कटिहार जिले की रौतारा पुलिस ने मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अंतरराज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर 80,000 रुपए में बेची गई एक महिला को सकुशल बरामद किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुल्तान, रवि कुमार, रामावतार और रन सिंह के रूप में हुई है। ये सभी उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक कार भी बरामद की है, जिसका उपयोग वे मानव तस्करी के लिए करते थे। पुलिस अब इस मामले में आगे की जांच कर रही है ताकि इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके। कटिहार पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी के निर्देश पर जिले में अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इससे पहले भी कटिहार पुलिस ने मवेशी तस्करी और अवैध हथियार तस्करी के मामलों में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस का कहना है कि वे अपराधियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेंगे और जिले को अपराध मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों पर अंकुश लगाना उनकी प्राथमिकता है।
मुख्य सचिव अनुराग जैन के एक्सटेंशन कार्यकाल में गैर राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों को आईएएस बनने का मौका मिल सकता है। इसके लिए मंत्रालय में सामान्य प्रशासन विभाग ने कवायद शुरू की है। इसके लिए सीएम की भी रजामंदी बताई जा रही है। चालू साल में राज्य प्रशासनिक सेवा से आईएएस बनने के लिए कुल संभावित पदों की संख्या 11 बताई जा रही है। उधर इस जानकारी के बाद राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर इसके लिए लामबंद होने लगे हैं और मुख्य सचिव से विरोध जताने की तैयारी में जुट गए हैं। प्रदेश में 11 साल बाद एक बार फिर गैर-राजपत्रित अधिकारियों को IAS बनने का मौका मिल सकता है। मुख्य सचिव अनुराग जैन के निर्देश पर राज्य प्रशासनिक सेवा से IAS चयन की प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इससे पहले वर्ष 2015 में राज्य प्रशासनिक सेवा के 4 अधिकारियों को IAS बनाया गया था। ये अधिकारी श्रीकांत पांडेय (पंजीयन और मुद्रांक विभाग), संजय गुप्ता (जेल विभाग), शमीमुद्दीन (तकनीकी शिक्षा विभाग) तथा मंजू शर्मा (वित्त और लेखा सेवा विभाग) हैं जिन्हें आईएएस सिलेक्ट किया गया था। बाद में डीओपीटी ने इन अधिकारियों को वर्ष 2007 बैच का आईएएस कैडर इयर दिया था। प्रमोशन में 15% पद रहते हैं रिजर्व गैर राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों को आईएएस बनने के लिए जो प्रमोशन प्रक्रिया तय है उसमें स्वीकृत पदों में से 15 प्रतिशत पद राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए आरक्षित रहते हैं। चयन प्रक्रिया के तहत अधिकारियों की स्क्रूटनी, सीनियरिटी, एसीआर और इंटरव्यू के आधार पर नाम तय किए जाते हैं। मुख्य सचिव ने अफसरों से कहा कि अन्य विभागों में भी श्रेष्ठ कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित करना जरूरी है, इसलिए इस प्रक्रिया को फिर से शुरू किया जा रहा है। सीएस के पहले कार्यकाल में नहीं मिला था मौका अनुराग जैन ने एमपी के मुख्य सचिव की कमान अक्टूबर 2024 से संभाली थी और सितंबर को उनका रिटायरमेंट था। इस कार्यकाल के दौरान भी गैर राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों ने इसके लिए प्रयास किए थे लेकिन तब उनकी सुनवाई नहीं हुई थी। इस बार अब जबकि सीएस एक साल के एक्सटेंशन के अंतर्गत मुख्य सचिव की सेवाएं दे रहे हैं तो उन्होंने गैर राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों को प्रोत्साहित करने के लिए इन्हें भी डीपीसी में शामिल करने के संकेत दिए हैं।
सागर के शाहगढ़ में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के गेट के पास गोली मारकर नर्स की हत्या कर दी गई। आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब हो गया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की है। मृतक की पहचान दीपशिखा चढ़ार के रूप में हुई है। वह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नर्स थी। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
पटना में जिला प्रशासन की फ्लाइंग स्क्वायड टीम ने बुधवार को पीएमसीएच और एनएमसीएच का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पीएमसीएच में अवैध वसूली करते एक दलाल को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया, जबकि मरीजों से पैसे लेते पाई गई एक महिला सफाईकर्मी को तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया गया। DM एम एस त्यागराजन के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के आदेशानुसार सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में दलालों की अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार औचक जांच की जा रही है। जांच टीम में दंडाधिकारी, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल थे। पीएमसीएच में अपर जिला दंडाधिकारी (नगर व्यवस्था) के नेतृत्व में दो सिटी मजिस्ट्रेट, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (स्वास्थ्य) और पुलिस अधिकारियों की टीम ने ओपीडी, दवा वितरण केंद्र, पैथोलॉजी, इमरजेंसी वार्ड, ब्लड बैंक और स्टोर का निरीक्षण किया। मरीज के परिजन से खुलेआम कर रहा था वसूली शमीम अख्तर नामक एक व्यक्ति को मरीजों और उनके परिजन से अवैध वसूली करते हुए पकड़ा गया। वह खुद को छपरा के इमामगंज का निवासी बता रहा था। धावा दल ने उसे स्थानीय थाने को सौंप दिया और अस्पताल प्रशासन ने उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। डीएम ने अस्पताल परिसर में बाहरी एम्बुलेंस के प्रवेश पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर को धांधली मुक्त बनाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। बिचौलियों की गतिविधियों को सख्ती से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। एनएमसीएच में भी छापेमारी एनएमसीएच में अनुमंडल पदाधिकारी, पटना सिटी के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने विभिन्न वार्डों और काउंटरों का निरीक्षण किया। यहां रेड के दौरान कोई अवैध गतिविधि नहीं पाई गई। अस्पताल प्रशासन को सरकार के निर्देशों के अनुसार पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से मरीजों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए।दलालों और दोषी कर्मियों पर होगी सख्त कार्रवाई डीएम ने कहा कि जिला प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि सरकारी अस्पतालों में निजी नर्सिंग होम, जांच केंद्र और दवा दुकानों से जुड़े लोग मरीजों को गुमराह कर निजी संस्थानों में भेज रहे हैं। ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, इन गतिविधियों में शामिल सरकारी कर्मियों को भी चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कठोर कदम उठाए जाएंगे।
मुजफ्फरपुर में रील बनाना एक युवक को महंगा पड़ गया। तुर्की थाना क्षेत्र के मधौल मठ के पास न्यू बाईपास पर तीन बदमाशों ने हथियार के बल पर एक युवक की बाइक लूट ली। विरोध करने पर बदमाशों ने गोली भी चलाई और मौके से फरार हो गए। घटना मुजफ्फरपुर-दरभंगा न्यू बाईपास पर हुई। गायघाट थाना क्षेत्र का निवासी शिवम कुमार, जो मुजफ्फरपुर में रह कर आईटीआई की पढ़ाई करता है, अपने घर जा रहा था। मधौल के पास वह अपने दोस्त के साथ रुक कर रील बनाने लगा। तभी एक बाइक पर सवार तीन नकाबपोश बदमाश उनके पास पहुंचे। चाबी देने से इनकार करने पर पीटा बदमाशों ने शिवम से बाइक की चाबी मांगी। जब शिवम ने चाबी देने से इनकार किया, तो बदमाशों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। युवक के लगातार विरोध करने पर बदमाशों ने गोली चला दी, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। बदमाश बाइक लेकर फरार हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए और पुलिस को सूचना दी गई। पीड़ित शिवम कुमार ने बताया कि वह मुजफ्फरपुर में किराए पर रहता है और आईटीआई की पढ़ाई करता है। उसने बताया कि अपराधियों ने पहले चाबी मांगी, फिर मारपीट की और विरोध करने पर गोली चलाकर उसकी बाइक लूट ली। मामले में तुर्की थाना प्रभारी संदीप कुमार ने कहा है कि उन्हें सूचना मिली कि सड़क किनारे रील बना रहे युवक से बाइक सवार बदमाशों ने बाइक लूट की वारदात को अंजाम दिया है, जिसके बाद मौके पर पहुंच कर मामले की जांच की गई है। मौके से एक खोखा भी बरामद किया गया है। फिलहाल पीड़ित की ओर से आवेदन दिया जा रहा है। आवेदन मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कटिहार संसदीय क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण विकास में, राष्ट्रीय राजमार्ग-131ए (NH-131A) पर रसूलपुर के पास एक फुट ओवर ब्रिज के निर्माण को मंजूरी मिल गई है। यह पहल स्थानीय सांसद तारिक अनवर के प्रयासों का परिणाम है, जिससे क्षेत्र के नागरिकों, विशेषकर विद्यार्थियों की सुरक्षा और सुविधा में सुधार होगा। सांसद तारिक अनवर ने इस फुट ओवर ब्रिज के निर्माण की मांग को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखा था। उन्होंने अपने पत्र में इस क्षेत्र में स्कूल, मदरसा, मस्जिद और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं की उपस्थिति के कारण भारी पैदल आवागमन की समस्या पर प्रकाश डाला था। मंत्रालय ने सांसद की इस मांग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। प्रस्तावित स्थान पर फुट ओवर ब्रिज के निर्माण की प्रक्रिया अब शुरू की जा रही है। यह कदम स्थानीय निवासियों और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इस संबंध में सांसद तारिक अनवर ने कहा कि वे अपने क्षेत्र के विकास और लोगों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस फुट ओवर ब्रिज के निर्माण से क्षेत्र के लोगों को काफी लाभ मिलेगा और उनकी आवाजाही सुरक्षित एवं सुगम होगी। इस परियोजना के पूरा होने से NH-131A पर पैदल चलने वालों के लिए जोखिम कम होगा और यातायात प्रवाह भी बेहतर होगा। यह क्षेत्र के समग्र बुनियादी ढांचे के विकास में एक महत्वपूर्ण योगदान देगा।
गयाजी में 200 लीटर विदेश शराब जब्त:दो कार जब्त, एक तस्कर अरेस्ट; गाड़ी मालिक की पहचान कर रही पुलिस
गयाजी में अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत जिले के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर 200 लीटर से अधिक विदेशी शराब बरामद की गई है। इस दौरान तस्करी में इस्तेमाल दो कारों को जब्त किया गया है। जबकि एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई से शराब तस्करों में हड़कंप मच गया है। पहली कार्रवाई मगध विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के पथरा गांव में की गई। यहां उजले रंग की टाटा जेस्ट कार से भारी मात्रा में विदेशी शराब ले जाए जाने की सूचना पर मद्यनिषेध टीम ने छापा मारा। तलाशी के दौरान वाहन से 180 एमएल की 768 बोतलें बरामद की गईं, जिसकी कुल मात्रा 138.240 लीटर आंकी गई। गाड़ी मालिक की पहचान कर रही पुलिस हालांकि, मौके से कोई तस्कर पकड़ में नहीं आ सका। विभाग का कहना है कि गाड़ी मालिक और तस्करों की पहचान के लिए जांच तेज कर दिया गया है। जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित किया जाएगा। इस कार्रवाई में सहायक अवर निरीक्षक बन्टी यादव, धर्मेन्द्र बैठा और कमल किशोर के साथ मद्यनिषेध सिपाही, सैप बल और गृहरक्षक जवान शामिल थे। 65.880 लीटर विदेशी शराब बरामद दूसरी कार्रवाई मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के हरिओ स्थान के पास की गई। यहां उजले रंग की मारुति सुजुकी एसएक्स-4 कार से 366 पीस टेट्रा पैक विदेशी शराब बरामद हुई, जिसकी कुल मात्रा 65.880 लीटर है। इस मामले में धनंजय कुमार (24), निवासी बेगूसराय को मौके से गिरफ्तार किया गया। छापेमारी दल में अवर निरीक्षक अंजली कुमारी, सहायक अवर निरीक्षक दीपक कुमार राम और नवीन कुमार सहित गृहरक्षक जवान व सशस्त्र बल शामिल थे। मद्यनिषेध विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में शराब तस्करी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अवैध शराब के नेटवर्क को तोड़ने के लिए अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
मुंगेर में मंगलवार की रात अपराधियों ने वारदात को अंजाम दिया। चार बाइक सवार अपराधियों ने दो चचेरे भाइयों को गन प्वाइंट पर अपहरण कर लिया और 50 हजार रुपये की फिरौती मांगी। परिजनों ने किसी तरह 16 हजार रुपये का इंतजाम करने के बाद अपराधियों ने दोनों को सकुशल छोड़ दिया। मामला जमालपुर ईस्ट कॉलोनी थाना क्षेत्र का है। मामले में पीड़ित परिवार ने थाना में आवेदन दिया है, जिसके बाद पुलिस जांच में जुट गई है। अपहृत युवकों की पहचान जमालपुर थाना क्षेत्र के जहांगीरा मोहल्ला निवासी शंभु पासवान के 15 वर्षीय पुत्र सत्यमेव कुमार और नया टोला केशोपुर निवासी रंजीत पासवान के 22 वर्षीय पुत्र अभिषेक कुमार के रूप में हुई है। बेटे ने फोन कर बोला- चार लोगों ने हमें पकड़ लिया पीड़ित सत्यमेव के पिता शंभु पासवान ने बताया कि 3 जनवरी की रात करीब 8 बजे सत्यमेव और उसका चचेरा भाई अभिषेक खाना खाने के बाद आरपीएफ मैदान की ओर टहलने निकले थे। रात करीब 8:45 बजे सत्यमेव के मोबाइल से घर पर कॉल आया, जिसमें उसने बताया कि मैदान में शराब पी रहे चार लोगों ने उन्हें जबरन पकड़ लिया है और जंगल की ओर ले जाया जा रहा है। अपहरण के बाद की देखें PHOTOS दो बाइकों से जंगल की ओर ले गए, मारपीट की पीड़ितों के अनुसार, अपराधियों ने उन्हें ब्लू अपाचे और काले रंग की स्प्लेंडर बाइक पर बैठाकर आरपीएफ धोबी घाट होते हुए जंगल की ओर ले गए। इस दौरान दोनों के साथ मारपीट की गई, नाम और जाति पूछकर जातिसूचक गालियां दी गईं। अपराधियों ने दोनों को छोड़ने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की और धमकी दी कि पैसे नहीं मिले तो जान से मार देंगे। परिजनों ने रातभर की खोजबीन, पैसे लेकर फरार घबराए परिजनों ने रातभर इधर-उधर खोजबीन की। शंभु पासवान ने बताया कि गांव-समाज से कर्ज लेकर किसी से पांच तो किसी से दस हजार रुपये मांगकर कुल 16 हजार रुपये जुटाए गए। देर रात करीब 12:30 बजे बरमन्नी रोड सूर्य मंदिर के पास अपराधियों ने दोनों को लाकर 16 हजार रुपये नकद लिए और शेष रकम ऑनलाइन लेने से इनकार करते हुए जंगल की ओर फरार हो गए। अपहरण के दौरान अपराधी ठिकाना बदल रहे थे अभिषेक कुमार ने बताया कि अपहरण के दौरान अपराधी बार-बार ठिकाना बदलते रहे। उन्होंने हथियार और शराब की बोतल के साथ फोटो खिंचवाने का दबाव बनाया, ताकि परिजनों पर झूठे केस का डर दिखाकर पैसे वसूले जा सकें। परिजनों की भीड़ देखकर अपराधी और उग्र हो गए और धमकी देने लगे कि ज्यादा लोग आए तो जान से मार देंगे। घटना के अगले दिन परिजनों ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी, जिसमें संदिग्ध बाइक सवार नजर आए। इसके बाद ईस्ट कॉलोनी थाना में आवेदन देकर अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की गई। एसपी बोले- अपहरण का मामला आया है,जांच जारी इस संबंध में एसपी सैयद इमरान मसूद ने फोन पर बताया कि अपहरण का मामला सामने आया है। परिजनों का आवेदन लिया जा रहा है। घटना स्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल के पिपलानी इलाके में 14 वर्षीय छात्र अंश साहू की आत्महत्या के बाद जो तस्वीर सामने आ रही है, वह केवल एक हादसे की नहीं, बल्कि बच्चों को घेरते जा रहे ऑनलाइन गेमिंग के खतरनाक दबाव की है। बातचीत में सामने आया है कि अंश जिस ऑनलाइन गेम 'फ्री फायर' का आदी था, उसमें जीत से ज्यादा ‘दिखने’ की होड़ थी, बेहतर हथियार, चमकदार स्किन, महंगे कैरेक्टर और ऑनलाइन रुतबा। परिवार के मुताबिक अंश पहले से ही उस गेम को खेल रहा था। एक महीने पहले उसकी मोबाइल आदत को देखते हुए घरवालों ने अंश से मोबाइल ले लिया गया था, ताकि पढ़ाई पर ध्यान दे सके। इसके बाद वह सामान्य व्यवहार करता रहा। न नींद में कमी, न चिड़चिड़ापन, न पढ़ाई में कमी यही वजह है कि घरवालों को किसी बड़े खतरे का अंदेशा नहीं हुआ। दादा के मोबाइल से निकले 28 हजार रुपए, तब खुला राज अंश के मामा भोला साहू बताते हैं कि कुछ समय पहले दादा के मोबाइल खाते से करीब 28 हजार रुपए कट गए थे। शुरुआत में अंश ने पैसे खर्च करने से इनकार किया, लेकिन बैंक स्टेटमेंट सामने आने के बाद पता चला कि रकम ऑनलाइन गेम में खर्च हुई थी। परिवार का कहना है कि उस वक्त बच्चे को समझाया गया, डांट-फटकार नहीं की गई। इसके बाद उसने दोबारा मोबाइल इस्तेमाल नहीं किया। मामा के अनुसार, यह गेम बच्चों को लगातार यह अहसास देता है कि अगर आप ज्यादा पैसा खर्च करेंगे तो आप ज्यादा ‘प्रो’ दिखेंगे। बेहतर गन, बेहतर स्किन और ज्यादा ताकत यही इस गेम की दुनिया है। खेल रहा था फ्री फायर गेमघटना के समय मृतक के माता-पिता पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे, जबकि बच्चा नहाने और कपड़े बदलने के लिए घर लौटा था। एएसआई सुरेश कुमार के अनुसार, बच्चा इससे पहले नाना के घर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद था और वहीं से सीधे घर आया था। पुलिस को परिजनों से जानकारी मिली है कि बच्चा मोबाइल पर फ्री फायर (Free Fire) नाम का ऑनलाइन गेम खेलता था। इसी गेम को लेकर उसे पहले भी घर में समझाइश दी गई थी। हालांकि मोबाइल या गेम को लेकर घर में किसी तरह के बड़े विवाद या झगड़े की बात सामने नहीं आई है। पुलिस के मुताबिक बच्चे का व्यवहार सामान्य था । ‘प्रो’ दिखने की होड़, पैसे नहीं तो बेचैनी गेम खेलने वालों के मुताबिक ऑनलाइन गेम में कोई सीधा टास्क सिस्टम नहीं होता, लेकिन मानसिक दबाव जबरदस्त होता है। खिलाड़ी को हर वक्त अपग्रेड चाहिए। हथियार चमके, कैरेक्टर अलग दिखे, सामने वाला प्रभावित हो। अगर पैसे नहीं हैं तो बेचैनी बढ़ती है। यही बेचैनी धीरे-धीरे नशे जैसी बन जाती है। एक गेमर के अनुसार, लोग इसमें हजारों नहीं, लाखों रुपए तक खर्च कर देते हैं। कम उम्र के बच्चों के लिए यह दबाव और भी खतरनाक हो जाता है, क्योंकि वे यह समझ नहीं पाते कि वर्चुअल रुतबा असल जिंदगी से अलग है। टॉपर छात्र, नेशनल लेवल स्केटर, जीते कई मेडल अंश के मामा ने बताया अंश केवल एक मोबाइल गेम खेलने वाला बच्चा नहीं था। वह पढ़ाई में टॉपर था। स्केटिंग में नेशनल लेवल तक खेल चुका था। उसके पास अनेक गोल्ड मेडल थे। परिवार का कहना है कि अंश शांत, समझदार और अनुशासित बच्चा था। माता-पिता से उसके संबंध सामान्य और सकारात्मक थे। मोबाइल को लेकर कोई बड़ा विवाद या झगड़ा सामने नहीं आया। घटना वाले दिन क्या हुआ घटना वाले दिन परिवार नाना की तेरहवीं से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होने गया था। अंश पहले वहां मौजूद था। इसके बाद नहाने के लिए घर लौटा। उसी दौरान अंश ने मां का मोबाइल लिया और गेम खेला। कुछ ही देर बाद, जब परिवार लौटकर आया, तो अंश फंदे पर लटका मिला। ये खबर भी पढ़ें… मोबाइल गेमिंग की लत के शिकार स्टूडेंट ने लगाई फांसी भोपाल में मोबाइल गेमिंग की लत के चलते 14 साल के स्टूडेंट ने खुदकुशी कर ली। परिजन को आशंका है कि ऑनलाइन गेम में दिए गए टास्क को पूरा करने के लिए बच्चे ने आत्मघाती कदम उठाया। फिलहाल, पुलिस जांच में जुटी है। मामला पिपलानी थाने की श्रीराम कॉलोनी का है।पूरी खबर पढ़ें
कटिहार जिले में स्थानीय लोगों को समय पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयासरत है। इसके तहत जिले में एक व्यापक स्वास्थ्य नेटवर्क सक्रिय है, जिसमें सदर अस्पताल, सभी प्रखंडों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और कुल 372 स्वास्थ्य उपकेंद्र शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला, प्रखंड और सामुदायिक स्तर पर नियमित रूप से स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों का संचालन किया जा रहा है। इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य ग्रसित बीमारियों की पहचान करना और समय पर उपचार प्रदान कर लोगों को गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखना है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों में प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों को नियुक्त किया गया है। ये कर्मी अस्पताल आने वाले लोगों की स्वास्थ्य जांच करते हैं और उन्हें उपचार सुविधा उपलब्ध कराते हैं। इससे जिले के सभी प्रखंडों में लोगों को आसानी से विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उपचार मिल रहा है। सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को आसानी से स्वास्थ्य जांच और उपचार उपलब्ध कराने के लिए जिले के सभी प्रखंडों में स्वास्थ्य अधिकारी नियुक्त किए हैं। इन अधिकारियों के माध्यम से क्षेत्र के मरीजों का इलाज प्रखंड स्तर के स्वास्थ्य केंद्रों पर आसानी से हो जाता है। गंभीर रूप से बीमार लोगों को विशेष जांच और उपचार के लिए अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल भेजा जाता है। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मरीजों को उपचार सुविधा उपलब्ध कराकर उन्हें स्वस्थ और सुरक्षित किया जाता है। कटिहार जिले में सदर अस्पताल के साथ-साथ सभी 16 प्रखंडों में प्रखंड स्वास्थ्य केंद्र और अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कार्यरत हैं। कटिहार जिले के सभी 16 प्रखंडों में कुल 372 स्वास्थ्य उपकेंद्र - हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर कार्यरत हैं। इनमें अहमदाबाद प्रखंड में 23, आजमनगर में 42, बलरामपुर में 25, बरारी में 36, बारसोई में 46, डंडखोरा में 11, फलका में 24, हसनगंज में 09, कदवा में 52 और कटिहार ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में 10 स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं।
औरंगाबाद में दवा व्यवसायी मो.जुनैद हत्याकांड के आरोपी को पुलिस ने अरेस्ट किया है। पुरानी रंजिश में दवा व्यवसायी की दूसरे जिले से शूटर बुलाकर हत्या करवाई गई थी। मामला नावाडीह मोड़ के पास का है। डीएसपी मनोज कुमार ने बताया कि एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज, ह्यूमन इंटेलिजेंस और जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए नगर थाना क्षेत्र के ओवरब्रिज के पास से तीन बदमाशों को पकड़ा। इनमें बदमाश मो. दानिश आलम, मो. रागीब और फरहान खान शामिल है। पूछताछ में दानिश आलम ने स्वीकार किया कि मो. जुनैद की हत्या भाड़े के शूटर शहजाद हुसैन उर्फ मिस्टर और उसके एक साथी से कराई गई थी, जिसमें रागीब और फरहान की अहम भूमिका रही। उसने यह भी बताया कि हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार उसके घर अलीनगर, वार्ड-13 में रखे हैं। दो देसी पिस्टल-एक देसी कट्टा जब्त इस खुलासे के बाद एसआईटी ने छापेमारी कर दानिश आलम के घर से दो देसी पिस्टल, एक देसी कट्टा, 129 जिंदा कारतूस और छह मैगजीन बरामद किए। पूछताछ में सूचना मिली कि शूटर शहजाद हुसैन उर्फ मिस्टर दाउदनगर से फरार होने की फिराक में है। पुलिस ने दाउदनगर थाना क्षेत्र के तरारी पुल के पास से उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी सामने आया कि रागीब और फरहान खान ने हत्या के लिए शूटरों को मोटरसाइकिल, हथियार और गोलियां उपलब्ध कराई थीं। 30 जनवरी की देर रात हुआ था मर्डर 30 जनवरी 2026 की देर रात नगर थाना अंतर्गत नवाडीह मोड़ के पास मोटरसाइकिल सवार अपराधियों ने गैलेक्सी मेडिकल के मालिक मो. जुनैद अहमद की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना की सूचना मिलते ही मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कांड के खुलासे के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-01 के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन किया गया था। जिसके बाद एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच की और पुलिस अपराधियों तक पहुंची। मृतक मो. जुनैद और आरोपियों के परिवार के बीच पहले से विवाद चला आ रहा था। कुछ समय पहले मृतक दुकानदार के एक मसौरे भाई को भी गोली मारी गई थी, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव और गहरा गया था।इस मामले में समझौते का दबाव भी पीड़ित परिवार पर बनाया जा रहा था, लेकिन परिजन इसके लिए तैयार नहीं हुए। इसी रंजिश में आरोपियों ने बाहर से शूटर बुलवाया और मेडिकल व्यवसायी मो. जुनैद की गोली मारकर हत्या करवा दी।
