आज के आधुनिक दौर में बेकिंग और कन्फेक्शनरी (Baking & Confectionery) सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह युवाओं के लिए एक बेहद आकर्षक, रचनात्मक और मोटी कमाई वाला प्रोफेशनल करियर विकल्प बन चुका है। बाजार में कस्टमाइज्ड केक, डिजाइनर कुकीज, आर्टिसान ब्रेड और पेस्ट्री की बढ़ती भारी डिमांड के कारण इस क्षेत्र में स्किल्ड शेफ की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। अगर आप भी झारखंड में रहते हैं और बेकिंग की बारीकियां सीखकर एक प्रोफेशनल पेस्ट्री शेफ बनना चाहते हैं या अपना खुद का स्टार्टअप कैफे शुरू करना चाहते हैं, तो राज्य की राजधानी रांची इस वक्त आपके लिए सबसे बड़ा हब बनकर उभरी है। एक एजुकेशन और करियर रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो रांची में कई ऐसे बेहतरीन बेकिंग और कलिनरी इंस्टीट्यूट्स (Bakery Institutes in Ranchi) मौजूद हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग बेहद किफायती फीस में दे रहे हैं। आइए जानते हैं रांची के इन टॉप इंस्टीट्यूट्स, उनके कोर्सेज और शानदार प्लेसमेंट की पूरी इनसाइड स्टोरी।प्रोफेशनल बेकिंग कोर्सेज और आधुनिक प्रैक्टिकल ट्रेनिंग का अनूठा फॉर्मेटरांची के इन प्रमुख बेकरी इंस्टीट्यूट्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां का पूरा करिकुलम इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स (International Standards) को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। स्टूडेंट्स को सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं दिया जाता, बल्कि उन्हें आधुनिक और हाई-टेक कमर्शियल किचन्स में लाइव प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाती है। इन संस्थानों में बेसिक से लेकर एडवांस लेवल के कोर्सेज उपलब्ध हैं, जिनमें डिप्लोमा इन बेकिंग एंड पेस्ट्री आर्ट्स, शॉर्ट-टर्म सर्टिफिकेट कोर्सेज और वीकेंड हॉबी क्लासेस शामिल हैं। यहां छात्रों को अलग-अलग प्रकार के केक, फ्रेंच पेस्ट्री, कस्टमाइज्ड कुकीज, चॉकलेट मेकिंग, फोंडेंट आर्ट और विभिन्न प्रकार की ब्रेड (जैसे फॉकचिया, क्रोइसैंट और बगेट) बनाने की हर एक छोटी से छोटी तकनीक और बारीक कला सिखाई जाती है।बेहद किफायती फीस स्ट्रक्चर और मिडिल क्लास छात्रों के लिए स्कॉलरशिप की सुविधाजब भी किसी बड़े प्रोफेशनल कोर्स की बात आती है, तो अक्सर माता-पिता को भारी-भरकम फीस की चिंता सताने लगती है। लेकिन रांची के इन बेकिंग संस्थानों ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। बड़े महानगरों (जैसे दिल्ली, मुंबई या बेंगलुरु) की तुलना में रांची के इन इंस्टीट्यूट्स की फीस बेहद कम और किफायती है। यहां के शॉर्ट-टर्म कोर्सेज की शुरुआत महज कुछ हजार रुपये से हो जाती है, जिसे एक आम मिडिल क्लास परिवार का छात्र भी आसानी से वहन कर सकता है। इसके अलावा, कई टॉप संस्थान आर्थिक रूप से कमजोर और प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को विशेष स्कॉलरशिप (Scholarships) और आसान किस्तों (EMI) में फीस जमा करने की बेहतरीन सुविधा भी प्रदान करते हैं, ताकि पैसे की कमी किसी के सपनों के आड़े न आए।देश-विदेश के 5-स्टार होटल्स और टॉप रेस्टोरेंट्स में डायरेक्ट प्लेसमेंट का मौकाइन इंस्टीट्यूट्स का सबसे मजबूत और आकर्षक पहलू इनका मजबूत प्लेसमेंट नेटवर्क (Placement Cell) है। रांची के इन शीर्ष संस्थानों का देश के बड़े-बड़े होटल चेंस और रेस्तरां ब्रांड्स (जैसे ताज, ओबेरॉय, मैरियट, हयात और रेडिसन) के साथ सीधा टाई-अप है। कोर्स के अंतिम महीनों के दौरान छात्रों को इन नामी 5-स्टार होटलों में इंटर्नशिप के लिए भेजा जाता है, जहां लाइव काम सीखकर उनका कॉन्फिडेंस लेवल सातवें आसमान पर पहुंच जाता है। सफलतापूर्वक कोर्स और इंटर्नशिप पूरी करने के बाद योग्य छात्रों को इन्हीं प्रतिष्ठित होटलों में बतौर पेस्ट्री शेफ, कमिस शेफ या बेकरी एक्सपर्ट के रूप में सीधे फुल-टाइम जॉब ऑफर मिल जाती है, जहां शुरुआती सैलरी पैकेज भी बेहद शानदार होता है।अपना खुद का बेकरी बिजनेस और होम-बेकिंग स्टार्टअप शुरू करने के लिए विशेष गाइडेंसअगर आप नौकरी नहीं करना चाहते और खुद का बॉस बनना चाहते हैं, तो भी ये इंस्टीट्यूट्स आपकी पूरी मदद करते हैं। कोर्सेज के दौरान छात्रों को न केवल रेसिपी सिखाई जाती है, बल्कि बेकरी बिजनेस मैनेजमेंट, कॉस्टिंग, पोर्शन कंट्रोल, फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड्स (FSSAI) के नियम और डिजिटल मार्केटिंग की विशेष ट्रेनिंग भी दी जाती है। इससे छात्रों को यह समझने में आसानी होती है कि कम लागत में अपना खुद का क्लाउड किचन, होम-बेकिंग स्टार्टअप या एक ट्रेंडी कैफे कैसे सफलतापूर्वक सेटअप और प्रमोट किया जाए। यही वजह है कि रांची के इन संस्थानों से पास आउट होकर कई युवा और महिलाएं आज घर बैठे ही ऑर्डर्स लेकर हर महीने लाखों रुपये की शानदार कमाई कर रहे हैं।
