पंजाब से एक ट्रक ड्राइवर को बस में जबरन ले जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पंजाब के रोपड़-कुराली के पास ट्रक और निजी स्लीपर बस की टक्कर के बाद बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने ट्रक ड्राइवर के साथ मारपीट की। इसके बाद उसका मोबाइल फोन छीनकर उसे जबरदस्ती बस में बैठा लिया और बस चंडीगढ़ होते हुए अंबाला की तरफ रवाना हो गई। ट्रक मालिक राकेश कुमार गोदारा को घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने हरियाणा पुलिस के डायल 112 पर सूचना दी। सूचना नग्गल थाना प्रभारी सुरेश कुमार तक पहुंची। पुलिस ने सैनी माजरा टोल प्लाजा पर नाकाबंदी कर संदिग्ध बस को रुकवाया। तलाशी के दौरान बस के अंदर ट्रक ड्राइवर मिला, जिसे पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाला। बस को कब्जे में लेकर उसके ड्राइवर और कंडक्टर को हिरासत में लिया गया है। शीशा टूटने के बाद हुआ विवाद ट्रक मालिक के मुताबिक, ट्रक अमृतसर की तरफ जा रहा था। रोपड़-कुराली के पास पीछे से बस ने ट्रक में टक्कर मार दी। इससे बस का साइड शीशा टूट गया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई। ट्रक मालिक का आरोप है कि बस स्टाफ ने ट्रक ड्राइवर के साथ मारपीट की और उसे बस में बैठाकर अपने साथ ले गए। ट्रक मालिक ने बताया कि बस स्टाफ ने उससे नुकसान की भरपाई के लिए जयपुर आकर 35 से 40 हजार रुपए देने की बात कही। उन्होंने नुकसान की रकम देने की बात कही, लेकिन आरोप है कि इसके बाद बस स्टाफ ने उनका नंबर ब्लैकलिस्ट कर दिया और ड्राइवर को उनके साथ बात भी नहीं करने दी। 4:45 बजे मिली सूचना, टोल पर कराई नाकाबंदी नग्गल थाना प्रभारी सुरेश कुमार के अनुसार, रात करीब 4:45 बजे ट्रक मालिक राकेश गोदारा का फोन आया। उन्होंने बताया कि उनका ड्राइवर एक यूके नंबर वाली स्लीपर टूरिस्ट बस में है और बस सैनी माजरा टोल से गुजरने वाली है। थाना प्रभारी ने तत्काल टोल पर नाकाबंदी के निर्देश दिए। इसके बाद डायल 112 टीम और थाना पुलिस के ड्यूटी अफसर को मौके पर भेजा गया। पुलिस के अनुसार, करीब 5 मिनट बाद टीम ने बस को टोल पर रोक लिया। बस की तलाशी में ट्रक ड्राइवर बरामद हुआ। पुलिस ने बस के ड्राइवर और कंडक्टर को हिरासत में ले लिया, जबकि बस में सवार यात्रियों के लिए दूसरी बस की व्यवस्था कर उन्हें रवाना किया गया। पंजाब में हुआ था हादसा, वहीं होगी आगे की कार्रवाई थाना प्रभारी सुरेश कुमार ने बताया कि जिस घटना में ट्रक ड्राइवर को बस में बैठाकर लाया गया, वह पंजाब के रोपड़ क्षेत्र की है। अंबाला पुलिस ने बस को अपने क्षेत्र में रोककर ड्राइवर को बरामद किया है। मामले में आगे की कार्रवाई पंजाब पुलिस द्वारा की जाएगी। पंजाब पुलिस की टीम के आने पर बस और संबंधित लोगों को उनके हवाले किया जाएगा।
रतलाम के शासकीय डॉ. कैलाश नाथ काटजू महाविद्यालय (लॉ कॉलेज) में कपल गरबा के आरोप को लेकर विवाद बुधवार को फिर बढ़ गया। हिंदू संगठनों के पदाधिकारी कॉलेज के बाहर पहुंचे और प्रदर्शन किया। इस दौरान कॉलेज के छात्र भी सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच बहस और नारेबाजी हुई। पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग किया। हंगामे के दौरान हिंदू संगठन के पदाधिकारी राजेश कटारिया ने छात्रों से कहा, “ज्यादा नचवाने का शौक है तो अपनी बहन-बेटियों को लेकर आओ।” कटारिया ने बाद में कहा कि उनका उद्देश्य धार्मिक आयोजन में कपल गरबा को लेकर सवाल उठाना था। देखें तस्वीरें… प्रिंसिपल के घेराव का किया था आह्वान लॉ कॉलेज में गणेश प्रतिमा स्थापित कर 10 दिवसीय गणेशोत्सव मनाया जा रहा है। सोमवार को हिंदू संगठनों ने कॉलेज पहुंचकर कपल गरबा होने का आरोप लगाया था। इस दौरान हंगामा हुआ था। इसके अगले दिन कॉलेज के छात्रों ने स्टाफ के साथ कलेक्टर और एसपी के नाम ज्ञापन दिया था। इसमें कॉलेज में हंगामा करने वालों पर कार्रवाई की मांग की गई थी। छात्रों ने हिंदू संगठनों पर छात्र-छात्राओं और प्रिंसिपल से अभद्रता करने का आरोप लगाया था। बुधवार को हिंदू जागरण मंच रतलाम के बैनर तले प्रिंसिपल के घेराव का आह्वान किया गया। इसके बाद राजेश कटारिया, सिद्धार्थ पंड्या और संस्कृति बचाव अभियान के अभिषेक उपाध्याय सहित अलग-अलग संगठनों के लोग कॉलेज पहुंचे। राजेश कटारिया ने पुलिस के सामने कहा कि छात्रों ने ज्ञापन देने के बाद ग्रुप में मैसेज किया था कि “दम हो तो कल आकर कार्यक्रम रोक कर दिखाएं।” इसके बाद संगठन के लोग कॉलेज पहुंचे। पुलिस ने कॉलेज का गेट बंद कराया हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने कॉलेज का गेट लगवा दिया। सूचना पर स्टेशन रोड थाना प्रभारी मुनेंद्र गौतम, औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी डीएसपी गायत्री सोनी, माणकचौक थाना प्रभारी विक्रम सिंह चौहान और डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव पुलिस बल के साथ पहुंचे। कॉलेज ट्रस्ट के सचिव डॉ. संजय वाते, प्रिंसिपल डॉ. अनुराधा तिवारी और स्टाफ भी बाहर मौजूद रहा। दूसरी ओर छात्रों के सामने आने पर पुलिस ने उन्हें कॉलेज के अंदर किया। दोनों पक्षों ने लगाए नारे हंगामे के दौरान हिंदू संगठन और कॉलेज छात्र आमने-सामने हो गए। दोनों तरफ से जय श्री राम के नारे लगाए गए। बहस के बीच हिंदू संगठनों ने प्रिंसिपल के खिलाफ भी नारे लगाए। पुलिस ने दोनों पक्षों को दूर किया। इसके बाद हिंदू संगठन के लोग वहां से चले गए। संगठन बोला- हमने किसी से अभद्रता नहीं की संस्कृति बचाओ अभियान के अभिषेक उपाध्याय ने कहा कि सकल हिंदू समाज की ओर से प्रदर्शन किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज में गणेश उत्सव के दौरान कपल गरबा हो रहा था। संगठन ने पहले ही कॉलेज और प्रशासन को इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले संगठन के कार्यकर्ता कॉलेज आए थे और शांति से बात कर लौट गए थे। इसके बाद छात्रों ने संगठन के खिलाफ ज्ञापन देकर एफआईआर की मांग की। उपाध्याय ने कहा कि संगठन ने किसी से अभद्रता नहीं की। हिंदू संगठन के पदाधिकारी राजेश कटारिया ने कहा कि धार्मिक आयोजन में कपल गरबा नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर गरबा कराया जा रहा है तो परिवार के लोगों को भी इसमें शामिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों से कही गई बात का उद्देश्य यही था। हिंदू जागरण मंच रतलाम के संगठन मंत्री नीरज दुबे ने कहा कि घेराव सकल हिंदू समाज की ओर से था। इसमें हिंदू जागरण मंच की कोई भूमिका नहीं थी। इसमें अलग-अलग संगठन, समाज के कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए थे। प्रिंसिपल बोलीं- कॉलेज में कपल गरबा नहीं हुआ प्रिंसिपल डॉ. अनुराधा तिवारी ने कहा कि कॉलेज की ओर से कपल गरबा का कोई आयोजन नहीं किया गया। 10 दिवसीय गणेशोत्सव के तहत छात्र-छात्राओं ने सामूहिक नृत्य किया था। उन्होंने कहा कि कॉलेज में छात्र-छात्राएं मौजूद थे, लेकिन कपल गरबा नहीं हुआ।
सलूंबर के पिलादर गांव में आयुर्वेद दिवस के मौके पर बुधवार को एक कार्यक्रम हुआ। ये कार्यक्रम आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के तहत स्वास्थ्य जागरूकता और आयुर्वेद के प्रचार के लिए था। राजस्थान ग्रामीण बैंक के साथ मिलकर पंचायत समिति परिसर में एक मुफ्त आयुर्वेद चिकित्सा शिविर लगाया गया। राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल पिलादर में पहले से चुने गए आरोग्य मित्रों और सखियों के लिए एक सेमिनार भी हुआ। इसमें उन्हें आयुर्वेद, योग, स्वच्छता और प्राथमिक उपचार के बारे में जानकारी देकर जागरूक किया गया। आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रियंका जैन ने आरोग्य मित्रों और सखियों को घर-घर जाकर लोगों को आयुर्वेद का महत्व बताने के लिए प्रोत्साहित किया। इस दौरान आयुर्वेद चिकित्सा से जुड़ी प्रचार सामग्री भी बांटी गई। कम्पाउंडर रघुनाथ राम ने प्राथमिक और घरेलू उपचार से जुड़ी जरूरी जानकारी दी। परिचारक भावेश कुमार चौबीसा ने रोजमर्रा की जिंदगी में स्वच्छता का महत्व समझाया। उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश भी दिया। योग प्रशिक्षक दिनेश रेबारी ने नियमित योग को जीवन का जरूरी हिस्सा बनाने को कहा। उन्होंने योग से स्वस्थ रहने के तरीके भी बताए। इस कार्यक्रम में ग्रामीणों और आरोग्य मित्रों में काफी उत्साह दिखा। पिलादर की प्रशासक ललिता मीणा ने आयुर्वेद विभाग की तरफ से दी जा रही स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और सेवाओं के लिए धन्यवाद दिया। इस कार्यक्रम का मकसद ग्रामीण इलाकों में आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। साथ ही लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना भी इसका उद्देश्य था।
मोह जिस भी रूप में सामने आए, वह रावण के समान है और संसार में रहते हुए भी भीतर से मुक्त रहना ही सच्चा वैराग्य है।” बुधवार को रामकथा के अंतिम दिन मोरारी बापू ने यह संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वैराग्य मनुष्य का दूसरा पंख है, जो उसे भीतर से ऊपर उठाता है। बापू ने कहा कि राम का स्मरण सत्य है, राम को गाना प्रेम है और राम को सुनना करुणा है। इसी संदेश के साथ जेपी वेडिंग ग्राउंड में करुणानिधान परिवार की ओर से चल रही नौ दिवसीय रामकथा का भावपूर्ण विश्राम हुआ। बापू ने आदि गुरु शंकराचार्य के वैराग्य भाव का उल्लेख करते हुए कहा कि वैराग्य का अर्थ संसार छोड़ना नहीं, बल्कि आसक्ति से मुक्त होना है। माता सीता का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि रावण के प्रलोभनों के सामने उन्होंने एक तिनके को अपनी ढाल बनाया। साधक जब त्याग के अहंकार को भी छोड़ देता है, तब वास्तविक वैराग्य प्रकट होता है। उन्होंने कहा कि दान, त्याग और वैराग्य का प्रदर्शन नहीं करना चाहिए। त्याग का भी प्रदर्शन किया तो उसमें दाग लग जाता है। तुलसीदास जी के मक्खन के उदाहरण से समझाया कि ममता रूपी दोष को तपाकर ही शुद्ध घी बनाया जाता है। धर्म का रथ ही विजय का आधार रामधुन के बाद बापू ने लंका कांड के प्रसंग सुनाए। उन्होंने कहा कि युद्ध में विजय का रथ लकड़ी का नहीं, धर्म का होता है और वैराग्य उसकी ढाल है। अंगद के संधि प्रस्ताव को रावण द्वारा ठुकराने के बाद युद्ध, लक्ष्मण के मूर्छित होने, मेघनाद के वध और रावण वध का प्रसंग सुनाया। इसके बाद श्रीराम के पुष्पक विमान से अयोध्या लौटने और भरत से मिलन का प्रसंग आया। बापू ने कहा कि राम और भरत के प्रेम के सामने यह पहचानना मुश्किल था कि कौन वनवासी है और कौन राजकुमार। अयोध्या पहुंचकर श्रीराम माताओं से मिले और उनका राज्याभिषेक हुआ। सीता के दूसरे त्याग पर भी बोले बापू ने सीता के दूसरे त्याग से जुड़े प्रसंग पर कहा कि इसे लेकर अलग-अलग रामकथा परंपराओं में मत मिलते हैं। उन्होंने कहा कि जिस रूप में यह प्रसंग आम तौर पर बताया जाता है, वह तुलसीदास जी के रामचरितमानस में नहीं है। कथा विश्राम के अवसर पर कामदगिरि पीठाधीश्वर स्वामी रामस्वरूपाचार्य महाराज भी पहुंचे। उन्होंने आगरा को ऋषियों की भूमि बताते हुए कहा कि ऋषि पंचमी से शुरू हुई यह कथा विशेष रही। उन्होंने बापू की ऊर्जा को लेकर कहा, “81 बापूजी की आवाज टनाटन है।” करुणानिधान परिवार ने नौ दिनों तक कथा में पहुंचे श्रद्धालुओं, संतों, धर्माचार्यों और सहयोगियों का आभार जताया। मोरारी बापू की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार आगरा में यह रामकथा 15 से 23 सितंबर तक जेपी वेडिंग ग्राउंड में आयोजित हुई।
मध्य प्रदेश पावर मेनेजमेंट कंपनी के दफ्तर में बुधवार को कांग्रेस पहुंचे और अधिकारियों से सवाल किए। कहा कि भोपाल में मेंटेनेंस के नाम पर हर रोज घंटों बिजली गुल हो रही है। वहीं, जब से स्मार्ट मीटर लगे, तब से ज्यादा राशि के बिल आ रहे हैं। आखिर ये बिजली जा कहां रही है? अरेरा कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में बार-बार बिजली गुल होने और वॉल्टेज फ्लक्चुएशन की समस्या लेकर कांग्रेसी ऑफिस पहुंचे थे। प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने एमडी विशेष गढ़पाले को शिकायत पत्र भेजकर व्यवस्था पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार बड़े-बड़े दावे बिजली व्यवस्था को लेकर करती है, लेकिन राजधानी भोपाल में ही बिजली व्यवस्था इतनी चरमराई हुई है तो बाकी प्रदेश में क्या ही हाल होंगे? हर महीने समय बिल तो फिर बिजली क्यों नहीं युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि जब उपभोक्ता हर महीने समय पर बिजली का बिल भर रहा है तो उसे निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली क्यों नहीं मिल रही? बिजली कंपनियों की लापरवाही का खामियाजा आखिर आम जनता क्यों भुगते? जिलाध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि अरेरा कॉलोनी में आवासीय क्षेत्रों में विद्युत भार और कनेक्शनों की स्थिति की भी तकनीकी जांच आवश्यक है। क्षेत्र में नियमों के विपरीत चल रही व्यावसायिक गतिविधियों और व्यावसायिक विद्युत कनेक्शनों के कारण घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले अतिरिक्त विद्युत भार की भी जांच की जानी चाहिए। कांग्रेस की यह मांग बिजली के गुल होने से उपकरण जलने का डर स्थानीय रहवासी राजवीर सिंह ने कहा कि 10 नंबर मार्केट सहित आसपास के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, दुकानदारों और हजारों रहवासियों को बार-बार बिजली कटौती से आर्थिक और दैनिक जीवन से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बुजुर्ग, बच्चे, विद्यार्थी और महिलाएं भीषण गर्मी में परेशान हैं। बार-बार बिजली आने-जाने से घरेलू और व्यावसायिक विद्युत उपकरणों के खराब होने का खतरा बना हुआ है। हरीश चौबे ने कहा कि यदि तकनीकी खराबी, मेंटेनेंस अथवा किसी अन्य कारण से बिजली बंद की जानी है तो उपभोक्ताओं को पूर्व सूचना देना विद्युत कंपनी की जिम्मेदारी है।
गांवों में बनी और निर्माणाधीन इमारतों की सुरक्षा को लेकर नोएडा प्राधिकरण अब सख्ती करने जा रहा है। इन इमारतों के लिए स्ट्रक्चरल सेफ्टी रिपोर्ट अनिवार्य करने की तैयारी है। इसके लिए शासन को भेजी गई यूनिफाइड पॉलिसी में एक विशेष क्लॉज जोड़ा गया है। हालांकि यह पॉलिसी मुख्य रूप से इंडस्ट्री से संबंधित है, लेकिन ग्रामीण आबादी की सुरक्षा को देखते हुए इसमें इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा का प्रावधान शामिल किया गया है। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने बताया कि यूनिफाइड पॉलिसी में ग्रामीण क्षेत्रों की इमारतों की स्ट्रक्चरल सेफ्टी को लेकर प्रावधान किया गया है। शासन से पॉलिसी को मंजूरी मिलने के बाद इसे आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। बोर्ड की मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा। जर्जर इमारतों का चल रहा सर्वेदिल्ली में इमारत गिरने की घटना के बाद नोएडा के गांवों में भी जर्जर और असुरक्षित इमारतों का सर्वे कराया जा रहा है। चिन्हित इमारतों पर नोटिस भी चस्पा किए जा रहे हैं। नोएडा के गांवों में प्राधिकरण की नक्शा नीति लागू है, लेकिन बड़ी संख्या में निर्माण होने के कारण भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा का मुद्दा सामने आता रहा है। बनी और निर्माणाधीन इमारतों की होगी जांचनई व्यवस्था लागू होने के बाद गांवों में बनी और निर्माणाधीन इमारतों की स्ट्रक्चरल सेफ्टी की जांच का रास्ता साफ होगा। रिपोर्ट के जरिए यह देखा जा सकेगा कि इमारत संरचनात्मक रूप से सुरक्षित है या नहीं। सर्फाबाद, भंगेल, सलारपुर, बरौला समेत नोएडा के कई गांवों में बड़ी संख्या में बहुमंजिला इमारतें बनी हैं और कई जगह निर्माण जारी है। ऐसे में इनकी संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर प्राधिकरण का नया प्रावधान अहम माना जा रहा है।
लखनऊ में फर्जी आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह के दो वांछित आरोपियों को एसटीएफ की अयोध्या फील्ड यूनिट और मुंबई पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में दुबग्गा क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपियों के खिलाफ मुंबई के पायधुनी थाने में मुकदमा दर्ज है। मुंबई पुलिस की सूचना पर एसटीएफ की टीम कई दिनों से आरोपियों की तलाश में जुटी थी। मुंबई के पायधुनी थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान आरोपियों के यूपी में छिपे होने की जानकारी मुंबई पुलिस को मिली थी। इसके बाद मुंबई पुलिस ने यूपी एसटीएफ से सहयोग मांगा। एसटीएफ के डीएसपी प्रमेश कुमार शुक्ल के पर्यवेक्षण में अयोध्या फील्ड यूनिट ने अभिसूचना जुटानी शुरू की। उप निरीक्षक सौरभ मिश्रा के नेतृत्व में मुख्य आरक्षी नीरज सिंह और चंद्र प्रकाश की टीम ने मुंबई पुलिस के एपीआई किरन मांढरे, पुलिस हवलदार खान और सिपाही लोके के साथ लखनऊ में तलाश शुरू की। सूचना मिली कि दोनों आरोपी दुबग्गा क्षेत्र में मौजूद हैं। इसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से संयुक्त टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। जनसेवा केंद्र खोलकर शुरू किया फर्जीवाड़ा पूछताछ में आरोपी इम्तियाज सिद्दीकी ने बताया कि उसका जन्म अयोध्या में हुआ था। करीब 5-7 साल वहां रहने के बाद वह मुंबई चला गया और वहीं से शिक्षा हासिल की। शुरुआत में वह लोगों के पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का काम करता था। इससे अच्छी कमाई होने पर उसने अपना जनसेवा केंद्र खोल लिया। इसी दौरान उसकी मुलाकात रामजीत नाम के व्यक्ति से हुई। आरोप है कि रामजीत ने उसे अनधिकृत आधार सुधार सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराया। इस सॉफ्टवेयर की मदद से वह बिना किसी दस्तावेज के लोगों के आधार कार्ड में उनकी इच्छा के मुताबिक बदलाव कर देता था। इसके बाद लोग उसी आधार के जरिए पैन कार्ड में भी बदलाव करा लेते थे। एक आधार-पैन बदलने के मिलते थे 5 से 10 हजार पूछताछ में आरोपी ने बताया कि एक आधार कार्ड और पैन कार्ड में बदलाव करने के बदले उसे 5 से 10 हजार रुपये मिलते थे। काम बढ़ने पर उसने मो. तलहा खान पुत्र शमीम खान को भी इस काम में लगा लिया था। आरोप है कि आरोपी फर्जी जन्म प्रमाण पत्र भी तैयार करता था। इन प्रमाण पत्रों के आधार पर आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवाए जाते थे। एसटीएफ के मुताबिक इम्तियाज के खिलाफ पहले से भी तीन मुकदमे दर्ज हैं। मुंबई में कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद वह गिरफ्तारी से बचने के लिए यूपी आ गया और यहां लगातार ठिकाने बदलकर रह रहा था। मामले में दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
हरदोई के श्री वेणी माधव विद्यापीठ बालिका इंटर कॉलेज में बुधवार दोपहर 12 बजे करियर मार्गदर्शन और संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) नेहा ब्याडवाल ने छात्राओं को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और अलग-अलग करियर विकल्पों की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं से कहा कि सफलता के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय करने के साथ लगातार और योजनाबद्ध तरीके से तैयारी करना जरूरी है। 10वीं-12वीं से लक्ष्य तय करने की सलाह CDO नेहा ब्याडवाल ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें 10वीं और 12वीं कक्षा से ही अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार करियर का लक्ष्य तय कर लेना चाहिए। उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने छात्राओं को पढ़ाई के साथ अपने लक्ष्य के अनुरूप तैयारी की योजना बनाने और उपलब्ध अवसरों की जानकारी रखने के लिए प्रेरित किया। अधिकारियों ने बताए अलग-अलग करियर विकल्प कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी छात्राओं के साथ संवाद किया। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रदीप पाल ने तकनीकी शिक्षा, डिप्लोमा कोर्स और उनसे जुड़े रोजगार के अवसरों की जानकारी दी। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अरविंद पाठक ने शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्ध विकल्पों के बारे में बताया। उन्होंने एलएलबी करने के बाद न्यायिक सेवाओं में जाने की संभावनाओं की भी जानकारी दी। छात्राओं ने पूछे नीट, पॉलीटेक्निक और कानून से जुड़े सवाल कक्षा 12 की छात्राओं सना खान, शालू दीक्षित, जाली शर्मा, मधु पाल और आकृति मिश्रा ने अधिकारियों से पॉलीटेक्निक, नीट, चिकित्सा और विधि पाठ्यक्रमों को लेकर सवाल पूछे। अधिकारियों ने छात्राओं के सवालों के जवाब देते हुए संबंधित क्षेत्रों में प्रवेश, पढ़ाई और करियर की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी। नियमित करियर काउंसलिंग कराने के निर्देश कार्यक्रम के अंत में CDO ने स्कूलों में नियमित करियर काउंसलिंग सेशन आयोजित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट और अन्य क्षेत्र के विशेषज्ञों को भी इन सत्रों से जोड़ा जाए, ताकि छात्राओं को अलग-अलग करियर विकल्पों की सही जानकारी समय पर मिल सके और वे अपनी रुचि के अनुसार भविष्य की दिशा तय कर सकें। कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्य गीता शुक्ला, प्रबंधक मनोज अग्रवाल समेत विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
