टीआरई-4 में सीटों की संख्या बढ़ी, अब 33385 सीटों पर होगी बहाली; कब तक आएगा विज्ञापन?
टीआरई-4 में अब 33385 सीटों पर भर्ती होगी। इसके लिए अगले सप्ताह विज्ञापन आने की उम्मीद है।
दुनिया बहनों से राखी बंधवा रही थी, हम प्रयागराज में अपनी बहन का अंतिम संस्कार कर रहे थे…, डॉक्टर से बात की तो बोले- 22 साल में उसे गर्भवती करवा दिया, समझाना चाहिए था न। ये शब्द रीवा के उन भाइयों के हैं, जिनकी बहन की मौत पहली डिलीवरी के दौरान संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल (GMH) में हो गई। गर्भस्थ शिशु की जान भी नहीं बची। ये मामला चर्चा में इसलिए है क्योंकि, मौत से कुछ घंटे पहले का एक वीडियो सामने आया, जिसमें महिला वार्ड से बाहर निकलकर रोते-चिल्लाते हुए जान बचाने के लिए मदद मांग रही है। ये महिला बैकुंठपुर के हटवा निवासी कल्पना मिश्रा (25) है। वीडियो में कल्पना कहती सुनाई दे रही है इस तरह का इलाज जारी रहा तो ये लोग मुझे मार डालेंगे मां वह बार-बार अपनी जान बचाने की गुहार लगाती नजर आती है। इस दौरान नर्सिंग स्टाफ उसे रोकने और समझाने की कोशिश करता दिखाई देता है। वीडियो में स्टाफ की ओर से उसे यह कहते भी सुना जा रहा है- “तू पागल हो गई है क्या?” वीडियो सामने आने के कुछ घंटे बाद ही कल्पना की मौत हो गई। अगले दिन जब भाई अस्पताल पहुंचा और डॉक्टर से बात की तो इस उम्र में गर्भवती करा देने जैसा शर्मनाक जवाब मिला। भाई की ओर से श्राप देने की बात पर अधीक्षक कहते हैं ये हमको श्राप दे रहे हैं, श्राप देने लायक हो तुम। इस पूरे मामले में दैनिक भास्कर ने परिवार से बात की। अधीक्षक और परिवार के बीच बहस का एक वीडियो भी हाथ लगा। पढ़िए रिपोर्ट… मौत के बाद रक्षाबंधन पर अस्पताल पहुंचे भाई, अधीक्षक से बहस बहन की मौत की खबर के बाद रक्षाबंधन के दिन परिवार और दोनों भाई अस्पताल पहुंचे। उन्होंने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जवाब मांगा। इसी दौरान अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा और कल्पना के भाई के बीच हुई बातचीत का वीडियो सामने आया है। वीडियो में भाई अपनी बहन की मौत को लेकर सवाल कर रहा है, जबकि अधीक्षक उस पर नाराज होते नजर आ रहे हैं। मामले में नर्सिंग स्टाफ साधना वर्मा और सीमा मुजालदे को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है। इसके बावजूद जब मृतका का भाई इलाज को लेकर सवाल करता है तो अधीक्षक के साथ उसकी तीखी बहस होती दिखाई देती है। अधीक्षक वीडियो में कहते सुनाई देते हैं- “आपका श्राप आप ही के ऊपर लगेगा।” वे अस्पताल में मरीजों के दबाव का हवाला देते हुए कहते हैं- “सिंगरौली से लेकर पन्ना तक के गंदे-गंदे मरीज हमारे पास आते हैं और हम इलाज करते हैं। एक-एक बिस्तर में तीन-तीन मरीज हैं।” भाई जब इलाज को लेकर सवाल करता है तो अधीक्षक कहते हैं- “जाके डॉक्टर पन्ना सोनी से पूछो न, जब उसकी ड्यूटी में एडमिट हुई थी तो उसने क्यों नहीं देखा।” उन्होंने रायपुर में पदस्थ डॉक्टर वंदना सिंह और गंगेव तथा जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टरों का भी जिक्र किया। परिवार का आरोप- बिगड़ती हालत पर समय रहते ध्यान नहीं दियापरिजनों का आरोप है कि कल्पना की हालत लगातार बिगड़ रही थी, लेकिन डॉक्टरों ने समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया। परिवार ने एनेस्थीसिया के ओवरडोज से मौत की आशंका भी जताई है। परिजनों ने ड्यूटी डॉक्टर सोनल अग्रवाल के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। वहीं, अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा का कहना है कि महिला का इलाज चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के अनुसार किया गया था। डॉक्टरों की ओर से किसी तरह की लापरवाही नहीं हुई है। हालांकि, परिजनों के आरोपों के संबंध में जानकारी ली जा रही है। इधर, श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय के डीन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. सुनील अग्रवाल ने दोनों डॉक्टरों के निलंबन के आदेश जारी किए हैं। इनमें प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की ड्यूटी डॉक्टर डॉ. सोनल अग्रवाल और निश्चेतना विभाग की डॉ. निधि पाण्डेय शामिल हैं। भाई बोले- दुनिया राखी बांध रही थी, हम बहन का अंतिम संस्कार कर रहे थेमृतका के भाई सूरज मिश्रा और शिब्बू मिश्रा ने कहा कि रक्षाबंधन का दिन उनके परिवार के लिए कभी न भूलने वाला दर्द बन गया। सूरज ने कहा कि दुनिया अपनी बहनों से राखी बंधवा रही थी और हम प्रयागराज में अपनी बहन का अंतिम संस्कार कर रहे थे। कभी नहीं सोचा था कि जिस बहन के साथ रक्षाबंधन मनाने की तैयारी होगी, उसी बहन को इस तरह खो देंगे। सूरज के मुताबिक, कल्पना बिल्कुल ठीक अस्पताल गई थी। यह उसकी पहली डिलीवरी थी और परिवार में खुशी का माहौल था। उम्मीद थी कि मां और बच्चा दोनों स्वस्थ घर लौटेंगे, लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद उसकी हालत बिगड़ती गई। शिब्बू ने कहा कि दूसरे घरों में बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांध रही थीं और भाई उन्हें उपहार दे रहे थे, लेकिन मेरे घर में राखी की जगह मातम है। हम अपनी बहन की अर्थी को कंधा दे रहे हैं। दोनों भाइयों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अगर इलाज में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार डॉक्टर और स्टाफ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पिता बोले- बेटी चल-फिर रही थी, बोल रही थी... अचानक ऐसा क्या हुआ?कल्पना के पिता रामशरण मिश्रा ने कहा कि अस्पताल में भर्ती होने से लेकर मौत से कुछ समय पहले तक बेटी चल-फिर रही थी। वह न तो कोमा में थी और न ही ऑक्सीजन पर थी। रामशरण के मुताबिक, मौत से कुछ समय पहले का वीडियो भी उनके पास है, जिसमें कल्पना चलती और बोलती दिखाई दे रही है। उन्होंने सवाल किया- “आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि उसकी मौत हो गई?” समझ नहीं आ रहा कि सरकारी अस्पताल में भर्ती कराने के बाद बेटी की हालत इतनी कैसे बिगड़ गई। उन्होंने कहा- “मतलब अब सरकारी अस्पताल से अगर निजी अस्पताल में शिफ्ट न करें तो क्या हमारी बेटियों को मार डालेंगे? सभी निजी अस्पताल खोलकर बैठे हैं।” उन्होंने इलाज की व्यवस्था और डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर सरकारी अस्पताल में ही समय पर बेहतर इलाज मिल जाए तो गरीब परिवारों को निजी अस्पतालों के चक्कर क्यों लगाने पड़ेंगे। उन्होंने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि “हत्यारों ने दो जान एक साथ ले ली।” परिवार की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए। अधीक्षक बोले- गर्भावस्था से पहले से ही हालत ठीक नहीं थी अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने कहा कि परिजनों की ओर से गर्भवती के इलाज में शुरू से ही लापरवाही बरती गई थी। उनके मुताबिक, महिला की हालत पहले से अच्छी नहीं थी। गर्भावस्था के दौरान महिला का केवल दो बार प्राइवेट अस्पताल में चेकअप कराया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि शायद महिला का ब्लड प्रेशर हाई था, जिसकी वजह से वह घबराकर भाग रही थी। 2025 में अमानक एनेस्थीसिया इंजेक्शन का मामला भी सामने आया था संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में 27-28 फरवरी 2025 की रात प्रसव पीड़ा और ऑपरेशन के दौरान महिलाओं को बेहोशी के लिए जो एनेस्थीसिया इंजेक्शन दिया गया था, वह पहले ही अमानक घोषित और ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था। परिजनों और सामने आई जानकारी के मुताबिक, इंजेक्शन के असर से 5 से ज्यादा प्रसूताओं की याददाश्त प्रभावित हुई थी। कुछ महिलाएं अपने परिजनों तक को पहचान नहीं पा रही थीं। मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने दोषी स्टोर कीपर को निलंबित किया था और उच्चस्तरीय जांच बैठाई गई थी। इससे पहले भी प्रसूताओं की मौत को लेकर उठे सवाल संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में इससे पहले भी मरीजों के इलाज को लेकर विवाद और लापरवाही के आरोप सामने आते रहे हैं। जुलाई 2026: रेनू सिंह नाम की प्रसूता की डिलीवरी के बाद कथित लापरवाही से मौत का मामला सामने आया था। परिजनों ने शिकायत कर जांच की मांग की थी और अस्पताल में हंगामा भी हुआ था। नवंबर 2025: दीपा गुप्ता की जच्चा-बच्चा मौत के बाद परिजनों ने आरोप लगाया था कि 7 अक्टूबर को सतना जिला अस्पताल से रेफर किए जाने के बाद उन्हें यहां लाया गया था। परिजनों का दावा था कि दो दिन तक महिला को वार्ड में रखा गया, लेकिन सही इलाज नहीं मिला। दीपा की मां के साथ मारपीट और खाली इंजेक्शन लगाने के आरोप भी लगाए गए थे। दिसंबर 2025: प्रसव के बाद एक प्रसूता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया था। परिजनों ने सीने में दर्द और उल्टी की शिकायत को नजरअंदाज करने तथा एनेस्थीसिया के दुष्प्रभाव का आरोप लगाया था। नवंबर 2022: अस्पताल में करीब चार घंटे बिजली गुल रहने और वेंटिलेटर बंद होने का मामला सामने आया था। सांस लेने में तकलीफ से जूझ रही महिला मरीज की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया था। 22 साल की उम्र में गर्भधारण को लेकर विशेषज्ञ क्या कहते हैं?अस्पताल अधीक्षक की ओर से वीडियो में 22 साल की उम्र में महिला के गर्भवती होने पर की गई टिप्पणी के बाद यह सवाल भी उठता है कि क्या 22 साल की उम्र में गर्भधारण चिकित्सकीय रूप से असामान्य है? अमेरिका के टेक्सास के डॉक्टर एंथनी प्रॉप्स्ट, एमडी के अनुसार, 20 की उम्र के शुरुआती वर्षों में महिलाओं की प्रजनन क्षमता सामान्यतः काफी अच्छी होती है और गर्भधारण की संभावना अधिक रहती है। अपोलो हॉस्पिटल की जानकारी के मुताबिक, इस उम्र में अंडों की गुणवत्ता और मात्रा बेहतर रहती है, जिससे गर्भपात और कुछ जन्मजात विकारों का जोखिम उम्र बढ़ने की तुलना में कम हो सकता है। हैदराबाद के हर्षा हॉस्पिटल के मुताबिक, कम उम्र में गर्भधारण करने पर गर्भावस्था से जुड़े कुछ जोखिम, जैसे हाई ब्लड प्रेशर और जेस्टेशनल डायबिटीज, उम्र बढ़ने के साथ होने वाले जोखिमों की तुलना में कम हो सकते हैं। हालांकि, किसी भी गर्भावस्था में मां और बच्चे की स्थिति कई चिकित्सकीय कारकों पर निर्भर करती है। इसलिए केवल उम्र के आधार पर किसी महिला की गर्भावस्था को असामान्य नहीं माना जा सकता। सबसे बड़ा सवाल- कल्पना की मौत की असली वजह क्या?कल्पना की मौत को लेकर परिवार इलाज में लापरवाही और एनेस्थीसिया के ओवरडोज की आशंका जता रहा है। वहीं अस्पताल प्रशासन का दावा है कि इलाज चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के अनुसार किया गया और महिला की हालत पहले से ही खराब थी। मामले में नर्सिंग स्टाफ की दो कर्मचारियों को सस्पेंड किया जा चुका है। अब सवाल यह है कि मौत की वास्तविक वजह क्या थी, इलाज के दौरान कौन-कौन से चिकित्सकीय कदम उठाए गए और क्या कहीं लापरवाही हुई? हालांकि इन सवालों का जवाब जांच और मेडिकल रिकॉर्ड सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। यह खबर भी पढ़ें…‘मैं नहीं बचूंगी..बचा लो मां’ VIDEO, 2 लेडी डॉक्टर सस्पेंड रीवा के गांधी मेमोरियल अस्पताल में जच्चा-बच्चा मौत मामले में दैनिक भास्कर की खबर के बाद बड़ी कार्रवाई हुई है। मौत से पहले गर्भवती कल्पना मिश्रा का ‘मैं नहीं बचूंगी, बचा लीजिए मां’ कहते हुए VIDEO भास्कर ने सामने लाया था। इसके बाद ड्यूटी पर तैनात 2 लेडी डॉक्टरों को सस्पेंड कर दिया गया है। इससे पहले 2 नर्सिंग अधिकारियों को भी निलंबित किया जा चुका है। पूरी खबर पढ़ें… 'मैं नहीं बचूंगी, बचा लीजिए, मुझे मार डालेंगे मां' मध्य प्रदेश के रीवा के गांधी मेमोरियल अस्पताल में पहली डिलीवरी के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। मौत के बाद परिजन अस्पताल के मुख्य गेट पर बैठ गए। परिजन ने कहा- इलाज में डॉक्टर ने लापरवाही बरती, इसलिए जान चली गई। लापरवाह डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। पूरी खबर पढ़ें…
हरियाणा के नारनौल में रक्षाबंधन के बाद व त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने रेवाड़ी-फुलेरा-रेवाड़ी स्पेशल ट्रेन का मदार जंक्शन तक विस्तार कर दिया है। अब यह ट्रेन रेवाड़ी-मदार जंक्शन-रेवाड़ी अनारक्षित स्पेशल के रूप में संचालित होगी। इससे हरियाणा और राजस्थान के यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि गाड़ी संख्या 09717 रेवाड़ी-मदार जंक्शन अनारक्षित स्पेशल 29 से 31 अगस्त तक तीन ट्रिप तथा 4 से 7 सितंबर तक चार ट्रिप संचालित होगी। ट्रेन रेवाड़ी से सुबह 4:15 बजे रवाना होकर फुलेरा सुबह 9:20 बजे, नरैना 9:39 बजे और किशनगढ़ 10:14 बजे पहुंचेगी। इसके बाद ट्रेन 11 बजे मदार जंक्शन पहुंचेगी। 7 तक होगी संचालित इसी तरह गाड़ी संख्या 09718 मदार जंक्शन-रेवाड़ी अनारक्षित स्पेशल 29 से 31 अगस्त तक तीन ट्रिप और 4 से 7 सितंबर तक चार ट्रिप संचालित होगी। यह ट्रेन मदार जंक्शन से सुबह 11:50 बजे रवाना होकर किशनगढ़ 12:05 बजे, नरैना 12:40 बजे और फुलेरा 12:55 बजे पहुंचेगी। इसके बाद शाम 5:30 बजे रेवाड़ी पहुंचेगी। इन स्टेशनों पर ठहराव रेलवे के अनुसार इस स्पेशल ट्रेन का ठहराव कुंड, अटेली, नारनौल, निजामपुर, डाबला, मांवड़ा, नीमकाथाना, कांवट, श्रीमाधोपुर, रींगस, रेनवाल, फुलेरा, नरैना और किशनगढ़ स्टेशनों पर रहेगा। मार्ग के अन्य स्टेशनों पर ट्रेन का संचालन समय और ठहराव पहले की तरह ही रहेगा। 13 साधारण डिब्बे रेलवे ने बताया कि इस स्पेशल ट्रेन में 13 साधारण श्रेणी के कोच और 2 गार्ड डिब्बों सहित कुल 15 डिब्बे लगाए जाएंगे, ताकि त्योहार के दौरान यात्रियों को पर्याप्त सीटें उपलब्ध कराई जा सकें।
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
बिहार में मानसून कमजोर पड़ने लगा है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, सीवान, सारण, गोपालगंज, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, पटना, वैशाली और पश्चिमी चंपारण समेत कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि किसी भी जिले में अलर्ट नहीं है। राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे, लेकिन लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 30 अगस्त को कुछ जिलों में बारिश की संभावना है। पिछले 24 घंटे में पटना में उमस भरी गर्मी रही। बादल छाए रहे, हल्की बारिश भी हुई, लेकिन लोग उमस से परेशान रहे। वहीं, मुजफ्फरपुर, मधेपुरा और पूर्णिया में झमाझम बारिश हुई। दिनभर बादल और उमस क्यों बन रही मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय वातावरण में नमी अधिक है। इसके साथ ही मानसून की गतिविधियों के कारण ऊपर के स्तर पर बादलों का निर्माण हो रहा है। ऐसे में कई जगह बादल तो पहुंच रहे हैं, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं हो रही है। यही वजह है कि बारिश से पहले और बारिश के बाद उमस काफी बढ़ जाती है। पटना में कैसा रहेगा मौसम पटना में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और बारिश की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 33 और न्यूनतम 28 के आसपास रह सकता है। 30 अगस्त को मौसम में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। पटना, सीवान, सारण, गोपालगंज, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, भोजपुर, बक्सर, कैमूर और रोहतास समेत कई जिलों में बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना है। 31 अगस्त को पटना समेत कई इलाकों में बादल छाए रहेंगे। पटना में तेज बारिश का अनुमान है और अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। अब तक 42 प्रतिशत कम हुई बारिश बिहार में इस मानसून सीजन अब तक बारिश सामान्य से काफी कम हुई है। आंकड़ों के अनुसार 756.5 के मुकाबले 438.6 बारिश दर्ज हुई है। यानी सामान्य से 317.9 कम, जो करीब 42% की कमी है।
19 अगस्त 2026 को बिहार सरकार ने फैसला किया कि उच्च शिक्षा के लिए छात्रों को स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत सीधे 2 लाख रुपए मिलेंगे। शेष 2 लाख रुपए पाने के लिए दूसरा रास्ता बताया गया। मामले ने तूल पकड़ा तो 5 दिन बाद सीएम सम्राट चौधरी ने ऐलान किया कि पहले की तरह छात्रों को 4 लाख रुपए कर्ज मिलेंगे। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बदलाव अकेला मामला नहीं। बिहार सरकार खर्च कम करने के लिए वेतन और पेंशन किश्तों में दे रही है। जीविका दीदियों को दूसरी किस्त का इंतजार है। ऐसे में सवाल है कि क्या बिहार सरकार वित्तीय संकट के कारण खर्च में कटौती कर रही है? दैनिक भास्कर की स्पेशल रिपोर्ट में जानिए, सम्राट सरकार आर्थिक संकट के चलते कौन से फैसले लिए। आर्थिक प्रबंधन के नाम पर किस तरह खर्चों में कटौती की जा रही है। पैसे बचाने के लिए सरकार कौन से बड़े खर्च घटा रही, 10 पॉइंट 1- बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए राशि आवंटन की रफ्तार धीमी वित्त विभाग के कड़े प्रावधानों के कारण पथ निर्माण विभाग को बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए राशि धीरे-धीरे जारी की जा रही है। जून और जुलाई में पैसे जारी करने की रफ्तार धीमी रही। विभाग के बजट आवंटन के मुताबिक, 1 और 2 जून 2026 को बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए कुल 260 करोड़ रुपए जारी किए गए। 2- बिहार के डेटा एंट्री ऑपरेटर का इंक्रीमेंट रोका गया बिहार सरकार ने ठेके पर बहाल कर्मियों के इंक्रीमेंट पर रोक लगा दी है। हर साल मिलने वाला 10 फीसदी इंक्रीमेंट इस साल नहीं दिया गया है। बिहार राज्य डेटा एंट्री ऑपरेटर संघ ने इसका विरोध किया है। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त विभाग के मंत्री बीजेंद्र यादव को पत्र सौंपकर इंक्रीमेंट लागू करने की मांग की है। बिहार में मुख्यमंत्री सचिवालय से लेकर पंचायत स्तर तक डेटा एंट्री ऑपरेटर काम कर रहे हैं। संघ का दावा है कि इनकी संख्या 20 हजार से अधिक है। 3- जीविका दीदियों को दूसरी किस्त का इंतजार, 1 लाख को मिले 20 हजार रुपए जीविका दीदियों को 2 लाख रुपए देने का वादा कर NDA सरकार सत्ता में लौटी, लेकिन सरकार बनने के करीब 9 महीने बाद भी यह वादा पूरी तरह पूरा नहीं हुआ है। 7वें चरण में 4 लाख दीदियों को 10-10 हजार रुपए मिले। ग्रामीण क्षेत्रों की जीविका दीदियों को किस्तों में दूसरी किस्त के पैसे मिलने शुरू हुए हैं। 27 अगस्त को सरकार ने 600 करोड़ रुपए जारी किए। 1 लाख दीदियों को 20-20 हजार रुपए की दूसरी किस्त दी गई। सितंबर 2025 में पहली किस्त के 10-10 हजार रुपए मिलने शुरू हुए थे। इस तरह दूसरी किस्त मिलना शुरू होने में 11 महीने लग गए। 4- बेरोजगारी भत्ते के भुगतान में देरी मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को अधिकतम 24 महीने तक हर महीने 1,000 रुपए की सहायता राशि देने का प्रावधान है। 5- KYP केंद्रों के संचालन पर संकट बिहार के युवाओं को रोजगार के लिए जरूरी कौशल और प्रशिक्षण दिलाने के लिए कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) चलाया जा रहा है। इसके तहत युवाओं को कंप्यूटर, संचार कौशल और रोजगार से जुड़े अन्य जरूरी ट्रेनिंग दिए जाते हैं। नए वित्तीय वर्ष में KYP केंद्रों के संचालन को लेकर स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। संचालकों को सरकार से पैसे मिलने में देरी हो रही है। इसके चलते 20 अगस्त को KYP संचालक भाजपा के प्रदेश कार्यालय का घेराव करने पहुंचे थे। 6- सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि किस्तों में जारी बिहार सरकार सामाजिक सुरक्षा पेंशन किस्तों में दे रही है। धीरे-धीरे बकाया पेंशन भुगतान किया जा रहा है। ठेके पर तैनात कर्मियों का मानदेय लंबित कृषि, जल संसाधन, गृह विभाग (पुलिस सहित) और अन्य विभागों में कॉन्ट्रैक्ट पर बहाल कर्मियों का मानदेय अटका हुआ है। कटिहार की एक सुदूर पंचायत में कार्यरत कृषि समन्वयक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें पिछले तीन महीने से मानदेय के पैसे नहीं मिले हैं। बैकलॉग खत्म नहीं हो रहा है। जून महीने में पिछले तीन महीने का मानदेय मिला था। उन्होंने बताया कि अब फिर से घर चलाना मुश्किल हो रहा है। उधारी बढ़ने के बाद किराना दुकानदार उधार देना बंद कर देता है। तीन महीने का मानदेय मिलने के बाद पूरा उधार चुकाया था। अब फिर वही स्थिति बनने वाली है। 7- वेतन मद की राशि भी किस्तों में जारी वित्त विभाग ने बजट 2026-27 की राशि में से वेतन मद के पैसे किस्तों में जारी किए हैं। कुल वेतन मद की राशि का 33% जारी किया गया है। वित्त विभाग ने आदेश जारी कर किस्तों में वेतन-पेंशन भुगतान करने के लिए कहा है। 8- विश्वविद्यालयों के टीचिंग और नॉन-टीचिंग कर्मियों का वेतन लंबित विश्वविद्यालयों के टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ के लंबित वेतन और पेंशन के पैसे किस्तों में जारी किए गए हैं। 9- विधायकों की अनुशंसा निर्माण पर भी ब्रेक विधायक मद की योजनाएं भी रुकी हुई हैं। विपक्ष को छोड़िए, सत्ताधारी दल के विधायकों को भी इंतजार करने के लिए कहा जा रहा है। पैसे जारी होने के बाद काम कराने के लिए कहा जा रहा है। 10- कर्मचारियों के एरियर भुगतान पर ब्रेक राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों के एरियर भुगतान पर रोक लगा रखी है। स्टेप-बाय-स्टेप कर्मचारियों का एरियर भुगतान किया जा रहा है। लिखित आदेश की जगह मौखिक आदेश लागू किए जाने की भी बात सामने आ रही है। अकाउंटेंट की ओर से भुगतान के लिए इंतजार करने को कहा जा रहा है।
