तेलंगाना: सीएम ने आरटीसी कर्मचारियों की मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिया
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम के कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनकी मांगों को पूरा करने और उनके अधिकारों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
आधी रात को चोरों ने तीन दुकानों को बनाया निशाना, सामान लेकर फरार
भास्कर न्यूज| जालंधर शहर की मुख्य सड़क पर स्थित व्यस्त बाजार में वीरवार रात चोरों ने पुलिस गश्त और सुरक्षा दावों की धज्जियां उड़ा कर रख दीं। देर रात करीब 2 से 3 बजे के बीच शातिर चोरों ने आतंक मचाते हुए एक के बाद एक तीन-चार प्रमुख दुकानों को अपना निशाना बनाया। चोरों ने कनाड, रमन स्पोर्ट्स और भरत स्टोर जैसी दुकानों के एयर कंडीशनर की बाहरी यूनिटों से कीमती तांबे की पाइपें, महंगी वायरिंग और अन्य सामान पार कर लिया। हैरान करने वाली बात यह है कि यह वारदात उस मुख्य मार्ग पर हुई जहां रात भर वाहनों का शोर रहता है, फिर भी चोर बड़ी आसानी से हजारों का माल समेट कर रफूचक्कर हो गए। घटनास्थल पर मौजूद दुकानदार दीपांशु जोशी और अन्य पीड़ितों ने बताया कि रात करीब 1:30 बजे तक पास की किताबों की दुकान खुली होने के कारण सब सुरक्षित था, लेकिन उसके बाद चोरों ने सन्नाटे का फायदा उठाया। जांच में सामने आया कि कुछ दुकानों के सीसीटीवी कैमरे बंद होने का लाभ भी इन अपराधियों को मिला। सुबह जब दुकानदार पहुंचे तो अस्त-व्यस्त सामान और कटे हुए पाइप देखकर उनके होश उड़ गए। सूचना मिलने के बाद पीसीआर टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। दुकानदारों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि व्यस्त इलाका होने के बावजूद पुलिस की सक्रियता नजर नहीं आ रही। पीड़ितों ने बताया कि पक्का चौकीदार न होने और रात में पीसीआर की गश्त कम होने के कारण चोरों के हौसले बुलंद हैं। फिलहाल पुलिस आसपास के सक्रिय कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और जल्द आरोपियों को दबोचने का दावा कर रही है, लेकिन इस घटना ने व्यापारियों के मन में सुरक्षा को लेकर गहरा डर और प्रशासन के खिलाफ गुस्सा पैदा कर दिया है।
जालंधर-लुधियाना हाईवे पर हादसे में बाइक सवार की मौत
भास्कर न्यूज | जालंधर जालंधर-लुधियाना नेशनल हाईवे पर गांव कमालपुर गेट के पास हुए सड़क हादसे में एक मोटरसाइकिल सवार युवक की मौत हो गई। रोड सेफ्टी फोर्स के इंचार्ज सरबजीत सिंह ने बताया कि उन्हें राहगीरों के माध्यम से सूचना मिली थी कि हाईवे पर एक व्यक्ति लहूलुहान हालत में सड़क पर पड़ा है और पास ही उसकी मोटरसाइकिल क्षतिग्रस्त अवस्था में है। सूचना मिलते ही रोड सेफ्टी फोर्स की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की सहायता से गंभीर रूप से घायल युवक को सरकारी वाहन के जरिए सिविल अस्पताल फिल्लौर पहुंचाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने गहन जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद तुरंत गोराया थाने के ड्यूटी ऑफिसर को सूचित किया गया, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं। पुलिस ने मृतक के पास मिले सामान और दस्तावेजों के जरिए उसके परिजनों से संपर्क कर उन्हें हादसे की जानकारी दे दी है। पुलिस टीम ने घटनास्थल से युवक की मोटरसाइकिल और उसके पास मौजूद दो बैग अपने कब्जे में ले लिए हैं, जिन्हें आगे की जांच के लिए ड्यूटी ऑफिसर को सौंप दिया गया है। फिलहाल युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल फिल्लौर की मोर्चरी में रखवा दिया गया है और पुलिस हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है।
दुबई में हत्या के प्रयास में काटी 3 साल जेल, वतन लौटते ही बना तस्कर
भास्कर न्यूज | जालंधर सीआईए स्टाफ (देहात) की टीम ने बाइक की टूल बॉक्स से 30 ग्राम हेरोइन बरामद कर तरनतारन के गांव नथोके के सुखविंदर सिंह सुख को अरेस्ट किया है। थाना करतारपुर में उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा-21 बी के तहत केस दर्ज किया गया है। सुख ने प्राथमिक पूछताछ में खुलासा किया है कि वह दुबई में एक फैक्ट्री में जॉब करता था। विवाद के दौरान उसने एक युवक को अधमरा कर दिया था। उसे हत्या के प्रयास के केस में तीन साल की कैद हुई थी। जेल काटने के बाद दुबई से उसे डिपोर्ट कर दिया गया। वह करीब पांच महीने से चिट्टा बेच रहा था। वह तरनतारन से सप्लाई लेकर दोआबा मे डिलीवरी देता था। एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने कहा-इंचार्ज पुष्पबाली की सुपरविजन में एएसआई बलविंदर सिंह और टीम ने करतारपुर में नाकाबंदी के कारण अमृतसर की ओर से आ रहे बाइक सवार सुख को पकड़ा। उसने बाइक की टूल बॉक्स में चिट्टा छिपाया था। एसएसपी ने कहा-आरोपी से पूछताछ की जाएगी।
गुरुद्वारा सिंह सभा खुड्ड मोहल्ला में श्री गुरु अमरदास जी का प्रकाश पर्व मनाया
भास्कर न्यूज |लुधियाना तीसरे पातशाह साहिब श्री गुरु अमरदास जी के प्रकाश पर्व को समर्पित एक भव्य धार्मिक समागम गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, खुड्ड मोहल्ला में आयोजित किया गया। स्त्री सत्संग सभा की ओर से आयोजित इस समागम में बड़ी संख्या में संगत ने हाजिरी भरी। समागम की शुरुआत में संगत ने सामूहिक रूप से वाहेगुरु का जाप किया, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। इसके उपरांत स्त्री सत्संग सभा की सदस्यों द्वारा श्री जपजी साहिब, श्री चौपई साहिब और श्री सुखमणि साहिब जी के पाठ किए गए। पाठ की समाप्ति के बाद कीर्तनी जत्थों ने गुरुबाणी का इलाही कीर्तन कर संगत को निहाल किया और गुरु अमरदास जी द्वारा दर्शाए गए सेवा और सिमरन के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान बलजीत सिंह बिंद्रा ने स्त्री सत्संग सभा द्वारा किए प्रयासों की सराहना की। प्रधान बिंद्रा ने स्त्री सत्संग सभा की सदस्यों को गुरु घर की बख्शीश सिरोपा भेंट किए। अंत में गुरु का अटूट लंगर बरताया गया।
जुड़वां भाई-बहन ने 10वीं की परीक्षाओं में हासिल किए 96 प्रतिशत अंक
लुधियाना| सीआईएससीई 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं में शहर के सतपॉल मित्तल स्कूल के जुड़वां भाई-बहन दिविशा पुनियानी और रवांश पुनियानी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कूल और अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है। दोनों ने ही परीक्षा में 96% अंक प्राप्त किए हैं। अपनी इस उपलब्धि के बारे में बात करते हुए दिविशा और रवांश ने बताया कि उनकी सफलता के पीछे नियमित पढ़ाई, बेहतर समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच का सबसे बड़ा हाथ रहा है। दोनों जुड़वां बच्चों ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने दादा दादी जिन्होंने उनको पाला पोसा, शिक्षकों और दोस्तों के सहयोग को दिया है। भविष्य के बारे में उन्होंने कहा कि वे इसी तरह कड़ी मेहनत जारी रखते हुए अपने जीवन में उच्च लक्ष्यों को हासिल करना चाहते हैं।
क्लब ने करवाई माता की चौकी, भेंटों पर झूम उठे श्रद्धालु
भास्कर न्यूज | लुधियाना प्राचीन संगला वाला शिवाला में श्रद्धा और विश्वास का संगम देखने को मिला, जहां जय मां दुर्गा वैष्णो देवी क्लब की ओर से स्वर्गीय महंत नारायण पुरी की प्रेरणा से एक शाम मां चिंतपूर्णी के नाम कार्यक्रम का आयोजन किया। महंत दिनेश पुरी की अध्यक्षता में आयोजित इस भव्य चौकी का शुभारंभ स्वयं महंत ने पावन ज्योति प्रज्वलित कर किया। इसके पश्चात अमृतसर से आए भजन गायक लविश लव और उनके साथियों ने अपनी सुरीली आवाज में असी दर मां दे आए हां, झोलियां भर के जावेंगे और चिंतपूर्णी चिंता दूर करीं मेरी मैया जैसे भजनों से उपस्थित भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्य अतिथियों में महंत गौरव बावा, डिप्टी मेयर राकेश पराशर, विकास पराशर काकू, पूर्व विधायक सुरिंदर डावर, पार्षद अरुण शर्मा, कमल बस्सी, अशोक थापर, कीमती लाल जैन, अनिल जैन, सुशील बिट्टू, राजीव टंडन आदि शामिल रहे। इस दौरान महंत दिनेश पुरी और क्लब के सदस्यों द्वारा आए हुए गणमान्यों को सिरोपा पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में ब्रजेश गुप्ता, राघव सेठी, पवन सेठ, वैभव सेठी, अखिल गुप्ता, दीपक शर्मा, निशांत कालडा, अंगद, अंकित मल्होत्रा, शिव गुप्ता, सुनील, विनोद और चेतन धीर का विशेष सहयोग रहा।
लिवासा हॉस्पिटल्स ने कमल कांत को चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर नियुक्त किया
भास्कर न्यूज | लुधियाना लिवासा हॉस्पिटल्स ने शुक्रवार को कमल कांत गंभीर को अपना चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर नियुक्त करने की घोषणा की है। कमल कांत गंभीर स्वास्थ्य सेवाए, मैन्युफैक्चरिंग, दूरसंचार और बहुराष्ट्रीय संगठनों में स्ट्रेटेजिक फाइनेंस, गवर्नेंस, बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन और लीडरशिप का 35 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। उन्होंने एससीएल लाइफसाइंसेज लिमिटेड में चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर और अमेरिका स्थित बहुराष्ट्रीय संगठन गेट्स में सीनियर फाइनेंस डायरेक्टर सहित प्रतिष्ठित संगठनों में महत्वपूर्ण नेतृत्व भूमिकाएं निभाई हैं। उनका स्वागत करते हुए, सीईओ-लिवासा हॉस्पिटल्स, अनुराग यादव ने कहा, कमलकांत गंभीर की गहन वित्तीय विशेषज्ञता, रणनीतिक दृष्टिकोण और सिद्ध नेतृत्व क्षमता हमारे नेटवर्क को विस्तारित करने और भविष्य के लिए तैयार स्वास्थ्य सेवा संस्थान के निर्माण में अमूल्य साबित होगी।
ओबेन इलेक्ट्रिक ने लॉन्च की नई रोर ईवीओ मोटरसाइकिल
भास्कर न्यूज|लुधियाना इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल निर्माता, ओबेन इलेक्ट्रिक ने बिल्कुल नई रोर ईवीओ को पहले 10,000 ग्राहकों के लिए 99,999 रुपए (एक्स-शोरूम) की विशेष शुरुआती कीमत पर लॉन्च करने की घोषणा की है। इस श्रेणी में एक स्पष्ट बदलाव लाने वाली, रोर ईवीओ में डिज़ाइन, प्रदर्शन और कार्यक्षमता को एक सुगठित पैकेज में रखा गया है, इसे असली सड़कों की हर जरूरत को ध्यान में रखकर एक पूर्ण, बिना समझौते वाली मोटरसाइकिल के रूप में तैयार किया गया है। लॉन्च के अवसर पर ओबेन इलेक्ट्रिक की संस्थापक और सीईओ मधुमिता अग्रवाल ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक मोटरसाइक्लिंग एक नए चरण में प्रवेश कर रही है, जहां सवार अब इलेक्ट्रिक वाहनों को केवल एक विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि अपने आप में एक पूर्ण मोटरसाइकिल के रूप में देख रहे हैं। रोर ईवीओ इसी विश्वास पर बनी है।
मजदूर दिवस पर मंडी कामगारों ने उठाई मांगें
लुधियाना| अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर में विभिन्न मजदूर संगठनों और मंडी कामगारों ने शिकागो के शहीदों को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मजदूरों की समस्याओं और उनके अधिकारों पर गहन चर्चा की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने सरकार से मांग की कि अनाज मंडियों में काम करने वाले दिहाड़ीदार मजदूरों के लिए विशेष प्रबंध किए जाएं। मंडियों में काम करने वाले मजदूरों के लिए धूप और बारिश से बचने हेतु पक्के शेड और बैठने के उचित स्थान बनाए जाएं। कामगारों ने कहा कि मौजूदा महंगाई को देखते हुए उनकी दिहाड़ी और डीए में उचित बढ़ोतरी की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के समय में भी मजदूरों को एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखना होगा।
श्रमिक दिवस पर भाजपा ने कार्यक्रम करवाया
लुधियाना| श्रमिक दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने एक कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष रजनीश धीमान ने कहा कि देश के निर्माण और विकास में श्रमिकों का योगदान सबसे महत्वपूर्ण है और मजदूर वर्ग की मेहनत व समर्पण ही भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। धीमान ने बताया कि केंद्र सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उनके जीवन स्तर में सुधार का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान श्रमिकों को श्रमिक दिवस पर सम्मानित किया गया। इस मौके पर भाजपा जिला महामंत्री सरदार नरेंद्र सिंह मल्ली, पूर्व पार्षद यशपाल चौधरी, एससी मोर्चा के अध्यक्ष अजय पाल दिसावर, विक्की सहोता, राजबीर सिद्धू, अमित मित्तल, मुकेश गौतम, दिवाकर दुआ और मोहित सिक्का मौजूद रहे।
चीफ इंजीनियर कार्यालय पर फहराया लाल झंडा
लुधियाना| पीईएसबी एम्पलाइज फेडरेशन एटक और पावरकॉम एवं ट्रांस्को पेंशनर्स यूनियन एटक ने साझा तौर पर मई दिवस मनाया। इस दौरान चीफ इंजीनियर के दफ्तर सहित कई अन्य स्थानों पर लाल झंडा लहराकर शिकागो के शहीदों को याद किया गया। फेडरेशन के सदस्य रशपाल सिंह पाली, प्रांतीय नेता चमकौर सिंह, केवल सिंह बनवैत और राज्य सचिव गुरप्रीत सिंह महदूदां ने संबोधित करते हुए कहा कि शिकागो के शहीदों की कुर्बानियों को पूरा विश्व जानता है। यूनियन नेताओं ने मौजूदा नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा केंद्र सरकार ने 29 श्रम कानूनों को खत्म करके उनकी जगह 4 नए श्रम कोड लाए हैं। इन नए कानूनों के जरिए मेहनतकश लोगों से दोबारा 12-12 घंटे काम करवाने की तैयारी की जा रही है। पूंजीपतियों के पक्ष में और मजदूरों के विरोध में बनी इन नीतियों को वापस करवाने के लिए संघर्ष को और तेज करना होगा। इस अवसर पर अवतार सिंह कंडा, सोबन सिंह ठाकुर, आकाशदीप शर्मा, अशोक बंगड़, मुनीश कुमार, सरबजीत सिंह, दविंदर सिंह, गुरमुख सिंह, जसविंदर राम, अर्शदीप, रमेश कुमार आदि उपस्थित रहे।
लुधियाना| सीटीयू पंजाब के बैनर तले लाल झंडा बजाज संनज मजदूर यूनियन द्वारा अंतरराष्ट्रीय मई दिवस श्रद्धा और जोश के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शिकागो के उन महान शहीदों को याद किया गया, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर दुनिया भर के मजदूर वर्ग को 8 घंटे काम करने का अधिकार दिलाया। कार्यक्रम के दौरान बजाज संनज फैक्ट्री के मुख्य गेट पर लाल झंडा फहराया गया। समारोह में विशेष रूप से पहुंचे सीटीयू पंजाब के वरिष्ठ नेता मंगत राम पासला, जिला अध्यक्ष परमजीत सिंह और जिला महासचिव कॉमरेड जगदीश चंद ने संबोधित किया। केंद्र और राज्य सरकारें कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए मजदूर विरोधी नीतियां लागू कर रही हैं। मजदूरों को आह्वान किया कि अपने अधिकारों की रक्षा के लिए जत्थेबंदी को मजबूत करें। इस दौरान बलराम सिंह, कॉमरेड परमजीत सिंह, सुदेश्वर तिवारी, राम धनी, सुनील गिरी व मुकेश आदि मौजूद रहे।
ग्रीन लैंड स्कूल में मजदूर दिवस मनाया
भास्कर न्यूज | लुधियाना ग्रीन लैंड कॉन्वेंट स्कूल, न्यू सुभाष नगर में मजदूर दिवस मनाया गया। मजदूर दिवस, जिसे अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के रूप में भी जाना जाता है, समाज और राष्ट्र की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले श्रमिकों और सामुदायिक सहायकों के परिश्रम, समर्पण और योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर विद्यालय द्वारा विद्यार्थियों में कृतज्ञता, सम्मान और श्रम की गरिमा जैसे मूल्यों को विकसित करने हेतु विभिन्न रचनात्मक एवं रोचक गतिविधियों का आयोजन किया गया। प्री-नर्सरी से यूकेजी तक के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों के लिए कम्युनिटी हेल्पर्स विषय पर रोल प्ले गतिविधि आयोजित की गई। बच्चे डॉक्टर, शिक्षक, पुलिस अधिकारी, किसान आदि के वेश में सजे और आत्मविश्वास के साथ अपने-अपने किरदारों पर कुछ पंक्तियां प्रस्तुत कीं। कक्षा पहली और दूसरी के विद्यार्थियों के लिए कार्ड मेकिंग गतिविधि का आयोजन किया गया। ग्रीन लैंड श्रृंखला के चेयरमैन डॉ. राजेश रुद्रा ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
लुधियाना| मजदूर दिवस के अवसर पर आम आदमी और छोटे व्यापारियों को महंगाई का बड़ा झटका लगा है। एलपीजी गैस एसोसिएशन के प्रधान मंजीत सिंह बचन ने बताया कि सरकार ने 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में एकमुश्त 993 की भारी बढ़ोतरी कर दी है। अब जो सिलेंडर 2183 में मिलता था, उसके लिए ग्राहकों को 3176 चुकाने होंगे। इतना ही नहीं, मजदूरों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 5 किलो (एफटीएल) सिलेंडर के दाम भी 241 बढ़ गए हैं, जिससे इसकी कीमत 606 से बढ़कर 833 हो गई है। व्यापारियों का कहना है कि कमर्शियल गैस महंगी होने से अब रेस्त्रां और बाहरी खाने के दाम बढ़ना तय है, जिसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा। हालांकि, घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 940 पर यथावत रखी गई है। मॉडल टाउन के रेस्तरां मालिक अमरजीत सिंह ने बताया कि वर्तमान में इंडस्ट्री पहले ही मंदी से गुजर रही है। सिलेंडर के दाम बढ़ने से मिडिल क्लास के लिए बाहर पार्टी करना सपना हो जाएगा, क्योंकि एक छोटी पार्टी का खर्च भी 20 से 30 हजार बढ़ जाएगा। उनके अनुसार, ऐसा मंदा तो कोरोना के समय पर भी नहीं पड़ा था। जो इस समय चल रहा है उन्होंने बताया कि ऊपर से केंद्र सरकार व्यापारियों की कमर तोड़ने में लगी हुई है इस फैसले से कई होटल बंद हो जाएंगे अगर केंद्र सरकार ने यह फैसला वापिस ना लिया तो वो इस फैसले का संघर्ष करेंगे। प्रधान अमरवीर सिंह ने आशंका जताई कि इस फैसले के बाद आने वाले दिनों में आधे से ज्यादा फूड स्ट्रीट वाले अपना काम बंद कर देंगे, क्योंकि 3200 का सिलेंडर खरीदकर रेहड़ी-फड़ी चलाना नामुमकिन होगा । अमरवीर सिंह, प्रधान, रेस्तरां एसोसिएशन का कहना है कि इतिहास में पहली बार एकमुश्त 1000 बढ़ाए गए हैं। हम सोमवार को दिल्ली में केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन देंगे और इस फैसले को वापस लेने की मांग करेंगे।
सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल का रिजल्ट 100 प्रतिशत रहा
भास्कर न्यूज | लुधियाना काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन की तरफ से घोषित 10वीं और 12वीं के परिणामों में सेक्टर-39 स्थित सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल का ओवरऑल रिजल्ट 100 प्रतिशत रहा। 10वीं में कुल 263 और 12वीं में 106 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी। कक्षा 10वीं में सिमरन और रितिका गर्ग ने 99.2 प्रतिशत अंक हासिल कर स्कूल में पहला स्थान पाया है। सृष्टि गुप्ता 98.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया। जसिका कटारिया व वर्णिका कक्कड़ 98 प्रतिशत अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। 10वीं के कुल 263 विद्यार्थियों में से 85 से अधिक ने 90 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल किए। कक्षा 12वीं में ह्यूमैनिटीज की भुजस्वी घई ने 99 प्रतिशत अंकों के साथ स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त किया। शाइन गोयल 98.75 प्रतिशत दूसरे और कॉमर्स की नित्या रतन 98 प्रतिशत तीसरे स्थान पर रहीं। नॉन-मेडिकल में रोमा शर्मा 97 प्रतिशत और गौरी दुरेजा ने 96.50 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। मेडिकल में वंशिका खन्ना ने 91 और प्रिशा गुरुंग ने 89.25 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। कॉमर्स में नित्या रतन 98 प्रतिशत और सृष्टि तनेजा ने 96 प्रतिशत अंक हासिल किए। स्कूल के निदेशक फादर सेबस्टियन पल्लासेरे और प्राचार्या सिस्टर क्रिस्पिन मारिया ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उपलब्धि शिक्षकों की मेहनत और छात्रों के समर्पण का परिणाम है।
ऑनलाइन हाजिरी की हकीकत...:365 स्कूलों ने ई-पंजाब पोर्टल पर दर्ज नहीं की छात्रों की अटेंडेंस
शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों में पारदर्शिता लाने और स्टूडेंट्स की उपस्थिति पक्की और अनुपस्थित कम करने के लिए 1 अप्रैल से ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था शुरू की थी। जिसमें शिक्षकों और स्टूडेंट्स के पंजाब पोर्टल एमआईएस-2 के जरिए हाजिरी अनिवार्य की गई थी, लेकिन व्यवस्था शुरू हुए एक महीने बीत गया है। 30 अप्रैल को 365 स्कूल की तरफ से ऑनलाइन हाजिरी नहीं लगाई। शुरूआत में ऑनलाइन सिस्टम में खामियां नजर आईं। जिसे धीरे-धीरे ठीक किया गया। लेकिन अब अधिकतर टीचर्स की ड्यूटी जनगणना, प्री एसआईआर, ड्रग जनगणना में लगी होने के चलते वह हाजिरी ठीक से नहीं ला पा रहे है। वहीं तकनीक परेशानी भी टीचर्स को आ रही है। दूसरी शिफ्ट के टीचर्स को भी हाजिरी में अभी भी दिक्कतें आ रही है। जिसके चलते अभिभावकों को बच्चों के अटेंडेंस का मैसेज नहीं मिल पा रहा है। जिले में करीब 1529 प्राइमरी , मिडिल और हाई स्कूल हैं। जिसमें करीब 1,54,667 स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं। डीईओ के मुताबिक शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सभी सरकारी स्कूलों में लागू ई-पंजाब पोर्टल (एमआईएस 2.0) के तहत अब स्कूल खुलने के 2 घंटे के भीतर सभी कक्षाओं की उपस्थिति पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य है। एमआईएस डिस्ट्रिक्ट कॉर्डिनेटर विशाल मित्तल ने बताया कि जिन-जिन स्कूलों की दिक्कतें आ रही है। उसे दूर किया जा रहा है। पोर्टल के यह है फायदे: अगर कोई छात्र स्कूल नहीं आया तो छात्र को पोर्टल पर गैर-हाजिर दर्ज किया जाएगा, उसके अभिभावकों या संरक्षकों के मोबाइल पर तुरंत एक रोजाना एसएमएस अलर्ट जाएगा। स्कूल प्रमुख इस पोर्टल के लिए नोडल ऑफिसर होंगे। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी शिक्षकों द्वारा समय पर हाजिरी लगाई जाए और अभिभावकों के मोबाइल नंबर पोर्टल पर सही अपडेट हों। यदि कोई छात्र लगातार स्कूल से गैर-हाजिर रहता है, तो स्कूल प्रबंधन को नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई करनी होगी और अभिभावकों से संपर्क साधना होगा।
सड़क पर बिखरी बजरी से बोलेरो 3 बार पलटी, ड्राइवर का हाथ कटा, इकलौता कमाने वाला
सड़क पर बिखरी बजरी की वजह से एक पिकअप बोलेरो पलट गई। हादसे में वाहन चालक का एक हाथ कट गया। हादसा 29 अप्रैल की देर रात को ओल्ड जीटी रोड पर चांद सिनेमा के पास हुआ है। हादसे के समय वाहन में तीन लोग सवार थे। हादसे में पिता जोखू (30) और उसका बेटा राजेश (10) का बचाव हो गया। लेकिन ड्राइवर रमेश कुमार (37) पुत्र छेनू चौहान वासी गोकुल रोड, केसरगंज मंडी गंभीर घायल हो गया। घसीट की वजह से उसका हाथ काट गया। जानकारी के मुताबिक रमेश कुमार होशियारपुर में किरयाना सामान की डिलीवरी देकर लुधियाना लौट रहा था। जैसे ही वह ओल्ड जीटी रोड पर पहुंचा तो सड़क पर फैली बजरी के कारण वाहन असंतुलित होकर पलट गया। हादसे के दौरान वाहन का ड्राइवर साइड नीचे आने से रमेश का हाथ खिड़की में फंस गया और घसीट के कारण कटकर दूर जा गिरा। जबकि सिर में गहरी चोट लगने से वह मौके पर ही बेहोश हो गया। हादसे के बाद मौके पर जुटे लोगों ने तुरंत एंबुलेंस बुलाकर उसे सिविल अस्पताल पहुंचाया। जहां से हालत गंभीर देखते हुए उसे सोबती न्यूरो अस्पताल रेफर किया और उसका कटा हुआ हाथ भी साथ भेजा गया। परिवार के अनुसार रमेश पिछले 28 साल से लुधियाना में रह रहा है और उसके तीन बच्चे व प|ी हैं, परिवार का वह इकलौता कमाने वाला सदस्य है।
1.5 करोड़ के जॉय प्लेग्राउंड...:ज्यादातर पर ताले, अब 37 लाख के नए टेंडर किए जारी
शहर में बच्चों के लिए बनाए गए जॉय प्लेग्राउंड अब खुद ही सवालों के घेरे में आ गए हैं। नगर निगम ने डेढ़ करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर अलग-अलग इलाकों में पार्क और पुलों के नीचे छोटे-छोटे प्लेग्राउंड तैयार किए। लेकिन हकीकत यह है कि ज्यादातर जगहों पर ये सिर्फ शोपीस बनकर रह गए हैं। शहर में 10 से ज्यादा लोकेशन पर बनाए गए इन प्लेग्राउंड में से अधिकांश पर ताले लटके हैं। वजह भी चौंकाने वाली है कि निगम कर्मचारियों ने नशेड़ियों से लोहे के सामान को बचाने के लिए इन्हें बंद कर रखा है। कुछ जगहों पर तो तोड़फोड़ और सामान चोरी की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। इसका नतीजा यह है कि जनता के पैसे से बनाए गए ये प्लेग्राउंड बच्चों के किसी काम नहीं आ रहे। हैरानी की बात यह है कि मौजूदा हालातों को नजरअंदाज करते हुए निगम ने अब रंगला पंजाब योजना के फंड से 37 लाख रुपए की लागत से नए जॉय प्लेग्राउंड बनाने के टेंडर भी जारी कर दिए हैं। नशेड़ियों के डर से प्लेग्राउंड बंद रख रहा है नगर निगम पुरानी कचहरी चौक, लक्कड़ वाला पुल के नीचे। जोन-डी, बीआरएस नगर विपक्ष ने उठाए सवाल: विपक्षी नेताओं में कांग्रेस और भाजपा ने इन प्लेग्राउंड की तस्वीरें साझा कर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि यह सीधे तौर पर जनता के पैसे की बर्बादी है, जहां योजना तो बनी लेकिन रखरखाव और उपयोग पर ध्यान नहीं दिया गया। जोन-डी, बीआरएस नगर कट (सदर्न बाईपास पुल के नीचे): करीब 30 लाख रुपए से बने दो प्लेग्राउंड में से एक पर हमेशा ताला लगा रहता है। {पुरानी कचहरी चौक से लक्कड़ पुल: यहां बने दो प्लेग्राउंड में बैडमिंटन कोर्ट उखड़ चुके हैं, फर्श टूट चुका है और चारों ओर गंदगी पसरी है। {जालंधर बाईपास चौक: पुल के नीचे बना प्लेग्राउंड अधिकतर बंद रहता है। आसपास भारी ट्रैफिक के चलते यहां बच्चों की सुरक्षा भी खतरे में है। {इसके अलावा जोन-बी और जोन-सी में भी कई जगह ऐसे ही हालात देखने को मिले, जहां सुविधाएं होने के बावजूद उपयोग नहीं हो रहा। {सिविल अस्पताल के पीछे करीब 98 लाख रुपए की लागत से बनाए गए मिनी प्लेग्राउंड भी उपयोग से दूर हैं। यहां नशेडिय़ों की आवाजाही और आवारा कुत्तों की भरमार के चलते इसे ज्यादातर बंद रखा जाता है। ऐसे में यह प्रोजेक्ट भी अपने उद्देश्य से भटक गया है।
गलाडा के सीए संदीप कुमार का तबादला
लुधियाना| पंजाब सरकार ने गलाडा के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर संदीप कुमार का तबादला कर उन्हें मोहाली (गमाडा) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। लुधियाना नगर निगम में जॉइंट कमिश्नर दीपजोत कौर का तबादला बस्सी पठाना कर दिया गया है। उनकी जगह अब हरवीर कौर (पीसीएस 2023) लुधियाना नगर निगम की नई जॉइंट कमिश्नर होंगी।
कार को ट्रक ने मारी टक्कर, दो की मौत
लुधियाना| शादी समारोह से घर जा रहे दो दोस्तों को तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में दोनों दोस्तों की मौत हो गई। हादसा दिल्ली रोड पर हीरो साइकिल फैक्ट्री के पास बने पुल पर 29 अप्रैल की देर रात को हुआ है। मृतक युवकों की पहचान रविंदर राजपूत (32) और उसका साथी आदर्श यादव के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक दोनों युवक लुधियाना की एक फैक्ट्री में काम करते थे। 29 अप्रैल को अपने सहकर्मी मनोज श्रीवास्तव के बेटे की शादी में शामिल होने के लिए चंडीगढ़ रोड स्थित वीर पैलेस गए थे। देर रात समारोह से लौटते समय जैसे ही उनकी कार दिल्ली रोड स्थित हीरो साइकिल फैक्ट्री के पास बने पुल पर पहुंची। तभी हादसा हो गया।
