घंटाघर में एक बार फिर पुलिस फोर्स पर हमला करने की कोशिश की गई। चालान से नाराज टेंपो चालक ने अपने गुर्गे के साथ मिलकर पुलिस बूथ पर पथराव कर इलाके में दहशत फैला दी। इतना ही नहीं दबंगों ने दरोगा समेत अन्य पुलिस कर्मियों से गाली-गलौज कर अंजाम भुगतने की धमकी दी। डंडा लेकर पुलिसकर्मियों के खदेड़ने पर आरोपी भाग निकले। पीड़िता दरोगा ने हरबंश मोहाल थाने में टेंपो चालक श्याम पांडेय उर्फ अतुल व राहुल कुशवाहा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। दरोगा ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट के अनुसार 22 अप्रैल की रात करीब 3 बजे घंटाघर चौराहे पर मय फोर्स ड्यूटी कर रहे थे। इस दौरान रेलवे स्टेशन की ओर से आ रहे एक टेंपों का लापरवाही से वाहन चलाने पर चालान किया। उस समय बर्रा गुजैनी निवासी चालक श्याम पाण्डेय उर्फ अतुल व उसका साथी राहुल कुशवाह चले गए। फिर 20 मिनट बाद वापस दोनों आए पुलिस बूथ पर पथराव कर दिया। यही नहीं आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए पुलिसकर्मियों को जान से मारने की धमकी भी दी। थाना प्रभारी ललित कुमार ने बताया कि तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर मुरादाबाद की सीमा में शुक्रवार देर रात एक डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। बस में 100 से अधिक यात्री सवार थे। डबल डेकर प्राइवेट बस सीतापुर से सवारियां लेकर दिल्ली जा रही थी। हादसा मूंढापांडे थाना क्षेत्र में मूंढापांडे में रिलायंस पेट्रोल पंप के सामने हुआ। दिल्ली की तरफ जा रही डबल डेकर बस रात्रि करीब 11 बजे अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। बस के पलटते ही यात्रियों में चीख पुकार मच गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और बस में फंसे यात्रियों को तुरंत बाहर निकाला। हादसे में घायल हुए यात्रियों को तुरंत मूंढापांडे पीएचसी भेजा गया। जहां से उन्हें मुरादाबाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद बस में फंसे यात्रियों को बस से बाहर निकाला। हादसे की सूचना मिलते ही एसपी सिटी रण विजय सिंह सतेम तमाम पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। SSP सतवपााल अंतिल ने राहत और बचाव कार्यों के लिए तुरंत आसपास के थानों की फोर्स भी मौके पर रवाना कर दी। पुलिस ने क्रेन की मदद से बस को सीधा कराया और घायल यात्रियों को प्राथमिम उपचार शुरू कराने के साथ ही उनके परिजनों को भी हादसे की सूचना दे दी है। देखिए हादसे की तस्वीरें
अवैध शिक्षक बहाली पर लखनऊ हाईकोर्ट सख्त:डीआईओएस के तबादले और STF जांच के निर्देश दिए
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने बाराबंकी के सिटी इंटर कॉलेज में एक शिक्षक की अवैध पुनर्नियुक्ति के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने इस पूरे प्रकरण की जांच डीजी एसटीएफ को सौंपते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अदालत ने संबंधित शिक्षक को अवैध रूप से दिए गए वेतन की वसूली का भी आदेश दिया है। इसके साथ ही, जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस), प्रधानाचार्य और शिक्षक की भूमिका की विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं। न्यायालय ने पाया कि डीआईओएस ने रिकॉर्ड में हेरफेर करने और भ्रामक जानकारी प्रस्तुत करने का प्रयास किया, जिससे निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती थी। इसे गंभीरता से लेते हुए, कोर्ट ने उनके तत्काल तबादले का आदेश दिया। अयोध्या मंडल के तत्कालीन संयुक्त शिक्षा निदेशक के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को कहा गया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने प्रबंध समिति की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। कोर्ट ने मामले में अनुपालन रिपोर्ट तलब की है और अगली सुनवाई 28 मई 2026 को निर्धारित की है। सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि शिक्षक अभय कुमार को प्रबंध समिति की अनुमति के बिना दोबारा कॉलेज में कार्यभार ग्रहण कराया गया था। अभय कुमार 2018 में सहायक शिक्षक नियुक्त हुए थे और जून 2024 में छत्तीसगढ़ के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में प्रवक्ता पद पर नियुक्त हो चुके थे। प्रबंध समिति से अनुमति न मिलने और लियन (सेवा में बने रहने का अधिकार) अस्वीकृत होने के बावजूद, सितंबर 2025 में अधिकारियों के निर्देश पर उन्हें फिर से कॉलेज में कार्यभार दे दिया गया और अक्टूबर का वेतन भी जारी कर दिया गया। कोर्ट ने इस बहाली को नियमों के पूरी तरह विपरीत बताते हुए कहा कि इसका कोई वैधानिक आधार नहीं है। इसके अतिरिक्त, अदालत ने शिक्षा विभाग में आदेशों के संप्रेषण में लापरवाही पर चिंता व्यक्त की। मुख्य सचिव को निर्देश दिया गया है कि भविष्य में आदेश ईमेल और व्हाट्सएप जैसे माध्यमों से भी भेजे जाएं, ताकि विवाद की स्थितियों से बचा जा सके।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने डीएलएड् (ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग) अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। खंडपीठ ने इन अभ्यर्थियों को यूपी-टीईटी 2026 परीक्षा में अस्थायी (प्रोविजनल) आधार पर शामिल होने की अनुमति प्रदान की है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इन अभ्यर्थियों का अंतिम चयन याचिका पर आने वाले अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा। राज्य सरकार को इस मामले में जवाबी शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 22 मई को निर्धारित की गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने शुभम कुमार शुक्ला सहित 36 याचियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। याचियों ने मांग की थी कि डीएलएड (ओडीएल) अभ्यर्थियों को यूपी-टीईटी 2026 के आवेदन प्रक्रिया में शामिल किया जाए। सुनवाई के दौरान, राज्य सरकार ने तर्क दिया कि पात्रता 2019 के नियमों के अनुसार तय की जाती है। वहीं, राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, 18 माह का डीएलएड (ओडीएल) डिप्लोमा धारक अभ्यर्थी सरकारी स्कूलों सहित अन्य संस्थानों में नियुक्ति के योग्य हैं। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे अभ्यर्थियों को टीईटी में बैठने से रोकना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने निर्देश दिया कि 10 अगस्त 2017 या उससे पहले से कार्यरत और 18 माह का डीएलएड (ओडीएल) डिप्लोमा रखने वाले अभ्यर्थियों को यूपी-टीईटी 2026 में प्रोविजनल रूप से शामिल किया जाए। हालांकि, उनका अंतिम परिणाम न्यायालय के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक बस कंडक्टर की बर्खास्तगी को सही ठहराते हुए कहा है कि बिना टिकट यात्रियों को ले जाना गंभीर कदाचार है और ऐसे कर्मचारी को सेवा में बनाए रखना उचित नहीं है। जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि कंडक्टर के खिलाफ विभागीय कार्यवाही पूरी प्रक्रिया के अनुसार की गई और उसे अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया गया। इसलिए अदालत हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं देखती। फैजाबाद-अकबरपुर के बीच की बस मामले के अनुसार याचिकाकर्ता फैजाबाद से अकबरपुर के बीच चलने वाली बस में कंडक्टर था। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बस में 59 यात्री बिना टिकट यात्रा कर रहे थे। इसके बाद उसे कारण बताओ नोटिस और आरोपपत्र दिया गया और अंततः सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। हालांकि, एक स्तर पर क्षेत्रीय प्रबंधक ने मामले को पुनर्विचार के लिए वापस भेजा था लेकिन दोबारा विभागीय जांच के बाद फिर से बर्खास्तगी का आदेश पारित किया गया। अपील भी खारिज होने के बाद कंडक्टर ने हाइकोर्ट का रुख किया। अदालत ने कहा कि बस को प्रारंभिक स्थान से लगभग 12 किलोमीटर दूर जांचा गया, जिससे स्पष्ट है कि कंडक्टर के पास यात्रियों को टिकट देने के लिए पर्याप्त समय था। फिर भी उसने ऐसा नहीं किया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवालाहाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि बिना टिकट यात्रियों को ले जाना या कम किराए पर टिकट देना बेईमानी या घोर लापरवाही की श्रेणी में आता है। इससे निगम को आर्थिक नुकसान होता है। हाईकोर्ट ने टिप्पणी की, “बिना टिकट यात्रियों को ले जाना गंभीर कदाचार है और याचिकाकर्ता यह बताने में असफल रहा कि किन परिस्थितियों में उसने यात्रियों को टिकट जारी नहीं किया।” इन तथ्यों को देखते हुए हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी और बर्खास्तगी का आदेश बरकरार रखा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा कि पुलिस स्वेच्छा से शादी करने वाले युवा जोड़ों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके और उनका पीछा करके बहुत बड़ा नुकसान कर रही है। अन्य अपराधों की जांच करने के बजाय पुलिस द्वारा सहमति से हुए विवाहों के मामलों में एफआईआर दर्ज करने और जांच करने की 'चिंताजनक प्रवृत्ति' को रेखांकित करते हुए, न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की पीठ ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को ऐसे मामलों में सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। एफआईआर को रद्द करने का आदेश हाईकोर्ट ने इस निर्देश के साथ याचिकाकर्ता दंपति के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया। कोर्ट ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि वह किसी बालिग व्यक्ति को बताए कि वह कहां रहेगा या किसके साथ रहेगा, शादी करेगा या अपना जीवन व्यतीत करेगा। न्यायालय ने आगे कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को अब यह संदेश दिया जाना चाहिए कि वयस्कता की आयु का सम्मान किया जाना चाहिए और साथ ही संवैधानिक संस्कृति का भी। मामले के अनुसार एक युवा दंपति ने लड़की के पिता द्वारा लड़के के खिलाफ धारा 87 बीएनएस के तहत दर्ज कराई गई एफआईआर को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। लड़की ने अपनी मर्जी से लड़के से शादी की है। हालांकि, पिता के लापता होने की रिपोर्ट मिलने पर पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज की और दंपति की तलाश शुरू कर दी। मामले के तथ्यों के साथ-साथ उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी और याचिका के साथ दायर किए गए विवाह प्रमाण पत्र पर ध्यान देते हुए, पीठ ने टिप्पणी की कि गुमशुदगी की शिकायत के लिए पुलिस को एफआईआर दर्ज नहीं करनी चाहिए थी। लड़की से बातचीत करने के बाद, जिसने संकेत दिया कि वह अपने पति के साथ रहना चाहती है, खंडपीठ ने एफआईआर को दोनों याचिकाकर्ताओं की व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर गंभीर अतिक्रमण करार दिया। पिता के साथ जनता को भी कोर्ट ने संदेश दिया पिता के साथ-साथ आम जनता को भी कड़ा संदेश देते हुए, न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि संविधान किसी भी वयस्क को, चाहे रिश्ता कैसा भी हो, कानून के तहत बालिग माने जाने वाले दूसरे वयस्क की इच्छा पर हावी होने या शासन करने की अनुमति नहीं देता है। इसी प्रकार के मामलों में पुलिस की भूमिका पर आपत्ति जताते हुए, पीठ ने कड़े शब्दों में टिप्पणी की और कहा : बेशक, नाबालिग बच्चे का मामला अलग है। पुलिस इस तरह की एफआईआर दर्ज करके और उससे भी बढ़कर, युवा जोड़े का पीछा करके, कभी-कभी उन्हें जबरन अलग करने और दुल्हन को उसके माता-पिता या परिवार के पास वापस भेजने के गुप्त इरादे से, घोर अन्याय कर रही है। ये सभी कार्य पूरी तरह से गैरकानूनी हैं और इनमें से कुछ अपराध हैं। हाईकोर्ट ने इसी के साथ डीजीपी को ऐसे मामलों में सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए और एफआईआर को रद्द कर दिया। कोर्ट ने लड़की के पिता सहित प्रतिवादियों को याचिकाकर्ताओं के वैवाहिक घर में प्रवेश न करने या किसी भी तरह से उनके शांतिपूर्ण वैवाहिक जीवन को बाधित न करने का आदेश जारी किया है।
जिला बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर भोपाल कोर्ट में सरगर्मी तेज है। शुक्रवार को कोर्ट परिसर में जमकर हंगामा हुआ और वकीलों के बीच झूमाझटकी तक की नौबत आ गई। एक पक्ष का आरोप है कि कार्यकारिणी ने पहले बहुमत से 19 वोटों के साथ जगमोहन शर्मा को मुख्य चुनाव अधिकारी चुना था, लेकिन बाद में अचानक अध्यक्ष की सहमति से इंद्रजीत राजपूत को मुख्य चुनाव अधिकारी बना दिया गया। इसी मुद्दे को लेकर गुरुवार शाम को भी वकीलों ने हंगामा किया था। तय हुआ था कि शुक्रवार को मुख्य चुनाव अधिकारी के चयन को लेकर आमसभा बुलाई जाएगी। हालांकि, शुक्रवार को आयोजित आमसभा में भी विवाद हो गया और वकीलों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि कार्यकारिणी का कार्यकाल तीन महीने पहले ही समाप्त हो चुका है। लंबे विरोध के बाद आमसभा को निरस्त कर दिया गया। विवाद बढ़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया। वहीं जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक खरे ने बताया कि आम सभा बुलाई गई थी, लेकिन उसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका। चुनाव अधिकारी की घोषणा कर दी गई है और अब चुनाव की तारीख तय की जा रही है, जिसे जल्द घोषित किया जाएगा।
कानपुर के ईदगाह चौराहे के पास कार गैराज में भीषण आग लग गई। गैराज में कई कार जल कर राख हो गईं। आसपास की दुकानों को खाली कराया गया। मौके पर दमकल की गाड़ियां पहुंच गई हैं। शहर के ईदगाह स्थित गूदड़ बस्ती इलाके में कार गैराज में शुक्रवार रात करीब 11 बजे आग लग गई। आग की 20 फीट ऊंची लपटें उठने लगीं, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे।क्षेत्रीय लोगों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी, जिसके बाद करीब 15 मिनट के भीतर दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। फायर कर्मियों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया।स्थानीय पार्षद आलोक पाण्डेय ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि आग बुझाने का प्रयास जारी है और फायर ब्रिगेड मौके पर मौजूद है।उन्होंने बताया कि यहां कार का गैराज है, जनता गैराज मे आग लगी, जिसमें तकरीबन 5 कार जलकर राख हो गई। एसीपी सीसामऊ अमरनाथ यादव ने बताया कि बजरिया थाना क्षेत्र के ईदगाह में सूचना मिली कि यहां आग लग गई। तत्काल ही फायर विभाग को सूचना दी गई, सीएफओ को सूचना दी गई। करीब 8 फायर विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। आग पर काबू पा लिया गया है, कोई जनहानि नहीं हुई है। सीएफओ दीपक शर्मा ने बताया कि ईदगाह के पास आग लगने की सूचना मिली। भीषण आग लगने की सूचना पर कर्नलगंज और लाटूश रोड फायर स्टेशन की चार-चार गाड़ियां तुरंत मौके के लिए रवाना कर दी गईं।आसपास घनी बस्ती है, इसे देखते हुए गंभीरता से लेते हुए फजलगंज और मीरपुर से भी फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को बुला लिया गया। मौके पर 7 गाड़ियां पहुंच गईं।संभावतः शॉर्ट सर्किट से आग लगी है। इसकी पुष्टि बाद में होगी। किसी तरह की कोई जनहानि नहीं हुई है। आग को तकरीबन 45 मिनट में पूरी तरह से बुझा दिया गया है।
ग्वालियरवासियों को फैशन और बेहतर लाइफस्टाइल से अपडेट करने के लिए दैनिक भास्कर की ओर से तीन दिवसीय प्रीमियम लाइफस्टाइल एग्जीबिशन का शुभारंभ सिटी सेंटर स्थित होटल रेडिसन में हो गया है। 26 अप्रैल तक चलने वाली इस एग्जीबिशन में ग्वालियर के साथ-साथ देश के प्रमुख फैशन हाउस और डिजाइनर अपने स्टॉल लेकर आए हैं। शुक्रवार को महापौर डॉ. शोभा सिकरवार के मुख्य आतिथ्य में एग्जीबिशन का भव्य शुभारंभ हुआ। महापौर ने फीता काटकर उद्घाटन किया और स्टॉल का अवलोकन करते हुए प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। महापौर बोलीं- हर क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं इस मौके पर महापौर ने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। एग्जीबिशन में अधिकांश स्टॉल महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं, जो महिला सशक्तिकरण का बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने दैनिक भास्कर के इस प्रयास की सराहना की। कार्यक्रम में स्वागत भाषण के बाद यूनिट हेड हरिशंकर व्यास ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस दौरान मोनास आर्ट की डायरेक्टर मोना शर्मा भी उपस्थित रहीं। पहले ही दिन उमड़ी भीड़, ग्राहकों ने की जमकर खरीदारी एग्जीबिशन को पहले ही दिन शानदार प्रतिक्रिया मिली। हर स्टॉल पर ग्राहकों की भीड़ नजर आई और लोगों ने देशभर के डिजाइनर्स के लेटेस्ट कलेक्शन की खरीदारी की। यहां साड़ी, इंडो-वेस्टर्न ड्रेस, फुटवियर, ज्वेलरी, होम डेकोर, हैंडीक्राफ्ट, वेलनेस प्रोडक्ट्स और स्टेशनरी सहित कई कैटेगरी के स्टॉल लगे हैं। प्रदेश के चर्चित फैशन हाउस आवतराम एंड संस और मन शोरूम ने भी अपने स्टॉल लगाए हैं।
इंदौर में शुक्रवार को एमवाय अस्पताल परिसर में वर्किंग नर्सिंग हॉस्टल को तोड़ने पहुंची टीम के सामने विवाद की स्थिति बन गई। करीब पौन घंटे तक विरोध चला, जिसके बाद टीम को लौटना पड़ा। दरअसल, वर्किंग नर्सिंग हॉस्टल के पास एमवाय अस्पताल की नई बिल्डिंग बननी है, जिसके चलते इसे खाली कराकर तोड़ा जाना है। यहां रहने वाले 15 नर्सिंग स्टाफ को एमजीएम मेडिकल कॉलेज ने पहले भी नोटिस दिए थे, लेकिन वे लगातार समय मांग रहे थे। शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की टीम पुलिस बल, बाउंसर और मजदूरों के साथ पहुंची और हथौड़ों से तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस पर नर्सिंग स्टाफ ने विरोध किया, जिससे विवाद की स्थिति बन गई। महिला स्टाफ का कहना था कि वे पहले ही आवेदन देकर छह माह का समय मांग चुकी हैं। इसके लिए क्षेत्रीय विधायक गोलू शुक्ला ने भी उन्हें आश्वस्त किया था, लेकिन बार-बार नोटिस देकर परेशान किया जा रहा है। आईडीए की बिल्डिंग का किराया ही 9 हजार स्टाफ का कहना है कि हॉस्टल के पीछे बने पुराने स्टाफ क्वार्टरों को 6 माह का समय दिया है। इसी तरह केईएच कम्पाउंड और दवा बाजार के सामने सरकारी क्वार्टरों में रहने वाले कर्मचारियों को भी 6 माह का समय मिला है, लेकिन उन्हें बेदखल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विकल्प के रूप में आईडीए की निरंजनपुर बिल्डिंग में शिफ्ट होने को कहा गया है, जहां किराया 9 हजार रुपए है, जिसे वे वहन नहीं कर सकते। इस दौरान मजदूरों ने हॉस्टल के जर्जर हिस्से के एक कमरे को तोड़ना शुरू किया, जिससे विवाद और बढ़ गया। महिलाओं ने कहा कि ऊपर स्टाफ रह रहा है और इससे अन्य कर्मचारियों को भी नुकसान हो सकता है। काफी विरोध के बाद टीम को वापस लौटना पड़ा। स्टाफ का कहना है कि वे हॉस्टल खाली करने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें छह माह का समय दिया जाए। 773 करोड़ की लागत से बननी है बिल्डिंग एमवाय अस्पताल की नई बिल्डिंग बननी है। इसकी लागत 773 करोड़ रुपए है। यह नौ मंजिला होगी और इसमें 1700 बेड होंगे। 81.5 एकड़ में बनने वाले इस प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल में 34 ऑपरेशन थिएटर, 320 ICU बेड और 500 बिस्तरों का नर्सिंग हॉस्टल होगा। इसे तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य है।
भोपाल और इंदौर के मेट्रो स्टेशन पर अब ऑटोमैटिक फेयर कनेक्शन सिस्टम शुरू हो रहा है। 27 अप्रैल से यात्रियों को मैन्युवली की जगह ऑनलाइन तरीके से ही टिकट मिलेगी। वहीं, टिकट और वॉलेट रिचार्ज पर छूट भी दी जाएगी। मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) इस सिस्टम की शुरुआत करने जा रही है। भोपाल और इंदौर में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम (AFC) शुरू किया जा रहा है। इसके साथ ही मेट्रो यात्रियों को विशेष रियायत दी जाएगी। टिकट पर ये मिलेगी छूटराउंड ट्रिप (आवागमन) टिकट पर कुल किराए में 5 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इससे उन यात्रियों को विशेष लाभ मिलेगा जो एक ही दिन में आवागमन करते हैं। ग्रुप में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है। समूह टिकट पर कुल किराए में 10 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह सुविधा (एकल समूह टिकट पर) न्यूनतम 8 एवं अधिकतम 40 यात्रियों के समूह के लिए उपलब्ध होगी। MP Metro एप प वॉलेट रिचार्ज पर अतिरिक्त बचतमेट्रो के आधिकारिक मोबाइल एप्प MP Metro के माध्यम से यात्री क्यूआर टिकट बुक कर सकेंगे। इस एप के वॉलेट रिचार्ज पर विशेष रियायत दी जाएगी। मोबाइल एप्प के माध्यम से टिकट प्राप्त करने पर यात्रियों का समय भी बचेगा। इस तरह से मिलेगी रिचार्ज स्लैब में छूट200 से 499 रुपए के टिकट पर 8 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। 500 से 999 के टिकट पर 10% की छूट मिलेगी। 1000 से 1499 रुपए पर 12% और 1500 से 2000 में 15% की छूट दी जाएगी। टिकटिंग के प्रकार : पेपर QR और मोबाइल QR
