‘फर्जी राष्ट्रवाद’ के जरिए असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश: जगत सिंह नेगी
शिमला, 21 अगस्त . Himachal Pradesh विधानसभा में ‘वंदे मातरम’ को लेकर हुए हंगामे के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि ‘वंदे मातरम’ के मुद्दे को लेकर किया गया हंगामा पहले से तय रणनीति का हिस्सा था. उन्होंने कहा कि भाजपा ... Read more
Himachal Pradesh के 4 जिलों में Yellow Alert जारी, बंद हुईं 128 सड़कें
हिमाचल प्रदेश के चार जिलों में शनिवार को मध्यम बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया। स्थानीय मौसम विभाग ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। विभाग ने राज्य में 27 अगस्त तक बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। ‘येलो अलर्ट’ बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और मंडी जिलों के लिए जारी किया गया। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, शुक्रवार सुबह तक राज्य में 128 सड़कों पर यातायात बंद रहा। इसके अलावा 18 ट्रांसफॉर्मर और पेयजल आपूर्ति की 52 योजनाएं भी प्रभावित हुईं। मंडी में सबसे अधिक 52 सड़कें यातायात के लिए बंद रहीं जबकि कुल्लू में 43, चंबा में नौ, कांगड़ा व सिरमौर में छह-छह, शिमला और ऊना में पांच-पांच तथा लाहौल-स्पीति में दो सड़कें बंद रहीं। राज्य के कुछ हिस्सों में बृहस्पतिवार शाम से हल्की बारिश हुई। नाहन में सबसे अधिक 13.8 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज की गई जबकि पांवटा में 12 मिमी, ओलिंडा में 9.6 मिमी, बग्गी में 6.8 मिमी, धौलाकुआं में 5.5 मिमी और रायपुर मैदान में पांच मिमी बारिश दर्ज की गई। राज्य में एक से 21 अगस्त के बीच 168.2 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 193.4 मिलीमीटर होती है। इस तरह राज्य में बारिश में 13 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। अधिकारियों ने बताया कि 30 जून को मानसून की शुरुआत के बाद से बारिश से जुड़ी घटनाओं में 88 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य को बारिश से संबंधित घटनाओं में अब तक करीब 1,108 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
हंगामे की भेंट चढ़ा हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र, 10 मिनट में स्थगित हुई कार्यवाही
शिमला, 21 अगस्त . Himachal Pradesh विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन ही हंगामे की भेंट चढ़ गया. सदन की कार्यवाही महज 10 मिनट ही चल पाई. राष्ट्रगीत को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राष्ट्रगान गाया गया. इसके बाद विपक्ष ने मांग उठाई कि राष्ट्रगान ... Read more
Himachal Pradesh में Non-Dairy Paneer की बिक्री और भंडारण पर लगी रोक
हिमाचल प्रदेश सरकार ने बृहस्पतिवार को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अनुरूप नहीं होने वाले गैर-डेयरी यानी एनालॉग पनीर की बिक्री, खरीद, भंडारण और आपूर्ति पर रोक लगा दी। एनालॉग पनीर को दूध से बनाने के बजाय वनस्पति तेल या वनस्पति वसा और इमल्सीफायर जैसी सामग्री का इस्तेमाल कर तैयार किया जाता है। यह पारंपरिक पनीर जैसा दिखता है, लेकिन इसमें दूध से बने पनीर के समान पोषक तत्व नहीं होते हैं। हिमाचल सरकार का यह आदेश बाजारों में एनालॉग या गैर-डेयरी पनीर की व्यापक बिक्री की खबरों के बीच आया है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त की तरफ से जारी अधिसूचना के मुताबिक, पनीर एक मानकीकृत डेयरी उत्पाद है और पनीर के रूप में पेश एवं बेचे जाने वाले किसी भी उत्पाद के लिए निर्धारित खाद्य सुरक्षा एवं मानकों का पालन करना जरूरी है। अधिसूचना में कहा गया कि पनीर शाकाहारियों के बीच प्रोटीन के एक स्रोत के रूप में व्यापक रूप से इस्तेमाल होता है, इसलिए उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों को लागू करना जरूरी है। आदेश के तहत राज्य में कोई भी व्यक्ति या खाद्य कारोबार संचालक (एफबीओ) एनालॉग या गैर-डेयरी पनीर का विनिर्माण, प्रसंस्करण, तैयारी, पैकिंग, भंडारण, परिवहन, वितरण, आपूर्ति या बिक्री नहीं कर सकेगा। अधिसूचना में कहा गया है कि जिस उत्पाद में दूध की वसा, दूध के ठोस पदार्थ या दूध के अन्य घटकों को वनस्पति तेल या वनस्पति वसा से पूरी तरह या आंशिक रूप से बदला गया हो, उसे ‘पनीर’ के रूप में पेश, वर्णित, विज्ञापित, प्रदर्शित, आपूर्ति या बेचा नहीं जा सकता है।