नमस्कार, नेपाल त्रासदी के तीन दिन बीत चुके हैं। अबतक 570 से ज्यादा लोगों के शव बरामद हो चुके हैं। नेपाल सरकार के मुताबिक 1900 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी की किताब को लेकर विवाद की स्थिति बन रही है। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे बताएंगे यूपी में कैसे आंगन धंसने से लड़की की मौत हो गई। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... 1. न्यूयॉर्क के मेडिसन स्क्वायर गार्डन में यूनिवर्सिल वननेस सेलिब्रेशंस होगा। RSS प्रमुख मोहन भागवत चीफ गेस्ट होंगे। 2. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की 4 दिन की यात्रा पर रवाना होंगे। कल की बड़ी खबरें... 1. नेपाल बाढ़ से अब तक 579 की मौत, लापता लोगों की संख्या 1900 पार; 84 भारतीयों का भी रेस्क्यू, 21 की वतन वापसी नेपाल बाढ़ त्रासदी से अबतक 570 से ज्यादा लोगों की मौत चुकी है। 1900 से ज्यादा लापता हैं, सेना और दूसरी टीमें रेस्क्यू में जुटी हैं। तिब्बत बॉर्डर के ऊपरी इलाके में बर्फ-चट्टानों के मलबे से बनी झील से अब भी नेपाल पर बाढ़ का खतरा बना हुआ है। नेपाल में 84 भारतीयों का भी रेस्क्यू हुआ है। इनमें से 21 लोग शनिवार को भारत लौटे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक 320 लोगों से फिलहाल संपर्क नहीं हो सका है। 400 के करीब लोग चीन में फंसे हुआ है। वहीं 149 लोग चीन से नेपाल के काठमांडू पहुंचे हैं। नेपाल सरकार के मुताबिक, रेस्क्यू और राहत अभियान में 13,295 सुरक्षाकर्मी लगाए गए हैं। इनमें 7,250 नेपाल पुलिस, 4,200 नेपाली सेना और 1,845 आर्म्ड पुलिस फोर्स के जवान शामिल हैं। 3253 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। तीन पॉइंट में नेपाल के हालात पूरी खबर पढ़ें... 2. घर का आंगन 25 फीट धंसा, गिरकर लड़की की मौत, 60 जवानों ने गड्ढा खोदकर निकाला, बोरवेल के ऊपर फर्श बना दी थी कानपुर में शुक्रवार सुबह 6:40 बजे घर का आंगन अचानक धंसने से लड़की 25 फीट गहरे गड्ढे में चली गई। लड़की को 7 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बाहर निकाल लिया गया। लेकिन अस्पताल ले जाते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाथरूम से नहाकर निकली थी यशी: रक्षाबंधन पर 18 साल की यशी सविता नहाकर बाथरूम से बाहर निकली थी। जैसे ही उसने अपना एक कदम आंगन की तरफ बढ़ाया, नीचे की जमीन धंस गई। यशी नीचे मौजूद बोरिंग में समा गई। उसे संभलने का मौका तक नहीं मिला। भाई को राखी बांधने की तमन्ना अधूरी रह गई हादसे के वक्त घर में मौजूद बहन ने यशी को रस्सी डालकर बाहर निकालने की कोशिश की। लेकिन मिट्टी धंसने से यशी और गड्ढे में चली गई। सूचना पर पुलिस और घर से 22 किमी दूर जाजमऊ से फायरब्रिगेड को बुलाया गया। तब तक डेढ़ घंटे बीत चुके थे। भाई लखनऊ से सुबह कानपुर जा रहा था। यशी भी उसे राखी बांधने की तैयारी कर रही थी। पूरी खबर पढ़ें… 3. दावा-भारतीय पब्लिशर ने सोनिया की किताब छापने से मना किया:पेंगुइन इंडिया ड्राफ्ट में बदलाव कराना चाहता था, लेखक राजी नहीं हुए किताब छापने वाली कंपनी पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने कहा कि वह भारत में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की संस्मरण किताब ‘बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव’ को पब्लिश नहीं करेगी। यह कहना सही नहीं है कि लेखक के संपादकीय बदलावों से इनकार करने के बाद उसने किताब प्रकाशित करने से हाथ खींच लिया है। इससे पहले द इंडियन एक्सप्रेस ने रिपोर्ट दी थी कि पेंगुइन ने एक हिस्से में कुछ “एडिटोरियल बदलाव और हिस्से हटाने” की मांग की थी, लेकिन लेखकों ने इस मांग को ठुकरा दिया था। किताब को पहले 10 नवंबर को प्रकाशित किया जाना था। इसमें सोनिया अपने राजनीतिक सफर और 2004 में प्रधानमंत्री पद स्वीकार नहीं करने के फैसले से जुड़े अनुभव साझा करेंगी। सोनिया पहले लिख चुकी हैं 4 किताबें पूरी खबर पढ़ें... 4. ममता बोलीं- BJP ने चुनाव 'हाईजैक' किया, वोट लूटने के लिए SIR का इस्तेमाल; बंगाल में पुलिस के जरिए डर का माहौल बनाया जा रहा पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा ने चुनाव 'हाईजैक' करने के लिए चुनाव आयोग का इस्तेमाल किया। वोटर लिस्ट से लाखों नाम गैर-कानूनी तरीके से हटाकर 'वोट लूटने' के लिए SIR का इस्तेमाल किया गया। भाजपा बंगाल में बांटने वाली राजनीति कर रही है और डर फैलाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है। ममता की स्पीच, 3 बड़ी बातें पूरी खबर पढ़ें... 5. कर्नाटक- मंत्री नागेंद्र का दो साल में दूसरी बार इस्तीफा, ऐलान करके रोने लगे; पहले 2024 में पद से हटे कर्नाटक में कांग्रेस नेता बी. नागेंद्र ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया। उन पर वाल्मीकि स्कैम को लेकर दबाव बन रहा था। यह मामला 89 करोड़ रुपए के घोटाले से जुड़ा है। मई 2024 में निगम के अकाउंट्स ऑफिसर पी. चंद्रशेखरन ने आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने एक नोट में फंड के अनधिकृत ट्रांसफर का आरोप लगाया था। जांच में निगम के बैंक खातों से बड़ी रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर किए जाने की बात सामने आई थी। नागेंद्र उस समय सिद्धारमैया सरकार में जनजातीय कल्याण मंत्री थे। विवाद के बाद उन्होंने जून 2024 में मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद 3 अगस्त को उन्हें डीके शिवकुमार की कैबिनेट में दोबार मंत्री बनाया गया था। पूरी खबर पढ़ें... 6. ट्रम्प ने कनाडा से जुड़ी झील का नाम बदला:'लेक ओंटारियो' अब 'लेक अमेरिका' कहलाएगा कनाडा और अमेरिका के बॉर्डर पर मौजूद लेक ओंटारियो अब ‘लेक अमेरिका’ कहलाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसका नाम बदलने वाले आदेश पर साइन किए। अगले 30 दिन में यह प्रक्रिया पूरी होगी और अमेरिका के सरकारी नक्शों व रिकॉर्ड में लेक का नया नाम इस्तेमाल होगा। ट्रम्प के फैसले पर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा- हकीकत में इसका नाम लेक ओंटारियो ही है। पहले भी, अब भी और हमेशा। कनाडा इस झील को लेक ओंटारियो ही बुलाएगा। दरअसल, लेक ओंटारियो अमेरिका और कनाडा के बीच स्थित पांच बड़ी झीलों में से एक है। इसके एक तरफ न्यूयॉर्क और दूसरी तरफ कनाडा का ओंटारियो प्रांत है। दोनों देशों की सीमा भी इसी झील से होकर गुजरती है। पूरी खबर पढ़ें… आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. नेशनल: NTA में केंद्र के तीन अफसरों की नियुक्ति: 2 डायरेक्टर, एक जॉइंट डायरेक्टर; तीन हफ्ते में पद संभालने का आदेश (पूरी खबर पढ़ें) 2. इंटरनेशनल: पाकिस्तान में 200 साल पुराना गुरुद्वारा गिराया: शॉपिंग मॉल बनाया जा रहा; BJP बोली- सिखों की विरासत खत्म की जा रही (पूरी खबर पढ़ें) 3. बिजनेस: जियो के IPO को SEBI की मंजूरी: 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी कंपनी, बाजार में आएगा सबसे बड़ा IPO (पूरी खबर पढ़ें) 4. नेशनल: दिल्ली के कपल पर पाकिस्तान के लिए जासूसी का आरोप: दुबई के रास्ते 8 भारतीय सिम भेजे, पाकिस्तानी हैंडलर से 2 साल से संपर्क में थे (पूरी खबर पढ़ें) 5. नेशनल: S-400 से डरकर बॉर्डर के पास नहीं आए पाकिस्तानी जेट: पूर्व वायुसेना अधिकारी का दावा- स्लीपर सेल से डिफेंस सिस्टम की लोकेशन की जासूसी कराई (पूरी खबर पढ़ें) 6. तमिलनाडु: CM विजय तय सीट छोड़कर मंत्रियों के बीच बैठे: सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया, तमिलनाडु विधानसभा में ऐसा पहली बार हुआ (पूरी खबर पढ़ें) 7. छत्तसीगढ़: बिलासपुर एयरपोर्ट पर लैंडिंग के वक्त विमान का टायर फटा: दिल्ली से आए सभी 35 यात्री सुरक्षित; हादसे की वजह से प्रयागराज की फ्लाइट कैंसिल (पूरी खबर पढ़ें) 8. नेशनल: भारतीय सेना अमेरिकी जैवलिन एंटी-टैंक मिसाइल खरीदेगी: सेकेंड्स में दुश्मन के टैंक तबाह होंगे; दागते ही टारगेट को खुद ढूंढ लेगी (पूरी खबर पढ़ें) 9. नेशनल: राखी पर रामदेव ने कंगना को मिठाइयां-रुपए भेजे: कहा- विवाद खत्म करें; एक्ट्रेस बोलीं- त्योहार पर भूल-चूक माफ, ईश्वर आपको लंबी आयु दे (पूरी खबर पढ़ें) 10. स्पोर्ट्स: एशियाड में क्रिकेट की B टीमें भेज सकता है भारत: जापान में सुविधाओं से BCCI नाराज; होटल के कमरे छोटे, स्टेडियम से 20km दूर (पूरी खबर पढ़ें) 11. एंटरटेंमेंट: टॉक्सिक एक्ट्रेस रुक्मिणी के पिता को मिला था अशोक चक्र: कर्नल वसंत वेणुगोपाल उरी में आठ आतंकियों से लड़े थे, परिवार ने सेवा परंपरा जारी रखी (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके… कैफे मे कॉफी पीजिए, उल्लू और सांप के साथ खेलिए जापान में एनिमल कैफे का चलन बढ़ रहा है, जहां लोग जानवरों के साथ बैठकर कॉफी पीते और उनके साथ खेलते हैं। कुछ कैफे में उल्लू, रैकून और सांप जैसे जंगली जानवर भी रखे जाते हैं। पूरी खबर पढ़ें... फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर: बांग्लादेश चीन से J-10 लड़ाकू विमान खरीदेगा, कहा- 'इसने भारत के राफेल गिराए'; भारत को कैसे घेर रहे चीन-पाकिस्तान 2. मेंटल हेल्थ: 25 साल बाद पेरेंट्स के घर लौटी हूं:यहां मन नहीं लग रहा, अपनी अकेली जिंदगी याद आती है, क्या मैं स्वार्थी हूं 3. जरूरत की खबर: रक्षाबंधन पर खेलें फन फैमिली गेम्स:भाई-बहन से लेकर मम्मी–पापा, दादा-दादी को भी करें शामिल, राखी को बनाएं यादगार 4. ग्राउंड रिपोर्ट: लॉरेंस का घर पूछा तो झिझका दुकानदार:बुजुर्ग बोले- 110 एकड़ जमीन, 3-4 कोठियां, लैंडलॉर्ड का बेटा; चंडीगढ़ जाकर गलत संगत में पड़ा 5. भास्कर इंटरव्यू: ‘मोहन भागवत का कार्यक्रम सिर्फ हिंदुओं के लिए नहीं’:आयोजक बोले- 16 धर्मों के लोग आएंगे, विरोध करने वाले भी आएं 6. भास्कर इन्वेस्टिगेशन: जमीन में नहीं, केमिकल से पैदा हो रहा नया आलू:4 गुना कमाई, VIDEO में देखिए कैसे बनता है 'जहरीला' आलू 7. दिशा पाटनी 500 रुपए लेकर मुंबई आई थीं:‘हीरोपंती’ के ऑडिशन में फेल हुईं; इंजीनियरिंग छोड़ी, फिर ‘एमएस धोनी’ से बनीं स्टार 8. भास्कर एक्सक्लूसिव: नेपाल त्रासदी से कैसे बचा बिहार,गंडक बैराज पर क्या हुआ:22 घंटे में 35 लाख क्यूसेक पानी आया, 2 घंटे देर होती तो 8 जिले बह जाते 9. भास्कर एक्सक्लूसिव: UP में 62 हजार शिक्षकों के लिए स्पेशल TET:यह सामान्य TET से कितना अलग, क्या नौकरी पर भी असर पड़ेगा? 10. राजस्थान एक्सप्लेनर: निर्दलियों को मिलेंगे ‘चिमटा-चप्पल-जुराब’जैसे सिंबल?:निकाय चुनाव में 'पतंग' के लिए हाईकोर्ट पहुंची ओवैसी की पार्टी, जानिए- कैसे होता है आवंटन 11. भास्कर एक्सक्लूसिव: भाई को पाकिस्तान की जेल से छुड़ाकर लाई बहन:बोली-सब उसे मरा हुआ मानते, लेकिन मैंने उम्मीद नहीं छोड़ी, 8 साल बाद बांधी राखी 12. भास्कर एक्सक्लूसिव: 'SP ने कहा- मुझे मारेंगे, झूठे केस लगा देंगे':स्टूडेंट प्रोटेस्ट में शामिल 6 साल का बच्चा बोला- जबरदस्ती एंबुलेंस में बिठाया, माता-पिता से अलग रखा 13. ग्राउंड रिपोर्ट: पेंड्रावन स्कूल के छात्रों ने कहा- किसी ने नहीं भड़काया:4 साल से शिक्षक कम, ओपन स्कूल की ड्यूटी से पढ़ाई प्रभावित; इसलिए चक्काजाम किया 14. भास्कर इन्वेस्टिगेशन: 35 लाख में MBBS, बिना ट्रेनिंग डॉक्टर बनाने का दावा:एजेंट बोले- साल में एक बार परीक्षा देने जाना होगा; 100+ सेंटरों पर डिग्री शॉर्टकट करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज सिंह राशि वालों का रुका पेमेंट मिलने संकेत हैं। कन्या राशि वालों को उधार दिया पैसा वापस मिल सकता है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
शामली में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या करने वाले बदमाशों का सीसीटीवी सामने आया। वे भागते हुए किसी से फोन पर बात कर रहे थे। लग रहा था जैसे वे कह रहे हों- काम हो गया है। फिलहाल, पुलिस अब तक हत्यारों का सुराग नहीं लगा पाई है। इस हत्याकांड पर सियासत भी शुरू हो गई है। सपा सांसद इकरा हसन ने परिवार से मुलाकात की। अंकित के पिता से अखिलेश यादव की बात भी करवाई। VIDEO देखिए…
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'एक बार मुझे ऊपर जाने दो… मैं अरुण की पत्नी हूं। हमारी आर्य समाज मंदिर में शादी हुई थी। मैं हाथ जोड़ रही हूं, मुझे आखिरी बार अरुण को देख लेने दो…।' कभी SP, तो कभी पुलिसकर्मियों से रिक्वेस्ट करती यह महिला खुद भी पुलिसकर्मी है। रामपुर में गुरुवार (27 अगस्त) को हेड कॉन्स्टेबल अरुण शुक्ला (40) ने सुसाइड कर लिया था। मौत के कुछ घंटे बाद ही हड़बड़ाई हुई एक महिला पहुंची। एसपी जांच करके सीढ़ियों से नीचे आ रहे थे। दोनों का आमना-सामना हुआ। एसपी ने कुछ पूछताछ की और पुलिस महिला को लेकर चली गई। यह पूरी बातचीत दैनिक भास्कर रिपोर्टर के सामने हुई। मामला सिविल लाइंस थाना क्षेत्र का है। पहले 2 तस्वीरें देखिए… दोस्त बुलाने पहुंचा, तो बंद मिला दरवाजा अरुण 2005 बैच के सिपाही थे। वह 6 फरवरी, 2026 से रामपुर के SP ऑफिस में तैनात थे। वह आवास विकास कॉलोनी में किराए के मकान में फर्स्ट फ्लोर पर रहते थे। गुरुवार शाम 7 बजे उनका दोस्त नितिन बैटमिंटन खेलने के लिए बुलाने पहुंचा। काफी देर तक खटखटाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला, तो फोन किया। फोन भी नहीं उठा, तो मकान मालिक को फोन करके गेट खुलवाया। अंदर बेडरूम में अरुण का शव बेडशीट के सहारे पंखे से लटका मिला। घटना के समय मकान में उनके अलावा कोई मौजूद नहीं था। पुलिस फोर्स के साथ पुलिस अफसर भी मौके पर पहुंचे। शव को फंदे से नीचे उतरवाया गया। बरेली में रह रहे अरुण के परिवार को भी सूचना दी गई। शाहजहांपुर से आकर बरेली रहने लगा था परिवार अरुण का परिवार मूलरूप से शाहजहांपुर का रहने वाला था। पिता श्रीकृष्ण कुमार शुक्ला भी पुलिस में थे, जिनकी मौत हो चुकी है। अरुण की मां अपने बड़े बेटे अनिल के परिवार के साथ बरेली में रह रही हैं। 2 बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। अरुण की शादी साल-2012 में सुकीति के साथ हुई थी। सुकीति के पिता भी पुलिस विभाग में हैं। अरुण और सुकीति का एक 11 साल का एक बेटा भी है। बेटे के जन्म के बाद ही शुरू हो गया झगड़ा बेटे के जन्म के 1 साल बाद ही अरुण और सुकीति में झगड़े शुरू हो गए। पहले तो परिवारवालों ने समझा दिया, लेकिन कुछ दिन बाद ही सुकीति पीलीभीत में अपने मायके में जाकर रहने लगीं। बेटा भी मां के साथ ही रहता है। पिछले साल अरुण और सुकीति का तलाक हो गया, लेकिन पत्नी इससे सहमत नहीं थी। उन्होंने हाईकोर्ट में तलाक के खिलाफ अपील दायर की थी, जिस पर सुनवाई चल रही थी। जब एसपी पहुंचे, तभी आई महिला रात करीब 9:30 पर एसपी अनिल सिंह सिसोदिया मौके पर पहुंचे। वह ऊपर कमरे में गए, जहां अरुण का शव लटका था। ठीक इसी समय पीला टॉप और काली पैंट पहने एक महिला हड़बड़ाई हुई वहां पहुंची। वहां मौजूद लोगों से ऊपर जाने की जिद करने लगी। लोगों ने कुर्सी डाली और बैठने के लिए कहा, तो उनसे हाथ जोड़कर रिक्वेस्ट करने लगी। इसके बाद भागते हुए अरुण के कमरे की तरफ जाने लगी। ठीक उसी समय एसपी भी ऊपर से नीचे आ रहे थे। एक पुलिसकर्मी ने महिला को ऊपर जाने से रोका। एसपी नीचे आए और कुछ सेकेंड महिला से पूछताछ की। बोली- मेरी अरुण से शादी हो चुकी है महिला कैसे भी ऊपर जाना चाह रही थी। उसने कहा कि अरुण मेरा पति था। आर्यसमाज मंदिर में हमारी शादी हो चुकी है। प्लीज, मुझे ऊपर जाने दीजिए। एसपी को अरुण और उनकी पत्नी के बीच चल रहे तलाक के केस के बारे में पता था। इसलिए उन्होंने महिला को ऊपर जाने से रोक दिया। पुलिस की गाड़ी में बैठाकर महिला को थाने भेजा इसके बाद महिला को पुलिस की गाड़ी में बैठाकर सिविल लाइंस थाने भेज दिया गया। रात होने की वजह से कुछ देर बाद उसे महिला थाने में भेज दिया गया। एसपी अनिल सिंह सिसोदिया ने महिला के बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने बस इतना बताया कि महिला भी पुलिसकर्मी है और मुरादाबाद में तैनात है। 28 अगस्त की सुबह खुद को अरुण की पत्नी बताने वाली महिला को फिर से सिविल लाइंस थाने लाया गया। यहां उससे पूछताछ की गई। फिर ब्लैक कलर की स्कॉर्पियों में बैठाकर दरोगा और कुछ पुलिसकर्मी उसे लेकर मुरादाबाद रवाना हो गए। वहीं, कुछ लोगों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि महिला आर्य समाज मंदिर में शादी होने की बात कह रही थी। शादी कब हुई, अरुण को कबसे जानती है, यह सब नहीं बताया। बताया जा रहा है कि अरुण का इस महिला से काफी समय से अफेयर चल रहा था। लेकिन, महिला पिछले कुछ समय से किसी दरोगा के संपर्क में थी। इस बात को लेकर उसका अरुण का झगड़ा होता था। घटना वाले दिन भी दोनों का झगड़ा हुआ था और अरुण ने सुसाइड करने की बात कही थी। इसके बाद अरुण ने बेडशीट से फंदा बनाकर जान दे दी। महिला को अनहोनी की आशंका हो गई थी। इसी वजह से जानने वालों में सबसे पहले वही मौके पर पहुंची। मां को लेकर पहुंचा बड़ा भाई पुलिस ने घटना की जानकारी अरुण के घरवालों को दी। अरुण का भाई अनिल अपनी मां और बहन-बहनोई के साथ रामपुर पहुंचा। रक्षाबंधन से एक दिन पहले भाई की मौत पर बहन बिलखकर रो पड़ी। वहीं, पुलिस ने रात करीब 2.30 बजे शव का पोस्टमॉर्टम कराकर घरवालों को दे दिया। इसके बाद घरवाले शव लेकर बरेली रवाना हो गए। एडिशनल एसपी अनुराग सिंह ने बताया कि… अरुण के परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हैंगिंग की पुष्टि हुई है। खुलासे के लिए टीम लगी हुई है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। --------------------- यह खबर भी पढ़ें… मुजफ्फरनगर में रिटायर्ड दरोगा के घर 2.5 करोड़ की चोरी:70 तोला सोना, डायमंड और 5 किलो चांदी की ज्वेलरी समेट ले गए मुजफ्फरनगर में रिटायर्ड दरोगा के घर से चोरों ने करीब 2.5 करोड़ रुपए की सोने-चांदी और डायमंड की ज्वेलरी चुरा ली। चोरी के वक्त दरोगा का परिवार घर पर नहीं था। चोरों ने घर के मेन गेट का ताला तोड़ा। अंदर जाकर चार कमरों के ताले तोड़े और अलमारी व बक्सों में रखी ज्वेलरी पर हाथ साफ कर दिया। चोर नई नवेली दुल्हन के लिए लाया गया लहंगा और गाउन भी उठा ले गए। पढ़ें पूरी खबर…