इंदौर में 13 साल की नाबालिग का विवाह 42 साल के युवक से कराए जाने का मामला सामने आया है। शादी 25 अप्रैल को तय थी, लेकिन सूचना मिलने पर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। जांच के दौरान परिजनों ने उम्र छिपाने के लिए फर्जी अंकसूची पेश कर दी, लेकिन वेरिफिकेशन में सच्चाई सामने आ गई और समय रहते विवाह रुकवा दिया गया। प्रशासनिक टीम ने दस्तावेजों की जांच जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से कराई, जिसमें पता चला कि प्रस्तुत अंकसूचियां संबंधित स्कूलों द्वारा जारी ही नहीं की गई थीं। जांच में बालिका की उम्र 13 वर्ष और उसके भाई की उम्र 19 वर्ष पाई गई, जबकि परिवार की ओर से अधिक उम्र बताई जा रही थी। इसके बाद दोनों बालक-बालिकाओं के विवाह निरस्त कर दिए गए। मामले में सामने आया कि ‘बेटी दो-बेटी लो’ जैसी सामाजिक प्रथा के तहत एक बुजुर्ग ने अपने पोते की शादी कराने के लिए 13 वर्षीय पोती का रिश्ता 42 वर्षीय व्यक्ति से तय कर दिया था। प्रशासनिक दल ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई और परिजनों को समझाइश दी कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और बेटी का विवाह निर्धारित उम्र में ही किया जाना चाहिए। जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा ने बताया कि हेल्पलाइन पर शिकायत मिलने के बाद ग्राम रंगवासा में जांच की गई थी। प्रारंभिक जांच में परिवार ने मार्कशीट दिखाकर उम्र सही बताने की कोशिश की, लेकिन संदेह होने पर गहन जांच कराई गई, जिसमें फर्जीवाड़ा सामने आया। स्कूल ने बताया- हमारे यहां नहीं की पढ़ाई इंदौर की अंकसूची को संबंधित स्कूल ने फर्जी बताया। स्कूल ने स्पष्ट किया कि यह अंकसूची उनके यहां से जारी नहीं हुई है और न ही संबंधित बालक-बालिका वहां पढ़े हैं। होशंगाबाद की अंकसूची के अनुसार बालिका की उम्र 13 वर्ष और बालक की उम्र 19 वर्ष पाई गई। अंकसूचियों के सत्यापन के बाद टीम तत्काल बाल विवाह रोकने के लिए रवाना हुई। मौके पर परिवार से मूल दस्तावेज मांगे गए, लेकिन उनके पास केवल मोबाइल में फोटो ही थे। असली दस्तावेज किसी के पास नहीं थे। कार्रवाई के डर से परिजनों ने समधी के पास कागज होने की बात कही, लेकिन वे भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। कानून की जानकारी देने पर परिवार विवाह निरस्त करने को तैयार हो गया। इंदौर से उज्जैन तक निगरानी विवाह उज्जैन की चंद्रवंशी बागरी समाज धर्मशाला में होना था। सूचना उज्जैन प्रशासन को भी दी गई, ताकि वहां भी निगरानी रखी जा सके। सांवेर तहसील के ग्राम दयाखेड़ा में होने वाले विवाह को भी तहसीलदार पूनम तोमर के माध्यम से रुकवाया गया। मौके से हटवाया टेंट और साउंड सिस्टम रंगवासा में विवाह के लिए मंडप सज चुका था और साउंड सिस्टम चल रहा था। उम्र कम पाए जाने पर तुरंत टेंट और साउंड वालों को कानून की जानकारी देकर सामग्री हटवाई गई। कुछ ही देर में पूरा सामान हटा दिया गया। विवाह पत्रिका छापने वाले को भी चेतावनी दी गई, जिसके बाद उसने लिखित में माफी मांगी।
इंदौर के लालाराम नगर क्षेत्र में गुरुवार देर शाम नैतिक (9) और सम्राट (11) के अपहरण के मामले में पुलिस ने महज 7 घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है। अपहरण की साजिश बेरोजगारी और जल्दी पैसा कमाने की चाह में पड़ोसियों ने ही रची थी। पुलिस ने देर रात कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साजिश के मास्टरमाइंड तिलक नगर एक्सटेंशन निवासी विनीत (22) और उसकी बहन राधिका प्रजापति (19) हैं। उन्होंने अपने दोस्त ललित सेन (21) और उसकी पत्नी तनीषा (20) के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने गार्डन में खेलने आने वाले बच्चों को निशाना बनाया और फिरौती वसूलने के लिए कई दिनों तक रेकी की। हालांकि, राधिका ने रेकी के बाद तनीषा को गार्डन के सामने रहने वाले एक बड़े परिवार के दो बच्चों को उठाने के लिए कहा था, लेकिन वह धोखे में दूसरे परिवार के बच्चों का अपहरण कर अपने साथ ले गई। आरोपी अपहरण के बाद भी बच्चों के परिवार की आर्थिक स्थिति का सही अंदाजा नहीं लगा सके। पूरे मामले का खुलासा नैतिक उर्फ डग्गू के चचेरे भाई ध्रुव की सतर्कता से हुआ। उसकी होशियारी से समय रहते परिवार और पुलिस सक्रिय हो गई और दोनों बच्चों को सुरक्षित छुड़ा लिया गया। गार्डन में वापस लौटा तो नैतिक नहीं मिला पलासिया इलाके के तिरुपति बगीचे के पास रहने वाले नैतिक के चचेरे भाई ध्रुव ने बताया कि वह करीब 10 मिनट पहले तक बगीचे में ही खेल रहा था। इसी दौरान उसने पेट दर्द होने की बात कहकर घर जाने की बात कही। उसने नैतिक से भी साथ चलने को कहा, लेकिन नैतिक ने 10 मिनट बाद आने की बात कही। जब वह वापस नहीं आया तो ध्रुव दोबारा बगीचे पहुंचा। वहां उसे एक दोस्त बाहर आता मिला। उससे नैतिक के बारे में पूछने पर उसने बताया कि पिछले दो दिनों से बगीचे में आ रही एक महिला नैतिक को अपने साथ ले गई है और सम्राट भी उसके साथ गया है। इसके बाद ध्रुव घर पहुंचा और अपने पिता राहुल सोनकर को जानकारी दी। फिर वह चाची के पास बुटीक पर गया और पूरी घटना से अवगत कराया। पड़ोसी के कैमरे में कैद हुए आरोपी नैतिक की मां पूजा ने बताया कि जब ध्रुव ने उन्हें घटना की जानकारी दी, तो उन्होंने पहले आसपास तलाश शुरू की। पास ही कशिश मैडम का घर है। वहां लगे सीसीटीवी कैमरे देखने पर नैतिक और सम्राट एक महिला के साथ जाते हुए नजर आए। इसके बाद परिवार को अपहरण की आशंका हुई और उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। पूजा ने बताया कि बेटे नैतिक को उनका मोबाइल नंबर याद था। उसने अपहरणकर्ताओं को नंबर दे दिया, जिसके बाद उनके पास फिरौती के लिए कॉल आया। सम्राट के परिवार को नहीं थी जानकारी सम्राट का घर गार्डन से कुछ दूरी पर है, इसलिए उसकी मां उर्मिला को शुरुआत में इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनका बेटा लापता है। बाद में नैतिक के परिवार से उन्हें पता चला कि सम्राट का भी अपहरण हो गया है। उर्मिला ने बताया कि करीब रात 9 बजे उनके पास कॉल आया, जिसके बाद वह घबरा गईं और बेटे को ढूंढने के लिए लोगों से मदद मांगने लगीं। बाद में पुलिस ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वे लगातार प्रयास कर रही हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। सम्राट उनका इकलौता बेटा है, जो छठी कक्षा में पढ़ता है। बेड पर बैठाया, सेवइयां खिलाईं, डराया भी नैतिक ने बताया कि तनीषा उसे कार में अपने साथ ले गई थी। वहां एक कमरे में ले जाकर उसे सोफे पर बैठा दिया। इस दौरान वह जानवर दिलाने की बात करती रही। जब उसे भूख लगी तो सेवइयां बनाकर खिलाईं। मोबाइल पर गेम भी खेलने दिया। नैतिक के मुताबिक, रात में आरोपियों ने कहा कि उनके पिता से बात हो चुकी है और वे लेने आ रहे हैं। यह भी कहा कि उन्हें जानवर देकर घर भेज दिया जाएगा, लेकिन जब काफी देर हो गई तो दोनों बच्चे घर जाने की जिद करने लगे। इस पर राधिका और तनीषा ने उन्हें डराया कि अगर पैसे नहीं मिले तो उन्हें नुकसान पहुंचाया जाएगा। जब पुलिस पहुंची तो राधिका ने बच्चों को यह कहकर छिपा दिया कि “गुंडे आ गए हैं, चादर ओढ़कर छिप जाओ और कुछ मत बोलना।” डर के कारण दोनों बच्चे गैलरी में छिपे रहे। शॉर्ट एनकाउंटर के थे निर्देश सीपी संतोष सिंह पूरी रात अपने ऑफिस में मौजूद रहे और पल-पल की मूवमेंट की जानकारी लेते रहे। मोबाइल लोकेशन मिलने के बाद सबसे पहले द्वारकापुरी पुलिस से संपर्क किया गया। इसके बाद दत्त नगर की लोकेशन सामने आई, जो राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में आती है। तुरंत एक टीम वहां रवाना की गई। पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में इलाके में निगरानी करते रहे। जैसे ही सही संकेत मिला, अधिकारियों के साथ मौके पर दबिश दी गई। सीपी ने आरोपियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए शॉर्ट एनकाउंटर तक के निर्देश दिए थे। यदि आरोपी रेत मंडी इलाके में फिरौती लेने आते तो पुलिस उन्हें मौके पर ही गोली मार सकती थी। नौकरी छूटने के बाद पैसों के लिए ढूंढा रास्ता मास्टरमाइंड आरोपी विनीत जिस कंपनी में काम करता था, वह फर्जी निकली और उसे वेतन नहीं मिला। वह 6 महीनों से बेरोजगार था। उस पर डेढ़ साल का मकान किराया भी बकाया था। आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव में आकर उसने यह कदम उठाया। उसकी बहन राधिका टेलीकॉलिंग का काम करती थी। पहले वह राधिका के साथ एक ही कमरे में रहता था, लेकिन ललित से शादी के बाद उसने अलग कमरा ले लिया। ललित पेशे से ड्राइवर है, लेकिन पिछले छह महीनों से बेरोजगार था, जिसके चलते उसे पैसों की जरूरत थी। तनीषा भी पहले फ्लिपकार्ट कंपनी में काम करती थी, लेकिन कुछ समय से वह कपड़ों की दुकान पर सेल्समैन का काम कर रही थी। वहां भी उसका काम ठीक नहीं चल रहा था। ज्वेलरी शॉप लूटने का भी बना चुके थे प्लान चारों आरोपी आपस में पहले से परिचित थे। ये आरोपी 8 दिन पहले एक ज्वेलरी शॉप लूटने की योजना बना चुके थे, लेकिन सफल नहीं हो पाए। इसके बाद उन्होंने बच्चों के अपहरण का प्लान बनाया। सहेली से पूछा था शॉर्टकट का रास्ता पुलिस के अनुसार, राधिका और तनीषा आपस में अच्छी दोस्त हैं। तनीषा ने राधिका से जल्दी पैसा कमाने का शॉर्टकट तरीका पूछा था। इस पर राधिका ने बताया कि जिस इलाके में वह रहती है, वहां आसपास के गार्डनों में अच्छे घरों के बच्चे खेलने आते हैं। इसके बाद दोनों ने बच्चों का अपहरण कर फिरौती वसूलने की साजिश बनाई। हालांकि, वे नैतिक और सम्राट के परिवार की आर्थिक स्थिति का सही अंदाजा नहीं लगा पाईं और यह नहीं जान सकीं कि दोनों ही मजदूर वर्ग से जुड़े परिवारों के बच्चे हैं। पक्षी-जानवर दिखाने के बहाने ले गई थी लड़की नैतिक के पिता जूस का ठेला लगाते हैं, जबकि सम्राट के पिता ढोलक बजाने का काम करते हैं। उन्होंने कहा, “आरोपी लड़की बच्चों को पक्षी-जानवर दिखाने के बहाने ले गई थी। सभी आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।” पुलिस को संदेह तब हुआ, जब एक फ्लैट की लाइट बार-बार जल-बुझ रही थी और अंदर से हलचल दिख रही थी। इसके बाद टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए फ्लैट में छापा मारा और चारों आरोपियों को पकड़ लिया। घटनाक्रम से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… इंदौर पुलिस ने सात घंटे में अगवा बच्चों को ढूंढा इंदौर पुलिस ने तिरुपति गार्डन से अगवा दोनों बच्चों को गुरुवार देर रात करीब दो बजे सुरक्षित बरामद कर लिया। मामले में एक दंपती, एक युवक और एक युवती को गिरफ्तार किया गया है। युवक-युवती आपस में भाई-बहन हैं। पढ़ें पूरी खबर...
बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने शुक्रवार को अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। BDA की प्रवर्तन टीम ने थाना बिथरी चैनपुर के अंतर्गत ग्राम बिचपुरी में लगभग 4000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में अवैध रूप से विकसित की जा रही एक कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया। चिन्हांकन और बाउंड्रीवाल पर चला बुलडोजरBDA के मुताबिक, मोहम्मद इस्लाम और मोहम्मद वजरूद्दीन द्वारा ग्राम बिचपुरी में बिना किसी तकनीकी स्वीकृति और मानचित्र पास कराए अवैध कॉलोनी का विकास किया जा रहा था। यहाँ भूखंडों (प्लॉटिंग) का चिन्हांकन कर नाली, सड़क और बाउंड्रीवाल का निर्माण कार्य चल रहा था। उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 की सुसंगत धाराओं के तहत नोटिस के बाद शुक्रवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाईध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई प्राधिकरण के संयुक्त सचिव दीपक कुमार के नेतृत्व में संपन्न हुई। मौके पर सहायक अभियंता विनोद कुमार, अवर अभियंता सीताराम और बीडीए की प्रवर्तन टीम भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रही। टीम ने बुलडोजर चलाकर कॉलोनी के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह साफ कर दिया। खरीदारों के लिए प्राधिकरण की सलाहबरेली विकास प्राधिकरण ने आम जनता और निवेशकों के लिए चेतावनी जारी की है। संयुक्त सचिव ने कहा कि किसी भी प्रकार का निर्माण या प्लॉटिंग करने से पूर्व प्राधिकरण से ले-आउट और मानचित्र स्वीकृत कराना कानूनी रूप से अनिवार्य है। नागरिक कोई भी भवन या भूखंड खरीदने से पहले उसके मानचित्र की स्वीकृति की पुष्टि प्राधिकरण कार्यालय से जरूर कर लें। अवैध कॉलोनी में निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि बिना स्वीकृति के किए गए निर्माण को किसी भी समय ध्वस्त किया जा सकता है।
मध्य प्रदेश: 34 दिन बाद कब्र से निकाला गया बुजुर्ग का शव, जमीन विवाद में हत्या की आशंका
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के ग्राम बदौराकला में एक बुजुर्ग की संदिग्ध मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है
आगरा में गुरुवार को मॉल के बेसमेंट की खुदाई के दौरान केनरा बैंक की बेलनगंज शाखा की बिल्डिंग गिर गई थी। मलबे में बैंक का करोडों का कैश दब गया। मलबे से कैश निकालने के लिए लोग पहुंच गए। ऐसे में पुलिस फोर्स के साथ ही पीएसी तैनात की गई है। बैंक के बगल के रास्ते को बंद कर दिया गया है। गुरुवार रात में ही मलबे से कैश भी निकाल लिया गया। बैंक का 300 करोड़ का लेनदेन है, शुक्रवार दोपहर में छत के रास्ते से लाॅकर, गोल्ड और लोन संबंधी दस्तावेज निकालने के लिए रास्ता बनाने में टीम जुटी रहीं। बेलनगंज के भैरों बाजार में प्रदेश की पहली केनरा बैंक की शाखा खुली थी, 1980 में बैंक किराए के भवन में जहां वर्तमान में माल का निर्माण हो रहा है वहां सड़क किनारे वाले हिस्से में शिफ्ट हो गई। बैंक की लंबाई अधिक है और चौड़ाई कम है। बैंक के मुख्य द्वार के बाद शीशे का दरवाजा है, इससे अंदर प्रवेश करते ही बाएं तरफ खाता खोलने, वित्तीय लेन देन संबंधित काउंटर हैं। इसके बाद कैशियर काउंटर है और पीछे के हिस्से में लाॅकर और दस्तावेज रखने के रूम है। बैंक का बाएं तरफ का आधा हिस्सा गिर गया है, निर्माणाधीन 40 फीट गहरे माल में बैंक के रजिस्टर, दस्तावेज मलबे में दिखाई दे रहे हैं। गाटर पत्थर से बने भवन में 20 फीट दूर तक फैले मलबे में बैंक की स्लिप और दस्तावेज पड़े हुए हैं। बैंक की बिल्डिंग गिरने से मलबे में कैश दबे होने की जानकारी होने पर, जीवनी मंडी और आस- पास के क्षेत्र के युवक आ गए और मलबे से कैश निकालने की कोशिश करने लगे। इसे देख बैंक अधिकारियों ने पुलिस को सूचना दी, इसके बाद पुलिस फोर्स बढ़ा दिया गया। पीएसी भी तैनात कर दी गई। बैंक के बगल के रास्ते को बंद कर दिया गया है। रात में ही मलबे से कैश निकाल लिया गया। सुबह बैंक अधिकारी कर्मचारियों के साथ पहुंचे और मलबे में दबे दस्तावेजों को कैसे निकाला जाए इस बारे में विचार करते रहे। दोपहर 12 बजे तीन मजदूरों को पीछे के हिस्से की छत को तोड़ने के लिए लगाया गया जिससे लाकर, लोन लेने के लिए रखे गए गोल्ड और लोन संबंधी दस्तावेजों तक पहुंचा जा सके। हर रोज थे 300 ग्राहक, रात आठ बजे तक खुलती थी बैंककेनरा बैंक की बेलनगंज शाखा में ब्रांच मैनेजर के साथ ही नौ कर्मचारी काम करते हैं। सुबह 9.30 बजे बैंक खुल जाती थी। बैंक में हर रोज 300 ग्राहक आते थे, हर समय 60 से 70 ग्राहक बैंक में रहते थे लेकिन जिस समय हादसा हुआ उस समय गर्मी और लू के चलते चार ग्राहक ही थी। बैंक में लेनदेन का काम शाम चार बजे बंद हो जाता था लेकिन बैंक में रात आठ बजे तक काम होता था। बैंक में लाॅकर, गोल्ड, लोन संबंधी दस्तावेज सुरक्षित है। गुरुवार रात को ही बैंक का पूरा कैश निकाल लिया गया था। इसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन को भी सौंप दी गई है। मलबे में दस्तावेज, पासबुक हैं। लाॅकरों में करोड़ों का सामान, मलबे में नहीं मिलीं चाभीकेनरा बैंक में बड़ी संख्या में लाॅकर हैं। इनमें करोड़ों रुपये का सामान रखा है। इमारत के मलबे में लाॅकरों की चाभियां भी दब गई हैं। रेस्क्यू टीम और बैंककर्मियों ने मलबे में चाभियाें की तलाश की, लेकिन नहीं मिलीं। लाॅकरों की सुरक्षा को पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है। ग्राहकाें को सात दिन का समय दे दिया गया है। मलबे में बैंक के कैश काउंटर पर रखा कैश भी दब गया था। कुछ कैश बैंक के स्ट्रांग रूम में रखा था। इस तरह 25 लाख रुपये पुलिस सुरक्षा में बेलनगंज से कचहरी घाट बैंक में शिफ्ट कर दिए गए। लीड बैंक मैनेजर ऋषिकेश बनर्जी ने बताया-कचहरी घाट शाखा में फिलहाल बेलनगंज शाखा संचालित होगी। केनरा बैंक की किसी भी शाखा से लेनदेन कर सकते हैं। वहां से लेनदेन कर सकते हैं, सात दिन बाद लोग अपने लाकर भी खोल सकेंगे। बैंक का इंश्योरेंस भी है।
उत्तर प्रदेश में सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों का प्रभाव अब संस्कृत शिक्षा में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है
आगरा में पत्नी की मौत, लखनऊ में पति का सुसाइड:मायके वालों ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया
आगरा के थाना जगदीशपुरा क्षेत्र निवासी शिक्षक दंपति ने सुसाइड कर लिया। दो दिन पहले पत्नी की संदिग्ध हालत में मौत हुई। इसके एक दिन बाद गुरुवार को पति ने लखनऊ के एक होटल में सुसाइड कर लिया। शुक्रवार रात को जितेंद्र का शव आगरा पहुंचा। परिजनों में चीख पुकार मच गई। पुलिस ने बताया कि अवधपुरी में जितेंद्र गोयल अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनकी पत्नी पिंकी सिंघल है। दोनों बेसिक शिक्षा विभाग में टीचर हैं। जितेंद्र बहराइच में तो पत्नी पिंकी श्राबस्ती में तैनात थीं। वर्ष 2020 में इनकी शादी हुई थी। पिंकी का मायका अर्जुन नगर में है। कुछ दिन पहले पिंकी अपनी ससुराल अवधपुरी आई थी। बताया गया है कि बुधवार को पिंकी की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। पिंकी के घरवालों ने पति जितेंद्र गोयल, ससुर और सास पर दहेज हत्या की मुकदमा दर्ज कराया। गुरुवार को पति ने किया सुसाइडपत्नी की मौत के बाद पति जितेंद्र गोयल ने भी लखनऊ के होटल में सुसाइड कर लिया। जितेंद्र गुरुवार को होटल में पहुंचे थे। रात करीब 8 बजे होटल स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी कि जितेंद्र का शव कमरे में फांसी के फंदे पर लटका है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शुक्रवार रात करीब 9 बजे जितेंद्र का शव आगरा आया। बेटे का शव देखकर मां बेसुध हो गई।
भोपाल: 20.59 करोड़ की अवैध कमाई का मामला, ईडी ने सुनील त्रिपाठी को किया गिरफ्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भोपाल जोनल ऑफिस ने 20.59 करोड़ की अवैध कमाई के मामले में आरोपी सुनील त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में गोरखपुर के सांसद रविकिशन भी भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने उतर चुके हैं। चंदननगर एवं चौंसी विधानसभा क्षेत्रों में उन्होंने भोजपुरी में प्रचार किया। वहां उनका रोड शो भी हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। रविकिशन ने घुसपैठ को लेकर आक्रामक तेवर भी दिखाए। रविकिशन ने कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन होकर रहेगा। शुक्रवार को रविकिशन सबसे पहले चंदननगर विधानसभा पहुंचे। यहां उनका रोडशो प्रस्तावित था। रविकिशन के स्वागत में सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। रोड शो में लोगों की भीड़ नजर आयी। जगह-जगह रविकिशन का जोरदार स्वागत किया गया। भाजपा के पक्ष में खूब नारे लगाए गए। रविकिशन इसके बाद चौंसी विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनसभा में पहुंचे। मंच पर उनका इंतजार हो रहा था। जनता के बीच से होते हुए वह मंच की ओर बढ़ रहे थे और लोग उनके नाम का नारा लगा रहे थे। इस जनसभा में रविकिशन ने गाना भी गाया। रवि किशन ने अलग-अलग मुद्दों के साथ जय श्रीराम का नारा भी लगाया। उन्होंने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में लंबे समय से विकास ठप रहा है और जनता अब इस स्थिति को बदलने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब बंगाल एक नई दिशा और नई सोच के साथ आगे बढ़े। अपने संबोधन में उन्होंने कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल में प्रचंड बहुमत की सरकार बनाने जा रही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की सरकार बनते ही कानून व्यवस्था मजबूत होगी, भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई होगी और राज्य को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। रवि किशन ने “घुसपैठ” के मुद्दे को भी जोरदार तरीके से उठाते हुए कहा कि भाजपा का स्पष्ट संकल्प है कि बंगाल को घुसपैठ मुक्त बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सख्त नीतियों के जरिए इस पर नियंत्रण किया जाएगा। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और भाजपा के पक्ष में मतदान कर एक मजबूत और स्थिर सरकार के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। उनके भाषण के दौरान भीड़ की प्रतिक्रिया और समर्थन ने यह संकेत दिया कि चुनावी माहौल तेजी से भाजपा के पक्ष में झुकता हुआ दिख रहा है।
पंजाब राजस्व विभाग में नौकरी का अवसर, 9 पदों पर 15 मई तक करें आवेदन
पंजाब सरकार के राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन विभाग ने नक्शा योजना के अंतर्गत राज्य कार्यक्रम प्रबंधन इकाई (एसपीएसयू) के लिए संविदा के आधार पर विभिन्न 9 पदों पर भर्ती के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की है।
बिहार: गोपालगंज में एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या, लोगों ने दो लुटेरों को पकड़ा
गोपालगंज में दिनदहाड़े हुई लूट और हत्या की एक चौंकाने वाली घटना ने तनाव पैदा कर दिया है। यहां एक आभूषण की दुकान में लूटपाट के बाद भाग रहे अपराधियों ने एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी।