बक्सर में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला पदाधिकारी के निर्देश पर चलाए गए सघन वाहन चेकिंग अभियान के तहत तीन दिनों में 119 वाहनों से 3.21 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कर आमजन की जान-माल की सुरक्षा करना और जिले में विधि-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है। यह चेकिंग शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ प्रमुख सड़कों, चौक-चौराहों और सीमावर्ती इलाकों में नियमित रूप से की जा रही है। बक्सर शहर में 'रोको-टोको अभियान' चलाया गयाइसी क्रम में, परिवहन विभाग, जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के संयुक्त निर्देश पर बक्सर शहर में 'रोको-टोको अभियान' चलाया गया। इस दौरान हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग की विशेष जांच की गई। जिला परिवहन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, 01 फरवरी 2026 से 03 फरवरी 2026 तक चले विशेष अभियान में कुल 119 वाहनों का चालान काटा गया। इन वाहनों से कुल 3,21,700 रुपये का जुर्माना वसूला गया। उल्लंघन में बिना हेलमेट वाहन चलाना, सीट बेल्ट का प्रयोग न करना, ओवरलोडिंग, वैध कागजात की कमी और अन्य यातायात नियमों की अनदेखी शामिल थी। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगीजिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सड़क हादसों में कमी लाने के लिए कानून का पालन अनिवार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें तथा सभी यातायात नियमों का पालन करें। प्रशासन का मानना है कि थोड़ी सी सतर्कता कई अनमोल जिंदगियां बचा सकती है। अभियान के दौरान सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा, रफ्तार नहीं, समझदारी जरूरी, और सीट बेल्ट बाँधो, जीवन बचाओ जैसे सुरक्षा संदेश भी दिए गए। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह सघन वाहन चेकिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
बांका जिले के बौसी थाना क्षेत्र में होली से पूर्व भागलपुर-दुमका मुख्य सड़क मार्ग पर समझोतरी के पास गुप्त सूचना के आधार पर की गई सघन वाहन जांच के दौरान पुलिस ने गिट्टी लदे एक हाईवा ट्रक से भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब बरामद की है।इस कार्रवाई में कुल 3474 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई। बुधवार की संध्या प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा ने जानकारी दी। जानकारी के अनुसार, बुधवार को पुलिस को सूचना मिली थी कि गिट्टी लदे एक हाईवा ट्रक के जरिए अवैध शराब की तस्करी की जा रही है।सूचना के सत्यापन के बाद बौंसी पुलिस ने समझोतरी के पास वाहन जांच अभियान चलाया।इसी दौरान हाईवा ट्रक संख्या JH 02 P 3828 को रोका गया। प्रारंभिक जांच में ट्रक पर गिट्टी लदी हुई थी,लेकिन पुलिस को संदेह होने पर जब गिट्टी को हटाकर गहन तलाशी ली गई तो उसके नीचे छुपाकर रखी गई विदेशी शराब की बड़ी खेप बरामद हुई।बाजार में जब्त अंग्रेजी शराब की कीमत लाखों में है। गिरफ्तार चालक से पूछताछ की जा रहीपुलिस ने मौके से ट्रक को जब्त करते हुए चालक राजेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार चालक से पूछताछ की जा रही है ताकि इस अवैध शराब तस्करी के पीछे सक्रिय नेटवर्क,सप्लायर और अन्य संलिप्त लोगों की जानकारी जुटाई जा सके। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि मामला अंतरराज्यीय शराब तस्करी से जुड़ा हो सकता है, जिसमें झारखंड से बिहार में शराब लाने की योजना थी।इस पूरे अभियान को पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी इंद्रजीत बैठा के नेतृत्व में गठित टीम ने अंजाम दिया। कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगाइस संबंध में बुधवार की संध्या बौंसी थाना परिसर में एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि शराबबंदी कानून के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून तोड़ने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष राज रतन,अनीश कुमार, राकेश कुमार,पवन कुमार,शम्भु सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल शामिल था।
जहानाबाद में नवविवाहिता की हत्या:11 महीने पहले हुई थी शादी, दहेज के लिए पति और ससुराल वालों पर आरोप
जहानाबाद में एक नवविवाहिता की कथित तौर पर दहेज के लिए गला दबाकर हत्या कर दी गई। यह घटना कल्प थाना क्षेत्र के जामुन गांव में हुई। शादी के 11 महीने बाद पति और ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगा है। मृतका की पहचान गया जिले के कोच थाना क्षेत्र के लोदीपुर गांव निवासी काजल कुमारी के रूप में हुई है। उसका विवाह 11 महीने पहले जहानाबाद के जामुन गांव निवासी सनी कुमार से हुआ था। शादी के तुरंत बाद से ही पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया था और पति द्वारा काजल के साथ मारपीट की जाती थी। भाई बोला-शादी के बाद से ही बहन को प्रताड़ित किया जा रहा मृतका के भाई चंदन कुमार ने बताया कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले उनकी बहन को प्रताड़ित कर रहे थे। वे एक बाइक और सोने की चेन की मांग कर रहे थे। चंदन कुमार के अनुसार, उन्होंने ससुराल वालों से कुछ समय देने का अनुरोध किया था, लेकिन वे नहीं माने और लगातार मारपीट करते रहे। चंदन कुमार ने आगे बताया कि उन्हें फोन पर सूचना मिली कि काजल की तबीयत खराब हो गई है। जब उन्होंने अपनी एक विवाहित बहन को मौके पर भेजा, तो उसने पाया कि काजल की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की,आरोपी फरार घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद से आरोपी पति और उसके परिवार के सदस्य घर छोड़कर फरार हैं। मृतका के भाई ने आरोप लगाया कि उनकी बहन को सबसे ज्यादा उसकी ननद प्रताड़ित करती थी, जिसके कारण यह घटना हुई।
अररिया में अवैध शराब तस्करी का भंडाफोड़:10.80 लीटर विदेशी शराब के साथ युवक अरेस्ट
अररिया के नगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध शराब के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई की है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने रहिका टोला, वार्ड संख्या 17 स्थित एक घर के आंगन से 10.80 लीटर विदेशी शराब बरामद की। इस सिलसिले में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को जानकारी मिली थी कि स्थानीय निवासी गोलू कुमार (पिता स्वर्गीय मुन्ना यादव), जो रहिका टोला, वार्ड संख्या 17 में रहता है, अपने घर पर विदेशी शराब रखकर बेच रहा था। सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस के घर के बाहर पहुंचते ही गोलू कुमार ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उसे तुरंत पकड़ लिया। इसके बाद उसके घर की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान आंगन में रखी एक चौकी के नीचे एक झोले से विभिन्न ब्रांड की कुल 10.80 लीटर विदेशी शराब की बोतलें बरामद हुईं। गोलू कुमार को गिरफ्तार कर थाने लाया गया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी गोलू कुमार ने कबूल किया कि यह शराब उसे अनिल चौधरी (पिता श्रीलाल चौधरी) और राणा पासवान उर्फ नरेन पासवान (पिता नरेन्द्र पासवान) द्वारा बाहर से लाकर उसके घर में रखवाई जाती थी। ये दोनों भी रहिका टोला यादव बस्ती, वार्ड संख्या 17 के निवासी हैं। आरोपी ने बताया कि दोनों उसे प्रतिदिन 200 रुपये देते थे, जिसके लालच में उसने शराब को घर के आंगन में छिपाकर रखा था। नगर थाना पुलिस ने इस मामले में थाना कांड संख्या 58/26 दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि अनिल चौधरी और राणा पासवान की तलाश की जा रही है और उनके खिलाफ भी उचित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। पुलिस जिले में अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए लगातार छापेमारी अभियान चला रही है और आम जनता से ऐसी गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।
भागलपुर के सुल्तानगंज प्रखंड स्थित तिलकपुर पंचायत में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने बुधवार शाम पंचायत सरकार भवन निर्माण काम का निरीक्षण किया। इस दौरान एनडीए कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। यह भवन लगभग 2 करोड़ 88 लाख 720 रुपये की लागत से बन रहा है। निरीक्षण के दौरान मंत्री दीपक प्रकाश ने भवन की गुणवत्ता, निर्माण सामग्री और काम की गति पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने संबंधित अभियंताओं और अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण काम पूरी तरह मानकों के अनुरूप और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। पंचायत सरकार भवन ग्रामीण प्रशासन की रीढ़ मंत्री ने कहा कि पंचायत सरकार भवन ग्रामीण प्रशासन की रीढ़ है। यहां आम लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का फायदा एक ही स्थान पर मिलेगा। इसलिए भवन का मजबूत और टिकाऊ होना अत्यंत आवश्यक है। मीडिया से बातचीत में मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर पंचायत सरकार भवनों का निर्माण कर रही है। इससे ग्रामीणों को प्रमाण पत्र, योजनाओं से जुड़ी जानकारी, शिकायत निवारण और पंचायत स्तर की सभी सेवाएं आसानी से उपलब्ध होंगी। चुनाव में रोस्टर चेंजिंग लागू होगा मंत्री ने आने वाले पंचायती चुनाव को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव में रोस्टर चेंजिंग लागू होगा, जिससे नए वर्गों को प्रतिनिधित्व का अवसर मिलेगा। साथ ही महिलाओं को मिलने वाला आरक्षण पहले की तरह जारी रहेगा, जिससे पंचायत स्तर पर महिला सशक्तिकरण को मजबूती मिलेगी।
बिहार सरकार के पूर्व कला, संस्कृति एवं खेल मंत्री सह राजद के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवचंद्र राम बुधवार शाम डुमरांव पहुंचे। यहां उन्होंने केंद्र और बिहार की एनडीए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने नीट की छात्रा से दुष्कर्म के मामले पर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और कहा कि बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का नारा बेदम पूर्व मंत्री ने नीट की छात्रा से दुष्कर्म के मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने पूछा कि भारत और बिहार सरकार की एजेंसियां आखिर कर क्या रही हैं। शिवचंद्र राम ने आरोप लगाया कि सरकारें 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का नारा देती हैं, लेकिन हकीकत में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पीड़ित छात्रा के अभिभावकों पर लगातार केस मैनेज करने का दबाव बनाया जा रहा है, जिसे उन्होंने 'बेहद शर्मनाक' बताया। पूरी तरह विफल हो चुकी बिहार सरकार कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शिवचंद्र राम ने कहा कि केंद्र और बिहार की सरकारें पूरी तरह विफल हो चुकी हैं और जनता के सवालों से भाग रही हैं। तेजस्वी यादव के व्हीलचेयर पर विधानसभा पहुंचने को लेकर हो रही राजनीति पर उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव ने सदन की गरिमा का सम्मान किया है। पैर में गंभीर चोट के बावजूद वे विधानसभा पहुंचे, जबकि एनडीए सरकार जनता के मुद्दों पर चलने की ताकत खो चुकी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विपक्ष का काम सवाल उठाना है और तेजस्वी यादव वही कर रहे हैं। संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती पर किया आमंत्रित पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम डुमरांव में 22 फरवरी को पटना में आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के 649वें जयंती समारोह की तैयारी को लेकर कार्यकर्ताओं को आमंत्रित करने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि यह भव्य राज्यस्तरीय कार्यक्रम मिलर हाई स्कूल मैदान, वीरचंद पटेल पथ, पटना में आयोजित किया जाएगा, जिसमें राज्यभर से बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। इस अवसर पर राजद के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें राजद बक्सर के जिलाध्यक्ष शेष नाथ सिंह, पूर्व प्रदेश महासचिव अखिलेश सिंह यादव, युवा राजद के जिलाध्यक्ष सतेन्द्र आजाद, राजद बक्सर के जिला प्रधान महासचिव धनपत चौधरी, झुग्गी-झोपड़ी प्रदेश अध्यक्ष संतोष भारती, किसान प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष बबलू यादव और डुमरांव विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी बर्दी सिंह सहित अन्य नेता शामिल थे।
दरभंगा में मुंशी हरिशंकर शर्मा की हत्या मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के डब्ल्यूआईटी मोड़ के पास किराये के एक मकान में छापेमारी कर गिरफ्तारी हुई है। मामला कमतौल थाना क्षेत्र के कोटपट्टी गांव का है। जमानत के पैसे के झगड़े में बदमाशों ने मुंशी को 12 गोली मारी थी। पुलिस को बुधवार को सूचना मिली थी कि आरोपी अभिषेक कुमार गर्ग उर्फ आजाद ठाकुर, श्यामकिशोर ठाकुर और विभा देवी सहित अन्य बदमाश गिरफ्तारी के डर से डब्ल्यूआईटी मोड़ के पास किराये के मकान में छिपे हुए हैं। सूचना के आधार परपुलिस ने मकान मालिक अभिमन्यु कुमार के घर में छापेमारी कर सभी आरोपियों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। ये पांच बदमाश अरेस्ट हुए है… अभिषेक कुमार गर्ग उर्फ आजाद ठाकुर (पिता- श्यामकिशोर ठाकुर), निवासी- रधौली, थाना-विस्फी।श्यामकिशोर ठाकुर (पिता- स्व. राजकुमार ठाकुर), निवासी- रधौली, थाना-विस्फी।विमा देवी (पति- श्यामकिशोर ठाकुर), निवासी- रधौली, थाना-विस्फी।नंदन कुमार उपाध्याय (पिता- गणेश उपाध्याय), निवासी- ढढ़िया, थाना-कमतौल।विकास कुमार ठाकुर (पिता- रामप्रबोध ठाकुर), निवासी- रतनपुर, थाना-कमतौल। हथियार और सामान बरामद इनके पास हथियार और सामान बरामद हुआ है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से एक पिस्टल, दो मैगजीन, तीन कारतूस, दो मोटरसाइकिल, पांच मोबाइल फोन (चार स्मार्टफोन और एक कीपैड फोन) बरामद किए हैं। जमानत के पैसे के लेन-देन को लेकर था झगड़ा पुलिस के अनुसार मृतक हरिशंकर शर्मा बिजली कचहरी में वकील के सहायक (मुंशी) के रूप में कार्यरत थे। जमानत के पैसे के लेन-देन को लेकर अभिषेक कुमार गर्ग से उनका विवाद चल रहा था, जो बाद में हत्या का कारण बना। आरोपियों ने हरिशंकर शर्मा को गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने बताया कि मामले में दो अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। 12 गोली मारकर हुआ था मर्डर एसडीपीओ कमतौल एस के सुमन ने बताया कि 2 फरवरी 2026 को हरिशंकर शर्मा की 12 गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि इस मामले के आरोपी विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में डब्ल्यूआईटी मोड़ के पास एक किराये के मकान में छिपे हुए हैं। एसडीपीओ ने बताया कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर थाना लाया गया है। मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।एसडीपीओ एसके सुमन ने बताया कि इस मामले में पहले चार लोगों को नामजद किया गया था, लेकिन जांच के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आई है। अब तक जांच लगभग 80 प्रतिशत पूरी हो चुकी है और बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी अभिषेक कुमार उर्फ राजा ठाकुर पर पहले से 15 से 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसने अपराध करने के लिए एक संगठित टीम बना रखी थी। पुलिस के अनुसार मृतक हरिशंकर शर्मा कोर्ट में वकील के मुंशी के रूप में कार्यरत थे। आरोपी से पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था, जो बाद में हत्या का कारण बना।
सहरसा सदर अस्पताल में बुधवार को लगभग तीन घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इसके कारण स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं और मरीजों का इलाज मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में करना पड़ा। इस घटना ने अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिजली गुल होते ही ओपीडी काउंटर पर मरीजों के पर्चे बनने बंद हो गए। पर्चा बनवाने के लिए कतार में खड़े मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा, जिसके बाद कई मरीज बिना इलाज के ही लौट गए। अंधेरे के कारण कई डॉक्टर भी अपने चैंबर से बाहर आ गए, जिससे इलाज की प्रक्रिया में बाधा आई। सबसे गंभीर स्थिति ट्रायज रूम में सामने आई, जहां आपातकालीन मरीजों का इलाज मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में किया गया। इस दौरान मरीजों के परिजनों ने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को रोशनी दिखाने में सहायता की। बिजली आपूर्ति न होने के कारण पैथोलॉजी, एक्स-रे और अन्य आवश्यक जांच सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं। अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके परिजनों के बीच असमंजस की स्थिति बनी रही, क्योंकि उन्हें इलाज और जांच के लिए भटकना पड़ा। परेशान परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में जनरेटर की व्यवस्था होने के बावजूद उसे चालू नहीं किया गया। उनका कहना था कि यह गंभीर मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ है, क्योंकि समय पर इलाज और जांच न मिलने से उनकी स्थिति और बिगड़ सकती थी। नरियार और कहरा के निवासी अमर कहा कि दो घंटे से पर्चा काउंटर पर पर्चा काटने के लिए खडे है। करोड़ों रुपये के बजट और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के दावों के बावजूद मोबाइल की रोशनी में इलाज होना स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. राज नारायण प्रसाद ने बताया कि अस्पताल का जनरेटर खराब हो गया था और बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई।
बेतिया जिले के बैरिया अंचल में फर्जीवाड़े का एक मामला सामने आया है। इसमें फर्जी दस्तावेज तैयार कर दाखिल-खारिज कराने का आरोप है। अंचलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फर्जीवाड़ा करने वाले के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज बनाकर एक जमीन का दाखिल-खारिज कराया गया। इस धोखाधड़ी के कारण एक पीड़ित परिवार न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है। कार्रवाई अंचलाधिकारी के निर्देश पर हुई थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि फर्जी दस्तावेज बनाने के आरोप में विश्वनाथ प्रसाद पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई अंचलाधिकारी के निर्देश पर हुई है। पीड़िता हांकारी देवी ने बेतिया पुलिस अधीक्षक कार्यालय में न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कानून सम्मत कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
बेतिया में हत्या और फिरौती की साजिश के तहत एक युवक के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हालांकि पुलिस की त्वरित और सटीक कार्रवाई से बड़ा अपराध टल गया और अपहृत युवक को सकुशल बरामद कर लिया गया। इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सूचना के बाद पुलिस हरकत में आई,मामला दर्ज अपहृत युवक की पहचान आजाद आलम के रूप में हुई है। युवक के अचानक लापता होने पर परिजनों ने थाने में अपहरण की सूचना दी, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित धाराओं में कांड दर्ज कर जांच शुरू की गई। मोबाइल लोकेशन- कॉल रिकॉर्ड के आधार पर छापेमारी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-1 विवेकदीप के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और गुप्त सूचना को खंगालते हुए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की। पुलिस ने श्रीनगर थाना क्षेत्र के बगही बागंभरपुर इलाके से आजाद आलम को सुरक्षित बरामद कर लिया। साथ ही इस अपहरण कांड में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद,जांच जारी प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि पैसों के लेन-देन को लेकर चल रहे विवाद के कारण आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
नोनिया बीघा में उत्पाद विभाग की कार्रवाई:4.5 लीटर विदेशी शराब बरामद, तस्कर फरार
अरवल के नोनिया बीघा गांव में उत्पाद विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर 4.50 लीटर विदेशी शराब जब्त की है। हालांकि, पुलिस को देखकर तस्कर मौके से फरार हो गया। विभाग लगातार शराब माफियाओं पर नकेल कसने के लिए अभियान चला रहा है। इस कार्रवाई के दौरान अवर निरीक्षक कुमार गौरव के नेतृत्व में उत्पाद विभाग की टीम रहीस कुमार के घर के पीछे स्थित खेत में गई। वहां टीम ने 750 एमएल की छह बोतलें विदेशी शराब बरामद कीं। उत्पाद अधीक्षक नित्यानंद यादव ने बताया कि जब्त शराब को थाने लाकर तस्कर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जिले में होली पर्व को देखते हुए जिला पदाधिकारी अमृषा बैंस के निर्देश पर शराब तस्करी और अवैध सेवन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि सभी प्रकार की अवैध शराब पर रोक और नियंत्रण बनाए रखने के लिए विशेष अभियान जारी रहेगा, ताकि लोगों की सुरक्षा और कानून का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
कैंसर स्क्रीनिंग शिविर में 865 लोगों की जांच:शेखपुरा में 4 संदिग्धों को आगे के उपचार की सलाह
शेखपुरा में विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर कैंसर स्क्रीनिंग शिविर और विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान 865 लोगों की निःशुल्क जांच की गई, जिसमें से 4 व्यक्तियों में कैंसर के लक्षण संदिग्ध पाए गए। उन्हें आगे की जांच और उपचार के लिए परामर्श दिया गया है। यह शिविर जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कैंसर के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और समय पर जांच को प्रोत्साहित करना था। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने आमजन को कैंसर के कारण, लक्षण, रोकथाम और समय पर जांच के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक अवस्था में कैंसर की पहचान होने पर इसका सफल उपचार संभव है। शिविर में स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर और मुख कैंसर की निःशुल्क जांच की गई। कुल 865 लोगों ने इस जांच में भाग लिया। जिला वित्त एवं लॉजिस्टिक सलाहकार प्रभाष पांडेय ने लोगों से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने, तंबाकू और नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की। जिला गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. नौशाद आलम ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 'समय पर जांच, जीवन की रक्षा' के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना था। स्वास्थ्य विभाग ने भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता और स्क्रीनिंग कार्यक्रमों का आयोजन जारी रखने की बात कही है।