गौतमबुद्धनगर का गांव छिजारसी। यहां 13 हजार अवैध बिजली कनेक्शन चल रहे हैं। घर के बाहर मीटर लगे हैं। हर महीने करोड़ों की वसूली भी हो रही। लेकिन यह पैसा सरकारी खजाने नहीं, बल्कि एक सिंडिकेट की जेब में जा रहा है। इस खेल का पर्दाफाश 'स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन' के CEO मनोज कुमार सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने किया। सीएम ने पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन आशीष गोयल से जवाब-तलब किया। ऊर्जा विभाग के अधिकारी को लापरवाही के लिए लताड़ लगाई। पहले जानिए बैठक में क्या हुआ… जब चेयरमैन ने कहा 'डूब क्षेत्र', सीईओ ने दिखा दी फोटो मुख्यमंत्री 27 अगस्त (गुरुवार) की शाम को समीक्षा बैठक कर रहे थे। जिस वक्त बड़ी लापरवाही मुख्यमंत्री के सामने बताई जा रही थी। पावर कॉरपोरेशन चेयरमैन आशीष गोयल ने सफाई देते हुए कहा, ‘सर, यह डूब क्षेत्र है।’ CEO मनोज सिंह ने तुरंत 3-4 मंजिला इमारतों की तस्वीरें दिखाते हुए दावा खारिज किया। कहा, ‘यह डूब क्षेत्र नहीं है, पूरी तरह अवैध कनेक्शन का मामला है।’ सीएम ने सख्त लहजे में कहा, ‘बिजली सरकार की है, कोई घर में पैदा नहीं कर रहा। मीटर और अवैध कनेक्शन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं हैं।’ इसके बाद मुख्यमंत्री ने पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन आशीष गोयल को अधिकारियों के सामने ही डांटा। चेयरमैन से ऊर्जा विभाग के मंत्री अरविंद कुमार शर्मा भी कई बार नाराजगी जता चुके हैं। 3,800 वैध, 13,000 अवैध कनेक्शन छिजारसी गांव (फीडर नंबर- 4) में वैध बिजली कनेक्शनों की संख्या महज 3,800 है, जबकि 13,000 घरों में अवैध कनेक्शन चल रहे हैं। इन 13 हजार घरों में बाकायदा बिजली के मीटर लगाए गए हैं। हर महीने बिल का पैसा वसूला जा रहा, जो सीधा सरकारी खजाने के बजाय एक सिंडिकेट को जा रहा है। अनुमान के मुताबिक, अगर एक अवैध कनेक्शन से न्यूनतम 1,000 रुपए भी वसूले जा रहे, तो हर महीने करीब 1.30 करोड़ रुपए का डाका डाला जा रहा है। समीक्षा बैठक के 4 अन्य बड़े मुद्दे 1. कागजों में डिजिटल लाइब्रेरी - भदोही के DPRO एक मंत्रीजी को डिजिटल लाइब्रेरी दिखाने ले गए, लेकिन मौके पर कोई लाइब्रेरी थी ही नहीं। सीएम ने पंचायती राज विभाग से जवाब मांगा और 30 सितंबर तक सभी डिजिटल लाइब्रेरी पूरी करने का अल्टीमेटम दिया। 2. 'जीरो पॉवर्टी' अभियान की धीमी रफ्तार - पात्र परिवारों को आवास, राशन और आयुष्मान कार्ड देने का काम सुस्त पाया गया। सीएम ने हर परिवार के कम से कम एक सदस्य को स्किल ट्रेनिंग और रोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए। 3. लेबर अड्डों पर सुविधाएं - श्रमिकों के लेबर अड्डों पर पीने का पानी, शौचालय, स्वच्छता, चिकित्सा और भोजन जैसी बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य करने का निर्देश दिया गया। 4. जीरो पॉवर्टी अभियान को गति देने की जरूरत - इस अभियान में पात्र परिवारों को घर, राशन और आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराने की गति धीमी सामने आई। वहीं एक परिवार के एक सदस्य को कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार से जोड़ने में भी तेजी लाने के लिए कहा गया। आगे क्या कार्रवाई? सीएम योगी के सख्त रुख के बाद ऊर्जा विभाग में हड़कंप मच गया है। बिजली चोरी, फर्जी बिलिंग और लाइन लॉस रोकने के लिए जिम्मेदार इंजीनियर्स और अफसरों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। इस पूरे मामले पर स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन सीईओ मनोज कुमार सिंह कहते हैं- छिजारसी में 13 हजार अवैध बिजली कनेक्शन का मामला गंभीर है। घरों में मीटर लगे हैं, लेकिन वे अवैध हैं। इस पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। ----------------------------- यह खबर भी पढ़ें- UP में बनेंगे 5 नए लिंक एक्सप्रेस-वे, 80% जमीन का अधिग्रहण पूरा, चुनाव से पहले शुरू होगा काम यूपी में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले 5 नए लिंक एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया जाएगा। इन सभी को 3 साल में तैयार करने का टारगेट है। इसका सबसे ज्यादा फायदा पश्चिमी यूपी के फर्रुखाबाद, बुलंदशहर, इटावा, आगरा और नोएडा जिलों को होगा। बुंदेलखंड के झांसी और जालौन को भी ज्यादा फायदा मिलेगा। पढ़िए पूरी खबर…
सहारनपुर के थाना मंडी पुलिस ने शनिवार रात पुलिस मुठभेड़ के बाद हत्या के प्रयास के मुकदमे में फरार आरोपी को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया। आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी है। उसके कब्जे से .315 बोर का तमंचा, एक जिंदा और एक खोखा कारतूस तथा चोरी की बाइक बरामद की गई है। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सीओ प्रथम रविकांत परासर ने बताया कि 29 अगस्त की रात थाना मंडी पुलिस की टीम शक्लापुरी रोड पर शराब के ठेके के पास संदिग्ध व्यक्ति और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर ने पुलिस को सूचना दी कि हत्या के प्रयास के मुकदमे में फरार आरोपी शक्लापुरी की तरफ से आ रहा है और किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना के बाद पुलिस ने बाइक सवार संदिग्ध को रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखते ही आरोपी बाइक तेज गति से लेकर शक्लापुरी की तरफ कच्चे रास्ते पर भागने लगा। पुलिस टीम ने उसका पीछा किया। कुछ दूरी पर आरोपी की बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई और वह सड़क पर गिर गया। पुलिस के अनुसार, टीम को अपने पास आता देखकर आरोपी ने पुलिसकर्मियों पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इसमें आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान साकिब अहमद पुत्र असलूब अहमद, निवासी निसार रोड रायवाला, थाना मंडी, सहारनपुर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ये मूलरूप से हैदराबाद का रहने वाला है। साकिब थाना मंडी में दर्ज मुकदमे में फरार था। पुलिस ने उसके कब्जे से एक .315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के पास से बरामद काले रंग की स्पलेंडर प्रो बाइक भी चोरी की है। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने अखिलेश यादव के ‘PDA’ फॉर्मूले को फर्जी बताया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा- यूपी की राजनीति में जातिगत गठजोड़ की कोई जगह नहीं। पहले भी अजगर और मजगर जैसे फॉर्मूले प्रयोग हो चुके हैं। अब अखिलेश का ये PDA प्रयोग भी फ्लॉप होगा। असीम अरुण ने NEET पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर हुए जेन-जी आंदोलन का सपोर्ट किया। लेकिन, प्रदर्शन में हुई हिंसा पर चिंता जताई। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली और सरकार के रुख को लेकर भी बेबाकी से अपनी राय रखी। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… क्या 2027 के चुनाव में अखिलेश का PDA फॉर्मूला जातीय समीकरणों पर असर डालेगा? असीम- जो लोग आज PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का ढिंढोरा पीट रहे हैं, उन्हें इतिहास याद रखना चाहिए। उत्तर प्रदेश में इस तरह के जातीय जोड़-तोड़ पहले भी बहुत आजमाए जा चुके हैं। अगर सपा PDA के सहारे 2027 का चुनाव लड़ रही, तो भाजपा का फोकस किन वर्गों पर है? असीम- भाजपा किसी जातिगत जोड़-तोड़ की राजनीति नहीं करती। हमारी राजनीति केवल चार शब्दों पर टिकी है- 'सबका साथ, सबका विकास'। बाबा साहेब के दिए हुए संविधान का भाव ये नहीं कि आप तीन जातियों को साधकर सरकार बना लें। संविधान का भाव ये है कि जनप्रतिनिधि हर मोहल्ले और हर समाज के पास वोट मांगने जाए। मैं जब चुनाव में उतरता हूं, तो मुझे पता होता है कि शायद हर घर से वोट न मिले। लेकिन, एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मैं हर दरवाजे पर जाता हूं। भाजपा की इसी नीति का नतीजा है कि हमें कभी एक मोहल्ले से ज्यादा समर्थन मिलता है, तो कभी दोनों मोहल्लों से भरपूर प्यार मिलता है। जनता अब जातिगत बांटने वाली राजनीति को समझ चुकी है। मोदी और योगीजी के नेतृत्व में बिना किसी भेदभाव के हर गरीब को योजना का लाभ मिल रहा है। अखिलेश क्यों कह रहे कि भाजपा सरकार में दलितों-पिछड़ों का शोषण हो रहा? असीम- अखिलेश यादव जब 2012 में गलती से मुख्यमंत्री बने, तो महापुरुषों का घोर अपमान किया। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. आंबेडकर, संत रविदास जी, माता महामाया जी, ज्योतिबा फुले जी, छत्रपति शाहू जी महाराज और कांशीराम जी के नाम पर बने जिले, अस्पताल या संस्थान का नाम बदल दिया। ये समानतावादी नहीं, परिवारवादी लोग हैं। इन्हें सिर्फ अपने और अपने परिवार के लिए सत्ता चाहिए। इन्हें दलित और पिछड़ों की याद तभी आती है, जब चुनाव नजदीक हो। NEET मामले पर GenZ के गुस्से को आप किस तरह देखते हैं? असीम- टेक्नोलॉजी हर दौर में बदलती है। NEET परीक्षा में NTA का सिस्टम ठीक से काम नहीं कर पाया। इस बात को हमने स्वीकार किया। सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। दोबारा परीक्षा कराई। गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ CBI जांच शुरू हुई। कई आरोपी जेल में हैं। प्रधानमंत्री ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए नंदन नीलेकणि को चुना है। उन्होंने आधार और UPI जैसे बड़े सिस्टम तैयार किए हैं। मुझे उम्मीद है कि आने वाले समय में देश में ऐसा बेहतर परीक्षा सिस्टम बनेगा, जिस पर सवाल न उठें। यूपी की बात करें, तो हमने पेपर कराने के पैटर्न में बदलाव किया और पेपर लीक कराने वालों का इलाज भी किया। छात्रों की नाराजगी और पुलिस कार्रवाई के बीच संतुलन कैसे बने? असीम- छात्रों की नाराजगी से मैं 100% सहमत हूं, लेकिन विरोध के हिंसक तरीके से सहमत नहीं हूं। जंतर-मंतर से संसद बहुत करीब है। अगर संसद चल रही हो और प्रदर्शनकारी बैरियर तोड़ने, गाड़ियां तोड़ने या संसद में घुसने की कोशिश करें, तो कोई भी इसे स्वीकार नहीं करेगा। ऐसी स्थिति में पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वॉटर कैनन, आंसू गैस के गोले और अन्य तरीकों का इस्तेमाल करना पड़ता है। हिंसा की तस्वीर कभी अच्छी नहीं होती। आप युवाओं को क्या संदेश देना चाहेंगे? असीम- किसी भी हालत में हिंसक नहीं होना है। अपनी बात मजबूती से रखिए, लेकिन कानून के दायरे में रहकर। मैं आज राजनीति में हूं। जब भी मुझे किसी बात का विरोध करना होता है, तो पहले अपने साथियों से साफ कहता हूं- ‘हम कोई भीड़ या झुंड नहीं हैं। हम एक सिस्टम का हिस्सा हैं, एक अनुशासित सेना हैं।’ --------------------------- यह खबर भी पढ़ें- संजय निषाद बोले- विधानसभा चुनाव में मुझे सीट नहीं चाहिए, सरकार चाहे तो मेरा मंत्रालय छीन ले; बस निषादों को SC आरक्षण दे संजय निषाद का दावा है कि केवट, मल्लाह, मांझी और मझवार जातियां पहले से SC सूची में दर्ज हैं। लेकिन, यूपी में उन्हें OBC में रखकर उनका हक मारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी मांग नई नहीं है, बल्कि संविधान में दिए अधिकार को लागू कराने की लड़ाई है। पढ़िए पूरा इंटरव्यू…
भाजपा की ओर से प्रदेश और जिलों की कार्यकारिणी घोषित की जा चुकी है। इन दोनों कार्यकारिणी में जगह बनाने से चूक गए नेताओं का पूरा फोकस किसी तरह क्षेत्रीय टीम में जगह पाने पर है। अपने-अपने स्तर से ये नेता लगातार जोड़-तोड़ में भी लगे हैं। ऐसे जिले जिनके जिलाध्यक्ष पिछले कुछ वर्षों में बदले हैं, वे भी क्षेत्रीय टीम में जगह पाने की कोशिश में लगे हैं। क्षेत्रीय टीम फाइनल करने वाले नेताओं के ऊपर भी खूब दबाव है। यह सूची ऐसे समय आ रही है, जब विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा नेताओं को समायोजित करने की नीति पर पार्टी चल सकती है। प्रदेश टीम की तरह क्षेत्रीय टीम में भी पदों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। क्षेत्रीय महामंत्री, उपाध्यक्ष व मंत्री के पद बढ़ सकते हैं। इसके पहले 2020 में क्षेत्रीय टीम की घोषणा की गई थी। उस समय डा. धर्मेंद्र सिंह क्षेत्रीय अध्यक्ष थे। उस समय क्षेत्रीय उपाध्यक्ष व क्षेत्रीय मंत्री पद पर 8-8 नेताओं को समायोजित किया गया था। वहीं क्षेत्रीय महामंत्री पद पर 3 नेताओं को जगह दी गई थी। माना जा रहा है कि इस बार क्षेत्रीय महामंत्री, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष व क्षेत्रीय मंत्री के 1-1 पद बढ़ाए जा सकते हैं। गोरखपुर के 3 पूर्व जिलाध्यक्ष दौड़ मेंगोरखपुर से 3 पूर्व जिलाध्यक्ष क्षेत्रीय टीम में जगह पाने की दौड़ में हैं। पूर्व जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह, पूर्व महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता, पूर्व महानगर अध्यक्ष राहुल श्रीवास्तव क्षेत्रीय टीम में महत्वपूर्ण पद चाहते हैं। इन नामों को गंभीर दावेदारों में माना जा रहा है। इसी के साथ पिछली कार्यकारिणी में जगह पाने वाले कई नेता इस बार प्रमोशन की उम्मीद लगाए बैठे हैं। अपने पुराने पदों पर रिपीट किए जाने के प्रस्ताव पर वे तैयार नहीं हैं। गोरखपुर के साथ अन्य जिलों के कुछ नेता भी दौड़ में शामिल हैं। प्रदेश उपाध्यक्षों के यहां लगा रहे चक्करइस बार तीन प्रदेश अध्यक्ष गोरखपुर से ही हैं। एक प्रदेश अध्यक्ष डा. धर्मेंद्र सिंह दो बार क्षेत्रीय अध्यक्ष रहे हैं और लगातार दूसरी बार प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। रमेश सिंह पहली बार प्रदेश उपाध्यक्ष बने हैं। इसी तरह किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहे कामेश्वर सिंह भी प्रदेश उपाध्यक्ष का दायित्व निभा रहे हैं। तीनों उपाध्यक्षों के करीबी नेता क्षेत्रीय टीम में जगह पाने को लेकर जोर-आजमाइश में जुटे हैं। इसके साथ ही प्रदेश अध्यक्ष के करीबी नेता भी खुद को मजबूत दावेदार मान रहे हैं। महानगर कार्यकारिणी में खूब दिखी खींचतानमहानगर भाजपा की कार्यकारिणी घोषित होने के बाद से खींचतान की खबरें चर्चा में आयीं। भाजपा सूत्रों की मानें तो एक प्रदेश पदाधिकारी और महानगर के एक बड़े पदाधिकारी के बीच कार्यकारिणी को लेकर बहस भी हो गई। स्थिति यह रही कि कुछ दिनों से दोनों पदाधिकारियों के बीच बातचीत भी बंद है। महत्वपूर्ण पदों के दावेदार कई नेता सोशल मीडिया पर अपना दुख पोस्ट कर रहे हैं। कई नए नेताओं को महत्वपूर्ण पद देने को लेकर भी बातें की जा रही हैं। एक बार फिर बदल सकते हैं कई चेहरे2020 में घोषित कार्यकारिणी में अध्यक्ष सहित 32 नाम शामिल थे। इस बार इनकी संख्या बढ़ सकती है। पिछली बार भी केवल 6 नाम रिपीट हुए थे, इस बार भी अधिकतर नए चेहरों को लाने की चर्चा है। क्षेत्रीय टीम की घोषणा जल्द हो सकती है। पिछली बार के 3 महामंत्री में से 2 पद खाली नजर आ रहे हैं, जिनपर दूसरे का मनोनयन लगभग तय है। एक महामंत्री सहजानंद राय, क्षेत्रीय अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद अब प्रदेश मंत्री हैं। अपने कार्यकाल में वह क्षेत्रीय टीम गठित नहीं कर पाए थे। इसी तरह एक और महामंत्री प्रदीप शुक्ला 2022 में विधायक बन गए थे। इस बार भी वे टिकट के दावेदार हैं। हालांकि क्षेत्रीय टीम में सामाजिक संतुलन का उदाहरण देखने को मिल सकता है। जानिए 2020 की क्षेत्रीय टीम में किस पद पर कौन है उपाध्यक्ष : देवेंद्र यादव, पीएन पाठक, डा. सत्येंद्र सिन्हा, सुनीता श्रीवास्तव, विश्वजीताशु सिंह आशु, छट्ठेलाल निगम, साकेत सिंह सोनू, अरविंद जायसवाल। महामंत्री : सहजानंद राय (अब प्रदेश मंत्री), सुनील गुप्ता, प्रदीप शुक्ला (विधायक) मंत्री : जनार्दन तिवारी (वर्तमान में जिलाध्यक्ष), बजरंगी सिंह बज्जू, बीना राय, अखिलेश तिवारी, मोहन चौहान, शिवनाथ चौधरी, मंजू सरोज, हरिचरण कुशवाहा। कोषाध्यक्ष : पुष्पदंत जैन सह कोषाध्यक्ष : अनूप किशोर अग्रवाल कार्यालय मंत्री : सत्येंद्र मिश्र सह कार्यालय प्रभारी : पंकज जायसवाल मीडिया प्रभारी : नवीन पांडेय सह मीडिया प्रभारी : ध्रुव श्रीवास्तव व राहुल तिवारी (पहले रवि श्रीवास्तव व विनय सिंह जेआरएफ बनाए गए थे।) सदस्य : संजीव राय, अरुण शुक्ला, नेहा मणि आर्य, राजेश पाल चौधरी, अखिलेश राजभर।
डिजिटल अरेस्ट के दौरान हर दिन बोझ लगता था। हमें बीपी, शुगर समेत कई बीमारियां हैं और हम दोनों ही एक-दूसरे का सहारा हैं। एक-दूसरे को हिम्मत देते और बात करते थे। जब हमने कुछ गलत किया ही नहीं तो भगवान हमारा कुछ गलत क्यों होने देगा...।” यह दर्द उस बुजुर्ग दंपती का है, जिसे साइबर ठगों ने 96 दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। पुलिस अधिकारी, चीफ इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर और जज बनकर आरोपियों ने दंपती को इतना डराया कि उन्होंने जेल जाने के डर से अपनी जमा पूंजी तक निकाल दी। कोलार इलाके में रहने वाले इस दंपती से ठगों ने 22 लाख रुपए ठग लिए। लगातार 96 दिन तक वीडियो कॉल पर निगरानी और धमकियों के बाद 23 अगस्त को आरोपियों ने उन्हें बताया कि वे बरी हो गए हैं और अब आजाद हैं। दंपती ने जब पूछा कि उनकी बेगुनाही का प्रमाण कहां मिलेगा तो ठगों ने कहा कि उन्हें क्लीनचिट मिल गई है, जो संबंधित थाने से मिल जाएगी। इसके बाद दंपती एक परिचित के साथ कोलार थाने पहुंचे। यहां उन्हें पता चला कि वे किसी कानूनी कार्रवाई का हिस्सा नहीं, बल्कि साइबर ठगी का शिकार हुए हैं। दंपती बस इतना ही बोले- “हमारे डर को आरोपियों ने हथियार बनाया और हमें ठग लिया।” दैनिक भास्कर ने पीड़ित कपल से बात की। पढ़िए रिपोर्ट… 19 मई: पहला फोन आया, कहा- आपके नाम गिरफ्तारी वारंट है पुलिस के मुताबिक कृष्णा कॉम्प्लेक्स, गणपति एन्क्लेव निवासी सुवर्णा लक्ष्मी और नरसिम्हा राव मूल रूप से आंध्र प्रदेश के पलनाडू जिले के रहने वाले हैं। 19 मई को सुवर्णा लक्ष्मी के मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली के दरियागंज थाने का अधिकारी खन्ना बताया। उसने कहा कि सुवर्णा के नाम गिरफ्तारी वारंट है। आरोप लगाया गया कि दिल्ली के केनरा बैंक के एक खाते से नरेश गोयल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में करोड़ों रुपए का लेनदेन हुआ है। अचानक पुलिस, गिरफ्तारी वारंट और करोड़ों रुपए के लेनदेन की बात सुनकर दंपती घबरा गया। इसके बाद ठगों ने उन्हें वीडियो कॉल पर पूछताछ के नाम पर अपने कब्जे में ले लिया। वीडियो कॉल पर पूछताछ, घर से निकलने और किसी से बात करने पर रोक आरोपियों ने दंपती को निर्देश दिया कि वे किसी से बात नहीं करेंगे और घर से बाहर भी नहीं निकलेंगे। हर समय वीडियो कॉल के जरिए उनकी निगरानी की जाने लगी। दंपती को यह विश्वास दिलाया गया कि उनके खिलाफ गंभीर मामला दर्ज है और थोड़ी भी लापरवाही हुई तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यहीं से शुरू हुआ उनका 96 दिन का डर। बीपी और शुगर जैसी बीमारियों से जूझ रहे पति-पत्नी एक-दूसरे को संभालते रहे। दोनों को डर था कि अगर किसी और को इस बारे में बताया तो पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर लेगी या उनके खिलाफ कार्रवाई हो जाएगी। 21 मई: महिला ने खुद को चीफ इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर बताया 21 मई को दंपती के पास एक महिला का वीडियो कॉल आया। उसने अपना नाम निशा पटेल बताते हुए खुद को चीफ इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर बताया। कॉल के दौरान उसका चेहरा दिखाई नहीं दे रहा था। उसने दंपती से उनके सभी बैंक खातों की जानकारी ली। बैंकों के नाम, खाते और उनमें मौजूद रकम के बारे में पूछा। जांच करने के बाद उसने कहा कि उनके बैंक खातों में ज्यादा पैसे नहीं हैं। इसके बाद उसने दंपती को बताया कि बैंक खातों की डिटेल निकालकर सुप्रीम कोर्ट में जमा कर दी गई है और वह सुप्रीम कोर्ट से बात करवाकर उनकी जमानत करवा देगी। दंपती को यह विश्वास दिलाया गया कि वे किसी बड़ी आपराधिक जांच में फंस चुके हैं। 