सीएम योगी कल 17 जुलाई को गाजियाबाद में पूर्व मंत्री राजपाल त्यागी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कांवड़ यात्रा पर सुरक्षा व्यवस्था की मीटिंग भी करेंगे। मुरादनगर स्थित डिग्री कॉलेज से लेकर कलेक्ट्रेट तक सीएम के दौरे को लेकर तैयारियां चलती रहीं। बिजली की पोल पर करंट न उतरे इसके लिए पॉलिथिन ढककर कवर किए गए हैं, बिजली के ट्रांसफार्मर पुराने से नए रखे गए। कार्यक्रम स्थल पर पेड़ों पर भी रंगाई पुताई की गई। जहां अलग अलग स्थानों पर साफ सफाई भी चलती रही। भाजपा नेता अंकुर गोयल ने कहा कि पूर्व मंत्री राजपाल त्यागी ने मीट प्लांट बंद कराकर इस क्षेत्र के लिए बहुत बड़ा काम किया। गाजियाबाद की मुरादनगर विधानसभा से 6 बार विधायक रहे और सरकार में मंत्री भी बने। इस समय उनके बेटे अजीतपाल त्यागी इसी मुरादनगर सीट से दूसरी बार विधायक हैं। कार्यक्रम के लिए 1200 जवान सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए हैं। यह कार्यक्रम तेजपाल सिंह त्यागी कुशलपाल त्यागी मेमोरियल डिग्री कॉलेज मुरादनगर में है,कॉलेज पूर्व मंत्री के भाइयों के नाम पर है। जानिए कौन हैं पूर्व मंत्री राजपाल त्यागी राजपाल त्यागी का जन्म 10 जनवरी 1947 को बागपत जिले के मुकारी गांव में हुआ। एलएलबी की पढ़ाई करने के बाद वह गाजियाबाद में अधिवक्ता रहे और गाजियाबाद बार एसोसिएशन के सचिव और अध्यक्ष भी चुने गए। वह मुरादनगर विधानसभा सीट से 6 बार विधायक चुने गए। और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे। 18 जुलाई 2025 को पूर्व मंत्री राजपाल त्यागी का निधन हुआ। वह 1989 में पहली बार विधायक बने थे। पिता से बहुत कुद सीखने को मिला पूर्व कैबिनेट मंत्री राजपाल त्यागी के दो बेटे हैं गिरीश त्यागी और अजीतपाल त्यागी। अजीतपाल त्यागी इस समय मुरादनगर सीट से भाजपा के विधायक हैं। उन्होंने बताया कि मेरे पिता ने इस क्षेत्र में जनता की हमेशा बहुत ही सादगी से सेवा की। हर मिलने वाले की वह पूरी बात सुनकर मिलते थे। मुरादनगर विधानसभा ने उन्होंने पहला डिग्री कॉलेज दिया। हमेशा ईमानदारी, सादगी में रहकर गरीबों की सेवा की। मुझे राजनीति में उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला है। यह क्षेत्र उनके योगदान को कभी नहीं भूल सकता। क्षेत्र में बहुत ही योगदान रहा आरएलडी के नेता दीपक चौधरी ने कहा कि हमारे क्षेत्र में पूर्व कैबिनेट मंत्री राजपाल त्यागी बहुत ही लोकप्रिय रहे। उनके योगदान को आज भी लोग याद करते थे। पूर्व में सड़कें नहीं थी, कॉलेज नहीं थे। उन्होंने हमेशा विकास के लिए इस क्षेत्र को बहुत ऊंचाईयों पर पहुंचाया। हर वर्ग को साथ लेकर चलते थे भाजपा के मुरादनगर शहर मंडल अध्यक्ष राहुल गोयल ने कहा कि राजपाल त्यागी समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलते थे। एक ही विधानसभा से 6 बार विधायक बनना बहुत ही गर्व की बात रही। हर कार्यकर्ता की वह पूरी बात सुनते थे। जो भी एक बार मिलता था उसे भूलते नहीं थे। उनके द्वारा जिस कॉलेज की नींव रखी गई अब उनकी प्रतिमा का अनावरण करने खुद सीएम आ रहे हैं।
भक्तों ने हाथों से खींचा भगवान जगन्नाथ का रथ:मौसी के घर से ननिहाल गोपीनाथ मंदिर के लिए हुई रवाना
ओडिशा के पुरी की तर्ज पर पाली शहर में गुरुवार शाम भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा गाजे-बाजे के साथ निकाली गई। अग्रवाल पंचायत की ओर से धानमंडी से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाओं को सजे-धजे रथ में विराजमान कर यात्रा रवाना की गई। पूरे रास्ते श्रद्धालु अपने हाथों से रथ खींचते हुए चले। बैंड पर भगवान जगन्नाथ के भजनों की धुन गूंजती रही और ‘जय जगन्नाथ’ के जयकारों से पूरा शहर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। रास्तेभर दर्शन-पूजन, मौसी के घर पहुंचा रथ रथयात्रा धानमंडी से निकलकर घी का झंडा और बाईसी बाजार होते हुए सर्राफा बाजार स्थित भगवान की मौसी के घर पहुंची। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए, प्रसाद चढ़ाया और परिवार की खुशहाली की कामना की। रथ के सर्राफा बाजार पहुंचने पर भगवान की महाआरती की गई। यहां रात्रि विश्राम के बाद शुक्रवार शाम 7 बजे रथ ननिहाल गोपीनाथ मंदिर के लिए रवाना होगा और वहां से वापस धानमंडी लाया जाएगा। आबूरोड से पहुंचे विग्रह, श्रद्धालुओं ने किया स्वागत इस्कॉन पाली की ओर से 18 जुलाई को आयोजित होने वाली विशेष जगन्नाथ रथयात्रा के लिए गुरुवार को आबूरोड से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के विग्रह पाली पहुंचे। दोपहर करीब 4 बजे उनके आगमन पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। मृदंग और करताल की मधुर धुन पर ‘हरे कृष्ण... हरे राम’ संकीर्तन और ‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष से माहौल भक्तिमय हो गया। 18 जुलाई को निकलेगी इस्कॉन की विशेष रथयात्रा इस्कॉन पाली की ओर से 18 जुलाई 2026 को शाम 4 बजे श्री अग्रसेन भवन से विशेष भगवान जगन्नाथ रथयात्रा निकाली जाएगी। यात्रा पानी दरवाजा, सर्राफा बाजार, धानमंडी, सोमनाथ मंदिर, सूरजपोल, नहर चौराहा और शिवाजी सर्कल से होते हुए बांगड़ कॉलेज मैदान पहुंचेगी, जहां धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
दतिया में नाबालिग से गैंगरेप:आरोपियों के परिजनों ने गर्भपात कराया, दो चचेरे भाइयों समेत छह पर केस
दतिया में चिरूला थाना क्षेत्र में 17 साल की किशोरी से गैंगरेप के बाद गर्भपात कराने का मामला सामने आया है। गुरुवार को पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने दो चचेरे भाइयों समेत छह लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार किशोरी ने रिपोर्ट में बताया कि, मई माह में वह खेत पर बने कमरे में मूंगफली भरने गई थी। इसी दौरान उसके दो चचेरे भाई कमरे में घुस आए। आरोप है कि दोनों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। डर के कारण उसने घटना की जानकारी परिवार को नहीं दी। अस्पताल में चोरी छिपे कराया गर्भपातकुछ समय बाद मासिक धर्म (पीरियड) नहीं आने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उसे जिला अस्पताल लेकर गई। जहां जांच में प्रेग्नेंट होने की पुष्टि हुई। पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ड्राइवर और आरोपियों के परिजन उसे झांसी के अस्पताल ले गए। पीड़िता ने बताया की मेरी जानकारी और सहमति के बिना गर्भपात करा दिया गया। घर लौटने के बाद उसने पूरी घटना अपने पिता को बताई। पिता के आरोपियों से विवाद के बाद गुरुवार को दोनों थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर दीपू कुशवाहा, अभिराज कुशवाहा सहित छह लोगों के खिलाफ दुष्कर्म, धमकी, गर्भपात कराने और अन्य संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। मेडिकल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच जारी है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य के नारी निकेतन, बालिका गृह, बाल गृह और फोस्टर होम की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर राज्य सरकार के अधिकारियों को फटकार लगाई है। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा- हमारे समक्ष पेश किए गए हलफनामे वास्तविक जानकारी देने के बजाय एक जैसे तैयार किए गए (कॉपी-पेस्ट) दस्तावेज हैं, जिन पर अधिकारियों ने केवल हस्ताक्षर कर दिए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने जयपुर और जोधपुर से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। बता दें कि यह मामला अलवर बालिका गृह में रह रही बालिकाओं की शिकायत के आधार पर शुरू हुआ था, जिसमें संस्था को अनुदान नहीं मिलने और अन्य बुनियादी समस्याओं का उल्लेख किया गया था। 20 जुलाई को होगी अगली सुनवाई सुनवाई के दौरान विभिन्न जिलों के नारी निकेतन, बालिका गृह, ऑब्जर्वेशन होम और जिला बाल संरक्षण इकाइयों के अधिकारी कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा- पूर्व आदेश के अनुसार सभी संस्थानों की वास्तविक जरूरतों, उपलब्ध सुविधाओं, कर्मचारियों की स्थिति और कमियों का अलग-अलग विवरण प्रस्तुत किया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। खंडपीठ ने सख्त निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले के अधिकारी अपने-अपने संस्थान की वर्तमान स्थिति का विस्तृत हलफनामा दाखिल करें। इसके साथ ही भवन, आवासीय व्यवस्था और अन्य सुविधाओं की नवीनतम तस्वीरें (फोटोग्राफ्स) भी रिकॉर्ड पर पेश करें। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब केवल औपचारिक रिपोर्टों से संतोष नहीं किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई अब 20 जुलाई को होगी।
सुकमा में 10.7 किलो गांजा जब्त:तेलंगाना के 2 तस्कर गिरफ्तार; वाहन जांच के दौरान पकड़े गए आरोपी
सुकमा जिले में पुलिस के विशेष अभियान आगाज के तहत कोंटा पुलिस ने 10.700 किलो गांजा के साथ दो अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपी ओडिशा के मलकानगिरी से गांजा लाकर छत्तीसगढ़ के रास्ते तेलंगाना ले जा रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 10.700 किलो गांजा, जिसकी कीमत करीब 5.35 लाख रुपए है, जब्त किया। साथ ही तस्करी में इस्तेमाल की गई होंडा एक्टिवा स्कूटी भी जब्त की गई। कुल जब्त संपत्ति की कीमत 6.73 लाख रुपए बताई गई है। वाहन जांच के दौरान पकड़े गए आरोपी एसपी मयंक गुर्जर के निर्देश पर 16 जुलाई को कृष्णा मंदिर चौक-ढोढरा मार्ग पर वाहन जांच की जा रही थी। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की एक्टिवा पर सवार दो युवक पुलिस को देखकर भागने लगे। घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया गया। तलाशी लेने पर एक बोरी में 10.700 किलो गांजा मिला। मलकानगिरी से खरीदकर तेलंगाना ले जा रहे थे गांजा पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान अमीन बसीर शाह (39) और वी. नरेश (22), दोनों निवासी रंगा रेड्डी (तेलंगाना), के रूप में बताई। उन्होंने बताया कि गांजा ओडिशा के मलकानगिरी से खरीदकर तेलंगाना में बेचने के लिए ले जा रहे थे। एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज इस मामले में कोंटा थाना में अपराध क्रमांक 20/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ख)(2)(ख) के तहत कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। एसपी की अपील एसपी मयंक गुर्जर ने कहा कि जिले को नशामुक्त बनाने के लिए आगाज़ अभियान के तहत अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि नशे से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
जोधपुर विकास प्राधिकरण की ओर से लगातार अवैध अतिक्रमण को लेकर कार्रवाई की जा रही है। गुरुवार को भी करवड़ गांव में एक्शन लिया गया। केंद्रीय पर्यटन एवं सस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत कल जोधपुर आएंगे। इसके बाद वे यहां से जैसलमेर के लिए रवाना होंगे। इधर, शहर में गुरुवार को टीम की ओर से सीएनजी पंपों का निरीक्षण किया गया। शहर की खबरों के लिए पढ़ें लाइव ब्लॉग…
ऑटो पार्ट्स की दुकान में शॉर्ट सर्किट से आग:फायर एक्सटिंग्विशर से समय रहते बुझ गई, कोई जनहानि नहीं
लखनऊ के कानपुर रोड स्थित कृष्णानगर के बारावीरवा इलाके में गुरुवार शाम 8 बजे एक ऑटो पार्ट्स की दुकान में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। देखते ही देखते दुकान धुएं से भर गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के दुकानदारों और कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से आग पर काबू पा लिया। सूचना मिलने के बाद दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आग पूरी तरह बुझ चुकी थी। जानकारी के अनुसार, बारावीरवा स्थित बेसमेंट समेत तीन मंजिला व्यावसायिक भवन सुभाष अग्रवाल का है। भवन में कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और अन्य प्रतिष्ठान संचालित हैं। इनमें कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी को एलडीए पहले ही सील कर चुका है। इसी भवन के बेसमेंट और प्रथम तल पर हिंद नगर एलडीए कॉलोनी सेक्टर-सी निवासी परमजीत सिंह की विंकल ऑटो पार्ट्स (हुंडई) की दुकान है। गुरुवार शाम को दुकान में अचानक शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई। कुछ ही देर में पूरा परिसर धुएं से भर गया। आसपास के दुकानदारों और कर्मचारियों ने तुरंत फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल कर आग बुझा दी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और न ही कोई बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
नगर निगम में गुरुवार को नगर आयुक्त ने प्रशासनिक व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कई जोनल अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। नए आदेश के अनुसार विकास सिंह को जोन-7 का नया जोनल अफसर बनाया गया है। वह अब तक जोन-8 की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इसी क्रम में जोन-7 के टैक्स सुपरिंटेंडेंट अजीत राय को पदोन्नति देते हुए जोन-3 का जोनल अफसर नियुक्त किया गया है। वहीं जोन -3 में तैनात मनोज यादव को अब जोन -2 की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासनिक फेरबदल में कर निर्धारण अधिकारी नंदकिशोर को नगर स्वास्थ्य अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आशीष सिंह को जोन-8 का जोनल अफसर नियुक्त किया गया है। न नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह फेरबदल कार्यों में तेजी लाने और बेहतर समन्वय के उद्देश्य से किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने उद्योग और कारोबार को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विधानसभा ने 'छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026' पारित कर दिया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, जहां उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए रिस्क बेस्ड और ट्रस्ट बेस्ड बिजनेस परमिशन सिस्टम लागू होगा। अधिनियम का उद्देश्य उद्योगों और कारोबार की स्थापना व संचालन की प्रक्रिया को आसान बनाना, अनावश्यक नियमों को कम करना, खासकर एमएसएमई के लिए पारदर्शी, तेज और उद्यम-अनुकूल माहौल तैयार करना है। जोखिम के आधार पर मिलेगी मंजूरी नई व्यवस्था में उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का वर्गीकरण उनके आकार और गतिविधियों के आधार पर होगा। कम जोखिम वाले छोटे कारोबारों को आसान और त्वरित मंजूरी मिलेगी। अधिक जोखिम वाली परियोजनाओं में तकनीकी जांच और तय समय में स्वीकृति की व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी। इससे छोटे कारोबारियों को बड़ी परियोजनाओं जैसी जटिल प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। सेल्फ सर्टिफिकेशन से बढ़ेगी सुविधा कम जोखिम वाले उद्यमों में बार-बार विभागीय निरीक्षण की जगह सेल्फ सर्टिफिकेशन या लाइसेंसधारी इंजीनियर, आर्किटेक्ट अथवा अधिकृत विशेषज्ञ के प्रमाणन की सुविधा मिलेगी। इससे अनुमति प्रक्रिया तेज, आसान और जवाबदेह बनेगी। हर साल लाइसेंस नवीनीकरण से मिलेगी राहत अधिनियम के तहत हर वर्ष लाइसेंस या अनुमति के नवीनीकरण की अनिवार्यता खत्म होगी। जोखिम आधारित अनुमति प्रणाली लागू होने से उद्यमियों को अनावश्यक औपचारिकताओं से राहत मिलेगी। इससे कारोबार के विस्तार पर ज्यादा ध्यान दिया जा सकेगा। एमएसएमई को मिलेंगी कई बड़ी सुविधाएं एमएसएमई इकाइयों को जल प्रदाय की अनुमति स्व-घोषणा के आधार पर मिलेगी। सोसायटी या फर्म का पंजीयन तय समय में होगा। भवन अनुज्ञा सेल्फ सर्टिफिकेशन अथवा अधिकृत विशेषज्ञ के प्रमाण-पत्र के आधार पर जारी की जा सकेगी। तय समय में विभाग फैसला नहीं लेता है तो पात्र मामलों में अनुमति स्वत: स्वीकृत मानी जाएगी। अधिक जोखिम वाली परियोजनाओं में तकनीकी जांच और भौतिक निरीक्षण पहले की तरह जारी रहेगा। 8 विभागों की 43 सेवाएं होंगी शामिल अधिनियम के तहत राज्य के 8 विभागों की 43 सेवाओं को जोखिम आधारित अनुमति प्रणाली में शामिल किया गया है। जरूरत पड़ने पर कार्यपालिका परिषद की मंजूरी के बाद नई सेवाएं भी जोड़ी जा सकेंगी। तीन स्तर पर होगी निगरानी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तीन स्तरीय निगरानी व्यवस्था बनाई गई है। राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति बनेगी। जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति जिम्मेदारी निभाएगी। दोनों समितियां मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली परिषद के मार्गदर्शन में काम करेंगी। 15 लाख से अधिक एमएसएमई को मिलेगा लाभ सरकार का अनुमान है कि इस सुधार से राज्य के 15 लाख से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को सीधा लाभ मिलेगा। भरोसे, स्व-घोषणा और समयबद्ध सेवाओं पर आधारित व्यवस्था से कारोबार शुरू करने में लगने वाला समय और लागत कम होगी। अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में निगरानी और परीक्षण पहले की तरह जारी रहेगा। निवेश को मिलेगा नया बढ़ावा 'छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026' राज्य में पारदर्शी, सरल, पूर्वानुमेय और निवेश-अनुकूल कारोबारी माहौल तैयार करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
जोधपुर में कई कमर्शियल बिल्डिंगें बिना फायर एनओसी (NOC) के संचालित हो रही हैं। गुरुवार को नगर निगम की टीम ने होटल, कोचिंग, लाइब्रेरी और शोरूम को सीज किया है। बताया जा रहा है कि ये सभी बिना फायर एनओसी के ही चल रही थीं। इसके साथ ही जांच के दौरान यहाँ कई अन्य अनियमितताएं भी मिलीं। नगर निगम आयुक्त राहुल जैन ने बताया- फायर सेफ्टी को लेकर लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। गुरुवार को चीफ फायर ऑफिसर जलज घासिया के नेतृत्व में टीम ने चार कमर्शियल बिल्डिंगों को सीज किया। टीम को बासनी स्थित कोहिनूर आर्ट एंड क्राफ्ट, रेजिडेंसी रोड स्थित बाटा शोरूम, सरदारपुरा चौथी बी रोड स्थित सेलिब्रेशन तथा शास्त्री नगर ई-सेक्टर स्थित एक्सल कॉमर्स एकेडमी में फायर सेफ्टी को लेकर कोई इंतजाम नहीं मिले। इसके बाद इन सभी को सीज करने की कार्रवाई की गई। अब देखिए, कार्रवाई से जुड़ी PHOTOS… शहर में लगातार चल रहा है अभियान, पहले भी दिए जा चुके हैं नोटिस आयुक्त ने बताया कि नगर निगम की ओर से पिछले कई महीनों से होटल, शोरूम, कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी सहित विभिन्न कमर्शियल बिल्डिंगों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान कई संस्थानों में फायर एनओसी (NOC), अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास (Emergency Exit) सहित आवश्यक अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं में गंभीर कमियां सामने आई थीं। संबंधित संस्थानों को निर्धारित समय में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बाद भी हालात नहीं सुधरे। उन्होंने बताया कि दोनों सीएफओ (CFO) की ओर से इन सभी को पहले नोटिस भी जारी किए जा चुके थे, लेकिन इसके बावजूद फायर सेफ्टी को लेकर कोई इंतजाम नहीं किए गए। आखिरकार लापरवाही बरतने पर इन्हें सीज करने की कार्रवाई की गई। इसके अलावा, आयुक्त ने शहर में उन सभी संवेदनशील स्थानों पर मॉक ड्रिल करवाने के भी निर्देश दिए हैं, जहां आग लगने की आशंका सबसे अधिक रहती है।
सतना जिले के मझगवां थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत पिंडरा के खंतार यादव बस्ती से 9 वर्षीय नितिन यादव लापता हो गया है। वह बुधवार शाम करीब 5 बजे घर के बाहर हैंडपंप पर हाथ-मुंह धोने गया था। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका है। परिजनों ने बताया कि नितिन यादव, पिता लल्लू यादव, स्कूल से लौटने के बाद घर के बाहर लगे हैंडपंप पर हाथ-मुंह धोने गया था। काफी देर तक वापस नहीं आने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। रातभर ग्रामीणों के साथ खोजबीन की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही चित्रकूट एसडीओपी राजेश सिंह बंजारे और मझगवां थाना प्रभारी आदित्य नारायण धुर्वे मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से पूछताछ की और घटनास्थल का निरीक्षण किया। वन विभाग जंगलों में कर रहा तलाशगुरुवार सुबह से वन विभाग के कर्मचारियों के साथ घने जंगलों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। बच्चे की तलाश के लिए पुलिस ने साइबर सेल, डॉग स्क्वायड, एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) और क्यूआरएफ (त्वरित प्रतिक्रिया बल) की टीमों को भी लगाया है। जंगल, खेत, जलस्रोत और आसपास के संभावित स्थानों पर लगातार तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि बच्चे का जल्द से जल्द पता लगाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में नामांकन रद्द होने के बाद उम्मीदवार वीणा मानवी ने पटना में पीसी कर प्रशासन और बीजेपी पर कई आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उन्हें सुनियोजित राजनीतिक साजिश के तहत चुनाव लड़ने से रोका गया। नामांकन प्रक्रिया के दिन की गई प्रशासनिक कार्रवाई पहले से नियोजित थी। वीणा मानवी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया गया है। वीणा मानवी ने कहा, जिस दिन नामांकन दाखिल करना था, उसी दिन उन्हें गिरफ्तार किया गया। उनके अनुसार यह कार्रवाई अचानक नहीं, बल्कि पहले से तय योजना का हिस्सा थी। ताकि वे चुनावी मैदान में नहीं उतर सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ जिस गिरफ्तारी वारंट का हवाला दिया गया, वह लगभग पांच महीने पुराना था। वारंट अगर प्रभावी था तो पहले क्यों नहीं की कार्रवाई आगे उन्होंने कहा कि अगर वारंट वास्तव में प्रभावी था, तो पिछले कई महीनों के दौरान कार्रवाई क्यों नहीं की गई, जबकि वह लगातार चुनाव प्रचार, सामाजिक कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय थीं। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान वह कई बार गांधी मैदान थाना भी गईं, लेकिन तब पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया। मेरे चुनाव लड़ने से घबरा गए थे कुछ दल उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव लड़ने के उनके निर्णय से कुछ राजनीतिक दल घबरा गए थे और इसी कारण उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। वीणा मानवी ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी उम्मीदवारी से राजनीतिक समीकरण प्रभावित हो रहे थे, इसलिए उन्हें चुनाव से बाहर करने की कोशिश की गई। उन्होंने दावा किया कि उनकी मौजूदगी से भाजपा को चुनाव में नुकसान होने की आशंका थी। मेरे चुनाव लड़ने के फैसले से भाजपा परेशान थी और इसी वजह से मेरे खिलाफ षड्यंत्र रचा गया। बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को घेरा वीणा मानवी ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का नाम लेते हुए भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, यह सीट भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का विषय है और उनकी उम्मीदवारी से पार्टी दबाव में थी। वीणा मानवी ने आरोप लगाया कि उन्हें चुनाव से बाहर करने के लिए राजनीतिक स्तर पर साजिश रची गई। उन्होंने कहा कि एक महिला प्रत्याशी को रोकने के लिए जिस तरह की कार्रवाई की गई, उससे उन्हें शर्म महसूस होती है। वीणा मानवी ने कहा कि अगर पूर्व की तरह शासन में संवेदनशीलता और निष्पक्षता होती तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती। उन्होंने दावा किया कि यदि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहले की तरह सक्रिय भूमिका में होते तो उनके साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया जाता। उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी अधिकारी ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की।
कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र के सजेती थाना इलाके में एक नाबालिग लड़की से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोप है कि उसके सगे मामा और उसके ड्राइवर ने इस वारदात को अंजाम दिया। पीड़िता ने चलती गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचाई। गुरुवार 16 जुलाई को पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। अब जानिए पूरा मामला… जानकारी के अनुसार, सजेती थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि यह घटना 15 जुलाई की दोपहर करीब 3 बजे हुई। उनकी बेटी चौराहे पर सामान लेने गई थी, जहां उसका सगा मामा अपने ट्रक चालक के साथ मौजूद था। आरोप है कि मामा और चालक ने लड़की को बहला-फुसलाकर ट्रक में बिठा लिया। अरोपियों ने बच्ची को बेरहमी से पीटा ट्रक के भीतर ही दोनों आरोपियों ने नाबालिग के साथ बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसे बेरहमी से पीटा गया और शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पीड़िता को उसी ट्रक से घाटमपुर की तरफ ले जा रहे थे। रात करीब 3 बजे, जब ट्रक अलियापुर टोल प्लाजा से गुजर रहा था, तो पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए चलती गाड़ी से छलांग लगा दी। सड़क पर गिरने से उसे चोटें आईं। उसने तुरंत अपने पिता को फोन कर घटना की जानकारी दी। पीड़िता के पिता उसे लेकर सजेती थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दी। उन्होंने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। थाना प्रभारी अनुज कुमार ने बताया- पीड़ित पिता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
नर्मदापुरम में आषाढ़ शुक्ल द्वितीया पर गुरुवार को नर्मदापुरम में भगवान श्री जगन्नाथ की दो भव्य रथयात्राएं श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गईं। पहली रथयात्रा डोंगरवाड़ा स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से निकली, जबकि दूसरी शाम 6:30 बजे शहर के प्राचीन श्री जगदीश मंदिर से प्रारंभ हुई। दोनों यात्राओं में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान के रथ को अपने हाथों से खींचा और जय जगन्नाथ के जयघोष से पूरा शहर भक्तिमय हो उठा। धर्मध्वजा और घोड़ों की अगुवाई में निकली रथयात्राश्री जगदीश मंदिर से निकली रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा रथ पर विराजमान रहे। सबसे आगे श्रद्धालु धर्मध्वजा लेकर चल रहे थे, जबकि छह सजे-धजे घोड़े आकर्षण का केंद्र बने। भजन, ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच श्रद्धालु पूरे उत्साह से रथयात्रा में शामिल हुए। रथयात्रा जगदीश मंदिर से सेंट्रल बैंक, सराफा बाजार, मोरछली चौक और इंदिरा चौक होते हुए जनकपुरी पहुंची। पूरे मार्ग में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह आरती उतारकर भगवान के दर्शन किए। 15 दिन बाद नगर भ्रमण पर निकले भगवानपरंपरा के अनुसार भगवान जगन्नाथ 15 दिनों तक अनासर काल में विश्राम और औषधीय उपचार के बाद पहली बार भक्तों को दर्शन देने नगर भ्रमण पर निकले। बड़ी संख्या में नगरवासी प्रभु के दर्शन के लिए मार्ग पर उमड़े रहे। रथयात्रा के पहले दिन भगवान का रथ जनकपुरी में विश्राम के लिए रुका। शुक्रवार को रथयात्रा ग्वालटोली स्थित काली मंदिर पहुंचेगी, जहां भगवान दो दिन तक विराजमान रहेंगे। इसके बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रथ जयस्तंभ चौक पहुंचेगा। डोंगरवाड़ा से भी निकली भव्य रथयात्राइधर, डोंगरवाड़ा स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से भी भगवान की रथयात्रा पूरे धार्मिक उत्साह के साथ निकाली गई। श्रद्धालुओं ने पूरे मार्ग में रथ को अपने हाथों से खींचकर भगवान के प्रति अपनी आस्था और श्रद्धा प्रकट की।
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में फ्लैट बिक्री और राजस्व के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया है। डीडीए ने अप्रैल से जून के बीच 1,284 फ्लैट बेचकर 1,020 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 462 करोड़ रुपए की तुलना में 120 प्रतिशत अधिक है। उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू के नेतृत्व में उप-नगरों के विकास और बेहतर बुनियादी ढांचे पर किए गए कार्यों का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। डीडीए का कहना है कि उसकी आवासीय योजनाओं में जनता का भरोसा लगातार बढ़ रहा है और सभी आय वर्गों के लोगों ने फ्लैट खरीदने में रुचि दिखाई है। 31 जुलाई तक बढ़ाई योजनाएं इस तिमाही में नरेला सबसे बड़ा आवासीय हॉटस्पॉट बनकर उभरा। यहां 1,153 फ्लैट बिके, जो कुल बिक्री का करीब 90 प्रतिशत है। अधिकारियों के अनुसार, अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (यूईआर-II) और प्रस्तावित रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं से क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होने के कारण नरेला की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। डीडीए की वर्तमान योजनाओं- कर्मयोगी आवास योजना, नागरिक आवास योजना और टावरिंग हाइट्स (कड़कड़डूमा) के तहत फ्लैटों की बिक्री की जा रही है। ये योजनाएं 31 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी गई हैं। सभी फ्लैट ‘रेडी-टू-मूव’ और फ्रीहोल्ड हैं तथा खरीद प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। पहली तिमाही के प्रमुख आंकड़े कुल बेचे गए फ्लैट: 1,284 कुल राजस्व: 1,020 करोड़ रुपए पिछले वर्ष की पहली तिमाही का राजस्व: 462 करोड़ रुपए राजस्व में वृद्धि: 120% नरेला में बिके फ्लैट: 1,153 (करीब 90%) किस श्रेणी में कितने फ्लैट बिके एमआईजी (मिडिल इनकम ग्रुप): 435 ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग): 336 एलआईजी (लो इनकम ग्रुप): 322 एचआईजी (हाई इनकम ग्रुप): 191 सफलता के पीछे ये कारण नरेला में बेहतर कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर। ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर ऑनलाइन बिक्री। आसान होम लोन विकल्प और डिजिटल हेल्पडेस्क। वॉट्सएप चैटबॉट और सैंपल फ्लैट जैसी सुविधाएं। वित्त वर्ष 2025-26 में भी डीडीए ने 11,764 फ्लैट बेचकर रिकॉर्ड बनाया था।
बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला, पंचायतों का बढ़ेगा राजस्व:परिसीमन को मंजूरी, मुखिया संघ ने जताया आभार
बिहार कैबिनेट ने हाल ही में पंचायतों के परिसीमन और उनके स्वयं के राजस्व स्रोतों को बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद, मुखिया संघ ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया और एक कार्यक्रम आयोजित कर खुशी मनाई। इस कार्यक्रम में दर्जनों मुखिया शामिल हुए। सभी जनप्रतिनिधियों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी और केक काटा। प्रशासनिक व्यवस्था बेहतर होगी-मुखिया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुखिया शाद अहमद बबलू ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय पंचायत व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि पंचायतों के परिसीमन से जनसंख्या और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार प्रशासनिक व्यवस्था बेहतर होगी। शाद अहमद बबलू ने आगे कहा कि स्वयं के राजस्व स्रोत बढ़ाने का निर्णय ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाएगा। उन्होंने बताया कि पंचायत प्रतिनिधि लंबे समय से ऐसे निर्णय की मांग कर रहे थे। पंचायतों की कार्यक्षमता बढ़ेगी इस निर्णय से अब विकास योजनाओं के संचालन और स्थानीय स्तर पर संसाधन जुटाने में सुविधा मिलेगी, जिससे ग्रामीण विकास कार्यों में तेजी आएगी और पंचायतों की कार्यक्षमता बढ़ेगी। मुखिया संघ के सदस्यों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बिहार सरकार का धन्यवाद करते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में भी पंचायत प्रतिनिधियों के हितों और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे। कार्यक्रम में मौजूद सभी मुखियाओं ने राज्य सरकार के इस फैसले को 'ऐतिहासिक' बताया। उन्होंने कहा कि पंचायतों को अधिक अधिकार और आर्थिक मजबूती मिलने से गांवों के समग्र विकास को नई गति मिलेगी। इस दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए पंचायतों के सशक्तीकरण के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प भी लिया।
मथुरा के मांट थाना क्षेत्र में पांच वर्षीय बालक की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने कार्रवाई की है। कस्बा मांट स्थित एक निजी क्लीनिक को गुरुवार शाम करीब 6 बजे सील कर दिया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के अधीक्षक की तहरीर पर अपंजीकृत चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत जाबरा के मजरा नया नगला निवासी रामगोपाल अपने पांच वर्षीय पुत्र निखिल को बुधवार को बुखार आने पर इलाज के लिए मांट कस्बे में निरंजन कुमार विश्वास के क्लीनिक पर ले गए थे। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक द्वारा इंजेक्शन लगाने के कुछ ही देर बाद बालक की हालत बिगड़ गई। घबराए परिजन निखिल को तत्काल दूसरे चिकित्सक के पास ले गए, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गुरुवार को सीएचसी मांट के अधीक्षक डॉ. जीतेश तिवारी ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ संबंधित क्लीनिक का निरीक्षण किया। जांच के दौरान क्लीनिक के संचालन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की गई। प्रारंभिक जांच में अनियमितताएं पाए जाने पर क्लीनिक को सील कर दिया गया। इसके बाद डॉ. तिवारी की तहरीर पर पुलिस ने संबंधित चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. जीतेश तिवारी ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्राधिकारी (सीओ) अमर नाथ यादव ने बताया कि मृतक बालक के परिजनों की ओर से अभी तक कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन सीएचसी अधीक्षक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
सीकर में श्रीकल्याण धाम मंदिर के पास स्थित पुराने माधव स्कूल का कैंपस कल्याण मंदिर को हैंडओवर बरकरार रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की रिव्यू पिटिशन खारिज कर दी। इस मामले में राज्य सरकार को एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट से निराशा हाथ लगी है। राज्य सरकार ने मंदिर पक्ष के पक्ष में आए फैसले के विरुद्ध रिव्यू पिटीशन (समीक्षा याचिका) दायर किया था। इसे सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को खारिज कर दिया है। साथ ही मंदिर पक्ष के पक्ष में दिए गए फैसले को यथावत बरकरार रखा है। गौरतलब है कि श्रीकल्याण धाम मंदिर से जुड़े इस बहुचर्चित प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट मंदिर पक्ष के अधिकारों को स्वीकार करते हुए फैसला दिया था। इसके बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार की मांग करते हुए रिव्यू पिटीशन दायर की थी। कोर्ट ने कहा- पुनर्विचार की आवश्यकता नहीं सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद माना कि पहले दिए गए फैसले में किसी प्रकार के पुनर्विचार की आवश्यकता नहीं है। इसी आधार पर राज्य सरकार की रिव्यू पिटिशन को खारिज कर दिया गया। साथ ही मंदिर के पक्ष में दिया गया फैसला पूर्ण रूप से प्रभावी व यथावत बना हुआ है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश की पालना में शिक्षा विभाग को मंदिर परिसर के एक कमरे में रखा विद्यालय का सामान तय समय में हटाकर परिसर का पूरा कब्जा मंदिर पक्ष को सौंपने तथा जिला शिक्षा अधिकारी, सीकर को कोर्ट के समक्ष अंडरटेकिंग प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए थे। रिव्यू पिटीशन खारिज होने के बाद मंदिर पक्ष और श्रद्धालुओं ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे सत्य, न्याय व कानून के शासन की जीत बताया है। श्रीकल्याण धाम मंदिर महंत विष्णुप्रसाद शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के लगातार आ रहे आदेशों से मंदिर के अधिकारों पर न्यायिक मुहर मजबूत हुई है।
हरदोई में जिलाधिकारी अनुनय झा की अध्यक्षता में गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। कलेक्ट्रेट स्थित विवेकानंद सभागार में आयोजित इस बैठक में 15वें वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग, केंद्रीय वित्त, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से संबंधित विकास कार्यों की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से योजनाओं की वर्तमान प्रगति, प्राप्त धनराशि और उसके सापेक्ष कराए जा रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने 15वें वित्त एवं राज्य वित्त आयोग के तहत स्वीकृत सभी विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा में अनिवार्य रूप से पूरा करने के निर्देश दिए। डीएम ने विकास कार्यों में उच्च गुणवत्ता, पूर्ण पारदर्शिता और शासनादेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। केंद्रीय वित्त से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन लोक-कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन धरातल पर दिखना चाहिए। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जिलाधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (एसएलडब्ल्यूएम) तथा स्वच्छता संबंधी परिसंपत्तियों के रख-रखाव की समीक्षा की। उन्होंने गांवों में स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए स्वच्छता अभियान को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा इसमें जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के गठन, समूहों को मिलने वाली वित्तीय सहायता और महिला सशक्तिकरण के कार्यों की प्रगति जानी। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाओं को समूहों से जोड़कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में सचेत किया कि शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप हर पात्र व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचना चाहिए। बैठक में परियोजना निदेशक (डीआरडीए) अशोक कुमार मौर्य, जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) कमलेश कुमार, डीपीआरओ श्रेया उपाध्याय, डीसी नरेगा सहित जनपद के समस्त खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) व अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
सहारनपुर में उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकता वाली फार्मर रजिस्ट्री (डिजिटल किसान डेटाबेस) योजना को लेकर प्रशासन ने गति बढ़ा दी है। डीएम अरविंद कुमार चौहान की अध्यक्षता में गुरुवार शाम 6 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में एक समीक्षा बैठक हुई। डीएम ने स्पष्ट किया कि फार्मर रजिस्ट्री शासन के एजेंडे में सर्वोच्च प्राथमिकता का कार्य है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों ने जनपद में फार्मर रजिस्ट्री की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। आंकड़ों के अनुसार, सहारनपुर में कुल 3 लाख 44 हजार 19 किसानों का पंजीकरण किया जाना है। इनमें से अब तक 2 लाख 84 हजार 189 किसानों की डिजिटल फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। जनपद ने 82.61 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है, जबकि 59 हजार 830 किसानों का पंजीकरण अभी भी लंबित है। डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों को अपनी-अपनी तहसीलों में विशेष अभियान चलाकर लंबित किसानों का पंजीकरण जल्द से जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर दिया कि सहारनपुर का प्रदर्शन राज्य के औसत से बेहतर होना चाहिए। इसके लिए गांव स्तर तक अभियान चलाकर पात्र किसानों को डिजिटल किसान आईडी से जोड़ा जाए। डीएम ने बहु-विभागीय टीमों को पूरी क्षमता के साथ मैदान में उतारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यकता हो, वहां अतिरिक्त मैनपावर का उपयोग किया जाए। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करने को कहा गया, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर शेष पंजीकरण पूरे किए जा सकें। उन्होंने अधिकारियों को प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित कर उसकी समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। डीएम ने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रगति की नियमित निगरानी की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) संतोष बहादुर सिंह, पीडी डीआरडीए प्रणय कृष्ण, उप कृषि निदेशक संदीप पाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
राजधानी रायपुर गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की भक्ति में सराबोर नजर आई। गायत्री नगर के ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर से भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की भव्य रथयात्रा श्रद्धा, आस्था व सनातन परंपरा के साथ निकाली गई। जय जगन्नाथ के जयघोष, शंखध्वनि, वैदिक मंत्रोच्चार, हरिनाम संकीर्तन और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर पुष्पवर्षा से स्वागत किया। रथयात्रा के शुभारंभ पर राज्यपाल रमेन डेका अपनी धर्मपत्नी के साथ और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मौजूद रहे। दोनों ने भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। सनातन परंपरा के अनुसार स्वर्ण झाड़ू से रथ मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई कर छेरा पहरा की ऐतिहासिक परंपरा निभाई। यह परंपरा सेवा, समानता और विनम्रता का संदेश देती है। रथयात्रा सामाजिक समरसता का महापर्व : पुरंदर मिश्रा जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष और रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता, सेवा और जनभागीदारी का महापर्व है। यह परंपरा समाज को जोड़ने और नई पीढ़ी को सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का सशक्त माध्यम है। बीटीआई ग्राउंड से मौसी मंदिर तक पहुंचे भगवान रथयात्रा गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर से शुरू होकर खम्हारडीह थाना होते हुए बीटीआई ग्राउंड पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। इसके बाद रथ मौसी मंदिर पहुंचा। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों ने पुष्पवर्षा, आरती और भजन-कीर्तन से भगवान का स्वागत किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाई आयोजन की भव्यता रथयात्रा के दौरान महिला मंडलों के भजन-कीर्तन, आकर्षक झांकियां, ओडिशा और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, झूमर, करमा और सुवा नृत्य आकर्षण का केंद्र रहे। सजे-धजे रथों और भक्तों की अपार श्रद्धा ने राजधानी रायपुर में श्रीक्षेत्र पुरी जैसा आध्यात्मिक माहौल बना दिया। श्रद्धालुओं के लिए की गई विशेष व्यवस्थाएं यात्रा मार्ग में पेयजल, चिकित्सा सहायता, विश्राम स्थल और महाप्रसाद वितरण के लिए कई सेवा शिविर लगाए गए। नगर निगम, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और स्वयंसेवकों ने समन्वय के साथ व्यवस्थाएं संभालीं, जिससे रथयात्रा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। समिति और नागरिकों का रहा अहम योगदान रथयात्रा के सफल आयोजन में जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति के पदाधिकारियों, सदस्यों, स्वयंसेवकों और स्थानीय नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता ने आयोजन को जनआस्था और जनसहभागिता का भव्य उत्सव बना दिया। मौसी मंदिर में हुई महाआरती और महाप्रसाद वितरण रथयात्रा के अंतिम पड़ाव पर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के विग्रह मौसी मंदिर पहुंचे। यहां वैदिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना, महाआरती और महाप्रसाद वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने विश्व शांति, राष्ट्र की समृद्धि और मानव कल्याण की प्रार्थना की।
मुजफ्फरपुर में लिफ्ट देने के बहाने शातिर ठगों ने एक सेवानिवृत्त शिक्षक दंपती को अपना शिकार बना लिया। खुद को बैंककर्मी बताने वाले बदमाशों ने पुलिस जांच का डर दिखाकर महिला से करीब साढ़े तीन लाख रुपये की सोने की चेन और 1.30 लाख रुपये नकद लेकर फरार हो गए। पीड़ित दंपती ने ब्रह्मपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है। सीतामढ़ी जाने के दौरान हुई वारदात पूर्णिया के धमदाहा निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक सुभाष चंद्र झा अपनी पत्नी के साथ गुरुवार को बेटे से मिलने सीतामढ़ी जा रहे थे। चांदनी चौक पर बस से उतरने के बाद दोनों दूसरी गाड़ी का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान कार से पहुंचे एक युवक ने खुद को बंधन बैंक का बैंककर्मी बताते हुए कहा कि उसे भी सीतामढ़ी जाना है और दोनों को कार में बैठा लिया। कार में पहले से दो अन्य युवक भी मौजूद थे, इन्होंने झांसे में लिया कि हमें भी सीतामढ़ी जाना है, एक युवक सूट बूट पहनकर था। पीड़ित ने बताया ऐसा लग रहा था जैसे किसी कंपनी का एजेंट हो। जांच का डर दिखाकर ठगे सुभाष चंद्र झा ने बताया कि रामपुर हरि पहुंचने से पहले आरोपियों ने दंपती से कहा कि आगे अधिकारियों की जांच चल रही है और सोने के आभूषण व नकदी वाहन में नहीं ले जाने देंगे। जितना कैश और गहना है, एक लिफाफे में रख दीजिए उस पर मैं साइन करके दूंगा। उसके सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी होगी। उससे ज्यादा होने पर जब्त कर लिया जाएगा। इसलिए शिक्षक की पत्नी ने अपने गले में पहनी करीब 3.50 लाख रुपये की सोने की चेन उतारकर उन्हें दे दी। इसके बाद आरोपियों ने नकदी के बारे में पूछा तो दंपती ने 1.30 लाख रुपये भी उनके हवाले कर दिए। इसके बाद बदमाशों ने कहा कि हमें पार्सल उतरना है, आप यहां उतर जाइए आगे फिर चढ़ जाइएगा। उतरते ही उन्होंने गाड़ी स्पीड कर दी और फरार हो गए। कागज का लिफाफा थमाकर हुए फरार बदमाशों ने चेन और नकदी को एक सफेद लिफाफे में रखने का नाटक किया। कुछ देर बाद रामपुर हरि के पास पार्सल उतारने का बहाना बनाकर दंपती को कार से नीचे उतार दिया। उनका सामान भी नीचे रख दिया गया। जाते समय आरोपियों ने एक सफेद लिफाफा देते हुए कहा कि इसमें उनके जेवर और रुपये सुरक्षित हैं और दो मिनट में लौट रहे हैं। दंपती ने भरोसा कर लिफाफा नहीं खोला। लेकिन काफी देर तक कार नहीं लौटने पर जब उन्होंने लिफाफा खोला तो उसमें केवल कागज के टुकड़े मिले। तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। थाने से थाने भटकते रहे पीड़ित घटना के बाद दंपती ने अपने बेटे को पूरी जानकारी दी और दूसरे वाहन से सीतामढ़ी पहुंचे। वहां से वे रामपुर हरि थाना गए, लेकिन क्षेत्राधिकार का हवाला देकर उन्हें ब्रह्मपुरा थाना भेज दिया गया। इसके बाद उन्होंने ब्रह्मपुरा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस ब्रह्मपुरा थानाध्यक्ष विपिन रंजन ने बताया कि शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। वारदात में शामिल ठगों की पहचान के लिए चांदनी चौक और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
