प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं। बधाई संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने सीएम धामी के उत्तम स्वास्थ्य, सुख और दीर्घ आयु की कामना की।
मंडी: अंजलि ठाकुर ने रचा इतिहास, बोशिया खेल में देश को दिलाया पहला स्वर्ण पदक
हिमाचल की बेटी अंजलि ठाकुर ने अंतरराष्ट्रीय बोशिया प्रतियोगिता में इतिहास रच दिया है। चेक गणराज्य के पिल्सेन में वर्ल्ड बोशिया चैलेंजर प्रतियोगिता में अंजलि ने बीसी-3 पेयर स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता है।
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Chandigarh News: सारंगपुर में नशे के खिलाफ पुलिस का संवाद
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करनाल के सेक्टर-14 में पति के कमरे में दूसरी महिला को देखने के बाद हुए विवाद में पत्नी पर जानलेवा हमला करने के आरोपों के मामले में पुलिस ने पति मोहित प्रकाश और सास रेणु प्रकाश को गिरफ्तार किया है। दोनों को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उनका 2 दिन का पुलिस रिमांड मिला है। पुलिस के अनुसार मामले में अंचल अरोड़ा को 20 अगस्त को ही गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं पीड़िता के ससुर अनिल प्रकाश को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी। 16 अगस्त को मायके से भाई के साथ घर लौटी थी महिलापुलिस को दी शिकायत में पीड़ित पत्नि ने बताया कि उसका विवाह मोहित प्रकाश के साथ 28 जनवरी 2016 को हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। शिकायत के अनुसार शादी में उसके पिता ने करीब 2.85 करोड़ रुपए खर्च किए थे। इसके बावजूद पति मोहित प्रकाश, ससुर अनिल प्रकाश और सास रेनू कुच्छल पर अधिक पैसे और दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने और मारपीट करने के आरोप लगाए गए हैं। पीड़िता वर्तमान में बैंक ऑफ बड़ौदा, पानीपत में अधिकारी के पद पर कार्यरत है और सेक्टर-14 स्थित अपने वैवाहिक घर से रोजाना पानीपत आती-जाती है।शिकायत के अनुसार ससुराल पक्ष ने उसे घर से निकालने का प्रयास भी किया था। इसके चलते उसने घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 12 के तहत न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, करनाल की अदालत में याचिका दायर की, जो अभी लंबित है। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि पति ने उसके साथ विवाह रहते हुए अंचल अरोड़ा से दूसरी शादी कर ली। कमरे में अंचल को देखकर शुरू हुआ था विवादपीड़िता ने बताया कि बीती 15 अगस्त को छुट्टी होने के कारण वह अपने माता-पिता से मिलने शाहबाद गई थी। 16 अगस्त की सुबह वह अपने भाई के साथ शाहबाद से वापस सेक्टर-14 स्थित घर पहुंची। घर आने पर उसने पति के कमरे से एक पुरुष और महिला के बातचीत करने की आवाज सुनी। दरवाजा खटखटाने पर अंचल अरोड़ा ने दरवाजा खोला।शिकायत के मुताबिक अंचल ने विवाहित महिला की तरह श्रृंगार कर रखा था और पीड़िता के वे आभूषण पहने हुए थे, जो उसे शादी में मिले थे। पति के कमरे में अंचल को देखकर पीड़िता ने उसकी मौजूदगी का कारण पूछा। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और शिकायत के अनुसार अंचल ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद मोहित भी कमरे में आया और दोनों ने उसके साथ मारपीट की। गले पर दबाव बनाने और कैंची से चोट पहुंचाने का आरोपशिकायत में पीड़िता ने आरोप लगाया कि इसी दौरान उसके ससुर अनिल प्रकाश और सास रेनू कुच्छल भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने मोहित को उकसाया। आरोप है कि सभी ने मिलकर उसे काबू किया और जान से मारने की कोशिश की। महिला के अनुसार उसके गले पर दबाव बनाया गया और नुकीली वस्तु यानी कैंची से चेहरे पर वार किया गया, जिससे उसे चोटें आईं।पीडिता की चीख सुनकर उसका भाई मौके पर पहुंचा और उसे आरोपियों से बचाया। घटना के तुरंत बाद पीड़िता और उसके भाई ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और प्रारंभिक पूछताछ की। इसके बाद भाई अपनी बहन को उपचार के लिए सिविल अस्पताल, करनाल लेकर गया, जहां उसका मेडिको-लीगल परीक्षण कराया गया। मेडिकल रिपोर्ट में इशानी को कुल 7 साधारण चोटें दर्ज की गई थीं। दूसरी महिला ने भी दी शिकायत, पुलिस को मामला संदिग्ध लगापुलिस जांच के दौरान अंचल अरोड़ा की ओर से भी 16 अगस्त को अलग शिकायत दी गई। उसके साथ भी मेडिकल कराया गया, जिसमें कुल 6 साधारण चोटें दर्ज की गईं। दोनों पक्षों की शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस दस्तावेजों के अनुसार दोनों पक्षों की स्थिति को देखते हुए उन्हें जांच में शामिल होने के लिए नोटिस दिया गया था।पीड़िता, उसके भाई और पिता को जांच में शामिल कर उनके बयान दर्ज किए गए। वहीं अंचल अरोड़ा को अपने पक्ष के संबंध में मोहित प्रकाश को भेजने के लिए कहा गया था। पुलिस के अनुसार मोहित जांच में शामिल नहीं हुआ। पुलिस उसके घर भी पहुंची, लेकिन उसके माता-पिता ने दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद फोन पर मोहित से बातचीत हुई। उसने पुलिस के पास आने के बजाय वीडियो कॉल के माध्यम से अपनी कार्रवाई करवाने की बात कही। पुलिस ने इस संबंध में भी रोजनामचा में रिपोर्ट दर्ज की। वीडियो और फोटो को पुलिस ने सबूत के तौर पर लियाजांच के दौरान 18 अगस्त को पीड़िता के भाई ने घटना से संबंधित वीडियो पेन ड्राइव में पुलिस को दी। इसके साथ अलग से फोटो की कॉपियां भी पेश की गईं। पुलिस ने इन दोनों को सबूत के तौर पर कब्जे में लिया। जांच के बाद पुलिस ने अंचल अरोड़ा की शिकायत को उसके बचाव में दी गई शिकायत माना और पीड़िता की शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर मामला दर्ज करने की कार्रवाई की।इसके बाद 18 अगस्त को थाना सिविल लाइंस, करनाल में मुकदमा किया गया। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 85, 115(2), 109, 333, 351(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया। अंचल 20 अगस्त को गिरफ्तार, अब पति और सास भी पकड़ेजांच अधिकारी एसआई जसविंद्र कौर ने बताया कि अंचल अरोड़ा को 20 अगस्त को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब पति मोहित प्रकाश और पीड़िता की सास रेणु प्रकाश को गिरफ्तार किया गया है। दोनों को अदालत में पेश करने के बाद 2 दिन का पुलिस रिमांड मिला है। पुलिस रिमांड के दौरान घटना, मारपीट के आरोपों और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच करेगी। पीड़िता के ससुर अनिल प्रकाश को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिली हुई है। मामले में पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों, मेडिकल रिपोर्ट, बयानों, वीडियो और फोटो समेत उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
आवासीय उपयोग के लिए आवंटित भूखंड पर बिना मानचित्र स्वीकृत कराए अस्पताल का निर्माण कर उसका संचालन किया जा रहा था। उ.प्र. आवास एवं विकास परिषद ने सिकंदरा योजना के सेक्टर-2बी स्थित अंजनी हॉस्पिटल को सील कर दिया। अधीक्षण अभियंता पंकज कुमार पाल के आदेश पर प्रवर्तन दल ने यह कार्रवाई की। सीलिंग के समय अस्पताल में 5-6 मरीज मौजूद थे। सीएमओ कार्यालय की टीम ने मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की थी, लेकिन इसकी जरूरत नहीं पड़ी। मरीज डिस्चार्ज होकर चले गए, इसके बाद अस्पताल को सील किया गया। डॉ. नरेंद्र सिंह को आवासीय उपयोग के लिए मिला था भूखंड प्रवर्तन दल अधिकारी कर्नल जीएम खान ने बताया कि सिकंदरा योजना के सेक्टर-2बी में भूखंड संख्या-1149 डॉ. नरेंद्र सिंह को आवासीय प्रयोजन के लिए आवंटित किया गया था। इस भूखंड पर सक्षम स्तर से मानचित्र स्वीकृत कराए बिना अस्पताल का निर्माण किया गया और ‘अंजनी हॉस्पिटल’ के नाम से संचालन किया जा रहा था। मामले में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए मौके पर नोटिस चस्पा किया गया। इसके बाद सीएमओ कार्यालय के अधिकारियों की मौजूदगी में भवन को सील कर दिया गया। अधिशासी अभियंता के नेतृत्व में हुई कार्रवाई पूरी कार्रवाई अधिशासी अभियंता सूरजपाल सिंह के नेतृत्व में हुई। सीलिंग के दौरान प्रवर्तन दल के साथ सहायक अभियंता मयंक कुमार कौशिक, अवर अभियंता सुनील कुमार यादव, सीएमओ कार्यालय के प्रतिनिधि और स्थानीय पुलिस बल मौजूद रहा। आवासीय भूखंडों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर कार्रवाई जारी रहेगी परिषद के अधीक्षण अभियंता पंकज कुमार पाल ने कहा कि आवासीय भूखंडों का व्यावसायिक या अन्य गैर-अनुमोदित उपयोग करने और बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
पुलिस अधिकारियों को आपराधिक अवमानना नोटिस:फतेहपुर का मामला, 16 सितंबर को जिम्मेदार अफसर हाजिर हों
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सात साल से कम सजा वाले अपराध में सुप्रीम कोर्ट के अर्नेश कुमार केस में दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन किए बिना आरोपी को गिरफ्तार करने पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करते हुए चार पुलिस अधिकारियों को 16 सितंबर बुधवार को उपस्थित होने का निर्देश दिया है।यह आदेश न्यायमूर्ति एस डी सिंह तथा न्यायमूर्ति संदीप जैन की खंडपीठ ने अंकित सिंह की याचिका पर दिया है। क्या है फतेहपुर का मामजा जानिये मामला फतेहपुर जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पहुर निवासी अंकित सिंह परिहार, पुत्र जय सिंह परिहार की गिरफ्तारी से जुड़ा है। याची अधिवक्ता अमित सिंह परिहार ने दलील दी कि पुलिस ने अर्नेश कुमार मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से तय दिशा-निर्देशों का पालन किए बिना उन्हें गिरफ्तार कर लिया। हाईकोर्ट ने संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करते हुए नोटिस जारी किया था। आरोप है कि नोटिस जारी होने के बावजूद अधिकारी न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। इस पर कोर्ट ने फतेहपुर के डीएसपी सुशील कुमार दुबे, थाना कल्याणपुर के एसएचओ रमाशंकर सरोज, एसआई चंद्रपाल और चौकी प्रभारी चौडगरा को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जिन अपराधों में अधिकतम सात वर्ष तक की सजा का प्रावधान है, उनमें आरोपी की गिरफ्तारी स्वतः या यांत्रिक तरीके से नहीं की जा सकती। पुलिस को गिरफ्तारी से पहले कानून में निर्धारित शर्तों और गिरफ्तारी की आवश्यकता पर विचार करना जरूरी है। गिरफ्तारी इसलिए नहीं की पुलिस के पास शक्ति कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि गिरफ्तारी को केवल इसलिए नहीं किया जा सकता कि पुलिस के पास ऐसा करने की शक्ति है। गिरफ्तारी की आवश्यकता और उसके औचित्य का निर्धारण कानून में तय मानकों के अनुसार किया जाना चाहिए। मौजूदा मामले में इन्हीं दिशा-निर्देशों के उल्लंघन का आरोप है, जिस पर हाईकोर्ट ने आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू की है।
केंद्रीय गृह-सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मंगलवार को नई दिल्ली में किशाऊ बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना के लिए एमओयू हुआ। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमालच प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। यह परियोजना यमुना की प्रमुख सहायक टौंस नदी पर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर प्रस्तावित है। करीब 15 हजार करोड़ रुपए की इस परियोजना से 660 मेगावाट बिजली बनेगी और इससे राजस्थान सहित उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा लाभान्वित होंगे। परियोजना के तहत हिमाचल प्रदेश के जल हिस्से का एक भाग राजस्थान और दिल्ली को आवंटित किया जाएगा। इसके बदले दोनों राज्य हिमाचल प्रदेश की विद्युत घटक की लागत में योगदान देंगे। जल घटक की 90 प्रतिशत लागत केंद्र सरकार द्वारा सहायता के रूप में वहन की जाएगी और शेष 10 प्रतिशत भागीदार राज्यों द्वारा दिया जाएगा। शेखावटी अंचल को मिलेगा 124 एमसीएम पानीकिशाऊ बांध से राजस्थान को आवंटित 124 एमसीएम पानी को यमुना जल परियोजना के अंतर्गत तीन भूमिगत पाइपलाइन प्रणालियों केर जरिए हरियाणा के हांसीवासी से चूरू तक पहुंचाने की योजना है। इससे सीकर, चूरू, झुंझुनूं और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल तथा अन्य आवश्यकताओं के लिए पानी उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस समझौते को राज्यों के बीच आपसी सहयोग की मिसाल बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 'सबका साथ-सबका विकास-सबका प्रयास-सबका विश्वास' के विजन को तेजी से आगे बढ़ाया है। जिससे राज्यों की सहमति से दशकों से अटकी परियोजनाओं का समाधान हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान सौभाग्यशाली प्रदेश है,जिसे प्रधानमंत्री के नेतृत्व में यमुना जल समझौता, रामजल सेतु लिंक परियोजना, नर्मदा जल समझौता और किशाऊ बांध परियोजना जैसी बड़ी सौगातें मिली हैं। ये जल समझौते जल सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है और आने वाली पीढ़ियां इन्हें याद रखेगी। राजस्थान-दिल्ली को मिलेगा 95 प्रतिशत पानीकिशाऊ समझौते में राजस्थान के हितों को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। हिमाचल प्रदेश द्वारा अपने विद्युत घटक से संबंधित लागत वहन किए जाने के बदले किशाऊ परियोजना के उसके आवंटित जल हिस्से का 95 प्रतिशत दिल्ली और राजस्थान को उपलब्ध होगा, जबकि 5 प्रतिशत हिस्सा हिमाचल प्रदेश अपने स्थानीय उपयोग के लिए रखेगा। इस 95 प्रतिशत हिस्से में दिल्ली और राजस्थान की हिस्सेदारी 75:25 के अनुपात में होगी।
अधिक बारिश से बर्बाद हुई फसलों को लेकर मंगलवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। इसके बाद भारतीय किसान संघ के बैनर तले नजीराबाद, बैरसिया और हुजूर के सैकड़ों किसान 200 से ज्यादा ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भोपाल कूच कर गए। रात में बैरसिया रोड स्थित ईंटखेड़ी रुके और यही पर भोजन किया। किसानों की बुधवार को कलेक्टोरेट घेरने की रणनीति थी। इसके चलते उन्होंने रात में ही ईंटखेड़ी में डेरा डाल दिया। किसानों के प्रदर्शन के चलते कलेक्टोरेट के मुख्य गेट पर बैरिकेडिंग कर दी गई। रात 10.30 बजे तक किसान अपनी जिद पर अड़े रहे, लेकिन मौके पर एडीएम प्रकाश नायक ने कलेक्टर प्रियंक मिश्रा से वीडियो कॉल पर किसानों की बात कराई। प्रदर्शन की देखिए 3 तस्वीरें… 5 मिनट चली बातचीतकिसान और कलेक्टर के बीच करीब पांच मिनट तक वीडियो कॉल पर बातचीत चलती रही। जिसमें कलेक्टर मिश्रा ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों का उचित निराकरण किया जाएगा। कलेक्टर के आश्वासन के बाद किसान मान गए और उन्होंने कलेक्टोरेट घेराव का कार्यक्रम स्थगित कर दिया। भारतीय किसान संघ के जिला मंत्री देवेंद्र सिंह दांगी ने बताया कि कलेक्टर, एडीएम से बातचीत की गई। उन्होंने समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिलाया। इसके बाद प्रदर्शन स्थगित कर दिया है। बुधवार को कलेक्टोरेट का घेराव नहीं करेंगे। खराब मौसम से सोयाबीन-उड़द की सफद बर्बाद हुईकिसानों का कहना था कि खराब मौसम और इल्ली के प्रकोप से सोयाबीन और उड़द समेत खरीफ की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं, लेकिन 2024-25 का फसल बीमा आज तक नहीं मिला है। इससे पहले उन्होंने मंगलवार को नजीराबाद से रैली निकाली, जो बैरसिया पहुंची। इसके बाद किसान भोपाल की ओर कूच कर गए। यहां पर किसानों ने अधिकारियों की बात मानने से इनकार कर दिया था। बस स्टैंड चौराहे पर ही बैरसिया एसडीएम को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप दिया।
'मिशन राहत’ के तहत बाढ़ प्रभावित परिवारों तक पहुंच रही अदाणी फाउंडेशन की सहायता
गंगा नदी में बढ़े जलस्तर से बिहार स्थित पीरपैंती प्रखंड के कई गांव प्रभावित हैं। बाढ़ की इस कठिन परिस्थिति में प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए अदाणी फाउंडेशन की ओर से ‘मिशन राहत’ बाढ़ सहायता कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
