार्रवाई पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। पूरी प्रक्रिया को अत्यंत गोपनीय रखा गया है। यह कार्रवाई डीडीआईटी राकेश सुमई के नेतृत्व में चल रही है।
धार जिला मुख्यालय पर हर मंगलवार को होने वाली कलेक्टर जनसुनवाई पर एक बार फिर सवाल उठे हैं। दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे कई फरियादियों ने आरोप लगाया कि जनसुनवाई अब केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। उनका कहना है कि शिकायतें देने के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं होता। संबंधित विभाग भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं करते। मंगलवार सुबह 11 बजे शुरू हुई जनसुनवाई में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। इनमें बुजुर्ग, किसान और ग्रामीण शामिल थे। कई लोग घंटों का सफर तय कर जिला मुख्यालय पहुंचे थे। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि स्थानीय स्तर पर उनकी सुनवाई नहीं होती। इसलिए वे अंतिम उम्मीद के रूप में कलेक्टर के पास आते हैं। 'आवेदन लेकर विभाग को भेज दिया जाता है' फरियादियों का आरोप है कि जनसुनवाई में ज्यादातर मामलों में केवल आवेदन लेकर संबंधित विभाग को भेज दिया जाता है। कई लोगों को कलेक्टर से सीधे मिलने का मौका भी नहीं मिल पाता। दोपहर 1 बजे तय समय पूरा होने पर कलेक्टर जनसुनवाई कक्ष से बाहर निकल गए। इसके बाद अन्य अधिकारी भी उनके साथ चले गए। उस समय भी कई शिकायतकर्ता अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। कलेक्टर को बाहर सौंपे आवेदन कलेक्टर राजीव रंजन मीना के बाहर निकलते ही कई फरियादियों ने उन्हें घेर लिया। उन्होंने बाहर ही अपने आवेदन सौंपे और समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की। फरियादियों ने कहा कि अगर जिला स्तर पर भी उनकी बात नहीं सुनी जाएगी, तो उन्हें न्याय के लिए कहां जाना होगा। कलेक्टर ने आरोपों को किया खारिज कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने इन आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई पूरी गंभीरता और नियमित रूप से आयोजित की जाती है। उन्होंने बताया कि जिला स्तर के साथ-साथ तहसील स्तर पर भी नियमित सुनवाई होती है। सीएम हेल्पलाइन और अन्य माध्यमों से मिलने वाली शिकायतों का भी नियमानुसार निराकरण कराया जाता है।
लायंस क्लब बरवाला सिटी की वार्षिक सामान्य बैठक मंगलवार को होटल हिसार हवेली में क्लब के प्रधान लायन राकेश गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में आगामी वर्ष 2026-27 के लिए नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन किया गया। बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने समाजसेवा की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा नए सत्र में जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने का संकल्प लिया। बैठक के दौरान नए प्रधान के चयन को लेकर चर्चा की गई। इस अवसर पर लायन डॉ. एसएस बेनीवाल ने लायन कुलदीप कुंडू के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से समर्थन किया। इसके बाद कुलदीप कुंडू को लायंस क्लब बरवाला सिटी का नया प्रधान चुना गया। शिव कौशिक बने पीआरओ इसके अलावा नई कार्यकारिणी में लायन संदीप गोयल को सचिव, लायन सुदर्शन ढांडा को कोषाध्यक्ष तथा लायन शिव कौशिक को क्लब का जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) नियुक्त किया गया। नवनिर्वाचित प्रधान कुलदीप कुंडू ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि क्लब द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों को और अधिक विस्तार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान, जरूरतमंदों की सहायता तथा सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों को प्राथमिकता के आधार पर आयोजित किया जाएगा। उन्होंने सभी सदस्यों से मिलकर टीम भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। पूर्व प्रधान ने दी कार्यकारिणी को बधाई बैठक में निवर्तमान प्रधान लायन राकेश गर्ग ने नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि नए नेतृत्व में क्लब समाजसेवा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। इस अवसर पर लायन रणधीर सिंह धीरू, लायन जिले सिंह, लायन डॉ. अनंतराम, लायन रोशन घनघस, लायन बलजीत मोर, लायन राजेश घनघस, लायन सोनू चोपड़ा, लायन विनोद सिवाच सहित क्लब के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
जामताड़ा के नारायणपुर थाना क्षेत्र के गोबिंदपुर–साहेबगंज मुख्य मार्ग पर मंगलवार को एक सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना कोरिडीह वन गांव के पास हुई। घटना के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। मृतकों की पहचान बुटबेरिया गांव निवासी इरशाद अंसारी (22) और मुर्शरफ अंसारी (24) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों युवक बाइक से जामताड़ा से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान कोरिडीह वन गांव के पास मछली लेकर जा रही एक पिकअप वैन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के कारण दोनों युवकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने गोबिंदपुर–साहेबगंज मुख्य मार्ग को जाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। घटना की जानकारी मिलते ही नारायणपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर यातायात सामान्य कराने का प्रयास किया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त पिकअप वैन को जब्त कर लिया है और दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच जारी है। वहीं, झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और अधिकारियों से घटना की जानकारी ली। मंत्री ने ग्रामीणों से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने की अपील की। इस हादसे के बाद बुटबेरिया गांव में शोक का माहौल है।
श्रावस्ती के आशुतोष त्रिपाठी ‘सत्यम’ ने 9वें एशिया कप ताइक्वांडो चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है। मंगलवार को अपने गृह जनपद इकौना पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान ढोल-नगाड़ों, पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ कई वाहनों से भारी जनसमर्थन उमड़ा। यह चैंपियनशिप गोवा के पेडेम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, मापुसा में 26 से 28 जून तक आयोजित की गई थी। आशुतोष त्रिपाठी ‘सत्यम’ ने सीनियर पुरुष अंडर-68 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में श्रीलंका के खिलाड़ी ज़ैद मोहम्मद को हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया। इस जीत से उन्होंने श्रावस्ती, उत्तर प्रदेश और देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। गृह जनपद आगमन के बाद आशुतोष त्रिपाठी ‘सत्यम’ ने सबसे पहले माँ सीता द्वार के पावन धाम में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने बेचू बाबा जी का आशीर्वाद लिया। अपने आवास पहुंचने पर परिजनों, शुभचिंतकों और हजारों क्षेत्रवासियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। यह स्वर्ण पदक केवल आशुतोष की व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि पूरे जनपद और देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने यह साबित किया है कि दृढ़ संकल्प, कठिन परिश्रम और अटूट आत्मविश्वास से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उनके इस स्वर्णिम पराक्रम पर पूरा श्रावस्ती जनपद गर्व महसूस कर रहा है।
करौली जिले की कुड़गांव थाना पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से 1.40 ग्राम अवैध स्मैक और एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन जब्त किया है। आरोपी के खिलाफ पहले से भी एनडीपीएस एक्ट सहित विभिन्न मामलों में पांच प्रकरण दर्ज हैं। एसपी लोकेश सोनवाल के निर्देश पर कुड़गांव थाना पुलिस गश्त कर रही थी। गांव खिरखिड़ा के हार क्षेत्र में गश्त के दौरान एक व्यक्ति पुलिस वाहन को देखकर भागने लगा। संदेह होने पर पुलिस टीम ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। तलाशी लेने पर बरामद हुई स्मैकपूछताछ में आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। तलाशी लेने पर उसके पास से 1.40 ग्राम अवैध स्मैक और एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद हुआ। मादक पदार्थ रखने का कोई वैध लाइसेंस या अनुमति पत्र नहीं मिलने पर पुलिस ने स्मैक और मोबाइल जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान खिरखिड़ा निवासी रघुवीर उर्फ भगत (60) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी रघुवीर उर्फ भगत के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, बरामद स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 30 हजार रुपए है। आरोपी के विरुद्ध पहले से भी विभिन्न थानों में मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े सहित 5 मामले दर्ज हैं।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) में बाघों के कुनबे में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। हाल ही में संपन्न हुए चूका ईको टूरिज्म सत्र 2025-26 के दौरान 4 बाघिनों के साथ कुल 10 नन्हे शावक देखे गए, जिसने वन्यजीव प्रेमियों को आकर्षित किया। इस सत्र में रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक पहुंचे और वन विभाग को भारी राजस्व प्राप्त हुआ। 1 नवंबर 2025 से शुरू हुए इस पर्यटन सत्र की सबसे बड़ी उपलब्धि बाघ के शावकों का लगातार दिखना रहा। घने जंगलों में सैलानियों को इस सीजन में 4 अलग-अलग बाघिनों के साथ 10 शावक अठखेलियां करते हुए दिखाई दिए। यह नजारा पूरे सत्र का प्रमुख आकर्षण साबित हुआ। प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह के अनुसार, शावकों के दीदार के कारण इस वर्ष रिकॉर्ड 56,783 पर्यटक चूका बीच पहुंचे। इनमें 56,567 भारतीय और 216 विदेशी मेहमान शामिल थे। पर्यटकों की इस रिकॉर्ड आमद से वन विभाग को ₹1,62,02,707 का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो पिछले सभी वर्षों की तुलना में सर्वाधिक है। सैलानियों में आम जनता के अलावा देश के नामचीन राजनेता, अभिनेता, उच्च प्रशासनिक अधिकारी और न्यायाधीश भी शामिल थे। इस वर्ष भारत में पहली बार 'दिव्य दर्शन' कार्यक्रम के तहत एक अनूठी पहल भी की गई। इसके अंतर्गत दिव्यांग बच्चों और उनके अभिभावकों को पीलीभीत मुख्यालय से हरी झंडी दिखाकर निशुल्क ईको पर्यटन स्थल का भ्रमण कराया गया और वन्यजीवों के दर्शन कराए गए। पर्यटकों के आराम के लिए चूका में 4 थारू हट, बैम्बू हट और ट्री हट के साथ-साथ शारदा सागर डैम में मोटर बोट सफारी संचालित की गई। 110 कुशल... टूरिस्ट गाइडों और ईको विकास समितियों के माध्यम से स्थानीय कैंटीन और 03 होम स्टे चलाकर ग्रामीणों को सीधे रोजगार से जोड़ा गया, जिसने स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है।
संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र स्थित उपनिबंधक कार्यालय पर अधिवक्ताओं ने सरकार के ई-रजिस्ट्री कानून के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने इसे 'काला कानून' बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की। उनका कहना है कि यह कानून व्यापारी, किसान, अधिवक्ता और स्टांप वेंडर सभी के हितों के खिलाफ है। यह प्रदर्शन मंगलवार शाम 4 बजे किया गया। अधिवक्ता मनीष आर्य ने बताया कि समस्त बार एसोसिएशन ई-पंजीकरण के विरोध में प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक यह कानून पूरी तरह वापस नहीं हो जाता। आर्य के अनुसार, ई-पंजीकरण कानून किसानों और व्यापारियों के हित में नहीं है। मनीष आर्य ने यह भी बताया कि ई-पंजीकरण कानून की वापसी को लेकर अभी तक कोई लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है और न ही उपनिबंधक कार्यालय को कोई आधिकारिक सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि जब तक लिखित आदेश नहीं आ जाता, तब तक वे इसे पूरी तरह से वापस माना नहीं मानेंगे। अधिवक्ता प्रदीप गुप्ता ने जानकारी दी कि सुबह बार कक्ष में सभी बारों की एक बैठक हुई थी। चंदौसी, गुन्नौर और अमरोहा सहित कई स्थानों से मिली सूचना के अनुसार, आंदोलन आज भी जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन की आईजी स्टैंप महोदया ने आश्वासन दिया है कि आज शाम तक धारा 6 और 7 से संबंधित एक और आदेश जारी किया जाएगा। इस आदेश के जारी होने के बाद सभी अधिवक्ताओं से सलाह-मशविरा कर कल कोई अहम निर्णय लिया जाएगा। राजीव भटनागर ने भी पुष्टि की कि उनका धरना-प्रदर्शन ई-रजिस्ट्री की नई व्यवस्था के विरोध में चल रहा है। उन्होंने बताया कि आईजी स्टैंप ने कुछ आश्वासन दिए हैं और आज एक और संबंधित पत्र आने की उम्मीद है, जिसके कारण विरोध प्रदर्शन आज भी जारी है। इस प्रदर्शन में पंचम सिंह, मोहम्मद रियाज, शकील अख्तर, जाकिर हुसैन, शादाब, मुस्तकीम, राम रहीम यादव, विनेश गोयल, फहीम अली खान, लोकेश प्रजापति, प्रेम सिंह, सचिन चौहान, नीतू सैनी, पप्पू यादव, रघुनंदन गिरी, सुरेंद्र पाल यादव, मुस्तकीम रजा जैदी सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।
अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या-01 की अदालत ने रंगदारी के लिए दुकानदार पर जानलेवा हमला करने के एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मारपीट और रंगदारी के दोषी दो युवकों को 5-5 साल के कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामला 12 जून 2021 का है। गांव हांसलसर निवासी पीड़ित बिजेंद्र ने रिपोर्ट दी थी कि वह अपने गांव में शराब का ठेका चलाता है। शाम करीब 4:30 बजे सुनील कुमार (निवासी बांसड़ी) और कपिल (निवासी उदावास) अपने 3-4 अज्ञात साथियों के साथ वहां पहुंचे। आरोपियों ने पीड़ित से कहा कि 'महीने का हफ्ता आज तक क्यों नहीं दिया। जब पीड़ित ने रंगदारी देने से मना किया, तो आरोपियों ने लोहे की पाइप, सरियों और लाठियों से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर उसे अधमरा कर दिया। हमले में पीड़ित के दोनों पैर और बायां हाथ टूट गए थे। 19 गवाह और 35 दस्तावेजों ने साबित किया जुर्म घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया और बाद में कोर्ट में चालान पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 19 गवाहों के बयान दर्ज कराए और 35 महत्वपूर्ण दस्तावेज कोर्ट में पेश किए। पीड़ित की ओर से पैरवी एडवोकेट सुरेंद्र कुमावत हांसलसर ने की। दोषियों को मिली सजा और जुर्माना अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर सुनील कुमार और कपिल को धारा 329/34 के तहत दोषी माना। दोषियों को 5 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई गई है। दोनों दोषियों पर कुल 20,000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। कोर्ट ने आदेश दिया कि जुर्माने की यह राशि पीड़ित बिजेंद्र को बतौर प्रतिकर (मुआवजा) दी जाए। इसके अलावा पीड़ित को 'विक्टिम कंपन्सेशन स्कीम' (पीड़ित प्रतिकर स्कीम) के तहत भी सहायता दिलाने की अनुशंसा की गई है।
10 से 20 लाख रुपए जमा कराने पर खुलेंगे कोचिंग:अलवर यूआईटी 300 रुपए वर्गफीट जुर्माना लेने पर अड़ी
अलवर शहर में कोचिंग संस्थानों पर लगी सील को लेकर यूआईटी (UIT) और नगर निगम के नियमों के फेर में पेंच फंस गया है। एक तरफ जहां नगर निगम क्षेत्र की सील बंद कोचिंग केवल 10 रुपए प्रति वर्गफीट जमा कराने के बाद खुल गई। लेकिन यूआईटी की ओर से सील की गई 8 कोचिंग से 300 रुपए प्रति वर्ग फीट जुर्माना देने की मांग की है। बिना मंजूरी के निर्माण है तो 500 रुपए प्रति वर्गफीट जुर्माना देना होगा। इस कारण कोचिंग संचालक बंद कोचिंग नहीं खुलवा सके हैं। अलवर में कोचिंग चल रहे केपी यादव व मौसम खान का कहना है कि यूआईटी की सील खुलवाने के लिए कोचिंग संचालकों को करीब 10 से 20 लाख रुपए तक जमा कराने होंगे। इतनी राशि पूरे साल में नहीं बच पा रही है। ऐसे में कैसे इतना पैसा जमा करा सकते हैं। इसके चलते कोचिंग संचालक इतनी बड़ी राशि देने से बच रहे हैं, जिसका सीधा खामियाजा वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। नगर निगम और UIT के नियमों में जमीन-आसमान का अंतर नगर निगम ने महज 10 रुपए प्रति वर्गफीट की दर से जुर्माना लेकर अपने क्षेत्र की अधिकतर कोचिंगों की सील खोल दी है। यूआईटी ने 300 रुपए प्रति वर्गफीट का जुर्माना तय किया है। अवैध निर्माण पर डबल मार: कई कोचिंग संचालक तीन-तीन मंजिल की बिल्डिंग में चल रहे हैं। जिन्होंने बिना मंजूरी (Approval) के निर्माण किया है, उन्हें 500 रुपए प्रति वर्गफीट की दर से जुर्माना भुगतना होगा। मंत्री के निर्देश पर नगर निगम ने सील हटा दी गौरतलब है कि बीते 24 जून को प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन करने वाली कोचिंगों पर सील लगाने की बड़ी कार्रवाई की थी। कार्रवाई के अगले ही दिन वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने कोचिंग संचालकों को राहत देते हुए एक महीने का समय देने के निर्देश दिए थे। मंत्री के निर्देश के बाद नगर निगम ने तो अपने यहां से सील हटा दी, लेकिन यूआईटी अपने स्टैंड पर अड़ गई। एक दिन पहले ही यूआईटी सचिव ने साफ कर दिया कि नियमानुसार जुर्माना राशि जमा कराए बिना किसी भी सूरत में सील नहीं खोली जाएगी। छात्र और संचालक असमंजस में, पढ़ाई ठप यूआईटी की इस सख्ती के बाद अब तक 8 कोचिंगों की सील नहीं खुल सकी है। लाखों रुपए का जुर्माना सामने देख संचालक असमंजस में हैं कि वे क्या करें। वहीं दूसरी ओर, कोचिंग बंद होने से सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है और उनकी पढ़ाई पूरी तरह ठप हो चुकी है।
बागपत में मंगलवार को पंचायत सचिवों का डीपीआरओ कार्यालय पर धरना प्रदर्शन जारी है। सचिवों ने प्रतिकूल प्रविष्टि रद्द करने और तीन महीने का रुका हुआ वेतन जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। सचिव कृष्ण कुमार तोमर ने बताया कि एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के दौरान अधिकारियों ने सभी सचिवों को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने की सूचना दी। तोमर के अनुसार, यह नियमों के विरुद्ध है क्योंकि प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने से पहले न तो कोई जवाब मांगा गया और न ही कोई नोटिस दिया गया। उन्होंने इसे असंवैधानिक बताया। प्रतिकूल प्रविष्टि नियमों के खिलाफ दी गई सचिवों ने आरोप लगाया कि 30 मई को स्थानांतरण आदेश जारी किए गए थे, लेकिन अधिकारियों ने 18 जून तक यह स्पष्ट नहीं किया कि उन्हें किस स्थान पर और किस ग्राम पंचायत में कार्य करना है। 18 जून को नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद, सभी सचिव 21 जून तक अपने नए स्थानों पर पहुंचे और कार्यभार संभाला। इसके बावजूद, 29 जून को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी कर दी गई। सचिवों का आरोप है कि प्रतिकूल प्रविष्टि नियमों के खिलाफ दी गई है। उन्होंने मांग की है कि इस आदेश को तत्काल वापस लिया जाए और जिन सचिवों का वेतन रुका हुआ है, उसे तुरंत जारी किया जाए। सचिवों ने स्पष्ट किया है कि जब तक ये दोनों मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका धरना प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा।
अमृतसर पुलिस को नशे और हथियारों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता मिली है। थाना सुल्तानविंड पुलिस ने सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार और हेरोइन मंगवाने वाले एक अंतरराष्ट्रीय तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए चार युवकों को गिरफ्तार किया है। डीसीपी लॉ एंड ऑर्डर आलम विजय सिंह ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह कार्रवाई एफआईआर नंबर 142/26 के तहत की गई। 25 जून 2026 को थाना सुल्तानविंड की पुलिस गश्त पर थी, तभी बिना नंबर प्लेट की एक दोपहिया गाड़ी को शक के आधार पर रोका गया। तलाशी के दौरान गुरसेवक सिंह और निरवैल सिंह से एक पिस्तौल और पांच जिंदा कारतूस बरामद हुए। इनमें से तीन कारतूस मैगजीन में और दो कारतूस निरवैल सिंह की जेब से मिले। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। इनके खिलाफ थाना छेहरटा में 30 अप्रैल 2026 को एक घर पर फायरिंग का मामला दर्ज है और दोनों उस केस में फरार चल रहे थे। पूछताछ के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी पाकिस्तान आधारित तस्करों के संपर्क में थे और ड्रोन के जरिए हथियार और नशीला पदार्थ मंगवाते थे। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने आगे कार्रवाई करते हुए जशनप्रीत सिंह और गुरविंदर सिंह उर्फ गिंदा को भी गिरफ्तार किया। जशनप्रीत के खिलाफ पहले से ही दो किलो हेरोइन का मामला दर्ज है, जबकि गुरसेवक सिंह के खिलाफ भी कई आपराधिक केस चल रहे हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से तीन बेरोजगार हैं, जबकि गुरविंदर सिंह एक अस्पताल में ठेके पर सुपरवाइजर के रूप में काम करता है। इस कार्रवाई में चार पिस्तौल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने कहा है कि सीमा पार से चल रही नशा और हथियार तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।