कानपुर में 15 साल की किशोरी से उसके मामा और ट्रक चालक ने दुष्कर्म किया। दोनों आरोपी किशोरी को ट्रक में ले जा रहे थे। इसी दौरान किशोरी आलियापुर टोल प्लाजा के पास चलती ट्रक से कूद गई। वह किसी तरह अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। किशोरी के पिता ने गुरुवार को थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पिता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी मामा और ट्रक चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामला सजेती थाना क्षेत्र का है। मामा बहला-फुसलाकर भांजी को अपने साथ ले गया था सजेती थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले व्यक्ति ने ने गुरुवार देर शाम शिकायत दर्ज कराई। तहरीर में बताया कि मेरी 15 साल की बेटी को मेरा साला बहला फुसलाकर अपने साथ ट्रक में ले गया। इसके बाद उसने ट्रक ड्राईवर के साथ मिलकर मेरी नाबालिग बेटी के साथ जबरन सामूहिक दुष्कर्म किया बेटी ने इसका विरोध किया तो दोनों मारपीट की। किसी से बताने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद ट्रक में बेटी को लेकर घाटमपुर की जा रहे थे। बेटी कानपुर-सागर हाइवे पर स्थित आलियापुर टोल प्लाजा के पास पहुंचते ही ट्रक से कूद गई और किसी तरह से घर पहुंची। दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया इसके बाद पिता ने थाने पहुंचकर अपने साले और ड्राईवर के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस तहरीर के आधार पर पास्को एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। पुलिस ने नाबालिग को मेडिकल के लिए भेजने के साथ घटना की जांच पड़ताल शुरू की है। घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत ने बताया कि पिता की तहरीर पर नाबालिग के मामा समेत ट्रक ड्राईवर के खिलाफ पास्को एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दोनों को हिरासत में लिया गया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। कल दोनों को न्यालय में पेशकर जेल भेजा जाएगा।
कटिहार के जिला अस्पताल स्थित सभागार में गुरुवार को किशोर शिक्षा एवं किशोर स्वास्थ्य विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. एस सरकार ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस प्रशिक्षण का आयोजन डीपीएम-डीएपीसीयू, कटिहार के सहयोग से किया गया था। YRGCARE/बीएससी पटना के टेक्निकल एक्सपर्ट अजय कुमार बरनवाल ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया। इस कार्यक्रम में दो बैचों में कुल 130 शिक्षकों ने भाग लिया, जिसमें प्रत्येक बैच में 65 प्रतिभागी शामिल थे। प्रशिक्षण के दौरान किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक परिवर्तनों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि किशोरों के समग्र विकास के लिए सही मार्गदर्शन, सकारात्मक संवाद और वैज्ञानिक एवं आयु-उपयुक्त जानकारी अत्यंत आवश्यक है। अजय कुमार बरनवाल ने इस अवसर पर कहा कि विद्यालयों में शिक्षक केवल शिक्षा देने का कार्य नहीं करते, बल्कि किशोरों के विश्वासपात्र मार्गदर्शक भी होते हैं। उन्होंने जोर दिया कि यदि शिक्षक किशोर स्वास्थ्य और शिक्षा के प्रति जागरूक होंगे, तो वे विद्यार्थियों को सही दिशा दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागी शिक्षकों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। जिला स्वास्थ्य समिति ने जानकारी दी कि किशोरों को विद्यालय स्तर पर ही सही जानकारी और सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से इस तरह के प्रशिक्षण आगे भी आयोजित किए जाएंगे।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा - गोविंद सिंह डोटासरा जब शिक्षा मंत्री थे, तब ट्रांसफर में पैसे चलते थे। उस समय के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने डोटासरा की मौजूदगी में शिक्षकों से पूछा था कि क्या तबादलों में पैसे लिए जा रहे हैं, तो शिक्षकों ने खड़े होकर जोर-जोर से कहा था कि हाँ, भ्रष्टाचार हो रहा है। इसलिए जो व्यक्ति जैसा होता है, वैसा ही दूसरों के बारे में सोचता है। उन्होंने सोचा होगा कि उनके समय पैसे लिए जा रहे थे तो बीजेपी में भी लिए जा रहे होंगे। लेकिन हमारे यहाँ ऐसा नहीं है, हमारे यहाँ ट्रांसपेरेंसी (पारदर्शिता) है। जरूरतमंद व्यक्ति का काम किया जा रहा है, सबके काम नहीं हो पा रहे हैं, यह बात बिल्कुल सही है। लेकिन हमारी यथासंभव कोशिश रहती है कि अध्यापकों को संतुष्ट किया जा सके। मदन राठौड़ ने आज ये बातें प्रदेश बीजेपी कार्यालय में कहीं। मदन राठौड़ ने कहा- हम संविधान के रक्षक हैं, हमारे यहां विधिवत आम आदमी के मौलिक अधिकारों का पूरा सम्मान किया जाता है। कानून-व्यवस्था मजबूत है और विकास हो रहा है। हमारी स्थिति कांग्रेस की तरह नहीं है। हम बहुत मजबूत स्थिति में हैं और व्यवस्थित तरीके से सरकार चला रहे हैं। उनके समय में जो टांग-खिंचाई होती थी, वैसी हमारे यहाँ नहीं है। डोटासरा भी आरएसएस जॉइन कर सकते हैं मदन राठौड़ ने कहा कि डोटासरा आरएसएस और बीजेपी के बारे में क्या जानें, आरएसएस एक सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन है, जो राष्ट्रीय चरित्रयुक्त नागरिक तैयार करता है। उन्होंने कहा कि डोटासरा चाहें तो आरएसएस जॉइन कर सकते हैं। वे एक बार आरएसएस जाएं और देखें कि वहाँ क्या काम होता है। महात्मा गांधी भी आरएसएस के कार्यक्रम में गए थे और उन्होंने वहाँ जाकर आरएसएस की तारीफ की थी। पंचायत-निकाय चुनाव को लेकर मदन राठौड़ ने कहा कि हम पूरी तरह से चुनाव के लिए तैयार हैं। हम कोर्ट की अवमानना नहीं करते हैं, कोर्ट का सम्मान करना अपना कर्तव्य समझते हैं। हमें चुनाव से भागने की ज़रूरत नहीं है। जो लोग ऐसा कह रहे हैं, वे अब तक हुए उपचुनावों के परिणामों को देख लें; बीजेपी ने अब तक हुए उपचुनावों में 85 प्रतिशत सीटों पर जीत दर्ज की है।
देवास में निर्माणाधीन कलेक्टर कार्यालय परिसर में गुरुवार को मजदूरों के दो गुटों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद पथराव में बदल गया। करीब दो से चार मिनट तक दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी हुई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान कुछ महिलाएं भी विवाद में शामिल थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक गुट निर्माणाधीन भवन की ऊपरी मंजिल से नीचे खड़े मजदूरों पर पत्थर फेंक रहा था। जवाब में नीचे मौजूद दूसरे गुट ने भी पत्थरबाजी शुरू कर दी। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को शांत कराया, जिसके बाद विवाद खत्म हो गया। वीडियो में पथराव करते दिख रहेघटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी शेयर किया जा रहा है। वीडियो में निर्माणाधीन भवन की ऊपरी मंजिल से पत्थर फेंकते मजदूर और नीचे से जवाबी पथराव साफ दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि, इस मामले में किसी भी पक्ष ने पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई है। पुलिस ने भी कोई मामला दर्ज नहीं किया है। फिलहाल विवाद शांत हो चुका है। वहीं, वायरल वीडियो ने निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था और मजदूरों के बीच हुए विवाद को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
लखनऊ कोचिंग में आग की घटना के बाद भोपाल की कोचिंग क्लॉसेस को लेकर जिम्मेदार अलर्ट मोड पर है। इसके चलते गुरुवार को एमपी नगर स्थित करीब 6 कोचिंग का औचक निरीक्षण किया गया। एक कोचिंग में इमरजेंसी गेट सिर्फ 3 फीट का निकला। इस कोचिंग को सील कर दिया गया। इधर, गुरुवार तक नोटिस पाने वाले 61 संस्थानों में से करीब 40 ने ही 200 रुपए के न्यायिक स्टॉम्प पर शपथ पत्र के साथ फायर प्लान जमा किया, जबकि 21 ने कोई जवाब नहीं दिया। इनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई किए जाने की तैयारी है। इन कोचिंग में पहुंचा अमला फायर ऑफिसर सौरभ पटेल ने बताया कि एमपी नगर जोन-2 स्थित स्टेप अप कोचिंग क्लासेस, नेट मिंटोरा कोचिंग, ला पेग, आकाश कोचिंग एवं भोपाल एकेडमी का औचक निरीक्षण कर अग्नि सुरक्षा प्रबंधों की जांच की। वहीं, इस संबंध में पूर्व में जारी नोटिस के जवाब के संबंध में जानकारी प्राप्त की। निगम अमले ने स्टेप अप कोचिंग क्लासेस के संचालक द्वारा 2 दिन में अग्नि सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने का समय दिया। इसके अतिरिक्त निगम अमले ने नेट मिंटोरा कोचिंग क्लासेस व ला पेग कोचिंग क्लासेस को नोटिस का जवाब प्रस्तुत करने हेतु दो-दो दिन का समय प्रदान करते हुए नियत समयावधि में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। नोटिस का जवाब न मिलने पर सील की कार्रवाई निगम अमले ने आकाश कोचिंग क्लॉसेस के संचालक द्वारा नोटिस का जवाब न देने पर कोचिंग को सील करने की कार्रवाई प्रारंभ की गई। जिस पर संचालक द्वारा तुरंत शपथ पत्र प्रस्तुत करने पर सील करने की कार्रवाई स्थगित की गई। निगम अमले ने भोपाल एकेडमी द्वारा नोटिस का जवाब न देने पर कोचिंग को सील करने की कार्रवाई की। फायर ऑफिसर पटेल ने बताया कि भोपाल एकेडमी में ही गेट करीब तीन फीट का मिला।
फर्रुखाबाद के बढ़पुर विकासखंड क्षेत्र के गुतासी गांव में एक आंगनबाड़ी केंद्र में ढाई साल का बच्चा अंदर बंद रह गया। प्रधान की सूझबूझ से बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला गया। यह घटना गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे की है। गुतासी निवासी अनिल का ढाई वर्षीय बेटा अनुरुद्ध प्रतिदिन की तरह गुरुवार सुबह आंगनबाड़ी केंद्र गया था। छुट्टी होने के बाद सभी बच्चे घर चले गए, लेकिन अनुरुद्ध कमरे के अंदर ही रह गया। आरोप है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बिना जांच किए ही केंद्र में ताला लगा दिया और चली गई। कुछ समय बाद ग्राम प्रधान किसी काम से वहां पहुंचे तो उन्हें बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। प्रधान ने तत्काल आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को मौके पर बुलाया। कार्यकर्ता ने जब गेट खोला तो बच्चा रोते हुए बाहर निकला। इसके बाद बच्चे को उसके परिजनों को सुरक्षित सौंप दिया गया। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि बच्चा करीब 30 मिनट तक केंद्र में बंद रहा। इस घटना के बाद गांव में लापरवाही को लेकर चर्चा तेज हो गई। ग्रामीणों ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र छोटे बच्चों की देखभाल और सुरक्षा के लिए संचालित किए जाते हैं। ऐसे में किसी बच्चे का केंद्र के अंदर बंद रह जाना और कर्मचारियों का वहां मौजूद न होना गंभीर लापरवाही है। मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री से जानकारी ली गई है। कार्यकत्री ने बताया कि वह पड़ोस के घर में गई थी और बच्चा केंद्र पर सो गया था, इसलिए उसने बाहर से ताला लगा दिया था। सीडीपीओ द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने जंतर-मंतर से शिक्षाविद् सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाने की मांग रख कर युवाओं के अंदर उम्मीद की नई किरण जगा दी है। गुरुवार को उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक से मुलाकात कर उनके संघर्ष का समर्थन किया। उन्होंने पीएम मोदी से कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाया जाए। लेकिन पीएम मोदी ऐसा करेंगे नहीं, क्योंकि उन्हें डर है कि कहीं सोनम वांगचुक शिक्षा में कोई क्रांति न ला दें। देश की सड़ चुकी शिक्षा व्यवस्था को एक क्रांतिकारी कदम ही ठीक कर सकता है। इसलिए देश को सोनम वांगचुक जैसा एक क्रांतिकारी शिक्षा मंत्री के साथ ही क्रांतिकारी कदम दोनों की जरूरत है। इस दौरान सांसद संजय सिंह समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। 'टीचर्स को तरह-तरह से टॉर्चर किया गया' अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारे देश की शिक्षा प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए पूरे देश के युवा जो कॉकरोच आंदोलन के बैनर तले इकट्ठे हुए हैं, मैं उन सब लोगों को सलाम करता हूं। मैं सोनम वांगचुक को सलाम करता हूं जो अपने लिए नहीं, बल्कि युवाओं और हमारे देश के बच्चों के लिए अपनी जान दांव पर लगाकर पिछले 19 दिन से अनशन कर रहे हैं। अरविंद केजरीवाल ने बताया कि हमारे देश में ऐसे बहुत सारे टीचर्स हैं जिन्होंने पेपर लीक के खिलाफ अपने-अपने शहर से आवाज उठाई, लेकिन उनको गिरफ्तार कर लिया गया। उन टीचर्स को तरह-तरह से टॉर्चर किया गया और उनके खिलाफ एफआईआर की गई, मैं उन सब लोगों को भी सलाम करता हूं। सोनम वांगचुक एक बहुत बड़े शिक्षाविद् हैं। उन्होंने पहले भी लद्दाख और देश के लिए कई बार अनशन किए हैं और आज उन्होंने देश के लिए अपनी जान दांव पर लगाई हुई है। 'अपनी बुद्धिमत्ता के बल पर अपना भविष्य बनाएंगे' अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब कोई बच्चा कॉम्पिटिटिव एग्जाम देने जाता है तो वह सिर्फ एक एग्जाम नहीं, बल्कि उसके लिए एक सपना होता है। जब वह एग्जामिनेशन हॉल में घुसता है तो उसे विश्वास होता है कि मैं अपनी मेहनत और अपनी बुद्धिमत्ता के बल पर अपना भविष्य बनाऊंगा। मैंने भी आईआईटी के पेपर दिए थे और उसमें सफल होकर आईआईटी गया था, लेकिन उन दिनों पेपर लीक नहीं होते थे। अगर उन दिनों पेपर लीक हो रहे होते तो शायद मेरा आईआईटी देने का विश्वास ही नहीं बनता। मेरे दोनों बच्चे भी आईआईटी से हैं और उनके समय पर भी पेपर लीक नहीं होते थे। 'बच्चों का यह लड़खड़ाता हुआ आत्म विश्वास सही नहीं है' अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ सालों से जिस तरह से देश में पेपर लीक होने लगे हैं, उससे बच्चे का वह आत्म विश्वास लड़खड़ाने लगा है कि अगर वह मेहनत करेगा और इंटेलिजेंट है तो अमीरों के बच्चों को भी पीछे छोड़ देगा। आज बच्चों का यह लड़खड़ाता हुआ आत्म विश्वास सही नहीं है और देश के लिए बहुत खतरनाक बात है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब हर साल पेपर लीक हो रहे हैं। साल 2024 में जो पेपर लीक हुआ था, सरकार ने उसके मास्टरमाइंड को बेल दिला दी। अब यह एक सिस्टम बन गया है कि हर साल पेपर लीक होते हैं, कमेटी बैठती हैं, जांच होती है, एफआईआर होती है, गिरफ्तारी होती है, बेल हो जाती है और अगले साल के पेपर लीक होने की फिर तैयारी शुरू हो जाती है। देश का युवा और ये बच्चे इसे कब तक बर्दाश्त करेंगे? 'जो बच्चे सुसाइड कर रहे हैं वे हमारे घरों के बच्चे थे' अरविंद केजरीवाल ने कहा कि नीट पेपर लीक के बाद 20 से ज्यादा बच्चों ने सुसाइड कर लिया, लेकिन सरकार को कोई अक्ल नहीं आई। इनके कान पर जूं तक नहीं रेंगती, चाहे जितने बच्चे सुसाइड कर लें। जो बच्चे सुसाइड कर रहे हैं वे हमारे घरों के बच्चे थे, लेकिन सरकार ने कुछ नहीं किया। सीबीएसई में पूरा इवैल्यूएशन सिस्टम गड़बड़ा गया, गिरफ्तार करना तो दूर की बात है, सरकार ने जिम्मेदार कंपनी के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज नहीं की। इतने बड़े स्तर पर पूरे देश में आंदोलन चल रहा है, फिर भी सरकार ने कोई ऐसा सिस्टम में बदलाव नहीं किया, जिससे अगले साल पेपर लीक न हों। अगले साल फिर पेपर लीक होंगे और हमारे बच्चे फिर मरेंगे, फिर आत्महत्या करेंगे। यह सिस्टम कब बदलेगा? इस सिस्टम को बदलना ही पड़ेगा। 'युवाओं के कॉकरोच आंदोलन और सोनम वांगचुक की बात सुन ले सरकार' अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यही जंतर-मंतर था, 4 अप्रैल 2011 का दिन था और यहीं अन्ना हजारे बैठे हुए थे। उस वक्त की सरकार को भी बड़ा अहंकार था, लेकिन तीन साल के बाद वह सरकार अपने अहंकार की वजह से नहीं बची और डूब गई। आज 2026 है और मैं सरकार को कहना चाहता हूं कि वह युवाओं के कॉकरोच आंदोलन और सोनम वांगचुक की बात सुन ले, नहीं तो आज से तीन साल बाद उनका भी यही हश्र होगा, जो 2014 में उस अहंकारी सरकार का हुआ था। इस सरकार को अक्ल नहीं आ रही है और ये भी बहुत ज्यादा अहंकार में डूबे हुए हैं। 'सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाना चाहिए' अरविंद केजरीवाल ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को तो इस्तीफा देना ही चाहिए, लेकिन सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाना चाहिए। मैं पीएम मोदी जी से कहना चाहता हूं कि धर्मेंद्र प्रधान को हटाओ और सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाओ। मुझे पता है कि पीएम मोदी सुनने वाले नहीं हैं। पीएम मोदी सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री नहीं बनाएंगे, क्योंकि उन्हें डर लगता है कि कहीं सोनम वांगचुक कोई क्रांतिकारी चीज न कर दे। आज शिक्षा व्यवस्था जितनी खराब हो गई है, उसे ठीक करने के लिए हमें क्रांतिकारी कदम ही चाहिए। बिना क्रांति के शिक्षा व्यवस्था ठीक नहीं होने वाली है। इसके लिए हमें सोनम वांगचुक जैसा एक क्रांतिकारी शिक्षा मंत्री और क्रांतिकारी कदम दोनों की जरूरत है। उन्होंने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि 20 जुलाई को ज्यादा से ज्यादा संख्या में जंतर-मंतर आना है और शांतिपूर्ण संसद मार्च को सफल बनाना है। संजय सिंह ने लोगों से की जंतर-मंतर आने की अपील इस दौरान “आप” के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह श्दिनकर’ की पंक्तियों ‘समर शेष है, नहीं पाप का भागी केवल व्याध, जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध’ का जिक्र करते हुए घरों में बैठे लोगों से अपील की कि वे बाहर निकलकर जंतर-मंतर पहुंचें। लोगों को सोनम वांगचुक की आवाज में आवाज मिलाकर भारत सरकार और नरेंद्र मोदी को झुकने के लिए मजबूर करना है। संजय सिंह ने आगे कहा कि मोदी जी से बड़ा नौटंकीबाज पूरी दुनिया में कोई नहीं मिलेगा। जब देश में कोरोना आया और नोटबंदी में लोग मर गए, तब वे रोने लगे। देश के पीएम मोदी दिन-रात सिर्फ झूठ बोलने का काम करते हैं। इसलिए मैं यकीन दिलाकर जा रहा हूं कि 20 जुलाई से संसद के अंदर सभी साथी सांसदों से बात करके हम लोग युवाओं के लिए लड़ाई लड़ने का काम करेंगे। 20 जुलाई को सोनम वांगचुक के आह्वान पर मैं भी एक कार्यकर्ता और साथी के रूप में इस आंदोलन में शामिल होने के लिए जंतर-मंतर आऊंगा और हमारे अन्य साथी भी यहां पहुंचेंगे। आंदोलन को हर तरीके से अपना समर्थन देंगे- संजय संजय सिंह ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने भरोसा दिलाया है कि हम इस आंदोलन को हर तरीके से अपना समर्थन देंगे। हम अन्य राजनीतिक दलों और जन आंदोलनों से भी इस आंदोलन को समर्थन देने की अपील करते हैं, क्योंकि सोनम वांगचुक कोई अपनी निजी लड़ाई नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि देश के करोड़ों नौजवानों, हिंदुस्तान के भविष्य और आने वाले कल की लड़ाई लड़ रहे हैं।
नोएडा में महिला ने किया सुसाइड:पति शव लेकर पहुंचा दिल्ली, वहां से हुआ फरार, भाई ने दर्ज कराया केस
एक्सप्रेसवे थाना क्षेत्र के नगली वाजिदपुर गांव स्थित जेजे कॉलोनी में रहने वाली एक महिला ने बुधवार को सुसाइड कर लिया। पति को लेकर दिल्ली में रहने वाले महिला के भाई के पास पहुंच गया और शव को छोड़कर भाग गया। मृतका के भाई ने बहनोई के खिलाफ गुरुवार को मुकदमा दर्ज कराया है। शव लेकर पहुंचा घरदिल्ली के शाहीन बाग स्थित श्रम विहार निवासी देव कुमार ने पुलिस को बताया कि वह मूलरूप से जिला एटा के सराई अगित गांव के रहने वाले हैं। बहन गायत्री का विवाह राजेंद्र के साथ हुआ था। दोनों अपने बच्चों के साथ नोएडा के नगली वाजिदपुर गांव में रहते थे। दोनों साफ-सफाई का काम करते थे। 15 जुलाई की दोपहर करीब दो बजे बहनोई राजेंद्र उनकी बहन के शव को लेकर दिल्ली उनके पास पहुंचा। बोला शव का अंतिम संस्कार करना हैउसने बताया कि गायत्री से उसका किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था, जिसके बाद गायत्री ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। शव का अंतिम संस्कार करना है। यह बताने के बाद शव को छोड़कर वहां से भाग गया। शिकायतकर्ता ने अपने बहनोई को काफी खोजा, लेकिन कहीं पता नहीं चला। इसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी और शव का पोस्टमार्टम कराते हुए मुकदमा दर्ज कराया। पति की तलाश की जा रही है।
किसान को बदमाशों ने मारी गोली:डीएमसीएच में चल रहा इलाज, धान की रोपाई करते समय वारदात
सुपौल के भपटियाही थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह जमीन विवाद को लेकर एक किसान को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। प्राथमिक उपचार के बाद घायल को बेहतर इलाज के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच) रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घायल की पहचान भपटियाही थाना क्षेत्र के मुरली गांव निवासी स्वर्गीय कमल यादव के 59 वर्षीय बेटे धनेश्वर यादव के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार गुरुवार सुबह करीब 10 बजे धनेश्वर यादव अपने घर के सामने स्थित खेत में धान की रोपाई कर रहे थे। इसी दौरान गांव के ही कुछ लोग हथियारों के साथ वहां पहुंचे और उन पर हमला कर दिया। 12 राउंड गोलियां चलाने का आरोप घायल के बेटे रंजीत कुमार ने आरोप लगाया कि गांव के अरविंद यादव उनके परिवार की जमीन पर दावा करता है और इसी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को अरविंद यादव अपने 10 से 15 सहयोगियों के साथ खेत पर पहुंचा और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। आरोप है कि करीब 12 राउंड गोलियां चलाई गईं, जिसमें धनेश्वर यादव के सिर और बाएं पैर में गोली लग गई। गोली लगते ही वह खेत में गिर पड़े। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने उन्हें तत्काल भपटियाही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डीएमसीएच रेफर कर दिया। अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलने के बाद भपटियाही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि घायल का फर्द बयान दर्ज होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे जमीन विवाद को मुख्य कारण माना जा रहा है। हालांकि, सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
