लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में मंगलवार देर शाम एक 8वीं की छात्रा ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। हादसा इतना भीषण था कि छात्रा का सिर धड़ से अलग होकर ट्रेन में फंस गया, जो चारबाग रेलवे स्टेशन के पास मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच की जा रही है। गोमतीनगर निवासी रामू प्रसाद तिवारी की छोटी बेटी निधि तिवारी (कक्षा 8) मंगलवार शाम घर के पास दुकान से सामान लेने गई थी। परिजनों के मुताबिक, लौटते समय वह रेलवे लाइन पार कर रही थी। इसी दौरान ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि छात्रा ने ट्रेन के सामने छलांग लगाई थी। टक्कर इतनी तेज थी कि उसका सिर धड़ से अलग होकर ट्रेन में फंस गया और चारबाग रेलवे स्टेशन के पास जाकर मिला। परिजनों ने बताया कि निधि दो बहनों में सबसे छोटी थी। परिवार में एक भाई भी है। घटना के बाद घर में कोहराम मचा है। पुलिस का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
रायपुर के आरंग थानाक्षेत्र स्थित ग्राम पारागांव के श्मशान घाट स्थित महानदी तट पर लहूलुहान हालत में मिली महिला की लाश के मामले का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में महिला के प्रेमी सोनू सरदार उर्फ अवतार सिंह (37) को रायपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पूछताछ में चरित्र शंका के चलते हत्या करना स्वीकार कर लिया है। 13 जुलाई को मिला था शव पुलिस के अनुसार, 13 जुलाई 2026 को महानदी तट पर रूकमणी सोनवानी का शव बरामद हुआ था। शव पर जांघ, कूल्हे, हाथ और पैरों में गंभीर चोटों के निशान थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि मृतका का पिछले 6-7 वर्षों से पंजाब निवासी और वर्तमान में ग्राम मुढीपार, थाना पिथौरा में रहने वाले सोनू सरदार उर्फ अवतार सिंह के साथ प्रेम संबंध था। पुलिस के मुताबिक, 12 जुलाई की रात करीब 9:30 बजे आरोपी ने रूकमणी को किसी अन्य पुरुष के साथ देख लिया। इससे वह भड़क गया और चरित्र पर संदेह करते हुए पहले गाली-गलौज की, फिर धारदार कड़े और हाथ-मुक्कों से बेरहमी से हमला कर उसकी हत्या कर दी। बॉडी को श्मशान घाट में फेंककर हुआ था फरार हत्या के बाद आरोपी शव को महानदी तट स्थित श्मशान घाट के पास फेंककर फरार हो गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी का पीछा करते हुए उसे रायपुर से हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया है। 15 जुलाई 2026 को उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल रायपुर भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की आगे की जांच जारी है।
छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर से जारी आदेश के अनुसार 7 थाना प्रभारियों (निरीक्षकों) और 3 उप निरीक्षकों सहित कुल 10 पुलिस अधिकारियों का तबादला किया गया है। यह आदेश पुलिस स्थापना बोर्ड की अनुशंसा पर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण देव गौतम ने जारी किया है। सभी तबादले तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक लागू रहेंगे। अब पढ़े किसको कहां मिली जिम्मेदारीजारी आदेश के मुताबिक लक्ष्मण भगत को राजनांदगांव से जशपुर, सतीश कुमार साहू को मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी से बिलासपुर, नसीमुद्दीन खान को सूरजपुर से बलौदाबाजार-भाटापारा और अजय कुमार साहू को बलरामपुर-रामानुजगंज से बिलासपुर भेजा गया है। इसी तरह अमित कुमार बेरिया को दंतेवाड़ा से पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर के प्रशासन अकादमी एवं विशेष इकाई (अअवि) में पदस्थ किया गया है। प्रेम प्रकाश अवधिया को कांकेर से रायपुर ग्रामीण और सुनील दुबे को बीजापुर से कांकेर स्थानांतरित किया गया है। उप निरीक्षकों में गणेश यादव को मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी से सरगुजा, अमित गुप्ता को मुंगेली से सूरजपुर तथा वीणा साहू को रायगढ़ से पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर पदस्थ किया गया है। प्रशासनिक दृष्टिकोण से नई पोस्टिंग पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि सभी स्थानांतरण प्रशासनिक दृष्टिकोण से किए गए हैं। संबंधित अधिकारियों को तत्काल नई पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस विभाग में इस फेरबदल को कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पढ़े आदेश की कॉपी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जौनपुर जिले के तहसील शाहगंज स्थित ग्राम कौड़िया में परिक्रमा मार्ग की भूमि पर हुए अवैध कब्जे हटाने की शिकायत पर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति अरुण कुमार की अदालत ने संबंधित तहसीलदार को तीन महीने के भीतर मामले का निस्तारण करने का निर्देश दिया। क्या है मामला जानिये याचिकाकर्ता मोहम्मद फैज ने अदालत में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि गाटा संख्या 936 (क्षेत्रफल 0.020 हेक्टेयर) और गाटा संख्या 905 (क्षेत्रफल 0.004 हेक्टेयर), जो राजस्व अभिलेखों में परिक्रमा मार्ग के रूप में दर्ज हैं, पर अतिक्रमणकारियों ने अवैध कब्जा कर रखा है। याचिका में राज्य सरकार को इस अतिक्रमण को हटाने का निर्देश देने की मांग की गई थी। अदालत के पूर्व आदेश के अनुपालन में शाहगंज के तहसीलदार द्वारा 16 मार्च 2026 को जारी निर्देश राज्य के स्थायी अधिवक्ता ने अदालत में पेश किया। इस रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ कि विवादित भूमि पर पाए गए अतिक्रमण के संबंध में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 67(1) के तहत अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध पहले से ही कार्यवाही शुरू की जा चुकी है। यह मामले तहसीलदार के समक्ष तीन केस लंबित हैं। इन तथ्यों को देखते हुए अदालत ने याचिका का निस्तारण करते हुए तहसीलदार, शाहगंज, जौनपुर को निर्देश दिया कि वे धारा 67(1) के तहत लंबित उपरोक्त तीनों मामलों में सभी संबंधित पक्षों को सुनवाई का अवसर देकर कानून के अनुसार उचित आदेश पारित करें। यह आदेश इस निर्णय की प्रमाणित प्रति प्रस्तुत किए जाने की तिथि से तीन माह की अवधि के भीतर पारित किया जाना है, ताकि कार्यवाही को उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जा सके।
लखनऊ में कारोबार या कमर्शल निवेश की योजना बना रहे लोगों को अगले महीने से अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने अपनी विभिन्न योजनाओं में कमर्शल प्लॉटों की दरें 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए उपाध्यक्ष (वीसी) के पास भेज दिया गया है। मंजूरी मिलते ही नई दरें लागू कर दी जाएंगी। हालांकि आवासीय प्लॉट खरीदने वालों को राहत देते हुए एलडीए ने फिलहाल उनकी कीमतों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। एलडीए अधिकारियों के मुताबिक विकास कार्यों की बढ़ती लागत, नई परियोजनाओं में इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का खर्च और कमर्शल जमीनों की बढ़ती मांग को देखते हुए मूल्य संशोधन जरूरी माना गया है। इसी आधार पर कमर्शल प्लॉटों के रेट बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्राधिकरण का कहना है कि आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े, इसलिए आवासीय प्लॉटों की कीमतें यथावत रखी जाएंगी। हाल के वर्षों में एलडीए किफायती आवास और नई टाउनशिप परियोजनाओं पर अधिक फोकस कर रहा है, जिससे घर खरीदने वालों को राहत मिलेगी। ई-ऑक्शन से होता है आवंटन एलडीए अधिकांश कमर्शल प्लॉटों का आवंटन ई-ऑक्शन के माध्यम से करता है। प्राधिकरण पहले बेस प्राइस तय करता है और सबसे अधिक बोली लगाने वाले को प्लॉट आवंटित किया जाता है। कॉर्नर प्लॉट और चौड़ी सड़क पर स्थित प्लॉटों पर अतिरिक्त प्रीमियम (पीएलसी) भी लिया जाता है। शहर में कमर्शल प्लॉटों की मौजूदा दरें गोमती नगर व विभूति खंड : ₹20,000 से ₹28,000+ प्रति वर्ग फीट एलडीए कॉलोनी (कानपुर रोड/आशियाना) : ₹12,000 से ₹16,000 प्रति वर्ग फीट जानकीपुरम विस्तार/सुल्तानपुर रोड : ₹8,000 से ₹12,000 प्रति वर्ग फीट बसंत कुंज/हरदोई रोड योजना : ₹6,000 से ₹10,000 प्रति वर्ग फीट
लखनऊ और आसपास के जिलों की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लखनऊ के चारों ओर पांच आधुनिक इंटरचेंज (फ्लाईओवर जैसे जंक्शन) बनाए जाएंगे। इन परियोजनाओं पर करीब 680 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रस्ताव यूपी स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) योजना में शामिल किया गया है, जिसे एनएचएआई और यूपीडा की भागीदारी से पीपीपी मॉडल पर विकसित करने की तैयारी है। योजना के तहत ऐसे जंक्शन बनाए जाएंगे, जहां वाहन बिना किसी सिग्नल या क्रॉस ट्रैफिक के सीधे एक हाईवे या एक्सप्रेसवे से दूसरे मार्ग पर जा सकेंगे। इससे लखनऊ, कानपुर, सीतापुर और बाराबंकी की ओर सफर तेज और सुगम होगा। साथ ही बार-बार रुकने से होने वाली ईंधन की खपत कम होगी और सड़क हादसों में भी कमी आने की उम्मीद है। अधिकारियों के मुताबिक, मौजूदा समय में कई हाईवे और एक्सप्रेसवे के कट-पॉइंट पर वाहनों की क्रॉसिंग के कारण रोजाना लंबा जाम लगता है। नए इंटरचेंज बनने के बाद यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। परियोजना को दो चरणों में पूरा करने की योजना है। इससे राजधानी को एक बड़े लॉजिस्टिक और ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित करने में भी मदद मिलेगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि एससीआर योजना के तहत राजधानी की यातायात व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए पांच इंटरचेंज प्रस्तावित किए गए हैं। इस संबंध में शासन स्तर पर प्रेजेंटेशन भी दिया जा चुका है। कहां बनेंगे इंटरचेंज क्लोवरलीफ इंटरचेंज – गंगा एक्सप्रेसवे और लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के जंक्शन पर (सराय कटियान के पास) ट्रम्पेट इंटरचेंज – एनएच-27 और एनएच-727एच के जंक्शन पर (अमेठी/सलेमपुर रोड) ट्रम्पेट इंटरचेंज – एनएच-30 और एसएच-38 के जंक्शन पर (भैंसामऊ) डायमंड इंटरचेंज – आउटर रिंग रोड और एनएच-731 के जंक्शन पर (बाराबंकी सिविल लाइंस) पार्शियल क्लोवरलीफ इंटरचेंज – आउटर रिंग रोड और एनएच-30 (सीतापुर मार्ग) के जंक्शन पर (सवाईया तिराहा)
गैंगरेप के 47 साल बाद फ़ैसला बरकरार:हाईकोर्ट ने 71 साल के व्यक्ति की जेल की सज़ा कम की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को 1979 के नाबालिग के साथ गैंग-रेप के मामले में एक व्यक्ति को दोषी ठहराए जाने का फ़ैसला बरकरार रखा, लेकिन उसकी मुख्य सज़ा को 7.5 साल से घटाकर 4 साल की कठोर कारावास कर दिया।जस्टिस संतोष राय की बेंच ने आपराधिक अपील के 43 साल से लंबित रहने और जीवित दोषी की उम्र (71 साल) को ध्यान में रखते हुए सज़ा में बदलाव किया। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपी-अपीलकर्ता द्वारा दायर आपराधिक अपील को आंशिक रूप से मंज़ूरी दे दी। उसे सरेंडर करने और बाकी बची सज़ा काटने का निर्देश दिया गया। 1979 का गंभीर मामला अभियोजन पक्ष के अनुसार, 31 अक्टूबर और 1 नवंबर 1979 की रात को नाबालिग पीड़िता (उम्र 15 से 17 साल के बीच) का गाँव के ही तीन लोगों - काली चरण, राम लाल और राम स्वरूप (हाईकोर्ट में अपीलकर्ता) - ने चाकू की नोक पर ज़बरदस्ती अपहरण कर लिया। उसे ट्रेन से शाहजहाँपुर होते हुए तिलहर के एक खाली घर में ले जाया गया, जहाँ उसे एक हफ़्ते तक बंधक बनाकर रखा गया और बार-बार गैंग-रेप किया गया। इसके बाद उसे एक मेला दिखाने के लिए बिल्संडा लाया गया, जहां 31 अक्टूबर और 1 नवंबर 1979 की रात को एक सब-इंस्पेक्टर ने उसे बचाया। इसके बाद तीनों आरोपियों के ख़िलाफ़ चार्जशीट दायर की गई। 1983 में पीलीभीत की असिस्टेंट सेशंस जज दोषी पाया 1983 में पीलीभीत की असिस्टेंट सेशंस जज की कोर्ट ने तीनों को दोषी पाया और उन्हें अधिकतम साढ़े सात साल की सज़ा सुनाई। दोषियों ने 1983 में हाई कोर्ट में फैसले को चुनौती दी। अपील लंबित रहने के दौरान, सह-अपीलकर्ता काली चरण और राम लाल की मौत हो गई और 2022 में उनके मामले में अपील खत्म हो गई। यह मामला सिर्फ अपीलकर्ता राम स्वरूप के लिए बचा रहा, जो ट्रायल के समय 27 साल के थे और अब 71 साल के हैं। हाईकोर्ट के सामने अपीलकर्ता कालीचरण के वकील ने दोषसिद्धि के सवाल पर अपील को आगे नहीं बढ़ाया और अपनी बात सिर्फ़ सज़ा के सवाल तक सीमित रखी। यह दलील दी गई कि यह एक ऐसा मामला है, जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई सज़ा को इस कोर्ट के विवेक का इस्तेमाल करते हुए उचित रूप से कम किया जा सकता है, जबकि दोषसिद्धि को बरकरार रखा जाए और अपीलकर्ता को प्रोबेशन पर रिहा किया जाए। सज़ा देना केवल बदला लेने की प्रक्रिया नहीं हालांकि, जस्टिस राय ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा ऐसे मामलों में, जहां पीड़ित की गवाही दोषसिद्धि का आधार होती है, दोषी के प्रति 'अत्यधिक सहानुभूति' दिखाना न्याय का घोर उल्लंघन होगा। सज़ा देना केवल बदला लेने की प्रक्रिया नहीं है; इसका मकसद अपराधी और दूसरों के लिए एक सबक होना चाहिए, और कमज़ोर लोगों की सुरक्षा के लिए कानून बनाने वालों की मंशा को भी दिखाना चाहिए। अपराध को 'जघन्य' बताते हुए बेंच ने कहा कि यौन हिंसा का सामाजिक असर बहुत गहरा होता है। इतने गंभीर मामले में प्रोबेशन का लाभ देना सामाजिक हित और आपराधिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत होगा। अपील 43 साल से लंबित रही हालांकि, बेंच ने गौर किया कि आई पी सी की धारा 376, जो उस समय लागू थी, अदालतों को पर्याप्त और विशेष कारणों से सज़ा को कानून में तय सात साल की न्यूनतम अवधि से कम करने की इजाज़त देती थी। कोर्ट ने इस बात पर ध्यान दिया कि घटना 1979 की, यानी लगभग 47 साल पुरानी है और अपील खुद इस कोर्ट में लगभग 43 साल से लंबित रही है, जिसमें अपीलकर्ता की कोई गलती नहीं थी। बेंच ने यह भी गौर किया कि अपीलकर्ता, जो ट्रायल के समय लगभग 27 साल का था, अभी लगभग 71 साल का है, और रिकॉर्ड में ऐसा कुछ भी नहीं है, जिससे पता चले कि वह इस घटना से पहले या बाद में किसी अन्य आपराधिक मामले में शामिल रहा हो। इन हालात के कुल असर को देखते हुए और इस बात से संतुष्ट होकर कि ये आई पी सी की धारा 376(1) के प्रावधान के तहत 'पर्याप्त और विशेष कारण' हैं, बेंच ने कहा कि भले ही दोषी ठहराने का फ़ैसला बरकरार रखा जाए, लेकिन मुख्य सज़ा को कम किया जाना चाहिए। उनकी सज़ा को 7.5 साल की कठोर कैद से घटाकर 4 साल की कठोर कैद (और आई पी सी की धारा 363 और 366 के तहत साथ-साथ चलने वाली दो साल की सज़ा) करते हुए बेंच ने 1983 की ट्रायल कोर्ट द्वारा की गई एक अहम गलती की ओर इशारा किया। बेंच ने गौर किया कि पीलीभीत ट्रायल कोर्ट आई पी सी की धारा 363, 366 और 376 के तहत जेल की सज़ा के साथ अनिवार्य जुर्माना लगाने में नाकाम रही थी। हालांकि, जस्टिस राय ने साफ़ किया कि चूंकि राज्य या पीड़ित ने सज़ा बढ़ाने के लिए अपील नहीं की थी, इसलिए हाईकोर्ट आरोपी के नुकसान के लिए उस गलती को ठीक नहीं कर सकता था। इस पृष्ठभूमि में हाईकोर्ट ने अपील आंशिक रूप से मंज़ूर की।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की पीठ ने सहायक अध्यापक टी जी टी अंग्रेजी भर्ती मामले को लेकर दाखिल आदित्य कुमार सिंह व 17 अन्य की याचिका की सुनवाई की। सुनवाई गुरुवार को भी होगी। इससे पहले कोर्ट ने 13 जुलाई 2026 को आदेश दिया था कि प्रश्न संख्या 3, 11, 12 और 100 तथा शपथपत्र के पैरा-31 में उल्लिखित पाठ्यक्रम से बाहर बताए गए प्रश्न के संबंध में निर्देश प्राप्त कर पेश करें। बुधवार को अधिवक्ता के. शाही ने बताया कि उन्हें अभी तक आवश्यक निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अदालत से कहा कि दस्तावेजों का सत्यापन कल होना है, और यदि सत्यापन नहीं हुआ तो उनका वाद कारण निष्फल हो जाएगा। इस स्थिति को देखते हुए कोर्ट ने मामले को कल यानी 16 जुलाई 2026 को सुबह 10:00 बजे भी की जायेगी । कोर्ट ने कहा अधिवक्ता के. शाही ने 13 जुलाई के आदेश का पालन करने का आश्वासन दिया है, अन्यथा प्रतिवादी संख्या 2 को स्वयं अदालत के समक्ष उपस्थित होना होगा।
ग्वालियर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि पैर टूटने के इलाज का हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम केवल इस आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता कि मरीज डायबिटीज से पीड़ित है। आयोग ने माना कि आज के समय में मधुमेह एक सामान्य लाइफस्टाइल बीमारी है और इसका एंकल फ्रैक्चर से कोई सीधा संबंध नहीं है। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शर्मा और सदस्य रेवती रमण मिश्रा की पीठ ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को फटकार लगाते हुए बीमाधारक के पक्ष में फैसला सुनाया। आयोग ने कहा कि बिना ठोस चिकित्सीय साक्ष्य के केवल तकनीकी आधार पर बीमा दावा खारिज करना उपभोक्ता के साथ अन्याय और सेवा में गंभीर कमी है। गिरने से टूटा पैर, ऑपरेशन में डली प्लेट ग्वालियर निवासी सुनील गुप्ता ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस से हेल्थ पॉलिसी ली थी। 16 सितंबर 2024 को अचानक गिरने से उनके पैर के टखने के ऊपर गंभीर फ्रैक्चर हो गया। उन्हें सर्वोदय हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां ऑपरेशन कर पैर में प्लेट डाली गई। इलाज पूरा होने के बाद उन्होंने अस्पताल में हुए खर्च का बीमा क्लेम कंपनी के पास जमा किया। कंपनी ने कहा- पहले से थी डायबिटीज, इसलिए नहीं मिलेगा पैसा बीमा कंपनी ने दावा यह कहते हुए खारिज कर दिया कि पॉलिसी लेने से पहले से ही सुनील गुप्ता को डायबिटीज थी, जिसकी जानकारी उन्होंने नहीं दी। कंपनी ने इसे पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन बताते हुए भुगतान से इनकार कर दिया। आयोग ने पूछा- फ्रैक्चर का शुगर से क्या संबंध मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने कंपनी से पूछा कि आखिर पैर के फ्रैक्चर और डायबिटीज का क्या संबंध है। आयोग ने पाया कि बीमा कंपनी ऐसा कोई मेडिकल रिकॉर्ड या विशेषज्ञ राय पेश नहीं कर सकी, जिससे यह साबित हो सके कि डायबिटीज की वजह से यह इलाज प्रभावित हुआ या क्लेम अमान्य हो जाता है। आयोग ने टिप्पणी की कि आज की जीवनशैली में हल्की-फुल्की शुगर होना आम बात है। केवल इसी आधार पर दुर्घटना में हुए फ्रैक्चर का बीमा दावा रोकना पूरी तरह अनुचित है। 45 दिन में देना होगा पूरा भुगतान आयोग ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया कि वह 45 दिनों के भीतर परिवादी को इलाज का खर्च 1 लाख 27 हजार 812, मानसिक प्रताड़ना के लिए 5 हजार रुपए और वाद व्यय 2 हजार रुपए का भुगतान करे। यह फैसला क्यों है अहम? यह फैसला उन लाखों बीमाधारकों के लिए राहत की मिसाल माना जा रहा है, जिनके दावे कई बार तकनीकी कारणों या पहले से मौजूद सामान्य बीमारियों का हवाला देकर खारिज कर दिए जाते हैं। आयोग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बीमा कंपनियां बिना ठोस मेडिकल आधार के मनमाने तरीके से क्लेम खारिज नहीं कर सकतीं।
पीलीभीत मेडिकल कॉलेज की पैरामेडिकल प्रथम वर्ष की छात्रा कशिश पटेल की सीटी स्कैन रूम में चाकू से हमला कर हत्या के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। छात्रा के परिजनों ने कॉलेज प्रशासन पर समय रहते कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। इसी बीच मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. संगीता अनेजा का फिरोजाबाद में तैनाती के दौरान का विवादित कार्यकाल भी चर्चा में आ गया है, जहां उनके खिलाफ एक मेडिकल छात्र को आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। परिजनों का आरोप है कि कशिश ने करीब 15 दिन पहले आरोपी छात्र सागर की हरकतों की शिकायत मेडिकल कॉलेज प्रशासन से की थी, लेकिन शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। कशिश के चाचा विकास पटेल ने कहा कि यदि कॉलेज प्रशासन को शिकायत की जानकारी थी तो परिवार को भी इसकी सूचना दी जानी चाहिए थी। उनका आरोप है कि प्राचार्य सहित संबंधित अधिकारी इस घटना के लिए जिम्मेदार हैं और उनके खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की जाएगी। फिरोजाबाद का पुराना मामला फिर आया चर्चा में डॉ. संगीता अनेजा के खिलाफ 2022 में फिरोजाबाद के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में भी गंभीर आरोप लगे थे। उस समय एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के छात्र शैलेंद्र शंखवार ने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद मेडिकल छात्रों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर चक्काजाम कर कॉलेज प्रशासन पर मानसिक उत्पीड़न, परीक्षा में फेल करने की धमकी और अवैध वसूली जैसे आरोप लगाए थे। मृतक छात्र के पिता की तहरीर पर तत्कालीन प्रिंसिपल डॉ. संगीता अनेजा, परीक्षा नियंत्रक और वार्डन समेत पांच लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने (आईपीसी 306) और एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज हुई थी। दोनों मामलों में समान आरोप परिजनों और छात्रों का कहना है कि दोनों मामलों में शिकायतों के प्रति प्रशासन का रवैया लगभग एक जैसा रहा। फिरोजाबाद में छात्र द्वारा प्रताड़ना की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई। पीलीभीत में भी छात्रा कशिश की लिखित शिकायत पर आरोपी के खिलाफ कठोर कदम नहीं उठाया गया। आरोप है कि पीलीभीत में शिकायत के बाद आरोपी छात्र से समझौता कराया गया और कुछ दिनों के लिए उसे छुट्टी पर भेज दिया गया। घटना के बाद भी कॉलेज प्रशासन पर शिकायतों से इनकार करने और जिम्मेदारी से बचने के आरोप लगाए जा रहे हैं। मेडिकल सुविधाओं पर भी उठे सवाल घटना के बाद मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सुविधाएं भी सवालों के घेरे में आ गई हैं। परिजनों का कहना है कि कशिश की गर्दन की मुख्य रक्त वाहिनी कट जाने के बावजूद कॉलेज में तत्काल विशेषज्ञ वैस्कुलर सर्जरी की सुविधा उपलब्ध नहीं मिल सकी। प्राथमिक उपचार के बाद उसे वेंटिलेटर एम्बुलेंस से बरेली के निजी अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि करोड़ों रुपये की लागत से बने मेडिकल कॉलेज में गंभीर आपात स्थिति से निपटने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल घटना के बाद कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं। आरोप है कि मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्सिंग के माध्यम से तैनात कई कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन तक नहीं हुआ है और कई कर्मियों को नियमित नियुक्ति पत्र भी जारी नहीं किए गए हैं। इस संबंध में पहले भी उच्च अधिकारियों और आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतें की जा चुकी थीं। घटना के बाद प्रिंसिपल डॉ. संगीता अनेजा ने बताया कि कॉलेज स्टाफ के साथ बैठक कर दिवंगत छात्रा को श्रद्धांजलि दी गई। कॉलेज परिसर की सुरक्षा मजबूत करने के लिए पूर्व सैनिकों की तैनाती का प्रस्ताव भेजा गया है। फिलहाल दो प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी कार्यभार संभाल चुके हैं। इसके अलावा हॉस्टल वार्डन को तत्काल आवास आवंटित करने और परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, छात्रा के परिजन और छात्र संगठन अब भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।
बरेली में 53 ग्राम स्मैक के साथ तस्कर गिरफ्तार:अंतरराष्ट्रीय बाजार में 5 लाख रुपये आंकी गई कीमत