हरियाणा लोकहित पार्टी के अध्यक्ष एवं पूर्व गृह मंत्री गोपाल कांडा ने सपरिवार दिल्ली के पीतमपुरा स्थित प्रसिद्ध डीडीए ग्राउंड में लाल बाग का राजा गणपति ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित दसवें गणपति महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। मुंबई के सुप्रसिद्ध 'लाल बाग के राजा' की तर्ज पर आयोजित हो रहे महोत्सव में उन्होंने भगवान श्री गणेश के अलौकिक स्वरूप के दर्शन-पूजन किए। इसी दौरान गोपाल कांडा ने कथा वाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज से मुलाकात कर उनका अभिनंदन किया और उन्होंने सिरसा में निर्मित 'श्री तारकेश्वरम धाम' के दर्शन एवं आगमन का अनिरुद्धाचार्य को निमंत्रण दिया। गोपाल कांडा बोले, इस पर अनिरुद्धाचार्य ने कहा है कि वे शीघ्र ही बाबा तारा जी के पावन स्थल के दर्शन करने और श्रद्धालुओं के बीच आशीर्वाद देने के लिए सिरसा पहुंचेंगे। यह आयोजन उनके समधी एवं प्रसिद्ध उद्योगपति राकेश बिंदल की अध्यक्षता में आयोजित हो रहा है। आध्यात्मिक चर्चा के दौरान अनिरुद्धाचार्य महाराज ने गोपाल कांडा द्वारा समाज सेवा और धर्म के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की मुक्त कंठ से सराहना की। सिरसा स्थित ऐतिहासिक 'श्री बाबा तारा जी कुटिया' द्वारा चलाए जा रहे जनसेवा के कार्यों की सराहना की। इसमें देशभर से श्रद्धालु पहुंचे। मंत्री राजनाथ ने किया था शुभारंभ गोपाल कांडा ने आयोजकों से कहा कि यह गणपति महोत्सव केवल सनातन धर्म की आस्था का प्रतीक ही नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सामाजिक समरसता से जुड़े संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। दस दिनों तक चलने वाले इस विशाल गणपति महोत्सव का भव्य शुभारंभ केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया था। उनके साथ यह रहे मौजूद उनके साथ तेज प्रकाश बंसल एडवोकेट, युवा उद्योगपति हिमांशु बिंदल, गणपति महोत्सव समिति की सदस्य हर्षा बिंदल, प्रधान प्रदीप कुमार अग्रवाल, सत्य भूषण जैन, धर्मपाल सिंगला, अनिल वाधवा, अशोक गुप्ता, अनिल गुप्ता, आदेश जैन, पवन मित्तल, विरेश गुप्ता, कृष्ण गुप्ता, जयप्रकाश जैन, संजीव सिंघल, प्रदीप जिंदल, विनोद गौतल, रूपेश सिंघल, पंकज गर्ग, राजेश गुप्ता, रितेश जाखोडिया, मनीष जिंदल, संजीव अग्रवाल व राजू कश्यप सहित परिवार के अन्य सदस्य एवं प्रमुख लोग मौजूद रहे।
शाहजहांपुर के सदर बाजार क्षेत्र में बुधवार दोपहर करीब 3 बजे शहीद पार्क के पास एक युवक महिलाओं को देखकर अश्लील कमेंट करने लगा। लोगों ने विरोध किया तो वह मारपीट पर उतारू हो गया। मौके पर मौजूद मिशन शक्ति टीम ने युवक को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना। सूचना पर पहुंची सदर बाजार पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया। जांच में उसके शराब के नशे में होने की बात सामने आई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। महिलाओं को देखकर करने लगा अश्लील कमेंट शहीद पार्क में बच्चे और परिवार के लोग घूमने आते हैं। बुधवार को यहां काफी भीड़ थी। इसी दौरान एक युवक बाइक से पार्क के पास पहुंचा। आरोप है कि वह वहां से गुजर रही महिलाओं को देखकर अश्लील कमेंट करने लगा। लोगों ने इसका विरोध किया तो युवक उनसे भी विवाद करने लगा और मारपीट पर उतारू हो गया। मिशन शक्ति टीम से भी नहीं माना मौके पर मौजूद मिशन शक्ति टीम ने युवक को समझाने का प्रयास किया। इसके बावजूद वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। आरोप है कि पुलिस के सामने भी वह महिलाओं के साथ अश्लील हरकतें करता रहा। इसके बाद टीम ने पुलिस को सूचना दी। शराब के नशे में मिला युवक सूचना मिलने पर सदर बाजार पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में लेकर थाने ले गई। जांच में उसके शराब के नशे में होने की बात सामने आई। आरोपी की पहचान तारीन टिकली निवासी साजिद के रूप में हुई है। नशा उतरने के बाद मांगने लगा माफी थाने में पूछताछ के दौरान नशा उतरने के बाद साजिद माफी मांगने लगा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
डीग नगर परिषद के सभापति पद पर अर्पित गुप्ता के निर्विरोध चुने जाने के बाद बुधवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने शहर में विजय जुलूस निकाला। इस जुलूस में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ शहर के कई गणमान्य नागरिक भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। यह विजय जुलूस शहर के मुख्य रास्तों से होकर गुजरा। इस दौरान जगह-जगह लोगों ने सभापति अर्पित गुप्ता पर फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। समर्थकों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर बधाई दी। जुलूस में डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेश सिंह, भाजपा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे। लोगों की बड़ी संख्या के कारण शहर में उत्सव जैसा माहौल बन गया। कार्यकर्ताओं ने सभापति अर्पित गुप्ता को बधाई देते हुए नगर परिषद के विकास और शहर की समस्याओं के समाधान की उम्मीद जताई। इस मौके पर सभापति अर्पित गुप्ता ने लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि नगर परिषद क्षेत्र के विकास के लिए सभी के साथ मिलकर काम किया जाएगा। शहर की मूलभूत सुविधाओं जैसे साफ-सफाई, सड़क, पानी की निकासी और आम लोगों से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता से हल किया जाएगा।
कोरबा जिले की गेवरा कोयला खदान में सोमवार को तेज बारिश हुई। करीब एक घंटे की बारिश में माइनिंग स्टाफ के लिए बना रेस्ट सेल्टर बहकर खदान की खाई में जा गिरा। अच्छी बात यह रही कि हादसे के समय सेल्टर में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। यह घटना गेवरा खदान के गणेश सर्कल के पास हुई। सोमवार दोपहर करीब एक घंटे तक तेज बारिश हुई। बारिश के कारण खदान में ऊपर से नीचे की ओर पानी का तेज बहाव शुरू हो गया। इसी बहाव की चपेट में आकर कर्मचारियों का टिन शेड वाला रेस्ट सेल्टर अपनी जगह से उखड़ गया और खदान की गहराई में जा गिरा। पानी के साथ पूरा स्ट्रक्चर बह गया इस रेस्ट सेल्टर का उपयोग खदान में काम करने वाले शिफ्टिंग इंचार्ज, माइनिंग सरदार और ओवरमैन धूप और बारिश से बचने के लिए करते थे। खदान के अंदर काम के दौरान यह उनके आराम करने की जगह होती थी। जिस जगह पर यह सेल्टर बना था, वहां पानी निकासी की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं थी। इसी वजह से पानी के साथ पूरा स्ट्रक्चर बह गया। इस पूरे हादसे का एक वीडियो भी सामने आया है। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे तेज पानी के बहाव में पूरा सेल्टर बहता हुआ खाई में गिर रहा है। खदान जैसी जगह पर अस्थायी और कमजोर स्ट्रक्चर बनाकर कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। अगर हादसे के वक्त अंदर कोई कर्मचारी होता, तो बड़ा नुकसान हो सकता था।
पानीपत की बिल्लू कॉलोनी में रह रहे प्रवासियों द्वारा कॉलोनी का माहौल खराब करने और विरोध करने पर एक स्थानीय निवासी के घर पर हथियारों से लैस होकर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने लोहे का मुख्य गेट अंदर से बंद कर किसी तरह अपनी जान बचाई। घटना की शिकायत पुलिस को दे दी गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। 15 दिनों से शराब पार्टी और गंदे माहौल से परेशान थे लोग स्थानीय निवासी रेखा, सुरेंद्र वर्मा और ललित ने बताया कि कॉलोनी में कुछ समय पहले एक मकान खरीदा गया था, जिसमें बड़ी संख्या में प्रवासी लोग रह रहे हैं। जिनमें कार्तिक, अमन, शंकर और कर्ण मुख्य हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले करीब 15 दिनों से इन लोगों ने कॉलोनी का माहौल पूरी तरह खराब कर रखा है। आरोपी बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर दिन-रात शराब पार्टी करते हैं। निवासियों का कहना है कि अब ये लोग वहां कॉल गर्ल्स को भी बुलाने लगे हैं, जिससे कॉलोनी में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडराने लगा है और आम लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। समझाने गए तो हुआ विवाद, रात को हथियारों से लैस होकर पहुंचे दबंग 22 सितंबर की शाम को जब कॉलोनी के लोगों ने इस अभद्र व्यवहार का विरोध किया और उन्हें तुरंत यह सब बंद करने की हिदायत दी, तो आरोपी उल्टा उलझ पड़े और विवाद बढ़ गया। शाम के विवाद के बाद रात के समय उक्त युवक भारी संख्या में लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से लैस होकर स्थानीय निवासी के घर आ धमके। आरोपियों ने पीड़ित परिवार के मुख्य गेट पर ताबड़तोड़ हथियारों से हमला बोला और उन्हें जान से मारने की धमकियां दीं। हालांकि, समय रहते परिवार ने घर का गेट अंदर से बंद कर लिया, जिससे उनकी जान बच गई। इसके बाद आरोपी खुलेआम हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए। पुलिस में दी गई शिकायत घटना से डरे-सहमे कॉलोनीवासियों ने मामले की लिखित शिकायत स्थानीय पुलिस थाने में दी है। पीड़ितों ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और कॉलोनी में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर आगामी जांच शुरू कर दी गई है और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
जयपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह के 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल है। आरोपी सोशल मीडिया पर पुराने नोट और सिक्कों की फोटो डालकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। फेसबुक पर विज्ञापन देखकर संपर्क करने वाले लोगों को व्हाट्सऐप के जरिए पुराने नोट-सिक्कों के बदले लाखों रुपए मिलने का झांसा देते थे। गिरोह तमिलनाडु, केरल सहित कई राज्यों में लोगों को ठगी का शिकार बना रहा था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल, फर्जी बैंक चेकबुक और कार भी जब्त की है। कार्रवाई जयपुर नॉर्थ की साइबर सेल और जयालपुर थाना पुलिस ने की। पुलिस टीम ने ऐसे पकड़ा गिरोह डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा के निर्देशन में गठित टीम ने दूसरे राज्यों से जयपुर आकर ठिकाना बनाकर रह रहे संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर निगरानी शुरू की। टीम को सूचना मिली कि एक मकान में संदिग्ध लोग रह रहे हैं और उनके पास अलग-अलग राज्यों के लोग आते-जाते हैं। निगरानी के दौरान पुलिस को एक स्कॉर्पियो में दो लोगों के बंधक बनाए जाने की सूचना मिली। इसके बाद टीम ने मौके पर कार्रवाई कर आरोपियों को दबोच लिया और बंधक बनाए गए लोगों को मुक्त कराया। 1500 रुपए रजिस्ट्रेशन से शुरू होती थी ठगी डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा ने बताया कि गिरोह के सदस्य ग्राहक को पहले कंपनी में रजिस्ट्रेशन के नाम पर 1500 रुपए जमा करवाते थे। इसके बाद पुराने नोटों या सिक्कों की कीमत लाखों रुपए बताकर वीडियो और दस्तावेज भेजे जाते थे। आरोपी पुराने नोटों की डील पूरी होने से पहले 18 प्रतिशत GST, एडवांस, डिस्पैच चार्ज और अन्य शुल्क के नाम पर पीड़ित से रकम मांगते थे। पीड़ित के रुपए देने से इनकार करने पर आरोपी उसके साथ दुर्व्यवहार करते और फोन नंबर ब्लॉक कर देते थे। तमिलनाडु और केरल में फैला नेटवर्क आरोपियों ने पुलिस को बताया कि गिरोह के सदस्य तमिलनाडु, केरल और अन्य राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर इसी तरह की ठगी कर रहे थे। गिरोह में अलग-अलग भूमिकाओं में महिला और पुरुष सदस्य शामिल थे। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और देशभर में किए गए साइबर अपराधों की जानकारी जुटा रही है। मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच शुरू पुलिस ने आरोपियों के जब्त मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच शुरू कर दी है। इनके जरिए सोशल मीडिया अकाउंट, व्हाट्सऐप चैट, बैंक लेनदेन और देश के अलग-अलग हिस्सों में किए गए साइबर फ्रॉड की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में भी महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है।
मेरठ में एसएसपी ऑफिस के बाहर बुधवार दोपहर उस वक्त खलबली मच गई, जब एक महिला चाकू लेकर पहुंच गई और हाथ की नस काटकर जान देने का ऐलान कर दिया। महिला के इस कदम से मौके पर अफरातफरी मच गई। देखते ही देखते पुलिस ऑफिस के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। महिला करीब आधे घंटे तक चाकू हाथ में लेकर पुलिस को चुनौती देती रही। पुलिस ने समझने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं मानी। इसके बाद इंस्पेक्टर सिविल लाइन ने सूझबूझ दिखाते हुए महिला के हाथ से चाकू छिना और महिला को थाने भिजवा दिया। घटना बुधवार दोपहर करीब 3 बजे की है। सरधना क्षेत्र के गांव की महिला एसएसपी ऑफिस पहुंची। गेट पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने महिला को रोक दिया। उसने कहा कि वह मंगलवार को भी शिकायत लेकर आई थी लेकिन तब अफसर उठ चुके थे। वह अपनी शिकायत लेकर आई है। पुलिसकर्मियों ने समय निकलने का हवाला दिया तो वह भड़क गई। इसके बाद महिला ने हंगामा कर दिया। हाथ पर चाकू रख नस काटने का ऐलान पुलिसकर्मियों के व्यवहार से परेशान होकर महिला ने चाकू निकाल लिया। वह जोर-जोर से चिल्लाने लगी। महिला ने चाकू से अपने बाएं हाथ पर वार करने शुरू कर दिए। लोगों की भीड़ लगने लगी। सिविल लाइन पुलिस को भी सूचित किया गया। इंस्पेक्टर सिविल लाइन अरुण भाटी महिला पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और नाराज महिला को समझाने की कोशिश की। इंस्पेक्टर ने सूझबूझ से महिला की बचाई जानकरीब आधा घंटे तक पुलिस महिला को समझाने का प्रयास करती रही लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थी। आखिरकार पुलिस को अपना फार्मूला अपना पड़ा। सामने मौजूद पुलिसकर्मियों ने महिला का ध्यान भटकाना शुरू किया और इंस्पेक्टर ने झाड़ियों में घुसकर पीछे से महिला के हाथ में मौजूद चाकू झटक दिया। इसके बाद पुलिस महिला को लेकर थाने आ गई। एक महीने से युवक कर रहा परेशानमहिला का आरोप है कि विनय नाम का एक युवक काफी समय से उसे परेशान कर रहा है। आते जाते धमकी देता है। उसने मामले में पुलिस से शिकायत कर मदद की गुहार लगाई, लेकिन पुलिस में सुनवाई नहीं की। महिला के मुताबिक लगातार परेशानी से वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गई थी और इसी वजह से उसने पुलिस ऑफिस के बाहर यह कदम उठाया। महिला की कराई जा रही है डॉक्टरी इंस्पेक्टर सिविल लाइन अरुण भाटी ने बताया कि महिला बेहद परेशान दिख रही है। उसके हाथ पर चोट के निशान भी हैं। फिलहाल महिला की नौकरी कराई जा रही है। महिला के पति को सूचित कर दिया गया है। पति का कहना है कि महिला का इलाज चल रहा है। मामले से उच्चाधिकारियों का अवगत करा दिया गया है।
कानपुर कचहरी में सात सूत्रीय मांगों को लेकर वकील बुधवार को न्यायिक कार्य से विरत रहे। हड़ताल के कारण अदालतों में पूरे दिन सन्नाटा छाया रहा, इस दौरान सैकड़ों वादकारी तारीख लेकर वापस लौट गए। अधिवक्ताओं ने कचहरी परिसर में जमकर नारेबाजी की। रजिस्ट्री ऑफिस में काम बंद कराया, इसके बाद बार व लॉयर्स के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन मंडलायुक्त को सौंपा। प्रांतीय सम्मेलन में तय हुई थी रणनीती बार एसोसिएशन व लायर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में 10 व 11 सितंबर को दो दिन चले प्रांतीय सम्मेलन में अधिवक्ताओं की मांगे न माने जाने तक सप्ताह में हर बुधवार को न्यायिक कार्य बहिष्कार करने की घोषणा की गई थी। इसी घोषणा के तहत दूसरे बुधवार को भी कानपुर समेत कई जिलों में अधिवक्ताओं ने सामूहिक अवकाश रखा। टाइपिस्ट, स्टांप वेंडर व फोटोकापी की भी ज्यादातर दुकानें बंद रहीं। अदालतों में सन्नाटा छाया रहा। वादकारियों को मुकदमों में तारीख लेकर वापस लौटना पड़ा। बार एसोसिएशन कार्यालय के बाहर सुबह से ही अधिवक्ता एकत्रित होकर अधिवक्ता एकता जिंदाबाद, हमारी मांगें पूरी करो के नारे लगाते हुए एकजुटता दिखाई। इसके बाद वकीलों ने अलग-अलग समूह बनाया। एक समूह अदालतों की ओर, एक रजिस्ट्री कार्यालय और एक समूह तहसील की ओर रवाना हो गया। यहां अधिवक्ताओं ने घूम–घूम कर नारेबाजी करते हुए सभी अधिवक्ताओं से न्यायिक कार्य न करने का आह्वान किया। बार एसोसिएशन के महामंत्री बिनय मिश्रा व लायर्स एसोसिएशन के महामंत्री राजीव यादव ने संयुक्त रूप से बताया कि आंदोलन को तेज करने के लिए आगे की रणनीति बनाई जाएगी। दोपहर बाद मंडलायुक्त के विजयेंद्र पांड्यन को ज्ञापन सौंपा। महामंत्री बिनय मिश्रा ने कहा कि लगभग 10 दिन बाद भी प्रदेश सरकार या न्यायिक अधिकारियों की ओर से अधिवक्ताओं की मांगों पर कोई विचार नहीं किया गया है, जब तक समस्या का हल नहीं निकलता आंदोलन जारी रहेगा।
सीतापुर में विकासखंड पहला के प्राथमिक विद्यालय चुनका में बुधवार दोपहर करीब 3 बजे निरीक्षण के दौरान कई खामियां मिलने पर डीएम राजा गणपति आर ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। विद्यालय की टूटी और क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवाल की मरम्मत पूरी होने तक प्रधानाध्यापक और सभी शिक्षकों का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने के निर्देश दिए गए। खंड शिक्षा अधिकारी से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया है। वहीं, विद्यालय में आयोजित वीएचएसएनडी सत्र के निरीक्षण में गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण की स्थिति संतोषजनक नहीं मिलने और अभिलेखों में गंभीर त्रुटियां पाए जाने पर एएनएम के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वीएचएसएनडी सत्र में अभिलेखों की जांच डीएम ने प्राथमिक विद्यालय चुनका में आयोजित वीएचएसएनडी सत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने एआरपी और ड्यू लिस्ट रजिस्टर का अवलोकन किया। इसके साथ ही ब्लड प्रेशर मशीन, वैक्सीन और वैक्सीनेशन किट की उपलब्धता भी देखी। डीएम ने आंगनबाड़ी कार्यकत्री से पुष्टाहार वितरण की जानकारी ली और मानक के अनुसार नियमित वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आंगनबाड़ी के विभागीय अभिलेखों में त्रुटियां मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और रिकॉर्ड दुरुस्त करने के निर्देश दिए। गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण में कमी मिली गर्भवती महिलाओं के रजिस्टर की जांच के दौरान टीकाकरण की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। इसके अलावा अन्य गंभीर खामियां भी सामने आईं। इस पर डीएम ने संबंधित अधिकारी को एएनएम के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद डीएम ने विद्यालय का निरीक्षण किया। रसोईघर में पहुंचकर उन्होंने पके हुए भोजन की गुणवत्ता परखी, जो संतोषजनक मिली। उन्होंने मिड-डे-मील के मेन्यू, रसोई की साफ-सफाई, बर्तनों और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था का भी जायजा लिया। रसोइयों को यूनिफॉर्म में रहने और स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। बाउंड्रीवाल की मरम्मत कंपोजिट ग्रांट से कराने के निर्देश डीएम ने विद्यालय परिसर में शौचालय, पानी की टंकी और क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवाल का निरीक्षण किया। उन्होंने बाउंड्रीवाल की मरम्मत कंपोजिट ग्रांट से कराने के निर्देश दिए। मरम्मत पूरी होने तक प्रधानाध्यापक और सभी शिक्षकों का वेतन रोकने के निर्देश भी दिए गए। डीएम ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को फोन पर कड़ी फटकार लगाई और भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोहराए जाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. सुखरंजन समद्दर भी मौजूद रहे।
औरैया के फफूंद थाना क्षेत्र के परवाहा गांव में बुधवार दोपहर करीब 2 बजे 16 साल का छात्र अमन राठौर ने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। वह दिबियापुर के वैदिक इंटर कॉलेज में 11वीं कक्षा का छात्र था। अमन अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। सुबह स्कूल गया था अमन परिजनों के मुताबिक, अमन बुधवार सुबह स्कूल गया था। दोपहर करीब 1 बजे वह स्कूल से घर लौट आया। उस समय उसकी मां पिंकी देवी घर पर थीं। कुछ देर बाद वह खेत पर चली गईं। इसी दौरान अमन ने कमरे में फांसी लगा ली। खेत से लौटी मां तो कमरे में मिला बेटा दोपहर करीब 3 बजे पिंकी देवी खेत से घर लौटीं। उन्होंने कमरे में अमन को फंदे पर लटका देखा। यह देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने अमन को नीचे उतारा और डॉक्टर को घर बुलाया। डॉक्टर ने जांच के बाद अमन को मृत घोषित कर दिया। पिता पानीपत में करते हैं मजदूरी अमन के पिता जगरूप सिंह राठौर पानीपत में मजदूरी करते हैं। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। छात्र ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। परिजनों ने घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी। थानाध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि उन्हें घटना की कोई जानकारी नहीं मिली है। पुलिस मामले की जानकारी कर रही है।
रोहतक पुलिस ने गिरावड़ गांव में एक मजदूर की हत्या का मामला सुलझा लिया है। पुलिस ने इस वारदात में शामिल उसके साथी आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया है। मामले की जांच चल रही है। पुलिस प्रवक्ता मनीष ने बताया कि 21 सितंबर 2026 को पुलिस को सूचना मिली थी। इसमें बताया गया कि गिरावड़ गांव में रेलवे लाइन के पास एक मजदूर की हत्या हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। वहां सड़क किनारे एक व्यक्ति मृत मिला। मृतक की पहचान बिहार के पूर्ण चंपारण जिले के कोयला बेला निवासी संजय पुत्र रामचंद्र के रूप में हुई। सुनील की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। दोनों करते थे मछली पालन के सरकारी ठेके की देखभाल शुरुआती जांच में सामने आया कि संजय के साथ पूर्ण नामक व्यक्ति भी रहता था। दोनों रेलवे लाइन के पास मछली पालन के सरकारी ठेके की देखरेख करते थे। किसी बात को लेकर संजय और पूर्ण के बीच कहासुनी हो गई। कहासुनी के बाद पूर्ण ने संजय के साथ मारपीट की और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर त्रिलोचन ने की। जांच के दौरान 22 सितंबर 2026 को आरोपी पूर्ण को गिरफ्तार किया गया। पूर्ण बिहार के कोयला बेलवा गांव का रहने वाला है।
ग्रेटर नोएडा की बादलपुर पुलिस ने ऑप्टिकल फाइबर प्लास्टिक पाइप चोरी का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। इनकी निशानदेही पर चोरी के 10 बंडल ऑप्टिकल फाइबर प्लास्टिक पाइप बरामद किए गए हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई जा रही है। यह मामला 9 सितंबर का है। एक व्यक्ति ने बादलपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि रॉयल सिटी स्थित उनके गोदाम से अज्ञात चोरों ने 10 बंडल ऑप्टिकल फाइबर प्लास्टिक पाइप चुरा लिए हैं। पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर घटना के खुलासे के लिए एक टीम बनाई गई थी। बादलपुर पुलिस ने बुधवार को मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से इस चोरी का खुलासा किया। पुलिस ने अलीगढ़ निवासी नीरज कुमार और अमेठी निवासी रामबहादुर को काशीराम पार्क के पास से गिरफ्तार किया। बादलपुर थाना प्रभारी विजय गुप्ता ने बताया कि पकड़े गए चोर शातिर किस्म के हैं। वे पहले रेकी करते थे और फिर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। इन चोरों ने पहले गोदाम की रेकी की थी। उन्हें पता चला था कि यहां ऑप्टिकल फाइबर की पाइपें रखी हैं। जब उन्होंने देखा कि गोदाम पर कोई नहीं है, तो उन्होंने पाइपें चुरा लीं और एक जगह छिपा दीं। ये लोग पाइपों को बेचने की फिराक में थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। पुलिस अब इनके दूसरे आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटा रही है।