कूनो नेशनल पार्क, श्योपुर और मुरैना के जंगलों में 10 तेंदुओं के शिकार से जुड़े मामले में आरोपी वाइल्ड लाइफ एसओएस के सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने गिरफ्तारी से संरक्षण की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने मप्र हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें दिया गया अंतरिम गिरफ्तारी संरक्षण समाप्त कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उनकी याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई। सत्यनारायण की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने कोर्ट में कहा कि उन्हें फरार बताया जाना सही नहीं है। हाई कोर्ट ने उन्हें 21 सितंबर को शिवपुरी में मप्र टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) के समक्ष पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया है। याचिका में आशंका जताई गई है कि पूछताछ के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। याचिका में साजिश का आरोप मामले की जांच के दौरान 23 जुलाई को आगरा में 10 तेंदुओं की खाल बरामद की गई थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, गिरफ्तार शिकारियों से पूछताछ में एसओएस से जुड़े लोगों पर शिकारियों की मदद करने के आरोप सामने आए थे। याचिका में आरोप है कि बाद में इन्हीं शिकारियों को पकड़वाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फंडिंग जुटाने की योजना बनाई जा रही थी। मामले में एजेंसी की जांच अभी जारी है। ये खबर भी पढ़ें… डीआरआई की वन्य जीव तस्करी में 6 बड़ी कार्रवाई देशभर में जंगली जानवरों को पकड़कर उनके शरीर के अलग-अलग हिस्सों को बेचने वाले गिरोह में एमपी का भी एक गिरोह सामने आया है। डीआरआई (डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस) ने देशभर में दस दिन के अंतराल में की गई कार्रवाई में सीधी में एक तेंदुए की खाल के साथ तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की है।पूरी खबर पढ़ें
जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के दो हिस्सों में किए गए पुनर्गठन को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रदेश की इकलौती मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के बंटवारे में जबलपुर के साथ भेदभाव किया गया। हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार और चिकित्सा शिक्षा विभाग को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। याचिका के मुताबिक, पुनर्गठन के बाद जबलपुर विश्वविद्यालय के हिस्से में 4 संभाग आए हैं, जबकि उज्जैन में गठित धन्वंतरि विश्वविद्यालय को 6 संभाग दिए गए हैं। यह याचिका जबलपुर निवासी डॉ. पीजी नाजपांडे सहित अन्य की ओर से दायर की गई है। इसमें राजपत्र में प्रकाशित संशोधन अधिनियम और मध्य प्रदेश धन्वंतरि विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 की वैधानिकता को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि पुनर्गठन की प्रक्रिया समानता के सिद्धांत के अनुरूप नहीं है और यह संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत मिले अधिकार का उल्लंघन है। विशेषज्ञ अध्ययन के बिना पुनर्गठन का आरोप याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने कोर्ट को बताया कि विश्वविद्यालय के पुनर्गठन से पहले किसी विशेषज्ञ समिति से अध्ययन या व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार नहीं कराई गई। याचिका में इसी आधार पर पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। 250 करोड़ के रिजर्व फंड का मामला भी उठा याचिका में विश्वविद्यालय के करीब 250 करोड़ रुपए के रिजर्व फंड के बंटवारे पर भी आपत्ति जताई गई है। आरोप है कि इसमें से 70% राशि उज्जैन विश्वविद्यालय को दी जा रही है। याचिकाकर्ताओं ने फंड के हस्तांतरण पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की है। ये खबर भी पढ़ें… MP के 2 IAS के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जबलपुर हाईकोर्ट ने तत्कालीन प्रमुख सचिव राजस्व विवेक पोरवाल और तत्कालीन सागर कलेक्टर संदीप जीआर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। दोनों को 21 सितंबर 2026 को कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। दोनों अधिकारियों पर कोर्ट के आदेश की अवहेलना का आरोप है।पूरी खबर पढ़ें
कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र के अहिरवां ई-बस डिपो के बाहर मंगलवार शाम एक छात्र ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। वह सेना भर्ती की तैयारी कर रहा था। छात्र अपनी मौसी के घर रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। इस घटना से परिवार में मातम छा गया है। मां का फोन नहीं उठने पर दोस्त आशीष मौके पर पहुंचा। उसने देखा कि छात्र बेहोश पड़ा था। आशीष की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे कांशीराम अस्पताल ले गई। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने रात 11 बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान विवेक कुमार उर्फ सचिन (25) के रूप में हुई है। वह मूलरूप से कानपुर देहात के रानियां स्थित बिलई गांव का रहने वाला था। उसके पिता अवधेश कुमार एक फैक्ट्री में गार्ड हैं। परिवार में मां शिरोमणि और बहनें सोनम व लक्ष्मी हैं। परिवार के लोगों ने बताया कि सचिन दो महीने पहले अहिरवां निवासी मौसी सुरुचि और मौसा सिद्धनाथ के घर आया था। वह यहां रहकर सेना भर्ती की तैयारी कर रहा था। मंगलवार शाम सचिन अहिरवां स्थित ई-बस चार्जिंग पॉइंट के बाहर पहुंचा और वहीं बैठकर जहरीला पदार्थ खा लिया। उसकी मां शिरोमणि ने उसे फोन किया, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। इसके बाद मां ने उसके दोस्त आशीष को फोन किया। मृतक की मां ने बताया कि गांव की एक युवती से सचिन का काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसी वजह से उसे मौसी के घर भेजा गया था। परिवार के लोगों के मुताबिक, आत्महत्या से पहले सचिन ने फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम से अपनी तस्वीरें भी हटा दी थीं। हालांकि, मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है और आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रेम प्रसंग समेत दूसरे पहलुओं पर भी जांच कर रही है।
योगी सरकार के आत्मनिर्भर यूपी विजन को साकार करने के लिए मंगलवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के जेपी सभागार में 'यूपी राइज 2026' का आयोजन हुआ। कुलपति प्रो. आशु रानी और सूचना विभाग के उप निदेशक आत्रेय मिश्रा ने दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसमें 1000 से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मकसद युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाना है। छात्रों को सरकार की स्टार्टअप योजनाओं के बारे में बताया गया। विशेषज्ञों ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, यूपी स्टार्टअप फंड, अभ्युदय कोचिंग, स्किल मिशन, कन्या सुमंगला और फ्री टैबलेट योजना की जानकारी दी। बताया गया कि कैसे बिना आर्थिक रुकावट के युवा अपने आइडिया को बिजनेस में बदल सकते हैं। 11 आइडिया शॉर्टलिस्ट, 'री-ऑयल' अव्वलकार्यक्रम में 30 स्टार्टअप आइडियाज आए, जिनमें से 11 को शॉर्टलिस्ट किया गया। इस्तेमाल किए गए कुकिंग ऑयल के डिजिटल मार्केटप्लेस 'री-ऑयल' ने पहला स्थान पाकर 25 हजार रुपये का पुरस्कार जीता। स्टडी एप और सोलर पैनल साफ करने वाले 'सोलर स्वीप' रनरअप रहे। अन्य आकर्षक आइडियाज में कलाकारों के लिए 'Kalaverse', कंस्ट्रक्शन के लिए 'Build Easy AI', अनदेखे पर्यटन स्थलों के लिए 'Hidden India', ई-रिक्शा बैटरी के लिए 'Saathi EV' और मंदिर कचरे से प्रोडक्ट बनाने वाले 'Temple 2 Green' ने खूब तालियां बटोरीं। कुलपति ने बढ़ाया हौसलाकुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा कि छात्रों में असीम क्षमता है। ऐसे मंच उन्हें आत्मनिर्भर बनाएंगे। मेंटर के तौर पर हर्षित देसाई, कपिल त्रिमाल और विवेक गोयल ने मार्गदर्शन दिया। यह कार्यक्रम प्रदेश के 25 शहरों के 30 कॉलेजों में होगा। अगला पड़ाव 18 सितंबर को मथुरा के जीएलए विश्वविद्यालय में होगा।
यमुनापार में सीवर ओवरफ्लो से हाहाकार, गंदे पानी और बदबू से जनजीवन अस्त-व्यस्त
यमुनापार के कई क्षेत्रों में सीवर ओवरफ्लो की समस्या गंभीर हो गई है, जिससे गलियों में गंदा पानी भर गया है और लोगों को बदबू व आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अजमेर से रांची के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन; इन स्टेशनों से होकर गुजरेगी, इतने फेरे लगाएगी
इस ट्रेन में कुल 18 ICF कोच होंगे, जिसमें 2 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी, 5 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी, 5 स्लीपर श्रेणी तथा 4 सामान्य श्रेणी एवं 2 SLRD कोच शामिल होंगे।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में कोतवाली पुलिस की तेजी और तुरंत कार्रवाई से एक महिला का ई-रिक्शा में छूटा बैग 20 मिनट में सुरक्षित मिल गया। यह घटना मंगलवार रात करीब 9 बजे हुई। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देश पर चलाए जा रहे आमजन सहायता अभियान के तहत पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगालकर कुछ ही घंटों में महिला का सामान ढूंढ निकाला। जानकारी के अनुसार, मंगलवार को गाजीपुर थाना क्षेत्र के भौली गांव की रहने वाली आसमा पत्नी अब्दुल शेख खरीदारी करने सदर कोतवाली क्षेत्र के मुख्य बाजार आई थीं। खरीदारी करने के बाद घर लौटते समय उनका ध्यान नहीं रहा और उनका बैग ई-रिक्शा में ही छूट गया। बैग में एक स्मार्टफोन और ₹3,500 की नकदी रखी हुई थी। बैग गुम होने की जानकारी मिलते ही आसमा ने तुरंत कोतवाली पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। शिकायत मिलते ही मुराइनटोला चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी तुरंत कार्रवाई में जुट गए। पुलिस टीम ने महिला द्वारा बताए गए संभावित रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखनी शुरू कर दी। जांच के बाद सीसीटीवी फुटेज की मदद से संबंधित ई-रिक्शा की पहचान कर उसे ढूंढ लिया गया। पुलिस ने ई-रिक्शा चालक से संपर्क कर महिला का बैग सुरक्षित बरामद कर लिया। इसके बाद पुलिस कार्यालय में आसमा को बुलाकर उनका बैग, मोबाइल और नकदी पूरी तरह सुरक्षित वापस कर दिया गया। यह सराहनीय काम करने वाली पुलिस टीम में हेड कांस्टेबल सिपाही यादव और कांस्टेबल अमन कुमार (दोनों थाना कोतवाली) शामिल थे। अपना कीमती सामान और नकदी वापस पाकर महिला ने फतेहपुर पुलिस की इस तेजी और तुरंत मदद की तारीफ की और पुलिस टीम का शुक्रिया अदा किया।
कौशांबी में मंगलवार रात करीब 10 बजे दो डीसीएम की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसा राधे कृष्णा होटल के सामने पार्किंग के पास हुआ। टक्कर के बाद पाइप लदे डीसीएम का चालक नईम अहमद केबिन में फंस गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस और स्थानीय लोगों ने करीब 45 मिनट की मशक्कत के बाद केबिन काटकर शव को बाहर निकाला। हादसे के बाद दूसरे डीसीएम का चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। घटना सैनी कोतवाली क्षेत्र के केसरिया हाईवे का है। देखिए 2 तस्वीरें… पाइप लदे डीसीएम का चालक केबिन में फंसा बताया गया कि पाइप लदा डीसीएम प्रयागराज से कानपुर की ओर जा रहा था। केसरिया में राधे कृष्णा होटल के सामने उसकी दूसरे डीसीएम से आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि डीसीएम का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और चालक नईम अहमद निवासी फिरोजाबाद केबिन में फंस गया। हादसे में डीसीएम का परिचालक आर्यन, निवासी फिरोजाबाद, सुरक्षित बच गया। स्थानीय लोगों और पुलिस ने काफी प्रयास के बाद नईम को केबिन से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। दूसरे चालक की तलाश में जुटी पुलिस हादसे के बाद दूसरा डीसीएम चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने नईम अहमद के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फरार चालक की पहचान और तलाश के लिए पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। मामले की जांच जारी है।
रायपुर के थाने में भाजयुमो नेता का हंगामा:अधिकारियों से विवाद, पुलिस ने दर्ज किया केस
रायपुर के गुढ़ियारी थाने में भाजयुमो नेता पर पुलिस कार्रवाई में दखल देने और तोड़फोड़ करने का आरोप लगा है। मामले में 7 से ज्यादा लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार निर्धारित समय-सीमा के बाद नियम विरुद्ध डीजे बजाने पर पुलिस कार्रवाई कर रही थी। इसी कार्रवाई को रुकवाने और संबंधित व्यक्ति को छुड़ाने के लिए भाजयुमो नेता पहुंचे थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार बातचीत के बाद पहले प्रदर्शन और फिर तोड़फोड़ भाजयुमो नेताओं द्वारा किया गया। पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा और तोड़फोड़ के मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज की है। घटना के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्रीकुमार मेनन ने डिप्टी सीएम और रायपुर कमिश्नर से इस्तीफा मांगा है। उन्होंने कहा, कि थाना परिसर में विवाद करने वाले भाजयुमो नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
घाटमपुर के पतारा में 8 जुआड़ी गिरफ्तार:मोबाइल की रोशनी में जुआ खेलते पकड़े गए
घाटमपुर के पतारा इलाके में मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में जुआ खेल रहे आठ जुआड़ियों को गिरफ्तार किया गया है। घाटमपुर इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया ने पतारा चौकी पुलिस को बिना सूचना दिए यह छापेमारी की। पुलिस ने जुआड़ियों के पास से सैंतीस हजार चार सौ बीस रुपये नकद और ताश की गड्डी बरामद की है। सभी के खिलाफ जुआ अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत ने बताया कि घाटमपुर थाना क्षेत्र के पतारा कस्बे में मस्जिद के पीछे एक बगीचे में कई दिनों से जुआ खेले जाने की सूचना मिल रही थी। इस पर उन्होंने घाटमपुर इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया को एक टीम बनाकर कार्रवाई करने और जुआड़ियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए।इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया ने अपनी टीम के साथ पतारा चौकी को बिना सूचना दिए पतारा कस्बे में मस्जिद के पास पहुंचे। मस्जिद के पीछे स्थित आम के बगीचे से करीब आधा किलोमीटर पहले गाड़ियों को खड़ा किया गया। इसके बाद इंस्पेक्टर और पुलिसकर्मी पैदल ही बगीचे को घेरने लगे। पुलिस ने जुआ खेल रहे आठ जुआड़ियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान जुआड़ी पुलिस से हाथ जोड़कर छोड़ने की गुहार लगाते दिखे। तलाशी के दौरान जुआड़ियों के पास से सैंतीस हजार चार सौ बीस रुपये नकद और एक ताश की गड्डी मिली। पुलिस की पूछताछ में जुआड़ियों ने अपनी पहचान कस्बा निवासी साजन (पुत्र रामकुमार), शिवम सिंह (पुत्र गुलाब सिंह), सलमान (पुत्र छोटे), अखिलेश (पुत्र रामप्रकाश), गोविंद (पुत्र विनोद कुमार), नीरज कुमार (पुत्र धीरेंद्र), सद्दाम (पुत्र अहमद) और कानपुर के किदवई नगर ओ ब्लॉक निवासी रिजवान (पुत्र हकीम रहमान) के रूप में बताई। घाटमपुर इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि पुलिस ने सभी गिरफ्तार जुआड़ियों के खिलाफ जुआ अधिनियम में कार्रवाई की है।
