हरियाणा में पहाड़ों से मैदानों की ओर आ रही उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण रात के तापमान में गिरावट का दौर जारी है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, प्रदेश के औसतन न्यूनतम तापमान में -0.2C की हल्की गिरावट आई है, जो सामान्य के आसपास बनी हुई है। वहीं, औसतन अधिकतम तापमान में 0.5C की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं प्रदेश के मुख्य 9 स्थानों पर न्यूनतम तापमान 16C से नीचे दर्ज किया गया है। इसमें नारनौल 14.0C के साथ प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। वहीं भिवानी में 15.0C, पंचकूला 15.1C, करनाल 15.4C, अंबाला 15.6C, गुरुग्राम 15.6C, करनाल 15.8C, कैथल और यमुनानगर में 15.9C तापमान दर्ज किया गया वहीं फतेहाबाद में पारा ठीक 16.0C दर्ज हुआ है। दिन में हिसार सबसे गर्म, नारनौल में दिन-रात दोनों ठंडे ओवरऑल हरियाणा के तापमान की बात करें तो दिन का सबसे अधिक तापमान हिसार में 32.1C दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा है। सबसे कम अधिकतम तापमान रोहतक में दिन का पारा सबसे कम 26.9C रहा। यहां करीब 4 डिग्री की गिरावट देखने को मिली। बता दें कि दिन में खिली धूप के कारण अधिकतम तापमान में औसतन 0.5C का उछाल देखा गया। एक्सपर्ट बोले-सुबह-शाम ठंड और बढ़ेगी HAU हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, हरियाणा में पिछले दिनों हुई बारिश से नमी बनी हुई है। इससे अल सुबह खुले स्थानों पर हल्की धुंध देखने को मिल सकती है। नमी बढ़ने से सुबह और शाम हल्की ठंड रहेगी, जबकि रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। रबी फसलों की बुवाई शुरू करें किसान मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों को रबी फसलों की बुवाई शुरू करने को कहा है। सरसों के लिए पर्याप्त नमी होने पर RH 30, RH 0749 जैसी किस्मों की बीजाई करें। बीजों का 2 ग्राम कार्बेंडाजिम प्रति किग्रा से उपचार जरूर करें। चने की C 235, HC 5 किस्मों और चारे में जई व बरसीम की बीजाई शुरू करें। धान की कटाई से 2 हफ्ते पहले सिंचाई बंद कर दें। पराली बिल्कुल न जलाएं। ओस सूखने के बाद ही कपास की चुगाई करें।
शहर में मीठे और साफ पानी की सप्लाई बढ़ाने के लिए नोएडा प्राधिकरण दो नए रैनीवेल बनाएगा। ये रैनीवेल सेक्टर-135 और सेक्टर-132 में यमुना नदी के किनारे बनाए जाएंगे। दोनों की क्षमता 17-17 एमएलडी होगी। यानी इनसे रोजाना कुल 34 एमएलडी पानी की सप्लाई हो सकेगी। परियोजना पर करीब 45 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इन रैनीवेल से लोगों को करीब 300 से 400 टीडीएस वाला पानी उपलब्ध कराने की योजना है। प्राधिकरण का कहना है कि गंग नहर की सफाई या किसी तकनीकी खराबी के कारण गंगाजल की सप्लाई बंद होने पर रैनीवेल शहर की पानी की जरूरत पूरी करने में मदद करेंगे। नोएडा में रोजाना पानी की मांग 450 एमएलडी से अधिक है। शहर को करीब 100 क्यूसेक यानी 240 एमएलडी गंगाजल की सप्लाई मिलती है। इसके अलावा करीब 110 एमएलडी पानी नलकूपों और 100 एमएलडी पानी रैनीवेल के जरिए उपलब्ध कराया जा रहा है। नोएडा में गंगाजल की सप्लाई गाजियाबाद के प्रताप विहार और सिद्धार्थ विहार स्थित प्लांटों से होती है। यहां से क्रमश: 80 और 20 क्यूसेक पानी की सप्लाई नोएडा पहुंचती है। अभी 8 रैनीवेल सक्रिय, 3 और जल्द शुरू होंगेजीएम जल आरपी सिंह ने बताया कि नोएडा में अभी 8 रैनीवेल सक्रिय हैं। जिनसे रोजाना करीब 100 एमएलडी पानी की सप्लाई हो रही है। तीन अन्य रैनीवेल जल्द ही शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा सेक्टर-132 और 135 में दो नए रैनीवेल बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन सभी के शुरू होने के बाद रैनीवेल से करीब 160 एमएलडी पानी की सप्लाई की जा सकेगी। इससे गंगाजल की सप्लाई बाधित होने की स्थिति में पानी की कमी से काफी हद तक राहत मिलेगी। गंग नहर की सफाई के दौरान मिलेगा विकल्पअधिकारियों के अनुसार गंग नहर की सफाई या किसी अन्य फॉल्ट के दौरान गंगाजल की सप्लाई प्रभावित हो जाती है। ऐसे में शहर में पानी का दबाव और सप्लाई व्यवस्था प्रभावित होती है। नए रैनीवेल शुरू होने के बाद इस कमी की भरपाई रैनीवेल के पानी से की जा सकेगी। फरीदाबाद मॉडल से मिली प्रेरणाप्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि फरीदाबाद में करीब 32 रैनीवेल काम कर रहे हैं और वहां पानी की सप्लाई में इनका बड़ा योगदान है। इसी मॉडल को नोएडा में भी बढ़ाया जा रहा है। यमुना का बड़ा हिस्सा नोएडा से होकर गुजरता है। इसलिए नदी किनारे रैनीवेल बनाकर भूजल का बेहतर उपयोग किया जा सकता है।
प्रयागराज में रविवार को भजन गायक सुनील लोधी का पहला शो हुआ। उनका भजन 'मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डाल दी' इन दिनों देशभर में खूब सुर्खियां बटोर रहा है। सोशल मीडिया से लेकर देश-विदेश तक उनके इस भजन को लोगों का प्यार मिल रहा है। इसी लोकप्रियता के बीच सुनील लोधी से खास बातचीत हुई। उन्होंने अपने भजन की लोकप्रियता, रातों-रात मिली पहचान, हनुमान जी के प्रति अपनी आस्था और आंखों की रोशनी वापस पाने की उम्मीद पर बात की। सुनील लोधी ने बताया कि नवंबर से उनका आंखों का इलाज शुरू होगा। अगर हनुमान जी की कृपा और लोगों का आशीर्वाद रहा तो वह एक दिन इस दुनिया को अपनी आंखों से देख सकेंगे। सवाल: सुनील जी, सबसे पहले आपका बहुत-बहुत स्वागत है। हमारे दर्शकों के लिए अपने चर्चित भजन की एक लाइन गुनगुना दीजिए। सुनील लोधी: हमारे सभी भाई-बहनों का बहुत-बहुत धन्यवाद, जो मुझे इतना प्यार, खुशी और आशीर्वाद दे रहे हैं। हमारे चाहने वाले और प्रेमी लगातार हमारा उत्साह बढ़ा रहे हैं। हनुमान जी महाराज की कृपा हम सभी पर बनी रहे। हमारे सभी दर्शक खुश और स्वस्थ रहें। (इसके बाद उन्होंने भजन गाया- 'मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डाल दी।') सवाल: आपका यह भजन पूरे देश में सुर्खियां बटोर रहा है। रातों-रात आपको इतनी बड़ी पहचान मिली। जिंदगी में क्या बदलाव महसूस कर रहे हैं? सुनील लोधी: बदलाव तो हमारे हनुमान जी महाराज की कृपा से आया है। बस इतनी कृपा बनाए रखें। मुझे कोई ऐसा बदलाव नहीं चाहिए कि मैं अपने दर्शकों से दूर हो जाऊं। हमारे दर्शकों के दिल में जो प्यार है, मैं जिंदगीभर उसे बरकरार रखना चाहता हूं। जब तक जिंदगी रहे, लोग सुनील लोधी को इसी प्यार से पहचानते रहें। हमारे दर्शकों को कभी यह नहीं सोचना चाहिए कि सुनील लोधी बदल गया है। यह सब हनुमान जी महाराज की कृपा है। सवाल: आप हनुमान जी को किस रूप में महसूस करते हैं? उनके प्रति आपकी आस्था और जुड़ाव कैसा है? सुनील लोधी: हर व्यक्ति के अपने इष्ट देवता होते हैं। कोई रामचंद्र जी को मानता है, कोई शिव जी को और कोई राधा-कृष्ण जी को। उसी तरह हनुमान जी महाराज हमारे इष्ट हैं। शायद उन्होंने हमें ऐसा माध्यम बनाया है, जिसके जरिए हम अपने सभी भक्तों के दिल में भक्ति का भाव जगा सकें। यह सब उनकी ही कृपा है। सवाल: आप आंखों से देख नहीं सकते। क्या आपके मन में कभी इस दुनिया को अपनी आंखों से देखने की इच्छा होती है? सुनील लोधी: हनुमान जी महाराज की कृपा होगी और सभी दर्शकों का प्यार व आशीर्वाद बना रहेगा तो नवंबर से मेरा ट्रीटमेंट शुरू होगा। अगर हनुमान जी महाराज की कृपा और सभी का आशीर्वाद रहा तो मैं भी इस दुनिया को देख सकता हूं। हालांकि, विधाता ने जो लिख दिया है, वह तो होगा ही। यह सब हनुमान जी की कृपा पर निर्भर है। सवाल: पहले और अब लोकप्रियता मिलने के बाद बदलाव आया है? सुनील लोधी: मेरे लिए सबसे जरूरी दर्शकों का प्यार है। हनुमान जी महाराज की कृपा से मुझे जो पहचान मिली है, मैं उसे हमेशा संभालकर रखना चाहता हूं। मैं कभी नहीं चाहता कि मेरे चाहने वालों को लगे कि सुनील लोधी बदल गया है। मुझे बस सभी का प्यार और आशीर्वाद चाहिए।
करनाल शहर की नई अनाज मंडी रोड पर जॉन डियर ट्रैक्टर एजेंसी के पास स्थित अग्रवाल मार्केटिंग दुकान में चोरों ने सेंध लगा दी। चोर दुकान का शटर तोड़कर लैपटॉप, टीवी, चांदी की भगवान की मूर्ति समेत लाखों रुपये का सामान चोरी कर ले गए। दुकानदार के अनुसार चोरी से करीब 10 से 12 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में दो चोर पीछे की तरफ से दुकान में घुसते दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित दुकानदार ने मामले की शिकायत पुलिस को की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रात 8 बजे दुकान बंद कर घर गया था दुकानदारअसंध निवासी आयुष ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि करनाल में नई अनाज मंडी रोड पर जॉन डियर ट्रैक्टर एजेंसी के पास उसकी अग्रवाल मार्केटिंग के नाम से दुकान है। परसो रात करीब 8 बजे वह दुकान बंद करके घर चला गया था। कल सुबह करीब 10 बजे जब वह दुकान पर पहुंचा तो शटर टूटा हुआ मिला। अंदर जाकर देखा तो सामान बिखरा हुआ था और दुकान में चोरी हो चुकी थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार वारदात रात करीब 1:30 बजे हुई। चांदी की मूर्ति समेत कीमती सामान ले गए चोरआयुष के अनुसार चोर दुकान से लैपटॉप, तांबे का तार, भगवान की करीब 2.5 लाख रुपये कीमत की चांदी की मूर्ति, टीवी, डीवीआर, हार्ड डिस्क, लाइटों के बंडल और अन्य सामान चोरी कर ले गए। अभी दुकान में रखे बाकी सामान की जांच की जानी है। इसके बाद चोरी हुए सामान की पूरी जानकारी सामने आएगी। दुकानदार ने पुलिस से चोरों का पता लगाकर नुकसान की भरपाई करवाने की मांग की है। धारा 303 और 331(4) के तहत केस दर्जशिकायतकर्ता आयुष गोयल ने 1 नवंबर को थाना सिटी करनाल में शिकायत दी। बीती रात पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर रदी है। मामले की जांच एसआई विजय कुमार को सौंपी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पिठौरिया में कृष्णा स्वीट्स के सेल्समैन बानेश्वर गोराई उर्फ राहुल की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। होटल मालिक कृष्णा कुमार और सफाईकर्मी अमित कुमार गिरफ्तार हुए हैं। पत्नी पर अभद्र टिप्पणी और आर्थिक विवाद हत्या की वजह बने।
भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत आज झारखंड दौरे पर देवघर में विधिक सेवा शिविर में शामिल होंगे। रांची में 35 करोड़ रुपये के डेटा सेंटर, नई वेबसाइट, मोबाइल एप और एआई आधारित न्यायिक सुविधाओं का उद्घाटन करेंगे।
बहन को छेड़ने से रोका तो युवक पर किया हमला:भिवानी में अधमरा छोड़कर आरोपी युवक फरार, राड से किया हमला
भिवानी में अपनी बहन से छेड़छाड़ करने से रोकने व आरोपी से बातचीत करने गए युवक के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। आरोपी युवकों ने राड से हमला किया और पीड़ित को अधमरा समझकर वहां से धमकी देते हुए फरार हो गए। घायल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। इधर, पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। भिवानी शहर निवासी एक युवक ने जैन चौक पुलिस चौकी में शिकायत दी। जिसमें बताया कि वह रात करीब 8 बजे अपने दोस्त के साथ हनुमान गेट पर एक युवक के साथ बातचीत के लिए गया था। उक्त आरोपी युवक उसकी बहन से आते-जाते समय छेड़छाड़ करता था। इस बात को लेकर आरोपी युवक से बातचीत करने के लिए गए तो वहां पर 6-7 लड़के मौजूद थे। जब आरोपी युवक से बातचीत करने लगे तो आपसी कहासुनी हो गई। उसका रास्ता रोककर पीछे से आरोपी युवक ने व उसके साथियों ने लोहे के राड से हमला कर दिया। सिर पर चोट लगने के कारण उसने बचने के लिए चिल्लाना शुरू कर दिया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने लोहे की राड से इतना मारा कि वह बेसुध हो गया। साथ ही धमकी दी कि आगे से मिले तो जान से मार देंगे। उसे अधमरा छोड़कर भाग गए। जिसके बाद उसको उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इधर मामले की सूचना मिलते के बाद पुलिस टीम भी अस्पताल में पहुंची। जिसने पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी।
सहारनपुर के सौराणा में आकाश आनंद की जनसभा को सिर्फ 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी के तौर पर देखना पर्याप्त नहीं होगा। इसके पीछे सहारनपुर की उस राजनीतिक जमीन को दोबारा हासिल करने की कोशिश भी है, जहां से कभी बसपा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी मजबूत पहचान बनाई थी। यह वही जिला है, जहां की हरौड़ा विधानसभा सीट से बसपा सुप्रीमो मायावती दो बार विधायक चुनी गई थीं। विधायक रहते हुए ही उन्होंने प्रदेश की मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी भी संभाली थी। आकाश आनंद की सभा के लिए सरसावा क्षेत्र के सौराणा का चयन भी राजनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र नकुड़ विधानसभा में आता है। यहां से पूर्व मंत्री धर्म सिंह सैनी बसपा के टिकट पर विधायक चुने गए थे और मायावती सरकार में मंत्री बने थे। बाद में वह भाजपा में गए और 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट पर मैदान में उतरे। फिलहाल नकुड़ से भाजपा के मुकेश चौधरी विधायक हैं। ऐसे में बसपा की इस क्षेत्र में जनसभा को पुराने राजनीतिक प्रभाव और संगठनात्मक मौजूदगी को फिर से मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। इसके साथ ही पार्टी 2027 से पहले प्रत्याशियों के नाम सामने लाकर विधानसभा क्षेत्रों में संगठन को सक्रिय करने की रणनीति पर भी काम कर रही है। हरौड़ा से दो बार विधायक बनीं मायावती सहारनपुर का बसपा की राजनीति में महत्व समझने के लिए हरौड़ा विधानसभा सीट का इतिहास अहम है। मायावती ने 1996 के विधानसभा चुनाव में सहारनपुर जिले की हरौड़ा सुरक्षित सीट से जीत हासिल की थी। इसके बाद 2002 में भी वह इसी सीट से विधायक चुनी गईं। 1996 में विधायक बनने के बाद 21 मार्च 1997 को मायावती दूसरी बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनीं। वहीं, 2002 में हरौड़ा से दोबारा जीतने के बाद 3 मई 2002 को उन्होंने तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस तरह हरौड़ा सीट उनके राजनीतिक सफर और मुख्यमंत्री बनने के इतिहास से सीधे जुड़ी रही है। मायावती का सहारनपुर से रिश्ता केवल विधानसभा चुनाव तक सीमित नहीं रहा। 1989 में वह बिजनौर लोकसभा सीट से सांसद चुनी गई थीं। 1991 में उन्होंने बिजनौर, बुलंदशहर और हरिद्वार से चुनाव लड़ा, लेकिन जीत नहीं मिली। इसके बाद हरौड़ा से मिली दो विधानसभा जीत ने सहारनपुर को बसपा की राजनीति में खास जगह दिलाई। वर्ष 2008 के परिसीमन के बाद हरौड़ा सीट समाप्त हो गई, लेकिन उसका राजनीतिक इतिहास आज भी पश्चिमी यूपी में बसपा की पुरानी पकड़ के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि सहारनपुर में आकाश आनंद की सभा को मायावती की राजनीतिक विरासत से जोड़कर भी देखा जा रहा है। धर्म सिंह सैनी के राजनीतिक सफर से जुड़ा है बसपा का आधार सौराणा की सभा का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू नकुड़ विधानसभा का राजनीतिक इतिहास है। पूर्व मंत्री धर्म सिंह सैनी का राजनीतिक सफर इस सीट पर बसपा की पुरानी मौजूदगी से जुड़ा रहा है। वह बसपा के टिकट पर विधायक चुने गए और मायावती सरकार में मंत्री बने। बाद में भाजपा में शामिल होकर 2017 में नकुड़ से चुनाव जीता। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले धर्म सिंह सैनी भाजपा छोड़कर सपा में चले गए। उन्होंने सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन भाजपा के मुकेश चौधरी से हार गए। अब नकुड़ में बसपा की सक्रियता और नरेश सैनी के संभावित नाम की चर्चा को इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है। जिस क्षेत्र में कभी बसपा के टिकट पर धर्म सिंह सैनी विधायक और मंत्री बने थे, उसी क्षेत्र में अब पार्टी नए प्रत्याशी के जरिए अपनी जमीन तैयार करने की कोशिश में है। यदि नरेश सैनी के नाम की औपचारिक घोषणा होती है तो यह नकुड़ में बसपा की चुनावी तैयारी का संकेत होगा। 2022 के चुनाव में नकुड़ सीट पर मुकाबला करीबी रहा था। भाजपा के मुकेश चौधरी और सपा के धर्म सिंह सैनी के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। बसपा के साहिल खान को भी 55 हजार से अधिक वोट मिले थे। ऐसे में इस सीट पर बसपा के मतों की भूमिका और 2027 के लिए पार्टी की रणनीति महत्वपूर्ण होगी। 2007 के सामाजिक भाईचारे वाले मॉडल को फिर अपनाने की कोशिश बसपा नेताओं की ओर से सौराणा की सभा में सर्वसमाज की बड़ी भागीदारी का दावा किया जा रहा है। पार्टी नेता 2007 के विधानसभा चुनाव में दिखाई दिए सामाजिक भाईचारे की झलक फिर से सामने लाने की बात कह रहे हैं। 2007 में मायावती ने दलित मतदाताओं के परंपरागत समर्थन के साथ ब्राह्मणों और अन्य सामाजिक वर्गों को जोड़कर 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' का राजनीतिक मॉडल सामने रखा था। इस रणनीति के तहत बसपा ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी। मायावती ने पांच साल तक मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल पूरा किया। अब 2027 के चुनाव से पहले बसपा इसी सामाजिक समीकरण को नए सिरे से साधने की कोशिश कर रही है। सहारनपुर में दलित, मुस्लिम, सैनी, गुर्जर, पिछड़े और अन्य वर्गों की राजनीतिक भूमिका महत्वपूर्ण रही है। ऐसे में सभा में सर्वसमाज की भागीदारी का दावा केवल भीड़ जुटाने तक सीमित नहीं है। इसके जरिए पार्टी व्यापक सामाजिक आधार का संदेश देना चाहती है। हालांकि, 2007 के राजनीतिक हालात और 2027 के चुनावी समीकरण एक जैसे नहीं हैं। पिछले डेढ़ दशक में प्रदेश की राजनीति में भाजपा और सपा का प्रभाव बढ़ा है। ऐसे में बसपा के सामने पुराने सामाजिक भाईचारे के मॉडल को मौजूदा परिस्थितियों में प्रभावी बनाने की चुनौती भी रहेगी। मायावती ने आकाश आनंद को फिर सौंपी जिम्मेदारी इस सभा का एक बड़ा पहलू बसपा के भीतर नेतृत्व का भी है। मायावती ने आकाश आनंद को दोबारा पार्टी की जिम्मेदारी देकर संगठन और चुनावी गतिविधियों में सक्रिय किया है। अब उन्हें उत्तर प्रदेश में जनसभाओं के जरिए पार्टी का अभियान आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है। आकाश आनंद की राजनीतिक यात्रा भी उतार-चढ़ाव से गुजरी है। मायावती ने मार्च 2025 में उन्हें पार्टी के पदों से हटा दिया था। बाद में उन्हें फिर जिम्मेदारी दी गई और 2026 में राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया। अब वह मायावती के समर्थन के साथ प्रदेश में जनसभाएं कर रहे हैं। पार्टी के लिए यह आकाश आनंद को संगठनात्मक और चुनावी स्तर पर सक्रिय भूमिका में स्थापित करने का अवसर भी है। सहारनपुर की सभा इसलिए भी अहम है, क्योंकि आकाश आनंद की सियासी लॉन्चिंग में भी इस जिले की भूमिका रही है। वर्ष 2017 में मायावती उन्हें अपने साथ सहारनपुर लेकर पहुंची थीं। अब करीब नौ साल बाद 2027 के चुनाव से पहले वह इसी जिले में स्वतंत्र रूप से बड़ी जनसभा को संबोधित करने जा रहे हैं। ऐसे में यह सभा उनकी राजनीतिक भूमिका और पार्टी के भीतर नेतृत्व की सक्रियता के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। चुनाव से पहले प्रत्याशियों के नाम सामने लाकर संगठन मजबूत करने की रणनीति बसपा सहारनपुर देहात विधानसभा सीट से पहले ही प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। अब नकुड़ सीट पर नरेश सैनी के नाम की चर्चा है। इसके अलावा बेहट और रामपुर मनिहारान सीटों पर भी संभावित दावेदारों के मायावती से आशीर्वाद लेने की चर्चाएं हैं। पार्टी चुनाव से काफी पहले संभावित प्रत्याशियों को सामने लाकर उन्हें क्षेत्र में जनसंपर्क और संगठन मजबूत करने का समय देना चाहती है। इससे कार्यकर्ताओं को भी चुनावी तैयारी को लेकर स्पष्ट संदेश मिलता है। नरेश गौतम, डॉ. मेघराज जरावरे और जिलाध्यक्ष रजनीश बंधु समेत पार्टी के नेता सभा को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंप रहे हैं। पार्टी का दावा है कि सौराणा में सर्वसमाज की बड़ी भागीदारी होगी। भाजपा-सपा के बीच बदले समीकरणों में बसपा की वापसी की कोशिश सहारनपुर की राजनीति में पिछले कुछ चुनावों के दौरान भाजपा और सपा के बीच मुकाबला प्रमुख रूप से सामने आया है। 2022 के विधानसभा चुनाव में जिले की सातों सीटों पर बसपा को जीत नहीं मिली थी। हालांकि, कई सीटों पर पार्टी का वोट चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की स्थिति में रहा। ऐसे में बसपा की सक्रियता को भाजपा और सपा के बीच बनते चुनावी समीकरणों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। नकुड़ में धर्म सिंह सैनी का बसपा से भाजपा और फिर सपा तक का राजनीतिक सफर इस सीट के बदलते समीकरणों का उदाहरण है। अब बसपा नरेश सैनी के संभावित नाम के साथ अपनी अलग राजनीतिक जमीन तैयार करने की कोशिश में है।
आजमगढ़ जिले के देवगांव कोतवाली क्षेत्र के मोहनपुर पटवास गांव में टेंपो चालक और उसकी 12 वर्षीय बेटी के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित ने गांव के ही एक व्यक्ति पर शराब के नशे में रास्ते में रोककर मारपीट करने, गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पिता को बचाने पहुंची नाबालिग बेटी के साथ भी मारपीट और अभद्रता किए जाने का आरोप है। इस मामले में पीड़ित ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। मोहनपुर पटवास निवासी अरविंद तिवारी पुत्र स्वर्गीय नंदलाल तिवारी के अनुसार, एक नवंबर की शाम करीब पांच बजे वह अपनी बेटी रक्षा तिवारी को टेंपो में बैठाकर घर जा रहे थे। इसी दौरान गांव के रास्ते में उन्हें रोक लिया गया। आरोप है कि लालगंज के सपा सांसद दरोगा प्रसाद के पुत्र मनोज सरोज ने शराब के नशे में उनके साथ मारपीट शुरू कर दी और गाली-गलौज करने लगा। बीच बचाव करने पहुंची थी बेटीपिता को पिटता देख उनकी 12 वर्षीय बेटी रक्षा बीच-बचाव करने पहुंची तो आरोप है कि उसके साथ भी मारपीट की गई और उसके कपड़े खींचे गए। इस दौरान उसे चोटें भी आईं। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी ने पिता-पुत्री दोनों को जान से मारने की धमकी भी दी। घटना से आहत अरविंद तिवारी ने देवगांव कोतवाली पहुंचकर पुलिस को शिकायती पत्र सौंपा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस पूरे मामले में देवगांव की पुलिस किस तरह की कार्रवाई करती है।
इंदौर के अलग-अलग वार्डों में सामने आ रही जनसमस्याओं के समाधान में दैनिक भास्कर एप का ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट मददगार साबित हो रहा है। इसके जरिए नागरिक अपनी समस्याएं सीधे संबंधित विभागों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा रहे हैं। शिकायत सामने आने के बाद जिम्मेदार उस पर कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे लोगों को राहत मिल रही है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्याएं और शहर की जमीनी हकीकत पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें...) पार्षद महेश चौधरी बने आज के ‘पब्लिक स्टार’ वार्ड 1 के चंदन नगर स्थित गुजराती कॉलोनी की गली नंबर 8 में गीता पैलेस खेत के पास रहने वाले शोएब खान ने ‘भास्कर समाधान’ पर शिकायत दर्ज कराई थी कि पिछले 8 दिनों से नर्मदा के नल नहीं चल रहे हैं। इससे रहवासियों को पानी के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शिकायत सामने आने के बाद वार्ड 1 के पार्षद महेश चौधरी ने मामले पर संज्ञान लिया और समस्या का समाधान कराया। एप पर शिकायत के बाद द्वारकापुरी में चालू हुई बंद स्ट्रीट लाइट परिवहन नगर में विदुर नगर रोड पर जैन मंदिर के सामने रहने वाले शालीन तिवारी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि क्षेत्र की स्ट्रीट लाइट बंद है। इससे रात में सड़क पर अंधेरा रहता था और रहवासियों को परेशानी होती थी। शिकायत सामने आने के बाद वार्ड 82 के पार्षद नितिन कुमार शर्मा (शानू) ने मामले को संज्ञान में लेते हुए बंद लाइट चालू करवाई। पानी, कचरे, उखड़ी सड़क और बैक लाइन की गंदगी से परेशान इंदौरवासी नवलखा: सफाई के बाद भी नहीं उठाया जा रहा कचरा इंदिरा गांधी स्क्वायर पर नवलखा बाजार हाट मैदान के सामने रहने वाले सोमेश ने शिकायत दर्ज कराई है कि सफाईकर्मी झाड़ू लगाने के बाद कचरे का ढेर लगा देते हैं, लेकिन उसे उठाकर नहीं ले जाते। शिकायतकर्ता के अनुसार, सूखे पत्ते और कचरा पेड़ के नीचे जमा रहते हैं। उन्होंने कचरा उठवाने की मांग की है। पलदा: खराब स्ट्रीट लाइट बदलवाने की शिकायत पर नहीं हुई सुनवाई पलदा में तेजाजी चौक के पास अगरबत्ती फैक्ट्री वाली गली में गर्ल बाबा मंदिर के पीछे रहने वाले रवि बघेल ने शिकायत दर्ज कराई है कि अगरबत्ती फैक्ट्री के पास वाले पोल और उससे लगे दो अन्य पोल की स्ट्रीट लाइट खराब हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, लाइट बदलवाने के लिए शिकायत करने के बाद भी अब तक सुनवाई नहीं हुई और न ही लाइट बदली गई। उन्होंने खराब स्ट्रीट लाइट बदलवाने की मांग की है। सुदामा नगर: 5 साल से उखड़ी सड़क, बारिश में भरता है पानी वार्ड 71 के विश्वकर्मा नगर में गणेश मार्ग पर चितोड़ा धर्मशाला के पास रहने वाले रामेश्वर भावसर ने शिकायत दर्ज कराई है कि गली की सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे घरों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। उनका कहना है कि सड़क पिछले 4-5 साल से खराब है। उन्होंने सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। सुदामा नगर: बैक लाइन के चेंबर का ढक्कन गायब, पूरी लाइन में गंदगी 60 फीट रोड स्थित भगवती, सुदामा नगर में 378 ए के पास रहने वाले संजय चौधरी ने शिकायत दर्ज कराई है कि बैक लाइन के चेंबर पर ढक्कन नहीं है और पूरी लाइन में गंदगी जमा है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इससे आसपास के रहवासियों को परेशानी हो रही है। उन्होंने चेंबर पर ढक्कन लगवाने और बैक लाइन की सफाई कराने की मांग की है। पब्लिक को आवाज देने का डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर एप का 'भास्कर समाधान' ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी अपने क्षेत्र की सिविक समस्याएं सीधे पोस्ट कर सकते हैं। शिकायत संबंधित विभाग और जिम्मेदारों तक पहुंचती है। समस्या का समाधान होने पर यूजर्स इसकी जानकारी एप पर अपडेट भी कर सकते हैं। अधिकारी भी बता सकेंगे, क्या कार्रवाई की इस प्लेटफॉर्म पर संबंधित अधिकारी अपनी कार्रवाई की जानकारी भी साझा कर सकते हैं। अधिकारी मैप पर शिकायत की लोकेशन देखकर मौके पर कार्रवाई कर सकते हैं और समाधान होने पर एप के जरिए शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी दे सकते हैं। 'भास्कर समाधान' बदलाव की पहल 'भास्कर समाधान' का उद्देश्य शहर की जनसमस्याओं को सीधे जिम्मेदारों तक पहुंचाना है, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद हो और समस्याओं के समाधान में तेजी आए।
वोटर लिस्ट गड़बड़ी में दोनों एसडीएम निलंबित, अब सीधे चुनाव आयोग ने कसा शिकंजा, केस में नई धारा
यूपी के पीलीभीत में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी करने वाले दोनों एसडीएम के खिलाफ अब सीधे चुनाव आयोग ऐक्शन में आ गया है। दोनों को निलंबित कर दिया है। केस में धारा बढ़ाने के साथ आरोप पत्र भी तलब किया है। बिना आयोग की अनुमति के बहाली भी नहीं होगी।
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे पंजाब के किसानों के लिए अपनी ही जमीन पर खेती करना बड़ी चुनौती बन गया है।
बिहार: पटना में विवादित जमीन पर निर्माण रोकने गए दारोगा को कुत्ते से कटवाया, केस दर्ज
पटना में एक दारोगा को अपने पालतू डॉगी से कटवाने का मामला उजागर हुआ है। कुत्ते के काटने से दारोगा जख्मी हो गए हैं। दरअसल दारोगा एक विवादित जमीन पर चल रहे निर्माण कार्य को रुकवाने के लिए गए थे। जिसके बाद यह घटना हुई है।
पंजाब में आम आदमी पार्टी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पार्टी के दो मौजूदा विधायकों हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दोनों नेताओं ने चंडीगढ़ प्रेस क्लब में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार और पार्टी नेतृत्व पर गंभीर […] The post पंजाब में AAP को अपनों ने घेरा, दो विधायकों ने खोली भगवंत मान सरकार की पोल, नशे से भ्रष्टाचार तक उठाए सवाल appeared first on https://rajsattaexpress.com .
गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) में 21 और 22 नवंबर को एलुमनी मीट-2026 आयोजित होगा। इसमें देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों और कंपनियों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत विश्वविद्यालय के पुरातन छात्र शामिल होंगे। सम्मेलन के मुख्य अतिथि 1983 बैच के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के छात्र और रिलायंस जियो के अध्यक्ष उदय कुमार श्रीवास्तव होंगे। वहीं, 1990 बैच के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के पुरातन छात्र एवं AECOM के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. संजय गंभीर और NGSL के डायरेक्टर मोहम्मद अशफाक विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। सम्मेलन की तैयारियों को लेकर शनिवार को अधिष्ठाता (पुरातन छात्र संबंध) प्रो. बीके पांडेय की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। इसमें विभिन्न समितियों के संयोजकों और सदस्यों ने अब तक की तैयारियों की जानकारी दी। साथ ही आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को समय से पूरा करने के निर्देश दिए गए। विश्वविद्यालय प्रशासन परिसर की साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण और अन्य बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने में जुटा है। 70 से अधिक पुरातन छात्रों ने कराया पंजीकरण विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, सम्मेलन में शामिल होने के लिए अब तक 70 से अधिक पुरातन छात्र पंजीकरण करा चुके हैं। आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। सम्मेलन में पुराने छात्र अपने सहपाठियों और शिक्षकों से मिलकर पुरानी यादें साझा करेंगे। इसके साथ ही विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और शोध गतिविधियों में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। वर्तमान छात्रों को मिलेगा मार्गदर्शन सम्मेलन का उद्देश्य केवल पुरातन छात्रों का पुनर्मिलन नहीं, बल्कि उन्हें अपने संस्थान से जोड़कर रखना भी है। विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे पूर्व छात्र अपने अनुभव साझा करेंगे। इससे वर्तमान विद्यार्थियों को करियर, रोजगार और उद्योगों की जरूरतों को समझने में मदद मिलेगी। वहीं, विश्वविद्यालय को शोध, नवाचार और उद्योगों के साथ साझेदारी के नए अवसर मिल सकेंगे। बैठक में प्रो. एसपी सिंह, प्रो. दयाशंकर सिंह, प्रो. प्रभाकर तिवारी, प्रो. संजय मिश्रा, प्रो. राजन मिश्रा, प्रो. पल्लव गुप्ता, डॉ. हरिश्चंद्र, डॉ. ज्योति, डॉ. सुनील कुमार यादव, डॉ. विपुल नारायण और मालवीय एलुमनी संगठन के पूर्व अध्यक्ष इंजीनियर जेवी राय समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।
जालंधर के सुरजीत हॉकी स्टेडियम में आज तीन मैच:भारत-दक्षिण कोरिया की भिड़ंत समेत तीन रोमांचक मुकाबले
जालंधर में हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी आज का दिन बेहद रोमांचक होने वाला है। जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में इस दिन कुल तीन मुकाबले खेले जाएंगे। दिन का मुख्य आकर्षण शाम को मेजबान भारत और दक्षिण कोरिया के बीच होने वाली भिड़ंत होगी। इसके अलावा चीन बनाम बांग्लादेश और जापान बनाम मलेशिया के मुकाबले भी दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करेंगे। खेल प्रेमी अपना फ्री एंट्री पास प्राप्त कर स्टेडियम में इस मुकाबले का आनंद ले सकते हैं। जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में 2 नवंबर को हॉकी प्रशंसकों को एक से बढ़कर एक कड़े मुकाबले देखने को मिलेंगे।चीन और बांग्लादेश की टीमें आमने-सामने होंगी 2 नवंबर को दिन का पहला मुकाबला दोपहर 2:30 बजे शुरू होगा, जिसमें चीन और बांग्लादेश की टीमें आमने-सामने होंगी। दोनों ही टीमें इस मैच को जीतकर अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने के इरादे से मैदान में उतरेंगी।जापान और मलेशिया की टीमें आपस में भिड़ेंगी इसके बाद, दिन का दूसरा मुकाबला दोपहर 4:45 बजे खेला जाएगा, जहां जापान और मलेशिया की टीमें आपस में भिड़ेंगी। दोनों टीमों के बीच हमेशा से कड़ा मुकाबला देखने को मिलता है, इसलिए यह मैच भी काफी दिलचस्प होने की उम्मीद है।भारतीय हॉकी टीम का सामना दक्षिण कोरिया से होगा दिन का सबसे बड़ा और बहुप्रतीक्षित मुकाबला शाम 7:00 बजे आयोजित होगा। इस महामुकाबले में मेजबान भारतीय हॉकी टीम का सामना दक्षिण कोरिया की मजबूत टीम से होगा। घरेलू दर्शकों के सामने भारतीय टीम अपने बेहतरीन प्रदर्शन को जारी रखते हुए जीत दर्ज करने के इरादे से उतरेगी।
दीपावली और छठ महापर्व को देखते हुए पटना नगर निगम ने शहर में रोशनी की व्यवस्था मजबूत करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत शहर की सड़कों, गलियों, मोहल्लों और सार्वजनिक स्थलों के साथ गंगा घाटों पर भी अतिरिक्त लाइटें लगाई जाएंगी। घाटों और वहां तक पहुंचने वाले रास्तों पर करीब 47 हजार अस्थायी लाइटें लगाने की तैयारी है। वहीं, शहर के सभी वार्डों में अतिरिक्त स्ट्रीट लाइट लगाने का काम भी शुरू हो गया है। इस अभियान के तहत सभी वार्डों के लिए पहली खेप में कुल 1800 अतिरिक्त स्ट्रीट लाइटें उपलब्ध कराई गईं। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने विद्युत प्रमंडल और सभी अंचलों को निर्देश दिया है कि लाइट लगाने का काम तय समय-सीमा में प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने काम की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने पर भी जोर दिया है। घाटों और रास्तों पर लगेंगी 47 हजार लाइटें छठ के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए गंगा घाटों और वहां तक पहुंचने वाले रास्तों पर विशेष प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। फिलहाल नगर निगम क्षेत्र के गंगा घाटों और पहुंच पथों पर 50 हाईमास्ट लाइटें और करीब 2200 स्ट्रीट लाइटें लगी हैं। इनके अतिरिक्त महापर्व के लिए लगभग 47 हजार अस्थायी लाइटें लगाई जाएंगी। इनमें करीब 30 हजार फ्लड लाइट और मेटल लाइट तथा 17 हजार ट्यूबलाइट शामिल हैं। इससे घाटों और आसपास के इलाकों में पर्याप्त रोशनी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही, श्रद्धालुओं को अंधेरे वाले रास्तों से गुजरने में होने वाली परेशानी कम करने का प्रयास किया जाएगा। तालाबों और पार्कों में भी होगी रोशनी नगर निगम गंगा घाटों के अलावा शहर के विभिन्न तालाबों और पार्कों में भी विशेष लाइटिंग की व्यवस्था कर रहा है। दीपावली और छठ के दौरान प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर पर्याप्त रोशनी उपलब्ध कराने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। वहीं, खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत का काम भी अंतिम चरण में है। निगम का लक्ष्य है कि त्योहारों के दौरान शहर के प्रमुख मार्गों और पूजा स्थलों पर रोशनी की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
बांका के अमरपुर थाना क्षेत्र के तेतरिया मोड़ पर रविवार की देर शाम अज्ञात अपराधियों ने घर में घुसकर डिजिटल स्टूडियो संचालक को गोली मारकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। गोली लगने से तेतरिया गांव निवासी करीब 60 वर्षीय अशोक कुमार सिंह घायल हो गए। गोली उनकी जांघ में लगी है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल कायम हो गया। गोलीबारी के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं परिजनों और ग्रामीणों की मदद से उन्हें तत्काल अमरपुर रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना के पीछे पुरानी रंजिश की आशंका जताई जा रही है, हालांकि गोलीबारी के वास्तविक कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो पाया है। जानकारी के अनुसार, अशोक कुमार सिंह तेतरिया गांव के मोड़ पर मुख्य सड़क किनारे डिजिटल स्टूडियो का संचालन करते हैं। गोली मारने के बाद मौके से भागा हमलावर रविवार की देर शाम दुकान बंद करने के बाद वह अपने घर के आगे वाले कमरे में खाट पर आराम कर रहे थे। इसी दौरान एक अज्ञात युवक पैदल उनके घर पहुंचा और बिना किसी रोक-टोक के कमरे में प्रवेश कर गया। इसके बाद अचानक अशोक कुमार सिंह को निशाना बनाते हुए गोली चला दी। मौके पर पहुंचे ग्रामीण गोली उनकी जांघ में जा लगी। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गया। गोली चलने की आवाज सुनकर घर के पीछे बैठी महिलाएं और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। घर में अचानक हुई गोलीबारी से अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने घायल को अस्पताल पहुंचाया। इधर, घटना की सूचना मिलते ही अमरपुर और सजौर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। घटनास्थल बांका जिले की थी। पुलिस घटनास्थल का जायजा लेने के साथ आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। हमलावर की पहचान और घटना के कारणों का पता लगाने के लिए छानबीन की जा रही है। बताया जाता है कि करीब 6 महीने पहले भी अज्ञात अपराधियों ने अशोक कुमार सिंह के पुत्र उत्तम सिंह पर गोली चलाई थी।इस घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे, लेकिन इलाज के बाद उनकी जान बच गई थी।
नमस्कार, वाराणसी की कल (रविवार) की बड़ी खबरें…लंका थाना क्षेत्र में सिपाही को गोली मारकर फरार हुए तीन असलहा तस्करों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मुठभेड़ में घायल हुए दो आरोपियों को पुलिस व्हीलचेयर पर लेकर पहुंची थी। वहीं, रोहनिया विधानसभा क्षेत्र के रामलीला मैदान में आयोजित जेडीयू के कार्यकर्ता सम्मेलन में पार्टी विधायक अमरेंद्र पांडेय ने मंच से 500-500 रुपए के नोट उड़ाए। इधर, कैंटोनमेंट इलाके में पिछले 10 दिनों से तेंदुए जैसे दिखने वाले संदिग्ध जानवर की मौजूदगी से दहशत है। इससे पास के सेंट मैरिज कॉन्वेंट स्कूल को बंद कर दिया गया है। अब सिलसिलेवार पढ़िए 10 खबरें… 1. रोहनिया में JDU विधायक ने उड़ाए 500-500 के नोट: कार्यकर्ता सम्मेलन में जादूगर पर बरसाए, बिहार के स्वास्थ्य मंत्री भी रहे मौजूद रोहनिया में आयोजित JDU के कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान एक अजीब नजारा देखने को मिला। मंच से अचानक JDU विधायक अमरेंद्र पांडेय ने 500-500 रुपए के नोट जादूगर पर उड़ाने शुरू कर दिए। इस दौरान बिहार के स्वास्थ्य मंत्री भी मंच पर मौजूद थे। पढ़िए पूरी खबर… 2. लंका में घर में चल रही थी अवैध असलहा फैक्ट्री: 3 पिस्टल और 143 कारतूस बरामद, 2 आरोपी गिरफ्तार लंका थाना क्षेत्र के शिवाजी नगर कॉलोनी में एक किराए के मकान की दूसरी मंजिल पर अवैध असलहा फैक्ट्री चल रही थी। पुलिस ने छापेमारी कर 3 देसी पिस्टल, 143 जिंदा कारतूस समेत बड़ी मात्रा में हथियार बनाने का सामान बरामद किया है। मौके से 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पढ़िए पूरी खबर… 3. काशी स्टेशन पर बन रहा फुटबॉल ग्राउंड जितना कॉनकोर्स: एक साथ 50 हजार यात्री कर सकेंगे इंतजार काशी स्टेशन पर फुटबॉल ग्राउंड के बराबर बड़ा कॉनकोर्स बनाया जा रहा है, जहां एक साथ 50 हजार यात्री ट्रेनों का इंतजार कर सकेंगे। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने गंगा पर बनने वाले सिग्नेचर ब्रिज का नाम ‘नमो ब्रिज’ रखने की घोषणा भी की। पढ़िए पूरी खबर… 4. जम्मू का सरोवर होटल संभाल रहा वंदे भारत का खानपान: 35 लोगों का स्टॉफ, होटल की ड्रेस में लग्जरी फील करा रहे वाराणसी से शुरू हुई देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों को खानपान के साथ लग्जरी होटल जैसा अनुभव देने की तैयारी है। इसकी जिम्मेदारी जम्मू के होटल सरोवर को सौंपी गई है। ट्रेन में 35 कर्मचारियों की टीम होटल की यूनिफॉर्म में यात्रियों को खाना परोस रही है। पहले दिन यात्रियों ने खाने और स्नैक्स की तारीफ की। पढ़िए पूरी खबर… 5. वाराणसी में सिपाही को गोली मारने वाले 3 असलहा तस्कर जेल भेजे गए, सरगना भी गिरफ्तार, 2 आरोपी व्हीलचेयर से कोर्ट पहुंचे वाराणसी में सिपाही को गोली मारकर फरार हुए तीन असलहा तस्करों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मुठभेड़ के दौरान घायल हुए दो आरोपियों को पुलिस व्हीलचेयर पर लेकर पहुंची। बिहार निवासी राजू तिवारी को गिरोह का सरगना बताया गया है। आरोपियों के पास से .32 बोर की देशी पिस्टल और रिवॉल्वर बरामद हुई हैं। पढ़िए पूरी खबर… 6. काशी में 15 नवंबर से हॉट एयर बैलून सेवा शुरू: 10 पयर्टक बैठ सकेंगे, आसमान से 45 मिनट तक 84 घाटों का नजारा देखेंगे काशी के गंगा घाटों का दीदार अब सिर्फ जमीन से नहीं, आसमान से भी होगा। 15 नवंबर से नमो घाट पर हॉट एयर बैलून संचालन शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए स्मार्ट सिटी ने हैदराबाद की कंपनी स्काई वोल्ट के साथ एमओयू किया है। पढ़िए पूरी खबर…. 7. संस्कृत विश्वविद्यालय में दिखी छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति: लोकगीतों, जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिखाई राज्य की पहचान सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों ने लोकगीतों, भाषणों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और जनजातीय परंपराओं को दर्शाया। कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि देश की सांस्कृतिक विविधता ही राष्ट्रीय एकता की सबसे बड़ी ताकत है। पढ़िए पूरी खबर… 8. हिमाचल की हरजस ने IIT-BHU में बढ़ाया मान: 15 मेडल जीतकर बनीं संस्थान की बेस्ट स्टूडेंट; प्रतीक और मेहुल को भी गोल्ड हिमाचल प्रदेश की हरजस कौर ने आईआईटी बीएचयू के 15वें दीक्षांत समारोह में अपनी कामयाबी से संस्थान का मान बढ़ाया। इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की छात्रा हरजस को प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल समेत कुल 15 मेडल और पुरस्कार मिले। वह बीटेक की सभी शाखाओं में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली छात्रा बनीं। प्रतीक और मेहुल ने भी गोल्ड मेडल हासिल किया। पढ़िए पूरी खबर… 9. CM योगी बोले- चाय से कम खर्च में ट्रेन का सफर: वाराणसी से प्रयागराज महीने भर 220 रुपए में, राजातालाब तक 95 रुपए में यात्रा वाराणसी से प्रयागराज तक महीनेभर ट्रेन से सफर करने के लिए यात्रियों को सिर्फ 220 रुपए खर्च करने होंगे। वहीं, वाराणसी से राजातालाब तक का मासिक पास 95 रुपए में बनेगा। वंदे भारत स्लीपर के साथ शुरू हुईं दो नई मेमू ट्रेनों के किराए की घोषणा रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने की। CM योगी ने कहा- चाय से कम खर्च में ट्रेन का सफर होगा। पढ़िए पूरी खबर… 10. कैंटोनमेंट में 10 दिन से तेंदुए की दहशत: स्कूल बंद, 2 जगह पिंजरे में बकरी बांधकर निगरानी कर रहा वन विभाग कैंटोनमेंट इलाके में पिछले 10 दिनों से तेंदुए जैसे दिखने वाले संदिग्ध जानवर की मौजूदगी से दहशत है। सेंट मैरिज कॉन्वेंट स्कूल के मैदान और पेयजल टंकी के पास CCTV में इसकी तस्वीर दिखने के बाद स्कूल बंद कर दिया गया है। बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है। वन विभाग ने दो जगह पिंजरों में बकरियां बांधकर निगरानी शुरू की है। पढ़िए पूरी खबर…
नीला ड्रम हत्याकांड के बाद चर्चा में आए किराए के मकान में रविवार को अहोई अष्टमी के दिन शुद्धिकरण कराया गया। अखिल भारत हिंदू महासभा की आगरा जिलाध्यक्ष मीरा राठौर समर्थकों के साथ मकान पर पहुंचीं। यहां मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने संगम के जल से मकान के गेट को धोया। इसके बाद नारियल फोड़ा और धूप-बत्ती जलाकर शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी की। मीरा राठौर ने कहा कि वह पिछले 18 महीने से इस मकान का शुद्धिकरण कराने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन पुलिस-प्रशासन ने उन्हें कई बार रोका। रविवार को प्रशासन की अनुमति मिलने के बाद वह यहां पहुंचीं। मीरा राठौर ने कहा कि मेरठ में मुस्कान ने जिस तरह अपने पति सौरभ की हत्या कर शव के 15 टुकड़े किए और ड्रम में भरकर रखा, ऐसी घटना उन्होंने पहले कभी नहीं देखी। इस घटना ने लोगों को झकझोर दिया है। उन्होंने कहा कि सात फेरों और सात वचनों के बाद भी इस तरह की घटना होना चिंता का विषय है। उनके मुताबिक, ऐसी घटनाओं में शामिल आरोपियों को लंबे समय तक जेल में नहीं रखा जाना चाहिए। बोलीं- मुस्कान को जल्द फांसी दी जाए, खुद फंदा लगाने को तैयार मीरा राठौर ने कहा कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग करती हैं कि मुस्कान को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि जब तक उसे सजा नहीं मिलेगी, तब तक सौरभ की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें अनुमति दी जाए तो वह खुद मुस्कान को फांसी का फंदा लगाने के लिए तैयार हैं। उनके अनुसार, मुस्कान की दो बेटियां होने के आधार पर उसे माफी नहीं मिलनी चाहिए। जब उसने किसी दूसरे परिवार के बेटे की जिंदगी के बारे में नहीं सोचा तो अपनी बेटियों का हवाला देकर सजा से राहत मांगना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों के माता-पिता नहीं होते, उनका भी पालन-पोषण और भविष्य बनता है। उन्होंने मुस्कान के परिवार से मिलने की बात पर कहा कि उन्हें उसके परिवार से कुछ लेना-देना नहीं है। उनका आरोप है कि यदि माता-पिता बच्चों को अच्छे संस्कार और सही परवरिश दें तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि सौरभ की बेटी को उसके दादा-दादी के पास रखा जाना चाहिए। सौरभ के भाई से मारपीट के मामले में मुकदमा दर्ज कराने की मांग मीरा राठौर ने बताया कि वह अहोई अष्टमी के दिन सौरभ के परिवार से मिलने भी आई हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह एक मां अपनी संतान की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए अहोई अष्टमी का व्रत रखती है, उसी भावना के साथ वह सौरभ के परिवार के बीच पहुंची हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सौरभ के भाई के साथ मारपीट की घटना हुई है और इस संबंध में अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। वह पीड़ित परिवार से मिलकर मामले में मुकदमा दर्ज कराने की मांग करेंगी। उन्होंने कहा कि पुलिस को मामले की जांच करनी चाहिए, लेकिन जांच के नाम पर शिकायत दर्ज करने में देरी नहीं होनी चाहिए। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसी घटनाएं आगे भी बढ़ सकती हैं। प्रेमी साहिल और उसके परिवार पर भी उठाए सवाल मीरा राठौर ने हत्याकांड में आरोपी साहिल को लेकर कहा कि यदि साहिल इस मामले में शामिल नहीं होता तो शायद सौरभ की जान नहीं जाती। उन्होंने साहिल के परिवार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब किसी का बेटा गलत करता है तो उसके परिवार को भी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि मुस्कान और साहिल को अलग-अलग जेलों में रखा जाए, ताकि दोनों का एक-दूसरे से मिल न सके। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में लंबी कानूनी प्रक्रिया के कारण न्याय मिलने में देरी होती है। उनके मुताबिक, यदि ऐसे मामलों में जल्द फैसला और सजा होती तो दूसरी घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती थी। उन्होंने हाल में सामने आए बक्से और अन्य तरीकों से शव छिपाने के मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। बोलीं- पुरुष आयोग का गठन होना चाहिए लगातार सामने आ रहे पतियों की हत्या के मामलों पर मीरा राठौर ने पुरुष आयोग के गठन की मांग का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पुरुषों के साथ होने वाली घटनाओं और उनकी शिकायतों को भी गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उनके अनुसार, कई मामलों में पुरुषों को लगता है कि उनकी बात नहीं सुनी जाती और महिलाओं की शिकायतों को ही प्राथमिकता मिलती है। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में महिला या पुरुष होने के आधार पर फैसला नहीं होना चाहिए, बल्कि दोनों पक्षों को सुनकर सच्चाई सामने लानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नीला ड्रम हत्याकांड के बाद पुरुषों में शादी को लेकर डर का माहौल बना है। कुछ लोग इस तरह की घटनाओं को देखकर शादी करने से भी घबराने लगे हैं। वहीं, दूसरी ओर ऐसी घटनाओं के कारण महिलाओं को भी एक ही नजर से देखा जाने लगा है। उन्होंने कहा कि किसी एक महिला के अपराध के लिए पूरी नारी जाति को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। हर मामले में व्यक्ति के कृत्य के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए। माता-पिता की परवरिश को बताया ऐसी घटनाओं की वजह मीरा राठौर ने कहा कि आजकल सामने आ रहे ऐसे मामलों के पीछे माता-पिता की परवरिश और बच्चों पर निगरानी की कमी भी एक कारण हो सकती है। उन्होंने कहा कि माता-पिता को यह जानना चाहिए कि उनके बच्चे कहां जा रहे हैं और किसके साथ समय बिता रहे हैं। केवल कॉलेज जाने की बात कह देने से जिम्मेदारी पूरी नहीं हो जाती। बच्चों को अच्छे संस्कार देना और उनकी गतिविधियों पर ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि परिवार बच्चों को सही मार्गदर्शन दे तो ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है। तीन-चार बार प्रयास किया, प्रशासन ने रोका मीरा राठौर ने बताया कि वह मकान के शुद्धिकरण के लिए तीन-चार बार प्रयास कर चुकी थीं, लेकिन पुलिस-प्रशासन ने उन्हें रोक दिया। उन्होंने कहा कि नीला ड्रम हत्याकांड सामने आने के बाद ही वह यहां आना चाहती थीं, लेकिन उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। एक बार दिल्ली से भी उन्हें वापस ले जाने का आरोप लगाया। प्रशासन का कहना था कि उनके पहुंचने से वहां का माहौल खराब हो सकता है। मीरा राठौर ने कहा कि उनका उद्देश्य माहौल खराब करना नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार से मिलना और मकान का शुद्धिकरण करना था। रविवार को अहोई अष्टमी के दिन वह यहां पहुंचीं और विधि-विधान से शुद्धिकरण कराया। उन्होंने कहा कि ताजमहल को लेकर भी उनका आंदोलन जारी रहेगा। उनके अनुसार, वह ताजमहल को शिव मंदिर मानती हैं और वहां पूजा-अर्चना की मांग करती रहेंगी। उन्होंने कहा कि जिस चीज को वह अपना मंदिर मानती हैं, उसके लिए संघर्ष जारी रखेंगी।
वकालत (LLM) की पढ़ाई करते हुए गोल्ड मेडलिस्ट रहीं। लंदन में कोर्स किया। सिविल जज के लिए चयनित हो गईं, जॉइन नहीं किया। अब साध्वी बनने जा रही हैं। ये कहानी बैतूल की प्रखरश्री जैन (26) की है। अब वह ब्रह्मचारिणी बनने जा रही हैं। जैनेश्वरी दीक्षा का संकल्प लेकर उन्होंने मोक्ष का मार्ग चुना है। पिता एलआईसी से रिटायर्ड अफसर हैं। उनके साथ चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) समेत चार अन्य दीक्षार्थी बहनों ने भी सांसारिक मोह छोड़कर भक्ति मार्ग अपनाया है। रविवार को बैतूल में पांचों बहनों की बिनौली यात्रा निकाली गई। ढोल की थाप पर नाचते गाते हुए परिजन, रिश्तेदार यात्रा में शामिल हुए। दैनिक भास्कर ने प्रखरश्री जैन, उनके पिता जेके जैन और मां ज्योति जैन से बात कर पूरी यात्रा के बारे में जाना। पढ़िए रिपोर्ट… तीन तस्वीरें देखिए… भोपाल से लंदन तक पढ़ाई, गोल्ड मेडलिस्ट रहीं प्रखरश्री दीदी ने प्राइमरी बैतूल से ही किया। इसके बाद मिडिल और हायर सेकंडरी भोपाल के संस्कार वैली स्कूल में हुई। स्कूल में शुरुआत से ही मेधावी रहीं। 12वीं के बाद प्रखरश्री ने कानून के क्षेत्र में करियर बनाने का फैसला किया। कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) क्वालिफाई कर अहमदाबाद से एलएलबी किया। एलएलएम में गोल्ड मेडल हासिल किया। उच्च शिक्षा के लिए लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से भी कोर्स किया। साल 2023 में सिविल जज की परीक्षा में भी चयन हो गया। यह उपलब्धि परिवार के लिए बड़ी थी, लेकिन प्रखरश्री के मन में कुछ और ही लक्ष्य आकार ले रहा था। प्रखरश्री बोलीं- बचपन से मन में था, गुरु के सानिध्य ने दिखाई राहप्रखरश्री दीदी ने बताया कि मन में बचपन से ही संयम का जीवन अपनाने का भाव था। उन्होंने शादी नहीं करने और सांसारिक जीवन से दूर रहकर साधना करने का विचार भी पहले ही बना लिया था। उन्होंने बताया कि घर में धार्मिक माहौल था। माता-पिता से मिले संस्कार, जिनवाणी का अध्ययन और गुरुजनों का सानिध्य उनके भीतर वैराग्य के भाव को लगातार मजबूत करता गया। उन्होंने बताया कि आचार्य विद्यासागर महाराज से उन्हें आजीवन ब्रह्मचर्य का व्रत मिला था। इस व्रत का पालन करते हुए जीवन में विशुद्धि बढ़ती गई। ‘यह रास्ता कठिन नहीं, बल्कि सबसे सरल है’जब प्रखरश्री से पूछा गया कि लाड़-प्यार में पली-बढ़ी होने और इतनी अच्छी शिक्षा हासिल करने के बावजूद कठिन मार्ग क्यों चुना, तो उनका जवाब था कि यह रास्ता कठिन नहीं, बल्कि सबसे सरल है। दूर से देखने पर यह कठिन लगता है, लेकिन जब इस मार्ग पर आगे बढ़ते हैं, तो सब सरल होता जाता है। सिविल जज की परीक्षा में चयन को लेकर उन्होंने कहा कि वहां पहुंचकर एहसास हुआ कि सांसारिक पद बड़ा नहीं है। आर्यिका व्रत धारण करना सबसे बड़ा पद है। बाकी सभी अस्थायी हैं। इसी विचार ने संकल्प को और दृढ़ किया। बेटी के साध्वी बनने पर माता-पिता भावुक पिता बोले- 2020 में ही तय कर लिया थाप्रखरश्री के पिता जेके जैन LIC के विकास अधिकारी के पद से रिटायर हुए हैं। उन्होंने बताया कि परिवार का माहौल शुरू से धार्मिक रहा है। बेटी भी बचपन से ही धार्मिक गतिविधियों और साधु-संतों के सानिध्य से प्रभावित थी। वह जब अहमदाबाद में पढ़ाई कर रही थी, तब भी उसका जीवन और अधिक सात्विक होता गया। वह दिगंबर साधुओं के दर्शन के लिए जाती थी। शाकाहार सहित कई नियमों का पालन करने लगी थी। साल 2016 में बेटी ने आचार्य विद्यासागर महाराज के दर्शन के दौरान उनसे नियम देने का आग्रह किया था। इसके बाद शिक्षा पूरी होने तक ब्रह्मचर्य का पालन किया। वर्ष 2020 में बेटी ने आजीवन ब्रह्मचर्य का व्रत लेने की इच्छा जताई। आचार्यश्री ने इस संबंध में हमसे सहमति मांगी। हमने कहा कि आप जो आदेश देंगे, स्वीकार है। सिविल जज की परीक्षा के दौरान भी गुरु का मार्गदर्शनसाल 2023 में जब प्रखरश्री सिविल जज की परीक्षा दे रही थी, तब पिता भी उनके साथ रायपुर और डोंगरगढ़ गए थे। वहां उन्होंने आचार्यश्री से मार्गदर्शन मांगा था। पिता के अनुसार, आचार्यश्री ने बेटी के चयन को लेकर संकेत देते हुए गुरु मां को उसके भीतर चल रही साधना के बारे में बताया था। अब बेटी नहीं, मां के संबोधन से पूजनीय होगीपिता ने कहा कि वर्तमान में जब माता-पिता बच्चों के भविष्य और संस्कारों को लेकर चिंतित रहते हैं, तब बेटी का यह निर्णय गर्व की बात है। अब रिश्तों के संबोधन भी बदल जाएंगे। भावुक होकर कहा कि आज के बाद बेटी घर का त्याग कर देगी। अब वह हमारी बेटी नहीं, बल्कि मां के संबोधन से पूजनीय होगी। वह हमें भक्त की दृष्टि से देखेगी, हम उसे श्रद्धा की दृष्टि से देखेंगे। दीक्षा के बाद प्रखरश्री का जीवन बदल जाएगा। भोजन, पानी और वस्त्र से जुड़े कठोर नियमों का पालन करना होगा। पिता ने कहा कि यह रास्ता आसान नहीं है, लेकिन बेटी के संकल्प और साधना पर उन्हें गर्व है। रोते हुए मां बोलीं- गर्व है कि बेटी ने यह रास्ता चुनाबेटी की विदाई के समय मां ज्योति जैन के मन में खुशी और चिंता दोनों थे। आंखों में आंसू भरते ही वे बताती हैं कि बेटी मां के सबसे करीब होती है। जब प्रखर ने वैराग्य का मार्ग चुनने की इच्छा बताई, तो पहले झटका लगा था। वजह थी कि यह रास्ता सामान्य जीवन से अलग और कठिन साधना वाला है। मां के मन में बार-बार यही सवाल उठता था कि लाड़-प्यार में पली उनकी बेटी इस कठिन जीवन को निभा पाएगी या नहीं। वे कहती हैं, 'एक मन गौरवान्वित होता है कि ऐसा दुर्लभ अवसर हमारे परिवार को मिला। दूसरा मन चिंता करता है कि वह इस कठिन रास्ते को कैसे निभाएगी। दोनों भाव एक साथ चलते हैं।' शादी और दीक्षा की विदाई में अंतरज्योति कहती हैं कि शादी के बाद बेटी को विदा करना और वैराग्य के मार्ग पर विदा करना दोनों अलग अनुभव है। इस मार्ग की कठिनाइयों के बारे में वे जानती हैं, इसलिए चिंता भी होती है, लेकिन विश्वास है कि बेटी का भविष्य उज्ज्वल होगा। वह जन्म-जन्मांतर के बंधनों से मुक्त होकर आत्मकल्याण की दिशा में बढ़ेगी। उन्होंने कभी बेटी को इस मार्ग पर जाने से मना नहीं किया। चार और बहनें भी छोड़ेंगी संसार, इनमें एक सीए भीप्रखरश्री दीदी अकेली नहीं हैं, जिन्होंने सांसारिक जीवन छोड़कर संयम और साधना का मार्ग चुना है। उनके साथ चार अन्य बहनें भी जैनेश्वरी दीक्षा लेने जा रही हैं। इनमें एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) रंगोली दीदी समेत प्रखरश्री दीदी, गिरजा दीदी, चेतना दीदी और सोनम दीदी का नाम शामिल है। यानी अलग-अलग शैक्षणिक और पेशेवर पृष्ठभूमि से आने वाली पांचों बहनों ने सांसारिक जीवन की उपलब्धियों से आगे आध्यात्मिक जीवन को लक्ष्य बनाया है। 22 नवंबर को उज्जैन में होगी दीक्षारविवार को बैतूल में पांचों दीक्षार्थी बहनों की बिनौली यात्रा निकाली गई। इस दौरान जैन समाज के लोगों ने उनका स्वागत किया। मंगल आशीर्वाद दिया। यात्रा में प्रखरश्री के चेहरे पर प्रसन्नता और संतोष नजर आया। वहीं, परिवार के लोग इस विशेष अवसर पर भावुक भी हुए। मुख्य जैनेश्वरी दीक्षा समारोह 22 नवंबर 2026 को जैन सिद्ध क्षेत्र सोनागिरि में आयोजित होगा। समारोह गणाचार्य भगवान श्री विराग सागर जी महाराज और पदाचार्य श्री पदमसागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद तथा गणिनी आर्यिका विशाश्री माताजी की छत्रछाया में होगा।