अगर आप होटल-रेस्टोरेंट में खाने के शौकीन हैं तो अगले वीकेंड से आपको खाने के लिए जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी के बाद होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने खाने के रेट बढ़ाने का फैसला कर लिया। पंजाब होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरवीर सिंह की मानें तो गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने से कुकिंग कॉस्ट में 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो गई। होटल रेस्टोरेंट्स मालिकों के लिए पुरानी कीमत पर खाना बनाना अब मुश्किल है। एसोसिएशन ने फैसला किया कि अगर सरकार ने गैस की कीमतों की कई गई बढ़ोत्तरी वापस नहीं ली तो अगले वीकेंड से खाने की कीमत 15 से 20 प्रतिशत बढ़ाई जाएगी। उनका तर्क है कि गैस की कीमतें चार महीने में 1380 रुपए बढ़ गई। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन का एक शिष्टमंडल सोमवार को केंद्र सरकार के साथ बैठक कर रही है ताकि कमर्शियल गैस की कीमतों में हो रही बढ़ोत्तरी पर लगाम लगाया जा सके। अमरवीर ने बताया कि सोमवार को होने वाली बैठक के बाद खाने के रेट बढ़ाए जाएंगे। कुकिंग कॉस्ट में 20% का उछाल: होटल मालिकों ने खड़े किए हाथ पंजाब होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरवीर सिंह का कहना है कि गैस की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने होटल और रेस्टोरेंट के किचन का बजट पूरी तरह तहस-नहस कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सिर्फ गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई इस वृद्धि के कारण खाने की कुकिंग कॉस्ट 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गई है। अमरवीर सिंह ने कहा, हम पिछले कई महीनों से बढ़ती लागत को खुद सह रहे थे, लेकिन ₹1000 की एकमुश्त बढ़ोतरी ने हमारी कमर तोड़ दी है। अब हमारे पास खाने के रेट बढ़ाने के अलावा और कोई चारा नहीं बचा है। यदि हम ऐसा नहीं करते, तो पंजाब का पूरा होटल उद्योग घाटे में डूब जाएगा। जनवरी से मई तक तेजी से बढ़ी गैस की कीमतें इस साल की शुरुआत 1 जनवरी 2026 को हुई, जब नए साल के पहले ही दिन कीमतों में ₹111 की बढ़ोतरी की गई, जिससे सिलेंडर ₹1,691.50 का हो गया। इसके ठीक एक महीने बाद 1 फरवरी 2026 को फिर से ₹49 की मामूली वृद्धि हुई और कीमत ₹1,740.50 तक पहुंच गई। मार्च का महीना व्यापारियों के लिए दोहरी मार लेकर आया। पहले 1 मार्च को कीमतों में ₹30 का इजाफा हुआ और फिर ठीक 6 दिन बाद 7 मार्च 2026 को युद्ध और ग्लोबल एनर्जी क्राइसिस का हवाला देते हुए कीमतों में ₹115 की बड़ी छलांग लगाई गई, जिससे सिलेंडर ₹1,883 के करीब पहुंच गया। महंगाई का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा। 1 अप्रैल 2026 को कीमतों में फिर से ₹195.50 की बड़ी बढ़ोतरी हुई और सिलेंडर ₹2,078.50 के स्तर को पार कर गया। लेकिन सबसे बड़ा 'महा-झटका' 1 मई 2026 को लगा, जब अब तक की सबसे रिकॉर्ड वृद्धि करते हुए केंद्र सरकार ने एक ही झटके में ₹993 बढ़ा दिए। अब कमर्शियल सिलेंडर की नई कीमत ₹3,071.50 हो गई है। यानी मात्र 120 दिनों के भीतर एक सिलेंडर पर करीब ₹1,380 का अतिरिक्त बोझ बढ़ चुका है। अगले वीकेंड से लागू होंगे नए रेट कार्ड एसोसिएशन ने अल्टीमेटम दिया है कि वे सोमवार को केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के साथ इस मसले पर बैठक करेंगे। इस बैठक में सरकार के सामने कीमतों को घटाने या कमर्शियल गैस पर सब्सिडी देने की मांग रखी जाएगी। अध्यक्ष अमरवीर सिंह ने साफ कर दिया है कि यदि सरकार ने इस मामले में कोई राहत नहीं दी, तो अगले वीकेंड तक पूरे पंजाब के होटलों, रेस्टोरेंट्स, ढाबों और फास्ट फूड जॉइंट्स में खाने के दाम 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ा दिए जाएंगे। 8000 से ज्यादा रेस्टोरेंट्स पर असर अमरवीर ने कहा कि पंजाब में छोटे ढाबों से लेकर फाइव स्टार होटलों तक करीब 8000 से ज्यादा इकाइयां काम कर रही हैं। रेट बढ़ने का असर न केवल आलीशान होटलों पर पड़ेगा, बल्कि उन आम लोगों पर भी पड़ेगा जो काम के सिलसिले में या छोटे फंक्शन्स के लिए ढाबों और मिड-रेंज रेस्टोरेंट्स पर निर्भर हैं। मिडिल क्लास परिवारों के लिए अब बाहर खाना एक लग्जरी बनता जा रहा है।
पैसों के विवाद में परिवार पर हमला
लुधियाना| ग्रीन सिटी में पैसों के लेनदेन का विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। थाना मेहरबान क्षेत्र में हुए इस हमले में एक ही परिवार के 5 लोग घायल हो गए। पीड़ित नवजोत सिंह के अनुसार, उसके मौसा बावा सिंह ने एक व्यक्ति की जमीन करीब 7 लाख रुपए में बिकवाई थी। बाद में करीब डेढ़ लाख रुपए ब्याज पर दिलवाए गए, जिनमें से 40-50 हजार रुपए बकाया रह गए। इसी रकम को लेकर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा था।आरोप है कि कुछ दिन पहले हमलावरों ने बावा सिंह की मोटरसाइकिल भी छीन ली थी। दो दिन पहले जब आरोपी फिर पैसे मांगने पहुंचे तो कहासुनी बढ़ गई और आरोपियों ने अपने साथियों को बुलाकर परिवार पर हमला कर दिया। हमले में बावा सिंह की आंख पर गंभीर चोट आई, जबकि उनकी पत्नी जसबीर कौर और बेटे समेत कुल 5 लोग घायल हुए। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की कर बाल भी खींचे। पीड़ितों के मुताबिक आरोपी गांव सुजातवाल के रहने वाले हैं। वहीं थाना मेहरबान पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोनों पक्षों को सुनने के बाद बनती कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, पीड़ित परिवार ने पुलिस की धीमी कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
फोन कर पत्नी को दी आखिरी सूचना, फिर फंदा लगाकर की आत्महत्या
लुधियाना| लाडोवाल थाना क्षेत्र के गांव चाहल स्थित मेगा फूड पार्क में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक कर्मचारी ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान रवि (35) के रूप में हुई है, जो कैंटीन में काम करता था और वहीं रहता था। कैंटीन मालिक सोनू के अनुसार, रवि नशे का आदी था और शुक्रवार सुबह से ही शराब पी रहा था। रात करीब 8 बजे रवि ने सोनू की पत्नी मंजीत कौर को फोन कर आत्महत्या करने की बात कही और कॉल काट दी। सूचना मिलते ही सोनू मौके पर पहुंचा, जहां दरवाजा अंदर से बंद मिला। दरवाजा तोड़कर अंदर देखा तो रवि पंखे से चादर के सहारे लटका हुआ था। उसे तुरंत नीचे उतारकर सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मुख्यमंत्री मान बिना शर्त माफी मांगें: भाजपा
लुधियाना| पंजाब विधानसभा में मुख्यमंत्री के कथित आचरण पर लुधियाना भाजपा प्रवक्ता एवं हैबोवाल मंडल प्रभारी संजीव चौधरी ने इसे पंजाब के लोकतांत्रिक इतिहास का “काला अध्याय” बताते हुए कहा, विधानसभा में सीएम का व्यवहार उच्च संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप होना चाहिए। संजीव चौधरी ने कहा कि नशामुक्ति को लेकर किए गए वादों के बीच ऐसा कथित आचरण सरकार की गंभीरता और नैतिकता पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने किसानों की समस्या, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री की भूमिका पर भी टिप्पणी की। उन्होंने मुख्यमंत्री से बिना शर्त माफी मांगें।
‘बिजनेस ब्लास्टर’ मेले में छात्रों ने दिखाया हुनर
भास्कर न्यूज | लुधियाना शिक्षा विभाग पंजाब की तरफ से स्टूडेंट्स में स्वरोजगार की रुचि पैदा करने के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। जिसके तहत गाइडेंस और काउंसलिंग विभाग के अंतर्गत प्रिंसिपल जसबीर कौर के नेतृत्व में सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कुब्बा ब्लॉक दोराहा में विद्यार्थियों द्वारा 'बिजनेस ब्लास्टर' मेले का आयोजन किया गया। गाइडेंस एवं काउंसलिंग प्रभारी मैडम मनजिंदर कौर ने बताया कि छात्राओं ने ब्यूटी पार्लर और कन्फेक्शनरी की दुकानें लगाईं। छात्रों ने सैलून, फास्ट फूड और बिजली के सामान की मरम्मत की दुकानें लगाईं। स्टूडेंट्स ने बहुत उत्साह और रुचि के साथ इस मेले में भाग लिया। उन्होंने सरकार के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि स्कूल में काम सीखकर वे अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद स्वयं का व्यवसाय शुरू कर कमाई कर सकते हैं। ब्लॉक करियर काउंसलर (दोराहा) बलजीत सिंह घुम्मन मेले में शामिल हुए और उन्होंने स्टूडेंट्स को व्यवसाय को बेहतर ढंग से चलाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इस दौरान लेक्चरर गुरइकबाल सिंह, लेक्चरर रुपिंदर पाल सिंह गिल, लेक्चरर सुरिंदर सिंह, लेक्चरर हरजिंदर कौर, प्रीतपाल कौर, मनप्रीत सिंह, प्रवीण लता, जसप्रीत कौर मौजूद रहे।
सना ने डांस में किया शानदार प्रदर्शन
लुधियाना| फ्रेम मीडिया प्रोडक्शन द्वारा आयोजित इंडिया गॉट टैलेंट डांस प्रतियोगिता के टेलीविजन राउंड में प्रतिभा और प्रदर्शन का संगम देखने को मिला। मंच पर 25 चुनिंदा कलाकारों ने अपने नृत्य, जुनून के साथ बड़ी खूबसूरती से प्रतिस्पर्धा में बढ़ चढ़कर भाग लिया। इन सभी प्रतिभागियों में से भारतीय विद्या मंदिर ऊधम सिंह नगर की कक्षा दूसरी की छात्रा सना ने अपने नृत्य प्रदर्शन से निर्णायकगणों और दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया। शानदार प्रदर्शन करते हुए डांस इंडिया डांस से जुड़े अंतर्राष्ट्रीय कोरियोग्राफर वैभव गुगहे से प्रशंसा ट्रॉफी प्राप्त की। उनकी उपस्थिति और प्रोत्साहन भरे शब्दों ने अन्य युवाओं का मनोबल बढ़ाया। विद्यालय के प्रिंसिपल पवन सूद ने सना की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि सना का यह नृत्य के प्रति समर्पण, अनुशासन और कलात्मकता अन्य छात्रों के लिए अवश्य प्रेरणा स्रोत बनेगा।
घर लौट रहे युवक को मारी टक्कर, कोमा में रहने के बाद तोड़ा दम
लुधियाना| काम से घर लौट रहे बाइक सवार युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई। काराबारा चौक के पास अज्ञात वाहन ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी, जिससे युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान घोला (25) निवासी गांव तलवंडी कलां के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार वह ट्रैक्टर चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता था और बुधवार शाम करीब 7 बजे बाइक पर घर लौट रहा था। हादसे में सिर पर गहरी चोट लगने के बाद उसे तुरंत डीएमसी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे कोमा में बताया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे पीजीआई ले जा रहे थे, लेकिन शुक्रवार सुबह रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। थाना दरेसी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जांच अधिकारी सतवीर सिंह के अनुसार अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और आसपास के सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं।
फिरोज गांधी मार्केट में विकास कार्यों पर चेयरमैन कर्नल हरजप सिंह ने रखे तथ्य
लुधियाना| फिरोज़ गांधी मार्केट (रेजि.) के चेयरमैन कर्नल हरजप सिंह, एमटेक (आईआईटी) ने विकास कार्यों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, प्रत्येक पार्किंग स्थल में पांच औद्योगिक लाइटें लगाई गई हैं और सौंदर्यीकरण से संबंधित शेष कार्य किया जा रहा है, लेकिन एलआईटी द्वारा किसी भी पार्किंग स्थल की मरम्मत नहीं की जा रही। चेयरमैन के अनुसार, एसोसिएशन ने एलजी और एमसीएल से पांच में से तीन पार्किंग स्थलों की दोबारा लेयरिंग कराने के लिए संपर्क किया था। जो पिछले 7–10 वर्षों से ठीक नहीं हुए हैं। कर्नल हरजप सिंह ने बताया कि बाजार व पांच पार्किंग स्थलों में जलभराव रोकने के लिए स्टॉर्म ड्रेनेज परियोजना कांग्रेस शासन में प्रस्तावित हुई थी और पिछले वर्ष आम आदमी पार्टी सरकार के दौरान फिर अनुशंसित की गई।
50 रुपए के विवाद में सफाई कर्मचारी से मारपीट, आरोपी फरार, जांच जारी
भास्कर न्यूज |लुधियाना महज 50 रुपए के विवाद में नगर निगम के एक प्राइवेट सफाई कर्मचारी से मारपीट का मामला सामने आया है। घटना 27 अप्रैल की सुबह नाली मोहल्ला में हुई। पीड़ित दमनजीत सिंह निवासी गुरुनानकपुरा सिविल लाइन ने पुलिस को बताया कि वह घर-घर से कूड़ा उठाने के बदले 50 रुपए मासिक लेता है। कुछ दिन पहले वह मकान नंबर 1536 में रहने वाले साहिल से पैसे लेने गया था, लेकिन आरोपी ने भुगतान से इंकार कर गाली-गलौज करते हुए उसे भगा दिया। पीड़ित के अनुसार 27 अप्रैल को रेलवे लाइनों के पास सफाई के दौरान आरोपी ने उसे धमकाया कि वह इलाके में काम न करे। इसके अगले दिन 28 अप्रैल को आरोपी ने उसे रास्ते में घेरकर थप्पड़ और मुक्कों से पिटाई की और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया। मामले में डिवीजन-1 थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी सोमनाथ के मुताबिक आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं।
डांट से भड़के कर्मचारी ने साथियों संग एरिया मैनेजर को घेरकर पीटा
लुधियाना| काम के दौरान हुई मामूली बहसबाजी ने हिंसक रूप ले लिया। हीरो बेकरी चौक के पास एरिया मैनेजर पर कर्मचारियों ने हमला कर दिया। पीड़ित दीपक लाल निवासी राजगुरु नगर ने बताया कि वह साउथ सिटी स्थित एक स्टोर में एरिया मैनेजर हैं। ड्यूटी के दौरान उन्होंने एक कर्मचारी को काम को लेकर डांट लगाई थी, जिससे आरोपी रंजिश रखने लगा। आरोप है कि 25 अप्रैल की दोपहर आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर दीपक को घेर लिया और बेरहमी से मारपीट की। हमले में घायल दीपक ने पुलिस को शिकायत दी। थाना सराभा नगर पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी दविंदर सिंह के अनुसार, आरोपियों की पहचान के प्रयास जारी हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
स्कूलों में एआई व कंप्यूटेशनल थिंकिंग पर जोर
भास्कर न्यूज | लुधियाना शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए लुधियाना सहोदया स्कूल्स कॉम्प्लेक्स सेंट्रल जोन की वार्षिक बैठक साउथ सिटी रोड राम ग्लोबल स्कूल के सामने, मालकपुर, लुधियाना में आयोजित की गई। यह बैठक सेंट्रल जोन की डायरेक्टर और ग्रीन लैंड कॉन्वेंट स्कूल, न्यू सुभाष नगर की प्रिंसिपल, डॉ. ज्योति पुजारा के नेतृत्व में संपन्न हुई। कार्यक्रम में सेंट्रल जोन की डायरेक्टर डॉ. ज्योति पुजारा का स्वागत किया गया। उनके साथ-साथ पदाधिकारियों में सेक्रेटरी मानसी थापर प्रिंसिपल, रयान इंटरनेशनल स्कूल, जमालपुर और जॉइंट सेक्रेटरी कमलवीर कौर प्रिंसिपल, जीएनआई पब्लिक स्कूल और विभिन्न सीबीएसई सदस्य स्कूलों के सभी प्रतिष्ठित प्रिंसिपलों का स्वागत किया गया। बैठक सभी सदस्य उपस्थित रहे। एजेंडा का पहला मुख्य बिंदु खेल और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के लिए वार्षिक गतिविधि कैलेंडर की योजना पर केंद्रित था। इसमें नए सत्र से जुड़े अपडेट्स पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके अलावा, नए पाठ्यक्रम-आधारित विषयों को शुरू करने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इनमें कक्षा तीन से आठ के लिए कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और कक्षा छह से नौ के लिए व्यावसायिक शिक्षा शामिल थे। चर्चाओं में प्रभावी कार्यान्वयन रणनीतियों, पाठ्यक्रम के तालमेल और छात्रों के लिए भविष्य के लिए तैयार सीखने के परिणामों को मजबूत करने पर जोर दिया गया। इसके बाद नए पदाधिकारियों का चयन किया गया। डॉ. ज्योति पुजारा ने सेंट्रल जोन की डायरेक्टर के रूप में अपना दो साल का कार्यकाल पूरा कर लिया था, इसलिए नेतृत्व की जिम्मेदारियां औपचारिक रूप से पूर्व जॉइंट सेक्रेटरी कमलवीर कौर को सौंप दी गईं। इसके बाद, सहोदया कॉम्प्लेक्स और उसकी गतिविधियों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए नई सेक्रेटरी रीतू प्रिंसिपल, ग्रीन लैंड कॉन्वेंट स्कूल, सिविल सिटी, लुधियाना और जॉइंट सेक्रेटरी बिपन सेठी प्रिंसिपल, विक्टोरिया पब्लिक स्कूल को नियुक्त किया गया। इस दौरान डॉ. विजयता रुद्रा निदेशक, ग्रीन लैंड स्कूल समूह, बलदीप पंढेर ग्रीन लैंड सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल, जालंधर बाईपास, विनीता सनन ग्रीन लैंड कॉन्वेंट स्कूल, सेक्टर-32, शीतल नथानिएल इंटरनेशनल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, संधू नगर, रूपिंदर कौर गुरु गोबिंद सिंह पब्लिक स्कूल, पक्खोवाल रोड आदि मौजूद रहे।
निवेश के नाम पर 70 लाख ठगे, फर्जी दस्तावेजों से रचा खेल
भास्कर न्यूज |लुधियाना निवेश के नाम पर 70 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। फिरोज गांधी मार्केट निवासी संदीप शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह यूएमएमपीएल मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं। आरोप है कि मोहित कुमार साहू ने खुद को एक ब्रॉडकास्टिंग कंपनी से जुड़ा बताकर चैनल में निवेश करवाने का झांसा दिया। 23 दिसंबर 2025 को हुए एग्रीमेंट के तहत उसने करीब 70 लाख रुपए हासिल कर लिए। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी ने हरियाणा सरकार के संबंधित विभाग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाईं और फर्जी दस्तावेज तैयार कर सौदे को विश्वसनीय बनाया। पैसे लेने के बाद आरोपी ने अपनी अलग कंपनी शुरू कर खुद को आर्थिक लाभ पहुंचाया, जबकि निवेशक को भारी नुकसान उठाना पड़ा। पुलिस जांच में भी सामने आया है कि आरोपी ने सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेजों के जरिए ठगी की वारदात को अंजाम दिया। थाना डिवीजन-5 पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सुरक्षा और आरक्षण को लेकर सड़कों पर उतरीं महिलाएं
लुधियाना| शहर की सड़कों पर महिलाओं का आक्रोश मशालों की रोशनी में नजर आया। भारतीय जनता पार्टी और महिला मोर्चा की ओर से निकाली गई महिला आक्रोश मशाल यात्रा में सुरक्षा, सम्मान और राजनीतिक हिस्सेदारी के मुद्दे जोर-शोर से उठे। यह यात्रा घंटाघर चौक से शुरू होकर गिरजाघर चौक, घास मंडी होते हुए डिवीजन नंबर-3 तक पहुंची, जिसमें बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने भाग लिया। इस दौरान भाजपा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा और महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष जय इंदर कौर ने प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर चिंता जताई। उन्होंने महिला आरक्षण के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम अब भी लागू नहीं हो सका है, जिससे महिलाओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। नेताओं ने सरकार और विपक्ष दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता की कमी है। उन्होंने कहा कि यह मशाल यात्रा महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने के लिए जागरूकता का प्रयास है।
नशा करते 4 युवक गिरफ्तार, लाइटर -फॉइल समेत नशे का सामान बरामद
लुधियाना| शहर में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत पुलिस ने वीरान जगहों पर नशा करने वाले युवकों पर सख्त कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पहले मामले में दरेसी थाना पुलिस ने दौलत कॉलोनी के खाली प्लॉट में छापेमारी कर मुनीश कुमार उर्फ मोंटी को काबू किया। वहीं सदर थाना पुलिस ने 200 फुट रोड के पास झाड़ियों में नशा कर रहे लखवीर सिंह निवासी गांव फूलांवाल को गिरफ्तार किया। इसी तरह डाबा थाना पुलिस ने ग्यासपुरा में सरकारी फ्लैटों के पीछे खाली प्लॉट से मोहित कुमार को पकड़ा। उसके पास से लाइटर, सिल्वर फॉइल और 10 रुपए का नोट बरामद हुआ, जो नशे में इस्तेमाल हो रहा था। वहीं हैबोवाल थाना पुलिस ने ब्लॉक रोड पर पानी की टंकी के पास से संदीप कुमार को गिरफ्तार किया। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है और बरामद सामान कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
‘पिंड बचाओ-पंजाब बचाओ’ सेमिनार आज
लुधियाना| पंजाब के गांवों के अस्तित्व और युवाओं के भविष्य को बचाने के मुद्दे पर आज पंजाबी भवन में ‘पिंड बचाओ-पंजाब बचाओ’ अभियान के तहत राज्य स्तरीय सेमिनार आयोजित होगा। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलने वाले इस समागम में प्रदेशभर के सामाजिक, धार्मिक और किसान संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। आयोजकों का कहना है कि सेमिनार का मुख्य उद्देश्य उन नीतियों को उजागर करना है, जो पंजाब के ग्रामीण ढांचे को कमजोर कर रही हैं। इसमें पंचायतों के अधिकारों में कटौती, शामलात जमीनों को निजी हाथों में देने की आशंका, गांवों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि गांवों में रोजगार के अवसर घटने से युवा नशे की गिरफ्त में जा रहे हैं और राजनीतिक दलों से लोगों का भरोसा भी कम होता जा रहा है। ऐसे में सभी संगठनों को एकजुट होकर गैर-राजनीतिक स्तर पर संघर्ष करने की जरूरत है। सेमिनार में ज्ञानी केवल सिंह, डॉ. प्यारा लाल, प्रो. हमीर सिंह और प्रो. जगमोहन सिंह जैसे विशेषज्ञ भाग लेंगे। ये वक्ता पंचायतों के कानूनी अधिकारों और ग्राम सभा की शक्तियों पर मार्गदर्शन देंगे, ताकि ग्रामीण अपने हकों और जमीनों की रक्षा कर सकें।
वीडियो के लिए बनाया दबाव, नाबालिग को ब्लैकमेल करने वाले युवक पर केस
लुधियाना| जमालपुर थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय नाबालिग को ब्लैकमेल करने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोपी युवक ने अश्लील फोटो-वीडियो भेजने के लिए दबाव बनाते हुए धमकियों के जरिए उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। पीड़िता की मां के अनुसार, आरोपी का घर में आना-जाना था और वह उनकी बेटी की सहेली के माध्यम से संपर्क में आया था। इसी दौरान उसने नाबालिग पर गलत नजर रखनी शुरू कर दी। आरोप है कि वह लंबे समय से चैट के जरिए किशोरी को परेशान कर रहा था और उस पर अश्लील सामग्री भेजने का दबाव बना रहा था। विरोध करने पर आरोपी ने पीड़िता और उसके पिता को जान से मारने की धमकियां दीं और लगातार ब्लैकमेल करता रहा, जिससे किशोरी मानसिक रूप से परेशान हो गई। मामले का खुलासा होने पर परिजनों ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। थाना जमालपुर पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी परमजीत सिंह ने बताया कि आरोपी भी नाबालिग है, इसलिए उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की जा सकती। पुलिस साइबर सेल की मदद से चैट और डिजिटल सबूत खंगाल रही है तथा आरोपी की तलाश में छापेमारी जारी है।
लोन विवाद में ताले तोड़कर दोबारा कब्जा, एक ही परिवार के 3 पर केस
लुधियाना| लोन विवाद ने आपराधिक रूप ले लिया है। सूर्या विहार इलाके में कंपनी द्वारा कब्जे में ली गई प्रॉपर्टी के ताले तोड़कर दोबारा घुसने के आरोप में एक ही परिवार के तीन लोगों पर केस दर्ज हुआ है। शिकायतकर्ता गगनदीप सिंह ने बताया कि वह औथम इनवेस्टमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड में ब्रांच मैनेजर हैं। कंपनी ने साहिल चोपड़ा को मकान निर्माण के लिए लोन दिया था, लेकिन किश्तें न भरने पर खाता एनपीए हो गया। इसके बाद कंपनी ने सरफेसी एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए प्रॉपर्टी पर कानूनी कब्जा लेकर ताले लगा दिए और नोटिस चस्पा कर दिया। आरोप है कि साहिल ने नोटिस फाड़कर ताले तोड़ दिए और दोबारा कब्जा कर लिया। इसके बाद कंपनी ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से आदेश लेकर दोबारा कब्जा लेकर प्रॉपर्टी को सील कर दिया। मगर 30 अप्रैल 2026 को आरोपियों ने फिर ताले तोड़कर अंदर घुसने के साथ-साथ ताले और सील भी हटा ली। इस मामले में थाना पीएयू पुलिस ने रमण चोपड़ा, साहिल चोपड़ा और शीखा चोपड़ा के खिलाफ केस दर्ज किया है।
मोती नगर पुलिस ने नाकाबंदी कर 20 बोतल शराब सप्लाई करता आरोपी पकड़ा
लुधियाना| शहर में अवैध शराब के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत मोती नगर थाना पुलिस ने एक आरोपी को काबू कर शराब की खेप बरामद की है। पकड़े गए आरोपी की पहचान चरणजीत उर्फ बॉबी निवासी एचएल कॉलोनी, जमालपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से 20 बोतल अवैध शराब और एक एक्टिवा स्कूटर बरामद किया है। जांच अधिकारी मेजर सिंह ने बताया कि पुलिस टीम गश्त पर थी, तभी गुप्त सूचना मिली कि आरोपी स्कूटर पर शराब की सप्लाई देने जा रहा है। सूचना के आधार पर राम दरबार कट के पास नाकाबंदी कर उसे रोका गया। तलाशी के दौरान शराब बरामद होने पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत केस दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है।
खेत में पानी लगाने को लेकर गाली-गलौच से शुरू हुआ झगड़ा, 3 पर मामला दर्ज किया
लुधियाना| लाडोवाल के गांव तलवंडी कलां में जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच कहासुनी के बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया। शिकायतकर्ता संदीप कौर ने पुलिस को बताया कि 21 अप्रैल की सुबह उसका भतीजा खेत में गया था, जहां आरोपी अशोक कुमार पहले से जमीन पर पानी लगा रहा था। रोकने पर आरोपी ने लोहे का हथियार उठाकर उसे धमकाया, जिसके बाद युवक घर लौट आया। इसके बाद पीड़ित परिवार मौके पर पहुंचा और जमीन की माप कराने की बात कही, लेकिन आरोपी ने गाली-गलौच शुरू कर दी। आरोप है कि उसने अपनी पत्नी उर्मिला देवी और बहू गुरशरण कौर को बुला लिया, जिन्होंने मिलकर पीड़ित पक्ष पर हमला कर दिया और जान से मारने की धमकियां दीं। घटना के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी मेजर सिंह के अनुसार, मामले की जांच जारी है और जल्द ही अगली कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राहगीरों को लूटने वाले गिरोह के चार सदस्य काबू ,कार सहित हथियार बरामद