देवरिया में बीएसए का औचक निरीक्षण:कम नामांकन-उपस्थिति पर फटकार, सुरक्षा सुधारने के निर्देश दिए
देवरिया में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. राम जियावन मौर्य ने मंगलवार को सदर और भलुअनी विकासखंड के तीन परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें विद्यालयों में कई खामियां मिलीं, जिस पर उन्होंने शिक्षकों को कड़ी फटकार लगाई और नामांकन तथा उपस्थिति में सुधार न होने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। निरीक्षण की शुरुआत सुबह 9 बजे उच्च प्राथमिक विद्यालय परसिया मिश्र से हुई। यहां 34 नामांकित छात्रों में से केवल छह बच्चे उपस्थित पाए गए। विद्यालय की दोनों शिक्षिकाएं मौजूद थीं, लेकिन मध्याह्न भोजन निर्धारित मेन्यू के अनुसार नहीं बन रहा था। किचन में अनावश्यक सामग्री मिलने पर तत्काल सफाई के निर्देश दिए गए। विद्यालय परिसर में शौचालय के पास विद्युत ट्रांसफार्मर लगा होने को बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानते हुए बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को विद्युत विभाग से समन्वय कर इसे हटवाने का निर्देश दिया। उन्होंने परिसर की साफ-सफाई, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और बच्चों को स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जानकारी देने पर भी जोर दिया। इसके बाद प्राथमिक विद्यालय परसिया मिश्र का निरीक्षण किया गया। यहां किचन शेड जर्जर अवस्था में मिला, जबकि ग्रामीणों द्वारा विद्यालय की लगभग 10 मीटर चहारदीवारी तोड़ने की जानकारी दी गई। बीएसए ने ऑपरेशन कायाकल्प के तहत किचन शेड के निर्माण और चहारदीवारी की मरम्मत के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। परिसर के आसपास उगी घास को हटाने के लिए भी कहा गया। भलुअनी विकासखंड के पूर्व माध्यमिक विद्यालय नरौली संग्राम में 54 नामांकित छात्रों में से केवल पांच छात्र उपस्थित मिले। इस विद्यालय में सभी शिक्षक उपस्थित थे और पुस्तक वितरण तथा मध्याह्न भोजन की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई, लेकिन छात्रों की बेहद कम उपस्थिति पर बीएसए ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने तीनों विद्यालयों के शिक्षकों को अभियान चलाकर नामांकन और छात्र उपस्थिति बढ़ाने, शिक्षण गुणवत्ता में सुधार करने तथा विद्यालयों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले निरीक्षण में सुधार न मिलने पर संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कौशांबी के मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के भेलखा गांव में पेड़ काटने के विवाद में एक अधेड़ की हत्या के आरोप में उसके बड़े भाई को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। भेलखा निवासी 50 वर्षीय बब्बू लाल पुत्र रामदुलारे बिहार में ईंट भट्ठे पर मजदूरी करता था। पुलिस के अनुसार, शनिवार को उसके बड़े भाई राजा ने बबूल का एक पेड़ काट दिया था। रविवार सुबह बब्बू लाल को इसकी जानकारी मिली और वह गांव आया। रविवार दोपहर इसी बात को लेकर दोनों भाइयों राजा और बब्बू लाल के बीच कहासुनी हुई। आरोप है कि इस दौरान बड़े भाई राजा ने बब्बू लाल की बेरहमी से पिटाई की और उसे धक्का दे दिया। बब्बू लाल पास पड़ी चारपाई की बेंट पर गिर गया। पत्नी ने दी तहरीर चारपाई की बेंट सिर पर लगने और पिटाई के कारण बब्बू लाल को गंभीर चोटें आईं। रविवार देर शाम मंझनपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की बहू बुदली देवी की तहरीर पर पुलिस ने राजा के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने हत्यारोपी राजा को गांव के पास से ही गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक लिखापढ़ी के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया।
उत्तर प्रदेश के ग्रामीणों को आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र या जमीन की खतौनी के लिए अब तहसील के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राजस्व परिषद ने राज्य में सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। 1 जुलाई से सूबे के सभी लेखपाल अब ग्राम सचिवालयों में बैठेंगे। राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (DM) को निर्देश जारी कर दिया है कि वे लेखपालों के बैठने का रोस्टर (ड्यूटी चार्ट) तुरंत तैयार कर इस नई व्यवस्था को लागू करें। गांव का सचिवालय अब 'वन स्टॉप सर्विस सेंटर' क्यों पड़ी इस फैसले की जरूरत? लेखपाल जमीन से जुड़े मामलों के अलावा किसान सम्मान निधि, आपदा प्रबंधन, फसल गिरदावरी, वरासत और चुनावी ड्यूटी जैसे दर्जनों सरकारी कामों को संभालते हैं। प्रशासनिक व्यवस्था की मजबूत कड़ी होने के बावजूद ग्राम पंचायत स्तर पर इनके बैठने की कोई निश्चित जगह तय नहीं थी। इस वजह से ग्रामीण अक्सर परेशान रहते थे। अब ग्राम सचिवालय में जगह तय होने से जनता को पता होगा कि उन्हें कब और कहां मिलना है। इन जरूरी कामों में भी आएगी तेजी
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले में हिट एंड रन मोटर यान दुर्घटना पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत मंगलवार को जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पांच हिट एंड रन मामलों में पात्र दावाकर्ताओं को मुआवजा राशि का भुगतान किया गया। साथ ही जिले में बढ़ते सड़क हादसों पर चिंता जताते हुए दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए। कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में आयोजित बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश मिश्रा और समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे। 5 मामलों में मिला मुआवजा परिवहन विभाग के अनुसार जिले में हिट एंड रन के कुल 28 मामलों में दुर्घटनाग्रस्त वाहनों का पता लगाया जा चुका है। इनमें पेण्ड्रारोड क्षेत्र के 13, पेण्ड्रा के 8 और मरवाही के 7 मामले शामिल हैं। इनमें से 6 प्रकरणों को निपटान आयुक्त से स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि 5 मामलों में साधारण बीमा परिषद ने दावाकर्ताओं के बैंक खातों में ई-भुगतान कर मुआवजा राशि जमा करा दी है। मृत्यु पर 2 लाख, गंभीर घायल को 50 हजार भारत सरकार की हिट एंड रन प्रतिकर योजना के तहत दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिजनों को 2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल होने पर 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। सड़क सुरक्षा पर भी हुई समीक्षा बैठक में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति ने जिले में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा की। अधिकारियों को दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए समन्वित कार्रवाई, यातायात जागरूकता और सुरक्षा उपायों को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। 2026 में अब तक 63 लोगों की मौत जिला परिवहन अधिकारी आनंद शर्मा ने बताया कि वर्ष 2025 में जिले में 166 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 94 लोगों की मौत और 193 लोग घायल हुए। वहीं वर्ष 2026 में 27 जून तक 98 सड़क हादसे दर्ज किए गए हैं। इनमें 63 लोगों की जान गई, जबकि 85 लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
डीग में नगर परिषद ने बिना फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) संचालित हो रहे चार कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी को सीज कर दिया। यह कार्रवाई सोमवार को नगर परिषद आयुक्त कुलदीप सिंह के निर्देश पर एक विशेष अभियान के तहत की गई। नगर परिषद की टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान इन संस्थानों के पास अनिवार्य फायर एनओसी नहीं पाई गई, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उनके परिसरों को सीज कर दिया गया। लखनऊ की घटना के बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। जिन संस्थानों पर कार्रवाई की गई, उनमें लक्ष्य कोचिंग एवं लाइब्रेरी (बंधा रोड), चौधरी कोचिंग सेंटर एवं लाइब्रेरी (कामां बाईपास), विनायक कोचिंग सेंटर एवं लाइब्रेरी (नगर रोड) और सक्सेस पॉइंट लाइब्रेरी (एसबीआई बैंक के पास, नगर रोड) शामिल हैं। नगर परिषद अधिकारियों ने संबंधित संचालकों को अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करने और आवश्यक फायर एनओसी एवं अन्य दस्तावेज पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। नगर परिषद का कहना है कि कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी में बड़ी संख्या में विद्यार्थी आते हैं। किसी भी आपात स्थिति में जनहानि से बचाव के लिए अग्निशमन संबंधी सभी सुरक्षा मानकों का पालन और फायर एनओसी अनिवार्य है। नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा। अभियान के दौरान सहायक प्रशासनिक अधिकारी राजवीर सिंह, सहायक कर्मचारी भूरी सिंह, फायरमैन सुनील कुमार बैरवा, अवधेश फौजदार, नीटू फौजदार सहित नगर परिषद का स्टाफ मौजूद रहा। नगर परिषद की इस कार्रवाई के बाद शहर के अन्य कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया है। कई संस्थान अपने फायर सुरक्षा संबंधी दस्तावेज दुरुस्त कराने में जुट गए हैं।
जालोर में नाबालिग की मौत के मामले में 15 दिन में हत्या का खुलासा करने का आश्वासन मिला है। परिजनों ने 2023 में बच्चे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इसके बाद मासूम का शव तालाब में मिला था। शव के पास एक फोन भी बरामद हुआ था। आरोप है कि 3 साल बीत जाने के बाद भी परिजनों को फॉरेंसिक रिपोर्ट नहीं दी गई है। इससे जांच प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही का आरोप लगा। एएसपी मोटाराम ने परिजनों को आश्वासन दिया और धरना उठवाया।
छतरपुर में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी संतोष पटेल को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर कुल 8 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जिला अभियोजन अधिकारी प्रवेश अहिरवार ने बताया कि आरोपी ने घटना से करीब एक माह पहले इंस्टाग्राम के जरिए नाबालिग से संपर्क किया था। बातचीत के दौरान उसने शादी का झांसा देकर पीड़िता का विश्वास जीता। घर में घुसकर किया था दुष्कर्म घटना 1 जुलाई 2025 को दोपहर करीब 1 बजे की है। उस समय पीड़िता के माता-पिता एक निमंत्रण कार्यक्रम में गए थे और वह घर पर अकेली थी। इसी दौरान आरोपी जबरन घर में घुसा और नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। शोर सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे तो आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया। पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुआ था मामला पीड़िता की शिकायत पर महिला थाना छतरपुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला स्तरीय समिति ने इसे सनसनीखेज प्रकरण की श्रेणी में रखा था। अदालत ने सुनाई 20 साल की सजा अदालत में विशेष लोक अभियोजक प्रवेश कुमार अहिरवार और हेमंत बाजोलिया ने अभियोजन पक्ष की पैरवी की। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को बीएनएस की धारा 332(2) के तहत 5 वर्ष के सश्रम कारावास और 3 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा पॉक्सो एक्ट की धारा 3 सहपठित धारा 4(2) के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माना का आदेश भी दिया।
रोजगार सेवकों ने सौंपा ज्ञापन:देवरिया के रामपुर कारखाना में समस्याओं के समाधान की मांग
देवरिया के रामपुर कारखाना में रोजगार सेवकों ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन सहायक कार्यक्रम अधिकारी (APO) अभिषेक सिंह की उपस्थिति में प्रस्तुत किया गया। ज्ञापन में रोजगार सेवकों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों और समस्याओं को उजागर किया। उन्होंने इन मुद्दों पर तत्काल ध्यान देने और उनके शीघ्र निवारण की अपील की है। इस अवसर पर उपस्थित रोजगार सेवकों में अभिषेक त्रिपाठी, राहुल आर्य, सूरज प्रताप, अमन कुमार, संतोष यादव, सरस्वती देवी, प्रियंका राव और रंजना राव शामिल थे। इनके अतिरिक्त कई अन्य रोजगार सेवक भी मौजूद रहे।
प्रतापगढ़ के कालाकांकर में मंगलवार को मदनमोहन मालवीय पीo जीo कॉलेज में बीएड विभाग की प्राध्यापिका प्रोफेसर विनीता सिंह और वाणिज्य संकाय के प्रोफेसर उग्रसेन सिंह 35 वर्ष की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हो गए। उनके सम्मान में एक समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर शिवम श्रीवास्तव ने दोनों प्राध्यापकों का माल्यार्पण कर प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। प्राचार्य ने उनके कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों की सराहना की। प्रोफेसर रेखा सिंह और प्रोफेसर रामकरण ने भी अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का संचालन डॉo सृष्टि कुशवाहा ने किया। प्रोफेसर विनीता सिंह अपनी व्यस्तता के कारण सम्मान समारोह में उपस्थित नहीं हो सकीं। महाविद्यालय की प्रबंधिका राजकुमारी रत्ना और राजभवन के प्रबंधक घनश्याम यादव ने इस अवसर पर शुभकामनाएं संदेश प्रेषित करवाए। इस सम्मान समारोह में अब्दुल रज्जाक, मीना देवी, डॉo रोहित कुमार, उदय सिंह, अभय प्रताप, अफसार, कमलेश कुमार, रमेश कुमार गुप्ता, अजय कुमार, उदय कुमार, अंतिम पाल, आनंदिता त्रिपाठी, राम कुमार, रजनीश कुमार, राधेश्याम सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
मिर्जापुर के लालगंज विकास खंड क्षेत्र के बामी गांव में मुख्यमंत्री गो-पोषण सहभागिता योजना के तहत गोवंश का पालन कर रहे किसानों ने खंड विकास अधिकारी को एक प्रार्थना पत्र सौंपा। किसानों ने मंगलवार को यह पत्रक देकर गोवंश के पालन-पोषण के लिए धनराशि न मिलने की शिकायत की। किसानों ने अपने पत्रक में बताया कि वे सहभागिता योजना के तहत गोवंश का पालन-पोषण कर रहे हैं। हालांकि, कुछ कारणों से उनका नाम लाभार्थी सूची से हटा दिया गया है, जिसके कारण उन्हें गोवंश के भरण-पोषण के लिए मिलने वाली धनराशि प्राप्त नहीं हो रही है। किसानों का दावा है कि उनके पास गोवंश मौजूद हैं। लालगंज के बामी गांव स्थित गौशाला से किसानों ने मुख्यमंत्री गो-पोषण सहभागिता योजना के तहत गोवंश लिए हुए हैं। उन्हें प्रति गोवंश प्रतिदिन पचास रुपये की दर से पालन-पोषण के लिए धनराशि मिलती थी। लेकिन पिछले एक वर्ष से उनके खातों में यह धनराशि नहीं आई है। ग्राम पंचायत बामी द्वारा शासन को भेजी गई लाभार्थी किसानों की सूची से भी उनके नाम गायब कर दिए गए हैं। खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) रवि कुमार सिंह ने किसानों का पत्रक गंभीरता से लिया। उन्होंने मामले की जांच एक टीम से कराने और पात्र किसानों के नाम सूची में दोबारा जोड़ने का आश्वासन दिया। बीडीओ रवि कुमार सिंह से मिलने वाले गौसेवकों और किसानों में राम कुबेर बिंद, रफिउल्ला, निसार अहमद, रामलाल, चैतु, सितारा बेगम, सीता देवी, पार्वती देवी, गेंदा देवी और रामलाल कन्नोजिया सहित अन्य लोग शामिल थे। उन्होंने गोवंश के पालन-पोषण के लिए धनराशि खाते में न आने की शिकायत की।
गोरखपुर के बड़हलगंज में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश पर मंगलवार को दहेज उत्पीड़न, मारपीट और जान से मारने की धमकी के आरोप में पति समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। बड़हलगंज थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, गोला थाना क्षेत्र में पीड़िता ने अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन को एक प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी शादी 5 मई 2023 को बड़हलगंज थाना क्षेत्र के भरौली निवासी अंकुश गौतम से हुई थी। शादी में दान-दहेज देने के बावजूद पति और ससुराल पक्ष के लोग पल्सर मोटरसाइकिल की मांग को लेकर उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर पति, सास, ननद और अन्य परिजनों ने कई बार उनके साथ मारपीट की। उन्हें बच्चे सहित घर से भी निकाल दिया गया। कुमकुम का यह भी आरोप है कि 30 मई 2026 को ससुराल पक्ष के लोग उनके मायके पहुंचे, जहां उन्होंने मारपीट, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। एसएसपी के निर्देश पर बड़हलगंज थाना पुलिस ने इस मामले में पति, सास लक्ष्मी गौतम, ननद , नरेन्द्र यादव, दुर्गेश और इन्द्रावती के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 333, 115(2), 352, 351(3) तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 एवं 4 के तहत आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बड़हलगंज थानाध्यक्ष अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश के अनुपालन में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की विवेचना के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अलीगंज में मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और ठंडी हवाएं चलती रहीं। सुबह 11 बजे तापमान घटकर 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने क्षेत्र के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है। मौसम में आए इस बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी देखने को मिला। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अलीगंज की ओपीडी में मंगलवार को कुल 224 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। सीएचसी में सुबह से ही मरीजों की भीड़ देखी गई। बदलते मौसम के कारण सबसे अधिक मरीज सर्दी, जुकाम, बुखार और त्वचा संबंधी समस्याओं की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों ने मरीजों का परीक्षण कर आवश्यक परामर्श दिया और सभी को निशुल्क दवाइयां वितरित कीं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, तेज गर्मी के बाद अचानक मौसम में बदलाव, बादल छाने और तापमान में गिरावट आने से मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे मौसम में वायरल संक्रमण, सर्दी-जुकाम, बुखार और त्वचा संबंधी समस्याएं तेजी से फैलती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। सीएचसी अलीगंज के चिकित्साधीक्षक डॉ. सर्वेश कुमार ने बताया कि मंगलवार को ओपीडी में कुल 224 मरीज पहुंचे। इनमें अधिकांश मरीज सर्दी, जुकाम, बुखार और त्वचा रोग से संबंधित थे। सभी मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक उपचार के साथ निशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। डॉ. कुमार ने लोगों से अपील की कि बदलते मौसम में खान-पान का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने साफ और उबला हुआ पानी पीने, भीगने के बाद तुरंत सूखे कपड़े पहनने तथा किसी भी प्रकार के बुखार या संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दी। मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क है। अस्पताल प्रशासन ने आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ चिकित्सकीय सेवाओं को भी तैयार रखा है, ताकि मौसम खराब होने की स्थिति में आने वाले मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके।
जौनपुर के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में पीयूकैट-2026 प्रवेश परीक्षा का दूसरा दिन मंगलवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। विभिन्न स्नातक एवं स्नातकोत्तर व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए यह परीक्षा तीन पालियों में कड़ी निगरानी में आयोजित की गई। कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह के निर्देश पर डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर प्रमोद कुमार यादव और डॉ. संजीव गंगवार की टीम ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। परीक्षा समन्वयक प्रोफेसर मिथिलेश सिंह के अनुसार, प्रथम पाली (सुबह 9 बजे से 11 बजे तक) में एमबीए की प्रवेश परीक्षा हुई। इसमें पंजीकृत 566 अभ्यर्थियों में से 479 उपस्थित हुए, जबकि 87 अनुपस्थित रहे। द्वितीय पाली (दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक) में एलएलबी, एमसीए और एमएससी (रसायन विज्ञान) की प्रवेश परीक्षाएँ आयोजित की गईं। एलएलबी में 69 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 51 उपस्थित थे, जबकि 18 अनुपस्थित रहे। एमसीए में 141 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 122 ने परीक्षा दी और 19 अनुपस्थित रहे। एमएससी (रसायन विज्ञान) में 74 अभ्यर्थियों में से 63 उपस्थित हुए और 11 अनुपस्थित रहे। तृतीय पाली (अपराह्न 3 बजे से 5 बजे तक) में बीकॉम, बीएससी (बायोटेक्नोलॉजी) और बीएससी (जेडबीसीएम) की प्रवेश परीक्षाएं संपन्न हुईं। बीकॉम में 198 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 175 उपस्थित हुए और 23 अनुपस्थित रहे। बीएससी (बायोटेक्नोलॉजी) में 220 अभ्यर्थियों में से 197 ने परीक्षा दी, जबकि 23 अनुपस्थित रहे। बीएससी (जेडबीसीएम) में 140 में से 112 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। इसी पाली में एमएससी (बायोटेक्नोलॉजी) में 92 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 75 उपस्थित हुए और 17 अनुपस्थित रहे। एमएससी (जूलॉजी) में 52 अभ्यर्थियों में से 47 ने परीक्षा दी, जबकि 5 अनुपस्थित रहे। दिनभर चली इन परीक्षाओं में कुल 1,552 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 1,321 उपस्थित हुए और 231 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, गोपनीयता और पारदर्शिता के व्यापक प्रबंध किए थे। परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।