(छत्तीसगढ़ के प्रगतिशील किसान) कोरिया जिले के बैकुंठपुर के ग्राम उमझर के किसान राजेंद्र प्रसाद राजवाड़े (42) पिछले सात साल से फलों की उन्नत खेती कर रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र कोरिया से आम के पौधे लेकर शुरुआत करने वाले राजेंद्र ने आज 15 एकड़ में आम और अमरूद का शानदार बगीचा तैयार कर लिया है, जिनमें अब फल भी आने लगे हैं। इसके अलावा बगीचे में लीची, चीकू और सीताफल के पौधे भी लगाए गए हैं। राजेंद्र की खेती की सबसे बड़ी खासियत उनका नवाचार और ड्रिप सिस्टम से की जा रही अंतरवर्तीय खेती है। वे आम के पेड़ों के बीच की खाली जगह का सदुपयोग करते हुए टमाटर और अदरक लगाते हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त मुनाफा होता है। फलों के पौधों को हानिकारक कीटों से बचाने के लिए वे रासायनिक दवाओं के बजाय बगीचे में गेंदे के फूल लगाते हैं, जो प्राकृतिक कीट नियंत्रक का काम करते हैं। इसके साथ ही जिमीकांदा (सूरन/ओल) और खेत के किनारे-किनारे औषधीय पौधे सतावर की भी खेती कर रहे हैं। राजेंद्र 15 एकड़ में पूरी तरह से गोबर खाद का उपयोग कर जैविक खेती कर रहे हैं। उनके इस काम में गांव के पांच अन्य किसान रामूराम, नत्थू दास, मनोज, सियाराम और रघुनंदन की भी सहभागिता है। राजेंद्र का खेती की ओर यह सफर इतना आसान नहीं था। पहले वे पारंपरिक खेती धान तक सीमित थे, जिसमें लागत अधिक और मुनाफा बेहद कम था। वे खुद आम और अमरूद के ग्राफ्टिंग पौधे भी तैयार करते हैं। रासायनिक खादों से मुक्त होने के कारण उनके आम, अमरूद और टमाटर न केवल स्वाद में बेहतरीन होते हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी पूरी तरह सुरक्षित हैं। वे अपनी उपज को सीधे स्थानीय बाजारों और व्यापारियों को बेचते हैं, जिससे उन्हें अच्छा दाम मिल जाता है। अदरक और जिमीकांदा जैसी फसलें लंबे समय तक सुरक्षित रहने वाली हैं, इसलिए वे बाजार में सही रेट का इंतजार कर इन्हें अच्छे मुनाफे पर बेच लेते हैं। सतावर जैसे औषधीय पौधों की भी आयुर्वेद कंपनियों और जड़ी-बूटी व्यापारियों में काफी मांग रहती है। ड्रिप इरिगेशन के कारण राजेंद्र के खेत में पानी की बूंद-बूंद का सही उपयोग हो रहा है। पहले जहां खेत की सिंचाई में दिन भर का समय और हजारों लीटर पानी खर्च होता था, वहीं अब बहुत कम पानी और कम समय में पौधों की जड़ों तक सीधे नमी पहुंच जाती है। राजेंद्र का कहना है कि शुरुआत में मेहनत ज्यादा थी, लेकिन अब काम काफी आसान हो गया है। भविष्य में वे खाली जगहों पर और अमरूद लगाने के साथ-साथ फार्म में देसी मुर्गी पालन शुरू करने पर भी विचार कर रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख व वरिष्ठ वैज्ञानिक कमलेश कुमार सिंह व विजय अनंत ने कहा कि राजेंद्र की ओर से अपनाई जा रही तरवर्तीय खेती की तकनीक बेहद वैज्ञानिक और लाभदायक है। आम-अमरूद के बगीचे में गेंदे के फूल लगाने से नेमाटोड और अन्य हानिकारक कीटों का प्राकृतिक रूप से नियंत्रण होता है। इससे रासायनिक दवाओं का खर्च बचता है और मिट्टी सुरक्षित रहती है।
मॉडल-एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल काउंटर एफिडेविट में कई अहम खुलासे किए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, घटना के अगले ही दिन आरोपी सास गिरिबाला सिंह ने न केवल सीसीटीवी फुटेज हासिल करने की कोशिश की, बल्कि ब्यूटी पार्लर पहुंचकर भी ट्विशा की आवाजाही से जुड़े फुटेज जुटाए थे। सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में आशंका जताई है कि गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह प्रभावशाली होने के कारण भोपाल में चल रहे ट्रायल को प्रभावित कर सकते हैं और गवाहों को डरा सकते हैं। 29 अक्टूबर 2026 को दाखिल इस काउंटर एफिडेविट में सीबीआई ने बताया कि गिरिबाला सिंह रिटायर्ड जिला एवं सत्र न्यायाधीश हैं। घटना के समय वे भोपाल जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की अध्यक्ष थीं, जबकि उनके बेटे समर्थ सिंह पेशे से वकील हैं। मौत के अगले दिन जुटाए CCTV फुटेज सीबीआई के अनुसार, 13 मई 2026 को गिरिबाला सिंह ने सीसीटीवी तकनीशियन को फोन कर घटना से संबंधित अवधि के फुटेज की कॉपी हासिल की थी। इसी दिन उन्होंने एक्सप्रेशन ब्यूटी पार्लर की संचालिका से भी ट्विशा के 12 मई को वहां आने-जाने के संबंध में जानकारी मांगी थी। इसके बाद कुछ लोगों को भेजकर पार्लर के सीसीटीवी फुटेज भी हासिल किए गए। सीबीआई ने इसे जांच के दौरान सामने आया महत्वपूर्ण तथ्य बताया है। 17 अगस्त को पेश हो चुकी है चार्जशीट सीबीआई ने 17 अगस्त 2026 को गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के खिलाफ बीएनएस की धारा 85, 108 और 3(5) के तहत चार्जशीट पेश की थी। दहेज मृत्यु, दहेज और अन्य पहलुओं पर आगे की जांच जारी है। भोपाल की अदालत में मामले में आरोप तय करने की प्रक्रिया चल रही है। मृतका के पिता नवनीधि शर्मा ने भोपाल में चल रहे सेशन ट्रायल को दिल्ली स्थानांतरित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है। इसी याचिका पर सीबीआई ने अपना जवाब दाखिल किया है। एजेंसी ने दोनों आरोपियों के प्रभाव का हवाला देते हुए गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका जताई है। 12 मई को हुई थी ट्विशा की मौत ट्विशा शर्मा 12 मई 2026 की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में मृत मिली थीं। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया था, जबकि मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया। पहले पोस्टमॉर्टम पर सवाल उठने के बाद हाईकोर्ट ने दिल्ली AIIMS से दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद दिल्ली एम्स के मेडिकल बोर्ड ने 24 मई को ट्विशा की डेडबॉडी का दोबारा पोस्टमॉर्टम किया था।
मध्यप्रदेश में राज्यसभा की एक सीट के उपचुनाव में भाजपा के उम्मीदवार केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अलावा तेलंगाना के एक ऐसे शख्स ने भी दावेदारी की तैयारी की है, जो 50 से ज्यादा चुनाव लड़ चुका है। नाम है कांते सयन्ना। लोकसभा, विधानसभा, विधान परिषद से लेकर राज्यसभा और उपराष्ट्रपति पद तक के चुनाव में किस्मत आजमा चुके सयन्ना अब मध्यप्रदेश से राज्यसभा पहुंचना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने विधानसभा से नामांकन फॉर्म लिया है। हालांकि, निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने के लिए जरूरी 10 विधायकों के प्रस्तावकों के हस्ताक्षर जुटाना उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती है। तेलंगाना के हैदराबाद से भोपाल पहुंचे सयन्ना ने बातचीत में बताया कि वे अब तक पांच बार लोकसभा, आठ बार विधानसभा और छह बार विधान परिषद का चुनाव लड़ चुके हैं। इसके अलावा 10 से 12 बार राज्यसभा के लिए भी प्रयास कर चुके हैं। उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में भी अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं। उनका कहना है कि वे किसी एक राजनीतिक दल से बंधे नहीं हैं और चुनाव लड़ने का खर्च खुद उठाते हैं। पहले भी प्रस्तावकों के हस्ताक्षर नहीं मिलने से अटकी थी उम्मीदवारी सयन्ना ने बताया कि राज्यसभा चुनाव के लिए वे अपने दस्तावेज और शपथ-पत्र लेकर आए हैं। नामांकन के लिए 10 प्रस्तावकों के हस्ताक्षर जरूरी हैं। उनका आरोप है कि मध्यप्रदेश में कुछ विधायक हस्ताक्षर करने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। पार्टी नेताओं को डर है कि उनके हस्ताक्षर करने से राजनीतिक मुश्किल खड़ी हो सकती है। कुछ विधायकों ने समर्थन देने की बात कही है। उन्होंने सोमवार तक हस्ताक्षर जुटाकर नामांकन की प्रक्रिया पूरी करने की उम्मीद जताई है। दिलचस्प यह है कि इसी साल मार्च में तेलंगाना की दो राज्यसभा सीटों के चुनाव में भी कांते सयन्ना निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर सामने आए थे। उस समय भी उन्होंने नामांकन दाखिल किया था, लेकिन 10 विधायकों के प्रस्तावकों का समर्थन नहीं होने के कारण उनका नामांकन जांच में निरस्त होने की आशंका जताई गई थी। यानी मध्यप्रदेश में भी उनके सामने वही पुरानी चुनौती है। 2018 में केसीआर के खिलाफ चुनाव लड़ने का दावा सयन्ना ने 2018 के तेलंगाना विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उनका दावा है कि उस चुनाव में वे तीसरे स्थान पर रहे थे। उनके मुताबिक, केसीआर पहले और वंटेरू प्रताप रेड्डी दूसरे स्थान पर थे। उन्होंने बताया कि वे अलग-अलग राज्यों में लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। उनका चुनाव प्रचार भी अपने स्तर पर होता है। पार्टी के बी-फॉर्म के बजाय जनता के समर्थन पर जोर सयन्ना का कहना है कि देश की राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है। अभी राजनीतिक दलों के बी-फॉर्म और पार्टी व्यवस्था का प्रभाव ज्यादा है, जबकि लोकतंत्र में जनता का वोट सबसे महत्वपूर्ण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि देश में पार्टी पर निर्भर राजनीतिक व्यवस्था के बजाय स्वतंत्र राजनीतिक व्यवस्था विकसित हो। इसके लिए उन्होंने काफी पढ़ाई और लेखन भी किया है। उनका मानना है कि एक दिन जनता को उनकी बात समझ आएगी और राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव होगा।
45 से अधिक इलाकों में गुल रहेगी बिजली:आज कर सकते हैं खरीदारी भी; जानिए शहर में कहां-क्या खास
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स… आधार अपडेशन- नया/ नि:शुल्क/ बायो मैट्रिक अपडेट- 100 रुपए, डेमोग्राफिक अपडेट- 50 रुपए, इन सेंटरों में आधार अपडेशन/ जेनरेशन की सुविधा। सेंटर्स की पूरी लिस्ट के लिए क्लिक करें। हेल्थ सर्विसेज : एम्स/जेपी, खुशीलाल ऑटो गैस/ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी स्टेशन पुलिस थाने और कॉन्टैक्ट नंबर इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर सीएनजी पंप स्टेशन
गयाजी के आजाद पार्क में गांधी शिल्प बाजार शुरू हुआ। बाजार 7 नवंबर तक चलेगा। यहां कई राज्यों से आए कारीगरों ने 40 स्टॉल लगाए हैं। भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के प्रायोजन और भोजपुर के आसरा सेवा केंद्र के सौजन्य से बाजार लगाया गया है। फीता काटकर इसका उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री शुरू हुई। स्टॉलों पर कुर्ती, बेडशीट, चादर, गमछा, लहठी, चूड़ी, खिलौने, मधुबनी पेंटिंग वाली साड़ी और शॉल रखे गए हैं। सजावटी सामान और श्रृंगार सामग्री भी उपलब्ध हैं। इसके अलावा जूट के झोले, काष्ठ और शिल्प कला से बनी बुद्ध की प्रतिमाएं, खल-बट्टा और कई पारंपरिक उपयोगी वस्तुएं भी बाजार में हैं। उद्घाटन के बाद विघ्नेश्वर सिंह ने कहा कि आजाद पार्क में देश के विभिन्न राज्यों की कला देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि लोग एक ही जगह पर अलग-अलग क्षेत्रों के हस्तनिर्मित उत्पाद देख और खरीद सकते हैं। स्टॉल लगाने वाले को मिल रही आर्थिक सहायता कहा कि हस्तनिर्मित उत्पादों की खरीदारी से कारीगरों का उत्साह बढ़ेगा और पारंपरिक कला-शिल्प को आगे बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। विघ्नेश्वर सिंह ने बताया कि भारत सरकार की ओर से बाजार में स्टॉल लगाने वाले कारीगरों को आने-जाने और रहने के लिए प्रति स्टॉल 9 हजार रुपए की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि गयाजी में आयोजित होने वाले हस्तशिल्प मेलों में कारीगरों को अच्छी बिक्री मिलती रही है। इसी कारण विभिन्न राज्यों के कलाकार और कारीगर अपने उत्पाद लेकर यहां पहुंचे हैं। बिहार समेत कई राज्यों के कारीगर पहुंचे गयागांधी शिल्प बाजार में बिहार के अलावा असम, उत्तर प्रदेश, झारखंड और ओडिशा समेत कई राज्यों के कलाकारों और कारीगरों ने अपने स्टॉल लगाए हैं। कहीं मधुबनी कला की खूबसूरती देखने को मिल रही है तो कहीं काष्ठ कला और पारंपरिक शिल्प लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। जूट से बने उत्पादों से लेकर कपड़े, सजावटी सामान और घरेलू उपयोग की वस्तुओं तक की अच्छी रेंज यहां उपलब्ध है। अंगवस्त्र देकर अतिथियों का हुआ सम्मानउद्घाटन समारोह के दौरान अतिथियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विघ्नेश्वर सिंह, आसरा सेवा केंद्र के सचिव कैलाश प्रसाद सिंह और वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार, शाखा पटना के ऋषिन पाल सहित अन्य लोग मुख्य रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर कारीगरों से उनके उत्पादों के बारे में जानकारी ली। कार्यक्रम को और आकर्षक बनाने के लिए कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुति दी। लोक संस्कृति और हस्तशिल्प के रंग से सजे इस आयोजन ने आजाद पार्क के माहौल को पूरी तरह उत्सवी बना दिया।
बर्थडे पार्टी में बुलाईं 2 डांसर, एक के साथ गैंगरेप; 4 गिरफ्तार 2. नालंदा में बर्थडे पार्टी के बाद गैंगरेप, 8 युवकों पर आरोप; 4 गिरफ्तार 3. किराए के मकान में रातभर चली पार्टी, एक डांसर से गैंगरेप; सुबह भागे आरोपी 4. नशे में धुत युवकों ने डांसर से किया गैंगरेप, पुलिस ने 4 को दबोचा 5. बर्थडे पार्टी के बहाने डांसर को बुलाया, गैंगरेप के बाद फरार हुए युवक नालंदा में शनिवार की रात किराए के मकान में गैंगरेप हुआ था। पुलिस जांच में पता चला है कि कमरे में 8 युवक बर्ड-डे पार्टी कर रहे थे। सभी ने नशा किया था। पार्टी में नाच-गाना के लिए 2 नतर्कियों को बुलाया गया था। युवकों ने देर रात पार्टी के दौरान एक नर्तकी को दूसरे कमरे में भेज दिया था और दूसरी डांसर के साथ गैंगरेप किया। सुबह होने पर सभी लड़के मकान छोड़कर भाग गए। जिसके बाद पीड़िता डायल-112 पर फोन कर पुलिस को घटना के बारे में बताया। फिलहाल पुलिस ने 4 को गिरफ्तार किया है। इनमें वो दलाल भी है जिसने दोनों लड़कियों को लड़कों के पास भेजा था। घटना लहेरी थाना के शिवपुर मोहल्ले की है। इनकी हुई गिरफ्तारी, बाकी की तलाश पड़के गए आरोपी में दनियावां का रहने वाला अविनाथ है। जिसका जन्मदिन था। इसके अलावा पटना निवासी मुख्य आरोपी बंटी, नालंदा का रहने वाला ऋषि और दलाल नालंदा के बड़ी पहाड़ी निवाली रोहित उर्फ लंगड़ा है। नालंदा पुलिस के अनुसार, बीएनएस और बीएनएसएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। पीड़िता बोली, 2000 रुपए मिले थे बताया जा रहा कि शिवपुरी मोहल्ले स्थित एक मकान में कुछ युवक किराए पर रहकर पढ़ाई करते थें। 31 अक्टूबर की रात दनियांवा निवासी अविनाश का जन्मदिन मनाने के बहाने आर्केस्ट्रा में काम करने वाली 2 नर्तकियों को बुलाया गया था। सौदे में पैसों के लेनदेन को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। नर्तकी का कहना है कि उसे 1500 से 2500 रुपए दिए गए, जबकि पार्टी में मौजूद छात्र 7500 रुपए देने की बात कह रहे हैं। वहीं, दलाल रोहित का दावा है कि उसे 6000 रुपए गिए गए हैं। हालांकि, पुलिस में दर्ज औपचारिक प्राथमिकी में रकम का कोई सीधा जिक्र नहीं किया गया है। FSL की जांच और मेडिकल प्रक्रिया घटना की सूचना मिलते ही सदर डीएसपी-1 अमरनाथ और लहेरी थानाध्यक्ष अनिल कुमार पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम ने घटनास्थल का वैज्ञानिक मुआयना कर अहम साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेजा और त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों को उनके ठिकानों से पकड़ा। फरार अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
नालंदा जिले में जमीन की पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था ने अब पूरी रफ्तार पकड़ ली है। व्यवस्था लागू होने के शुरुआती दौर की झिझक और भ्रांतियों को पीछे छोड़ते हुए क्रेता-विक्रेता अब इसके लाभ को तेजी से अपनाने लगे हैं। अकेले बिहारशरीफ निबंधन कार्यालय में प्रतिदिन औसतन 65 से 70 दस्तावेजों का निबंधन हो रहा है। वहीं, हिलसा और राजगीर अनुमंडलीय निबंधन कार्यालयों के आंकड़ों को जोड़ लें, तो जिले भर में रोजाना करीब 110 जमीनों की खरीद-बिक्री पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संपन्न हो रही है। जिला अवर निबंधक मनीष कुमार ने बताया कि अगस्त 2026 से प्रभावी हुई इस पेपरलेस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य रजिस्ट्री प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और आम जनता के समय की बचत करना है। पहले कागजी प्रक्रियाओं और फाइलों के चक्कर में लोगों को काफी समय देना पड़ता था, लेकिन अब पूरी प्रक्रिया सुगम और त्वरित हो गई है। रजिस्ट्री प्रक्रिया संपन्न होते ही खरीदार को मूल दस्तावेज सौंप दिया जाता है। इसके साथ ही क्रेता के निबंधित मोबाइल नंबर पर एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से सूचना के साथ रजिस्टर्ड डीड की सुरक्षित पीडीएफ कॉपी भी तुरंत भेज दी जाती है। क्यूआर कोड स्कैन कर कभी भी निकाल सकेंगे कॉपी अवर निबंधक के अनुसार, डिजिटल डीड पर एक सुरक्षित क्यूआर कोड अंकित रहता है। इसे किसी भी स्मार्टफोन से स्कैन कर दस्तावेज को कभी भी देखा, डाउनलोड या प्रिंट कराया जा सकता है। मूल प्रति के खो जाने की स्थिति में भी अब कार्यालयों के चक्कर काटने की मजबूरी समाप्त हो गई है। साथ ही, इन दस्तावेजों पर प्राधिकृत डिजिटल हस्ताक्षर होने के कारण किसी भी प्रकार की नकल, छेड़छाड़ या फर्जीवाड़ा करना नामुमकिन हो गया है। डिजिटल रिकॉर्ड सर्वर पर पूरी तरह सुरक्षित रहने से भविष्य में भी भू-स्वामियों को अपने अभिलेख हासिल करने में कोई परेशानी नहीं होगी। दिक्कत दूर करने को निबंधन कार्यालय में बना हेल्प डेस्क प्रक्रिया को जनसुलभ बनाने के लिए निबंधन कार्यालय परिसर में एक विशेष 'हेल्प डेस्क' की स्थापना की गई है। यहां तैनात कर्मी क्रेता एवं विक्रेताओं को पेपरलेस रजिस्ट्री से जुड़ी तमाम तकनीकी व कानूनी जानकारियों से अवगत करा रहे हैं। ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग, दस्तावेज अपलोडिंग और प्रक्रिया संबंधी किसी भी प्रकार की शंका का समाधान इसी डेस्क पर किया जा रहा है, जिससे आम लोगों को बिचौलियों के चंगुल में फंसे बिना सीधे सेवा का लाभ मिल रहा है।
चाइनीज दीयों और इलेक्ट्रिक लाइटों ने छीनी कुम्हारों की रोजी-रोटी, लागत निकालना भी मुश्किल 2. 60-65 रुपए सैकड़ा बिक रहे कुल्हड़, पुश्तैनी कारोबार छोड़ने को मजबूर कुम्हार 3. दीपावली में चाइनीज लाइटों की चमक के बीच फीकी पड़ी कुम्हारों की कमाई 4. न ऑर्डर मिल रहा, न लागत निकल रही; पुश्तैनी कारोबार छोड़ने की नौबत 5. बिहार में 65 रुपए सैकड़ा कुल्हड़ बेच रहे कुम्हार, बंगाल में मिल रहे 100 रुपए 6. कुम्हारों की मांग- सरकार सस्ती मिट्टी दे, तभी बचेगा पुश्तैनी कारोबार दीपावली में बाजार रंग-बिरंगी इलेक्ट्रिक लाइटों और चाइनीज दीयों से सज चुका है। इन लाइट्स की वजह से कुम्हारों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुम्हारों का कहना है कि ये हमारी पुश्तैनी कारोबार है, पर जितनी लागत है, वो भी नहीं पाती है। बंगाल में बंगाल में कुल्हड़ की कीमत करीब 100 रुपए प्रति सैकड़ा तक मिल जाती है, जबकि बिहार के कुम्हारों को कई बार 60 से 65 रुपए प्रति सैकड़ा की दर पर ही कुल्हड़ बेचने पड़ते हैं। स्थिति ऐसी हो गई है कि हमें पुश्तैनी काम छोड़ना पड़ रहा है, क्या करें ऑर्डर ही नहीं मिल रहा है। सरकार हमें सस्ती दर पर मिट्टी उपलब्ध करा दें तो बड़ी सहायता होगी। कुम्हार परिवारों का हाल जानने के लिए भास्कर रिपोर्टर जिला मुख्यालय से करीब 8 किलोमीटर दूर उजियारपुर प्रखंड के मालती बेदौलिया गांव पहुंचे। परिवार ने क्या कहा, पढ़िए रिपोर्ट… पहले कुछ तस्वीरें… मिट्टी के कारोबार से परिवार चलाना मुश्किल मालती गांव में कई परिवार मिट्टी के दीये, कुल्हड़ और मिट्टी के बर्तन बनाकर अपनी आजीविका चलाने की कोशिश कर रहे हैं। ग्रामीण अमरजीत पंडित ने कहा कि पहले दीपावली के मौके पर मिट्टी के दीयों और बर्तनों की इतनी मांग रहती थी कि पूरे परिवार को काम मिल जाता था। समय के साथ बाजार में इलेक्ट्रिक लाइट, चाइनीज दीए और दूसरे आधुनिक सजावटी सामान आ गए। इससे मिट्टी के दीयों की मांग लगातार कम होती गई। परेशानी सिर्फ मांग कम होने की नहीं है, बल्कि उत्पादन लागत भी लगातार बढ़ रही है। सुबह मिट्टी के दीये बनाते हैं और दोपहर में राजमिस्त्री का काम करते हैं। केवल मिट्टी के कारोबार से परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। इसी वजह से गांव के कई लोग दूसरे काम की तलाश में बाहर जा रहे हैं। लॉकडाउन के बाद शुरू किया पुश्तैनी कारोबार गांव के विनोद पंडित बताते हैं कि उनके पिता भी मिट्टी के बर्तन बनाते थे। मुनाफा कम होने के कारण उन्हें प्रदेश जाना पड़ा। लॉकडाउन के दौरान वापस लौटे, फिर से मिट्टी के बर्तन बनाने का काम शुरू किया। अब पूरा परिवार इस काम में लगा है, लेकिन बढ़ती लागत के कारण बचत नहीं हो पाती। अगर सरकार कुम्हारों को कम कीमत पर मिट्टी उपलब्ध कराने की व्यवस्था कर दे तो उनकी परेशानी कुछ कम हो सकती है। BA पास राधा चला रही कारोबार गांव की महिला शिल्पकार राधा कुमारी भी मिट्टी के कारोबार से जुड़ी हैं। वह बताती हैं कि उनके पति पहले प्रदेश में रहते थे। लॉकडाउन के दौरान घर लौटे तो परिवार ने मिलकर दीये, कुल्हड़ और दूसरे सामान बनाने का काम शुरू किया। मैंने बीए तक पढ़ाई की है, लेकिन रोजगार के लिए पुश्तैनी कारोबार से जुड़ी हुई हूं। राधा के अनुसार गांव की 50 से अधिक महिलाएं अपने पति और परिवार के साथ मिट्टी के कारोबार में लगी हैं। पहले दीपावली और दूसरे पर्व-त्योहारों के मौसम में एक परिवार 50 हजार से एक लाख रुपए तक कमा लेता था। अब पूरे सीजन की कमाई घटकर करीब 15 से 20 हजार रुपए तक रह गई है। पहले परिवार के लोग दीपावली के दौरान एक लाख तक दीये बनाते थे। बिक्री भी हो जाती थी। अब 50 हजार दीये भी बिकना मुश्किल है। सरकार से मोटर चालित चाक और सस्ती मिट्टी की मांग राधा बताती हैं कि सरकार की ओर से कुम्हारों को मोटर चालित चाक उपलब्ध कराने की बात कही गई थी, लेकिन उन्हें अब तक इसका लाभ नहीं मिला। कई कुम्हारों ने अपने पैसे से चाक खरीदा है। सरकार से मदद मिलने पर फिर से अपने पुश्तैनी काम को बेहतर तरीके से चला सकते हैं। माटी कला बोर्ड नहीं बनने से भी परेशानी कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति के जिला अध्यक्ष प्रमोद पंडित बताते हैं कि बिहार में लंबे समय से माटी कला बोर्ड के गठन की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक इसका गठन नहीं हुआ है। पड़ोसी राज्यों में माटी कला से जुड़े लोगों के लिए संस्थागत स्तर पर सुविधाएं उपलब्ध हैं, जबकि बिहार के कुम्हार अब भी अपने स्तर पर संघर्ष कर रहे हैं। प्रमोद पंडित के अनुसार यदि बिहार में माटी कला बोर्ड का गठन होता है तो कुम्हारों को कम कीमत पर मिट्टी, उपकरणों पर अनुदान और सस्ती दर पर ऋण जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं। इससे वे अपने कारोबार को आधुनिक तरीके से विकसित कर सकेंगे और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर भी बेहतर खर्च कर पाएंगे। बंगाल में बाजार, यहां लागत ज्यादा कुम्हार समाज के लोगों का कहना है कि बंगाल में माटी कला से जुड़े लोगों को अपेक्षाकृत बेहतर बाजार और सुविधाएं मिलती हैं। वहां कई जगहों पर आज भी कुल्हड़ में चाय पीने का चलन है। इससे मिट्टी के बर्तनों की नियमित मांग बनी रहती है। बंगाल में कुल्हड़ की कीमत करीब 100 रुपए प्रति सैकड़ा तक मिल जाती है, जबकि बिहार के कुम्हारों को कई बार 60 से 65 रुपए प्रति सैकड़ा की दर पर ही कुल्हड़ बेचने पड़ते हैं। उत्पादन लागत बढ़ने और बिक्री मूल्य कम रहने से यहां मुनाफा बेहद कम बचता है। इसी वजह से गांव के कई कुम्हार काम की तलाश में बंगाल समेत दूसरे राज्यों की ओर चले गए हैं। परंपरा बचाने के लिए बाजार और सरकारी मदद जरूरी मालती बेदौलिया के कुम्हारों की कहानी सिर्फ एक गांव की कहानी नहीं है। मिट्टी के दीये और बर्तन बनाने वाला यह पुश्तैनी हुनर आधुनिक बाजार, बढ़ती लागत और कम होती मांग के बीच संघर्ष कर रहा है। कुम्हारों का कहना है कि वे अपनी परंपरा छोड़ना नहीं चाहते, लेकिन केवल भावनाओं के सहारे परिवार नहीं चल सकता। उनकी मांग है कि सरकार मिट्टी की उपलब्धता आसान करे, आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षण दे, सस्ता ऋण उपलब्ध कराए और बिहार में माटी कला बोर्ड का गठन करे। ताकि दीपावली पर दूसरों के घर रोशन करने वाले कुम्हारों के घरों में भी स्थायी रोशनी बनी रहे।