9 जून: कहा- आपकी पूरी संपत्ति सीज कर दी जाएगी 9 जून को एक बार फिर वीडियो कॉल के जरिए दंपती की कथित जज से बात कराई गई। इस बार डर और बढ़ा दिया गया। कथित जज ने कहा कि दंपती के नाम पर जितनी भी संपत्ति है, उसे सीज करा दिया जाए। इसके बाद निशा पटेल ने WhatsApp कॉल कर दंपती को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने उनकी संपत्ति सीज करने का आदेश दे दिया है। उन्हें तुरंत भोपाल के लिए रवाना होने के लिए कहा गया। आंध्र प्रदेश से भोपाल लौटे, जेवर गिरवी रखकर जुटाए 22 लाख ठगों ने मामला खत्म करने के नाम पर दंपती को अपनी एफडी और जेवर बेचने या गिरवी रखने के लिए कहा। दंपती 10 जून को आंध्र प्रदेश से रवाना हुए और 11 जून को भोपाल पहुंचे। 12 जून को उन्होंने अपने जेवर गिरवी रखकर 22 लाख रुपए जुटाए। इसके बाद ठगों के बताए अलग-अलग बैंक खातों में पांच बार रकम जमा की गई। दंपती को उम्मीद थी कि पैसे देने के बाद मामला खत्म हो जाएगा और वे डिजिटल अरेस्ट से बाहर आ जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 22 लाख देने के बाद भी खत्म नहीं हुआ ‘डिजिटल अरेस्ट’ रकम जमा करने के बाद भी ठग दंपती से लगातार संपर्क में रहे। उनसे कहा गया कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और उन्हें निगरानी में रहना होगा। आरोपियों ने संपर्क के लिए सात अलग-अलग WhatsApp नंबरों का इस्तेमाल किया। वीडियो कॉल के जरिए दंपती की निगरानी जारी रही। उन्हें किसी से बात नहीं करने और इस पूरे मामले की जानकारी किसी को नहीं देने की हिदायत दी गई। 23 अगस्त: कहा- आप बरी हो गए हैं, अब आजाद हैं करीब 96 दिन तक निगरानी में रखने के बाद 23 अगस्त को आरोपियों में से एक ने दंपती से कहा कि वे बरी हो गए हैं और अब आजाद हैं। दंपती ने पूछा कि उनकी बेगुनाही का प्रमाण कहां मिलेगा? ठगों ने जवाब दिया कि उन्हें क्लीनचिट मिल गई है और संबंधित थाने से इसकी जानकारी मिल जाएगी। दंपती को पहली बार लगा कि शायद अब उनका डर खत्म हो गया है। वे एक परिचित के साथ कोलार थाने पहुंचे, लेकिन थाने पहुंचते ही पूरी कहानी बदल गई। उन्हें पता चला कि जिस केस, गिरफ्तारी और कोर्ट की कार्रवाई से वे 96 दिन तक डरते रहे, वह असल में साइबर ठगों का बनाया हुआ जाल था। ‘हमने कुछ गलत किया ही नहीं, फिर जेल जाने से क्यों डरते रहे?’ दंपती ने बताया कि 96 दिन तक उनके लिए हर दिन भारी था। दोनों बीपी और शुगर जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं। ऐसे में एक-दूसरे के अलावा उनके पास हिम्मत देने वाला कोई नहीं था। वे एक-दूसरे को समझाते रहे कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है, इसलिए भगवान उनके साथ कुछ गलत नहीं होने देगा, लेकिन ठगों ने इसी डर को हथियार बना लिया। अब हमारे सामने सिर्फ 22 लाख रुपए गंवाने का दर्द नहीं है, बल्कि 96 दिनों तक मानसिक दबाव और डर में जीने की याद भी है। ऐसे काम करता है ‘डिजिटल अरेस्ट’ का जाल इस मामले में ठगों ने दंपती को एक साथ कई स्तरों पर डराया। पहले पुलिस अधिकारी बनकर गिरफ्तारी वारंट की बात कही। इसके बाद जांच अधिकारी बनकर बैंक खातों की जानकारी ली गई। फिर फर्जी जज के जरिए कोर्ट की कार्रवाई और संपत्ति सीज करने का डर दिखाया गया। इसके बाद पैसे जमा कराने के बावजूद दंपती को आजाद नहीं किया गया। लगातार वीडियो कॉल और निगरानी के जरिए उन्हें इस विश्वास में रखा गया कि वे किसी गंभीर सरकारी जांच का हिस्सा हैं। यानी ठगी की शुरुआत फोन कॉल से हुई, डर ने दंपती को घर में कैद रखा और भरोसे के नाम पर 22 लाख रुपए उनके खातों से निकलवा लिए गए। पुलिस इस पूरे नेटवर्क से जुड़े आरोपियों की पहचान और रकम के ट्रेल की जांच कर रही है। ये खबर भी पढ़ें… जेवर गिरवी रखे, 22 लाख दिए फिर भी नहीं छोड़ा भोपाल के कोलार इलाके में रहने वाले बुजुर्ग दंपती को ठगों ने 3 महीने तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। ठगों ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी, चीफ इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर और सुप्रीम कोर्ट का जज बताया। दंपती को करोड़ों रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी।पूरी खबर पढ़ें
हिमाचल: हादसों पर लगेगी लगाम, नए सिरे से चिन्हित किए जाएंगे ब्लैक स्पॉट, सड़क पांच मीटर चाैड़ी होगी
हिमाचल प्रदेश में सड़क हादसों को रोकने के लिए ब्लैक स्पॉट को नए सिरे से चिन्हित करने और मौजूदा ब्लैक स्पॉट को सुरक्षित बनाने की कवायद शुरू हो गई है।
राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के मौके पर भोपाल में भारतीय संस्कृति और देशभक्ति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। विविधा कलायम सांस्कृतिक समिति की ओर से 1 सितंबर को डीबी सिटी मॉल में ऐसा सांस्कृतिक आयोजन किया जा रहा है, जिसमें एक ही मंच पर तीन विश्व रिकॉर्ड बनाने का प्रयास होगा। कार्यक्रम शाम 4 बजे से शुरू होगा। आयोजन में संगीत, सामूहिक गायन और शास्त्रीय कथक नृत्य के जरिए ‘वंदे मातरम्’ को केंद्र में रखते हुए भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभावना को विश्व मंच तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। 40 से ज्यादा वाद्य यंत्रों से ‘वंदे मातरम्’ पहले रिकॉर्ड प्रयास के तहत इंटरनेशनल म्यूजिशियन अभय तिवारी 40 से अधिक अलग-अलग वाद्य यंत्रों का इस्तेमाल करते हुए ‘वंदे मातरम्’ की विशेष संगीतमय प्रस्तुति देंगे। एक ही प्रस्तुति में इतने वाद्य यंत्रों का इस्तेमाल इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण होगा। 200 से ज्यादा विद्यार्थी एक साथ गाएंगे राष्ट्रीय गीत दूसरे रिकॉर्ड प्रयास में विविधा अकादमी के 200 से अधिक विद्यार्थी एक साथ ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन करेंगे। आयोजकों का कहना है कि इसके जरिए बच्चों और युवाओं को राष्ट्रीय गीत, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभावना से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। 150 से ज्यादा छात्राएं करेंगी कथक तीसरे रिकॉर्ड प्रयास में 150 से अधिक छात्राएं ‘वंदे मातरम्’ पर सामूहिक कथक नृत्य की प्रस्तुति देंगी। खास बात यह होगी कि कथक की प्रस्तुति लाइव म्यूजिक के साथ होगी। शास्त्रीय नृत्य, संगीत और देशभक्ति को एक मंच पर पिरोकर प्रस्तुति तैयार की गई है। रिकॉर्ड से ज्यादा संस्कृति और राष्ट्रभावना पर जोर आयोजकों के मुताबिक कार्यक्रम का मकसद केवल विश्व रिकॉर्ड का प्रमाण-पत्र हासिल करना नहीं है। इसके जरिए ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को नई पीढ़ी तक पहुंचाने, युवाओं में राष्ट्रप्रेम और सांस्कृतिक गौरव की भावना मजबूत करने तथा भारतीय संगीत और शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा को बड़े मंच पर प्रस्तुत करने का प्रयास है। कार्यक्रम की प्रोफेशनल वीडियो रिकॉर्डिंग, फोटोग्राफी और रिकॉर्ड से संबंधित दस्तावेजीकरण भी किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि इससे पूरे प्रयास को प्रमाणिक रूप से दर्ज कर डिजिटल और मीडिया माध्यमों के जरिए व्यापक स्तर तक पहुंचाया जा सकेगा।
तीन दिवसीय दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 29 अगस्त, शनिवार को बशारतपुर में निर्मित कल्याण मंडपम का लोकार्पण करेंगे। इसका निर्माण मुख्यमंत्री की विधायक निधि से गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) ने कराया है। इसके निर्माण पर 3 करोड़ 10 लाख रुपए की लागत आयी है। इसकी बुकिंग GDA करेगा। अंत्योदय कार्ड धारक 11 हजार रुपए में जबकि सामान्य लोग 21 हजार रुपए में बुकिंग करा सकेंगे। इस परियोजना के साथ ही मुख्यमंत्री 130.73 करोड़ रुपए की GDA की 30 व नगर निगम की 140 विकास परियोजनाओं का सौगात भी देंगे। कल्याण मंडपम परिसर में शाम 4 बजे से आयोजित समारोह के दौरान सीएम योगी नगर निगम की, 47.15 करोड़ की 109 विकास कार्यों का शिलान्यास और 69.99 करोड़ के 31 कार्यों का लोकार्पण करेंगे। जबकि कल्याण मंडपम सहित GDA की, 10.84 करोड़ रुपए के 15 विकास कार्यों का लोकार्पण और 2.75 करोड़ रुपए के 15 कार्यों का शिलान्यास करेंगे। कल्याण मंडपम के बारे में जानिए जलापूर्ति, सीवर से जुड़ी योजनाओं का होगा लोकार्पण-शिलान्यास कल्याण मंडपम के उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नगर निगम की जिन विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे, उनमें सड़क और नाली निर्माण से लेकर पार्कों का सुंदरीकरण, स्ट्रीट लाइट, जलापूर्ति, सीवर और जलभराव से राहत के काम शामिल हैं। शिलान्यास की परियोजनाओं में 11.92 करोड़ रुपए से 41 सड़कों और नालियों का निर्माण, 7.60 करोड़ रुपए से 47 पार्कों का सुंदरीकरण, नेताजी सुभाष चंद्र बोस नगर में कर्मचारियों के लिए 5.07 करोड़ रुपए से आवासीय भवन का निर्माण, प्रकाश व्यवस्था मजबूत करने के लिए 5.57 करोड़ रुपए से 7 कार्य, पेयजल व जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए 16.99 करोड़ रुपए के 13 कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री के हाथों लोकार्पित होने वाले नगर निगम के 31 कार्यों की लागत 69.99 करोड़ रुपए है। इसमें राज्य सेक्टर कार्यक्रम के तहत 39.90 करोड़ रुपए से विभिन्न वार्डों में पाइपलाइन विस्तार, नलकूप स्थापना और इंडिया मार्क-टू हैंडपंपों की रीबोरिंग के 29 कार्य हैं। इसके साथ ही बाढ़ और जलभराव से राहत के लिए बाढ़ पंपिंग स्टेशनों की क्षमता वृद्धि एवं सुदृढ़ीकरण के लिए पूरी की गई 30.09 करोड़ रुपए की परियोजना का भी लोकार्पण होगा।
कुरुक्षेत्र में पति को सीने से प्राइवेट पार्ट तक काटने के मामले में एक और खुलासा हुआ है। राजेश की पत्नी विमला ने हत्या करने और उसके अंग निकालने की बात कबूल की है। हालांकि, ये बातें उसने LNJP अस्पताल में इलाज के दौरान अपनी भाषा समझने वाली एक महिला को मैथिली में बताईं। महिला ने बाद में ये बातें इलाज कर रहे डॉक्टरों को बताईं। विमला ने महिला को मैथिली में बताया कि राजेश ने सल्फास खा लिया था और तड़प रहा था। अपने जिगर के टुकड़े राजेश की हालत उससे देखी नहीं गई, इसलिए चाकू से उसका पेट चीर दिया। इसके बाद उसने राजेश का दिल निकालकर अपने हाथ में रख लिया। वहीं, पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर ने राजेश के दिल को निकालने और उसके सल्फास खाने की बात से इनकार किया है। विमला की मानसिक स्थिति को लेकर डॉक्टरों ने उसे गुरुवार को काउंसलिंग के लिए चंडीगढ़ PGI रेफर किया था। PGI में विशेषज्ञों ने उसकी काउंसलिंग की और मानसिक स्थिति की जांच की। इसके बाद शुक्रवार शाम उसे वापस लोकनायक जयप्रकाश जिला नागरिक अस्पताल भेज दिया गया। अब विमला का इलाज LNJP अस्पताल में ही होगा। एक को काली माता, दूसरी को आत्मा आने की बात कही पुलिस के साथ-साथ डॉक्टर भी विमला के बयानों को सही नहीं मान रहे हैं, क्योंकि वह अलग-अलग समय पर अलग-अलग बातें बता रही है। विमला मानसिक रूप से स्थिर नहीं है। इससे पहले राजेश के मकान मालिक रिंकू की मां अमरो देवी ने बताया था कि 21 अगस्त को राजेश की हत्या के बाद विमला कह रही थी कि उसके अंदर काली मां आ गई थी। वहीं, LNJP अस्पताल में इलाज के दौरान उसने अपनी भाषा समझने वाली महिला से कहा कि राजेश उसका चचेरा भाई था और आत्मा ने उससे यह काम करवाया। आंतें, किडनी और लीवर बोरी में डाले शुक्रवार को राजेश की हत्या के बाद पुलिस को उसकी आंतें प्लास्टिक की बोरी में मिली थीं। जब राजेश के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने बताया कि शरीर से लीवर का एक हिस्सा और दाईं किडनी गायब है। इसके बाद पुलिस ने राजेश के किराए के मकान और आसपास के इलाके में तलाशी ली, लेकिन दोनों अंग नहीं मिले। करीब 6 दिन बाद पुलिस को पता चला कि लीवर का हिस्सा और दाईं किडनी उसी प्लास्टिक की बोरी में थे, जिसमें राजेश की आंतें मिली थीं। इसके बाद पुलिस ने दोनों अंगों को जांच के लिए पंचकूला की लैब भेज दिया। विमला ने इन अंगों को निकालने के लिए तीन चाकुओं का इस्तेमाल किया था। डॉक्टर बोले- नशीला पदार्थ खाने की पुष्टि नहीं फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. गौरव कौशिक ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के दौरान राजेश की आंतें गायब थीं। इसलिए यह साफ तौर पर पुष्टि नहीं हो सकी कि राजेश ने सल्फास, कोई जहरीला या नशीला पदार्थ खाया था या नहीं। पुलिस उसके पेट और आंतों को अलग से लेकर आई थी। इसलिए इन्हें सील कराकर जांच के लिए लैब भेज दिया गया है। SHO बोले- ऑर्गन जांच के लिए भेजे केयूके थाना के SHO सुरेंद्र सिद्धू ने बताया कि आरोपी महिला ने प्लास्टिक की बोरी में आंतों के साथ शरीर के अन्य अंग भी रखे थे। पुलिस ने इन अंगों को बरामद कर जांच के लिए लैब भेज दिया है। अभी रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी कि राजेश को कोई नशीला पदार्थ दिया गया था या नहीं। अब तक विमला के बयान दर्ज नहीं हुए। उसके बयान दर्ज होने के बाद ही हत्या और ऑर्गन निकालने का कारण सामने आएगा।
गुरुग्राम में एअर इंडिया के कर्मचारी युवराज शर्मा की पत्नी कीर्तिमई मिश्रा (44) के सुसाइड मामले में नया खुलासा हुआ है। कीर्तिमई के परिवार के मुताबिक, बुधवार रात कीर्ति ने युवराज के फोन में उसकी एक महिला सहकर्मी के साथ फोटो देखी थी। इस बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ। इसके बाद कीर्तिमई दूसरे कमरे में चली गई और फांसी लगा ली। कीर्तिमई मूल रूप से ओडिशा के भुवनेश्वर की रहने वाली थीं, जबकि युवराज मुंबई का रहने वाला है। दोनों ने करीब 15 साल पहले लव मैरिज की थी। उनकी 9 साल की एक बेटी है। दोनों गुरुग्राम में सेक्टर-71 स्थित सोसाइटी में रहते थे। कीर्तिमई स्मार्ट वर्ल्ड कंपनी में लर्निंग एंड टैलेंट डेवलपमेंट हेड के पद पर कार्यरत थीं। अब जानिए कैसे हुआ पति-पत्नी के बीच झगड़ा…. कीर्ति ने मोबाइल में महिला सहकर्मी के साथ फोटो देखी युवराज ने पुलिस को बताया कि बुधवार रात करीब साढ़े 9 बजे कीर्ति अपनी बेटी और पति के साथ बिस्तर पर लेटी थीं। इसी दौरान उन्होंने युवराज का मोबाइल देखा। फोन में एअर इंडिया एकेडमी स्टाफ के साथ खिंचवाई गई कुछ तस्वीरें थीं। इनमें एक फोटो युवराज की एक महिला सहकर्मी के साथ थी। फोटो देखने के बाद कीर्ति को शक हुआ और उन्होंने युवराज से इस बारे में बात की। इसके बाद दोनों के बीच झगड़ा हो गया। झगड़े के बाद दूसरे कमरे में चली गई परिवार के मुताबिक, फोटो को लेकर दोनों के बीच बहस हुई। इसके बाद कीर्ति गुस्से में दूसरे कमरे में चली गईं और अंदर से दरवाजा लॉक कर लिया। युवराज को लगा कि रात में गुस्सा शांत होने के बाद सुबह सब ठीक हो जाएगा। अगली सुबह काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला। युवराज ने कीर्ति को आवाज लगाई और दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने बालकनी से कमरे के अंदर देखा तो कीर्ति फंदे से लटकी हुई दिखाई दीं। दरवाजा तोड़ते समय हाथ और घुटने में चोट लगी परिवार के मुताबिक, दरवाजा नहीं खुलने पर युवराज ने पहले हाथ से और फिर पैर मारकर दरवाजे का शीशा तोड़ा। इस दौरान उनकी उंगली और घुटने में गहरी चोट लगी। इसके बाद उन्होंने पुलिस और दोस्तों को फोन किया। सूचना मिलने पर बादशाहपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। सहकर्मियों को घटना पर विश्वास नहीं हो रहा कीर्ति और युवराज के सहकर्मी घटना से स्तब्ध हैं। सहकर्मियों के मुताबिक, कीर्ति दूसरों को आगे बढ़ने और करियर बनाने के लिए ट्रेनिंग देती थीं। वहीं, युवराज एअर इंडिया में केबिन क्रू को ट्रेनिंग देते थे। उनके बारे में भी सहकर्मियों ने कभी ऐसी किसी बात की जानकारी नहीं होने की बात कही। चार दिन पहले भाई राखी बंधवाकर गया था परिजनों के मुताबिक, कीर्ति का छोटा भाई पढ़ाई के सिलसिले में विदेश जाने वाला था। इसलिए वह सुसाइड से चार दिन पहले गुरुग्राम आया था और बहन से राखी बंधवाकर गया था। मौत की सूचना मिलने के बाद वह फ्लाइट से शुक्रवार सुबह दोबारा गुरुग्राम पहुंचा। इसके बाद शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। फिलहाल पुलिस ने इत्तेफाकिया कार्रवाई की है।
करीब 5 हजार करोड़ रुपए की लागत से बन रहा कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्सलेन पुल 2026 में शुरू होना है। उद्घाटन से पहले वैशाली के हेमंतपुर में पुल के नीचे अप्रोच रोड के गोलंबर के पास मिट्टी और बालू हटने की तस्वीर सामने आई है। RJD ने इसे अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर एप्रोच रोड के कमजोरी पर सवाल उठाया है। इसे कमजोर आधार का मामला बताते हुए तकनीकी जांच की मांग की है। इस फोटो के सामने आने के बाद दैनिक भास्कर की टीम ने मौके पर पहुंचकर पड़ताल की। इस दौरान यहां गोलंबर के नीचे का कुछ हिस्सा खाली मिला। हालांकि, निर्माणकर्मियों के मुताबिक, यह मेन फाउंडेशन नहीं, बल्कि कंस्ट्रक्शन के दौरान सपोर्ट के लिए डाला गया रेत-मिट्टी है। इसके हटने से खाली जगह दिख रही है। अब सवाल है कि इसके पीछे वजह क्या है? क्या इससे स्ट्रक्चर की मजबूती पर कोई असर पड़ रहा है? ये कंट्रक्शन का नॉर्मल पार्ट है या फिर टेक्निकल दिक्कत? इस पूरे मामले की जिम्मेदारी किसकी है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट पुल से जुड़े कुछ तस्वीरें देखिए… नीचे रेत-मिट्टी हटी, ऊपर पक्का स्ट्रक्चर दैनिक भास्कर की टीम वैशाली जिला मुख्यालय से 32 किलोमीटर दूर हेमंतपुर पुल के पास पहुंची। टीम ने मौके पर मौजूदा स्थिति का जायजा लिया और पुल के ऑपरेटर से भी बातचीत की। ऑपरेटर निवास अली ने बताया कि गोलंबर के निर्माण के दौरान नीचे सपोर्ट के लिए रेत और कच्चे कंक्रीट का इस्तेमाल किया गया था, जबकि ऊपर पक्की ढलाई की गई है। पुल के नीचे जो हिस्सा दिखाई दे रहा है, उसे बाद में हटाया जाना है। इसके बाद गोलंबर को अंब्रेला स्टाइल का रूप दिया जाएगा और अंत में पेंटिंग कर काम पूरा किया जाएगा। मौके पर काम कर रहे मजदूरों का कहना था कि वीडियो में जिस हिस्से को ढहता दिखाया जा रहा है, वह गोलंबर का मुख्य हिस्सा नहीं है। इस बीच एल एंड टी के एडमिन हेड आरके सिंह ने कहा कि अगर किसी को पुल की मजबूती को लेकर कोई सवाल है, तो वे स्वयं एक इंजीनियर को हायर कर इसकी पूरी जांच-पड़ताल कर सकते हैं। पुल के नीचे रेत-मिट्टी का क्या काम होता है? इंजीनियरिंग के लिहाज से पुल और उसके एप्रोच रोड के आसपास भरी गई रेत-मिट्टी कई महत्वपूर्ण काम करती है। हालांकि, इसका रोल इस बात पर निर्भर करता है कि इसे फाउंडेशन, बैकफिल, फिल्टर लेयर या अस्थायी सपोर्ट के रूप में इस्तेमाल किया गया है। 1. लोड बैलेंस और डिस्ट्रीब्यूशन पुल और उस पर चलने वाले लोडेड गाड़ियों का भार मुख्य रूप से पियर, पाइल और फाउंडेशन के जरिए जमीन तक पहुंचता है। वहीं, एप्रोच रोड के नीचे की मिट्टी और भराव मटेरियल सड़क के भार को स्थिर रखने और जमीन पर समान रूप से बांटने में मदद करती है। इससे सड़क में असमान धंसान की आशंका कम होती है। 2. कटाव से सुरक्षा नदी के तेज बहाव से पुल के पियर या उसके आसपास की मिट्टी हटने की प्रक्रिया को स्काउर कहा जाता है। ऐसे जगहों पर डिजाइन के अनुसार रेत, बजरी, बोल्डर, स्टोन पिचिंग या कोई और प्रोटेक्टिव मटेरियल का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका उद्देश्य पानी के बहाव से मूल मिट्टी के कटाव को नियंत्रित करना होता है। 3. एबटमेंट के पीछे बैकफिलिंग (Backfilling) पुल के दोनों सिरों पर बने स्ट्रक्चर(एबटमेंट) के पीछे इस्तेमाल किए गए मिट्टी या सिलेक्टेड भराव मटेरियल डाली जाती है। यह एप्रोच रोड को सपोर्ट देती है और पुल और सड़क के बीच ट्रांजिशन को स्थिर रखने में मदद करती है। बैकफिल की सही कॉम्पैक्शन बेहद जरूरी होती है, क्योंकि खराब कॉम्पैक्शन से आगे चलकर सड़क धंस सकती है। 