बरेली पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान के तहत बुधवार को एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 53 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 5 लाख रुपये है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया।पुलिस के अनुसार, 14 और 15 जुलाई की दरमियानी रात बारादरी पुलिस रात्रि गश्त पर थी और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि डोहरा चौराहे से आगे सड़क किनारे एक व्यक्ति स्मैक बेचने की फिराक में खड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, घेराबंदी की और संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 53 ग्राम अवैध स्मैक मिली, जिसे जब्त कर लिया गया।गिरफ्तार आरोपी की पहचान फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के अगरास निवासी 35 वर्षीय साजिद पुत्र साविर के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, साजिद के खिलाफ पहले भी बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) और एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं।पूछताछ में आरोपी साजिद ने बताया कि वह खेती-बाड़ी करता है, लेकिन आर्थिक लाभ के लिए स्मैक खरीदकर नशे के आदी लोगों को बेचता था। उसने यह भी स्वीकार किया कि वह पहले भी कई बार स्मैक की बिक्री कर चुका है और घटना वाले दिन भी इसे बेचने ही आया था।पुलिस ने आरोपी साजिद के खिलाफ थाना बारादरी में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
नींद की एक झपकी बनी काल:यमुना एक्सप्रेस-वे पर दर्दनाक हादसे में बाइक सवार की मौत
मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर बुधवार दोपहर12 बजे एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तेज रफ्तार बाइक चला रहे युवक को नींद की झपकी आ गई, जिससे वाहन अनियंत्रित हो गया। यह हादसा थाना नौहझील क्षेत्र के अंतर्गत यमुना एक्सप्रेस-वे पर आगरा से नोएडा जाने वाली लेन में माइल स्टोन संख्या 75 के पास हुआ। बाइक डिवाइडर और सड़क किनारे लगी रेलिंग से टकरा गई। युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही पीआरवी टीम और बाजना कट चौकी प्रभारी हरेंद्र सिंह तोमर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घायल युवक को तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल भेजा। मृतक की पहचान फिरोजाबाद के थाना खैरगढ़ स्थित गांव शेरपुर निवासी सोनवीर पुत्र अवधेश कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि बाइक चलाते समय नींद की झपकी आने के कारण सोनवीर ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया था। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचित किया। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि एक्सप्रेस-वे पर सफर के दौरान पूरी तरह सतर्क रहें और थकान या नींद महसूस होने पर यात्रा जारी न रखें, ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।
प्रयागराज की बहुप्रतीक्षित इनर रिंग रोड परियोजना को गति देने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बुधवार को एनआईसी सभागार में परियोजना की समीक्षा की। उन्होंने निर्माण में आ रहे अवरोधों को दूर करने के निर्देश दिए। डीएम ने अधिकारियों को मुआवजा वितरण में देरी न करने और मार्ग में आ रहे अतिक्रमण को तत्काल हटाने के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित की इस परियोजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह रिंग रोड प्रयागराज को जाममुक्त बनाने और बाहरी यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से प्रस्तावित है। कुल 71.5 किलोमीटर लंबी यह परियोजना दो चरणों में पूरी की जाएगी। परियोजना का प्रथम चरण 29.8 किलोमीटर का है। यह रीवा रोड के दांदूपुर से शुरू होकर सहसों (NH-19) स्थित टोल प्लाजा तक जाएगा। इस चरण में गंगा नदी पर 3.2 किलोमीटर लंबा छह लेन का पुल भी शामिल है। वर्तमान में इस हिस्से पर निर्माण कार्य जारी है। द्वितीय चरण की लंबाई 41.66 किलोमीटर है। यह सोरांव तहसील के माधोपुर से शुरू होकर प्रयागराज सदर के भगवतपुर होते हुए करछना तहसील के अमिलिया तक जाएगा। इसमें गंगा और यमुना नदियों पर बड़े पुलों, फ्लाईओवर्स और रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण प्रस्तावित है। इस दूसरे चरण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। वर्तमान में इस चरण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर कार्य किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने समीक्षा बैठक में जोर दिया कि रिंग रोड का निर्माण शहर के सुनियोजित विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने और प्रभावितों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर मुआवजा देने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने निर्माण मार्ग में आ रहे अवैध अतिक्रमणों को तत्काल प्रभाव से चिन्हित कर हटाने का आदेश दिया। डीएम ने एनएचएआई और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा। इसका उद्देश्य यह है कि प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर कोई भी फाइल लंबित न रहे। कार्य में आने वाली समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिलाधिकारी ने साप्ताहिक समीक्षा के निर्देश भी दिए हैं। समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी (एडीएम) संजीव कुमार शाक्य, एनएचएआई के परियोजना निदेशक (पीडी) एसके सिंह, आरए चौहान, तहसीलदार राजेश कुमार पाल और डिप्टी मैनेजर प्रखर सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
रामपुर में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पर प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। बुधवार देर रात लोक निर्माण विभाग (PWD) ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के बाहर यह आम रास्ता है का बोर्ड लगा दिया। इससे विश्वविद्यालय के मुख्य गेट और सार्वजनिक मार्ग को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। रामपुर में मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को लेकर प्रशासन की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। बुधवार रात लोक निर्माण विभाग (PWD) ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के बाहर यह आम रास्ता है का बोर्ड लगाकर स्पष्ट कर दिया कि यह मार्ग सार्वजनिक उपयोग के लिए है। जानकारी के अनुसार, 2016-17 में इस सड़क का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण करीब 11.16 करोड़ रुपए की लागत से कराया गया था। बोर्ड लगाए जाने के बाद स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि लंबे समय से विवादों में रही इस सड़क पर अब आम लोगों के आवागमन का रास्ता खुल सकता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि विश्वविद्यालय का मुख्य गेट बनने के बाद करीब 20 वर्षों से इस मार्ग पर आम लोगों का आवागमन प्रभावित रहा। हालांकि, पीडब्ल्यूडी की ओर से बोर्ड लगाए जाने के बावजूद विश्वविद्यालय का मुख्य गेट फिलहाल बंद है और वहां सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। ऐसे में इस रास्ते पर लोगों की आवाजाही अभी शुरू नहीं हो सकी है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या भविष्य में विश्वविद्यालय का मुख्य द्वार आम जनता के लिए स्थायी रूप से खोला जाएगा। फिलहाल इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। गौरतलब है कि हाल के दिनों में जौहर विश्वविद्यालय के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई लगातार तेज हुई है। बुधवार शाम करीब 7:30 बजे बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्मित 38 भवनों पर ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया था। इसके करीब तीन घंटे बाद विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के बाहर यह आम रास्ता है का बोर्ड लगाया गया। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों को विश्वविद्यालय से जुड़े मामलों में प्रशासन के सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है। अब जिलेभर की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है और सार्वजनिक मार्ग को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है।
आगरा में छज्जे के नीचे 4 दबे, महिला की मौत:लोहामंडी के कटघर में हुआ हादसा, 3 सुरक्षित निकाले
आगरा के लोहामंडी थाना क्षेत्र में बुधवार देर शाम दर्दनाक हादसे में एक महिला की मौत हो गई। निर्माणाधीन छज्जे ढहने से 4 लोग दब गए। 3 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। एक महिला की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। घटना बुधवार देर शाम लोहामंडी के कटघर की है। यहां की निवासी 50 वर्षीय मुन्नी देवी किसी काम से शाम को घर से बाहर गई थीं। लौटते में घर से थोड़ी दूर मवासी लाल के निर्माणाधीन मकान के नीचे रुक गईं। यहां उनके साथ मानसी के परिवार की एक महिला से छज्जे के नीचे खड़े होकर बातचीत करने लगीं। मवासी लाल का मकान बन रहा था। हादसे की 2 तस्वीरें… निर्माणाधीन मकान का आगे हिस्सा में, जिसमें छज्जे भी शामिल था। इसके ऊपर एक महिला तथा एक मजदूर काम रहे थे। इसी दौरान मकान का आगे का हिस्सा भरभराकर गिर गया। मलबे में चारों दब गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। इस बीच 3 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। आसपास के लोगों ने मलबा हटाकर मुन्नी देवी को भी बाहर निकाल लिया। मगर, वे होश में नहीं थीं। आनन-फानन में उन्हें इमरजेंसी ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इधर, मृतका के बेटे दीपक का कहना है कि उनकी मां शाम को बाजार गई थीं। काफी देर तक जब वे घर नहीं लौटीं तो उनकी तलाश शुरू हुई। बाद में छज्जा गिरने की घटना की जानकारी हुई। मौके पर पहुंचे तो मुन्नी देवी होश में नहीं थीं। बताया जा रहा है कि जिस घर का निर्माणाधीन छज्जा ढहा, वह मकान भी काफी जर्जर है।
ग्वालियर में साइबर ठगों और उनके मददगारों के खिलाफ बाहरी राज्यों की पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। बुधवार रात हरियाणा की फरीदाबाद पुलिस ने ग्वालियर में औचक दबिश देकर बड़ी कार्रवाई की। फरीदाबाद साइबर सेल की टीम शहर के आमखो स्थित शिवाजी नगर पहुंची और यहां से पृथ्वी सिंह नाम के युवक को हिरासत में लिया। इसके बाद पुलिस उसे अपने साथ हरियाणा ले गई, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। खाते में अचानक आए साढ़े तीन लाख रुपए, ऐसे खुला मामला पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पृथ्वी सिंह के बैंक खाते में हाल ही में अचानक साढ़े तीन लाख रुपए ट्रांसफर हुए थे। फरीदाबाद साइबर पुलिस ऑनलाइन ठगी के एक मामले की जांच कर रही थी। जब पुलिस ने पैसों के लेन-देन का ट्रेल खंगाला, तो यह रकम ग्वालियर निवासी पृथ्वी सिंह के खाते में पहुंचने की पुष्टि हुई। 'म्यूल अकाउंट' के रूप में हो रहा था इस्तेमाल प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पृथ्वी सिंह का बैंक खाता 'म्यूल अकाउंट' के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। साइबर ठग सीधे अपने खातों में रकम मंगाने के बजाय कमीशन का लालच देकर या धोखे से लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल अवैध धन के लेन-देन और निकासी के लिए करते हैं। ऐसे खातों को तकनीकी भाषा में 'म्यूल अकाउंट' कहा जाता है। अब फरीदाबाद पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पृथ्वी सिंह इस गिरोह का सक्रिय सदस्य है या उसने कुछ पैसों के लालच में अपना बैंक खाता साइबर ठगों को इस्तेमाल करने के लिए उपलब्ध कराया था। स्थानीय पुलिस की मदद से हुई इस कार्रवाई के बाद ग्वालियर के अन्य संदिग्ध खाताधारकों में भी हड़कंप मच गया है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे (NE-6) पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए बुधवार को अहम सूचना जारी की है। हाई-स्पीड एक्सेस कंट्रोल्ड इस एक्सप्रेसवे पर दोपहिया और तिपहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। वहीं पात्र निजी गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए फास्ट टैग वार्षिक पास सुविधा सभी राष्ट्रीय राजमार्गों और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे पर मान्य रहेगी। एक्सप्रेस-वे पर नियमों का सख्ती से होगा पालन एनएचएआई ने साफ किया है कि एक्सप्रेसवे पर केवल अनुमत वाहनों को ही प्रवेश दिया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा और यातायात के सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए दोपहिया (Two-Wheeler) और तिपहिया (Three-Wheeler) वाहनों की नो-एंट्री लागू रहेगी। नियमों का पालन न करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित यातायात नियमों और संकेतकों का पालन करें तथा केवल अनुमत वाहनों के साथ ही एक्सप्रेसवे का उपयोग करें। NHAI के मुताबिक यह मार्ग तेज गति वाला है, इसलिए सुरक्षा मानकों से किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। इसी के साथ FASTag वार्षिक पास को लेकर भी स्पष्ट किया गया है कि यह सुविधा कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे (NE-6) सहित सभी राष्ट्रीय राजमार्गों और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे पर मान्य है। इससे टोल भुगतान और अधिक सुविधाजनक, तेज और निर्बाध होगा। टोल प्लाजा पर प्रतीक्षा समय कम होने से यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा। NHAI ने सभी सड़क उपयोगकर्ताओं से सुरक्षित और जिम्मेदार यात्रा की अपील करते हुए कहा है कि डिजिटल टोल प्रणाली को अपनाएं। बगैर फास्टटैग के इस एक्सप्रेस-वे पर एंट्री नहीं मिलेगी।
झांसी में बुधवार को हजरत निजामुद्दीन से एर्नाकुलम जा रही मंगला एक्सप्रेस में टिकट जांच के दौरान एक महिला यात्री ने महिला टीटीई के साथ मारपीट कर दी। घटना के बाद ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने बीच-बचाव किया और वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन पहुंचने पर आरोपी महिला को रेलवे पुलिस के हवाले कर दिया। इस घटना को लेकर रेलवे के टिकट जांच स्टाफ में आक्रोश व्याप्त है। टिकट मांगने पर भड़की महिला यात्री जानकारी के अनुसार, मंगला एक्सप्रेस के एस-2 कोच में झांसी निवासी टीटीई अंजली प्रजापति ड्यूटी पर थीं। ट्रेन ग्वालियर स्टेशन से चलने के बाद उन्होंने वहां से सवार हुई एक महिला यात्री से टिकट दिखाने को कहा। महिला ने बताया कि उसके पास टिकट नहीं है। इस पर टीटीई ने उसे जनरल कोच में जाने या नियमानुसार टिकट बनवाने की बात कही। भुगतान को लेकर हुई कहासुनी बताया गया कि महिला यात्री ने टिकट बनवाने की सहमति जताई और मोबाइल फोन पर किसी से बातचीत करने लगी। इसी दौरान टीटीई ने उससे पूछा कि वह टिकट का भुगतान नकद करेगी या ऑनलाइन। आरोप है कि इस बात पर महिला यात्री नाराज हो गई और उसने टीटीई के साथ अभद्रता शुरू कर दी। बाल पकड़कर की मारपीट प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला यात्री ने सीट पर बैठी टीटीई अंजली प्रजापति के बाल पकड़ लिए और उनके साथ मारपीट की। कोच में मौजूद यात्रियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। घटना का वीडियो भी कुछ यात्रियों ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। झांसी स्टेशन पर पुलिस के हवाले घटना की सूचना तत्काल झांसी के टिकट जांच स्टाफ को दी गई। इसके बाद मुख्य टिकट निरीक्षक अशोक कुमार त्रिपाठी अपने स्टाफ, आरपीएफ और जीआरपी के साथ वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। ट्रेन के प्लेटफार्म पर पहुंचते ही महिला आरक्षियों ने आरोपी महिला को हिरासत में लेकर जीआरपी के सुपुर्द कर दिया। महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज जीआरपी ने टीटीई अंजली प्रजापति का मेडिकल परीक्षण कराया और उनकी लिखित तहरीर के आधार पर छतरपुर निवासी प्रियंका सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश हायर ज्यूडिशियल सर्विस (HJS)-2023 की लिखित परीक्षा का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। सीधी भर्ती और सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा, दोनों के लिए समय सारणी जारी की गई है। यह प्रतिष्ठित परीक्षा 1 और 2 अगस्त 2026 को प्रयागराज में आयोजित होगी, जिसमें प्रदेश भर से 300 से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे। उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार (जे) (कंप्यूटर) पवन कुमार शर्मा ने बताया कि अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र 20 जुलाई 2026 से इलाहाबाद उच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट www.allahabadhighcourt.in से डाउनलोड कर सकेंगे। प्रवेश पत्र डाउनलोड करने के लिए ऑनलाइन आवेदन के समय प्राप्त लॉगिन आईडी और पासवर्ड का उपयोग करना होगा। तकनीकी असुविधा या पासवर्ड भूल जाने की स्थिति में, अभ्यर्थी वेबसाइट पर उपलब्ध 'फॉरगॉट पासवर्ड' (Forgot Password) विकल्प का उपयोग करके अपने विवरण पुनः प्राप्त कर सकते हैं। न्यायालय प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई अभ्यर्थी तकनीकी कारणों से वेबसाइट से प्रवेश पत्र डाउनलोड करने में असमर्थ रहता है, तो उसे चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे अभ्यर्थी 28 जुलाई 2026 से परीक्षा के दिन की सुबह तक, कार्यालय समय के दौरान इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 'सिलेक्शन एंड अपॉइंटमेंट सेल' से व्यक्तिगत रूप से डुप्लीकेट प्रवेश पत्र प्राप्त कर सकते हैं। डुप्लीकेट प्रवेश पत्र प्राप्त करने के लिए अभ्यर्थियों को कड़े सुरक्षा और पहचान सत्यापन मानकों का पालन करना होगा। इसके लिए उन्हें अपने साथ मूल फोटो पहचान पत्र और उसकी एक छायाप्रति लानी होगी। साथ ही, एक रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो भी लाना अनिवार्य है, जो ऑनलाइन आवेदन पत्र में अपलोड किए गए फोटो से मेल खाता हो। डुप्लीकेट प्रवेश पत्र पूरी सत्यापन प्रक्रिया के बाद ही जारी किया जाएगा।
प्रयागराज के उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (NCZCC) के प्रेक्षागृह में बुधवार शाम 'भगत सिंह की वापसी' नाटक का मंचन किया गया। देशभक्ति पर आधारित इस नाटक ने दर्शकों में नई ऊर्जा का संचार किया। मंच पर इंकलाब जिंदाबाद के नारे गूंजते ही पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कला प्रेमी और दर्शक मौजूद थे। यह नाटक NCZCC प्रयागराज और संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव-2026 का हिस्सा था। एक्स्ट्रा एन ऑर्गेनाइजेशन द्वारा प्रस्तुत इस नाटक का निर्देशन युवा रंगकर्मी हरमेन्द्र सरताज ने किया। नाटक में शहीद-ए-आजम भगत सिंह के विचारों, उनके क्रांतिकारी जीवन और देश की आजादी के लिए दिए गए बलिदान को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। कलाकारों ने अंग्रेजी हुकूमत के अत्याचार, शोषण और अन्याय के खिलाफ भारतीय युवाओं के संघर्ष को जीवंत अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रस्तुति के दौरान दमदार संवाद, भावपूर्ण अभिनय और प्रभावशाली मंच सज्जा ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। कई दृश्यों में सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। नाटक ने यह संदेश दिया कि राष्ट्रप्रेम केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि आज भी हर नागरिक के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इसने युवाओं को देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में बताया गया कि संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली द्वारा महाकवि कालिदास जयंती और 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में राष्ट्रीय रंगमंच महोत्सव-2026 का आयोजन किया जा रहा है। नाटक में हर्षित केसरवानी, मोहम्मद आबिद, रितिक श्रीवास्तव, शिखर चन्द्रा, मानस त्रिपाठी, लवकुश सरोज, एज़ल, विष्णु पांडेय, शालिनी मिश्रा, आयुष केसरवानी और हर्ष राज ने अपने सशक्त अभिनय से विभिन्न पात्रों को जीवंत कर दिया। दर्शकों ने उनकी शानदार प्रस्तुति की सराहना की और कार्यक्रम के अंत में जोरदार तालियों से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
प्रयागराज में दिव्यांगजनों की समस्याओं के त्वरित समाधान और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से बुधवार को सर्किट हाउस सभागार में राज्य आयुक्त, दिव्यांगजन उत्तर प्रदेश प्रो. हिमांशु शेखर झा की अध्यक्षता में मोबाइल कोर्ट का आयोजन किया गया। इस दौरान दिव्यांग प्रमाण-पत्र, यूडीआईडी कार्ड, राशन कार्ड, आवास, आयुष्मान कार्ड, दिव्यांग पेंशन तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी 131 शिकायतों और प्रार्थना-पत्रों की सुनवाई की गई। मोबाइल कोर्ट में राज्य आयुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के दिव्यांगजन सरकारी योजनाओं की जानकारी और सुविधाओं से वंचित न रहें, इसके लिए प्रशासन को संवेदनशील होकर कार्य करना होगा। राज्य आयुक्त ने मुख्य चिकित्साधिकारी को दिव्यांगता प्रमाण-पत्र से जुड़े लंबित मामलों का जल्द निस्तारण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मेडिकल बोर्ड की बैठक सप्ताह में तीन दिन आयोजित करने, तीन वर्ष से अधिक समय से कार्यरत सदस्यों को हटाकर विशेषज्ञ चिकित्सकों को शामिल करने तथा 18 वर्ष से अधिक आयु के दिव्यांगजनों को स्थायी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र जारी करने के निर्देश भी दिए। साथ ही श्रवण बाधित दिव्यांगजनों की जांच की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को दिव्यांगजनों की समस्याएं सुनने के लिए अलग से जनसुनवाई का समय तय करने, कार्यालयों में उनकी सुविधा के अनुरूप व्यवस्था करने तथा खेल, साहित्य, संस्कृति और समाजसेवा जैसे क्षेत्रों में दिव्यांग आइकन नियुक्त कर उन्हें प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। मोबाइल कोर्ट के दौरान पात्र दिव्यांगजनों को 25 श्रवण यंत्र, 10 एमआर किट, 3 व्हीलचेयर और 1 स्मार्ट केन वितरित की गई। इसके अलावा मौके पर ही 25 दिव्यांग प्रमाण-पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड तथा 5 अंत्योदय राशन कार्ड भी जारी किए गए। वहीं, पात्र दिव्यांगजनों को आवास उपलब्ध कराने के लिए विभाग को आवेदनों का शीघ्र सत्यापन कर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम में अपर नगर मजिस्ट्रेट, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, ग्राम्य विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
हरियाली एम्बेसडर बनकर बच्चों ने की पर्यावरण संरक्षण की पहल:स्कूल परिसर में किया गया भव्य पौधरोपण
