झाबुआ जिले के थांदला के पास दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे के पहुंच मार्ग पर शुक्रवार रात भीषण सड़क हादसा हो गया। ट्रक और पिकअप की आमने-सामने टक्कर के बाद दोनों वाहनों में आग लग गई। पिकअप चालक को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला और उसकी जलने से मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात एक ट्रक एक्सप्रेस-वे की ओर जा रहा था। इसी दौरान सामने से आ रही पिकअप से उसकी जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर के कुछ ही देर बाद दोनों वाहनों में आग लग गई। पिकअप चालक वाहन में फंसा आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पिकअप चालक को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। हादसे में मियाटी निवासी तेरु खिमा भाबर की जलने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रक चालक अपना वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने यातायात व्यवस्था को सुचारु कराया। पहुंच मार्ग की कम चौड़ाई पर सवाल स्थानीय लोगों के मुताबिक एक्सप्रेस-वे के पहुंच मार्ग की कम चौड़ाई के कारण वाहनों की आवाजाही में परेशानी होती है। इसी वजह से हादसे की आशंका बनी रहती है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं को लेकर लोगों में चिंता बढ़ रही है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चलेगा।
जासूसी के नए तरीके ने बढ़ाई सुरक्षा एजेंसियों की चिंता, भारतीय नंबर बन रहे ISI नेटवर्क का 'गेटवे'
दिल्ली में ISI के जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें सराय काले खां से एक दंपती मोहम्मद साहिल और समीरा को गिरफ्तार किया गया है। इससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।
2015 की चयन प्रक्रिया से भर्ती किए गए करीब 11 हजार स्कूल व्याख्याताओं से जुड़े वरिष्ठता विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के 8 जुलाई 2026 के फैसले को बरकरार रखा है। न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन और न्यायमूर्ति अरुण पल्ली की पीठ ने मामले में दायर विशेष अनुमति याचिकाओं के समूह को खारिज कर दिया। कोर्ट ने रिकॉर्ड की जांच के बाद हाईकोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं मानी। फैसले के बाद अब व्याख्याताओं की वरिष्ठता सूची नए सिरे से तैयार की जाएगी और डीपीसी भी दोबारा कराई जाएगी। एक भर्ती, लेकिन अलग-अलग तारीखों पर नियुक्तियां बनीं विवाद की वजह विवाद आरपीएससी की ओर से 16 अक्टूबर 2015 को जारी विज्ञापन के जरिए विभिन्न विषयों में स्कूल लेक्चररों की भर्ती से जुड़ा था। चयन प्रक्रिया एक ही थी, लेकिन अलग-अलग विषयों के परिणाम अलग-अलग तारीखों पर घोषित हुए। इसके चलते नियुक्ति आदेश भी अलग-अलग समय पर जारी किए गए। वरिष्ठता सूची मुख्य रूप से नियुक्ति की तारीख के आधार पर तैयार की गई। इसे इस आधार पर चुनौती दी गई कि परिणाम, अनुशंसा या प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी के कारण योग्य अभ्यर्थियों को नुकसान हुआ। याचिकाकर्ताओं की मांग थी कि एक ही चयन प्रक्रिया में चयनित अभ्यर्थियों की वरिष्ठता नियुक्ति की तारीख के बजाय उनकी योग्यता और मेरिट के आधार पर तय की जाए। हाईकोर्ट ने भी मेरिट के आधार पर वरिष्ठता की बात कही थी राजस्थान हाईकोर्ट ने माना था कि संबंधित नियम एक ही चयन प्रक्रिया में अलग-अलग विषयों में नियुक्त स्कूल व्याख्याताओं के लिए समान वरिष्ठता सूची बनाने की स्थिति को पर्याप्त रूप से स्पष्ट नहीं करते हैं। हाईकोर्ट ने कहा था कि वरिष्ठता का इस्तेमाल पदोन्नति के समान और निष्पक्ष अवसरों से वंचित करने के लिए नहीं किया जा सकता। अदालत ने उप-प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति से जुड़े कानूनी प्रावधानों में विषयों को प्राथमिकता नहीं दिए जाने की बात भी कही थी। वरिष्ठता सूची तैयार करने के तरीके के कारण कुछ विषयों के शिक्षक प्रशासनिक प्रक्रिया में पहले नियुक्त होने से उन अभ्यर्थियों से वरिष्ठ हो गए, जिनके चयन में मेरिट बेहतर थी। नियम 36 के क्रियान्वयन से शुरू हुआ विवाद विवाद की जड़ राजस्थान शिक्षा (राज्य एवं अधीनस्थ) सेवा नियम-2021 के नियम 36 के प्रावधान-1 के क्रियान्वयन को माना गया है। शिक्षा विभाग और आरपीएससी की प्रक्रिया में अलग-अलग विषयों के अभ्यर्थियों को अलग-अलग चरणों में नियुक्तियां मिलीं। छोटे विषयों के अभ्यर्थियों को समय पर जॉइनिंग मिल गई और वे 2016-17 की सूची में शामिल हो गए। वहीं बड़े विषयों के अभ्यर्थी प्रशासनिक देरी के कारण बाद में कार्यग्रहण कर सके। विभाग ने आरपीएससी की मेरिट के बजाय जॉइनिंग की तारीख को वरिष्ठता का आधार बना दिया। इससे एक ही विज्ञापन और चयन प्रक्रिया से चुने गए अभ्यर्थियों के बीच जॉइनिंग की तारीख के कारण करीब दो साल तक का वरिष्ठता अंतर पैदा हो गया। इस व्यवस्था में कम अंक पाने वाले कुछ शिक्षक वरिष्ठ हो गए, जबकि ज्यादा अंक पाने वाले शिक्षक जूनियर हो गए। 2013, 2015 और 2018 भर्ती के शिक्षक प्रभावित इस विवाद से 2013, 2015 और 2018 की प्राध्यापक भर्तियों के करीब 11 हजार व्याख्याता सीधे प्रभावित बताए गए हैं। इसके अलावा विभागीय पदोन्नति के जरिए वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता बने कार्मिक भी इस प्रक्रिया से प्रभावित होंगे। इसके साथ विभागीय पदोन्नति से वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता बने कार्मिक भी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार नियम 36 के तहत 10 अक्टूबर 2002 की अधिसूचना के अनुसार आरपीएससी द्वारा लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के अंकों के आधार पर तैयार मेरिट के क्रम में मिश्रित/एकीकृत वरिष्ठता तय की जाएगी। 40 महीने में 178.56 करोड़ रुपए के अतिरिक्त भुगतान का दावा इस विवाद का असर शिक्षा विभाग के वित्तीय प्रबंधन पर भी पड़ा। विभाग की ओर से पिछले 40 महीनों में 178.56 करोड़ रुपए के अतिरिक्त भुगतान का दावा किया गया है। डीपीसी के बाद पदोन्नत शिक्षकों को नए पदों पर पदस्थापित करने के बजाय यथास्थान ही कार्यरत रखा गया और उन्हें उच्च पे-स्केल का भुगतान शुरू कर दिया गया। दावे के अनुसार 5,048 वाइस प्रिंसिपल, 3,200 प्रिंसिपल और 8,000 वाइस प्रिंसिपल सहित कुल 16,248 कार्मिकों को नए पद का कार्यभार संभाले बिना बढ़ा हुआ वेतन दिया गया। इससे सरकार पर हर महीने करीब 8.12 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा था। करीब 6 हजार उप प्राचार्यों की पदोन्नति प्रभावित होगी हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पुरानी वरिष्ठता सूची और उसके आधार पर हुई डीपीसी निरस्त होने की स्थिति बन गई है। वर्तमान में उप प्राचार्य पद पर कार्यरत करीब 6 हजार शिक्षकों की पदोन्नति सूची भी निरस्त होगी और उन्हें दोबारा व्याख्याता पद पर रिवर्ट किया जाएगा। वित्त विभाग के नियमों के अनुसार माध्यमिक शिक्षा विभाग, बीकानेर को अब पारदर्शी कॉमन वरिष्ठता सूची नए सिरे से तैयार करनी होगी। इसके बाद दोबारा डीपीसी कराई जाएगी। नई प्रक्रिया के बाद चयनित शिक्षकों को नोशनल पे-फिक्सेशन और नए पद पर कार्यग्रहण करने के बाद नकद भुगतान का वैधानिक लाभ मिल सकेगा। 25 अगस्त की बैठक में नहीं हुआ फैसला फैसले को लागू करने के लिए स्थायी समिति की बैठक 25 अगस्त को हुई थी। हालांकि, बैठक में इस संबंध में कोई निर्णय नहीं हो सका और फैसला अगली तारीख तक टाल दिया गया। शिक्षक संघ ने की फैसले की पूर्ण पालना की मांग शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया कि व्याख्याता से उप प्राचार्य की वरिष्ठता के विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के 8 जुलाई के फैसले को बरकरार रखा है। उन्होंने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग से सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही सत्र 2012-13 में वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता पदोन्नति के लिए बनाई गई वरिष्ठता सूची की भी जांच की मांग की। सलावद के अनुसार सत्र 2011-12 तथा 2013-14 से 2025-26 तक की वरिष्ठता सूची मेरिट के आधार पर तैयार की गई, जबकि सत्र 2012-13 में अलग नियम अपनाया गया था।
चित्रकूट के पहाड़ी और मध्य प्रदेश क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। रामघाट क्षेत्र में नदी का पानी खतरे के निशान से लगभग 2 मीटर ऊपर बह रहा है। इससे नदी किनारे रहने वाले लोगों और दुकानदारों में चिंता का माहौल है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। रामघाट के निचले हिस्सों में भरा पानी जलस्तर बढ़ने के कारण रामघाट के निचले हिस्सों में पानी भर गया है। नदी किनारे बनी कई दुकानें और रास्ते भी जलमग्न हो गए हैं। लोगों को नदी के आसपास जाने से मना किया जा रहा है और घाटों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मंदाकिनी का पानी सड़क तक पहुंचने से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच संपर्क प्रभावित हुआ है। सड़क पर पानी आने से आवागमन बाधित हो गया है, जिससे दोनों राज्यों के बीच आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बारिश जारी रही तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। लगातार निगरानी रख रहा प्रशासन प्रशासन नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रख रहा है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। राजस्व, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और आवश्यक कदम उठा रही हैं। बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के किनारे और तेज बहाव वाले स्थानों पर न जाएं। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को घाटों से दूर रहने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि बारिश और नदी के जलस्तर की स्थिति के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शाहजहांपुर में एक युवक ने अपने मामा के घर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान लखीमपुर जिले के निर्देश कुमार (20) के रूप में हुई है। घटना पुवायां थाना क्षेत्र के कहमारा गांव में शनिवार सुबह करीब सात बजे सामने आई। निर्देश मूलरूप से लखीमपुर जिले के थाना हैदराबाद क्षेत्र के परेली गांव का निवासी था। वह पिछले करीब दो साल से शाहजहांपुर के पुवायां में नया मकान बनवाकर अपने परिवार के साथ रह रहा था। निर्देश अपने तीन भाइयों और तीन बहनों में सबसे छोटा था और अविवाहित था। शुक्रवार शाम निर्देश कहमारा गांव में रहने वाले अपने मामा के घर गया था और रात में वहीं रुक गया। शनिवार सुबह जब परिवार के सदस्यों ने कमरा खोला, तो निर्देश का शव फंदे से लटका हुआ मिला। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया। मामा के परिवार ने शव को फंदे से उतारने के बाद पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से पूछताछ की। पुलिस ने निर्देश के कपड़ों की तलाशी भी ली, लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। आत्महत्या का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्हें निर्देश की आत्महत्या के पीछे के कारणों की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि निर्देश ने कभी कोई समस्या नहीं बताई थी और उसका किसी से कोई विवाद भी नहीं था। वह मेहनत-मजदूरी करता था। थाना प्रभारी आरके रावत ने बताया कि युवक ने आत्महत्या की है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। परिजनों ने अभी तक कोई आरोप नहीं लगाया है। मामले की जांच की जा रही है।
इंदौर में बायपास पर लॉ-एक्जोटिका कॉलोनी के चौकीदार धर्मेंद्र मालवीय को राजा उर्फ कमल कुमावत ने दो बार कार चढ़ाकर मार डाला।
गाजियाबाद मे मोदीनगर पुलिस ने शुक्रवार आधी रात 2 लुटेरों को एनकाउंटर में अरेस्ट किया है। पुलिस ने दौड़ाकर पैर में गोली मारी। इनमें एक लुटेरा मेरठ के लिसाड़ीगेट का रहने वाला है। पुलिस ने मौके से एक तमंचा, एक जोड़ी सोने के कुंडल, एक बाइक बरामद की है। यह गैंग मेरठ, गाजियाबाद और दिल्ली में लगातार लूट की वारदात कर रहा था। घायल फारुख गोली लगने के बाद पुलिस से कहने लगा कि साहब गलती हो गई, अब लूट नहीं करुंगा। पुलिस पर फायरिंग कर भागे एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि मोदीनगर SHO आनंद प्रकाश मिश्रा शुक्रवार रात कलछीना रोड पर वाहनों की चेकिंग र रहे थे। इस बीच पुलिस ने बाइक सवार 2 संदिग्ध युवकों को रोकने का प्रयास किया। दोनों ने बाइक नहीं रोकी और बाइक दौड़ा दी। जहां दोनों युवक बाइक फिसल ने से गिर गए और एक बदमाश ने पुलिस पर तमंचे से फायर कर दिया। जिसमें एक सिपाही गोली लगने से बाल बाल बचा। पुलिस द्वारा की गई फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लगी व दूसरे बदमाश को पीछा करके पकड लिया। मेरठ का फारुख शातिर लुटेरा एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि घायल युवक ने पूछे जाने पर अपना नाम फारुख उर्फ छोटू पुत्र यामीन निवासी लिसाडीगेट मेरठ बताया। जो गाजियाबाद के विजयनगर में रह रहा है। दूसरे युवक ने अपना नाम हाशिम पुत्र चांदबाबू निवासी उज्जवल गार्डन थाना लिसाड़ीगेट बताया। दोनों ने पूछताछ में बताया कि 21 अगस्त को मोदीनगर में एक महिला से कुंडल लूटे, इसके बाद चेन लूटी। मेरठ में भी 2 लूट की बात स्वीकार की। यह गैंग दिल्ली, मेरठ और गाजियाबाद में लूट कर रहा था। दोनों पर लूट के 6 मुकदमें दर्ज हैं।
कानपुर के कई इलाकों में शनिवार को अलग-अलग समय पर बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। KESCO की ओर से ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ाने और RMU चार्जिंग से जुड़े काम किए जाएंगे। इन कार्यों के लिए फील्ड पर 21 कर्मचारी लगाए गए हैं। विभाग के अनुसार, काम पूरा होते ही बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। इन इलाकों में इतने समय तक रहेगी बिजली कटौती गोविंद नगर, जूही डिपो, जूही लाल कॉलोनी, चावला मार्केट, TVS कॉलेज, नंदलाल चौराहा और निराला नगर में सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। CNG और शंकर नगर क्षेत्र में सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक बिजली कटौती रहेगी। हाईवे सिटी, कोयला नगर और सनिगवां के आसपास दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। जरौली फेस-1 और फेस-2 के साथ जरौली H, I और J ब्लॉक में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। विभाग ने की अपील बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे कटौती के निर्धारित समय को ध्यान में रखते हुए अपने जरूरी काम पहले ही पूरे कर लें। KESCO के अनुसार, सुधार और मरम्मत का काम पूरा होते ही संबंधित इलाकों में बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।
पंजाब में कर्मचारियों और सरकार के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है। मुलाजिमों ने सीएम भगवंत मान के खिलाफ हर एंगल से मोर्चा खोल दिया। मुलाजिम जहां दफ्तरों में कामकाज नहीं कर रहे हैं, वहीं उन्होंने अब सीएम के खिलाफ डिजिटल स्ट्राइक भी शुरू कर दी। मुलाजिम संगठनों ने भगवंत मान के ऑफिशियल फेसबुक पेज अनफोलो करना शुरू कर दिया है। मुलाजिम संगठन के नेताओं का तर्क है कि पंजाब भर के कर्मचारियों ने सीएम का पेज फोलो किया और अब इसे अनफोलो करेंगे। मुलाजिमों ने यह मुहिम आज से ही लॅन्च की है। मुलाजिम संगठनों के नेता अब सोशल मीडिया के जरिए ही अपने साथियों को भगवंत मान का फेसबुक पेज अनफोलो करने की अपील कर रहे हैं। मुलाजिम नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री सोशल मीडिया पर अपनी वाहवाही बटोर रहे हैं तो उनको जवाब भी सोशल मीडिया पर ही दिया जाएगा। सोशल मीडिया पर भगवंत मान के कितने फोलोअर्स हैं जानिए.. फेसबुक पर 3643718 फोलोअर्स : मुख्यमंत्री भगवंत मान के फेसबुक पेज पर 29 अगस्त सुबह 3643718 फोलोअर्स थे। कर्मचारी संगठनों ने 29 अगस्त सुबह आठ बजे इस मुहिम को शुरू किया। कर्मचारियों ने धीरे-धीरे भगवंत मान के पेज को अनफोलो करना शुरू कर दिया है। डीसी ऑफिस इंप्लाइज यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष तेजिंदर सिंह नंगल ने कहा कि मुख्यमंत्री को फोलो करने वालों में बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी हैं, वो सभी इस पेज को अनफोलो करके अपना विरोध जताएंगे। इंस्टाग्राम पर 1.8 M फोलोअर्स: मुख्यमंत्री भगवंत मान की सोशल मीडिया पर अच्छी फेन फोलोइंग है। भगवंत मान के इंस्टाग्राम पर 1.8 M फोलोअर्स हैं जबकि X पर उनको 1.5 M लोग फोलो करते हैं। सबसे ज्यादा फेसबुक पर 3.6 M फोलोअर्स हैं। सोशल मीडिया फेज अनफोलो करने के 4 अहम इंपेक्ट… 17 अगस्त से लगतार हड़ताल पर है मिनिस्टीरियल स्टाफ साझा मुलाजिम मंच ने 27 अगस्त को महाहड़ताल की थी जबकि पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन 17 अगस्त से लगतार हड़ताल पर है। कर्मचारी पेन डाउन व कंप्यूटर शटडाउन हड़ताल पर हैं और सरकार ने अभी तक उनके साथ बातचीत नहीं की। 27 अगस्त को मुख्यमंत्री के साथ साझा मुलाजिम मंच की मीटिंग रद्द होने से मुलाजिमों में रोष है और अब उन्होंने सरकार को हर स्टेप पर घेरने की योजना बनाई है। कैप्टन अमरिंदर सिंह खिलाफ की थी मुलाजिमों ने डिजिटल स्ट्राइक कैप्टन अमरिंदर सिंह जब मुख्यमंत्री थे तो उनकी भी मुलाजिम संगठनों के साथ काफी कंट्रोवर्सी रही। उस समय कोरोना के कारण मुख्यमंत्री के ज्यादातर कार्यक्रम फेसबुक पर लाइव होते थे। उस समय भी कर्मचारी नेताओं ने उनके लाइव में अपनी डिमांड वाले मैसेज किए थे। कैप्टन की सोशल मीडिया टीम कमेंट से परेशान थी और कर्मचारियों ने कैप्टन के खिलाफ सोशल मीडिया पर कैप्टन के खिलाफ एक नेरेटिव सेट कर दिया था। अब उसी तर्ज पर कर्मचारियों ने भगवंत मान का पेज अनफोलो करने की मुहिम शुरू की है।
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सरयू नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है। शुक्रवार शाम चार बजे तक जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई, जिससे यह 69.60 मीटर पर पहुंच गया। यह खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 30 सेंटीमीटर नीचे है। हालांकि, जलस्तर घटने के बावजूद नदी में लहरों का उफान तेज होने से तटवर्ती क्षेत्रों में कटान बढ़ गई है, जिससे किसानों में हड़कंप है। नईबाजार के सरहरा पूरवे के सामने बीते 24 घंटे में लगभग 15 मीटर उपजाऊ भूमि नदी में समा गई है। इससे किसानों में भारी चिंता है। आरोप है कि इस गंभीर स्थिति के बावजूद बाढ़ खंड आजमगढ़ का कोई अधिकारी या कर्मचारी कटान का मुआयना करने नहीं पहुंचा है। दोहरीघाट कस्बे में शवदाह स्थल और भारत माता मंदिर के पास बैकरोलिंग तेज होने से बोल्डरों के खिसकने का खतरा मंडरा रहा है। नदी के दबाव से मुक्तिधाम, शाही मस्जिद, दुर्गा मंदिर, हनुमान मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, खाकी बाबा की कुटी, रामघाट और जानकी घाट जैसी ऐतिहासिक धरोहरों पर भी कटान का खतरा बना हुआ है। सिंचाई विभाग मऊ की टीम ने धनौली रामपुर से रामघाट तक निगरानी बढ़ा दी है। विभाग के कर्मचारी नगर की ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने के लिए मुस्तैदी से डटे हुए हैं। सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को गौरीशंकर घाट पर जलस्तर 69.70 मीटर था, जो शुक्रवार शाम तक 69.60 मीटर हो गया। निचले इलाकों के लोग भले ही जलस्तर घटने से राहत महसूस कर रहे हों, लेकिन स्थानीय लोगों को चिंता है कि नदी जब घटती है, तब तटवर्ती क्षेत्रों में भारी तबाही मचाती है। इस समय लहरों में उफान तेज हो गया है। जबकि पानी घटने के साथ ही सरहरा पूरवे के सामने किसानों की खेती योग्य भूमि कटान की जद में आ रही है। बीते 24 घंटे में 15 मीटर से अधिक उपजाऊ भूमि काटकर नदी में विलीन कर दी।वहीं अब तक सरहरा में सरयू नदी एक जरीब से अधिक उपजाऊ भूमि को काट चुकी है। जिससे किसानों में हड़कंप मचा हुआ है। उधर, परमहंस बाबा कुटी के सामने में भी रुक-रुककर नदी कटान कर रहीं हैं। हालांकि पहले की अपेक्षा यहां कटान कम है। लेकिन यही हाल रहा तो कटान तेज होने की उम्मीद है। लोगों का कहना है कि पहले की तुलना में अब कटान कम है, लेकिन अब भी किनारे की भूमि लगातार सरयू की लहरों का निवाला बन रहे हैं। बाढ़ खंड आजमगढ़ के कार्यक्षेत्र में लगातार कटान होने के बाद भी किसी कर्मचारी या अधिकारी के न पहुंचने से लोगों में भारी आक्रोश बढ़ रहा है। वहीं सिंचाई विभाग मऊ की माने तो एक-दो दिन में सरयू का जलस्तर अब भी और नीचे आएगा। जलस्तर में घटाव होने से बाढ़ की संभावना टल गई है। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता सिंचाई विभाग प्रिंस कुमार ने बताया कि खाकी बाबा कुटी के पास हुई कटान को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। कटान वाले स्थानों पर बोरी में ईंट की टुकड़ी भरकर नदी के तलहटी में डाला जा रहा है। ऊपर से जियो बैग भी डाले जा रहे है। अब कहीं और कटान की संभावना नही है।