चित्रकूट में वर्ष 2018 के चर्चित हत्या मामले में दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम/स्पेशल एनडीपीएस एक्ट की अदालत ने 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत प्रभावी पैरवी के बाद यह फैसला सुनाया। दोषियों टुल्लू लोध और माया देवी, निवासी लोहदा, थाना पहाड़ी, पर 14-14 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह मामला 7 जुलाई 2018 का है, जब मूलचन्द्र विश्वकर्मा ने अपने बड़े भाई शिवलोचन विश्वकर्मा की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, माया देवी ने अपने प्रेमी टुल्लू लोध के साथ मिलकर नायलॉन की रस्सी से शिवलोचन का गला घोंटकर हत्या कर दी थी। न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने के लिए शव को घर में गड्ढा खोदकर दफना दिया गया था। थाना पहाड़ी पुलिस ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर विस्तृत विवेचना पूरी की और न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक निशिकांत राय, मॉनिटरिंग सेल, पैरोकार पुलिसकर्मियों और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के कारण न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। इसके बाद उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
मैनपुरी के दन्नाहार थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद को लेकर एक युवक पर हमला किया गया है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने घात लगाकर रास्ता रोका और तमंचे से फायर कर दिया, जिससे युवक के कंधे में गोली लग गई। घटना के बाद घायल को पहले जिला अस्पताल ले जाया गया। गंभीर हालत को देखते हुए उसे सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, दन्नाहार थाना क्षेत्र के नगला हिम्मत निवासी संजू ने बताया कि 26 जून की रात करीब 10:30 बजे उसका छोटा भाई अंजू अपनी बहन के घर से मोटरसाइकिल से लौट रहा था। आरोप है कि नगला भोज मोड़ के पास पहले से घात लगाए बैठे मैनसिंह पुत्र प्रमोद और तीन अज्ञात लोगों ने उसे रोक लिया। आरोपी बाइक साथ में ले गए पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने अंजू से गाली-गलौज की। जब अंजू ने इसका विरोध किया, तो मैनसिंह ने तमंचे से फायर कर दिया। गोली अंजू के कंधे में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के बाद आरोपी घायल युवक की स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल और उसके कागजात भी अपने साथ ले गए। गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और तत्काल डायल-112 पर सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से घायल को जिला अस्पताल भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां उसका उपचार जारी है। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों से उनका पुराना जमीनी विवाद चल रहा है और पहले भी जान से मारने की धमकियां दी जा चुकी हैं। घटना के समय संजू घर पर नहीं था और सूचना मिलने के बाद वापस लौटकर थाने पहुंचा। उसने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
कोटा में लिकर वाइन कॉन्ट्रैक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने आबकारी विभाग की बढ़ी हुई पेनल्टी के विरोध में अतिरिक्त आबकारी आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई पर नाराजगी जताई। एसोसिएशन ने मांग की कि विभाग अपने पूर्व आदेश के अनुसार मार्च में अतिरिक्त उठाई गई शराब का हिसाब अप्रैल-जून की गारंटी में जोड़ने की मांग की और लगाई गई पेनल्टी को तत्काल वापस ले। लिकर कॉन्टैक्टर वेलफेयर सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष विनोद पारेता ने बताया कि आबकारी आयुक्त कार्यालय, उदयपुर द्वारा 10 मार्च 2026 को जारी आदेश के अनुसार जिन वाइन की दुकानों ने वर्ष 2025-26 की गारंटी पूरी कर ली थी और मार्च 2026 में न्यूनतम 20 प्रतिशत या उससे अधिक शराब का उठाव किया था, उन्हें उस पर जमा आबकारी ड्यूटी का विभाग के आदेश के अनुसार मार्च के अतिरिक्त शराब उठाव को अप्रैल, मई और जून की गारंटी में जोड़ा जाना था। जिला अध्यक्ष रविंद्र सिंह सिंटू ने बताया कि विभाग के लिखित आदेश का पालन करने के बावजूद मार्च में अतिरिक्त शराब उठाने का लाभ ठेकेदारों को नहीं दिया गया। इसके विपरीत ठेकेदारों पर 150 प्रतिशत तक की पेनल्टी लगाई जा रही है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। संभागीय अध्यक्ष अजय सिंह राठौड़ ने बताया कि वे पहले से ही टेट्रा पैक की अनिवार्यता समाप्त करने, दुकानों का समय बढ़ाने और पूर्व में लगाई गई पेनल्टी वापस लेने जैसी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि विभाग ने अपने आदेश के अनुरूप अतिरिक्त गारंटी का समायोजन कर पेनल्टी वापस नहीं ली, तो राजस्थान के सभी शराब ठेकेदार अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगे, शराब की दुकानें बंद रखेंगे और अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री तक विरोध दर्ज कराएंगे। विनोद झामनानी, बलवेंदर सिंह चावला, रामकल्याण नागर, कन्हैया लाल सुमन मौजूद रहे।
जीवनशैली से जुड़ी गंभीर बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से 'हेल्दी स्माइल्स ग्रुप' की ओर से मालवीय नगर स्थित इटरनल हॉस्पिटल के सभागार में 'मधुमेह एवं हृदय रोगों से बचाव और उपचार' विषय पर एक विशेष जनजागरूकता चर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहर के नागरिकों, चिकित्सा विशेषज्ञों और गणमान्य लोगों ने भाग लेकर स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। कार्यक्रम में प्रसिद्ध मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉ. शैलेश लोढ़ा और हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र सिंह मक्कर ने मधुमेह और हृदय रोगों के बढ़ते मामलों, उनके कारणों, शुरुआती लक्षणों, आधुनिक उपचार पद्धतियों तथा बचाव के प्रभावी उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बदलती जीवनशैली, असंतुलित खान-पान, तनाव और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण ये दोनों बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। यदि समय रहते नियमित जाँच, संतुलित आहार, व्यायाम और स्वस्थ दिनचर्या अपनाई जाए, तो इन बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है। चर्चा के दौरान हेल्दी स्माइल्स ग्रुप के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. समीर शर्मा ने आमजन की ओर से विशेषज्ञों से विभिन्न सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने सरल भाषा में उनके जवाब देते हुए मधुमेह और हृदय रोगों से जुड़ी कई भ्रांतियों को भी दूर किया। उन्होंने बताया कि मधुमेह और हृदय रोग एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, इसलिए दोनों के प्रति समान रूप से सतर्क रहना आवश्यक है। कार्यक्रम का संचालन हेल्दी स्माइल्स ग्रुप के सचिव डॉ. बलविंदर सिंह ठक्कर ने किया। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल दंत स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि समाज को समग्र स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक करना है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर ऐसे जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। चर्चा सत्र में उपस्थित लोगों ने विशेषज्ञों से सीधे सवाल पूछकर अपनी स्वास्थ्य संबंधी जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यक्रम में मौजूद शहर के गणमान्य नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जन-स्वास्थ्य के लिए बेहद उपयोगी बताया। कार्यक्रम के अंत में हेल्दी स्माइल्स ग्रुप ने भविष्य में भी स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े ऐसे संवादात्मक कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
गुमला जिले के सदर प्रखंड क्षेत्र स्थित अंजन धाम में मंगलवार दोपहर एक सड़क दुर्घटना में स्कूटी सवार दंपती की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा भगवान हनुमान की जन्मस्थली कहे जाने वाले अंजन धाम में हुआ। पुलिस के अनुसार, दंपती अंजन पहाड़ी मंदिर से पूजा-अर्चना कर लौट रहे थे। इसी दौरान अचानक एक मवेशी सामने आ जाने से उनकी स्कूटी अनियंत्रित हो गई। तेज ढलान पर स्कूटी सड़क से नीचे उतरकर पत्थर और पेड़ से जा टकराई, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही टोटो थाना प्रभारी कुंदन कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गुमला सदर अस्पताल भेज दिया। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र के कुंद गढ़ी निवासी के रूप में हुई है। पुलिस ने मृतकों के मोबाइल फोन से उनके परिजनों से संपर्क कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर परिजन गुमला सदर अस्पताल पहुंचे। अंजन धाम में मंगलवार को विशेष पूजा-भंडारे का आयोजन होता है। इस कारण दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं और भीड़ रहती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पहाड़ी मंदिर तक जाने के लिए काफी ढलान से गुजरना पड़ता है और सड़क के दोनों ओर रेलिंग न होने से चट्टान या पेड़ से टकराने का खतरा बना रहता है। पूर्व में भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं।
ललितपुर जिले के सेमरा भागनगर निवासी 26 वर्षीय विशाल लोधी ने 28 जून रविवार को आत्महत्या कर ली थी। विशाल ने बानपुर निवासी नीलेंद्र उर्फ नीलू से 5 लाख रुपये उधार दिए थे। रुपये वापस मांगने पर नीलेंद्र ने विशाल को जान से मारने की धमकी दी थी, जिससे आहत होकर विशाल ने यह कदम उठाया। इस मामले में बार पुलिस ने आरोपी नीलेंद्र को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है। आत्महत्या करने से पहले विशाल लोधी ने अपना एक वीडियो बनाया था। इस वीडियो में उसने नीलेंद्र पर 5 लाख रुपये वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। विशाल ने वीडियो में कहा था कि वह आत्महत्या कर रहा है। यह वीडियो उसने इंस्टाग्राम पर अपलोड किया था। थाना बार क्षेत्र के ग्राम सेमरा भागनगर निवासी धर्मेंद्र सिंह लोधी पुत्र मोतीलाल ने 29 जून को इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके 26 वर्षीय चचेरे भाई विशाल राजपूत (लोधी) पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थे। बानपुर निवासी नीलेंद्र राजा ने विशाल से रुपये उधार लिए थे। जब भी विशाल अपने रुपये वापस मांगता, आरोपी उसे लौटाने के बजाय मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। लगातार हो रही प्रताड़ना और रुपये वापस न मिलने से विशाल काफी परेशान रहने लगा था। रविवार 28 जून की रात करीब साढ़े नौ बजे विशाल अपने खेत पर बने कुएं के पास पहुंचा। वहां उसने एक पेड़ पर रस्सी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। कुछ देर बाद जब परिजन खेत पहुंचे, तो उन्हें विशाल का शव पेड़ से लटका मिला।
बटाला के युवक की खुली किस्मत:एक करोड़ की लॉटरी जीती, बोला- सबसे पहले 15 लाख रुपए का कर्ज चुकाऊंगा
बटाला के एक युवक ने एक करोड़ रुपए की लॉटरी जीती है। युवक पर करीब 15 लाख रुपए का कर्ज था, जिसे चुकाने के लिए वह लंबे समय से प्रयास कर रहा था। उसकी इस जीत से परिवार में खुशी का माहौल है। युवक पिछले कई महीनों से बटाला के संजय लॉटरी स्टॉल से लगातार लॉटरी टिकट खरीद रहा था। दुकानदार संजय कपूर ने युवक और उसकी मां का ढोल और माला पहनाकर स्वागत किया। युवक का कहना है कि वह अपनी किस्मत बदलने की उम्मीद में हर दिन लॉटरी टिकट लेता था। युवक पहले मस्कट में ड्राइवर के रूप में काम करता था। युवक बोला- मेरे ऊपर 15 लाख रुपए का खर्ज था वह लगभग एक साल से वडाला ग्रंथी गांव स्थित अपने घर पर रह रहा है। उसने बताया कि उस पर 15 लाख रुपए का कर्ज था, जिसे चुकाने के लिए वह कड़ी मेहनत कर रहा था। युवक की मां ने बताया कि वे उसे लॉटरी टिकट खरीदने से रोकते थे, लेकिन उसने यह आदत नहीं छोड़ी। उन्हें अभी भी यकीन नहीं हो रहा कि उनके बेटे ने सच में इतनी बड़ी रकम जीती है। युवक ने कहा कि वह सबसे पहले अपना कर्ज चुकाएगा और फिर एक नया व्यवसाय शुरू करेगा।
अयोध्या के रौनाही थाना क्षेत्र के सनाहा गांव में मंगलवार को सरयू नदी में नहाने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। नदी में स्नान करने गई पांच महिलाएं अचानक गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद ग्रामीणों ने बिना देर किए बचाव अभियान शुरू किया और तीन महिलाओं को नदी से बाहर निकाला। हालांकि, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे की सूचना मिलते ही रौनाही थाना पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। नदी में दो अन्य महिलाओं की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। गोताखोरों और स्थानीय लोगों की मदद से लगातार खोजबीन की जा रही है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक दोनों महिलाओं का कोई पता नहीं चल सका था। घटना के बाद सनाहा गांव में मातम का माहौल है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुटे रहे और राहत कार्य में प्रशासन का सहयोग करते रहे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जानकारी जुटाई है। शिव सदर अरविंद सोनकर ने बताया कि नदी में स्नान करते समय या हादसा हुआ है। मरियम पुत्री असलम उम्र 18 वर्ष निवासी सनहा, शाहीन पुत्री मुस्तकीम उम्र 35 वर्ष, निवासी भुलई का पुरवा, सजरूल निशा पत्नी अकरम,उम्र 45 वर्ष, निवासी सनहा का शव मिल गया है। जबकि दो किशोरियों नाजिया पुत्री अकरम, उम्र 16 वर्ष, निवासी ग्राम सनहा और रशीदा पुत्री राशिद उम्र 15 वर्ष , निवासी सनहा की तलाश की जा रही है। प्रशासन ने बताया कि लापता महिलाओं की तलाश के लिए अभियान तेज कर दिया गया है और आवश्यक संसाधन लगाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक दोनों महिलाओं का पता नहीं चल जाता, तब तक सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा। इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी, तालाब और अन्य जलाशयों में नहाते समय पूरी सावधानी बरतें। विशेष रूप से बरसात के मौसम में जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए गहरे पानी में जाने से बचें। प्रशासन ने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।
घर के बाहर खड़ी कार चुराने की कोशिश:जावाल में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्त पर उठे सवाल
सिरोही जिले के जावाल कस्बे में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में गोल रोड पर एक घर के बाहर से गाड़ी चोरी का प्रयास किया गया। इस घटना ने कस्बे में बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों और पुलिस गश्त की कमी को उजागर किया है। यह घटना 29-30 जून की रात करीब 3:15 बजे जावाल के गोल रोड पर कजारिया टाइल्स के पीछे स्थित भरत रावल के मकान पर हुई। पीड़ित किराएदार सुनील ने बरलूट थानाधिकारी को इस संबंध में लिखित शिकायत दी है। बदमाश ने 15 मिनट तक गाड़ियों से की छेड़छाड़रिपोर्ट के अनुसार, एक अज्ञात बदमाश बाइक पर आया और घर के आगे खड़ी गाड़ी और गेट के अंदर खड़ी बाइक व स्कूटी के साथ लगभग 15 मिनट तक छेड़छाड़ की। बदमाश ने गेट का ताला टटोलकर वाहनों को चुराने का प्रयास किया। इसी दौरान गेट खटखटाने और बाइक की आवाज सुनकर घर के लोग जाग गए। जैसे ही पीड़ित बाहर आया, अज्ञात बदमाश अपनी बाइक पर बैठकर मौके से फरार हो गया। यह पूरी वारदात मकान के बाहर लगे निजी सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। कस्बे में लगे CCTV कैमरे लंबे समय से बंदकस्बे की सुरक्षा के लिए पंचायत द्वारा लाखों रुपए की लागत से लगाए गए सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से बंद पड़े हैं। पंचायत प्रशासन इन्हें ठीक करवाने में कोई रुचि नहीं दिखा रहा है, और जावाल पुलिस चौकी की गश्त प्रणाली भी प्रभावी नहीं दिख रही है। स्थानीय निवासी गोविंदा माली ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए बताया कि पहले भी उनकी 2 बाइकें चोरी हो चुकी हैं, जिनका पुलिस आज तक सुराग नहीं लगा पाई है। उन्होंने कहा कि इस बार चोरों ने गाड़ी चुराने का प्रयास किया। बदमाश की तलाश जारीइस मामले में शिकायत दर्ज होने के बाद बरलूट थाना पुलिस हरकत में आई है। पुलिस ने मकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे चालू हालत में पाए हैं और घटना के समय के फुटेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और हुलिए के आधार पर अज्ञात चोर की तलाश सरगर्मी से शुरू कर दी गई है। जल्द ही आरोपी को दबोच लिया जाएगा।
चिकित्सा विभाग की ओर से अभियान चला कर जीरो से पांच साल तक के बच्चों को पोलियो की दवा घर-घर जाकर पिलाई जा रही है। इसको लेकर बांगड़ हॉस्पिटल के कोविड ओपीडी को पोलियो वेक्सीन डिपो बना रखा है। जहां से नर्सिंगकर्मी पोलिया की दवा बॉक्स सहित लेकर जाते है और निर्धारित मोहल्लों में घर-घर जाकर दवा पिलाने के बाद वापस यहां आकर जमा करवाते है। लेकिन हकीकत यह है कि बांगड़ हॉस्पिटल में कोविड ओपीडी हॉल में न तो एक भी पंखा लगा है और न ही पीने के पानी की व्यवस्था है। ऐसे में यहां आने-जाने वाले नर्सिंग स्टॉफ तीन दिन से परेशान है। तेज गर्मी में यहां पानी की व्यवस्था और पंखें नहीं लगे होने से उन्हें खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दबी जुबान में एक नर्सिंगकर्मी ने कहा कि उन्होंने इसको लेकर बात की थी लेकिन बोला कि तुम्हें तीन दिन ही तो आना है और पोलियो की दवा लेकर फिल्ड में जाना है। यहां नियमित ओपीडी तो चलती नहीं कि पंखों की व्यवस्था की जाए।
देवास शहर की एक युवती ने अपने भाई और भाभी पर 30 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने मंगलवार को एडिशनल एसपी (यातायात) से शिकायत कर कार्रवाई और अपनी राशि वापस दिलाने की मांग की है। पीड़िता शारदा वर्मा ने आवेदन में बताया कि उसके भाई और भाभी ने घर में रखे करीब 30 लाख रुपये उसकी जानकारी और सहमति के बिना अपने कब्जे में ले लिए। आरोप है कि इस राशि को अलग-अलग बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) में जमा करा दिया गया। मकान खरीदने के लिए रखी थी रकम शारदा वर्मा का कहना है कि यह रकम उन्होंने मकान खरीदने के लिए रखी थी। इस घटना के बाद उन्हें बच्चों की पढ़ाई सहित कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने शिकायत के साथ कुछ दस्तावेज और बैंक खातों की जानकारी भी दी है। एडिशनल एसपी (यातायात) एच. बाथम ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित थाना पुलिस को मामले की जांच करने और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
अभिनेत्री और मथुरा सांसद हेमा मालिनी ने वृंदावन में सोमवार देर शाम एक बिल्डर ग्रुप के लक्जरी रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट के टॉवर लॉन्चिंग समारोह में 'राधा रास बिहारी' नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी। राधा के स्वरूप में मंच पर उतरीं हेमा मालिनी ने तीन दर्जन से अधिक कलाकारों के साथ करीब सवा घंटे तक प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लक्जरी टॉवर की हुई लॉन्चिंग वृंदावन के रुक्मिणी बिहार क्षेत्र में एक रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट के तहत लक्जरी सुविधाओं से सुसज्जित टॉवर की ग्रैंड लॉन्चिंग की गई। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आयोजक जीएलए यूनिवर्सिटी के कुलपति नारायण दास अग्रवाल और एनके ग्रुप के कपिल देव उपाध्याय ने सांसद हेमा मालिनी को आमंत्रित किया। नृत्य नाटिका में राधा बनीं हेमा मालिनी टॉवर लॉन्चिंग के बाद हेमा मालिनी ने 'राधा रास बिहारी' नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। उन्होंने अपने साथी कलाकारों के साथ भगवान कृष्ण की लीलाओं का मंचन किया। प्रस्तुति के दौरान वह कभी भगवान कृष्ण के साथ रास लीला करतीं तो कभी उनसे रूठती हुई दिखाई दीं। इस नृत्य नाटिका में तीन दर्जन से अधिक कलाकारों ने भाग लिया। सवा घंटे तक चली प्रस्तुति हेमा मालिनी ने करीब सवा घंटे तक मंच पर प्रस्तुति दी। राधा के स्वरूप में उनके अभिनय और नृत्य को देखकर समारोह में मौजूद दर्शक भक्ति रस में डूब गए। कार्यक्रम में मार्तंड देव उपाध्याय, विवेक अग्रवाल, कुलदीप अरोड़ा, राम किशन अग्रवाल, संदीप अरोड़ा, दिनेश खन्ना, उमेश शर्मा, शैलेंद्र गुप्ता, राजीव गुप्ता, अंशु बजाज, देवेंद्र शर्मा और संजय शर्मा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का समन्वय कान्हा अकादमी ने किया, जबकि संचालन नीता बाजपेई और अनन्या सिंघानिया ने किया।