बागपत में बड़ौत थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम करीब 8 बजे से बिजली सप्लाई बंद है। करीब तीन घंटे से बिजली नहीं आने के कारण 20 हजार से ज्यादा लोगों को परेशानी हो रही है। मुख्य बाजार समेत कई इलाकों में अंधेरा छाया हुआ है। पट्टी मेहर और दिल्ली बस स्टैंड पर भी बिजली बंद बड़ौत की पट्टी मेहर, दिल्ली बस स्टैंड और मुख्य बाजार में अभी तक बिजली नहीं आई है। बिजली नहीं होने के कारण लोग घरों के बाहर और सड़कों पर बैठकर सप्लाई शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। तारों में स्पार्किंग से हुई समस्या बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, तारों में स्पार्किंग होने से पूरी सप्लाई प्रभावित हुई है। विभाग की टीम लाइन ठीक करने में जुटी है। अधिकारियों ने करीब एक घंटे में बिजली सप्लाई शुरू होने की उम्मीद जताई है। आए दिन परेशानी से लोग नाराज स्थानीय लोगों राहुल कुमार, मनोज वर्मा, नितिन जैन और शाहरुख ने बताया कि लंबे समय से बिजली नहीं आने के कारण रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि तारों में स्पार्किंग के कारण आए दिन बिजली की समस्या होती रहती है। लोगों ने जल्द से जल्द लाइन ठीक करने की मांग की है।
बेटा भगा ले गया गांव की लड़की, हमलावरों ने पिता को मार डाला, सीने से सटाकर मारी गोली
मुजफ्फरनग में एक युवक प्रेमी को लेकर भगा ले गया, हालांकि पुलिस ने बाद में दोनों को बरामद कर लिया, लेकिन बेटे की इस गलती की सजा उसके पिता को मिली है। ड्यूटी जाते समय हमलावरों ने सिक्योरिटी गार्ड की गोली मारकर हत्या कर दी।
दिल्ली में मंदिर मार्ग की सरकारी कॉलोनी के 145 क्वार्टर असुरक्षित, खाली करने का निर्देश
एनडीएमसी ने मंदिर मार्ग स्थित वाल्मीकि सदन परिसर के 145 सरकारी क्वार्टरों को संरचनात्मक रूप से असुरक्षित घोषित किया है। इन आवासों में रह रहे कर्मचारियों को एहतियात के तौर पर परिसर खाली करने की सलाह दी गई है।
जालौन में मंगलवार शाम घर से लापता हुईं 17 और 16 वर्षीय दो नाबालिगों को पुलिस ने महज डेढ़ घंटे में सकुशल बरामद कर लिया। मिशन शक्ति टीम ने सर्विलांस की मदद से दोनों की लोकेशन ट्रेस की और डकोर थाना क्षेत्र के चिल्ली के पास से रात करीब 9 बजे उन्हें बरामद कर लिया। दोनों को काउंसलिंग के बाद आवश्यक कार्रवाई पूरी कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। मामला कोटरा थाना क्षेत्र का है। शाम 6 बजे घर से हुई थीं लापता कोटरा थाना प्रभारी विमलेश कुमार के मुताबिक, कस्बा कोटरा निवासी साहिल पुत्र इद्रीश ने मंगलवार 15 सितंबर को शाम करीब 7:30 बजे पुलिस को सूचना दी कि उसकी दोनों नाबालिग भांजियां शाम करीब 6 बजे घर से लापता हो गई हैं। परिजनों ने बताया कि घर से उनकी नानी रिहाना का मोबाइल फोन भी गायब है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जनपदीय सर्विलांस टीम की मदद से मोबाइल की लोकेशन हासिल की। इसके आधार पर दोनों के मूवमेंट को ट्रैक किया गया। दो पुलिस टीमें तलाश में भेजीं लोकेशन मिलने के बाद कोटरा थाने की मिशन शक्ति टीम में तैनात पुलिसकर्मियों और महिला पुलिसकर्मियों की दो टीमें तत्काल रवाना की गईं। पुलिस ने लोकेशन के आधार पर तलाश करते हुए करीब रात 9 बजे दोनों नाबालिगों को डकोर थाना क्षेत्र के चिल्ली के पास से सकुशल बरामद कर लिया। काउंसलिंग के बाद परिजनों को सौंपा बरामदगी के बाद मिशन शक्ति टीम ने दोनों नाबालिगों की काउंसलिंग की। आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें सकुशल परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। परिजनों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
विभूतिखंड की समिट बिल्डिंग में अमेरिकी नागरिकों से कथित साइबर ठगी के मामले में गिरफ्तार 119 लोगों को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने सभी गिरफ्तारियों को सही ठहराते हुए कहा कि आरोपियों को गिरफ्तारी के आधार और कारण रिकवरी मेमो के जरिए बताए गए थे। सिर्फ गिरफ्तारी मेमो में तकनीकी कमी या जनरल डायरी में गिरफ्तारी का उल्लेख नहीं होने से गिरफ्तारी और न्यायिक रिमांड को गैरकानूनी नहीं माना जा सकता। जस्टिस रजनीश कुमार और जस्टिस बबिता रानी की बेंच ने यह आदेश कैरोलिन उर्फ कैरोलिन खारनायर के पिता परमजीत सिंह छाबड़ा और अन्य की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर दिया। याचिका में 13 महिलाओं समेत 14 आरोपियों की गिरफ्तारी को चुनौती दी गई थी। 30 जून की रात कॉल सेंटर पर छापा पुलिस ने 30 जून 2026 की रात करीब 10:30 बजे विभूतिखंड की समिट बिल्डिंग की 11वीं मंजिल पर छापा मारा था। पुलिस के मुताबिक यहां कथित तौर पर अवैध कॉल सेंटर चल रहा था। मौके से 92 पुरुष और 27 महिलाएं मिलीं। पुलिस ने सभी 119 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। आरोप है कि कॉल सेंटर से अमेरिकी नागरिकों को फोन और पॉप-अप मैसेज के जरिए निशाना बनाया जाता था। यहां डायलर, बैंकर और क्लोजर नाम से अलग-अलग टीमें काम कर रही थीं। आरोपियों पर अमेरिकी एजेंसियों के अधिकारी बनकर लोगों से बैंक संबंधी जानकारी हासिल करने और इसके बाद ठगी करने का आरोप है। गिरफ्तारी प्रक्रिया पर उठाए थे सवाल याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई थी कि गिरफ्तारी के दौरान BNSS की धारा 36, 47 और 48 के साथ संविधान के अनुच्छेद 21 और 22(1) का पालन नहीं किया गया। आरोप था कि मौके पर गिरफ्तारी मेमो तैयार नहीं किया गया और गिरफ्तारी के आधार व कारण भी नहीं बताए गए। परिजनों को गिरफ्तारी की सूचना समय पर नहीं देने की बात भी कही गई। आरोपियों की ओर से यह भी कहा गया कि वे कॉल सेंटर में सिर्फ कर्मचारी के तौर पर काम कर रहे थे और उन्हें कथित साइबर ठगी की जानकारी नहीं थी। रिकवरी मेमो में दर्ज थी पूरी जानकारी कोर्ट ने रिकॉर्ड का परीक्षण करने के बाद पाया कि रिकवरी मेमो में कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली, बरामद उपकरण और कथित साइबर अपराध से जुड़ी जानकारी दर्ज थी। इसमें आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने के आधार और परिस्थितियों का भी उल्लेख था। कोर्ट ने यह भी पाया कि अभियुक्तों ने रिकवरी मेमो प्राप्त करने से इनकार नहीं किया था। ऐसे में गिरफ्तारी के आधार और कारण बताए जाने की प्रक्रिया को पूरी तरह नजरअंदाज किए जाने की दलील स्वीकार नहीं की जा सकती। 24 घंटे से ज्यादा अवैध हिरासत का आरोप भी खारिज खंडपीठ ने आरोपियों को 24 घंटे से अधिक समय तक अवैध हिरासत में रखे जाने की दलील भी खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी की प्रक्रिया में बताई गई तकनीकी खामियां इतनी गंभीर नहीं थीं कि उनके आधार पर पूरी गिरफ्तारी और न्यायिक रिमांड को अवैध घोषित किया जाए। इस तरह हाईकोर्ट ने 119 आरोपियों की गिरफ्तारी और उसके बाद की न्यायिक रिमांड को चुनौती देने वाली दलीलों को स्वीकार नहीं किया।
पंजाब में ड्रग्स पर केजरीवाल का बड़ा दावा, बोले- अब भाजपा शासित राज्यों से हो रही 80% आपूर्ति
अरविंद केजरीवाल ने दावा किया है कि पंजाब में अब 80% ड्रग्स भाजपा शासित राज्यों से आ रही हैं, जबकि पहले ये पाकिस्तान से आती थीं। उन्होंने भाजपा पर अपने राज्यों में ड्रग्स व्यापार रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया।
ललितपुर के बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय में रिटायर्ड शिक्षक मदनमोहन नामदेव से एरियर के नाम पर ली गई 5 हजार रुपए की रिश्वत 6 दिन बाद बरामद हो गई। रिश्वत लेने के आरोप में 10 सितंबर को गिरफ्तार किए गए लिपिक राजेश कुशवाहा ने गिरफ्तारी से पहले पैसे लेखा अधिकारी कार्यालय के रिकॉर्ड रूम में फाइलों के बीच छिपा दिए थे। मंगलवार शाम करीब 6 बजे झांसी से आई एंटी करप्शन टीम ने अधिकारियों की मौजूदगी में रिकॉर्ड रूम की तलाशी ली और रकम बरामद कर ली। ताला खुलवाकर रिकॉर्ड रूम में तलाशी मंगलवार शाम एसडीएम सदर हेमंत पटेल, बेसिक शिक्षा अधिकारी रत्नेश कुमार, लेखा अधिकारी घनश्याम सिंह और एंटी करप्शन टीम BSA कार्यालय पहुंची। एसडीएम की देखरेख में लेखा अधिकारी कार्यालय का ताला खुलवाया गया। इसके बाद टीम ने रिकॉर्ड रूम में रखी फाइलों के बीच तलाशी शुरू की। तलाशी के दौरान 5 हजार रुपए मिले, जिन्हें टीम ने बरामद कर लिया। गिरफ्तारी से पहले छिपा दिए थे पैसे 10 सितंबर को झांसी की एंटी करप्शन टीम ने BSA कार्यालय में लिपिक राजेश कुशवाहा को 82 वर्षीय रिटायर्ड शिक्षक मदनमोहन नामदेव से 5 हजार रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा था। बताया गया कि यह रकम शिक्षक के एरियर के काम के नाम पर ली गई थी। टीम की कार्रवाई के दौरान लिपिक गिरफ्तारी से पहले लेखा अधिकारी कार्यालय में चला गया था और रिश्वत की रकम वहां फाइलों के बीच छिपा दी थी। इसके बाद टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया, लेकिन उस समय पैसे बरामद नहीं हो सके थे। शिक्षक ने एंटी करप्शन टीम को सराहा रिश्वत देने वाले रिटायर्ड शिक्षक मदनमोहन नामदेव ने रकम बरामद किए जाने पर एंटी करप्शन टीम के काम की सराहना की। उन्होंने लोगों से अपील की कि कहीं भी रिश्वत मांगी जाए तो एंटी करप्शन टीम झांसी में शिकायत करें, ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई हो सके। वहीं, लेखा अधिकारी कार्यालय में तैनात एक अन्य लिपिक के छह दिन से कार्यालय में नहीं आने के बारे में बताया गया कि वह छुट्टी पर है।
बदायूं में उझानी के रेलवे रोड स्थित श्री नारायण गंज क्षेत्र में सोमवार रात 8 बजे मेंथा कारोबारी के गोदाम पर बरेली से आई एसआईबी (विशेष जांच शाखा) की टीम ने छापा मारा। टीम डिप्टी कमिश्नर रोहित मालवीय के नेतृत्व में पहुंची। देर रात तक गोदाम में जांच चलती रही। मेंथा स्टॉक और रिकॉर्ड की जांच टीम ने गोदाम में रखे मेंथा स्टॉक का खरीद-बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेजों से मिलान किया। जांच के दौरान अधिकारियों ने कई दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। इनकी आगे जांच की जाएगी। कार्रवाई की खबर से बाजार में हलचल एसआईबी की कार्रवाई की जानकारी मिलते ही बाजार में हलचल मच गई। स्टेशन रोड और आसपास के कई व्यापारियों ने एहतियातन अपनी दुकानें बंद कर दीं। कुछ कारोबारी कार्रवाई की आशंका में मौके से चले गए। इससे बाजार में काफी देर तक चर्चाएं होती रहीं। टैक्स गड़बड़ी की सूचना पर कार्रवाई बताया जा रहा है कि कारोबारी के जीएसटी रिटर्न में लंबे समय से गड़बड़ी और टैक्स संबंधी अनियमितताओं की सूचना मिली थी। इसी आधार पर कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, अधिकारियों ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि टैक्स में कोई अनियमितता या देनदारी सामने आती है या नहीं। इसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। भाई बोले- गोदाम का सर्वे करने आई थी टीम मनोज गोयल के भाई नितीश गोयल उर्फ गोपाल ने बताया कि एसआईबी की टीम मेंथा गोदाम का सर्वे करने आई थी। मनोज गोयल की सहसवान रोड पर मेंथा फैक्ट्री भी है। वहां पहले भीषण आग लग चुकी है।
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, पीजी को पंजीकृत करना होगा अनिवार्य
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार छात्र आवासों के लिए एक नियामक ढांचा तैयार कर रही है। अब राजधानी के सभी पीजी आवासों का अनिवार्य पंजीकरण होगा और उनकी सुरक्षा जांच केंद्रीय डेटाबेस में दर्ज की जाएगी।
शाहजहांपुर में रेलवे स्टेशन पर तैनात एक बाबू पर उसकी पत्नी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। सदर बाजार थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला का आरोप है कि शुभम मिश्रा ने उसे लिव-इन रिलेशनशिप में रखकर करीब एक साल तक शारीरिक संबंध बनाए और शादी का झांसा देकर लंबे समय तक उसका शारीरिक शोषण किया। महिला के मुताबिक, शादी के लिए दबाव बनाने पर आरोपी ने 23 जून 2026 को आर्य समाज में उससे शादी कर ली और बाद में रेलवे के सरकारी क्वार्टर में रखने लगा। महिला की शिकायत पर जीआरपी थाने में 14 सितंबर की रात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। शादी के बाद दूसरी महिलाओं से संबंध का आरोप महिला ने एफआईआर में आरोप लगाया कि शादी के बाद उसे पता चला कि उसके पति के दूसरी महिलाओं और युवतियों से भी संबंध हैं। जब उसने इस बारे में पति से बात की तो उसके साथ मारपीट की गई और घर से निकालने की धमकी दी गई। महिला का यह भी आरोप है कि आरोपी उस पर अपने दोस्तों के साथ शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालता था। विरोध करने पर आरोपी ने रेलवे क्वार्टर पर आना-जाना कम कर दिया। कार्यालय में बंधक बनाने का आरोप पीड़िता के मुताबिक, 11 अगस्त की रात आरोपी ने उसे अपने कार्यालय में बुलाया और वहीं बंधक बना लिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को वहां से बाहर निकाला। महिला की शिकायत के आधार पर जीआरपी ने 14 सितंबर की रात आरोपी शुभम मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। पुलिस मामले की जांच कर रही है और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
भरण-पोषण की एक ही राहत के लिए अलग-अलग कानूनी प्रावधानों के तहत बार-बार मुकदमेबाजी को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने ठीक नहीं माना है। कोर्ट ने कहा कि कानून भरण-पोषण के लिए एक से ज्यादा कार्रवाइयां शुरू करने की इजाजत देता है, लेकिन इसका इस्तेमाल गैर-जरूरी मुकदमेबाजी बढ़ाने के लिए नहीं होना चाहिए। ऐसी कार्रवाइयों से फैमिली कोर्ट पर बेवजह बोझ बढ़ता है और लंबित मामलों के निपटारे में देरी होती है। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने यह टिप्पणी एक महिला की याचिका खारिज करते हुए की। महिला ने फैमिली कोर्ट में लंबित भरण-पोषण के आदेश के पालन से जुड़े आवेदन का जल्दी निपटारा करने की मांग की थी। इस मामले में फैमिली कोर्ट ने 4 जून 2024 को धारा 125 सीआरपीसी के तहत पति को पत्नी को हर महीने सात हजार रुपये भरण-पोषण देने का आदेश दिया था। इस आदेश के पालन के लिए महिला ने 19 जुलाई 2024 को अर्जी दाखिल की थी। सुनवाई में सामने आया कि महिला ने घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 12 के तहत भी कार्रवाई शुरू कर रखी थी। इस मामले में भी उसे हर महीने 4500 रुपये भरण-पोषण देने का आदेश हो चुका था। दोनों पक्षों के बीच एक समझौता भी हुआ था। इसके तहत पति को 1.51 लाख रुपये और सामान वापस करना था। साथ ही आपसी सहमति से तलाक लेने पर भी सहमति बनी थी। पति ने समझौते के तहत 50 हजार रुपये का भुगतान कर दिया था। हालांकि, बाद में आपसी सहमति से तलाक की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। कोर्ट ने यह भी ध्यान दिया कि महिला ने न तो तलाक के लिए मुकदमा दाखिल किया और न ही दांपत्य अधिकारों की बहाली के लिए कोई केस किया। इसके बजाय वह अलग-अलग अदालतों में भरण-पोषण की राहत के लिए कार्रवाई कर रही थी। पीठ ने कहा कि कानून द्वारा अलग-अलग प्रावधानों के तहत भरण-पोषण का दावा करने की इजाजत देने का मकसद गैर-जरूरी मुकदमेबाजी बढ़ाना नहीं है। एक ही उद्देश्य के लिए वैकल्पिक कार्रवाइयों की संख्या बढ़ने से फैमिली कोर्ट के कामकाज पर असर पड़ता है और पहले से लंबित मामलों के निपटारे में और देरी होती है।
लखनऊ के पेपर मिल कॉलोनी, निशातगंज स्थित अक्षय वर मल्ल पार्क में गणेशोत्सव चल रहा है। इसके दूसरे दिन मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। शाम को परिसर में कलाकारों ने भक्ति संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां दीं। गणपति बप्पा के भजनों और धार्मिक गीतों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। बच्चों और युवाओं ने भी उत्साह के साथ अपनी प्रस्तुतियां दीं। इस कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जुड़े गीत, नृत्य और प्रस्तुतियां खास आकर्षण का केंद्र रहीं। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से भगवान गणेश की महिमा और भारतीय संस्कारों को दिखाया। कई प्रस्तुतियों में पारंपरिक वेशभूषा और संगीत का इस्तेमाल किया गया, जिससे कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग और गहरा हो गया। बच्चों की प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा। प्रस्तुति के दौरान पूरा परिसर तालियों से गूंज उठा। भक्ति गीतों के दौरान श्रद्धालु भी कलाकारों के साथ गणपति बप्पा के जयकारे लगाते दिखे। परिवारों के साथ पहुंचे बच्चों ने भी इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का खूब आनंद लिया। आयोजकों में से एक प्रतीक सिन्हा ने बताया कि गणेशोत्सव को सिर्फ धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। इसे भारतीय संस्कृति, कला और परंपराओं से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। इसी मकसद से अलग-अलग दिनों में भजन, संगीत, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