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर बड़ा हमला बोला है। केजरीवाल ने इसे आजाद भारत का सबसे बड़ा घोटाला करार देते हुए आरोप लगाया कि पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह वोटों की चोरी करके चुनाव जीत रहे हैं। केजरीवाल ने मांग की है कि वोट चोरी के सरगना मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तुरंत गिरफ्तार कर उन पर देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ सालों में हुए सभी विधानसभा चुनाव रद्द कर दोबारा कराए जाएं। ईसी की बिना मंजूरी चल रहे आदेश: केजरीवाल आगे केजरीवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार चुनाव आयोग तीन सदस्यों से बनता है और फैसले बहुमत या सर्वसम्मति से होते हैं। लेकिन ज्ञानेश कुमार अकेले ही असंवैधानिक तरीके से आयोग चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने आयोग की मंजूरी के बिना आदेश जारी होने पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सुखबीर संधू ने अक्टूबर 2025 और अप्रैल 2026 में चिट्ठी लिखकर बिना मंजूरी आधिकारिक पत्र जारी करने पर आपत्ति जताई थी। एसआईआर प्रक्रिया से काटे गए 13 करोड़ वोट केजरीवाल ने आरोप लगाया कि गैर-कानूनी तरीके से चलाए गए एसआईआर प्रोसेस के तहत देश भर में 13 करोड़ से ज्यादा लोगों के नाम वोटर लिस्ट से डिलीट कर दिए गए। कानूनन वोट जोड़ने या काटने का अधिकार सिर्फ स्थानीय एसडीएम को है, लेकिन उनसे यह अधिकार छीनकर दिल्ली में बैठे कुछ लोगों को दे दिया गया है। केजरीवाल ने मांग रखते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया को तुरंत रद्द किया जाए और फॉर्म-6 में किए गए गैर-कानूनी बदलावों को खारिज कर पुरानी वोटर लिस्ट लागू हो। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार कर देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाए। आगे केजरीवाल ने मांग रखी कि दिल्ली, बिहार समेत पिछले कुछ सालों में हुए राज्यों के चुनाव रद्द कर फिर से कराए जाएं।
उज्जैन के गेबी हनुमान मंदिर के सामने मगरमुहा गली में एक बुजुर्ग से मारपीट का मामला सामने आया है। 16 सितंबर की रात दुकान के ओटले पर सो रहे बुजुर्ग को 5 युवकों ने घेर लिया और मारपीट की थी। घटना का वीडियो 20 सितंबर को वायरल हो गया था। बुधवार को खाराकुआं पुलिस ने घटना में शामिल पांच नाबालिगों को पकड़ा है। पुलिस के मुताबिक, वीडियो और अन्य उपलब्ध सबूतों के आधार पर नाबालिगों की पहचान की गई। वायरल वीडियो में बच्चे बुजुर्ग को घेरकर परेशान करते और मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान उन्हें गाली देने और वहां से चले जाने की धमकी देने की बात भी सामने आई है। नाबालिग पहले भी कर चुके मारपीट बुजुर्ग की पहचान जगदीश पिता मुन्नालाल (65) के रूप में हुई है। वे गेबी हनुमान मंदिर के पास भीख मांगकर गुजर-बसर करते हैं। बुजुर्ग ने पुलिस को बताया कि ये नाबालिग पहले भी उनके साथ मारपीट कर चुके हैं। घटना के बाद बुजुर्ग ने खाराकुआं थाने पहुंचकर जानकारी दी। उनके पड़ोसी अशोक हाड़ा और तुषार हाड़ा ने भी उनसे पूछताछ की थी। पुलिस ने वीडियो और अन्य सबूतों के आधार पर पांचों नाबालिगों की पहचान कर उन्हें पकड़ लिया। बुजुर्ग ने आरोप लगाया कि मारपीट के बाद बच्चे उनके पास रखे रुपए भी छीनकर ले जाते थे।
झालावाड़ में 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर राजकीय जिला आयुर्वेद अस्पताल में कई कार्यक्रम हुए। इनकी शुरुआत सुबह पंचकर्म शिविर से हुई। दोपहर में भगवान धन्वंतरि का पूजन और माल्यार्पण कर कार्यक्रम शुरू किया गया। आयुर्वेद के उपनिदेशक डॉ. ओमप्रकाश शर्मा ने दीप जलाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने पंचकर्म शिविर का दौरा किया और इलाज के लिए आए मरीजों से चिकित्सा व्यवस्था और इलाज के बारे में जानकारी ली। सहायक निदेशक दुर्गालाल सस्ता ने स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर बात की। उन्होंने कहा कि नियमित दिनचर्या, संतुलित खाना, योग और व्यायाम को जीवन का हिस्सा बनाकर कई बीमारियों से बचा जा सकता है। आयुर्वेद दिवस के नोडल अधिकारी डॉ. रिंकेश कुमार यादवेंद्र ने बताया कि राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर जिले के सभी आयुर्वेद औषधालयों और अस्पतालों में मुफ्त स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। उन्होंने कहा कि बीमारी का इंतजार करने के बजाय पहले से ही स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है। तेजी से बदलती जीवनशैली, गलत खान-पान, मोटापा, शुगर, हाई ब्लड प्रेशर और मानसिक तनाव के समय में आयुर्वेद की स्वास्थ्य सुरक्षा की सोच और भी अहम हो जाती है। डॉ. यादवेंद्र ने यह भी कहा कि आयुर्वेद सिर्फ बीमारियों का इलाज नहीं करता, बल्कि स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा को भी उतना ही महत्व देता है। आयुर्वेद का मुख्य मकसद “स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणम्, आतुरस्य विकार प्रशमनम्” है, यानी स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा करना और बीमार व्यक्ति के रोगों को दूर करना। प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवल टेलर ने बताया कि स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ समाज और स्वस्थ पर्यावरण आपस में जुड़े हैं। स्वास्थ्य का मतलब सिर्फ बीमारी से मुक्त होना नहीं है, बल्कि व्यक्ति, परिवार और पर्यावरण के मिले-जुले स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना जरूरी है। इस कार्यक्रम में डॉ. रामकेश मीणा, डॉ. संदीप निर्मल, डॉ. स्नेहा रावल, कंपाउंडर चंद्रेश, अनीता भील, रामबाबू मीणा, राजवीर मीणा, परिचारक प्रेम कंवर, संजू कंवर, उपभोक्ता संचालक नीरज व्यास, अमित सोनी और प्रदीप मेरोठा सहित अस्पताल के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
एमपी में धान की सरकारी खरीदी की प्रक्रिया शुरू, 35 समितियों में 10 अक्टूबर तक पंजीयन का मौका
अंचल में किसानों को उनकी फसलों का उचित और लाभकारी मूल्य दिलाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर धान की सरकारी खरीदी की तैयारी तेज कर दी गई है।
बाल श्रम के मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार:माता-पिता को दिया कर्ज, बिना पैसे दिए करा रहे थे मजदूरी
प्रतापगढ़ जिले की धमोतर थाना पुलिस ने नाबालिग बच्चों से भेड़ चराने का बाल श्रम करवाने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इन बच्चों को कथित तौर पर एडवांस कर्ज के बदले काम पर लगाया गया था। नाबालिग बच्चे कर रहे थे भेड़ों की रखवाली पुलिस ने बताया- गायत्री सेवा संस्थान, प्रतापगढ़ के जिला समन्वयक रामचंद्र मेघवाल ने थाने में इसकी रिपोर्ट दी थी। संस्थान की टीम जब फील्ड विजिट पर थी, तब उन्हें सड़क किनारे तीन डेरे मिले। हर डेरे में एक नाबालिग बच्चा भेड़ों की रखवाली करता मिला। माता-पिता को दे रखा था कर्ज जांच में पता चला कि बच्चों के माता-पिता को पहले से कर्ज दिया गया था। इसी कर्ज के बदले बच्चों से बिना मजदूरी के भेड़ चराने का काम करवाया जा रहा था। तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार पुलिस टीम ने आरोपियों की तलाश की और 21 सितंबर को रामेश्वर रेबारी, भोपाराम रेबारी और नारायण रायका को पकड़ा। पुलिस ने पूछताछ के बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया। मामले की जांच में जुटी पुलिस यह कार्रवाई धमोतर थानाधिकारी घीसूलाल के नेतृत्व में बनी टीम ने की। इस टीम में एएसआई रेखा माली, कॉन्स्टेबल रविंद्र और कॉन्स्टेबल शंकरलाल शामिल थे। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
मेरठ में एक ग्रामीण घायल नीलगाय के बच्चे को लेकर डीएम कार्यालय पहुंच गया। युवक का आरोप है कि उसे स्थानीय पशु अस्पताल में इलाज नहीं मिला और वन विभाग ने भी फोन का जवाब नहीं दिया। इसके बाद वह बच्चे को लेकर डीएम ऑफिस पहुंचा। युवक हरिसिंह सैनी ने बताया कि वह कल शाम जंगल गया था। वहां कुत्तों का एक झुंड नीलगाय के बच्चे पर हमला कर रहा था। उन्होंने बच्चे को कुत्तों से बचाया और अपने घर ले आए। बच्चा जख्मी हो गया था। हरिसिंह ने पहले बच्चे पर हल्दी और तेल लगाया। इसके बाद वह उसे स्याना के पशु अस्पताल लेकर पहुंचे। उनका आरोप है कि वहां कोई डॉक्टर नहीं मिला और अस्पताल की हालत भी बहुत खराब थी। उन्हें लगा कि महीनों से वहां कोई डॉक्टर नहीं आया है। इलाज न मिलने पर हरिसिंह ने वन विभाग को भी फोन किया, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। कई प्रयासों के बाद भी जब बच्चे का उपचार नहीं हो पाया, तो उन्होंने उसे डीएम कार्यालय ले जाने का फैसला किया। डीएम कार्यालय पहुंचकर हरिसिंह ने अधिकारियों से नीलगाय के बच्चे के इलाज की व्यवस्था कराने की मांग की। उन्होंने बताया कि वह भावनपुर के स्वास्थ्य केंद्र भी गए थे, लेकिन वहां उन्हें बताया गया कि यह इंसानों के इलाज के लिए है।
जौनपुर में अटेवा पेंशन बचाओ मंच की बरसठी ब्लॉक इकाई का बुधवार शाम 4 बजे पुनर्गठन किया गया। इस दौरान सर्वसम्मति से नागेन्द्र प्रताप को ब्लॉक अध्यक्ष और शैलेन्द्र कुमार को महामंत्री चुना गया। सरोज यादव को महिला विंग बरसठी की अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। सभी ने पेंशन आंदोलन को मजबूत करने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम में अटेवा उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष सतेंद्र राय, प्रदेश सह संयोजक महिला विंग डॉ. यामिनी सिंह, मंडल उपाध्यक्ष रमेश चंद्र यादव और मांडलिक महामंत्री संदीप कुमार चौधरी मौजूद रहे। पुनर्गठन कार्यक्रम जिला संयोजक चंदन सिंह, जिला महामंत्री इंदु प्रकाश यादव और जिला कोषाध्यक्ष नंद लाल पुष्पक के नेतृत्व में हुआ। सुभाष सरोज, प्रमोद कुमार प्रजापति और विनोद कुमार यादव ने पुनर्गठन प्रभारी की भूमिका निभाई। पुनर्गठन के दौरान पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष रत्ती लाल निषाद को संरक्षक बनाया गया। अनुज पाण्डेय वरिष्ठ उपाध्यक्ष, कृष्ण कुमार राय कोषाध्यक्ष, सूर्यमणि और विवेक शुक्ल उपाध्यक्ष चुने गए। संतोष कुमार कैडर प्रभारी और राजीव मौर्य सह कैडर प्रभारी बने। अमरजीत यादव और राजेंद्र प्रसाद को प्रवक्ता, वीरेंद्र कुमार और जय सिंह को संगठन मंत्री, शैलेष कुमार पांडेय और अफसर अली को मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई। सुनील कुमार सोशल मीडिया प्रभारी, बसंत लाल सरोज, दिलीप प्रजापति और परमेश्वर संयुक्त मंत्री तथा रोहित कुमार प्रचार मंत्री निर्वाचित हुए। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष सतेंद्र राय ने सभी सदस्यों से 25 सितंबर को अधिक से अधिक संख्या में लखनऊ पहुंचने का आह्वान किया। मंडल उपाध्यक्ष रमेश चंद्र यादव ने एकजुट होकर पेंशन आंदोलन को मजबूत करने का संदेश दिया। कार्यक्रम में वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. श्याम सुंदर उपाध्याय, जिला उपाध्यक्ष डॉ. राजेश उपाध्याय, जिला कैडर प्रभारी टी.एन. यादव, सह कैडर प्रभारी प्रदीप चौहान, जिला आईटी सेल प्रभारी अखिलेश सिंह, डॉ. कृपा निधि यादव, प्रदीप उपाध्याय, अखिलेश यादव, शेर बहादुर और माणिक चंद्र पटेल भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला संगठन मंत्री सुभाष सरोज और जिला कोषाध्यक्ष नंद लाल पुष्पक ने किया।
बीकानेर में अणुव्रत एक्सप्रेस ट्रेन में सफर के दौरान बड़ी चोरी के मामले का खुलाया हो गया है। दरअसल, 11 सितंबर को नागपुर से नोखा आ रही महिला यात्रियों के बैग से 65-70 तोला सोने के जेवरात, चांदी और 7-8 लाख रुपए नकद चोरी हो गई थी। चोरी करने वाली हरियाणा की अंतरराज्यीय गैंग के 4 लोगों का जीआरपी थाना बीकानेर ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवरात और 5 लाख रुपए नकद बरामद किए गए हैं। वारदात में इस्तेमाल बोलेरो जब्त की गई है। नागपुर से नोखा आ रही थीं मां-बेटी, सीट के नीचे रखे थे बैग पुलिस के अनुसार, 11 सितंबर को विक्रम रमेश राजपुरोहित की माताजी और बहन अणुव्रत एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 22631 से नागपुर से नोखा के लिए रवाना हुई थीं। दोनों का रिजर्वेशन बी-1 कोच में था। उनके पास दो ट्रॉली बैग सहित 3-4 अन्य बैग थे, जिन्हें सीट के नीचे रखा गया था। यात्रा के दौरान बैग से 65-70 तोला सोने के जेवरात, चांदी की पायजेब और अन्य आभूषण और 7-8 लाख रुपए नकद चोरी हो गए। इस संबंध में 14 सितंबर को जीआरपी थाना बीकानेर में रिपोर्ट दी गई। जेवरात और 5 लाख रुपए बरामद, बाकी माल की तलाश जारी जीआरपी के अनुसार आरोपियों से चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवरात और 5 लाख रुपए नकद बरामद किए गए हैं। प्रकरण में बाकी बचे हुए माल की बरामदगी और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। चारों आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं और उनसे अन्य ट्रेन चोरी की वारदातों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। रिजर्वेशन चार्ट और तकनीकी जांच से आरोपी गिरफ्तार घटना में आरोपी की जान पहचान न होने के कारण पुलिस के सामने चुनौती थी। जीआरपी ने ट्रेनों में विशेष गश्त और निगरानी बढ़ाई। इसी तरह की वारदातों में शामिल अपराधियों का डाटा खंगाला गया और अणुव्रत एक्सप्रेस के रिजर्वेशन चार्ट का विश्लेषण किया गया। तकनीकी पहलुओं की जांच के दौरान पुलिस को गैंग के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके बाद विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए वीरेंद्र कुमार, सुरेंद्र कुमार, सुनील कुमार और रणवीर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने 6-7 सदस्यों की गैंग बनाकर ट्रेनों में चोरी करना बताया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने इस वारदात को भी अंजाम देना स्वीकार किया है। सामान गेट तक पहुंचाने के बहाने बनाते थे निशाना पुलिस के अनुसार गैंग के सदस्य मुख्य रूप से लंबी दूरी की ट्रेनों में वारदात करते थे। यात्री जब गंतव्य स्टेशन से पहले अपना सामान सीट से निकालकर गेट या गैलेरी के पास रखते थे, तब गैंग के सदस्य मदद करने के बहाने उनके आसपास पहुंच जाते थे। गैंग के कुछ सदस्य सामान को सीट से गेट तक पहुंचाने में मदद करते, जबकि अन्य सदस्य यात्रियों का ध्यान भटकाते थे। इसी दौरान बैग की चेन या लॉक को मास्टर चाबी, पेचकस, ब्लेड और अन्य औजारों से खोलकर उसमें रखे जेवरात और नकदी निकाल ली जाती थी। इसके बाद बैग को इस तरह बंद कर दिया जाता था कि यात्री को तत्काल चोरी का पता नहीं चलता। बोलेरो गाड़ी से अगले स्टेशन पर हो जाते थे फरार पुलिस के अनुसार, यदि यात्री सामान को खुद गेट के पास रख देते थे तो गैंग के सदस्य वहां खड़े होकर यह जताते थे कि उन्हें भी अगले स्टेशन पर उतरना है। इसके बाद यात्रियों के सामान के चारों ओर घेरा बनाकर चोरी की जाती थी। वारदात के बाद आरोपी अगले स्टेशन पर उतर जाते और ट्रेन के साथ चल रहे बोलेरो वाहन से फरार हो जाते थे। दो आरोपी बताए गए गैंग के सरगना पुलिस के अनुसार, वीरेंद्र कुमार उर्फ पिल्ला और सुरेंद्र कुमार गैंग के सरगना हैं। दोनों हरियाणा के रहने वाले हैं और अपने साथियों के साथ देश के अलग-अलग राज्यों में जाकर ट्रेन यात्रियों को निशाना बनाते थे। गैंग के सदस्य फर्स्ट एसी, सेकंड एसी, थर्ड एसी और स्लीपर कोच में सफर करने वाले यात्रियों के सोने-चांदी, हीरे के जेवरात और नकदी पर नजर रखते थे। चारों आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं चोरी के मामले वीरेंद्र कुमार उर्फ पिल्ला ( 42)- चोरी के 6 मामले दर्ज सुरेंद्र कुमार (46) - 6 मामले दर्ज सुनील कुमार (42)- 3 मामले दर्ज रणवीर (30)- 2 मामले दर्ज जीआरपी की यात्रियों को सलाह पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान बैग को सीट के नीचे सिक्योरिटी केबल से बांधकर लॉक रखें। कीमती सामान और नकदी अपने पास सुरक्षित रखें और अनजान यात्रियों पर सामान की जिम्मेदारी न छोड़ें। गंतव्य स्टेशन से पहले सामान को गेट के पास रखते समय विशेष सावधानी बरतें। ये खबर भी पढ़ें… ट्रेन के एसी कोच में 1 करोड़ की ज्वेलरी चोरी:मदुरई-बीकानेर एक्सप्रेस से लौट रही थी मां-बेटी, घर पहुंचने पर चला पता मदुरई-बीकानेर एक्सप्रेस के एसी कोच बी-1 में सफर कर रही मां-बेटी के बैग से 1 करोड़ रुपए की ज्वेलरी और 8 लाख कैश चोरी हो गए। मां-बेटी नागपुर में परिचित के सगाई समारोह में शामिल होकर लौट रही थी। पढ़ें पूरी खबर
बहराइच के सुजौली थाना क्षेत्र में कैलाशपुरी निवासी करिश्मा की प्रसव के बाद हुई मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। बुधवार दोपहर करीब 1 बजे मिहींपुरवा स्थित न्यू इंडिया हॉस्पिटल को सील कर दिया गया। यह कार्रवाई पीड़ित परिवार की शिकायत के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और इलाज से जुड़े बिंदुओं की जांच के आधार पर की गई। 16 सितंबर को प्रसव के लिए हुई थीं भर्ती परिजनों के अनुसार, करिश्मा को प्रसव पीड़ा होने पर 16 सितंबर को न्यू इंडिया हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जांच में उसका हीमोग्लोबिन करीब 7.7 ग्राम बताया गया। अस्पताल में ऑपरेशन के जरिए बच्ची का जन्म हुआ, लेकिन इसके बाद करिश्मा की हालत बिगड़ गई। परिजन उसे इलाज के लिए पहले बहराइच और फिर लखनऊ ले गए। मंगलवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शव लेकर अस्पताल पहुंचे परिजन महिला की मौत के बाद परिजन शव लेकर न्यू इंडिया हॉस्पिटल पहुंचे। उन्होंने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हुए उपचार और ऑपरेशन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जांच के बाद अस्पताल सील मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल की जांच शुरू की। टीम ने अस्पताल की व्यवस्थाओं, ऑपरेशन से संबंधित अनुमति और उपचार से जुड़े अन्य बिंदुओं की पड़ताल की। जांच के बाद बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल को सील कर दिया। यह कार्रवाई नोडल अधिकारी डॉ. थानेदार और सीएचसी अधीक्षक महेश कुमार विश्वकर्मा की मौजूदगी में की गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है। महिला की मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अनंत सिंह की नहीं चली, नीरज कुमार को JDU टिकट; अभिषेक, आनंद और घनश्याम MLC कैंडिडेट घोषित
बिहार विधानसभा परिषद की शिक्षक और स्नातक सीटों के चुनाव के लिए नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने चार कैंडिडेट घोषित कर दिए हैं। पटना स्नातक सीट से नीरज कुमार को अनंत सिंह के विरोध के बावजूद दोबारा टिकट मिल गया है।
हापुड़ के केयर हॉस्पिटल में डिलीवरी के दौरान एक नवजात बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि महिला को डिलीवरी के लिए भर्ती कराया गया था, लेकिन प्रसव के दौरान ही नवजात की जान चली गई। केयर अस्पताल के प्रबंधन डॉ. यूनुस ने बताया कि मरीज को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने की पूरी कोशिश की गई। उन्होंने नवजात की मौत को दुखद बताया और कहा कि अस्पताल प्रबंधन इस घटना को लेकर संवेदनशील है। डॉ. यूनुस के अनुसार, मामले से जुड़ी पूरी जानकारी मेडिकल रिकॉर्ड और इलाज प्रक्रिया के आधार पर जांची जा रही है। उन्होंने साफ किया कि अस्पताल की तरफ से किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं हुई है। अगर परिजनों की कोई शिकायत या आपत्ति है, तो अस्पताल प्रबंधन तथ्यों और रिकॉर्ड के आधार पर उसका जवाब देने को तैयार है। डॉ. यूनुस ने यह भी कहा कि अस्पताल प्रबंधन जांच में पूरा सहयोग करेगा। उनका कहना है कि घटना को लेकर किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले मेडिकल रिकॉर्ड और जांच रिपोर्ट देखना जरूरी है। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान जरूरी सावधानी नहीं बरती गई, जिससे नवजात की मौत हो गई। हंगामे की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों को शांत कराया और स्थिति को संभाला। पुलिस ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। परिजनों के आरोपों की भी जांच की जा रही है। नवजात की मौत का सही कारण और अस्पताल की लापरवाही जांच के बाद ही साफ हो पाएगी। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के आगामी चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपनी सियासी सरगर्मियां तेज कर दी हैं। चुनावी तैयारियों को धार देने के उद्देश्य से बुधवार को नालंदा जिले के बेन प्रखंड में एनडीए कार्यकर्ताओं की एक अहम बैठक आयोजित की गई। बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं सूचना जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने कार्यकर्ताओं से पूरी ताकत और एकजुटता के साथ चुनाव में जुटने का आह्वान किया। मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि चुनाव की घोषणा हो चुकी है, ऐसे में अब समय गंवाए बिना संगठन के साथी को मैदान में उतरना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव आम चुनावों से काफी अलग और विशिष्ट होता है, क्योंकि इसमें केवल स्नातक या उससे उच्च शिक्षा प्राप्त प्रबुद्ध मतदाता ही अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं। शिक्षा क्षेत्र में हुए कार्यों को बनाएं चुनावी आधार मंत्री ने कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि वे शिक्षित मतदाताओं के बीच एनडीए सरकार की नीतियों और विकास कार्यों को प्रमुखता से रखें। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार हुए हैं। स्कूलों से लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों तक बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार हुआ है। राज्य में उच्च शिक्षा हासिल करने वाले युवाओं की तादाद लगातार बढ़ी है। उन्होंने कहा कि शिक्षित समाज ही प्रगति की राह तय करता है और युवाओं को बेहतर भविष्य देता है। बूथ स्तर तक जनसंपर्क तेज करने का आह्वान श्रवण कुमार ने कार्यकर्ताओं को पंचायत और बूथ स्तर पर सक्रिय होकर सघन जनसंपर्क अभियान चलाने का टास्क सौंपा। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता स्नातक मतदाताओं से सीधा संवाद कायम करें, उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को समझें और उन्हें सरकार की जनहितैषी नीतियों से अवगत कराएं। बैठक में मौजूद एनडीए कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर एनडीए प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने का संकल्प दोहराया। बैठक में ये रहे मौजूद इस अवसर पर जदयू प्रखंड अध्यक्ष अरविंद पटेल, भाजपा प्रखंड अध्यक्ष निर्मल सिंह, हम (सेक्युलर) के प्रखंड अध्यक्ष चुन्नू मांझी के अलावा सत्येन्द्र सिंह, लक्ष्मण प्रसाद, शंभू पासवान, प्रो. भूषण, रामानुज सिंह, विजय कुमार, संतोष कुमार, लखन यादव, जीतू कुशवाहा, कुमुद कुमार, सुनील पासवान, कलीम साहब, वहाब उद्दीन, विक्रम सिंह, जितेन्द्र सिंह, जीतू मांझी, सोनम सोनाली, धुरी मांझी, शैलेन्द्र पाल और सुधीर प्रसाद सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