भिवानी जिले में माता पहाड़ी मंदिर चोरी मामले में पुलिस एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने 2 लाख रुपए नकद और लाखों रुपए मूल्य के चांदी के आभूषण और बर्तन बरामद किए हैं। यह मामला लोहारू थाने में गांव पहाड़ी निवासी नरेश की शिकायत पर दर्ज किया गया था। नरेश ने अपनी शिकायत में बताया था कि माता पहाड़ी मंदिर से नकदी और कीमती आभूषण चोरी हो गए हैं। शिकायत के आधार पर लोहारू थाने में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। घर की तलाशी के दौरान मिला सामान जांच के दौरान, पुलिस टीम ने 20 जून 2026 को आरोपी के घर की तलाशी ली। तलाशी में 100 ग्राम का एक सोने का बिस्किट, सोने के 2 कड़े, चांदी का एक गिलास, चांदी की 2 चम्मच, चांदी का एक दीपक सेट, चांदी की एक थाली, चांदी की 2 प्लेटें, चांदी की चार कटोरियां और चांदी की एक लुटिया बरामद हुई। आरोपी इन सामानों के संबंध में कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका, जिसके बाद पुलिस ने सभी सामान जब्त कर लिया। जांच को आगे बढ़ाते हुए, लोहारू थाना पुलिस ने 26 जून 2026 को पहाड़ी निवासी आशीष पुत्र मनफूल को गिरफ्तार किया। अगले दिन, 27 जून को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। पुलिस रिमांड के दौरान की गई गहन पूछताछ में आरोपी के कब्जे से 2 लाख रुपए नकद और चांदी के 5 बर्तन और बरामद किए गए। मंदिर में इंचार्ज था गिरफ्तार आरोपी पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह 2009 से 2018 तक माता पहाड़ी मंदिर में चौकीदारों का इंचार्ज और 2018 से 2023 तक मंदिर के सीसीटीवी कैमरों का इंचार्ज रहा था। उसने बताया कि इसी दौरान वह समय-समय पर मंदिर में आने वाले चढ़ावे की नकदी और श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए कीमती सामान की चोरी कर अपने घर ले जाता था। पुलिस रिमांड अवधि पूरी होने के बाद आरोपी को मंगलवार को पुनः माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जिला कारागार भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में गहन अनुसंधान जारी है तथा चोरी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
वाराणसी के जगन्नाथ मंदिर में मंलवार की शाम 4:30 बजे प्रभु को काढ़े का भोग लगाया गया। इस चमत्कारी काढ़े को प्रसाद स्वरूप लेने के लिए लोग मंदिर पहुंच रहें। मंदिर के पुजारी ने बताया कि शाम 6 बजे तक प्रतिदिन यह काढ़ा भोग लगाने के बाद भक्तों को वितरित किया जाता है। पंद्रह दिन की इस बीमारी के बाद भगवान स्वस्थ होकर रथ यात्रा के रूप में भक्तों को दर्शन देने निकलते हैं, ठीक वैसे ही जैसे पुरी की रथ यात्रा होती है। काशी का यह मंदिर, भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा की मूर्तियों के साथ, पुरातन श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है। कहानी जो परंपरा में बदली मंदिर के पुजारी राधेश्याम पांडेय के अनुसार, ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन भगवान को भक्तों द्वारा ठंडक पहुंचाने के लिए जल से स्नान कराया जाता है। दिनभर चलने वाली इस प्रक्रिया के बाद भगवान बीमार हो जाते हैं। इसके बाद 15 दिनों तक भगवान के कपाट बंद रहते हैं और उन्हें काढ़े का भोग चढ़ाया जाता है। यह मान्यता है कि इस दौरान जो भक्त काढ़े का प्रसाद ग्रहण करता है, वह पूरे वर्ष रोगों से सुरक्षित रहता है। भोग नहीं, यह है आयुर्वेदिक प्रसाद! भगवान जगन्नाथ को चढ़ाया जाने वाला यह काढ़ा सामान्य प्रसाद नहीं, बल्कि आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर औषधीय पेय है। काली मिर्च, लौंग, इलायची, कच्ची चीनी, जायफल, तुलसी, गुलाब जल, मुलेठी और अदरक जैसे तत्वों से यह काढ़ा तैयार किया जाता है। इसे पहले भगवान को अर्पित किया जाता है और फिर श्रद्धालुओं में प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है। अब जानिए श्रद्धालुओं ने क्या कहा वाराणसी के लक्शा से पहुंची शशि ने बताया कि प्राकृतिक रूप से जो कड़ा मिलता है इससे लोग निरोगी रहते हैं आज के दौर में सभी किसी न किसी बीमारी से परेशान है। उन्होंने कहा कि मैं हर साल इस काढ़े को लेकर जाती हूं और प्रतिदिन सेवन करती हूं और 57 साल की वर्ष में मुझे कोई बीमारी नहीं है। प्रभु की डोली यात्रा 15 जुलाई को निकलेगी भगवान जगन्नाथ की डोली यात्रा 15 जुलाई को निकाली जाएगी। अस्सी स्थित मंदिर से खोजवां होते हुए यह रथयात्रा पहुंचेगी। रथयात्रा मेला 16 से 18 जुलाई तक चलेगा। तत्पश्चात, 19 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त में तीनों विग्रह मंदिर में लाए जाएंगे। बता दें कि सन् 1790 में स्थापित मंदिर की समस्त व्यवस्था, संरक्षण और संचालन ट्रस्ट श्रीजगन्नाथजी करता है। मंदिर में स्नान यात्रा और रथयात्रा मेले की शुरुआत सन् 1802 में हुई थी।
जैसलमेर जिले के ग्रामीण विकास और रोजगार परिदृश्य में आज रात 12 बजे से एक ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम और स्वरूप बदलकर अब वीबी-जीरामजी कर दिया जाएगा। सीमांत जिले जैसलमेर के लिहाज से यह बदलाव बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहाँ की विषम भौगोलिक परिस्थितियों में मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है। इस नए बदलाव के तहत जिले में चल रहे पुराने कार्यों को नए पोर्टल पर शिफ्ट करने और नए मस्टररोल जारी करने की प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जैसलमेर के हजारों कार्यों का होगा ट्रांसफर इस नए स्वरूप के लागू होते ही जैसलमेर जिले में वर्तमान में चल रहे मनरेगा के करीब 3 हजार से अधिक चालू कार्यों को वीबी-जीरामजी योजना में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। पूरे प्रदेश में जहाँ 6 लाख नए कार्य करवाने की तैयारी है, वहीं जैसलमेर जिले के हिस्से में भी हजारों नए विकास कार्य आएंगे। मरुस्थलीय क्षेत्र होने के कारण यहाँ मुख्य रूप से नाडी खुदाई, ग्रेवल सड़क, टांका निर्माण और खेल मैदान जैसे कार्यों पर फोकस रहेगा। जिला परिषद प्रशासन के अनुसार, इन कार्यों के लिए मस्टररोल एडवांस में तैयार किए जा रहे हैं ताकि बुधवार सुबह जब श्रमिक काम पर लौटें, तो उन्हें किसी तकनीकी कतरब्योंत या रुकावट का सामना न करना पड़े। सवा दो लाख सक्रिय श्रमिकों को मिलेगा रोजगार राजस्थान के 98 लाख सक्रिय श्रमिकों में से जैसलमेर जिले के करीब 2.25 लाख सक्रिय श्रमिक इस योजना से सीधे जुड़े हुए हैं। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यहाँ रोजगार के वैकल्पिक साधन बेहद सीमित हैं, ऐसे में वीबी-जीरामजी योजना इन परिवारों के लिए आजीविका का मुख्य जरिया बनेगी। नए स्वरूप में ऑनलाइन हाजिरी (NMMS) और पारदर्शिता को लेकर कुछ नए दिशा-निर्देश भी लागू हो सकते हैं, जिसके लिए ग्राम विकास अधिकारियों और कनिष्ठ तकनीकी सहायकों को विशेष रूप से ब्रीफ किया गया है। बजट से मरुधरा के विकास को मिलेगी गति प्रदेश को इस योजना के लिए मिले 1200 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट में से जैसलमेर जिले को भी एक बड़ा हिस्सा मिलने की उम्मीद है। इस बजट से न केवल ग्रामीणों को समय पर मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित होगा, बल्कि जैसलमेर के सुदूर ढाणियों और सीमावर्ती गांवों में बुनियादी ढांचे का विकास तेज गति से हो सकेगा। आज रात 12 बजे के बाद से जिले के सभी विकास अधिकारी (BDO) और सरपंच नए फॉर्मेट के तहत ही मस्टररोल और वित्तीय स्वीकृतियां जारी कर सकेंगे।
सुल्तानपुर में राहुल गांधी के वॉयस मिलान मामले में मंगलवार को सुनवाई टल गई। समयाभाव के कारण यह कार्रवाई प्रभावित हुई। कोर्ट ने अब इस मामले में सुनवाई के लिए 1 जुलाई की तारीख तय की है। यह मामला लगभग आठ वर्ष पुराना है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने एक प्रेस वार्ता में तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक बयान दिया था। इस बयान से आहत होकर सुल्तानपुर के भाजपा नेता विजय मिश्रा ने दीवानी न्यायालय में परिवाद दाखिल किया था। कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए मुकदमा चलाने का आदेश दिया। राहुल गांधी ने 20 फरवरी 2024 को इस मामले में जमानत ली थी और 26 जुलाई 2024 को अपना बयान दर्ज करवाया था। सुनवाई के दौरान वादी पक्ष के अधिवक्ता ने राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान की सीडी की आवाज का उनकी वास्तविक आवाज से विधि विज्ञान प्रयोगशाला में मिलान करवाने का अनुरोध किया था। निचली अदालत ने इस अनुरोध को खारिज कर दिया था, जिसके बाद विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने एडीजे-5 की कोर्ट में रिवीजन याचिका दाखिल की थी। राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि इसी रिवीजन याचिका पर आज एडीजे-5 की कोर्ट में बहस होनी थी, लेकिन समय की कमी के कारण सुनवाई टाल दी गई। अब इस पर 1 जुलाई को सुनवाई होगी। वहीं, मानहानि के मूल मुकदमे में एमपी-एमएलए कोर्ट में 6 जुलाई को सुनवाई निर्धारित की गई है।
फतेहाबाद जिले के रतिया उपमंडल में 26 जून को भाखड़ा नहर में लापता हुए तीनों व्यक्तियों के शव बरामद कर लिए गए हैं। इनमें से एक शव रविवार को पंजाब के कुसला हेड के पास मिला, जबकि शेष दो शव सोमवार को पिलछिया मोफर के पास से बरामद हुए। मृतक गगनदीप के पिता ने अपने बेटे की मौत को हादसा मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए मंगलवार को फतेहाबाद पुलिस अधीक्षक (एसपी) निकिता खट्टर को शिकायत सौंपी। एक ही दिन में हुई तीन घटना बता दें कि, 26 जून, शुक्रवार को रतिया क्षेत्र में भाखड़ा नहर में तीन अलग-अलग घटनाएं हुई थीं। पहली घटना गांव बाहम्मणवाला में सामने आई, जहां 19 वर्षीय इकबाल सिंह पुत्र अमनदीप सिंह के नहर में बहने की आशंका जताई गई थी। परिजनों ने बताया कि इकबाल सुबह जिम जाने के लिए घर से निकला था और वापस नहीं लौटा। उसकी तलाश के दौरान स्कूटी, मोबाइल फोन, कपड़े और घड़ी नहर किनारे मिले, जिससे उसके नहर में बह जाने की आशंका पुष्ट हुई। इसी दिन दूसरी घटना में भूना क्षेत्र का निवासी 18 वर्षीय गगनदीप लापता हो गया। वह रतिया के एक कंप्यूटर सेंटर में कोर्स कर रहा था और अपने दो दोस्तों के साथ नहर में नहाने गया था। नहाते समय वह तेज बहाव की चपेट में आ गया था। तीसरी घटना गांव भूंदड़वास के पास हुई, जिसमें गांव निक्कुआना निवासी 36 वर्षीय मंजीत सिंह पुत्र ज्ञान चंद नहर में नहाते समय बह गया। मौके पर मौजूद चरवाहों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके और तुरंत पुलिस को सूचना दी। घटनाओं की सूचना मिलने पर सदर थाना प्रभारी शीशपाल, बाहम्मणवाला पुलिस चौकी प्रभारी दलवीर सिंह, जांच अधिकारी ज्योति प्रसाद और अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। हिसार से एसडीआरएफ टीम को बुलाकर लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया गया था। रविवार और सोमवार को मिले शव सर्च अभियान के दौरान रविवार को पंजाब के कुसला हेड के समीप इकबाल सिंह का शव बरामद हुआ। सोमवार को पिलछिया मोफर के पास से मंजीत सिंह और गगनदीप के शव भी बरामद कर लिए गए। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए रतिया के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। जांच अधिकारी ज्योति प्रसाद ने बताया कि मंजीत सिंह के मामले में उसके पिता ज्ञान चंद के बयानों के आधार पर इतफाकिया कार्रवाई की गई है। पुलिस अन्य मामलों की भी नियमानुसार जांच कर रही है। गगनदीप के पिता ने हत्या की आशंका जताई उधर, मंगलवार को मृतक गगनदीप के पिता जगतार सिंह निवासी गांव खेड़ेवाला ने फतेहाबाद के पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर शिकायत सौंपी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका बेटा अपनी मर्जी से नहर पर नहीं गया था, बल्कि कुछ युवक उसे घर से अपने साथ ले गए थे। उनका कहना है कि पहले दो युवक गगनदीप को साथ लेकर गए और आगे जाकर उनके साथ पांच-छह अन्य युवक भी शामिल हो गए। जगतार सिंह का आरोप है कि इन युवकों ने उनके बेटे के कपड़े फाड़कर उसे भाखड़ा नहर में फेंक दिया। उन्होंने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए संबंधित आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है। पिता बोला- गगनदीप को दी गई थी जान से मारने की धमकी उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन युवकों पर उन्हें संदेह है, वे पहले भी गगनदीप को रतिया आने पर जान से मारने की धमकियां दे चुके थे। उनके अनुसार, घटना वाले दिन भी उन्हीं लोगों ने फोन कर उन्हें सूचना दी कि उनका बेटा भाखड़ा नहर में गिर गया है। उन्होंने कहा कि गगनदीप ने पहले ही उन्हें अपनी जान को खतरा होने की जानकारी दी थी। जगतार सिंह ने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर उनकी सुनवाई नहीं हो रही थी, इसलिए उन्होंने सीधे पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसपी ने जांच का दिया आश्वासन मृतक के पिता ने बताया कि पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर ने उनकी शिकायत प्राप्त कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा तथ्यों के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
गुना में बजरंगगढ़ क्षेत्र के ग्राम कटारिया की एक महिला ने कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में पहुंचकर खेत की फेंसिंग उखाड़कर चोरी करने और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत की है। पीड़िता ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। पीड़िता भमरीबाई पत्नी प्रेमनारायण मांझी ने बताया कि ग्राम कटारिया स्थित उसके सर्वे नंबर 1188/3/1 व 28 एस. के खेत का 12 जून को राजस्व विभाग की टीम ने सीमांकन किया था। इसके बाद फसल को मवेशियों से बचाने के लिए खेत की मेड़ पर तार फेंसिंग और लोहे के पोल लगाए गए थे। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि 28 जून की शाम प्रदीप घोसी, रामचरण घोसी, लक्ष्मण केवट, सूरज केवट, धनेश केवट, त्रिवेणी केवट, चिरंजीवी केवट और भीमा केवट सहित कुछ लोग खेत पर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने फेंसिंग और लोहे के पोल उखाड़कर अपने साथ ले गए। विरोध करने पर दी धमकी महिला का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपियों ने उसे और उसके बच्चों को जान से मारने तथा खेत में खेती नहीं करने देने की धमकी दी। पीड़िता के अनुसार, इस मामले की शिकायत 23 जून को पुलिस अधीक्षक से भी की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर को सीमांकन रिपोर्ट और फेंसिंग उखाड़ने से संबंधित तस्वीरें सौंपकर निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
समस्तीपुर के शिवाजीनगर प्रखंड की प्रतिभा कुमारी ने मिथिला आइडल-2026 प्रतियोगिता के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाकर जिले का मान बढ़ाया है। अपनी मधुर आवाज और संगीत के प्रति समर्पण के बल पर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की। प्रतिभा कुमारी शिवाजीनगर प्रखंड के बल्लीपुर पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या-13 स्थित नौआपोखर गांव निवासी प्रधान शिक्षक उमेश प्रसाद राय और गृहिणी शमता कुमारी की बेटी हैं। वह अपने भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। 200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था यह प्रतियोगिता मिथिलांचल की लोक एवं सांस्कृतिक प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मधुबनी के झंझारपुर में आयोजित की गई थी। इसमें लगभग 200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच प्रतिभा ने अपनी सुरीली आवाज, सुर-ताल पर मजबूत पकड़ और प्रभावशाली प्रस्तुति से निर्णायक मंडल को प्रभावित किया। दूसरे राउंड में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने क्वार्टर फाइनल में अपना स्थान सुरक्षित किया। इस उपलब्धि पर उन्हें प्रमाण-पत्र, मेडल और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। प्रतिभा कुमारी वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय के दौलत राम कॉलेज में संगीत ऑनर्स थर्ड ईयर की छात्रा हैं। उन्होंने बताया कि संगीत के प्रति उनका लगाव बचपन से ही रहा है। मध्य विद्यालय बल्लीपुर में अध्ययन के दौरान वह रोजाना चेतना सत्र में हारमोनियम बजाकर प्रार्थना सभा का संचालन करती थीं। वहीं से संगीत के प्रति उनका रुझान और अधिक मजबूत हुआ। इसके बाद उन्होंने रोसड़ा के संगीत गुरु निराला से संगीत की प्रारंभिक शिक्षा हासिल की। वर्तमान में वह दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रख्यात संगीत शिक्षक प्रोफेसर राजपाल सिंह के मार्गदर्शन में शास्त्रीय एवं सुगम संगीत की बारीकियां सीख रही हैं। तीन बहनों और एक भाई में प्रतिभा ने अपनी मेहनत, अनुशासन और लगन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल प्रतियोगिता जीतना नहीं, बल्कि मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक संगीत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के सहयोग को दिया।
बदायूं के प्रसिद्ध गीतकार एवं कवि डॉ. उर्मिलेश की 75वीं जयंती को 'डॉ. उर्मिलेश अमृत महोत्सव' के रूप में मनाया जा रहा है। डॉ. उर्मिलेश जनचेतना समिति द्वारा आयोजित यह वर्षभर चलने वाला महोत्सव 5 और 6 जुलाई को साहित्यिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के साथ शुरू होगा। महोत्सव की शुरुआत 5 जुलाई को इस्लामनगर स्थित डीआरपी रिसोर्ट में शाम 7 बजे एक विराट कवि सम्मेलन से होगी। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से बनज कुमार बनज (जयपुर), पंकज प्रसून (रायबरेली), मुकुल महान (लखनऊ), अभय निर्भीक (अंबेडकरनगर) जैसे नामचीन कवि शामिल होंगे। बदायूं के वरिष्ठ कवि नरेंद्र गरल, डॉ. शैलेंद्र कबीर, डॉ. उपदेश शंखधार, डॉ. सोनरुपा विशाल और डॉ. अक्षत अशेष भी काव्य पाठ करेंगे। इस कवि सम्मेलन का संयोजन हितेंद्र शंखधार कर रहे हैं। आयोजन की व्यवस्थाओं में संतोष गुप्ता, संजीव गुप्ता, राकेश गुप्ता, गौरीश गुप्ता, भुवनेश शर्मा, वीरेंद्र बॉबी, पीयूष पाठक, शिखर गोयल, अनुभव शंखधार, कौशिक शर्मा, डॉ. आलोक पाठक और डॉ. विष्णु हरि उपाध्याय सहित समिति के अन्य सदस्य सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। अमृत महोत्सव की संयोजक डॉ. सोनरुपा विशाल ने बताया कि 6 जुलाई को बदायूं क्लब परिसर में सुबह 10 बजे से एक वृहद निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। यह शिविर बदायूं क्लब और श्री राम मूर्ति स्मारक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, बरेली के विशेषज्ञ चिकित्सकों के सहयोग से लगेगा। इसमें नाक, कान, गला, हृदय, त्वचा और मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे। इसी दिन बदायूं क्लब परिसर में डॉ. उर्मिलेश की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी और वृहद पौधारोपण कार्यक्रम होगा। साथ ही, डॉ. उर्मिलेश की स्मृति में समाजसेवी राजन मेंहदीरत्ता द्वारा मेडिकल कॉलेज में सुबह 10 बजे से एक वृहद रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया जाएगा। समिति के सचिव डॉ. अक्षत अशेष ने जानकारी दी कि सभी कार्यक्रमों की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और आयोजन से जुड़े सदस्यों को उनकी जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।
युवक ने घर में फांसी लगाकर की आत्महत्या:सुसाइड का कारण पता नहीं, पुलिस कर रही जांच