प्रयागराज के श्री महाप्रभु पब्लिक स्कूल नारायण आश्रम परिसर में बुधवार को पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। वन महोत्सव-2026 के तहत 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान चलाया गया, जिसका उद्देश्य विद्यालय परिसर को हरा-भरा करना और विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति प्रेम व सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना जगाना था। यह अभियान वाटर हीरो रामबाबू तिवारी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इसमें कक्षा 3 से 8 तक के नन्हे विद्यार्थियों ने अपनी माताओं के सम्मान में विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए। इस अवसर पर शिक्षा-संस्कृति उत्थान न्यास के प्रांत अध्यक्ष मेजर हर्ष कुमार और कृषि वैज्ञानिक प्रोफेसर अमिताभ सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों के प्रयासों की सराहना की और उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि विद्यार्थियों का संकल्प रहा। बच्चों ने अशोक, मोरपंखी, गुड़हल और औषधीय पौधे लगाने के साथ-साथ उन्हें गोद लेकर नियमित देखभाल का वचन भी दिया। उनके इस समर्पण को देखते हुए विद्यालय प्रबंधन ने सभी प्रतिभागियों को 'हरियाली एम्बेसडर' की उपाधि से सम्मानित किया। विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. रविन्दर पाल कौर बिरदी ने इस पहल को मातृ शक्ति के प्रति कृतज्ञता और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि ये 'हरियाली एम्बेसडर' जो बीज बो रहे हैं, वे भविष्य में एक स्वस्थ और स्वच्छ पर्यावरण की नींव बनेंगे। कार्यक्रम के समापन पर, उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों और एनसीसी कैडेट्स ने सामूहिक रूप से हरित पृथ्वी और स्वस्थ भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया।
अयोध्या में प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बुधवार देर शाम उप जिलाधिकारियों (एसडीएम) के कार्यक्षेत्र में बड़ा फेरबदल किया। जारी आदेश के तहत कई नवागत अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि कुछ अधिकारियों का तबादला कर नई तहसीलों में तैनात किया गया है। जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार, सहायक अभिलेख अधिकारी पवन कुमार शर्मा को मिल्कीपुर का एसडीएम बनाया गया है। नवागत अधिकारी आनंद कुमार तिवारी को सदर तहसील का उप जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं, रेजीडेंट मजिस्ट्रेट गजेंद्र सिंह को सोहावल का एसडीएम बनाया गया है। रुदौली में तैनात संतोष कुमार का तबादला कर उन्हें बीकापुर का एसडीएम नियुक्त किया गया है। नवागत अधिकारी वंदना पांडेय को मंदिर मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, राखी वर्मा को बीकापुर में एसडीएम (न्यायिक) बनाया गया है। इसके अलावा संजीव कुमार यादव को सहायक अभिलेख अधिकारी के पद पर तैनाती दी गई है। प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने की कवायद जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के इस फैसले को प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। नई तैनाती के बाद अधिकारियों से जल्द कार्यभार ग्रहण कर शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप राजस्व कार्यों, कानून-व्यवस्था और जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर विशेष ध्यान देने की अपेक्षा की गई है। प्रशासनिक हलकों में इस फेरबदल को नियमित प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। माना जा रहा है कि नई तैनातियों से विकास कार्यों में तेजी आएगी और आम लोगों को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं मिल सकेंगी।
मध्य प्रदेश के उद्यानिकी विभाग में तबादले के नाम पर 5 लाख रुपए मांगने और विभाग के सचिव पर सोशल मीडिया के जरिए गंभीर आरोप लगाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में भाजपा नेता शाहरुख खान के खिलाफ भोपाल क्राइम ब्रांच ने एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर के बाद बुधवार को भोपाल क्राइम ब्रांच की विशेष टीम ग्वालियर पहुंची और भाजपा नेता शाहरुख खान से कई घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद टीम उन्हें नोटिस देकर वापस भोपाल लौट गई। पुलिस जल्द ही दोबारा ग्वालियर आकर आगे की कार्रवाई करेगी। तबादले के नाम पर 5 लाख रुपए की मांग का आरोप पुलिस सूत्रों के अनुसार, शाहरुख खान ने उद्यानिकी विभाग के एक अधिकारी से मनचाहा तबादला कराने के एवज में 5 लाख रुपए की मांग की थी। इसी दौरान अधिकारी ने अपने स्तर पर प्रयास कर स्वयं ही अपना तबादला करवा लिया। बताया जा रहा है कि जब शाहरुख खान को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने विभाग के सचिव को निशाना बनाते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर दी। पोस्ट में सचिव पर पैसे लेकर तबादले करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए। सचिव की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर सोशल मीडिया पोस्ट की जानकारी मिलने पर विभाग के सचिव ने इसे अपनी छवि धूमिल करने का प्रयास बताते हुए भोपाल क्राइम ब्रांच में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने शाहरुख खान के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके बाद क्राइम ब्रांच के अधिकारी भरत प्रजापति के नेतृत्व में एक विशेष टीम ग्वालियर पहुंची। स्थानीय पुलिस की मदद से टीम ने शाहरुख खान से बंद कमरे में कई घंटे तक पूछताछ की और मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई। सीएसपी किरण अहिरवार ने बताया- भाजपा नेता शाहरुख खान के खिलाफ भोपाल में एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने उद्यानिकी विभाग में तबादले के नाम पर पैसों के लेन-देन के आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की थी। इसी मामले में भोपाल क्राइम ब्रांच की टीम ने ग्वालियर में उनसे पूछताछ की है। मामले की विस्तृत जांच भोपाल पुलिस कर रही है।
देवरिया के मदनपुर थाना क्षेत्र में स्थित बाबा महेंद्रनाथ मंदिर के पोखर में डूबे एक युवक का शव बुधवार शाम करीब सात बजे पानी की सतह पर उतराता मिला। युवक मंगलवार को पोखरे में डूबा था। सूचना मिलने पर मईल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पहचान मदनपुर थाना क्षेत्र के फकईपुर गांव निवासी 36 वर्षीय राजेश सिंह पुत्र रमायन सिंह के रूप में हुई है। राजेश मंगलवार को किसी काम से महेंद्रनाथ मंदिर गए थे। मंदिर परिसर में स्थित पोखरे में हाथ-पैर धोने के लिए वह सीढ़ियों से पानी में उतरे थे, तभी उनका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूब गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंच गए। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम को भी बुलाया गया। एनडीआरएफ ने मंगलवार देर शाम तक पोखरे में युवक की तलाश में सर्च अभियान चलाया, लेकिन शव का पता नहीं चल सका था। बुधवार शाम करीब सात बजे राजेश का शव पोखरे के किनारे पानी की सतह पर उतराता हुआ दिखाई दिया। मईल थाना पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। राजेश सिंह अपने पीछे पत्नी और बच्चों को छोड़ गए हैं। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद मामले में आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
मथुरा में पांच साल के मासूम की हत्या के चर्चित मामले में कोर्ट ने आरोपी विष्णु कुमार को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिला जज विकास कुमार की अदालत ने बुधवार शाम पांच बजे फैसले में आरोपी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) शिवराम सिंह तरकर ने बताया कि आरोपी विष्णु कुमार आगरा के बुंदला क्षेत्र का रहने वाला है। उसकी शादी बलदेव क्षेत्र के झरोटा गांव की प्रीति से हुई थी। पत्नी ने रात में जाने से किया मना, गुस्से में मासूम को ले गया अभियोजन के अनुसार, 8 मई 2021 की रात विष्णु अपनी पत्नी को विदा कराकर आगरा ले जाने के लिए ससुराल पहुंचा था। रात ज्यादा होने पर उसकी पत्नी ने सुबह चलने की बात कही। इस बात से नाराज होकर विष्णु ने अपनी पत्नी के पांच वर्षीय छोटे भाई को बहाने से अपने साथ ले लिया। जंगल में ईंट-पत्थरों से कुचलकर की हत्या घर से करीब एक किलोमीटर दूर जंगल में आरोपी ने मासूम की ईंट और पत्थरों से कुचलकर हत्या कर दी। वारदात के बाद वह वापस घर लौट आया। उसके व्यवहार पर शक होने पर परिजनों ने उससे पूछताछ की, जिसमें उसने हत्या की बात कबूल कर ली। इसके बाद परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो बच्चे का शव खून से लथपथ मिला। गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद मृतक के पिता उदयवीर की तहरीर पर बलदेव थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। गिरफ्तारी के बाद से आरोपी जेल में बंद था। मामले में पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने विष्णु कुमार को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने आदेश दिया कि जुर्माने की राशि में से 15 हजार रुपये पीड़ित परिवार को दिए जाएंगे, जबकि शेष 10 हजार रुपये राजकोष में जमा कराए जाएंगे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राज्य सरकार को आवासीय सोसायटियों की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) और फ्लैट मालिकों के बीच विवादों के समाधान के लिए एक अलग और प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था बनाने पर विचार करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि आरडब्ल्यूए के किसी फैसले से असहमत होने मात्र से सीधे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल नहीं की जा सकती। यह महत्वपूर्ण टिप्पणी न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने गोमती नगर विस्तार स्थित सर्वोदय सुलभ अपार्टमेंट के चार निवासियों की याचिका खारिज करते हुए की। याचिका में आरडब्ल्यूए के कुछ फैसलों को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि आरडब्ल्यूए ने अपार्टमेंट के 10 में से छह गेट बंद कर दिए हैं। इसके अतिरिक्त, पार्किंग के लिए शुल्क लिया जा रहा है और शुल्क न देने वाले वाहनों पर क्लैंप लगाकर प्रतिदिन 500 रुपये का जुर्माना वसूला जाता है। याचिका में आरडब्ल्यूए के गठन की वैधता पर भी सवाल उठाए गए थे। सुनवाई के दौरान, आरडब्ल्यूए ने न्यायालय को सूचित किया कि उसका पंजीकरण विधिवत हुआ है और समिति का गठन चुनाव के बाद ही किया गया है। इस पर न्यायालय ने कहा कि चुनी हुई आरडब्ल्यूए को नियमों के अनुसार पार्किंग, सुरक्षा और सोसायटी की साझा सुविधाओं से जुड़े निर्णय लेने का अधिकार है। सुरक्षा कारणों से कुछ गेट बंद करना भी उसके अधिकार क्षेत्र में आता है। न्यायालय ने यह भी कहा कि यदि किसी सदस्य को आरडब्ल्यूए के फैसले पर आपत्ति है, तो उसे पहले आरडब्ल्यूए के समक्ष ही अपनी बात रखनी चाहिए। जब तक किसी के कानूनी या संवैधानिक अधिकार का स्पष्ट उल्लंघन न हो, ऐसे मामलों में हाईकोर्ट सीधे हस्तक्षेप नहीं करेगा। हालांकि, न्यायालय ने स्वीकार किया कि ऐसे विवादों के समाधान के लिए वर्तमान में कोई प्रभावी व्यवस्था मौजूद नहीं है। इसी कारण राज्य सरकार को उत्तर प्रदेश अपार्टमेंट अधिनियम, 2010 के तहत आरडब्ल्यूए और फ्लैट मालिकों के विवादों के निस्तारण के लिए एक अलग शिकायत निवारण तंत्र बनाने पर विचार करने का निर्देश दिया गया है।
मेरठ में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने किसानों की लंबित समस्याओं को लेकर 21 जुलाई को जिला मुख्यालय के घेराव का ऐलान किया है। यह निर्णय भोला झाल पर आयोजित जिला समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक में जिले के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में किसान और संगठन के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में किसानों ने खाद की उपलब्धता, गन्ना भुगतान, बिजली के बढ़े हुए भार, तहसीलों में भ्रष्टाचार और लोक निर्माण विभाग से जुड़े मामलों को प्रमुखता से उठाया। किसानों का कहना था कि कई बार ज्ञापन देने और किसान दिवस में समस्याएं रखने के बावजूद उनका समाधान नहीं किया गया। समाधान नहीं हुआ तो होगा घेराव बैठक में किसानों ने कहा कि यदि 21 जुलाई तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो जिला मुख्यालय का घेराव कर प्रशासन से जवाब मांगा जाएगा। इस दौरान आंदोलन को और तेज करने की रणनीति पर भी चर्चा की गई। 'प्रशासन किसानों की सुनवाई नहीं कर रहा' भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने आरोप लगाया कि किसानों की समस्याओं से प्रशासन को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि समितियों पर खाद वितरण में अनियमितताएं हैं, किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिल रही है और गन्ना भुगतान भी लंबित है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिलाधिकारी से मिलने के लिए समय मांगने पर भी किसानों को मुलाकात नहीं मिल पाती। बड़ी संख्या में किसान रहे मौजूद बैठक की अध्यक्षता ओमवीर सिंह ने की, जबकि संचालन तहसील अध्यक्ष मोनू टिकरी और हर्ष चाहल ने किया। बैठक में मेजर सुरेंद्र, सतबीर सिंह, संजय सिंह, रामफल शर्मा, वेदपाल प्रधान, हाजी काशी समेत बड़ी संख्या में किसान और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
जयपुर पुलिस आयुक्तालय में बुधवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने 82 पुलिस निरीक्षकों (इंस्पेक्टर) के स्थानांतरण और पदस्थापन के आदेश जारी किए हैं। इसके अलावा पूर्व में स्थानांतरण आदेशों के तहत कार्यभार ग्रहण करने वाले पांच पुलिस निरीक्षक एवं उप निरीक्षक के नियमित पदस्थापन के भी आदेश जारी किए गए हैं। इस फेरबदल में शहर के कई प्रमुख थानों को नए थानाधिकारी मिले हैं। वहीं अपराध शाखा, विशेष अपराध एवं साइबर थाना, सीएसटी, मानव तस्करी विरोधी यूनिट, एसआईयू-सीएडब्ल्यू, पुलिस नियंत्रण कक्ष, रिजर्व पुलिस लाइन और यातायात शाखा में भी बड़े स्तर पर बदलाव किए गए हैं। प्रमुख नियुक्तियां कमलेश कुमार – थानाधिकारी, सुभाष चौक रघुवीर सिंह – थानाधिकारी, जयसिंहपुरा खोर भूरी सिंह – थानाधिकारी, कोतवाली सज्जन कुमार – थानाधिकारी, नाहरगढ़ सुनील कुमार – थानाधिकारी, जालूपुरा मदन लाल कड़वासरा – थानाधिकारी, महेश नगर सतीश चंद – थानाधिकारी, मानसरोवर मनोहर लाल – थानाधिकारी, अशोक नगर गुंजन वर्मा – थानाधिकारी, ज्योति नगर मनोज बेरवाल – थानाधिकारी, सोडाला हरि सिंह दूधवाल – थानाधिकारी, श्याम नगर छोटेलाल मीणा – थानाधिकारी, नारायण विहार हितेश शर्मा – थानाधिकारी, शिप्रा पथ मुकेश कुमार खारड़िया – थानाधिकारी, मुहाना गुरु भूपेंद्र सिंह – थानाधिकारी, सांगानेर सदर कृष्ण कुमार – थानाधिकारी, चाकसू राजेश गौतम – थानाधिकारी, बस्सी विक्रांत शर्मा – थानाधिकारी, प्रताप नगर गौरव प्रधान – थानाधिकारी, मालवीय नगर प्रदीप सिंह – थानाधिकारी, तूंगा सुरेश कुमार यादव – थानाधिकारी, एसएमएस अस्पताल प्रेम सिंह – थानाधिकारी, आदर्श नगर विक्रम सिंह – थानाधिकारी, ट्रांसपोर्ट नगर दीपक त्यागी – थानाधिकारी, महिला थाना (जयपुर पूर्व) धर्मेंद्र कुमार शर्मा – थानाधिकारी, बनीपार्क अरविंद सिंह शेखावत – थानाधिकारी, सिंधी कैंप अनिल कुमार जैमनी – थानाधिकारी, वैशाली नगर महेश चंद शर्मा – थानाधिकारी, हरमाड़ा रायसल सिंह शेखावत – थानाधिकारी, झोटवाड़ा दिलीप सिंह – थानाधिकारी, कालवाड़ यातायात और विशेष शाखाओं में भी बदलाव आदेशों के तहत कई निरीक्षकों को यातायात शाखा, अपराध शाखा, सीएसटी, विशेष अपराध एवं साइबर थाना, मानव तस्करी विरोधी यूनिट, एसआईयू-सीएडब्ल्यू, पुलिस नियंत्रण कक्ष, स्टाफ ऑफिसर और रिजर्व पुलिस लाइन में भी पदस्थापित किया गया है। पांच अधिकारियों के नियमित पदस्थापन पुलिस आयुक्त ने पूर्व में जारी स्थानांतरण आदेशों के क्रम में पांच अधिकारियों का नियमित पदस्थापन भी किया है। इनमें प्रहलाद नारायण को यातायात जयपुर, प्रकाश राम विश्नोई को खोह नागोरियान, रामधन मीणा को बजाज नगर, रतन सिंह को जामड़ोली तथा श्याम सुंदर (उप निरीक्षक) को लालकोठी थाना का थानाधिकारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
लखनऊ में बढ़ते ट्रैफिक और भारी वाहनों के दबाव को कम करने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) शहर के बाहरी हिस्सों में दो नए ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करेगा। यह परियोजना स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) विजन के तहत तैयार की गई है। दोनों ट्रांसपोर्ट नगर बनने के बाद शहर के अंदर भारी वाहनों का प्रवेश कम होगा, जिससे जाम और प्रदूषण पर भी प्रभावी नियंत्रण मिलने की उम्मीद है। एलडीए ने एक ट्रांसपोर्ट नगर वरुण विहार योजना में एनएच-731, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और अनूपगंज रेलवे स्टेशन के पास प्रस्तावित किया है, जबकि दूसरा गोसाईगंज में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और आउटर रिंग रोड के किनारे विकसित होगा। दोनों परियोजनाओं पर करीब 650 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे और प्रत्येक के लिए 40-40 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है। 500 ट्रकों की पार्किंग वाले आधुनिक टर्मिनल बनेंगे एससीआर योजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे 8 से 10 हेक्टेयर के ट्रक होल्डिंग एरिया और ट्रक पार्किंग भी विकसित की जाएंगी। प्रत्येक टर्मिनल में करीब 500 ट्रकों की पार्किंग, माल की लोडिंग-अनलोडिंग, गोदाम, वर्कशॉप और ईंधन जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे पूर्वांचल और बुंदेलखंड से आने वाले माल के परिवहन को भी गति मिलेगी। शाहाबाद और बंथरा में भी प्रस्ताव योजना के तहत शाहाबाद और बंथरा के पास भी ट्रक होल्डिंग एरिया विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है। अधिकारियों का मानना है कि इससे शहर के भीतर अनावश्यक रूप से प्रवेश करने वाले भारी वाहनों की संख्या घटेगी और लॉजिस्टिक व्यवस्था अधिक व्यवस्थित होगी। शहरवासियों को होंगे ये फायदे कोट “लखनऊ का तेजी से विस्तार हो रहा है और औद्योगिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। मौजूदा ट्रांसपोर्ट नगर अब शहर के बीच में आ चुका है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए एससीआर योजना के तहत दो नए ट्रांसपोर्ट नगर विकसित किए जाएंगे।” – प्रथमेश कुमार, उपाध्यक्ष, एलडीए
जमुई पुलिस ने चंद्रदीप थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव से बरामद युवक के शव मामले में चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि जिसे हत्या बताया जा रहा था, वह वास्तव में आत्महत्या का मामला था। आरोप है कि मृतक के परिजनों ने आत्महत्या को हत्या का रूप देने के लिए शव को नवादा जिले से लाकर जमुई के मोहनपुर बहियार में फेंका था। मृतक की पहचान नवादा जिले के रोह थाना क्षेत्र के कुमरौआ गांव निवासी अंकित मिस्त्री (पिता बिरजू मिस्त्री) के रूप में हुई थी। घटना के बाद मृतक की मां सुनीता देवी ने आठ लोगों पर बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए आवेदन दिया था। इस आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले। तकनीकी अनुसंधान में अंकित की बुआ के मोबाइल की कॉल डिटेल और शव पर मिली बेडशीट की जांच से पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार, अंकित ने नवादा में अपनी बुआ की बेटी के घर आत्महत्या की थी। शव को जमुई के मोहनपुर बहियार में लाकर फेंक दियाइसके बाद उसकी मां, फूफा, मौसा, मौसी समेत अन्य परिजनों ने शव को एक बोलेरो वाहन से जमुई के मोहनपुर बहियार में लाकर फेंक दिया। मोहनपुर अंकित का ननिहाल था। परिजनों का मकसद घटना को हत्या का रूप देकर दूसरों को फंसाना था। एडीपीओ सतीश सुमन ने बताया कि मंगलवार सुबह चंद्रदीप थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव से एक अज्ञात शव बरामद किया गया था। शव की पहचान के बाद युवक की मां के बयान के आधार पर आठ लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक ने हाल ही में एक लड़की से शादी की थी, जिससे दो परिवारों के बीच तनाव की स्थिति थी। मृतक की मां ने लड़की के परिवार वालों द्वारा जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया था। रात में युवक के फूफा के घर में सुसाइड कियाउन्होंने बताया कि घटना की तब्तीश के द्वारा मृतक की मां से पूछताछ की गई, उनके मोबाइल पर 14 तारीख की सुबह तीन बजे सुबह एक मोबाइल नंबर से कॉल आया था, इस मामले में मृतक की मां के द्वारा मोबाइल नंबर के बारे में कुछ भी नहीं बताया गया। पुलिस ने इसके बाद उसे मोबाइल नंबर को आईडेंटिफाई किया, दो नवादा के एक यूजर का निकला। हिरासत में लेकर जब पूछताछ की गई तो पूरे मामले का उद्भेदन हुआ है। उन्होंने बताया कि 14 तारीख को ही रात में युवक के फूफा के घर में सुसाइड कर लिया गया था। मृतक के मां, फूफा, मौसी, फुआ के द्वारा अंकित के डेड बॉडी को बेडशीट में लपेटकर जमुई जिला के चंद्रदीप थाना क्षेत्र इलाके के मोहनपुर में फेक दिया गया था। लड़की से बातचीत करने के लिए नहीं दिया जा रहा थाउन्होंने बताया कि पूरे मामले को छुपाने का उद्देश्य यह था कि जिस लड़की से अंकित की शादी हुई थी,उसके परिवार पर हत्या के मुकदमा किया जा सके। एसडीपीओ में बताया कि इस मामले में एक सुसाइड नोट पर बरामद हुआ है, उसे सुसाइड नोट के आधार प्रारंभिक रूप से यह लग रहा है कि अंकित को लड़की से बातचीत करने के लिए नहीं दिया जा रहा था। मृतक के मामा और मौसा के द्वारा मृतक के पत्नी को कहीं छुपा दिया गया था। उन्होंने बताया कि चंद्रदीप थाना क्षेत्र के सोनखार से मृतक के फूफा के परिचित के घर से लड़की को बरामद किया गया। उन्होंने कहा कि आत्महत्या को हत्या का रूप इसलिए दिया गया था की लड़की के पिता सहित अन्य लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें फसाया जा सके। दरअसल अंकित गांव के ही एक लड़की से 14 जून को घर से भाग कर लव मैरिज किया था। यह शादी अंतर्जातीय होने के कारण लड़की के परिवार वाला और लड़के के परिवार वालों में तनाव की स्थिति थी। लड़की से बात नहीं कराए जाने के कारण अंकित ने सुसाइड कर लिया था।
पटना में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का साइबर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने न्यू सचिवालय के पास फुटपाथ पर स्थित एक होटल में छापेमारी कर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह केंद्रीय चयन परिषद (सिपाही भर्ती), बीपीएससी, बिहार पुलिस और बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करता था। साथ ही साइबर ठगी की वारदातों में भी इनकी संलिप्तता सामने आई है। मोबाइल फोन, अभ्यर्थियों के कई डॉक्यूमेंट्स मिले गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विवेक कुमार (37 वर्ष), मंजीत कुमार (23 वर्ष) और निर्भय कुमार सिंह (25 वर्ष) के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान पुलिस ने इनके कब्जे से कई मोबाइल फोन, अभ्यर्थियों के मूल और फोटोकॉपी शैक्षणिक अंकपत्र, प्रमाणपत्र तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि गिरोह नौकरी दिलाने का भरोसा देकर लोगों से पैसे वसूलता था और फर्जी तरीके से दस्तावेज भी इकट्ठा करता था। जांच के दौरान इस पूरे नेटवर्क से जुड़े दो अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। साइबर थाना में मामला दर्ज इस मामले में पटना साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और ठगी की रकम कितनी है। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति या संस्था को बिना सत्यापन के पैसे या अपने दस्तावेज न दें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर दें।