हिसार में जमीन की रजिस्ट्री के बाद रुपयों का भुगतान न करने और उस जमीन को आगे बेचने के आरोप में सिविल लाइन थाना पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले में धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोपों की जांच कर रही है। पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता, दुर्जनपुर गांव निवासी सुनील वर्मा और उनकी माता राजबाला ने अपनी खेती की जमीन की रजिस्ट्री 25 अक्टूबर 2024 को सुमित के नाम करवाई थी। जमीन की बिक्री 5 लाख 53 हजार रुपए में तय हुई थी। सुमित ने भुगतान के लिए चेक दिया था, लेकिन रजिस्ट्री के तुरंत बाद पैसे नहीं दिए। उसने बाद में नकद पैसे देने का भरोसा दिया था। शिकायत के मुताबिक, जब सुमित ने पैसे नहीं दिए, तो उसने 24 जनवरी 2025 को एक शपथ पत्र दिया। इसमें उसने तय समय में 5.53 लाख रुपए देने या पैसे न देने पर जमीन वापस करने का लिखित भरोसा दिया था। तय समय बीत जाने के बाद भी उसने पैसे नहीं दिए। आरोपी ने जमीन को आगे बेची जांच में पता चला कि आरोपी सुमित ने यह जमीन 30 मार्च 2026 को रजनीकांत नाम के व्यक्ति को बेच दी। रजनीकांत दुर्जनपुर का रहने वाला है। इसके बाद सुनील वर्मा और राजबाला ने मामले की सही जांच की मांग की। मामले की जांच डीएसपी सुनील कुमार ने की। शुरुआती जांच में धोखाधड़ी का अपराध पाए जाने पर सिविल लाइन थाने में केस दर्ज किया गया। इसके बाद पीएसआई रेनू कुमारी ने कार्रवाई करते हुए आरोपी सुमित को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका और सभी तथ्यों की जांच कर रही है। एसपी सिद्धांत जैन ने कहा कि संपत्ति से जुड़ी धोखाधड़ी में शामिल लोगों के खिलाफ नियमों के हिसाब से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ऑल इंडिया लायर्स यूनियन के अध्यक्ष अब्दुल जब्बार खान के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने प्रशासनिक अधिकारी को एक मांग पत्र सौंपा। यह मांग पत्र ऑल इंडिया लायर्स यूनियन की नेशनल कौंसिल की बैठक में लिए गए फैसले के तहत दिया गया। यह बैठक 16 अगस्त 2026 को कोची (केरल) में हुई थी। इसमें 23 सितंबर 2026 को राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत अधिवक्ताओं के लिए कुछ लाभों की मांग करने का निर्णय लिया गया था। यूनियन ने मांग की है कि अधिवक्ताओं को कम से कम 25 लाख रुपये का डेथ कम रिटायरमेंट बेनिफिट दिया जाए। इसके लिए एडवोकेट्स वेलफेयर फंड एक्ट 2001 में बदलाव किया जाए। इसके साथ ही, अधिवक्ताओं को हर साल कम से कम 5 लाख रुपये का मेडिकल क्लेम दिया जाए। नए अधिवक्ताओं को 5 साल तक हर महीने 10 हजार रुपये का मानदेय दिया जाए। ऑल इंडिया लायर्स यूनियन की मेरठ जिला कमेटी ने केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार, बार कौंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन और उत्तर प्रदेश बार कौंसिल के चेयरमैन से भी ये मांगें की हैं। खासकर, उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं के लिए मांग की गई है कि 30 साल की वकालत पूरी होने पर उन्हें एकमुश्त 25 लाख रुपये का डेथ कम रिटायरमेंट बेनिफिट मिले। इसके लिए उत्तर प्रदेश एडवोकेट्स वेलफेयर फंड एक्ट 1974 में जरूरी संशोधन किए जाएं। उत्तर प्रदेश के सभी अधिवक्ताओं को 5 लाख रुपये का मेडिकल क्लेम देने और नए अधिवक्ताओं को 10 हजार रुपये प्रति माह मानदेय देने के लिए एडवोकेट्स एक्ट 1961 और बार कौंसिल के नियमों में बदलाव करने की भी मांग की गई है।
बड़वानी जिले की पानसेमल जनपद में सोमवार को रद्द हुए दिव्यांग उपकरण वितरण शिविर के बाद बुधवार को दोबारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विधायक श्याम बर्डे ने वयोश्री और एडीप योजना के तहत चयनित दिव्यांगजनों और वरिष्ठजनों को 82 सहयोगी उपकरण वितरित किए। रोजमर्रा के काम में मिलेगी सुविधा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की वयोश्री और एडीप योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को उपकरण दिए गए। इनका उद्देश्य जरूरतमंदों के रोजमर्रा के काम आसान करना है। कार्यक्रम में मौजूद लाभार्थियों ने उपकरण मिलने पर सरकार और प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें दैनिक कामकाज में सुविधा मिलेगी। सोमवार को रद्द हुआ था शिविर इससे पहले सोमवार को निर्धारित उपकरण वितरण शिविर रद्द हो गया था। उस समय पहुंचे दिव्यांगजन और वरिष्ठजन बिना उपकरण लिए वापस लौट गए थे। जनपद अध्यक्ष शिला विनोद वसावे ने इसे लेकर नाराजगी जताई थी। विधायक बोले- बाइक रैली में व्यस्त थे विधायक श्याम बर्डे ने बताया कि वे वडनगर से वाराणसी जा रही बाइक रैली में व्यस्त थे। उनके मुताबिक, उन्हें शिविर की जानकारी नहीं मिली थी, इसलिए वे सोमवार के कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। बुधवार को हुए कार्यक्रम में संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में लाभार्थी मौजूद रहे।
इंदौर में अवैध बैनर-पोस्टर का मामला गरमा रहा है। प्रहलाद पांडेय के बाद अब उनकी पत्नी संगीता पांडेय बुधवार को अनशन पर बैठ गई। प्रहलाद पांडेय रीगल चौराहे स्थित गांधी प्रतिमा पर अनशन पर हैं। वहीं उनकी पत्नी संगीता नगर निगम के गेट के बाहर अनशन पर बैठ गई है। उन्होंने अवैध होर्डिंग,बैनर-पोस्टर को लेकर निशाना साधा और कहा कि अधिकारी अपने कर्तव्यों का पालन करें। नगर निगम के गेट पर पत्नी का भी अनशन शुरू बुधवार को प्रहलाद पांडेय की पत्नी संगीता पांडेय का भी अनशन शुरू हो गया है। वह नगर निगम के गेट पर हाथ में बैनर लेकर बैठी है। बैनर पर लिखा है अवैध बैनर पोस्टर हटाओ इंदौर को स्वच्छ बनाओ। उनके इस अनशन को कई लोगों का स्पोर्ट भी मिल रहा है। एक तरफ जहां गांधी प्रतिमा पर उनके पति का रीगल चौराहे स्थिति गांधी प्रतिमा पर 8 दिनों से अनशन कर रहे है। वहीं अब उनकी पत्नी भी अनशन पर बैठ गई हैं। अब वह भी तब तक अनशन पर रहेंगी जब तक नगर निगम कोई ठोस कार्रवाई नहीं करती। 24 घंटे का दिया था अल्टीमेटम संगीता पांडेय मंगलवार को नगर निगम पहुंची थी और आवेदन देकर 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। 24 घंटे बीतने के बाद भी अवैध होर्डिंग, बैनर-पोस्टर पर ठोस कार्रवाई नहीं होने पर वह बुधवार को शांतिपथ चौराहे के समीप नगर निगम के गेट पर अनशन पर बैठ गई। उन्होंने कहा - पति प्रहलाद को गांधी प्रतिमा के नीचे अनशन पर बैठे आज 8वां दिन है। सात किलो वजन कम हो गया, शुगर लेवल भी डाउन हो रही है। उनका सेहत पर भी असर हो रहा है। इसलिए निगम में आवेदन दिया, मगर कुछ नहीं हुआ। हमें आश्वासन और वादे नहीं कार्रवाई चाहिए। वे बोली अधिकारी हाई कोर्ट के आदेश का पालन करें, अंतरात्मा को जगाए। आप कानून के पालन के लिए हैं। प्लीज अपने कर्तव्यों का निर्वहन कीजिए। पत्नी बोली-पति को कुछ हुआ तो ये जिम्मेदार उन्होंने कहा कि पति की जान दांव पर लगी है, अगर उन्हें कुछ होता है तो इसके जिम्मेदार महापौर, नगर निगम कमिश्नर और कलेक्टर होंगे। वो जनप्रतिनिधि होंगे जिसमें फोटो लगे है। कोई वीआईपी आता है तो रातों रात सब क्लीन कर दिया जाता है। जब तक कार्रवाई नहीं होती हम अनशन पर बैठेंगे। अगर निगम ठोस कार्रवाई करती है तो हमारा अनशन खत्म हो जाएगा। हमारी मांग वहीं है कि अवैध स्वागत द्वार, बैनर, पोस्टर लगे है उनको हटाया जाए।
जमीन के विवाद में घायल हुई महिला की दूसरे दिन इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद महिला के परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाया है। जानकारी के अनुसार, नागौर जिले में रियांबड़ी के डोडियाना गांव में जमीन के विवाद में मंगलवार को 2 पक्ष भिड़ गए थे। इसमें पक्ष ने प्रकाश देवी बावरी (52) पत्नी महावीर निवासी डोडियाना को कैंपर से टक्कर मार दी। गंभीर हालत में महिला को हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां आज उसने दम तोड़ दिया। मृतका के पति महावीर पुत्र सुखदेव ने 23 सितंबर को पादूकलां थाने में शिकायत दी। बताया- परिवार का जमीन को लेकर दूसरे पक्ष से पहले से विवाद चल रहा था। खेत में ज्वार की फसल बोई हुई थी। 22 सितंबर को दूसरे पक्ष के लोग फसल काटने के लिए खेत में पहुंचे थे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। विरोध करने पर मारपीट का आरोपशिकायत में पप्पूराम पुत्र छगनाराम, हेमराज पुत्र छगनाराम और छगनाराम सहित अन्य लोगों पर खेत में पहुंचकर फसल काटने और विवाद करने का आरोप लगाया गया है। परिवादी का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान पप्पूराम पर कैंपर गाड़ी से लोगों को टक्कर मारने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के अनुसार, कैंपर की चपेट में आने से प्रकाश देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के दौरान परिवार के अन्य लोग वहां से हट गए, जबकि प्रकाश देवी गिर गई थीं। थांवला से अजमेर किया रेफरपरिजन गंभीर हालत में प्रकाश देवी को इलाज के लिए थांवला के सरकारी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। जहां से उन्हें अजमेर के जेएलएन हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। यहां आज प्रकाश देवी की मौत हो गई। थानाधिकारी बोले- जांच शुरू कर दीपादूकलां थानाधिकारी देवीलाल ने बताया- शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पोस्टमॉर्टम सहित जरूरी कानूनी कार्रवाई पूरी की जा रही है।
बैतूल शहर की व्यस्त लिंक रोड को चौड़ा करने की तैयारी तेज हो गई है। बुधवार को प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने सड़क का निरीक्षण किया। चौड़ीकरण के लिए जगह की पहचान शुरू की। इस दौरान सड़क के दायरे में आने वाले अतिक्रमण भी हटाए गए। कार्रवाई एसडीएम अभिजीत सिंह की देखरेख में हुई। प्रशासनिक टीम ने सड़क की अभी की स्थिति और चौड़ीकरण के लिए जरूरी हिस्से को तय किया। करीब तीन महीने पहले भी प्रशासन ने इस रास्ते पर पक्के अतिक्रमण हटाए थे। लिंक रोड शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक है। सड़क के दोनों ओर अस्पताल, कोचिंग क्लासेस, बैंक, रेस्टोरेंट और मॉल हैं। इस वजह से दिनभर यहां गाड़ियों की आवाजाही बनी रहती है। सड़क चौड़ी होने से ट्रैफिक का दबाव कम होने और आवाजाही आसान होने की उम्मीद है। 7 करोड़ की लागत से बन रही लिंक रोड लिंक रोड का निर्माण करीब 7 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है। निर्माण की धीमी गति को लेकर PWD विभाग ठेकेदार को नोटिस भी जारी कर चुका है। सड़क पर ज्यादा ट्रैफिक होने के कारण कई जगह कंक्रीट का काम रात में किया जा रहा है, ताकि दिन के समय आवाजाही पर ज्यादा असर न पड़े। जगह की पहचान होने के बाद अब सड़क चौड़ीकरण और निर्माण का अगला चरण आगे बढ़ेगा। प्रशासन की इस कार्रवाई से लिंक रोड के लंबे समय से चल रहे निर्माण में तेजी आने की उम्मीद है।
शेखपुरा में शराबबंदी के बावजूद शराब के नशे में घरेलू हिंसा का मामला सामने आया है। अरियरी थाना क्षेत्र के तोड़ल बीघा गांव में मंगलवार को एक व्यक्ति ने शराब के नशे में अपनी पत्नी पर कुदाल से हमला कर दिया। हमले में महिला के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि बचाव के दौरान उसके हाथ की एक उंगली भी कट गई। घटना के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया। खाना बना रही थी महिला, तभी पहुंचा पति घायल महिला की पहचान तोड़ल बीघा गांव निवासी कैलाश चौहान की पत्नी शीला देवी के रूप में हुई है। महिला के बेटे कुलदीप कुमार के मुताबिक, उसकी मां घर में खाना बना रही थी। इसी दौरान उसके पिता कैलाश चौहान शराब के नशे में घर पहुंचे। सिर पर कुदाल से किया हमला कुलदीप के अनुसार, घर पहुंचने के बाद कैलाश चौहान ने कुदाल से शीला देवी के सिर पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से महिला गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ी। बचाव में आगे किया हाथ, उंगली कटी हमले से बचने के लिए शीला देवी ने अपना हाथ आगे कर दिया। इसी दौरान कुदाल की चोट उनके हाथ पर लगी और उनकी एक उंगली कट गई। महिला के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद घर में हंगामा होने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों की भीड़ जुटती देख आरोपी कैलाश चौहान वहां से फरार हो गया। इसके बाद ग्रामीणों ने घायल महिला को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। आवेदन मिलने पर होगी कानूनी कार्रवाई सदर अस्पताल में शीला देवी का इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलने के बाद मामले को लेकर पुलिस भी कार्रवाई में जुटी है। अरियरी थानाध्यक्ष राजकुमार शाह ने बताया कि घटना को लेकर आवेदन मिलने के बाद मामले की जांच की जाएगी। जांच के आधार पर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शामली में बुधवार दोपहर 3 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में जिला गंगा समिति और जिला पर्यावरण समिति की मासिक बैठक हुई। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) बृजेन्द्र शुक्ल ने कृष्णी नदी में अनुपचारित सीवेज जाने से रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने नालों की टैपिंग और नदी की जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी पर जोर दिया। नालों की टैपिंग और फिल्टर चैंबर के काम में तेजी लाने के निर्देश बैठक में नदी संरक्षण, जल प्रदूषण, सीवेज प्रबंधन, ठोस कचरा निस्तारण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कामों की समीक्षा की गई। सीडीओ ने कृष्णी नदी और उसमें गिरने वाले नालों की नियमित निगरानी करने को कहा। उन्होंने नालों की टैपिंग, फिल्टर चैंबर, सिल्ट कैचर और डब्ल्यूएसपी से जुड़े कामों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। सीडीओ ने साफ कहा कि नदी में किसी भी तरह का अनुपचारित सीवेज या ठोस कचरा नहीं पहुंचना चाहिए। इसके लिए संबंधित विभागों को जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। आरआरसी सेंटरों का होगा भौतिक सत्यापन सीडीओ ने ग्राम पंचायतों में बने आरआरसी सेंटरों का भौतिक सत्यापन कराने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि जो सेंटर अभी संचालित नहीं हो रहे हैं, वहां जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर उन्हें जल्द शुरू कराया जाए। एमआरएफ सेंटरों के सही संचालन और ठोस कचरे के उचित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया। नदी के पानी के नमूनों की नियमित जांच होगी कृष्णी नदी की जल गुणवत्ता की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को नियमित रूप से नदी के पानी के नमूने लेकर जांच कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रदूषण के स्रोतों की पहचान कर सुधार के कदम उठाने को कहा गया। स्थापित एसटीपी की कार्यशीलता और उपचारित पानी की गुणवत्ता की भी नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए। सिंगल यूज प्लास्टिक पर अभियान तेज करने को कहा सीडीओ ने सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने जागरूकता के साथ नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। जैव चिकित्सा अपशिष्ट का नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित कराने और प्रदूषणकारी औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने के निर्देश भी दिए। स्कूलों और गांवों में होंगे जागरूकता कार्यक्रम विद्यालयों और ग्राम पंचायतों में गंगा, स्वच्छता, पर्यावरण और जैव विविधता संरक्षण को लेकर लगातार जागरूकता कार्यक्रम कराने को कहा गया। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग की प्रगति और किए गए कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की। सीडीओ ने सभी संबंधित विभागों को बैठक में दिए गए निर्देशों पर की गई कार्रवाई की अनुपालन आख्या समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
संगरूर जिले में मोहनजीत को न्याय दिलाने के लिए बनी 21 सदस्यीय कमेटी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास के पास प्रदर्शन किया। कमेटी ने 21 तारीख को स्वर्ण मंदिर में प्रार्थना की थी। इसके बाद 22 तारीख से मुख्यमंत्री के संगरूर आवास के बाहर लगातार प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। हालांकि 22 तारीख को जब कमेटी के सदस्य प्रदर्शन करने पहुंचे तो पुलिस प्रशासन ने उन्हें हिरासत में ले लिया और बाद में छोड़ दिया। मंगलवार शाम को लिया फिर प्रदर्शन का फैसला इसके बाद मंगलवार शाम को ही कमेटी की बैठक हुई। इसमें ऐलान किया गया कि चाहे सरकार या प्रशासन अनुमति दे या न दे वे लगातार मुख्यमंत्री के घर के बाहर प्रदर्शन करेंगे। कमेटी ने तय किया कि मोहनजीत सिंह सेरो और गुलजार सिंह के परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर दिन 31 या 51 सदस्य मुख्यमंत्री के घर के पास प्रदर्शन करेंगे। इसी कड़ी में बुधवार को 21 सदस्यीय कमेटी ने मुख्यमंत्री के आवास से कुछ दूरी पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।
लखीमपुर खीरी में भारतीय किसान संघ, अवध प्रांत ने बुधवार को DM को एक ज्ञापन दिया। इसमें जिले की क्षेत्रीय और जनसुविधाओं से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की गई। ज्ञापन में ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने की मांग की गई है। किसान संघ ने बताया कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी कई गांव स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, परिवहन, बिजली और सिंचाई जैसी सुविधाओं का सामना कर रहे हैं। इसका सीधा असर किसानों, मजदूरों, विद्यार्थियों, महिलाओं और ग्रामीण परिवारों पर पड़ रहा है। ज्ञापन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में डॉक्टरों, दवाओं, जांच सुविधाओं और पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था करने की मांग की गई। साथ ही, एंबुलेंस सेवाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पैथोलॉजी और प्राथमिक जांच की सुविधाएं बढ़ाने की भी मांग की गई। इसके अलावा, ग्रामीण स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक, भवन, पीने का पानी, शौचालय, बिजली और फर्नीचर की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई। दूरदराज के इलाकों में डिग्री कॉलेज, कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा के मौके बढ़ाने की भी बात कही गई। किसान संघ ने इन सभी समस्याओं का समय पर समाधान करने की मांग की है।
इंदौर के पाटनीपुरा पर गिरा गणेश उत्सव का होर्डिंग:वाहन के टकराने से हुआ हादसा, बाल-बाल बचे लोग
पाटनीपुरा मेनरोड पर बुधवार दोपहर गणेश उत्सव के आयोजन के लिए लगाया गया बड़ा होर्डिंग अचानक गिर गया। बताया गया कि इसकी चपेट में कुछ लोग आए, हालांकि किसी को गंभीर चोट नहीं आई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, श्रेय शर्मा नाम के युवक को मामूली चोट आई, जिसे परिजन निजी अस्पताल लेकर गए। जानकारी के मुताबिक गोल स्कूल में होने वाले गणेश चतुर्थी आयोजन के लिए मेनरोड पर बड़ा गेट और होर्डिंग लगाया गया था। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि संभवत: किसी वाहन के टकराने से होर्डिंग गिरा। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने होर्डिंग हटाया। मामले में एमआईजी थाने पर किसी तरह की शिकायत या सूचना पहुंचने की जानकारी नहीं है। दंपती धरने पर बैठे होर्डिंग को लेकर पिछले कुछ दिनों से प्रहलाद पांडे और उनकी पत्नी धरने पर बैठे हैं। उनका आरोप है कि होर्डिंग अवैध तरीके से लगाया गया है। इसे लेकर उन्होंने नगर निगम कमिश्नर और कलेक्टर से भी शिकायत की थी। यह आयोजन दो नंबर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रमेश मेंदोला द्वारा कराया जाता है।श्रेय के पिता राजेश ने बताया कि बेटा चौराहे पर सामान लेने गया था। यहां से वह रोड नंबर 28 पर अपने घर वापस आ रहा था। श्रेय को कंधे के पीछे ओर सिर पर चोट आई है। निजी अस्पताल मे उसका सिटी स्केन कराया है। श्रेय के परिवार का सांउड लगाने का काम है।
हरियाणा के फरीदाबाद में आईएमटी क्षेत्र के गांव सोतई में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे किसानों को बुधवार शाम पुलिस ने मौके से हटा दिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस और किसानों के बीच खींचतान हुई। किसानों ने पुलिस पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया है। वहीं प्रशासन ने लाठीचार्ज से इनकार किया है। अधिकारियों के अनुसार किसानों को बस में बैठाकर मौके से हटाया जा रहा था, इसी दौरान हुई खींचतान में कुछ लोगों को चोट लगी। 33 दिनों से बैठे किसानों का कहना है कि वे पिछले 33 दिनों से मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। उनका आरोप है कि जमीन पर उनका कब्जा है और वे लंबे समय से यहां खेती करते आ रहे हैं। किसानों की मांग है कि पहले उन्हें जमीन का मुआवजा दिया जाए, इसके बाद ही निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाए। किसानों ने लाठीचार्ज का लगाया आरोप किसानों के अनुसार मंगलवार को पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और धरना समाप्त करने को कहा। किसानों के विरोध करने पर उन्हें वहां से हटाया गया। किसानों ने आरोप लगाया कि इस दौरान पुलिस ने बल प्रयोग और लाठीचार्ज किया, जिसमें कई किसान घायल हुए। उपलब्ध रिपोर्टों में घायलों की संख्या अलग-अलग बताई गई है। एक रिपोर्ट में सात किसानों के चोटिल होने की बात कही गई है। प्रशासन ने लाठीचार्ज से किया इनकार बल्लभगढ़ के एसडीएम मयंक भारद्वाज ने लाठीचार्ज से इनकार किया है। उनका कहना है कि किसानों को बस में बैठाकर वहां से हटाया जा रहा था और इसी दौरान खींचतान हुई। कार्रवाई के दौरान करीब 20 किसानों को हिरासत में लिए जाने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस मौजूदगी में शुरू हुआ निर्माण बुधवार को सोतई में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। एनएचएआई की ओर से करीब 680 मीटर जमीन पर कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। जमीन के मुआवजे और मालिकाना हक से जुड़ा विवाद किसानों तथा प्रशासन के बीच पहले से चल रहा है।