महोबा जिले के खन्ना थाना क्षेत्र के चिचारा गांव में मंगलवार दोपहर एक युवक ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान दुर्गेश (लगभग 35 वर्ष) पुत्र नत्थू के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, दुर्गेश ने मंगलवार दोपहर अज्ञात कारणों से अपने घर के अंदर फांसी लगा ली। काफी देर तक घर में कोई हलचल न होने पर परिजनों ने देखा तो वह फंदे से लटका मिला। इस घटना से परिवार में चीख-पुकार मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। पुलिस कर रही मामले की जांच सूचना मिलने पर खन्ना थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और आवश्यक पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय महोबा भेज दिया। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, युवक ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया, इसका कोई स्पष्ट कारण अभी तक सामने नहीं आया है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है। मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही चल पाएगा। मृतक दुर्गेश अपने पीछे पत्नी मीना, 8 वर्षीय पुत्र मनोज, 6 वर्षीय पुत्री प्रीति और वृद्ध माता गोमती को छोड़ गया है। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि दुर्गेश सामान्य स्वभाव का व्यक्ति था और इस घटना से गांव के लोग भी स्तब्ध हैं।
UPTET के लिए शिक्षकों को मिलेगा अवकाश:योगी सरकार ने जारी किया शासनादेश, 2, 3 व 4 जुलाई को है परीक्षा
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत 1.86 लाख कार्यरत शिक्षकों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर है। आगामी 2, 3 और 4 जुलाई 2026 को होने जा रही 'उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा' (U.P.TET)-2026 में शामिल होने वाले सेवारत शिक्षकों को सरकार ने विशेष अवकाश देने का निर्णय लिया है। विशेष सचिव अवधेश कुमार तिवारी की ओर से इस संबंध में आधिकारिक शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के 'अनिवार्य टेट' के कड़े रुख के बाद उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षकों के सामने करियर का सबसे बड़ा संकट खड़ा हो गया है। दशकों से पढ़ा रहे शिक्षकों को अब नए अभ्यर्थियों के साथ परीक्षा हॉल में बैठना पड़ रहा है। ऐसे में परीक्षा की तैयारी और सेंटर तक पहुंचने के लिए छुट्टी मिलना एक बड़ी व्यावहारिक राहत है। शासनादेश में क्या है खास? क्यों इस बार UPTET दे रहे हैं पुराने शिक्षक? प्रदेश में लगभग 1.86 लाख सेवारत शिक्षक टीईटी पास नहीं है। इसमें कई शिक्षक अगले पांच से छह साल में रिटायर भी होन वाले हैं। 25 से 30 साल से पढ़ा रहे शिक्षक भी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अभी हाल ही में देश भर में 8वीं तक पढ़ा रहे शिक्षकों के लिए 31 अगस्त 2027 तक हर हाल में टीईटी परीक्षा पास करने का निर्देश दिया है। इसके लिए राज्य सरकारों को कम से कम दो टीईटी की परीक्षा कराने के लिए भी कहा है। यदि तय समय सीमा तक परीक्षा पास नहीं की, तो नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है। बिना TET पास किए इन शिक्षकों का प्रमोशन (पदोन्नति) भी लंबे समय से अटका हुआ है। बीटीसी शिक्षक संघ ने की थी अवकाश की मांग उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने इस मांग को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा था। मांग पूरी होने पर संघ और प्रदेश के लाखों शिक्षकों ने मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया है।
छतरपुर के गढ़ीमलहरा कस्बे में पुरानी रंजिश के चलते युवक पर लाठी-डंडों और बका से हमला कर दिया गया। गंभीर रूप से घायल युवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। घायल की पहचान गढ़ीमलहरा निवासी 27 वर्षीय गोलू रैकवार पुत्र छक्की रैकवार के रूप में हुई है। घायल की पत्नी संगीता रैकवार ने बताया कि सोमवार शाम करीब 6:30 से 7 बजे के बीच उनके पति गढ़ीमलहरा बस स्टैंड स्थित सब्जी बाजार में सब्जी खरीदने गए थे। इसी दौरान गढ़ीमलहरा निवासी मुल्लू रैकवार, छिंगे रैकवार, राहुल रैकवार, हलकाई रैकवार, मुन्ना रैकवार, नीरज रैकवार और कुछ अन्य लोगों ने उन्हें घेर लिया। इसके बाद लाठी-डंडों और बका से हमला कर दिया। परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे घटना की जानकारी मोहल्ले के एक व्यक्ति ने परिजनों को दी। इसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और गोलू रैकवार को टैक्सी से छतरपुर जिला अस्पताल लेकर आए। इमरजेंसी में डॉक्टर अभय सिंह ने प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद उन्हें ट्रॉमा वार्ड में भर्ती किया गया। गवाह होने का बनाया दबाव घायल गोलू रैकवार का आरोप है कि हमला पुरानी रंजिश के कारण किया गया। उन्होंने बताया कि वह आरोपियों से जुड़े एक मामले में गवाह हैं। आरोपी उन पर अपनी मर्जी के मुताबिक गवाही देने का दबाव बना रहे थे। इसी बात को लेकर उनके साथ मारपीट की गई। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
चूरू की छात्रा वर्णिका तिवारी ने 55वीं केवी रीजनल स्पोर्ट्स मीट 2026 में गोल्ड मेडल जीता है। पीएम श्री केंद्रीय स्कूल चूरू की छात्रा वर्णिका ने यह उपलब्धि 10 मीटर राइफल शूटिंग प्रतियोगिता में हासिल की। उन्होंने जिले का नाम रोशन किया है। वर्णिका तिवारी ने कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के दम पर प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। वर्णिका ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता मुदित तिवारी, माता अंजलि शर्मा, गुरुजनों और परिवार के अन्य सदस्यों के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने बताया कि परिवार और शिक्षकों के निरंतर प्रोत्साहन से ही यह उपलब्धि संभव हो सकी। स्कूल प्रशासन ने छात्रा की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। स्कूल ने कहा कि ऐसी उपलब्धियां अन्य छात्रों को भी खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करती हैं। स्कूल ने भविष्य में भी विद्यार्थियों को खेलों और अन्य गतिविधियों में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई है।
खगड़िया के महेशखूंट थाना क्षेत्र अंतर्गत लेवा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय सुखदेव सुमन साह, लेवा (विजेंद्र बासा), प्रखंड गोगरी में मंगलवार को मध्यान्ह भोजन खाने के बाद लगभग दो दर्जन बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। घटना के बाद विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस टीम, स्थानीय ग्रामीण और अभिभावक मौके पर पहुंचे। सभी बीमार बच्चों को तत्काल गोगरी अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। सोयाबीन के अंदर था कीड़ा विद्यालय में मध्यान्ह भोजन के तहत बच्चों को चावल और सोयाबीन बड़ी की सब्जी परोसी गई थी। भोजन करने के कुछ ही देर बाद कई बच्चों ने पेट दर्द, उल्टी, जी मिचलाने और घबराहट की शिकायत की। देखते ही देखते कई अन्य बच्चों की भी तबीयत बिगड़ने लगी, जिससे विद्यालय में हड़कंप मच गया। बच्चों और कुछ अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि परोसी गई सोयाबीन बड़ी के अंदर कीड़ा मिला था। यह बात सामने आते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। सूचना पर पहुंची डायल-112 की टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से सभी प्रभावित बच्चों को एंबुलेंस और अन्य वाहनों से गोगरी अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने तत्काल उनका इलाज शुरू किया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, सभी बच्चों का प्राथमिक उपचार किया गया है और फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। चिकित्सकों की निगरानी में बच्चों का इलाज जारी है। अस्पताल से बच्चों की तस्वीरें… प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई जानकारी घटना की सूचना शिक्षा विभाग एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दे दी गई है। मामले की जांच कराई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाही हुई है या नहीं। जांच में गड़बड़ी सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। उन्होंने दोषी एजेंसी एवं जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, विद्यालयों में बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रघुनाथनगर थाना पुलिस ने नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से एक आरोपी युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पीड़िता को सकुशल बरामद कर न्यायालय में बयान दर्ज कराया, जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म समेत अन्य धाराएं जोड़ते हुए उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, पीड़िता के मामा ने रघुनाथनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग भांजी पिछले तीन-चार वर्षों से उनके घर रहकर पढ़ाई कर रही थी। 26 जून की रात करीब 12 से 1:30 बजे के बीच वह अचानक घर से लापता हो गई। परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के क्षेत्रों में तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 70/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत जांच शुरू की। सोनभद्र से सकुशल बरामद हुई पीड़िता जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि नाबालिग उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के बीजपुर क्षेत्र में है। पुलिस टीम ने 28 जून को वहां पहुंचकर पीड़िता को सकुशल बरामद किया और उसे वापस बलरामपुर लाया। कोर्ट में बयान के बाद बढ़ीं धाराएं माननीय न्यायालय में दर्ज बयान में पीड़िता ने बीजपुर निवासी अभिषेक उरांव पर अपने साथ गलत काम करने का आरोप लगाया। बयान के आधार पर पुलिस ने प्रकरण में दुष्कर्म सहित अन्य संबंधित धाराएं जोड़ दीं। आरोपी गिरफ्तार, भेजा गया जेल पुलिस ने 30 जून को बीजपुर निवासी अभिषेक उरांव (18 साल 25 दिन) को उसके घर से गिरफ्तार किया। पूछताछ और सबूतों के आधार पर आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और प्रकरण के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
औरैया में छात्रा ने आग लगाकर जान दी:प्रेमी ब्लैकमेल कर धर्मांतरण का बना रहा था दबाव, पिता आर्मी में
औरैया के दिबियापुर में एक छात्रा ने सोमवार को कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग, जबरन वसूली और धर्मांतरण के दबाव से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। छात्रा ने खुद को आग लगा ली थी, जिसके बाद इलाज के लिए सैफई अस्पताल ले जाते समय उसकी मृत्यु हो गई। मंगलवार सुबह परिजनों ने शव घर के बाहर रख लिया और मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग करने लगे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। तब परिजन अंतिम संस्कार को राजी हुए। हरचंदपुर मार्ग निवासी हरनाम सिंह फौज में लेह लद्दाख में तैनात हैं। घर पर उनकी पत्नी प्रेमलता और बेटा व बेटी रहती हैं। सोमवार की दोपहर जब प्रेमलता बाजार गई थी और बेटा बाहर। बेटी साक्षी उर्फ पल्लवी ने पेट्रोल डालकर आग लगा ली। गंभीर हालत में परिजन उसे मेडिकल कॉलेज ले गए जहां से उसे आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के लिए रेफर कर दिया गया। जहां रात में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मंगलवार दोपहर परिजन पोस्टमार्टम के बाद शव घर ले आए। आक्रोशित परिजन कार्रवाई की मांग करने लगे। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। परिजन मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पुलिस आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज करने को तैयार हो गई लेकिन पुलिस धर्मांतरण के सबूत न होने के कारण लिखने से बच रही थी। काफी जद्दोजहद के बाद पुलिस धर्मांतरण पर भी मुकदमा को राजी हो गई। मां ने बताई पूरी कहानी मां प्रेमलता ने दिबियापुर कोतवाली में बताया कि हनी उर्फ ताह और अंकुर पुत्र रविंद नामक दो युवकों ने साक्षी को अपने प्रेमजाल में फंसा लिया था। आरोप है कि इन युवकों ने साक्षी के अश्लील वीडियो बनाए और उन्हें वायरल करने की धमकी दी। इस धमकी के एवज में उन्होंने कथित तौर पर 25 लाख रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवरात भी ऐंठ लिए। आरोपी हनी उर्फ ताह साक्षी पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बना रहा था। धर्म परिवर्तन न करने पर अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी जा रही थी, जिससे साक्षी अत्यधिक परेशान थी। धमकियों से तंग आकर साक्षी ने 29 जून 2026 को करीब 1 बजे अपने शरीर में आग लगा ली। उसे सैफई अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन उसी दिन उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने प्रेमलता की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी सत्यप्रकाश ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच की जा रही है आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बारिश के बीच सड़कों पर उतरे 500 पेंशनर:खरगोन में महंगाई राहत की उठाई मांग, 5 साल से रुका एरियर
खरगोन में मंगलवार को करीब 500 पेंशनरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर बारिश के बीच रैली निकाली। दोपहर 1 बजे शहर में निकली रैली में पेंशनरों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर वीरेंद्र कटारे को सौंपा। महंगाई राहत और एरियर की उठाई मांग पेंशनरों ने महंगाई राहत और लंबित एरियर का भुगतान करने की मांग की। जिलाध्यक्ष मुकुंदसिंह सिसोदिया ने आरोप लगाया कि सरकार ने उनका पांच साल का एरियर रोक रखा है। उन्होंने कहा कि पेंशनरों को तय समय पर महंगाई राहत और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं का लाभ भी नहीं मिल रहा है। सरकार पर सुनवाई नहीं करने का आरोप मुकुंदसिंह सिसोदिया ने कहा कि सरकार और शासन स्तर पर पेंशनरों की समस्याओं की सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने अपनी छह सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। पेंशनरों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे भोपाल में प्रदेशव्यापी आंदोलन करेंगे। ज्ञापन में रखीं ये प्रमुख मांगें ज्ञापन में मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49(6) को समाप्त करने की मांग की गई है। कैशलेस बीमा योजना में पेंशनरों से अधिक प्रीमियम लेने का भी विरोध किया गया है। इसके अलावा पेंशनरों को आर्थिक लाभ और एरियर का समय पर भुगतान करने, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट सहित अन्य न्यायालयों के आदेशों के अनुसार केंद्र की तिथि से लाभ देने, कोरोना काल, छठे और सातवें वेतनमान का एरियर 6 प्रतिशत ब्याज के साथ देने की मांग की गई है। ज्ञापन में 80 वर्ष की आयु पर मिलने वाला 20 प्रतिशत अतिरिक्त लाभ 79 वर्ष पूर्ण होने पर देने और नियमित कर्मचारियों की तरह उपादान राशि का भुगतान करने की मांग भी शामिल है।
झाबुआ जिले की ग्राम पंचायत रामपुरिया के उपसरपंच, पंच और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जनसुनवाई में पहुंचकर रोजगार सहायक के खिलाफ शिकायत की है। ग्रामीणों ने रोजगार सहायक सुनील गरवाल पर पंचायत में मनमानी करने और सरकारी कामकाज को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने मनरेगा योजना में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता और फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि रोजगार सहायक ने अमृत सरोवर तालाब निर्माण के नाम पर सरकारी राशि का गबन किया। यह तालाब पंचायत मुख्यालय से पांच किलोमीटर दूर स्थित है। आरोप है कि रोजगार सहायक ने वर्ष 2007-08 में बने पुराने तालाब की लोकेशन का उपयोग कर फर्जी मस्टर रोल भरे। इसमें उन लोगों के नाम पर मजदूरी का भुगतान उठाया गया, जो उस समय गांव में मौजूद नहीं थे। ग्रामीणों के अनुसार, मस्टर रोल में ऐसे व्यक्तियों की उपस्थिति दर्ज की गई, जो उस दौरान बामनिया में अपनी दुकानों पर काम कर रहे थे। भ्रष्टाचार के आरोप केवल मनरेगा तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना में भी हितग्राहियों के शोषण की शिकायतें मिली हैं। पीड़ितों का कहना है कि आवास की किस्तें जारी करवाने के बदले रोजगार सहायक ने प्रत्येक हितग्राही से पांच-पांच हजार रुपये की अवैध वसूली की है। इसमें एक दिव्यांग व्यक्ति को भी नहीं बख्शा गया। कई हितग्राहियों से पैसे लेने के बावजूद उनके आवास का न तो जियो-टैग कराया गया और न ही राशि स्वीकृत की गई। इस कारण कई गरीब परिवार अधर में लटके हुए हैं। उन्हें मकान पूरा करने के लिए बाजार से ब्याज पर पैसे लेने पड़े, जबकि जिनके पास व्यवस्था नहीं थी, उनके घर आज भी अधूरे पड़े हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि वर्ष 2023 से 2026 के बीच मनरेगा के तहत हुए सभी निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कलेक्टर तथा संबंधित उच्चाधिकारियों से रोजगार सहायक को तत्काल निलंबित करने की पुरजोर मांग की है।
दौसा जिले के मेहंदीपुर बालाजी में दर्शन करने आए श्रद्धालुओं के साथ जहरखुरानी का मामला सामने आया है। घटना में पांच महिलाओं सहित सात श्रद्धालु अचेत हो गए। सभी श्रद्धालु उत्तर प्रदेश के मैनपुरी और एटा जिले के निवासी हैं। जानकारी के अनुसार श्रद्धालु हरिओम यात्री निवास (धर्मशाला) में ठहरे हुए थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने खाने में कोई ऐसा पदार्थ खा लिया, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और सभी बेहोश हो गए। सूचना पर बालाजी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। सभी श्रद्धालुओं को 108 एंबुलेंस की सहायता से सिकराय उपजिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने बताया कि बेहोश हुए श्रद्धालुओं में विकास, सुखवीर, ममता देवी, प्रियंका, साधना, आरती और तारा देवी शामिल हैं। फिलहाल यात्रियों के अचेत होने के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। धर्मशाला सहित आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि घटना की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके।
बुलंदशहर में 2016 के एक हत्या मामले में तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। जिला न्यायालय ने संतोष उर्फ बाबा, सोनू उर्फ सुधीर और त्रिवेणी को राजेंद्र की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या करने का दोषी पाया। प्रत्येक दोषी पर 33,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। वर्ष 2016 में, बुलंदशहर के आवास विकास 02, कोतवाली देहात में संतोष उर्फ बाबा, सोनू उर्फ सुधीर और त्रिवेणी ने देवेंद्र सिंह के भाई राजेंद्र की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस मामले में 18 नवंबर 2016 को कोतवाली देहात थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके बाद 15 जनवरी 2017 को पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मॉनिटरिंग सेल ने न्यायालय में सशक्त पैरवी की उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा संचालित 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत इस मामले को प्राथमिकता दी गई थी। बुलंदशहर की मॉनिटरिंग सेल ने न्यायालय में सशक्त पैरवी की, जिससे अभियोजन पक्ष की कार्यवाही सफलतापूर्वक पूरी हुई। प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप, न्यायाधीश ओमप्रकाश वर्मा (एडीजे/स्पेशल एससी/एसटी न्यायालय, जनपद बुलंदशहर) ने 30 जून 2026 को तीनों अभियुक्तों संतोष उर्फ बाबा, सोनू उर्फ सुधीर और त्रिवेणी को दोषी ठहराया। न्यायालय ने उन्हें आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 33,000 रुपये का अर्थदंड लगाया। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अभियोजक विपुल राघव, मॉनिटरिंग सेल प्रभारी निरीक्षक महेंद्र कुमार त्रिपाठी, पैरोकार कांस्टेबल लोमस, हेड कांस्टेबल मनोज प्रजापति और हेड कांस्टेबल वीरेंद्र सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