लुधियाना| कमिश्नरेट पुलिस ने लूट और चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले एक शातिर गैंग का पर्दाफाश किया है। फोकल पॉइंट थाना पुलिस ने घेराबंदी कर गैंग के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया, जबकि एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से खंडा, लोहे की गंडासी, दातर, एक मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल हुंडई एक्सेंट कार (PB-10-CA-8953) बरामद की गई है। जानकारी के अनुसार 30 अप्रैल को सब-इंस्पेक्टर निर्मल सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम डिस्पोजल चौक फेज-5 के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि गगनदीप सिंह, याहूना उर्फ रोहित, करनदीप सिंह, अर्जुन सिंह और बिल्ला ने गिरोह बना रखा है, जो सुनसान इलाकों में राहगीरों को निशाना बनाते हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने आर एंड डी कॉलेज के पीछे खाली प्लॉट में रेड कर कार में बैठे चार आरोपियों को काबू कर लिया, जबकि पांचवां आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि रिमांड के दौरान कई अन्य वारदात का खुलासा हो सकता है। फरार आरोपी की तलाश में छापेमारी जारी है।
पंजाब सरकार ने किया आईएएस और पीसीएस का तबादला
पंजाब सरकार ने 6 आईएएस व 39 पीसीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। सीनियर आईएएस अधिकारी नीलिमा को गृह मामलों विभाग का सचिव तैनात कर दिया है। अधिकारी पुरानी तैनाती नई तैनाती पीसीएस
पंजाब पुलिस की जांच प्रणाली पर हाईकोर्ट ने कड़ा सवाल उठाया है। हत्या के मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के सामने खुलासा हुआ कि पुलिस ने चालान में ऐसे व्यक्ति का बयान शामिल कर दिया, जिसकी मौत बयान दर्ज होने की तारीख से करीब 4 माह पहले हो चुकी थी। हाईकोर्ट ने मामले को मामूली गलती मानने से इनकार कर दिया। जस्टिस सुमित गोयल की पीठ ने कहा कि यदि रिकॉर्ड प्रथम दृष्टया सही है तो यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि गंभीर मामला है। अदालत ने पूरे घटनाक्रम को अस्पष्ट और अकल्पनीय बताते हुए एडीजीपी (लॉ एंड आर्डर) से मामले में जवाब मांगा है। 18 मई के लिए मामले पर अगली सुनवाई तय की गई है। अगली सुनवाई 18 मई को मामला तब सामने आया जब लुधियाना में अगस्त 2025 में दर्ज हत्या और अन्य गंभीर धाराओं के मामले में हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत देने की मांग पर सुनवाई चल रही थी। बचाव पक्ष ने बताया कि पुलिस चालान में 19 सितंबर, 2025 की तारीख वाला गवाह का बयान संलग्न है, जबकि संबंधित व्यक्ति की मृत्यु 29 मई को हुई थी। कोर्ट ने कहा, जानना चाहते हैं कि यह प्रशासनिक चूक है, रिकॉर्ड से छेड़छाड़, फर्जी दस्तावेज तैयार करने का मामला या फिर जांच प्रणाली की खामी है। पुलिस संतोषजनक जवाब नहीं दे पाती है तो जांच सीबीआई को सौंपी जा सकती है।
नाबालिग को अगवा कर तीन दिन कैद रखा, मददगार बता गुमराह करता रहा
थाना फोकल पॉइंट इलाके में 27 साल के युवक ने 17 साल की नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसे कैद में रखकर रेप करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी ने वारदात के बाद खुद ही लड़की के पिता से संपर्क कर मददगार बनने का नाटक किया और पहले परिवार व फिर पुलिस को तीन दिनों तक गुमराह करता रहा, लेकिन जब परिजनों को उसकी गतिविधियों पर शक हुआ तो पुलिस ने युवक से सख्ती से पूछताछ की। जिसमें उसने कबूल किया कि लड़की को उसी ने अगवा कर खेत में बने एक कमरे में छिपा रखा है। बरामद होने के बाद पीड़िता ने खुलासा करते हुए आरोप लगाया कि आरोपी ने उसकी नग्नावस्था में वीडियो बनाई थी और उसी के आधार पर वह पिछले छह महीनों से उसे ब्लैकमेल कर रेप करता आ रहा था। लगातार रेप के चलते पीड़िता अब छह महीने की गर्भवती हो गई। थाना फोकल पॉइंट से जांच अधिकारी रुपिंदर सिंह ने बताया कि पिता की शिकायत पर आरोपी सुरजीत गुप्ता (27) पर पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज करते हुए गिरफ्तार किया है। राशन लेकर जाते देखा तो शक हुआ 26 अप्रैल की शाम को मेरी बेटी अपने 8वीं के सर्टिफिकेट को लेमिनेशन करवाने की बात कहकर दुकान पर गई। लेकिन रात 8 बजे तक भी घर नहीं लौटी। जब मुझे जानकारी मिली तो सबसे पहले मैंने रिश्तेदारों, उसके दोस्तों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर उसे तलाश किया। लेकिन कहीं कुछ पता नहीं चला। उसी रात आरोपी सुरजीत मेरे पास आया और कहने लगा कि मेरी बेटी का इलाके के एक युवक से प्रेम संबंध है और वह उसी के साथ भाग गई है। वह उस लड़के को जानता है। उसकी बातों पर मुझे यकीन हो गया और वह जो-जो कहता रहा। मैं उसी के मुताबिक बेटी की तलाश करता रहा। जब 24 घंटे बाद भी बेटी का कोई सुराग नहीं लगा तो मैंने थाना फोकल पॉइंट की पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद भी आरोपी सुरजीत पुलिस की मदद करने की बात कहकर उनके साथ अलग-अलग जगहों पर जाता रहा, लेकिन कुछ पता नहीं लगा। एक दिन मैंने देखा कि सुरजीत बर्तन और राशन लेकर कहीं जा रहा है। तब मुझे उस पर शक हुआ, क्योंकि वह खुद अपने माता-पिता के साथ रहता है। इसके बावजूद वह अलग बर्तन क्यों लेकर गया। तब मैंने पुलिस से सुरजीत पर शक होने की बात कही। इसके बाद पुलिस ने सुरजीत को हिरासत में रखकर सख्ती से पूछा तो उसी शाम को सुरजीत ने बताया कि उसने बेटी को एक खेत में बने कमरे में रखा है। तब पुलिस बेटी को वहां से लेकर आई। जब मैंने बेटी से पूछा तो उसने बताया कि आरोपी के पास उसकी नग्नावस्था की वीडियो है। उसी के आधार पर ब्लैकमेल करते हुए रेप करता था। अब वह 6 महीने की गर्भवती है। बेटी ने यह भी बताया कि 27 अप्रैल को वह यूपी जाने वाले थे। इसकी जानकारी जब आरोपी को पता लगी तो उसने अगवा कर लिया और फिर सभी को गुमराह करता रहा। - जैसा पीड़िता के पिता ने दैनिक भास्कर को बताया-
जमालपुर में 4 बच्चे लापता, सीसीटीवी में एक साथ दिखे
लुधियाना। जमालपुर में एक ही कॉलोनी से चार बच्चों के अचानक लापता होने से हड़कंप मच गया। घटना 29 अप्रैल की है, जब दो सगी बहनें स्कूल जाने के लिए घर से निकलीं लेकिन न तो स्कूल पहुंचीं और न ही वापस लौटीं। देर शाम तक कोई सुराग न मिलने पर परिजनों ने तलाश शुरू की तो पता चला कि उसी कॉलोनी के दो अन्य बच्चे भी उसी समय से गायब हैं। परिजनों ने अपने स्तर पर रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों के यहां खोजबीन की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद मामला थाना जमालपुर पहुंचा, जहां पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 127(6) के तहत केस दर्ज कर लिया है। शिकायत में आशंका जताई गई है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने बच्चों को बहला-फुसलाकर या अपने निजी स्वार्थ के लिए अवैध रूप से कहीं छिपाकर रखा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि बच्चे घर से कपड़े बैग में डालकर निकले थे और एक सीसीटीवी फुटेज में सभी एक ऑटो में बैठते नजर आए हैं। थाना पुलिस ने आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
पहले हफ्ते में बारिश,गर्मी सामान्य से ज्यादा होगी
लुधियाना| मई का महीना शुरू होते ही भीषण गर्मी और लू का डर सताने लगता है, लेकिन इस बार राहत भरी खबर है। इस साल मई का महीना उतना आग उगलने वाला नहीं होगा जितनी आशंका जताई जा रही थी। हालांकि तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर रहेगा। लेकिन, झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। मई का पहला सप्ताह वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते हल्की बारिश से शुरू होगा और तापमान में गिरावट होगी। इसके बाद तापमान सामान्य या सामान्य से थोड़ा अधिक रहने की संभावना है। राहत की बात ये है कि तापमान में बहुत ज्यादा उछाल आने की संभावना नहीं है। इस बार पारा रिकॉर्ड स्तर तक नहीं पहुंचेगा, जिससे दोपहर की तपिश पिछले वर्षों के मुकाबले कम महसूस होगी। मई में बारिश को लेकर भी अच्छी खबर है। जिले में वर्षा की स्थिति सामान्य रहने का अनुमान है। बीच-बीच में होने वाली बूंदाबांदी या धूल भरी आंधी के बाद होने वाली बारिश तापमान को नियंत्रित रखने में मदद करेगी। वेस्टर्न डिस्टरबेंस की सक्रियता के चलते मई के कुछ दिनों में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है, जो चिलचिलाती धूप के प्रभाव को कम करेगी। 4 मई पहले ही दिन गिरा 30 तापमान मई की शुरुआत राहत लेकर आई है। शुक्रवार को महीने के पहले ही दिन तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सअधिकतम तापमान तीन डिग्री गिरकर 35.2 डिग्री रहा। जो बीते दिनों के मुकाबले कम है, हालांकि यह अब भी सामान्य से 2.8 डिग्री कम है। वहीं, न्यूनतम तापमान में भी 0.9 डिग्री की गिरावट देखी गई और यह 20.4 डिग्री रहा, जो सामान्य से 1.3 डिग्री कम है। सुबह की नमी और हवाओं के रुख में आए बदलाव ने तपिश को कम करने में बड़ी भूमिका निभाई है, जिससे भीषण गर्मी की शुरुआत फिलहाल कुछ धीमी रही है। 3 दिन ऐसा रहेगा तापमान पीएयू की तस्वीर। 3 मई 2 मई 330 230 370 390 210 220 न्यूनतम अधिकतम चार को बारिश की संभावना : 2 मई से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हो रहा है, जिसका सीधा असर मैदानी इलाकों पर पड़ेगा। दो और तीन मई को लुधियाना के आसपास के जिलों में हल्की बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है। चार मई को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा से हवाएं चलने की संभावना है। जिससे लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। डॉ. सुरिंदर पाल डायरेक्टर, आईएमडी चंडीगढ़
भक्ति के रंग में रंगा श्री शिर्डी साईंबाबा मंदिर
लुधियाना | सब्जी मंडी पपीता मार्किट स्थित श्री शिर्डी साईंबाबा मंदिर में श्री साईंबाबा सेवा समिति द्वारा मासिक साईं भजन संध्या का भव्य आयोजन किया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ मंदिर के पंडित सुनील अग्निहोत्री द्वारा साईं बाबा की संध्या आरती के साथ किया गया. भजन गायक शिवांग ने अपनी सुरीली आवाज में साईं बाबा की महिमा का गुणगान किया। कड़ी-चावल के लंगर का विशेष रूप से आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर मां भगवती क्लब के प्रधान अविनाश सिक्का एवं मंजू सिक्का ने विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम में दिनेश कालरा, वरुण रस्तोगी, महेश शर्मा, मनु जयरथ, संजीव सभरवाल, मनीत मैनी, प्रमोद चावला, कमल कुमार, मोनू शर्मा, मनोज नागपाल, विक्की अरोड़ा, आदि मौजूद रहे।
श्री प्रेम धाम में मां चिंतपूर्णी जयंती मनाई
लुधियाना| काकोवाल रोड स्थित श्री प्रेम धाम में मां छिन्नमस्तिका चिंतपूर्णी जी की जयंती अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और भव्यता के साथ मनाई गई। दरबार के मुख्य संस्थापक व सेवक बंटी बाबा ने बताया, इस दौरान विशेष आकर्षण मां चिंतपूर्णी जी हिमाचल शक्तिपीठ में स्थापित माता रानी का विग्रह रहा। भक्त उनके दर्शन कर भाव-विभोर हो उठे और पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा। चौकी के दौरान भजन गायक कुमार संजीव ने अपनी सुरीली आवाज में मां का महिमागान किया। कार्यक्रम के मध्य में केक काटने की रस्म अदा की गई। आयोजन को सफल बनाने में सेवादार रवि गोयल, विनोद गोयल, योगेश मोदी, संदीप अनेजा, गुरदीप सिंह नीटू, यतिन गाबा, अंश, सहज, ललित गोयल, तनुज शर्मा आदि मौजूद थे।
22वें स्थापना दिवस का निमंत्रण अभियान तेज
लुधियाना | हैबोवाल कलां स्थित सिद्ध पीठ महाबली संकटमोचन के प्रधान अमन जैन, चेयरमैन ऋषि जैन और उपप्रधान अनुज मदान की देखरेख में सदस्य विभिन्न स्थानों पर जाकर श्रद्धालुओं को आमंत्रित कर रहे हैं। इसी क्रम में उपप्रधान अनुज मदान ने हिमाचल प्रदेश के माता चिंतपूर्णी मंदिर के आचार्यों को भी निमंत्रण भेंट किया। आचार्यों ने सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और धार्मिक गतिविधियों के लिए कमेटी के प्रयासों की सराहना की। कमेटी ने दुर्गा माता मंदिर में भी स्थापना दिवस का निमंत्रण दिया। प्रबंधकों के अनुसार स्थापना दिवस पर हवन-यज्ञ, भजन-कीर्तन और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
गौवंश की सुरक्षा के लिए कमिश्नर से भेंट की
लुधियाना | वर्तमान गच्छाधीपति जैन आचार्य श्री नित्यानंद सूरी जी महाराज के आशीर्वाद एवं नीलम राजेंद्र जैन (सीएचई) के मार्गदर्शन में चलाई जा रही गुरु जनक जीव आश्रय गौशाला की ओर से नगर निगम कमिश्नर डॉ नीरू कत्याल को सम्मानित किया गया। गौशाला में वृद्ध बीमार बेसहारा गोवंश को आश्रय दिया जाता है। इस मौके पर उन्हें गौशाला की गतिविधियों के बारे में अवगत करवाया। कमिश्नर नीरू कत्याल ने आश्वासन दिया कि उत्कृष्ट कार्य के विस्तार के लिए जल्द ही पंजाब सरकार की तरफ से सहयोग किया जाएगा । चेयरपर्सन सुशील जैन (ट्यूडर) ने कहा कि अगर पंजाब सरकार से थोड़ा भी सहयोग मिल पाए तो जल्द लुधियाना की बेसहारा गोवंश को स्थाई आश्रय मिल सकता है।
भास्कर न्यूज | लुधियाना पंजाब सरकार के राजकीय अतिथि क्रांतिवीर मुनि श्री प्रतीक सागर जी महाराज अहिंसा शाकाहार पदयात्रा के साथ पाम सिटी को कोहाड़ा से चलकर जैन स्थानक चंडीगढ़ रोड पर जैसे ही पहुंचे जय जयकारों से सारा आकाश मंडल भक्तों ने गुंजायमान कर दिया। मंगलाचरण के साथ धर्म सभा का प्रारंभ हुआ, दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष राकेश जैन, जैन स्थानक के अध्यक्ष दीपक जैन, तेरापंथ जैन समाज के अध्यक्ष दिलीप जैन, पंजाब दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष राजकुमार जैन, तेरापंथ युवा मंडल के अध्यक्ष उज्जवल जैन ने श्रीफल बैठकर मुनि श्री का आशीर्वाद प्राप्त किया। क्रांतिवीर मुनि श्री प्रतीक सागर जी महाराज ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा, 1 घंटे की खुशी चाहिए तो खिले हुए फूलों को देखकर खिलें, 1 दिन की खुशी चाहिए तो डांस क्लब में डांस करें, 4 महीने खुशी के लिए शादी करें, एक वर्ष की खुशी के लिए खूब पैसा कमाएं। 5 साल की खुशी चाहिए तो देश के राष्ट्रपति बन जाएं, जीवन भर की खुशी चाहिए तो गुरु का दामन थाम लें। मुनि श्री ने आगे कहा कि जो भारतीय संस्कृति, भारतीय भाषा,भारतीय भोजन से प्रेम नहीं करता है उसे भारत में रहने का अधिकार नहीं है उसे भारत छोड़ देना चाहिए। प्रात: 8:30 बजे धर्मसभा का होगा आयोजन क्रांतिवीर मुनि श्री प्रतीक सागर जी महाराज आज 2 मई को प्रातः 5:30 अहिंसा पदयात्रा के साथ आत्म पब्लिक स्कूल आत्म नगर के लिए प्रस्थान करेंगे जहां प्रातः 8:30 बजे धर्म सभा का आयोजन तथा शाम 7:00 बजे गुरु भक्ति आरती का आयोजन होगा। 2 मई को पूरे दिन मुनि श्री स्कूल में ही विराजमान रहेंगे। यहां माता-पिता के गौरव को बचाने के लिए संतानों ने अपने जीवन का बलिदान देकर उनके स्वाभिमान बचाया। तीर्थंकर ऋषभदेव की पुत्री ब्राह्मणी और सुंदरी जीवन भर का ब्रह्मचर्य वाला, भीष्म पितामह शादी नहीं करने का संकल्प किया, पिता की इच्छा को पूरा करने के लिए। राम ने पिता का वचन पूरा करने के लिए 14 वर्ष का वनवास स्वीकार कर लिया। नेमिनाथ से विवाह न होने पर राजुल ने दूसरे युवराज से विवाह करने का नहीं सोचा तभी तो सन्यास मार्ग को धारण कर लिया। भारतीय संस्कृति में नारी अपनी कुर्बानी देती है मगर पर पुरुष को नहीं आने देती है। शादी के पहले लड़के और लड़की का लिविंग रिलेशन रहना भारतीय संस्कृति के लिए अभिशाप है।
राहत : 15 दिन के अंदर 10 आम आदमी पिंड क्लीनिक खुलेंगे
भास्कर न्यूज | जालंधर जिले के ग्रामीण इलाकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के मोर्चे पर बड़ी राहत की खबर है। स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए अगले 15 दिनों के भीतर जिले में 10 नए आम आदमी पिंड क्लीनिक शुरू होने जा रहे हैं। इन क्लीनिकों का बुनियादी ढांचा तैयार है और पैरामेडिकल स्टाफ के इंटरव्यू की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। अब विभाग को केवल चंडीगढ़ से उद्घाटन की तिथि तय होने का इंतजार है। सरकार की नीति के अनुसार, जिन गांवों की आबादी 5000 से कम है, वहां क्लीनिकों का संचालन नर्सों द्वारा किया जाएगा। पहले चरण में शामिल सभी 10 गांवों की आबादी कम है, इसलिए यहां तैनात नर्सें टेली-मेडिसिन (वीडियो कॉल/फोन) के माध्यम से विशेषज्ञों से राय लेकर मरीजों को दवाइयां देंगी। जिन गांवों की आबादी 5000 से अधिक है, वहां डॉक्टर तैनात किए जाएंगे। एक ही छत के नीचे मिलेंगी मुफ्त सुविधाएं जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में खुलने जा रहे ये नए 'आम आदमी पिंड क्लीनिक' स्थानीय निवासियों के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में किसी वरदान से कम नहीं होंगे। इनका विधिवत शुभारंभ जल्द ही चंडीगढ़ से ऑनलाइन माध्यम द्वारा किया जाएगा। इन क्लीनिकों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां मरीजों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उनके घर के पास ही उपलब्ध होंगी। सरकार द्वारा इन केंद्रों पर 107 तरह की आवश्यक दवाइयां और 47 प्रकार के अलग-अलग ब्लड टेस्ट पूरी तरह से मुफ्त उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, मातृ-शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से गर्भवती महिलाओं के लिए अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी निशुल्क रखी गई है। इन सुविधाओं के शुरू होने से ग्रामीणों को अब छोटी-छोटी जांचों और इलाज के लिए दूर के बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, जिससे उनके कीमती समय और मेहनत की कमाई, दोनों की बड़ी बचत होगी।
'सर, आप मेरे साथ चलिए, मैंने जिस हथियार से एग्जिक्यूटिव अफसर की हत्या की थी, उसे बरामद करा दूंगा।' ये बातें कहते हुए सुलतानगंज नगर परिषद के एग्जिक्यूटिव अफसर की हत्या और चेयरमैन राजकुमार गुड्डू पर जानलेवा हमला करने का आरोपी रामधनी यादव पुलिस की टीम को अपने साथ ले गया। रामधनी के साथ जैसे ही पुलिस की टीम अगुवानी पुल के पास निर्माणाधीन सड़क के किनारे बगीचे में पहुंची, उसने शोर मचाते हुए पहले से छिपे हुए गुर्गों से गोली चलाने को कहने लगा। इसके बाद रामधनी के गुर्गों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में रामधनी यादव को पुलिस की गोली लगी। इसके बाद उसे मायागंज लाया गया, जहां इलाज के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई। भागलपुर पुलिस की ओर से शुक्रवार देर शाम जारी प्रेस विज्ञप्ति में इसकी जानकारी दी गई है। पुलिस की ओर से बताया गया है कि आरोपी रामधनी यादव के ऊपर हत्या, लूट, रंगदारी, आर्म्स एक्ट जैसे 28 मामले दर्ज थे। पुलिस को आरोपी की लंबे समय से तलाश थी। रामधनी यादव के एनकाउंटर से जुड़ी 3 तस्वीरें देखिए अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए भागलपुर पुलिस ने और क्या-क्या बताया? SSP प्रमोद कुमार की ओर से बताया गया कि बुधवार शाम सूचना मिली कि सुलतानगंज नगर परिषद के ऑफिस में घुसकर कुछ अज्ञात हमलावरों की ओर से एग्जिक्यूटिव अफसर कृष्ण भूषण कुमार और चेयरमैन राज कुमार गुड्डू को गोली मारकर जख्मी कर दिया गया है। सूचना के बाद कार्रवाई के लिए मैं घटनास्थल के लिए निकला और सुलतानगंज थाना के एसएचओ, सुलतानगंज के एसडीपीओ को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचने का निर्देश दिया। घटनास्थल से गंभीर रूप से घायल कृष्ण भूषण कुमार और राज कुमार गुड्डू को प्राथमिक उपचार के लिए रेफरल अस्पताल भेजा गया। जहां डॉक्टरों की ओर से कृष्ण भूषण कुमार को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि राजकुमार गुड्डू को बेहतर इलाज के लिए मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया गया। इसके तुरंत बाद मामले कि गंभीरता को देखते हुए इस घटना में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। गिरफ्तारी के बाद रामधनी ने कहा- चलिए मैं हथियार बरामद कराता हूं SSP की ओर से बताया गया कि अलग-अलग गठित टीमों ने वारदात में शामिल सुलतानगंज के श्यामबाग के रहने वाले रामधनी यादव, दीपक यादव और नवगछिया के गोपालपुर करारी तीनटंगा के रहने वाले पींकू कुमार को गिरफ्तार किया। आरोपियों से जब वारदात में यूज हथियार के बारे में पूछा गया तो रामधनी यादव ने बताया कि मेरे साथ चलिए मैं हथियार बरामद करवा दूंगा। इसके बाद रामधनी की निशानदेही पर पुलिस की टीम आगे बढ़ी। बताया गया कि जैसे ही पुलिस की टीम अगुवानी पुल के पास बन रही सड़क किनारे बगीचे के पास पहुंची, रामधनी यादव ने चिल्लाते हुए कहा कि गोली मारो, गोली मारो। उसके चिल्लाने के बाद बगीचे के पास पहले से घात लगाकर बैठे रामधनी यादव के गुर्गों की ओर से पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी गई। अपराधियों की ओर से फायरिंग के बाद घटनास्थल पर अफरातफरी का माहौल बन गया। पुलिसकर्मी फायरिंग से बचने और जवाबी कार्रवाई के लिए पोजिशन ले रहे थे। इसी दौरान रामधनी यादव ने घटनास्थल पर पहले से छिपाकर रखे हथियार से पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस की ओर से आत्मरक्षा की जवाबी कार्रवाई की गई। इसी दौरान रामधनी यादव गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए मायागंज भागलपुर लाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। वहीं घटना में तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए, जिनका इलाज जारी है। SSP की ओर से बताया गया कि घटना में शामिल दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है, जिसमें से एक रामधनी यादव का बड़ा बेटा सन्नी यादव शामिल है। दूसरे आरोपी की पहचान मटकु मंडल के रूप में की गई है। SSP की ओर से बताया गया कि रामधनी के खिलाफ सुलतानगंज थाना में 27, जबकि शाहकुंड थाना में एक मामला दर्ज था। वहीं उसके बेटे के खिलाफ सन्नी यादव के खिलाफ IPC, BNS की संबंधित धाराओं के तहत कुल 10 मामले सुलतानगंज थाना में ही दर्ज हैं। दीपक कुमार के खिलाफ सुलतानगंज, परबत्ता, फलका और कोढ़ा थाना में एक-एक मामले दर्ज हैं, जबकि पिंकु यादव और मटुकी मंडल के खिलाफ एक-एक मामले दर्ज हैं।
BPSC ने शुक्रवार को सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) परीक्षा रद्द कर दी है। एग्जाम में गड़बड़ी और कदाचार को लेकर 6 जिलों में 8 FIR दर्ज हुई थी। जिसके बाद आयोग ने इस परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया। इसके साथ ही आयोग ने 32 अभ्यर्थियों को प्रतिबंधित भी कर दिया गया है, जो अब आयोग की किसी भी आगामी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। इस परीक्षा के लिए 11 लाख कैंडिडेट्स ने फॉर्म भरा था। सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी परीक्षा के दौरान जिला प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए कई केंद्रों पर ब्लूटूथ और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए नकल करने की कोशिशों को नाकाम किया। जांच के दौरान यह पाया गया कि कुछ असामाजिक तत्वों और अभ्यर्थियों ने मिलकर परीक्षा में गड़बड़ी फैलाने का षड्यंत्र रचा था। प्रशासन ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी अभ्यर्थियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। कौन-कौन सी परीक्षाएं हुईं रद्द सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (विज्ञापन संख्या 87/2025): 14 अप्रैल से 21 अप्रैल तक आयोजित सभी 9 पालियों की परीक्षा रद्द। सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी (विज्ञापन संख्या 108/2025): 23 अप्रैल को आयोजित लिखित परीक्षा रद्द। आयोग जल्द ही इन परीक्षाओं के आयोजन की नई तिथियों की घोषणा करेगा। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें। 3 चरणों में हुई थी परीक्षा शिक्षा विभाग के तहत आने वाले AEDO की वेकैंसी बिहार में पहली बार आई। परीक्षा कंडक्ट कराने की जिम्मेवारी BPSC को दी गई। फॉर्म भरने के लिए 100 रुपए की फी थी। कुल 935 पदों के लिए करीब 11 लाख कैंडिडेट्स ने फॉर्म भर दिया। इस कारण BPSC ने तीन चरणों में परीक्षा ली। पहले चरण की परीक्षा 14-15 अप्रैल को हुई। दूसरे चरण की परीक्षा 17-18 अप्रैल को हुई। तीसरे चरण की परीक्षा 20-21 अप्रैल को हुई। इसके लिए सभी 38 जिलों में 746 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। पेपर लीक से समझौता नहीं बता दें 3 चरणों में हुई इस परीक्षा की शुरुआत के ठीक एक दिन पहले मुंगेर DM को मिली एक सूचना ने मास्टर साहब के सारे मास्टर प्लान पर पानी फेर दिया। परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप में 6 जिलों में 8 FIR दर्ज की गई। मामले में 36 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। सबसे अधिक 22 गिरफ्तारी मुंगेर से हुई है। 12 दिन बाद भी EOU को ‘मास्टर’ नहीं मिल पाया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान प्रश्न-पत्र लीक होने या सोशल मीडिया पर वायरल होने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। न ही किसी प्रश्न-पत्र की कोई सीरीज बाहर मिली है। इसके बावजूद, सोशल मीडिया और समाचारों में आई खबरों और कुछ केंद्रों पर हुई गड़बड़ी की कोशिशों को देखते हुए आयोग ने यह कड़ा कदम उठाया है। आयोग का मानना है कि परीक्षा की गरिमा और ईमानदारी से बढ़कर कुछ भी नहीं है। पेपर लीक हुआ या नहीं, यह सवाल बरकरार है। जवाब SIT की जांच पूरी होने के बाद ही मिलेगा। पर मास्टर साहब के परीक्षा में धांधली के मास्टर प्लान को जानिए…। मुंगेर के मुफ्फसिल थाना में दर्ज FIR नंबर 177/26 के मुताबिक, 13 अप्रैल की रात मुंगेर DM को जानकारी मिली थी कि सुजल कुमार नाम का एक व्यक्ति 14 अप्रैल को होने वाली AEDO परीक्षा में नकल करवाने की तैयारी कर रहा है। BPSC ने बायोमेट्रिक अटेंडेंट्स बनाने के लिए जिस कंपनी को ठेका दिया है, उसके स्टाफ के साथ सेटिंग कर उनकी जगह अपने लड़कों की भर्ती कर रहा है। इस सूचना के बाद मुंगेर पुलिस की एक टीम बनी। टीम ने छापेमारी कर आधी रात को करीब 12:30 बजे तेलिया तालाब मोड़ के पास से सुजल को पकड़ा। उसके पास से मोबाइल और एक बैग जब्त किया। बैग में लैपटॉप, आईपैड, बायोमैट्रिक ऑपरेटर और सुपरवाइजर की दो लिस्ट थी। साथ में परीक्षा देने वाले 20 कैंडिडेट्स के एडमिट कार्ड और 1 से 100 तक सीरियल नंबर लिखा 19 पूर्जा था, जिस पर परीक्षा में पूछे जाने वाले सवालों का जवाब लिखा जाना था। सवालों का जवाब देने के लिए बनाया वॉट्सएप ग्रुप पुलिस ने 20 साल के सुजल के मोबाइल फोन को खंगाला और उससे पूछताछ की। तब पहली बार उसने 'मास्टर' का नाम लिया। सुजल ने पुलिस को बताया- 'मास्टर' ने 'एम मुंगेर' नाम से एक वॉट्सएप ग्रुप में उसके मोबाइल नंबर को जोड़ा था। इसी ग्रुप में उन 20 कैंडिडेट्स के एडमिट कार्ड को भेजा गया था, जिसकी कॉपी पुलिस ने उसके जब्त बैग से बरामद की थी। इन सभी कैंडिडेट्स का परीक्षा केंद्र मुंगेर ही था। सेटिंग के तहत परीक्षा के दौरान सभी कैंडिडेट्स को सारे सवालों का सही जवाब बायोमेट्रिक ऑपरेटर और सुपरवाइजर उपलब्ध कराने वाले थे। ये पहला वॉट्सएप ग्रुप था। 