धार में गुरुवार शाम भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की भव्य रथयात्रा निकाली गई। ओडिशा के पुरी की परंपरा पर आधारित इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे शहर में भक्तिमय माहौल रहा। रथयात्रा की शुरुआत भोजशाला स्थित मोतीबाग चौक से हुई। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और 'जय जगन्नाथ' के जयघोष के बीच भगवान के सुसज्जित रथ नगर भ्रमण के लिए निकले। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं में रथ खींचने का विशेष उत्साह देखा गया। रथयात्रा का जगह-जगह स्वागत हुआरथयात्रा जिस मार्ग से गुजरी, वहां श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर आरती उतारी गई। विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने पेयजल, शीतल पेय और प्रसादी की व्यवस्था भी की। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर भी रथयात्रा में शामिल हुईं। उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींची और देश व प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। यात्रा में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया। आयोजन के दौरान प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। रथयात्रा का समापन रात में त्रिमूर्ति स्थित सांवरिया सेठ मंदिर में भगवान की महाआरती के साथ होगा। पूरे आयोजन के दौरान शहर में धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा।
किशनगंज जिले के पोठिया प्रखंड में गुरुवार शाम एक सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई। तेज रफ्तार बाइक के कलवर्ट से टकराने के बाद यह घटना हुई। यह हादसा पोठिया प्रखंड की कोलथा पंचायत के गोवा बाड़ी वार्ड संख्या 5 में हुआ। जानकारी के अनुसार, दोनों मित्र एक ही बाइक पर सवार होकर छत्तरगाछ बाजार जा रहे थे। पोठिया के समीप गनिया कलवर्ट के पास उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने कलवर्ट से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक उछलकर दूर जा गिरे और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मिलन सोरेन मृतक गिरीश का करीबी मित्र थामृतकों की पहचान 22 वर्षीय गिरीश हेमरम, निवासी मौलानी गांव, थाना ठाकुरगंज और मिलन सोरेन, पिता सोम सोरेन के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मिलन सोरेन मृतक गिरीश का करीबी मित्र था और दोनों साथ में काम के लिए निकले थे। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन और एंबुलेंस मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल किशनगंज भेज दिया है। वहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी है। सड़क सुरक्षा के इंतजाम बढ़ाने की मांग कीघटना के बाद मृतकों के घरों में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने तेज रफ्तार से वाहन चलाने पर अंकुश लगाने और हादसाग्रस्त जगहों पर सड़क सुरक्षा के इंतजाम बढ़ाने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई में जुटी है।
देवरिया में करंट लगने से डेढ़ वर्षीय मासूम की मौत:घर में खेलते समय पंखे के तार की चपेट में आया
देवरिया के सदर कोतवाली क्षेत्र के उमानगर मोहल्ले में गुरुवार शाम करीब सात बजे करंट लगने से डेढ़ वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। घर में खेलते समय वह पंखे के कटे हुए बिजली के तार की चपेट में आ गया था। परिजनों ने तत्काल बच्चे को महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, उमानगर निवासी राजन का पुत्र कार्तिक अपने घर में खेल रहा था। इसी दौरान वह पंखे के क्षतिग्रस्त बिजली के तार के संपर्क में आ गया। करंट लगने से कार्तिक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। घटना की जानकारी होते ही परिवार में कोहराम मच गया। माता-पिता सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मासूम की मौत की सूचना मिलते ही आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए और पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल छा गया। प्रथम दृष्टया यह मामला घरेलू हादसे का माना जा रहा है। वही परिवार के लोग चिकित्सकों के मित्र घोषित करने पर मासूम बच्चे को लेकर दूसरे प्राइवेट अस्पताल के लिए चले गए। महर्षि देवरहा बाबा देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉक्टर एच के मिश्रा ने बताया कि करंट की चपेट में आने से एक मासूम की मौत हो गई है।
राजस्थान सरकार ने दिव्यांग प्रमाण-पत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश के सभी सात संभागीय मुख्यालयों पर विशेष दिव्यांगता सत्यापन बोर्ड और अपीलीय मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाएगा। साथ ही सरकारी भर्तियों में दिव्यांग आरक्षण का लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों के लिए UDID (यूनीक डिसेबिलिटी आइडेंटिफिकेशन) कार्ड अनिवार्य होगा। शासन सचिव अर्चना सिंह की ओर से जारी आदेश राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ द्वारा 30 अप्रैल 2026 को एसबी सिविल रिट पिटीशन अमन बनाम राज्य और अन्य में दिए गए अंतरिम आदेश की पालना में जारी किए गए हैं। सरकार दिव्यांग प्रमाण-पत्रों में सामने आ रही विसंगतियों को दूर कर भर्ती और सेवा संबंधी मामलों में पारदर्शिता बनाना चाहती है। सात संभागीय मुख्यालयों पर होंगे सत्यापन बोर्ड नए आदेश के बाद अब जयपुर, जोधपुर, अजमेर, बीकानेर, कोटा, उदयपुर और भरतपुर के मेडिकल कॉलेजों और उनसे संबद्ध अस्पतालों में दिव्यांगता सत्यापन बोर्ड गठित किए जाएंगे। बोर्ड का गठन संबंधित मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य या मेडिकल अधीक्षक करेंगे। इन बोर्डों में सहायक प्रोफेसर या उससे वरिष्ठ स्तर के विशेषज्ञ चिकित्सकों को शामिल किया जाएगा। साथ ही मेडिकल कॉलेजों को केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी आवश्यक उपकरणों से सुसज्जित किया जाएगा, ताकि प्रत्येक प्रकार की दिव्यांगता का वैज्ञानिक और सटीक मूल्यांकन किया जा सके। हर तरह की दिव्यांगता के विशेषज्ञ रहेंगे उपलब्ध सरकार ने निर्देश दिए कि संबंधित मेडिकल कॉलेजों में सभी प्रकार की दिव्यांगताओं की जांच के लिए आवश्यक विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इससे अभ्यर्थियों को अलग-अलग संस्थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एक ही स्थान पर परीक्षण संभव होगा। सरकारी भर्तियों में UDID कार्ड होगा जरूरी राज्य सरकार ने सभी भर्ती एजेंसियों और नियुक्तिकर्ता विभागों को निर्देश दिए हैं कि आवेदन के समय दिव्यांग श्रेणी के सभी अभ्यर्थियों के पास वैध UDID कार्ड होना अनिवार्य होगा। इसके साथ अब प्रत्येक भर्ती विज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख करना होगा कि दस्तावेज सत्यापन के लिए चयनित दिव्यांग अभ्यर्थियों की दिव्यांगता का अंतिम सत्यापन संभागीय मुख्यालय पर गठित बोर्ड द्वारा किया जाएगा। पुराने प्रमाण-पत्र होने पर भी होगी दोबारा जांच सरकार ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी अभ्यर्थी के पास पहले से दिव्यांगता प्रमाण-पत्र मौजूद है, तब भी सरकारी भर्ती में उसकी पात्रता का निर्धारण वर्तमान में लागू मेडिकल मानकों के अनुसार गठित सत्यापन बोर्ड की जांच के बाद जारी प्रमाण-पत्र के आधार पर ही किया जाएगा। इस फैसले के बाद अब अलग-अलग समय पर जारी प्रमाण-पत्रों में आने वाली विसंगतियों को समाप्त करना और सभी अभ्यर्थियों के लिए समान मानक लागू करना है। कार्यरत कर्मचारियों को राहत आदेश में पहले से सरकारी सेवा में कार्यरत दिव्यांग कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए भी महत्वपूर्ण प्रावधान किया गया है। अगर पुनः सत्यापन के दौरान पुराने और नए दिव्यांगता प्रतिशत में अंतर पाया जाता है, तो उनकी पात्रता का निर्धारण उस समय लागू मेडिकल मानकों के आधार पर किया जाएगा, जब उनका सरकारी सेवा में चयन हुआ था। अगर कोई कर्मचारी पुनः सत्यापन से संतुष्ट नहीं होता है, तो उसे भी अपीलीय मेडिकल बोर्ड के समक्ष अपील करने का अधिकार दिया गया है।
दमोह जिले में गुरुवार शाम भगवान जगन्नाथ स्वामी की रथ यात्रा पूरे धार्मिक उत्साह और उल्लास के साथ निकाली गई। इस पावन अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने सड़कों पर उतरकर भगवान का रथ खींचा। समारोह में मध्य प्रदेश शासन के पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल और सुप्रसिद्ध संत दादा गुरु ने भी विशेष रूप से भाग लिया। दो प्रमुख मंदिरों से शुरू हुई यात्रा यह रथ यात्रा शहर के दो प्रमुख केंद्रों हनुमानगढ़ी मंदिर और पुराना थाना परिसर स्थित भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर से शुरू हुई। सुबह हनुमानगढ़ी मंदिर में विधि-विधान से विशेष पूजन-अर्चन और महाआरती के साथ धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत की गई। संत दादा गुरु ने की विशेष पूजा समारोह के दौरान प्रसिद्ध संत दादा गुरु ने दमोह पहुंचकर हनुमानगढ़ी मंदिर में भगवान जगन्नाथ की विशेष पूजा-अर्चना की और उपस्थित जनसमुदाय को आशीर्वाद दिया। इस दौरान उनके साथ कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल भी मौजूद रहे। पूजा के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले। इसी तरह हटा की रथ यात्रा में प्रहलाद पटेल ने रथ खींचकर यात्रा शुरू की थी। सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम शहर के दो अलग-अलग हिस्सों से निकली इस भव्य रथ यात्रा में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन अलर्ट पर रहा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन के आला अधिकारी पूरे मार्ग पर तैनात रहे, जिससे यात्रा बिना किसी बाधा के शांतिपूर्वक संपन्न हुई।
फर्रुखाबाद। शहर में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। शाम करीब 5 बजे लोहाई रोड से शुरू हुई यात्रा चौक होते हुए शाम करीब साढ़े सात बजे नेहरू रोड पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने भगवान का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। इसके बाद रथ यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई पुनः राधा माधव मंदिर पहुंची। रथ यात्रा का शुभारंभ गांधी कूचा स्थित राधा माधव मंदिर में भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा और बलभद्र की विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं आरती के साथ हुआ। परिकरों ने भगवान को गोद में लेकर भजन-कीर्तन और नृत्य करते हुए शोभायात्रा निकाली। इसके बाद श्री राधा शक्ति श्याम मंदिर, लोहाई रोड पर आचार्य चिन्मय गोस्वामी ने पूजन-अर्चन और आरती संपन्न कराई। भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा और बलभद्र को भव्य रथों पर विराजमान कर नगर भ्रमण के लिए रवाना किया गया। सबसे आगे हरे रंग के रथ पर बलभद्र, मध्य में लाल रंग के रथ पर माता सुभद्रा और सबसे पीछे पीताम्बरी रंग के रथ पर भगवान जगन्नाथ विराजमान रहे। डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालु नृत्य करते हुए लोहाई रोड, चौक, नेहरू रोड, नितगंजा बाजार और सेठ गली से होकर रेलवे रोड तक पहुंचे। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने भगवान की आरती उतारी और पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। कई स्थानों पर शर्बत और पेयजल की व्यवस्था भी की गई थी। रथ यात्रा में भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रांशु दत्त द्विवेदी और सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी की पत्नी भी शामिल हुईं। बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं सहित हजारों श्रद्धालु यात्रा में शामिल हुए। नेहरू रोड पर इतनी भीड़ रही कि कुछ समय के लिए पैर रखने तक की जगह नहीं बची। सुरक्षा के रहे व्यापक इंतजाम रथ यात्रा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया, जबकि रथ के साथ भी पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभालते रहे। यात्रा के दौरान दोपहिया और चारपहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह बलभद्र के रथ की रस्सी खींच रहे एक श्रद्धालु ने बताया कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह है। उन्होंने कहा कि इस बार रथ निर्माण के लिए विशेष रूप से जगन्नाथ पुरी से कारीगर बुलाए गए थे और यात्रा में अपार भीड़ उमड़ी। श्रद्धालु अनिल कुमार अग्रवाल ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा को लेकर पूरे जनसमूह में उत्साह का माहौल है। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया जा रहा है। एक अन्य श्रद्धालु ने बताया कि रथ यात्रा में शामिल होकर उन्हें आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति हो रही है। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान हल्की-हल्की फुहार भी पड़ रही थी। मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के समय देवराज इंद्र भी वर्षा कर अपना आशीर्वाद देते हैं। फर्रुखाबाद में भी इस बार ऐसा ही दृश्य देखने को मिला। देखें जगन्नाथ यात्रा की फोटो…
अयोध्या में चार माह पहले लावारिस मिली पांच वर्षीय बालिका को आखिरकार उसकी मां का साथ मिल गया। बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), अयोध्या के लगातार प्रयासों से गुरुवार 16 जुलाई 2026 को मां-बेटी का पुनर्मिलन संभव हो सका। यह बालिका 12 मार्च 2026 को अयोध्या बाईपास पर लावारिस हालत में मिली थी। पूछताछ में बच्ची ने बताया कि उसके पिता ने उसे छोड़ दिया था। वह अपना पता कभी रीवा तो कभी भोपाल बताती थी। बच्ची ने अपनी मां का नाम प्रियंका और पिता का नाम सोनू बताया। बालिका को संरक्षण में लेने के बाद सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष सर्वेश अवस्थी ने उसकी पहचान के लिए एक अभियान शुरू किया। उन्होंने सीडब्ल्यूसी रीवा और सीडब्ल्यूसी भोपाल से संपर्क किया। इसके अतिरिक्त, बच्ची की जानकारी समाचार पत्रों, सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुपों पर भी प्रसारित की गई। इस कार्य में सामाजिक कार्यकर्ता रितेश मिश्रा ने भी सहयोग किया। सीडब्ल्यूसी के प्रयास 15 जुलाई 2026 को सफल हुए, जब बच्ची की मां प्रियंका ने अध्यक्ष के मोबाइल नंबर पर संपर्क कर अपनी पहचान बताई। प्रियंका ने समिति को बताया कि वह अपने पति से तीन साल से अलग रह रही है। शिवरात्रि के बाद उसके पति बच्ची को भोपाल से ले गए थे, जिसकी शिकायत उसने थाने में भी दर्ज कराई थी। प्रियंका घरेलू काम करके अपना जीवनयापन कर रही थी। इसके बाद गुरुवार 16 जुलाई को प्रियंका सीडब्ल्यूसी के समक्ष उपस्थित हुईं। अध्यक्ष सर्वेश अवस्थी और सदस्यों स्मृता तिवारी व सिद्धार्थ तिवारी ने सभी विधिक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद बच्ची को उसकी मां को सौंप दिया। अध्यक्ष ने जानकारी दी कि बच्ची की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह प्रकरण सीडब्ल्यूसी भोपाल को स्थानांतरित किया जाएगा। भविष्य में किसी भी सहायता के लिए अयोध्या सीडब्ल्यूसी से संपर्क करने का आश्वासन भी दिया गया। चार माह बाद मां-बेटी के इस पुनर्मिलन से समिति के प्रयास सफल रहे।
अलखनाथ रेलवे क्रॉसिंग दो रात रहेगी बंद:बरेलीवासियों के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी
पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल ने बरेली में अलखनाथ रेलवे क्रॉसिंग को मरम्मत और ओवरहॉलिंग कार्य के लिए दो रातों तक बंद रखने की घोषणा की है। यह निर्णय रेलवे ट्रैक और फाटक की सुरक्षा तथा सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। यह क्रॉसिंग इज्जतनगर-बरेली सिटी रेलवे स्टेशनों के बीच स्थित है। इसे 17 जुलाई की रात 10 बजे से 18 जुलाई की सुबह 6 बजे तक सड़क यातायात के लिए पूरी तरह बंद रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त, 18 जुलाई की रात 10 बजे से 19 जुलाई की सुबह 6 बजे तक भी इस रेलवे फाटक पर आवागमन बंद रहेगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, समपार फाटक पर नियमित मरम्मत (पीरियोडिकल मेंटेनेंस) और ओवरहॉलिंग का कार्य किया जाना है। इस अवधि के दौरान किसी भी वाहन या पैदल यात्री को क्रॉसिंग से गुजरने की अनुमति नहीं होगी। यात्रियों और स्थानीय निवासियों की सुविधा के लिए रेल प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग भी सुझाए हैं। बंदी के दौरान वाहन चालक निकट स्थित किला ओवरब्रिज और किला फाटक का उपयोग कर सकते हैं। रेल प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि के दौरान केवल वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। अनावश्यक भीड़ और जाम से बचने के लिए लोगों को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने की सलाह दी गई है।
जहानाबाद में बिजली के करंट की चपेट में आने से दो व्यक्तियों की मौत हो गई। पहली घटना परस बीघा थाना क्षेत्र के लखापुर में हुई, जबकि दूसरी घटना कल्प थाना क्षेत्र के किनारी गांव में सामने आई। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। परस बीघा थाना क्षेत्र के लखापुर निवासी राम जीनिश बिंद अपने खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान वे एक लटके हुए बिजली के तार के संपर्क में आ गए। उन्हें तत्काल सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दूसरी घटना कल्प थाना क्षेत्र के किनारी गांव में हुई, जहां गोरख दास की भी बिजली का करंट लगने से मौत हो गई। क्षेत्र में बिजली के तार काफी जर्जर स्थानीय निवासी पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि क्षेत्र में बिजली के तार काफी जर्जर हैं और कई जगहों पर लटके हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली विभाग को इन जर्जर तारों की मरम्मत के लिए कई बार शिकायतें दी गई थीं, लेकिन विभाग ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण यह हादसा हुआ। डॉक्टरों ने दो व्यक्तियों की करंट लगने से मौत की पुष्टि की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मेरठ में पत्नी की हत्या:पति गिरफ्तार, अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था
मेरठ में पुलिस ने अपनी पत्नी की हत्या कर साक्ष्य मिटाने की कोशिश करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी पति ने घरेलू विवाद के दौरान पत्नी की गर्दन पर टूटे हुए कांच से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। वह शव का अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर रहा था, तभी पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर उसे पकड़ लिया। यह घटना टीपीनगर थाना क्षेत्र की है। पुलिस के अनुसार, बुधवार को इंचौली थाना क्षेत्र के बहचौला गांव निवासी चतरपाल सिंह ने टीपीनगर थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बहन विमलेश की उसके पति सुरेश उर्फ टीटू ने हत्या कर दी है। शिकायत में यह भी बताया गया कि आरोपी हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के इरादे से शव का अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर रहा था। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। बृहस्पतिवार को टीपीनगर पुलिस ने वांछित आरोपी सुरेश उर्फ टीटू को फल मंडी के पीछे मोहकमपुर रोड, शिवपुरम से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसका पत्नी विमलेश से अक्सर विवाद होता था। घटना वाले दिन भी कहासुनी के दौरान उसने पत्नी को धक्का दे दिया। इसी दौरान उसे टूटे हुए कांच का टुकड़ा मिला, जिससे उसने विमलेश की गर्दन पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद वह शव का अंतिम संस्कार कर घटना के साक्ष्य मिटाने की कोशिश करने लगा। टीपीनगर पुलिस ने आरोपी सुरेश उर्फ टीटू के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने से संबंधित धाराओं में कार्रवाई की है। पुलिस उसे न्यायालय में पेश करने की कार्यवाही कर रही है।
फलोदी जिला बनने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक अहम पहल करते हुए जिला मुख्यालय पर जिला आयुर्वेद अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया गया है। लंबे समय से इस अस्पताल की मांग की जा रही थी। इसके शुरू होने से आयुर्वेद चिकित्सा पर विश्वास रखने वाले हजारों मरीजों को अब जिला स्तर पर विशेषज्ञ परामर्श, बेहतर उपचार और आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। राज्य सरकार ने वैद्य डॉ. भरत सोनी को जिला आयुर्वेद अस्पताल का प्रभारी नियुक्त किया है। उनका स्थानांतरण नोख से फलोदी किया गया है। इससे पहले वे खीचन आयुर्वेद औषधालय का अतिरिक्त कार्यभार भी संभाल रहे थे। नई नियुक्ति के साथ अस्पताल में नियमित सेवाएं शुरू हो गई हैं। जिला अस्पताल परिसर के पीछे संचालित होगा फिलहाल जिला आयुर्वेद अस्पताल का संचालन जिला अस्पताल परिसर के पीछे स्थित आयुर्वेद औषधालय भवन से किया जाएगा। वहीं, अब तक औषधालय प्रभारी रहे डॉ. मुकेश सुथार को सहायक निदेशक पद पर पदोन्नत कर आईजीएनपी कॉलोनी स्थित आयुष कार्यालय में पदस्थापित किया गया है। जिला आयुर्वेद अस्पताल शुरू होने से मरीजों को आयुर्वेदिक दवाओं की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इसके साथ ही पंचकर्म, अग्निकर्म और अन्य विशेष आयुर्वेदिक उपचार सुविधाएं भी चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएंगी। वर्तमान में अस्पताल में प्रभारी चिकित्सक के अलावा एक नर्सिंग अधिकारी और एक परिचारिका की नियुक्ति की गई है। शेष स्वीकृत पदों पर भी जल्द नियुक्तियां होने की संभावना है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का और विस्तार होगा। ग्रामीण और शहरी मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ फलोदी को जिला घोषित किए जाने के बाद से यहां जिला आयुर्वेद अस्पताल की स्थापना की मांग लगातार उठ रही थी। अब इसके संचालन से जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के मरीजों को उपचार के लिए जोधपुर या अन्य शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे स्थानीय स्तर पर आयुष चिकित्सा सेवाएं मजबूत होंगी और लोगों को गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेदिक उपचार आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।
सीतापुर के संदना थाना क्षेत्र के रसूलवा गांव में बुधवार को किसान की मौत के मामले में वन विभाग ने पगचिह्नों और घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों के आधार पर गुरुवार को बाघ के हमले की पुष्टि की है। इसके बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग ने शिकार स्थल के पास पिंजरा लगा दिया है और ग्रामीणों को अकेले खेतों में न जाने की हिदायत दी गई है। विभाग ने लोगों से झुंड बनाकर खेतों में जाने और सतर्क रहने की अपील की है। गौरतलब है कि बुधवार को रसूलवा गांव निवासी 53 वर्षीय किसान कमल किशोर खेतों में घास लेने गए थे। देर तक घर वापस न लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद गांव के बाहर खेत में उनका क्षत-विक्षत शव मिला। शव पर गहरे हमले के निशान थे और शरीर के कई हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त मिले। सूचना पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। शुरुआती जांच में हमले को तेंदुए का माना जा रहा था, लेकिन गुरुवार को घटनास्थल पर मिले पगचिह्नों और शव को घसीटे जाने के निशानों के आधार पर वन विभाग ने बाघ के हमले की पुष्टि कर दी। इसके बाद प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) नवीन खंडेलवाल के निर्देश पर घटनास्थल के पास पिंजरा लगाया गया। साथ ही बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 6 टाइगर ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं। वन विभाग की टीम लगातार इलाके में गश्त कर रही है। ग्रामीणों को अकेले खेतों और जंगल की ओर न जाने, समूह में आवागमन करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना विभाग को देने की सलाह दी गई है। परिजनों ने किसान का अंतिम संस्कार गुरुवार दोपहर कर दिया है। घटना के बाद रसूलवा और आसपास के गांवों में भय का माहौल है। डीएफओ नवीन खंडेलवाल का कहना है कि बाघ को पकड़ने के लिए अभियान लगातार जारी है और स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है।