हिमाचल प्रदेश के मानसून सत्र में विपक्ष की भूमिका रचनात्मक रहेगी: जय राम ठाकुर
शिमला, 20 अगस्त . Himachal Pradesh के पूर्व Chief Minister और विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने Thursday को कहा कि Friday से शुरू हो रहे मानसून सत्र में विपक्ष की भूमिका रचनात्मक रहेगी. सर्वदलीय बैठक में भाग लेने के बाद मीडिया से बात करते हुए विपक्ष के नेता ठाकुर ने कहा कि अगर ... Read more
शिमला, 20 अगस्त . Himachal Pradesh के Chief Minister सुखविंदर सिंह सुक्खू ने India रत्न राजीव गांधी की जयंती पर Himachal Pradesh सचिवालय के अधिकारियों, कर्मचारियों को राष्ट्र की एकता, अखंडता, सद्भाव को सुदृढ़ करने और आपसी भाईचारे की भावना बनाए रखने की शपथ दिलाई. पूर्व Prime Minister राजीव गांधी की जयंती पर सीएम सुखविंदर ... Read more
एम्स-बिलासपुर में 69 सीनियर रेजिडेंट पदों पर नौकरी का मौका, 21 अगस्त को वॉक-इन इंटरव्यू
शिमला, 19 अगस्त . मेडिकल क्षेत्र से जुड़े लोगों का सपना होता है कि वे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में नौकरी करें. अगर आप भी उन्हीं में से एक हैं तो आपके लिए एम्स, बिलासपुर (Himachal Pradesh) ने सीनियर रेजिडेंट (नॉन-एकेडमिक) के विभिन्न 69 पदों पर योग्य उम्मीदवारों की भर्ती के लिए एक ऑफिशियल ... Read more
शिमला, 18 अगस्त . Himachal Pradesh के Chief Minister सुखविंदर सिंह सुक्खू ने Tuesday को पत्रकारों से बातचीत में विभिन्न मुद्दों पर अपनी बातें रखीं. उन्होंने कैबिनेट विस्तार पर कहा कि हमारी इस संबंध में शीर्ष नेतृत्व से 15 मिनट तक चर्चा हुई है. अब दूसरी चर्चा होनी बाकी है. शीर्ष नेतृत्व से जैसे ही ... Read more
Himachal Pradesh सरकार 58 IAS और IFS अधिकारियों की संख्या में कटौती करेगी
नौकरशाही संबंधी खर्च कम करने की कोशिश में हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय वन सेवा (आईएफएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारियों की संख्या कम करने की योजना बना रही है। आईएएस अधिकारियों की संख्या 153 से घटाकर 130 (यानी 23 अधिकारियों की कमी) और आईएफएस अधिकारियों की संख्या 118 से घटाकर 83 (यानी 35 अधिकारियों की कमी) करने का प्रस्ताव है। अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि लेकिन आईपीएस अधिकारियों की संख्या कितनी कम की जायेगी, यह अभी तय नहीं है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, ‘‘असल में आईएएस अधिकारियों की जरूरी संख्या 100 से 110 के बीच होनी चाहिए, लेकिन हम सिर्फ 23 अधिकारियों की संख्या कम करने की मांग कर रहे हैं क्योंकि हमें अधिकारियों की फौज नहीं चाहिए, बल्कि ऐसे अधिकारी चाहिए जो सरकार की नीतियों और योजनाओं को असरदार ढंग से लागू कर सकें।’’उन्होंने कहा कि सरकार अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति का विकल्प चुनने की इजाज़त देती रहेगी और उन्हें तुरंत जाने की मंजूरी भी देगी। अधिकारियों के मुताबिक अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों की संख्या कम करने का एक औपचारिक प्रस्ताव जल्द ही केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। अभी, 20 से ज्यादा आईएएस अधिकारी और 12 से ज्यादा आईपीएस और आईएफएस अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर हैं, जिनमें से कुछ राज्य में गैर संवर्ग पदों पर हैं। सरकार के यह भी अनुरोध करने की उम्मीद है कि केंद्र सरकार राज्य को और ज्यादा केंद्रीय सेवा अधिकारी आवंटित न करे, क्योंकि अनुमान है कि हर अधिकारी पर सालाना खर्च 40 से 50 लाख रुपये के बीच होता है जिसमें वेतन, महंगाई भत्ता, उनसे जुड़े कर्मी और दूसरी सुविधाएं शामिल हैं।