मधुबनी में फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान के तीसरे चरण में तेजी लाने के लिए जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने बुधवार को स्वयं कार्य की सघन निगरानी की। इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिसके तहत मधुबनी जिला फार्मर रजिस्ट्रेशन कार्य में पूरे बिहार में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। जिलाधिकारी ने अभियान की प्रगति सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से निगरानी की। बुधवार को अवकाश होने के बावजूद, सभी वरीय अधिकारी अपने संबंधित प्रखंडों में चल रहे अभियान के तहत कार्य प्रगति का जायजा लेते रहे। यह सघन मॉनिटरिंग जिले में शत-प्रतिशत पात्र किसानों के पंजीकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध हो रही है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि फार्मर रजिस्ट्री कार्य में किसी भी अधिकारी, कर्मी या सीएससी/वसुधा केंद्र संचालक की शिथिलता, लापरवाही या अरुचि पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आनंद शर्मा प्रत्येक दिन शाम को वर्चुअल माध्यम से संबंधित पदाधिकारियों के साथ बैठक कर कार्य प्रगति की नियमित समीक्षा भी कर रहे हैं। फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान के तृतीय चरण के पहले दिन 15 सीएससी/वसुधा केंद्र संचालकों का निबंधन रद्द किया गया, और अन्य को भी चिह्नित किया जा रहा है। तृतीय चरण के निर्देशों के आलोक में, 2 फरवरी से फार्मर रजिस्ट्री का कार्य मिशन मोड में शिविर लगाकर किया जा रहा है। जिले की सभी पंचायतों में इसके लिए शिविर लगाए गए हैं। किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से सेविका/सहायिका और पंचायत स्तरीय सभी कर्मियों द्वारा किसानों को रजिस्ट्री के लिए शिविरों तक लाया जा रहा है। जिलाधिकारी ने डीपीओ, आईसीडीएस और सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रत्येक सेविका/सहायिका से इस कार्य में सहयोग लिया जाए। एग्रोस्टैक परियोजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर करने हेतु प्रखंड एवं पंचायत स्तर के सभी विभागों के कर्मियों, जैसे राजस्व कर्मचारी, विशेष सर्वेक्षण कानूनगो, विशेष सर्वेक्षण अमीन, किसान सलाहकार, कार्यपालक सहायक, पंचायत रोजगार सेवक, पंचायत सचिव, विकास मित्र, आवास सहायक, आंगनवाड़ी सेविका और अन्य को प्रतिनियुक्त किया गया है। सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को कार्य के अनुश्रवण हेतु पंचायत आवंटित किए गए हैं।
मुजफ्फरपुर के मोतीपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने दो हथियारबंद बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मंगलवार, 3 फरवरी 2026 को घेराबंदी कर इन बदमाशों को अवैध हथियार, जिंदा कारतूस और एक हाई-स्पीड बाइक के साथ पकड़ा। इस कार्रवाई से इलाके में एक आपराधिक साजिश टल गई। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) पश्चिमी-01, सुचित्रा कुमारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, मोतीपुर थाना क्षेत्र के माइक्रोमैक्स इथनॉल फैक्ट्री रोड के पास दो व्यक्ति किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे। इस जानकारी के आधार पर, वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) मुजफ्फरपुर के निर्देश पर और ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में एक विशेष टीम का गठन किया गया। थनॉल फैक्ट्री रोड पर छापेमारी की विशेष टीम ने इथनॉल फैक्ट्री रोड पर छापेमारी की। इस दौरान, संदिग्ध मोटरसाइकिल सवारों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस टीम ने उन्हें घेरकर पकड़ लिया। गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान मोतीपुर के माधोपुर निवासी रामईश्वर कुमार (पिता- स्व. सुरेन्द्र सहनी) और नीरज कुमार (पिता- ढोरा राय) के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके पास से एक देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, दो मोबाइल फोन और एक हाई-स्पीड बाइक बरामद की। यह बाइक संभवतः घटना को अंजाम देने के बाद भागने के लिए इस्तेमाल की जानी थी। डीएसपी सुचित्रा कुमारी ने बताया कि इस संबंध में मोतीपुर थाने में कांड संख्या 41/26 दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इन बदमाशों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है, ताकि उनकी संलिप्तता वाली अन्य घटनाओं और उनके गिरोह के सदस्यों का पता लगाया जा सके।
केंद्र सरकार की ओर से लागू किए गए चार लेबर कोड कानूनों के विरोध में 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है। इस हड़ताल को सफल बनाने के लिए आज भागलपुर के भीखनपुर स्थित एटक कार्यालय में विभिन्न मजदूर संगठनों का संयुक्त कार्यकर्ता कन्वेंशन आयोजित हुआ। कन्वेंशन की संयुक्त अध्यक्षता ऐक्टू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एसके शर्मा, सीटू के जिला सचिव दशरथ प्रसाद, इंटक के जिला अध्यक्ष ई. रवि कुमार, सेवा की जिला अध्यक्ष उजरा बानो, एआईयूटीयूसी के जिला संयोजक दीपक कुमार और एटक के जिला उपाध्यक्ष मनोहर शर्मा ने की। ये लेबर कोड मजदूरों के हितों पर सीधा हमला वक्ताओं ने कन्वेंशन को संबोधित करते हुए कहा कि ये लेबर कोड मजदूरों के हितों पर सीधा हमला हैं। उनके अनुसार, इन कानूनों से मजदूरों का कानूनी संरक्षण कमजोर होगा और हड़ताल के अधिकार पर भी रोक लगेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि लेबर कोड में न तो काम की गारंटी है और न ही मजदूरी की सुरक्षा है। इससे स्थायी काम को अस्थायी भर्ती में बदलने का रास्ता खुलेगा, जिससे रोजगार की स्थिरता समाप्त हो जाएगी। वक्ताओं ने महिलाओं को रात में काम करने के लिए मजबूर करने को उनकी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया। साथ ही, काम के घंटे 8 से बढ़ाकर 16 करने से मजदूरों का शारीरिक और मानसिक शोषण बढ़ने की आशंका व्यक्त की गई। मजदूरों को न्याय से दूर करने का आरोप वक्ताओं ने यह भी कहा कि जिला स्तर के श्रम न्यायालयों को कमजोर करके मजदूरों को न्याय से दूर किया जा रहा है। उन्होंने सरकार पर इन कानूनों को मजदूर हितैषी बताकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया, जबकि उनके अनुसार ये पूरी तरह मजदूर विरोधी हैं। कन्वेंशन में सर्वसम्मति से लेबर कोड को रद्द करने की मांग की गई। साथ ही, 12 फरवरी को भागलपुर जिला मुख्यालय में जुलूस और प्रदर्शन निकालने की घोषणा की गई। नेताओं ने दावा किया कि इस हड़ताल में हजारों मजदूर सड़कों पर उतरकर सरकार की नीतियों का विरोध करेंगे। कन्वेंशन में बैंक कर्मचारी, बिजली मजदूर, निर्माण कामगार, वाहन चालक और खेत मजदूर सहित कई संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। सभी ने हड़ताल को सफल बनाने का संकल्प लिया।
नीट छात्रा मौत मामले में SSP और IG की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद डीजीपी विनय कुमार ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह हॉस्टल मैनेजमेंट की जिम्मेवारी है कि छोटी से छोटी घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दे। इस मामले में पुलिस को सूचना देने में काफी विलंब हुआ, जो गंभीर लापरवाही है। डीजीपी ने स्पष्ट कहा कि संबंधित हॉस्टल पर कार्रवाई होगी और हॉस्टल चलाने का लाइसेंस रद्द किया जाएगा। उन्होंने कहा, “She cannot run any hostel in Patna- हम लोग यह सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि संचालिका ने पैरेंट्स को सूचना दी, लेकिन पुलिस को समय पर जानकारी नहीं दी गई, जो गंभीर चूक है। डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि जांच के दौरान सामने आया है कि कई हॉस्टलों में रहकर बच्चियां ऑनलाइन और ऑफलाइन कोचिंग करती हैं। ऐसे में हॉस्टलों में स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर वातावरण स्वस्थ नहीं रहेगा तो बच्चे पढ़ नहीं सकेंगे और उनका भविष्य भी सही ढंग से नहीं संवर पाएगा। कोचिंग और हॉस्टल दोनों की जिम्मेदारी डीजीपी ने कहा कि सभी हॉस्टल संचालकों को हर पहलू पर ध्यान देना होगा। नक्शा पास करने वाली एजेंसियों को भी सतर्क रहना पड़ेगा कि हॉस्टल के कमरे सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण प्रदान करें। प्रोपर लाइटिंग, रहने की व्यवस्था, खाने-पीने की व्यवस्था और कोचिंग संचालकों, स्टाफ और गार्ड्स का पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि किसी का भी आपराधिक इतिहास न हो। नियमित जांच और जीरो टॉलरेंस सरकार ने साफ कर दिया है कि पुलिस, महिला हेल्प डेस्क और अभया ब्रिगेड मिलकर गर्ल्स हॉस्टलों की नियमित जांच करेंगे। किसी भी तरह की लापरवाही, संदिग्ध गतिविधि या नियम उल्लंघन पर तत्काल सख्त कार्रवाई होगी। बिहार सरकार ने महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि महिलाओं को समान अवसर और सम्मान के साथ सुरक्षित जीवन जीने का अधिकार है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्यभर के सभी गर्ल्स हॉस्टल और लॉज के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि अब राज्य के सभी गर्ल्स हॉस्टल और लॉज का पंजीकरण जरूरी होगा। हर थाना क्षेत्र में संचालित हॉस्टलों की पूरी जानकारी थाने में रखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई हो सके, इसके लिए महिला हेल्प डेस्क को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। 24 घंटे महिला वार्डन की होगी तैनाती नए नियमों के तहत सभी गर्ल्स हॉस्टल और लॉज में 24 घंटे महिला वार्डन की मौजूदगी अनिवार्य होगी। इसके साथ ही वार्डन, गार्ड, रसोइया और सफाईकर्मी समेत सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन कराया जाएगा। सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत हॉस्टल के मुख्य गेट, गलियारों, डायनिंग एरिया और पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों की रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखी जाएगी ताकि किसी भी घटना की जांच की जा सके। पुरुषों के प्रवेश पर सख्त रोक हॉस्टल के कमरों वाले हिस्से में पुरुषों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। हॉस्टल में आने वाले हर व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर और आधार विवरण विजिटर रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य होगा। हॉस्टल में पूरी रोशनी, बेहतर साफ-सफाई, मजबूत दरवाजे-ताले और खिड़कियों में लोहे की जाली होगी। रात में छात्राओं और स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लगाने पर भी जोर दिया गया है। आपात स्थिति के लिए 112 और अभया ब्रिगेड आपात स्थिति से निपटने के लिए हॉस्टल में 112 नंबर, स्थानीय थाना, महिला हेल्प डेस्क और अभया ब्रिगेड की जानकारी वाले पोस्टर लगाए जाएंगे। छात्राओं को 112 इंडिया ऐप के इस्तेमाल और उसके सुरक्षा फीचर्स की जानकारी भी दी जाएगी। नियमित जांच, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई उपमुख्यमंत्री ने साफ कहा कि पुलिस, महिला हेल्प डेस्क और अभया ब्रिगेड मिलकर हॉस्टलों की नियमित जांच करेंगे। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या नियमों के उल्लंघन पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया कि बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
2 घरों में आग लगी, 5 लाख का नुकसान:भागलपुर में युवक झुलसा; जान जोखिम में डाल जलता सिलेंडर निकाला
भागलपुर के नाथनगर थाना क्षेत्र के अजमेरीपुर बैरिया गांव में बुधवार शाम गैस सिलेंडर में आग लगने से अगलगी की घटना हुई। इस हादसे में दो घर पूरी तरह जलकर राख हो गए और पांच लाख रुपये नकद समेत लाखों का सामान नष्ट हो गया। हालांकि, समय रहते घर के सभी सदस्य सुरक्षित बाहर निकल गए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। आग सबसे पहले अमित मंडल के घर में लगी थी। अमित मंडल की पत्नी संजू देवी ने बताया कि आज ही नया सिलेंडर भरवाकर लाया गया था। शाम को खाना बनाने के दौरान अचानक गैस लीक होने लगी और देखते ही देखते सिलेंडर में आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही मिनटों में पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया और पड़ोसी कांतलाल मंडल के घर तक फैल गईं। एक युवक झुलसा इस दौरान, एक युवक ने अपनी जान जोखिम में डालकर जलते हुए सिलेंडर को घर से बाहर निकाला, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इस प्रयास में युवक मामूली रूप से झुलस भी गया। आग लगने की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जुट गए और अपने स्तर से आग बुझाने की कोशिश करने लगे। तुरंत अग्निशमन विभाग को भी सूचित किया गया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल की गाड़ियों और ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक दोनों घर पूरी तरह जल चुके थे। अगलगी की इस घटना में कांतलाल मंडल के घर में रखे पांच लाख रुपये नकद भी जलकर राख हो गए। पत्नी सुनीता देवी ने बताया कि वे किसान परिवार से हैं और कर्ज चुकाने के लिए उन्होंने यह रकम जमा करके रखी थी। आग ने उनके अनाज, कपड़े, फर्नीचर, बर्तन और जरूरी कागजात समेत घर का सारा सामान नष्ट कर दिया।
मोतिहारी नगर थाना पुलिस ने शराब तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक तस्कर को गिरफ्तार कर उसके घर के तहखाने से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की। यह कार्रवाई नगर थाना क्षेत्र के बलुआ मोहल्ले में गुप्त सूचना के आधार पर की गई। नगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन को बलुआ निवासी प्रकाश चौधरी के घर में अवैध शराब छिपाकर रखने और उसकी तस्करी करने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि के बाद थानाध्यक्ष ने इसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात को दी। एसपी के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने त्वरित छापेमारी की। शुरुआती तलाशी में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिलापुलिस टीम जब प्रकाश चौधरी के घर पहुंची, तो शुरुआती तलाशी में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। हालांकि, गहन जांच के दौरान कमरे के अंदर बने एक तहखाने का पता चला। तहखाने की तलाशी लेने पर वहां से शराब की कई बोतलें बरामद हुईं। पुलिस ने मौके से शराब जब्त कर आरोपी प्रकाश चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस नेटवर्क खंगालने में जुटीगिरफ्तार शराब तस्कर प्रकाश चौधरी से पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि शराब कहां से लाई गई थी और किन-किन इलाकों में इसकी आपूर्ति की जाती थी। पुलिस को आशंका है कि इस तस्करी के नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। छापेमारी टीम में नगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन, अपर थानाध्यक्ष चंदन कुमार, सब-इंस्पेक्टर प्रियंका कुमारी और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस ने दोहराया कि जिले में शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू किया जा रहा है, और अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
भोपाल के अरेड़ी में बुधवार को अवैध कॉलोनियों पर बड़ी कार्रवाई की गई। 2 कॉलोनी में जेसीबी की मदद से बाउंड्रीवॉल तोड़ दी गई, जबकि सड़कें उखाड़ दी। ये अवैध तरीके से डेवलप हो रही थी। अरेड़ी हुजूर तहसील में शामिल हैं। यहां पर पिछले कुछ दिन से अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं। इसके चलते बुधवार को एसडीएम विनोद सोनकिया के निर्देशन में अतिरिक्त तहसीलदार वृत-2 अतुल शर्मा ने राजस्व निरीक्षक प्रेमनारायण पराजपति, पटवारी विशाल शर्मा और अयोध्या नगर थाना पुलिस के साथ कार्रवाई की। एसडीएम सोनकिया ने बताया कि हरिदेव लेक सिटी और सियाराम सिटी पर कार्रवाई की गई है। कार्रवाई की 3 तस्वीरें… सड़कें भी उखाड़ीइन कॉलोनियों में सीमेंट क्रांकीट की सड़कें भी बना दी गई थी। वहीं, मुर्रम-बोल्डर से बनी सड़कें भी उखाड़ दी गई। एसडीएम सोनकिया ने बताया कि अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर अररिया सदर अस्पताल परिसर में एक विशेष कैंसर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ ने हाथों में पोस्टर व बैनर लेकर आम लोगों से कैंसर के प्रति सतर्क रहने और समय पर जांच कराने की अपील की। सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि 4 फरवरी को मनाए जाने वाले विश्व कैंसर दिवस का मुख्य उद्देश्य समाज को इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली और गलत खान-पान के कारण अब हर उम्र के लोग कैंसर की चपेट में आ रहे हैं। मुख कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसका मुख्य कारण तंबाकू, गुटखा, खैनी, बीड़ी, सिगरेट और पान मसाला का सेवन है। तंबाकू उत्पादों के प्रवेश पर पूरी तरह रोकडॉ. कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि घरों में तंबाकू उत्पादों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगानी चाहिए। यदि परिवार का कोई सदस्य इनका सेवन करता है, तो उसे तुरंत छुड़वाने का प्रयास करें। उन्होंने स्तन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर जैसी अन्य गंभीर बीमारियों के प्रति भी जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई। डॉ. कुमार के अनुसार, शुरुआती लक्षणों की पहचान होने पर कैंसर का इलाज संभव है। डॉक्टरों ने मुख कैंसर के लक्षण बताएडॉक्टरों ने मुख कैंसर के प्रमुख शुरुआती लक्षण भी बताए। इनमें मुंह में लंबे समय तक न भरने वाला घाव, गाल, जीभ या होंठ पर सफेद या लाल धब्बे, मुंह खोलने या निगलने में दर्द या तकलीफ, जीभ या मुंह में गांठ या सूजन, लगातार आवाज का बैठना और जबड़े में दर्द शामिल हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी कि उपरोक्त में से कोई भी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या सदर अस्पताल में जांच करानी चाहिए। डॉ. कुमार ने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2026 तक सदर अस्पताल में कुल 64,374 लोगों की कैंसर स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिसमें 44 कैंसर मरीजों की पहचान हुई है।
गोपालगंज में ट्रक की टक्कर से मां-बेटा घायल:एनएच 27 पर चैन पट्टी के पास हादसा, मां की हालत गंभीर
गोपालगंज के नगर थाना क्षेत्र में एक अनियंत्रित ट्रक ने बाइक सवार मां-बेटे को टक्कर मार दी। इस हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें मां की हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना चैन पट्टी गांव के पास एनएच 27 पर हुई। घायलों की पहचान नगर थाना क्षेत्र के भीतभेरवा गांव निवासी बंका मियां की पत्नी सकीना खातून और उनके बेटे अब्दुल कुदुस के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, अब्दुल कुदुस अपनी मां सकीना खातून को उनके मायके मकसूदपुर से वापस घर भीतभेरवा ला रहे थे। अनियंत्रित ट्रक ने बाइक को जोरदार टक्कर वे जैसे ही नगर थाना क्षेत्र के चैन पट्टी गांव के पास पहुंचे, तभी एक अनियंत्रित ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर मारने के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद मां-बेटा सड़क पर गिरकर बुरी तरह घायल हो गए। डायल 112 ने दोनों घायलों अस्पताल पहुंचाया आसपास के लोगों ने तत्काल इसकी सूचना डायल 112 की टीम को दी। सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को इलाज के लिए मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया। इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
नवादा के नारदीगंज प्रखंड के फालडू गांव में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए मृतक की पत्नी और उसके जीजा पर अवैध संबंध का शक जाहिर किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान नारदीगंज प्रखंड के जादूपुर गांव निवासी 26 वर्षीय राहुल कुमार के रूप में हुई है। राहुल का विवाह 22 फरवरी 2023 को फालडू गांव की प्रियंका कुमारी से हुआ था। राहुल की पत्नी का अपने जीजा से था अवैध संबंध मृतक के भाई रोहित कुमार ने आरोप लगाया है कि राहुल की हत्या प्रेम प्रसंग के चलते की गई है। रोहित के अनुसार, राहुल की पत्नी प्रियंका कुमारी का अपने जीजा के साथ अवैध संबंध था। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। रोहित ने यह भी बताया कि शादी के छह महीने बाद से ही वैवाहिक जीवन में कलह शुरू हो गई थी, क्योंकि राहुल इस अवैध संबंध का विरोध करता था। सोमवार को राहुल कुमार अपने ससुराल गया था, और बुधवार को परिजनों को उसकी तबीयत बिगड़ने से अचानक मौत होने की सूचना मिली। भाई के लिखित आवेदन पर पुलिस ने जांच की शुरू सूचना मिलने पर परिजनों ने तत्काल पुलिस को जानकारी दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लाया गया। मृतक के भाई ने नारदीगंज थाना में लिखित आवेदन दिया है, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। डीएसपी राहुल कुमार ने बताया कि घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। पुलिस फिलहाल आरोपों और मौत के कारणों की गहनता से जांच कर रही है। इस मामले में मृतक की पत्नी सहित दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। डीएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो पाएगा।
पूर्णिया में भगवान हनुमान की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इसमें सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष शामिल रहें। ये भव्य कलश यात्रा शहर के विभिन्न मार्गो से होती हुई भट्टा कालीबाड़ी पहुंची। महिलाओं ने कलश में जल भरा। जिसके बाद कलश यात्रा तमता टोली आनंद कॉलोनी स्थित काली विषहरी मंदिर आकर संपन्न हुई। कलश यात्रा में शामिल लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए। पूरा शहर जय बजरंगबली और धार्मिक जयकारों से गुंजयमान हो उठा। कलश यात्रा में पीले वस्त्र धारण किए अनेक महिलाएं सिर पर कलश लेकर मंगल गायन करती दिखाई दी। सभी भक्ति में लीन नजर आए महिलाओं के पीछे बालिकाओं का भी विशाल जत्था चल रहा था। सभी भक्ति में लीन नजर आए। भक्ति गीतों पर महिलाएं सिर पर कलश लिए भगवान हनुमान के जयकारे लगाती कलश यात्रा को आगे बढ़ा रही थी। कलश यात्रा तमता टोली, आनंद कॉलोनी, काली विषहरी मंदिर से प्रारंभ होकर रजनी चौक, ठाकुरबाड़ी, लखन चौक और भट्टा बाजार होते हुए कालीबाड़ी मंदिर पहुंची। वहां श्रद्धालु महिलाओं ने कलश में जल भरा और शोभा यात्रा के साथ फिर से काली विषहरी मंदिर परिसर लौटीं। यात्रा के दौरान महिलाओं ने मंगल गीत गाए, जबकि पुरुष श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़ते नजर आए। कलश यात्रा के साथ सड़कों पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान चार दिनों तक चलेगा मंदिर समिति के प्रमुख तरुण राय ने बताया कि भगवान हनुमान की मूर्ति का प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान चार दिनों तक चलेगा। यह कार्यक्रम आज से प्रारंभ होकर 7 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान पांच पुरोहितों द्वारा विधि-विधान से धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया जा रहा है। प्राण प्रतिष्ठा को लेकर क्षेत्र के लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है और आने वाले दिनों में पूजा-पाठ, हवन और भंडारे जैसे धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
प्रदेश में इसी माह 28 फरवरी को बोत्सवाना से 8 चीते लाए जाएंगे। केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्रालय चीतों के एमपी लाए जाने में राज्य सरकार को पूरा सहयोग देगा। इसको लेकर केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के बीच बैठक में व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा हुई है। इसके अलावा एमपी में पर्यटन विकास को लेकर भी चर्चा की गई है। सीएम ने दिल्ली प्रवास के दौरान आधा दर्जन केंद्रीय मंत्रियों के साथ मुलाकात की है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने संसद भवन में केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात के बाद कहा कि आज नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री यादव के साथ प्रदेश में पर्यटन विकास, रिजर्व फॉरेस्ट के विस्तार और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर डिटेल चर्चा हुई है। इसमें खासतौर पर असम से जंगली भैंसा लाने की प्रक्रिया तथा इस वर्ष 28 फरवरी को बोत्सवाना से 8 चीतों के आगमन को लेकर भी आवश्यक सहयोग और व्यवस्थाओं पर भी बात हुई है। सीएम यादव ने यह भी कहा कि नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी के साथ किसान कल्याण और गेहूं उपार्जन, भंडारण व्यवस्था को लेकर बैठक हुई है। इसमें एमपी से होने वाले गेहूं के उपार्जन के लिए बकाया दिए जाने और हर साल की तरह इस साल भी अन्य राज्यों से अधिक गेहूं की खरीदी करने पर डिस्कसन किया गया है। सीएम यादव की दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह के साथ भी मुलाकात और वस्त्र उद्योग लगाने को लेकर बैठक हुई है। साथ ही मुख्यमंत्री केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से भी मिले हैं। केंद्रीय नेताओं के साथ नए प्रदेश संगठन महामंत्री पर भी डिस्कसन सीएम मोहन यादव और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल दोनों ही आज दिल्ली में हैं। इस दौरान सीएम यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल की पार्टी के केंद्रीय नेताओं के साथ भी बीजेपी के नए प्रदेश संगठन महामंत्री के नाम को लेकर भी चर्चा होने की सूचना है। अभी इसका प्रभार क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल के पास है लेकिन स्थायी जिम्मेदारी को लेकर चल रही कयासबाजी में शामिल नामों को ही मौका मिलेगा या कोई नया चेहरा सामने आएगा। इसका निर्णय पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को करना है। इसलिए प्रवास के दौरान इस पर भी चर्चा की गई है। दूसरी ओर यह भी कहा जा रहा है कि आने वाले समय में प्रदेश में निगम मंडल में नियुक्तियां और मंत्रिमंडल विस्तार भी होना है, इसलिए भी केंद्रीय नेताओं के साथ चर्चा की जा रही है।