बुलंदशहर के रामघाट थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात 11 बजे सट्टे के पैसों के लेनदेन को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दर्जनों लोग लाठी-डंडे चलाते और एक-दूसरे से भिड़ते दिखाई दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इस हिंसक झड़प में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि विवाद की मुख्य वजह क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहे जुए और सट्टे का लेनदेन है। इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि रामघाट थाना क्षेत्र में लंबे समय से अवैध जुए और सट्टे का कारोबार बेखौफ चल रहा है। आरोप है कि स्थानीय पुलिस सट्टा माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए है, जिससे उनके हौसले बढ़े हुए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन हरकत में आया है। एसपी देहात अंतरिक्ष जैन ने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि वीडियो के आधार पर उपद्रवियों और आरोपियों की पहचान की जा रही है, और जल्द ही उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जौनपुर में ट्रैफिक पुलिस ने तेज गति से वाहन चलाने वालों के खिलाफ अभियान शुरू किया है। पिछले 24 दिनों में इंटरसेप्टर वाहन की मदद से 1500 से अधिक वाहनों का चालान किया गया है। इनमें ट्रक, कार और दोपहिया वाहन शामिल हैं। ट्रैफिक पुलिस को यह इंटरसेप्टर वाहन आठ साल के लंबे इंतजार के बाद मिला है। ट्रैफिक पुलिस प्रमुख मार्गों और हाईवे पर इंटरसेप्टर वाहन का उपयोग कर वाहनों की गति पर नजर रख रही है। इसमें लगे अत्याधुनिक उपकरण निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार में चलने वाले वाहनों की पहचान करते हैं, जिसके बाद उनका चालान किया जाता है। इस कार्रवाई से तेज गति से वाहन चलाने वाले चालकों में सतर्कता बढ़ी है। सड़क दुर्घटनाओं के मुख्य कारणों में तेज रफ्तार एक प्रमुख वजह है। अक्सर चालक निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करते हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। विशेष रूप से हाईवे और खुले मार्गों पर वाहन चालक अक्सर गति सीमा की अनदेखी करते पाए जाते हैं। ट्रैफिक इंस्पेक्टर (टीआई) मनोज पांडेय ने बताया कि इंटरसेप्टर वाहन से प्रतिदिन औसतन 40 से 50 ओवर स्पीड वाहनों का चालान किया जा रहा है। निर्धारित गति से तेज वाहन चलाने पर 2000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है। बार-बार पकड़े जाने की स्थिति में ड्राइविंग लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ओवर स्पीड पर कार्रवाई का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। इंटरसेप्टर वाहन के लिए पिछले आठ वर्षों से प्रस्ताव भेजे जा रहे थे, लेकिन इसकी अधिक कीमत के कारण ट्रैफिक पुलिस को यह सुविधा नहीं मिल पा रही थी। यह वाहन आधुनिक उपकरणों से लैस है और काफी दूर से आने वाले वाहनों की रफ्तार का सटीक पता लगाने में सक्षम है।
रक्षाबंधन के मौके पर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (STR) में इस बार एक अनोखा अभियान ”बाघ रक्षा सूत्र चलाया जा रहा है। इस अभियान में राखी के धागे को बाघों की सुरक्षा से जोड़ा गया है। तीन दिन में अब तक 11 हजार ग्रामीण, स्कूली विद्यार्थी, ईको विकास समिति के सदस्य और वन मित्रों को बाघ वाली राखी बांधकर वन्यजीवों की सुरक्षा की शपथ दिलाई गई है। जिसका समापन आज शनिवार को होगा। STR फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा ने बताया बाघ सिर्फ एक जानवर नहीं, हमारे पूरे इकोसिस्टम का सुरक्षा कवच है। अगर बाघ सुरक्षित रहेगा तो जंगल बचेंगे, तभी हमारा भविष्य सुरक्षित रहेगा। इसलिए रक्षाबंधन पर तीन दिन का यह अभियान चलाया जा रहा है, जिसका समापन आज शनिवार को होगा। राखी बांधकर शपथ दिला रहे जिस तरह बहन भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है और भाई सुरक्षा का वादा करता है, उसी भाव से STR के बागड़ा बफर, पिपरिया बफर, तवा बफर और मटकुली क्षेत्र में लोगों को ‘बाघ रक्षा सूत्र' बांधा जा रहा है। इस दौरान ग्रामीणों और बच्चों को बाघ के महत्व और वन-वन्यप्राणियों की सुरक्षा के बारे में जागरूक किया जा रहा है। अभियान में 50 विस्थापित ग्रामों के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रेंजर विलास डोंगरे ने बताया कि तीन दिन में 11 हजार लोगों को बाघ रक्षा सूत्र बांधकर बाघ और अन्य वन्यप्राणियों की सुरक्षा की प्रतिज्ञा दिलाई गई है। यह नवाचार पहली बार STR में किया गया है।
कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने दैनिक जागरण के सहयोगी प्रकाशन नईदुनिया के साथ बातचीत में कहा कि नर्मदा घाटी के बांध कांग्रेस ने अटकाए और अब केन- बेतवा नदी जोड़ो प्रोजेक्ट में नाटक कर रही है।
नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई बाढ़ में छत्तीसगढ़ के 2 लोग लापता हैं। इनमें अंबिकापुर की डॉ. मीना गुप्ता और बिलासपुर की डॉ. प्रियंका चौधरी शामिल हैं, वहीं बिलासपुर की ब्यूटीशियन मंजू राय चौधरी( 65) के सुरक्षित होने की जानकारी मिली है। उनसे संपर्क की कोशिश जारी है। राज्य सरकार तीनों की जानकारी जुटा रही है। अंबिकापुर के वरिष्ठ भाजपा नेता करता राम गुप्ता की बेटी डॉ. मीना गुप्ता कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गई थीं। बाढ़ के समय वे इमिग्रेशन सेंटर में थीं। उनके साथ यात्रा कर रहे करीब 80 लोगों से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। बिलासपुर की डॉ. प्रियंका चौधरी से 25 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे उनकी मां की फोन पर बात हुई थी। प्रियंका ने बताया था कि वे चीन एंबेसी के पास इमिग्रेशन की प्रक्रिया के लिए जा रही हैं। इसके कुछ देर बाद बाढ़ की खबर आई और उनसे संपर्क टूट गया। रायपुर की मोनिका यादव के लापता होने की सूचना के बाद प्रशासन ने उनके परिजनों से संपर्क कर लिया है। संबंधित एजेंसियों से उनकी स्थिति की जानकारी ली जा रही है। प्रशासन के मुताबिक रायपुर के 5 नागरिक सुरक्षित हैं और नेपाल से लौटने के लिए रवाना हो चुके हैं। मोनिका और मंजू के परिजनों से संपर्क रायपुर के महादेव घाट निवासी मोनिका यादव 22 अगस्त को नेपाल गई थीं। बाढ़ के बाद उनसे संपर्क टूट गया था। अब प्रशासन ने उनके परिजनों से संपर्क कर लिया है और उनकी स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है। इसी तरह बिलासपुर की 65 वर्षीय मंजू राय चौधरी भी कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गई थीं। उनके परिजनों से भी प्रशासन का संपर्क हो गया है। संबंधित एजेंसियों से जानकारी लेकर स्थिति की पुष्टि की जा रही है। मंजू अकेली बिलासपुर से गईं, नेपाल में 30 लोगों के दल से जुड़ीं मंजू बिलासपुर से अकेले कलकत्ता गई थीं, जहां से 21 अगस्त को 30 लोगों के दल के साथ नेपाल रवाना हुईं। 25 अगस्त को परिजनों से आखिरी बार बात हुई थी। तीन सितंबर को उनकी वापसी होनी थी। आपदा के बाद संपर्क टूटने पर परिवार ने प्रशासन से मदद मांगी। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि मंजू के सुरक्षित होने की जानकारी मिली है, उनसे संपर्क की कोशिश की जा रही है। रक्षाबंधन पर घर आने वाली थीं डॉ. प्रियंका बिलासपुर की डॉ. प्रियंका चौधरी के पिता रमेश चौधरी ने बताया कि 25 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे उनकी बेटी की रोज की तरह मां से फोन पर बात हुई थी। प्रियंका ने बताया था कि वह चीन एंबेसी के पास इमिग्रेशन की प्रक्रिया के लिए जा रही हैं। इसके कुछ देर बाद नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ की खबर आई और प्रियंका से संपर्क टूट गया। हादसे की खबर के बाद परिवार ने फिनलैंड में रह रहे प्रियंका के पति से भी संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनसे भी बात नहीं हो सकी। मानसरोवर यात्रा पूरी करने के बाद प्रियंका को काठमांडू से दिल्ली और फिर रक्षाबंधन पर बिलासपुर आना था। प्रियंका ने स्कूल की पढ़ाई बिलासपुर से की है। इसके बाद राजनांदगांव से बीडीएस, यूके से एमडीएस और फिनलैंड से पीएचडी की। वह करीब 10 साल से फिनलैंड में रह रही हैं। 5 नागरिक सुरक्षित, रायपुर लौट रहे रायपुर के माना क्षेत्र के दिनेश ओझा, प्रेम सिंह जगत, नारायण सेन, यतेंद्र प्रकाशी और दिनेश सिंह ठाकुर के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है। पांचों 21 अगस्त को नेपाल गए थे। अब वे नेपाल से रायपुर लौटने के लिए रवाना हो चुके हैं। भाजपा नेता की बेटी दल समेत लापता 25 अगस्त को डॉ. मीना गुप्ता समेत 80 यात्रियों का दल इमीग्रेशन सेंटर पहुंचा था, तभी सेंटर बाढ़ की चपेट में आ गया। मीना ने पिता करता राम गुप्ता को भी यात्रा पर चलने कहा था, लेकिन व्यस्तता के कारण वे नहीं गए।हादसे के बाद से मीना से संपर्क नहीं हो सका है, परिवार को उनकी सकुशल वापसी की उम्मीद है। मीना की शुरुआती पढ़ाई अंबिकापुर के होलीक्रॉस स्कूल में हुई। वे इंग्लैंड में स्किन स्पेशलिस्ट हैं। पर्यटन और संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल केंद्र सरकार के संपर्क में हैं। उन्होंने करता राम गुप्ता से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। नेपाल बाढ़ में 32 देशों के नागरिक लापता नेपाल में बाढ़ के बाद 32 देशों के 1400 से ज्यादा नागरिक शामिल हैं। इनमें ट्रेकिंग, टूर और कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए पहुंचे लोग भी शामिल हैं। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, लापता लोगों में 113 नेपाली पर्यटक, सेना-पुलिस के 85 जवान और रसुवा जिले के 161 लोग शामिल हैं। अब तक 50 विदेशियों को हेलिकॉप्टर से सुरक्षित निकाला गया है। लापता लोगों में भारत के 290, अमेरिका के 90, यूक्रेन के 55, मलेशिया के 51, ऑस्ट्रेलिया के 39, ब्रिटेन के 33, कनाडा के 25, दक्षिण कोरिया के 9, सिंगापुर, जर्मनी और रूस के 8-8, दक्षिण अफ्रीका और लातविया के 6-6, जापान और न्यूजीलैंड के 5-5, फ्रांस के 4 नागरिक शामिल हैं। ………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… नेपाल में भूकंप, 3 दिन बाद फिर बाढ़ की चेतावनी: तिब्बत में नई झील बनी; अब तक 389 मौतें, 84 भारतीयों का रेस्क्यू, 290 लापता नेपाल में गुरुवार रात 9:18 बजे 3.2 तीव्रता का भूकंप आया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, इसका केंद्र 10 किमी की गहराई पर था। इसी के साथ नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। चीन ने बताया है कि रसुवागढ़ी बॉर्डर से 18 किमी ऊपर तिब्बत के ल्हेंदे नदी में एक नई बैरियर झील बन गई है। पढ़ें पूरी खबर…
प्रतापगढ़ में दहेज में कार की मांग को लेकर एक विवाहिता से मारपीट का मामला सामने आया है। पुलिस ने विवाहिता की शिकायत पर पति, सास और ननद समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि चार पहिया वाहन की मांग पूरी न होने पर उसे प्रताड़ित किया गया और दूसरी शादी की धमकी भी दी गई। आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के संग्रामपुर गांव निवासी काजल रावत ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसका विवाह 2 दिसंबर 2022 को अयोध्या जिले के बीकापुर थाना क्षेत्र के खजुरहट गांव निवासी समीर रावत से हुआ था। शादी के बाद पति समीर रावत, सास सुनीता देवी और ननद अंजली, दिया व सोनिया समेत अन्य ससुरालियों ने दहेज में चार पहिया वाहन की मांग शुरू कर दी। पीड़िता का आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की जाती थी। पति समीर रावत पर दूसरी शादी करने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। इन सब से परेशान होकर काजल रावत 16 मई 2026 को ससुराल छोड़कर अपने मायके आ गई। मायके आने के बाद भी ससुराल पक्ष की ओर से उसे लगातार धमकी दिए जाने का आरोप है। पुलिस ने काजल रावत की तहरीर के आधार पर पति समीर रावत, सास सुनीता देवी, ननद अंजली, दिया और सोनिया समेत अन्य ससुरालियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
जलवायु परिवर्तन: हिमाचल की ग्लेशियल झीलें बनीं टाइम बम, 88 बेहद संवेदनशील, अध्ययन में खुलासा
जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान ने हिमालयी क्षेत्रों में ग्लेशियल झीलों के खतरे को और बढ़ा दिया है। ऊंचाई वाले संवेदनशील इलाकों में बर्फबारी की जगह बारिश और रेन-ऑन-स्नो जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं।
पाली में शनिवार सुबह कार और बाइक की भीषण टक्कर में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई। हादसा इतना जोरदार था कि दोनों युवक बाइक से हवा में कई फीट उछलकर सड़क पर जा गिरे। दोनों को गंभीर हालत में बांगड़ अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। सुबह करीब साढ़े 7 बजे हुआ हादसा सदर थाने के एएसआई श्रवण सिंह ने बताया कि हादसा शनिवार सुबह करीब साढ़े 7 बजे हुआ। तेज रफ्तार से आ रही कार ने बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बाइक सवार दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को इलाज के लिए पाली के बांगड़ अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शवों को बांगड़ अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया और दोनों की शिनाख्त के प्रयास शुरू किए। 20 मिनट तक CPR दिया, नहीं बची जान हादसे में एक युवक की हालत बेहद गंभीर थी। अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने उसकी सांसें वापस लाने के लिए करीब 20 मिनट तक सीपीआर दिया। चिकित्सकों और नर्सिंगकर्मियों ने काफी प्रयास किए, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और उसे बचाया नहीं जा सका। दोनों युवकों की पहचान के लिए पुलिस प्रयास कर रही है।
हाथरस में पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की यौमे पैदाइश के अवसर पर कल 30 अगस्त, रविवार को जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला जाएगा। यह जुलूस सुबह 10 बजे किला गेट से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से गुजरेगा। जुलूस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. रईस अहमद अब्बासी ने आयोजन को लेकर दिशानिर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि जुलूस में मोटरसाइकिल लाने पर प्रतिबंध रहेगा। राष्ट्रीय ध्वज केवल कमेटी द्वारा शामिल की जाने वाली झांकियों और वाहनों पर ही पूरे सम्मान के साथ लगाया जाएगा। लोगों से अपील की गई है कि छोटे बच्चों को राष्ट्रीय ध्वज लेकर जुलूस में न भेजें, ताकि राष्ट्रीय ध्वज का किसी भी प्रकार से अनादर न हो। आपत्तिजनक नारे ना लगाएं डॉ. अब्बासी ने यह भी स्पष्ट किया कि तेज आवाज में ध्वनि प्रसारित करने वाले वाहनों को जुलूस में शामिल नहीं किया जाएगा। साथ ही, किसी भी धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाने की अनुमति नहीं होगी। ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आयोजकों को जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इस आयोजन के माध्यम से अमन-चैन, भाईचारे, देश प्रेम और आपसी सौहार्द का संदेश दिया जाएगा। अध्यक्ष अब्बासी ने सभी से शांतिपूर्ण ढंग से जुलूस में शामिल होने और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है।
अमृतसर में पुलिस कार्रवाई: गश्त के दौरान पकड़े चार तस्कर, एक किलो से अधिक हेरोइन बरामद
अमृतसर के सीमा क्षेत्र में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में चार युवकों को गिरफ्तार कर कुल 1.15 किलो हेरोइन बरामद की है।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी में हाइड्रोजन बसों को लेकर शुरू किया गया प्रयोग उम्मीद के मुताबिक आगे नहीं बढ़ सका। एक महीने के ट्रायल के लिए उतारी गई तीन हाइड्रोजन बसों का संचालन महज 18 दिन बाद ही बंद कर दिया गया। ट्रायल के दौरान यात्रियों की संख्या कम रही और संचालन लागत भी ई-बसों की तुलना में अधिक सामने आई। इन तीन बसों को करीब 17,444 किलोमीटर चलाया गया। ट्रायल के दौरान कुछ तकनीकी दिक्कतें भी सामने आईं। इन्हीं कारणों को देखते हुए फिलहाल बसों का संचालन रोककर कमियों को दूर करने की तैयारी की जा रही है। कम सवारी और ज्यादा खर्च बनी सबसे बड़ी वजहट्रायल के दौरान सबसे बड़ी चुनौती यात्रियों की संख्या रही। बसें तय रूट पर चलीं, लेकिन अपेक्षित संख्या में यात्री नहीं मिले। इसके अलावा हाइड्रोजन आधारित बसों के संचालन और ईंधन से जुड़ा खर्च भी ज्यादा आया।यही वजह है कि अधिकारियों ने शुरुआती प्रयोग को आगे बढ़ाने के बजाय पहले तकनीकी और आर्थिक व्यवहार्यता को समझने का फैसला किया है। ट्रायल से मिले आंकड़ों के आधार पर आगे की योजना तैयार की जाएगी। अब ग्रेनो से आगरा तक चलाने की तैयारीयमुना प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, हाइड्रोजन बसों को छोटे रूट तक सीमित रखने के बजाय आगे ग्रेटर नोएडा से आगरा तक चलाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इससे लंबी दूरी के रूट पर बसों की वास्तविक क्षमता, ईंधन खपत और संचालन लागत का बेहतर आकलन किया जा सकेगा। इससे पहले हाइड्रोजन बसों को ग्रेटर नोएडा-Delhi-आगरा रूट जैसे लंबे कॉरिडोर पर परीक्षण से जोड़ने की योजना राष्ट्रीय स्तर पर भी बनाई गई है। केंद्र सरकार के राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत देश में हाइड्रोजन वाहनों के कई पायलट प्रोजेक्ट चल रहे हैं। हाइड्रोजन बसों में क्या है खास?हाइड्रोजन फ्यूल सेल बसों में हाइड्रोजन का इस्तेमाल बिजली बनाने के लिए किया जाता है। इस प्रक्रिया में पारंपरिक डीजल बसों की तरह धुआं नहीं निकलता। ग्रीन हाइड्रोजन का इस्तेमाल होने पर परिवहन क्षेत्र के कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद मिल सकती है। यानी तकनीक पर्यावरण के लिहाज से बड़ी संभावना रखती है, लेकिन नोएडा के ट्रायल ने यह भी दिखाया है कि सिर्फ प्रदूषण कम करने वाली तकनीक पर्याप्त नहीं है। उसका खर्च, यात्रियों की संख्या, ईंधन की उपलब्धता और तकनीकी भरोसा भी जरूरी है। देशभर में चल रहा हाइड्रोजन बसों का प्रयोगकेंद्र सरकार ने जुलाई 2026 में राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत 70 हाइड्रोजन वाहनों को 21 रूट पर उतारने के लिए 12 पायलट परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें 27 बसें और 43 ट्रक शामिल हैं। इन परियोजनाओं के लिए 16 हाइड्रोजन रीफ्यूलिंग स्टेशन भी प्रस्तावित हैं। ग्रेटर नोएडा-Delhi-आगरा रूट भी देश के उन चुनिंदा कॉरिडोर में शामिल है, जहां हाइड्रोजन वाहनों की तकनीक का परीक्षण किया जा रहा है। ऐसे में नोएडा-ग्रेटर नोएडा का मौजूदा ट्रायल आगे की योजना के लिए अहम आंकड़े उपलब्ध करा सकता है।
कौशांबी में फरियादियों की समस्याओं और शिकायतों की सुनवाई को बेहतर बनाने के उद्देश्य से मोहब्बतपुर पइंसा थाने में नवनिर्मित जनसुनवाई हॉल का उद्घाटन किया गया। शुक्रवार रात करीब 10 बजे एसपी सत्यनारायण प्रजापत ने फीता काटकर इसका शुभारंभ किया। एसपी ने बताया कि इस नवनिर्मित हॉल में थाना क्षेत्र से आने वाले फरियादियों को व्यवस्थित और सुविधाजनक माहौल मिलेगा। यहां वे अपनी समस्याओं को पुलिस अधिकारियों के समक्ष आसानी से रख सकेंगे। उद्घाटन के अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने थाने के अधिकारियों और कर्मचारियों को आमजन के साथ विनम्र एवं संवेदनशील व्यवहार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को फरियादियों की बात ध्यान से सुननी चाहिए। एसपी ने यह भी निर्देशित किया कि फरियादियों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। जनसुनवाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितकारी बनाया जाना चाहिए। उन्होंने पुलिसकर्मियों को सख्त हिदायत दी कि थाने में आने वाले प्रत्येक फरियादी की समस्या को गंभीरता से सुना जाए और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इससे आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत होगा।