मध्य प्रदेश के सांची के बाद अब राजगीर देश का दूसरा और उत्तर भारत का पहला ‘सोलर सिटी’ बनने की राह पर अग्रसर है। 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' को जन-जन तक पहुंचाने के लिए रविवार को राजगीर स्थित इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में एक भव्य सोलर मेले का आयोजन किया गया। अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर बिजली बिल शून्य करने की इस मुहिम को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी उत्साह देखा गया। मेले में पहुंचे करीब 250 उपभोक्ताओं में से 53 ने मौके पर ही योजना के तहत अपना पंजीयन करा लिया। उप विकास आयुक्त सारा अशरफ और अनुमंडल पदाधिकारी सूर्य प्रकाश गुप्ता ने बताया कि राजगीर को पूरी तरह से सोलर सिटी बनाने के लक्ष्य को तेजी से हासिल करने के लिए सभी वार्डों और पंचायतों के बीच एक विशेष प्रतियोगिता कराई जाएगी। जो वार्ड अपने क्षेत्र में सर्वाधिक सोलर पैनल लगवाएगा, उसे प्रधानमंत्री के संभावित राजगीर दौरे के दौरान विशेष रूप से सम्मानित कराया जाएगा। इसके अलावा, ऋण की लंबित प्रक्रियाओं को त्वरित गति से निपटाने के लिए जल्द ही विशेष ऋण शिविर भी लगाए जाएंगे। अव्वल वार्ड को पीएम के हाथों मिलेगा सम्मान खपत के अनुपात में होगा सौर ऊर्जा का उत्पादन प्रशासन की रणनीति के तहत पर्यटक नगरी में जितनी बिजली की कुल खपत है, उसी के अनुपात में सौर ऊर्जा का उत्पादन किया जाएगा। इसके लिए नगर के सभी प्रमुख होटलों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, निजी आवासों और सरकारी भवनों की छतों पर सोलर पैनल स्थापित किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, एक यूनिट पारंपरिक बिजली तैयार करने में औसतन आधा किलो कोयला जलता है, जिससे करीब एक किलो ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जित होती है। सौर ऊर्जा अपनाने से न केवल कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी, बल्कि क्षेत्र की पहाड़ियों व पर्यावरण में हरियाली का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा। छतों पर पैनल लगाने पर ₹98,000 तक की छूट मेले में पहुंचे उपभोक्ताओं को सोलर पैनल की लागत और गणित की पूरी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 3 किलोवाट का सिस्टम लगाने पर केंद्र सरकार ₹78 हजार और राज्य सरकार ₹20 हजार का अनुदान दे रही है, यानी उपभोक्ताओं को कुल ₹98 हजार की सब्सिडी सीधे मिलेगी। इसके अलावा, एकमुश्त राशि न होने पर बैंकों द्वारा बेहद आसान किस्तों पर रियायती ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। बैंकों के स्टॉल लगाए गए थे मेले में विभिन्न सोलर वेंडर कंपनियों और बैंकों के स्टॉल लगाए गए थे, जहां विशेषज्ञों ने तकनीकी पहलुओं और वित्तीय सहायता से जुड़े सवालों का समाधान किया। कई पुराने उपभोक्ताओं ने भी मंच से अपने 'जीरो बिजली बिल' के सुखद अनुभव साझा किए। इससे पहले मेले का विधिवत उद्घाटन डीडीसी सारा अशरफ ने किया। इस अवसर पर नगर परिषद की मुख्य पार्षद जीरो देवी, विद्युत अधीक्षण अभियंता कुमार प्रशांत, राजगीर विद्युत कार्यपालक अभियंता विपिन कुमार और बिहारशरीफ (शहरी) के कार्यपालक अभियंता विकास कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी व गणमान्य लोग उपस्थित थे।
नमस्कार, कानपुर की कल (रविवार) की 10 बड़ी खबरें… आईआईटी के चार दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव अंतराग्नि में देर रात बॉलीवुड सिंगर शान ने प्रस्तुति दी। शान ने एक के बाद एक कई हिट गाने सुनाकर स्टूडेंट्स को झूमने पर मजबूर कर दिया। जालौन से अगवा हुए कालपी बार संघ अध्यक्ष का शव सचेंडी में मिला। आरोपियों ने फाइल देने के बहाने गयादीन को बुलाया था। लापता जूता कारोबारी का गंगा किनारे शव मिला। पिता बोले- नौकर के साथ तारुष माल खरीदने निकला था, ये हत्या है। ऐसी ही 10 बड़ी खबरों को देखने के लिए ऊपर VIDEO पर क्लिक करें…। सिलसिलेवार पढ़िए 10 खबरें- 1- ‘चार कदम’ गाने पर शान ने किया डांस, आईआईटीयंस झूमे आईआईटी कानपुर के चार दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव अंतराग्नि का रविवार देर रात बॉलीवुड सिंगर शान की प्रस्तुति के साथ समापन हो गया। प्रोनाइट ग्राउंड में शान ने एक के बाद एक कई हिट गाने सुनाकर स्टूडेंट्स को झूमने पर मजबूर कर दिया। स्टूडेंट्स की फरमाइश पर उन्होंने ‘चार कदम चल दो न साथ मेरे’ गाना भी सुनाया और स्टेज पर डांस किया। पढ़ें पूरी खबर... 2- वकील का अपहरण, हत्या करके लाश फेंकी, फाइल देने के बहाने बुलाया था जालौन से अगवा हुए कालपी बार संघ अध्यक्ष का शव सचेंडी में मिला। आरोपियों ने फाइल देने के बहाने गयादीन को बुलाया। अगवा करके हत्या के बाद लाश पार्क के तालाब में फेंकी। शुरुआती जांच में जमीन विवाद की बात सामने आई। गयादीन कालपी बार संघ के 4 बार अध्यक्ष रह चुके थे। पढ़ें पूरी खबर… 3- 21 केंद्रों पर PET परीक्षा, हाथ से कलावा काटा, 3 लेयर में चेकिंग शहर में 21 केंद्रों पर PET की परीक्षा हुई। दोनों पालियों को मिलाकर कुल 18576 परीक्षार्थी रजिस्टर्ड थे। अभ्यर्थी के हाथ में बंधा कलावा सुरक्षाकर्मी ने काटा। इसके अलावा अभ्यर्थियों के गले से ताबीज आदि भी उतरवाए गए। तीन लेयर की चेकिंग के बाद एंट्री दी गई। पढ़ें पूरी खबर… 4- गंगा किनारे मिला जूता कारोबारी का शव, पिता बोले- हत्या हुई लापता जूता कारोबारी का गंगा किनारे शव मिला। बेटे का शव देखकर मां बेहोश हुई। परिजन बोले- हत्या की गई। नौकर के साथ तारुष माल खरीदने निकला था। नौकर के मुताबिक, कार गंगा में गिरने से कारोबारी बह गया था। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने नौकर को हिरासत में लिया। पढ़ें पूरी खबर... 5- चंदेल चौराहे पर सड़क निर्माण में गड़बड़ी, लोगों ने जताया विरोध चंदेल चौराहे पर सड़क निर्माण में गड़बड़ी मिलने पर लोग भड़क गए। लोगों ने ठेकेदार पर कम सीमेंट डालकर घटिया सड़क निर्माण कराने का आरोप लगाया। जोन-6 के सहायक अभियंता ने सड़क ढलाई को 4 से 5 इंच तक कराने का आश्वासन दिया। पढ़ें पूरी खबर... 6- कंजरपुरवा में 135 पुलिस वालों की रेड, ड्रोन से निगरानी कंजरपुरवा में मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस ने छापा मारा। 135 पुलिसकर्मियों की पांच टीमों ने अलग-अलग जगहों पर दबिश दी। ड्रोन कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी गई। अब तक तीन आरोपी पकड़े गए। कब्जे से करीब 11 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पढ़ें पूरी खबर… 7- अवैध संबंधों के शक में युवक की पीट-पीटकर हत्या साढ़ थाना क्षेत्र में युवक की पीट-पीटकर हत्या हुई। अवैध संबंधों के शक में गोपाल को पड़ोसियों ने मारा। मृतक के पिता ने पड़ोसी कल्लू समेत महिलाओं पर केस दर्ज कराया। घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत ने बताया कि आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें लगाई गई हैं। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पढ़ें पूरी खबर... 8- मंत्री बलदेव सिंह औलख ने शहीद चौक का लोकार्पण किया, भावुक हुए मंत्री बलदेव सिंह औलख 1984 के सिख नरसंहार के 127 शहीदों को याद करके भावुक हुए। फैक्ट्री चौराहे पर बने शहीद चौक का लौकार्पण किया। पीड़ित परिवारों को सिरोपा भेंटकर सम्मानित किया गया। कहा कि किसी एक व्यक्ति के कृत्य के लिए पूरी कौम को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। सरकार ने पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पढ़ें पूरी खबर… 9- अग्निकांड पीडितों को 10-10 हजार की मदद, BJP विधायक ने दिए 1.10 लाख रुपए बारादेवी मंदिर मेला मैदान में 29 अक्टूबर को लगी आग में 13 अस्थाई दुकानें जलकर राख हो गई थीं। किदवई नगर से भाजपा विधायक महेश त्रिवेदी ने 11 पीड़ित दुकानदारों को अपनी ओर से 10-10 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी। विधायक ने बताया कि जिलाधिकारी से पीड़ितों की मदद के लिए रिपोर्ट तैयार कराने को कहा गया है। पढ़ें पूरी खबर... 10- वाल्मीकि समाज ने राजनीतिक दलों से मांगी 20 सीटें, बोले- मांग पूरी न हुई तो वोट नहीं देंगे विधानसभा चुनाव से पहले वाल्मीकि समाज ने राजनीतिक दलों के सामने 20 सीटों पर दावेदारी पेश की है। रविवार को कच्ची बस्ती स्थित वाल्मीकि सुदर्शन समाज महासभा भवन में आयोजित सम्मेलन में भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस से 20 टिकट मांगे गए। पदाधिकारियों ने कहा कि मांग पूरी करने वाली पार्टी को ही समर्थन देंगे, अन्यथा मतदान नहीं करेंगे। पढ़ें पूरी खबर...
बिहार के बिहारशरीफ जिले में थाने से महज कुछ ही दूरी पर एक घर में महिला डांसर से हैवानियत की गई है। महिला डांसर को एक बर्थडे पार्टी में बुलाया गया था। इसके बाद हैवानों ने डांसर की इज्जत लूट ली। इस मामले में अब तक 4 लड़को को पुलिस ने पकड़ा है।
UP Weather 2 November: पूर्वांचल में छिटपुट बारिश के आसार, लखनऊ में आज कैसा रहेगा मौसम?
UP Weather 2 November: यूपी में तूफान अर्नब का असर लगभग खत्म हो गया है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले 24 घंटों के दौरान मौसम साफ, शुष्क और सुहावना बना रहेगा। हालांकि पूर्वांचल के कुछ इलाकों में आज छिटपुट बारिश हो सकती है।
जबलपुर में भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा निकाली जाएगी। इसमें सोमवार को केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कई मंत्री और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। कार्यक्रम को लेकर पुलिस और प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। पदयात्रा दोपहर 3 बजे शुरू होगी। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे दिल्ली एयरपोर्ट से जबलपुर के लिए रवाना होंगे। वे सुबह 9:20 बजे जबलपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद दोपहर 2:30 बजे तीन पत्ती चौक स्थित 'लोकतंत्र बचाओ, आपातकाल हटाओ' प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे और विभिन्न बैठकों में शामिल होंगे। दोपहर 3 बजे वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ पदयात्रा में शामिल होंगे। गोल बाजार से शुरू होकर मालवीय चौक और गंजीपुरा से गुजरेगी पदयात्रा जानकारी के मुताबिक, भाजपा की पदयात्रा गोल बाजार क्षेत्र से शुरू होकर मालवीय चौक, गंजीपुरा और कमानिया होते हुए वापस गोल बाजार पहुंचेगी। इसमें केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। भाजपा नेताओं का कहना है कि इस पदयात्रा के जरिए जबलपुर से संदेश दिया जाएगा कि देश में अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेतृत्व में देश में अराजकता फैलाई जा रही है। संवैधानिक संस्थाओं का मजाक बनाने वाली ताकतों को जवाब दिया जाएगा। 6 घंटे तक लोडिंग-अनलोडिंग भी बंद बल्देवबाग से पांडे चौक और बल्देवबाग से रानीताल चौक के बीच दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक छोटे मालवाहक और लोडिंग वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। इस दौरान लोडिंग-अनलोडिंग भी नहीं हो सकेगी। रानीताल स्टेडियम में खड़ी होंगी बसें कार्यक्रम में आने वाली सभी बसों की पार्किंग रानीताल स्टेडियम खेल परिसर में होगी। बसें रानीताल चौक पर यात्रियों को उतारकर यू-टर्न लेंगी और निर्धारित पार्किंग स्थल पहुंचेंगी। पाटन, कटंगी, दमोह, नरसिंहपुर और सिवनी से आने वाली बसें: पाटन-कटंगी बायपास, दीनदयाल चौक, दमोह नाका, बल्देवबाग और आगा चौक होते हुए रानीताल पहुंचेंगी। कटनी, सिहोरा और डिंडौरी से आने वाली बसें: आधारताल तिराहा, रद्दी चौकी, गोहलपुर चौक, दमोह नाका, बल्देवबाग और आगा चौक होते हुए रानीताल पहुंचेंगी। मंडला से आने वाली बसें: एकता मार्केट बायपास, चूल्हा गोलाई, तिलवारा, अंधमूक, पाटन-कटंगी बायपास, दीनदयाल चौक, दमोह नाका, बल्देवबाग और आगा चौक होते हुए रानीताल पहुंचेंगी। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सभी बसें इन्हीं निर्धारित मार्गों से वापस जाएंगी। दोपहिया और चारपहिया वाहनों की पार्किंग यहां होगी दोपहिया वाहन: महाकौशल स्कूल और अंजुमन इस्लामिया स्कूल। चारपहिया वाहन: एमएलबी स्कूल और डीएन जैन स्कूल।
आजम खां की पत्नी-बेटों और बहन पर लटकी तलवार, ईडी कभी भी कर सकती है कार्रवाई
सपा नेता आजम खां के साथ अब उनकी पत्नी, बेटा, बहन पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। मनी लॉड्रिंग के केस में पूरा जौहर ट्रस्ट और परिवार के लोग भी नामजद हैं।
राजस्थान में इन दिनों मौसम में थोड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य में रविवार को अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम दर्ज हुआ। वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहा। बाड़मेर को छोड़कर सभी शहरों का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर, फलोदी, बाड़मेर समेत कई जिलों में रात में कम ठंडक है। यहां न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री ऊपर दर्ज हो रहा है। राजस्थान में सबसे ठंडा इलाका माउंट आबू रहा, जहां न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने राज्य में अगले 3-4 दिन तक आसमान साफ रहने की संभावना जताई है। इस दौरान दिनभर धूप रहने और कुछ शहरों के अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी होने की संभावना जताई है। बाड़मेर में सबसे ज्यादा रहा अधिकतम तापमान भरतपुर, कोटा संभाग में रविवार सुबह हल्की धुंध रही। सूरज चढ़ने के साथ आसमान साफ होने लगा और धूप निकली। जयपुर, जोधपुर, अजमेर, बीकानेर संभाग में रविवार को दिनभर आसमान साफ रहने से सुहावनी धूप रही। बाड़मेर में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जैसलमेर में अधिकतम तापमान 34.8, चित्तौड़गढ़ में 33.8, फतेहपुर (सीकर) में 33, पिलानी (झुंझुनूं) में 33.1, नागौर व चूरू में 32.8 और श्रीगंगानगर में 32.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। चूरू, बीकानेर, फलोदी, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, जयपुर, अजमेर में दिन का तापमान सामान्य से नीचे दर्ज हुआ। शेखावाटी में न्यूनतम तापमान में हो रही बढ़ोतरी राज्य में बारिश थमने और धूप निकलने के साथ ही कुछ शहरों में रात में भी सर्दी का असर थोड़ा कम हो गया। शेखावाटी के चूरू, सीकर, झुंझुनूं, फतेहपुर में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे था, जहां अब थोड़ी बढ़ोतरी हो गई है। सीकर में न्यूनतम तापमान 15.5, फतेहपुर में 13.9, झुंझुनूं व चूरू में 17.5, पिलानी में 17.8, टोंक में 16.4 और अजमेर में 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। राजस्थान के प्रमुख जिलों में मौसम का हाल जयपुर: राजधानी में लगातार दूसरे दिन रविवार को आसमान साफ रहा और धूप रही। हालांकि तापमान में बढ़ोतरी नहीं हुई। जयपुर में रविवार को अधिकतम तापमान 29.7 और न्यूनतम 18.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग ने जयपुर में एक सप्ताह मौसम ड्राई रहने का अनुमान जताया है। अलवर: शहर में रविवार को मौसम सामान्य बना रहा। सुबह से धूप खिली रही, लेकिन दोपहर में भी गर्मी का असर नहीं रहा। सुबह, शाम और रात के समय सर्दी का एहसास होने लगा है। सुबह खेतों में फसलों और सूखी घास-फूस पर ओस की बूंदें भी नजर आईं। मौसम में बदलाव के साथ ही दिन के तापमान में भी गिरावट आई है। अलवर में रविवार को अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कोटा: शहर में अधिकतम तापमान फिर बढ़कर 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। वहीं न्यूनतम तापमान में मामूली कमी हुई है। कोटा में रविवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस रहा। दोपहर में धूप खिली रही। हालांकि अब सुबह-शाम हल्की सर्दी हो रही है। एक सप्ताह तक मौसम ड्राई बने रहने की संभावना है। उदयपुर: लेकसिटी में रविवार को मौसम साफ रहा। ज्यादातर समय धूप रही, लेकिन कुछ समय के लिए बीच-बीच में बादल छाए रहे। रात के तापमान में 0.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। दिन का तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सीकर: शहर में रविवार को न्यूनतम तापमान 13.9 और अधिकतम 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। फिलहाल एक सप्ताह तक मौसम ड्राई रहने का अनुमान है। अजमेर: शहर में अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में पिछले दिनों के मुकाबले बढ़ोतरी हुई। दिनभर धूप खिली रही। सुबह और शाम के समय ठंडक रहने लगी है। जोधपुर: शहर में रविवार को अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.1 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.8 डिग्री अधिक है। पिछले कुछ दिनों से शहर में न्यूनतम तापमान में गिरावट आने से हल्की सर्दी हो रही है। मौसम विभाग ने कुछ दिनों में सर्दी बढ़ने का अनुमान जताया है।
सहरसा के बनगांव थाना इलाके में रविवार शाम बाइक की टक्कर से मजदूर कुलदीप शर्मा की मौत हो गई। बाइक सवार रणधीर कुमार भी घायल हुआ है। उसका सहरसा सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है। सहरसा सदर अस्पताल भेजा गया जख़्मी रणधीर ने बताया कि वह मधुबनी से लौट रहा था। गौरहो चौक के पास उसकी आंख में कीड़ा चला गया, जिससे बाइक बेकाबू हो गई और पैदल जा रहे कुलदीप को टक्कर लग गई। अस्पताल पहुंचने पर एक की मौत हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हुए। स्थानीय लोग उन्हें बरियाही स्वास्थ्य केंद्र ले गए। प्राथमिक इलाज के बाद दोनों को सहरसा सदर अस्पताल भेजा गया। वहां पहुंचने पर कुलदीप की मौत हो गई। घायल रणधीर ढोली गांव के राजकुमार यादव का 25 वर्षीय बेटा है। मृतक कुलदीप सिरादेहपट्टी पंचायत के दिघिया गांव के वार्ड नंबर 4 के निवासी जगदीश शर्मा का 45 वर्षीय बेटा था। परिजनों ने बताया कि कुलदीप मजदूरी करके परिवार चलाते थे। वह दो भाइयों में सबसे बड़े थे और उनके तीन बच्चे हैं—दो बेटे और एक बेटी। रविवार सुबह करीब 8:30 बजे वह सतवार गांव में मजदूरी करने गए थे। शाम करीब 5:30 बजे गौरहो चौक से पैदल घर लौट रहे थे। हादसे की जानकारी सहरसा सदर थाने की पुलिस को दी गई। थाना अध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने कहा कि घटना की जानकारी मिली है और मामले में कार्रवाई की जाएगी।
कामधेनु गौशाला में 17 को मनाई जाएगी गोपाष्टमी
भास्कर न्यूज | पठानकोट कामधेनु आदर्श गौशाला और विज्ञान केंद्र की मीटिंग चेयरमैन हरिकृष्ण महाजन व महिला विंग की प्रधान सरोज शर्मा की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान गौशाला में 17 नवंबर को मनाई जा रही गोपाष्टमी को लेकर सभी सदस्यों द्वारा विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने सभी शहरवासियों से अपील की कि 17 नवंबर को कामधेनु गौशाला में गोपाष्टमी का त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है इस मौके पर चेयरमैन हरिकिशन महाजन, महिला विंग की प्रधान सरोज शर्मा, प्रधान बलदेव राज महाजन, बीके सिंह, डॉ. सविता शर्मा, रजनी मल्होत्रा, रमन गुजराल, राणा अग्रवाल, प्रेम चावला, रानी देवी, वीना महाजन, सरला शर्मा, नीलम खेर, सुरजीत ठाकुर, बबल, प्रवीण, सरला अग्रवाल, कविता शर्मा, आशीष व गौतम महाजन भी थे।
कराटे में अरनव ने गोल्ड मेडल जीता
पठानकोट|शहर के होनहार खिलाड़ी अरनव ने इंडिया ओपन इंटरनेशनल कराटे प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर शहर का नाम रोशन किया है। सुजानपुर में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में अरनव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। प्रतियोगिता में विशेष रूप से ग्रैंड मास्टर जोश फोंडुरा ब्लैक बेल्ट एवं चेयरमैन, इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ केंसनीकल (यूएसए) भी पहुंचे।
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे की शुरुआत गोरखपुर के जगदीशपुर से होगी और देवरिया होते हुए बिहार में प्रवेश करेगी। एक्सप्रेसवे से चार राज्यों में आवागमन बेहतर होगा। इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम शामिल हैं।
पटना को स्मार्ट सिटी बनाने के तमाम दावों और योजनाओं की पोल पटना जंक्शन के आसपास खुल रही है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब, अंडरग्राउंड सब-वे और स्टेशन एरिया री-डेवलपमेंट के नाम पर सरकारी खजाने से करोड़ों रुपए बहाए जा चुके हैं, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी जस की तस है। स्टेशन गोलंबर, महावीर मंदिर रोड, करबिगहिया साइड, टाटा पार्क और न्यू मार्केट का पूरा इलाका अवैध वेंडरों, ऑटो और टोटो की बेतरतीब कतारों से जाम रहता है। हालत यह है कि पटना जंक्शन की पार्किंग से बाहर निकलने के बाद यात्रियों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए भारी जद्दोजहद करनी पड़ती है। जाम में फंसकर लोगों की ट्रेनें छूट रही हैं। वहीं, नगर निगम, जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस का साझा अतिक्रमण हटाओ अभियान खानापूर्ति साबित हो रहा है। दोपहर में अभियान चलता है और शाम ढलते ही फुटपाथ से लेकर आधी सड़क तक दुकानें सज जाती हैं। आरोप है कि इस अवैध कब्जे के पीछे निचले अमले और स्थानीय दबंगों का सिंडिकेट काम कर रहा है, जिससे निगम की कार्रवाई की भनक वेंडरों को पहले ही लग जाती है। नाला रोड : मैनहोल धंसा, हादसे का खतरा वैसे तो शहर के सभी 75 वार्डों में जर्जर सड़कों के चलते लोग परेशान हैं, लेकिन कई इलाके ऐसे भी हैं, जहां की सड़कों पर जलजमाव भी हो जाता है। सरिस्ताबाद इलाके में मुख्य सड़क पूरी तरह से खराब हो गई है। इस सड़क पर जगह-जगह जलजमाव है, जिसके चलते स्थानीय निवासियों को घर से निकलने पर भी दिक्कत हो रही है। सड़कों की मरम्मत को लेकर कोई ठोस उपाय न तो नगर निगम कर रहा है और न ही सरकार के स्तर पर कोई प्लानिंग है। इसके चलते आम लोग पूरे समय परेशान रहते हैं। ग्राउंड रियलिटी : पांच प्वाइंट्स में समझें हालात 1. फुटपाथ गायब, सड़क पर दुकानें : स्टेशन गोलंबर से जीपीओ और स्टेशन रोड के दोनों किनारों पर पैदल चलने वालों के लिए बने फुटपाथ पूरी तरह गायब हो चुके हैं। फल, कपड़े और फास्ट फूड के ठेलों ने स्थायी कब्जा जमा लिया है। 2. 50 मीटर चलने में 25 मिनट : डाकबंगला चौराहा या जीपीओ से जंक्शन प्लेटफॉर्म तक पहुंचने में 20 से 30 मिनट लग रहे हैं। 50 मीटर का फासला तय करने में 25 मिनट का समय बर्बाद हो रहा है। 3. मुख्य सड़क पर अघोषित स्टैंड : सड़क का एक तिहाई हिस्सा अवैध ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के हवाले है। ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी में भी बीच सड़क पर ही सवारी बैठाने और उतारने की होड़ मची रहती है। 4. करबिगहिया छोर भी हुआ चोक : जंक्शन के मुख्य निकास पर दबाव घटाने के लिए करबिगहिया साइड को विकसित किया गया था, लेकिन वहां भी निजी वाहनों की अवैध पार्किंग और अनियंत्रित वेंडरों ने पूरे रास्ते को घेर लिया है। 5. वेंडिंग जोन कागजों में सीमित : फुटपाथी दुकानदारों को वेंडिंग जोन में शिफ्ट करने और आई-कार्ड जारी करने का निगम का प्रोजेक्ट कागजों से बाहर नहीं निकल सका है। पूर्व डिप्टी मेयर की शिकायत पर भी कागजी कार्रवाई पटना जंक्शन का इलाका नगर निगम के वार्ड संख्या-28 में आता है। यहां के पार्षद एवं पूर्व उपमहापौर विनय कुमार पप्पू ने सहयोग पोर्टल (आवेदन संख्या आरईएफ 743700) के जरिए महावीर मंदिर से गोरियाटोली तक अवैध बस-ऑटो स्टैंड और अतिक्रमण की शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि पुलिस विभाग ने रिपोर्ट में व्यवस्था सुचारू करने और अतिक्रमण हटाने का दावा कर मामले की महज खानापूर्ति कर दी, जबकि धरातल पर हालात आज भी बदतर हैं। वैसे तो शहर के सभी 75 वार्डों में जर्जर सड़कों के चलते लोग परेशान हैं, लेकिन कई इलाके ऐसे भी हैं, जहां की सड़कों पर जलजमाव भी हो जाता है। सरिस्ताबाद इलाके में मुख्य सड़क पूरी तरह से खराब हो गई है। इस सड़क पर जगह-जगह जलजमाव है, जिसके चलते स्थानीय निवासियों को घर से निकलने पर भी दिक्कत हो रही है। सड़कों की मरम्मत को लेकर कोई ठोस उपाय न तो नगर निगम कर रहा है और न ही सरकार के स्तर पर कोई प्लानिंग है। इसके चलते आम लोग पूरे समय परेशान रहते हैं। आप भी 8770590562 पर या ईमेल आईडी bhaskar.patna@dbcorp.in पर आप अपनी कॉलोनी, मोहल्ले और क्षेत्र की जर्जर सड़कें, जलजमाव, चोक ड्रेनेज व नालों की तस्वीरें भेजें। साथ ही कारण भी बताएं। हम इसको प्रकाशित करेंगे और जिम्मेदार अफसर व जनप्रतिनिधियों से बात करेंगे। जनता के चार सवाल...जवाब कौन देगा? 1. दुकानें फिर सजने पर : अतिक्रमण हटाने के चंद घंटे बाद ही दुकानें दोबारा कैसे सज जाती हैं? जंक्शन के आसपास फुटपाथी दुकानदारों को व्यवस्थित करने के लिए तय वेंडिंग जोन का प्रोजेक्ट अब तक जमीन पर क्यों नहीं उतरा? 2. अवैध स्टैंड और कब्जे पर : स्टेशन के 100 मीटर के दायरे को नो-पार्किंग और नो-वेंडिंग जोन घोषित किया गया है, फिर जवानों की तैनाती के बीच मुख्य सड़क पर अवैध ऑटो और टोटो का कब्जा किसके संरक्षण में बना हुआ है? 3. सिंडिकेट और वसूली पर : अतिक्रमण हटाओ अभियान खानापूर्ति तक सीमित क्यों है? फुटपाथों पर अवैध कब्जा कराने वाले दबंगों और सिंडिकेट के खिलाफ बीएनएस की गैर-जमानती धाराओं में एफआईआर दर्ज क्यों नहीं होती? 4. करोड़ों की बर्बादी पर : सब-वे और मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के निर्माण पर करोड़ों बहा दिए गए, लेकिन जब एंट्री और एग्जिट प्वाइंट ही चोक रहेंगे, तो जनता को इस पूरे प्रोजेक्ट का क्या फायदा मिलेगा?