नवादा के रजौली थाना क्षेत्र में बुधवार को एक भीषण सड़क हादसे में एक ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई। यह दुर्घटना बिहार-झारखंड सीमा पर चितरकोली स्थित समेकित जांच चौकी से लगभग 2 किलोमीटर दूर काराखुट मोड़ के समीप हुई। दूसरे ट्रक का चालक और उपचालक फरार जानकारी के अनुसार, झारखंड की ओर से एल्यूमिनियम तार लादकर आ रहे एक ट्रक और नवादा की ओर से आ रहे दूसरे ट्रक के बीच तीखे मोड़ पर आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे के बाद दूसरे ट्रक का चालक और उपचालक वाहन छोड़कर फरार हो गए। मृतक चालक की पहचान गया जिले के कोंच थाना क्षेत्र के मझियावां गांव के भेड़िया बिगहा निवासी सीताराम यादव के 31 वर्षीय पुत्र रंजीत कुमार यादव के रूप में हुई है। राहगीरों ने डायल 112 और रजौली थाना को दी सूचना दुर्घटना के कारण सड़क पर भीषण जाम लग गया, जिससे बिहार-झारखंड आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हुई। जाम में फंसे राहगीरों ने डायल 112 और रजौली थाना को फोन कर सूचना दी। राहगीरों ने जेसीबी की मदद से ट्रक में फंसे मृत चालक को बाहर निकाला। थानाध्यक्ष बोले- चालक के जेब मिला आधार कार्ड-ड्राइविंग लाइसेंस सूचना मिलने पर पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचा और मृत चालक को रजौली स्थित अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. सारिका कुमारी ने बताया कि पुलिस द्वारा लाए गए व्यक्ति की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी। इस संबंध में थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर रंजीत कुमार ने बताया कि मृतक चालक के पैकेट से आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बरामद हुआ है। परिजनों को सूचित कर दिया गया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल नवादा भेजा गया है।
औरंगाबाद शहर के एक होटल में आज सदर प्रखंड मुखिया संघ की अध्यक्षता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में देव प्रखंड के दुलारे पंचायत के मुखिया विजेंद्र यादव की गिरफ्तारी का विरोध किया गया। इस दौरान जिले भर से पहुंचे मुखियाओं ने एक स्वर में इसे तानाशाहीपूर्ण कार्रवाई बताते हुए जिला प्रशासन और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। मुखिया संघ के पदाधिकारी सुजीत सिंह ने कहा कि विजेंद्र यादव की गिरफ्तारी पूरी तरह से गलत और दुर्भावनापूर्ण है। उन्होंने बताया कि जिस मामले में मुखिया की गिरफ्तारी की गई है, वह दरअसल भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का मामला है। दुलारे पंचायत में अम्बेडकर आवासीय विद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण काम में बालू की जगह डस्ट (पत्थर का चूरा) का उपयोग किया जा रहा था। इसकी जानकारी मिलने पर मुखिया विजेंद्र यादव जांच के लिए मौके पर गए, जहां उन्हें स्पष्ट गड़बड़ी मिली। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उन पर बेवजह आरोप लगाए गए और कथित रूप से मारपीट भी की गई। इसके बाद ढिबरा थाना में झूठा एफआईआर दर्ज कराकर 24 घंटे के भीतर उनकी गिरफ्तारी कर ली गई। अपने क्षेत्र में साइट का निरीक्षण करेंगे मुखिया सुजीत सिंह ने कहा कि अगर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर एक मुखिया को इतनी जल्दी जेल भेजा जा सकता है, तो फिर गलत तरीके से हो रहे निर्माण काम को भी तत्काल बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अब सभी मुखिया संबंधित साइट का निरीक्षण करेंगे और जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां काम रुकवाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले का पूरा सिस्टम भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है और ईमानदारी से काम करना पंचायत प्रतिनिधियों के लिए मुश्किल होता जा रहा है। शहर में बिना लाइसेंस के चल रहे अवैध बूचड़खाने उन्होंने आगे कहा कि औरंगाबाद में किसी भी वैध बूचड़खाने का लाइसेंस नहीं है, इसके बावजूद खुलेआम अवैध गतिविधियां हो रही हैं। जब कोई मुखिया भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाता है, तो उस पर रंगदारी या गुंडागर्दी जैसे आरोप थोप दिए जाते हैं। सुजीत सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार को बदनाम करने का काम खुद स्थानीय अधिकारी कर रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर एक भी और मुखिया को जेल भेजा गया, तो सभी मुखिया आंदोलन के लिए बाध्य होंगे और आवश्यकता पड़ने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी जाएंगे। झूठे आरोप में मुखिया को गिरफ्तार करना गलत प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूही पंचायत के मुखिया मंजीत यादव ने कहा कि पंचायत क्षेत्र में हो रहे किसी भी विकास काम की जांच करना मुखिया का अधिकार और दायित्व है। सरकार की योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन हो रहा है या नहीं, यह देखना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। जूनियर इंजीनियर (जेई) के माध्यम से थाना में गलत आवेदन दिया गया, जिसमें मुखिया पर गुंडागर्दी और रंगदारी मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मुखिया को रंगदारी मांगनी होती, तो वह ठेकेदार से मांगता, जेई से क्यों मांगता। मंजीत यादव ने थाना प्रभारी की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि बिना किसी जांच के गिरफ्तारी करना किस नियम के तहत किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में अफसरशाही हावी है और जनप्रतिनिधियों की आवाज को दबाया जा रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में सभी मुखियाओं ने एकजुट होकर कहा कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे और जरूरत पड़ी, तो सड़कों पर उतर कर आंदोलन करेंगे।
गयाजी में भटकी नाबालिग लड़की मिली:घर से झगड़े के बाद गुस्से में निकल गई थी, पास में थे 510 रुपये कैश
गयाजी में पूर्व मध्य रेलवे के डीडीयू मंडल अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल ने ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत कार्रवाई की है। गया रेलवे स्टेशन परिसर में गश्ति के दौरान भटकी एक नाबालिग लड़की को सुरक्षित बरामद कर निगरानी में लेकर चाइल्ड हेल्प लाइन को दे दिया गया है। रेलबे सुरक्षा बल पोस्ट गया के अधिकारियों के अनुसार, 4 फरवरी 2026 को स्टेशन परिसर में नियमित गश्ति चल रही थी। इसी दौरान प्लेटफॉर्म संख्या एक के हावड़ा छोर के पास एक किशोरी एकांत में बैठी दिखी। इसकी उम्र करीब 15 साल है। स्थिति संदिग्ध लगी। प्रथम दृष्टया से घर से भागे होने की आशंका बनी। इसके बाद महिला आरक्षी को मौके पर बुलाया गया और नाबालिग से बातचीत की गई। 510 रुपये नकद मिले पूछताछ में किशोरी ने अपना पता अशोक राजपथ, महेंदू, थाना सुल्तानगंज, जिला पटना बताया। उसने बताया कि घर में झगड़े के बाद बिना किसी को बताए निकल गई थी और भटकते हुए गया स्टेशन पहुंच गई। तलाशी के दौरान उसके पास 510 रुपये नकद पाए गए। रेलवे सुरक्षा बल ने नाबालिग को भयमुक्त माहौल में रेसुब पोस्ट गया लाया। संभावित अनहोनी या तस्करी की आशंका को देखते हुए तत्काल रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क एवं जिला बाल संरक्षण इकाई को सूचना दी गई। सूचना पर चाइल्ड हेल्प डेस्क की सुपरवाइजर पुनीता कुमारी रेसुब पोस्ट पहुंचीं। सभी औपचारिकताओं के बाद नाबालिग लड़की को सुरक्षित और सही-सलामत चाइल्ड हेल्प लाइन गया के सुपुर्द कर दिया गया। रेलवे सुरक्षा बल का कहना है कि ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत स्टेशन परिसर में बच्चों की सुरक्षा को लेकर निगरानी जारी रहेगी।
पीथमपुर नगर पालिका में स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की तैयारियों को लेकर सीएमओ निशिकांत शुक्ला ने वार्ड दरोगाओं के साथ समीक्षा बैठक की। शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सीएमओ ने काम में लापरवाही बरतने वाले 11 सफाई कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का आखिरी नोटिस थमा दिया है। बैठक में उन कर्मचारियों की लिस्ट तैयार की गई जो लंबे समय से बिना बताए काम से गायब चल रहे थे। विकास, मुस्कान, सागर बाई सहित कुल 11 सफाई कर्मियों को अंतिम 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया गया है। सीएमओ ने साफ चेतावनी दी है कि यदि काम में सुधार नहीं हुआ, तो उन्हें तत्काल सेवा मुक्त कर दिया जाएगा। माइक्रोप्लान से होगी वार्डों की सफाई सीएमओ ने सभी वार्ड दरोगाओं को निर्देश दिए कि वे माइक्रोप्लान बनाकर अपने-अपने इलाकों में विशेष सफाई अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि सफाई के काम में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दरोगाओं को जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने अधीन आने वाले कर्मचारियों से तय योजना के मुताबिक काम करवाएं। पीथमपुर को अव्वल बनाने का लक्ष्य बैठक का मुख्य उद्देश्य स्वच्छ सर्वेक्षण में नगर पालिका को बेहतर रैंकिंग दिलाना था। सीएमओ ने कहा कि शहर को सुंदर और स्वच्छ बनाने के लिए पूरी टीम को एकजुट होकर काम करना होगा। इस दौरान स्वास्थ्य अधिकारी रूपेश कुमार सूर्या और स्वच्छता टीम के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए आवेदन की तारीख आगे बढ़ा दी है। वहीं, असिस्टेंट टाउन प्लानर के 39 पदों के लिए भर्ती का विज्ञापन जारी किया है। इसके लिए 20 सितंबर को एग्जाम होगा। असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए अभ्यर्थी अब 10 मई से 9 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पहले यह प्रक्रिया 27 फरवरी से 26 मार्च तक प्रस्तावित थी। इस फैसले से SET (स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट) देने वाले अभ्यर्थियों को सीधा फायदा मिलेगा, जो पहले आवेदन की समय सीमा के कारण बाहर हो सकते थे। सूत्रों के मुताबिक, SET का रिजल्ट अप्रैल में आने की संभावना है। साल के अंत तक 10 से ज्यादा नई भर्तियों के विज्ञापनMPPSC ने संकेत दिए हैं कि साल 2026 के अंत तक 10 से ज्यादा भर्ती परीक्षाओं के विज्ञापन जारी होंगे। इनमें एडीपीओ, असिस्टेंट रजिस्ट्रार, मेडिकल एक्सपर्ट, डेंटल सर्जन, असिस्टेंट डायरेक्टर (एग्रीकल्चर), वैज्ञानिक अधिकारी, फूड सेफ्टी ऑफिसर, मेडिकल ऑफिसर के पद शामिल हैं। प्रारंभिक परीक्षाओं में थ्री-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम लागूMPPSC ने 26 अप्रैल से राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षाओं में थ्री-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम लागू किया है। यूपीएससी पहले से ही इस सिस्टम का इस्तेमाल कर रहा है। इस सिस्टम के लिए पहले एक बार टेंडर प्रक्रिया निरस्त हो चुकी थी, बाद में दोबारा टेंडर किए गए हैं। ये खबर भी पढ़ें… इस साल 14 हजार सरकारी पदों पर होगी भर्ती मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) और कर्मचारी चयन मंडल (ESB) के कैलेंडर के अनुसार, 2026 में ग्रुप 'ए' से लेकर ग्रुप 'डी' तक के 14,000 से अधिक पदों को भरने के लिए कुल 22 भर्ती परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। यह भर्तियां राज्य के प्रशासनिक, पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य अहम विभागों में रिक्त पड़े पदों को भरने के लिए की जाएंगी। पढ़ें पूरी खबर…
राजस्थान से भागकर आए एक नाबालिग बच्चे को गुना में बरामद किया गया है। वह हॉस्टल में रहता था, लेकिन वहां नहीं रहना चाहता था। वह मानसिक रूप से परेशान हो गया था। इसलिए भागकर आ गया। मिली जानकारी के अनुसार RPF गुना से SJPU गुना को सूचना प्राप्त हुई कि अजमेर–कोलकाता एक्सप्रेस ट्रेन में गुना रेलवे स्टेशन पर लगभग 12 साल का एक बच्चा लावारिस अवस्था में मिला है। सूचना पर SJPU की टीम मौके पर पहुंची और बच्चे से बातचीत कर काउंसलिंग की गई। काउंसलिंग के दौरान बच्चे ने बताया कि वह जिला टोंक (राजस्थान) के एक हॉस्टल में रहकर कक्षा 5वीं का छात्र है, परंतु वह हॉस्टल में नहीं रहना चाहता था। इसलिए मानसिक रूप से परेशान होकर वह बिना बताए हॉस्टल से निकलकर ट्रेन में बैठ गया और गुना पहुंच गया। बच्चे द्वारा पता और मोबाइल नंबर नहीं बता पाने पर SJPU एवं RPF की संयुक्त टीम द्वारा राजस्थान पुलिस से समन्वय स्थापित किया गया। इससे जानकारी प्राप्त हुई कि थाना सिटी कोतवाली, जिला भीलवाड़ा में बालक की गुमशुदगी पर अपराध क्रमांक 40/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध है। इसके बाद सिटी कोतवाली भीलवाड़ा पुलिस से संपर्क कर बालक के गुना में सुरक्षित होने की सूचना दी गई। साथ ही बालक के पिता से भी संपर्क स्थापित कर उन्हें आवश्यक दस्तावेजों सहित गुना बुलाया गया। बच्चे के पिता और सिटी कोतवाली भीलवाड़ा से आरक्षक अजय चौधरी के गुना पहुंचने पर SJPU एवं RPF की संयुक्त टीम द्वारा बालक को विधिवत बाल कल्याण समिति (CWC) गुना के माध्यम से सकुशल उसके पिता और भीलवाड़ा पुलिस के सुपुर्द किया गया। इस कार्यवाही में SJPU से अनिल सिंह तोमर, RPF से उपनिरीक्षक जोगिंदर सिंह, ASI मान सिंह और बाल कल्याण समिति गुना से अध्यक्ष नीरू शर्मा, सदस्य सुधाकर शर्मा, अनुसुइया रघुवंशी, रविन्द्र रघुवंशी और रेणु मिश्रा की भूमिका रही।
नमस्कार आज की सबसे बड़ी खबर दरभंगा से है। यहां पूरे गांव के ब्राह्मणों पर SC-ST एक्ट में FIR दर्ज की गई है। वहीं, सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत वृंदावन में ई-रिक्शा से घूमते दिखे। जदयू के विधायक ने सांसद पप्पू यादव पर आरोप लगाते हुए कहा कि समाजसेवा ने नाम पर रंगदारी वसूलते हैं।चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, बिहार दिनभर में क्या कुछ खास रहा... टॉप 15 खबरें… 1. पूरे गांव के ब्रह्मणों के खिलाफ SC/ST एक्ट में केस दर्ज दरभंगा के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र में पूरे गांव के ब्राह्मणों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत FIR की गई है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 12 लोगों को हिरासत में लिया है। मामला हरिनगर गांव का है। पुलिस के मुताबिक, हरिनगर गांव निवासी असर्फी पासवान ने कुशेश्वरस्थान थाने में आवेदन दिया है। आवेदन में पूरे गांव को अभियुक्त बनाया गया है। इसमें 70 ब्राह्मण नामजद आरोपी हैं। इसके अलावा 100–150 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पूरी खबर पढ़ें 2. वृंदावन पहुंचे सीएम नीतीश के बेटे निशांत CM नीतीश कुमार के बेटे निशांत अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं। वो इन दिनों वृंदावन में पूजा पाठ में मशगूल हैं। निशांत अपने रिश्तेदारों के साथ वृंदावन की गलियों में बिना VIP प्रोटोकॉल के देखे गए। उन्होंने 10 रुपए में ई रिक्शा की सवारी भी की। उनके साथ कोई तामझाम या सुरक्षा का भारी घेरा नजर नहीं आया। स्थानीय लोग भी उन्हें सहज और सामान्य अंदाज में घूमते देख हैरान रह गए। पूरी खबर पढ़ें 3. पप्पू यादव अस्पतालों से रंगदारी वसूलते हैं: जदयू विधायक नीट मामले को लेकर सांसद पप्पू यादव के बयानों पर बिहार की सियासत गरमा गई है। पप्पू यादव के पटना के हॉस्टल से नेताओं और विधायकों को लड़कियां सप्लाई किए जाने के आरोप पर जदयू विधायक पप्पू वर्मा ने हमला बोला। पप्पू वर्मा ने कहा कि पप्पू यादव खुद को दानवीर के रूप में पेश करने की कोशिश करते हैं, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। उन्होंने आरोप लगाया कि पप्पू यादव अलग-अलग अस्पतालों से हर महीने मोटी रकम वसूलते हैं। पूरी खबर पढ़ें 4. पवन सिंह ने स्टेज पर मिस्ट्री गर्ल को गले लगाया भोजपुरी के पावर स्टार कहे जाने वाले पवन सिंह अपनी पर्सनल लाइफ के कारण अक्सर चर्चा में रहते हैं। एक बार फिर से पवन सिंह का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में वो 'मिस्ट्री गर्ल' महिमा सिंह को गले लगाते दिख रहे हैं। महिमा सिंह के कंधे पर हाथ रखकर पवन सिंह कह रहे हैं ‘प्यार करना गुनाह नहीं है।’ ये वीडियो यूपी के सिद्धार्थ नगर मोहत्सव का है। कार्यक्रम में पवन सिंह एंकर को भी शादी के लिए प्रपोज करते नजर आए। एंकर ने कहा, ‘मैं लड़का ढूंढ रही हूं’। इस पर पवन सिंह खुद ही शादी का प्रपोजल देने लगे। पूरी खबर पढ़ें 5. मंदिर का झंडा तोड़ने पर दो पक्षों के बीच विवाद सारण में आधी रात मंदिर पर लगे ध्वज और झंडे को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर परिसर के पास जमा हो गए, जिससे स्थिति बिगड़ने लगी। प्रशासन ने तुरंत मौके पर पहुंच बीच-बचाव किया। फिलहाल, स्थिति नियंत्रण में है और गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर कैंप किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्व शब-ए-बारात में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने घटना को अंजाम दिया है। पूरी खबर पढ़ें 6. थाने में ठगी, पुलिस मित्र बनाने के नाम पर वसूली मोतिहारी में पुलिस मित्र बहाली के नाम पर एक एनजीओ द्वारा लाखों रुपये की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि एनजीओ संचालक ने जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के बेरोजगार युवकों को पुलिस मित्र बनाने का झांसा देकर यह ठगी की। मामला उजागर होने के बाद एसपी स्वर्ण प्रभात ने कोटवा थाना में प्राथमिकी दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी के निर्देश दिए हैं। पूरी खबर पढ़ें 7. राज्यसभा में उठी पटना का नाम बदलने की मांग राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान राज्यसभा सदस्य और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाह ने पटना का नाम पाटलिपुत्र रखने की मांग उठाई। उपेंद्र कुशवाहा राष्ट्रपति की अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बातें रखी। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा,'महामहिम राष्ट्रपति ने अपने भाषण में अतीत के क्षणों को याद करते हुए कहा कि जब देशवासी अतीत के महान पड़ावों और अपने पूर्वजों के महान योगदान को याद करते हैं तो नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है। पूरी खबर पढ़ें 8. बेटा नहीं हुआ को पत्नी समेत दो बेटियों को हत्या कर दी नालंदा में मां और 2 मासूम बेटियों की मौत हुई है। मृतकों की पहचान पिंटू यादव की पत्नी कविता देवी (28), सपना (5), डेढ़ साल की बेटी गुंजन के रूप में हुई है। कविता के पिता का आरोप है कि पति ने बेटे की चाहत में पत्नी और बच्चियों की जहर देकर हत्या की है। घटना मंगलवार की रहुई थाना क्षेत्र के जगनंदनपुर गांव की है। पूरी खबर पढ़ें 9. सरकारी बस से शराब तस्करी, ड्राइवर समेत दो गिरफ्तार पटना के दनियावां थाना क्षेत्र में बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) की एक बस से भारी मात्रा में विदेशी शराब जब्त की गई है। पुलिस ने इस मामले में बस के ड्राइवर और खलासी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, जब्त की गई शराब की अनुमानित कीमत करीब 4 लाख रुपये है। बस से कुल 282 बोतल विदेशी शराब बरामद की गई है। पूरी खबर पढ़ें 10. पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी मुजफ्फरपुर में मंगलवार रात अपराधियों ने गला रेतकर पान दुकानदार की हत्या कर दी। मां ने पत्नी और उसके प्रेमी पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। मृतक की पहचान मनोज कुमार राय (35) के तौर पर हुई है। घटना नगर थाना क्षेत्र के केपी पथ स्थित माखन साह चौक के पास की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मनोज खून से लथपथ सड़क पर पड़े मिले। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एंबुलेंस का इंतजार नहीं किया। पूरी खबर पढ़ें 11. चलती ट्रक में अचानक लगी आग, लाखों का माल जला किशनगंज शहर के बस स्टैंड के समीप एनएच-27 पर सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब प्लाई से लदे एक ट्रक में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और ट्रक पूरी तरह जलकर खाक हो गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। पूरी खबर पढ़ें 12. ट्रक ने कार को 200 मीटर घसीटा, किसी तरह बची जान समस्तीपुर से एक्सीडेंट का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। यहां एक तेज रफ्तार ट्रक ने न केवल एक कार को अपनी चपेट में लिया, बल्कि उसे करीब 200 मीटर तक सड़क पर घसीटता हुआ ले गया। कार 2 ट्रकों के बीच दब हई और स्थानीय लोगों ने दौड़ कर कार सवार की जान बचाई। घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के जितवारपुर हसनपुर का है। पूरी खबर पढ़ें 13. हवलदार की गोली लगने से मौत पूर्णिया में हवलदार की गोली लगने से संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई है। हवलदार का शव थाना परिसर में बने गार्ड क्वार्टर में खून से लथपथ मिला। हवलदार के गले में बुलेट के आर पार होने के निशान हैं। मौके से हवलदार की कार्बाइन और खोखा भी बरामद हुआ है। घटना सुबह करीब 10 बजे की है। मृतक हवलदार की पहचान गया के रहने वाले आलमनाथ भूइयां के रूप में हुई है। मौके पर FSL और डॉग स्क्वायड की टीम पहुंची है। मामले की जांच चल रही है। पूरी खबर पढ़ें अब वो खबर जो हटकर है 14. सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद TMBU में UGC लागू तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में UGC के नए नियमों को लेकर विवाद हो गया है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से यूजीसी के नए नियमों पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे लागू कर दिया है। छात्र शिकायत निवारण कोषांग के गठन का आदेश जारी कर दिया गया है। आदेश सामने आते ही विश्वविद्यालय परिसर में इसे लेकर प्रतिक्रिया देखने को मिली। विवाद गहराने पर आनन-फानन में कुलपति ने आदेश को वापस भी ले लिया। पूरी खबर पढ़ें अब चलते-चलते एक नजर कल के मौसम पर 15. बिहार के 12 जिलों में कोहरे का अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र ने कल यानी गुरुवार को बिहार के 12 जिलों में कोहरे का अलर्ट जारी किया है। हालांकि अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य रहेगा। सुबह-शाम हल्की ठंड महसूस होगी।