मेरठ में कांवड़ यात्रा को लेकर पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता ने मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर होते हुए उत्तराखंड बॉर्डर तक कांवड़ मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर विद्युत सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कांवड़ मार्ग पर बिजली के पोलों को आठ फीट तक पॉलीथीन और पीवीसी कवर से सुरक्षित करने, ट्रांसफार्मरों की बैरीकेडिंग कराने, विद्युत लाइनों की गार्डिंग सुनिश्चित करने और सभी तैयारियां 22 जुलाई तक पूरी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। शाकुंभरी उपकेंद्र में परखी व्यवस्थाएं सहारनपुर पहुंचकर प्रबंध निदेशक ने 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र शाकुंभरी का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने मेंटेनेंस, प्रोटेक्शन सिस्टम, अर्थिंग उपकरणों की कार्यक्षमता, सुरक्षा मानकों और रखरखाव व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी उपकेंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ रखी जाए और किसी भी तकनीकी कमी को तत्काल दूर किया जाए। पोल टू पोल होगी चेकिंग एमडी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ मार्ग पर पोल टू पोल जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी करंट लीकेज की संभावना न रहे। साथ ही बिजली लाइनों के पास मौजूद पेड़ों की समयबद्ध कटाई-छंटाई कर संभावित व्यवधानों को समाप्त किया जाए ताकि यात्रा के दौरान निर्बाध और सुरक्षित विद्युत आपूर्ति बनी रहे। लापरवाही पर होगी कार्रवाई रवीश गुप्ता ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान विद्युत सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी फील्ड अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमित सेफ्टी ड्रिल आयोजित करने तथा सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य रूप से उपयोग करने के निर्देश दिए। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए। बोले- फील्ड पर रहें अधिकारी पीवीवीएनएल एमडी रवीश गुप्ता ने कहा कि कांवड़ श्रद्धालुओं की सुरक्षा और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारी लगातार फील्ड में रहकर कार्यों की निगरानी करें और प्रत्येक निर्देश का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करें, ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
इंदौर के लसूड़िया क्षेत्र में रहने वाली 60 वर्षीय महिला की उसके बेटे ने मारपीट कर हत्या कर दी। आरोपी अपनी पत्नी के घर छोड़कर जाने से नाराज था। पुलिस ने बेटे को हिरासत में ले लिया है। पुलिस के मुताबिक, मां, बेटा और बहू तीनों शराब पीने के आदी थे। बुधवार को भी शराब के नशे में मां-बेटे के बीच विवाद हुआ था। एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह के मुताबिक, बुधवार शाम करीब 4 बजे सूचना मिली कि गीताबाई (60) का शव घर में पड़ा है। शुरुआती जानकारी में सामने आया कि उसके बेटे आकाश ने उसके साथ मारपीट की थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। आसपास के लोगों ने पुलिस को बताया कि गीताबाई, उसका बेटा आकाश और बहू ममता एक साथ रहते थे। तीनों मजदूरी कर अपना जीवनयापन करते थे। शराब पीने के बाद उनके बीच अक्सर विवाद होता रहता था। बुधवार को ममता घर छोड़कर चली गई थी। इस बात से आकाश नाराज हो गया। उसने नशे की हालत में अपनी मां गीताबाई से विवाद किया और उसके साथ बेरहमी से मारपीट कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी बेटे आकाश को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
बाढ़ की संभावित स्थिति के मद्देनजर, वीरपुर के बाढ़ नियंत्रण एवं जलनिस्सरण विभाग के मुख्य अभियंता संजीव शैलेश ने बुधवार को सहरसा जिले में पूर्वी कोसी तटबंध का निरीक्षण किया। उन्होंने विशेष रूप से स्पर संख्या 116.70 और 117.15 का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने तटबंध पर नदी के दबाव, सुरक्षा व्यवस्था और बाढ़ से निपटने की तैयारियों का गहन मूल्यांकन किया। निरीक्षण के दौरान, मुख्य अभियंता ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तटबंध के सभी संवेदनशील स्थलों पर चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित की जाए। नदी के जलस्तर में वृद्धि, दबाव बढ़ने या कटाव की आशंका होने पर तत्काल सुरक्षात्मक कार्य शुरू किए जाएं। अभियंताओं और कर्मियों को अलर्ट मोड पर रखा गयामुख्य अभियंता ने यह भी निर्देश दिया कि बाढ़ से बचाव के लिए आवश्यक सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखी जाए और सभी संसाधनों को हर समय तैयार रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि तटबंध की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और विभाग को हर संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क रहना होगा। संजीव शैलेश ने बताया कि विभाग कोसी नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है। सभी अभियंताओं और कर्मियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई कर तटबंध की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता विकास कुमार, कार्यपालक अभियंता सुमन कुमार और फ्लड फाइटिंग फोर्स के चेयरमैन सह बाढ़ संघर्षात्मक समिति के अध्यक्ष सहजानंद सिंह सहित विभाग के कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
बांका जिले के रजौन प्रखंड कार्यालय सभागार में बुधवार को बीस सूत्री कार्यान्वयन समिति की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह ने की। इसमें क्षेत्र के विकास कार्यों, जनसमस्याओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना में पारदर्शिता और विशेष भूमि सर्वेक्षण में अनियमितताओं की जांच की मांग प्रमुखता से उठी। बैठक में बीडीओ अंतिमा कुमारी, राजस्व पदाधिकारी सुरजेश्वर श्रीवास्तव, कृषि पदाधिकारी अरविंद कुमार, जेई राजाराम,जदयू प्रखंड अध्यक्ष अंजनी चौधरी, भाजपा मंडल अध्यक्ष नितेश कुमार एवं मनीष कुमार, जिला परिषद सदस्य मुकेश सिंह सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। अधिकारियों ने बिजली,शिक्षा,स्वास्थ्य,कृषि,राजस्व,पेयजल और आंगनबाड़ी सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। नितेश कुमार ने जनहित से जुड़ी 11 मांगें रखींभाजपा मंडल अध्यक्ष नितेश कुमार ने जनहित से जुड़ी 11 मांगें रखीं। उन्होंने पंचायत सरकार भवनों में आरपीएस कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, प्रधानमंत्री आवास योजना के चयनित लाभार्थियों की पंचायतवार सूची समिति को उपलब्ध कराने की मांग की।इसके साथ ही, उन्होंने विशेष भूमि सर्वेक्षण में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने पर जोर दिया।नितेश कुमार ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर बिचौलियों की मिलीभगत से सरकारी भूमि को निजी नाम से दर्ज कराने का प्रयास किया जा रहा है। उनकी अन्य मांगों में पुनसिया साप्ताहिक हाट में नियमित साफ-सफाई,कचरा प्रबंधन,खुले में मांस-मछली बिक्री पर नियंत्रण शामिल था। उन्होंने हर घर नल-जल योजना से वंचित परिवारों को लाभ देने तथा वार्ड 6 और 7 की जाम नालियों की सफाई और स्थायी जल निकासी की व्यवस्था कराने की भी मांग उठाई। विभिन्न पंचायतों की समस्याओं पर भी चर्चा कीबैठक में कई जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न पंचायतों की समस्याओं पर भी चर्चा की। बनगांव पंचायत के वार्ड 1 और 5 में आंगनबाड़ी केंद्र और सेविका नहीं होने तथा निजी भवन में केंद्र संचालित किए जाने का मुद्दा उठाया गया। मोरामा बनगांव पंचायत के वार्ड 9 और सिंहनान पंचायत के गोपालपुर वार्ड 15 में आंगनबाड़ी केंद्र नहीं होने से बच्चों को दूर जाना पड़ता है। सकहारा वार्ड 1 में एनओसी मिलने के बावजूद आंगनबाड़ी भवन का निर्माण नहीं होने का मामला भी सामने आया। वहीं पुनसिया वार्ड 8के बेंगा कैथा स्कूल में मतदान केंद्र नहीं होने के कारण ग्रामीणों को दो से तीन किलोमीटर दूर जाकर मतदान करना पड़ता है। केवाईसी के लिए बैंक शाखा जाने की आवश्यकता नहीं होगीबैठक में इन समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई।बैठक के दौरान एसबीआई बैंक प्रबंधक ने जानकारी दी कि अब ग्राहकों को केवाईसी के लिए बैंक शाखा जाने की आवश्यकता नहीं होगी। आधार कार्ड के माध्यम से नजदीकी सीएसपी केंद्र पर भी केवाईसी की सुविधा उपलब्ध रहेगी। अधिकारियों ने संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मध्य प्रदेश पुलिस और सामाजिक न्याय विभाग ने बुधवार से जबलपुर में 15 दिवसीय जन-जागरूकता अभियान 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' की शुरुआत की। भंवरताल गार्डन स्थित संस्कृति थिएटर में दीप प्रज्वलन के साथ अभियान का शुभारंभ हुआ। इस दौरान आईजी प्रमोद वर्मा, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, एसपी संपत उपाध्याय समेत अधिकारियों, चिकित्सकों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अगले तीन वर्षों में भारत को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। आईजी प्रमोद वर्मा ने युवाओं से खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने की अपील करते हुए नशे से दूर रहने का संदेश दिया। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने स्कूल और कॉलेजों के आसपास तंबाकू उत्पादों की दुकानों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। वहीं एसपी संपत उपाध्याय ने अवैध नशे के कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। अभियान के तहत जबलपुर रेलवे स्टेशन परिसर में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें एसपी रेल सुंदर सिंह कनेश, एएसपी भावना मरावी, डीएसपी अंकिता सुल्य और जीआरपी थाना प्रभारी संजीवनी राजपूत मौजूद रहीं। संस्कृति स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के विद्यार्थियों, शिक्षकों और रेल यात्रियों सहित करीब 200 लोगों ने नशामुक्त जीवन की शपथ ली। कार्यक्रम के बाद जागरूकता रैली भी निकाली गई, जिसके माध्यम से लोगों को नशे के दुष्परिणामों और स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूक किया गया। अधिकारियों ने बताया कि अभियान के तहत आगामी दिनों में स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर लगातार जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बांसवाड़ा में अब सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। सड़क हादसों में जनहानि को कम करने और यातायात सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट और एसपी ने संयुक्त रूप से विशेष एडवाइजरी जारी की है। आदेश का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ यातायात नियमों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि सरकारी अधिकारी और कर्मचारी स्वयं हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग कर आमजन के लिए उदाहरण प्रस्तुत करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। एडवाइजरी के अनुसार दुपहिया वाहन चलाते समय चालक के साथ पीछे बैठने वाले व्यक्ति (पिलियन राइडर) के लिए भी आईएसआई (ISI) या बीआईएस (BIS) मानक का हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। हेलमेट केवल सिर पर रखना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उसकी स्ट्रैप (फीता) को भी सही तरीके से बांधना होगा। इसके अलावा कार्यालय आने-जाने, क्षेत्र भ्रमण, सरकारी कार्य या निजी काम से यात्रा के दौरान, चाहे दूरी कितनी भी कम हो, बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाने की अनुमति नहीं होगी। जिला प्रशासन ने जिले के सभी विभागाध्यक्षों और कार्यालयाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे इस एडवाइजरी की जानकारी अपने अधीनस्थ सभी अधिकारियों और कर्मचारियों तक तत्काल पहुंचाएं और इसकी शत-प्रतिशत पालना सुनिश्चित कराएं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस द्वारा नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम जारगिम-जुड़वानी में बुधवार शाम महिला मजदूरों से भरी पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में दो महिलाओं की मौके पर मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गईं। वाहन में 20 से 25 महिला मजदूर (बनिहार) सवार थीं। अन्य कई महिलाओं को भी चोटें आई हैं। जानकारी के अनुसार, परेवा गांव की महिला मजदूरों को धान की रोपाई के लिए जारगिम-जुड़वानी ले जाया गया था। शाम करीब 6 बजे सभी मजदूर पिकअप से वापस परेवा लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में एक मोड़ पर तेज रफ्तार के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और पिकअप पलट गई। दो महिलाओं की मौके पर मौत हादसे में विमला नगेशिया (40) और कामेश्वरी पैकरा (46), दोनों निवासी परेवा, की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अन्य कई महिलाएं घायल हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही शंकरगढ़ पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। सभी घायलों को 108 एम्बुलेंस की मदद से शंकरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। इनमें से तीन महिलाओं की हालत गंभीर होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर किया गया। अन्य घायलों का इलाज शंकरगढ़ अस्पताल में जारी है। टक्कर के बाद डर से तेज रफ्तार में भाग रहा था चालक शंकरगढ़ थाना प्रभारी विमलेश सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि महिलाओं को छोड़ने जा रही पिकअप ने रास्ते में एक अन्य पिकअप को टक्कर मार दी थी। ग्रामीणों के पीछा करने के डर से चालक तेज रफ्तार में वाहन भगाने लगा। इसी दौरान मोड़ पर वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। दो की मौत, घायलों में तीन की हालत गंभीर हादसे में पिकअप सवार विमला नगेशिया 40 वर्ष और कामेश्वरी पैकरा 46 वर्ष, दोनों निवासी परेवा की मौके पर मौत हो गई। वहीं अन्य सवारों को भी गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना पर शंकरगढ़ पुलिस एवं स्वास्थ्य अमले की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को 108 एम्बुलेंस से शंकरगढ़ हॉस्पिटल लाया गया। तीन महिलाओं को गंभीर अवस्था में मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर कर दिया गया। अन्य घायल लोगों का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शंकरगढ़ में किया जा रहा है। हादसे का कारण तेज रफ्तार बताया गया है। पिकअप में 20 से अधिक महिलाएं सवार थीं। शंकरगढ़ थाना प्रभारी विमलेश सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि महिलाओं को लेकर परेवा छोड़ने जा रहे पिकअप ने रास्ते में एक पिकअप को टक्कर मार दी थी। ग्रामीण उन्हें दौड़ाएंगे, इस डर से पिकअप का चालक तेज रफ्तार में वाहन चला रहा था। मामले की जांच की जा रही है। सरगुजा संभाग में रोपाई के मौसम में बड़ी संख्या में मजदूरों को रोपा लगाने के लिए मालवाहकों से ढोया जाता है, जिससे हादसे भी होते हैं।
ग्वालियर के गोला का मंदिर थाना क्षेत्र स्थित सूर्य मंदिर रोड पर बुधवार देर रात एक चलती कार में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही देर बाद कार में जोरदार धमाका हुआ, जिससे आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार से धुआं उठता देख चालक ने तुरंत वाहन रोककर बाहर छलांग लगा दी, जिससे उसकी जान बच गई। इसके बाद आग तेजी से फैल गई और पूरी कार धू-धूकर जलने लगी। सूचना मिलते ही गोला का मंदिर थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी मानी जा रही है। जली हुई कार का नंबर MP-07-TH-1239 है, जो प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ऋषभ राजपूत के नाम पर पंजीकृत बताई जा रही है। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। वहीं हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
सहरसा-मानसी रेलखंड पर स्थित कोपरिया रेलवे स्टेशन पर बुनियादी यात्री सुविधाओं के अभाव को लेकर स्थानीय लोगों ने आक्रोश व्यक्त किया है। बुधवार को ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने सांसद प्रतिनिधि रितेश रंजन को एक मांगपत्र सौंपा, जिसमें स्टेशन के समग्र विकास और यात्री सुविधाओं के विस्तार की मांग की गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कोपरिया स्टेशन सलखुआ, बनमा-इटहरी, फनगो सहित आसपास के दर्जनों गांवों के हजारों निवासियों के लिए एक प्रमुख रेल केंद्र है। हालांकि, सुविधाओं की कमी के कारण यात्रियों को प्रतिदिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग कीमांगपत्र के माध्यम से ग्रामीणों ने स्टेशन के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण, प्लेटफॉर्म का उच्चीकरण, जर्जर संपर्क सड़क एवं पहुंच पथ का निर्माण, पर्याप्त यात्री शेड, स्वच्छ एवं नियमित रूप से संचालित शौचालय, हाईमास्ट लाइट की स्थापना तथा रेलवे परिसर की नियमित साफ-सफाई और रखरखाव सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना था कि बरसात के मौसम में स्टेशन तक पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है, जिससे छात्र, किसान, व्यापारी और नौकरीपेशा लोग प्रभावित होते हैं। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों ने कोपरिया स्टेशन पर जनहित एक्सप्रेस और राज्यरानी एक्सप्रेस के नियमित ठहराव की भी मांग उठाई। उनका तर्क है कि इन ट्रेनों के रुकने से क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें लंबी दूरी की यात्रा के लिए अन्य स्टेशनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जमालपुर से रेल संपर्क स्थापित करने की मांग भी रखी गई है। आवागमन के लिए रेल सेवा पर काफी हद तक निर्भरविधायक प्रतिनिधि सर्वेश साह, रंजन यादव, जवाहर यादव, अरुण कुमार, इकबाल आलम, जैनेन्द्र यादव, मिथलेश भगत और श्याम पोद्दार सहित अन्य ग्रामीणों ने इस मांग का समर्थन किया। उन्होंने बताया कि कोपरिया एक कृषि प्रधान क्षेत्र है, जहां के किसान और कृषि व्यवसायी अपनी उपज के परिवहन तथा आवागमन के लिए रेल सेवा पर काफी हद तक निर्भर हैं। स्टेशन पर सुविधाओं की कमी विकास में एक बड़ी बाधा बनी हुई है। सांसद प्रतिनिधि रितेश रंजन ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी सभी मांगों को सांसद के माध्यम से रेलवे मंत्रालय के समक्ष प्रमुखता से उठाया जाएगा।
बिजली गिरने से 80 वर्षीय बुजुर्ग किसान की मौत:शेखपुरा में भैंस चराकर लौटते समय हुआ हादसा
शेखपुरा नगर परिषद क्षेत्र के काशीपुरम मुहल्ले में बुधवार देर शाम वज्रपात की घटना में 80 वर्षीय एक बुजुर्ग किसान और उनके दुधारू मवेशी की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतक की पहचान काशीपुरम मोहल्ला निवासी प्रयाग यादव के पुत्र अर्जुन यादव के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों की मदद से उनके शव को सदर अस्पताल शेखपुरा लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के रिश्तेदार रेड्डी राय ने बताया कि अर्जुन यादव मूल रूप से शहर के गिरिहिंडा के निवासी थे और काशीपुरम मुहल्ले में मकान बनाकर परिवार के साथ रह रहे थे। बुधवार को वे अपनी भैंस को मुहल्ले से दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्थित बघार में चराने गए थे। शाम को भैंस लेकर घर लौटते समय तेज गरज के साथ हुए वज्रपात की चपेट में आ गए और बुरी तरह झुलस कर गिर पड़े। स्थानीय लोगों ने उन्हें बघार में गिरा हुआ पाया और तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस सब इंस्पेक्टर सोनी कुमारी और एएसआई पंकज कुमार मंडल के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतक के शव को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सब इंस्पेक्टर सोनी कुमारी ने बताया कि इस संबंध में नगर थाना में एक यूडी (अप्राकृतिक मृत्यु) केस दर्ज किया गया है।
अररिया में राज्य में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर जिले के गोराडीह स्थित नवस्थापित डिग्री कॉलेज, कासिल परिसर से राज्यभर के 211 नए डिग्री कॉलेजों में पठन-पाठन कार्य का शुभारंभ किया। इसी क्रम में अररिया जिले के पांच प्रखंडों में स्थापित नए राजकीय डिग्री महाविद्यालयों में भी शैक्षणिक सत्र विधिवत शुरू हो गया। इन पांच प्रखंडों में शुरू हुई पढ़ाई अररिया जिले में जिन महाविद्यालयों में पठन-पाठन शुरू हुआ है, उनमें राजकीय डिग्री महाविद्यालय जोकीहाट, पलासी, भरगामा, सिकटी और नरपतगंज शामिल हैं। इन महाविद्यालयों के शुरू होने से जिले के विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुआ सीधा प्रसारण मुख्यमंत्री के राज्यस्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोकीहाट प्रखंड स्थित प्लस टू उमानाथ उच्च विद्यालय, उदाहाट में सीधा प्रसारण किया गया। इस अवसर पर अररिया सांसद प्रदीप कुमार सिंह, जिला पदाधिकारी विनोद दूहन, जोकीहाट विधायक मोहम्मद मुर्शीद आलम, नव नामांकित छात्र-छात्राएं, उनके अभिभावक तथा बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया। अन्य प्रखंडों में भी आयोजित हुए कार्यक्रम जिले के अन्य संबंधित प्रखंडों में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें जिला पदाधिकारी द्वारा नामित अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने नव नामांकित विद्यार्थियों का स्वागत एवं उत्साहवर्धन किया। 'ग्रामीण छात्रों को मिलेगा बड़ा लाभ' इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि नए राजकीय डिग्री महाविद्यालयों की स्थापना से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराने और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा से जोड़ने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगी।
नीमच जिले के जीरन थाना इलाके में बुधवार शाम दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने की भिड़ंत हो गई, हादसे में एक 17 साल के लड़के की जान चली गई, जबकि दूसरी बाइक पर सवार एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा पिपलिया जागीर और घसुंडी जागीर गांवों के बीच हुआ। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, चिताखेड़ा के रहने वाले 35 साल के विनोद (पिता गणपतलाल दमामी) खड़वेलिया गांव में एक मांगलिक कार्यक्रम में ढोल बजाने गए थे। शाम को वह ढोल बजाकर अपनी बाइक से घर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान खड़वेलिया गांव का रहने वाला 17 साल का विकास (पिता गोपाल मीणा) भी बाइक से अपने गांव की तरफ जा रहा था। जब दोनों घसुंडी जागीर और पिपलिया जागीर के बीच बने चौराहे पर पहुंचे, तो उनकी गाड़ियां आपस में टकरा गईं। अस्पताल पहुंचने से पहले ही लड़के ने तोड़ा दम टक्कर की खबर मिलते ही 108 एम्बुलेंस के ईएमटी अक्षय जाटव और पायलट भरत कुमार बिना देर किए मौके पर पहुंचे। वे दोनों गंभीर घायलों को लेकर तुरंत जिला अस्पताल भागे। लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद 17 साल के विकास मीणा को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल विनोद दमामी का शुरुआती इलाज करने के बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है, जहां उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू अस्पताल से मिली सूचना के बाद पुलिस भी एक्टिव हुई। पुलिस ने विकास के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल के मर्चुरी में रखवा दिया है। गुरुवार सुबह शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे घरवालों को सौंपा जाएगा। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर हादसे की जांच शुरू कर दी है।
गोपालगंज में युवक-रिश्तेदार पर चाकू से हमला:आपसी रंजिश में हमला, एक की हालत गंभीर; गोरखपुर रेफर