सऊदी से व्हाट्सऐप कॉल पर तीन तलाक का आरोप:पति समेत सात पर FIR, पुलिस जांच में जुटी
अयोध्या के इनायतनगर थाना क्षेत्र की एक नवविवाहिता की शिकायत पर पुलिस ने पति समेत सात लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और मुस्लिम महिला विवाह अधिनियम, 2019 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। सीओ पियूष पाल ने इसकी जानकारी गुरुवार 16 जुलाई की शाम को दी। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसके पति ने सऊदी अरब के मक्का से व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए उसे तीन तलाक दे दिया। पुलिस को दी तहरीर में ग्राम तरौली निवासी खुशबू बानो उर्फ आयशा ने बताया कि उसका निकाह 15 जून 2025 को बाबा बाजार थाना क्षेत्र के ग्राम गौरमऊ निवासी अब्दुल्ला पुत्र वसीम के साथ हुआ था। शादी के कुछ समय बाद ही पति और ससुराल पक्ष के लोग अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे। पीड़िता के अनुसार, मायके पक्ष ने विवाह में करीब आठ लाख रुपये खर्च किए थे, इसके बावजूद दहेज की मांग जारी रही। तहरीर के मुताबिक, 6 अक्टूबर 2025 को पति अपने भाई के साथ नौकरी के लिए सऊदी अरब चला गया। इसके बाद सास, ससुर, देवर और जेठानी ने दहेज की मांग को लेकर पीड़िता के साथ मारपीट की। पीड़िता ने आरोप लगाया कि मारपीट में उसके हाथ की एक उंगली टूट गई, जिसका इलाज उसने अपने पिता के साथ दिल्ली में कराया। उसने यह भी बताया कि उसके जेवर और कीमती कपड़े ससुराल पक्ष ने अपने कब्जे में रख लिए। पीड़िता के अनुसार, 21 जून 2026 की शाम करीब चार बजे उसके पिता के मोबाइल पर व्हाट्सएप वीडियो कॉल आई। आरोप है कि बातचीत के दौरान पति ने मक्का से 'तलाक, तलाक, तलाक' कहकर उसे तीन तलाक दे दिया। पीड़िता ने दावा किया है कि कॉल की रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्य उसके मोबाइल में सुरक्षित हैं। उसने इस संबंध में कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस क्षेत्राधिकारी पीयूष पाल ने गुरुवार को बताया कि पीड़िता की तहरीर और प्रारंभिक जांच के आधार पर पति,सास,ससुर,देवर और जेठानी समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्नाव में बारिश से सड़कें डूबीं:डीएम आवास के सामने जलभराव, नगर पालिका की खुली पोल
उन्नाव में गुरुवार शाम करीब 20 मिनट हुई तेज बारिश ने नगर पालिका की नाला सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी। हल्की से मध्यम बारिश के बाद ही शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। जिलाधिकारी आवास के सामने मुख्य सड़क पर पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। गुरुवार सुबह से उमस भरी गर्मी के बाद शाम करीब छह बजे मौसम ने करवट ली। तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश करीब 20 मिनट तक हुई। बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन शहर की जल निकासी व्यवस्था की खामियां भी सामने आ गईं। कई स्थानों पर नालों का पानी सड़कों पर आ गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जिलाधिकारी आवास के सामने मुख्य मार्ग पर जलभराव के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका हर वर्ष मानसून से पहले नालों की सफाई के दावे करती है, लेकिन पहली ही बारिश में सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। उनका कहना है कि कई नालों की सफाई केवल कागजों तक सीमित रहती है। शुक्लागंज में भी गुरुवार शाम बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया और लोगों को गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को जिले का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने नागरिकों से जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की है। वहीं, शहरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते नालों की समुचित सफाई और जल निकासी की व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो आगामी दिनों में होने वाली तेज बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है। लोगों ने नगर पालिका से जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि बरसात के मौसम में नागरिकों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
जिले के श्रीनगर थाना क्षेत्र के खोखा गांव में घरेलू विवाद के बाद एक 60 वर्षीय किसान ने कीटनाशक खा लिया। गंभीर हालत में उन्हें पूर्णिया जीएमसीएच में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की तत्परता से उनकी जान बच गई। फिलहाल अस्पताल में उनका इलाज जारी है। घरेलू विवाद के बाद उठाया आत्मघाती कदम जानकारी के अनुसार, खोखा गांव निवासी 60 वर्षीय किशुन ऋषि, जो पेशे से किसान हैं, का पत्नी से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद उन्होंने खेत में छिड़काव के लिए रखा कीटनाशक पी लिया। जहर खाने के बाद उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। परिजन तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे बुजुर्ग के भतीजे विकास कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही परिजन उन्हें तत्काल पूर्णिया स्थित सरकारी अस्पताल जीएमसीएच लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने तुरंत उपचार शुरू किया। नाक में पाइप डालकर निकाला जा रहा जहर जीएमसीएच में इलाज कर रहे नर्सिंग स्टाफ पिंटू कुमार ने बताया कि यह कीटनाशक जहर खाने का मामला है। डॉक्टरों की जांच के बाद मरीज को आवश्यक दवाएं और इंजेक्शन दिए गए हैं। फिलहाल नाक में पाइप डालकर शरीर से जहर निकालने की प्रक्रिया जारी है और मरीज की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
हरदोई में डीएम आवास के पास जलभराव:सेल टैक्स कार्यालय के सामने सड़क पर गड्ढे, राहगीर परेशान
हरदोई जनपद में जिलाधिकारी आवास के पीछे स्थित सेल टैक्स और जिला ग्रामोद्योग कार्यालय के सामने सड़क पर बारिश के बाद गंभीर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। यह स्थिति शहर के पॉश इलाके में है, जहां जिलाधिकारी आवास, वन विभाग और अन्य महत्वपूर्ण कार्यालय स्थित हैं। हल्की बारिश में भी सड़क पर पानी भर जाता है, जिससे कई दिनों तक जलभराव बना रहता है। इससे राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह मार्ग शहर के मोहल्ला आजाद नगर/सुभाष नगर क्षेत्र में आता है। स्थानीय निवासियों ने इस बदहाल सड़क को लेकर जिला प्रशासन और नगर पालिका परिषद से कई बार शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। उनका आरोप है कि नगर पालिका कर्मचारी यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि संबंधित सड़क हरदोई देहात ग्राम पंचायत क्षेत्र में आती है, इसलिए पालिका इसका निर्माण या मरम्मत नहीं करा सकती। लोगों का कहना है कि जलभराव के कारण बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक दिक्कत होती है। कई बार ई-रिक्शा और स्कूटी पानी में फिसलकर गिर चुके हैं, जिससे लोग घायल हुए हैं। बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क का निर्माण कराने और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि जिला मुख्यालय के बीचोंबीच स्थित इस महत्वपूर्ण सड़क की अनदेखी उचित नहीं है और इसका जल्द समाधान किया जाना चाहिए। इस संबंध में नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष सुखसागर मिश्रा 'मधुर' ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में है। उन्होंने आश्वासन दिया कि संबंधित सड़क की समस्या का जल्द समाधान कराया जाएगा और सड़क निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि स्थानीय लोगों को जलभराव और आवागमन की समस्या से राहत मिल सके।
भोपाल दुष्कर्म मामले के विरोध में एबीवीपी का प्रदर्शन:देवास में पुतला जलाकर कड़ी कार्रवाई की मांग
भोपाल में एनएसयूआई की महिला पदाधिकारी के साथ दुष्कर्म और मारपीट की घटना के विरोध में देवास में प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने गुरुवार शाम सयाजी द्वार पर प्रदर्शन किया। परिषद कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़िता को जल्द न्याय दिलाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारी के सम्मान में, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मैदान में जैसे नारे लगाए। बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध चिंता का विषय हैं। ऐसे मामलों में दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। आरोपी को कड़ी सजा देने की मांगएबीवीपी के नगर मंत्री नरजल चौधरी ने कहा कि भोपाल की घटना से पूरे प्रदेश में आक्रोश है। उन्होंने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की, ताकि भविष्य में कोई इस तरह का अपराध करने की हिम्मत न कर सके। चौधरी ने कहा कि एबीवीपी महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए हमेशा आवाज उठाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना को संगठन के ही एक पदाधिकारी ने अंजाम दिया है। उन्होंने मामले में सख्त कार्रवाई और पीड़िता को जल्द न्याय दिलाने की मांग की।
पूर्वी चंपारण जिले के चकिया थाना क्षेत्र में गुरुवार को तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से एक किसान की मौत हो गई। मृतक की पहचान रामकरण पकड़ी गांव, वार्ड संख्या 13 निवासी मदन प्रसाद यादव (45 वर्ष) के रूप में हुई है। वे स्वर्गीय रामसागर राय के पुत्र थे। जानकारी के अनुसार, मदन प्रसाद यादव अपने खेत में धान की रोपनी का कार्य करवा रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हो गई। आकाशीय बिजली की चपेट में आने से वे गंभीर रूप से झुलस गए। आसपास मौजूद मजदूरों और ग्रामीणों ने उन्हें संभालने की कोशिश की, लेकिन उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। आकस्मिक मृत्यु से परिवार पर संकट आ गयाग्रामीणों ने बताया कि मदन प्रसाद यादव एक मेहनती किसान थे और खेती के माध्यम से अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी आकस्मिक मृत्यु से परिवार पर संकट आ गया है। घटना की सूचना पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मृतक के परिवार को आपदा राहत कोष के तहत शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम और आकाशीय बिजली की चेतावनी के दौरान खेतों या खुले स्थानों पर जाने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
बांसवाड़ा में नेमा समाज और जगदीश मंडल के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र और माता सुभद्रा की ऐतिहासिक एवं रथयात्रा निकाली गई। सदियों पुरानी इस परंपरा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। 'जय जगन्नाथ' के जयघोष के बीच पूरा शहर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। श्रद्धालुओं ने रथ खींचकर भगवान के दर्शन किए और धर्म के साथ सामाजिक समरसता का संदेश दिया। अखंड रामायण पाठ के बाद रथयात्रा शुरू रथयात्रा से पहले जगदीश मंदिर में 24 घंटे का अखंड रामायण पाठ किया गया। गुरुवार को वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ इसकी पूर्णाहुति हुई। इसके बाद भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र और माता सुभद्रा की प्रतिमाओं को आकर्षक ढंग से सजे रथ में विराजमान कर नगर भ्रमण के लिए रवाना किया गया। शंखनाद, भजन-कीर्तन और जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने अपने हाथों से रथ खींचकर प्रभु सेवा का सौभाग्य प्राप्त किया। प्रमुख मार्गों से निकली यात्रा, जगह-जगह हुआ स्वागत रथयात्रा जगदीश मंदिर से शुरू होकर आजाद चौक, सदर बाजार, पिपली चौक, पैलेस रोड और महालक्ष्मी चौक से होते हुए वापस जगदीश मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भगवान की आरती उतारी, पुष्पवर्षा की और माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया। गरबा बना आकर्षण, श्रद्धालुओं के लिए शरबत की व्यवस्था पिपली चौक पर श्रद्धालुओं ने पारंपरिक गरबा की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसने रथयात्रा का उत्साह और बढ़ा दिया। भीषण गर्मी को देखते हुए नेमा पिपली चौक समिति ने श्रद्धालुओं के लिए ठंडे पेयजल और शरबत की व्यवस्था की। रथयात्रा के समापन पर जगदीश मंदिर में भगवान की महाआरती हुई और श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया। आयोजन में महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। जनप्रतिनिधि और समाज के पदाधिकारी रहे मौजूद रथयात्रा में भाजपा के कई जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। आयोजन की व्यवस्थाओं में नेमा समाज के अध्यक्ष निमेष मेहता, सचिव सुबोध मालोत, कोषाध्यक्ष शैलेंद्र मेहता, उपाध्यक्ष चंकी शाह, शैलेश शाह तथा जगदीश मंडल के अध्यक्ष महेंद्र सराफ, सचिव संदीप शाह, राजेश वसानिया, मनोज चंचावत सहित समाज के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता सक्रिय रहे।
बदायूं में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकली:शहर में भक्तिमय माहौल, झांकियों और करतबों ने मोहा मन
बदायूं में गुरुवार शाम भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गई। भगवान जगन्नाथ सेवा समिति सहित विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में यह यात्रा रात तक शहर में भ्रमण करती रही। इस दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा शहर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया। यात्रा का शुभारंभ वैभव लॉन से हुआ, जो पथिक चौक, टिकटगंज, हलवाई चौक, मढ़ई चौक और काली सड़क से होते हुए वापस वैभव लॉन पर समाप्त हुई। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर रथ का स्वागत किया। डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों पर श्रद्धालु नाचते-गाते हुए चल रहे थे, और विभिन्न संस्थाओं की आकर्षक झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। देखें, तस्वीरें… यात्रा के दौरान कलाकारों ने रासलीला और अन्य धार्मिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्होंने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। काली माता के अखाड़ों के कलाकारों ने पारंपरिक शस्त्र प्रदर्शन और हैरतअंगेज करतब दिखाए, जिनकी खूब सराहना हुई। पूरे यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद रही। इस रथयात्रा के सफल आयोजन में श्रीश्री गौर निताई संकीर्तन ट्रस्ट, महावीर सेवा दल, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, श्रृंगार सेवा प्रियाजू क्रिएशन, श्री सनातन युवा इकाई, श्रीश्री मां दुर्गा पूजा महोत्सव युवा कमेटी, श्री सनातन धर्म सभा और श्री रघुनाथ मंदिर सहित कई संस्थाओं ने सहयोग किया। यात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरे मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी तैनात रही, और अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थे।
पूर्णिया के बैसा प्रखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की गई है। राज्य की विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बैसा प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) राजकुमार चौधरी को 46,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।यह गिरफ्तारी एक वेंडर से रिश्वत मांगने के आरोप में हुई है। SVU की टीम ने बीडीओ को उनके कार्यालय से ही पकड़ा। वेंडर से मांगी गई थी रिश्वतगिरफ्तारी की यह कार्रवाई राज किरण नाम के एक वेंडर की शिकायत पर की गई है। शिकायतकर्ता राज किरण ने आरोप लगाया था कि उसने बैसा प्रखंड में सरकारी योजनाओं के तहत 16 लाख रुपये की सामग्री की आपूर्ति की थी। इस भुगतान की प्रक्रिया को पूरा करने के एवज में बीडीओ राजकुमार चौधरी ने उनसे रिश्वत की मांग की थी। जिसे लेकर वेंडर राज किरण ने इस संबंध में विशेष निगरानी इकाई, पटना में लिखित शिकायत दर्ज कराई।शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले की पुष्टि की और जाल बिछाया। जैसे ही गुरुवार को बीडीओ राजकुमार चौधरी ने वेंडर से रिश्वत की राशि स्वीकार की, निगरानी की टीम ने उन्हें मौके पर ही रंगे हाथों दबोच लिया। विशेष निगरानी इकाई ने आरोपी बीडीओ के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत कांड संख्या-21/2026 दर्ज किया है। विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। गिरफ्तार आरोपी बीडीओ को शुक्रवार को पटना स्थित निगरानी न्यायालय में पेश किया जाएगा।
पन्ना के श्री जुगल किशोर सरकार सप्तनिधि धाम मंदिर में गुरुपूर्णिमा महोत्सव के मौके पर श्रीमद्भागवत महापुराण कथा की भव्य शुरुआत हुई है। कथा के पहले दिन देश के जाने-माने संत और अग्रमलूक पीठाधीश्वर पूज्य श्री राजेंद्र दास जी महाराज ने भक्तों को कथा सुनाई। इस अवसर पर पूर्व मंत्री और पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने देश भर से आए संतों और भक्तों का स्वागत किया। कथा व्यास पूज्य राजेंद्र दास जी महाराज ने पन्ना की महिमा बताते हुए कहा कि श्री जुगल किशोर सरकार सप्तनिधियों में से एक हैं। वे बुंदेलखंड के महान संत श्री हरिराम व्यास जी महाराज की भक्ति और सेवा से प्रकट हुए थे। महाराज जी ने साफ किया कि यह दिव्य मूर्ति किसी मूर्तिकार ने नहीं बनाई है, बल्कि यह स्वयं प्रकट हुई है। उन्होंने कहा कि पन्ना के लोगों को ठाकुर जी की सेवा का जो मौका मिला है, वह बड़े-बड़े संतों को कठिन तपस्या के बाद भी नहीं मिल पाता। धीरेंद्र शास्त्री बोले- भगवान की कृपा से जीवन सफल कथा के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी श्री जुगल किशोर सरकार की महिमा का जिक्र किया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि जिस पर भी ठाकुर जी की कृपा हो जाती है, उसका जीवन धन्य हो जाता है। उन्होंने आगे कहा कि जिसे भगवान खुद अपनी सेवा के लिए चुन लेते हैं, उसका पूरा जीवन सफल हो जाता है। पन्ना में होता है वृंदावन जैसा अहसास इस मौके पर पूज्य रावतपुरा सरकार ने पन्ना की आध्यात्मिक महिमा की तारीफ की। उन्होंने कहा कि जब भी वे पन्ना आते हैं, उन्हें वृंदावन की गलियों जैसा एहसास होता है। उन्होंने उन राजाओं का आभार जताया जो ठाकुर जी को यहां लेकर आए। रावतपुरा सरकार ने विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह के पिछले 35 सालों के समर्पण और सांसद विष्णुदत्त शर्मा के प्रयासों को भी सराहा। पूज्य किशोर दास जी महाराज ने कहा कि बुंदेलखंड संतों की तपोभूमि है और पन्ना भाग्यशाली है कि यहां साक्षात ठाकुर जी विराजमान हैं। पन्ना बनेगा देश का प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र पूर्व मंत्री और विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल कार्यक्रम करना नहीं, बल्कि ठाकुर जुगल किशोर सरकार की महिमा को पूरी दुनिया में फैलाना है। आने वाले समय में पन्ना देश के नक्शे पर आध्यात्मिक पर्यटन के एक बड़े केंद्र के रूप में पहचाना जाएगा। कथा के पहले दिन खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा सहित देश भर से आए संत, जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
कानपुर के घाटमपुर तहसील क्षेत्र के रेउना थाना अंतर्गत दुरौली गांव में गुरुवार शाम एक वृद्धा की कुएं में गिरने से मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को कुएं से बाहर निकलवाकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रेउना थाना प्रभारी अनुज राजपूत ने बताया कि दुरौली गांव निवासी सुभद्रा (70) अपने घर के पास स्थित पुराने कुएं के समीप पहुंची थी। वृद्धावस्था के कारण उन्हें चलने-फिरने में दिक्कत होती थी और वह डंडे के सहारे ही घर से बाहर निकलती थी। बताया गया कि गुरुवार शाम किसी काम से वह कुएं के पास गई थी। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह कुएं में जा गिरीं। आसपास मौजूद लोगों को जब तक घटना का पता चला, तब तक काफी देर हो चुकी थी। इसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अनुज राजपूत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद वृद्धा के शव को कुएं से बाहर निकाला गया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी अनुज राजपूत ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला हादसे का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बिजनौर के कीरतपुर थाना क्षेत्र की मालन नदी में डूबे किशोर अमीन का छह दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। पीएसी और स्थानीय गोताखोरों की टीमें लगातार सर्च अभियान चला रही हैं। गुरुवार दोपहर करीब 12:30 बजे नगीना सांसद चंद्रशेखर पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और उन्हें हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। सांसद करीब ढाई बजे तक परिवार के साथ रहे। घटना पिछले शुक्रवार शाम करीब 4:15 बजे की है। मालन नदी में नहाने गए तीन किशोर अचानक गहरे पानी में चले गए थे। इनमें से एक किशोर तैरकर बाहर निकल आया, जबकि दो डूब गए। रेस्क्यू अभियान के दौरान एक किशोर का शव बरामद कर लिया गया था, लेकिन दूसरे किशोर अमीन का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। पीएसी और स्थानीय गोताखोर लगातार नदी में तलाश अभियान चला रहे हैं। बावजूद इसके, छह दिन बीतने के बाद भी अमीन का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। घटना के बाद से पूरे कीरतपुर क्षेत्र में शोक का माहौल है। नगीना सांसद चंद्रशेखर ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और कहा कि पूरा समाज उनके साथ खड़ा है। उन्होंने प्रशासन से भी खोज अभियान पूरी गंभीरता और तेजी से जारी रखने की अपेक्षा जताई। घटना के बाद से नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल मन्नान और नगीना विधायक मनोज पारस भी राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। इस दौरान पूर्व चेयरमैन शहजाद अहमद, मोहम्मद आरिफ मलिक, सरफराज मलिक, नवीन भारती, एडवोकेट अशरफ जमील, डॉ. मोअजिज यार खान, साहिल मेहरा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