केंद्र सरकार ने लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब देश के सभी सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) के लिए अपनी कुल खरीदारी का 25 प्रतिशत हिस्सा MSME इकाइयों से खरीदना अनिवार्य होगा। इस कदम से छोटे उद्यमियों को सीधा बाजार मिलेगा और उनके कारोबार में वृद्धि होगी। यह जानकारी फजलगंज स्थित MSME विकास संस्थान में आयोजित दो दिवसीय 'MSME एक्सपो' के दौरान साझा की गई। संस्थान के निदेशक विष्णु वर्मा ने बताया कि यह निर्णय केंद्र सरकार की 'पब्लिक प्रोक्योरमेंट पॉलिसी' के तहत छोटे उद्योगों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से लिया गया है। इस एक्सपो में कानपुर सहित उत्तर प्रदेश के 21 जिलों के उद्यमियों ने भाग लिया। प्रदर्शनी में 82 से अधिक स्टाल लगाए गए थे, जहां उद्यमियों ने अपने उत्पादों और कौशल का प्रदर्शन किया। निदेशक विष्णु वर्मा ने यह भी बताया कि हर साल फरवरी में ऐसी प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य 'क्रेता-विक्रेता सम्मेलन' के माध्यम से एक ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां सरकारी कंपनियां अपनी आवश्यकताएं बता सकें और छोटे उद्यमी उन मांगों को पूरा करने के लिए सीधे संपर्क स्थापित कर सकें। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर टी. रजनीश (DGQA) ने उद्यमियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में MSME इकाइयों का 30 प्रतिशत योगदान है। उन्होंने विभिन्न स्टालों का दौरा किया और स्थानीय स्तर पर निर्मित उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना की। एक्सपो के दौरान विशेषज्ञों ने उद्यमियों को व्यापार बढ़ाने के आधुनिक तरीके सिखाए। क्लस्टर डेवलपमेंट, जेम (GeM) पोर्टल, मार्केटिंग और पैकेजिंग की जानकारी उद्यमियों को दी गई। इस अवसर पर संयुक्त आयुक्त उद्योग सुनील कुमार, फियो के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव सहित कई अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बुधवार को संस्थान में विशेष बायर-सेलर मीट का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उद्यमियों को सीधे बड़े ऑर्डर्स मिलने की संभावना है।
महाराजगंज। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय संबद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ (सुआक्टा) का चुनाव महाराजगंज के जवाहरलाल नेहरू स्मारक पीजी कॉलेज में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस चुनाव में डॉ. शशिकांत राव अध्यक्ष और डॉ. त्रिलोकी नाथ महामंत्री चुने गए। विश्वविद्यालय से संबद्ध चार जिलों महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती और संतकबीरनगर के 10 अशासकीय महाविद्यालयों के 198 मतदाताओं में से 189 ने मतदान किया। अध्यक्ष पद के लिए हीरालाल रामनिवास पीजी कॉलेज, खलीलाबाद के डॉ. शशिकांत राव ने अपने ही कॉलेज के विनय कुमार सिंह को 7 मतों से हराया। डॉ. शशिकांत राव को 98 मत मिले, जबकि विनय कुमार सिंह को 91 मत प्राप्त हुए। महामंत्री पद पर शिवहर्ष पीजी कॉलेज, बस्ती के डॉ. त्रिलोकी नाथ ने एपीएन पीजी कॉलेज, बस्ती के प्रो. राजेंद्र बौद्ध को 8 मतों के अंतर से पराजित किया। डॉ. त्रिलोकी नाथ को 98 मत और प्रो. राजेंद्र बौद्ध को 90 मत मिले। संयुक्त मंत्री पद के लिए एपीएन पीजी कॉलेज, बस्ती के डॉ. महेंद्र कुमार सोनी ने शिवहर्ष पीजी कॉलेज, शोहरतगढ़ के डॉ. अरविंद त्रिपाठी को 29 मतों से हराया। डॉ. सोनी को 113 मत मिले, जबकि डॉ. त्रिपाठी को 68 मत प्राप्त हुए। मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि उपाध्यक्ष पद पर डॉ. विपिन यादव, महिला उपाध्यक्ष पद पर डॉ. किरण देवी, सह मंत्री पद पर देवेंद्र पाठक, तथा फुफुक्टा प्रतिनिधि पद पर डॉ. उमेश चंद तिवारी और डॉ. रमेश कुमार का निर्वाचन पहले ही निर्विरोध हो चुका था। चुनाव से पहले शिक्षक संघ का अधिवेशन आयोजित किया गया, जिसमें प्रांतीय पदाधिकारी और विश्वविद्यालय स्तर के पर्यवेक्षक मौजूद रहे। सहायक चुनाव अधिकारियों के साथ-साथ महाविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों ने चुनाव प्रक्रिया को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। नवनिर्वाचित महामंत्री डॉ. त्रिलोकी नाथ और उपाध्यक्ष डॉ. विपिन यादव ने शिक्षक हितों की रक्षा का संकल्प लिया। अंत में, मुख्य चुनाव अधिकारी ने सभी विजयी और निर्विरोध चुने गए पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और सफल चुनाव संपन्न कराने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।
राज्य में एनीमिया मुक्त गर्भावस्था सुनिश्चित करने के लिए एक पूर्व-निर्धारित योजना के तहत पांच जिलों में एक दिवसीय फेरिक कार्बोक्सिमाल्टोज (FCM) मास ड्राइव का आयोजन किया गया। इस अभियान के उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं, जिसमें कुछ जिलों ने राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। सिरोही जिले ने इस अभियान में राज्य में पहला स्थान हासिल किया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. दिनेश खराड़ी और आरसीएचओ (RCHO) डॉ. रितेश सांखला के नेतृत्व में उनकी टीम ने एक ही दिन में 1466 गर्भवती महिलाओं को एफसीएम इंजेक्शन लगाए। इसी क्रम में, अजमेर जिले में 664, झालावाड़ में 453, जालौर में 299 और करौली जिले में 194 गर्भवती महिलाओं को एफसीएम इंजेक्शन दिए गए। हालांकि, कई अन्य जिलों में यह अभियान अपेक्षा के अनुरूप सफल नहीं हो पाया, और वहां बहुत कम संख्या में एफसीएम इंजेक्शन लगाए जा सके। एफसीएम इंजेक्शन उन गर्भवती महिलाओं को लगाया जाता है जो खून की कमी (एनीमिया) से पीड़ित हैं और जिनका हीमोग्लोबिन स्तर 5.6 से 9.9 ग्राम के बीच है। एफसीएम का एक इंजेक्शन लगने के बाद लगभग एक महीने में महिला के शरीर में खून की मात्रा 2 से 3 ग्राम तक बढ़ जाती है। इससे गर्भवती महिला की कमजोरी, चक्कर आना और थकान जैसी समस्याओं में स्पष्ट सुधार देखने को मिलता है। आवश्यकता पड़ने पर दूसरा एफसीएम इंजेक्शन 4 से 6 हफ्ते के अंतराल के बाद लगाया जा सकता है। महिलाओं से एक माह बाद लिया गया फीडबैक भी काफी सकारात्मक बताया गया है। अब तक राज्य में कुल 1,28,865 एफसीएम इंजेक्शन लगाए जा चुके हैं, जबकि 4 लाख गर्भवती महिलाओं तक यह सुविधा पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। सभी जिलों से अपील की गई है कि वे इस तरह के विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं को लाभ पहुँचाएँ, ताकि एनीमिया मुक्त गर्भावस्था और सुरक्षित मातृत्व का लक्ष्य पूरा किया जा सके। सरकार के निर्देशों के अनुसार, यह इंजेक्शन केवल दूसरी और तीसरी तिमाही की गर्भवती महिलाओं को ही लगाया जा रहा है, जिससे इलाज पूरी तरह सुरक्षित रहे। इस उपलब्धि पर राज्य स्तर पर सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी, आरसीएचओ डॉ. रितेश सांखला एवं उनकी पूरी टीम को बधाई दी गई।
गोंडा जिले में सरकारी जमीनों पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में तरबगंज तहसील क्षेत्र की जगदीशपुर ग्राम पंचायत में एक सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाया गया है।प्रशासन ने बुलडोजर का इस्तेमाल कर एक फूस के मकान को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद जमीन खाली न करने पर की गई है। कुछ लोग इस पर सवाल उठा रहे हैं, उनका कहना है कि बड़े कब्जों पर कार्रवाई नहीं होती, जबकि छोटे मकानों को तोड़ा जा रहा है। तरबगंज के एसडीएम विश्वामित्र सिंह ने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संबंधित व्यक्ति को कई बार नोटिस जारी की गई थी, लेकिन उसने फूस का मकान नहीं हटाया, जिसके बाद जेसीबी से यह कार्रवाई की गई। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि यह एक अस्थायी ढांचा था और कब्जा करने वाले के पास पहले से ही अपना मकान है। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर कहीं भी अवैध कब्जा होने पर कार्रवाई की जाएगी और सोशल मीडिया पर सवाल उठाने वालों को सच्चाई जाननी चाहिए।
भदोही के चौरी थाना क्षेत्र के परसीपुर रेलवे स्टेशन के पास बुधवार को चेन्नई से छपरा जा रही गंगा कावेरी एक्सप्रेस ट्रेन से गिरने से एक महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान आंध्र प्रदेश निवासी 50 वर्षीय लक्ष्मी के रूप में हुई है। वह अपने पति श्रीनिवास के साथ आंध्र प्रदेश से वाराणसी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए जा रही थीं। महिला का शव डीह कोईरौना गांव के निकट एक गड्ढे में मिला। आसपास के लोगों ने घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही चौरी चौकी प्रभारी नथुनी सिंह और उपनिरीक्षक रमेश कुमार सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पति ने वाराणसी में दर्ज कराई गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस ने बताया कि महिला के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें थीं। शुरुआती तौर पर महिला की पहचान नहीं हो सकी, जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। महिला के ट्रेन से गिरने की जानकारी उनके साथ यात्रा कर रहे पति श्रीनिवास को नहीं हुई। ट्रेन जब वाराणसी पहुंची, तब उन्हें पत्नी के लापता होने का पता चला। उन्होंने वाराणसी पीआरबी कंट्रोल रूम में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। वाराणसी जीआरपी कंट्रोल रूम ने जीआरपी चौकी भदोही को गंगा कावेरी एक्सप्रेस से एक महिला के लापता होने की सूचना दी। स्थानीय पुलिस और जीआरपी भदोही ने वाराणसी जीआरपी से संपर्क कर घटना की जानकारी साझा की। मृतका के बेटे श्रीराम ने फोटो देखकर अपनी मां की पहचान की। लोगों का मानना है कि महिला संभवतः बाथरूम गई होगी, जहां संतुलन बिगड़ने से वह ट्रेन से नीचे गिर गई। उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर मृतका के पति श्रीनिवास चौरी थाना पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
प्रतापगढ़ पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत मात्र 20 दिनों में 108 गुमशुदा लोगों को दस्तयाब किया है। यह अभियान 11 जनवरी से 30 जनवरी तक चलाया गया, जिसका निर्देशन जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने किया। यह अभियान अलावा पुलिस अधीक्षक, गजेंद्र सिंह जोधा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, विशेष महिला अपराध अनुसंधान यूनिट प्रतापगढ़, बलबीर सिंह के मार्गदर्शन में संचालित हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य जिले में गुमशुदा महिला और पुरुषों की तलाश करना था। 13 पुरुष और 95 महिलाओं को ढूंढा दस्तयाब किए गए 108 गुमशुदा लोगों में 13 पुरुष और 95 महिलाएं शामिल हैं। पुलिस टीमों ने गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के जोधपुर, पाली, जयपुर, उदयपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों से इन व्यक्तियों को ढूंढा। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर इस अभियान के लिए सभी थानों में गुमशुदाओं की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गईं। प्रतापगढ़ पुलिस द्वारा पहले से उपयोग की जा रही एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को इस अभियान में लागू किया गया, जिसे पुलिस मुख्यालय द्वारा पूरे राज्य में भी लागू किया गया था। इस एसओपी के तहत, अनुसंधान अधिकारियों ने गुमशुदाओं के परिजनों और मित्रों से संपर्क कर जानकारी जुटाई। आसूचना, तकनीकी साक्ष्यों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की सहायता से गुमशुदाओं की तलाश की गई। छोटी सादड़ी थाने की पुलिस ने सबसे ज्यादा लोगों को ढूंढा अभियान के दौरान, थाना छोटी सादड़ी ने सबसे ज्यादा 14 महिला और 1 पुरुष गुमशुदा को दस्तयाब किया। इसके अतिरिक्त, थाना सालमगढ ने 1 पुरुष और 9 महिला, थाना प्रतापगढ़ ने 5 पुरुष और 9 महिला, थाना पीपलखूंट ने 3 पुरुष और 8 महिला, थाना सुहागपुरा ने 1 पुरुष और 7 महिला गुमशुदा को ढूंढा। थाना अरनोद और घण्टाली ने 7-7 महिला, थाना देवगढ़ ने 6 महिला, थाना पारसोला ने 1 पुरुष और 6 महिला, थाना रठांजना ने 2 महिला, थाना केसरियावद ने 3 महिला, थाना जलोदा जागीर, कोटड़ी, धोलापानी ने 4-4 महिला, थाना धरियावद ने 1 पुरुष और 3 महिला, तथा थाना धमोत्तर ने 2 महिला गुमशुदा को दस्तयाब किया।
झांसी के कोतवाली थाना क्षेत्र में आने वाले बड़ागांव गेट और नारायण बाग इलाके में सड़क निर्माण कार्य के चलते 4 फरवरी से 8 फरवरी तक मार्ग पूरी तरह बंद रहेगा। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे इस दौरान आवागमन के लिए वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें।लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रजनीश गुप्ता ने एसएसपी को पत्र लिखकर ट्रैफिक व्यवस्था बनाने में सहयोग मांगा है। उन्होंने बताया कि बड़ागांव गेट बाहर इलाके में नारायण बाग तिराहे से महाकालेश्वर मंदिर तक लगभग 350 मीटर हिस्से में सीसी रोड और इंटरलॉकिंग का कार्य किया जा रहा है। यह क्षेत्र अत्यधिक भीड़भाड़ वाला है और रात में भी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है, जिससे दुर्घटना की आशंका रहती है। इसी कारण निर्माण अवधि में दिन-रात दोनों समय वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके साथ ही, इस मार्ग पर स्थित सभी पार्किंग स्थल भी बंद रहेंगे। हालांकि, पैदल राहगीरों के लिए रास्ता खुला रहेगा।ये रहेगा रूट डायवर्जननारायण बाग से नारायण बाग तिराहा जाने वाले वाहन बड़ागांव गेट बाहर होकर जाएंगे।बड़ागांव गेट बाहर से मैरी गांव और सखी के हनुमान मंदिर की ओर जाने वाला रास्ता बंद रहेगा।सखी के हनुमान मंदिर और मैरी गांव से नारायण बाग तिराहा व बड़ागांव गेट जाने वाले वाहन बाहर की ओर से जाएंगे।इस ओर से आने वाला ट्रैफिक महाकालेश्वर मंदिर और मुक्तिधाम मार्ग से डायवर्ट किया जाएगा।प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि असुविधा से बचने के लिए यात्रा से पहले मार्ग की जानकारी जरूर लें और निर्धारित वैकल्पिक रास्तों का ही उपयोग करें।
बागपत में प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री जशंवत सैनी ने भाजपा जिला कार्यालय में केंद्रीय बजट 2026-27 पर पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने बजट को जनकल्याणकारी और दूरदर्शी बताया। मंत्री सैनी ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत-2047 और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने वाला एक दूरदर्शी विजन डॉक्यूमेंट है। राज्यमंत्री जशंवत सैनी ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने आमजन की सुविधाओं को प्राथमिकता दी है। सरकार ने नवाचार, आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और समावेशी विकास को अपनी नीतियों का केंद्र बिंदु बनाया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 इसी सोच का स्पष्ट प्रतिबिंब है, जिसे किसान, युवा, महिलाएं, उद्यमी और मध्यम वर्ग सहित समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। मंत्री सैनी ने आधारभूत संरचना को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए इसमें ऐतिहासिक निवेश का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014-15 में इन्फ्रास्ट्रक्चर बजट 2 लाख करोड़ रुपये था, जिसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर अब 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह निरंतर और मजबूत निवेश देश की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बजट में सड़क, बिजली, पेयजल, आवास और नगरीय विकास जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश का प्रावधान है, जिससे बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और आमजन के जीवन स्तर में सुधार होगा। मंत्री सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष वेदपाल उपाध्याय, पूर्व जिलाध्यक्ष सूरजपाल सिंह, जिला अभियान संयोजक डॉ. विनय त्यागी, जिला मीडिया प्रभारी पवन शर्मा सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
शहडोल जिले के जयसिंहनगर वन परिक्षेत्र में एक भालू के शावक की कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना तब उजागर हुई जब हाल ही में हुई बाघों की मौत को लेकर मीडिया ने वन विभाग से जवाब मांगा। चरवाहे पर हमले के बाद भड़की थी भीड़ वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 28 जनवरी की है। कोटिगढ़ के जंगलों में मवेशी चरा रहे एक चरवाहे पर मादा भालू ने हमला कर उसे घायल कर दिया था। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी रोष था। जब घायल चरवाहे को अस्पताल भेजा गया, उसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी लेकर भालू को खोजने और उसे सबक सिखाने के लिए जंगल की ओर निकल पड़े। बेजुबान शावक पर उतारा गुस्सा जंगल की तलाश के दौरान ग्रामीणों को मादा भालू तो नहीं मिली, लेकिन उसका लगभग दो महीने का नन्हा शावक दिखाई दे गया। आरोप है कि भीड़ में शामिल एक सनकी व्यक्ति ने हाथ में ली कुल्हाड़ी से उस मासूम शावक पर जोरदार हमला कर दिया। वार इतना घातक था कि नन्हे शावक ने मौके पर ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, घटना 28 जनवरी की है, लेकिन वन विभाग ने इसे दबाए रखा। जब बुधवार को जिले में हुई दो बाघों की संदिग्ध मौतों के संबंध में अधिकारियों से सवाल पूछे गए, तब जाकर इस शावक की हत्या का मामला सार्वजनिक हुआ। गश्त और सुरक्षा व्यवस्था फेल पर्यावरण प्रेमियों ने बताया कि जयसिंहनगर क्षेत्र में लगातार हो रहे वन्यजीवों के शिकार और उनकी मौत ने विभाग की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। ग्रामीणों का कुल्हाड़ी लेकर जंगल में घुस जाना और शावक की हत्या कर देना यह दर्शाता है कि वन कर्मियों की गश्त केवल कागजों तक सीमित है। इस मामले में लापरवाह वन अधिकारियों पर भी जवाबदेही तय होनी चाहिए। डीएफओ तरुणा वर्मा ने बताया- मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और शावक के शव का पोस्टमार्टम कराकर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
उत्तर प्रदेश के पंचायतीराज विभाग ने हरदोई के प्रभारी जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) विनय कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कार्यों में शिथिलता, अनुशासनहीनता और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अनदेखी के गंभीर आरोपों के बाद की गई है। निदेशक अमित कुमार सिंह ने निलंबन का आदेश जारी किया। जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि जनपद हरदोई में डिजिटल लाइब्रेरी (बाल एवं किशोर पुस्तकालय) की स्थापना का कार्य निर्धारित समय पर पूरा नहीं किया गया। इसके अलावा, आर.जी.एस.ए. (RGSA), स्वच्छ भारत मिशन (SBM) और अंत्येष्टि स्थल निर्माण सहित कई अन्य महत्वपूर्ण विभागीय योजनाओं में प्रगति बेहद खराब पाई गई। सिंह पर विभागीय समितियों के कार्यों में रुचि न लेने और अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में शिथिलता बरतने का भी आरोप सिद्ध हुआ है। उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली 1999 के तहत विनय कुमार सिंह के विरुद्ध विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। देवीपाटन मंडल के उपनिदेशक (पंचायत) गिरीश चन्द्र रजक को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें एक माह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। निलंबन की अवधि के दौरान विनय कुमार सिंह पंचायतीराज निदेशालय, लखनऊ से संबद्ध रहेंगे। नियमों के अनुसार, उन्हें निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा, बशर्ते वह किसी अन्य व्यवसाय या सेवा में संलग्न न हों।
सिवनी में कैंप में 108 मरीजों की कैंसर की जांच:एक शख्स को डॉक्टर ने कीमोथेरेपी करवाने की सलाह दी
सिवनी जिला अस्पताल में कैंसर के प्रति जागरूकता और जांच के लिए बुधवार को विशेष शिविर लगाया गया। एनसीडी क्लीनिक और महिला ओपीडी के जरिए आयोजित इस शिविर में 200 से ज्यादा लोगों ने अपना चेकअप करवाया। महिला ओपीडी में कुल 98 महिलाओं का रजिस्ट्रेशन हुआ। लेडी डॉक्टरों की टीम ने महिलाओं की जांच की, जिसमें 7 महिलाओं के बच्चेदानी के कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) की विशेष जांच की गई। अच्छी बात यह रही कि किसी भी महिला में कैंसर के लक्षण नहीं पाए गए। विशेषज्ञ डॉक्टर्स ने दी सलाह कैंसर विशेषज्ञ डॉ. महेंद्र कुमार परते ने एनसीडी क्लीनिक में आए 108 मरीजों की जांच की। जांच के दौरान एक मरीज को जिला अस्पताल में ही कीमोथेरेपी करवाने की सलाह दी गई। डॉक्टरों ने मरीजों को समझाया कि नशा छोड़ने, अच्छे खान-पान और कसरत से कैंसर जैसी बीमारी से बचा जा सकता है। अस्पताल की टीम का सहयोग शिविर को सफल बनाने के लिए अस्पताल के स्टाफ और नर्सिंग छात्राओं ने पंजीयन से लेकर जांच तक में मदद की। इस कैंप का मुख्य उद्देश्य यही था कि लोग बीमारी के शुरूआती दौर में ही जांच करवाएं ताकि समय पर इलाज मिल सके।
अब्बास अंसारी केस, मुख्य गवाह नहीं पहुंचा कोर्ट:आचार संहिता उल्लंघन मामले में अब 11 फरवरी को सुनवाई
विधायक अब्बास अंसारी के खिलाफ चुनाव आचार संहिता उल्लंघन मामले में बुधवार को सुनवाई टल गई। मुख्य गवाह और तत्कालीन थाना प्रभारी पंकज सिंह के अदालत में उपस्थित न होने के कारण अब अगली सुनवाई 11 फरवरी को होगी। पंकज सिंह इस मामले के प्रमुख गवाह हैं। उन्हें अदालत में पेश होना था, लेकिन वे नहीं पहुंचे। वर्तमान में पंकज सिंह गोरखपुर जनपद के थाना तिवारीपुर में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। यह पूरा मामला वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से जुड़ा है। आरोप है कि चुनाव प्रचार के दौरान अब्बास अंसारी तय सीमा से अधिक गाड़ियों का काफिला लेकर प्रचार करने निकले थे। यह घटना दक्षिण टोला थाना क्षेत्र की है। चुनाव आयोग की शिकायत पर तत्कालीन थाना प्रभारी पंकज कुमार सिंह ने 12 फरवरी 2022 को अब्बास अंसारी के खिलाफ चुनाव आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने इस मामले में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 133, 177 और 188 के तहत केस दर्ज किया था। बीते 21 जनवरी 2022 को मऊ कोर्ट ने अब्बास अंसारी के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 133 के तहत आरोप तय किए थे। हाल ही में मऊ कोर्ट के आदेश के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि अब्बास अंसारी के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा अब केवल धारा 133 के अंतर्गत ही चलेगा।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार मनरेगा बचाओ महासंग्राम के तहत जिला कांग्रेस कमेटी (देहात) की ओर से आज कलेक्ट्रेट पर देहात जिलाध्यक्ष ओर पूर्व मंत्री रामलाल जाट के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन कर कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन विधेयक को वापस लेने व मनरेगा को मूल स्वरुप में बहाल करने की मांग करते हुए ज्ञापन दिया। एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया भीलवाड़ा जिला कांग्रेस कमेटी देहात के जिला अध्यक्ष और पूर्व राजस्व मंत्री रामलाल जाट ने बताया कि महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना को बचाने के लिए जिला कांग्रेस कमेटी ने सभी वरिष्ठ नेता,जिला अध्यक्ष,ब्लॉक अध्यक्ष,कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ आमजन को लेते हुए एकदिवसीय कलेक्ट्रेट के बाहर धरना प्रदर्शन किया है। आमजन को जागरूक किया जाएगा मनरेगा योजना में जो बदलाव किया है उसे भारतीय जनता पार्टी की सरकार वापस ले अन्यथा हम लोगों को जागरूक करेंगे,ज्ञापन करेंगे , प्रदर्शन करेंगे ताकि लोगों की हक की जो गारंटी थी वह उन्हें मिल सके जो इन्होंने खत्म किया है।इसके बाद अगला कदम हम इस आंदोलन को जन जागरण अभियान मनाएंगे जन-जन तक इस योजना को लेकर जागरूकता पहुंचाएंगे। तकनीक के नाम पर लोगों को योजना से दूर किया जा रहा तकनीक के नाम पर लोगों को इस योजना से दूर किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी को अगर रोक लगानी है तो अडानी पर लगाए जिस तरह राजस्थान की जमीन सौर ऊर्जा के नाम पर बेची जा रही है सारे टेंडर चाहे ईआरसीपी का हो या फिर कोई और बड़ा टेंडर हो। 100 करोड़ से ऊपर सभी टेंडर एक ही व्यक्ति को जा रहे हैं। गुजरात मॉडल के नाम से जा रहे हैं क्या यह गुजरात मॉडल है क्या। आज के समय में 22% लोगों की पेंशन नहीं आ रही है यह कहां की गारंटी है कहां के नेता है। इस योजना में राम का नाम नहीं नाम बदलने की बात को लेकर जाट ने कहा की अगर यह राम का नाम लेते तो हमें कोई एतराज नहीं थी लेकिन इन्होंने इसमें विकसित भारत गारंटी किया है और कांग्रेस ने रोजगार गारंटी किया है। इस पूरी योजना में कहीं भी राम जी का नाम नहीं है अच्छा होता अगर भारतीय जनता पार्टी राम जी का नाम लाते तो कांग्रेस कभी विरोध नहीं करती।