उज्जैन में संन्यास को लेकर उठे विवाद के बाद स्वामी हर्षानंद गिरि (पूर्व में हर्षा रिछारिया) ने संतों के आरोपों का जवाब दिया है। सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर उन्होंने कहा- महाराज जी, मैं अभी उज्जैन में हूं। इससे पहले मैं 2019 से उत्तराखंड में थी। क्या आपको पता है मैं वहां क्या कर रही थी? अपना काम छोड़कर वहां क्यों थी? मैं कौन सी साधना, कौन सी तपस्या और किस गुरु के सानिध्य में कर रही थी? कौन कितने साल तपस्या करके यहां संत बना है। किसी को कुछ नहीं पता है, महाराज जी। लेकिन कुछ लोगों के जब रिकॉर्ड निकलते हैं, तो वो रिकॉर्ड काफी डरावने होते हैं। अब यह मत कह दीजिएगा कि हर्षा रिझारिया ने संतों का अपमान किया। महाराज जी आप यह साबित कर दीजिए कि मुझे विदेश से फंडिंग हो रही है। अगर आप गलत साबित हुए, तो आपको मुझे मानहानि के रूप में 1 करोड़ रुपए देना होगा। बता दें कि महाकुंभ 2024 से सुर्खियों में आई हर्षा रिछारिया ने हाल ही में सन्यास लिया है वह अब स्वामी हर्षानंद गिरि के नाम से जानी जाएंगी। वे आधिकारिक रूप से संन्यास ले चुकी हैं। उज्जैन के मौनी तीर्थ आश्रम में उन्हें महामंडलेश्वर सुमनानंदजी महाराज ने दीक्षा दिलाई। हालांकि, उनके संन्यास पर मध्य प्रदेश संत समिति के अध्यक्ष महाराज अनिलानंद को ऐतराज जताया था। यूनिवर्सिटी के एक संत भाग रहे थे तब महाराज जी कहां थे शुक्रवार को सामने आए वीडियो में उन्होंने कहा कि हर्षा रिझारिया लेंस लगाए। हर्षा रिझारिया मेकअप कर ले। हर्षा रिझारिया नजर का चश्मा लगाए, जो डॉक्टर ने दिया है और जो धूप में काला हो जाता है, क्योंकि मुझे दिन की रोशनी से आंखों में दिक्कत हो रही है। हर्षा रिझारिया ने फैशनेबल चश्मा लगा लिया है, मतलब हर्षा रिझारिया अपनी सेहत का ख़याल आपकी सोच के हिसाब से करे, है न पूजनीय महाराज जी? अगर इस लड़की ने सन्यास लिया है तो इसे 10 वर्ष तक हिमालय पर तपस्या करनी पड़ेगी। महाराज जी मैंने तब विरोध किया, जब अशोक खेराज जैसे लोग अरेस्ट हुए। उनके वीडियो सामने आए। आपने तब हंगामा किया, जब किसी यूनिवर्सिटी के एक संत भागते-भागते फिर रहे थे। यौन शोषण के मामले में जब लड़कियां थाने तक पहुंच गई थीं। तब आपने विरोध किया था क्या? मुझे याद नहीं आ रहा महाराज जी। महाराज जी बताएं, मैंने कहां अपनी सीमाएं लांघीं? आज आप एक लड़की का विरोध कर रहे हैं कि ये संत कैसे बन गई। संत मैं अपने जीवन में बनी हूं। अपने जीवन का मैंने यहां पिंडदान किया है। आपको कुछ गलतफहमी हुई है। मेरा विरोध करने से पहले मेरे बारे में जानिए तो। मैंने कब कहा कि मैं सन्यासी हूं, मैं साध्वी हूं? प्रयागराज कुंभ से पहले या बाद में, मैंने तो मीडिया के जरिये पचासों बार इससे इनकार किया है। मुझे लगता है कि एक समझदार और बुद्धिमान व्यक्ति वही होता है, जो किसी पर आरोप लगाने से पहले पूरी जानकारी हासिल करता है। आप बार-बार कह रहे हैं कि मैंने प्रयागराज कुंभ को खराब किया। मैंने जाकर किसका अपमान किया? मैंने किसका विरोध किया? किसे अपमानित किया? कहां अपनी सीमाएं लांघीं? कहां अपने संस्कारों से हटी? मैं सनातन धर्म में मैं पैदा हुई हूं महाराज जी। ब्राह्मण परिवार, वशिष्ठ गोत्र में मेरा जन्म हुआ। अब मेरा गोत्र अच्युत है। जो सच्चा साधु-संत का होता है। फॉरेन फंडिंग को साबित करें, मैं मीडिया के सामने बैंक डिटेल्स रखूंगी जहां तक फॉरेन फंडिंग की बात है। महाराज जी आप यह साबित कर दीजिए कि मुझे विदेश से फंडिंग हो रही है। भारतीय संस्कृति को नुकसान पहुंचाने के लिए। मैं अपनी पूरी बैंक डिटेल्स, प्रयागराज महाकुंभ से अब तक की सारी जानकारी, मीडिया और देश के सामने रखने को तैयार हूं। अगर यह साबित हो जाता है कि मुझे विदेश से या देश के भीतर से भी लाखों-करोड़ों की कोई बड़ी फंडिंग मिली है। तो मैं अपनी पूरी संपत्ति आपके चरणों में अर्पित कर दूंगी। लेकिन अगर आप गलत साबित हुए, तो आपको मुझे मानहानि के रूप में 1 करोड़ रुपए देना होगा। आरोप गलत हुए तो मुझे एक करोड़ रुपए दें क्योंकि अपमान आपने जरूरत से ज्यादा किया है। पहला आरोप, मैंने दो बार सन्यास लिया, जो पूरी तरह गलत है। दूसरा आरोप आपने नचनिया-कुदनिया जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जो एक लड़की के लिए अपमानजनक है। तीसरा फॉरेन फंडिंग का झूठा आरोप लगया और चौथा कि मैं महाकुंभ को खराब करने आई हूं। भारतीय संस्कृति को नुकसान पहुंचा रही हूं। आप ऐसे आरोप लगाकर उन लोगों के मन में भी भ्रम और नफरत पैदा कर रहे हैं, जो संतों में ईश्वर को देखते हैं। अब आप बताइए, मैं कब मीडिया के सामने अपनी बैंक डिटेल्स रखूं? कब पूरी सच्चाई बताऊं? ये खबर भी पढ़ें अनिलानंद ने कहा-900 चूहे खाकर बिल्ली हज को नहीं जा सकतीं महाराज अनिलानंद ने कहा- यह पूरा घटनाक्रम गलत और सनातन धर्म की मर्यादा के विपरीत है। 900 चूहे खाकर बिल्ली हज को नहीं जा सकती। प्रयागराज कुंभ के दौरान हर्षा ने संन्यास लेने का दावा किया, लेकिन बाद में सनातन धर्म के खिलाफ अपमानजनक बातें कहीं। ऐसे व्यक्ति का संन्यास लेना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि हर्षा को दीक्षा दिलाने वाले सुमनानंदजी महाराज की जांच हो। यहां पढ़ें पूरी खबर…
लखनऊ में 7 मोबाइल के साथ चोर गिरफ्तार:दुकान से चोरी किए थे फोन, असम से आकर झुग्गी बनाकर रहता था
लखनऊ के गुडम्बा थाना क्षेत्र में मोबाइल चोरी का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक चोर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से चोरी के 7 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस ने उसे कुकरेल जंगल के पास से पकड़ा। पुलिस ने बताया 19 मार्च 2026 को यूनिटी सिटी चौराहा, कल्याणपुर स्थित आदर्श इन्फ्राटेक की मोबाइल दुकान से 12 मोबाइल फोन चोरी हो गए थे। इस मामले में दुकान मालिक जयकरनपुर कुर्सी रोड निवासी सिराज अहमद ने गुडंबा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर गुडम्बा पुलिस टीम ने कुकरेल जंगल की कच्ची सड़क के पास घेराबंदी कर एक युवक को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपना नाम मोहम्मद शुक्कर अली पुत्र मोहम्मद मोहफीज अली बताया। वह मूल रूप से असम के गुवाहाटी जिले के सातकुला गांव का रहने वाला है और मौजूदा समय में मैकाले टेंपू स्टैंड के पास झोपड़ी बनाकर रह रहा था। पुलिस ने आरोपी की तलाशी में 200 रुपए नगद और चोरी के 7 मोबाइल फोन बरामद किए। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने 19 मार्च को यूनिटी सिटी चौराहे के पास मोबाइल दुकान से फोन चोरी किए थे। पुलिस आरोपी से बाकी मोबाइल फोन के बारे में भी पूछताछ कर रही है।
वर्ल्ड चैंपियन बॉक्सर एमसी मैरीकॉम बागपत में एक बॉक्सिंग एकेडमी खोलने की तैयारी में हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने शुक्रवार को बागपत का दौरा किया। अधिकारियों से बात की। इस एकेडमी के बनने से क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण मिल सकेगा। मैरीकॉम ने एकेडमी के लिए प्रस्तावित खेल ग्राउंड का भी निरीक्षण किया। उनके इस कदम से स्थानीय युवा खिलाड़ियों में काफी उत्साह है, जो इस एकेडमी के जल्द तैयार होने का इंतजार कर रहे हैं। मैरीकॉम ने बताया कि बागपत के खिलाड़ियों ने पहले भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें बेहतर सुविधाएं और पेशेवर प्रशिक्षण मिले, तो वे और भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। प्रस्तावित एकेडमी में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोच प्रशिक्षण देंगे। इससे खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए दूसरे शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। वे यहीं उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने खेल को निखार सकेंगे और आगे बढ़ सकेंगे। जिला प्रशासन ने भी इस पहल का स्वागत किया है। अधिकारियों के अनुसार, जिले से कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी सामने आते हैं, लेकिन पर्याप्त अभ्यास सुविधाओं की कमी के कारण उन्हें चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। प्रशासन खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मैरीकॉम ने इससे पहले बागपत के मवीकला गांव स्थित एक रिसॉर्ट में 'नन्ही कली' कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की थी। तभी उन्होंने यहां एकेडमी खोलने और युवाओं के भविष्य को संवारने का मन बनाया था। इस एकेडमी के शुरू होने का सभी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
हरदोई के टड़ियावां थाना क्षेत्र में एक किशोरी के अपहरण का मामला सामने आया है। शादी का झांसा देकर अपहरण करने के आरोप में दो सगे भाइयों और उनके पिता समेत चार लोगों पर शुक्रवार को मुकदमा दर्ज किया गया है। टड़ियावां थाना क्षेत्र के एक गांव की निवासी महिला ने यह मुकदमा दर्ज कराया है। महिला के अनुसार, उनके गांव का निवासी विष्णु ने 22 अप्रैल की शाम को पाली थाना क्षेत्र के ग्राम परलिया निवासी हेतराम और उसके बेटों साजन व गोपाल को अपने गांव बुलाया था। महिला ने आरोप लगाया है कि उसी दिन देर शाम साजन, गोपाल, हेतराम और विष्णु उनकी 14 वर्षीय बेटी को गांव के बाहर खेत की ओर ले गए। वहां आरोपियों ने उनकी बेटी को कुछ खिलाया और फिर उसे अपने साथ ले गए। परिजनों ने बेटी की तलाश आसपास और रिश्तेदारों में की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। थानाध्यक्ष कुलदीप सिंह ने बताया कि शादी का झांसा देकर अपहरण करने की धाराओं में चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस किशोरी और सभी नामजद आरोपियों की तलाश कर रही है।
गाजियाबाद में यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पद को लेकर चल रहा विवाद अब हिंसक हो गया है। निर्वाचित जिला अध्यक्ष आसिफ सैफी पर रात में जानलेवा हमला किया गया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आसिफ सैफी अपने घर की ओर जा रहे थे, तभी संजय नगर स्थित एलटी चौक पर तीन गाड़ियों में सवार होकर आए हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने बेसबॉल बैट और धारदार हथियारों से उन पर हमला किया। अचानक हुए इस हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने पहुंचाया अस्पताल घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायल आसिफ सैफी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने जिला अस्पताल में उनका मेडिकल परीक्षण भी कराया है। इस हमले के बाद यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि यह हमला सुनियोजित साजिश के तहत किया गया है। सख्त कार्रवाई की मांगकार्यकर्ताओं ने पुलिस से मांग की है कि सभी हमलावरों की जल्द गिरफ्तारी की जाए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
महाराष्ट्र सपा के अध्यक्ष अबू आसिम आजमी शुक्रवार रात 10 बजे सुल्तानपुर पहुंचे। उन्होंने शहर स्थित सपा नेता रिजवान उर्फ पप्पू के आवास पर मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने भाजपा, असम के मुख्यमंत्री और स्मार्ट मीटर जैसे विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय रखी। आजमी ने पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने के भाजपा के दावों को शेख चिल्ली के सपने बताया। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता जागरूक है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काम से संतुष्ट है। उन्होंने भाजपा पर महिला मुख्यमंत्री को बर्दाश्त न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता इसका करारा जवाब देगी। असम के मुख्यमंत्री के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने ममता बनर्जी से एक किलो ज्यादा मांस खाने की बात कही थी, आजमी ने आपत्ति जताई। उन्होंने सवाल किया कि असम के मुख्यमंत्री किस चीज का मांस खा सकते हैं, और यहां तक कि आशंका जताई कि कहीं इंसान का मांस न खा लें। भाजपा नेताओं मनोज तिवारी और अनुराग ठाकुर के मछली खाने के मामले पर टिप्पणी करते हुए आजमी ने कहा कि भाजपा के लोग दिखाने में कुछ और हैं और असलियत में कुछ और। उन्होंने दावा किया कि अगर उनकी पोल खुल जाए तो वे मुंह दिखाने के काबिल नहीं रहेंगे। सपा अध्यक्ष ने 2027 में पार्टी की 101 प्रतिशत जीत का दावा करते हुए कहा कि उनका उत्साह चरम पर है। उन्होंने अखिलेश यादव के 300 यूनिट मुफ्त बिजली के वादे का भी समर्थन किया। आजमी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अखिलेश यादव के वादे जुमले नहीं होते, बल्कि उन्हें पूरा किया जाता है। स्मार्ट मीटर को लेकर अखिलेश यादव के पीड़ादायक मीटर वाले बयान से आजमी ने पूरी तरह सहमति जताई। उन्होंने कहा कि ये मीटर पूरे देश में लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं और इनके जरिए कंपनियों को ज्यादा फायदा पहुंचाया जा रहा है। यहां पर सपा जिलाअध्यक्ष रघुवीर यादव, महासचिव सलाउद्दीन, पूर्व विधायक भगेलू राम, मौलाना उस्मान कासमी, मौलाना मतारुस्सलाम, मौलाना कसीम कासमी आदि मौजूद रहे।
रायपुर नगर निगम की प्रस्तावित विशेष सामान्य सभा की वैधता को लेकर पूर्व महापौर एजाज ढ़ेबर ने सवाल उठाए हैं। ढेबर ने कहा कि नगर निगम की विशेष सामान्य सभा आमतौर पर आपात परिस्थितियों—जैसे आपदा, जल संकट या स्वच्छता से जुड़े गंभीर मामलों—में ही बुलाई जाती है। मौजूदा समय में ऐसी कोई स्थिति नहीं है, फिर भी विशेष बैठक बुलाना समझ से परे है। उन्होंने संबंधित मंत्री, अधिकारियों और महापौर से पूछा कि क्या यह बैठक नियमों के तहत बुलाई गई है। ढेबर ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी विशेष सामान्य सभा बुलाकर “वन नेशन, वन इलेक्शन” जैसे राष्ट्रीय विषयों पर चर्चा कराई गई थी, जो नगर निगम के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। ढेबर का कहना है कि निगम की बैठकों में शहर के विकास और स्थानीय मुद्दों पर फोकस होना चाहिए, न कि राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर। 27 अप्रैल को विशेष सामान्य सभानगर निगम की विशेष सामान्य सभा 27 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे आयोजित होगी। सभापति सूर्यकांत राठौड़ के निर्देश पर नगर निगम सचिवालय ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। बैठक नगर निगम मुख्यालय महात्मा गांधी सदन के चौथे तल स्थित सभागार में होगी। इसमें मुख्य रूप से महिला सशक्तिकरण को लेकर अल्पकालिक जनजागरूकता अभियान और उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की जाएगी। 9 अप्रैल को हुई थी पिछली बैठकनगर निगम की पिछली सामान्य सभा 9 अप्रैल को हुई थी, जिसमें 14 एजेंडों पर चर्चा हुई। सिटी कोतवाली चौक का नाम “जैन स्तंभ” करने के प्रस्ताव पर जमकर बहस हुई, लेकिन विपक्ष के विरोध के बाद इसे निरस्त कर दिया गया। अन्य एजेंडे बहुमत से पारित किए गए, जबकि किरण बिल्डिंग परिसर में दुकानों के व्यवस्थापन से जुड़े एक मुद्दे पर शासन से मार्गदर्शन लेने का फैसला लिया गया।
भोपाल में पब और बार संचालन को लेकर पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कमिश्नर कार्यालय सभागार में सभी पब और बार संचालकों व मैनेजरों की बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए। शराब परोसने का समय रात 11:30 बजे तक निर्धारित किया गया है, जबकि रात 12:00 बजे तक सभी पब और बार पूरी तरह बंद करना अनिवार्य होगा। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि इंदौर की तर्ज पर जूम एप के माध्यम से एक मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया जा रहा है। इसमें एक ग्रुप बनाकर सभी पब और बार संचालकों को जोड़ा जाएगा, जहां उन्हें रोज रात 12 बजे तक बंद होने की फोटो पुलिस को भेजनी होगी। इससे समय-समय पर निर्देश दिए जा सकेंगे और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी। पूरे सिस्टम की मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जाएगी। बैठक में कमिश्नर ने शासन के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। निर्धारित समय के बाद पब और बार खुले पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा सभी पब और बार में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने और उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था रखने के निर्देश भी दिए गए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जोधपुर शहर में बिजली लाइनों के रखरखाव के चलते शनिवार को कई कॉलोनी में बिजली बंद रहेगी। कई इलाकों में दो घंटे तक बिजली नहीं आएगी। इसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। शहर के 33/11 केवी कमला नेहरू नगर सब-स्टेशन से जुड़े क्षेत्रों में शनिवार सुबह 9 बजे से 11 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। रखरखाव कार्य के चलते यह शटडाउन लिया जाएगा। बिजली विभाग के अनुसार 11 केवी रखाबेरा फीडर से गुजरने वाले क्षेत्रों में बिजली सप्लाई बंद रहेगी। प्रभावित क्षेत्रों में शुभम हॉस्पिटल क्षेत्र, महिला पीजी कॉलेज क्षेत्र, ऐश्वर्या कॉलेज क्षेत्र, शिव लाल माथुर नगर, अरिहंत नगर, गोकुल विहार, गोपी कृष्णा विहार, गुरु का तालाब सहित आसपास के संबंधित इलाके शामिल हैं।
KGMU ट्रॉमा सेंटर के 9 जूनियर डॉक्टरों का इस्तीफा:गंभीर मरीजों के इलाज पर संकट, बांड पर हुई थी भर्ती
KGMU ट्रॉमा सेंटर में बांड के तहत आए नॉन पीजी जूनियर रेजिडेंट (JR) डॉक्टरों ने नौकरी छोड़ दी है। इसमें किसी डॉक्टर का चयन पीजी में हो गया है तो कोई काम का लोड न झेल पाने की वजह से सेवा देने को राजी नहीं हुआ है। अफसरों का कहना है पूरे मामले की रिपोर्ट DGME को भेजी गई है। इन डॉक्टरों की भर्ती बांड पर हुई थी। इनसे बांड की राशि जमा कराई जाएगी। KGMU ट्रॉमा सेंटर में 400 बेड हैं। हर दिन करीब 200-250 मरीज कैजुल्टी में इलाज के लिए आते हैं। इसमें 80-90 मरीज भर्ती किए जाते हैं। मार्च में बांड के तहत 11 नॉन पीजी जेआर का चयन हुआ था। इनका वेतन करीब एक लाख रुपये से अधिक था। इन्हें ट्रॉमा में अपनी सेवा देनी थी। इसमें कुछ डॉक्टर शुरूआती दिन में आए थे। इसके बाद एक-एक करके 9 नॉन पीजी जेआर अपनी सेवा देने को राजी नहीं हुए। दो डॉक्टर अभी छुट्टी पर चल रहे हैं। 9 डॉक्टरों के अचानक चले जाने से विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी हो गई है। ट्रॉमा कैजुल्टी में मरीजों को इलाज मिलने में समस्या आ रही है। नए सिरे से भर्ती की तैयारी KGMU प्रशासन ने मरीजों को होने वाली परेशानी को कम करने के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्णय लिया गया है। प्रबंधन अब नए सिरे से डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया पूरी कराने की तैयारी में है। ट्रॉमा प्रभारी डॉ. प्रेमराज के मुताबिक, कई नॉन पीजी जेआर का चयन पीजी में हो गया है। कई काम का लोड अधिक होने की वजह से सेवा देने को राजी नहीं है। बांड के तहत आए इन नॉन पीजी जेआर की रिपोर्ट डीजीएमई को भेजी जा रही है।
बदायूं में इंटर की छात्रा ने जहर पीकर जान दी:कम नंबर आने से परेशान थी, परिजनों ने किया अंतिम संस्कार
बदायूं में इंटरमीडिएट परीक्षा में कम अंक आने से क्षुब्ध एक छात्रा ने कथित तौर पर कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली। छात्रा बिनावर थाना क्षेत्र के पुठी सराय गांव की निवासी थी। इलाज के दौरान बरेली के एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, छात्रा शहर के मीराजी चौकी इलाके में स्थित श्रीराम सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में पढ़ती थी। गुरुवार को इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम घोषित हुआ, जिसमें उसे 65 प्रतिशत अंक मिले थे। बताया गया है कि गणित विषय में उसके अंक कम आए थे, जिससे वह मायूस हो गई थी। गुरुवार शाम करीब छह बजे छात्रा ने घर में रखा कीटनाशक पी लिया। गंभीर हालत में परिजन उसे तुरंत बरेली के एक निजी अस्पताल ले गए। शुक्रवार दोपहर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। छात्रा की मौत के बाद परिजन शव को घर ले आए और गांव में ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इस मामले में परिवार के सदस्यों ने मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया है। बिनावर थाना एसएचओ अरिहंत सिद्धार्थ ने बताया कि उन्हें गांव में एक किशोरी की मौत की सूचना मिली है। हालांकि, परिजनों की ओर से अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
कानपुर के बिठूर थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर युवती से शारीरिक संबंध बनाने और बाद में शादी से इनकार करने के आरोपी को पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान सचिन तिवारी (21) पुत्र वेदप्रकाश तिवारी, निवासी लुकटपुर पोस्ट कैथोली, थाना किशनी, जिला मैनपुरी के रूप में हुई है। पीड़िता ने 23 अप्रैल को बिठूर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सचिन तिवारी ने उसे शादी का झांसा दिया और इसी बहाने कई बार शारीरिक संबंध बनाए। बाद में जब पीड़िता ने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी ने साफ इनकार कर दिया। धोखा मिलने के बाद पीड़िता ने थाने पहुंचकर मुकदमा दर्ज कराया। 12 घंटे में पुलिस ने दबोचा आरोपीमामला दर्ज होते ही बिठूर पुलिस ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी महाराणा प्रताप कॉलेज के सामने परगही अंडरपास के पास मौजूद है। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी कर 24 अप्रैल को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बिठूर थाना प्रभारी अशोक कुमार सरोज ने बताया कि शादी का झांसा देकर यौन शोषण का मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर आरोपी को 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी को आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
जहानाबाद में शुक्रवार देर शाम पटना-गया रेलखंड पर सेवनन हॉल्ट के पास एक अवैध रेलवे क्रॉसिंग पर गया-पटना मेमू पैसेंजर ट्रेन और एक ऑटो के बीच टक्कर हो गई। इस घटना में सभी यात्री सुरक्षित बताए गए हैं। जानकारी के अनुसार, गया से पटना जा रही मेमू पैसेंजर ट्रेन (संख्या 63251) जब सेवनन हॉल्ट के पास से गुजर रही थी, तभी एक ऑटो अचानक अवैध क्रॉसिंग पार करने लगा और ट्रेन की चपेट में आ गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो लगभग 10 फीट दूर एक गड्ढे में जा गिरा और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं आई और न ही किसी प्रकार की जान-माल की हानि हुई। घटना के बाद भी रेल परिचालन सामान्य बना रहा, जिससे बड़ी बाधा उत्पन्न नहीं हुई। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की टीम मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त ऑटो को जब्त कर लिया। टक्कर के बाद ऑटो चालक घटनास्थल से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। आरपीएफ प्रभारी प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि यह दुर्घटना अवैध क्रॉसिंग से ट्रैक पार करने के प्रयास के कारण हुई। आरपीएफ ऑटो के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर उसके मालिक की पहचान कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। रेलवे प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे केवल निर्धारित रेलवे फाटकों का ही उपयोग करें। अवैध तरीके से रेलवे ट्रैक पार करना खतरनाक हो सकता है और इससे गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