ग्वालियर के बिलौआ-रफादपुर क्षेत्र में अवैध खनन और करोड़ों रुपए की रॉयल्टी-पेनल्टी वसूली से जुड़े मामले में गुरुवार को हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया। जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की डबल बेंच ने 16 खदानों में तत्काल प्रभाव से खनन पर रोक लगा दी। कोर्ट ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकारी अधिकारी जनता के टैक्स से वेतन लेते हैं, लेकिन काम माफिया के हित में कर रहे हैं। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि डबरा एसडीएम रुपेश रतन सिंघई ने बिना जमीनी जांच के न्यायालय में भ्रामक रिपोर्ट पेश की। इसे गंभीर मानते हुए उनके खिलाफ अवमानना (कंटेंप्ट) की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए। वहीं अवैध खनन रोकने की व्यक्तिगत जिम्मेदारी ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान को सौंपी गई। 'कुंभकर्णी नींद में अफसर' कोर्ट ने यह भी माना कि वर्ष 2017 में जारी करोड़ों रुपए की रॉयल्टी और पेनल्टी के नोटिस पर नौ साल बाद भी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया। इस पर अदालत ने अधिकारियों को कुंभकर्णी नींद में बताया और कार्रवाई में देरी पर सवाल उठाए। सुनवाई के दौरान कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि सभी ई-चेक पोस्ट पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। जब कोर्ट ने फुटेज की निगरानी के बारे में पूछा तो माइनिंग अधिकारी ने स्वीकार किया कि नियमित मॉनिटरिंग नहीं होती। इस पर कोर्ट ने सभी ई-चेक पोस्ट के डीवीआर और सीसीटीवी फुटेज जब्त कर 17 जुलाई को सीलबंद लिफाफे में पेश करने के आदेश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि कोई फुटेज गायब मिला तो इसे सबूत मिटाने की साजिश माना जाएगा। कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि नो-ड्यूज प्रमाणपत्र के बिना कई खदानों की लीज का नवीनीकरण कैसे कर दिया गया। मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी, जिसमें प्रशासन को कार्रवाई रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी।
असमोली में 40 मिनट बारिश, तापमान 8 डिग्री गिरा:संभल के कई गांवों में 04 MM बारिश से राहत मिली
संभल के असमोली ब्लॉक क्षेत्र में गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे हुई बारिश से मौसम में बदलाव आया। लगभग 40 मिनट तक हुई इस बारिश के बाद क्षेत्र के तापमान में 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। कुल 4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। यह बारिश असमोली ब्लॉक के मनौटा, दबोई कलां और सिरपुड़ा जैसे गांवों में 45 मिनट तक तेज रही, जबकि रचैटा, ओबरी और चंदवार में 30 मिनट तक हल्की बूंदाबांदी हुई। इन छह गांवों में हुई बारिश का असर 50 से अधिक आसपास के गांवों और संभल शहर तक देखा गया। देखें, 3 तस्वीरें… बारिश से पहले दिन में संभल का तापमान 38 डिग्री सेल्सियस था, जिससे उमस भरी गर्मी महसूस की जा रही थी। शाम 7 बजे असमोली क्षेत्र का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और पूरे जनपद संभल का तापमान 34-35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दौरान 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलीं, जिससे मौसम सुहावना हो गया। गांव मनौटा निवासी मोहम्मद और इब्राहिम ने बताया कि हल्की बूंदाबांदी के साथ तेज बारिश शुरू हुई, जिससे कई दिनों से पड़ रही गर्मी से लोगों को राहत मिली। किसानों के लिए भी यह बारिश फायदेमंद साबित हुई है, खासकर धान की बुवाई कर रहे किसानों को बिजली की ट्रिपिंग पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और उनकी फसलों को पर्याप्त पानी मिलेगा। मौसम विभाग ने पूरे जनपद संभल में बादल छाए रहने और देर रात तक बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। इस साल जुलाई महीने में अब तक पूरे जनपद में 126 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 192 मिलीमीटर बारिश हुई थी, जो इस साल की तुलना में 76 मिलीमीटर अधिक थी।
मेरठ में बुजुर्ग की हत्या का आरोपी गिरफ्तार:पुलिस ने आधा किलोमीटर दौड़कर ओवरब्रिज के पास से दबोचा
मेरठ के भावनपुर थाना पुलिस ने 10 जुलाई को एक बुजुर्ग की हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपी को बृहस्पतिवार शाम गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को मुखबिर की सूचना पर निर्माणाधीन किनानगर ओवरब्रिज के पास से आधा किलोमीटर दौड़कर पकड़ा। पुलिस के अनुसार, यह घटना 10 जुलाई को हुई थी। पंचगांव पट्टी अमरसिंह निवासी अमित सैनी ने भावनपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि गांव के ही प्रदीप उर्फ सोनू ने उनके पिता रामअवतार को धक्का दे दिया था। धक्का लगने से रामअवतार जमीन पर गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी प्रदीप उर्फ सोनू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस टीम लगातार आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी थी। बृहस्पतिवार को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी निर्माणाधीन किनानगर ओवरब्रिज की ओर जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने उसका पीछा किया और घेराबंदी कर प्रदीप उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर लिया। भावनपुर थाना पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दर्ज मुकदमे में विधिक कार्रवाई पूरी कर उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
बांका जिले के बेलहर थाना क्षेत्र के ताराकुरा गांव में गुरुवार शाम 40 वर्षीय संतोष पुझार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पत्नी लवंती देवी ने गांव के जागेश्वर शाह, उनके परिजनों और अन्य लोगों पर लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बांका सदर अस्पताल भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। 2-3 दिनों से मानसिक रूप से अस्वस्थ थे परिजनों के अनुसार, संतोष पुझार पिछले दो-तीन दिनों से मानसिक रूप से अस्वस्थ थे। गुरुवार को वह घर से निकलकर ताराकुरा चौक पहुंचे, जहां उन्होंने वृद्ध जागेश्वर शाह पर ईंट के टुकड़े से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर वापस लौट गई थी। इसके करीब दो से तीन घंटे बाद संतोष पुझार की मौत की सूचना पुलिस को मिली। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पत्नी लवंती देवी का आरोप है कि जागेश्वर शाह को ईंट लगने के बाद उनके परिजनों और अन्य लोगों ने मिलकर संतोष की लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई की, जिससे उनकी मौत हो गई। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक इस मामले में किसी भी पक्ष की ओर से थाने में लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। थानाध्यक्ष बोले- मामले की जांच जारी प्रभारी थानाध्यक्ष गौतम कुमार शर्मा ने बताया कि शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि परिजनों से आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। थानाध्यक्ष के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। मृतक संतोष पुझार तीन भाइयों में सबसे बड़े थे और मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी लवंती देवी, माता बसिया देवी, पिता छतरी पुझार, 10 वर्षीय पुत्र मनोज पुझार और 8 वर्षीय पुत्र सनोज कुमार शामिल हैं। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है।
कानपुर के घाटमपुर में भीषण गर्मी उमस के बीच गुरुवार देर शाम को अचानक बारिश होने लगी, तीन घंटे हुई बारिश से लोगों ने राहत की सांस ली है। यहां पर 40 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चली। बारिश के बाद से घाटमपुर क्षेत्र में मौसम खुशनुमा हो गया है। बारिश से किसानों के चेहरे की चिंता बढ़ गई है। घाटमपुर तहसील क्षेत्र में कई दिनों में भीषण गर्मी उमस हो रही थी, गुरुवार देर शाम से अचानक मौसम ने करवट बदली। यहां पर अचानक शुरू हुई बारिश से किसानों के चेहरे मायूस हुए है। इसके साथ 40 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लगभग आधा घंटे तक हवाएं चली। उसके बाद तहसील क्षेत्र में कुछ जगहों पर बूंदाबांदी के साथ बारिश हो रही है। हालांकि बारिश होने से आम जनमानस ने राहत की सांस ली है। तेज हवा के साथ हुई बारिश से मौसम सुहाना हो गया है। भीषण उमस और गर्मी से परेशान लोग बारिश बंद होने के बाद अपनी अपनी छतों में आए और चल रही हवा का आनंद उठा रहे है। बारिश और तेज हवाएं चलने पर कानपुर सागर हाईवे पर सन्नाटा छा गया। बारिश होने से किसानों के चेहरे में मायूसी है। घाटमपुर SDM अविचल प्रताप सिंह ने बताया कि बारिश के साथ हवाएं चली है। जिससे मौसम सुहावना हो गया है, कुछ किसानों के चेहरे खुश और बारिश को लेकर कुछ मायूस है।
प्रतापगढ़ पुलिस आगामी कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह अलर्ट है। इसी क्रम में गुरुवार शाम करीब 7 बजे पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने अधिकारियों के साथ शहर के चौक क्षेत्र में पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने घंटाघर और प्रमुख बाजारों का निरीक्षण करते हुए पुलिसकर्मियों को संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। पैदल गश्त के दौरान एसपी भूकर ने व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों से संवाद किया और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। एसपी ने बताया कि कांवड़ मार्ग पर, विशेषकर वन गमन क्षेत्र में स्थित पांच प्रमुख मंदिरों के पास, पांच अस्थायी थाने स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, पूरे यात्रा मार्ग पर 22 पुलिस चेक पोस्ट बनाए जा रहे हैं। गंगा एक्सप्रेसवे के आसपास भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए एक रोड डायवर्जन प्लान भी तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य यात्रा के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करना और श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाना है। एसपी दीपक भूकर ने यह भी बताया कि डीजे संचालकों की अग्रिम बुकिंग की जानकारी जुटाने के लिए सभी क्षेत्राधिकारियों (सीओ) और थाना प्रभारियों (एसएचओ) को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। पुलिस प्रशासन यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार निगरानी बनाए रखेगा।
हाथरस में आज गुरुवार की शाम सात बजे से भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा धूमधाम से निकाली गई। बड़ी कोठी कमला बाजार स्थित मंदिर से शाम इसका शुभारंभ हुआ। इस यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के साथ रथयात्रा का आरंभ किया। भजन-कीर्तन करते हुए भक्त रथ के साथ चले। रथ पर विराजमान भगवान जगन्नाथ की छवि के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था प्रकट की। ताल, मृदंग, ढोलक, झांझ और मंजीरे की धुन पर भक्त नृत्य करते नजर आए। यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया। पूरे शहर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। जगह-जगह भक्तों ने रथयात्रा का स्वागत किया और फूलों की वर्षा की। देखें, 3 तस्वीरें… सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था। यात्रा के दौरान शहर के कुछ हिस्सों में यातायात प्रभावित हुआ। रथयात्रा का समापन कमला बाजार में हुआ। इसके अतिरिक्त, शहर के गुडिहाई बाजार स्थित दाऊजी मंदिर से भी शाम लगभग 6 बजे एक शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में भी बड़ी संख्या में भक्तों ने हिस्सा लिया और इसका भी विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया गया।
श्योपुर जिला अस्पताल की ओपीडी में गुरुवार शाम मरीजों का इलाज कर रहे एक डॉक्टर से मारपीट का मामला सामने आया है। घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपी लखन जाट निवासी राडेप के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट, जान से मारने की धमकी और मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट सहित कई धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, जिला अस्पताल में तैनात डॉ. जितेंद्र सिंह यादव गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे ओपीडी के कमरा नंबर-6 में मरीजों को देख रहे थे। इसी दौरान लखन जाट वहां पहुंचा और सरकारी काम में रुकावट डालते हुए गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर आरोपी ने डॉ. यादव के साथ मारपीट कर दी, जिससे उनके बाएं गाल और गर्दन पर चोटें आईं। शोर सुनकर डॉ. ललित शर्मा और अस्पताल के दूसरे स्टाफ ने बीच-बचाव किया। घटना के बाद घायल डॉक्टर का मेडिकल कराया गया। आरोपी पर लगीं कई सख्त धाराएं डॉ. जितेंद्र सिंह यादव की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपी लखन जाट के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(बी), 351(3), 115(2) और 132 के तहत मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश चिकित्सा और चिकित्सा से संबंधित व्यक्तियों की सुरक्षा अधिनियम (मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट), 2008 की धारा 3/4 भी लगाई गई है, जो ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों पर हमले के मामले में कड़ी कार्रवाई का प्रावधान करती है। विवाद की वजह तलाश रही पुलिस पुलिस ने बताया कि यह हमला उस समय हुआ जब डॉ. यादव ओपीडी में मरीजों की जांच कर रहे थे। आरोपी अस्पताल क्यों पहुंचा था और उसने यह विवाद क्यों शुरू किया, पुलिस इन सभी कारणों की गहराई से जांच कर रही है।
जोधपुर में महिला तस्कर को 2 साल की सजा:रसोई में छिपाकर रखी थी अफीम; घर से मिली थी हिसाब की डायरियां
एनडीपीएस कोर्ट जोधपुर ने 14 साल पुराने अवैध मादक पदार्थ अफीम के मामले में महिला आरोपी को 2 साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपी पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। एनडीपीएस न्यायालय जोधपुर के विशिष्ट न्यायाधीश अजय कुमार भोजक ने यह फैसला सुनाया है। साल 2012 में हुई इस कार्रवाई के दौरान महिला के घर में बनी रसोई से अफीम बरामद हुई थी। इसके साथ ही उसके घर से मादक पदार्थ के हिसाब-किताब की डायरी भी मिली थी। दिसंबर 2012 में हुई थी कार्रवाई, एनडीपीएस एक्ट में पेश की गई थी चार्जशीट विशिष्ट लोक अभियोजक (एनडीपीएस) गोविंद जोशी ने बताया कि 11 दिसंबर 2012 को ओसियां पुलिस थाने के तत्कालीन थानाधिकारी राजीव भादू ने श्रवणराम के रेलवे पटरी के पास ओसियां स्थित मकान पर दबिश दी थी। वहां रसोई में छिपाकर रखी गई 300 ग्राम अवैध अफीम बरामद की गई थी। इसके साथ ही मौके से अफीम की खरीद-फरोख्त के हिसाब-किताब की डायरियां और एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा भी बरामद हुआ था। पुलिस ने घर में मौजूद श्रवणराम की पत्नी मुन्नी देवी को गिरफ्तार किया था। मुन्नी देवी ने बताया कि उसका पति अवैध अफीम बेचने का काम करता है। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में एनडीपीएस एक्ट के तहत चार्जशीट पेश की थी। महिला आरोपी को 2 साल की कठोर सजा सुनवाई के दौरान विशिष्ट लोक अभियोजक (एनडीपीएस) गोविंद जोशी ने कोर्ट में दलील दी कि समाज में अवैध मादक पदार्थों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। यह एक गंभीर प्रकृति का अपराध है। आरोपी के महिला होने के बावजूद समाज पर इसके पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए उसे कठोरतम सजा दी जाए। वहीं, बचाव पक्ष ने महिला होने के नाते कोर्ट से नरमी बरतने का आग्रह किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद, विशिष्ट न्यायालय एनडीपीएस संख्या-1 जोधपुर के विशिष्ट न्यायाधीश अजय कुमार भोजक ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए 12 गवाहों, 48 दस्तावेजी साक्ष्यों और 5 आर्टिकल्स के आधार पर आरोपी मुन्नी देवी को दोषी माना। कोर्ट ने उसे अवैध मादक पदार्थ अफीम रखने और उसकी खरीद-फरोख्त करने के आरोप में 2 साल की कठोर कैद और 10 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।
कानपुर में गुरुवार शाम 5 तेज आंधी के दौरान सड़क किनारे खड़ा पेड़ गिरने से एचएएल के सुपरवाइजर की मौत हो गई। वह ड्यूटी के बाद सब्जी लेकर घर लौट रहे थे। घायल को पुलिस अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मामला चकेरी थाना क्षेत्र के हरजिंदर नगर का है। 2 तस्वीरें देखिए… मूल रूप से बलिया जिले के गौरा गांव के रहने वाले विद्या सागर (42) एचएएल की आईएमएम यूनिट में सुपरवाइजर थे। वह एचएएल कॉलोनी में पत्नी और बच्चों के साथ रहते थे। गुरुवार शाम ड्यूटी खत्म होने के बाद सब्जी खरीदकर घर लौट रहे थे। हरजिंदर नगर में तेज आंधी के दौरान सड़क किनारे खड़ा एक बड़ा पेड़ अचानक उनके ऊपर गिर पड़ा। पेड़ की चपेट में आने से उनके सिर में गंभीर चोट लगी। सूचना पर पहुंची चकेरी पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें कांशीराम अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक अपने पीछे पत्नी रानी कुमारी, सात वर्षीय बेटा दिव्यांश और एक वर्षीय बेटी राव्या को छोड़ गए हैं। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि पेड़ गिरने से घायल व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
प्लाट विवाद में 5 फरार आरोपी गिरफ्तार:मारपीट से जुड़ा मामला- हत्या के प्रयास का वीडियो आया था सामने
शिवपुरी शहर के पोहरी चौराहा स्थित पुलिस पेट्रोल पंप के सामने प्लॉट विवाद में हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली पुलिस ने हत्या के प्रयास के आरोप में फरार चल रहे पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस घटना के मारपीट के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए थे। यह घटना 4 नवंबर को हुई थी, जब प्लॉट विवाद को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए थे। दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडों से जमकर मारपीट हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। घायल आदित्य तोमर की मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर चोटें सामने आने के बाद पुलिस ने इस प्रकरण में हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराएं बढ़ा दी थीं। इसके बाद से ही आरोपी फरार चल रहे थे। पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले और नगर पुलिस अधीक्षक सचिन कुमार धुर्वे के मार्गदर्शन में कोतवाली थाना प्रभारी रोहित दुबे ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक टीम गठित की। पुलिस टीम ने फरार चल रहे मनोज कुशवाह, दिनेश कुशवाह, अतुल कुशवाह, गगन कुशवाह और बंटी कुशवाह (सभी निवासी पोहरी चौराहा, शिवपुरी) को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए सभी पांचों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
गयाजी में एक तीन साल का मासूम बच्चा 30 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया। हादसा गुरुवार शाम करीब 7:30 बजे की है। जेसीबी मशीनों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन किया जा रहा है। साथ ही मेडिकल टीम भी तैनात है, जो बोरवेल में ऑक्सीजन की व्यवस्था कर रही है। बोरवेल में गिरे बच्चे की पहचान रंगू नगर निवासी दिनेश मांझी के बेटे पीयूष कुमार के रूप में की गई है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दी। बता दें कि पीयूष की मां बोरवेल के पास खाट बिछा रही थी। पीयूष के हाथ में मोबाइल था। मां खाट बिछाने में जुटी रही। वहीं, पीयूष खेलते खेलते बोरवेल में गिर गया। घटना गुरपा थाना क्षेत्र के रंगू नगर की है। युद्ध स्तर पर जारी है बचाव काम प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। मौके पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल की टीम मुस्तैद है। बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बोरवेल के समानांतर जेसीबी मशीनों की मदद से तेजी से गड्ढा खोदा जा रहा है। एसडीआरएफ पटना को दी गई सूचना मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए पटना से एसडीआरएफ की विशेष टीम को तत्काल बुलाया गया है, जो जल्द ही मौके पर पहुंचकर कमान संभालेगी। बताया गया कि पटना से टीम गुरूपा के निकल चुकी है। बोरवेल के भीतर बच्चे तक ऑक्सीजन पहुंचाने और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर पर हर संभव चिकित्सकीय इंतजाम किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर मौजूद है। प्रशासन और राहत दल पूरी मुस्तैदी से बच्चे को सकुशल बाहर निकालने के लिए मशक्कत किए हुए हैं। ग्रामीणों की ओर से बच्चे की सलामती के लिए लगातार कोशिश की जा रही हैं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और रेस्क्यू टीम को काम करने में सहयोग देने की अपील की है। मौके पर अंचलाधिकारी , प्रखंड विकास पदाधिकारी, नर्स, चिकित्सा पदाधिकारी और दो एम्बुलेंस मौजूद है।
मऊगंज पुलिस ने बरहटा मोड़ पर चेकिंग के दौरान एक बोलेरो गाड़ी से 83 लीटर अवैध शराब पकड़ी है। इस शराब की कीमत करीब 43 हजार रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। यह कार्रवाई गुरुवार शाम को जिले में चल रहे चेकिंग अभियान के दौरान हुई। पुलिस टीम को बरहटा मोड़ पर एक संदिग्ध बोलेरो गाड़ी दिखाई दी। जब उसकी तलाशी ली गई, तो गाड़ी के अंदर 10 पेटियों में अलग-अलग ब्रांड की कुल 450 बोतलें अवैध शराब मिलीं। पुलिस को देखकर भागा ड्राइवर मऊगंज एसडीओपी सचि पाठक ने बताया कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही बोलेरो का ड्राइवर मौके से भाग निकला था। गाड़ी लावारिस हालत में खड़ी मिली, जिसकी तलाशी लेने पर यह शराब मिली। इंजन नंबर से होगी मालिक की पहचान पुलिस अफसरों के मुताबिक, पकड़ी गई बोलेरो गाड़ी पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी। अब गाड़ी के मालिक का पता लगाने के लिए पुलिस इंजन और चेसिस नंबर के जरिए जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने शराब और बोलेरो को अपने कब्जे में ले लिया है और कहा है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
राम मंदिर में चंदे की कथित अनियमितताओं और दुरुपयोग के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया है। प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के निर्देश पर अररिया जिला कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को शहर में केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ मार्च निकाला। कार्यकर्ताओं ने कथित वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की। विरोध मार्च का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष मासुम ने किया। प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने शहर के विभिन्न मार्गों से मार्च निकालते हुए राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे और चंदे के कथित दुरुपयोग के खिलाफ आवाज उठाई। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि आम जनता की आस्था से जुड़े चंदे में अनियमितता हुई है। उन्होंने इस पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए उच्चस्तरीय जांच को आवश्यक बताया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मासुम ने मांग की कि मामले की जांच हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त या वर्तमान जज की निगरानी में अथवा सीबीआई से कराई जाए। उनका कहना था कि इससे पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो सकेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। कांग्रेस नेताओं ने दोहराया कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होना आवश्यक है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग को फिर से उठाया।