लखनऊ में गणेश महोत्सव:सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण, 16 सितंबर का होगा विसर्जन और भंडारा
लखनऊ के गोमती नगर स्थित विनम्र खंड-2 में शिव वाटिका पार्क के सामने श्री गणेश उत्सव महासमिति की ओर से गणेश महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। 14 सितंबर को पूजा-अर्चना और प्राण-प्रतिष्ठा के साथ महोत्सव की शुरुआत हुई। इसके बाद रोज सुबह और शाम गणेशजी की आरती हो रही है। आरती के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों में क्षेत्रवासी और श्रद्धालु उत्साह से शामिल हो रहे हैं। महोत्सव में धार्मिक आयोजनों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को धार्मिक आस्था से जोड़ने के साथ आपसी भाईचारा, एकता और सांस्कृतिक समरसता को बढ़ावा देना है। बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग आयोजन में पहुंचकर कार्यक्रमों में सहभागिता कर रहे हैं। 16 सितंबर को विसर्जन, दोपहर में भंडारा महोत्सव का समापन 16 सितंबर को होगा। सुबह आरती के बाद गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। इसके बाद दोपहर से विशाल भंडारे का आयोजन होगा। इसमें श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। आयोजन में समिति अध्यक्ष शिवेश प्रकाश द्विवेदी, सचिव राहुल कुमार गोला, कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र सोनी, शशि पर्वत, राकेश श्रीवास्तव, रजनीश कुमार, बबलू सिंह, अभिषेक सिंह बघेल, अभिषेक दुबे, रविन्द्र मिश्रा, राजेश सिंह, राकेश सिंह, विवेक शुक्ला और भूपेंद्र राय, सचिन द्विवेदी समेत सैकड़ों कार्यकर्ता सहयोग कर रहे हैं।
टेंपो में बैठी महिला को ड्राइवर से हो गया इश्क, होटल में पकड़े गए दोनों; लोगों ने करा दी शादी
जहानाबाद की एक महिला को पटना के एक टेंपो चलाने वाले से प्यार हो गया। दोनों शादीशुदा हैं। महिला एक बच्चे की मां है, जबकि युवक चार बच्चों का पिता है। दोनों को होटल में रंगे हाथों पकड़ लिया गया। इसके बाद लोगों ने उनकी शादी भी करवा दी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सुल्तानपुर से लखनऊ रेफर किए गए नवजात की मौत में राज्य सरकार को 15 दिन में जांच कर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया। जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मंजिव शुक्ला की बेंच ने मेडिकल सुविधाओं को छोटे शहरों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया। कोर्ट ने कहा- लखनऊ के बड़े अस्पतालों पर मरीजों का बहुत ज्यादा दबाव है। इसलिए नए मेडिकल कॉलेजों में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ स्पेशल और सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं विकसित की जाएं और उन्हें वेंटिलेटर जैसी जरूरी व्यवस्थाओं से लैस किया जाए। इससे मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों में रेफर करने की जरूरत कम होगी। अपर मुख्य सचिव से रोडमैप मांगा कोर्ट ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव को शपथपत्र के जरिए समय-सीमा वाला रोडमैप पेश करने को कहा है। इसमें मेडिकल सुविधाओं को मजबूत करने के तत्काल और लंबे समय के उपायों की जानकारी देनी होगी। कोर्ट ने कहा कि प्रदेश की बड़ी आबादी गांवों में रहती है और बहुत से लोग बड़े अस्पतालों की जटिल प्रक्रियाओं से परिचित नहीं होते। ऐसे मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल परिसर में उचित मार्गदर्शन मिलना चाहिए। इसके लिए योग्य कर्मचारियों या मेडिकल सोशल वर्करों की व्यवस्था की जाए, जो मरीजों की समस्याएं समझकर डॉक्टरों और अस्पताल के कर्मचारियों से समन्वय कर सकें। ऑनलाइन रेफरल सिस्टम बनाने पर जोर पीठ ने राज्य सरकार को ऑनलाइन रेफरल सिस्टम विकसित करने की जरूरत भी बताई। इससे मरीज की मेडिकल रिपोर्ट, दस्तावेज और रेफरल से जुड़ी जानकारी अस्पतालों के बीच सीधे साझा की जा सकेगी। कोर्ट ने कहा कि इससे मरीज को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल ले जाने में इलाज का जरूरी समय बर्बाद होने से बचाया जा सकेगा। सुनवाई के दौरान KGMU की ओर से बताया गया कि नवजात को अस्पताल लाया गया था, लेकिन NICU में उस समय बेड खाली नहीं था। वहीं, बच्चे के परिवार ने आरोप लगाया कि उन्हें नवजात को डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान ले जाने के लिए कहा गया। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि एंबुलेंस में बच्चे की जांच कराने के उनके अनुरोध पर ध्यान नहीं दिया गया। KGMU ने इस आरोप से इनकार किया है। कोर्ट ने कहा कि इस विवादित पहलू पर आगे विचार किया जाएगा। परिवार का बयान भी जांच में दर्ज होगा कोर्ट ने मृत नवजात के परिवार से भी बातचीत की। परिवार ने कहा कि उन्हें बच्चे को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा और समय पर इलाज नहीं मिल सका। पीठ ने अपर मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि परिवार के इस बयान को भी जांच अधिकारी दर्ज करें और जांच के दौरान इसे ध्यान में रखें। मेडिकल बजट की जानकारी नहीं दे सकी सरकार कोर्ट ने कहा कि एक अन्य संबंधित याचिका में राज्य सरकार से पूछा गया था कि प्रदेश के नागरिकों को चिकित्सा सुविधाएं और सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए बजट का कितना प्रतिशत आवंटित किया जाता है। सुनवाई के दौरान दोबारा यह जानकारी मांगी गई, लेकिन सरकार की ओर से जवाब नहीं दिया गया। पीठ ने कहा कि चिकित्सा सुविधाओं के लिए बजट की कमी को नागरिकों को बेहतर इलाज देने में बाधा नहीं बनने दिया जाना चाहिए। राज्य सरकार को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए। मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर को होगी। अगली तारीख पर अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा शिक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई में शामिल होंगे। KGMU, SGPGI और डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के संबंधित विभागों के तथ्य से परिचित डॉक्टर भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मौजूद रहेंगे।
साइबर पुलिस मनमाने तरीके से बैंक खाता फ्रीज नहीं कर सकती: हाई कोर्ट
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ज्वैलरी किट्टी स्कीम के नाम पर 700 लोगों से 1.5 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में फरार अनिकेत वर्मा को सूरत एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने लुक आउट सर्कुलर के बाद दुबई से लौटते ही उसे दबोचा, जबकि उसका पिता अभी भी फरार है।
संतकबीरनगर के बेलहर कला थाना क्षेत्र के जंगल दशहर गांव में मंगलवार रात पुरानी रंजिश के चलते एक युवक की चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई। बीच-बचाव करने पहुंची उसकी पत्नी को भी आरोपी ने घायल कर दिया। घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। जंगल दशहर निवासी राजू कन्नौजिया (35) रामनरायन का बेटा था। वह मुंबई में मजदूरी करता था और मंगलवार सुबह ही घर लौटा था। गांव के ही एक पड़ोसी से उसका पुराना विवाद चल रहा था। मंगलवार रात करीब 9 बजे दोनों आमने-सामने आ गए। विवाद बढ़ने लगा तो पड़ोसी ने चाकू निकालकर राजू पर कई बार हमला कर दिया। चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर राजू की पत्नी मंजू वहां पहुंची तो आरोपी ने उसे धक्का देकर घायल कर दिया। गंभीर रूप से घायल राजू को ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेंहदावल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत बताया। घटना की खबर मिलते ही बेलहर कला पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में एडिशनल एसपी सुशील कुमार सिंह ने भी अस्पताल पहुंचकर जानकारी ली। एहतियात के तौर पर बेलहर कला थाने के अलावा दो और थानों की फोर्स गांव में तैनात की गई है। थाना प्रभारी सर्वेश कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया जाएगा। आरोपी की तलाश में पुलिस टीमें लगी हैं और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
गोंडा में मंगलवार रात करीब 9 बजे रेलवे ट्रैक पार करते समय 35 वर्षीय युवक ट्रेन की चपेट में आ गया। हादसे में विजय कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों ने उन्हें ट्रैक किनारे लहूलुहान हालत में देखा और परिजनों को सूचना दी। परिजन स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें कर्नलगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मामला कर्नलगंज थाना क्षेत्र के कुंवरपुर अमरहा डीहा गांव के पास का है। घर के पास ट्रैक पार करते समय हादसा मृतक की पहचान कुंवरपुर अमरहा डीहा निवासी विजय कुमार (35) पुत्र राम केवल कनौजिया के रूप में हुई है। बताया गया कि विजय रात करीब 9 बजे अपने घर के पास रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार अज्ञात ट्रेन की चपेट में आ गए। टक्कर के बाद वह गंभीर रूप से घायल होकर ट्रैक के किनारे गिर पड़े। ट्रेन के गुजरने के बाद ग्रामीणों और राहगीरों ने उन्हें घायल हालत में देखा। हादसे की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और परिजनों को सूचना दी गई। अस्पताल पहुंचने से पहले बिगड़ी हालत स्थानीय लोगों की मदद से परिजन विजय को कर्नलगंज सीएचसी लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। रेलवे अधिकारियों को दी गई सूचना अस्पताल प्रशासन की सूचना पर कर्नलगंज पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कर्नलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि घटना की जानकारी रेलवे के उच्च अधिकारियों को भी दे दी गई है। पुलिस अज्ञात ट्रेन और हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
जालौन में गणेश महोत्सव को लेकर उरई शहर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना हुआ है। जगह-जगह गणेश प्रतिमाएं स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में उरई के माहिल तालाब स्थित गांधी चबूतरा पर श्री गणेश मराठा मित्र मंडल द्वारा स्थापित गणेश प्रतिमा के समक्ष मंगलवार को विशेष आरती का आयोजन किया गया। आरती कार्यक्रम में उरई विधायक गौरी शंकर वर्मा शामिल हुए। उन्होंने भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आरती की। इस दौरान श्री गणेश मराठा मित्र मंडल के पदाधिकारियों और सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। आरती के दौरान पूरा परिसर ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों से गूंज उठा। गणेश प्रतिमा के दर्शन और आरती में भक्तों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश से परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की आवाजाही से माहिल तालाब स्थित गांधी चबूतरा पर उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। श्री गणेश मराठा मित्र मंडल द्वारा गणेश महोत्सव को लेकर प्रतिदिन धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। मंगलवार की आरती में श्याम जी शर्मा, सागर भाई, सत्यम, संभा जी समेत मंडल के अन्य सदस्य और भारी श्रद्धालु उपस्थित रहे। भक्तों ने भक्ति भाव के साथ भगवान गणेश की आराधना की और प्रसाद ग्रहण किया। गणेश महोत्सव को लेकर क्षेत्र में लगातार श्रद्धा और उल्लास का माहौल बना हुआ है।
लखीमपुर खीरी के पलिया वन रेंज इलाके के फरसाहिया गांव में सोमवार शाम करीब पांच बजे एक खेत में अजगर ने मोर को निगल लिया। इस घटना से गांव में हलचल मच गई। अजगर के मोर को निगलने का वीडियो भी सामने आया है। ग्रामीणों ने अजगर को मोर निगलते देखा तो सांपों को बचाने का काम करने वाली नाजरून निशा को खबर दी। नाजरून निशा तुरंत मौके पर पहुंचीं। तब तक अजगर मोर को पूरा निगल चुका था। नाजरून निशा ने अजगर को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन रेस्क्यू टीम के पहुंचने पर अजगर तेजी से वहां से भाग निकला। मौके पर मौजूद लोगों ने अजगर को ढूंढने की कोशिश की, लेकिन वह खेतों और आसपास के इलाके में नहीं मिला। इस घटना के बाद ग्रामीणों में अजगर को लेकर डर है। लोग खेतों की तरफ जाने में सावधानी बरत रहे हैं।
नौकरी करने वालों को बड़ी राहत: किस श्रेणी में कितना पीएफ निकलेगा? बता देगा नया पोर्टल
ईपीएफओ की नई व्यवस्था में आंशिक पीएफ निकासी को आसान बना दिया गया है। नए ढांचे में सदस्य को आवेदन के दौरान ही अपनी जरूरत और पात्रता के आधार पर यह जानकारी मिल सकेगी कि वह पीएफ खाते से कितनी राशि निकाल सकता है।
पटना में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को मंगलवार को एक पुराने मामले में सफलता मिली है। नौ हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में फुलवारीशरीफ अंचल के तत्कालीन राजस्व कर्मचारी अमरेन्द्र कुमार सिन्हा को चार साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। अदालत ने अमरेन्द्र कुमार सिन्हा पर 18 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। अगर वह जुर्माने की राशि नहीं देते हैं, तो उन्हें तीन महीने और जेल में रहना होगा। अदालत ने उन्हें भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की अलग-अलग धाराओं के तहत दोषी पाया। यह मामला निगरानी थाना कांड संख्या 7/2015 से जुड़ा है। विशेष लोक अभियोजक प्रभारी किशोर कुमार सिंह के अनुसार, अमरेन्द्र कुमार सिन्हा ने परिवादी अरुण कुमार से नाम हस्तांतरण के लिए नौ हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। निगरानी टीम ने अमरेन्द्र कुमार सिन्हा को 23 जनवरी 2015 को जक्कनपुर थाना क्षेत्र के सिपारा स्थित मदर टेरेसा गली के एक किराए के मकान से नौ हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। गवाहों और सबूतों के आधार पर अदालत ने अमरेन्द्र कुमार सिन्हा को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की अलग-अलग धाराओं के तहत दोषी माना। इसके बाद विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह ने उन्हें चार साल के सश्रम कारावास और 18 हजार रुपये के आर्थिक जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। नाम हस्तांतरण के लिए मांगे थे 9 हजार रुपए विशेष लोक अभियोजक प्रभारी किशोर कुमार सिंह के अनुसार, मामला निगरानी थाना कांड संख्या 7/2015 से जुड़ा है। तत्कालीन राजस्व कर्मचारी अमरेन्द्र कुमार सिन्हा ने परिवादी अरुण कुमार से नाम हस्तांतरण के एवज में 9 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। शिकायत के आधार पर निगरानी टीम ने 23 जनवरी 2015 को कार्रवाई की थी। टीम ने जक्कनपुर थाना क्षेत्र के सिपारा स्थित मदर टेरेसा गली के एक किराये के निजी मकान में अमरेन्द्र कुमार सिन्हा को 9 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार मामले की सुनवाई के दौरान पेश किए गए गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अमरेन्द्र कुमार सिन्हा को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी माना। इसके बाद विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह ने उसे 4 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।कोर्ट ने 18 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर अभियुक्त को 3 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