दक्षिण भारतीय सिनेमा के मशहूर अभिनेता, पटकथा लेखक और निर्देशक पोसानी कृष्णा मुरली इन दिनों काशी पहुंचे हैं। वह अपनी पत्नी कुसुमा लता के साथ वाराणसी आए। काशी प्रवास के दौरान उन्होंने बाबा विश्वनाथ के दरबार में पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। इसके साथ ही पत्नी के साथ रिक्शे पर बैठकर काशी की गलियों का भ्रमण किया और स्थानीय बाजार में खरीदारी भी की। पोसानी कृष्णा मुरली ने अपनी पत्नी के लिए वाराणसी की प्रसिद्ध बनारसी साड़ी खरीदी। काशी की गलियों में रिक्शे पर घूमते हुए उन्होंने शहर की पुरानी गलियों, बाजारों और यहां की पारंपरिक संस्कृति को करीब से देखा। दक्षिण भारतीय सिनेमा के इस चर्चित कलाकार का यह अंदाज स्थानीय लोगों के बीच भी आकर्षण का केंद्र रहा। पत्नी के लिए खरीदी बनारसी साड़ी वाराणसी पहुंचने के बाद पोसानी कृष्णा मुरली ने अपनी पत्नी कुसुमा लता के साथ बनारसी साड़ी खरीदी। बनारसी साड़ी की प्रसिद्धि और इसकी बुनाई के बारे में भी उन्होंने जानकारी ली। खरीदारी के बाद दोनों ने काशी की गलियों में रिक्शे से घूमने का आनंद लिया। काशी की गलियों में रिक्शे की सवारी करते हुए उन्होंने शहर के पारंपरिक स्वरूप को नजदीक से महसूस किया। रिक्शे वाले को उन्होंने 300 रूपया दिया। बाबा विश्वनाथ के दरबार में लगाई हाजिरी काशी भ्रमण के बाद पोसानी कृष्णा मुरली अपनी पत्नी के साथ श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया। अभिनेता ने कहा कि काशी बहुत अच्छा शहर है। वह इससे पहले भी फिल्म के सिलसिले में वाराणसी आ चुके हैं, लेकिन इस बार उन्हें शहर का स्वरूप काफी बदला हुआ नजर आया। उन्होंने कहा कि पहले जब वह काशी आए थे, तब की तुलना में अब वाराणसी में काफी बदलाव हुआ है। शहर में विकास कार्य हुए हैं और काशी का वातावरण उन्हें बेहद पसंद आया। उन्होंने कहा कि उनका मन करता है कि वह बार-बार काशी आएं और यहां समय बिताएं। 150 से ज्यादा फिल्मों के लिए लिखी पटकथा पोसानी कृष्णा मुरली तेलुगु सिनेमा के बहुआयामी कलाकार हैं। वह अभिनेता होने के साथ-साथ पटकथा लेखक, निर्देशक और निर्माता भी हैं। उन्होंने 150 से अधिक तेलुगु फिल्मों के लिए लेखक के तौर पर काम किया है। इसके अलावा उन्होंने कई फिल्मों का निर्देशन भी किया है, जिनमें से कई व्यावसायिक रूप से सफल रही हैं। फिल्मों में अपने अलग अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले पोसानी कृष्णा मुरली ने लंबे समय तक तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री में काम किया है। अभिनय और लेखन के अलावा वह राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं। वर्ष 2009 में उन्होंने आंध्र प्रदेश के चिलकलुरिपेट विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
गुरुग्राम में क्विक-कॉमर्स कंपनी ब्लिंकिट में काम करने वाली युवती आरती की उत्तर प्रदेश के शिकोहाबाद में मर्डर के मामले में खौफनाक खुलासा किया है। आरती की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके बॉयफ्रेंड नितिन यादव को अरेस्ट किया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि उसने अपने जन्मदिन पर आरती को बुलाया था और रात को सामान उसकी फ्रेंड काजल के घर पर रखकर वह आरती को होटल ले गया। जहां सेक्सवर्धन गोलियां लेकर उसने जबरन संबंध बनाएं। दूसरी बार जब वह संबंध बनाने लगा तो पीड़िता ने विरोध किया। जिस पर गुस्साएं अभिषेक ने प्रेमिका का सिर दीवार पर मारने लगा। जिससे की मौत हो गई। इस घटना के बाद से गुरुग्राम में काम करने वाले कामकाजी युवाओं और आरती के सहकर्मियों के बीच गहरा शोक और आक्रोश व्याप्त है। रक्षाबंधन और जन्मदिन के बहाने रची साजिश पुलिस पूछताछ और जांच में जो कहानी सामने आई है, वह बेहद हैरान करने वाली है। मृतका आरती गुरुग्राम में ब्लिंकिट कंपनी में कार्यरत थी और यहीं रहती थी। आरोपी नितिन यादव ने अपने जन्मदिन और रक्षाबंधन के त्योहार का बहाना बना कर उसे बुलाया। अभिषेक के बुलावे पर आरती ने रक्षाबंधन का बहाने बनाकर ऑफिस से छुट्टी ली और शिकोहाबाद पहुंच गई। शिकोहाबाद पहुंचने के बाद प्रेमी उसे सीधे अपने साथ नहीं ले गया। उसने बेहद चालाकी से आरती का सारा कीमती सामान और बैग उसकी एक सहेली काजल के पास रखवा दिया, ताकि किसी को कोई शक न हो और आरती की लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो जाए। इसके बाद वह आरती को लेकर शिकोहाबाद के ही एक स्थानीय होटल में चला गया। होटल के कमरे में हैवानियत और हत्या पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, होटल के कमरे में पहुंचने के बाद आरोपी नितिन यादव ने पहले से योजना के तहत रखी हुई सेक्सवर्धक दवाइयां ली। इसके बाद उसने आरती के साथ शारीरिक संबंध बनाए। पुलिस जांच में सामने आया कि एक बार जबरन संबंध बनाने के बाद जब आरोपी दोबारा संबंध बनाने की जिद करने लगा, तो आरती ने इसका कड़ा विरोध किया और मना कर दिया। आरती के इनकार करते ही अभिषेक आपे से बाहर हो गया और हैवानियत पर उतारू हो गया। उसने गुस्से में आकर आरती को पकड़ा और उसका सिर दीवार पर दे मारा। दीवार से सिर टकराने के कारण आरती को गंभीर चोट आई और अत्यधिक खून बहने व अंदरूनी चोट के कारण मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। आरती को मृत देख आरोपी घबरा गया और मौके से फरार होने की फिराक में था। ये घटनाक्रम सामने आया………… फिरोजाबाद जिले के थाना नसीरपुर क्षेत्र के गांव कुतकपुर की रहने वाली 21 वर्षीय आरती गुरुग्राम में ब्लिंकिट कंपनी में का काम करती थी। वह रक्षाबंधन मनाने के लिए 26 अगस्त को रात आठ बजे शिकोहाबाद पहुंची। रात होने के कारण युवती ने अपने परिजनों को फोन कर बताया कि रात होने की वजह से शिकोहाबाद के एटा चौराहे के पास अपनी सहेली काजल के पास रूकी है। पिता ने बताया कि सुबह चार बजे पुलिस का कॉल आया कि उनकी उनकी बेटी का एक्सीटेन्ट हो गया है। जिसके बाद वे शिकोहाबाद पहुंचे।वही दूसरी ओर पता चला कि आरती अपने दोस्त नितिन यादव के साथ भूड़ा नहर पुल के पास एक होटल में रूकी थी। रात करीब दो बजे उसे ब्लीडिंग होने लगी। ब्लीडिंग होने के बाद नितिन और उसका दोस्त आरती को लेकर हाईवे पर इधर-उधर घमूते रहे। लेकिन उन्हें सफलता नही मिली। अन्त में उसे बाइक पर बैठाकर भूढ़ा नहर के किनारे ले जा रहे थे। उसी समय रात के अंधेरे में नहर के किनारे डायल 112 की गाड़ी खड़ी थी पुलिसकर्मी नाश्ता कर रहे थे। पुलिस को देखकर नितिन घबरा गया और उसने बाइक को तुरन्त हाईवे की ओर मोड़ दिया। उसके बाद वह बालाजी मंदिर के सामने मां समंती देवी हास्पीटल लेकर पहुंच गये। आरोपी के कब्जे से नशीली गोलियां और मोबाइल बरामद घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने होटल के कमरे का मुआयना किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तफ्तीश तेज की और सर्विलांस व मुखबिरों की मदद से मुख्य आरोपी अभिषेक को दबोच लिया।
संतकबीरनगर के खलीलाबाद नगर पालिका के विस्तारित क्षेत्र का ढांचा अब पूरी तरह से बदला हुआ नजर आएगा। नगर पालिका ने इस क्षेत्र को 100 करोड़ रुपये की लागत से विकसित करने की योजना तैयार की है। शासन से इस बजट को मंजूरी मिल गई है और निर्माण कार्य जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। इस विकास योजना के तहत विस्तारित क्षेत्र में हाई-टेक ओपन जिम और पार्कों का निर्माण कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में मौजूद तालाबों का भी सौंदर्यीकरण किया जाएगा, ताकि वे स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकें। उल्लेखनीय है कि 2020 में शहर की सीमा में 16 गांवों को शामिल किया गया था। इन गांवों को शहर में जोड़ने के बाद भी अपेक्षित विकास नहीं हो पाया था। नगर पालिका की नई कार्यकारिणी गठित होने के बाद भी इन विस्तारित क्षेत्रों में बेहतर कार्य नहीं हो सके, जिससे सड़कें और गलियां ग्रामीण क्षेत्रों जैसी ही दिखती थीं और स्थानीय लोग खुद को उपेक्षित महसूस करते थे। अब शासन से बजट की मंजूरी मिलने के बाद विस्तारित क्षेत्र की सूरत बदलने की पूरी तैयारी कर ली गई है। इन क्षेत्रों में विद्युतीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। जिले के 70 प्रतिशत विस्तारित क्षेत्रों की बिजली शहरी क्षेत्र से जोड़ दी गई है, जबकि शेष 30 प्रतिशत विद्युतीकरण का काम जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। इससे लोगों को शहरी बिजली के साथ-साथ बेहतर स्ट्रीट लाइटों की सुविधा भी मिल सकेगी। विद्युतीकरण के अलावा, विस्तारित क्षेत्र में सड़क और नाली निर्माण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आवागमन करने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। जिन तालाबों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा उनमें सरौली, मोहद्दीनपुर, बड़गो, गौसपुर, बनियाबारी और डीघा के तालाब शामिल हैं। इन तालाबों के सौंदर्यीकरण के लिए सभासद स्तर से अलग से प्रस्ताव तैयार किए गए हैं।
उदयपुर शहर के पास उमरड़ा खेड़ा गांव में पांच लोगों पर हमला करने वाले लेपर्ड आखिरकार शनिवार सुबह वन विभाग के लगाए पिंजरे में कैद हो गया। बुधवार से लगातार तलाश में जुटी टीमों को कैमरा ट्रैप और ड्रोन से लेपर्ड की लोकेशन नहीं मिल रही थी। शुक्रवार को कैमरा ट्रेप में भी लेपर्ड दिखाई दिया और उसी हिसाब से वन विभाग ने इंप्रेशन पैड की मदद से लेपर्ड की लोकेशन ट्रेस की। रात में कई बार बदली पिंजरों की लोकेशन डीएफओ डीके तिवारी ने बताया कि इन प्वांइट के बाद वन विभाग ने रणनीति बदलते हुए उसी के आधार पर पिंजरों की लोकेशन बदली गई। इसी रणनीति के बाद लेपर्ड सुबह पिंजरे में फंस गया। वन विभाग की टीमें पिछले कई दिनों से गांव और आसपास के सघन जंगल व पहाड़ी इलाके में लेपर्ड की तलाश कर रही थीं। चार अलग-अलग जगह पिंजरे लगाए गए थे, लेकिन इनमें लेपर्ड नहीं आया। पहले कैमरा ट्रैप में भी उसकी मौजूदगी सामने नहीं आ रही थी। इससे पहले ड्रोन से भी जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में निगरानी की गई, लेकिन लेपर्ड दिखाई नहीं दिया। इसके बाद वन विभाग ने इंप्रेशन पैड के जरिए लेपर्ड की गतिविधियों का पता लगाने की रणनीति अपनाई। जिन जगहों पर उसके पैरों के निशान मिले, वहां से उसकी आवाजाही का अनुमान लगाया गया। इसी आधार पर पहले लगाए गए पिंजरों की लोकेशन बदली गई और संभावित मूवमेंट वाले क्षेत्र में पिंजरे लगाए गए। शनिवार सुबह लेपर्ड इनमें से एक पिंजरे में आ गया। पांच लोगों पर किया था हमला उमरड़ा खेड़ा गांव में मंगलवार शाम से बुधवार दोपहर तक लेपर्ड ने पांच लोगों पर हमला किया था। मंगलवार शाम लेपर्ड ने लोगर लाल मीणा (45) पर हमला किया था। बुधवार सुबह उसने जग्गा (60) पुत्र कालू मीणा, हितेश (20) पुत्र गंगाराम और कालू (40) पर घात लगाकर हमला किया था। इसके बाद दोपहर में महिला लोगरी बाई (45) पर भी लेपर्ड ने हमला कर दिया था। हमले में लोगर लाल मीणा की मौत हो गई थी, जबकि अन्य लोग घायल हुए थे। संबंधित ये समाचार भी पढ़ें… पत्थर नहीं फेंकते तो कालू को ले जाता लेपर्ड:बहन बोली- मेरे सामने भाई को ले गया था, मौत; उदयपुर में 18 घंटे में 5 हमले, गांव कराया खाली उदयपुर में लेपर्ड ने 5 लोगों को दबोचा,एक की मौत:करीब 4 मिनट तक हमला; घायलों को पलंग पर लिटाकर पहाड़ी से नीचे उतारा उमरड़ा में 4 पिंजरों में भी नहीं फंसा लेपर्ड:वन विभाग के कैमरा ट्रैप-ड्रोन में भी नहीं आया नजर; गांव वाले अभी भी घरों से बाहर
मुजफ्फरपुर में कोलकाता पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने विदेशी नागरिकों से फर्जी टेक सपोर्ट और टेलीकॉम सेवाओं के नाम पर ठगी करने वाले कथित अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है।
रामगढ़ के अलग-अलग इलाकों में जंगली हाथियों का आतंक बढ़ गया है। पिछले दो दिनों से सुद्दी पारगड़ा के जंगल में डेरा डाले हाथियों के कारण आसपास के गांवों में दहशत है। हाथियों के आबादी वाले क्षेत्र में पहुंचने से ग्रामीण रात में घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं। गुरुवार रात जंगल से निकलने के बाद हाथियों ने सुद्दी पारगड़ा में सुरेश महतो के घर का दरवाजा तोड़ दिया। घर के अंदर रखा करीब 30 क्विंटल चावल खा गया और सामान को नुकसान पहुंचाया। ग्रामीणों के अनुसार हाथियों के झुंड में एक छोटा बच्चा और एक बड़ा हाथी है। हाथियों ने आसपास के घरों में रखे अनाज को भी नुकसान पहुंचाया। घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी है। सूचना के बाद भी नहीं पहुंची टीम, ग्रामीणों में नाराजगी ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के लगातार क्षेत्र में घूमने से जान-माल का खतरा बना हुआ है। कई परिवारों ने रात में घरों से निकलना बंद कर दिया है। ग्रामीणों ने वन विभाग को हाथियों की मौजूदगी की सूचना दी। आरोप है कि सूचना के बाद भी विभाग की टीम समय पर नहीं पहुंची। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ी है। ग्रामीणों ने हाथियों को आबादी से दूर करने और प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। लोगों से हाथियों के करीब नहीं जाने और उन्हें उकसाने से बचने की अपील भी की गयी है। ठिकाना बदल रहे हाथी, अब दामोदर किनारे जंगल में डेरा ठिकाना बदल रहे हाथियों ने अब दामोदर किनारे जंगल में डेरा डाल लिया है। भदानीनगर क्षेत्र में खेतों को नुकसान पहुंचाने के बाद हाथियों का रुख कोयलांचल इलाके की ओर हुआ। हाथियों ने लादी, देवरिया और कुरसे गांव में फसलों को नुकसान पहुंचाया। इसके बाद चिट्टो और सुद्दी क्षेत्र में कई घरों और खेतों को क्षतिग्रस्त करने की बात सामने आई। दो रात से दोनों हाथी सौंदा डी पंचायत क्षेत्र में पहुंचे हैं। रात करीब 2.30 बजे लेनिन चौक की ओर बढ़े। इस दौरान विजय साहू के जनरल स्टोर का शटर तोड़ दिया। शटर टूटने की आवाज सुनकर लोग बाहर निकले, लेकिन हाथियों के आक्रामक रुख को देखकर वापस घरों में दुबक गए। दोनों हाथी शनिचर बाजार, परियोजना कार्यालय और ऑफिसर्स कॉलोनी होते हुए सेंट्रल सौंदा की ओर चले गए। दुकान भी क्षतिग्रस्त, फसल नुकसान से किसान परेशान सेंट्रल सौंदा में हाथियों ने मनोज कुट्टी की दुकान को भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त किया। सीसीएल की रात्रि पाली में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने भी इलाके में हाथियों की मौजूदगी की पुष्टि की है। फिलहाल दोनों हाथियों के सेंट्रल सौंदा दत्तो के समीप जंगल में होने की आशंका है। क्षेत्र के खेतों में धान, मकई और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। हाथियों के डर से खेतों की रखवाली और खेती का काम प्रभावित हो रहा है। वन विभाग और पुलिस ने ग्रामीणों से सतर्क रहने, रात में अकेले बाहर नहीं निकलने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। ग्रामीणों ने हाथियों को आबादी से दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने तथा नष्ट हुई फसलों का उचित मुआवजा देने की मांग की है।
जबलपुर के चरगवां थाना क्षेत्र में भड़पुरा घाट पर नर्मदा नदी में बुधवार को डूबे पिता-पुत्र में से पिता का शव शुक्रवार को घटनास्थल से 2 किमी दूर उतराते हुए मिला, लेकिन 10 वर्षीय लकी पाटिल की तलाश अभी जारी है। शनिवार को चरगवां पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने एक बार फिर नदी में सर्चिंग शुरू कर दी है। तेज बहाव को देखते हुए नरसिंहपुर जिले की पुलिस को भी अलर्ट किया गया है। बेटे को बचाने में पिता भी नदी में बह गए महाराष्ट्र के जलगांव निवासी किसान गणेश पाटिल मंगलवार को पत्नी रागिनी, बेटों विराट और लकी समेत रिश्तेदारों के साथ भड़पुरा स्थित सुनील महाराज के आश्रम आए थे। बुधवार शाम आश्रम से लगे घाट पर कुछ बच्चे नहा रहे थे। इसी दौरान 10 वर्षीय लकी का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। पास खड़े पिता गणेश ने बेटे को बचाने के लिए उसका हाथ पकड़ने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव में वह भी बेटे के साथ बह गए। कुछ ही देर में दोनों नदी में लापता हो गए। दोनों के डूबने का वीडियो सामने आया है। रस्सी डालकर बचाने की कोशिश, लेकिन बहाव तेज था घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पिता-पुत्र नदी में बहते नजर आ रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक नदी किनारे मौजूद लोगों ने रस्सी डालकर दोनों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिली। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सरोजनी चौकसे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। स्थानीय गोताखोरों की मदद से सर्चिंग शुरू की गई, लेकिन बरगी बांध के गेट खुले होने से नदी का बहाव काफी तेज था। 2 किमी दूर मिला पिता का शव गुरुवार को जबलपुर से एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। शुक्रवार को घटनास्थल से करीब 2 किलोमीटर दूर गणेश का शव पानी में उतराता मिला। मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए महाराष्ट्र रवाना हो गए। अब एसडीआरएफ और पुलिस की टीम का पूरा फोकस लकी पाटिल की तलाश पर है। नदी के तेज बहाव को देखते हुए नरसिंहपुर पुलिस को भी सूचना दी गई है, जहां संभावित स्थानों पर सर्चिंग की जा रही है। शनिवार को भी रेस्क्यू अभियान जारी है। ----------------------------------------------------------- मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… 1. जबलपुर के भड़पुरा घाट में पिता- पुत्र डूबे जबलपुर जिले के भड़पुरा घाट में बुधवार को नर्मदा नदी में स्नान करने के दौरान महाराष्ट्र से आए पिता-पुत्र गहरे पानी में डूब गए। हादसे के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। देर रात तक दोनों को तलाशने का अभियान चला लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। पढ़ें पूरी खबर… 2. जबलपुर में 24 घंटे बाद भी नहीं मिले पिता-पुत्र नर्मदा नदी के भड़पुरा घाट से बहे पिता-पुत्र का 24 घंटे बाद भी कुछ पता नहीं चल पाया है। बुधवार की शाम से लगातार चरगंवा थाना पुलिस के साथ एसडीआरएफ की टीम तलाश करने में जुटी हुई है, लेकिन अभी तक कुछ सफलता नहीं मिल पाई। पढ़ें पूरी खबर…
मां का यौन शोषण, नाबालिग बेटी पर थी बुरी नजर; बिहार में डाक विभाग के कर्मी पर एफआईआर दर्ज
महिला ने आरोप लगाया है कि आपरोपी डाककर्मी ने उसका खाता बंद कर देने की धमकी देकर यौन शोषण किया। बाद उसकी नाबालिग बेटी को भी हवस का शिकार बनाना चाहता था।
देवरिया में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को मझौलीराज में सलेमपुर और भाटपाररानी विधानसभा क्षेत्रों को 305 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री यहां 80 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इनमें 23 परियोजनाओं का लोकार्पण 139.47 करोड़ रुपये और 57 परियोजनाओं का शिलान्यास 165.50 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुबह करीब 11 बजे हेलीकॉप्टर से मझौलीराज स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे। करीब 1 घंटे 15 मिनट के कार्यक्रम के दौरान वे जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके अलावा विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टालों का निरीक्षण करेंगे और पांच लाभार्थियों को योजनाओं के प्रमाणपत्र व सहायता राशि वितरित करेंगे। कार्यक्रम के बाद दोपहर 12:15 बजे मुख्यमंत्री रवाना हो जाएंगे। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा से लेकर यातायात और पार्किंग तक की व्यापक तैयारी की है। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी और पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर कार्यक्रम स्थल पर कैंप कर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। जिले के अलावा गैर जनपदों से भी पुलिस अधिकारी और जवान बुलाए गए हैं। भीड़ को देखते हुए 20 स्थानों पर वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री भाटपाररानी में 8.45 करोड़ रुपये की लागत से तैयार नए ब्लॉक कार्यालय भवन का लोकार्पण करेंगे। भाटपाररानी-भिंगारी मार्ग पर ग्राम पंचायत बेलपार पंडित में बने इस भवन का निर्माण 19 महीने में पूरा हुआ है। पुराना ब्लॉक कार्यालय भवन जर्जर होने के कारण नए भवन का निर्माण कराया गया है। लोकार्पण के करीब एक सप्ताह बाद नए भवन से कार्यालय का कामकाज शुरू होने की संभावना है। कार्यक्रम में करीब 13 किलोमीटर लंबे सलेमपुर-लार बाईपास का लोकार्पण भी प्रस्तावित है। निर्माण में देरी के कारण यह परियोजना लंबे समय तक चर्चा में रही थी। निर्धारित समय पर काम पूरा नहीं होने को लेकर स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन भी किया था। अब निर्माण पूरा होने के बाद बाईपास शुरू होने से लार क्षेत्र के लोगों को आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है। 23 परियोजनाओं का लोकार्पण, 57 का शिलान्यास मुख्यमंत्री कुल 80 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इनमें 23 परियोजनाओं का लोकार्पण 139.47 करोड़ रुपये की लागत से और 57 परियोजनाओं का शिलान्यास 165.50 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित है। भाटपाररानी विधानसभा क्षेत्र की 43 परियोजनाओं में 13 का लोकार्पण और 30 का शिलान्यास होगा। इनकी कुल लागत 116.28 करोड़ रुपये है। वहीं सलेमपुर क्षेत्र की 37 परियोजनाओं में 10 का लोकार्पण और 27 का शिलान्यास प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं की कुल लागत 188.69 करोड़ रुपये बताई गई है। नवलपुर पुल और बिहार को जोड़ने वाली सड़क समेत कई बड़े काम शामिल प्रमुख परियोजनाओं में नवलपुर में छोटी गंडक नदी पर 36.66 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा पुल शामिल है। इसके अलावा बिहार को जोड़ने वाली 15.86 करोड़ रुपये की सड़क, 22.37 करोड़ रुपये की सलेमपुर-बरठा-बरेजी मार्ग परियोजना और सलेमपुर-लार बाईपास के चौड़ीकरण से जुड़े कार्य भी शामिल हैं। भागलपुर-तुर्तीपार-धरहरा-डुमरी-खरवनिया मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 11.22 करोड़ रुपये के कार्य भी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से सलेमपुर, भाटपाररानी और आसपास के क्षेत्रों में सड़क संपर्क और आवागमन बेहतर होने की उम्मीद है। सुरक्षा में गैर जनपद के दो एएसपी और 10 सीओ लगाए गए मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। गैर जनपद से आए दो अपर पुलिस अधीक्षक कार्यक्रम स्थल से लेकर गैलरी तक सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। जिले के दोनों एएसपी के साथ पांच स्थानीय सीओ और पांच गैर जनपद से आए सीओ की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा बड़ी संख्या में इंस्पेक्टर, उपनिरीक्षक और पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। अलग-अलग रूट से आने वाले वाहनों की व्यवस्था कार्यक्रम में आने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने 20 स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की है। सलेमपुर की ओर से आने वाले वाहनों को बीएन इंटर कॉलेज मझौलीराज के सामने पार्क कराया जाएगा। भाटपाररानी की ओर से आने वाले वाहनों के लिए बड़वा टोला गांव के पास पार्किंग बनाई गई है। लार-चनुकी की ओर से दीर्घेश्वरनाथ मंदिर होकर आने वाले वाहनों को सड़क के दोनों ओर उपलब्ध खाली स्थानों पर खड़ा कराया जाएगा। वहीं मैरवा मार्ग से आने वाले वाहनों के लिए नवका टोला के दक्षिण स्थित खाली खेतों में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। साढ़े तीन महीने में तीसरी जनसभा करेंगे सीएम योगी देवरिया में करीब साढ़े तीन महीने के भीतर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह तीसरी जनसभा होगी। इससे पहले 22 मई को भीमपुर गौरा और 26 जून को बरांव में मुख्यमंत्री की जनसभा हो चुकी है। मझौलीराज के कार्यक्रम में इस बार सलेमपुर और भाटपाररानी विधानसभा क्षेत्रों की विकास परियोजनाओं पर विशेष फोकस रहेगा।