चंडीगढ़ पुलिस ने मोबाइल स्नैचिंग के एक मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी रेलवे स्टेशन और आईएसबीटी के आसपास अकेले यात्रियों को निशाना बनाते थे। वारदात के बाद लूटा गया सामान बेचकर नशे की लत पूरी करते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से शिकायतकर्ता का मोबाइल फोन, आधार कार्ड और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुनिया (23) पुत्र प्रभु निवासी गांव अटावा, सेक्टर-42 और रोहित उर्फ अंड्डा (21) पुत्र यशबीर सिंह निवासी गांव अटावा, सेक्टर-42 के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि वारदात के दौरान मुनिया मोटरसाइकिल पर पीछे बैठा था और उसी ने मोबाइल छीना था, जबकि रोहित बाइक चला रहा था। हिमाचल जाने के दौरान बनाया निशाना डीएसपी धीरज कुमार ने बताया कि इस संबंध में 29 जून 2026 को सेक्टर-36 थाने में मामला दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता अजय कुमार निवासी मंडी (हिमाचल प्रदेश) ने बताया कि वह 28 जून को महाराष्ट्र से ट्रेन के जरिए चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंचा था। वहां से उसे हिमाचल प्रदेश जाने के लिए सेक्टर-43 बस स्टैंड जाना था। रात करीब 9 बजे वह पैदल सेक्टर-42 स्थित शराब के ठेके के पास से सेक्टर-42/43 के छोटे चौक की ओर जा रहा था। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार 2 युवक उसके पास आए। पीछे बैठे युवक ने उसके हाथ से ओप्पो A15 मोबाइल झपट लिया। मोबाइल के कवर में उसका आधार कार्ड भी रखा हुआ था। वारदात के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। सेक्टर-42 झील के पास गिरफ्तार मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। टीम ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। गुप्त सूचना मिली कि दोनों आरोपी सेक्टर-42 झील के पास लूटा गया मोबाइल बेचने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। नशे की लत पूरी करने के लिए करते थे स्नैचिंग पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से शिकायतकर्ता का ओप्पो A15 मोबाइल, आधार कार्ड तथा वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल (सीएच-01-सीवाई-4087) बरामद कर ली है। पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी रेलवे स्टेशन और सेक्टर-43 बस स्टैंड के आसपास अकेले यात्रियों की रेकी करते थे। सुनसान स्थान मिलने पर वे मोबाइल या अन्य कीमती सामान झपट लेते थे। बाद में चोरी का सामान बेचकर उससे मिले पैसों से नशा करते थे। मुनिया करता है मजदूरी मुनिया 9वीं तक पढ़ा है और दिहाड़ी मजदूरी करता है। वह अपने माता-पिता, भाई और बहन के साथ रहता है। वहीं, रोहित उर्फ अंड्डा 8वीं तक पढ़ा है और सेक्टर-22 स्थित एक मोबाइल दुकान पर काम करता है। वह अपने माता-पिता और भाई के साथ रहता है।
सीतापुर के बिसवा कोतवाली क्षेत्र में बिसवां-लहरपुर मार्ग पर जनता नर्सिंग होम के निकट मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे एक तेज रफ्तार डंपर ने एक ऑटो रिक्शा में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में ऑटो सवार पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बिसवां भेजवाया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। घायलों की पहचान असफाक पुत्र इश्तियाक निवासी तरसेवरा थाना तलगांव, कमलेश पुत्र सूर्य प्रताप निवासी मिलकपुर थाना लहरपुर, प्रमिला पत्नी प्रमोद निवासी अरुआपुर थाना तलगांव, हरदेई पत्नी हरिकेशन निवासी अरुआपुर थाना तलगांव तथा गीता पत्नी कमलेश निवासी पीरतपुर थाना लहरपुर के रूप में हुई है। चिकित्सकों के अनुसार, घायलों में तीन की हालत गंभीर होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जबकि अन्य दो घायलों का उपचार सीएचसी में जारी है। हादसे के बाद कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ऑटो और डंपर को सड़क से हटवाकर यातायात सामान्य कराया। पुलिस ने डंपर को कब्जे में लेकर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार हादसे की वजह मानी जा रही है।
अरवल के कलेर थाना क्षेत्र अंतर्गत पहाड़पुर मोड़ के पास एनएच-139 पर मंगलवार को सड़क हादसा हुआ। इसमें औरंगाबाद के एक कपड़ा व्यवसायी की मौत हो गई, जबकि बाइक पर सवार उसके दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने एक युवक को मृत घोषित कर दिया। अरई गांव निवासी छोटू शाह अपने साथी सुधीर कुमार और अरुण कुमार के साथ मंगलवार को मोटरसाइकिल से कलेर बाजार जा रहे थे। छोटू शाह की कलेर बाजार में 'अनु वस्त्रालय' नाम से कपड़े की दुकान है। वह रोजाना अपने गांव से कलेर आकर दुकान का संचालन करते थे। अरई गांव के कई अन्य व्यवसायी भी रोजाना व्यापार के सिलसिले में कलेर बाजार आते-जाते हैं। मंगलवार को भी तीनों दुकान खोलने के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में यह हादसा हो गया। घायल युवकों का इलाज जारी प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहाड़पुर मोड़ के समीप पास एनएच-139 पर बालू लदे एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने सामने से आ रही बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पर सवार तीनों युवक सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए । हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया ।घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और कलेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कलेर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद छोटू शाह को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल सुधीर कुमार और अरुण कुमार की प्राथमिक चिकित्सा के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल, अरवल रेफर कर दिया गया। दोनों की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गांव और कलेर बाजार के व्यापारियों में भी शोक की लहर है। कलेर थाना पुलिस ने बताया कि फरार ट्रैक्टर और उसके चालक की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी गई है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि चालक की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
हांसी के गांव चानौत में पानी को लेकर आंदोलन में टी लगाने के प्रकरण का मामला तूल पकड़े हुए है। दादरी और गुरुग्राम के बाद अब भिवानी के परशुराम मंदिर में सोमेश शर्मा के समर्थन में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में विशाल कुमार ने कहा कि पानी हर व्यक्ति की मूलभूत आवश्यकता है। बिन पानी सब कुछ सूना और ग्रामीणों को टी कनेक्शन के माध्यम से पीने का पानी मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे इस मांग को लेकर ग्रामीणों के साथ मजबूती से खड़े हैं। सरकार ने पूर्व सरपंच के साथ गलत कियाभिवानी निवासी संदीप ने कहा कि सरकार ने पूर्व सरपंच सोमेश के साथ गलत किया है। उन्होंने कहा कि पूरी 36 बिरादरी सोमेश के साथ खड़ी है और यदि ग्रामीणों की मांग नहीं मानी गई तो धरना और आंदोलन को और तेज किया जाएगा।वहीं ऋषि ने कहा कि सरकार यह न समझे कि सोमेश अकेले हैं। उनके अनुसार, सोमेश ने ग्रामीणों के हित में कार्य किया है और उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया। उन्होंने सरकार से ग्रामीणों की मांग पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
सोनभद्र में झमाझम बारिश से मिली गर्मी से राहत:मानसून की दस्तक, किसानों के लिए फायदेमंद
सोनभद्र जिले में मंगलवार दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं, गरज-चमक और झमाझम बारिश से लोगों को भीषण उमस और गर्मी से राहत मिली। बिहार-झारखंड के रास्ते सोनभद्र में मानसून ने दस्तक दे दी है, जिससे जिले के कई इलाकों में मौसम सुहाना हो गया।दोपहर 2 बजे से ही आसमान में बादल छाने लगे थे। लगभग 2:30 बजे तक सोनभद्र के कई इलाकों में भारी बारिश शुरू हो गई। 3 बजे के बाद मुख्यालय सहित अन्य क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में और अच्छी बारिश होने की संभावना है, जो खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार सोनभद्र का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। मंगलवार को हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों ने खेतों में मेड़ बांधना शुरू कर दिया है। इस बारिश से धान की नर्सरी लगाने, मक्का और अरहर की बुवाई करने में मदद मिलेगी। साथ ही, मिर्च, टमाटर और बैंगन जैसी सब्जियों की नर्सरी भी तैयार की जा सकेगी। हालांकि, गर्मी के मौसम में लगाई गई पिछैती उड़द की फसल को कुछ स्थानों पर नुकसान हो सकता है। दोपहर बाद नगवा, चतरा ब्लॉक और रॉबर्ट्सगंज सहित जिले के अधिकांश क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। कई स्थानों पर सड़कों पर पानी भर गया, जिससे आवागमन कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। जिला प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न होने, खुले मैदानों से दूर रहने तथा बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
मिर्जापुर में श्री विंध्य पंडा समाज के पदाधिकारियों ने नगर मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें विंध्य विकास परिषद और श्री विंध्य पंडा समाज के लंबित चुनावों को शीघ्र कराने की मांग की गई है। ज्ञापन में मां विंध्यवासिनी मंदिर परिसर में अनियंत्रित फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी और गैर-अधिकृत व्यक्तियों द्वारा कराई जा रही पुरोहिती पर तत्काल रोक लगाने की भी मांग की गई है। पंडा समाज के सदस्य शनिदत्त पाठक ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया। ज्ञापन में बताया गया कि देश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां विंध्यवासिनी धाम, कालीखोह और अष्टभुजा मंदिर में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। पंडा समाज ने आरोप लगाया है कि पिछले लगभग आठ वर्षों से विंध्य विकास परिषद और श्री विंध्य पंडा समाज के चुनाव नहीं हुए हैं, जिससे इन मंदिरों की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। पंडा समाज का यह भी आरोप है कि तीनों मंदिरों में गैर-कार्डधारी और अज्ञात व्यक्ति श्रद्धालुओं से दर्शन-पूजन कराने के नाम पर अवैध रूप से धन वसूल रहे हैं। इसके अतिरिक्त, मंदिर परिसर में फोटो और वीडियो रील बनवाने के नाम पर भी मनमानी की जा रही है। समाज का कहना है कि इन गतिविधियों से श्रद्धालुओं का शोषण हो रहा है और धार्मिक परंपराओं के साथ-साथ अधिकृत पुरोहितों के अधिकारों का भी उल्लंघन हो रहा है। ज्ञापन में स्पष्ट मांग की गई है कि केवल विंध्य विकास परिषद और श्री विंध्य पंडा समाज की संयुक्त मुहर और पहचान पत्र वाले अधिकृत पुरोहितों को ही मां विंध्यवासिनी, कालीखोह और अष्टभुजा मंदिर में पूजा-पाठ कराने की अनुमति दी जाए। इससे किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में जिम्मेदारी तय करना आसान होगा। इसके साथ ही, मंदिर परिसर में अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश और मनमानी फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की भी मांग की गई है। पंडा समाज का मानना है कि इन मांगों पर अमल होने से श्रद्धालुओं के हितों की रक्षा होगी, धार्मिक परंपराएं सुरक्षित रहेंगी और पुरोहित समाज के अधिकार एवं सम्मान भी संरक्षित किए जा सकेंगे।
फतेहाबाद जिले की रतिया सिटी थाना पुलिस ने युवक पर चाकू से जानलेवा हमला करने के मामले में कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मामले में नामजद एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। सिटी थाना रतिया प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि 26 जून को गांव नंगल निवासी सुरजीत सिंह उर्फ सोनू ने उपचार के दौरान दिए अपने बयान में बताया कि वह बस स्टैंड रतिया से सरकारी अस्पताल की ओर जा रहा था। अस्पताल के पास पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने उसका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि अंकित उर्फ पव्वा और कृष्ण ने उसे पकड़ लिया, विरसा ने उसके साथ मारपीट की तथा साहिल ने चाकू से उसकी छाती के बाईं ओर जानलेवा वार कर दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर एकत्रित होने लगे, जिस पर सभी आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। गंभीर हालत में किया अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर घायल को पहले सरकारी अस्पताल रतिया ले जाया गया, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। पुलिस ने पीड़ित के बयान दर्ज कर मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर रतिया सिटी थाना में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। दूसरे आरोपी की तलाश कर रही पुलिस एसएचओ ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने रतिया के वार्ड नंबर 17 निवासी सोनू सैनी, साहिल तथा इम्प्लाइज कॉलोनी निवासी कृष्ण को गिरफ्तार कर लिया। मामले में नामजद एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
रायसिंहनगर क्षेत्र के किसानों और खाताधारकों ने कोगटा फाइनेंस कंपनी पर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी और गबन करने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों ने एडीएम को ज्ञापन सौंपकर कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। किसानों का आरोप है कि लोन की किश्तें ऑनलाइन जमा करने के बावजूद उनसे दोबारा नगद रुपए वसूले गए और बाद में उन्हें एनओसी भी नहीं दी गई। किसानों ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों ने एडीएम को ज्ञापन देकर कोगटा फाइनेंस कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। किसान नेता रणजीत सिंह राजू ने बताया कि कंपनी ने क्षेत्र के किसानों को लोन वितरित किए थे। कई किसानों ने लोन की किश्तें ऑनलाइन माध्यम से जमा कर दी थीं। ऑनलाइन सिस्टम खराब बताकर वसूले कैश किसानों का आरोप है कि बाद में कंपनी के कर्मचारियों ने ऑनलाइन सिस्टम खराब होने का बहाना बनाकर उनसे नगद रुपए वसूल लिए। किसानों का कहना है कि उन्होंने पूरी किश्तें जमा कर दीं, लेकिन जब वे नो ड्यूज सर्टिफिकेट (एनओसी) लेने कंपनी पहुंचे तो कैशियर, मैनेजर और अन्य अधिकारियों ने टालमटोल शुरू कर दिया। बड़े अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप किसानों ने आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में कंपनी के बड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत है। उनका कहना है कि सभी ने मिलकर किसानों से करोड़ों रुपए हड़प लिए। किसानों का यह भी आरोप है कि जिन लोगों ने नगद भुगतान किया, उन्हें किसी तरह की रसीद तक नहीं दी गई। किसानों ने इसे सुनियोजित धोखाधड़ी बताते हुए कहा कि जानबूझकर किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया है। पुलिस ने सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने को कहा मामले की जानकारी मिलने पर किसानों ने स्थानीय थाना प्रभारी को शिकायत दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय शाखा प्रबंधक को एक माह की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने का नोटिस जारी किया है। फिलहाल किसान दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
श्रावस्ती में बाढ़ से निपटने की तैयारियों के तहत जिला प्रशासन द्वारा राहत चौपालों का आयोजन किया जा रहा है। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग के निर्देश पर मंगलवार को करीब 4:00 बजे जमुनहा तहसील में व्यापक स्तर पर ये चौपालें लगाई गईं, जहां ग्रामीणों को बाढ़ से बचाव और राहत व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। ये चौपालें बहोरवा, ब्लॉक कार्यालय जमुनहा, लालबोझा दर्वेशगांव, लक्ष्मननगर और फतेहपुर बनगाई में आयोजित की गईं। इनमें नागरिकों को बाढ़ की स्थिति में सुरक्षित रहने और आवश्यक कदम उठाने के बारे में बताया गया। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने बताया कि जिला प्रशासन आपदा पूर्व सूचना तंत्र को मजबूत कर रहा है। वर्षा, बाढ़, आंधी-तूफान और वज्रपात से संबंधित पूर्व चेतावनियां लगातार जारी की जा रही हैं। प्रत्येक ब्लॉक में तीन स्वचालित वर्षा मापी और प्रत्येक तहसील में तीन स्वचालित मौसम सूचना तंत्र स्थापित किए गए हैं, जिससे आमजन वर्षा, तापमान और वायु गति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। सहायता के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तत्पर राहत चौपालों में बाढ़ चौकी प्रभारियों ने नागरिकों से अपील की कि बाढ़ की सूचना मिलते ही निकटतम शरणालय में जाएं, जहां भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। बहोरवा राहत चौकी पर उपजिलाधिकारी संजर राय ने आवश्यक दस्तावेजों को वाटरप्रूफ फाइल में रखने, सात दिन का सूखा राशन सुरक्षित रखने और 'सचेत' व 'दामिनी' ऐप डाउनलोड करने की सलाह दी। इसी क्रम में लक्ष्मननगर में एसडीआरएफ टीम ने ग्रामीणों को बाढ़ आपदा से बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए। इससे पहले भिनगा और इकौना तहसील के बाढ़ शरणालयों में भी राहत चौपाल आयोजित की जा चुकी हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी आपदा की स्थिति में सहायता के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तत्पर है।
देवास में मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे हुई तेज बारिश के दौरान बड़ा हादसा टल गया। सूतार बाखल सब्जी मंडी चौराहे पर पानी से भरे नाले में दो बालिकाएं स्कूटर सहित गिर गईं। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बारिश के कारण नाला पूरी तरह पानी से भर गया था। इससे बालिकाओं को नाले की गहराई और किनारे का अंदाजा नहीं लग सका। इसी दौरान उनका स्कूटर नाले में गिर गया। घटना होते ही आसपास मौजूद लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना देर किए दोनों बालिकाओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। देखें तस्वीरें… दोनों बालिकाएं सुरक्षित राहत की बात यह रही कि इस घटना में दोनों बालिकाओं को कोई चोट नहीं आई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि समय रहते लोगों ने मदद नहीं की होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। अधूरे नाला निर्माण पर उठे सवाल बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर यह घटना हुई, वहां नाला निर्माण का काम लंबे समय से अधूरा पड़ा है। बारिश के दौरान नाला पानी से भर जाता है। इससे उसकी वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देती और हादसे का खतरा बना रहता है। तेज बारिश के बाद शहर के कई अन्य इलाकों में भी जलभराव की स्थिति बन गई। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
भदोही स्थापना दिवस मनाया गया:कांग्रेस ने पंडित श्यामधर मिश्रा को किया नमन, सदस्य सम्मानित