शाजापुर में गणेश चतुर्थी पर्व के मद्देनजर पुलिस ने शहर और ग्रामीण इलाकों के गणेश पंडालों का निरीक्षण किया। मंगलवार रात यह निरीक्षण सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किया गया। पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक घनश्याम मालवीय, उप पुलिस अधीक्षक अजाक अजय मिश्रा, कोतवाली थाना प्रभारी संतोष वाघेला, लालघाटी थाना प्रभारी अर्जुन मुजाल्दे और यातायात प्रभारी मोनिका ठाकुर सहित कई अधिकारियों ने शहर के अलग-अलग पंडालों का दौरा किया। थाना सुनेरा क्षेत्र में थाना प्रभारी अंकित मुकाती ने सुनेरा और पनवाड़ी समेत अन्य जगहों के पंडालों का भी जायजा लिया। क्या निर्देश दिए गए हैं? इस दौरान अधिकारियों ने श्रद्धालुओं की आवाजाही, भीड़ को संभालने के तरीके, पार्किंग, यातायात, वॉलंटियर्स की तैनाती और सुरक्षा इंतजामों की जानकारी ली। पुलिस अधिकारियों ने आयोजन समितियों को पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने के निर्देश दिए। साथ ही, बिजली व्यवस्था, आग से बचाव और इमरजेंसी रास्तों को लेकर भी सावधानी बरतने को कहा गया। एसपी ने रात की गश्त में लगे पुलिसकर्मियों को पंडालों की लगातार जांच और निगरानी करने के निर्देश दिए। पुलिस ने समितियों और आम लोगों से अपील की कि वे इस पर्व को शांति और भाईचारे के माहौल में मनाएं और अफवाहों पर ध्यान न दें।
दारोगा भर्ती और बीपीएससी 70वीं रद्द कराने पहुंचे अभ्यर्थी, पटना में फिर भड़का छात्र आंदोलन
पटना में एक बार फिर छात्र आंदोलन भड़क गया है। दारोगा भर्ती और बीपीएससी 70वीं परीक्षा को रद्द कराने की मांग के साथ बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर उतर गए। अभ्यर्थियों का कहना है कि मांगें नहीं माने जाने तक आंदोलन जारी रहेगा।
आर्मी से सस्पेंड कैप्टन पत्नी के कत्ल में दोषी करार, 21 सितंबर को होगा सजा का ऐलान
आरोप था कि ससुराल पक्ष के लोग दहेज की मांग के लिए आकांक्षा का उत्पीड़न करते थे। मनोज भी आकांक्षा पर शक करता था। उसने अपने अधिकारियों को झूठी सूचना दी कि उसकी पत्नी को हार्टअटैक आ गया है। पुलिस की जांच में आकांक्षा के सिर पर भारी वस्तु से वार किए जाने से मौत की बात सामने आई।
बलरामपुर में मंगलवार दोपहर 12 बजे सीएम योगी का आपत्तिजनक AI वीडियो पोस्ट किया गया। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया। वीडियो पूर्व सपा विधायक जगराम पासवान के भाई साधु पासवान के नाम की फेसबुक आईडी से पोस्ट किया गया था। इस पर साधु पासवान को मंगलवार शाम 5 बजे देहात कोतवाली बुलाया गया। पुलिस ने हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की। इसकी जानकारी मिलने पर पूर्व विधायक जगराम पासवान और पूर्व विधायक राम सागर अकेला समर्थकों के साथ कोतवाली पहुंच गए। थोड़ी ही देर में कोतवाली में उनके समर्थकों की भीड़ बढ़ गई। अतिरिक्त पुलिस फोर्स बुलाया गया। समर्थकों ने पुलिस और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद पुलिस ने शाम 7:30 बजे समर्थकों को कोतवाली परिसर से बाहर कर दिया। मामला देहात कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पूर्व विधायक बोले- पार्टी कार्यालय से मिला था वीडियो पूर्व सपा विधायक जगराम पासवान ने पुलिस अधिकारियों से बातचीत को अपने फेसबुक अकाउंट से लाइव भी किया। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि वीडियो पार्टी कार्यालय से आया था। इसके बाद फेसबुक पर पोस्ट किया गया था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि अकाउंट कौन चला रहा था? वीडियो किसने पोस्ट किया? वहीं, एएसपी विशाल पांडेय ने बताया- साधु पासवान नाम की फेसबुक आईडी पर मुख्यमंत्री के लिए अशोभनीय AI वीडियो अपलोड किया गया था। पुलिस ने मामले में खुद संज्ञान लेते हुए कोतवाली देहात में केस दर्ज किया है। साधु पासवान को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई की गई है। सोशल मीडिया पर निगरानी, आपत्तिजनक पोस्ट पर कार्रवाई होगी एएसपी ने कहा- इस तरह की सामग्री सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और जातीय विद्वेष बढ़ाने का कारण बन सकती है। जिले में लागू धारा- 144 का हवाला देते हुए उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट या प्रसारित नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पुलिस की सोशल मीडिया टीम लगातार ऐसे मामलों की निगरानी कर रही है। चेतावनी दी कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला वीडियो, पोस्ट या अन्य आपत्तिजनक सामग्री अपलोड करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि 'साधु पासवान' नाम के फेसबुक अकाउंट का वास्तविक संचालक कौन है? विवादित वीडियो पोस्ट करने में किसकी भूमिका रही? जांच पूरी होने के बाद मामले में स्थिति साफ होने की बात पुलिस ने कही है। -------------------- यह खबर भी पढ़ें… यूपी में क्लास-4 के छात्र ने बहन को न्यूड किया, पोर्न देखकर टीचर की डर्टी पिक्चर बनाई गोरखपुर में क्लास 4 के छात्र ने 7 साल की बहन को न्यूड कर दिया। उसे पोर्न दिखाकर गंदी हरकतें करने लगा। इसी बीच कमरे में उसकी मां आ गई। वह यह देख हैरान रह गई। छात्र ने एक दिन स्कूल में भी टीचर की डर्टी पिक्चर बना दी। इसके बाद प्रिंसिपल ने उसके घर वालों से शिकायत की। स्कूल से उसका नाम काट दिया। पढ़ें पूरी खबर…
यूपी के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने मंगलवार शाम प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल से मुलाकात की। संजय निषाद से मिलने आशीष पटेल खुद उनके सरकारी आवास पर पहुंचे। इससे पहले संजय निषाद ने सोमवार शाम को नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद से मुलाकात की थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही सीटों के बंटवारे को लेकर एनडीए के सहयोगी दलों ने भाजपा पर प्रेशर पॉलिटिक्स शुरू कर दी है। आशीष पटेल अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल के पति हैं। अनुप्रिया पटेल फिलहाल केंद्र सरकार में मंत्री और मिर्जापुर से सांसद हैं, जबकि आशीष पटेल योगी सरकार में मंत्री हैं। संजय निषाद ने लिखा- हमारा साक्षा प्रयास आगे बढ़ता रहेगा मुलाकात के बाद संजय निषाद ने X पर लिखा- आज लखनऊ स्थित आवास पर एनडीए के वरिष्ठ सहयोगी एवं यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल का आत्मीय स्वागत एवं भेंट हुई। इस मौके पर प्रदेश में संचालित लोक-कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सामाजिक हिस्सेदारी, जनहित के मुद्दों पर बात हुई। साथ ही दोनों दलों के सांगठनिक समन्वय को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत बनाने को लेकर सकारात्मक और सार्थक विचार-विमर्श हुआ। हमारा साझा संकल्प है कि शोषित, वंचित एवं पिछड़े वर्गों के सर्वांगीण उत्थान, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य, सामाजिक न्याय और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के अधिकारों की मजबूती के लिए पूरी निष्ठा से कार्य किया जाए। सशक्त समाज, मजबूत संगठन और विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण का यह साझा प्रयास निरंतर मजबूती के साथ आगे बढ़ता रहेगा। सोमवार को माता प्रसाद से मिले थे संजय निषाद इससे पहले सोमवार शाम मंत्री डॉ. संजय निषाद ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय से मुलाकात की थी। मंत्री निषाद लखनऊ में सपा नेता के आवास पर पहुंचे थे। उन्हें बुके भेंट किया था। मुलाकात की फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट की थीं। कैप्शन लिखा था- शिष्टाचार भेंट। विभिन्न विषयों पर चर्चा की। संजय निषाद ने इस मुलाकात पर कहा था- सपा ने जब दरवाजा बंद किया तो हम भाजपा के साथ चले गए। अब अगर भाजपा भी दरवाजा बंद करेगी तो हम दूसरे विकल्पों पर विचार करेंगे। हम उसी के साथ रहेंगे, जो निषाद समाज के मुद्दों को हल करेगा। संजय निषाद ने कहा- नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय की तबीयत खराब है। इसलिए उनसे मिलने गया था। उनसे निषादों को अनुसूचित जाति में आरक्षण देने को लेकर बात हुई। कल शाम भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह से भाजपा कार्यालय में मुलाकात हुई थी। उनसे आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर भी बात हुई थी। मंत्री बोले- माता प्रसाद से विनोद हत्याकांड पर भी बात हुई संजय निषाद ने कहा था- माता प्रसाद पांडेय से हमारी गोंडा के विनोद हत्याकांड को लेकर भी बात हुई। माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि संजय, तुमने साबित कर दिया कि तुम निषादों के लिए लड़ रहे हो। हमारी विधानसभा में निषादों की संख्या काफी है। पहले वे हमारे साथ थे, लेकिन जब से निषाद पार्टी बनी है, वे उसी को वोट करते हैं। मैंने भी कहा कि अगर निषादों को एससी में शामिल कर दिया गया होता तो विनोद हत्याकांड नहीं होता। लोगों में एससी-एसटी एक्ट का डर रहता। मैंने उनके सामने यह मांग भी रखी कि 25 दिसंबर 2016 को निषादों को एससी में शामिल करने की अधिसूचना जारी की गई थी, उसे वापस नहीं लेना चाहिए था। अधिसूचना जारी होने के 5 दिन बाद ही उसे वापस ले लिया गया था। मंत्री निषाद का शिष्टाचार या प्रेशर पॉलिटिक्स? मंत्री संजय निषाद और माता प्रसाद पांडेय की इस मुलाकात पर सियासी गलियारों में दो तरह की चर्चाएं हो रहीं हैं। पहली- माता प्रसाद की तबीयत खराब थी, इसलिए वह देखने के लिए गए थे। दूसरी- चुनाव की नजदीकी को देखते हुए संजय निषाद अपनी पार्टी के लिए ज्यादा से ज्यादा सीट हासिल करना चाहते हैं। इसलिए वह भाजपा पर प्रेशर बना रहे हैं। राजनीतिक जानकार कहते हैं- संजय निषाद यह मैसेज देना चाहते हैं कि अगर भाजपा ने उन्हें कमतर आंका या पर्याप्त सीटें नहीं दी तो वह दूसरे विकल्प भी तलाश सकते हैं। यानी, सपा में वापसी कर सकते हैं। सपा 2027 का चुनाव पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) पर फोकस करके लड़ना चाहती हैं। 2022 यूपी विधानसभा चुनाव में संजय निषाद की निषाद पार्टी ने भाजपा के साथ गठबंधन में थी। पार्टी को 16 सीटें मिली थीं। 10 सीटें निषाद पार्टी के सिंबल पर लड़ी गईं। इनमें से 6 सीटों पर जीत दर्ज की थी। जबकि निषाद पार्टी के 6 प्रत्याशियों ने भाजपा के सिंबल पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से 5 जीते थे। इनमें निषाद पार्टी के मझवां (मिर्जापुर) सीट से विधायक रहे डॉ. विनोद कुमार बिंद ने 2024 में भदोही लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए इस्तीफा दिया था। अब निषाद पार्टी के कुल 5 विधायक हैं। यूपी में निषाद समाज की 5% हिस्सेदारी एक्सपर्ट के मुताबिक, यूपी की राजनीति में निषाद समाज की हिस्सेदारी करीब 5% है। मल्लाह, बिंद, मांझी, कहार, धीवर, निषाद और कश्यप जैसे उपनामों से पहचाना जाने वाला यह समाज कई सीटों पर चुनावी समीकरण प्रभावित करता है। गोरखपुर, मऊ, गाजीपुर, बलिया, संतकबीर नगर, मिर्जापुर, भदोही, प्रयागराज, वाराणसी, जौनपुर, फतेहपुर, हमीरपुर और सहारनपुर जैसे जिलों में इनकी अच्छी संख्या है। यहां हार-जीत तय करने में इनकी बड़ी भूमिका होती है। संजय निषाद ने कब-कब सरकार को घेरा, पढ़िए 2018 में सपा से गठबंधन किया था 2018 में निषाद पार्टी ने सपा से गठबंधन किया था। मंत्री के बेटे प्रवीण निषाद ने सपा के टिकट पर गोरखपुर उपचुनाव लड़ा था और चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे थे। हालांकि, अगले ही साल यानी 2019 में निषाद पार्टी भाजपा के साथ आ गई थी। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें- व्यापारी का बेटा बोला- मंत्री निषाद फोटो-वीडियो बनवाने आ रहे, पिता निषाद समाज की आवाज उठा रहे थे 'मेरे पिताजी निषाद समाज की आवाज उठा रहे थे। फेसबुक पर लोग जिस भाषा में बात करते थे, उसी भाषा में पापा जवाब देते थे। महंत राजू दास ने गाली दी, लेकिन उनका एनकाउंटर नहीं हुआ। उनके लोग नहीं मारे गए, लेकिन मेरे पापा की हत्या हो गई। संजय निषाद सिर्फ सोशल मीडिया पर अपना वीडियो बनवाने आ रहे हैं।' यह कहना है, गोंडा में मारे गए व्यापारी विनोद सहनी (निषाद) के बेटे राजा सहनी का। पढ़ें पूरी खबर
2003 में गुजरात ने बदली विकास की दिशा, निवेश के साथ प्रशासनिक सुधारों को भी बनाया आधार
गुजरात ने 2003 में भूकंप और 2002 की चुनौतियों से उबरकर विकास को स्थायी गति देने के लिए निवेश, प्रशासनिक तत्परता और नागरिक संवाद को केंद्र में रखा। इसी दौरान पहली वाइब्रेंट गुजरात समिट, स्वागतम व्यवस्था, बिजली सुधार और आपदा प्रबंधन कानून जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधारों की नींव रखी गई।
बालोद जिला मुख्यालय से सटे देवारभाट गांव में अज्ञात चोरों ने एक ही रात में दो मंदिरों को निशाना बनाया। चोर हनुमान मंदिर, सुरूजडीहीवारिन मइया मंदिर से चांदी का मुकुट और दानपेटी से कैश ले गए। कुल मिलाकर करीब 5,400 रुपए का सामान चोरी होने की बात सामने आई है। इस घटना के बाद गांव वालों में नाराजगी और चिंता का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सुबह टूटा मिला मंदिर का ताला पुलिस के अनुसार, चोरी की वारदात 11 और 12 सितंबर की दरमियानी रात हुई। ग्राम निवासी मलेश कुमार कतलाम ने बताया कि, शाम को पूजा के बाद उन्होंने हनुमान मंदिर में ताला लगाया था। अगले दिन सुबह मंदिर पहुंचे तो दरवाजे का ताला टूटा मिला। अंदर जाकर देखा तो हनुमान प्रतिमा के मस्तक पर लगा करीब 10 तोला वजनी चांदी का मुकुट गायब था। इसकी कीमत करीब 3 हजार रुपए बताई गई है। दूसरे मंदिर से दानपेटी की रकम चोरी इसी रात चोरों ने सुरूजडीहीवारिन मइया मंदिर को भी निशाना बनाया। मंदिर के पुजारी ढालसिंह उइके ने चोरी की सूचना दी। यहां से दानपेटी में रखी नकदी समेत अन्य सामान चोरी होने की जानकारी सामने आई है। दोनों मंदिरों से कुल करीब 5,400 रुपए के सामान की चोरी बताई गई है। घटना की सूचना मिलने के बाद अब बालोद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर ली है। बालोद टीआई शिशुपाल सिन्हा ने बताया कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही चोरों को गिरफ्तार किया जाएगा।
मोतिहारी के जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव गुरुवार को अरेराज अनुमंडल क्षेत्र में जांच के लिए निकले थे। रास्ते में मलाही स्थित सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल पर उनकी नजर पड़ी। डीएम ने अचानक अपना काफिला स्कूल की तरफ मोड़ दिया। उन्हें अचानक स्कूल में देखकर शिक्षक और बच्चे हैरान रह गए। डीएम सीधे क्लासरूम में पहुंचे और वहां चल रही पढ़ाई का जायजा लिया। उन्होंने शिक्षकों से ‘शिक्षा साथी ऐप’ के इस्तेमाल की जानकारी ली। साथ ही उपस्थिति रजिस्टर और स्कूल की दूसरी व्यवस्थाओं को भी देखा। इसके बाद उन्होंने बच्चों से बातचीत शुरू की। ब्लैकबोर्ड पर खुद हल कराए गणित के सवालनिरीक्षण के दौरान डीएम बच्चों के साथ घुल-मिल गए। उन्होंने नौंवी कक्षा में करीब एक घंटे तक गणित पढ़ाया। ब्लैकबोर्ड पर गणित के कई मुश्किल सवाल हल कराए। बच्चों ने भी आत्मविश्वास के साथ सवालों के जवाब दिए, जिससे डीएम काफी खुश हुए। उन्होंने गणित के साथ हिंदी और अंग्रेजी विषय के भी टिप्स दिए। बच्चों ने पूछा- सर, अगली बार कब आएंगे?डीएम को अपने बीच शिक्षक के रूप में देखकर बच्चों में काफी उत्साह था। पढ़ाई के दौरान बच्चों ने भी रुचि दिखाई। क्लास खत्म होने के बाद बच्चों ने डीएम से पूछा, “सर, अगली बार कब आएंगे, हम आपका इंतजार करेंगे।” डीएम बोले- जब भी आएंगे, फिर पढ़ाएंगेबच्चों के आग्रह पर डीएम मुस्कुराए और कहा कि जब भी वे इस क्षेत्र में आएंगे, फिर बच्चों से मिलेंगे और उन्हें पढ़ाएंगे। शिक्षकों से अभिभावक की तरह बच्चों पर ध्यान देने को कहानिरीक्षण के बाद डीएम ने स्कूल में चल रही पढ़ाई की व्यवस्था पर संतोष जताया। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिया कि वे अभिभावक की तरह बच्चों पर ध्यान दें और उनकी शिक्षा में कोई कमी न आने दें। डीएम के अचानक निरीक्षण और बच्चों को पढ़ाने की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है।