अजमेर में मानसून धीमा,बादलों की आवाजाही के बीच धूप:अब तक 419MM बरसात हुई, इस सीजन में 9.3% ज्यादा है
अजमेर जिले में मानसून एक बार फिर कमजोर पड़ गया है। शनिवार सुबह से आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई है, लेकिन बीच-बीच में धूप निकलने से गर्मी और उमस का एहसास हो रहा है। फिलहाल बारिश का दौर थमा हुआ है और सुबह 8:30 बजे तक जिले में कोई बारिश दर्ज नहीं हुई। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को सुबह का न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन चढ़ने के साथ धूप निकलने पर तापमान बढ़ने और गर्मी का असर महसूस होने की संभावना है। सामान्य से 9.3% ज्यादा बारिश, लेकिन पिछले साल से आंकड़ा कम मानसून सीजन में अब तक अजमेर जिले में 419.0 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है। इस अवधि में सामान्य बारिश 383.2 मिमी होनी चाहिए थी। इस तरह सामान्य से 35.8 मिमी ज्यादा बारिश हुई है, जो 9.3% अधिक है। हालांकि, पिछले साल की तुलना में इस बार बारिश का आंकड़ा काफी कम है। मानसून के दौरान हुई बारिश में उतार-चढ़ाव के चलते जिले के कई इलाकों में अभी भी बारिश का इंतजार बना हुआ है। बादल आते-जाते रहे, बारिश नहीं हुई शनिवार सुबह मौसम का मिजाज भी कुछ ऐसा ही रहा। आसमान में बादल दिखाई दिए, लेकिन बारिश नहीं हुई। बादलों के बीच धूप निकलने से तापमान बढ़ने लगा। मौसम में यह बदलाव मानसून की कमजोर गतिविधि को दर्शा रहा है। आने वाले दिनों में बारिश होने पर ही मौसम में फिर से ठंडक लौटने की उम्मीद है।
बालोतरा में एमडी के साथ 4 तस्कर गिरफ्तार:SUV कार जब्त, मुंबई के एनडीपीएस मामले में थे वांटेड
मुंबई में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के मामले में बालोतरा और मुंबई पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए चार ड्रग्स तस्करों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 2.045 किलो एमडी (मेफेडोन) बरामद की गई। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल एसयूवी को भी जब्त किया है। कार्रवाई शुक्रवार को बालोतरा जिले के पाटोदी इलाके में की गई। पुलिस अब आरोपियों से ड्रग्स की खरीद-फरोख्त, सप्लाई चेन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका के बारे में पूछताछ कर रही है। मुंबई पुलिस की टीम पहुंची बालोतरा बालोतरा एसपी राजेश कुमार कांवट ने बताया कि मीरा-भायंदर (मुंबई) के काशीमीरा पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है। इस मामले में नवोड़ा बेड़ा, थाना पचपदरा निवासी कमे खान वांटेड था। कमे खान की तलाश के लिए शुक्रवार को मुंबई पुलिस की टीम बालोतरा पहुंची। इसके बाद पाटोदी चौकी पुलिस के साथ संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान मौके पर पुलिस जाब्ता तैनात रहा। वहीं, सड़क किनारे कार्रवाई देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। एसयूवी रोककर चार आरोपियों को पकड़ा संयुक्त टीम ने एसयूवी को रोककर उसमें सवार चार आरोपियों को डिटेन किया। नियमानुसार तलाशी और कार्रवाई के दौरान उनके कब्जे से कुल 2.045 किलोग्राम एमडी (मेफेडोन) बरामद हुई। पुलिस ने मादक पदार्थ को जब्त कर एसयूवी को भी कब्जे में ले लिया। मामले में चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ये चार आरोपी गिरफ्तार पुलिस अब आरोपियों से बरामद एमडी के स्रोत और उसकी सप्लाई के बारे में पूछताछ कर रही है। साथ ही ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
POCSO केस में जेल, फिर जानलेवा हमला और अब मॉडल मुस्कान की हत्या; खौफनाक है इमरान की क्राइम कुंडली
मॉडल मुस्कान शर्मा की हत्या के आरोपी आकिब उर्फ इमरान का खौफनाक आपराधिक इतिहास सामने आया है, जिसमें पोक्सो और जानलेवा हमले के मामले शामिल हैं। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद उसे गिरफ्तार किया, जहां उसने पुलिस पर फायरिंग भी की।
हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस ने दो शूटरों को दबोच लिया है। पता चला है कि इस वारदात को हरियाणा के पानीपत और करनाल के शूटरों ने अंजाम दिया। पुलिस अब वायरल सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से बेखौफ बदमाशों की पहचान करने में जुटी है।
संभल में रक्षाबंधन के त्योहार के बाद ससुराल से लौट रहे एक दंपति को बदमाशों ने लूट लिया। शुक्रवार रात करीब 8:20 बजे हुई इस घटना में बदमाशों ने दंपति से 5 हजार नकद, एक स्मार्टफोन और सोने-चांदी के जेवर छीन लिए। ग्रामीणों ने शोर सुनकर एक शराब के नशे में धुत बदमाश को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। यह घटना जनपद संभल की तहसील चंदौसी के थाना कुढ़ फतेहगढ़ क्षेत्र के गांव डारनी बिजली घर के पास हुई। बदमाशों ने दंपति को बंधक बनाकर उनके साथ मारपीट की और कनपटी पर तमंचे लगा दिए। उन्होंने सोनू से नकदी और एक स्मार्टफोन लूटा, जबकि उसकी पत्नी अंशु से सोने की लॉन्ग, चांदी की पायल, दो सोने की लर, दो सोने की अंगूठी, चांदी का गुच्छा, सोने की तबाजिया और सोने के कुंडल छीन लिए। पत्नी अंशु के अनुसार बदमाशों ने गाड़ी के आगे डंडा फेंककर गाड़ी रोकी थी। बदायूं के थाना फैजगंज बेहटा के गांव कोररा निवासी सोनू अपनी पत्नी अंशु के साथ मुरादाबाद जनपद के बिलारी थाना क्षेत्र स्थित गांव सायपुर अपनी ससुराल गया था। रक्षाबंधन का त्योहार मनाने के बाद वे रात में बाइक से अपने घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में घात लगाए बैठे तीन बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। सुनसान रास्ते पर बदमाशों ने करीब एक घंटे तक दंपति को परेशान किया। इस दौरान एक बदमाश शराब के नशे में था और वह अपने साथियों के साथ भाग नहीं पाया। शोर सुनकर ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और नशे में धुत बदमाश को पकड़ लिया। सूचना मिलने पर लेपर्ड पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों ने पकड़े गए बदमाश को पुलिस को सौंप दिया। रात 11:30 बजे तक थाने पर दंपति और ग्रामीणों की भीड़ लगी रही। थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि दंपति के साथ जेवर लूटने की घटना संज्ञान में आई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए अभियुक्त से पूछताछ शुरू कर दी है और उसके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन भी चलाया, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।
रीवा में क्योटी जलप्रपात इन दिनों कचरे के अंबार से घिरा नजर आ रहा है। जलप्रपात के प्रवेश द्वार से महज 50 मीटर दूर बनी पार्किंग में पर्यटकों के वाहनों की जगह कई ट्रक कचरा डंप किया गया है। पार्किंग में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। ऐसे में क्योटी पहुंचने वाले पर्यटकों का स्वागत प्राकृतिक खूबसूरती के बजाय गंदगी से हो रहा है। बारिश के मौसम में क्योटी जलप्रपात का सौंदर्य और निखर जाता है। चट्टानों के बीच से गिरता झरना और चारों ओर फैली हरियाली पर्यटकों को आकर्षित करती है। बारिश के दिनों में यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। लेकिन प्रवेश द्वार पर ही कचरे के ढेर पर्यटन स्थल की पहली तस्वीर को बदसूरत बना रहे हैं। जिस पार्किंग में खड़े होने चाहिए पर्यटकों के वाहन, वहां डंप हो रहा कचरा क्योटी जलप्रपात के प्रवेश द्वार पर पर्यटकों के वाहनों के लिए पार्किंग बनाई गई है। इसी जगह पर कई ट्रक कचरा डंप किया गया है। जलप्रपात से महज 50 मीटर की दूरी पर कचरे का इतना बड़ा ढेर होने से पर्यावरण को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बारिश के दौरान कचरा पानी के साथ बहकर आसपास के क्षेत्र में फैलने की आशंका है। इससे पर्यटन स्थल की स्वच्छता के साथ प्राकृतिक वातावरण भी प्रभावित हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस जगह का इस्तेमाल पर्यटकों की पार्किंग के लिए होना चाहिए, वहां कचरा जमा किया जा रहा है। प्रशासन की वेबसाइट पर क्योटी लोकप्रिय पर्यटन स्थल, मौके पर गंदगी रीवा जिला प्रशासन ने क्योटी जलप्रपात को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में दर्ज किया है। प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक क्योटी भारत का 24वां सबसे ऊंचा जलप्रपात है और लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का नजारा भी खास आकर्षण माना गया है। यह रीवा शहर से करीब 37 किलोमीटर दूर स्थित है। एक तरफ प्रशासन पर्यटन स्थलों को विकसित कर पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर क्योटी के प्रवेश द्वार पर ही कचरे के ढेर लगे हैं। पर्यटन बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के अवसर बढ़ सकते हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं और स्वच्छता की स्थिति खराब रही तो इसका सीधा असर पर्यटकों के अनुभव पर पड़ेगा। स्थानीय लोगों ने कहा- प्राकृतिक स्थल की पहचान गंदगी से नहीं होनी चाहिए स्थानीय लोगों का कहना है कि क्योटी की पहचान उसकी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए है। यहां दूर-दूर से पर्यटक आते हैं। ऐसे में जलप्रपात से कुछ ही दूरी पर कचरा डंप किया जाना समझ से परे है। प्रशासन को तत्काल कचरा हटाने के साथ यह भी तय करना चाहिए कि भविष्य में पर्यटन स्थल के आसपास कचरा डंप न किया जाए। कलेक्टर बोले- होगी कार्रवाई मामले में जिला कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी से पक्ष जानने पर उन्होंने कार्रवाई की बात कही है। अब देखना होगा कि जलप्रपात से महज 50 मीटर दूर पार्किंग में डंप किए गए कई ट्रक कचरे को कब हटाया जाता है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती है। क्योटी की पहचान उसकी प्राकृतिक खूबसूरती और झरने के मनोहारी दृश्य से है। ऐसे में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ यहां स्वच्छता और कचरा प्रबंधन की मजबूत व्यवस्था जरूरी है, ताकि देशभर से आने वाले पर्यटकों को क्योटी की पहली तस्वीर कचरे के ढेर की नहीं, बल्कि उसकी प्राकृतिक सुंदरता की दिखाई दे।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी नगर निकाय चुनाव-2026 को लेकर संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में भाजपा ओबीसी मोर्चा ने दूदू क्षेत्र के उगरियावास निवासी जितेंद्र कुमावत को सवाई माधोपुर जिले का प्रभारी नियुक्त किया है। उन्हें जिले में संगठनात्मक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों के समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर मिली जिम्मेदारी जितेंद्र कुमावत की नियुक्ति भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और भाजपा ओबीसी मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. महेंद्र कुमावत के निर्देशानुसार की गई है। नई जिम्मेदारी के तहत कुमावत सवाई माधोपुर जिले में संगठन को मजबूत करने के साथ आगामी नगर निकाय चुनाव की तैयारियों में समन्वय करेंगे। कुमावत ने जताया पार्टी नेतृत्व का आभार अपनी नियुक्ति पर जितेंद्र कुमावत ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, संगठन महामंत्री अजय कुमार, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा और भाजपा ओबीसी मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. महेंद्र कुमावत का आभार जताया। कुमावत ने कहा कि संगठन ने जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है, उसे वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने कहा कि आगामी नगर निकाय चुनाव में पार्टी को मजबूत करने और संगठन के निर्देशों के अनुसार प्रभावी ढंग से कार्य करने का प्रयास रहेगा।
आगरा में एकता थाने से ट्रक चोरी होने का मामला सामने आया है। चोरी क बाद पुलिस कई दिनों तक ट्रक को तलाशती रही। लखनऊ एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा के फुटेज में ट्रक दिखने के बाद पीछा कर उसे 629 किमी दूर सिद्धार्थ नगर में बरामद कर लिया गया। पुलिस ने ट्रक मालिक और उसके बेटे को भी पकड़ लिया। मगर, एकता आने में ऐसा सौदा हुआ कि दोनों को चाय नाश्ता कराकर छोड़ दिया गया। पुलिस ने थाने से चोरी के मामले में भी मुकदमा दर्ज नहीं किया। इधर, ट्रक मालिक ने आरटीओ कार्यालय में जुर्माना जमा कर ट्रक रिलीज करा लिया। राजस्थान में अलवर के रहने वाले कालूराम अपना टूक लेकर दो अगस्त का आगरा आए थे। एकता पुलिस चौकी क्षेत्र में यात्री कर अधिकारी वीके आनंद ने ओवर लोडिंग पर ट्रक को सीज कर दिया। उस पर 69,500 रुपये जुर्माना भी कर दिया। ट्रक की चाबी थाना एकता में जमा करा दी। पांच अगस्त की देर रात ट्रक धाने से चोरी हो गया। इसकी बरामदगी के लिए पुलिस टीम लगाई गई। लखनऊ एक्सप्रेसवे के साथ ही अन्य टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से पुलिस को सुराग मिल गया। इसके बाद पुलिस की टीम ट्रक के पीछे लग गई। सिद्धार्थ नगर पुलिस के सहयोग से ट्रक को वहां पहुंचते ही कब्जे में ले लिया गया। ट्रक मालिक और उसके बेटे को भी पकड़ लिया गया। इसके बाद आगरा पुलिस दोनों को ट्रक के साथ लेकर एकता पुलिस चौको आ गई। मगर, ट्रक चोरी के मामले में मुकदमा दर्ज नहीं किय गया। ट्रक मालिक और उसके बेटे को भी पुलिस ने एकता धाने से छोड़ दिया और ट्रक को खड़ा करा दिया। ट्रक मालिक ने पूछताछ में बताया था कि उसका लड़का दूसरी चाभी लगाकर ट्रक को धाने से ले गया था। इसके बाद भी पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया। एक सप्ताह पहले ट्रक मालिक ने आरटीओ कार्यालय में जुर्माना जमा करके ट्रक को रिलीज करा लिया।डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। अब जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अमरोहा में बच्ची से रेप, 72 घंटे में चार्जशीट:18 साल के लड़के ने दरिंदगी की, अगली सुनवाई 31 अगस्त को
अमरोहा के रहरा थाना क्षेत्र में आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में आरोपी पक्ष ने अब बचाव में साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए अदालत से समय मांगा है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के 72 घंटे के भीतर ही विवेचना पूरी कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को निर्धारित की गई है। यह घटना 8 जुलाई 2026 को हुई थी। आरोप है कि अनुसूचित वर्ग की 8 वर्षीय बालिका के साथ दूसरे वर्ग के 18 वर्षीय युवक ने दुष्कर्म किया था। घटना के बाद पुलिस-प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाया था। शाम करीब सात बजे दो बुलडोजर आरोपी के घर पहुंचे और उसे आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी गई। जब आरोपी सामने नहीं आया, तो रात करीब नौ बजे प्रशासन ने अवैध निर्माण बताते हुए मकान के एक हिस्से को ध्वस्त कर दिया। इसके बाद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गईं। लगातार दबिश के बाद आरोपी को मंगलवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने पीड़िता के बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य जुटाकर 72 घंटे के भीतर ही न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी। विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट प्रथम नवीन कुमार त्यागी ने बताया कि अब आरोपी पक्ष को बचाव के साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगी।
समस्तीपुर में बूढ़ी गंडक नदी के जितवारपुर राजघाट पर करीब 50 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे पुल का निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है। बिहार में एनडीए सरकार के दोबारा गठन के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 29 जनवरी 2026 को समृद्धि यात्रा के दौरान यहां पहुंचे थे। उन्होंने स्थल का जायजा लेते हुए छह माह के अंदर निर्माण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया था। नीतीश कुमार के दौरे के बाद निर्माण कार्य में तेजी की उम्मीद जगी थी, लेकिन उनके जाने के बाद पुल निर्माण में लगे आधे से अधिक कर्मियों को हटा दिया गया। इससे निर्माण कार्य की गति फिर धीमी हो गई। वर्तमान में दो पिलर और पहुंच पथ का निर्माण कार्य बाकी है। ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल का निर्माण पूरा होने में अभी एक से डेढ़ साल लग सकता है। 336.37 मीटर लंबा होगा पुल 336.37 मीटर लंबे इस पुल के निर्माण पर पहले करीब 45 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान था। शुरुआत में 10 पिलर बनाए जाने की योजना थी, लेकिन बाद में 12 पिलर बनाए जाने की योजना तैयार की गई। इसके कारण परियोजना की लागत बढ़कर करीब 50 करोड़ रुपए हो गई। ‘मजदूरों की संख्या कम कर दी गई है’ पुल के निर्माण से जितवारपुर और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर होगी। साथ ही बेगूसराय और दरभंगा के बीच की दूरी भी कम होगी। फिलहाल नदी पार करने के लिए लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ता है। राजमिस्त्री का काम करने वाले विकास साह ने बताया कि काम के लिए नदी पार करना पड़ता है। पुल बन जाने से लोगों को काफी सुविधा होगी। वहीं, स्थानीय निवासी शिवशंकर महतो ने कहा कि पुल निर्माण की गति काफी धीमी है। निर्माण स्थल पर मजदूरों की संख्या भी काफी कम हो गई है। किसानों के लिए सब्जी मंडी पहुंचना होगा आसान पुल बनने के बाद बेगूसराय से दरभंगा जाने वाले वाहनों को समस्तीपुर शहर में प्रवेश करने की जरूरत नहीं होगी। वे जितवारपुर-इलमासनगर-मन्नीपुर होते हुए सीधे मुक्तापुर की ओर जा सकेंगे। इससे करीब 25 किलोमीटर की दूरी कम होने की उम्मीद है। इसके अलावा रोसड़ा, दलसिंहसराय और उजियारपुर क्षेत्र के किसानों के लिए बाजार समिति स्थित सब्जी मंडी पहुंचना भी आसान हो जाएगा। आवागमन की सुविधा बेहतर होने से इलाके के आर्थिक और व्यावसायिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोग लंबे समय से इस क्षेत्र में पुल निर्माण की मांग करते रहे हैं। पुल 2 लेन का होगा निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट हेड राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि पुल की चौड़ाई 11.9 मीटर होगी और यह दो लेन का होगा। पिलर के बीच की दूरी 35.17 मीटर रखी गई है। मुख्य पिलर की संख्या परियोजना के डिजाइन के अनुसार तय की गई है। मगरदही पुल पर घटेगा वाहनों का दबाव, जाम से मिलेगी राहत जितवारपुर राजघाट पर पुल बन जाने से शहर के मगरदही पुल पर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है। इससे जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी। बेगूसराय, रोसड़ा और दलसिंहसराय की ओर से आने वाले वाहन समस्तीपुर शहर में प्रवेश किए बिना जितवारपुर के रास्ते बूढ़ी गंडक नदी को पार कर दरभंगा की ओर जा सकेंगे। बेगूसराय से आने वाले लोगों को करीब 25 किलोमीटर कम दूरी तय करनी पड़ेगी। इससे दरभंगा की ओर जाने वाले यात्रियों को भी राहत मिलेगी। बाजार समिति पहुंचना होगा आसान दलसिंहसराय, उजियारपुर और रोसड़ा के किसानों के लिए बाजार समिति आना-जाना आसान हो जाएगा। उन्हें शहर के पुल पर लगने वाले जाम से जूझने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पहले लोगों को मगरदही घाट होकर बाजार समिति की ओर जाना पड़ता था। पुल बनने के बाद वे सीधे बाजार समिति की ओर जा सकेंगे। अगले साल बरसात से पहले पूरा करने का लक्ष्य सदर एसडीओ राकेश कुमार ने बताया कि कार्य एजेंसी के इंजीनियर को बुलाकर निर्माण कार्य की समीक्षा की गई है। निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। प्रयास है कि अगले वर्ष बरसात से पहले पुल का निर्माण कार्य पूरा करा लिया जाए।