भदोही में जिला कांग्रेस कमेटी ने जनपद स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया। यह कार्यक्रम जिलाध्यक्ष वसीम अंसारी की अध्यक्षता में गोपीगंज स्थित पंडित श्यामधर मिश्रा स्मारक पर संपन्न हुआ। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और जनपद के सूत्रधार स्वर्गीय पंडित श्यामधर मिश्रा के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोऑर्डिनेटर और भदोही प्रभारी पंडित दयाशंकर पांडेय ने कहा कि भदोही जनपद का निर्माण किसी सरकार की देन नहीं, बल्कि वर्षों तक चले जनआंदोलन और संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने पंडित श्यामधर मिश्रा के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके त्याग, संघर्ष और दूरदर्शी नेतृत्व को सदैव याद रखा जाएगा। जिलाध्यक्ष वसीम अंसारी ने अपने संबोधन में कहा कि पंडित श्यामधर मिश्रा का जीवन जनसेवा और विकास को समर्पित था। उनके प्रयासों से कांग्रेस सरकारों के दौरान औराई चीनी मिल, इंदिरा वूलेन मिल और कंबल कारखाना जैसे कई उद्योग स्थापित हुए। उन्होंने बताया कि भदोही को जनपद बनाने का उनका सपना 30 जून 1994 को पूरा हुआ। अंसारी ने यह भी कहा कि कांग्रेस बाबूजी के सपनों का विकसित, समृद्ध और रोजगारयुक्त भदोही बनाने के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी। कार्यक्रम संयोजक पंडित विनोद श्यामधर मिश्रा ने कहा कि जनपद निर्माण आंदोलन का इतिहास आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने इस संघर्ष से जुड़े सभी लोगों के अमूल्य योगदान को याद रखने पर जोर दिया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष वसीम अंसारी और कार्यक्रम संयोजक पंडित विनोद श्यामधर मिश्रा ने जनपद बनाओ संघर्ष समिति के वरिष्ठ सदस्यों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में डॉ. राजेंद्र कुमार दुबे 'राजन', माबूद खान, पंडित दीनानाथ दुबे और मिथिलेश द्विवेदी प्रमुख थे। कार्यक्रम का संचालन जिला महासचिव अवधेश पाठक ने किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ. राजेंद्र कुमार दुबे 'राजन', माबूद खान, दिलीप मिश्र, पंडित दीनानाथ दुबे, सुरेश गौतम, त्रिलोकीनाथ बिंद, अवधेश पाठक, सुरेश चौहान, शिवपूजन मिश्रा, राजाराम दुबे, अजय कुमार प्रजापति, शक्ति मिश्रा, राकेश पाल, राम सजीवन गौतम, परवेज हाशमी, कुंदन मिश्रा, ओमप्रकाश शुक्ला, संतोष कुमार धोबी, विशाल गौतम, अंकुर मिश्र, अनीश शेख सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और लोगों की जान बचाने के उद्देश्य से इंदौर में सड़क सुरक्षा को लेकर बड़े स्तर पर सख्ती की तैयारी की जा रही है। हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए जनजागरूकता अभियान तेज किए जाएंगे। वहीं नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई भी और अधिक प्रभावी होगी। इसके साथ ही शहर और जिले की सड़कों के रखरखाव, गड्ढों की मरम्मत तथा ब्लैक स्पॉट्स के सुधार कार्यों पर विशेष फोकस किया जाएगा। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष जस्टिस अभय मनोहर सप्रे की अध्यक्षता में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिया गया। बैठक में जस्टिस सप्रे ने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट जीवन रक्षा के सबसे सरल और प्रभावी उपाय हैं, लेकिन इसके बावजूद आम लोगों में इनका उपयोग अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाया है। उन्होंने कहा कि केवल चालान काटने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि लोगों को जागरूक कर इसे जनआंदोलन बनाना होगा। उन्होंने सभी शासकीय विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों से अपील की कि वे सड़क सुरक्षा के संदेश को घर-घर तक पहुंचाएं और प्रत्येक व्यक्ति को “रोड सेफ्टी ब्रांड एम्बेसडर” बनने के लिए प्रेरित करें। सड़कों के गड्ढों का होगा सर्वे बैठक में सड़क इंजीनियरिंग और सड़कों की गुणवत्ता पर भी विस्तार से चर्चा हुई। जस्टिस सप्रे ने निर्देश दिए कि जिले की सड़कों पर मौजूद गड्ढों का तत्काल सर्वे कराया जाए और मरम्मत कार्य बिना देरी शुरू किया जाए। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को भविष्य में ऐसी गुणवत्ता वाली सड़कें बनाने के निर्देश दिए, जिनमें गड्ढे बनने की संभावना कम हो और दुर्घटनाजनक ब्लैक स्पॉट्स विकसित न हों। ब्लैक स्पॉट्स सुधारने से दुर्घटनाएं घटीं बैठक में बताया गया कि जिले के कई ब्लैक स्पॉट्स पर सुधार कार्य किए गए हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। कुछ स्थानों पर सड़क दुर्घटनाओं और जनहानि की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में दुर्घटनाओं को शून्य तक लाने में भी सफलता मिली है। सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं जस्टिस सप्रे ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस, प्रशासन या न्याय पालिका का विषय नहीं है, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सड़क पर घायल व्यक्ति की मदद करने के लिए किसी विशेष पद या अधिकार की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण की जरूरत होती है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि देश में औसतन हर तीन मिनट में एक व्यक्ति सड़क दुर्घटना में अपनी जान गंवा देता है। इस स्थिति को बदलने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। स्वच्छता के बाद अब सड़क सुरक्षा में नंबर-1 बनने का लक्ष्य जस्टिस सप्रे ने कहा कि इंदौर ने स्वच्छता के क्षेत्र में देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है। अब समय आ गया है कि सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में भी इंदौर देश का अग्रणी शहर बने। इसके लिए प्रशासन, पुलिस, सामाजिक संगठन, मीडिया और आम नागरिकों को मिलकर काम करना होगा। बैठक में मौजूद सभी संस्थाओं और संगठनों ने सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने तथा यातायात नियमों के पालन को जनआंदोलन का स्वरूप देने का संकल्प लिया।
गोहलपुर थाना पहुंचकर मुस्लिम समुदाय की महिलाओं ने सोशल मीडिया पर पैगंबर हजरत मोहम्मद के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने के विरोध में शिकायत दर्ज कराई है। महिलाओं ने पुलिस से इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर पैगंबर साहब के प्रति अशोभनीय टिप्पणियां की गई हैं और उनके कार्टून भी प्रदर्शित किए गए हैं, जिससे मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। यह विवादित सामग्री 'न्यूज वॉच इंडिया' नामक सत्यापित इंस्टाग्राम अकाउंट और उसके आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर प्रसारित एक पॉडकास्ट के माध्यम से सामने आई है। बताया जा रहा है कि 'नाज़िया इलाही खान पॉडकास्ट' नामक इस कार्यक्रम का प्रसारण हाल ही में किया गया था। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इस वीडियो में प्रयुक्त कथन और दृश्य समाज में धार्मिक वैमनस्य, नफरत और सामाजिक तनाव उत्पन्न करने की सोची-समझी साजिश का हिस्सा हैं, जिससे सार्वजनिक शांति भंग हो सकती है। शिकायत में मुख्य रूप से विवादित वक्ता नाजिया इलाही खान, संबंधित शो के एंकर, 'न्यूज वॉच इंडिया' के मालिक, निर्माता, संपादक और प्रकाशक को नामजद किया गया है। प्रमुख शिकायतकर्ता रशीदा तबस्सुम ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि नाजिया इलाही खान पहले भी इस तरह की भड़काऊ टिप्पणियों के लिए विवादों में रही हैं। बार-बार ऐसी संवेदनशील सामग्री का निर्माण और प्रसारण कानून व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती है।
उपनिरीक्षक सेवानिवृत्त:महराजगंज पुलिस कार्यालय में सम्मान समारोह आयोजित
महराजगंज पुलिस कार्यालय में मंगलवार को उपनिरीक्षक श्री गौरी शंकर राम के सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक महराजगंज ने उन्हें प्रतीक चिन्ह और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। श्री राम ने अपनी अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवा से निवृत्त हुए। वे थाना सोनौली, जनपद महराजगंज में नियुक्त थे। पुलिस अधीक्षक ने सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक के पूरे सेवाकाल में प्रदर्शित निष्ठा, कर्तव्यपरायणता, अनुशासन और ईमानदारी की सराहना की। उन्होंने श्री राम के उत्कृष्ट योगदान के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि उनकी कार्यशैली सदैव प्रेरणास्रोत रहेगी। पुलिस अधीक्षक ने श्री राम के स्वस्थ, सुखमय और समृद्ध भविष्य की कामना की। उन्होंने उनके दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की भी प्रार्थना की। समारोह में उपस्थित अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी उपनिरीक्षक को पुष्पगुच्छ भेंट कर शुभकामनाएँ दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी शुभेच्छाएँ व्यक्त कीं।
उत्तर प्रदेश टेंट कैटरर्स एंड डेकोरेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने फायर विभाग, बिजली विभाग और लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की ओर से चल रही कार्रवाई पर गंभीर आपत्ति जताई है। संगठन का कहना है कि होटल, गेस्ट हाउस, बैंक्वेट हॉल, लॉन और छोटे होटल संचालकों को लगातार नोटिस देकर और प्रतिष्ठानों को सील कर व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। संगठन ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर व्यापारियों को राहत देने की मांग की है। ‘कार्रवाई नहीं, समाधान चाहिए’ एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विजय ने कहा कि जिस तरह से लगातार फायर विभाग, बिजली विभाग और एलडीए की ओर से नोटिस जारी किए जा रहे हैं, उससे हजारों व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि यदि इसी तरह कार्रवाई जारी रही तो कई छोटे और मध्यम स्तर के व्यापारी अपना कारोबार बंद करने को मजबूर हो जाएंगे।उन्होंने आरोप लगाया कि विभागों की कार्रवाई एक सुनियोजित रणनीति के तहत की जा रही है। कभी फायर विभाग का नोटिस, कभी बिजली विभाग का और कभी एलडीए का नोटिस देकर व्यापारियों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। ‘लेवाना हादसे के बाद शुरू हुई कार्रवाई बीच में क्यों रुक गई?’ संगठन ने सवाल उठाया कि लेवाना होटल अग्निकांड के बाद प्रशासन ने बड़े स्तर पर अभियान चलाया था, लेकिन कुछ समय बाद वह कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई। यदि उसी समय सभी कमियों को दूर कराया गया होता तो बाद में होने वाली घटनाओं को रोका जा सकता था।संगठन का कहना है कि हाल में कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड के बाद अब व्यापारियों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि जिन संस्थानों में वास्तविक खामियां हैं, वहां पहले सुधार कराया जाना चाहिए। 25 साल पुरानी इमारत पर डेढ़ लाख लीटर की टंकी कैसे बनेगी? प्रदेश अध्यक्ष विजय ने कहा कि विभाग कई पुराने होटलों को फायर एनओसी के लिए ऐसी शर्तें दे रहा है, जिन्हें पूरा करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 25 वर्ष पुरानी इमारत के ऊपर 1.5 लाख लीटर क्षमता की पानी की टंकी बनाने का निर्देश दिया जा रहा है। ऐसे में भवन की संरचनात्मक सुरक्षा पर भी खतरा पैदा हो सकता है।उन्होंने कहा कि कई जगह पहले प्रतिष्ठान सील कर दिए जाते हैं और बाद में व्यापारी को अपनी बात रखने का अवसर भी नहीं मिलता। ‘बिजली विभाग ने बिना मौका दिए काट दिया कनेक्शन’ संगठन का आरोप है कि गोमतीनगर क्षेत्र में एक व्यापारी को नोटिस देने के बाद उसे अपनी बात रखने का पर्याप्त समय भी नहीं दिया गया और रात में अचानक बिजली आपूर्ति काट दी गई। इससे व्यापार पूरी तरह प्रभावित हो गया।व्यापारियों का कहना है कि यदि किसी प्रकार की कमी है तो उसे दूर करने के लिए पहले उचित समय दिया जाना चाहिए, न कि सीधे दंडात्मक कार्रवाई की जाए। एनओसी और नक्शा पास कराने के लिए बने स्पेशल काउंटर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से मांग की कि व्यापारियों के लिए बिजली, फायर एनओसी और भवन का नक्शा पास कराने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। इसके लिए फायर विभाग, बिजली विभाग और एलडीए में अलग-अलग स्पेशल काउंटर स्थापित किए जाएं, ताकि व्यापारियों को एक ही स्थान पर सभी औपचारिकताएं पूरी करने की सुविधा मिल सके।संगठन का कहना है कि यदि व्यापारी समय पर आवेदन कर देता है और उसके बाद भी विभाग कार्रवाई पूरी नहीं करता, तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होनी चाहिए, न कि व्यापारी की। ‘कागजी प्रक्रिया आसान हो, व्यापारियों को मिले पर्याप्त समय’ एसोसिएशन ने सरकार से अपील की कि विभागीय प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए और व्यापारियों को सभी मानक पूरे करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। संगठन का कहना है कि नियमों का पालन सभी करना चाहते हैं, लेकिन जटिल प्रक्रियाओं और अत्यधिक कागजी औपचारिकताओं के कारण व्यापारी अनावश्यक रूप से परेशान हो रहे हैं।प्रदेश अध्यक्ष विजय ने कहा कि सरकार सुरक्षा मानकों का पालन जरूर कराए, लेकिन कार्रवाई का तरीका ऐसा हो जिससे व्यापार भी चलता रहे और सभी आवश्यक नियम भी समयबद्ध तरीके से पूरे हो सकें।
प्रयागराज मंडल में 58 नए भू-माफिया चिह्नित:कौशांबी में सर्वाधिक, अतीक के करीबी भी सूची में शामिल
प्रयागराज मंडल में प्रशासन ने भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। मंगलवार को मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल और पुलिस महानिरीक्षक अजय मिश्रा की संयुक्त अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मंडल भर में 58 नए भू-माफिया चिह्नित किए गए। इनमें कुख्यात अतीक अहमद के गुर्गे और सहयोगी भी शामिल हैं। यह सूची 1 से 30 जून तक चलाए गए अभियान के तहत तैयार की गई है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, कौशांबी जिला भू-माफियाओं का सबसे बड़ा गढ़ बनकर उभरा है, जहां अकेले 21 माफिया चिह्नित किए गए हैं। प्रयागराज में 18, प्रतापगढ़ में 15 और फतेहपुर में 4 भू-माफियाओं को सूचीबद्ध किया गया है। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि प्रशासन इन सभी चिह्नित भू-माफियाओं पर गिरोहबंद अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई करेगा। बैठक में यह भी सामने आया कि अतीक अहमद के पुराने नेटवर्क से जुड़े कुछ लोग अभी भी जमीनों पर अवैध कब्जे में संलिप्त हैं, जिनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। 63 मामलों में से 27 का निस्तारण कियाअभियान की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए, मंडलायुक्त ने बताया कि जिला मजिस्ट्रेट के न्यायालयों में लंबित 63 मामलों में से 27 का निस्तारण किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, 21 मामलों को प्रभावी कानूनी कार्यवाही के लिए सीधे गैंगस्टर न्यायालय भेजा गया है। प्रशासन ने अब केवल अवैध कब्जा करने वालों पर ही नहीं, बल्कि सरकारी और नजूल की जमीनों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें बेचने वाले बिचौलियों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जाएमंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भू-माफियाओं की अवैध संपत्तियों की कुर्की और बेदखली की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अतिक्रमण से मुक्त कराई गई सरकारी जमीन का उपयोग जनकल्याणकारी योजनाओं, जैसे स्कूल, अस्पताल या अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के विकास के लिए किया जाना अनिवार्य है।
पूर्णिया सड़क हादसे में मजदूर की मौत:घर से मंदिर जा रहे थे, बाइक की टक्कर से गई जान
पूर्णिया के धमदाहा में तेज रफ्तार बाइक ने मजदूर को टक्कर मार दी। वो घर से पैदल मंदिर जा रहा था, तभी ये हादसा हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक सवार हादसे के बाद फरार हो गया। मृतक की पहचान धमदाहा थाना क्षेत्र के चंद्रही पंचायत के वार्ड-15 निवासी पप्पू मंडल (54) के रूप में हुई है। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए GMCH पूर्णिया भेज दिया। मिथिलेश मंडल ने बताया कि पप्पू मंडल पैदल मंदिर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रही एक बाइक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। इसके बावजूद परिजन और ग्रामीण उन्हें तत्काल स्थानीय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। चारों बच्चों के सिर से पिता का साया उठा परिजनों ने बताया कि वे दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। वे बेहद मेहनती और मिलनसार व्यक्ति थे। मजदूरी कर किसी तरह परिवार का खर्च चलाते थे। उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं। उनकी अचानक हुई मौत से चारों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और फरार बाइक चालक की तलाश की जा रही है।
महाराजगंज में बारिश के बाद मौसम में आए बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिख रहा है। जिला अस्पताल महाराजगंज के इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, उल्टी, दस्त, डिहाइड्रेशन और सर्पदंश के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। जिला अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (ईएमओ) डॉ. अनस ने बताया कि बारिश के बाद जलजनित बीमारियों के मरीज लगातार अस्पताल पहुंच रहे हैं। इमरजेंसी वार्ड में सबसे अधिक उल्टी, दस्त और डिहाइड्रेशन से पीड़ित मरीज भर्ती हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त, खेतों और जलभराव वाले क्षेत्रों में सांप निकलने के कारण सर्पदंश के मामलों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। डॉ. अनस ने लोगों से स्वच्छ और उबला हुआ पानी पीने, ताजा भोजन का सेवन करने तथा खुले में रखे खाद्य पदार्थों से बचने की अपील की है। उन्होंने यह भी सलाह दी कि बारिश के दौरान खेतों, झाड़ियों और जलभराव वाले स्थानों पर जाते समय विशेष सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले या उल्टी-दस्त के कारण शरीर में पानी की कमी महसूस हो, तो बिना देरी किए जिला अस्पताल या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर उपचार कराएं। अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी वार्ड में आवश्यक दवाइयों और चिकित्सकीय सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही है।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने दिल्ली की भाजपा सरकार (मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता प्रशासन) पर 650 करोड़ रुपए के स्वास्थ्य और दवा घोटाले का गंभीर आरोप लगाया है। संजय सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में एक्स-रे मशीन, बेडशीट और अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरणों की खरीद जरूरत से कई गुना अधिक मात्रा में की गई। उनका आरोप है कि इन सामानों को बाजार कीमत से 10 से 20 गुना अधिक दामों पर खरीदा गया, जिससे सरकारी खजाने को करीब 650 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचा। मीडिया और जांच एजेंसियों पर निशाना सांसद संजय सिंह ने सवाल उठाया कि जब आम आदमी पार्टी की सरकार पर झूठे आरोप लगते थे, तो बड़ा विवाद खड़ा किया जाता था। लेकिन अब भाजपा की सरकार के इस बड़े घोटाले पर मुख्यधारा का मीडिया पूरी तरह चुप है और किसी को इसका 'मास्टरमाइंड' नहीं बता रहा है। इस घोटाले को लेकर मीडिया में कोई नहीं की है। 'सरकार पर लगे आरोपों की भी जांच होनी चाहिए' सांसद संजय सिंह ने अपने बयान में यह भी कहा कि पहले आम आदमी पार्टी के नेताओं पर लगाए गए आरोपों को लेकर अदालत में सुनवाई हुई और कई मामलों में पार्टी का पक्ष मजबूत साबित हुआ। उन्होंने कहा कि अब मौजूदा सरकार पर लगे आरोपों की भी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की कि वे इस कथित घोटाले से जुड़े तथ्यों को सोशल मीडिया, वीडियो और अन्य माध्यमों के जरिए आम लोगों तक पहुंचाएं, ताकि जनता को पूरे मामले की जानकारी मिल सके।
शहर के अग्रसेन नगर में लगातार बढ़ रही चोरी की वारदातों को लेकर कॉलोनीवासियों में चिंता है। इस संबंध में मंगलवार को अग्रसेन नगर समग्र विकास समिति चूरू के पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) को ज्ञापन सौंपकर प्रभावी कार्रवाई की मांग की। समिति अध्यक्ष वैद्य बनवारीलाल शर्मा के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि पिछले लगभग एक पखवाड़े में अग्रसेन नगर में चार से अधिक चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। इन सभी मामलों की प्राथमिकी (एफआईआर) संबंधित थानों में दर्ज कराई जा चुकी है। हालांकि, अभी तक न तो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और न ही चोरी हुआ सामान बरामद किया जा सका है। चोरी की घटनाएं किशनसिंह मीणा, कमल शर्मा, श्यामसुन्दर सिडोलिया और नानूराम गोस्वामी के यहां हुई हैं। समिति ने यह भी बताया कि एक अन्य घटना में चोरी का प्रयास कर रहे एक व्यक्ति को कॉलोनीवासियों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। इस मामले की प्रगति के बारे में भी अब तक कोई जानकारी नहीं दी गई है। समिति के सदस्य मदनलाल राजपुरोहित ने एसपी से अग्रसेन नगर में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने, चोरी की वारदातों का शीघ्र खुलासा करने और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया। ज्ञापन सौंपने वालों में मंत्री डॉ. भारतेन्दू अग्रवाल, कोषाध्यक्ष कमल कुमार शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओमसिंह तंवर, उपाध्यक्ष रामनिवास सोनी, कर्णपाल सिंह, गजानन्द खेड़ीवाल, उप मंत्री सीताराम खरोड़, राजेन्द्र सिंह, ओमप्रकाश इंदोरिया, विधि सलाहकार जिले सिंह राव और एडवोकेट संदीप शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
बाड़मेर नेशनल हाईवे 25 पर पिकअप ने एक सड़क किनारे खड़े युवक को टक्कर मार दी। इससे उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव को हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। हादसा बाड़मेर जिले के ग्रामीण थाना इलाके उतरलाई बायपास की गोलाई में दोपहर करीब 3 बजे हुआ है। फिलहाल पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंचकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। रॉन्ग साइड से आकर टक्कर मारी पुलिस के अनुसार नागाणा निवासी रायसिंह (45) पुत्र सोनाराम बाइक से अपने गांव की तरफ जा रहा था। उतरलाई बायपास की गोलाई पर सड़क किनारे खड़ा था। तभी तेज रफ्तार पिकअप ने रॉग साइड में आकर उससे टक्कर मार दी। इससे रायसिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास के लोग बाड़मेर जिला हॉस्पिटल लेकर आए। वहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों की रिपोर्ट पर होगी कार्रवाई जानकारी लगने पर ग्रामीण थाने से पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। वहीं मृतक के शव को जिला हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। पुलिस ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया है। ग्रामीण थाने के एएसआई हरिराम ने बताया- परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक पूछताछ में पिकअप ने रॉग साइड में आकर टक्कर मारी है। मृतक प्राइवेट कंपनी में काम करता था। नागाणा गांव जाने के दौरान पिकअप ने टक्कर मारी है।
नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद केसी त्यागी को राष्ट्रीय लोकदल ने संसदीय दल का अध्यक्ष नियुक्त किया है। कुछ समय पहले ही केसी त्यागी ने जेडीयू का दामन छोड़ राष्ट्रीय लोक दल (RLD) में शामिल हुए थे। आरएलडी द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूची में केसी त्यागी के नाम के आगे उन्हें 'मीसा बंदी एवं पूर्व सांसद, उत्तर प्रदेश' के रूप में संबोधित किया गया है। 3 बड़ी बातें: क्यों अहम है केसी त्यागी का यह कदम? जयंत चौधरी समेत ये दिग्गज बने कमेटी के 'सदस्य' राष्ट्रीय लोक दल के नवनिर्वाचित संसदीय दल में अध्यक्ष केसी त्यागी के अलावा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी समेत कुल 15 सदस्यों और 4 विशेष आमंत्रित सदस्यों को शामिल किया गया है। प्रमुख सदस्य और उनकी भूमिकाएं: कमेटी में महिलाओं को भी जगह मुजफ्फरनगर से श्रीमती रमा नागर और बड़ौत की चेयरमैन बबीता तोमर को भी इस हाई-प्रोफाइल कमेटी में बतौर सदस्य शामिल किया गया है। किसान नेताओं को 'विशेष आमंत्रण' पार्टी ने किसान राजनीति के अपने कोर वोट बैंक को ध्यान में रखते हुए 4 विशेष आमंत्रित सदस्यों की घोषणा की है। इसमें दिल्ली के किसान नेता युद्धवीर सिंह, राजस्थान के विजय पुनिया, यूपी के सुखबीर गठना और चंद्रबली यादव शामिल हैं।
शेखपुरा में मंगलवार को उत्पाद पुलिस ने शराब के खिलाफ चलाए गए विशेष छापामारी अभियान के तहत अलग-अलग स्थानों से तीन शराब कारोबारियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से बड़ी मात्रा में शराब, एक बाइक और शराब बनाने व रखने के कई उपकरण बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए कारोबारियों की पहचान कोरमा थाना क्षेत्र के मुरारपुर गांव निवासी किशोरी राम के पुत्र सुराज राम, उसी गांव के विजय राम के पुत्र उत्तम कुमार और कोसुंभा थाना के अमानतपुर गांव निवासी लखन चौधरी के पुत्र राधे श्याम कुमार के रूप में हुई है। बड़ी मात्रा में शराब और बाइक बरामद की गईउत्पाद थाना अध्यक्ष सह उत्पाद निरीक्षक अमित आनंद ने बताया कि कोरमा गांव के मोड़ के समीप पुलिस ने सुराज राम को एक बाइक से मुरारपुर गांव से शेखपुरा शहर शराब ले जाते हुए पकड़ा। उसके पास से बड़ी मात्रा में शराब और बाइक बरामद की गई। वहीं, मुरारपुर गांव के बघार में छापामार दल ने उत्तम कुमार को शराब बनाते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। घटनास्थल से शराब और उपकरणों के अलावा लगभग 150 लीटर अर्धनिर्मित शराब भी बरामद की गई, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। आसपास के इलाकों में उसकी बिक्री कर रहे थेसदर प्रखंड के अमानतपुर गांव से लखन चौधरी के घर से भी शराब बरामद की गई। छापामारी का नेतृत्व अलग-अलग दलों में एएसआई अमरजीत कुमार, दिनेश कुमार और शंभू नाथ पांडेय ने किया। थाना अध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार तीनों कारोबारी काफी समय से शराब का निर्माण कर आसपास के इलाकों में उसकी बिक्री कर रहे थे। उत्पाद पुलिस को इसकी गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई। तीनों कारोबारियों के खिलाफ स्थानीय उत्पाद थाना में प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें पुलिस निगरानी में शेखपुरा जेल भेज दिया गया है।
प्रतापगढ़ जिले के सालमगढ़ थाना क्षेत्र के अंबेडी गांव में सांप के डसने से एक महिला की मौत हो गई। यह घटना 29 जून की रात को हुई, जब महिला अपने खेत पर बने मकान के आंगन में सो रही थी। निनोर चौकी इंचार्ज सूरज मल ने बताया- अंबेडी निवासी 34 वर्षीय दुर्गा, पत्नी दशरथ मीणा, अपने पति और 8 वर्षीय बेटे के साथ आंगन में सो रही थी। देर रात उसे किसी जहरीले सांप ने डस लिया। सांप के काटने की जानकारी मिलते ही परिजन दुर्गा को उपचार के लिए दलोट अस्पताल ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल प्रतापगढ़ रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका के 8 साल का बेटा मंगलवार को मृतका के पति दशरथ मीणा ने जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में पुलिस को घटना की रिपोर्ट दी। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतका दुर्गा अपने पीछे पति दशरथ मीणा और एक 8 वर्षीय बेटे को छोड़ गई हैं।
यूपी विधानसभा में समाजवादी पार्टी के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) कमाल अख्तर ने मंगलवार को इस्तीफा दे दिया। वे मुरादाबाद की कांठ सीट से विधायक हैं। इस्तीफे के पीछे उनका स्थानीय सांसद रुचि वीरा के साथ चल रहा विवाद बड़ी वजह बताया जा रहा है। विधायक और सांसद के बीच मामला इतना बढ़ गया था कि 25 जून को सपा प्रमुख अखिलेश यादव को दोनों को लखनऊ बुलाकर बैठक की। सूत्रों के मुताबिक उस बैठक में भी कमाल अख्तर और रुचि वीरा के बीच जमकर बहस हुई थी। पढ़िए उस बैठक की इनसाइड स्टोरी… पहले जानिए सांसद और विधायक के बीच विवाद क्यों हुआ… दरअसल, सपा सांसद रुचि वीरा 'पीडीए सम्मेलन' में न बुलाए जाने से नाराज हैं। वे मानती हैं कि इसके पीछे विधायक कमाल अख्तर का हाथ था। हालांकि, कमाल अख्तर का कहना है कि उन्होंने लोकसभा चुनाव में रुचि वीरा को बहन मानकर उनके लिए मेहनत की। जिस पीडीए सम्मेलन में न बुलाए जाने की बात की जा रही है, वह अमजद पठान को महानगर उपाध्यक्ष बनाए जाने के मौके पर हुआ था। आयोजन मुरादाबाद ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में राज्यसभा सांसद जावेद अली की तरफ से किया गया था। अब जानिए, लखनऊ की मीटिंग में क्या हुआ… अखिलेश के सामने भिड़े सांसद-विधायक सूत्रों के मुताबिक बैठक में अखिलेश यादव के सामने सांसद रूचिवीरा और कमाल अख्तर के बीच खूब कहासुनी हुई। रूचिवीरा ने पार्टी कार्यक्रमों में न बुलाने और पोस्टरों में फोटो न लगाए जाने आरोप लगाया। वहीं, कमाल अख्तर ने रूचि वीरा की ओर से कराए गए मुशायरे और आजम खान के जन्मदिन कार्यक्रम में खुद को न बुलाए जाने का आराेप लगाया। अखिलेश के साथ हो रही बैठक में मौजूद एक अन्य व्यक्ति खुशनूद को लेकर भी काफी बहस हुई। बैठक में मौजूद खुशनूद, रूचिवीरा के पक्ष में बात रख रहे थे। इस पर कमाल अख्तर ने एतराज जताया और बोले- “जावेद अली सांसद हैं, मैडम भी सांसद हैं, मैं विधायक हूं, ये जयवीर जिलाध्यक्ष हैं? ये कौन हैं ? इसका यहां क्या काम है?” इस पर रूचि वीरा ने कहा- “ये खुशनूद है और ये मेरे साथ आया है।” तब कमाल अख्तर बोले- “हमारे साथ भी बाहर बहुत लोग हैं, उन्हें भी बुला लूं?” विवाद बढ़ने पर अखिलेश यादव ने कमाल अख्तर और रुचिवीरा को रोका और खुशनूद से पूछा कि कहां के रहने वाले हो? खुशनूद ने बताया कि वो बिजनौर का रहने वाला है। तब अखिलेश ने कहा कि जब बिजनौरवालों को बुलाऊंगा तब तुम बोलना। इसके बाद रूचि वीरा ने भी खुशनूद को चुप रहने को कहा। कमाल बोले- मैडम के चपरासी को सलाम नहीं कर पाऊंगा सूत्रों के मुताबिक कमाल अख्तर ने बैठक में कहा- “मैडम ठीक हैं। हम उनका सम्मान करते हैं, लेकिन इनके चपरासी को सलाम करना पड़े, ये मुझसे नहीं होगा।” कमाल अख्तर ने आरोप लगाया कि रुचि वीरा अपनी होर्डिंग्स पर किसी विधायक का फोटो नहीं लगाती हैं और न ही अपने किसी प्रोग्राम में विधायकों को बुलाती हैं। कमाल ने कहा- “इन्होंने मुशायरा कराया तो किसी विधायक को नहीं बुलाया। आजम खान साहब का जन्मदिन मनाया गया, तब भी नहीं बुलाया तो दूसरों से क्यों उम्मीद करती हैं?” आगे कमाल अख्तर ने कहा- “कोई विधायक इनकी फोटो नहीं लगाता। पूर्व सांसद अपने कार्यक्रमों में इनकी फोटो नहीं लगाते। पूर्व विधायक भी इन्हें अपना नेता नहीं मानते। उनसे तो कुछ नहीं कहा, ये मेरे पीछे पड़ी हैं। मैं इन्हें फोन नहीं करता, न ये मुझे करती हैं। हमारा कहीं आमना-सामना भी नहीं हुआ, तो मैं निशाने पर क्यों हूं?” रुचि वीरा ने जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष हटाने की मांंग की सूत्रों ने बताया कि रूचिवीरा ने अखिलेश यादव के सामने मुरादाबाद जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव और महानगर अध्यक्ष इकबाद हुसैन अंसारी को हटाए जाने की मांग रखी। इस पर अखिलेश यादव ने कहा कि वे अपने स्तर से पूरे मामले की जांच कराएंगे। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। अखिलेश यादव ने नेताओं को चेतावनी भी दी कि वे आपसी गुटबाजी से दूरी रहें, वरना कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ---------------------------------------------------ये खबर भी पढ़ें… सपा विधायक कमाल अख्तर का मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा:बोले- अखिलेशजी का आदेश था; सांसद रुचि वीरा ने शिकायत की थी कमाल अख्तर की मुरादाबाद की सपा सांसद रुचि वीरा से अनबन चल रही है। विवाद को सुलझाने के लिए 25 जून को पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में दोनों के साथ बैठक भी की थी। रुचि वीरा और कमाल अख्तर ने एक-दूसरे पर गुटबाजी के आरोप लगाए थे। पूरी खबर पढ़ें…
झज्जर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे जघन्य एवं आदतन अपराधी सत्यापन अभियान (RJSF) के तहत बड़ी सफलता हासिल हुई है। पिछले 10 वर्षों में जघन्य अपराधों और आर्म्स एक्ट के मामलों में शामिल अपराधियों के सत्यापन के दौरान पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 10 अवैध हथियार और 30 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। सभी के खिलाफ संबंधित थानों में अलग-अलग मामले दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यह अभियान पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल के निर्देशों पर पुलिस आयुक्त डॉ. राजश्री सिंह के नेतृत्व और डीसीपी क्राइम शुभम सिंह की निगरानी में चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य आदतन अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखकर अपराधों की पुनरावृत्ति रोकना और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है। 2371 अपराधियों की तैयार की सूची अभियान के पहले चरण में पुलिस ने शस्त्र अधिनियम और हथियारों से जुड़े मामलों का विश्लेषण कर 2371 अपराधियों की पहचान की। इनमें 254 आरोपी वर्तमान में विभिन्न जेलों में बंद पाए गए, जबकि 34 अपराधियों की मौत हो चुकी है। शेष अपराधियों में से अब तक करीब 650 का भौतिक सत्यापन और फील्ड स्तर पर जांच पूरी की जा चुकी है। सत्यापन में पकड़े गए 7 आरोपी सत्यापन के दौरान पुलिस को 7 ऐसे आरोपी मिले, जो अवैध हथियार रखने के साथ-साथ आपराधिक गतिविधियों में भी संलिप्त पाए गए। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी को गिरफ्तार कर लिया और उनके खिलाफ 7 नए केस दर्ज किए। 10 हथियार, 30 कारतूस बरामद गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 10 अवैध हथियार और 30 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई खुफिया सूचना, डेटा विश्लेषण, लगातार निगरानी और त्वरित पुलिस कार्रवाई के समन्वय का परिणाम है। आधुनिक तकनीक से अपराधियों पर नजर पुलिस आयुक्त डॉ. राजश्री सिंह ने कहा कि झज्जर पुलिस आधुनिक तकनीक, डेटा विश्लेषण और खुफिया सूचना आधारित पुलिसिंग के जरिए आदतन एवं संगठित अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि जघन्य एवं आदतन अपराधी सत्यापन अभियान (RJSF) के तहत सत्यापन, निगरानी और कानूनी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी, ताकि अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके, अवैध हथियारों पर नियंत्रण सुनिश्चित हो और आमजन को सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण मिल सके।
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के बांदे थाना क्षेत्र में घर में गड़ा सोना निकालने का झांसा देकर 5 लाख रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। साइबर सेल और बांदे पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में महाराष्ट्र के नागपुर और गढ़चिरौली से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से 4.96 लाख रुपये नकद और एक पिकअप वाहन जब्त किया गया है। साधु बनकर घर पहुंचा, बीमारी दूर करने का दिया झांसा प्रार्थी बलराम सरकार (53), निवासी पीव्ही-104 दीपनगर ने पुलिस को बताया कि 17 मई को एक व्यक्ति साधु के वेश में पांच पैर वाले नंदी बैल के साथ उसके घर पहुंचा। भीख लेने के दौरान उसने परिवार की बीमारी दूर करने और घर में गड़ा सोना निकालने का दावा किया। आरोपी ने कहा कि इसके लिए विशेष 'स्वयं सुंदरी भस्म' खरीदनी होगी और अपना मोबाइल नंबर देकर संपर्क में रहा। आयुर्वेदिक दुकान से खरीदी महंगी भस्म आरोपी के कहने पर पीड़ित महाराष्ट्र के गढ़चिरौली पहुंचा, जहां कारगिल चौक स्थित एक आयुर्वेदिक दुकान से 52 हजार रुपये में 'स्वयं सुंदरी भस्म' खरीदी गई। बाद में आरोपी दो अन्य साथियों के साथ पीड़ित के घर पहुंचे और पूजा-पाठ के नाम पर एक कलश निकालकर उसमें सोने जैसी वस्तु दिखाकर उसे लाल कपड़े में बांध दिया। साथ ही चेतावनी दी कि बिना अनुमति कलश खोलने पर परिवार के किसी सदस्य की मौत हो जाएगी। दूसरी भस्म के नाम पर वसूले 4.44 लाख इसके बाद आरोपियों ने 'नव जीवन अमृत भस्म' खरीदने का दबाव बनाया। आर्थिक स्थिति कमजोर बताने पर भी पीड़ित से दो ग्राम दवा के नाम पर 4.44 लाख रुपये ले लिए। बाद में जब आरोपियों ने और रकम की मांग की, तब पीड़ित को शक हुआ। कलश खोलने पर उसमें रखी 21 कथित सोने की मूर्तियां पीतल की निकलीं। इसके बाद उसने थाना बांदे में शिकायत दर्ज कराई। तकनीकी जांच के बाद महाराष्ट्र में दबिश मामला दर्ज होने के बाद बांदे पुलिस और साइबर सेल ने तकनीकी साक्ष्यों एवं मोबाइल लोकेशन के आधार पर महाराष्ट्र में दबिश दी। नागपुर और गढ़चिरौली से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सभी के कब्जे से कुल 4.96 लाख रुपये नकद और एक पिकअप वाहन बरामद किया गया। गिरफ्तार आरोपी आरोपियों से बरामदगी पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगा रही है कि इस गिरोह ने अन्य राज्यों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं।
नमस्कार, ये है, इंदौर में आज की 10 बड़ी खबरें। अब आप एक ही जगह पर शहर की दिनभर की बड़ी खबरें रोज शाम 5 बजे पढ़ सकते हैं। इंदौर में कब क्या हुआ, इसकी सारी जानकारी यहां मिलेगी। राजनीति से लेकर हर दिन होने वाले बड़े इवेंट, हादसे, कार्यक्रम सबकुछ मिलेगा..। 44 दिन के मासूम की बेड से गिरकर मौत इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में 44 दिन के मासूम की बेड से गिरने के बाद मौत हो गई। बच्चे की मां वॉशरूम गई थी। इसी दौरान बच्चा करवट लेते हुए करीब तीन फीट ऊंचे बेड से नीचे गिर गया। रोने की आवाज सुनकर पिता की नींद खुली। उन्होंने देखा कि बच्चे के चेहरे और मुंह पर चोट लगी थी। पढ़िए पूरी खबर। इंदौर में कांग्रेस नेता पंकज संघवी से पूछताछ इंदौर के कनाड़िया में एक सप्ताह पहले करीब 500 करोड़ रुपए कीमत की 17 एकड़ जमीन को लेकर संयम इंफ्रा कंपनी से जुड़े लोगों और रहवासियों के बीच विवाद हुआ था। मौके पर पुलिसकर्मी विजय सिकरवार और आशीष शर्मा पहुंचे थे। पढ़िए पूरी खबर। बगीचे की जमीन से हटाया अतिक्रमण इंदौर में नगर निगम का अमला मंगलवार को फिर दल-बल के साथ मैदान में उतरा। टीम ने शहर में दो अलग-अलग स्थानों पर रिमूवल की कार्रवाई की। एक कार्रवाई निगम के बगीचे की जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए की गई, जबकि दूसरी कार्रवाई में एक मकान के जर्जर हिस्से को हटाया गया। पढ़िए पूरी खबर। महिला से एक लाख की ठगी इंदौर के संयोगितागंज थाना क्षेत्र में वॉट्सएप हैक कर मेडिकल इमरजेंसी का झांसा देकर एक महिला से एक लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। महिला ने इंग्लैंड में रहने वाले अपने परिचित के नाम से आए वॉट्सएप मैसेज पर भरोसा कर दो किश्तों में रकम ट्रांसफर कर दी। पढ़िए पूरी खबर। थाने में हथकड़ी से हाथ निकालकर फरार हुआ बदमाश इंदौर के द्वारकापुरी थाने से मंगलवार को अवैध शराब के मामले में पकड़ा गया एक आरोपी संतरी को चकमा देकर फरार हो गया। बताया जाता है कि कुख्यात बदमाश के पास उसे हथकड़ी लगाकर बैठाया गया था। इस दौरान उसने हथकड़ी से हाथ निकाल लिया और फरार हो गया। पढ़िए पूरी खबर। वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस से अभद्रता इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस टीम से अभद्रता और शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला सामने आया है। नशे में वाहन चला रहे ड्राइवर पर कार्रवाई के दौरान कार में सवार महिला ने पुलिसकर्मियों से विवाद किया और मोबाइल छीनने का प्रयास भी किया। पुलिस ने मामले में महिला समेत तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पढ़िए पूरी खबर। सोशल मीडिया कॉलिंग से चलता था ड्रग्स का नेटवर्क इंदौर में गिरफ्तार नशे के सौदागर चेतन नाथ को अदालत ने 2 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। पूछताछ में पुलिस को ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी नशे की खरीद-फरोख्त के लिए सोशल मीडिया कॉलिंग का इस्तेमाल करता था। पढ़िए पूरी खबर। मीडियाकर्मी पर 7 दिन में दूसरी FIR इंदौर में एक मीडियाकर्मी के खिलाफ सात दिन के भीतर दूसरी एफआईआर दर्ज हुई है। इस बार बाणगंगा थाना पुलिस ने मीडियाकर्मी अनवर खान, उसके भाई, एक महिला साथी और एक अन्य आरोपी के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, धमकी देकर रुपए वसूलने और मानसिक प्रताड़ना के आरोप में मामला दर्ज किया है। पढ़िए पूरी खबर। इंदौर में मानसून की रफ्तार थमी इंदौर में मानसून दस्तक देने के बाद भी बारिश की रफ्तार कमजोर बनी हुई है। जून में अब तक इंदौर में करीब 4 इंच बारिश ही दर्ज हुई है। आखिरी अच्छी बारिश 24 जून को हुई थी, जब शहर के पूर्वी हिस्से में करीब आधा इंच और पश्चिमी क्षेत्र में करीब 2 इंच तक पानी गिरा था। इसके बाद से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। पढ़िए पूरी खबर। सफाई मित्रों के लिए इंदौर नगर निगम की बड़ी पहल शहर को देश का सबसे स्वच्छ शहर बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले सफाई मित्रों के लिए इंदौर नगर निगम ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने घोषणा की है कि ड्यूटी के दौरान दुर्घटना का शिकार होने वाले सफाई मित्रों और ड्रेनेज-सीवरेज सफाई कार्य में लगे कर्मचारियों को अब इलाज के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। पढ़िए पूरी खबर।
फाजिल्का जिले के लाधुका गांव के दो सगे भाइयों ने भारतीय सेना में भर्ती होकर अपने परिवार और गांव का नाम रोशन किया है। सेना की ट्रेनिंग पूरी कर गांव लौटने पर दोनों भाइयों का ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया। उनके स्वागत के लिए बड़ी संख्या में गांववासी और परिवार के सदस्य लाधुका बस स्टैंड पर पहुंचे। इसके बाद दोनों भाइयों को फूलों से सजी जीप में बैठाकर पूरे गांव में सम्मानपूर्वक घुमाया गया और घर पहुंचने पर उनका जोरदार अभिनंदन किया गया। दोनों जवानों के पिता बलविंदर सिंह ने बताया कि उनके परिवार में दो बेटे और एक बेटी है। उनके बड़े बेटे दिलजीत सिंह और छोटे बेटे तलविंदर सिंह 8 दिसंबर 2025 को सेना की ट्रेनिंग के लिए गए थे। प्रशिक्षण के बाद दोनों घर लौटे अब प्रशिक्षण पूरा करने के बाद दोनों घर लौटे हैं। उन्होंने बताया कि दोनों बेटों की शुरू से ही इच्छा थी कि वे अपने पिता की तरह देश सेवा करें और इसी लक्ष्य को लेकर उन्होंने सेना में भर्ती होने का फैसला किया। बलविंदर सिंह स्वयं भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने 11 सिख रेजिमेंट बटालियन में 18 वर्षों तक सेवा दी है। उन्होंने कहा कि सेना में मिले अनुशासन और संस्कार ही उन्होंने अपने बच्चों को दिए, जिसका परिणाम आज सबके सामने है। वर्तमान में वह फाजिल्का में भारतीय स्टेट बैंक में गनमैन के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि सेना की ट्रेनिंग पूरी करने वाले उनके दोनों बेटे टेक्निकल ट्रेड में नियुक्त हुए हैं। इनमें से एक टैंक ऑपरेटर है, जबकि दूसरा इलेक्ट्रिशियन के रूप में सेवाएं देगा। दोनों बेटों की उपलब्धि पर परिवार और पूरे गांव में खुशी का माहौल है।
भोपाल जिला बार एसोसिएशन चुनाव के लिए मंगलवार को नामांकन का अंतिम दिन रहा। शाम 4 बजे नामांकन प्रक्रिया समाप्त हो गई। अध्यक्ष समेत 8 पदों के लिए चुनाव हो रहा है। मुख्य चुनाव अधिकारी वासु वासवानी ने बताया कि विभिन्न पदों के लिए करीब 100 नामांकन पत्र जमा हुए हैं। चुनाव के लिए 16 जुलाई को मतदान होगा। उन्होंने कहा कि बुधवार को सभी नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी की जाएगी। इसके बाद 3 जुलाई को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी। 13-14 जुलाई को टेंडर वोटिंग की सुविधा वासु वासवानी ने बताया कि जो अधिवक्ता किसी कारणवश 16 जुलाई को मतदान नहीं कर पाएंगे, उनके लिए 13 और 14 जुलाई को टेंडर वोटिंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी। वासवानी ने सभी अधिवक्ताओं से चुनाव प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी साथी बिना किसी भेदभाव के निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से अपने मताधिकार का प्रयोग करें।