पितृपक्ष मेले में इस बार गयाजी का रंग-रूप बदला नजर आएगा। तीर्थ यात्रियों को साफ-सफाई और पेयजल की सुविधा तो मिलेगी ही। साथ ही में शहर की धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत को भी नए अंदाज में देखने को मिलेगा। फल्गु नदी में फव्वारे चलेंगे। लेजर लाइट शो के जरिए गयाजी की पहचान और विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा। इन तैयारियों को लेकर नगर निगम बोर्ड की बैठक हुई। बैठक में पितृपक्ष मेले की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। सफाई, पेयजल, रोशनी, सड़क और नाली की व्यवस्था को बेहतर करने के प्रस्तावों पर सदस्यों ने सहमति दी।मेयर गणेश पासवान ने कहा कि पितृपक्ष मेला गयाजी की पहचान है। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां आते हैं। ऐसे में उनकी सुविधा के साथ शहर की छवि बेहतर रखना निगम की जिम्मेदारी है। लेजर शो में दिखेगी गयाजी की विरासत निगम की खास तैयारी लेजर लाइट शो को लेकर है। इसके जरिए गयाजी के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को आकर्षक तरीके से दिखाया जाएगा। फल्गु नदी में फव्वारे भी लगाए जाएंगे। इससे मेला क्षेत्र का स्वरूप बदलेगा। श्रद्धालुओं को पिंडदान और तर्पण के साथ गयाजी की विरासत को नए अंदाज में देखने का मौका मिलेगा। मेला क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पर भी निगम का जोर है। कचरे की ढुलाई पूरी तरह ढककर करने की बात कही गई है। इससे रास्ते में कचरा फैलने की समस्या कम होगी। कचरे से दुर्गंध नहीं आए, इसके लिए इत्र का छिड़काव भी किया जाएगा।निगम की कोशिश है कि पिंडदान स्थलों और प्रमुख रास्तों पर सफाई व्यवस्था लगातार बनी रहे। श्रद्धालुओं को गंदगी और दुर्गंध के बीच से नहीं गुजरना पड़े। पितृपक्ष के दौरान मेला क्षेत्र में प्याऊ लगाए जाएंगे। यहां श्रद्धालुओं को शीतल पेयजल मिलेगा। उमस भरी गर्मी में इससे तीर्थयात्रियों को राहत देने की तैयारी है। निगम का दावा है कि मेला क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को लेकर विशेष व्यवस्था की जा रही है। खुले में मांस-मछली की बिक्री पर सख्ती बैठक में खुले में मांस-मछली की बिक्री का मुद्दा भी उठा। नगर आयुक्त डॉ. गगन कुमार ने इस संबंध में प्रस्ताव रखा। पार्षदों ने खुले में बिक्री पर रोक लगाने की बात कही। सदस्यों ने कहा कि बिक्री की अनुमति वाले दुकानदारों को भी पर्दे की व्यवस्था करनी होगी। अवैध रूप से चल रही दुकानों को बंद कराने की बात कही गई। ऑटो स्टैंड की वसूली बंद करने पर पार्षद नाराज पितृपक्ष के दौरान करीब 15 दिनों तक ऑटो स्टैंड से वसूली बंद करने के प्रस्ताव पर पार्षदों ने आपत्ति जताई। सदस्यों ने कहा कि ऑटो स्टैंड निगम की आय का बड़ा स्रोत है। ऐसे में 15 दिनों तक वसूली बंद करने से निगम के राजस्व पर असर पड़ेगा। पार्षदों ने कहा कि अगर जिला प्रशासन बस पड़ाव से वसूली बंद करता है, तभी निगम के ऑटो स्टैंड की वसूली पर रोक लगाने पर विचार किया जाए। यानी मेला व्यवस्था के साथ निगम के राजस्व हित को भी नजरअंदाज नहीं करने की मांग की गई। स्वच्छता पदाधिकारी की वित्तीय शक्ति खत्मस्वच्छता पदाधिकारी शुभम कुमार के कामकाज को लेकर भी सदस्यों ने सवाल उठाए। सदस्यों ने कई कार्यों की अनदेखी का आरोप लगाया। इस पर नगर आयुक्त ने बताया कि सशक्त स्थायी समिति की बैठक में जानकारी देने के बाद स्वच्छता पदाधिकारी की वित्तीय शक्तियां खत्म कर दी गई हैं। उनके खिलाफ जल्द परिपत्र क गठित करने की बात भी कही गई। बैठक में डिप्टी मेयर चिंता देवी, नगर आयुक्त डॉ. गगन कुमार, सशक्त स्थायी समिति के सदस्य अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव, दीपक कुमार चंद्रवंशी, डिम्पल कुमार, राजेश कुमार यादव उर्फ लाल बाबू, हसनैन अली, अंजली कुमारी, जयप्रकाश सिंह यादव समेत निगम के अधिकारी मौजूद रहे।
पुनीत गंगवार और आकाश पाल ने एक अगस्त को मथुरा रेलवे स्टेशन पर और फरवरी में आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर महिलाओं के बैग से लाखों के जेवरात पार कर दिए थे। पुलिस को CCTV कैमरों की रिकार्डिंग से उनका सुराग मिला था। आरोपी पुनीत ने पुलिस को चोर बनने की जो कहानी बताई, वह पूरी तरह फिल्मी है।
अमृतसर के जंडियाला गुरु के अधीन पड़ते गांव नवां पिंड में मंगलवार रात करीब 10 बजे गोली मारकर एक युवक की हत्या कर दी गई। वहीं, दूसरा नौजवान गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। गोलियां पुलिस चौकी के सामने चलाई गईं। इसके फौरन बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। फायरिंग के बाद नौजवान की लाश चौकी के बिल्कुल सामने पड़ी थी। इससे इलाके में दहशत का माहौल है। बताया जा रहा है कि कुछ अज्ञात नौजवानों ने दोनों युवकों को निशाना बनाकर फायरिंग की। गोली लगने से एक नौजवान की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, घायल की हालत के बारे में अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। फायरिंग करने वालों की तलाश जारी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस की ओर से घटनास्थल के आसपास की जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही, फायरिंग करने वाले अज्ञात नौजवानों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वारदात के कारणों का पता लगा रही पुलिस पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फायरिंग के पीछे क्या कारण रहा और वारदात को अंजाम देने वाले कौन लोग हैं? घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी ली जा रही है।
उदयपुर में पारिवारिक न्यायालय क्रम संख्या-3 में डॉ. श्यामसिंह राजपुरोहित को काउंसलर पद पर नियुक्त किया गया है। राजस्थान उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर राज्य सरकार ने उनकी नियुक्ति की है। डॉ. राजपुरोहित ने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। वे उदयपुर जिला और सत्र न्यायालय में बतौर एडवोकेट प्रेक्टिस कर रहे हैं। अब उन्हें पारिवारिक न्यायालय में काउंसलर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजस्थान उच्च न्यायालय की अनुशंसा के बाद राज्य सरकार ने पारिवारिक न्यायालय क्रम संख्या-3 उदयपुर में काउंसलर पद के लिए डॉ. श्यामसिंह राजपुरोहित की नियुक्ति की। वे वर्तमान में उदयपुर जिला एवं सत्र न्यायालय में एडवोकेट के रूप में कार्य कर रहे हैं। डॉ. राजपुरोहित ने मोहन लाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि हासिल की है। कोर्ट में एडवोकेट के रूप में कार्य करने के अनुभव के बाद अब वे पारिवारिक न्यायालय में काउंसलर के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे।
कोटा में एक फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी के साथ विवाद के बाद कुछ लोगों ने मारपीट कर चाकू से हमला कर दिया। मारपीट और हमले की पूरी घटना पास लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई। घायल यासीन (26) को उसके परिचित गुमानपुरा थाने लेकर पहुंचे, जहां शिकायत देने के बाद उसे इलाज के लिए एमबीएस अस्पताल ले जाया गया। गुमानपुरा थाना क्षेत्र में थाने से कुछ दूर इलाहाबाद बैंक वाली गली में मंगलवार दोपहर 1 बजे यह वारदात हुई। चाय की दुकान पर हुआ था विवाद घायल यासीन ने बताया- मैं फाइनेंस कंपनी में काम करता हूं। बाइक से फाइनेंस कलेक्शन का काम करता हूं। मैं गुमानपुरा थाने के आगे इलाहाबाद बैंक की गली से होकर मंगलवार को जा रहा था। इसी दौरान हाशिम और उसकी पत्नी से मेरा विवाद हो गया। यासीन के मुताबिक- हाशिम और उसकी पत्नी से पहले भी चाय की दुकान पर किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। इसी पुरानी कहासुनी को लेकर दोबारा विवाद शुरू हो गया। यासीन का आरोप है कि हाशिम ने अपने भाई और पिता को भी मौके पर बुला लिया। इसके बाद सभी ने मुझे घेरकर मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान मुझ पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे मैं घायल हो गया। हमले में घायल होने के बाद यासीन ने अपने दो परिचितों को मौके पर बुलाया। परिचित उसे गुमानपुरा थाने लेकर पहुंचे। यहां पुलिस को घटना की जानकारी देते हुए शिकायत दी गई। इसके बाद घायल को इलाज के लिए एमबीएस अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज कराया गया। पुलिस ने एक युवक को किया डिटेन गुमानपुरा थाने के एएसआई कपिल ने बताया- थाने की गली से कुछ दूरी पर बाइक फाइनेंस कलेक्शन करने वाले युवक यासीन के साथ मारपीट और चाकू से हमला करने की शिकायत मिली है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। एक युवक को डिटेन किया गया है। CCTV फुटेज और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
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मुंबई में गणेश उत्सव के दूसरे दिन से भगवान गणेश का विजर्सन शुरू हो गया है। मुंबई में मंगलवार को शाम 6 बजे तक भगवान गणेश की 2,850 से ज़्यादा मूर्तियों को अलग-अलग जलाशयों में विसर्जित किया। यह 12 दिन तक चलने वाले उत्सव का पहला विसर्जन दिवस था। अलग-अलग परंपराओं के अनुसार, भगवान गणेश की मूर्तियों का विसर्जन स्थापना के डेढ़ दिन और पांच दिन बाद किया जाता है। इस साल गणेशोत्सव 25 सितंबर तक चलेगा। जो अनंत चतुर्दशी के साथ पूरा होगा। इस दिन जुलूस निकालकर मूर्तियों का जलाशयों में विसर्जन किया जाएगा। विजर्सन की कुछ तस्वीरें…
सीतामढ़ी जिले के नरहा जगदर गांव में सोमवार शाम तेज रफ्तार स्कूटी की टक्कर से 45 वर्षीय महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। मंगलवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका की पहचान गांव निवासी सत्यनारायण महतो की पत्नी सिमरेखिया देवी के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि सिमरेखिया देवी सोमवार शाम अपने घर के पास सड़क किनारे खड़ी थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार स्कूटी ने उन्हें टक्कर मार दी। परिजन उन्हें सीतामढ़ी सदर अस्पताल ले गए। वहां से मुजफ्फरपुर के SKMCH और बाद में पटना के PMCH रेफर किया गया। मंगलवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। स्कूटी पर दो युवक थे, टक्कर के बाद एक भागामृतका के बेटे गौरीशंकर ने बताया कि स्कूटी पर दो युवक सवार थे और उनके पास शराब थी। टक्कर के बाद स्कूटी गिर गई। एक युवक मौके से भाग गया, जबकि दूसरा स्कूटी के नीचे दब गया। ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया। उसकी पहचान भवदेवपुर निवासी भाग्य नारायण सहनी के रूप में हुई है। 41 बोतल नेपाली सौंफी शराब बरामदसूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्कूटी व शराब जब्त कर युवक को हिरासत में ले लिया। थानाध्यक्ष अर्चना कुमारी ने बताया कि मौके से 41 बोतल नेपाली सौंफी शराब मिली है। स्थानीय चौकीदार की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई की। मामले में आगे कानूनी कार्रवाई की जा रही है। दूसरे युवक की पहचान राजकुमार सहनी के रूप मेंपरिजनों के अनुसार मौके से भागने वाले दूसरे युवक का नाम राजकुमार सहनी है। दोनों युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी चल रही है।
कैमूर के जिला पदाधिकारी ने अधौरा प्रखंड की दिघार पंचायत में लगे सहयोग शिविर का निरीक्षण किया। शिविर में ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, बिजली, डिग्री कॉलेज और खेल मैदान जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं रखीं। कुल 80 आवेदन मिले, जिनमें 30 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। बाकी 50 आवेदनों को तय समय में निपटाने के निर्देश दिए गए। पेयजल की समस्या को देखते हुए डीएम ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) को सबसे पहले कार्रवाई करने को कहा। युवाओं के लिए खेल मैदान बनाने को लेकर सीओ को सरकारी जमीन की पहचान करने का निर्देश दिया गया। वन भूमि की अड़चन पर अगली बैठक में होगी चर्चाविकास कार्यों में वन भूमि से जुड़ी अड़चनों को दूर करने के लिए अगली समन्वय बैठक में अधिकारियों के साथ चर्चा की जाएगी। सहयोग शिविर के बाद डीएम ने प्रखंड और अंचल कार्यालय की अचानक जांच भी की। RTPS के 20 और भूमि विवाद के 18 मामले पेंडिंगजांच में RTPS के 20 और भूमि विवाद से जुड़े 18 मामले पेंडिंग मिले। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित पंजियों को तुरंत अपडेट करने और लंबित मामलों का निपटारा करने का निर्देश दिया। सरकारी जमीन का बनेगा पारदर्शी लैंड बैंकअतिक्रमण पंजी अपडेट नहीं होने पर डीएम ने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने सरकारी जमीन का पारदर्शी ‘लैंड बैंक’ तैयार करने को कहा, ताकि सरकारी जमीन का रिकॉर्ड व्यवस्थित रहे और उसका इस्तेमाल योजनाओं में किया जा सके। 175 शौचालय आवेदनों पर चल रहा कामप्रखंड विकास पदाधिकारी ने बताया कि 175 व्यक्तिगत शौचालय के आवेदनों पर काम चल रहा है। वहीं 11 पंचायतों में ‘कायाकल्प अभियान’ के तहत योजनाएं चलाई जाएंगी। डीएम ने बंद पड़े सामुदायिक शौचालयों को तुरंत शुरू कराने और ग्रामीणों की समस्याओं का बेहतर तरीके से समाधान करने को प्रशासन की प्राथमिकता बताया।
भोपाल के एमपी नगर जोन-1 में नगर निगम की टीम अतिक्रमण हटाने के लिए रात में मैदान में उतरी। रात 9 बजे विजय स्तंभ के सामने कार्रवाई की गई। इस दौरान एक बिरयानी मैजिक को क्रेन की मदद से हटाया गया। विजय स्तंभ और विशाल मेगा मॉट के सामने सड़क किनारे कई साल से अतिक्रमण था। कई बार हटाने की कोशिश की गई, लेकिन निगम इन्हें नहीं हटा सका। मंगलवार की शाम को सांयकालीन अतिक्रमण अधिकारी नासिर खान और वॉच लीग संयोजक चंदना अरोरा मौके पर पहुंचे। इसके बाद कार्रवाई शुरू की। विजय स्तंभ के पास छत ठेला, काउंटर, टेबल-कुर्सियां टेबिल, गैस सिलेंडर, फूड ट्रॉली आदि जब्त की गई। रात 9 बजे तक यहां कार्रवाई चली। इसके बाद जोन-2 में भी टीम पहुंची। रात 10 बजे के बाद भी कार्रवाई का दौर जारी रहा। वेज बिरयानी के काउंटर पर बिजली कनेक्शन मिलावेज बिरयानी के काउंटर पर बिजली कनेक्शन भी मिला। बिजली कंपनी ने यह किस आधार पर दिया, इसकी जांच की जा रही है। इसे लेकर निगम बिजली कंपनी को लेटर भी लिखेगा। अतिक्रमण अधिकारी खान ने बताया कि चौराहे पर लंबे समय से अतिक्रमण जमा था। इस वजह से यातायात बाधित होता था। वरिष्ठ अधिकारियों से आग्रह किया है कि इस खाली जगह पर बैंच और पौधे लगाकर इसे आकर्षक किया जाए। ताकि, फिर से अतिक्रमण न जमा हो।
योगी कैबिनेट ने प्रदेश के राशन कोटेदारों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने कोटेदारों को खाद्यान्न पर प्रति कुंतल 25 रुपये कमीशन की बढ़ोत्तरी की है। मंगलवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में इसकी मंजूरी मिल गई है।
समस्तीपुर जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक 'सेवा संकल्प अभियान' चलाया जाएगा। इसका मकसद सेवा, समर्पण और सामाजिक बदलाव का संदेश लोगों तक पहुंचाना है। यह अभियान 1 महीने तक चलेगा, जिसमें हर दिन अलग-अलग थीम पर कार्यक्रम होंगे। अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम से होगी। इसके तहत जिले के सरकारी भवनों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्रों, पंचायत और सामुदायिक भवनों समेत कई खास जगहों पर शाम को दीये जलाए जाएंगे। इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिलाधिकारी रौशन कुशवाहा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में एक बैठक हुई। इसमें जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और अन्य प्रखंड स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े। जिलाधिकारी ने कहा कि अभियान के हर कार्यक्रम को असरदार और यादगार बनाने के लिए उसकी हाई डेफिनेशन फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई जाए। सभी संबंधित अधिकारी फोटो और वीडियो जिला प्रशासन के व्हाट्सएप ग्रुप और गूगल ड्राइव पर अपलोड करेंगे। 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम के लिए खास जगह चिह्नित 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम के लिए जिले के कुछ खास जगहों को चुना गया है। इनमें समाहरणालय परिसर, जननायक कर्पूरी ठाकुर और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थल, सदर अस्पताल, समस्तीपुर रेलवे स्टेशन, एलकेवीडी कॉलेज ताजपुर, सरदारगंज चौक दलसिंहसराय, गांधी चौक रोसड़ा और प्राथमिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय पटोरी शामिल हैं। इन जगहों पर खास आयोजन कर दीये जलाए जाएंगे। इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी बुलाया जाएगा। अभियान के दौरान 'सेवा चित्र' कार्यक्रम भी होगा। इसमें पिछले 25 सालों में जिले और समाज में हुए बड़े बदलावों को चित्रकला, भाषण और प्रदर्शनी के जरिए दिखाया जाएगा। इसका मकसद नई पीढ़ी को विकास और बदलाव की यात्रा से जोड़ना है। वहीं ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर माताओं और अभिभावकों के साथ संवाद किया जाएगा। इसमें सरकारी योजनाओं से मिले लाभ और उनके जीवन में आए बदलावों पर चर्चा होगी। इससे सरकारी योजनाओं के वास्तविक प्रभाव को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। ‘कहानी बदलाव की’ में विभाग देंगे उपलब्धियों का हिसाब‘कहानी बदलाव की’ कार्यक्रम के तहत जिले के सभी विभाग पिछले 25 साल में हुए प्रमुख बदलावों और उपलब्धियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे। इसके जरिए विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक स्तर पर हुए बदलावों को आम लोगों तक पहुंचाया जाएगा।इसी तरह ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम सेवा भावना को प्रत्यक्ष रूप देने वाला होगा। इसके तहत विभिन्न विभाग निर्धारित गतिविधियों में से किसी एक का चयन कर श्रमदान करेंगे। इससे अधिकारियों और कर्मियों की भागीदारी के साथ समाज में सामूहिक जिम्मेदारी और सेवा की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया जाएगा।