गोपालगंज के नगर थाना क्षेत्र के तिरबिरवा गांव के पास आपसी रंजिश में दो लोगों पर चाकू से हमला किया गया। इस हमले में एक युवक और उसका रिश्तेदार गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां एक की नाजुक हालत को देखते हुए उसे गोरखपुर रेफर कर दिया गया है। घायलों की पहचान तिरबिरवा गांव निवासी 45 वर्षीय छोटे लाल यादव, जो स्वर्गीय सुरेंद्र यादव के बेटे हैं, और 30 वर्षीय बिपिन राम, जो बांका राम के बेटे हैं, के रूप में हुई है। दोनों पड़ोसी हैं। जानकारी के अनुसार, छोटे लाल यादव और बिपिन राम काम के सिलसिले में कहीं जा रहे थे। रास्ते में पहले से घात लगाए नामजद आरोपियों ने बिपिन राम के साथ पुराने विवाद को लेकर हाथापाई शुरू कर दी। इसी दौरान आरोपियों ने चाकू निकालकर बिपिन पर हमला कर दिया। छोटे लाल यादव जब बीच-बचाव करने आए, तो उन पर भी हमला किया गया। चाकू लगने से दोनों बुरी तरह जख्मी हो गए। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद सभी आरोपी फरार हो गए। लहूलुहान हालत में दोनों घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया। अत्यधिक खून बह जाने के कारण डॉक्टरों ने बिपिन राम को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर कर दिया। इस घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दे दी गई है। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है।
मंदसौर कलेक्टर अदिति गर्ग ने बुधवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मातृ एवं शिशु कल्याण (एमसीएच) भवन में ऑपरेशन थिएटर (ओटी) और लेबर रूम को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से भी स्वास्थ्य सेवाओं पर फीडबैक लिया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को डॉक्टरों की बैठक व्यवस्था बेहतर करने और अस्पताल में सुविधाओं का विस्तार करने के निर्देश दिए। उन्होंने गनेडीवाल धर्मशाला के जीर्णोद्धार के लिए भी कहा। इस अवसर पर एसडीएम शिवलाल शाक्य, सीएमएचओ डॉ. गोविंद सिंह चौहान और सिविल सर्जन डॉ. बी.एल. रावत भी उपस्थित थे। कलेक्टर ने मरीजों से बातचीत कर इलाज और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली, जिस पर मरीजों ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने एनसीडी शाखा में मरीजों के उपचार और दवाओं के रिकॉर्ड की भी जांच की। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए गए। इसके बाद कलेक्टर ने आदित्य भवन स्थित ओपीडी पहुंचकर मरीजों के परीक्षण और उपचार व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अस्थि रोग, दंत रोग, फिजियोथेरेपी, मानसिक स्वास्थ्य कक्ष, स्त्री रोग ओपीडी, बाल रोग कक्ष, लेबर रूम और पीएनसी-एनआरसी वार्ड का भी निरीक्षण किया। पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती बच्चों की माताओं और प्रसूति वार्ड में भर्ती महिलाओं से उपचार व सुविधाओं के बारे में जानकारी ली गई। कलेक्टर ने डॉक्टरों की उपस्थिति की समीक्षा की और निर्देश दिए कि भर्ती मरीजों के परिजनों के ठहरने के लिए अस्पताल में अलग एवं समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
विदिशा में चलती कार पर खतरनाक स्टंट:वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने ₹8 हजार का चालान काटा
विदिशा में चलती कार पर खतरनाक स्टंट करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कार चालक पर 8 हजार रुपये का चालान किया। यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है। वायरल वीडियो में एक सफेद रंग की i20 कार तेज रफ्तार से सड़क पर दौड़ती दिख रही है। कार के बोनट पर एक युवक बैठा है, जबकि कार के अंदर बैठे अन्य युवक खिड़कियों से हाथ बाहर निकालकर स्टंट कर रहे हैं। वीडियो के आधार पर कोतवाली पुलिस ने वाहन और चालक की पहचान की। चालक को थाने बुलाकर पूछताछ की गई। जांच में स्टंटबाजी के साथ कई यातायात नियमों का उल्लंघन पाया गया, जिसके बाद मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत 8 हजार रुपये का चालान काटा गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे, नगर पुलिस अधीक्षक अतुल सिंह और थाना प्रभारी आनंद राज के नेतृत्व में की गई। चालक के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 5/180, 184, 112/183(1), 3/181 सहित अन्य प्रावधानों के तहत चालानी कार्रवाई की गई। पूछताछ के दौरान युवक ने अपनी गलती स्वीकार की और माफी मांगी। पुलिस ने उसे भविष्य में ऐसी हरकत दोबारा न करने की सख्त चेतावनी दी। पुलिस ने कहा कि सड़क पर इस तरह की स्टंटबाजी किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है। विदिशा पुलिस ने नागरिकों, विशेषकर युवाओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर रील बनाने या लाइक्स के लिए अपनी और दूसरों की जान जोखिम में न डालें। पुलिस ने यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित ड्राइविंग को प्राथमिकता देने की सलाह दी है।
इंदौर-अहमदाबाद फोरलेन पर नौगांव थाना क्षेत्र में एक युवक पर दिनदहाड़े हमला किया गया। कार सवार पांच बदमाशों ने उसकी गाड़ी रोककर धारदार हथियारों और लाठी-डंडों से मारपीट की। हमले में युवक की कार के शीशे भी तोड़ दिए गए। घायल युवक बलराम सिंह का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। बलराम सिंह ने पुलिस को बताया कि वह सीएनजी भरवाकर लौट रहा था। पटेल होटल के आगे पहुंचते ही एक कार में सवार करीब पांच बदमाशों ने उसका पीछा किया और उसकी कार के सामने अपनी गाड़ी अड़ा दी। इसके बाद बदमाशों ने उस पर धारदार हथियारों और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट के बाद आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। बलराम सिंह का आरोप है कि कुछ दिन पहले वह अपने मित्र रोहित सिंह सुनेरिया के साथ एक जमीन विवाद को लेकर बातचीत करने गया था। उनका मानना है कि इसी पुरानी रंजिश के चलते उन पर यह हमला किया गया है। इस संबंध में रोहित सिंह सुनेरिया ने बताया कि ग्राम दौलतपुर में मेड़ को लेकर उनका विवाद हुआ था। उस दौरान मारपीट भी हुई थी, लेकिन बाद में समाज के वरिष्ठ लोगों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था। सुनेरिया ने यह भी स्पष्ट किया कि बलराम सिंह का उस विवाद से कोई सीधा लेना-देना नहीं था। नौगांव थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और हमलावरों की तलाश जारी है।
भारतीय रेलवे की टिकट बुकिंग वेबसाइट IRCTC का नया बीटा वर्जन बुधवार रात 9 बजे लॉन्च कर दिया गया। यूजर्स मौजूदा IRCTC वेबसाइट के होमपेज पर दिए गए बीटा लिंक https://www.irctc.co.in/eticket/ के जरिए नए पोर्टल का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके नए डिजाइन और फीचर्स पर अपना फीडबैक भी दे सकेंगे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जयपुर में MNIT के दौरे के समय छात्रा से बातचीत में वेबसाइट में बदलाव करने का वादा किया था। वहां मिले महत्वपूर्ण सुझावों के आधार पर ही वेबसाइट के डिजाइन और यूजर एक्सपीरियंस में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। MNIT की छात्रा के सुझाव पर हुआ बदलावजयपुर के मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNIT) में विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान छात्रों ने IRCTC वेबसाइट के पुराने डिजाइन, टिकट बुकिंग की जटिल प्रक्रिया और यूजर इंटरफेस से जुड़ी समस्याएं बताई थी। इस पर रेल मंत्री ने वेबसाइट को आधुनिक बनाने और 15 जुलाई को नया बीटा वर्जन लॉन्च करने की घोषणा की थी। डिजाइन प्रक्रिया में MNIT के छात्रों को भी शामिल किया गया और उनके सुझावों के आधार पर वेबसाइट तैयार की गई। यूजर्स दे सकेंगे फीडबैक बीटा वर्जन का मुख्य उद्देश्य वेबसाइट को अंतिम रूप देने से पहले यूजर्स की राय और सुझाव लेना है। यूजर्स नई वेबसाइट के डिजाइन, स्पीड और फीचर्स पर अपना फीडबैक दे सकेंगे। इन सुझावों के आधार पर आगे जरूरी बदलाव किए जाएंगे, ताकि मुख्य वेबसाइट को और भी बेहतर बनाया जा सके। कुछ सप्ताह बाद लॉन्च होगा पूरा नया पोर्टलIRCTC ने बताया- वेबसाइट के साथ-साथ पैसेंजर रिजर्वेशन इंजन को भी अपग्रेड किया जा रहा है। ये वह मुख्य सिस्टम है, जो IRCTC और अन्य ट्रेन बुकिंग प्लेटफॉर्म पर टिकट बुकिंग को संभालता है। खास बात यह है कि इसे अपग्रेड करने का काम मौजूदा सिस्टम को बिना बंद किए (चालू रखते हुए) किया गया है। नया रिजर्वेशन इंजन पूरी तरह तैयार होने के बाद अपग्रेडेड IRCTC पोर्टल अगले कुछ सप्ताह में आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया जाएगा। रोजाना बुक होते हैं 14.5 लाख टिकट IRCTC की वेबसाइट पहली बार साल 2002 में लॉन्च की गई थी। वर्तमान में इस पोर्टल पर हर दिन औसतन 14.5 लाख टिकट बुक किए जाते हैं। लगातार बढ़ती यूजर्स की संख्या को देखते हुए ही वेबसाइट और रिजर्वेशन सिस्टम को आधुनिक बनाया जा रहा है, ताकि भविष्य में त्योहारों या भारी ट्रैफिक के दौरान भी टिकट बुकिंग तेज और सुचारु बनी रहे। पुरानी वेबसाइट में यूजर्स को होती थीं ये परेशानियां IRCTC की मौजूदा वेबसाइट पर टिकट बुकिंग के दौरान यूजर्स को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। बार-बार कैप्चा भरना, अलग-अलग क्लास की सीट देखने के लिए बार-बार विकल्प बदलना, कई चरणों में बुकिंग प्रक्रिया पूरी करना और हर बार यात्री की जानकारी नए सिरे से भरना आम समस्या थी। इसके अलावा, त्योहारों और तत्काल टिकट बुकिंग के समय वेबसाइट पर अचानक ट्रैफिक बढ़ने से पेज बहुत धीमा हो जाता था या कभी-कभी हैंग भी हो जाता था। यूजर्स की इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए वेबसाइट का यूजर इंटरफेस और बुकिंग प्रक्रिया पूरी तरह नए सिरे से तैयार की गई है। --- यह खबर भी पढ़िए… जयपुर में रेल मंत्री से छात्रा बोली-IRCTC का एप-वेबसाइट खराब:अश्विनी वैष्णव ने तुरंत अफसरों को फोन लगाया, नई वेबसाइट बनाने के लिए कहा IRCTC का एप और वेबसाइट खराब है। इसे बेहतर किया जाना चाहिए। OTP देर से आता है। टिकट बुक करते-करते सेशन एक्सपायर हो जाता है। बार-बार Login करना पड़ता है। यह शिकायत जयपुर MNIT पहुंचे केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव से एक छात्रा ने की। इस पर रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने मौके पर ही अधिकारियों को फोन लगाया और नई वेबसाइट बनाने के निर्देश दिए। (पढ़ें पूरी खबर)
बक्सर जिला परिवहन कार्यालय (डीटीओ) में शराब की बोतलें मिलने के मामले में जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। जिलाधिकारी साहिला ने जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) से मांगे गए स्पष्टीकरण को असंतोषजनक पाया। इसके बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा परिवहन विभाग को भेजी गई है। यह मामला 14 मई का है। डीटीओ कार्यालय में शराब रखे होने की सूचना पर नगर थाना पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान कार्यालय की सरकारी अलमारी, किचन रूम सहित विभिन्न स्थानों से दर्जनों भरी और खाली शराब की बोतलें बरामद हुईं। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। घटना के बाद जिलाधिकारी ने जिला परिवहन पदाधिकारी से पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा था। प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा के बाद स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद जिलाधिकारी ने विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए संबंधित विभाग को पत्र भेजा। शराब बरामदगी के बाद तत्कालीन जिला परिवहन पदाधिकारी राजकुमार प्रसाद ने पत्रकारों से बातचीत में कार्यालय के एक सिपाही पर शराब सेवन की जानकारी मिलने की बात कही थी। हालांकि, पुलिस ने किसी नामजद व्यक्ति के बजाय अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया था। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी इस बीच, कुछ लोगों ने बरामद बोतलों में मौजूद पदार्थ को नॉन-अल्कोहलिक बताए जाने का दावा किया था। इस पर तत्कालीन पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने स्पष्ट किया था कि बरामद नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी द्वारा विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा किए जाने के बाद डीटीओ कार्यालय का शराब कांड एक बार फिर चर्चा में आ गया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, विभागीय जांच के दौरान अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है। मामले में आगे की कार्रवाई परिवहन विभाग के निर्णय के बाद तय होगी।
मैहर जिले में बुधवार को परिवहन विभाग की टीम ने चेकिंग अभियान चलाया। नियमों की अनदेखी करने वाले 5 वाहनों पर कार्रवाई की गई और उनसे कुल 10 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। परिवहन विभाग की टीम ने शहर के अलग-अलग रास्तों पर नाकेबंदी कर स्कूली बसों और माल ढोने वाली गाड़ियों को रोककर उनकी जांच की। इस दौरान गाड़ियों के फिटनेस सर्टिफिकेट, जरूरी कागजात और सुरक्षा इंतजामों को बारीकी से देखा गया। जांच में 5 वाहनों में बड़ी कमियां मिलीं—किसी में आग बुझाने वाला सिलेंडर (फायर सिलेंडर) नहीं था, तो किसी में फर्स्ट एड बॉक्स (प्राथमिक उपचार पेटी) गायब थी। कुछ गाड़ियों में तो इमरजेंसी गेट के ठीक सामने ही सीट लगा दी गई थी, जिससे आपातकालीन रास्ता बंद हो गया था। नियमों की इस अनदेखी पर टीम ने तुरंत जुर्माना ठोक दिया। कागजात दुरुस्त रखने की दी गई सख्त चेतावनी चेकिंग के दौरान आरटीओ रवि बरेलिया और परिवहन विभाग की टीम ने सभी चालकों और वाहन मालिकों को सख्त लहजे में समझाया कि गाड़ियों के कागजात और फिटनेस को समय-समय पर अपडेट रखें। सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि बच्चों और यात्रियों की सुरक्षा में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। सड़क हादसे में मदद करने वालों को मिलेगा इनाम इस चेकिंग अभियान के साथ-साथ पुलिस और प्रशासन ने लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का काम भी किया। इसके लिए 'राहबीर योजना' का प्रचार-प्रसार किया गया। अफसरों ने बताया कि इस योजना के तहत अगर कोई व्यक्ति सड़क हादसे में घायल हुए किसी शख्स को समय पर अस्पताल पहुंचाता है और उसकी जान बचाता है, तो सरकार उसे इनाम देकर प्रोत्साहित करेगी। इस योजना के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए मैहर जिला अस्पताल और कलेक्टर कार्यालय परिसर में बड़े-बड़े बैनर भी लगाए गए हैं।
झुंझुनूं में एक विवाहिता अपनी ननद की दो बेटियों और अपने दो वर्षीय बेटे के साथ आधी रात को घर से लापता हो गई। सुबह परिजनों को घटना की जानकारी मिलने पर घर में हड़कंप मच गया। लापता लड़कियों की मां ने पुलिस थाने में अपहरण और घर से जेवरात व नकदी चोरी होने का मामला दर्ज कराया है। पुलिस के अनुसार, एक महिला अपनी 16 और 18 साल की दो बेटियों के साथ झुंझुनूं स्थित अपने पीहर आई हुई थी। परिवार के सभी सदस्य रात में घर पर ही थे। इसी दौरान 15 जुलाई की अलसुबह करीब 3 बजे दोनों युवतियां अपनी मामी के साथ घर से निकल गईं। विवाहिता अपने दो वर्षीय बेटे को भी साथ ले गई। सुबह परिवार के अन्य सदस्य जागे तो मामी, दोनों युवतियां और बच्चा घर पर नहीं मिले। परिजनों ने आसपास तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगने पर पुलिस को सूचना दी गई। लापता युवतियों की मां ने पुलिस को दी रिपोर्ट में दोनों बेटियों के अपहरण की आशंका जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि घर से सोने-चांदी के जेवरात और नकदी भी गायब है, जिन्हें साथ ले जाया गया है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। परिवार के सदस्यों से पूछताछ के साथ मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में विवाहिता और दोनों युवतियां किसी दबाव में नहीं, बल्कि अपनी मर्जी से घर से जाने की संभावना सामने आई हैं। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
महेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन पर 'अमृत भारत स्टेशन स्कीम' के तहत आधुनिक मशीनों से सफाई की जाएगी। यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से बीकानेर मंडल के 6 प्रमुख स्टेशनों पर अगले 3 वर्षों के लिए यह योजना लागू की गई है। दिल्ली की 'फ्रेंड्स डिटेक्टिव सिक्योरिटी सर्विस' नामक विशेषज्ञ एजेंसी को इस सफाई अभियान का टेंडर दिया गया है। यह एजेंसी आधुनिक मशीनों का उपयोग कर स्टेशनों को स्वच्छ बनाएगी। यह ठेका जून 2029 तक वैध रहेगा। पहले स्टेशन पर केवल एक सुपरवाइजर और सात सफाई कर्मचारी तैनात थे, जिससे कर्मचारियों की कमी महसूस होती थी। नई व्यवस्था के तहत अब 14 सफाईकर्मी नियुक्त किए गए हैं। ये सभी सुविधा प्रबंधक हेमराज शर्मा की देखरेख में कार्य करेंगे। बीकानेर मंडल के 6 स्टेशन शामिल बीकानेर मंडल के महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, कोसली, डबवाली, सिरसा और गोगामेड़ी के स्टेशनों को इस योजना में शामिल किया गया है। इन स्टेशनों पर मार्बल फर्श, दीवारें और प्लेटफॉर्म की टाइलें आधुनिक उपकरणों से साफ की जाएंगी। महेंद्रगढ़ स्टेशन पर सफाई व्यवस्था को हाईटेक बनाने के लिए 7 आधुनिक मशीनें आ चुकी हैं और उन्होंने काम शुरू कर दिया है। ये मशीनें स्वचालित तरीके से फर्श की गहरी सफाई, प्रेशर से धुलाई, बारीक मिट्टी उठाना और पोछा लगाने का कार्य करेंगी, जिससे स्टेशन पर दिन-रात स्वच्छता बनी रहेगी। इस योजना में महेंद्रगढ़ को शामिल किए जाने पर दैनिक रेल यात्री महासंघ और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने रेल मंत्रालय का आभार व्यक्त किया है। स्पेशल ट्रेनें चलाने की मांग भी उठाई महासंघ के अध्यक्ष रामनिवास पाटोदा ने कहा कि यह विकास सराहनीय है। इसके साथ ही उन्होंने इस रूट पर नई ट्रेनें चलाने, फेरे और समय बदलने और तीर्थ स्थानों के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाने की मांग भी उठाई है। मंडल वाणिज्य प्रबंधक, बीकानेर मंडल वीरेंद्र जोशी ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल महेंद्रगढ़ सहित 6 स्टेशनों के टेंडर हो चुके हैं और एजेंसी ने काम शुरू कर दिया है। यात्रियों को अब स्टेशनों पर बेहतर और स्वच्छ माहौल मिलेगा। प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान की कड़ी में यह एक बड़ा प्रयास है। 2022 में अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल महेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन का इतिहास काफी पुराना है। इसकी शुरुआत वर्ष 1942 में मीटरगेज के रूप में हुई थी, जिसे 2008 में ब्रॉडगेज में परिवर्तित किया गया। वर्ष 2015 में इसे आदर्श स्टेशन घोषित किया गया और 2023 में यहां इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ। 2022 में स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल किया गया, जिसके तहत लगभग 18 करोड़ रुपए की लागत से कायाकल्प का कार्य अंतिम चरण में है।
जोधपुर में तीन दिन पहले कार सवार युवकों पर जानलेवा हमला करने और गाड़ी में तोड़फोड़ मामले में पुलिस ने 4 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। देवनगर थाना इलाके में 12 जुलाई की रात करीब 10:25 बजे आरोपियों ने पीड़ित हेमंत सोलंकी के ऊपर हमला कर दिया था। हेमंत अपने दोस्तों के साथ कार में सवार होकर चौपासनी हाउसिंग बोर्ड में सिंधू महल के पास से गुजर रहा था। इसी दौरान अज्ञात बदमाशों ने उनकी कार को घेर लिया और अचानक हमला बोल दिया। युवकों के साथ ही थी मारपीट बदमाशों ने लाठी-डंडों से कार में जमकर तोड़फोड़ की और युवकों के साथ मारपीट की। पीड़ित हेमंत सोलंकी की रिपोर्ट पर देवनगर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के बाद पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपियों को मंगलवार को गिरफ्तार किया था। जिन्हें बाद में कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने मामले में रेहान (19) पुत्र नैनू खान निवासी सिंधी बस्ती मसूरिया, फरदीन (23) पुत्र मोहम्मद सलीम निवासी राजीव गांधी कॉलोनी, मोहम्मद याकूब (21) पुत्र यूनुस निवासी राजीव गांधी कॉलोनी, सरफराज (19) पुत्र मोहम्मद असलम निवासी राजीव गांधी कॉलोनी को गिरफ्तार किया था।
फिल्म अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी बुधवार शाम अपने दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचीं। शाम करीब 7:30 बजे बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचने पर उनका स्वागत किया गया। एयरपोर्ट से निकलने के बाद वह सीधे श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचीं, जहां उन्होंने बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर में करीब आधे घंटे तक रहीं शिल्पा शेट्टी ने श्रद्धा और भक्ति भाव से भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करते हुए देश-दुनिया में सुख, समृद्धि और शांति की कामना की। 4 तस्वीरें देखिए… प्रसाद, रुद्राक्ष माला और अंगवस्त्र से किया गया सम्मानपूजा-अर्चना के बाद मंदिर के पुजारियों ने शिल्पा शेट्टी को बाबा विश्वनाथ का प्रसाद, रुद्राक्ष की माला और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। मंदिर से बाहर निकलते समय उनके माथे पर त्रिपुंड तिलक और गले में रुद्राक्ष की माला दिखाई दी। धाम परिसर से बाहर आते ही उन्होंने श्रद्धालुओं का अभिवादन किया और पूरे उत्साह के साथ हर-हर महादेव का उद्घोष किया, जिसे सुनकर वहां मौजूद श्रद्धालुओं ने भी जयघोष किया। बाबा के दर्शन से मिलती है सकारात्मक ऊर्जाशिल्पा शेट्टी ने कहा कि बाबा विश्वनाथ के दर्शन करना उनके लिए हमेशा विशेष और सौभाग्यपूर्ण अनुभव होता है। उन्होंने कहा, काशी आकर और बाबा के दरबार में शीश नवाकर मन को अद्भुत शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। उन्होंने बताया कि जब भी उन्हें अवसर मिलता है, वह भगवान शिव के दर्शन के लिए अवश्य आती हैं। काशी की आध्यात्मिक ऊर्जा और धार्मिक वातावरण की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यहां पहुंचते ही मन स्वतः भक्ति में लीन हो जाता है। साड़ी शोरूम के उद्घाटन में होंगी शामिलअभिनेत्री ने बताया कि उनके वाराणसी दौरे का मुख्य उद्देश्य शहर में आयोजित एक साड़ी शोरूम के उद्घाटन समारोह में शामिल होना है। इसी कार्यक्रम के सिलसिले में वह दो दिनों के लिए वाराणसी आई हैं। उन्होंने कहा कि वाराणसी अपनी समृद्ध संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत, परंपराओं और विश्वप्रसिद्ध बनारसी साड़ियों के लिए जानी जाती है। काशी आना उनके लिए हमेशा एक यादगार और विशेष अनुभव रहता है। अब पढ़िए शिल्पा शेट्टी के बारे में 8 जून 1975 को कर्नाटक के मंगलुरु में जन्मीं शिल्पा शेट्टी का असली नाम अश्विनी शेट्टी है। उनका परिवार बाद में मुंबई आ गया, जहां उनकी पढ़ाई हुई। शुरुआती दिनों में उनकी जिंदगी फिल्मों और ग्लैमर से अलग थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह पिता के काम में हाथ बंटाती थीं और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह फिल्मों की दुनिया का जाना-पहचाना चेहरा बनेंगी। कितनी है शिल्पा शेट्टी की नेटवर्थ?टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, शिल्पा शेट्टी की कुल नेटवर्थ करीब 150 करोड़ रुपए है। उन्हें लग्जरी गाड़ियों का भी शौक है। उनके पास फेरारी पोर्टोफिनो M, लैम्बोर्गिनी एवेंटाडोर, बीएमडब्ल्यू i8, मर्सिडीज-मेबैक GLS 600, लोटस एलेत्रे, मर्सिडीज-AMG G63, लैंड रोवर रेंज रोवर ऑटोबायोग्राफी और पोर्श कायेन GTS जैसी महंगी गाड़ियां हैं। शिल्पा शेट्टी का आलीशान बंगलाशिल्पा शेट्टी का मुंबई के जुहू में आलीशान बंगला 'किनारा' है, जहां वह परिवार के साथ रहती हैं। इस घर की कीमत 100 करोड़ रुपए से अधिक बताई जाती है। इसके अलावा उनके दुबई और यूके में भी अपार्टमेंट हैं। वह डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) सेक्टर में एक्टिव एंजेल इन्वेस्टर हैं। वह बैस्टियन हॉस्पिटैलिटी की को-ओनर हैं और मामाअर्थ जैसे ब्रांड्स में भी उनकी हिस्सेदारी है। एसपीएस स्टूडियो की भी मालकिन हैं शिल्पा शेट्टीशिल्पा का वीएफएक्स स्टूडियो एसपीएस स्टूडियो है। इसमें उन्होंने 10 करोड़ रुपए का निवेश किया है। यहां विजुअल इफेक्ट्स से जुड़ा काम किया जाता है। इसके अलावा उनका अपना फैशन ब्रांड ड्रीम एसएस भी है। ------------------- ये खबर भी पढ़ें… बुलंदशहर में बीच सड़क डबल मर्डर, 15 मिनट तक फायरिंग, दो युवकों के सीने पर गोली मारी, कार चढ़ाई यूपी के बुलंदशहर में मंगलवार रात 9.30 बजे दो लोगों की हत्या कर दी गई। पैसों के लेनदेन को लेकर दो पक्षों में बीच सड़क विवाद हो गया। पहले दोनों पक्षों में कहासुनी हुई। देखते ही देखते मारपीट होने लगी। फिर दोनों तरफ से ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। करीब 15 मिनट तक दोनों तरफ से फायरिंग होती रही। इसके बाद एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर कार चढ़ा दी। पूरी खबर पढ़ें