'मास्टर' ने 'मुंगेर सॉल्यूशन' नाम से दूसरा वॉट्सएप ग्रुप भी बना रखा था। इस ग्रुप में 'मास्टर' खुद सवालों का सही जवाब भेजने वाला था। जवाब मिलने के बाद हमारे लोग उसे कैंडिडेट तक पहुंचाते। इसके एवज में सुजल और उसके मददगार साथियों को पैसा मिलने वाला था। क्वेश्चन पेपर की फोटो खींचने के लिए हायर किए अपने आदमी 'मास्टर' के इशारे पर सुजल ने कुछ खास लोगों को हायर किया था। उसमें एके राठौड़, रोहन कुमार उर्फ देवराज और अभिषेक पांडेय शामिल हैं। इन सबको बायोमेट्रिक ऑपरेटर और सुपरवाइजर बनाकर परीक्षा केंद्र के अंदर भेजने की तैयारी थी। 'मास्टर' ने इन्हें बड़ी जिम्मेदारी दे रखी थी। असल में इन सभी लोगों को अपने कैंडिडेट्स के क्वेश्चन पेपर की फोटो खींच कर भेजनी थी। इसके लिए 'मुंगेर सॉल्यूशन' नाम से वॉट्सएप ग्रुप बनाया गया था। फिर यहां से सवालों का जवाब 'मास्टर' तैयार करता और उसे वापस बायोमेट्रिक ऑपरेटर और सुपरवाइजर के माध्यम से कैंडिडेट्स तक पहुंचाता। सासाराम में बहन भी थी कैंडिडेट EOU के मुताबिक, 'मास्टर' की बहन भी AEDO परीक्षा की कैंडिडेट थी। सासाराम के शांति नगर नेकरा स्थित ABR फाउंडेशन पब्लिक स्कूल में उसका सेंटर था। पूजा कुमारी के नाम से एडमिट कार्ड बना हुआ था। पूजा के लिए भी पूरी सेटिंग थी। बायोमेट्रिक ऑपरेटर को इसके क्वेश्चन पेपर की फोटो खींच कर भेजने की जिम्मेवारी दी गई थी। फिर 'मास्टर' सारे सवालों का जवाब खुद तैयार कर वापस भेजता। 'मास्टर' और राठौड़ क्लासेज के मालिक की तलाश 'मास्टर' कौन है? कहां का रहने वाला है? इस बारे में पुलिस को अब तक कुछ पता नहीं चल सका है। पुलिस के पास सिर्फ वो मोबाइल नंबर है, जिससे इसने परीक्षा के लिए दो वॉट्सएप ग्रुप बनाए थे। पर परीक्षा में धांधली के इस खेल में 'मास्टर' अकेला नहीं है। इसका एक क्राइम पार्टनर भी है। मुंगेर पुलिस की शुरुआती जांच में स्थानीय कोचिंग 'राठौड़ क्लासेज' के मालिक का भी नाम सामने आया है। मामला सामने आने के बाद से दोनों फरार हैं। इनके पकड़े जाने के बाद ही परीक्षा में सेटिंग का पूरा खेल सामने आ पाएगा। BPSC के अफसरों ने जयपुर की कंपनी को दिया टेंडर AEDO की परीक्षा में टेंडर के जरिए BPSC ने बायोमेट्रिक अटेंडेंस की जिम्मेदारी जयपुर की कंपनी साईं एडूकेयर प्राइवेट लिमिटेड को दी थी। मुंगेर से पकड़ा गया सुजल कुमार इसी कंपनी का स्टाफ था। कंपनी को ठेका देने में BPSC के अफसरों ने खास रुचि दिखाई है। परीक्षा में बायोमेट्रिक का टेंडर लेने वाली कंपनी SEPL की भूमिका की जांच EOU कर रही है। कंपनी का बैकग्राउंड खंगाला जा रहा है। EOU पता लगा रही है कि क्या पेपर लीक की कोशिश हुई थी? सुजल के अलावा इस कंपनी में काम करने वाला कोई और शख्स भी शामिल नहीं है? 'मास्टर' के कांटैक्ट में सुजल कैसे आया? इनके बीच कब से कनेक्शन है? नालंदा का बायोमेट्रिक ऑपरेटर के कांटैक्ट भी खंगाला जाएगा। NTA की डिबार कंपनी को BPSC ने दिया टेंडर परीक्षा का क्वेश्चन पेपर लीक हुआ या नहीं? यह सवाल बरकरार है। सवाल उठ रहा है कि आखिर BPSC ने ऐसी कंपनी को टेंडर दिया ही क्यों। सूत्रों के मुताबिक, BPSC ने अपनी एक इंटरनल जांच टीम बनाई है। SEPL को शो काज किया गया है। दरअसल, नेशनल टेस्ट एजेंसी (NTA) ने इस कंपनी को एक साल के लिए अपनी हर परीक्षा के टेंडर से डिबार कर दिया था। एक परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत पर अक्टूबर 2025 में यह कार्रवाई हुई थी। हर परीक्षा में BPSC टेंडर के जरिए 3 काम कराती है। डील के बाद सुजल ने की थी हेराफेरी FIR के मुताबिक, कंपनी को जो लिस्ट भेजी गई उसमें पहले से हायर किए गए बायोमेट्रिक ऑपरेटर और सुपरवाइजर के नाम ऑरिजनल थे। मगर, दूसरी लिस्ट में बदल दिए गए। इसमें उन लोगों के नाम थे, जिन्हें धांधली कराने के लिए 'मास्टर' के इशारे पर हायर किया गया था। सुजल ने यह काम 'मास्टर' से हुए डील के बाद किया था। बायोमेट्रिक ऑपरेटर का काम होता क्या है? बायोमेट्रिक ऑपरेटर का काम परीक्षा के दौरान कैंडिडेट्स के अंगूठों के निशान को मिलाना और उनके चेहरे को मिलाना होता है। कम भीड़-भाड़ वाले परीक्षा में इन्हें कैंडिडेट्स के आंखों की रेटिना का भी मिलान करना होता है। इन सब के अलावा परीक्षा में दी जाने वाली OMR शीट के बार कोड को भी स्कैन करने की जिम्मेवारी होती है। इसके लिए इन्हें कंपनी की ओर से एक टैब दिया जाता है। रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ EOU की SIT के मुताबिक, परीक्षा में अनियमितता पाई गई है। पेपर लीक की कोशिश की गई है। दोषी कौन है? इस पॉइंट पर जांच और रिसर्च चल रही है। डिजिटल और साइंटिफिक तरीके से एविडेंस जुटाए जा रहे हैं। कड़ी दर कड़ी जोड़कर माफिया की पूरी चेन तैयार की जा रही है। जांच एजेंसी ने माना है कि परीक्षा का सिस्टम ब्रीच हुआ है। इस प्रकरण का मास्टर माइंड क्या फरार 'मास्टर' है? या फिर इसके ऊपर कोई और भी है? इन सवालों का जवाब तलाशने के लिए मुंगेर से गिरफ्तार कर जेल भेजे गए सुजल कुमार को EOU जल्द रिमांड पर लेगी। उससे पूछताछ करेगी। संभावना है कि सुजल से पूछताछ में कई और ठोस क्लू मिल सकते हैं। इसके अलावा नालंदा से गिरफ्तार बायोमेट्रिक ऑपरेटर समेत कई और लोगों को भी पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जाएगा। BPSC से यह भी पूछा-बरामद आंसर-की सही या गलत ? ईओयू ने पटना, नालंदा, मुंगेर, वैशाली और बेगूसराय से बरामद आंसर-की BPSC को सौंप दी है। BPSC से पूछा गया है कि बरामद आंसर-की सही है या गलत ? इसके अलावा यह भी पूछा गया है कि साई एडुकेयर के अलावा किस कंपनी को क्या-क्या जिम्मेवारी किस आधार पर दी गई थी? वहीं किस परीक्षा केंद्र पर किसकी ड्यूटी लगी थी और कौन उपस्थित थे, इसकी लिस्ट भी BPSC से मांगी गई है। इधर एसके पुरी थाने की पुलिस ने भी BPSC से एएन कॉलेज में तैनात कर्मियों की लिस्ट और उनका मोबाइल नंबर मांगा है। अभ्यर्थी ने कहा-बायोमेट्रिक कर्मियों ने दी थी आंसर-की नालंदा जिले के सोहसराय थाने की पुलिस ने एईडीओ की परीक्षा के दौरान 17 अप्रैल को दो बायोमेट्रिक कर्मियों सोहसराय के चंदन और नूरसराय के राहुल को गिरफ्तार किया था। साथ ही कुम्हरार की रहने वाली अभ्यर्थी श्वेता कुमारी को भी गिरफ्तार किया गया था। श्वेता की उत्तर पुस्तिका के अंदर से प्रश्नपत्र के ग्रुप सी और डी की आंसर-की मिली थी। ईओयू दोनों बायोमेट्रिक कर्मी चंदन, राहुल और अभ्यर्थी श्वेता को रिमांड है। पर लेकर पटना आ गई है। तीनों से पूछताछ हो रही है। श्वेता ने बताया कि उसे चंदन और राहुल ने आंसर-की पहुंचाई थी। राहुल और चंदन के पास से बरामद दो फोन, ब्लूटूथ डिवाइस की फॉरेंसिक जांच भी की जा रही है। श्वेता को चंदन और राहुल ने पांच पन्ने की आंसर-की उपलब्ध कराई थी। वहीं सोमवार को ईओयू मुंगेर में गिरफ्तार बायोमेट्रिक कर्मी और अभ्यर्थी को रिमांड पर लेने के लिए आवेदन देगी।
मोहाली जिले में दर्ज एक FIR पर कार्रवाई नहीं होने से परेशान एक व्यक्ति को आखिरकार हाईकोर्ट का रुख अपनाना पड़ा। कोर्ट ने अब मामले में दखल देते हुए SSP मोहाली पुलिस को शिकायत पर गंभीरता से कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने परिवार की 20 मार्च की शिकायत की जांच करने और जल्द कार्रवाई करने को कहा है। हालांकि आरोपियों ने भी शिकायतकर्ता के खिलाफ शिकायत दी थी, जिस पर DDR दर्ज की गई है। यह झगड़ा शिकायतकर्ता और आरोपियों के घरों के बीच की एक साझा दीवार को लेकर शुरू हुआ था। पहले भी इस दीवार के काम को लेकर पंचायत में समझौता हुआ था, लेकिन विवाद पूरी तरह सुलझा नहीं था। अब समझिए मामला और कार्रवाई 1.याचिकाकर्ता (सुभाष चंद) ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 528 के तहत यह याचिका दायर की थी। उन्होंने मांग की थी कि पुलिस को FIR संख्या 14 (दिनांक 02.03.2026) के आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने और निष्पक्ष जांच करने का निर्देश दिया जाए। यह FIR पुलिस स्टेशन हंडेसरा, जिला SAS नगर, मोहाली में दर्ज की गई थी। सुभाष शर्मा के अनुसार, जब वह काम से घर लौटे, तो गोल्डी, करण और हर्ष ने उनके घर के आंगन में घुसकर उन पर हमला कर दिया। करण ने उन पर ईंट से हमला किया, जबकि गोल्डी और हर्ष ने उन्हें दबोच लिया और उनके सीने पर मुक्के मारे। 2. जब उनकी पत्नी कुसुम बीच-बचाव करने आईं, तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की, जिससे उनकी सोने की चेन कहीं गिर गई। शिकायतकर्ता और उनकी पत्नी का इलाज सिविल अस्पताल डेराबस्सी और बाद में जीएमसीएच सेक्टर 32 चंडीगढ़ में कराया गया। 3. याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि FIR तो दर्ज हो गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि याचिकाकर्ता ने 20 मार्च, 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), SAS नगर को इस संबंध में एक आवेदन (Representation) भी दिया था, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। 4. राज्य के वकील (AAG, पंजाब) ने अदालत को सूचित किया कि आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज है, लेकिन वे वर्तमान में फरार हैं और उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपियों की ओर से भी एक शिकायत मिली थी, जिसके आधार पर एक DDR दर्ज कर जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि याचिकाकर्ता के आवेदन पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और जांच जल्द ही पूरी कर ली जाएगी। 5. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने इस याचिका का निपटारा करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), SAS नगर, मोहाली को यह निर्देश दिया कि वे याचिकाकर्ता के 20 मार्च, 2026 के आवेदन पर विचार करें और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करें।
पंजाबी और बॉलीवुड सिंगर दिलजीत दोसांझ ऑरा वर्ल्ड टूर के दौरान अमेरिका के कैलगरी में शो में खालिस्तानियों पर भड़क गए। दिलजीत ने पोस्टर दिखा रहे खालिस्तानी समर्थकों को स्टेज से ही जवाब दिया। अपने किसी शो में दिलजीत पहली बार इतने गुस्से में दिखे। दिलजीत ने सिद्धू स्टाइल में अपनी जांघ पर थापी देते हुए कहा कि जिसने आना है मैदान में आ जाए। मैं उठाकर बाहर फेंकूंगा। उन्होंने कहा कि ये जो विरोध कर रहे हैं इन्होंने पंजाब के लिए क्या किया। हमारा काम नहीं था फिर भी पंजाब में आई बाढ़ में लोगों की मदद की। उनके घर बनाए। बिना नाम लिए एक शो (KBC) का जिक्र करते हुए दिलजीत ने कहा कि हमारे लोगों की आवाज नेशनल मीडिया तक नहीं पहुंची थी। इसलिए वे शो में गए थे, वहां जाकर अपनी या फिल्म की प्रोमोशन नहीं की बल्कि पंजाब के भले के लिए ही फंड इकट्ठा किया। बता दें कि इन दिनों दिलजीत अमेरिका के टूर पर हैं। दिलजीत ने जिम्मी के शो का भी जिक्र करते हुए कहा कि मुझे क्या जरूरत थी यहां भी जिम्मी के शो में जाने की। मैंने वहां भी पंजाब की बात की। कामागाटामारू घटना का जिक्र किया। दिलजीत ने चलते शो में कहीं अहम बातें… दिलजीत को लेकर पहले भी कंट्रोवर्सी हुई… 1. अमिताभ बच्चन के पैर छूने पर विवाद: साल 2025 का सबसे बड़ा विवाद तब शुरू हुआ जब दिलजीत दोसांझ 'कौन बनेगा करोड़पति' (KBC) के सेट पर पहुंचे। यहां उन्होंने अमिताभ बच्चन के पैर छुए व उनका आशीर्वाद लिया। आतंकी संगठन 'सिख फॉर जस्टिस' (SFJ) और गुरपतवंत सिंह पन्नू ने इसकी कड़ी निंदा की। आरोप लगाया कि दिलजीत उन लोगों का सम्मान कर रहे हैं, जिनका नाम 1984 के सिख दंगों के दौरान विवादों में आया था। इसके बाद से ही पन्नू ने दिलजीत को 'टारगेट' करना शुरू किया। 2. 'भारत का पोस्टर बॉय' होने का आरोप: 2025 के टूर के दौरान कई कट्टरपंथी संगठनों ने सोशल मीडिया पर दिलजीत के खिलाफ मुहिम चलाई। उन्हें भारत सरकार का एजेंट और बीजेपी-आरएसएस का समर्थक कहा गया। संगठनों का आरोप था कि दिलजीत अपनी लोकप्रियता का इस्तेमाल विदेशों में भारत सरकार की छवि सुधारने व सिख समुदाय के बीच केंद्र सरकार की पैठ बनाने के लिए कर रहे हैं। 3. तिरंगे और राष्ट्रवाद को लेकर विवाद: पिछले टूर के कुछ शो के दौरान दिलजीत ने गर्व के साथ भारतीय तिरंगा लहराया और गर्व जताया। खालिस्तान समर्थकों ने इसे सिख विरोधी कृत्य करार देने की कोशिश की। उन्होंने तर्क दिया कि दिलजीत को केवल पंजाबी पहचान को प्रमोट करना चाहिए, न कि भारतीय राष्ट्रवाद को। 4. सिडनी और मेलबर्न शो के दौरान नारेबाजी: 2025 के अंत में जब दिलजीत ऑस्ट्रेलिया में परफॉर्म कर रहे थे, तब स्टेडियम के बाहर कुछ लोगों ने खालिस्तानी झंडे लेकर प्रदर्शन किया था। 5. सोशल मीडिया वॉर और धमकियां: दुनिया के कई बड़े देशों में हो रहे 'ऑरा' टूर के दौरान पन्नू ने कई वीडियो जारी किए। इन वीडियो में दिलजीत को चेतावनी दी गई कि वे भारत के एजेंडे को आगे बढ़ाना बंद करें, वरना उनके ग्लोबल शो में खलल डाला जाएगा।
ऑस्ट्रेलिया से डिपोर्ट होकर 9 पंजाबी अपने घर पहुंच गए। इनमें लुधियाना का रंजीत सिंह शामिल है। वह परिवार के पास पहुंच गया लेकिन अभी बात करने की हालत में नहीं है। परिवार-गांव के लोगों ने भी चुप्पी साध रखी है। ऑस्ट्रेलियन मीडिया रिपोर्ट की मानें तो रंजीत सिंह 2024 में ड्रग केस में पकड़ा गया। इसके बाद उसे 2 साल डिटेंशन सेंटर में रखा गया था। उसे पहले भी डिपोर्ट करने की कोशिश हुई लेकिन वह राजी नहीं हुआ। अब जबरन भेजा गया है। दिल्ली एयरपोर्ट से खन्ना पुलिस उसे लेकर आई। फिर उसे परिवार के हवाले कर दिया। रंजीत का दावा है कि उस सेंटर में 4-5 पंजाबी युवक और हैं, उन्हें भी जल्द डिपोर्ट कर दिया जाएगा। लुधियाना में खन्ना के गांव मुशकाबाद का रंजीत ऑस्ट्रेलिया कैसे पहुंचा, उसे डिपोर्ट कैसे किया गया, उसने पुलिस-परिवार को क्या बताया, ये सब जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट… स्टडी वीजा पर गया, काम करने लगा, शादी भी कीनाम न छापने की शर्त पर उसके गांव के लोगों ने बताया- रंजीत सिंह 2014 में स्टडी वीजा पर ऑस्ट्रेलिया गया था। ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के साथ काम करता रहा। 9 साल तक लगातार ऑस्ट्रेलिया में रहा। पढ़ाई के बाद वह वर्क परमिट पर वहीं काम करने लगा। गांव के लोगों का कहना है कि रंजीत सिंह 2023 में ऑस्ट्रेलिया से घर आया और शादी की। शादी के कुछ महीने बाद दोबारा ऑस्ट्रेलिया चला गया। वहां जाकर वो फिर से काम करने लगा। नशा तस्करी करते पकड़ा गया, वीजा रद्द, डिटेंशन सेंटर में डालाऑस्ट्रेलियन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 2023 में ऑस्ट्रेलिया जाने के बाद वो नशा तस्करों के संपर्क में आ गया। 2024 में वह हेरोइन और मेथमफेटामाइन (Ice) जैसे ड्रग्स की तस्करी व चोरी के केस में गिरफ्तार हुआ। जमानत हुई लेकिन वो जमानत की शर्तों का उल्लंघन करता रहा। रंजीत सिंह लगातार जमानत की शर्तों का उल्लंघन कर रहा था। ऑस्ट्रेलिया सरकार ने उसको डिटेन कर योंगा हिल के इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर में रखा। वहां भी उसका व्यवहार अच्छा नहीं रहा। ऑस्ट्रेलियन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 2025 में भी रंजीत सिंह को डिपोर्ट करने की कोशिश की गई थी लेकिन तब उसने भारत आने से मना कर दिया। ऑस्ट्रेलिया सरकार उस पर लगातार देश लौटने का दबाव बनाती रही। रंजीत सिंह बार-बार विरोध करता रहा लेकिन इस बार ऑस्ट्रेलिया सरकार ने उसे जबरन 14 अन्य भारतीयों के साथ डिर्पोट कर दिया। एक मई को समराला पुलिस पटियाला से रंजीत सिंह लेकर आई और उसे उसके परिजनों को सौंप दिया। रंजीत सिंह ने पुलिस को क्या बतायारंजीत सिंह ने समराला पुलिस को बताया कि उसने ऑस्ट्रेलिया से होटल मैनेजमेंट व एमबीए किया है। डीएसपी समराला प्रितपाल सिंह ने बताया कि वह होटल इंडस्ट्री में काम करता था और अच्छे पैसे कमाता था। पुलिस पूछताछ में रंजीत सिंह ने बताया कि उसे नशे की आदत पड़ गई थी। वह नशा करते हुए पकड़ा गया और उसे जेल हो गई। जमानत हुई लेकिन वो काम में व्यस्त होने के कारण थाने में हाजिरी नहीं लगवा पाया। जब वो थाने से गैरहाजिर हुआ तो पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और उसका वीजा रद्द कर दिया। उसके बाद उसे इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर में रख दिया। योंगा हिल के डिटेंशन सेंटर में हैं पंजाबी युवकरंजीत सिंह ने अपने गांव के पूर्व सरपंच मालविंदर सिंह लवली को बताया कि ऑस्ट्रेलिया के योंगा हिल इमिग्रेशन सेंटर में चार-पांच पंजाबी युवक हैं। उन्हें भी डिपोर्ट करने की तैयारी चल रही है। जल्दी ही ऑस्ट्रेलिया सरकार उन्हें भी डिपोर्ट कर रही है। हालांकि रंजीत सिंह ने अभी तक ऑस्ट्रेलिया में अपने बारे में किसी को नहीं बताया। दैनिक भास्कर ने जब उससे बात करने की कोशिश की तो परिवार ने कह दिया कि उसकी मानसिक स्थिति अभी ठीक नहीं है। उसके पिता जसबीर सिंह ने भी कहा कि बेटा वापस आ गया, उनके लिए यही बड़ी खुशी की बात है। उन्हें मीडिया से बात नहीं करनी है। डिपोर्ट किए सभी एक ही डिटेंशन सेंटर में थेऑस्ट्रेलिया सरकार ने जिन लोगों को डिपोर्ट करके भारत भेजा है वो सभी योंगा हिल इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर में थे। ज्यादातर लोगों के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज थे और पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। उन्होंने जमानत करवाई लेकिन जमानत की शर्तों का उल्लंघन करते रहे। उसके बाद सरकार ने ऐसे लोगों को डिटेन करके इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर योंगा हिल में रखा गया। जिन 9 पंजाबियों को डिपोर्ट किया गया, उनके बारे में जानिए… जसवंत सिंह: ऑस्ट्रेलियन मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जसवंत सिंह पर नशा, हथियार, नशे में ड्राइविंग व चोरी जैसे संगीन मामले थे। ऑस्ट्रेलिया की पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। उसकी जमानत हुई लेकिन उसने जमानत शर्तों का उल्लंघन किया। उसे भी योंगा हिल इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर में रखा गया। इसे भी वहां से डिपोर्ट करने के कई बार प्रयास किए गए।वीजा: 2016 में टूरिस्ट वीजा पर गया। स्टडी वीजा अप्लाई किया (रिजेक्ट), बाद में ब्रिज वीजा मिला। 2020-2023 के बीच 2-3 महीने जेल, शुरुआत में 6 महीने डिटेंशन, 2024 में फिर गिरफ्तार — दो साल डिटेंशन सेंटर में रहा। अंग्रेज सिंह : अंग्रेज सिंह के खिलाफ कई फ्रॉड मामले, ड्रग अपराध, ट्रेसपासिंग और चोरी की संपत्ति रखना केमामले दर्ज थे। उसने काउंसलर की सहायता लेने से भी इनकार कर दिया था। उसके बाद उसे भी पुलिस ने योंगा इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर में रखा।वीजा: 2018 में शादी के बाद फरवरी 2019 में स्पाउस वीजा पर गया (पत्नी नवंबर 2018 में पहुंची)। 2025 में तलाक के बाद डिटेंशन सेंटर ट्रांसफर। सतिंदरजीत सिंह शेरगिल : सतिंदर जीत सिंह शेरगिल पर ऑस्ट्रेलिया में घरेलू हिंसा, आदेशों का बार-बार उल्लंघन, हमला और पुलिस के खिलाफ अपराध जैसे संगीत मामले हैं। वो ऑस्ट्रेलिया के मैलबार्न में रहता था।वीजा: 2019 में बहन के जरिए टूरिस्ट वीजा पर गया, बाद में स्टडी वीजा मिला। हरप्रीत सिंह सिद्धू: हरप्रीत संधू पर भी ड्रग तस्करी, मेथामफेटामाइन रखना, फ्रॉड, चोरी, ट्रेसपासिंग, जमानत उल्लंघन और पुलिस को झूठी जानकारी देने जैसे संगीत मामले थे। इसे पुलिस ने इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर में रखा था।वीजा: अमृतसर के एजेंट के जरिए 2014 में पर्थ स्टडी वीजा पर गया (2021 में एक्सपायर), एक्सटेंशन रिजेक्ट। तीन साल डिटेंशन सेंटर में रहा। जगजीत सिंह सिद्धू : जगजीत सिंह सिद्धू ने के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया में वाहन चोरी, जाली दस्तावेजों का उपयोग और चोरी की संपत्ति संभालना जैसे अपराध दर्ज हैं। उसने भी योंगा हिल डिटेंशन सेंटर में रखा गया। उसको भी पहले डिपोर्ट करने का प्रयास किया गया लेकिन इसने यहयोग नहीं दिया।वीजा: 2009 में 12वीं के बाद मेलबर्न में कोर्स के लिए स्टडी वीजा पर गया। जेल की सजा काटी, नवंबर 2025 में डिटेंशन सेंटर शिफ्ट। जसप्रीत सिंह : जसप्रीत सिंह के खिलाफ दुकान में चोरी , ड्रग रखना, हमला, जमानत उल्लंघन और घरेलू हिंसा से संबंधित गंभीर आरोप हैं। हालांकि इस पर अभी दोष सिद्ध नहीं हुए। पुलिस ने इसे डिटेन करके मैलबॉर्न में रखा था और वहीं से उसे डिपोर्ट किया गया।वीजा: 2014 में स्टडी वीजा पर गया (2017 में खत्म), बाद में प्रोटेक्शन वीजा और ब्रिज वीजा मिला। अगस्त 2025 में दोबारा गिरफ्तार। 2-3 महीने जेल, 7-8 महीने डिटेंशन सेंटर। कंवलजीत सिंह : कंवलजीत सिंह के खिलाफ ड्रग रखना, 2000 डॉलर से अधिक मूल्य की दुकान में चोरी, वाहन चोरी, सार्वजनिक स्थान पर चाकू रखना और हिरासत से भागने का प्रयास जैसे गंभीर मामने हैं।वीजा: जानकारी नहीं मिली। रंजीत सिंह : रंजीत सिंह के खिलाफ हेरोइन और मेथामफेटामाइन रखना, चोरी और बार-बार जमानत उल्लंघन करने जैसे आरोप थे। पुलिस ने आरोपी को योंगा हिल इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर में रखा था। पहले भी इसे डिपोर्ट करने की कोशिश की गई।वीजा: मोहाली के एजेंट के जरिए 2014 में स्टडी वीजा (2 साल का, बाद में अगस्त 2025 तक एक्सटेंडेड)। दिसंबर 2024 में डिटेंशन सेंटर भेजा गया। हरप्रीत सिंह : हरप्रीत सिंह पर पुलिस पर हमला, स्टॉकिंग, धमकी, प्रतिबंध आदेशों का उल्लंघन और एक बच्चे से संबंधित यौन अपराध जैसे गंभीर मामले दर्ज थे। इसे भी मैलबॉर्न में रखा गया था और इसका भी वीजा रद्द करके डिपोर्ट कर दिया गया।वीजा: स्टडी वीजा पर 2008 में ऑस्ट्रेलिया गया। 2016 में एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक से शादी की, दो बच्चे हुए। 2021 में सिडनी शिफ्ट हुआ। 2023 में तलाक हो गया। 2025 से डिटेंशन सेंटर में था। जेल भी हो चुकी।
पंजाब के कपूरथला में कत्ल किया गया गैंगस्टर गोपी निज्जर आखिर तक अपने साथी कुख्यात गैंगस्टर सुक्खा काहलवां के लिए अड़ा रहा। सुक्खा काहलवां की पुलिस कस्टडी में हत्या की गई थी। इस मामले में एक-एक कर सारे गवाह मुकर गए। यहां तक कि कत्ल के वक्त मौजूद पुलिसवाले भी मुकर गए लेकिन गोपी निज्जर अड़ा रहा। उसे एक आरोपी के पिता ने 30 लाख रुपए का ऑफर भी दिया था लेकिन उसने पीछे हटने से इनकार कर दिया। कॉलेज फ्रेंड से सुक्खा काहलवां का राइट हैंड बने गोपी निज्जर की उसी की कार में गोली मारकर हत्या कर दी गई। कत्ल की जिम्मेदारी गोपी घनश्यामपुरिया गैंग के गैंगस्टर डोनी बल ने ली। जिसमें उसने कत्ल की 2 वजहें भी बताईं। गोपी निज्जर की सुक्खा से दोस्ती कैसे हुई, सुक्खा मर्डर के बाद उसने कैसे गैंग संभाली, उसकी कत्ल की वजह क्या रही, ये सब जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट… गोपी निज्जर ने खुद बताई थी पूरी कहानी सुक्खा काहलवां मर्डर केस में 8 लोग हो चुके बरी कपूरथला की अदालत में केस लड़ने वाली सुक्खा काहलवां केस की एडवोकेट शेफाली शर्मा ने 2019 में बताया था कि सत्र न्यायालय ने इस मामले में 8 आरोपियों को बरी कर दिया। क्योंकि पुलिस अधिकारी और अन्य गवाह अपने बयानों से मुकर गए थे। सुक्खा काहलवां पर हत्या, अपहरण और जबरन वसूली के मामले दर्ज थे और उसे पंजाब के सबसे खतरनाक शार्पशूटरों में गिना जाता था। गोपी निज्जर की हत्या क्यों हुई?गैंगस्टर डोनी बल की तरफ से एक पोस्ट में दावा किया गया कि गोपी निज्जर का कत्ल मैंने कराया। इसकी उसने 2 वजहें बताई। एक तो उसने पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के कत्ल के बाद खुशी मनाई थी। इससे डोनी बल ने उसे गैंगस्टर लॉरेंस का करीबी माना। दूसरी वजह उनके गुर्गे गोरे का कत्ल करने वालों को पनाह देने का आरोप लगाया। इसके अलावा सुक्खा काहलवां का कत्ल करने वाले विक्की गौंडर के बारे में भी सोशल मीडिया पर बुरा बोला। सुक्खा की गैंग संभाल रहा था गोपीपुलिस सूत्रों के अनुसार 21 जनवरी 2015 को सुक्खा काहलवां की हत्या हुई। फगवाड़ा में विक्की गौंडर गैंग ने 40 राउंड फायर कर सुक्खा को मार दिया था। सुक्खा को 12 गोलियां लगी थीं। मौत के बाद उन लोगों ने भांगड़ा भी डाला था। इसके बाद गोपी ने उसकी गैंग संभाल ली। सुक्खा की तरह की युवाओं को जोड़ता रहा। गोपी पर फिरौती, हथियार तस्करी समेत संगीन अपराधों के 2 दर्ज केस दर्ज थे। सुक्खा काहलवां ने ये गैंग साल 2000 में बनाई थी। उस पर भी कत्ल होने तक लूट, फिरौती, मर्डर सहित 48 से भी ज्यादा केस दर्ज हो चुके थे। मां बोली- मैंने रोका था, वह गाड़ी लेकर चला गयागोपी निज्जर की मौत के बाद परिवार ने बताया कि गुरुवार शाम 7 बजे के करीब गोपी घर से किसी रेस्टोरेंट में जाना का बोलकर निकला। उसकी मां ने उसे कहा भी कि तुम्हें बहुत सी धमकियां मिल रही हैं। तुम अकेले मत जाया करो। इस पर गोपी ने मां को कहा कि थोड़ी देर के लिए जाना है किसी से मिलना है और वापस आ जाना है। मां ने बताया कि इसके बाद गोपी बात को अनसुनी कर कार उठाकर चला गया। वह अकेला ही गया था। गांव से कुछ दूर बाहर ही अज्ञात लोगों ने गोलियां मारकर उसकी हत्या कर दी। गोपी निज्जर अभी कुंवारा था और ग्रेजुएशन कर रखी थी।