लोकभवन का AKU कुलपति पर बड़ा एक्शन:नीतिगत और वित्तीय फैसलों पर रोक, मुख्यालय छोड़ने पर भी लगी पाबंदी
राज्यपाल-सह-कुलाधिपति सचिवालय ने आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी (एकेयू) के कुलपति पर बड़ी कार्रवाई की है। लोकभवन ने कुलपति के नीतिगत और वित्तीय अधिकारों पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही उन्हें कुलाधिपति की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ने से भी रोक दिया गया है। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह की ओर से 15 सितंबर 2026 को जारी आदेश में कुलपति को तीन निर्देश दिए गए हैं। आदेश के अनुसार, इनका तत्काल प्रभाव से पालन करना अनिवार्य होगा। कुलाधिपति की अनुमति के बिना नहीं ले सकेंगे नीतिगत फैसले आदेश में कहा गया है कि अगले निर्देश तक कुलपति कुलाधिपति की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी नीतिगत निर्णय नहीं ले सकेंगे। विश्वविद्यालय से जुड़े महत्वपूर्ण प्रशासनिक और नीतिगत मामलों में निर्णय लेने से पहले लोकभवन की अनुमति आवश्यक होगी। रोजमर्रा के खर्च को छोड़कर वित्तीय स्वीकृति पर रोक कुलपति रोजमर्रा के प्रशासनिक खर्च को छोड़कर कोई भी वित्तीय निर्णय या वित्तीय स्वीकृति कुलाधिपति की अनुमति के बिना जारी नहीं कर सकेंगे। इससे विश्वविद्यालय के बड़े वित्तीय और नीतिगत फैसले फिलहाल लोकभवन की अनुमति पर निर्भर हो गए हैं। बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे आदेश में कुलपति को निर्देश दिया गया है कि वे कुलाधिपति की पूर्व अनुमति के बिना विश्वविद्यालय मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। लोकभवन ने सभी निर्देशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय (एकेयू) में जांच समिति के गठन को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। बीते दिनों विश्वविद्यालय प्रशासन ने समिति के गठन की प्रक्रिया, अधिकार क्षेत्र और जांच की निर्धारित अवधि पर सवाल उठाते हुए राज्यपाल सचिवालय को पत्र भेजा था। वहीं, कुलसचिव डॉ. नीरंजन प्रसाद यादव ने जांच समिति के समन्वयक और उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव पवन कुमार सिन्हा पर कथित अमर्यादित व्यवहार, आपत्तिजनक भाषा के प्रयोग और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए था। कुलसचिव की ओर से भेजे गए पत्र में दावा किया गया है कि जांच के दौरान पवन कुमार सिन्हा ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ प्रशासनिक और संस्थागत मर्यादा के विपरीत व्यवहार किया। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुलसचिव को “हाथ तुड़वाने की धमकी” जैसी कथित धमकीपूर्ण भाषा का सामना करना पड़ा था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे गंभीर मामला बताते हुए संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की थी।
चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे को योगी कैबिनेट की हरी झंडी, जानें लागत-लंबाई और पूरी डिटेल
सीएम योगी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे की लंबाई 15.172 किलोमीटर होगी।प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे 110 मीटर छह लेन चौड़ा होगा और इस पर 120 की स्पीड तय की गई है।
गयाजी में पितृपक्ष मेला से पहले नगर निगम ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए सुगम और सुरक्षित व्यवस्था बनाने की तैयारी है। नगर आयुक्त डॉ. गगन के निर्देश पर निगम की टीमें लगातार मेला क्षेत्र, मुख्य सड़कों, फुटपाथों और सार्वजनिक जगहों का निरीक्षण कर रही हैं। जहां भी अतिक्रमण मिल रहा है, वहां कार्रवाई के साथ जुर्माना भी वसूला जा रहा है। नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक, 4 सितंबर से 14 सितंबर तक सिर्फ 10 दिनों में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस दौरान 4 लाख 54 हजार 900 रुपए का जुर्माना वसूला गया है पितृपक्ष मेला के दौरान गयाजी में लाखों श्रद्धालु आते हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से भी लोग पिंडदान और तर्पण के लिए गयाजी पहुंचते हैं। शहर की सड़कों और फुटपाथों पर अतिक्रमण होने से पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं और वाहनों को दिक्कत होती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए नगर निगम की टीम मुख्य रास्तों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगातार जांच कर रही है। सड़कों और फुटपाथों पर अवैध कब्जों को पहचान कर उन्हें हटाने की कार्रवाई की जा रही है। दोबारा कब्जा न हो, होगी निगरानी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अतिक्रमण हटाने के बाद दोबारा कब्जा न हो, इसके लिए लगातार निगरानी रखी जाए। नगर निगम ने उन इलाकों पर खास नजर रखने की योजना बनाई है, जहां मेला के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ सबसे ज्यादा रहने की संभावना है। निगम का मकसद सिर्फ अतिक्रमण हटाना नहीं, बल्कि मुख्य रास्तों को पूरे मेला के दौरान खुला और व्यवस्थित रखना भी है। आवारा पशुओं पर भी कार्रवाई, 23 हजार की वसूलीसड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर आवारा पशुओं के विचरण को लेकर भी नगर निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम के अनुसार, आवारा पशुओं से संबंधित मामलों में 23 हजार रुपए दंड शुल्क की वसूली की गई है। नगर निगम का मानना है कि मेला क्षेत्र में आवारा पशुओं की मौजूदगी से यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा को भी खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे में अतिक्रमण के साथ-साथ आवारा पशुओं के खिलाफ भी कार्रवाई को अभियान का हिस्सा बनाया गया है। श्रद्धालुओं के लिए प्याऊ की मरम्मतइधर, पितृपक्ष मेला की तैयारियों के तहत नगर निगम शहर के विभिन्न प्याऊ की मरम्मत और आवश्यक रखरखाव भी करा रहा है। इसके कारण जिन प्याऊ पर फिलहाल मरम्मत का काम चल रहा है, वहां अगले दो-चार दिनों तक पेयजल की आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद रहेगी। नगर निगम ने आम नागरिकों और श्रद्धालुओं से मरम्मत कार्य के दौरान सहयोग करने की अपील की है। निगम का कहना है कि मेला अवधि में बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह काम कराया जा रहा है। इन इलाकों के प्याऊ में चल रहा काम सहायता या जानकारी के लिए नंबर जारीमरम्मती वाले प्याऊ में पंचायती अखाड़ा पुल के पास वार्ड संख्या छह, पंचायती अखाड़ा के दक्षिण वार्ड संख्या सात, बाटा मोड़ के पश्चिम हनुमान मंदिर एवं महावीर स्कूल गेट वार्ड संख्या 18, मन्नूलाल लाइब्रेरी गांधी मैदान गेट और समीर तकिया मिडिल स्कूल वार्ड संख्या 36, कोइरी बारी मोड़ वार्ड संख्या 37, ब्राह्मणी घाट दलित टोला वार्ड संख्या 39, टिल्हा धर्मशाला पूर्वी वार्ड संख्या 42 और सिकड़िया मोड़ स्थित डानकल स्कूल वार्ड संख्या 29 शामिल हैं। किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए कनीय अभियंता के मोबाइल नंबर 9801691121 पर संपर्क किया जा सकता है।
भोपाल की पब्लिक गलती नहीं करती, तो फाइन कैसे लगा दें, नगर निगम में कर्मचारियों का प्रदर्शन
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दिल्ली जिमखाना क्लब का भविष्य अधर में, सदस्यों को हाईकोर्ट जाने की मिली अनुमति
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली जिमखाना क्लब के 11 सदस्यों को परिसर के अधिग्रहण और बेदखली के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट जाने की अनुमति दी है।
राजस्थान हाईकोर्ट के झालामंड स्थित भवन की खराब हालत और निर्माण में तकनीकी कमियों को लेकर सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल और न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर की डिवीजन बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। कोर्ट को बताया गया कि भवन की मरम्मत और सुधार पर अनुमानित 117.65 करोड़ रुपए खर्च होंगे। सुनवाई के दौरान पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा समेत संबंधित अधिकारी अदालत में मौजूद थे। उन्होंने अब तक गिरफ्तार किए गए अधिकारियों और कर्मचारियों के बारे में अपनी बात रखी। अधिकारियों ने बताया कि एडीजी वीके सिंह की निगरानी में मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी। तीन चरणों में मरम्मत का काम करने का प्रस्ताव मौजूद अधिकारियों ने भवन की मौजूदा स्थिति, स्ट्रक्चरल ऑडिट और मरम्मत कार्यों पर एक रिपोर्ट पेश की। आईआईटी बॉम्बे की अंतिम स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट मिल चुकी है। इसमें भवन में जंग लगने, कंक्रीट की गुणवत्ता में कमी, कार्बोनेशन, क्लोराइड के असर और नमी से हुए नुकसान की बात सामने आई है। रिपोर्ट में केंद्रीय डोम को गिराने की सिफारिश नहीं की गई है, बल्कि इसे सुरक्षित तरीके से मरम्मत करने को कहा गया है। मरम्मत का काम तीन चरणों में करने का प्रस्ताव है। आरएसआरडीसी ने भवन की निगरानी के लिए नियमित, साप्ताहिक और हर पंद्रह दिन में निरीक्षण की व्यवस्था की है। पहले चरण के लिए 27.50 करोड़ और दूसरे चरण के लिए करीब 30 करोड़ रुपए मंजूर हो चुके हैं। तीसरे चरण के लिए करीब 60 करोड़ रुपए का अनुमान है और इसकी मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है। अधिवक्ता चैंबर्स और एजी-एएजी भवनों का भी आईआईटी बॉम्बे से स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जा रहा है। खराब निर्माण के मामले में एफआईआर दर्ज है और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जा रही है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में लंबित अनुशासनात्मक कार्रवाई 30 दिन में पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। नए भवन में 50 कोर्ट रूम और भविष्य में 10 अतिरिक्त कोर्ट रूम बढ़ाने के लिए डीपीआर बनाने हेतु 1.50 करोड़ रुपए की वित्तीय मंजूरी दी गई है। इस मामले में अगली सुनवाई अब 05 अक्टूबर को तय की गई है।
शहर में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने मंगलवार को प्रमुख फूड चेन और रेस्टोरेंट्स का निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य सामग्री के रखरखाव, साफ-सफाई, कीट नियंत्रण और जरूरी दस्तावेजों में कई कमियां मिलीं। खाद्य विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठानों को सुधार सूचना और नोटिस जारी किए हैं। कमियां तय समय में दूर नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। Subway में वेज-नॉनवेज सामग्री साथ रखी सपना-संगीता रोड स्थित Subway के निरीक्षण में रेफ्रिजरेटर में शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य सामग्री एक साथ रखी मिली। रसोई में फिसलन रोकने वाली चटाई भी नहीं थी। खाद्य विभाग ने प्रतिष्ठान को कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। KFC में प्रभारी नहीं मिले, रिकॉर्ड भी अधूरे Phoenix Citadel Mall स्थित KFC में संचालन के लिए नामित प्रभारी मौके पर मौजूद नहीं मिले। कच्ची और तैयार खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांच संबंधी प्रमाण पत्र भी उपलब्ध नहीं थे। कुछ कचरा डिब्बे खुले मिले। कर्मचारियों के स्वास्थ्य परीक्षण और टीकाकरण से संबंधित रिकॉर्ड भी नहीं मिले। Pizza Hut की रसोई में मिलीं मक्खियां इसी मॉल स्थित Pizza Hut में कर्मचारियों के स्वास्थ्य परीक्षण के रिकॉर्ड अधूरे मिले। टीकाकरण संबंधी रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं था। निरीक्षण के दौरान रसोई में कुछ मक्खियां भी मिलीं। विभाग ने साफ-सफाई और रिकॉर्ड दुरुस्त करने के निर्देश दिए। La Pino’z में एक्सपायर्ड सामग्री मिली La Pino’z Pizza में जैतून, जलापेनो और लाल शिमला मिर्च पर 14 सितंबर की उपयोग की अंतिम तारीख अंकित मिली, जबकि निरीक्षण 15 सितंबर को किया गया था। यहां पानी की जांच रिपोर्ट और कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र भी उपलब्ध नहीं थे। विभाग ने पनीर और सॉस सहित चार खाद्य नमूने जांच के लिए लिए हैं। Domino’s में मक्खियां और चूहों के मल के अवशेष सपना-संगीता रोड स्थित Domino’s Pizza के खाने के क्षेत्र में मक्खियां मिलीं। पैकेजिंग सामग्री रखने की जगह पर चूहों के मल के अवशेष भी पाए गए। विभाग ने यहां से पनीर और पिज्जा चीज स्प्रेड के नमूने जांच के लिए लिए हैं। कमियां दूर नहीं कीं तो कार्रवाई खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को लेकर संबंधित प्रतिष्ठानों को सुधार सूचना और नोटिस जारी किए हैं। विभाग ने तय समय में कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित अवधि में सुधार नहीं होने पर खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर-पश्चिम रेलवे द्वारा जोधपुर मंडल के लूनी-समदड़ी-भीलड़ी स्टेशन के बीच सतलाना स्टेशन पर ब्रिज संख्या 4 और सब-वे के निर्माण कार्य के लिए ब्लॉक जा रहा है। ब्लॉक के कारण ट्रेन प्रभावित रहेगा। मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के अनुसार- इस काम के कारण ये ट्रेन प्रभावित रहेगी। आंशिक रद्द ट्रेन (प्रारम्भिक स्टेशन से) मार्ग परिवर्तित ट्रेन (प्रारम्भिक स्टेशन से)
जाली नोट और तस्करी मामलों में महिला गिरफ्तार:पुलिस भारत-नेपाल में काली संपत्ति की करेगी जांच
मधुबनी में भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र से जाली नोट, ब्राउन शुगर और अन्य तस्करी के मामलों में चर्चित महिला हीरा महासेठ उर्फ 'चाची' को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मधुबनी के एसएसपी योगेंद्र कुमार ने मंगलवार देर शाम प्रेस वार्ता कर इस गिरफ्तारी की जानकारी दी। एसएसपी ने बताया कि हीरा महासेठ का पति करीब एक महीने पहले जाली नोट के साथ पकड़ा गया था। उसे जेल भेजे जाने के बाद से पुलिस हीरा महासेठ की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। जमा की गई संपत्ति के बारे में जानकारी दी इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि हीरा महासेठ अपने घर पर है। सूचना की पुष्टि के बाद जयनगर एसडीपीओ के नेतृत्व में एक खास टीम बनाई गई। एसपी की निगरानी में पुलिस टीम ने बताए गए ठिकाने पर छापा मारा और महिला को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में गिरफ्तार महिला ने भारत और नेपाल में कथित तौर पर जमा की गई संपत्ति के बारे में जानकारी दी है। पुलिस अब इन संपत्तियों की जांच की तैयारी कर रही है। अगर जांच में संपत्ति अवैध तरीके से कमाई गई साबित होती है, तो उसे जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सीमा क्षेत्र में तस्करी और आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