मुरैना शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में अंबाह बाइपास स्थित एक खेत पर कब्जे के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि कुछ लोगों ने खेत मालिक को धमकाते हुए फायरिंग की और उसे खेत से भगा दिया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। खेत पर पहुंचकर किया विवाद, फायरिंग का आरोपफरियादी गिर्राज शर्मा (64) निवासी महावीरपुरा ने पुलिस को बताया कि अंबाह बाइपास स्थित सीवर प्लांट के पास उनके खेत पर संदीप परमार, हरी सिंह राठौर, मनदीप परमार, मुन्नालाल राठौर, संदीप राठौर, राजू राठौर सहित अन्य लोग पहुंचे। खेत के कब्जे को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि इस दौरान आरोपियों ने फायरिंग की और जान से मारने की धमकी देते हुए उन्हें खेत से भगा दिया। गोली की आवाज से मची अफरा-तफरीफायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। घटना से इलाके में दहशत का माहौल बन गया। विवाद के दौरान किसी ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद दर्ज हुई एफआईआरघटना बुधवार दोपहर की बताई जा रही है। वीडियो सामने आने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। फरियादी की शिकायत पर नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस बोली- वीडियो की भी जांच की जा रहीसिविल लाइन थाना प्रभारी टीआई उदयभान यादव ने बताया कि खेत विवाद और फायरिंग का वीडियो पुलिस के पास आया है। वीडियो की जांच की जा रही है। शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की तलाश जारी है।
यूसीसी पर अब आमजन से मांगे सुझाव:क्यूआर स्केन करके घर बैठे दे सकते हैं महत्वपूर्ण सुझाव
राज्य सरकार ने प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कानून को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने इस प्रस्तावित कानून पर आम जनता, विशेषज्ञों और प्रबुद्ध नागरिकों से उनके सुझाव और विचार आमंत्रित किए हैं। इसके लिए आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल और क्यूआर कोड जारी किया गया है। ऐसे कर सकते हैं सुझाव साझा आमजन अपने विचार और सुझाव बेहद आसान तरीके से सरकार तक पहुंचा सकते हैं। आमजन यूसीसी की आधिकारिक वेबसाइट ucc.rajasthan.gov.in पर जाकर अपने सुझाव दर्ज कर सकते हैं। वहीं, क्यूआर कोड स्कैन करके भी आधिकारिक वेबसाइट पर पहुंचा जा सकता है। इसके बाद आमजन वहां दिए गए दिशा-निर्देशों और प्रक्रिया के अनुसार अपने विचार और फीडबैक सबमिट कर सकेंगे। बता दें, दो दिन पहले कलेक्ट्रेट में यूसीसी प्रारूप समिति सदस्य और अतिरिक्त महाधिवक्ता बसंत सिंह छाबड़ा की अध्यक्षता में जनसुनवाई हुई थी। इसमें आमजन से यूसीसी पर सुझाव मांगे गए थे] लेकिन यहां लोगों की संख्या बेहद कम रही थी।
एडीजे नवीन मीणा निलंबित:हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने जारी किए आदेश; चौहटन में है तैनात
राजस्थान हाईकोर्ट ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवीन मीणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उनके खिलाफ राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 16 के तहत विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित है। वर्तमान में वे चौहटन (बाड़मेर) में एडीजे के पद पर कार्यरत हैं और इससे पहले नसीराबाद (अजमेर) में पदस्थापित थे। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार सब्सिस्टेंस अलाउंस मिलेगा और उनका मुख्यालय राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ रहेगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए बनाए गए लाइट हॉउस प्रोजेक्ट की बदहाल स्थिति को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने सख्त रुख अपनाया है। प्रोजेक्ट में सीपेज, पानी की लीकेज और दीवारों व स्विच बोर्डों में करंट फैलने जैसी गंभीर शिकायतों पर दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। जस्टिस सुभोद अभ्यंकर और आलोक अवस्थी की बेंच ने नगर निगम द्वारा निर्धारित समय पर स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं किए जाने को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम कमिश्नर को 14 जुलाई की सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। 1024 फ्लैटों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा पर सवाल मामला गुलमर्ग परिसर स्थित लाइट हॉउस प्रोजेक्ट से जुड़ा है, जहां रहवासियों ने आरोप लगाया है कि आवंटन के बाद से ही फ्लैटों में पानी रिसाव, बाथरूम लीकेज और बारिश के दौरान दीवारों में नमी की समस्या बनी हुई है। कई जगह पानी विद्युती स्विचों तक पहुंचने से करंट फैलने की शिकायतें भी सामने आई हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका जताई जा रही है। दो वर्षों से उठा रहे हैं मुद्दा जनहित याचिका दायर करने वाले समाजसेवी और आरटीआई कार्यकर्ता नरेंद्र गोस्वामी का कहना है कि वे पिछले दो वर्षों से इस समस्या को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय, राज्य सरकार, नगर निगम और संबंधित विभागों के समक्ष लगातार शिकायतें और आवेदन प्रस्तुत कर रहे हैं। सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत भी विभिन्न विभागों से जानकारी मांगी गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। हाईकोर्ट ने पहले भी जारी किए थे नोटिस याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर अनुराग जैन ने कोर्ट को बताया कि हाई कोर्ट पहले ही केंद्र सरकार, राज्य सरकार, इंदौर नगर निगम और निर्माण एजेंसी केपीआर प्रोजेक्ट्स कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस जारी कर जवाब मांग चुका है। इसके बावजूद अब तक समस्या के समाधान को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई है। रहवासियों ने की वैकल्पिक आवास की मांग याचिका में यह भी मांग की गई है कि यदि भवनों की संरचनात्मक खामियां दूर नहीं हो सकती तो प्रभावित परिवारों को सुरक्षित वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराया जाए। याचिकाकर्ता का कहना है कि 1024 फ्लैटों में रहने वाले परिवार लगातार भय के माहौल में जीवन यापन कर रहे हैं। हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर नजर मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने नगर निगम को विस्तृत जवाब और आवश्यक निर्देशों के साथ उपस्थित होने को कहा है। अब सभी की नजर अगली सुनवाई और कोर्ट के रुख पर टिकी हुई है, क्योंकि मामला हजारों लोगों की सुरक्षा और प्रधानमंत्री आवास योजना की गुणवत्ता से जुड़ा हुआ है।
नोएडा की एक सॉफ्टवेयर कंपनी में कार्यरत ग्वालियर निवासी 22 वर्षीय समीर खान की ट्रेन से घर लौटते समय संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। 11 जुलाई की सुबह विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में एजी ऑफिस पुल के नीचे रेलवे ट्रैक पर उसका शव मिला था। अब परिजनों ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि समीर को ग्वालियर स्टेशन पर उतरना था, ऐसे में स्टेशन पार करने के बाद वह एजी ऑफिस पुल तक कैसे पहुंचा, यह सबसे बड़ा सवाल है। नवंबर में लगी थी नौकरी, घर लौटते समय हुआ हादसा आपागंज निवासी असलम खान का इकलौता बेटा समीर नवंबर 2025 में नोएडा की एक प्रतिष्ठित सॉफ्टवेयर कंपनी में नौकरी पर लगा था। 10 जुलाई की रात वह दिल्ली से भोपाल एक्सप्रेस में सवार होकर ग्वालियर लौट रहा था। ट्रेन रात करीब 12:20 बजे ग्वालियर पहुंची, लेकिन समीर घर नहीं पहुंचा। परिजनों ने रात में ही रेलवे स्टेशन और जीआरपी थाने में उसकी तलाश शुरू कर दी, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। अगले दिन रेलवे ट्रैक पर मिला शव 11 जुलाई की सुबह एजी ऑफिस पुल के नीचे रेलवे ट्रैक के पास समीर का शव मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस और परिवार के अलग-अलग दावे पुलिस का प्रारंभिक अनुमान है कि समीर ट्रेन से गिरा या जल्दबाजी में उतरने की कोशिश के दौरान हादसे का शिकार हो गया। वहीं परिजनों का कहना है कि ट्रेन पहले ग्वालियर स्टेशन पर रुकती है, इसलिए स्टेशन निकलने के बाद उसका वहां होना संदिग्ध है। उनका आरोप है कि ट्रेन में किसी विवाद के बाद समीर को धक्का देकर नीचे फेंका गया हो सकता है। आगरा में हुई थी आखिरी बात, फिर बंद हो गया फोन पिता असलम खान के मुताबिक, रात करीब 10:40 बजे जब ट्रेन आगरा पहुंची थी, तब समीर से उनकी आखिरी बार बात हुई थी। इसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। परिजनों का कहना है कि स्टेशन पहुंचने से पहले ही फोन बंद होना और बाद में शव मिलना पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध बनाता है। सीडीआर और सहयात्रियों से पूछताछ की मांग परिजनों ने पुलिस से समीर के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकलवाने, ट्रेन में सफर कर रहे सहयात्रियों से पूछताछ करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
उदयपुर के गोगुंदा में बुधवार को जैन समाज के चातुर्मास का शुभारंभ संतों के मंगल प्रवेश के साथ श्रद्धा और उत्साह के माहौल में हुआ। वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ गोगुंदा के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में भगवान महावीर के जयकारों से पूरा कस्बा गूंज उठा। बाईपास चौराहे से निकली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया। चातुर्मास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष गौतम सिंघवी ने बताया कि शोभायात्रा बाईपास चौराहा से शुरू होकर बस स्टैंड, मुख्य बाजार, माणक चौक और ठाकुर देवरा मार्ग से होते हुए जैन स्थानक पहुंची। महिलाओं ने पारंपरिक बांधनी की साड़ियों में सिर पर मंगल कलश धारण किए, जबकि पुरुष और युवाओं ने सफेद वेशभूषा में धर्मध्वज लेकर भगवान महावीर के जयकारे लगाए। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर संतों का स्वागत किया गया। जैन स्थानक में आयोजित धर्मसभा में अतिथियों का मेवाड़ी पगड़ी, शॉल और माल्यार्पण से स्वागत किया गया। महिलाओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किए और बालकों ने मंगलाचरण से कार्यक्रम की शुरुआत की। बाहर से आए वक्ताओं ने गोगुंदा की धार्मिक परंपराओं की सराहना करते हुए इसे धर्मनगरी बताया। महाश्रमण पूज्य गुरुदेव जिनेन्द्र मुनि 'काव्यतीर्थ' ने प्रवचन में क्रोध, मान, माया और लोभ जैसे कषायों का त्याग कर धर्म, संयम और तप के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि धर्म और तप के बिना जीवन अधूरा है। प्रवीण मुनि ने आत्मचिंतन और साधना का महत्व बताया। साध्वी डॉ. सुलक्षणप्रभाने धर्म और संयम पर प्रकाश डाला, जबकि साध्वी डॉ. राजश्रीजी ने संतों की भूमिका को आत्मकल्याण का मार्ग दिखाने वाला बताया। कार्यक्रम में राजस्थान सहित महाराष्ट्र, सूरत, उदयपुर, सेरा प्रांत, वाकल प्रांत, बगडुंदा और भूताला से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। आयोजन में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। संघ अध्यक्ष नाथूलाल मेहता ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि 27 जुलाई से नियमित धार्मिक प्रवचन, ध्यान, स्वाध्याय और अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रम शुरू होंगे। इसी दिन से तेले तप की आराधना भी प्रारंभ होगी। मंगल प्रवेश के अवसर पर जैन समाज के साथ अन्य समाज के व्यापारियों ने भी अपनी दुकानें बंद रखकर आयोजन में सहभागिता निभाई। वीडियो : गोपाल लोढ़ा, गोगुंदा
ग्वालियर में सरकारी जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी और न्यायालय में विचाराधीन प्रकरण को प्रभावित करने के मामले में जिला प्रशासन ने दूसरी बड़ी कार्रवाई की है। 11 जुलाई को पटवारी कुलदीप चाहर के निलंबन के बाद अब जांच में रिकॉर्ड रूम में पदस्थ सहायक वर्ग-3 सतपाल कुशवाह और भृत्य वीरेन्द्र कुशवाह की भूमिका सामने आने पर दोनों के खिलाफ विश्वविद्यालय थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस कथित साजिश में और कौन-कौन शामिल था। 11 जुलाई को पटवारी हुआ था निलंबित जिला प्रशासन की प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि ग्राम महू की विवादित सरकारी जमीन से जुड़े मामले में न्यायालय में शासन की ओर से साक्षी बने ग्वालियर ग्रामीण तहसील के पटवारी कुलदीप चाहर ने मूल राजस्व अभिलेखों का सत्यापन किए बिना वादी धर्मवीर द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों को सही मान लिया। साथ ही उपलब्ध शासकीय रिकॉर्ड को भी न्यायालय के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत नहीं किया। इसे गंभीर लापरवाही और शासन के हितों के विपरीत मानते हुए कलेक्टर रुचिका चौहान ने 11 जुलाई 2026 को कुलदीप चाहर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। आगे की जांच में रिकॉर्ड रूम कर्मचारियों की भूमिका सामने आई पटवारी के निलंबन के बाद जिला प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच कराई। जांच में सामने आया कि रिकॉर्ड रूम में पदस्थ सहायक वर्ग-3 सतपाल कुशवाह और भृत्य वीरेन्द्र कुशवाह ने आरोपी वादी धर्मवीर के साथ मिलीभगत कर राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी की। आरोप है कि दोनों ने महत्वपूर्ण खसरा पंजी और सरकारी रिकॉर्ड के पन्ने फाड़कर नष्ट किए, ताकि न्यायालय में चल रहे प्रकरण में वादी पक्ष को अनुचित लाभ मिल सके। तीनों के खिलाफ एफआईआर, अब पुलिस करेगी पूरी जांच जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर के निर्देश पर सतपाल कुशवाह, वीरेन्द्र कुशवाह और वादी धर्मवीर के खिलाफ विश्वविद्यालय थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे षड्यंत्र में और किन लोगों की भूमिका रही तथा सरकारी रिकॉर्ड से छेड़छाड़ कब और कैसे की गई। अपर कलेक्टर कुमार सत्यम ने कहा कि सरकारी अभिलेखों से छेड़छाड़ गंभीर अपराध है। शासन के हितों के खिलाफ किसी भी प्रकार की अनियमितता या दस्तावेजों में हेराफेरी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पन्ना में अवैध शराब बेचने वालों और सरेराह जाम छलकाकर हुड़दंग मचाने वालों पर प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। बुधवार रात आबकारी विभाग की टीम ने शहर में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में अवैध बीयर और देशी शराब जब्त की गई है, साथ ही सार्वजनिक जगहों पर माहौल खराब करने वाले 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 1. कोल्ड ड्रिंक्स के फ्रिज में छिपाकर रखी थी बीयर आबकारी उपनिरीक्षक मुकेश पाण्डेय के नेतृत्व में टीम ने जगात चौकी के पास स्थित एक कोल्ड ड्रिंक्स और नमकीन की दुकान पर अचानक छापा मारा। जब टीम ने दुकान के फ्रिज और कोनों की तलाशी ली, तो वहां से 23 बोतल अवैध बीयर बरामद हुई। पुलिस ने मौके से आरोपी कैलाश यादव (25) को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। 2. किराना दुकान और नामी ढाबे पर भी चली रेड शराब के अवैध धंधे को रोकने के लिए टीम ने दो और जगहों पर दबिश दी किराना दुकान से देशी शराब जब्त: बायपास चौराहे के पास एक किराना दुकान पर कार्रवाई करते हुए टीम ने 46 पाव देशी शराब जब्त की। यहां से शकुन कुशवाहा (45 वर्ष) नाम की महिला को आरोपी बनाया गया है। फैमिली ढाबे पर कार्रवाई: छतरपुर रोड पर बने 'राहगीर फैमिली ढाबा' पर छापा मारा गया, जहाँ अवैध रूप से ग्राहकों को परोसने के लिए रखी 26 बोतल बीयर जब्त की गई। ढाबा संचालक जयहिंद यादव (25 वर्ष) के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। 3. तालाब किनारे महफिल सजाना पड़ा भारी, 5 गिरफ्तार शाम के वक्त शहर के खूबसूरत तालाबों के किनारे बैठकर शराब पीने और हुड़दंग मचाने वालों पर भी सख्त एक्शन लिया गया। बेनीसागर तालाब, मठया तालाब और दहलान ताल के पास खुलेआम शराब पीकर उत्पात मचाते हुए 5 लोगों को रंगे हाथों पकड़ा गया। यह हुड़दंगी पकड़ाए वीरेंद्र कुशवाहा (निवासी एनएमडीसी कॉलोनी) उमेश लोधी (निवासी रानीगंज मोहल्ला) ब्रजेश पटेल (निवासी हरदुआ खमरिया) राजू रैकवार (निवासी रानीगंज मोहल्ला) दिनेश भाट (निवासी दहलान ताल के पास) इस टीम ने की कार्रवाई इस कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक मुकेश पाण्डेय, आरक्षक स्मिता ठाकुर, कुलदीप जाटव, रवि प्रकाश मिश्रा, सोनू कोरकू, उमाशंकर साहू और नगर सैनिक वीरेंद्र यादव, मोतीलाल प्रजापति व सुरेंद्र बुंदेला की मुख्य भूमिका रही।
राजस्थान हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में निचली अदालत द्वारा सुनाई गई फांसी की सजा को रद्द करते हुए आरोपी को बरी कर दिया है। न्यायमूर्ति विनीत कुमार माथुर और न्यायमूर्ति चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने उदयपुर जिले के घासा थाना क्षेत्र के इस बहुचर्चित हत्या प्रकरण में फैसला सुनाते हुए आरोपी प्रेमलाल को बरी करने के आदेश दिए। खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा- परिवादी आरोपी के खिलाफ परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की पूरी और विश्वसनीय श्रृंखला स्थापित नहीं कर सका। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब साक्ष्यों की कड़ी अधूरी हो, तो ऐसे में संदेह का लाभ आरोपी को दिया जाना पूरी तरह से न्यायोचित है। इसी आधार पर कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए आरोपी को तुरंत रिहा करने के आदेश दिए। फांसी की सजा की पुष्टि के लिए भेजा गया 'डेथ रेफरेंस' खारिज हाईकोर्ट ने मावली की सेशन कोर्ट द्वारा सुनाई गई मृत्युदंड की सजा और दोषसिद्धि को पूरी तरह निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही, फांसी की सजा की पुष्टि के लिए हाईकोर्ट भेजे गए 'डेथ रेफरेंस' को भी खारिज कर दिया गया। अपीलार्थी (आरोपी) की ओर से पैरवी करते हुए वकील गौरव सिंह ने अदालत में कई महत्वपूर्ण दलीलें पेश कीं। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा- पूरा मामला केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित था, लेकिन अभियोजन पक्ष 'लास्ट सीन टुगेदर' (घटना से ठीक पहले साथ देखे जाने) के सिद्धांत को विश्वसनीय ढंग से साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा। गवाहों के बयानों में विरोधाभास और सबूतों में कमी खंडपीठ ने मामले की जांच करने वाली एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट ने पाया कि जिन गवाहों के बयानों को 'लास्ट सीन टुगेदर' का आधार बनाया गया था, उनके बयान घटना के काफी समय बाद दर्ज किए गए थे और उनमें कई बड़े विरोधाभास थे, जिससे उनकी विश्वसनीयता खत्म हो गई। इसके अलावा, जांच के दौरान किसी भी स्वतंत्र गवाह को शामिल नहीं किया गया, बरामदगी की प्रक्रिया में गंभीर कमियाँ थीं और इलेक्ट्रॉनिक व वैज्ञानिक साक्ष्यों की जाँच भी संतोषजनक नहीं थी। यहां तक कि मेडिकल और डीएनए (DNA) रिपोर्ट भी आरोपी की संलिप्तता को निर्णायक रूप से साबित नहीं कर सकीं। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों में हर कड़ी का साबित होना ज़रूरी हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के स्थापित कानूनी सिद्धांतों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि परिस्थितिजन्य साक्ष्यों वाले मामलों में न्याय का नियम है कि अपराध की हर एक कड़ी संदेह से परे साबित होनी चाहिए। चूंकि इस मामले में साक्ष्यों की श्रृंखला अधूरी और कमजोर रही, इसलिए आरोपी को संदेह का लाभ मिलना ही चाहिए। इसी आधार पर कोर्ट ने आरोपी प्रेमलाल को बरी करते हुए निर्देश दिया कि यदि वह किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है, तो उसे तत्काल जेल से रिहा किया जाए।
भोपाल के करीब 45 इलाकों गुरुवार को 1 से 6 घंटे तक बिजली कटौती होगी। इन इलाकों में बिजली कंपनी मेंटेनेंस करेगी। इसके चलते सप्लाई पर असर पड़ेगा। जिन इलाकों में बिजली बंद रहेगी, उनमें दानिशकुंज, बावड़ियाकलां, सर्वधर्म, चार इमली, नरेला शंकरी, फाइन कैम्पस, भवानी धाम समेत कई बड़े इलाके भी शामिल हैं। ऐसे में बिजली संबंधित जरूरी काम पहले से निपटा लें। ताकि परेशानी का सामना न करना पड़े। इन इलाकों में पड़ेगा असर
शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म:आरोपी को 20 साल की जेल, पीड़िता को मिलेगा 5 लाख का मुआवजा
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 22 वर्षीय आरोपी दीपक कुमार जाटव को दोषी मानते हुए 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़िता को 5 लाख रुपए मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश, चतुर्थ एफटीएससी और विशेष न्यायालय (पॉक्सो) दुर्ग के पीठासीन अधिकारी अनिष दुबे ने यह फैसला सुनाया। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक रूपवर्षा दिल्लीवार ने पैरवी की। कोर्ट में पेश रिकॉर्ड के अनुसार, पीड़िता और आरोपी की पहचान इंस्टाग्राम पर हुई थी। बातचीत के दौरान आरोपी ने शादी का झांसा देकर नाबालिग को अपने साथ चलने के लिए तैयार किया। 17 जुलाई 2025 को आरोपी ने पीड़िता को पावर हाउस रेलवे स्टेशन बुलाया। वहां से वह उसे रायपुर होते हुए ट्रेन से प्रयागराज और फिर नोएडा ले गया। किराए के कमरे में रखा अभियोजन के अनुसार, आरोपी पीड़िता को नोएडा के फेस-1 थाना क्षेत्र स्थित बागवानी मार्केट के एक किराए के कमरे में ले गया। वहां 17 जुलाई से 23 जुलाई 2025 के बीच उसने कई बार दुष्कर्म किया। 19 जुलाई 2025 को पीड़िता की मां ने वैशाली नगर थाना में बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच की और 23 जुलाई 2025 को नोएडा से पीड़िता को बरामद कर लिया। सुनवाई के दौरान जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज कोर्ट में पेश किए गए। इनके आधार पर अदालत ने माना कि घटना के समय पीड़िता की उम्र 15 वर्ष 5 माह 22 दिन थी। इसलिए कानून के अनुसार उसकी सहमति मान्य नहीं थी। पीड़िता के बयान को माना भरोसेमंद अदालत ने कहा कि पीड़िता का बयान, बरामदगी, दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भरोसेमंद हैं। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल फोरेंसिक रिपोर्ट में कुछ चीजें नहीं मिलने से अपराध खत्म नहीं माना जा सकता, यदि अन्य साक्ष्य पर्याप्त हों। कोर्ट ने जताई चिंता फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराध बेहद गंभीर हैं और समाज के लिए चिंता का विषय हैं। हालांकि आरोपी की उम्र 22 वर्ष होने के कारण उसे कानून में तय न्यूनतम कठोर सजा दी गई। 20 साल की सजा और मुआवजा कोर्ट ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 1,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 87 के तहत 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 500 रुपये अर्थदंड की सजा भी दी गई।