झारखंड में बदला मौसम: रांची समेत कई हिस्सों में बारिश, आज से 28 जून तक झमाझम, तापमान में गिरावट
झारखंड के लोगों को भीषण गर्मी और उमस से आखिरकार बड़ी राहत मिल गई है। राजधानी रांची (Ranchi Weather Updates) समेत राज्य के कई हिस्सों में अचानक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। घने काले बादलों की आवाजाही के साथ शुरू हुई तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश ने पूरे प्रदेश को सराबोर कर दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD Ranchi) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने एक नए वेदर सिस्टम के सक्रिय होने से राज्य में प्री-मानसून और मानसून की गतिविधियों में भारी तेजी आई है। मौसम विभाग ने आज से लेकर आगामी 28 जून तक राज्य के अधिकांश जिलों में भारी बारिश और वज्रपात (Thunderstorm) का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।रांची सहित इन जिलों में सुबह से ही बदला मौसम, गर्मी हुई छूमंतरएक वरिष्ठ मौसम रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो पिछले २४ घंटों के भीतर झारखंड के मौसम में एक बड़ा यू-टर्न आया है। राजधानी रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो, और रामगढ़ के इलाकों में तेज रफ्तार हवाओं के साथ झमाझम बारिश दर्ज की गई है। सुबह से ही आसमान में छाए घने बादलों के कारण दिन में भी अंधेरा छा गया और झमाझम फुहारों ने मौसम को बेहद सुहावना बना दिया। चिलचिलाती धूप और लू (Heatwave) का सामना कर रहे लोगों के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बारिश के कारण राज्य के अधिकतम तापमान में ४ से ६ डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट आई है, जिससे लोगों को चिपचिपी गर्मी से पूरी तरह निजात मिल गई है।आज से 28 जून तक कैसा रहेगा मौसम, इन इलाकों के लिए जारी हुआ कड़ा अलर्टमौसम विभाग रांची द्वारा जारी की गई विशेष मौसम चेतावनियों के मुताबिक, आज से लेकर 28 जून तक पूरे झारखंड में बारिश का दौर रुक-रुक कर जारी रहेगा। विशेष रूप से संताल परगना, देवघर, दुमका, गोड्डा, और साहिबगंज के साथ-साथ राज्य के दक्षिणी हिस्से यानी पूर्वी व पश्चिमी सिंहभूम में भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। इसके अतिरिक्त, उत्तर-पश्चिमी जिलों जैसे पलामू, गढ़वा और चतरा में भी गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने इस ५ दिवसीय स्पेल के दौरान बादलों की तीव्र गर्जना और आकाशीय बिजली चमकने को लेकर किसानों और आम नागरिकों को विशेष रूप से सतर्क रहने की हिदायत दी है।वज्रपात को लेकर मौसम वैज्ञानिकों की विशेष सलाह, खेतों में जाने से बचेंझारखंड में मानसून और प्री-मानसून के दौरान आकाशीय बिजली (Lightning) का गिरना एक गंभीर प्राकृतिक आपदा का रूप ले लेता है। इसे ध्यान में रखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र के प्रमुख ने ग्रामीण इलाकों के लोगों, विशेषकर खेतों में काम करने वाले किसानों और पशुपालकों के लिए गाइडलाइन जारी की है। प्रशासन ने कहा है कि जब भी आसमान में घने बादल छाएं या बिजली कड़कने की आवाज सुनाई दे, तो तुरंत पक्के मकानों या सुरक्षित आश्रयों में शरण लें। भूलकर भी बड़े पेड़ों, बिजली के खंभों या पानी के स्रोतों के पास न खड़े हों। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को स्विच ऑफ कर दें और मौसम सामान्य होने का इंतजार करें।खेती-किसानी के लिए संजीवनी बनी यह बारिश, किसानों के खिले चेहरेइस मानसूनी बारिश की शुरुआत के साथ ही झारखंड के ग्रामीण अंचलों में कृषि से जुड़ी गतिविधियां बेहद तेज हो गई हैं। लंबे समय से सूखे खेतों और पानी की कमी से जूझ रहे किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, जून के इस आखिरी हफ्ते में हो रही यह झमाझम बारिश धान की नर्सरी (बिचड़ा) तैयार करने और मक्के की बुआई के लिए एक संजीवनी बूटी की तरह काम करेगी। जिन खेतों में मिट्टी पूरी तरह सूख चुकी थी, वहां अब पर्याप्त नमी आ गई है। राज्य सरकार के कृषि विभाग ने भी किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम के इस अनुकूल रुख का फायदा उठाते हुए उन्नत किस्म के बीजों का चयन करें और खरीफ फसलों की तैयारी को अंतिम रूप दें।