मोहनिया विधानसभा क्षेत्र की विधायक संगीता कुमारी ने बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने अपने क्षेत्र की दो बड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की है। विधायक ने पटना मोड़ से अमरपुरा होते हुए मोहनिया-भभुआ पथ तक बाईपास सड़क बनाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि अभी भभुआ या रामगढ़ जाने वाले वाहनों को चाँदनी चौक मोहनिया से गुजरना पड़ता है। इससे हर दिन घंटों जाम लगा रहता है। पानी निकलने की समस्या पर भी दिलाया ध्यान बाईपास बनने से भारी वाहनों को एक आसान रास्ता मिल जाएगा। इससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा और इलाके में व्यापार व खेती से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, विधायक संगीता कुमारी ने परसथुआ से कुदरा मुख्य सड़क के किनारे बसे गांवों में पानी निकलने की समस्या पर भी ध्यान दिलाया है। सही नाला न होने के कारण बारिश में पानी भर जाता है, कीचड़ होता है और सड़कें खराब हो जाती हैं। इससे रिहायशी और कारोबारी इलाकों पर असर पड़ता है। विधायक ने मंत्री से कहा है कि अधिकारियों को मौके पर जाकर जांच करने और तकनीकी सर्वे कराने का निर्देश दें। उन्होंने बाईपास के लिए डीपीआर (DPR) तैयार करने और नाला बनाने के लिए जल्द प्रशासनिक मंजूरी देने की अपील की है।
अपराध ही नहीं, बंदी के सुधार और सामाजिक परिस्थितियों को भी देखना होगा, हाईकोर्ट की टिप्पणी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा काट रहे आदिल उर्फ सीरन की समयपूर्व रिहाई का अनुरोध खारिज करने वाले राज्य सरकार के 12 अगस्त 2025 के आदेश को रद्द कर दिया है।
अज्ञात गाड़ी की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत:UP का रहने वाला था मृतक, पेट्रोल पंप के पास एक्सीडेंट
कैमूर जिले के रामगढ़-मोहनिया मुख्य मार्ग पर एक सड़क हादसा हो गया। रामगढ़ थाना क्षेत्र में पेट्रोल पंप के पास एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के तुरंत बाद मौके पर स्थानीय लोग जमा हो गए। ग्रामीणों ने रामगढ़ थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। उत्तर प्रदेश का रहने वाला था मृतक स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवक को एंबुलेंस से रामगढ़ रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के दिलदारनगर थाना क्षेत्र के आलमगंज निवासी जयशंकर कुमार के तौर पर हुई है। हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिवार में दुख का माहौल छा गया। रामगढ़ थानाध्यक्ष सुमित कुमार ने बताया कि दुर्घटना में बाइक सवार युवक की मौत हुई है। भभुआ सदर अस्पताल भेजा बॉडी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भभुआ सदर अस्पताल भेजा गया है। पुलिस फरार अज्ञात वाहन की पहचान और दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। मृतक के भाई रामाशंकर पांडे ने भी घटना की जानकारी दी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भागलपुर में मंगलवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और एआईसीसी सदस्य ज्योति कुमार सिंह पहुंचे। ज्योति कुमार सिंह ने बाढ़ पीड़ितों के बीच करीब 100 लोगों को सूखा नाश्ता बांटा। इसी बहाने उन्होंने सरकार की राहत व्यवस्था पर कई सवाल उठाए। उन्होंने राहत व्यवस्था पर कई सवाल उठाए। बाढ़ पीड़ितों को दोपहर और रात का खाना तो दिया जा रहा है, लेकिन सुबह के नाश्ते का इंतजाम तक नहीं है। कांग्रेस प्रवक्ता ने तंज कसा कि डीएम, सीओ और मंत्री जब बाढ़ पीड़ितों के बीच जाते हैं, तो नाश्ता करके आते हैं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के काम करने के तरीके पर सबसे तीखा हमला किया। ज्योति कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि बाढ़ के दौरान अधिकारियों का पूरा ध्यान सत्ता पक्ष के नेताओं को खुश करने में है। उन्होंने कटाक्ष किया कि अधिकारी जनता की परेशानी दूर करने के बजाय मंत्रियों को खुश करने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि अफसरों को यह समझना होगा कि उनकी जिम्मेदारी किसी मंत्री या नेता के लिए नहीं, बल्कि बाढ़ में फंसी जनता के लिए है। विपक्ष की अनदेखी की जाती है कांग्रेस नेता ने प्रशासन पर विपक्ष की अनदेखी का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में मंत्री, सांसद और सत्ता पक्ष के विधायकों को बुलाया जाता है, लेकिन विपक्ष के नेताओं को राहत व्यवस्था की जानकारी तक नहीं दी जाती। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विपक्ष के जनप्रतिनिधि जनता के प्रतिनिधि नहीं हैं? आपदा के समय राजनीति से ऊपर उठकर सभी जनप्रतिनिधियों को राहत कामों में शामिल करना चाहिए। ज्योति कुमार सिंह ने कहा कि राहत के लिए खर्च होने वाला पैसा किसी मंत्री या अधिकारी की जेब का नहीं, बल्कि जनता के टैक्स का पैसा है। इसलिए जनता के प्रतिनिधियों को राहत कार्यों की निगरानी और जानकारी से दूर रखना उचित नहीं है। हर साल बाढ़, हर साल राहत… आखिर स्थायी समाधान कब?कांग्रेस प्रवक्ता ने बाढ़ के स्थायी समाधान को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बचपन से हर साल बाढ़ की यही तस्वीर देख रहे हैं। घर डूबते हैं, लोग विस्थापित होते हैं, राहत शिविर लगते हैं और करोड़ों रुपए राहत के नाम पर खर्च होते हैं।उन्होंने सवाल किया कि आखिर कब तक सरकार बाढ़ आने का इंतजार करेगी और फिर राहत सामग्री बांटकर अपनी जिम्मेदारी पूरी करती रहेगी? उन्होंने मांग की कि हर साल राहत पर खर्च होने वाली राशि का बड़ा हिस्सा मजबूत तटबंध, बाढ़रोधी संरचना और स्थायी समाधान पर खर्च किया जाए। ‘पीड़ित गैस सिलेंडर लेकर रह रहे हैं, यह कैसी राहत व्यवस्था?’ज्योति कुमार सिंह ने कहा कि कई बाढ़ पीड़ित अपने साथ गैस सिलेंडर और दूसरी जरूरी सामग्री लेकर रहने को मजबूर हैं। उनके मुताबिक, इससे पता चलता है कि राहत शिविरों में सरकार की व्यवस्थाएं अभी भी पूरी तरह जमीन पर नहीं उतर पाई हैं। उन्होंने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि बाढ़ पीड़ितों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को वातानुकूलित कमरों और राजनीतिक कार्यक्रमों से बाहर निकलकर राहत शिविरों में जाकर वास्तविक स्थिति देखनी होगी।
छुट्टी पर गए बिहार के DGP विनय कुमार:प्रभार में रहेंगी प्रीता वर्मा, गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना
बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार 21 दिनों की छुट्टी पर गए हैं। वह 15 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक अवकाश पर रहेंगे। गृह विभाग की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचना के अनुसार, DGP विनय कुमार ने छुट्टी के लिए अपरिहार्य, निजी और स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला दिया है। उनके अवकाश पर रहने के दौरान बिहार पुलिस के DGP पद का अतिरिक्त प्रभार प्रीता वर्मा को दिया गया है। प्रीता वर्मा वर्तमान में गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन विभाग की समादेष्टा के प्रभार में हैं। अतिरिक्त प्रभार में रहेंगी प्रीता वर्मा अब वह DGP विनय कुमार के अवकाश की अवधि में पुलिस महानिदेशक के कार्यों की भी जिम्मेदारी संभालेंगी। सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक यह व्यवस्था 15 सितंबर से 5 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान बिहार पुलिस से जुड़े महत्वपूर्ण प्रशासनिक और विभागीय कार्यों का संचालन प्रीता वर्मा करेंगी। DGP के अवकाश पर जाने के बाद पुलिस विभाग में उनके स्थान पर अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था की गई है, ताकि विभागीय कामकाज में किसी तरह की रुकावट न आए। 5 अक्टूबर के बाद DGP विनय कुमार के वापस लौटने पर आगे की व्यवस्था उनके कार्यभार संभालने के अनुसार होगी।
रायपुर के तेलीबांधा मरीन ड्राइव में सड़क किनारे मिट्टी के दीये बेच रही मीरा के लिए मंगलवार का दिन खास बन गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अचानक उसके पसरे पर पहुंचे और ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के लिए वहीं से मिट्टी का दीया खरीदा। मुख्यमंत्री ने मीरा को एक हजार रुपए भी दिए। उसके कामकाज और परिवार का हाल जाना। बिना किसी औपचारिकता के मुख्यमंत्री ने मीरा से बातचीत की। उन्होंने पूछा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उसे मिल रहा है या नहीं। मीरा ने बताया कि उसका प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत बैंक खाता खुला है। उसे महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने 1 हजार रुपए भी मिल रहे हैं। योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी पर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं की सार्थकता तभी है, जब उनका लाभ जरूरतमंद लोगों तक सीधे पहुंचे और उनकी जिंदगी को बेहतर बनाने में मदद करे। मीरा के दीये से जुड़ा ‘आशीर्वाद का दीया’ मुख्यमंत्री ने मीरा से खरीदा मिट्टी का दीया अब ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का हिस्सा बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति में दीया सिर्फ रोशनी का माध्यम नहीं, बल्कि आशा और सकारात्मक संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से सेवा संकल्प अभियान से जुड़ने और अपनी क्षमता के अनुसार जनसेवा का संकल्प लेने का आह्वान किया। स्थानीय कारीगरों और छोटे दुकानदारों को बढ़ावा देने की अपील CM साय ने कहा कि सड़क किनारे सामान बेचने वाले छोटे विक्रेता, कुम्हार, शिल्पकार और स्थानीय उत्पाद बनाने वाली महिलाएं आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की ताकत हैं। स्थानीय लोगों से सामान खरीदना सिर्फ खरीदारी नहीं, बल्कि किसी परिवार के श्रम और आजीविका को सहारा देना भी है। उन्होंने कहा कि सेवा का कोई काम छोटा नहीं होता। जरूरतमंद की मदद, स्वच्छता, पौधरोपण या स्थानीय कारीगर से सामान खरीदना भी जनसेवा का हिस्सा हो सकता है। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और विकास के संकल्प को जनभागीदारी से मजबूत करना है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अभियान में शामिल होकर स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जरूरतमंदों की सहायता जैसे कार्यों में सहभागी बनने की अपील की।
गणेश उत्सव के बीच बैतूल के बस स्टैंड पर डेढ़ दिन वाले गणेश की परंपरा इस साल भी निभाई गई। सोमवार को गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की स्थापना की गई थी। मंगलवार देर रात विधि-विधान से प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इस दौरान ढोल की थाप और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों के बीच श्रद्धालु नाचते-गाते हुए बप्पा को विदाई देने पहुंचे। देखें तस्वीरें… चार साल से निभाई जा रही परंपरा बस स्टैंड के व्यापारी पिछले चार साल से डेढ़ दिन के गणेश की स्थापना कर रहे हैं। इस परंपरा की शुरुआत रेस्टोरेंट संचालक अजाबराव झरबड़े ने की थी। उन्होंने बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान से प्रेरणा लेकर इसकी शुरुआत की थी। झरबड़े होटल के काम में व्यस्त रहते थे। इस वजह से वह लंबे समय तक पूजा-पाठ नहीं कर पाते थे। सलमान खान के डेढ़ दिन के गणेश विसर्जन की खबर से उन्हें प्रेरणा मिली। इसके बाद उन्होंने बैतूल में भी इसी तरह गणेश स्थापना करने का फैसला लिया। हवन-पूजन के बाद भंडारा, फिर विसर्जन इस परंपरा में गणेश चतुर्थी की सुबह प्रतिमा स्थापित कर हवन-पूजन किया जाता है। अगले दिन भंडारे के बाद प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है। व्यापारी विजय आहूजा के अनुसार, मुंबई में डेढ़ दिन से लेकर 11 दिन तक गणेश प्रतिमा स्थापित करने की परंपरा है। वहीं, बैतूल के बाजार में आमतौर पर गणेश प्रतिमाएं 14 दिन तक स्थापित रहती हैं। नेहा झरबड़े ने बताया कि डेढ़ दिन के गणेशोत्सव में भी उन्हें 10 दिन के उत्सव जैसी ही श्रद्धा और भक्ति महसूस होती है। इस दौरान पांच आरतियां भी की जाती हैं। कोरोना के समय यह परंपरा रुक गई थी। इसके बाद से यह लगातार जारी है। भक्ति गीतों पर देर रात तक झूमे भक्त मंगलवार रात विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। भक्ति गीतों और ढोल की धुन पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे। इसी के साथ बस स्टैंड के व्यापारियों के डेढ़ दिन के गणेशोत्सव का आयोजन पूरा हुआ। इस साल डेढ़ दिन वाले गणेश की प्रतिमा का विसर्जन 15 सितंबर 2026 को किया गया।
संतकबीरनगर में निषाद पार्टी के विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी और मेंहदावल थाने के SHO राकेश कुमार सिंह के बीच 40 मिनट तीखी बहस हो गई। मामला मुकदमा दर्ज करने और एक पक्ष के व्यक्ति को थाने में बैठाने को लेकर बढ़ा। विधायक ने SHO पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने एसपी संदीप कुमार मीना को फोन कर अपनी नाराजगी जताई। विधायक ने कहा कि “आपके SHO युद्ध कराना चाह रहे हैं।” पहले ब्राह्मणों और अब गरीब दलितों को परेशान किया जा रहा है। मामला मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे का है। अब जानिए पूरा मामला… विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी अपने गांव बेलौली में हुए विवाद के मामले में एक पक्ष के समर्थन में मेंहदावल थाने पहुंचे थे। विधायक ने इस मामले का 5 मिनट 18 सेकेंड का वीडियो अपने फेसबुक पेज पर भी पोस्ट किया है। वीडियो में विधायक ने इंस्पेक्टर से रामकेवल नाम के व्यक्ति को थाने में बैठाने को लेकर सवाल किया। उन्होंने पूछा कि बिना जांच के किसी व्यक्ति को थाने में कैसे बैठाया गया और उसे जेल भेजने की प्रक्रिया कैसे शुरू की जा रही है। इस पर प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने कहा कि रामकेवल धमकी दे रहा था और हंगामा कर रहा था। विवाद की आशंका को देखते हुए उसे जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। इंस्पेक्टर ने वीडियो में एससी-एसटी मामले का जिक्र करते हुए कहा कि जांच के बाद ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा। विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने कहा कि अगर एक पक्ष की शिकायत पर बिना जांच मुकदमा दर्ज किया गया है, तो दूसरे पक्ष की शिकायत पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई से क्षेत्र में विवाद बढ़ सकता है। एसपी को फोन कर विधायक ने जताई नाराजगी बहस के बाद विधायक ने एसपी संदीप कुमार मीना को फोन किया। विधायक ने प्रभारी निरीक्षक के तबादले का मुद्दा उठाते हुए उन्हें मेंहदावल में तैनात रहने पर सवाल करते सुनाई दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया पहले ब्राह्मणों और अब गरीब दलितों को परेशान किया जा रहा है। बाजरे की फसल काटने को लेकर शुरू हुआ था विवाद दरअसल शनिवार को बेलौली गांव में बाजरे की फसल काटने को लेकर हनुमान चौधरी और रामलौट के बीच विवाद हुआ था। दोनों पक्षों ने पुलिस को तहरीर दी थी। आरोप है कि पुलिस ने हनुमान चौधरी की तहरीर पर रामलौट समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। रामलौट पक्ष का आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने उसके परिवार के साथ मारपीट की। जातिसूचक गालियां दीं। रामलौट पक्ष की ओर से प्रभारी निरीक्षक से फोन पर बात की थी।विधायक के मुताबिक, प्रभारी निरीक्षक ने पीड़ित पक्ष को थाने भेजने की बात कही थी। इसके बाद रामलौट परिवार के साथ थाने पहुंचा तो पुलिस ने उसे बैठा लिया। -------------------- यह खबर भी पढ़ें… यूपी में क्लास-4 के छात्र ने बहन को न्यूड किया:पोर्न देखकर टीचर की डर्टी पिक्चर बनाई; बीटेक छात्र बोला- मुझे लड़की बना दो गोरखपुर में क्लास 4 के छात्र ने 7 साल की बहन को न्यूड कर दिया। उसे पोर्न दिखाकर गंदी हरकतें करने लगा। इसी बीच कमरे में उसकी मां आ गई। वह यह देख हैरान रह गई। छात्र ने एक दिन स्कूल में भी टीचर की डर्टी पिक्चर बना दी। इसके बाद प्रिंसिपल ने उसके घर वालों से शिकायत की। स्कूल से उसका नाम काट दिया। पढ़ें पूरी खबर…