इंदौर के राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने एमडी ड्रग्स, क्रिकेट सट्टे और पुराने मामलों को लेकर नाना पटवारी पर शिकंजा और कस दिया है। बुधवार को पुलिस ने नाना पटवारी और उसके करीबी सुमित मंत्री को पूछताछ के लिए एसीपी कार्यालय बुलाया, जहां देर रात तक दोनों से पूछताछ की गई। इस दौरान नाना के वकील भी थाना परिसर में मौजूद रहे। डीसीपी नरेंद्र रावत ने पहले ही दोनों को पूछताछ के लिए तलब किए जाने की पुष्टि की थी। बुधवार रात करीब 9 बजे तक दोनों एसीपी कार्यालय में मौजूद रहे, जहां पुलिस अधिकारियों ने उनसे विभिन्न बिंदुओं पर पूछताछ की। हालांकि अधिकारियों ने पूछताछ के विषय और उससे जुड़े तथ्यों का खुलासा नहीं किया। तीन और साथियों की तलाश जारी पुलिस जांच में क्रिकेट सट्टे से जुड़े मामले में नाना पटवारी के तीन अन्य साथियों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है, लेकिन अब तक वे हाथ नहीं लगे हैं। वहीं, मामले में कुछ युवतियों से भी पूछताछ की गई है, हालांकि अब तक ऐसी कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है, जिसके आधार पर नाना के खिलाफ नई कार्रवाई की जा सके। इधर, एमडी ड्रग्स मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपी अभी पुलिस रिमांड पर हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर ड्रग्स नेटवर्क, क्रिकेट सट्टे और नाना पटवारी के कथित कनेक्शन से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाने में लगी है।
बाड़मेर में बाइक पर रिश्तेदार के घर जा रहे पिता- पुत्र को कार ने टक्कर मार दी। हादसे में पिता की मौत हो गई। जबकि बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका जिला हॉस्पिटल में इलाज जारी है। घटना बाड़मेर जिले के ग्रामीण थाना इलाके देरासर गांव के पास शाम करीब साढ़े सात बजे की है। फिलहाल पुलिस ने मृतक के शव को जिला हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। बाइक व क्षतिग्रस्त वाहन को जब्त कर लिया है। बेटे ने हेलमेट पहना हुआ था, जिससे वह बच गया। ग्रामीण थानाधिकारी जसवंतसिंह राजपुरोहित ने बताया कि बोथिया जागीर निवासी ताराराम (60) अपने बेटे कानाराम (25) के साथ बाइक पर हाथमा गांव में अपने रिश्तेदार के घर जा रहे थे। देरासर गांव के पास सामने से आ रही स्विफ्ट कार ने बाइक को टक्कर मार दी। भीषण टक्कर के कारण बुजुर्ग ताराराम करीब 30 फीट दूर खेत में जाकर गिरे। जबकि कार के आगे एक टायर निकलकर सड़क पर गिर गया, जिससे वह देरासर की तरफ घूम गई। आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर घायल कानाराम को प्राइवेट गाड़ी से बाड़मेर हॉस्पिटल पहुंचाया। घायल बेटे की गंभीर हालत को देखते हुए जोधपुर रेफर कर दिया गया है। वहीं मृतक के शव को हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है।
सुपौल में त्रिवेणीगंज के चर्चित रौशन पंडित हत्याकांड को लेकर बुधवार को कुम्हार समाज के बैनर तले बिना प्रशासनिक अनुमति के विरोध मार्च निकाला गया। प्रदर्शन के दौरान कई जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। करीब डेढ़ घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने डीएम और एसपी से मिलकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार की सुरक्षा की मांग रखी। प्रशासन ने मार्च की अनुमति नहीं दी थी। संयोग से बुधवार को जिले में कई मंत्रियों का कार्यक्रम भी निर्धारित था। इसे देखते हुए लोहिया चौक से कलेक्ट्रेट तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मार्ग पर जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई थी तथा भारी संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी। व्यापार संघ भवन के पास से अचानक बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़क पर उतर आए। इसके बाद वे कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ने लगे। लोहिया नगर चौक पर पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे। इस दौरान कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। कुछ देर के लिए इलाके का माहौल तनावपूर्ण हो गया और अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट गेट तक पहुंच गए। यहां भी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों ने बातचीत का रास्ता अपनाया। इसके बाद प्रशासन ने रौशन पंडित की पत्नी, उनके दोनों पुत्रों समेत आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को डीएम और एसपी से मिलने की अनुमति दी। प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए हत्याकांड के सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। अधिकारियों ने मामले में विधिसम्मत कार्रवाई और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्वक अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। पूरे घटनाक्रम के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में पुलिस बल तैनात रहा तथा स्थिति पर लगातार नजर रखी गई।
छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के संलग्नीकरण समाप्त करने के आदेश के बाद सरगुजा जिले में कार्रवाई शुरू हो गई है। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) दिनेश कुमार झा ने मंगलवार देर शाम आदेश जारी कर RMSA के सहायक संचालक भरत लाल अग्रवाल सहित डीईओ कार्यालय में संलग्न शिक्षकों और आश्रमों, आवासीय विद्यालयों में पदस्थ शिक्षकों को उनके मूल पदों पर भेज दिया है। सभी संबंधित कर्मचारियों को तत्काल मूल पद पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री के निर्देश के बाद जारी आदेश के अनुसार, RMSA के सहायक संचालक और प्राचार्य भरत लाल अग्रवाल को उनके मूल पद शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल पड़ौली भेजा गया है। वहीं, सेजस के व्याख्याता संतोष साहू को भी उनके मूल पद केशवपुर सेजस में पदस्थ किया गया है। 53 छात्रावास अधीक्षक भी हटाए गए डीईओ के आदेश के तहत लंबे समय से प्रयास आवासीय विद्यालयों तथा बालक एवं बालिका छात्रावासों में प्रभार पर कार्य कर रहे 53 व्याख्याताओं, शिक्षकों और सहायक शिक्षकों को छात्रावास अधीक्षक के दायित्व से मुक्त कर उनके मूल पदों पर भेज दिया गया है। यह सरगुजा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी दूसरी सूची है। इससे पहले तहसील और एसडीएम कार्यालयों में संलग्न किए गए बाबुओं और शिक्षकों को भी उनके मूल विभाग में वापस भेजने के आदेश जारी किए जा चुके हैं। देखें आदेश की कॉपी-
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) जोधपुर के वैज्ञानिक सूरज की रोशनी से ऊर्जा स्टोर करने वाले स्मार्ट मैटेरियल विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण शोध कर रहे हैं। IIT जोधपुर के रसायन विज्ञान विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. मोनिका गुप्ता के नेतृत्व में शोधकर्ताओं की टीम ऐसे स्मार्ट मैटेरियल विकसित कर रही है, जो सूरज की दृश्य रोशनी (Visible Light) का प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें। यह शोध भविष्य में स्वच्छ ऊर्जा, स्मार्ट उपकरणों और ऊर्जा भंडारण (Energy Storage) के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोल सकता है। वर्तमान में अधिकांश ऐसे मैटेरियल केवल पराबैंगनी (UV) किरणों पर काम करते हैं, जबकि सूर्य के प्रकाश का सबसे बड़ा हिस्सा दृश्य प्रकाश होता है। इसलिए इनका वास्तविक जीवन में उपयोग सीमित रह जाता है। IIT जोधपुर के वैज्ञानिक ऐसे मैटेरियल विकसित कर रहे हैं जो सीधे दृश्य प्रकाश में काम कर सकें, जिससे उनकी उपयोगिता और दक्षता दोनों बढ़ जाएगी। विशेष ऑर्गेनिक मैटेरियल किए जा रहे तैयार यह शोध IIT जोधपुर की फंक्शनल ऑर्गेनिक मैटेरियल्स प्रयोगशाला में किया जा रहा है। वैज्ञानिक ऐसे विशेष ऑर्गेनिक मैटेरियल तैयार कर रहे हैं, जो प्राकृतिक सूर्य प्रकाश के संपर्क में आने पर अपने गुण बदल सकें तथा सौर ऊर्जा को बेहतर तरीके से संग्रहित और उपयोग कर सकें। इस शोध की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक दृश्य प्रकाश से संचालित होने वाले मोलिक्यूलर फोटोस्विचेज (Molecular Photoswitches) का विकास है। ये बेहद छोटे अणु (मॉलिक्यूल) हैं, जो रोशनी मिलने पर अपनी संरचना बदल लेते हैं। पहले ऐसे मॉलिक्यूल केवल UV प्रकाश में ही सक्रिय होते थे, लेकिन IIT जोधपुर के वैज्ञानिक इन्हें इस तरह विकसित कर रहे हैं कि ये सामान्य सूर्य की रोशनी में भी प्रभावी ढंग से काम कर सकें। इससे ये अधिक टिकाऊ और व्यावहारिक बनेंगे। प्रकाश से संचालित मशीनों में हो सकेगा उपयोगरिसर्चर इन मॉलिक्यूल्स को लिक्विड क्रिस्टल मैटेरियल्स के साथ भी जोड़ रहे हैं। सूर्य की रोशनी पड़ने पर ये मैटेरियल अपने प्रकाशीय (Optical) और यांत्रिक (Mechanical) गुणों में बदलाव लाते हैं। भविष्य में इनका उपयोग स्मार्ट विंडो, स्वयं परिस्थितियों के अनुसार बदलने वाले ऑप्टिकल उपकरण, प्रकाश से संचालित मशीनें, स्मार्ट कोटिंग, उन्नत फोटोनिक सिस्टम तथा नई पीढ़ी के ऊर्जा उपकरणों में किया जा सकता है। सूर्य ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा के रूप में सुरक्षित रखने पर शोधशोध का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा मॉलिक्यूलर सोलर थर्मल फ्यूल्स (MOST) तकनीक है। इस तकनीक में सूर्य की ऊर्जा को सीधे उपयोग करने के बजाय उसे रासायनिक ऊर्जा के रूप में लंबे समय तक सुरक्षित रखा जाता है। बाद में जब आवश्यकता हो, तब यही ऊर्जा गर्मी के रूप में प्राप्त की जा सकती है। वैज्ञानिक इस तकनीक को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए ऐसे मैटेरियल विकसित कर रहे हैं, जो अधिक ऊर्जा संग्रहित कर सकें, लंबे समय तक उसे सुरक्षित रखें और आवश्यकता के अनुसार नियंत्रित तरीके से ऊर्जा वापस दें। इतना ही नहीं, ये अत्यधिक ठंडे वातावरण में भी प्रभावी ढंग से कार्य कर सकेंगे। इस शोध के सफल होने पर भविष्य में ऐसी स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों का विकास संभव होगा, जिनमें सूर्य की रोशनी उपलब्ध न होने पर भी पहले से संग्रहित ऊर्जा का उपयोग किया जा सकेगा। इससे नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के उपयोग को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। इस शोध के बारे में रसायन विज्ञान विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. मोनिका गुप्ता ने कहा- प्रकृति हमें हर दिन भरपूर सूर्य प्रकाश देती है, लेकिन आज उपलब्ध अधिकांश मैटेरियल उसका पूरा उपयोग नहीं कर पाते क्योंकि वे केवल UV प्रकाश पर निर्भर हैं। हमारा प्रयास ऐसे स्मार्ट मैटेरियल विकसित करना है, जो सीधे दृश्य प्रकाश में काम करें और वास्तविक परिस्थितियों में सौर ऊर्जा को प्रभावी ढंग से संग्रहित एवं उपयोग कर सकें। भविष्य में ये तकनीक स्वच्छ ऊर्जा, स्मार्ट उपकरणों और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के 211 महाविद्यालय-विहीन प्रखंडों में राजकीय डिग्री महाविद्यालयों का शुभारंभ किया। इसी क्रम में कटिहार के कोढ़ा स्थित +2 उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, शिशिया के प्रांगण में राजकीय डिग्री महाविद्यालय, कोढ़ा का भी उद्घाटन किया गया। कोढ़ा में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद अतिथियों का स्वागत और अभिभाषण हुआ। कार्यक्रम का मंच संचालन +2 उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, शिशिया कोढ़ा के प्रधानाध्यापक हृषीकेश राय ने किया। राजकीय डिग्री महाविद्यालय कोढ़ा, कटिहार के प्रभारी प्राचार्य डॉ. चन्द्रेश्वर कुमार मिश्रा ने स्वागत और संपूर्ण उद्घाटन कार्यक्रम की व्यवस्था संभाली। इस अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कहा कि डिग्री महाविद्यालयों की यह शुरुआत विशेषकर बालिकाओं के हित में सरकार का एक सराहनीय कदम है। उन्होंने इसे उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण बताया। कोढ़ा की माननीया विधायक श्रीमती कविता देवी ने इस पहल को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सरकार का 'युगान्तकारी कदम' बताया। उन्होंने कहा कि अब क्षेत्र की छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। कार्यक्रम में प्रो. विवेकानन्द सहित अन्य शिक्षाविद, जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और अभिभावक उपस्थित थे। जिला प्रशासन ने बताया कि नए महाविद्यालय में नामांकन प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी, जिससे स्थानीय युवाओं को घर के पास ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा मिल सके।
बैतूल के गंज थाना क्षेत्र में किराना व्यापारी से लूट के प्रयास के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर इस वारदात का खुलासा किया। यह घटना 1 जुलाई की रात रामकृष्ण बगिया के पास हुई थी। दिलबहार चौक स्थित किराना दुकान के संचालक अपने पिता के साथ अलग-अलग स्कूटी से घर लौट रहे थे। तभी मोटरसाइकिल पर सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें रोका। आरोपियों ने व्यापारी की आंखों में मिर्च पाउडर फेंका और चाकू दिखाकर स्कूटी में रखा बैग लूटने का प्रयास किया। हालांकि, बैग में नकदी न मिलने और व्यापारी के पिता द्वारा शोर मचाने पर बदमाश मौके से फरार हो गए। यह वारदात पुलिस कंट्रोल रूम, एसपी कार्यालय और पुलिस लाइन से कुछ ही दूरी पर हुई थी, जिसके कारण यह मामला काफी चर्चा में रहा। घटना के बाद कांग्रेस नेता अम्बरदीप बुनकर सहित कई लोग मौके पर पहुंचे थे, जिन्होंने बदमाशों का पीछा भी किया था। पुलिस ने घटनास्थल और शहर के कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में आरोपी वारदात के बाद भागते हुए और एक टोल प्लाजा से गुजरते हुए कैद हुए थे। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। जांच अधिकारी उप निरीक्षक उत्तम मस्तकार ने टीआई नीरज पाल के नेतृत्व में कार्रवाई की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर नर्मदापुरम निवासी अरुण पिता भुजंग महार (25) को हिरासत में लिया। पूछताछ में अरुण ने अपने साथी के साथ वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। इस मामले में दूसरा आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस दोनों आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है, ताकि यह पता चल सके कि वे पहले भी ऐसी वारदातों में शामिल रहे हैं या नहीं।
सीतापुर के महोली कोतवाली क्षेत्र के हरदासपुर गांव में बुधवार शाम करीब 5 बजे खेत से धान की पौध लगाकर लौट रहे किसानों को रास्ते में खड़ी कार हटाने के लिए कहना भारी पड़ गया। मामूली कहासुनी के बाद कार सवार युवक ने अपने परिजनों को बुलाकर किसानों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट में दो युवतियों समेत पांच लोग घायल हो गए। मारपीट का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पीड़ित संतोष कुमार पुत्र मुन्ना पासी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि बुधवार को वह अपने भाई, भाभी और परिवार की अन्य महिलाओं के साथ खेत में धान की पौध लगाने गए थे। शाम को सभी लोग कृषि यंत्र लेकर वापस लौट रहे थे। गांव स्थित शिव मंदिर के पास रास्ते में दिनेश सिंह पुत्र नवल किशोर की कार खड़ी थी, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था। संतोष ने कार हटाने का अनुरोध किया तो दिनेश सिंह नाराज हो गया। आरोप है कि दिनेश ने अपने परिजनों को मौके पर बुला लिया। इसके बाद दिनेश, नवल किशोर, नितिन, प्रभात, सत्यम समेत अन्य लोगों ने लाठी-डंडों और पटरी से हमला कर दिया। हमले में संतोष, मुन्ना, मीना देवी तथा रागिनी और मीना गंभीर रूप से घायल हो गईं। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महोली भिजवाया, जहां उनका उपचार कराया गया। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इंस्पेक्टर जेबी पांडेय ने बताया कि मामले में सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
जोधपुर शहर में गुरुवार को जगन्नाथ यात्रा निकाली जाएगी। इसके लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सुनारों की घाटी स्थित जगदीश मंदिर में विराजित भगवान जगन्नाथ के शृंगार के लिए नाथद्वारा से मुकुट और पोशाक मंगवाई गई है। साथ ही जगन्नाथपुरी से चावल-भात का प्रसाद और ध्वजा मंगवाई है। चावल-भात का ये प्रसाद गुरुवार को निकलने वाली रथयात्रा में भक्तों को बांटा जाएगा। 350 साल पुराना मंदिर, चंदन की लकड़ी से बनी है प्रतिमा मंदिर के पुजारी गौरव गौड़ ने बताया- ये मंदिर करीब 350 साल पुराना है। हमारे पूर्वज जगन्नाथ पुरी से इसे लेकर आए थे। उन्होंने बताया- प्रतिमा चंदन की लकड़ी से बनी है। रथयात्रा के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सुबह 7 बजे यज्ञ होगा और इसके बाद नवनेत्र होंगे। इसके बाद एक प्राचीन रथ में छोटे जगन्नाथ भगवान को मंदिर में निकलेगा। इसके बाद शहर सुनारों की घाटी से घंटाघर और फिर दोबारा मंदिर तक रथयात्रा निकाली जाएगी। सुबह 121 किलो पंच मेवे का भोग भी लगेगा। फिर महाआरती के बाद इसका समापन होगा। अजमेर से मंगवाया सोने की चमक वाला रथ, श्रीनाथजी जैसा होगा शृंगार पुजारी गौरव गौड़ ने बताया- इस बार रथयात्रा के लिए रथ अजमेर से मंगाया है। ये रथ सोने जैसे रंग में रंगा है। साथ ही रथयात्रा में होने वाला शृंगार नाथद्वारा के श्रीनाथजी के स्वरूप जैसा होगा। इसके लिए पोशाक और मुकुट समेत अन्य शृंगार भी नाथद्वारा से मंगवाया गया है। इसके अलावा रथ को सजाने के लिए 200 किलो फूल कोलकाता से मंगवाए गए हैं। कल शहर में निकलेगी चार रथयात्रा
सीहोर जिले के बुधनी स्थित रेहटी में किसानों ने 100 प्रतिशत मूंग खरीदी की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन किया। सैकड़ों ट्रैक्टरों और बड़ी संख्या में किसानों ने नगर में रैली निकालकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। किसानों ने लगभग दो घंटे तक मुख्य मार्ग जाम रखा और सरकार को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। किसान स्वराज संगठन के नेतृत्व में जिले के विभिन्न गांवों से किसान सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ रेहटी कृषि उपज मंडी परिसर में जुटने लगे। मंडी परिसर में एक किसान सभा का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के प्रति नाराजगी व्यक्त की। सभा के बाद किसान सैकड़ों ट्रैक्टरों और पैदल नगर में रैली के रूप में निकले। यह रैली कृषि मंडी से शुरू होकर जीरो पॉइंट तक पहुंची और फिर वापस मंडी परिसर लौटी। रैली के दौरान किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। रैली के बाद किसानों ने मंडी के सामने मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। आंदोलन की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों से चर्चा की। बाद में किसानों ने मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन बुधनी के एसडीएम को सौंपा। ज्ञापन सौंपने के बाद किसानों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया और यातायात बहाल हुआ। किसानों की प्रमुख मांगों में प्रदेश में उत्पादित मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीदी सुनिश्चित करना, खाद वितरण में ई-टोकन व्यवस्था को समाप्त करना ताकि किसानों को समय पर खाद मिल सके, और किसानों की अन्य लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान करना शामिल है।
धमतरी में रेप के आरोपी को 20 साल की सजा:2024 के पॉक्सो केस में आया फैसला; पुख्ता सबूत बने आधार
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पॉक्सो एक्ट के एक मामले में अदालत ने आरोपी को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला वर्ष 2024 का है। पुलिस की मजबूत जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना। अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी), धमतरी ने ग्राम पावद्वार, थाना सिहावा निवासी किशन यादव (19 वर्ष) को दोषी करार दिया। आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 332, धारा 64(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत सजा सुनाई गई। अलग-अलग धाराओं में मिली सजा कोर्ट ने धारा 332 बीएनएस के तहत आरोपी को 7 साल के सश्रम कारावास और 1,000 रुपए जुर्माना लगाया। जुर्माना नहीं भरने पर 3 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं, पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत आरोपी को 20 साल के सश्रम कारावास और 3,000 रुपए जुर्माना की सजा सुनाई गई। जुर्माना नहीं भरने पर 1 साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। वैज्ञानिक जांच से हुआ अपराध साबित इस मामले की जांच सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) दुलाल नाथ ने की। उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए और मजबूत विवेचना की। पुलिस ने अदालत में पुख्ता सबूत पेश किए, जिसके आधार पर आरोपी का अपराध साबित हुआ। पुलिस की जांच बनी सजा की वजह धमतरी पुलिस ने बताया कि मजबूत जांच, सही साक्ष्य और प्रभावी पैरवी के कारण आरोपी को कड़ी सजा दिलाने में सफलता मिली। यह फैसला गंभीर अपराधों में वैज्ञानिक जांच की अहमियत को भी दर्शाता है।
शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव(ACS) राजेश यादव ने बुधवार को दौसा क्षेत्र के दौरे पर रहे। उन्होंने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भण्डाना और पालावास का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल भवनों की सुरक्षा, निर्माण गुणवत्ता, कक्षाओं और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेकर निर्देश दिए। एसीएस ने एक स्कूल की छत पर चढ़कर निरीक्षण किया। इससे पहले कलक्ट्रेट में शिक्षा अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर स्कूलों की सुरक्षा, शैक्षणिक गुणवत्ता और आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भवनों की गुणवत्ता जांच के लिए एनडीटी कराए बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जर्जर स्कूल भवनों को तत्काल ध्वस्त किया जाए, क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित बनाया जाए और निर्माणाधीन भवनों की गुणवत्ता जांच के लिए नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्ट (एनडीटी) कराया जाए। यदि कोई भवन गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरता है तो उसका पुनर्निर्माण कराया जाएगा। प्राइवेट स्कूलों की डिजिटल मॉनिटरिंग करें एसीएस ने सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने, किसी भी बच्चे को स्कूल से बाहर नहीं रहने देने, शौचालयों की नियमित साफ-सफाई और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं हर समय उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि राजशाला संबलन ऐप के माध्यम से प्राइवेट स्कूलों की डिजिटल मॉनिटरिंग की जाए, जिससे शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रभावी मूल्यांकन हो सके। साथ ही 'एसीएस एजुकेशन संपर्क फॉर्म' के जरिए क्यूआर कोड स्कैन कर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा का भी अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। इस दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