लखनऊ में पतंग के मांझे ने ली जान:खून से लतपत युवक को ड्रामा में भर्ती कराया गया, इलाज के दौरान मौत
लखनऊ में प्रतिबंध के बावजूद पतंग के खतरनाक मांझे का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को राजधानी में मांझे की चपेट में आकर एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। गले की नसें कटने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे ट्रामा सेंटर ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। हैदरगंज ओवरब्रिज पर हुआ दर्दनाक हादसायह दर्दनाक हादसा लखनऊ के हैदरगंज ओवरब्रिज पर हुआ। बाइक से गुजर रहे मोहम्मद शोएब के गले में अचानक पतंग का मांझा फंस गया। मांझा इतना तेज और धारदार था कि शोएब की गर्दन की नसें कट गईं और मौके पर ही खून बहने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने आनन-फानन में उसे अस्पताल पहुंचाया।ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान तोड़ा दमगंभीर हालत में मोहम्मद शोएब को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी जान नहीं बच सकी। इलाज के दौरान शोएब की मौत हो गई, जिससे परिवार में कोहराम मच गया।दुबग्गा का रहने वाला था 33 वर्षीय शोएबमृतक की पहचान 33 वर्षीय मोहम्मद शोएब के रूप में हुई है, जो दुबग्गा इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है। वह रोजमर्रा के काम से कहीं जा रहा था, तभी यह हादसा हो गया। अचानक हुई इस घटना से परिजन सदमे में हैं।खाला बाजार थाना क्षेत्र का मामला, जांच में जुटी पुलिसमामला लखनऊ के खाला बाजार थाना क्षेत्र का है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि प्रतिबंध के बावजूद खतरनाक मांझा कहां से और कैसे इस्तेमाल किया जा रहा था मांझे पर प्रतिबंध बेअसर, प्रशासन पर उठे सवाललगातार हो रही मौतों के बावजूद पतंग के मांझे पर लगाए गए प्रतिबंध की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आए दिन हो रहे हादसों से साफ है कि अवैध और खतरनाक मांझे की बिक्री व इस्तेमाल पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।
एटा में राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर 'फिट इंडिया साइकिलिंग ड्राइव' प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। यह आयोजन भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव अधिकारी उत्तर प्रदेश लखनऊ के निर्देश पर, जिला निर्वाचन अधिकारी प्रेमरंजन सिंह के मार्गदर्शन में मतदाताओं को जागरूक करने के उद्देश्य से किया गया था। प्रतियोगिता का आयोजन 25 जनवरी को 16वें मतदाता दिवस के अवसर पर राजकीय इंटर कॉलेज एटा में किया गया था। इसमें 'फिट इंडिया साइकलिंग ड्राइव' रविवार ऑन साइकिल प्रतियोगिता में 30 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। विजेता प्रतिभागियों को एटा महोत्सव के तहत राजकीय जिला कृषि एवं औद्योगिक विकास परिषद में आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में सम्मानित किया गया। यह सम्मान राजकीय इंटर कॉलेज एटा में एक समारोह के दौरान प्रशस्ति पत्र प्रदान कर किया गया। प्रतियोगिता में सरस्वती विद्या मंदिर के रजत कुमार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि एटा पब्लिक स्कूल के प्रशांत द्वितीय और श्री वार्ष्णेय इंटर कॉलेज के आर्यन तृतीय स्थान पर रहे। इन्हें प्रधानाचार्य डॉ० सुधीर गुप्ता, राजवीर सिंह, एआरएम संजीव कुमार और स्वीप प्रभारी संजय शर्मा तथा अनूप द्विवेदी ने प्रशस्ति प्रमाण पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर उपस्थित नवीन युवा मतदाताओं को मतदाता जागरूकता की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम में जिला फुटबाल संघ के सचिव राजीव कुमार, पूर्व प्रधानाचार्य नेम सिंह चौहान और रणवीर सिंह, शिक्षक शिवकुमार द्विवेदी, शैलेश मिश्रा, अनिल कुमार, प्रधानाचार्य विशांत कुलश्रेष्ठ, राजेश पांडे, राजीव वर्मा, मनीष दुबे, सुभाष चौहान, इमरान खान, प्रभात ललित नॉक्स, अजीत कुमार, राजेंद्र सिंह, नवजोत सिंह, मनोज कुमार सहित खेल प्रशिक्षक, माध्यमिक और सीबीएसई विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षक, युवा मतदाता और खिलाड़ी उपस्थित रहे।
उज्जैन में बुधवार को आर्थिक अपराध अनुसंधान (EOW) के पुलिस अधीक्षक समर वर्मा के सरकारी आवास परिसर में एक युवती घुस गई। उसने खुद को कार में बंद कर लिया। घटना का खुलासा तब हुआ जब वह अचानक कार का हॉर्न बजाने लगी। आवाज सुनकर स्टाफ बाहर आया तो देखा कि एक युवती कार के अंदर से खुद को लॉक करके बैठी हुई थी। जब उसे बाहर निकालकर पूछताछ की तो वह पहले काफी देर तक मौन रही। बाद में अपने बयान बदलती रही। इस पर एसपी वर्मा ने माधव नगर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को हिरासत में ले लिया। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के पीछे के कारणों का पता चल सके। माधव नगर थाना प्रभारी राकेश भारती ने बताया कि युवती के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई है और पूरे मामले की गहन जांच जारी है।
संभल में 9 साल पुरानी चुनावी रंजिश के चलते ग्राम प्रधान की सास और राशन डीलर प्रेमवती की हत्या के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में 12 नामजद और 8-10 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। घटना के बाद से गांव में तनाव है, जिसके मद्देनजर पुलिस बल तैनात किया गया है। यह घटना संभल जिले की गुन्नौर तहसील के बबराला थाना क्षेत्र के पहलवाड़ा गांव की है। 30 जनवरी, शुक्रवार रात को प्रधानी की चुनावी रंजिश के कारण गांव में पथराव और फायरिंग हुई थी। इसमें ग्राम प्रधान मीरा देवी की 62 वर्षीय सास प्रेमवती (पत्नी राजेंद्र) को सीने में गोली लगी, जिससे उनकी मौत हो गई। इस दौरान प्रधान पद के प्रत्याशी सुभाष के पक्ष से देवेश भी घायल हुआ था, उसके कान को गोली छूकर निकल गई थी। पुलिस ने इस मामले में प्रधान पद के प्रत्याशी सुभाष पुत्र रामबाबू को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। मृतक प्रेमवती के बेटे पवन की पत्नी मीरा देवी पिछले दो बार से पहलवाड़ा गांव की प्रधान हैं। पुलिस ने पवन की शिकायत पर नीतीश कुमार, सुभाष पुत्र रामबाबू, मनीष, वीरेश पुत्र राजवीर सिंह, रामबाबू पुत्र मुकुट सिंह, वीरपाल, बलराम पुत्र आसाराम, लाखी पुत्र बलराम, गिरीश पुत्र जुगेंद्र, राजवीर सत्यपाल पुत्र मलखान, नीरज पुत्र वीरपाल सहित 8-10 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। थाना प्रभारी सौरभ त्यागी ने पुष्टि की कि सुभाष पुत्र रामबाबू को कोटेदार महिला की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उसकी गिरफ्तारी बीएनएस की धारा 191(2), 191(3), 190, 115(2), 118(1), 103(1), 109(1), 352 और 125(b) के तहत की गई है। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। राशन डीलर पक्ष समाजवादी पार्टी और आरोपी पक्ष भाजपा खेमे का बताया जा रहा है। गुन्नौर के सपा विधायक रामखिलाड़ी यादव ने जिला संयुक्त चिकित्सालय में प्रधान पक्ष की तरफ से घायल लोगों का पहुंचकर हाल-चाल जाना था। उन्होंने कहा था कि सत्ताधारी नेता लाठी डंडों और सरकार के बल पर अपने प्रधान बनाना चाहते हैं। वहीं बीजेपी की ओर से इस मामले में कोई भी प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली है।
नुक्कड़ नाटक से दिया बालिका शिक्षा का संदेश:चिकानी, किथूर, कोलगांव में लाडो योजना की जानकारी दी
किशनगढ़बास में महिला अधिकारिता विभाग ने ग्राम पंचायत चिकानी के सरकारी विद्यालय में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया। ग्राम साथिन जिन्नी कुमारी ने बताया कि यह नाटक चिकानी, किथूर, कोलगांव, जाजोर और घासोली ग्राम पंचायतों में प्रस्तुत किया गया। इसका उद्देश्य ग्रामीण और छात्रों को बालिका शिक्षा, बाल विवाह की रोकथाम और बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच का संदेश देना था। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से विभाग की लाडो योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इस दौरान बालिकाओं को 'बाल-विवाह मुक्त राजस्थान' बनाने की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर स्कूल की प्रिंसिपल सुनीता यादव ने भी बच्चों को 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' का संदेश दिया। कार्यक्रम में ग्राम साथिन, कार्यकर्ता, ग्राम सचिव और बड़ी संख्या में बालक-बालिकाएं उपस्थित रहे।
ललितपुर में अपर जिला मजिस्ट्रेट अंकुर श्रीवास्तव ने 4 फरवरी से 31 मार्च 2026 तक के लिए बीएनएसएस की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। यह निर्णय आगामी बोर्ड परीक्षाओं और विभिन्न त्योहारों के मद्देनजर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया है। अपर जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि, 18 फरवरी से 12 मार्च 2026 तक हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं, 2 मार्च को होली, 4 मार्च को भाई दूज, 21 मार्च को ईद-उल-फितर, 26 मार्च को रामनवमी और 31 मार्च को महावीर जयंती जैसे प्रमुख आयोजन हैं। इस दौरान कुछ अवांछनीय तत्वों द्वारा सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने की आशंका जताई गई है। आदेश के अनुसार, किसी भी स्थान पर पाँच या उससे अधिक व्यक्ति समूह के रूप में एकत्रित नहीं हो सकेंगे। सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति, पार्टी या संगठन किसी तरह का प्रदर्शन नहीं करेगा। जिले की सीमाओं में कोई भी व्यक्ति अस्त्र, शस्त्र, लाठी, डंडा, चाकू, भाला आदि लेकर नहीं चलेगा। शादी-विवाह आदि में शस्त्र से फायर करना या किसी प्रकार के ज्वलनशील पदार्थ लेकर चलना भी प्रतिबंधित है। हालांकि, यह प्रतिबंध शासकीय ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों/कर्मचारियों और लाठी के संबंध में अपंग व्यक्तियों पर लागू नहीं होगा। कोई भी व्यक्ति किसी भी स्थान या धार्मिक स्थल पर ऐसा भाषण या वक्तव्य (मौखिक या लिखित) जारी नहीं करेगा, जिससे किसी धर्म, जाति, संप्रदाय या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुँचे। धार्मिक स्थलों का प्रयोग राजनीतिक गतिविधियों के लिए नहीं किया जाएगा और न ही ऐसा कोई कृत्य किया जाएगा, जिससे सामाजिक, धार्मिक या जातिगत द्वेष की भावना उत्पन्न हो। मदिरा या अन्य मादक पदार्थों का सेवन कर जुलूसों और सार्वजनिक आयोजनों में प्रवेश वर्जित है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाओं के लिए स्थापित परीक्षा केंद्रों पर 100 मीटर की परिधि में परीक्षार्थी, परीक्षक, कक्ष निरीक्षक और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
लखनऊ में 'स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम' संगोष्ठी:युवाओं को डिजिटल लत के प्रति जागरूक किया
लखनऊ में स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम' विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विषय 'स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम' था। यह कार्यक्रम अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद लखनऊ महानगर और एनएसएस आईटी कॉलेज, सीतापुर रोड के सहयोग में किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को जागरूक करना था। संगोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अभाविप के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. राज शरण शाही ने मुख्य वक्ता की भूमिका निभाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईटी कॉलेज के निदेशक प्रो. विनीत कंसल ने की, जबकि कुंवर ग्लोबल स्कूल के निदेशक पार्थ सिंह विशिष्ट अतिथि रहे। स्वागत अध्यक्ष अनिल अग्रवाल, अभाविप महानगर उपाध्यक्ष विजय लोधी और महानगर मंत्री सरिता पांडे भी मंच पर मौजूद थे। चेतावनी दी कि स्मार्टफोन एक सुविधा है मुख्य अतिथि स्वांत रंजन ने अपने संबोधन में कहा कि प्राचीन काल में कुश्ती और तलवारबाजी जैसी गतिविधियां मनोरंजन और शक्ति प्रदर्शन का माध्यम थीं। उन्होंने चेतावनी दी कि स्मार्टफोन एक सुविधा है, लेकिन इसका अत्यधिक उपयोग डिजिटल एडिक्शन का कारण बन रहा है, जिससे मानसिक तनाव, नींद की कमी और आंखों की समस्याएं बढ़ रही हैं। रंजन ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रशिक्षण का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां 'मोबाइल पार्किंग' की व्यवस्था होती है, ताकि कार्यकर्ता एकाग्रता से सीख सकें। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख किया, जिन्होंने युवाओं को खेलकूद के लिए प्रेरित किया ताकि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन का विकास हो सके। 1986 की शिक्षा नीति का जिक्र किया मुख्य वक्ता प्रो. राज शरण शाही ने अपने उद्बोधन में कहा कि स्वतंत्रता के बाद से भारत को 'विश्व गुरु' के रूप में पुनः स्थापित करने की आकांक्षा रही है। उन्होंने बताया कि प्राचीन भारत अपनी उत्कृष्ट शिक्षा प्रणाली और ज्ञान परंपरा के कारण विश्व का मार्गदर्शक था। उन्होंने 1986 की शिक्षा नीति का जिक्र किया, जिसने तकनीक को शिक्षा का साधन माना था, न कि मंजिल। प्रो. शाही ने स्मार्टफोन को दोधारी तलवार बताते हुए कहा कि यदि इसका उपयोग अनुशासन के साथ किया जाए तो यह लाभदायक है, अन्यथा हानिकारक।
लखनऊ में पतंग के मांझे से युवक की मौत:हैदरगंज ओवरब्रिज की घटना, बाइक से जा रहा था
लखनऊ में जानलेवा पतंग के मांझे ने एक और जिंदगी छीन ली। हैदरगंज ओवरब्रिज पर बाइक से जा रहे युवक के गले में अचानक मांझा फंस गया। जिससे उसकी गर्दन की नसें कट गईं। गंभीर हालत में उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान दुबग्गा के रहने वाले मोहम्मद शोएब (33) के रूप में हुई है। हादसे में गले से अत्यधिक खून बहने के कारण उसकी हालत बिगड़ती चली गई और डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा घटना खाला बाजार थाना क्षेत्र की है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। शहर में पतंग के चाइनीज और धारदार मांझे से पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं। जो लगातार लोगों की जान का खतरा बन रहा है।
आगरा में 15 साल पुराने हत्या के मामले में दोषी करार दिए गए आरोपी को हाईकोर्ट से राहत मिली है। आजीवन कारावास की सजा काट रहे आरोपी की अपील पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने उसे जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। मामला थाना हरीपर्वत क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार 1 जून 2010 को बिजेंद्र सिंह निवासी नगला धनी के पुत्र हरीश की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में संजू बहादुर पुत्र वीर बहादुर निवासी धनी की नगरिया, विजय नगर और उसके साथियों के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमे के दौरान एक आरोपी के नाबालिग होने पर उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड को भेज दी गई थी। वहीं, एक आरोपी के अदालत में पेश न होने पर उसे फरार घोषित किया गया था। दो अन्य आरोपियों की पत्रावली अलग कर दी गई थी। लंबी सुनवाई के बाद एडीजे-1 अदालत ने 7 मार्च 2025 को आरोपी संजू बहादुर को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई थी। इसके बाद आरोपी ने अपने अधिवक्ता नीरज पाठक के माध्यम से हाईकोर्ट में अपील दाखिल की। हाईकोर्ट ने अपील और जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए आरोपी की जमानत मंजूर कर रिहाई के आदेश दिए हैं।
मेरठ कपसाड़ कांड का आरोपी पारस सोम पांचवी कक्षा के दस्तावेजों में भी नाबालिग है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जो जन्म तिथि उसकी दसवीं के सर्टिफिकेट में है, वही पांचवी में भी है। ऐसे में एक बार फिर वादी पक्ष ने पारस की उम्र पर सवाल उठाते हुए अब कक्षा चार के सर्टिफिकेट तलब कराए जाने का कोर्ट से आग्रह किया है। कोर्ट ने 7 फरवरी की तारीख तय की है। पहले जानिये क्या है याचिका मामला मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित ग्राम कपसाड़ से जुड़ा है, जहां के पारस सोम पर महिला की हत्या कर उसकी बेटी को अगवा करने का आरोप है। पारस वर्तमान में जेल में बंद है। उसके अधिवक्ताओं संजीव राणा, बलराम सोम और विजय शर्मा ने दावा किया था कि वारदात के वक्त पारस नाबालिक था और उसका मामला जुवेनाइल बोर्ड के अंतर्गत सुना जाना चाहिए। केस ट्रांसफर करने के लिए ही याचिका डाली गई थी। एक नजर डालते हैं कपसाड़ कांड पर सरधना के कपसाड़ गांव का रहने वाला पारस सोम 8 जनवरी को इसी गांव की दलित समाज की युवती रूबी को अगवा कर फरार हो गया था। जाते वक्त उसने विरोध करने वाली रूबी की मां सुनीता पर जानलेवा हमला किया था, जिसकी बाद में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने हत्या, अपहरण समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और दो दिन बाद आरोपी को सहारनपुर से गिरफ्तार कर रूबी को सकुशल बरामद कर लिया। सर्टिफिकेट में आरोपी पारस नाबालिगकपसाड़ कांड कई दिन तक चर्चाओं में रहा। इसी बीच तीन अधिवक्ताओं का एक पैनल सामने आया और उसने पारस की जन्मतिथि 11-5-2008 बताते हुए मामले की सुनवाई जेजे बोर्ड के अंतर्गत करने की याचिका दायर कर दी। 14 जनवरी को यह याचिका दायर की गई, जिसे कोर्ट ने स्वीकार भी कर लिया। एडवोकेट संजीव राणा का दावा है कि इस जन्मतिथि के अनुसार वारदात के वक्त पारस की उम्र उम्र 17 साल, 7 महीने, 25 दिन है। अब क्रम से जानते हैं कोर्ट की प्रोसिडिंग - 10 जनवरी को पारस सोम को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जिला कारागार भेज दिया। - 14 जनवरी को तीन अधिवक्ताओं के पैनल ने हाई स्कूल सर्टिफिकेट से जुड़ी रूलिंग के साथ पारस की तरफ से याचिका डाली। - 22 जनवरी को याचिका मंजूर हुई और कोर्ट ने वादी पक्ष के सभी लोगों को नोटिस जारी कर दिए। - 31 जनवरी को वादी पक्ष ने बेसिक शिक्षा से जुड़े सर्टिफिकेट की रूलिंग लाने का दावा किया। - 3 फरवरी को वादी पक्ष रूलिंग उपलब्ध नहीं कर पाया और तारीख मांगी। - 4 फरवरी की तिथि कोर्ट की तरफ से निर्धारित कर दी गई। - 4 फरवरी को वादी पक्ष ने कक्षा 5 का सर्टिफिकेट जारी किया लेकिन उसमें भी पारस की जन्मतिथि हाईस्कूल के अनुसार 11-5-2008 ही निकली। - अब कक्षा 1 से कक्षा चार तक के सर्टिफिकेट तलब करने का आग्रह कोर्ट से किया गया है। - कोर्ट की तरफ से 7 फरवरी की तिथि निर्धारित की गई है। 7 फ़रवरी में लगेगी पारस की उम्र पर मोहर बुधवार को हुई सुनवाई काफी रोचक रही। एडवोकेट संजीव राणा बताते हैं कि कोर्ट ने उनके सर्टिफिकेट को स्वीकार करते हुए केस जेजे बोर्ड स्थानांतरित करने के संकेत दिए लेकिन वादी पक्ष ने इस बार कक्षा 4 के दस्तावेज का मुद्दा उठा दिया। जबकि वह 5वीं के दस्तावेज की मांग कर रहे थे और उसमें भी पारस नाबालिग निकला। उन्होंने भरोसा जताया कि 7 फरवरी की सुनवाई में निश्चिततौर पर कोर्ट पारस को नाबालिक घोषित कर देगा।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया बुधवार को अशोकनगर के पिपरई पहुंचे। उन्होंने यहां 32 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले 'सांदीपनि सीएम राइज स्कूल' का उद्घाटन किया। उन्होंने चंदेरी में शिशु मंदिर का उद्घाटन किया। साथ ही माधव महाविद्यालय में अपने पिता स्वर्गीय माधवराव सिंधिया की प्रतिमा का अनावरण कर नई माधव साइंस कॉलेज बिल्डिंग का लोकार्पण किया। सिंधिया ने कहा कि यह विद्यालय केवल एक भवन नहीं, बल्कि गांव के बच्चों के सपनों और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। पिपरई का यह स्कूल ग्रामीण बच्चों को महानगरों के समान संसाधन और अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इन स्कूलों का नाम 'सांदीपनि' रखने को सार्थक बताया, क्योंकि महर्षि सांदीपनि भगवान श्रीकृष्ण के गुरु थे। सिंधिया ने बताया कि 32 करोड़ रुपए की लागत से विकसित होने वाला यह परिसर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इसमें स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान, गणित और भाषा के लिए आधुनिक प्रयोगशालाएं तथा नवीन शिक्षण संसाधन उपलब्ध होंगे। व्यावसायिक शिक्षा पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे विद्यार्थी तकनीकी और व्यावहारिक कौशल प्राप्त कर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान दे सकें। पूर्व, केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने चंदेरी में 30 लाख रुपए की लागत से निर्मित शिशु मंदिर का उद्घाटन किया। उन्होंने माधव महाविद्यालय परिसर में अपने पिता स्वर्गीय माधवराव सिंधिया की प्रतिमा का अनावरण किया और नई माधव साइंस कॉलेज भवन का लोकार्पण भी किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और क्षेत्र की विरासत को सम्मान देना है। संस्कारवान, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना ही मकसद केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार दिलाना नहीं, बल्कि संस्कारवान, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी है। इस विद्यालय में बच्चों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ा जाएगा, ताकि वे ज्ञान के साथ-साथ चरित्र निर्माण की भी मजबूत नींव प्राप्त कर सकें। पिछले एक दशक में भारत की शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लागू ‘नई शिक्षा नीति’ (NEP) विद्यार्थियों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर दे रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इसी स्कूल से भविष्य के डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, उद्यमी और देश का नेतृत्व करने वाले कर्णधार निकलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार में प्रदेश में नौनिहालों की शिक्षा को लेकर बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। आयोजन की कुछ तस्वीरें…
केंद्रीय बजट के प्रचार-प्रसार को लेकर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री विजय शाह ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस ली। उन्होंने खंडवा में जिला स्तरीय प्रेसवार्ता कार्यक्रम कर केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट के बारे में जानकारी दी। मंत्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा के क्षेत्र को महत्व देते हुए बजट में प्राथमिकता दी गई हैं। इस बजट को लेकर जन-जन तक जाएंगे। ताकि, झोपड़ी-झोपड़ी और खोपड़ी-खोपड़ी तक यह बात पहुंच सकें। एम्स खुलने से मेडिकल टूरिज्म बढ़ेगा, विदेशी आएंगेमंत्री विजय शाह ने कहा कि दुनिया के हर देश में, चाहे यूरोप हो। वहां मेडिकल दवाइयां, ऑपरेशन महंगे हैं। लेकिन हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिंदुस्तान को मेडिकल हब के रूप में स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने संकल्प लिया है कि हिंदुस्तान के हर जिले मे मेडिकल कॉलेज खुलेगा। एम्स खोल रहे है और अब आयुर्वेदिक एम्स खुलने जा रहे है। ताकि दुनिया के लोग, जो अपने देश में इलाज नहीं करवा पा रहे है, वो हिंदुस्तान में आकर इलाज करा पाएं। यहां इलाज कराने आएंगे तो टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। इसे हमने मेडिकल टूरिज्म का नाम दिया है। केवल टूरिज्म नहीं, इलाज भी कराओ और घूमो भी। इससे विदेशी पैसा आएगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। जाति, धर्म से उठकर हर जिले में खुलेंगे छात्रावासमंत्री शाह ने बताया कि, हिंदुस्तान के हर जिले में अब छात्रावास खुलेंगे। जाति, समाज से ऊपर उठकर यानी एसटी, एससी, ओबीसी के अलावा सामान्य वर्ग की बेटियों के लिए भी यह सुविधा होगी। 100 सीटर हो या 500 सीटर, जैसी डिमांड होगी, उस स्तर पर छात्रावास खोले जाएंगे। ताकि, बेटियों को बड़े शहरों में सुरक्षित माहौल में छात्रावास की सुविधा उपलब्ध हो सकें। इसके अलावा स्पोर्ट्स पर फोकस किया जा रहा है। खेलों इंडिया के जरिऐ खेलों को महत्व दे रहे है। सोलर पंप से किसानों को सहूलियत होगीकेंद्रीय बजट को लेकर मंत्री विजय शाह ने जानकारी दी कि, कृषि क्षेत्र में पशुपालन के अलावा इस बार सोलर पावर को बढ़ावा दे रहे हैं। उदाहरण के तौर पर छोटे किसानों को 5 हजार हॉर्स पॉवर का मोटर पंप चलाने में बिजली देना होता है। खर्च ज्यादा होता है, सिंचाई में समस्या आती है। इसलिए महज 10 प्रतिशत राशि जमा करके 90 फीसदी अनुदान या सब्सिडी पर किसानों को सोलर पंप मिलेगा। जिससे कि अब ट्रांसफार्मर नहीं जलेगा, औरकिसान के पास बिल नहीं आएगा। बिजली की बचत होगी और सिंचाई में सुविधा होगी। रेलवे कॉरिडोर, लखपति दीदी जैसी स्कीमें भी गिनाईमंत्री विजय शाह ने बजट के हवाले से देश में 7 रेलवे कॉरिडोर बनाए जाने की बात कहीं। कहा कि अब 160 की स्पीड से ट्रेनें चलेगी, इससे समय और पैसे की बचत ही नहीं होगी बल्कि यह दूरदर्शीय सोच की परिकल्पना है। पर्यटन के क्षेत्र में नेशनल पार्क विकसित किए जा रहे है। विदेश यात्रा के लिए भी टैक्स कम किए गए है। शहरी विकास पर जोर देने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में लखपति दीदीयों के लिए मार्ट स्कीम चलाई जाएगी।