जोधपुर नगर निगम आयुक्त ने शुक्रवार को सुबह नगर निगम कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान 46 कर्मचारी अनुपस्थिति मिले। आयुक्त राहुल जैन ने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। नगर निगम आयुक्त ने कहा- कार्य में लापरवाही और समयपालन में ढिलाई किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला कलक्टर एवं नगर निगम प्रशासक आलोक रंजन ने नगर निगम के सभाकक्ष में सिविल कार्यों की प्रगति, स्वच्छता व्यवस्था तथा वेस्ट मैनेजमेंट से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में नगर निगम आयुक्त राहुल जैन सहित निगम के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में शहर में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा करते हुए जिला कलक्टर ने सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। अमृत 2.0 एवं मास्टर प्लान 2031 पर चर्चा बैठक में अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत संचालित कार्यों, विशेषकर सीवरेज प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही मास्टर प्लान 2031 के तहत शहर के दीर्घकालीन विकास के विभिन्न आयामों पर भी चर्चा हुई। जल निकायों के पुनर्जीवन एवं पर्यावरणीय योजनाएं आलोक रंजन ने जल निकायों के पुनर्जीवन (Rejuvenation of Water Bodies), एनआरसीपी (NRCP) कार्यों एवं नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करते हुए इनके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। सड़क, सीवरेज एवं जलभराव की समस्याओं पर फोकस बैठक में शहर की सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत कार्य, जलभराव की समस्याओं, सीवरेज लाइन, इंटरलॉकिंग, प्लांटेशन एवं शहर के सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों पर विशेष चर्चा की गई। रंजन ने निर्देश दिए कि बारिश के मौसम से पूर्व सभी सड़क एवं संबंधित कार्यों को टाइमलाइन के अनुसार पूर्ण किया जाए। वेस्ट मैनेजमेंट एवं आधुनिक तकनीकों का उपयोग आलोक रंजन ने मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन, केरू स्थित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट, कंस्ट्रक्शन एंड डेमोलिशन वेस्ट प्लांट तथा वेस्ट टू वेल्थ आर्टिफैक्ट्स की स्थापना जैसे नवाचारों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़े सभी कार्यों को प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। शहर की आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण बैठक में एलईडी स्ट्रीट लाइट्स, जोजरी नदी से संबंधित कार्यों, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट्स तथा शहर में प्रस्तावित हॉप-ऑन हॉप-ऑफ बस सेवा के कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा की गई। स्वच्छता कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश नगर निगम प्रशासक एवं जिला कलक्टर ने सफाई व्यवस्था की गहन समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि शहर में स्वच्छता कार्यों को नियमित एवं व्यवस्थित रूप से संचालित किया जाए तथा अधिकाधिक स्वच्छता अभियान चलाए जाएं। उन्होंने सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी अटेंडेंस सिस्टम लागू करने के निर्देश भी दिए। पार्कों की देखरेख एवं समयबद्ध कार्य पूर्ण करने पर जोर बैठक में पार्कों की नियमित सफाई एवं रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही निगम के सभी कार्यों को तय समय-सीमा में पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया गया।
कानपुर के बिठूर थाना क्षेत्र में उगाही न देने पर ट्रक ड्राइवर पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग करने वाले 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से अवैध तमंचा और कारतूस भी बरामद किए गए हैं। बीते दिनों बिठूर के सिंहपुर स्थित सुखधाम अपार्टमेंट निवासी अभिषेक चतुर्वेदी ने थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि गंगा बैराज हाईवे पर गंभीरपुर गांव के पास उनके ट्रक ड्राइवर को रोककर कुछ लोगों ने गुंडा टैक्स के नाम पर पैसे मांगे। ड्राइवर द्वारा पैसे देने से इनकार करने पर आरोपियों ने तमंचे से जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। किसी तरह ड्राइवर जान बचाकर मौके से भाग निकला और पूरी घटना की जानकारी मालिक और पुलिस को दी। आरोपी पर घोषित था 25 हजार का इनाममामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी, लेकिन गिरफ्तारी न होने पर उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया था। शुक्रवार को बिठूर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपी राजेश यादव को नौरंगाबाद गांव के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक अवैध तमंचा और कारतूस बरामद हुआ है। कल्याणपुर एसीपी आशुतोष कुमार ने बताया कि आरोपी ने ट्रक ड्राइवर से रंगदारी मांगी थी और इनकार करने पर उस पर फायरिंग की थी। मामले में मुकदमा दर्ज कर पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी।उन्होंने बताया कि अब आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।
डूंगरपुर शहर में शुक्रवार देर शाम गृह मंत्रालय के निर्देशों पर एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास में गेपसागर की पाल पर एयर स्ट्राइक के बाद आग लगने और घायलों के बचाव का दृश्य बनाया गया। अधिकारियों ने राहत कार्यों का जायजा लिया। रात 8 बजकर 8 मिनट पर शहर के गेपसागर की पाल पर एयर स्ट्राइक का संदेश प्रसारित किया गया। इसके तुरंत बाद आग लगने और कई लोगों के घायल होने की सूचना मिली, जिस पर विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड की टीम ने आग बुझाने का काम शुरू किया, जबकि स्वास्थ्यकर्मी और स्काउट गाइड की टीमें बचाव एवं राहत कार्यों में जुट गईं। घायलों को सुरक्षित निकालने का अभ्यास किया गया। जिला कलेक्टर देशलदान और एसपी मनीष कुमार की मौजूदगी में यह मॉक ड्रिल हुई। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रत्येक विभाग की गतिविधि और उनके प्रतिक्रिया समय को बारीकी से नोट किया। इस दौरान शहर में करीब 10 मिनट के लिए बिजली गुल कर दी गई, जिससे सड़कों और कॉलोनियों में अंधेरा छा गया। नागरिकों ने भी ब्लैकआउट के तहत अपने घरों की बिजली बंद रखी। कलेक्टर और एसपी ने बताया कि यह मॉक ड्रिल किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का आकलन करने के लिए गृह मंत्रालय के निर्देशों पर आयोजित की गई थी।
संभल में शुक्रवार सुबह सड़क हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई थी। वहीं 18 लोग घायल हो गए। मृतकों में दो सगे भाई-बहन के साथ उनकी चाची और दादी शामिल हैं। यह घटना मुरादाबाद-संभल मार्ग पर मैनाठेर थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे हुई। ट्रैक्टल-ट्रॉली को डंपर ने टक्कर मारी थी। मरने वाले सभी संभल के रहने वाले थे। शाम को सभी का संभल में अंतिम संस्कार किया गया। सभी लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर मुरादाबाद जिले के बिलारी तहसील स्थित गुरेर गांव गए थे। वे संभल के नखासा थाना क्षेत्र के भटोला गांव निवासी नरेश की बेटी स्वाति (20) की शादी का भात न्योतने गए थे। स्वाति की शादी 30 अप्रैल को होनी है, जिसके लिए 29 अप्रैल को लगन आएगी। गुरुवार शाम 5 बजे नरेश अपने परिवार के साथ भात न्योतने के लिए निकले थे और शुक्रवार सुबह घर लौट रहे थे। तभी एक तेज रफ्तार डंपर ने उनकी ट्रैक्टर-ट्रॉली को टक्कर मार दी। इस हादसे में दुल्हन स्वाति की दादी शांति (65), चाची सुमन (40), चचेरा भाई अजीत (13) और चचेरी बहन सृष्टि (8) की मौके पर ही मौत हो गई। घायलों में से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद चारों शव शुक्रवार शाम करीब 6:20 बजे एंबुलेंस से गांव भटोला पहुंचे। गांव में शोक का माहौल था। इसके बाद शुक्रवार रात करीब 7:30 बजे सास-बहू और भाई-बहन की एक साथ अंतिम यात्रा निकाली गई और गांव के श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त करने के लिए भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी हरेंद्र सिंह चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश सैनी और संभल के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी परमेश्वर लाल सैनी सहित कई भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता गांव पहुंचे। दुल्हन स्वाति ने बताया कि उसकी 30 अप्रैल को बारात आनी है और 29 अप्रैल को लगन आएगी। पूरा परिवार शादी की तैयारी में लगा था और कल शाम 05 बजे मेरी ननिहाल गांव गुरेर में भात न्योतने के लिए गए थे। आज एक्सीडेंट की सूचना मिली है। आपको बता दे कि इस घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वामी बार-बार मोबाइल चलाती रही, जिससे कि उसे पल-पल की अपडेट मिलती रहे।
धौलपुर में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का मिला-जुला असर:प्रचार-प्रसार की कमी और सरकारी इमारतों पर जलीं लाइटें
धौलपुर जिले में शुक्रवार रात आयोजित ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का मिला-जुला असर देखने को मिला। रात 8:00 बजे से 8:15 बजे तक निर्धारित इस ड्रिल के दौरान शुरुआती तीन मिनट तक ही बिजली गुल रही, जिससे लोगों में असमंजस की स्थिति बनी। स्थानीय निवासियों ने बताया कि उन्हें इस मॉक ड्रिल की पूर्व जानकारी नहीं थी। इस कारण कई स्थानों पर लोग सामान्य रूप से अपने दैनिक कार्य करते रहे। नागरिकों का कहना था कि पर्याप्त सूचना मिलने पर बेहतर सहयोग मिल सकता था। ड्रिल के दौरान एक बड़ी लापरवाही भी सामने आई। ब्लैकआउट के निर्देशों के बावजूद कई सरकारी इमारतों पर लाइटें जलती हुई दिखाई दीं, जबकि सभी प्रकार की रोशनी बंद रखने के स्पष्ट निर्देश थे। रात 8:15 बजे दोबारा बिजली आपूर्ति काटे जाने से लोगों में और अधिक भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, ऐसी मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों के लिए तैयारियों का आकलन करना होता है। हालांकि, प्रचार-प्रसार की कमी और उचित क्रियान्वयन के अभाव के कारण इस ड्रिल के अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हो सके।
दुर्ग में शुक्रवार को ऑल इंडिया बुद्धिस्ट फोरम छत्तीसगढ़ के बैनर तले सैकड़ों बौद्ध समाज के लोग कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने नारेबाजी करते हुए धार्मिक अधिकार, संविधान और सामाजिक अस्मिता से जुड़े मुद्दों पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर प्रतिनिधि तहसीलदार क्षमा यदु को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सर्वोच्च न्यायालय, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग और बिहार सरकार के नाम एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन की प्रमुख मांग बोधगया स्थित महाबोधि महाविहार के नियंत्रण से संबंधित थी। फोरम ने बी.टी.एम.सी. एक्ट 1949 को रद्द करने और महाबोधि मंदिर का नियंत्रण बौद्धों को सौंपने की मांग की। भिलाई की अनामिका उपाध्याय के खिलाफ कार्रवाई की मांग संगठन का आरोप है कि जिस स्थान पर सिद्धार्थ गौतम बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था, वहां बौद्ध रीति-रिवाजों के अनुरूप पूजा नहीं हो रही है और 'गैर-बौद्ध हस्तक्षेप' बना हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने इसे करोड़ों बौद्धों की आस्था का प्रश्न बताया। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि बीटीएमसी एक्ट संविधान के अनुच्छेद 13 के विरुद्ध है। प्रदर्शन का दूसरा प्रमुख मुद्दा भिलाई की अनामिका उपाध्याय के खिलाफ कार्रवाई की मांग था। संगठन से जुड़े शैलेश कुमार ने आरोप लगाया कि अनामिका उपाध्याय ने डॉ. भीमराव अंबेडकर, संविधान और आरक्षण व्यवस्था के संबंध में अपमानजनक टिप्पणियां की हैं। उन्होंने अन्य धर्मों पर भी आपत्तिजनक बयान दिए हैं। शैलेश कुमार ने कहा कि ऐसी टिप्पणियां सामाजिक और धार्मिक तनाव भड़का सकती हैं, इसलिए अनामिका उपाध्याय पर धारा 152 के तहत राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज किया जाना चाहिए। इन मांगों ने प्रदर्शन को धार्मिक अधिकारों के साथ-साथ राजनीतिक और कानूनी विवाद के केंद्र में ला दिया। ‘देशद्रोह का मामला बनता है’, IG से भी शिकायत की तैयारी फोरम ने सिर्फ ज्ञापन देकर रुकने के संकेत नहीं दिए। संगठन ने साफ कहा कि वे पुलिस महानिरीक्षक से भी मुलाकात कर राष्ट्रद्रोह की धारा लगाने की मांग करेंगे। संगठन के कार्यकर्ताओं का कहना है कि मामला सिर्फ व्यक्तिगत बयानबाजी नहीं, बल्कि संविधान और सामाजिक सौहार्द के खिलाफ है, इसलिए कठोर कार्रवाई जरूरी है। अरविंद चौधरी और सविता बौद्ध बोले- ‘आस्था से समझौता नहीं’ संगठन से जुड़े अरविंद चौधरी और सविता बौद्ध ने कहा कि बौद्ध समाज अब अपने धार्मिक अधिकारों और सम्मान के मुद्दों पर चुप नहीं रहेगा। उनका कहना था- महाबोधि मंदिर पर बौद्धों का अधिकार सुनिश्चित किया जाए। बीटीएमसी एक्ट 1949 खत्म किया जाए। विवादित बयान देने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
ग्वालियर जिला प्रशासन और पुलिस ने शुक्रवार रात 8 बजे बहोड़ापुर स्थित पुलिस लाइन में सिविल डिफेंस के तहत ब्लैकआउट मॉकड्रिल का आयोजन किया। इस दौरान हवाई हमले की चेतावनी प्रणाली, ब्लैकआउट प्रक्रिया, आपातकालीन निकासी और सर्च-एंड-रेस्क्यू ऑपरेशन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन और आम नागरिक पूरी तरह तैयार रह सकें। खिड़की-दरवाजे बंद करने की अपील मॉकड्रिल में अपर जिला दंडाधिकारी सीबी प्रसाद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल सहित प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही। ड्रिल के दौरान बहोड़ापुर और पुलिस लाइन क्षेत्र में बिजली बंद कराई गई। इससे पहले उद्घोषणा कर नागरिकों से रात 8 से 8:30 बजे के बीच घरों की लाइट बंद रखने और खिड़की-दरवाजे बंद करने की अपील की गई थी। शुरुआत में कुछ लोग असमंजस में रहे, लेकिन आसपास अंधेरा होने पर सभी ने सहयोग किया। प्रशासन ने लगातार लोगों को समझाया कि यह केवल अभ्यास है, कोई वास्तविक खतरा नहीं। अचानक जारी हुई सूचना से हलचल शाम को अचानक जारी सूचना के बाद क्षेत्र में हलचल रही और कुछ लोगों में ईरान-अमेरिका तनाव को लेकर आशंका भी बनी, जिसे अधिकारियों ने स्पष्ट करते हुए दूर किया। मॉकड्रिल के दौरान अंधेरे में घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने और आग लगने की स्थिति में उसे नियंत्रित करने का भी अभ्यास किया है। प्रशासन का उद्देश्य था कि किसी भी आपात परिस्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
बांदा के बबेरू कस्बे में शुक्रवार रात एक सर्राफा व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। परिजन उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल लेकर गए। यहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वारदात के बाद परिजनों और व्यापारियों ने हंगामा कर दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। पुलिस ने समझाकर शांत कराया। पुलिस हत्या की वजह तलाश रही है। आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। कस्बा निवासी 45 साल के तेज प्रकाश सोनी उर्फ पप्पू सोनी सोने-चांदी का काम करते थे। शुक्रवार शाम लगभग 9 बजे बबेरू कस्बे के दूल थोक स्थित पुनी बापू चक्की के पास सराफा बाजार में मौजूद थे। इसी दौरान हमलावरों ने उन्हें सीने में गोली मार दी। गोली लगने के बाद गंभीर रूप से घायल तेज प्रकाश सोनी को तुरंत सीएचसी बबेरू ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। आरोप है कि पुलिस ने परिजनों को सूचित किए बिना ही शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने की कोशिश की। इससे गुस्साए परिजनों और स्थानीय व्यापारियों ने सीएचसी के सामने हंगामा शुरू कर दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। पत्नी स्नेहा ने बताया, हमलावर शुक्रवार सुबह भी दो बार उनके घर आए थे। शाम को फोन कर पति को बुलाया था। वह सब्जी लाने की बात कहकर घर से निलले थे। स्नेहा ने आशंका जताई है कि यह हत्या रंजिश में की गई है। तेज प्रकाश सोनी के दो बेटे हैं। एसपी पलाश बंसल ने बताया- फॉरेंसिक टीम ने घटना से सबूत जुटाए हैं। मौके से बीयर की बोतल बरामद की गई है। वारदात की वजह पता की जा रही है। SOG समेत 5 टीमों को आरोपियों को पकड़ने के लिए लगाया गया है।
लखीसराय में रंगदारी नहीं देने पर फायरिंग:कुख्यात अपराधी टीटू धमाका ने दिया घटना को अंजाम
लखीसराय जिले के बड़हिया थाना क्षेत्र में रंगदारी न देने पर कुख्यात अपराधी टीटू धमाका ने फायरिंग की। यह घटना पहाड़पुर गांव के समीप एनएच-80 पर हुई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई है। जानकारी के अनुसार, पहाड़पुर निवासी दुकानदार गोलू कुमार से टीटू धमाका फोन पर 5 लाख रुपये की रंगदारी मांग रहा था। रकम न मिलने पर आरोपी अपने गिरोह के सदस्यों के साथ दुकान पर पहुंचा। वहां पहले मारपीट की गई और फिर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। कई लोग बाल-बाल बच गए इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन कई लोग बाल-बाल बच गए। सूचना मिलते ही एसडीपीओ शिवम कुमार के नेतृत्व में बड़हिया थाना सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस ने घटनास्थल से चार खोखे बरामद किए हैं। साथ ही, खेत में खड़ी एक संदिग्ध स्कॉर्पियो गाड़ी भी जब्त की गई है। पुलिस बड़हिया थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर, खुटहा, पिपरिया और जयदपुर इलाकों में लगातार छापेमारी कर रही है। एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटा रही है। आरोपी टीटू धमाका हाल ही में बेउर जेल से छूटकर आया बताया जा रहा है कि आरोपी टीटू धमाका हाल ही में बेउर जेल से छूटकर आया है। वह क्षेत्र में अपना दबदबा बनाने के लिए आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। एसडीपीओ शिवम कुमार ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए त्वरित कार्रवाई और छापेमारी जारी है। पुलिस ने जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर शांति व्यवस्था बहाल करने का भरोसा दिलाया है।
ब्यावर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के संगठन ने अपनी लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की मांग को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। संगठन ने हाल ही में बजट में 10 प्रतिशत मानदेय वृद्धि के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया, लेकिन साथ ही अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान देने की मांग की। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025-26 के बजट में सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी के रूप में एकमुश्त राशि देने की घोषणा की गई थी। हालांकि, लंबे समय के बाद भी इस संबंध में आदेश जारी नहीं हुए हैं। कार्यकर्ताओं ने सरकार से इस घोषणा को जल्द लागू करने की मांग की। ज्ञापन में सेवानिवृत्ति के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रति माह 10 हजार रुपए पेंशन देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। इसके अतिरिक्त, कई जिलों में सेवानिवृत्ति पर देय बीमा राशि का भुगतान लंबित होने पर संगठन ने नाराजगी व्यक्त की और इसके शीघ्र भुगतान के निर्देश जारी करने की मांग की। संगठन ने अन्य राज्यों की तर्ज पर राजस्थान में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने की मांग की। उन्होंने बढ़ते ऑनलाइन कार्य को देखते हुए उच्च गुणवत्ता वाले टैबलेट या 5G मोबाइल उपलब्ध कराने की भी अपील की। चुनाव घोषणा पत्र में किए गए वादों के अनुसार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 13,500 रुपए और सहायिकाओं का 6,500 रुपए करने के आदेश शीघ्र जारी करने की भी मांग की गई। ज्ञापन में एकीकृत बाल विकास और उड़ान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
झुंझुनूं शहर में रात 10 बजे ब्लैकआउट रहा। 10 बजते ही शहर के कलेक्ट्रेट, नेतराम मघराज कॉलेज और डाइट (DIET) परिसर में लगे नागरिक सुरक्षा के सायरन तेज आवाज के साथ गूंज उठे। इसके बाद 10:15 बजे तक लाइट गुल रही। करीब 15 मिनट तक शहर अंधेरे में रहा, लेकिन पूरा जिला प्रशासन और पुलिस अफसरों की टीम सड़कों पर अलर्ट मोड में एक्टिव रही। दरअसल, केंद्र सरकार के निर्देश पर जिले में दिन में मॉकड्रिल और रात में ब्लैक आउट के दौरान सुरक्षा व्यवस्थाओं को परखा गया। इस दौरान घर और दुकान संचालकों से भी अपील की गई, जिसके बाद उन्होंने भी स्वेच्छा से लाइटें बंद कर दी। सड़कों पर चल रही गाड़ियों ने भी हेडलाइट्स बंद कर दी और गाड़ियों को साइड में खड़ा कर दिया। हालांकि 15 मिनट बाद लाइट आने के बाद सभी सुचारु हो गया। जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग और नागरिक सुरक्षा विभाग की टीमें इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कीं। मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और नागरिक सुरक्षा दल के बीच तालमेल को जांचना था। जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने बताया कि यह मॉक ड्रिल हमारी सुरक्षा तैयारियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थी। जिस तरह से शहरवासियों ने शांति और अनुशासन के साथ सहयोग किया, वह सराहनीय है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हमारा मानसिक रूप से तैयार रहना जरूरी है। देखिए- ब्लैकआउट की तस्वीरें
बांदा में बबेरू कस्बे के दूल थोक मोहल्ले में शुक्रवार रात एक सर्राफा व्यवसायी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान 45 वर्षीय तेज प्रकाश सोनी उर्फ पप्पू के रूप में हुई है। यह घटना रात करीब 8:00 बजे हुई, जब किसी अज्ञात व्यक्ति ने तेज प्रकाश सोनी के सीने में गोली मार दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल व्यवसायी को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बबेरू ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद तेज प्रकाश सोनी को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज बांदा भेज दिया है। इस घटना से आक्रोशित परिजनों और सर्राफा व्यापारियों ने पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बबेरू में धरना दिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने गोली मारने वाले आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर दबिश दी है। मामले की जांच जारी है।