सतना के तिघरा मोड़ पर बुधवार दोपहर डेढ़ बजे ट्रक ड्राइवर के अचानक ब्रेक लगाने पर ऑटो पीछे से जा घुसा। घटना में ऑटो चालक की मौके पर ही मौत हो गई। एक शराबी युवक को बचाने के लिए ट्रक चालक ने अचानक ब्रेक लगाए, जिससे पीछे से आ रहा ऑटो ट्रक में जा घुसा। टक्कर इतनी तेज थी कि ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में नजीराबाद निवासी 30 वर्षीय ऑटो चालक अकरम खान की मौके पर ही मौत हो गई। खबर मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। घटना की चार तस्वीरें… बताया जा रहा है कि अकरम अपने ऑटो क्रमांक MP 19 R 2484 में प्लाई लोड कर सतना से मैहर जा रहा था। तिघरा मोड़ के पास यह घटना हुई। सीसीटीवी में कैद हुई घटनाहादसे का CCTV फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में दिख रहा है कि सड़क पर अचानक एक युवक के आने पर ट्रक ने ब्रेक लगाए और पीछे से आ रहा ऑटो उससे टकरा गया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस CCTV फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर हादसे की जांच कर रही है।
शेखपुरा जिला अधिवक्ता संघ ने ऐलान किया है कि वे जमुई में नाबालिग के साथ हुए अपराध के आरोपियों की वकालत नहीं करेंगे। जमुई में हुई इस घटना को लेकर शेखपुरा में भी लोगों में गुस्सा देखा जा रहा है। शेखपुरा के अधिवक्ताओं ने जमुई जिला के अधिवक्ताओं के साथ एकजुटता दिखाई है। जमुई जिला अधिवक्ता संघ ने पहले ही फैसला लिया था कि वे सभी आरोपियों की पैरवी कोर्ट में नहीं करेंगे। साहसिक फैसले के लिए धन्यवाद दिया इस संबंध में शेखपुरा जिला अधिवक्ता संघ के महासचिव विनोद कुमार सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि संघ ने जमुई में नाबालिगों के साथ हुए अपराध की कड़ी निंदा की है। उन्होंने यह भी कहा कि वे बदमाशों के खिलाफ कोर्ट में काम नहीं करेंगे। विनोद कुमार सिंह ने मीडिया से बात करते हुए जमुई जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष और महासचिव को उनके इस साहसिक फैसले के लिए धन्यवाद दिया। पोस्ट को शेयर, कमेंट या लाइक न करने की सलाह उन्होंने बताया कि जमुई शेखपुरा का पड़ोसी जिला है, इसलिए बदमाश यहां के अधिवक्ताओं से संपर्क कर सकते हैं। लेकिन सभी अधिवक्ता जमुई के अधिवक्ताओं के समर्थन में एकजुट हैं। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद जमुई पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए सभी बदमाशों को पकड़ लिया है। उन्होंने मीडिया के जरिए लोगों को सलाह दी कि वे सोशल मीडिया पर नाबालिग से जुड़े किसी भी पोस्ट को शेयर, कमेंट या लाइक न करें। उन्होंने कहा कि नाबालिग की पहचान उजागर करना अपराध है और ऐसा करने पर जेल हो सकती है।
महराजगंज के पनियरा थाना क्षेत्र की एक महिला अपने 5-7 बच्चों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची और परिवार की जमीन में हिस्सा दिलाने की गुहार लगाई। ग्राम सभा कमता बुजुर्ग की निवासी रिंकी चौहान ने आरोप लगाया कि उनके ससुर परिवार की जमीन में उन्हें और उनके पति को हिस्सा नहीं दे रहे हैं। जमीन में अपना हक मांगने पर उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महिला ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच कराने और नियमानुसार जमीन में उनका हिस्सा दिलाने की मांग की है। बच्चों के साथ डीएम कार्यालय पहुंची रिंकी रिंकी चौहान अपने 5-7 बच्चों के साथ डीएम कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने प्रशासन के सामने अपनी समस्या रखी और परिवार की जमीन में हिस्सा दिलाने की मांग की। रिंकी ने बताया कि वह ग्राम सभा कमता बुजुर्ग की स्थायी निवासी हैं। उनका कहना है कि जमीन को लेकर परिवार में विवाद की स्थिति बनी हुई है। ससुर पर हिस्सा नहीं देने का लगाया आरोप रिंकी चौहान का आरोप है कि उनके ससुर परिवार की जमीन में उन्हें और उनके पति को हिस्सा नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जमीन में अपना हिस्सा मांगने पर उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महिला ने प्रशासन से मामले की वास्तविक स्थिति की जांच कराने की मांग की है। कहा- जमीन में हक मांगना पड़ रहा भारी शिकायतकर्ता के मुताबिक, परिवार की जमीन में अपना अधिकार मांगने के बाद से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने डीएम के सामने अपनी बात रखते हुए कहा कि मामले की जांच कराकर उन्हें नियमानुसार उनका अधिकार दिलाया जाए, ताकि विवाद का समाधान हो सके। ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग रिंकी ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि जमीन से संबंधित दस्तावेजों और पारिवारिक हिस्सेदारी की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। इसके बाद नियम के अनुसार कार्रवाई करते हुए उन्हें उनका हिस्सा दिलाया जाए। प्रशासन से न्याय की उम्मीद महिला ने कहा कि उन्हें प्रशासन से न्याय मिलने की उम्मीद है। उनका कहना है कि वह अपने परिवार और बच्चों के साथ समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों के पास पहुंची हैं। अब उनकी शिकायत पर प्रशासन की ओर से जांच और कार्रवाई का इंतजार है। जांच के बाद ही साफ होगी जमीन की स्थिति जमीन में हिस्सेदारी को लेकर लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। रिंकी चौहान ने डीएम से मामले की जांच कराने और नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल शिकायत के बाद प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।
संभल के बहजोई में भारतीय किसान संघ ने बुधवार को किसानों और ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। काली मंदिर स्थित पार्क में दोपहर 12:30 बजे से 3 बजे तक चले प्रदर्शन में किसानों ने खाद, बिजली, सिंचाई, फसल मूल्य, आवारा पशु और राजस्व संबंधी समस्याएं उठाईं। प्रदर्शन के बाद संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को 17 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर मांगों का जल्द समाधान कराने की मांग की। समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी प्रांत संगठन मंत्री चौधरी सुनील कुमार ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। खाद, बिजली, सिंचाई, फसल के उचित मूल्य, आवारा पशु और राजस्व संबंधी मामलों को लेकर किसानों को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि समस्याओं का समय से समाधान नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन को और व्यापक करेगा। प्रदेश उपाध्यक्ष गुलवीर सिंह ने कहा कि भारतीय किसान संघ किसानों की मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। किसान सम्मान निधि में 6 हजार रुपए अतिरिक्त देने की मांग ज्ञापन में उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना लागू कर किसानों को सालाना 6 हजार रुपए अतिरिक्त देने की मांग की गई। गुन्नौर, जुनावई और रजपुरा क्षेत्र में नई अनाज मंडियां स्थापित करने तथा गुन्नौर चौराहे पर लगने वाली सब्जी मंडी को बबराला मंडी परिसर में स्थानांतरित करने की मांग भी रखी गई। किसानों ने खाद के साथ जबरन अन्य उत्पाद बेचने की व्यवस्था पर रोक लगाने की भी मांग की। गन्ने का भाव 700 रुपए और दूध के दाम तय करने की मांग किसानों ने गन्ने का लाभकारी मूल्य 700 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित करने की मांग की। इसके अलावा गाय के दूध का न्यूनतम मूल्य 100 रुपए और भैंस के दूध का 140 रुपए प्रति लीटर तय करने की मांग रखी गई। गोवंश पालने वाले किसानों को 100 रुपए प्रति पशु प्रतिदिन सहायता देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। किसानों ने आवारा पशुओं और नीलगाय की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की। KCC की सीमा 5 लाख करने समेत अन्य मांगें ज्ञापन में सिंचाई के बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया आसान करने, लंबित अंश निर्धारण और नामांतरण के मामलों का निस्तारण करने की मांग की गई। किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के ऋण को ब्याज मुक्त करने और इसकी सीमा 5 लाख रुपए करने की मांग भी रखी। इसके अलावा हर ग्राम पंचायत में आधार केंद्र खोलने, जलभराव वाले गांवों में पक्के नाले बनाने, आलू भंडारण पर सब्सिडी देने और जैविक खेती को बढ़ावा देने समेत अन्य मांगें भी उठाई गईं। ये पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद इस दौरान प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष महिपाल सिंह, जिला मंत्री भूपेंद्र सरस्वत, चौधरी नरेंद्र सिंह, राघवेंद्र, अखिलेश राघव, मनदीप, जुग्नेश राघव, हिमांशु त्यागी और जयदेव सिंह समेत अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
श्री मुक्तसर साहिब के लंबी विधानसभा क्षेत्र में बठिंडा की सांसद हरसिमरत कौर बादल की अगुवाई में 'माताओं और बेटियों के लिए न्याय मार्च' निकाला गया। यह मार्च पंजाब सरकार के खिलाफ था। इसका मकसद राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था और युवाओं में बढ़ती नशे की लत के खिलाफ आवाज उठाना था। हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था के हालात खराब हो गए हैं। युवा नशे की लत में फंसते जा रहे हैं और रोज अपनी जान गंवा रहे हैं। उन्होंने माताओं और बेटियों से इस सरकार को सत्ता से हटाने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया, ताकि युवा पीढ़ी को बचाया जा सके। सांसद बादल ने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव के दौरान किए गए एक भी वादे को पूरा नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की लत से बचाने और प्रभावित माताओं-बेटियों को न्याय दिलाने की तुरंत जरूरत है। जो माताएं कभी अपने बेटों की भलाई के लिए प्रार्थना करती थीं, वे अब दुखद दिन देखने को मजबूर हैं। हरसिमरत ने बताया कि यह समस्या सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि हर गांव के हर घर की है। गांवों में युवा नशे की लत में फंसे हुए हैं। सरकार के बड़े दावों के बाद भी, गांवों में 'चिट्टा' जैसे सिंथेटिक ड्रग्स खुलेआम बेचे जा रहे हैं। सरकार को ज्ञापन भेजेगा अकाली दल उन्होंने कहा कि प्रशासन के माध्यम से सरकार को एक ज्ञापन दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य माताओं और बेटियों के लिए न्याय की मांग करना और उनकी बात अधिकारियों तक पहुंचाना है। बादल ने यह भी कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ गई है। उन्होंने बताया कि रोज हत्याएं और गुंडागर्दी की घटनाएं हो रही हैं, जिससे बड़ी संख्या में युवाओं की जान जा रही है। इसके अलावा, अगर कोई मुख्यमंत्री से सवाल करता है, तो उसे मारपीट और बेइज्जती झेलनी पड़ती है।
अमेठी के नए डीएम शशांक चौधरी ने पदभार संभालते ही काम शुरू कर दिया है। उन्होंने आज दोपहर जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने अस्पताल परिसर में गंदगी देखी। इस पर उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अस्पताल में बेहतर साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए। डीएम ने ओपीडी, डायलिसिस सेंटर और पैथोलॉजी सेंटर का भी जायजा लिया। उन्होंने मरीजों और उनके तीमारदारों से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के बारे में भी पूछा। डीएम दोपहर करीब तीन बजे अस्पताल पहुंचे थे। डीएम शशांक चौधरी ने कहा कि जिला अस्पताल में जो भी कमियां हैं, उन्हें ठीक करने के निर्देश सीएमएस और सीएमओ को दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के बाद महिलाओं को शौचालय जाने में दिक्कत होती है, इसलिए टॉयलेट में वेस्टर्न टॉयलेट लगवाने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, उन्होंने एनएचएम फंड से जुड़े कामों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। डीएम ने साफ किया कि अगले निरीक्षण तक सभी व्यवस्थाएं ठीक मिलनी चाहिए। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आने वाले दिनों में जिला अस्पताल में मरीजों से संबंधित सभी सुविधाएं पूरी कर ली जाएंगी। डीएम ने सीएमओ और सीएमएस को व्यवस्थाएं ठीक करने के कड़े निर्देश दिए।
पलवल में एनसीबी ने अरेस्ट किया नशा तस्कर:बैग में छिपाकर ले जा रहा था गांजा, सवारी का कर रहा इंतजार
हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एचएसएनसीबी) की फरीदाबाद यूनिट ने एक नशा तस्कर को 3 किलो 28 ग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी होडल के अग्रसेन चौक से हुई, जहां आरोपी बैग में गांजा छिपाकर ले जा रहा था। यूनिट इंचार्ज इंस्पेक्टर संग्राम सिंह ने बताया कि उनकी टीम नशे की रोकथाम के लिए गश्त कर रही थी। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि पलवल के गांव पहाड़ी निवासी भीम सिंह गांजा बेचने का काम करता है। वह अग्रसेन चौक पर बैग में गांजा लेकर किसी साधन का इंतजार कर रहा है। सूचना मिलते ही टीम तुरंत अग्रसेन चौक पहुंची। मुखबिर के बताए हुलिए के आधार पर टीम ने वहां खड़े व्यक्ति की पहचान की। पूछताछ में उसकी पहचान भीम सिंह के रूप में हुई, जिसके बाद उसे काबू कर लिया गया। काले बैग में छिपाया गांजा पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपनी पीठ पर काले रंग का बैग लिए हुए था। बैग की तलाशी लेने पर उसमें एक सफेद प्लास्टिक थैली में गांजा मिला। डिजिटल कांटे से वजन करने पर गांजे की कुल मात्रा 3 किलो 28 ग्राम पाई गई। पुलिस ने गांजे के साथ आरोपी का बैग भी सबूत के तौर पर जब्त कर लिया है। इस मामले में पलवल के होडल थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। इंस्पेक्टर संग्राम सिंह ने बताया कि पुलिस आरोपी से गांजे की सप्लाई के स्रोत, संभावित खरीदारों और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि यदि उनके आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री, सप्लाई या तस्करी की जानकारी हो तो इसकी सूचना पुलिस या संबंधित विभाग को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। नशे के खिलाफ अभियान में आमजन की भागीदारी जरूरी है।
मुजफ्फरनगर के नई मंडी कोतवाली क्षेत्र में श्री बालाजी (मंडी समिति) रोड स्थित एसडी मैनेजमेंट कॉलेज में सुरक्षा गार्ड के व्यवहार को लेकर छात्रों में नाराजगी सामने आई। छात्र के साथ कथित अभद्रता के विरोध में छात्र नेता विशु मलिक ने बुधवार दोपहर करीब 2 बजे कॉलेज परिसर में धरना दिया। उन्होंने आरोपी बताए जा रहे सुरक्षा गार्ड को ड्यूटी से हटाने की मांग की। छात्र नेता ने गार्ड्स पर लगाए आरोप घंटों चले प्रदर्शन के दौरान विशु मलिक ने कॉलेज में तैनात निजी सुरक्षा गार्ड्स पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ गार्ड शराब पीकर ड्यूटी करते हैं और छात्रों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं। उन्होंने कॉलेज प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था में तैनात कर्मचारियों के व्यवहार और ड्यूटी को लेकर कार्रवाई की मांग की। विशु मलिक ने बताया कि दो दिन पहले एक गार्ड ने छात्र के साथ कथित तौर पर काफी दुर्व्यवहार किया था। इसी को लेकर छात्रों में नाराजगी थी और आरोपी गार्ड को हटाने की मांग की गई। डंडा लेकर छात्रों से बहस करता दिखा गार्ड इसी बीच सुरक्षा गार्ड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक गार्ड हाथ में मोटा डंडा लेकर छात्रों से बहस करता नजर आ रहा है। वीडियो में गार्ड और छात्रों के बीच तीखी बहस होती दिखाई दे रही है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। कॉलेज प्रबंधन ने दिया गार्ड हटाने का आश्वासन धरने की जानकारी मिलने के बाद कॉलेज प्रबंधन मौके पर पहुंचा। छात्र नेता और प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत की गई। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने आरोपी बताए जा रहे सुरक्षा गार्ड को ड्यूटी से हटाने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्रों का प्रदर्शन समाप्त हुआ।
जशपुर पुलिस ने गोवंश तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो पिकअप से 8 गोवंशों को बरामद किया है। दोनों वाहन छत्तीसगढ़ से झारखंड की ओर जा रहे थे। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। वहीं, एक पिकअप का चालक वाहन छोड़कर अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया। कार्रवाई सिटी कोतवाली जशपुर क्षेत्र में देर रात हुई। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुनकुरी की ओर से दो पिकअप में गोवंशों को भरकर जशपुर के रास्ते झारखंड ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने नाकाबंदी शुरू कर दी। पुलिस टीम ने रात करीब 12 से 1 बजे के बीच चांपा टोली जशपुर के पास हाईवे पर वाहनों की जांच शुरू की। इस दौरान गौ सेवक भी पुलिस टीम के साथ मौजूद थे। पहले पिकअप में मिले 4 गोवंश इसी दौरान कुनकुरी की ओर से पिकअप (JH 07M 9843) आता दिखाई दिया। पुलिस ने वाहन रोककर जांच की तो उसमें दो युवक सवार थे। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम आर्यन (20), निवासी आगडीह महुआ टोली, थाना सिटी कोतवाली जशपुर और राकेश राम (28), निवासी पैकू, थाना सिटी कोतवाली जशपुर बताया। पुलिस ने पिकअप की तलाशी ली तो उसमें चार गोवंश मिले। पुलिस ने उनके परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन दोनों कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके। इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। दूसरा चालक पिकअप छोड़कर जंगल में भागा पुलिस की कार्रवाई चल रही थी। इसी दौरान कुछ दूरी पर पीछे से एक और संदिग्ध पिकअप (CG 13BB 8096) आता दिखाई दिया। पुलिस को देखकर चालक ने वाहन रोकने के बजाय उसे छोड़ दिया और अंधेरे तथा जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने वाहन की तलाशी ली तो उसमें भी चार गौवंश लदे मिले। इस तरह दोनों पिकअप वाहनों से कुल 8 गौवंशों को सकुशल बरामद किया गया। दोनों पिकअप जब्त, फरार आरोपियों की तलाश पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल दोनों पिकअप JH 07M 9843 और CG 13BB 8096 जब्त कर लिए हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और जांच के दौरान पुलिस ने मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान कर ली है। ये आरोपी घटना के बाद से फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। आरोपियों पर पशु संरक्षण अधिनियम के तहत केस पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ सिटी कोतवाली जशपुर में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 के तहत केस दर्ज किया है। जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने और पूछताछ में अपराध स्वीकार किए जाने के बाद दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। झारखंड ले जाने की सूचना पर जांच तेज पुलिस को प्रारंभिक सूचना मिली थी कि गौवंशों को कुनकुरी की ओर से जशपुर होते हुए झारखंड ले जाया जा रहा था। दो अलग-अलग पिकअप वाहनों से कुल आठ गौवंश मिलने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस यह पता लगा रही है कि गौवंश कहां से लाए गए थे, उन्हें झारखंड में कहां ले जाया जा रहा था और इस गतिविधि में कौन-कौन लोग शामिल हैं। फरार चालक सहित तस्करी से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। SSP बोले- तस्करी में शामिल किसी व्यक्ति को नहीं बख्शेंगे एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि गौवंश तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने नाकाबंदी कर दो पिकअप वाहनों से 8 गौवंश बरामद किए और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि तस्करी से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान की जा चुकी है और उनकी तलाश की जा रही है। गौवंश तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सीकर में दो दिन में 3 युवतियां लापता हो गई हैं। तीनों युवतियां घर से बिना बताए कहीं चली गई हैं। दो युवतियों के परिवार ने युवकों पर शक जताते हुए मुकदमा दर्ज करवाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 25 साल की युवती के लापता होने के केस में उसके पिता ने पुलिस में शिकायत दी। इसमें बताया कि मेरी बेटी 21 सितंबर को घर पर परिजनों के साथ सो रही थी। अगले दिन 22 सितंबर की सुबह उठकर देखा तो बेटी नहीं मिली। इसके बाद रिश्तेदारों में भी बेटी की काफी तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। परिजनों के अनुसार एक युवक 1 महीने पहले उनके घर पर आया था, जिसने युवती को उठा ले जाने की धमकी दी थी। एक युवती सुबह तो एक दोपहर को बिना बताए निकलीं 22 साल की युवती के लापता होने के केस में उसके परिवार ने पुलिस में शिकायत दी है। इसमें बताया कि बेटी घर से 21 सितंबर को सुबह करीब 6:30 बजे बिना बताए कहीं चली गई। इसके बाद युवती का कुछ पता नहीं चल पाया। युवती के मोबाइल नंबरों पर एक युवक का कॉल आया हुआ था। अंदेशा है कि वह युवक ही अपने साथ युवती को लेकर चला गया। 24 साल की युवती के लापता होने के केस में उसके भाई ने पुलिस में शिकायत दी। इसमें बताया कि 22 सितंबर को मेरी बहन दोपहर के समय घर से बिना बताए कहीं चली गई। युवती का मोबाइल फोन भी अब स्विच ऑफ है।
थाने बुलाकर महिला को बंद करने का आरोप:थाने के गेट पर महिलाओं ने किया प्रदर्शन, पुलिस पर उठे सवाल