4. पानी निकलने और फिल्ट्रेशन (Drainage Filtration) कुछ जगहों पर डिजाइन के अनुसार साफ रेत, बजरी या फिल्टर मीडिया का इस्तेमाल पानी के निकलने के लिए किया जाता है। इसका उद्देश्य पानी को नियंत्रित तरीके से बाहर निकालना और मिट्टी के फाइन पार्टिक्लस को बहने से रोकना होता है। कई स्ट्रक्चर में इसके लिए जियोटेक्सटाइल फिल्टर सिस्टम भी इस्तेमाल किया जाता है। सबसे जरूरी बात है कि पुल के नीचे रेत-मिट्टी दिखने या उसके कुछ हिस्से के हटने मात्र से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि पुल की नींव कमजोर हो गई है। यह जानने के लिए यह देखना जरूरी है कि वह मटेरियल स्थायी फाउंडेशन का हिस्सा है, एप्रोच रोड का बैकफिल है या निर्माण के दौरान इस्तेमाल किया गया अस्थायी सपोर्ट। इसकी पुष्टि मौके की तकनीकी जांच और डिजाइन ड्रॉइंग से ही हो सकती है। LT के आरके सिंह का कहना है कि यहां वेल फाउंडेशन स्ट्रक्चर बनाया गया है। गोलंबर इसी पर टिका है। आसपास रेत इसलिए डाली गई थी ताकि गोलंबर के निर्माण के दौरान उसे सपोर्ट मिल सके और बाद में इसके चारों तरफ बेहतर फिनिशिंग की जा सके। मौजूदा स्थिति में यहां बाढ़ का पानी नहीं आया है। रेत निकलने से मुख्य पुल या गोलंबर की संरचनात्मक मजबूती प्रभावित नहीं हुई है। यदि किसी को पुल की मजबूती पर संदेह है तो स्वतंत्र इंजीनियर से इसकी जांच कराई जा सकती है। RJD का सवाल- बाढ़ वाले इलाके में मिट्टी कटाव को कैसे नजरअंदाज करें? राजद ने वायरल वीडियो को आधार बनाकर सरकार को घेरा है। पार्टी का कहना है कि गंगा के किनारे का इलाका हर साल बाढ़ और जलजमाव से प्रभावित होता है। ऐसे क्षेत्र में किसी भी बड़े पुल की सिर्फ ऊपरी सड़क नहीं, बल्कि उसके नीचे की मिट्टी, फिलिंग, ड्रेनेज और कटावरोधी व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होती है। राजद ने सवाल उठाया है कि यदि एप्रोच रोड के आसपास मिट्टी और रेत हट रही है तो इसकी वजह क्या है? क्या यह सामान्य निर्माण प्रक्रिया है या जल निकासी और मिट्टी के कटाव से जुड़ी समस्या? पार्टी ने यह भी सवाल किया कि निर्माण गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर हुई? क्या पुल चालू होने से पहले पूरे एप्रोच रोड का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया गया है? राजद ने मांग की है कि किसी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण करे और आवश्यक सुरक्षा उपाय करे। डेटा में समझिए परियोजना कितनी बड़ी है कच्ची दरगाह-बिदुपुर परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण बात इसका पैमाना है। पुरानी प्रोजेक्ट रिपोर्ट के अनुसार पूरे अलाइनमेंट की लंबाई 22.76 किलोमीटर थी। इसमें 9.76 किलोमीटर मुख्य गंगा पुल और बाकी हिस्सा सड़क/एप्रोच वायाडक्ट का था। प्रोजेक्ट के पुराने दस्तावेजों में इसकी अनुमानित लागत ₹4,988.4 करोड़ बताई गई है। हालांकि, हाल की रिपोर्टों में तैयार पुल/कनेक्टिविटी की लंबाई करीब 19.75 किलोमीटर बताई गई है, इसलिए 22.76 किमी को पूरे मूल प्रोजेक्ट अलाइनमेंट के संदर्भ में और 19.75 किमी को वर्तमान तैयार कनेक्टिविटी के संदर्भ में देखना ज्यादा उचित है। 67 पायों वाला पुल, नदी की गहराई और बाढ़ सबसे बड़ी चुनौती प्रोजेक्ट की निर्माण तकनीक सामान्य सड़क पुलों से काफी अलग है। यह गंगा के चौड़े और बदलते प्रवाह क्षेत्र में बनाया गया है। प्रोजेक्ट से जुड़े तकनीकी दस्तावेजों में गंगा क्षेत्र में वेल फाउंडेशन और गहरे फाउंडेशन की निर्माण प्रक्रिया का उल्लेख है। पुराने प्रोजेक्ट दस्तावेज के अनुसार नदी में 67 वेल फाउंडेशन की योजना थी। इतने बड़े पुल में फाउंडेशन का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि गंगा में मानसून के दौरान पानी का बहाव और नदी तल में बदलाव होता रहता है। इसी कारण एप्रोच रोड के नीचे मिट्टी या रेत के हटने जैसी तस्वीर को सिर्फ 'मिट्टी निकल गई' कहकर छोड़ देना भी उचित नहीं होगा। देखना होगा कि मिट्टी कितनी गहराई तक हटी? कहां से हटी? किस कारण से हटी? क्या वहां पानी का बहाव हुआ? क्या रोड की फिलिंग प्रभावित हुई? क्या मुख्य फाउंडेशन पर कोई असर पड़ा? इन सभी सवालों का जवाब तकनीकी जांच से ही मिल सकता है। राघोपुर के लिए पुल सिर्फ सड़क नहीं, लाइफलाइन है इस पुल का सबसे बड़ा असर राघोपुर क्षेत्र पर पड़ने वाला है। पटना के बिल्कुल करीब होने के बावजूद राघोपुर लंबे समय तक गंगा और दियारा क्षेत्र की ज्योग्राफिकल कंडीशन के कारण मुख्य शहर से रिलेटिव अलग रहा। बाढ़ के समय यहां सड़क संपर्क प्रभावित होना आम बात रही है। नए पुल से पटना की तरफ सीधा सड़क संपर्क मिलने के बाद राघोपुर की स्थिति बदलने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर इसका असर शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, रोजगार और कृषि उत्पादों की आवाजाही पर पड़ेगा। राघोपुर के लोगों के लिए इसका मतलब सिर्फ पटना जाने का रास्ता आसान होना नहीं है। इसका मतलब है बारिश में भी सड़क संपर्क, बाजार तक आसान पहुंच और पटना से सीधे जुड़ाव। पटना का ट्रैफिक भी बदलेगा कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल को पटना के ट्रैफिक नेटवर्क के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अभी उत्तर बिहार से पटना आने वाले बड़ी संख्या में गाड़ियों को महात्मा गांधी सेतु और शहर के दूसरे हिस्सों से होकर गुजरना पड़ता है। नए पुल के चालू होने के बाद ट्रैफिक को ऑप्शनल रूट मिलेगा। इससे महात्मा गांधी सेतु पर गाड़ियों का दबाव घटने की उम्मीद है। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, पुल के जरिए पटना से वैशाली की यात्रा करीब 20 से 25 मिनट में पूरी होगी। यानी पुल चालू होने के बाद इसका असर सिर्फ वैशाली के लोगों पर नहीं, बल्कि पूरे उत्तर बिहार के सड़क नेटवर्क पर पड़ सकता है। 2015 में शिलान्यास, 2017 में शुरू हुआ काम, 2026 में पूरा कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल की नींव 2015 में नीतीश-तेजस्वी की जोड़ी ने रखी थी। 2017 में इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ, 2026 में काम पूरा हुआ है। ब्रिज तैयार करने की अवधि 3 बार बढ़ाई गई। पहली बार जनवरी 2021, दूसरी बार दिसंबर 2024 और फिर सितंबर 2025 में इसे चालू करने का समय तय किया गया। 23 अगस्त 2025 को तब के सीएम नीतीश कुमार ने दीदारगंज में कच्ची दरगाह बिदुपुर सिक्स लेन गंगा पुल परियोजना के पटना अप रैम्प का उद्घाटन किया था। पटना अप रैम्प एक एप्रोच रोड है जो जेपी गंगा पथ के अंतिम बिन्दु दीदारगंज से शुरू होकर 6 लेन न्यू गंगा ब्रिज तक जाता है। इस संपर्क पथ के माध्यम से पटना शहर की तरफ से जेपी गंगा पथ होते हुए वाहनों का आवागमन सीधे नए पुल तक है। इससे शहर के अंदर वाहनों का दबाव कम होगा। लोगों को जाम की समस्या से निजात मिलेगी।
दुर्ग जिला अस्पताल की अटल आरोग्य लैब एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इस बार वजह किसी मरीज की जांच रिपोर्ट नहीं, बल्कि लैब के अंदर काम कर रहे महिला टेक्नीशियन की बनाई रील है। लैब में काम के दौरान बनाई गई रील का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिंज ने मामले को गंभीरता से लिया है और जांच के निर्देश दिए हैं। मामले में अटल आरोग्य लैब के प्रभारी जेपी मेश्राम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि रील कब और किस परिस्थिति में बनाई गई। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि वीडियो बनाने के दौरान टेक्नीशियन अपनी ड्यूटी पर था या नहीं और लैब के काम पर इसका कोई असर पड़ा या नहीं। लैब के अंदर बनाई रील देखें… मरीजों के सैंपल के बीच रील, अब जवाब-तलब अटल आरोग्य लैब जिला अस्पताल की जांच व्यवस्था का अहम हिस्सा है। यहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों के सैंपल लिए जाते हैं और उनकी जांच की जाती है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, लैब में करीब 134 तरह की जांच मुफ्त की जाती हैं। इस लैब का संचालन एचएलएल कंपनी के जरिए किया जा रहा है। मरीजों के सैंपल की जांच और रिपोर्ट तैयार करने वाली लैब में कर्मचारी के रील बनाने का वीडियो सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग अब यह जांच कर रहा है कि रील बनाने के लिए लैब के किस हिस्से का इस्तेमाल किया गया था और क्या वीडियो में मरीजों के सैंपल या जांच से जुड़ी कोई जानकारी दिखाई दे रही है। एचआईवी रिपोर्ट को लेकर भी हुआ था विवाद कुछ दिन पहले इसी लैब की जांच रिपोर्ट को लेकर विवाद हुआ था। जिला अस्पताल में भर्ती 24 साल के युवक की एचआईवी जांच रिपोर्ट पहले पॉजिटिव आई थी। युवक ने रिपोर्ट पर सवाल उठाए तो उसकी दोबारा जांच कराई गई। दूसरी जांच में रिपोर्ट निगेटिव आई। मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने लैब से पूरी जानकारी मांगी थी। साथ ही जांच में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की जांच और सही तरीके से कैलिब्रेशन कराने के निर्देश दिए गए थे। अब रील ने फिर खड़े किए सवाल सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिंज ने कहा कि लैब या कार्यस्थल पर इस तरह वीडियो बनाना ड्यूटी के प्रति लापरवाही है। मामला संज्ञान में आते ही जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। …………………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… ‘हाय रानी-हेलो रानी' गाने पर पत्नी संग नाचे कॉन्स्टेबल, VIDEO: बिलासपुर में वर्दी में रील बनाने पर लाइन अटैच; तलवार लहराने वाला वकील गिरफ्तार छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक कॉन्स्टेबल का वर्दी में डांस करते और वकील का तलवार लहराते वीडियो सामने आया है। मस्तुरी थाने में पदस्थ कांस्टेबल देवानंद ने ‘हाय रानी, हेलो रानी’ संबलपुरी गाने पर वाइफ के साथ डांस करते हुए रील बनाई। वीडियो वायरल होने के बाद SSP ने उन्हें लाइन अटैच कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर…
मुख्यमंत्री मोहन यादव 29 अगस्त को बालाघाट के लांजी क्षेत्र के दौरे पर रहेंगे। वे मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत लोगों से संवाद करने के साथ बीमारी से प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे और छात्रावास व उत्कृष्ट विद्यालय का निरीक्षण करेंगे।
जिस हाथ में रक्षाबंधन पर बहन राखी बांधने वाली थी, उसी हाथ से भाई को उसकी हत्या की तहरीर लिखनी पड़ी।
सोशल मीडिया पर बाइक राइडिंग और स्टंट के वीडियो युवाओं को खूब आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन कैमरे के सामने रोमांच दिखाने की होड़ कई बार जिंदगी पर भारी पड़ रही है।
Chandigarh News: जेन जी ने छोड़ी स्क्रीन की लत, लौटा नींद और सुकून
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Chandigarh News: भादो की दस्तक से पहले चढ़ा पारा, वीकेंड से झमाझम बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार न्यूनतम तापमान 25.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हवा में नमी अधिक होने के कारण उमस का असर ज्यादा रहा। अधिकतम सापेक्ष आर्द्रता 86 फीसदी तक दर्ज की गई। इससे तापमान से ज्यादा गर्मी महसूस हुई।
Chandigarh News: बारिश थमी, एक घंटे बाद ही सड़क पर बिछा दिया डामर
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Chandigarh News: एआई के दौर में भी गुरु की सीख से ही बेहतर सर्जन बनेंगे
हैदराबाद के किम्स अस्पताल के डॉ. आरए शास्त्री ने द टीचर लाइव्स ऑन विषय पर विचार साझा किए। उन्होंने प्रो. बीएल तलवार के साथ अपने अनुभव बताते हुए कहा कि मुश्किल परिस्थितियों में काम करना और चुनौतीपूर्ण समय में सही फैसला लेना उन्होंने अपने गुरु से सीखा।
Chandigarh News: पीयू में पीएचडी दाखिले के लिए आवेदन शुरू, 10 सितंबर तक करें आवेदन
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Chandigarh News: आज प्रचार का आखिरी दांव, ताकत झोंकेंगे छात्र संगठन
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Chandigarh News: 67.8 लाख साइकोट्रॉपिक दवाएं जब्त, ट्रक चालक गिरफ्तार
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रक्षाबंधन पर गुरुग्राम से अपने गांव नसीरपुर लौट रही 21 वर्षीय अनुसूचित जाति की युवती की मौत की गुत्थी को शिकोहाबाद पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस की कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी प्रेमी राहुल उर्फ नितिन यादव ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
Chandigarh News: जीएमसीएच-32 के विस्तार की तैयारी, हेल्थ सेक्रेटरी ने बेसमेंट का किया निरीक्षण
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Chandigarh News: दो घंटे गेस्ट हाउस में हंगामा, पीसीएस का रौब झाड़ते पकड़े गए पूर्व डीजीपी के बेटे
दो घंटे गेस्ट हाउस में हंगामा,पीसीएसका रौबझाड़तेपकड़ेगए पूर्व डीजीपी के बेटे
Chandigarh News: सांसद निधि से लगे सीसीटीवी कैमरों पर भाजपा नेता ने उठाए सवाल
सांसद निधि से लगे सीसीटीवी कैमरों पर भाजपा नेता ने उठाए सवाल
चीनी के दाम पर बड़ी राहत! एक्स-मिल कीमत करीब 20% गिरी, अब खुदरा बाजार में भी नरमी के संकेत
चीनी की बढ़ती कीमतों से परेशान उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार के मुताबिक देश में एक्स-मिल चीनी की कीमत करीब 20 फीसदी तक घट गई है और अब इसका असर धीरे-धीरे खुदरा बाजार में भी दिखाई देने लगा है। सरकार का कहना है कि सप्लाई चेन में कीमतों का असर पहुंचने […] The post चीनी के दाम पर बड़ी राहत! एक्स-मिल कीमत करीब 20% गिरी, अब खुदरा बाजार में भी नरमी के संकेत appeared first on https://rajsattaexpress.com .
दिल्ली-NCR में सीएनजी 3.89 रुपये हुई महंगी, इस साल पांचवी बार बढ़े दाम
इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने शुक्रवार को कहा कि शनिवार से दिल्ली और आसपास के शहरों में सीएनजी की कीमत 3.89 रुपये प्रति किलो बढ़ जाएगी।
मिलाद के जुलूस के दौरान कथित आपत्तिजनक और भड़काऊ बयान देने के मामले में पुलिस ने मौलाना मुफ्ती मुजीब को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
UP News Today Live: उत्तर प्रदेश ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 29 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार
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त्योहारी सीजन से पहले मुंबई के लोगों को महंगाई का झटका लगा है। बॉम्बे मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (BMPA) ने थोक दूध की कीमत में ₹9 प्रति लीटर बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नई कीमत 1 सितंबर से लागू होगी। इसके बाद मुंबई और आसपास के मेट्रोपॉलिटन इलाकों में थोक दूध का भाव ₹93 से बढ़कर ₹102 प्रति लीटर हो जाएगा। यह नई कीमत अगले 6 महीने यानी 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी। एसोसिएशन के मुताबिक, यह हाल के वर्षों में दूध की कीमत में हुई सबसे बड़ी एकमुश्त बढ़ोतरी में से एक है। चारा, ट्रांसपोर्ट और पशुओं की देखभाल का खर्च बढ़ा दूध की कीमत बढ़ाने के पीछे डेयरी किसानों और तबेला संचालकों ने बढ़ती उत्पादन लागत को मुख्य वजह बताया है। पिछले एक साल में पशुओं के लिए जरूरी हरा चारा, चुनी और खली जैसी चीजों की कीमत लगातार बढ़ी है। इसके अलावा दूध की ढुलाई, पशुओं की देखभाल और तबेले के संचालन का खर्च भी बढ़ गया है। बढ़ती लागत के कारण दूध उत्पादकों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा था। खुदरा दूध से लेकर मिठाइयों तक पड़ेगा असर थोक दूध महंगा होने का सीधा असर मुंबई के आम ग्राहकों पर पड़ने की आशंका है। स्थानीय दूध विक्रेता, डेयरी और घर तक दूध पहुंचाने वाले सप्लायर 1 सितंबर से बढ़ी हुई कीमत ग्राहकों से वसूल सकते हैं। कुछ जगहों पर खुदरा कीमत में थोक बढ़ोतरी से थोड़ा ज्यादा इजाफा भी हो सकता है। इसका असर सिर्फ दूध तक सीमित नहीं रहेगा। दूध महंगा होने से दही, पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। त्योहारी सीजन में दूध की बड़ी खपत होने के कारण मिठाई की दुकानों, बेकरी और खाने-पीने की दुकानों पर भी लागत बढ़ेगी। ऐसे में त्योहारों के दौरान मिठाइयों और दूसरे दूध से बने उत्पादों के दाम बढ़ने की संभावना है।
रक्षाबंधन के दिन जिन बहनों की कलाई पर भाई ने राखी बंधवाई थी, उन्हें क्या पता था कि कुछ ही घंटों बाद वही भाई उनसे हमेशा के लिए दूर हो जाएंगे।
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से बने गंभीर हालात के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने वहां गए प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर निगरानी और राहत प्रयास तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राज्य सरकार नेपाल में मौजूद छत्तीसगढ़ के नागरिकों की लगातार जानकारी जुटा रही है। अब तक प्रदेश से जुड़े 9 नागरिकों के संबंध में जानकारी सामने आई है। प्रशासन के अनुसार, इनमें 2 नागरिकों के परिजनों से संपर्क स्थापित हो चुका है। रायपुर के 5 नागरिक सुरक्षित हैं और नेपाल से छत्तीसगढ़ लौटने के लिए रवाना हो चुके हैं। वहीं बिलासपुर और सुरगुजा से जुड़े 2 नागरिकों के अब भी लापता होने की सूचना है। मोनिका और मंजू के परिजनों से संपर्क रायपुर के महादेव घाट निवासी मोनिका यादव 22 अगस्त को नेपाल गई थीं। बाढ़ के बाद उनसे संपर्क टूटने और लापता होने की सूचना मिली थी। अब प्रशासन ने उनके परिजनों से संपर्क स्थापित कर लिया है। उनकी स्थिति को लेकर संबंधित एजेंसियों से जानकारी जुटाई जा रही है। इसी तरह बिलासपुर की 65 वर्षीय मंजू राय चौधरी कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गई थीं। उनके संबंध में भी परिजनों से संपर्क हो गया है। प्रशासन उपलब्ध जानकारी का सत्यापन कर आवश्यक समन्वय कर रहा है। प्रियंका और डॉ. मीना की तलाश जारी बिलासपुर निवासी 39 वर्षीय प्रियंका चौधरी के नेपाल में लापता होने की सूचना है। वे फिनलैंड की नागरिक हैं। परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर प्रशासन संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है। सुरगुजा निवासी डॉ. मीना गुप्ता, जो यूनाइटेड किंगडम की नागरिक हैं, भी लापता बताई जा रही हैं। उनका अंतिम ज्ञात स्थान रसुवागढ़ी इमिग्रेशन कार्यालय, नेपाल-चीन सीमा बताया गया है। 5 नागरिक सुरक्षित, रायपुर लौट रहे रायपुर के माना क्षेत्र के दिनेश ओझा, प्रेम सिंह जगत, नारायण सेन, यतेंद्र प्रकाशी और दिनेश सिंह ठाकुर के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है। पांचों 21 अगस्त को नेपाल गए थे और अब रायपुर लौटने के लिए रवाना हो चुके हैं। नेपाल प्रशासन–केंद्रीय एजेंसियों के संपर्क में राज्य सरकार राज्य सरकार नेपाल प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है। जिला प्रशासन के जरिए परिजनों को भी आवश्यक जानकारी और सहयोग दिया जा रहा है। सरकार ने अपील की है कि नेपाल में मौजूद किसी छत्तीसगढ़वासी के संबंध में जानकारी मिलने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करें।
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर संगम स्थित श्री बड़े हनुमान मंदिर में भगवान श्री बड़े हनुमान जी का भव्य श्रृंगार किया गया। मंदिर परिसर को भी रक्षाबंधन की थीम पर आकर्षक ढंग से सजाया गया। सुबह और शाम की आरती विशेष रूप से रक्षाबंधन के पर्व को ध्यान में रखते हुए भव्य तरीके से संपन्न हुई। इस अवसर पर श्री बड़े हनुमान जी के हाथों में श्रीराम नाम लिखी विशेष राखी बांधी गई। मंदिर में श्रद्धा और भक्ति के बीच बड़े धूमधाम से रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया। भव्य श्रृंगार, विशेष सजावट और आरती के दौरान मंदिर परिसर का माहौल भक्तिमय नजर आया और दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने इस विशेष आयोजन का आनंद लिया। देखें VIDEO……..