दारोगा भर्ती:अंडरवियर में वॉकी-टॉकी छिपा कर परीक्षा हॉल में घुसा था अभ्यर्थी
गयाजी स्टेशन के रेस्टोरेंट में बना था वॉर-रूम, 15 सॉल्वर जुड़े थे दारोगा बहाली मुख्य परीक्षा में फर्जीवाड़े में गयाजी के रामपुर थाने द्वारा गिरफ्तार नालंदा निवासी आशुतोष कुमार के कबूलनामे ने डिजिटल नकल सिंडिकेट का सनसनीखेज खुलासा किया है। आशुतोष ने पुलिस को बताया कि उसके बहनोई और पीटी पास अभ्यर्थी मुन्ना कुमार उर्फ मुन्ना पासवान (एफआईआर में मुकेश कुमार) को मेरिट लिस्ट में लाने के लिए आरा के सेटर दीपक कुमार से 20 लाख रुपए में डील तय हुई थी। एडवांस के तौर पर मिले 30 हजार रुपए आशुतोष, दीपक और सोनू ने 10-10 हजार रुपए आपस में बांट लिये थे। योजना के तहत 27 मई को दूसरी पाली में मुन्ना मेटल डिटेक्टर की जांच से बचकर अंडरवियर में वॉकी-टॉकी किट छिपाकर गया कॉलेज केंद्र के भीतर घुस गया। परीक्षा शुरू होते ही मुन्ना ने अंदर से वॉकी-टॉकी पर 30-35 सवाल पढ़कर बाहर बताए। बाहर रामपुर शिव मंदिर के पास पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर सेटर दीपक ने सवाल सुने, उन्हें वाट्सएप ग्रुप पर सॉल्वरों को भेजा और वहां से मिले उत्तर वॉकी-टॉकी के जरिए मुन्ना को हल करवाए जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने सिंडिकेट को दबोच लिया। चेन ऑफ कस्टडी पर आयोग की चुप्पी, ईओयू भेजेगी तीसरा पत्र इधर, ईओयू की एसआईटी जांच में यह साबित हो चुका है कि 27 मई की मुख्य परीक्षा का पर्चा पहले ही लीक हो चुका था। खगौल के बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय केंद्र पर परीक्षा से पहले ही प्रश्नपुस्तिका का पैकेट फटा मिला था, जिसकी जानकारी आयोग को उसी दिन मिल गई थी। इसके बावजूद आयोग ने 119 दिनों तक मामला दबाए रखा। ईओयू अब यह कड़ियां जोड़ने में जुटी है कि सील आयोग के स्ट्रांग रूम में टूटी, वाहन में या केंद्र पर? दो बार मांगने के बाद भी आयोग स्ट्रांग रूम की सुरक्षा, वाहनों के रूट चार्ट और जीपीएस लॉग नहीं दे रहा है, जिसके लिए ईओयू अब तीसरा पत्र भेजने की तैयारी में है। आशुतोष के अनुसार, गिरोह परीक्षा से दो दिन पहले ही गयाजी रेलवे स्टेशन स्थित दरबार रेस्टोरेंट के एक कमरे में डेरा डाल चुका था। 27 मई की सुबह 7 बजे पटना के सगुना मोड़ निवासी सेटर अर्जुन कुमार और आरा के दीपक ने मिलकर एक वाट्सएप ग्रुप बनाया, जिसमें 10-15 सॉल्वरों को जोड़ा गया था। इसी बीच, प्रारंभिक परीक्षा में फरार चल रहे सेटरों की तलाश में ईओयू ने मधेपुरा, पूर्णिया और पटना में छापेमारी कर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे गुप्त स्थान पर पूछताछ जारी है।
मिठाइयों और मसालों में मिलावट के खुलासे के बाद दैनिक भास्कर की टीम ने पटना की सब्जी मंडियों की पड़ताल की तो मुनाफे के लिए सेहत से खिलवाड़ का खौफनाक सच सामने आया। भास्कर टीम ने दीघा हाट, राजापुर पुल, पुनाईचक और नेहरू नगर मंडी से सब्जियों के सैंपल एकत्र किए। निजी और मान्यता प्राप्त कॉन्गस्मेड फूड लैब में जांच कराई गई तो पता चला कि मंडियों में बिकने वाली 20-25 फीसदी सब्जियों में प्रतिबंधित केमिकल्स का इस्तेमाल हो रहा है। कोल्ड स्टोरेज के पुराने आलू को एसिड से धोकर और आर्टिफिशियल लाल मिट्टी में लपेटकर ‘ताजा नया’ बनाकर बेचा जा रहा है। वहीं, मशरूम को सफेद दिखाने के लिए ब्लीचिंग एजेंट, पोटैशियम बाइसल्फेट और व्हाइटनर का स्प्रे किया जा रहा है। सब्जियों को हरी और ताजी दिखाने के लिए मैसेकाइट ग्रीन और रसायनिक रंगों का प्रयोग किया जा रहा है। नमी बरकरार रखने के लिए वैक्स का लेप चढ़ाया जा रहा है। लैब रिपोर्ट : किस सब्जी में क्या मिला आलू (सभी 5 सैंपल फेल) : पुराने आलू के काले धब्बे और छिलके हटाने के लिए तेजाब (एसिड वॉश) का उपयोग किया गया, जिससे ऊपरी परत झुलसी मिली। इसके बाद लाल-भूरे रंग की कृत्रिम मिट्टी में रगड़कर इसे नया रूप दिया गया। मशरूम (3 में से 2 फेल) : मटमैले दाग हटाने और सफेद दिखाने के लिए ब्लीचिंग एजेंट और पोटैशियम बाइसल्फेट के घोल का इस्तेमाल मिला। बोरिंग रोड-पुनाईचक के एक पैकेट पर व्हाइटनर के अंश मिले। { बैंगन (5 में से 3 फेल) : नमी न सूखे और चमक बनी रहे, इसके लिए इंडस्ट्रियल पेट्रोलियम वैक्स की परत चढ़ाई गई थी। परवल और भिंडी (परवल के 5 में से 3, भिंडी के 5 में से 1 फेल) : बासी होने से छिपाने और गहरा हरा दिखाने के लिए प्रतिबंधित केमिकल मैलाकाइट ग्रीन के घोल में डुबोया गया था। खतरा क्या..... कॉन्गस्मेड फूड लैब के विशेषज्ञ डॉ. अजय कुमार के मुताबिक, टॉक्सिक केमिकल्स से लिवर सिरोसिस और किडनी फेल होने का जोखिम बढ़ता है। मैलाकाइट ग्रीन और कृत्रिम रंगों में कार्सिनोजेनिक तत्व होते हैं, जो कैंसर जैसी बीमारियों को जन्म देते हैं। बचाव के उपाय सब्जी को पकाने से पहले हल्के गुनगुने पानी में नमक मिलाकर 15-20 मिनट तक भिगोकर रखें। इसके बाद साफ पानी में रगड़कर धोएं।
पठानकोट|पावरकॉम द्वारा 11 केवी आनंदपुर फीडर और अबरोल नगर फीडर की जरूरी मरम्मत के चलते आज मंगलवार 3 नवंबर को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली सप्लाई बंद रखी जाएगी। जानकारी देते हुए एसडीओ नॉर्थ जतिंदर शर्मा ने बताया कि शटडाउन के चलते इंदिरा कॉलोनी की गली नंबर 1 से 8, भुल्ला चौक, शाहपुर रोड, काजिया मोहल्ला, न्यू बैंक कॉलोनी, न्यू शास्त्री नगर तथा मेन बाजार शाहपुर रोड सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली सप्लाई बंद रहेगी। एसडीओ जतिंदर शर्मा ने संबंधित क्षेत्रों के बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय को ध्यान में रखते हुए अपने जरूरी काम पहले ही निपटा लें।
अखिल भारतीय राम सम्मेलन की स्वर्ण जयंती पर शोभायात्रा 14 को
भास्कर न्यूज | पठानकोट श्री रघुनाथ भुवनेश्वरी मंदिर ट्रस्ट मीरपुर कॉलोनी की ओर से ट्रस्ट के मैनेजिंग डायरेक्टर राकेश महाजन पम्मी की अध्यक्षता में बैठक की गई। इसमें मुख्यातिथि वरिष्ठ ट्रस्टी पुरुषोत्तम महाजन व उनकी पत्नी वीना महाजन पहुंचे। कार्यक्रम में मातृशक्ति ने भी बढ़चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान ट्रस्ट द्वारा आयोजित की जा रही अखिल भारतीय राम सम्मेलन की 53वीं स्वर्ण जयंती को लेकर ट्रस्टियों एवं मातृशक्ति की ओर से पंडित कृष्ण गोसाईं द्वारा किए गए मंत्रोच्चारण के साथ जानकारी सांझा की गई। मैनेजिंग डायरेक्टर राकेश महाजन पम्मी ने बताया कि श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी प्रकाशानंद सरस्वती महाराज की अध्यक्षता में राम सम्मेलन की 53वीं स्वर्ण जयंती के उपलक्ष्य में 14 नवंबर को शाम 6 बजे शोभायात्रा निकाली जाएगी। 15 नवंबर को श्रीराम सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। 22 नवम्बर को श्री राम सम्मेलन का भोग डाला जाएगा । इस मौके पर ट्रस्टी सीपी जंडियाल, दविंद्र गुप्ता, योगेश गोयल, अमित शर्मा, अशोक महाजन तारा, दीपक गुप्ता, तरसेम चौधरी, पंकज गुप्ता, पंकज शर्मा, विनोद गुप्ता, निशांत महाजन सीए, देशबंधु गुप्ता, तरुण गुप्ता, ललित भाटिया, अरुण महाजन, महिला विंग की रवि गुप्ता, संतोष चौधरी, हर्ष, प्रोमिला गुप्ता, विमला देवी, इंदू महाजन, रानी, अनु गुप्ता, सुनीता जंडियाल, वीना महाजन, सुनीता महाजन, आशा रानी, प्रतिभा महाजन मौजूद थे।
वालीबॉल चैंपियन लीग में चमके त्रेहटी के जतिन का गांव पहुंचने पर स्वागत
भास्कर न्यूज | पठानकोट गांव त्रेहटी उपरली (हरियाल) के होनहार वालीबॉल खिलाड़ी जतिन पड़वाल का रविवार को अपने गांव पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। वालीबॉल चैंपियन लीग में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो बार बेस्ट प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड हासिल करने वाले जतिन ने जिले का नाम रोशन किया है। नोएडा में आयोजित वालीबॉल चैंपियन लीग के मुकाबलों में टीम मराठा में खेलते हुए जतिन ने अपने बेहतरीन खेल से सबका ध्यान आकर्षित किया है। इससे पहले जतिन ने भुवनेश्वर में आयोजित 26वीं युवा राष्ट्रीय वालीबॉल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। रविवार सुबह गांव पहुंचने पर पूर्व डिप्टी स्पीकर दिनेश सिंह बब्बू, श्री साईं इंजीनियरिंग ग्रुप के चेयरमैन एसके पुंज, गांव त्रेहटी उपरली के सरपंच सुरिन्द्र सिंह विक्की, गांव हरियाल के पूर्व सरपंच राजीव बिल्ला, गांव बुंगल के पूर्व सरपंच लाल सिंह, पूर्व सरपंच प्रमोद सिंह, समाज सेवक ठाकुर मान सिंह सहित विभिन्न गांवों के सरपंचों और गणमान्य लोगों ने जतिन का स्वागत किया। पूर्व डिप्टी स्पीकर दिनेश सिंह बब्बू ने कहा कि जतिन जैसे होनहार युवा ग्रामीण क्षेत्रों की सच्ची पहचान हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद कड़ी मेहनत और लगन से राष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल कर जतिन ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नहीं होती। उन्होंने उम्मीद जताई कि जतिन भविष्य में भारतीय राष्ट्रीय वालीबॉल टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे और अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का परचम लहराएंगे। सरपंच सुरिन्द्र सिंह विक्की और एसके पुंज ने भी जतिन के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी नशों से दूर रहकर खेलों की ओर आकर्षित होने की प्रेरणा देगी। इस मौके पर जतिन ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, कोच और ग्रामीणों के निरंतर सहयोग व आशीर्वाद को दिया। उसने कहा कि उसका अगला लक्ष्य देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतना है।
क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए अर्शविंदर का चयन
भास्कर न्यूज | अम्बाला एसए जैन सीनियर मॉडल स्कूल के क्रिकेटर अर्शविंदर का चयन सीबीएसई क्रिकेट नॉर्थ जोन-2 अंडर-17 बॉयज प्रतियोगिता 2026-27 के लिए हुआ है। प्रतियोगिता 24 से 30 अक्टूबर तक मदुरई के वेल्लामल स्कूल में आयोजित की गई। प्रतियोगिता की तैयारी के लिए 16 से 22 अक्टूबर तक प्री-नेशनल ट्रेनिंग कैंप लगाया गया। इसके बाद 23 अक्टूबर को टीम प्रतियोगिता स्थल के लिए रवाना हुई। स्कूल प्रबंधक समिति के प्रधान रजत जैन, उपाध्यक्ष डॉ. विनीत जैन, सचिव हितेश जैन, मैनेजर रितेश जैन, कोषाध्यक्ष सुनील जैन, सलाहकार रविकांत जैन और प्राचार्या डॉ. रेनू गहलावत ने अर्शविंदर के चयन की सराहना की।
लोक कलाकार बुधराम ने लगाए भेदभाव के आरोप
भास्कर न्यूज | अम्बाला कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में अक्टूबर 2026 में आयोजित युवा महोत्सव के निर्णायक मंडल की चयन सूची को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। 75 वर्षीय वरिष्ठ हरियाणवी लोकनृत्य कलाकार एवं कला विशेषज्ञ बुधराम ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर कथित जातीय भेदभाव का आरोप लगाया है। उन्होंने कुलपति प्रोफेसर असीम कुमार घोष और हरियाणा के राज्यपाल को शिकायत भेजकर चयन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायत की प्रति हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग को भी भेजी गई है। बुधराम ने शिकायत में कहा कि उन्हें हरियाणवी लोक संगीत एवं लोकनृत्य के क्षेत्र में 53 साल का अनुभव है। राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल करने और विश्वविद्यालय के लिए योगदान देने के बावजूद निर्णायक मंडल की चयन सूची में उन्हें उचित स्थान नहीं दिया गया। उन्होंने इसे अपनी सामाजिक पहचान से जोड़ते हुए जातीय भेदभाव की आशंका जताई है। बुधराम ने शिकायत में खुद को वाल्मीकि समाज से संबंधित अनुसूचित जाति का सदस्य बताते हुए आरोप लगाया कि लंबे अनुभव और सांस्कृतिक योगदान के बावजूद निर्णायक मंडल में जगह नहीं मिलना जातीय भेदभाव का मामला हो सकता है। उन्होंने कहा कि कलाकार की पहचान उसकी प्रतिभा, अनुभव और उपलब्धियों से होनी चाहिए, जाति से नहीं। उन्होंने विश्वविद्यालय से निर्णायक मंडल की चयन सूची की समीक्षा करने, वरिष्ठ लोक कलाकारों को योग्यता के अनुरूप सम्मान देने और भविष्य में चयन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं भेदभावमुक्त बनाने की मांग की है। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने की अपील की है। राष्ट्रीय युवा महोत्सव में टीम को दिलाए पुरस्कार बुधराम के अनुसार, 2001 से 2005 तक उनके नृत्य निर्देशन में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की हरियाणवी समूह नृत्य टीम ने राष्ट्रीय युवा महोत्सव में प्रथम और द्वितीय पुरस्कार हासिल किए थे। उन्होंने खोड़िया, खेड़ड़ा लोकनृत्य और हरियाणवी पॉप-डांस के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार में भी योगदान का उल्लेख किया है। उनका दावा है कि उन्होंने सैकड़ों छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण देकर हरियाणवी लोक संस्कृति से जोड़ा। उनके प्रशिक्षित विद्यार्थी सिनेमा, शोध और नृत्य निर्देशन के क्षेत्र में काम कर रहे हैं।
दीपावली-छठ पर 5 राज्यों से चलेंगी 200 स्पेशल बसें, किराया में 30 फीसदी छूट
दीपावली और छठ महापर्व के मौके पर बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने दूसरे राज्यों में रहने वाले बिहारवासियों के लिए विशेष बस सेवा की शुरुआत की है। 5 से 20 नवंबर के बीच दिल्ली, हरियाणा, यूपी, झारखंड और पश्चिम बंगाल से करीब 200 विशेष बसें चलेंगी। रविवार से ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो गई है। पटना के लिए दिल्ली से 13, हरियाणा से 7, झारखंड से 4, मुजफ्फरपुर के लिए दिल्ली से 34, दरभंगा के लिए हरियाणा से 22, दिल्ली से 6, पूर्णिया के लिए हरियाणा से 18, दिल्ली से 12, गया के लिए दिल्ली से 10, झारखंड से 6, हरियाणा से 2 आैर यूपी से 2 बसें चलेंगी। परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने कहा कि एसी सीटर आैर स्लीपर बस के किराया पर 30 प्रतिशत से अधिक सब्सिडी दी जा रही है। किराया चार्ट पटना-दिल्ली के बीच नॉन एसी स्लीपर और एसी सीटर बस की भी सुविधा है। नॉन एसी स्लीपर का किराया 1483 रुपए आैर एसी सीटर का 1318 रुपए है। कब से कब तक चलेंगी : 5 नवंबर से 20 नवंबर तक किन राज्यों से : दिल्ली, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड बुकिंग : वेबसाइट bsrtc.bihar.gov.in पर गंगा घाटों और पहुंच पथों पर लगेंगी 47 हजार लाइटें छठ महापर्व के दौरान गंगा घाटों और पहुंच पथों पर 40 हजार से अधिक अस्थायी लाइटें लगाई जाएंगी। वर्तमान में पटना नगर निगम क्षेत्र के गंगा घाटों और पहुंच पथों पर 50 हाइमास्ट लाइट और करीब 2200 स्ट्रीट लाइटें लगी हुई हैं। महापर्व के अवसर पर करीब 47 हजार अस्थायी लाइटें लगाई जाएंगी। इनमें करीब 30 हजार फ्लड एवं मेटल लाइट और 17 हजार ट्यूबलाइट शामिल हैं। गंगा घाटों के साथ-साथ तालाबों आैर पार्कों में भी विशेष प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। उधर, शहर की सड़कों, गली-मोहल्लों और सार्वजनिक स्थलों को भी दूधिया रोशनी से जगमग करने की तैयारी है। एक ओर खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत का कार्य अंतिम चरण में है, वहीं वार्डों में अतिरिक्त स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। रविवार को पहली खेप में सभी वार्डों को 1800 अतिरिक्त लाइटें उपलब्ध कराई गईं। पहले चरण में वार्डों में 50-50 लाइटें लगाई जाएंगी। इसके बाद जरूरत के हिसाब से संख्या बढ़ेगी। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने लाइट लगाने का काम सीमा पर पूरा करने को कहा है। पहुंच मार्ग बनाना चुनौती : नगर निगम की टीम लगातार छठ घाटों का निरीक्षण कर रही है। अधिकतर जगहों पर अभी पहुंच मार्ग बनाने की चुनौती है। बांसघाट और एलसीटी घाट तक पहुंचने के लिए एप्रोच रोड बनाना मुश्किल लग रहा है। यहां दलदली मिट्टी होने के चलते काम करने में दिक्कत हो रही है। इसी तरह कई घाटों पर अभी बांस-बल्ली से बैरिकेडिंग का काम शुरू नहीं किया जा सका है। दो दिन तक बारिश के चलते घाटों को तैयार करने की चुनौती बढ़ गई है। अब धूप निकलने के बाद कुछ स्थिति सुधरने की उम्मीद है।
मैराथन में दौड़े रिवरसाइड डीएवी स्कूल के विद्यार्थी
अम्बाला| कैंट स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल रिवरसाइड की ओर से वॉर हीरोज मेमोरियल स्टेडियम में मैराथन आयोजित की गई। इसमें कक्षा 6वीं से 12वीं तक के सैकड़ों विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। मैराथन का शुभारंभ प्रधानाचार्या डॉ. सीमा दत्त ने हरी झंडी दिखाकर किया। कनिष्ठ वर्ग में कक्षा 6 से 8 के छात्र वर्ग में हरकित (8-ए) ने पहला, अर्पित (8-सी) ने दूसरा और प्रभजोत (7-सी) ने तीसरा स्थान हासिल किया। छात्रा वर्ग में प्रज्ञा (7-बी) प्रथम, नूरप्रीत (8-ए) द्वितीय और पलक (8-डी) तृतीय स्थान पर रहीं। इसी प्रकार वरिष्ठ वर्ग में कक्षा 9 से 12 के छात्र वर्ग में लोकेश (11-सी1) प्रथम, वंश (11-एम) द्वितीय और बवनीत (9-ए) तृतीय रहे। छात्रा वर्ग में जैसमीन (9-ए) ने पहला और किंजल (10-डी) ने दूसरा स्थान हासिल किया। इशिता (12-एम) और वेदांती (10-डी) संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहीं। प्रधानाचार्या ने कहा कि सभी विजेताओं को विद्यालय के आगामी वार्षिकोत्सव में विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
ऑब्जर्वेशन होम के बच्चों ने सीखा साबुन बनाना
अम्बाला |ऑब्जर्वेशन होम में रह रहे बच्चों ने साबुन बनाने का हुनर सीखा। जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की ओर से आयोजित कार्यशाला में बच्चों ने अपने हाथों से साबुन तैयार किए। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं डीएलएसए अध्यक्ष वीरेंद्र मलिक और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं डीएलएसए सचिव गीतांजलि गोयल ने बच्चों के बनाए साबुन देखे और उनके हुनर की सराहना की। कार्यशाला में जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहित जैन, सचिव और संयुक्त सचिव हिमांशी भी मौजूद रहे। न्यायाधीशों और बार एसोसिएशन के सदस्यों ने बच्चों से बातचीत कर उनका उत्साह बढ़ाया। कार्यशाला के दौरान बच्चों ने साबुन बनाने की प्रक्रिया सीखी और तैयार उत्पादों के जरिए अपनी रचनात्मकता दिखाई।
19 साल के बाद अम्बाला को टेबल टेनिस में मिला कांस्य पदक
भास्कर न्यूज | अम्बाला तीसरी हरियाणा स्टेट रैंकिंग टेबल टेनिस चैंपियनशिप-2026 के दूसरे दिन सुभाष पार्क के साथ बने बैडमिंटन हॉल में रोमांचक मुकाबले हुए। प्रतियोगिता में अम्बाला के शिवांक मित्तल ने 19 साल बाद जिले को टेबल टेनिस में कांस्य पदक दिलाया। अंडर-11 लड़कों के क्वार्टर फाइनल में शिवांक ने पंचकूला के गुरनेक सिंह को 11-8, 11-7, 6-11, 7-11, 11-9 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इसके साथ ही उनका पदक पक्का हो गया। हालांकि सेमीफाइनल में उन्हें फरीदाबाद के ग्रंथ डुकलान ने 11-5, 11-9, 15-13 से हराया। अंडर-11 लड़कों के फाइनल में गुरुग्राम के हृदयान यादव ने फरीदाबाद के ग्रंथ डुकलान को 3-1 से हराकर खिताब जीता। फाइनल का स्कोर 11-4, 13-11, 9-11, 11-2 रहा। दूसरे सेमीफाइनल में हृदयान यादव ने फरीदाबाद के सात्विक त्यागी को 11-9, 11-6, 11-9 से हराया था। पहले सेमीफाइनल में ग्रंथ डुकलान ने शिवांक मित्तल को हराकर फाइनल में जगह बनाई।
साहा में अवैध पार्किंग से सड़कें संकरी, रोजाना लग रहा जाम
भास्कर न्यूज | साहा साहा की प्रमुख सड़कों और बाजारों में अवैध पार्किंग के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। वाहन चालक सड़क किनारे कहीं भी गाड़ियां खड़ी कर देते हैं, जिससे सड़कें संकरी हो जाती हैं और जाम लग जाता है। इससे राहगीरों, दुकानदारों और वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थानीय निवासी मनीष, सुखबीर, सुरेंद्र, अरविंद और राहुल ने बताया कि कस्बे में अवैध पार्किंग की समस्या लगातार बढ़ रही है। व्यस्त समय में सड़कों पर वाहनों की कतारें लग जाती हैं और लोगों को जाम में फंसना पड़ता है। कई बार एंबुलेंस और अन्य जरूरी वाहनों को भी रास्ता मिलने में परेशानी होती है। पुलिस निगरानी बढ़ाने की मांग स्थानीय लोगों ने साहा थाना प्रभारी धर्मवीर से अवैध पार्किंग करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करने और प्रमुख स्थानों पर पुलिस निगरानी बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो यातायात व्यवस्था और बिगड़ सकती है। लोगों ने प्रशासन से जाम की समस्या दूर करने के लिए ठोस व्यवस्था करने की अपील की है।
डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा कराएं 30 नवंबर तक
अम्बाला | रक्षा पेंशनभोगी 30 नवंबर 2026 तक डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करवा सकेंगे। इसके लिए छावनी में जगाधरी रोड स्थित स्पर्श सेवा केंद्र पर राष्ट्रीय डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (डीएलसी) अभियान 5.0 चलाया जा रहा है। अभियान के तहत आर्मी, नेवी, एयरफोर्स और रक्षा सिविलियन पेंशनभोगियों को सर्टिफिकेट जमा करवाने की प्रक्रिया में सहायता दी जाएगी। सहायक लेखा अधिकारी सहजवीर सिंह ने पात्र पेंशनभोगियों से अभियान का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि पेंशनभोगी निर्धारित समयसीमा में केंद्र पहुंचकर यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें पंजीकृत मोबाइल नंबर, आधार कार्ड और बैंक पासबुक की प्रति साथ लानी होगी। स्पर्श सेवा केंद्र एलएओ/डीएडी कॉम्प्लेक्स के पीछे, ग्रेस पैलेस के पास, जगाधरी रोड, अम्बाला छावनी में स्थित है। पेंशनभोगी 30 नवंबर तक यहां पहुंचकर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करवा सकते हैं।
राय मार्केट की पार्किंग में कूड़े में लगाई जा रही आग
अम्बाला |कैंट की राय मार्केट के पीछे बनी पार्किंग में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। हवा चलने पर कूड़ा उड़कर सड़क तक पहुंच जाता है, जिससे लोगों को परेशानी होती है। स्थानीय निवासी राजीव कुमार के अनुसार, शाम के समय कुछ लोग कूड़े में आग भी लगा देते हैं। इससे परेशानी और बढ़ जाती है। उन्होंने नगर परिषद से पार्किंग की नियमित सफाई करवाने, समय पर कूड़ा उठाने और इसका उचित निस्तारण करने की मांग की है। - राजीव कुमार, निवासी कैंट।
पांच नवंबर को खुलेगा शहीद स्मारक, कैंट बनेगा पर्यटन केंद्र