नालंदा में मजदूर दिवस के दिन बड़ी हैपनिंग हुई। कई घटनाएं भी हुईं। सत्ता संभालने के बाद पहली बार सीएम सम्राट चौधरी नालंदा पहुंचे। यहां वे प्रणावां गांव में शरण निवास बाबा महतो साहब की जन्मस्थली पर लगने वाले राजकीय मेले में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उद्घाटन के बाद बाबा महतो साहब के मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। इस मौके पर डिप्टी सीएम बिजेंद्र यादव भी मौजूद रहे। दूसरी ओर साले की शादी से पहले बहनोई की मौत हो गई। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं एक मई की नालंदा की 5 बड़ी खबरें... 1.) सत्ता संभालने के बाद पहली बार नालंदा पहुंचे सीएम:सम्राट चौधरी ने कहा- बेटियों के स्कूल-कॉलेज से घर लौटने तक पुलिस जागती रहेगी मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी पहली बार नालंदा पहुंचे। सरमेरा प्रखंड के प्रणावां गांव में शरण निवास बाबा महतो साहब की जन्मस्थली पर लगने वाले राजकीय मेले में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उद्घाटन के बाद बाबा महतो साहब के मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। इस मौके पर डिप्टी सीएम बिजेंद्र यादव भी मौजूद रहे। उद्घाटन के बाद सीएम ने जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हमारी बेटियां जब तक स्कूल-कॉलेज से घर नहीं लौटेंगी, तब तक पुलिस जागती रहेगी। पढ़े पूरी खबर… 2.) नालंदा में साले की शादी से पहले बहनोई की मौत:पिकअप ने रौंदा, 6 महीना पहले पिता बना था; बाइक सवार दोस्त की हालत गंभीर नालंदा में अनियंत्रित पिकअप वैन ने सड़क किनारे खड़ी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए। हादसे में एक दोस्त की मौत हो गई, जबकि दूसरे की हालत गंभीर है। मृतक की पहचान पटना जिले के दीदारगंज निवासी योगेंद्र प्रसाद के पुत्र दीपक कुमार(25) के तौर पर हुई है। घटना चंडी थाना क्षेत्र के तीना गांव के पास बिहटा-सरमेरा टू-लेन मार्ग की है। पढ़े पूरी खबर… 3.) नालंदा में राइस मिल में मजदूर की मौत:हार्ट अटैक की आशंका; काम खत्म होने के बाद सोने गए थे, फिर नहीं जगे नालंदा में पटेल एग्री राइस मिल में संदिग्ध हालत में एक मजदूर की मौत हो गई। हार्ट अटैक की आशंका है। मृतक उपेंद्र चौधरी(42) हिलसा के अकबरपुर के रहने वाले थे। घटना नूरसराय थाना क्षेत्र के दहपर की है। पढ़े पूरी खबर… 4.) नालंदा में सरकारी अनाज की कालाबाजारी का आरोप:सहायक प्रबंधक और ट्रांसपोर्ट एजेंट से मांगा स्पष्टीकरण; सख्त कार्रवाई की जाएगी नालंदा में राज्य खाद्य निगम जिला कार्यालय ने सिलाव टीपीडीएस गोदाम में सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी की एक बड़ी साजिश का खुलासा किया है। जिला प्रबंधक की जारी आदेश के अनुसार, सिलाव की सहायक प्रबंधक ब्यूटी कुमारी और ट्रांसपोर्ट एजेंट(परिवहन अभिकर्ता) शिवानी कुमारी पर मध्याह्न भोजन योजना के चावल की हेराफेरी की मंशा रखने का गंभीर आरोप लगा है। पढ़े पूरी खबर… 5.) नालंदा में लगेगा मलमास मेला, 6 अस्पताल होंगे तैयार:20 उपचार केंद्र भी बनेंगे, 24 घंटे लोगों को मिलेगी सुविधा; डॉक्टर रहेंगे तैनात पर्यटक नगरी राजगीर में आने वाले 17 मई से शुरू होने वाले सुप्रसिद्ध मलमास मेले को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में हैं। लाखों की संख्या में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सा व्यवस्था का एक व्यापक ब्लूप्रिंट तैयार किया है। इस बार मेले के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं को विकेंद्रीकृत करते हुए शहर के विभिन्न महत्वपूर्ण हिस्सों में छह अस्थाई अस्पतालों का निर्माण किया जाएगा। पढ़े पूरी खबर…
तारीख- 11 फरवरी 2022 जगह- राबड़ी आवास, पटना विधान परिषद के स्थानीय प्राधिकार कोटे की सीट के लिए RJD की तरफ से कैंडिडेट की घोषणा होनी थी। पार्टी के दो बाहुबली के करीबी दावेदार थे। पटना सीट पर दानापुर विधायक रीतलाल यादव के साथ अनंत सिंह अपने करीबी मास्टर कार्तिक के लिए दावेदारी कर रहे थे। रीतलाल भारी पड़ रहे थे। तभी तेजस्वी यादव को अनंत सिंह का संदेश आया कि मास्टर के जीत की जिम्मेदारी हमारी होगी। इसके थोड़ी देर बाद लालू यादव ने कार्तिक कुमार को उम्मीदवार बनाए जाने की घोषणा कर दी। ये बस एक बानगी भर है कि 4 साल पहले तक मास्टर कार्तिक और मोकामा से बाहुबली विधायक अनंत सिंह के रिश्ते कैसे रहे हैं। लेकिन, क्या अब दोनों की राहें जुदा हो गई हैं? इसकी चर्चा 27 अप्रैल के बाद से सियासी गलियारे में है। दरअसल, पटना के एक बड़े होटल में मास्टर कार्तिक की बेटी का सगाई समारोह था। लालू यादव से लेकर सूरजभान सिंह और विजय सिन्हा से लेकर अवधेश नारायण सिंह तक, सभी पार्टियों के विधायक, MLC और नेता पहुंचे। एक चेहरा जिनका सभी को बेसब्री से इंतजार था, अनंत सिंह वो मास्टर कार्तिक की बेटी को आशीर्वाद देने नहीं आए। कार्तिक बोले- हमारा रिश्ता बरकरार, शादी में आ सकते हैं भास्कर ने इस पूरे प्रकरण पर MLC कार्तिक कुमार से बात की। उन्होंने बताया, ‘हमारे रिश्ते आज भी हैं। मैंने खुद जाकर उन्हें सगाई समारोह में आने का निमंत्रण दिया था। हमारी मुलाकात हुई थी।’ उन्होंने कहा, ‘हमारा रिश्ता कभी खराब नहीं होगा। उनका स्नेह आज भी बरकरार है। रिश्ते में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। ये भी उसी का एक फेज है। उनके परिवार से उनके भतीजे (दिलीप सिंह के बेटे) कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। जून में शादी है, उसमें वो भी आएंगे।’ अनंत सिंह के चुनावी रणनीतिकार रहे हैं कार्तिक कार्तिक को बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थक 'कार्तिक मास्टर' के नाम से जानते हैं। 2005 के बिहार विधानसभा चुनाव के बाद कार्तिक मास्टर और अनंत सिंह की दोस्ती परवान चढ़ी थी। आगे अनंत सिंह के चुनावी रणनीतिकार के रूप में कार्तिक ने खुद को साबित किया। जानकारी है कि अनंत सिंह के लिए सभी राजनीतिक दांव-पेंच पर्दे के पीछे से कार्तिक संभालते थे। 2022 तक कार्तिक ही सब कुछ संभाल रहे थे। 2024 में जब NDA की सरकार बनी तो अनंत सिंह की पत्नी राजद से पाला बदलकर जदयू में शामिल हो गईं थीं, लेकिन मास्टर कार्तिक राजद में ही बने रहे। अब 2025 के विधानसभा चुनाव में अनंत सिंह खुद जदयू के टिकट पर मोकामा से चुनाव लड़े। इस दौरान भी कार्तिक उनके साथ नहीं दिखे। जब-जब अनंत सिंह जेल गए, मास्टर कार्तिक ने संभाला मोर्चा 2015 में कार्तिक शिक्षक की नौकरी से वीआरएस लेकर एक्टिव पॉलिटिक्स में आए थे। तब अनंत सिंह जेल में बंद थे। नीतीश कुमार से उनकी अदावत चल रही थी। अनंत सिंह ने जेल से ही निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला लिया था। जेल के बाहर उनके प्रचार से लेकर चुनाव प्रबंधन का पूरा मोर्चा मास्टर कार्तिक ने संभाला था। अनंत सिंह ने जदयू के नीरज कुमार को 18 हजार से ज्यादा वोट से हराया था। इसके बाद 2020 के विधानसभा चुनाव में एक मामले में फिर से अनंत सिंह जेल में थे। उन्होंने जेल से ही चुनाव लड़ने का फैसला लिया, बाहर मोर्चा मास्टर कार्तिक ने संभाला। अनंत सिंह राजद के टिकट से चुनाव लड़े थे। इन्होंने जदयू के राजीव लोचन नारायण सिंह को 35 हजार से ज्यादा वोटों से हराया। 2022 में सजा होने के बाद अनंत सिंह की सदस्यता गई तो उपचुनाव में उनकी पत्नी नीलम देवी मैदान में उतरीं। पूरे चुनाव में कार्तिक इनके साथ साये की तरह बने रहे। नतीजा वह चुनाव जीतने में सफल रहीं। 2022 में पहले MLC फिर मंत्री पद का मिला इनाम 2015 से 2022 तक लगातार मदद करने का इनाम मास्टर कार्तिक को 2022 में मिला। पहले लालू प्रसाद यादव से बोलकर अनंत सिंह ने इन्हें MLC बनवाया। इसके बाद इन्हें मंत्री पद भी मिला। 2022 के महागठबंधन सरकार में ये पहले कानून मंत्री और बाद में गन्ना उद्योग मंत्री बने थे। हालांकि इनके मंत्री बनने पर विवाद बढ़ा और इन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। अनंत सिंह कार्तिक कुमार को खुद 'मास्टर साहब' कहकर पुकारते हैं। राजनीति में सक्रिय होने से पहले कार्तिक स्कूल में शिक्षक थे। वे मोकामा के रहने वाले हैं। उनके गांव का नाम शिवनार है। कार्तिक मास्टर की पत्नी रंजना कुमारी लगातार दो बार मुखिया बनीं। लगभग 28 साल तक टीचर रहने के बाद कार्तिक 2015 में पॉलिटिक्स में एक्टिव हुए थे।
पटना समेत पूरे बिहार का मौसम बदला हुआ है। मौसम विभाग ने आज यानी शनिवार को पूरे बिहार में बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 50 से 60Kmph की रफ्तार से हवा भी चल सकती है। कई जिलों में आकाशीय बिजली गिरने को लेकर चेतावनी जारी की गई है। वहीं शुक्रवार को किशनगंज, बांका समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। बारिश के बाद गोपालगंज सदर अस्पताल तालाब में तब्दील हो गया है। बेगूसराय में तेज बारिश के साथ ओले भी गिरे। कैमूर में शुक्रवार को आकाशीय बिजली गिरने एक मजदूर की मौत हो गई। खगड़िया में भी आकाशीय बिजली गिरने से एक युवक की मौत हो गई। बेतिया में तेज बारिश के बीच बैंड बाजे के साथ दूल्हा-दुल्हन की विदाई की गई। पहले मौसम से जुड़ी कुछ तस्वीरें… बीते 24 घंटे में कैसा रहा मौसम बीते 24 घंटे में मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, बेतिया, बगहा, रक्सौल और शिवहर में तेज बारिश हुई। वहीं, पटना, अररिया, किशनगंज समेत कुछ जगहों पर हल्की बारिश से मौसम सुहाना बना रहा, जबकि कई शहरों में दिनभर बादल छाए रहे। बारिश के बीच कई जिलों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। कैमूर में तापमान में करीब 5 डिग्री की कमी आई है। शुक्रवार को यहां का तापमान 36.8 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि बारिश से पहले यह करीब 41 डिग्री के आसपास था। रोहतास में तापमान में करीब 9 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। पिछले बुधवार को यहां का तापमान 44 डिग्री था, जो शुक्रवार को घटकर 35 डिग्री पर आ गया। वहीं, सबसे कम तापमान जहानाबाद में 31.5 डिग्री दर्ज किया गया। आगे कैसा रहेगा मौसम
भास्कर के ऑपरेशन रेड लाइट के बाद बिहार पुलिस का बड़ा एक्शन हुआ है। पुलिस मुख्यालय के आदेश के बाद राज्य के सभी जिलों में रेड लाइट एरिया के पैटर्न पर चल रहे ऑर्केस्ट्रा को स्कैन किया जा रहा है। सारण पुलिस की छापेमारी में ऑर्केस्ट्रा से एक बांग्लादेशी लड़की को बरामद किया गया है। सीवान में 450 से ज्यादा ऑर्केस्ट्रा को स्कैन किया जा रहा है। अब तक 21 लड़कियों को बरामद किया गया है, जिनसे जिस्मफरोशी का धंधा कराया जा रहा था। किशनगंज में भी पुलिस की छापेमारी में 5 पुरुषों के साथ 3 महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। सीवान पुलिस ऑर्केस्ट्रा को पूरी तरह से बंद कराने की तैयारी में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि 15 दिनों में ऑर्केस्ट्रा पर बड़ा एक्शन होगा जिसमें लड़कियों को मुक्त कराया जाएगा। सीवान में महिला रिपोर्टर को खरीदने-बेचने वाली एजेंट गुड़िया को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। रेड लाइट एरिया की अनमैरिड लड़कियों के बच्चों को बेचने वाला चाइल्ड इपेशलिस्ट डॉक्टर नवीन क्लीनिक बंद कर के फरार हो गया है। पुलिस के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है। अब एक-एक कर जानिए ऑपरेशन रेड लाइट के बाद जिलों में पुलिस का एक्शन… सबसे पहले 2 बड़े एक्शन पहला- रिपोर्टर को बेचने वाली गुड़िया गिरफ्तार ऊपर तस्वीर में दिख रही महिला का नाम गुड़िया है। इसे दीपक नाम के एजेंट ने महिला रिपोर्टर को बेचा था। ये नेपाल और बंगाल से लेकर अलग-अलग राज्यों से लड़कियों की सप्लाई करती है। गुड़िया ने रिपोर्टर का ब्रेनवॉश करने की खूब कोशिश की थी। वह बार-बार वायरल होने और पैसा कमाने पर जोर देती रही। जब भी किसी का फोन आता, रिपोर्टर के सामने ही बोलती थी- बड़ी हॉट लड़की आई है। एक बार में पसंद आ जाएगी, लेकिन इतनी आसानी से उसको नहीं दूंगी। वह बार-बार रिपोर्टर से उसकी फोटो मांगती और बोलती गेस्ट को भेजना है। दो रात में उसने कई लोगों को फोटो भेजे और मिलने के लिए बुलाया। रिपोर्टर के साथ कई बार बैड टच करने की कोशिश की गई। दो दिन में 14 से अधिक लोग आए, अपना प्रभाव दिखाकर साथ ले जाने की कोशिश की। रिपोर्टर ने किसी से अच्छे से बात नहीं की। यह बात गुड़िया को पता चल गई। इसके बाद गुड़िया बंगाल जाने की बात कहकर रिपोर्टर को बेचने की फिराक में लग गई थी। दूसरा- बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नवीन के अस्पताल पर रेड ऊपर तस्वीर में दिख रहा शख्स सीवान का मशहूर बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नवीन है। पुलिस ने उसके अस्पताल में भी रेड की है। डॉक्टर फरार हो गया है। रेड लाइट एरिया के पैटर्न पर चल रहे ऑर्केस्ट्रा का एजेंट विक्की इस डॉक्टर के साथ मिलकर अनमैरिड लड़कियों के बच्चों की बिक्री करता रहा था। डांसर्स को बच्चा नहीं चाहिए होता है, इसलिए वह डिलिवरी कर बच्चों को हॉस्पिटल से ही बेच देता था। महिला रिपोर्टर की डील के बहाने ही हमने इस डॉक्टर से बच्चा बेचने की पूरी डील की थी। वह लड़की को देखकर विश्वास में आ गया, जिससे डॉक्टर को कॉल कर पूरी डील करा दी। डॉक्टर और रिपोर्टर की बातचीत… रिपोर्टर - हमारे पास एक अनमैरिड डांसर है, लेकिन 7 महीने की प्रेग्नेंट है? डॉ. नवीन - हो जाएगा, बच्चे को एडजेस्ट कर दिया जाएगा। रिपोर्टर - कितने पैसे मिल जाएंगे? डॉ. नवीन - हमारा हॉस्पिटल सीवान में है। रिपोर्टर - आपका क्या नाम है? डॉ. नवीन - नाम छोड़िए आप तो काम बताइए, सब हो जाएगा। रिपोर्टर - कितना खर्च आएगा? डॉ. नवीन - 15 से 20 हजार रुपए तो डिलिवरी में लग जाएगा जो लागत होगी। रिपोर्टर - आप बताइए कितना तक मिल जाएगा, उस हिसाब से लड़की को तैयार कर लिया जाए। डॉ. नवीन - आप अगले से 50 हजार में ले लीजिए, बाकी अपनी कमाई हो जाएगी। रिपोर्टर - लड़की हरियाणा की है, बहुत सुंदर है। बेटा भी सुंदर होगा, इसलिए रेट सही लगाइए। डॉ. नवीन - हो जाएगा, यहां से सारी सुविधा हो जाएगी। जेंडर का पता लगाकर सेट कर लिया जाएगा। रिपोर्टर - एक एवरेज प्राइज तो बता दीजिए, जिससे हम निश्चिंत रहें? डॉ. नवीन - आपको सेल करना है तो करा दिया जाएगा, जैसे चाहिएगा वैसा हो जाएगा। रिपोर्टर - हमारा कितना बचेगा? पुलिस की कोई टेंशन तो नहीं होगी ना? डॉ. नवीन - कोई टेंशन नहीं होगी भाई, आप तो लड़की को लेकर आइए सब हो जाएगा। अब जानिए 3 जिलों में पुलिस का बड़ा एक्शन सारण में ऑर्केस्ट्रा से पकड़ी गई बांग्लादेशी डांसर सारण पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने मकेर थाना क्षेत्र में संचालित ऑर्केस्ट्रा की आड़ में जिस्मफोशी के धंधे का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर बांग्लादेशी युवती के साथ 3 नाबालिग लड़कियों को बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक नाबालिग लड़कियों से जबरन ऑर्केस्ट्रा में अश्लील डांस कराया जा रहा था। SDPO मढ़ौरा-1 नरेश पासवान के नेतृत्व में मकेर और अमनौर थाने की पुलिस को मिलाकर एक विशेष टीम बनाई गई। लच्छी कैतुका स्थित नाटकशाला बाजार के पास छापेमारी के दौरान 4 लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस को देख एक आरोपी फरार हो गया, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। वह इस धंधे का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। लड़कियों से पुलिस की पूछताछ में चौकाने वाला खुलासा हुआ है। ऑर्केस्ट्रा की तलाशी के दौरान मौके से एक बांग्लादेशी पासपोर्ट बरामद हुआ। इसके बाद जांच में पता चला कि बांग्लादेश की रहने वाली एक युवती नाम और पता बदलकर फर्जी दस्तावेजों के सहारे मकेर में रह रही थी। ये लड़की ऑर्केस्ट्रा में काम कर रही थी। पुलिस अब बांग्लादेशी युवती से पूछताछ कर रही है। ऑर्केस्ट्रा से जुड़े सूत्रों की माने तो ऑर्केस्ट्रा में विदेशी लड़कियों को इसी तरह से लाकर रखा जाता है। सारण SSP विनीत कुमार ने बताया कि ऑर्केस्ट्रा के नाम पर देहव्यापार का धंधा करने वालों की खैर नहीं है। ऐसा करने वालों के खिलाफ गंभीर धाराओं में कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा जाएगा। सीवान में 21 नाबालिग लड़कियां बरामद, संचालकों पर एक्शन सीवान में ऑर्केस्ट्रा के खिलाफ बड़ा एक्शन चल रहा है। SP पूरन झा के आदेश पर जिले के सभी थानों की पुलिस ऑर्केस्ट्रा को स्कैन करने में जुटी है। सीवान में 300 से अधिक ऑर्केस्ट्रा को स्कैन किया गया है। पुलिस ने अब तक 21 नाबालिग लड़कियों को बरामद किया है। जिस जगह हमने ऑपरेशन रेड लाइट चलाया था उसी जगह यानी पचरुखी बाजार से ही सभी लड़कियों को बरामद किया गया है। लिस के मुताबिक यह ऑर्केस्ट्रा में काम कर रही थीं, जबरन इनसे अश्लील डांस कराया जाता है। गुठनी के साथ मुफ्फसिल थाने के अलग-अलग इलाको में छापेामरी की जा रही है। पुलिस के मुताबिक पूरे जिले में टीम बनाकर छापेमारी कराई जा रही है। 15 दिन में बंद हो जाएगा ऑर्केस्ट्रा सीवान SP पूरन झा के मुताबिक ऑर्केस्ट्रा के नाम पर लड़कियों से देहव्यापार का धंधा करने वालों के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया गया है। पुलिस की एक विशेष टीम बनाई गई है जो लगातार छापेमारी कर रही है। सीवान के लगभग 24 थानों में छापेमारी के लिए रणनीति बनाई जा रही है। पुलिस को निर्देश दिया गया है वह प्लान बनाकर ऐसे सेंटर पर छापेमारी करें और वहां से लड़कियों का रेस्क्यू कराएं। पुलिस को इनपुट मिला है कि क्षेत्र में लड़कियों को ऑर्केस्ट्रा के नाम पर लाया जा रहा है, उनसे अश्लील डांस कराया जा रहा है। अधिक संख्या में लड़कियों को जिस्मफरोशी के धंधे में भी उतारा गया है। किशनगंज से 8 गिरफ्तारी, कई एजेंट्स भाग निकले किशनगंज पुलिस ने भी बड़ा एक्शन किया है। बहादुरगंज थाना क्षेत्र के प्रेमनगर रेड लाइट एरिया में बाहर से बहला-फुसलाकर लाई गई युवतियों से जबरन देहव्यापार कराए जाने का खुलासा हुआ है। बहादुरगंज थाना पुलिस ने छापेमारी कर इस अवैध धंधे में संलिप्त 5 पुरुषों और 3 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। संचालिका मनु आरा को भी मौके से धर दबोचा गया है। पुलिस की कार्रवाई से रेड लाइट एरिया में धंधे से जुड़े एजेंट भागने लगे। पुलिस टीम ने मौके से कुल 8 लोगों को पकड़ा जबकि कुछ एजेंट भाग गए। कई ठिकानों पर छापेमारी के दौरान आपत्तिजनक सामान भी मिलेंगे। पुलिस कार्रवाई के दौरान जिन लोगों की पहचान हुई, उनमें पौआखाली थाना क्षेत्र के रसिया निवासी 19 साल के उमेश कुमार, 18 साल के राम कुमार, बहादुरगंज थाना क्षेत्र के नटूआपाड़ा निवासी 56 साल के गफ्फार आलम शामिल है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले की ताकीपुर निवासी 35 साल की अकाली शेख, बहादुरगंज थाना क्षेत्र के आमबाड़ी निवासी 25 साल के सरकुल तथा पश्चिम बंगाल के मठपारा निवासी 40 साल की मनु आरा शामिल हैं। पुलिस के अनुसार मनु आरा इस धंधे की संचालिका है। पुलिस के मुताबिक छापेमारी के दौरान अधिक संख्या में कंडोम के पैकेट बरामद किए हैं। संचालिका मनु आरा पश्चिम बंगाल की रहने वाली है। वह काफी समय से देह व्यापार का धंधा चला रही है। सूत्र बताते हैं कि धंधा 20 साल से चल रहा था, लेकिन अभी तक पुलिस का एक्शन नहीं हुआ था। भास्कर के ऑपरेशन रेड लाइट के बाद पुलिस मुख्यालय के आदेश पर पूरे बिहार में छापेमारी चल रही है। इसी क्रम में किशनगंज थाना की पुलिस ने प्रेमनगर इलाके से बड़ा खुलासा किया है। लड़की बनकर रह रहे ट्रासजेंडर पुलिस के निशने पर ऑर्केस्ट्रा के ऐसे डांसर हैं जो ट्रासजेंडर हैं, लेकिन लड़की बनकर रह रहे हैं। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक सीवान में अधिक संख्या में ऐसे डांसर हैं। भास्कर के ऑपरेशन के बाद हुई छापेमारी में महिला थाने ने कुछ ऐसे लोगों को पकड़ा था जिसके बाद क्षेत्र के ट्रांसजेंडर्स ने हंगामा कर दिया था। यहां सिर्फ लड़कियां ही नहीं, बल्कि लड़कों का भी एक संगठित गिरोह काम कर रहा है। पुलिस के मुताबिक पश्चिम बंगाल और नेपाल से आने वाले कुछ युवक लड़कियों की तरह ऑर्केस्ट्रा में रह रहे हैं। वह लड़कियों के भेष में ही स्टेज पर शो दे रहे हैं। ऐसे युवक कार्यक्रम के दौरान ऑर्केस्टा में मौजूद लड़कियों के साथ ही रहते हैं। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि इनमें से कई ने अपना जेंडर भी चेंज करा लिया है। पुलिस ने ऐसे ऑर्केस्टा ग्रुप्स की स्कैनिंग शुरू कर दी है। ताकि इसपर कार्रवाई की जा सके, राज्य के कई जिलों में इसकी पड़ताल कराई जा रही है। ऑर्केस्ट्रा संचालकों के साथ-साथ इसमें शामिल संदिग्ध लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीवान की महिला थाना अध्यक्ष सोनी कुमारी ने बताया कि जब इन ऑर्केस्ट्रा ग्रुप्स पर कार्रवाई की जा रही है, तो कुछ ट्रांसजेंडर भी विरोध में आ गए थे। -------------------- ऑपरेशन रेड लाइट तीनों पार्ट भी पढ़िए पार्ट-1: 5 दिन रेड लाइट एरिया में महिला रिपोर्टर:एजेंट्स ने 3 बार बेचा; कैसे लड़कियों का किया जाता है ब्रेनवॉश, साठगांठ एक्सपोज 'लड़की तो एकदम हॉट है। देखने वाला पागल हो जाएगा। फेस देखकर लोग मुंह मांगी कीमत देने को तैयार हो जाएंगे। हरियाणा वाली है, कस्टमर को खुश कर देगी। बिहार में ऐसी आइटम नहीं मिलेगी। मुझे तो अब तक ऐसी नैन नख्श वाली लड़की नहीं मिली…। कहां से आई हो..। अब तक कहां थी। मार्केट में पहली बार तुम्हें देखा है। यह जगह तुम्हारे लिए सही नहीं है। मेरे साथ चलो, विधायक जी से मिलवा दूंगा। एक बार उन्होंने हाथ रख दिया तो जिंदगी बदल जाएगी। रानी बनाकर रखेंगे। इलाके के लोग भी सलाम ठोकेंगे..।' पूरी खबर पढ़िए पार्ट-2: इंजेक्शन लगाकर लड़कियों को जवान बना रहे:बॉयफ्रेंड बनकर प्रेग्नेंट करते, 5 लाख में बच्चों का सौदा, डॉक्टर बोला- हॉस्पिटल-कस्टमर सब सेट “अनमैरिड लड़की है। बच्चे को लेकर कोई क्लेम नहीं करेगी। आप लड़की को हॉस्पिटल लाइएगा। यहां अल्ट्रासाउंड करके बच्चे का जेंडर का पता कर लेंगे। लड़का निकला तो मुंह मांगे पैसे मिल जाएंगे, लड़की हुई तो भी अच्छे पैसे बच जाएंगे। पुलिस का कोई टेंशन नहीं है, हमने पहले बहुत बच्चों को एडजेस्ट कराया है।” अनमैरिड लड़कियों के बच्चों को बेचने का ऑफर सीवान के मशहूर नवीन मैटरनिटी एंड चाइल्ड केयर के बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नवीन कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़िए पार्ट-3: ‘रेड लाइट एरिया की दीदी कहती-कस्टमर खुश करो, आगे बढ़ो’:ट्रैप में डॉक्टर की बेटी, बोली- बॉयफ्रेंड बेच गया; रिपोर्टर ने सुना लड़कियों का दर्द ‘तुम सुंदर हो। वायरल हो जाओगी। बोल्ड कपड़े पहनकर खुद को एक्सपोज करो। जो दिखता है, वही बिकता है। बाहरी दुनिया से यहां सब सेफ है। मालिक जो बोलेगा कर देना। वह खुश रहेगा तो गाड़ी, बंगला सब मिल जाएगा। बिहार है, यहां डांसर्स हिट हो जाती हैं। कई वायरल होकर फिल्मी दुनिया में चली गई हैं। तुम भी हिट हो जाओगी, फिल्मों में दिखोगी..।’ रेड लाइट एरिया के पैटर्न पर चल रहे ऑर्केस्ट्रा में लड़कियों का ब्रेनवॉश इसी तरह से किया जाता है। इस काम के लिए वहां पेशेवर महिलाएं रखी जाती हैं। पूरी खबर पढ़िए
भीषण गर्मी के दौर के बीच मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश होने के साथ ओले भी गिर रहे हैं। बीते 2 दिन से प्रदेश के आधे से ज्यादा जिले प्रभावित है। IMD (मौसम केंद्र) ने शनिवार को ग्वालियर समेत 21 जिलों में बारिश होने की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 30 से 50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी भी चल सकती है। दो दिन में प्रदेश के 35 जिलों में बारिश, ओले या फिर आंधी चल चुकी है। शुक्रवार को भी कई जिलों में मौसम बिगड़ा रहा। इस वजह से दिन के तापमान में गिरावट आई है। शनिवार को जिन जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है, उनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, गुना, अशोकनगर, नीमच और मंदसौर शामिल हैं। दूसरी ओर, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, रतलाम, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, कटनी, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा और सिंगरौली में गर्मी का असर रहेगा। कुछ जिलों में दोपहर बाद मौसम बदल भी सकता है। इनमें भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा और शहडोल संभाग शामिल हैं। जबलपुर-दमोह में हल्की बारिश, खंडवा में पारा सबसे ज्यादा इससे पहले शुक्रवार को प्रदेश में बारिश और गर्मी का दौर रहा। जबलपुर और दमोह में हल्की बारिश दर्ज की गई। वहीं, खंडवा में पारा सबसे ज्यादा 43.1 डिग्री दर्ज किया गया। नरसिंहपुर में 42.2 डिग्री, रतलाम में 41.2 डिग्री, टीकमगढ़ में 41 डिग्री, बैतूल में 40.8 डिग्री, गुना में 40.4 डिग्री, शाजापुर, दमोह-सागर में 40.2 डिग्री और श्योपुर में 40 डिग्री रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो सिर्फ उज्जैन में ही पारा 40 डिग्री के पार रहा। मौसम विभाग के अनुसार, उज्जैन में 40.5 डिग्री, भोपाल में 39.8 डिग्री, इंदौर में 39.4 डिग्री, ग्वालियर में 37.4 डिग्री और जबलपुर में 38 डिग्री दर्ज किया गया। इस बार आंधी-बारिश से मई की शुरुआत आम तौर पर मई महीने में भीषण गर्मी का ट्रेंड रहा है, लेकिन इस बार मई की शुरुआत आंधी-बारिश के साथ हुई है। अगले 4 दिन यानी, 5 मई तक प्रदेश में ऐसा ही मौसम बना रहेगा। मौसम विभाग की माने तो साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) की वजह से मौसम बिगड़ा है। इस वजह से जबलपुर में बड़ा हादसा भी हो चुका है। गुरुवार शाम को जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज डूब गया। जिससे कई जानें चली गईं। हिमालयी क्षेत्र में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है, जो आगे बढ़ेगा। इस वजह से प्रदेश में आगे भी आंधी-बारिश का दौर बना रहेगा। अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम… MP के 5 बड़े शहरों में मई में मौसम का ऐसा ट्रेंड... भोपाल में गर्मी-बारिश का ट्रेंड राजधानी में मई में मौसम के ट्रेंड की बात करें तो पिछले 10 साल में तेज गर्मी और बारिश दोनों का ही दौर रहा है। 2016 में पारा 46.7 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो ओवरऑल रिकॉर्ड है। इस महीने बारिश भी होती है। 2014 से 2023 तक हर साल बारिश हुई है। वर्ष 2021 और 2023 में 2 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इस बार भी मई में बारिश का अलर्ट है। इंदौर में 2023 में गिरा था 3 इंच पानी मई के महीने में इंदौर में भी पारा 46 डिग्री के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 31 मई 1994 को इतना तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। इसके चलते बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। पिछले साल पूरे महीने 3 इंच बारिश हुई थी। वर्ष 2014 से 2023 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। ग्वालियर में सबसे ज्यादा गर्मी ग्वालियर में मई की गर्मी का ट्रेंड बाकी शहरों से अलग रहता है। यहां ज्यादा गर्मी पड़ती है। बीते 10 साल में यहां एक बार 47 डिग्री और 3 बार पारा 46 डिग्री के पार पहुंच चुका है। 30 मई 1947 को 48.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था। 17 मई 1953 में 24 घंटे में सर्वाधिक 41.9 मिमी यानी डेढ़ इंच से अधिक बारिश हुई थी। 2023 में भी ढाई इंच पानी गिरा था। जबलपुर में तेज गर्मी का ट्रेंड जबलपुर की बात करें, तो यहां मई में पारा 46.7 डिग्री तक पहुंच चुका है। 25 मई 1954 को इतना टेम्प्रेचर रिकॉर्ड किया गया था। पिछले 10 साल में 3 बार टेम्प्रेचर 45 डिग्री से अधिक रहा। मई में बारिश का ट्रेंड भी रहता है। 2014 से 2023 में हर साल बारिश हुई है। वर्ष 2021 में पूरे महीने 3 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। पिछले साल 2 इंच पानी गिरा था। उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंड उज्जैन में भी मई महीने में गर्मी और बारिश का ट्रेंड रहता है। 22 मई 2010 को रिकॉर्ड 46 डिग्री तापमान पहुंचा था। वहीं, 2014 से 2023 के बीच एक बार पारा 45 डिग्री के पार रह चुका। हालांकि, पिछले साल पारा 42.4 डिग्री से ज्यादा नहीं गया था। इस महीने पौन इंच के करीब बारिश भी हुई थी।