टोंक में पहली बार ओडिशा की तर्ज पर भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गई। 25 फीट ऊंचे विशेष हाइड्रोलिक रथ में भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाएं विराजमान रहीं, जबकि श्रद्धालुओं ने 100 फीट लंबी दो रस्सियों से रथ को खींचा। आषाढ़ी दूज पर इस्कॉन सेंटर के तत्वावधान में निकली यह यात्रा अंबेडकर खेल स्टेडियम से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई श्री मंशापूर्ण महादेव मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान महिला, पुरुष और बच्चों समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। हरिनाम संकीर्तन, मृदंग-करताल और विशेष बैंड आकर्षण का केंद्र रहे। 25 फीट ऊंचे हाइड्रोलिक रथ में विराजे भगवान भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा गुरुवार शाम हटवाड़ा मैदान स्थित इस्कॉन सेंटर से 56 भोग और आरती के साथ शुरू हुई। जयपुर से मंगवाए गए विशेष 25 फीट ऊंचे हाइड्रोलिक रथ में भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाएं विराजमान थीं। भगवान के रथ को 100 फीट लंबी दो रस्सियों से श्रद्धालु खींचते हुए पूरे मार्ग पर ले गए। शहर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली यात्रा रथयात्रा अंबेडकर खेल स्टेडियम के पास से शुरू होकर कंकाली माताजी मंदिर, गांधी पार्क, घंटाघर, सुभाष बाजार, पांच बत्ती, काफला बाजार, नौशे मियां का पुल, बड़ा कुआं, सबील शाह की चौकी, जैन नसिया और हेमू कालाणी सर्किल होते हुए श्री मंशापूर्ण महादेव मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए और यात्रा का स्वागत किया। हरिनाम संकीर्तन और बैंड बने आकर्षण का केंद्र रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा के दर्शन के साथ मृदंग-करताल पर हरिनाम संकीर्तन और विशेष बैंड आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम में ओमप्रकाश पांडे, डॉ. प्रदीप गहलोत, महंत दुर्गा लाल, दुर्गेश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
RJD के मुख्य प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। गुरुवार को वीडियो जारी कर उन्होंने कहा, अब पार्टी में और अधिक अपमान नहीं सह सकता। मैंने अपना इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल को सौंप दिया है। उन्होंने कहा- “जिस पार्टी के लिए सालों तक पूरी निष्ठा से काम किया, उसी पार्टी में आज सम्मान नहीं मिल रहा है। मृत्युंजय तिवारी ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद पार्टी नेतृत्व ने उनकी बातों पर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण उन्हें यह फैसला लेना पड़ा। इस्तीफे के साथ ही मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी के अंदरूनी हालात पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, पार्टी में कुछ ऐसे लोग सक्रिय हैं, जिन्होंने दीमक की तरह संगठन को अंदर से खोखला कर दिया है। तेजस्वी यादव ऐसे लोगों से घिरे हुए हैं, जिसके कारण जमीनी कार्यकर्ताओं की आवाज नेतृत्व तक नहीं पहुंच पा रही है। जानिए क्या बोले मृत्युंजय तिवारी मृत्युंजय तिवारी ने कहा, कोई भी व्यक्ति लगातार अपमानित होकर राजनीति नहीं कर सकता। हमने पार्टी के सबसे कठिन दौर में भी साथ नहीं छोड़ा और पूरी ईमानदारी से संगठन के लिए काम किया। इसके बावजूद हमें वह सम्मान नहीं मिला, जिसके हम हकदार थे। उन्होंने आगे कहा, साल 2014 में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने मुझ पर भरोसा जताया था। उन्होंने मुझे पार्टी का मीडिया प्रभारी और प्रवक्ता बनाया था। मैंने उस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाया और हमेशा पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा।खबर अपडेट हो रही है… --------------------- ये खबर भी पढ़ें…. PK को फिर झटका,फिल्म डायरेक्टर चेतना झांब ने छोड़ी पार्टी:बीजेपी में शामिल; पटना में प्रशांत के पोस्टर लगे, लिखा- जमानत जब्त होना बाकी है बांकीपुर उपचुनाव से पहले आज गुरुवार को प्रशांत किशोर को एक और झटका लगा है। फिल्म डायरेक्टर चेतना झांब ने पार्टी छोड़ दी है, वो बीजेपी में शामिल हो गई हैं। वहीं फतुहा की प्रखंड प्रमुख श्रुति श्री और वीआईपी नेता आनंद मधुकर यादव ने भी बीजेपी जॉइन की है। इससे पहले 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जनसुराज के बांकीपुर से उम्मीदवार रहे प्रो. केसी सिन्हा ने बुधवार को भाजपा में शामिल हो गए। पूरी खबर पढ़ें…
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने गुरुवार शाम एनएसयूआई के खिलाफ प्रदर्शन किया। एनएसयूआई के पुतले पर चप्पल मारी। फिर पुतला जलाया। एनएसयूआई मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। दरअसल भोपाल में NSUI के पदाधिकारी सुभाष यादव पर अपनी ही संगठन की छात्रा द्वारा गंभीर आरोप लगाए है। इसको लेकर अभाविप हर जिले में एनएसयूआई के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। शाम को डालूमोदी बाजार चौराहे पर एनएसयूआई पदाधिकारी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा विरोध जताते हुए एनएसयूआई का पुतला दहन किया। सुरक्षा और सम्मान से समझौता नहींअभाविप के नगर मंत्री केशव गुर्जर ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस पूरे मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच होना चाहिए। दोषी पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। विद्यार्थी परिषद सदैव छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय के पक्ष में खड़ी रही है और आगे भी मजबूती से आवाज उठाती रहेगी। इस दौरान अभाविप के पदाधिकारी व छात्र-छात्राएं मौजूद रही।
उदयपुर की फतहसागर झील में बोटिंग के दौरान किसी संभावित हादसे या आपदा की स्थिति में यात्रियों की जान बचाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में झील पर नाव संचालन करने वाले नाविकों, बोट ऑपरेटरों और स्थानीय लोगों को गुरुवार को आपात स्थिति में तुरंत और सही तरीके से बचाने की जानकारी दी गई। मोतीमगरी स्थित फतहसागर झील के नाव संचालन स्थल पर आयोजित प्रशिक्षण में एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) और सिविल डिफेंस उदयपुर की टीमों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। टीमों ने मौके पर पहुंचकर विभिन्न आपदा परिस्थितियों का लाइव डेमो देते हुए बताया- रेस्क्यू टीम के पहुंचने से पहले शुरुआती कुछ मिनटों में सही निर्णय और तुरंत कार्रवाई किसी व्यक्ति की जान बचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इनकी दी जानकारी प्रशिक्षण के दौरान नाव पलटने, यात्री के पानी में गिरने या किसी अन्य दुर्घटना की स्थिति में घबराने के बजाय किस तरह शांत रहकर बचाव कार्य करना चाहिए, इसकी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि हादसे के समय सबसे पहले यात्री को सुरक्षित तरीके से पानी से बाहर निकालने का प्रयास करना चाहिए और अनावश्यक रूप से भीड़ नहीं लगने देनी चाहिए। साथ ही तुरंत पुलिस, प्रशासन और रेस्क्यू टीम को सूचना देने के लिए भी कहा गया। लाइफ जैकेट पहनना जरूरी एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर रंजीत पटेल ने लाइफ जैकेट की अनिवार्यता पर बताया- बोटिंग के दौरान प्रत्येक यात्री और नाविक के लिए लाइफ जैकेट पहनना बेहद जरूरी है। सही तरीके से लाइफ जैकेट पहनने और उसका उपयोग करने का भी प्रदर्शन किया गया। प्रशिक्षण में बताया कि यदि कोई व्यक्ति पानी में डूब जाए और उसे बाहर निकाल लिया जाए तो प्राथमिक इलाज किस प्रकार दिया जाए। एनडीआरएफ जवानों ने डेमो से बताया कि बेहोश व्यक्ति की सांस और नाड़ी की जांच कैसे करें। जरूरत पड़ने पर सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) किस प्रकार दिया जाए। वहीं चिकित्सकीय सहायता मिलने तक किन सावधानियों का पालन करना चाहिए। साथ ही डूबने के बाद शरीर में पानी जाने की स्थिति में शुरुआती उपचार के बारे में भी जानकारी दी गई। बचाने के तरीके बताए सिविल डिफेंस के इंस्पेक्टर रवि शर्मा ने बताया- कई बार सीमित संसाधनों में भी प्रभावी बचाव किया जा सकता है। प्रशिक्षण में रस्सी, प्लास्टिक कैन, खाली बोतलें, ट्यूब, लकड़ी या अन्य तैरने वाली वस्तुओं जैसे प्राकृतिक और स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर डूबते व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने के सुरक्षित तरीके भी बताए गए। साथ ही समझाया गया कि बिना प्रशिक्षण के सीधे पानी में कूदने के बजाय सुरक्षित दूरी से बचाव के उपाय अपनाना अधिक प्रभावी और सुरक्षित होता है। एनडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमों ने कहा- ऐसे प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल नाविकों को ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों को भी आपदा के समय सही निर्णय लेने और शुरुआती बचाव कार्य के लिए तैयार करना है। किसी भी दुर्घटना की स्थिति में रेस्क्यू टीम के पहुंचने से पहले लोगों की जान बचाने की संभावना बढ़ाई जा सके।
सीवान शहर के श्रीनगर स्थित सुदर्शन चौक के इस्कॉन मंदिर से गुरुवार की संध्या भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। हजारों श्रद्धालुओं ने हरे कृष्णा, हरे राम महामंत्र के जयघोष के बीच भगवान के रथ को खींचकर पुण्य लाभ प्राप्त किया। पूरे शहर में भक्तिमय माहौल देखने को मिला और रथयात्रा के मार्ग को आकर्षक रंगोलियों, पुष्पवर्षा और आरती से सजाया गया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ, भाई बलदेव और बहन सुभद्रा का स्वागत कर मंगल कामनाएं कीं। नवीन वस्त्र पहनाकर अलौकिक श्रृंगार कियारथयात्रा से पूर्व इस्कॉन मंदिर में सुबह से ही विशेष धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए थे। मंगल आरती और गुरु पूजा के बाद भगवान श्री जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा का पंचामृत से अभिषेक किया गया। इसके बाद तीनों विग्रहों को नवीन वस्त्र पहनाकर अलौकिक श्रृंगार किया गया तथा विधि-विधान से आरती उतारी गई। भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया गया, जिसके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। पूरी से आई कीर्तन मंडली ने हरे कृष्णा महामंत्र का संकीर्तन कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। सामूहिक जप के बाद श्रद्धालुओं ने रथ को खींचना शुरू कियामंदिर प्रबंधन के अनुसार, प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी रथयात्रा का आयोजन भव्य रूप से किया गया। रथ पर सबसे आगे सुदर्शन चक्र, उसके बाद भगवान बलदेव, माता सुभद्रा और अंत में भगवान श्री जगन्नाथ की प्रतिमाएं विराजमान की गईं। विशेष आरती और हरे कृष्णा महामंत्र के सामूहिक जप के बाद श्रद्धालुओं ने रथ को खींचना शुरू किया। रथयात्रा इस्कॉन मंदिर से निकलकर सुदर्शन चौक, गोपालगंज मोड़, पटेल चौक, जेपी चौक, अस्पताल मोड़, बाबुनिया मोड़ सहित शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों और मोहल्लों से होकर पुनः मंदिर परिसर पहुंची। यात्रा के दौरान पूरा शहर ओडिशा के श्री जगन्नाथ पुरी की तर्ज पर भक्तिमय वातावरण में सराबोर नजर आया। श्रद्धालुओं की भीड़ और भजन-कीर्तन ने पूरे मार्ग को आध्यात्मिक उत्सव में बदल दिया। रथयात्रा के दौरान विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों की ओर से श्रद्धालुओं, राहगीरों और वाहन चालकों के बीच पैकेटबंद प्रसाद का वितरण किया गया। कई स्थानों पर फल, शरबत और अन्य प्रसाद भी बांटे गए। मंदिर पहुंचने के बाद भगवान की महाआरती संपन्न हुई, भोग अर्पित किया गया और इसके उपरांत विश्राम के लिए मंदिर के पट बंद कर दिए गए।
बुंदेलखंड के पन्ना शहर में आज भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी की भव्य रथयात्रा निकाली गई। करीब 180 साल पुरानी इस ऐतिहासिक परंपरा में भगवान जगन्नाथ 'दूल्हा' के रूप में नगर भ्रमण पर निकले। इस मौके पर पूरे बुंदेलखंड से हजारों की संख्या में भक्त उमड़ पड़े। श्री जगदीश स्वामी मंदिर (बड़ा दिवाला) में पन्ना राजघराने के युवराज छत्रसाल सिंह जूदेव द्वितीय ने पुरानी परंपराओं को निभाया। युवराज ने मंदिर के गर्भगृह में भगवान की विशेष आरती की। इसके बाद भगवान को मंदिर से बाहर लाकर रथ पर बैठाया गया। युवराज द्वारा चंवर डुलाने की रस्म पूरी करने के बाद रथयात्रा शुरू हुई। पुलिस बल ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर मंदिर परिसर में हथियारबंद पुलिस बल ने भगवान जगन्नाथ स्वामी को गार्ड ऑफ ऑनर (सलामी) दिया। इसके बाद गाजे-बाजे और राजसी ठाट-बाट के साथ भगवान की बारात नगर भ्रमण के लिए रवाना हुई। 180 साल पुरानी है परंपरा ओडिशा के जगन्नाथपुरी की तरह निकलने वाली पन्ना की यह रथयात्रा देश की तीन सबसे पुरानी और बड़ी रथयात्राओं में से एक है। इसकी शुरुआत करीब 180 साल पहले पन्ना के राजा महाराजा किशोर सिंह ने की थी। यह परंपरा आज भी उसी मान-सम्मान के साथ चल रही है। एक झलक पाने छतों पर खड़े रहे लोग भगवान बलभद्र, जगन्नाथ स्वामी और बहन सुभद्रा की एक झलक पाने के लिए सड़कों और घरों की छतों पर भारी संख्या में लोग मौजूद थे। इस आयोजन में पूर्व कैबिनेट मंत्री और पन्ना विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह, सांसद विष्णुदत्त शर्मा और पन्ना कलेक्टर ऊषा परमार समेत कई बड़े लोग शामिल हुए।
जयपुर की बनीपार्क थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन और भूखंडों की अवैध खरीद-फरोख्त करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 15 हजार रुपए के इनामी मास्टरमाइंड मुनेश कुमार मीणा सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन और प्लॉट की रजिस्ट्री कराता था तथा उन्हें असली बताकर बेच देता था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और इस फर्जीवाड़े से जुड़े मामलों की जांच में जुटी है। फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी से बेच दिए दो प्लॉट डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि 23 जून 2025 को परिवादी सुनील खंडेलवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उन्होंने और उनकी पत्नी अनीता खंडेलवाल के नाम एयरपोर्ट एन्क्लेव, जगतपुरा स्थित प्लॉट संख्या D-32 और D-33 खरीदे थे। बाद में पता चला कि इन्हीं प्लॉटों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया है। 1.60 करोड़ रुपए में बेच दिए प्लॉट पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दोनों प्लॉट पहले ऋषिकेश मीणा के नाम रजिस्टर्ड कराए गए और बाद में उन्हें अजय गुप्ता को बेच दिया गया। इस पूरी साजिश के जरिए गिरोह ने करीब 1 करोड़ 60 लाख रुपए की ठगी की। ऐसे करता था गिरोह काम जांच में सामने आया कि गिरोह असली भूखंड मालिकों की पहचान बदलकर फर्जी व्यक्ति को रजिस्ट्रार कार्यालय में पेश करता था। फर्जी गवाह, नकली पहचान और जाली दस्तावेजों के जरिए पावर ऑफ अटॉर्नी बनाकर जमीन की रजिस्ट्री कर दी जाती थी। इसके बाद संपत्ति को आगे बेचकर करोड़ों रुपए हड़प लिए जाते थे। 5 आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड पर था इनाम पुलिस ने इस मामले में 15 हजार रुपए के इनामी आरोपी मुनेश कुमार मीणा सहित अशोक मीणा, आशा बैरवा समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहे थे। तकनीकी विश्लेषण और मानव खुफिया तंत्र की मदद से उन्हें अलग-अलग स्थानों से दबोचा गया। आरोपियों का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी मुनेश कुमार मीणा के खिलाफ जयपुर, गुरुग्राम और अन्य स्थानों पर धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, आपराधिक षड्यंत्र और जमीन हड़पने के 10 से अधिक मामले दर्ज हैं। वहीं आरोपी अशोक मीणा के खिलाफ भी पूर्व में जमीन धोखाधड़ी से जुड़े मामले दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले सहयोगियों तथा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य मामलों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने इसी तरीके से और कितनी संपत्तियों की फर्जी रजिस्ट्री कर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की है।
सावन के महीने और आने वाले त्योहारों के सीजन में हरिद्वार जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। ट्रेनों में होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने बाड़मेर-हरिद्वार स्पेशल ट्रेन (जो हफ्ते में दो दिन चलती है) को आगे भी चलाने का फैसला किया है। अब यह ट्रेन 27 अगस्त तक चलेगी। रेलवे के इस फैसले से हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं और आम यात्रियों को टिकट मिलने में आसानी होगी और उनका सफर आरामदायक रहेगा। जोधपुर मंडल के रेल प्रबंधक (DRM) अनुराग त्रिपाठी ने बताया- यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गाड़ी संख्या 04811/04812 (बाड़मेर-हरिद्वार-बाड़मेर) स्पेशल ट्रेन के चलने की अवधि को बढ़ा दिया गया है। अब यह ट्रेन दोनों तरफ से 12-12 अतिरिक्त चक्कर (ट्रिप) लगाएगी, जिससे यात्रियों को आने-जाने में कोई परेशानी न हो। बाड़मेर से हरिद्वार जाने वाली ट्रेन (04811):यह ट्रेन हर हफ्ते सोमवार और गुरुवार को चलती है। पहले यह ट्रेन सिर्फ 16 जुलाई तक चलने वाली थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 20 जुलाई से 27 अगस्त 2026 तक कर दिया गया है। इस दौरान यह ट्रेन कुल 12 चक्कर (फेरे) लगाएगी। हरिद्वार से बाड़मेर आने वाली ट्रेन (04812):यह ट्रेन हर हफ्ते मंगलवार और शुक्रवार को चलती है। पहले यह सिर्फ 17 जुलाई तक चलने वाली थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 21 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक कर दिया गया है। इस दिशा में भी ट्रेन 12 अतिरिक्त चक्कर लगाएगी। समय और रूट में कोई बदलाव नहीं:यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने साफ किया है कि इस ट्रेन के समय (टिमिंग्स), रूट (रास्ते) और स्टेशनों पर रुकने (स्टॉपेज) की व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ट्रेन पहले की तरह ही अपने पुराने समय और स्टेशनों पर रुकते हुए चलेगी। पीएम मोदी कल करेंगे जोधपुर मंडल के 3 रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को पंजाब के जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वर्चुअल माध्यम) के जरिए देश के 75 रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे। इन स्टेशनों को 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत नए सिरे से आधुनिक बनाया गया है। इस खास मौके पर जोधपुर रेल मंडल के तीन प्रमुख स्टेशनों- जैसलमेर, बाड़मेर और गोटन का भी उद्घाटन किया जाएगा। स्टेशनों पर मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं:नए रंग-रूप में तैयार इन तीनों स्टेशनों पर यात्रियों के लिए कई शानदार सुविधाएं शुरू की गई हैं: स्टेशन की बिल्डिंग को बेहद खूबसूरत और आधुनिक बनाया गया है। बैठने के लिए बेहतर वेटिंग रूम (प्रतीक्षालय) और साफ-सुथरे टॉयलेट्स बनाए गए हैं। दिव्यांग यात्रियों के लिए खास और आसान सुविधाएं दी गई हैं। ट्रेनों की जानकारी के लिए डिजिटल स्क्रीन और अच्छी लाइटिंग की व्यवस्था की गई है। स्टेशन के डिजाइन में स्थानीय कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा:स्टेशनों के आधुनिक होने से न सिर्फ यात्रियों का सफर आसान और सुरक्षित होगा, बल्कि इससे इलाके में पर्यटन (टूरिज्म), व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी काफी मजबूती मिलेगी। इस उद्घाटन के मौके पर जैसलमेर, बाड़मेर और गोटन स्टेशनों पर स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें नेता, रेलवे अधिकारी और आम लोग शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे के मद्देनजर पटियाला पुलिस हाई अलर्ट पर है। शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस टीमें रेलवे स्टेशन, होटलों, गेस्ट हाउसों और धर्मशालाओं में ठहरे लोगों के रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही हैं। इसके अतिरिक्त, शहर में प्रवेश करने वाले वाहनों और संदिग्ध व्यक्तियों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। प्रत्येक व्यक्ति का सत्यापन किया एसपी सिटी संजीव सिंगला ने बताया कि प्रधानमंत्री की प्रस्तावित यात्रा के मद्देनजर यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने पुष्टि की कि सभी होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं में ठहरे प्रत्येक व्यक्ति का सत्यापन किया जा रहा है और उनके रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जिले भर में बड़े पैमाने पर नाकाबंदी पुलिस ने यह भी बताया कि जिले भर में बड़े पैमाने पर नाकाबंदी की गई है और प्रमुख स्थानों पर पुलिस टीमें लगातार चेकिंग कर रही हैं। शहर में असामाजिक और संदिग्ध तत्वों पर विशेष नजर रखी जा रही है। एसपी सिटी ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पटियाला पुलिस पूरी तरह सतर्क है और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है।
रायपुर के उरला से सटे तेंदुआ स्थित गोदाम से खैर की अवैध लकड़ियां वन विभाग ने जब्त की थी। लकड़ियां इतनी ज्यादा है कि काउंटिंग दो रात बाद भी पूरी नहीं पाई है। कल सुबह तक संभावना है कि गिनती पूरी हो जाए। वहीं पूरे मामले में मुख्य आरोपी आरोपी मनीष अग्रवाल की आर्थिक गतिविधियों और संपत्तियों की भी जांच कराई जाएगी। इसके लिए विभाग ने आयकर (IT) और जीएसटी विभाग को पत्र भेजा है। जांच में सामने आया कि लकड़ियां मथुरा, हरियाणा और राजस्थान भेजी जानी थी। लंबे समय से चल रहा था कारोबार मनीष अग्रवाल के खिलाफ प्रदेश के अलग-अलग जिलों में खैर सहित अन्य बहुमूल्य वन उत्पादों की तस्करी के आधा दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं। विभाग का मानना है कि यदि लंबे समय से यह अवैध कारोबार चल रहा था। मोबाइल चैट से मिला हरियाणा कनेक्शन जांच के दौरान वन विभाग ने गोदाम के मुंशी इरफान का मोबाइल भी जब्त किया है। इरफान को पूरे मामले में सह आरोपी बनाया है। हालांकि पूछताछ के बाद उसे विभाग ने छोड़ दिया है। इरफान के मोबाइल चैट्स से पता चला है कि लकड़ियां मथुरा, हरियाणा और राजस्थान भेजी जानी थी। यहां लकड़ी को सुखाकर उसका चूरा तैयार किया जाता है। और फिर इस चूरे से कत्था बनता। देखिए जब्त लकड़ियों की तस्वीरें… 4 महीने पहले ही गोदाम किराए में लिया था जांच में सामने आया है कि मनीष अग्रवाल ने तेंदुआ स्थित गोदाम 11 मार्च 2026 को किराए पर लिया था। गोदाम का मासिक किराया 28 हजार रुपये तय हुआ था। जमीन मालिक धर्मवीर सिंह ने भास्कर को बताया कि उसे अग्रवाल के काम की जानकारी नहीं थी अग्रवाल ने यह नहीं बताया था कि गोदाम का इस्तेमाल किस काम के लिए किया जाएगा। धर्मवीर ने बताया अग्रवाल ने सिर्फ गोदाम किराए पर लेने की बात कही थी। उन्हें अग्रवाल के पूराने बैकग्राउंड के बारे में भी नहीं मालूम था।
उज्जैन की शिप्रा नदी में डूबने से एक और युवक की मौत हो गई। देवास निवासी 24 वर्षीय अंगत सिलोड़िया आज शाम भूखी माता घाट पर गहरे पानी में डूब गया। इस घटना के साथ ही इस वर्ष जनवरी से अब तक शिप्रा नदी में डूबकर मरने वालों की संख्या 19 हो गई है। सूचना मिलने पर शिप्रा तैराक दल के सदस्य तेजा कहार, दीपक कहार और राकेश गोड़ ने एनडीआरएफ के जवानों के साथ मिलकर बचाव अभियान चलाया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद युवक का शव नदी से बाहर निकाला गया और पुलिस को सौंप दिया गया। शिप्रा तैराक दल के संतोष सोलंकी ने बताया कि इस वर्ष अब तक शिप्रा नदी में 19 लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सबसे अधिक हादसे शीतलनाथ आश्रम घाट और भूखी माता घाट क्षेत्र में हुए हैं। सोलंकी के अनुसार, इन हादसों की मुख्य वजह लोगों की लापरवाही है। कई लोग पानी की गहराई का अंदाजा लगाए बिना ही नदी में उतर जाते हैं। दोस्तों के साथ हंसी-मजाक या धक्का-मुक्की के दौरान भी संतुलन बिगड़ने से हादसे होते हैं। इसके अतिरिक्त, नशे की हालत में स्नान करना, सेल्फी लेने का प्रयास, स्टंट करना और दूसरों को प्रभावित करने के लिए गहरे पानी में जाना भी हादसों का कारण बन रहा है। कई बार एक व्यक्ति को बचाने के प्रयास में दूसरा व्यक्ति भी डूब जाता है।