खैरवाड़ा के कारछा स्थित बाबा महाकाल धाम में पांच दिवसीय शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथावाचक तिलकेश जोशी श्रद्धालुओं को कथा सुना रहे हैं, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त उमड़ रहे हैं। आयोजकों ने बताया कि मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया है। प्रवेश द्वार पर बाबा महाकाल का नाम जगमगा रहा है, जिसके दोनों ओर नंदी महाराज की प्रतिमाएं स्थापित हैं। कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में महिला-पुरुष और बच्चे पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु लाल कालीन पर बैठकर भक्ति भाव से कथा श्रवण कर रहे हैं। कथा व्यास तिलकेश जोशी ने पहले दिन भगवान शिव के तीन ज्योतिर्लिंगों - सोमनाथ, मल्लिकार्जुन और महाकालेश्वर की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने शिव और कृष्ण के आध्यात्मिक संबंधों की जानकारी दी। मंदिर के सेवायत सोहन लाल ओदिच्य ने बताया कि कथा में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। कथा के समापन के बाद भजन संध्या, आरती और प्रसाद वितरण किया जाता है। कथा के लिए आशापुरा वंदे मातरम डीजे साउंड पहाड़ा का सिस्टम उपयोग किया जा रहा है। आयोजन समिति ने बताया कि यह कथा 30 अगस्त तक चलेगी। प्रतिदिन रात्रि 8 बजे से साढ़े 10 बजे तक कथा का आयोजन किया जा रहा है। समापन दिवस पर महाआरती और भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
चित्रकूट पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के एक और सदस्य को शुक्रवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया। आरोपी धनराज सिंह पटेल (49) उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के बरगढ़ थाना क्षेत्र के ओबरी का निवासी है। यह गिरोह अमावस्या और मंदिरों में दर्शन-परिक्रमा के दौरान पार्किंग से वाहनों को निशाना बनाता था। पूछताछ में धनराज सिंह पटेल ने बताया कि वे पुरानी चाबियों का इस्तेमाल कर वाहनों का लॉक खोलते थे। पुलिस को आरोपी से दो बोलेरो चोरी की वारदातों की जानकारी मिली है। इस मामले में पुलिस पहले ही पांच आरोपियों ओमजी उर्फ ओमप्रकाश अवस्थी, आदित्य सिंह उर्फ चंदन, रवि पाल, आलोक सिंह और सतीश उर्फ बबलू को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। हालांकि, गिरोह का मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। पहली घटना 14 अगस्त को हमीरपुर निवासी मानिकचंद्र राजपूत द्वारा दर्ज कराई गई थी। उन्होंने बताया कि 12 अगस्त को वे परिवार के साथ बोलेरो (यूपी 91 एफ 6135) से कामतानाथ दर्शन और परिक्रमा के लिए चित्रकूट आए थे। होटल के सामने वाहन पार्क कर दर्शन के लिए गए थे, लेकिन वापस लौटने पर बोलेरो गायब मिली। 16 मई को भी ऐसी वारदात हुई थीदूसरी घटना 16 मई की है। फतेहपुर निवासी अखिलेश कुमार अपने साथी रामगोपाल निषाद के साथ बोलेरो से कामतानाथ दर्शन के लिए आए थे। उन्होंने वाहन कामतानाथ द्वितीय मुखारबिंद पार्किंग में खड़ा किया था। दर्शन के बाद लौटने पर उनकी बोलेरो भी गायब मिली। दोनों मामलों में पुलिस ने केस दर्ज किया था। थाना प्रभारी नीलेश तिवारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने पहले भी वाहन चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस गिरोह के मुख्य आरोपी की तलाश कर रही है और अन्य वारदातों के संबंध में भी जांच जारी है।
डॉ. भीमराव आंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में चल रही अग्निवीर भर्ती रैली में शनिवार को मुजफ्फरनगर की जानसठ तहसील और शामली की कैराना, शामली व ऊन तहसील के अभ्यर्थियों ने दमखम दिखाया। भर्ती के लिए 1,260 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था, जिनमें 1,170 अभ्यर्थी उपस्थित हुए। दस्तावेजों की जांच के बाद अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए मैदान में उतारा गया। अग्निवीर बनने के लिए युवाओं ने दौड़ में पूरी ताकत झोंक दी। रनिंग टेस्ट में 945 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की। सफल अभ्यर्थियों का आगे का शारीरिक परीक्षण जारी है। चेस्ट नंबर के बाद मैदान में एंट्री भर्ती स्थल पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों को चेस्ट नंबर दिए गए। इसके बाद दस्तावेज सत्यापन किया गया और उन्हें दौड़ के लिए मैदान में प्रवेश दिया गया। दौड़ में सफल अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा के अगले चरण में शामिल किया जा रहा है। इसमें विभिन्न शारीरिक मानकों पर उनकी क्षमता परखी जा रही है। सेना के अधिकारी और कर्मचारी पूरी भर्ती प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। 30 अगस्त को गौतमबुद्धनगर और मेरठ के अभ्यर्थी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 30 अगस्त को गौतमबुद्धनगर की दादरी, गौतमबुद्धनगर और जेवर तहसील तथा मेरठ तहसील के अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में शामिल होंगे। 31 अगस्त को मेरठ की सरधना और मवाना तहसील के अभ्यर्थियों की भर्ती होगी। वहीं 1 सितंबर को सहारनपुर की बेहट, सहारनपुर, नकुड़, देवबंद और रामपुर मनिहारान तहसील के अभ्यर्थी शामिल होंगे। 13 जिलों के युवा ले रहे हिस्सा सहारनपुर में चल रही भर्ती रैली में मेरठ सेना भर्ती कार्यालय के अंतर्गत आने वाले 13 जिलों के सीईई में सफल अभ्यर्थी हिस्सा ले रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा, शारीरिक माप, दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल जांच समेत निर्धारित चरणों से गुजरना होगा।
जालौन के कैलिया थाना क्षेत्र के सलैया बुजुर्ग गांव में पहुंज नदी में डूबे 28 वर्षीय हरिशंकर कौरव का 38 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। गुरुवार शाम करीब छह बजे नदी में नहाने उतरा हरिशंकर तेज बहाव की चपेट में आकर लापता हो गया था। घटना के बाद से पुलिस, स्थानीय गोताखोर और ग्रामीण उसकी तलाश में जुटे हैं। शुक्रवार से एनडीआरएफ की टीम ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन संभाल लिया है। टीम नदी में लगातार सर्च अभियान चला रही है, लेकिन बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के कारण तलाशी में मुश्किलें आ रही हैं। पुलिस को आशंका है कि युवक बहाव में आगे जाकर किसी झाड़ी या दूसरे स्थान पर फंस गया हो। घटना के बाद से हरिशंकर के परिजन परेशान हैं और नदी किनारे उसकी तलाश का इंतजार कर रहे हैं। स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों के साथ एनडीआरएफ की टीम संभावित स्थानों पर लगातार सर्च कर रही है। बहाव के साथ युवक के आगे निकलने की आशंका को देखते हुए नदी में आगे की ओर जाल भी लगाया गया है। रोकने के बावजूद नदी में उतर गया था युवक सलैया बुजुर्ग निवासी पहलवान सिंह का 28 वर्षीय बेटा हरिशंकर गुरुवार शाम करीब छह बजे गांव की ओर से पहुंज नदी के पुल के पास पहुंचा था। पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, उस समय वह नशे की हालत में था। हरिशंकर ने नदी में नहाने के लिए कपड़े उतारे और तौलिया पेड़ पर रख दिया। मौके पर मौजूद कविता धीमर और राघवेंद्र कौरव ने उसे नदी में उतरने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन उसने उनकी बात नहीं मानी। इसके बाद वह नदी में चला गया। कुछ ही देर बाद तेज बहाव की चपेट में आने से वह डूब गया और फिर दिखाई नहीं दिया। स्थानीय गोताखोरों ने देर शाम तक की तलाश घटना की सूचना मिलते ही कैलिया थानाध्यक्ष अवनीश पटेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से नदी में तलाशी अभियान शुरू कराया। गुरुवार देर शाम तक संभावित स्थानों पर तलाश की गई, लेकिन हरिशंकर का कोई पता नहीं चला। इसके बाद एनडीआरएफ को सूचना दी गई। शुक्रवार से एनडीआरएफ की टीम भी लगातार नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही है। बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव से रेस्क्यू में दिक्कत कैलिया थाना प्रभारी अवनीश पटेल ने बताया कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। तेज बहाव के कारण रेस्क्यू टीम को तलाशी अभियान में काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि आशंका है कि युवक बहाव में आगे जाकर किसी झाड़ी या अन्य स्थान पर फंस गया हो। इसी संभावना को देखते हुए नदी के आगे की ओर जाल भी लगाया गया है, ताकि बहाव के साथ आने वाले किसी संभावित स्थान पर उसकी तलाश की जा सके। घटना को 38 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन हरिशंकर का कोई सुराग नहीं मिला है। इससे परिजनों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है। पुलिस, एनडीआरएफ, स्थानीय गोताखोर और ग्रामीण मिलकर नदी के संभावित हिस्सों में लगातार तलाश कर रहे हैं। बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के बीच अब सभी की नजर रेस्क्यू ऑपरेशन के नतीजे पर टिकी है।
दोषी की मौत की सजा 25 साल की कारावास में बदली; इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस इंस्पेक्टर की हत्या के दोषी को दी गई मौत की सजा को बदलते हुए उसे 25 साल की सश्रम आजीवन कारावास (बिना किसी छूट के) की सज़ा सुनाई है। न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया।
Maharashtra: नासिक में कुंभ की तैयारियां, जनता को असुविधा पर CM ने जताया खेद; मुंबई में पांच बीएलओ निलंबित
फिरोजाबाद गुरुग्राम में नौकरी करने वाली युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, अब तक की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर नितिन उर्फ राहुल की युवती के साथ जबरन यौन संबंध बनाने और उसकी मौत में संलिप्तता सामने आई है। जांच के बाद पुलिस ने मुकदमे में दुष्कर्म की धारा भी बढ़ाई है। मृतका के पिता ने 27 अगस्त को शिकोहाबाद थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि उनकी बेटी गुरुग्राम में नौकरी करती थी। 26 अगस्त की रात उसने फोन पर परिवार को राहुल के साथ होने की जानकारी दी थी। इसके अगले ही दिन परिवार को उसकी मौत की खबर मिली। अचानक हुई मौत की सूचना से परिवार में हड़कंप मच गया। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए राहुल समेत अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देश पर पुलिस टीम आरोपी की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान शिकोहाबाद पुलिस को मुखबिर से नितिन उर्फ राहुल के बारे में सूचना मिली। पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार रात टीम ने छीछामई नहर पुल के पास घेराबंदी कर नितिन उर्फ राहुल पुत्र गंगा सिंह उर्फ सीताराम, निवासी खटवामई, थाना नगला खंगर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पूछताछ के साथ-साथ मामले से जुड़े साक्ष्यों को भी खंगाला। जांच के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को युवती के साथ जबरन यौन संबंध बनाए जाने के तथ्य मिले। इसके बाद दर्ज मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1) की बढ़ोतरी की गई। आरोपी का फोन और यौन उत्तेजक दवा की गोलियां बरामद पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से युवती का नीले रंग का वीवो मोबाइल फोन बरामद करने का दावा किया है। इसके अलावा आरोपी का काले रंग का सैमसंग मोबाइल फोन और यौन उत्तेजक दवा की दो गोलियां भी बरामद की गई हैं। पुलिस अब मोबाइल फोन और अन्य बरामद सामान को जांच का हिस्सा बना रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि युवती की मौत से पहले उसके साथ क्या हुआ था और आरोपी की भूमिका किस तरह की रही। पूछताछ में पुलिस के अनुसार एक अन्य युवक अभिषेक पुत्र प्रमोद कुमार, निवासी सलेमपुर कर्खा, थाना नगला खंगर का नाम भी सामने आया है। पुलिस उसकी भूमिका की जांच करते हुए गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। युवती की सहेली की भूमिका भी जांच के घेरे में पुलिस का कहना है कि मामला अभी पूरी तरह साफ नहीं हुआ है। आरोपी से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। इसी क्रम में अभिषेक की तलाश की जा रही है। इसके साथ ही मृतका की सहेली की भूमिका को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवती किन परिस्थितियों में राहुल के संपर्क में थी और उसकी मौत से पहले तथा बाद में कौन-कौन लोग उसके संपर्क में थे। गिरफ्तार नितिन उर्फ राहुल को आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, मामले में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होगी। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार, उपनिरीक्षक धर्मपाल सिंह, ऋषभदेव भारद्वाज, फैशल खान और कांस्टेबल राजीव भाटी की टीम शामिल रही। अब पुलिस की जांच का फोकस युवती की मौत की पूरी कड़ी जोड़ने, दूसरे युवक की भूमिका स्पष्ट करने और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को सामने लाने पर है।
सोनभद्र के नौगढ़ क्षेत्र में रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को सरकारी रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा नहीं मिल सकी। सरकार द्वारा मुफ्त यात्रा की घोषणा के बावजूद, वनांचल क्षेत्र नौगढ़ में सरकारी बसों का संचालन न होने के कारण महिलाओं को भाइयों के घर पहुंचने के लिए निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। इससे उनमें काफी नाराजगी देखी गई। बता दे कि रक्षाबंधन के दिन सुबह बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए घरों से निकलीं। हालांकि, नौगढ़ क्षेत्र में सरकारी बस सेवा उपलब्ध न होने के कारण उन्हें आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बसों के इंतजार में महिलाएं और उनके परिजन काफी देर तक परेशान रहे, जिसके बाद मजबूरी में कई लोगों को निजी वाहनों से सफर करना पड़ा। चंद्रावती, सुमन देवी और संगीता सहित कई अन्य महिलाओं ने बताया कि सरकार ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की घोषणा की थी, लेकिन वनांचल क्षेत्र में यह योजना धरातल पर नहीं उतर पाई। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर भी परिवहन सुविधा न मिलने से सरकार की घोषणा पर सवाल उठ रहे हैं। महिलाओं ने नौगढ़ क्षेत्र में नियमित रोडवेज बसों के संचालन की मांग की है। इस संबंध में एआरएम सूबेदार सिंह ने जानकारी दी कि सभी गाड़ियां चलाई गई थीं। उन्होंने बताया कि यदि किसी कारणवश नौगढ़ में बसें नहीं पहुंची हैं, तो इसकी जांच करा कर करवाई की जाऐगी।
सड़क पर लड़ रहे मवेशी बाइक से टकराया:युवक के कंधे की हड्डी टूटी; जिला अस्पताल में भर्ती
अनूपपुर जिले में सड़क पर लड़ रहे मवेशियों की चपेट में आने से बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में उसके कंधे की हड्डी टूट गई। घायल युवक को जिला अस्पताल अनूपपुर में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। घायल की पहचान शहडोल जिले के झिरिया, थाना केशवाही निवासी कमलेश बैगा (26), पिता राजू बैगा के रूप में हुई है। कमलेश रक्षाबंधन पर बाइक से फुनगा पुलिस चौकी क्षेत्र के मन्टोलिया गांव स्थित अपने ससुराल जा रहे थे। रात करीब 9:30 बजे ससुराल से कुछ किलोमीटर पहले सड़क पर मवेशियों का झुंड लड़ रहा था। इसी दौरान दो मवेशी अचानक बाइक की तरफ कूद गए। इससे कमलेश बाइक समेत सड़क पर गिर गए। हैंडल कंधे पर लगा, हड्डी टूटी गिरने के दौरान बाइक का हैंडल कमलेश के कंधे पर जा लगा। इससे उनके कंधे में अंदरूनी चोट आई और हड्डी टूट गई। हादसे के बाद वहां से गुजर रहे बाइक सवारों ने उन्हें सड़क से हटाया और परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलने पर ससुराल से परिजन मौके पर पहुंचे और रात करीब 10:30 बजे कमलेश को जिला अस्पताल अनूपपुर लेकर गए। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में कंधे की हड्डी टूटने की पुष्टि की है। मवेशियों के कारण हादसे का खतरा शनिवार को एक्स-रे के बाद चोट की गंभीरता स्पष्ट होगी। फिलहाल युवक का अस्पताल में उपचार जारी है। घटना ने एक बार फिर सड़क पर खुले घूमने वाले मवेशियों के कारण होने वाले हादसों और उनकी रोकथाम को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पंजाब में आज से 'मिशन क्लीन पंजाब' नामक एक विशेष सफाई अभियान शुरू हो गया है।
रक्षाबंधन की रात खंडवा में दो अलग-अलग हादसे हुए हैं। मामा के घर से लौट रहे बाइक सवार मां-बेटे हादसे का शिकार हो गए। एक मामले में मां की मौत हो गई, वहीं दूसरी घटना में बेटे ने दम तोड़ दिया। त्योहार के बीच दोनों परिवारों में मातम पसर गया हैं। बाइक सवार ने पीछे से टक्कर मारी, महिला की मौत पहली घटना पंधाना क्षेत्र के ग्राम पाडल्या के पास ग्रिड के सामने हुई हैं। जहां अज्ञात बाइक सवारों ने बाइक सवार मां-बेटे को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में बेटा सुरक्षित रहा लेकिन सिर के बल गिरने से महिला को अंदरूनी और गंभीर चोंटे आ गई। इलाज के लिए उसी समय अस्पताल लेकर जाने लगे, तभी महिला ने रास्ते में दम तोड़ दिया। मृतिका की पहचान 45 वर्षीय मायाबाई पति अनिल करोड़ी निवासी ग्राम बड़गांव गुर्जर के रूप में हुई हैं। वह रक्षाबंधन के लिए अपने बेटे के साथ सराय गांव में अपने मायके गई थी। देर शाम को भाईयों को राखी बांधने के बेटे के साथ घर लौट रही थी, तभी पाडल्या गांव के पास हादसा हो गया। महिला के पति अनिल करोड़ी किसान हैं, वहीं उनके दो बेटे हैं। दोनों एक निजी कंपनी में काम करते हैं और शादीशुदा हैं। मां को राखी के लिए मायके छोड़ने निकला था बेटा, रास्ते में छूटा साथ रक्षाबंधन के दिन दूसरी घटना में दूधवास निवासी 30 वर्षीय मनीष अपनी मां अन्नपूर्णा बाई को उनके मायके यानी मामा के घर ग्राम भैसावा लेकर जा रहा था। मां-बेटे बाइक से खुशी-खुशी घर से निकले थे। लेकिन माथनी और भैसावा के बीच सामने से आ रही बाइक ने टक्कर मार दी। घायल मनीष को मूंदी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हादसे में मनीष की मां अन्नपूर्णा बाई और दूसरी बाइक सवार महेंद्र भी गंभीर घायल हुए हैं। दोनों को प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर किया। मनीष की मौत की खबर जैसे ही परिवार को मिली, रक्षाबंधन का पर्व मातम में बदल गया। वह अपने पीछे पत्नी, करीब डेढ़ साल की बेटी और चार साल के बेटे को छोड़ गया है। छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया उठने की खबर से गांव में भी शोक का माहौल है।
सिंगरौली में शासकीय भूमि में हेराफेरी और कूटरचना के मामले में गिरफ्तार निलंबित पटवारी राजेश नामदेव जिला चिकित्सालय सह ट्रॉमा सेंटर बैढ़न से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया।
बलिया नगर में शुक्रवार को ऐतिहासिक महावीरी झंडा जुलूस धूमधाम और उत्साह के साथ निकाला गया। नौ अखाड़ों के जुलूस में हाथी, घोड़े, ऊंट, आकर्षक झांकियां, पारंपरिक नृत्य और डीजे आकर्षण का केंद्र रहे। अखाड़ों के खिलाड़ियों ने शौर्य और युद्धकला के हैरतअंगेज करतब दिखाए, जिन्हें देखने के लिए शहर ही नहीं, ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। जुलूस जैसे-जैसे नगर के प्रमुख मार्गों से आगे बढ़ा, पूरा शहर ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गूंजता रहा। जुलूस मार्ग पर जगह-जगह हनुमान की प्रतिमाओं का पूजन-अर्चन किया गया। विभिन्न देवी-देवताओं की झांकियों ने भी लोगों का ध्यान खींचा। देर रात तक जुलूस देखने के लिए सड़कों के दोनों ओर लोगों की भीड़ जमा रही। आयोजन को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। सभी अखाड़ों के साथ पुलिस बल तैनात रहा। भीड़ बढ़ने पर पुलिसकर्मियों को यातायात और भीड़ प्रबंधन के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। नगर भ्रमण के बाद जुलूस देर रात करीब एक बजे संपन्न हुआ। 10 तस्वीरों में देखिए महावीरी झंडा जुलूस… 1911 से चली आ रही परंपरा भक्तों के अनुसार, बलिया में महावीरी झंडा जुलूस की शुरुआत वर्ष 1911 में हुई थी। इसके बाद हर वर्ष यह आयोजन होता रहा और समय के साथ इसका स्वरूप भी भव्य होता गया। इस बार नगर कमेटी, जगदीशपुर विजयीपुर, चमन सिंह बाग, टाउनहॉल, गुदरी बाजार सहित कुल नौ अखाड़ों ने जुलूस में भाग लिया। सभी अखाड़े अपने निर्धारित स्थानों से निकले और नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए आगे बढ़े। जुलूस में शामिल अखाड़ों के खिलाड़ियों ने तलवारबाजी, लाठी और अन्य पारंपरिक शौर्य कलाओं का प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों के एक से बढ़कर एक करतब देखकर दर्शक रोमांचित नजर आए। जुलूस में हाथी, घोड़े और ऊंट भी शामिल रहे। इसके अलावा हनुमान समेत विभिन्न देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियां भी निकाली गईं। जगह-जगह लोगों ने झांकियों और हनुमान की प्रतिमाओं का पूजन किया। हनुमान मंदिर से निकला नगर कमेटी का जुलूस नगर कमेटी का जुलूस सबसे पहले हनुमान मंदिर से पूजा-अर्चना के बाद रवाना हुआ। इसके बाद जुलूस बालेश्वर मंदिर और चंद्रशेखर पार्क होते हुए काली मंदिर पहुंचा। मालगोदाम पर प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मिड्ढी के अखाड़े का मिलान हुआ। इसके बाद सभी अखाड़े अपने निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ते रहे। रात एक बजे विशुनीपुर मस्जिद के पास से गुजरकर हुआ समापन सभी अखाड़े देर रात विशुनीपुर मस्जिद के पास से गुजरे। इसके बाद नगर भ्रमण पूरा करते हुए करीब रात एक बजे महावीरी झंडा जुलूस का समापन हुआ। जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार सक्रिय रहे। बड़ी संख्या में उमड़ी भीड़ के बीच पुलिस ने धैर्यपूर्वक भीड़ और यातायात व्यवस्था संभाली।