मधेपुरा में जनगणना 2027 की तैयारियों के तहत स्वगणना की प्रक्रिया जारी है। यह प्रक्रिया 1 मई तक चलेगी। मधेपुरा नगर परिषद क्षेत्र के निवासी इस ऑनलाइन प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं और घर बैठे अपनी जानकारी दर्ज कर रहे हैं। इसी कड़ी में, नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) तान्या कुमारी ने शुक्रवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने लोगों को स्वगणना के महत्व और प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया। ईओ कुमारी ने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन और सरल है, जिसे मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से आसानी से पूरा किया जा सकता है। अधिक से अधिक संख्या में स्वगणना प्रक्रिया में भाग लेने की अपील कार्यपालक पदाधिकारी ने यह भी बताया कि स्वगणना पूरी होने के बाद प्रत्येक परिवार को एक एसई आईडी (SE ID) प्राप्त होगी। इस आईडी को सुरक्षित रखना अनिवार्य है, क्योंकि 1 मई के बाद जब प्रगणक घर-घर जाकर डेटा सत्यापन करेंगे, तब उन्हें यह आईडी दिखानी होगी। यह एसई आईडी डेटा के सत्यापन और जनगणना की आगे की प्रक्रिया को सुगम बनाएगी। ईओ तान्या कुमारी ने लोगों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में स्वगणना प्रक्रिया में भाग लें, ताकि जनगणना का कार्य पारदर्शी और सटीक तरीके से संपन्न हो सके।
सीतापुर में बार एसोसिएशन के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव के परिणाम शुक्रवार देर शाम को घोषित कर दिए गए,जिसमें अध्यक्ष पद पर अक्षय सहाय ने जीत दर्ज कर नई कार्यकारिणी का नेतृत्व अपने हाथ में लिया। महामंत्री पद पर सुधीर कुमार शर्मा विजयी घोषित हुए, जबकि वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर विमल मोहन मिश्र ने अपने प्रतिद्वंदी को पराजित कर जीत हासिल की। गौरतलब है कि इस चुनाव को लेकर पिछले कई दिनों से अधिवक्ताओं के बीच काफी उत्साह और गहमागहमी बनी हुई थी। 23 अप्रैल को मतदान संपन्न हुआ था, जिसके बाद 24 अप्रैल को मतगणना कराई गई और परिणामों की घोषणा की गई। अन्य पदों पर भी कई प्रमुख नामों ने जीत दर्ज की। ज्येष्ठ उपाध्यक्ष पद पर रोहित मेहरोत्रा और अनुराग श्रीवास्तव विजयी रहे। कोषाध्यक्ष पद पर शिवनाथ मिश्र ने बाजी मारी। वहीं उपाध्यक्ष (10 वर्ष से कम) के दो पदों पर आदित्य कुमार वर्मा और शोभित दीक्षित निर्वाचित हुए। इसके अलावा संयुक्त सचिव लाइब्रेरी पद पर कौशलेंद्र कुमार सिंह एडवोकेट विजयी घोषित किए गए। संयुक्त सचिव प्रकाशन पद पर अजीत कुमार तथा संयुक्त सचिव प्रशासन पद पर अनुज कुमार पाल ने जीत दर्ज की। कार्यकारिणी सदस्यों में भी कई अधिवक्ताओं को सफलता मिली है। वरिष्ठ कार्यकारिणी में अलंकार सिंह, मिथलेश वर्मा, अंजुल पांडेय, धीरेन्द्र यादव, अनिल बाजपेयी और अरविंद मिश्रा विजयी रहे। वहीं कनिष्ठ कार्यकारिणी में सरिता देवी, शुभम मिश्रा, दिलीप, पवन प्रताप सिंह, नितिन कुमार सिंह और अनूप को चुना गया। चुनाव परिणाम घोषित होते ही विजेताओं के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई और बार परिसर में जश्न का माहौल देखने को मिला। नई कार्यकारिणी से अधिवक्ताओं को बेहतर प्रतिनिधित्व और सक्रिय कार्यशैली की उम्मीद है।
मैनपुरी में टेंट हाउस में सिलेंडर फटने से आग:मेन बाजार में लाखों का सामान खाक, 3 दमकल गाड़ियां जुटीं
मैनपुरी के करहल रोड स्थित पुलिस चौकी के पास स्थित भदौरिया टेंट हाउस में सिलेंडर फटने से भीषण आग लग गई। इस घटना में लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया। यह हादसा शहर कोतवाली क्षेत्र के करहल रोड पर शाम करीब 7:30 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले दुकान से धुआं निकलता देखा गया, जिसके बाद एक जोरदार धमाका हुआ। बताया जा रहा है कि यह धमाका 19 लीटर के सिलेंडर में हुआ था। गनीमत रही कि आसपास के मकान आग की चपेट में आने से बच गए। सूचना मिलते ही दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करहल, बेवर और मैनपुरी सदर से बुलाई गई दमकल कर्मियों ने दो घंटे से अधिक की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तीन मंजिला इमारत में संचालित इस टेंट हाउस का सारा सामान आग की भेंट चढ़ गया। टेंट हाउस संचालिका मंजू भदौरिया ने बताया कि आग लगने का कारण सिलेंडर फटना था, जिसकी सूचना तत्काल फायर ब्रिगेड को दी गई। अग्निशमन उप निरीक्षक अनुज कुमार ने पुष्टि की कि उन्हें टोल फ्री नंबर पर घटना की जानकारी मिली थी। करहल रोड पर चौकी के सामने हुई इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग बुझाने के दौरान सड़क को दोनों ओर से बंद कर दिया गया था। मौके पर भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा, जिसने स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की।
बूंदी शहर के रोडवेज बस स्टैंड पर शुक्रवार देर शाम हवाई हमले की एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब पुलिस, प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीमें सायरन बजाती हुई मौके पर पहुंचीं। यह ड्रिल प्राकृतिक आपदाओं और युद्ध जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए की गई थी। शाम करीब 6 बजे बस स्टैंड परिसर में हवाई हमले जैसे हालात बनाए गए। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां और संबंधित विभाग तुरंत सक्रिय हो गए। पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए पूरे बस स्टैंड को चारों ओर से घेर लिया। दमकल की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आधुनिक उपकरणों की सहायता से 'आग' पर काबू पाया। राहत और बचाव कार्य के दौरान सिविल डिफेंस की टीम ने मलबे और 'हमले' वाली जगह से 'घायलों' को बाहर निकाला। मॉक ड्रिल में कुल 20 'घायलों' को अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें से 5 गंभीर 'घायलों' को आगे के उपचार के लिए रेफर किया गया। यह सब वास्तविक स्थिति का अभ्यास था। कार्यवाहक जिला कलक्टर रामकिशोर मीणा ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के 'रिस्पॉन्स टाइम' को जांचना और उसे बेहतर बनाना था। उन्होंने जोर दिया कि प्राकृतिक आपदा या हवाई हमले जैसी आपातकालीन स्थितियों में समय का महत्व सबसे अधिक होता है। मीणा ने आगे कहा कि इस अभ्यास में सभी विभागों ने बेहतर तालमेल के साथ काम किया, जिससे आपातकालीन तैयारियों को और अधिक मजबूती मिलेगी।
बरेली में समीक्षा बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो भी व्यक्ति अपनी समस्या लेकर आए, उसका समयबद्ध समाधान किया जाए और यदि किसी कारण काम संभव नहीं है तो उसे स्पष्ट रूप से बताया जाए। डिप्टी सीएम ने कहा कि तहसील, थाना और विकास खंड को मॉडल इकाइयों के रूप में विकसित किया जाए। इन स्थानों पर आने वाले लोगों के लिए सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए और बैठने के लिए उचित व्यवस्था, कुर्सियां आदि उपलब्ध हों। ‘औपचारिकता नहीं, समाधान चाहिए’उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि तहसील दिवस, थाना दिवस और ग्राम चौपाल को केवल औपचारिक कार्यक्रम न समझा जाए। इन्हें जनसमस्याओं के प्रभावी समाधान का माध्यम बनाया जाए। लोगों को लखनऊ न आना पड़ेडिप्टी सीएम ने कहा कि प्रशासन की कोशिश होनी चाहिए कि आम जनता को अपनी समस्याओं के लिए बार-बार लखनऊ के चक्कर न लगाने पड़ें। स्थानीय स्तर पर ही समस्याओं का निस्तारण किया जाए, जिससे जनता को राहत मिल सके। अधिकारियों से डिप्टी सीएम बोले- संगठन सरकार से बड़ा होता हैकेशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अगर हमारा कोई कार्यकर्ता यहां तक कि बूथ अध्यक्ष भी अधिकारियों के पास जाए तो उसे डिप्टी सीएम से कम न समझे। उसका जो भी जायज काम हो उसे जरूर करे। समस्या का निस्तारण समयसीमा के अंदर करे। दरअसल मीटिंग के दौरान मंत्री, विधायक समेत सभी जनप्रतिनिधियों का दर्द छलक उठा। जनप्रतिनिधियों ने मीटिंग में मुद्दा उठाया कि अधिकारी उनकी सुनते नहीं है। जिस पर केशव प्रसाद नाराज हुए और अधिकारियों की क्लास ली। पिछली बैठकों का डेटा तैयार होगा और आज जो निर्देश दिए गए है उनका समयबद्ध निस्तारण कराने को कहा गया है। उन्होंने कहा मै एक महीने बाद फिर से आऊंगा और देखूंगा कितना पालन किया गया है। गन्ना भुगतान और गेहूं खरीद पर निर्देशकेशव प्रसाद मौर्य ने नवाबगंज और बहेड़ी के गन्ना किसानों के बकाये की जानकारी ली। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि नवाबगंज चीनी मिल की नीलामी हो चुकी है और बहेड़ी मिल की नीलामी 29 अप्रैल को है। इस पर डिप्टी सीएम ने जल्द से जल्द भुगतान सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने गेहूं खरीद में बिचौलियों के दखल को पूरी तरह खत्म करने और केंद्रों पर अवैध वसूली पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी। साथ ही जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाने को कहा ताकि समस्याओं का त्वरित निस्तारण हो सके। अवैध निर्माण और बीडीए पर चाबुकडिप्टी सीएम ने बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि अवैध निर्माणों के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जांच के निर्देश दिए कि शहर में जो भी अवैध निर्माण हुए हैं, वे किस अधिकारी के कार्यकाल में हुए। उन अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने साफ किया कि अवैध खनन के नाम पर किसानों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं होगा और भू-माफियाओं को मिलने वाला संरक्षण तत्काल खत्म होना चाहिए। सड़क निर्माण और बुनियादी ढांचाबैठक में निर्देश दिए गए कि निर्माणाधीन हाईवे की कार्यदायी संस्थाएं भारी वाहनों से क्षतिग्रस्त होने वाली आसपास की ग्रामीण सड़कों की मरम्मत तय समय में कराएं। देवहा नदी के पास जरपा मोहनपुर की क्षतिग्रस्त सड़क को ठीक करने और अभयपुर रिठौरा की सड़क को हैंडओवर करने के निर्देश दिए गए। डिप्टी सीएम ने बदायूं में अधूरे ओवरब्रिज और बदायूं-कासगंज मार्ग के निर्माण में तेजी लाने की बात कही। इसके अलावा जल जीवन मिशन के तहत पूर्ण हुए 121 गांवों के कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए। भ्रष्टाचार और पुलिसिंग पर प्रहारपुलिस विभाग को निर्देशित करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि निलंबित सिपाही सुकेश द्वारा महिलाओं के जरिए फर्जी मुकदमे लगाकर की जा रही वसूली पर कठोरतम कार्रवाई हो। चालान की कार्रवाई में भेदभाव न बरतने की नसीहत दी गई। वहीं, परिवहन कार्यालय के ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल में पास-फेल के नाम पर हो रही 10 से 15 हजार की वसूली की शिकायतों पर उन्होंने सख्त नाराजगी जताई और जांच के आदेश दिए। बेसिक शिक्षा विभाग को स्कूलों में शौचालय सुधारने और प्राइवेट स्कूलों के पाठ्यक्रम के नाम पर होने वाली 'अवैध कमाई' की जांच के लिए कमेटी बनाने को कहा। शादी-ब्याह में गैस और बिजली की सुविधाशादियों के सीजन को देखते हुए निर्देश दिए गए कि गैस आपूर्ति में बाधा न आए। जिलाधिकारी ने बताया कि विवाह का कार्ड दिखाने पर छह सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बिजली कटौती और स्मार्ट मीटर की शिकायतों पर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अब स्मार्ट मीटर की कोई बाध्यता नहीं है, इसलिए जनता को परेशान न किया जाए। मुख्य अभियंता ने बताया कि काटे गए 86 हजार कनेक्शन दोबारा जोड़ दिए गए हैं। साथ ही चकमार्ग, खलियान और चारागाहों से अवैध कब्जे हटाने के निर्देश दिए गए। बैठक में जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूदसमीक्षा बैठक में वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार, महापौर डॉ. उमेश गौतम, सांसद छत्रपाल गंगवार, विधान परिषद सदस्य कुंवर महाराज सिंह, बहोरन लाल मौर्य, विधायक डॉ. डी.सी. वर्मा, डॉ. राघवेन्द्र शर्मा, संजीव अग्रवाल मौजूद रहे। संगठन की ओर से क्षेत्रीय अध्यक्ष भाजपा दुर्विजय सिंह शाक्य, जिला अध्यक्ष सोमपाल शर्मा, आदेश प्रताप सिंह और अधीर सक्सेना उपस्थित रहे। प्रशासनिक अमले में अपर पुलिस महानिदेशक रमित शर्मा, कमिश्नर भूपेन्द्र एस. चौधरी, पुलिस उप महानिरीक्षक अजय कुमार साहनी, जिलाधिकारी अविनाश सिंह, सीडीओ देवयानी, एसएसपी अनुराग आर्य, नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, वीसी बीडीए मणिकंदन ए, एडीएम पूर्णिमा सिंह, संतोष बहादुर सिंह और सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।
धौलपुर जिला अस्पताल में आपदा प्रबंधन की तैयारियों का आकलन करने के लिए एक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। यह ड्रिल ब्लास्ट और आग लगने की काल्पनिक स्थिति पर आधारित थी, जिसका आयोजन जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी के निर्देश पर किया गया। अस्पताल परिसर में ब्लास्ट और आग ड्रिल के दौरान, अस्पताल परिसर में अचानक ब्लास्ट और आग लगने की एक काल्पनिक स्थिति निर्मित की गई। इसके तुरंत बाद, राहत और बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। घटना की सूचना मिलते ही धौलपुर पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. समरवीर सिकरवार भी इस दौरान मौजूद थे। आपातकालीन स्थिति के अनुरूप, सभी अधिकारी अस्पताल के इमरजेंसी गेट पर तैनात रहे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और व्यवस्थाओं की निगरानी की। इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य किसी भी वास्तविक आपदा के समय त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना था। दमकल की गाड़ी के देरी से पहुंचने पर नाराजगी हालांकि, मॉक ड्रिल के दौरान दमकल की गाड़ी के देरी से पहुंचने पर अधिकारियों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित विभाग को भविष्य में समय पर प्रतिक्रिया देने के सख्त निर्देश दिए। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि आपदा की स्थिति में हर सेकंड महत्वपूर्ण होता है, और किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। खामियों को चिन्हित किया प्रशासन ने इस मॉक ड्रिल के माध्यम से आपातकालीन सेवाओं में पाई गई खामियों को चिन्हित किया है। इन कमियों को जल्द से जल्द सुधारने पर जोर दिया गया है, ताकि भविष्य में किसी भी आपदा से अधिक प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
मोतिहारी में 2 गांवों के बीच तनाव:पुरानी रंजिश में मारपीट के बाद बढ़ा विवाद
मोतिहारी के सुगौली थाना क्षेत्र में शुक्रवार को दो गांवों छपरा बहास और सपहां के बीच पुरानी रंजिश को लेकर तनाव उत्पन्न हो गया। पुलिस ने समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर लिया। जानकारी के अनुसार, छपरा बहास गांव निवासी तमन्ना नामक युवक को सपहां गांव में कुछ लोगों ने घेरकर मारपीट की। इस घटना में वह घायल हो गया। जब तमन्ना अपने गांव लौटा और लोगों को घटना की जानकारी दी, तो दोनों गांवों के लोग आमने-सामने आ गए, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मामले को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया बताया जा रहा है कि इस दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने मामले को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस को सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम और आसपास के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। अप्रिय घटना को रोकने के लिए लगातार गश्त भी की जा रही है। पुलिस की मौजूदगी से फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। मामला दो परिवारों के बीच की पुरानी रंजिश से जुड़ा सदर डीएसपी दिलीप कुमार ने बताया कि यह मामला दो परिवारों के बीच की पुरानी रंजिश से जुड़ा है, जिसके कारण मारपीट हुई। उन्होंने कहा कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के लोगों को समझा-बुझाकर स्थिति शांत कराई। पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि चार अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घायल युवक का इलाज जारी है और उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। फिलहाल प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
झालावाड़ जिले में भीषण गर्मी और हीटवेव (लू) के अलर्ट के मद्देनजर, जिला कलेक्टर एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष अजय सिंह राठौड़ ने स्कूलों के समय में बदलाव के आदेश जारी किए हैं। यह निर्णय छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। जारी आदेशों के अनुसार, 25 अप्रैल से अगले आदेशों तक जिले में कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रहेगा। जिला कलेक्टर ने सभी स्कूलों को छात्रों के लिए शुद्ध पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि उन्हें गर्मी के कारण किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। यह व्यवस्था केवल छात्र-छात्राओं पर लागू होगी; स्कूल का शेष स्टाफ (शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक) अपने निर्धारित समय पर कार्य करेगा। गौरतलब है कि जिले में इन दिनों भीषण गर्मी का दौर जारी है और गर्म हवाएं चल रही हैं। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि इस अत्यधिक गर्मी का स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े, जिसके चलते यह समय परिवर्तन किया गया है।
ग्वालियर की एडीजे कोर्ट ने शुक्रवार को बॉलीवुड सिंगर अदनान सामी और उनकी मैनेजमेंट टीम को नोटिस जारी किया है, जिसमें शो बुक करने के बाद उसे नहीं करने पर जवाब मांगा है। साथ ही ट्रायल कोर्ट द्वारा धारा 175(3) बीएनएसएस के तहत एफआईआर दर्ज कराने संबंधी आवेदन को खारिज किए जाने को चुनौती दी है। दरअसल, नवंबर 2022 में लाइव शो ‘मधोश अदनान सामी’ होना था, लेकिन वह रद्द हो गया था। पूरे शो की डील 33 लाख रुपए में हुई थी। इस मामले में आयोजक की ओर से कोर्ट में परिवाद दायर किया था, जिसमें कहा है कि सिंगर ने 17.62 लाख रुपए एडवांस लेने के बाद भी शो नहीं किया। 33 लाख रुपए में हुई थी डील कोर्ट में पेश किए गए रिकॉर्ड और दस्तावेजों के अनुसार 27 सितंबर 2022 को सिंगर अदनान सामी का एक लाइव शो होना था। सिंगर की फीस 40 लाख रुपए बताई गई थी। बातचीत के बाद 33 लाख रुपए में सौदा तय हुआ था। लाइव शो के आयोजकों ने बतौर एडवांस 17.62 लाख रुपए सिंगर के मैनेजर को दिए थे। बाद में आयोजकों के कहने पर लाइव शो की तारीख 27 सितंबर 2022 के स्थान पर 13 नवंबर 2022 कर दी गई थी, फिर भी शो नहीं हुआ। एडवांस वापस करने के लिए सूचना दी गई, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके चलते पुलिस थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। इसके बाद फरियादी को कोर्ट का विकल्प चुनना पड़ा। याचिकाकर्ता की ओर से यह दिया तर्क याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट अवधेश सिंह तोमर ने कोर्ट में पक्ष रखते हुए तर्क दिया कि कई बार एडवांस लौटाने का आश्वासन देने के बाद भी भुगतान नहीं किया जा रहा है। अब स्थिति यह हो गई है कि आवेदनकर्ता के फोन और ई-मेल का जवाब भी देना बंद कर दिया है। इसके बाद पुलिस थाने से लेकर एसपी और आईजी स्तर तक शिकायतें की गईं, लेकिन मामला दर्ज नहीं किया गया। आवेदनकर्ता ने इसे धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मामला बताते हुए कोर्ट से निचली अदालत का आदेश निरस्त कर FIR दर्ज कराने के निर्देश देने की मांग की है।
यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने सहरसा और पूर्णिया कोर्ट से दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल के लिए स्पेशल ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया है। इन ट्रेनों के चलने से खासकर कोशी, सीमांचल से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी। इसको लेकर रेलवे शुक्रवार की शाम प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मीडिया को जानकारी दी गयी। पहली स्पेशल ट्रेन गाड़ी संख्या 05575/05576 सहरसा-आनंद विहार-सहरसा स्पेशल है। यह ट्रेन 28 अप्रैल 2026 से 14 जुलाई 2026 तक प्रत्येक मंगलवार को सहरसा से रात 8 बजे रवाना होगी। यह सुपौल, झंझारपुर, सकरी, जनकपुर रोड, सीतामढ़ी, रक्सौल और नरकटियागंज सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकते हुए गुरुवार को 01:05 बजे आनंद विहार पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन 30 अप्रैल से 16 जुलाई 2026 तक प्रत्येक गुरुवार को आनंद विहार से सुबह 5:15 बजे चलकर शुक्रवार को सुबह 10:30 बजे सहरसा पहुंचेगी। 05579/05580 पूर्णिया कोर्ट-आनंद विहार-पूर्णिया कोर्ट स्पेशल दूसरी स्पेशल ट्रेन गाड़ी संख्या 05579/05580 पूर्णिया कोर्ट-आनंद विहार-पूर्णिया कोर्ट स्पेशल है। यह ट्रेन 26 अप्रैल से 12 जुलाई 2026 तक प्रत्येक शुक्रवार और रविवार को पूर्णिया कोर्ट से शाम 4:30 बजे खुलेगी। यह सहरसा, सुपौल, निर्मली, झंझारपुर, सकरी, जनकपुर रोड, सीतामढ़ी, रक्सौल और नरकटियागंज के रास्ते तीसरे दिन आनंद विहार पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन 28 अप्रैल से 14 जुलाई 2026 तक प्रत्येक रविवार और मंगलवार को आनंद विहार से सुबह 5:15 बजे चलकर अगले दिन दोपहर 1:45 बजे पूर्णिया कोर्ट पहुंचेगी। दोनों स्पेशल ट्रेनों में यात्रियों की सुविधा के लिए 8 थर्ड एसी इकोनॉमी, 10 स्लीपर और 2 जनरल कोच लगाए गए हैं। रेलवे के इस निर्णय से गर्मी के मौसम में यात्रा करने वाले लोगों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी और भीड़भाड़ से राहत मिलेगी।
ईसीएचएस में नर्स असिस्टेंट सहित कई पदों पर आवेदन जारी, 8 मई तक मौका
पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस-पणजी) ने संविदा आधार पर पैरामेडिकल स्टाफ और नॉन-मेडिकल स्टाफ के अलग-अलग 4 पदों पर भर्ती के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके योग्य और इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं
बलरामपुर में मॉडिफाइड साइलेंसर पर सख्ती:₹10,000 तक जुर्माना, रात में भी पुलिस ने की चेकिंग
बलरामपुर में ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रशासन ने मॉडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ अभियान शुरू किया है। परिवहन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम शहर के प्रमुख चौराहों, सड़कों और पेट्रोल पंपों पर सघन चेकिंग कर रही है। यह अभियान उत्तर प्रदेश परिवहन आयुक्त के निर्देश पर चलाया जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से ऐसे दोपहिया वाहनों को निशाना बनाया जा रहा है, जिनमें अवैध या तेज आवाज वाले साइलेंसर लगे हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर मोटर यान अधिनियम के तहत ₹10,000 तक का जुर्माना लगाया जा रहा है। यह कार्रवाई केवल सड़कों तक सीमित नहीं है। ऑटो पार्ट्स की दुकानों और वर्कशॉप्स पर भी छापेमारी की जा रही है, ताकि अवैध साइलेंसर बेचने और लगाने वालों पर शिकंजा कसा जा सके।वीर विनय चौराहे सहित शहर के कई क्षेत्रों में रात के समय भी विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान तेज आवाज वाले वाहनों पर तत्काल कार्रवाई की गई। अभियान का नेतृत्व एआरटीओ (प्रशासन) बृजेश और यातायात प्रभारी निरीक्षक उमेश सिंह ने किया। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अब मॉडिफाइड साइलेंसर का उपयोग और 'बुलेट की पटाखेबाजी' महंगा पड़ेगा।
बेतिया में 30 करोड़ का बाल आश्रय गृह शुरू:पश्चिम चंपारण, मोतिहारी के 27 बच्चे नए गृह में ट्रांस्फर
बेतिया में मुख्यमंत्री बाल आश्रय विकास योजना के तहत लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अत्याधुनिक वृहद आश्रय गृह, कुमारबाग का शुभारंभ किया गया। जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह ने फीता काटकर और गृह प्रवेश पूजा के साथ इसका विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए बाल गृह पश्चिम चंपारण के 13 तथा बाल गृह, मोतिहारी के 14 बच्चों को नए आश्रय गृह में स्थानांतरित किया गया। 50-50 बच्चों की आवासन क्षमता वाले कुल चार यूनिट स्थापित मुख्यमंत्री बाल आश्रय विकास योजना के अंतर्गत निर्मित यह वृहद आश्रय गृह जिले में बाल संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। यहां 50-50 बच्चों की आवासन क्षमता वाले कुल चार यूनिट स्थापित किए गए हैं, जिनमें दो यूनिट बालकों तथा दो यूनिट बालिकाओं के लिए निर्धारित हैं। इस आधुनिक परिसर में बच्चों के सुरक्षित एवं समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए गुणवत्तापूर्ण आवास, पौष्टिक भोजन, नियमित स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, कौशल विकास, खेलकूद एवं मनोरंजन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जिला पदाधिकारी ने पूरे परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया शुभारंभ के उपरांत जिला पदाधिकारी ने पूरे परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने आवासीय कक्षों, भोजनालय, खेल परिसर, अध्ययन कक्ष तथा अन्य सुविधाओं का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सहायक निदेशक को परिसर की स्वच्छता, नियमित रखरखाव, सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था तथा बच्चों की दैनिक आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। आवश्यकताओं एवं अनुभवों की जानकारी ली जिला पदाधिकारी ने आश्रय गृह में रह रहे बच्चों से बातचीत की, उनकी आवश्यकताओं एवं अनुभवों की जानकारी ली तथा उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह आश्रय गृह केवल रहने का स्थान नहीं, बल्कि उनके सपनों को साकार करने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रत्येक बच्चे को परिवार जैसा वातावरण, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं तथा व्यक्तित्व विकास के सभी अवसर उपलब्ध कराना है। परिसर की स्वच्छता, नियमित अनुरक्षण और बच्चों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बारां जिला प्रमुख उर्मिला जैन की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित जिला परिषद की साधारण सभा में मूलभूत सुविधाओं का संकट छाया रहा। बैठक में पेयजल, सड़क और बिजली की बदहाल व्यवस्था को लेकर जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को घेरा। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) पर भी गंभीर आरोप लगे, जिससे बैठक में तीखी नोकझोंक हुई। गर्मी की शुरुआत के साथ ही पेयजल समस्या गहराने पर सदस्यों ने नाराजगी जताई। उन्होंने टैंकरों के समय पर नहीं पहुंचने और खराब हैंडपंप व ट्यूबवेल ठीक नहीं होने का मुद्दा उठाया। जल जीवन मिशन के तहत कार्य पूर्ण होने के बावजूद कई घरों तक पानी नहीं पहुंचने पर भी सवाल खड़े किए गए। सड़क निर्माण में अनियमितताओं और खस्ताहाल सड़कों को लेकर भी तीखे सवाल उठे। जिला प्रमुख सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की स्थिति सुधारने की मांग की। बैठक के दौरान CMHO के देरी से पहुंचने पर माहौल गरमा गया। छबड़ा प्रधान ने CMHO पर ट्रांसफर, फर्जी लेटरहेड के उपयोग और SDRF फंड में गड़बड़ी के आरोप लगाए। CMHO ने इन आरोपों को निराधार बताया, जिसके बाद दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई। कार्यवाहक कलेक्टर भंवरलाल जनागल ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया और आरोपों की जांच के निर्देश दिए। बैठक अंतराल को लेकर भी सदस्यों ने नाराजगी जताई, क्योंकि यह लंबे समय बाद आयोजित की गई थी। इसके अतिरिक्त, शिलान्यास पट्टिका में जनप्रतिनिधियों के नाम नहीं होने पर भी विवाद सामने आया। भाजपा जिला परिषद सदस्य जगदीश मेघवाल ने कोयला क्षेत्र में चिकित्सा विभाग के कार्यों की शिलान्यास पट्टिका में अपना नाम नहीं होने पर आपत्ति जताई। उन्होंने पट्टिका हटाकर संशोधित पट्टिका लगाने की मांग की। जिला प्रमुख ने भी इसका समर्थन करते हुए अधिकारियों को नियमानुसार जनप्रतिनिधि का नाम जोड़ने के निर्देश दिए। जिला प्रमुख उर्मिला जैन ने सभी समस्याओं के त्वरित समाधान और अधिकारियों को समन्वय से काम करने के निर्देश दिए।
नवादा में राहुल गांधी का पुतला जलाया:भाजपा महिला मोर्चा ने महिलाओं के अपमान के मुद्दे पर जताया विरोध
नवादा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिला मोर्चा ने राहुल गांधी का पुतला दहन किया। यह विरोध प्रदर्शन महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष माधुरी बरनवाल की देखरेख में नवादा के प्रजातंत्र चौक पर किया गया। विपक्ष द्वारा महिलाओं के कथित अपमान के मुद्दे को लेकर महिलाओं ने नवादा की सड़कों पर आक्रोश मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी और विपक्ष के अन्य नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ''नारी शक्ति किसी भी सूरत में अपमान बर्दाश्त नहीं करेगी'' महिला जिला अध्यक्ष माधुरी बरनवाल ने कहा कि विपक्ष ने नारी शक्ति के स्वाभिमान को पूरी तरह अपमानित करने का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के लोग नारी शक्ति के अधिकारों को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे नारी शक्ति किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। यह मार्च शुक्रवार को नवादा की मुख्य सड़क से निकाला गया था, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि केंद्र सरकार 33/ महिला आरक्षण देना चाहती थी, लेकिन विपक्ष ने सदन में इस बिल को पास नहीं होने दिया। इसी कारण उन्होंने राहुल गांधी का पुतला दहन किया।
जोधपुर के मथानिया थाना क्षेत्र में घर से लापता हुई दो नाबालिग बहनों के मामले में परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। दोनों बहनों का शुक्रवार को मेडिकल करवाया गया और मजिस्ट्रेट के सामने शनिवार कोउनके बयान दर्ज किए जा सकते हैं। फिलहाल दोनों नाबालिगों को बालिका गृह में रखा गया है। मामले की गंभीरता और बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए अब इसकी जांच एडीसीपी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है। जानकारी के अनुसार- दो नाबालिग बहनें 19 अप्रैल की देर रात घर से अचानक लापता हो गई थीं। इस पर पीड़ित पिता ने दो युवकों पर बेटियों को बहला-फुसलाकर ले जाने का संदेह जताते हुए मथानिया थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर दोनों को सुरक्षित डिटेन कर लिया था। हालांकि नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर परिजनों और ग्रामीणों ने गुरुवार और शुक्रवार रात थाने पहुंचकर आक्रोश जताया। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के बाद छोड़ दिया है। पिता का आरोप- गैंगरेप का मामला, राजीनामे का दबाव बना रहे थाने के बाहर एकत्रित ग्रामीणों के साथ पीड़ित पिता ने मथानिया पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा- जब 21 अप्रैल को ही अपहरण की रिपोर्ट दे दी है तो पुलिस ने आरोपियों को छोड़ने की जल्दबाजी क्यों दिखाई। परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें बच्चियां मिलने के बाद हकीकत पता चली तो मामले में सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की शिकायत की थी, लेकिन थानाधिकारी ने उनकी सुनवाई नहीं की। वहीं परिवार पर राजीनामा करने के लिए दबाव बनाने का आरोप भी लगाया गया है। एडीसीपी करेंगे मामले की निष्पक्ष जांच मथानिया पुलिस की कार्यशैली से नाराज परिजन शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने पीड़ा बताई। इसके बाद पुलिस कमिश्नर शरत कविराज ने उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाते हुए मामले की जांच एडीसीपी स्तर के अधिकारी से कराने की बात कही। पुलिस का कहना है कि मजिस्ट्रेट के सामने होने वाले बयानों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामले में BNS की धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जनता दरबार में 60 शिकायतों की सुनवाई:अररिया में DM ने तुरंत समाधान के दिए निर्देश
अररिया में जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। यह जनता दरबार समाहरणालय स्थित परमान सभागार में 'सात निश्चय 3.0' के तहत 'सबका सम्मान-जीवन आसान' कार्यक्रम के अंतर्गत हुआ। इसमें कुल 60 शिकायतों की सुनवाई की गई और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए। जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। इनमें अविनाश रंजन ने उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में बकाया अंतर वेतन भुगतान का अनुरोध किया। श्री प्रसाद सदा ने अपनी जमीन पर दूसरों द्वारा घर बनाए जाने की शिकायत की। राहुल कुमार और अन्य ने अनुकंपा के आधार पर नौकरी की मांग की। विवादित जमीन का आपसी बटवारा कराने की मांग की भूमि विवाद से संबंधित एक मामले में बिजेंद्र कुमार राम ने खतियानी रैयत का नाम जमाबंदी से हटाकर दूसरे का नाम दर्ज करने की शिकायत की। राजेश कुमार राम ने पंचायत में SLWM कर्मियों द्वारा कार्य में लापरवाही और साफ-सफाई न करने की शिकायत दर्ज कराई। कुर्बान खान ने विवादित जमीन का आपसी बटवारा कराने की मांग की। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी जिलाधिकारी ने सभी मामलों को गंभीरता से लिया और संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को आवश्यक जांच कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता दरबार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान करना है, और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे। कई मामलों का मौके पर ही निष्पादन किया गया, जबकि शेष मामलों के लिए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सूदखोरों ने युवक को बंधक बनाकर पीटा:सोनभद्र में 1.35 लाख के कर्ज के लिए दी जान से मारने की धमकी
सोनभद्र में सूदखोरी और दबंगई का एक मामला सामने आया है। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के अमित पटेल ने 1 लाख 35 हजार रुपये का कर्ज समय पर नहीं चुका पाने पर सूदखोरों द्वारा बंधक बनाकर पीटने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक और कोतवाली पुलिस को शिकायत पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। अमित पटेल ने आरोप लगाया है कि उसने छह माह पूर्व दिलीप पटेल के माध्यम से अभिषेक पटेल से 1 लाख 35 हजार रुपये दस प्रतिशत ब्याज पर उधार लिए थे। सूदखोरों ने ब्याज के नाम पर उससे अब तक करीब 86 हजार रुपये से अधिक की रकम वसूल ली है। इसके बावजूद वे लगातार और पैसों की मांग कर रहे थे। जब पीड़ित ने आगे रुपये देने में असमर्थता जताई, तो दबंगों ने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। पीड़ित के अनुसार, 21 अप्रैल को आरोपियों ने उसे शीतला मंदिर से उसकी पल्सर बाइक (यूपी 64 बीई 2292) पर बैठाकर धर्मशाला रोड स्थित एक कपड़े के शोरूम में ले गए, जहां उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद, उसे एक चार पहिया वाहन में बैठाकर मिश्रोलिया ले जाया गया। वहां एक कमरे में बंद करके नमक डालकर पिटाई की गई। आरोप है कि बाद में उसे एक कुएं में पैर बांधकर लटका दिया गया और लगातार पीटा जाता रहा। पीड़ित का आरोप है कि सूदखोरों ने उसे पूरे दिन बंधक बनाकर रखा और बेरहमी से पिटाई की। उसे जबरन शराब भी पिलाई गई। युवक के मुताबिक, आरोपी उसे अधमरा समझकर खेत में फेंककर फरार हो गए। बाद में परिजन उसे घायल अवस्था में रॉबर्ट्सगंज कोतवाली ले गए और पुलिस से कार्रवाई की मांग की। शिकायत पत्र में यह भी उल्लेख है कि आरोपी बोलेरो और बाइक से गांव में पहुंचकर लगातार धमकी देते हैं। इस मामले पर क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा ने बताया कि पीड़ित युवक अमित पटेल पर गोवा में दो और रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में एक मुकदमा दर्ज है। उनके द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र की जांच की जा रही है।
ब्यावर में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के तत्वावधान में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पंचायती राज स्थापना दिवस पर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पंचायतों और नगरीय निकायों के लंबे समय से लंबित चुनावों के विरोध में किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का पुतला दहन किया और मानव श्रृंखला बनाकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के बाद, कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शीघ्र चुनाव कराने की मांग की गई। इसमें कहा गया कि संविधान के अनुच्छेद 243E और 243U के तहत समय पर चुनाव कराना अनिवार्य है, लेकिन राज्य सरकार जानबूझकर इसमें देरी कर रही है। प्रदेश कांग्रेस महासचिव और जिला प्रभारी प्रतिष्ठा यादव ने कहा कि पंचायतों और नगरीय निकायों के चुनावों में देरी लोकतंत्र पर सीधा हमला है। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष किशोर चौधरी ने आरोप लगाया कि चुनावों के स्थान पर प्रशासकों की नियुक्ति कर स्थानीय स्वशासन को कमजोर किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों के मताधिकार का हनन हो रहा है। ब्यावर विधानसभा के कांग्रेस प्रत्याशी मनोज चौहान ने सर्वोच्च न्यायालय के 'विकास किशनराव गवाली बनाम स्टेट ऑफ महाराष्ट्र' फैसले का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि परिसीमन या प्रशासनिक कारणों से चुनाव टालना वैध नहीं है। खनन प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष आशीष पाल पदावत ने कहा कि राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा 15 अप्रैल 2026 तक चुनाव कराने की समयसीमा तय करने के बावजूद चुनाव नहीं कराना दुर्भाग्यपूर्ण है। महिला जिला कांग्रेस अध्यक्ष इशिका जैन ने बताया कि चुनावों में देरी से महिलाओं और कमजोर वर्गों का प्रतिनिधित्व प्रभावित हो रहा है, जो 73वें और 74वें संविधान संशोधनों की भावना के विपरीत है। वहीं, प्रदेश सचिव शैलेश शर्मा ने राज्य निर्वाचन आयोग को स्वतंत्र रूप से कार्य करने देने की मांग की। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष राम यादव सहित अन्य नेताओं ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रशासकों के माध्यम से शासन चलाना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की शीघ्र बहाली जरूरी है। इस प्रदर्शन में प्रदेश महासचिव प्रतिष्ठा यादव, जिला अध्यक्ष किशोर चौधरी, आशीष पाल पदावत, मनोज चौहान, अजय शर्मा, राम यादव, इशिका जैन, भारत बाघमार, शैलेश शर्मा सहित अनेक पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
बिहार विधानसभा के द्वितीय सत्र में शुक्रवार को सहरसा के विधायक और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता (आईपी गुप्ता) ने राज्य की मौजूदा राजनीति को संक्रमण काल बताया। उन्होंने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए बिहार में बड़े राजनीतिक बदलावों की बात कही। आईपी गुप्ता ने कहा कि राज्य दो प्रमुख परिवर्तनों से गुजर रहा है। पहला, समाजवादी विचारधारा की जमीन पर भाजपा की बढ़ती पकड़, और दूसरा, पुरानी पीढ़ी से नई पीढ़ी के हाथों में सत्ता का हस्तांतरण। उन्होंने मौजूदा राजनीति में जड़ता (स्टीफनेस) की आशंका जताई, जो विकास की गति को प्रभावित कर सकती है। बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बधाई भी दी इस दौरान, आईपी गुप्ता ने बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी ने नागपुर और दिल्ली दरबार के प्रभाव से आगे बढ़कर यह मुकाम हासिल किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि असली चुनौती अब जनता के मुद्दों पर प्रभावी काम करना है। सदन में अपने संबोधन के दौरान, आईपी गुप्ता ने आरक्षण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मांग की कि पिछड़े और अति पिछड़े समाज को उनका अधिकार वापस मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से सीधे शब्दों में अपील की कि आरक्षण बहाल करना उसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इस दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे उन्होंने जोर दिया कि यदि सरकार वास्तव में सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्ध है, तो उसे इस दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे। उनके इस बयान से सदन में राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जिससे आने वाले समय में इस मुद्दे पर बहस और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
राजगढ़ के दंड गांव में वारंट तामील करने गए एक प्रधान आरक्षक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि दंपती ने पुलिसकर्मी की वर्दी फाड़ दी, तलवार दिखाकर धमकाया, मोबाइल छीन लिया और कोर्ट का समन भी फाड़ दिया। घटना के बाद चार थानों की पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार, प्रधान आरक्षक मांगीलाल लोधा एक मारपीट के मामले में कोर्ट का नोटिस तामील कराने दंड गांव पहुंचे थे। वे अकेले ही आरोपी रामबिलास तंवर के घर पहुंचे थे। शुरुआत में उन्हें घर के अंदर बुलाकर दस्तावेज लेने की बात कही गई। आरोप है कि घर के अंदर मौजूद मेवाबाई ने पुलिसकर्मी के साथ झूमाझटकी शुरू कर दी और उनकी वर्दी फाड़ दी। इसी दौरान रामबिलास तंवर तलवार लेकर आ गया और पुलिसकर्मी को धमकाने लगा। इसके बाद दोनों ने मिलकर लाठी, लात-घूंसों से मारपीट की। मोबाइल छीना, समन फाड़ा और सड़क पर घेराबंदी आरोपियों ने पुलिसकर्मी का मोबाइल छीन लिया और कोर्ट से जारी समन को फाड़ दिया। किसी तरह पुलिसकर्मी वहां से बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन आरोपियों ने चौराहे पर उन्हें घेरकर रोकने की कोशिश भी की। घटना की सूचना मिलते ही राजगढ़, खिलचीपुर, छापीहेड़ा और भोजपुर थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने गांव में घेराबंदी कर आरोपी रामबिलास तंवर और मेवाबाई को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट, मोबाइल छीनने और हथियार से धमकाने सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
करौली में बाल विवाह की रोकथाम और 'बैक टू स्कूल' अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिला स्तर पर फ्रंटलाइन वर्कर्स की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बाल विवाह पर अंकुश लगाने और शिक्षा से वंचित बच्चों को दोबारा स्कूलों से जोड़ने के लिए एक समन्वित कार्ययोजना पर बल दिया गया। स्कूल से दूर बच्चों को फिर जोड़ा जाएगा यह बैठक जिला प्रशासन और एक्शनएड एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में शिकारगंज भट्टे पर हुई। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने बताया कि आगामी विवाह सीजन को देखते हुए बाल विवाह रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरती जाएगी। उन्होंने ड्रॉपआउट और अनामांकित बच्चों को स्कूलों में पुनः नामांकित कराने के लिए विभिन्न विभागों और सामाजिक संगठनों के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी समिति सदस्य फजले अहमद ने जानकारी दी कि संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी और जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा सहयोगिनियों, शिक्षकों और स्वयंसेवकों को बाल विवाह से संबंधित कोई भी सूचना तुरंत अधिकारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। जागरूकता से बदलेगी तस्वीर एक्शनएड के जिला समन्वयक दिनेश कुमार बैरवा ने बताया कि 'बैक टू स्कूल' अभियान के तहत घर-घर संपर्क कर बच्चों को दोबारा शिक्षा से जोड़ा जाएगा। इसके लिए ग्राम सभाओं, रैलियों और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जागरूकता फैलाई जाएगी। कानून तोड़ा तो होगी सख्त कार्रवाई बैठक में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिनियम के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, पुलिस, प्रशासन और बाल संरक्षण इकाइयों के बीच एक त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र विकसित करने पर भी बल दिया गया।