भास्कर न्यूज | अम्बाला कैंट की पहचान अब सैन्य इतिहास और व्यापार के साथ पर्यटन केंद्र के रूप में भी बनेगी। 1857 की क्रांति को समर्पित शहीद स्मारक का 5 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उद्घाटन करेंगे। करीब 800 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस स्मारक में 22 गैलरियां बनाई गई हैं। इन्हें देखने में करीब 6 घंटे लगेंगे। 63 मीटर ऊंचे मेमोरियल टावर पर स्काई कैफे, हाई स्पीड लिफ्ट और दूरबीन से शहर देखने की सुविधा भी होगी। ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने रविवार को बीपीएस प्लेनेटोरियम में भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अम्बाला की धरती से आजादी की पहली लड़ाई का बिगुल बजा था और इस इतिहास पर हर नागरिक को गर्व होना चाहिए। विज ने कहा कि हरियाणा के स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थियों को स्मारक निशुल्क दिखाने की योजना है, ताकि नई पीढ़ी आजादी के संघर्ष और गुमनाम शहीदों के योगदान को समझ सके। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से 5 नवंबर को गांधी ग्राउंड में होने वाले उद्घाटन कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया। विज के अनुसार, उन्होंने हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर स्मारक की जानकारी दी थी। शाह ने इसके निर्माण की सराहना की। 22 गैलरियों में दिखेगी 1857 की क्रांति की कहानी स्मारक में 1857 की क्रांति और देश के अलग-अलग हिस्सों में हुए संघर्षों को प्रदर्शित किया जाएगा। शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए अलग गैलरी बनाई गई है, जहां श्रद्धांजलि देने वालों का डिजिटल रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। परिसर में 2500 दर्शकों की क्षमता वाला ओपन एयर थिएटर, फूड कोर्ट और वॉटर बॉडीज बनाई गई हैं। लाइट, लेजर और साउंड शो के माध्यम से भी इतिहास को दिखाया जाएगा। मेमोरियल टावर में दो हाई स्पीड लिफ्ट और सबसे ऊपरी मंजिल पर स्काई कैफे बनाया गया है। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से कारोबार को मिलेगा लाभ विज ने कहा कि स्मारक शुरू होने से छावनी में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी। इससे होटल, खानपान, परिवहन और बाजार से जुड़े कारोबार को लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने चंडीगढ़ की तर्ज पर अम्बाला में टूरिस्ट बस चलाने का विचार भी रखा। इसके प्रस्तावित रूट में शहीद स्मारक, साइंस सेंटर, बैंक स्क्वेयर और सुभाष पार्क को शामिल करने की योजना है। पर्यटकों को सदर बाजार में खरीदारी का अवसर भी मिलेगा।
अतिरिक्त धान की खरीद आज से, आवेदनों का सत्यापन शुरू
भास्कर न्यूज | अम्बाला जिले की मंडियों में निर्धारित सीमा से अतिरिक्त धान की खरीद का रास्ता साफ होने लगा है। अतिरिक्त धान बेचने के लिए किसानों के आवेदनों का सत्यापन शुरू हो गया है। ऐसे में सोमवार से अतिरिक्त धान की खरीद शुरू होने की उम्मीद है। इससे उन सैकड़ों किसानों को राहत मिलेगी, जो प्रति एकड़ निर्धारित सीमा से अधिक धान होने के कारण अपनी फसल बेचने का इंतजार कर रहे थे। अब मार्केट कमेटी आवेदनों को सीधे पोर्टल पर अपलोड कर रही है। हालांकि, अभी तक जिले में कितने किसानों के धान का सत्यापन हुआ है और कितनी अतिरिक्त पैदावार को मंजूरी मिली है, इसका आंकड़ा सामने नहीं आया है। जिले की मंडियों में अब तक 4.69 लाख मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है। इसमें से 4.51 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। वहीं, 4.06 लाख मीट्रिक टन धान का उठान हुआ है। किसानों को अब तक 934 करोड़ रुपए का भुगतान भी किया जा चुका है। अतिरिक्त धान की खरीद शुरू होने से मंडियों में बाकी धान की खरीद को गति मिलने की उम्मीद है। पोर्टल के रिकॉर्ड और वास्तविक पैदावार का होगा मिलान अतिरिक्त धान की खरीद में सबसे बड़ी चुनौती पोर्टल पर दर्ज फसल और किसान के पास मौजूद वास्तविक पैदावार के बीच अंतर स्पष्ट करने की है। पोर्टल पर किसान की दर्ज धान की मात्रा से यह पहचानना मुश्किल हो सकता है कि उसके पास मौजूद धान पहले से दर्ज और लंबित पैदावार है या निर्धारित सीमा से अतिरिक्त है। ऐसे में सत्यापन के दौरान इस अंतर को स्पष्ट करना जरूरी होगा, ताकि वास्तविक अतिरिक्त पैदावार वाले किसानों को ही इसका लाभ मिल सके।
फेंसिंग चैंपियनशिप में प्रभकरण ने जीता सिल्वर मेडल
अम्बाला | कैंट के दयाल बाग निवासी प्रभकरण सिंह ने 31वीं जूनियर हरियाणा स्टेट फेंसिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता है। हांसी (हिसार) में 26 से 28 अक्तूबर तक आयोजित प्रतियोगिता में प्रदेशभर के 43 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। प्रभकरण ने जूनियर वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए शुरुआती मुकाबलों से ही अपनी बढ़त बनाए रखी और फाइनल तक का सफर तय कर रजत पदक अपने नाम किया। अम्बाला कैंट लौटने पर प्रभकरण का स्वागत किया गया। खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग के फेंसिंग कोच विकास और साथी खिलाड़ियों ने फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया।
5 को अमित शाह करेंगे शहीद स्मारक का उद्घाटन
अम्बाला| अम्बाला में 1857 की क्रांति के इतिहास को समर्पित शहीद स्मारक का 5 नवंबर को उद्घाटन होगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस स्मारक का उद्घाटन करेंगे। करीब 800 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस स्मारक में 22 गैलरियों के माध्यम से देशभर में हुई क्रांति की घटनाओं और स्वतंत्रता संग्राम की गाथा को प्रदर्शित किया जाएगा। ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर मुलाकात कर स्मारक की जानकारी साझा की। उन्होंने परियोजना की विशेषताओं और यहां प्रदर्शित की जाने वाली ऐतिहासिक घटनाओं के बारे में विस्तार से बताया। अम्बाला में निर्मित यह स्मारक 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी घटनाओं और बलिदानियों की स्मृतियों को संजोने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसकी 22 गैलरियों में देश के विभिन्न हिस्सों में हुई क्रांति की घटनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे आने वाली पीढ़ियों को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और क्रांतिकारियों के योगदान को जानने का अवसर मिलेगा। 5 नवंबर को प्रस्तावित उद्घाटन के साथ यह स्मारक अम्बाला के ऐतिहासिक महत्व को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है।
उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम की बैठक 2 को
अम्बाला | यूएचबीवीएन के ऑपरेशन सर्कल क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों के निवारण के लिए उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम की विशेष बैठक 2 नवंबर को होगी। बैठक बलदेव नगर, चंडीगढ़ रोड पर अजीत पेट्रोल पंप के पास स्थित अधीक्षक अभियंता कार्यालय में सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक चलेगी। जिन उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति, बिलिंग या अन्य सेवाओं से जुड़ी समस्याएं स्थानीय स्तर पर हल नहीं हो सकीं, वे इस फोरम के सामने अपनी शिकायत रखकर समाधान पा सकते हैं। फोरम में न्यायालय में विचाराधीन प्रकरण, दो वर्ष से अधिक पुराने मामले और बिजली चोरी से संबंधित शिकायतें नहीं सुनी जाएंगी।
नवनियुक्त पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे
भास्कर न्यूज |अम्बाला सर्वधर्म समाज कल्याण सोसायटी, अम्बाला की एक विशेष बैठक बसन्त बिहार स्थित सोसायटी कार्यालय में आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता चेयरमैन निर्मल सिंह रंधावा ने की। इस दौरान संस्था का विस्तार करते हुए नवनियुक्त पदाधिकारियों को उनके नियुक्ति पत्र सौंपे गए। बैठक में देवेन्द्र शर्मा को प्रधान, एडवोकेट देवी दयाल भारद्वाज को महासचिव, राष्ट्रपति अवार्डी राजेन्द्र कौशिक को कन्वीनर और धर्म सिंह जस्सल को कार्यकारी प्रधान नियुक्त किया गया। इसके अलावा जगदीश लाल शर्मा को मुख्य सलाहकार, एडवोकेट अरुण कुमार कौशिक को कानूनी सलाहकार, संजय गौड़ को सचिव, सुभाष शर्मा को प्रेस इंचार्ज तथा जोगेन्द्र सिंह व सुखविन्दर सिंह को लाइजनिंग ऑफिसर बनाया गया। सुशील बख्शी, सुरेश कुमार नरैया व लोकेश कुमार शर्मा को कार्यकारिणी सदस्य मनोनीत किया गया। नवनियुक्त प्रधान देवेन्द्र शर्मा ने बताया कि 7 नवम्बर (शनिवार) को प्रातः 11 बजे दीवाली मिलन समारोह आयोजित किया जाएगा।
108 आहुतियों के साथ हवन कर मांगी सुख-समृद्धि
भास्कर न्यूज | अम्बाला नग्गल करधान स्थित भगवान परशुराम मंदिर में रविवार को भगवान परशुराम सेवा समिति की ओर से मासिक हवन यज्ञ कराया गया। कार्तिक मास के उपलक्ष्य में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच 108 आहुतियां अर्पित की गईं। श्रद्धालुओं ने परिवार, समाज और देश की सुख-समृद्धि, शांति व खुशहाली की कामना की। पंडित ओम शास्त्री ने विधि-विधान से हवन संपन्न करवाया। समिति के उपप्रधान एवं मुख्य यजमान रविंद्र बिल्ला शर्मा ने पत्नी प्रवीण शर्मा और परिवार सहित आहुतियां अर्पित कीं। हवन के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भागीदारी रही। कार्तिक मास के उपलक्ष्य में पूजा-पाठ और दान-पुण्य किया गया। अनुष्ठान के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। समिति के सचिव राजेश गोल्डी शर्माने बताया कि समिति की ओर से प्रत्येक महीने के पहले रविवार को मंदिर में मासिक हवन यज्ञ कराया जाता है। इसमें समिति के पदाधिकारी, सदस्य और श्रद्धालु भाग लेते हैं।
श्री रविदास जन्मोत्सव पर सत्संग, खेड़ा ने भेंट किया पानी का टैंकर
भास्कर न्यूज | साहा कालपी स्थित श्री गुरु रविदास सत्संग भवन में श्री गुरु रविदास जी के जन्मोत्सव पर मासिक सत्संग का आयोजन किया गया। गद्दी नशीन संत श्याम लाल की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य मनोज खेड़ा ने मुख्य रूप से शिरकत की। उन्होंने गुरु रविदास जी की वाणी का प्रचार-प्रसार करते हुए एकता, बंधुत्व और समानता का संदेश दिया। इस दौरान मनोज खेड़ा ने सत्संग भवन में आने वाली साध-संगत के लिए पीने के पानी का टैंकर दान किया। उन्होंने आश्रम में आगे भी सेवा जारी रखने की बात कही। सत्संग भवन कमेटी और साध-संगत ने उनका आभार जताया। कार्यक्रम के समापन पर साध-संगत के लिए भंडारे का आयोजन किया गया।इस अवसर पर चेयरमैन शेर सिंह, उपप्रधान डॉ. कालाराम, कैशियर राजेंद्र सिंह, उप कैशियर डॉ. नरेश सारण, सलाहकार डॉ. नरेश, हंसराज, सहीराम, सुरेंद्र धनौरा, सतपाल बिहटा, कश्मीरी लाल, बलवीर, विनोद हरडा, संदीप बुडियो, गंगा रानी, निर्मला रानी, गुरप्रीत कौर, किरण देवी, सुरेंद्र देवी और रजनी नागरा मौजूद रहे।
आश्रम में निराश्रितों संग मनाई दीपावली
भास्कर न्यूज | अम्बाला दीपावली से पहले सामाजिक संस्था ‘आशा एक प्रयास’ की 20 सदस्यीय टीम ने गांव बुलाना स्थित अपना घर आश्रम में सेवा कार्य किया। टीम ने आश्रम में रह रहे करीब 60 निराश्रित लोगों को सर्दी से बचाव के लिए गर्म बनियानें, दो-दो लड्डुओं के पैकेट और फल बांटे। सदस्यों ने उनके साथ समय बिताकर त्योहार की खुशियां साझा कीं। इस दौरान संस्था के संरक्षक डॉ. प्रदीप शर्मा स्नेही, डॉ. यूडी शर्मा, प्रधान प्रेम भाटिया, वरिष्ठ उपप्रधान अजय बख्शी, महासचिव राकेश गर्ग शामिल रहे।
ऊपर Video पर क्लिक करें और देखें... आज यूपी की राजनीति और सरकारी विभागों की कौन सी बात खरी है… -------------- शनिवार, 31 अक्टूबर का ''बात खरी है'' भी देखें- शादी से पहले शिक्षा मंत्री का करवा चौथ मना:इकरा हसन को गुस्सा आया, अखिलेश की CID 'चच्चू के चेले' को खोज रही शुक्रवार, 30 अक्टूबर का ''बात खरी है'' भी देखें- अखिलेश के लिए 'राजा' ने रखा करवा चौथ:MLC चुनाव में हार पर रविकिशन बोले- बम-बम होगा; लेट-लेटकर अफसरों तक पहुंची महिला -----------गुरुवार, 29 अक्टूबर का ''बात खरी है'' भी देखें- भाजपा ने बढ़ाई चुनाव आयोग की टेंशन:रो-रोकर जीते MLC कब मुस्लिम बनेंगे, दिव्या मित्तल को नहीं चाहिए नेता------------- बुधवार, 28 अक्टूबर का ''बात खरी है'' भी देखें- अखिलेश मुस्कुराते हुए बोले- यहां सिर्फ गुलदस्ता दे रहे हो:मंत्रीजी 'कुछ दिन के मेहमान' कहकर टांग खींची, विकास बोल नहीं पाए MLC मंगलवार, 27 अक्टूबर का ''बात खरी है'' भी देखें- अखिलेश के ऑफिस में 'भगदड़' जैसा माहौल:पूर्व BJP विधायक की दिलजले वाली शायरी, इश्क में फरार इंस्पेक्टर-सिपाही --------- कल सुबह 6 बजे फिर होगी खरी बात… बने रहिए दैनिक भास्कर एप के साथ…
संतान की सलामती के लिए माताओं ने रखा अहोई अष्टमी का निर्जला व्रत
भास्कर न्यूज | अम्बाला संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन की कामना के साथ माताओं ने अहोई अष्टमी पर निर्जला व्रत रखा। रविवार को घरों और मंदिरों में अहोई माता की पूजा-अर्चना हुई। महिलाओं ने दिनभर अन्न-जल त्यागकर व्रत किया और दोपहर में बुजुर्ग महिलाओं से अहोई माता की कथा सुनी। शाम को विधि-विधान से पूजा करने के बाद रात में तारों को अर्घ्य देकर व्रत खोला। वहीं, संतान की कामना रखने वाली महिलाओं ने भी अहोई माता की आराधना कर परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की। बता दें कि सुबह से ही महिलाएं रोली, मौली, चावल और अन्य पूजा सामग्री लेकर मंदिरों में पहुंचीं। कई जगह महिलाओं ने समूह में बैठकर अहोई माता की कथा सुनी, जबकि कई परिवारों में घर पर ही पूजा की गई। व्रती महिलाओं ने मिट्टी के पात्र में पानी भरकर रोली, अक्षत और दूध से पूजा की। इसके बाद सास, अपने बड़े या घर की किसी लड़की को अहोई देकर दान-दक्षिणा दी और उनका आशीर्वाद लिया। रात को तारों के दर्शन कर अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण किया। अहोई माता की श्रद्धालुओं ने आराधना की : वैदिक ज्योतिषी अनिल पराशर ने बताया कि अहोई माता की कथा में एक साहूकार की पत्नी का प्रसंग आता है। दीपावली से पहले घर की लिपाई-पुताई के लिए मिट्टी खोदते समय अनजाने में उससे साही के बच्चे की मृत्यु हो जाती है। इससे दुखी साही की माता उसे श्राप देती है। इसके बाद साहूकार के सातों बेटों की मृत्यु हो जाती है। दुखी महिला एक सिद्ध महात्मा के पास पहुंचकर अपनी व्यथा बताती है। महात्मा उसे अष्टमी के दिन भगवती माता का ध्यान करने, साही और उसके बच्चों का चित्र बनाकर आराधना करने व भूल के लिए क्षमा मांगने का उपाय बताते हैं। मान्यता है कि अहोई माता की कृपा से महिला को दुख से मुक्ति मिलती है। इसी आस्था के साथ महिलाएं अहोई अष्टमी पर संतान की रक्षा और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।
हरियाणवी नृत्य और गीतों में दिखी प्रदेश की संस्कृति
भास्कर न्यूज | अम्बाला कहीं हरियाणवी नृत्य में प्रदेश की माटी की महक दिखी तो कहीं ‘देशां में देश हरियाणा, जित दूध-दही का खाणा’ के सुर गूंजे। हरियाणा गठन के 60 साल पूरे होने पर रविवार को शहर के पंचायत भवन में जिला स्तरीय हीरक जयंती समारोह आयोजित किया गया। विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और कलाकार सन्नी स्वराग के देशभक्ति गीतों ने समारोह में हरियाणवी संस्कृति के रंग बिखेरे। राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रामपुर सरसेहड़ी के विद्यार्थियों ने हरियाणवी नृत्य प्रस्तुत किया। राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, पुलिस लाइन के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत गाया। छात्रा जानवी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कलाकार सन्नी स्वराग ने ‘जय-जय-जय हरियाणा’ और ‘देशां में देश हरियाणा, जित दूध-दही का खाणा’ सहित देशभक्ति गीत सुनाए। 60 साल की विकास यात्रा पर भी डाला प्रकाश : जिला परिषद के सीईओ गगनदीप ने हरियाणा के 60 साल पूरे होने को गर्व का विषय बताया। भाजपा जिला अध्यक्ष मनदीप राणा ने कृषि, खेल और विकास के क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले हरियाणा के खिलाड़ियों का भी उल्लेख किया। कुरुक्षेत्र में हुए राज्य स्तरीय समारोह से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के संदेशों का वर्चुअल प्रसारण किया गया। सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की लघु फिल्म में प्रदेश की संस्कृति, खेल और कृषि क्षेत्र की उपलब्धियां दिखाई गईं। दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। मंच संचालन देवराज शर्मा ने किया।
सुख बाहरी सुविधाओं में नहीं, मन के विचारों में छिपा है: योगेशानंद
भास्कर न्यूज | अम्बाला मनुष्य सुख की तलाश में भौतिक वस्तुओं, सांसारिक उपलब्धियों और बाहरी परिस्थितियों के पीछे भागता रहता है, जबकि वास्तविक सुख का स्रोत उसके भीतर ही होता है। परिस्थितियां नहीं, बल्कि उन्हें देखने का नजरिया और मन में उठने वाले विचार ही सुख-दुःख का अनुभव कराते हैं। यह बात मॉडल टाउन स्थित दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान आश्रम में आयोजित साप्ताहिक सत्संग में स्वामी योगेशानंद ने कही। दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज के शिष्य स्वामी योगेशानंद ने कहा कि एक ही परिस्थिति में कोई व्यक्ति प्रसन्न रह सकता है, जबकि दूसरा दुखी हो सकता है। यदि सुख-दुःख केवल बाहरी परिस्थितियों पर निर्भर होते तो एक जैसी स्थिति में सभी की अनुभूति समान होती। वास्तव में मन की अवस्था और दृष्टिकोण ही व्यक्ति के अनुभवों को प्रभावित करते हैं। उन्होंने कहा कि मन में सकारात्मक, सुंदर और पवित्र विचार हों तो व्यक्ति सुख का अनुभव करता है। इसके विपरीत नकारात्मक और विकृत विचार दुख का कारण बनते हैं। इसलिए स्थायी सुख पाने के लिए बाहरी परिस्थितियों के साथ मन और विचारों में सकारात्मक बदलाव लाना भी जरूरी है। ब्रह्मज्ञान से मिलता है परम आनंद का मार्ग : स्वामी योगेशानंद ने कहा कि आत्मिक परिवर्तन के लिए पूर्ण सद्गुरु की शरण और आध्यात्मिक ज्ञान महत्वपूर्ण हैं। श्री आशुतोष महाराज द्वारा प्रदत्त ब्रह्मज्ञान मनुष्य को उसके वास्तविक स्वरूप से परिचित कराकर परमात्मा से जुड़ने का मार्ग दिखाता है। परमात्मा का स्वरूप सत्-चित्-आनंद है। इसका अनुभव क्षणिक सांसारिक उपलब्धियों और सुख-सुविधाओं पर निर्भर नहीं करता। उन्होंने जीवन में गुरु भक्ति, आध्यात्मिक ज्ञान और परमात्मा से जुड़ाव को महत्व देने का संदेश दिया। अंत में विश्व शांति के लिए सामूहिक ध्यान साधना के साथ सत्संग का समापन किया गया।
टिकट जांच में 627 यात्री पकड़े, वसूले
भास्कर न्यूज | अम्बाला ट्रेन में बिना टिकट या अनियमित टिकट लेकर सफर करना शनिवार को 627 यात्रियों को भारी पड़ा। अम्बाला रेल मंडल के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर चलाए गए विशेष टिकट जांच अभियान में इन यात्रियों से कुल 5 लाख 18 हजार 355 रुपए का राजस्व वसूला गया। मुख्यालयवार कार्रवाई में सहारनपुर की टीम सबसे आगे रही। टीम ने 272 मामले पकड़कर 2 लाख 18 हजार 360 रुपए वसूले। अम्बाला कैंट की टीम 171 मामलों में 1 लाख 50 हजार 620 रुपए की वसूली के साथ दूसरे स्थान पर रही। सीनियर डीसीएम के निर्देश पर ‘मुख्यालयवार चेक’ नाम से यह अभियान चलाया गया। इसकी निगरानी मंडल वाणिज्य प्रबंधक और सहायक वाणिज्य प्रबंधक ने की। अभियान के लिए मंडल के विभिन्न स्टेशनों और मुख्यालयों से टिकट जांच कर्मचारियों की टीमें तैनात की गई थीं। जांच में 321 यात्री बिना टिकट और 302 यात्री अनियमित टिकट पर सफर करते मिले। इसके अलावा अन्य श्रेणी के चार मामले भी दर्ज किए गए। मुख्यालयवार कार्रवाई में बठिंडा की टीम ने 97 मामलों में 75 हजार 125 रुपए, सिरसा की टीम ने 58 मामलों में 56 हजार 200 रुपए और पटियाला की टीम ने 29 मामलों में 18 हजार 50 रुपए वसूले। सीनियर डीसीएम यशनजीत सिंह ने बताया कि यात्रियों को वैध टिकट लेकर सफर करने के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं।
5.04 करोड़ से होंगे 35 विकास कार्य
भास्कर न्यूज | अम्बाला कैंट नगर परिषद क्षेत्र में सड़कों, जल निकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए करीब 5.04 करोड़ रुपए के 35 विकास कार्यों को मंजूरी मिली है। इनमें अलग-अलग वार्डों में सड़क निर्माण, सीवरेज और बरसाती पानी की पाइपलाइन बिछाने, नालियां बनाने और ओपन जिम तैयार करने के काम शामिल हैं। वार्ड 2 से 32 तक के विभिन्न क्षेत्रों को इन कार्यों में शामिल किया गया है। प्रस्तावित कार्यों में सबसे ज्यादा ध्यान गलियों की हालत सुधारने और पानी की निकासी व्यवस्था पर दिया गया है। वार्ड 4 के दलीपगढ़ में पाइपलाइन और सड़क निर्माण पर करीब 13.70 लाख रुपए खर्च होंगे। वार्ड 3 के सूर्या नगर में दो स्थानों पर पेवर ब्लॉक और नालियां बनाने के लिए क्रमश: 11.67 लाख और 10.98 लाख रुपए के काम शामिल हैं। वार्ड 7 के वशिष्ठ नगर में खुली नालियों में पाइप डालने पर करीब 20.50 लाख रुपए खर्च होंगे। वहीं, वार्ड 8 के दयालबाग ई-ब्लॉक और आसपास की कॉलोनियों में पाइपलाइन बिछाने के लिए 23.50 लाख रुपए का काम मंजूर किया गया है। वार्ड 12 की नई कॉलोनी और सुंदर नगर में सड़क निर्माण के काम भी होंगे। वार्ड 23 के मिलाप नगर में बरसाती पानी की निकासी के लिए पाइपलाइन बिछाने पर करीब 49.69 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है। वार्ड 32 में बीसी बाजार के पास दो स्थानों पर बाउंड्रीवॉल और ओपन जिम बनाने के लिए 20 लाख रुपए का बजट रखा गया है। इसके अलावा वार्ड 20, 24, 26, 27, 28 और 31 में भी सड़क निर्माण, नालियों और अन्य विकास कार्य कराए जाएंगे। बजट के अभाव में अटके थे काम नगर परिषद में लंबे समय से बजट की कमी के कारण कई विकास कार्य अटके हुए हैं। 16वें वित्त आयोग से भी परिषद को राशि नहीं मिल रही है। ऐसे में 5.04 करोड़ रुपए के इन कार्यों की मंजूरी से वार्डों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
ट्विन सिटी में 4 से 15 फीट तक की बंदनवार उपलब्ध, 10 रुपए से शुरू सजावटी सामान