भाई की कलाई पर राखी बांधकर घर लौट रही बहन राजकुंवर की शुक्रवार शाम सड़क हादसे में मौत हो गई। कार और बाइक की आमने-सामने हुई भीषण भिड़ंत में राजकुंवर पत्नी कल्याण सिंह निवासी परतेलिया सलूंबर की मौत हो गई, जबकि उनका पुत्र युवराज सिंह और भाभी नांगवाला निवासी लीना कुंवर पत्नी लक्ष्मण सिंह घायल हो गए। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। घटना गनोड़ा से करीब दो किलोमीटर दूर गनोड़ा-घाटोल मार्ग पर गुंदी वाली रोड के पास शाम 7 बजे की है। मोटागांव थाना अधिकारी देवीलाल मीणा ने बताया कि राजकुंवर अपने पुत्र युवराज के साथ नांगवाला स्थित अपने भाई लक्ष्मण सिंह के घर राखी बांधने गई थी। राखी बांधने के बाद मृतका अपने बेटे के साथ गनोड़ा होते हुए सलूंबर लौट रही थी। भाभी लीना कुंवर भी उनके साथ बाइक पर गनोड़ा तक आ रही थी। गुंदी वाली रोड़ के पास कार से भिड़ंत हो गई। टकक्कर इतनी तेज हुई कि हवा में उछलकर खेत में जा गिरी बाइक प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शुक्रवार शाम करीब 6:30 बजे दोनों वाहनों की टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक हवा में उछलकर सड़क से करीब 10 फीट दूर खेत में जा गिरी। कार के भी परखच्चे उड़ गए और दोनों वाहनों के टूटे पुर्जे सड़क पर दूर-दूर तक बिखर गए। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। घायलों को पहुंचाया अस्पताल हादसे में गंभीर घायल राजकुंवर की मौत हो गई। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। सूचना पर महिपाल सिंह, राजेश रोत, छगनलाल, तेजपाल सिंह और धर्मेंद्र सहित पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार और बाइक को हटवाकर यातायात शुरू करवाया। हादसे के बाद कार चालक फरार हो गया। पुलिस ने दोनों वाहन जब्त कर थाने में रखवाए हैं। पुलिस चालक की तलाश और हादसे के कारणों की जांच कर रही है। पुलिस ने देर शाम मृतका का शव एमजी अस्पताल मॉर्च्युरी में रखवा दिया है, आज परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर पोस्टमॉर्टम कर शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच दो दिनों से फंसे महाराष्ट्र के नागपुर, नासिक और पुणे क्षेत्र के 110 श्रद्धालु शुक्रवार को भिट्ठामोड़ बॉर्डर के रास्ते सुरक्षित भारत लौट आए।
गंगा के जलस्तर में लगातार छह दिनों तक आई गिरावट के बाद शनिवार से एक बार फिर धीमी गति से बढ़ाव शुरू हो गया है। हालांकि अभी जलस्तर बढ़ने की रफ्तार काफी कम है, लेकिन तटवर्ती इलाकों में एक बार फिर चिंता बढ़ने लगी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार वाराणसी में शनिवार को गंगा का जलस्तर 68.02 मीटर दर्ज किया गया। पानी करीब 0.5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। आयोग के अनुसार अगले 24 घंटे तक गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है। घाटों पर अब भी सामान्य नहीं हुई स्थिति गंगा का जलस्तर कम होने के बावजूद वाराणसी के घाटों की दिनचर्या अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी है। बाढ़ के कारण घाटों का आपसी संपर्क प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर पानी, कीचड़ और गंदगी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दशाश्वमेध घाट पर होने वाली प्रसिद्ध गंगा आरती का आयोजन भी सामान्य स्थान के बजाय गंगा आरती प्रबंधन समिति के कार्यालय की छत से किया जा रहा है। घाटों से पानी उतरने के बाद सफाई और व्यवस्था बहाल करने की चुनौती भी बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी घटने के बाद घाटों और आसपास के क्षेत्रों में जमा गाद व कचरे की वजह से आवाजाही प्रभावित है। दूसरी ओर वरुणा नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए भी गंदगी और बदबू बड़ी समस्या बनी हुई है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद जमा कचरे और गाद से दुर्गंध फैल रही है। सुबह 29 डिग्री तापमान, 89 फीसदी रही नमी वाराणसी में शनिवार सुबह तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति करीब 8 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि वातावरण में नमी का स्तर 89 फीसदी दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल 31 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। बादलों की आवाजाही के साथ रुक-रुककर बारिश होने के आसार हैं। 31 अगस्त से फिर घने बादल, सितंबर में मानसून होगा सक्रिय मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने कहा - 31 अगस्त से वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में फिर घने बादल छाने के आसार हैं। इसके बाद 1 से 4 सितंबर के बीच मानसून का एक और दौर सक्रिय हो सकता है। खासतौर पर 2 और 3 सितंबर को भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इससे निचले इलाकों में जलभराव और गंगा के जलस्तर पर दोबारा असर पड़ने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार 4 सितंबर के बाद बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन 7 सितंबर से एक बार फिर बारिश शुरू होने का अनुमान है। लगातार बारिश के इन दौरों के बीच गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
पाली में आम्लेश्वर महादेव का अभिषेक:31 आचार्यों ने किया सस्वर रूद्री पाठ, अच्छी बारिश की कामना की
पाली शहर के रेलवे स्टेशन रोड स्थित आम्लेश्वर महादेव मंदिर में श्रीमाली समाज की ओर से सहस्त्रधारा अभिषेक किया गया। सुबह 8 बजे शुरू हुए धार्मिक अनुष्ठान में 31 श्रीमाली आचार्यों ने सामूहिक रूप से सस्वर रूद्री पाठ करते हुए भगवान आम्लेश्वर महादेव का अभिषेक किया। इस दौरान भादो मास में पर्याप्त और संतुलित बारिश की कामना की गई। वैदिक मंत्रों के साथ बारिश की कामना अनुष्ठान के दौरान आचार्यों ने “ईन्द्रेही... ईन्द्रेही, वरुणेहि... वरुणेहि” जैसे वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया। मंत्रोच्चार के माध्यम से वर्षा के देवता इंद्र से पर्याप्त बारिश की प्रार्थना की गई। साथ ही वापी, कूप, तालाब सहित क्षेत्र के जलस्रोतों के पानी से समृद्ध होने की कामना की गई। इन परिवारों की यजमानी में हुआ अनुष्ठान उपाध्यक्ष क्रियान्वयन नरपत दवे ने बताया कि अनुष्ठान समाज अध्यक्ष परिवार पीएम जोशी-मोनिका जोशी, न्यायाधीश परिणय जोशी-न्यायाधीश महिमा श्रीमाली एवं कृधा जोशी परिवार की यजमानी में संपन्न हुआ। आचार्य संजय अवस्थी, आचार्य विशाल जोशी और आचार्य ओम दवे सहित युवा आचार्यों की टीम ने रूद्री पाठ और संगीत के माध्यम से पंचदेवों की आराधना की। फूलों से सजाया भगवान का दरबार समाज के पुजारी कृष्णकांत मिश्रा, प्रोग्रामर दिनेश दवे, मनोहर दवे और हरीश त्रिवेदी ने कार्यक्रम का संयोजन किया। अभिषेक के बाद देव अवस्थी ने आम्लेश्वर भगवान की विशेष फूल मंडली सजाई। इसके लिए पुष्कर और नाथद्वारा से मंगवाए गए विष्णुकांता और अपराजिता के फूलों का उपयोग किया गया। भगवान को हलुआ का भोग लगाया गया और दिनभर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। बाबा रामदेव यात्रियों के लिए लगेगा निःशुल्क सेवा शिविर कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज विकास समिति की बैठक एक निजी शिक्षण संस्थान में हुई। बैठक में भाद्रपद माह में बाबा रामदेव के दर्शन के लिए पैदल जाने वाले यात्रियों की सेवा के लिए निःशुल्क शिविर लगाने का निर्णय लिया गया। समाज सचिव पंकज दुबे ने बताया कि शिविर में पैदल यात्रियों को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। समाज अध्यक्ष जयशंकर त्रिवेदी ने बताया कि बारिश की कमी को देखते हुए समाज का दल 28 अगस्त को भगवान परशुराम महादेव के दर्शन और धोक देने जाएगा। इस दौरान क्षेत्र में अच्छी बारिश की कामना की जाएगी। लहरिया कार्यक्रम पर भी चर्चा बैठक में समाज की महिलाओं के लिए लहरिया कार्यक्रम आयोजित करने पर भी चर्चा हुई। सावन महोत्सव के तहत कार्यक्रम की तैयारियों की जिम्मेदारी महिला टीम को दी गई। रमाकांत मिश्रा ने समाज के आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया। बैठक में शशिकांत शुक्ला, अशोक पाण्डेय, किशोर पाण्डेय, अरविंद चतुर्वेदी, विकास दुबे, मयंक तिवारी और जितेंद्र चतुर्वेदी सहित समाजबंधु मौजूद रहे।
आमतौर पर स्कूल में बच्चों को मोबाइल लाने की अनुमति नहीं होती, लेकिन मध्यप्रदेश के सीधी जिले में ऐसा सरकारी स्कूल है, जहां हफ्ते में एक दिन मोबाइल लाना कंपलसरी है। स्कूल में पेड़–पौधे और महापुरुषों की तस्वीरें के नीचे QR कोड लगाए गए हैं। यानी यहां क्यूआर कोड बेस्ड शिक्षा दी जा रही है। बच्चे इन्हें स्कैन डिटेल जानकारी हासिल करते हैं। ये जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर कंजवार मिडिल स्कूल है। यहां पदस्थ टीचर शैलेंद्र प्रताप सिंह बालेंदु ने स्कूल की तस्वीर बदल दी। 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शैलेंद्र प्रताप को दिल्ली में सम्मानित करेंगी। उन्हें राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए चुना गया है। इसके बाद अभिभावक उन्हें बधाई देने पहुंच रहे हैं। दैनिक भास्कर की टीम कंजवार मिडिल स्कूल पहुंची। पढ़िए रिपोर्ट… गेट पर ‘ज्ञानार्थ आइए’, ‘सेवार्थ जाइए’ लिखा है स्कूल के गेट पर लगे पत्थर पर बायीं ओर ‘ज्ञानार्थ आइए’, तो दाहिनी तरफ ‘सेवार्थ जाइए’ लिखा है। वैसे, है तो ये बहुत छोटी सी बात, लेकिन वास्तव में यह सटीक और बड़ी भी है। ये स्कूल प्रदेश के बाकी सरकारी स्कूलों से अलग है। यहां बच्चे सप्ताह में एक दिन यानी शनिवार को बैग नहीं सिर्फ कॉपी-पेन और मोबाइल लेकर ही स्कूल आते हैं। महापुरुषों की हर तस्वीर के नीचे क्यूआर कोड गेट से अंदर आते ही हर पेड़-पौधे और दीवार पर लगी महापुरुषों की हर तस्वीर के नीचे क्यूआर कोड नजर आ रहा है। ग्राउंड में एक पौधे के पास दो बच्चे मोबाइल लिए खड़े हैं। सबसे पहले हम उन्हीं के पास पहुंचे। पूछा- मोबाइल से स्कूल में क्या कर रहे हैं? बच्चे कहने लगे- ये तो हम पढ़ने के लिए लाते हैं। फिर पूछा क्या पढ़ने, उसने तुरंत पौधे के नीचे लगा क्यूआर कोड स्कैन किया। उसके बारे में जानकारी बता दी। इतने में टीचर शैलेंद्र भी ग्राउंड में आ गए। वह कहते हैं कि गांव तक में हर घर में दो-दो, तीन-तीन मोबाइल हैं। बच्चे भी मोबाइल यूज करते हैं। उन्हें रोकना मुश्किल है। इसी को ध्यान में रखकर नवाचार किया। अब स्कूल के बच्चे मोबाइल उपयोग तो करते हैं, लेकिन पढ़ाई लिखाई के लिए। शनिवार को दिनभर बच्चे मोबाइल लेकर स्कूल में घूमते रहते हैं। एक-एक फोटो, पेड़–पौधों के नीचे लगे क्यूआर कोड को स्कैन करते रहते हैं। आधे समय के बाद टेस्ट लिया जाता है। एक-एक बच्चे से ये पूछा जाता है कि उसने आज मोबाइल में क्या देखा और समझा। अगर कोई बच्चा ठीक से जवाब नहीं दे पाता, तो उसे फिर से ठीक से समझने के लिए कहते हैं। शैलेंद्र प्रताप कहते हैं कि यहां जो क्यूआर कोड देख रहे हैं, ये सब खुद ही तैयार किए हैं। स्कूल के ग्राउंड में तख्तियों पर राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधायक, कलेक्टर, एसपी के नाम भी लिखे हैं। इसके अलावा, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य महापुरुषों के नाम भी लिखे हैं। बोले– हमेशा कुछ नया करने का सोचते थे शैलेंद्र कहते हैं- हमेशा से कुछ नया करने का सोचता था, जब टीचर बना, तो अपनी सोच को साकार करने का मौका मिला। इसके बाद नई शिक्षा नीति से काम करने का मौका मिला। शैलेंद्र कहते हैं- ऐसा नहीं कि ये सब अकेले ही कर लिया हो। मेरे साथ के शिक्षकों और गांव वालों ने भी सहयोग किया। शैलेंद्र कहते हैं कि साल 2011 में पहली पोस्टिंग अगरियान टोला के प्राथमिक विद्यालय में हुई थी। उस समय स्कूल में केवल 11 बच्चों का नामांकन था, उनमें से सिर्फ तीन बच्चे ही आते थे। गांव में घर–घर जाकर लोगों से बच्चों को स्कूल भेजने के लिए कहा। नतीजा, 121 बच्चे स्कूल आने लगे। मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल भी सम्मानित कर चुके हैं। दो साल में बदल दी स्कूल की तस्वीर 13 अगस्त 2024 को शैलेंद्र ने इस स्कूल में बतौर प्रभारी प्राचार्य जॉइन किया। वह कहते हैं- स्कूल की हालत इतनी खराब थी कि इसे यहां से शिफ्ट कर आंगनवाड़ी में चलाया जा रहा था। मैंने गांव वालों से बात की। चंदा जुटाकर 5 लाख रुपए जमा किए। इससे स्कूल की मरम्मत और बाउंड्रीवॉल बनवाई। रंग-रोगन के बाद फर्नीचर और पेयजल का इंतजाम किया। जब ये सब हो रहा था, उस समय स्कूल में 69 बच्चे दर्ज थे। मैंने प्राइवेट स्कूल में जाने वाले बच्चों के अभिभावकों से बात की। उन्होंने सरकारी स्कूल में बच्चों का फिर से एडमिशन करा दिया। इसके चलते दाखिता 69 से बढ़कर 202 हो गया। छात्राओं की संख्या 36 से बढ़कर 107 पहुंच गई। उपस्थिति भी 44 % से बढ़कर 96 % हो गई। साथ ही 26 ड्रॉपआउट बच्चे भी फिर से पढ़ने आने लगे। अब दूसरे स्कूलों के टीचर भी यहां देखने आते हैं। बगीचे की सब्जी से बच्चों का भोजन मिड-डे मील के लिए स्कूल परिसर में जैविक तरीके से सब्जियां उगाई जाती हैं। इन्हीं से बच्चों के लिए भोजन तैयार किया जाता है। खास बात है कि इस बगीचे में भी सब्जियों के पौधों और बैलों पर क्यूआर कोड लगे हैं। इस बगीचे की देखभाल बच्चे और शिक्षक मिलकर करते हैं।
मुरैना जिले में इस बार मानसून सामान्य से कम रहा है, लेकिन पिछले दो दिनों से हो रही बारिश ने नगर निगम के जल निकासी व्यवस्था के दावों की पोल खोल दी है। कभी तेज तो कभी रिमझिम हुई बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। नालियां, पानी निकासी के रास्ते और सीवर चौक होने से सड़कें पानी में डूबी नजर आईं। बैरियर चौराहा, न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, कलेक्टर कार्यालय के आसपास और बैरियर स्थित बस स्टैंड परिसर में बारिश का पानी जमा हो गया। लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई निचली और पुरानी बस्तियों में हालात ऐसे हैं कि लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। से रुक-रुककर हो रही बारिश से शहर में जल निकासी की व्यवस्था का असर साफ दिखाई दिया। कई जगह नालियों का पानी सड़कों पर आ गया। लोगों का कहना है कि यदि दो दिन की बारिश में यह स्थिति है तो तेज बारिश होने पर शहर के हालात और खराब हो सकते हैं। घरों तक पहुंचने में भी परेशानीजलभराव के कारण लोगों को अपने घरों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। निचली बस्तियों में पानी गलियों में भर गया है। कई जगह सड़क और नाली का अंतर तक नजर नहीं आ रहा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा नालियों की सफाई और पानी निकासी को लेकर किए जाने वाले दावे बारिश के बाद धरातल पर नजर नहीं आ रहे हैं। जलभराव के बीच स्थानीय लोगों में नगर निगम के प्रति आक्रोश है। लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण कर समस्या का तत्काल समाधान कराया जाना चाहिए। दैनिक भास्कर संवाददाता ने निगम कमिश्नर सतेंद्र सिंह धाकरे का पक्ष जानना चाहा लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। देखिए तस्वीरें…
सीतापुर में बाइक की टक्कर से महिला की मौत:सड़क पार करते समय हुआ हादसा, बाइक सवार मौके से फरार
सीतापुर के रामपुरकला थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर शाम करीब 6 बजे सड़क पार कर रही एक बुजुर्ग महिला को तेज रफ्तार बाइक सवार ने टक्कर मार दी। हादसे में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल महिला को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया, जहां देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार बाइक सवार की तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के बिसवां-महमूदाबाद मार्ग पर सरैया गन्ना कांटा के पास शुक्रवार शाम हादसा हुआ। ग्राम कादीपुर निवासी 70 वर्षीय पुराना पत्नी स्वर्गीय रामसेवक बकरियों को लेकर खेतों की तरफ गई थीं। शाम को वह बकरियों के साथ वापस घर लौट रही थीं। इसी दौरान सड़क पार करते समय महमूदाबाद की ओर से आ रहे एक बाइक सवार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद महिला सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद बाइक सवार मौके से फरार हो गया। आसपास मौजूद राहगीरों और ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही रामपुरकला पुलिस मौके पर पहुंची और घायल महिला को उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया। महिला की हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने इलाज शुरू किया, लेकिन देर रात उन्होंने दम तोड़ दिया। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के अनुसार घटना के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ के साथ ही अज्ञात बाइक सवार की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने फरार चालक की तलाश तेज कर दी है।
कोटा में आज मैसम साफ है, सुबह से धूप खिली हुई है। मौसम में बदलाव होने से पारा भी चढ़ा है। फिलहाल बारिश नहीं होने से गर्मी व उमस बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार सितंबर के पहले सप्ताह में बंगाल की खाड़ी में एक वेदर सिस्टम बनने की संभावना है। इस सिस्टम के असर से 4 और 5 सितंबर को मानसून फिर से एक्टिव होने की उम्मीद है। शुक्रवार को भी शहर में हल्की धूप निकली। अधिकतम तापमान 33.1 डिग्री व न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इधर नवनेरा बांध से लगातार पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। आज सुबह 7 बजे बांध से पानी की निकासी कम की गई है। अब 2 गेट 2 मीटर खोलकर 9500 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार- इस मानसून सीजन में अब तक औसत से 28% कम बारिश हुई है। सामान्यतया जिले में 28 अगस्त तक औसत 613.7मिमी बारिश होती है। इस सीजन में अभी तक 444.7मिमी बारिश हुई है। बांधों की स्थिति गांधी सागर- मध्य प्रदेश के मंदसौर तहसील में बना गांधी सागर चंबल नदी का बड़ा बांध है। इस बांध की क्षमता 1312 फ़ीट है। 29 अगस्त सुबह 8 बजे तक गांधी सागर 1300.5 फ़ीट भरा है। राणा प्रताप सागर- चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा तहसील में बना है। इस बांध की क्षमता 1157 फ़ीट है। 29 अगस्त सुबह 8 बजे तक राणा प्रताप सागर 1142.85 फ़ीट भरा है। जवाहर सागर बांध- बूंदी जिले के तालेड़ा तहसील में बना है। इस बांध की क्षमता 980 फ़ीट है। 29 अगस्त सुबह 8 बजे तक जवाहर सागर 972.6फ़ीट भरा है। कोटा बैराज- कोटा बैराज की क्षमता 854 फ़ीट है। 29 अगस्त सुबह 8 बजे तक कोटा बैराज 852.60 फ़ीट भरा है।
8वें वेतन आयोग में केंद्रीय कर्मियों को 1 जनवरी 2026 से मिलेगा एरियर - 49 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनधारकों को फायदा।
मुंबई जाने वाले लखनऊ और आसपास के यात्रियों के लिए राहत की खबर है। रेलवे ने गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस अमृत भारत साप्ताहिक एक्सप्रेस का संचालन शुरू कर दिया है। यह ट्रेन लखनऊ के बादशाह नगर और ऐशबाग रेलवे स्टेशन से होकर गुजरेगी। ट्रेन के शुरू होने से मुंबई की ओर जाने वाले यात्रियों को एक और साप्ताहिक रेल सेवा का विकल्प मिल गया है। शुक्रवार को गोरखपुर से रवाना होगी ट्रेन रेलवे के मुताबिक, ट्रेन नंबर 15085 गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस अमृत भारत एक्सप्रेस प्रत्येक शुक्रवार को गोरखपुर से सुबह 7:50 बजे रवाना होगी। ट्रेन लखनऊ के बादशाह नगर स्टेशन पर दोपहर 1:13 बजे और ऐशबाग स्टेशन पर दोपहर 2:05 बजे पहुंचेगी। इसके बाद ट्रेन मुंबई की ओर रवाना होगी। शनिवार को मुंबई से होगी वापसी वापसी में ट्रेन नंबर 15086 बांद्रा टर्मिनस-गोरखपुर अमृत भारत एक्सप्रेस 29 अगस्त से प्रत्येक शनिवार रात 9:20 बजे बांद्रा टर्मिनस से चलेगी। लखनऊ में ट्रेन ऐशबाग स्टेशन पर रात 12:58 बजे और बादशाह नगर स्टेशन पर रात 1:21 बजे पहुंचेगी। इसके बाद ट्रेन गोरखपुर के लिए रवाना होगी और तीसरे दिन सुबह 6:45 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। लखनऊ के यात्रियों को मुंबई के लिए बढ़ा विकल्प नई अमृत भारत एक्सप्रेस के संचालन से लखनऊ और आसपास के जिलों के यात्रियों को मुंबई जाने के लिए एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। खासकर त्योहारों और छुट्टियों के दौरान मुंबई रूट पर बढ़ने वाली यात्रियों की भीड़ को देखते हुए यह सेवा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। तेजस एक्सप्रेस का भी बदला अंदाज इधर, लखनऊ-नई दिल्ली तेजस एक्सप्रेस भी शुक्रवार से नए अंदाज में नजर आई। स्प्राइट और आईआरसीटीसी की साझेदारी के तहत ट्रेन को अब 'स्प्राइट तेजस एक्सप्रेस' के नाम से प्रमोट किया जा रहा है। ट्रेन के पांच कोच के बाहरी हिस्से पर स्प्राइट की ब्रांडिंग की गई है। इसके अलावा ट्रेन के शुरुआती और रास्ते के स्टेशनों पर होने वाली उद्घोषणाओं में भी इसका नाम 'स्प्राइट तेजस एक्सप्रेस' रखा जाएगा।