उदयपुर की सेंट्रल जेल में कैदियों द्वारा जेल प्रहरियों से मारपीट का मामला सामने आया है। घटना गुरुवार को हुई है। जेल उपाधीक्षक मोहन मीणा की तरफ से शहर के सूरजपोल थाने में शुक्रवार को मुकदमा दर्ज कराया गया। थानाधिकारी रतन सिंह ने बताया- जेल प्रहरियों द्वारा कैदियों की तलाशी ली जा रही थी। तभी किसी बात को लेकर कैदियों की बहस हो गई। कैदियों ने जेह प्रहरियों से मारपीट शुरू कर दी। इसमें जेल प्रहरियों के मामूली चोटें आई हैं। घटना के बाद तुरंत मामला शांत कराया गया। थानाधिकारी ने बताया- कैदियों के खिलाफ राजकार्य में बाधा का मुकदमा दर्ज करते हुए मामले की जांच जारी है। जेल स्टाफ ने कैदियों पर मुश्किल से पाया काबू रिपोर्ट में बताया- रूटीन तलाशी अभियान के तहत जेल प्रहरियों द्वारा एक-एक कैदी को चेक किया जा रहा था। तभी कैदियों का प्रहरियों से झगड़ा शुरू हो गया और नौबत हाथापाई तक आ गई। कैदी साहिल अली, जितेन्द्र सिंह, संजय कुमार, विक्रम कुमार और रामहरि ने कैदियों से मारपीट शुरू कर दी। इसमें मुख्य प्रहरी योगेश कुमार, जेल प्रहरी रोहिताश्व जाट, सांवरमल और शिवचरण सिंह पर हमला किया गया। जेल स्टाफ ने मुश्किल से सभी कैदियों पर काबू पाया और स्थिति को काबू में लिया। बता दें जेल में मोबाइल सहित अन्य नशे की चीजें मिलने की शिकायतों के बाद कैदियों की सख्ती से तलाशी ली जाती है।
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में विदेशी फंडिंग के इस्तेमाल का बड़ा खुलासा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में सामने आया है कि अमेरिका से आए पैसों का इस्तेमाल बस्तर और धमतरी में ईसाई धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए किया गया। जांच एजेंसी के मुताबिक, नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच करीब 95 करोड़ रुपए विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए भारत में लाए गए। अमेरिकी एजेंसी की ओर से जारी करीब 6.5 करोड़ रुपए छत्तीसगढ़ के इलाकों में खर्च किए गए हैं। विदेशी नागरिक को हिरासत में लेने के बाद हुआ खुलासा इस मामले में मिकाह मार्क नाम के विदेशी नागरिक को बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन ब्यूरो ने ED के लुकआउट सर्कुलर के आधार पर हिरासत में लिया। उसके पास से 24 विदेशी डेबिट कार्ड बरामद किए गए हैं, जिनके जरिए भारत में कैश निकाला जा रहा था। ED ने 18 और 19 अप्रैल को देशभर में 6 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। जांच में सामने आया कि अमेरिका के Truist Bank से जुड़े विदेशी डेबिट कार्ड भारत लाकर अलग-अलग राज्यों के एटीएम से बार-बार नकदी निकाली जा रही थी। ऐसा कर नियामकीय व्यवस्था और वित्तीय निगरानी तंत्र को चकमा दिया जा रहा था। ‘द टिमोथी इनिशिएटिव (TTI)’ संगठन का पूरा नेटवर्क यह पूरा मामला ‘द टिमोथी इनिशिएटिव (TTI)’ नामक संगठन और उससे जुड़े लोगों से जुड़ा है। यह संगठन ईसाई धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए काम करता है। ED के अनुसार, यह संगठन FCRA के तहत पंजीकृत नहीं है, फिर भी विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल गतिविधियों के संचालन में किया जा रहा था। 95 करोड़ रुपए भारत में लाए गए जांच में यह भी सामने आया कि नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच करीब 95 करोड़ रुपए विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए भारत में लाए गए। वहीं लेन-देन का रिकॉर्ड रखने के लिए ऑनलाइन बिलिंग और अकाउंटिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसे कथित तौर पर विदेश से ऑपरेट किया जा रहा था। डेबिट कार्ड, कैश-दस्तावेज जब्त छापेमारी में ED ने 25 विदेशी डेबिट कार्ड, 40 लाख रुपए नकद, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, डिजिटल सबूत और अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। एजेंसी का कहना है कि यह एक संगठित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क हो सकता है। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है। …………………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… 200 घरों में धर्मांतरण और चर्च खोलने की थी तैयारी: राजनांदगांव से ऑपरेट हो रहा था रैकेट, बच्चे-बच्चियों को आश्रम में रखा, विदेशी-फंडिंग का शक छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव जिले से धर्मांतरण का नेटवर्क ऑपरेट हो रहा था। धर्मापुर गांव में अवैध चर्च और आश्रम को ठिकाना बनाया था। यहीं से डिजिटल तरीके से नेटवर्क चलता था। आश्रम में नाबालिग बच्चे-बच्चियों को भी रखा गया था। मामला लालबाग थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…
मुजफ्फरनगर के शिव चौक मंदिर में आग:मूर्ति के पीछे बॉक्स में लगी, दमकल ने तुरंत काबू पाया
मुज़फ़्फ़रनगर शहर के शिव चौक स्थित शिव मूर्ति मंदिर में बुधवार दोपहर करीब 3 बजे अचानक आग लग गई। शहर के सबसे व्यस्त स्थानों में से एक इस चौराहे पर आग लगने से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई और यातायात भी प्रभावित हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग शिव मूर्ति के ठीक पीछे बने एक लोहे के बॉक्स में लगी। देखते ही देखते आग की लपटें तेज हो गईं और घना धुआं उठने लगा। मंदिर के पुजारी और आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया, जिसके बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलते ही झांसी की रानी स्थित फायर स्टेशन से दमकल विभाग की टीम तत्काल फायर टेंडर के साथ मौके पर पहुंची। टीम का नेतृत्व इकराम मेंहदी ने किया। दमकल कर्मियों ने बिना देरी किए पानी की बौछार कर आग बुझाने का काम शुरू किया। कुछ ही समय में दमकल विभाग की टीम ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। बताया गया कि शिव मूर्ति के पीछे बने इन बॉक्सों में चढ़ावे में मिले कपड़े, पूजा सामग्री और मूर्ति के श्रृंगार का सामान रखा हुआ था, जो आग की चपेट में आकर जल गया। गनीमत रही कि आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे कोई बड़ा नुकसान या जनहानि नहीं हुई। आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। घटना के दौरान पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा और उन्होंने दमकल कर्मियों को आग बुझाने में सहयोग किया। कारणों की विस्तृत जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। जिस वक्त आग लगी, उस वक्त हम जेल के अंदर थे और हमारा मोबाइल बाहर रखवा दिया गया था। जिस कारण मौके पर नहीं पहुंच पाए, दमकल विभाग द्वारा वीडियो अब उपलब्ध कराई गई, जिस कारण न्यूज़ लेट बन पाई।
बिजनौर शहर कोतवाली क्षेत्र के दीदा नंगला गांव में गुरुवार को हुए इशहाक हत्याकांड में पुलिस ने मृतक के भतीजे को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। यह घटना परिवार के बीच लंबे समय से चले आ रहे कृषि भूमि विवाद का परिणाम थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी भतीजा शाने रजा आबकारी विभाग में सिपाही है। उसने गुस्से में आकर अपने चाचा इशहाक को गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद शाने रजा ने थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। मृतक इशहाक के पुत्र शानू की तहरीर पर आरोपी शाने रजा के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने शाने रजा का चालान कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस बीच, शुक्रवार को मृतक के परिजनों ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात की। उन्होंने शहर कोतवाली पुलिस पर मूल तहरीर बदलकर रिपोर्ट दर्ज करने का आरोप लगाया। परिजनों ने एसपी को दिए शिकायती पत्र में शाने रजा के साथ जावेद और शावेज पर भी हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया है। परिजनों का यह भी आरोप है कि यदि पुलिस ने पहले से चल रहे भूमि विवाद में समय रहते हस्तक्षेप किया होता, तो इस घटना को रोका जा सकता था। उन्होंने एसपी से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शहर कोतवाली थानाध्यक्ष रामप्रताप सिंह ने परिजनों के आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि मृतक के पुत्र शानू द्वारा दी गई तहरीर पर ही रिपोर्ट दर्ज की गई है और विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है। शुक्रवार शाम चार बजे इशहाक के शव को गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
बिजली विभाग का जेई 22 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार:एंटी करप्शन टीम ने हरदोई के कराही उपकेंद्र से पकड़ा
हरदोई जनपद में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन टीम ने बिजली विभाग के एक जूनियर इंजीनियर (जेई) को 22 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी कराही विद्युत उपकेंद्र पर हुई, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया। मामला बम्हनाखेड़ा गांव निवासी मुस्तकीम से संबंधित है। उन्होंने अपने निजी नलकूप कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि कराही उपकेंद्र पर तैनात जेई पवन वर्मा ने कनेक्शन का एस्टीमेट तैयार करने के लिए उनसे 22 हजार रुपये की मांग की थी। लगातार रिश्वत की मांग से परेशान होकर मुस्तकीम ने लखनऊ स्थित एंटी करप्शन संगठन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की पुष्टि होने के बाद एंटी करप्शन टीम ने एक योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। निर्धारित रणनीति के तहत, पीड़ित मुस्तकीम को रिश्वत की रकम के साथ जेई पवन वर्मा के पास भेजा गया। जैसे ही जेई ने कराही विद्युत उपकेंद्र परिसर में 22 हजार रुपये लिए, पहले से घात लगाए बैठी एंटी करप्शन टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व इंस्पेक्टर टीपी सिंह ने किया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद, आरोपी जेई पवन वर्मा को बघौली थाने ले जाया गया। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है और आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी में है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अब सख्ती बढ़ाई जा रही है और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। इस घटना से आम जनता में भी यह भरोसा बढ़ा है कि यदि वे हिम्मत दिखाएं तो भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले से संबंध रखने वाले प्रमुख उद्योगपति डॉ. महिंद्र शर्मा ने श्री बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के लिए 1.01 करोड़ रुपये का दान दिया है। उन्होंने यह दानराशि का चेक श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को सौंपा। यह धनराशि बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से दी गई है। इसका उपयोग देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को ठहरने, भोजन और यात्रा के दौरान हरसंभव सुविधाएं उपलब्ध कराने में किया जाएगा। डॉ. महिंद्र शर्मा हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के बढेड़ा राजपूतां गांव से आते हैं। जनसेवा उन्हें विरासत में मिली है, क्योंकि उनके पिता स्वर्गीय अमरनाथ शर्मा भी एक बड़े दानवीर थे। डॉ. महिंद्र शर्मा एएनएस कंस्ट्रक्शन कंपनी के चेयरमैन हैं।मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। यह कंपनी रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर और हॉस्पिटैलिटी में अग्रणी मानी जाती है। इसके पहले भी कर चुके हैं कई धार्मिक कार्य डॉ. महिंद्र शर्मा श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सदस्य भी हैं। इससे पहले, उन्होंने 2018 में लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत से केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह में चांदी का आवरण लगवाया था। इसके अतिरिक्त, 2023 में उन्होंने केदारनाथ धाम के चढ़ावे में पारदर्शिता लाने के लिए एक उच्च गुणवत्ता वाला ग्लास हाउस भी स्थापित करवाया था। शक्ति पीठों के लंगर के लिए भी किए दान डॉ. शर्मा ने अन्य धार्मिक स्थलों पर भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने विश्व विख्यात शक्तिपीठ वैष्णो देवी में प्रत्येक गुरुवार को तारकोट में लंगर सुविधा के लिए 1 करोड़ रुपये दान किए हैं, जो अक्टूबर 2030 तक जारी रहेगी। 2020 में, उन्होंने माता वैष्णो देवी में भव्य दुर्गा भवन के निर्माण के लिए भी 1 करोड़ रुपये दिए थे। अपने गृह जिले ऊना में स्थित विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के गर्भगृह के चांदी आवरण के लिए भी उन्होंने लगभग 3 करोड़ रुपये दान किए थे। मंदिर समिति ने किया धन्यवाद श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने डॉ. महिंद्र शर्मा का समिति और श्रद्धालुओं की ओर से धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह दान अन्य उद्योगपतियों को भी धार्मिक कार्यों और दान के लिए प्रेरित करेगा। द्विवेदी ने आश्वासन दिया कि मंदिर समिति इस दान राशि का उपयोग श्रद्धालुओं की सुविधाओं को विकसित करने के लिए ही करेगी।
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने महिला आयोग के नोटिस का जवाब दे दिया है। उन्होंने महिला आयोग के नोटिस को कानून की दृष्टि से पक्षपातपूर्ण और निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि यह नोटिस जल्दबाजी में जारी किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जारी किया हुआ पत्र कानून के अनुसार मान्य नहीं है और इसमें कोई सच्चाई नहीं है। इसलिए कृपया इसे वापस ले लिया जाए। इस पर बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रो.अप्सरा ने कहा, पप्पू यादव के वकील आज आयोग आए थे। उन्होंने पप्पू यादव की ओर से जवाब यहां पर जमा किया है। हमलोग अपने विधि परामर्शी का उनका जवाब भेज दिए हैं। सब कुछ आंकलन करने के बाद महिला आयोग देखेगी कि आगे इस पर क्या फैसला लिया जाए। पप्पू यादव के आयोग को भेजे गए जवाब की दलीलें बिहार राज्य महिला आयोग अधिनियम, 1999 की धारा 10(एफ) के अनुसार, इसे स्वतः संज्ञान लेने का अधिकार नहीं है। नोटिस और संज्ञान दोनों अलग बातें हैं। स्वतः संज्ञान लेना बिहार राज्य महिला आयोग अधिनियम, 1999 की धारा 10(एफ) के शाब्दिक अर्थ और भावना के अनुरूप नहीं है, अतः यह अवैध है। नोटिस के आधार पर सोशल मीडिया वीडियो के संबंध में यह उल्लेख नहीं किया गया है कि वीडियो किस डेट को प्रसारित हुआ था। यह भी नहीं बताया गया है कि वीडियो किस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामने आया था। इन महत्वपूर्ण तथ्यों के अभाव में, ऐसा प्रतीत होता है कि नोटिस अपर्याप्त सामग्री के आधार पर जल्दबाजी में जारी किया गया था। जब भी कोई मामला स्वतः संज्ञान लेकर शुरू किया जाता है, तो स्वतः संज्ञान लेने वाला व्यक्ति ही शिकायतकर्ता बन जाता है और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति अपने मामले में न्यायाधीश नहीं हो सकता। जवाब में कहा-पप्पू यादव ने हमेशा महिलाओं को सर्वोच्च सम्मान दिया महिला आयोग का नोटिस कानून की दृष्टि से पक्षपातपूर्ण और निराधार प्रतीत होता है। पप्पू यादव ने हमेशा महिलाओं को सर्वोच्च सम्मान दिया है। उन्होंने भ्रष्ट राजनेताओं के खिलाफ आवाज उठाई है जो राजनीति में महिलाओं का यौन शोषण करते हैं। इस आयोग को उन राजनेताओं के खिलाफ नोटिस जारी करना चाहिए जो राजनीति में महिलाओं का यौन शोषण कर रहे हैं। यह निवेदन किया जाता है कि यदि मीडिया बयान की पूरी सामग्री कानून के अनुसार पप्पू यादव को उपलब्ध कराई जाए, तो वे इस मामले पर अपना उत्तर दे सकते हैं। इन परिस्थितियों में निवेदन है कि संदर्भित पत्र कानून के अनुसार मान्य नहीं है और इसमें कोई सच्चाई नहीं है। कृपया इसे वापस ले लिया जाए। पप्पू यादव के बयान पर मचा था बवाल पप्पू यादव ने 20 अप्रैल को महिला आरक्षण पर विवादित बयान दिया था। पप्पू यादव ने कहा था कि महिलाओं की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। देश में यौन शोषण के मामलों में नेताओं की बड़ी भूमिका है और कई सांसदों पर गंभीर आरोप लगे हैं। पप्पू यादव ने कहा था कि 90% महिलाओं का राजनीतिक करियर नेताओं के बेड से शुरू होता है। उन्होंने महिला नेताओं पर दिए अपने बयान को 21 अप्रैल को भी दोहराया। पप्पू यादव को महिला आयोग ने भेजा था नोटिस पप्पू यादव के बयान पर 21 अप्रैल को बिहार महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया था। सांसद को नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब मांगा था। साथ ही पूछा- क्यों ना आपकी लोकसभा की सदस्यता खत्म हो जाए? आयोग ने नोटिस में कहा था- ‘अगर उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया तो एक प्रतिनिधिमंडल स्पीकर ओम बिरला से मिलेगा और उनकी सांसदी रद्द करने की सिफारिश करेगा।’ वहीं, राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रमुख विजया रहाटकर ने बयान को आपत्तिजनक बताते हुए माफी मांगने के लिए कहा है। महिला आयोग की इस कार्रवाई पर पप्पू यादव भड़क गए। 22 अप्रैल को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि हमने महिला आयोग के नोटिस को फाड़कर कूड़ेदान में फेंक दिया है। कोई जवाब नहीं दूंगा।
पाली शहर के अम्बेडकर सर्किल पर शुक्रवार शाम को भाजपा किसान मोर्चा पाली के सोशल मीडिया विभाग के जिला संयोजक अजय चौहान हाथ में तख्ती लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी के खिलाफ धरने पर बैठ गए। वे शाम करीब पांच बजे धरने पर बैठे जो रात करीब 10 बजे आश्वासन के बाद उठे। पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख, पूर्व पार्षद किशोर सोमनानी, नरेश मेहता आदि ने उनसे समझाइश की तब वे धरने से उठे। वही इस मामले में भाजपा जिला अध्यक्ष का कहना है कि उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। धरने पर बैठे अजय चौहान ने बताया कि 15 अप्रेल को वे भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के घर समाज के कुछ लोगों के साथ गए थे। जहां उन्होंने राकेश पंवार को भाजपा एससी मोर्चा का प्रदेश मंत्री बनाए जाने पर आभार जताया था। वहां उन्हें भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी मिले। जिन्होंने उसके साथ गलत व्यवहार किया। आरोप है कि अपशब्द कहे और धमकाया। इससे आहत होकर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर वे शुक्रवार शाम करीब पांच बजे अम्बेडकर सर्किल पर धरने पर बैठे है। पूर्व विधायक व अन्य भाजपा पदाधिकारियों की समझाइश के बाद रात करीब 10 बजे धरने से उठे। उनका कहना है कि इस संबंध में सरगरा महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी भाजपा प्रदेशाध्यक्ष को लेटर लिखकर शिकायत की हैं।
बूंदी में बाइक चोरी का आरोपी गिरफ्तार:चोरी की बाइक बरामद, आरोपी को कोर्ट ने भेजा जेल
बूंदी पुलिस ने बाइक चोरी के एक आरोपी सत्यनारायण उर्फ सत्तु को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से चोरी की गई बाइक भी बरामद कर ली है। यह कार्रवाई बूंदी शहर में वाहन चोरी की घटनाओं का शीघ्र खुलासा करने के लिए गठित एक विशेष टीम ने की है। जिला पुलिस अधीक्षक बूंदी अवनीश कुमार शर्मा के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमा शर्मा के मार्गदर्शन में यह टीम गठित की गई थी। वृत्ताधिकारी वृत्त बूंदी अजीत मेघवंशी के सुपरविजन में निर्मला पांडिया आर.पी.एस. (प्रो.) और थानाधिकारी थाना कोतवाली बूंदी रमेशचंद आर्य ने टीम का नेतृत्व किया। मामले की जानकारी देते हुए फरियादी मनीष कुमार पुत्र रामस्वरूप निवासी सरस्वती का खेड़ा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ सोनी हॉस्पिटल, रघुवीर भवन, बूंदी में अपनी सासू मां से मिलने आए थे। उन्होंने अपनी बाइक अस्पताल के बाहर दोपहर लगभग 3:30 बजे खड़ी की थी, लेकिन शाम 4:30 बजे वापस आने पर बाइक वहां नहीं मिली। इस रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस टीम ने वाहन चोरी की घटनाओं के खुलासे के लिए घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास तथा बूंदी शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और गोपनीय जानकारी के आधार पर सत्यनारायण उर्फ सत्तु को संदिग्ध के रूप में चिन्हित किया गया। रमेश चंद आर्य के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपी सत्यनारायण उर्फ सत्तु को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उससे चोरी की गई बाइक भी बरामद की। आरोपी को पीसी रिमांड पर लेने के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी सत्यनारायण उर्फ सत्तु आदतन चोर है और उसके खिलाफ पहले भी चोरी के कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
कोटा में एक कोचिंग स्टूडेंट ने सुसाइड कर लिया। बोरखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित कोरल पार्क कोचिंग एरिया में घटना शुक्रवार शाम 7 बजे हुई। गोयल रेजिडेंसी हॉस्टल में रह रहे नीट के स्टूडेंट ने फंदा लगाकर जान दे दी। मृतक की पहचान अलवीन कुमार (21) निवासी झारखंड के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार- अलवीन एक साल से कोटा में रहकर निजी कोचिंग सेंटर से नीट की तैयारी कर रहा था। घटना की सूचना मिलते ही बोरखेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर एमबीएस अस्पताल के पोस्टमार्टम रूम में शिफ्ट करवाया। स्टूडेंट के कमरे को किया सील पुलिस ने छात्र के कमरे को सील कर दिया है। वहीं मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर यह आत्महत्या का मामला माना जा रहा है। हालांकि पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। बोरखेड़ा थाने के एएसआई करतार सिंह ने बताया- मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। परिजनों के कोटा पहुंचने के बाद शनिवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद शव उन्हें सौंप दिया जाएगा।