भोपाल की सड़कों पर ट्रैफिक नियम अब मजाक बन चुके हैं। इसका सबूत खुद पुलिस की मौजूदगी में हो रही लापरवाही है। प्रदेश में 26 अप्रैल से 10 मई तक ट्रैफिक नियमों को लेकर विशेष चेकिंग अभियान चल रहा है। अभियान की असलियत जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ग्राउंड पर उतरी और शहर के 5 बड़े चौराहों का रियलिटी चेक किया। जहां न केवल लोग खुलेआम ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते नजर आए, बल्कि कई चौराहों पर पुलिस की लापरवाही भी सामने आई। शहर के 5 में से 3 बड़े चौराहों पर पुलिस की मौजूदगी में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन हो रहा था। पुलिस के सामने से ही लोग बिना हेलमेट के गुजरते रहे और पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने नियमों का उल्लंघन होते देखते रहे। सिलसिलेवार पढ़िए शहर के 5 भीड़-भाड़ वाले चौराहों का रियलटी चेक लालघाटी चौराहा: पुलिस मौजूद, लेकिन कार्रवाई नहीं लालघाटी चौराहे पर रियलिटी चेक के दौरान तीन पुलिसकर्मी मौके पर तैनात मिले, लेकिन उसके बाद भी ट्रैफिक नियमों का खुलेआम उल्लंघन होता रहा। बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के गुजरते रहे, कुछ ने सिग्नल नियमों की भी अनदेखी की। पुलिसकर्मियों के सामने ही यह सब होता रहा, लेकिन किसी भी वाहन चालक को रोककर चालान या चेतावनी देने की ट्रैफिक पुलिस ने हिम्मत नहीं की। पुलिस चौकी के सामने नियमों की धज्जियां ओल्ड भोपाल का बुधवारा चौराहा, जिसे शहर के सबसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में माना जाता है, वहां कोई ट्रैफिक सिग्नल मौजूद नहीं है। भास्कर की टीम ने दोपहर करीब 2 बजे यहां रियलिटी चेक किया। इस दौरान वहां दो पुलिस सहायता केंद्र दिखाई दिए, लेकिन दोनों पर ताला लगा हुआ था और चौराहे पर एक भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। यहां से गुजरने वाले ज्यादातर दोपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के नजर आए। VIP रोड (गौहर महल-रेत घाट): सिग्नल तोड़ते वाहन VIP रोड स्थित रेत घाटी चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस यात्री शेड के नीचे आराम फरमा रही थी। दोपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के निकल रहे थे। कुछ वाहन चालकों ने रेड सिग्नल भी तोड़े। भास्कर के रियलिटी चेक के दौरान देखा गया कि ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने जैसी गंभीर लापरवाही पर भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पॉलिटेक्निक चौराहा: CM हाउस के पास भी लापरवाही मुख्यमंत्री आवास से महज 600 मीटर की दूरी पर स्थित पॉलिटेक्निक चौराहे पर ट्रैफिक व्यवस्था में लापरवाही दिखी। यहां 3 ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात होने के बावजूद बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के गुजरते दिखे। कई वाहन चालकों ने सिग्नल नियमों की भी अनदेखी की, लेकिन मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने कोई रोक-टोक या चालानी कार्रवाई नहीं की। पुरानी विधानसभा चौराहा: कमिश्नर ऑफिस के पास भी लापरवाही कमिश्नर ऑफिस के सामने पुरानी विधानसभा चौराहे पर भी ट्रैफिक नियमों की खुली अनदेखी देखने को मिली। यहां 3 बजे लगभग रियलिटी चेक के दौरान न तो कोई ट्रैफिक जवान तैनात दिखाई दिया और न ही नियमों के पालन को लेकर कोई निगरानी व्यवस्था नजर आई। इस दौरान कई दोपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के गुजरते रहे, जबकि कुछ वाहन सिग्नल की भी अनदेखी करते दिखाई दिए। प्रशासनिक कार्यालय के ठीक सामने इस तरह की लापरवाही ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। ये खबर भी पढ़ें… हाईवे पर हादसे में 16 मौतों के जिम्मेदार कौन?:मवेशी की तरह ठूंसे मजदूर, पुलिस-आरटीओ की ओवरलोड पर अनदेखी इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे 47 पर हुए भीषण हादसे ने 16 परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया है। इंदौर और धार के अस्पतालों में 25 से अधिक लोग अब भी जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल ये है-हादसा कैसे हुआ और इसके जिम्मेदार कौन हैं? पूरी खबर पढ़ें…
भीषण गर्मी झेल चुके देश के बड़े हिस्से में शुक्रवार को तेज हवाओं के साथ बारिश से कुछ राहत मिली। उत्तर प्रदेश, बिहार समेत 9 राज्यों में आंधी-बारिश और ओले गिरे। इससे तापमान में 3-5C तक की गिरावट हुई। बिहार के 10 जिलों में शुक्रवार को तेज बारिश हुई। बारिश के बाद गोपालगंज के सदर हॉस्पिटल में पानी भर गया। बेगूसराय में ओले भी गिरे। यूपी के 8 जिलों में बारिश हुई। मौसम विभाग ने 62 जिलों में आंधी, बिजली गिरने की आशंका जताई है। मध्य प्रदेश के जबलपुर और दमोह में हल्की बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार को राजस्थान का बाड़मेर देश में सबसे गर्म जगह रही। यहां तापमान 44.6C और बीकानेर में 44.2C रहा। जोधपुर IIT में पानी खत्म होने के कारण स्टूडेंट के लिए पानी के टैंकर्स की व्यवस्था की गई। वहीं महाराष्ट्र के वर्धा और चंद्रपुर में पारा 44C रहा। दिल्ली में तेज गर्मी को देखते हुए सरकार ने जलदूत अभियान के तहत शहर के 23 बड़े बस टर्मिनलों और करीब 3 हजार डीटीसी बसों में यात्रियों के लिए मुफ्त पीने के पानी की व्यवस्था की गई है। मई में सामान्य से ज्यादा बारिश का अनुमान मौसम विभाग ने मई में देश में सामान्य से बारिश होने और कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहने का अनुमान जताया है। साथ ही अलग-अलग इलाकों में टेम्परेचर मिला-जुला रहेगा। वहीं गुजरात और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में हीटवेव की स्थिति सामान्य से ज्यादा रहने की आशंका है। असम, ओडिशा, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल के कुछ अलग-अलग स्थानों पर (7-20 cm) बारिश दर्ज की गई है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और तेलंगाना के कई इलाकों में ओलावृष्टि हुई है। बिहार, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, मिजोरम, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, ओडिशा, असम, अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की अलग-अलग जगहों पर आंधी-तूफान आया। अगले 2 दिन के मौसम का हाल 3 मई: 4 मई: देशभर के मौसम से जुड़ी 4 तस्वीरें…
लखनऊ विश्वविद्यालय के 5 स्टूडेंट सस्पेंड:महिला से दुर्व्यवहार का लगा आरोप, 28 अप्रैल को हुई थी घटना
लखनऊ विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर में बीते 28 अप्रैल को कुलपति कार्यालय में हुए हंगामे के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने पांच छात्रों को निलंबित कर दिया है। जारी कार्यालय आदेश में गंभीर आरोपों का उल्लेख किया गया है। 17 अप्रैल को सीतापुर रोड स्थित द्वितीय परिसर के गंगा महिला छात्रावास में अनाधिकृत प्रवेश, प्रशासनिक कार्यों में बाधा डालने, विश्वविद्यालय की गरिमा को ठेस पहुंचाने और एक महिला कर्मचारी के साथ अनुचित व्यवहार व स्पर्श जैसे आरोप लगाए गए हैं। वही, 28 अप्रैल को मुख्य परिसर में बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन, कुलपति कक्ष में जबरन प्रवेश का प्रयास, कुलपति के आवास की ओर जाते समय रास्ता रोकने, वाहन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश और अधिकारियों के साथ अभद्रता के भी आरोप हैं।
हरियाणा में बहारदुगढ़ से निर्दलीय विधायक राजेश जून के बेटे सचिन जून की शादी उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित त्रियुगीनारायण मंदिर में हुई। उन्होंने हिसार की रहने वाली डॉ. सनोज से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लिए। खास बात यह है कि 30 अप्रैल को हुई इस शादी में दूल्हा और दुल्हन पक्ष से केवल 65 लोग ही शामिल हुए। इनमें सचिन जून के परिवार से 50 और डॉ. सनोज के परिवार के 15 लोग थे। एक घंटे के इंतजार के बाद दोनों के फेरे हुए। मान्यता है कि त्रियुगीनारायण मंदिर में भगवान शिव और माता पार्वती की शादी हुई थी। इस शादी के साक्षी खुद भगवान विष्णु बने थे, जिन्होंने पार्वती के भाई की भूमिका निभाई थी। इससे पहले, 28 अप्रैल को बहादुरगढ़ में सगाई का कार्यक्रम रखा गया था, जिसके लिए राजेश जून ने डेढ़ लाख लोगों को न्योता भेजा था। यहां मुख्यमंत्री नायब सैनी से लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई नेता शामिल हुए थे। सचिन और सनोज की शादी की तस्वीरें… जानिए सचिन और सनोज की शादी में क्या-क्या हुआ… 29 अप्रैल को परिवार उत्तराखंड रवाना हुआ विधायक राजेश जून ने दैनिक भास्कर को बताया कि 20 अप्रैल को बहादुरगढ़ में सगाई का कार्यक्रम रखा गया था। 29 अप्रैल की सुबह करीब 9 बजे दोनों परिवारों के सदस्य बहादुरगढ़ से रवाना हुए। परिवार के लोग दो टेम्पो ट्रैवलर और आठ कारों में निकले थे। उनके साथ चार फोटोग्राफर भी थे। शादी के लिए 12वां नबर आया उन्होंने बताया कि अगले दिन, 30 अप्रैल की सुबह करीब 10:30 बजे सभी मंदिर पहुंचे। उस दिन वहां कई शादियां हो रही थीं। करीब एक घंटा इंतजार करने के बाद सचिन और सनोज का 12वां नंबर आया। वे अपने साथ झज्जर से पंडित वीरेंद्र को लेकर गए थे, जिन्होंने वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न कराया। मेहमानों को पहाड़ी व्यंजन भी खिलाए राजेश जून ने कहा कि शादी में उत्तराखंड की पहाड़ी संस्कृति के साथ-साथ हरियाणवी परंपराओं का भी सुंदर मेल देखने को मिला। दोनों परिवारों ने अपने होटल पहले से ही बुक कर रखे थे। मेहमानों के लिए पहाड़ी व्यंजनों के साथ देसी खीर और हलवा भी परोसा गया। पैतृक गांव में पूजा करने जाएंगे उन्होंने आगे बताया कि वह शुक्रवार रात 9 बजे दुल्हन को लेकर बहादुरगढ़ पहुंचे। शनिवार को सचिन और सनोज पैतृक गांव लोवा खुर्द जाएंगे, जहां गांव के प्रसिद्ध शिव मंदिर में पूजा-अर्चना कर पारिवारिक परंपराएं निभाई जाएंगी। पूर्व विधायक सोमवीर सांगवान ने कराया रिश्ता राजेश जून ने बताया कि इस रिश्ते को तय कराने में चरखी दादरी के पूर्व विधायक सोमवीर सांगवान की अहम भूमिका रही। सोमवीर सांगवान की पत्नी और सचिन की सास सगी बहनें हैं। सचिन जून पारिवारिक व्यवसाय संभालते हैं, जिसमें आरजे सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड हार्ट सेंटर शामिल है। उनकी पत्नी डॉ. सनोज मेडिकल पेशे से हैं। उन्होंने MBBS करने के बाद अस्पताल प्रबंधन (MHA) में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है। डॉ. सनोज के पिता हरियाणा पुलिस में इंस्पेक्टर थे, जिनका निधन हो चुका है। बहादुरगढ़ में सगाई के लिए चूल्हा न्योता 28 अप्रैल को विधायक राजेश जून की तरफ से सगाई समारोह में करीब डेढ़ लाख लोगों के लिए एक साथ डिनर की व्यवस्था की गई थी। हलके के हर घर को ‘चूल्हा न्योता’ दिया गया। बहादुरगढ़ के सेक्टर-9 स्थित सिटी मार्केट के खाली मैदान में पंडाल सजाया गया। मेहमानों के लिए लगभग 10 हजार लोगों की क्षमता वाला एयर कंडीशन्ड टेंट लगाया गया। छह अलग-अलग फूड सेक्शन बनाए गए, जिनमें साउथ इंडियन, नॉर्थ इंडियन, पारंपरिक हरियाणवी और देसी व्यंजन शामिल थे। गेस्ट के स्वागत के लिए अलग-अलग राज्यों से विशेष बैंड-बाजे और स्वागत दल बुलाए गए। ------------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें :- हरियाणा MLA के बिजनेसमैन बेटे की डॉक्टर से सगाई:CM सैनी पहुंचे; 1.5 लाख लोगों को इनविटेशन, 14 विशाल पंडालों में अरेंजमेंट हरियाणा में बहादुरगढ़ से निर्दलीय विधायक राजेश जून के बेटे सचिन जून की मंगलवार को सगाई हुई थी। सगाई समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समेत कई नेता पहुंचे। नायब सैनी सचिन जून को गले लगकर बधाई दी। पढ़ें पूरी खबर…
फरीदाबाद में पश्चिम बंगाल की महिला फिरोजा उर्फ आरती (44) की हत्या के मामले में खुलासा हुआ है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि 21 अप्रैल की रात फिरोजा और वीरू साथ थे। बल्लभगढ़ में सब्जी मंडी के पास दोनों ने साथ बैठकर शराब पी। इसके बाद उन्होंने शारीरिक संबंध भी बनाए। कुछ देर बाद फिरोजा ने वीरू से पैसे मांगे। वीरू ने पैसे देने से मना कर दिया और दोबारा संबंध बनाने की बात कही। फिरोजा के इनकार करने पर वीरू भड़क गया। उसने पास में रखी एक ईंट उठाई और फिर उसके सिर, छाती और प्राइवेट पार्ट पर वार करना शुरू कर दिया। फिरोजा की मौके पर ही मौत हो गई। वीरू ने उसे मारने के बाद वहीं बैठकर शराब पी और कुछ देर बाद घर चला गया। 1 मई की सुबह फरीदाबाद क्राइम ब्रांच की टीम ने वीरू को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच कर रही है। जानिए कैसे पकड़ में आया वीरू… हत्या के बाद डेली कंपनी में जा रहा था पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि 22 अप्रैल को वीरू अपने घर पर ही था। सुबह नहाया, फिर खाना खाया और कंपनी में ड्यूटी करने चला गया। पुलिस की गिरफ्त में आने तक वह बिना किसी को कुछ बताए डेली कंपनी जाता रहा। घर में और उसके पड़ोस में रहने वाले लोगों में से किसी को भी यह अंदेशा नहीं था कि उसने हत्या की है। CCTV में वीरू के साथ जाती दिखी फिरोजा पुलिस ने सब्जी मंडी में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की। सब्जी मंडी में रात 10 बजे के बाद कोई नहीं जाता है, इसलिए वहां किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। पुलिस ने मंडी की ओर जाने वाले कई रास्तों की फुटेज जांची, जिसमें फिरोजा, वीरू के साथ पैदल जाते हुए दिखाई दी। पुलिस ने फुटेज के आधार पर आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। वीरू की पत्नी 4 साल पहले छोड़कर गई इस दौरान पुलिस को कुछ ऐसे लोग मिले, जिन्होंने वीरू और फिरोजा को पहचान लिया। 1 मई को पुलिस ने वीरू को मुजेसर स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि वीरू की पत्नी चार साल पहले उसे छोड़कर चली गई थी। वीरू को शादी के बाद चार बच्चे हैं, जो अभी भी उसके साथ रह रहे हैं, जबकि फिरोजा के बच्चे की परवरिश उसका पहला पति मुकेश कर रहा है। अब जानिए फिरोजा वीरू के संपर्क में कैसे आई… 25 साल पहले फरीदाबाद आई फिरोजा फिरोजा 25 साल से फरीदाबाद में रह रही थी। 2000 में उसने बुलंदशहर निवासी मुकेश से कोर्ट मैरिज की थी, लेकिन करीब 14-15 साल बाद दोनों अलग हो गए। इसके बाद वह सन्नी नाम के युवक के संपर्क में आई और उसके साथ रहने लगी। कुछ समय बाद सन्नी की भी मौत हो गई। मर चुके भाईयों की पत्नी से अफेयर इसके बाद वह सन्नी के भाई राकेश के संपर्क में आई, लेकिन कुछ समय बाद राकेश की भी बीमारी के कारण मौत हो गई। इसके बाद फिरोजा का संपर्क सन्नी और राकेश के भाई वीरू से हो गया। 4 साल से फिरोजा और वीरू रिलेशन में थे। वीरू NDPS एक्ट (नशे से जुड़े केस) के मामले में जेल चला गया था। 2 महीने पहले ही वह जेल से बाहर आया।
अपनी समृद्ध ऐतिहासिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं के लिए पहचान रखने वाला मुंगेर इन दिनों विकास योजनाओं के चलते सुर्खियों में है। जिले के सीताकुंड, ऋषिकुंड और कष्टहरणी घाट जैसे धार्मिक स्थलों को संवारा जा रहा है। वहीं टेटिया बंबर का देवघरा पहाड़ और असरगंज का ढोल पहाड़ी इको-टूरिज्म के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। 26 अप्रैल को इन योजनाओं का शिलान्यास भी किया गया, जिससे पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। लेकिन इन सबके बीच सदर प्रखंड स्थित पीर पहाड़ आज भी उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। प्राकृतिक सुंदरता और इतिहास का अनोखा संगम मुंगेर शहर से करीब चार किलोमीटर दूर स्थित पीर पहाड़ अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। ऊंचाई पर स्थित यह पहाड़ आसपास के क्षेत्र का विहंगम दृश्य प्रस्तुत करता है, जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां कभी दूरदर्शन केंद्र और वायरलेस टावर संचालित होते थे, जो अब बंद हो चुके हैं। बावजूद इसके, देश-विदेश से आने वाले पर्यटक आज भी इस स्थल की वादियों और ऐतिहासिक माहौल का अनुभव लेने पहुंचते हैं। मुगलकाल से जुड़ा गौरवशाली इतिहास पीर पहाड़ का इतिहास मुगलकाल से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि शाह शुजा, जो शाहजहां के पुत्र थे, उन्होंने यहां रहकर बिहार, बंगाल और उड़ीसा पर शासन किया था। इससे पहले इस पहाड़ पर एक पीर साहब का निवास था। उनके निधन के बाद यहां उनका मकबरा बनाया गया, जिसके नाम पर इस स्थान को पीर पहाड़ कहा जाने लगा। मीर कासिम और अंग्रेजी शासन का भी रहा केंद्र बाद के समय में जब मीर कासिम ने मुंगेर को अपनी राजधानी बनाया, तब उनके सेनापति गुर्गीन खान ने भी इस पहाड़ को अपना निवास स्थान बनाया। अंग्रेजी शासन के दौरान भी यह स्थान प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र रहा। यहां ब्रिटिश रेजिडेंट का निवास था और बाद में नील की खेती की शुरुआत भी इसी क्षेत्र से हुई। रवींद्रनाथ टैगोर से जुड़ी खास यादें पीर पहाड़ का एक और महत्वपूर्ण ऐतिहासिक पहलू यह है कि वर्ष 1905 में रवींद्रनाथ टैगोर यहां प्रवास पर आए थे। कहा जाता है कि उन्होंने इसी पहाड़ पर रहते हुए अपनी प्रसिद्ध कृति ‘गीतांजलि’ के कुछ हिस्सों की रचना की थी, जिसके लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार मिला। यह तथ्य इस स्थान को साहित्यिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण बना देता है। धरोहर होते हुए भी बदहाल स्थिति इतनी समृद्ध विरासत के बावजूद आज पीर पहाड़ की स्थिति बेहद चिंताजनक है। यहां के ऐतिहासिक भवन और मकबरे खंडहर में तब्दील होते जा रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या तेजी से हो रहा अतिक्रमण है। स्थानीय लोगों द्वारा अवैध रूप से जमीन की खरीद-बिक्री कर 30 से अधिक फूस और पक्के मकान बना लिए गए हैं, जिससे इस ऐतिहासिक स्थल का स्वरूप लगातार बिगड़ता जा रहा है। बुद्धिजीवियों ने उठाई आवाज, जांच का आश्वासन इस मुद्दे को लेकर 3 अप्रैल को पूर्व मंत्री विजय सिन्हा के समक्ष स्थानीय बुद्धिजीवियों ने अपनी चिंता जाहिर की थी। उन्होंने इस पर जांच का आश्वासन दिया था। वहीं, सदर बीडीओ विश्वजीत कुमार तिवारी ने भी अतिक्रमण की जांच कराने की बात कही है। धरोहर सूची में शामिल नहीं होने से बढ़ी परेशानी जिला संस्कृति पदाधिकारी सुकन्या के अनुसार, पीर पहाड़ अभी तक आधिकारिक धरोहर सूची में शामिल नहीं हो पाया है। फिलहाल केवल किला परिसर ही सूचीबद्ध है। हालांकि, इसे धरोहर घोषित कराने की प्रक्रिया जारी है। लेकिन जब तक इसे आधिकारिक संरक्षण नहीं मिलता, तब तक इसके संरक्षण और विकास की संभावना सीमित बनी रहेगी। विकास से खुल सकते हैं रोजगार के रास्ते विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पीर पहाड़ को संरक्षित कर विकसित किया जाए, तो यह मुंगेर के पर्यटन मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान बना सकता है। इससे न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। संरक्षण नहीं हुआ तो खो जाएगी अनमोल विरासत पीर पहाड़ सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और प्रकृति का अद्भुत संगम है। लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि यदि समय रहते इसके संरक्षण और विकास की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह अनमोल धरोहर धीरे-धीरे समाप्त हो सकती है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और सरकार इस दिशा में कितनी गंभीरता दिखाते हैं और क्या पीर पहाड़ को वह पहचान और संरक्षण मिल पाता है, जिसका वह हकदार है।
कटिहार में जनगणना 2027 के पहले चरण की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में बताया कि 2 मई 2026 से जिले में मकान सूचीकरण और मकान गणना का कार्य प्रारंभ होगा। डीएम के अनुसार, 2 से 4 मई 2026 तक प्रगणक और पर्यवेक्षक अपने-अपने गणना ब्लॉक का दौरा करेंगे। इस अवधि में प्रत्येक घर, झोपड़ी, दुकान और संस्थान की नंबरिंग की जाएगी। साथ ही, एक लेआउट मैप भी तैयार होगा ताकि कोई भी आवासीय इकाई गणना से छूट न जाए। प्रगणक घर-घर जाकर परिवारों से जानकारी एकत्र करेंगे इसके बाद, 5 से 31 मई 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर परिवारों से जानकारी एकत्र करेंगे। इस चरण में 33 बिंदुओं वाली प्रश्नावली भरी जाएगी। इसमें मकान की स्थिति, पेयजल स्रोत, शौचालय, बिजली, एलपीजी कनेक्शन, इंटरनेट सुविधा, बैंक खाता, परिवार के सदस्यों की संख्या, दिव्यांगता और रोजगार जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल होंगी। जिलाधिकारी ने बताया कि यह जनगणना पूरी तरह से पेपरलेस होगी। पूरी प्रक्रिया ‘Census2027-Houselist App’ के माध्यम से डिजिटल रूप से संपन्न की जाएगी। प्रगणक टैबलेट या मोबाइल का उपयोग करके डेटा दर्ज करेंगे, जिससे रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी और त्रुटियों की संभावना कम हो जाएगी। जिन नागरिकों ने 'सेल्फ एन्यूमरेशन' पोर्टल पर अपनी जानकारी स्वयं भरी है, प्रगणक उनकी यूनीक आईडी के माध्यम से प्रविष्टियों का सत्यापन भी करेंगे। जिलेवासियों से DM ने सहयोग की अपील की जिलाधिकारी ने जिलेवासियों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, जिसके आंकड़ों के आधार पर ही राशन, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और रोजगार जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं तैयार की जाती हैं। उन्होंने नागरिकों से प्रगणकों को सही जानकारी देने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि गलत सूचना देने या सहयोग न करने पर जनगणना अधिनियम 1948 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। डीएम ने मीडिया कर्मियों से भी सहयोग का आग्रह किया, ताकि जनगणना के महत्व का व्यापक प्रचार-प्रसार हो सके और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचा जा सके। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
बेतिया में आज बारिश होने की संभावना:मैक्सिमम 32 और मिनिमम 22 डिग्री सेल्सियस टेम्प्रेचर का फोरकास्ट
बेतिया जिले में शुक्रवार को तेज आंधी और बारिश हुई, जिससे मौसम में बदलाव आया। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और कई इलाकों में तेज हवा के साथ बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया। मौसम विभाग ने शनिवार को भी जिले में बादल छाए रहने और बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है। पिछले दो दिनों से जारी बारिश और आंधी ने जिले की स्थिति को प्रभावित किया है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में इसका अधिक असर देखा गया। तेज हवाओं से बागवानी फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जबकि मक्का की फसल भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। कई किसानों की खड़ी फसलें गिर गई हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों की चिंता बढ़ गई है और वे मौसम के जल्द सामान्य होने की उम्मीद कर रहे हैं। बेतिया में बारिश से जुड़ी तस्वीरें देखिए… खाली जमीनों पर जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो गई शहर क्षेत्र में तेज बारिश के कारण निचले इलाकों की सड़कों और खाली जमीनों पर जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो गई है। कई स्थानों पर पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ क्षेत्रों में नालियों की सफाई न होने से पानी का निकास बाधित हो रहा है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन सतर्क लगातार खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन सतर्क है और हालात पर नजर बनाए हुए है। लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो आने वाले दिनों में जनजीवन पर इसका असर और बढ़ सकता है।
सहरसा के महिषी विधानसभा क्षेत्र से राजद विधायक गौतम कृष्णा शुक्रवार को सदर अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने अपने क्षेत्र के दो अलग-अलग जख्मी मरीजों से मुलाकात की। इस दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई और कई खामियों को उजागर करते हुए जिला प्रशासन से शिकायत करने की बात कही। इमरजेंसी वार्ड में पहुंचकर लिया हाल-चाल विधायक गौतम कृष्णा सीधे सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचे, जहां उन्होंने भर्ती मरीजों का हाल जाना। इस दौरान उन्होंने चिकित्सकों और अस्पताल कर्मियों से भी बातचीत की और इलाज की स्थिति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि कई जरूरी सुविधाएं या तो उपलब्ध नहीं हैं या फिर उनका सही तरीके से संचालन नहीं हो रहा है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क हादसे में घायल युवक से मिले विधायक इमरजेंसी वार्ड में विधायक ने महिषी विधानसभा क्षेत्र के पस्तवार गांव, वार्ड नंबर 2 निवासी 18 वर्षीय विशाल कुमार से मुलाकात की। बताया गया कि शुक्रवार सुबह वह एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजनों के अनुसार, विशाल कुमार बारात में शामिल होने के लिए बिहरा थाना क्षेत्र के सिहोल गांव गए थे। वहां से लौटने के दौरान उनकी बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए। एक्स-रे नहीं होने से परिजन परेशान घायल युवक के परिजनों ने विधायक को बताया कि सदर अस्पताल में एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इलाज में देरी और जांच की कमी से मरीज की स्थिति को लेकर परिवार चिंतित है। इस पर विधायक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह बेहद गंभीर लापरवाही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सदर अस्पताल में बुनियादी जांच सुविधाएं ही उपलब्ध नहीं होंगी, तो मरीजों को उचित इलाज कैसे मिल पाएगा। ‘दवाइयां भी बाहर से खरीदनी पड़ रही’ निरीक्षण के दौरान विधायक गौतम कृष्णा ने यह भी कहा कि अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली दवाइयां भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हैं। कई मामलों में मरीजों के परिजनों को बाहर से दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि जो सुविधाएं कागजों में मौजूद हैं, वे जमीनी स्तर पर नजर नहीं आ रही हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था में गंभीर खामियां हैं। मारपीट में घायल व्यक्ति से भी की मुलाकात विधायक ने महिषी क्षेत्र के लिज्जा वार्ड नंबर 5 निवासी 52 वर्षीय मोहम्मद शाहिद आलम से भी मुलाकात की। वे गुरुवार शाम मारपीट की घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उनका इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। गौतम कृष्णा ने उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और चिकित्सकों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल दोनों मामलों को देखने के बाद विधायक ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अगर सदर अस्पताल की यह स्थिति है, तो ग्रामीण इलाकों के अस्पतालों की हालत का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मरीजों को समय पर जांच और दवा नहीं मिलना बेहद चिंताजनक है और यह सीधे तौर पर स्वास्थ्य सेवाओं की विफलता को दर्शाता है। डीएम से शिकायत करने की कही बात विधायक गौतम कृष्णा ने कहा कि वे सहरसा के जिला अधिकारी से मिलकर अस्पताल की अव्यवस्थाओं की शिकायत करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। मरीजों और परिजनों में नाराजगी अस्पताल में मौजूद अन्य मरीजों और उनके परिजनों ने भी विधायक के सामने अपनी समस्याएं रखीं। लोगों ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टरों की कमी, जांच सुविधाओं का अभाव और दवाइयों की अनुपलब्धता जैसी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। इस पर विधायक ने आश्वासन दिया कि वे इन समस्याओं को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाएंगे और समाधान के लिए प्रयास करेंगे। व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत सदर अस्पताल की स्थिति को लेकर उठे सवालों के बीच यह साफ है कि स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते इन खामियों को दूर नहीं किया गया, तो मरीजों की परेशानी और बढ़ सकती है। फिलहाल, विधायक के निरीक्षण के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि प्रशासन इस दिशा में ठोस कदम उठाएगा और अस्पताल की व्यवस्था में सुधार होगा।