जयपुर में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। रथयात्रा शाम 4:30 बजे श्री गोविंद देवजी मंदिर परिसर से रवाना होकर जलेबी चौक, हवामहल, बड़ी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार, छोटी चौपड़ होते हुए आतिश मार्केट स्थित बृजनिधि मंदिर पहुंचेगी। रथयात्रा को लेकर जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने व्यापक यातायात व्यवस्था लागू की है। सुरक्षा और सुगम यातायात बनाए रखने के लिए कई प्रमुख मार्गों पर डायवर्जन रहेगा तथा कुछ मार्गों पर वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। जगन्नाथ सेवक समिति की ओर से यह यात्रा निकाली जाएगी। ट्रैफिक पुलिस ने आमजन से अपील की है कि रथयात्रा के दौरान भीड़भाड़ और असुविधा से बचने के लिए निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें, साथ ही ड्यूटी पर तैनात यातायात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें। इन रास्तों पर रहेगा डायवर्जन, बड़ी-छोटी चौपड़ की तरफ वाहनों की एंट्री बंद जलेबी चौक मार्ग बंद: रथयात्रा शुरू होने से पहले जलेबी चौक की ओर सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। बड़ी चौपड़ पर डायवर्जन: रथयात्रा के बड़ी चौपड़ पहुँचने तक सुभाष चौक, चार दरवाजा, रामगंज चौपड़ और त्रिपोलिया की ओर से आने वाले यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया जाएगा। त्रिपोलिया गेट मार्ग: रथयात्रा के त्रिपोलिया गेट पहुँचने से पहले न्यू गेट और छोटी चौपड़ की ओर से आने वाले वाहनों को भी अन्य मार्गों की तरफ डायवर्ट किया जाएगा। छोटी चौपड़ मार्ग: रथयात्रा के छोटी चौपड़ पहुँचने से पहले अजमेरी गेट, चौगान चौराहा और संजय सर्किल से छोटी चौपड़ की ओर किसी भी प्रकार का ट्रैफिक नहीं जाने दिया जाएगा। पार्किंग और भारी वाहनों पर प्रतिबंध नो-पार्किंग ज़ोन: शाम 4:00 बजे से हवामहल बाज़ार, जौहरी बाज़ार और त्रिपोलिया बाज़ार में सभी प्रकार के वाहनों की पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित (नो-पार्किंग) रहेगी। परकोटे में नो-एंट्री: शाम 4:00 बजे से ही घाटगेट, बड़ी चौपड़, रामगढ़ मोड़, सांगानेरी गेट, अजमेरी गेट, संजय सर्किल और गलता गेट से टेंपो, मिनी बस, सिटी बस और अन्य मध्यम श्रेणी के वाहनों का परकोटा क्षेत्र में प्रवेश बंद रहेगा। बसों के लिए वैकल्पिक मार्ग सांगानेरी गेट से आमेर जाने वाली बसें: सांगानेरी गेट से बड़ी चौपड़ होकर जाने वाली मिनी और सिटी बसों को घाटगेट, ट्रांसपोर्ट नगर, दिल्ली बायपास, धोबी घाट और रामगढ़ मोड़ होते हुए आमेर की ओर भेजा जाएगा। संजय सर्किल से रामगंज-आमेर जाने वाली बसें: संजय सर्किल से रामगंज और आमेर जाने वाली बसों का संचालन एमआई (MI) रोड, घाटगेट, ट्रांसपोर्ट नगर, दिल्ली बायपास, धोबी घाट और रामगढ़ मोड़ के रास्ते किया जाएगा।
लखनऊ के खुन-खुन जी गर्ल्स पीजी कॉलेज में बुधवार को स्वच्छता पखवाड़ा के तहत पौधरोपण एवं स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से इंडियन ऑयल के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंडियन ऑयल के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड एवं एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर संजय भंडारी ने स्वच्छता पखवाड़ा की थीम 'स्वच्छता, पर्यावरण एवं स्वास्थ्य' पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, बेहतर स्वास्थ्य और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए भविष्य में भी कॉलेज को इंडियन ऑयल की ओर से सहयोग का भरोसा दिलाया। छात्राओं को स्वच्छता किट वितरित किए गए प्राचार्या डॉ. अंशु केडिया ने कहा कि इंडियन ऑयल के सीएसआर फंड से कॉलेज परिसर में निर्मित शौचालय छात्राओं की स्वच्छता और स्वास्थ्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण सुविधा है। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को स्वच्छता किट और पौधे वितरित किए गए। परिसर में छायादार पौधों का रोपण भी किया गया। मुख्य अतिथि ने कॉलेज की सफाईकर्मी को अंगवस्त्र और स्वच्छता किट देकर सम्मानित किया। ये मौजूद रहे कार्यक्रम में शिक्षकों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में छात्राओं ने भाग लिया। सभी ने स्वच्छ, हरित और पर्यावरण-अनुकूल परिसर बनाने तथा उसके संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शालिनी शुक्ला ने किया। आयोजन में मुख्य महाप्रबंधक (रिटेल सेल) अभिषेक शर्मा, मुख्य महाप्रबंधक (एलपीजी) भद्रो लकड़ा, मुख्य प्रबंधक (सीएसआर) बी.एल पाल, डॉ. रुचि यादव, डॉ. विजेता दीक्षित, डॉ. प्रीति सिंधी, डॉ. प्रियंका, डॉ. अपर्णा टंडन सहित शिक्षिकाएं शामिल रहीं।
फर्रुखाबाद के जहानगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत गांव बहोरिकपुर के पास बुधवार शाम एक कार और बाइक की टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में बाइक पर सवार मां प्रीति (32 वर्षीय) और उनकी छह वर्षीय बेटी आराध्या गंभीर रूप से घायल हो गईं। दोनों को तत्काल लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। कन्नौज जनपद के छिबरामऊ थाना क्षेत्र के बहबलपुर गांव निवासी प्रीति बुधवार दोपहर अपने पति रवि कुमार और बेटी आराध्या के साथ फर्रुखाबाद शहर के लाल गेट स्थित अपने मायके आई थीं। बताया गया कि प्रीति अपनी बीमार बहन पुष्पा को देखने आई थीं। बुधवार देर शाम करीब 7:45 बजे ये लोग बाइक से वापस छिबरामऊ जा रहे थे। जहानगंज थाना क्षेत्र के बहोरिकपुर गांव के पास पहुंचने पर एक ऑल्टो कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर से बाइक पर सवार तीनों लोग गिर गए। इस दुर्घटना में प्रीति और उनकी बेटी आराध्या गंभीर रूप से घायल हो गईं। दोनों को पहले लोहिया अस्पताल रेफर किया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद परिजन उन्हें एक निजी नर्सिंग होम ले गए।
संभल से लापता किशोर मुंबई में मिला:रेलवे स्टेशन की CCTV फुटेज से 1529 KM दूर ट्रेस कर बचाया
संभल पुलिस ने घर से लापता हुए 12 वर्षीय किशोर सोनू पाल को पांच दिनों के भीतर महाराष्ट्र के न्यू मुंबई से बरामद कर लिया है। किशोर अपने घर से 1529 किलोमीटर दूर मिला। पुलिस ने रेलवे स्टेशन की सीसीटीवी फुटेज की मदद से उसे ट्रेस किया। बुधवार की रात 08 बजे पुलिस ने बच्चें बरामदगी और परिजनों को सौंपने की जानकारी दी है। यह मामला संभल जनपद की गुन्नौर तहसील के जुनावई थाना क्षेत्र के कादराबाद गांव का है। बीते 8 जुलाई को ऋषिपाल पुत्र किशन लाल ने थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका 12 वर्षीय बेटा सोनू पाल लापता हो गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए BNS की धारा 137(2) के तहत रिपोर्ट दर्ज की। उप निरीक्षक प्रशांत मलिक को इस मामले की विवेचना सौंपी गई। दरोगा प्रशांत मलिक अपनी टीम के साथ रेलवे स्टेशन की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर न्यू मुंबई, महाराष्ट्र पहुंचे। वहां उन्होंने सोनू पाल को ढूंढ निकाला। उनकी टीम में कांस्टेबल सोनू और अरुण कुमार भी शामिल थे। थाना प्रभारी धीरज सिंह ने बताया कि 12 वर्षीय किशोर सोनू पाल को 13 जुलाई को न्यू मुंबई, महाराष्ट्र से बरामद किया गया था। 15 जुलाई को मेडिकल परीक्षण और BNS की धारा 180 व 183 के तहत न्यायालय में बयान दर्ज कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया। थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि बच्चा खुद ही घर से निकला था। वह कस्बा बबराला में आने वाली ट्रेन में बैठा और फिर किसी अन्य ट्रेन से मुंबई तक पहुंच गया। बच्चे से काफी पूछताछ की गई कि क्या कोई उसे लेकर गया था, लेकिन उसने इस बात से इनकार किया।
बिजनौर में पोक्सो एक्ट की विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कल्पना पांडेय की अदालत ने नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के मामले में आरोपी मुजाहिद को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और 60 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने पीड़िता को तीन लाख रुपये प्रतिकर (मुआवजा) दिए जाने का भी आदेश दिया है। मामला थाना नजीबाबाद क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, 28 अक्टूबर 2025 की शाम शिकायतकर्ता की नाबालिग बेटी घर से करीब दो लाख रुपये नकद और जेवरात लेकर लापता हो गई थी। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चलने पर परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। आरोप लगाया गया कि मुजाहिद किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। जब परिजन आरोपी के घर पहुंचे तो उन्हें वहां से भगा दिया गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और बाद में किशोरी को बरामद कर आरोपी मुजाहिद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना के दौरान पुलिस ने अपहरण और दुष्कर्म समेत संबंधित धाराओं में आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। मेडिकल परीक्षण में पीड़िता पांच माह की गर्भवती पाई गई थी, जिसे अभियोजन पक्ष ने महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में अदालत में प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य अदालत के समक्ष पेश किए। सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) कल्पना पांडेय ने आरोपी मुजाहिद को दोषी करार दिया। अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसके अलावा पीड़िता के पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए उसे तीन लाख रुपये प्रतिकर प्रदान करने का निर्देश दिया गया है। यह राशि शासन की निर्धारित प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराई जाएगी।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) चित्तौड़गढ़ ने भूपालसागर थाने में तैनात एक कॉन्स्टेबल के खिलाफ 10 हजार रुपए रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया गया है। एसीबी का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई के साथ लोगों को शिकायत करने के लिए भी लगातार जागरूक किया जा रहा है। भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहा विशेष अभियान एसीबी चित्तौड़गढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोपाल स्वरूप मेवाड़ा ने बताया कि भूपालसागर थाने में तैनात कॉन्स्टेबल सुरेश विश्नोई के खिलाफ शिकायत मिली थी कि परिवादी के बेटे और परिवार के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज था, जिसकी जांच वही कर रहा था। आरोप है कि दोनों पक्षों में समझौता करवाने, थाने में दर्ज रिपोर्ट को खत्म करवाने और परिवार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने के बदले उसने 10 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने नियमानुसार रिश्वत मांग का सत्यापन कराया। रकम की व्यवस्था नहीं होने से ट्रैप नहीं हो सका, फिर दर्ज हुआ केस जांच के दौरान परिवादी 10 हजार रुपए की व्यवस्था नहीं कर पाया। बाद में आरोपी कॉन्स्टेबल ने भी दोबारा रिश्वत लेने के लिए नहीं बुलाया। इसके बाद परिवादी की सूचना और सत्यापन के आधार पर एसीबी ने 13 जुलाई को कॉन्स्टेबल सुरेश विश्नोई के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया। अब इस मामले की आगे की जांच एसीबी की इंटेलिजेंस यूनिट, उदयपुर कर रही है। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में शिकायत मिलने पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी और लोगों से बिना किसी डर के शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है। एसीबी चित्तौड़गढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एसीबी के स्थापना दिवस के अवसर पर 12 से 18 जुलाई तक पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार विरोधी जागरूकता सप्ताह मनाया जा रहा है। इसके तहत सरकारी कार्यालयों में पोस्टर लगाए जा रहे हैं। साथ ही जिले में जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
हैदराबाद में आग में झुलसा रिसार, मां बेटे की मौत:सतना लाते समय दम तोड़ा; पिता और बेटे की हालत गंभीर
सतना जिले का एक परिवार तेलंगाना के हैदराबाद में गैस सिलेंडर रिसाव के कारण लगी आग में झुलस गया। इस हादसे में परिवार के चार सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के बाद एंबुलेंस से सतना लाया जा रहा था, तभी रास्ते में मां और बेटी ने दम तोड़ दिया। पिता और बेटा गंभीर हालत में सतना जिला अस्पताल में भर्ती हैं। यह घटना रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र के हिनौती गांव के साकेत परिवार के साथ हुई। परिजनों के अनुसार, हिनौती निवासी शिव प्रसाद साकेत कई वर्षों से हैदराबाद की एक बिस्कुट फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं। लगभग एक माह पहले उनकी पत्नी रानी साकेत (38), बेटा शेरबहादुर (15) और बेटी निधि (17) भी उनके साथ हैदराबाद चले गए थे। परिवार मधुवन क्षेत्र में किराए के कमरे में रह रहा था। बताया गया कि 9 जुलाई की सुबह करीब 5 बजे रानी साकेत चाय बनाने के लिए गैस जलाने पहुंचीं। जैसे ही उन्होंने माचिस जलाई, सिलेंडर से गैस रिसाव के कारण कमरे में भीषण आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि परिवार के चारों सदस्य उसकी चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को तत्काल उस्मानिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना मिलने पर परिजन हैदराबाद पहुंचे। मंगलवार को वे एंबुलेंस से चारों को सतना लेकर रवाना हुए। इसी दौरान रास्ते में रानी साकेत और उनकी 17 वर्षीय बेटी निधि की मौत हो गई। गंभीर रूप से झुलसे शिव प्रसाद साकेत और उनके पुत्र शेरबहादुर को सतना जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनका उपचार जारी है। इस हादसे के बाद हिनौती गांव में शोक का माहौल है।
भोपाल के आईएसबीटी पर बुधवार को जिला न्यायालय के निर्देश पर विशेष मजिस्ट्रेट चेकिंग अभियान चलाया गया। चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (सीजीएम) आग्नीध्र कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में तीन अन्य मजिस्ट्रेट, चार थानों की पुलिस ने यह अभियान चलाया। इसमें पुलिस टीम ने वाहनों की जांच कर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की। इस दौरान असिस्टेंट कमांडेट की गाड़ी रोकी गई। लेकिन दस्तावेज पूरे होने पर उन्हें जाने दिया गया। लगभग 10 वाहनों से ब्लैक फिल्म उतरवाई गई और उनपर चालानी कार्रवाई की गई। देखिए तस्वीरें कुल 13 वाहनों के चालान किए अभियान के दौरान कुल 13 वाहनों के चालान किए गए। इनमें 10 वाहनों से ब्लैक फिल्म हटवाई गई, जबकि एक वाहन पर सर्च लाइट लगाने और एक वाहन पर नंबर प्लेट नहीं होने के कारण चालान किया गया। इसके अलावा एक डंपर को दस्तावेज होने पर न होने पर जब्त किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह विशेष अभियान चलाए जाएंगे। वाहन चालकों से निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की गई है।
बस्ती के चर्चित कबीर तिवारी हत्याकांड में फरार चल रहे सात आरोपियों के खिलाफ अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए)/ईसी एक्ट एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि की अदालत ने आरोपियों की चल-अचल संपत्ति कुर्क करने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही थाना कोतवाली पुलिस को 14 अगस्त 2026 तक कुर्की की कार्रवाई की रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। अदालत के आदेश के अनुसार, आरोपी अमन प्रताप सिंह, अक्षय प्रताप सिंह, मोहम्मद शाद उर्फ सद्धू, अवनीश सिंह, मोहम्मद इमरान, मोहम्मद समीर और साहिल सिंह लगातार न्यायालय में पेश नहीं हो रहे हैं। उनकी ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबित आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाओं का हवाला देते हुए सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया गया था। हालांकि, न्यायालय ने यह प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से मामले में कोई स्थगन आदेश (स्टे) जारी नहीं किया गया है। ऐसे में सुनवाई टालने का कोई कानूनी आधार नहीं बनता। सुनवाई के दौरान वादी पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपियों को पहले दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 319 के तहत तलब किया जा चुका है, लेकिन वे जानबूझकर न्यायिक प्रक्रिया से बच रहे हैं। वादी पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि मुकदमे को प्रभावित करने के उद्देश्य से प्रत्यक्षदर्शी गवाहों को धमकाने का प्रयास किया जा रहा है। अदालत ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि आरोपियों के खिलाफ पहले ही गैर-जमानती वारंट जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 के तहत उद्घोषणा की कार्रवाई भी पूरी हो चुकी है और उनकी फरारी की सूचना राष्ट्रीय समाचार पत्रों में प्रकाशित कराई जा चुकी है। इसके बावजूद आरोपी न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। इन परिस्थितियों को गंभीर मानते हुए अदालत ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 83 के तहत सातों फरार आरोपियों की चल-अचल संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है। अब कोतवाली पुलिस आरोपियों की संपत्तियों का विवरण जुटाकर कुर्की की कार्रवाई करेगी और 14 अगस्त 2026 तक उसकी विस्तृत रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करेगी।
खरगोन में रेबीज संक्रमित सांड की मौत:तीन घंटे तक मचाया था उत्पात, क्वॉरेंटाइन में था
खरगोन में रेबीज संक्रमित सांड की बुधवार को मौत हो गई। इस सांड ने मंगलवार को शहर में तीन घंटे तक उत्पात मचाया था। पशु चिकित्सा टीम की निगरानी में उसे नगर पालिका के कांजी हाउस में क्वॉरेंटाइन में रखा गया था, जहां रेबीज की पुष्टि हुई थी। मंगलवार दोपहर करीब 11:30 बजे यह सांड एसपी कार्यालय परिसर में घुस आया था। लगभग दो घंटे तक वह परिसर में उग्र अवस्था में घूमता रहा, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर गौरक्षक और पशु चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू के प्रयास के दौरान सांड और भड़क गया और करीब सात फीट ऊंचा बंद गेट लांघकर बाजार में भाग गया। वहां उसने दो आम के ठेले और तीन बाइक पलट दीं, जिससे लगभग आधे घंटे तक अफरातफरी का माहौल बना रहा। नगर पालिका के पंप हाउस परिसर में गौसेवक जिलाध्यक्ष सतीश राठौर के नेतृत्व में टीम ने करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद रस्सी के फंदे से उसे सुरक्षित पकड़ा। इसके बाद उसे कांजी हाउस में अलग से क्वॉरेंटाइन में रखा गया था। पशु चिकित्सक डॉ. आदित्य राज परमार के अनुसार, सांड में रेबीज की पुष्टि सलाइवा और अन्य लक्षणों के आधार पर की गई थी, हालांकि उसका पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। उपचार और निगरानी के दौरान बुधवार दोपहर उसकी मौत हो गई। डॉ. परमार ने बताया कि रेबीज का कोई उपचार नहीं है, इसलिए एहतियात के तौर पर पशुओं को आवश्यक टीके लगवाने चाहिए।
राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने बुधवार को 'ऑपरेशन टटपुंजिया 5.0' के तहत फरार आरोपी को गिरफ्तार किया। टीम ने एक साल से फरार तस्कर हनुमानराम पुत्र भाखराराम विश्नोई (36), निवासी जोगाऊ, थाना झाब, जिला जालोर, को बागोड़ा क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपी पर जालोर पुलिस ने 20 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। जांच में सामने आया कि हनुमानराम ने बीए और बीएसटीसी की पढ़ाई के बाद सरकारी नौकरी की तैयारी की, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर उसने टेंट हाउस और पानी प्लांट का व्यवसाय शुरू किया। कम आमदनी होने पर वह तस्करों के संपर्क में आया और लालच में आकर डोडा-पोस्त व अफीम की सप्लाई करने लगा। बाद में वह मध्यप्रदेश से मादक पदार्थ लाकर जालोर जिले में सप्लाई करने लगा। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ साल 2023 से एनडीपीएस एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। फरारी के दौरान वह जैसलमेर, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात में छिपकर रह रहा था। वह अपना मोबाइल बंद रखता था और बातचीत के लिए दूसरों के फोन का इस्तेमाल करता था, ताकि पुलिस की नजर से बच सके। फर्जी नंबर प्लेट बनवा रहा था, पकड़ा गयाANTF को सूचना मिली थी कि आरोपी परिवार के साथ बालाजी मंदिर में प्रसादी कार्यक्रम में आने वाला है। टीम ने निगरानी की, लेकिन आरोपी वहां से निकल गया। पीछा करते हुए टीम बागोड़ा पहुंची, जहां वह एक दुकान पर फर्जी नंबर प्लेट बनवाता मिला। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आईजी विकास कुमार ने बताया कि राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
अररिया पुलिस अधीक्षक कार्यालय में बुधवार को क्राइम मीटिंग के बाद एक पिपिंग समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस ट्रेनिंग कोर्स (पीटीसी) उत्तीर्ण 14 पुलिसकर्मियों को सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) के पद पर पदोन्नत किया गया। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने उनके कंधों पर आधिकारिक रूप से नए स्टार लगाए। समारोह में पदोन्नत अधिकारियों और उनके परिजनों के बीच उत्साह का माहौल देखा गया। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने सभी पदोन्नत अधिकारियों को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। निष्ठा, ईमानदारी और तत्परता से करें कार्य उन्होंने कहा कि पदोन्नति केवल पद में वृद्धि नहीं है, बल्कि यह समाज और पुलिस विभाग के प्रति जिम्मेदारियों का भी विस्तार है। एसपी ने उम्मीद जताई कि सभी नवनियुक्त सहायक अवर निरीक्षक अपनी नई भूमिका में पूरी निष्ठा, ईमानदारी और तत्परता के साथ कार्य करते हुए कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाएंगे। एसपी ने आगे कहा कि पुलिस सेवा में अनुशासन, समर्पण और जनसेवा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने पदोन्नत अधिकारियों के परिवारों को भी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और कहा कि उनकी सफलता में परिवार का सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। स्टार लगने के बाद सभी नवपदोन्नत सहायक अवर निरीक्षकों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। इस अवसर पर एसडीपीओ सुशील कुमार, फारबिसगंज एसडीपीओ राज किशोर सिंह, डीएसपी यातायात तरुण कुमार पांडे और डीएसपी रक्षित सुधीर कुमार सहित कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। समारोह के अंत में, सभी पदोन्नत सहायक अवर निरीक्षकों ने वरिष्ठ अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, जनता की सेवा करने तथा अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ पालन करने का संकल्प लिया। यह आयोजन पुलिस विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों के मनोबल को बढ़ाने वाला साबित हुआ।