पंजाब में गैंगस्टरों और समाज विरोधी तत्वों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत समराला पुलिस ने एक सरपंच के बेटे और भाजपा पुलिस जिला खन्ना यूथ प्रधान से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाले गैंग का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान हरदीप सिंह उर्फ लाडी उर्फ आजाद सिंह निवासी गांव मंझाली कलां (थाना समराला), काकू निवासी हरकृष्ण विहार (थाना मेहरबान, लुधियाना), शरीफ अली निवासी गांव बांदेवाल (जिला रोपड़), निर्मल सिंह और रानी निवासी छोटा सुल्तानपुर (थाना चमकौर साहिब) के रूप में हुई है। 112 पर मिली शिकायत से खुला मामलाजानकारी देते हुए डीएसपी प्रितपाल सिंह ने बताया कि घटना 18 अप्रैल 2026 की है, जब गांव मंझाली कलां की सरपंच बलजिंदर कौर के बेटे बलजीत सिंह (भाजपा पुलिस जिला खन्ना यूथ प्रधान) ने 112 नंबर पर कॉल कर बताया कि अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर उससे 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी है। आरोपी ने धमकी दी थी कि पैसे न देने पर उसे गोली मार दी जाएगी। सूचना मिलते ही पुलिस ने थाना समराला में बीएनएस की धारा 308(5), 351(3) और 61(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। टेक्निकल जांच से खुली साजिश की परतेंपुलिस की टेक्निकल सेल और स्पेशल ब्रांच ने मोबाइल लोकेशन व अन्य सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। सबसे पहले निर्मल सिंह और रानी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि निर्मल सिंह ने अपने नाम पर सिम कार्ड लेकर काकू को दिया था। जांच में पता चला कि काकू ने यह फोन शरीफ अली और हरदीप सिंह उर्फ लाडी बाबा को सौंपा था। पुलिस के मुताबिक लाडी बाबा, जो खुद सरपंच के गांव का निवासी है, ने ही पूरी फिरौती की साजिश रची थी। पहले भी कर चुके हैं वारदातपूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी पहले भी कई आपराधिक घटनाओं में शामिल रहे हैं। 14 अप्रैल को पायल की अनाज मंडी में एक आढ़ती की दुकान पर फायरिंग की घटना में भी इनका हाथ सामने आया है। हरदीप सिंह और शरीफ अली के खिलाफ पहले से कई केस दर्ज हैं। रिमांड पर लेकर होगी पूछताछपुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड लिया जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरोह ने और किन-किन लोगों को निशाना बनाया था। पुलिस ने स्पष्ट किया कि इलाके में कानून-व्यवस्था को किसी भी कीमत पर बिगड़ने नहीं दिया जाएगा।
'शुद्ध आहार-मिलावट पर वार' अभियान के तहत शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने परतापुर और बांसवाड़ा शहर में विभिन्न ब्रांडों की आइसक्रीम व कुल्फी निर्माता फर्मों पर औचक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान भारी अनियमितताएं मिलने पर विभाग ने सुधार नोटिस जारी किए हैं। जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. खुशपाल सिंह राठौड़ के कड़े निर्देशों पर कार्रवाई की गई। सैंपल लिए, घटिया सामग्री मौके पर नष्ट कराई खाद्य सुरक्षा अधिकारी उम्मेद मल टेलर ने बताया कि टीम ने परतापुर स्थित 'हजुरीज आइसक्रीम' से राजभोग व बटर स्कॉच फ्लेवर के नमूने लिए। इसके अलावा बांसवाड़ा शहर के उदयपुर रोड स्थित फर्मों से भी कुल्फी और आइसक्रीम के सैंपल एकत्रित किए गए। कुल 4 नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा गया है। निरीक्षण के दौरान परतापुर में 'नूरानी कैफे' व 'हजुरीज आइसक्रीम' पर गंदगी और नियमों की अनदेखी पाई गई। वहां रखी शरबत की बोतलों में चींटियां मिलीं, जिन्हें विक्रेता और गवाहों की मौजूदगी में मौके पर ही नष्ट करवाया गया। जूस बनाने के उपयोग में लेने वाला लगभग 8 लीटर खराब लिक्विड नष्ट करवाया गया। नोटिस जारी किए खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि निरीक्षण में मिली कमियों और अनियमितताओं को देखते हुए संबंधित फर्मों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 32 के तहत सुधार नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मिलावटखोरों के खिलाफ यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
जयपुर में शनिवार को जेएलएन मार्ग और टोंक रोड पर जाते हुए ट्रैफिक का खास ध्यान रखें। शहर में कल एक साथ दो बड़े इवेंट हैं। इसके लिए शहर की ट्रैफिक व्यवस्था बदली गई है। अलग जाम से बचना चाहते है तो दूसरे रास्तों को इस्तेमाल करें। वहीं शनिवार दिन में वाइस प्रेसिडेंट सीपी राधाकृष्णन की विजिट के दौरान जेएलएन मार्ग और टोंक रोड व आस-पास के रास्तों पर ट्रैफिक प्रभावित रहेगा। शाम को आईपीएल क्रिकेट मैच के दौरान टोंक रोड, रामबाग चौराहा, सहकार मार्ग, लालकोठी और सी-स्कीम सहित आसपास के इलाकों में ट्रैफिक दबाव बढ़ेगा। SMS स्टेडियम में शनिवार शाम 7:30 बजे से IPL टी-20 क्रिकेट मैच शुरू होगा। क्रिकेट मैच के दौरान विशेष ट्रैफिक व्यवस्था रहेगी। 1 हजार से ज्यादा जवान और अधिकारी तैनात रहेंगे दिन में वाइस प्रेसिडेंट और शाम को SMS स्टेडियम में IPL- क्रिकेट मैच के चलते 1 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी शहर में तैनात किए जा रहे हैं। पुलिस व्यवस्था में 12 एडिशनल डीसीपी, 8 एसीपी और 17 इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी शामिल हैं। इनके अलावा 20 सब इंस्पेक्टर, 430 जवान, आधा दर्जन आरएसी कंपनियां, 300 होमगार्ड, ईआरटी, क्यूआरटी, घुड़सवार और स्नाइपर भी तैनात रहेंगे, जो शहर के प्रमुख स्थानों पर निगरानी रखेंगे। ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए ट्रैफिक पुलिस को 100 अतिरिक्त जवान दिए गए हैं, जिन्हें प्रमुख प्वाइंट्स पर तैनात किया जाएगा। अतिरिक्त जाब्ता तैनात किया गया एडिशनल कमिश्नर (कानून-व्यवस्था) डॉ. राजीव पचार ने कहा- वीवीआईपी विजिट और IPL मैच को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। आमजन की सुविधा के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त जाब्ता तैनात किया गया है। पुलिस व्यवस्था के लिए 12 एडीसीपी अधिकारियों सहित 1 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। मैच के दौरान यहां ट्रैफिक ज्यादा रहेगा, लोग ध्यान रखें
गोरखपुर में शनिवार को रहेगी बिजली कटौती:सुबह 10 से शाम 4 बजे तक शटडाउन, उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील
गोरखपुर में सड़क चौड़ीकरण और सीएम ग्रिड योजना के तहत लाइन शिफ्टिंग कार्य के कारण शनिवार को कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं को पहले ही सूचना जारी करते हुए निर्धारित समय में सहयोग की अपील की है। विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय को ध्यान में रखते हुए अपने जरूरी कार्य पहले ही निपटा लें। कार्य पूरा होने के बाद आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। इन क्षेत्रों में रहेगा बिजली संकट 33 केवी राप्तीनगर उपकेंद्र से जुड़े 11 केवी राम जानकी नगर, मोती पोखरा और कृष्णा नगर फीडर की आपूर्ति शनिवार को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बंद रहेगी। वहीं सड़क चौड़ीकरण और लाइन शिफ्टिंग कार्य के चलते विद्युत उपकेंद्र बक्शीपुर के 11 केवी दीवान बाजार, कोतवाली और बक्शीपुर फीडर की बिजली आपूर्ति सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बाधित रहेगी। अन्य फीडर भी रहेंगे प्रभावित इंडस्ट्रियल स्टेट उपकेंद्र के 11 केवी पश्चिमी जनप्रिय फीडर के साथ ही राप्तीनगर उपकेंद्र के 11 केवी फेस तीन और बशारतपुर फीडर की आपूर्ति भी शनिवार को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बंद रहेगी। इस दौरान संबंधित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा।
फरीदाबाद के सारन थाना क्षेत्र स्थित एक सरकारी स्कूल में एक नाबालिग छात्र के साथ कुकर्म करने का मामला सामने आया है। इस मामले में पीड़ित छात्र के पिता की शिकायत पर पुलिस ने दो नाबालिग छात्रों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, यह घटना 22 अप्रैल की बताई जा रही है। 12 साल का पीड़ित छात्र आठवीं कक्षा में पढ़ता है। बताया जा रहा है कि स्कूल की छुट्टी होने के बाद जब वह घर जाने के लिए स्कूल से निकल रहा था, तभी उसकी ही क्लास में पढ़ने वाले दो छात्र, जिनकी उम्र करीब 14 से 15 साल के बीच है, उसे बहाने से स्कूल के बाथरूम की ओर ले गए। आरोप है कि वहां उसके साथ कुकर्म किया गया। घर पहुंचा छात्र काफी घबराया हुआ घटना के बाद छात्र काफी घबराया हुआ था और उसने शुरुआत में इस बारे में किसी को कुछ नहीं बताया। अगले दिन भी वह स्कूल जाने से बचता रहा। जब परिवार के लोगों ने उससे स्कूल न जाने का कारण पूछा तो उसने पहले कुछ नहीं बताया, लेकिन जब उससे दोबारा पूछताछ की गई तो उसने पूरी घटना अपने परिजनों को बता दी। यह सुनकर परिवार के लोग चिंतित हो गए और तुरंत छात्र को लेकर सारन थाने पहुंचे, जहां पुलिस को इस पूरे मामले की शिकायत दी गई। पीड़ित के गांव के ही रहने वाले हैं आरोपी बताया जा रहा है कि पीड़ित छात्र अपने परिवार के साथ रहता है। वहीं जिन दो छात्रों पर आरोप लगाए गए हैं, वे भी उसी गांव के रहने वाले हैं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 24 अप्रैल को दोनों आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया और आगे की जांच शुरू कर दी। वहीं, जब इस मामले को लेकर स्कूल की प्रिंसिपल से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि यह मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं आया है। स्कूल प्रिंसिपल के इस तरह की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं। सारण थाना प्रभारी ब्रह्म प्रकाश ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही पीड़ित छात्र की काउंसलिंग भी करवाई जा रही है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिवपुरी करैरा क्षेत्र में प्रशासन ने अवैध गुटखा निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग जगह संचालित फैक्ट्री यूनिटों को सील कर दिया। एसडीएम अनुराग निंगवाल के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में बड़ी मात्रा में मशीनें, वाहन और केमिकल सामग्री जब्त की गई है। शुक्रवार को एसडीएम अनुराग निंगवाल पुलिस और प्रशासनिक टीम के साथ ग्राम टीला और अमोला कॉलोनी पहुंचे, जहां अवैध रूप से गुटखा प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और भंडारण का काम चल रहा था। टीम के पहुंचते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि फैक्ट्री संचालक मौके से फरार हो गए, जबकि वहां काम कर रहे मजदूर मौजूद मिले। दो यूनिट सील, गोदाम भी बंद प्रशासन ने सबसे पहले टीला स्थित फैक्ट्री को सील किया और पास के एक गोदाम को भी बंद कराया। इसके बाद अमोला कॉलोनी में चल रही दूसरी यूनिट पर कार्रवाई करते हुए उसे भी सील कर दिया गया। 11 से ज्यादा मशीनें और वाहन जब्त करीब छह घंटे चली इस कार्रवाई में टीम ने 11 से अधिक मशीनें, दो लोडिंग वाहन, एक आयशर ट्रक और केमिकल से भरे कई ड्रम जब्त किए हैं। मौके से बड़ी मात्रा में गुटखा निर्माण सामग्री भी बरामद हुई है। बताया जा रहा है कि यहां अलग-अलग ब्रांड के नाम से गुटखा तैयार किया जा रहा था। खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई इस संयुक्त कार्रवाई में एसडीएम अनुराग निंगवाल के साथ एसडीओपी आयुष जाखड़, तहसीलदार ललित शर्मा और खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशुतोष मिश्रा शामिल रहे। सभी गोदामों और यूनिटों को खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सील कर दिया गया है। एसडीएम अनुराग निंगवाल ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध गुटखा निर्माण की शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शुक्रवार रात दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर थाना भवन क्षेत्र के गांव भैशानी इस्लामपुर के पास एक सड़क हादसे में तीन युवकों की मौके पर मौत हो गई। एक तेज रफ्तार थार गाड़ी ने बाइक सवार तीनों युवकों को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे। सूचना मिलने पर थाना भवन पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने गंभीर रूप से घायल युवकों को एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान हरड़ निवासी राजू पुत्र राकेश, तथा हिरणवाड़ा निवासी बिट्टू पुत्र ओमवीर और सुभाष पुत्र रणवीर के रूप में हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थाना भवन पहुंचने लगे। अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे के बाद टक्कर मारने वाला वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि वाहन की पहचान की जा सके। घटना की गंभीरता को लेकर उच्च अधिकारी भी मौके पर पहुंच रहे हैं स्थानीय लोगों का कहना है कि एक्सप्रेस-वे पर तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मार्ग पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने और सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
सहारनपुर में शुक्रवार शाम सर्किट हाउस सभागार में मंडलीय स्तर पर विकास कार्यों, राजस्व संग्रह और कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। अपर आयुक्त प्रशासन रमेश यादव ने कमिश्नर डॉ. रूपेश कुमार के निर्देशों पर बैठक की अध्यक्षता की। इसमें विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति का गहन मूल्यांकन किया गया और अधिकारियों को कार्यशैली में सुधार लाने के सख्त निर्देश दिए गए। अपर आयुक्त ने हिंडन नदी की साफ-सफाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने इसके लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा। सिंचाई विभाग को नोडल एजेंसी बनाते हुए अन्य संबंधित विभागों को समन्वय से काम करने के निर्देश दिए गए। नदी किनारे जल शुद्धिकरण में सहायक पौधों का बड़े पैमाने पर पौधारोपण करने और औद्योगिक इकाइयों पर कड़ी निगरानी रखने पर भी जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, आमजन को जागरूक कर नदी में कूड़ा-कचरा डालने से रोकने के लिए भी कहा गया। बैठक में अपर आयुक्त ने डे-एनआरएलएम, मुख्यमंत्री आवास योजना, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, नमामि गंगे, फैमिली आईडी, 15वें वित्त आयोग, पर्यटन, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी, सेतु निगम और वृद्धावस्था पेंशन योजनाओं में खराब रैंकिंग पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी विभागों को नए वित्तीय वर्ष में अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने और बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पर्यटन विभाग को आगामी बैठक में पीपीटी प्रस्तुतीकरण देने के लिए भी कहा गया। आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया गया। अधिकारियों को सभी प्रकरणों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान चकबंदी विभाग को पांच वर्ष से अधिक पुराने मामलों का शीघ्र निस्तारण करने और तीन वर्ष पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिलाधिकारी स्तर के अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के मंडलीय और जनपदीय अधिकारी उपस्थित रहे। उन्हें अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहते हुए सभी क्षेत्रों में बेहतर रैंकिंग हासिल करने के निर्देश दिए गए।
बुरहानपुर में पंचायती राज दिवस पर अर्चना चिटनिस ने कहा पंचायती राज व्यवस्था भारतीय लोकतंत्र की आधारशिला है। यह शासन को गांव-गांव तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम है। आज पंचायतों को अधिक अधिकार, संसाधन और तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे गांवों का समग्र और आत्मनिर्भर विकास सुनिश्चित हो रहा है। उन्होंने ग्राम स्वराज, डिजिटल सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास के लिए चलाए जा रहे अभिनव प्रयासों का उल्लेख किया। साथ ही मध्यप्रदेश में पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। शुक्रवार को जिला पंचायत सभागृह में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। विधायक ने कहा कि राज्य सरकार गांवों के बुनियादी ढांचे, स्वच्छता, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बोलीं- गांवों में बसती है भारत की आत्माचिटनिस ने जोर देकर कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और इसे जीवंत बनाए रखने में पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, जब पंचायतें सशक्त होंगी, तभी सच्चे अर्थों में लोकतंत्र मजबूत होगा और देश प्रगति के नए आयाम स्थापित करेगा। उन्होंने कहा पंचायती राज व्यवस्था भारत के लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव है, जो गांवों को सशक्त बनाकर देश के विकास को गति देती है। 24 अप्रैल का दिन हमें यह याद दिलाता है कि जब निर्णय गांव के स्तर पर लिए जाते हैं, तब विकास अधिक प्रभावी और जनहितकारी बनता है। 73वें संविधान संशोधन के माध्यम से पंचायतों को जो अधिकार और जिम्मेदारियां मिली हैं। उनका उद्देश्य गांवों को आत्मनिर्भर बनाना और आमजन को शासन की प्रक्रिया में सीधे जोड़ना है। पंचायत प्रतिनिधि केवल जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि गांव के विकास के मार्गदर्शक होते हैं। अच्छा काम करने वाली पंचायतों का सम्मानकार्यक्रम के अंत में, विधायक चिटनिस ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया। उन्होंने विभिन्न ग्राम पंचायतों से आए सरपंचों, सचिवों और जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद भी स्थापित किया। चिटनिस ने सभी से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं, सुझाव और अनुभव सुने। ग्राम विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी को प्राथमिकता देते हुए अपने अपने गांवों को आदर्श ग्राम बनाने की दिशा में कार्य करें। अपने अपने गांवों को आत्मनिर्भर, स्वच्छ और समृद्ध बनाए.क्योंकि पंचायत मजबूत होगी, तो देश मजबूत होगा। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष गजानन महाजन, जिला पंचायत सीईओ सृजन वर्मा, जिला पंचायत सदस्य दिलीप पवार, नरहरी दीक्षित, किशोर कामठे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, सरपंच और सचिव मौजूद रहे।
सिरोही पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस बार पुलिस के हत्थे कोई आम तस्कर नहीं, बल्कि खुद पुलिसकर्मी चढ़ गया। नाकाबंदी के दौरान एक स्विफ्ट डिजायर कार से 224 ग्राम स्मैक बरामद कर प्रतापगढ़ एसपी कार्यालय में तैनात कॉन्स्टेबल को गिरफ्तार किया गया है। नाकाबंदी में फंसा आरोपी कॉन्स्टेबल एसपी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ के निर्देश पर पिंडवाड़ा थाना पुलिस और डीएसटी टीम ने उदयपुर-पालनपुर फोरलेन पर हर्षिता हाईवे होटल के सामने नाकाबंदी की हुई थी। इसी दौरान उदयपुर की तरफ से आ रही एक संदिग्ध कार को रोका गया। तलाशी लेने पर कार में बैठे व्यक्ति की हरकतें संदिग्ध लगीं और वह अपनी पहचान छिपाने की कोशिश करने लगा। पूछताछ में खुली पहचान सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने खुद को विनोद सिंह बताया, जो प्रतापगढ़ एसपी कार्यालय में कॉन्स्टेबल के पद पर कार्यरत है। तलाशी के दौरान कार से 224 ग्राम स्मैक पाउडर बरामद हुआ, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 49 लाख रुपए आंकी गई है। दोस्त के कहने पर आया था सप्लाई देने गिरफ्तार आरोपी ने खुलासा किया कि वह अपने मित्र अरमान खान के कहने पर सिरोही में स्मैक सप्लाई करने आया था। अरमान खान प्रतापगढ़ जिले के गोवर्धनपुरा का रहने वाला है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है। लंबे समय से जुड़ा था तस्करी नेटवर्क से जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी विनोद सिंह लंबे समय से ड्रग तस्करी के नेटवर्क में सक्रिय था। उसने पहले भी कन्हैयालाल बावरी, कृष्णपाल सिंह और नयूब खान पठान के साथ मिलकर नागपुर और महाराष्ट्र के भिवंडी क्षेत्र में स्मैक सप्लाई की थी। पुलिस की सख्ती जारी फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।
कानपुर के अरमापुर क्षेत्र में शुक्रवार शाम एक युवती की हत्या कर शव जंगल में फेंके जाने की सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। शाम करीब 5 बजे डायल 112 के जरिए कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि अरमापुर के मैत्री नगर जंगल में एक युवती की हत्या कर शव फेंक दिया गया है। सूचना मिलते ही अरमापुर थाने की पुलिस और पीआरवी टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने तुरंत मैत्री नगर गेट नंबर-3 के पास जंगलों में सर्च अभियान चलाकर शव की तलाश शुरू की। काफी देर तक खोजबीन के बावजूद पुलिस को मौके पर कोई शव या संदिग्ध स्थिति नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने शिकायतकर्ता से दोबारा संपर्क कर सही घटनास्थल की जानकारी लेने की कोशिश की। लेकिन जब थाना प्रभारी ने फोन किया तो पता चला कि शिकायतकर्ता के मोबाइल में रिचार्ज न होने के कारण इनकमिंग सेवा बंद थी। इस वजह से न तो उससे संपर्क हो सका और न ही उसकी लोकेशन ट्रेस हो पाई। सूचना से उड़े पुलिस के होशकंट्रोल रूम से मिली इस सूचना के बाद अरमापुर थाने में अफरा-तफरी मच गई थी। पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल मौके पर पहुंचकर जंगलों की घेराबंदी कर जांच शुरू की, लेकिन शिकायत की पुष्टि नहीं हो सकी। अब पुलिस शिकायतकर्ता के नंबर पर रिचार्ज कर उससे दोबारा संपर्क करने का प्रयास कर रही है, ताकि सूचना की सच्चाई और सही लोकेशन का पता लगाया जा सके। अरमापुर थाना प्रभारी मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि शाम करीब 5 बजे कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना मिली थी कि एक युवती की हत्या कर शव जंगल में फेंक दिया गया है। सूचना पर थाने का फोर्स मौके पर पहुंचा और काफी देर तक जंगलों में खोजबीन की गई, लेकिन कुछ नहीं मिला। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता के नंबर पर कॉल करने पर इनकमिंग बंद बताने लगा। फोन में रिचार्ज न होने की वजह से उसकी लोकेशन भी नहीं मिल पा रही है। फिलहाल पुलिस शिकायतकर्ता तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