जमुई के बरहट प्रखंड अंतर्गत नुमर पंचायत में सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना जमीनी हकीकत में दम तोड़ती नजर आ रही है। ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के उद्देश्य से खोले गए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्थिति चिंताजनक है। यहां इलाज से ज्यादा अव्यवस्था और लापरवाही का आलम दिखता है, जिससे ग्रामीणों का भरोसा डगमगाने लगा है। गर्भवती महिलाओं की देखभाल सबसे अधिक प्रभावित सबसे गंभीर स्थिति गर्भवती महिलाओं की देखभाल को लेकर सामने आई है। विभाग की ओर से भेजी गई प्रसव जांच मेज महीनों से धूल फांक रही है। इससे साफ संकेत मिलता है कि यहां सुरक्षित प्रसव और नियमित जांच की व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित रह गई है। स्थानीय महिलाओं का कहना है कि मजबूरी में उन्हें प्रसव और जांच के लिए दूर-दराज के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है, जिससे समय और पैसे दोनों की परेशानी झेलनी पड़ती है। कई बार देर से इलाज मिलने का जोखिम भी बना रहता है। जनरल वार्ड की बदहाली—बिना गद्दे-बेडशीट के बेड अस्पताल के जनरल वार्ड की स्थिति भी बेहद खराब है। मरीजों के लिए बनाए गए बेड पर न तो गद्दा है और न ही बेडशीट। ऐसे में मरीजों को जमीन या असुविधाजनक हालात में रहने को मजबूर होना पड़ता है। यह स्थिति उन दावों पर सवाल खड़े करती है, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की बात कही जाती है। ओपीडी में धूल, उपकरण बिखरे पड़े ओपीडी कक्ष में टेबल पर जमी धूल यह दर्शाती है कि यहां नियमित रूप से मरीजों का इलाज नहीं हो रहा। वजन मापने वाली मशीन जमीन पर बिखरी पड़ी है, जबकि अन्य चिकित्सा उपकरण भी इधर-उधर फैले हुए नजर आते हैं। इससे स्पष्ट होता है कि अस्पताल में संसाधनों की कमी नहीं है, बल्कि उनके रखरखाव और उपयोग में भारी लापरवाही बरती जा रही है। उपकरण मौजूद होने के बावजूद उनका उपयोग न होना स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर विफलता को दर्शाता है। 7 हजार आबादी के लिए एकमात्र सहारा, फिर भी सेवाएं ठप करीब 7 हजार से अधिक आबादी वाले नुमर पंचायत के लिए यह हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर ही एकमात्र सरकारी स्वास्थ्य सुविधा है। यहां एक सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) और दो एएनएम की तैनाती भी की गई है। इसके बावजूद स्वास्थ्य सेवाएं लगभग ठप पड़ी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में नियमित इलाज नहीं होता, जिससे वे यहां आने से कतराते हैं और निजी क्लीनिक या दूर के अस्पतालों का सहारा लेते हैं। गर्मी और बीमारियों के बीच भी नहीं हुई तैयारी गौरतलब है कि भीषण गर्मी और संभावित मौसमी बीमारियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी अस्पतालों को पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया है। लेकिन नुमर पंचायत का यह हेल्थ सेंटर इन निर्देशों को ठेंगा दिखाता नजर आ रहा है। यहां न तो साफ-सफाई का ध्यान रखा जा रहा है और न ही मरीजों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा और बढ़ सकता है। सीएचओ का दावा—अभी पूरी तरह संचालित नहीं हुआ केंद्र ड्यूटी पर तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) का कहना है कि उन्होंने करीब एक महीने पहले ही यहां पदभार संभाला है। उनके अनुसार, अस्पताल अभी पूरी तरह से संचालित नहीं हो पाया है, जिसके कारण मरीजों की संख्या कम है। उन्होंने यह भी कहा कि व्यवस्था को सुधारने का प्रयास किया जा रहा है और धीरे-धीरे सेवाएं बहाल की जाएंगी। जिला परिषद सदस्य ने भी उठाए सवाल जिला परिषद सदस्य कुमारी गुड़िया ने बताया कि अस्पताल रोजाना खुलता तो है, लेकिन मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का भारी अभाव है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को जिला स्तरीय बैठक में भी उठाया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है। उनका कहना है कि बदहाल व्यवस्था के कारण मरीज यहां आने से कतराते हैं, जिससे अस्पताल में मरीजों की संख्या भी बेहद कम हो गई है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने जताई अनभिज्ञता वहीं, इस संबंध में प्रखंड प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विजय कुमार ने कहा कि उन्हें इस स्थिति की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही अस्पताल का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जमीनी स्तर पर क्यों विफल हो रही योजनाएं? यह पूरा मामला एक बड़ा सवाल खड़ा करता है—जब सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, तो जमीनी स्तर पर ऐसी लापरवाही क्यों सामने आ रही है? क्या जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजी दावों तक सीमित रहेंगे, या फिर वास्तव में इस बदहाल व्यवस्था को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे? ग्रामीणों को सुधार का इंतजार नुमर पंचायत के ग्रामीण अब प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ, तो स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और खराब हो सकती है। ग्रामीणों की मांग है कि अस्पताल को जल्द पूरी तरह चालू किया जाए, साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए और सभी जरूरी सुविधाएं बहाल की जाएं, ताकि उन्हें बेहतर इलाज के लिए भटकना न पड़े।
लखीसराय के सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य संस्थान सदर अस्पताल में पैथोलॉजी जांच सेवा पिछले तीन दिनों से पूरी तरह बाधित है। इस वजह से शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जांच सुविधा बंद रहने के कारण मरीज समय पर इलाज से वंचित हो रहे हैं, वहीं चिकित्सकों को भी बिना जांच रिपोर्ट के उपचार करने में कठिनाई हो रही है। मशीन खराब होने से 100 से ज्यादा जांच बंद जानकारी के अनुसार, अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में लगी फुली सेमी बायोकेमेस्ट्री मशीन और सीबीसी मशीन खराब हो गई है। इन दोनों मशीनों के ठप होने से करीब 100 से अधिक प्रकार की जांच पूरी तरह बंद हो गई है। वर्तमान में लैब में केवल केमिकल की मदद से होने वाली ब्लड ग्रुप जांच ही किसी तरह की जा रही है। अन्य सभी जरूरी जांच सेवाएं बंद हैं, जिससे मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। नोटिस लगाकर दी गई जानकारी लैब टेक्नीशियन की ओर से मशीन खराब होने की सूचना अस्पताल परिसर में नोटिस लगाकर दी गई है। इसमें साफ तौर पर बताया गया है कि तकनीकी खराबी के कारण जांच सेवाएं बाधित हैं। इस नोटिस का उद्देश्य मरीजों को बार-बार पूछताछ से बचाना है, लेकिन इससे उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। रोजाना 100 से ज्यादा मरीज पहुंचते हैं जांच के लिए सदर अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 100 से अधिक मरीज जांच कराने के लिए पहुंचते हैं। इनमें बड़ी संख्या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों की होती है, जो सरकारी अस्पताल में मुफ्त जांच सुविधा का लाभ लेने आते हैं। जांच सेवा ठप होने से इन मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। निजी लैब का सहारा लेने को मजबूर मरीज आपातकालीन स्थिति में मरीजों को मजबूरीवश निजी पैथोलॉजी लैब का रुख करना पड़ रहा है। वहां जांच कराने में अधिक खर्च आ रहा है, जो गरीब मरीजों के लिए भारी पड़ रहा है। कई मरीजों ने बताया कि सरकारी अस्पताल में सुविधा बंद होने से उन्हें जेब ढीली करनी पड़ रही है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ गया है। डॉक्टरों को भी इलाज में आ रही परेशानी जांच रिपोर्ट के अभाव में चिकित्सकों को भी इलाज करने में कठिनाई हो रही है। बिना सटीक जांच के सही बीमारी का पता लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे इलाज की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इससे मरीजों की रिकवरी में देरी होने की आशंका भी बढ़ गई है। मरीजों ने की जल्द बहाली की मांग मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से जल्द से जल्द जांच सेवा बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी अस्पताल में जांच सुविधा बंद रहने से सबसे ज्यादा नुकसान गरीब और जरूरतमंद लोगों को हो रहा है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में ऐसी लापरवाही गंभीर चिंता का विषय है। प्रशासन ने दिया आश्वासन अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. कुमार अमित ने बताया कि मशीन खराब होने की जानकारी वरीय अधिकारियों को दे दी गई है। मशीन की मरम्मत के लिए प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि एक से दो दिनों में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है, लेकिन सूत्रों की मानें तो सोमवार से पहले मशीन के पूरी तरह चालू होने की संभावना कम है। फिलहाल जारी रहेगी परेशानी ऐसे में मरीजों की परेशानी फिलहाल जारी रह सकती है। जब तक मशीन की मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक जांच सेवा बहाल होना मुश्किल है। यह स्थिति एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर करती है, जहां तकनीकी खराबी के चलते पूरी सेवा व्यवस्था ठप हो जाती है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय बिहार के छह जिलों किशनगंज, पटना, बेगूसराय, पूर्णिया, अररिया और कटिहार में मई के तीसरे सप्ताह में हवाई हमले और ब्लैकआउट से संबंधित व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इसको लेकर राज्य का आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। सभी संबंधित जिलों के जिला पदाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें तैयारियों का जायजा लिया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई अहम बैठक बैठक की अध्यक्षता आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डॉ.चंद्रशेखर सिंह ने की। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित हुई, जिसमें सभी छह जिलों के अधिकारी जुड़े। बैठक के दौरान सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मॉक ड्रिल को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार नागरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए साल में कम से कम दो बार अर्द्धवार्षिक मॉक ड्रिल कराना अनिवार्य है। यह अभ्यास न सिर्फ प्रशासनिक तैयारियों का परीक्षण करता है, बल्कि आम नागरिकों को भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार करता है। एक साथ बजेगा सायरन, सिस्टम दुरुस्त रखने का निर्देश डॉ. सिंह ने बताया कि निर्धारित तिथि और समय पर सभी जिलों में एक साथ सायरन बजाया जाएगा, जो इस मॉक ड्रिल का अहम हिस्सा होगा। इसके लिए पर्याप्त संख्या में सायरन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि सायरन की कमी होने पर चौक-चौराहों पर लगे साउंड सिस्टम, पुलिस थानों और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का भी उपयोग किया जा सकता है। लक्ष्य यह है कि सायरन की आवाज अधिकतम लोगों तक पहुंचे और वे सतर्क हो सकें। ब्लैकआउट के दौरान बिजली विभाग की भूमिका अहम मॉक ड्रिल के दौरान ब्लैकआउट की स्थिति भी बनाई जाएगी। इस दौरान बिजली विभाग की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। सचिव ने सभी जिलों को निर्देश दिया कि वे समय रहते बिजली विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर लें, ताकि अभ्यास के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए। ब्लैकआउट का उद्देश्य यह समझना है कि अचानक बिजली गुल होने की स्थिति में प्रशासन और आमजन किस तरह प्रतिक्रिया देते हैं और कितनी तेजी से व्यवस्था बहाल की जा सकती है। अस्पतालों में भी होंगे विशेष इंतजाम मॉक ड्रिल के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की भी परीक्षा होगी। सचिव ने निर्देश दिया कि सभी अस्पतालों में खिड़कियों पर प्राइवेसी कर्टन या क्यूबिकल पर्दे लगाए जाएं, ताकि आपात स्थिति में मरीजों की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा अस्पतालों को यह भी परखा जाएगा कि वे आपातकालीन स्थिति में कितनी तेजी से मरीजों को संभाल सकते हैं और संसाधनों का उपयोग कैसे करते हैं। घबराहट से बचाने के लिए होगा व्यापक प्रचार-प्रसार प्रशासन का सबसे बड़ा फोकस इस बात पर है कि मॉक ड्रिल के दौरान आमजन में किसी प्रकार की अफवाह या घबराहट न फैले। इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। लाउडस्पीकर, सोशल मीडिया, स्थानीय मीडिया और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से लोगों को पहले से ही जानकारी दी जाएगी कि यह केवल एक अभ्यास है, ताकि लोग सहज रहें और इसमें सहयोग करें। बेगूसराय बना मॉडल, अन्य जिलों को दी गई सीख बैठक में असैनिक सुरक्षा के महानिदेशक-सह-आयुक्त डॉ. परेश सक्सेना ने भी अधिकारियों को मॉक ड्रिल की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि पिछले अभ्यास में बेगूसराय जिले का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा था। उन्होंने अन्य जिलों से अपील की कि वे बेगूसराय के मॉडल को अपनाते हुए उसी स्तर की तैयारी करें, ताकि इस बार भी मॉक ड्रिल सफल हो सके और बेहतर परिणाम सामने आएं। स्कूल-कॉलेज और सामाजिक संगठनों को भी जोड़ा जाएगा डॉ. सक्सेना ने कहा कि मॉक ड्रिल को सिर्फ प्रशासनिक अभ्यास तक सीमित नहीं रखना चाहिए। इसमें स्कूल-कॉलेजों, दवा व्यवसायियों और सामाजिक संगठनों को भी शामिल किया जाना चाहिए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आपदा की स्थिति में समाज के हर वर्ग की भागीदारी हो और सामूहिक प्रतिक्रिया अधिक प्रभावी बन सके। सीमांचल के जिलों में विशेष तैयारी किशनगंज के जिलाधिकारी विशाल राज ने बताया कि सीमांचल के चारों जिलों—किशनगंज, पूर्णिया, अररिया और कटिहार—में विशेष तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही पटना और बेगूसराय में भी व्यापक स्तर पर अभ्यास की रूपरेखा तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि युद्ध जैसी आपदा स्थिति में लोगों को जागरूक रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। इसलिए इस मॉक ड्रिल के जरिए लोगों को यह सिखाया जाएगा कि संकट की घड़ी में उन्हें क्या करना चाहिए और कैसे खुद को सुरक्षित रखना चाहिए। आपदा से निपटने की तैयारी का होगा परीक्षण यह मॉक ड्रिल राज्य की आपदा प्रबंधन प्रणाली की वास्तविक परीक्षा मानी जा रही है। इसमें प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग और आम नागरिकों की सामूहिक भागीदारी होगी। इस अभ्यास के जरिए यह आकलन किया जाएगा कि किसी भी आपात स्थिति—चाहे वह युद्ध जैसी हो या प्राकृतिक आपदा—में राज्य की तैयारियां कितनी मजबूत हैं और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है।
गोपालगंज में पिछले कुछ दिनों में हुई मूसलाधार बारिश ने नगर परिषद के ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोल दी है। शहर के मुख्य मार्गों और रिहायशी इलाकों की गलियों में जलजमाव हो गया है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। शहर के सदर अस्पताल की स्थिति सबसे खराब है। जिले के इस प्रमुख चिकित्सा केंद्र के परिसर में घुटनों तक पानी भर गया है। इमरजेंसी वार्ड के रास्तों पर जलजमाव के कारण मरीजों और उनके परिजनों को आवाजाही में भारी परेशानी हो रही है। स्ट्रेचर और व्हीलचेयर को पानी के बीच से ले जाना चुनौती बन गया है। शहर में हुए जलजमाव की तस्वीरें देखिए… संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया अस्पताल परिसर में जलजमाव से न केवल आवाजाही प्रभावित हुई है, बल्कि संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। भर्ती मरीजों को भी इस स्थिति से जूझना पड़ रहा है। शहर के कई निचले इलाकों और गली-मोहल्लों की स्थिति भी गंभीर है। मुख्य सड़कों पर जलजमाव के कारण राहगीरों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है। कई स्थानों पर नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे दुर्गंध और गंदगी फैल रही है। जमीनी हकीकत में कोई सुधार नहीं स्थानीय निवासियों के अनुसार, हर साल मानसून से पहले नालों की सफाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में कोई सुधार नहीं होता। इस मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। बाजार में दुकानों के सामने पानी भरने से व्यापार प्रभावित हुआ है। स्कूली बच्चों और दफ्तर जाने वाले लोगों को भी जलजमाव के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा। गोपालगंज शहर में हुई इस बारिश ने नगर प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी है। यदि जल्द ही जल निकासी के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो आने वाले दिनों में शहरवासियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
गयाजी में मजदूर दिवस के दिन बड़ी हैपनिंग हुई। कई घटनाएं भी हुईं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को गयाजी के विण्णुपद मंदिर में पूजा की। करीब 15 मिनट तक CM गर्भगृह में रुके। इसके बाद वे ई-रिक्शा में बैठकर विष्णुपद कॉरिडोर परियोजना का निरीक्षण किया। इधर, बुद्ध जयंती(बुद्ध पूर्णिमा) पर 40 से अधिक देशों से श्रद्धालु पहुंचे। महाबोधि मंदिर परिसर से सुबह में प्रभात फेरी और झांकी निकाली गई। मंत्रोच्चार और बौद्ध मठों से निकले श्रद्धालुओं ने पूरे शहर को बुद्धमय कर दिया। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं एक मई की गयाजी की 5 बड़ी खबरें... 1.) विष्णुपद-महाबोधि मंदिर में CM ने की पूजा:ई-रिक्शा से घूमकर कॉरिडोर का काम देखा; नालंदा में कहा- बेटियां जब तक घर नहीं पहुंचेंगी, पुलिस जागती रहेगी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने फल्गु नदी तट स्थित देवघाट सहित आसपास के क्षेत्रों का भी जायजा लिया। बोधगया पहुंचने पर मुख्यमंत्री सीधे विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर पहुंचे। महाबोधि मंदिर दर्शन के बाद मुख्यमंत्री बीटीएमसी कार्यालय पहुंचे, जहां बोधगया कॉरिडोर परियोजना को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में विकास योजनाओं की प्रगति, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सर्किट के लिहाज से जरूरी बिंदुओं पर चर्चा हुई। पूरी खबर पढ़े… 2.) बुद्ध जयंती पर थाईलैंड, जापान, श्रीलंका से पहुंचे श्रद्धालु:गयाजी में प्रभात फेरी निकाली गई, दुनिया को शांति का संदेश; महाबोधी मंदिर तक मुफ्त बस सेवा गयाजी में बुद्ध जयंती(बुद्ध पूर्णिमा) पर भव्य कार्यक्रम हुआ। 40 से अधिक देशों से श्रद्धालु पहुंचे। थाईलैंड, जापान, श्रीलंका, म्यांमार समेत कई देशों के भिक्षु और बौद्ध अनुयायी पारंपरिक वेशभूषा में सड़कों पर उतरे। हाथों में ध्वज, बुद्ध वंदना और शांति संदेश के साथ निकली शोभा यात्राओं ने बोधगया की फिजा बदल दी। पूरी खबर पढ़े… 3.) दिल्ली में बिहारी की हत्या का गयाजी में विरोध:कांग्रेस का प्रदर्शन, 'बिहार सरकार जवाब दो' के नारे लगाए, पुतला फूंका दिल्ली में बिहार के युवक पांडव कुमार की गोली मारकर हत्या के विरोध में गया जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रदर्शन किया। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और बिहार की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष रजनीश कुमार ने किया। पूरी खबर पढ़े… 4.) डुमरिया में नोटिस के बावजूद अवैध अस्पतालों का संचालन:बच्चे की मौत के बाद सीएस ने नोटिस दिया था, 10 दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं गयाजी के डुमरिया प्रखंड में अवैध अस्पतालों के संचालन का आरोप है। सिविल सर्जन (सीएस) की ओर से नोटिस जारी किए जाने के 10 दिन बाद भी इन अस्पतालों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों में इसे लेकर नाराजगी बढ़ रही है। पूरी खबर पढ़े… 5.) दरियापुर गांव में जमीनी विवाद में मारपीट, आरोपी गिरफ्तार:पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की, कोर्ट ने जेल भेजा गयाजी में बेलागंज थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव में जमीनी विवाद को लेकर हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में नामजद आरोपी उमेश चंद्र भारती को गिरफ्तार कर लिया है। थाना प्रभारी मनोज कुमार पांडे ने शुक्रवार को बताया कि घायल पक्ष के लिखित आवेदन पर कांड संख्या 258/26 दर्ज किया गया था। पूरी खबर पढ़े…
मुजफ्फरपुर में मजदूर दिवस के दिन बड़ी हैपनिंग हुई। कई घटनाएं भी हुईं। डिजिटल अरेस्ट’ कर बदमाशों ने 17 लाख की ठगी की है। दूसरी ओर महाराष्ट्र का एक युवक 20 लाख कैश के साथ पकड़ाया है। बारिश के बाद लोगों को गर्मी से राहत मिली है। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं एक मई की मुजफ्फरपुर की 5 बड़ी खबरें... 1.) 'डिजिटल अरेस्ट’ कर 17 लाख की ठगी:मुजफ्फरपुर में CBI अधिकारी बन लगाया चूना, साइबर पुलिस ने 3 आरोपियों को दबोचा मुजफ्फरपुर में साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई हुई है। साइबर थाना पुलिस ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के बदमाशों को अरेस्ट किया है। यह कार्रवाई एक पीड़ित के लिखित आवेदन के आधार पर की गई। पूरी खबर पढ़े… 2.) 20 लाख कैश के साथ पकड़ाया महाराष्ट्र का युवक:मुजफ्फरपुर बस स्टैंड से पुलिस ने पकड़ा, पूछताछ में नहीं बताया रुपए का स्रोत; हवाला एंगल से जांच अहियापुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने बैरिया बस स्टैंड के पास से 20 लाख रुपए के साथ एक युवक को पकड़ा। पूछताछ में वह रकम के स्रोत के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका, जिसके बाद पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानते हुए हवाला एंगल से जांच शुरू कर दी है। पूरी खबर पढ़े… 3.) मुजफ्फरपुर में बारिश के बाद गर्मी से मिली राहत:लीची-आम की फसल को हो सकता नुकसान; दिन में लाइट जलाकर चल रहे लोग शहर के कई इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मौसम विभाग ने अगले तीन घंटों के अंदर तेज हवाएं चलने, ओलावृष्टि और 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी आने की संभावना जताई है। आज सुबह से ही रुक रुककर बूंदाबांदी हो रही थी। दोपहर में अचानक काले बादल छा गए। पूरी खबर पढ़े… 4.) मुजफ्फरपुर में बस ने ई-रिक्शा में मारी टक्कर:5 लोग घायल, गाड़ी के परखच्चे उड़े; पुलिस ने किया जब्त अहियापुर थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में पांच लोग घायल हो गए। बैरिया बस स्टैंड के पास आदर्श ग्राम के पास एक बेकाबू बस ने ई-रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतनी भीषण था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और ई-रिक्शा के परखच्चे उड़ गए। पूरी खबर पढ़े… 5.) गायघाट से लापता लड़की दिल्ली से बरामद:पूछताछ जारी, 4 मई को कोर्ट में पेश किया जाएगा मुजफ्फरपुर के गायघाट थाना क्षेत्र से लापता एक नाबालिग लड़की को पुलिस ने दिल्ली से बरामद कर लिया है। शुक्रवार दोपहर पुलिस टीम लड़की को लेकर गायघाट थाना पहुंची, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। लड़की के सकुशल मिलने से परिजनों ने राहत की सांस ली है। पूरी खबर पढ़े…
बिलासपुर (SECR) जोन की 18 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। इनमें रायपुर मंडल की 8 पैसेंजर ट्रेनें और नागपुर मंडल की 10 ट्रेनें शामिल है। ये ट्रेनें 3 मई से 22 मई के बीच अलग-अलग तारीखों में नहीं चलेंगी। वहीं, 2 गाड़ियों के रूट बदले गए हैं, जबकि 20 ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है। इनमें बिलासपुर और रायपुर से गुजरने वाली कई ट्रेनें हैं। इस वजह से टाटानगर, इतवारी, बालाघाट के अलावा रायगढ़, कोरबा, गेवरा रोड से बिलासपुर और रायपुर जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। गोंदिया के प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर होगा काम रेलवे ने बताया कि, नागपुर मंडल के गोंदिया स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर मेंटनेंस का काम किया जाना है। इस काम के चलते गोंदिया के प्लेटफॉर्म नंबर-4 (डाउन मेन लाइन) करीब 20 दिनों तक बंद रहेगी। इसी वजह से 10 एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को रद्द किया गया है। वहीं रायपुर मंडल के निपनिया-भाटापारा सेक्शन में भी रोड अंडरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए वहां ब्लॉक लिया जा रहा है। इससे 8 पैसेंजर ट्रेनें कैंसिल की गई है। बदले हुए रूट से चलने वाली ट्रेनें 11754 रीवा-इतवारी एक्सप्रेस 2, 4, 6, 9, 11, 13, 16 और 18 मई 2026 को अपने पुराने रास्ते (जबलपुर-नैनपुर-बालाघाट-गोंदिया-इतवारी) से नहीं चलेगी। यह ट्रेन अब नए रास्ते (जबलपुर-नैनपुर-छिंदवाड़ा-इतवारी) से चलेगी। 11753 इतवारी-रीवा एक्सप्रेस 3, 5, 7, 10, 12, 14, 17 और 19 मई 2026 को भी अपने पुराने मार्ग से नहीं चलेगी। यह ट्रेन अब नए रास्ते (इतवारी-छिंदवाड़ा-नैनपुर-जबलपुर) से चलाई जाएगी। बीच में समाप्त होने वाली ट्रेनें बीच में समाप्त होने वाली ट्रेनें …………………….. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…. छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 14 ट्रेनें कैंसिल:5 अप्रैल से 24 अप्रैल तक नहीं चलेंगी गाड़ियां; गोंदिया स्टेशन पर चलेगा ट्रैक मेंटेनेंस का काम छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली 14 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। ये ट्रेनें 5 अप्रैल से 24 अप्रैल के बीच अलग-अलग तारीखों में नहीं चलेंगी। इनमें 10 एक्सप्रेस और 4 पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। इनमें बिलासपुर और रायपुर से गुजरने वाली कई ट्रेनें हैं, जबकि कुछ ट्रेनें नागपुर मंडल के गोंदिया से होकर जाती हैं। पढ़ें पूरी खबर…