सऊदी अरब की सरकार ने रियाद में मौजूद पाकिस्तानी दूतावास से एक 50 सेकंड का बयान जारी करवाया है। इस बयान में पाकिस्तानी दूतावास को अपने ही देश के लोगों से यह कहना पड़ा है कि पाकिस्तान से सऊदी अरब के मक्का मदीना आने वाले लोग और काम की तलाश में सऊदी पहुंचने वाले पाकिस्तानी वर्कर्स से अपील है कि आप सऊदी अरब में आकर भीख मत मांगना। पाकिस्तानी दूतावास ने अपने लोगों से कहा है कि मक्का मदीना आकर अपनी मर्जी से व्हीलचेयर सर्विस शुरू मत कर देना। पैसा कमाने के लिए मक्का में लोगों के बाल काटना मत शुरू कर देना। लोगों की हज़ामत मत करना। पाकिस्तानी दूतावास ने कहा कि मक्का मदीना में आकर कम से कम उधार तो मत मांगना। सऊदी अरब में पाकिस्तानी दूतावास ने कहा है कि जो भी पाकिस्तानी नागरिक मक्का मदीना आ रहा है उसे हम चेतावनी देते हैं कि वह किसी भी कीमत पर भीख ना मांगे। इसे भी पढ़ें: Imran Khan की आंखों की दृष्टि लगभग सामान्य, Pakistan के उच्चतम न्यायालय में रिपोर्ट पाकिस्तानी दूतावास को अपने लोगों को यह बताना पड़ गया है कि अगर आप सऊदी अरब में भीख मांगोगे तो आपको जेल में डाल दिया जाएगा। बताइए सऊदी अरब में पाकिस्तानी दूतावास को ऐसी वीडियो जारी करनी पड़ रही है। यह कितने शर्म की बात है कि किसी देश के दूतावास को अपने ही देश के नागरिकों को चेतावनी देनी पड़ रही है कि आप दूसरे देशों में जाकर भीख ना मांगे। यह वही पाकिस्तान है जो कुछ दिन पहले सऊदी अरब के साथ डिफेंस डील की अकड़ भारत को दिखा रहा था। सऊदी अरब में भीख मांगने के आरोप में 5500 से ज्यादा पाकिस्तानी नागरिक अभी जेल में है। इसके अलावा सऊदी सरकार ने भीख मांगने और अवैध गतिविधियों में शामिल होने के कारण 56,000 से ज्यादा पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार करके डिपोर्ट भी कर दिया है। यह डिपोर्टेशन पिछले कुछ सालों में हुआ है। अब रियाद में मौजूद दूतावास ने बयान में कहा है कि पाकिस्तान से आने वाले तमाम उमरा जायरीन और वर्कर्स से अहम गुजारिश। सऊदी अरब में भीख मांगना या इस तरह की किसी भी सरगर्मी में मुलव्वस होना कानूनन जुर्म है। खिलाफवर्जी की सूरत में सऊदी इदारों की जानिब से गिरफ्तारी, मुल्क बदरी और सऊदी अरब में दोबारा दाखिले पर मुस्तकिल पाबंदी समेत सख्त कानूनी कारवाई का सामना करना पड़ सकता है। इसे भी पढ़ें: Chamba, Himachal Pradesh में मिले 30 से अधिक गुब्बारे और पाकिस्तानी झंडा खासतौर पर हरमैन में अपनी जानिब से व्हीलचेयर सर्विस फराहम करना, बाल काटना या हजामत की खिदमात देना, रकम का लेनदेन और उधार करना सऊदी कवानीन के मुताबिक मुकम्मल तौर पर ममनू है। एक जिम्मेदार पाकिस्तानी शहरी के तौर पर सऊदी कवानीन की पाबंदी करें और गैर कानानूनी सरगर्मियों से मुकम्मल इ्त करें। Pakistan Embassy in Saudi Arabia telling Pakistanis/beggars not to beg pic.twitter.com/RJc89XcRLe — TheGlobalDecoder (@TGD_06) August 17, 2026
हिमाचल में फिर सक्रिय हुआ मानसून, मंगलवार से भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट
शिमला, 18 अगस्त . Himachal Pradesh में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है. मौसम विभाग ने अगले चार से पांच दिनों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है. मौसम विभाग ने Tuesday को ऊना, चंबा और कांगड़ा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. ... Read more
सरकारी नौकरी की चाहत रखने वालों के लिए यह खबर बेहद काम की है। दरअसल, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने प्रदेश पुलिस विभाग में पुरुष और महिला पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती से संबंधित अधिसूचना जारी की है। HPPSC ने यह स्पष्ट किया है कि कॉन्स्टेबल पद के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त ही रहेगी, इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। लेकिन, आयोग ने आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग (इडब्ल्यूएस) के अभ्यर्थियों के लिए पात्रता नियमों में राज्य सरकार द्वारा जारी लेटेस्ट दिशा-निर्देशों को लागू कर दिया है। आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि, अब 11 जून 2019 को जारी पुराने निर्देशों के साथ-साथ राज्य सरकार द्वारा 30 जून 2026 को जारी नए निर्देश भी प्रभावी होंगे। नए नियमों के मद्देनजर सरकारी योजनाओं के अंतर्गत कार्यरत ट्रेनी/जॉब ट्रेनी के परिवारों को EWS श्रेणी से बाहर रखा गया है। नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ इतना ही नहीं, ऐसे उम्मीदवार जिनके परिवार में कोई सदस्य सरकारी योजना के तहत ट्रेनी के रुप में कार्यरत है, वे अब आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (इडब्ल्यूएस) श्रेणी के जरिए आरक्षण /लाभ पाने के पात्र नहीं होंगे। आयोग ने अपने पत्र के जरिए स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि (इडब्ल्यूएस) श्रेणी से संबंधित इस संशोधन के अतिरिक्त भर्ती विज्ञापन में लिखित अन्य सभी नियमों एवं शर्तों को पूरा किया जाएगा।