मध्यप्रदेश पटवारी संघ ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हरदा में प्रदर्शन किया। संघ ने फसल गिरदावरी के लिए लागू जियो फेंस तकनीक में आ रही व्यावहारिक समस्याओं को उजागर करते हुए इसे स्थगित करने की मांग की। इसके साथ ही अन्य लंबित समस्याओं के निराकरण की मांग भी उठाई गई। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर उपप्रांताध्यक्ष राजीव जैन और जिलाध्यक्ष अनुराग करोलिया के नेतृत्व में पटवारियों ने संयुक्त कलेक्टर सतीश राय को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन प्रमुख सचिव राजस्व एवं आयुक्त भू-अभिलेख के नाम था, जिसमें पटवारियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और मांगों का उल्लेख किया गया। सरकारी ऐप और संसाधनों की कमी से काम प्रभावितसंघ ने बताया कि गिरदावरी के लिए उपयोग में लिया जा रहा सरकारी ऐप रियल टाइम डेटा से अपडेट नहीं है। इसके अलावा पटवारियों को कार्य के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। अभी तक पटवारियों को मोबाइल फोन तक प्रदान नहीं किए गए, जिससे डिजिटल कार्य बाधित हो रहा है। सर्वेयरों को मानदेय नहीं, बढ़ा पटवारियों पर बोझपटवारी संघ ने बताया कि पिछले लगभग तीन वर्षों से सर्वेयरों से गिरदावरी का कार्य कराया जा रहा है, लेकिन उन्हें अब तक मानदेय का भुगतान नहीं किया गया। इसी कारण सर्वेयर कार्य नहीं कर रहे हैं और गिरदावरी का पूरा भार पटवारियों पर आ गया है। जहां एक सर्वेयर के लिए अधिकतम 1000 खसरों की गिरदावरी का प्रावधान है, वहीं वर्तमान में पटवारियों को अपने हल्कों के गांवों में 5 से 10 हजार खसरों की गिरदावरी स्वयं करनी पड़ रही है। खसरा आधारित जियोटैग गिरदावरी संभव नहींसंघ का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में खसरों की खसरा आधारित जियोटैग गिरदावरी करना व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। इसलिए मांग की गई है कि पटवारी आईडी से खसरा आधारित जियोटैग हटाकर ग्राम स्तर पर गिरदावरी करवाने की व्यवस्था लागू की जाए। फार्मर आईडी में आ रही कई व्यावहारिक दिक्कतेंजिलाध्यक्ष अनुराग करोलिया ने फार्मर आईडी बनाने में आ रही समस्याओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि फार्मर आईडी पटवारियों के अलावा सीएससी सेंटर और एमपी ऑनलाइन के माध्यम से भी बनाई जा रही है, जिनके लिए भुगतान भी किया जा रहा है। इसके बावजूद शासन द्वारा पटवारियों पर इस कार्य को लेकर अनुचित दबाव बनाया जा रहा है। फार्मर आईडी प्रणाली में बताई गई विसंगतियांपटवारी संघ ने फार्मर आईडी सिस्टम में कई तकनीकी और प्रशासनिक विसंगतियां गिनाईं, जिनमें कई खातेदारों और सहखातेदारों का अन्य स्थानों पर निवास पोर्टल पर त्रुटिपूर्ण डेटा आईडी बन जाने के बाद भी खसरों का पेंडिंग सूची में दिखना कई खसरों का पोर्टल पर उपलब्ध न होना किसान के आधार से मोबाइल नंबर लिंक न होना ओटीपी नहीं मिलने या किसानों द्वारा ओटीपी नहीं देने की समस्याशामिल हैं। अनावश्यक दबाव और कार्रवाई बंद करने की मांगसंघ ने मांग की कि इन सभी समस्याओं का शीघ्र निराकरण किया जाए और इस कार्य को लेकर पटवारियों पर अनावश्यक दबाव या कार्रवाई कर उन्हें प्रताड़ित न किया जाए। ज्ञापन में पटवारी संघ ने वेतन-भत्तों, आबादी सर्वे के लंबित मानदेय का भुगतान करने तथा नवीन पटवारियों को न्यायालय के आदेशानुसार शत-प्रतिशत वेतन देने की मांग भी रखी है।
गाजीपुर में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर द्वारा आयोजित बीएड विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं बुधवार को स्नातकोत्तर महाविद्यालय में संपन्न हो गईं। 27 जनवरी से 4 फरवरी तक चली इन परीक्षाओं के दौरान कुल 64 परीक्षार्थी नकल करते हुए पकड़े गए। अंतिम दिन भी 9 परीक्षार्थियों को नकल करते हुए पकड़ा गया, जिन्हें तत्काल रस्टीकेट कर दिया गया। अंतिम दिन, बुधवार को कुल 2182 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 2120 उपस्थित रहे, जबकि 62 अनुपस्थित पाए गए। परीक्षा दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की गई थी। गाजीपुर स्थित इस केंद्र पर कुल 23 बीएड महाविद्यालयों के परीक्षार्थी शामिल हुए थे। परीक्षाओं की पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखने के लिए कड़े इंतजाम किए गए थे। परीक्षा केंद्र में प्रवेश के समय पुलिस बल, प्रांतीय सुरक्षा दल और आंतरिक उड़ाका दल द्वारा परीक्षार्थियों की सघन तलाशी ली गई। स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि परीक्षा के दौरान विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग से लगातार समन्वय स्थापित किया गया था। परीक्षार्थियों को मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, पर्स या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को केंद्र में ले जाने की अनुमति नहीं थी। नकल करते पकड़े गए परीक्षार्थियों पर विश्वविद्यालय के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की गई। आंतरिक उड़ाका दल में प्रोफेसर डॉ. सुजीत कुमार सिंह, प्रोफेसर डॉ. संजय चतुर्वेदी, डॉ. श्रवण कुमार शुक्ल, डॉ. प्रतिमा सिंह, डॉ. गोपाल सिंह यादव और डॉ. अर्मिता सिंह शामिल थे।
डूंगरपुर जिले में 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत चौरासी थाना पुलिस ने लूट के एक मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने करावाड़ा नदी के पुल के पास हुई मोबाइल और नकदी लूट के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से लूटा गया मोबाइल फोन और 500 रुपए नकद भी बरामद किए गए हैं। चौरासी थाने के सीआई भंवर सिंह राठौड़ ने बताया कि गोरदा निवासी विजयपाल ने 2 फरवरी को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार 1 फरवरी 2026 की रात करीब 7:30 बजे, जब वह अस्पताल में भर्ती अपनी भाभी को टिफिन देकर लौट रहा था, तब करावाड़ा नदी के पुल पर दो अज्ञात युवकों ने उसे रोका। आरोपियों ने विजयपाल को लात मारकर गिरा दिया और घसीटकर नदी की ओर ले गए। वहां उन्होंने चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और उनका वन प्लस मोबाइल फोन और कवर में रखे 500 रुपए छीनकर फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने गहन छानबीन शुरू की और संदिग्धों पर नजर रखी। जांच के दौरान पुलिस ने पाडला माना रोत निवासी राहुल रोत (19) और राजेश रोत (20 वर्ष) को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों आरोपियों ने लूट की वारदात को कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर लूटा गया मोबाइल फोन और नकदी बरामद कर ली है। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए आरोपियों से आगे की पूछताछ कर रही है।
कानपुर के सेन में एक मजदूर का शव मैदान में संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था, देर शाम आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हार्ट अटैक से मजदूर की मौत होने की पुष्टि हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मजदूर की मौत की वजह स्पष्ट हो गई है। सेन पश्चिम पारा इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार शाम आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मजदूर की मौत की वजह स्पष्ट हो गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मजदूर की मौत हार्ट अटैक आने से हुई है। परिजनो ने शव को विधि विधान के साथ कब्रिस्तान में दफनाकर अंतिम संस्कार कर दिया है। जाने क्या है, पूरा मामला... घाटमपुर थाना क्षेत्र के रामपुर गांव निवासी 45 वर्षीय मोहर अली उर्फ भूरा पुत्र मासूम अली प्रतिदिन की तरह सोमवार की सुबह मजदूरी करने के लिए निकले थे, देर रात तक घर वापस नहीं लौटे। देर रात परिजनो के फोन पर एक ऑटो चालक का फोन आया कि, ये बेहोशी की हालत में है। इन्हें रमईपुर चौराहे से ले जाओ इसके बाद से मजदूर का फोन नहीं उठा। परिजनो ने थाने पहुंचकर सूचना दी थी, मंगलवार सुबह मजदूर का शव सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र के न्योरी के पास स्थित कैटल कालोनी के पास मजदूर का शव पड़ा मिला था। मौके पर पहुंची पुलिस ने फोरेंसिक टीम को बुलाकर घटनास्थल पर जांच पड़ताल कराने के साथ शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था, परिजनो ने पुलिस से हत्या की आशंका जताई थी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हार्ट अटैक से मौत होने की पुष्टि हुई है।
तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से बाइक सवार की मौत:कन्नौज में आमने सामने से हुई भिड़ंत, चालक वाहन सहित फरार
कन्नौज में तालग्राम-छिबरामऊ मार्ग पर बुधवार शाम एक सड़क हादसे में बाइक सवार की मौत हो गई। यह दुर्घटना केसरी नगला के पास हुई, जहां एक तेज रफ्तार वाहन ने सामने से आ रही बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान एटा जिले के जसरतपुर थाना क्षेत्र के नगला उम्मेदपुर निवासी उपेंद्र (पुत्र नेत्रपाल) के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को अपने वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तालग्राम पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और फरार चालक की तलाश की जा रही है।
खरगोन जिले में महाराष्ट्र सीमा से सटे आदिवासी भगवानपुरा क्षेत्र में पुलिस ने अवैध गोवंश तस्करी के खिलाफ कार्रवाई की। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चार गोवंश मुक्त कराए हैं और दो पिकअप वाहन जब्त किए हैं। जब्त किए गए गोवंश और वाहनों का कुल मूल्य 8.80 लाख रुपए बताया जा रहा है। यह कार्रवाई बुधवार सुबह सिरवेल चौकी पुलिस द्वारा की गई। भगवानपुरा टीआई इलापसिंह मुजाल्दे और चौकी प्रभारी सिरवेल एएसआई दिलीपसिंह ठाकरे की टीम को मोरहाड़ी फाल्या सिरवेल से महाराष्ट्र की ओर दो पिकअप वाहनों में अवैध गोवंश परिवहन की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने नाकाबंदी कर चेकिंग अभियान चलाया। चेकिंग के दौरान पुलिस ने MP09GE8202 नंबर के पिकअप के ड्राइवर सुनील पिता महेंद्रसिंह तोमर निवासी खड़कियाघाट और MP10G1611 नंबर के पिकअप के ड्राइवर मोहन पिता नानटिया निवासी कदवाली को रोका। वाहनों की तलाशी लेने पर उनमें क्रूरतापूर्वक 2-2 गोवंश बैल भरे हुए पाए गए। आरोपियों के पास गोवंश परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज या लाइसेंस नहीं था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की विवेचना कर रही है।
भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई 32 मौतों को लेकर कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने इंदौर पहुंचकर केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने इस त्रासदी को प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि सीधे तौर पर 'सिस्टम का फेल्योर' करार दिया है। प्रेस से चर्चा करते हुए श्रीनेत ने कहा कि एक तरफ सरकार 'विकसित भारत' के बड़े-बड़े दावे कर रही है। दूसरी तरफ देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में लोग जहरीला पानी पीकर जान गंवा रहे हैं। सरकार नागरिकों को बुनियादी जरूरत यानी साफ पानी तक मुहैया नहीं करा पा रही है, तो विकास की बातें बेमानी हैं। जल जीवन मिशन के बजट पर उठाए सवाल सुप्रिया श्रीनेत ने आंकड़ों का हवाला देते हुए 'जल जीवन मिशन' की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा किया। आरोप लगाया है कि योजना के लिए आवंटित 68,000 करोड़ रुपए के बजट में से अब तक केवल 17,000 करोड़ रुपए ही खर्च किए गए हैं। सरकार जनता की मूलभूत सुविधाओं पर पैसा खर्च करने के बजाय सिर्फ कागजी योजनाओं में व्यस्त है। इंदौर जैसी घटनाएं नोएडा और गुजरात में भी हो चुकी हैं, लेकिन सिस्टम ने कोई सबक नहीं लिया। कांग्रेस प्रवक्ता ने रखी 3 मांगें.. इंदौर की छवि पर लगा दाग देश के सबसे स्वच्छ शहर के एक इलाके में एक साथ इतनी मौतों ने नगर निगम और पीएचई (PHE) विभाग की पोल खोल दी है। कांग्रेस अब इस मुद्दे को लेकर सड़क से सदन तक सरकार को घेरने की तैयारी में है।
सरधना में एसओजी का एक्शन:बॉम्बे डाइंग और डिकोर कंपनी के नाम पर बिक रही नकली चादरें बरामद
सरधना में बुधवार को एसओजी टीम ने बॉम्बे डाइंग व डिकोर कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए कई दुकानों और गोदामों पर छापेमारी की। इस दौरान बड़ी मात्रा में नकली चादरें बरामद की गईं। अचानक हुई इस कार्रवाई से बाजार में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार कुछ व्यापारी बॉम्बे डाइंग और डिकोर कंपनी के नाम व लोगो का दुरुपयोग कर नकली चादरें बाजार में बेच रहे थे। कंपनी को इसकी शिकायत मिलने पर एसओजी टीम को सूचना दी गई। इसके बाद एसओजी और कंपनी प्रतिनिधियों ने एक साथ विभिन्न प्रतिष्ठानों पर छापे मारे। छापेमारी के दौरान दुकानों और गोदामों से भारी मात्रा में नकली चादरें बरामद की गईं, जिन्हें कब्जे में ले लिया गया है। टीम ने संबंधित दुकानदारों से पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नकली चादरों की सप्लाई आसपास के जिलों में भी की जा रही थी। एसओजी प्रभारी ने बताया कि मामला कॉपीराइट और ट्रेडमार्क उल्लंघन से जुड़ा है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद संबंधित आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। देर शाम तक छापेमारी और जांच की कार्रवाई जारी रही।
पानीपत के बापौली थाना क्षेत्र के गांव गढ़ी नवाब में एक 27 वर्षीय युवक की उसके ही खेत में रोटावेटर से कुचला हुआ शव मिलने से सनसनी फैल गई। शुरुआत में यह मामला एक हादसा लग रहा था, लेकिन परिजनों ने पुराने जमीनी विवाद के चलते हत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने तीन नामजद लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मोहित (27) सुबह करीब 10:30 बजे अपना ट्रैक्टर लेकर खेत में काम करने गया था। जब वह दोपहर तक घर वापस नहीं लौटा, तो चिंतित परिजन उसे ढूंढते हुए खेतों में पहुंचे। वहां का मंजर देखकर सबके होश उड़ गए। मोहित का शव रोटावेटर की चपेट में आने के कारण क्षत-विक्षत हालत में पड़ा था। FSL टीम ने जुटाए साक्ष्य घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और FSL की टीम मौके पर पहुंची। दोनों टीमों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह वास्तव में एक दुर्घटना है या किसी साजिश का हिस्सा। हादसा या सोची-समझी हत्या? मृतक मोहित के परिजनों ने पुलिस को दी शिकायत में सीधे तौर पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आरोपियों के साथ उनका काफी समय से जमीनी विवाद चल रहा है। परिजनों का आरोप है कि मोहित की हत्या करने के बाद उसे 'हादसा' दिखाने के लिए रोटावेटर से कुचला गया है। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर 3 नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। अविवाहित था मृतक परिजनों ने बताया कि मोहित अभी अविवाहित था। उसकी मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है और ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्रामीण जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
सीतापुर में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य सुजीता कुमारी बुधवार को सीतापुर पहुंचीं, जहां उन्होंने सदर तहसील सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में महिलाओं की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई के दौरान कुल 19 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से आई पीड़ित महिलाओं ने अपनी-अपनी समस्याएं रखीं। सदस्या ने सभी महिलाओं को आश्वस्त किया कि हर पीड़ित महिला को न्याय दिलाना महिला आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। महिलाओं ने घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना, संपत्ति विवाद, कार्यस्थल पर उत्पीड़न सहित अन्य गंभीर मामलों को महिला आयोग के समक्ष रखा। कई पीड़िताओं ने अपनी शिकायतें लिखित रूप में भी सौंपीं। सुजीता कुमारी ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों से समन्वय कर शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने एक शिकायतकर्ता महिला को कंबल प्रदान करते हुए आर्थिक सहायता भी दी। सदस्या सुजीता कुमारी ने कहा कि महिला आयोग एक वैधानिक संस्था है, जो प्रदेश में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके कल्याण के लिए सतत कार्य कर रही है। आयोग द्वारा समय-समय पर जनसुनवाई, जागरूकता कार्यक्रम एवं निरीक्षण अभियान चलाए जाते हैं, ताकि महिलाओं की समस्याओं को समझकर उनका त्वरित समाधान किया जा सके।उन्होंने महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और अन्याय के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाने का आह्वान किया। इसके उपरांत सदस्या सुजीता कुमारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परसेंडी का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। राजकीय यूनानी चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया, जहां तीन महिलाओं की गोद भराई कराई गई तथा एक बच्चे का अन्नप्राशन कराया गया। इसके अलावा ब्लॉक परसेंडी में जन-जागरूकता चौपाल आयोजित कर लोगों की समस्याएं सुनी गईं और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय परसेंडी का निरीक्षण कर संबंधित को आवश्यक निर्देश दिए गए। इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रिया पटेल सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
समस्तीपुर में जमीन मापी कर लौट रहे एक अमीन की गला घोंट कर हत्या कर दी गई। यहां तक की उसके मोबाइल और बाइक को भी गायब कर दिया गया है। बुधवार को अरहर के खेत में शव मिला है। मृतक की पहचान लरझाघाट थाना क्षेत्र के छेछनी गांव निवासी लक्ष्मी रावत के बेटे टुनटुन रावत (42) के रूप में की गई है। वह रोसरा शहर के शारदा नगर में अपना मकान बनाकर परिवार के साथ रहते थे। घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा है। पुलिस ने इस घटना को पहली नजर में लूटपाट के दौरान प्रतिरोध करने पर हत्या का मामला बताया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना के संबंध में मृतक के ग्रामीण अशोक रावत ने बताया कि टुनटुन रावत रोसरा शहर के शारदा नगर में मकान बनाकर 10 सालों से रहते थे। 3 फरवरी को लारझाघाट गांव के ही अमरजीत पंडित की जमीन माफी करने के लिए गए थे। जमीन की मापी खत्म होने के बाद शाम करीब 4:30 बजे वह रोसरा के लिए बाइक से चले थे। लेकिन देर रात तक वह घर नहीं पहुंचे। मोबाइल भी था बंद जानकारी के बाद परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की। लेकिन रात भर कुछ पता नहीं चल सका। उनका मोबाइल भी बंद मिल रहा था। इसी दौरान सुबह लोगों ने मबी गांव के चिमनी के निकट अरहर के खेत में एक शव देखा। शव मिलने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। लेकिन किसी ने भी शव की पहचान नहीं की। बाद में टुनटुन के परिवार के लोगों को जानकारी मिली कि मबी गांव के पास एक लाश मिली है। परिवार के लोग जब मौके पर पहुंचे, तो उसकी पहचान अमीन टुनटुन रावत के रूप में की। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। टुनटुन के गले पर दाग का निशान मिला है। उनकी बाइक और मोबाइल गायब है, जिससे आशंका व्यक्त की जा रही है कि लूटपाट के दौरान प्रतिरोध करने पर उनकी हत्या कर दी गई है। रोसरा की डीएसपी संजय सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी मोटरसाइकिल और बाइक गायब है। इनके शरीर पर कहीं भी जख्म का निशान नहीं है। प्रथम दृष्टि से ये मामला गला घोंटकर हत्या का प्रतीत होता है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि लूटपाट का विरोध करने पर उनकी हत्या की गई है। हत्या के सभी बिंदुओं पर जांच चल रही है।
गोरखपुर में लक्ष्य स्पोर्ट्स एकेडमी की ओर से ग्यारहवीं आल इंडिया प्राइज मनी लक्ष्य चैम्पियंस ट्रॉफी क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन 22 फरवरी से 1 मार्च तक किया जाएगा। यह प्रतियोगिता मंडल क्रिकेट संघ से सम्बद्ध और उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ से मान्यता प्राप्त है। प्रतियोगिता को प्रदेश की सबसे बड़ी पुरस्कार राशि वाली लीग आधारित टी-20 क्रिकेट प्रतियोगिता माना जा रहा है। लक्ष्य स्पोर्ट्स एकेडमी के अध्यक्ष डाक्टर राजेश यादव और सचिव डाक्टर त्रिलोक रंजन ने प्रेस वार्ता में बताया कि प्रतियोगिता के सभी मैच रेलवे क्रिकेट ग्राउंड पर कराए जाएंगे। प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 8 प्रमुख टीमें हिस्सा लेंगी, जो लक्ष्य चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए आपस में मुकाबला करेंगी। लीग फॉर्मेट में खेले जाएंगे मुकाबले यह प्रतियोगिता सफेद गेंद और रंगीन किट में 20-20 ओवरों की होगी। सभी 8 टीमों को 2 पुल में बांटा जाएगा। हर पुल की टीमें आपस में लीग मैच खेलेंगी। लीग चरण के बाद प्रत्येक पुल से दो-दो बेहतर टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी और फिर फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। आयोजन को सुचारु और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए तकनीकी समिति सहित कई कमेटियों का गठन किया गया है। टीमों का पुल निर्धारण और मैचों का संचालन अम्पायरों और तकनीकी समिति की देखरेख में किया जाएगा। विजेता को 3 लाख-उपविजेता को 2 लाख रुपए प्रतियोगिता की विजेता टीम को 3 लाख रुपए नकद और लक्ष्य चैम्पियंस ट्रॉफी दी जाएगी। उपविजेता टीम को 2 लाख रुपए नकद और ट्रॉफी मिलेगी। इसके अलावा पूरे टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को 21 हजार रुपए नकद दिए जाएंगे। सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज और सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज को 11-11 हजार रुपए नकद और ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। हर मुकाबले में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को पूर्व पत्रकार स्वर्गीय योगेश्वर सिंह की स्मृति में मैन ऑफ द मैच का नकद पुरस्कार और ट्रॉफी दी जाएगी। BCCI नियमों के अनुसार होंगे मैच प्रतियोगिता का आयोजन BCCI के नियमों के तहत कराया जाएगा। BCCI के अम्पायरों के पैनल से मैच कराए जाएंगे। पिछले सालों की तरह इस बार भी थर्ड अंपायर की व्यवस्था रहेगी, जो कैमरों के जरिए रन आउट सहित अन्य फैसलों में मदद करेगी।