सहरसा में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के आह्वान पर गुरुवार को सहरसा जिला कांग्रेस कमिटी ने विरोध-प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार झा के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राम मंदिर निर्माण से संबंधित चंदे और वित्तीय लेन-देन को लेकर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कराने की मांग उठाई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश कुमार झा ने कहा कि देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के प्रति अपनी आस्था के कारण मंदिर निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग दिया है। ऐसे में इस धनराशि के संग्रहण और उपयोग में पूरी पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित होना आवश्यक है। कार्य का स्पष्ट लेखा-जोखा उपलब्ध होना चाहिएउन्होंने आगे कहा कि यदि चंदे के संग्रहण अथवा उसके व्यय में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। जिला अध्यक्ष ने यह भी कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं के विश्वास का सम्मान करते हुए मंदिर निर्माण से जुड़े वित्तीय अभिलेख सार्वजनिक किए जाने चाहिए, ताकि किसी प्रकार की शंका या भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी का मानना है कि आस्था के साथ-साथ पारदर्शिता का भी समान रूप से सम्मान होना चाहिए और सार्वजनिक सहयोग से जुड़े प्रत्येक कार्य का स्पष्ट लेखा-जोखा उपलब्ध होना चाहिए। विधिसम्मत हिसाब उपलब्ध कराया जाना आवश्यक हैप्रदर्शन में मौजूद अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी इस मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जनविश्वास बनाए रखने के लिए सार्वजनिक चंदे के उपयोग का पारदर्शी और विधिसम्मत हिसाब उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। नेताओं ने जोर दिया कि निष्पक्ष जांच से ही तथ्यों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और लोगों का विश्वास मजबूत होगा। इस प्रदर्शन में मोहम्मद नईमुद्दीन, बद्री यादव, सत्यनारायण चौपाल, अशोक कुमार राम, वीरेंद्र पासवान, भरत झा, संजय सिंह, डॉ. अब्दुल शाजली, मोहम्मद शाकिर हुसैन, मृत्युंजय सिंह, अविनाश यादव, बैद्यनाथ झा, शिवकुमार, आलोक ठाकुर, मोहम्मद खाजा, पप्पू यादव, पुष्कर सिंह, मृणाल कामेश, रंजू देवी तथा सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा अध्यक्ष मोहम्मद आरजू खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।
मोगा जिले के दोधर शर्की गांव में गुरुवार शाम एक मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। मोटरसाइकिल साइड करने को लेकर हुए झगड़े में 65 वर्षीय सेवानिवृत्त बिजली बोर्ड कर्मचारी निर्मल सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, निर्मल सिंह शाम करीब 4:30 बजे बाजार जा रहे थे। रास्ते में गांव का ही गुरप्रीत सिंह उर्फ गग्गी अपनी बुलेट मोटरसाइकिल सड़क के बीच में खड़ी किए हुए था। निर्मल सिंह ने जब गुरप्रीत से मोटरसाइकिल हटाने को कहा, तो दोनों के बीच कहासुनी हो गई। पहले से नहीं थी कोई रंजिश, बस कहा सुनी में दागी दो गालियां आरोप है कि विवाद बढ़ने पर गुरप्रीत सिंह ने निर्मल सिंह पर दो गोलियां चला दीं और मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल निर्मल सिंह को परिजन तुरंत मोगा के सरकारी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। निर्मल सिंह अपने पीछे दो बेटे और दो बेटियां छोड़ गए हैं। मृतक के बेटे हरदीप सिंह ने बताया कि उनके पिता की किसी से कोई पुरानी दुश्मनी नहीं थी। आरोपी 10 दिन पहले मनीला से लौटा था, एक स्कूल बस चालक से हो चुका था विवाद स्थानीय लोगों के अनुसार, आरोपी गुरप्रीत सिंह लगभग 10 दिन पहले ही मनीला से गांव लौटा था। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी उसका एक स्कूल बस चालक के साथ मोटरसाइकिल साइड करने को लेकर विवाद हो चुका है। उसके खिलाफ मारपीट और झगड़े के कई मामले पहले से दर्ज हैं। अस्पताल में पहुंचने से पहले हो चुकी थी मौतमोगा के सरकारी अस्पताल के डॉक्टर एकमजीत सिंह ने बताया कि शाम के समय गोली लगने से घायल एक व्यक्ति को अस्पताल लाया गया था, लेकिन वह पहले ही दम तोड़ चुका था। मृतक की पहचान निर्मल सिंह निवासी गांव दोधर शर्की के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतक के परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।
धमतरी में भगवान जगन्नाथ की 110वीं ऐतिहासिक रथयात्रा गुरुवार को पूरे धार्मिक उत्साह और श्रद्धा के साथ निकाली गई। भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा मैया और बलभद्र भैया रथ में सवार होकर श्री जगदीश मंदिर से जनकपुर के लिए रवाना हुए। रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरे मार्ग में भक्तिमय माहौल बना रहा। रथयात्रा से पहले श्री जगदीश मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती की गई। इसके बाद भगवान जगन्नाथ रथ में विराजमान होकर जनकपुर के लिए रवाना हुए। भगवान के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालु सड़क किनारे इंतजार करते रहे। युवाओं ने खींचा रथ, जगह-जगह बंटी प्रसादी श्री जगदीश मंदिर से शुरू हुई यात्रा में बड़ी संख्या में युवाओं की टोलियों ने भगवान का रथ खींचा। यात्रा मार्ग में कई स्थानों पर रथ रोका गया, जहां श्रद्धालुओं के बीच गजा-मूंग की प्रसादी वितरित की गई। कई भक्त भगवान के प्रति आस्था जताते हुए दंडवत प्रणाम करते भी नजर आए। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग यात्रा में शामिल हुए। सप्ताहभर चला रथयात्रा पर्व श्री जगदीश मंदिर में रथयात्रा पर्व सप्ताहभर से हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा था। मंदिर की परंपरा के अनुसार, भगवान के अस्वस्थ होने पर उन्हें काढ़े का भोग लगाया जाता है। स्वस्थ होने के बाद भगवान गर्भगृह से बाहर आते हैं और हवन-पूजन के बाद पुनः स्थापित किए जाते हैं। रथयात्रा के दिन भगवान रथ में सवार होकर भक्तों को दर्शन देते हैं। 110वें वर्ष की ऐतिहासिक रथयात्रा मंदिर ट्रस्टियों ने बताया कि श्री जगदीश मंदिर की महाप्रभु जगन्नाथ रथयात्रा का यह 110वां वर्ष है। इस अवसर पर धमतरी सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए पहुंचे। बारिश को माना शुभ संकेत रथयात्रा शुरू होते ही बारिश होने लगी। ट्रस्टियों ने इसे शुभ संकेत बताया। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और उन्होंने पूरे भक्तिभाव के साथ यात्रा पूरी की। भक्तों ने भगवान जगन्नाथ से सुख-शांति, समृद्धि और किसानों के लिए भरपूर फसल की कामना की।
नागौर शहर में पेट्रोल पंप से कार में 2400 रुपए पेट्रोल भरवाकर बदमाश बिना भुगतान किए भाग निकले। गुरुवार दोपहर चार युवक बिना नंबर की सफेद मारुति स्विफ्ट कार में आए थे। घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। पुलिस से आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की मांग की गई है। घटना शहर के मां संतोषी पेट्रोल पंप (नायरा पेट्रोल पंप) की है। पेट्रोल पंप संचालक विक्रम सिंह राजपुरोहित ने बताया- दोपहर करीब 2:15 बजे सफेद रंग की कार में युवक पहुंचे थे। एक दिन पहले भी आए थे, तब नहीं भरा गया था पेट्रोल पेट्रोल पंप संचालक के अनुसार-यही कार बुधवार रात करीब 10:15 बजे भी पेट्रोल पंप पर आई थी। उस समय कर्मचारियों को गाड़ी बिना नंबर की होने और संदिग्ध लगने पर उन्होंने पेट्रोल नहीं होने का बहाना बनाकर ईंधन देने से इनकार कर दिया था। अगले ही दिन बदमाश दोबारा आए और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। दो महीने में दूसरी घटना, कर्मचारियों में दहशत बताया जा रहा है कि इसी पेट्रोल पंप पर करीब दो महीने पहले भी इसी तरह पेट्रोल भरवाकर फरार होने की घटना हुई थी। उस मामले में भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सके थे। लगातार दूसरी वारदात के बाद पेट्रोल पंप संचालकों और कर्मचारियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। कोतवाली थाने में की शिकायत घटना के बाद पेट्रोल पंप संचालक ने कोतवाली थाना, नागौर में लिखित परिवाद सौंप दिया है। पुलिस से आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की मांग की गई है। अब पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
मंडला जिले के मानादेई गांव के पास गुरुवार शाम दो ऑटो के बीच आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। इस हादसे में स्कूली छात्राओं से भरी एक ऑटो बेकाबू होकर पलट गई, जिससे उसमें सवार तीन बच्चियां घायल हो गईं। टक्कर इतनी तेज थी कि एक ऑटो पलटते ही चीख-पुकार मच गई और घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस अफरा-तफरी का फायदा उठाकर दोनों ऑटो चालक अपने-अपने वाहनों को लेकर मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश की जा रही है। स्थानीय लोगों ने पहुंचाया अस्पताल हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों की मदद से 108 एम्बुलेंस को सूचना दी गई। सभी घायल स्कूली छात्राओं को तत्काल जिला अस्पताल मंडला ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है। मामला दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस महाराजपुर थाना प्रभारी डॉ. जय सिंह यादव ने बताया कि पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया है। तीन छात्राओं के घायल होने की पुष्टि हुई है। पुलिस फरार ऑटो चालकों और उनके वाहनों की पहचान करने में जुटी है।
रायपुर के उरला थाना पुलिस ने 35 टन 870 किलो स्पंज आयरन से भरे ट्रक की हेराफेरी कर लाखों रुपए की ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने स्पंज आयरन को महाराष्ट्र पहुंचाने के बजाय उरला औद्योगिक क्षेत्र में बेच दिया। इसके बाद ट्रक की पहचान छिपाने के लिए उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगा दी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 50 हजार रुपए नकद, फर्जी नंबर प्लेट लगा ट्रक और अन्य सामान सहित करीब 15 लाख रुपए का मशरूका जब्त किया है। मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब ट्रक की फाइनेंस की किश्त जमा करने के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। बीमारी का बहाना बनाकर ट्रक नहीं पहुंचाया पुलिस के अनुसार, एक निजी कंपनी ने ट्रक (CG 08 AT 3321) में करीब 7.07 लाख रुपए का स्पंज आयरन लोड कर महाराष्ट्र भेजा था। रास्ते में चालक ने बीमारी समेत कई बहाने बनाकर ट्रक को तय गंतव्य तक नहीं पहुंचाया। इसके बाद चालक और वाहन मालिक, दोनों से संपर्क टूट गया। शिकायत मिलने पर उरला थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ) दीपमाला कश्यप के निर्देश पर गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर वाहन मालिक गुमान साहू और उसके साथी मोहम्मद मुख्तार को हिरासत में लिया। पूछताछ में स्वीकारा जुर्म पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने चालक रहीमान साहू के साथ मिलकर स्पंज आयरन को रास्ते में ही बेच दिया था। इसके बाद ट्रक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर उसकी वास्तविक पहचान छिपा दी गई। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी चोरी की गाड़ी की फाइनेंस किश्त जमा कर रहे थे। इसी कड़ी से पुलिस को अहम सुराग मिले और पूरा मामला खुल गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। वहीं, चालक रहीमान साहू समेत अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
जशपुर जिले के लोरो घाट में बुधवार शाम हुए भीषण सड़क हादसे में ट्रक के केबिन में फंसे तीन लोगों को जशपुर पुलिस ने करीब तीन घंटे तक चले साहसिक रेस्क्यू अभियान के बाद सुरक्षित बाहर निकाला। तीनों घायलों को तत्काल जिला अस्पताल जशपुर भेजा गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। हादसा शाम करीब 7 बजे हुआ। धनबाद (झारखंड) से कोयला लेकर रायपुर जा रहा टाटा ट्रक (JH-02-AM-6041) लोरो घाट से गुजर रहा था। घाट के एक तीखे मोड़ पर चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और ट्रक सड़क किनारे लगी सुरक्षा रेलिंग से जा टकराया। तीखे मोड़ पर अनियंत्रित होकर रेलिंग से टकराया ट्रक टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। चालक, वाहन मालिक सहित तीन लोग केबिन में बुरी तरह फंस गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस, फायर टीम और ग्रामीणों ने चलाया रेस्क्यू सूचना मिलते ही थाना दुलदुला पुलिस, हाईवे पेट्रोलिंग, डायल-112, अग्निशमन दल और एंबुलेंस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। पुलिस मितान के सदस्यों और स्थानीय ग्रामीणों ने भी राहत एवं बचाव कार्य में सक्रिय सहयोग किया। ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक जाने से रेस्क्यू अभियान काफी चुनौतीपूर्ण रहा। बचाव दल ने कटर मशीन से केबिन और स्टेरिंग वाले हिस्से को सावधानीपूर्वक काटा। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद तीनों घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर जिला अस्पताल भेजा गया। एसएसपी ने मौके पर पहुंचकर की निगरानी घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और पूरे रेस्क्यू अभियान की निगरानी की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, हाईवे पेट्रोलिंग, डायल-112, अग्निशमन दल, पुलिस मितान और स्थानीय लोगों का उत्साहवर्धन किया। रेस्क्यू टीम को मिलेगा सम्मान एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि संकट की घड़ी में पुलिस, रेस्क्यू टीम और आम नागरिकों ने साहस, संवेदनशीलता और बेहतरीन टीमवर्क का परिचय दिया। सभी के संयुक्त प्रयास से तीन लोगों की जान बचाई जा सकी। उन्होंने घोषणा की कि इस अभियान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पुलिस अधिकारी, कर्मचारी, अग्निशमन दल और रेस्क्यू टीम के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। वहीं, घायलों की मदद करने वाले स्थानीय नागरिकों के नाम गुड सेमेरिटन (नेक नागरिक) योजना के तहत लाभ दिलाने के लिए प्रशासन को भेजे जाएंगे। लोगों से की यह अपील एसएसपी ने लोगों से अपील की कि सड़क दुर्घटना होने पर घटनास्थल छोड़ने के बजाय तुरंत नजदीकी थाना या डायल-112 को सूचना दें। अपनी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए घायलों की यथासंभव मदद करें। उन्होंने कहा कि समय पर दी गई सूचना और आम नागरिकों का सहयोग किसी भी घायल के लिए जीवनदायी साबित हो सकता है। साथ ही अधिक से अधिक लोगों से गुड सेमेरिटन (नेक नागरिक) बनकर मानव जीवन बचाने में सहयोग करने की अपील की।
सुरसर नदी में डूबे किशोर का शव मिला:सुपौल में 24 घंटे बाद NDRF ने 500 मीटर दूर से किया बरामद
सुपौल के छातापुर थाना क्षेत्र की घीवहा पंचायत स्थित सुरसर नदी में नहाने के दौरान डूबे 13 वर्षीय किशोर का शव घटना के करीब 24 घंटे बाद गुरुवार को बरामद कर लिया गया। एनडीआरएफ की टीम ने कई घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद घटना स्थल से करीब 500 मीटर दक्षिण नदी से शव निकाला। शव मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। रविशंकर 2 भाइयों में सबसे बड़ा था मृतक की पहचान घीवहा पंचायत के वार्ड-8 निवासी अमीर यादव के 13 वर्षीय पुत्र रविशंकर कुमार के रूप में हुई है। रविशंकर दो भाइयों में सबसे बड़ा था। उसके पिता अमीर यादव रोजी-रोटी के लिए दूसरे प्रदेश में मजदूरी करने गए हुए हैं। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां गीता देवी सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। नहाने के दौरान गहरे पानी में चला गया परिजनों ने बताया कि रविशंकर अपने दादा खट्टर यादव के साथ भैंस को चारा खिलाने सुरसर नदी किनारे गया था। इसी दौरान उसने कुछ बच्चों को नदी में नहाते देखा और वह भी नदी में उतर गया। नहाने के दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और नदी में उतरकर काफी देर तक उसकी तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। प्रशासन ने एनडीआरएफ को बुलाया घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने एनडीआरएफ की टीम को बुलाया। गुरुवार सुबह टीम ने दोबारा सर्च अभियान शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद घटना स्थल से करीब 500 मीटर दूर नदी से किशोर का शव बरामद कर लिया। सीओ बोले-शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा घटना के दौरान राजस्व अधिकारी अजमेरी अंसारी, हल्का कर्मचारी अमित रंजन, स्थानीय मुखिया गजेंद्र कुमार राम, उप प्रमुख संजय यादव तथा छातापुर थाना पुलिस मौके पर मौजूद रही। सीओ रविराज कुमार ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम ने किशोर का शव बरामद कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है।
पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने पर्यावरण के लगातार हो रहे विनाश को मानव अस्तित्व के लिए एक गंभीर खतरा बताया है। उन्होंने देश के जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए जनता से एकजुट होने की पुरजोर अपील की। यह बात उन्होंने सुल्तानपुर लोधी में आयोजित पवित्र काली बेईं की कार सेवा की 26वीं वर्षगांठ के समापन समारोह के दौरान एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कही। स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि पानी और अन्य प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण केवल हमारी पर्यावरणीय जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा नैतिक कर्तव्य भी है। गिरते भूजल स्तर और प्रदूषित होते जल स्रोतों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वालों को कड़ा संदेश दिया। स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि जो लोग पानी को प्रदूषित करते हैं, वे वास्तव में मानवता के दुश्मन हैं, क्योंकि पानी प्रकृति की मूल जीवनदायिनी शक्ति है। उद्योगों द्वारा पानी को जहरीला होने से बचाने के लिए 'जीरो लिक्विड डिस्चार्ज' (ZLD) तकनीक को अनिवार्य रूप से अपनाना चाहिए, ताकि बिना ट्रीटमेंट के गंदा पानी नदियों और नालों में न बहे। संत सीचेवाल के जन-आंदोलन की सराहना; बुड्ढे दरिया की भी बदलेगी तस्वीर समारोह के दौरान स्पीकर ने राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल के नेतृत्व में पवित्र काली बेईं के ऐतिहासिक और सफल पुनरुद्धार की जमकर सराहना की। उन्होंने इसे दुनिया में पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी का सबसे अनूठा और प्रेरणादायक उदाहरण बताया। उन्होंने पूर्ण विश्वास जताया कि लुधियाना का ऐतिहासिक 'बुड्ढा दरिया' भी निरंतर हो रहे प्रयासों और इसी सीचेवाल मॉडल के जरिए जल्द ही पवित्र काली बेईं की तरह पूरी तरह स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त हो जाएगा। गुरबाणी की सीख: पवनु गुरु पानी पिता माता धरति महतु — मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां इस अवसर पर उपस्थित पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने गुरबाणी के पवित्र श्लोक का हवाला देते हुए कहा कि हमारे गुरु साहिबान ने वायु को गुरु, पानी को पिता और धरती को महान माता का आदरणीय दर्जा दिया है। यह सीख प्रकृति और मनुष्य के अटूट संबंध को दर्शाती है। उन्होंने दुख व्यक्त किया कि इंसान इस जिम्मेदारी को निभाने में असफल रहा है, लेकिन अब समय आ गया है कि हम सामूहिक संकल्प लेकर पंजाब के प्राचीन गौरव और प्राकृतिक सुंदरता को बहाल करें। पंजाब सरकार की बड़ी उपलब्धि: नहरी पानी का 80% हिस्सा सिंचाई के लिए उपयोग कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की एक ऐतिहासिक उपलब्धि साझा की। उन्होंने बताया कि सरकारी प्रयासों से पंजाब अब अपने उपलब्ध नहरी पानी का 80 प्रतिशत हिस्सा सिंचाई के लिए सीधे खेतों तक पहुंचाने में सफल रहा है। इससे खेतों में भूजल (ट्यूबवेल) पर निर्भरता काफी कम हुई है, जो गिरते वाटर टेबल को बचाने में मील का पत्थर साबित होगा। जनभागीदारी से काली बेईं का प्रदूषित पानी हुआ पीने योग्य — मंत्री डॉ. रवजोत सिंह पंजाब के जेल एवं एनआरआई मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने संत सीचेवाल और उनके सेवादारों की अथक मेहनत को नमन किया। उन्होंने कहा कि कभी अत्यधिक प्रदूषित हो चुकी पवित्र काली बेईं का पानी आज जनभागीदारी और निस्वार्थ सेवा के बल पर आचमन और स्नान के योग्य स्वच्छ बन चुका है। उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ियों के स्वस्थ जीवन के लिए पर्यावरण की रक्षा करना हर नागरिक का सामूहिक कर्तव्य है। संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने पर्यावरण आंदोलन को जन-आंदोलन बनाने की अपील की अपने संबोधन में प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और राज्यसभा सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां, उपस्थित मंत्रियों, देश-विदेश से आए पर्यावरण प्रेमियों और हजारों स्वयंसेवकों का धन्यवाद किया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि काली बेईं का पुनरुद्धार केवल परमात्मा की असीम कृपा, निस्वार्थ कार सेवा और संगत के अटूट सहयोग से ही संभव हो पाया है। उन्होंने सभी नागरिकों, औद्योगिक घरानों और सामाजिक संस्थाओं से पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने और नदियों-जंगलों को बचाने के लिए इसे एक जन-आंदोलन का रूप देने की अपील की। समारोह के दौरान आम आदमी पार्टी के सुल्तानपुर लोधी से वरिष्ठ हलका इंचार्ज सज्जन सिंह चीमा, एसडीएम जसजीत सिंह सहित कई प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी, पर्यावरण प्रेमी, राजनीतिक हस्तियां और भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
जालोर में शिवसेना UBT ने शहर में नियमित पानी की सप्लाई करने की मांग की है। गुरुवार को शहर इकाई की ओर से जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में शहर में नियमित नर्मदा पेयजल आपूर्ति करने, जर्जर पाइपलाइन बदलने और दूषित-खारे पानी की सप्लाई बंद करने की मांग की है। जिला प्रमुख रूपराज पुरोहित ने कहा- यदि आठ दिन के भीतर नियमित, पर्याप्त और शुद्ध नर्मदा जलापूर्ति शुरू नहीं हुई तो जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर आमरण भूख हड़ताल करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया गया कि कई क्षेत्रों में नर्मदा जल में खारा पानी मिलाकर आपूर्ति की जा रही है। साथ ही जर्जर पाइपलाइनों के कारण दूषित पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। इसका तत्काल स्थायी समाधान किया जाए।