प्रयागराज के जार्जटाउन में स्वामीनारायण मंदिर परिसर में शुक्रवार देर रात उस समय अफरातफरी मच गई, जब मंदिर का तीन मंजिला हिस्सा भरभराकर पीछे खोदे गए विशाल गड्ढे में जा गिरा। हिस्सा गिरने के दौरान तेज आवाज हुई, जिससे आसपास के लोग दहशत में आ गए। हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए। बताया जा रहा है कि स्वामीनारायण मंदिर के पीछे निर्माण कार्य चल रहा था। निर्माण के लिए वहां काफी गहरा और बड़ा गड्ढा खोदा गया था। इसी दौरान मंदिर के पिछले हिस्से की जमीन खिसकने लगी और देखते ही देखते तीन मंजिला हिस्सा ढहकर उसी गड्ढे में समा गया।हादसा इतना अचानक हुआ कि आसपास के लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। तेज आवाज सुनकर आसपास के घरों और दुकानों से लोग बाहर निकल आए। इलाके में कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। निर्माण के दौरान सुरक्षा इंतजामों पर सवालमंदिर के ठीक पीछे विशाल गड्ढा खोदे जाने और उसके किनारे मौजूद पुराने भवन की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि निर्माण के लिए की गई खुदाई के कारण मिट्टी खिसकने से मंदिर के हिस्से पर दबाव पड़ा और वह ढह गया। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी जानकारी दी गई। जिसके बाद उन्होंने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। जनहानि की स्थिति जांच के बाद होगी स्पष्टहादसे में कितने लोग प्रभावित हुए हैं, इसकी स्थिति फिलहाल आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। जार्जटाउन थाना प्रभारी रुकुमपाल सिंह ने बताया कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। जिस वक्त हादसा हुआ, वहां कोई नहीं था। गड्ढा कई साल पहले खोदा गया था। आशंका है कि बारिश में मिट्टी के कटान से ही मंदिर का यह हिस्सा ढह गया।
झांसी के प्रेमनगर थाने की पुलिस देशभर में साइबर ठगी करने वाले गिरोहों की रकम को बैंक खातों में मंगाकर क्रिप्टो करेंसी में बदलने वाले बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने शुक्रवार शाम गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 500 यूएसडीटी, सात मोबाइल फोन और एक डायरी बरामद हुई है। गिरोह का मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपी अभी फरार हैं। पहले 2 तस्वीर देखिए… पुलिस की जांच में सामने आया कि साइबर ठगी की रकम को खपाने के लिए 56 बैंक खातों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इन खातों में करीब 403 करोड़ रुपये की मनी ट्रेल मिली है। इनमें अकेले झांसी के 35 बैंक खाते शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपी इन खातों का संचालन कर रहे थे। पुलिस ने नौ आरोपियों के खिलाफ प्रेमनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की है। एसपी (साइबर) अरीबा नोमान के मुताबिक समन्वय पोर्टल पर दर्ज 325 साइबर फ्रॉड की शिकायतों की जांच के दौरान पुलिस को इन बैंक खातों के बारे में जानकारी मिली। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि अलग-अलग साइबर ठगी के मामलों की रकम इन खातों में भेजी जा रही थी। खातों से हुए लेनदेन की पड़ताल में करीब 403 करोड़ रुपये की मनी ट्रेल सामने आई। ऐसे खपाते थे ठगी की रकम प्रेमनगर थाने की साइबर शाखा प्रभारी उपनिरीक्षक शिवकांत शुक्ल की टीम ने जांच के दौरान ईसाईटोला निवासी दीपक वर्मा उर्फ सत्यम, अदनान हुसैन, आदिल हुसैन, कृष्णानगर कॉलोनी खेरा निवासी जान पाल, सुम्मेर नगर निवासी अभिषेक चौधरी और लहर गिर्द निवासी अर्चित श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे देशभर में सक्रिय साइबर ठगों से संपर्क कर उनकी ठगी की रकम अपने नियंत्रण वाले बैंक खातों में मंगाते थे। इसके बाद रकम को कई खातों और माध्यमों से घुमाया जाता था। फिर इसी पैसे से यूएसडीटी यानी क्रिप्टो करेंसी खरीदी जाती थी। रकम को नंबर एक में बदलने के बाद अपना कमीशन काटकर बाकी रकम साइबर ठगों तक पहुंचाई जाती थी। अरमान गिरोह का मास्टरमाइंड पूछताछ में गिरोह के नेटवर्क का मास्टरमाइंड गढ़िया फाटक निवासी अरमान बताया गया है। उसके साथ अर्श और मोहम्मद फैज भी गिरोह में शामिल हैं। पुलिस इन तीनों की तलाश कर रही है। पुलिस को आशंका है कि गिरोह का नेटवर्क झांसी से बाहर कई राज्यों तक फैला हो सकता है और इसके तार देशभर में सक्रिय साइबर ठगों से जुड़े हैं। सत्यम को यूएसडीटी में रकम बदलते पकड़ा साइबर शाखा प्रभारी शिवकांत शुक्ल को गिरोह की गतिविधियों की भनक लगने के बाद पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों और लेनदेन की निगरानी शुरू की। शुक्रवार को पुलिस ने सत्यम को साइबर ठगी की रकम को यूएसडीटी में बदलते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक पिछले एक सप्ताह में ही आरोपियों ने एक खाते में करीब 9.75 लाख रुपये की रकम बदली थी। इसके बाद पुलिस ने अन्य आरोपियों तक पहुंच बनाई और छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के पूरे नेटवर्क, देशभर में जुड़े साइबर ठगों, इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और रकम को अलग-अलग माध्यमों से इधर-उधर करने वाले लोगों की जानकारी जुटा रही है। जांच पूरी होने के बाद इस नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आने की संभावना है। क्या है यूएसडीटी क्रिप्टो करेंसी? यूएसडीटी एक तरह की क्रिप्टो करेंसी है, जिसे टेदर नाम की कंपनी जारी करती है। इसे अमेरिकी डॉलर से जोड़कर रखा जाता है। सामान्य तौर पर 1 यूएसडीटी की कीमत करीब 1 अमेरिकी डॉलर के बराबर रखने का प्रयास किया जाता है।साइबर ठगी के मामलों में जालसाज इसका इस्तेमाल इसलिए करते हैं क्योंकि डिजिटल तरीके से यूएसडीटी को एक वॉलेट से दूसरे वॉलेट में ट्रांसफर किया जा सकता है। इस गिरोह में भी पुलिस के मुताबिक ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों में घुमाने के बाद उससे यूएसडीटी खरीदा जाता था। इसके बाद इसे आगे साइबर ठगों तक पहुंचाया जाता था।
रायपुर में संपत्ति विवाद को लेकर दादा और पोते के बीच हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के ग्राम तुलसी में 20 वर्षीय पोते ने अपने दादा पर नुकीली वस्तु से हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल दादा की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी पोते को करीब एक घंटे के भीतर हिरासत में ले लिया। मृतक की पहचान धनेश धीवर (45) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, धनेश का अपने पोते राहुल उर्फ खिलेंद्र धीवर (20) के साथ संपत्ति को लेकर विवाद हुआ था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई। विवाद बढ़ने पर राहुल ने दादा पर नुकीली वस्तु से हमला कर दिया। हमले में धनेश गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन और आसपास के लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद मंदिर हसौद पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू की। पूरे मामलें का खुलासा रायपुर पुलिस के अधिकारी आज करेंगे। एक घंटे में आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने वारदात के करीब एक घंटे के भीतर आरोपी राहुल उर्फ खिलेंद्र को हिरासत में ले लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस संपत्ति विवाद की वजह, दोनों के बीच हुए विवाद की पूरी जानकारी और हमले में इस्तेमाल नुकीली वस्तु का पता लगाने में जुटी है। घटना के संबंध में परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी लिए जा रहे हैं।
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर शुक्रवार को मुरादाबाद जिला जेल के बाहर एक बेहद भावुक कर देने वाला नजारा देखने को मिला। सलाखों के पीछे बंद अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधने के लिए सुबह से ही बहनों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जेल के बाहर सुबह से ही महिलाओं की कतारें लग गईं। कई बहनें सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर अपने भाइयों से मिलने पहुंची थीं। जेल प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे, हर सामान की सघन चेकिंग की गई। त्योहार को देखते हुए जेल प्रशासन ने मुलाकात के लिए विशेष प्रबंध किए थे। आंखों में आंसू और हाथों में पूजा की थाली सोमवार सुबह से ही मुरादाबाद जिला कारागार के बाहर उत्सव और सजल आंखों का मिला-जुला माहौल देखने को मिला। जेल में बंद अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए बहनें सुबह से ही कतारों में खड़ी हो गईं। हाथों में पूजा की थाली, मिठाई और रेशम के धागे लिए बहनें अपने भाई की लंबी उम्र की कामना के साथ जेल पहुंची थीं। कई बहनें बेहद दूर-दराज के इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों से सफर तय कर यहां पहुंची थीं। जेल प्रशासन के विशेष इंतजाम, अतिरिक्त बल तैनात रक्षाबंधन के इस विशेष अवसर पर जेल प्रशासन की ओर से भी मुलाकात को सुगम बनाने के लिए खास तैयारियां की गई थीं। जेल के मुख्य द्वार (जेल गेट) पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। सुरक्षाकर्मियों ने बहनों द्वारा लाए गए सामान, जैसे राखी, रोली, अक्षत और मिठाइयों की बारीकी से जांच की। सुरक्षा मानकों को पूरा करने के बाद ही महिलाओं को जेल परिसर में प्रवेश दिया गया। सलाखों के पीछे बंधा स्नेह का धागा जेल के भीतर जब बहनें अपने भाइयों से मिलीं, तो माहौल बेहद भावुक हो गया। भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर बहनों ने उनके जल्द रिहा होने और अच्छे भविष्य की कामना की। वहीं, भाइयों ने भी अपनी बहनों को सुरक्षा और सदैव साथ निभाने का वचन दिया। जेल प्रशासन के अनुसार, त्योहार की संवेदनशीलता को देखते हुए यह सुनिश्चित किया गया कि हर बहन अपने भाई से मिल सके और कोई भी निराश होकर न लौटे।
प्रसिद्ध फिल्म निर्माता महेश भट्ट के निर्देशन में 'वो सुबह हम ही से आएगी' नाटक ने दिल्ली में दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। यह नाटक यूपीएससी अभ्यर्थियों के संघर्ष, प्रेम और सफलता की कहानी को 90 के दशक की दिल्ली की पृष्ठभूमि में जीवंत करता है।
त्रिवेणी कला संगम में आयोजित 'दास्तान-ए-मुकेश' ने महान गायक मुकेश के सदाबहार गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस संगीतमय प्रस्तुति ने राज कपूर के साथ उनके अमर रिश्ते और संगीत की कालातीत शक्ति को जीवंत कर दिया, जिससे दर्शक पुरानी यादों में खो गए।
लखनऊ इस्कॉन मंदिर में बलराम पूर्णिमा महोत्सव:भक्तों ने अभिषेक, आरती और कीर्तन कर मनाया पर्व
लखनऊ के इस्कॉन मंदिर में शुक्रवार को बलराम पूर्णिमा का उत्साह देखने को मिला। मंदिर परिसर हरे कृष्ण महामंत्र के जयघोष और भजनों से गूंज उठा। भक्तों ने भगवान बलराम का अभिषेक, विशेष आरती और कीर्तन कर महोत्सव मनाया। इस दौरान मंदिर अध्यक्ष अपरिमेय श्याम प्रभु ने भगवान बलराम को आदि गुरु बताते हुए उनकी कृपा से कृष्ण भक्ति प्राप्त होने का महत्व बताया। अपरिमेय श्याम प्रभु ने कहा कि श्रीकृष्ण भगवान हैं और बाकी सभी उनकी सेवा करते हैं। भगवान की सेवा के लिए बलराम जी का सहारा जरूरी है। बलराम जी आदि गुरु और सभी गुरुओं के गुरु माने जाते हैं। वे शांत, दास्य, सख्य, वात्सल्य और माधुर्य भाव से भगवान श्रीकृष्ण की सेवा करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि मनुष्य अपने हृदय में भगवान का आविर्भाव चाहता है तो उसे काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद और मत्सर जैसे छह अनर्थों को दूर करना होगा। यह गुरु की शरणागति से संभव है। बलराम कृपा से मिलती है कृष्ण भक्ति अपरिमेय श्याम प्रभु ने बताया कि बलराम जी अनंत ब्रह्मांडों का भार संभालते हुए भगवान की सेवा करते हैं। वे गुरु तत्व के स्वरूप हैं। उनकी कृपा के बिना भगवान की भक्ति और कृष्ण प्रेम प्राप्त करना संभव नहीं है। महोत्सव की शुरुआत मंदिर अध्यक्ष ने भगवान बलराम के अभिषेक से की। इसके बाद विशेष आरती, कीर्तन और नृत्य हुआ। भक्तों ने बलराम पूर्णिमा की कथा और महात्म्य का आनंद लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी भक्तों ने एकादशी प्रसाद ग्रहण किया।
शाहजहांपुर में बीच-बचाव करने गए व्यक्ति की मौत:लाठी लगने से घायल हुआ, मारपीट का वीडियो सामने आया
शाहजहांपुर के पुवायां थाना क्षेत्र के सबलापुर गांव में शुक्रवार शाम दो पक्षों के बीच चल रहे विवाद में बीच-बचाव करने गए एक व्यक्ति की मारपीट में मौत हो गई। आरोप है कि दोनों पक्षों के लोगों ने पप्पू पर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज में भर्ती पप्पू ने रात करीब 11 बजे इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। विवाद सुलझाने पहुंचे थे पप्पू, आरोपियों ने कर दिया हमला पुलिस के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब छह बजे गांव के मुनेंदर और कमल के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। देखते ही देखते दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। पड़ोसी पप्पू दोनों के बीच बीच-बचाव करने पहुंचे। आरोप है कि इसी दौरान मुनेंदर और कमल ने पप्पू पर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। शोर सुनकर पप्पू के परिजन भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने बचाव का प्रयास किया। आरोप है कि हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट की, जिससे कई लोग घायल हो गए। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। सीएचसी से मेडिकल कॉलेज किया गया था रेफर गंभीर रूप से घायल पप्पू को परिजन पहले सीएचसी लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। यहां उपचार के दौरान शुक्रवार रात करीब 11 बजे उनकी मौत हो गई। 7 लोगों के खिलाफ मुकदमा, हिरासत में लेकर पूछताछ पप्पू के बेटे सरजू की तहरीर पर पुलिस ने मुनेंदर, कमल, रीना, सेवान, सोनू, रोशनी और कुमरी देवी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण भी किया। एसपी ग्रामीण दीक्षा भवरे ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच पहले से भी विवाद चला आ रहा था।
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को जिलाधिकारी प्रयागराज श्री मनीष कुमार वर्मा ने राजकीय बाल गृह बालिका, राजकीय बाल गृह शिशु एवं राजकीय महिला शरणालय पहुंचकर बच्चों और महिलाओं के साथ रक्षाबंधन का त्योहार उत्साहपूर्वक मनाया। इस दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों और महिलाओं से आत्मीयता से मुलाकात की और उनके साथ रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं। कार्यक्रम में उन्होंने बच्चों के बीच केक काटकर अपना जन्मदिन भी मनाया। जिलाधिकारी ने बच्चों को फल और मिठाइयां वितरित कीं तथा उनके साथ समय बिताया। जिलाधिकारी ने सभी बच्चों और महिलाओं को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और सुखमय जीवन का आशीर्वाद दिया। उनके इस आत्मीय व्यवहार से बाल गृह के बच्चे और महिलाएं भी काफी उत्साहित नजर आए। कार्यक्रम के दौरान रक्षाबंधन के त्योहार का माहौल और भी खास हो गया, जब जिलाधिकारी ने बच्चों के साथ मिलकर केक काटा और उनके बीच खुशियां बांटीं। अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी बच्चों की खुशियों में सहभागिता की।
प्रधान को गालियां दीं, जान से मारने की धमकी:पारा में महिला पर आरोप, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में ग्राम प्रधान श्रीराम यादव ने एक महिला पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रधान का आरोप है कि महिला ने उन्हें ऑडियो संदेश के जरिए अश्लील गालियां दीं, झूठे लांछन लगाए और जान से मारने की धमकी भी दी। इस मामले में पारा पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रधान श्रीराम यादव हंसखेड़ा में क्लीनिक चलाते हैं और सामाजिक कार्यों से भी जुड़े हैं। उनकी तहरीर के अनुसार, यह घटना 26 अगस्त की है। उस दिन वह अपनी क्लीनिक पर थे, तभी हंसखेड़ा की पुरानी काशीराम कॉलोनी निवासी मानसी यादव पत्नी विनोद यादव ने एक ऑडियो संदेश रिकॉर्ड कर उन्हें और अन्य लोगों को भेजा। आरोप है कि इस ऑडियो में महिला ने प्रधान को सीधे संबोधित करते हुए आपत्तिजनक और अश्लील गालियां दीं। ऑडियो में झूठे आरोप लगाए गए प्रधान ने यह भी आरोप लगाया है कि ऑडियो संदेश में उनके वैवाहिक और व्यक्तिगत जीवन को लेकर झूठे और आपत्तिजनक आरोप लगाए गए हैं। इससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास किया गया। महिला पर उन्हें गंभीर शारीरिक नुकसान पहुंचाने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। श्रीराम यादव ने पुलिस को बताया कि संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग उनके पास सुरक्षित है, जिसे वे डिजिटल साक्ष्य के रूप में पुलिस को उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विवाद के पीछे उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और समाज में उनकी छवि खराब करने का उद्देश्य है। तहरीर मिलने के बाद हंसखेड़ा चौकी प्रभारी को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके बाद थाना प्रभारी सुरेश सिंह के निर्देश पर रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस का कहना है कि ऑडियो की जांच और आरोपों की पुष्टि होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दहेज में प्लाट और 10 लाख रुपए मांगे:पारा में विवाहिता को मारपीट कर घर से निकाला
पारा थाना क्षेत्र में एक विवाहिता ने अपने पति समेत ससुराल के छह सदस्यों पर दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। सरोजनीनगर के अनौरा गांव निवासी साधना वर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनका विवाह 22 जून 2021 को पारा क्षेत्र के आदर्श विहार निवासी विवेक कुमार वर्मा के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। शादी में करीब 25 लाख रुपए खर्च हुए थे साधना के अनुसार, शादी से पहले बरीक्षा और तिलक समारोह में मायके पक्ष ने करीब तीन लाख रुपए नकद, सोने की अंगूठियां व चेन सहित अन्य सामान दिया था। शादी में लगभग 25 लाख रुपए खर्च किए गए थे। इसके बावजूद, पति विवेक कुमार वर्मा, ससुर अहिबरन लाल वर्मा, सास सरोजनी देवी, ननद पूजा वर्मा, मामा रामबहादुर और मामी संजय देवी उर्फ संजू उन्हें कम दहेज लाने का ताना देकर प्रताड़ित करने लगे। बेटे के जन्म के बाद प्रताड़ना बढ़ी पीड़िता ने बताया कि 13 फरवरी 2023 को उनके बेटे सादविक वर्मा का जन्म हुआ। आरोप है कि बच्चे के जन्म के बाद ससुराल वालों की प्रताड़ना और बढ़ गई। पति परिवार के सदस्यों के कहने पर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट करता था। आरोप है कि पति ने परिवार से अलग रहने के लिए मायके से एक प्लॉट और सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 10 लाख रुपए की अतिरिक्त मांग की। साधना के अनुसार, 30 मार्च 2026 की शाम करीब छह बजे पति और ससुराल के अन्य लोगों ने मिलकर उनके साथ लात-घूंसों से मारपीट की और केवल पहने हुए कपड़ों में घर से बाहर निकाल दिया। ससुराल वालों ने कथित तौर पर कहा कि मांग पूरी होने पर ही उन्हें वापस रखा जाएगा। बेटे को भी मायके के बाहर छोड़ा अगले दिन पति अपने नाबालिग बेटे को उनके मायके के बाहर छोड़कर चला गया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि कुछ दिनों बाद सास, ससुर और ननद ने फोन कर धमकी दी कि मायके से मिले सोने-चांदी के जेवर वापस नहीं करेंगे और उन्हें बेच देंगे। साथ ही बच्चे को भी अपने साथ ले जाने की धमकी दी गई। प्रभारी निरीक्षक सुरेश सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
बिलासपुर में सोशल मीडिया पर कथित हिंदू विरोधी कमेंट को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर दोनों तरफ से जमकर ईंट-पत्थर चले। हालात संभालने पहुंची पुलिस पर भी पथराव हुआ, जिसमें टीआई समेत कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर और एसपी भी मौके पर मौजूद हैं। बीजेपी विधायक सुशांत शुक्ला भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इलाके में तनाव को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। यह मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पहले देखिए तस्वीरें एक पक्ष के विरोध में कमेंट पर हुआ विवाद बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर एक पक्ष के विरोध में कमेंट को लेकर विवाद शुरू हुआ था। इसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। पहले हिंदू पक्ष की ओर से पथराव किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद दूसरे पक्ष ने भी विरोध करते हुए पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी हालात बिगड़ने की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की गई। स्थिति संभालने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। पथराव में टीआई समेत कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। कलेक्टर-एसपी मौके पर पहुंचे घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर और एसपी भी मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली। विधायक सुशांत शुक्ला भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इलाके में पुलिस बल तैनात घटना के बाद मसानगंज और खपरगंज इलाके में तनाव को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस लगातार इलाके में गश्त कर रही है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।
जबलपुर के विजयनगर थाना क्षेत्र में सब्जी के थोक व्यापारी से 14.32 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। मालेगांव (महाराष्ट्र) के दो आरोपियों ने पहले नगद भुगतान कर व्यापारी का भरोसा जीता, फिर उधार में लाखों रुपए का मटर और लहसुन लेकर भुगतान से इनकार कर दिया। शिकायत पर विजयनगर पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। ओमती के अग्रवाल कंपाउंड निवासी 57 वर्षीय मोहम्मद एजाज विजयनगर मंडी में 'राजेश कुमार एजाज भाई' के नाम से थोक सब्जी का कारोबार करते हैं। पुलिस के मुताबिक नवंबर 2025 में मालेगांव निवासी आरिफ शेख और शरीफ शेख उनकी दुकान पर आए थे। दोनों ने शुरुआत में लहसुन और मटर नगद खरीदा। इसके बाद हर महीने बड़ी मात्रा में माल खरीदने की बात कहकर व्यापारी का विश्वास जीत लिया। 24 नवंबर को उधार में माल लिया आरोपियों ने 24 नवंबर को ऑनलाइन पेमेंट और एटीएम काम नहीं करने की बात कही। पुराने लेन-देन पर भरोसा करते हुए एजाज ने उन्हें उधार में माल दे दिया। दो ट्रकों में 3 लाख 24 हजार 450 रुपए की मटर और 5 लाख 25 हजार 700 रुपए का लहसुन लोड कराया गया। दोनों ट्रक नंबर MH-30 BD 7577 और MH-30 BD 5594 थे। दो दिन बाद फिर 5.41 लाख का माल 26 नवंबर को आरोपियों ने तीसरे ट्रक MH-20 GC 9387 में 5 लाख 41 हजार 500 रुपए की मटर भरवाई और मालेगांव रवाना कर दी। इस तरह आरोपियों ने कुल 14 लाख 32 हजार 150 रुपए का माल उधार में लिया। भुगतान मांगा तो फोन उठाना बंद किया माल पहुंचने के बाद एजाज ने आरोपियों से रुपए मांगे। दोनों पहले टालमटोल करते रहे। बाद में भुगतान करने से साफ इनकार कर दिया और गाली-गलौज करने लगे। कुछ समय बाद दोनों ने फोन उठाना भी बंद कर दिया। इसके बाद व्यापारी ने 26 अगस्त को विजयनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरिफ शेख और शरीफ शेख के खिलाफ BNS की धारा 318(4), 316(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की तलाश के साथ माल और ट्रकों से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
जबलपुर: व्यापारी के खाते से 1.90 लाख की ठगी:बिना मैसेज-ओटीपी के साइबर जालसाजों ने उड़ाए पैसे
जबलपुर के लॉर्डगंज थाना क्षेत्र में एक वरिष्ठ व्यापारी के साथ डिजिटल ठगी का मामला सामने आया है। साइबर जालसाजों ने 66 वर्षीय अशोक कुमार पोद्दार के बैंक खाते से बिना किसी अलर्ट या ओटीपी के 1 लाख 90 हजार रुपये निकाल लिए। जवाहरगंज निवासी अशोक कुमार पोद्दार ने 27 अगस्त को थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनका व्यापार से जुड़ा खाता एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में है। 22 से 23 अगस्त के बीच अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनके खाते से तीन किश्तों में पैसे निकाले। ये राशियाँ क्रमशः 45 हजार, 50 हजार और 95 हजार रुपये थीं। पीड़ित को शुरुआती लेनदेन का कोई मैसेज या ओटीपी प्राप्त नहीं हुआ। ठगी का खुलासा 23 अगस्त को तब हुआ, जब उनके मोबाइल पर 95 हजार रुपये की अंतिम निकासी का मैसेज आया। इस बड़े ट्रांसफर को देखकर व्यापारी को धोखाधड़ी का संदेह हुआ। तत्काल व्यापारी बैंक पहुँचे और खाते का स्टेटमेंट निकलवाया। स्टेटमेंट की जाँच करने पर उन्हें पता चला कि 22 से 23 अगस्त के बीच उनके खाते से कुल 1 लाख 90 हजार रुपये की ठगी की गई है। शिकायत के आधार पर लॉर्डगंज पुलिस ने अज्ञात साइबर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी और छलपूर्वक धन निकालने का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
पेट्रोल डालकर जलाए गए अजहरुद्दीन की मौत:पत्नी ने की साजिशकर्ताओं पर कार्रवाई और सुरक्षा की मांग