नेपाल बाढ़ त्रासदी: जिस मार्ग से गुजरे, वहां कुछ ही देर बाद हुई तबाही; बाल-बाल बचे भाकियू प्रतिनिधि
भाकियू प्रतिनिधिमंडल में युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह, गाजियाबाद जिलाध्यक्ष विजेंद्र सिंह समेत 12 से अधिक पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हैं।
मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ मंदिर में श्रावणी पूर्णिमा के अवसर पर शुक्रवार को महादेव का अलौकिक महाश्रृंगार किया गया। शाम होते ही बाबा गरीबनाथ ने बर्फानी स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए। करीब 251 बर्फ की सिल्लियों से बाबा का भव्य श्रृंगार किया गया। बाबा के बर्फानी स्वरूप के दर्शन के दौरान पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने परिवार के साथ बाबा का दर्शन-पूजन कर सुख, शांति, समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की। बाबा के इस दिव्य और मनमोहक स्वरूप के दर्शन के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर परिसर में जुटी रही। सुबह अर्धनारीश्वर, शाम को बर्फानी स्वरूप रक्षाबंधन और श्रावणी पूर्णिमा के विशेष अवसर पर बाबा गरीबनाथ का श्रृंगार दो अलग-अलग स्वरूपों में किया गया। सुबह बाबा अर्धनारीश्वर स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए, जबकि शाम को मंदिर में 251 बर्फ की सिल्लियों से महाश्रृंगार कर बाबा को बर्फानी स्वरूप दिया गया। श्रद्धालुओं के लिए यह दृश्य बेहद आकर्षक और भक्तिमय रहा। बाबा के दर्शन के लिए लगातार लोग मंदिर पहुंचते रहे। कई श्रद्धालु अपने परिवार के साथ विशेष रूप से इस श्रृंगार को देखने पहुंचे थे। हर सोमवारी अलग-अलग वस्तुओं से होता है बाबा का महाश्रृंगार श्रावण महीने में बाबा गरीबनाथ के विशेष महाश्रृंगार की अपनी अलग परंपरा है। प्रत्येक सोमवारी को अलग-अलग वस्तुओं से बाबा का महाश्रृंगार किया जाता है। पहली सोमवारी पर विदेशी फूलों से पुष्प श्रृंगार, दूसरी सोमवारी पर फलों से श्रृंगार, तीसरी सोमवारी पर अनाज से श्रृंगार और चौथी सोमवारी पर पान के पत्तों से श्रृंगार किया गया था। श्रावण माह के दौरान बाबा गरीबनाथ के कई विशेष स्वरूप श्रद्धालुओं ने देखे। इससे पहले बाबा का महाकाल स्वरूप भी भक्तों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा था। अब श्रावणी पूर्णिमा पर अर्धनारीश्वर और फिर बर्फानी स्वरूप में दर्शन ने भक्तों को भावविभोर कर दिया। शहर के अन्य शिवालयों में भी विशेष आयोजन श्रावणी पूर्णिमा पर शहर के कई अन्य शिवालयों में भी भगवान शिव का विशेष श्रृंगार और पूजा-अर्चना हुई। भजन-कीर्तन और आरती से माहौल भक्तिमय बना रहा। लेकिन 251 बर्फ की सिल्लियों से सजे बाबा गरीबनाथ के बर्फानी स्वरूप ने श्रद्धालुओं का विशेष ध्यान आकर्षित किया और देर रात तक मंदिर में दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा।
आगरा में शनिवार सुबह से धूप निकली रही है। हवा भी शांत है। ऐसे में उमसभरी गर्मी ने लोगों को परेशान कर दिया है। दिन में बादल छाये रह सकते हैं। बारिश के कोई आसार नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आज दिन में बादल छाये रह सकते हैं। 30 अगस्त से मौसम साफ रहेगा। 3 सितंबर तक बूंदाबांदी या बारिश की संभावना नहीं है। शहर में एक बार फिर से तापमान बढ़ने लगा है। बारिश न होने और शुक्रवार को धूप निकलने की वजह से तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी हुई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि गुरुवार को अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। अगले 5 दिन मौसम का हाल जानिएमौसम विभाग के अनुसार, आज दिन में बूंदाबांदी या बारिश के कोई आसार नहीं हैं। रविवार से मौसम साफ रहेगा। 3 सितंबर तक आसमान साफ रहेगा। धूप निकलने के साथ ही तापमान में बढ़ोत्तरी हो सकती है। उमसभरी गर्मी परेशान करेगी। इस बीच अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। सामान्य से 1% कम बारिशआगरा में इस मानसून में ज्यादा बारिश नहीं हुई है। अब तक सामान्य से 1% कम बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून में आगरा में 419.9 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि 416.1 मिमी ही बारिश हुई। इस तरह आगरा में सामान्य से भी 3.8 मिमी बारिश कम हुई है।
जिस आंगन में यशी की किलकारियां गूंजीं, जहां वह खेली और बड़ी हुई, जहां से माता-पिता ने उसके हाथ पीले करने के सपने देखे थे। वहीं से शुक्रवार को उसे अंतिम विदाई दी गई। हादसे के बाद मां रेखा का रो-रोकर बुरा हाल था।
ग्राम पंचायत टापुर के ऐचेर गांव में खोकरी तलाई से मुख्य सड़क सारसोप को जोड़ने वाले पुराने आम रास्ते पर अतिक्रमण है। ग्रामीणों ने रास्ता खोलो अभियान के तहत अतिक्रमण हटाकर आवागमन सुचारू कराने की मांग की थी। राजस्व विभाग ने कार्रवाई में अतिक्रमण का कुछ हिस्सा हटाया, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार शेष अतिक्रमण अभी भी नहीं हटाया गया है। बरसात में रास्ते पर पानी और कीचड़ जमा होने से किसानों और ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। ज्ञापन देने के बाद भी नहीं सुधरे हालात ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत टापुर के ऐचेर गांव में खोकरी तलाई होते हुए मुख्य सड़क सारसोप को जोड़ने वाला पुराना आम रास्ता अतिक्रमण की वजह से प्रभावित है। रास्ता खुलवाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने रास्ता खोलो अभियान के तहत तहसील प्रशासन को ज्ञापन दिया था। ग्रामीणों का कहना है कि ज्ञापन देने के बाद भी रास्ते की समस्या पूरी तरह दूर नहीं हुई है। ग्रामीण बोले- पूरा अतिक्रमण नहीं हटाया ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व विभाग ने रास्ते से अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई की, लेकिन इसमें केवल कुछ हिस्से का अतिक्रमण हटाया गया। शेष अतिक्रमण को मौके पर उसी तरह छोड़ दिया गया। इसके चलते आम रास्ता पूरी तरह से खुल नहीं सका। ग्रामीणों के अनुसार रास्ता खोलो अभियान के तहत विभाग की ओर से दो बार आदेश जारी किए गए थे, लेकिन मौके पर केवल एक बार कार्रवाई की गई और वह भी अधूरी रही। बरसात में कीचड़ से बढ़ी परेशानी बरसात के दिनों में पुराने आम रास्ते पर पानी और कीचड़ जमा होने से ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है। किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने के लिए कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार रास्ता पूरी तरह नहीं खुलने के कारण आम लोगों के आवागमन में परेशानी हो रही है। वहीं किसानों को भी खेतों तक आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शेष अतिक्रमण हटाने की मांग ग्रामीणों ने राजस्व विभाग और प्रशासन की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है। उन्होंने प्रशासन से जल्द मौके पर कार्रवाई कर शेष अतिक्रमण हटाने और पुराने आम रास्ते को पूरी तरह खुलवाने की मांग की है। रामीणों ने प्रशासन से समस्या का स्थायी समाधान करवाकर आमजन और किसानों को राहत देने की अपील की है। इनपुट- दिलराज मीणा
परिजनों का आरोप है कि करीब तीन घंटे बाद उन्हें मौत की जानकारी दी गई; पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया है और सीएमओ कार्यालय से रिपोर्ट मांगी जाएगी।
सीकर के गोकुलपुरा थाना इलाके में आज सुबह करीब 4 से 5 बजे 2 इलेक्ट्रिक शोरूम में आग लग गई, जिसमें करीब 3 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है। दोनों शोरूम और उनमें रखे इलेक्ट्रिक व्हीकल पूरी तरह जलकर राख हो गए। आग की लपटें तीसरे शोरूम तक भी पहुंची। वहां भी लाखों रुपए के उपकरण जल गए। तीनों शोरूम में साढ़े 3 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है। 5 दमकल की गाड़ियों से करीब ढाई घंटे में आग पर काबू पाया गया, हालांकि अब तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। SHO राजाराम लेघा ने बताया कि सर्किट हाउस के सामने स्थित बीएस ऑटोमोबाइल और बच्चन मोटर्स में आग लगने की सूचना है। सबसे पहले आग बीएस ऑटोमोबाइल में लगी जो बढ़ते-बढ़ते बच्चन मोटर्स तक पहुंच गई। दोनों शोरूम पूरी तरह से जल गए। दोनों शोरूम के मालिक भैरोंसिंह शेखावत है। एसएचओ ने बताया कि घटना सुबह 4 से 5 बजे की है। सूचना पर फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। आग पर पूरी तरह से काबू पाने में करीब ढाई घंटे का समय लग गया। आग पास में ही दाईं तरफ स्थित हुंडई शोरूम तक पहुंच गई। जिसमें भी स्पेयर पार्ट्स,एयर कंडीशन सहित लाखों रुपए का सामान जला। बाईं तरफ FIAGGIO शोरूम तक पहुंची लेकिन वहां कोई ज्यादा बड़ा नुकसान नहीं हुआ। साढ़े 3 करोड़ से ज्यादा का नुकसान अब तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। लेकिन अंदेशा है कि शॉर्ट सर्किट होने या फिर किसी इलेक्ट्रिक व्हीकल में आग लगी हो। फिलहाल यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। जिन दो इलेक्ट्रिक व्हीकल शोरूम में आग लगी उनमें काफी संख्या में इलेक्ट्रिक व्हीकल खड़े थे। ऐसे में अंदेशा है कि आग लगने की वजह से करीब साढ़े 3 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है। वहीं हुंडई शोरूम में भी पार्ट्स सहित अन्य सामान जलने से लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। बीएस ऑटोमोबाइल और बच्चन मोटर्स दोनों पर ही इलेक्ट्रिक व्हीकल बेचे जाते हैं। इनमें बीएस ऑटोमोबाइल पर तो इलेक्ट्रिक स्कूटी,बाइक और बच्चन मोटर्स पर ऑटो,ई-रिक्शा बेचे जाते हैं। आग बुझाने में इसलिए टाइम लगा पुलिस के अनुसार दोनों ही शोरूम में व्हीकल खड़े होने की वजह से रबड़ के टायर भी थे। इसके चलते आग पर काबू पाने में काफी ज्यादा समय लग गया। फिलहाल आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया है। पुलिस ने इलेक्ट्रिसिटी कटवाई,एक साइड वाहनों की आवाजाही रुकवाई सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पहले तो पूरे एरिया की इलेक्ट्रिसिटी कटवाई गई।इसके बाद एक साइड वाहनों की आवाजाही रुकवाकर आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए गए। --- ये खबर भी पढ़ें कोटा में दो शोरूमों में लगी भीषण आग:स्कूटी-बाइक और ई-रिक्शा जले, 10 फीट तक उठीं लपटें; जिम से निकलकर भागे लोग कोटा में इलेक्ट्रिक स्कूटी-बाइक शोरूम में आग लग गई। लपटें 10 फीट तक उठ रही थीं। देखते ही देखते आग ने बगल के ई-रिक्शा शोरूम को भी चपेट में ले लिया। 4 दमकल की गाड़ियों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। (पूरी खबर पढ़ें)
लोहावट के चर्चित भंवरी हत्याकांड मामले में पुलिस की जांच लगातार जारी है। मामले में तीन संदिग्धों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की तैयारी है। इसके लिए न्यायालय से मंजूरी मिल चुकी है और तीनों संदिग्धों ने भी टेस्ट के लिए सहमति दे दी है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच की इस प्रक्रिया से हत्याकांड से जुड़े कुछ अहम तथ्यों और छिपे हुए राज सामने आ सकते हैं। फलोदी एसपी सतनाम सिंह ने बताया- हत्याकांड की जांच को आगे बढ़ाते हुए तीन संदिग्धों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जाएगा। न्यायालय की अनुमति मिलने के बाद अब यह टेस्ट अगले कुछ दिनों में कराया जा सकता है। पुलिस परिवार के सदस्यों और संदिग्धों से लगातार पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े तथ्यों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस टीम मामले में हर पहलू की जांच कर रही है। हत्याकांड में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीजी क्राइम के निर्देश पर बदला जांच अधिकारी राजस्थान डीजी क्राइम के निर्देश के बाद भंवरी हत्याकांड की जांच के लिए जांच अधिकारी भी बदल दिया गया है। लोहावट वृताधिकारी भवानीसिंह को हटाकर अब एडीशनल एसपी फलोदी बृजराज सिंह चारण को मामले की जिम्मेदारी दी गई है। बृजराज सिंह चारण ने कहा कि अब मामले का और गहनता से अनुसंधान किया जाएगा। पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम जुटी एसपी फलोदी सतनाम सिंह ने बताया कि पुलिस की टीमें लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं। उन्होंने कहा कि हत्याकांड में जो भी दोषी हैं, उन्हें किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। न्याय की मांग को लेकर थाने के बाहर धरना जारी भंवरीदेवी विश्नोई की हत्या के मामले का खुलासा करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर लोहावट पुलिस थाने के बाहर अनिश्चितकालीन धरना जारी है। धरने पर बैठे लोगों की ओर से मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की जा रही है। धरनास्थल पर संबोधित करते हुए पूर्व विधायक किसनाराम विश्नोई ने कहा कि आचार संहिता हटने के बाद जयपुर कूच किया जाएगा। उन्होंने आंदोलन को आगे बढ़ाने की घोषणा भी की। धरनास्थल पर मनाया रक्षाबंधन, बांधे रक्षासूत्र रक्षाबंधन के अवसर पर धरनास्थल पर ही पर्व मनाया गया। इस दौरान नागरिकों ने प्रकरण में न्याय की मांग को मजबूती से उठाने का संकल्प लेते हुए एक-दूसरे को रक्षासूत्र बांधे। मृतका की पुत्रियों रामज्योति, सोनू और मोनू ने अपने भाई पवन ढाका को राखी बांधी। वहीं, मृतका के भाई मांगीलाल सियाक को भी धरनास्थल पर पहुंची महिलाओं और बालिकाओं ने राखी बांधी। इस दौरान महंत आनंदप्रकाश, महीपाल भादू, ओमप्रकाश राव, भागीरथ बेनीवाल, डॉ. तेजपाल राव, राधेश्याम बेनीवाल, अभिषेक विश्नोई, भंवरलाल मदासर, महीपाल सिंह भाटी, हजारीराम गोदारा, आमदीन सहित कई जनप्रतिनिधि, महिलाएं और पुरुष बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
नेपाल त्रासदी में पूर्वी चंपारण के केसरिया प्रखंड क्षेत्र की जगीरहां पंचायत के वार्ड संख्या-9 निवासी तीन युवक लापता हैं। अचानक संपर्क टूट जाने से परिजनों की चिंता बढ़ गई है।
पंजाब सरकार के क्लीन पंजाब अभियान की शुरुआत जालंधर के नकोदर चौक से हुई। यहां कैबिनेट मंत्री मोहिंद्र भगत सहित अन्य ने झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया। डीसी वरजीत वालिया ने लोगों को अपने घरों के गीले-सूखे कचरे को अलग-अलग कर मुहिम का हिस्सा बनने के लिए कहा। सफाई अभियाना में जालंधर के मेयर वीनित धीर और हल्का इंचार्ज नितिन कोहली सहित नगर निगम के कर्मचारियों ने सड़कों की सफाई की। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने झाड़ू लगाकर अपना योगदान दिया। कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि वे क्लीन पंजाब मुहिम के तहत सड़कों पर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि शहर की सड़कों या किसी भी इलाके में गंदगी नहीं रहने दी जाएगी। मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि यह अभियान 10 दिनों तक चलेगा और सभी मिलकर हर इलाके में इसे चलाएंगे, ताकि आने वाले समय में पूरा पंजाब स्वच्छ हो सके। क्लीन पंजाब मिशन से बदलेगा शहर का स्वरूप: मेयरमेयर वीनित धीर ने कहा कि भगवंत सिंह मान और लोकल बॉडी मंत्री के नेतृत्व में 10 दिन का 'क्लीन पंजाब' मिशन शुरू किया गया है। निगम की टीम, मेयर, डीसी साहब और सभी कर्मचारी मिलकर इसे कामयाब बनाएंगे। 10 दिनों के भीतर जालंधर का एक नया और साफ-सुथरा स्वरूप सामने आएगा। बीमारियों से बचने के लिए अपने आसपास की सफाई बेहद जरूरी है। लोगों से अपील है कि वे चलते-फिरते सड़कों पर कचरा न फेंकें, क्योंकि शहर खूबसूरत तभी बनेगा जब नागरिक भी जिम्मेदार बनेंगे। जनता के सहयोग बिना अभियान अधूराकैबिनेट मंत्री भगत, मेयर धीर और डीसी वालिया ने कहा कि शहर को स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम के प्रयास तभी रंग लाएंगे जब जनता का पूरा सहयोग मिलेगा। अक्सर देखा जाता है कि लोग चलते-फिरते या दुकानों के बाहर कचरे से भरे लिफाफे फेंक देते हैं। पुलिस और प्रशासन मिलकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं और कुछ जगहों पर डस्टबिन भी मुहैया कराए गए हैं। सफाई कर्मचारियों की मेहनत को सफल बनाने के लिए नागरिकों को अपनी जवाबदेही समझनी होगी और सड़कों पर कचरा फेंकने से परहेज करना होगा। गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करना पहला कदमस्वच्छता ही ईश्वर की भक्ति है। जिस तरह हम अपने घर को साफ रखते हैं, उसी तरह पूरे शहर को अपना घर मानकर साफ रखना चाहिए। नगर निगम ने रात के समय कचरा फेंकने वालों को रोकने के लिए स्पेशल मार्शल भी तैनात किए हैं। नागरिकों से अपील है कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करके ही निगम की टीमों को सौंपें। अगर सभी वर्ग मिलकर टीमवर्क की तरह काम करें, तो इन 10 दिनों में जालंधर को पूरे पंजाब के लिए एक मिसाल बनाया जा सकता है।
कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र स्थित त्रिलोकपुर गांव में शुक्रवार शाम 4 बजे को बकरी चराने गईं चार किशोरियां नदी में डूब गईं। ग्रामीणों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू कर तीन लड़कियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, एक 11 वर्षीय किशोरी वर्षा पुत्री शिवपाल सिंह चौहान की तलाश देर शाम तक जारी रही। ग्रामीणों के अनुसार, चारों किशोरियां बकरियां चराने के लिए नदी किनारे गई थीं। इसी दौरान वे गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। उन्हें डूबता देख आसपास मौजूद ग्रामीणों ने शोर मचाया और तुरंत बचाव के लिए नदी में कूद गए। ग्रामीणों की तत्परता से तीन किशोरियों को नदी से बाहर निकाल लिया गया। लापता किशोरी की तलाश में जुटे गोताखोर घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। नदी में पानी का बहाव अधिक होने के कारण पुलिस ने गोताखोरों को बुलाया। गोताखोर लापता किशोरी की तलाश में जुट गए हैं। बचाई गई किशोरियों में 11 वर्षीय राधिका पुत्री राम मोहन चौहान भी शामिल है, जिसे सुरक्षित बाहर निकाला गया। अन्य दो लड़कियों को भी ग्रामीणों ने बचाया था। चौबेपुर थाना प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश मिश्रा पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली और राहत-बचाव कार्य की निगरानी की। गोताखोर लगातार लापता किशोरी की तलाश कर रहे हैं। नदी में पानी का बहाव अधिक होने से बढ़ी समस्या पुलिस और ग्रामीणों की मौजूदगी में 11 वर्षीय वर्षा पुत्री शिवपाल सिंह चौहान की तलाश जारी है। नदी में पानी अधिक होने के कारण बचाव अभियान में सावधानी बरती जा रही है। बिल्हौर के उप जिलाधिकारी मनीष कुमार और राजस्व निरीक्षक मुकेश कुमार द्विवेदी भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने गोताखोरों को लापता किशोरी की तलाश तेज करने के निर्देश दिए। थाना प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि गोताखोरों द्वारा डूबी हुई किशोरी की तलाश की जा रही है।
चिकन बनाने को लेकर भाइयों में विवाद: छोटे भाई ने फावड़ा मारकर की बड़े भाई की हत्या; आरोपी फरार
मंडला के बिछिया थाना क्षेत्र के ग्राम नेवसा में शराब पीने के बाद मुर्गा बनाने को लेकर दो भाइयों में विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर छोटे भाई अनिल मरकाम ने फावड़े से बड़े भाई बाजारी मरकाम के सिर पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
रक्षाबंधन पर बच्चियों से मिले सीएम योगी, राखी बंधवाई और छात्राओं से किया संवाद
रक्षाबंधन पर बच्चियों से मिले सीएम योगी, राखी बंधवाई और छात्राओं से किया संवाद
UP Floods: वाराणसी में गंगा में धीमी गति से बढ़ाव फिर शुरू, प्रयागराज में बाढ़ के आसार कम
UP Floods: वाराणसी में गंगा में धीमी गति से बढ़ाव फिर शुरू हो गया है। वहीं, प्रयागराज में नदियों का जलस्तर स्थिर होने के बाद से बाढ़ के आसार कम बताए जा रहे हैं। अभी इलाकों में नदियों के बढ़ाव पर निगरानी जारी है।
दिल्ली-NCR में CNG फिर महंगी, ₹3.89/kg का झटका आज से लागू, जानें नई कीमत और क्यों बढ़ी गैस की लागत
दिल्ली-NCR में CNG से गाड़ी चलाने वालों के लिए शनिवार से जेब पर बोझ बढ़ गया है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने CNG की कीमत में ₹3.89 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की है। नई दरें 29 अगस्त 2026 की सुबह 6 बजे से लागू हो गई हैं। दिल्ली में अब CNG की कीमत ₹83.09 प्रति […] The post दिल्ली-NCR में CNG फिर महंगी, ₹3.89/kg का झटका आज से लागू, जानें नई कीमत और क्यों बढ़ी गैस की लागत appeared first on https://rajsattaexpress.com .