भारत ने युद्धों की बदलती रणनीति को देखते हुए अत्याधुनिक ‘हाइपरसोनिक’ मिसाइल तकनीक पर काम तेज कर दिया है। डीआरडीओ प्रमुख समीर वी. कामत ने एक कार्यक्रम में बताया है कि देश जल्द ‘हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल’ और ‘हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल’ से लैस होगा। इनकी रफ्तार सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल से दोगुनी होगी। इसकी खासियतों की वजह से दुनिया का कोई डिफेंस सिस्टम इन्हें रोक नहीं पाएगा। डीआरडीओ प्रमुख के अनुसार, ग्लाइड मिसाइल का पहला परीक्षण जल्द संभव है। स्क्रैमजेट इंजन पर आधारित क्रूज मिसाइल को लेकर भी बड़ी कामयाबी मिली है। हाल ही में स्क्रैमजेट प्रोपल्शन का 1,000 सेकंड से ज्यादा समय तक परीक्षण सफल रहा है। औपचारिक मंजूरी मिलने के 5 साल में इस मिसाइल प्रणाली को सेना के बेड़े में शामिल करने का लक्ष्य है। भारत एंटी-शिप मिसाइल भी विकसित कर रहा है। यह मिसाइल ब्रह्मोस की तुलना में और ज्यादा तेज होगी। इसके तीसरे चरण का परीक्षण इसी महीने किया जाना है। चीन-रूस इस तकनीक में आगे रूस के पास ‘जिरकॉन’ और ‘किंजल’ हाइपरसोनिक मिसाइलें हैं। चीन के पास ‘डीएफ-जेडएफ’ है, जो तैनात की जा चुकी हैं। वहीं, अमेरिका इस तकनीक में थोड़ा पीछ रह गया है। अमेरिका के पास टॉमहॉक तकनीक की ‘सुपरसोनिक’ मिसाइलें हैं। लेकिन हाल के सालों में हाइपरसोनिक प्रोजेक्ट्स जैसे एजीएम-183 एआरआरडब्ल्यू असफल रहे हैं। अग्नि-6: सरकार की हरी झंडी मिलते ही काम शुरू डीआरडीओ प्रमुख ने स्पष्ट किया कि अग्नि-6 मिसाइल कार्यक्रम के लिए तकनीकी रूप से टीम पूरी तरह तैयार है। जैसे ही सरकार से हरी झंडी मिलेगी, हम इस पर काम शुरू कर देंगे। यह अग्नि सीरीज की सबसे आधुनिक ‘इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल’ होगी। माना जा रहा है कि इसकी मारक क्षमता 10,000 से 12,000 किलोमीटर तक हो सकती है। यह मिसाइल एक साथ कई परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम होगी, जिससे यह एक साथ कई लक्ष्यों को निशाना बना सकेगी।
जम्मू-कश्मीर: रामबन पुलिस ने ड्रग तस्कर को किया गिरफ्तार, नशीला पदार्थ बरामद
समाज से मादक पदार्थों के खतरे को खत्म करने के अपने निरंतर प्रयासों को जारी रखते हुए बनिहाल पुलिस ने एक ड्रग तस्कर को गिरफ्तार किया और उसके पास से हेरोइन जैसा पदार्थ बरामद किया।
चंडीगढ़ में भ्रष्टाचार के मामलों में अब अधिकारियों को बच निकलना आसान नहीं होगा। चंडीगढ़ प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए स्मार्ट सिटी लिमिटेड और क्रेस्ट में फंड गड़बड़ी से जुड़े मामलों की जांच CBI को सौंप दी है। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने इसके लिए मंजूरी दे दी है। अब तक कई मामलों में देखा गया कि भ्रष्टाचार या रिश्वत के आरोपों में गिरफ्तारी के बावजूद अधिकारी बच जाते थे। इसकी वजह थी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17A, जिसके तहत केस चलाने के लिए संबंधित राज्य सरकार से अनुमति जरूरी होती है। कई बार हरियाणा या पंजाब सरकार से यह मंजूरी नहीं मिलती थी या जवाब ही नहीं दिया जाता था, जिसके चलते अदालत में केस कमजोर पड़ जाता था और आरोपी बरी हो जाते थे। चंडीगढ़ विजिलेंस ने रिश्वत लेते ड्रग कंट्रोल ऑफिसर सुनील चौधरी और अशोक नरूला के खिलाफ कार्रवाई की थी। डेढ़ महीने पहले वे धनास के एक सर्जिकल स्टोर पर गए थे। इस स्टोर का निरीक्षण कर दोनों ने उसमें कई खामियां निकाली थीं। इन खामियों के आधार पर स्टोर को सील करने की धमकी दी गई थी। आरोप है कि स्टोर को सील न करने के एवज में एक लाख रुपये रिश्वत मांगी गई और अशोक नरूला को 25 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। लेकिन हरियाणा सरकार से केस चलाने की मंजूरी मांगी गई, जिसका कोई जवाब नहीं मिला, जिसके बाद कोर्ट ने सुनील चौधरी को बरी कर दिया था। स्मार्ट सिटी फंड में गड़बड़ीचंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड में आईडीएफसी बैंक में जमा करीब 116 करोड़ रुपये बिना अनुमति निकाले जाने का मामला सामने आया था। जांच में सामने आया कि यह रकम शेल कंपनियों में ट्रांसफर की गई। इसी तरह क्रेस्ट में भी फंड गड़बड़ी के आरोप लगे। इस मामले में पुलिस को प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए आरोपियों पर केस चलाने की अनुमति चाहिए थी। स्मार्ट सिटी की CFO नलिनी मलिक और आउटसोर्स कर्मचारी अनुभव मिश्रा के खिलाफ तो प्रशासन ने मंजूरी दे दी, लेकिन एनपी शर्मा (जो पंजाब कैडर के अधिकारी हैं और चंडीगढ़ में डेपुटेशन पर थे) के खिलाफ पंजाब सरकार से मांगी गई अनुमति का कोई जवाब नहीं मिला। हरियाणा से भी नहीं मिले सबूतइस मामले में हरियाणा पुलिस ने आईडीएफसी बैंक के पूर्व मैनेजर रिभव ऋषि को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। जांच के दौरान उसके पास से कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले थे, जो पूरे फंड ट्रांजैक्शन और पैसों के ट्रेल को समझने में महत्वपूर्ण थे। माना जा रहा था कि इन सबूतों से यह स्पष्ट हो सकता है कि रकम कहां से निकाली गई, किन खातों में ट्रांसफर हुई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। चंडीगढ़ पुलिस ने जांच आगे बढ़ाने के लिए हरियाणा पुलिस से कई बार सबूत मांगे, ताकि दोनों राज्यों की जांच में तालमेल बैठ सके। इसके लिए आधिकारिक पत्र भी भेजे गए, लेकिन जरूरी दस्तावेज समय पर नहीं मिले। सबूतों की कमी के कारण चंडीगढ़ पुलिस की जांच प्रभावित हो रही थी और केस की कड़ियां जोड़ने में दिक्कत आ रही थी। यही वजह रही कि मामले को निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए अंततः इसे CBI को सौंपने का फैसला लिया गया, ताकि सभी एजेंसियों के स्तर पर जांच को एक दिशा में आगे बढ़ाया जा सके। CBI जांच से खुलेंगे बड़े राजइन सभी अड़चनों को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने पूरे मामले की जांच CBI को सौंपने का फैसला लिया। प्रशासन का मानना है कि जब अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी, जरूरी अनुमति न मिलना और अहम सबूतों की उपलब्धता में दिक्कतें आ रही हों, तो एक केंद्रीय एजेंसी के जरिए जांच ज्यादा प्रभावी और निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाई जा सकती है। CBI के पास देशभर में जांच करने का अधिकार होता है, इसलिए वह अलग-अलग राज्यों से जुड़े इस मामले में सभी पहलुओं को एक साथ जोड़कर देख सकेगी। उम्मीद जताई जा रही है कि CBI जांच के दौरान फंड ट्रांजैक्शन, शेल कंपनियों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की गहराई से पड़ताल करेगी। सूत्रों के अनुसार, इस जांच में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं और ऐसे कई नाम सामने आ सकते हैं, जो अब तक जांच के दायरे से बाहर थे। साथ ही, यह भी संभावना है कि जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, जिससे भ्रष्टाचार के इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके। इससे पहले मामले की जांच के लिए एसपी सिटी मंजीत श्योराण की अगुवाई में SIT बनाई गई थी, जिसमें डीएसपी वेंकटेश सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। जांच के दौरान CFO नलिनी मलिक और ब्रोकर विक्रम वाधवा समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई थीं।
राजस्थान पुलिस ने की ड्रग तस्कर की 2.50 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त संपत्ति जब्त
प्रतापगढ़ पुलिस ने नशीले पदार्थों के नेटवर्क पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत एक ड्रग तस्कर की लगभग 2.50 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
मथुरा के थाना कोतवाली वृंदावन इलाके में शुक्रवार की देर रात उस समय सनसनी फैल गई जब एक युवक और युवती के शव एक कमरे में पड़े मिले। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। युवती का शव बैड पर पड़ा था जबकि युवक का शव फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। किराए के मकान में मिले शव शुक्रवार की देर रात करीब 10 बजे वृंदावन पुलिस को सूचना मिली कि दुर्गापुरम कॉलोनी में स्थित एक मकान के कमरे में किराए पर रहने वाली युवती का कमरा नहीं खुल रहा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची तो कमरा अंदर से बंद था। पुलिस ने कमरे की खिड़की से देखा तो एक युवक फंदे पर लटका हुआ था वहीं युवती के बारे में जानकारी नहीं मिल पा रही थी। इसके बाद फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया। दरवाजा तोड़कर देखा तो अंदर थे दो शव मौके पर पहुंची पुलिस ने फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में कमरे का दरवाजा तोड़ा तो देखा वहां एक नहीं दो शव थे। 10 फीस्ट चौड़े और 10 फीट लंबे छोटे से कमरे में युवक का शव छत पर लगे कुंडे से लटका हुआ था जबकि युवती का शव बैड पर पड़ा हुआ था। युवती के गले पर निशान थे। उसने लाल रंग की टी शर्ट और फौजी कलर की लैगी पहने हुई थी। जबकि युवक ने काले रंग की शर्ट और पेंट पहने हुआ था। पड़ोसी महिला ने दी थी पुलिस को सूचना मकान के दूसरे कमरे में रहने वाली महिला गुंजन एक गारमेंट के शोरूम में काम करती है। गुंजन रात को जब काम से वापस आई तो वहां उसे घर के बाहर मिले कुछ लड़के लड़कियों ने बताया कि राधिका के कमरे का दरवाजा नहीं खुल रहा। इस पर गुंजन ने कहा कि पुलिस को सूचना दीजिए। इसके बाद लड़के लड़की वहां से पुलिस को सूचना देने की कह कर चले गए। इसके कुछ देर बाद गुंजन ने पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों में थे एक साल से प्रेम संबंध मौके पर पहुंची पुलिस को पता चला कि मथुरा के लक्ष्मी नगर इलाके की रहने वाली राधिका पिछले 8-10 साल से परिवार से अलग वृंदावन में रहती थी। वह 4 साल से इसी मकान में किराए का कमरा ले कर रह रही थी। इसी दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि छाता के तरौली गांव के रहने वाले 24 वर्षीय युवक सुभाष से उसके पिछले एक वर्ष से प्रेम संबंध थे। पिछले कुछ दिन से दोनों में विवाद चल रहा था। 28 अप्रैल को युवती ने सुभाष के खिलाफ जैंत थाना में छेड़खानी का मुकद्दमा भी दर्ज कराया था। पहले युवती का दबाया गला,फिर की आत्महत्या सुभाष की बुआ के बेटे राहुल ने बताया कि पुलिस मामले में जांच कर रही थी, गुरुवार रात को सुभाष अच्छा था खाना खाया सभी से अच्छे से बात की। शुक्रवार को वह दोपहर में घर से निकल आया। मौके पर पहुंचे सीओ सदर पीतम पाल सिंह ने बताया कि संभावना है कि सुभाष और युवती में पहले कोई विवाद हुआ है जिसके बाद सुभाष ने युवती का गला दबाकर हत्या कर दी हो और फिर खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जांच में जुटी पुलिस वारदात की जानकारी मिलते ही एसपी क्राइम भी मौके पर पहुंची। उन्होंने क्राइम सीन को देखा। फॉरेंसिक टीम द्वारा कमरे की जांच करने के बाद पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में ले लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने दोनों के परिजनों को सूचना दे दी। सीओ सदर पीतम पाल सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मौत आगे की कार्यवाही की जाएगी।
झांसी में ऑनलाइन सट्टा के करीब 100 करोड़ रुपए के बड़े मामले में झांसी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने भाजपा किसान मोर्चा के कोषाध्यक्ष और सहकारिता बैंक के निदेशक आशीष उपाध्याय को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। वह फरारी के दौरान दिल्ली में अपने एक परिचित के यहां छिपा हुआ था। पुलिस को सर्विलांस के जरिए उसकी लोकेशन मिली, जिसके बाद टीम तुरंत दिल्ली पहुंची और उसे दबोच लिया। देर रात उसे झांसी लाया गया, जहां फिलहाल उससे गहन पूछताछ की जा रही है।इससे पहले नवाबाद थाने की पुलिस ने बुधवार को सट्टा गिरोह का खुलासा करते हुए शुभम उपाध्याय, विजय बाधवा और नितिन अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में इन आरोपियों ने आशीष उपाध्याय समेत कई अन्य लोगों के नाम उजागर किए थे। जिसके बाद पुलिस ने सरगर्मी से इनकी तलाश शुरू कर दी थी। पार्षद पति भी खिला रहे थे सट्टाजांच में सामने आए अन्य वांछितों में पार्षद पति पप्पू, पंकज राय, सौरभ लिखधारी, सोनू चड्ढा, हरीश कुमार, आकाश चंचलानी, सुमित साहू और रोशन मुंशी शामिल हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए एसएसपी ने पुलिस की कई टीमें गठित की हैं।एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि मामले के हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी। सदर विधानसभा से कर रहा था दावेदारीधार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने वाले आशीष उपाध्याय ने खुद को झांसी में भारतीय जनता पार्टी के एक बड़े नेता के रूप में स्थापित कर लिया था। आगामी विधानसभा चुनाव 2027 में वह भाजपा से टिकट की दावेदारी भी कर रहा था।सट्टा सिंडिकेट का खुलासा होने से पहले आशीष उपाध्याय ने अपने कुछ करीबियों पर उसके खिलाफ साजिश रचने का आरोप भी लगाया था। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच भारतीय जनता पार्टी से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे आशीष उपाध्याय का सोशल मीडिया अकाउंट पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ तस्वीरों से भरा पड़ा है। देश के गृहमंत्री अमित शाह, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के साथ उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर मौजूद हैं। इन तस्वीरों के चलते बड़ी संख्या में युवा भी उससे जुड़ते रहे। फेसबुक पर उसके 35 हजार से अधिक फॉलोअर बताए जा रहे हैं, जबकि इंस्टाग्राम पर करीब 16 हजार यूजर उसे फॉलो करते हैं। अभी आठ आरोपी फरारबीते दिनों एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने तीन सट्टा बुकी को गिरफ्तार करते हुए नौ अन्य आरोपियों को भी इस नेटवर्क का हिस्सा बताया था। इसमें पप्पू और शौरभ राय नगर निगम पार्षद के पति हैं, जो इस पूरे नेटवर्क के संचालन में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये लोग अपने रसूख के दम पर कई बड़े भाजपा नेताओं के साथ बैठकों में भी शामिल होते थे।
शुक्रवार को सोनम के प्रेमी राज कुशवाहा की जमानत याचिका को शिलॉन्ग कोर्ट ने खारिज कर दिया है। वहीं सोनम की जमानत को आधार बनाकर शिलांग जेल में बंद विशाल चौहान, आनंद कुर्मी और आकाश राजपूत ने भी जमानत मांग ली है। शुक्रवार को उनके वकील ने कोर्ट में अर्जी लगा दी है। बता दें की राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम मंगलवार रात को जेल से रिहा हो चुकी है और फिलहाल शिलांग के एक होटल में ठहरी हुई है। राज के वकील फुयोसा योबिन बताया की राज की बेल एप्लिकेशन को सेशन कोर्ट ने शुक्रवार को निरस्त कर दिया। राज कुशवाहा की ज़मानत अर्जी 'तकनीकी आधारों' पर खारिज की गई, न कि मामले की मेरिट (गुण-दोष) के आधार पर, अर्जी में पिछले जमानत आवेदन का उल्लेख नहीं था। कोर्ट ने आदेश में उसका उल्लेख किया है। सोमवार को राज कुशवाहा के लिए ज़मानत मांगने हेतु अदालत में एक नई अर्जी दायर की जाएगी। इधर राज की गिरफ्तारी के बाद उसकी मां बहनों को लेकर इंदौर से अपने गांव (उप्र) चली गई है। वकील योबिन के अनुसार परिवार का कोई सदस्य राज से मिलने नहीं आता है। कोर्ट के दस्तावेज साइन करवाने के लिए वकील ही शिलांग जेल जाते है। अंडर ट्रायल और कानूनी आधारों की दलीलें रहीं बेअसर राज कुशवाहा के बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई थी कि अंडर ट्रायल मामलों में आरोपितों को लंबे समय तक जेल में रखना उनके अधिकारों का उल्लंघन है। आमतौर पर एक साल से अधिक समय तक जेल में रहने के आधार पर आरोपित जमानत का प्रयास करते हैं, लेकिन कोर्ट ने अपराध की गंभीरता और मामले के तथ्यों को देखते हुए राज को राहत देना उचित नहीं समझा। राज कुशवाहा की याचिका खारिज होने के बाद अब अन्य आरोपितों की राह भी मुश्किल नजर आ रही है। सोनम की जमानत रद्द कराने हाईकोर्ट जाएगी शिलॉन्ग पुलिस शिलॉन्ग पुलिस सोनम की जमानत को चुनौती देने के लिए मेघालय हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रही है। पुलिस का मानना है कि सोनम इस हत्याकांड की मास्टरमाइंड है और उसकी रिहाई से केस के गवाहों को प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। जमानत मिलने से वह गवाहों को प्रभावित कर सकती है। शिलॉन्ग एसपी विवेक सियेम ने दैनिक भास्कर से बात करते हुए कहा कि हम जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन कर रहे हैं और कानून के मुताबिक इस मामले को आगे बढ़ाते रहेंगे। कोर्ट ने अपने अधिकारों का उपयोग किया है। हमारी जांच नियमों के अनुसार आगे बढ़ेगी। एक और अर्जी दायर करने की तैयारी में सोनम रघुवंशी शिलॉन्ग पुलिस सूत्रों ने बताया कि जमानत के बाद सोनम को वकील की मदद से शिलॉन्ग में किसी सुरक्षित जगह पर रखा है। कारण यह है कि सोनम कोर्ट की अनुमति के बगैर शिलॉन्ग नहीं छोड़ सकती है। वहीं, सूत्रों के अनुसार सोनम खुद शिलॉन्ग से बाहर जाने के लिए कोर्ट में अर्जी दायर कर सकती है। इसके लिए वह स्वयं पर हमले का खतरा होने का तर्क दे सकती है। बताया जा रहा है कि उसके वकील की तरफ से इस मामले में तैयारी की जा रही है। 10 माह से जांच कर रही एसआईटी इंदौर शहर के सहकार नगर निवासी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में उसकी पत्नी सोनम को सशर्त जमानत मिली है। सत्र न्यायालय ने जमानत देते समय शिलांग की ईस्ट खासी हिल्स थाना पुलिस की जांच प्रक्रिया पर प्रश्न उठाए थे। दरअसल, न्यायालय ने पाया गया कि सोनम की गिरफ्तारी के अभिलेख में हत्या की वास्तविक धारा के बजाय असंगत धारा लगा दी गई। इसके साथ ही सोनम को गिरफ्तारी के समय आरोपी के रूप में उसके अपराध के बारे में भी नहीं बताया गया। इसे सत्र न्यायालय ने कानूनी प्रक्रिया की गंभीर खामी और संविधान में आरोपी को प्राप्त मौलिक अधिकार का उल्लंघन माना। यह भी पाया कि एसआईटी 10 माह में भी मामले की जांच पूरी नहीं कर सकी है। सारे गवाहों के बयान भी दर्ज नहीं किए गए हैं।
उज्जैन में किसानों के ट्रैक्टर हड़पकर बेचने वाले शातिर आरोपी को भाटपचलाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी किसानों को ज्यादा किराए का लालच देकर ट्रैक्टर लेता था और बाद में उन्हें बेच देता था। पुलिस ने कार्रवाई कर ट्रैक्टर बरामद किए हैं। एएसपी आकांक्षा खलोटे ने बताया कि रतलाम निवासी कन्हैयालाल पाटीदार और उनके तीन साथियों ने ग्राम माधोपुरा निवासी रफीक पिता गनी मोहम्मद को चार ट्रैक्टर किराए पर दिए थे। आरोपी ने एक माह तक किराया दिया, लेकिन बाद में ट्रैक्टर लौटाने के बजाय बेच दिए। जब ट्रैक्टर मालिकों को इसकी जानकारी लगी तो उन्होंने 29 अप्रैल को शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद भाटपचलाना थाना प्रभारी सत्येंद्र चौधरी और उनकी टीम ने आरोपी रफीक को पकड़ लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अब तक किसानों के करीब 20 ट्रैक्टर किराए पर लेकर 1.80 करोड़ रुपए में बेच चुका है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कई ट्रैक्टर जब्त कर लिए हैं। ऐसे फंसाता था किसानों को पुलिस के अनुसार आरोपी काफी शातिर तरीके से वारदात करता था। वह किसानों को सामान्य से अधिक किराया देने का लालच देता, एक-दो माह तक भुगतान करता और भरोसा जीत लेता। इसके बाद ट्रैक्टर दूर-दराज क्षेत्रों में बेच देता था। बाद में मोबाइल बंद कर देता या पता बदल लेता था। रिमांड पर पूछताछ जारी पुलिस का कहना है कि आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है, जिससे और भी खुलासे होने की संभावना है। ट्रैक्टर बरामद होने के बाद किसानों ने पुलिस टीम का स्वागत किया।
लखनऊ में लोहिया पार्क बना स्पोर्ट्स हब::अब फीस देकर खेल सकेंगे टेनिस, स्केटिंग और बॉक्स क्रिकेट
लखनऊ के गोमती नगर स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया पार्क को अब स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित किया गया है। यहां शहरवासी स्केटिंग, लॉन टेनिस, बैडमिंटन, पिकल बॉल और बॉक्स क्रिकेट जैसे खेलों का आनंद ले सकेंगे। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने सभी खेल सुविधाओं के लिए शुल्क और समय निर्धारित कर दिया है। एलडीए ने पार्क के गेट नंबर-3 के पास करीब 7 करोड़ रुपए की लागत से “ऑक्सीजन स्पोर्ट्स एरिना” विकसित किया है। इसी परिसर में प्रदेश का सबसे बड़ा स्केट पार्क भी बनाया गया है, जिसका उद्घाटन पिछले महीने मुख्य सचिव एसपी गोयल ने किया था। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार के मुताबिक, पहले यहां कृत्रिम वॉटर बॉडी थी, जिसमें भूगर्भ जल का इस्तेमाल होता था। इससे पानी की बर्बादी के साथ मच्छरों और बीमारियों का खतरा भी बना रहता था। अब उसी स्थान को खेल गतिविधियों के लिए विकसित किया गया है। करीब 4000 वर्गमीटर क्षेत्र में स्केटिंग रिंग तैयार की गई है, जबकि 4500 वर्गमीटर क्षेत्र अन्य खेलों के लिए विकसित किया गया है। एलडीए का दावा है कि यह लखनऊ का पहला और प्रदेश का सबसे बड़ा स्केट पार्क है। पूरी टीम के हिसाब से तय हुआ शुल्क एलडीए के उद्यान अधिकारी एसके भारती ने बताया कि पिकल बॉल, लॉन टेनिस, बैडमिंटन और बॉक्स क्रिकेट का शुल्क प्रति खिलाड़ी नहीं, बल्कि पूरी टीम के लिए तय किया गया है। केवल स्केटिंग का शुल्क प्रति खिलाड़ी और मासिक आधार पर रखा गया है। उन्होंने बताया कि स्केटिंग के लिए प्रशिक्षक की व्यवस्था भी की गई है, ताकि बच्चों को सुरक्षित तरीके से प्रशिक्षण मिल सके। वहीं अन्य खेलों में कोच की सुविधा शामिल नहीं होगी। उद्यान अधीक्षक मोहम्मद इमरान ने बताया कि खेल खेलने आने वालों से पार्क का प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाएगा। खिलाड़ियों को सिर्फ संबंधित खेल का शुल्क जमा करना होगा। किस खेल का कितना शुल्क खेलशुल्कसमय पिकल बॉल400 रुपए प्रति घंटासुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक लॉन टेनिस400 रुपए प्रति घंटासुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक बैडमिंटन200 रुपए प्रति घंटासुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक बॉक्स क्रिकेट600 रुपए प्रति घंटासुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक स्केटिंग1500 रुपए मासिक + 100 रुपए रजिस्ट्रेशनसुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक
लखनऊ की वसंत कुंज योजना में रहने वाले लोगों को जल्द ही बेहतर मेंटेनेंस की सुविधा मिलने की उम्मीद है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने योजना को नगर निगम को हैंडओवर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गोमती नगर स्थित एलडीए मुख्यालय में हुई बैठक के बाद दोनों विभागों की संयुक्त टीम गठित कर दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक पूरी प्रक्रिया पूरी होने में करीब छह महीने लग सकते हैं। संयुक्त टीम करेगी सर्वे, तय होगा खर्च हैंडओवर से पहले एलडीए और नगर निगम की टीम क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण करेगी। टीम योजना में मौजूद सीवर लाइन, पेयजल व्यवस्था और स्ट्रीट लाइट की मौजूदा स्थिति का आकलन करेगी। साथ ही आने वाले समय में इनके रखरखाव पर कितना खर्च आएगा, इसकी भी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर एलडीए आवश्यक बजट नगर निगम को देगा। इसके बाद ही योजना को औपचारिक रूप से नगर निगम को हस्तांतरित किया जाएगा। हैंडओवर के बाद नगर निगम संभालेगा ये जिम्मेदारियां सीवर सिस्टम सीवर लाइन की सफाई और मरम्मत जलभराव और चोकिंग की समस्याओं का समाधान स्ट्रीट लाइट खराब स्ट्रीट लाइट बदलना और मरम्मत बिजली बिल का भुगतान और नियमित रखरखाव पेयजल व्यवस्था पाइपलाइन की मरम्मत पानी की सप्लाई और मेंटेनेंस व्यवस्था सूत्रों के अनुसार, हैंडओवर के बाद स्थानीय निवासियों को शिकायतों के निस्तारण के लिए सीधे नगर निगम से संपर्क करना होगा, जिससे सेवाओं में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 178 याचियों की ओर से दाखिल याचिका में एक ही पैरोकार के हलफनामे में प्रक्रियात्मक कमी पाते हुए याचिका को खारिज कर दिया और न्यायालय का समय बर्बाद करने व नियमों की अनदेखी के लिए सभी याचियों पर 10-10 रुपये का हर्जाना भी लगाया है। कोर्ट ने कहा कि यह याचिका खारिज होने योग्य है क्योंकि हलफनामा किसी भी याची द्वारा नहीं बल्कि एक ऐसे पैरोकार द्वारा दिया गया है, जिसका याचियों से संबंध स्पष्ट नहीं है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने दिया है। सूर्य प्रताप शर्मा व 177 अन्य की याचिका में कोर्ट ने पाया कि याचिका किसी भी मुख्य याची द्वारा सत्यापित नहीं की गई। इसकी बजाय इसे एक पैरोकार की ओर से दाखिल किया गया था, जिसने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह राज्य के विभिन्न जिलों में रहने वाले सभी 178 याचियों को कैसे जानता है। कोर्ट ने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा कि वकालतनामे पर किए गए हस्ताक्षर ऐसे प्रतीत होते हैं जैसे वे स्वयं याचियों द्वारा नहीं किए गए हों। कोर्ट ने कहा कि इसी तरह की एक याचिका गत सात अप्रैल को एक अन्य बेंच ने खारिज किया था। कोर्ट ने सभी 178 याचियों पर 10-10 रुपये का हर्जाना लगाते हुए यह राशि छह सप्ताह के भीतर हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति के बैंक खाते में जमा करने का निर्देश दिया है।