देवरिया जिले के गौरीबाजार थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई पर बुधवार को दिन में हंगामा हो गया। आरोप है कि एक महिला को सुलह-समझौते के लिए थाने बुलाया गया, लेकिन फिर उसे चार पहिया वाहन से देवरिया स्थित सीजेएम कोर्ट ले जाया गया। महिला की बेटी ने बताया कि उन्हें कोर्ट ले जाने की जानकारी नहीं दी गई थी। दरअसल, गौरी बाजार थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती ने एक किशोर के साथ मंदिर में शादी कर ली है। गौरी बाजार पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। इसी सिलसिले में किशोर के परिजनों को पुलिस ने थाने बुलाया था। महिलाओं ने किया प्रदर्शन महिला और उसकी बेटी के मुताबिक, उन्हें एक मामले में सुलह-समझौते के लिए थाने बुलाया गया था। महिला के थाने पहुंचने के बाद पुलिसकर्मियों ने उसे वाहन में बैठाया और देवरिया न्यायालय ले गए। बेटी का आरोप है कि अगर कोई कानूनी कार्रवाई करनी थी, तो इसकी जानकारी पहले दी जानी चाहिए थी। इस घटना की जानकारी मिलने पर एक दर्जन से अधिक महिलाएं गौरीबाजार थाने के गेट पर पहुंचीं और प्रदर्शन करने लगीं। उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि समझौते के नाम पर बुलाकर अलग कार्रवाई करने से पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं। महिलाओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और महिला को की जा रही कानूनी कार्रवाई की पूरी जानकारी देने की मांग की। थाना गेट पर प्रदर्शन के दौरान काफी देर तक गहमागहमी रही।
गोरखपुर के पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1, वायुसेना स्थल में बुधवार को गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के उत्तरी क्षेत्र-2 के उप निदेशक छबिल कुमार मेहेर ने विद्यालय का आधिकारिक दौरा किया। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों, पत्राचार और शैक्षणिक गतिविधियों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग की समीक्षा की। उन्होंने हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए प्राचार्य बैरिस्टर पाण्डेय, शिक्षकों और कार्यालय कर्मियों के प्रयासों की सराहना की। इस दौरान विद्यालय के राजभाषा विभाग की हिंदी पत्रिका ‘अभिव्यक्ति’ का विमोचन किया गया। मेहेर ने कहा कि पत्रिका विद्यार्थियों और शिक्षकों की रचनात्मकता तथा साहित्यिक रुचि को बढ़ावा देगी। प्राचार्य बैरिस्टर पाण्डेय ने पत्रिका के संपादन और रचनाओं के संकलन के लिए टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विद्यालय में हिंदी के प्रयोग को सरल, सुगम और व्यावहारिक बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
खरगोन में गुरुवार, 24 सितंबर को 11 केवी खंडवा रोड फीडर पर मेंटेनेंस किया जाएगा। इसके चलते सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक खंडवा रोड और फीडर क्षेत्र की 15 से ज्यादा कॉलोनियों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। ये इलाके रहेंगे प्रभावित प्रभावित क्षेत्रों में खंडवा रोड क्षेत्र, डीआरपी लाइन, आदर्श नगर, जानकी नगर, संतकृपा नगर, साकेत नगर, बालाजीपुरम, साईं विहार और यमुनाकुंज सहित आसपास के इलाके शामिल हैं। बारिश के कारण किया जा रहा मेंटेनेंस बिजली वितरण कंपनी के शहर सहायक यंत्री देवानंद मालवीय ने बताया कि बारिश के कारण बिजली लाइन का जरूरी मेंटेनेंस किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मेंटेनेंस के दौरान बिजली कटौती का समय कम या ज्यादा हो सकता है।
एटा में मां-बेटी की हत्या के बाद रिश्तेदारों ने भी दूरी बना ली। मंगलवार देर रात 9 बजे छोटे बेटे राहुल ने पुलिस की निगरानी में अपनी मां प्रियंका और नानी कमला देवी का अंतिम संस्कार फिरोजाबाद में किया। इस दौरान बड़े बेटे हिमांशु ने भी अंतिम संस्कार में हिस्सा नहीं लिया। बेटी कल्पना ने अपने बड़े भाई की भूमिका पर शक जताया है। वहीं उसने पिता और बाबा पर प्रॉपर्टी के लिए मर्डर करने का आरोप लगाया है। पुलिस का कहना है वह सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। मामला आवागढ़ थाना इलाके का है। हथौड़े से सिर और आंखें कूचकर की गई थी हत्या यादव नगर निवासी 40 वर्षीय प्रियंका पत्नी रुकुमपाल और उनकी 65 वर्षीय मां कमला देवी पत्नी रामखिलाड़ी की हथौड़े से सिर और आंखें कूचकर हत्या की गई थी। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। मंगलवार देर शाम तक रिश्तेदार घर पहुंचते रहे, लेकिन किसी ने भी शवों की जिम्मेदारी लेने की बात नहीं कही। इसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया और दोनों शवों को पैतृक गांव ले जाकर अंतिम संस्कार कराया। बेटी बोली- संपत्ति के लिए हत्या का शक बुधवार शाम 3 बजे बेटी कल्पना ने हत्या के पीछे संपत्ति विवाद को वजह बताया। उसने कहा कि मां के नाम पर एक मकान और तीन बीघा खेत हैं। घर में अक्सर इसी तरह के विवाद होते थे। कल्पना के मुताबिक, पिता रुकुमपाल और बाबा सियाराम को शक था कि मां अपनी संपत्ति किसी दूसरे को दे सकती हैं। इसी वजह से पिता अक्सर मां से विवाद करते थे। पिता-बाबा समेत 3 पर मुकदमा कल्पना की शिकायत पर पुलिस ने पिता रुकुमपाल, बाबा सियाराम और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। कल्पना का आरोप है कि तीनों ने मिलकर हत्या की है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। हालांकि, हत्या में किसकी क्या भूमिका है, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी। बड़ा बेटा नहीं आया, बहन ने जताया शक कल्पना ने बताया कि परिवार बड़ा है, लेकिन रिश्तेदारों में केवल मौसी अंतिम संस्कार में शामिल हुईं। छोटे भाई राहुल ने मां और नानी का अंतिम संस्कार किया, जबकि बड़ा भाई हिमांशु नहीं आया। कल्पना ने बताया कि हत्या के बाद जब परिवार के लोगों ने हिमांशु को फोन किया था तो उसने ज्यादा कुछ बताने से इनकार कर दिया था। इसी वजह से उसे भी शक की नजर से देखा जा रहा है। सुनसान इलाके में घर, पुलिस का पहरा हत्या के बाद से यादव नगर स्थित घर के बाहर पुलिस का पहरा लगाया गया है। घर सुनसान इलाके में होने के कारण पुलिसकर्मी चौबीसों घंटे निगरानी कर रहे हैं। पुलिस घटनास्थल और परिवार के लोगों से मिली जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। सीओ बोले- बड़े बेटे की भूमिका भी जांच में सीओ जलेसर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इतनी बड़ी घटना के बाद नाते-रिश्तेदारों ने दूरी बनाई। दोनों महिलाओं का अंतिम संस्कार पैतृक गांव में कराया गया, जहां भी गिने-चुने लोग ही शामिल हुए। बड़ा बेटा भी मां के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ है। उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। घटना से जुड़े सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
बड़वानी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बाबू कोटवाल ने पद संभालने के करीब 9 महीने बाद इस्तीफा दे दिया। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 190 के विधायक राजन मंडलोई और कांग्रेस जिलाध्यक्ष नानेश चौधरी को लिखित त्यागपत्र सौंपा है। कोटवाल ने इस्तीफे की वजह के तौर पर पद पर किसी युवा कार्यकर्ता को मौका देने की इच्छा बताई है। युवा कार्यकर्ता को मौका देने की बात बाबू कोटवाल ने त्यागपत्र में लिखा कि देश और प्रदेश में कांग्रेस में युवा शक्ति संगठन को मजबूत कर रही है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर राहुल गांधी और प्रदेश स्तर पर जीतू पटवारी को युवा जोश और शक्ति का उदाहरण बताया। उन्होंने लिखा कि उनकी इच्छा है कि ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर किसी युवा कार्यकर्ता को मौका मिले। इसी वजह से उन्होंने पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। बोले- पार्टी में काम करते रहेंगे कोटवाल ने कहा कि वे कांग्रेस के सदस्य के तौर पर आगे भी पार्टी के लिए काम करते रहेंगे। बाबू कोटवाल को 17 दिसंबर 2025 को जारी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों की सूची में बड़वानी ब्लॉक अध्यक्ष बनाया गया था। इसके करीब 9 महीने बाद उन्होंने इस्तीफा दिया है। संगठन के फैसले का इंतजार कोटवाल के इस्तीफे के बाद अब कांग्रेस संगठन के फैसले का इंतजार है। उन्होंने अपने त्यागपत्र में युवाओं को मौका देने की इच्छा बताई है। उनका इस्तीफा स्वीकार होगा या नहीं, यह संगठन के निर्णय के बाद स्पष्ट होगा।
कुशीनगर के 36वें जिलाधिकारी के रूप में संजय चौहान ने मंगलवार दोपहर करीब 3:45 बजे कार्यभार संभाल लिया। अमेठी से तबादला होकर कुशीनगर पहुंचे संजय चौहान सबसे पहले कलेक्ट्रेट स्थित ट्रेजरी ऑफिस पहुंचे। यहां पुलिस गार्ड ने उन्हें सलामी दी। इसके बाद वह ट्रेजरी के डबल लॉक रूम में गए और विधिवत अपना चार्ज संभाला। अधिकारियों से स्टांप और मुकदमों की जानकारी ली कार्यभार संभालने के बाद जिलाधिकारी ने ट्रेजरी में मौजूद अधिकारियों से स्टांप आदि से जुड़ी जानकारी ली। उन्होंने रिकॉर्ड में दर्ज कुछ मुकदमों के बारे में भी जानकारी मांगी। अधिकारियों से जरूरी जानकारी लेने के बाद वह कलेक्ट्रेट से बाहर निकले। जनकल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता कलेक्ट्रेट से बाहर निकलते समय मीडिया ने नए जिलाधिकारी से सवाल किए। संजय चौहान ने कहा कि शासन की प्राथमिकताएं ही हमारी प्राथमिकता हैं। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रशासन स्तर से प्राथमिकता के आधार पर काम किया जाएगा। अमेठी में भी डीएम रह चुके हैं संजय चौहान एक सवाल के जवाब में संजय चौहान ने अपने पिछले कार्यकाल के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इससे पहले वह अमेठी में जिलाधिकारी के पद पर काम कर चुके हैं। अब शासन ने उन्हें कुशीनगर के जिलाधिकारी के रूप में जिम्मेदारी दी है।
आगरा के दयालबाग में बुधवार को आठवीं अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी तथा 49वें राष्ट्रीय सिस्टम सम्मेलन का ज्ञानवर्धक सत्रों, पुरस्कार समारोह और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ समापन हुआ। दिन की शुरुआत सिस्टम्स सोसाइटी ऑफ इंडिया की वार्षिक आम सभा से हुई। इसके बाद विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। प्रो. आनंद श्रीवास्तव और वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. वी. नटराजन को जीवनपर्यंत उपलब्धि पुरस्कार दिया गया। आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा को राष्ट्रीय सिस्टम्स स्वर्ण पदक मिला। शोध-पत्र और पोस्टर प्रस्तुतियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को भी पुरस्कार दिए गए। इसके बाद चेतना के विकास और पुनर्विकास पर संवादात्मक परिचर्चा हुई, जिसमें देश-विदेश के विशेषज्ञों ने विचार रखे। सांस्कृतिक कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने ओडिसी, सूफी नृत्य और सुर-ताल-त्रिवेणी की प्रस्तुतियां दीं। संस्थान गीत और विदाई भोज के साथ सम्मेलन संपन्न हुआ।
23 सितंबर, बुधवार: रोहतास के सासाराम में बिहार ग्रामीण बैंक ने मेगा अभियान में एक दिन में 111.25 करोड़ का जीविका ऋण बांटा।
धार में बुधवार को बड़ी संख्या में व्यापारी UPI भुगतान पर प्रस्तावित अतिरिक्त शुल्क के विरोध में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। व्यापारियों ने पीएम मोदी के नाम तहसीलदार दिनेश कुमार उईके को ज्ञापन सौंपा। इसमें 2 हजार रुपए से अधिक के UPI लेनदेन पर प्रस्तावित 0.4% MDR शुल्क वापस लेने और UPI भुगतान को शुल्क मुक्त रखने की मांग की गई। ज्ञापन में व्यापारियों ने कहा कि डिजिटल भुगतान कारोबार का अहम हिस्सा बन चुका है। छोटे से लेकर बड़े व्यापारी तक रोजाना UPI के जरिए भुगतान लेते हैं। ऐसे में 2 हजार रुपए से अधिक के UPI लेनदेन पर 0.4% MDR या अतिरिक्त शुल्क लगाने से व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। व्यापारी बोले- नया शुल्क नहीं लगाया जाए व्यापारी संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश माहेश्वरी ने कहा कि व्यापार पहले से ठीक स्थिति में नहीं है और GST को लेकर व्यापारी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारियों से सरकार को पहले ही टैक्स मिलता है। ऐसे में 2 हजार रुपए से अधिक के UPI भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव व्यापारियों के हित में नहीं है। माहेश्वरी ने कहा कि व्यापारियों की मांग है कि UPI पर कोई अतिरिक्त टैक्स या शुल्क न लगाया जाए। उन्होंने कहा कि व्यापार बढ़ने पर सरकार को मिलने वाला टैक्स भी बढ़ेगा। किसी नए शुल्क पर फैसला लेने से पहले व्यापारी संगठनों से चर्चा की जानी चाहिए। शुल्क लगाने से पहले चर्चा की मांग व्यापारियों ने ज्ञापन में UPI भुगतान को शुल्क मुक्त रखने की मांग की। साथ ही कहा कि भविष्य में किसी तरह का शुल्क लगाने का प्रस्ताव हो तो व्यापारी संगठनों और संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद फैसला लिया जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान व्यापारी और व्यापारी संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे। तहसीलदार दिनेश कुमार उईके ने कहा कि ज्ञापन वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।
जमुई सांसद ने केंद्रीय मंत्री जितनराम मांझी के गढ़ खिजरसराय में बुधवार को पीड़ित परिवार को मदद करने पहुंचे। जिले के खिजरसराय के कुड़वां और पथरा गांव की घटनाओं को लेकर जमुई सांसद अरुण भारती ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने दोनों परिवारों को न्याय का भरोसा दिया। पार्टी की ओर से दोनों परिवारों को 50-50 हजार रुपए के चेक भी दिए। सांसद ने कहा कि संकट की इस घड़ी में पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। हर संभव मदद की जाएगी। वहीं, पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी और अतरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक रोमित कुमार अब तक गांव तो आना दूर फोन पर भी हालचाल नहीं लिया है। अरुण भारती पार्टी नेताओं के साथ गांव पहुंचे थे। उन्होंने परिवार के लोगों से घटना की जानकारी ली। उनकी परेशानियां सुनीं। उन्होंने कहा कि यह समय राजनीति करने का नहीं है। सबसे जरूरी है कि पीड़ित परिवार को न्याय मिले। साथ ही सरकार से मिलने वाली मदद भी जल्द मिले। पीड़ित परिवार ने कहा कि आप पहले नेता हैं जो पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे हैं। जमुई की घटना पर बोले, तेजी से कार्रवाई हुई वहीं, जमुई में बीते दिनों नाबालिग लड़की से छेड़छाड़-मारपीट की घटना पर सांसद ने कहा कि मैं घटना के बाद से ही अधिकारियों के संपर्क में हूं। जमुई के डीएम, एसपी और डीआईजी से लगातार जानकारी लेते रहे हैं। पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई की है। 48 घंटे के भीतर 8 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अब पुलिस को मामले की निष्पक्ष जांच करनी है। सभी साक्ष्यों को जुटाकर अदालत में मजबूत चार्जशीट दाखिल करनी होगी। इसके बाद अदालत से दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी सजा होनी चाहिए, जिससे आगे कोई इस तरह की घटना को अंजाम देने की हिम्मत न करे। कानून का डर अपराधियों में दिखना चाहिए बिहार में कानून-व्यवस्था के सवाल पर भी सांसद ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। अपराधियों पर कार्रवाई को उन्होंने डीडीटी के छिड़काव से जोड़ते हुए कहा कि जिस तरह डीडीटी के छिड़काव से मच्छरों और कीड़े-मकोड़ों को पनपने से रोका जाता है, उसी तरह आपराधिक मानसिकता रखने वालों पर कानून का चाबुक चलना चाहिए।उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में पुलिस की कार्रवाई का भी उल्लेख किया। कहा कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाना चाहिए। विपक्ष की ओर से कानून-व्यवस्था पर उठाए जा रहे सवालों पर सांसद ने कहा कि सरकार और प्रशासन अपना काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को समीक्षा करने का अधिकार है। लेकिन पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। आरक्षण पर भी रखी पार्टी की बातआरक्षण के सवाल पर अरुण भारती ने अपनी पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय रामविलास पासवान के योगदान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान ने समाज के अलग-अलग वर्गों के अधिकारों की बात की। पार्टी का मानना है कि हर वर्ग को उसका उचित हक मिलना चाहिए। किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। दो गांव में दो की हुई थी मौत दरअसल, खिजरसराय के कुड़वां निवासी अजय मांझी की पटना जिले के सिंगोड़ी थाना क्षेत्र में मौत हुई थी। अजय ईंट-भट्ठे पर मुंशी का काम करते थे। परिजनों ने पुलिस हिरासत में मौत का आरोप लगाया है। मामले में जांच और कार्रवाई की मांग भी उठी है। वहीं, पथरा गांव की 55 वर्षीय महिला की मौत का मामला भी सामने आया था। उनकी बहू ने एक युवक पर दुष्कर्म और मारपीट का आरोप लगाया था। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है। हालांकि अब तक एक भी नामजद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
शेखपुरा के बरबीघा स्थित श्री कृष्ण रामरुचि कॉलेज में मंगलवार को पीजी परीक्षा के दौरान जमकर हंगामा हुआ। परीक्षा केंद्र पर व्यवस्था और शिक्षकों के रवैए से नाराज छात्रों ने परीक्षा का बहिष्कार कर दिया। छात्रों के हंगामे के बाद कॉलेज परिसर में अफरातफरी की स्थिति बन गई। मुंगेर विश्वविद्यालय प्रशासन ने श्री कृष्ण रामरुचि कॉलेज को शेखपुरा शहर स्थित रामाधीन कॉलेज के पीजी छात्रों का परीक्षा केंद्र बनाया था। मंगलवार को परीक्षा शुरू होने के दौरान अचानक छात्र भड़क गए और परीक्षा देने से इनकार करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… शिक्षकों पर मारपीट-गाली-गलौज का आरोप अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र नेता आकाश कश्यप के नेतृत्व में छात्रों ने कॉलेज प्रशासन और शिक्षकों के खिलाफ विरोध जताया। छात्रों का आरोप था कि परीक्षा के दौरान शिक्षकों की ओर से उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की जाती है। छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि रामाधीन कॉलेज के परीक्षार्थियों के साथ परीक्षा केंद्र पर जानबूझकर भेदभाव किया जा रहा है। छात्रों ने कहा कि इस तरह के व्यवहार को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्राचार्य ने आरोपों को किया खारिज वहीं, श्री कृष्ण रामरुचि कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार ने छात्रों के सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र पर नकल रोकना कॉलेज प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है। नकल रोकने को लेकर सख्ती का दावा प्राचार्य के अनुसार, परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने और नकल पर रोक लगाने के लिए शिक्षक अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभा रहे थे। उनका कहना है कि नकल रोकने के कॉलेज के कड़े रुख से कुछ छात्र नाराज हो गए और उन्होंने विवाद खड़ा कर दिया। डॉ. संजय कुमार ने शिक्षकों पर लगाए गए मारपीट और गाली-गलौज के आरोपों को भी बेबुनियाद बताया। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि परीक्षा में नियमों का पालन कराने के दौरान छात्रों की ओर से विरोध किया गया। प्रशासन ने संभाला मोर्चा घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और कॉलेज के अधिकारी मौके की स्थिति संभालने में जुट गए। फिलहाल परीक्षा के बहिष्कार और छात्रों के आरोपों को लेकर दोनों पक्षों के दावों के बीच स्थिति स्पष्ट करने के लिए जांच की जरूरत है।
नयागांव ब्लॉक के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चित्तौड़ा में 23 सितंबर 2026 से 70वीं जिला स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता शुरू हुई। यह प्रतियोगिता चार दिन तक चलेगी। इसमें 17 और 19 साल के बालक आयु वर्ग की टीमें हिस्सा ले रही हैं। प्रतियोगिता में 17 साल आयु वर्ग की 48 टीमें और 19 साल आयु वर्ग की 29 टीमें भाग ले रही हैं। खिलाड़ियों में काफी उत्साह दिख रहा है। प्रतियोगिता का शुभारंभ पूर्व विधायक नानालाल अहारी ने मुख्य अतिथि के तौर पर किया। कार्यक्रम में शंकरलाल खराड़ी (जिला जनजाति मोर्चा अध्यक्ष), अमृतलाल डामोर (पूर्व प्रधान खेरवाड़ा), दुर्गा भागोरा (मंडल अध्यक्ष नयागांव), लिम्बाराम गरासिया (प्रशासक चित्तौड़ा), अनिल गरासिया, धूलेश्वर वसोहर, दौलतराम मीणा और शांतिलाल डामोर (पूर्व सरपंच सकलाल) खास मेहमान के तौर पर मौजूद रहे। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी श्रीमती जयमाला खराड़ी, एसीबीईओ कल्पेश मीणा और कार्यवाहक प्रधानाचार्य मगनलाल दरंगा ने अतिथियों का स्वागत किया और संबोधित किया। इस दौरान विद्यालय परिवार और सभी ग्रामीण भी मौजूद रहे। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों और टीमों के लिए रहने और खाने की पूरी व्यवस्था की गई है। यह व्यवस्था प्रशासक लिम्बाराम गरासिया और अनिल गरासिया के नेतृत्व में ग्रामीणों के सहयोग से की जा रही है। ग्रामीणों की इन व्यवस्थाओं की तारीफ की गई। कार्यक्रम में जयकृष्ण रावल, ईश्वर फ़नात, प्रेम नारायण गामोट, संजय अहारी, विनोद मीणा, मनीष गरासिया, बलदेव दरंगा और हेमंत जैन, अजय कलाल सहित शिक्षा विभाग और क्षेत्र के कई खास लोग मौजूद रहे। मुकेश गामोट, ललित रावल, साकरचंद लबाना, कनवर सिंह, बच्चूलाल खराड़ी, खेमराज प्रजापत, दौलत मीणा, हेमंत मेहता (मंडल अध्यक्ष खेरवाड़ा), ललित जोशी और नाथूलाल पटेल भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन हरीश परमार और अनिल यादव ने किया। चार दिन की इस जिला स्तरीय प्रतियोगिता को लेकर विद्यालय परिसर में खिलाड़ियों, शिक्षकों और खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (सालसा) ने गांधी जयंती के मौके पर स्कूलों में पॉक्सो एक्ट को लेकर एक विशेष जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया है। इसका मकसद किशोरों को बाल संरक्षण से जुड़े कानूनी ढांचे के बारे में जागरूक करना है। सालसा के कार्यकारी अध्यक्ष ने निर्देश दिया है कि संबंधित जिलों के न्यायिक अधिकारी स्कूलों का दौरा करेंगे। वे सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान छात्रों को पॉक्सो अधिनियम, 2012 के प्रावधानों और इसके कानूनी परिणामों के बारे में बताएंगे। यह जानकारी बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में हुई बैठक में विशेष न्यायाधीश (ईसी) लोकेश नागर ने दी। इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव स्वाती चंद्रा सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे। लोकेश नागर ने जिला विद्यालय निरीक्षक को कक्षा 9 से 12 तक के सरकारी और अन्य बोर्ड के स्कूलों की तहसीलवार सूची देने का निर्देश दिया। उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की सूची भी उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने जोर दिया कि आपसी तालमेल से इस अभियान को सफल बनाना है, ताकि किशोर और बच्चे पॉक्सो एक्ट के प्रति जागरूक हो सकें। सचिव स्वाती चंद्रा ने बताया कि यह अभियान 25 सितंबर से 1 अक्टूबर तक चलेगा। हर कार्य दिवस पर कक्षा 9 से 12 तक के स्कूलों में प्रार्थना सभा के दौरान न्यायिक अधिकारी बच्चों को पॉक्सो एक्ट के बारे में जागरूक करेंगे, ताकि भविष्य में उनके साथ कोई गलत घटना न हो। उन्होंने यह भी बताया कि 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर प्रभात फेरी निकाली जाएगी। साथ ही चित्रकला जैसी प्रतियोगिताएं और अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इस मौके पर प्रधान न्यायाधीश किशोर न्याय बोर्ड, बाल कल्याण समिति के प्रतिनिधि और अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।