मऊगंज जिले के लौर थाना क्षेत्र के अल्हौआ गांव में 24 अगस्त की शाम पेट्रोल डालकर आग लगाए जाने से गंभीर रूप से झुलसे अजहरुद्दीन उर्फ राजू की शुक्रवार देर शाम संजय गांधी अस्पताल रीवा में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने मामले में अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। अजहरुद्दीन की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में परिजनों और परिचितों की भीड़ जमा हो गई। परिजनों का आरोप है कि घटना के पीछे कुछ साजिशकर्ता अभी भी बाहर हैं और वे परिवार को फोन पर जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस भी अस्पताल पहुंची। पति का किसी झगड़ा नहीं हुआ मृतक की पत्नी शहनाज बानो ने आरोप लगाया कि उनके पति का किसी से कोई झगड़ा नहीं था। उन्होंने कहा कि राम रईस जायसवाल ने उनके पति पर पेट्रोल डालकर उन्हें जिंदा जला दिया था। शहनाज ने मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कार्रवाई की सराहना की, लेकिन यह भी कहा कि घटना में शामिल अन्य लोगों पर अभी कार्रवाई नहीं हुई है। शहनाज बानो ने बताया कि उनके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने प्रशासन से परिवार को सुरक्षा प्रदान करने और धमकी देने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार किसी तरह का विवाद या हंगामा नहीं चाहता, बल्कि कानून के तहत सभी आरोपियों पर कार्रवाई चाहता है। मृतक की मां कसीमुन निशा ने भी घटना में कुछ लोगों की साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरदार सिंह और अमिनेष नामक व्यक्तियों ने कथित तौर पर आरोपी को अपनी गाड़ी में बैठाकर घुमाया था। परिजनों ने सवाल उठाया है कि जब मुख्य आरोपी पुलिस से बचकर घूम रहा था, तब वह किन लोगों के संपर्क में था और उनकी गाड़ी में क्यों घूम रहा था। परिजनों ने मांग की है कि जिस वाहन में आरोपी के घूमने का आरोप है, उसकी भी जांच कर उसे भी जब्त किया जाए। इसके अलावा उन्होंने मुन्ना साहू की पत्नी के कथित बयान का भी उल्लेख किया है। परिवार का दावा है कि उनके अनुसार आरोपी रातभर मुन्ना साहू के घर में मौजूद था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही इनकी वास्तविकता स्पष्ट होगी। ‘मेरा बेटा चला गया, अब आरोपियों को सख्त सजा मिले’ अजहरुद्दीन की मां कसीमुन निशा ने भावुक होकर कहा कि उनका बेटा अब दुनिया में नहीं रहा। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से घटना में शामिल सभी लोगों की जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग की। परिवार का कहना है कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन कथित साजिशकर्ताओं और धमकी देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई जरूरी है। परिजनों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि किसी अन्य व्यक्ति की गाड़ी में आरोपी के मौजूद होने की जानकारी सामने आती है, तो उस वाहन और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच क्यों नहीं की जा रही है। परिवार ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग करने की बात कही है। 24 अगस्त की शाम हुई थी घटना पुलिस के अनुसार, 24 अगस्त की शाम करीब 7:30 बजे अल्हौआ गांव में राम रईस ने अजहरुद्दीन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। घटना में अजहरुद्दीन के चेहरे, सिर, पेट, सीना, दोनों हाथ, गर्दन और पीठ पर गंभीर जलने की चोटें आई थीं। आग बुझाने के प्रयास में कुछ अन्य लोग भी झुलस गए थे। सभी घायलों को उपचार के लिए संजय गांधी अस्पताल रीवा में भर्ती कराया गया था।घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस ने साइबर सेल और तकनीकी सूचना की मदद से 25 अगस्त की रात करीब 11 बजे उसे रीवा से गिरफ्तार किया। इसके बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। अब हत्या की धाराओं में होगी कार्रवाई अजहरुद्दीन की इलाज के दौरान मौत के बाद पुलिस पंचनामा कार्रवाई में जुट गई है। शनिवार, 29 अगस्त को संजय गांधी अस्पताल रीवा में शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल परिवार की सबसे बड़ी मांग यही है कि मुख्य आरोपी के साथ-साथ जिन लोगों पर साजिश में शामिल होने और धमकी देने के आरोप लगाए जा रहे हैं, उनकी भूमिका की भी जांच हो। परिवार ने प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाते हुए कहा है कि वे न्याय चाहते हैं और किसी प्रकार का विवाद नहीं चाहते।
आज नहीं तो कल इंसाफ होगा; अंकित बालियान के परिजनों से अखिलेश ने फोन पर की बात
हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड के तीसरे दिन कैराना से सपा सांसद इकरा हसन पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने अंकित के पिता सतवीर सिंह की फोन पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से बात कराई। अखिलेश ने परिवार को न्याय की लड़ाई में हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
मुरादाबाद में शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे गांगन नदी पर बना लकड़ी का अस्थाई पुल अचानक टूट गया। इससे बाइक सवार दंपती और उनके तीन बच्चे वाहन समेत नदी में जा गिरे। स्थानीय लोगों ने पिता और दो बच्चों को बचा लिया, जबकि महिला और उसका एक बच्चा तेज बहाव में बह गए। करीब दो घंटे के रेस्क्यू के बाद महिला का शव बरामद कर लिया गया। तीसरा बच्चा अभी लापता है। पहले 3 तस्वीरें देखिए… तीन लकड़ियां टूटीं और नदी में जा गिरी बाइक हादसा शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे मझोला थाना क्षेत्र के मलकद्दा स्थित चट्टा पुल पर हुआ। छजलैट के महमूदपुर निवासी मजदूर अनिल रक्षाबंधन पर पत्नी किरन और बच्चों के साथ कुंदरकी के नानपुर गांव स्थित ससुराल गए थे। राखी बंधवाने के बाद परिवार बाइक से लौट रहा था। जैसे ही बाइक लकड़ी के पुल पर पहुंची, अचानक पुल की तीन लकड़ियां टूट गईं। बाइक अनियंत्रित हुई और पूरा परिवार गांगन नदी में जा गिरा। पिता और दो बच्चों को लोगों ने बचाया हादसा होते ही आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया और बचाव के लिए दौड़े। स्थानीय गोताखोरों की मदद से अनिल और उनके दो बच्चों केशव व काफिया को नदी से बाहर निकाल लिया गया। वहीं किरन और उनका तीसरा बच्चा प्रियांशु तेज बहाव में बह गए। दो घंटे बाद मिला महिला का शव सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मलकद्दा गांव से स्थानीय गोताखोरों को बुलाकर मां-बेटे की तलाश शुरू कराई गई। अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू में काफी परेशानी हुई। गोताखोरों ने टॉर्च की रोशनी में करीब दो घंटे तक नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया। इसके बाद किरन को नदी से बाहर निकाला गया। उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। प्रियांशु की तलाश अभी जारी है। एसडीआरएफ को भी बुलाया गया हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एसडीआरएफ की टीम को भी मौके पर बुलाया है। नदी में तेज बहाव और अंधेरे के बीच मासूम की तलाश की जा रही है। हादसे के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुटी है। अस्थाई लकड़ी के पुल की सुरक्षा और उसकी जर्जर हालत को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। SSP बोले- सर्च अभियान जारी मुरादाबाद के SSP सतपाल अंतिल ने बताया कि महिला के पति और 2 बच्चों को बचा लिया गया है। महिला और उसका एक बच्चा नदी में बह गए थे। सर्च ऑपरेशन के बाद महिला को ढूंढ लिया गया लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। बच्चे की तलाश में अभियान जारी है।
रक्षाबंधन पर भाइयों की कलाई पर सजी राखी, बहनों ने मांगी लंबी उम्र की दुआ
यमुनापार में रक्षाबंधन का त्योहार हर्षोल्लास से मनाया गया, जहां बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और लंबी उम्र की कामना की। इस दौरान राष्ट्रपति और पूर्व राष्ट्रपति को भी राखी बांधी गई।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) और चिंतन पर्यावरण समूह ने दिल्ली-एनसीआर में खुले में कूड़ा जलाने पर रोक लगाने के लिए समझौता किया है। इसका उद्देश्य ठोस कचरा प्रबंधन में सुधार और वायु प्रदूषण कम करना है, जिसके लिए तकनीकी अध्ययन और जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
प्रयागराज की आक्रामक विकेटकीपर-बल्लेबाज शिप्रा गिरी को इंडिया-ए महिला क्रिकेट टीम में शामिल किया गया है। वह चंडीगढ़ में 12, 15 और 17 सितंबर को ऑस्ट्रेलिया 'ए' के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज में खेलेंगी। अनुष्का शर्मा की कप्तानी वाली इस टीम में शिप्रा के साथ उमा छेत्री को भी विकेटकीपर के तौर पर चुना गया है। हाल ही में आयोजित टारगेटेड कैंप में शिप्रा ने अपने परिश्रम और कौशल से चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया था। इस उपलब्धि से उनके गृह जनपद प्रयागराज और खेल जगत में खुशी का माहौल है। भारतीय सीनियर टीम की दहलीज पर खड़ी शिप्रा गिरी ने इंडिया-ए में अपनी जगह पक्की कर अपनी प्रतिभा साबित की है। वह इससे पहले महिला प्रीमियर लीग (WPL) में 'यूपी वॉरियर्स' के लिए भी खेल चुकी हैं। पिछले वर्ष वह अंडर-23 महिला क्रिकेट टीम की कप्तान और हाल ही में संपन्न सीनियर महिला टीम की उप-कप्तान रह चुकी हैं। पिछले सात वर्षों से शिप्रा उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) के लिए एनसीए, जेडसीए, अंडर-19, अंडर-23 और सीनियर स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। मूल रूप से प्रयागराज के खुल्दाबाद की निवासी शिप्रा एक साधारण और अनुशासित परिवार से आती हैं। उनके पिता पुलिस विभाग में कार्यरत हैं और मां गृहणी हैं। उनके परिवार में दो बहनें और एक भाई हैं। शिप्रा ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मेहनत और साल 2015 से स्पोर्ट्स टैलेंट क्रिकेट अकादमी में अपने कोच अजय यादव से मिले मार्गदर्शन को दिया है। विकेट के पीछे उनकी फुर्ती और बल्लेबाजी में आक्रामकता उन्हें एक खास खिलाड़ी बनाती है। शिप्रा के चयन पर अकादमी के संरक्षक महेंद्र कुमार सिंह, अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव, डीआईओएस संतोष कुमार राय, लेफ्टिनेंट कर्नल अमृता सिंह, राम सक्सेना, रंजन श्रीवास्तव, अशोक सिंह, खेल सचिव ब्रजेश श्रीवास्तव सहित अन्य खिलाड़ियों और गणमान्य व्यक्तियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।
इंदौर शहर में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर एक और शिकायत सामने आई है। सी-21 मॉल के पीछे डायमेंशन फर्निचर के सामने स्थित वी-आर-वन रेस्टोरेंट में मोमोज में इल्लियां मिलने का मामला सामने आया है। मामले में शिकायतकर्ता दीपक मीणा ने खाद्य विभाग से शिकायत कर रेस्टोरेंट के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मामला शुक्रवार शाम करीब 6:30 बजे का है। वे अपने दोस्तों के साथ रेस्टोरेंट में मोमोज खाने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्हें मोमोज में इल्लियां रेंगती हुई दिखाई दीं। इस पर उन्होंने रेस्टोरेंट संचालक सिद्धार्थ मालवीय और कर्मचारी सोनू पाल से शिकायत की। इस पर सोनू का कहना था कि हम मोमोज नहीं बनाते। हमारी कोई गलती नहीं है। शिकायत करने पर बदतमीजी का आरोप दीपक मीणा ने खाद्य विभाग को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि मोमोज में इल्लियां मिलने की बात बताने पर रेस्टोरेंट संचालक और कर्मचारी ने संतोषजनक जवाब देने के बजाय उनके साथ बदतमीजी की। इसके बाद उन्होंने रेस्टोरेंट में रखी फ्रोजन मोमोज की बास्केट भी चेक की। मीणा और उनके साथियों का कहना है कि फ्रोजन मोमोज की बास्केट में रखे अन्य मोमोज में भी इल्लियां रेंगती हुई मिलीं। इसके बाद ग्राहक ने मामले की जानकारी खाद्य विभाग को दी। तीन तस्वीरें देखिए फोटो-वीडियो के साथ की शिकायत शिकायतकर्ता ने खाद्य विभाग को भेजे आवेदन में इस मामले को लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय बताया है। उन्होंने रेस्टोरेंट में खाद्य सामग्री के रखरखाव और स्वच्छता की जांच कराने के साथ ही नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के साथ फोटो, वीडियो और रेस्टोरेंट की लोकेशन भी उपलब्ध कराई गई है। अब खाद्य विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मोमोज में इल्लियां थीं या नहीं और खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं। खाद्य विभाग की जांच के बाद सामने आएगी स्थिति सीनियर फूड इंस्पेक्टर मनीष स्वामी ने बताया कि इस मामले में शिकायत मिली है। कल टीम जांच के लिए जाएगी और देखेगी कि मोमोज कहां बनाए जाते हैं और कौन-कौन से रेस्टोरेंट्स को सप्लाय किए जाते हैं। सारी जानकारी और सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे। इसके बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ललितपुर। रक्षाबंधन के दिन शुक्रवार शाम अलग-अलग जगह हुए सड़क हादसों में 4 महिलाओं समेत 10 लोग घायल हो गए। घायलों को ललितपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। एक युवक की हालत गंभीर होने पर उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। बाइक से गिरने से मां-बेटी घायल मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के मटखैरा गांव निवासी 20 वर्षीय दीपा पत्नी बॉबी अपनी एक साल की बेटी चांदनी और भाई छोटू के साथ शुक्रवार शाम करीब 6 बजे ललितपुर आ रही थीं। उन्हें भाई को राखी बांधनी थी। कैलगुंवा गांव के पास दीपा और उनकी बेटी बाइक से गिर गईं। दोनों घायल हो गईं। उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। भैंसों को बचाने में बाइक से गिरी महिला टीकमगढ़ के खाखररौन गांव निवासी 50 वर्षीय रामकली पत्नी दशरथ अपने बेटे के साथ बाइक से मायके रोड़ा जा रही थीं। तेरई फाटक के पास सड़क पर भैंसें आ गईं। उन्हें बचाने के लिए बेटे ने बाइक सड़क से नीचे उतार दी। इसी दौरान पीछे बैठी रामकली गिर गईं। उन्हें मेडिकल कॉलेज लाया गया। ट्रैक्टर की टक्कर से परिवार घायल पूराकलां थाना क्षेत्र के गेवरा गेंदौरा निवासी शाकुलाल (38) अपनी पत्नी आरती (34) और बेटियों नंदनी (7) व मुस्कान (5) के साथ बाइक से खजरा गांव जा रहे थे। आरती को रक्षाबंधन पर भाई को राखी बांधनी थी। एवनी गांव के पास भूसा लदे ट्रैक्टर ने बाइक को टक्कर मार दी। इससे बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरी। हादसे में चारों घायल हो गए। ब्रेकर पर बाइक से गिरी महिला कोतवाली सदर क्षेत्र के रजवारा गांव निवासी 40 वर्षीय गोमती पत्नी विनोद अपने बेटे छोटू के साथ बाइक से मायके सैदपुर जा रही थीं। छपरट गांव के पास नदी के पुल पर बने ब्रेकर से बाइक गुजरते समय गोमती गिर गईं। उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लाया गया। आवारा जानवर से टकराकर युवक घायल कोतवाली सदर क्षेत्र के खोखरा गांव निवासी 25 वर्षीय सुनील बाइक से सामान लेने बिताती गांव गया था। शाम करीब 7 बजे लौटते समय सड़क पर अन्ना जानवर आ गया। उसे बचाने के प्रयास में बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। हादसे में सुनील घायल हो गया। उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
दिल्ली सरकार ने अपने बकाया कर्ज और अन्य दीर्घकालिक देनदारियों के समयबद्ध भुगतान के लिए कंसोलिडेटेड सिंकिंग फंड (CSF) का गठन किया है। यह फंड चालू वित्त वर्ष से उपयोग होगा और अगले पांच वर्षों में कुल बकाया देनदारियों के पांच प्रतिशत तक पहुंचने का लक्ष्य है।
कैंटर ड्राइवर से 5 लाख की लूट:कोल्डड्रिंक पिलाकर बेहोश किया, पुलिस बोली- मामला संदिग्ध
हापुड़ में कैंटर चालक ने 3 लोगों पर नशीला पदार्थ पिलाकर 5 लाख रुपए लूटने का आरोप लगाया। घटना की सूचना गुरुवार रात करीब डेढ़ बजे डायल 112 पर दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। चालक के बार-बार बयान बदलने से पुलिस को मामला संदिग्ध लग रहा है। मामला हाफिजपुर क्षेत्र में सोना पेट्रोल पंप के सामने का है। व्यापारी से लिए थे 5 लाख रुपए बुलंदशहर के रामपुर मानपुर गांव निवासी गुलहसन कैंटर चलाता है। उसने गुरुवार को गढ़ रोड स्थित एक टिंबर व्यापारी को लकड़ी पहुंचाई थी। इसके बदले उसे 5 लाख रुपए मिले थे। गुलहसन के अनुसार, वह रुपए लेकर घर लौट रहा था। तीन लोगों को कैंटर में बैठाया गुलहसन ने पुलिस को बताया कि रात करीब 9 बजे सोना पेट्रोल पंप के सामने तीन लोगों ने गुलावठी जाने के लिए कैंटर रुकवाई। तीनों उसकी कैंटर में बैठ गए। आरोप है कि उनके पास पहले से नशीला पदार्थ मिला कोल्डड्रिंक थी। बातचीत के दौरान उन्होंने गुलहसन को कोल्डड्रिंक पिला दी। बेहोशी के बाद रुपए लेकर भागने का आरोप गुलहसन के अनुसार, कोल्डड्रिंक पीने के बाद वह बेहोश हो गया। तीनों लोग उसके पास रखे 5 लाख रुपए लेकर फरार हो गए। करीब रात डेढ़ बजे होश आने पर उसने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। सीसीटीवी में नहीं दिखी कैंटर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। पुलिस के अनुसार, जिस समय घटना होने की बात बताई गई, उस दौरान कैंटर सड़क पर दिखाई नहीं दी। इसके बाद चालक के बयानों में भी विरोधाभास सामने आया। पुलिस बोली- जांच के बाद होगी कार्रवाई एएसपी विनीत भटनागर ने बताया कि कैंटर चालक के बार-बार बयान बदलने से मामला संदिग्ध लग रहा है। पुलिस फिर भी पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रीन द मारवाड़ और नशामुक्ति जन-जागरूकता अभियान के दूसरे दिन शुक्रवार को जोधपुर जिले के पालड़ी गाँव में पौधारोपण एवं पौधा वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह अभियान 14 दिनों में चार जिलों के 150 गाँवों तक पहुँचकर पर्यावरण संरक्षण एवं नशामुक्ति का संदेश जन-जन तक पहुँचाएगा।
लखनऊ ने वकील ने फंदा लगाकर जान दी:सुसाइड के कारणों का पता लगा रही पुलिस, 50 साल के थे
लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम एक वकील ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों द्वारा उन्हें रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त चिकित्सालय राजाजीपुरम ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने घटना की सूचना पुलिस को दी। मृतक की पहचान 50 वर्षीय वकील राजेंद्र सिंह के रूप में हुई है, जो पिंकसिटी बुद्धेश्वर में रहते थे। शुक्रवार की रात करीब 8 बजे उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया था। चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। परिजनों के अनुसार, राजेंद्र सिंह ने फांसी लगाई थी। घटना के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। सूचना मिलते ही पारा पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी जुटाई है। पुलिस के मुताबिक, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, आत्महत्या के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
प्रयागराज में महिला एवं बाल विकास योजना के नाम पर साइबर ठगों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता दंपती को निशाना बना लिया। फर्जी अधिकारी बनकर ठग ने उनकी चार महीने की बेटी के लिए 12 हजार रुपये की सरकारी सहायता राशि स्वीकृत होने का झांसा दिया। इसके बाद गूगल-पे का स्कैनर मंगवाकर खाते से रकम ट्रांसफर कराने के नाम पर दोनों के बैंक खातों से करीब 79 हजार रुपये पार कर दिए। दारागंज के अलोपीबाग में रहते हैंमामला दारागंज थाना क्षेत्र के अलोपीबाग स्थित पंजाबी कॉलोनी का है। यहां रहने वाले अधिवक्ता राजेश वोहरा और उनकी पत्नी प्रतिभा वोहरा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 27 अगस्त की शाम करीब चार बजे उनके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को महिला एवं बाल विकास योजना का अधिकारी बताया। बेटी के नाम पर 12 हजार की सहायता का दिया झांसाठग को दंपती की चार महीने की बेटी और परिवार से जुड़ी कई सही जानकारियां पहले से पता थीं। उसने बताया कि महिला एवं बाल विकास योजना के तहत उनकी बेटी के लिए 12 हजार रुपये की सहायता राशि स्वीकृत हुई है। रकम खाते में भेजने की प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर उसने पति-पत्नी दोनों के बैंक खातों की जानकारी ली। इसके बाद ठग ने दोनों से उनके गूगल-पे का स्कैनर व्हाट्सएप पर मंगवा लिया। उसने कहा कि उसके बताए तरीके से प्रक्रिया पूरी करने पर करीब आधे घंटे में सरकारी सहायता की रकम खाते में पहुंच जाएगी। पैसे आने के बजाय खाते से कटने लगेदंपती ने जैसे ही ठग के बताए निर्देशों का पालन किया, उनके खातों में 12 हजार रुपये आने के बजाय रकम कटने लगी। प्रतिभा वोहरा के खाते से 38,519.28 रुपये और राजेश वोहरा के खाते से 40,903.63 रुपये निकल गए। दोनों खातों से कुल 79,422.91 रुपये की ठगी हुई। पुलिस बोली, जांच कराई जा रहीट्रांजैक्शन के मैसेज आने के बाद दंपती को साइबर ठगी का पता चला। उन्होंने तत्काल दारागंज थाने में शिकायत दी। पुलिस को बैंक पासबुक, आधार कार्ड और गूगल-पे से हुए ट्रांजैक्शन के स्क्रीनशॉट भी उपलब्ध कराए गए हैं। दारागंज थाना प्रभारी ज्ञानेश्वर मिश्रा ने बताया कि जांच कराई जा रही है।
रक्षाबंधन के मौके पर सुकमा जिले के एर्राबोर में शहीद जवानों की बहनें अपने भाइयों की प्रतिमाओं पर राखी बांधने शहीद स्मारक पहुंचीं। बहनों ने राखी बांधकर अपने शहीद भाइयों को याद किया और उनकी देश सेवा को नमन किया। इस दौरान कई बहनों की आंखें नम हो गईं। एर्राबोर गांव के पास सशस्त्र बल स्थल पर 12 शहीद जवानों के स्मारक बनाए गए हैं। ये जवान एर्राबोर और आसपास के गांवों के रहने वाले थे और अलग-अलग घटनाओं में नक्सलियों से लड़ते हुए शहीद हुए थे। शहीद जवानों की बहनें पिछले 19 वर्षों से हर रक्षाबंधन पर यहां पहुंचकर उनकी प्रतिमाओं पर राखी बांधती आ रही हैं। हर साल भाई को राखी बांधने आती हूं शहीद कांस्टेबल सोयम की बहन सोमय संकरी ने बताया कि उनका भाई वर्ष 2007 में नक्सलियों से लड़ते हुए शहीद हुआ था। उन्होंने कहा कि भाई की शहादत के अगले साल से ही वह हर रक्षाबंधन पर शहीद स्थल पहुंचकर राखी बांध रही हैं। उन्होंने कहा, मुझे अपने भाई पर गर्व है कि उसने देश सेवा में अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उन्होंने यह भी कहा कि नक्सलियों को सरकार भले ही माफ कर दे, लेकिन उनके परिवार के लोग उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे। यहां आकर भाई को महसूस करती हूं : कमला सोयम शहीद चंद्रा सोयम की बहन कमला सोयम ने बताया कि वर्ष 2010 में चिंगावारम के पास नक्सलियों ने एक बस को बम से उड़ा दिया था। इस घटना में उनके भाई चंद्रा सोयम भी शहीद हो गए थे। उस समय वह छोटी थीं। बाद में शहीद स्थल पर भाई का स्मारक बनाया गया। उन्होंने कहा कि इसके बाद से हर साल परिवार के साथ यहां आकर भाई को राखी बांधती हैं। मेरे भाई अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन हर राखी पर यहां आकर मुझे लगता है कि मैं अपने भाई के पास हूं। शहीदों के बलिदान से नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई को मिली ताकत सुकमा लंबे समय से नक्सलवाद से प्रभावित रहा है। इस दौरान जिले में बड़ी संख्या में जवान शहीद हुए हैं। एर्राबोर क्षेत्र में भी कई जवानों ने नक्सलियों से मुकाबला करते हुए अपनी जान गंवाई। शहीद जवानों के परिजनों और बहनों का कहना है कि आज नक्सलवाद खत्म हो गया है और इसे खत्म करने में हमारे भाइयों का अहम योगदान रहा है। लेकिन एक बात साफ है कि सरकार भले ही नक्सलियों को सरेंडर कराने के बाद माफ कर दे, लेकिन हम उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे। जिन लोगों की वजह से हमारे भाई आज हमारे बीच नहीं हैं, उन्हें हम कभी माफ नहीं कर पाएंगे।
गोंडा के मोतीगंज पुलिस ने चोरी हुई बोलेरो को महज तीन घंटे में बरामद करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मोतीगंज थाना क्षेत्र के हड़हवा गांव निवासी राम प्रकाश ने शुक्रवार शाम करीब 6 बजे अपनी सफेद रंग की बोलेरो चोरी होने की तहरीर दी थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तत्काल जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज की मदद से रात करीब 9 बजे वजीरगंज थाना क्षेत्र के जमलापुर बाजार से चोरी हुई बोलेरो बरामद कर ली गई। मौके से आरोपी संतोष कुमार तिवारी को भी गिरफ्तार किया गया। चोरी के बाद भागते समय बाइक में मारी टक्करबताया जा रहा है कि बोलेरो चोरी करने के बाद आरोपी संतोष कुमार तिवारी उसे लेकर भाग रहा था। इसी दौरान जमलापुर बाजार में उसने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और उन्होंने आरोपी को पकड़ लिया। इसके बाद कुछ लोगों ने उसकी पिटाई कर दी। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें लोग आरोपी की पिटाई करते नजर आ रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज से मिली आरोपी की लोकेशनबोलेरो चोरी की सूचना मिलने के बाद मोतीगंज पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी दौरान पुलिस को चोरी की बोलेरो के जमलापुर बाजार की ओर जाने की जानकारी मिली। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर कार्रवाई की और बोलेरो बरामद करने के साथ आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पहले भी जा चुका है जेलसीओ सदर अभिषेक दावाचा ने बताया कि राम प्रकाश ने डायल 112 और मोतीगंज पुलिस को बोलेरो चोरी होने की सूचना दी थी। इसके बाद कहोबा चौकी प्रभारी सुधीर कुमार यादव और मोतीगंज थानाध्यक्ष तेज नारायण गुप्ता को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पुलिस को आरोपी के जमलापुर बाजार के पास होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया। आरोपी से पूछताछ जारीपुलिस के अनुसार, संतोष कुमार तिवारी पहले भी एक मामले में जेल जा चुका है। उसके खिलाफ अब तक दो मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और चोरी की घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