भास्कर न्यूज | अम्बाला दिवाली पर घर की चौखट से हॉल तक सजाने के लिए बाजार में सजावटी सामान की रौनक बढ़ गई है। इस बार फूलों की लड़ियां, बेल वाले झूमर और हाथ से बने शुभ दीपावली पोस्टर खरीदारों को आकर्षित कर रहे हैं। बाजार में बंदनवार के 500 से ज्यादा डिजाइन उपलब्ध हैं। इनमें गेंदा, गुलाब, जैस्मिन के फूलों के साथ पत्तियों और नारियल वाले डिजाइन की ज्यादा मांग है। सजावट के सामान की कीमत महज 10 रुपए से शुरू हो रही है, जबकि हैंडमेड पोस्टर 350 रुपए तक में उपलब्ध हैं। दिवाली पर मुख्य दरवाजे को सजाने के लिए लोग बंदनवार और रंग-बिरंगी लटकनें खरीद रहे हैं। बाजार में 4 से 15 फीट तक की बंदनवार मिल रही हैं। दुकानदारों के अनुसार, 4 फीट वाली बंदनवार की सबसे ज्यादा बिक्री हो रही है। बरामदे और हॉल की सजावट के लिए फूल-पत्ती और बेल के डिजाइन वाले झूमर पसंद किए जा रहे हैं। छोटे कोनों को सजाने के लिए चार कोनों वाले झूमर भी उपलब्ध हैं। इनकी कीमत 10 से 200 रुपए तक है। शुभ-लाभ में भी धार्मिक आस्था के रंग : घर के प्रवेश द्वार पर शुभ-लाभ और स्वस्तिक लगाने की परंपरा के चलते धार्मिक आकृतियों वाले सजावटी सामान की भी मांग है। भगवान श्रीकृष्ण, माता लक्ष्मी और श्याम बाबा की आकृतियों वाले शुभ-लाभ लोगों को पसंद आ रहे हैं। बछड़े को दूध पिलाती गोमाता के डिजाइन भी बाजार में उपलब्ध हैं। दुकानदार गौरव के मुताबिक, इनकी कीमत 100 से 300 रुपए तक है। माता लक्ष्मी के चरण प्लास्टिक और लकड़ी में मिल रहे हैं, जिनकी कीमत 30 से 150 रु. तक है। गुजरात के हैंडमेड पोस्टर भी बने पसंद : सजावट के सामान में हाथ से बने शुभ दीपावली पोस्टर भी आकर्षण का केंद्र हैं। गुजरात से आए इन पोस्टरों में नारियल के डिजाइन से लेकर लकड़ी से बनी माता लक्ष्मी की आकृतियां शामिल हैं। इनकी कीमत 100 से 350 रुपए तक है। इसके अलावा चमकीली झालरों और देवी-देवताओं की मूर्तियों वाली लड़ियों की भी खरीदारी हो रही है। इन्हें घरों की चौखट पर सजाया जाता है।
नवंबर में दिन में धूप, अगले 10 दिन में सुबह-शाम बढ़ेगी ठंडक, बारिश के आसार नहीं
भास्कर न्यूज | अम्बाला नवंबर की शुरुआत में मौसम में दिन और रात के तापमान का अंतर महसूस होगा। दोपहर में धूप निकलने से गर्मी का अहसास होगा, जबकि सुबह और शाम को ठंडक बढ़ने लगेगी। अम्बाला में शुरुआती दिनों में अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है। इसके बाद 6 से 12 नवंबर के बीच दिन का पारा गिरकर 26 से 28 डिग्री तक आ सकता है। अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट से दोपहर की गर्माहट कम होगी। वहीं, उत्तरी हरियाणा के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान 10 से 12 डिग्री तक पहुंचने के संकेत हैं। 12 नवंबर तक बारिश की संभावना नहीं है। ऐसे में मौसम में बदलाव बारिश के बजाय दिन और रात के तापमान में अंतर के कारण महसूस होगा। डॉ. मदन खीचड़, विभागाध्यक्ष, कृषि मौसम विज्ञान विभाग, हकृवि दिन में धूप, सुबह-शाम ठंडक बढ़ेगी : नवंबर के पहले सप्ताह में धूप निकलने से दोपहर का मौसम अपेक्षाकृत गर्म रह सकता है। जिले में अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री रहने का अनुमान है, जबकि कुछ दिनों में यह 31 से 32 डिग्री तक पहुंच सकता है। दूसरे सप्ताह में अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री तक आने से दोपहर की गर्मी कम होगी। सुबह घर से निकलते और शाम को लौटते समय ठंडक अधिक महसूस हो सकती है। इस दौरान सुबह, दोपहर और शाम के मौसम में अंतर स्पष्ट रहेगा। { 1 नवंबर : न्यूनतम 17 डिग्री, अधिकतम करीब 30 डिग्री। { 2 नवंबर : न्यूनतम तापमान 16 डिग्री रहने की संभावना। { 3 से 6 नवंबर: न्यूनतम तापमान करीब 15 डिग्री रह सकता है। { 6 से 12 नवंबर: अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री रहने का अनुमान। { दूसरा सप्ताह: उत्तरी हरियाणा के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान 10 से 12 डिग्री तक पहुंचने के संकेत। दूसरे सप्ताह में रात का पारा भी गिरेगा : तापमान में सबसे बड़ा बदलाव दूसरे सप्ताह के दौरान देखने को मिल सकता है। पहले सप्ताह में दिन का पारा 30 डिग्री के आसपास या इससे ऊपर रहने का अनुमान है, जबकि 6 से 12 नवंबर के बीच यह 26 से 28 डिग्री तक रह सकता है। रात के तापमान में भी गिरावट के संकेत हैं। पहले सप्ताह में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान 14 से 16 डिग्री रहने का अनुमान है। वहीं, दूसरे सप्ताह में उत्तरी हरियाणा के कुछ हिस्सों में यह 10 से 12 डिग्री तक पहुंच सकता है। इससे सुबह और रात को ठंडक बढ़ेगी। हालांकि, कई शहरों में तापमान में अंतर रह सकता है।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव रविवार को दिल्ली में INDIA गठबंधन की रैली में शामिल हुए। यहां उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को जवाब दिया। साथ ही राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर कहा कि ऐसा करने वालों का सर्वनाश होगा। उधर, लखनऊ में सपा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने चुनाव आयोग पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। VIDEO देखिए…
कैंट स्टेशन के प्लेटफॉर्म-1 पर लगा डिजिटल लगेज लॉकर, किराया तय होना अभी बाकी
भास्कर न्यूज | अम्बाला कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर डिजिटल लगेज लॉकर (स्मार्ट क्लॉक रूम) लगाया गया है। शौचालय के पास स्थापित इस लॉकर में यात्री अपना सामान रख सकेंगे। प्लेटफॉर्म पर ही सुविधा होने से यात्रियों को सामान रखने या वापस लेने के लिए स्टेशन परिसर में दूर नहीं जाना पड़ेगा। लॉकर के संचालन और रखरखाव के लिए रेलवे ने तीन साल का टेंडर दिया है। इसके लिए कंपनी ने रेलवे को 10.98 लाख रुपए का शुल्क दिया है। हालांकि, यात्रियों से सामान रखने के लिए कितना शुल्क लिया जाएगा, यह अभी तय नहीं हुआ है। जानकारी के अनुसार, 40 से 50 रुपए प्रति घंटे का शुल्क प्रस्तावित है। मंजूरी के लिए फाइल अधिकारियों के पास भेजी गई है। डिजिटल लॉकर को टच स्क्रीन पैनल से बुक किया जा सकेगा। ऑनलाइन भुगतान के बाद यात्री को पासवर्ड या क्यूआर कोड मिलेगा, जिससे लॉकर लॉक और अनलॉक होगा। इससे पारंपरिक क्लॉक रूम की तरह चाबी संभालने की जरूरत नहीं रहेगी।
जन्मदिन पर पार्टी नहीं, जरूरतमंदों की मदद करते हैं दिलखुश
भास्कर न्यूज | अम्बाला जन्मदिन पर केक काटना, पार्टी करना और दोस्तों के साथ जश्न मनाना आम बात है, लेकिन दिलखुश कारसा ने खुशी मनाने का अलग तरीका चुना है। वे जन्मदिन पर दोस्तों को पार्टी और महंगे गिफ्ट देने के बजाय जरूरतमंद बच्चों की मदद करने के लिए प्रेरित करते हैं। किसी बच्चे को पढ़ाई के लिए नोटबुक दिलाना, जरूरतमंद परिवार को सर्दी से बचाव के लिए गर्म कपड़े और कंबल देना या किसी जरूरतमंद बेटी की आवश्यकता पूरी करना उनके लिए खुशी का असली मौका है। न्यूयॉर्क में रहने वाले दिलखुश की इस पहल में उनके दोस्त रोहित भी साथ दे रहे हैं। दोनों की कोशिश है कि मदद केवल एक दिन का आयोजन न रहकर जरूरतमंदों के जीवन में बदलाव का माध्यम बने। बच्चों पिछले माह नोटबुक बांटी : दिलखुश की पहल से अब तक 4300 से ज्यादा बच्चों को पढ़ाई में मदद मिली है। पिछले महीने भी बच्चों को नोटबुक बांटी गईं। सर्दियों में जरूरतमंदों को गर्म कपड़े और कंबल देने के साथ उनकी अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने का प्रयास किया जाता है। इस मुहिम के तहत गौशालाओं में सहयोग किया गया। अनाथ आश्रम में रहने वाली 53 लड़कियों को जरूरत का सामान उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा अलग-अलग क्षेत्रों में सात स्थानों पर आरओ लगवाने में भी योगदान दिया गया।
देशभर में चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड की दोषी मुस्कान रस्तोगी मेरठ जेल में सिलाई-कढ़ाई का काम सीख रही है। इससे पहले वह ब्यूटीशियन का कोर्स सीख चुकी है। साथ ही मुस्कान जेल के अंदर रहते हुए राखी, कंडील (झूमर) और मोमबत्ती बनाना भी सीख चुकी है। मुस्कान जिस तरह से जेल में रहकर खुद को ट्रेंड कर रही है, उससे माना जा सकता है कि उसका पूरा फोकस अब अपने भविष्य पर है। वो मान चुकी है कि उसकी सजा माफ होगी। सोच रही है कि जल्द जेल से बाहर आएगी। जेल से बाहर आते ही स्वरोजगार के जरिए अपनी जिंदगी गुजारेगी। इसलिए मुस्कान जेल में सभी ऐसे कामों को सीखती जा रही है। मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को मेरठ जिला कोर्ट ने 14 अक्टूबर को सौरभ की हत्या में फांसी की सजा सुनाई थी। उसकी फांसी माफी का जिम्मा साहिल के परिवार ने उठा लिया है। उन लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। 20 महीने से जेल में बंद है मुस्कान मेरठ जिला जेल में मुस्कान रस्तोगी पिछले करीब 20 महीने से बंद है। उस पर अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या करने का दोष है। मुस्कान ने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर 3 मार्च, 2025 को सौरभ की हत्या की थी। लाश को काटकर नीले ड्रम में भर दिया था। मुस्कान ने जेल में एक बेटी को जन्म दिया है। जेल मैनुअल के अनुसार उसकी बच्ची जब तक 6 साल की नहीं हो जाती, मुस्कान से कठोर काम नहीं कराया जाएगा। इसीलिए मुस्कान जेल में सामान्य काम कर रही है। वो सिलाई-कढ़ाई भी सीख रही है। बाकी जेल में महिला बंदियों के लिए समय-समय पर ट्रेनिंग होती हैं। उन सभी में मुस्कान भी अन्य महिला बंदियों के साथ भाग लेती है। महिला संगठन से नया कोर्स सीखने की इच्छा जताई जेल में महिला बंदियों को वोकेशनल ट्रेनिंग देने वाली NGO संजीवनी महिला संस्था ने खुद मुस्कान को इन स्वरोजगारों की ट्रेनिंग दी है। मुस्कान ने सभी नए कोर्स सीखने की इच्छा जताई थी। जेल में महिला बंदियों को ट्रेंड करने आ रही संस्था की सचिव पारुल बंसल ने बताया कि मुस्कान ब्यूटीशियन, कंडील बनाना, बंदनवार बनाना, राखी बनाना सीख चुकी है। सिलाई-कढ़ाई सीख रही है। पारुल ने बताया कि हमारी संस्था जिला जेल में पिछले 20 से अधिक साल से महिला बंदियों को हुनरमंद बना रही है। जिससे, ये महिलाएं जेल से बाहर निकलकर अपना एक नया जीवन शुरू कर सकें। इस काम के जरिए वो अपनी जिंदगी चला सकें। पारुल ने बताया कि मुस्कान ने हमसे सबसे पहले ब्यूटीशियन का कोर्स सीखा था। उसने खुद ब्यूटीपार्लर का कोर्स सीखने की इच्छा जताई थी। इसके बाद रक्षाबंधन पर मुस्कान ने राखी बनाना सीखा था। अब दीवाली पर उसने कंडील और बंदनवार बनाना सीखा है। इस तरह मुस्कान हर ट्रेनिंग ले रही है। हाईकोर्ट में एक ही वकील लड़ रहा मुस्कान-साहिल का केस मुस्कान-साहिल की फांसी माफी का केस एक ही वकील लड़ रहा है। साहिल के परिवार की तरफ से इलाहाबाद में वकील सुशील शुक्ला को हायर किया गया है। सीनियर एडवोकेट सुशील शुक्ला ही मुस्कान-साहिल दोनों का केस हाईकोर्ट में लड़ रहे हैं। उन्होंने दोनों की फांसी माफी की याचिका डाली है। इस पर 30 नवंबर को सुनवाई होनी है। साहिल के परिवार ने ही मुस्कान को भी फांसी के फंदे से बचाने की जिम्मेदारी ले ली है। ऐसे में साफ है कि मुस्कान को अब अपने जेल से बाहर आने और सजा माफ कराने की चिंता नहीं है। अब उसका पूरा फोकस जेल से बाहर निकलने के बाद अपनी अगली जिंदगी को लेकर है। इसीलिए वह अपने फ्यूचर को सेफ करने पर काम कर रही है। मुस्कान को यकीन- छोटी बेटियों की वजह से फांसी माफ होगी मुस्कान को पूरा यकीन है कि उसकी फांसी की सजा माफ हो जाएगी। वो जल्द जेल से बाहर आएगी। उसने जज के सामने बार-बार अपनी 2 छोटी बेटियों की देख-रेख का जिक्र किया था। मुस्कान का केस लड़ने वाली रेखा जैन ने भी अदालत के सामने ये दरख्वास्त की थी कि मुस्कान के पास दो छोटी बेटियां हैं, उनका भी ख्याल रखा जाए। ऐसे में मुस्कान को यकीन है कि उसकी बेटियों का इमोशनल एंगल उसे फांसी और सजा से बचा लेगा। बाकी का काम साहिल का परिवार कर देगा। जेल से बाहर आते ही वो अपना ब्यूटीपार्लर खोलेगी और अपना जीवन चलाएगी। --------------------------- ये खबर भी पढ़िए- नीले-ड्रम वाली मुस्कान को साहिल के परिवार ने बहू माना, फांसी की सजा से बचाने के लिए एक ही वकील किया मेरठ के नीला ड्रम हत्याकांड में फांसी की सजा पाई मुस्कान को उसके प्रेमी साहिल का परिवार बचाने के लिए सामने आया है। हाईकोर्ट में साहिल-मुस्कान की फांसी की सजा माफ कराने के लिए एक ही वकील ने याचिका दाखिल की है। पढ़ें पूरी खबर…
कमांडर गौरी मिश्रा ने कहा- रांची में अपार संभावनाएं हैं, देश की साइक्लिंग कैपिटल बन सकती है
भारतीय नौसेना में देश सेवा के बाद खेल के मैदान में तिरंगा लहराने वाली कमांडर (डॉ.) गौरी मिश्रा ने मैनचेस्टर में यूसीआई वर्ल्ड मास्टर्स ट्रैक साइक्लिंग चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व करने से लेकर ताइवान में आयोजित वर्ल्ड मास्टर्स गेम्स 2025 में 2 स्वर्ण और 1 रजत पदक जीतकर इतिहास रचा। रांची परिवार से बहू के रूप में जुड़ीं गौरी मिश्रा इन दिनों खेलगांव में चल रही राष्ट्रीय ट्रैक साइक्लिंग चैंपियनशिप में दिल्ली टीम की मैनेजर बनकर शहर आई हैं। उन्होंने रांची, साइक्लिंग और खेल संस्कृति पर अपने विचार साझा किए। कुछ शहरों से रिश्ता एक मुलाकात में नहीं थमता, रांची से मेरा जुड़ाव भी ऐसा ही है कुछ शहर ऐसे होते हैं जिनकी ऊर्जा और लोगों का अपनापन आपको बार-बार लौटने को प्रेरित करता है। सितंबर 2025 में सांसद खेल महोत्सव के दौरान जब मैं रांची आई थी, तब मोरहाबादी से निकली 2 हजार साइकिलों की कतार और शहरवासियों का जज्बा देखकर मैंने कहा था कि रांची देश की साइक्लिंग राजधानी बन सकती है। आज 78वीं सीनियर व जूनियर राष्ट्रीय ट्रैक साइक्लिंग चैंपियनशिप में 600 से अधिक खिलाड़ियों के बीच बतौर टीम मैनेजर खड़े होकर मुझे वह सपना और मजबूत होता दिख रहा है। नौसेना ने सिखाया अनुशासन, साइक्लिंग ने दिया धैर्य और हौसला नेवी की सेवा पूरी करने के बाद मैंने साइक्लिंग शुरू की। यह सफर आसान नहीं था, लेकिन मैंने सीखा कि जीत केवल रफ्तार से नहीं मिलती। इसके पीछे घंटों का अभ्यास, तकनीक की समझ, मानसिक नियंत्रण और गिरकर दोबारा खड़े होने की जिद होती है। नौसेना ने मुझे अनुशासन और टीम भावना दी, तो ट्रैक ने मुझे धैर्य सिखाया। आज ट्रैक पर पसीना बहाते युवाओं को देखकर मुझे अपना वही संघर्ष याद आता है। बेटियों को मिले भरोसा, तो ट्रैक पर लहराएगा तिरंगा हाल ही में अस्मिता ईस्ट जोन लीग में महिला खिलाड़ियों की भागीदारी देख दिल खुश हो गया। बेटियों को सुरक्षित माहौल और इसे करियर बनाने का भरोसा मिले, तो वे देश का नाम रोशन करेंगी। चैंपियनशिप कुछ दिनों की होती है, मगर चैंपियन वर्षों में गढ़े जाते हैं। रांची शहर के ट्रैक पर सिर्फ पदकों की होड़ ही नहीं है, बल्कि ओलंपिक में पदक जीतने के बड़े-बड़े सपने आकार ले रहे हैं।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में नेताओं के पाला बदलने का खेल कोई नया नहीं है। लेकिन सपा प्रमुख अखिलेश यादव और स्वामी प्रसाद मौर्य के बीच रिश्तों की कड़वाहट अब उस मोड़ पर पहुंच चुकी है, जहां से वापसी के रास्ते पूरी तरह बंद दिखाई देते हैं। अखिलेश यादव ने हाल ही में स्वामी प्रसाद के लिए पार्टी और गठबंधन के दरवाजे हमेशा के लिए बंद करने के संकेत दे दिए। अखिलेश का कहना है- स्वामी प्रसाद मौर्य अब उनके गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं। लगभग 45 साल का राजनीतिक सफर तय करने वाले स्वामी प्रसाद अब भले ही कांग्रेस की तरफ उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हों। लेकिन, सपा की चुनावी धुरी ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) और अखिलेश की व्यक्तिगत नाराजगी के चलते वे इस समीकरण में पूरी तरह 'अनफिट' साबित होते दिख रहे हैं। दोनों बड़े नेताओं के बीच बने इस राजनीतिक तनाव और रिश्ते टूटने के पीछे 3 कारण सामने आए हैं- अखिलेश 'पॉलिटिकल अनफिट' और गुंडाराज के समर्थक 2024 के आम चुनावों के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व पर सबसे ज्यादा आक्रामक दिखाई दिए। उन्होंने एक पॉडकास्ट में अखिलेश पर तीखा हमला बोला था। जब उनसे पूछा गया कि भारतीय राजनीति में ऐसा कौन-सा प्रमुख चेहरा है, जो राजनीति में बिल्कुल फिट नहीं बैठता? तब स्वामी प्रसाद ने बिना झिझक अखिलेश यादव का नाम लिया था। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश के हाव-भाव और फैसलों से साफ लगता है कि वे गलत फील्ड में आ गए हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपनी आक्रामकता यहीं नहीं रोकी। उन्होंने अखिलेश यादव की राजनीतिक विचारधारा पर सवाल उठाते हुए कहा था- अखिलेश यादव पूरी तरह कन्फ्यूज्ड नेता हैं। वे न तो लोहियावादी हैं और न ही सच्चे अर्थों में समाजवादी। बड़े दुख की बात है कि वे पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के बेटे होने के बावजूद 'मुलायमवादी' भी नहीं बन पाए। वे बना-बनाया राजनीतिक गेम बिगाड़ने में माहिर हैं। आजकल वे सिर्फ ब्राह्मण वर्ग को खुश करने में लगे हैं, क्योंकि किसी ब्राह्मण ने उनके मुख्यमंत्री बनने की भविष्यवाणी कर दी है। सच तो यह है कि अखिलेश यादव ‘गुंडाराज’ के पक्षधर हैं। PDA के 'D' का मतलब 'डिंपल', व्यक्तिगत तंज से बिगड़ी बात यूपी के राजनीतिक गलियारों में माना जाता है कि अखिलेश अपने ऊपर होने वाले राजनीतिक हमलों को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन, जब बात उनके परिवार, पत्नी या बच्चों पर आती है, तो वे इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करते। 2 फरवरी, 2026 को लखीमपुर खीरी जिले में हुई 'संविधान सम्मान और जनहित हुंकार यात्रा' के दौरान स्वामी प्रसाद ने अखिलेश के सबसे बड़े राजनीतिक कार्ड 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) पर सीधा तंज कसा था। स्वामी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि अखिलेश का PDA फॉर्मूला खुद उन्हें ही क्लियर नहीं है। इसमें 'D' का मतलब मौका देखकर कभी ‘दलित’, तो कभी 'डिंपल' हो जाता है। उन्होंने आरोप लगाया था कि अखिलेश कभी भी पिछड़े और दलितों के मुद्दों पर खुलकर बात नहीं करते। वे कभी 'P' से पिछड़ा कहते हैं, कभी पंडित कहते हैं। कभी कहते हैं कि जो पीड़ित है, वही PDA है। इससे पहले 20 फरवरी, 2024 को जब स्वामी प्रसाद ने सपा और एमएलसी पद से इस्तीफा दिया था, तब भी उन्होंने यही कहा था कि अखिलेश ने खुद अपने फैसलों से PDA की हवा निकाल दी है। सपा को कमजोर करने के लिए कोई बाहरी नहीं, बल्कि पार्टी के मुखिया खुद जिम्मेदार हैं। हिंदू धर्म, रामचरितमानस और देवी-देवताओं पर लगातार विवादित टिप्पणियां 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव तक स्वामी प्रसाद मौर्य ने धार्मिक मुद्दों पर ज्यादा बयानबाजी नहीं की थी। लेकिन कुशीनगर की फाजिलनगर सीट से खुद चुनाव हारने के बाद उनकी बयानबाजी का तरीका पूरी तरह बदल गया। चुनाव हारने के तुरंत बाद उन्होंने बयान दिया- “दुनिया में सबसे पुराना धर्म बौद्ध धर्म है। उसके बाद ईसाई और फिर इस्लाम धर्म अस्तित्व में आया।” इस बयान में उन्होंने जानबूझकर हिंदू धर्म का कोई जिक्र नहीं किया। इसके बाद 2023 में वे जहां भी गए, हिंदू मान्यताओं और धार्मिक ग्रंथों की आलोचना करते रहे। स्वामी प्रसाद मौर्य के 4 सबसे विवादित बयान जिन्होंने बवंडर खड़ा किया- 'बयान निजी कैसे', इसी बात पर सपा छोड़ी स्वामी प्रसाद की इस लगातार बयानबाजी के कारण सपा राजनीतिक असहजता का सामना कर रही थी। जब भी सपा के प्रवक्ता टीवी डिबेट्स में हिंदुत्व, विकास या रोजगार पर भाजपा को घेरने की कोशिश करते, तो भाजपा नेता तुरंत स्वामी प्रसाद के बयानों को उछालकर सपा को कटघरे में खड़ा कर देते थे। धीरे-धीरे खुद सपा के अंदर स्वामी प्रसाद के खिलाफ असंतोष पनपने लगा। रायबरेली में एक कार्यक्रम के दौरान एक युवक ने स्वामी को थप्पड़ तक मार दिया था। दो अलग-अलग मौकों पर उन पर जूते फेंके गए। जब मीडिया ने अखिलेश यादव से स्वामी के बयानों पर सवाल पूछे, तो उन्होंने मौर्य के बयानों को पार्टी का स्टैंड न मानकर उनका 'निजी बयान' करार दे दिया। अखिलेश का यह रुख स्वामी प्रसाद मौर्य को नागवार गुजरा। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा- जब मैं पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव हूं, तो मेरे बयान 'निजी' कैसे हो सकते हैं? इसके बाद उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। अखिलेश यादव ने बिना किसी मान-मनौव्वल के तुरंत उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया और सपा के दरवाजे उनके लिए हमेशा के लिए बंद हो गए। बड़बोलेपन ने चौपट किया सियासी करियर लखनऊ के वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक और पत्रकार राजकुमार सिंह के अनुसार, स्वामी प्रसाद मौर्य का यह बड़बोलापन और विवादित बयानबाजी कोई नई बात नहीं है। यह बहुजन समाज पार्टी के शासनकाल से ही चली आ रही है। तब राज्य में मायावती की मजबूत सरकार थी, इसलिए उनके खिलाफ खुलकर माहौल नहीं बन पाता था। 2017 में जब वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए, तब उनके बयानों पर थोड़ा अंकुश जरूर लगा। लेकिन 2022 में समाजवादी पार्टी में आने और चुनाव हारने के बाद उनका राजनीतिक हताशा खुलकर बाहर आने लगा। अपनी अनियंत्रित भाषा और बयानों की वजह से वे न सिर्फ खुद फाजिलनगर से चुनाव हारे, बल्कि भाजपा में सांसद रही अपनी बेटी संघमित्रा मौर्य के राजनीतिक करियर को भी भारी नुकसान पहुंचाया। अंदेशा- बार्गेनिंग पावर बढ़ाने के लिए कांग्रेस स्वामी को लाई अब उन्हें कांग्रेस में थोड़ी उम्मीद दिख रही है, इसलिए वे वहां चले गए हैं। लेकिन अखिलेश यादव और उनके परिवार पर जिस तरह के व्यक्तिगत हमले उन्होंने किए हैं, उसके बाद अखिलेश उन्हें कभी वापस अपने साथ नहीं लेंगे। डिंपल यादव पर टिप्पणी करके स्वामी प्रसाद ने बातचीत के सारे दरवाजे खुद अपने हाथों से बंद कर लिए हैं। आगामी चुनावों से पहले ऐसे साफ संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अपनी बार्गेनिंग पावर बढ़ाने के लिए स्वामी प्रसाद मौर्य को साथ लाई है। हालांकि, स्वामी के लगातार आ रहे बयानों पर कांग्रेस भी बचती नजर आ रही है। उसके प्रदेश प्रभारी रामजी लाल ने भी उनके बयानों को 'निजी' बता दिया है। स्वामी प्रसाद पिछले साढ़े चार दशकों से उत्तर प्रदेश की सत्ता और विपक्ष की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा रहे हैं। हालांकि, पिछले 5 सालों में उनका राजनीतिक ट्रैक रिकॉर्ड पूरी तरह से उथल-पुथल भरा रहा है- ---------------------------- यह खबर भी पढ़ें - भाजपा से कम सीटें जीतकर भी सपा ने कैसे चौंकाया, MLC चुनाव का वोटिंग पैटर्न 2027 विधानसभा में भी रहा तो किसे नुकसान उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव में भाजपा से 1 सीट कम जीतकर भी सपा ने सबको चौंका दिया। इसकी वजह स्नातक खंड सीटों के नतीजों में छिपा है। इसमें सपा ने 5 में से 3 सीटें जीत लीं। शिक्षक खंड के प्रत्याशियों को सिर्फ शिक्षक चुनते हैं, लेकिन स्नातक खंड के चुनाव में युवा वोटरों की अहम भूमिका होती है। चुनाव नतीजों से संकेत मिल रहे हैं कि युवा वोटरों की पसंद बदल रही है। पढ़िए पूरी खबर…