चूरू रेलवे स्टेशन पर बुधवार को सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ एक खास जागरूकता अभियान चलाया गया। इसका मकसद पर्यावरण बचाना और रेलवे परिसर को साफ व प्लास्टिक मुक्त बनाना था। इस दौरान यात्रियों, रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों और सफाईकर्मियों को प्लास्टिक के नुकसान बताए गए और उन्हें पर्यावरण बचाने के लिए जागरूक किया गया। अभियान की शुरुआत सामूहिक शपथ के साथ हुई। अभियान में शामिल सभी लोगों ने सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने और रेलवे परिसर व आसपास के इलाके को साफ रखने का संकल्प लिया। इसके बाद रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों और सफाईकर्मियों ने स्टेशन परिसर में एक जागरूकता रैली भी निकाली। प्लास्टिक से होने वाले नुकसान गिनाएरैली के दौरान यात्रियों को प्लास्टिक से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान के बारे में बताया गया। उनसे अपील की गई कि वे प्लास्टिक की जगह कपड़े और जूट के थैलों का इस्तेमाल करें। इस अभियान के तहत रेल यात्रियों और आम लोगों को कपड़े के थैले भी बांटे गए। यात्रियों से कहा गया कि वे यात्रा करते समय और बाजार जाते समय प्लास्टिक बैग की जगह कपड़े या जूट के थैलों का ही उपयोग करें। इस कार्यक्रम में आम रेल यात्रियों के साथ-साथ स्टेशन के सफाई कर्मचारियों और रेलवे पर्यवेक्षकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी ने रेलवे परिसर को साफ और सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाने में सहयोग करने का संकल्प लिया।इस मौके पर मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक कृष्ण कुमार शर्मा, सुविधा प्रबंधक राकेश भाकर और स्टेशन अधीक्षक सुरेश माथुर मौजूद थे।
रामपुर जिला अस्पताल में संसाधनों के खराब होने से मरीजों को जांच कराने में परेशानी हो रही है। अस्पताल की डिजिटल एक्स-रे मशीन पिछले कई महीनों से खराब पड़ी है। वहीं, एटीएम हेल्थ मशीन भी कई साल से बंद है। डिजिटल एक्स-रे की सुविधा नहीं मिलने के कारण बड़ी संख्या में मरीजों को बाहर निजी केंद्रों पर जांच करानी पड़ रही है। इससे मरीजों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ पड़ रहा है। पैसे वाले निजी केंद्रों पर करा रहे जांच डिजिटल एक्स-रे की जरूरत वाले जिन मरीजों के पास पैसे हैं, वे निजी केंद्रों पर जाकर जांच करा रहे हैं। वहीं, आर्थिक रूप से कमजोर मरीज अस्पताल में उपलब्ध साधारण एक्स-रे से ही काम चला रहे हैं। डिजिटल मशीन बंद होने के कारण साधारण एक्स-रे मशीन पर भी मरीजों का दबाव बढ़ गया है। जिला अस्पताल के टेक्नीशियन के अनुसार, डिजिटल एक्स-रे मशीन खराब होने के बाद से साधारण एक्स-रे मशीन पर काम का भार काफी बढ़ गया है। इससे मरीजों को जांच के लिए इंतजार भी करना पड़ रहा है। सीएमओ बोलीं- पता कराएंगे मशीन क्यों बंद है बुधवार दोपहर करीब 3 बजे सीएमओ डॉ. दीपा सिंह ने दैनिक भास्कर को बताया कि वह जल्द पता कराएंगी कि एटीएम हेल्थ मशीन क्यों नहीं चल रही है और मरीजों को इसकी सुविधा क्यों नहीं मिल पा रही है। उन्होंने डिजिटल एक्स-रे मशीन की खराबी को लेकर भी जानकारी लेने की बात कही। सीएमओ ने कहा कि यह पता कराया जाएगा कि मशीन को ठीक कराने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। इसके बाद मशीन को जल्द ठीक कराने का प्रयास किया जाएगा। मरीजों ने जल्द मशीन ठीक कराने की मांग की अस्पताल में भर्ती मरीज हनीफ ने बताया कि डिजिटल एक्स-रे मशीन जल्द ठीक होनी चाहिए। दूसरे मरीज राजेश ने कहा कि मशीन ठीक होने से मरीजों को काफी राहत मिलेगी। सीएमओ ने कहा कि विभाग की ओर से जिला अस्पताल को उपलब्ध कराए गए सभी संसाधनों का सही तरीके से काम करना जरूरी है। यदि कोई संसाधन खराब है तो उसे दिखवाकर ठीक कराना विभाग की जिम्मेदारी है। उन्होंने जल्द खराब संसाधनों को दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया। फिलहाल डिजिटल एक्स-रे मशीन खराब होने के कारण कई मरीजों को बाहर से जांच करानी पड़ रही है। इससे उन्हें जांच की फीस के रूप में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
गुना में सेंधवा नदी में डूबने से युवक की मौत:परिजनों ने दो युवकों पर धक्का देने का लगाया आरोप
गुना के कैंट थाना क्षेत्र में सेंधवा नदी में डूबने से 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि गांव के दो युवक सोनू अहिरवार को अपने साथ ले गए थे। पहले उसे कच्ची शराब पिलाई गई। इसके बाद नदी में धक्का देने का आरोप है। घटना मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे मंगवार स्थित सेंधवा नदी की बताई जा रही है। मृतक की पहचान विजयपुर, थाना बजरंगगढ़ निवासी सोनू अहिरवार के रूप में हुई है। शाम 4 बजे नदी में मिला शव परिजनों के मुताबिक, दो युवक सोनू को अपने साथ ले गए थे। आरोप है कि दोनों ने उसे कच्ची शराब पिलाई। इसके बाद सेंधवा नदी के पास ले जाकर पानी में धक्का दे दिया। गहरे पानी में जाने से सोनू डूब गया। परिजनों को घटना की जानकारी शाम करीब 4 बजे मिली। कुछ ग्रामीण गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए नदी की ओर गए थे। इसी दौरान उन्हें नदी में सोनू का शव उतराता मिला। सूचना मिलने पर परिजन भी मौके पर पहुंचे। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया परिजन सोनू को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बुधवार को कैंट पुलिस ने जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। परिजनों के आरोपों के आधार पर संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। कच्ची शराब की बिक्री पर भी सवाल ग्रामीणों ने विजयपुर और आसपास के गांवों में कच्ची शराब के कथित अवैध कारोबार पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि गांवों में खुलेआम कच्ची शराब मिलने से युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं। फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही साफ होगा कि युवक की मौत हादसा थी या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी।
खरगोन में बुधवार को अचानक मौसम बदल गया। दोपहर 3 बजे करीब 10 दिन बाद लगभग आधा घंटा तेज बारिश हुई। इससे सड़कों पर पानी बह निकला। अनाज मंडी में 200 क्विंटल से ज्यादा मक्का भीग गया। यह मक्का खरीदी के बाद परिसर में रखा हुआ था। व्यापारियों ने तिरपाल से ढंककर अनाज को सुरक्षित करने की कोशिश की। मानसून सीजन का यह आखिरी सप्ताह चल रहा है। जिले में अब तक 29 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है, जबकि जिले की औसत बारिश 32.6 इंच है। मौसम विभाग ने 24 सितंबर से अगले 3 दिन तक प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। किसानों ने चिंता जताई है कि अगर आगे तेज बारिश होती है, तो कपास की तैयार फसल के भीगने की आशंका है।
शेखपुरा के सदर अस्पताल में मंगलवार को एक कार्यक्रम हुआ। इसमें 100 से ज्यादा टीबी मरीजों को पोषण किट बांटी गई। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. संजय कुमार, सांसद प्रतिनिधि विपिन मंडल और जदयू नेता प्रमोद चंद्रवंशी समेत कई लोग मौजूद थे। दवा के साथ पोषण और दूसरी जरूरी मदद दी पोषण किट महिला, पुरुष और बच्चों को दी गई। किट में अनाज, दवाइयां, साबुन और मरीजों के काम आने वाली दूसरी जरूरी चीजें थीं। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि पोषण किट देने का मकसद टीबी मरीजों को इलाज के दौरान सही पोषण और सुविधाएं देना है, ताकि वे जल्दी ठीक हो सकें। विभाग 2030 तक टीबी को पूरी तरह खत्म करने का अभियान चला रहा है। इसके तहत मरीजों को दवा के साथ पोषण और दूसरी जरूरी मदद दी जा रही है। स्पेशल कैंप लगाकर दी जा रही किट सिविल सर्जन डॉ. संजय कुमार ने बताया कि जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में टीबी मरीजों का मुफ्त इलाज और मुफ्त दवा मिलती है। सदर अस्पताल में पिछले कई महीनों से खास कैंप लगाकर टीबी मरीजों को पोषण किट दी जा रही है। कार्यक्रम में अस्पताल प्रबंधक धीरज कुमार, मुरारी कुमार, नॉलेज कुमार, परितोष कुमार, भाजपा नेता शैलेश बिंद और विकास कुमार भी मौजूद थे।
Bihar:औरंगाबाद के मदनपुर प्रखंड के देवजारा में ठनका गिरने से पति की मौत, पत्नी घायल
23 सितंबर, बुधवार: औरंगाबाद के मदनपुर प्रखंड के देवजारा में ठनका गिरने से पति की मौत, पत्नी घायल।
इटावा में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर बुधवार दोपहर 2 बजे डीएम शुभ्रान्त कुमार शुक्ल और एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने फ्रेंड्स कॉलोनी थाना क्षेत्र में बने मूर्ति विसर्जन घाट और विसर्जन मार्ग के अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विसर्जन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डीएम और एसएसपी ने संबंधित अधिकारियों को सभी जरूरी इंतजाम समय से पूरा रखने के निर्देश दिए। घाट पर रोशनी सफाई जरूरी जिलाधिकारी ने विसर्जन स्थल पर पर्याप्त रोशनी और साफ-सफाई की व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घाट और आसपास के क्षेत्र में किसी तरह की अव्यवस्था न हो और लोगों को विसर्जन के दौरान परेशानी का सामना न करना पड़े। पुलिस टीम रहे अलर्ट एसएसपी ने पुलिस टीम को पूरे विसर्जन कार्यक्रम के दौरान अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखने और किसी भी तरह की अनुचित घटना को रोकने के लिए सतर्कता बरतने को कहा। निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक नगर इटावा समेत प्रशासन और पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
शाहजहांपुर। बुधवार सुबह करीब 11 बजे आरटीओ के कार्यालय में मौजूद नहीं मिलने पर हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने आरटीओ कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया और नारेबाजी की। संगठन का आरोप है कि ज्ञापन देने के लिए आने की सूचना पहले से दिए जाने के बावजूद आरटीओ कार्यालय में मौजूद नहीं थे। सूचना के बाद पहुंचे विभागीय अधिकारी प्रदर्शन की सूचना मिलने पर विभाग के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारियों ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर अपनी नाराजगी जताई। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि एलआईयू के माध्यम से करीब 48 घंटे पहले ही आरटीओ कार्यालय को ज्ञापन देने के लिए आने की सूचना दे दी गई थी। आरटीओ के बाहर होने की मिली जानकारी बुधवार को आरटीओ से मुलाकात नहीं होने पर संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कार्यालय परिसर में धरना शुरू कर दिया। पदाधिकारियों के अनुसार, उन्हें जानकारी मिली कि आरटीओ शाहजहांपुर से बाहर हैं। इससे नाराज होकर कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष दीपक त्रिपाठी के नेतृत्व में धरना दिया। जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में धरना धरने में मंडल अध्यक्ष प्रदीप शर्मा के साथ महानगर अध्यक्ष शांतनु बेश, महानगर महासचिव पवन मिश्रा, संगठन महामंत्री शुभम मिश्रा समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि जनहित और कार्यकर्ताओं से जुड़े मुद्दों पर हिंदू युवा वाहिनी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी।
कोतवाल समेत 5 पुलिसवाले और लेखपाल सस्पेंड, यूपी में आधी रात बुलडोजर कांड पर बड़ा ऐक्शन
यूपी के अंबेडकरनगर में तीन जेसीबी लेकर पहुंचे 50-60 नकाबपोश लोगों ने आधी रात को जमकर तांडव मचाया। उन्होंने 10 से अधिक मकानों-दुकानों को ध्वस्त कर दिया। आरोप है कि सामान निकालने तक का मौका नहीं दिया। मामले में कोतवाल समेत 5 पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया गया। लेखपाल पर भी गाज गिरी है।
कानपुर के फीलखाना थाना क्षेत्र में ज्वेलरी कारीगर ने दुकान के ऊपर बने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। दो दिन तक कमरे से बाहर नहीं निकलने पर दुकानदार को शक हुआ। दरवाजा तोड़कर अंदर देखा तो कारीगर का शव फंदे से लटका मिला। सूचना पर फीलखाना पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल की जांच कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मूलरूप से पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के दंतपुर थाना क्षेत्र निवासी प्रभाकर कोले (40) करीब दो साल पहले कानपुर आया था। वह फीलखाना स्थित ज्वेलर्स की दुकान में आभूषण बनाने का काम करता था और दुकान के ऊपर बने कमरे में ही रहता था। दो दिन से नहीं दिखा तो दुकानदार को हुआ शक परिजनों के मुताबिक, प्रभाकर पिछले कुछ समय से कारोबार कम चलने के कारण परेशान रहता था। सोमवार को उसने कमरे में फंदा लगा लिया। बुधवार सुबह दुकानदार रोज की तरह दुकान खोलने पहुंचा। प्रभाकर दो दिन से दिखाई नहीं दिया तो उसने मोबाइल पर कई बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद वह ऊपर कमरे में पहुंचा। दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक आवाज लगाने और दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। दुकानदार ने आसपास के लोगों को बुलाया। पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया तो प्रभाकर का शव फंदे से लटका मिला। दुकानदार ने 112 नंबर पर सूचना दी। भाई पश्चिम बंगाल से कानपुर पहुंचा घटना की जानकारी मिलने पर प्रभाकर का बड़ा भाई दिवाकर कोले ट्रेन से पश्चिम बंगाल से कानपुर पहुंचा। दिवाकर ने बताया कि परिवार में मां सरना लता कोले और दो भाई शुभांकर कोले व प्रभाकर थे। उसने बताया कि प्रभाकर करीब दो साल पहले काम की तलाश में कानपुर आया था। यहां ज्वेलर्स की दुकान पर आभूषण बनाने का काम करने लगा था। पिछले कुछ समय से काम कम होने के कारण वह परेशान था। भाई की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजन पोस्टमार्टम के बाद शव को पश्चिम बंगाल ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर होगी कार्रवाई फीलखाना थाना प्रभारी ने बताया कि शुरुआती जांच में कारोबार कम चलने के कारण प्रभाकर के परेशान रहने की जानकारी सामने आई है। परिजनों की ओर से फिलहाल किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कौशांबी में एक पति ने अपनी पत्नी से परेशान होकर गंगा में छलांग लगा दी। मरने से पहले युवक ने एक सुसाइड नोट भी लिखा और फेसबुक पर भी लाइव आया। युवक ने कहा- प्रिया जो मेरी पत्नी है, उसे मुझे पत्नी कहने में भी शर्म आती है। वो बहुत ही मक्कार किस्म की लड़की है। मैं आज लाइव आया हूं। आज मेरे जीवन की लीला समाप्त हो जाएगी। मेरे मरने का कारण मेरे ससुराल वाले हैं। मैं आए दिन शिकयत करता रहा कि आप की बेटी ऐसी है, वैसी है, हमेशा नाटक करती रहती है। लेकिन ये लोग इतने गिरे हुए हैं, अपनी बेटी की गलती कभी नहीं देखते हैं। मैंने इसकी शिकायत फैमिली थाने पर भी की थी। लेकिन अब कुछ नहीं हो पा रहा है। इसलिए अब मैंने अपने जीवन का अंतिम निर्णय ले लिया है। इन लोगों ने मेरे साथ मारपीट भी की है। ये लोग मुझे धमकाते हैं। मैं आज जा रहा हूं। इसके बाद युवक ने गंगा में छलांग लगा दी। हालांकि युवक को मछवारों ने बचा लिया। गंगा ओवरब्रिज के ऊपर से लगाई छलांग मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया और परिजनों को मामले की जानकारी दी। ये घटना कौशांबी के कोखराज थाना क्षेत्र के रोही गांव की है। युवक ने संदीपन घाट थाना क्षेत्र के बसेड़ी गांव के पास राम वन गमन पथ स्थित गंगा ओवरब्रिज के ऊपर से छलांग लगाई थी। डेढ़ साल पहले हुई थी अंकित की शादी युवक का नाम अंकित कुमार कुशवाहा (26) है। उसकी शादी डेढ़ साल पहले प्रयागराज के सोरांव थाना क्षेत्र में रहने वाली प्रिया (24) से हुई थी। अंकित का एक बच्चा भी है। बताया जा रहा है, डेढ़ महीने पहले प्रिया और अंकित में मोबाइल चलाने को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद प्रिया मायके चली गई थी। अंकित प्रिया को बहुत बुला रहा था लेकिन वह वापस नहीं आ रही थी। पिता बोले- मेरा बेटा बहुत दुखी था अंकित के पिता राम बहादुर का कहना है, बेटे के साथ उसके ससुराल वालों ने मारपीट की थी। इस बात से मेरा बेटा बहुत दुखी था। बहू भी मेरे बेटे को बहुत परेशान करती थी। उसको बच्चा नहीं दिखाती थी। बेटा आज सुबह कह रहा था कि उसे बच्चे की बहुत याद आ रही है। वो बहुत रो रहा था। इसके बाद वह घर से निकल गया और गंगा में छलांग लगा दी। बता दें, अंकित कुमार मौर्य नगर पालिका परिषद भरवारी में संविदा कर्मचारी के तौर पर काम करता था। 6 महीने पहले उसने नौकरी छोड़ दी थी। अंकित का एक छोटा भाई भी है जो दूसरे जिले में प्राइवेट जॉब करता है। अंकित अपने माता-पिता के साथ रहता है। परिजनों की तहरीर के बाद होगी कार्रवाई- एसपी मामले में एसपी सत्यनारायण प्रजापत का कहना है, फेसबुक लाइव कर सुसाइड करने के मामले में थाना पुलिस को तत्काल जांच के लिए भेजा गया था। युवक को स्थानीय मछुवारों की मदद से बचा लिया गया है। अब वह खतरे से बाहर है। परिजन थाने में तहरीर देते हैं तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। ………………………………………………………….. यह खबर भी पढ़ें- मायावती ने भतीजे ईशान को आकाश की जगह दी:नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया, चुनाव से पहले एक्शन में बसपा सुप्रीमो बसपा सुप्रीमो मायावती ने छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी का नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाने का ऐलान किया है। बुधवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग में उन्होंने कहा- ईशान राजाराम और रामजी गौतम की देखरेख में आगे बढ़ेंगे। उनसे मार्गदर्शन लेंगे। जरूरत पड़ने पर अपने पिता और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार का भी मार्गदर्शन लेंगे। यहां पढ़ें पूरी खबर
प्रयागराज के धूमनगंज में दरोगा जितेंद्र सिंह की पत्नी कंचन शर्मा की मौत का मामला अब नए सवालों के साथ पुलिस अधिकारियों के सामने पहुंचा है। कंचन के पिता बैजनाथ शर्मा ने पुलिस अधिकारियों को दिए प्रार्थनापत्र में बेटी की मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा है कि मौत से कुछ समय पहले उनकी पत्नी की बेटी से फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें उसने पति पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। पिता ने पूरे मामले की विवेचना धूमनगंज थाने से हटाकर किसी वरिष्ठ अधिकारी या स्वतंत्र इकाई से कराने की मांग की है। साथ ही अपार्टमेंट की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, लोकेशन, व्हाट्सएप चैट व दूसरे डिजिटल साक्ष्यों को तत्काल सुरक्षित कराने का अनुरोध किया है। पिता बोले- तीन दिन से प्रयागराज में थे, घटना वाले दिन कानपुर भेजापिता ने बताया, मैं और मेरी पत्नी बेटी के पास करीब तीन दिन से प्रयागराज में थे। बेटी ने शादी के बाद से ही दहेज को लेकर पति और ससुराल वालों द्वारा प्रताड़ित किए जाने की शिकायत उनसे और उनकी पत्नी से की थी।यह भी बताती थी कि जितेंद्र शराब के नशे में उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट करता था। 19 सितंबर की शाम जितेंद्र ने उन्हें प्रयागराज से कानपुर भेज दिया। उसी रात करीब 11:48 बजे जितेंद्र ने फोन करके कंचन की मौत की जानकारी दी। पिता का कहना है कि इससे कुछ समय पहले ही उनकी पत्नी की कंचन से फोन पर बात हुई थी। उनके अनुसार, उस बातचीत में कंचन ने पति पर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। फोटो और सूचना के समय को लेकर भी उठाया सवालकंचन के पिता ने पुलिस को दिए प्रार्थनापत्र में घटना की फोटो और सूचना मिलने के समय को लेकर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि जितेंद्र की ओर से भेजी गई फोटो के आधार पर उन्हें आशंका है कि कंचन की मौत 11:16 बजे से पहले हो चुकी थी, जबकि उन्हें सूचना रात 11:48 बजे दी गई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया है कि जितेंद्र ने कंचन को फंदे से अकेले उतारने की बात कही है। पिता ने घटनास्थल की स्थिति और फंदे से शव उतारे जाने की प्रक्रिया की वैज्ञानिक जांच की मांग की है। सीसीटीवी रिकॉर्डिंग गायबप्रार्थनापत्र में अपार्टमेंट के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पिता का कहना है कि उन्हें सीसीटीवी की मेमोरी या रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं होने की जानकारी मिली है। उन्होंने पुलिस से अपार्टमेंट के सीसीटीवी का बैकअप तत्काल सुरक्षित कराने और उसकी फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की है। साथ ही जितेंद्र के मोबाइल की लोकेशन, कॉल डिटेल, व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित कराने का अनुरोध किया है। बेटी के शरीर पर थे चोट के निशानपिता का यह भी कहना है कि उनकी छोटी बेटी ने चीरघर में कंचन का शव देखा था। उसके अनुसार, शरीर के दाहिने कंधे और आंख के नीचे निशान दिखाई दे रहे थे। उन्होंने दाहिने हाथ के असामान्य स्थिति में होने और गले पर खरोंच के निशान होने का भी दावा किया है। दरोगा का नहीं कराया मेडिकलपिता का यह भी आरोप है कि अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों ने उन्हें बताया कि जितेंद्र घटना के समय नशे की हालत में था और उसके कपड़े अस्त-व्यस्त थे। उन्होंने जितेंद्र के गले पर खरोंच के निशान होने की बात भी कही है।आरोप यह भी है कि पुलिस ने उसका मेडिकल भी नहीं कराया। धूमनगंज पुलिस की भूमिका पर भी उठाया सवालकंचन के पिता ने यह भी आरोप लगाया है कि चूंकि जितेंद्र धूमनगंज थाने में ही दरोगा के पद पर तैनात रहा है और मामला उसी थाने का है, इसलिए उन्हें स्थानीय पुलिस की विवेचना को लेकर निष्पक्षता की आशंका है। उधर मृतका की बहन प्रिया ने बताया कि उनसे प्रार्थनापत्र वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने अपने और परिवार के सदस्यों के लिए सुरक्षा की मांग भी की है। अंबेडकर चौराहे पर किया प्रदर्शनमृतका की बहन और पिता ने साथी अधिवक्ताओं के साथ बुधवार को अंबेडकर चौराहे के पास प्रदर्शन भी किया। आरोप लगाया कि पुलिस जानबूझकर दरोगा पर कार्रवाई नहीं कर रही है। जबकि मुकदमा दहेज हत्या की धारा में दर्ज हुआ है।