मुंगेर में शुक्रवार देर रात वाहन जांच के दौरान स्टोन चिप्स लदे ट्रक ने पुलिस के रुकने के इशारे को नजरअंदाज कर बैरियर तोड़ दिया और जांच में जुटे जवानों को कुचलने के प्रयास का आरोप है।
उन्नाव में 8वीं तक के स्कूल आज बंद:DM के निर्देश पर BSA ने जारी किया आदेश, बारिश को लेकर अलर्ट
उन्नाव में लगातार हो रही बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कक्षा एक से आठ तक के सभी विद्यालयों में शनिवार को अवकाश घोषित कर दिया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शैलेश कुमार पाण्डेय ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए सभी संबंधित विद्यालयों को इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। बीएसए द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिलाधिकारी के मौखिक निर्देशों के अनुपालन में यह निर्णय लिया गया है। जनपद उन्नाव में संचालित समस्त परिषदीय विद्यालय, अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय और सभी बोर्डों से मान्यता प्राप्त विद्यालयों में 29 अगस्त को अवकाश रहेगा। यह निर्णय विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अतिवृष्टि के कारण लिया गया है। जिले में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है, जिससे कई इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के कारण आवागमन भी प्रभावित हुआ है। ऐसे में छोटे बच्चों को विद्यालय आने-जाने में परेशानी न हो और उन्हें खराब मौसम में बाहर न निकलना पड़े, इसी उद्देश्य से प्रशासन ने यह अवकाश घोषित किया है। आदेश में जिले के सभी संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों और प्रबंधकों को निर्देशित किया गया है कि वे अवकाश संबंधी आदेश का तत्काल प्रभाव से अनुपालन सुनिश्चित करें। किसी भी स्तर पर आदेश की अनदेखी किए जाने पर संबंधित विद्यालय के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस प्रशासनिक निर्णय से शनिवार को स्कूल जाने वाले हजारों बच्चों और उनके अभिभावकों को राहत मिली है। उन्हें खराब मौसम में बच्चों को स्कूल भेजने की चिंता नहीं रहेगी।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में दो पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद शुक्रवार रात माहौल गरमा गया। इस विवाद को कथित हिंदू विरोधी टिप्पणी का रूप देते हुए सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसके बाद दोनों पक्षों में पथराव और गाड़ियों में तोड़फोड़ शुरू हो गई। आसपास के कई घरों और दुकानों में भी तोड़फोड़ हुई है। यह घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद भी भीड़ नहीं छंटी। पत्थरबाजी और झूमाझटकी में तारबाहर टीआई रवि तिवारी का सिर फट गया। आरक्षक समेत कई लोग घायल हो गए। इधर, स्थिति नियंत्रित करने के लिए कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह को हेलमेट पहनकर सड़क पर उतरना पड़ा। जबकि जांजगीर-चांपा, मुंगेली और सीएएफ के अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला समेत हिंदूवादी संगठनों के लोग थाने में पहुंच गए। तड़के 4 बजे तक भीड़ थाने और आसपास जुटी रही। देखिए पहले तस्वीरें… जानिए क्या है पूरा मामला ? जानकारों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट से विवाद शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर कथित हिंदू विरोधी कमेंट को लेकर हिंदूवादी संगठन के लोग सिटी कोतवाली क्षेत्र के खपरगंज इलाके में पहुंच गए। इसके बाद एक पक्ष ने दूसरे से मारपीट की और आनन-फानन में दूसरा पक्ष भी आक्रामक हो गया, जिससे विवाद बढ़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जिस समय विवाद शुरू हुआ और युवकों की भीड़ जुटनी शुरू हुई, तब सिटी कोतवाली टीआई के साथ ही सीएसपी गनन कुमार और एडिशनल एसपी पंकज पटेल को घटना की जानकारी दी गई, लेकिन उन्होंने सिर्फ पेट्रोलिंग टीम को मौके पर भेज दिया। वहां पुलिस की मौजूदगी में मारपीट के बाद पथराव शुरू हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने यह भी कहा कि आमतौर पर इस तरह लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति होने पर दोयम दर्जे के अफसर मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित कर लेते रहे हैं, लेकिन इस बार पुलिस अफसरों की इस उदासीनता का नतीजा यह हुआ कि भीड़ उग्र हो गई, जिसके बाद तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। CSP से धक्का-मुक्की, TI समेत कई घायल तनाव बढ़ने के बाद दोनों पक्षों की भीड़ आमने-सामने आ गई, जिसके बाद पथराव और तोड़फोड़ शुरू हो गई। इस दौरान पुलिस अफसर और जवानों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन बेकाबू भीड़ उग्र हो गई। भीड़ ने सिविल ड्रेस में पहुंचे सीएसपी गगन कुमार के साथ धक्का-मुक्की करते हुए हाथापाई शुरू कर दी। वहीं, पथराव में तारबाहर टीआई रवि तिवारी का सिर फट गया। जबकि, आरक्षक समेत कई लोग घायल हो गए। आंसू गैस के गोले नहीं छूटे तो हाथ से फेंका इस दौरान दोनों पक्षों की भीड़ के आगे पुलिस टीम बेबस नजर आई। सिटी कोतवाली चौक के पास जमा भीड़ से पुलिस ने पहले बातचीत कर मामला सुलझाने की कोशिश की, लेकिन दूसरी ओर से पत्थरबाजी होने से चौक पर मौजूद भीड़ और आक्रोशित हो गई। पुलिस ने भीड़ हटाने के लिए पहले लाठीचार्ज किया, फिर आंसू गैस के गोले छोड़े। हालांकि, फायर नहीं होने के कारण सरकंडा टीआई प्रदीप आर्या ने हाथ में लेकर फेंका। एक के बाद एक पांच से छह गोले छोड़े गए। इसके बाद भी भीड़ नहीं छंटी। थाने में घुसकर भीड़ ने मचाया बवाल इस दौरान तनाव इतना बढ़ गया कि भीड़ सिटी कोतवाली थाने में घुस गई। थाने के भीतर आक्रामक भीड़ गाली-गलौज कर हंगामा मचाती रही। उनका कहना था कि पथराव करने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाए। वहीं, कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह अंदर लोगों को समझाइश देते रहे। जांजगीर-चांपा, मुंगेली से बुलाया गया एक्स्ट्रा बल लगातार बढ़ रही लोगों की भीड़ और बढ़ते तनाव को नियंत्रित करने के लिए एसएसपी रजनेश सिंह ने पुलिस लाइन के साथ ही जिलेभर के थानेदार और इंस्पेक्टर के साथ ही जवानों को मौके पर बुला लिया। इसके साथ ही जांजगीर-चांपा, मुंगेली के साथ ही सीएएफ के जवानों को बुलाया गया। रात करीब 2.30 बजे तक भीड़ मौके पर जुटी रही और नारेबाजी कर हंगामा मचाते रहे। लाठी लेकर सड़क पर उतरे SSP घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह थाना परिसर से भीड़ को खदेड़ने के लिए सड़क पर उतर आए। आसपास की बिजली बंद कर लाठीचार्ज किया गया। इसके बाद हेलमेट पहनकर कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह पैदल मार्च पर निकल पड़े। उनकी मौजूदगी में भीड़ को तितर-बितर किया गया। करीब 3 बजे तक पुलिस की टीम पेट्रोलिंग कर भीड़ को भगाने में जुटी रही। छावनी बना सिटी कोतवाली चौक, पुलिस बल तैनात इस घटना के बाद मसानगंज और खपरगंज इलाके में तनाव को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। सिटी कोतवाली चौक के आसपास बैरिकेडिंग कर पुलिस बल तैनात किया गया है। सुबह 5 बजे तक पुलिस लगातार इलाके में गश्त कर रही है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करती रही। कलेक्टर-एसएसपी बोले-दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि व्यक्तिगत विवाद के बाद दो पक्षों में तनाव की स्थिति बनी। दोनों पक्षों से पथराव हुआ है। इसमें कुछ लोगों को चोटें आई हैं। 400 से अधिक पुलिस के जवान मौजूद हैं। पड़ोस के जिलों से भी बल बुला लिया गया है। स्थिति नियंत्रण में है। जो भी दोषी हैं, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ……………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… बिलासपुर में सोशल मीडिया कमेंट पर बवाल,दो पक्षों में पथराव: पुलिस ने छोड़ी आंसू गैस; टीआई समेत कई जवान घायल, कलेक्टर-SP समेत विधायक मौके पर बिलासपुर में सोशल मीडिया पर कथित हिंदू विरोधी कमेंट को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर दोनों तरफ से जमकर ईंट-पत्थर चले। हालात संभालने पहुंची पुलिस पर भी पथराव हुआ, जिसमें टीआई समेत कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। पढ़ें पूरी खबर…
गड्ढा दिखा तो 72 घंटे में पैचवर्क: निकाय चुनाव से पहले सड़कों पर सरकार का ‘मिशन मोड’
मानसून में खराब सड़कों को लेकर सरकार ने तेज की कार्रवाई, 309 स्थानीय निकायों में पैच रिपेयर अभियान; 166 निकायों में काम पूरा, बाकी के लिए 5 सितंबर की डेडलाइन जारी की।
एटीएम में लिखे फर्जी नंबर पर कॉल करना पड़ा महंगा, फोन उठाने वाले ने बैंककर्मी बनकर महिला को कार्ड ब्लॉक करने का दिया झांसा, थाना न्यू आगरा के नगला पदी का मामला।
प्रमुख गैस वितरक कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने दिल्ली के साथ गुरुग्राम में भी कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) की कीमतों में 3.89 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी कर दी है। कंपनी द्वारा बढ़ाए गए दाम आज सुबह छह बजे से प्रभावी हो गए हैं। इस बढ़ोतरी के बाद अब गुरुग्राम में सीएनजी की कीमत 92.01 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है। कीमतों में हुई इस अचानक वृद्धि का सीधा और सबसे बड़ा असर मध्यमवर्गीय परिवारों, सीएनजी कार मालिकों, ऑटो रिक्शा चालकों और ओला-उबर जैसी ऐप आधारित टैक्सी चलाने वाले चालकों पर पड़ेगा। सुबह पेट्रोल पंपों और सीएनजी स्टेशनों पर पहुंचे वाहन चालकों को नई दरों ने तगड़ा झटका दिया है। गुरुग्राम की सड़कों पर रोजाना हजारों की संख्या में सीएनजी आधारित वाणिज्यिक वाहन दौड़ते हैं। ईंधन के दाम बढ़ने से इन चालकों का दैनिक खर्च सीधे तौर पर बढ़ जाएगा। आमजन पर तीन तरफ से बोझ बढ़ेगा… किराया बढ़ने की आशंका: सीएनजी के दाम बढ़ने के कारण आने वाले दिनों में स्थानीय ऑटो यूनियनों और टैक्सी यूनियनों द्वारा न्यूनतम किराए में बढ़ोतरी की मांग उठना तय है। कैब चालकों का कहना है कि वे पहले से ही कम मार्जिन पर काम कर रहे थे, और अब गैस महंगी होने से उनके पास किराया बढ़ाने या बुकिंग पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा। सब्जियों और आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई महंगी: शहर के भीतर फल, सब्जियां और अन्य जरूरी सामान पहुंचाने वाले छोटे हल्के वाणिज्यिक वाहन भी बड़ी संख्या में सीएनजी पर चलते हैं। इस बढ़ोतरी से माल ढुलाई की लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर आने वाले समय में खुदरा बाजार की कीमतों पर दिख सकता है। रोजाना 100 रुपए का अतिरिक्त बोझ: लोगों का कहना है कि पहले पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की कीमतों में काफी अंतर होता था, लेकिन अब यह बराबर होने वाला है। कम होता अंतर अब उनकी जेब पर भारी पड़ रहा है। रोजाना 70 से 100 रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसलिए बढ़े सीएनजी के दाम इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने इस मूल्य वृद्धि के पीछे अंतर्राष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों को मुख्य कारण बताया है। कंपनी के आधिकारिक बयान के अनुसार, सीएनजी के लिए इस्तेमाल होने वाली गैस का एक बड़ा हिस्सा आयातित लिक्विफाइड नेचुरल गैस के जरिए पूरा किया जाता है। पश्चिमी एशिया में चल रहे तनाव और वैश्विक संघर्षों की वजह से अंतर्राष्ट्रीय स्पॉट बाजार में एलएनजी की कीमतों में भारी उछाल आया है। साथ ही यूरोपीय देशों में आगामी सर्दियों की मांग बढ़ने और सप्लाई में रूकावट आने के कारण इनपुट लागत में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी। कंपनी का कहना है कि लागत में आई इस भारी वृद्धि के बोझ को आंशिक रूप से कम करने के लिए कीमतों में 3.89 रुपये प्रति किलो का संशोधन करना बेहद जरूरी हो गया था।
प्रयागराज में बारिश के बाद जलभराव एक बार फिर ऑफत की तरह रहा। रक्षा बंधन त्योहार पर शुक्रवार शाम को हुई बारिश ने फिर शहर की सूरत बिगाड़ दी। सिविल लाइंस, जार्जटाउन, टैगोटर टाउन, अल्लापुर समेत तमाम इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया। पुराने शहर का हाल तो बद से बदतर रहा। निरंजन डॉट पुल के नीचे पानी भरने से दो घंटे तक रास्ता बंद रहा। इसके बाद वाहनों की लंबी कतार से जाम लग गया। प्रयागराज जंक्शन के सामने सड़क पर घुटनों तक पानी भरा रहा। यात्रियों को डिवाइडर के ऊपर चलकर जाना पड़ा। तस्वीरों में देखिए बारिश के बाद शहर का हाल…
गोरखपुर में बादलों के बीच निकली हल्की धूप:उमस भरी गर्मी से लोग परेशान, शाम तक बारिश की संभावना
गोरखपुर में शनिवार को मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहते हैं और बीच-बीच में हल्की धूप भी निकल आती है, जिससे मौसम और ज्यादा चिपचिपा हो जाता है। करीब 30 से 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही है, लेकिन 75 प्रतिशत से ज्यादा नमी होने के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। लोग घर से बाहर निकलते ही पसीने से परेशान हो रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार आज अधिकतम तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री रहने का अनुमान है, वहीं शाम तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश का सिलसिला जारी मौसम वैज्ञानिक डॉ कैलाश पांडेय का कहना है कि गोरखपुर में आने वाले दिनों में मौसम पूरी तरह मानसूनी बना रहेगा। पूरे हफ्ते बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। शुरुआत में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिलेगी, लेकिन बीच के दिनों में तेज बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने के आसार हैं। इससे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ सकता है। तेज बारिश का खतरा हफ्ते के बीच में मौसम और ज्यादा बिगड़ सकता है। इस दौरान गरज-चमक के साथ तेज बारिश और थंडरस्टॉर्म की संभावना है। तेज हवा के साथ बारिश होने से पेड़ गिरने या बिजली से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। साथ ही, ज्यादा बारिश होने पर शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, जिससे लोगों को आने-जाने में दिक्कत होगी। मिलाजुला रहेगा मौसम हफ्ते के आखिरी दिनों में मौसम थोड़ा मिलाजुला रहेगा। कभी धूप निकलेगी तो कभी बादल छा जाएंगे और बीच-बीच में हल्की बारिश होती रहेगी। हालांकि बारिश पूरी तरह से बंद नहीं होगी। तापमान 30 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा, लेकिन ज्यादा नमी के कारण उमस बनी रहेगी। अगर पूरे हफ्ते के मौसम को आसान भाषा में समझें तो गोरखपुर में बादल, बारिश और उमस का असर लगातार बना रहेगा। तेज धूप कम ही देखने को मिलेगी, लेकिन उमस लोगों को परेशान करती रहेगी। बीच-बीच में तेज बारिश भी हो सकती है, जिससे कुछ जगहों पर जलभराव की समस्या सामने आ सकती है।
झांसी के चिरगांव थाना क्षेत्र के बरल गांव में दो पक्षों के बीच हुए झगड़े में एक युवक की मौत हो गई। पुरानी रंजिश के चलते हुए इस विवाद में युवक पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया था। पुलिस ने इस मामले में पहले ही हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया था। यह घटना 26 अगस्त की रात करीब आठ बजे हुई थी। मृतक नरेंद्र राजपूत (34 वर्ष) अपने दोस्त चंद्रशेखर के साथ दूध की डेयरी से दूध लेकर घर लौट रहा था। तभी देसी शराब ठेके के मोड़ पर बृजेंद्र और मनोज अहिरवार आ गए। आरोपियों ने पुरानी रंजिश को लेकर नरेंद्र के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। जब नरेंद्र ने गाली देने से मना किया, तो बृजेंद्र ने कुल्हाड़ी से उसके सिर पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बीच-बचाव करने आए दोस्त चंद्रशेखर पुत्र गोविंद सिंह के साथ भी आरोपियों ने लाठी-डंडों से मारपीट की। दोनों घायल हो गए और आरोपी जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए। नरेंद्र को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घायल दोस्त चंद्रशेखर की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। गुरुवार को चिरगांव थाने में बरल गांव निवासी पुष्पेंद्र पुत्र कमलेश राजपूत की तहरीर पर बृजेंद्र और मनोज अहिरवार पुत्र चतुर सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद भारी पुलिस सुरक्षा के बीच शव का अंतिम संस्कार किया गया।