ग्वालियर से करीब 35 किलोमीटर दूर उटीला गांव के बस स्टैंड पर शुक्रवार देर शाम दो पुराने दोस्तों के बीच मामूली कहासुनी के बाद विवाद हो गया। दोनों वर्तमान और पूर्व सरपंच के समर्थक बताए जा रहे हैं। राजनीतिक सक्रियता और वर्चस्व को लेकर शुरू हुई बहस देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और लाठी-डंडे चलने लगे। रक्षाबंधन के कारण बस स्टैंड पर भीड़ थी, ऐसे में मारपीट और हंगामे से वहां भगदड़ मच गई। इसी दौरान दोनों पक्षों की ओर से फायरिंग भी की गई। कई गोलियां आसपास की दीवारों और गेट में लगीं। गोली चलने की आवाज सुनकर दुकानदार और राहगीर इधर-उधर भागने लगे। घटना की सूचना मिलते ही उटीला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। दोनों पक्षों के कई लोगों के घायल होने की जानकारी है। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। सरपंचों की राजनीतिक सक्रियता को लेकर हुआ विवाद पुलिस के अनुसार, उटीला निवासी गब्बर सिंह बघेल और पंकज पाठक के बीच पहले दोस्ती थी, लेकिन कुछ समय से दोनों के बीच दूरी थी। बताया जा रहा है कि दोनों पक्ष गांव के वर्तमान और पूर्व सरपंच के समर्थक हैं। शुक्रवार शाम दोनों उटीला बस स्टैंड के पास चाय की गुमटी पर बैठे थे। इसी दौरान सरपंचों की राजनीतिक सक्रियता और वर्चस्व को लेकर उनके बीच बहस शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर बघेल पक्ष के लोगों ने पंकज के साथ मारपीट कर दी। इसके बाद पंकज पक्ष के समर्थक भी मौके पर पहुंच गए और दोनों ओर से लाठी-डंडे चलने लगे। इसी दौरान बघेल पक्ष के देव ओझा ने कथित तौर पर हथियार निकालकर फायरिंग कर दी। गोली चलने से बस स्टैंड पर अफरा-तफरी मच गई। दोनों पक्ष थाने पहुंचे, गांव में पुलिस तैनात घटना की सूचना मिलते ही उटीला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति संभाली। एहतियात के तौर पर गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस दोनों पक्षों के प्रमुख लोगों को थाने ले गई, जहां देर रात तक उनसे पूछताछ की गई। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायतों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। मामले में बलवा, मारपीट और आर्म्स एक्ट के तहत क्रॉस केस दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। एसडीओपी मनीष यादव ने बताया कि उटीला बस स्टैंड पर दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट हुई है। फायरिंग के आरोपों की भी जांच की जा रही है। दोनों पक्षों की शिकायत लेकर निष्पक्ष जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
बीकानेर के नापासर में बदमाशों ने लाठी और सरियों से पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। हिस्ट्रीशीटर को छुड़ा ले गए। घटना का वीडियो बना रहे कॉन्स्टेबल का मोबाइल फोन छीन लिया। घटना नापासर थाना क्षेत्र के शेरेरा गांव में 27 अगस्त की सुबह हुई। पुलिस ने शुक्रवार को मामला दर्ज कर एक आरोपी को डिटेन किया है। थानाधिकारी कविता पूनिया ने बताया- मामले में मुख्य आरोपी मोडाराम के अलावा राकेश, भैराराम, चैनाराम, दुर्गाराम और जीतराम सहित कई अन्य लोगों को नामजद किया है। पुलिसकर्मियों को घेरकर किया हमला पुलिस के अनुसार- गुरुवार सुबह शेरेरा पुलिस चौकी के कॉन्स्टेबल रामदयाल और हीरालाल एक मामले में आरोपी मोडाराम को पकड़कर चौकी ले जा रहे थे। इसी दौरान बिना नंबर के कैंपर, थार गाड़ी और बाइक पर सवार होकर आए 15 से 20 बदमाशों ने दोनों पुलिसकर्मियों को घेर लिया। बदमाशों ने राजकार्य में बाधा डालते हुए लाठी और सरियों से पुलिस टीम पर हमला कर दिया। हमले में कॉन्स्टेबल रामदयाल की पीठ पर गंभीर चोट आई, वहीं कॉन्स्टेबल हीरालाल के सिर पर लाठी से वार किया गया, जिससे वे घायल हो गए। मोबाइल छीना और आरोपी को लेकर हुए फरार घटना के दौरान जब कॉन्स्टेबल हीरालाल ने इस पूरी वारदात का वीडियो बनाने का प्रयास किया, तो बदमाशों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया। हमलावर पुलिस कस्टडी से आरोपी मोडाराम को जबरन छुड़ाकर अपनी गाड़ी में बैठाकर फरार हो गए। पुलिसकर्मियों ने पीछा भी किया, लेकिन आरोपी खेतों के कच्चे रास्तों का फायदा उठाकर भाग निकले। नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्जनापासर थानाधिकारी कविता पूनिया ने बताया कि नापासर थाने में आरोपियों के खिलाफ बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। विशेष टीमें गठित की गई हैं। मामले में एक आरोपी को डिटेन किया है।
अयोध्या के जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में मरीज की मौत के बाद शव को ठेले पर ले जाने का वीडियो वायरल हो रहा है। इसके बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो शुक्रवार 28 अगस्त शाम का बताया जा रहा है। सब्जी मंडी निवासी मृतक के परिजनों का आरोप है कि शव घर ले जाने के लिए उन्होंने अस्पताल में शव वाहन मांगा, लेकिन कर्मचारी उन्हें एक-दूसरे के पास भेजते रहे। शव वाहन के लिए काफी देर तक इंतजार परिजनों के मुताबिक, मरीज की मौत के बाद उन्होंने अस्पताल स्टाफ से शव वाहन उपलब्ध कराने को कहा। आरोप है कि वार्ड की महिला स्टाफ ने ड्राइवर का नंबर उपलब्ध नहीं होने की बात कही। इसके बाद उन्हें दूसरे कर्मचारियों के पास भेजा गया। काफी देर इंतजार के बाद भी शव वाहन की व्यवस्था नहीं हो सकी। ठेले पर शव रखकर ले जाने को मजबूर शव वाहन नहीं मिलने पर परिजनों ने शव को ठेले पर रखा और अस्पताल से घर की ओर ले गए। इसी दौरान किसी ने इसका वीडियो बना लिया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला अस्पताल की शव वाहन व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। निजी एंबुलेंस के लिए पैसे देने का आरोप परिजनों का आरोप है कि अस्पताल परिसर में निजी एंबुलेंस सुविधा शुल्क लेकर उपलब्ध कराई जाती है। वहीं, जिला चिकित्सालय में शव वाहन की सुविधा होने की बात कही जाती है। ऐसे में सवाल है कि जरूरत के समय शव वाहन उपलब्ध क्यों नहीं कराया गया। CMO बोले- मामला संज्ञान में नहीं आया मुख्य चिकित्सा अधिकारी अयोध्या डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि शुक्रवार शाम वह जिला अस्पताल में ही मौजूद थे। उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं आया। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की घटना हुई है तो मामले को तत्काल दिखवाया जा रहा है। फिलहाल अस्पताल प्रशासन वायरल वीडियो के आधार पर पूरे मामले की जानकारी जुटा रहा है। परिजनों ने जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई और जरूरत के समय शव वाहन उपलब्ध कराने की मांग की है।
रक्षा बंधन के अवसर पर दिल्ली मेट्रो में यात्रियों की भारी भीड़ देखी गई। बृहस्पतिवार को 81 लाख से अधिक लोगों ने यात्रा की, जिससे मेट्रो स्टेशनों पर चहल-पहल रही।
मुजफ्फरनगर के कवाल कांड में मारे गए ममेरे-फुफेरे भाई सचिन और गौरव की 13वीं पुण्यतिथि पर शुक्रवार को मलिकपुरा स्थित स्मारक पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों, परिजनों और ग्रामीणों ने दोनों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। सभा में वक्ताओं ने 2013 के कवाल कांड और उसके बाद हुए दंगों का जिक्र करते हुए तत्कालीन सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। हवन के बाद सचिन-गौरव को दी श्रद्धांजलिमलिकपुरा स्थित स्मारक पर देवपाल शास्त्री ने हवन कराया। इसके बाद जनप्रतिनिधियों, परिजनों और ग्रामीणों ने सचिन और गौरव को श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कवाल कांड के बाद तत्कालीन डीएम सुरेंद्र सिंह और एसएसपी मंजिल सैनी का मौके से ही तबादला किए जाने से जिले की स्थिति और बिगड़ी थी। उन्होंने कहा कि उस समय लिए गए प्रशासनिक फैसलों का असर पूरे जिले में देखने को मिला। राज्यमंत्री कपिल देव ने सपा सरकार पर साधा निशानाराज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने 2013 की तत्कालीन सपा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सचिन और गौरव की घटना को क्षेत्र और समाज कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा कि दोनों की स्मृति आज भी लोगों के मन में जीवित है। संजीव बालियान बोले- पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है भाजपापूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि भाजपा सचिन, गौरव और दंगे से प्रभावित सभी 12 परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि संकट के किसी भी समय पीड़ित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुधीर सैनी ने 2013 के दंगे को तत्कालीन सपा सरकार की विफलता का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार में कानून का राज कायम है। दंगे में मारे गए 12 लोगों के परिजनों को शॉल ओढ़ाकर दी संवेदनासभा में सचिन और गौरव के अलावा 2013 के दंगे में जान गंवाने वाले 12 अन्य लोगों के परिजनों को भी शॉल ओढ़ाकर संवेदना व्यक्त की गई। इस दौरान माहौल भावुक हो गया। श्रद्धांजलि सभा में जिला पंचायत प्रशासक डॉ. वीरपाल निर्वाल, पूर्व विधायक उमेश मलिक, सुप्रिया पाल समेत अन्य वक्ताओं ने भी विचार रखे। कवाल और मलिकपुरा में बढ़ाई गई सुरक्षासचिन और गौरव की पुण्यतिथि को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कवाल और मलिकपुरा में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी। दोनों गांवों में पुलिस बल तैनात किया गया था। सीओ जानसठ ऋषिका सिंह ने दोनों स्थानों पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।सभा में जानसठ ब्लॉक प्रमुख नरेंद्र चौधरी, जिला कोऑपरेटिव बैंक अध्यक्ष ठाकुर रामनाथ सिंह, यनेश तंवर, प्रविंद्र भड़ाना, गौरव स्वरूप, बृजेश रस्तोगी, अनिल राठी, संचित प्रधान और सत्यम गुर्जर समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। दंगे में जान गंवाने वालों को भी किया यादसभा में सचिन और गौरव के साथ दंगे में मारे गए रहमतपुर के अजय कुमार, बरीड़ा के बुगपाल राणा, भोकरहेड़ी के सोहनवीर सिंह, काकड़ा के विकास, महेंद्र, राजबीर, राजेश वर्मा, रामबीर, जगपाल, जोगेंद्र, वीरेंद्र उर्फ बब्बू और सोरम के विपिन बालियान को भी श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।
मथुरा के बलदेव स्थित श्री दाऊजी महाराज मंदिर में शुक्रवार शाम करीब 4 बजे मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती पहुंचीं। रक्षाबंधन के अवसर पर उन्होंने श्री दाऊजी महाराज के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उमा भारती ने अपने आराध्य और बड़े भाई के रूप में पूजे जाने वाले दाऊजी महाराज को राखी अर्पित कर मनौती मांगी। उमा भारती का श्री दाऊजी महाराज से लंबे समय से आत्मीय जुड़ाव है। वह दाऊजी महाराज को अपना बड़ा भाई मानती हैं। इसी आस्था के चलते वह हर वर्ष रक्षाबंधन और भैयादूज पर मंदिर पहुंचकर दर्शन और पूजा करती हैं। पूजा में काफी देर तक रहीं ध्यानमग्न मंदिर में पूजा के दौरान उमा भारती भाव-विभोर नजर आईं। वह कुछ देर मंदिर परिसर में बैठकर ध्यानमग्न रहीं और श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने दाऊजी महाराज को राखी भेंट कर आशीर्वाद लिया। मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं के लिए यह दृश्य आकर्षण का केंद्र रहा। मंदिर पदाधिकारियों ने किया स्वागत मंदिर पहुंचने पर पदाधिकारियों ने उमा भारती का स्वागत किया। बैकुंठ नाथ पांडेय ने उन्हें श्री दाऊजी महाराज की महिमा, धार्मिक मान्यताओं और मंदिर की परंपराओं के बारे में जानकारी दी। उमा भारती ने मंदिर की व्यवस्थाओं और धार्मिक परंपराओं की जानकारी भी ली। इन लोगों की रही मौजूदगी इस दौरान बैकुंठ नाथ पांडेय, मुरारी लाल पांडेय, गोपाल पांडेय, योगेश पांडेय, विष्णु पांडेय महंत, मनोज पांडेय, जीतू पांडेय, ब्रजवासी पांडेय, जतिन पांडेय, मनी पांडेय, माधव और हेमंत पांडेय समेत कई लोग मौजूद रहे।
बोलेरो की टक्कर से युवक की मौत:पत्नी को ससुराल से लेने जा रहा था, ड्राइवर फरार
प्रतापगढ़ के रानीगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात सड़क हादसे में बाइक सवार 25 वर्षीय अजय सरोज की मौत हो गई। राजापुर पेट्रोल पंप के पास तेज रफ्तार बोलेरो ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में अजय की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद बोलेरो चालक वाहन लेकर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। मामा के घर राखी बंधवाकर पत्नी को लेने निकला थाअजय सरोज मांधाता बाजार क्षेत्र का निवासी था। रक्षाबंधन के दिन वह देहात कोतवाली क्षेत्र के मतुई पृथ्वीगंज स्थित अपने मामा के घर राखी बंधवाने गया था। इसके बाद वह पत्नी को ससुराल से लेने के लिए देवगढ़ कमासिन जा रहा था। शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे राजापुर पेट्रोल पंप के पास हादसा हो गया। एक दिन पहले पत्नी को मायके छोड़ा थापरिजनों के अनुसार, अजय ने एक दिन पहले ही अपनी पत्नी को मायके छोड़ा था और शुक्रवार को उसे वापस लेने जा रहा था। उसकी शादी करीब पांच साल पहले हुई थी। अजय तीन बहनों का इकलौता भाई और परिवार का एकमात्र बेटा था। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। टक्कर के बाद बोलेरो लेकर भागा चालकबताया गया कि राजापुर पेट्रोल पंप के पास तेज रफ्तार बोलेरो ने अजय की बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि अजय ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद बोलेरो चालक वाहन समेत फरार हो गया। पुलिस आसपास के इलाकों में उसकी तलाश कर रही है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजासूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी जुटाने के बाद शव को कब्जे में लिया। आवश्यक कार्रवाई पूरी कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। रानीगंज थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि अज्ञात बोलेरो चालक की तलाश की जा रही है। मामले की जांच पड़ताल जारी है।
संभल में रक्षाबंधन के दिन शुक्रवार शाम सड़क हादसे में 20 वर्षीय युवक की मौत हो गई। अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। युवक की शादी महज 80 दिन पहले हुई थी। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी सुनीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। पवांसा-आटा मार्ग पर हुआ हादसाहादसा शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे चंदौसी तहसील के बहजोई थाना क्षेत्र में पवांसा-आटा मार्ग पर गांव सिहोरी के पास हुआ। मृतक की पहचान विक्रमपुर तहरपुर गांव निवासी प्रेम शंकर के 20 वर्षीय पुत्र अजय कुमार के रूप में हुई है। अजय अपने चचेरे भतीजे रोहित को बनियाठेर क्षेत्र की नगर पंचायत नरौली छोड़कर बाइक से घर लौट रहे थे। 80 दिन पहले हुई थी शादीअजय पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। उनकी पत्नी सुनीता देवी ने बताया कि सिहोरी गांव के पास अज्ञात वाहन ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक वाहन लेकर फरार हो गया। पति की मौत की खबर सुनकर सुनीता सदमे में हैं। जिस घर में रक्षाबंधन की खुशियां थीं, वहां मातम पसर गया। ग्रामीणों ने सड़क से हटाया शव और बाइकहादसे के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने गंभीर रूप से घायल अजय और उनकी बाइक को मुख्य मार्ग से हटाया। ग्रामीणों ने घटना की जानकारी परिजनों को दी। परिजन मौके पर पहुंचे तो अजय की मौत हो चुकी थी। इसके बाद वे शव को घर ले आए और पुलिस को सूचना दी। सीसीटीवी फुटेज से अज्ञात वाहन की तलाशसूचना मिलने पर पुलिस घर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर शाम करीब 7:30 बजे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी राजीव कुमार मलिक ने बताया कि सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हुई है। अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर वाहन और उसके चालक की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।
यूपी में स्वाइन फ्लू से पहली मौत पर अलर्ट मोड पर आई योगी सरकार, सीएम ने सभी डीएम को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामलों की नियमित समीक्षा की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में मरीजों के उपचार के लिए पर्याप्त तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
उदयपुर में एक युवती ने खुदकुशी के इरादे से झील में छलांग लगा दी। झील में कूदते ही 30 सेकेंड में वहां मौजूद लोगों के चिल्लाने पर चार दोस्तों ने हिम्मत दिखाई। इनमें एक युवक ने तुरंत पानी में छलांग लगाई और युवती को पकड़ लिया। यह घटना उदयपुर के सर्किट हाउस गेट के पास नेहरू गार्डन की पुरानी जेटी पर शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे की है। जानकारी के अनुसार- युवती डिप्रेशन में थी। वह घर पर सुसाइड नोट लिखकर झील पहुंची थी। घटना की सूचना पर अंबामाता थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को सुरक्षित निकालने के बाद अपने साथ थाने ले गई। पहले देखें PHOTOS दोस्तों के साथ कॉफी पीने गए थे प्रत्यक्षदर्शी डॉक्टर प्रत्यक्षदर्शी सैटेलाइट हॉस्पिटल के डिप्टी कंट्रोलर डॉ. नरेंद्र सिंह देवल ने बताया- मैं अपने चार दोस्तों (तहसीलदार रणजीत सिंह बिट्टू, बजरंग सिंह कविया, श्याम प्रताप सिंह और दीनबंधु आसिया) के साथ झील किनारे कॉफी पीने गए थे। सभी दोस्त खड़े होकर बातचीत कर रहे थे। तभी वहां एक युवती पहुंची और किनारे के पास कुछ मिनट रुकने के बाद सीधे झील में कूद गई। युवती के कूदने पर एक महिला चिल्लाई तो कूदे युवक झील में युवती के कूदने की आवाज आई। इस पर पास खड़ी एक महिला जोर से चिल्लाई। आवाज सुनते ही करीब 30 सेकेंड में मेरे दोस्त वकील दीनबंधु आसिया तुरंत पानी में कूद पड़े। उन्होंने डूबती युवती को कमर से पकड़ लिया। मानसिक डिप्रेशन के चलते वह जान देने की जिद पर अड़ी थी और बाहर निकालने पर लगातार विरोध कर रही थी। मौके पर दिया प्राथमिक इलाज दीनबंधु ने भारी मशक्कत के बाद उसे गहरे पानी से किनारे तक पहुंचाया। इसी दौरान मोहम्मद अजहर भी पानी में उतरे और अन्य लोगों के सहयोग से रस्सी के सहारे युवती को सुरक्षित बाहर निकाला गया। डॉ. नरेंद्र देवल ने बताया कि यदि दीनबंधु पानी में कूदने में कुछ सेकेंड की भी देरी कर देते तो युवती डूब सकती थी। किनारे लाते ही युवती को तुरंत प्राथमिक इलाज दिया गया, जिसके बाद अंबामात पुलिस उसे समझाकर अपने साथ ले गई।
मास्टर प्लान-2047 से चमकेगी दिल्ली, पुराने औद्योगिक क्षेत्र बनेंगे आईटी पार्क और स्टार्टअप हब
दिल्ली मास्टर प्लान-2047 के तहत नरेला, ओखला जैसे पुराने औद्योगिक क्षेत्रों को प्रदूषणकारी उद्योगों से मुक्त कर आधुनिक कारोबारी केंद्रों में बदला जाएगा।
मुजफ्फरनगर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन सवेरा के तहत सिविल लाइन पुलिस ने नशीली दवाओं की तस्करी के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है। 26 अगस्त को गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों से पूछताछ और उनके फॉरवर्ड-बैकवर्ड लिंक की जांच के बाद पुलिस ने शुक्रवार देर शाम करीब 8 बजे गिरोह के एक और तस्कर को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 2.64 लाख नशीले कैप्सूल और गोलियां, तस्करी में इस्तेमाल बलैनो कार और 3,900 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। राणा चौक के पास घेराबंदी कर पकड़ापुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान हापुड़ निवासी जुफैन उर्फ नबाब पुत्र यूनूस के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे राणा चौक के पास फैक्ट्रियों की ओर जाने वाले रास्ते से गिरफ्तार किया। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की और आरोपी को पकड़ लिया। तीन आरोपियों से पूछताछ में सामने आया नामसिविल लाइन पुलिस ने 26 अगस्त को चेकिंग के दौरान सूचना के आधार पर माल रोड से दीपक, कलीम और जुनैद को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से 72 हजार नशीले कैप्सूल, 549 नशीले इंजेक्शन और एक बलैनो कार बरामद हुई थी। इस मामले में थाना सिविल लाइन में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। तीनों से पूछताछ में पुलिस को नशीली दवाओं की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली। छह कार्टून में 1.44 लाख ट्रामाडोल कैप्सूलपुलिस के मुताबिक, जुफैन के कब्जे से स्पास्मोविल कंपनी के ट्रामाडोल नशीले कैप्सूल के छह कार्टून बरामद हुए। इनमें कुल 1.44 लाख कैप्सूल थे। इसके अलावा एल्प्राजोलम की 1.20 लाख नशीली गोलियां भी बरामद की गईं। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही बलैनो कार और 3,900 रुपये नकद भी कब्जे में लिए हैं। अमरोहा के दवा विक्रेता से खरीदने का दावापुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह दवाओं की सप्लाई का काम करता है और अमरोहा के एक दवा विक्रेता से अनधिकृत नशीली दवाएं खरीदता था। इसके बाद इन दवाओं को अपने साथियों दीपक, जुनैद और कलीम को उपलब्ध कराता था। साथी मांग के आधार पर इनकी आगे सप्लाई करते थे। ऊंचे दाम पर बेचकर कमाते थे अवैध मुनाफापुलिस का कहना है कि ऐसी दवाओं की बिक्री सामान्य तौर पर डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन और लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर के माध्यम से ही की जाती है। आरोप है कि गिरोह इन दवाओं का इस्तेमाल नशे के लिए करने वाले लोगों को ऊंचे दामों पर दवाएं उपलब्ध कराता था और इससे अवैध आर्थिक लाभ कमाता था। साथी पकड़े गए तो खेप हटाने पहुंचा आरोपीपुलिस के मुताबिक, जुफैन को जानकारी मिल गई थी कि उसके साथी गिरफ्तार हो चुके हैं। इसके बाद वह कथित तौर पर छिपाकर रखी गई नशीली दवाओं की खेप को वहां से हटाने पहुंचा था। इसी दौरान पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। सप्लाई नेटवर्क के आगे-पीछे के कनेक्शन खंगाल रही पुलिससिविल लाइन पुलिस अब नशीली दवाओं के इस नेटवर्क के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी खेप कहां से लाई जा रही थी, इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था और नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में 29 अगस्त को भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी, राहत कब से
Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में 3 सितंबर तक कई स्थानों में भारी बारिश का अनुमान है। 29 अगस्त को नैनीताल, बागेश्वर समेत 5 जिलों में भारी से भारी बारिश हो सकती है।
जोधपुर एयरपोर्ट पर चैंकिंग के दौरान एक यात्री को 23 लाख से ज्यादा की नकद राशि ओर गोल्ड के साथ पकड़ा। CISF स्टॉफ की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुंबई जा रहे एक यात्री को पकड़ा है। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है। एयरपोर्ट पर 23 लाख 50 हजार रुपए और करीब 80 ग्राम गोल्ड के साथ एक यात्री को पकड़ा गया। पकड़े गए यात्री का नाम रुपेश पुत्र भंवरलाल जैन है। मुंबई की फ्लाइट पकड़ने के लिए आया था एयरपोर्ट थाना अधिकारी भारत रावत ने बताया कि आज जोधपुर से मुंबई की फ्लाइट पकड़ने के लिए आया था। इस दौरान शाम 6 बजे के करीब उसे चैकिंग के दौरान CISF के जवानों ने पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। कार्रवाई करते हुए रुपेश पुत्र भंवरलाल जैन को गिरफ्तार किया गया है। उसके कब्जे से 10-10 ग्राम के 8 गोल्ड कॉइन मिले और 4 गोल्ड जैसी धातु की अंगूठियां और एक कड़ा बरामद किया है। प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि वो गोल्ड का काम करता है। फिलहाल उससे पूरे मामले को लेकर पूछताछ की जा रही है।
मेरठ में शुक्रवार रात एक युवक की हत्या कर दी गई। दो बाइकों पर आए चार हमलावरों ने युवक को बीच सड़क रोक लिया। चाकू से उसके शरीर पर ताबड़तोड़ कई वार किए। गला रेता और फिर सीने में गोली मार दी। इससे युवक की मौके पर ही मौत हो गई। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े। यह देख हमलावर फरार हो गए। हत्या की खबर पाकर पुलिस और युवक के परिजन मौके पर पहुंचे। घरवालों से घटना की जानकारी ली। पुलिस ने दो युवकों को अरेस्ट किया है। पूछताछ में पता चला कि ईद पर आरोपियों की युवक से लड़ाई हुई थी। उसी रंजिश में आज हत्या कर दी। एसपी देहात अभिजीत ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। मामला जिला मुख्यालय से करीब 30 किमी दूर सरुरपुर थाना क्षेत्र के डाहर गांव का है। युवक की हत्या रात करीब 8:30 बजे की गई। 3 तस्वीर देखिए… अब विस्तार से पूरा मामला जानिए… डाहर गांव में रहने वाले शहजाद मजदूरी करते हैं। परिवार में पत्नी जाहिदा और चार बच्चे हैं। इनमें तीन बेटे और एक बेटी। सबसे बड़ा सालिम (22) था। उसकी डेढ़ साल पहले शादी हुई थी। परिवार में पत्नी रानी और एक साल की बेटी है। सालिम की कमाई से घर की जरूरतें पूरी होती थीं। सालिम शुक्रवार रात साढ़े 8 बजे घर से बाजार के लिए निकला था। लेकिन रास्ते में दो बाइकों पर 4 हमलावर आए। उन्होंने पहले उस पर चाकू से हमला किया। पेट, पीठ पर चाकू से वार किए। इसके बाद गर्दन को चाकू से रेत दिया। सालिम सड़क पर गिरा तड़प रहा था। तभी एक हमलावर ने उसे गोली मार दी। गोली सालिम के सीने पर लगी। लोग दौड़े तो हमलावर फरार हो गए। हत्या की खबर मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। लोग पुलिस के खिलाफ नारे लगाने लगे। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास पड़ताल की। वारदात से जुड़े साक्ष्य जुटाए और प्रत्यक्षदर्शियों व ग्रामीणों से जानकारी ली। पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर गांव के रहने वाले शहजाद और गुलजार को पकड़ा है। पूछताछ में पता चला कि ईद पर दोनों की सालिम से लड़ाई हुई थी। मामला मारपीट तक पहुंच गया था। सरुरपुर थाने में मुकदमा भी लिखा गया था। उसी रंजिश के तहत वारदात को अंजाम दिया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। अन्य दो फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। एसपी देहात अभिजीत बोले- दो घंटे में खुलासा किया एसपी देहात अभिजीत कुमार हत्या में शामिल आरोपियों को पकड़ने के लिए चार टीमें बनाई थी। स्वाट टीम भी इसमें शामिल थी। घटना से महज दो घंटे में ही पुलिस ने घटना का खुलासा कर दिया है। --------यह खबर भी पढ़ें मुजफ्फरनगर में रिटायर्ड दरोगा के घर 2.5 करोड़ की चोरी:70 तोला सोना, डायमंड और 5 किलो चांदी की ज्वेलरी समेट ले गए मुजफ्फरनगर में रिटायर्ड दरोगा के घर से चोरों ने करीब 2.5 करोड़ रुपए की सोने-चांदी और डायमंड की ज्वेलरी चुरा ली। चोरी के वक्त दरोगा का परिवार घर पर नहीं था। चोरों ने घर के मेन गेट का ताला तोड़ा। अंदर जाकर चार कमरों के ताले तोड़े और अलमारी व बक्सों में रखी ज्वेलरी पर हाथ साफ कर दिया। चोर नई नवेली दुल्हन के लिए लाया गया लहंगा और गाउन भी उठा ले गए।पूरी खबर पढ़ें