लखनऊ में साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। अब वॉट्सएप के जरिए बैंकिंग ट्रांजैक्शन के नाम पर फर्जी मैसेज भेजकर लोगों को डराने की कोशिश की जा रही है। लखनऊ क्राइम ब्रांच ने ऑपरेशन डिजिटल कवच के तहत इस नए तरीके को लेकर लोगों को जागरूक किया है। एडीसीपी क्राइम किरन यादव ने बताया कि साइबर अपराधी बैंक के नाम से फर्जी संदेश भेजकर व्यक्ति को यह विश्वास दिलाते हैं कि उसके खाते से बड़ी रकम डेबिट हुई है। मैसेज में लिखा जाता है कि अगर यह ट्रांजैक्शन उसने नहीं किया है तो ‘NO’ का जवाब दें। घबराहट में व्यक्ति के जवाब देने के बाद ठग उसे लिंक, APK, फाइल या अन्य टेक्निकल माध्यम भेजकर मोबाइल और बैंकिंग जानकारी हासिल करने का प्रयास कर सकते हैं। बैंकिंग ऐप से खुद करें ट्रांजैक्शन की जांच क्राइम ब्रांच ने लोगों से अपील की है कि अनजान नंबर से आने वाले किसी भी बैंकिंग ट्रांजैक्शन अलर्ट पर तुरंत भरोसा न करें। वॉट्सएप पर आए संदिग्ध ‘YES/NO’ मैसेज का जवाब न दें। किसी अनजान लिंक, APK, फाइल या अटैचमेंट को खोलने अथवा डाउनलोड करने से बचें। खाते में वास्तव में कोई ट्रांजैक्शन हुआ है या नहीं, इसकी जानकारी केवल बैंक की आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से खुद लॉगिन कर जांचें। OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV या अन्य बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें। संदिग्ध ऐप इंस्टॉल हो तो बैंक को सूचना दें पुलिस ने बताया कि अगर गलती से मोबाइल में कोई संदिग्ध एप्लिकेशन या फाइल इंस्टॉल हो गई है तो तत्काल जरूरी सुरक्षा कदम उठाएं और बैंक को इसकी सूचना दें। साइबर फ्रॉड होने की स्थिति में बिना देरी किए 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। एडीसीपी क्राइम ने कहा कि ऑपरेशन डिजिटल कवच के तहत क्राइम ब्रांच साइबर ठगी के नए-नए तरीकों की पहचान कर उनकी जानकारी आमजन से साझा कर रही है। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और अपने आसपास के लोगों को भी साइबर फ्रॉड के प्रति जागरूक करने की अपील की है। ------------------------ यह खबर भी पढ़िए- (लखनऊ में ग्रीन गैस मीटर अपडेट कॉल पर न कराएं)
शाजापुर शहर में बुधवार को अलग-अलग जगहों पर कुत्तों के हमले में बच्चों और महिलाओं समेत छह से ज्यादा लोग घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां उन्हें प्राथमिक इलाज और एंटी रेबीज इंजेक्शन दिया गया। इनमें एक बच्चे की हालत गंभीर बताई जा रही है। वार्ड नंबर 10 के रहने वाले अदनान सुबह स्कूल जा रहे थे। घर से थोड़ी दूर पर एक आवारा कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया। इस हमले में अदनान के शरीर पर कई जगह चोटें आईं। परिजन तुरंत उसे जिला अस्पताल ले गए, जहां उसका इलाज चल रहा है। अदनान के परिजन मिर्जा साबिर बेग ने बताया कि उन्होंने नगरपालिका को आवारा कुत्तों की समस्या के बारे में कई बार बताया है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। डॉक्टर ने क्या कहा? आरएमओ डॉ. दीपक पाटीदार के मुताबिक, बुधवार को छह से ज्यादा लोग कुत्तों के काटने के बाद अस्पताल पहुंचे। इनमें अदनान, रुहान, अर्शु, सादिया, अयोध्या बाई और दुपाड़ा की मंजू बाई शामिल हैं। सभी को जरूरी इलाज और एंटी रेबीज इंजेक्शन दिया गया। इन लगातार बढ़ रहे हमलों से इलाके के लोगों में गुस्सा है। लोगों ने नगरपालिका से मांग की है कि आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए जल्द ही कोई अभियान चलाया जाए।
जमुई में नाबालिग छात्रा से कथित बदसलूकी के विरोध में अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन ने बुधवार को नवादा में प्रदर्शन किया। संगठन की महिलाओं ने शहर की सड़कों पर जुलूस निकाला और महिलाओं व बेटियों की सुरक्षा को लेकर नारे लगाए। यह जुलूस भगत सिंह चौक पहुंचा, जहां मुख्यमंत्री का पुतला जलाकर विरोध जताया गया। प्रदर्शनकारियों ने महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। ''महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी'' एआईपीडब्ल्यूए ने 22 सितंबर को जारी अपने प्रेस बयान में जमुई की घटना की निंदा की थी। संगठन का आरोप है कि कोचिंग से लौट रही दो नाबालिग छात्राओं के साथ असामाजिक तत्वों की भीड़ ने कथित तौर पर बदसलूकी, मारपीट और आपत्तिजनक व्यवहार किया था। घटना का वीडियो सामने आने के बाद इसे लेकर गुस्सा बढ़ गया है। प्रदर्शन के दौरान संगठन की अध्यक्ष सावित्री देवी ने कहा कि महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है। सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग उन्होंने जमुई मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही दहेज प्रथा और महिलाओं के साथ हो रहे उत्पीड़न के मामलों पर भी सरकार से प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई। एआईपीडब्ल्यूए ने अपने बयान में जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा द्वारा घटना को कथित तौर पर 'छिटपुट घटना' बताए जाने और मंत्री श्रेयसी सिंह के 'मोरल पुलिसिंग' संबंधी बयान पर भी सवाल उठाए हैं। संगठन ने एनकाउंटर संस्कृति खत्म करने, दोषियों को कड़ी सजा देने और मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग की। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा की गारंटी और मुख्यमंत्री से जवाबदेही तय करने की मांग की।
4 गोवंश की संदिग्ध मौत, मुंह से निकला झाग:पुलिस ने जताई जहर की आशंका, पशु चिकित्सक कर रहे जांच
पन्ना जिले की बृजपुर ग्राम पंचायत में गुरुवार, 23 सितंबर को चार गोवंश की अचानक मौत हो गई। इस घटना से इलाके के पशुपालकों में हड़कंप मच गया है। मरे हुए मवेशियों के मुंह से झाग निकल रहा था। ग्रामीणों और पशुपालकों को आशंका है कि उन्हें किसी ने जहरीला पदार्थ खिलाया है। यह भी हो सकता है कि उन्होंने खेतों में चरते समय कीटनाशक मिला चारा खा लिया हो। स्थानीय ग्रामीण रुपेश और जगदीश ने बताया कि मरे हुए मवेशियों की हालत देखकर लग रहा था कि वे किसी जहरीले पदार्थ के शिकार हुए हैं। उनके मुंह से लगातार झाग निकल रहा था। कुछ ही देर में वे तड़पकर मर गए। पशुपालक अभी यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि यह किसी की साजिश है या फसलों पर डाले गए कीटनाशकों का असर। ग्रामीणों में चिंता बृजपुर में पहले भी मवेशियों में लंपी वायरस फैला था। ग्रामीणों का कहना है कि लंपी का टीका लगाने का काम अधूरा छोड़ दिया गया था। इससे पशु पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो पाए थे। ग्रामीण अभी उस डर से बाहर नहीं आ पाए थे कि अब अचानक हुई इन मौतों ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है। जहर से मौत की आशंका बृजपुर थाना प्रभारी सोनम शर्मा ने बताया कि शुरुआती जांच में गायों की मौत जहरीला पदार्थ खाने से हुई लग रही है। पशु चिकित्सकों को जानकारी दे दी गई है। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत की असली वजह पता चल पाएगी। अभी तक इस मामले में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
अमरकंटक में नर्मदा नदी तट से 300 मीटर तक के क्षेत्र में निर्माण कार्य प्रतिबंधित होने की जानकारी देने के लिए नगर परिषद ने बुधवार को जागरूकता बोर्ड लगाया। बोर्ड में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों का हवाला देते हुए आम लोगों और भवन निर्माताओं से प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण नहीं करने की अपील की गई है। निर्माण प्रतिबंध की जानकारी देने लगाया बोर्ड नगर परिषद अमरकंटक की ओर से लगाए गए बोर्ड में नर्मदा नदी तट से 300 मीटर तक निर्माण प्रतिबंधित होने की जानकारी दी गई है। इसके साथ ही लोगों से निर्धारित नियमों का पालन करने का संदेश दिया गया है। पर्यावरण संरक्षण पर जोर नगर परिषद के सीएमओ चैन सिंह परस्ते ने बताया कि सूचना बोर्ड लगाने का उद्देश्य लोगों को निर्माण संबंधी प्रतिबंधों की जानकारी देना है। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित क्षेत्र की सटीक सीमा, लागू नियमों और निर्माण की अनुमति के लिए संबंधित विभाग के आधिकारिक निर्देशों का पालन करना जरूरी है। उन्होंने नर्मदा तट की पवित्रता, प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए नियमों के पालन और जन-जागरूकता को जरूरी बताया। अमरकंटक में नर्मदा संरक्षण को लेकर पहले भी निर्देश नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक में नदी और उसके आसपास के क्षेत्र के संरक्षण को लेकर एनजीटी पहले भी निर्देश दे चुका है। वर्ष 2016 में अमरकंटक में अतिक्रमण और प्रदूषण को लेकर बैठक हुई थी। इसमें स्थानीय नागरिकों, साधु-संतों और पर्यावरणविदों से सुझाव लिए गए थे। वर्ष 2017 में नर्मदा सेवा यात्रा के समापन समारोह से पहले एनजीटी की सेंट्रल जोन बेंच ने अनूपपुर कलेक्टर और नगर पंचायत को तलब किया था। प्रशासन को श्रद्धालुओं के बीच ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता को लेकर जागरूकता फैलाने, अस्थायी शौचालय बनाने और नदी में प्लास्टिक व गंदगी जाने से रोकने के निर्देश दिए गए थे।
किसानों को फसलों की बीमारियों, कीट-पतंगों, खरपतवार और अन्य कृषि समस्याओं के संबंध में विशेषज्ञ तकनीकी सलाह एक ही स्थान पर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से फरीदकोट में करीब 30 लाख रुपये की लागत से तैयार किए गए प्लांट हेल्थ क्लीनिक एवं फार्मर एडवाइजरी एंड ट्रेनिंग सेंटर का उद्घाटन बुधवार की खेतीबाड़ी व किसान भलाई मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने फरीदकोट के विधायक गुरदित्त सिंह सेखों की मौजूदगी में किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खुड्डियां ने लोगों को बाबा शेख फरीद जी के आगमन पर्व की शुभकामनाएं दीं और बाबा फरीद जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह प्लांट हेल्थ क्लीनिक आरकेवीवाई योजना के तहत मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों और कृषि विभाग के प्रयासों से पंजाब के विभिन्न जिलों में स्थापित किए जा रहे प्लांट हेल्थ क्लीनिकों की योजना के तहत तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इस क्लीनिक की स्थापना से फरीदकोट के किसानों को फसलों में होने वाली बीमारियों, कीट-पतंगों, खरपतवार तथा अन्य कृषि समस्याओं की जांच के लिए स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ सलाह मिल सकेगी। विशेषज्ञ किसानों को फसल की स्थिति के अनुसार सलाह देंगे कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पंजाब में तैनात विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ किसानों को उनकी फसल की स्थिति के अनुसार उचित तकनीकी सलाह देंगे। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को खाद, कीटनाशक और खरपतवारनाशक दवाओं का जरूरत के अनुसार वैज्ञानिक तरीके से इस्तेमाल करने में सहायता मिलेगी। इससे अनावश्यक कृषि इनपुट के इस्तेमाल को कम करने के साथ-साथ खेती की लागत घटाने और किसानों को आर्थिक लाभ पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।इससे किसानों को नई तकनीकें अपनाने और अपनी आय बढ़ाने के लिए जरूरी जानकारी मिल सकेगी। किसानों को सब्सिडी पर कृषि मशीनरी उपलब्ध इस मौके मंत्री खुड्डियां ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार किसानों को सब्सिडी पर कृषि मशीनरी उपलब्ध करवाकर पराली प्रबंधन के लिए बड़े स्तर पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पराली जलाने के नाम पर पंजाब के किसानों को बदनाम किया जा रहा है लेकिन सरकार के प्रयास व जागरूकता अभियान से पिछले वर्ष पराली जलाने के कम मामले सामने आए थे और इस बार और भी गिरावट आएगी।
महेंद्रगढ़ में रेलवे स्टेशन बोजावास के पास रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात बुजुर्ग का शव मिला है। काफी कोशिशों के बाद भी मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की है। जीआरपी महेंद्रगढ़ चौकी प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि 23 सितंबर को गाड़ी संख्या 19701 सैनिक एक्सप्रेस सुबह करीब 3 बजे महेंद्रगढ़ पहुंची तो रेलवे ट्रैक के किलोमीटर संख्या 126/1-2 (बोजावास स्टेशन के पास) पर एक व्यक्ति का शव पड़ा होने की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति देखी। इसके बाद धारा 194 BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है। मृतक की उम्र करीब 65 साल बताई जा रही है। मृतक ने सफेद कमीज-पजामा, सफेद बनियान और कमर में भूरे रंग का धारीदार कच्छा पहना हुआ है। पैरों में काले रंग की चप्पल पहनी हैं। ट्रेन की चपेट में आने से मृतक का चेहरा बुरी तरह खराब हो गया है। पुलिस की कई कोशिशों के बाद भी अभी तक शव की पहचान नहीं हो पाई है। पहचान के लिए शव को महेंद्रगढ़ के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में 72 घंटे के लिए रखवाया गया है।
कटिहार के सालमारी थाना क्षेत्र के हरलगा गांव में सोमवार-मंगलवार की आधी रात घर में सो रही 12 साल की बच्ची पर खिड़की से ज्वलनशील पदार्थ फेंकने का मामला सामने आया है। घटना में बच्ची बुरी तरह झुलस गई। उसे बचाने पहुंचे पिता अशरफुल हक का हाथ भी पदार्थ के संपर्क में आने से जल गया। परिजनों ने बच्ची को बारसोई अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज किया गया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… बड़ी बहन के साथ कमरे में सो रही थी बच्ची जानकारी के अनुसार, अशरफुल हक की 12 वर्षीय बेटी अपनी बड़ी बहन के साथ कमरे में सो रही थी। इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने खिड़की से उसके शरीर पर कोई तरल पदार्थ फेंक दिया। पदार्थ पड़ते ही बच्ची तेज जलन और दर्द से चीखने लगी। बच्ची को बचाने पहुंचे पिता, हाथ में भी हुई जलन बच्ची की चीख सुनकर पिता कमरे में पहुंचे। उन्होंने बच्ची को उठाने और संभालने की कोशिश की। इसी दौरान उसके शरीर पर पड़े पदार्थ के संपर्क में आने से पिता के हाथ में भी तेज जलन होने लगी। पिता का कहना है कि इसके बाद उन्हें किसी केमिकल या तेजाब जैसे पदार्थ फेंके जाने की आशंका हुई। पिता बोले- किसी से कोई दुश्मनी नहीं अशरफुल हक ने कहा कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि किसी ने खिड़की से उनकी बेटी पर तेजाब जैसा पदार्थ फेंका है। उन्होंने बताया कि बच्ची की हालत देखकर वह घबरा गए और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए। बच्ची बोली- अचानक शरीर में होने लगी तेज जलन पीड़ित बच्ची ने बताया कि वह अपनी बड़ी बहन के साथ सो रही थी। अचानक उसके शरीर में तेज जलन होने लगी। उसे लगा कि किसी ने खिड़की से उसके ऊपर कुछ फेंका है। घटना के बाद परिवार के लोग उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। FSL ने संदिग्ध पदार्थ के नमूने लिए घटना की सूचना मिलने पर सालमारी थानाध्यक्ष कुमारी जूली पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की। FSL टीम ने मौके से संदिग्ध पदार्थ के नमूने भी जमा किए हैं। अब जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि बच्ची पर आखिर कौन सा पदार्थ फेंका गया था। पुलिस सभी पहलुओं पर कर रही जांच थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं है कि बच्ची पर तेजाब ही फेंका गया था या कोई अन्य ज्वलनशील/रासायनिक पदार्थ। 12 साल की बच्ची के साथ हुई इस घटना के बाद हरलगा गांव में दहशत का माहौल है। समाजसेवी साहिर सरवर ने पुलिस से मामले की जल्द जांच कर आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी की मांग की है।
सम्राट कैबिनेट ने पटना में मां सीता महिला यूनिवर्सिटी की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इसी तरह बेगूसराय में दिनकर विश्वविद्यालय खोला जाएगा। पशुपालकों को गाय-भैंस खरीदने के लिए सरकार बैंकों से ब्याज मुक्त लोन मुहैया कराएगी।
गरियाबंद जिले के बिन्द्रानवागढ़-सातधार मार्ग पर 18 साल पुराना रपटा पुल बारिश में ढह गया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब 50 लाख रुपए की लागत से बने इस पुल का एक हिस्सा एक सप्ताह पहले पूरी तरह धंस गया। पुल टूटने से दर्जनों गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है। आवागमन बंद होने से स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं और राहगीरों को परेशानी हो रही है। पानी के तेज बहाव और टूटे रास्ते के कारण ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पुल के टूटने से रोजमर्रा के काम प्रभावित हो गए हैं। एंबुलेंस की आवाजाही बंद, मरीजों को खाट पर ले जाने की नौबत रास्ता बंद होने से बड़े वाहन और एंबुलेंस गांवों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। इससे आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। खासकर गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाने में ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों के मुताबिक मरीजों को खाट या पैदल मुख्य मार्ग तक ले जाने की नौबत आ गई है। मनबोध, सुरेश कुमार, रामेश्वर, वीरेंद्र कुमार और सूरज कुमार समेत ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल वैकल्पिक मार्ग या अस्थायी रपटे का निर्माण कराने की मांग की है। घटिया निर्माण का आरोप, जांच और कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने पुल निर्माण में घटिया गुणवत्ता और अनदेखी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुल धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त हो रहा था। इसकी शिकायत के बावजूद समय पर सुधार नहीं कराया गया। लगातार बारिश के बाद पुल पूरी तरह धंस गया। ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही आपातकालीन आवाजाही बहाल करने के लिए तत्काल अस्थायी रपटे का निर्माण कराने की मांग की है। अधिकारी बोले- बारिश में धंसा पुल, दोनों तरफ चेतावनी बोर्ड लगाए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क विभाग के गरियाबंद कार्यपालन अभियंता राहुल चंद्राकर ने बताया कि बारिश में रपटा धंस गया है। इससे आवागमन पूरी तरह बंद है। दोनों तरफ जिला प्रशासन के नाम से चेतावनी बोर्ड लगा दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि रपटा पुल का निर्माण विभाग या ग्राम पंचायत ने कराया था, यह फाइल देखने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। सरपंच बोले- 18 साल पहले 50 लाख से ज्यादा की लागत से बना था ग्राम पंचायत पतोरा के सरपंच कृष्ण कुमार नाग ने बताया कि पुल का निर्माण करीब 18 साल पहले प्रधानमंत्री ग्राम सड़क विभाग ने 50 लाख रुपए से अधिक की लागत से कराया था। पुल धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त हो रहा था। इसकी शिकायत के बावजूद विभाग ने सुधार नहीं कराया। उन्होंने बताया कि लगातार बारिश के बाद करीब एक सप्ताह पहले पुल धंस गया। इससे क्षेत्र के दर्जनों गांवों और पाराटोला के हजारों लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर पुल पार कर रहे हैं। सरपंच ने तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यहां बड़े पुल के निर्माण की जरूरत है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों लोगों के लिए मेट्रो कनेक्टिविटी का रास्ता जल्द साफ हो सकता है। सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4 तक प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर को 15 अक्टूबर तक मंजूरी मिलने की उम्मीद है। एनएमआरसी के एमडी कृष्णा करुणेश के मुताबिक, मेट्रो की डीपीआर पिछले महीने पीएमओ को भेजी गई थी। निर्माण से जुड़ी सभी जरूरी एनओसी मिल चुकी हैं। पीएमओ से मंजूरी मिलते ही परियोजना पर काम शुरू कराया जाएगा। 7.5 किमी का पूरा रूट एलिवेटेड होगाप्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर की लंबाई करीब 7.5 किलोमीटर होगी। पूरा रूट एलिवेटेड रहेगा। इस पर कुल 5 स्टेशन बनाए जाएंगे। रूट में सेक्टर-61, सेक्टर-70, सेक्टर-122, सेक्टर-123 और ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4 यानी किसान चौक के पास स्टेशन प्रस्तावित हैं। करीब 900 करोड़ रुपए आएगा खर्चपरियोजना पर करीब 900 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। यह सेक्टर-51 से आगे ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जोड़ने वाली एक्सटेंशन लाइन होगी। इक्विटी के अनुसार परियोजना की लागत में केंद्र और राज्य सरकार के साथ नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की भी हिस्सेदारी होगी। आरआरटीएस से भी जुड़ेगी मेट्रोग्रेटर नोएडा वेस्ट की यह मेट्रो लाइन प्रस्तावित गाजियाबाद-जेवर एयरपोर्ट आरआरटीएस कॉरिडोर से कनेक्टिविटी देगी। इससे ग्रेटर नोएडा वेस्ट के यात्रियों को एयरपोर्ट समेत दूसरे शहरों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। फिलहाल ग्रेटर नोएडा वेस्ट में सार्वजनिक परिवहन के लिए मुख्य रूप से सिटी बस और ऑटो पर निर्भरता है। पीक आवर्स में गौड़ चौक और आसपास के रास्तों पर जाम की समस्या भी रहती है। एनएमआरसी के मुताबिक, मेट्रो शुरू होने से ग्रेटर नोएडा वेस्ट, गौड़ चौक और नोएडा के करीब 5 लाख लोगों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।