सिंगरौली जिले के गुरहर पहाड़ में प्रस्तावित सोने की खदान को लेकर बुधवार को सिलफोरी में जनसुनवाई हुई। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मौजूदगी में हुई इस बैठक में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने अपनी बातें रखीं। मेसर्स कुंदन गोल्ड माइंस प्राइवेट लिमिटेड यहां 149 हेक्टेयर से ज्यादा इलाके में खनन की तैयारी में है। अरबों के खजाने का अनुमान परियोजना के आंकड़ों के मुताबिक, इस खदान से हर साल करीब 0.13 मिलियन टन सोने का अयस्क निकालने की योजना है। अनुमान है कि यहां 35 सालों तक खनन चलेगा, जिससे कुल 39.2 टन सोना निकल सकता है। मौजूदा बाजार भाव के हिसाब से इस सोने की कुल कीमत करीब 2 लाख 74 हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा आंकी गई है। ग्रामीणों ने जताई चिंता जनसुनवाई के दौरान इलाके के लोगों ने पर्यावरण, पानी के संकट और विस्थापन को लेकर अपनी शंकाएं जाहिर कीं। ग्रामीणों का सबसे ज्यादा जोर रोजगार और जमीन के बदले मिलने वाली सुविधाओं पर रहा। कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि वे पर्यावरण के नियमों का पूरा पालन करेंगे और स्थानीय लोगों को नौकरी में प्राथमिकता देंगे। प्रदूषण बोर्ड की रिपोर्ट प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि जनसुनवाई के दौरान आए सभी सुझावों और आपत्तियों को दर्ज कर लिया गया है। इस पूरी रिपोर्ट को अब आगे की कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा। इस खनन परियोजना से जिले में बड़े निवेश और विकास की उम्मीद जताई जा रही है।
कौशांबी में मानदेय बढ़ोतरी और समय पर भुगतान की मांग को लेकर बुधवार को जनपद की रसोइयों ने जोरदार प्रदर्शन किया। रसोइयां कल्याण समिति के बैनर तले हजारों रसोइयों ने पहले डायट मैदान में बैठक की, इसके बाद जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व समिति के जिलाध्यक्ष उमा शंकर सरोज ने किया। जिलाध्यक्ष उमा शंकर सरोज ने बताया कि जनपद में करीब 3400 रसोइयां कार्यरत हैं, जिन्हें वर्तमान में मात्र 2000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। बढ़ती महंगाई के बीच इस राशि में जीवन-यापन करना बेहद कठिन हो गया है। उन्होंने कहा कि रसोइयां अपने परिवार का भरण-पोषण तो दूर, खुद का गुजारा भी नहीं कर पा रही हैं। प्रदर्शन के दौरान रसोइयों ने सरकार से मांग की कि अन्य राज्यों की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी रसोइयों का मानदेय बढ़ाकर कम से कम 10,000 रुपये प्रतिमाह किया जाए। साथ ही शिक्षामित्रों की तरह रसोइयों को भी 10 माह के बजाय 11 माह का मानदेय दिया जाए, क्योंकि उनसे कार्य पूरे 11 माह लिया जाता है। रसोइयों ने यह भी आरोप लगाया कि उनका मानदेय 4–5 महीने बाद एक साथ दिया जाता है, जबकि अन्य विभागों के कर्मचारियों को हर माह 1 से 7 तारीख के बीच भुगतान हो जाता है। उन्होंने मांग की कि रसोइयों का मानदेय भी प्रत्येक माह समय से उनके खाते में भेजा जाए। इसके अलावा रसोइयों ने एप्रिन, ग्लव्ज और हेड कवर के लिए निर्धारित 400 रुपये सीधे उनके व्यक्तिगत खातों में देने की मांग की। उनका आरोप है कि अब तक न तो यह राशि मिली है और न ही सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। स्कूलों में शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों द्वारा अतिरिक्त कार्य कराए जाने का मुद्दा भी प्रदर्शन के दौरान उठाया गया। प्रदर्शन के बाद रसोइयों ने एसडीएम सदर एसपी वर्मा को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कुल पांच प्रमुख मांगें रखी गईं और चेतावनी दी गई कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
सरकारी कर्मचारियों की नौकरी में वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) बहुत अहम होती है। इसी में लिखी कुछ पंक्तियां पदोन्नति, पोस्टिंग और करियर की दिशा तय कर देती हैं, लेकिन अगर ACR में प्रतिकूल टिप्पणी आ जाए, तो कर्मचारी के पास जवाब देने के सीमित ही रास्ते होते हैं।अब पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने इसी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाया है। हाईकोर्ट ने इस अपारदर्शी क्षेत्र में हस्तक्षेप करते हुए हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव से यह स्पष्टीकरण देने को कहा है कि गृह विभाग प्रतिकूल सेवा टिप्पणियों के विरुद्ध दया याचिकाओं पर किस कानूनी आधार पर विचार करता है और निर्णय लेता है। क्या है पूरा मामला? याचिकाकर्ता ने 22 अप्रैल, 2017 से 1 अगस्त, 2017 तक की अवधि के लिए अपनी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) में दर्ज प्रतिकूल टिप्पणियों के साथ-साथ 20 मार्च, 2023 को महेंद्रगढ़ के पुलिस अधीक्षक द्वारा उनके अभ्यावेदन को खारिज किए जाने को चुनौती दी थी। उनका इससे पहले का अभ्यावेदन भी 5 अप्रैल, 2019 को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, दक्षिण रेंज, रेवाड़ी द्वारा खारिज कर दिया गया था।याचिका लंबित रहने के दौरान, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने 28 मई, 2025 के एक आदेश द्वारा प्रतिकूल टिप्पणियों को हटा दिया और याचिकाकर्ता की एसीआर ग्रेडिंग को औसत से नीचे से अच्छा में अपग्रेड कर दिया।यहां पढ़िए हाईकोर्ट की इस मामले में क्या टिप्पणी... इसलिए खारिज की याचिका इस पूरे घटनाक्रम पर ध्यान देते हुए, जस्टिस बंसल ने याचिकाकर्ता की इस दलील को दर्ज किया कि सरकार द्वारा 28 मई, 2025 को पारित आदेश के मद्देनजर, याचिका निष्प्रभावी हो गई है। राज्य के वकील ने कहा कि वे इस दलील का खंडन करने में असमर्थ हैं। न्यायमूर्ति ने कहा, दोनों पक्षों के बयान के बाद याचिका निष्प्रभावी हो जाने के कारण खारिज की जाती है। हाईकोर्ट ने उठाए ये सवाल मामले को बंद करने से पहले, न्यायालय ने एक व्यापक प्रशासनिक प्रश्न उठाया जिसके निहितार्थ व्यक्तिगत मामले से परे थे। यह देखते हुए कि सेवा नियमों के तहत सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रतिकूल टिप्पणियां दर्ज की गई थीं, पीठ ने यह स्पष्टीकरण मांगना उचित समझा कि गृह विभाग ने ऐसी प्रविष्टियों के विरुद्ध दया याचिकाओं पर विचार करने और निर्णय लेने का अधिकार कैसे ग्रहण किया। इन बिंदुओं पर देना होगा स्पष्टीकरणहाईकोर्ट ने “यह न्यायालय गृह विभाग, भारत सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव को निर्देश देना उचित समझता है।” न्यायमूर्ति ने निष्कर्ष निकाला, कि हरियाणा को आज से चार सप्ताह के भीतर न्यायालय की रजिस्ट्री में एक हलफनामा दाखिल करना होगा, जिसमें यह स्पष्ट करना होगा कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा दर्ज की गई प्रतिकूल टिप्पणियों के खिलाफ दया याचिका किस प्रावधान के तहत स्वीकार्य है और गृह विभाग द्वारा उस पर निर्णय लिया जा सकता है।
जींद पुलिस ने किसानों से करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। केंचुआ खाद व्यवसाय के नाम पर ठगी करने वाली एग्रो नेचर फार्मिंग कंपनी के मुख्य आरोपी (CMD) जोगिंदर राज को गिरफ्तार कर लिया गया है। सिविल लाइन जींद थाना प्रभारी PSI पूजा ने जानकारी देते हुए बताया कि कंडेला निवासी राममेहर ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि जोगिंदर राज (CMD) और राकेश शर्मा (MD) ने अपनी फर्म एग्रो नेचर फार्मिंग के माध्यम से किसानों को केंचुआ खाद (वर्मीकम्पोस्ट) का व्यवसाय स्थापित करने का प्रलोभन दिया। रकम दोगुनी करने का वादा किया आरोपियों ने राममेहर को विश्वास दिलाया कि वे उसके खेत में केंचुआ खाद के बेड तैयार करेंगे, जिसकी लागत 10 हजार प्रति बेड होगी। उन्होंने 2 साल में निवेश की गई राशि दोगुनी करने का वादा किया। इस योजना के तहत, उन्होंने राममेहर से कुल 10 लाख 10 हजार रुपए ले लिए। ऑफिस बंद कर आरोपी फरार कुछ समय बाद, कंपनी ने काम बंद कर दिया और निर्धारित समय के अनुसार बेड तैयार नहीं किए। दो साल का इकरारनामा पूरा होने से पहले ही कंपनी का ऑफिस बंद कर आरोपी फरार हो गए। जब शिकायतकर्ता ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। जांच में फर्म रजिस्टर्ड नहीं मिली राममेहर की शिकायत के आधार पर, सिविल लाइन जींद थाने में 08 अगस्त, 2025 को धारा 406, 420 भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान, आरोपी राकेश को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था। यह भी सामने आया कि फर्म का श्रम एवं रोजगार विभाग, यमुनानगर में रजिस्ट्रेशन नहीं है। आरोपी से 10 हजार रुपए बरामद जांच के बाद मुख्य आरोपी जोगिंदर राज को 03 मार्च, 2026 को प्रोडक्शन वारंट पर पेश कर गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी से 10 हजार रुपए बरामद किए हैं। आरोपी को कोर्ट में पेश कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के 'मेरा युवा भारत' धार के माध्यम से सरदारपुर में दो दिवसीय ब्लॉक स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताएं संपन्न हुईं। यह आयोजन शासकीय मॉडल हाई स्कूल सरदारपुर में किया गया, जिसमें 180 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। जिला युवा अधिकारी दीर्घा राजावत के मार्गदर्शन में राणा बख्तावर सिंह युवा मंडल ने इन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। इसमें कबड्डी (पुरुष वर्ग), खो-खो (महिला वर्ग), 200 मीटर दौड़ (महिला एवं पुरुष वर्ग), लंबी कूद (महिला एवं पुरुष वर्ग) सहित कई अन्य खेल शामिल थे। कार्यक्रम में सरदारपुर थाना प्रभारी अनिल जाधव, प्राचार्य कामेश सतपुड़ा, सुरेंद्र सांकला, जितेंद्र रावत और उप निरीक्षक नवलसिंह बघेल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। थाना प्रभारी जाधव ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए खेलों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं से मोबाइल के बजाय प्रतिदिन एक घंटा खेल के लिए निकालने का आग्रह किया, जिससे उनका भविष्य और फिटनेस दोनों बेहतर हो सकें। ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिताओं में सरदारपुर तहसील के 180 से अधिक खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। पुरुष 200 मीटर दौड़ में अश्विन यादव प्रथम और भव्य द्वितीय रहे। महिला 200 मीटर दौड़ में आशा ने प्रथम तथा सारंगी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। कबड्डी में सरदारपुर टीम विजेता और रिंगनोद टीम उपविजेता रही। लंबी कूद में विश्वास ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि महिला लंबी कूद में भूमिका भाटी प्रथम रहीं। महिला खो-खो में सरदारपुर टीम विजेता बनी। सभी विजेता प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन राहुल सिंदल ने किया और जितेंद्र पंवार ने आभार व्यक्त किया। इस आयोजन को सफल बनाने में शुभम डामोर, मुकेश बघेल, विशाल और भारत सहित अन्य स्वयंसेवकों का सहयोग रहा।
रालोद के दिग्गज नेता कृष्ण कुमार हितैषी का निधन:75 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
राष्ट्रीय लोकदल के वरिष्ठ नेता और चौधरी चरण सिंह के विश्वासपात्र सहयोगी रहे कृष्ण कुमार हितैषी का मंगलवार को 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से रालोद कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई। कृष्ण कुमार हितैषी रालोद के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने पार्टी की तीन पीढ़ियों के साथ काम किया। वह चौधरी चरण सिंह के दौर से राजनीति में सक्रिय थे और उनके बाद चौधरी अजित सिंह तथा वर्तमान रालोद सुप्रीमो जयंत चौधरी के साथ भी पूरी निष्ठा से जुड़े रहे। संगठन में अनुशासन और वफादारी के लिए उनकी अलग पहचान थी। हितैषी के पिता स्व. सुमैरचंद हितैषी भी चौधरी चरण सिंह के करीबी सहयोगियों में गिने जाते थे। बचपन से ही राजनीति से जुड़े कृष्ण कुमार हितैषी ने देहात की राजनीति में मजबूत पकड़ बनाई और पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती दी। रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी और बागपत सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने कृष्ण कुमार हितैषी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें पार्टी का भरोसेमंद सिपाही बताया और परिवार के प्रति संवेदना जताई। परिजनों के अनुसार, दिल्ली स्थित अकबर रोड रालोद कार्यालय में कृष्ण कुमार हितैषी की आजीवन एंट्री थी। पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह ने कई बार उन्हें पत्र लिखकर सम्मानित किया और क्षेत्रीय कार्यक्रमों में मंच पर विशेष सम्मान दिया। कृष्ण कुमार हितैषी अपने पीछे पत्नी, तीन बेटे और तीन बेटियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। बड़ा बेटा अरविंद कांत हितैषी रोहटा में व्यवसाय से जुड़ा है और रालोद की युवा टीम में सक्रिय है। दूसरा बेटा सुदीप पशु चिकित्सक है, जबकि छोटा बेटा राहुल यूपी पुलिस में हेड कांस्टेबल है। उनके निधन के बाद श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा। एससी-एसटी आयोग सदस्य नरेंद्र खजूरी, वरिष्ठ अधिवक्ता भानु प्रताप सिंह, एडवोकेट धर्मेंद्र कुमार, नसीब सैफी, सुनील रोहटा, भाकियू नेता चमन प्रधान, जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी, विधायक गुलाम मोहम्मद समेत कई राजनीतिक व सामाजिक हस्तियों ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी।
देवरिया के दीनानाथ पाण्डेय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बुधवार को 46वें वार्षिक क्रीड़ा समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्राओं ने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। समारोह का उद्घाटन अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) आनंद कुमार पाण्डेय, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार, प्राध्यापकों और कर्मचारियों ने किया। उन्होंने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने मुख्य अतिथि का बैज अलंकरण, माल्यार्पण, स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया। क्रीड़ा प्रभारी डॉ. अनीता सिंह ने सभी प्राध्यापकों और कर्मचारियों को कैप प्रदान कर उनका स्वागत किया। प्राचार्य ने अपने स्वागत भाषण में खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खेल छात्राओं के सर्वांगीण विकास, अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता के लिए महत्वपूर्ण हैं। छात्राओं ने अनुशासित मार्च पास्ट कर अतिथियों को सलामी दी। इसके बाद मुख्य अतिथि और प्राचार्य ने संयुक्त रूप से ध्वजारोहण किया और छात्राओं को खेलों में अनुशासन बनाए रखने की शपथ दिलाई। गत वर्ष की विजेता माला गोड़ ने मशाल दौड़ लगाकर समारोह में उत्साह का संचार किया। एएसपी आनंद कुमार पाण्डेय ने कहा कि क्रीड़ा समारोह छात्राओं की प्रतिभा निखारने और टीम भावना व आत्मविश्वास विकसित करने का सशक्त मंच है। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने खेलों में सहभागिता को हार-जीत से अधिक महत्वपूर्ण बताया, जो व्यक्तित्व निर्माण में सहायक होती है। प्रतियोगिताओं के परिणामों में, 100 मीटर दौड़ में बीए प्रथम वर्ष की ऋद्धि यादव ने प्रथम, रीनू यादव ने द्वितीय और कशिश चौहान ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। रिले रेस में बीए प्रथम वर्ष की ऋद्धि यादव, रानू यादव, प्रियंका यादव और आकांक्षा यादव की टीम विजेता रही, जबकि बीए द्वितीय वर्ष की अंजू बरगाह, पलक यादव, खुशी गुप्ता और प्रियांशु यादव की टीम उपविजेता बनी। कबड्डी प्रतियोगिता में बीए प्रथम वर्ष की टीम विजेता और बीए तृतीय वर्ष की टीम उपविजेता घोषित हुई।
नवादा में वारिसलीगंज और नवादा रेलवे स्टेशनों के बीच स्थित लेवल क्रॉसिंग संख्या 33/B1 (रेलवे किलोमीटर 70/06–07) पर पहुंच पथ सहित एक रेल ओवर ब्रिज (ROB) का निर्माण प्रस्तावित है। इस परियोजना के लिए कुल 1.50116 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के तहत, सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन (SIA) और बहु-विषयक विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। इसके बाद, समाहर्त्ता, नवादा द्वारा RFCTLARR अधिनियम की धारा 11(1) के अंतर्गत नवादा अंचल के मौजा मिर्जापुर में निहित भूखंडों के लिए प्रारंभिक अधिसूचना जारी की जा रही है। विल्लंगम उत्पन्न नहीं किया जा सकेगाअधिनियम की धारा 11(4) के अनुसार, इस अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से प्रारंभिक अधिसूचना में निर्दिष्ट भूमि का कोई भी हस्तांतरण (क्रय/विक्रय) जिला समाहर्त्ता की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा। साथ ही, उक्त भूमि पर किसी प्रकार का भार या विल्लंगम उत्पन्न नहीं किया जा सकेगा। शहर को यातायात जाम की समस्या से राहत मिलेगीइसके अतिरिक्त, बिहार भूमि अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार नियमावली, 2014 के अंतर्गत अधिनियम की धारा 15 के अनुसार, अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से साठ (60) दिनों के भीतर हितबद्ध व्यक्ति द्वारा जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, नवादा के समक्ष भू-अर्जन से संबंधित किसी भी प्रकार की आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। इस भू-अर्जन प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद क्षेत्र के निवासियों को बेहतर गुणवत्ता की परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। इससे आवागमन सुगम होगा, यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच अधिक आसान हो जाएगी। इस परियोजना के पूरा होने से नवादा शहर को यातायात जाम की समस्या से भी बड़ी राहत मिलेगी।
फरीदकोट में युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या:पत्नी और सास से परेशान था, मां के बयान पर केस दर्ज
फरीदकोट जिले की गांव कोटसुखिया में एक युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान 29 वर्षीय जगमीत सिंह के रूप में हुई। इस मामले में थाना सदर कोटकपूरा पुलिस ने मृतक की मां मनप्रीत कौर के बयान पर उसकी पत्नी और सास के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस को दिए बयान में मां मनप्रीत कौर ने बताया कि उसके बेटे जगमीत सिंह की शादी करीब 10 साल पहले अमनदीप कौर के साथ हुई थी और उनका 8 साल का एक बेटा भी है। आरोप है कि उसकी बहू अक्सर उसके बेटे को परेशान करती रहती थी और अपनी मां के उकसावे पर जगमीत सिंह पर जमीन अपने नाम करवाने का दबाव बनाती थी। इसी मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर जगमीत सिंह ने आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर थाना सदर कोटकपूरा के एसएचओ इंस्पेक्टर गुरांदित्ता सिंह,डीएसपी कोटकपूरा संजीव कुमार समेत आला पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस के अनुसार मृतक की मां के बयान पर पुलिस ने मृतक की पत्नी अमनदीप कौर और सास सुखदीप कौर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए फरीदकोट स्थित गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया गया है। इस संबंध में डीएसपी कोटकपूरा संजीव कुमार ने बताया कि पुलिस ने मृतक की माता मनप्रीत कौर के बयान के आधार पर मृतक की पत्नी व सास पर मामला दर्ज कर लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के दौरान यदि कोई अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उसके आधार पर मामले में अन्य धाराएं भी जोड़ी जाएंगी।
बिहार सरकार के पेश किए गए साल 2026 के बजट को लेकर जन सुराज ने आज पीसी की है। पार्टी ने इस बजट को बिहार की वास्तविक जरूरतों से कटा हुआ बताते हुए सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े किए हैं। जन सुराज पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती, राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरभ कुमार और मीडिया प्रभारी ओबैदुर रहमान ने मीडिया को संबोधित किया। सिर्फ 11 मिनट 43 सेकंड में खत्म हुआ बजट भाषण प्रेस वार्ता में जन सुराज नेताओं ने कहा कि बिहार जैसे बड़े और समस्याओं से जूझ रहे राज्य के लिए बजट भाषण को मात्र 11 मिनट 43 सेकंड में समाप्त कर देना सरकार की गंभीरता पर सवाल खड़े करता है। पार्टी का कहना है कि यह रवैया बताता है कि सरकार बिहार और बिहारियों के भविष्य को लेकर कितनी संवेदनहीन है। बिहार के भविष्य के लिए 12 मिनट काफी? राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरभ कुमार ने कहा कि क्या बिहार जैसे राज्य के भविष्य से जुड़े बजट के लिए सिर्फ 12 मिनट देना उचित है? यह सरकार और वित्त मंत्री की प्राथमिकताओं को उजागर करता है। विकास, रोजगार और जनहित के मुद्दों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। जन सुराज ने आर्थिक आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्ष 2025 में बिहार की प्रति व्यक्ति आय 68,624 रुपए थी, जो 2026 में मात्र 20 रुपए बढ़ी है। पार्टी के अनुसार यह वृद्धि न के बराबर है और राज्य की कमजोर आर्थिक स्थिति की वास्तविक तस्वीर सामने रखती है। शिक्षा और स्वास्थ्य में कटौती, कल्याण योजनाओं पर खर्च बढ़ा पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि बजट में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों में कटौती की गई है, जबकि कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च को 38 हजार करोड़ रुपए से बढ़ाकर 58,909 करोड़ रुपए कर दिया गया है। जन सुराज ने इसे सरकार की प्राथमिकताओं का गंभीर असंतुलन बताया। 50 हजार करोड़ के कर्ज के बीच नई योजनाओं पर सवाल जन सुराज ने कहा कि पूरे देश में सबसे कम फिस्कल डेफिसिट होने के बावजूद बिहार पहले से ही लगभग 50 हजार करोड़ रुपए के कर्ज में है। ऐसे में डेढ़ करोड़ महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की योजना की व्यवहारिकता पर पार्टी ने सवाल उठाए हैं। रोजगार को लेकर सरकार के पास कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं पार्टी ने सरकार से पूछा कि अगले 5 वर्षों में रोजगार और नौकरियों का सृजन किन सेक्टरों में किया जाएगा। जन सुराज का कहना है कि यदि केंद्र सरकार का सहयोग कम हुआ, तो मौजूदा हालात में 12 प्रतिशत फिस्कल डेफिसिट के साथ बिहार आर्थिक संकट की ओर बढ़ सकता है। 8 फरवरी से प्रशांत किशोर का बिहार भ्रमण प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने बताया कि 8 फरवरी से प्रशांत किशोर बिहार भ्रमण पर निकलेंगे। इस दौरान वे राज्य के विभिन्न जिलों में जाकर आम जनता से संवाद करेंगे और बजट व राज्य की मौजूदा परिस्थितियों पर सीधे जनता का फीडबैक लेंगे। जन सुराज ने साफ कहा कि यह बजट बिहार की वास्तविक चुनौतियों—रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक मजबूती—का समाधान नहीं करता। पार्टी ने घोषणा की कि वह आगे भी जनता के हितों को लेकर सरकार के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाती रहेगी।
बारां जिले में कुल 111 स्कूलों को जर्जर घोषित किया गया था। इनमें से 62 स्कूलों को अब तक जमींदोज कर दिया गया है। शेष 49 जर्जर स्कूलों को 8 फरवरी तक गिराने के निर्देश जारी किए गए हैं। जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर के आदेश पर गठित एक तकनीकी समिति ने सर्वे के बाद इन स्कूलों को जर्जर घोषित किया था। समिति ने प्रारंभिक शिक्षा के 100 और माध्यमिक शिक्षा के 11 स्कूलों को जर्जर पाया। इनमें से प्रारंभिक शिक्षा के 60 और माध्यमिक शिक्षा के 2 स्कूल अब तक गिराए जा चुके हैं। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी गैंदा लाल रैगर ने इस संबंध में एक वीडियो कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इसमें जिले के सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, सहायक अभियंता, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक समग्र शिक्षा बारां और कनिष्ठ अभियंताओं को शेष विद्यालयों को 8 फरवरी तक जमींदोज करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, एसडीआरएफ द्वारा विद्यालयों की मरम्मत के लिए स्वीकृत राशि से गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कार्य अविलंब करवाने के भी निर्देश दिए गए हैं।