2027 के यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी 53 सीटों पर अचानक सुस्त पड़ती दिख रही है। वजह है- 9 जिलों में संगठन का पूरी तरह ध्वस्त होना। पिछले 3 महीनों में अखिलेश यादव ने अनुशासनहीनता, गुटबाजी और निष्क्रियता पर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 7 जिलों के संगठन भंग कर दिए। जबकि 2 जिलों में पद लंबे समय से खाली हैं। फिलहाल, इन जिलों में पुराने जिलाध्यक्ष ही 'कार्यवाहक' के तौर पर काम खींच रहे हैं। नतीजतन, बूथ प्रबंधन से लेकर वोटर लिस्ट पुनरीक्षण (SIR) तक के जमीनी काम ठप पड़े हैं। सवाल उठ रहा है कि आखिर नई नियुक्तियों में देरी क्यों हो रही? अंदरखाने खबर है कि लोकल गुटबाजी, नेताओं की विधानसभा टिकट पर दांवपेंच और PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का संतुलन बैठाने के चक्कर में अखिलेश यादव की यह लिस्ट फंसी हुई है। सबसे पहले जान लेते हैं कि 9 जिलों में खाली पदों के पीछे वजह क्या है- एटा और कासगंज- 19 सितंबर को लखनऊ में पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी में नेताओं के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद एटा के जिलाध्यक्ष वाहिद महमूद जुबैरी और कासगंज के जिलाध्यक्ष विक्रम यादव को हटाकर पूरी इकाइयां भंग कर दी गईं। मथुरा- 16 सितंबर को सपा अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश पदाधिकारी पर महिला बैंककर्मी से उत्पीड़न के आरोप में FIR दर्ज हुई। इसके बाद अखिलेश यादव के निर्देश पर मथुरा की जिला, महानगर और सभी फ्रंटल इकाइयों को भंग कर दिया गया। गोरखपुर- शहर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कार्यकर्ताओं के बीच कुर्सी को लेकर मारपीट हो गई थी। इस अनुशासनहीनता के बाद जिला और महानगर इकाई दोनों को भंग कर दिया गया। कन्नौज- 17 अक्टूबर को हुए PDA सम्मेलन में अपेक्षा के मुताबिक भीड़ नहीं जुटने और संगठनात्मक निष्क्रियता के चलते प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल के निर्देश पर जिला संगठन भंग किया गया। हरदोई- 13 जून को तत्कालीन जिलाध्यक्ष शराफत अली का एक आपत्तिजनक ऑडियो-वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें पूर्व जनप्रतिनिधियों पर अभद्र टिप्पणियां थीं। इसके बाद पूरी जिला कार्यकारिणी भंग कर दी गई। संतकबीरनगर- सांसद पप्पू यादव से जुड़े एक विवाद में जिला संगठन के निष्क्रिय रहने पर कार्रवाई की गई। बदायूं- आपसी गुटबाजी के कारण एक साल पहले जिला कार्यकारिणी भंग की गई थी। अब तक नई नियुक्ति नहीं हो सकी है। प्रयागराज (यमुनापार)- जिलाध्यक्ष पप्पू लाल निषाद के निधन के बाद से यह पद खाली पड़ा है। जातियों को साधने में फंसा है पेंच पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश यादव दिवाली से पहले इन नियुक्तियों को अंतिम रूप दे सकते हैं। वे सभी जिलों में PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फार्मूले के तहत संतुलित तैनाती करना चाहते हैं। हटाए गए 9 जिलाध्यक्षों और 2 महानगर अध्यक्षों में 5 मुस्लिम, 3 यादव, 1 वैश्य, 1 निषाद और 1 गौतम (दलित) समाज से थे। अब स्थानीय जातीय समीकरणों को साधते हुए नए चेहरों पर मंथन चल रहा है। टिकट के दावेदार पद से हटेंगे: पार्टी सूत्रों का कहना है कि जो जिलाध्यक्ष या महासचिव आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट मांग रहे हैं, उनका टिकट फाइनल होते ही उन्हें संगठन पद से हटाकर नए व्यक्ति को जिम्मेदारी दी जाएगी। जिससे चुनावी कामकाज प्रभावित न हो। संगठन भंग होने से अटक रहे ये 5 बड़े काम ------ ये पढ़ें - भाजपा से कम सीटें जीतकर भी सपा ने कैसे चौंकाया: MLC चुनाव का वोटिंग पैटर्न 2027 विधानसभा में भी रहा तो किसे नुकसान उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव में भाजपा से 1 सीट कम जीतकर भी सपा ने सबको चौंका दिया। इसकी वजह स्नातक खंड सीटों के नतीजों में छिपा है। इसमें सपा ने 5 में से 3 सीटें जीत लीं। शिक्षक खंड के प्रत्याशियों को सिर्फ शिक्षक चुनते हैं, लेकिन स्नातक खंड के चुनाव में युवा वोटरों की अहम भूमिका होती है। चुनाव नतीजों से संकेत मिल रहे हैं कि युवा वोटरों की पसंद बदल रही है। पढ़िए पूरी खबर…
एनसीसी कैंप में बैकुंठपुर के कैडेट्स अव्वल
रायपुर के लखोली स्थित ट्रेनिंग नोड में 19 से 28 अक्टूबर तक 10 दिवसीय राष्ट्रीय कैडेट कोर का संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर हुआ। इसमें बैकुंठपुर के कैडेट्स ने बेहतर प्रदर्शन किया। शिविर में प्रदेश की तीन बटालियन के 600 से अधिक कैडेट्स शामिल हुए। शासकीय आदर्श रामानुज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैकुंठपुर के 45 कैडेट्स चीफ ऑफिसर संजीव जायसवाल के नेतृत्व में पहुंचे। कैम्प कमांडेंट कर्नल सेंथिल कुमार एस. के निर्देशन में प्रशिक्षण चला। डिप्टी कमांडेंट कर्नल अमित यादव ने मार्गदर्शन किया। कैडेट्स को 22 डीलक्स राइफल से फायरिंग सिखाई गई। सैन्य प्रशिक्षण कराया गया। अनुशासन के नियम बताए गए। शिविर की प्रतियोगिताओं में बैकुंठपुर के कैडेट्स आगे रहे। म्यूजिकल चेयर में कैडेट दुर्गा प्रसाद ने पहला स्थान पाया। थ्री-लेग रेस में सार्जेंट मेजर आशीष कुमार राजवाड़े और कॉर्पोरल अंश कुमार की जोड़ी प्रथम रही। ड्रिल स्क्वाड टेस्ट में सबसे बड़ी उपलब्धि मिली। सार्जेंट मेजर अनीष कुमार के नेतृत्व में 30 कैडेट्स की टीम ने पहला स्थान हासिल किया। टीम ने तालमेल दिखाया।
तूफान जाते ही कोहरे की सफेद चादर; विजिबिलिटी सिर्फ 100 मीटर रही
नवंबर महीने की शुरुआत के साथ ही धमतरी जिले में ठंड ने दस्तक दे दी है। 1 नवंबर की अलसुबह पूरा जिला घने कोहरे की सफेद चादर में लिपट गया। चक्रवाती तूफान अर्नब'' का असर पूरी तरह से खत्म होने के बाद आसमान साफ हुआ है, जिससे नमी और ओस की बूंदों ने अचानक ठंड बढ़ा दी है। ग्रामीण इलाकों में सुबह 8 बजे तक कोहरा छाया रहा, जिससे वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। घने कोहरे के कारण दृश्यता (विजिबिलिटी) महज 100 से 150 मीटर तक सिमट कर रह गई थी। स्थिति यह थी कि हाईवे पर सामने से आ रही गाड़ियां बेहद पास आने पर ही दिखाई दे रही थीं। ऐसे में किसी भी प्रकार के हादसे से बचने वाहन चालकों को दिन के उजाले में भी हेडलाइट और फॉग इंडिकेटर जलाकर गाड़ियां चलानी पड़ीं। नेशनल व स्टेट हाईवे से लेकर ग्रामीण संपर्क रास्तों तक सुबह के समय वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी रही। बता दें कि धमतरी जिले में पिछले 5 वर्षों का रिकॉर्ड देखें, तो नवंबर का महीना हमेशा से गुलाबी ठंड की शुरुआत का गवाह रहा है। अगले 3-4 दिनों में और गिरेगा पारा, छाएगा कोहरा ^चक्रवाती तूफान अर्नब के आगे निकलने के बाद छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाकों में हवा की दिशा बदल गई है। धमतरी और आस-पास के क्षेत्रों में अब उत्तर से सूखी और ठंडी हवाएं आनी शुरू हो गई हैं। वर्तमान में वातावरण में नमी का स्तर 80 से 85% से अधिक होने के कारण सुबह के समय घना कोहरा देखा जा रहा है। अगले 3 से 4 दिनों में आसमान पूरी तरह साफ रहेगा, जिससे न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट दर्ज की जाएगी। - एचपी चंद्रा, वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक रायपुर जानिए... बीते 5 साल में कैसा रहा धमतरी में नवंबर का मौसम {नवंबर 2021- बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव से दूसरे हफ्ते में बूंदाबांदी हुई। तीसरे सप्ताह से पारा 14 डिग्री तक गिरा। {नवंबर 2022- पूरा महीना पूरी तरह शुष्क रहा और उत्तर से आई ठंडी हवाओं के कारण औसत न्यूनतम तापमान 11 से 13 डिग्री दर्ज हुआ। {नवंबर 2023- शुरुआती 10 दिन मौसम सामान्य रहा, लेकिन मध्य महीने में पारा गिरने से ग्रामीण इलाकों में हल्का कोहरा छाया। {नवंबर 2024- पश्चिमी विक्षोभ से आसमान में आंशिक बादल छाए रहे, जिसके कारण कड़ाके की ठंड के लिए आखिरी हफ्ते तक इंतजार करना पड़ा। {नवंबर 2025- महीने की शुरुआत ठंड के साथ हुई। कोई समुद्री सिस्टम न होने से मौसम साफ रहा, जिससे धान कटाई के अनुकूल परिस्थितियां बनीं।
माता-पिता, शिक्षक बाल मनोविज्ञान समझें : राजू सोनी
मानसिक स्वास्थ्य चेतना कार्यक्रम के तहत शिक्षकों और विद्यार्थियों को जागरूक कर रहे राजू सोनी ने पंचकूला में 8 साल के छात्र द्वारा 6 साल की छात्रा पर किए गए हमले पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य विषय पर लगातार व्याख्यानों के दौरान अक्सर यह सामने आता है कि कई विद्यार्थियों में हिंसक प्रवृत्ति, घबराहट, उदासी, ओसीडी, स्किजोफ्रेनिया, मिर्गी, बॉर्डर लाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर, हिस्टेरिया, हिंसक व्यवहार और अनुशासनहीनता जैसे लक्षण देखे जाते हैं। राजू सोनी के अनुसार, ऐसे मामलों में पंजाब और हिमाचल प्रदेश के सरकारी मनोचिकित्सा विशेषज्ञों से उपचार करवाने में सहायता देने पर सकारात्मक परिणाम मिले हैं, जिनमें पढ़ाई छोड़ चुके कुछ विद्यार्थी दोबारा पढ़ाई से जुड़कर आगे बढ़े। माता-पिता और शिक्षकों में मनोवैज्ञानिक समझ की कमी के कारण बच्चे सामाजिक तानों का सामना करते हैं और कहीं निलंबन तो कहीं नाम काटने जैसी कार्रवाई होती है। उन्होंने मनोवैज्ञानिकों की कमी, मोबाइल की लत, नींद की कमी, देर रात जागना, माता-पिता के झगड़े, नशे और स्कूलों में शिक्षकों की कमी को बच्चों की मानसिक सेहत पर असर डालने वाले कारण बताए।
जीएसटी रिफंड प्रक्रिया को तेज करने की मांग
रबड़ फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन की बैठक में रिफंड में हो रही देरी और जीएसटी से जुड़े नए नियमों पर चर्चा हुई। बैठक में मेयर विनीत धीर और एडवोकेट जे.एस. बेदी शामिल हुए। प्रारंभ में एडवोकेट जे.एस. बेदी ने जीएसटी कानून में किए गए संशोधनों, विशेषकर जेल से संबंधित प्रावधानों में बदलाव की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 1 नवंबर से जीएसटी रिफंड प्रक्रिया तेज करने और सात दिनों के भीतर रिफंड जारी करने का प्रावधान लागू होने की बात कही गई है। बैठक में अध्यक्ष नीरज अरोड़ा ने बताया कि पंजाब सरकार के पास स्टेट जीएसटी रिफंड लंबे समय से लंबित है और 1 जनवरी से अब तक करीब दस महीने बीतने के बावजूद व्यापारियों को भुगतान नहीं मिला। उन्होंने कहा कि रिफंड अटकने से कार्यशील पूंजी प्रभावित हो रही है, कच्चे माल की कीमतें बढ़ रही हैं और बाजार से भुगतान समय पर नहीं मिल पा रहा। एडवोकेट जी.एस. बेदी ने व्यापारियों को लिखित रूप में लंबित भुगतान की मांग करने और देरी पर ब्याज सहित भुगतान की मांग उठाने का सुझाव दिया। मेयर वनीत धीर ने कहा कि वह इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री भगवंत मान से बात कर समाधान का प्रयास करेंगे। अंत में कपिल पूँछी ने धन्यवाद किया। बैठक में माल्टू जुल्का, राजेंद्र अरोड़ा, नीरज कोहली, महेंद्रपाल जुल्का, केवल जुल्का, रमन जुल्का, सनी पूंछी, शुभम, विशाल गुप्ता, विजय शर्मा, आकाश झुल्का, राकेश पुंगड़ा, रिंकू सहगल, मोंटू बहल, बंटी घई, साहिल घई, अभिमन्यु घई, योगेश कोहली, हनु बंसल, सुरेश कोहली, राहुल अरोड़ा, सुबाजीत, विक्की गुगनानी, मन्नू मेहंदीरत्ता और सतीश ग्रोवर आदि उपस्थित रहे।
पंजाब राज्य पूर्व सैनिक रैली में निपटाईं समस्याएं
लुधियाना के धोलेवाल सैन्य परिसर में पश्चिमी कमान के तत्वावधान में वज्र कोर ने पंजाब राज्य की पूर्व सैनिक रैली का आयोजन किया। रैली का विषय ‘संपर्क, संजीवनी, रोजगार और सहूलियत’ रखा गया, जिसमें पंजाब भर से पूर्व सैनिक, वीर नारियां, वीर माताएं और उनके परिवार एक मंच पर जुटे। उद्देश्य एक ही स्थान पर समग्र कल्याण सहायता उपलब्ध कराना रहा। कार्यक्रम में पश्चिमी कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह, एवीएसएम, एसएम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विशिष्ट पूर्व सैनिकों का सम्मान किया और वीर नारियों तथा आश्रितों से बातचीत की। रैली में चार समर्पित सेवा शिविर लगाए गए। संपर्क शिविर में रिकॉर्ड कार्यालयों, जिला सैनिक बोर्डों और आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन (एडब्ल्यूपीओ) के माध्यम से पेंशन, दस्तावेज़ और हकदारियों से जुड़ी सुविधा दी गई। ‘संजीवनी शिविर’ में सैन्य अस्पतालों व नागरिक स्वास्थ्य संस्थानों की टीमों ने विशेषज्ञ परामर्श, स्वास्थ्य जांच, दवाएं और ईसीएचएस से संबंधित सहायता प्रदान की। ‘रोजगार शिविर’ में द्वितीय करियर मार्गदर्शन, कौशल परामर्श और रोजगार अवसरों पर ध्यान रहा। ‘सहूलियत शिविर’ में नागरिक प्रशासन, पुलिस, बैंक और आधार एजेंसियों ने सेवाएं दीं। लुधियाना के धोलेवाल सैन्य परिसर में पश्चिमी कमान के तत्वावधान में वज्र कोर द्वारा पंजाब राज्य की पूर्व सैनिक रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान मौजूद सैन्य अधिकारी व अन्य।
खिलाड़ियों को ओलिंपिक तक पहुंचाना टारगेट : तरविंदर सिंह
खेलों में बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रतिभा के साथ सही प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर जरूरी हैं। इसी लक्ष्य के साथ डिप्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के एमडी सरदार तरविंदर सिंह ने डिप्स के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का संकल्प लिया है। उनका सपना है कि डिप्स के मैदानों से तैयार खिलाड़ी भविष्य में देश का प्रतिनिधित्व करें और ओलंपिक जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर तिरंगे की शान बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं, बेहतर उपकरण, योग्य कोच और नियमित प्रशिक्षण उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। इस विजन की झलक डिप्स उग्गी में आयोजित इंटर-डिप्स एथलेटिक चैंपियनशिप में देखने को मिली। नकोदर की विधायक इंदरजीत कौर मान ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर खिलाड़ियों के उत्साह और डिप्स मैनेजमेंट की पहल की सराहना की। नेशनल कबड्डी फेडरेशन के कमलजीत सिंह कंग भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में अंडर-14 और अंडर-19 वर्ग के छात्र-छात्राओं ने 100, 200, 400 मीटर दौड़, रिले रेस, जैवलिन थ्रो, डिस्कस थ्रो, बास्केटबॉल और फुटबॉल में दमखम दिखाया। इसके अलावा नन्हे विद्यार्थियों की दौड़, कारगिल वीरगाथा प्रस्तुति, स्पोर्ट्स कोरियोग्राफी, गिद्दा और भांगड़ा ने भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। डिप्स के सीएओ रमनीक सिंह और जशन सिंह खेल सुविधाओं व इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। एमडी सरदार तरविंदर सिंह, चेयरपर्सन श्रीमती जसविंदर कौर और वाइस चेयरपर्सन श्रीमती प्रीतिंदर कौर ने विजेताओं को सम्मानित किया। यह आयोजन सीईओ डॉ. मोनिका मंडोत्रा के दिशानिर्देशों तथा डायरेक्टर कैप्टन रोहित द्विवेदी, जीएम राजीव शर्मा, डायरेक्टर कॉलेज डॉ. के.के. हांडू व डायरेक्टर एकेडमिक डॉ. रोमिला शर्मा के सहयोग से संपन्न हुआ। डिप्स उग्गी की प्रिंसिपल ज्योति थापर, अन्य शाखाओं के प्रिंसिपलों, शिक्षकों, कोचों और मैनेजर स्पोर्ट्स मनमोहन सिंह की टीम का आयोजन में विशेष योगदान रहा।
जन्मदिन पर यज्ञ में आहुतियां डाल मांगी सुख समृद्धि, धार्मिक गीतों पर जमकर झूमे श्रद्धालु
शहीद भगत सिंह नगर स्थित आर्य समाज मंदिर में रविवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ हवन यज्ञ, भजन-प्रवचन एवं वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में कई परिवारों ने पाश्चात्य संस्कृति को दरकिनार कर अपनी सनातन वैदिक परंपरा के अनुसार जन्मदिन मनाने की अनूठी मिसाल पेश की। समारोह के मुख्य यजमान पवन महाजन एवं लीना महाजन रहे। इसके अलावा हितेश महाजन, अनिल कोहली और भूपेंद्र उपाध्याय ने भी अपने-अपने जन्मदिवस के पावन उपलक्ष्य पर सपत्नीक विशेष यज्ञ में आहुतियां डालकर ईश्वर से सुख-समृद्धि की कामना की। आचार्य अनुराग आर्य ने पवित्र वेद मंत्रों के साथ यज्ञ संपन्न कराया। इस दौरान याज्ञिक परिवारों पर पुष्प वर्षा कर आचार्य ने उन्हें सुखद एवं यशस्वी जीवन का आशीर्वाद दिया। समारोह में आर्य समाज की प्रसिद्ध भजन गायिका सोनू भारती और रवि पौड़वाल ने एक से बढ़कर एक ईश्वर भक्ति के भजन प्रस्तुत कर उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरा मंदिर परिसर ईश्वरीय भजनों की गूंज से भक्तिमय हो उठा। अपने मुख्य उद्बोधन में आचार्य अनुराग आर्य ने भारतीय दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस सृष्टि में तीन अनादि एवं नित्य तत्त्व माने गए हैं—ईश्वर, जीव और प्रकृति। इनमें ईश्वर और जीव चेतन हैं, जबकि प्रकृति जड़ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जड़ वह तत्त्व है जिसमें ज्ञान, इच्छा और चेतना का अभाव होता है (जैसे पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश और पत्थर)। इसके विपरीत चेतन वह तत्त्व है जिसमें जानने व अनुभव करने की शक्ति होती है। जीवात्मा चेतन तत्त्व है और शरीर से भिन्न है। कार्यक्रम का संचालन आर्य समाज के मंत्री हर्ष लखनपाल ने किया। उन्होंने कहा कि जो लोग ईश्वरीय वाणी और संस्कारों से जुड़ते हैं, वे सभी बधाई के पात्र हैं। यहां अश्वनी डोगरा, ईश्वर चन्द्र रमपाल, ओम प्रकाश मेहता, मोहित महाजन, मान्या महाजन, नलिनि उपाध्याय, अनु आर्य, मोहित खन्ना , हरजिन्द्र सिंह पुरी , सुरेन्द्र खन्ना, हजारी लाल शर्मा, राजीव शर्मा, विजय चावला, हरी चन्द, अमर नाथ , प्रदीप सिह, शिवम मिश्रा, राजबीर सिंह ,अमित सिंह व अन्य श्रद्धालु उपस्थित थे।
यूनाइटेड क्वीन सोसायटी ने पतियों के लिए गाए गाने
यूनाइटेड क्वीन वेलफेयर सोसायटी की ओर से स्थानीय होटल में करवाचौथ के उपलक्ष्य में किटी पार्टी का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर कई तरह के मनोरंजन का प्रबंध किया गया जैसे तंबोला, फन गेम्स सरप्राइज गिफ्ट्स और इसके अलावा सभी क्वींस ने अपने पति की तारीफ में कविता और गाना गाकर सुनाया। इस अवसर की सबसे बड़ी विशेषता यह थी की क्वींस के साथ उनकी सासू मां भी आशीर्वाद देने के लिए आई। सभी ने यह त्यौहार बहुत उत्साह और खुशी से मनाया। बुजुर्गों को विशेष तौर पर रिटर्न गिफ्ट देकर उनका सम्मान किया गया और उन्होंने सभी क्वींस को आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर प्रेसिडेंट आस्था अबरोल ने सब क्वींस के आने पर और सहयोग करने पर धन्यवाद किया।
विधि विधान से पूजा करने और व्रत कथा सुनने से संतान पर होती है माता की कृपा
सिद्ध शक्तिपीठ विश्वमुखी मां त्रिपुरमालिनी जी के मासिक सामूहिक चालीसा पाठ का आयोजन प्राचीन शिव मंदिर दोमोरिया पुल में किया गया। अहोई अष्टमी होने के कारण भक्तों में अत्यधिक उत्साह था। गौरतलब है कि अहोई अष्टमी को संतान की सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली से जोड़कर देखा जाता है। इस दिन माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हैं। मान्यता है कि अहोई माता की विधि-विधान से पूजा करने और व्रत कथा सुनने से संतान पर माता की कृपा बनी रहती है। उल्लेखनीय है कि प्राचीन शिव मंदिर में सिद्ध शक्तिपीठ विश्वमुखी मां त्रिपुरमालिनी दरबार प्राण प्रतिष्ठित किया गया है। साथ ही मंदिर के हाल में विश्व विख्यात अमर भजन लेखक बलबीर निर्दोष एवं मंदिर के संस्थापक प्रधान स्वर्गीय ओम प्रकाश खोसला की मूर्ति भी स्थापित की गई है। मां त्रिपुरमालिनी परिवार के सभी सदस्यों ने लगातार मिल कर 11 बार विश्व विख्यात अमर भजन लेखक बलबीर निर्दोष द्वारा रचित मां त्रिपुरमालिनी चालीसा का संगीतमय पाठ किया। उसके उपरांत प्रख्यात धार्मिक गायक अशोक सितारा, संजीव बब्बा, सुनील अरोड़ा और माता रानी की नन्ही कंजक आध्या ने मां त्रिपुरमालिनी जी की भेंटें गा कर संगत को झूमने पर विवश कर दिया। माता रानी की अरदास करने के उपरांत भव्य मंगल आरती की गई और प्रसाद वितरित किया गया। यहां प्रधान यादव खोसला, मानव बजाज, दीपक झांजी, गुरुचरण बजाज, रमेश सहदेव, गोविंद खोसला, कुनाल शर्मा, मनीष रेहान, विनय नैयर, नरिंदर जैन, साहिल शर्मा, सोहन लाल, ज्योति मरवाहा, प्रवीण मल्होत्रा, सोहन लाल, राजेश वासल, प्रदीप शर्मा, राजेश महेंद्रू, विनय आर्या, रोहित सेठ, साहिल शर्मा, दीपक चावला, मक्खन लाल शर्मा, सुनील सहदेव, अश्विनी शर्मा, रोहित मलिक, पुनीत शर्मा, पूजा खोसला, पूजा बुद्धिराजा, ज्योति झांजी व अन्य श्रद्धालु उपस्थित थे।
श्री भक्तमाल कथा को लेकर किया हवन
स्थानीय श्री कृष्णा नौजवान सभा द्वारा 23 से 29 नवंबर तक आयोजित की जा रही श्री भक्तमाल कथा के उपलक्ष्य में रविवार को भूमि पूजन किया गया। कथा स्थल मिश्रा फार्म (नजदीक कन्या स्कूल) में सभा के सदस्यों एवं शहर के गणमान्य लोगों की उपस्थिति में विधिवत हवन-यज्ञ संपन्न हुआ। सभा के सदस्यों ने बताया कि कथा में वृंदावन वाले कथा व्यास श्री अतुल कृष्ण शास्त्री जी रोजाना शाम 5 से रात 9 बजे तक श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराएंगे। कथा के शुभारंभ से पूर्व 22 नवंबर (रविवार) को सुबह शहर में भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी।
जागरण को लेकर झंडे की रस्म निभाई
नगर में 21वें वार्षिक जागरण को लेकर 14 नवंबर, शनिवार को झंडे की रस्म आयोजित की गई। इस संबंध में जानकारी आ रहा नगर के हनी चड्डा की ओर से दी गई। कार्यक्रम के दौरान झंडे की रस्म में आम आदमी पार्टी से हरविंदर कौर तथा आ रहा नगर वेलफेयर सोसायटी के सदस्य मौजूद रहे। सोसायटी की ओर से बताया गया कि झंडे की रस्म में सोसायटी प्रधान सनी भगत सहित क्रिस मैदान, रमन भगत, हनी चड्डा, रिंकू, रवी, डॉ. शशी, रबी चड्डा, हैपी और सागर भी उपस्थित थे। आयोजकों के अनुसार झंडे की रस्म के साथ 21वें वार्षिक जागरण के आयोजन की तैयारियों की औपचारिक शुरुआत की गई। कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों ने आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर आपसी समन्वय पर चर्चा की और रस्म के बाद कार्यक्रम संपन्न हुआ।

